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11वीं फिजिक्स: मैकेनिकल प्रॉपर्टीज़ ऑफ़ सॉलिड्स वन शॉट

इलास्टिसिटी और प्लास्टिसिटी (Elasticity and Plasticity)

  • डिफॉर्मेशन: किसी बाहरी बल (External Force) के लगने पर किसी वस्तु की आकृति और आकार में होने वाला परिवर्तन।
  • इलास्टिसिटी (Elasticity): वह गुण जिसके कारण कोई वस्तु बल हटाने पर अपनी मूल आकृति और आकार में वापस आ जाती है।
  • प्लास्टिसिटी (Plasticity): वह गुण जिसके कारण कोई वस्तु बल हटाने के बाद भी अपने विकृत रूप (Permanent Deformation) को बनाए रखती है।
  • महत्वपूर्ण: फिजिक्स की दृष्टि से स्टील (Steel) रबड़ की तुलना में अधिक इलास्टिक है क्योंकि इसका सख्तपन (Stiffness) अधिक होता है। इलास्टिसिटी सीधे तौर पर सख्तपन के समानुपाती होती है। अधिक विस्तृत समझ के लिए आप फाइनल एग्जाम तैयारी: फिजिक्स क्लास 11th की पूरी मैराथॉन देख सकते हैं।

स्ट्रेस (Stress) के प्रकार

स्ट्रेस को रिस्टोरिंग फोर्स (Restoring Force) प्रति इकाई क्षेत्रफल (Force / Area) के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसका SI मात्रक N/m² या Pa (Pascal) है। यह एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है। स्ट्रेस तीन प्रकार की होती है:

  1. अनुदैर्ध्य प्रतिबल (Longitudinal Stress):
    • कार्य: इसमें बल (Force) अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (Cross-sectional Area) के लंबवत (Perpendicular) लगता है।
    • प्रभाव: वस्तु की लंबाई (Length) में परिवर्तन होता है।
    • तनन प्रतिबल (Tensile Stress): जब लंबाई बढ़ाई जाती है।
    • संपीड़न प्रतिबल (Compressive Stress): जब लंबाई घटाई जाती है।
  2. अपरूपण प्रतिबल (Shearing Stress):
    • कार्य: बल सतह के स्पर्शरेखीय (Tangential/Parallel) लगता है।
    • प्रभाव: वस्तु की आकृति (Shape) बदल जाती है, लेकिन आयतन (Volume) में कोई परिवर्तन नहीं होता।
    • उदाहरण: जेली के ऊपरी सिरे पर बल लगाने पर उसका आकार बिगड़ना।
  3. आयतन प्रतिबल (Bulk Stress) / जलदाब प्रतिबल (Hydraulic Stress):
    • कार्य: वस्तु के प्रत्येक पृष्ठ पर बल लंबवत लगता है।
    • प्रभाव: वस्तु का आकार (Shape) समान रहता है लेकिन आयतन (Volume) में परिवर्तन होता है।
    • यह हाइड्रोलिक प्रेशर (Hydraulic Pressure) के बराबर होता है।

स्ट्रेन (Strain) के प्रकार

स्ट्रेन मूल आयाम में परिवर्तन और मूल आयाम का अनुपात (Change in Dimension / Original Dimension) है। इसका कोई मात्रक (Unit) नहीं होता (यह Unitless है)।

  1. अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal Strain): लंबाई में परिवर्तन / मूल लंबाई = ΔL / L
  2. अपरूपण विकृति (Shearing Strain): कोणीय विस्थापन (Angular Displacement) जो लंबाई लंबवत किसी बिंदु के क्षैतिज विस्थापन Δx और उसकी ऊँचाई L के अनुपात के बराबर होता है। Δx / L = tan θ, छोटे कोणों के लिए θ के बराबर।
  3. आयतन विकृति (Volumetric Strain): आयतन में परिवर्तन / मूल आयतन = ΔV / V

हुक का नियम (Hooke's Law) और प्रत्यास्थता गुणांक (Modulus of Elasticity)

  • हुक का नियम: प्रत्यास्थ सीमा (Elastic Limit) के अंदर, प्रतिबल (Stress) विकृति (Strain) के समानुपाती होता है।
    • Stress ∝ Strain => Stress = K · Strain
  • प्रत्यास्थता गुणांक (Modulus of Elasticity): प्रतिबल और विकृति का अनुपात।
    • K = Stress / Strain
    • यह केवल पदार्थ (Material) पर निर्भर करता है, वस्तु के आकार या साइज पर नहीं।
    • प्रत्यास्थ सीमा (Elastic Limit): वह अधिकतम प्रतिबल जिसे पार करने के बाद वस्तु अपनी मूल आकृति में वापस नहीं आती।

प्रत्यास्थता गुणांक के तीन प्रकार

1. यंग का गुणांक (Young's Modulus) [Y]

2. अपरूपण गुणांक (Shear Modulus) या दृढ़ता गुणांक [G या η]

  • परिभाषा: अपरूपण प्रतिबल (Shearing Stress) और अपरूपण विकृति (Shearing Strain) का अनुपात।
  • सूत्र: η = अपरूपण प्रतिबल / अपरूपण विकृति
  • नोट करें: यह केवल ठोसों (Solids) के लिए मान्य होता है, क्योंकि द्रवों में अपरूपण बल लगाने पर वह प्रवाहित हो जाता है। अधिकांश पदार्थों के लिए यह यंग मॉड्यूलस से कम होता है (लगभग Y/3)।

3. आयतन गुणांक (Bulk Modulus) [K]

  • परिभाषा: आयतन प्रतिबल (Bulk Stress) और आयतन विकृति (Volumetric Strain) का अनुपात।
  • सूत्र: K = (F / A) / (ΔV / V) = -ΔP / (ΔV / V)
    (यहाँ ऋण चिह्न यह दर्शाता है कि दबाव (Pressure) बढ़ने पर आयतन (Volume) घटता है।)
  • संपीड्यता (Compressibility): आयतन गुणांक का व्युत्क्रम (Reciprocal) है। संपीड्यता = 1 / K
    • गैसों की संपीड्यता सबसे अधिक होती है, इसके बाद द्रवों और फिर ठोसों की।

उदाहरण और समाधान (Examples & Solutions)

  • मूल उदाहरण: यदि कोई तार लंबाई 2 m है और उसे 0.4 mm तक खींचा जाए तो विकृति = 0.4 × 10⁻³ m / 2 m = 2 × 10⁻⁴
  • परीक्षा उपयोगी: एक संरचनात्मक स्टील की छड़ की त्रिज्या 10 mm और लंबाई 1 m है। 100 kN का बल लगाने पर प्रतिबल, विकृति और दीर्घीकरण (Elongation) ज्ञात कीजिए। (Y = 2 × 10¹¹ Pa)
    • प्रतिबल (Stress): F / A = (100 × 10³) / (π × (0.01)²) ≈ 3.18 × 10⁸ Pa
    • विकृति (Strain): प्रतिबल / Y = (3.18 × 10⁸) / (2 × 10¹¹) ≈ 1.59 × 10⁻³
    • दीर्घीकरण (Elongation): विकृति × मूल लंबाई = 1.59 × 10⁻³ × 1 m = 1.59 mm

अपनी तैयारी को और बेहतर बनाने के लिए आप टाइटंस फास्ट ट्रैक 11वीं ओरिएंटेशन: शेड्यूल, नोट्स और क्लासेस का लाभ उठा सकते हैं।

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