चैप्टर एनालिसिस और परीक्षा पैटर्न (CBSE 2024-25)
- इस चैप्टर से Section A में एक MCQ और Section E में एक 5 नंबर का प्रश्न (पार्ट्स में बंटा) आता है।
- Section C से 3 मार्क्स का प्रश्न भी आ सकता है।
- 2024-25 के पेपरों में यही ट्रेंड देखने को मिला है।
इलेक्ट्रिक चार्ज: मूलभूत गुण
- आंतरिक गुण: द्रव्यमान की तरह, चार्ज पदार्थ का एक आंतरिक गुण है।
- चार्ज संरक्षण (Conservation of Charge): एक पृथक (isolated) सिस्टम का कुल चार्ज हमेशा स्थिर रहता है।
- उदाहरण: तीन समान (identical) गोलों को आपस में स्पर्श कराने पर, प्रत्येक पर चार्ज = (q₁ + q₂ + q₃) / 3 हो जाता है।
- चार्ज क्वांटीकरण (Quantization of Charge): किसी भी वस्तु पर आवेश हमेशा Q = ± n·e के रूप में होता है, जहाँ
nएक पूर्णांक (1, 2, 3...) है औरeइलेक्ट्रॉन का आवेश है।- केवल इलेक्ट्रॉन ही एक वस्तु से दूसरी में स्थानांतरित होते हैं, प्रोटॉन नहीं।
कूलम्ब का नियम (Coulomb's Law)
दो बिंदु आवेशों (Q₁, Q₂) के बीच लगने वाला बल:
F = K · |Q₁ · Q₂| / r²
जहाँ:
r= दोनों आवेशों के बीच प्रभावी दूरी।- K = 1 / (4π·ε₀) = 9 × 10⁹ Nm²/C²
महत्वपूर्ण बिंदु:
- बल विपरीत आवेशों के लिए आकर्षण (attractive) और समान आवेशों के लिए प्रतिकर्षण (repulsive) होता है।
- यह बल क्रिया-प्रतिक्रिया (action-reaction) का युग्म है।
- माध्यम का प्रभाव: यदि निकाय को किसी माध्यम (Kerosene, Petrol) में डुबोया जाए, तो बल परावैद्युत स्थिरांक (Dielectric Constant, K) के कारण कम हो जाता है, जहाँ K = ε~~m~~ / ε₀।
उदाहरण प्रश्न (CBSE 2020)
- प्रश्न: एक वर्ग के कोनों पर चार आवेश (+1μC, -2μC, +1μC, +2μC) रखे हैं। केंद्र पर रखे +4μC आवेश पर कितना नेट बल लगेगा?
- हल: सममिति (symmetry) के कारण, एक-दूसरे को काटने वाले बलों को निरस्त करने पर नेट बल = 0 होगा।
इलेक्ट्रिक फील्ड और फील्ड लाइन्स
- परिभाषा: किसी बिंदु पर इलेक्ट्रिक फील्ड, उस पर रखे गए एकांक धन परीक्षण आवेश द्वारा अनुभव किए गए बल के बराबर होती है।
- E = F / q₀
- बिंदु आवेश के लिए फील्ड: E = K·Q / r²
- फील्ड लाइन्स के गुण:
- धन आवेश से निकलती हैं और ऋण आवेश पर समाप्त होती हैं।
- ये कभी बंद लूप (closed loop) नहीं बनातीं (यह गुण चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का है)।
- प्रबलता: रेखाएँ जहाँ पास-पास होती हैं, वहाँ फील्ड प्रबल (strong) होती है।
- दिशा: किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा (tangent) फील्ड की दिशा बताती है।
- दो फील्ड लाइनें कभी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद (intersect) नहीं करतीं।
उदाहरण प्रश्न (CUET/Boards)
- प्रश्न: एक वर्ग के कोनों पर +q, +2q, +q, -2q आवेश हैं। केंद्र O पर इलेक्ट्रिक फील्ड की दिशा क्या होगी?
- हल: समान दूरी पर स्थित +q और +q एक-दूसरे को निरस्त कर देंगे। +2q और -2q दोनों मिलकर O से B से D की ओर (Option C) दिशा में फील्ड उत्पन्न करेंगे।
इलेक्ट्रिक डाइपोल
दो समान एवं विपरीत आवेशों (+Q और -Q) से बना निकाय, जिनके बीच की दूरी 2a हो।
- डाइपोल आघूर्ण (Dipole Moment): p = Q × 2a (दिशा -Q से +Q की ओर)
डाइपोल के कारण फील्ड
| स्थिति | इलेक्ट्रिक फील्ड का परिमाण | दिशा | | :--- | :--- | :--- | | अक्षीय (Axial) | E_axial = 2K·p / r³ | डाइपोल की दिशा में | | भूमध्य रेखीय (Equatorial) | E_eq = K·p / r³ | डाइपोल के विपरीत दिशा में |
याद रखें: भूमध्य रेखीय बिंदु पर फील्ड विपरीत दिशा में होती है (माइनस चिन्ह के साथ आती है)।
एकसमान बाह्य फील्ड में डाइपोल
- नेट बल = 0 (दोनों आवेशों पर समान और विपरीत बल लगते हैं)।
- बल आघूर्ण (Torque): τ = p × E = p·E·sinθ
- स्थिर अवस्थाएँ (Stable/Unstable Equilibrium):
- θ = 0°: स्थिर साम्यावस्था (Torque = 0)
- θ = 90°: अधिकतम Torque (τ_max = p·E)
- θ = 180°: अस्थिर साम्यावस्था (Torque = 0)
इलेक्ट्रिक फ्लक्स और गॉस का नियम
इलेक्ट्रिक फ्लक्स (Electric Flux)
किसी सतह से लंबवत गुजरने वाली इलेक्ट्रिक फील्ड लाइनों की संख्या।
- सामान्य सूत्र: Φ = ∮ E·dA
- एकसमान फील्ड के लिए: Φ = E·A·cosθ
- θ = 0° (फील्ड और क्षेत्रफल सदिश समान दिशा): Φ = EA
- θ = 90°: Φ = 0
- θ = 180° (विपरीत दिशा): Φ = -EA
- नोट: फ्लक्स का SI मात्रक Nm²/C है।
गॉस का नियम (Gauss's Law)
किसी बंद सतह से गुजरने वाला कुल इलेक्ट्रिक फ्लक्स, उस सतह के अंदर उपस्थित कुल आवेश का 1/ε₀ गुना होता है।
∮ E·dA = Q_enc / ε₀
- Q_enc: सतह के अंदर बंद कुल आवेश, बाहरी आवेशों का इसमें कोई योगदान नहीं होता।
- माध्यम में रखने पर सूत्र में ε₀ के स्थान पर माध्यम की परावैद्युतांक (ε) आ जाती है।
फ्लक्स कैलकुलेशन का उदाहरण (CBSE 2024)
- प्रश्न: यदि इलेक्ट्रिक फील्ड E = 5x² + 2 (unifrom नहीं) हो और एक 0.1 m भुजा का घन मूलबिंदु पर रखा हो, तो नेट फ्लक्स क्या होगा?
- हल:
- फील्ड केवल X-दिशा में बदल रही है। घन की Y और Z दिशा वाली सतहों पर फील्ड और क्षेत्रफल 90° पर हैं, इसलिए उनसे फ्लक्स शून्य होगा।
- केवल X-दिशा में दो सतहें (एक x=0 पर, एक x=0.1 पर) फ्लक्स देंगी।
- E₁ = 2 N/C (x=0 पर)
- E₂ = 5×(0.1)² + 2 = 2.05 N/C (x=0.1 पर)
- A = (0.1)² = 0.01 m²
- Φ_net = Φ₁ + Φ₂ = (-E₁A) + (E₂A) = (E₂ - E₁)·A = 0.05 × 0.01 = 5 × 10⁻⁴ Nm²/C
गॉस लॉ पर आधारित विशेष प्रश्न (CBSE)
- स्थिति 1: चार्ज घन के फलक पर: कुल फ्लक्स = Q / (2ε₀)
- स्थिति 2: चार्ज घन के कोने पर: कुल फ्लक्स = Q / (8ε₀)
- स्थिति 3: फलक पर रखे चार्ज के लिए एक फलक का फ्लक्स: फलक पर चार्ज होने के कारण, केवल तीन फलक प्रभावी होते हैं। एक फलक के लिए फ्लक्स = Q / (24ε₀)
गॉस नियम के अनुप्रयोग (महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियाँ)
ये तीनों व्युत्पत्तियाँ CBSE के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। | निकाय | चार्ज वितरण | इलेक्ट्रिक फील्ड | सूत्र | | :--- | :--- | :--- | :--- | | अनंत लंबाई का रैखिक आवेश (Infinite line charge) | रैखिक आवेश घनत्व (λ) | त्रिज्य (Radial) दिशा में | E = 2k·λ / r | | अनंत आवेशित चादर (Infinite sheet) | पृष्ठीय आवेश घनत्व (σ) | चादर के लंबवत | E = σ / 2ε₀ (गैर-चालक) <br> E = σ / ε₀ (चालक) | | पतला गोलीय कोश (Thin spherical shell) | पृष्ठ पर कुल आवेश Q | <br> अंदर (r < R): E = 0 <br> बाहर (r > R): E = kQ / r² | केंद्र से दूरी r पर |
उदाहरण प्रश्न (CBSE 2025)
-
प्रश्न: तीन धातु कोश A, B, C दिए हैं। A को +6Q, B को -6Q, C को +14Q आवेश दिया गया। आंतरिक धातु को क्रमशः -2Q, +8Q, -10Q आवेश दिया गया। तीनों के केंद्र से 3R दूरी पर फील्ड की तुलना करें।
-
हल: आंतरिक चार्ज, चालक के पृष्ठ पर पहुँच जाता है, जिससे प्रत्येक कोश पर कुल नेट चार्ज +4Q हो जाता है। चूँकि तीनों के केंद्र से दूरी (3R) और नेट आवेश (+4Q) समान हैं, इसलिए तीनों स्थानों पर इलेक्ट्रिक फील्ड बराबर होगी।
E_A : E_B : E_C = 1 : 1 : 1
यह रैपिड रिवीजन क्लास 12 फिजिक्स: रे ऑप्टिक्स पर विस्तृत परिचय और प्लेन मिरर रिफ्लेक्शन और CBSE बोर्ड एग्जाम के लिए मिनिएचर पेंटिंग्स और भारतीय कला का संपूर्ण रिवीजन जैसी अन्य महत्वपूर्ण विषयों की रिवीजन सीरीज़ का हिस्सा है। अधिक अभ्यास के लिए ईएमआई यूनिट 4: करंट और पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर का संपूर्ण परिचय भी देख सकते हैं।
25 में जो क्वेश्चन पेपर आए थे उनमें सेक्शन ए में एक एमसीक्यू देखने को मिला था और सेक्शन ई में पांच नंबर का क्वेश्चन
होता है। उनको पार्ट्स वाइज डिवाइड किया गया था और तीन मार्क का क्वेश्चन इस चैप्टर से बना हुआ है। पूरी सिस्टम को उठा
के आप किसी मीडियम में डूबो केरोसिन, डीजल, पेट्रोल या सोच सकते हो वो भी। सीबीएसई में पूछा गया क्वेश्चन एक बार कि
यहां इलेक्ट्रिक फील्ड क्या होती है इलेक्ट्रिक फील्ड? तो इलेक्ट्रिक फोर्स को ही डिफाइन [संगीत] किया गया है अलग वे से।
अब इस पर जुड़ा एक और क्वेश्चन करते हैं जो सीयूटी प्लस बोर्ड्स में आ चुका क्वेश्चन है। चार्ज बहुत छोटी सी
अरेंजमेंट है यह इलेक्ट्रिक डपोल एक तरफ नेगेटिव चार्ज एक तरफ पॉजिटिव चार्ज अभी बताया जहां कहीं भी कोस या साइन दिख जाए
फट से तीन केस ले लेंगे थ्री मेटल स्फीयर क्या शानदार क्वेश्चन क्या शानदार क्वेश्चन मतलब इतना भयानक क्वेश्चन लेकिन
[संगीत] एक बात याद रखना नाम बड़े ऑर्डर से जितना बड़ा क्वेश्चन होगा ना उतना सस्ता क्वेश्चन होगा सुनना
बात क्या है यहां पर हेलो एवरीवन दिस इज रन राव स्वागत करता हूं आप सभी का नेक्स्ट ओवर की रैपिड रिवीजन सीरीज के पहले चैप्टर
में जिसका नाम है इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड। दोस्त इस चैप्टर की जितनी भी इंपॉर्टेंट बातें हैं, जितनी भी क्वेश्चन
पूछे जा सकते हैं वो सारे कांसेप्ट हम विद इन अ 30 मिनट्स पढ़ने वाले हैं। तो सबसे पहले शुरुआत करते हैं एक एनालिसिस वाले
पार्ट से कि 2000 2025 में जो क्वेश्चन पेपर आए थे उनमें सेक्शन ए में एक एमसीक्यू देखने को मिला था और सेक्शन ई
में पांच नंबर का क्वेश्चन होता है। उनको पार्ट्स वाइज डिवाइड किया गया था और तीन मार्क का क्वेश्चन इस चैप्टर से बना हुआ
था। सेम ऐसी ही चीजें हमें सीबीएसई 2024 में देखने को मिलती है। कुछ-कुछ पेपर सेट में ये होता है, कुछ-कुछ पेपर सेट में ये
होता है। तो इन शॉर्ट आपके पास कोई भी पेपर सेट आएगा इस साल क्या होगा उसमें? इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड इलेक्ट्रिक फील्ड
से एक एमसीक्यू आएगा। सेक्शन सी में एक क्वेश्चन आ सकता है या सेक्शन ई में एक छोटा क्वेश्चन आ सकता है। तीन मार्क्स या
दो मार्क्स का। तो ये दिमाग में रखना। इसकी इंपोर्टेंस है मेरे दोस्त। पहले से क्लेरिफाई रखना। अब शुरुआत करते हैं इस
चैप्टर की। की तो इलेक्ट्रिक चार्ज की बात आती है। जस्ट लाइक अ मास इट्स अ इंट्रिंसिक प्रॉपर्टी। हां जी। अब जैसे
मास कंजर्वेशन होता है वैसे ही चार्ज कंजर्वेशन होता है कि कोई भी सिस्टम आइसोलेट कर दिए। अब इसमें रब करो,
फ्रिक्शन लाओ, इंडक्शन लाओ, कुछ भी लाओ दोस्त। लेकिन नेट चार्ज सिस्टम का सेम रहेगा, कॉन्स्टेंट रहेगा। जैसे कि तीन
आइडेंटिकल स्फीयर हैं मेरे पास। मैंने तीनों को टच करवा दिया। तीनों के ऊपर अलग-अलग चार्जेस थे। अब तीनों को एक दूसरे
के साथ टच करवा दिया या फिर मान लीजिए कि वायर से कनेक्ट कर दिया। तो तीनों के ऊपर इक्वल चार्ज आ जाएगा जिसकी वैल्यू हो
जाएगी q1 + q2 + q3 / 3 ये एक कंजर्वेशन ऑफ चार्ज पे बेस्ड क्वेश्चन था। याद रखना आईडेंटिकल स्फीयर की बात है। और दूसरी बात
इसमें होती है एक इंटरेस्टिंग चार्ज क्वांटाइजेशन। ये क्वांटाइजेशन वाला रूल हमें बताता है कि कोई भी दुनिया की
ऑब्जेक्ट हो, कोई भी बॉडी हो उसके ऊपर जो चार्ज होगा ना वो n * e के फॉर्म में होगा। ये n * e क्या है? n यानी एक
पूर्णांक संख्या होगी 1 2 3 4 ऐसे नंबर्स होंगे और e यानी इलेक्ट्रॉन का चार्ज। जैसे बलून को मैं माथे पे घिसता हूं। फिर
आप देखते हो कभी वो हेयर है दोस्त, बाल है। वो बलून से अट्रैक्ट होते हैं। क्यों? बलून के ऊपर नेगेटिव चार्ज आया और दूसरे
के ऊपर पॉजिटिव चार्ज आया। इसका मतलब कि इलेक्ट्रॉन ही ट्रांसफर हुए होंगे। इलेक्ट्रॉन ही ट्रांसफर होते हैं। प्रोटॉन
नहीं दोस्त। तो इलेक्ट्रॉन ट्रांसफर हुए हैं तो वो इलेक्ट्रॉन पूरी संख्या में एक इलेक्ट्रॉन, दो इलेक्ट्रॉन, तीन
इलेक्ट्रॉन। ऐसे नंबर फिक्स्ड में ट्रांसफर होंगे ना। इसलिए चार्ज लिखा जाता है N * E के फॉर्म में। परफेक्ट बात आगे
बढ़ते हैं। दूसरा पार्ट यानी कूलम्स लॉ। बहुत जाना पहचाना सा लॉ है। दो चार्जेस ही सेम दोनों के बीच में अट्रैक्टिव फोर्स
लगेगा। अगर अपोजिट नेचर के है तो और अगर सेम नेचर के पॉजिटिव पॉजिटिव या नेगेटिव-नेगेटिव। तो एक रिपल्सिव फ़ोर्स
लगेगा जिसकी वैल्यू होगी K Q1, Q2 डिवाइड बाय इफेक्टिव डिस्टेंस का स्क्वायर हो जाएगा। परफेक्ट, सर। अब इसकी कुछ-कुछ खास
प्रॉपर्टी है कि भाई, यह दो पॉइंट चार्जेस के बीच में एक्ट करेगा। एक के ऊपर जितना लगेगा उस उतना ही दूसरे के ऊपर एक्ट करेगा
और अपोजिट डायरेक्शन में होगा। एक तरह से ये दोनों एक्शन रिएक्शन फेयर के एग्जांपल होंगे। ये डिपेंड करता है मीडियम पे भी।
अगर पूरी सिस्टम को उठा के आप किसी मीडियम में डुबो दो केरोसिन, डीजल, पेट्रोल या सोच सकते हो वो भी। तो उसमें डुबो दिया
जाए तो यहां पर फोर्स कुछ रिड्यूस हो जाता है। कितना रिड्यूस हो जाता है? तो फैक्टर K में चल जा चला जाता है और K फैक्टर को
हम कहते हैं डाईइलेक्टिक कॉन्स्टेंट ऑफ़ मीडियम। इसको रिलेटिव परमेबिलिटी के नाम से भी परमिटिविटी के नाम से भी जाना जाता
है। जिसको एप्सिलेंट M /0 के एक फॉर्मूले से डिफाइन किया जाता है। याद रखना पूरे सिस्टम हमने लिए। यहां पर बीच में
इफेक्टिव डिस्टेंस चेंज नहीं किया है। ना ही चार्ज की वैल्यू हमने चेंज की है। तो ये कूलम्स लॉ की कहानी थी। अब इस पर बेस्ड
एक अच्छा सा क्वेश्चन करवाता हूं। देख ले चार चार्जेस है हमारे पास। चार चार्जेस। यह पूछा गया था सीबीएसई 2000 किधर गया?
यह सीबीएसई में पूछा गया क्वेश्चन एक बार कि यहां पर 1 कूलम माइनस टू माइक्रो कूलम प्लस वन माइक्रो कूलम और टू माइक्रो कूलम
तो सेंटर पे रखे हुए फ़ोर माइक्रो कूलम चार्ज पे कितना नेट फाॅर्स लगेगा? तो सुनना मेरे दोस्त 1 माइक्रो कूलम ऐसे
धक्का देगा। हां जी ये वन माइक्रो कूलम ऐसे धक्का देगा। हां रिपल्सिव फ़ोर्स ये माइनस टू माइक्रो कूलम ऐसे खींचेगा। हां
जी? ये -2 माइक्रो कूलम ऐसे खींचेगा। तो आपको नहीं लगता है ये सारे फोर्सेज़ सेम इन मैग्नीट्यूड। ये ये वाले सारे फोर्सेस ये
फिर ये दोनों सेम इन मैग्नीट्यूड अपोजिट इन डायरेक्शन एक दूसरे को कैंसिल आउट करेंगे। सेम बात यहां पर भी वन वाला ये वन
वाला। दोनों एक दूसरे को धक्का दे रहे हैं ना ऐसे। तो नेट फोर्स सिमेट्रिक वे से हो जाएगा जीरो। तो याद रखना। हां, यहां पर भी
क्या हो जाएगा? सिमेट्रिक की वजह से। सिमेट्रिक की वजह से हो जाएगा नेट फोर्स ज़ीरो। ओके सर। हां। सिमेट्रिक की वजह से
नेट फोर्स हो जाएगा जी रो चमका। आगे बढ़े। अब ऐसा एक कांसेप्ट है इलेक्ट्रिक फील्ड। क्या होती है इलेक्ट्रिक फील्ड? तो
इलेक्ट्रिक फोर्स को ही डिफाइन किया गया है अलग वे से। जैसे कि अब एक चार्ज है। उस चार्ज ने अपने आसपास एक रीजन क्रिएट की
है। और उस रीजन में कोई दूसरा टेस्ट चार्ज हम लेके जाएंगे। तो ये जितना फोर्स एक्सपीरियंस करेगा डिवाइड बाय ये टेस्ट
चार्ज का मैग्नीट्यूड हमें मिल जाएगी इलेक्ट्रिक फील्ड एट दैट पॉइंट। और जिसकी इंटेंसिटी लिखेंगे अगर पॉइंट चार्ज है तो
KQ / R² ये इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन रिप्रेजेंट की है पॉजिटिव में से फील्ड लाइंस बाहर निकलती है नेगेटिव में
टर्मिनेट होती है अंदर जाती है। याद रखना इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस कभी भी क्लोज़ लूप नहीं बनाती है जबकि मैग्नेटिक फील्ड बनाती
है। ये एमसीक्यू में पूछा जा सकता है। जहां पर इलेक्ट्रिक फील्ड ज्यादा होगी ना वहां पर इलेक्ट्रिक फील्ड की इंटेंसिटी
स्ट्रोंग होगी। जैसे कि जैसे कि यहां पर देखो इलेक्ट्रिक फील्ड नजदीक नजदीक है। यहां पर स्ट्रॉन्ग है। जबकि यहां पर बहुत
इलेक्ट्रिक फील्ड दूर-दूर है। इलेक्ट्रिक फील्ड की इंटेंसिटी जैसे-जैसे दूर जाओगे चार्ज से वैसे-वैसे कटती जाएगी और ये
फार्मूला भी तो वही कह रहा है KQ / R² हां जी समझ में आ रही है बात? हां, अगर इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन की फील्ड लाइन आपको
दी गई है और आपको नेट इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन निकालनी है। तो कैसे निकालोगे? तो उसके ऊपर टेंजेंट ड्रॉ करेंगे। तो एट अ
टेंजेंट एनी पॉइंट एनी पॉइंट। इसके ऊपर अगर टेंजेंट ड्रॉ किया जाए तो वो टेंजेंट आपको नेट इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन
देगा। और इसके साथ आप ऐसा भी बता सकते हो कि दो इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन कभी इंटरसेक्ट नहीं कर सकती। अगर करेगी तो
वहां पर दो टेंजेंट आएंगे और दो टेंजेंट आएंगे तो ये दो अलग-अलग नेट इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन डिफाइन हो जाएगी। ऐसा
नहीं हो सकता ना बेटा। एक ही जगह पे दो-दो नहीं। ये वैलिड नहीं रहेगा। बढ़िया बात। अब इस पर जुड़ा एक और क्वेश्चन करते हैं जो
Cu+ बोर्ड्स में आ चुका क्वेश्चन है। चार्जेस दे रखे हैं +q, +2q, +q और -2q। बताओ O पॉइंट पे इस O पॉइंट पे नेट
इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन क्या होगी? या O पॉइंट पे मैं कोई एक चार्ज रख दूं Q तो उसके ऊपर लगने वाले फोर्स की डायरेक्शन
क्या होगी? ले बताओ। ले बताओ। ये है। ये है ऑप्शन। सोचा? सोचा? देखो। सीधी बात। जैसे पहले किया था वैसे ही। यह +q ऐसे
धक्का देगा। माइनस +q ऐसे धक्का देगा। एक दूसरे को काट देंगे। यह +2q ऐसे धक्का दे रहा होगा। रुको। और ये -2q खींच रहा होगा।
-2q में टर्मिनेट होती है ना इलेक्ट्रिक फील्ड तो इलेक्ट्रिक फील्ड अपनी ओर आ रही होगी। ये खींच रहा होगा। तो देख यहां पर
दोनों का ऐड हो जाएगा। और नेट इलेक्ट्रिक फील्ड की डायरेक्शन आएगी B से लेके डी तक की। तो B से डी यानी ऑप्शन नंबर हो जाएगा
सी। चमका मेरे लाल। आगे बढ़ते हैं। अब इलेक्ट्रिक डायपोल की कहानी समझते हैं। बहुत छोटी सी अरेंजमेंट है ये इलेक्ट्रिक
डायपोल। एक तरफ नेगेटिव चार्ज एक तरफ पॉजिटिव चार्ज दोनों के बीच का डिस्टेंस है 2a। कहीं-कहीं किताब में l भी लिखा
जाता है। तो इस डपोल की ताकत कितनी है? स्ट्रेंथ कितनी है? वो डिफाइन की जाती है डपोल मोमेंट से। p = q * 2a डिस्टेंस
बिटवीन देम लिखा है। डायरेक्शन भी डिफाइन करते हैं डपोल की। डपोल मोमेंट की। नेगेटिव चार्ज से पॉजिटिव चार्ज। सिंबल
इसका p है। याद रखना। अब इस डायपोल की वजह से एक एक्सियल डिस्टेंस पे और इक्विटोरियल डिस्टेंस r पे इलेक्ट्रिक फील्ड कितनी
मिलती है? उसका एक डेरिवेशन बहुत फेमस होते हैं। जो पूछे भी जाते हैं। लेकिन हम सीधा फार्मूला अगर डेरिवेशन देखना है मेरे
लाल तो पूरा वनशॉट आपको देखना पड़ेगा या कमेंट सेक्शन में बताना। अगर और डेरिवेशन आपको चाहिए तो एक वीडियो में मैं सारे
क्लास 12th के डेरिवेशन बता दूंगा। ओके? फिर बात ये है कि एक्सियल डिस्टेंस पे 2kp/ r होता है और इक्विटोरियल पे KP / r
होता है। जहां पर p डपोल मोमेंट है। r ये डिस्टेंस है सेंटर से डपोल के सेंटर से। याद रखना एक्सियल डायरे एक्सियल वाले
पॉइंट पे इलेक्ट्रिक फील्ड डायपोल की डायरेक्शन में ही होती है। जबकि इक्विटोरियल वाले पॉइंट पे डायपोल से
अपोजिट डायरेक्शन में होती है। इस पर बेस्ड एमसीक्यू आ सकता है। ये आपको भ्रमित करने के लिए क्वेश्चन पूछा जा सकता है।
याद रखना अपोजिट डायरेक्शन में होगी कहां पर? इक्विटोरियल पे। इसलिए माइनस साइन के साथ आता है। लेकिन मैंने डायरेक्शन डिफाइन
पहले ही कर दी। इसलिए नेगेटिव साइन की ज़रूरत नहीं है। अब ये डायपोल की वजह से इलेक्ट्रिक फील्ड थी। अगर मैं इसी डाइपोल
को इलेक्ट्रिक फील्ड के अंदर रख दूं और वो भी यूनिफॉर्म इलेक्ट्रिक फील्ड के अंदर रख दूं तब क्या होगा? ये डेरिवेशन बहुत फेमस
है दोस्त। तो डपोल के ऊपर देख डायपोल बनी किससे? पॉजिटिव चार्ज q नेगेटिव चार्ज q। तो दोनों के ऊपर सेम इन मैग्नीट्यूड, सेम
इन फोर्स। जो फोर्स लगेगा वो सेम इन मैग्नीट्यूट और अपोजिट इन डायरेक्शन मिलेगा। इस वजह से नेट फ़ोर्स हो जाएगा
जीरो। जबकि टॉर्क लिखा जाएगा P क्रॉस E से। टॉर्क डेरिवेशन पूछा जा सकता है। मैंने पूरे वन शॉट वाले वीडियो में करवा
रखा है। अगर चाहो तो वहां से देख लो या कमेंट सेक्शन में बताओ डेरिवेशन वाला वीडियो चाहिए तो। अब P क्रॉस E भाई वेक्टर
फॉर्म है। क्लास 11 में सीखा था। इसको सॉल्व करते हैं। PE sin थीटा से और sin थीटा जैसे ही आया तो अपने दिमाग का
चमका। क्या चमका? कि भाई अगर थीटा ज़ीरो है दोनों के बीच का तो टॉर्क ज़ीरो हो जाएगा क्योंकि sin0 की वैल्यू जीरो। अगर थीटा
90°, तो टॉर्क मैक्सिमम मिल जाएगा। P * E. थी थीटा अगर 180° टॉर्क अगेन ज़ीरो हो जाएगा। क्योंकि sin पे डिपेंडेंसी है। जब
कभी भी थीटा दिखेगा, हम तीन केस ले लेंगे। एक ज़ीरो वाला, एक 90° वाला और 180° वाला। याद रखना चाहे जहां कहीं भी cos थीटा या
sin थीटा दिख जाए। ये तीनों केस आप कंसिडर कर सकते हो। अब बात आ रही है इलेक्ट्रिक फ्लक्स की। डरना नहीं बेटा। सीधी बात है।
जैसे हवा हर जगह है। हवा हर जगह भगवान हर जगह है। वैसे हवा हर जगह है। लेकिन हम एक पर्टिकुलर जगह से पास होने वाली एरिया हवा
की बात करने वाले हैं। वैसे ही इलेक्ट्रिक फील्ड हर जगह है। लेकिन हमें एक पर्टिकुलर सेक्शन से परपेंडिकुलर पास होने वाली
लाइंस की बात करनी है। इलेक्ट्रिक फील्ड लाइंस की बात करनी है। और इसी को इलेक्ट्रिक फ्लक्स कहा जाता है। तो
इलेक्ट्रिक फ्लक्स का मैथमेटिकल फॉर्म होता है ई डॉट डीa। अब कॉम्प्लिकेटेड सा फॉर्म है। ये कैसे लिखा? इंटीग्रेशन E
{डॉट} ये इसलिए क्योंकि इन हमें पता नहीं है कि इलेक्ट्रिक फील्ड बाय यूनिफॉर्म है की नहीं है। तो इसलिए इलेक्ट्रिक फील्ड को
पहले हमने माना कि अगर यूनिफॉर्म होगी तो हम क्या करेंगे? तो इंटीग्रेशन में हटा दिया जाएगा। ये इंटीग्रेशन हम सीधा हटा
देंगे। ठीक है? da का इंटीग्रेशन करके क्या मिल जाएगा हमें? e * e मिल जाएगा। e * a मिल जाएगा। ओके? अब दो बात डॉट
प्रोडक्ट दिख रहा है तो दो बात कि अगर वेक्टर फॉर्म दे रखा है तो हम ex + az az लिखेंगे ex लिखेंगे और अगर थीटा
गिवन है अगर थीटा गिवन है तब हम e cos थीटा डॉट प्रोडक्ट यानी cos थीटा और अभी बताया है जहां कहीं भी cos या sin दिख जाए
फट से तीन केस ले लेंगे। पहला केस थीटा = 0 cos 0 की वैल्यू होती है +1 इसलिए ea cos 0 ea बन गया। cos 90° होता है ज़ीरो।
तो इस केस में बन जाएगा ज़ीरो। θ = 180° -1 होता है। ये डायग्राम से देख सकते हो किसका एरिया वेक्टर अपोजिट डायरेक्शन में
होगा। तो अगर पूरा क्यूब कंसीडर कर रहे हो तो दोस्त ध्यान रहे हो ना कि इसका एरिया वेक्टर बाहर की डायरेक्शन में होता है।
इसका कोई एरिया वेक्टर पूछे तो इस साइड बाहर की डायरेक्शन में होता है। तो हम इस सरफेस की बात कर रहे हैं जिसके लिए हमें
180° एंगल मिलेगा इलेक्ट्रिक फील्ड और एरिया वेक्टर के बीच में इसलिए माइनस ए के फॉर्म में लिखा जाएगा क्योंकि cos 180°
होता है -1। अब सुनो। यूनिट क्या हो जाएगा इसका? भाई यूनिट इलेक्ट्रिक फील्ड न्यूटन पर कूलम और एरिया
मीटर² और इसका डायमेंशनल फार्मूला कुछ हिसाब से लिखा जाएगा। यह पूछा गया था। इलेक्ट्रिक फ्लक्स के बारे में बताइए।
उसका यूनिट और डायमेंशनल फार्मूला डिराइव कीजिए। साथ-साथ ये चीजें भी पूछी गई थी। सीबीएसई 2024 में चमक रहा मतलब दिमाग में
बात ये रखना आईएमपी है। और इस पर बेस्ड क्वेश्चन भी बहुत आईएमपी है। जैसे देखो दो 2024 में पूछा गया क्वेश्चन है।
इलेक्ट्रिक फील्ड यूनिफॉर्म नहीं दी है। इसीलिए मैं बताता हूं कि यूनिफॉर्म हो ऐसा जरूरी नहीं है। आप सीधा मत रखो e cos
थीटा। लेकिन हां ये बेसिक सा फार्मूला भी काम में आ सकता है। ठीक है? तो ये आया e = 5x² + 2 कितना आया मेरे लाल? 5x² + 2 दिया
है। अब यहां पर बात सुनना। क्या है कि पूरा एक क्यूब दे रखा है। यह ओरिजिन है। ये x ये y और यह z और यह z। इलेक्ट्रिक
फील्ड ऐसे वेरी कर रही है इस इक्वेशन के हिसाब से जैसे-जैसे x बढ़ेगा वैसे-वैसे इलेक्ट्रिक फील्ड बढ़ेगी मेरे लाल। अब
पूछा है इन्होंने कि इस क्यूब की साइड लेंथ है 10 सें.मी. प्लेस्ड इन दिस रीजन कैलकुलेट द नेट इलेक्ट्रिक फ्लक्स थ्रू द
क्यूब। इस क्यूब के अंदर हमें नेट इलेक्ट्रिक फ्लक्स निकालना है। सुनना बहुत अच्छे तरीके से बात बताता हूं। सुनो। देखो
ऊपर वाला हिस्सा कोई भी एक रूम कंसीडर करो उसमें x की डायरेक्शन में इलेक्ट्रिक फील्ड लाइन है। ऊपर वाला हिस्सा भाई कोई
काम का नहीं है। क्यों? क्योंकि इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे है और एरिया वेक्टर ऐसे है। 90° बनेगा। 90° के लिए अभी सीखा
फ्लक्स क्या हो जाएगा? ज़ीरो हो जाएगा। तो 90° वाला हमारे लिए कोई भी काम का नहीं है। जैसे सेम एज इट इज़ नीचे वाला। एज इट
इज़ पीछे वाला। एज इट इज़ सामने वाला। बस हमारे लिए काम का क्या रहेगा? ये दो साइड वाले। इसलिए मैंने पहले से ड्रॉ कर रखी
है। ये रंगीन जो येलो-यलो दिख रहा है ना येलो-लो डर्टी फेलो ये रंगीन पार्ट हमारे लिए काम का होगा। क्योंकि इसका एरिया
वेक्टर ऐसे बाहर निकलेगा। इलेक्ट्रिक फील्ड इस डायरेक्शन में होगी। थीटा = 180 बनेगा इसके लिए। ये वन सरफेस बोल देंगे।
ये दूसरी सरफेस हमारे लिए काम की इलेक्ट्रिक फील्ड ऐसे बाहर। एरिया वेक्टर भी बाहर। थीटा = 0 बनेगा दूसरे केस के
लिए। इन दोनों फ्लक्स को इंडिविजुअल फाइंड करेंगे। यहां पर इलेक्ट्रिक फील्ड फाइंड करेंगे। यहां पर इलेक्ट्रिक फील्ड फाइंड
करेंगे। ये E1 यहां पर E2 X इक्वल टू ये पूरा डिस्टेंस कितना है? X = 10 सें.मी. तो ये 10 सें.मी. को मीटर में लिखेंगे 10
रेज़ टू पावर -1 मीटर। और X1 = 0 क्योंकि वन पे बैठा हुआ है। ठीक है? तो E1 E2 फाइंड करो और भाई ये क्यूब है ना तो ये
क्रॉस सेक्शन में एरिया तो दोनों के लिए सेम हो जाएगा। हम्म जी समझ गए। ठीक है? तो पहले तो इलेक्ट्रिक फील्ड फाइंड करते हैं।
तो इलेक्ट्रिक फील्ड हमें मिल रही है x की जगह 0 रखने पे 2 न्यूटन पर कूलम और x की जगह 10 रेज़ टू पावर -1 लिखने पे 5 * 10
टू पावर -2 प्लस करके टू लिख दिया क्योंकि समेशन करना मुझे डिफिकल्ट लग रहा था इसलिए मैंने अलग से लिख दिया। ये पूरी
इलेक्ट्रिक फील्ड मिली दूसरे वाले पार्ट के लिए। हमें पता है कि पहले केस में एंगल है 90° एंगल है 180° इसलिए पूरा लिखा
जाएगा माइनस के साथ। नेट फ्लक्स लिख रहे हैं। - e1a और दूसरे के लिए प्लस में ही है क्योंकि थीटा = 0 है तो e2a अब e2 की
वैल्यू कितनी है? ये पूरी की पूरी e2 की वैल्यू है। इसके साथ हमने a मल्टीप्लाई कर दिया। इसके साथ हमने a मल्टीप्लाई कर
दिया। e टू a e2 की वैल्यू ये है। ओके? अब ध्यान से देख लीजिए। क्या? कि यहां पर दो चीजें आपको सेम मिल रही है। क्या-क्या? 5
* 10 टू पावर -1 इनकी इसकी पावर टू और सॉरी 2 * 10 टू पावर -1 * इसकी पावर टू। सेम एज इट इज यहां पर। फर्स्ट और थर्ड
समेशन करोगे ज़ीरो हो जाएगा क्योंकि पहला वाला माइनस है। तो बचेगा क्या? 5 * 10 टू पावर -2 * 10 टू पावर -2 -2 ये कैसे लिखा?
एरिया है। एरिया लिखा है इसका 10 रेज़ टू पावर -1 और उसका स्क्वायर के फॉर्म में। ओके? तो आपको वैल्यू मिल जाएगी 5 * 10 टू
पावर -4 यूनिट क्या हो जाएगा? न्यूटन पर कूलम डिवाइड बाय मीटर स्क्वायर। इलेक्ट्रिक फील्ड का यूनिट, मल्टीप्लिकेशन
में एरिया का यूनिट। बहुत शानदार क्वेश्चन था और ऐसे क्वेश्चन बहुत फ्रीक्वेंटली पूछे जा रहे हैं। तो प्रैक्टिस रखना जरूरी
नहीं है आपको कि इलेक्ट्रिक फील्ड यूनिफॉर्म दें। नॉन यूनिफॉर्म वाला केस भी पूछा जा रहा है और बहुत फेमस है। ओके। अब
चैप्टर का अध्याय लास्ट में बताते हैं गाउस लॉ के बारे में। गास लॉ क्या होता है? कि यही इलेक्ट्रिक फ्लक्स का
एक्सटेंडेड वर्जन है। समझो कि एक क्लोज्ड सरफेस के लिए अगर इलेक्ट्रिक फ्लक्स निकालना है तो E डॉटda करके हमें झमेले
में नहीं पड़ना है। क्लोज्ड सरफेस इसलिए डो ये क्लोज्ड सरफेस को रिप्रेजेंट करता है। तो क्लोज सरफेस के लिए E डॉटda करके झमेले
में नहीं पड़ना है। सीधा लगा देना है गोस बाबा के हिसाब से Q एनक्लोज्ड डिवाइड बाय एप्सिलेंट नोट। अब Q एनक्लोज़ क्या है?
बेटा इस क्यूब के अंदर जितना भी चार्ज है एनक्लोज़ चार्ज है Q1 एंड Q2। बस यही लिखना है। Q1 एंड Q2 यही लिखना है। ले बेटा। अब
डिवाइड बाय एप्सिलेंट नॉट इतना होगा। इन्होंने बता दिया सीधा इतना। अगर इस पूरी सिस्टम को अगर किसी मीडियम में डुबो दिया
तो मीडियम की परमिटिविटी डिनोमिनेटर में आ जाएगी। बाकी सेम रहेगा। हां। चार्ज एंड क्लोज मतलब इसके अंदर जो भी चार्ज है वो
बाहर वाला आउटसाइड वाला कंसीडर नहीं किया जाएगा क्योंकि उसकी वजह से फील्ड लाइन जो अंदर घुसेगी वो बाहर भी तो निकलेगी। तो ये
एक दूसरे का फ्लक्स कैंसिल आउट कर देगी। हां जी। याद रखना एक बात कि जो इलेक्ट्रिक फील्ड लिखी हुई है ना इसमें
वो वन की वजह से भी होगी। टू की वजह से भी होगी और ये आउटसाइड वाले चार्ज थ्री की वजह से भी होगी। तो याद रखना कि
इलेक्ट्रिक फील्ड जो नेट मिल रही है हमें वो एनी पॉइंट ऑल चार्जेस की वजह से होगी इनसाइड और आउटसाइड दोनों की वजह से। जबकि
q एनक्लोज्ड में हम अंदर वाला चार्ज ही कंसीडर करेंगे। अब इस पर बेस्ड भी बहुत अच्छे क्वेश्चन पूछे जा रहे हैं। देख ले।
पूछ लिया कि क्यूब है। इस क्यूब के सेंटर पे रखा हुआ है चार्ज q। चार्ज q। बताओ नेट फ्लक्स क्यूब के लिए कितना होगा? सीधी बात
बेटा देख। क्यू डिवाइड बाय एप्सिलेंट नॉट डिवाइड बाय एप्सिलॉन नॉट। अब किसी ने पूछा कि भाई अब हमने फेस पे लगा दिया एक साइड
के फेस पे जैसे आप किसी रूम में बैठे हुए होंगे तो एक रूम की एक दीवार पे चार्ज को लगा दिया तो अब फ्लक्स कितना होगा? और अगर
हम दीवार के कोने पे लगा दिया। ठीक है? जिस भी रूम के दीवार के आप बैठोगे ना वहां पर
कोने पे लगा दिया चार्ज तब क्या होगा? तो इस तीनों केस में हमें फ्लक्स निकालना है सीबीएसई में बहुत पॉपुलर क्वेश्चन है। तो
ऐसे केसेस में क्या करना चाहिए पता है? थोड़ा दिमाग लगा के गोस लॉ यूज़ करना चाहिए। जैसे कि मैं यहां पर क्या करूंगा? सुनना।
सुनना। मैं यहां पर पास में एक क्यूब ऐसे जॉइंट कर दूंगा। पास में एक ऐसा क्यूब जॉइंट कर दूंगा जिससे फायदा मिल जाएगा।
क्या हो जाएगा? फायदा मिल जाएगा। ऐसे पास में एक क्यूब क्रिएट कर दूंगा। तो अब ये पूरा का पूरा क्यूब लग रहा है। पहले क्यूब
था नहीं। पहले सरफेस क्लोज़ नहीं थी। लेकिन मैंने क्लोज़्ड बनाई। मैंने क्लोज्ड बना ली। एक इमेजिनेशन करके इसको पूरा क्युबॉयड
मान लिया। अब इस क्युबॉयड के लिए नेट फ्लक्स क्या हो जाएगा? क्यू डिवाइड बाय एप्सिलेंट नॉट। ये पूरे क्युबॉइड में हमने
दो क्यूब का यूज किया है। तो ईच क्यूब के पास कितना फ्लक्स हो जाएगा? क्यू बाय टू एप्सिलॉन। बन गया हमारा काम। बन गया हमारा
काम। वैसे ही कॉर्नर वाले के लिए सोचो। आपके रूम में। यहां मत देखो। आपके रूम में सोचो। इस रूम के ऊपर वाले कॉर्नर पे चार्ज
है। उसको हमें एनक्लोज्ड करना है। पूरा फिक्स करना है। एनक्लोज करना है। तो एक आगे एक आपको रूम बढ़ाना पड़ेगा। एक इस साइड
रूम बढ़ाना पड़ेगा। ऐसे एनक्लोज़ करना है कि वो सेंटर पे आ जाए। इस साइड एक चार्ज लगा। इस साइड एक क्यूब लगाना पड़ेगा। इसके पीछे
ऐसे एग्जैक्टली इस रूम के एग्जैक्टली ऐसे डायगोनल में एक क्यूब लगाना पड़ेगा। और अभी देखो ये चारों क्यूब के सेंटर में आ गया
लेकिन अपर सेंटर में है। अब जितने चार रूम नीचे हैं उतने ही चार रूम ऊपर बना लो। क्या अब ये सेंटर में आ जाएगा? इमेजिनेशन
हुआ? नहीं हुआ तो 2 सेकंड, 3 सेकंड, 50 सेकंड पीछे जा वापस सुन। मैंने क्या बोला है? तो आपको नेट फ्लक्स q / 0 मिलेगा
क्युबॉइड के लिए। और उस क्यूब में उस क्युबॉयड में हमने आठ क्यूब का यूज़ किया है। आठ रूम्स का यूज़ किया है। इसलिए इस
क्यूब के लिए मिल जाएगा डिवाइड बाय एट फैक्टर में। चमका। अब अगर इसी क्वेश्चन में कोई एक ईच फेस के लिए पूछ ले तो। तो
भाई कोई पर्टिकुलर फेस के लिए पूछा है। तो आप सीधा लिख सकते हो डिवाइड बाय सिक्स हो जाएगा। लेकिन इस वाले स्पेशल केस में ऐसा
होगा कि हर एक के लिए डिवाइड बाय सिक्स नहीं हो पाएगा। क्यों पता है? क्योंकि ये चार्ज कॉर्नर पे रखा है ना इस वजह से
इलेक्ट्रिक फील्ड यहां पर भी होगी। यहां पर भी होगी। यहां एरिया वेक्टर ऐसे बाहर तो थीटा = 90° तो इसके लिए फ्लक्स नहीं
लिखा जाएगा। इसके लिए फ्लक्स नहीं लिखा जाएगा क्योंकि एरिया वेक्टर और इलेक्ट्रिक फील्ड दोनों एक दूसरे के साथ 90° बना रहे
हैं। 90° बना रहे हैं इस वजह से। ऐसी ये पीछे वाली सरफेस पीछे वाली सरफेस के लिए भी नहीं। तो तीन ही इफेक्टिव सरफेस होगी
जो आपको दिख रहा है। एक यह बगल वाली, एक नीचे वाली। ओके? और एक तुम्हारी ओर आती हुई सरफेस इस रूम में। ठीक है? तो तीन
सरफेस के लिए आपको नेट फ्लक्स मिलेगा। वो पूरा फ्लक्स है वो तीन ही हिस्सों में डिवाइड होगा इसलिए मैंने लिख दिया क्यों
क्यूब के लिए जो मिल रहा है डिवाइड बाय थ्री। तो इस तीनों सरफेस के लिए अगर पूछा जाए अलग से। तो इन फेसेस के लिए लिखा जा
सकता है क्यू डिवाइड बाय 24 0। चमका। भाई बहुत शानदार बात शायद आपने रट ली होगी, याद रखी होगी। जब पढ़ा होगा तब
लेकिन अब मैंने डिटेल में बता दिया। आगे बढ़ते हैं। अब लास्ट पार्ट ऑफ द सेशन ऑफ द चैप्टर जो कि है एप्लीकेशन ऑफ अ गोस लॉ।
ये चैप्टर में लास्ट पार्ट पढ़ाया जाता है जिसके तीन डेरिवेशन और तीनों के तीनों बहुत फेमस है। जहां से न्यूमेरिकल भी आता
है, एमसीक्यूस भी आता है और डेरिवेशन भी पूछा जाता है। मोस्ट आईएमपी ऑफ़ द चैप्टर। यहां पर एक लीनियर चार्ज डिस्ट्रीब्यूट है
जिसकी लीनियर चार्ज डेंसिटी है लैम्ब्डा। r डिस्टेंस दूर इलेक्ट्रिक फील्ड 2k लैम्ब्डा / r है। पॉजिटिव चार्ज है तो
धक्का देने वाली डायरेक्शन में। नेगेटिव चार्ज है तो खींचते हुए डायरेक्शन में। शीट है लार्ज शीट इनफाइनाइट शीट भी कहा
जाता है इसको। अगर r डिस्टेंस पे इलेक्ट्रिक फील्ड निकालें तो σ / 2 0 नॉन कंडक्टिवली है। अगर कंडक्टिंग मटेरियल की
बनी हुई शीट है तो सिग्मा बाय एप्स 0 बनी जाएगी। इन दोनों के बीच का डिफरेंस पूछा था सीबीएसई 2024 में और एक पेपर सेट
में सीधा क्वेश्चन पूछा था कि डिराइव करके बताइए। लास्ट पार्ट शेल अंदर से खोखला या फिर कंडक्टिंग अ स्फीयर बीम हो सकता है कि
जिसमें चार्ज अंदर नहीं होता है। चार्ज कहां पर आ जाता है? सरफेस पे डिस्ट्रीब्यूट हो जाता है। तो सरफेस पे
चार्ज डिस्ट्रीब्यूट हो गया और वो चार्ज है q। तो अंदर इलेक्ट्रिक फील्ड कितनी? सरफेस पे कितनी और आउटसाइड पे कितनी? अंदर
बेटा चार्ज ही नहीं है। इलेक्ट्रिक फील्ड शून्य हो जाएगी। सरफेस पे kq / r² और आउटसाइड पे kq डिवाइड बाय छोटा r²। इस
इलेक्ट्रिक फील्ड का ग्राफ कुछ हिसाब से वेरी होगा क्योंकि इनसाइड में ज़ीरो है और आउटसाइड में r² के हिसाब से घट रही है।
परफेक्ट? अब इस पर बेस्ड एक सीबीएसई 2025 में पूछा गया क्वेश्चन है। सुनना लास्ट क्वेश्चन सुनना क्या है बात।
कंसीडर अ थ्री मेटल स्फीयर। क्या शानदार क्वेश्चन क्या शानदार क्वेश्चन मतलब इतना भयानक क्वेश्चन लेकिन एक बात याद रखना।
नाम बड़े और दर्शन छोटे हैं। जितना बड़ा क्वेश्चन होगा ना उतना सस्ता क्वेश्चन होगा। सुनना बात क्या है यहां पर। मैंने
पहले बताया कंडक्टिंग स्फीयर के लिए क्या होता है? अंदर चार्ज जो भी आप डालो वो उठ के बाहर आ जाता है। कंडक्टिंग स्फीयर के
लिए भी वैलिड है और शेल के लिए भी वैलिड है। अगर कोई पूछ ले यहां पर कंडक्टिंग स्फीयर के लिए तब भी ये बात वैलिड है।
ओके, अब सुनो यहां पर एक A, B, C तीन गोले हैं हमारे पास। स्फीयर है शेल्स हैं। जिसकी रेडियस है R, ओके? A, B, C डायग्राम
में दिख रहे हैं आपको। और इसके अंदर एक मैटेलिक बॉल है जिसकी रेडियस है R / 10। R / 10 नाम R / 10 रेडियस का यहां पर
मैटेलिक बॉल है। रेड रेड रेड आपको तीनों में सेम दिख रहा होगा। ओके सर। अब A को चार्ज दिया गया है + 6q, b को चार्ज दिया
गया है - 6q और तीसरे वाले को दिया गया है 14q। लिख लिया हमने। देयर इनर मेटल्स आल्सो गिवन अ चार्ज इस इनर मेटल को भी
चार्ज दिया है -2q पहले वाले में। दूसरे वाले में +8q और तीसरे वाले में -10q। तो पूछा है कंपेयर द मैग्नीट्यूड ऑफ़
इलेक्ट्रिक फील्ड्स ड्यू टू शेल्स A, B एंड C ऐट अ डिस्टेंस 3r फ्रॉम देयर सेंटर्स। यहां से 3r डिस्टेंस दूर हमें
निकालनी है तीनों केस में इलेक्ट्रिक फील्ड इलेक्ट्रिक फील्ड और इनका रेश्यो बताना है। इनका रेश्यो बताना है। ठीक है?
ये बात पूछी है इन्होंने कंपैरिजन पॉइंट ऑफ व्यू से। ओके। तो पहले तो सोच जरा। ये मैटेलिक स्फीयर है और ऊपर शेल है। के
चार्ज उड़ के बाहर चला जाएगा मेरे लाल। उड़ जा काले कौवे। यहां पर देख क्या है? -2Q उठ के ऊपर चला जाएगा। क्या हो जाएगा? 4Q।
ये माइनस + 8q उठ के ऊपर चला जाएगा। क्या हो जाएगा? + 8q - 4q बन जाएगा 4q। ये 10q उठ के ऊपर चला जाएगा। क्या बन जाएगा? -10q
14q बन जाएगा 4q। तो तीनों के ऊपर नेट चार्ज तो 4q 4q 4q मिल रहा है। तो अगर ऐसा एक मैटेलिक स्फीयर है जिसकी रेडियस कुछ भी
हो लेकिन फोर इसके सेंटर से 3r डिस्टेंस। हालांकि रेडियस छोटी लेते हैं लेकिन फिर भी सुन कि 3r डिस्टेंस दूर चार्ज उसका
फिक्स्ड है तीनों का। 4q जितना है और 3r डिस्टेंस दूर हमें इलेक्ट्रिक फील्ड पूछी है तो kq / r² q 4q हो जाएगा। r² छोटा r²
= 3r हो जाएगा। सिंपलीफाई करो क्या ये तीनों के लिए सेम आएगी? हां जी चार्ज सेम रेडियस भले ही अलग-अलग हो सकती है।
हालांकि रेडियस भी यहां पर सेम सेम ही दे रखी है ना। r ही दे रखी है। तो रेडियस की भी कोई चिंता बात है ही नहीं। ठीक है? 3r
डिस्टेंस दो तीनों के लिए पूछा सेम ही है इन्होंने। पूछा सेम ही है। तो आपको नेट इलेक्ट्रिक फील्ड का रेशियो मिल जाएगा ea
/ eb / ec = 1 / 1 / 1. आया? चमका बेटा चमका। अब ये जितना भी मतलब मैंने पढ़ाया उसके सारे फॉर्मूले आपको बस एक पेज में
देके जा रहा हूं। जितना हो सके उतना इसको रिवाइज करना। सारी बात मैंने बता दी है। कुछ भी नहीं छूटा है चैप्टर नंबर वन से।
अब लास्ट क्वेश्चन मैं आपको छोड़के जा रहा हूं। ये क्वेश्चन आपको करना है और कमेंट सेक्शन में आंसर देना है। ठीक है? सो दिस
इज़ ऑल फॉर। तो चैप्टर नंबर वन इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड। मिलेंगे एक नए वीडियो के साथ। टाटा बाय-बाय सी यू तैयारी करते
रहो आगे बढ़ते रहो बाय
इस चैप्टर से Section A में एक MCQ (1 अंक), Section E में एक 5 अंक का प्रश्न (जो पार्ट्स में बंटा होता है) और Section C से एक 3 अंक का प्रश्न आ सकता है। यह ट्रेंड CBSE 2024-25 के पेपरों में देखा गया है, जिससे यह चैप्टर कुल मिलाकर लगभग 9 अंकों का हो जाता है।
आवेश संरक्षण के अनुसार, किसी पृथक निकाय का कुल आवेश हमेशा स्थिर रहता है। उदाहरण के लिए, तीन समान गोलों को स्पर्श कराने पर प्रत्येक पर आवेश (q₁+q₂+q₃)/3 हो जाता है। वहीं, आवेश क्वांटीकरण के अनुसार, किसी भी वस्तु पर आवेश हमेशा 'Q = ± n·e' के रूप में होता है, जहाँ n एक पूर्णांक है और e इलेक्ट्रॉन का आवेश है। याद रखें कि केवल इलेक्ट्रॉन ही एक वस्तु से दूसरी में स्थानांतरित होते हैं, प्रोटॉन नहीं।
सममिति के आधार पर, एक-दूसरे को काटने वाले बलों या फील्ड को निरस्त कर दें। उदाहरण के लिए, यदि एक वर्ग के कोनों पर आवेश (+1μC, -2μC, +1μC, +2μC) हैं, तो केंद्र पर +4μC आवेश पर नेट बल शून्य होगा। इसी प्रकार, यदि आवेश (+q, +2q, +q, -2q) हैं, तो +q और +q एक-दूसरे को निरस्त कर देंगे, जबकि +2q और -2q मिलकर केंद्र से B से D की ओर फील्ड उत्पन्न करेंगे।
अक्षीय स्थिति पर फील्ड का परिमाण 'E_axial = 2K·p / r³' होता है और इसकी दिशा डाइपोल के अनुदिश (ऋण से धन की ओर) होती है। वहीं, भूमध्य रेखीय स्थिति पर फील्ड का परिमाण 'E_eq = K·p / r³' होता है, जो अक्षीय स्थिति की तुलना में आधा होता है, और इसकी दिशा डाइपोल के विपरीत होती है (इसलिए इसे ऋण चिन्ह के साथ लिखा जाता है)।
एकसमान बाह्य फील्ड में रखे डाइपोल पर नेट बल हमेशा शून्य होता है, क्योंकि दोनों आवेशों पर समान और विपरीत बल लगते हैं। हालांकि, उस पर एक बल आघूर्ण 'τ = p × E = p·E·sinθ' लगता है, जो इसे घुमाने का प्रयास करता है। स्थिर साम्यावस्था (θ=0°) पर बल आघूर्ण शून्य होता है, जबकि θ=90° पर अधिकतम बल आघूर्ण (τ_max = p·E) लगता है।
अनंत आवेशित चादर के लिए, एक बेलनाकार गॉसियन सतह का उपयोग करके फील्ड 'E = σ / 2ε₀' (गैर-चालक) प्राप्त होता है। पतले गोलीय कोश के लिए, कोश के अंदर (r < R) फील्ड शून्य होती है, जबकि बाहर (r > R) यह 'E = kQ / r²' होती है, मानो सारा आवेश केंद्र पर केंद्रित हो। ये दोनों व्युत्पत्तियाँ CBSE परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
यदि फील्ड केवल एक दिशा (जैसे X-दिशा) में बदल रही हो, तो घन की उस दिशा के लंबवत सतहों (Y और Z दिशा वाली) से कोई फ्लक्स नहीं होगा। केवल X-दिशा की दो सतहों पर फील्ड और क्षेत्रफल की दिशा का ध्यान रखते हुए फ्लक्स की गणना करें। उदाहरण के लिए, यदि 'E = 5x² + 2' है, तो x=0 पर E₁=2 N/C और x=0.1 पर E₂=2.05 N/C होगा, और नेट फ्लक्स 'Φ_net = (E₂ - E₁)·A' से ज्ञात होगा।
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