विद्युत (Electricity) क्लास 10 वन शॉट: संपूर्ण अध्याय सारांश
इस वीडियो में हम कक्षा 10 के विज्ञान अध्याय 'विद्युत (Electricity)' को एक ही बार में पूरा समझेंगे। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और छात्रों द्वारा अक्सर कठिन समझा जाने वाला अध्याय है। आइए, इसे सरल और रोचक बनाते हैं।
मुख्य अवधारणाएँ
1. आवेश (Charge)
- आवेश पदार्थ का एक गुण है।
- यह दो प्रकार का होता है: धनात्मक (प्रोटॉन पर) और ऋणात्मक (इलेक्ट्रॉन पर)।
- समान आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि असमान आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- SI मात्रक: कूलॉम (C)
- आवेश का क्वाण्टीकरण: कोई भी आवेश सदैव एक मूल आवेश (एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश) का पूर्ण गुणज होता है। सूत्र: q = ne (जहाँ n एक प्राकृतिक संख्या है, e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C)
- अधिक जानकारी के लिए, कक्षा 12 भौतिकी: विद्युत आवेश और क्षेत्र का विस्तृत वन शॉट (L1) देखें जो आवेश की मूल अवधारणा को और अधिक गहराई से समझाता है।
2. विद्युत धारा (Electric Current)
- परिभाषा: आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं।
- सूत्र: I = Q / t (जहाँ I धारा है, Q आवेश है, और t समय है)
- SI मात्रक: एम्पियर (A)
- दिशा: परंपरागत रूप से, धारा की दिशा धनात्मक आवेश के प्रवाह की दिशा मानी जाती है, जो इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दिशा के विपरीत होती है।
- इस अवधारणा को सरल हिंदी में समझने के लिए, समझें: वोल्टेज, करंट और रेजिस्टेंस पढ़ें।
3. विभवांतर (Potential Difference)
- परिभाषा: किसी एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किए गए कार्य को उन दो बिंदुओं के बीच विभवांतर कहते हैं।
- सूत्र: V = W / Q (जहाँ V विभवांतर है, W कार्य है, और Q आवेश है)
- SI मात्रक: वोल्ट (V)
- मापक यंत्र: वोल्टमीटर (समांतर क्रम में जोड़ा जाता है)
4. प्रतिरोध (Resistance) और ओम का नियम
- प्रतिरोध (R): किसी चालक का वह गुण जो उसमें आवेश के प्रवाह का विरोध करता है।
- SI मात्रक: ओम (Ω)
- ओम का नियम: यदि किसी चालक का तापमान स्थिर रहे, तो उसके सिरों पर लगाया गया विभवांतर (V) उसमें प्रवाहित होने वाली धारा (I) के अनुक्रमानुपाती होता है।
- सूत्र: V = I · R
- ग्राफ: V और I के बीच का ग्राफ एक सरल रेखा (origin से होकर गुजरने वाली) होता है। इस रेखा का ढाल (slope) प्रतिरोध (R) को दर्शाता है।
- यदि आप इन अवधारणाओं को और अधिक विस्तार से समझना चाहते हैं, विशेषकर NEET परीक्षा की तैयारी के लिए, तो NEET 2025 के लिए धारा विद्युत का व्यापक अवलोकन और विद्युत को समझना: धारा, विभवांतर और प्रतिरोध के मूल सिद्धांत नोट्स जरूर पढ़ें।
5. प्रतिरोधकता (Resistivity)
- परिभाषा: यह किसी पदार्थ का वह गुण है जो प्रतिरोध प्रदान करने की उसकी क्षमता बताता है।
- सूत्र: R = ρL / A (जहाँ ρ प्रतिरोधकता है, L चालक की लंबाई है, और A अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है)
- SI मात्रक: ओम-मीटर (Ωm)
- प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक:
- लंबाई (L) के अनुक्रमानुपाती
- अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (A) के व्युत्क्रमानुपाती
- पदार्थ की प्रकृति (ρ)
- तापमान
6. श्रेणी और समांतर क्रम में प्रतिरोध
- श्रेणी क्रम (Series): प्रतिरोधों को एक सिरे से दूसरे सिरे तक जोड़ने का तरीका।
- समतुल्य प्रतिरोध (Rs) = R₁ + R₂ + R₃ + ...
- गुण: सभी प्रतिरोधों में धारा (I) समान रहती है, परंतु विभवांतर (V) विभाजित हो जाता है।
- समांतर क्रम (Parallel): प्रतिरोधों को इस प्रकार जोड़ना कि उनके सभी एक सिरे एक बिंदु पर और दूसरे सिरे दूसरे बिंदु पर जुड़े हों।
- समतुल्य प्रतिरोध (1/Rp) = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + ...
- गुण: सभी प्रतिरोधों पर विभवांतर (V) समान रहता है, परंतु धारा (I) विभाजित हो जाती है।
7. उदाहरण सहित अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: यदि किसी चालक में 10 एम्पियर की धारा 2 मिनट तक प्रवाहित होती है, तो:
- (a) प्रवाहित आवेश की मात्रा ज्ञात करें।
- (b) यदि एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश 1.6 × 10⁻¹⁹ C है, तो प्रवाहित इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या ज्ञात करें।
हल:
- (a) I = Q / t => Q = I · t = 10 A × (2 × 60 s) = 1200 C
- (b) q = ne => n = q / e = 1200 / (1.6 × 10⁻¹⁹) = 7.5 × 10²¹ इलेक्ट्रॉन
प्रश्न 2: दो तारों A और B की लंबाई और प्रतिरोध समान हैं। यदि तार A की प्रतिरोधकता तार B से अधिक है, तो कौन सा तार अधिक मोटा (thicker) होगा?
हल:
- सूत्र R = ρL / A का उपयोग करते हुए, चूँकि R और L समान हैं, इसलिए ρ ∝ A.
- अतः जिस तार की प्रतिरोधकता (ρ) अधिक है, उसका अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A) भी अधिक होगा, अर्थात तार A अधिक मोटा होगा।
- भौतिकी के बुनियादी नियमों जैसे बल और जड़त्व को समझने के लिए, क्लास 9 फिजिक्स: बल और जड़त्व के नियम विस्तार से समझें नोट्स देखें।
मेरे पीछे वो जो आंटी का पर्स दिख रहा है ना भाई वो आंटी का पर्स नहीं है। मैं जब छोटा था तो मुझे ये लगता था यार वो आंटी
का पर्स है। नहीं वो आंटी का पर्स नहीं होता। वो असल में इस वायर की एक्सटेंशन केबल होती है जो कि राउंड राउंड राउंड
राउंड करके उसके अंदर बंद होती है। ठीक है ना? समझ गए ना? अच्छा दूसरा सवाल यार मैं ये सोचता था कि यार जब भी कभी चिड़िया
बैठती है डाल के ऊपर तो कोई दिक्कत नहीं। लेकिन जब वो तार के ऊपर बैठती है तो उसको करंट क्यों नहीं लगता यार? तो करंट इसलिए
नहीं लगता क्योंकि ये जो वायर है ना ये पूरी वायर में इसके जो दोनों पैर आ के टच होते हैं ये दोनों सेम पोटेंशियल पर आकर
के टच होते हैं। देखो पोटेंशियल डिफरेंस अगर होगा तो ही तो करंट फ्लो करेगा ना। तो इसके पैर वन और पैर टू दोनों पैरों के बीच
में पोटेंशियल का डिफरेंस बहुत कम होता है जिसकी वजह से करंट फ्लो नहीं करता है। पोटेंशियल डिफरेंस नहीं होगा तो करंट भी
नहीं फ्लो करेगा। इसलिए चिड़िया बच जाती है। हां भाई, तो लगाना इंटरेस्टिंग फैक्ट। ऐसी इंटरेस्टिंग चीजों को जानने के लिए
यानी कि एक इलेक्ट्रिसिटी नाम के चैप्टर को पढ़ने के लिए चलते हैं क्लास रूम के अंदर। आओ फटाफट से। वेलकम, वेलकम, वेलकम,
चैप्टर का नाम है इलेक्ट्रिसिटी और कर देंगे इसको आज वन शॉट में खत्म। आज इस वन शॉट के अंदर ना सिर्फ आपको हर एक कांसेप्ट
बिल्कुल अच्छे से प्रिसाइज़ली समझने को मिलेगा। साथ ही साथ हम बहुत सारे क्वेश्चंस की, बहुत सारे न्यूमेरिकल की
प्रैक्टिस भी करने वाले हैं। इलेक्ट्रिसिटी से लगता है सबसे ज्यादा डर क्लास 10थ के बच्चों को। यह बात मैं पास्ट
एक्सपीरियंस से समझता हूं। इसीलिए आप लोग को बिल्कुल भी दिक्कत नहीं आएगी। ऐसा एक वन शॉट इलेक्ट्रिसिटी का वो भी डिटेल
जिसके अंदर आपको हर एक चीज की रिक्वायरमेंट फुलफिल होगी। यानी इसके अलावा तुझे कुछ भी और देखने की जरूरत नहीं
है। अगर आपने यह लेक्चर ढंग से फॉलो कर लिया। मेरी बात ढंग से मान ली तो आपको कहीं भी कुछ भी और इलेक्ट्रिसिटी में
देखने की जरूरत नहीं है। मैं सारे कांसेप्ट्स कवर करवाऊंगा। मैं हर एक कांसेप्ट्स की डिटेलिंग जो भी है, जो भी
एग्जाम पर्सपेक्टिव से जरूरी है, वह आपको बताने वाला हूं। साथ ही साथ हर कांसेप्ट पर हम लोग सवाल करेंगे। प्रीवियस ईयर
क्वेश्चंस करेंगे, सवालों की प्रैक्टिस करेंगे। सब कुछ मिलने वाला है आपको इस एक लेक्चर के अंदर। तो इसके अलावा कहीं भी और
जाने की जरूरत नहीं है। बहुत ही डिमांडिंग चैप्टर है बच्चों के लिए इलेक्ट्रिसिटी। क्योंकि यार मुझे भी पता है कि ये चैप्टर
कुछ कम ही समझ में आता है बच्चों को। तो मैं अपनी तरफ से पूरी ट्राई करूंगा कि आप लोग को इलेक्ट्रिसिटी में बिल्कुल भी
प्रॉब्लम ना आए। इस एक लेक्चर को देखने के बाद तू चाहे तो एनसीईआरटी कर सकता है खुद से सारी की सारी। तू चाहे तो एग्जांपलर कर
सकता है खुद से सारी की सारी। तो ये एक लेक्चर ऐसा होगा कि इसके बाद कुछ भी और करने की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी। सीधा
जाकर के आप सवालों को अटेम्प्ट कर सकते हो। बिना टाइम वेस्ट किए स्टार्ट करते हैं हम लोग अपनी इलेक्ट्रिसिटी का चैप्टर। आज
हम इसके अंदर क्या पढ़ने वाले हैं? भाई सारे के सारे टॉपिक्स देखेंगे। शुरू होता है चार्ज से। फिर आता है करंट। फिर आता है
पोटेंशियल डिफरेंस। उसके बाद आता है रेजिस्टेंस। फिर आता है ओम्स लॉ। फिर आती है रेजिस्टेंस की डिपेंडेंसीज। उसके बाद
रेजिस्टिविटी। उसके बाद सीरीज एंड पैरेलल। सीरीज एंड पैरेलल के बाद हम करेंगे ढेर सारे सीरीज एंड पैरेलल के सवाल जो कि
ट्रिक्स के साथ आपको बताऊंगा और बहुत ईजीली हो जाएंगे। इसके बाद हम लोग हीटिंग इफेक्ट करेंगे, पावर करेंगे और साथ ही साथ
बहुत सारे इंपॉर्टेंट सवालों को भी मैं लेकर के आया हूं जो कहीं ना कहीं पास्ट ईयर में बच्चों को मिले हैं और आगे आने
वाले एग्जाम्स में भी प्रोबेबल क्वेश्चंस होंगे। ये सब कुछ कर लेने के बाद आप सीधा जाकर के एनसीईआरटी के सवालों को तोड़फोड़
सकते हो। आपके कुछ भी डाउट्स अगर होंगे तो आप कमेंट सेक्शन के अंदर डालिएगा। मैं पर्सनली पूरा का पूरा कमेंट सेक्शन मॉनिटर
करता हूं। मैं देखता हूं कि बच्चे क्या कमेंट्स कर रहे हैं। बच्चों की क्या डिमांड्स हैं। इलेक्ट्रिसिटी पर डिमांड
बहुत हाई थी। इसलिए सबसे पहले इलेक्ट्रिसिटी को लेकर के आया। बाकी जो भी आपकी प्रॉब्लम्स रहेंगी, डाउट्स रहेंगे
सीधा कमेंट सेक्शन में डालिएगा। मैं उसको एड्रेस करूंगा। चलिए शुरू करते हैं बिना टाइम वेस्ट किए हम अपने चैप्टर
इलेक्ट्रिसिटी को। स्टार्टिंग होती है चार्ज के साथ। चार्ज के बारे में कहा जाता है कि चार्ज
एक मैटर की प्रॉपर्टी है। जी हां, जैसे मैटर की और प्रॉपर्टीज भी होती है मास। जैसे मैटर की और प्रॉपर्टीज भी होती है
वॉल्यूम। है ना भाई? आपने सुना ही होगा। मास इज द वन व्हिच मैटर इज द वन व्हिच हैज़ मास एंड ऑक्युपाई स्पेस। साथ ही साथ मैटर
इज द वन व्हिच हैज़ चार्ज। यहां लिखा हुआ है चार्ज इज़ द प्रॉपर्टी एसोसिएटेड विद मैटर। ये मैटर के साथ एक एसोसिएटेड
प्रॉपर्टी है जिसका नाम चार्ज है। ये चार्ज दो प्रकार के होते हैं। पॉजिटिव और नेगेटिव। पॉजिटिव चार्ज आपको प्रोटॉन में
फंडामेंटली मिलता है। इसके अंदर भी होता है। लेकिन अब उसके अंदर की बातें 12थ लेवल के ऊपर चली जाएंगी। तो हम काम की बात करते
हैं। फंडामेंटली आपको पॉजिटिव चार्ज प्रोटॉन के पास मिलता है। नेगेटिवली चार्ज्ड इलेक्ट्रॉन के पास मिलता है। यही
दो चार्ज आपके सिलेबस में होते हैं। और यही दो चार्ज नेचर में भी होते हैं। दो चार्जेस अगर अपोजिट नेचर के होंगे तो
अट्रैक्ट करेंगे। सेम नेचर के होंगे तो रिपेल करेंगे। बहुत ईजी सी बात है। ठीक? एसआई यूनिट जो चार्ज की होती है वो कूलॉम
होती है और कूलॉम को C से डिनोट किया जाता है। इसके अलावा कुछ छोटी यूनिट्स भी होती हैं चार्ज की जैसे कि 1 मिली कूलॉम व्हिच
इज 10 की पावर -3 कूलॉम एंड वन माइक्रो कूलॉम 10 की पावर -6 कूलम। हर एक चीज बहुत शॉर्ट में और बहुत प्रिसाइज समझा रहा हूं।
आप इसको साथ के साथ नोट भी करते जाइएगा। अपना कॉपी और पेन एकदम निकाल करके रखो भाई। ठीक है? अच्छा। कूलम को हम लोग C से
डिनोट करते हैं और चार्ज की डिनोशन होती है q से। से यानी चार्ज को शॉर्ट फॉर्म में लिखना होगा तो हम q से लिखेंगे। कूलम
को शॉर्ट फॉर्म में लिखा होगा तो कैपिटल सी से लिखेंगे। इसके अलावा एक वेरी वेरी इंपॉर्टेंट प्रॉपर्टी आती है चार्ज की
जिसको बोलते हैं क्वांटाइजेशन। एक बार फिर से मेरे साथ दोहराना क्या वर्ड है? क्वांटाइजेशन। क्वांटा का मतलब होता है
पैकेट्स बनाना। और क्वांटाइजेशन का मतलब हो गया पैकेट्स बनाने की प्रक्रिया। पैकेट्स बनाने का प्रोसेस। अब पैकेट्स किस
बात के पैकेट्स? ये कौन से पैकेट्स की बात हो रही है? तो बात हो रही है चार्ज के पैकेट्स की। देखो क्वांटाइजेशन किसका है?
चार्ज का है। चार्ज का पैकेट बनाने का मतलब क्या है? भाई चार्ज का पैकेट बनाने का मतलब ये है कि अगर आपको चार्ज कहीं पे
ट्रांसफर करना है, चार्ज कहीं से लेके आना है या चार्ज कहीं से देना है। भाई कहीं से कहीं चार्ज जाएगा या कहीं से कहीं चार्ज
आएगा। अगर ये आपको करना है तो ये पैकेट्स के फॉर्म में ही होता है। और वो एक पैकेट एक इलेक्ट्रॉन का चार्ज होता है। यानी द
स्मालेस्ट पैकेट ऑफ चार्ज इज़ व्हाट? वन इलेक्ट्रॉन। स्मालेस्ट पार्टिकल ऑफ चार्ज। स्मालेस्ट पैकेट ऑफ चार्ज इज कॉल्ड वन
इलेक्ट्रॉन का चार्ज। और वन इलेक्ट्रॉन का चार्ज यहां पर लिखा हुआ है। सभी बच्चे इसको जरूर नोट करेंगे। इट इज 1.6 टाइम्स
10 टू दी पावर नेगेटिव ऑफ़ 19 यानी 1.6 * में 10 की घात -19। ठीक है ना? हिंदी में भी बोल दिया। इंग्लिश में बोल दिया। साथ
में कूलॉम भी लिखा हुआ है। ये याद होना चाहिए आपको कि एक इलेक्ट्रॉन पर कितना चार्ज होता है। ठीक है? अच्छा लिखा क्या
हुआ यहां पर? देखो द स्मालेस्ट चार्ज दैट कैन एग्ज़िस्ट इन नेचर। इससे छोटा चार्ज आपको नहीं मिलेगा। द स्मालेस्ट चार्ज
अवेलेबल इज़ वन इलेक्ट्रॉन का चार्ज। अगर आपको इससे ज्यादा चाहिए तो दो इलेक्ट्रॉन लगेंगे भाई। उससे ज्यादा चाहिए तो तीन
इलेक्ट्रॉन लगेंगे। उससे ज्यादा चाहिए तो चार लगेंगे। उससे ज्यादा चाहिए तो पांच लगेंगे। यानी अगर आपको चार्जेस बढ़ाते जाना
है क्वांटिटी तो वो इलेक्ट्रॉन के टर्म्स में ही बढ़ेगी। मेरी बात समझे? इलेक्ट्रॉन ही वो मल्टीपाइंग फैक्टर होगा हमेशा नंबर
के साथ। इलेक्ट्रॉन का चार्ज ही वो मल्टीपाइंग फैक्टर होगा नंबर के साथ और आपको चार्ज का स्टेप अप होता चला जाएगा।
आप चाहते हो ज्यादा चार्ज लेना तो टू से मल्टीप्लाई कर देना इसी वैल्यू को। आप चाहते हो उससे ज्यादा लेना, थ्री से
मल्टीप्लाई कर देना। आप चाहते हो उससे ज्यादा लेना, चार से मल्टीप्लाई पांच से मल्टीप्लाई, छह से मल्टीप्लाई। ऐसे कोई भी
नेचुरल नंबर आप रख सकते हो। तो यानी यहां पर लिखा हुआ है देखो q = +- ne प्लस आता है पॉजिटिव के लिए। यानी कि प्रोटॉन के
लिए, नेगेटिव आता है इलेक्ट्रॉन के लिए। ठीक बात है? और n * e कर रखा है। e का मतलब क्या है? e का मतलब वन इलेक्ट्रॉन का
चार्ज। साथ में उसको n से मल्टीप्लाई कर रखा है। n कुछ भी हो सकता है। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 कोई भी नेचुरल
नंबर टिल इंफिनिटी। समझ गए ना भाई? करोड़ों-करोड़ों अरबों-अरबों जितने भी इलेक्ट्रॉन्स यहां पर हो वो रखने हैं आपने
यहां पर। मल्टीप्लाई कर देना है एक इलेक्ट्रॉन के चार्ज के साथ। आपको टोटल चार्ज मिल जाएगा। ठीक है? आइए चलते हैं।
ये चार्ज जब मोशन करता है तब क्या बात होती है? तो उसे बोलते हैं करंट। जब भी कभी किसी वायर में चार्ज मोशन करना चालू
करता है तब करंट बनता है। और करंट को एक्चुअली में डिफाइन कैसे करते हैं? एक बार फटाफट से देखो। करंट इज द रेट ऑफ फ्लो
ऑफ़ चार्ज पर यूनिट टाइम। मतलब आपको ऊपर रखना है चार्ज। डिवाइड करना है टाइम से। याद करो स्पीड भी ऐसी ही थी। हम स्पीड
पढ़ते थे नाइंथ क्लास के अंदर। वो था रेट ऑफ डिस्टेंस ट्रेवल्ड पर यूनिट टाइम। तो डिस्टेंस अपॉन में टाइम करते थे। है ना
याद? एक्सीलरेशन क्या था? रेट ऑफ चेंज ऑफ वेलोसिटी। वेलोसिटी का चेंज डिवाइड बाय टाइम। जब भी रेट वर्ड आएगा ना, ध्यान रखना
इस बात का। जब भी ये रेट वर्ड आएगा ना, आपको टाइम से डिवाइड करना होगा। इट इज़ एक्चुअली टाइम रेट। ये जो रेट वर्ड आता है
ना बेटा, ये टाइम रेट के लिए आ रहा है। ठीक है? और देखो यहां पर फार्मूला में क्या कर रखा है? टाइम से डिवाइड कर रखा
है। T फॉर टाइम और Q फॉर चार्ज। दोनों को डिवाइड कर दिया। क्या मिल गया आपको? करंट मिल गया। फार्मूला रटने की जरूरत नहीं है
भाई। कांसेप्ट समझने की जरूरत है। अगर आप कांसेप्ट समझ गए हो। फार्मूला रटा अपने आप ही जाएगा। अपने आप ही आपको फार्मूला समझ
में आ जाएगा कि क्या था। तो याद रखना करंट का मतलब रेट ऑफ फ्लो ऑफ़ चार्ज यानी कितना चार्ज फ्लो कर रहा है पर यूनिट टाइम। तो
अमाउंट ऑफ चार्ज आया ऊपर और टाइम आया नीचे। अमाउंट ऑफ चार्ज आया ऊपर और टाइम आया नीचे। ठीक है ना? इसकी यूनिट कैसे
बनेगी? देखो चार्ज की यूनिट होती है कूलम। तो c से लिखा हुआ है। टाइम की होती है सेकंड्स। तो ऐसे लिखा हुआ है। तो कूलम पर
सेकंड बोल सकते हैं या फिर इसको एंपियर भी बोल सकते हैं। तो कूलम पर सेकंड बोले या फिर एंपियर बोले। तो लिखा हुआ है एसआई
यूनिट ऑफ करंट क्या होती है बेटा? एंपियर होती है। समझ गए ना? एक बात का और ध्यान रखना कि अगर वायर के अंदर इलेक्ट्रॉन
लेफ्ट से राइट फ्लो कर रहे हैं तो हम करंट को बोलते हैं कि करंट राइट टू लेफ्ट फ्लो कर रहा है। इलेक्ट्रॉन के फ्लो के उल्टे
फ्लो को करंट बोलते हैं। उल्टा क्यों मानते हैं? तो भाई ये परंपरा से मानते आए हैं। ट्रेडिशनली ऐसा मानते आए हैं। पूर्वज
ऐसा मानते थे हमारे। बस उसी को कंटिन्यू कर रहे हैं। तो इस बात का ध्यान रखना कि डायरेक्शन ऑफ करंट जो होती है, करंट की जो
डायरेक्शन होगी वो अपोजिट होगी टू द डायरेक्शन ऑफ फ्लो ऑफ इलेक्ट्रॉन। यानी कि अगर आप किसी वायर में ऐसा बोलो कि
इलेक्ट्रॉन फ्लो कर रहे हैं ऐसे तो भाई करंट फ्लो कर रहा है ऐसे। ठीक है ना? करंट की दिशा ये होगी। इलेक्ट्रॉन की डायरेक्शन
ये होगी। ठीक बात? आगे बढ़ता हूं। दो फार्मूले आप लोगों ने देख लिए। एक देखा q = ne दूसरा देखा I = q / t आइए दोनों को
यूज करके एक क्वेश्चन की प्रैक्टिस करते हैं। मैं सारे सवाल जो लेकर के आया हूं बेहतरीन लेवल के आपको सवाल मिलेंगे। मैंने
बोला ना इसके अलावा आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तो तू बस ट्रस्ट कर। तू बस विश्वास कर कि जो सवाल मैं करवा रहा
हूं और जो सवाल तू कर रहा है दैट इज मोर दैन सफिशिएंट। आइए एक बार ये सवाल देखते हैं। आपको मजा आएगा। लिखा हुआ है करंट है
10 एंपियर का फ्लोस थ्रू अ कंडक्टर फॉर 2 मिनट्स। देखो भाई ध्यान से देखना। यहां पर 2 मिनट की चर्चा है। यहां पर 2 मिनट्स की
बात हो रही है और करंट है 10 एंपियर। अगर मैं गिवन लिखना चाहूं। कैलकुलेट द अमाउंट ऑफ चार्ज पूछा है आपसे। है ना? अगर मैं
सबसे पहले करंट गिवन लिखना चाहूं तो करंट गिवन कितना है? 10 एंपियर है। ठीक है? टाइम कितना गिवन है? टाइम गिवन है 2 मिनट।
अब मिनट को सेकंड में कैसे चेंज करेंगे? 60 से इंटू करके करना ही पड़ेगा बेटा। एसआई यूनिट में तो कन्वर्ट करना ही
पड़ेगा। उसके बिना काम नहीं बनेगा। ठीक है ना? तो 2 * 60 करेंगे। क्या आ जाएगा बेटा? ये आ जाएगा 120 सेकंड्स। कोई दिक्कत? 120
सेकंड आ जाएगा ये। ठीक बात है ना? 120 सेकंड आ गया ये। अब करंट आ गया 10 एंपियर। टाइम आ गया 120। क्या आप चार्ज निकाल सकते
हो? कैलकुलेट द अमाउंट ऑफ चार्ज? कैन यू कैलकुलेट द अमाउंट ऑफ चार्ज? क्या आप अमाउंट ऑफ चार्ज निकाल सकते हो? कैसे
निकलेगी अमाउंट ऑफ चार्ज? आपसे q पूछा गया है। कैसे निकालोगे? तो फार्मूला लगाएंगे। I = Q / T I = Q / T देखा था ना ये
फार्मूला अभी-अभी देखा है। देखो अभी-अभी देखा है। I = Q / T बस इसी को यूज़ करना है आपने। ठीक है ना? I = Q / T I कितना है?
10 है। यहां पे 10 रख दो। Q आपको निकालना है। छोड़ दो। टाइम कितना है? 120 वो नीचे रख दो। 120 गया 10 से मल्टीप्लाई होने के
लिए। यहां से चार्ज आ जाएगा बेटा। 1200 कूलम। 1200 कूलॉम। ये आपका आंसर है। फर्स्ट पार्ट का आंसर हो गया। सेकंड पार्ट
पर चलें। आ जाओ। आ जाओ। सेकंड पार्ट पे चलते हैं। सेकंड पार्ट में वो क्या कह रहा है पता है? वो कह रहा है सेकंड पार्ट में
कि भाई चार्ज एक इलेक्ट्रॉन का इतना है। कितना है? 1.6 * 10 की पावर -19। अच्छा जी। अच्छा जी। 1.6 * 10 की पावर -19 क्या
है? एक इलेक्ट्रॉन का चार्ज है। कह रहा है कैलकुलेट द टोटल नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स फ्लोइंग। आपको नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन निकालने
हैं। नंबर वाला फार्मूला कौन सा था? ऐसा कौन सा फार्मूला था जिसमें इलेक्ट्रॉन्स के नंबर निकाले जा सकते थे? मैं आपको दिखा
देता हूं। मैं आपको दिखा देता हूं। हम यह वाला फार्मूला यूज़ कर सकते हैं। है ना? q = ne
q = ne e अब q बताओ कितना आया था हमारा? सर, q आया था 1200. यहां पे 1200 रख दो। यहां पे हमने 1200 रख दिया। n तो n है।
यानी कि नंबर और e है एक इलेक्ट्रॉन का चार्ज। वो कितना होता है? तो एक इलेक्ट्रॉन का चार्ज देखो यहां पे लिखा
हुआ है 1.6 * 10 की पावर -19 ये याद हो जाना चाहिए बेटा। तो यहां पर इसको रखेंगे 1.6 * 10 की पावर -19 इसे ले जाएंगे
डिवाइड में। ठीक है? इसे ले जाओ डिवाइड में और कैलकुलेट कर लो। आओ कैलकुलेट करके दिखाता हूं। क्या आएगा भाई? ऊपर 1200 है।
नीचे 1.6 * 10 की पावर -1 19 है। तो इसको थोड़ा सा सुधारते हैं। तरीके से काम करते हैं। ठीक? इस 10 की पावर -19 को ऊपर लेके
जाता हूं। बन जाएगा 10 की पावर +19। ठीक है? देखते जाना। ये 1200 हो गया। ये 10 की पावर +19 हो
गया। डिवाइड में क्या है? 1.6 है। अब इस पॉइंट को हटाया। एक 10 ऊपर ले के आया। है ना? इस पॉइंट को हटाया। एक 10 ऊपर ले के
आया। अब कटिंग करनी चालू कर दो भाई इसकी। काटो जरा इसको। टू 8 = 16, 2 * 5 = 10, 2 * 4 = 8, यह 600 हो गया। 2 * 2 = 4 ये 300
हो गया। 2 * 1 = 2 ये 150 हो गया। बस लिख दो फाइनल आंसर कितना है? 150 * 5 15 * 5 = 75 यानी कि 75 और साथ में एक जीरो और है।
यानी हम इसे लिख सकते हैं 750 * 10 की पावर 19 या फिर आप इसको लिख सकते हो। आप इसे लिख सकते हो 7.5
* 10 की पावर देखो एक जीरो ये था तो 19 का 20 बन जाएगा और एक पॉइंट नीचे लगा है तो एक और 10 ऊपर मल्टीप्लाई होगा यानी ये हो
जाएगा 19 20 21 इतने सारे इलेक्ट्रॉन 7.5 * 10 की पावर 21 इलेक्ट्रॉन्स
मिलकर के बनाएंगे इतना चार्ज 1200 कूलम का चार्ज आया समझ में ये करना था बस क्लियर बात आगे बढूं आगे बढ़ते हैं
नेक्स्ट चलते हैं हम लोग पोटेंशियल डिफरेंस पर। देखो भाई, पोटेंशियल डिफरेंस का मतलब होता है एक्चुअली में कि बैटरी
कितना वर्क डन कर रही है। ठीक है ना? सीधी सरल बात बताता हूं जो भेजे में जाके एकदम सेट हो जाएगी। और मेरी खासियत ही यही है
कि जब मैं एक लाइन में कोई कांसेप्ट बताता हूं वो वो एक लाइन में जाकर के दिमाग में छप जाता है और हमेशा के लिए छपा रहता है।
तो पोटेंशियल डिफरेंस का सीधा मतलब है भाई वर्क डन करना। बाय द बैटरी ऑन द चार्ज। क्या करने के लिए? उसे घुमाने के लिए
सर्किट में। आपको पता है इलेक्ट्रॉन के ऊपर चार्ज है। अरे है या नहीं है? है ना भाई? इलेक्ट्रॉन पर चार्ज है ना? तो चार्ज
पर जो बैटरी धक्का लगाती है, धक्का कैसे लगता है? ये देखो। बैटरी का एक टर्मिनल पॉजिटिव होता है। ये उसके अंदर की
केमिस्ट्री है। उसका एक टर्मिनल क्या होता है? पॉजिटिव। दूसरा टर्मिनल क्या होता है? नेगेटिव। तो नेगेटिव वाली साइड से
इलेक्ट्रॉन को धक्का पड़ता है। वो घूमने लगता है। पॉजिटिव वाली साइड से इलेक्ट्रॉन को अट्रैक्ट कर लेता इलेक्ट्रॉन अट्रैक्ट
हो जाता है। इस तरीके से इलेक्ट्रॉन घूमना चालू करता है। तो जब इलेक्ट्रॉन ऐसे घूमेगा देखना जरा। देखना जरा भाई। जब
इलेक्ट्रॉन ऐसे घूमेगा, ऐसे घूमेगा तो करंट कैसे घूमेगा? करंट ऐसे घूमेगा। ये मैंने आपको बताया हुआ है कि इलेक्ट्रॉन का
फ्लो अगर ऐसा है तो करंट का फ्लो उसका उल्टा है। ये देखो ये करंट का फ्लो है। क्या समझ में आ गई बात? और करंट का फ्लो
हमेशा हायर पोटेंशियल से लोअर पोटेंशियल ही होता है। यानी बैटरी का पॉजिटिव टर्मिनल इज कॉल्ड हाई पोटेंशियल। नेगेटिव
टर्मिनल इज़ कॉल्ड लो पोटेंशियल। तो हमेशा याद रखना, हमेशा याद रखना कि करंट हायर पोटेंशियल से लोअर पोटेंशियल ही मूव करेगा
क्योंकि करंट एक पॉजिटिव एंटिटी है। कोई भी पॉजिटिव एंटिटी कोई भी पॉजिटिव चीज अगर होती है तो वो हायर से लोअर ही चलती है।
कोई नेगेटिव होगी तो वो लोअर से हायर चलेगी। जैसे इलेक्ट्रॉन नेगेटिव है। अरे भाई इलेक्ट्रॉन नेगेटिव एंटिटी है ना। तो
वो हमेशा नेगेटिव से पॉजिटिव चलेगा। और करंट एक पॉज़िटिव एंटिटी है। तो वो हमेशा पॉज़िटिव से नेगेटिव चलेगा। इतनी बात आप
दिमाग में बैठा लो। अब आते हैं पोटेंशियल डिफरेंस की बात पर। तो मैंने आपसे कहा कि पोटेंशियल डिफरेंस होता है कितना वर्क डन
किया गया है? कितना वर्क डन किया गया है? यानी पोटेंशियल डिफरेंस इज़ नथिंग बट वर्क डन। पर किस पे किया है? चार्ज पे। ध्यान
से सुनना। पोटेंशियल वर्क डन इक्वल ही है। जब चार्ज वन कूलॉम
का है। ठीक है ना? व्हेन चार्ज इज़ वन कूलंब, तो हम बोलेंगे कि पोटेंशियल और वर्क डन क्या है? इक्वल ही है। तो
पोटेंशियल इज़ नथिंग बट इट इज़ वर्क डन पर यूनिट चार्ज। चार्ज को उससे डिवाइड कर दिया। यहां पर देखो लिखा भी हुआ है। पढ़ना
एक बार मेरे साथ-साथ। वोल्टेज और पोटेंशियल डिफरेंस बिटवीन टू पॉइंट्स। दो पॉइंट्स में अगर पोटेंशियल डिफरेंस है। दो
पॉइंट्स में अगर पोटेंशियल डिफरेंस है तो इसका मतलब ये अमाउंट है। अमाउंट ऑफ वर्क डन इन मूविंग अ यूनिट चार्ज। यूनिट चार्ज
का मतलब होता है 1 कूलम का चार्ज। देखो ब्रैकेट में लिखा भी हुआ है। यूनिट चार्ज का मतलब 1 कूलॉम के चार्ज पर कितना वर्क
डन किया है उसे मूव करने में एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट। ठीक है? ये डेफिनेशन आपके पास नोटेड होनी चाहिए अपनी कॉपी में कि
भाई वर्क डन 1 कूलम के चार्ज पर कितना हो रहा है एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट ले जाने में। ठीक है ना? तो यहीं से देखो। w / q
ही बन गया ना वोल्टेज। तो फार्मूला देखो क्या है? वर्क डन अपॉन में चार्ज। वोल्टेज का फार्मूला क्या है? वर्क डन डिवाइड बाय
चार्ज। वर्क डन जूल से उसकी यूनिट जूल है। जूल में कैलकुलेट होता है। चार्ज कूलम में कैलकुलेट होता है। और वोल्ट मतलब जो
वोल्टेज है वो वोल्ट के अंदर कैलकुलेट होगी। तो इसकी यूनिट भी आप लोगों ने नोट कर लेनी है साथ के साथ। ठीक है ना भाई?
देखो लिखा हुआ है। इलेक्ट्रॉन फ्लोस फ्रॉम लोअर टू हायर। देखो साफ-साफ लिखा हुआ है। इलेक्ट्रॉन जो है वो लोअर से हायर मूव
करेगा और जो करंट है वो हायर से लोअर करेगा। ठीक है ना? क्योंकि करंट एक पॉजिटिव एंटिटी मानते हैं। बढ़िया। क्या
लिखा हुआ है? पढ़ लो एक। पोटेंशियल डिफरेंस इज़ मेज़र्ड बाय इंस्ट्रूमेंट कॉल्ड वोल्टमीटर। ये एक पैरेलल में लगने वाला
डिवाइस है। अभी आपको दिख जाएगा कैसे लगता है ये। ठीक है ना? अभी आपको पूरा अच्छे से दिखेगा कि वोल्टमीटर कैसे कनेक्ट होता है।
ये वोल्टेज नापने के काम आता है। यानी पोटेंशियल डिफरेंस नापने के काम आता है। इलेक्ट्रिक करंट इज़ मेज़र्ड बाय एममीटर।
एममीटर लगेगा सीरीज में और सीरीज़ में लग के करंट को मेजर करेगा। ठीक है जी? ये सीरीज डिवाइस ही है। ये काम ही ऐसे करता
है। अभी आपके सिलेबस में नहीं है कि क्यों ऐसे काम करता है। लेकिन आप बस इतना समझो कि कनेक्टिविटी होती कैसे है इसकी। ठीक
है? अच्छा यहां पर भी आप देख सकते हो। देखो बहुत सारे छोटे-छोटे छोटे-छोटे सेल्स हैं ये। दिख रहे हैं 1.5 वोल्ट, 1.5, 1.5
चार सेल लगा रखे हैं। है ना? और चारों के मुंह इसी तरफ को ही हैं। ये चौथा वाला। चारों के मुंह कहां है? इस तरफ ही हैं। और
ये सब के सब कंबाइन हो के 6 वोल्ट की बैटरी बनाएंगे। यानी कॉम्बिनेशन ऑफ़ सेल्स को ही क्या बोला जाता है? बैटरी बोला जाता
है। आइए एक बार सर्किट की शक्ल देखते हैं भाई कि सर्किट कैसा बनता है? सर्किट के क्या-क्या एलिमेंट्स होते हैं? सबसे पहले
एक इलेक्ट्रिक सेल मैंने आपको बताया उसका ये सिंबल होता है। हमेशा हायर साइड को बड़ा डंडा, लोअर साइड को छोटा डंडा यानी
पॉजिटिव वाली साइड बड़ा और नेगेटिव वाली साइड छोटा डंडा बनेगा। बाकी सबको आप कंबाइन कर दोगे सेल्स को तो बैटरी बन
जाएगी। ये ऑफ स्टेज पे है। ये की है। इसको स्विच बोल सकते हो, की बोल सकते हो। तो ये अभी ओपन स्टेट में है। ओपन स्टेट का मतलब
अभी ये क्लोज्ड है। यानी करंट नहीं चल रहा। यानी अभी ऑफ हो रखा है स्विच। यहां पे डॉट आ जाएगा तो ये ऑन हो जाएगा। यानी
करंट चलने लगेगा। ध्यान रखिएगा। कोई डॉट नहीं तो ऑफ। डॉट आ गया तो करंट चल रहा है। बल्ब जलेगा। आपने स्विच ऑन कर दिया। ये
स्विच ऑन की स्थिति है। ठीक है? वायर जॉइंट होगी अगर तो दो वायर आकर के ऐसे जॉइन कर रही हैं। बीच में एक डॉट दिखता
है। अगर वायर जॉइ नहीं कर रही हैं। ऐसे ही टाप के क्रॉस कर गई। टपा दिया आपने वायर एक दूसरे पर से तो ये ऐसे करके दिखा देना
होता है। ठीक है ना? ये तरीका है बस दिखाने का। ठीक है? ये सब एनसीईआरटी में बने हुए हैं बेटा। इसके अलावा एक बल्ब को
ऐसे सिंबलाइज कर सकते हैं आप। एक रेजिस्टेंस को ऐसे सिंबलाइज कर सकते हैं। एक वेरिएबल रेजिस्टेंस या रियोस्टेट को
एरो लगाया जाता है। ऐसे रेजिस्टेंस ही बनाएंगे। उसके ऊपर एरो लगा देंगे। या फिर ऐसे ला के ऐसे ला के एक एरो को ऊपर टिका
देते हैं। ठीक है ना? ऐसे लाए और एक एरो इसके ऊपर ला के टिका दिया। ये भी एक तरीका है। रियोस्टेट दिखाने का। रियोस्टेट क्या
होता है? आगे जाकर के देखेंगे। फिर आता है एममीटर। ऐसे A दिखाया जाता है। ये है वोल्टमीटर। ऐसे V दिखाया जाता है। बस इजी
है। ठीक है? तो धीरे-धीरे करके आपको सिंबल जोड़ने भी आएंगे। और सर्किट डायग्राम अभी आप देखोगे तो आपको क्लियर भी हो जाएगा
कैसे जोड़ना है। है ना? तो एक एक्चुअल सर्किट डायग्राम हम लोग देख लेते हैं। और इसमें मैं आपको सबकी वर्किंग भी समझा देता
हूं कि कौन सी चीज कैसे काम कर रही है। ठीक है? सबसे पहले यहां पर देखो एक ड्राई सेल है। ड्राई सेल यानी बैटरी है आपके
लिए। ये वोल्टेज प्रोवाइडर है बस और कुछ नहीं है। ड्राई सेल क्या होता है? क्यों होता है? उसके अंदर क्या होता है? सब जाके
आपको 12th में पढ़ना है इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के अंदर। तो अभी आप टेंशन इसकी ना लें। ये ड्राई सेल है। यानी ये वोल्टेज
प्रोवाइडर है। बैटरी है ये। है ना? अब ये बैटरी में से देखो दो तारें निकल रही हैं। एक इस तरफ, एक इस तरफ। ठीक है? बढ़िया। अब
ये मान लो कि करंट ऐसे चला। ऐसे चला। ऐसे चला। ऐसे चला। ये एममी मीटर में घुसा करके। एमीटर क्या करेगा? इसको रिकॉर्ड
करेगा। करंट की क्या वैल्यू है? ये आपको बताएगा। तो एमीटर हमेशा सीरीज में ही लगा होता है। बैटरी के साथ हमेशा सीरीज में ही
लगा आपको मिलेगा। इसके बाद देखो करंट आगे बढ़ा, आगे बढ़ा, आगे बढ़ा। रेजिस्टेंस है एक। एक रेजिस्टेंस लगी हुई है। अब ये
रेजिस्टेंस क्या होती है? ये कोई भी अप्लायंस हो सकता है बेटा। यहां बल्ब हो सकता है। बल्ब की भी रेजिस्टेंस होती है।
यहां फैन हो सकता है। पंखा उसकी भी रेजिस्टेंस होती है। टीवी हो सकता है। उसकी भी अपनी रेजिस्टेंस होती है। कोई भी
अप्लायंस अगर होता है तो उसकी खुद की अपनी रेजिस्टेंस होती है। ये वही है समझ लो। ठीक है? करंट आगे बढ़ेगा। आगे बढ़ेगा। अब
यहां पर क्या होगा? इस जगह पर जब करंट पास करेगा ना तो पोटेंशियल डिफरेंस इस्टैब्लिश होगा। यहां पे पोटेंशियल डिफरेंस स्थापित
होगा। वो पोटेंशियल डिफरेंस को वोल्टमीटर क्या करेगा? रिकॉर्ड कर लेगा। वोल्टमीटर का काम ही यही है वोल्टेज को रिकॉर्ड
करना। तो जो भी वोल्टेज यहां गिरेगी उसको आकर रिकॉर्ड करने का काम इस भाई का है। आगे बढ़ते हैं। करंट आगे चला आगे चला आगे
चला। जाकर के रियोस्ट में घुसा। अब बात आती है रियोस्टेट का काम क्या है? देखो रियोस्टेट भी एक रेजिस्टेंस ही ऑफर कर रहा
है। जैसे ये कर रहा है ना वैसे ही ये भी कर रहा है। तो सर दोनों में फर्क क्या है फिर? ये रियोस्टेट क्यों बोल रहे हैं? ये
रेजिस्टेंस क्यों बोल रहे हैं? तो भाई ऐसा है कि जो रियोस्टेट होता है ना ये अपनी रेजिस्टेंस को कम ज्यादा कर सकता है। यस
ये अपनी रेजिस्टेंस को क्या कर सकता है? कम ज्यादा। ये फिक्स्ड है। ये अगर 5 ओम का लगा तो पांच ही ओम का रहेगा। ओम
रेजिस्टेंस की यूनिट होती है। ये पांच का है तो पांच का ही रहेगा। लेकिन ये पांच का है तो ये 10 का भी किया जा सकता है। ये 15
का भी हो सकता है। ये 20 का भी हो सकता है। यानी हम रेजिस्टेंस को बड़ा घटा सकते हैं। अब ये कैसे करते हैं सर? बढ़ाते घटाते
कैसे हैं? तो बढ़ाते घटाते हैं इस प्लग को आगे पीछे खिसका के। अगर आपने कभी लैब में देखा हो फिजिक्स वाली नहीं देखा तो जा के
देखना। थोड़ी सी ज़िद पकड़ लिया करो कभी-कभी। स्कूल वाली मैडम के सामने थोड़ी सी ज़िद कर लिया करो। ठीक है ना? बोला करोगे नहीं
नहीं मैम मेरे को लेके जाओ। नहीं नहीं मैंने तो जाओ। हम तो जाएंगे। हम तो जाएंगे। हम तो जाएंगे। थोड़ी सी ज़िद करो तो
आपको शायद वो ले जाएं और ले जाएंगे तो आपको रियोस्टट दिखाएंगे। है ना? कमेंट सेक्शन में एक बार बताना कि किस-किस ने
रियोस्टैट स्कूल में जाकर के प्रैक्टिकली देखा है। मैं फोटो में नहीं कह रहा। फोटो में सबने देख लिया होगा। अब तक तो
इलेक्ट्रिसिटी आप पढ़ चुके होंगे और फोटो में सभी ने देख लिया होगा। यहां पर भी आपने देख लिया। आईडिया लग गया होगा कैसा
दिखता है ये। लेकिन लैब में जाकर के किसने इसके साथ छेड़खानी करी है वो जरा मुझे कमेंट करके बताना। ठीक है ना? मैं पढूंगा
आप लोग के कमेंट के क्या वो इंसिडेंट रहा है ना कि आप मना पाए अपनी टीचर को लैब में ले जाने के लिए। ठीक है ना? हमने ही बहुत
मनाया था तब जाकर के हमको रियोसेट दिखाया। क्लास 10थ की बात आई। खैर तो ये प्लग को आप आगे पीछे खिसकाते हो। क्या होता है इस
प्लग को आगे पीछे खिसकाने से? देखो ये प्लग जब आगे पीछे खिसकेगा ना तो करंट का पाथ इंक्रीज हो जाता है। जैसे मान लो कि
मैंने इस प्लग को खिसका के यहां लगा दिया। मान लो ये प्लग अभी यहां पर है। इस जगह पर है। तो करंट अगर जाएगा ना तो करंट इस पूरे
में घूमेगा घूमेगा घूमेगा घूमेगा घूमेगा घूमेगा घूमेगा और यहां से हो के बाहर निकलेगा। समझ पाए आप? समझ पाए कहां से हो
के बाहर निकलेगा? ऐसे गया और यहां से हो के ऐसे बाहर निकल के आया। तो ये पाथ बढ़ गया ना इसका। पाथ बढ़ गया
ना? अगर पाथ बढ़ जाता है तो रेजिस्टेंस बढ़ जाती है। क्योंकि रास्ता बढ़ गया ना करंट के लिए तो रेजिस्टेंस बढ़ जाएगी।
लेकिन अगर ये प्लग यहीं पर होता तो जैसे जैसे यहां पर है तो यहीं पर ही होता तो क्या होता? अगर ये यहीं पर ही होता तो फिर
क्या होता? फिर यहां से करंट चलता घूमता इसमें ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे और यहां से निकल के आ जाता। देखो ये रास्ता
छोटा है। ये रास्ता कम है जो करंट ने तय किया है। तो रेजिस्टेंस यहां पर क्या होगी? कम होगी। इस तरीके से रेजिस्टेंस को
बढ़ाते और घटाते हैं। तो रियोस्टेट का काम रेजिस्टेंस को कम ज़्यादा करना होता है। इसके बाद करंट और आगे चलेगा और की में
आएगा। अब की अगर प्लग इन है। अगर इसमें प्लग लगा हुआ है तो करंट आगे फ्लो करेगा। अगर प्लग नहीं लगा हुआ तो ओवरऑल करंट डेड
हो जाएगा। पूरे सर्किट में ही करंट नहीं चलता है जब यहां से की उखाड़ रखी होगी आपने। अगर क की को प्लगइन कर रखा है यानी
स्विच ऑन की स्थिति है, तभी ही पूरे में करंट चलेगा और बैटरी के नेगेटिव में आ करके वापस आएगा। ठीक है ना? तो ही सर्किट
काम करता है। तो, यह बातें प्लीज नोट करने वाली हैं कि कोई भी सर्किट डायग्राम अगर आप बनाओ, तो हमेशा क्लोज सर्किट बनाना।
क्लोज सर्किट और कंटीन्यूअस सर्किट में ही करंट चलता है। वायर्स पर करंट दौड़ता है। एक बैटरी की सप्लाई दिखानी पड़ती है। एक
रेजिस्टेंस दिखानी पड़ती है। एक की दिखानी पड़ती है। बस ये एक सिंपल सर्किट होता है। बाकी एम मीटर हो गया, वोल्टमीटर हो गया,
रियो स्टार्ट हो गया। तो ये एडिशनल फीचर्स हैं। भाई होता है ना? एक फोन किस लिए काम आता है? एक फोन काम आता है चैटिंग करने के
लिए। भाई चैटिंग हो जाए, इंटरनेट चल जाए, फोन चल जाए, फोन आ जाए, फोन चला जाए। इसी के लिए फोन है। लेकिन अब एडिशनल फीचर
क्या-क्या है भाई? कैमरा क्वालिटी बहुत बढ़िया होनी चाहिए। है ना? सेल्फी बहुत बढ़िया। सेल्फी कैमरा शुड बी गुड। तो अब
यह एडिशनल फीचर हो गया। तो ऐसी सर्किट का काम जो है वो एक की से, एक बैटरी से, एक अप्लायंस से और वायर से भी चल रहा था।
लेकिन, हमने कुछ एडिशनल फीचर लगा दिए। एक वोल्टमीटर लगा दिया, एक एममीटर लगा दिया, एक रियोसेट लगा दी। तो बात थोड़ी सी और
आगे बढ़ गई। फंक्शनैलिटी थोड़ी सी और इंक्रीस हो गई। आगे चलते हैं बेटा। ओम्स लॉ पर आते हैं। देखो भाई ओम साहब ने
कहा था सर जॉर्ज साइमन ओम इनका पूरा नाम था। इन्होंने कहा था कि अगर हम वोल्टेज को बढ़ाते जाएंगे ना तो बैटरी का वर्क डन
बढ़ेगा। बात सही है कि नहीं? भाई बैटरी वर्क डन करती है कि नहीं करती? करती है। बैटरी वर्क डन करती है यानी चार्ज को
धक्का मारती है। तो ये धक्का जो है वो बढ़ जाएगा कब? जब वोल्टेज बढ़ जाएगी। जब आप वोल्टेज ज्यादा कर दोगे तो धक्का तेजी से
लगेगा। और धक्का तेजी से लगेगा तो करंट तेज चलेगा भाई। यानी करंट ज्यादा हो जाएगा। तो सीधी बात ये है कि उन्होंने
बोला कि वोल्टेज और करंट आपस में क्या होंगे? प्रोपोर्शनल होंगे। डायरेक्टली प्रपोर्शनल होंगे। यानी इसका मतलब ये कि
भाई वोल्टेज जितनी बढ़ाओगे करंट उतना ही बढ़ता जाएगा।
वोल्टेज जितनी कम करोगे करंट उतना ही कम होने लगेगा। वोल्टेज को जीरो कर दोगे करंट भी जीरो हो जाएगा। ये बात ओम साहब ने बोली
बोले लेकिन ये तभी पॉसिबल है ये डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होना तभी पॉसिबल है जब आप कंडक्टर का यूज करो। दूसरा
टेंपरेचर कांस्टेंट रखो। जो ये टेंपरेचर प्रेशर कंडीशंस होती है ना एटमॉस्फेयर की इसको आप कांस्टेंट रखो। ऐसा ओम साहब ने
कहा। देखो लिखा हुआ है पोटेंशियल डिफरेंस अक्रॉस द एंड्स ऑफ अ मैटेलिक कंडक्टर इज डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू द करंट। तो यार
यार जो भी पोटेंशियल डिफरेंस है ना भाई वो हमेशा डायरेक्टली मोशनल होगा करंट के। है ना? प्रोवाइडेड इट्स टेंपरेचर रिमेंस द
सेम। टेंपरेचर चेंज नहीं होना चाहिए। टेंपरेचर में अगर चेंज आ गया फिर ओम्स लॉ काम ढंग से नहीं कर पाता। ये समस्या है।
ठीक? समझे होगे आप? तो V और I आपस में क्या हैं? प्रपोर्शनल है। अब प्रपोर्शनैलिटी कभी भी हटती है तो इक्वल
टू लगाती है। साथ में कांस्टेंट लगता है। वह कांस्टेंट यहां पर R है। देखो यहां पे लिखा हुआ है R जो है वो कांस्टेंट है। V /
I करके आप R लिख सकते हो। है ना? ये I चला गया V के नीचे। अरे ये I कौन है? करंट है ना? V कौन है? वोल्टेज है। वोल्टेज को
करंट से डिवाइड करोगे तो क्या मिल जाएगा? R मिल जाएगा। समझ गए ना? अब एक ग्राफ बनता है V और I के बीच में। और आप ये बात समझते
हो कि अगर डायरेक्टली प्रपोर्शनल है तो लीनियर इक्वेशन बनेगी। और लीनियर इक्वेशन का ग्राफ कैसे बनता है? देखो लीनियर
इक्वेशन चाहे वन वेरिएबल में हो या लीनियर इक्वेशन टू वेरिएबल में हो। सर ये मैथ्स कैसे बोलने लगे? अरे भाई फिजिक्स कुछ भी
नहीं है मैथ्स के बिना। तो मैथ्स तो पढ़नी पड़ती है भाई फिजिक्स पढ़ने के लिए। है ना? लेकिन जो मैथ्स की रिक्वायरमेंट होगी
वो मैं आपको पढ़ाऊंगा। तो इसलिए मैं आपको बता रहा हूं कि कोई भी लीनियर इक्वेशन जो होती है वो हमेशा दो वेरिएबल्स के
डायरेक्ट प्रोपोर्शनैलिटी से बनती है। तो यहां पर दो वेरिएबल्स डायरेक्टली प्रोपोर्शनल है इसलिए इनका ग्राफ हमेशा
स्ट्रेट लाइन बनेगा। क्या लिखा हुआ है देखो यहां पर? V वर्सेस I कैसा बनेगा भाई? लीनियर ग्राफ बनेगा हमेशा थ्रू द ओरिजिन।
ओरिजिन से पास होता हुआ लीनियर ग्राफ आएगा। समझ गए ना? और कभी भी आप इसका अगर स्लोप निकालना चाहोगे सर स्लोप क्या होता
है? स्लोप का मतलब कि ये चढ़ाई कितनी है? ये चढ़ाई कितनी है? ये वाला एंगल कितना है? बेसिकली ये थीटा कितना है? थीटा समझते
हो ना? तो ये tan थीटा को स्लोप बोलते हैं। टेंजेंट ऑफ़ थीटा पढ़ा ना? sin थीटा, cos थीटा, tan तो tan थीटा की बात हो रही
है। तो tan थीटा कितना ज्यादा होगा? यानी परपेंडिकुलर बाय बेस कितना ज्यादा होगा? ये आपको निकालना होता है। ये आपको
कैलकुलेट करना होता है। अब परपेंडिकुलर निकालने के लिए यहां पर देखना जरा। अगर आप परपेंडिकुलर निकालोगे तो आपको वोल्टेज में
चेंज देखना पड़ेगा। अगर आप बेस निकालोगे तो आपको करंट में चेंज देखना पड़ेगा। तो यानी अल्टीमेटली आप क्या कर रहे हो? आप
वोल्टेज के चेंज को करंट के चेंज से डिवाइड कर रहे हो। आप डेल्टाV / डेल्टा कर रहे हो। और कभी भी V / I करेंगे तो वो
क्या देगा? R ही तो देगा भाई। लॉजिक से समझ इस बात को। स्लोप का मतलब होता है tan थीटा निकालना। यानी कि परपेंडिकुलर बाय
बेस निकालना। अब मैंने यहां पर एक ट्रायंगल आपको दिखाया। राइट एंगल ट्रायंगल दिख रहा होगा। दिख रहा है? इसमें
परपेंडिकुलर ये है और ये नापने के लिए आपको वोल्टेज वाली एक्सिस के पास जाना पड़ेगा। ये नापने के लिए आपको करंट वाली
एक्सिस के पास जाना पड़ेगा। मैंने दोनों को डिवाइड दे दिया। दोनों को डिवाइड देगा क्या मिल जाएगा? r मिल जाएगा। यानी जिसका
स्लोप ज्यादा होगा उसका r भी क्या होगा? ज्यादा होगा। मतलब जिस ग्राफ की चढ़ाई ज्यादा होगी, जिस ग्राफ में ये थीटा
ज्यादा होगा, जिस ग्राफ में ये एंगल ज्यादा होगा, उसका स्लोप हाई होगा और उसकी रेजिस्टेंस भी हाई होगी। इस बात को नोट कर
लेना। वेरी वेरीेंट बात लिखी हुई है इस डब्बे के अंदर। ठीक है? एक सर्किट डायग्राम प्यारा सा यहां पर बना रखा है।
यह एक्चुअल तरीका होता है डायग्राम बनाने का। आपको ये नहीं बनाना। आपको कहीं पर भी ये बनाने को नहीं बोलेगा। ये तो मैंने
आपको समझाने के लिए बताया कि कनेक्शन कैसे होता है। एक्चुअली में आपको प्रैक्टिस करनी है इसकी। ठीक है? तो यहां पे देखो
बैटरी है प्लस और माइनस। ये पूरी बैटरी बनी हुई है। छोटे-छोटे सेल लगे हैं। देखो यहां पर। ठीक है? इसमें से करंट चला सबसे
पहले एममीटर में आया। ध्यान रखना कि जिस तरफ पॉजिटिव नेगेटिव है उसी तरफ आपने रखना है। इसे उल्टा नहीं कर देना। अगर नीचे
प्लस कर दिया ऊपर माइनस कर दिया गड़बड़ हो जाएगी भाई। बता रहा हूं नंबर कट जाएंगे। तो अगर बैटरी का प्लस है तो उसी के सामने
एमीटर का प्लस रखना। उसी के सामने वोल्टमीटर का प्लस देखो ना बैटरी का प्लस यहां है ना तो एमीटर का प्लस इसके सामने
आएगा। और वोल्टमीटर वाला प्लस भी इसके सामने ही आएगा। बाकी कुछ भी आपको और ध्यान रखने की जरूरत नहीं है। बस इतना ध्यान
रखना कि वोल्टमीटर पैरेलल में लगता है। एममीटर सीरीज में लगता है। बाकी पूरा देखो की सब कुछ लगा रखी है यहां पर। ठीक है ना?
एक बेसिक सिंपल सर्किट की प्रैक्टिस करके जानी है आपने। हाथों से अपने बना करके जाना है। आगे बढ़ते हैं।
रेजिस्टेंस पर आते हैं भाई। बहुत देर से चिल्ला रहा हूं। रेजिस्टेंस ज्यादा होगी। रेजिस्टर। अबे होती क्या है? ये तो बताओ।
आओ, बताते हैं। देखो, रेजिस्टेंस नाम से ही समझ में आ रहा है। रेजिस्ट करना माने रुकावट पैदा करना। रोकना। किसको रोकना? जो
चल रहा है कौन चल रहा है? इलेक्ट्रॉन चल रहा है। हां या ना बोलो? रेजिस्टेंस का मतलब क्या होता है? रेजिस्ट करना। यानी
रोकना। किसको रोक रहा है? करंट को रोक रहा है। प्रॉपर्टी ऑफ़ अ कंडक्टर टू ऑब्स्ट्रक्ट द फ्लो ऑफ़ चार्जेज़। अब आप
सोचोगे यार कंडक्टर तो सिर्फ वो होता है जो फ्लो करने देता है। आप कह रहे हो रोकता है। मैं कह रहा हूं रोकने की भी प्रॉपर्टी
है। जाने की प्रॉपर्टी 80% है लेकिन रोकने की प्रॉपर्टी भी तो कुछ होगी ना। यार एक बात बताओ क्या कोई आदमी में 100%
अच्छाइयां हो सकती हैं क्या? किसी में भी नहीं हो सकती। कोई 80% अच्छा है तो 20% बुराई उसके अंदर भी है। इसी प्रकार कोई भी
कंडक्टर पूरी तरीके से कंडक्टिव नहीं होता। थोड़ा-थोड़ा रेजिस्टिव भी होता है। समझ गए ना? तो ये दोनों उल्टे हैं।
कंडक्टर जो अच्छा होगा वो रेजिस्टर बेकार होगा। जो रेजिस्टर अच्छा होगा वो कंडक्टर बेकार होगा। यानी एक तरीके से रेजिस्टेंस
को समझा समझना कि ये इंसुलेशन ही है। ये इंसुलेटर वाली प्रॉपर्टी ही है। लेकिन हां इसको रेजिस्टेंस बुला रहे हैं हम। क्योंकि
ये थोड़ी मात्रा में होती है। कम क्वांटिटी में होती है। खैर, प्रॉपर्टी ऑफ़ अ कंडक्टर टू ऑब्स्ट्रैक्ट फ्लो ऑफ़
चार्जेस जो चार्जेस के फ्लो को क्या करे? ऑब्स्ट्रैक्ट करे। तो देखो जरा यहां पर ये एक कंडक्टर लिया हमने जिसकी लेंथ को हमने
l लिया जिसके क्रॉस सेक्शनल एरिया यानी कि मोटाई बोलते हैं इसको। वायर की मोटाई। वायर कितनी मोटी है। जैसे ये पेन मेरे हाथ
में आपको दिख रहा होगा। इसमें ये वाली साइड पतली है। तो बोलेंगे क्रॉस सेक्शनल एरिया कैसा है? कम है। और इधर देखो ये
मोटी है। इस तरफ देखो ये मोटी है। तो क्रॉस सेक्शनल एरिया क्या है? ज्यादा है। समझ में आया क्रॉस सेक्शनल एरिया क्या
होता है? कि मोटाई कितनी है तार की? अब देखो तार यहां से पतली है। तार यहां से मोटी है। पेन यहां से पतला तो मोटाई कम
पेन यहां से मोटा तो मोटाई ज्यादा। ठीक है? तो इस तरीके से आप क्रॉस सेक्शनल एरिया डिफाइन करते हो कि इसका क्या मतलब
है? इसका मतलब है वायर मोटी कितनी है? कितनी थिक वायर है? थिकनेस कैसी है वायर की? बात आपको समझ में आ गई होगी। ठीक है
ना? तो एक लंबाई हो गई एक मोटाई हो गई। यहां पर देखो एक फार्मूला लिखा हुआ है R = RL / A इस सिंबल को बेटा रो बुलाते हैं।
RHO ये सिंबल का नाम है। ये होता क्या है? मैं थोड़ी देर में बताऊंगा आपको। इसे
रेजिस्टिविटी बोलते हैं। क्या होती है? थोड़ी देर में जानेंगे। लेकिन अभी के लिए बस आप यह फार्मूला देखो कैसा है। जो
रेजिस्टेंस का फार्मूला है ना भाई वो रोL / a है। रो l / a l क्या है? l है लेंथ यानी वायर लंबी कितनी है? ये आप ऊपर
रखोगे। वायर का एरिया कितना है? यानी मोटाई कितनी है? वो आप नीचे रखोगे। और ये रेजिस्टेंस का फार्मूला बनेगा। इससे आपको
एक बात समझ में आ रही होगी कि लंबाई जितनी ज्यादा होती है रेजिस्टेंस भी उतनी ज्यादा होती है। देखो डायरेक्टली प्रोपोर्शनल
बैठे हैं दोनों। है ना? और एरिया जितना ज्यादा होगा यानी जितनी मोटी तार होगी तार जितनी मोटी होगी उतनी रेजिस्टेंस कम होगी।
मतलब तार का मोटा होना रुकावट कम करता है। करंट को ज्यादा फ्लो करवाता है। इसलिए आपके घर के बाहर वाला जो खंभा है उस पर
मोटी-मोटी तारें लटकी होती हैं। क्योंकि करंट को ज्यादा फ्लो करवाना है। आपने देखा है जो खेतों में बड़े-बड़े टावर लगे होते
हैं उनमें वार ऐसे झूल झूल के जा रही होती है जो वो कितनी मोटी तार होती है। बहुत मोटी तार होती है। एरिया ज्यादा रखना
पड़ता है। एरिया ज्यादा रखोगे रेजिस्टेंस कम रहेगी तो करंट ज्यादा फ्लो करेगा। रुकावट कम होगी ना तो करंट ज्यादा फ्लो
करेगा। तो इससे समझना कि ये एक रुकावट है। करंट के फ्लो की रुकावट है ये। कितनी कितनी ऑब्स्ट्रक्शन हो रही है।
ऑब्स्ट्रक्शन का मतलब अपोजिशन कितनी हो रही है करंट के फ्लो को चार्ज के फ्लो को उसी को रेजिस्टेंस कहते हैं। ठीक है? एसआई
यूनिट होती है बेटा रेजिस्टेंस की ओम। और ये सिंबल लिखा जाता है। मैंने कहा ना ओम्स लॉ से ही वो ओम जो है ना ओम साहब का जो
सरनेम है उसी को यहां पर यूज़ किया गया है। ठीक है? रेजिस्टेंस की एसआई यूनिट क्या है? ओम है और रेजिस्टिविटी की रो की होती
है ओम मीटर। इसको मैं निकाल के भी दिखाऊंगा। पहले इसका मतलब बता दूं आपको क्या होता है। आप चाहो तो इसको नोट कर
सकते हो। नहीं तो नेक्स्ट पेज पर चलो। आपको ज्यादा बातें समझ में आएंगी। देखिए भाई अब रेजिस्टेंस किन फैक्टर्स पे डिपेंड
करती है? ये मैं आपको थोड़ा सा पहले बता चुका हूं। अभी फिर बताता हूं। देखो रेजिस्टेंस डिपेंड करती है चार फैक्टर पर।
नोट कर लेना। सबसे पहला है एल। एल फॉर लेंथ। एल फॉर लेंथ के वायर लंबी कितनी है? दूसरा है ए यानी वायर मोटी कितनी है?
एरिया ऑफ क्रॉस सेक्शन बोलते हैं इसको। ठीक है ना? एरिया ऑफ क्रॉस
सेक्शन। तीसरी चीज मटेरियल है। थर्ड चीज इज़ मटेरियल। मटेरियल वही रो। वही रेजिस्टिविटी। देखो यहां पे लिखा भी हुआ
है रेजिस्टिविटी रो। ठीक है ना? तीसरी चीज है मटेरियल। कि मटेरियल कौन सा है? अब एक बात बताओ। सोच के बताना। अगर अगर मैंने
प्लास्टिक की तार ले रखी है या मान लो मैंने लकड़ी की तार ले ले रखी है या मैंने मान लो ग्लास की तार ले रखी है या मान लो
मैंने रबर की तार ले रखी है क्या मैं उसके अंदर करंट फ्लो करवा सकता हूं क्या कितना मर्जी हांगा लगा लूं भाई कितना मर्जी जोर
लगा लूं मैं उसके अंदर करंट पास नहीं करवा पाऊंगा करंट किस में पास होता है कॉपर में पास होता है सिल्वर में पास होता है आयरन
में पास होता है एलुमिनियम में अरे मेटलों में पास होता है भाई करंट नॉन मेटल में कैसे पास होगा नहीं होगा ना यार
समझ रहे हो ना? तो वो असल में क्या है? वही रेजिस्टिविटी है। वही मटेरियल की प्रॉपर्टी है। देखो क्या लिखा हुआ है?
प्रॉपर्टी ऑफ अ मटेरियल टू ऑफर रेजिस्टेंस। मतलब रेजिस्टेंस ऑफर करना। कौन कितना ज्यादा ऑफर कर सकता है? कौन
कितना कम ऑफर कर सकता है? उसी को रेजिस्टिविटी बुलाते हैं। ठीक है ना? तो मटेरियल की जब बात आएगी ना तो आप
रेजिस्टिविटी बोलोगे। अगर रेजिस्टेंस की बात आएगी तो आपको चारों की बात करनी पड़ेगी। ये दोनों में बेसिक डिफरेंस है।
बच्चा पूछता है सर दोनों एक से लगते हैं। रेजिस्टेंस और रेजिस्टिविटी एक ही बात है। एक बात नहीं है। रेजिस्टिविटी का मतलब है
मटेरियल स्पेसिफिक बात करो। मटेरियल कौन सा है? उसकी रेजिस्टिविटी अलग-अलग होगी। अलग-अलग मटेरियल क्यों अलग-अलग होगी?
लेकिन रेजिस्टेंस का मतलब है चार चीजों पे डिपेंड करना। कौन-कौन सी? लंबाई कितनी है? लेंथ कितनी ज्यादा है? और देखो डायरेक्टली
प्रोपोर्शनल है। मतलब जितनी ज्यादा लेंथ होगी उतनी ज्यादा रेजिस्टेंस होगी। दूसरी प्रॉपर्टी एरिया ऑफ क्रॉस सेक्शन। मोटाई
कितनी है? मोटाई जितनी ज्यादा होगी, एरिया जितना ज्यादा होगा, रेजिस्टेंस उतनी ही कम होगी। ठीक है? तीसरी चीज है मटेरियल।
रेजिस्टिविटी जिसकी ज्यादा होगी वो एक अच्छा इंसुलेटर होगा। है ना भाई? वही अच्छी रेजिस्टेंस भी ऑफर करेगा। ऐसे ही
सोचो रेजिस्टिविटी जिसकी कम हो तो वो एक अच्छा कंडक्टर होगा। है ना? यहां पर देखो लिखा भी हुआ है इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी के
बारे में। क्या लिखा हुआ है? एक बार पढ़ना जरा। मेरे एक बार साथ-साथ पढ़ना। लिखा हुआ देखो मेटल्स का और अलॉयज़ का लो रो होता
है। मतलब रेजिस्टिविटी कम होती है। किसमें? मेटल में। तो ये सब गुड कंडक्टर है भाई। आपको पता है ऐसे ही पकड़ा जाता है
कि कौन सा मटेरियल अच्छा कंडक्टर है, कौन सा मटेरियल खराब कंडक्टर है। उसकी रो की वैल्यू सब कुछ बताती है। उसकी रो की
वैल्यू ही सब कुछ बताती है आपको। तो रो की वैल्यू अगर ये बता रही है कि मैं कम हूं तो भाई कंडक्टर अच्छा है यूज कर सकते हो
आप इसको करंट पास करवाने में। लेकिन अगर रो की वैल्यू बताएं मैं ज्यादा हूं। देखो इंसुलेटर्स लाइक रबर एंड ग्लास हैव हाई
रो। रो हाई है। हाई रो अगर होगा तो दे आर पुअर कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। आई होप आपको बात समझ में आई होगी। है ना? और ये
वाला जो फार्मूला था वो ऐसे ही बना है बेटा। R = RL / A ऐसा ही बना है। रो देखो ज्यादा तो R ज्यादा। L ज्यादा तो R
ज्यादा। a ज्यादा तो r कम। यानी फार्मूला है r = रोL / a मैं यहां पर दोबारा लिख देता हूं। r = रोL ओवर a
एक इंपॉर्टेंट फार्मूला है। ठीक है? अब आप मुझसे पूछोगे सर ये जो रो की यूनिट थी ओम मीटर ये कहां से आई? तो आओ निकाल के
दिखाता हूं। डिराइव करेंगे हम एसआई यूनिट ऑफ रेजिस्टिविटी को। बहुत छोटी सी डेरिवेशन है। लेकिन इंपॉर्टेंट है। आती है
बोर्ड में भाई। इसलिए ध्यान से सुनना। देखो r होता है रोल बाय। ये आप जानते हो। मैं यहां पे दोबारा लिख लेता हूं। r = रोL
ओवर a ये फार्मूला तो ओके है। एकदम ये कांस्टेंट हो गया। लेंथ के डायरेक्टली प्रोपोर्शनल, एरिया के इन्वर्सली
प्रोपोर्शनल। ठीक है ना? चौथी चीज टेंपरेचर भी है। वो इस फॉर्मूले में नहीं आती है। उसके लिए अलग फार्मूला है। 12th
क्लास में पढ़ना है आपको। अभी नहीं पढ़ना उस फार्मूले को। तो अभी टेंशन ना लें। बस इतना ध्यान रखें कि टेंपरेचर अगर बढ़ता है
तो भी रेजिस्टेंस बढ़ती ही है। कंडक्टर के केस में। कंडक्टर्स के केस में टेंपरेचर बढ़ाने से रेजिस्टेंस बढ़ती ही है। क्यों?
क्योंकि टेंपरेचर बढ़ेगा ना तो हलचल बढ़ जाएगी। काइनेटिक एनर्जी बढ़ जाएगी। तो इलेक्ट्रॉन का निकलना और मुश्किल होगा।
करंट का पास करना और मुश्किल होगा। इसलिए रुकावट बढ़ जाती है। इंक्रीस कर जाती है। ठीक है? आओ देखो। r = रोL / a है। सही
हमें रो की यूनिट निकालनी है। r की तो हमारे पास है। l की मीटर होती है। लेंथ की मीटर होती है। हमें पता है। एरिया की क्या
होती है? एरिया की यूनिट क्या है? मीटर स्क्वायर है। है ना? इसकी यूनिट क्या है? मीटर स्क्वायर है। आओ पुट करते हैं। आओ
सबकी यूनिट्स को पुट करते हैं। R की है ओम। रो की नहीं पता। हां सर नहीं पता। छोड़ दो। लेंथ की पता है? हां सर। लेंथ की पता
है। मीटर होती है। एरिया की मीटर स्क्वायर होती है। तो 1 मीटर से 1 मीटर कट गया। लेंथ की मीटर। एरिया की मीटर स्क्वायर।
सबकी यूनिट रख देनी है आपने। और बस इस यूनिट को ले जाओ इसके साथ। ये बन गया ओम मीटर।
ओम मीटर। समझ गए ना? ऐसे निकलती है किसी भी अननोन क्वांटिटी की यूनिट। जिसकी यूनिट नहीं पता आपको बाकी सबकी यूनिट रख दो।
उसकी निकल के आ जाएगी। यहां देखो यही है। ओम मीटर। ये ओम है। ये मीटर है। ये ओम है। ये मीटर है। क्लियर हो गई बात? आगे बढ़ते
हैं। चलिए भाई, एक बेहतरीन सवाल जो कि पास्ट ईयर में आकर के बच्चों को परेशान करके जा
चुका है। एक बार देखते हैं इस सवाल को कि सवाल क्या बोल रहा है। ये कह रहा है कि दो वायर्स हैं A एंड B। लेंथ इक्वल है,
रेजिस्टेंस भी इक्वल है। वाह, लेंथ भी इक्वल है, रेजिस्टेंस भी इक्वल है। कह रहा है इफ रेजिस्टिविटी ऑफ A इज मोर देन दैट
ऑफ B यानी रो एक का ज्यादा एक का कम है। तो कह रहा है कौन सी थिकर है और क्यों? दोनों में से मोटी कौन सी है और क्यों? आप
एक बात बताओ। अगर हम दोनों वायर्स का कच्चा चिट्ठा देख लें। एक बार दोनों वायर्स का मैं इस लाइन के इधर-इधर कच्चा
चिट्ठा पूरा लिख लेता हूं। जैसे कि यहां देखो एक वायर A है तो यहां पे A की बात कर लेता हूं। यहां पर वायर B की बात कर लेता
हूं। ठीक है ना? दोनों की लेंथ बराबर है। हां, इसकी भी लेंथ L है। इसकी भी लेंथ L है। ठीक? इसकी रेजिस्टेंस भी R है। इसकी
भी R है। ठीक? इसकी रेजिस्टिविटी ज्यादा है। यानी रो A ज्यादा है। रो B कम है। ठीक? कह रहा है
दोनों में से थिकर कौन सी होगी? मोटी कौन सी होगी? यानी एरिया किसका ज्यादा होगा? तो इसका एरिया Aa इसका एरिया AB कोई
दिक्कत? लिख सकता हूं ना? इसका एरिया A ए इसका एरिया AB। अच्छा अब एक बात बताओ अगर मैं इन सबको यूज़ करके फार्मूला बनाऊं तो
फार्मूला आएगा r = रोA l / aa इसको यूज़ करके बनाऊं तो क्या आएगा? r = रोB l / ab अरे रोल / a ही फार्मूला होता
है भाई वही लिखा है मैंने और कुछ नहीं लिखा। घबराना नहीं देख के। है ना? तो r = रोL / a है। यहां पर भी r = रोL / a।
अच्छा ये बताओ दोनों का एलएचएस इक्वल है या नहीं है? है तो आरएचएस भी क्या होगा? अरे इक्वल ही होगा। आओ एक बार आरएचएस
इक्वल कर लेते हैं दोनों का। यहां देखना जरा। दोनों का एलएचएस बराबर है। आरएचएस बराबर कर दूं? ठीक? तो देखो ये आ गया रोA
L / Aa = रोB L / AB L से L भी कट गया। और अब मुझे यह बात पता है कि रोA जो है वो रो से बड़ा है। है ना? रोA इज़ ग्रेटर दैन रोB।
आप एक बात बताओ अगर ध्यान से देखो तो ध्यान से देखो तो यहां पर रोA नीचे है और Aa भी नीचे है। यहां पे रो भी ऊपर है और A
भी नीचे है। इसका मतलब ये इसका मतलब समझना क्या है? इसका मतलब ये कि जो रो है और जो A है वो दोनों एक तरीके से डायरेक्टली
प्रोपोर्शनल हैं। नहीं है क्या? देखो रो L से L कट चुका है ना? तो a ए को यहां ले जाऊं अगर मैं मतलब मैं इसको ऐसे लिखूं अगर
देखना जरा देखना जरा अगर मैं इसको ऐसे लिखूं रो
= रो और aa ऊपर चला जाए ऐसे है ना aa ऊपर चला जाए और ab यहां रह जाए तो मुझे यहां पर क्या दिख रहा है? मुझे यहां पर दिख रहा
है कि रोA जो है वो aa के सामने आ गया है। यानी रो और a आपस में क्या है भाई? प्रोपोर्शनल है एक तरीके से। क्या बात समझ
में आ रही है? रो और A आपस में क्या है? प्रोपोर्शनल है। यानी जिसकी रेजिस्टिविटी ज्यादा है, A की ज्यादा है तो बस वही थिक
है। बात खत्म। है ना? इसका मतलब यही हुआ ना भाई मोर रेजिस्टिविटी जिसका रो ज्यादा है उसका एरिया भी ज्यादा है। है ना? मोर
एरिया। ठीक है जी? इसका ये मतलब बना ना भाई। देखो रोA यहां पे है। Aa यहां पे है। यानी
दोनों आपस में क्या है? आमने सामने आ गए। आमने सामने आ गए। डायरेक्टली प्रोपोर्शनल है। यानी कि रो और A प्रपोर्शनल हुए। तो
मोर रो मतलब मोर A तो थिकर कौन हुआ? A वाली वायर थिकर हुई। समझ गए ना? तो फाइनल कंक्लूजन क्या लिखोगे? a वायर
इज़ थिकर। खत्म। और y का आंसर आपने दे ही दिया यहां से कि रो और A आपस में क्या है?
प्रपोर्शनल है। बात खत्म हो गई। ठीक है ना? बहुत सिंपल था ये। है ना? एक बार फार्मूला देखना था आपको। उसके बाद ये हो
जाता। आओ एक और क्वेश्चन देखो। बढ़िया सा सवाल है ये। है ना? ये एक कंपटेंसी बेस्ड सवाल है। मैं ऐसे भी सवाल लेकर के आया हूं
जो कंपटेंसी बेस्ड होते हैं जो कि आजकल बोर्ड में काफी पूछे जा रहे हैं। पास्ट दो सालों से ये सवाल बहुत बन रहे हैं। एक बार
देखो ये सवाल क्या है? राहुल वांट्स टू इन्वेस्टिगेट द रिलेशनशिप बिटवीन वोल्टेज एंड करंट इन अ सर्किट। एक वोल्टेज और करंट
का सर्किट बनाया। घबराना मत इतना बड़ा सवाल देख के। भाई मैं खड़ा हूं ना। मेरे पे ट्रस्ट है कि नहीं है? बस तू मेरे
साथ-साथ पढ़ता जा। सवाल की लेंथ देख के डर के मत भागियो भाई। ठीक है ना? मैं तेरे साथ खड़ा हूं। एक से एक सवाल करवाऊंगा।
इससे भी अच्छे लेवल के सवाल लेके आऊंगा नेक्स्ट टाइम। जब हम इलेक्ट्रिसिटी का प्रैक्टिस सेशन करेंगे और बता देना मुझे
कि प्रैक्टिस सेशन चाहिए कि नहीं चाहिए। अभी भी बहुत सारी प्रैक्टिस करवाऊंगा। लेकिन इसके बावजूद भी अगर चाहिए तो कमेंट
में लिख देना। एक प्लान करेंगे अपन। कोई दिक्कत नहीं है। है ना? आओ देखो राहुल जो है वो इन्वेस्टिगेट कर रहा है। रिलेशनशिप
बिटवीन वोल्टेज एंड करंट इन अ सर्किट। और उसने तीन रीडिंग्स वोल्टेज की ले ली। 3 वोल्ट, 6 वोल्ट, 9 वोल्ट। करंट की ले लीफ
एंपियर, 1 एंपियर और 1.5 एंपियर। ठीक है ना? तो कुछ वोल्टेज पर कुछ करंट उसने टैबुलेट कर लिया। टैबुलर फॉर्म में लिख
लिया। ठीक? अब आपसे पहला क्वेश्चन पूछ रहा है। कह रहा है बेस्ड ऑन द डेटा जो डेटा ऊपर निकाला है इसने जो रीडिंग्स ऊपर
निकाली हैं। कह रहा है व्हाट कैन बी कंक्लूडेड अबाउट द रिलेशनशिप बिटवीन वोल्टेज एंड करंट। कह रहा है कंक्लूड करिए
कि क्या कह सकते हैं रिलेशन के बारे में? भाई रिलेशन के बारे में ये कह सकते हैं कि जिस फैक्टर से वोल्टेज बढ़ रही है। देखो
तीन से छह हुई तो दुगने पे हुई है ना। 3 * 2 = 6 तो करंट भी देखो दुगने पे हुआ है। आधे से एक हो गया। अरे आधे का डबल करोगे
तो एक आ जाएगा ना? है ना? ऐसे ही अगर तीन से नौ हो रही है यानी कि तीन से इंटू हो रही है तो यहां पर भी आप इसको तीन से इंटू
कर दो। इंटू थ्री कर दो 0.5 को क्या आएगा? 1.5 आएगा कि नहीं आएगा? खत्म बात। इसका मतलब दोनों डायरेक्टली प्रोपोर्शनल है।
जिस फैक्टर से वोल्टेज को बढ़ाया जा रहा है उसी फैक्टर से करंट भी बढ़ रहा है। तो इसका मतलब दे बोथ आर डायरेक्टली
प्रोपोर्शनल। तो यही बोलेंगे हम यहां से यही बोलेंगे कि V एंड I आर डायरेक्टली
प्रोपोर्शनल यानी ओम्स लॉ फॉलो हो रहा है। सीधी बात बोलें नो बकवास करें तो ओम्स लॉ फॉलो हो रहा है। सही बात है ना V और I आपस
में प्रोपोर्शनल का यही तो मतलब होता है। यही तो मतलब होता है। सही बात है? चलिए बी पार्ट पर आते हैं। राहुल इज़ वर्किंग ऑन अ
सर्किट विद अ रेजिस्टेंस 10 ओम्स। 10 ओम नाम के एक रेजिस्टेंस पर वो काम कर रहा है। इतनी वैल्यू की। कह रहा है ही अप्लाई
अ वोल्टेज ऑफ़ 20 वोल्ट अक्रॉस द सर्किट बाय अप्लाइंग ओम्स लॉ हाउ ही कैन कैलकुलेट द करंट फ्लोइंग। अरे यार ये तो बहुत सिंपल
है। ये तो बहुत ही सिंपल है भाई। क्या चाह रहा है आपसे? आपसे क्या चाह रहा है? आपको बोल रखा है कि भाई जो वोल्टेज है ये बी
पार्ट है। ये बी पार्ट कर रहे हैं। ठीक है ना? जो वोल्टेज है वो कितनी है? वो 20 वोल्ट की है। ठीक है? जो रेजिस्टेंस है वो
कितनी है? वो 10 ओम की है। ठीक है? और करंट आपसे पूछा है। कह रहा है ओम्स लॉ लगाओ और करंट बताओ। अरे लगाओ जल्दी-जल्दी
से यार। कुछ भी नहीं है इसके अंदर। तो V = IR करना है। V कितना है? 20। I निकालना है। R कितना है? 10 ज़ीरो से ज़ीरो कट गया।
करंट आ गया 2 एंपियर। खत्म। खत्म। खत्म। आसान। सी पार्ट भी देख लें जल्दी से। है ना? सी पार्ट भी देख लें। इफ द सर्किट हैज़
रेजिस्टेंस 20 ओम।" कह रहा है इस बार रेजिस्टेंस को ले लो 20 ओम। ठीक है? ले लिया। कह रहा है ही वांट्स अ करंट ऑफ 0.4
एंपियर फ्लो करे। इस बार करंट दे रखा है आपको। कह रहा है 0.4 एंपियर फ्लो करे। तो कह रहा है व्हाट वोल्टेज शुड ही अप्लाई?
कितनी वोल्टेज अप्लाई करनी चाहिए? तो भाई सीधा-सीधा V = IR लगा दो यार। I कितना है? 0.4 R कितना है? 20। पॉइंट हटा के काटोगे
तो 4 * 2 = 8 वोल्ट आएगा। यानी इसका आंसर आ गया। इसका आंसर आ गया 8 वोल्ट। और इसका आंसर क्या आ गया था? 2 एंपियर। खत्म। खुद
से ट्राई करना एक बार इसको। को है ना है ना मैंने तो कर दिया मैंने तो कर दिया मैंने कर दिया मेरी प्रैक्टिस होगी भाई आप
करोगे तो आपकी प्रैक्टिस होगी ठीक है तो इसलिए एक बार मैंने ट्राई कर दिया है अब आप इसको खुद से एक बार ट्राई करना बेशक से
पॉज कर लो स्क्रीन को आप ट्राई कर सकते हो मैं साइड हो रहा हूं ठीक है आगे बढ़ते हैं चलिए अब आती है बारी रेजिस्टेंस को कंबाइन
करके खेल खेलने की ठीक है ना और अब होगी खूब सारी प्रैक्टिस क्योंकि मैं बहुत सारे सवाल सीरीज और पैरेलल के लेकर के आया हूं
एक्सक्लूसिवली सिर्फ आप बच्चों के लिए सिर्फ आपके लिए देखो भाई सीरीज की खासियत ये है कि ये हमेशा आपको एक सिंगल वायर में
दिखेगा। मैं यहां पे लिख देता हूं सारी बात। मैं यहां पे सारी बात लिख देता हूं। सीरीज का मतलब है एक वायर में लगना। एक
वायर में लगना। एक वायर में लगना। और बेटा एक बात हमेशा ध्यान रखना। जब भी कभी एक वायर में अप्लायंसेस लगते जाते हैं। है
ना? एंड टू एंड हेड टेल, हेड टेल, हेड टेल, हेड टेल है ना? सिर पूंछ, सिर पूंछ, सिर पूंछ, सिर पूंछ ऐसे लगती जाती है। तो
करंट हमेशा सेम रहेगा। जितना करंट जा रहा है पहले वाले में उतना ही जाएगा दूसरे वाले में उतना ही जाएगा तीसरे वाले में
उतना ही जाएगा चौथे वाले में उतना ही जाएगा पांचवें वाले में यानी करंट हमेशा क्या रहने वाला है सेम रहने वाला है करंट
रिमेंस सेम बट वोल्टेज डिवाइड्स वोल्टेज सब पर डिवाइड होती है क्या ये बात ध्यान रहेगी हमेशा याद रखना ये बहुत इंपॉर्टेंट
कांसेप्ट है अगर आप साइंस लेते हो आगे 12th में ये खूब काम आने वाला है आपको कि भाई वोल्टेज हमेशा डिवाइड होती है सीरीज
कैसा भी कॉम्बिनेशन हो आज सीरीज रेजिस्टेंस वाला है 12th में जाके सीरीज सीरीज कैपेसिटेंस वाला भी होगा, इंडक्टेंस
वाला भी होगा, एक सीरीज एलसीआर सर्किट भी होता है वहां पर। आपके बड़े भैया दीदी से पूछना जरा कि 12th में कितने-कितने प्रकार
के सर्किट होते हैं? आप तो एक रेजिस्टेंस वाला सर्किट ही पढ़ रहे हो भाई अभी। ठीक है ना? तो हमेशा ध्यान रखना कि सीरीज एक
वायर में लगना होता है। करंट सेम रहता है। वोल्टेज करती है डिवाइड। इस फार्मूले को हम लोग सीरीज का इक्विवेलेंट रेजिस्टेंस
का फार्मूला बुलाते हैं। क्या बुलाते हैं? सीरीज इक्विवेलेंट रेजिस्टेंस का फार्मूला। R1 + R2 + सीधा-सीधा आपने ऐड कर
देना है। और इनकी एक टोटल रेजिस्टेंस निकल के आ जाएगी। है ना? Re1 + R2 + R3। अब पैरेलल पर चलते हैं। पैरेलल
में खासियत ये है कि यहां पे एक वायर में कनेक्शन नहीं होता। यहां पे ब्रांचेस होती हैं। ब्रांचेस टहनियां होंगी। पर इनके
जॉइंट सेम होंगे। यानी सेम जॉइंट के अक्रॉस मल्टीपल टहनियां निकली होंगी। जैसे पेड़ की टहनियां निकली होती है ना। ऐसे ही
बड्स समझ लो थोड़ी सी बायो क्योंकि पढ़ानी ही है तो बता देता हूं। ठीक है ना? कि जैसे बड्स निकलती है ना एक स्टेम में से।
ठीक है? तो उसी प्रकार से एक मेन स्टेम में से मल्टीपल स्ट्रीम्स निकली हुई हैं। मल्टीपल वायर्स निकली हुई हैं। उन्हीं को
पैरेलल में कनेक्ट होना बोलते हैं। ठीक है नहीं? तो यहां पे लिख देता हूं भाई। सेम जॉइंट के अक्रॉस
जॉइंट के अक्रॉस ठीक है? मेनी ब्रांचज़ कई सारी ब्रांचेज़ आपको मिलेंगी। यह
पहचानने का तरीका है बेटा। यही पहचानने का तरीका है पैरेलल को। तो देखो ये ये मेन ब्रांच थी। इसमें से तीन ब्रांच आगे निकली
हुई है। है ना? एक टहनी में से आगे फर्दर तीन ब्रांचेस निकल के आ गई हैं। एक R1, एक R2, एक R3। इनको पैरेलली सॉल्व करोगे अगर
आप, तो ये फार्मूला निकालोगे। ठीक है? सीरीज के सारी प्रॉपर्टीज़ यहां पे उल्टी लगती हैं। अगर सीरीज में करंट सेम था, तो
यहां पे करंट डिवाइड करता है। देख सकते हो करंट रहेगा डिफरेंट। यानी इस वायर में करंट जाएगा I1, इस वायर में करंट जाएगा
I2, इस वायर में करंट जाएगा I3। जो पीछे से I आ रहा था ना वो अब डिवाइड हो जाएगा। तो मान लो पीछे 10 एंपियर आ रहा था।
इमेजिन करो पीछे से 10 एंपियर आ रहा था। ऊपर से जाएगा 2 एंपियर। बीच में से जाएगा 4 एंपियर। बचा कितना? 4 2 6 हां तो नीचे
से भी जाएगा 4 एंपियर। समझ गए ना? तो टोटल मिला के 10 वो डिवाइड हो जाएगा तीनों में और फिर वापस से एकजुट हो जाएगा। फिर बाद
में जा के एकजुट हो जाएगा। समझ गए? ठीक है? और वोल्टेज रहती है सेम। यहां पर देखो वोल्टेज डिवाइड हो रही थी सब में ना। यहां
वोल्टेज सब पे सेम क्योंकि ना सेम जॉइंट के अक्रॉस कनेक्ट हुए हैं यह। इसलिए वोल्टेज सेम रहती है। कोई बच्चा पूछता है
कि वोल्टेज कैसे सेम हो गई सर? ये तो बताइए वोल्टेज हाउ वोल्टेज सेम? अरे वोल्टेज इसलिए सेम है क्योंकि क्योंकि ये
दो जॉइंट्स जो है ना ये सेम बैटरी के एंड्स पर कनेक्टेड होते हैं। सेम बैटरी के एंड्स पर ये ऐसे इस तरीके से ये कनेक्ट
होंगे। ऐसे ऐसे कनेक्ट होंगे। तो बताओ एक ही बैटरी सबको सेवा नहीं दे रही क्या? एक ही बैटरी सबको वोल्टेज प्रोवाइड कर रही है
ना इसलिए वोल्टेज सब पे क्या रहती है? सेम रहती है। तो वोल्टेज रिमेन सेम करंट डिवाइड्स और ये फार्मूला जो होता है 1 / R
= 1 / R1 / R / R / R / R / R / R / R / R / R / R2 1 / R3 सब ऐड होते जाते हैं। ये पैरेलल का फार्मूला है। ठीक है जी? आइए
खूब सारे सवालों की प्रैक्टिस करते हैं सीरीज और पैरेलल में। ठीक है? सबसे पहले ये देखो। असरशन रीजन का सवाल है। कह रहा
है सीरीज सर्किट में पढ़ना एक बार। टोटल रेजिस्टेंस इज इक्वल टू द सम ऑफ द इंडिविजुअल। क्या यह बात सही है? क्या यह
बात सही है? कि टोटल रेजिस्टेंस जो होगी वो सब इंडिविजुअल का सम होता है। अरे यही तो फार्मूला है। अरे यही तो फार्मूला है।
R सीरीज़ क्या होता है भाई? R1 + R2 + R3 एंड सो ऑन। तो सही तो है। ट्रू है भाई ट्रू। बिल्कुल ट्रू बात कर रहे हो यार आप।
सीरीज सर्किट के अंदर है ना? सीरीज सर्किट के अंदर टोटल रेजिस्टेंस इक्वल होती है सम ऑफ इंडिविजुअल के। इंडिविजुअल का मतलब ये
अलग-अलग हो गई। इनको सम कर दिया टोटल आ गई। सही बात है। अच्छा इन अ सीरीज सर्किट द करंट पासिंग थ्रू ईच कंपोनेंट इज द सेम।
क्या ये बात भी ट्रू है? यस यस एकदम ट्रू है ये भी। ये दोनों ट्रू है। पर पर दोनों एक इसका ये रीज़न तो नहीं बन रही ना। तो
इसलिए आप बी मार्क करोगे। वो समझ गए ना ए, बी, सी, डी चार ऑप्शन जो होते हैं। तो आपको इसमें बी मार्क करना पड़ेगा कि असरशन
भी ट्रू है। रीज़ भी ट्रू है क्योंकि सब में सेम करंट जाता है। है ना? ये लिखा हुआ है करंट पासिंग थ्रू ईच कंपोनेंट इज़ सेम।
बिल्कुल सही है। सीरीज में करंट सेम होता है। तो ये भी ट्रू है। लेकिन ये इसका सही एक्सप्लेनेशन तो नहीं बनता ना। तो बी
ऑप्शन को आपको टिक मारना चाहिए इसके अंदर। आगे बढ़ते हैं। लिखा हुआ है देखो। इलेक्ट्रिक करंट फ्लोस
थ्रू थ्री लैंप्स व्हेन अरेंज्ड इन सीरीज। देखो भाई, आपने क्या किया? सीरीज सर्किट में तीन बल्ब जोड़ दिए। इमेजिन करना तीन
बल्ब जोड़ दिए। ठीक है? सीरीज में और फिर पैरेलल में भी जोड़ दिए। आओ जोड़ दें पैरेलल में भी।
ये जोड़ दिए भाई पैरेलल में। ठीक है? सेम बल्ब है वही सीरीज वाले। वही सेम में उठा के पैरेलल में जोड़ दिए। ठीक? कह रहा है इफ
द फिलामेंट ऑफ़ वन लैंप ब्रेक्स। कह रहा है अगर एक का फिलामेंट ब्रेक हो जाए। मतलब ये टूट जाए। है ना? ये तो पूरा उड़ ही गया।
इसको मैं तोड़ देता हूं। हां जी। ये टूट गया। ये टूट गया है। ऐसे ही यहां पर भी एक तोड़ देते हैं। इधर भी एक तोड़ देते हैं। तो
ये टूट गया है। ठीक है? तो कह रहा है एक्सप्लेन व्हाट हैपेंड टू द अदर टू लैंप्स इन बोथ द केसेस। तो बात ये है कि
ये जो दो लैंप है ना जो पहले जल रहे थे है ना? ये अब स्विच ऑफ हो जाएंगे। ये अब स्विच ऑफ हो जाएंगे। लेकिन ये स्विच ऑफ
नहीं होंगे। है ना? ये कंटिन्यू करेंगे अपने काम को। कंटिन्यू वर्किंग। ऐसा क्यों हुआ? लेकिन ऐसा क्यों
हुआ? है ना? पूछा है एक्सप्लेन करिए। खाली यह बता नहीं देना आपने कि भाई यह बंद हो जाएंगे और यह जलते रहेंगे। आपको एक्सप्लेन
भी करना है तो आप एक्सप्लेन कैसे करोगे? आपको यह बोलना पड़ेगा कि स्विच ऑफ इसलिए हो गए क्योंकि भाई सर्किट ही ब्रेक हो
गया। स्विच ऑफ इसलिए हो गए बिकॉज़ सर्किट ब्रेक्स। भाई सर्किट कब चलता है? सर्किट कब काम
करता है? जब पूरा सर्किट जुड़ा रहता है। पूरा सर्किट कंटीन्यूअस एंड क्लोज्ड पाथ पर बनता है तभी करंट चलता है। ऐसे करंट
नहीं चलता भाई। तो सर्किट ब्रेक हो गया और करंट ज़ीरो हो गया। I टर्न्स आउट टू बी ज़ीरो। I क्या होता है करंट और ये क्या हो
गया? ज़ीरो हो गया। ठीक है ना? यहां पर ऐसा नहीं होगा। लेकिन क्यों नहीं होगा यहां पर? क्योंकि यार यहां पर वोल्टेज तो
सप्लाई हो रही है ना। अरे बैटरी अपनी वोल्टेज तो सप्लाई कर रही है ना इनको। है ना? यहां सप्लाई करना बंद कर देगी। यानी
इस ब्रांच में से करंट जाना बंद हो जाएगा। तरफ ऐसा होगा। अगर ये ब्रेक हो गया, अगर यह फिलामेंट ब्रेक हो गया, तो यहां पे
करंट ज़ीरो जाएगा। पर बाकियों में तो नॉन ज़ीरो ही होगा ना करंट। मतलब जो पहले वाला था वैसा ही रहेगा ना करंट। तो क्या समझे
बात को? तो इसमें तो करंट जा रहा है अभी भी। तो जलेगी ये। तो ये कंटिन्यू वर्किंग क्योंकि क्योंकि करंट इज़
स्टिल ऑन। करंट अभी भी इनमें ऑन है। तो ये होता है पैरेलल में लगाने का फायदा। अगर एक फुक जाता है तो बाकी सब बंद हो जाते
हैं सीरीज में। पैरेलल में ऐसा नहीं होता। पैरेलल में जलते रहते हैं। ठीक है? चलिए आगे बढ़ते हैं। चलिए कुछ सर्किट
डायग्राम्स की प्रैक्टिस कर लेते हैं भाई। जिस चीज के लिए मुझे पता है कि आप सब बच्चे बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे
होंगे। शुरू करते हैं सर्किट डायग्राम्स की प्रैक्टिस को। है ना? ये भाई ये क्या पूछा जा रहा है? ये x एंड y के बीच का
रेजिस्टेंस कितने का है? जी? तो बता दें कितने का है? जी x और y के बीच का पेंच-वेंच कुछ ढीला है क्या तेरा? निकालना
पड़ेगा वो तो ऐसे कैसे पता चल जाएगा कितना है? आओ निकालते हैं। इक्वल डिस्टेंस बिटवीन x एंड y निकालना है आपको। यानी 3
ओम और 6 ओम के बीच की डिजिस्टेंस। आप चेक करके बताइए ये पैरेलल में है या सीरीज में है? जी? कितने में है? जी? पैरेलल में है
कि सीरीज में है? जी बताइए। तो भाई ये पैरेलल में है और पैरेलल के लिए एक सीधा फार्मूला लगता है 1 / r टोटल यानी कि r
इक्विवेलेंट भी लिख सकते हो आप इसको जैसा लिखना चाहो = 1 / r1 + 1 / r2 है ना पुट कर दो जल्दी से और x एंड y के बीच का
रेजिस्टेंस कितने का है जी वो पता चल जाएगा r1 कितना है भाई थ्री है r2 कितना है भाई सिक्स है ठीक है इसका एलसीएम ले लो
एलसीएम कितना आएगा भाई इसका एलसीएम भी सिक्स आएगा 3 * 2 = 6 * 1 ये आ गया थ्री ऊपर और छह नीचे रेसिप्रोकल करना पड़ेगा।
मत भूलना इसको रेसिप्रोकल करना। ठीक है ना? RT ऊपर जाएगा और 6 / 3 यहां आ जाएगा। काटेंगे तो कितना आ जाएगा बेटा? दो आ
जाएगा। है ना? तो आंसर आ गया 2 ओम। ठीक है? तो छह और तीन की पैरेलल का आंसर कितने का है जी? तो यह
है 2 ओम का जी। ठीक है जी? समझ गए ना? 2 ओम का। सीरीज में जोड़ते तो ऐड होता। पैरेलल में जोड़ेंगे तो आपको डिफरेंट
फार्मूला लगा करके काम करना है। मैंने यहां पे कर दिया है। ठीक है? तो x एंड y के बीच में कितना रेजिस्टेंस है जी? ये हर
बार आपको पता करना है। तो करिए भाई साहब। करिए। पॉज करिए और इसको सॉल्व करिए जल्दी से। ये सब के सब प्रीवियस ईयर सवाल है जी।
करिए इसको जल्दी-जल्दी। देखो ये कैसे सॉल्व होगा? अब। इसमें सीरीज भी है और पैरेलल भी है। दोनों का ग्रुप
कॉम्बिनेशन है ये। तो जब ग्रुपिंग होती है इनकी मिक्स्ड फॉर्म होती है इसको मिक्स्ड फॉर्म बुलाते हैं या ग्रुपिंग फॉर्म
बुलाते हैं तब कैसे सॉल्व करोगे तो इसको सॉल्व करने का अब जो तरीका है वो ये है कि आपको कमजोर कड़ी पकड़नी है। कमजोर कड़ी का
मतलब चेक करो कि सीरीज पहले सॉल्व हो सकता है या पैरेलल पहले सॉल्व हो सकता है। देखो यहां से आपको साफ-साफ दिखेगा कि भाई ये
दोनों सीरीज में हैं। तो पहले क्यों ना इन दोनों को निपटाया जाए? पहले क्यों ना इन दोनों को निपटाएं? तो बताओ इन दोनों को
निपटाएंगे कैसे? तो भाई सीरीज का फार्मूला लगा के वो क्या है? 8 + 8 8 + 8 कितना है भाई? 16 ओम है। तो आपको यह अब रीड्रा करना
पड़ेगा। हां, यह करना पड़ता है। ठीक है? यह बोर्ड का एग्जाम है भाई। अगर बोर्ड के एग्जाम को टारगेट कर रहे हो, प्री बोर्ड
को टारगेट कर रहे हो, यूनिट टेस्ट को टारगेट कर रहे हो, फॉर्मल असेसमेंट को टारगेट कर रहे हो,
कोई भी स्कूल का टेस्ट है। आपको रीड्रॉ करके दिखाना ही है। यानी एक बार और ड्रॉ करेंगे इसको। फटाफट आ जाओ जरा। है ना? ये
x ये y और इनके बीच में आपने 88 को सॉल्व करके 16 ओम लिख लिया और ये ऊपर वाला 16 अभी रह गया है। करो इस ऊपर
वाले 16 ओम को सॉल्व जल्दी से कैसे करोगे भाई? अब ये दोनों किसमें दिख रहे हैं आपको? पैरेलल में दिख रहे हैं जी। ठीक है?
तो 1 / r टोटल = 1/16 + 1 / 16 कुल मिला के हो गया 2 /16 काटा तो 1/8 यानी 1 / r टोटल आ गया 1/8 और r टोटल निकाल लिया 8
ओम। इस तरीके से सॉल्व हो जाएगा। आगे चलते हैं। ये कैसे सॉल्व करोगे? x एंड y के बीच में
टोटल रेजिस्टेंस कितना है? जी निकालिए जी जल्दी से। हां जी। 12 और चार पैरेलल में है। सॉल्व करो। निपटाओ। 12 और चार को
पैरेलल में निपटाओ। सबसे पहले कमजोर कड़ी पकड़नी है आपको। वह ऐसे ही मिलेगी। इन दोनों को आपको पैरेलल में निपटाना पड़ेगा।
आइए इन दोनों को पैरेलल में निपटाते हैं। 12 और चार को। 12 और चार को पैरेलल में निपटाया जाए। निपटाएं। 12 और 4 का पैरेलल
क्या होगा? निकालते हैं। आओ जी। 1 / r टोटल = 1/1 + 1/4 एलसीएम हो जाएगा 12। एकदम सही। यह आ गया 1 यह आ गया
3 है ना? यह आ गया 4/1 काटेंगे तो 1/3 अच्छा 1 / r टोटल क्या है? 1/3 है। और r टोटल क्या आ गया बेटा? 3 ओम आ गया। 3 ओम आ
गया। बस अब आप रीड्रॉ करेंगे इस सर्किट को। 12 और चार को रीड करोगे। 12 और चार रीड हो के क्या बन जाएगा? तीन बन जाएगा।
और एक तीन यहां पर खाली बैठा है। तो ये x हो गया। ये y हो गया। यहां पर एक थ्री पहले से था जिसको हमने छेड़ा ही नहीं अभी
तक। अरे इस वाले थ्री को तो अभी तक छेड़ा ही नहीं ना। इन दोनों को तो सॉल्व किया है अभी। है ना? और 12 और चार का आंसर इनकी
मदद से जो आया वो क्या आया? तीन आया। अब तीन और तीन कितना आएगा? 6 ओम आएगा। यानी फाइनल आंसर इज़ 6 ओम। है ना? तीनों को ऐड
दोनों को ऐड कर देंगे। 3 + 3 इज़ 6 ओम। क्लियर है? मुश्किल था कि ईजी था? आसान-आसान है। बिल्कुल। ठीक है ना? सीख लो
इस चीज़ को। बहुत काम आएंगे आपको। ठीक है? आइए। आइए और सवाल करते हैं। सवाल बहुत सारे लाया हूं। बेहिसाब सवाल लाया हूं आज।
कोई हद हिसाब नहीं है। इतने सवाल हैं। देखो जरा यह कैसे सॉल्व होगा। x ये रहा, y ये रहा। मुंडी ऐसे करके देखना जरा। हां
भाई। हां भाई थोड़ा बल पड़ सकता है गर्दन में। लेकिन ऐसे करके देखना पड़ेगा इसको। ये x है। ये y है। है ना? तो जज कर सकते
हो क्या? कौन सी कौन पैरेलल? देखो भाई। मैंने आपको एक चीज सिखाई हुई है। जब भी एक सिंगल वायर को देखोगे, सिंगल ब्रांच को
देखोगे तो उसमें जितने भी रेजिस्टेंस जुड़े होंगे वो सब सीरीज में होंगे। तो ये बताओ क्या ये एक सिंगल ब्रांच नहीं है
क्या ये वाली? है सर। तो ये दोनों सीरीज में नहीं हुए क्या? हुए सर। ऐसे ही ये दोनों भी देखो।
ये और ये एक सिंगल ब्रांच नहीं है क्या? हां सर। है और सिंगल ब्रांच है तो सीरीज में होंगे। हां सर। आओ इसको एक बार रीड्रॉ
करते हैं। आइए एक बार इसको रीड करते हैं। यहां देखो x है। यहां देखो y है। जैसा था वैसा ही बना रहा हूं मैं। कुछ चेंज नहीं
कर रहा। है ना? गर्दन वर्दन टेढ़ी करने की जरूरत नहीं है अपने को। करके देख सकते हो। लेकिन वो एक तरीका है। है ना? यहां पर भी
काम हो सकता है। दो और चार सीरीज में छह बन जाएंगे। 10 और दो सीरीज में 12 बन जाएंगे। तो यानी ऊपर से जाएगा
छह और नीचे से जाएगा 12। क्या सही बोला हूं? क्या मैं सही बोला हूं? है ना? यही हो रहा है ना? यह x है।
चार और दो छ हो गए हैं। 2 और 10 12 हो गए हैं। अब छ और 12 का आंसर क्या आएगा? जल्दी से बता दो। जल्दी से बता दो। छ और 12 का
आंसर क्या आएगा? हां जी। छ और 12 के लिए क्या करेंगे? पैरेलल लगाएंगे भाई। 1 / r टोटल = 1/6 और 1/ 12 हां जी। एलसीएम लेंगे
तो 12 6 * 2 = 12 * 1 = 3 / 12 काटा तो 1/4 यानी 1 / r टोटल यहां पर भी लिखना पड़ता है अपने को 1 / r टोटल इज़ 1/4 और r
टोटल आ गया बेटा 4 ओम 4 ओम इज द आंसर खत्म क्या कोई दिक्कत क्या कोई समस्या आ रहा है समझ में आगे चलूं चलिए
सीबीएसई टर्म टू 202 यानी प्रीवियस ईयर सवाल है ये बोर्ड का देखिए कैसे होगा कैलकुलेट द इक्विवेलेंस ऑफ़ द फॉलोइंग
नेटवर्क। इसकी इक्विवेलेंट रेिस्टेंस जल्दी से बताइए क्या आएगी? भाई ये एक मिक्स्ड फॉर्म है। हां। कमजोर कड़ी पकड़नी
पड़ेगी। बात तो सही है सर। कमजोर कड़ी में सबसे पहले कौन निपट रहा है वो देखो आप। सबसे पहले किसको निपटा रहे हो? तो देखो ये
दो ब्रांचेस मुझे दिख रही हैं जो पहले निपटानी अपने को चाहिए। ये दो ब्रांचेस को अपने को पहले निपटाना। ये निपटने के बाद
फिर ये तीनों सीरीज में आ जाएंगी। है ना? थोड़ी सी एक स्टेप आगे का सोचना। और ये धीरे-धीरे होता है। एकदम से नहीं होता
यार। एकदम से नहीं होगा। प्रैक्टिस करते-करते ही होगा। जो मैं सोच रहा हूं ना, एक बार वह सोचने की ट्राई कर। मैं
आपको सवालों को रटवा नहीं रहा हूं। मैं आपको अप्रोच सिखा रहा हूं कि सवाल कैसे तोड़ने फोड़ने हैं। ठीक है ना? तो आप
अप्रोच पकड़ो यार। आप सवालों को रटना नहीं है। आप सवालों की अप्रोच सीखो। कैसे सवालों को तोड़ा जा रहा है। तो भाई देखो
सबसे पहले मैंने चुना इन दोनों को तोड़ना कि 10 और 10 को पहले निपटाते हैं। क्योंकि जब इनका आंसर आएगा ना तो फिर ये सीरीज में
बहुत सिंपल हो जाएगा सॉल्व करना। तो इसलिए हम लोग क्या करते हैं? सबसे पहले इन दोनों को निपटा देते हैं। हां जी। तो पैरेलल में
दिख रहे हैं ये? हां सर पैरेलल में दिख रहे हैं। तो 1/10 + 1 /10 1/10 1/10 क्या होता है? 2 /10 होता है। तो इसलिए 1 / r
टोटल क्या आ गया भाई? 2 /10 आ गया। रेसिप्रोकल कर दो। रेसिप्रोकल करोगे 10 / 2 आएगा। काटेंगे तो 5 ओम आएगा। तो बस 10
और 10 का आंसर पांच आ गया। एक बार सर्किट को रीड कर लो। आपको आंसर मिल जाएगा। रीड्रा करना जरूरी होता है बेटा। स्कूल
में नंबर काट लेगी मैडम और बोर्ड में भी कट जाएंगे। देखो ये पांच है। 10 10 को सॉल्व करके भी क्या आया? पांच ही आया। और
ये भी पांच ही है। और पांच पांच पांच सीरीज का 15 हो जाएगा। हां या ना? है ना? तो सॉल्व करके इसको आप 15 लिख लेना।
क्लियर है? क्लियर हुआ? आसान लग रहा है? कॉन्फिडेंस आ रहा है? धीरे-धीरे लेवल को ऊपर कर रहे हैं। धीरे-धीरे लेवल अप कर रहे
हैं। एकदम से लेवल पे जंप नहीं मारेंगे क्योंकि प्रैक्टिस चल रही है भाई अभी। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। लो जी वैसा सा ही सवाल
है। मुंडी टेढ़ी करके देखो। गर्दन तिरछी करके देखो। आपको दिखेगा। उधर बी है, इधर ए है। पास्ट ईयर का सवाल है देखो। 2020 में
आया हुआ सवाल है बोर्ड के अंदर। ठीक है? कैसे करेंगे बेटा इसको? सबसे पहले आप कमजोर कड़ियां पकड़ेंगे। एक ब्रांच में
कितने जुड़े हुए हैं? सबसे पहले उनको सॉल्व करो। देखो भाई, एक ये ब्रांच आपको दिख रही होगी। दिख रही है सर। एक ये
ब्रांच आपको दिख रही होगी। दिख रही है सर। निपटाओ जरा। छह और चार टोटल कितना आया? 10 आया। तीन और तीन टोटल कितना आया? छह आया।
एक बार रीड्रॉ कर लो इसको। आओ रीडॉ कर लेते हैं। आ जाओ भाई आ जाओ। रीडॉ कर लेते हैं। ये है बी।
ये है ए। ठीक। B से ये वाली जो ब्रांच है वो छह और चार मिलके 10 बना रही है। हां सर सही कह रहे
हो। 10 बना रही है। तीन और तीन मिलकर के छह बना रही है। हां सर सही कह रहे हो। छह बना रही है। और बीच वाली 15 इसको तो अभी
तक छेड़ा ही नहीं। बीच वाली 15 को तो अभी तक छेड़ा ही नहीं। क्या यह तीनों पैरेलल में नहीं आ गई क्या? आ गई तो सॉल्व करो
यार। खत्म करो इसको। खत्म करो भाई। खत्म करो। 1 / r टोटल = 1 / 10 + 1 / 15 + 1 / 6 एलसीएम क्या आएगा? जल्दी से बताओ। 10 15
6 को 30 ले ले एलसीएम। 30 ठीक रहेगा ना? है ना? 10 * 3 15 * 2 और 6 * 5 और 2 अच्छा ये 10 ही आ गया ऊपर। है ना? 10 / 30 आ
गया। ठीक है? तो 1 / R टोटल कितना आ गया बेटा? थ्री 1/ 3 एंड R टोटल बिकम्स 3 ओम। खत्म।
खत्म। ऐसे सॉल्व करना है। ऐसे सॉल्व करना है। आसान कैलकुलेशन है कि मुश्किल है? सिर्फ सर्किट को पकड़ने में थोड़ी दिक्कत
होती है। हर बच्चे को। ये कैलकुलेशन करने में दिक्कत नहीं आएगी। आपको सर्किट पकड़ने में दिक्कत आएगी। सर्किट एक बार पकड़ा गया
बस उसके बाद काम हो जाएगा। इसलिए प्रैक्टिस से ही आप ये कर पाओगे। ठीक है? आई होप काफी सारे सवाल मैंने आपको
प्रैक्टिस करवाए। आइए कुछ और डिफरेंट टाइप के भी पीवाईक्यूस देखते हैं जो कि सीबीएसई ने पास्ट में पूछे हुए हैं। 2023 का सवाल
है। एक बार देखना बहुत ही प्यारा सवाल है। कह रहा है चार आइडेंटिकल रेजिस्टर हैं। चार रजिस्टर एकदम एक जैसे हैं। एकदम एक
जैसे हैं। मतलब सबकी वैल्यू R ले लेते हैं। ले लें। भाई चार रजिस्टर हैं। अगर आइडेंटिकल हैं। चारों की वैल्यू R ले लो
कि R ओम, R ओम, R ओम, R ओम चार हैं। ठीक? कह रहा है सबसे पहले उन्हें सीरीज में कनेक्ट किया गया। लो जी। लो जी सबसे पहले
इन चारों को कनेक्ट करते हैं। किस में? सीरीज में। तो RR सीरीज में आ गया। ठीक? कह रहा है सो एस टू
गिव एन इफेक्टिव रेजिस्टेंस RS तो ये RS जो निकल के आया, R सीरीज निकल के आया तो वो कैसे आएगा? R + R + R + R यानी 4R है
ना? ये R सीरीज आ गया बेटा 4R। ठीक? तो सीरीज वाला मैंने सॉल्व कर लिया। अब आगे बढ़ते हैं। कह रहा है देन कनेक्टेड इन
पैरेलल। बोल रहा है भाई अब इनको पैरेलल में जोड़ दो। हां बस यही लगे रहे हम करने। है ना? पहले सीरीज में जुड़वा ले फिर
पैरेलल में जुड़वा ले। फिर हाथ जुड़वा ले फिर पैर जुड़वा ले हमसे। लो जी।
लो जी R लगाओ भाई पैरेलल वाला फार्मूला। है ना? यही चाह रहा है ना? RP बोला ना इसने इसको।
हां। तो 1 / क्या होता है? 1 / R1 + 1 / R2 + 1 / R3 + 1 / R4 बस सबको पुट कर दो। क्या पुट करोगे? R ही पुट करेंगे सर। 1 /
r + 1 / r + 1 / r + 1 / r सही है? सारा मिलके हो जाएगा। देखो 1 / r 1 / r 1 / r 1 /r 4 / r क्या बात है सर। क्या बात है? 4
/ r हो गया। रेसिप्रोकल कर दो। बहुत जरूरी है भाई रेसिप्रोकल करना। r / 4 हो जाएगा ये। ठीक जी? तो r पैरेलल भी आ गया। r
सीरीज भी आ गया। अब क्या करें? कह रहा है रेशियो निकालो। कह रहा है रेशियो निकालो। ठीक जी। R सीरीज डिवाइड बाय R पैरेलल का
रेशियो। R सीरीज़ कितना है भाई? 4R है। R पैरेलल कितना है? R / 4 है। R से R कट गया बेटा। चार चला गया ऊपर 16 / 1 यानी 16:1
का रेश्यो है। है ना? रेशियो ही पूछा था ना? देखो डी ऑप्शन एकदम सही है। डी ऑप्शन एकदम सही है। आया समझ में? क्या करना है?
ऐसे सवाल आपको प्रैक्टिस करके जाने हैं। अब आपको एक बात बताता हूं। एनसीईआरटी का फर्स्ट क्वेश्चन है बैक एक्सरसाइज का। अब
याद है मुझे पूरी एनसीईआरटी ही याद है भाई। ठीक है? तो एनसीईआरटी के बैक एक्स का फर्स्ट क्वेश्चन है। वो ट्राई करना इसके
बाद आप बना ले जाओगे। मैं कह तो रहा हूं एक बार इस सेशन को पूरा अटेंड तो करके देख। तू एनसीईआरटी का एक क्या सारे
क्वेश्चन बना ले जाएगा। और वो एक क्वेश्चन भी तगड़ा है। मतलब उसमें पांच पार्ट्स में डिवाइड किया है। फिर उनको जोड़ा है। आप
ट्राई करके देखना आपसे बनेगा। ठीक है ना? आपसे बनेगा। तो ये क्या है? 16:1 16:1 इसका आंसर है। एक और देखते हैं भाई। यह भी
प्रीवियस ईयर सवाल है। आप देख सकते हो 2020 में आया हुआ सवाल है। क्या बोल रहा है? कह रहा है मैक्सिमम रेजिस्टेंस व्हिच
कैन बी मेड यूजिंग फोर रेजिस्टर्स ईच ऑफ 2 ओम। कह रहा है दो-दो दोद ओम के चार रेजिस्टर हैं। उनसे मैक्सिमम कितनी बनाई
जा सकती है? एक बात बताओ। यार क्या मैक्सिमम बनाने का मतलब यह नहीं होता कि सबको सीरीज में जोड़ोगे तभी मैक्सिमम
आएगा। हां या ना बोलो भाई। हां या ना बोलो भाई। इनका सीरीज कर दूं यानी 2 + 2 + 2 + 2 8 ओम ही तो मैक्सिमम आएगा। उससे ज्यादा
कैसे आ सकता है? उससे ज्यादा नहीं आ सकता भाई। 2 2 ओम को सीरीज में जोड़ेंगे तभी तो मैक्सिमम आएगा। पैरेलल में जोड़ने पर थोड़ी
मैक्सिमम आता है। वो तो डिवाइड हो जाता है ना? 1 / 1 / 1 / करके। समझ रहे हो ना? सीरीज में ही मैक्सिमाइज करेगी हमेशा। तो
ध्यान रखना। इस बात को ध्यान रखना। डब्बा बंद करके कुछ समझा देता हूं आपको। ठीक है? कुछ समझा देता हूं। लो जी आरडीएक्स
वेट कर रहे थे ना इसकी कि सर कुछ आरडीएक्स तो दे दो। आरडीएक्स कहां गया? RDX नहीं आ रहा। लो एक ट्रिक पकड़ो भाई। याद रखना
हमेशा अगर आपको मैक्सिमाइज करनी हो। अगर आपको मैक्सिमाइज करनी हो रेजिस्टेंस तो हमेशा सीरीज में जोड़ना। हमेशा सीरीज
में जोड़ना। अगर आपको मिनिमाइज करनी हो यानी छोटे से भी छोटी लेके आनी हो। छोटे से भी छोटी छोटे से भी छोटी ले आनी हो तो
पैरेलल में जोड़ना। ठीक है? अब इसके बीच में कहीं जोड़ोगे यानी मिक्स फॉर्म में अगर आप जोड़ोगे तो मैक्सिमा और मिनीमा के
बीच में कहीं कोई वैल्यू रहेगी। ठीक है? ये काम आता है फैक्ट बहुत। जैसे इस क्वेश्चन में काम आया। प्रीवियस ईयर
क्वेश्चन है ये। अगर यही ना पता होता तो कैसे पकड़ पाते इस बात को? तो इसे नोट करना अपने पास। ठीक है ना? वैसे ही ये
प्रैक्टिस से आता है। ठीक है? आइए और सवाल करते हैं। सवालों की भरमार है। सवालों की कोई कमी नहीं है। जिस-जिस चीज की भूख लगी
है ना तुमको वो भूख शांत कर दूंगा भाई। ये बात पक्की है। प्रैक्टिस करने की भूख थी ना? सवाल लेके आओ। सवाल लेके आओ। सवाल
लेके आओ। ले आया भाई सवाल कर। ठीक है? आ देख आ देख कैसे होगा? कह रहा है राइट द फार्मूला। फॉर डिटरमाइन द इक्विवेलेंट
रेजिस्टेंस बिटवीन A एंड B ऑफ़ टू कॉम्बिनेशंस वन एंड टू ऑफ़ थ्री रेजिस्टर्स R1, R2, R3 अरेंज्ड एज़ फॉलोज़। भाई, इस
तरीके से अगर अरेंज किया जाए, तो फार्मूला कौन सा है? है वो फार्मूला लिखना है आपने तो यार ये सीरीज़ नहीं है क्या? तो सीरीज़
का फ़ूला लिखेंगे। अरे सीरीज़ है ना भाई। तो सीरीज़ का फ़ूला लिखेंगे। क्या लिखेंगे? R सीरीज़ = R1 + R2 + R3 अच्छा ये बताओ क्या
ये पैरेलल नहीं है क्या? है ना? तो आप इसका पैरेलल का फार्मूला निकालोगे। 1 / R पैरेलल होता है ये। कुछ बच्चे यहां पर पता
है क्या करते हैं? गलती करते हैं। बच्चे यहां पे लिख देंगे R पैरेलल होता है। 1 / R1 + 1 / R2 + 1 / R3 है ना? गलत है ये। R
पैरेलल नहीं होता। 1 / r पैरेलल होता है। तभी तो एंड में रेसिप्रोकल करना पड़ता भाई। नहीं तो रेसिप्रोकल क्यों करना पड़ता
बता? एंड में रेसिप्रोकल इसलिए करते हैं क्योंकि ये हर पैरेलल नहीं है। ये 1 / r पैरेलल है बेटा। ठीक है? तो ये गलतियां ना
करें आप। ना करें जनाब ना करें। ये गलती आप ना करें जनाब। ठीक है? आइए। अगेन एक py q ही है ये भी। है ना? एक बार
देखो। कह रहा है इक्विवेलेंट रेजिस्टेंस निकाली गई है दो अरेंजमेंट्स की। एक इसकी और एक इसकी। RS और RP लिख दिया RS और RP।
ठीक है ना? कह रहा है, देन, व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग VI ग्राफ्स इज़ करेक्टली लेबल्ड? कौन सा वीआई ग्राफ जो है, वह सही बनाया
गया है? इन दोनों में से एक ग्राफ सही है, एक ग्राफ गलत है। तो, आपको पहचानना है सही कौन सा है? और फिर आपको आंसर जस्टिफाई भी
करना है। क्या कर पाओगे? दोनों में से कौन सा ग्राफ सही है जी? बता पाओगे? VI का ग्राफ कौन सा सही है जी? बता पाओगे क्या?
ट्राई करो। ट्राई करो। एक बात याद है कि कोई भी vi ग्राफ का स्लोप
कोई ये A है, कोई ये B है, कोई ये C है। क्या देता है? किसी भी VI ग्राफ का स्लोप क्या देता है भाई? स्लोप देता है R को। है
ना? तो आप मुझे बताओ A, B, C में से किसका स्लोप सबसे ज्यादा है? सर A का स्लोप सबसे ज्यादा है। सर B का उससे कम है। C का सबसे
कम है। तो रेजिस्टेंस किसकी सबसे ज्यादा हुई? A की। भाई जिसका स्लोप ज्यादा जिसका स्लोप ज्यादा उसकी रेजिस्टेंस ज्यादा। तो
RA सबसे बड़ा, RB उससे छोटा, RC सबसे छोटा। क्या ये बात सही है? है ना? अब मुझे इन दोनों में से चेक करके बताओ कि सीरीज
को टोटल करते हैं। यानी जब सीरीज कैलकुलेट करते हैं, तब बड़ी वैल्यू आती है या पैरेलल कैलकुलेट करते हैं, तब बड़ी वैल्यू आती है?
बताइए। बताइए। सीरीज बड़ा होता है कि पैरेलल बड़ा होता है? वैल्यूज़ में तो सीरीज बड़ा होता है भाई। पैरेलल बड़ा नहीं होता।
है ना? तो वी नो दैट हम इसे ऐसे लिखेंगे कि भाई R सीरीज क्योंकि R पैरेलल से हमेशा बड़ा होता है। तो इसलिए स्लोप
स्लोप सीरीज़ वाला बड़ा होना चाहिए पैरेलल वाले से। तो किस केस में स्लोप बड़ा है सीरीज़ वाला? यह वाला। यहां पर अच्छा, यहां
पर तो दोनों यह मिस प्रिंटिंग है। यहां पे यह P है। ठीक है ना? तो ये सीरीज का स्लोप जो है वो छोटा है। देखो सीरीज का स्लोप जो
है वो क्या है? छोटा है। यहां सीरीज का स्लोप जो है वो क्या है? बड़ा है। समझ गए ना? तो जिसका स्लोप बड़ा उसकी रेजिस्टेंस
ज्यादा। जिसका स्लोप छोटा उसकी रेजिस्टेंस कम। है ना? तो R सीरीज बड़ा है। R पैरेलल छोटा है। तो फर्स्ट वाला सही है। सेकंड
वाला गड़बड़ है। खत्म। कहानी सारी स्लोप की थी। जिसका स्लोप बड़ा उसकी रेजिस्टेंस ज्यादा। बात खत्म।
आइए और सवाल देखते हैं दोस्तों। सीबीएसई 204 आ रहे हैं लेटेस्ट सवालों पर भाई साहब। ठीक है? देखिएगा जरा। कह रहा है शो
हाउ वुड यू कनेक्ट थ्री रेजिस्टर्स ईच ऑफ रेस्टिंग 6 ओम। छह-छह ओम के तीन रेजिस्टर हैं। उन्हें ऐसे जोड़ो कि आपका आंसर 9 ओम
आए। मैं आपको एक ट्रिक बताता हूं इसकी। आओ इसका एक आरडीएक्स सुनो। फिर ये आरडीएक्स ऐसा है कि इसके दीवाने हो जाओगे भाई।
ऐसे-से आरडीएक्स दूंगा। अभी तो अभी तो शुरू हुए हैं भाई अभी तो एक सेशन लेके आ रहा हूं मैं आपके लिए इलेक्ट्रिसिटी का।
है ना? जो कि आज अपलोड होगा। आने वाले टाइम में मैं ऐसे कई सारी चीजें आपको देने वाला हूं जो कि आपने कभी देखी भी नहीं
होंगी और ईजीली सॉल्व कर ले जाओगे। आओ ये आरडीएक्स एक बार देखो। ऐसा है भाई तीन रजिस्टरों को जोड़ने के मात्र चार ही
तरीके हैं। इसके अलावा कोई पांचवा तरीका ही नहीं होता। सर कौन-कौन से चार तरीके हैं? तीन रजिस्टर जोड़ने के चार ही तरीके
हैं। तीन रजिस्टर जोड़ने के कितना तरीका है? जी तो ये है पहला तरीका।
ये है दूसरा तरीका। ये है तीसरा तरीका। और ये है चौथा तरीका।
बस ये चार तरीके हैं। ये चार ही तरीके हैं। इसके अलावा कोई पांचवा तरीका बना ही नहीं है भाई। पैदा ही नहीं हुआ है मां।
पैदा ही नहीं हुआ है। यही चार तरीके हैं। तो आप एक बात बताओ अगर 66 ओम वालों को आप सीरीज में जोड़ दोगे तो इनका आंसर क्या
आएगा? 6 + 6 + 6 6 + 6 + 6 कितना आया? 18 ओम आया भाई। 6
पैरेलल में जोड़ा तो 1/6 + 1/6 + 1/6 बिकम्स 3/6 यानी 1/2 रेसिप्रोकल किया तो R टोटल आ गया 2 ओम।
क्या आंसर मिला अभी तक? नहीं मिला सर। आंसर क्या है? 9 ओम बनाना है। कैसे बनेगा? अब या तो इससे बनेगा या तो इससे बनेगा।
समझ में आया ना? प्योर सीरीज जोड़ा आंसर नहीं मिला। प्योर पैरेलल जोड़ा आंसर नहीं मिला। तो फिर मिक्स्ड फॉर्म में जोड़ के
देख। क्या पता मिल जाए? आओ इस पर ट्राई करते हैं। यह भी छह, यह भी छह, यह भी छह। बेटा इस छह का पैरेलल क्या होगा? निकालते
हैं। आ जाओ आओ इस छह-छह का पैरेलल निकालें। 1 / r टोटल = 1/6 + 1/6 हो गया 2 / 6 यानी 1/3 यानी 1 / r टोटल आ गया 1/ 3
और r टोटल आ गया 3 ओम। मेरे भाई ये छह छह का आंसर आ गया तीन। सात में ये छह भी है। छह और तीन मिलके बन जाएगा नौ। यानी आपका
आंसर ये है। आपका ये आंसर है। समझ गए ना? समझ गए ना? देखो ये वाला छह तो है ही है। हां। ये तीन है। इन दोनों को सॉल्व करके
जो आया है। इस छह-छह को सॉल्व करके तीन आया है। वो तीन आप यहां लिख दोगे। ये छह और तीन का सीरीज क्या आएगा भाई? 9 ओम
आएगा। आंसर आपको मिल गया। यानी ये भी आंसर नहीं है आपका। इसको भी करके देखोगे तो भी कोई चौथा आंसर मिलेगा। लेकिन वो भी सही
नहीं होगा। तो ये भी सही नहीं है। ये भी सही नहीं है। ये भी सही नहीं है। ये आपका सही आंसर है। तो जस्टिफाई कैसे करोगे? कह
रहा है जस्टिफाई करके दिखाओ। जस्टिफाई करने का मतलब कैलकुलेट करके दिखाओ भाई। तो आप ये बनाओगे। उसके बाद आप ये कैलकुलेशन
करके दिखा दोगे। दैट इज ऑल। दैट इज ऑल। आ गया समझ में? क्लियर है बात? आगे बढूं? चलो।
एक इंपॉर्टेंट सवाल है। ऐसे सवाल जहां भी मिल जाए आपको। चाहे प्रीवियस ईयर की किसी किताब में मिल जाए। ठीक है? चाहे आपको
एनसीईआरटी में मिल जाए, चाहे आपको एग्जांपलर मिल जाए। अब आपसे टूटने लगेंगे ये सवाल। क्योंकि मैं एक सवाल में सब कुछ
ले आया। ये ऑल इन वन क्वेश्चन है जो पीछे लिखा हुआ है। ये एक ऑल इन वन प्रैक्टिस क्वेश्चन है भाई। इसके बाद आपको किसी भी
सवाल से डर नहीं लगेगा। सीरीज पैरेलल के पोटेंशियल डिफरेंस फाइंड करने के, करंट फाइंड करने के किसी भी सवाल से अब डर लगना
बंद हो जाएगा। अगर यह सवाल आपने मेरे साथ कर लिया तो। आओ देखो एक बार यह सवाल कैसे होगा। आराम आराम से बताऊंगा। तसल्ली के
साथ हर एक पॉइंट को कवर करते हुए आप चाहे तो इस एक पाठ को मल्टीपल टाइम्स रिपीट पर सुनना। तो आप यह देखोगे कि यार जितनी बार
मैं इसको सुन रहा हूं उतनी बार कुछ नया-नया नया-नया मुझे हासिल हो रहा है। कुछ नया-नया नया-नया मैं सीख रही हूं। कुछ
नया-नया नया-नया मैं सीख रहा हूं। और ये मैं अपने क्वेश्चंस में अप्लाई करके देखूंगा। तो सारे सवाल बनेंगे भाई। आओ
देखो एक बार। सिस्टम यहां पर ये है कि एक 15 वोल्ट की बैटरी है। बढ़िया। यहां पे एक 1 ओम कनेक्टेड है। यहां छह और तीन
कनेक्टेड है। यहां पर दो कनेक्टेड है। बढ़िया। तो ये चार रजिस्टरों का सर्किट है। एक बैटरी जोड़ रखी है। अब देखते हैं
हमसे क्या-क्या पूछ रहा है ये। सबसे पहले R इक्विवेलेंट पूछ रहा है। यानी टोटल R निकालो। इस पूरे सर्किट का टोटल R निकालते
हैं। आ जाओ। कमजोर कड़ी पकड़नी होती है। क्या ये छे और तीन पैरेलल में हैं? हां। तो इनको पहले निपटाते हैं। क्योंकि ये
निपट गए तो जो आंसर आएगा वो इन सब के साथ किस में होगा? सीरीज में होगा। सही बात है सर। तो आओ पहले इन दोनों को निपटाएं। छह
और तीन को निपटाते हैं। ठीक? यहीं यहीं लिख दूं 1 / r टोटल इज इक्वल टू 1/6 और 1 / 3 ये छह ही हो गया।
तो 3 / 6 काटा तो 1/2 ये 2 ओम आ गया। अब अगर ये दो आ गया बेटा। है ना? मैं इसको मिटा देता हूं यहां से।
अगर यहां पे दो आ गया है तो ये दो ये दो और ये एक कितना हो गया? 5 ओम हो गया। यानी R इक्विवेलेंट निकल के आ गया।
यह वाला दो। इन दोनों को सॉल्व करके जो दो आया वह वाला दो और यह जो एक बचा यह वाला एक मिलके आ गया 5 ओम। फर्स्ट वाला हमारा
सॉल्व हो गया। ईजी। आसान कर लोगे इतना तो। बढ़िया। नेक्स्ट। कह रहा है रीडिंग बताइए एमीटर की कितनी है? एमीटर कहां है? ये
रहा। देखो बैटरी के प्लस के सामने होता है हमेशा। बैटरी के प्लस के सामने इसका प्लस होता है। नहीं हो तो फिर सवाल बनाने वाला
भी गलत है। है ना? तो यहां पर तो खैर प्लस आया हुआ है। ठीक है? है ना? तो खैर आपको करंट बताना कितना है? तो टोटल सर्किट में
करंट कैसे निकालोगे? अब ये बताओ। अगर ये आपसे पूछ रहा है बी पार्ट में वो ए पार्ट था। अगर आपसे पूछ रहा है बी पार्ट
में कि टोटल करंट बताइए। है ना? एमीटर क्या रीड करेगा? करंट ही तो करेगा यार। हां या ना बोलो। एमीटर क्या रीड करेगा?
करंट ही तो रीड करेगा ना। है ना? तो करंट आपको बताना है। ठीक? वोल्टेज कितनी है? वोल्टेज है 15.
रेजिस्टेंस कितनी है जो अभी-अभी निकाली? जी? 5 ओम निकाली। क्या V = IR लगा दूं? लगा दे भाई। समझ गए ना? ओम्स लॉ लगेगा ना
भाई? ओम्स लॉ लगाओ। 5 * 3 = 15 करंट निकल के आ गया 3 एंपियर। करंट निकल के आ गया 3 एंपियर। करंट निकल
के आ गया 3 एंपियर। खत्म बात। बहुत आसान। दो पार्ट हो गए। R इक्विवेलेंट निकाल लिया। उससे I टोटल करंट भी निकाल लिया। तो
अब मेरी बात को सुनना ध्यान से। जो करंट पैदा हुआ है यहां वो 3 एंपियर का है। वो 3 एंपियर का है। आगे जा रहा है। आगे जा रहा
है। आगे जा रहा है। यहां डिवाइड हो जाएगा। ऑब्वियसली कितना-कितना डिवाइड होगा राम जाने। बाद में देखते हैं। और आगे जाएगा।
और आगे जाएगा और आगे जाएगा। ठीक है ना? तो यह 3 एंपियर का करंट जो है वह पूरे सर्किट में घूमी घूमी करिया है। पूरे सर्किट में
घूमी घूमी करिया है। करने देते हैं इसको। 3 एंपियर करंट पूरे सर्किट में घूम रहा है। बढ़िया। आगे चलते हैं। अब ये थर्ड
पार्ट में क्या कह रहा है? कह रहा है पोटेंशियल डिफरेंस बताइए सभी रेजिस्टर्स के अक्रॉस। हां जी। हां जी। बिल्कुल। हम
इसी के लिए तो खड़े हैं। ये यही तो मुश्किल चीज है जो बच्चे को समझ में नहीं आती है। ये आपसे कह रहा है कि जहां-जहां करंट जा
रहा है, जहां-जहां करंट जा रहा है, वहां वहां का पोटेंशियल डिफरेंस निकालते जाओ। अब आपको बेटा यह बात पता है। कि यहां पर
भी करंट घुस रहा है। यहां पर भी करंट घुस रहा है। और इन दोनों पर भी करंट आ रहा है। है ना? दोनों में सब सब में करंट जा रहा
है ना? आपको निकालनी है पोटेंशियल डिफरेंस सभी के लिए इंडिविजुअली। तो जब भी कभी इंडिविजुअल पोटेंशियल डिफरेंस निकालना
होता है तो आप क्या करते हो? जरा देखना ध्यान से। ये है सी पार्ट। सी पार्ट इज़ वेरीेंट। यहां पर बच्चा फंसता है। ये ऑल
इन वन सवाल इसलिए लेकर के आया हूं। देख सी पार्ट में क्या करेगा? तुझे यहां की वोल्टेज निकालनी है तो तू यहां के लिए एक
लोकलाइड्ड ओम्स लॉ लगाएगा। लोकलाइज्ड ओम्स लॉ का मतलब लोकल लेवल पर। अभी लगाया था पूरे लेवल पर। ये जो ओम्स लॉ लगा ना ये
पूरे सर्किट के लेवल पर लगा है। पूरे सर्किट में टोटल करंट कितना है? पूरे सर्किट की रेिस्टेंस कितनी है? पूरे
सर्किट की वोल्टेज कितनी है? तो लगाया V = IR यहां पर ऐसा नहीं करना। यहां पर आपको लोकलाइज़्ड ओम्स लॉ। लोकलाइज़्ड का मतलब
क्या होता है? इसके लिए लोकल लगाना है। सिर्फ इसकी बात करनी है। तो सिर्फ इस इसके लिए ओम्स लॉ लगेगा। तो लगेगा V = IR, है
ना? अब मुझे बताओ सिर्फ इसमें करंट कितना जा रहा है? एक की बात करना बस। बाकियों से कोई मतलब नहीं है। बाकियों से हमें कोई
सरोकार नहीं है। सिर्फ एक की बात करना। हां जी। कहिए। कहिए। कितना वोल्टेज? कितना वोल्टेज? कितना करंट जा रहा है? 3 एंपियर
जा रहा है। और कितना रेजिस्टेंस है इसका? दो। तो निकल के आ गया ना देख वोल्टेज 6 वोल्ट।
तो सिर्फ इस पर जो वोल्टेज गिर रहा है बेटा वो 6 वोल्ट का है। समझ गए ना? जो इस पर वोल्टेज गिर रही है वो कितनी है? 6
वोल्ट की वोल्टेज है। सिमिलरली अब इसका निकाल कर कर क्योंकि 15 में से छह यहां गिर चुकी है। बाकी इन पे गिरेगी। है ना?
यहां गिरेगी और इन दोनों पे इकट्ठी गिरती है। ये आपको पता है। पैरेलल में वोल्टेज क्या रहती है? सेम रहती है। तो दोनों पर
सेम वोल्टेज गिरेगी। कितनी होगी? अभी निकाल लेंगे। झट झटके में आएगा। ऐसे चुटकियों में देखियो अभी उसका निकालते
हैं। आओ आ जाओ। V इक्वल टू किसके लिए? 1 ओम के लिए। ये किसके लिए निकाला था? ये निकाला
था V एट 3 ओम। ओ थ्री नहीं सॉरी टू। V एट 2 ओम। अब ये है V एट 1 ओम। अब 1 ओम वाले के लिए निकालेंगे।
1 ओम के लिए लोकलाइज़्ड ओम्स लॉ लगा दिया। लोकलाइज़्ड ओम्स लॉ मतलब सिर्फ इसमें करंट कितना घुस रहा है वो बता। सिर्फ इसमें
रेजिस्टेंस कितनी है वो बता। मल्टीप्लाई कर दे। बता भाई कितना करंट है? सर तीन है। बता भाई कितनी रेजिस्टेंस है सर? वन है। 3
वोल्ट आ गया भाई। आया समझ में? तो मेरे बच्चे अब ध्यान से समझ बात को। तेरे पास टोटल वोल्टेज कितनी थी? 15 टोटल रोटियां
कितनी थी? घर में जो बनी थी? 15 रोटियां बनी थी। 15 रोटियों में से छह रोटियां यह खा गया।
तीन रोटियां यह खा गया तो बची कितनी? बोलो 15 रोटियों में से तीन यह खा गया छह ये खा गया माने नौ रोटियां खत्म अब बची
कितनी है भाई 15 में से नौ गए 2001 छह बची सर तो बस छह की छह इस पे पड़ेगी खत्म ये छह आकर के इस पर भी गिरेगा आपको
पता है पैरेलल में वोल्टेज क्या रहती है सेम रहती है तो इस पर भी छह ही वोल्ट गिरेगा इस पर भी छ ही वोल्ट गिरेगा आया
समझ में तो अब आपसे ये सीधा ही निकाल सीधा ही लिख सकते हो आप कि V एट 6 ओम जो होगा है ना वो बचा हुआ 6 वोल्ट है और V एट कौन
सा है ये थ्री V एट 3 ओम जो होगा वो भी बचा हुआ 6 वोल्ट है दोनों पर छह ही गिरेगा पैरेलल में सेम रहती है इसीलिए ठीक है ना
तो 15 में से छह यहां छह यहां तीन यहां गिन लो छ और छह कितना हो गया भाई छ और छह 12 और तीन 15 15 वोल्ट हो गया टोटल आया
समझ में क्लियर हुआ क्या कर रहे हैं बढ़िया बढ़िया आई होप आई होप क्लियर हुआ होगा बाकी बाकी कोई डाउट होंगे तो देख
लेंगे यार और डाउट सेशन ले आऊंगा उसमें क्या है अपना ही चैनल है यार जब तुम बोलोगे ये चाहिए वो आ जाएगा तुमने
इलेक्ट्रिसिटी की डिमांड रखी थी ये आ गया इलेक्ट्रिसिटी ठीक है ना जो तुम बोलोगे वो होगा भाई ये तुम्हारा चैनल है ये मेरा
नहीं है ये आपका चैनल है समझ लो जो तुम डिमांड करोगे जो मुझसे निकलवाना चाहो मैं दे दूंगा आपको ठीक है टेंशन ना लेना सी ये
रहा अब डी पर आते हैं ठीक डी के लिए क्या करें डी में क्या कह रहा है कह रहा है करंट निकालो सभी रेजिस्टर्स
से अच्छा जी अच्छा जी कह रहा कह रहा है सभी में करंट कितना जा रहा है वो निकालो यार एक बात बता
करंट किस में कितना जा रहा है वो यहां पर काफी क्लियर पहले ही हो रहा है। कैसे बताएं देखो सीरीज में आपको पता है करंट
सेम रहता है तो 3 एंपियर 3 एंपियर 3 एंपियर इसमें कितना घुसा 3 एंपियर ही घुसा तो सीधा-सीधा लिख देंगे हम तो हम तो सीधा
लिख देंगे कि करंट करंट 2 ओम में कितना घुस रहा है? 3 एंपियर घुस रहा है। सही बात है। इसमें करंट 1 ओम में कितना
घुस रहा है? सर करंट 1 ओम में भी 3 एंपियर ही घुसेगा। अरे क्योंकि करंट तो सेम ही है ना। करंट तो मेरे भाई सेम ही है ना तो
इसमें भी 3 एंपियर जा रहा है। इसमें भी 3 एंपियर जा रहा है। सही बात है। एकदम सही है। तो दो का तो मिल गया। अब समस्या आएगी
इन दोनों में आपको। क्योंकि करंट यहां पे डिवाइड होता है। है कि नहीं? यहां तक 3 एंपियर आया था। ऊपर कितना जाएगा? नीचे
कितना जाएगा? ये डिवीजन होगा। डिवीजन होगा तो फिर इसे कैलकुलेट करना पड़ेगा। आइए करते हैं। देखो कैसे कैलकुलेशन होगी? अगेन
आप इसके लिए लगाओगे लोकलाइज्ड ओम्स लॉ। ऐसे यहां भी लगाओगे लोकलाइज्ड ओम्स लॉ। जैसे टोटल ओम्स लॉ लगता है पूरे सर्किट पे
ना। एक रेजिस्टेंस के लिए लोकल ओम्स लॉ लगता है। लोकल ओम्स लॉ। तो सिर्फ इस इसका V कितना है वो निकालो। इस इसका R कितना
है? वो पता करो। इस इसका I निकल के आ जाएगा। आओ करते हैं। देखो हम सिर्फ 3 ओम वाले के लिए लगाएंगे। V = I R सिर्फ 3 ओम
के लिए। मुझे बताओ इस पे वोल्टेज कितनी है? 3 ओम पर कितनी वोल्टेज गिर रही है सर? 6 वोल्ट गिर रही है। यहां पे छह लिख दिया।
करंट निकाल रहे हैं कितने पर? 3 ओम पर। R कितना है इसका? अरे 3 ओम ही है तब से चिल्ला रहे हैं। तीन तीन। तीन चला गया
डिवाइड में। 6 / 3 कितना आ गया भाई? I ऑफ़ 3 ओम व्हिच इज़ 2। तो करंट यहां से कितना आ गया? करंट 3 ओम का।
करंट 3 ओम का कितना आ गया? 2 एंपियर आ गया। 2 एंपियर आ गया। समझ गए ना? तो 2 ओम पे 3 एंपियर है। 1 ओम पे 3 एंपियर है। और
3 ओम पे 2 एंपियर है। इसका मतलब कुछ हुआ। देखियो इसका मतलब समझो कुछ हुआ है। देख कुछ हुआ है। देख यहां से करंट निकला था तो
तीन था। थ्री थ्री थ्री थ्री ही रिकॉर्ड हुआ था। है ना? थ्री थ्री थ्री। इसमें घुस रहा था तो 3
पर यहां पर आ के क्या हुआ है? क्या हुआ यहां पे आ के? यहां आके नीचे से जो जा रहा है वह 2 एंपियर है। है ना? जो
नीचे से चला गया वो 2 एंपियर है। बचा कितना? 1 एंपियर। वह ऊपर से जाएगा। खत्म। मिल गया सबका आंसर आपको। भाई 3 एंपियर आया
था ना? यहां से जा रहा है 2 एंपियर। देखो देखो 2 एंपियर आया हुआ है। छह को तीन से डिवाइड कर के लोकलाइज़्ड ओम्स लगाया। 2
एंपियर आ गया। तो यहां से 2 एंपियर जा रहा है। यहां से 2 एंपियर है। अब तीन में से दो नीचे चला गया तो एक बच गया। एक ऊपर से
जाएगा। एक बच गया एक ऊपर से जाएगा। और आपको यकीन नहीं होता और यकीन करना भी नहीं है। मेरी बातों पे यकीन करना भी नहीं है।
आप कैलकुलेट करके देखो ना यार। आप कैलकुलेट तो करके देखो। लगाओ ऊपर वाले के लिए लोकलाइड्ड ओम्स लॉ। V = IR मुझे बताओ
बेटा इस पर वोल्टेज कितनी गिर रही है? सर इस पर भी छह ही वोल्ट है। पूरे पर 6 वोल्ट है। है ना? इस पूरे पर ही 6 वोल्ट है। इस
पर भी और इस पर भी। सही बात है ना? तो 6 वोल्ट है। सिक्स। I निकालना है आपको जो कि 6 ओम पर गिर रहा है और R भी कितना है? छ
है। छ से छ कट गया। देख वन आ गया ना? आ गया कि नहीं आ गया? तो 6 ओम रेजिस्टर में जो करंट घुस रहा है वो 1 एंपियर घुस रहा
है। और देखो मैंने वहां पे वन ही लिखा हुआ था। आ गया समझ में? चाहे तो आप इस सेक्शन ऑफ द वीडियो को इस क्वेश्चन को रिपीट पे
देखना। तीन से चार बार क्योंकि यह क्वेश्चन अटरलीेंट है और बच्चा अगर कहीं फंसता है, कहीं कोई गलती करता है तो ऐसे
सवालों पे करता है कि उसको लोकलाइज़्ड ओम्स लॉ की प्रैक्टिस बहुत कम होती है। अच्छे-अच्छे बच्चों की बात कर रहा हूं।
अच्छे-अच्छे बच्चे गलत कर लाते हैं। क्योंकि लोकलाइज़्ड ओम्स लॉ की प्रैक्टिस कम होती है। तो मैं हर बच्चे से रिक्वेस्ट
करूंगा प्लीज आप इस सेक्शन ऑफ़ द वीडियो को रिपीट जरूर देखें तीन से चार बार। बाकी प्रैक्टिस सेशन में जब मैं लेकर के आऊंगा
तब आपने यह गलती नहीं करनी है जो अभी हो रही है आप लोगों से। अगर हो रही है तो ठीक है। चलिए बहुत बढ़िया। आगे बढ़ते हैं भाई।
लास्ट सेक्शन ऑफ द चैप्टर पर चलते हैं। हीटिंग इफेक्ट ऑफ करंट। देखो यार सीधी बात समझो कि जब भी कभी करंट निकलता है किसी
रेजिस्टर में से तो रेजिस्टर का काम ही है रोकना। तो वो करंट के साथ लड़ाईयां लड़ता है। जब ये लड़ाईयां होंगी जब ये कोलीजंस
होंगे तो गर्मी पैदा होगी। यानी रेजिस्टेंस गर्मी पैदा करने के लिए रिस्पांसिबल है। हीटिंग इफेक्ट के लिए कोई
रिस्पांसिबल अगर है तो कौन है? रेजिस्टेंस रिस्पांसिबल है। तो देखो लिखा हुआ है यहां पर हीटिंग इफेक्ट ऑफ
इलेक्ट्रिक करंट इज व्हेन अ कंडक्टर और डिवाइस बिकम्स हॉट एंड प्रोड्यूसेस हीट आफ्टर करंट फ्लोस थ्रू इट ड्यू टू
रेजिस्टेंस। लिखा हुआ है ना? रेजिस्टेंस नहीं होगा। अरे रुकावट ही नहीं होगी तो फिर तो लड़ाई होएगी नहीं। फिर तो सीधा-सीधा
निकल जाएगा करंट। पर ऐसा नहीं होता। लड़ाईयां होती हैं। रेजिस्टेंस होती है, रुकावट होती है। उससे हीट बनती है। क्लियर
हुआ होगा आपको। है ना? आइए जूल्स लॉ ऑफ़ हीटिंग समझते हैं क्या है। तो जूल साहब ने हीटिंग का एक लॉ दिया था। वो ये था कि
कितना भी करंट किसी रेजिस्टर में से जा रहा हो कुछ T टाइम तक जाता रहे अगर कुछ T समय तक किसी रेजिस्टर में से I करंट अगर
पास होता रहे तो हीट प्रपोर्शनल हो जाती है I के स्क्वायर के। यहां देखो लिखा हुआ है I स्क्वायर I के नहीं I के स्क्वायर
के। रेजिस्टेंस के भी प्रोपोर्शनल होती है और टाइम के भी प्रोपोर्शनल होती है। सबको जोड़ देंगे फार्मूला बन जाता है I² RT।
हीट की यूनिट जूल में होती है। लिखी हुई है। देखो करंट की एंपियर में होगी। रेजिस्टेंस की ओम में टाइम की सेकंड में
सबकी एसआई यूनिट यहां पर लिखी हुई है। प्लीज नोट करिएगा। गलती मत करिएगा प्लीज। ठीक है? यूनिट्स सबकी ठीक होनी चाहिए।
बच्चा कहीं गड़बड़ करता है तो कैलकुलेशन में या फिर एंड आते-आते वो यूनिट गड़बड़ लिख के आता है। आधा नंबर ऐसे ही कट जाता
है। इतनी मेहनत बच्चे ने करी होती है। इतनी कैलकुलेशन मुश्किल से बच्चा करके सीख के आता है। करके देखता है लेकिन यूनिट
लिखना भूल जाता है। किसी भी फिजिक्स वाले को कभी पसंद नहीं आएगा ये कि आपने यूनिट में गड़बड़ कर रखी है। तो समझिएगा बात को।
यूनिट में गड़बड़ ना करें। ठीक है? आई होप बात समझ में आई होगी आपको। ठीक है? अच्छा इसका मैं आपको एक प्रैक्टिकल एग्जांपल भी
देता हूं। जैसे आप मोबाइल फोन चलाते हो चलाते ही हो रीला देख रहे हैं रीला तो रीला चल रहा है है ना नहीं तो शॉट्स चल
रहे हैं YouTube के ठीक है तो लगातार लगातार लगातार बहुत देर तक अगर आप वीडियोस देखते जाओगे वीडियो स्ट्रीम करते जाओगे
लाइव स्ट्रीमिंग चल रही है मान लो भाई साहब कहीं लाइव आप अटेंड कर रहे हो YouTube पर लेक्चर ही आप देख रहे हो फॉर
एग्जांपल मान लेते हैं या फिर आप गेमिंग कर रहे हो गेमिंग बहुत बच्चे मोबाइल में करते हैं मोबाइल गेमिंग लगातार चल रही है
तो कुछ समय के बाद क्या होता है मोबाइल हीट होना चालू हो जाता है शुरू में नहीं होगा नया-नया फोन होगा तो अभी नहीं लेकिन
कुछ समय के बाद थोड़ा सा हैंग करेगा। अंदर से उसका सॉफ्टवेयर थोड़ा सा जो है वो गड़बड़ पैदा करना चालू कर देगा और
धीरे-धीरे स्लो डाउन होता जाएगा क्योंकि फाइल्स इकट्ठी होती जाती हैं। अब कंप्यूटर साइंस के अंदर हम क्या घुसे? साइंस ही
काफी है। कंप्यूटर साइंस नहीं पढ़ाने वाला हूं मैं इस या कभी फ्यूचर में देखेंगे पढ़ा। पढ़ाना हुआ तो पढ़ा भी देंगे। ठीक
है ना? क्योंकि मैं खुद कंप्यूटर साइंस इंजीनियर रहा हूं। तो मैं यह जानता हूं कि किस तरीके से कोई डिवाइस जो है वो गर्म हो
जाता है। कैसे कोई रैम जो है वो पिघल जाती है। कैसे कैसे जो चिपसेट होते हैं Intel के वो पिघलना चालू हो जाते हैं गर्मी से।
ठीक है ना? तो ये तो मैंने होते हुए देखा है अपने लैपटॉप के साथ। एक गम होती है उसके ऊपर लगी होती है पिघल जाती है। ठीक
है ना? तो सिलिकॉन वाली गम होती है वो। तो ये होता सब हीटिंग इफेक्ट की वजह से है। तो करंट अगर कभी फ्लो करेगा बेटा किसी भी
डिवाइस में तो हीटिंग से आप उसको नहीं बचा सकते। नहीं बच सकता। बल्ब भी अगर जल रहा है, रोशनी दे रहा है तो वो भी गर्मी पैदा
कर रहा है। पंखा भी अगर हवा दे रहा है, ठंडक दे रहा है तो भी वो गर्मी पैदा कर रहा है। क्योंकि आप अगर टच करके देखोगे
बीजा चलते पंखे को टच मत करिएगा भाई। हाथ जोड़ के विनती है। रुके पंखे को अभी रुका है पंखा पूरा रुकने देना। फिर बीच में टच
करना तो वो गरम-गरम जो मोटर है ना उसकी जो घूम रही है वो गर्म होती है। फ्रिज देख लो। कह रहे पानी ठंडा मिलता है सर। बर्फ
मिलती है हमको। फ्रिज से कोल्ड कॉफी बनाते हैं। अरे पीछे खड़ा हो के देख जरा फ्रिज के। कितनी गर्मी निकलती है? एसी सर बहुत
ठंडक कर देता है। अरे पीछे खड़ा हो के देख जरा गर्मी भी करता है वो। ठीक है ना? तो आप बात को समझ रहे होंगे कि मैं क्या कह
रहा हूं। ठीक है? तो कोई भी ऐसी चीज जो करंट से चलती है वो गर्म ना हो नहीं हो सकता। बच नहीं सकते आप। गर्मी तो होगी। तो
जूल साहब ने यही कहा था कि भाई अगर करंट पास होता रहे रेजिस्टेंस R से कुछ T टाइम तक तो हीट उसके अंदर प्रोड्यूस होगी I²
RT। अब इसकी कुछ प्रैक्टिकल एप्लीकेशनेशंस भी है। जैसे कि बल्ब है, जैसे कि टोस्टर वगैरह में हीटिंग एलिमेंट होता है। तो
हीटिंग एलिमेंट कैसे बनता है? बल्ब की क्या कहानी है? आइए सब कुछ जानेंगे। ऐसे ही अलॉयज़ की बात हो रही है। अलॉयज़ में
रेजिस्टिविटी ज्यादा होती है। ये जो ये जो टोस्टर वगैरह होते हैं ना टोस्टर हो गए, इलेक्ट्रिक आयरन हो गए, हीटर्स हो गए, ये
सब अलॉय से मिलकर बने होते हैं। पता है कौन सा अलॉय होता है? नाइक्रोम। इनके अंदर जो हीटिंग एलिमेंट होता है वो
नाइक्रोम का होता है। यह नाइक्रोम में रेजिस्टिविटी बहुत ज्यादा है। अरे रो याद करो रो रो बहुत ज्यादा है। उससे क्या
होगा? अरे R बहुत ज्यादा होगा। उससे क्या होगा? अरे हीट बहुत ज्यादा होगी भाई। समझ रहे हो ना? तो रो बहुत ज्यादा होता
है। जिसकी वजह से रेजिस्टेंस ज्यादा जिसकी वजह से हीट भी क्या होती है? बहुत ज्यादा पैदा होती है। तो
जितने भी हीटिंग डिवाइसेस होते हैं जिनमें हम हीट को यूज़ कर रहे होते हैं कुछ भी गर्म करने के लिए उन सब में नाइक्रोम का
अलॉय होता है। जो हीटिंग एलिमेंट लगा होता है ना वो नाइक्रोम का लगा होता है। दूसरी चीज क्या है? मेल्टिंग पॉइंट बहुत ज्यादा
है भाई। खूब गर्मी दे दोगे पिघलेगा नहीं। खूब गर्मी देते रहो पिघलेगा नहीं। ये उसकी खासियत है नाइक्रोम की। तीसरा है कि जल्दी
से ऑक्सीडाइज नहीं करता। अलॉय है ना भाई। अलॉय जल्दी से ऑक्सीडाइज नहीं करते। अलॉय बनाए इसलिए जाते हैं ताकि वो कोरोजन की
तरफ रेजिस्टेंट हो। है ना? कोरोजन का जो टॉपिक है वो आपका मेटल्स एंड नॉन मेटल्स चैप्टर के अंदर है। तो जब वो पढ़ाऊंगा आपको
आराम से बताऊंगा कि कोरोजन से कैसे रेजिस्टेंट होते हैं अलॉयज़। डिटेल में बात करेंगे बहुत मजा आएगा उस टॉपिक को पढ़ने
में। तो ऑक्सीडाइजेशन इनका नहीं होता। यानी बाहर से आने वाली ऑक्सीजन जो है वो रिएक्ट नहीं कर पाती है। क्योंकि इनकी
रिएक्टिविटी हायर साइड पर होती नहीं। लोअर साइड पर चली जाती है जब ये अलॉय बन जाते हैं तो। ठीक है ना? तो अलॉयस की एक खास
बात है कि ऑक्सीडाइज नहीं करते। बहुत जल्दी से ऑक्सीडाइज नहीं करते। स्टील के बर्तन पड़े हैं तो पड़े रहते हैं। कॉपर
वाले ऑक्सीडाइज कर जाते हैं। कॉपर वालों पर रस्ट चढ़ जाता है। आपने देखा होगा कॉपर के ऊपर हरे रंग का रस्ट आ जाता है। है ना?
चांदी जो है वो काली पड़ जाती है। देखा होगा आपने जो सिल्वर के ऑर्नामेंट्स हैं, गहने होते हैं सिल्वर के या फिर पायल होगी
सिल्वर की आपके घर में दीदी के पास, मम्मी के पास। है ना? या फिर चांदी के वो होते हैं लड्डू गोपाल होते हैं घर में। है ना?
किशन जी छोटे से लड्डू गोपाल होते हैं। है ना? तो वो जितनी भी चांदी होती है अपर कोटिंग जो है वो ब्लैक पड़ने लग जाती है।
इसलिए टाइम टू टाइम उसको साफ करती है मम्मी नमक लगा के नींबू रगड़ करके उसको साफ करना पड़ता है। है ना भाई? तो आपने
देखा होगा ऐसी भगवानों की जो चांदी की मूर्तियां छोटी-छोटी चांदी की मूर्तियां घर में होती है वो भी धीरे-धीरे क्या होता
है? काली पड़ने लगती है। ऑक्सीडाइज होने लगती है। लेकिन अगर अलॉय होगा तो इतनी जल्दी से ऑक्सीडाइज नहीं होता। जल्दी से
रस्ट नहीं लगता। तो ये सब खास बात है लोंजिविटी के लिए। लॉन्जिविटी का मतलब क्या होता है? लंबे समय तक चलता रहे। आप
एक डिवाइस खरीद करके लाए। मान लो आप एक टोस्टर खरीद के लाए। क्या एक्सपेक्ट करोगे? कब तक खराब हो जाए? एक साल में
खराब हो जाए। 2 साल में नहीं। 3 साल में नहीं। आप तो चाहोगे नहीं यार 10 साल चले। है ना? चलो मान लेते हैं कि 5 साल तो चल
जाए। ठीक-ठाक से। उसके बाद उसका एलिमेंट बोले तो बोल जाए। है ना? फिर उसके बाद एलिमेंट बदलवा के ले आएंगे। थोड़ी ना
डिवाइस उठा के फेंक देंगे। ये इंडियन हाउसहोल्ड है भाई। या हम अमेरिका में या यूएई दुबई में नहीं रहते कि भाई टीवी खराब
हुआ टीवी उठा के फेंक दिया। ऐसे ही करते हैं वो लोग तो। है ना? हमारे यहां तो भाई खून पसीना मेहनत से पिताजी कमाते हैं।
माताजी कमाती हैं। है ना? उसके बाद कोई डिवाइस घर में आता है। ठीक है ना? उसके बाद हम उसकी अच्छे से सेवा पानी कर रहे
हैं। ठीक है? और उसको हम कोशिश करते हैं कि यार 5 साल छ साल तो टिक ही जाए आरामआराम से। कोई ऐसा डिवाइस भी होता है
जो 15-15 साल भी टिक जाता है। ठीक है ना? डिवाइस की बात कर रहा हूं मैं। फर्नीचर की नहीं फर्नीचर तो और लंबा टिक जाता है। मैं
डिवाइस की बात कर रहा हूं जो करंट से चलता है। ठीक है ना? तो हम ट्राई करते हैं कि एक ऐसा एलिमेंट हम लेकर के आं कि भाई एक
बार खर्चा हो लेकिन कोई बात नहीं अच्छा खर्चा हो कि उसके बाद चीज जो है वो लंबे समय तक टिके। तो ऑक्सीडाइज ना हो।
मेल्टिंग पॉइंट हाई रहे। रेजिस्टिविटी ज्यादा रहे। ये सब हम एश्योर करते हैं। इसके अलावा हम बल्ब में यूज़ करते हैं। मैं
आपको दिखाता हूं। इसके अलावा हम बल्ब में यूज़ करते हैं। ठीक है ना? 25 दिन में बिजली डबल। ठीक है ना? और 25 सेकंड में
बल्ब फ्यूज अगर हो जाए तो अच्छी बात नहीं होगी भाई। ठीक है ना भाई? ठीक है ना? अगर अगर बिजली डबल कर दोगे तो भाई बल्ब फ्यूज
होने के बहुत-बहुत चांसेस बने रहते हैं। ठीक है ना भाई? तो ये ये फिल्मी मीम क्लासिक्स आपको आगे ही मिलते रहेंगे। ठीक
है? तो यहां पर क्या बात हो रही है? यहां बात हो रही है बल्ब की। देखो बल्ब के अंदर होता है फिलामेंट। फिलामेंट बना होता है
टंगस्टन का। नोट करिएगा इस बात को। देखो फिलामेंट है जो कि किसका बना हुआ है? टंगस्टन का। टंगस्टन का। क्यों? क्योंकि
मेल्टिंग पॉइंट वेरी वेरी हाई है। इससे ज्यादा किसी का नहीं है। टंगस्टन एक ऐसा नेचुरली अकरिंग सब्सटांस है इस पूरी धरती
पर। इस पूरी सृष्टि में जिसका मेल्टिंग पॉइंट हाईएस्ट है। हाईएस्ट 3380° सेल्सियस 3380 डिग्री सेल्सियस खतरनाक
खतरनाक मेल्टिंग पॉइंट है भाई। ठीक है ना? इसको लावा में भी डाल दोगे ना तो भी नहीं पिघलता। तो भी निकल के ऐसे शाइन मारता हुआ
बाहर आ जाएगा उसमें से। ठीक है ना? तो बनो तो टंगस्टन बनो भाई। लावा शाबा भी कुछ ना उगाड़ सके। लावा भी करे तुम्हारे सामने
शाबाश शाबा। ऐसा बनो भाई जीवन में बनना हो तो तो टंगस्टन बनी है भाई 3380 डिग्री सेंटीग्रेड सेल्सियस इसका क्या है
मेल्टिंग पॉइंट है फिलामेंट को हीट करोगे और वो लाइट एमिट करनी चालू कर देगा पहले गर्म होता है जब भी करंट इसमें जाएगा पहले
हीट होगा हीट अप हो के फिर वो लाइट एमिट करनी चालू कर देगा मोस्ट ऑफ द एनर्जी कंज्यूम्ड अपीयर्स एज हीट ओनली स्मॉल
पार्ट एज लाइट टंगस्टन हैज़ वेरी हाई मेल्टिंग पॉइंट ये सब आपको समझ में आ गया कि भाई मेल्टिंग पॉइंट हाई होता है इसीलिए
हम इसको यूज़ करते हैं जल्दी से खराब भी नहीं होगा और हां हां ये जो ग्लास की कवरिंग होती है इसके अंदर आर्गन या
नाइट्रोजन गैस रखी जाती है और वो समझ गए ना इनर्ट नेचर है इसीलिए इनर्ट नेचर क्या होता है वही अनरिएक्टिव नेचर ऑक्सीडाइज
नहीं होने देगी एक एनवेलप बना करके रखेगी आसपास ताकि बाहर से आने वाली ऑक्सीजन को जगह ना मिल पाए अरे घुस नहीं पाएगी तो
कैसे रिएक्ट करेगी भाई नहीं कर पाएगी आई होप आप मेरी बात को समझ गए दूसरा है फ्यूज ठीक है ना उठा ले रे बाबा पर फ्यूज को
नहीं उठा भाई फ्यूज उठ गया अगर भाई तो तो एक तो सारी घर की रोशनी चली जाएगी। बत्तियां पंखे सब बंद हो जाएंगे अगर फ्यूज
उड़ गया तो। ठीक है ना? तो हम तो ये नहीं चाहेंगे कि फ्यूज उड़ जाए। पर फ्यूज उड़ेगा नहीं। तो फ्यूज का काम कैसे होगा
भाई? फ्यूज उड़ेगा नहीं तो फ्यूज का काम कैसे होगा? तो इसलिए भाई फ्यूज के अंदर एक वायर होती है जो कि आपको यहां साफ-साफ दिख
रही होगी। इसे बोलते हैं फ्यूज वायर। इसका मेल्टिंग पॉइंट लो रखा जाता है। जानबूझ के। जानबूझ के लो रखते हैं। ठीक है ना?
किस चीज की बनी होती है? मैं आपको बता देता हूं। यह बनी होती है एसएपीबी की। व्हाट इज SN? व्हाट इज PB? SN होता है टिन
और PB होता है लेड। दोनों ही मेटल हैं। तो इनका अलॉय बनाता है। SN PB का अलॉय बनाता है फ्यूज वायर को। ठीक है? जब भी ज्यादा
करंट आएगा मेल्टिंग पॉइंट लो रहता है और लो रहेगा तो ये पिघल जाएगी। हम ये चाहते हैं कि ये पिघल जाए। है ना? तो ये तो
भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि फ्यूज को मत उठा। लेकिन फ्यूज उठेगा नहीं तो फिर घर जल जाएगा। भाई सीधी सी बात है। तो घर
में करंट घुसा आएगा। इसलिए फ्यूज का उड़ना बहुत जरूरी है। फ्यूज जब डिस्कनेक्ट होता है, ऐसे फ्यूज कनेक्टेड है मान लो ऐसे हो
गया डिस्कनेक्टेड। डिस्कनेक्ट हो गया तो फिर करंट आगे बढ़ नहीं पाएगा। और यही हम चाहते हैं कि करंट आगे ना बढ़े। क्योंकि
करंट आगे अगर बढ़ गया तो हमारे घर के अप्लायंस फूंक देगा। तो यही काम फ्यूज का है। सेफ्टी डिवाइस के तरीके से काम आता
है। जब बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा करंट आ रहा होता है। बहुत ज्यादा भीड़ आ रही है करंट की तो ये खुद को गर्म करके पिघला
लेता है। खुद शहीद हो जाता है। लेकिन घर को बचा लेता है। ठीक जी? तो बड़ा ही सैक्रिफिशियल सा काम है इसका। ठीक है?
इलेक्ट्रिक फ्यूज इज़ यूज्ड टू प्रिवेंट शॉर्ट सर्किट। शॉर्ट सर्किट कभी भी होगा करंट बहुत ज्यादा आ जाएगा। करंट बहुत
ज्यादा आ जाएगा। ये खुद को पिघला लेगा। खुद पिघल जाएगा सर्किट ब्रेकआउ सर्किट का ब्रेक डाउन हो जाएगा। देखो लिखा हुआ है लो
मेल्टिंग पॉइंट वेरी वेरी इंपॉर्टेंट बात है नोट करिएगा सो व्हेन हाई करंट पासेस थ्रू इट इट मेल्ट्स ये मेल्ट हो जाता है
और फ्लो ऑफ करंट को क्या कर देता है भाई स्टॉप कर देता है क्या मोटी बात समझ में आ गई क्या बढ़िया बात समझ में आ गई आगे बढ़
जाऊं चलो बहुत बढ़िया सही है यार सही है यार पावर पर आते हैं फटाफट से पावर के भी कुछ सवाल कर करवाने हैं मुझे आपको देखो
वैसे तो इलेक्ट्रिक पावर जिसकी यूनिट होती है वाट है नाइंथ क्लास से आप इस पावर को वर्क डन अप टाइम या एनर्जी अप टाइम के नाम
से जानते हो। ठीक है? नहीं जानते तो अब जान लो। कोई बात नहीं। पावर होता है बेटा कितनी तेजी से कोई काम हुआ है। वर्क
डिवाइड बाय टाइम यानी रेट ऑफ डूइंग वर्क। एनर्जी अपॉन में टाइम यानी रेट ऑफ ट्रांसफर ऑफ एनर्जी। कितनी तेज एनर्जी
ट्रांसफर हुई है। कितना तेज वर्क डन हुआ है। दैट इज कॉल्ड पावर। यानी जूल पर सेकंड को पावर यानी कि वाट बुलाते हैं। ये भी
जूल पर सेकंड ही है जिसको वाट बुलाते हैं। ठीक है ना? तो इसको जूल पर सेकंड भी बोलते हैं। ऊपर जूल है नीचे क्या है? सेकंड है
तो वाट बोलें या जूल पर सेकंड बोलें एक हीच बात है। सेकंड - 1 लिख दिया यानी
सेकंड नीचे है। जूल पर सेकंड है ये। सेकंड - 1 लिखने का मतलब सेकंड नीचे है। ठीक है? और इसका फार्मूला जो बेटा देखो लिखा हुआ
है रेट एट व्हिच इलेक्ट्रिकल एनर्जी इज़ कंज्यूम्ड। देखो ना एनर्जी अपॉन में टाइम। ठीक है ना? तो ये होता है P = VI P यानी
पावर वाट में होती है। V यानी वोल्टेज वोल्ट में होती है। I यानी करंट एंपियर में होता है। ठीक है? अगर आप V को ओम्स लॉ
से IR पुट कर दोगे तो एक नया फार्मूला बनेगा P = I² R अगर आप I की जगह पे ओम्स लॉ को यहां वहां इधर-उधर ले जाकर के
एडजस्ट करके V / R लिख दोगे तो यहां से हो जाएगा V * V / R V² / R ठीक है? तो ये तीन फॉर्मूले पावर के बनते हैं। तीनों
फॉर्मूले आपके सामने लिखे हुए हैं। तीनों फॉर्मूले बेटा याद होने चाहिए। कभी भी आप पावर को टाइम से मल्टीप्लाई कर दोगे आपको
एनर्जी मिल जाएगी। तो अभी इलेक्ट्रिकल एनर्जी की बात आ रही है। ठीक है ना? वो भी रखते हैं आपके सामने। पहले एक क्वेश्चन
करा दूं मैं आपको। है ना? आइए एक सवाल करते हैं। उसके बाद हम लोग एनर्जी पर चलते हैं। फिर दोनों को कंबाइन करके बात करते
हैं। लिखा हुआ देखो एक इलेक्ट्रिक कैटल है जो कंज्यूम करती है 1 किलो वाट। ये KW का मतलब होता है किलोवाट। यानी पावर जो है वो
दी हुई है 1 KW किलोवाट और किलोवाट का मतलब होता है बेटा 1000 वाट।
समझ गए? ये 1000 वाट है। पूरा लिखने की जरूरत नहीं। 1000 w लिख देता हूं। ठीक है ना? किलो का मतलब 1000 होता है बेटा। ठीक
है? तो 1 किलो वाट बोले या 1000 वाट बोले एक ही बात है। आगे लिखा है व्हेन ऑपरेटेड एट 220 वोल्ट। वोल्टेज दे रखी है 220
वोल्ट। ओके। ओके। कह रहा है अ फ्यूज वायर ऑफ़ व्हाट रेटिंग मस्ट बी यूज़्ड फॉर इट? कह रहा है कितने का फ्यूज लगाना पड़ेगा?
कितने करंट पर वो जल जाए? तो कितनी रेटिंग का फ्यूज लेकर के आऊं? यानी बेसिकली करंट निकालने को बोल रहा है
भाई। चिप्स मांग रहा है ये तो। ये तो ये तो कुछ भी नहीं पूछा इसने। तो PVI फार्मूला क्या है? P = VI ये रहा। ये रहा
देखो P = VI नाइंथ क्लास में फार्मूला था वर्क डन अपॉन में टाइम। 10थ क्लास में फार्मूला है वोल्टेज मल्टीप्लाई बाय करंट।
वोल्टेज कितनी है? 220 करंट कितना है सर? वो तो निकालना है। पावर कितनी है? 1000 1000 बस 220 को नीचे
ले जाओ। है ना? 1000 / 220 = i है ना? तो i कितना निकल कर के आएगा? देखो अब ये पूरा तो नहीं कटेगा। डेसिमलों में आएगा ये। है
ना? तो एक काम करते हैं। हम इसको 200 मान लेते हैं। मैं आपको करना सिखाता हूं। कैसे मार्क करना है आंसर? देखो। हम इसे 200 मान
लेते हैं। देखो 200 मान लिया तो ये कितने पे कटेगा? पांच पे कटेगा। ये पांच पे कटना चाहिए। अगर 200 माना है तो लेकिन पांच से
ज्यादा पे कटेगा ना मतलब ये 220 है ना भाई तो 220 है तो इसको और छोटे पे काटेगा मतलब पांच से कम पे काटेगा यानी 5 एंपियर का
फ्यूज काफी रहेगा क्या समझे बात को अरे सोचो ये 200 होता तो कितने पे काटता पांच पे पर ये तो 220 है ना तो ज्यादा पे
काटेगा शायद 4.8 और बुरा काटेगा मतलब या 4.6 या 4.7 कुछ ऐसा ही आएगा यहां पर तो उससे तो ज्यादा ही चाहिए ना तो 5 एंपियर
तक काम हमारा बढ़िया चलेगा। 5 एंपियर होगा तो काम हमारा बढ़िया बनेगा। इसलिए 5 एंपियर की रेटिंग होनी चाहिए कि पांच तक
भी आ जाए करंट अगर तो बढ़िया रहेगा। थोड़ा सा ऊपर लेके चलते हैं ना भाई। टॉलरेंस है ना ये तो टॉलरेंस समझते हो ना सहनशक्ति
कितने तक सह सकता है? तो सह सकता है भाई 5 एंपियर तक सहेगा। ठीक है ना भाई? समझ में आ गया? अच्छा
अपन एक काम करते हैं क्योंकि ये पांच 5 एंपियर तक तो टच करेगा नहीं। आप बात समझ रहे हो ना? यह 5 एंपियर तो टच करेगा नहीं।
यह पांच से कुछ कम टच करेगा। ये 4.8 टच कर सकता है। 4.9 टच कर सकता है। 4.7 टच कर सकता है। तो पांच से और पांच के
अलावा उससे कोई बड़ा ऑप्शन है नहीं। अगर उससे बड़ा ऑप्शन होता तो हमको अच्छा रहता। ठीक है ना? लेकिन हां 5 एंपियर यहां पर
एप्रोप्रियट आंसर एकदम सही है। ठीक है ना? तो ये बात आप सोच करके चलना। ठीक है? आइए इलेक्ट्रिक एनर्जी पर चलते हैं भाई साहब।
ठीक है? इलेक्ट्रिक एनर्जी क्या होती है? देखो यार वही नाइंथ क्लास के फॉर्मूले पर वापस आते हैं क्योंकि ये टॉपिक वैसे नाइंथ
के अंदर आता है। भाई पावर होती है ना एनर्जी अपॉन में टाइम। अभी-अभी हमने देखा था। तो यहां से क्या मैं एनर्जी को नहीं
लिख सकता? पावर * टाइम यानी e = pt। लिख सकता हूं कि नहीं? E = pt पावर *
टाइम। तो वही कर रखा है। देखो एनर्जी क्या होती है? पावर * टाइम। अब एक बात का ध्यान रखना। जब भी किसी अप्लायंस की एनर्जी
निकालो तो पावर को किलोवाट में ही लेना है और टाइम को आवर में ही लेना है। क्योंकि भाई
एक बल्ब जलाएगा तो सेकंड्स के लिए तो जलाएगा नहीं। जलाएगा तो 1 घंटा आधा घंटा या 15 मिनट ही तो जलाएगा ना। समझ रहे हो
ना? सेकंडों में तो बंद नहीं होते अप्लायंसेस। पंखा चलाया प्रैक्टिकली सोचियो। पंखा चलाया तो क्या सेकंडों में
बंद कर देगा? टीवी चलाया 10 सेकंड देखा बंद कर दिया। क्या ऐसे होता है क्या? नहीं ना। कोई भी अप्लायंस चलता है घंटे भर के
लिए तो चलेगा। अरे आधे ही घंटे के लिए चाय चले। चलेगा ना तो बस वही बात है। इसलिए टाइम क्या रखना है? प्रैक्टिकली बात कर
रहा हूं। घंटा घंटे में रखना है। पावर कितने में रखनी है? किलोवाट में रखनी है। और एनर्जी तब निकल के आएगी बेटा KWH में।
इस यूनिट को बोलते हैं जो KWH यूनिट है इसे बोलते हैं कमर्शियल यूनिट ऑफ एनर्जी। और वन कमर्शियल यूनिट जो होता है वो 3.6 *
10 की पावर 6 जूल के बराबर होता है। एक बार ऐसा हुआ है कि एनडीए के एग्जाम में बोर्ड में तो आया ही आया है। मैं एनडीए की
स्पेसिफिक बात कर रहा हूं क्योंकि आप में से बहुत सारे बच्चे एनडीए की प्रिपरेशन करेंगे आगे जाकर के। और मैंने चार साल
एनडीए पढ़ा है भाई। 4 साल से ज्यादा ही पढ़ा है एनडीए। तो मैं जानता हूं कि एनडीए की फिजिक्स कैसी है? एनडीए कीमिस्ट्री
कैसी है? एनडीए की बायोलॉजी भी कैसी है? मैथ्स भी कैसी है? ये चारों चीजें मैं अपने टाइम पर भी दिया हूं। को दो बार
एनडीए मैंने दिया। दोनों बार मेरा रिटर्न क्लियर हुआ है। एसएसबी मुझे जाने ही नहीं दिया। दोनों बार कॉल आ गया था। तो मुझे
जाने ही नहीं दिया एसएसबी घर वालों ने। ठीक है ना? तो दो बार मेरा एनडीए क्लियर हुआ था। एक बार 12th में हुआ था तब मैं
एलिजिबल ही नहीं था जाने के लिए। फिर 12th क्लियर करने के बाद भी हुआ। तो मैं एलिजिबल था जाने के लिए लेकिन जाने नहीं
दिया गया मुझे। तो कह रहे कुछ और कर ले भाई। इंजीनियरिंग-वजीनियरिंग कर जैसे बाकी लोग कर रहे हैं। मैंने कहा चलो ठीक है। तो
मैं मैं याद दिलाना चाहता हूं कि एनडीए का अगर आप पीवाई क्यू कभी भी उठा के देखोगे ना तो उसमें आपको ये सवाल मिलेगा कि 1
किलोवाट आर कितने जूल के बराबर है? सीधा क्वेश्चन आया हुआ है सीधा उठ के। तो जिस बच्चे को याद होगा वो सीधा आंसर दे पाएगा।
बेटा ये कन्वर्ज़ जो है ना किलोवाट आर का जूल में ये नाइंथ में भी दिया हुआ है। एज़ इट इज़। 1 किलोवाट आर बराबर 3.6 * 10 की
पावर 6 जूल। ये 10थ के बोर्ड में भी आया हुआ है। एमसीक्यू में ही आया है। चार ऑप्शन दिए हुए थे। 3.6 10 की पावर 5 3.6
10 की पावर 7 3.6 10 की पावर सिक्स ऐसे करके चार ऑप्शन दिए थे। उसमें से एक टिक मारना था। यह पीवाई क्यू है बोर्ड का भाई।
इसलिए मैं इसको हाईलाइट करके लाया हूं सिर्फ आपके लिए। ठीक है? तो 1 किलोवाट आर इतने जूल के बराबर होता है। और इसी को
बोलते हैं 1 यूनिट। वो सुना है ना? चुनावी जुमले सुने हैं ना? 300 यूनिट बिजली फ्री कर देंगे अगर आप हमें जिता करके लाते हो
तो। 200 यूनिट बिजली फ्री कर देंगे सभी के लिए। सभी दिल्ली वासियों के लिए 200 यूनिट बिजली फ्री। 300 यूनिट बिजली फ्री। ऐसे-से
करके चुनावी वादे हर पार्टी कहीं ना कहीं करती रहती है। तो यह जो यूनिट की बात हो रही है, यह वही वाली है। यह उसी कमर्शियल
यूनिट की बात है कि अगर आपने एक यूनिट खर्चा तो कोई बिल नहीं देना। और ऐसे ही 200 यूनिट तक भी पूरे महीने में अगर आपने
खर्चा तो कोई बिल आपका नहीं आएगा। बिल आएगा ज़ीरो। तो बहुत सारे दिल्ली वालों का बिल जो था वो ज़ीरो आया है। ठीक है?
क्योंकि 200 यूनिट से कम बिजली यूज़ किया करते थे लोग। ठीक है ना? तो मेरी बात आप समझ गए। ये वन यूनिट जो है बेटा ये वन
कमर्शियल यूनिट है। इसको पूरा क्या बुलाते हैं? वन कमर्शियल यूनिट। और मैं आपको एक सवाल करवाऊंगा। उसमें आपको समझ में आएगा
कि इस यूनिट को कैसे यूज़ करना है। इस यूनिट का एक खर्चा होता है। भाई आपने एनर्जी कंज्यूम करी, आपने एनर्जी यूज़ करी।
आपने बल्ब चलाया, टीवी चलाया, पंखा चलाया, एसी चलाया, फ्रिज चलाया, वाशिंग मशीन चलाई, मिक्सर ग्राइंडर चलाया। अरे
अप्लायंस चलाते हो ना तो हर यूनिट का आपको पैसा पे करना पड़ता है, बिल पे करना पड़ता है। है ना भाई? तो वो मल्टीप्लाई होता है
एक मल्टीपाइंग फैक्टर से। वो मल्टीपाइंग फैक्टर क्या है? वो गिवन होता है क्वेश्चन। मैं अभी क्वेश्चन दिखाऊंगा आपको
समझ में आ जाएगा। ठीक है? तो ध्यान रखिएगा। अच्छा मैं एक बात और रखता हूं आपके सामने। देखो पावर के तीन फॉर्मूले
थे। वो तीनों फॉर्मूले एक-एक करके यहां पुट करो। एनर्जी के तीन फॉर्मूले बनके सामने आ जाएंगे। देख e = p क्या था? p का
पहला पावर का पहला फार्मूला क्या था? vi तो यह हो जाएगा viई. दूसरा फार्मूला क्या था एनर्जी का? I² R तो I² R पावर में डाला
साथ में T ये देखो हीटिंग इफेक्ट आ गया। ये जूल्स लॉ ऑफ़ हीटिंग आ गया। और तीसरा क्या है? तीसरा पावर का P * T होता है। ये
देखो P * T पावर का तीसरा फार्मूला V²/ R तो यहां डाला V²/ R * T. ये तीन फॉर्मूले बेटा एनर्जी के हैं। जनरली बच्चों को
तीनों फॉर्मूलों के साथ डील करनी पड़ सकती है। तो जब प्रैक्टिस करवाऊंगा और ज्यादा, तो आपको देखने को मिलेगा कैसे-कैसे हम ये
एनर्जी के फॉर्मूलों को भी यूज़ कर रहे होंगे। होंगे। ये जूसल्स लॉ ऑफ़ हीटिंग के ही फ़ूले हैं। तीनों। ऐसा मत समझना कि यही
जूल्स लॉ ऑफ़ हीटिंग का है सर। जूल ने तो ये दिया। अरे जूल ने ये दिया था तो क्या ये गलत है? ये भी तो जूल्स लॉ हीटिंग है।
ये भी जूसल्स लॉ हीटिंग है भाई। ठीक है? तीनों जूल्स लॉ हीटिंग ही है। तो घबराएं ना आप ज्यादा। ठीक है? आगे चलते हैं।
चलिए एक बार देखते हैं कि सवाल कैसे-कैसे आते हैं। हम ये भी पीवाईक्यू जैसा सवाल ही है बेटा। एक इलेक्ट्रिक हीटर है जिसकी
रेटिंग आपको दे रखी है। पावर आपको दे रखी है 800 वाट। देखो W में जो दे रखा है वो पावर होता है। सीखते जाना। साथ-साथ करा
रहा हूं। साथ-साथ सीखते जाना भाई। पावर है 800 वाट ऑपरेट्स टाइम दे रखा है 6 आवर्स पर डे। 6 घंटा प्रतिदिन। फाइंड द कॉस्ट ऑफ
एनर्जी टू ऑपरेट फॉर अप्रैल मंथ। अब अप्रैल मंथ में कितने दिन होते हैं भाई? जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल। अप्रैल में
होते हैं 30 दिन। तो आपने इसको 30 से इंटू करना पड़ेगा। 30 डेज से इंटू करोगे ना भाई। डे से डे कट जाएगा।
ठीक है? 3 * 6 कितना हो गया? 180 घंटे हो गए। 180 आवर्स हो गए। खत्म। टाइम आ गया निकल के 180 घंटे। पावर है आपकी 800 वाट।
अब वाट में है यार। वाट में रखेगा तो वाट लग जाएगी। किलोवाट में चेंज करना पड़ेगा इसको। इसको किलोवाट में चेंज करते हैं
भाई। है ना? 800 को 1000 से डिवाइड करना पड़ेगा। तब जाके किलोवाट में चेंज होगा। है ना? नाउ इट इज़ इन किलोवाट। अब एनर्जी
निकाल दो बेटा। बेटा एनर्जी होती है PT एनर्जी कंज्यूम तो निकालना पड़ेगा ना तभी तो आप ₹3 पर यूनिट के हिसाब से बता पाओगे
कितना बिल आएगा ये बिल बताना है ना फाइंड द कॉस्ट ऑफ इलेक्ट्रिसिटी भाई कितना आपने बिजली खर्ची है कितने रुपए की बिजली खर्ची
है वो निकालनी है आपको तो एनर्जी तो निकालेगा ना कि कितनी खर्ची है तो दिस इज़ एनर्जी कंज्यूम्ड ये जो लिख रहे हो आप ये
क्या है ये एनर्जी कंज्यूम्ड है एनर्जी कंज्यूम्ड ठीक है कितनी पावर है 800 बाय 1000
टाइम कितना है? 180 तीन जीरो से तीन जीरो कट गए। ठीक है? 8 * 8 64 8 * 1 = 8 और छह जोड़ देंगे तो कितना
आ जाएगा? 14 आ जाएगा। रुपए पे करने पड़ेंगे आपको। नहीं रुपए नहीं है ये। सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी रुपए
नहीं है। ये किलोवाट आर में आ गई है एनर्जी। ये किलोवाट आर में आ गई है टोटल एनर्जी।
अब यहां पर लिखा हुआ है 1 किलोवाट आर का जो खर्चा है वह ₹3 का है। यह देखो लिखा हुआ है ₹3 प्रति यूनिट आपको देना पड़ेगा।
तो 144 का कितना होगा भाई? जब 1 किलोवाट आर का ₹3 है तो फिर 144 का कितना होगा? तो 144 को मल्टीप्लाई कर दो तीन से। खत्म।
टोटल आंसर आ जाएगा। कितना आ गया? 4 * 3 = 12 4 * 3 = 12 13 3 * 1 = 3 और 432 तो ₹432 आपको पे करने पड़ेंगे। मुझसे कुछ
कैलकुलेशन में दिक्कत हो गई हो तो भाई क्षमा करना आप इसको ठीक कर लेना। तरीका मैंने आपको बता दिया। मेरे हिसाब से तो
ठीक ही है ये। ठीक है? तरीका मैंने आपको बता दिया कैसे डील करनी है। है ना? ओके। एक बहुत ही बेहतरीन सवाल है भाई। यह
एनसीईआरटी का लास्ट क्वेश्चन है। और इसमें से आपको पक्का एक सवाल बोर्ड में दिखेगा ही दिखेगा। हर बार हुआ है ऐसा। हर बार
मतलब हर बार कंपटेंसी बेस्ड हो तो वहां घुसा देंगे। सिंगल चॉइस वाला हो वहां घुसा देंगे। असरशन रीज़न हो वहां घुसा देंगे।
कहीं ना कहीं इन पांचों में से चीजें आएंगी। मैं आपको फैक्ट्स बताता चलता हूं। वैसे मैंने आपको लेक्चर के दौरान भी बताया
था। मैं अलग से भी इसको लेकर के आया हूं ताकि मैं थोड़ा सा जोर दे पाऊं इस चीज पर कि बेटा इसको मत छोड़ के जाइयो करके
जाइयो। ठीक है? आ जाओ। एक-एक करके छोटी-छोटी बातें इसके बारे में रखता हूं मैं। सबसे पहला क्वेश्चन है व्हाई इज
टंगस्टन यूज्ड ऑलमोस्ट एक्सक्लूसिवली फॉर फिलामेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल लैंप? इलेक्ट्रिक बल्ब में टंगस्टन का क्या काम? अरे यार
टंगस्टन का तो वही काम है। टंगस्टन क्या है? एक हाई मेल्टिंग पॉइंट वाला डिवाइस है। हाई मेल्टिंग पॉइंट होगा तो भाई ग्लो
करेगा और पिघलेगा नहीं। है ना? ग्लो करेगा। हीट आएगी, ग्लो करेगा लेकिन पिघलेगा नहीं। तो हीट आती है और उसके बाद
ये ग्लो करने लगता है। तो ये मेन बात है। मैं यहां पर थोड़ा फ्लो चार्ट के फॉर्म में लिख रहा हूं। आप इसको डिटेल में लिखना
जैसे वहां पीछे नोट्स में लिखा हुआ था। ठीक है? दूसरे पर आते हैं। कह रहा है जो हीटिंग डिवाइसेस होते हैं जैसे कि ब्रेड
टोस्टर, इलेक्ट्रिक आयरन वो सब अलॉय से क्यों बने होते हैं? प्योर मेटल से क्यों नहीं? तो अलॉय की बातें हमने बहुत लंबी
चौड़ी करी है भाई। अलॉय इसलिए होता है क्योंकि मेन तो रेजिस्टिविटी ज्यादा होती है। रो ज्यादा होता है। रो ज्यादा होगा तो
आर ज्यादा होगा तो हीट ज्यादा होगी। दूसरी चीज जल्दी से ऑक्सीडाइज नहीं करते। है ना भाई? और तीसरी चीज क्या थी? तीसरी चीज
क्या थी? वो पीछे लिखी हुई थी। भूल गया मैं। तीसरी चीज क्या थी? दिमाग से निकल गया। है ना? फटाफट से देखते हैं। तीसरी
चीज क्या थी? हां। मेल्टिंग पॉइंट भी हाई होता है। यस। ठीक है? तो तीन चीजें थी यार। हो जाता है यार। मिसिंग मिसिंग हो
जाती है माइंड से कभी-कभी यार। ठीक है ना? आओ आगे बढ़ते हैं। ठीक है जी। तो तीनों चीजें आप यहां पर लिख सकते हो। अच्छे से
इसको समझा सकते हो कि प्योर मेटल को हम यूज़ नहीं कर सकते हैं। अलॉय को ही हम यूज़ करेंगे।
तीसरे पर आते हैं। तीसरा है कि भाई सीरीज अरेंजमेंट क्यों अच्छा है? उस क्यों अच्छा नहीं है डोमेस्टिक सर्किट के लिए? तो ये
हमने क्वेश्चन के माध्यम से देखा था कि जब हमने सीरीज में कनेक्ट कर रखा था। अगर एक गया था बाकी सब बंद हो गए थे। है ना?
अगर एक का फिलामेंट टूट गया तो बाकी भी सब बंद हो जाएंगे। क्या आप पैसा चाहते हो? क्या पैसा चाहते हो कि भाई एक बल्ब अगर
आपके घर का फ्यूज हो गया तो पूरे घर की लाइट चली जाए आपकी। नहीं ना? इसलिए डोमेस्टिक सर्किट जो होता है, जो घर का
सर्किट होता है, उसे कभी भी सीरीज में नहीं जोड़ा जाता, पैरेलल में जोड़ा जाता है। तो तीन कारण हैं। पहला पहला एक फ्यूज
हो गया तो बाकी सब ठीक से नहीं चलते, बंद हो जाते हैं। ठीक है ना? तो ये लिख देता हूं व्हेन
वन डैमेज्ड सब डैमेज हो जाएंगे। है ना? दूसरी चीज क्या है? दूसरी चीज है कि आप सीरीज में इसलिए नहीं जोड़ते हो क्योंकि
एक स्विच से सब ऑन हो जाएंगे। एक स्विच से सब ऑफ हो जाएंगे। सेपरेट स्विच नहीं मिलता। सबको अपना-अपना स्विच नहीं मिलेगा।
है ना भाई? सीरीज है ना यार। तो एक ही स्विच ऑन किया सब जल गए। एक स्विच ऑफ किया सब ऑफ हो गए। तो सेपरेट स्विच आपको नहीं
मिलता। तीसरी चीज क्या है? फिर तीसरी चीज क्या है? तीसरी चीज है भाई सबको वोल्टेज सेम नहीं मिलती। इसलिए सब अपनी फुल
एफिशिएंसी से काम नहीं करते। वोल्टेज डिवाइड हो जाती है। तो सीरीज में क्या होता है? वोल्टेज। V डिवाइड्स V डिवाइड्स
है ना? लूजेस एफिशिएंसी। एफिशिएंसी क्या होगी? कम हो जाएगी भाई डिवाइसेस की। समझ गए ना? अगर वोल्टेज सब पे कम जाएगी तो फिर
कम ही जलेंगे ना। कम ही काम करेंगे ना भाई। वोल्टेज प्रॉपर मिलनी चाहिए। 220 वोल्ट बोला तो 220 वोल्ट मिलना चाहिए। बात
ये है। डी पे आते हैं। हाउ डस द रेजिस्टेंस ऑफ़ अ वायर वेरी विद इट्स एरिया? ये हमने पढ़ लिया है कि भाई,
रेजिस्टेंस के इन्वर्सली प्रोपोर्शनल होता है एरिया। एरिया बढ़ाओगे, रेजिस्टेंस घटेगी। है ना? ठीक बात। व्हाई कॉपर एंड
एलुमिनियम वायर्स आर यूजली एंप्लॉयड फॉर इलेक्ट्रिसिटी? हां जी। कॉपर को क्यों यूज करते हैं? एलुमिनियम को क्यों यूज करते
हैं? तो देखो कॉपर और एलुमिनियम को इसलिए यूज़ करते हैं क्योंकि ये अच्छे कंडक्टर्स हैं। गुड कंडक्टर्स।
सही बात है ना? अच्छे कंडक्टर्स हैं ये। तो एक बात तो ये है। गुड कंडक्टर्स हैं ये। दूसरी चीज ये कि भाई ये आपको
अबंडेंटली मिलेंगे। चीप मिलेंगे आपको। ये एलुमिनियम भी सस्ता है, कॉपर भी सस्ता है। ठीक है ना भाई? तो इनएक्सपेंसिव है यानी
ज्यादा एक्सपेंसिव नहीं है। ठीक है? और तीसरी चीज और बताता हूं एलुमिनियम के बारे में स्पेशली। कॉपर तो
ठीक है। एक अच्छा कंडक्टर तो है ही। एलुमिनियम की खासियत ये है कि ये हल्का भी है। एलुमिनियम इज अ लाइटर मेटल।
तो कभी भी जो ट्रांसमिशन वायर्स होती है ना हाई टेंशन वायर जो होती हैं जो ऊपर झूल रही
होती हैं या जमीन के नीचे से जो निकल जाती हैं वो सारी वायर्स का हम हमेशा एलुमिनियम में ही यूज़ लेकर के एलुमिनियम को ही यूज़
करते हैं वो इसीलिए यूज़ करते हैं क्योंकि एलुमिनियम हल्का होता है। तो यहां से वहां ट्रांसपोर्टेशन में ले जाने में खर्चा जो
है वो कम आता है। ठीक है जी। तो इसीलिए ये सारी चीजें इस तरीके से समझी जाएंगी। 17वें सवाल पर आते हैं भाई। ठीक है ना? इन
एन इलेक्ट्रिक सर्किट थ्री बल्ब्स ए बी सी ऑफ रेटिंग 40 60 एंड 100 रेस्पेक्टिवली आर कनेक्टेड इन पैरेलल? अच्छा जी। पैरेलल में
जुड़ा हुआ है। ठीक है? 100 वाट है, 60 है और 40 है। ओके। ठीक है। कह रहा है व्हिच ऑफ द फॉलोविंग इज़ लाइकली टू हैपन
रिगार्डिंग देयर ब्राइटनेस? ब्राइटनेस की बात कर रहे हैं। देखो भाई, ब्राइटनेस के बारे में सीधी बात बताता हूं। बच्चों को
नहीं पता होता ये। बच्चों को नहीं पता होती। मैं सीधी बात बताता हूं। देखो भाई बल्ब जितना ब्राइट चाहते हो ना आप उतनी
पावर ज्यादा रखना। बस इतनी बात ध्यान रखो। बस इतनी बात ध्यान रखो। पावर जिसकी ज्यादा ब्राइटनेस उसकी ज्यादा। सीधी बात नो
बकवास। ब्राइटनेस जिसकी ज्यादा पावर उसकी ज्यादा। ब्राइटनेस ऑफ़ ऑल द बल्ब्स विल बी सेम। क्या आपको लगता है ऐसा? क्या आपको
लगता है ऐसा? के पैरेलल में यह जुड़े हुए हैं और एक 60 वाट का, एक 100 वाट का 40 वाट का है। तो ब्राइटनेस सबकी सेम होगी।
नहीं भाई, 100 वाट की ज्यादा होगी। अगर यह 100 वाट वाला सबसे बड़ा बल्ब है। उसके बाद 60 वाला है। उसके बाद 40 वाला है।
तो 100 वाला सबसे ब्राइट जलेगा। 100 वाले की ब्राइटनेस सबसे ज्यादा होगी। ठीक है? पैरेलल में जुड़े हैं तो जिसकी पावर
ज्यादा, ब्राइटनेस उसकी ज्यादा। ठीक है ना? तो यहां पर हम क्या बोलेंगे? A कौन सा है? A तो 40 है। नहीं, तो यह भी
नहीं, यह भी नहीं। ब्राइटनेस ऑफ बल्ब B विल बी मोर देन A। B हां बिल्कुल सही है। यही है भाई। यही है। है ना? क्योंकि C को
लेस बता रहा है ये। तो नहीं ये भी नहीं चलेगा। इसलिए ऑप्शन जो है वो सी ठीक है। है ना? तो कंपैरिजन इसमें किसमें किस में
हो रहा है? इन दोनों में हो रहा है। 40 वाला 60 वाला 60 वाले की ज्यादा है। ठीक? बढ़िया। तो भाई इसी के साथ आप लोगों का यह
चैप्टर होता है कंप्लीट। ठीक है जी। तो मैं यह मानता हूं कि भाई कुछ भी जो हम पढ़ रहे होते हैं वो सब कुछ पहली पहली बार में
टफ ही लगता है। तो अगर आप कोई भी चीज पहली बार देखोगे ना यार तो वो टफ ही होगी। इसीलिए इस बात का ध्यान रखना कि भाई जब
पहली बार कोई चीज को देखो तो डरो नहीं उससे। इतना समझो कि यार वह अभी नया है। उस पर मैं एक बार, दो बार, तीन बार, चार बार,
पांच बार अगर गौर करूंगा, अगर प्रैक्टिस करूंगा तो वो टफ नहीं लगेगा। तो ध्यान रखना हमेशा यह अपना मोटो रहेगा और यह पहले
भी रहा है कि नया है लेकिन टफ नहीं है। है ना? समझ गए ना? कोई भी चीज नई-नई ही होती है। पहली-पहली बार जब खुद से स्कूल गए थे
ना, तो वो जाना भी मुश्किल था। आज अपने आप से आप नानी घर भी जा सकते हो। इतने बड़े तो हो गए वो कि आज आप खुद से नानी घर भी
जा सकते हो। तो मम्मी को बोल के कि भाई मैं जा रहा हूं मामा के घर। मैं जा रहा हूं नानी घर। ठीक है ना? लेकिन पहली-पहली
बार जब नानी घर गए थे वो तो चलो याद भी नहीं होगा कब गए थे। लेकिन जब थोड़ा सा होश संभालने के बाद गएगे तो मम्मी के साथ
ही गएगे ऑब्वियसली। ठीक है ना? तो तब मुश्किल लगती है। पहली-पहली बार किसी रास्ते पर चलना बहुत टफ होता है। लेकिन
धीरे-धीरे वो रास्ता हमको फेमिलियर होने लगता है। सेम कहानी न्यूमेरिकल के साथ भी है। कोई भी न्यूमेरिकल बेस्ड चैप्टर पहली
बार में पढ़ने पर टफ ही लगता है। चाहे वो मैथ्स ही क्यों ना हो। मैथ्स भी तो ऐसी ही है। है ना? पहली बार अगर मैथ्स का कोई
सवाल आप देखते हो, दो बार देखते हो, तीन बार देखते हो तो वो इतनी जल्दी से सॉल्व नहीं होता। अगर मैं ट्रिग्नोमेट्री की बात
करूं, क्वाड्रेटिक इक्वेशंस के वर्ड प्रॉब्लम्स की बातें करूं। है ना? तो वो पहली-पहली बार में समझ में आती है कि
नहीं? ट्रायंगल चैप्टर देखो। क्या पहली बार में समझ में आता है क्या? नहीं आता यार। लेकिन बार-बार बार-बार बार-बार उसी
चीज को अगर आप प्रैक्टिस करते रहोगे ना तो वो फिर नया नहीं लगने लगता। तो मैं तो मानता हूं कि कोई भी चीज मुश्किल नहीं है
इस संसार के अंदर। भाई कोई भी चीज यह चैनल बनाना क्या टफ नहीं था क्या? बहुत टफ डिसीजन था
भाई यह। कई जगहों से अप्रूवल लेना पड़ा, कई जगहों से परमिशन आई, कई जगहों से सपोर्ट मिला, कई जगहों से अपोजिशन भी
मिला। तो क्या यह काम करना आसान था क्या? नहीं, मेरे लिए तो नहीं था। यह टफ था। लेकिन बस टफ तभी तक था जब तक मैंने उसको
ट्राई करके नहीं देखा। ट्राई करके देखा तो मुझे टफ नहीं लगा। मुझे सही लगने लगा। आपने वॉग भी देखा होगा जो पिछला ब्लॉग
मैंने डाला था। तो क्या वॉगिंग मेरे लिए कोई बहुत कॉमन चीज है क्या? कभी नहीं करी। जिंदगी में नहीं करी आज तक। लेकिन इतना
प्यार आप बच्चों ने दिया उस वीडियो के नीचे। तो मैं यह मानता हूं कि सच में कोई भी चीज टफ नहीं होती है। बस आप एक बार
ट्राई तो करके देखो। उस रास्ते पर दो कदम तो बढ़ो। उस रास्ते पर दो कदम तो बढ़ो। आगे के कदम
आपको अपने आप दिखना चालू हो जाएंगे कि कैसे चलने हैं। तो इसलिए हमेशा ध्यान रखना कोई भी चीज सिर्फ और सिर्फ नई होती है और
वह तब तक नई होती है जब तक आपने उसको ट्राई नहीं किया होता। तो बस ट्राई करो। थोड़ा सा आंख बंद करके थोड़ा सा फेथ रख के
थोड़ा सा बिलीफ रख के आगे बढ़ते जाओ। ठीक है? डिस्क्रिप्शन के प्लीज लिंक्स चेक कर लीजिएगा। है ना? इस वीडियो के नीचे आपको
मेरा Telegram का लिंक मिल जाएगा जिसको मैं खुद ऑब्जर्व कर रहा हूं। खुद मैं उसको देख रहा हूं सारे कमेंट्स को। ठीक है? अगर
आपको कुछ प्रॉब्लम्स आती हैं, डाउट्स आते हैं, आपस में डिस्कस करना चाहते हो, कर सकते हो। कम्युनिटी उसके अंदर आपको मिल
जाएगी। दूसरी चीज जो आपको मिलेगी वो है मेरी खुद की लिखी हुई बुक। ठीक है ना? जिसको मैंने लिखा है और सुनील सर ने लिखा
है, समृद्धि मैम ने लिखा है। हम तीनों ने मिलकर के लिखा है। तो वो क्वेश्चन बैंक की किताब आपको नीचे मिल जाएगी। आप चाहे तो
उसको खरीद सकते हैं। ठीक है ना? मैं लिंक उसके नीचे डलवा दूंगा। तो इस इस बुक को करने के लिए आप लोगों को चैप्टर पहले
पढ़ना पड़ेगा। और चैप्टर वाइज टॉपिक वाइज उसके अंदर सवाल दिए गए हैं। क्वेश्चन बैंक की किताब है। काफी सारे बच्चे उसको जानते
भी हैं। काफी सारे बच्चे नहीं भी जानते हैं। तो जो नए बच्चे हैं उनके लिए मैं कहूंगा कि भाई डिस्क्रिप्शन एक बार चेक कर
लेना। आपको सारे जरूरी लिंक्स मिल जाएंगे। यह पीछे जो मैंने नोट्स लिखे हैं, ये सारे के सारे नोट्स आपको अगेन नीचे
डिस्क्रिप्शन में जो फर्स्ट लिंक दिया होगा, उस पर जाकर के फ्री में अवेलेबल हो जाएगा। ठीक है ना? तो वहां से आप पीडीएफ
को डाउनलोड कर सकते हो। ठीक है ना? नेक्स्ट डिमांड जो भी आपकी होगी इस इलेक्ट्रिसिटी तो हमने कंप्लीट कर ही लिया
है। इसके बाद आपकी जो भी डिमांड होगी प्लीज कमेंट सेक्शन में रखिएगा। ठीक है ना? काफी सारे बच्चे उस वॉग वाली वीडियो
के नीचे केमिकल रिएक्शंस एंड इक्वेशंस को डिमांड कर रहे थे। कुछ बच्चे लाइव प्रोसेससेस भी मांग रहे थे। तो भाई ये सब
चीजें अलाइंड हूं। एकदम अलाइन हूं। हर एक चैप्टर आपको मिलेगा। इसी तरीके से डिटेल्स में मिलेगा। सवालों की प्रैक्टिस के साथ
मिलेगा। किसी भी चीज को, किसी भी टॉपिक को स्किप छोड़ा या फिर अवॉइड करा नहीं जाएगा। हर एक चीज आपको मिलने वाली है। सो डोंट
वरी। मिलते हैं हम लोग नेक्स्ट सेशन के अंदर। ध्यान रखना भाई। नया है, टफ नहीं
विद्युत धारा (I) आवेश के प्रवाह की दर है, जिसे एम्पियर में मापा जाता है। विभवांतर (V) एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य है, जिसे वोल्ट में मापा जाता है। विभवांतर ही धारा प्रवाह का कारण है।
ओम का नियम कहता है कि स्थिर तापमान पर किसी चालक के सिरों पर विभवांतर (V) उसमें प्रवाहित धारा (I) के अनुक्रमानुपाती होता है। इसका सूत्र V = I × R है, जहाँ R प्रतिरोध है।
प्रतिरोध (R) किसी विशिष्ट चालक का गुण है जो उसके आकार और पदार्थ पर निर्भर करता है। प्रतिरोधकता (ρ) किसी पदार्थ का मूल गुण है जो उसकी लंबाई और क्षेत्रफल से स्वतंत्र होता है। प्रतिरोध का सूत्र R = ρL/A है।
श्रेणी क्रम में सभी प्रतिरोधों में धारा समान होती है और विभवांतर विभाजित होता है; समतुल्य प्रतिरोध Rs = R₁ + R₂ + ... होता है। समांतर क्रम में सभी प्रतिरोधों पर विभवांतर समान होता है और धारा विभाजित होती है; समतुल्य प्रतिरोध 1/Rp = 1/R₁ + 1/R₂ + ... होता है।
परंपरागत रूप से, विद्युत धारा की दिशा धनात्मक आवेश के प्रवाह की दिशा मानी जाती है। वास्तव में इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक आवेश होते हैं और इनका प्रवाह धनात्मक से ऋणात्मक की ओर होता है, जो परंपरागत धारा की दिशा के विपरीत है।
धारा (I) = 10 A, समय (t) = 2 मिनट = 120 सेकंड। सूत्र Q = I × t के अनुसार, Q = 10 × 120 = 1200 कूलॉम आवेश प्रवाहित होता है।
किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता मुख्यतः उसकी प्रकृति (पदार्थ के प्रकार) और तापमान पर निर्भर करती है। यह चालक की लंबाई या अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करती।
Keep this summary
Save it to LunaNotes and it becomes a real note in your library — editable, searchable, and ready to turn into flashcards or a diagram. Free to start.
Save to LunaNotesOr summarise for another video.
32K+ people have turned 65K+ videos into notes
“Very useful tool. I'm using it for the last couple weeks and I'm loving it so far. Makes learning on YouTube a great experience.”
This summary and transcript were automatically generated using AI with the Free YouTube transcript summary tool by LunaNotes.
Related summaries
इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री वन शॉट लेक्चर | यूपी बोर्ड 12वीं केमिस्ट्री
इस विस्तृत वीडियो में विशाल सर इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री के पूरे चैप्टर को शून्य से पढ़ाते हैं। यूपी बोर्ड के लिए नौ अंकों का यह महत्वपूर्ण चैप्टर रेडॉक्स अभिक्रियाओं, चालकता, मोलर चालकता और उनकी भिन्नता जैसे सभी टॉपिक्स को सरल भाषा में कवर करता है।
रासायनिक गतिकी (केमिकल काइनेटिक्स) : अभिक्रिया दर, कोटि और आर्रेनियस समीकरण
बोर्ड परीक्षा के लिए केमिकल काइनेटिक्स की संपूर्ण तैयारी, जिसमें अभिक्रिया दर (Rate of Reaction), कोटि (Order of Reaction), आण्विकता (Molecularity), शून्य कोटि एवं प्रथम कोटि अभिक्रिया के सूत्र, आर्रेनियस समीकरण एवं सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को महत्वपूर्ण सवालों के साथ समझाया गया है।
कक्षा 12 भौतिकी: विद्युत आवेश और क्षेत्र का विस्तृत वन शॉट (L1)
यह वीडियो कक्षा 12 के भौतिकी के पहले अध्याय 'विद्युत आवेश और क्षेत्र' (Electric Charges and Fields) का एक विस्तृत और गहन वन शॉट अध्ययन है। इसमें आवेश के गुण (क्वांटाइजेशन, संरक्षण), आवेशन की विधियाँ (घर्षण, चालन, प्रेरण), कूलॉम का नियम (सदिश रूप सहित), अध्यारोपण का सिद्धांत, विद्युत क्षेत्र, और क्षेत्र रेखाओं के गुणों को महत्वपूर्ण व्युत्पत्तियों और एनसीईआरटी आधारित प्रश्नों के साथ समझाया गया है।
इलेक्ट्रिक चार्जेस एंड फील्ड: 30 मिनट में पूरी रिवीजन
इस वीडियो में Class 12 Physics के पहले चैप्टर, Electric Charges and Fields की पूरी रैपिड रिवीजन 30 मिनट में कराई गई है। इसमें 2024-25 के CBSE पेपर पैटर्न, कूलम्ब्स लॉ, इलेक्ट्रिक फील्ड, डाइपोल, गॉस लॉ और उसके अनुप्रयोगों को ट्रिक्स और महत्वपूर्ण प्रश्नों के साथ समझाया गया है।
कार्य, ऊर्जा और शक्ति: पूरा अध्याय आसान भाषा में
इस वीडियो में कार्य, ऊर्जा और शक्ति से संबंधित सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया गया है। यहाँ आप कार्य के सूत्र, उसकी प्रकृति (धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य), कार्य-ऊर्जा प्रमेय, तथा विभिन्न प्रकार की ऊर्जा जैसे गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के बारे में विस्तार से जानेंगे।
Most viewed summaries
A Comprehensive Guide to Using Stable Diffusion Forge UI
Explore the Stable Diffusion Forge UI, customizable settings, models, and more to enhance your image generation experience.
Kolonyalismo at Imperyalismo: Ang Kasaysayan ng Pagsakop sa Pilipinas
Tuklasin ang kasaysayan ng kolonyalismo at imperyalismo sa Pilipinas sa pamamagitan ni Ferdinand Magellan.
Mastering Inpainting with Stable Diffusion: Fix Mistakes and Enhance Your Images
Learn to fix mistakes and enhance images with Stable Diffusion's inpainting features effectively.
Pamamaraan at Patakarang Kolonyal ng mga Espanyol sa Pilipinas
Tuklasin ang mga pamamaraan at patakaran ng mga Espanyol sa Pilipinas, at ang epekto nito sa mga Pilipino.
How to Install and Configure Forge: A New Stable Diffusion Web UI
Learn to install and configure the new Forge web UI for Stable Diffusion, with tips on models and settings.
Found this summary useful?
Take it with you. One click puts it in your own LunaNotes library.
Save to LunaNotes