फाइनल एग्जाम फिजिक्स 11वीं मैराथॉन परिचय
- 2 दिनों में बुक 1 और बुक 2 का पूर्ण कवर
- डीटेल्स में डेरिवेशन, कॉन्सेप्ट, और सवाल
- नोट्स साथ लिखने पर जोर
यूनिट्स और डायमेंशंस
- यूनिट: किसी मापन के लिए मानक बेस
- डायमेंशंस: फिजिकल क्वांटिटी की पावर्स (जैसे l2, mlt^-2) (क्लास 12 फिजिक्स: रे ऑप्टिक्स पर विस्तृत परिचय और प्लेन मिरर रिफ्लेक्शन)
- Fundamental (लेंथ, मास, टाइम आदि) और Derived quantities
- यूनिट कन्वर्शन (n1u1 = n2u2 फार्मूला)
- SI, CGS, FPS सिस्टम
- महत्वपूर्ण युनिट्स जैसे एंगस्ट्रोम, लाइट ईयर
मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन
- काइनमेटिक्स व डायनामिक्स का परिचय
- रेफरेंस पॉइंट और रिलेटिव मोशन का महत्व
- डिस्टेंस और डिस्प्लेसमेंट का फर्क
- एवरेज स्पीड और एवरेज वेलोसिटी
- यूनिफॉर्म और नॉन यूनिफॉर्म स्पीड
वेक्टर्स का परिचय
- स्केलर और वेक्टर में अंतर
- वेक्टर का प्रतिनिधित्व और एडिशन लॉ
- ट्रायंगल और पैरेललोग्राम लॉ
- वेक्टर रेजोल्यूशन: x और y कम्पोनेंट्स
मोशन इन अ प्लेन और प्रोजेक्टाइल मोशन
- 2D-मोशन: दो एक्सिस पर कम्पोनेंट
- प्रोजेक्टाइल: टाइम ऑफ फ्लाइट, मैक्सिमम हाइट, रेंज
- हॉरिजॉन्टल प्रोजेक्टाइल मोशन
न्यूटन के लॉज़ ऑफ मोशन
- पहली, दूसरी और तीसरी लॉ की व्याख्या
- फोर्स, मास, एक्सीलरेशन का संबंध
- मोमेंटम का संरक्षण
- इंपल्स और टॉर्क का परिचय
वर्क, एनर्जी और पावर
- वर्क = फोर्स डॉट डिस्प्लेसमेंट
- काइनेटिक और पोटेंशियल एनर्जी डेरिवेशन
- वर्क-एनर्जी थ्योरम
- पावर की परिभाषा और फार्मूला
रोटेशनल मोशन
- रिजिड बॉडी रोटेशन, मोमेंट ऑफ इनर्शिया डेरिवेशन
- टॉर्क और उसका स्वरूप
- एंगुलर मोमेंटम और कंजर्वेशन
- पैरेलल एक्सिस थ्योरम
ग्रेविटेशन
- न्यूटन का लॉ ऑफ यूनिवर्सल ग्रेविटेशन
- ग्रेविटेशनल फोर्स और फील्ड इंटेंसिटी
- पोटेंशियल एनर्जी, एस्केप वेलोसिटी
- सेटेलाइट्स की ऑर्बिटल वेलोसिटी और टाइम पीरियड
- केप्लर के तीन नियम
महत्वपूर्ण टिप्स
- डायमेंशनल एनालिसिस और परिक्षणों से वैलिडेशन
- फोर्स और मोमेंटम के गणितीय संबंधों को समझना
- नोट्स साथ-साथ लिखें और सवालों के हल करें
इस क्लास में वीडियो के दौरान महत्वपूर्ण सवालों का समाधान और टॉपिक्स की विस्तृत व्याख्या की गई है जो फाइनल एग्जाम की तैयारी में मददगार साबित होगी।
आशा है यह संपूर्ण मार्गदर्शन आपके अध्ययन को बेहतर बनाएगा। शुभकामनाएँ!
हेलो हेलो हेलो क्या हालचाल कैसे हैं सब के सब फाइनल एग्जाम मैराथन क्लास 11th हां जी जिसका था आप सभी को
बेसब्री से इंतजार वो टाइम आ गया भाई है ना और यही चाहिए था बहुत-बहुत सारी डिमांड्स आप लोगों ने कमेंट सेक्शन के
अंदर रखी कम्युनिटी पोस्ट पर रखी जहां मैंने वीडियो बनाई उस वीडियो के नीचे आप लोगों ने भर दिए कमेंट्स और लिख दिया यही
तो चाहिए था तो भाई यही लेकर के आए हैं आपके लिए। ठीक है? तो यार एक्चुअली ये मैराथॉन एक सिंगल शॉट में नहीं होगी।
ऑब्वियसली नहीं होगी। क्योंकि अगर डिटेल में चीजों को पढ़ना है। ठीक है ना? अगर आपको चाहिए कि चीजें डिटेल में बताई जाएं।
ठीक है ना? डिटेल में कांसेप्ट्स सारे कवर हो। ठीक है? मैं डेरिवेशंस भी आप लोगों को करवाऊं क्योंकि आप लोग स्कूल एग्जाम की
तैयारी कर रहे हो तो डेरिवेशंस बहुत इंपॉर्टेंट होती हैं। ठीक है? फिर हम कुछ क्वेश्चंस की भी प्रैक्टिस करें। कुछ
न्यूमेरिकल भी प्रैक्टिस हो जाएं। है ना? तो ये सब होने में यार समय लगता है। तो समय भाई कम से कम आपको 2 दिन देना पड़ेगा
मुझे। बात सही है कि नहीं? तो क्या आप 2 दिन के लिए मेरे साथ हो? मैं दो दिन के लिए स्टूडियो में रहने वाला हूं भाई। मैं
कपड़े-पड़े लेके आ गया हूं। ठीक है? क्योंकि अभी जैसे ये सेशन खत्म होते-होते रात हो जाएगी। ठीक है ना? मैं यहीं सो
जाऊंगा। अगले दिन फिर सुबह उठ के मुझे पीपीटी पे काम करना है। पीपीटी पे काम करके फिर दोबारा से लग जाऊंगा। लगभग 3:00
बजे के आसपास कल का भी सेशन ऐसा ही रहेगा। ठीक है ना? तो लगभग दो दिन दो दिन क्या आप मेरे साथ हो? क्या आप मेरे साथ हो? यह
मैराथॉन का डे वन है। ठीक है ना? और डे वन पर हम क्या करने वाले हैं? हम बुक वन करने वाले हैं। ठीक है? तो बुक वन कंप्लीट कवर
होगी। मैं आपको दिखा देता हूं आज क्या-क्या हम लोग करने वाले हैं। ठीक है? तो यूनिट्स एंड डायमेंशन से स्टार्ट
करेंगे। ऑब्वियसली। फिर मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन पर आएंगे। डेरिवेशंस यहां पर इंपॉर्टेंट है। इंपॉर्टेंट टॉपिक्स आपको
सारे बता रहा हूं। नोट कर लीजिएगा साथ के साथ। ठीक है ना? मोशन अंडर ग्रेविटी। यस। ये भी इंपॉर्टेंट है। इसकी भी डेरिवेशन
बहुत जरूरी होती है। फिर मोशन इन अ प्लेन पढ़ेंगे जिसके अंदर अपने को वेक्टर एडिशन की डेरिवेशन भी मैं आपको करवाऊंगा।
प्रोजेक्टाइल मोशन की सारी डेरिवेशन करवाऊंगा। ठीक है ना? सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन ये सारा हम सर्कुलर मोशन में
कवर करेंगे एक साथ। ठीक है? फिर आते हैं लॉज़ ऑफ मोशन पर। ठीक है? जो कि न्यूटंट्स लॉज़ ऑफ़ मोशन नाम का आपका चैप्टर है। ठीक
है? इसमें कंजर्वेशन ऑफ लीनियर मोमेंटम हो गया। उसकी एप्लीकेशन हो गई। उसकी डेरिवेशन हो गई। बैंकिंग ऑफ रोड्स फ्रिक्शन के साथ
टॉपिक आता है। उसकी भी डेरिवेशन है। ऐसे ही फ्रिक्शन के भी लॉज़ हैं। वो भी पूछे जाते हैं। ये सब इंपॉर्टेंट टॉपिक्स हैं।
वर्क एनर्जी पावर में आते हैं अगर हम तो लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी आएगा इसके अंदर। लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी।
लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी। ठीक है ना? इसके अलावा इसके अलावा वर्क एनर्जी थ्योरम आती है। वर्क
एनर्जी थ्योरम की डेरिवेशन आती है। ठीक है ना? और हम लोग
कोलीजंस भी करेंगे। तो कोलीजन की बारी भी आएगी। ठीक है जी? फिर सिस्टम ऑफ पार्टिकल रोटेशनल मोशन यानी कि रोटेशन नाम का
चैप्टर जो है उसमें टॉर्क हो गया। इक्वेशंस ऑफ रोटेशनल मोशन भी आती हैं। मोमेंट ऑफ इनर्शिया पूछा जाता है। पैरेलल
थ्योरम और परपेंडिकुलर एक्सिस थ्योरम भी आप लोगों से पूछी जाती है। इस इसको भी मैं क्लास के अंदर ही करवाऊंगा। सो डोंट वरी।
ग्रेविटेशन पर चलते हैं। इसमें केप्लर लॉ है। लॉ की कोई प्रूफ नहीं है। सिर्फ स्टेटमेंट काफी है। एक्सीलरेशन ड्यू टू
ग्रेविटी पर और उसके वेरिएशन पर डेरिवेशन भी आती है और न्यूमेरिकल भी आते हैं। दोनों चीजें अपन कवर करेंगे। ठीक है ना?
एटीट्यूड के साथ भी, डेप्थ के साथ भी। ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी की डेरिवेशन, एस्केप स्पीड की डेरिवेशन,
सेटेलाइट्स के बारे में बातें ये सब चीजें वेरी वेरीेंट है। भाई साहब जो ड्यूरेशन यहां पर पूछ रहे हैं, क्या कर रहे हो यार?
क्या कर रहे हो? मतलब मेरे को समझ में नहीं आ रहा। तुम एक बुक पढ़ने आए हो पूरी और लिटरली बच्चों को कुछ नहीं आता। पता
नहीं पास होंगे या फेल होंगे। लेकिन कमेंट सेक्शन के अंदर अलग ही ज़ोन में रहते हैं भाई। बाबू सोना चोना सब चल रहा होता है
कमेंट सेक्शन के अंदर। और जब क्लास शुरू होती है तो पूछते हैं ड्यूरेशन। भाई साहब ड्यूरेशन वो जो आप मैक्सिमम सोच लो। ठीक
है? साफ बोल रहा हूं। ड्यूरेशन वो जो आप मैक्सिमम सोच सकते हो। ठीक है? वही होगी। ठीक है? तो ड्यूरेशन दोबारा मत पूछना
कितनी होगी भाई? ठीक है? गुस्सा आता है ऐसी चीजें देख के भाई। ठीक है? और स्टार्ट करनी हो अगर क्लास तो फायर इमोजी लगाओ
जल्दी फटाफट जल्दी से। मैं आप लोग को टाइम दूंगा लिखने का। ठीक
है? आप लोग अपने पास नोट्स निकाल लें, कॉपी निकाल लें और एक ब्लैंक कॉपी और पेज साथ में लेकर के बैठे। ठीक है? क्योंकि
जितने भी चीजें यहां पर मैं आपको करवाऊंगा वो वो सिर्फ फिल्म की तरीके से देखने वाली नहीं है। पॉपकॉर्न लेके नहीं बैठना साथ
में। ठीक है? साथ के साथ लिखते भी रहना है ताकि आप लोग के जब भी एग्जाम आए आप उनको रिवाइज कर पाओ। आप उनको रीड कर पाओ। अपने
हाथ से लिख के चीजों को देखना है। ये इंपॉर्टेंट है भाई। ठीक है? सो दिस इज़ फिजिक्स। भाई इसमें ड्यूरेशन की बातें मत
किया करो। ठीक है? ठीक है? ड्यूरेशन कितनी भी जा सकती है भाई। कोई लिमिट नहीं है। मैं यहां पर सोच करके आया हूं कि मुझे
यहां पे रात को रुकना है। ठीक है ना? मैं कपड़े लेके आ गया हूं अपने यहां। ठीक है ना? नहाऊंगा, धोऊंगा, ब्रश करूंगा, नाश्ता
यहीं सुबह ही करूंगा मैं। ठीक है? जब मैं इस तरीके से आ चुका हूं यहां घर बार सब छोड़ कर के। ठीक है? तो तुम ड्यूरेशन पूछ
रहे हो मुझसे यार। तुम शर्म करो थोड़ी यार। और कॉपी खोल लो जल्दी फटाफट। जल्दी। फटाफट कॉपी खोलें? डन लिखें। जिन्होंने
पेन और कॉपी अपने हाथ में रखा हुआ है वो डन लिखें जल्दी से। ठीक है? बस 2 दिन का टाइम आपको मुझे देना है आज और कल। पूरी
फिजिक्स खत्म। ठीक है? दो दिन मेरे साथ बने रहो। पूरी फिजिक्स निपटा दी जाएगी बुक वन बुक टू दोनों मिलाकर के। ठीक? चला जाए
फिर चला जाए। डन हो गया है। डन लिख दें फटाफट से। जल्दी-जल्दी फटाफट। आइए स्टार्ट करते हैं। आइए शुरू करते हैं। देखो यार
सबसे पहले तो आपको यूनिट्स एंड डायमेंशंस की सबसे इंपॉर्टेंट इंपोर्टेंट चीजें मैं करवा देता हूं। काम
की चीजें करवा देता हूं। ठीक है? सबसे पहले डेफिनेशन पर आते हैं कि एक यूनिट क्या चीज होती है? भाई देखो यूनिट जो है
ना कांसेप्ट ये कहता है कि किसी चीज को किसी चीज से कंपेयर करने के लिए एक स्टैंडर्ड बनाया जाता है। उस स्टैंडर्ड का
नाम होता है यूनिट। ठीक है ना? एक स्टैंडर्ड बनाते हैं जिस स्टैंडर्ड को क्या बुलाते हैं? यूनिट बुलाते हैं। जैसे
ऐसा बोलते हैं कि लंदन म्यूजियम के अंदर हां। पता नहीं फ्रांस का है कि लंदन का है? कौन सा म्यूजियम है? वहां पर 1 मीटर
लंबा लकड़ी का टुकड़ा रखा हुआ है। हां। 1 मीटर लॉन्ग एक लकड़ी का टुकड़ा रखा हुआ है। एक लॉग रखा हुआ है। ट्री ट्रंक रखा
हुआ है। उससे मिला के सब लोग 1 मीटर बनाते हैं। ठीक है ना? ऐसे ही आप सोचते हो 1 फुट फुट कैसे एक लेंथ की यूनिट हो गई। तो ऐसा
सोचते हैं कि भाई ऐसा बताते हैं कहानियों में कि भाई राजा का पैर हुआ करता था वो। तो 1 फुट जो है उस तरीके से स्टैंडर्ड ले
रखा है। ऐसे ही 1 केg का भी कुछ ना कुछ स्टैंडर्ड है। 1 सेकंड का भी कुछ ना कुछ स्टैंडर्ड है। हर यूनिट का कुछ ना कुछ
स्टैंडर्ड जो होता है वो डिफाइन होता है। है ना? वन मोल का भी ऐसे डिफाइन होता है। आपको ये बात पता है। ठीक है ना? पढ़ते हो
जो आप उसको। अच्छा वन एटॉमिक मास यूनिट के बारे में पढ़ते हो आप केमिस्ट्री के अंदर। वो भी कहीं ना कहीं रेफरेंस स्टैंडर्ड
क्या होता है? डिफाइंड होता है। तो यहां देखो लिखा है मेज़रमेंट ऑफ़ एनी फिजिकल क्वांटिटी इन्वॉल्व्स द कंपैरिजन। हमेशा
कोई ना कोई कंपैरिजन चाहिए विद अ सर्टेन बेसिक आर्बिटली चोजन इंटरनेशनलली एक्सेप्टेड रेफरेंस स्टैंडर्ड। ठीक है ना?
तो यूनिट का मतलब क्या हुआ? यूनिट का मतलब हुआ बेसिक रेफरेंस
स्टैंडर्ड। ठीक है? क्लियर हो गया? जल्दी-जल्दी लिखो। जो चीजें अंडरलाइन कर रहा हूं सारी इंपॉर्टेंट है। ठीक है? जो
जो अंडरलाइन करूंगा सब इंपॉर्टेंट है। ठीक है? दूसरी चीज हम लोग को पढ़नी होती है इस चैप्टर के अंदर डायमेंशंस। देखो। किसी भी
फिजिकल क्वांटिटी की फिजिकल क्वांटिटी क्या होता है भाई? फिजिकल क्वांटिटी का मतलब जिसको आप नापते हो, जिसको आप तोलते
हो। जैसे लेंथ नापी जाती है, जैसे मास नापा जाता है, जैसे टाइम नापा जाता है, जैसे फोर्स नापी जाती है, जैसे अनगिनत
चीजें हैं फिजिक्स में जो नापी जाती हैं। ठीक है ना? उन सबको क्या बुलाते हैं? फिजिकल क्वांटिटी बुलाते हैं। क्या बुलाते
हैं? फिजिकल क्वांटिटी। तो डायमेंशंस का मतलब क्या होता है? देखो, किसी भी फिजिकल क्वांटिटी के पावर्स क्या रहने वाली है?
यानी कि एक्सप्पोनेंट्स क्या रहने वाले हैं? जिन पर वो डिपेंड करता है। जैसे एग्जांपल देता हूं। मान लो मान लो मैंने
बोला कि एरिया का डायमेंशन क्या होगा? तो एरिया इज़ नथिंग बट लेंथ * ब्रेड्थ। तो लेंथ तो लेंथ ही है। फंडामेंटली सोचे तो।
और ब्रेड्थ भी तो लेंथ ही है। यानी लेंथ और लेंथ आपस में अल्टीमेटली क्या हो रही है? मल्टीप्लाई हो रही हैं। बात को समझो।
लेंथ और लेंथ आपस में क्या हो रही हैं? दोनों मल्टीप्लाई हो रही हैं। और ये बन जाएगा l की पावर 2। तो ये जो पावर बनी हुई
है ना हां यहां देखो यहां देखो हां भाई तारीफें बाद में करना यहां यहां पहले यहां देखो जो पावर बनी हुई है ना इसको डायमेंशन
बोलते हैं समझे बात को तो जो पावर्स हैं यानी जो एक्सप्पोनेंट्स हैं ये लोग कहलाते हैं कि डायमेंशंस क्या होंगी ये लोग कहते
हैं कि डायमेंशंस क्या होंगी समझ गए ना और एग्जांपल दूंगा अभी आपको अच्छा कुछ प्रकार की यूनिट्स मैं आपको बता देता हूं जैसे
एसआई यूनिट होती है मीटर मीटर किसकी यूनिट है भाई किसकी यूनिट है लेंथ की यूनिट है किलोग्राम किसकी यूनिट है? केजी यह मास की
यूनिट है। एटसेट्रा एटसेट्रा ऐसे बहुत सारी यूनिट्स आती चली जाएंगी। ठीक है ना? ऐसे ही डायमेंशंस भी सबके निकाले जाएंगे।
पढ़ेंगे इसको। चलिए फिजिकल क्वांटिटी नॉन फिजिकल क्वांटिटी क्या होता है? जल्दी से बताओ। जल्दी से बताओ। फिजिकल क्वांटिटी वो
जो मेजर हो सकती है। दैट कैन बी देख यहां क्या लिखा हुआ है? दैट कैन बी मेज़र्ड इन नंबर्स एंड कंपयर्ड विद सम स्टैंडर्ड। और
जिसको क्या किया जा सके? किसी स्टैंडर्ड से यानी किसी यूनिट से कंपेयर किया जा सके। जैसे लेंथ, मास, टाइम, टेंपरेचर,
वेलोसिटी, फोर्स वगैरह-वगैरह बहुत सारी लिखी हुई हैं। नॉन फिजिकल क्वांटिटी क्या होती है भाई? देखो नॉन फिजिकल क्वांटिटी
एक ऐसी क्वांटिटी होती है जो मेजर की ही नहीं जा सकती। जैसे इमोशंस हो गए। बात समझ गए ना? जैसे इमोशंस हैं। दैट कैन नॉट बी
मेजर्ड। जैसे देखो इमोशंस कितने ज्यादा हैं? काइंडनेस कैसी है? इंटेलिजेंस कैसी है? ऑनेस्टी कैसी है? ब्यूटी कोई कितना
सुंदर है? इसका कोई मापदंड नहीं है। समझ गए ना? मतलब इसका कोई स्केल नहीं है अपने पास कि भाई कौन कितना सुंदर है। इसका कोई
बेसिक रेफरेंस स्टैंडर्ड नहीं है कि जैसे मान लो हमने ये ये डिक्लेअर कर दिया कि भाई ऐश्वर्या राय जो है वो सुंदर है।
अब ये स्टैंडर्ड डिक्लेअर कर दिया। अब इससे कौन कितना सुंदर है। अब ऐश्वर्या राय जितने तो सुंदर है। बहुत कम लोग हैं। मतलब
मैं हूं उससे ज्यादा सुंदर। ये बात सही है। तो अगर उस स्टैंडर्ड को कंपेयर किया जाए तो केवल मेरी ही सुंदरता जो ये सरपास
कर पा रही है ऐश्वर्या राय को। तो अदरवाइज कोई भी इतना सुंदर नहीं है बेटा आप बात समझ रहे होगे ठीक है ना तो ऐसी चीजें
जिनका रेफरेंस स्टैंडर्ड सेट नहीं किया जा पाता ठीक है ना और जो नापी तोली नहीं जा पाती ऐसी चीजें कहलाती हैं नॉन फिजिकल
क्वांटिटी बात समझ में आ गई ना थैंक यू थैंक यू यस यस यू नो यू नो यस आरडीएक्स इज़ हैंडसम यस यस थैंक यू थैंक यू थैंक यू यस
यस वेरी गुड तो समझ गए फिजिकल और नॉन फिजिकल क्वांटिटी क्या है आगे चलते हैं ठीक है अब भैया जैसा कि मैंने आपको अभी
थोड़ी देर पहले बताया मेजर करने का क्या मतलब होता है? मेजर करने का मतलब होता है कंपेयर करना। बोले तो किससे कंपेयर करना?
किसी बेसिक रेफरेंस स्टैंडर्ड से कंपेयर करना। फॉर एग्जांपल अगर मैं कभी भी लिखता हूं ना कि लेंथ 5 मीटर है। तो इसका असली
मतलब पता है क्या होता है? अगर मैं बोलूं कि लेंथ 5 मीटर है। तो इसका सही मतलब पता है क्या है? इसका सही मतलब है कि इट इज़ 5
* 1 मीटर। और यहां पे 1 मीटर क्या है? यस, इट इज द यूनिट। और इसे क्या बुलाते हैं? पांच को। जो यूनिट से मल्टीप्लाई हो रहा
होता है। जो यूनिट से मल्टीप्लाई हो रहा होता है, उसे बुलाते हैं मैग्नीट्यूड। उसे बुलाते हैं मैग्नीट्यूड। तो कोई भी
फिजिकल क्वांटिटी ध्यान से सुनना। कोई भी फिजिकल क्वांटिटी दो चीजों से मिलके बनी होती है। बोलो कौन-कौन सी? बोलो कौन-कौन
सी? कोई भी फिजिकल क्वांटिटी दो चीजों से मिलके बनी होती है। बोलो कौन-कौन सी? नंबर एक मैग्नीट्यूड।
सबसे पहला मैग्नीट्यूड। और नंबर दो पे यूनिट। मैग्नीट्यूड को n यानी कोई नंबर होता है तो नंबर n से
रिप्रेजेंट किया जाता है। सही? और यूनिट को रिप्रेजेंट करते हैं u से। तो फिजिकल क्वांटिटी इज़ ऑलवेज Nu. फिजिकल क्वांटिटी
कभी भी लिखी जाएगी तो NU के फॉर्म में लिखी जाएगी। और मैं आपको एक और बात बता दूं। एक और बात बता दूं। NU रिमेंस
कांस्टेंट हमेशा। क्योंकि फिजिकल क्वांटिटी जितनी है वो उतनी रहेगी। जैसे मैं एग्जांपल देता हूं। जैसे मैं एग्जांपल
देता हूं। फिजिकल क्वांटिटी जो एनu है ये हमेशा कांस्टेंट होती है। पर कैसे सर? कैसे सर? ये तो समझाओ। देखो सुनो देखो
सुनो। मान लो अगर मैंने 5 मीटर लिखा तो क्या मैं 5 मीटर को क्या मैं 5 मीटर को 500 सें.मी. लिख सकता हूं। क्या ये
अलग-अलग लेंथ है दोनों? आप मुझे बताओ क्या 5 मीटर कह देना या 500 सें.मी. कह देना? ये दो अलग-अलग बात है या एक ही बात है? ये
एक ही लेंथ की बात हो रही है कि अलग-अलग लेंथ की बात हो रही है? मुझे बस इतना बताओ। यस यस वेरी गुड। एक ही लेंथ की बात
हो रही है। यस बिल्कुल बिल्कुल। तो यहां पर एक बात समझ में आती है कि n u अगर किसी कांस्टेंट के बराबर है तो
सिंपल सी बात हो गई कि n इज इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू u हां या ना? n जो है वो इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू u है। यानी अगर
मैं n को बढ़ाऊंगा तो यूनिट छोटा हो जाएगा। क्या ऐसा हो रहा है क्या? चेक करो। चेक करो और बताओ। क्या
पांच से नंबर 500 पहुंच गया? हां सर। पांच से 500 पहुंच गया। यानी n बढ़ गया है। हां या ना? n बढ़ गया। मैग्नीट्यूड बढ़ गया।
लेकिन देखो मीटर से ये सेंटीमीटर चला आया है। अरे भाई साहब मतलब यूनिट कमजोर हो गया है। भाई मीटर बड़ा होता है कि सेंटीमीटर
बड़ा होता है? 1 मीटर बड़ा कि 1 सेंटीमीटर बड़ा सर एक मीटर बड़ा होता है। मतलब यूनिट हो गया कमजोर। बात को समझना। है ना? यूनिट
हो गया कमजोर और मैग्नीट्यूड हो गया तगड़ा। उल्टा खेल चल रहा है कि नहीं चल रहा? उल्टी बात समझ में आ रही है कि नहीं
आ रही? है ना? अच्छा ऐसे ही सोचो। अगर मैं इस लेंथ को लिखता। अगर मैं इस लेंथ को लिखता
05 किलोमीटर तो लिख सकता हूं भाई 1 कि.मी. में कितने
मीटर होते हैं? 1000 है ना? तो मैंने इसको 1000 से डिवाइड दे दिया। तो ये हो गया 0.005 कि.मी. सही है? 0.5 कि.मी. अब मुझे
एक बात देख के बताओ। ये जो नंबर है ये और छोटा हो गया। है ना? ये नंबर तो और छोटा हो गया। यानी इस टाइम इस बार क्या हो रहा
है? ये n इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू u है ना? तो n और छोटा हो गया और u जो है वो और बड़ा हो गया। देखो मीटर से चला गया
किलोमीटर। एक मीटर बड़ा होता है या किलोमीटर बड़ा होता है? बात समझ में आ रही है ना? बात समझ में आ
रही है ना? क्लियर हो गया ना? ठीक है ना? यूनिट जब बढ़ेगी तो नंबर घटेगा। और नंबर जब बढ़ेगा तो यूनिट घटेगी। मैंने तीन
एग्जांपल दे के आपको बताया। ठीक है? फायर इमोजी लगाना अगर बात समझ में आई तो। ठीक है? और अगर आप इन दोनों के बीच में ग्राफ
देखोगे स्कूल एग्जाम में पूछी जाती हैं ऐसी सब चीजें है ना n और u के बीच में ग्राफ देखोगे बेटा अगर आप तो ये हमेशा ऐसा
आता है इसको बोलते हैं रेक्टेंगुलर हाइपरबोला नोट करते जाओ फटाफट
नोट करते जाओ जल्दी-जल्दी और फायर इमोजी लगा देना ठीक है इसको बोलते हैं रेक्टेंगुलर हाइपरबोला
रेक्टेंगुलर हाइपरबोला ठीक है जी ऐसे गिरता हुआ ग्राफ आएगा n और n और u के बीच में ठीक तो यहां पर मैंने आपको बता दिया
यूनिट जो कि u से लिखी जाती है। मैग्नीट्यूड जो कि n से लिखा जाता है। दोनों को मिलाकर के हमेशा कोई भी
क्वांटिटी डिफाइन होती है। ठीक है? अगर मुझसे आप पूछोगे कि सर कोई फिजिकल क्वांटिटी में क्या-क्या चीजें जरूरी हैं?
तो दो चीजें जरूरी है। एक उसका मैग्नीट्यूड दूसरा उसका यूनिट। खत्म। आगे चलते हैं। अच्छा। अब भाई यूनिट जो चुने
जाते हैं वो कैसे चुने जाते हैं? ये थ्योरी में सवाल आता है। मैं जल्दी-जल्दी पढ़ के सुना देता हूं आपको। देखो कोई भी
कररेक्टरिस्टिक यूनिट जो होगी ना जो जो भी यूनिट अगर होगी ना वो हमेशा वेल डिफाइंड होनी चाहिए। मतलब उसकी डेफिनेशन क्लियर
होनी चाहिए। ऐसा ना हो कि आप कुछ मानते हो, मैं कुछ मानता हूं। गड़बड़ हो जाएगी। ठीक है ना? मैं जो मानूं वही आप मानो।
नहीं तो हमारे में कभी लेनदेन नहीं हो सकता। हमारे में कभी ट्रांजैक्शन नहीं हो सकता। मैं रुपैया लेके बैठा हूं। है ना?
और आप मान लो दीनार लेके बैठे हो। शेख बाबा शेख बाबा दीनार लेके बैठे हैं। है ना? अब मैं कहूं भाई साहब रुपए आप बोलो
दीार। तो ये एक्सचेंज कभी होगा नहीं। इसलिए डॉलर को बना दिया गया क्या? ग्लोबल करेंसी कि ठीक है भाई तू भी डॉलर में मांग
मैं भी डॉलर में मांगू। मेरे लिए भी डॉलर जरूरी, तेरे लिए भी डॉलर जरूरी। तुझे रुपैया की जरूरत नहीं, मुझे दीनार की
जरूरत नहीं। बात समझ में आ गई ना? तो ऐसे होता है। समझ गए? तो वेल डिफाइंड होना चाहिए। दूसरा है कंसिस्टेंट हो, इनवेरिएबल
हो। ऐसा ना हो कि चेंज होता रहे कि भाई आज मैं करेंसी लेकर के आया हूं। रुपैया। कल को मैं बोलूं नहीं यार करेंसी अपन ने ना
चेंज कर दिया यार। हम ना नए नोट छाप रहे हैं आपके यार। अब आपके अब वो चलेगा नहीं जो पहले चल रहा था। तो ऐसा नहीं होता ना
भाई। रुपैया है या डॉलर है तो फिर डॉलर कई दशकों से कई सालों से है और वह अपनी जगह अपनी सत्ता बनाए हुए हैं। समझ रहे हो ना?
तो कंसिस्टेंट होना चाहिए। चेंज ना हो वेरिएबल ना हो। तीसरा है अवेलेबल होना चाहिए। रिप्रोड्यूसेबल भी होना चाहिए। भाई
हर जगह पर वो यूनिट अवेलेबल हो। जैसे मैंने आपको एग्जांपल दिया था राजा के पैर का। राजा का पैर राजा बोलता है मेरे पैर
से नाप के जाओ। जो लेंथ चाहिए वो मेरा फुट नाप के देगा। ठीक है ना भाई? तो आओ मेरे पैर से और नाप के जाओ। राजा रहता है मान
लो इटली में। राजा रहता है रोम में तो इंडिया के लोग अब कैसे जाएंगे? हमारे देश के लोग कैसे जाएंगे? उसके पैरों को नाप
नाप करके और उससे हम लेंथ नापें भाई दुनिया भर में तो नहीं चलेगा ना ऐसा। तो अवेलेबल होना चाहिए पूरी दुनिया के अंदर।
फिर आता है इंपेरिशेबिलिटी और परमानेंसी। अब एक बात बताओ क्या राजा जी परमानेंट है क्या? कितने ही साल जी लेगा कोई राजा? 70
साल, 80 साल, 90 साल, 100 साल चलो। पर 100 साल के बाद तो मरेगा। उसका पैर भी गलेगा। पेरिशेबल। पेरिशेबल का मतलब क्या होता है?
गल जाने वाला, सड़ जाने वाला। तो एक दिन तो पैर सड़ेगा। तो कब्र में से खोद के राजा जी का पैर निकालोगे क्या? कहोगे हां
जी राजा जी रेस्ट इन पीस नहीं हो पाएगा आपका। क्यों? क्योंकि आपका पैर हमको चाहिए। अपना पैर हमको दे दे राजू। तो राजू
का पैर निकाल के कब्र में से खोद के भी नाप रहे हैं लोग। है ना? तो देख रहे हो कितना पागलपन होगा। तो इसलिए इंपेरिशेबल
यूनिट नहीं होनी चाहिए। मतलब इंपेरिशेबल यूनिट होनी चाहिए। ऐसा ना हो कि सड़ने वाली कोई यूनिट स्टैंडर्ड आपने बना लिया
है वो नहीं चलेगा। ठीक है ना? फिर आता है कन्वीनिएंट हो और एक्सेप्टेबल हो। अब भाई इटली का राजा इटली वालों को प्यारा। हमें
क्यों प्यारा? हमें तो हमारे देश का राजा चाहिए भाई। बात सही है कि नहीं? हमें तो वो राज भी मंजूर नहीं था जो ब्रिटिशर्स ने
दिया। तो हमने बदल दिया उसको। चले गए वो लोग यहां से। है ना भाई? चाहे लूट के गए हो कोई बात नहीं। लेकिन गए अब अपना राजा
है। है ना भाई? अब तो लोकतंत्र है यहां पे। तो हमें वो एक्सेप्टेबल है। किसी दूसरे का राजा हम क्यों एक्सेप्ट करें
भाई? तो यूनिट ऐसी होनी चाहिए जो एक्सेप्टेबल हो। पूरी दुनिया उसको माने। बात समझ में आई? जैसे डॉलर की सत्ता पूरी
दुनिया मानती है कि भाई हां डॉलर मजबूत है। बाकी करेंसीज के मुकाबले डॉलर मजबूत है तो डॉलर के लिए हम लोग ट्रेड करने को
तैयार होते हैं। पूरी दुनिया ट्रेड करती है डॉलर में। डॉलर किसकी करेंसी है? यूएस की। एक देश की करेंसी पर सारे देशों का
भरोसा बनता है। खैर अब वह थोड़ा भरोसा कम हो रहा है इसलिए गोल्ड बढ़ रहा है। आपने सुना होगा गोल्ड के रेट ऊपर जा रहे हैं।
सिल्वर के रेट ऊपर जा रहे हैं। है ना? तो थोड़ी इकोनॉमिक्स में घुस जाएंगे। अपन रहने देते हैं। फिजिक्स पे वापस आ जाते
हैं। आप समझ गए ना? एक्सेप्टेबल होना चाहिए। कन्वीनिएंट होना चाहिए। इस प्रकार के यूनिट्स होने चाहिए। चलिए आगे बढ़ते
हैं। ठीक है? ये लिख लेना। चार पांच चीजें थ्योरी में पूछी जा सकती हैं। बेटा दो प्रकार की फंडामेंटल दो दो प्रकार की
फिजिकल क्वांटिटीज होती हैं। एक होती है फंडामेंटल और दूसरी होती है डिराइव्ड। ठीक है ना? अब टोटल फंडामेंटल कितनी होती हैं
या बेस क्वांटिटीज कितनी होती हैं? कह रहा है क्वांटिटीज व्हिच आर इंडिपेंडेंट ऑफ़ एनी अदर क्वांटिटी। ऐसी क्वांटिटी जो किसी
और पे डिपेंड ही ना करती हो को कहते हैं फंडामेंटल क्वांटिटी। जैसे एक फंडामेंटल क्वांटिटी है मास।
एक है लेंथ, एक है टाइम। ठीक है? ठीक है? अब एक बात बताओ अगर किसी चीज का मास ज्यादा है तो वो
लंबा भी हो सकता है और वो छोटू भी हो सकता है। क्या इस बात से फर्क पड़ता है क्या कि उसका मास ज्यादा होगा तो उसकी लेंथ भी
ज्यादा होनी चाहिए। आप मुझे सोच के बताओ। आप मुझे सोच के बताओ। कोई चीज अगर मोटा एक कोई मोटा आदमी ज्यादा है तो पक्की बात है
क्या वो लंबा भी होगा? ऐसा कोई जरूरी नहीं है भाई। वो नाटा भी हो सकता है। है ना? छोटी नाटी छोटी नाटी नाटी छोटी है ना तो
मास ज्यादा हो के भी लेंथ मास ज्यादा हो के भी लेंथ कम भी हो सकती है ज्यादा भी हो सकती है तो बात ये है कि मास और लेंथ आपस
में इंडिपेंडेंट है एक दूसरे पे डिपेंड नहीं करते बात समझ में आ गई ना लिखा हुआ है देखो द क्वांटिटीज व्हिच आर
इंडिपेंडेंट द क्वांटिटीज व्हिच आर इंडिपेंडेंट ऑफ एनी अदर क्वांटिटी ऐसी क्वांटिटीज जो इंडिपेंडेंट हो किसी और
क्वांटिटी के वो सब की सब फंडामेंटल होती हैं। ठीक है ना? टोटल यहां पे सात हैं। लेकिन साथ में दो और भी बोली जाती है
जिनको सप्लीमेंट्री यूनिट्स कहते हैं। सप्लीमेंट्री। ठीक है ना? ये एंगल्स होते हैं दो। एक होता है प्लेन एंगल
और दूसरा होता है सॉलिड एंगल। बताएंगे इसको भी आगे जाकर के। ठीक है? आगे जाके बात करेंगे इसके बारे में। वैसे तो सात
क्वांटिटी है। मास है, लेंथ है, टाइम और क्या है? करंट है। और क्या है? टेंपरेचर है।
ठीक है ना? और क्या है? अमाउंट ऑफ सब्सटांस है। अमाउंट ऑफ सब्सटांस है और लुमिनस इंटेंसिटी है। सात क्वांटिटीज होती
हैं। ठीक है ना? अच्छा डिराइव्ड कितनी होती हैं? अब पहली बात समझो डिराइव्ड होती क्या है? डिराइव्ड क्वांटिटी वो होती हैं
जो कि इन सातों से निकाली जाती हैं। इन्हीं सातों का डिवाइड किया जाएगा, मल्टीप्लाई किया जाएगा, जोड़ा जाएगा,
घटाया जाएगा। वो वो भूल भुलैया वाली लाइन याद आ जाती है मुझे अक्षय कुमार की। है ना? और जब मैंने जोड़ा, घटाया, गुणाकार
किया और भागाकार किया तो ये पता चला कि जोड़ने, घटाने, गुणाकार करने और भागाकार करने का कोई फायदा नहीं हुआ। लेकिन यहां
पे होगा। अगर आप क्वांटिटीज को डिराइव करोगे तो इन्हीं का जोड़, घटा गुणा, भागाकार ही होगा। यानी किसी का स्क्वायर,
किसी का रूट, किसी का इन्वर्सली प्रोपोर्शनल, किसी का डायरेक्टली प्रोपोर्शनल ही लगा करके आप क्वांटिटीज को
डिराइव करोगे। ठीक है? डन गए? डन गए? डन गए? डन जाओ फटाफट जल्दी से। इतनी बात समझ में आ गई तो डन जाओ। है ना? जैसे जैसे मैं
आपको एरिया की बात बता रहा था। तो एरिया होता है लेंथ * लेंथ। तो दो बार लेंथ को क्या किया गया? गुणा किया गया। दो बार
लेंथ आपस में क्या करी गई? मल्टीप्लाई करी गई। बात सही है ना भाई? लेंथ * लेंथ करा गया तो क्या बन गया? l² बन गया। क्लियर
बात? क्लियर बात है ना? तो डिराइव्ड क्वांटिटीज हजारों हो सकती हैं। हजारों कोई लिमिट नहीं है। कोई लिमिट नहीं है।
ठीक है ना? कोई लिमिट नहीं। कितनी भी हो सकती हैं। चलिए जी। कुछ सिस्टम ऑफ यूनिट्स भी है जो आपको
जानने हैं। जैसे कि एक है एफपीएस। एफपीएस फुट पाउंड सेकंड है ना भाई? ये ब्रिटिश इंजीनियरिंग सिस्टम में यूज़ होता है फुट
पाउंड सेकंड। लेकिन आजकल अमेरिका वाले इसको ज्यादा यूज़ करने लगे हैं। ठीक है? एक होता है सीजीएस सिस्टम सेंटीमीटर ग्राम
सेकंड। है ना? और एक होता है एमकेएस मीटर, किलोग्राम और सेकंड। एमकेएस सिस्टम। ठीक है जी? तो तीन प्रकार के मोटे-मोटे सिस्टम
है। लेकिन सबसे ज्यादा यूज़ होने वाला कौन सा है इनमें से? फटाफट से बताओ इनमें से सबसे ज्यादा यूज़ होने वाला कौन सा है? जो
विकसित हो के जो इवॉल्व हो करके जो इवॉल्व हो के एसआई यूनिट बना वो कौन है इनमें से? यस बिल्कुल सही लिख रहे हो। बिल्कुल सही
लिख रहे हो। एमकेएस सिस्टम ही है वो। यस। यस। सीजीएस तो होता है यूज़। लेकिन एमकेएस ही है बेटा जो इवॉल्व हो के जो इवॉल्व हो
के क्या बना? एसआई यूनिट बना। एसआई यूनिट सिस्टम बना। ठीक है ना? ठीक है ना? बाकी आपको पता है फुट लेंथ के लिए पाउंड मास के
लिए सेकंड टाइम के लिए ऐसी सेंटीमीटर लेंथ ग्राम मास सेकंड टाइम ऐसी मीटर लेंथ किलोग्राम मास और सेकंड टाइम के लिए यूनिट
यूज़ होती है। ठीक है ना? आ गया भाई एसआई सिस्टम जिसको सिस्टम में इंटरनेशनल द यूनाइट्स करके बुलाते हैं। मुझे इतनी ही
फ्रेंच आती है बेटा जितनी यहां लिखी हुई है। इससे ज्यादा फ्रेंच आपको आती होगी तो आप देख लेना भाई। ठीक है? वैसे तो हम इसको
इंटरनेशनल सिस्टम ऑफ यूनिट्स या एसआई यूनिट्स बोलते हैं सीधा-सीधा। तो ये मॉडिफिकेशन है किसकी? एमकेएस की। एमकेएस
को ही विकसित किया गया और फिर ये सिस्टम ऑफ यूनिट्स बनाया गया जो कि एसआई कहलाता है। इसमें इसमें सबसे पहले मास आता है जो
कि m डायमेंशन से डिनोट किया जाता है जिसकी यूनिट होती है किलोग्राम। उसके बाद लेंथ आता है जिसकी डायमेंशनल डिनोशन है
यानी फार्मूला है l। ठीक है ना? और इसकी यूनिट है मीटर m से डिनोट करी जाती है। तीसरा आता है टाइम।
डायमेंशनली t फार्मूले से लिखा जाता है इसको s सेकंड्स इसकी यूनिट है s से डिनोट होती है। फिर आता है भाई टेंपरेचर या करंट
जो मर्जी ले लो चौथा क्या फर्क पड़ता है उससे? करंट है। फिर अमाउंट ऑफ सब्सटांस है।
फिर लुमिनस इंटेंसिटी है। ठीक है ना? टेंपरेचर होता है बेटा कभी-कभी थीटा से डिनोट। कभी-कभी K से डिनोट। मैं K ही लिख
देता हूं क्योंकि जनरली किताबों में K लिखा होता है। ठीक है ना? और ये केल्विन यूनिट है। इसकी एसआई यूनिट केल्विन है। K
से लिखी जाती है। करंट बेटा A से डायमेंशनली डिनोट होता है। और एंपियर इसकी यूनिट है जिसको स्मॉल A से मतलब मतलब
डिनोट करेंगे तो A से ही करेंगे। अमाउंट ऑफ सब्सटांस मोल से लिखा जाता है और इसकी यूनिट भी एम ओ एलई मोल है जिसको शॉर्ट में
एम ओ एल लिखा जाता है। ठीक है ना? लुमिनस इंटेंसिटी CD फुल फॉर्म है कैंडेला। कैंडला जिसको सीडी लिखा जाता है। ठीक है
ना? ये सात क्वांटिटीज फंडामेंटल कहलाती हैं। है ना? ये सात क्वांटिटीज क्या कहलाती हैं?
फंडामेंटल कहलाती हैं। दो सप्लीमेंट्री भी हैं। आगे आएंगी देख लेंगे। दो सप्लीमेंट्री भी हैं। ये रही देखो। एक
सप्लीमेंट्री है प्लेन एंगल। एक सप्लीमेंट्री है प्लेन एंगल। प्लेन एंगल क्या होता है भाई? बचपन में आपने पढ़ा था
l = r थीटा। इसमें l होता है बेटा आर्क लेंथ याद आ रहा है r होता है रेडियस किसी भी सर्कल का है
ना और थीटा क्या होता है बेटा थीटा होता है एंगल सबटेंडेड बाय आर्क ये मैथ्स है एंगल सबटेंडेड बाय आर्क है ना सेंटर पर
कितना एंगल सबटेंड किया यहां पे आप देख सकते हो है ना मान लो ये सर्कल है। ठीक है? तो यहां से लेके यहां तक कितना एंगल
सबटेंड किया? ये कितना थीटा है। ठीक है ना? और दिस इज़ द यूनिट। ये आर्क लेंथ l ऐसे लिखी जाएगी। तो जब l = r थीटा है तो
आप थीटा को लिख सकते हो l / r है ना? याद रखना बस ये थीटा किस में होता है? रेडियन में होता है बेटा। ठीक है? रेडियन में है
ये यूनिट इसका। ठीक है? ध्यान रखना इस चीज को। फिर एक चीज़ आती है सॉलिड एंगल। सॉलिड एंगल का मतलब होता है आपका कितना एरिया
एंगल सबटेंड कर रहा है सेंटर पे। ये जनरली 3D ऑब्जेक्ट्स के लिए बोला जाता है। ये प्लेन एंगल है। ये प्लेन एंगल है। 2D एंगल
भी कहते हैं इसको। 2D एंगल। ये असल में 3D एंगल है। ये 3D एंगल है। है ना? कोण इमेजिन कर सकते हो
आप। एक कोन इमेजिन करो भाई। कोन इमेजिन करो। है ना? वो कोन का मुंह कितना चौड़ा है। जितना चौड़ा मुंह होगा समझ लो उतना ही
बड़ा एंगल सबटेंड कर रहा होगा सेंटर पे। मुझे एक बात बताओ। अगर मैंने ऐसा कोण बनाया इधर देख अगर मैंने ऐसा कोण बनाया
ठीक है तो कुछ एंगल सबटेंड हो रहा होगा अब मैंने ऐसा कोण बनाया ये देखो तो भी कुछ एंगल सबटेंड हो रहा है तो पहले केस में
एंगल सब्सटेंड ज्यादा है कि दूसरे केस में ज्यादा है पहले केस में सॉलिड एंगल ज्यादा या दूसरे केस में सॉलिड एंगल ज्यादा सॉलिड
एंगल लिखा जाता है बेटा ओमेगा से जैसे वो थीटा से लिखा जाता है इसको ओमेगा से लिखते हैं ठीक है ना और ये होता है वो क्या था
वो था लेंथ इक्वल टू रेडियस * थीटा ठीक है ना? तो ये लेंथ की जगह पर एरिया होता है। यस यस बिल्कुल ठीक।
शाबाश शाबाश शाबाश। गुड गुड गुड। सही है। सही है सही है। बढ़िया बढ़िया बढ़िया। ठीक है जी। तो आगे बढ़ते हैं। ठीक है? लिखा हुआ है
देखो। रेश्यो ऑफ़ एरिया ऑफ़ द स्फेरिकल सरफेस है ना? बाय द गिवन सरफेस टू द स्क्वायर ऑफ़ द रेडियस। तो नीचे r² अभी लिख
रहा था ना मैं यहां पे? हां। ऊपर एरिया और नीचे r²। ठीक है ना? इस तरीके से लिखा जाता है। जितना भी एरिया एंगल सबटेंड कर
रहा हो। ठीक है? आगे चलते हैं। एसआई यूनिट सुन लो क्या है भाई? स्टेरेडियन है। इसकी एसआई यूनिट होती है स्टेरेडियन। ठीक है
ना? इसकी होती है रेडियन। यहां मैंने लिख दी थी वैसे। है ना? इसकी होती है स्टेरेडियन। ठीक है? अब आइए भाई कन्वर्ज़
पर चलते हैं। इस पर सवाल आपको स्कूल में पूछा जाता है। सवाल आपको स्कूल में पूछते हैं। ठीक है? हां बेटा एरर एनालिसिस होगा।
चैप्टर आगे तो चले पहले। हैं? अभी चल रहे हैं। अच्छी खासी स्पीड से आगे बढ़ रहे हैं यार हम। ठीक है ना? सारी चीजें कवर होंगी।
डोंट वरी। ठीक है? आइए कन्वर्शन ऑफ यूनिट पर सवाल देखते हैं। इसमें कैसा सवाल आ सकता है? इसमें ऐसा सवाल आएगा देखो कि भाई
2 कि.मी. है तो कितने मीटर के बराबर होगा? तो इसका तो सीधा आंसर भी दे दे सकते हो आप। मैं मानता हूं ऐसी कोई बड़ी बात नहीं
है। लेकिन अगर कोई तगड़ी ही यूनिट आ गई तो उसमें आपको पंगा पड़ेगा। उसमें आपको प्रॉब्लम आएगी। ठीक है ना? उसमें आंसर
देने में आपको दिक्कत आती है। ठीक है? तो हमेशा याद रखना यहां पे एक काम हम लोग करेंगे। एक काम हम लोग करेंगे। आपको याद
है हमने NU को कांस्टेंट बोला था। है ना? हमने nu को क्या बोला था? कांस्टेंट बोला था। तो क्या मैं इस NU को कांस्टेंट की
जगह पर ऐसे लिख सकता हूं? n1u1 = n2u2 भाई दोनों रेश्यो है तो इक्वेट हो सकते हैं। दोनों रेश्यो है तो क्या हो सकते हैं?
इक्वेट हो सकते हैं। है ना? मैग्नीट्यूड और यूनिट को मल्टीप्लाई करके क्या आता है भाई? कांस्टेंट आता है। ये देख। अब यहां
देख ध्यान से। ये तेरा n1 है भाई। ये तेरा U1 है भाई। ये बेटा N2 है और ये क्या है? ये है U2। तो आप क्या करोगे?
सुनो ध्यान से। ध्यान से सुनना क्या करना है? आप इस फार्मूले को लगा रहे हो। n1 U1 = N2 U2 ठीक है? अच्छा ये फार्मूला क्यों
लग रहा है? क्योंकि बेटा आपको पता है चाहे कैसे भी लेंथ लिखी जाए। यूनिट कन्वर्ज़ के अंदर क्वांटिटी कभी चेंज नहीं होती। अगर
एक यूनिट कन्वर्ज़ हो रही है किलोमीटर से मीटर में कुछ जा रहा है तो फिर क्वांटिटी थोड़ी बड़ी ज्यादा हो जाएगी या बढ़ गई या
कम हो गई ऐसा थोड़ी ना होता है। क्वांटिटी बढ़ती घटती नहीं है। केवल यूनिट में क्या आ रहा है? चेंज आ रहा है बात को समझना।
ठीक है ना? तो यहां पे n1 हमने लिखा टू अब u1 क्या है? u1 है 1 कि.मी. इक्वल टू n2 आपको नहीं पता। इसको n2 ही
रहने दो। और जो u2 है उसको लिख दो 1 मीटर। अब सुनो क्या करोगे? आप इस 1 कि.मी. को मीटर में चेंज करोगे। क्यों? क्योंकि यहां
पर भी मीटर है। यहां भी मीटर हो जाएगा। तो मीटर से मीटर ईज़ली कट जाएगा। n2 निकल के आ जाएगा। तो देख 2 * 1 कि.मी. को क्या लिख
सकते हैं बेटा? 1000 मीटर लिख सकते हैं। इक्वल टू n2 * 1 मीटर लिख सकते हैं। 1 मीटर से मीटर कट गया। ये कितना आ गया? ये
आ गया 2000। 2000 हमारा n2 है। n2 को उठा के यहां रख दोगे। क्या आ जाएगा? 2000 आ जाएगा। क्या आंसर सही है कि नहीं? यस सर।
बिल्कुल सही है। ठीक है। यह तो था ईजी। यह तो था ईजी वाला मामला। अब हम अब हम अब हम थोड़ा सा ट्यून अप करते हैं चीजों को। किस
तरीके का क्वेश्चन आपका पेपर में आता है। ठीक है ना? पेपर में कैसा आएगा? अब सुनो। पेपर में आपको बोलेगा भाई देख 5 न्यूटन
दिया हुआ है फोर्स। बता ये कितने सीजीएस यूनिट में कन्वर्ट हो के मिलेगा?
ये सवाल है। ये सवाल है। ये क्वेश्चन है। अब ये क्वेश्चन बनेगा लेवल का। ये क्वेश्चन आपके लेवल का बनेगा कि 5 न्यूटन
कितने सीजीएस यूनिट के बराबर है? पहली बात तो मैं आपको बता दूं इसके सीजीएस यूनिट को कहते हैं डाइन। इसके सीजीएस यूनिट को बोला
जाता है डाइन। तो 5 न्यूटन कितने डाइन के बराबर होता है? अब सुन बहुत सिंपल है। वेरी वेरी सिंपल। देख सबसे पहले ये डिफाइन
कर कि 1 न्यूटन जो है वो फंडामेंटल यूनिट्स में कैसे लिखा जाता है? सर ये हमें कैसे पता चलेगा? 1 न्यूटन का
फंडामेंटल यूनिट क्या होता है? यह मुझे कैसे पता चलेगा? तो भाई आपको ऐसे पता चलेगा कि आपको इसका फार्मूला याद होना
चाहिए। हां। ये फोर्स है ना? ये फोर्स है कि नहीं? हां। तो इसका फार्मूला आपको आना चाहिए। ठीक है? तो फार्मूला होता है सुन।
फार्मूला होता है ma। है ना? फोर्स का फार्मूला इज़ ma। तो m यानी मास। मास मतलब केजी किलोग्राम। और एक्सीलरेशन की यूनिट
होती है बेटा मीटर पर सेकंड स्क्वायर। ये होता है 1 न्यूटन के बराबर। कोई आपसे बोले 1 न्यूटन क्या है? 1 न्यूटन
इज़ 1 kg 1 मीटर / 1 सेकंड का स्क्वायर। सब वन वन वन है। तो ये यूनिट ऐसे फंडामेंटली तोड़नी आनी चाहिए। लेकिन कैसे तोड़ पाओगे?
जब नॉलेज होगी तब। जब फार्मूलों का ज्ञान होगा तभी तोड़ पाओगे इसको। आप तो फार्मूले याद होने चाहिए जब ऐसे सवाल करने हो तो
आपको। ठीक है? अब मैं इसको पूरा करके दिखाता हूं कैसे करोगे आप। देखो, यह पांच है ना? पांच को अलग लिखो। 1 न्यूटन को अलग
लिखो। इज़ इक्वल टू। अभी कुछ नहीं पता यहां पे क्या है। 1 डाइन को अलग लिख दो। ठीक है? अब आपको पता है ये एसआई यूनिट है। ये
सीजीएस यूनिट है। एसआई यूनिट कैसे लिखी जाती है? 1 न्यूटन किसके बराबर होता है भाई? देख 1 न्यूटन होता है 1 केg
* 1 मीटर डिवाइड बाय 1 सेकंड * 1 सेकंड। 1 सेकंड का स्क्वायर है ना? तो मैंने 1 सेकंड 1 सेकंड ऐसे लिख दिया। ठीक है? अब
आप मुझे बताओ यहां तो फिल इन द ब्लैंक आएगा। आप 1 को कैसे लिखोगे? इन सबको सीजीएस में कन्वर्ट करो किलोग्राम का।
किलोग्राम का बन जाएगा ग्राम मीटर का बन जाएगा सेंटीमीटर है ना और 1 सेकंड का तो सेकंड ही रहेगा ये भी सेकंड ही रहेगा तो
डाइन के अंदर ग्राम सेंटीमीटर पर सेकंड स्क्वायर लिखा जाएगा जैसे एसआई यूनिट में केजी मीटर पर सेकंड स्क्वायर होता है वैसे
ही सीजीएस में ग्राम सेंटीमीटर पर सेकंड स्क्वायर लिखना पड़ेगा आपको। ठीक है? और अब आप लगाओगे फार्मूला कौन सा? n1 u1 = n2
u2 लगाओ लगाओ जी n1 क्या है सर n1 तो पांच है u1 क्या है सर u1 हमने लिख दिया 1 केg 1 मीटर 1 सेकंड 1 सेकंड इज इक्वल टू n2 और
ये u2 क्या है सर ये है 1 ग्राम 1 मीटर 1 सेकंड 1 सेकंड सही है किलोग्राम को करो ग्राम में चेंज 1 किलोग्राम में कितने
ग्राम होते हैं 1000 1 मीटर में कितने सेंटीमीटर होते हैं सर 100 1 सेकंड में कितने सेकंड? अरे सेकंड
तो सेकंड ही है। 1 सेकंड में क्या अरे सेकंड तो सेकंड ही है। तो n2 * 1 ग्राम 1 सेंटीमीटर सेंटीमीटर है ये। 1 सेकंड 1
सेकंड जो कट रहा है काटो। जो कटता है काट दे। ग्राम से ग्राम कट गया। सेंटीमीटर से सेंटीमीटर कट गया। सेकंड सेकंडों से सेकंड
सेकंड कट गया। n2 निकल के क्या आया? अरे बोल। अरे बोल पांच तो है। इंटू में क्या है? 1 2 3 4 5 10 की पावर फाइव एन2 है 5 *
10 की पावर 5 यहां पुट कर दो 5 * 10 की पावर फाइव 5 * 10 की पावर 5 डाइन बराबर होता है 1 न्यूटन के क्लियर हुआ क्लियर
हुआ कैसे करना है सर स्पीड कैलकुलेशन कैसे आएगा बेटा करके आएगा बिना करे नहीं आएगा [हंसी]
ठीक है ठीक है बिना करे नहीं आएगा 5 न्यूटन 5 * 10 की पावर 5 डाइन के बराबर। इस तरीके से सवाल देखने को पेपर में मिलते
हैं। ठीक है? तो ये सवाल मैं आपको क्लास में ही करवा रहा हूं जानबूझ के। ठीक है? कुछ फेमस कन्वर्शन सुन लें भाई। मैं इसमें
से स्टार लगा देता हूं। सारे काम के नहीं है। कुछ काम के हैं। जैसे कि किलो काम का है। मेगा काम का है। बाकी गीगा, टेरा,
पेटा, हेक्सा, हेक्टर, डेका ये सब इतने नहीं आते। किलोमेगा ज्यादा है। ठीक है ना? किलो का मतलब समझ लेना 10 की पावर 3 होता
है। किलोमीटर हो, किलोग्राम हो, किलो कुछ भी किलो लगा हो आगे है ना? किलोवाट होता है कभी-कभी। ये 10 की पावर 3 होता है।
इसका मतलब मेगा का मतलब होता है 10 की पावर सिक्स। बाकी इतने यूज़ नहीं होते फिजिक्स में। छोटे यूनिट्स में भी आ जाते
हैं। छोटे यूनिट्स में भाई बहुत कुछ यूज़ होता है क्योंकि फिजिक्स में छोटे पार्टिकल्स के साथ डील करनी पड़ती है अपने
को। यह सब काम के हैं। यह सारे काम के हैं। सेंटीमीटर C से डिनोट करते हैं। 10 की पावर -2 का मतलब होता है मिली होता है
10 की पावर -3 माइक्रो 10 की पावर -6 नैनो 10 की पावर -9 पीको 10 की पावर -12 फेमटो या फर्मी 10 की पावर -15। ठीक है? ये सारे
ही इंपॉर्टेंट हैं। नोट करो जल्दी से। फटाफट से नोट करो। ये सारे ही काम के हैं बेटा।
ठीक? ठीक? आगे और चीज आपको बताता हूं। देखो, कभी भी लेंथ की बात अगर होगी तो मिलीमीटर
बोलेगा। एमएम लिखते हैं उसको। 1 मि.मी. 10 की पावर माइनस देखो मिली के लिए बोला था ना 10 की पावर -3 आता है। माइक्रो के लिए
आता है 10 की पावर -6। यूनिट को डिनोट करते हैं म्यू सिंबल से। ये काम की बात बता रहा हूं। देखो इसको म्यू से डिनोट
करते हैं। माइक्रो मीटर। माइक्रोन भी कहते हैं इसको। नैनो मीटर होता है एनएम। 1 एनएम होता है 10 की पावर -9। पिकोमीटर PM 10 की
पावर -12 एटॉमिक रेडियस है ये। पिकोमीटर एटॉमिक रेडियस है और फेमटोमीटर न्यूक्लियर रेडियस है। हां जो एटम के अंदर न्यूक्लियस
होता है उसकी रेडियस फेमटो में दी जाती है जिसको फर्मी भी कहते हैं। इसको फर्मी बुलाते हैं। इसको फर्मी भी बुलाते हैं।
फर्मी। ठीक है? ठीक जी। आगे चला जाए। आगे चला जाए। आग लगा दो एक बार फटाफट से।
आरडीएक्स लिख दो फटाफट जल्दी से। जल्दी से अगर बात पूरी समझ में आ रही है तो कुछ बड़ी यूनिट्स भी देखो जरा लेंथ की
किलोमीटर 10 की पावर 3 मीटर हेक्टोमीटर किसी काम का नहीं डेका मेगा मेगा काम आ सकता है 10 की पावर सिक्स होता है बस ये
दो ही काम के हैं बाकी करो ना करो आपकी इच्छा है देने को तो मैं दे रहा हूं आपकी मर्जी हो करना हो तो कर सकते हो आप ठीक है
जी अच्छा अब चलते हैं कुछ स्पेशल यूनिट्स की बात करते हैं जैसे कि आपने सुना होगा अरे एक लेंथ और रह गई यार वो भी बड़ी काम
की है जो छोटी वाली ये है एंगस्ट्रोम। एंगस्ट्रो और वन एंगस्ट्रो होता है 10 की पावर -10 मीटर। है ना? ये भी ये भी याद कर
लेना। एंगस्ट्रो भी याद कर लेना है। ठीक है ना? हां। हां। एक होता है भाई। सुना होगा आपने लाइट ईयर। वन लाइट ईयर। ये
कितने मीटर के बराबर होता है? ऐसे ही एक आता है वन एय। फुल फॉर्म होती है एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट।
वन एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट यह भी काम आ जाता है बेटा। कितने मीटर के बराबर होता है? ऐसे ही आता है वन पारसेक
पैरालेक्टिक सेकंड बोलते हैं। इसको फुल फॉर्म होती है इसकी पैरालेक्टिक सेकंड। पैरेललिक सेकंड कितने मीटर के बराबर होता
है? जनरली याद कर लेते हैं बच्चे इसको यार। ठीक है ना? तो आप भी अच्छा रहेगा कि इसको याद कर लो।
ठीक है हो जाएगा ठीक है कर लेना भाई 1 au है वन एस्ट्रोल
होता है 1.5 * 10 की पावर 11 मीटर ठीक है ना पारसेक रहने दो पारसेक को फिर समझाना ही पड़ेगा वो सिलेबस में है नहीं आपके कट
चुका है वो ठीक है ना लाइट ईयर क्या होता है हां न बिल्कुल बच्चे यहां पे लिख भी रहे हैं यस 9.34 या 9.4 लिख दो सिर्फ 9.4
* 10 की पावर 15 ठीक है जी वन लाइट ईयर मीनिंग पता है क्या होता है वन लाइट ईयर का लाइट जो ट्रैवल करे लाइट ट्रैवल्स अ
डिस्टेंस लाइट ट्रेवल्स अ सर्टेन डिस्टेंस इन वन ईयर इन वैक्यूम
ठीक है वैक्यूम में जो ट्रेवल करे लाइट एक साल तक और वन एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट क्या होता है भाई यह होता है एवरेज डिस्टेंस
बिटवीन एवरेज डिस्टेंस बिटवीन अर्थ एंड सन। ठीक है? कुछ मास की यूनिट भी
सुनो। सुना होगा आपने। 1 क्विंटल कितने के बराबर? 1 टन कितने के बराबर? जल्दी से बता दो। एक क्विंटल कितने किलो
के बराबर होता है? एक टन कितने किलो के बराबर? जल्दी से। बेटा। एक क्विंटल होता है 100 किलो।
एक क्विंटल होता है 100 किलो। और एक टन होता है 1000 किलो। ठीक है? एक आधी चीज और सुनो।
जैसे एक यूनिट होती है 1 किलो वाट आर। काम आएगी ये। दिस इज 3.6 * 10 की पावर 6 जूल के बराबर होती है ये। ठीक है? फिर एक
यूनिट आती है 1 इलेक्ट्रॉन वोल्ट। सुना है नाम? केमिस्ट्री में तो सुना होगा आप लोगों ने। इलेक्ट्रॉन वोल्ट कहते हैं
इसको। इलेक्ट्रॉन वोल्ट होता है 1.6 * 10 की पावर -19 जूल के बराबर। ठीक है ना? बस इतने बहुत हैं। है ना? इतनी एक्स्ट्रा
यूनिट्स आप याद कर जाओ। बहुत रहेगा। है ना? इससे ज्यादा करने की जरूरत नहीं है आपको। ठीक है? बाकी जब जिसकी बारी आएगी तब
वो करवा दिया जाएगा। बच्चे यहां पे लिख भी रहे हैं। शाबाश। शाबाश। शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। आगे चलते हैं। आगे
चलते हैं। करवा दी। करवा दी। करवा दी। बहुत है इतनी। चलिए अब आते हैं भाई चैप्टर के दूसरे एंड पर जिसका नाम है डायमेंशंस।
देखो डायमेंशंस का मतलब मैंने आपको पहले ही बताया था। कोई भी क्वांटिटी कुछ फंडामेंटल क्वांटिटीज के जोड़ने, घटाने,
गुणाकार, भागाकार या इन्वर्सली प्रोपोर्शनल या डायरेक्टली प्रोपोर्शनल या फिर उसका स्क्वायर या फिर उसका रूट या फिर
कितनी पावर को जा सकता है। उस पावर को ही कहते हैं। उस पावर को ही कहते हैं। देखो लिखा हुआ है आर द पावर्स टू व्हिच द
फंडामेंटल यूनिट्स आर रेज्ड रिप्रेजेंटेड इन स्क्वायर ब्रैकेट्स। मैंने ऑलरेडी आपको करके दिखाया है। मैं फिर से करके दिखाता
हूं। जैसे इधर देख मान ले एरिया का डायमेंशन निकाल रहे हो तो कैसे निकालोगे? अच्छा एक बात मैं आपसे हाथ जोड़ के विनती
करता हूं कि भाई जब भी आप डायमेंशंस को पढ़ोगे आपको फार्मूले पहले से याद होने चाहिए। अगर फार्मूला याद नहीं है तो
डायमेंशंस करने पॉसिबल नहीं है। ये मैं आपसे साफ बोल दूं। ठीक है? और डायमेंशंस दोनों सालों का काम है। दोनों साल मतलब
11वीं तो आपकी खत्म होने जा ही रही है। 12th में भी चलेगा ये। 12th में भी ऐसा ही है। तो आपको अगर फार्मूला आता होगा तो ही
आप डायमेंशनल फार्मूला लिख पाओगे। अगर फार्मूला भी नहीं आता होगा आपको तो डायमेंशनल फार्मूला नहीं लिख पाओगे। ठीक
है ना? और जो बच्चे जो बच्चे पहले से किए हुए हैं इस बात को वो मेरी बात से इत्तेफाक रखेंगे। वो मेरी बात को समझेंगे
कि मैं क्या कहना चाह रहा हूं। फार्मूला याद अगर नहीं होगा तो डायमेंशन फार्मूला लिखना पॉसिबल नहीं होता है बेटा। ठीक है
ना? आओ फिर भी दिखाता हूं आपको मैं। अब एरिया बेटा लेंथ * ब्रेड्थ होता है। है ना? स्क्वायर का एरिया होगा तो a² होगा।
साइड का स्क्वायर। ठीक है ना भाई? और क्या बोलते हैं? ट्रायंगल का अगर हुआ तो 1/2 बेस * हाइट राइट एंगल ट्रायंगल का। है ना?
और क्या एरिया होता है? सर्कल का क्या होगा? πr²। आप एक चीज़ नोट करो सभी में। सभी में आप एक चीज़ नोट करो। लेंथ और
ब्रेड्थ दो लेंथ ही हैं। एरिया का स्क्वायर ये क्या है? साइड का स्क्वायर। साइड क्या है? साइड क्या है? साइड भी एक
लेंथ ही है। लेंथ का ही स्क्वायर हो रहा है यहां पे। है ना? हाफ बेस * हाइट देखो तो ये भी लेंथ है। ये भी लेंथ है। लेंथ का
ही स्क्वायर हो रहा है यहां पर। ठीक है ना? और πr² रेडियस क्या है? वो भी लेंथ ही है। तो लेंथ का ही स्क्वायर हो रहा है। हर
केस में लेंथ का ही तो स्क्वायर है। यानी l * l ही तो है। यानी इसको हम l का स्क्वायर लिख सकते हैं। हां या ना? हम इसे
l का स्क्वायर लिख सकते हैं। यस और नो। बहुत बढ़िया। गुड गुड। ऐसे ही वॉल्यूम पे आते हैं। ऐसे ही वॉल्यूम पर आते हैं। हां
जी। कोई भी वॉल्यूम उठा लो वो हमेशा तीन साइड्स का मल्टीप्लिकेशन होती है। यस और नो। ये क्युबॉयड की हो गई वॉल्यूम। है ना?
ये क्यूब की हो गई वॉल्यूम। साइड * साइड * साइड। ठीक है ना? और किसकी होती है? स्फीयर की क्या होती है? 4 / 3 πr
r हो रहा है। देखो इसमें भी है ना? है ना? इसमें भी रेडियस तीन बार मल्टीप्लाई हो रही है। ठीक है? अच्छा वो सिलेंडर का क्या
होता है? सिलेंडर का होता है 2π क्या बोलते हैं? 2πrh अरे भूल गया मैं। सिलेंडर का क्या था? अरे सिलेंडर का भूल गया भाई।
πr²l कुछ भी यार। πr²h ठीक है। कोन का होता है 1 / 3 πr²h। ठीक है? हो जाता है कभी-कभी। मिस हो जाता है। हां। ठीक है? तो
देखो हर बार क्या हो रहा है? तीन लेंथ आपस में मल्टीप्लाई हो रही है। है ना? तीन लेंथ, तीन लेंथ। यहां भी देखो तीन लेंथ।
यहां भी देखो तीन लेंथ। यहां देखो दो लेंथ रेडियस की, एक लेंथ हाइट की। दो लेंथ रेडियस की, एक लेंथ हाइट की। यानी वॉल्यूम
निकालते हुए वॉल्यूम निकालते हुए l * l * l हो रहा है। यानी l का क्यूब हो रहा है। है ना? अब बच्चे कहेंगे सर आप भूल सकते
हो। तो फिर हम तो बहुत कुछ भूल सकते हैं पेपर में। हमको तो लेवरेज मिल गई अब भूल जाने की। क्योंकि मास्टर ही क्लास में भूल
जा रहा है। तो सर हम तो फिर पेपर में भूलेंगे ही। नहीं बेटा मुझे याद आ गया था। तुम्हारे कमेंट करने से पहले ही याद आ गया
था मुझे। ठीक है ना? आ जाता है। थोड़ा दिमाग पे जोर डालो तो चीजें याद आ जाती हैं। ठीक है ना? ऐसे ही ऐसे ही ऐसे ही ऐसे
ही और भी करते हैं। जैसे भाई एक चीज होती है डेंसिटी। नाम तो सुना होगा आपने। डेंसिटी का फार्मूला होता है। देखो
फार्मूला सबका याद होना चाहिए भाई। नहीं तो डायमेंशनल फार्मूला नहीं लिख पाओगे। डेंसिटी होता है मास / वॉल्यूम। डेंसिटी
को लिखते हैं रो। मास को लिखते हैं m वॉल्यूम को voll या फिर सिर्फ vb लिख देते हैं। ठीक है ना? तो एक बार इसका डायमेंशन
फार्मूला लिख के दिखाता हूं। ठीक है? मास का डायमेंशन फार्मूला होता है कैपिटल m और वॉल्यूम का देखो अभी-अभी लिखा है अपन ने
क्या? l है ना? l ऊपर चला गया बेटा ये है ना? ये ऊपर चला
गया। जो ऊपर चला गया वो माइनस में हो जाएगा। तो ml - 3 हो जाएगा। ये यस और नो यस और नो। ml - 3 ऑलरेडी बच्चे लिख रहे
हैं। शाबाश। शाबाश। शाबाश शाबाश। यस। ml -3 क्योंकि l 3 नीचे था। ऊपर जाकर के माइनस बन जाएगा।
सही है? सही है? आगे चलें। आइए थोड़े से और देखते हैं। डायमेंशन फ़ूले थोड़े से और करवा देता हूं आपको। है ना? डायमेंशन फार्मूला
क्या होता है? ये तो समझ गए ना? ठीक है? ये एक एक्सप्रेशन है फिजिकल क्वांटिटी का इन टर्म्स ऑफ इट्स डायमेंशंस व्हिच
रिप्रेजेंट हाउ एंड व्हिच ऑफ़ द बेस क्वांटिटीज़ आर इंक्लूडेड इन दैट क्वांटिटी? मतलब कि बेस क्वांटिटीज़ पर किस
तरीके से डिपेंड कर रही है? जो आपकी मेन क्वांटिटी है वो बेस क्वांटिटीज़ पर कैसे डिपेंड कर रही है? कितने पावर पे डिपेंड
कर रही है? तो उसकी बात यहां पर हो रही है। ठीक है ना? और जो इक्वेशन ऑब्टेन होती है इनको जोड़ के उसको डायमेंशनल इक्वेशन
बोलते हैं। अभी दिखाऊंगा आपको इक्वेशन भी। अभी इक्वेशन भी दिखाएंगे आपको। ठीक है ना? तो कुछ हम देख चुके हैं। कुछ और देखते
हैं। जैसे कि डिस्टेंस पर आते हैं। हां जी। बेटा डिस्टेंस और कुछ नहीं एक लेंथ ही
होता है। है ना? तो इसका डायमेंशन फार्मूला क्या बनेगा? l बनेगा। डिस्प्लेसमेंट का क्या बनेगा?
डिस्प्लेसमेंट का। भाई डिस्प्लेसमेंट क्या होता है? शॉर्टेस्ट पाथ। शॉर्टेस्ट पाथ वो भी लेंथ ही है। अरे वो
भी लेंथ ही होता है। पाथ इज आल्सो अ लेंथ। पाथ लेंथ ही तो है। तो l से ही डिनोट होगा। इसका भी डायमेंशन फार्मूला क्या
बना? l ही बना। नंबर तीन। कोई बोले स्पीड का बताओ। तो फार्मूला पता होना चाहिए। फार्मूला क्या है? डिस्टेंस / टाइम। हां
या ना? डिस्टेंस / टाइम। डिस्टेंस का क्या है? l. टाइम का क्या है? t बन गया lt - 1 हां या ना? ऐसे ही वेलोसिटी की बात करें
अगर। मैं तेज़-तेज़ कर रहा हूं। काम करना ही पड़ेगा भाई। ठीक है? वेलोसिटी होता है डिस्प्लेसमेंट अपॉन में टाइम। हां या ना?
फार्मूला याद होना चाहिए भाई। डिस्प्लेसमेंट अपॉन में टाइम। डिस्प्लेसमेंट क्या है? l टाइम क्या है? t
बन जाएगा lt - 1। ठीक है? क्लियर हो रहा है? क्लियर हो रहा है? खूब सारे प्रैक्टिस आप लोगों आप लोगों ने भी अपनी इस जिंदगी
में करे ही हैं। ठीक है ना? कोई पुरानी जिंदगी में करके आया हो। नया जन्म कोई लेके आया तो उसको याद नहीं रहेगा। है ना?
बाकी बाकी तो याद रखेंगे इन सब चीजों को। ठीक है ना? ऐसी एक्सीलरेशन नाम की एक चीज होती है।
फार्मूला होता है वेलोसिटी का चेंज डिवाइडेड बाय टाइम है ना वेलोसिटी का चेंज क्या है बेटा वेलोसिटी का चेंज खुद भी
वेलोसिटी ही होगा है ना एक्सीलरेशन इज़ v - u / t ना तो ऊपर भी वेलोसिटी में से वेलोसिटी माइनस हो रहा है lt - 1 ही रहेगा
ऊपर और नीचे वाला t जाएगा ऊपर मल्टीप्लाई होने ये बन जाएगा lt - 2 ठीक है तो एक्सीलरेशन बिकम्स
lt - 2 और बताओ और यूनिट बताओ फोर्स करें फोर्स करें फोर्स वेरी वेरीेंट फोर्स होता है बेटा ma मास * एक्सीलरेशन मास का होता
है m एक्सीलरेशन का होगा lt - 2 कुल मिला के क्या बन गया कुल मिला के बन गया सर mlt - 2 डन है डन है फिर एक काम करो मोमेंटम
का बताओ जरा पहले तो फार्मूला बताओ जरा मोमेंटम का पहले पहले तो फार्मूला बताओ भाई मोमेंटम का करो करो जल्दी से
हां जी हां जी बिल्कुल सही m * v होता है बेटा मोमेंटम का फार्मूला है ना तो मास आया m
और v आया lt - 1 यह देख ये रहा v यह रहा v फॉर वेलोसिटी lt - 1 मिलके क्या बन गया mlt - 1 mlt -1
वर्क और टॉर्क भी आ जाओ और एनर्जी आ जाओ पोटेंशियल
और एनर्जी आ जाओ काइनेटिक फार्मूला वर्क का वर्क का फार्मूला होता है बेटा फोर्स * डिस्प्लेसमेंट टॉर्क का होता है rसf
अगर वेक्टर फॉर्म में लिखा जाए r क्रॉसf खोल दोगे तो इसको आएगा rf यानी डिस्टेंस ये असल में रेडियस और इन फोर्स है। ठीक
है? तो f * s मतलब डिस्प्लेसमेंट होता है बेटा यहां पे। है ना? S स्टैंड्स फॉर डिस्प्लेसमेंट। तो ये आ गया mlt - 2 ठीक
है? फोर्स का तो याद हो गया होगा। ये रहा ये लिखा फोर्स का। mlt - 2 इसको नहीं भूलना। वेरी वेरीेंट है। और डिस्प्लेसमेंट
का l होता है भाई l तो ये क्या बन गया? ये बन गया ml2 t - 2
डिस्टेंस है ये रेडियस रेडियस रेडियस होता है l फोर्स होता है m lt - 2 तो ये बन गया m
l2t - 2 पोटेंशियल एनर्जी इज़ mgh m फॉर मास g से lt - 2 और h से l कुल मिलाके बन गया
ml2 t - 2 काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला होता है बेटा 1/2 mv²
हाफ तो एक नंबर है नंबर की कोई डायमेंशन नहीं मास की डायमेंशनल m और वेलोसिटी की lt - 1² ये बन जाएगा ml2 t - 2 एक चीज
यहां पर देखने में आ रही है वो क्या है मुझे आप बताओगे एक चीज यहां पे नोट करवाने वाली है आपको एक चीज मैं आपको यहां डब्बे
में नोट करवाना चाहता हूं क्या आप मुझे बता पाओगे क्या चीज वो नोट करवाने वाला हूं मैं।
हां बता सकते हो? क्या चीज वो नोट करवाने वाला हूं? हां बिल्कुल बिल्कुल जितने भी आप देख
रहे हो डायमेंशन फॉर्मूले सब ML2 T - 2 ML2 T - 2 ML2 T - 2 ML2 T - 2 बात यहां पर यह है
के सबके डायमेंशन फार्मूले सेम हो जाने से क्वांटिटीज सेम नहीं होती हैं। ठीक है? इफ डायमेंशनल फार्मूला
आर सेम इट डजंट मीन क्वांटिटीज
आर आल्सो सेम। ठीक है? पर यहां पर एक एक पेच है। यहां पर एक बट है। बट वो बट क्या है पता है? बट
ऑल एनर्जीज़ चाहे जितनी भी हो। अभी तो आपने सिर्फ दो देखी। एक देखी पोटेंशियल, एक देखी काइनेटिक। आप कल को हीट एनर्जी
देखोगे। आप कोई भी एनर्जी के कोई सा भी फार्मूला देख लो। सबका डायमेंशन फार्मूला यही होगा। बट ऑल एनर्जी हैव सेम
डायमेंशंस। सभी एनर्जी की डायमेंशन क्या है? सेम है। ठीक है ना? इसका मतलब यह नहीं है कि टॉर्क
भी उनका सगा भाई है। है ना? टॉर्क वर्क का सगा भाई है। ऐसा कुछ नहीं है। टॉर्क पोटेंशियल काइनेटिक का सगा भाई है। ऐसा
कुछ नहीं है। क्लियर है? क्लियर हो गई बात? और भी करते हैं। और भी करते हैं। हां, अभी अभी अभी अभी कहां खत्म हुआ भाई?
अभी और भी है। 12 मोमेंट ऑफ इनर्शिया। फार्मूला पता है? फार्मूला पता है?
सरफेस टेंशन फार्मूला पता है कोफिशिएंट ऑफ
विस्कोसिटी फार्मूला पता है मैं बताता हूं देख मोमेंट ऑफ इनर्शिया को डिनोट करते हैं बेटा I से
और इसका जनरल फार्मूला होता है मास * रेडियस का स्क्वायर सरफेस टेंशन को s से डिनोट करते हैं। ये होती है फोर्स बटे में
लेंथ। कहां पे कैसे आएगी? क्या आएगी वो बाद की बात है। कोफिशिएंट ऑफ विस्कोसिटी
इस फ़ूले में देखने को मिलता है। 6ाई ईटा rv विस्कोसिटी के कोफिशिएंट का मतलब होता है लिक्विड कितना गाढ़ा है।
लिक्विड कितना थिक है, वो कितना गाढ़ा है, वो इस कोफिशिएंट से पता चलता है। ये ईटा बोलते हैं इसको। ईटा। दिस इज कोफिशिएंट ऑफ
विस्कोसिटी ईटा। ठीक है? तो क्या निकाल पाओगे आप? क्या आप निकाल पाओगे डायमेंशंस? आइए मास का डायमेंशन देखते हैं। मास का
डायमेंशन बेटा m होता है। रेडियस है ये। रेडियस का l यानी लेंथ ही है। तो ये बन गया ml²। खत्म।
फोर्स अपॉन में लेंथ आ जाओ भाई। फोर्स होती है क्या? ml t - 2 डिवाइड में लेंथ है भाई। लेंथ से
लेंथ गया। mt - 2 आ गया। वाह भाई वाह। वाह भाई वाह। mt - 2 और देख ईटा का निकालना है। ईटा को छोड़ दे यहां पे। इन दोनों को
डिवाइड में ले जा। फोर्स बाय rv 6π तो एक नंबर है। नंबर की कोई डायमेंशन या यूनिट दोनों ही नहीं होती क्योंकि उसको नापा
तोला नहीं जा सकता। ऑलरेडी नपा नपाया है। कोई भी कांस्टेंट जो है वो तो नपा नपाया ही है ना भाई। ये नंबर्स है ना? नपे नपाए
हैं ऑलरेडी। इनको क्या नापोगे? इनको क्या नाप सकते हो? है ना? तो ईटा का डायमेंशन निकल के कैसे आएगा? फोर्स का डायमेंशन
लिखेंगे। RV नीचे जा चुके हैं इसके। क्या आएगा बेटा? mlt - 2 रेडियस है तो सॉरी m नहीं l ए l है ना और
वेलोसिटी होती है ये तो lt - 1 हो जाएगा। ठीक है? एक l से एक l गया। t - 1 से t - 1 गया और ये l भी ऊपर चला गया।
तो टाटा बराबर हो गया। ईटा बराबर हो गया m l - 1 t - 1 ठीक है। क्लियर हो गया?
क्लियर हो गया? कुछ और एक्सेप्शनल चीजों के भी आपको बता देता हूं। यहीं लिख देता हूं। जैसे भाई जैसे भाई एक होता है
ग्रेविटेशनल कांस्टेंट। इसका डायमेंशन कैसे आएगा? इसका डायमेंशन कैसे आएगा? ग्रेविटेशनल
कांस्टेंट का कैपिटल g लिखते हैं इसको अगर आपको याद हो तो। फार्मूले में डालेंगे। फार्मूला होता है बेटा gm1 m2 / r²
देखा हुआ यह फार्मूला नाइंथ क्लास का फार्मूला है। जब दो मास एक दूसरे को अट्रैक्ट करते हैं वो वाला फार्मूला है
ये। ठीक है? तो यहां पर आपको इस g का डायमेंशन निकालना है। कैसे आएगा? इस g को यहीं छोड़ दो। r² को f के साथ ले जाओ। यह
बन गया f² / m1m2। सही है? r² गया f के साथ। m1 m2 आ गया नीचे। बस पुट करो फोर्स को।
mlt - 2 यह लेंथ है तो लेंथ का स्क्वायर डाल दो। नीचे मास है तो मास का भी स्क्वायर डाल दो या फिर दो बार मास लिख
दो। ठीक है? ये देख क्या हुआ? एक m से एक m गया। ये m ऊपर चला गया। तो m - 1 हो गया। एक l पहले से था। l² भी आ गया तो l
की पावर 3 हो गया। और t की पावर -2 हो गया जी। ये है ग्रेविटेशनल कांस्टेंट। बोलो जी ठीक
प्रेशर का निकालो जल्दी से प्रेशर का निकालो प्रेशर का क्या होगा फार्मूला बोलो प्रेशर
का सर प्रेशर का फार्मूला होता है फोर्स अपॉन में एरिया भाई साहब स्ट्रेस का भी यही है इसलिए बता रहा हूं प्रेशर हो या
स्ट्रेस हो आगे जाके पढ़ना पड़ेगा आपको स्ट्रेस नाम की एक चीज होती है फोर्स अपॉन में एरिया। फोर्स क्या है? m l t - 2 और
लेंथ का l² एक l से एक l कट गया। ये l चला गया ऊपर तो m l - 1 t - 2 ये प्रेशर का डायमेंशन आ गया।
सही है? सही है। शाबाश। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। वेरी गुड। बहुत सही। बहुत सही। सही लिख
रहे हैं। ठीक है। बस इस इस टॉपिक को खत्म करते-करते लास्ट चीजें कुछ आपको बता दूं। जैसे कुछ ऐसे भी
फिजिकल क्वांटिटीज होती हैं बेटा जिनकी यूनिट तो होती है पर डायमेंशन नहीं होती। यूनिट तो है पर डायमेंशन नहीं है। जैसे
प्लेन एंगल सॉलिड एंगल भी ठीक है ना भाई? नीचे आता है r² है ना?
नीचे आता है r है ना? अरे फार्मूला याद है कि नहीं? थीटा = l / r ओमेगा इक्वल टू क्या होता
है? ऊपर आएगा एरिया डिवाइड बाय रेडियस का स्क्वायर है ना? तो देख भाई ऊपर भी लेंथ है, नीचे भी लेंथ
है, लेंथ से लेंथ कट गया तो कोई डायमेंशन नहीं है। एरिया का होता है l² और ये भी रेडियस यानी
लेंथ का स्क्वायर है। दोनों कट गए। कोई डायमेंशन नहीं है। जब कोई डायमेंशन नहीं होती है तब इसको ऐसे लिख सकते हो। m0 l0
t0 m0 l0 t0 यह रिप्रेजेंट करता है डायमेंशन लेस क्वांटिटी। मतलब कोई डायमेंशन नहीं है
तो सबकी पावर 0 हो गई व्हिच इज वन। वि इज वन। ठीक है? पर यूनिट तो है इनके। प्लेन एंगल का यूनिट होता है रेडियन। हां या ना?
और इसका होता है स्टेरेडियन। हां या ना? है ना भाई? इसको राड लिखते हैं। रॉड शॉर्ट में और इसको एसआर लिख देते हैं शॉर्ट में।
शायद ऐसे ही लिखते हैं। यूज़ तो कभी किया नहीं। ठीक है जी? यूनिट बट डायमेंशनलेस। अब आपको एक ऐसे भी बताता हूं जो कि
यूनिटलेस भी हैं एंड डायमेंशनलेस भी हैं। यूनिटलेस एज वेल एज डायमेंशनलेस। ठीक है ना? जैसे
कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन जिसको हम μ लिखते हैं। कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन होता है बेटा f = ्यू n भी एक नॉर्मल फोर्स है और f एक
फ्रिक्शन फोर्स है। ठीक है? वैसे μr भी लिख देते हैं इसको। लेकिन अपन अभी μN नहीं लिख रहे हैं। ठीक है ना? तो ये f / n हो
जाएगा। दोनों ही फोर्स हैं। जी। दोनों ही फोर्स हैं। जी। mlt -2 से mlt - 2 पूरा-पूरा कट जाएगा और ये आ जाएगा m0 l0
t0 और ना ही इसका कोई यूनिट है। ठीक है ना? क्योंकि ऊपर भी न्यूटन, नीचे भी न्यूटन दोनों कट जाएंगे। ठीक है जी? ऐसे
ही एक और सुनो। जैसे कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन μ देखा आपने। ऐसे ही एक सुना होगा आपने रिफैक्टिव इंडेक्स सुना है
क्या? रिफ्रैक्टिव इंडेक्स सुना है क्या? 10th क्लास का था? नहीं याद आ रहा? कोई बात
नहीं। याद देख रिफैक्टिव इंडेक्स होता था c / v। C क्या है? लाइट की स्पीड। C क्या है? लाइट की स्पीड मीटर पर सेकंड। और ये
क्या होती है? लाइट की स्पीड मीडियम में। ये भी मीटर पर सेकंड से मीटर पर सेकंड कट गया। ना कोई यूनिट, ना कोई डायमेंशन है।
M0, L0, T0 नोट कर लो जल्दी से फटाफट। यह सब काम की बातें फटाफट से नोट कर लो।
ठीक है? फिर कुछ क्वेश्चंस करते हैं। ठीक है? ठीक है? चलें।
हां जी। डायमेंशनल फार्मूला ऑफ़ टॉर्क बताएंगे फटाफट से। फटाफट से चेक करो। अभी कर चुके हो आप ये क्वेश्चन। ऑलरेडी कर
चुके हो। ए, बी, सी, डी। फटाफट आंसर दे दो जल्दी। जल्दी-जल्दी फटाफट टाइम नहीं। शाबाश
शाबाश ml2t - 2 याद आ गया होगा टॉर्क का फार्मूला होता है r क्रॉसf
है ना तो fr लिख सकते हो सीधा-सीधा आप इसको उससे ml2t - टू आएगा प्रेशर का जल्दी जल्दी से प्रेशर का यह भी किया है आपने यह
भी किया है अभी-अभी किया है बेटा अभी-अभी किया था फोर्स अपॉन में एरिया इतना इतना धीरे-धीरे क्यों लिख रहे
हो भाई mlt - 2 और l² एक l से एक l कट गया। वह l ऊपर चला जाएगा। ml - 1 t - 2 ml - 1 t - 2 c
l ऊपर भी तो जाएगा ना जो कटेगा नीचे एरिया है ना भाई ये देख क्या लिखा हुआ है? एक यूनिटलेस चीज जो होती है उसकी डायमेंशंस
तो पक्का नहीं होती हैं। ये हमने देख लिया। रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का केस देख लिया। कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन का केस भी
हमने देख लिया। कह रहा है लेकिन एक डायमेंशनलेस क्वांटिटी मे और मे नॉट हैव अ यूनिट। यानी यूनिट हो भी सकती है। जैसे
प्लेन एंगल सॉलिड एंगल। है ना भाई? तो दे दी मैंने दोनों की बातें आप लोगों के साथ कर ली है। इंपॉर्टेंट पॉइंट डिस्कस हो गए
हैं। ठीक है? आइए चलते हैं एक इंपॉर्टेंट टॉपिक पर जिसको बोलते हैं डायमेंशनल एनालिसिस। देखो डायमेंशनल एनालिसिस पढ़ने
से पहले आपको एक चीज पढ़नी पड़ेगी जिसको बोलते हैं प्रिंसिपल ऑफ होमोजेनिटी। और इसका थ्योरी भी याद करना पड़ेगा भाई। ठीक
है? तो मैं थ्योरी भी लिख के लाया हूं। ठीक है? हमारे प्रिंसिपल का नाम है पो ओ बोले तो प्रिंसिपल ऑफ होमोजेनिटी इसका
मतलब यह होता है। मैं आपको सरल भाषा में समझाता हूं। इसका मतलब यह होता है कभी भी दो क्वांटिटीज ऐड हो रही हो या दो
क्वांटिटीज सबट्रैक्ट हो रही हो या दो क्वांटिटीज इक्वेट हो रही हो। हमेशा दोनों तरफ सेम डायमेंशंस रहेंगी। हमेशा दोनों
तरफ सेम डायमेंशंस रहेंगी। यहां भी सेम यूनिट में बातचीत होगी और यहां भी सेम यूनिट में बातचीत होगी। समझ गए ना? यूनिट
सेम होना चाहिए। रुपयों में रुपए ही ऐड होंगे। पैसे ऐड नहीं हो सकते कभी भी। है ना? एक रुपया यूनिट होता है। एक पैसा
यूनिट होता है। रुपए पैसे सीधे-सीधे ऐड नहीं हो सकते कभी भी। ना ही माइनस हो सकते हैं। है ना? क्या मीटर में से सेंटीमीटर
माइनस हो सकता है? नहीं। मीटर में से मीटर ही माइनस होगा। सेंटीमीटर में से सेंटीमीटर ही माइनस होगा।
क्लियर है ना? तो याद रखना। इसी को बोलते हैं प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी। यही लिखा हुआ है। लिखा है स्टेट्स दैट डायमेंशंस ऑफ़
ऑल द टर्म्स इन अ फिजिकल एक्सप्रेशन। कभी भी फिजिकल एक्सप्रेशन की जितनी भी टर्म्स होंगी वो सारी सेम होनी चाहिए डायमेंशन के
मामले में। डायमेंशन के मामले में सब सेम होनी चाहिए। मैं आपको एक एग्जांपल दे के बताता हूं तब थोड़ी बात ज्यादा समझ में
आएगी। जैसे भाई एक इक्वेशन आप लोगों ने कभी जिंदगी में देखी होगी। v = u + at किस-किस
ने देखी है? v = u + at किस-किस ने देखी है? पहले सभी ने देखी होगी भाई। ठीक है? v क्या है? फाइनल वेलोसिटी।
इक्वल टू के लेफ्ट साइड में जो डायमेंशन है क्या? इक्वल टू के राइट साइड में भी वही डायमेंशन है क्या? चेक
करो। चेक करो। v क्या होता है? v इज lt - 1 = u क्या है? u भी है lt - 1 है ना? ऐसे ही आप प्लस के लेफ्ट में देखो एक बार जरा
और प्लस के राइट में देखो एक बार जरा प्लस के लेफ्ट में भी lt - 1 है और प्लस के राइट में देखो ये एक्सीलरेशन है
एक्सीलरेशन होता है lt - 2 और टाइम होता है t और t से मल्टीप्लाई हो गया तो t - 1 ही तो हो गया ये lt - 1 = lt - 1 + lt - 1
बताओ भाई क्या प्रिंसिपल ऑफ होमोजेनिटी यहां लग रहा है कि नहीं लग रहा है? क्या इक्वल टू के लेफ्ट में जो डायमेंशन है वही
इक्वल टू के राइट में है कि नहीं? जो प्लस के लेफ्ट में डायमेंशन है वही प्लस के राइट में है कि नहीं? बोल दो यार बोल दो
भाई प्रिंसिपल ऑफ होमोजेनिटी से ये इक्वेशन हम बोलेंगे डायमेंशनली करेक्ट है। दिस इक्वेशन इज़ डायमेंशनली
करेक्ट। ठीक है ना? कभी भी कोई पोह फॉलो कर रहा होगा तो वह डायमेंशनली करेक्ट पक्का होगा।
वो डायमेंशनली करेक्ट पक्का होगा। ठीक है ना? लेकिन मैं आपसे ये पूछना चाहता हूं क्या डायमेंशनल करेक्टनेस फिजिक्स में भी
करेक्ट होना जरूरी है? क्या डायमेंशनल करेक्टनेस होने से वो फिजिक्स में भी करेक्ट होगा? ऐसा जरूरी है क्या? ऐसा
बिल्कुल जरूरी नहीं है। क्यों? क्योंकि देख एक इक्वेशन होती है जिसको बोलते हैं s = ut + at² क्या आपने ये इक्वेशन फिजिक्स
में कभी देखी है? मैं आपसे पूछता हूं क्या आपने ये वाली इक्वेशन फिजिक्स में कभी देखी है? हां या
ना? यस और नो। क्या ये इक्वेशन आपने फिजिक्स में कभी देखी है? हां या ना? कोई बच्चे लिख रहे हैं हां। बेटा जी आप गलत
सोच रहे हैं। आप अभी डेलुलू में है बेटा। वो इक्वेशन ये है। s = ut + 1/2 at स्क्वायर। ये फिजिक्स की इक्वेशन है। ये
इक्वेशन फिजिक्स की है। ये फिजिक्स की नहीं है। ये नहीं है फिजिक्स की। ठीक है? हां अब सही लिख रहे हैं। अब सही लिख रहे
हैं। ये फिजिक्स की इक्वेशन होती है। इसको फिजिक्स में नहीं देखा जाता। लेकिन लेकिन अगर आप डायमेंशनली इस इक्वेशन को निकाल के
देखोगे तो ये डायमेंशनली करेक्ट आएगी। ये डायमेंशनली सही आएगी। हां। देख डिस्प्लेसमेंट इक्वल टू के लेफ्ट में जो
डायमेंशन हो वही इक्वल टू के राइट में भी होना चाहिए। प्लस के लेफ्ट में जो डायमेंशन हो वो प्लस के राइट में भी ऐसा
हो रहा है क्या? चेक करते हैं एक बार। डिस्प्लेसमेंट होती है बेटा l फॉर मीटर। l से डिनोट होगी। u होता है lt - 1 इनिशियल
वेलोसिटी है ना? टाइम t एक्सीलरेशन इज lt - 2 और टाइम का स्क्वायर यानी कि t² बोलो जी बोलो जी ये तो l ही रह
गया हां सर ये तो l ही रह गया इस t से ये t कट गया तो l रह गया प्लस t - 2 से t + 2 कट गया तो ये भी l ही रह गया प्लस के
लेफ्ट में प्लस के राइट में सेम डायमेंशन इक्वल टू के लेफ्ट में इक्वल टू के राइट में सेम डायमेंशन दिस इक्वेशन इज़
डायमेंशन डेंशनली करेक्ट पर क्या डायमेंशनली करेक्ट होना फिजिक्स के हिसाब से करेक्ट होना होता है क्या यह
डायमेंशनली तो करेक्ट है लेकिन फिजिक्स के हिसाब से इनकरेक्ट है यानी हम बोलेंगे इट इज़ फिजिकली इनकरेक्ट लेकिन वो हमें कैसे
पता चलेगा वो पता चलेगा एक्सपेरिमेंट्स करके तो जब एक्सपेरिमेंट्स होंगे आंसर निकाला जाएगा फार्मूला यूज़ किया जाएगा तब
समझ में आएगा भाई गलत सोच रहे थे हम ये क्वेश्चन डायमेंशनली तो सही है लेकिन फिज फिजिकली कैसी है? इनकरेक्ट है। तो ये
नेक्स्ट लेवल का चेक है। समझ गए ना? एक लेवल का फिल्टर होता है। तो ये फर्स्ट फिल्टर है। समझ लो। डायमेंशनल चेक करना इज
द फर्स्ट फिल्टर। इस फिल्टर से पास होगा तो उसके ऊपर एक्सपेरिमेंट्स होंगे। बात समझ में आई ना? पहला फ़्टर है डायमेंशनल
करेक्टनेस चेक करना। वो करेक्ट अगर हो गई। फिर चेक करेंगे फिजिक्स में लगती है कि नहीं लगती है। आई होप आप मेरी बात को समझ
पाए। ठीक है? यह देखो। पहली चीज़ मैंने आपको सिखा दी। चेक करना डायमेंशनल करैक्टर्स किसी भी
इक्वेशन की। ठीक है ना? दूसरी चीज़ आती है किसी अननोन क्वांटिटी की डायमेंशन निकालना। यह भी मैं आपको सिखा चुका हूं।
देख अभी-अभी हमने निकाला था ना f = gm1m2 / r² में g की कैसे निकालनी है? फिर मैंने आपको सिखाया था f = 6π etrv में से ईटा की
कैसे निकालनी है? है ना? अब मैं आपसे पूछता हूं कि एक फार्मूला होता है बेटा स्प्रिंग फोर्स का और स्प्रिंग फोर्स का
फार्मूला होता है स्प्रिंग कांस्टेंट मल्टीप्लाई बाय डिस्प्लेसमेंट f = ऐसे - kx होता है कोई बात नहीं kx ठीक है तो
मुझे बताओ इस k का डायमेंशन कैसे आएगा ये हम निकाल चुके हैं ना g का मैं आपसे निकलवा चुका हूं ना f²
m1m2 करके ऐसे ही इस ईटा का भी निकलवाया था ना मैंने आपसे f / rv करके अब मैं आपसे पूछता हूं इस K का कैसे निकालेंगे? फटाफट
से बेटा आंसर लिखना जल्दी तुरंत-तुरंत फटाफट। शाबाश वेरी गुड। इस k को एक जगह लिख
लेंगे। f बटा में x एक जगह लिख लेंगे। f होगा mlt - 2 और x क्या है? कि डिस्प्लेसमेंट है। तो यह l ही आ गया। l से
l कट गया बेटा। mt - 2 आ गया। यही है स्प्रिंग कांस्टेंट का डायमेंशन। कोई पूछे आपसे स्प्रिंग कांस्टेंट का डायमेंशन क्या
है? आ जाएगा। ठीक है? बहुत बढ़िया। सही है। तीसरी चीज आती है जो सबसे इंपॉर्टेंट है फार्मूले डिराइव करना। ठीक है ना? तो
मैं आपको एक क्वेश्चन करवाता हूं। है ना? इसके ऊपर सवाल आता है बेटा क्वेश्चन आता है तो मैं आपको क्वेश्चन करवाता हूं। ठीक
है? आओ देखो। होता क्या है कि डायमेंशन एनालिसिस के लिए जब को यूज करके जब फार्मूला ड्राइव करते
हैं ना तो आपको सिर्फ एक स्टेटमेंट दे दी जाएगी ऐसी और बोलेगा भाई इससे फार्मूला निकाल के दिखा। अब इससे एग्जैक्ट फार्मूला
तो नहीं आता है। मैं आपको बता दूं लेकिन आईडिया लग जाता है कि भाई ये चीज किन-किन पे डिपेंड कर रही होगी। जैसे यहां पर दिया
हुआ है। कह रहा है एक फोर्स जो स्फेरिकल बॉल पे है उस वो जो रेडियस r है मूविंग विद अ स्पीड v इन अ लिक्विड ऑफ कोफिशंट ऑफ
विस्कोसिटी ईटा इज गिवन बाय तो भाई देखो तीन बातें यहां पर बोल रखी हैं फोर्स के बारे में। कह रहा है। कह रहा है जो फोर्स
है वो रेडियस R पर डिपेंडेंट है। वो स्पीड पे डिपेंडेंट है। और वो कोफिशिएंट ऑफ विस्कोसिटी पे भी डिपेंडेंट
है। यानी इसको अगर मैं डिनोशन वाइज़ लिखूं तो F प्रपोर्शनल रेडियस F प्रपोर्शनल स्पीड V से लिख लेते हैं। और
कोफिशिएंट ऑफ विस्कोसिटी ईटा से। लेकिन अपने को यही नहीं पता अभी। अपने को भी यही नहीं पता। ऐसा मान लेते हैं कि यह कितने
पावर वाली होगी। तो इसकी पावर मैंने A ले ली। इसकी पावर मैंने B ले ली। इसकी पावर C ले ली। क्योंकि शुरू में थोड़ी ना पता है
अपने को। बात समझ रहे हो ना? शुरू में थोड़ी ना पता है। शुरू में तो हम ये बोलेंगे कि भाई रेडियस की पावर ये है।
वेलोसिटी की पावर वो है। कोफिशिएंट ऑफ़ स्कोसिटी पावर कुछ और है। हमें क्या पता? हमें क्या पता? क्या पता वो इन्वर्सली
प्रोपोर्शनल निकल के आए। क्या पता वो डायरेक्टली निकल के आए। क्या पता वो स्क्वायर पे डिपेंड करे। क्या पता वो
क्यूब पे करे। क्या पता वह रूट पे करे। भगवान जाने किस पे करे। इसलिए शुरू में हमने r पावर a v की पावर b और ईटा पावर c
लिख ली। यानी इसको मैं ऐसे लिख सकता हूं एफ प्रपोर्शनल r की पावर a v की पावर b और ईटा की पावर c
इक्वल करके कोई k कांस्टेंट लगाया। r ^ ^ ^ ^ ^ ^ ^ ^ ^ ^ ^ a, v की पावर b, ईटा की पावर c। अब सुन कैसे करना है काम? ध्यान
से देखियो। सबसे पहले एलएचएस का डायमेंशन फार्मूला लिखो। एलएचएस का डायमेंशन फार्मूला होता
है mlt - 2 सही है सर इक्वल टू kr गोली r क्या है रेडियस है रेडियस यानी डायमेंशन फार्मूला हो गया l की पावर a फिर है v फॉर
वेलोसिटी वेलोसिटी होता है lt - 1 की ^ b और ईटा ईटा का अभी-अभी निकाला था ईटा कहां गया
ईटा ओ ईटा कहां गया बेटे ये राइटा ml - 1 t - 1 है ना भाई ml - 1 t - 1
तो ml - 1 t - 1 की पावर c ठीक है ऐसा लिख लेना है आपने सबको ठीक है फिर नेक्स्ट स्टेप में क्या करना है m वालों को इकट्ठा
कर लो l वालों को इकट्ठा कर लो और t वालों को भी इकट्ठा कर लो। वो कैसे होगा सर? देख यहां पे कहीं m है नहीं है। यहां m है। m
की पावर c लिख लिया। सही है। l की पावर यहां क्या है सर? ए है। एल की पावर यहां क्या है सर? b है। ठीक?
ठीक। और एल की पावर यहां क्या है? -c है। ओके। अब टी पे आते हैं। टी की पावर क्या है? - b है और t की पावर क्या है? - c है।
अच्छा अब यहां से कंपेयर करेंगे तो m की पावर यहां वन है। l की पावर भी यहां वन है और t की पावर यहां क्या है? माइनस का 2
है। तो आओ कंपेयर करें। आओ कंपेयर करें m से m की पावर को। l से l की पावर को और t से t की पावर को और इक्वेशंस बना करके
लिखना शुरू करते हैं। देख m से m कंपेयर हुआ तो पावर कंपेयर होगी। c = 1 आ गया। एक चीज तो खत्म।
a + b - c 1 के बराबर तो a + b - c = 1 काम करो c की वैल्यू भी वन डाल देते हैं यहां पर a + b - 1 = 1 -1 वहां चला गया +1
1 + 1 2 हो जाएगा है ना तो ये आ जाएगा a + b = 2 कोई नहीं आगे चलते हैं। -b - c -2 t से t कंपेयर कर रहे हैं तो -2 = -b - c
सही है? C की वैल्यू क्या है? वन है। तो यहां पे वन डाल ही देता हूं। -2 -b -1 ठीक है? ये -1 यहां आ गया। तो -2 + 1 = -b ये
-1 = -b तो b की वैल्यू आ गई वन। b को उठा के यहां डाल दो। a भी आ जाएगा। a + 1 = 2 और a भी आ गया वन। भाई साहब सबकी पावर ही
वन आ गई। क्या हमेशा ऐसा ही होता है क्या? नहीं। सब ऐसा ही हो रहा होता तो ये करते ही क्यों हम? ठीक है? हर बार ऐसा नहीं
होता। हर बार ऐसा नहीं होता। यह तो यहां पर ऐसा हो गया। सबकी पावर वन आ रही है। उठाओ। सबकी पावर उठा के इसमें रख दो। सबकी
वैल्यू्यूज a b c उठा के यहां रख दो। तो ये बन जाएगा f = k r की पावर वन v की पावर भी वन और ईटा की
पावर भी वन। तो f इक्वल टू आ गया कुछ कांस्टेंट ईटा rv है ना? और फिर एक्सपेरिमेंटली
निकाला गया। एक्सपेरिमेंटली निकाला गया तो K आया 6π तो फार्मूला बना 6π RRV है ना ये ओरिजिनल
फार्मूला होता है बेटा विस्कस फोर्स का फार्मूला बोलते हैं इसको ये फार्मूला जो है ये विस्कस फोर्स का
फार्मूला है गाढ़ापन जो फोर्स लगाता है किसी लिक्विड का गाढ़ापन उस पर कितना फ़ लगाएगा ऑब्जेक्ट पर उसे बोलते हैं विस्कस
फ़ ठीक है ना खैर ये आपको लिखना नहीं है लेकिन यह लिख के मत आना यहीं तक आंसर छोड़ के आना है आपको अपना। ठीक है? क्लियर हुआ
क्या? कैसे करना है? क्लियर हुआ? हां जी। कैसे करेंगे? क्लियर हुआ? ठीक है? कैसे करेंगे? समझ में आया? यही तरीका है। ठीक
है? जो भी कुछ गिवन है उसको सामने लिख दिया। उसकी कुछ-कुछ पावर ले ली। a b c x y z p qr जो आपका मन करे वो ले लो। ठीक है?
उसके बाद दोनों तरफ के डायमेंशन आमने-सामने रख कर के कंपेयर कर दो। मैथ्स की इक्वेशंस बना लो। दो बनेगी, तीन
बननेगी, जितनी बनेगी बन जाएंगी। सबकी वैल्यू निकाल करके इसी में रख दी। इसी में रख दी। बस निकल के आंसर आ गया। ये करना है
आपको। ठीक है? अब आते हैं हम लोग एक थ्योरी के टॉपिक पर। छोटा सा टॉपिक है थ्योरी का जो कहता है कि डायमेंशनल
एनालिसिस की अपनी कुछ मजबूरियां हैं। डायमेंशनल एनालिसिस कुछ ऐसी जगह जगह हैं जहां पर नहीं लगता। जहां पर यूज़ नहीं
होता। जैसे कह रहा है इट कैन नॉट प्रिडिक्ट फिजिकल और एक्चुअल करक्टर। यह तो आपने देख ही लिया। यह तो आपको पता ही
है कि फिजिकल करेक्टनेस नहीं बता पाएगा। हां, एक फिल्टर जरूर है। कोई भी इक्वेशन, कोई भी फार्मूला रचा जाएगा तो पहला
फिल्टर, डायमेंशन, एनालिसिस लगा सकते हो आप। पर क्या वो फिजिक्स को सपोर्ट कर देगा? क्या वो इक्वेशन निकल के फिजिक्स
में सही आ जाएगी? ऐसा जरूरी है क्या? नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। तो फिजिकल एक्चुअल कररेक्टर्स नहीं कर सकता। इट कैन
नॉट प्रेडिक्ट। ये इसकी मजबूरी है। ये इसकी मजबूरी है। ठीक है? कह रहे हैं डजंट टेल अबाउट द नेचर ऑफ द फिजिकल क्वांटिटी।
भाई फिजिकल क्वांटिटी कैसी है? उसके नेचर के बारे में भी डायमेंशन एनालिसिस कभी नहीं बताता। रूखी-सूखी बातें बता देगा बस
ऊपर ऊपर की बातें। ठीक है ना? जैसे नेचर की बात मैं करता हूं। अब टॉर्क का भी डायमेंशन वही है। वर्क का भी वही है। अब
टोटल अलग-अलग दिशाओं की चीजें हैं दोनों। वर्क आता है एक अलग चैप्टर में। टॉर्क का कांसेप्ट अलग है। लेकिन दोनों का डायमेंशन
फार्मूला सेम है। तो एग्जैक्ट नेचर आपको नहीं पता चल पाएगा। क्वांटिटी का कह रहा है कोई इंफॉर्मेशन
नहीं देगा अबाउट द डायमेंशनल कांस्टेंट जो कांस्टेंट है जैसे 6π लगेगा या 2π लगेगा या जो भी कांस्टेंट लगेगा वो कांस्टेंट की
जानकारी कभी नहीं देता डायमेंशनल एनालिसिस करके ठीक है ना आगे कह रहा है ये जो डिराइव कर रहे थे आप फार्मूला कह रहा है
तीन से ज्यादा अगर क्वांटिटी आ गई तो डिराइव नहीं कर पाओगे। बोल रहा है। अच्छा यहां पर तो बोल रहा है कि एडिशन
सब्ट्रैक्शन वाली जो आएंगी ना वो डिराइव नहीं हो पाएंगी। सिर्फ मल्टीप्लाई वाली ही डिराइव हो पाती है। ये भी एक मजबूरी है।
ये भी एक मजबूरी है कि सारी की सारी इक्वेशन डिराइव नहीं हो पाती है। प्लस माइनस वाली इक्वेशंस आप डायमेंशन एनालिसिस
से नहीं निकाल पाओगे। डेरिवेशन नहीं कर पाओगे उनकी। लिखा है वी कैन नॉट डिराइव द इक्वेशंस इनवॉल्विंग ट्रिग्नोमेट्रिक
एक्सप्पोनेंशियल और लॉगरिथम्मिक फंक्शनंस। एक्सपोनेंशियल फंक्शन होगा, ट्रिगो होगी कहीं ना कहीं फार्मूले नहीं निकल पाते
क्योंकि इन इन लोग के डायमेंशनल मतलब इनकी डायमेंशनल जो वैल्यू है वो ज़ीरो होती है। मतलब डायमेंशनल फार्मूला होता ही नहीं
इनका। ठीक है ना? कोई यूनिट ही नहीं होती ना। tan के अंदर थीटा है। थीटा की कोई यूनिट ही नहीं है। sin के अंदर थीटा एंगल
की कोई यूनिट ही नहीं होती है। तो आप कभी पकड़ ही नहीं पाओगे कि डायमेंशनल एनालिसिस की हेल्प से के कभी ट्रिग्नोमेट्रिक या
लॉगरिथम्मिक या एक्सपोनेंशियल वैल्यूज़ थी फ़ूले में नहीं पता चल पाएंगी। कह रहा है इन केस ऑफ फिजिकल क्वांटिटीज वि
आर डिपेंडेंट ऑन मोर देन थ्री क्वांटिटीज। कह रहा है अगर तीन से ज्यादा हो गई तो बड़ी दिक्कत होती है निकालने में। कह रहा
है अगर मोर देन थ्री क्वांटिटीज पे डिपेंडेंस है दिस मेथड विल बी डिफिकल्ट टू अप्लाई। ये मेथड तब नहीं लग पाएगा। ठीक है
ना? तो मजबूरियां देखी छह-छह मजबूरियां हैं। लेकिन फिर भी फायदेमंद है। फिर भी उसका फायदा है। तो लिमिटेशंस तो आपको बताई
जाती ही हैं। ठीक है? चलिए भाई, अब आते हैं सिगफिक पर। सिग्निफिकेंट फिगर्स। तो भाई केमिस्ट्री में भी पढ़ते हो आप इनको
पर मेरा भी धर्म बनता है बताने का और क्वेश्चन भी आता है भाई आपके पेपर में तो बताना तो पड़ेगा ठीक है ना सबसे पहले
सिग्निफिकेंट फिगर्स होती क्या है इसको समझ लो इसकी अंग्रेजी समझ लो पहले क्या है देखो सिग्निफिकेंट फिगर्स का मतलब होता है
कह रहा है वो डिजिट्स किसी भी नंबर में जो प्रसीजन को डिनोट करती है किसी मेजर क्वांटिटी के मतलब जो आपको क्लोजनेस तक
लेकर के जाए एक्चुअल मेजर्ड वैल्यू के कि एक्चुअल वैल्यू कितनी है? मेजर्ड वैल्यू उसके करीब लेकर के जाए तो उसके लिए
सिग्निफिकेंट फिगर्स जो है वो सिग्निफिकेंट रोल प्ले करती हैं। इसके कुछ इसके कुछ रूल्स होते हैं। आइए रूल्स को
देख लेते हैं। सबसे पहला अब आप लोग तैयार हो जाएं क्योंकि मैं रूल बताऊंगा। क्वेश्चन दूंगा आपसे। मुझे आंसर चाहिए।
ठीक है जी? कह रहा है ऑल नॉन ज़ीरो डिजिट्स आर सिग्निफिकेंट। जितनी भी नॉन ज़ीरो डिजिट्स हैं सारी सिग्निफिकेंट है। जैसे
मान लो मान लो 3 4 5 है तो कितने सिग्निफिक हो गए भाई इसमें? जल्दी बताओ। जल्दी बताओ। अगर 3 45 है तो कितने
सिग्नफिक हो गए? जल्दी से बताओ। मान लो अगर 2.386 है तो कितने सिग्निफिकेंट फिगर हो गए?
शाबाश। बहुत बढ़िया। तीन तीन सिग्निफिक हो गए। यहां कितने सिग्निफिक हो गए? जल्दी बोलो। जल्दी बोलो। भाई सब नॉन जीरो हैं।
नॉन जीरो वाले सारे के सारे कैलकुलेट होते हैं। चार सिग्निफिक हो गए। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। इधर आ जाओ। इधर आ
जाओ। कह रहा है ऑल जीरोज़ बिटवीन टू नॉन ज़ीरो नंबर्स आर सिग्निफिकेंट। मतलब मान लो 1 0 0 0 1 है। कितने सिग्निफिक हो गए?
कह रहा है जितने भी ज़ीरो दबे हुए हैं नॉन ज़ीरोज़ के बीच में ये भी नॉन ज़ीरो। ये भी नॉन ज़ीरो। तो जितने भी ज़ीरो अंदर हैं वो
सब सिगफिक हो गए। वो सब सिग्निफिकेंट हो गए। जी। जितने नॉन जीरो हैं सब सिग्निफिकेंट हो गए। यानी कि
1 2 3 4 5 6 छह सिग्निफिकेंट फिगर हो गए इसके। हां या ना बोल दो फटाफट से। फटाफट से है ना? सही है? सही है। अच्छा 2002
कितने सिग हो गए? जल्दी बोलो। 2002 कितने सिगफिक हो गए? कितने सिगफिक हो गए? यस। चार हो गए। वेरी
गुड। वेरी गुड। जितने जीरो दबे हुए हैं, दो नॉन ज़ीरो के बीच में सब सिग्निफिकेंट हो गया। तीसरे पे आते हैं। कह रहा है
जितने भी जीरोज़ ट्रेल कर रहे हैं किसी नॉन जीरो डिजिट को इन अ नंबर विदाउट डेसिमल। ध्यान देना डेसिमल नहीं होना चाहिए।
डेसिमल होगा तो फिर रूल अलग है। डेसिमल हुआ तो रूल अलग है। ठीक है ना? कह रहा है जितने ज़ीरो ट्रेल कर रहे हैं नॉन ज़ीरो।
जैसे कि मान लो 3000 लिखा हुआ है। कितने सिग्निफिक हो गए? 3000 में कितने सिग्निफिकेंट फिगर हो गए?
128010 कितने सिग्निफिक हो गए? पहले वाले में बोलो कितने हो गए?
पहले वाले में बोलो। बेटा इनसिग्निफिकेंट का मतलब गिनने नहीं है आपको। सिग्निफिकेंट फिगर में काउंट नहीं करने हैं। हां। ये
सारे काउंट नहीं होंगे। पीछे वाले कभी काउंट नहीं होते भाई। तो तीन यानी एक ही सिग्निफिकेंट फिगर है। वन आंसर है इसका।
वेरी गुड। बच्चे ठीक आंसर दे रहे हैं। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। इसमें बताओ इसमें बताओ इसमें 1280100
ट्रेलिंग ज़ीरोज़ ही नहीं काउंट करने बीच वाला तो करेगा ना अरे बीच वाला तो करेगा ट्रेलिंग नहीं करने तो पांच हो गए इसके
सिगफिक्स शाबाश आगे बढ़ते हैं कह रहा है ज़ीरोज़ ट्रेलिंग द नॉन ज़ीरो डिजिट ट्रेलिंग का मतलब होता है पीछे पूछ लग रही होती है
जो जैसे अभी लग रही थी कह रहा है इन अ नंबर विद डेसिमल ओ हो हो हो डेसिमल के साथ बात हो रही है अब अब डेसिमल के साथ बात हो
रही है। कह रहा है ये सिग्निफिकेंट होते हैं। ये सिग्निफिकेंट होते हैं का मतलब क्या हुआ? ये सिग्निफिकेंट का मतलब हुआ कि
जैसे मान ले डेसिमल के बाद ज़ीरो आ रहे हैं। जैसे मान लें 634. तो कितने सिगफिक हो गए? कितने सिगफिक हो
गए? जरा बताओ। कितने सिग्निफिक हो गए? ऐसे ही 892.50
कितने सिक हो गए? शाबाश पांच है इसमें भी और पांच ही हैं इसमें भी। अच्छा इधर देख 1.0000
नहीं ज्यादा हो गए। चलो 0 इतने हैं बस। ठीक है ना? बता कितने सिक फिगर हैं? 1.12 3 4 5 सब के सबको कंसीडर करेंगे तो छह
आंसर आएगा बेटा। ठीक है ना? जल्दी से छह लिख दो कमेंट सेक्शन में। में फिर आगे बढ़ता हूं मैं।
शाबाश शाबाश बेटा ये पांच ये भी तो गिनोगे। छह गिनोगे ना टोटल। फिफ्थ पे आते हैं। कह रहा है इन अ नंबर
लेस देन वन। कह रहा है अगर कोई ऐसा नंबर है जो कि वन से छोटा है जैसे 0.2 0.6 0.38 0.42 ऐसे कह रहा है ज़ीरोज़ टू द लेफ्ट ऑफ अ
नॉन ज़ीरो डिजिट आर इनसिग्निफिकेंट वो नहीं गिनने आपको। मतलब मान ले अगर 0.2 लिखा मैंने तो कितने सिग्निफिक हैं? जल्दी बोल।
जल्दी बोल। कितने सिग्निफिक हैं? 0.693 लिखा तो कितने सिग्निफिक हैं?
0.693 लिखा तो कितने सिग्निफिकेंट हैं? और ऐसे ही ये भी समझो ये भी समझो कि कितने भी
जीरो ऐसे लगा दूं पहले। ठीक है ना? मतलब किसी नॉन ज़ीरो के पहले जितने भी ज़ीरो लगे होंगे। कोई भी इज्जत के काबिल नहीं है।
कोई भी इज्जत के काबिल नहीं है। कोई भी इज्जत के काबिल नहीं। इसकी सिगफिक हो गई वन। इसकी सिग्निफिक होगी 1 2 तीन इसकी एक
ही है बस वन चाहे डेसिमल आ जाए तो भी ठीक है अगर जीरो से कम हुआ तो कहानी अलग है मतलब कहना ये
चाह रहा है ठीक है ठीक है साइंटिफिक नोटेशन वाली बात बहुत सही है कि भाई जब भी आप जब भी आप साइंटिफिक नोटेशन में कन्वर्ट
करते हो सिग्निफिकेंट फिगर चेंज नहीं होने चाहिए ये एश्योर करना पड़ता है आपको ठीक है इसके इसका इसका मैं एग्जांपल कुछ ऐसे
देता हूं। ठीक है ना? इसका एग्जांपल मैं ऐसे देता हूं। मान लो आप कभी यूनिट चेंज कर रहे हो। यूनिट चेंज कर रहे हो।
साइंटिफिक नोटेशन यूज कर रहे हो। तो हमेशा ध्यान रखना कभी भी कभी भी। कभी भी सिग्निफिक चेंज नहीं होने चाहिए। जैसे मान
लो मैंने लिखा। 1 2 3 4 5 6 7 8 मीटर पर सेकंड। कितने सिगफिग हैं?
कितने सिगफिग हैं बेटा? और अगर मैं ऐसे लिखूं कितने सिग्फिक फिगर हैं?
कितने सिग्निफिगर हैं? कितने सिग्निफिकेंट फिगर्स हैं? और अगर मैं ऐसे ही लिखूं तो
कितने सिग्निफिकेंट फिगर हैं? कितने सिक फिग हैं? जल्दी बोलो। देख सारा कुछ एक ही चीज में
सिखा दिया मैंने। मीटर पर सेकंड से किलोमीटर पर सेकंड में आ रहे हो। तो यूनिट चेंज कर रहे हो ना? हां, कर रहे हैं। पर
सिगफिक सेम रहेंगे बेटा। ट्रेलिंग ज़ीरोज़ कंसीडर नहीं। ट्रेलिंग ज़ीरोज़ कंसीडर नहीं। ऐसे वाले ट्रेलिंग ज़ीरो भी ये भी कंसीडर
नहीं। तो वन वन वन ही रहेगा। सिगफ फिग। यस। द आंसर इज़ वन। शाबाश। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। वेरी गुड। वेरी गुड। वेरी गुड।
वेरी गुड। बहुत बढ़िया। अच्छा। हां। यह यह एक अलग तरीके की विचित्र चीज है। कह रहा है भाई, जो चीज़ फिक्स्ड नंबर में काउंट कर
ली गई है, जो चीज़ फिक्स्ड नंबर में काउंट कर ली गई है, उसके इनफाइनाइट सिग्निफिकेंट डिजिट्स होते हैं। बोले, "हैं हैं।" इतना
पक्का हो गया? हां, इनफाइनाइटली सिग्निफिकेंट है वो। मतलब कोई चेंज नहीं कर सकता, पक्का हो गया। जैसे मैंने बोला,
जैसे मैंने बोला, "भाई, मेरे पास 10 एप्पल्स हैं। तो, मैंने सेब काउंट कर लिए ना। मैंने सेब काउंट कर लिया ना तो इसकी
सिग्निफिक जो आएगी वो इंफिनिटी आएगी। सर इंफिनिटी कैसे? इंफिनिटी कैसे? ऐसे ऐसे कि 10 एप्पल्स मतलब 10 एप्पल्स ही हैं। उससे
कुछ ज्यादा नहीं हो सकता। मतलब अगर मैं इसको लिखूं 10.000 इनफाइनाइट टाइम्स। तो ऑब्वियसली ये सारे
डेसिमल के बाद वाले ट्रेलिंग ज़ीरो। तो मतलब वन के बाद लग रहे हैं ना सारे। तो सारी की सारी सिग्निफिक कितनी बनाएंगे?
इनफिनिटी तो बनाएंगे ये। क्या बात को समझे? है ना? मैंने बोला भाई मेरी क्लास के अंदर 40 बच्चे आते हैं पढ़ने के लिए।
ठीक है ना? 40 स्टूडेंट्स आर देयर इन माय क्लास। तो सिग्निफिकेंटली बात ये हो गई कि भाई
इसकी इनफाइनाइट सिग्निफिकेंस है। कोई चेंज नहीं कर सकता। 40 आते हैं तो 40 ही आते हैं।
इतनों ने ही एडमिशन ले रखा है क्लास के अंदर। तो यह कितना तक जाएगा? इनफिनिटी तक जाएगा। चेंज नहीं कर सकता। कोई बात समझ
में आई क्या? बात समझ में आई क्या? ठीक है। ठीक है जी। क्लियर हुआ? चलो, अब कुछ एक सवाल भी देख लेते हैं। ठीक
है? और उसके बाद यह चैप्टर अपना खत्म करते हैं राउंड ऑफ के बाद। ठीक है? भाई, देखो, कह रहा है रिस्पेक्टिव नंबर ऑफ़
सिग्निफिकेंट फिगर फॉर द नंबर दिस, दिस और दिस कितना होगा भाई? जल्दी-जल्दी बता दो। जल्दी-जल्दी बता दो। इसमें कितने
सिग्निफिकेंट हैं? इसमें कितने सिग्निफिकेंट हैं? इसमें कितने हैं? यह कौन टिक होगा? ए, बी, सी या डी? जल्दी से
बताओ। फटाफट जल्दी से। जल्दी से बता दो। कौन टिक होगा? वेरी गुड वेरी गुड 4 इज़ द आंसर। ये देखो
ये सारे सिग्निफिकेंट ही हैं। वैसे भी डेसिमल के बाद आ रहा है या बीच में फंस रहा है तो ये भी है। है ना? और ये वालों
को कोई इज्जत नहीं होती भाई। है ना? इनकी कोई इज्जत नहीं है। इन सबकी इज्जत है पूरी। ठीक है ना? तो ये भी चार, ये भी
चार, यह भी चार। 4 4 इज़ द आंसर। वेरी गुड। ठीक है ना? अब एक चीज मैं आपको और सिखाता हूं। इसको बोलते हैं राउंड ऑफ करना।
राउंडिंग ऑफ। इस पर भी सवाल आते हैं भाई। और सवाल मैं सीधा ही लेके आ गया। ठीक है ना? कह रहा है 20.96
को थ्री सिगफिक तक राउंड ऑफ करके दिखाओ। ये राउंड ऑफ करना होता क्या है? पहले ये समझो। देखो देखो राउंडिंग ऑफ कैसे करते
हैं? राउंडिंग ऑफ में ना हमेशा आपको देखनी होती है लास्ट डिजिट। ध्यान से सुनना। क्या
देखनी होती है? लास्ट डिजिट। अब या तो लास्ट डिजिट मान लो लास्ट डिजिट x है। ठीक है? तो या तो x 5 से बड़ा होगा या फिर x 5
से छोटा होगा या फिर x 5 के बराबर होगा। ठीक है ना? अगर x पांच के बराबर आ गया तो दो बातें होंगी।
आप उसकी पिछली डिजिट देखोगे। प्रिसीडिंग डिजिट बोलते हैं इसको। उससे पहली डिजिट देखोगे कि वो ऑड है या वो इवन है। ठीक है?
अब रूल सुनो क्या-क्या है? इसके हिसाब से बताता हूं। मान ले भाई 20.96 है। ठीक है? तो लास्ट डिजिट क्या है?
सिक्स है। तो कहां पे फॉल कर रहा है ये? इसका x सिक्स है। कहां फॉल कर रहा है बताओ जरा। पांच से बड़ा, पांच से छोटा कि पांच
के बराबर? हां जी। पांच से बड़ा, पांच से छोटा कि पांच के बराबर? हमेशा ध्यान रखना बेटा। अगर पांच से बड़ा हुआ, अगर पांच से
बड़ा हुआ तो हम +1 कर देंगे लास्ट डिजिट में। ठीक है? अगर पांच के पांच से छोटा हुआ तो हम कोई चेंज नहीं लेके आएंगे। नो
चेंज जैसा है वैसा का वैसा रहेगा। थ्री सिग्फिक तक हम उसको लिख देंगे। ठीक है? ऑड अगर निकल के आता यानी x पांच के बराबर हो
गया तो हम +1 करेंगे। इवन निकल के आया तो कोई चेंज नहीं करेंगे। ये रूल लगते हैं। ठीक है? ये रूल अपने पास लिख लेना। ठीक
है? काम आ सकते हैं। केमिस्ट्री के अंदर भी काम आ सकते हैं फिजिक्स के अंदर भी। हां जी। तो x छ है यानी x जो है वो बड़ा
है पांच से। पांच से बड़ा है तो क्या करें? पांच से बड़ा है तो भाई बोले +1 कर दो। पांच से बड़ा है तो क्या कर दो? +1 कर
दो। +1 किसको करेंगे? +1 x को नहीं करना। प्रिसीडिंग डिजिट के साथ खेलना है आपको। यानी उससे पहले वाली डिजिट। छह से पहले ये
वाली डिजिट कौन सी है? नौ। आपने नौ में आपने नौ में +1 कर देना है। समझ गए ना? क्योंकि x छ है पांच से बड़ा है। पांच से
बड़ा है तो +1 करना लेकिन किस में? पिछली डिजिट में। ये खेल जो खेलना है वो पिछली डिजिट के साथ
खेलना है। यानी छह से पहले कौन है? नौ। नौ में आप एक जोड़ दो। ये आ जाएगा 10 और यहां पे एक कैरी हो गया। तो 21.0। आप बताओ ये
21.0 क्या थ्री सिगफिग वाला है या नहीं है? क्या इसके थ्री सिग्निफिकेंट फिगर्स हैं कि नहीं? हां सर हैं। थ्री सिग्निफिक
हैं। और थ्री सिगफिक हैं। तो 21.0 इज द करेक्ट आंसर। आया समझ में?
क्लियर? ठीक है? ऐसे ही कुछ मल्टीप्लाई डिवाइड वाले भी लगते हैं भाई इसमें रूल। वो भी
सुन लो फटाफट से। ठीक है? फिर चैप्टर पूरा करते हैं। खत्म करते हैं। देखो मल्टीप्लाई डिवाइड में क्या है? कह रहा है जो फाइनल
आंसर आएगा। पहले तो आप मल्टीप्लाई करो सिंपल। कोई दिक्कत वाली बात नहीं। कोई नहीं रोक रहा। सिंपल मल्टीप्लाई करो। कह
रहा है जो फाइनल आंसर होना चाहिए ना वो सेम नंबर ऑफ सिग्निफिक वाला होना चाहिए जो कि लीस्ट सिग्निफिक है दोनों में से। जो
दो मल्टीप्लाई हो रहे होंगे या डिवाइड हो रहे होंगे ना उनमें से जो छोटा वाला है ना उसके सिग्निफिक फाइनल आंसर में आपको रखने
हैं। बोले इसका मतलब समझ में नहीं आया सर। इसका मतलब कुछ ऐसा है कि मान ले 1.21 को मल्टीप्लाई करना चाहते हो 0.3 से तो मुझे
बताओ सिंपल आंसर क्या आएगा एकदम सिंपल आंसर बताना क्या आएगा बताओ सर ये हमने दो जीरो उतार लिए सर ये हमने एक जीरो उतार
लिया 3 * 1 = 3 आएगा 3 * 2 = 6 आएगा फिर 3 * 1 = 3 आएगा और डिवाइड में 1 2 3 यानी कि हजार नीचे रहेगा यानी 0.363 आएगा है ना है
ना एक नॉर्मल बच्चा जो है वो ऐसे ही आंसर निकालेगा 0.363 लेकिन आप मुझे एक बात बताओ आप मुझे एक बात
बताओ इसके पास कितने सिग्निफिक थे इसके पास और इसके पास कितने सिग्फिक थे सर इसके पास तो है तीन सिग्निफिकेंट फिगर्स इसके
पास तो एक ही है और यहां पे कितने आंसर में सर आंसर में तीन सिग्निफिक हैं भाई साहब तीन सिग्निफिग को राउंड करो
मुझे नहीं पता पता इसको राउंड ऑफ करो और वन सिगफिग में लेके आओ। कैसे करोगे? अब लास्ट डिजिट देखेंगे।
लास्ट डिजिट पांच से छोटा के पांच से बड़ा या पांच के बराबर सर पांच से छोटा। छोटा है तो छोड़ दे ऐसे ही। छोटा होता है तो
छोड़ देते हैं ऐसे ही। तो 0.36 आ गया। है ना? अब कितने सिगफिग हैं सर? अभी भी दो सिगफिग हैं। इसके हमें एक चाहिए। अभी भी
इसके दो सिगफिग हैं। हमें नहीं। हमें और राउंड करो। हम चाहते हैं अभी इसको और राउंड करो भाई। हमें तो वन सिग फिग में
आंसर चाहिए। ऐसा बोल रहा है वो। ठीक है? फिर से लास्ट डिजिट देखेंगे। लास्ट डिजिट छह है। पांच से बड़ा है। पांच से बड़ा है
तो प्रिसीडिंग डिजिट को क्या कर देंगे? प्लस वन कर देंगे। 0.4 इज द आंसर। इस तरीके से आंसर लिखा जाएगा। अगर समझ में आ
गया तो एक बार फायर इमोजी जरूर लगाना भाई। अगर बात समझ में आ गई है तो एक बार फायर इमोजी अवश्य लगाएं। जल्दी से जल्दी से
फटाफट फिर एडिशन सब्ट्रैक्शन का ही बताना है। बहुत सारे बच्चे आंसर भी सही दे रहे हैं। वेरी गुड यार वेरी गुड। ठीक है? समझ
में आया ना? तो जो छोटे वाला है ना उसी का उसी के सिगफिग में अपने को आंसर देना होता है। ठीक है? क्या बात है? क्या बात है?
बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। क्या बात है। बहुत बढ़िया। आगे बढ़ते हैं। एडिशन सब्ट्रैक्शन के अंदर भी एक टेढ़ा सा
रूल है। ऐसा ही। कह रहा है कि जो भाई आप नॉर्मल ऐड सब्ट्रैक्ट करो हमें कोई मतलब नहीं है। जैसे मर्जी करो लेकिन फाइनल
रिजल्ट जो होगा ना वो लीस्ट डेसिमल प्लेसेस वाला ही होना चाहिए। ठीक है ना? फाइनल रिजल्ट जो होगा वो दो जो प्लस या
माइनस हो रहे होंगे उनमें से लीस्ट डेसिमल प्लेसेस वाला लेना है। इसमें सिग्निफिक का कोई रोल नहीं है। मैं आपको बता दूं इसमें
सिग्निफिकेंट फिगर का कोई रोल नहीं है। राउंडिंग ऑफ का हो सकता है। राउंडिंग ऑफ का हो सकता है। सिग्निफिक का रोल नहीं है।
ठीक है? आओ देखो दो चीजों को हम ऐड करते हैं। जैसे 3.014 मैं जोड़ता हूं 0.012
हां जी और अच्छा एक एक डेसिमल थोड़ा कम ज्यादा तो कर दूं। ठीक है ना? तो इसमें ऐड कर लेते हैं 0.02 को। ठीक है? 0.02 ऐड
करो। और आंसर बताओ जी। क्या आएगा सर? आंसर तो बहुत सिंपल है। 3.014 को आप 0.02 में जोड़ रहे हो। डेसिमल के नीचे डेसिमल आता
होता है। हां ये चार हो गया। ये तीन हो गया। ये ज़ीरो हो गया। ये तीन हो गया। तो दिस इज़ 3.034।
पर आंसर ऐसे नहीं देना। तो कैसे दूं? अरे लीस्ट डेसिमल प्लेस वाला दे। लीस्ट डेसिमल का मतलब देख डेसिमल के बाद यहां थ्री
प्लेसेस हैं। यहां टू प्लेसेस हैं। यहां भी थ्री है। थ्री नहीं चाहिए। टू चाहिए। राउंड ऑफ कर। राउंड ऑफ कर इसको। टू डेसिमल
प्लेस लेके आ। अच्छा ठीक है। ला रहा हूं। चिल्ला मत। ला रहा हूं भाई। ला रहा हूं। चिल्ला क्यों रहा है? है ना? ये थ्री
डेसिमल प्लेस है। ये टू डेसिमल प्लेस है। ये थ्री है। राउंड ऑफ करो। लास्ट वाली डिजिट को देख। दिख रही है। पांच से छोटी,
पांच से बड़ी। छोटी। छोटी तो छोड़ दे। 3.03 इज द आंसर। आया कि नहीं आया? आया कि नहीं आया? क्लियर
हुआ क्या? ठीक है? तो ऐसे देकर आना। ठीक है? ऐसे देकर आना। चैप्टर होता है यहां पर खत्म। ठीक है जी।
नेक्स्ट चैप्टर पर चलते हैं। ये है मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन। ठीक है? आ जाओ। आ जाओ फटाफट शुरू करते हैं। दो टर्म्स हैं यहां
पर। एक पढ़ी जाती है कयनामेटिक्स के नाम से। एक पढ़ी जाती है डायनामिक्स के नाम से। डायनामिक्स आगे जाकर के आएगा। कानामेटिक्स
का मीनिंग सिंपली ये होता है कि आप मोशन की स्टडी कर रहे हो विदाउट नोइंग द कॉज़। आपको कॉज़ नहीं पता। उसके पीछे का क्या है?
लेकिन डायनामिक्स में ये इंपॉर्टेंट है कि आपको कॉज भी पता हो, आपको रीजन पता हो, आपको मीनिंग पता हो।
तब पता चलेगा कि आप डायनामिक्स पढ़ रहे हो। क्लियर हो गया ना? बहुत बढ़िया। लिखा हुआ है देखो। स्टडी ऑफ़ मोशन व्हाइल स्टडिंग
इट्स कॉजेज़। कॉजेज़ के साथ पढ़ना। तो, ये फोर्स की स्टडी है बेसिकली। डायनामिक्स का मतलब होता है फोर्स की बातें करना। तो, जब
न्यूटंस लॉज़ ऑफ़ मोशन आएगा, तब पढ़ेंगे इसको। ठीक है ना? कह रहा है स्टडी ऑफ़ मोशन ऑफ़ एन ऑब्जेक्ट विदाउट स्टडिंग इट्स कॉज़।ज़
बिकॉज़ इसके बिना पढ़ना है। बस पढ़े जा रहे हैं। ठीक है ना? रीज़ नहीं पता बस पढ़े जा रहे हैं। सबसे पहली चीज जो इसमें पढ़नी
होती है वो है रेफरेंस पॉइंट या रेफरेंस फ्रेम क्या होता है? क्या रेफरेंस पॉइंट इज़ अ प्लेस और ऑब्जेक्ट यूज़्ड फॉर
कंपैरिजन टू डिटरमाइन इफ समथिंग इज़ इन मोशन। जैसे एग्जांपल देता हूं। जनरली क्या करते हैं? जो देख रहा होता है ना जो
ऑब्जर्वर होता है ना वही रेफरेंस पॉइंट होता है। वही रेफरेंस फ्रेम होता है। मतलब हम खुद को या ग्राउंड को रेफरेंस फ्रेम
मानते हैं। ठीक है? जैसे मान लो मुझे कोई गाड़ी दौड़ती दिख रही है कि भाई गाड़ी जो है वो स्पीड से जा रही है। है ना? और मान
लो कि मैं खड़ा हूं अभी। तो मैं खुद को क्या मानूंगा? मैं खुद को रेस्ट पे मानूंगा क्योंकि मैं खड़ा हूं। और गाड़ी
चल के जा रही है तो मैं बोलूंगा गाड़ी किस में है? मोशन में है। बात समझ में आई ना? लेकिन सोचना लेकिन सोचना अगर मैं भी उस
गाड़ी में बैठा हूं तो अगर मैं भी उस गाड़ी में बैठा हूं तो मुझे गाड़ी के सारे इंटरनल पार्ट्स सीट हो गया, स्टीयरिंग हो
गया, गियर हो गया, पैडल हो गए। वो सारे किस में दिखेंगे? वो चलते दिखेंगे क्या? कि मैं बैठा हूं और सब चल रहे हैं।
स्टीयरिंग मुझे छोड़ के चला गया। आगे वाली सीट मुझे छोड़ के चली गई। जो टैक्सी वाले भैया टैक्सी चला रहे थे वो भैया भी चले
गए। मैं वहीं का वहीं बैठा हूं क्या? ऐसा होता है क्या? ऐसा नहीं होता। समझ गए ना? तो जब कोई चीज
छोड़ के चली जाएगी आपको तब बोलेंगे भाई कि वो मोशन में है। अदरवाइज वो किस में है? वो रेस्ट में है। बात समझ में आ गई ना?
ठीक है? तो एक रेफरेंस पॉइंट [हंसी] ठीक है? हां। समझ में आ गई ना? हां। तो आप जिस भी मान लो ट्रेन का सफर आप सभी ने कभी ना
कभी किया ही होगा। है ना? ट्रेन का सफर आपने कभी ना कभी किया ही होगा। तो ट्रेन का सफर जब भी आप करते हो तो आपको बाहर की
चीजें पीछे जाती हुई दिखती है ना भाई? कि खंबा पीछे जा रहा है। पटरी पीछे जा रही है। दूसरी ट्रेन चली गई छोड़ के। यह
स्टेशन आया था गाजियाबाद। अब गाजियाबाद जा रहा है। है ना? अब आएगा हापुड़। अब हापुड़ जा रहा है। ठीक है ना? फिर आएगा हरदोई।
हरदोई जा रहा है। फिर लखनऊ आया लखनऊ जा रहा है। ठीक है ना भाई? तो स्टेशन आ रहा है जा रहा है। ऐसा लगता है जब हम ट्रेन
में बैठो ट्रेन चल रही होती है तो हम खुद को हमेशा क्या मानते हैं? रेस्ट मानते हैं। सो इट इज़ अ रेफरेंस फ्रेम। इट इज़ अ
रेफरेंस फ्रेम। बात समझ में आपको? होपफुली आई होगी। ठीक है? आइए। लिखा है रेस्ट और मोशन आपस में
इंटररिलेटेड है। बात तो सही है। अब ट्रेन मोशन में थी लेकिन आप जब अंदर बैठकर के ट्रेन के सारे अस्थि पुरजे देख रहे हो तो
आपको सारे रेस्ट में ही दिख रहे हैं। पलंग छोड़ के आपको चला तो नहीं गया जो बर्थ होता है। वो छोड़ के चला तो नहीं गया
आपको। ठीक है ना? आप मम्मी के साथ ट्रैवल कर रहे थे। आप बोले जी ट्रेन तो चल रही है पर मैं बैठा हूं। तो मम्मी तो चली गई बेटा
ट्रेन चल रही थी तो। तो तू तो बैठा रह जा फिर। ऐसा तो नहीं होता ना। मम्मी भी बैठी दिखती है सामने। आप दोनों एक साथ चढ़ते हो
ट्रेन और एक साथ उतरते हो ट्रेन से। बात सही है कि नहीं? तो इसका मतलब ये रेस्ट और मोशन जो है ये सिर्फ सोच पे निर्भर करते
हैं। [हंसी] ठीक है? कोई चीज आपके हिसाब से रेस्ट में हो सकती है। दूसरे के हिसाब से वही चीज मोशन में हो सकती है। कोई चीज
आपके हिसाब से मोशन में हो सकती है। दूसरे के लिए वो रेस्ट में हो सकती है। यानी दोनों आपस में जुड़े हुए हैं। एंड नथिंग
इज इन एब्सोल्यूट मोशन और एब्सोल्यूट रेस्ट। कोई नहीं कह सकता कि दुनिया का हर आदमी यह बोल दे कि यह ट्रेन चल रही है।
नहीं हो सकता क्योंकि ट्रेन के अंदर बैठे जो लोग हैं उनको तो नहीं लगेगा। उनको लगा हम तो बैठे हैं जी। हम तो खा पी रहे हैं।
हमने तो चाय भी पी ली। हमने तो अभी डकार मारा जोर से ठीक है ना भाई? तो वो तो अंदर मस्त बैठे हैं। अपना खा पी रहे हैं। एंजॉय
कर रहे हैं। उनको तो ऐसा लग रहा है जैसे हम बैठे हैं नॉर्मल और वो बैठे ही हैं। ये बात सच है। ठीक है? कह रहा है इट इज़ ऑलवेज
रिलेटिव। कह रहे यह निर्भर करता है कि देखने वाला कौन है। यह रिलेटिविस्टिक चीज है। कह रहा
है इट डिपेंड्स ऑन ऑब्जर्वर या रेफरेंस फ्रेम। ऑब्जर्वर कौन है? देखने वाला कौन है? उस पे डिपेंड करेगा। उस पे डिपेंड
करेगा के कि चीज रेस्ट में है या चीज मोशन में है। ठीक है ना? तो ऐसा सा इंटरेस्टिंग सा टॉपिक है बस यार ये। ठीक है? आइए टॉपिक
की स्टार्टिंग करते हैं। इट इज़ मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन। यहां पर जो बातें हो रही होंगी वो स्ट्रेट लाइन चलने वाली हो रही
होंगी। लेकिन स्ट्रेट लाइन का मतलब ये नहीं होता कि आगे ही बढ़ना है। पीछे भी आ सकते हैं। ऊपर भी जा सकते हैं, नीचे भी आ
सकते हैं। बस कर्व नहीं ले सकते हैं। बात को समझना। इसमें हम क्या नहीं पढ़ते? इस चैप्टर में हम क्या नहीं पढ़ते? गोल घूमना
नहीं पढ़ते। कर्व लेना नहीं पढ़ते। क्योंकि उसमें टू डी चीजें आपको चाहिए होती हैं। इसमें सीधा-सीधा जाना,
सीधा-सीधा आना, ऊपर जाना, नीचे आना। ये सब चलता रहता है। ठीक है ना? कह रहा है आल्सो कॉल्ड वन डायमेंशनल मोशन। वंडी मोशन कहते
हैं इसको या लीनियर मोशन भी कहते हैं या रेक्टी लीनियर मोशन ये सब नाम इसी के ही हैं। एक ही नाम है सबका। ठीक है ना? वंडी
बोलो लीनियर बोलो बात एक ही है। चलिए मेनम टॉपिक्स पर आते हैं। डिस्टेंस डिस्प्लेसमेंट क्या होता है? देखो
डिस्टेंस का मतलब होता है किस रास्ते एक्चुअली चल के गया है। और डिस्प्लेसमेंट होता है कि मान लो कि भाई गडकरी जी का मन
करे कि नहीं एक रोड बना ही दें। तो स्टार्ट से लेके एंड तक एक छोटी सी रोड उन्होंने बना दी। एक सीधा पाथ उन्होंने
बना दिया जिस पर चल के जाया जा सके मान लो तो वो डिस्प्लेसमेंट है। अदरवाइज डिस्प्लेसमेंट का चल के जाना जरूरी नहीं
होता। ये बात मैं आपको साफ बता दूं। डिस्प्लेसमेंट बस होती है। वहां सड़क है या सड़क नहीं है। प्लानिंग में है या
प्लानिंग में नहीं है। अभी डीपीआर अप्रूव करा है कि नहीं करा है? उससे मतलब नहीं है। डिस्प्लेसमेंट बस होती है। उस पे चल
के जाना इज़ नॉटेंट। उस पे चल के जाना इज़ नॉटेंट। बात समझ गए ना? लिखा है टोटल पाथ लेंथ कवर्ड बाय एन ऑब्जेक्ट इज कॉल्ड
डिस्टेंस। शॉर्टेस्ट डिस्टेंस बिटवीन द इनिशियल फाइनल पोजीशन इज कॉल्ड डिस्प्लेसमेंट। s से डिनोट करते हैं बेटा
इसको। है ना? और डिस्टेंस को d से करते हैं। कभी-कभी इसको भी s से कर देते हैं। मतलब ऐसा ही है भाई यहां पे कुछ भी चलता
है। ठीक है ना? ये भी ये भी मीटर में यूनिट है। ये भी मीटर में यूनिट है। बस फर्क ये है कि ये वेक्टर है।
ठीक है? और ये वेक्टर नहीं है। स्केलर है। ठीक है? तो s के सर पे s के सर पे कभी वेक्टर लगा दिखे तो डिस्प्लेसमेंट है और
सिंपल s दिख जाए आपको या फिर ऐसा दिख जाए अगर आपको तो ये डिस्टेंस हो सकता है मे बी ठीक है ना आइए
कुछ एक क्वेश्चन करते हैं बढ़िया-बढ़िया से जैसे कि r रेडियस है आप a पॉइंट से चल के b जाते
हो और b से चल के सी जाते हो ज्योमेट्रिकली अपोजिट जगह पे पहुंच जाते हो तो आप मुझे बताओ A टू B टू C आप पहुंचे
आपका डिस्टेंस कितना हुआ और आपकी डिस्प्लेसमेंट कितनी हुई? ये है पार्ट नंबर वन। पार्ट
नंबर टू। आप सिर्फ A से B ही गए। सिर्फ A से B ही गए। तो आपका डिस्टेंस कितना हुआ? और डिस्प्लेसमेंट
कितनी हुई? फटाफट कैलकुलेट करो और मुझे बताओ। फटा अरे पहले ही कैलकुलेट कर दिया। क्या बात है यार। क्या बात है। बहुत
बढ़िया यार। बहुत बढ़िया। शाबाश। शाबाश। शाबाश। बहुत सही। बहुत सही। सही है भाई। यहां से चल के अगर आप C तक पहुंच
चुके हो तो आपने 2πr कवर नहीं किया। देखो पूरा चक्कर अगर घूमते तो बोलते 2πr कवर। पर आप तो आधा ही चक्कर चले हो भाई। तो
बोलेंगे πr। सही है। तो बोलेंगे πr। अच्छा। अगर आधे का भी आधा चलते तो जैसे कि A से B तो क्या बोलते बेटा? पूरा चक्कर
होता तो 2πr आधा चक्कर होता तो πr और उसका भी आधा होता तो πr / 2 πr / 2 हां या ना? हां या ना? बात सही है
ना? अब बारी आती है डिस्प्लेसमेंट की। भाई डिस्प्लेसमेंट कैसे निकलती है? सुनो। जहां से चालू किया और जहां खत्म किया उसको सीधी
लाइन से जोड़ दिया जाता है। खत्म खत्म। तो पहले वाले केस में A से स्टार्ट किया C पे खत्म किया। दिस इज़ द डिस्प्लेसमेंट। तो
डिस्प्लेसमेंट में यहां से लेके यहां तक r है। और यहां से लेके यहां तक भी r है। r और r 2r
तो डिस्प्लेसमेंट क्या है? 2r तो (pi)r 2r हां सही है। सही है बिल्कुल। है ना? अच्छा अब मैं आपसे बोलता हूं A से B गया है तो A
से B गया है तो ये होगी डिस्प्लेसमेंट हां या ना? हां या ना बोलो भाई। ये होगी तो ये कैसे आएगी? अरे बोलो ना यार। ये कैसे
लिखेंगे ये? तो देख सुन देख सुन बेटा। ये भी r है। और ये भी r है। है ना? यह 90° है। ठीक है? तो ये लेंथ कैसे निकलेगी? यह
भी r, यह भी r। दिस लेंथ इज़ r 2 तो 2r है ये 2 * r हां हां 2 * r शाबाश बहुत बढ़िया
बहुत बढ़िया। अच्छा अब मैं आपसे पूछता हूं। अब मैं आपसे पूछता हूं। अगर ये a से घूम करके कैसे भी चल के वापस a पर आ जाए।
ठीक है? ऐसे गया और ऐसे आ गया। समझ लो। ठीक है? रूट देखना जरा। है ना? ऐसे गया और ऐसे वापस आ गया। A टू B टू C टू A वापस आ
गया। ठीक है? तो टोटल डिस्टेंस कितना हुआ? देखो टोटल डिस्टेंस के लिए ना अपने को पाथ देखना पड़ता है। कहां-कहां गया? कैसे-कैसे
गया? कितनी देर उसने चाय पी? कितनी देर वो घर के बाहर खड़ा रहा। कितनी देर वो इंतजार करता रहा? ये अपने को देखना पड़ता है। समझ
रहे हो ना? कि कितनी देर वो कहां खड़ा हुआ, कैसे खड़ा हुआ, क्या करता हुआ खड़ा हुआ? तो पूरी जानकारी रखनी पड़ती है। लाइक
अ चौकीदार बनना पड़ता है। है ना? गली की आंटी बनना पड़ता है कि पता चले कि यह कहां गया था? क्या करने गया था? कब आया? क्यों
आया? क्यों नहीं आया? इतनी देर कैसे लगा दी? मतलब घर वालों से ज्यादा चिंता किसको? पड़ोस की आंटी को होती है। तो आपको चेक
करना पड़ेगा। पूरा पाथ चल के देखना पड़ेगा। यहां से यहां चला तो πr है। यहां से यहां चला तो r + r यानी कि 2r है।
ये पूरा डिस्टेंस है। ठीक है ना? r कॉमन ले लो तो r * π + 2 आ गया। और डिस्प्लेसमेंट की बात करेंगे बेटा तो वो
ज़ीरो है। ज़ीरो क्यों है? क्योंकि वो a से ही चला था। और राउंड ट्रिप लगा के a वापस आ गया। जब भी कभी राउंड ट्रिप लगता है,
डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो आती है। जब भी कभी राउंड ट्रिप लगेगा, डिस्प्लेसमेंट विल बी ज़ीरो। ऑलवेज ऑलवेज ऑलवेज
डिस्टेंस के बारे में सुंदर बातें लिखी हैं। डिस्टेंस के बारे में सुंदर बातें लिखी हैं। पढ़ लेना आप। अच्छी-अच्छी
थ्योरी है। नोट्स आपको मिल जाएंगे क्लास के एंड में। टेंशन ना को ले। ठीक है? आजा। अ पार्टिकल कवर्स वन रेवोल्यूशन इन 40
सेकंड्स। फाइंड द डिस्टेंस डिस्टेंस कवर्ड इन 3 मिनट्स 20 सेकंड्स। रेडियस ऑफ़ द सर्कल इज़ 2 मीटर। एक सर्कल दे रखा है
यहां। एक सर्कल दे रखा है। इसकी रेडियस दी हुई है 2 मीटर।
2 मीटर इसकी रेडियस है। ठीक है? कह रहा है एक चक्कर पूरा करने पर ये देख ये देख एक चक्कर पूरा किया कह रहा है 40 सेकंड
लगते हैं ओके ओके एक राउंड काटने में लगते हैं 40 सेकंड 3 मिनट 20 सेकंड का मतलब क्या हो गया 3 मिनट का मतलब हो गया 180
सेकंड प्लस 20 सेकंड और है ना 3 मिनट का मतलब 180 सेकंड और 20 सेकंड और यानी टोटल मिला के हो गया 200 सेकंड और
200 सेकंड का मतलब हो गया बेटा बेटा पांच राउंड हो चुके हैं। हां या ना तो बोल दो। पांच राउंड हो चुके हैं। नहीं है ना? 4 *
5 = 20। पांच राउंड। फाइव राउंड्स हो चुके हैं। सही है ना? फाइव राउंड्स हो चुके हैं। तो बताओ यार डिस्टेंस कितना होगा
फिर? फिर डिस्टेंस कितना होगा? फिर डिस्टेंस कितना होगा? पांच राउंड काटने के बाद
डिस्टेंस कितना आएगा? और डिस्प्लेसमेंट कितनी आएगी? और डिस्प्लेसमेंट कितनी आएगी? जल्दी बोलो। जल्दी बोलो। चलो डिस्टेंस
कितना हुआ सर? डिस्टेंस हुआ एक राउंड का होता है 2πr तो 5 का होगा 5 * 2πr यानी 10πr
10π r कितना है? 2 यानी 20π 20π मीटर हां पाई ना लिखो चाहे कोई दिक्कत नहीं। पाई को पाई रहने दे। डिस्प्लेसमेंट
बता जल्दी से। पांच राउंड काटने के बाद भी डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो है। क्योंकि जहां से शुरू किया वहीं
खत्म हो गया। जहां से शुरू किया वही खत्म। शाबाश। अ पार्टिकल हैज़ मूव्ड 60° एंगल ऑफ द
सर्कल। ले भाई कह रहा है 60 ही घूमा है। मतलब ये रहा पार्टिकल और यहां से यहीं आया है। 60 ही घूमा। 60 ही घूमा। तो कह रहा है
बताइए डिस्टेंस कितना? डिस्प्लेसमेंट कितना? बोलो जी। डिस्टेंस बताओ। सबसे पहले आप डिस्टेंस बताओ कैसे निकलेगा? यह l कैसे
निकालोगे? फटाफट जल्दी से। यह l कैसे आएगा? यह l कैसे आएगा? देख देख मैथ से आएगा मैथ।
l = r थीटा होता है। सुना है? l = r थीटा। ये l निकालना है ना? माने डिस्टेंस निकालना है ना। रेडियस कितनी है? नहीं दी
हुई। छोड़ दे। r रेडियस मान ले। ये r रेडियस है। 60° को रेडियन में कैसे लिखेगा? इधर देख। 180° होता है पाई
रेडियन। जिनको नहीं आता वो यहां से सीखें। जिनको जहां मैथ नहीं आएगी मैं साइड में सिखा दूंगा आपको। अलग से बेसिक मैथ नहीं
कराई जाती। भाई मैराथॉन है ये। 180° पाई रेडियन के बराबर होता है। तो 60° किसके बराबर हो गया? इसको आपने डिवाइड बाय 3
किया तो इसको भी डिवाइड बाय 3 करना भाई। तो π / 3 रेडियन आ गया। है ना? तो दिस इज़ r * π / 3 दिस इज़ दिस इज़ डिस्टेंस। यह
डिस्टेंस निकल के आ गया πr / 3 मीटर। यह आपका डिस्टेंस आ गया। डिस्प्लेसमेंट कैसे निकलेगी जानते हो? डिस्प्लेसमेंट का एक
डायरेक्ट फार्मूला है। बता दूं? 2rsinθ / 2 डिस्प्लेसमेंट का एक डायरेक्ट फार्मूला होता है 2r sin θ / 2 ये नीट जेई वालों को
आता है। ये फार्मूला नीट जेई वालों को सिखा दिया जाता है। वैसे मैंने भी उदय बैच के अंदर सिखाया हुआ है। इसको निकलवाना।
ये लेंथ निकालनी है ना? ऐसे करते हैं। इसका बाईसेक्टर लेते हैं एंगल का। ठीक है ना? फिर sin लेते हैं। ठीक है ना? 1/2 का
sin लिया जाता है और उसको मल्टीप्लाई कर देते हैं। 2rs sin थीटा / 2 आएगा बेटा ये। तो 2r तो है। sin थीटा कितना है? 60°
डिवाइड बाय 2 काटा तो 30° आ गया। तो 2r sin 30° बेटा। sin 30° कितना होता है? sin 30° इज़ 1/2 दो से दो कट गया। r निकल के आ
गया। ठीक है? तो डिस्प्लेसमेंट किसके बराबर है? r के ही बराबर है। शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। डिस्प्लेसमेंट किसके
बराबर है? R के ही बराबर है। चलो चलो यार आगे बढ़ते हैं। ठीक है? तो याद रखना भाई ये फार्मूला आपके लिए कैच है। एक इसको याद
रखना। ठीक है? ओके। कह रहा है पार्टिकल मूव्स 10 12 मीटर साउथ देन 5 मीटर ईस्ट। ये ईस्ट-वेस्ट कहां
होते हैं भाई? सब पेपर पे होते हैं। ये सब के सब कागज पे ही होते हैं भाई। यहां कागज पे नॉर्थ होता है। यहां कागज पे साउथ होता
है। यहां कागज पे ईस्ट होता है। यहां कागज पे वेस्ट होता है। इसको पेपर में बनाया करो। इसको पेपर में बनाया करो भाई। ठीक
है? कह रहा है 12 मीटर पहले साउथ गया। ले भाई चला गया साउथ। 12 मीटर। ठीक। कह रहा है फिर 5 मीटर ईस्ट भी गया। ले भाई ईस्ट
चला गया। ईस्ट इस तरफ है ना भाई? ईस्ट इस तरफ है ना? तो यहां चला गया। कितना चला गया? 5 मीटर चला गया। ठीक है?
कह रहा है डिस्टेंस निकालो और डिस्प्लेसमेंट निकालो। अबे यार ये कोई क्वेश्चन है क्या? डिस्टेंस बताओ यार। 12
और 5 मिला के कितना हो गया? 17. 17 मीटर हो गया ना? सीधा-सीधा ऐड करते हैं भाई। और डिस्प्लेसमेंट के लिए क्या करोगे? इसको
इससे जोड़ देंगे हम। इसको इससे जोड़ दें। कितना आता है? 12 5 13 होता है ये। पता है कि नहीं? हां। शाबाश। याद है बच्चों को।
पाइथागोरियन ट्रिपलेट कहते हैं इसको। है ना? नहीं तो निकाल सकते हो। हाइपोटेनस है। निकालना पड़ेगा आपको। नहीं तो फिर नहीं
याद है तो। ठीक है? 5 12 13 का पाइथागोरियन ट्रिप्लेट बनता है। याद है बच्चों को। गुड यार। वेरी गुड। वेरी गुड।
मतलब आप लोगों के लिए फायर इमोजी। मेरे लिए नहीं। आप लोगों के लिए फायर इमोजी। बढ़िया बात है। याद है तो अच्छी बात है। अ
पार्टिकल मूव्स 20 मीटर साउथ, 60 मीटर नॉर्थ, देन 30 मीटर वेस्ट। क्या कर रहा है? कहां-कहां घुमा रहा है भाई? आजा देख।
आजा देख। पहले गया 20 मीटर साउथ। ले जाता हूं। ले जाता हूं। ले गया इसको 20 मीटर साउथ।
कह रहा है 60 मीटर नॉर्थ ले। पागल है क्या? कह रहा है 60 मीटर नॉर्थ ले जाओ। यानी 20
तो लेके गए, ले गए। ऊपर भी ले गए 40 और मतलब 40 मीटर और ऊपर ले गए होंगे। है ना? है ना? टोटल पहले 20 नीचे ले गए ना भाई।
फिर ऊपर ले गए 60 तो 40 ऊपर लेके आ चुके हैं यहां पे। कह रहा है फिर 30 मीटर वेस्ट भी ले गए हैं।
जी इधर वेस्ट होता है। तो इधर 30 मीटर ले गए हैं। कह रहा है डिस्टेंस निकालो और
डिस्प्लेसमेंट कर लो यार फटाफट। डिस्टेंस कितना आएगा? 20 साउथ, 60 नॉर्थ और 30 वेस्ट।
110 मीटर आ गया। डिस्प्लेसमेंट आ भाई शुरू किया था यहां से। खत्म किया है यहां पे। जोड़ दो। जोड़ दो। 40 और 30 50 मीटर आएगा
बेटा आंसर। पाइथागोरियन ट्रिपलेट अगेन। शाबाश। शाबाश। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। वेरी गुड। सही है।
आइए। एवरेज स्पीड। एवरेज वेलोसिटी समझते हैं। क्या होता है? देखो यार। एवरेज स्पीड का मतलब होता है टोटल पाथ लेंथ कितनी है?
डिवाइड बाय टाइम। टोटल पाथ लेंथ डिवाइड बाय टाइम है ना इज कॉल्ड एवरेज स्पीड।
इसको एवरेज स्पीड बोलते हैं। और शॉर्टेस्ट डिस्टेंस यानी कि जो डिस्प्लेसमेंट होती है डिवाइड बाय टोटल टाइम है ना? उसे
बुलाते हैं। एवरेज वेलोसिटी।
ठीक है? एवरेज वेलोसिटी। आइए इस पर भी सवाल करते हैं। बढ़िया-बढ़िया सवाल है। सुनते जाना। कह रहा है एक पार्टिकल मूव कर
रहा है 400 मीटर 5 सेकंड में और फिर अगला 600 मीटर 15 सेकंड में। कह रहा है फाइंड इट्स एवरेज स्पीड। सुनो क्या होता है
एवरेज स्पीड का फार्मूला? अभी-अभी देखा टोटल डिस्टेंस कितना ट्रेवल किया? डिवाइड बाय टोटल टाइम कितना लगा? है ना? तो बेटा
जी टोटल डिस्टेंस कितना ट्रेवल किया है? 400 किया है एक बार और 600 किया है दूसरी बार। टाइम कितना लगा? एक बार 5 सेकंड लगे
और एक बार 15 सेकंड लगे। तो ऊपर आ गया बेटा 1000 मीटर। नीचे आ गया 20 सेकंड। काटा तो 50 मीटर पर सेकंड इज द एवरेज
स्पीड। 50 मीटर पर सेकंड। ए आंसर है। वेरी गुड। वेरी गुड। 50 है। वेरी गुड। आओ एक और देखें क्वेश्चन। कह रहा है कंसीडर द टिप
ऑफ अ सेकंड हैंड ऑफ अ क्लॉक। क्लॉक का मतलब होता है बेटा घड़ी। है ना? और घड़ी का सेकंड हैंड का मतलब हो गया सेकंड की
सुई देखनी है आपको। जो लंबी वाली सुई होती है। है ना भाई? जो लंबी वाली सुई होती है सेकंड हैंड उसकी बात कर रहा है। कह रहा
उसकी एवरेज वेलोसिटी बताओ 1 मिनट में कितनी होगी? मुझे एक बात बता। 1 सेकंड की जो क्लॉक होती है, सेकंड वाली जो सुई होती
है, वह 1 मिनट में घूम के कहां आ जाती है? मुझे उसकी पोजीशन बताओ। मान लो वह 12 से चलना चालू हुई है तो 1 2 3 4 5 करते हुए
वापस 12 पे आ जाएगी। हां या ना? वो वापस 12 पे आ जाएगी मेरे बच्चे। और अगर वापस 12 पे आ जाएगी तो 1 मिनट के अंदर
डिस्प्लेसमेंट ही ज़ीरो है। डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो है। तो V एवरेज क्या होता है? एवरेज वेलोसिटी पूछा है ना? V एवरेज क्या होता
है बेटा? टोटल डिस्प्लेसमेंट अपॉन में टोटल टाइम। टोटल डिस्प्लेसमेंट ही ज़ीरो है भाई। तो
एवरेज वेलोसिटी ही क्या हो गई? ज़ीरो हो गई। पहले का आंसर आ गया निकल के। मुझे आप बताओ 30 सेकंड पर वो कहां होगी? जब सेकंड
की सुई 30 सेकंड चल लेगी तो कहां पहुंच जाएगी? फटाफट जल्दी से। सेकंड की सुई 30 सेकंड चले लेगी तो घूम के छह पे आ जाएगी
भाई। हां या ना? हां या ना? छह पर आ जाएगी ना? सही बात है कि नहीं? तो यहां से स्टार्ट
हुई है और यहां खत्म हुई है। सही बात है ना? इसका मोशन यहां से स्टार्ट हुआ। टक टक [हंसी] टक टक टक टक टक टक टक
यहां खत्म हो गया। तो ये इनिशियल है। ये फाइनल है। सीधा जोड़ देंगे इसको। सीधा जोड़ दो। ये डिस्प्लेसमेंट निकल के आ गई। है
ना? सही है? तो लेंथ कुछ दी हुई है क्या? अबे लेंथ तो दे ही नहीं रखी। क्या यार? यार व्हाट इज दिस यार? लेंथ को L ले लो
भाई। L लेंथ ले लो। तो डिस्प्लेसमेंट हो जाएगी 2L है ना? या 2r ले लो। कोई नहीं। चलो मैंने L लेंथ
ले लिया। बात एक ही है। ठीक है? तो एवरेज वेलोसिटी कैसे निकलेगी बेटा? टोटल डिस्प्लेसमेंट अपॉन टोटल टाइम। टोटल
डिस्प्लेसमेंट कितनी है? L और L 12L और टोटल टाइम कितना लगा? 30 सेकंड। तो 2L/30 यानी L /1
L /1 मीटर पर सेकंड हो गया। L /1 मीटर पर सेकंड। खुश चलूं आगे। चलूं चलूं। डन है यहां तक मामले।
यहां तक मामला ओके है। आ जाओ। आओ कुछ टर्म्स को सुनते हैं और समझते हैं कि इनमें मुश्किलें कहां-कहां आती हैं। आपको।
एक वर्ड आपने सुना होगा यूनिफॉर्म स्पीड। क्या आप मुझे बता सकते हो इस यूनिफॉर्म स्पीड का मतलब क्या होता है? क्योंकि बेटा
स्पीड एक स्केलर क्वांटिटी है और यूनिफॉर्म का मतलब होता है सेम रहना। तो इसका सिंपल मीनिंग ये है कि सेम स्पीड
रहे। सेम स्पीड से चलती जाए कोई चीज। सेम स्पीड से चलती जाए। सेम स्पीड से चलने का मतलब
होता है इक्वल डिस्टेंस इक्वल इंटरवल ऑफ टाइम में कवर होते जाएं। सही बात है। लेकिन अगर मैं आपके आगे यह
टर्म यूज करूं यूनिफॉर्म मोशन तो इसका क्या मतलब होता है? यूनिफॉर्म स्पीड में और यूनिफॉर्म मोशन
में क्या फर्क है? बहुत फर्क है। बहुत फर्क है। यूनिफॉर्म मोशन वर्ड यूज़ होता है यूनिफॉर्म वेलोसिटी के लिए। और वेलोसिटी
एक वेक्टर क्वांटिटी है। तो इसका मतलब खाली सेम स्पीड ही नहीं चाहिए। सेम डायरेक्शन भी चाहिए। यस अंकित जांगड़ा
वेरी गुड वेरी गुड वेलोसिटी यूनिफॉर्म होने का मतलब होता है स्पीड भी सेम रहेगी
और डायरेक्शन भी सेम रहेगी तब बोलेंगे तब बोलेंगे यूनिफॉर्म मोशन हुआ है इक्वल
डिस्टेंस इक्वल इंटरवल ऑफ टाइम इन अ पर्टिकुलर डायरेक्शन एक पर्टिकुलर डायरेक्शन के अंदर जब एक जैसी स्पीड रहती
है तो उसको यूनिफॉर्म मोशन बुलाते हैं। समझ गए ना? अच्छा इसका मतलब ये हुआ कि सर यहां पर डायरेक्शन का कोई लेना देना नहीं
है क्या? एक बार बताओ। एक बार बताओ मुझे। एक बार बताओ मुझे। एक बार बताओ मुझे। क्या यूनिफॉर्म स्पीड
का यही मतलब है? कि डायरेक्शन का कोई लेना देना नहीं है। डायरेक्शन सेम भी हो सकती है, नहीं भी हो सकती। हां या ना? यस। यस।
यही बात है। लिखा हुआ है देखो। तो द डायरेक्शन ऑफ़ द मोशन कैन चेंज। मोशन की डायरेक्शन चेंज हो सकती है। यस वेरी गुड।
वेरी गुड। बहुत बढ़िया। सेम स्पीड है ना? बट डायरेक्शन मे वेरीरी।
डायरेक्शन वेरीरी कर सकती है। समझ गए ना? डायरेक्शन चेंज हो सकती है। तो फिर मुझे बताओ एक नॉन यूनिफॉर्म स्पीड का मतलब क्या
होता होगा? कोई एग्जांपल या कोई सेटिंग या कोई डेफिनेशन कुछ सोच के बताओ। नॉन यूनिफॉर्म स्पीड से आप क्या समझते हो?
लिखना कमेंट सेक्शन में। पढ़ रहा हूं मैं। नॉन यूनिफॉर्म स्पीड से आप क्या समझते हो? बता दो यार फटाफट।
वेरी गुड। बहुत बढ़िया। नॉन यूनिफॉर्म स्पीड का मतलब बस इतना ही है कि स्पीड चेंज है। बढ़ रही है।
या तो बढ़ रही है या घट रही है। इनक्रीज कर रही है या डिक्रीज कर रही है। अच्छा क्या डायरेक्शन के बारे में कुछ कह सकते
हैं क्या? आपको बोलना ही नहीं है। डायरेक्शन के बारे में बोलना अलाउड ही नहीं है। गाली है
गाली। स्पीड के सामने डायरेक्शन बोल देना गाली है। तो डायरेक्शन की बात ही मत करना। चेंज हो तो हो और नहीं हो तो ना हो। बात
समझ रहे हो? स्पीड के सामने डायरेक्शन का नाम लेना गाली देने जैसा है स्पीड को। डायरेक्शन की बात करनी है वेलोसिटी के
सामने कर। डायरेक्शन की बात करनी है यूनिफॉर्म और नॉन यूनिफॉर्म मोशन के साथ कर। ठीक है ना? गाली नहीं देते बेटा। गाली
देना अच्छी बात नहीं होती। गाल नहीं कटनी। ठीक है? तो स्पीड का मतलब सिर्फ और सिर्फ स्पीड से है। मतलब मैग्नीट्यूड से है। वो
बढ़ रही है या घट रही है। बस इतनी बात करनी है आपको। समझ गए ना? डायरेक्शन की चर्चा नहीं करनी। ठीक है ना? तो यहां पर
लिख देता हूं डायरेक्शन का कुछ भी हो सकता है। मे और मे नॉट मे नॉट चेंज करें ना करें हमें मतलब ही
नहीं है कोई। ठीक है लेकिन यह बताओ कि नॉन यूनिफॉर्म वेलोसिटी का मतलब क्या होता है फिर व्हाट डू यू मीन बाय नॉन यूनिफॉर्म
वेलोसिटी? यस जंग बहादुर रिपोर्ट कर रहे हैं। जंग बहादुर ऑलरेडी बहुत सारे हैं कमेंट सेक्शन के अंदर। यह मुझे पता है
पहले से। ठीक है ना? नहीं तो मेरी फील के साथ-साथ आप लोग पहले ही फायर इमोजी लगाने लग जाते हो। तो ये मैं कैसे ना मानूं कि
जंग बहादुर ही है ये। ठीक है? ठीक है ना? तो इसलिए मुझे पता है ऑलरेडी कि जंग बहादुर कमेंट सेक्शन में है। भाई रिपोर्ट
करने की जरूरत नहीं है आपको। है ना? रिपोर्टिंग पहले ही हो चुकी है। यस। नॉन यूनिफॉर्म वेलोसिटी का मतलब होता है
वेलोसिटी का चेंज करना। अब वेलोसिटी के चेंज करने के दो मतलब हो सकते हैं। कौन-कौन से? वेलोसिटी के चेंज होने के दो
मतलब हो सकते हैं। एक या तो स्पीड चेंज करें। मतलब कि स्पीड बढ़े या स्पीड घटे तो
वेलोसिटी बढ़े या घटे। दूसरी चीज है के डायरेक्शन भी चेंज है। है ना? डायरेक्शन भी क्या कर सकती है? चेंज कर सकती है। तो
भी वेलोसिटी चेंज करेगी। तो इसको नॉन यूनिफॉर्म वेलोसिटी का दूसरा नाम नॉन यूनिफॉर्म मोशन भी है।
और इसका तीसरा नाम कोई बताएगा मुझे? इसका तीसरा नाम कोई बताएगा? कैसा मोशन? कैसा मोशन? यहां क्या लिखूं? यहां क्या
लिखूं? एक बड़ा सा वर्ड है। एक बड़ा सा वर्ड है। यस बेटा। वेलोसिटी चेंज करने के दोनों मतलब हो सकते हैं। स्पीड के चेंज से
भी वेलोसिटी चेंज होती है। और डायरेक्शन के चेंज से भी वेलोसिटी चेंज होती है। इसी का दूसरा नाम क्या है? नॉन यूनिफॉर्म
वेलोसिटी का ही दूसरा नाम। शाबाश। वेरी गुड। इसी का दूसरा नाम है एक्सीलरेटेड मोशन। तो कहीं पर भी आपको एक्सलरेटेड मोशन
लिखा दिखे या फिर यह वर्ड लिखा दिखे यूनिफली एक्सीलेंट मोशन। यह यह वर्ड देखने को मिलेगा आपको। यह वर्ड आपको देखने को
मिलेगा और कंफ्यूज तब नहीं होना है आपको। ठीक है? इसलिए पहले ही बता दे रहा हूं। पहले ही सचेत कर दे रहा हूं कि
यूनिफॉर्मली एक्सीलरेटेड मोशन का यही सब मतलब है जो ऊपर लिखा हुआ है। तो क्या होती है एक्सीलरेशन? साफ-साफ लिखा
हुआ है देख। रेट ऑफ़ चेंज ऑफ़ वेलोसिटी। हां जी। वेलोसिटी का चेंज कितने रेट से हो रहा है? कितनी तेजी से हो रहा है? इसको बोलते
हैं एक्सीलरेशन। तो एक्सीलरेशन को आप लिखना चाहें तो ऐसे लिख सकते हो। dv / dt है ना? या फिर आप इसको अगर एवरेज
एक्सीलरेशन के फॉर्म में लिखना चाहो। है ना? तो डेल्टाV / डेल्टा लिखते हो जिसको आप v - u / t टाइम इंटरवल ऐसा लिखते हैं।
सही बात है ना? सही बात है कि नहीं? ठीक है ना? और इंस्टेंटेनियस एक्सीलरेशन की बात करेंगे तो ऐसा। अभी इंस्टेंटेनियस
क्वांटिटीज़ मैंने आपको बताई नहीं है। आगे जाके बताऊंगा। अभी खाली ऐसे लिख के दिखा रहा हूं आपको मैं। ठीक है ना? तो, यह v -
u लिखा जाता है। v स्टैंड्स फॉर फाइनल वेलोसिटी। u इनिशियल है। t क्या है? टाइम है। ठीक है ना? यूनिट क्या लिखी जाती है
इसकी? मीटर पर सेकंड स्क्वायर। वेक्टर क्वांटिटी है बेटा ये भी। यस। वेक्टर क्वांटिटी है ये भी। और वेक्टर है तो मैं
आपको एक बात और बता देता हूं। लगे हाथ कि एक्सीलरेशन का फोर्स के साथ सीधा संबंध होता है।
एक्सीलरेशन का जन्म ही फोर्स की वजह से होता है। ऐसा समझ लो। यानी एक्सीलरेशन सुपुत्री है। और माताजी कौन है? फोर्स।
इसलिए लिखा होता है f = ma है ना? F = मां। बेटा फोर्स मां है। किसकी मां है? एक्सीलरेशन की मां है। ये है बेटी।
और ये है माताजी। समझ गए? तो फोर्स आएगी तो ही एक्सीलरेशन आएगी। अगर फोर्स नहीं होगी एक्सीलरेशन भी
देखने में नहीं मिलेगी आपको ये बात आप डिटेल में समझोगे आगे जाकर के अभी टेंशन ना लो ठीक है ना आइए एक्सीलरेशन अभी निकाल
के देखते हैं सिंपल एक्सीलरेशन देखो ये इनिशियल वेलोसिटी है बेटा ये फाइनल वेलोसिटी है ये आपको टाइम दिया हुआ है तो
एक्सीलरेशन कैसे निकालते हैं सर एक्सीलरेशन एवरेज एक्सीलरेशन को बोलते हैं डेल्टाV / डेल्टा t व्हिच इज़ v - u / t
जिसको आप ऐसा भी कह सकते हो कि v फाइनल - v इनिशियल डिवाइड बाय डेल्टा t फाइनल वेलोसिटी क्या है? आठ है। इनिशियल क्या
है? पांच है। डिवाइड बाय 2 तो 3 / 2 यानी 1 1/2 मीटर पर सेकंड स्क्वायर। मुझे लगता है किसी का भी आंसर गलत नहीं होगा। शाबाश।
बढ़िया। आगे बढ़ते हैं। एक बार और आपसे कहा गया एक्सीलरेशन निकालने के लिए। फटाफट से निकाल के दिखाओ। क्या आंसर आएगा? जल्दी।
बेटा जी v - u / t जब आप करोगे तो फाइनल वेलोसिटी यहां पे सात नहीं है। -7 है। इसमें नहीं फंसना है आपको। फसोगे लेकिन
फसोगे तो ही तो निकलोगे। डायरेक्शन देखो। डायरेक्शन इधर की डायरेक्शन को प्लस इधर की डायरेक्शन को
माइनस लिखना पड़ता है। वेक्टर है ये। ये वेक्टर है बेटा। तो -7 और - + का 5 / t कितना? 3 तो ये आएगा -7 -5 / 3 और 7 और 5
होता है बेटा 12/3 यानी ये आया -4 मीटर पर सेकंड स्क्वायर। तो द आंसर इज़ 4 माइनस साइन।
क्या रिप्रेजेंट कर रहा है? कोई बताएगा? माइनस साइन क्या रिप्रेजेंट कर रहा है? कोई बताएगा?
यस, द आंसर इज़ नॉट ए। बहुत सारे बच्चे ए ए की रेट लगाए बैठे थे। आंसर डी है। आपने साइन नोट नहीं किया। वेलोसिटीज में साइन
लगता है भाई। ठीक है? और साइन रिप्रेजेंट करता है क्या? यस। डायरेक्शन को। वेरी गुड। वेरी गुड। तो
इसका मतलब यह हुआ। अब बात को समझना। एक्सीलरेशन के माइनस में आने का मतलब यह है कि फोर्स माइनस में लग रही है। यानी यह
बॉडी आगे जा रही थी। सुनियो सुनियो यह बॉडी आगे जा रही थी पांच से। कोई इसको पीछे खींचना चालू हो गया। ये फील है इस
टॉपिक की। ये इस चीज की फील है। एक्सीलरेशन का माइनस में होना। फोर्स का माइनस में होना। नेगेटिव में होना का मतलब
ये कि कोई इसको पीछे से खींच रहा था। जो खींच रहा था उसी ने पीछे एक्सीलरेशन भी जनरेट करवाई नेगेटिव वाली। ठीक है ना? और
इसे कोई खींचता रहा, खींचता रहा, खींचता रहा। ये पांच से पहले जीरो हुई और 0 से फिर -7 से इधर आने लगी। पहले ये पांच से 0
हुई और फिर सात से इधर आने लगी। ये सब कुछ 3 सेकंड के अंदर हो गया। ये सारा काम 3 सेकंड के अंदर हो गया। ये फील है इस चीज
की। ठीक है? आरडीएक्स फील। ठीक है? आओ आगे बढ़ते हैं। बेटा एवरेज वैल्यूज़ मैं ऑलरेडी आपको बता
चुका हूं। मैं इंस्टेंटेनियस वैल्यूज़ भी आपको बता देता हूं। देखो वेलोसिटी एवरेज ऐसे लिखी जा सकती है डेल्टा x / डेल्टा t
व्हाट इज डेल्टा x भाई फाइनल पोजीशन माइनस इनिशियल पोजीशन अपॉन में t2 - t1 यानी कि दो टाइम हो गए डेल्टा t ही लिखे रहने दो
इसको चलो कोई बात नहीं एक ही बात है है ना ऐसे ही एवरेज एक्सीलरेशन जो होती है वो होती है डेल्टाV / डेल्टा t जिसको लिख
सकते हो आप v फाइनल - v इनिशियल जिसको हम v - u / t भी लिखते हैं नाइंथ क्लास के जब छोटे बच्चे हम होते हैं तो ठीक है ना ये
हैं एवरेज वैल्यूज़ ये क्या है एवरेज वैल्यूज़ ऐसे ही आती हैं इंस्टेंटेनियस वैल्यूज़ वो भी दिखा देता हूं आपको
वेलोसिटी की इंस्टेंटेनियस वैल्यू होती है dx / dt डिफरेंशिएशन ऑफ़ x यानी कि पोजीशन विद रिस्पेक्ट टू टाइम जब बहुत छोटा टाइम
लिया जाएगा बहुत छोटा डिस्प्लेसमेंट होगा तो आप इंस्टेंट पर वेलोसिटी पता कर सकते हो dt का मतलब ही इंस्टेंट है बहुत छोटा
टाइम क्षण भर की बात हो रही है क्षण भर में क्षण जितनी ही मतलब छोटी सी ही डिस्प्लेसमेंट तय हुई है। तो इंस्टेंट
वेलोसिटी पता कर सकते हो। बाकी न्यूटन ने आपको दे ही रखा है कैसे डिफरेंशिएट करना है। ऐसी एक्सीलरेशन को भी dv / dt लिख
सकते हैं। है ना? तो एक छोटी सी बात आपको और बताता हूं कि कभी भी पोजीशन को डिफरेंशिएट करोगे तो वेलोसिटी आ जाएगी।
वेलोसिटी को डिफरेंशिएट करोगे तो एक्सीलरेशन आ जाएगी। एक्सलरेशन को इंटीग्रेट करोगे वेलोसिटी आ जाएगी।
वेलोसिटी को इंटीग्रेट करोगे पोजीशन वापस आ जाएगी। ठीक है ना? तो ये याद रखने वाली चीजें हैं। काम आने वाली चीजें हैं। अभी
सब काम आएंगी। एक बार आगे चलते हैं। हां जी। तो यहां पर आपको क्या दिया हुआ है? x दिया हुआ है। ठीक है? अब मैं आपसे बोलता
हूं कि फाइंड कुछ-कुछ चीजें क्या-क्या? पोजीशन एट t = 0 पोजीशन एट t = 1
एवरेज वेलोसिटी फ्रॉम t 0 टू t = 2
कैसे करोगे इसको? कैसे करोगे? अगर ऐसा क्वेश्चन आ गया तो देखो आपको दिया हुआ है x = t के टर्म्स
में t t² 2t3 और आपसे बोला है पोजीशन बताओ t = 0 पे। इसका मीनिंग ये होता है बेटा कि यहां पर t को ज़ीरो डाल दो। तो x पोजीशन ही
तो रिप्रेजेंट कर रहा है। है ना? x हियर इज़ रिप्रेजेंटिंग पोजीशन। पोजीशन ज़ीरो पर ज़ीरो टाइम पर कितना होगा? सब जगह पर ज़ीरो
पुट कर दो। आ जाओ करते हैं। 0 - 0² - 2 * 0 + 3 कितना आया? शाबाश। शाबाश। थ्री ही आया। यानी 3 मीटर की
पोजीशन है जब टाइम ज़ीरो है। मतलब जब देखना शुरू किया बात को समझना। इसका मीनिंग ये हुआ। ये जो मैंने चीज यहां पर लिखी है,
इसका इंग्लिश में मीनिंग यह है। हिंदी में मतलब यह है। हिंदी में मतलब यह है कि जब देखना शुरू
किया है ना? जब टाइम ज़ीरो था तो पोजीशन 3 मीटर है। यानी बॉडी 3 मीटर पर खड़ी है। ये देख ये देख अगर ये नंबर लाइन का ज़ीरो है
तो 1 2 3 यहां खड़ी है बॉडी। समझ गए ना? इस जगह पर खड़ी है बॉडी। कब? जब देखना चालू किया जब टाइम ज़ीरो था तो। फिर ये कह रहा
है सेकंड पार्ट में। कह रहा है पोजीशन बताओ। पहले सेकंड पे। पहले सेकंड के लिए 1 - 1² - 2 * 1 + 3 ये कितना आएगा? ये कितना
आएगा? तो 1 का क्यूब वन होता है। 1 का स्क्वायर भी वन होता है। -2 + 3 ये कितना आया निकल के?
ये तीन हो गया और ये वन आ गया। 1 मीटर आ गया। इसका मतलब बॉडी कहां जा रही है बताओगे? 1 सेकंड के बाद 1 सेकंड बीतते ही
देखो ना 1 सेकंड टाइम बीता। तो ये भाई यहां से उठ के कहां आ गया? यहां आ गया। है ना? इस तरफ को जा रहा है ये। ये जो यहां
पर था ना 1 सेकंड के बाद यहां पहुंच गया। इधर देख 1 मीटर पर आ गया। ये जो 3 मीटर पर था वो 1 मीटर पे चल के आ गया। ठीक है? अब
थर्ड पार्ट में सुन क्या बोल रहा है ये? थर्ड पार्ट में कह रहा है कह रहा है v एवरेज निकालो। अरे v एवरेज होता है डेल्टा
x / डेल्टा t हां या ना? यानी x फाइनल - x इनिशियल / में डेल्टा t सही है। मुझे बताओ फाइनल पोजीशन कहां की मांग रहा है? 2
सेकंड्स की मांग रहा है। तो ये चाह रहा है आपसे कि आप x2 - 0 x0 कर दो। है ना? और डिवाइड में डेल्टा t है। टाइम इंटरवल
कितना है बेटा? 0 से 2 कितना होता है? 2 सेकंड्स होते हैं। तो नीचे टू। अब आपका एक एक ड्यूटी और बढ़ गई है कि आप x2 भी
निकालो। निकालो x2 का क्यूब - 2² - 2 * 2 + 3 कितना आएगा बेटा? 2 का क्यूब 8 होता है। - 2 का
स्क्वायर 4 होता है। 2 का 2 का 2 * 2नी भी 4 होता है। और + 3 ये कितना आया निकल के? 4 8 से आठ कट गया। तीन। अरे भाई ये क्या
हो रहा है? ये क्या बात हुई भाई? ये क्या बात हुई? ये क्या सीन है? ये क्या सीन है? 2 का क्यूब 8 2 का स्क्वायर 4, 2 * 2नी भी
4 है ना? तो इससे समझ में ये आया कि ये सब तो कट गया। तीन ही आ गया। मतलब यह कहना चाह रहे हो कि यह पगलेट ये पगलेट 1 सेकंड
बाद घूम के वापस वहीं चला गया। हां यही हुआ है। यही एग्जैक्टली हुआ है। ये यहीं पर खड़ा था और एक और टाइम बीता तो यहां
चला गया। फिर एक और सेकंड बीता तो यहां चला गया वापस। ये वापस घूम के वं आ गया भैया। अरे जो वापस ही घूम के वहां आ गया
उसकी एवरेज वेलोसिटी ज़ीरो आएगी। ठीक है? तो x2 क्या है? x2 भी थ्री है और x 0 भी क्या था? वो भी थ्री
था। डिवाइड बाय 2 दिस इज़ ज़ीरो। दिस इज़ ज़ीरो। शाबाश। बहुत बढ़िया। प्रीत गौरव बहुत बढ़िया। यस यस आलोक वेरी गुड। खुशी हां जी
ठाकुर। हां बिल्कुल सही। देख रहे हो एवरेज वेलोसिटी ज़ीरो आएगी इसकी। फिर जहां से चला वहीं घूम के वापस आ गया। 1 सेकंड में यहां
पहुंचा। पगलाइट घूम के वहीं एक सेकंड में पहुंच गया। ऐसा ही हो रहा है। ठीक है जी। पुट करनी है और वैल्यू्यूज आपको आंसर
निकालना है। ये काम है यहां पर। ठीक है? आइए अब ये पकड़ते हैं कि इंस्टेंटेनियस का क्वेश्चन आएगा तो कब समझ में आएगा कि अपने
को इंस्टेंटेनियस करना है और कब समझ में आएगा अपने को कि अपने को एवरेज करना है। देखो एवरेज तब करना है बात को समझना। है
ना? एवरेज तब करना होता है जब आपको या तो स्पष्ट रूप से बोले कि भाई एवरेज है। है ना? जैसे यहां पर मैंने लिख ही दिया था।
यहां पे मैंने लिख दिया था कि एवरेज निकालो। अगर यहां पर नहीं दिया होता ना एवरेज तो भी आप इंटरवल देखो कितना बड़ा है।
आप देख रहे हो जीरो से लेकर के 2 सेकंड तक यानी इंटरवल है 2 सेकंड बड़ा। काफी बड़ा इंटरवल है ये तो इंस्टेंट का मतलब क्या
होता है? इंस्टेंट का मतलब होता है ऐसा कुछ ऐसा कुछ। देख पढ़। कह रहा है द पोजीशन ऑफ़ द पार्टिकल इज़ गिवन बाय x इतनाइतना इन
मीटर्स। फाइंड द वेलोसिटी ऑफ़ द पार्टिकल एट t = 2 सेकंड्स। लो एक सिंगल इंस्टेंट पर बोलेगा।
एक सिंगल इंस्टेंट पर बोलेगा तो आप समझ जाना यार एक सिंगल ही टाइम दिया हुआ है अगर तो ये आपसे इंस्टेंटेनियस वेलोसिटी
पूछना चाह रहा है उसके लिए आपको डिफरेंशिएट करना पड़ेगा ठीक है तो x दिया हुआ है कितना देख जरा x = t²
+ 4t + 3 ठीक है और निकालना क्या है वेलोसिटी निकालनी है भाई वेलोसिटी निकालनी है तो आपको करना पड़ेगा dx / dt यस और नो
आपको इसको डिफरेंशिएट करना पड़ेगा हां कि ना यस सर अच्छा आंसर देना चालू कर दिया क्या रुक जाओ रुक जाओ रुक जाओ बे रुक जाओ
dx / dt करते हैं एक बार आ जाओ है ना पहले इसको एक बार डिफरेंशिएट करो जरा हां जी t² + 4t + 3 किसके साथ dt के साथ t² का
डिफरेंशिएशन होता है बेटा 2t + 4 * t तो t तो वन हो जाएगा और जो अकेला कांस्टेंट है वो ज़ीरो हो जाता है ना तो यह
बन गया 2t + 4 ठीक है तो v बिकम्स 2t + 4 और आपको वेलोसिटी निकालनी थी 2 सेकंड पर दो पुट कर दो यहां पे खत्म
ले भाई 2 * 2 = 4 + 4 कितना आ गया 8 मीटर पर सेकंड इज द आंसर 8 मीटर पर सेकंड यस आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं। जो जो बच्चे डी
आंसर दे रहे हैं बिल्कुल सही दे रहे हैं। समझ में आया? समझ में आया बेटा? कब एवरेज का फार्मूला लगाना है, कब इंस्टेंटेनियस
का लगाना है, यह समझ में नहीं आता जनरली बच्चों को। तो मैं वैसे ही आपको समझा रहा हूं कि जब इंटरवल बड़ा दिया हो तो एवरेज
जब एक सिंगल टाइम दिया हो तो फिर डिफरेंशिएट करके ही आंसर आएगा आपका। ठीक है? और ऐसे ही पुट करके आंसर निकालना
होगा। ठीक है? आओ एक एक्सीलरेशन का ना फार्मूला और भी होता है।
पहले वो आपको साइड में सिखा देता हूं। इधर आ जाओ। इधर आ जाओ। देखो एक तो एक्सीलरेशन आपने सुना है बेटा। dv / dt होता है। है
ना? सुना है ना? इमेजिन करो अगर मैं इसको dx से मल्टीप्लाई dx से डिवाइड कर दूं तो कर सकता हूं। क्या दिक्कत है? कर सकता हूं
ना भाई? dv / dt को dx से मल्टीप्लाई dx से डिवाइड कर सकता हूं। यस। ये dx / dt देख रहे हो? हां सर ये तो v होता है। वेरी
गुड। तो dx / dt इधर आ गया। और dv / dx इधर आ गया। आ सकता है ना भाई? ये इधर-इधर इंटरचेंज हो गया। इधर चला गया। इधर चला
गया समझ लो। ठीक है ना? तो dx / dt इज़ नथिंग बट v तो vdv / dx सर ये कब लगाना है सर? सर एक्सीलरेशन का ये फार्मूला कब
लगाना होता है? तो एक्सीलरेशन का ये फार्मूला बेटा तब लगाना होता है जब v दिया होता है इन टर्म्स ऑफ़ x जैसे यहां दिया
हुआ है। ये देखो गिवन है कि v अंडर x है। ठीक है? ऐसा गिवन है कि v क्या है? x तो आपसे पूछा एक्सीलरेशन बता। तो
एक्सीलरेशन होता है भाई vdv / dx ठीक है? एक बार तो v यहां पे पुट ही कर दो। सही है सर। पुट कर दिया x फिर आप इस v
को मतलब इस x को डिेंशिएट भी कर दो। ठीक है भाई? x का डिफरेंशिएशन क्या होता है? याद है किसी को? x का डिफरेंशिएशन क्या
होता है? x का डिफरेंशिएशन होता है बेटा 1/2 x 1/2 x x से x कट गया। आंसर आ गया 1/2 मीटर पर सेकंड² देख रहे हो? देख रहे
हो? ऐसे निकलता है ये। ठीक है जी? ऐसे निकलता है। सी ऑप्शन सही है। करो हजम जल्दी से इस चीज को। ठीक है? ये दोनों
फार्मूले इंपॉर्टेंट है भाई साहब। किसी को नहीं छोड़ सकते। दोनों इंपॉर्टेंट है। ठीक है? आते हैं हम लोग इक्वेशंस ऑफ मोशन पर।
हमेशा याद रखना ये इक्वेशंस ऑफ मोशन एक्सीलरेटेड मोशन के लिए ही होती हैं। जब भी जहां भी कभी एक्सीलरेशन हो रही होगी
तभी आपने ये इक्वेशंस लगानी है। ठीक है? पहली इक्वेशन नाइंथ क्लास में, दूसरी भी नाइंथ, तीसरी भी नाइंथ क्लास में आपने
सुनी हुई है। v = u + at s = ut + 1/2 at² और 2s = v² - u² ठीक है ना? ये तीन इक्वेशन आपको नाइंथ क्लास में सिखाई जाती
है। मैं आपको फोर्थ इक्वेशन ऑफ़ मोशन दिखा रहा हूं। फोर्थ इक्वेशन ऑफ़ मोशन। ये होती है s / t = u + v / 2 ये भी काम आएगी
बेटा। इसका फायदा जानते हो क्या है? इस इक्वेशन का फायदा जानते हो क्या है? इस इक्वेशन के अंदर a ही नहीं है। बाकी सब
जगह देखो a है। ये देख क्योंकि एक्सलरेटेड मोशन का क्वेश्चन है ना तो a सब जगह घुसाना पड़ता है। a सब जगह घुसाना पड़ता
है। a सब जगह घुसाना पड़ता है। यहां बिना a के इक्वेशन बनाई हुई है विदाउट a पर ये भी बिल्कुल वैलिड इक्वेशन है।
एकदम वैलिड इक्वेशन है। ये भी बढ़िया चलती है। बिल्कुल। ठीक है ना? तो आप इसको जब लगा के देखोगे तो मजा आएगा आपको। ठीक है?
आइए एक बार एक क्वेश्चन करके देखते हैं। थोड़ा सा मजा तब लिया जाए। कह रहा है इफ अ कार एट रेस्ट हां भाई आप
ट्राई करना जरा सवाल। कह रहा है कार रेस्ट पर है। एक्सीलरेट करती है यूनिफॉर्मली टू अ स्पीड ऑफ़ 144 कि.मी. पर आर इन 20
सेकंड्स। इट कवर्स अ डिस्टेंस ऑफ़ हां जी। तो S आपको निकालना है। कार रेस्ट पर है यानी U दिया हुआ है ज़ीरो। V आपको दिया हुआ
है 144 कि.मी. पर आर और किलोमीटर पर आर को मीटर पर सेकंड में चेंज करने का तरीका याद है कि नहीं? नहीं याद है तो बेटा होना
चाहिए। किलोमीटर पर आर की जो भी वैल्यू दे रखी है उसे 5/18 से मल्टीप्लाई करोगे तो वो मीटर पर सेकंड में कन्वर्ट हो जाती है
भाई। ठीक है? तो 18 * 1 = 18 और कितने पे कटेगा यह? कितने पे कटेगा?
याद है आठ पे यस यस 5 * 8 = 40 आ जाएगा वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड 40 आ जाएगा ठीक है और
टाइम कितना दिया हुआ है टाइम दिया हुआ है 20 सेकंड्स ठीक है आपसे पूछा डिस्प्लेसमेंट बताओ यार एक बात बता कौन सी
इक्वेशन लगाना पसंद करोगे यहां कौन सी इक्वेशन से सॉल्व करोगे इसको कौन सी इक्वेशन से सॉल्व करोगे मेरे हिसाब
से मेरा दिल ये कहता है कि विदाउट a वाली से करो ना। a निकालना पड़ेगा नहीं तो आपको नहीं तो आपको a निकालना पड़ेगा। है ना? तो
इससे अच्छा यह है कि आप यह लगाओ। s / t = u + v / 2 फोर्थ इक्वेशन ऑफ मोशन लगाओ। कैसे नहीं आता आंसर? मैं दिखाता हूं आपको।
आओ देखो। s निकालना है। t कितना दिया हुआ है बेटा? 20 u दिया हुआ है ज़ीरो। v दिया हुआ है 40 / 2 s निकल के आ गया। 20 * 20
यानी 400 मीटर आंसर है। 400 मीटर इज द आंसर। खत्म। क्लियर? बहुत देर से बच्चे सी सी आंसर लिख
ही रहे हैं। बिल्कुल सही लिख रहे हैं। बिल्कुल सही लिख रहे हैं। वेरी गुड। आइए मोशन अंडर ग्रेविटी पर चलते हैं। देखो
भाई, अब इसमें क्या है? कोई भी चीज अगर आपने ग्रेविटी के अंडर छोड़ देनी है, जिसको फ्री फॉल कह दिया करते हैं। उसकी
इक्वेशंस हम लोग निकालेंगे। ठीक है? तो बहुत सिंपल-सिंपल इक्वेशंस आती है निकल कर के। एक बात हमेशा ध्यान रखना जब भी कभी
चीज को हम नीचे ड्रॉप कर रहे होते हैं तो आप sin कन्वेंशन जो लेंगे वो y एक्सिस के हिसाब से लेंगे। भाई ऊपर फेंका जाने वाला
+y और नीचे वाला -y। ठीक है? आप मुझे बताओ u ts और v में से वेक्टर कौन-कौन होता है? हां जी। इनमें से वेक्टर क्वांटिटी
कौन-कौन है? वेलोसिटी वेक्टर होती है। टाइम टाइम वेक्टर नहीं होता। स्केलर होता है। डिस्प्लेसमेंट वेक्टर होती है।
एक्सीलरेशन वेक्टर है। वेलोसिटी भी वेक्टर है। मतलब पांच में से चार चीजें वेक्टर हैं। ठीक है? जबजब चीजें नीचे की तरफ ली
जाएंगी। आपने माइनस लेना है बेटा। वेक्टर क्वांटिटीज के साथ प्लस माइनस का साइन लगाना जरूरी है। वो साइन कन्वेंशन ऐसी ही
नहीं लिखी। वो यूज़ करनी है आपको। ठीक है? क्लियर है बात? अब मैं एक छोटी सी बात और बताता हूं आपको। जब भी कभी नीचे गिर रहा
हो यानी डाउनवर्ड मोशन हो रहा हो। ध्यान रखना इस चीज को। जब भी कभी डाउनवर्ड मोशन हो रहा हो तो U आपने जीरो लेना है। कब?
अगर लिखा है कि ड्रॉप किया जा रहा है तब। बोले आपसे कि ड्रॉप किया जा रहा है, रिलीज किया जा रहा है। आपने u ज़ीरो लेना है। ठीक
है? t जो टाइम आएगा सो आएगा। उसका क्या कर सकते हैं? t तो टाइम है जो आएगा सो आएगा। ठीक है ना? डिस्प्लेसमेंट क्या लोगे भाई?
डिस्प्लेसमेंट हम वो लेंगे जितनी हाइट से वो नीचे गिरेगा। जैसे मान लो यह कोई बिल्डिंग है।
है ना? यह कोई बिल्डिंग है। इस बिल्डिंग की हाइट क्या है? इस बिल्डिंग की हाइट h है। इस बिल्डिंग की हाइट क्या है? h है।
तो आप डिस्प्लेसमेंट लोगे - h माइनस क्यों लिया? नीचे की तरफ जा रही है। है ना? ये बॉडी को आपने क्या किया? ड्रॉप किया और ये
नीचे की तरफ गिर रही है। ऐसे टक टक टक टक टक टक टक गिर रही। गिर रही। गिर रही गिर रही। गिर रही गिर रही। कितना
डिस्प्लेसमेंट किया इसने? गिरते हुए कितना डिस्प्लेसमेंट हुआ? h के बराबर हुआ। यानी - h माइनस साइन आया नीचे की वजह से। ठीक
है? एक्सीलरेशन जो होती है बेटा वो 9.8 मीटर पर सेकंड स्क्वायर जिसको अपन 10 ले लेते हैं ना वो है। और मैं आपको बता दूं
ये एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी होती है और ग्रेविटी नीचे को लगती है हमेशा। ग्रेविटी हमेशा नीचे की तरफ ही आएगी और
नीचे की तरफ आएगी तो इसको भी आपको माइनस ही लेना होगा। बच्चे मिस करते हैं इस चीज को। माइनस नहीं
लेते हैं फिर पंगा पड़ता है। ठीक है? और फाइनल वेलोसिटी की बात है वो भी नेगेटिव ही होगी क्योंकि नीचे को गिर रही है ना तो
फाइनली आपने कहीं यहां पकड़ा तो भी तो नीचे ही मुंह है। अरे इसका मुंह तो नीचे ही है ना तो नेगेटिव लेनी पड़ती है। ठीक
है? अब अपवर्ड वाले केस सुन लो जरा। आपने अगर कोई चीज उछाली अपवर्ड मोशन सुन लो।
अपवर्ड मोशन कहता है कि आपने अगर कोई चीज ऊपर उछाली है। ठीक है? उछाली है तो U लोगे पॉजिटिव वो ऊपर जाएगा जाएगा जाएगा तो
अंतरिक्ष पार तो नहीं चला जाएगा कहीं तो जाके रुकेगा भी जहां रुकेगा तो v वहां पर क्या लेना है आपको ज़ीरो लेना है ठीक है ये
जितनी हाइट ऊपर को चढ़ेगा वो आपकी डिस्प्लेसमेंट हो गई प्लस में h क्योंकि ऊपर को जा रहा है ना तो
डिस्प्लेसमेंट प्लस में h हो गई ठीक है जो फोर्स लगेगी वो अब भी नीचे ही लगेगी एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी नीचे ही
लगेगी आपने उसको -9.8 या -10 ही लेना है हमेशा। चाहे देख देख सकते हो आप। चाहे डाउनवर्ड मोशन हो चाहे
अपवर्ड मोशन हो एक्सीलरेशन माइनस ही लिया जाता है। टाइम जो होगा सो होगा देखी जाएगी। ठीक है जी? ध्यान रखना ये सब चीजें
अपवर्ड डाउनवर्ड मोशन को लेकर के। ठीक है? आओ सबसे पहले एक छोटा सा केस बनाते हैं कि अगर एक बॉल गिर रही है किसी हाइट से। ठीक
है ना? ऐसे ऐसे नहीं गिर रही। ऐसे ही गिर रही है यहां से यहां। तो क्या-क्या चीजें कैलकुलेट करी जाती हैं। ठीक है? एक तो भाई
टाइम कैलकुलेट करते हैं जिसको हम लोग टाइम ऑफ फॉल बुलाते हैं। सुना है इसके बारे में। टाइम ऑफ फॉल t टाइम ऑफ़ फॉल ये कैसे
निकलता है? देखो इनिशियल वेलोसिटी तो ज़ीरो है। फाइनल अपने को चाहिए नहीं। और डिस्प्लेसमेंट इसकी हाइट के बराबर ही होती
है। है ना? h के बराबर इसकी डिस्प्लेसमेंट होती है। तो हम लगाएंगे s = ut + 1/2 at² डिस्प्लेसमेंट माइनस
h लिखा जाएगा क्योंकि नीचे की तरफ ट्रेवल हो रही होगी। ऐसे यह बॉल नीचे जा रही है तो माइनस का साइन अपने आप माइनस का साइन
बहुत कुछ बता रहा है आपको कि नीचे की तरफ ट्रेवलिंग है। u लेंगे भैया ज़ीरो 1/2 एक्सीलरेशन लेंगे भाई माइनस का g वही 9.8
या 10 जिसको बोलते हैं वो मैंने g ले लिया यहां पे। है ना? तो माइनस का g माइनस क्यों आया? नीचे की तरफ है अगेन फोर्स और
यहां पर लिखेंगे टाइम का स्क्वायर t ले लिया इसको मैंने। ठीक है? ये आ गया - h = - 1/2 gt²
1/2 से 1/2 माइनस से माइनस कट गया टू चला गया h के साथ 2h / g = t² और t निकल के आ गया
2h / g 2h / g इसको बोलते हैं टाइम ऑफ फॉल 2h / g ठीक है करो हजम इसको ठीक है सुना
हुआ है ना एक और चीज आती है फाइनल वेलोसिटी भी निकालना वो भी दिखा देता हूं आपको
फाइनल वेलोसिटी मतलब कि v² - u² = 2s से निकालो। ठीक है? टाइम की
जरूरत ही नहीं है आपको। टाइम के लिए अलग फार्मूला आ चुका है। आप इससे निकालो। देखो देखो v² u क्या होता है? ज़ीरो। एक्सीलरेशन
क्या है? - g। डिस्प्लेसमेंट क्या है? -h. हां या ना? है ना भाई? डिस्प्लेसमेंट क्या है? -h और एक्सीलरेशन क्या है? -g. माइनस
से माइनस कट गया। ये आ गया 2gh v² के बराबर तो v निकल के आ गया 2g
ठीक है ये टेलर मेड फॉर्मूले हैं भाई आपके लिए ठीक है ना आप चाहो तो इन फार्मूलों को याद करके जा सकते हो बच्चे करके जाते हैं
ऑलरेडी ठीक है ना एक सवाल देखो जरा नीट में आया हुआ सवाल है कह रहा है अ बॉय स्टैंडिंग एट द टॉप ऑफ अ टावर 20 मीटर
हाइट ड्रॉप्स अ स्टोन 20 मीटर टावर की हाइट है ना उसकी हाइट से एक पत्थर को गिराता है एक बच्चा ठीक है अस्यूम कर लो
जी इतना है तो वेलोसिटी विद वि द विद वि इट हिट्स द ग्राउंड कितनी स्पीड से आकर ग्राउंड को टच करेगी
कितनी स्पीड से आके वो v ग्राउंड को टच करेगी तो भाई कुछ नहीं आपने सिंपल फार्मूला लगाना
2g वाला लगा दो कितना है 10 हाइट कितनी है इसकी ऑलरेडी निकाल चुके हैं भाई हाइट कितनी है हाइट इसकी 20 है
400 हो गया निकल के आएगा तो 20 आएगा प्लस माइनस दोनों आते हैं तो माइनस वाला कंसीडर करोगे अगर वेलोसिटी की बात कर रहे
हो क्योंकि नीचे की तरफ वेलोसिटी है ना तो -20 और अगर सिर्फ उसका मैग्नीट्यूड लेना चाहते हो आप तो 20
डन है डन है यस बच्चे आंसर दे रहे हैं 20 वेरी गुड बहुत बढ़िया चलो एक छोटी सी चीज और सुनो हॉट एयर बैलून के बारे में देखो
यार इस पर सवाल आ जाता है पेपर में खासकर स्कूल लेवल के पेपर में आता है कि एक हॉट एयर बैलून ऊपर की तरफ जा रहा है। सुनना
ध्यान से। ठीक है? एक हॉट एयर बैलून क्या कर रहा है? ऊपर की तरफ जा रहा है। और आपने इसकी
यहां पे आप खड़े हो इस जगह पर। है ना? और आपने यहां से कोई स्टोन ड्रॉप कर दिया। यहां से कोई क्या कर दिया? स्टोन ड्रॉप कर
दिया। तो स्टोन ड्रॉप करने पर अब आपको u0 नहीं लेना। बच्चे गलती करते हैं इसके अंदर। बच्चे गड़बड़ करते हैं। वो कहते हैं
स्टोन ड्रॉप किया है तो u ज़ीरो ले लो। नहीं। ये बलून ऊपर को जा रहा है। तो जो बलून की वेलोसिटी है सुन। मान लें बलून की
अपवर्ड वेलोसिटी 15 है। 15 मीटर पर सेकंड है। तो आपके पत्थर की भी वेलोसिटी ऊपर वाली ऊपर ही लेनी है इसकी वेलोसिटी।
यू लेनी है आपने। प्लस में लेनी है 15। ठीक है? फिर ये ऐसे प्रोजेक्टाइल लेता हुआ आएगा नीचे। मतलब पहले ऐसे जाएगा और फिर
ऐसे आएगा। चाहे थोड़ा सा ही आए लेकिन आएगा जरूर। ठीक है जी? ये ध्यान रखना। पत्थर के पास पहले से बलून की वेलोसिटी है तो सही।
पत्थर के पास पहले से बलून की वेलोसिटी है बेटा। बलून अगर ऊपर जा रहा है तो पत्थर भी तो जा रहा है बेचारा। तो इसलिए आपने U को
जीरो नहीं लेना। u को आपने वही लेना जो बलून का है। ये बच्चे गड़बड़ करते हैं ऑलरेडी। बता दिया ये सब चीजें मैंने आपको।
ठीक है? अब एक टॉपिक आता है एसएनएथ। डिस्टेंस ट्रेवल्ड इन एनथ सेकंड। इसको snथ भी लिखते हैं। ठीक है ना? इसकी छोटी सी
डेरिवेशन मैं आपको करवाता हूं। ठीक है? पहले इसको समझाता हूं कि ये कहता क्या है? इसकी डेरिवेशन इंपॉर्टेंट है। स्कूल में
आती भी है। ठीक है ना? तो आओ इसकी डेरिवेशन भी सीखो। देखो सबसे पहले एक चीज़ ध्यान रखो। ये एनएथ सेकंड का मतलब क्या
होता है? सुनो। एनएथ सेकंड का मतलब होता है मान लो ज़ीरो से स्टार्ट किया। किसी ने रेस्ट से चलना स्टार्ट किया। ठीक
है? तो 1 सेकंड में ट्रैवल कर लिया। ये टाइम 1 सेकंड है। 1 सेकंड में ट्रैवल कर लिया s1 डिस्टेंस। ठीक है? अच्छा।
रेस्ट से स्टार्ट किया और 2 सेकंडों में 2 सेकंड्स में ट्रैवल कर लिया। S2 डिस्टेंस 3 सेकंड तक ट्रैवल करता रहा।
3 सेकंड तक ट्रैवल करता रहा और डिस्टेंस हो गया S3। आप एक चीज नोट करना
जैसे-जैसे टाइम बढ़ता जा रहा है ना वैसे-वैसे ये डिस्टेंस भी क्या हो रहा है? जैसे मान लो T1 S1 चला
था तो T2 S2 चला। T3 भी सेम डिस्टेंस नहीं चलेगा और ज्यादा चलेगा क्योंकि ये एक्सीलरेट भी कर रहा है। ये एक एक्सलरेटेड
मोशन भी है। रेस्ट से स्टार्ट हुआ है ना तो ये एक एक्सीलरेटेड मोशन भी है और एक्सीलरेशन कांस्टेंट है। ये ध्यान रखो।
एक्सीलरेशन इज़ कांस्टेंट। मतलब मोटी बात समझ। ये ऐसा केस है जिसमें u ज़ीरो है और a कांस्टेंट है। ठीक है? अब आप मुझे एक बात
बताओ। अगर मैं 4 सेकंड तक चलने दूं तो 4 सेकंड तक चलने दो तो कुछ यहां तक पहुंच जाएगा भाई ये है ना 4 सेकंड्स के अंदर
पूरा 4 सेकंड चल लिया तो s4 चला गया यहां से लेके वहां तक S4 है। ठीक बात है कि नहीं? चलो इतना लंबा नहीं लेते अपन छोड़
देते हैं इसको। है ना? अपन तीन तक बात करते हैं। अगर मैं आपसे ये पूछूं अगर मैं आपसे ये पूछूं कि ये 3 सेकंड में नहीं
मुझे सिर्फ ये बता ये तीसरे सेकंड में कितना चला है? तो आप क्या बोलोगे? मेरा सवाल सुनना। मैं आपसे s3 नहीं पूछ
रहा। मैं आपसे पूछ रहा हूं s3 फर्क है दोनों में। S3 का मतलब होता है कुल तीन समय 3 सेकंडों तक चल के डिस्टेंस
पता करो। इसके लिए तो आप यही लगाओगे ना UT + 1/2 AT² पर केवल तीसरे तीसरे सेकंड का पूछना चाह
रहा है। मतलब हुआ ये कि आपसे पूछना चाह रहा है कि बताओ बताओ ये पहला सेकंड था। यहां देखियो। ये फर्स्ट
सेकंड। ये सेकंड सेकंड और ये है थर्ड सेकंड। वो आपसे सिर्फ यहां पूछना चाह रहा है कि भाई
थर्ड सेकंड में बताओ कि कितना चला है? तो ये कैसे पता करोगे? खाली इतने इतने टाइम के लिए आपसे पूछे कितनी दूरी चला है? तो
कैसे पता करोगे? भाई पूरे 3 सेकंड तक तो यहां से यहां चला है। बात को समझो। है ना? पूरे 3 सेकंड देखें तो इधर से ले इधर तक
चला है। लेकिन सिर्फ तीसरे सेकंड की बात करें तो यहां चला है। सिर्फ दूसरे सेकंड की बात करें तो यह चला है। सिर्फ पहले
सेकंड की बात करें तो ये चला है। है ना? 1 सेकंड में इतना चला। कुल 2 सेकंड में इतना चला। कुल 3 सेकंडों में इतना चला। पर वो
कुल की बात नहीं करना चाह रहा। ये अनकूल है बहुत। कूल की बात नहीं कर रहा। ये बात कर रहा है कि भाई दूसरे दूसरे सेकंड में
बता खाली। तीसरे तीसरे में बता खाली। चौथे चौथे में बता खाली पांचव समझ गए ना बात को ये ऐसे पूछना चाह रहा है आपसे तो क्या
करोगे क्या करोगे सुनो सुनो आपको पता है आपको पता है कि यहां से लेके यहां तक पूरा s3 है। है ना? और यहां से
लेके यहां तक पूरा s2 है। तो क्यों ना आप ऐसा करो कि S3 में से s2 माइनस कर दो। बात समझ
रहे हो? यहां से लेके यहां तक पूरा S3 है। यहां से लेकर यहां तक S2 है। तो S3 में से S2 क्या करते हैं भाई? माइनस कर देते हैं।
तो मिलता है S3। ठीक है? तो कभी भी आपको S3 निकालना हो तो S3 उसमें से एक पिछला वाला माइनस कर दो। तीन का पिछला वाला दो
होता है। अच्छा ऐसे ही बताओ अगर मुझे S सेकंड निकालना हो तो मैं क्या करूं? अगर मुझे सिर्फ यह पता करना है कि मुझे
इतने इतने में बता भाई तू कितना चला? बस यहां से यहां तक बता कितना चला? तो क्या करूंगा? इस पूरे को लूंगा और इसमें से s1
माइनस कर दूंगा। यहां तक पूरा s2 है ना? S1 ये रहा। माइनस कर दिया। सिर्फ ये निकल के आ जाएगा। बोल हां या ना? बात समझ में आ
रही है? तो S सेकंड निकालने के लिए मुझे S2 - S1 करना पड़ेगा। और ऐसे ही अगर मैं आपसे पूछूं कि S 10थ निकालने के लिए क्या
करना पड़ेगा? S1 10th निकालने के लिए क्या करेंगे? जल्दी से बोलो। जल्दी से बोलो भाई। S 10th
निकालने के लिए क्या करेंगे? शाबाश। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। S10th निकालने के लिए हम करेंगे S10 - S9 एक
पहले वाला आपको माइनस कर देना है। शाबाश। शाबाश। बढ़िया। कांसेप्ट समझ में आया? कांसेप्ट समझ में आया? बस। अब आ जाओ।
डेरिवेशन स्टार्ट करते हैं। डेरिवेशन कहती है भाई snथ पता करना है। यानी किसी n सेकंड्स तक चलने देना है। तो एक बात बता
अगर n सेकंड तक चलने देना है यानी snथ निकालना है तो क्या sn लिखना पड़ेगा? Sn - Sn - 1 हर बार यही तो कर रहे हैं। 10th
निकाल रहे हैं। 10 - 9 किया 2 निकाल रहे हैं। 2 - 1 किया। थर्ड निकाल रहे हैं। 3 - 2 किया n निकालेंगे। n n - 1 करेंगे। ये n
और ये उसके पिछले वाला n - 1 बस खत्म हो गया। अब देख कैसे करते हैं इसको। अब डेरिवेशन देख कैसे होगी? बहुत ईजी है। देख
sn के लिए क्या करोगे? आपको पता है ut + 1/2 at² होता है ना? t की जगह पे n रख देंगे। ये लिख देंगे हम un
+ 1/2 a n² है ना और माइनस यहां ब्रैकेट में u n - 1 + 1/2 a n - 1² बोलो जी बोलो जी सही है ना सही है ना तो
यह हो गया un यह 1/2 an² माइनस अभी माइनस का ब्रैकेट नहीं खुल रहा। अभी
अंदर वालों को सॉल्व कर देते हैं। ठीक है ना? तो un - u + 1/2a n - 1 का होल स्क्वायर खोलेंगे तो आएगा a²
+ b² - 2ab सही है? एक और स्टेप
un + 1/2² माइनस अब खोल देता हूं ब्रैकेट भी। तो माइनस का un आ गया। माइनस माइनस प्लस का u
भी आ गया। ये देखो। फिर - 1/2 a n² फिर - 1/2 a 1² और फिर माइनस माइनस प्लस हो गया। 1/2 a 2n सही है? जो बचता है बचाओ। जो
कटता है काटो। un से - un कट गया। 1/2 + an² से - 1/2n² कट गया। जो बचा वो लिख सर u बचा हां
- 1/2a बचा हां + 1/2a * 2n यानी ये भी बच गया। u - 1/2a +
an बच गया। ठीक है ना? तो ये आपका क्या है? snथ है। ठीक है ना? लेकिन इसको याद करने के लिए फ़ूला ऐसे याद कर लिया करो। u
+ a / 2 2n - 1
बेटा कुछ नहीं किया बस a / 2 कॉमन ले लिया और यहां टू से मल्टीप्लाई कर दिया तो 2n पहले आ गया -1 बाद में आ गया बाकी सब ऐसे
का ऐसे ही है। यहां से ये बनाने में कोई बड़ी समस्या नहीं है। ठीक है? तो ये छोटी सी डेरिवेशन है आप लोग के सिलेबस की है।
ठीक जी? तो u + a / 2 2n - 1 snथ का फार्मूला होता है। ठीक है? आइए फिर एक क्वेश्चन निकाल करके देखते हैं इस
पर। कह रहा है डिस्टेंस ट्रेवल्ड बाय अ पार्टिकल स्टैंडिंग फ्रॉम रेस्ट। ले भाई ले भाई दे दिया। रेस्ट में बोल रहा है ये
तो u ज़ीरो बोल रहा है। अच्छी बात है। कह रहा है मूविंग विद एक्सीलरेशन कांस्टेंट है। कह रहा है थर्ड सेकंड में क्या होगा?
अरे भैया s थर्ड बताना है। क्या करोगे? snथ का फार्मूला लगाएंगे। वो कहता है u + a/2
2n - 1 इसमें पुट कर दो आप s3 u 0 हो गया। a आपको नहीं पता तो a ही रहने दो। a / 2 2 * n की जगह थ्री रखोगे। - 1
हो गया। ठीक है? तो ये आ गया a / 2 3 * 2 = 6 - 1 वि इज 5a/ 2 5a/ 2 a कुछ दिया था क्या कुछ a दिया है क्या a दिया तो नहीं
है कुछ हैं a दिया तो नहीं है a शायद यहां पे गिवन नहीं है बेटा
ठीक है वैसे ये क्वेश्चन है बहुत मशहूर ये 4/3 मीटर पर सेकंड स्क्वायर था तो बाद में आप
पुट कर सकते हो। मिसप्रिंट हो गया शायद वो। कोई बात नहीं। तो 10 / 3 मीटर है ना? डिस्टेंस निकाला ना
बेटा तो मीटर आएगा। 10/3 आंसर है इसका। बाकी आप तरीका तो समझ गए होंगे कि क्या है। ठीक है?
चलो नेक्स्ट चीज़ आती है भाई साहब। ग्राफ्स। ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन भी करनी पड़ती है आपको। आप जानते हो इस बात को। ये
चैप्टर में ग्राफ्स इंपॉर्टेंट भी हैं। ठीक है ना? ग्राफ क्या होता है? ग्राफ एक पिक्टोरियल रिप्रेजेंटेशन होती है। भाई ये
फालतू की बातें करना बहुत जरूरी है क्या? मैं कोई जरूरी नहीं है। ठीक है ना? बस छोटी-छोटी बात समझ लो। मेनमे-ममेन क्या
है? ठीक है? अगर कोई yx ग्राफ आपको दे रखा है तो आप उससे दो चीजें निकाल सकते हो। एक स्लोप पता कर सकते हो। दूसरा एरिया पता कर
सकते हो। देखो स्लोप का मतलब और कुछ नहीं होता। स्लोप का मतलब होता है dy / dx करना यानी डिफरेंशिएट करना। और एरिया का मतलब
इंटीग्रेट करना यानी ydx करना। ध्यान रखना इस बात को। ठीक है? ydx करना यानी y पर रखी चीज को x पर रखी चीज से मल्टीप्लाई कर
रहे हैं अल्टीमेटली हम समझ जाओ समझ जाओ एरिया निकालने का मतलब होता है दो चीजें मल्टीप्लाई होना और स्लोप निकालने का मतलब
होता है दो चीजें डिवाइड होना डेल्टाy बाय डेल्टा x भी बोलते हैं इसको इसको tan थीटा भी कहते हैं है ना जैसे मान लो मान लो ये
ग्राफ ऐसा है। ठीक है? तो ये कुछ थीटा बनता है ना x एक्सिस के साथ कितना एंगल बना रहा है? उसका tan लिया जाता है यहां
पर। इसको tan थीटा कहते हैं। ठीक है ना? तो कंपेयर करने में, विजुअलाइज़ करने में, वैल्यूज़ को ठीक है? बेनिफिट मिलता है अपने
को। सबसे पहला ग्राफ जो आपको पढ़ना होता है वो है सबसे पहला ग्राफ। मैं खुद बना देता हूं।
रुक जाओ। सबसे पहला ग्राफ जो आपको पढ़ना है वो है XT ग्राफ।
दूसरा ग्राफ जो आपको पढ़ना है वह है vt ग्राफ और तीसरा ग्राफ जो आपको पढ़ना है वह है at
ग्राफ एक्सीलरेशन टाइम ग्राफ। तीन ग्राफ है भाई। ठीक है? xt, vt और at। ठीक है? सबसे पहले xt पर आते हैं। देखो, इधर x है,
इधर t है। इधर v है, इधर t है। इधर a है और इधर t है। ठीक है? मैं आपको
मोटी-मोटी बात बता रहा हूं जो जो काम आने वाली है पेपर में यूज होती है। जैसे स्लोप निकालना।
बेटा स्लोप का मतलब मैंने अभी आपको क्या सिखाया? dx/ dt करना। यहां पे x और t दिए हुए हैं तो उन्हीं को डिफरेंशिएट करोगे।
है ना? यहां पे क्या मतलब होगा? स्लोप निकालने का? dv / dt करना। और यहां मतलब क्या होगा? da / dt करना। d / dt करना
हमारे सिलेबस में नहीं है। इसको अपन नहीं पढ़ेंगे। ठीक है? पर dx / dt आप जानते हो क्या होता है? जल्दी से बता दो। और dv /
dt क्या होता है? वो भी जल्दी से बता दो। मान लो मान लो आपको कोई ग्राफ्स ऐसे दिए हुए हैं। ये A ये B ठीक है? दोनों में से
स्लोप किसका ज्यादा है? तो टाइम से हम उसका एंगल देखेंगे। है ना? X एक्सिस से हम उसका एंगल देखेंगे। जिसका एंगल बड़ा उसका
स्लोप बड़ा। है ना? तो स्लोप B का बड़ा है, a का छोटा है। तो इससे क्या पता चलता है? यस। शाबाश। dx / dt होता है बेटा v फॉर
वेलोसिटी। यस वेरी गुड। वेरी गुड। तो अगर मैं आपसे बोलूं कि भाई यहां पर तीन गाड़ियां हैं।
एक है गाड़ी A, एक है गाड़ी B, एक है गाड़ी सी। तो सबसे स्लो गाड़ी कौन सी है? ये बताओ।
ए, बी, सी में से सबसे स्लो गाड़ी कौन सी होगी? और ऐसे ही dv / dt बच्चे यहां पर लिख रहे हैं कमेंट सेक्शन में। एक्सीलरेशन
होता है। वेरी गुड। वेरी गुड। तो b और a में से एक्सीलरेशन किसकी ज्यादा होगी? जिसका स्लोप ज्यादा होगा। समझ गए ना? तो
जिसका थीटा ज्यादा। बात समझ लो सीधी सी। जिसका थीटा बड़ा उसका स्लोप बड़ा उसका एक्सीलरेशन बड़ा और आपने बिल्कुल सही गेस
किया ए सबसे फास्ट चलेगी गाड़ी है ना और सी सबसे स्लो चलेगी सी सबसे स्लो चलेगी बढ़िया बढ़िया बढ़िया बढ़िया ठीक है ठीक
है सर एटी ग्राफ में भी कुछ पढ़ना होता है क्या हां पढ़ना होता है बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल अभी तो स्लोप सीखा है दूसरी चीज
जो सीखनी होती है वो होता है एरिया ठीक है यहां पर एरिया एरिया अगर लिखा भी जाए वैसे
लेते नहीं है लेते नहीं xt ग्राफ का एरिया नहीं लेते लेकिन मान लो लिख भी दें तो ये होता है x dt xdt किसी काम की चीज नहीं
देता अपने को करके देखोगे मैथमेटिक्स है तो कुछ ना कुछ कोई ना कोई नतीजे तक तो पहुंचोगे लेकिन फिजिक्स में कोई बेनिफिट
उसका होगा नहीं इसका एरिया लेकिन बेनिफिशियल है इसका एरिया होता है बेटा vdt और vdt पता है क्या होता है vdt dx
इंटीग्रेशन यानी कि असल में क्या है ये आपको डिस्प्लेसमेंट देता है i vdt करने से अपने को क्या मिलती है? डिस्प्लेसमेंट
मिलती है। ठीक है? तो इट इज़ एक्चुअली s ये डिस्प्लेसमेंट है। vdt इज़ डिस्प्लेसमेंट है ना? dx / dt क्या होता है? v तो होता
है। तो ये आपको डिस्प्लेसमेंट मिलती है। और ऐसे ही यहां पर भी यहां पर भी अगर आप addt करते हो मतलब एक्सीलरेशन को टाइम के
रिस्पेक्ट में क्या कर रहे हो? इंटीग्रेट कर रहे हो। ये मैंने आप पहले भी समझा चुका हूं मैं आपको। दिस इज़ dv.
ठीक है? यानी कि वेलोसिटी का चेंज मिलता है यहां से अपने देखो डेल्टाV मिलता है अपने को यहां से। ठीक है ना? चेंज इन
वेलोसिटी बोलते हैं इसको। तो यहां से अपने को क्या मिलता है? चेंज इन वेलोसिटी। ठीक है? तो अगर अगर मान लो
यहां पे ऐसे दो ग्राफ दिए हुए हैं। ये बोला x ये बोला y। ठीक है? एक एरिया ये है।
और एक एरिया ये है। देख रहे हो? शेडेड रीजन का एरिया देख रहे हो। बस ये आपको निकालना होता है। उससे पता
चल जाता है कि x ने वेलोसिटी में कितना चेंज लाया, y ने वेलोसिटी में कितना चेंज लाया। जिसका एरिया बड़ा होगा वो ज्यादा
चेंज लाएगा। सीधी बात है। ठीक जी? करेक्ट है इतनी बात। क्या इसकी वेलोसिटी निकाल पाओगे?
xt ग्राफ दिया हुआ है। 45° का एंगल बता रखा है। क्या वेलोसिटी फाइंड कर पाओगे क्या? सर वेलोसिटी होता है dx / dt वि इज
एक्चुअली स्लोप और स्लोप होता है tan का थीटा। ठीक है? मैथ वाले इसको m भी लिखते हैं। m
स्लोप को m लिखा जाता है। स्लोप को m से रिप्रेजेंट करते हैं बेटा। ठीक है? तो आपको अगर एंगल दिया हुआ है तो एंगल से
निकालेंगे अपन। tan 45° डालें। कितना आता है? tan 45 कितना है? वन है। यस 1 मीटर पर सेकंड आ गई वेलोसिटी। खत्म। खत्म खत्म।
खत्म। ठीक है? इधर आ जाओ। इधर आ जाओ। कह रहा है एक डिस्प्लेसमेंट टाइम ग्राफ दिया हुआ है। ध्यान से देखना। ध्यान से देखना।
एक डिस्प्लेसमेंट टाइम ग्राफ आपको दिया हुआ है। कह रहा है इंस्टेंटेनियस वेलोसिटी पार्टिकल की नेगेटिव कहां पर होगी?
नेगेटिव कहां पर होगी? ये कैसे पता चलेगा सर? बात को समझना। स्लोप का कांसेप्ट कहता है अगर स्लोप
अगर स्लोप x एक्सिस के साथ एक्यूट एंगल बनाए क्या बनाए?
एक्यूट थीटा बनाए तो पॉजिटिव होता है। और अगर ऐसे स्लोप ये ग्राफ ऐसा है ना तो इस पे ऐसे स्लोप डालेंगे हम। यहां पे ऐसे
स्लोप डलेगा सीधा। तो ये तो स्लोप जीरो है। अगर d की बात करूं तो स्लोप जीरो है। एंगल ही जीरो है क्योंकि है ना? लेकिन e
की बात करूं अगर तो स्लोप नेगेटिव है। नेगेटिव क्यों है? नेगेटिव इसलिए क्योंकि आप अगर x एक्सिस के साथ कंपेयर करो तो ये
ऑब्ट्यूस एंगल बन रहा है बेटा। कभी भी ऑब्ट्यूस थीटा होगा तो स्लोप नेगेटिव ही होता है। मैथ्स ऐसा ही कहती है। है ना? और
ये देखो फिर से एक्यूट बन रहा है। आपने आपने कुछ नहीं करना। कर्व पे टेंजेंट डालना होता है। बस इसी को स्लोप बोलते
हैं। यही स्लोप है। स्लोप यहां पे पॉजिटिव है क्योंकि एंगल एक्यूट है। जबजब एंगल एक्यूट होगा। बात आपको समझ
में आ गई ना? तो आंसर इसका e है। ठीक है? बाकी सब केसेस में पॉजिटिव यहां ज़ीरो है। ये सब इंफॉर्मेशन मैं आपको पहले ही दे
चुका हूं। स्लोप वेलोसिटी टाइम ग्राफ का एक्सीलरेशन देता है। ठीक है ना? स्लोप पोजीशन टाइम ग्राफ का वेलोसिटी देता
है। एरिया अंडर वेलोसिटी टाइम ग्राफ ये सब ये सब इंफॉर्मेशन मैं आपको दे चुका हूं।
बार-बार देने का मतलब नहीं है। ठीक है ना? तो एक काम करते हैं। इंफॉर्मेशन हो गई बहुत सारी। अब आपको ब्रेक दे देते हैं।
ठीक है ना? क्योंकि इसी के साथ हमारा ये चैप्टर भी पूरा हो रहा है। ठीक है? इसी के साथ अपना ये चैप्टर भी कंप्लीट हो रहा है।
ये वाला है ना? तो इसके साथ मैं आपको क्या करता हूं? ब्रेक दे देता हूं। ठीक है? तो आप अभी ब्रेक एंजॉय करो। थोड़ी देर के बाद
मिलते हैं हम लोग। आजा भाई घड़ियाल। कहां हो? कहां हो? अच्छा ऐसे आती है क्या आजकल? ठीक है।
ठीक है। कितनी देर का ब्रेक चाहिए? अब चलेगी कि नहीं चलेगी? हेलो हेलो हेलो। चलो ठीक है। कोई बात नहीं। ये तो मना कर
रही है चलने से शायद। ठीक है। अपन एक काम करते हैं। टाइम हो रहा है 18:23। अपन मिलते हैं 18:32
पर। ठीक है? यानी 6:32 पे। तो 10 मिनट का ब्रेक है। एंजॉय खाना पीना कर लो। छोटा-मोटा बड़ा-बड़ा जैसा भी करना है कर
लो। ठीक है? हां भाई चलो ब्रेक हुआ समाप्त। हम आ गए वापस। आइए एक क्वेश्चन और निपटाते हैं
भाई। फटाफट से। कह रहा है व्हिच ऑफ द फॉलोइंग कर्व्स डज़ नॉट रिप्रेजेंट मोशन इन वन डायमेंशन? हां जी। वन डी में कौन सा
ऐसा ग्राफ है जो रिप्रेजेंट नहीं हो सकता? फटाफट से आंसर दे दो जरा। टाइम के साथ वेलोसिटी का ग्राफ ऊपर जा सकता है, नीचे
भी जा सकता है। ये बात सही है। वेलोसिटी एक्सप्पोनेंशियली बढ़ सकती है टाइम के साथ। हां बिल्कुल हो सकता है ऐसा।
वेलोसिटी का प्लस हो जाना, माइनस हो जाना, प्लस हो जाना ये भी पॉसिबल है कि वेलोसिटी आगे जा रही है। मतलब कोई चीज आगे जा रही
है, कोई चीज पीछे जा रही है। है ना? इस तरीके से भी मोशन हो सकता है। लेकिन ये नहीं हो सकता है। b इज़ नॉट पॉसिबल भाई।
क्यों? B इसलिए पॉसिबल नहीं है क्योंकि एक ही टाइम पर एक ही टाइम पर दो-द वेलोसियां नहीं हो सकती किसी चीज की। है ना? एक टाइम
है मान लो 3 सेकंड। 3 सेकंड पर वेलोसिटी 10 भी है। वेलोसिटी 20 भी है। क्या ऐसा हो सकता है क्या? एक साथ दो वेलोसिटी है।
संभव है क्या? नहीं है। नहीं है भाई। नहीं है। ठीक है? चलिए वेक्टर्स पर आते हैं भाई। वेक्टर के भी सारे के सारे
इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स देख लेते हैं। डेरिवेशंस देख लेते हैं। सवाल भी देख लेते हैं। आओ फटाफट से। ठीक है? शुरू करते हैं।
सबसे पहले स्केलर पर आते हैं। स्केलर क्या होता है? स्केलर वो होता है भाई जिसका मैग्नीट्यूड तो होता है लेकिन डायरेक्शन
नहीं होती है। ठीक है ना? लेकिन वेक्टर कौन है भाई? वेक्टर वो फिजिकल क्वांटिटी है जिसका मैग्नीट्यूड तो है ही है। साथ ही
साथ डायरेक्शन भी है और वो फॉलो भी करे लॉ ऑफ वेक्टर एडिशन को। अब ये कौन सा होता है? ये आगे जा कर के देखेंगे कि वेक्टर
एडिशन के कौन-कौन से लॉज है जो यह फॉलो करता ही करता है। ठीक है ना? किसी भी वेक्टर को रिप्रेजेंट करने के लिए मान लो
आपने a लिखा, तो a के सर पे आप तीर लगाओगे। यह जरूरी है। a के सर के ऊपर क्या लगाना? तीर लगाना जरूरी है। जैसे मान लो
आपने कोई भी वेक्टर लिखा है। फॉर एग्जांपल मान लो यह कोई वेक्टर है। ठीक है? अब वेक्टर रिप्रेजेंट हमेशा एरो के साथ होता
है। ठीक है? इसका जो साइज होता है ना वो रिप्रेजेंट करता है मैग्नीट्यूड को। मैग्नीट्यूड
साइज को रिप्रेजेंट करता है कि कितना इसका साइज है ना? कितनी इसकी लेंथ है। लेंथ बोल लेते हैं। साइज का क्या मतलब हुआ? लेंथ
बोल लेते हैं। लेंथ ऑफ द एरो। ठीक है? लेंथ ऑफ एरो रिप्रेजेंट्स मैग्नीट्यूड। ठीक है? और जो यह पॉइंट कर रहा है जिस भी
तरफ जो इसकी पॉइंटिंग डायरेक्शन है ना वही इसकी डायरेक्शन है। उसी को क्या बोलेंगे?
ये इसकी डायरेक्शन है। ठीक है? हमेशा ध्यान रखना कोई भी वेक्टर दो चीजों से मिलकर के बना होता है। एक उसका
मैग्नीट्यूड और दूसरी उसकी डायरेक्शन। ये बात आप जानते हो। मैग्नीट्यूड भी हो, डायरेक्शन भी हो। ठीक है ना? अब
मैग्नीट्यूड कैसे आएगा? ये आएगा मोड लगा के। मोड लगा के। और डायरेक्शन आती है। डायरेक्शन के लिए सिंबल
जो यूज करते हैं वो ये करते हैं। ये ठीक है? और आप ऐसे करके आप इसकी क्या निकाल सकते हो?
डायरेक्शन भी निकाल सकते हो। ठीक है? कभी भी आपको बोला जाए किसी वेक्टर की डायरेक्शन निकालनी है तो उस वेक्टर को
आपने ऊपर रखना है। ठीक है? वेक्टर आपने ऊपर रखना है। मैग्नीट्यूड से क्या कर देना है? उसको डिवाइड कर देना है। मैग्नीट्यूड
से क्या कर देना है? डिवाइड कर देना है। ये आपको डायरेक्शन दे देगा। ठीक है जी? आगे चलते हैं। हां। वेक्टर
रिप्रेजेंटेशन की बात हो रही है। तो देखो हमेशा कोई भी वेक्टर जो है मान लो ये x है। ये y है। ठीक है? ये - y
है ना? ये -x ऐसे करके यहां पर a तीसरी एक्सिस जो आएगी वो z आएगी। -z हो गया। ये वाला +z हो गया। हमेशा ध्यान रखना। जब भी
आप किसी वेक्टर को रिप्रेजेंट करोगे, पॉजिटिव x के लिए आप हमेशा i कैप लगाओगे। नेगेटिव x के लिए आप -i कैप लगाओगे। y के
लिए आप j कैप लगाओगे। -y के लिए आप -j कैप लगाओगे। -z के लिए -k कैप आएगा और +z के लिए + k कैप लगाया जाता है। ठीक है? तो जब
भी आप कभी कार्टसियन फॉर्म में वेक्टर को लिखोगे, ध्यान से देखना। जब भी कभी कार्टिसियन फॉर्म में वेक्टर लिखते हैं तो
3i कैप + 4j कैप + 6k कैप इसका कुछ मीनिंग है। इसका मीनिंग क्या है? इसका मीनिंग है कि जो वेक्टर है आपका वो तीन का
मैग्नीट्यूड I कैप में है। मतलब ओरिजिन से चलें अगर हम ओरिजिन क्या है? 0 ओरिजिन से अगर आप चलें तो तीन मैग्नीट्यूड
चलो i में। i मतलब x एक्सिस में तीन मैग्नीट्यूड चलो। छ यानी कि y एक्सिस में चार मैग्नीट्यूड चलो।
चले गए भाई। चार चले गए। ठीक है? और k एक्सिस यानी कि + z एक्सिस में छह के मैग्नीट्यूड से चलो। यानी कि ऐसे चलो।
यहां पहुंच जाओ इधर। ठीक है ना? तो आप कुछ चले आई में। तीन चार चले j में और छह। छह चले के में। तो फाइनली आप यहां पहुंच गए।
इस जगह पर पहुंच गए। इसको बोलेंगे a। है ना? ये बन गया आपका a वेक्टर। ऐसे रिप्रेजेंट होगा आपका a वेक्टर। समझ गए
ना? ओरिजिन से लेकर के और a तक। ठीक है? अब कोई आपसे बोले कि इसका मैग्नीट्यूड निकालना है तो आपने मोड लगाना है। और मोड
लगाने का मतलब होता है अंडर रूट 3² + 4² + 6² कर देना है। ठीक है ना? इसको अगर आप कैलकुलेट करो तो 3 का स्क्वायर होता है
क्या? 16 और 36 ये रूट में आएगा। ठीक है? 25 और 36 कितना हो गया भाई? 6 5 11 और ये आ गया
61 61 आ गया ये है ना तो यहां से आप डायरेक्शन भी निकाल सकते हो। डायरेक्शन के लिए मैंने क्या बताया था? वेक्टर ऊपर रखना
और मैग्नीट्यूड उसका नीचे रखना। तो वेक्टर क्या है? वेक्टर है 3i कैप + 4j कैप + 6k कैप और उसका मैग्नीट्यूड जो है वो नीचे
रहेगा। यानी 61 रहेगा। यहां से आप इस तरीके से डायरेक्शन भी दे सकते हो। डायरेक्शन कोसाइन जो होंगे वो 3 / 61
4 / 61 6 / 61 i कैप j कैप कैप इस तरीके से लिखे जाएंगे। ठीक है ना? वेक्टर पढ़ाना जरूरी होता है। वेक्टर पर बेटा सीधे-सीधे
सवाल आते हैं आपके पेपर में। ठीक है? आइए अब बात करते हैं कभी भी दो वेक्टर्स के बीच का एंगल कैसे फाइंड करना है। ठीक है
ना? देखो देखो हमेशा याद रखना कि दो वेक्टर कोई हैं। फॉर एग्जांपल मान लो मान लो कि मैंने एक वेक्टर बनाया ऐसा
और दूसरा वेक्टर बनाया ऐसा। ठीक है? और कोई आपसे पूछेगा भाई इनके बीच का एंगल निकालना है आपको। तो क्या करोगे
पता है? आपने क्या करना है? इनको पूछ से पूछ जोड़ देना है। हमेशा याद रखना इस चीज को। ठीक है? क्या करोगे? इसकी इसको सरकाते
सरकाते लेके आओ और टेल से टेल मिला दो। ठीक है? अब टेल से टेल मिलाओगे तो यहां पे आपको दो एंगल दिखेंगे। एक दिखेगा ये वाला
जिसको बोलते हैं एक्यूट एंगल। एक दिखेगा ये वाला जिसको बोलेंगे ऑब्ट्यूस एंगल। आपने ये नहीं लेना। आपने ये लेना है। इट
इज़ द स्मॉलर एंगल बिटवीन टू वेक्टर्स व्हेन प्लेस्ड हेड टू हेड और टेल टू टेल। अब इसको एक्यूट ऑट्यूस ना बोल के हम ये
बोल सकते हैं ये जो स्मॉलर एंगल होगा वो आपने लेना है। जो बड़ा एंगल होगा वो नहीं लेना है। ठीक है? तो टेल से टेल मिलाओ या
हेड से हेड मिलाओ बात एक ही है। तब भी यही वाला एंगल आपको देखने को मिलेगा। ठीक है? चलिए अब हम लगाते हैं ट्रायंगल लॉ।
ट्रायंगल लॉ कहता है भाई देखो। मान लो एक वेक्टर ये रहा आपका। ये कोई वेक्टर a है। ठीक है ना? और ये मान लो ये दूसरा वेक्टर
b है। ठीक है? अब मैं आपको यह बोलूं कि इस A वेक्टर का और इस B वेक्टर का आपको नेट रिजल्टेंट
निकालना है। क्या निकालना है? नेट रिजल्टेंट निकालना है। यानी टोटल कितना आया दोनों का? ये आपको पता करना है। तो बस
इसके लिए बहुत सिंपल सा तरीका ये है कि आप क्या करो? आप एक के सर पे दूसरे की पूंछ लगा दो। एक के सर पे दूसरे की पूंछ मतलब
ये ऐसे। ऐसे। ये बी था ना ये आपने ऐसे लगा दिया। ये a वेक्टर है, ये b वेक्टर है। ठीक? और
जो तीसरा वेक्टर आपको लगाना है ना वो तीसरा वेक्टर यानी जो रिजल्टेंट आपको लगाना है ना वो कभी भी इस रोटेशनल सेंस
में मत लगाना। ना ऐसे लगाना है। उल्टा उल्टा ऐसे। ऐसे। ये होगा आपका रिजल्टेंट। हमेशा ऐसा ही होता है। हमेशा ऐसा ही करना
है आपने। ठीक है जी? फिर एक और एग्जांपल देता हूं। यह लो भाई। मान लो कि आपने एक वेक्टर यह लिया। है ना? दूसरा वेक्टर ये
ले लिया। ठीक है? तो क्या करना है भाई? पूंछ से पूंछ नहीं सर से पूंछ लगाना। अच्छा ये थोड़ा सा मुश्किल हो जाएगा
क्योंकि ये टकरा रहे हैं आपस में। ठीक है ना? मान लो ऐसा है दूसरा वेक्टर। ठीक है? तो आपने क्या करना है? एक के सर से दूसरे
की पूंछ लगा दी। ये रही। ये लग गई। ठीक है? और इसी सेंस में नहीं। इसी सेंस में बंद नहीं करना। उल्टी सेंस में बंद करना।
मतलब ऐसे बंद कर देना। यह रिजल्टेंट निकल के आ गया। ठीक है? तो ये कोई A वेक्टर है। ये कोई B वेक्टर है। ठीक है? हेड से टेल
मिलाना। ये हेड है। ये टेल है। हेड से टेल मिलेगी। और सेम सेंस में नहीं अपोजिट सेंस में जो बंद होगा वो ट्रायंगल लॉ ऐसे निकल
कर के आएगा। ठीक है ना? अब भाई चाहे ट्रायंगल लॉ हो या चाहे कोई भी लॉ हो। रिजल्टेंट निकालने का एक सिंगल फार्मूला
यही होता है। a² + b² + 2ab cos थीटा। इसको डिराइव भी करेंगे हम। लेकिन पैरेललोग्राम लॉ से करेंगे। ट्रायंगल लॉ
से नहीं। अब ये जो थीटा है ये एंगल बिटवीन टू वेक्टर्स होता है। और एंगल बिटवीन टू वेक्टर्स मैंने आपको
निकालना सिखाया है। कैसे? इसके इन दोनों की पूंछ से पूंछ मिला दो भाई। बोला था ना? तो जो छोटा एंगल आएगा वो थीटा होगा। सो
दिस इज़ थीटा। इसका थीटा बाहर होगा। ठीक है? तो ये ट्रायंगल लो है। एक क्वेश्चन करके दिखा देता हूं मैं आपको। ये थ्री है।
ये फोर है। थीटा 60° है। तो रिजल्टेंट कितना आएगा? भाई रिजल्टेंट होता है क्या फार्मूला है? a² + b² + 2ab
cos थीटा a क्या है? 3 का स्क्वायर b क्या है? 4 4 का स्क्वायर 2 * 3 * 4 cos का 60° cos का
60° कितना होता है भाई? व्हाट इज cos 60°? cos 60° होता है बेटा 1/2। दो से दो कट
गया। सही है ना भाई? cos 60 इज़ हाफ। ठीक? तो दो से दो कट गया। अब यह आ गया अंडर रूट इससे तो आ जाएगा 25 है ना 3 का स्क्वायर
क्या होता है भाई 9 4 का स्क्वायर 16 तो 9 + 16 + 12 ठीक है जी तो 25 + 12 कितना हो गया भाई 25 + 12 हो गया 39 तो रूट सॉरी 25
+ 12 इज़ 37 ठीक है ना तो 37 इज़ द आंसर बी ऑप्शन बच्चे आंसर में दे भी रहे हैं बहुत बढ़िया गुड है गुड है जी गुड है आइए आइए
पैरेललोग्राम लॉ पर चलते हैं वेक्टर एडिशन के देखो पैरेललोग्राम ्राम लॉ क्या बोलता है? ये कहता है भाई ये है एक वेक्टर।
सपोज़ करो ये A है। ठीक है? ये एक और वेक्टर है। पैरेललोग्राम लॉ कैसे लगता है? मैं आपको समझाता हूं। ठीक है ना? ये मान
लो B है। अब आपको क्या करना है? सर से पूंछ नहीं जोड़नी है। मैंने तो यहां पे जोड़ के दिखा रखी है। लेकिन जोड़नी नहीं है।
आपको क्या करना है? पैरेललोग्राम लॉ के लिए आपको पूंछ से पूंछ ही जोड़ना है। जैसे पहले जोड़ा था ना हमने टेल से टेल। तो टेल
से टेल ही जोड़नी है आपको। ठीक है? याद रखना पैरेललोग्राम लॉ के लिए टेल से टेल ही जोड़ना और यह आएगा एंगल बिटवीन द
वेक्टर्स। दिस थीटा विल बी द एंगल बिटवीन द वेक्टर्स। ठीक है? अब इतना समझो कि जब मैं इसका पैरेललोग्राम
पूरा करूंगा कैसे होगा वो पूरा? ऐसे। और इसके पैरेलल ऐसे ठीक है? अगर ये थीटा है, ये भी थीटा है।
पैरेललोग्राम बन गया ना भाई? तो रिजल्टेंट जो होगा वो ये होगा। दिस विल बी द रिजल्टेंट। जो डायगोनल निकल के आएगा ना वो
रिजल्टेंट होता है। वो रिजल्टेंट होता है हमेशा। समझ रहे हो बात को? तो एक वेक्टर ऐसा
दूसरा ऐसा पूछ से पूछ जोड़ा एंगल थीटा आ गया ना। ये जो B है ना और ये जो A है ना इन दोनों का रिजल्टेंट बीच में से डायगोनल
निकल कर के आएगा। इसी को R बोलते हैं। ठीक है ना? अब इसका जो फार्मूला मैंने आपको दिखाया था उसको डिराइव करना शुरू करते
हैं। आ जाओ। यही था ना फार्मूला। यही था ना? यह आया कहां से? आओ देखते हैं। आइए देखते हैं
कहां से आया। देखो सबसे पहले एक काम करो। आप इसकी कॉपी उठा के यहां लगा दो क्योंकि है तो सेम ही ना दोनों। है तो सेम ही। और
ये थीटा है। देखो ध्यान से। ये थीटा है। है ना? अच्छा ये b है। ठीक है? ये b है। तो ये लेंथ
क्या होगी? अगर मैं यहां से भी एक परपेंडिकुलर डाल दूं। यहां से भी एक परपेंडिकुलर डाल दूं और ये
90° दिखा दूं तो ये b है तो बेटा ये होगा b cos थीटा है ना यहां से लेके यहां तक दिस इज़ b cos थीटा और यहां से लेके यहां
तक क्या होगा ये होगा b sin थीटा बात सही है ये b cos थीटा है या b sin थीटा सही अब आप क्या करो आपको ये रिजल्टेंट पता करना
है ना यानी आपको हाइपोटेनस चाहिए है ना और इस हाइपोटेनस के लिए आपको बेस और परपेंडिकुलर दिए हुए हैं चेक करो है ना तो
तो हम क्या करेंगे? बस h² = p² + b² लगा देंगे। ठीक है? परपेंडिकुलर कितना है? b sin
थीटा। तो b sin थीटा स्क्वायर बेस कितना है? a + b cos थीटा।
a + b cos थीटा स्क्वायर। निकालो जरा इसको। सॉल्व करते हैं। b² sin² थीटा + a² + b² sin² थीटा + 2ab cos थीटा है ना भाई?
ये a + b के होल स्क्वायर की आइडेंटिटी लगाई है बेटा मैंने। है ना? अब यहां से देखो b² sin थीटा b² sin थीटा दो बार आए
हुए हैं। ठीक है ना? अच्छा ये sin नहीं था cos था भाई। गलती से sin लिख दिया मैंने। यहां cos है।
cos² थीटा है ये। है ना? तो आप यहां पर b² कॉमन ले सकते हो। देखो ऐसे b² कॉमन ले लेंगे।
यहां रह गया sin² थीटा + cos² थीटा + 2ab cos थीटा इन दोनों को ऐड करेंगे तो वन आएगा है ना पुरानी आइडेंटिटी 10थ क्लास
वाली तो याद ही होगी आपको ठीक है + 2ab cos थीटा सही है ये आपका h² h² इज़ नथिंग बट यह रिजल्टेंट ही है और देखो
फार्मूला हो गया डिराइव हो गया ना a² + b² + 2ab cos थीटा सही है भाई। यह रहे आपके रिजल्टेंट का
फार्मूला। ठीक हो गया? है ना? अच्छा एक चीज और पूछी जाती है यहां पर वो है ये वाला एंगल कि
भाई रिजल्टेंट कितना एंगल बना रहा है? किसके साथ? एक्सिस के साथ। हॉरिजॉन्टल लाइन के साथ समझ लो। ठीक है ना? तो इसका
tan भी निकालना आता है बेटा। tan अल्फा। इसको अल्फा बोलते हैं। tan अल्फा क्या होगा? p / b होगा। तो p क्या है? b sin
थीटा / a + b cos थीटा ठीक है? ये दोनों ही हमेशा साथ में निकलवाए जाते हैं। ये वाला फार्मूला और ये
वाला फार्मूला साथ-साथ निकलते हैं दोनों। ठीक है? तो क्लियर हुआ? क्लियर हुआ? आगे चलें? चलो।
अब एक चीज़ आती है सब्ट्रैक्शन ऑफ़ वेक्टर्स। वेक्टर को सब्ट्रैक्ट कैसे करते हैं? देखो बहुत सिंपल है। सब्ट्रैक्शन में
कुछ नहीं है। सिर्फ आप ये समझ लो। आप यह करते हो ना a² + b² + 2ab cos थीटा अंडर द रूट आपको यहां पर प्लस की जगह बस माइनस
लगाना है। खत्म और कुछ नहीं है। ये माइनस हो जाएगा। वैसे सब्ट्रैक्शन का मीनिंग क्या होता है? मैं आपको बताता हूं। देखो
सब्ट्रैक्शन का एक्चुअल मीनिंग होता है कि ये कोई a वेक्टर है। ठीक है? और यह मान लो कोई b वेक्टर है। अगर मैं
आपसे बोलूं कि भाई a वेक्टर + b वेक्टर करना है तो आप क्या करते हो? आप रिजल्टेंट निकालते हो उसका। वो कैसे निकलता है? पूंछ
से पूंछ मिला करके। ये देखो पूछ से पूछ जोड़ दी। ठीक है? ये b अच्छा अब इनका रिजल्टेंट
ये रहा। ये रहा r रिजल्टेंट आ गया। ठीक है? बढ़िया। अब अगर मैं आपसे ये बोलूं कि भाई आप a + b मत करो। आप a - b वेक्टर कर
दो। तो इसका मीनिंग ये होता है कि आप a वेक्टर में - ऑफ़ b वेक्टर ऐड कर दो। a वेक्टर में - ऑफ़ b वेक्टर ऐड करने का मतलब
ये हुआ कि भाई देख वेक्टर था। है ना? ये b वेक्टर था। तो -b क्या होगा? -b होगा जस्ट इसका उल्टा।
जस्ट इसका ऑोजिट विल बी -b यह होगा -b वेक्टर समझ गए ना? तो a के साथ -b का a के साथ -b
का रिजल्टेंट a के साथ - b का रिजल्टेंट जो होगा वो कुछ ऐसे आएगा। ऐसे आएगा।
ठीक है ना? R' ले लो इसको चाहे तो। है ना? तो ये असल में क्या है? आप बात को समझो। ये असल में क्या है? ये भी तो एडिशन ही
है। बस किसका एडिशन हो रहा है? ये -b का एडिशन हो रहा है। है ना? a के साथ - b का एडिशन है। तो हमेशा याद रखना एक चीज। एक
चीज हमेशा याद रखना कि अगर ये वेक्टर a है तो -a कौन होगा? -a वो होगा जो जस्ट इसका उल्टा होगा। सेम मैग्नीट्यूड अपोजिट इन
डायरेक्शन। ठीक है? मैग्नीट्यूड में सेम लेकिन डायरेक्शन में ऑोजिट। ठीक है? सेम मैग्नीट्यूड
बट अपोजिट डायरेक्शन। समझ गए ना? यही होता है प्लस और माइनस का मतलब। यही है प्लस और माइनस का मतलब। अगर प्लस इधर को
डायरेक्टेड है तो माइनस इधर को डायरेक्टेड होगा। 180° का एंगल होगा दोनों के बीच में। अगर आप बात को समझ पाए तो। ठीक है
जी? आइए एक बार देख लेते हैं इस क्वेश्चन को भी। कह रहा है टू वेक्टर्स a एंड b ऑफ़ इक्वल मैग्नीट्यूड कितना है? पांच है। हैव
एंगल बिटवीन देम इज़ 120° फाइंड द मैग्नीट्यूड ऑफ़ r' a - b करना है आपको। हां जी। तो क्या करोगे भाई?
a² + b² - 2ab cos थीटा। यही करना है ना?
इक्वल मैग्नीट्यूड कितना है? पांच है तो 5² + 5² - 2 * 5 * 5 * cos का 120° cos 120° क्या होता है बेटा? है ना? अगर हम
अगर हम सिंपल फार्मूला ही ले लें क्योंकि अभी हम ये मान नहीं रहे कि सब्ट्रैक्शन हो रही है। हमें ये पता है कि 120° का एंगल
है। मतलब कुछ ऐसा हो रहा है। है ना? एक ऐसा। ठीक है? और दूसरा ऐसा। ये a ये बी। ठीक है जी?
तो आप चेक करो 5² + 5² cos 120° बेटा - 1/2 होता है। है ना? 5 * 5 दो से दो कट गया तो ये
5 का स्क्वायर ही आ जाएगा। यानी पांच निकल के आंसर आ जाएगा। ठीक है ना? 5 विल बी द करेक्ट आंसर। ठीक है कि नहीं? है ना? है
ना बेटा? माइनस माइनस पुट करेंगे ना। ठीक है जी? क्लियर हो गया? आइए पॉलीगन लॉ भी समझ लेते हैं एक। पॉलीगन
लॉ ट्रायंगल लॉ जैसा ही है। देखो कुछ नहीं है। मान लो कई सारे वेक्टर हैं। मान लो ये A वेक्टर हो गया।
ये B वेक्टर हो गया। ये C वेक्टर हो गया। ये कोई D वेक्टर हो गया। जैसे भी वेक्टर
ये दिए हुए हैं सारे क्या करते जाओ? आप अलाइन करते जाओ। ऐसे। ठीक है? ऐसे। एक के सर से दूसरे की पूंछ, एक के सर से हेड टेल
हेड टेल हेड टेल अरेंज करते जाओ। और इस सेंस में बंद मत करना। इस सेंस बंद करोगे तो आंसर नहीं आएगा। रिजल्टेंट नहीं आएगा।
ऐसे बंद करने पर रिजल्टेंट नहीं आएगा। ऐसे बंद करने पर रिजल्टेंट आ जाएगा। ये रिजल्टेंट होगा आपका। क्लियर हुआ क्या?
क्लियर हुआ क्या? ये रिजल्टेंट होगा। ठीक? ठीक। अच्छा हां। नहीं नहीं सही कह रहे हो यार। सही कह रहे हो। वो तो वो तो माइनस था
ना? हां। हां। हां। a - b कर रहे हैं। यस यस यस। बिल्कुल सही। बिल्कुल सही। बिल्कुल सही सही बोल रहे हो। सही बोल रहे हो। a -
b कर रहे हैं। है ना? तो फिर यह यहां माइनस ही लगेगा। यस यस यस। फ़ॉर्मूले के लिए फार्मूला चेंज कर लेंगे a - b के
लिए। ठीक है ना? तो ये माइनस माइनस प्लस हो जाएगा बेटा और प्लस हो जाएगा। तो तीन बार 5 का स्क्वायर आ जाएगा।
ठीक है ना? तो 5 3 है ना? विल बी द आंसर। 5 3 ठीक है? 5 नहीं 5 3 आंसर होगा। ठीक? अच्छा पॉलीगन लॉ देखा है तो एक बार इसका
आंसर करना। कह रहा है AB वेक्टर + BC वेक्टर + CD वेक्टर + D + EA किसके बराबर होगा? ये देखियो। AB वेक्टर ऐसे है। BC
वेक्टर ऐसे है। CD वेक्टर ऐसे है। DE वेक्टर ऐसे है। और EA वेक्टर ऐसे है। इसी सेंस में सारे बंद हो गए। भाई देखो कभी भी
सेम रोटेशनल सेंस में सारे वेक्टर अगर बंद हो जाएंगे ना तो उनका नेट सम हमेशा जीरो आएगा।
उनका नेट सम हमेशा क्या आएगा भाई? जीरो आएगा। यस बिल्कुल ठीक। बिल्कुल ठीक। अगर सेम सेंस में बंद हो जाएंगे तो आंसर हमेशा
जीरो आएगा। ठीक है ना? ठीक है। पूछ लिए जाते हैं बेटा ये सब चीजें। आइए इस चैप्टर के लास्ट टॉपिक पर चलते हैं। वेक्टर्स
बहुत ईजी बहुत ईजी छोटा सा चैप्टर तो है ही नहीं ये। मतलब ये चैप्टर तो है ही नहीं। ये तो 2D पढ़ने से पहले इसको पढ़ना
पड़ता है। क्योंकि स्कूल में सीधे-सीधे सवाल इस पर से बनते हैं कभी-कभी। ठीक है ना? तो वेक्टर रेज़ोल्यूशन कैसे किया जाता
है? इसको समझो। देखो कोई भी वेक्टर अगर आपको दिया हुआ है मान लो ये वेक्टर 5 न्यूटन का दिया हुआ है। ठीक है? और कोई
आपसे बोले कि भाई ये इस एक्सिस के साथ या इस लाइन के साथ 30° बना रहा है। 30° बना रहा है। ठीक है? तो आप इसको रिजॉल्व करो।
रिजॉल्व करने का मतलब होता है इसके टुकड़े करना। इसके बच्चे करना। ठीक है ना? तो 5 न्यूटन वाले के एक बच्चा जो होगा वो तो
ऐसा होगा। और दूसरा जो होगा वो y एक्सिस पर होगा। है ना? एक x के अलोंग कर दिया और एक y के
अलोंग कर दिया। एक x के अलोंग कर दो और दूसरा y y के अलोंग कर दो। ठीक है? तो जो x के
अलोंग होगा वो कहलाएगा 5 cos 30° जो y के अलोंग होगा वो 5 sin 30° x के अलोंग वाला 5 cos y के अलोंग वाला 5sin हमेशा याद
रखना एक छोटी सी चीज बता देता हूं आपको। जब भी थीटा की तरफ तोड़ोगे cos ही होएगा। जब भी आप किसी वेक्टर को थीटा की साइड पर
ही तोड़ोगे तो cos ही रखना। दूसरा वाला sin है अपने आप। ठीक है ना? इसको बोलते हैं हॉरिजॉन्टल कंपोनेंट।
इसको बोलते हैं वर्टिकल कंपोनेंट। ठीक है? इस 5 न्यूटन का वर्टिकल कंपोनेंट ये है। हॉरिजॉन्टल ये है। इसको सॉल्व कर
लो। आपको आंसर मिल जाएंगे। ठीक है? हमेशा ऐसा ही होता है। ठीक है? अब मान लो मान लो कि आपको ये वेक्टर दिया हुआ है और बोला
और बोला यह 10 न्यूटन है। मान लो 10 न्यूटन की फोर्स है और ये बोला कि भाई ये 30° है। तो आप मुझे बताओ cos किस तरफ
आएगा? अब cos किस तरफ आएगा? ये वाला वेक्टर cos होगा या फिर ये वाला
वेक्टर cos होगा? cos किस तरफ आएगा? tan आगे क्या लिखूं? tan आगे क्या लिखूं? cos किस तरफ आएगा?
यस वेरी गुड पार्थ भाई सही है। tan cos 30° y की तरफ इस तरफ टूटेगा इस बार और sin की तरफ जो टूटता है तब कोई एंगल नहीं
रहता। है ना? जब भी थीटा की तरफ टूटेगा तो cos रहेगा। बढ़िया बढ़िया बढ़िया। ये कांसेप्ट है छोटे-छोटे से जो आपको बस समझ
लेने हैं। है ना? आइए एक बार क्वेश्चन भी करके देखते हैं तब ज्यादा मजा आएगा। कह रहा है, अ फोर्स ऑफ़ 8 न्यूटन मेक्स एन
एंगल 30° विद द x- एक्सिस। ले भाई, ले भाई, ये रही x- एक्सिस। इसके साथ 8 न्यूटन वाली फोर्स जो है वो 30° पर
अलाइन है। कह रहा है फाइंड x एंड y कंपोनेंट। बोलो भाई।
8 cos 30° और 8 sin 30° है ना? ऐसे ही करेंगे ना? इस
तरफ जिस तरफ एंगल है उस तरफ cos रखते हैं। है ना? तो 8 cos 30 क्या होता है बेटा? cos 30 इज़ 3/ 2
और 8sin 30 क्या होता है? sin 30 हा 1/2 होता है बेटा। तो ये चार आ गया। ये 4 3 आ गया।
ठीक है? 4 3 और 4 है ना? 4 3 और 4 मेरे ख्याल ए ही आंसर है। हां ए ही बोल रहे हैं बच्चे। सही है। आगे बढ़ते हैं। लो जी करो।
करो करो रिज़ॉल्व करो। इस बार काज़ियन हिसाब से रिज़ॉल्व करना है आपको। ठीक है? काटीज़ियन प्लेन के हिसाब से करना है भाई।
काटीज़ियन रिप्रेजेंटेशन देनी है। कैसे करोगे? देखो बहुत सिंपल है। यह 20 दिया हुआ है। एंगल की तरफ जो टूटेगा वो cos
रहेगा। है ना? यह -x है और इस तरफ जो टूटेगा इस तरफ जो टुकड़ा होगा वह +y की तरफ है। तो +y के
लिए हम + j कैप लगाते हैं। -x के लिए हम -i कैप लगाते हैं। सही है कि नहीं? तो ये हो जाएगा बेटा 20।
आगे बोलो। माइनस के साथ आएगा। वेरी गुड। i कैप भी आएगा। यह भी सही है। लेकिन यह cos का 30
लिखा जाएगा। तो cos 30 I कैप ऐसे ही यहां क्या लिखेंगे? 20 प्लस वाला है। है ना? 20 sin 30 j कैप। ठीक है?
तो sin 30 क्या होता है बेटा? sin 30 हाफ होता है। तो 10 आ गया 10j कैप है ना? और ये -20 cos 30° क्या है? ये 3 / 2 है।
तो -10 3 i कैप 10j -10 3i 10j कहां है भाई? बी ऑप्शन सही है।
शाबाश शाबाश शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। क्या बात है। तारीफ ही तारीफ करनी चाहिए आप बच्चों की। ठीक है? चलिए।
हां जी। अगर a वेक्टर ऐसा दिया हुआ है तो a मोड कैसे निकलता है भाई? क्या सिखाया था a मोड के लिए? कुछ नहीं। अंडर रूट कर दो।
सारे कोफिशिएंट स्क्वायर में ले लो अंदर। 3 का स्क्वायर 4 का स्क्वायर माइनस का भी हो तो क्या फर्क पड़ता है? स्क्वायर के
बाद तो निपट ही जाना है। और 24 का भी स्क्वायर कर देना है आपको। है ना भाई? ये नाइन हो गया। ये 16 हो गया। ये 24 हो गया।
कितना निकल के आया? 25 + 24 49 49 सात होता है। आंसर इसका सेवन है। आंसर इसका सेवन है। चल भाई बहुत बढ़िया। हो गया डन।
हो गया डन। आगे बढ़े। चलो जी। अपना अगला चैप्टर स्टार्ट होता है मोशन इन अ प्लेन। सारे के सारे इंपॉर्टेंट टॉपिक, सारी
डेरिवेशन सब कुछ करवाने वाला हूं। प्रोजेक्टाइल मोशन, सर्कुलर मोशन। आ जाओ शुरू करते हैं।
देखो यार सबसे पहले जो ये प्लेन प्लेन की बात होती है, इस प्लेन का मतलब क्या है? प्लेन का मतलब तीन तरीके से हो सकता है।
या तो हो सकता है xy प्लेन या हो सकता है x z प्लेन। है ना? या फिर हो सकता है y z प्लेन
सही है ना भाई ये yz है ये xz है और ये y एक्स है
ठीक है ना भाई तो किसी भी प्लेन में मोशन अगर हो रहा होगा चाहे वो कैसा भी प्लेन हो x y हो yz हो या xz हो कैसा भी प्लेन हो
उसमें जब भी कभी मोशन होगा ना तो दो एक्सिस का इस्तेमाल साथ-साथ होगा तो मैं असल में कभी भी आपको सच बताऊं तो टू डी
मोशन को 2 डी मोशन मानता ही नहीं ये असल में होते हैं दो वन डी मोशंस है ना स्टडीड टुगेदर
दो वन डी मोशन को साथ-साथ जोड़ दो है ना जॉइ टुगेदर लिख देता हूं बल्कि टू वन डी मोशंस जॉइन टुगेदर इन्हीं को बोलते हैं टू
डी मोशन इसी का नाम है 2D मोशन। 2D मोशन का मतलब दो वन मोशन आपस में क्या कर दिए गए? जॉइ
कर दिए गए। ठीक है? अब शुरू करते हैं डिस्प्लेसमेंट वेक्टर के साथ। देखो भाई, अगर डिस्प्लेसमेंट वेक्टर 2D या 3D फॉर्म
में दिया गया है, तो उसको लिखने का तरीका क्या है? मैं आपको दिखाता हूं। आप s से डिनोट करते हो ना, तो इसे हम ऐसे लिखेंगे।
XI कैप + YJ कैप। ये हो गया 2D में। और अगर मैं 3D ही पूरा लिख के दिखाऊं आपको तो X में i कैप है, Y में J कैप है और Z में
क्या है? K कैप है। समझ गए बात को? मतलब कोई चीज है जो कुछ X में भी चली हुई है। फिर वो कुछ Y में भी चली हुई है। है ना?
और फिर वो कुछ Z में भी चली हुई है। जैसे ये देखो। है ना? कुछ ये X में कुछ ये Y में यह X में भी है। ठीक है? फिर यह कुछ y
में भी है। फिर यह कुछ z में भी है। तीनों जगह पर चली हुई है। तीनों एक्सिस पर चली हुई है। और आ कर के यहां बनी हुई है। इस
जगह पर इस जगह पर। ठीक है ना? x से भी आया, y से भी आया, z से भी आया। तीनों जगह से आया।
तो डिस्प्लेसमेंट वेक्टर जो है वो हमेशा याद रखना इनिशियल पॉइंट से जो कि जनरली ओरिजिन होता है। फाइनल पॉइंट तक जोड़ा
जाएगा जो कि x, y, z तीनों को ही कहीं ना कहीं क्या कर रहा होगा? रिप्रेजेंट कर रहा होगा। अब इसकी एवरेज वेलोसिटी और
एक्सीलरेशन कैसे निकलती है वो भी सुनो। देखो भाई एवरेज वेलोसिटी का पहले से ही फार्मूला हमको पता है। डेल्टा x / डेल्टा
t है। हां और डेल्टा x का मतलब होता है x फाइनल - x इनिशियल अपॉन में डेल्टा t हां तो x फाइनल क्या है यहां पर? भाई x फाइनल
क्या है? x फाइनल जो है वो भी आपका दो एक्सिस या तीन एक्सिस में हो सकता है। इनिशियल का भी ऐसा ही है। दो या तीन में
हो सकता है। तो फाइनली जो v एवरेज निकल के आता है ना बेटा वो आता है vxi कैप + vyj कैप + vzk कैप। अगर 3d में वेलोसिटी आएगी
तो ऐसे ही लिखी जाएगी। समझ रहे हो बात को? 3D में वेलोसिटी आएगी तो ऐसे ही लिखी जाएगी। है ना? तो डेल्टाx/ डेल्टा i कैप
में ऐसे ही डेल्टाy / डेल्टाt j कैप में ऐसे ही डेल्टाz / डेल्टा t k कैप में ये रिप्रेजेंट करता है। है ना? ऐसे ये ये ये
पूरा खोल लेंगे। ये रिप्रेजेंट करता है कि भाई तीनों एक्सिस के अंदर कहीं ना कहीं वेलोसिटी रही है। सिमिलरली एक्सीलरेशन का
भी यही खेल है। एक्सीलरेशन का भी यही सेम खेल है। x में भी हो सकती है। y में भी हो सकती है। z में भी हो सकती है। क्यों नहीं
हो सकती? ठीक है ना? जी। ऐसे ही इंस्टेंटेनियस में भी होगा। dv / dx लिखा जाएगा उसको। आइए एक क्वेश्चन करके देखते
हैं तब ज्यादा मजा आएगा। कह रहा है पार्टिकल है जो कि इस पोजीशन से इस पोजीशन तक ट्रैवल कर रहा है। ठीक है? 2 सेकंड में
ये ट्रेवलिंग हुई है। कह रहा है एवरेज वेलोसिटी। वेलोसिटी ही पूछ रहा होगा। कह रहा है निकाल के दिखाओ। भैया क्या होता है
एवरेज वेलोसिटी? क्या होता है एवरेज वेलोसिटी? सर एवरेज वेलोसिटी होता है डेल्टा x / डेल्टा t i
कैप + डेल्टाy / डेल्टा t j कैप यही है ना भाई आप मुझे एक बात बताओ डेल्टा x के लिए क्या दो x होने चाहिए यानी x2 - x1 हां
और डेल्टा y के लिए भी दो y होने चाहिए यानी y2 - y1 हां क्या यहां पे x2 x1 है क्या? यह रहा। यह
रहा x1, यह रहा x2. यह रहा y1, यह रहा y2. हां या ना? हां या ना बेटा? सही है? पुट कर दे। कुछ नहीं है यार। बहुत सिंपल है।
x2 बता कितना है सर? आठ। x1 कितना है सर? दो। टाइम से डिवाइड कितना करेगा? दो। i कैप प्लस y2 कितना है भाई? 13 माइनस करेगा
पांच से। डिवाइड बाय टाइम कितना है? 2 j कैप। 8 में से 2 गए 6/2 i कैप प्लस 13 में से 5 गए 8/ 2 j कैप ये 3 आ गया ये चार आ
गया 3i कैप + 4j कैप ये आपकी वेलोसिटी है 3i + 4j क्या सी आंसर दे रहे हैं बच्चे क्या सी आंसर दे रहे हैं क्या शाबाश शाबाश
जी शाबाश यही चाहिए था क्लियर हुआ क्या भाई देखो एक्सलरेटेड मोशन भी ऐसे ही पढ़ा जाता है कैसे पढ़ा जाता है सर बहुत सिंपल
है v = u + at तो vxi कैप + vyj कैप = uxi कैप + uyj कैप
+ a समझ रहे हो बात को? axi कैप + ayj कैप इंटू में t ठीक है? मैं एक काम ये करता हूं। मतलब मेरा ये आप लोग को सजेशन है। आप
चाहे कोई सी भी इक्वेशन को 2D में कन्वर्ट करो डजंट मैटर। पर आप यह कोशिश करो कि दोनों को अलग-अलग लो।
दोनों को अलग-अलग कंसीडर करो। मतलब इस इक्वेशन को ऐसा भी लिखा जा सकता था। देखो एक बार इसको vx के लिए लिख लेते हैं।
कितनी अच्छी लगती है देखो। और फिर एक बार इसको y के लिए लिख लेते हैं। कितनी अच्छी लगती है देखो? है ना? ये देखने में ज्यादा
सुकून लग रहा है कि नहीं लग रहा? मुझे आप खुद बताओ। आप मुझे खुद बताओ। ये ये ज्यादा सुकून लग रहा है कि नहीं लग रहा? या ये
ज्यादा मजा लग रहा है। ये थोड़ा ज्यादा टेंशन दे सकता है आपको। हैं दोनों ही ईजी हैं दोनों ही ईजी जिसके लिए आप अवेयर हो
वो ठीक है। जिसके लिए आपको समझ में आया चीज वो ठीक है। है ना? तो इसी प्रकार से एक क्वेश्चन हम लोग करके देख लेते हैं। कह
रहा है एक पार्टिकल है जिसकी इनिशियल वेलोसिटी ये दी हुई है। यानी ये u दिया हुआ है।
uxi कैप + uy j कैप तो ये ux है। ये uy है। एक्सीलरेशन दी हुई है। a होता है। ax i कैप + ay j कैप। तो ये ax है। हां ये i
होगा बेटा। है ना? यह ax है और यह ay है। कह रहा है मैग्नीट्यूड ऑफ वेलोसिटी आफ्टर 10 सेकंड्स क्या होगा? तो भाई v यानी कि
vx i कैप + vy j कैप ये पूछा है आपसे। चाहे तो एक साथ रख दो। चाहे तो अलग-अलग कर दो। जैसे आपको ठीक लगे वैसे कर सकते हो।
कोई समस्या वाली बात नहीं है। मैं आपको एक साथ रख के दिखाता हूं। एक साथ रख के दिखा दूं। है ना? तो vxi कैप + vyj कैप इक्वल
टू क्या होता है? क्या होता है? v = u + at होता है ना भाई वही कर रहा हूं बस है ना uxi + uyj
+ axi + ayj * t यही करना है ना तो vxi + vyj = ux कितना है भाई? ux है 2i + uy कितना
है? 3j + ax कितना है? 0.3i + 0.2j
और इंटू में टाइम कितना है भाई? 10 सेकंड है। ओए होए 10 से मल्टीप्लाई करना तो रह ही गया। अब कर देते हैं। कोई बात नहीं। ये
देख कितना ईजी है ये भी। ये भी कोई मुश्किल नहीं है। 2i + 3j हो गया। 10 10 दोनों जगह मल्टीप्लाई कर दिया। ये बन गया
3i + 2j। हां या ना? अब i से i ऐड होगा। j से j ऐड होगा। ये आप समझते ही हो। इधर वाला इधर वाले में ऐड नहीं हो सकता। इधर
वाला इधर वाले में ऐड नहीं हो सकता। सीधी बात है। तो टू और थ्री ऐड हो के 5i बन जाएगा और थ्री और टू बन के भी 5j बन
जाएगा। तो 5i 5j ये आपका vxi कैप + vyj कैप आ गया। आपको अगर नेट v निकालना है तो अंडर रूट करना
पड़ेगा। 5² + 5² तो 5 2 इज द आंसर। 5 2 इज द आंसर। सही है भाई? बोलो यार।
एक बार फायर इमोजी हो जाए यार। बहुत देर हो गई। है ना? बहुत देर हो गई। फायर इमोजी नहीं लगाए। ठीक है ना? एक बार लग जाए
फटाफट से। फिर प्रोजेक्टाइल पर चलते हैं। डेरिवेशंस आएंगी भाई लंबी-लंबी।
चला जाए। चलें। क्या बात है। क्या बात है। फायर इमोजी लग गए बहुत सारे। तो हम हम आगे चलते
हैं। वाह भाई वाह। कितना कुछ पढ़ लिया यार हमने यार। है ना? आओ भाई, प्रोजेक्टाइल मोशन पर
चलते हैं और स्टार्ट करते हैं ग्राउंड टू ग्राउंड प्रोजेक्टाइल मोशन। भाई, ग्राउंड टू ग्राउंड प्रोजेक्टाइल क्या होता है?
ग्राउंड टू ग्राउंड प्रोजेक्टाइल का मतलब होता है कि ये y-एक्सिस है। ठीक है? यह एक्स एक्सिस है।
ओके? और आपने ओरिजिन से स्टार्ट किया कुछ फेंकना। फेंको। फेंको फेंको। यहां से फेंको। है ना? तो, इसको u ले लेते हैं, है
ना? इनिशियल वेलोसिटी u और इसको थीटा ले लेते हैं। इनिशियल एंगल थीटा है। आपने उछाला। उछाला तो यह गया।
और गया तो ये यहां पे जा के गिरा। सही? थीटा से गया और जा कर के यहां गिरा। ठीक है? तो क्या-क्या पूछ सकता है आपसे? आप
सबसे पहले देखो ये गिवन क्या-क्या है? ये y, ये x। सबसे पहले गिवन क्या-क्या है इस क्वेश्चन में? क्वेश्चन मतलब सिचुएशन में।
तो गिवन होता है एक तो इनिशियल वेलोसिटी दूसरा गिवन होता है थीटा और निकालना क्या होता है फाइंड क्या करना होता है तो फाइंड
करना होता है भाई रेंज कितनी होगी यानी कितनी दूर जाकर के गिरेगा हॉरिजॉन्टल डिस्टेंस बोलते हैं इसको r फॉर रेंज दूसरा
मैक्सिमम हाइट कैलकुलेट करनी होती है अपने को h इसको h मैक्स भी कहते हैं मैक्सिमम हाइट कितनी गया है ठीक है ना मैक्सिमम
हाइट कितनी गया है और तीसरी चीज t टाइम ऑफ़ फॉल कैलकुलेट करना पड़ता है। तीन चीजें आपको कैलकुलेट करनी पड़ती हैं। ठीक है जी?
तो शुरू करते हैं हम लोग सबसे पहले t टाइम ऑफ फॉल के साथ। आ जाओ। सबसे पहले टाइम ऑफ फॉल कैलकुलेट करते हैं।
मैं आपसे पूछना चाहता हूं अगर मैंने यहां से प्रोजेक्टाइल उछाला और वो जाकर के यहां गिर गया। तो टाइम निकालने के लिए मुझे y
एक्सिस से बात करनी पड़ेगी या x एक्सिस से बात करनी पड़ेगी? क्या ज्यादा कन्वीनिएंट है? देखो x एक्सिस से भी डील करने पर टाइम
आ जाता है। कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन आप टाइम ऑफ फॉल की जगह टाइम ऑफ फ्लाइट बोलो इसको क्योंकि ये उड़ान का समय है ना।
लेकिन टाइम ऑफ फ्लाइट के लिए व्हाई वाला जो सिचुएशन है ना वो ज्यादा बेटर रहेगा। वो ज्यादा बेटर रहेगा। है ना? तो सुनो अब
क्या करेंगे? हम यहां पर s = ut + 1/2 at² लगा लेते हैं। इससे इससे बन जाएगी बात क्या?
हां बन सकती है। बिल्कुल बन सकती है। हम y एक्सिस के लिए लिखते हैं इसको हम। है ना? तो इसको लिखेंगे sy = uyt + 1/2 ay²
है ना? जो जो वेक्टर वाले थे वो y y y y में मैंने तब्दील कर लिए। उनको मैंने चेंज कर लिया व में। ठीक है? अब आप मुझे एक बात
बताओ। अगर प्रोजेक्टाइल यहां से उड़ा ऊपर गया एक हाइट तक गया और हाइट के बाद
वापस यहां आ गया तो y एक्सिस पर तो यहीं-यंहीं डोल रहा है ना ये? हां, यह बात सही है आपकी कि x पर तो वो आगे बढ़ गया।
लेकिन y से सोचे तो। y से सोें अगर तो ये वाला पॉइंट भी y एक्सिस पर ज़ीरो है और ये वाला पॉइंट भी y एक्सिस पर ज़ीरो ही है।
इसीलिए जब मैं sy लिखूंगा तो ज़ीरो लिखूंगा। अब बात को समझना। y में इसकी कोई डिस्प्लेसमेंट नहीं है। ये ऊपर थोड़ी चढ़
गया। अगर ये ऊपर चढ़ता तो मैं कुछ sy लिखता। ये ऊपर गया और वापस यहीं आ गया। देखो ऐसे गया होगा ये और ऐसे वापस आ गया
यहीं पे ही। है ना? तो sy क्या लिखेंगे? ज़ीरो लिखेंगे। ठीक है? अब बारी आती है uY की। uY क्या होगा? इधर देख। इधर देख। ये u
है। थीटा के संग वाला होगा u cos थीटा। और दूसरे वाला होगा u sin थीटा। तो यही तो y वाला है। ये तो x वाला है ना भाई। u का ये
x कंपोनेंट है। ये y कंपोनेंट है। अपने को y कंपोनेंट चाहिए। यानी u sin थीटा चाहिए। ठीक है? कंप्लीट टाइम लग रहा है। तो t लिख
लेते हैं हम। क्योंकि पूरे टाइम के लिए बात कर रहे हैं। है ना? फिर आता है + 1/2 एक्सीलरेशन क्या लेंगे जो y में है नीचे
की तरफ वि इज नेगेटिव ऑफ़ g यस ये तो माइनस में g है और टाइम का t² बन गया ठीक है इसको उठा के
यहां ले आओ ये - 1/2 gt² है इधर आके + 1/2 gt² हो जाएगा = u sin θ
1 से 1 t उड़ा दो टू चला चला गया ऊपर g आ गया नीचे तो ये बन गया u sin थीटा
/ g और साथ में 2 भी आ गया तो ये बन गया 2u sin थीटा / g 2u sin थीटा / g ठीक है ना ये टाइम ऑफ
फ्लाइट निकल कर के आया एक चीज हमने निकाल ली है ये टाइम ऑफ फ्लाइट 2sin थीटा / g समझ में आ रहा है है ना ईजी है कि नहीं y
एक्सिस में डील करी गई है y एक्सिस के ही सारी चीजें लिखी गई हैं पूरा गया वापस आ आ गया 0 uy uusuin थीटा ay - g सॉल्व कर
दिया पूरा टाइम ऑफ़ फ्लाइट निकल कर के आ जाएगा। ठीक है? अब नेक्स्ट चीज आती है h मैक्स निकालना। अब आप एक बात बताओ h मैक्स
के लिए भी तो y एक्सिस के साथ ही डील करनी है कि नहीं? अगर आपको मैक्सिमम हाइट पता करनी है बेटा कि कितना ऊपर ये गया तो भी
तो y एक्सिस के साथ ही डील करोगे ना यार। हां सर। y एक्सिस के साथ ही डील करेंगे। तो एक काम करते हैं। यहां पे थर्ड इक्वेशन
लगा के देखते हैं। क्या हमें आंसर मिलता है कि नहीं मिलता? 2as = v² - u² इसको y के लिए लगा दो। तो 2y sy vy² - uy² ऐसे
लिख देंगे इसको। बात सही है। 2 * ay कितना है? ay है माइनस का g। एक्सीलरेशन y डायरेक्शन में क्या है बेटा? माइनस का g
है। डिस्प्लेसमेंट y में कितनी है? अरे वही तो निकालनी है। ऊपर जा रहा है ना? बात को समझना ऊपर जा रहा है। हमने खाली आधे तक
ही देखना है। हां, हमने बस यहां से यहां तक के लिए देखना है इसको। मतलब y में इतना ही गया है ये।
y में इतना ही गया है ये। है ना? हमने सिर्फ इसको यहीं तक ही देखना है। तो यहां पर लिखेंगे प्लस में क्योंकि ऊपर को गया
है ना? तो प्लस h मैक्स इक्वल टू बेटा vy क्या होगा? जब यहां पहुंच जाएगा तो इसके ऊपर तो नहीं जा सकता
ना। y वेलोसिटी ऊपर वाली नहीं है यहां पे। तो vy इज 0 - uy क्या है? uy आप पहले से लिख चुके हो वो है u sin थीटा और इसका भी
क्या कर दे रहे हैं? स्क्वायर कर दे रहे हैं भाई। ठीक है ना? तो ये आ गया -2g h मैक्स = - u² sin² थीटा माइनस से माइनस
गया। h मैक्स निकल के आ गया u² sin² थीटा / 2g ठीक है नहीं? इंपॉर्टेंट डेरिवेशन भाई एक और अनदर
इंपॉर्टेंट डेरिवेशन। तीसरी आती है रेंज निकालने वाली। यह पहली आ गई थी टाइम ऑफ फ्लाइट। ये दूसरी आ गई थी h मैक्स यानी
मैक्सिमम हाइट। तीसरी आती है रेंज निकालने की। मैं आपसे पूछना चाहता हूं रेंज निकालने के लिए आपको x एक्सिस के कंपोनेंट
चाहिए कि y के चाहिए? भाई ये रेंज है। देख ये डिस्टेंस रेंज है। तो x में बात करेगा ना? y में थोड़ी करेगा। सोचो सोचो। x में
बात करेंगे। y में थोड़ी करेंगे? हां सर सही कह रहे हो। तो हम लिखते हैं sx = uxt + 1/2 axt² अब बात यहां पर ये आती है कि
हमारे पास ux तो है मतलब x डायरेक्शन में इनिशियल वेलोसिटी इज़ u cos थीटा ये तो अपने पास है और sx भी है + r है ना यहां
से राइट जा रहे हैं तो रेंज प्लस में ट्रेवल हो रही है इज़ इक्वल टू ux क्या है ux इज़ u cos थीटा वह भी प्लस में ही है।
है ना? और टाइम पूरा टाइम लगा t प्लस ये पूरा हिस्सा ज़ीरो है असल में। क्यों जीरो है? क्योंकि बेटा ये जो - g वाली - g वाली
एक्सीलरेशन है ना ये y में होती है। x में एक्सीलरेशन है ही नहीं। x डायरेक्शन में देयर इज़ नो एक्सीलरेशन। अगर कोई
एक्सीलरेशन नहीं है तो यहां पे ज़ीरो डालेंगे और यहां से रेंज निकल के आपकी बहुत आराम से आ जाएगी। देखो u cos थीटा है
ना t साथ में ले आओ। t क्या है? 2sinθ / g यहां ला के मल्टीप्लाई कर दो / g और जब आप इसको देखोगे तो देखो u² हो
गया 2sin थीटा cos थीटा होता है sin 2 थीटा तो u² sin 2 थीटा / g ये रेंज निकल के आ गई u²
sin 2heटा / g यह रेंज है भाई ठीक है जी। तो डेरिवेशंस आपके टिप्स पर होनी चाहिए। अगर तीनों क्लियर है तो आगे
बढ़ते हैं। फटाफट से बता दो एक बार। है ना? फटाफट से बता दो। अगर तीनों क्लियर है तो आगे चलते हैं। फिर इक्वेशन ऑफ ट्रेजेजरी
पर चलते हैं। वो भीेंट होती है भाई। इक्वेशन ऑफ़ ट्रेजजेक्टरी भीेंट है। यस यस यस। उस पर भी चलेंगे।
आ जाओ। आ जाओ। इसको भी डिराइव करते हैं। डिराइव करनी आती है बेटा। ठीक है ना? ये डेरिवेशन
सारी इंपॉर्टेंट है इसकी। है ना? आओ एक बार डेरिवेशन इसकी भी देखते हैं। इक्वेशन ऑफ ट्राजेक्टरी का मतलब होता है इसको पाथ
की इक्वेशन भी बोलते हैं। पाथ की इक्वेशन। ठीक है? ये क्या होती है? देखो आपने क्या करना है? आपने दोनों x और y में s को
लिखना है। क्योंकि पाथ का मतलब है आपको दोनों चीजें चाहिए। पोजीशन x के लिए भी चाहिए, पोजीशन y के
लिए भी चाहिए। दोनों के लिए चाहिए। तो आप इसको लिखोगे sx भी और sy भी क्या होता है? uxt + 1/2 axt²
ये भी ऐसे ही uy + 1/2 ay² है ना? और आप ये बात जानते हो कि ये वाला पार्ट तो ज़ीरो है सारा। ax तो
होता ही नहीं। ठीक है ना? तो इसलिए आप इसको थोड़ा ढंग से लिख लो। sx होता है क्या? sx को आप x पुट कर लो। x
ux होता है भाई u cos थीटा और t को आप t रहने दो स्मॉल वाला। ठीक है? क्योंकि किसी भी टाइम t पर किसी
भी पोजीशन x को देख रहे हैं ना हम। एनी आर्बिटरेरी टाइम पर एनी पोजीशन x या पोजीशन y देखा जा रहा है। तो इसलिए यहां
पर आप इसको t x ही लिखोगे। यहां पे भी ऐसा ही y = uy क्या होता है बेटा? u sin थीटा t है ना? और + 1/2 ay होता है बेटा - gt²
एक काम करो यहां से t निकाल लो सर। t आ जाएगा x / u cos थीटा। बात सही है। यहां से t निकाल लिया देख। नीचे चला गया। x / u
cos थीटा उठा के यहां और यहां पुट कर दो। खत्म हो गया काम। ऐसे निकलती है यहां पर और यहां पर पुट कर दो। आजा देख y =
u sin थीटा तो है ही है। है ना? x / u cos थीटा भी आ गया। अब x / u cos थीटा भी आ गया। अब है ना? फिर माइनस है। देखो
1/2 है। g है। t क्या है? x² / u² cos² थीटा है। सही है? जो कटता है काटो जो बचता है बचा लो। u से u और कुछ कट रहा है क्या?
नहीं सर नहीं कट रहा। ठीक बढ़िया भाई। sin थीटा / cos थीटा tan थीटा होता है। तो ये आ जाएगा x tan थीटा। देखते जाना। माइनस ऑफ
x यहां पे है ना? sin थीटा / cos थीटा क्या होता है? tan थीटा। ठीक है ना? और फिर g(x)²
cos² का उल्टा sec² लिख सकते हो आप चाहो तो यहां पे है ना और अपॉन में 2u² बस
ठीक है ये इक्वेशन निकल कर के आई और अगर आप इसको ध्यान से देखो तो ये एक पैराबोलिक इक्वेशन है
ये एक पैराबोला को रिप्रेजेंट कर रही है सर कैसे कर रही है जरा बताओ बेटा पैराबोला होता है क्वाड्रेटिक इक्वेशन
है है ना? क्वाड्रेटिक इक्वेशन का मतलब होता है जो ऐसे बना रही हो। ax² + bx + c = 0 क्या यहां पे ऐसा बन रहा है क्या? चेक
करना जरा। चेक करना। ये x आया हुआ है। इसके साथ में कुछ-कुछ है। ये x² आया हुआ है। इसके साथ में भी बहुत कुछ है। देख रहे
हो? और यहां पे कुछ y है। ठीक है? है तो है। देख रहे हो? तो क्या यह एक पैराबोला को रिप्रेजेंट कर रहा है कि नहीं कर रहा?
कर रहा है और देख यह पैराबोला ही है। अगर तू इसको देखे तो यह शेप एक पैराबोला की ही शेप है। हां या ना? ये एक पैराबोला की ही
शेप है। हां या ना? तो ये पैराबोलिक इक्वेशन कही जाती है। ठीक है? आइए एक क्वेश्चन कर लेते हैं इसके ऊपर। एक ही
क्वेश्चन में सब समेट दिया भाई। कह रहा है, बॉल इज़ एन एंगल ऑफ विद हॉरिजॉन्टल एट अ स्पीड ऑफ़ 40 मीटर पर सेकंड। ठीक है ना?
तो ये आप ट्राई करके देखो। एंगल आप 30° ले लो बेशक। है ना? एंगल यहां पे नहीं दिया हुआ। कोई बात नहीं। 30° ले लो आप। और
ट्राई करो। ठीक है? सबसे पहले कह रहा है भाई टोटल टाइम निकालने का क्या फार्मूला होता है? फार्मूला याद होना चाहिए।
2ussinθ / g पुट u है 40 sin का थीटा क्या है? 30° डिवाइड बाय g
क्या होता है? 10 होता है भाई। है ना? तो ये 4 * 2 = 8 आ गया। 8 और sin थीटा मल्टीप्लाई होंगे अगर तो हाफ आएगा। यानी 4
मीटर 4 मीटर नहीं 4 सेकंड आंसर है इसका। ठीक है ना? टाइम है ना भाई तो 4 सेकंड आ जाएगा। सही है? सही है। चार ही आ रहा है।
बढ़िया। चलो आगे चलते हैं। सेकंड पार्ट देखो। सेकंड पार्ट में h निकालने को बोल रहा है। h मैक्स निकालने को बोल रहा है।
यस यस। वेरी गुड। वेरी गुड। बिल्कुल सही। बिल्कुल सही आंसर दे रहे हो। यस। h मैक्स निकालने को बोल रहा है। इसके लिए क्या
करोगे भाई? u² sin² थीटा / 2g डन। यही करेंगे। ठीक है? U कितना है? U कितना है? 40 तो 40 का स्क्वायर कर लिया
यार। sin² थीटा करना यानी कि sin 30 रखा और उस पूरे का स्क्वायर कर लिया डिवाइड बाय 2 * 10 ये सीन हो रहा है यहां पर। समझ
गए ना? 40 * 40 / 20 और sin 30 होता है बेटा। ये देखो हाफ था। 1/2 का स्क्वायर करोगे 1/ 4
आ जाएगा। काटा तो 10 आ गया। ज़ीरो से ज़ीरो भी कट गया। दो कट गया 20 पे। तो दिस इज 20 मीटर है ना 20 मीटर बच्चे
निकाल रहे हैं। क्या बात है? बहुत बढ़िया। थर्ड वाले पार्ट पर चलते हैं भाई। थर्ड वाला पार्ट कह रहा है r निकाल के दिखाओ। r
के लिए फार्मूला होता है 2u 2 नहीं u² sin 2heटा / g सही है ना? u² sin 2heta / g कर दो
पुट। u है 40 तो 40 का स्क्वायर sin 2 * 30° यानी डबल करना है आपको और g
क्या है? 10 है भाई। तो 40 * 40 / में 10 * sin 2 थीटा होता है बेटा sin 60° sin 60 होता है 3/2 है ना?
80 3 क्या यही है क्या? 80 3 मीटर है ना? ठीक है। ठीक है। बढ़िया। अच्छा। अब
ये पूछता है एक और चीज। वेलोसिटी बताओ एट 2 सेकंड। 2 सेकंड पर वेलोसिटी क्या होगी? तो क्या दिक्कत है? बताई जा सकती है भाई।
वेलोसिटी एट 2 सेकंड बताने में क्या दिक्कत है? v = u + at लगाओ। y डायरेक्शन में लगाओ।
लगाओ भाई। आपकी इनिशियल वेलोसिटी क्या दी हुई है? 40 दी हुई है ना? और 30° पर दी हुई है। तो y क्या होगा? यह देख।
कभी भी निकाला जा सकता है ये सब तो यार। ये u cos 30 होगा तो ये क्या होगा? ये u sin 30 होगा। है ना? तो u कितना है भाई? u
है 40 और sin 30 कितना होता है भाई? sin 30 इज़ 1/2। तो ये 20 आ गया। है ना? तो ये uy जो है वो आपका 20 है। ठीक है? और ay जो
है वो माइनस का 10 है। मैंने माइनस लिख दिया यहां पर। और टाइम कितना है भाई? टाइम कितना बोला हुआ है? टाइम बोला हुआ है दो।
अच्छा जी। तो ये भी 20 है और ये भी 20 है। यानी कि ये ज़ीरो आ गया। vy इज़ ज़ीरो। और vx की बात करें तो vx होता है ux + ax * में
t. Ax जैसी कोई चीज़ है नहीं। तो ux ही ax है। और u cos थीटा u इज़ 40 और cos 30 कितना होता है? cos 30 इज़ 3 / 2 काटा तो
20 3 आया तो ये 20 3 ही है और वही vx भी है आपका 20 3 दोनों को आप ऐड भी कर लोगे। ये vy
है। ये vx है। आप इनको टोटल भी कर लो बाद में। है ना? लिख देना चाहिए ऐसे करके। vxi कैप vyj कैप तो पता चलता है कि 20 3i कैप
ही जिंदा है। vy वाला खत्म हो चुका है। vy वाला खत्म हो चुका है। बात सही है कि नहीं? है ना? vy वाला खत्म हो चुका है। x
वाला ही जिंदा है। चलिए दूसरे प्रोजेक्टाइल पर चलते हैं। उसका नाम है हॉरिजॉन्टल प्रोजेक्टाइल। इसका क्या मतलब
होता है? देखो। इसमें आपको पहले से हाइट गिवन होती है बेटा। एंगल जैसी कोई चीज यहां नहीं होती है
क्योंकि यहां पर सीधा-सीधा फेंका जाता है। ठीक है? तो U गिवन रहेगा, U गिवन रहेगा, H गिवन रहेगा। यह दोनों
गिवन रहेंगे। और निकालना क्या होगा? दो ही चीजें निकालनी होती है यहां पर। एक रेंज निकालनी होगी क्योंकि ऐसे गिरेगा आ के।
आपको रेंज निकालनी होगी। दूसरा आपको t टाइम ऑफ फॉल निकालना होगा। आइए शुरू करते हैं। सबसे पहले टाइम निकालना चालू करते
हैं। टाइम ऑफ फॉल बोल लो, टाइम ऑफ फ्लाइट बोल लो। यहां पर दोनों एक ही बात है। है ना?
अच्छा टाइम निकालने के लिए y के साथ डील करते हैं कि x के साथ करते हैं? तो यह बार-बार डिबेट नहीं करेंगे अपन। y के साथ
डील करेंगे। sy = uyat + 1/2 ay aat² सही है? जब ऑब्जेक्ट यहां से यहां आ चुका होगा तो
वो y में कितना ट्रैवल कर रहा है। बात ये है। x में तो कर ही रहा है। y में कितना कर रहा वो यहां पे लिखना है सर। y में h
के बराबर कर रहा है। तो sy में हम h लिखेंगे विद अ माइनस साइन। माइनस q नीचे की तरफ है। इज़ इक्वल टू uy क्या होगा भाई?
uy जैसी कोई चीज नहीं है। हमने सीधा फेंका था। हमारे पास ux जैसी चीज तो है लेकिन uy ज़ीरो है।
प्लस 1/2 ay होता है - g और टाइम t का स्क्वायर आ गया। टाइम ऑफ़ फ्लाइट T होगा ना भाई? तो -h = - 1/2g
t² माइनस से माइनस गया 2h / g क्या इस फार्मूले को आपने कभी पहले भी देखा है? क्या इस फ़ूले को आपने पहले भी देखा है? जी
हां, 1D मोशन के अंदर भी यही सेम फार्मूला आता है भाई। तो एक बार याद हो गया। बार-बार करने की जरूरत नहीं है। 2h / g
2h / g सेम फार्मूला है। ठीक है? अब रेंज की बात करते हैं। भाई रेंज निकालने के लिए हमें किसके साथ डील करना चाहिए? x एक्सिस
या y एक्सिस? तो कितनी ऑब्वियस सी बात है कि x के साथ ही डील करेंगे भाई। sx = uxt + 1/2 axt²
ये पार्ट ज़ीरो है क्योंकि ax जैसी कोई चीज नहीं है। तो sx क्या होगा? r होगा लेकिन वो भी प्लस वाला क्योंकि इस तरफ को ट्रैवल
हो रहा है। डिस्प्लेसमेंट इन x डायरेक्शन क्या है? ये वाला + r ux को हम u ही लेंगे और t इज t तो u * t क्या है?
2h / g है। ये आपका आंसर है। यही रेंज है भाई। हां। ये ऐसा उखड़ा सा फार्मूला ही है रेंज का।
ठीक जी। यही आपकी रेंज है। बढ़िया जी। चलिए थोड़ा सा रिलेटिव मोशन भी पढ़ लेते हैं जो कि मैंने वन डी के अंदर आपको नहीं
बताया क्योंकि वन डी टू डी में इकट्ठा पढ़ा दिया जाता है। ये इतना कोई टफ चीज नहीं है। ठीक है ना? तो देखो भाई ऐसा है कि
रिलेटिव्स है तो मार्क्स तो पूछेंगे ही बात ये है। है ना? और उनकी इज्जत भी बहुत करनी पड़ती है। तो आप कभी भी देखो जब भी
आप रिलेटिव वर्ड यूज़ करते हो ना तो एक वर्ड लगाते हो विद रिस्पेक्ट टू क्योंकि भाई रिलेटिव है तो रिस्पेक्ट तो देनी
पड़ेगी। है ना भाई? ना चाहते हुए भी देनी पड़ेगी। तो इसलिए जब भी आप कभी रिलेटिव वेलोसिटी पढ़ोगे तो एक बात हमेशा ध्यान
रखना कि आपको खुद ऑब्जर्वर बनना पड़ेगा। खुद ऑब्जर्वर बनना पड़ेगा और अपनी वेलोसिटी को जीरो मानना पड़ेगा।
तो फिर हमारी जो एक्चुअल वेलोसिटी थी वो कहां गई? वो उसकी वेलोसिटी में उल्टी करके जोड़ देनी है। ये rdx दे दिया मैंने आपको।
यही rdx है इसका। क्या करना है? खुद की वेलोसिटी को मान लो ज़ीरो और जो वेलोसिटी थी उसको उल्टा करके जोड़ दो दूसरी में। ये
कैसे होता है? मैं आपको दिखाता हूं। देखो आ जाओ। मान लो यह कोई कार है A ठीक है जो चल रही
है 40 मीटर पर सेकंड से ये कोई दूसरी कार है B जो चल रही है 60 मीटर पर सेकंड से ठीक है
आप इस टाइम पर A हो ये आप हो ठीक है तो मैंने क्या तरीका बताया मैंने बताया जहां पर भी आप बैठे हो वहां यहां की
वेलोसिटी जीरो मान लो। बोले ठीक है अपनी जीरो मान लेंगे। लेकिन ये 40 का क्या करेंगे? बोले 40 को इसमें उल्टी करके जोड़
देंगे। 40 इस तरफ है ना? देखो 40 इस तरफ है ना? तो उल्टा और चिपका। उल्टा के चिपका दे पीछे की तरफ। अब बता इसकी नेट वेलोसिटी
क्या आएगी? सर 60 आगे, 40 पीछे है। नेट वेलोसिटी इज़ 20। आपको ये 20 से आगे जाती दिखेगी। और आपको खुद को लगेगा मैं रुक हुआ
हूं। आपको खुद को लगेगा मैं किस में हूं। रेस्ट में हूं। यह तरीका होता है डील करने का। उल्टा और चिपका। यस बच्चे यहां पर
जानते हैं इस चीज को। बच्चे यहां पर इस चीज को जानते हैं। अच्छी बात है भाई। उदय वाले बच्चे हैं ये। ठीक है? समझ गए ना?
बहुत ईजी है। अपनी वेलोसिटी को उल्टा किया और इसमें जोड़ दिया। 60 में से 20 चले गए। 60 में से 20 40 चले गए। 20 बच गए। तो 20
से आगे जाती आपको ये लिख दिखेगी और आपको लगेगा हम तो जी रुके हुए हैं। ऐसा ही होता है। ऐसा ही होता है। खुद को रुका पाओगे और
इसको 20 से चलता पाओगे। ऐसा होगा। ठीक है ना? क्लियर हो गया? अच्छा एक और एग्जांपल दे लेते हैं। एक और एग्जांपल ले लेते हैं।
आओ एक क्वेश्चन ही देखते हैं जरा। कह रहा है ट्रेन ऑफ़ 150 मीटर लेंथ इज गोइंग टुवर्ड्स नॉर्थ। लो जी एक ट्रेन है। यह
रही ट्रेन। 150 मीटर इसकी लेंथ है। और यह नॉर्थ की तरफ जा रही है। कितनी स्पीड से जा रही है भाई? 10 की स्पीड से
बोल रहा है जा रही है। ओके। कह रहा है एक पैरेट है तोता। वो फ्लाई कर रहा है एट अ स्पीड ऑफ़ 5 मीटर पर सेकंड टुवर्ड्स द
साउथ। तो यहां पे एक तोता भी है भाई। ये रहा तोता। ये साउथ की तरफ जा रहा है। ठीक है? ये
साउथ की तरफ जा रहा है। पांच की स्पीड से। ओके। कह रहा है टाइम टेकन बाय द पैरेट टू क्रॉस
द ट्रेन। क्या होगा भाई? देख सबसे पहले तो सबसे पहले तो इंपॉर्टेंट बात यह है कि आप इस ट्रेन को रुका मान लो। जैसा मैंने आपको
सिखाया तब आपका क्वेश्चन ईजीली सॉल्व हो जाएगा। ठीक है? वैसे आपको आंसर काफी बच्चे आंसर दे भी रहे हैं लेकिन फिर भी सुन लो।
आप क्या मानो इस ट्रेन को रुका मानो। ठीक है? रुकी मान ली सर। रुकी मान ली तो इसकी स्पीड कहां जाएगी? फटाफट बोलो। हां। तोता
तोता हां। इसकी स्पीड कहां जाएगी? इसकी स्पीड इसमें उल्टी हो के लग जाएगी। इसकी स्पीड को उल्टा के चिपका दो। यानी इसके
पास पांच तो था ही 10 भी आ गया। टोटल मिला के 15 हो गया। अब ये ट्रेन रुकी हुई है आराम से। अब ये ट्रेन रेस्ट पे है और तोता
15 से उड़ के जाएगा 10 सेकंड के अंदर पार कर देगा। 150 मीटर लंबी ट्रेन को खत्म। स्पीड इज़ इक्वल टू डिस्टेंस अपॉन में टाइम
लगाना है। उसके बाद कुछ नहीं है। ठीक है ना? कितनी स्पीड से तोता जा रहा है? 15 की स्पीड से जा रहा है। कितनी दूरी तय कर रहा
है? 150 टाइम निकल के आ जाएगा। 10 सेकंड में तय हो जाएगी। चल खत्म। एक और क्वेश्चन ले। कह रहा है दो ट्रेनें
एक 60 मीटर लंबी, एक 80 मीटर लंबी आर ट्रेवलिंग इन ऑोजिट डायरेक्शन विद द वेलोसिटी इतनाइतना। ठीक है जी। एक ऐसे और
एक ऐसे। दो ट्रेनें हैं। ये A, यह B, यह 60 मीटर लंबी, यह 80 मीटर लंबी। ठीक है? एक 10 से जा रही है
और एक 25 से जा रही है। कह रहा है टाइम क्रॉसिंग इज़ है ना? तो अब ये करके दिखाओ जरा। टाइम
क्रॉसिंग कितना होगा? मैंने आपको एक चीज़ सिखाई है। किसी भी एक को रुका मान लो। तो सर A को हमने रुका हुआ मान लिया। तो B की
वेलोसिटी क्या हो जाएगी? इसमें उल्टी होके लग जाएगी। तो 25 तो थी ही 10 और आ गई। कुल मिला के वेलोसिटी हो गई 10 और 25 35 मीटर
पर सेकंड और सपोज़ करो पूरा ट्रेन को पार करना है। है ना? तो अपनी खुद की लेंथ को भी तो पार करेगी ना वो। भाई अपना 80 मीटर
भी चलेगी और 60 भी चलेगी। तो 80 और 60 मिलके कितना हो गया? 140 मीटर। तो टोटल डिस्टेंस कितना चलना पड़ेगा? 140
मीटर। समझ गए ना? तो स्पीड इज़ इक्वल टू डिस्टेंस अपॉन में टाइम। स्पीड है 35। डिस्टेंस है 140 टाइम निकल के आ जाएगा
भाई। कितना आएगा भाई? चार आएगा, पांच आएगा। कितना आएगा?
4 सेकंड इज़ द आंसर। बोलो जी। क्लियर हो गया? आसान था कि मुश्किल था? वेरी-वेरी ईजी। ठीक है ना? तो अब ऐसे ही हम कुछ और
प्रॉब्लम्स को भी करते हैं। जैसे रिवर बोट प्रॉब्लम आती है। वंडी वाली। सिंपल वाली है ये। अपस्ट्रीम डाउनस्ट्रीम बोलते हैं
जिसको यह वो वाली है। ठीक है ना? इसमें देखो कुछ नहीं है। बहुत सिंपल है। ऐसे ही समझा देता हूं मैं। है ना? मान लो कि आपकी
जो रिवर है वो ऐसे जा रही है। ये रिवर की वेलोसिटी है। ठीक है ना? और बोट भी सपोज़ करो ऐसे ही जा रही है। सेम डायरेक्शन में
जा रही हैं दोनों। ठीक है ना? तो रिलेटिवली क्या लिखोगे? रिलेटिवली बोट की रिवर के साथ जो वेलोसिटी आएगी वो आएगी VB
- VR। मतलब दोनों को माइनस कर देना है आपने सीधा-सीधा। ठीक है ना? अच्छा। और अगर आप दोनों की स्पीड नेट स्पीड कैलकुलेट करो
तो वो ऐड हो के आएगी। तो टोटल स्पीड की बात नहीं कर रहे हैं यहां पर। रिलेटिव वेलोसिटी की बात कर रहे हैं। ठीक है जी।
ये देखो डाउन स्ट्रीम अपस्ट्रीम आप समझते हो। ठीक है ना? या तो आप नदी ऐसे चल रही होगी आप ऐसे चल रहे होगे। तब क्या करोगे?
अपोजिट चल रही है तब क्या करोगे? और साथ में चल रही है तब क्या करोगे? तो ये वो वाला कांसेप्ट है। ठीक है ना? कर पाओगे
इसको। ठीक है? लो एक बार करके दिखाओ फिर। कह रहा है पर्सन स्विम्स विद रिस्पेक्ट टू रिवर इन
ऑोजिट डायरेक्शन विद स्पीड 20 द रिवर फ्लो इज 15 ये देख ये देख आसान है देख 15 की स्पीड से रिवर फ्लो कर रही है है ना और जो
पर्सन है वो 20 की स्पीड से अपोजिट फ्लो कर रहा है कह रहा है फाइंड द टाइम टेकन टू कवर 10 कि.मी इन रिवर 10 कि.मी. कवर करने
में कितना टाइम लगेगा? यह 10 कि.मी. कवर करने में उसको कितना टाइम लगेगा? बताओ। बताओ जी। बताओ। 10
कि.मी. कवर करने में हाउ मच टाइम विल इट टेक? देखो भाई, अगर अगर अपोजिट चलना है तो इसके पास नेट वेलोसिटी जो बचेगी वो तो
पांच ही होगी ना। इसके पास जो टोटल वेलोसिटी बचेगी वो तो पांच ही होगी ना। पांच से बेचारा चलेगा 10 कि.मी. तो 2 घंटा
लग जाएगा। 2 घंटा लग जाएगा। हां। ठीक है। 2 [हंसी] घंटा लग जाएगा। ठीक है। अपोजिट है ना? कट
जाएगी। ठीक है। आओ चलो। अब 2D के अंदर पढ़ते हैं इस चीज को। इसमें आएगा ज्यादा मजा क्योंकि 2D के लिए कांसेप्ट्स जो हैं
वो थोड़े से टेढ़े हैं। ठीक है? आइए रिवर बोट प्रॉब्लम। एक सेकंड पानी पी लेता हूं भाई। है ना? रिवर बोट प्रॉब्लम आपको
2D के लिए समझाते हैं। ठीक है? देखो एक तो ये इंपॉर्टेंट है भाई। सबसे पहले तो मैं लिख दूं
और ये बच्चों से होती भी नहीं है। प्रॉब्लम प्रॉब्लम दूसरी यह है कि ये बच्चों से होती भी नहीं है। ठीक है? तो
आजा देख भाई यह नदी है। यह नदी की विड्थ ली जाती है D. ठीक है? अब
इमेजिन करो कि आप यहां खड़े हो। ठीक है ना? ये कोई तैराक है। मैन है ये मैन है ना? रिवर बोट प्रॉब्लम या रिवर मैन
प्रॉब्लम भी बोलते हैं इसको। ठीक है? और रिवर बह रही है ऐसे। तो रिवर ले जाने की कोशिश करेगी राइट साइड
पर। क्योंकि ऐसे बह रही है रिवर। तो ऐसे ऐसे ऐसे बह रही है। है ना? वो तो राइट साइड पे ले जाने की कोशिश करेगी। तो ये है
VR। ठीक है? ये है VR रिवर की वेलोसिटी VR ठीक है। अच्छा, अब एक बात बताओ अगर मैन बिल्कुल सीधा-सीधा तैरे ऐसे। है ना? ये हो
जाए ये हो जाए मैन की वेलोसिटी। ठीक है? मतलब मैन जोर लगा रहा है ऐसे चलने का। ठीक है? तो इसको हम बोलते हैं वेलोसिटी ऑफ़ मैन
विद रिस्पेक्ट टू रिवर कैसी है? इधर है। जिस तरफ मैन जोर लगा रहा हो। समझना इस चीज को। जिस तरफ इंसान जोर लगाता है। ठीक है?
जिस तरफ आदमी जोर लगा रहा होगा, बोट जोर लगा रही होगी, ठीक है ना? उसको बोलते हैं वेलोसिटी ऑफ मैन विद रिस्पेक्ट टू रिवर।
और जो इनका रिजल्टेंट निकल के आएगा देख एक वेक्टर ये, एक वेक्टर ये। जो रिजल्टेंट निकल के आएगा वो होगी मैन की असली स्पीड।
है ना? और अगर मैन सीधा तैरेगा। है ना? अगर कोई इंसान सीधा तैरेगा तो पक्की बात है वो जाकर के यहां पहुंचेगा। है ना? वो
यहां तो नहीं पहुंचने वाला। वो सीधा तो नहीं पहुंचने वाला। इसको बोलते हैं ड्रिफ्ट।
x इसको बोलते हैं ड्रिफ्ट। अब मैं आपसे पूछता हूं ये ड्रिफ्ट कैसे निकालोगे?
कोई आपसे पूछे कितनी ड्रिफ्ट है ये? कैसे पता करोगे? मुझे बताओ। अगर कोई आपसे पूछे ड्रिफ्ट कितनी है? तो कैसे बताओगे? कितनी
ड्रिफ्ट है ये? देखो बहुत सिंपल है। बहुत सिंपल है। अगर कोई आपसे ये ड्रिफ्ट पूछे तो आपको सिर्फ इतना बोलना है कि भाई
डिस्टेंस होता है स्पीड * टाइम। है ना? ये x है ना भाई? ये x है ना? तो x होता है स्पीड * टाइम। ठीक है?
ठीक है? स्पीड कितनी है भाई? इधर ले जाने वाली स्पीड कौन सी है? क्या इंसान इधर जाना चाहता है क्या? नहीं। इंसान जाना
चाहता है सीधा। पर इस तरफ रिवर लेके जा रही है। तो स्पीड लेंगे रिवर की। बात को समझना। स्पीड लेंगे रिवर की। और टाइम कौन
सा लेंगे? अब बात आती है टाइम की। ठीक है? देखो जब भी कभी इंसान तैरना चाहेगा, जोर लगाना
चाहेगा सीधा तो यह पक्की बात है कि वह मिनिमम टाइम में पहुंचेगा यहां। तो जो पहली कंडीशन हम पढ़ रहे हैं वो है ही
मिनिमम टाइम की कंडीशन। ठीक? अब एक बात बताओ। ये मिनिमम टाइम में उसको ऐसे जाना है ना? ऐसे जाना है ना? तो
टाइम होता है बेटा डिस्टेंस अपॉन में स्पीड। हां या ना? यस सर। और डिस्टेंस ट्रेवल हो रहा है यह
वाला वि इज d तो डिस्टेंस को लेंगे d जो कि रिवर की विड्थ है। और स्पीड क्या लेंगे? जिस तरफ ये इंसान जोर लगा रहा है।
यानी कि v वेलोसिटी ऑफ़ मैन विद रिस्पेक्ट टू रिवर। जिस तरफ ये जोर लगा रहा है, ये आपका t है। यही आपका मिनिमम टाइम भी होगा।
यही मिनिमम टाइम है। इसी को मिनिमम टाइम बोलेंगे भैया। जिस तरफ ये जोर लगा रहा है ये जोर लगा के ही पहुंच पाएगा और वर्टिकल
डायरेक्शन में जा रहा है तो वर्टिकल डिस्टेंस ली है और वर्टिकली स्पीड ली है टाइम उठा के यहां रख दो तो ये ड्रिफ्ट
निकल के आ जाएगी vr * d / v मैन विद रिस्पेक्ट टू रिवर ऐसे निकल के आती है ड्रिफ्ट तो दो चीजें निकाल ली आपने एक ही
झटके में ठीक है ना एक झटके में दो चीजें निकल कर के आ गई सही सही ठीक है ध्यान रहेगी है ना अच्छा अच्छा ऐसे ही एक चीज और
आती है। ये तो था मिनिमम टाइम। एक चीज आती है मिनिमम डिस्टेंस। यानी कि शॉर्टेस्ट पाथ चले। अब शॉर्टेस्ट
पाथ कैसे चलेगा? इधर देख। भाई ये रिवर की विड्थ है। ये रिवर की विड्थ है। आप अगर ये चाहो कि
मैन ऐसा जोर लगाए कि कम से कम डिस्टेंस चले। तो VR को तो इधर चलना है। रिवर तो इधर ले
जाएगी इसको। तो मुझे एक बात बताओ अगर मैन सीधा जोर लगाएगा है ना? यानी VMR जो होगा वो सीधा होगा तो क्या ये मिनिमम डिस्टेंस
चल पाएगा क्या? नहीं। ये तो यहां पहुंच जाएगा। ये तो बहुत ज्यादा डिस्टेंस है। मिनिमम डिस्टेंस का मतलब होता है भाई कि
ये ऐसी डायरेक्शन में जोर लगाए बात को समझना। यह ऐसी डायरेक्शन में जोर लगाए कुछ ऐसा
कि इन दोनों का रिजल्टेंट बिल्कुल सीधा आए यानी मैन ऐसे चल के जाए। आप बात समझ रहे हो? मैन ऐसे चल के जाए और
यहां खड़े हैं इसके घर वाले। घर वालों से मिल ले जाकर के। बढ़िया। समझ गए ना? तो ऐसे में क्या करना पड़ेगा? ऐसे में यहां
पे कंडीशन यह है कि भाई किस थीटा पर जोर लगाना चाहिए? ठीक है ना? कितने एंगल पर जोर लगाए यह? ठीक है? रिवर्स से कितने
एंगल पर जोर लगा है? तो इसका सिंपल जवाब यह बनता है कि भाई इतना जोर लगाओ कि VMR का ये वाला कंपोनेंट देखो ये कंपोनेंट
होगा cos कंपोनेंट। है ना? दिस विल बी cos कंपोनेंट। ये होगा sin कंपोनेंट। यानी VMR का जो sin थीटा होगा ना वो VR के बराबर
होना चाहिए। और ये दोनों आपस में कट जाने चाहिए। सोचो हां या ना? सोचो हां या ना भाई। ऐसा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए?
ये जो v मैन विद रिस्पेक्ट टू रिवर दौड़ रहा है उसका sin थीटा बराबर होना चाहिए v रिवर के
तब ये काम हो पाएगा कि मिनिमम डिस्टेंस में जा पाएगा। है ना? और जो इसका vm होगा सुन है ना जो इसका vm होगा वो vmr cos
थीटा होगा। वो vmr cos थीटा होगा। समझना ये vmr sin थीटा हो गया। और जो ये तो इससे कट गया तो
बचा क्या? बचा क्या? फिर इसका vm बनेगा किससे? इसका vm बनेगा vmr के cos थीटा से। समझ गए ना? तो vmr cos थीटा ही असल में
मैन की असली वेलोसिटी होगी। इसकी असली वेलोसिटी होगी। बात समझ में आई क्या? है ना? ठीक है? तो इसमें ना tan निकालना आ
सकता है बेटा। ठीक है? आपसे पूछ सकता है भाई tan बना के दिखाओ। तो tan बन जाएगा। क्या दिक्कत है? क्या? tan का एंगल नहीं
बन रहा यहां से। है ना? tan थीटा नहीं बन पा रहा क्या? tan थीटा बन जाएगा। क्योंकि आपसे ना एंगल पूछता है ये कि एंगल निकालो।
तो एंगल के लिए क्या करोगे? P / B करोगे। है ना? P / B तो ये P कितना है? ये P कितना है? ये P असल में VR के बराबर ही तो
है। है ना? ये VR के बराबर ही तो होगा। ये VR ही तो होगा। है ना? मतलब ऐसे ऐसे इस तरफ को। डायरेक्शन ऐसे नहीं ले सकते। ऐसे
लेनी पड़ेगी अपने को। है ना? ये VR ही तो होगा। तो परपेंडिकुलर क्या है? VR है। है ना? और बेस क्या है? बेस इसका VM है।
P / B और VM इज़ नथिंग बट VM क्या है? vmr cos थीटा है। है ना? तो इस तरीके से tan थीटा निकाला जा
सकता है। क्लियर है क्या? तो एंगलवंगल पूछा जाता है भाई इसके अंदर। ठीक है ना?
ओके। बढ़िया। आगे चलें। चलो जी। एक क्वेश्चन ले लो फटाफट से। कह रहा है स्पीड ऑफ अ स्विमर इन स्टिल वाटर। स्टिल
वाटर में इसकी स्पीड दे रखी है 20 मीटर पर सेकंड। अच्छा कह रहा है स्पीड ऑफ द रिवर वाटर इज 10। VA VR दे रखा है। कह रहा है
फ्लोइंग ड्यू ईस्ट। ठीक है? वी स्टैंडिंग ऑन द साउथ बैंक एंड विशेस टू क्रॉस द रिवर अराउंड द शॉर्टेस्ट पाथ में कवर करना है।
तो एंगल बताइए। ये सवाल है। ठीक है ना? कह रहा है कितने एंगल पर ये स्ट्रोक मारे। ठीक है ना? कि ये पार कर जाए? तो भैया tan
थीटा वाला फार्मूला क्या था? tan थीटा वाला फार्मूला था VR / Van है कि नहीं? VR / Van यही तो था। है ना भाई? तो यहां पर
आपको क्या-क्या दे रखा है? मैं बता देता हूं। एक तो आपको VR गिवन है। रिवर की वेलोसिटी कितनी गिवन है? 10
और दूसरा ये क्या गिवन होता है? देखो जब भी कभी स्टिल वाटर की बात कर रखी हो ना इसका मतलब है कि वो कितना जोर मार सकता
है। तो जोर मारने का मतलब मैंने आपको क्या बताया था? ये एमआर है। है ना? जोर मारने का मतलब क्या है? मैन विद रिस्पेक्ट टू
रिवर है भाई ये। ठीक है कि नहीं? तो आपको VM नहीं चाहिए। आपको चाहिए VMR cos थीटा। हां या ना बोलो। है ना? VMR cos थीटा। ठीक
है? तो कैसे लाओगे? कैसे लाओगे इसको? देखो बात यह है कि आप सिर्फ और सिर्फ एक काम करोगे कि भाई यह
आपका ऐसे बनता है ना आपका vm * r vm r ठीक है ना ये आपका होता है vm और ऐसे बनता है इस
तरफ को बनता है vr ठीक है ना तो आपको ये एंगल चाहिए है ना ऑलरेडी ये क्या बोल रहा है कह रहा है व्हिच ही शुड मेक स्ट्रोक्स
विद रिस्पेक्ट टू रिवर फ्लो अब देखो रिवर फ्लो तो इस तरफ है। बात को समझना। क्वेश्चन समझना क्या है? रिवर फ्लो तो इस
तरफ है। तो ये आपसे पूरा एंगल चाह रहा है। ये पूरा ये पूरा चाह रहा है। तो 90 तो इसको चाहिए ही चाहिए। इसको और थीटा चाहिए
कितना है? तो देखो 90 60 आंसर वैसे भी नहीं हो सकते। आंसर इसका 120 है। है ना? लेकिन ये थीटा आएगा कैसे? अब देख एक बात
सुन। तुझे गिवन क्या-क्या है? एक VR और एक VMR। ठीक है ना? तो ये tan थीटा वाले फ़ूले के पीछे पड़ने की जरूरत नहीं है क्योंकि
तेरे पास ट्रायंगल है। ट्रायंगल आ चुका है। तो ट्रायंगल में sin थीटा लगा सकते हो आप। sin थीटा होता है P / H परपेंडिकुलर
बाय हाइपोटेनस। परपेंडिकुलर यहां पर आपको दिया हुआ है VR हाइपोटेनस आपके पास है VMR कुछ नहीं करना। VR पुट करो। और यह भी पुट
कर दो। हाफ आ गया। sin(theta) / 1/2 कब होता है? 30° पे होता है भाई। तो ये 30° है। थीटा इज़ 30° 90 + 30 करोगे 120 आ ही
जाएगा। बोलो यार सही है कि नहीं? तो sin थीटा से आप ईजीली कर सकते हो इस चीज को। ठीक है? चलिए भाई आगे बढ़ा जाए। अब आती है
रेन मैन प्रॉब्लम्स। ये भी इंपॉर्टेंट है बच्चों से। ये भी नहीं हो पाती भाई। तो इसलिए आओ सुनो। रेन मैन प्रॉब्लम करते
हैं। देखो रेन मैन प्रॉब्लम में एक छोटा सा कांसेप्ट आपको बताता हूं। अगर रेन सीधी गिर रही है। सुनना ध्यान से। इसको लिखेंगे
VR रेन की वेलोसिटी अगर ऐसी है। ठीक है? तो छतरी आपको ऐसे खोलनी है। उल्टी। ध्यान रखना इस चीज को। ठीक है? छतरी कैसे खोलनी
है? उल्टी खोलनी है। हमेशा ध्यान रखना। अगर अगर ऐसे आ रही हो तो अगर ऐसे आ रही हो तो क्या करोगे? तो आपको
छतरी ऐसे खोलनी है। ठीक है? तो हम ना वर्टिकल से फिर कुछ एंगल देखते होते हैं। ये मैं आपको समझा दूं कि हम फिर क्या करते
हैं? हम वर्टिकल से कुछ एंगल देखते हैं कि भाई वर्टिकल से कितने एंगल पर कितने थीटा पर रेन आ रही है। उतने ही थीटा पर हम भी
एंगल खोलते हैं। ये थीटा सेम होता है। देखो ना देखो ना ज्योमेट्रिकली देखो ये एंगल सेम ही है। ठीक है? चलिए अब इसमें
क्या-क्या कंडीशंस बनती हैं उसको देखते हैं। सबसे पहली कंडीशन है कि रेन वर्टिकली फॉल कर रही हो। ठीक जी? ध्यान से सुनना।
अगर रेन वर्टिकली फॉल कर रही है ऐसे। और अगर कोई बंदा खड़ा है रेस्ट पर है तो क्या टेंशन है तो छाता ऐसे पकड़ेगा लेकिन अगर
वो दौड़ रहा है तो ये तो था कि v मैन जीरो हो मैन दौड़े ही ना रेस्ट पर हो तब तो ठीक है तब तो छाता ऊपर की तरफ ऐसे खुलेगा
लेकिन लेकिन अब सुनना बात को ध्यान से मान लो अगर रेन ऐसे गिर रही है ठीक है और जो मैन है वो दौड़ रहा है ये रहा वी मैन ये
दौड़ रहा है किसी स्पीड से ठीक है तब छाता कैसे खोलोगे आप तब छतरी कैसे खुलेगी तो देखो क्या करोगे आपने क्या करना है बहुत
सिंपल है मैंने जो आपको टेक्निक सिखाई थी अपनी अपने अपने आप को ज़ीरो मान लो सिखाया था ना अपनी वेलोसिटी को ज़ीरो मान लो और
अपनी वेलोसिटी इसमें उल्टी करके जोड़ दो तो जो VM है इसमें उल्टा करके जोड़ दिया हमने कहां जोड़ दिया ऐसे जोड़ दिया पीछे - VM ये
VM था तो उल्टा हो गया - VM इन दोनों का रिजल्टेंट निकाला सर ये तो ऐसे आ रहा ये है बेटा वेलोसिटी ऑफ़ रेन विद रिस्पेक्ट टू
मैन और ये ऐसे आ रही है तो छाता तुझे ऐसे खोलना पड़ेगा भाई। ये कुछ थीटा होगा और वही थीटा ये भी होगा। आया समझ में? आया समझ
में? ठीक है कि नहीं? है ना? तो जब आप ऐसे दौड़ोगे तो फिर आपको रेन ऐसे आती दिखेगी। ये आपने देखा भी होगा एक्सपीरियंस करके।
अगर बारिश गिर रही है, अगर बारिश गिर रही है और आप बारिश की तरफ भाग रहे हो। मतलब आप बारिश में ऐसे दौड़ रहे हो, तो आपको
बारिश ऐसे तिरछी पड़ती दिखेगी और आपको छाता ऐसे नहीं ऐसे पकड़ना पड़ता है। यह वाला कांसेप्ट है। ठीक है?
एक क्वेश्चन देख ही लेते हैं। कह रहा है व्हेन अ मैन वॉक्स इन रेन विद द वेलोसिटी फाइव, द रेन ड्रॉप्स अपीयरर्स टू फॉल
वर्टिकली स्ट्राइक एट हिम एट एन एंगल ऑफ़ 45° विद द हॉरिजॉन्टल। द वेलोसिटी ऑफ़ रेन इफ इट इज़ फॉलिंग वर्टिकली डाउनवर्ड। तो
क्या होगा? करना इसको आंसर एक बार। एक बार आंसर करो। क्या बोल रहा है यह? कह रहा है भाई रेन तो नीचे वर्टिकली ही
गिर रही है। ऐसे ये तो ये पूछ रहा है कितनी वेलोसिटी से गिर रही है। ठीक है ना? और इंसान वॉक कर रहा है पांच की स्पीड से।
तो पांच की स्पीड से ऐसे जा रहा होगा। सही है ना? आपने क्या करना है? इसको उल्टा करके जोड़ दिया ऐसे। यह आ गया - VM
रिजल्टेंट ले लिया। वह ले पता चला कि भाई 45° का एंगल बन रहा है। यह तो ये तो 45° का एंगल है। तो ये दोनों इक्वल ही तो
होंगी। तो ये भी 45° का एंगल जब भी बनता है इक्वल ही तो होते हैं। तो VR भी क्या है? वो भी पांच ही है। है ना? वो भी क्या
है? पांच ही है। इसमें क्या ही सॉल्व करूं? इसमें क्या ही सॉल्व करना भाई? पांच ही तो होगा। 45° का एंगल है तो वैसे ही
पांच आएगा। बाकी आप sin लगा के देख सकते हो यार। क्या ही टेंशन है। है ना? साइन माइन लगा करके आप देख लो। साइन लगा के
ट्रायंगल बना लो। ट्रायंगल बना करके भी आंसर आ जाएगा इसका। ठीक है ना? अब यह दूसरा केस है। यह थोड़ा सा टेढ़ा लगता है
बच्चे को। लेकिन इतना भी नहीं है। ईजी है। समझना। वही वाला कांसेप्ट लगाना। अपनी स्पीड ज़ीरो करके उसमें घुसा के उल्टी कर
दी। ठीक है ना? तो इसको अब डिकोड करेंगे हम। कैसे? देखो। कह रहा है भैया अब ऐसे भाग रहे हैं कि रेन लग रहा है सीधी गिर
रही है। तो, यह कब होगा? बात को समझो। इमेजिन करो कि रेन जो है वह ऐसे गिर रही है।
एक्चुअली में वह टेढ़ी है रेन। ठीक? रेन जो है वह एक्चुअली में तिरछी गिर रही है। और आपने क्या किया? आपने रेन की तरफ ही भागना
शुरू कर दिया। मतलब रेन ऐसे आ रही थी और आपने ऐसे भागना चालू कर दिया रेन की तरफ। तो अब क्या होगा? अब क्या होगा? जब रेन
पहले ही तिरछी थी और आप रेन की तरफ ही भाग रहे हो। तो ये और तिरछी हो जाएगी भाई। तो वर्टिकली कैसे गिरती दिखेगी?
रेन की तरफ भागने से क्या? नहीं। रेन से ऑोजिट भागने से। बात को समझना। जब आप रेन से कैसे भागोगे? ऑोजिट भागोगे भैया। तब यह
वर्टिकली गिरती दिखेगी। देख मैं दिखाता हूं कैसे। VM इधर मान। रेन भी ऐसे गिर रही है। आप भी ऐसे ही भाग रहे हो। अपने आप को
ज़ीरो पे मान लो। अब ये वेक्टर उठा के उल्टा जोड़ दो। तो देख क्या होगा। ये VM है ना? उल्टा जोड़ा
तो - VM हो गया। दिख रहा है? दिख रहा है रेन का वर्टिकली गिरना वेलोसिटी ऑफ रेन विद रिस्पेक्ट टू
मैन सीधी हो गई कि नहीं हो गई बात आई बात आई समझ में है ना है ना तो vrm कैसा हो गया बेटा सीधा हो गया अब ये ट्रायंगल तो
बन ही सकता है क्या दिक्कत है ऐसे वाला ऐसे वाला vr होगा ऐसे वाला vrm होगा है ना और ऐसे वाला ए इधर
इधर है ना ये होगा वी मैन है ना माइनस वाला है तो क्या हुआ? अब ये एंगल आराम से निकल के आ जाएगा। अगर निकालना चाहो तो आप
समझ गए ना? एक क्वेश्चन कर लेते हैं तब ज्यादा मजा आएगा। कह रहा है मैन स्टैंडिंग ऑन रोड हैज़ टू होल्ड हज़ अंब्रेला एज़ 30°।
लो जी साफ बता दिया इसने कि भाई जब वो खड़ा है आराम से तो रेन 30° पर वर्टिकल से आती दिख रही है। 30° विद द
वर्टिकल। वर्टिकल वर्टिकल लाइन से ही ले रहा हूं मैं इसको भी। 30° है। कह रहा है ही थ्रोज़ अवे द अंब्रेला। कह रहा है फिर
अंब्रेला फेंक देता है। है ना? क्यों? कोई बॉलीवुड या गाने की याद आ गई होगी भाई। ठीक है ना? तो अंब्रेला फेंक करके दौड़ने
लग गया। पता नहीं क्या शौक चढ़ा। ठीक है ना? कह रहा स्टार्ट्स रनिंग एट 10 कि.मी. पर आर देन ही फाइंड्स दैट रेन ड्रॉप आर
हिटिंग ह हेड वर्टिकली। तो सर के ऊपर गिरने लगी वो रेन। ठीक है ना? तो कैसे भागा होगा? क्या ऐसे भागा होगा? नहीं। वो
ऐसे भागा होगा भाई। है ना? ऐसे भागोगे तभी ही होगा यह काम। ठीक है? तो vm कितना है? 10 है। ठीक है? तो आप क्या करिए? आप इसको
उल्टा करके जोड़ दो ऐसे। -10 ऐसे जोड़ दो। ठीक है ना? तब आपको दिखेगा
वर्टिकली पड़ती हुई रेन ऐसी। ठीक है? तो अब आपसे क्या पूछा है? कह रहा है स्पीड ऑफ रेन ड्रॉप्स विद रिस्पेक्ट टू मूविंग मैन
क्या होगा? लो जी। तो आपसे ये पूछ लिया ये। ठीक है। ट्रायंगल दिख रहा है क्या? ट्रायंगल दिख रहा है क्या? हां सर दिख रहा
है। क्या यह 30° है क्या? हां। क्या यह 10 है क्या? हां। क्या आपसे यह पूछा है क्या? हां। तो क्या निकालोगे भाई? tan निकाल लो।
P/B होता है ना? परपेंडिकुलर 10 दिया हुआ है। tan 30 इज 1/ 3 और ये बेस है। 10 3 आंसर आ गया। क्या बच्चे बी आंसर दे
रहे हैं? शाबाश। शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। क्या बात है। वेरी वेरी गुड। वेरी वेरी गुड। वेरी वेरी गुड। वेरी वेरी गुड।
चलिए जी। बहुत बढ़िया। चलते हैं अगले चैप्टर पर। अगले चैप्टर का नाम है एनएलएम न्यूटंस लॉज़ ऑफ मोशन। ठीक
है? देखो भाई इस चैप्टर के अंदर है तो देखो बहुत इंपॉर्टेंट चैप्टर ऑब्वियसली। ठीक है? इसमें फोर्सेस की बात होंगी।
डेरिवेशंस हैं। थोड़ी-थोड़ी है यहां पे भी डेरिवेशंस। आइए स्टार्ट करते हैं बिना समय गवाए। ठीक है? फोर्स क्या चीज होती है?
फोर्स होता है कि आप या तो किसी चीज को पुश कर रहे हो या पुल कर रहे हो। क्या करने के लिए? उसकी स्टेट को चेंज करने के
लिए। या तो रेस्ट से मोशन में जाने के लिए या मोशन से रेस्ट में आने के लिए। है ना? दो में से एक काम करने के लिए आप ये काम
कर रहे हो। देखो लिखा हुआ है इट कैन आल्सो चेंज द शेप एंड साइज। स्टेट तो चेंज करता ही है। मोशन की स्टेट चेंज तो करता ही है।
ये शेप और साइज को भी क्या करता है भाई? चेंज कर देता है। सबसे पहले लॉ पर आते हैं। पहला लॉ है न्यूटन का लॉ ऑफ इनर्शिया
कहलाता है। इसका मीनिंग क्या है? इसका मीनिंग है कि एक बॉडी पर जब तक फोर्स नहीं लगेगी ना तब तक वो मानेगी नहीं। मानेगी
नहीं का मतलब होता है जिस स्टेट में वो पहले से थी उसी स्टेट में रहेगी। अगर रुकी हुई थी तो रुकी ही रहेगी और चल रही थी तो
चलती ही रहेगी। यही लिखा हुआ है। देखो यहां पर अ बॉडी डज नॉट चेंज इट्स स्टेट। वो अपनी स्टेट को चेंज नहीं करेगी। चाहे
रेस्ट हो चाहे यूनिफॉर्म मोशन हो। अनलेस एन एक्सटर्नल फोर्स इज़ अप्लाई ऑन। जब तक फोर्स नहीं लगाओगे तब तक अपनी स्टेट पे ही
रहेगी। इसको ऐसे समझाते हैं मैथमेटिकली। यहां देखो मान लो अगर फोर्स ज़ीरो है तो तो ma भी ज़ीरो है तो M चला गया नीचे तो A भी
ज़ीरो है तो तो डेल्टाV / डेल्टा T भी ज़ीरो है तो तो डेल्टा T चला गया ज़ीरो से तो डेल्टाV हो
गया ज़ीरो मतलब डेल्टाV0 का मतलब डेल्टाV0 का मतलब v - u 0 हां तो मतलब v और u इक्वल होगा यानी u = v मतलब जो इनिशियल वेलोसिटी
है बॉडी की वही फाइनल है। अगर इनिशियल ज़ीरो था तो फाइनल भी ज़ीरो है। और अगर इनिशियल पांच था तो फाइनल भी पांच है। बात
को समझना। अगर बॉडी पहले से रेस्ट में है तो रेस्ट की रेस्ट ही रहेगी और अगर पहले से मोशन
में है। यूनिफॉर्म मोशन में तो यूनिफॉर्म मोशन में ही रहेगी। ये कहना चाहता है। बात को समझना। ये कहना चाहता है। ठीक है ना?
इनर्शिया का मीनिंग क्या होता है? इनर्शिया एक ऐसी प्रॉपर्टी है हर मासिव ऑब्जेक्ट की। हर मासिव ऑब्जेक्ट की। मतलब
जिस बॉडी में मास है हर उस चीज का इनर्शिया है कि अपने ऊपर होने वाले चेंज को रेजिस्ट करना।
जब भी कोई आकर के फोर्स लगाएगा तो उसको अपोज करना। अगर जितना इनर्शिया ज्यादा होगा उतनी ही ज्यादा आपको फोर्स लगानी
पड़ेगी क्योंकि मास उतना ज्यादा होगा। देखो मास इज अ मेजर ऑफ इनर्शिया। अगर इनर्शिया कभी समझ में ना आए ना दिमाग में
मास सोच लेना सोचना एक बड़ा मास अब उस बड़े मास को हिलाना भी मुश्किल है। उस बड़े मास को हिलते से रोकना भी क्या है
मुश्किल है। दोनों चीजें मुश्किल है। बात समझ गए ना? तो ये है इनर्शिया की कहानी। ठीक है? नेक्स्ट हम लोग चलते हैं मोमेंटम
की बात करते हैं भाई देखो। मोमेंटम को क्वांटिटी ऑफ मोशन कहते हैं। है ना? और वैसे मोमेंटम का फार्मूला क्या होता है
भाई? mv होता है। m इज किलोग्राम, v इज मीटर पर सेकंड। तो यूनिट क्या बन गया? किलोग्राम मीटर पर
सेकंड। ठीक है जी? यूनिट क्या बन गया? किलोग्राम मीटर पर सेकंड। अब अगर इनिशियल मोमेंटम होगा तो मास * इनिशियल वेलोसिटी
लिखेंगे। अगर फाइनल मोमेंटम होगा तो मास * फाइनल मोमेंटम लिखेंगे। ठीक है ना? कभी-कभी हम चेंज इन मोमेंटम भी करेंगे।
लेकिन वो आगे की बातें हैं। उससे पहले तक आप यह सवाल करो। क्या कह रहा है? कह रहा है ब्लॉक है जिसका मास है 5 किलो। इतनी
स्पीड से वो मूव कर रहा है। कह रहा है फाइंड द मोमेंटम ऑफ द ब्लॉक। P निकाल के आपको दिखाना है। देखो बेटा P भी वेक्टर
है। तो आप चाहो तो सीधा पांच को इनसे मल्टीप्लाई ऐसे कर सकते हो। i + 2j + K पांच से मल्टीप्लाई कर दो। तो ये हो जाएगा
5i कैप + 10j कैप + 5 k कैप। ठीक है? ये p वेक्टर आ गया। आप चाहो तो p का मैग्नीट्यूड निकाल सकते हो।
5² + 10² + 5² कितना आया ये? 25 आया। 100 आया, 25 आया। ठीक है? कुल मिला के हो गया 150। 150 का रूट कैसे
करेंगे भैया? हैं? 5 * 5 * 3 * 2 सही है ना भाई? कितना आ गया फिर? 5 6 आ गया। अरे वाह सी आंसर बच्चे दे भी रहे
हैं। क्या बात है? बहुत बढ़िया। आगे kg मीटर पर सेकंड बेटा यूनिट भी जरूरी है। यूनिट भी जरूरी है। आगे चलते हैं। चलिए।
अब आता है भाई सेकंड लॉ ऑफ़ मोशन। सेकंड लॉ ऑफ़ मोशन क्या कहता है? यह कहता है कि भाई जो फोर्स होती है
वो dp/ dt के प्रोपोर्शनल होती है। व्हाट इज dp / dt? मतलब कि जो भी एक्सटर्नल फोर्स लग रही है किसी भी सिस्टम पर वो रेट
ऑफ चेंज ऑफ मोमेंटम के बराबर होगी। रेट का मतलब होता है कि किस हिसाब से टाइम चेंज कर रहा है। और उसी उसी के हिसाब से
मोमेंटम कैसे चेंज कर रहा है? मतलब मोमेंटम का चेंज विद रिस्पेक्ट टू टाइम देखना। मतलब यहां पर मोमेंटम चेंज होना
चाहिए। मोमेंटम चेंज होना चाहिए। तो f = dp / dt इंस्टेंटेनियस फोर्स लिखी जाती है। बिल्कुल। और f एवरेज लिखना हो तो अगेन
डेल्टाp / डेल्टा t ऐसे लिखा जाता है। ठीक है? कोई शक नहीं है इसके अंदर। अब इसी से कुछ फॉर्मूले बनाए गए हैं। कैसे? मैं आपको
दिखाता हूं। देखो, आप जानते हो pमv होता है। यस सर। p तो mv होता है। आप उठा के यहां रख दो इसको। p की जगह पे MV रख दो।
ओके सर। TMB / dt सही है? अब देख जब भी दो चीजें मल्टीप्लाई हो रही होती हैं। ध्यान से
सुनना। जब भी जब भी दो चीजें मल्टीप्लाई हो रही होती हैं और दोनों टाइम के रिस्पेक्ट में चेंज हो सकती हैं। तो आप
यहां पर लगाते हो प्रोडक्ट रूल। प्रोडक्ट रूल कहता है कि या तो एक बार m कांस्टेंट ले लो और
वेलोसिटी को डिफरेंशिएट कर दो। फिर आप वेलोसिटी को कांस्टेंट ले लो और मास को डिफरेंशिएट कर दो।
ये dv / dt इज नथिंग बट एक्सीलरेशन। तो समझ में आता है कि यहां पर दो केस बन गए हैं भाई। फोर्स का फार्मूला तो ये निकल
के आया। ma तो देखो आप नाइंथ क्लास से सुनते आ रहे हो। फोर्स का फार्मूला ma होता है। ये तो नौवीं क्लास का बच्चा भी
जानता है। तू क्या नया जानता है भाई? तू ये नया जानता है कि वेलोसिटी कांस्टेंट हो और मास चेंज कर रहा हो तो भी फोर्स का रोल
है। मतलब जबजब मोमेंटम चेंज होगा फोर्स का रोल आएगा। ठीक है ना? तो यहां से दो फॉर्मूले बनते हैं। एक बनता है व्हेन
m कांस्टेंट। जब m कांस्टेंट हो तो f को ma लिखना। यह वाला पार्ट तब ज़ीरो हो जाएगा। है ना? और
जब v कास्टेंट हो तो f को vdm / dt लिखना। ठीक है? तो दो फ़ूले आ गए बेटा फोर्स के। एक ma आ गया और
एक vdm / dt आ गया। ऐसा भी होता है कि मास चेंज हो। कोई बड़ी बात नहीं है। है ना? ऐसा भी हो सकता है कि मास चेंज हो। ये
देखो इंस्टेंटेनियस फोर्स हमने लिख लिए और एक काम करते हैं। क्वेश्चन करके दिखाते हैं। ठीक है? कह रहा है फाइंड द
मैग्नीट्यूड ऑफ फोर्स एक्टिंग ऑन द बॉडी। आपको फोर्स निकालनी है। फोर्स के लिए हिंट देता हूं। डेल्टा P / डेल्टा T चाहिए।
देखो जरा क्या-क्या गिवन है? क्या-क्या गिवन नहीं है। एक बार देखो जरा। क्या-क्या गिवन है, क्या-क्या गिवन नहीं है। टाइम को
3 सेकंड ले लो चाहे। टाइम को आप 3 सेकंड्स ले लो। है ना? और ट्राई करो निकालने का। देखो, डेल्टा P
होता है P फाइनल - P इनिशियल डिवाइड बाय टाइम इंटरवल। वो दिया हुआ है 3 सेकंड। ठीक है? फाइनल मोमेंटम कैसे लिखा जाएगा? सर
फाइनल मोमेंटम लिखते हैं mv इनिशियल मोमेंटम लिखते हैं mu टाइम से करते हैं डिवाइड। अब मास तो सेम
ही है छह छह। तो छह कॉमन ले लो चाहे तो। तो ये रह गया v - u / t तो बस बस पुट कर दो। मास कितना है? सिक्स। फाइनल वेलोसिटी
कितनी है? -1 है। इसको वन मत लिखना भाई। गड़बड़ हो जाएगी। इधर मुंह है इसका। इसका इधर मुंह है -1 लिखा जाएगा और ये -2
और टाइम कितना है? 3 तो 6 * -3/3 यानी -6 न्यूटन इज द आंसर। है ना? तो 6 न्यूटन मैग्नीट्यूड में है और माइनस का
मतलब होता है कि फोर्स इस तरफ लग रही है। पीछे की तरफ फ़ लग रही है। बात सही है क्या? बात सही है क्या? फील आ गई क्या?
क्या बात है भाई? क्या बात है। परमार्थ परमार्थ कितना सुंदर नाम है बच्चे का। परमार्थ परमार्थ त्यागी। वाह। आजा आजा।
आगे देख बेटा। कह रहा है द मोमेंटम ऑफ अ पार्टिकल इज़ वेरिंग विद टाइम t एज इतना। तो ये अब अब देखो। अब देखो जब जब फोर्स
एक्टिंग ऑन द पार्टिकल है। t = एक सिंगल टाइम दे दिया अगर तो आपसे कौन सी फोर्स पूछ रहा होगा?
आपसे इंस्टेंटेनियस फोर्स पूछेगा या आपसे एवरेज फोर्स पूछेगा। ऑब्वियसली इंस्टेंटेनियस पूछेगा। ठीक है ना? तो
फोर्स निकालने के लिए क्या करोगे बेटा? dp / dt करोगे। है ना? करो इसको डिफरेंशिएट जरा। क्या आएगा?
टू का डिफरेंशिएशन ज़ीरो होगा। 3t² में से 2 नीचे उतर जाएगा, तो 6t आ जाएगा बेटा ये। है ना? तो, यह आ गई फोर्स 6. टाइम को
उठाके थ्री पुट कर दो। 6 * 3 = 18 आ गया भाई। 18 न्यूटन आंसर है। कहां है? ए ए आंसर है।
डन हो गया। डन हो गया। आनंद जयसवाल। क्या बात है भाई। बहुत बढ़िया। एक छोटी सी चीज और सुनो। एक ग्राफ आपके
सिलेबस में है जिसको कहते हैं पीटी ग्राफ। पूछा जा सकता है स्कूल में। pt ग्राफ। ठीक है ना? अब बोलेगा pt ग्राफ जो है वो भाई
ऐसे चल रहा है। ऐसे चल रहा है। ठीक है? मान लो ऐसे चल रहा है। मतलब मोमेंटम सेम है। टाइम के साथ-साथ मोमेंटम से यानी
मोमेंटम चेंज नहीं कर रहा। चेंज नहीं कर रहा तो फोर्स ज़ीरो है। है ना? क्योंकि भैया बात को समझो। बात को समझो। जब भी हम
कभी स्लोप निकालते हैं ना तो दैट स्लोप इज़ dp / dt dy / dt हां या ना? और dp / dt क्या होता है? यहां p और t है ना? d / dt
क्या होता है? फोर्स होती है भाई। ठीक है? तो कभी भी स्लोप अगर होगा तो फोर्स होगी। अगर स्लोप ही नहीं होगा। ये फ्लैट ग्राफ
है तो फोर्स ज़ीरो है। ध्यान रखना। ठीक है? अदरवाइज हम लोग क्या निकाल रहे होते हैं? फोर्स निकाल रहे होते हैं। tan थीटा से भी
आ जाएगा ये तो अगर ग्राफ दिया हुआ है तो। ठीक है? लो जी आ ही गया। अभी जिसकी बात कर रहे थे वो आ गया। कह रहा है ग्राफ फॉर टू
बॉडीज A एंड B एज़ शोन इन द फिगर। फाइंड द रेश्यो ऑफ़ द फोर्सेस। हां जी। रेश्यो ऑफ़ फोर्सेस निकालना। FA / FB जरा करो।
जरा करो जल्दी से। FA / FB कर दो फटाफट। tan 10 लेना है यार। ऑलरेडी बच्चों ने आंसर देना भी शुरू कर दिया। tan 10 लेना
है आपको। A के लिए tan 30 यस। और B के लिए क्या लोगे? ये पूरा लेना पड़ेगा।
खाली 30 से काम नहीं चलेगा। पूरा लेना पड़ेगा भाई। है ना? है ना? नीचे लेके ऊपर tan 60
tan 60°, tan 30 होता है 1/ 3 tan 60 होता है 3, 3 3, 3, 1:3 आ गया। सही?
तीसरे लॉ पर चलते हैं भाई। तीसरा लॉ कहता है हर एक्शन के लिए एक इक्वल अपोजिट रिएक्शन पक्का होता है। यानी किसी भी दो
बॉडीज के बीच में जब फोर्स लग रही होती है। यहां पर ध्यान रखना दो बॉडीज होनी जरूरी हैं। देखो लिखा हुआ है दे एक्ट ऑन
डिफरेंट बॉडीज। हमेशा न्यूटन का थर्ड लॉ दो अलग-अलग बॉडीज पर लगता है। ठीक है? ये अगर वन नंबर बॉडी
है। ये अगर टू नंबर बॉडी है तो वन वाली ने टू पर लगाई होगी एक्शन। तो टू वाली वन पर लगाएगी रिएक्शन। ये दोनों इक्वल होते हैं।
है ना? फोर्स ऑन टू ड्यू टू वन और फोर्स ऑन वन ड्यू टू टू। ये दोनों इक्वल होते हैं। हमेशा साथ-साथ लगेंगे। कोई डिले नहीं
होता। नो डिले। ठीक है ना? एक्शन रिएक्शन सिमिलर टाइप की फोर्सेस होती हैं। यानी अगर ये वाली
ग्रेविटेशनल फोर्स है, तो ये वाली भी ग्रेविटेशनल ही होगी। ऐसा नहीं हो सकता कि ये वाली नॉर्मल है, ये वाली फ्रिक्शन है।
ये वाली ग्रेविटेशनल है, ये वाली नॉर्मल है। ये वाली स्प्रिंग फोर्स है, ये वाली टेंशन है। ऐसा कभी नहीं होता। दोनों सेम
होती हैं। ठीक है? कह रहा है एनी ऑफ़ द फोर्स यहां तो ठीक है। कोई भी फोर्स एक्शन एक्शन हो सकती है। सही बात है। ठीक है ना?
एक छोटी चीज और आती है। इसको बोलते हैं इंपल्स। ये भी सुनते जाओ। है ना? छोटे-छोटे टॉपिक बहुत सारे हैं इसके अंदर।
ये होता है बेटा। कोई भी फोर्स लगे किसी टाइम इंटरवल के अंदर। शॉर्ट टाइम इंटरवल हो तो अच्छी बात है। इंपल्स आपको ढंग से
देखने को मिलती है। है ना? जब बहुत ज्यादा फोर्स बहुत छोटे टाइम के लिए लगती है तो एक इंपल्स जनरेट होता है। अब मैं आपको एक
छोटी सी बात और बताता हूं। देखो ये जो फोर्स है ये और कुछ नहीं बेटा ये डेल्टा / डेल्टा T ही तो होता है। अब डेल्टा T जा
के फोर्स से मल्टीप्लाई हो गया तो आप इसे क्या बोलते हो? डेल्टा P बोलते हो ना? तो ये डेल्टा P ही तो है। फोर्स * डेल्टा T
और क्या है? और सब डेल्टा T से जब मल्टीप्लाई हो गया। आज आप इसको इंपल्स बोल रहे हो। ये इंपल्स नहीं है। ये असल में
चेंज इन मोमेंटम ही है। यानी चेंज इन मोमेंटम को ही इंपल्स कहते हैं। भैया कोई नई बात नहीं है ये। बात को समझो। बस यूनिट
थोड़ा नए स्टाइल से लिख दी जाती है इसकी। फोर्स की यूनिट न्यूटन। टाइम की यूनिट सेकंड। तो कहते हैं कि इंपल्स की यूनिट
होती है न्यूटन सेकंड। एक ही बात है। कोई फर्क नहीं है दोनों में। ठीक जी। एक क्वेश्चन ले लो फिर।
क्या कह रहा है? कह रहा है एक ग्राफ दिया हुआ है फोर्स टाइम ग्राफ। ध्यान से देखना। कैसा ग्राफ है? फोर्स टाइम ग्राफ है। कह
रहा है फोर्स एक्टिंग ऑन अ पार्टिकल ऑफ़ मास m इज़ इंडिकेटेड बाय फोर्स टाइम ग्राफ शोन बिलो। चेंज इन मोमेंटम ऑफ़ द पार्टिकल
ओवर द टाइम इंटरवल फ्रॉम ज़ीरो टू 8 सेकंड। क्या होगा? एक बात समझो मेरी ध्यान से। देखो यार, कभी भी अगर फोर्स टाइम ग्राफ दे
रखा हो आपको ऐसा। तो आपको उसका स्लोप निकालना नहीं बोलेगा वो। क्योंकि स्लोप निकालने का मतलब
होता है df / dt ऐसी कोई चीज है नहीं आपके सिलेबस में और आगे भी पता नहीं है नहीं है हायर फिजिक्स में भी लेकिन वो आपसे ये
जरूर बोल सकता है कि fdt का इंटीग्रेशन निकालो इट इज़ नथिंग बट डेल्टा p यानी कि इंपल्स
तो कभी भी आपसे एरिया निकालने बोलेगा ना है ना तो इसका मतलब आपको क्या करना है fdt इंटीग्रेशन करना है व्हिच इज़ इंपल्स यानी
कि चेंज इन मोमेंटम और वही बोला हुआ है तो कुछ मत कर कुछ मत मत कर। खुशी-खुशी खुशी-खुशी तू बस एरिया निकालता जा। इसका
एरिया निकाल। उसमें इसका एरिया जोड़ दे और जो नीचे वाला एरिया उसको माइनस कर दे। है ना? ऊपर वाला प्लस प्लस नीचे वाला माइनस
माइनस खत्म। करके दिखा। क्या आया? ट्रायंगल है ना? हाफ। बेस कितना है? दो। हाइट कितनी है? छ। प्लस लेंथ * ब्रेड्थ
करना है। 4 से 8 चार ही है। और इंटू में क्या है? तीन है। यह टोटल कर ले भाई।
18 आ गया। और नीचे क्या है भाई? नीचे तीन है और दो है। 3 * 2 = 6 छ इसमें से माइनस कर दें 12 आ गया। तो 12 आंसर है यार। क्या
आप सी ही मार्क कर रहे हो क्या? हां जी। क्या आप सी ही बता रहे हो क्या? बढ़िया यार। बढ़िया बढ़िया बढ़िया बढ़िया बढ़िया।
बढ़िया जी। बढ़िया। आगे बढ़े। चलिए आगे चलते हैं। अब इसमें एक चीज़ आती है बेटा। कंजर्वेशन
ऑफ लीनियर मोमेंटम जो कि कोलीजन में भी काम आएगा, रोटेशन में भी काम आएगा, सब जगह काम आता है। ठीक है? क्या बोला गया है?
सुनो। कह रहा है जब भी कभी कोई नेट एक्सटर्नल फोर्स सिस्टम पर ज़ीरो होती है, ओके? क्या मतलब हुआ इस बात का? इस बात का
मतलब हुआ कि ma ज़ीरो होता है। maरो होने का मतलब क्या है? देखो ma 0 होने का मतलब है कि के डेल्टा p / डेल्टा t 0 है अगर आप
मोटी बात समझो तो है ना क्योंकि f ज़ीरो होता है तो मतलब डेल्टा / डेल्टा t0 0 डेल्टा t चला गया वहां तो डेल्टाp 0 आ गया
डेल्टाp इज़ नथिंग बट mv - mu = 0 है ना इसको उधर भेज दो तो mu mv के बराबर है यानी इनिशियल मोमेंटम
बराबर फाइनल मोमेंटम दिस इज कॉल्ड कॉल्ड एलसीएल एलसीएल
लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ लीनियर मोमेंटम प्रूव हो रहा है। यहां से छोटी सी डेरिवेशन है। छोटी सी डेरिवेशन है। उससे ये चीज क्या हो
जा रही है? प्रूव हो जा रही है। ठीक है ना? तो ये p हमेशा कांस्टेंट रहता है। और इसी से इक्वेशन निकल कर के आती है। m1u1
+ m2u2 m1v1 + m2v2 के बराबर। ठीक है ना? ये यहीं से निकल कर के आई है। इसको डिराइव भी किया
जा सकता है। लेकिन कोई खास जरूरत नहीं है इसको डिराइव करने की। ठीक है जी। तो यहीं से ही आया है ये। मोमेंटम सेम होना।
इनिशियल मोमेंटम सेम होना दोनों बॉडीज का। फाइनल भी सेम होना दोनों बॉडीज का। जब कोई बाहर से फोर्स ना लग रही हो तो आप ये लगा
सकते हो। इसके बहुत सारे एग्जांपल्स आते हैं। सबसे पहला आता है रिकइलिंग ऑफ गन। एक गन रिकइल मारती है। आपको पता है जब भी चल
रही हो ठाएं ठाएं। पीछे पीछे झटका मारती है वो। है ना? तो उसकी वेलोसिटी पूछ सकता है आपसे।
उसकी वेलोसिटी पूछी जा सकती है। अब वो कैसे निकालोगे? देखो आप क्या करोगे? आपको पता है कि इनिशियल मोमेंटम
ज़ीरो है। कैसे? भाई गन भी नहीं कहीं हिल रही। जब तक हमने ट्रिगर नहीं दबाया कोलीजन से पहले तक गन भी कहीं नहीं गई और बुलेट
भी कहीं नहीं गई। दोनों ही कहीं नहीं गई। ठीक है ना भाई? तो इनिशियल मोमेंटम क्या है? ज़ीरो है। इनिशियल ज़ीरो है। तो भैया
फाइनल भी क्या होगा? ज़ीरो होगा। बात सही है ना? भाई दोनों सेम ही रहते हैं जब तो। तो आप लिख सकते हो कि भाई जो M1 V1
+ m2v2 है। वो किसके बराबर है? वो 0 के बराबर है। बात सही। अब m1 क्या है? m1 है मास ऑफ गन। इसको mg लिखता हूं। v1 क्या
है? यही है रिकइल वेलोसिटी। m2 क्या है? ये है बुलेट का मास। mb लिखता हूं। और v2 क्या है? वेलोसिटी ऑफ़ बुलेट जो
फाइनल वाली होगी। ये ज़ीरो के बराबर है। तो यहां से रिकइल वेलोसिटी निकल के क्या आ गई? -mb
कोई बताएगा यह माइनस में क्यों है? डिवाइड बाय गन का मास। क्या आप बताओगे कि यह रिकइल वेलोसिटी का फार्मूला जो मैंने
निकाला इसमें यह माइनस साइन क्यों आया है? ये वेलोसिटी माइनस से क्या रिप वो तो पता है प्लस माइनस की वजह से आया है। उधर चला
गया है वो मैं जानता हूं। लेकिन माइनस रिप्रेजेंट क्या कर रहा है? माइनस यहां पे रिप्रेजेंट क्या कर रहा है? माइनस यहां पे
रिप्रेजेंट ये कर रहा है कि अगर आप इसको वेक्टोरियली लिखते हो। इसको भी वेक्टोरियल लिखते हो तो इसका माइनस कहलाता है
डायरेक्शन ऑोजिट होना। यस यस वेरी गुड वेरी गुड। माइनस साइन रिप्रेजेंट्स अपोजिट डायरेक्शन। तो अगर आप इसका सिर्फ
मैग्नीट्यूड निकालना चाहो तब कोई जरूरत नहीं है। तब कोई जरूरत नहीं है भाई। बुलेट का मास,
बुलेट की वेलोसिटी, गन का मास। तब आप ऐसे ही रख के निकाल देना। कोई बात नहीं। कोई बात नहीं भाई। कोई चक्कर नहीं है। ठीक है
जी। क्लियर? एक क्वेश्चन भी देख लेते हैं फटाफट से। बुलेट का मास दिया हुआ है। MB दिया हुआ
है। 50 ग्राम में कुछ नहीं होता भाई। किलोग्राम में चेंज कर दो। इज़ फायर्ड फ्रॉम अ गन विद इनिशियल
वेलोसिटी यानी V दिया हुआ है बुलेट का। वो कितना है? 35 मीटर पर सेकंड। मास ऑफ द गन। m कैपिटल g दिया हुआ है 4
kg. तो रिकइल वेलोसिटी निकालनी है आपको। क्या जी? नहीं कर सकते क्या? नहीं कर सकते क्या भाई? हैं? पुट करना
आंसर निकालना भाई। कर लेना इसको। ठीक है? चलिए बात करते हैं वेरिएबल मास सिस्टम की। देखो
आपने थोड़ी देर पहले सुना था कि मास भी चेंज करता है। यानी dm / dt जैसी चीज होती है। अब dm / dt जैसी चीज होती है तो फोर्स
को लिख सकते हैं vdm / dt। ये मैंने आपको पहले भी दिखाया। पर ये फ़ूले की एक कंडीशन है। क्या? क्या कंडीशन है कि
वेलोसिटी कांस्टेंट चाहिए। वेलोसिटी कांस्टेंट चाहिए। मास चेंज होता रहना चाहिए। तब आप फोर्स निकाल सकते हो।
तब फोर्स जो क्या करेगी? वो सपोर्ट करेगी एक तरीके से कांस्टेंट वेलोसिटी को बनाए रखेगी। ठीक है ना? अगर मास चेंज हो रहा हो
तो। इसमें सबसे बड़ा एग्जांपल देखने को मिलता है रॉकेट प्रोपल्शन का। कैसे? देखो रॉकेट में क्या होता है? फ्यूल होता है और
फ्यूल धीरे-धीरे बर्न होता रहता है। जैसे-जैसे रॉकेट ऊपर जाएगा फ्यूल लगातार बर्न बर्न बर्न होता जाएगा। यानी मास
धीरे-धीरे घटता जाएगा। घट रहा है कि नहीं घट रहा? मास धीरे-धीरे घट रहा है कि नहीं घट रहा? क्या मास धीरे-धीरे टाइम के साथ
चेंज हो रहा है कि नहीं हो रहा? है ना? और जो ये रॉकेट की कांस्टेंट वेलोसिटी बनी हुई है ना ऊपर की तरफ वो फोर्स के कारण से
है भाई। बिना फोर्स के काम नहीं हो सकता था। आप समझो बिना फोर्स के यह काम नहीं हो सकता कि इसकी वेलोसिटी कांस्टेंट बनी रहे।
ठीक है ना? और मास इसका चेंज होता रहे। ठीक है? क्लियर है बात? है ना? तो ये vdm / dt से आप क्या निकाल सकते हो? अपवर्ड
वेलोसिटी कितनी है? अपथ्रस्ट बोलते हैं इसको। है ना? इसको बोलते हैं अपथ्रस्ट। वो निकाली जा सकती है। ठीक है ना? और कोई
पूछे नेट फोर्स कितनी लग रही है? कोई पूछे रॉकेट पर नेट फोर्स कितनी है? तो भाई ऊपर है अपथस्ट और नीचे लग रही होगी
ग्रेविटी यानी mg तो vdm / dt - mg ठीक है ना? क्योंकि नीचे मास भी तो अरे ग्रेविटी भी तो नीचे लग रही है ना
भाई। तो उसका नेगेटिव हो के आंसर आपको देखने को मिलेगा। ठीक है? ये क्वेश्चन आप ट्राई कर सकते हो। कह रहा है द फोर्स ऑन अ
रॉकेट दैट रिलीजेस द एग्जॉस्ट गैसेस विद द वेलोसिटी ऑफ़ 300 मीटर पर सेकंड इज 210 न्यूटन। तो रेट ऑफ कंबस्शन ऑफ फ्यूल क्या
है? देखो रेट ऑफ कंबशन ऑफ फ्यूल का मतलब dm / dt बोल रहा है आपसे। ठीक है? वेलोसिटी 300 है और फोर्स दे रखी
है। तो क्या आप फार्मूला लगा के आंसर नहीं निकाल सकते क्या? vdm / dt से। f / v कर दो।
कितना फोर्स है भाई? 210 वेलोसिटी कितनी है? 300 dm / dt निकल के आ जाएगा।
सी ऑप्शन सही है। बोलो यार बोलो भाई बोलो जल्दी से। अरे 0.07 नहीं आएगा। 0.7 आएगा बेटा।
है ना? 0.7 आएगा। ठीक? ठीक। आगे चलें। चलो जी। चलो अब एक चीज आती है जिसको बोलते हैं
इक्विलिब्रियम। ये भी आपको समझना है क्या होता है। देखो इक्विलिब्रियम का मतलब होता है नेट फोर्स जीरो होना किसी भी सिस्टम
पर। ठीक है ना? लिखा है नेट एक्सटर्नल फोर्स ऑन अ सिस्टम इज़ ज़ीरो। कोई भी एक्सटर्नल फ़ सिस्टम पर ना लग रही हो। या
फिर सारी फोर्सर्सेस जो जो लग रही हैं उनका वेक्टर सम ज़ीरो आ रहा हो। उनका वेक्टर सम ज़ीरो आ रहा हो। उसको बोलते हैं
इक्विलिब्रियम पर होना। ठीक है ना? अब तीन तरह के इक्विलिब्रियम होते हैं। यही सेम कांसेप्ट आपको वर्क एनर्जी में भी देखने
को मिलेगा। तो वहां पर भी इसको तसल्ली से देखेंगे, सब्र से देखेंगे, सुनते जाना। ठीक है ना? एक होता है स्टेबल
इक्विलिब्रियम। इसका मतलब क्या है? स्टेबल इक्विलिब्रियम का मतलब होता है कि जब भी कभी बॉल स्टेबल इक्विलिब्रियम में तब मानी
जाती है। देखो, ऐसा समझो अह टॉर्क वाली बात, ना अभी रहने दो। अभी रहने दो। अभी इधर ही आते हैं। इसको हटाओ। अभी इसकी
जरूरत नहीं है। हां, ठीक है। देखो, तो दो तरह का इक्विलिब्रियम होता है। ठीक है? वर्क
एनर्जी में देखेंगे तीन वाला। अभी दो वाला देखो। एक होता है स्टैटिक इक्विलिब्रियम और एक होता है डायनेमिक
इक्विलिब्रियम। ठीक है ना? स्टैटिक इक्विलिब्रियम का मतलब होता है कि नेट फोर्स जीरो है और बॉडी रेस्ट पर
है। बॉडी एट रेस्ट। ठीक है? और डायनामिक इक्विलिब्रियम का मतलब होता है कि नेट फोर्स ज़ीरो है। पर
बॉडी रेस्ट पर नहीं है। बॉडी चल रही है यूनिफॉर्म मोशन से। बॉडी इन यूनिफॉर्म मोशन। बात को समझना। दोनों में
फर्क है। दोनों में फर्क है। जब किसी बॉडी पर सारी फोर्सर्सेस कट के जीरो हो जाए और बॉडी पहले से ही चल रही थी तो आगे भी चलती
रहेगी। इनर्शिया वाला कांसेप्ट यही कहता है। तो वही बात लिखी हुई है। डायनामिक इक्विलिब्रियम का मतलब यही है। डायनेमिक
इक्विलिब्रियम का मतलब यही है कि बॉडी पहले से ही चल रही थी, बाद में भी चलती रही। फोर्सर्सेस सारी ज़ीरो थी। और स्टैटिक
का मतलब क्या है? बॉडी पहले भी रुकी हुई थी, बाद में भी रुकी हुई है और कोई फोर्स भी नहीं लगी। समझ गए ना? तो ये दो अलग-अलग
कांसेप्ट हैं। तो थोड़ा ध्यान देना इन पर। ठीक है? अच्छा। मुझे इस बात का जवाब दो ट्रू है या फॉल्स
है? फटाफट से इस बात का जवाब दो। ट्रू है या फॉल्स है? शाबाश। शाबाश। यस इट इज़ फॉल्स। फॉल्स है
ये। इक्विलिब्रियम का मतलब बॉडी रेस्ट पर होना नहीं होता भाई। रेस्ट वाला इक्विलिब्रियम होता है स्टैटिक
पर डायनामिक इक्विलिब्रियम नाम की भी तो चीज होती है। है ना भाई? डायनेमिक इक्विलिब्रियम भी तो होता है जब बॉडी
यूनिफॉर्म मोशन से चलती है। ठीक है कि नहीं? यूनिफॉर्म मोशन से चलती है। तो फिर ऐसे
कैसे बोल सकते हैं हम? ठीक है ना? चलो भाई आओ कुछ एफबीडी बना करके देखते हैं। फ्री बॉडी डायग्राम जो कि बहुत काम आते हैं आप
लोग को एग्जाम के अंदर। ठीक है ना? तो अलग-अलग केसेस मैं आपको करवाता हूं। ठीक है? और उसके बाद हम बना करके देखेंगे।
जैसे एक केस ये मैं आपको करवाता हूं। मान लो 10 kg का कोई ऑब्जेक्ट है। उस पर इस तरफ 50 न्यूटन लग रही है। इस तरफ 10
न्यूटन लग रही है। यहां देखो जरा। ये रहा वो मास। ऐसे ही बनाते हैं एफबीडी। छोटा सा डॉट ले लो। चाहे तो ब्लॉक ले लो, चाहे तो
डॉट ले लो। ठीक है ना? डॉट ले लिया। इधर लग रही है 50 न्यूटन। इधर लग रही है 10 न्यूटन। ठीक है? अच्छा ये बताओ क्या नीचे
और ऊपर भी लग रही होगी कोई-कोई फोर्स क्या? यस बिल्कुल लग रही होगी। अरे kg दिया है ना किलोग्राम किलोग्राम दिया है
तो वेट फोर्स लग रही होगी। वेट फोर्स होती है mg मास है 10, gb है 10। कितना आया? 100 न्यूटन आया।
ठीक है? 100 न्यूटन आया। और इसको अंदर घुसने से बचाने के लिए ऊपर की तरफ भी फोर्स लग रही होगी। क्या नाम है उस फोर्स
का? जो ऊपर की तरफ फोर्स लग रही होगी उसका नाम क्या है? उसका नाम है नॉर्मल। और वो भी बेटा इस केस में 100 ही होगी। उसका कोई
फिक्स फार्मूला नहीं होता। बात को समझो। ऊपर वाली नॉर्मल फोर्स भी 100 ही है और नीचे वाली वेट फोर्स भी 100 ही है। और ये
आपस में कट मरेंगी। बात समझ रहे हो ना? यस। वेरी गुड। वेरी गुड। ऊपर नॉर्मल का कोई फिक्स फार्मूला
नहीं होता। वो बचाने के लिए लगती है बस। वो बचाने के लिए लग रही है तो वेट के बराबर लग रही है यहां पर। ठीक है? अब 50
इस तरफ है, 10 इस तरफ है। तो हॉरिजॉन्टली देखें तो देयर इज़ सम नेट फोर्स। वर्टिकली कोई फोर्स नहीं है। अगर मैं बोलूं अगर मैं
बोलूं नेट फोर्स इन y डायरेक्शन तो वो जीरो है। पर अगर मैं बोलूं नेट फोर्स इन x
डायरेक्शन तो वो ज़ीरो नहीं है। वो 50 - 10 है। हां या ना? वो 50 - 10 है। यानी वो 40 न्यूटन है। ठीक है ना? तो f = ma है ना?
ये 40 है। मास 10 है। a निकल के कितना आएगा बेटा? 4 मीटर पर सेकंड स्क्वायर आएगा। फील आ गई तो बता दो। क्लियर है
क्या? एक्सीलरेशन निकालनी थी आपको और नॉर्मल रिएक्शन निकालना था। नॉर्मल हमने पहले ही बता दिया। 100 न्यूटन है। ठीक है?
बहुत बढ़िया। आओ एक केस के साथ डील करते हैं। जब ब्लॉक इंक्लाइंड प्लेन पर पहुंचा हुआ हो तब क्या
होता है? देखो, अगर कोई मास इंक्लाइंड प्लेन पर है, तो एक बात हमेशा ध्यान रखना कि बेटा जो ग्रेविटेशनल फोर्स लगती है ना
वो हमेशा ग्राउंड की तरफ लगती है ऐसे। ऐसे। ठीक है? तो सर फिर उसको नीचे कौन लेके आता है? तो देख यहां पर क्या होता
है? हम एक रेफरेंस लाइन खींचते हैं और जितना एंगल यहां पर दिया होता है ना 30° वही
एंगल इस रेफरेंस लाइन और इस फोर्स के बीच में होता है व्हिच इज़ 30° तो जब ये 30° है तो यहां पर जो फोर्स होगी
जो इसका कंपोनेंट टूटेगा हां भाई कंपोनेंट कर रहे हैं रेोल्यूशन कर रहे हैं mg का कंपोनेंट यहां जो टूटेगा वो होगा mg cos
30 है ना और जो इधर को लेकर के आएगा जो इसको नीचे लेकर के आएगा वह होगा mg sin 30 बात सही है ना और इसको बैलेंस रखने के लिए
इस mg cos थीटा को बैलेंस रखने के लिए ऊपर की तरफ जो फोर्स होगी वो होगी नॉर्मल वो होगी नॉर्मल समझ गए समझ गए ना अब ये
क्या कह रहा है आपसे कह रहा है एक ब्लॉक ऑफ़ मास m है उसे रिलीज किया गया फ्रॉम द टॉप यानी u ज़ीरो है भाई साहब साफ दिया हुआ
है कि u ज़ीरो है। ठीक है? कह रहा है फाइंड द टाइम टेकन बाय द ब्लॉक टू रीच द ग्राउंड। कितना टाइम लगेगा उसको नीचे आने
में? बेटा एक बात बता क्या सब चीजें गिवन है? u आपका इक्वेशन होती है s = ut + 1/2 at²
ठीक है? क्या s आपको गिवन है? यस। s गिवन है। 40 है ये। डिस्प्लेसमेंट क्या है? 40 है। इनिशियल वेलोसिटी रिलीज़ किया गया तो
ज़ीरो है। प्लस 1/2 एक्सलरेशन क्या लोगे भाई? फोर्स क्या लग रही है इसके ऊपर जो
नीचे ले आ रही है सर? फोर्स है mg sin 30 तो जब फोर्स आपको mg sin 30 दी हुई है। mg sin 30 दी हुई है तो इसको मास से
डिवाइड करो ना भाई। मास से डिवाइड करोगे तो एक्सीलरेशन आ जाएगी। मास से मास कट गया। g sin थीटा आ गया। है ना? एक्सीलरेशन
जो होता है वह होता है g sinटा g sin 30° लगा दो यहां पे g मतलब 10 और sin 30 हा 1/2 होता है टाइम कितना लगेगा
वो निकल के आ जाएगा t² से बोलो हां या ना ठीक है ना तो ये आ गया भाई इस ज़ीरो से ये ज़ीरो कट गया 2 * 2 = 4 4 * 4 = 16 = t² और
t निकल के आ गया 4 सेकंड ठीक है ना ऑप्शन में गड़बड़ है कोई बात नहीं अपन नन को टिक मार देते हैं [हंसी] ठीक ठीक है? चार
सेकंड है तो अपन नन में टिक मार देते हैं। क्या दिक्कत है? ठीक है। इनमें से कोई नहीं है। हम क्यों ऑप्शन चेंज करें भाई?
है ना भाई? ये पाप अपने सर हम क्यों चढ़ाएं? ठीक है? आइए एक केस और लेते हैं। अब ये
टेंशन वाला केस है। देखो भाई आपको तीन मास दिख रहे होंगे। एक 1 केg, 2 kg, 3 kg। इनके बीच में आपको रस्सी दिख रही होगी। है
ना? रस्सी में जो फोर्स होती है उसी का नाम टेंशन है। ठीक? पर ये टेंशन ने बैलेंस किसको किया हुआ है? यह टेंशन ने पकड़ा
किसको हुआ है? तो अगर आप एक-एक करके मासेस को देखो एफबीडी बना करके आजा एक बार एफबीडी बना लेते हैं। ये 1 kg मास है।
ये 2 kg मास है। ये 3 kg मास है। 1 केg मास नीचे की तरफ लगा रहा होगा 10 न्यूटन। ऊपर की तरफ उस पर
लग रही है t1 टेंशन। 2 kg मास को देखें तो ऊपर भी रस्सी है, नीचे भी रस्सी है। दोनों तरफ से खींच रहा है वो। तो नीचे t1 से भी
खींच रहा है। ऊपर t2 से खींच रहा है। और साथ ही साथ साथ ही साथ 20 न्यूटन का वेट फोर्स भी तो लग रहा होगा। अरे 2 किलो का
मास है ना वो। तो उस पे ग्रेविटी भी तो लग रही होगी। ऐसे ही 3 kg को देखो भाई। ऊपर की तरफ T3 तो है ही है। नीचे की तरफ T2 भी
है और नीचे की ही तरफ 30 न्यूटन भी है। ठीक है ना? तो क्या आप टेंशन अलग-अलग निकाल नहीं सकते सबकी?
क्या? सबकी निकल जाएगी। देख T1 है क्योंकि बैलेंस हो रहा है ना तो T1 10 न्यूटन आ ही गया। आंसर है ये T1।
यहां पे T1 पुट करोगे। T2 आ जाएगा। T2 क्या होगा भाई? ये होगा T1 + 20 ये 10 है। 10 + 20 30 आ गया। ले भाई T2
निकल के भी आ गया। एफबीडी बनाओ ऐसे चुटकियों में आंसर आता है। अब देख T2 यहां पुट करेगा T3 भी आ जाएगा। T3 क्या है? T2
+ 30 + 30 कितना आ गया बेटा? 60 न्यूटन आ गया। खत्म। हो गया। आसान है कि मुश्किल है?
इतना तो पढ़ना पड़ेगा अब यार। इतना बेसिक तो आपको आना चाहिए भाई। यह तो एकदम बकवास चीज है यार। है ना? इससे अच्छी-अच्छी चीजें
आती हैं भाई। ठीक है? और देखो जरा। कह रहा है 2 किलो 3 किलो वाले पर 30 न्यूटन की फोर्स
लग रही है। हमने बोला ओके। कह रहा है एक्सीलरेशन निकालो ब्लॉक्स की। एक काम करो आप इस पूरी बॉडी को एक सिंगल मास मान लो
मेरे कहने पर। तो कितना मास हो गया सर? 5 किलो हो गया। बस खत्म। एक्सीलरेशन निकल के आ जाएगी। एक्सीलरेशन क्या होता है? फोर्स
अपॉन में मास होता है ना। टोटल फोर्स बाहर से कितनी लग रही है? 30 मास टोटल कितना है? 3 + 2 ये फार्मूला बहुत जगह काम आएगा
आपको कि पूरे सिस्टम का मास डिवाइड कर रहे हो एक्सटर्नल फोर्स से। नेट एक्सटर्नल फोर्स से पूरे सिस्टम का मास डिवाइड करना।
ये बड़े काम की चीज है बेटा। ठीक है? इसको सीख लो आप। 5 * 6 = 30 मीटर पर सेकंड स्क्वायर आंसर आ गया। ये पहला वाला हो
गया। अब दूसरा आता है कांटेक्ट फ़ोर्स बिटवीन 2 kg 3 kg. क्या कॉन्टैक्ट फ़ोर्स है भी दोनों के बीच में? बिल्कुल है भाई।
बिल्कुल है। इन दोनों के बीच में कांटेक्ट फोर्स है जिसको नॉर्मल कहते हैं। पर वो निकलेगा कैसे सर? बहुत सिंपल है। देख बहुत
सिंपल है। मुझे एक बात बता। अगर तू सिर्फ 3 kg वाले के बारे में सोचे तो सिर्फ उसका एफबीडी कैसे बनेगा? केवल 3
kg वाले का। सर सिर्फ 3 kg की बात करें तो उसके ऊपर एक ही फोर्स लग रही है। वो ये n है। इस तरफ लग रही है वो। है ना? चेक करो।
और ये चल भी रहा है। कितनी एक्सीलरेशन से चल रहा है भाई? 6 मीटर पर सेकंड स्क्वायर। तो यार फोर्स भी है, एक्सीलरेशन भी है,
मास भी है। लगाना f = m सोचता क्या है? फोर्स क्या है यहां पर? नेट फोर्स इज़ नॉर्मल। मास कितना है? थ्री। एक्सीलरेशन
क्या है? छह। 6 * 3 18 न्यूटन आंसर है। क्या आप आंसर लिख रहे हो क्या? यस बेटा। शाबाश। ज्योति सिंह। बहुत बढ़िया। वेरी
गुड। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। यस शिवम। वेरी गुड यार। सही है। सही है। यस। 18, 6 * 3 = 18 बस खत्म। आ गया आंसर।
क्लियर है क्या? ऐसे निकलता है। एक और क्वेश्चन देखो। 3 kg 6 kg वाले को स्ट्रिंग से बांध दिया
है। अंदर में स्ट्रिंग है इसके। तो ऐसे भी टेंशन लग रही होगी। ऐसे भी टेंशन लग रही होगी। है ना? रस्सी जो है वो दोनों को
खींचती है। टेंशन कभी भी एक तरफ नहीं लगती। दोनों तरफ लगती है। वेरी गुड। वेरी गुड। सही है। ठीक है ना? तो आपने क्या
करना है? आपने एक्सीलरेशन ऑफ द ब्लॉक्स निकालना है कि भाई मतलब यह भी जा रहा है उसी एक्सीलरेशन से। यह भी उसी एक्सीलरेशन
से जाएगा। भाई अगर एक ट्रेन चल रही है तो ट्रेन का हर डिब्बा सेम एक्सीलरेट कर रहा होगा ना या कोई डिब्बा आगे पीछे भी
एक्सीलरेट कर रहा है। ऐसा तो नहीं होता। ठीक है ना? तो एक्सीलरेशन के लिए आपको क्या चाहिए?
नेट फोर्स डिवाइड बाय सिस्टम का मास। नेट फोर्स क्या है? जो बाहर लग रही है। एक्सटर्नल बतानी है सिर्फ। एक्सटर्नल फ़
कौन सी है? 54 है। 54 पूरे सिस्टम का मास क्या है? 6 + 3 डायरेक्ट आंसर निकल के आता है बेटा। 9 * 6
= 54 6 मीटर पर सेकंड स्क्वायर इज़ द एक्सीलरेशन। ठीक है? कोई पूछे आपसे टेंशन इन द स्ट्रिंग क्या है? तो आपको पता है
एक्सीलरेशन छह है ही है। क्या टेंशन नहीं आ सकती क्या? सिर्फ इस मास को कंसीडर कर। सिर्फ इस मास को।
सिर्फ इसी मास को। इस पर एक ही फोर्स लग रही है। t फॉर टेंशन जिसकी वजह से ये इधर जा रहा है। 3 kg का ये खुद है। 6 मीटर पर
सेकंड स्क्वायर की एक्सीलरेशन है। टेंशन ma आ जाएगा। 3 * 6 कितना आ गया बेटा? 18 न्यूटन आ गया। 18 न्यूटन आ गया। शाबाश
वृंदा बिल्कुल सही। अस्मि एकदम बढ़िया। शाबाश। अरे बहुत सारे कमेंट आ गए भाई। आकाश शर्मा बहुत बढ़िया। यस यस चौधरी। यस
आकर्ष बहुत बढ़िया। पार्थ बहुत बढ़िया। सही है यार। सही है, सही है, सही है। चलिए आइए। ब्लॉक्स वाला केस भी एक बार देख लेते
हैं। है ना? जब बोथ ब्लॉक्स हैंग करें ऐसे। ऐसे और ऐसे।
ठीक है? तो भाई इनमें से एक मास ज्यादा होगा। जो मास ज्यादा होगा उस तरफ ये पूरा सिस्टम गिर रहा होगा।
ऐसे एक्सीलरेशन से और यहां पर ऊपर की तरफ एक्सीलरेशन होगी। ये m2 ये m1 सही है ना? अगर हम एफबीडी बना करके देखें
जो कि स्कूल लेवल पर बनाना ही पड़ता है भैया। शॉर्टकट चलते नहीं है तो ऊपर टेंशन रहेगी और नीचे की तरफ ग्रेविटेशनल फोर्स
लगती रहेगी। ठीक है ना? कोई आपसे पूछे हमें एक्सीलरेशन चाहिए जी सिस्टम की। तो ले ले भाई। कौन मना कर रहा है? क्या होती
है एक्सीलरेशन? नेट फोर्स ऑन द सिस्टम। वो भी एक्सटर्नल वाली डिवाइड बाय पूरे सिस्टम का मास। है कि नहीं? है कि नहीं? तो नेट
फोर्स क्या है? एक तो m1g है, दूसरी m2g है। दोनों एक दूसरे को काट रही हैं। m1g बड़ी है, m2g छोटी है। तभी तो इधर जा रहा
है सिस्टम। m1g बड़ी, m2g छोटी है। तो नेट फोर्स कैसे आएगी? m1g - m2g / पूरे सिस्टम का मास क्या है? इसका
तो मास मानते नहीं। m1 + m2 मानेंगे। ये आ गई बेटा एक्सीलरेशन। ऐसे ही निकलती है। और कोई तेरे से यह बोले
कि भाई अब टेंशन भी निकाल के दिखा। चल तो क्या दिक्कत है? कहीं से भी ले लो। इसको पकड़ लो, इसको पकड़ लो। जिसको मर्जी पकड़
लो। एक्सीलरेशन आपके पास आ ही गई है। ये रही। ठीक है ना? नीचे वाली फोर्स ज्यादा होगी। है ना? तो टेंशन अगर कोई आपसे
निकालने को बोले, तो आप इसका एफबीडी बना दो। m1g नीचे है। टेंशन ऊपर है। नीचे की तरफ a
से एक्सीलरेट कर रहा है। ठीक है ना? तो लिखेंगे ऐसे m1g नीचे वाला माइनस ऊपर वाला है ना = m1a
a की वैल्यू उठाओ यहां उठा के रख दो t निकल के आ जाएगा ठीक है ना t निकल के आ जाएगा कर लो हजम फटाफट से जल्दी-जल्दी से
ठीक जी और t का अगर आप चाहते हो डायरेक्ट फार्मूला तो मैं आपको दे देता हूं t का डायरेक्ट फार्मूला होता है 2m1
m2g / m1 + m2 यही निकल के आएगा एंड में जब आप इसको
कैलकुलेट करोगे तो ठीक है जी स्कूल लेवल पर यह सब डेरिवेशंस आती हैं भाई ठीक है
आओ एक बार ये सवाल करते हैं कह रहा है टू बॉडीज ऑफ़ मास 4 kg 6 kg हां जी ठीक है ऐसा-ऐसा दिया हुआ है फ्रिक्शन लेस पुली है
ठीक है एक्सीलरेशन ऑफ द सिस्टम पूछा है आपसे कितना होगा भाई एक्सीलरेशन क्या होता है बोला था नेट फोर्स डिवाइड बाय पूरे
सिस्टम का मास नेट फोर्स कितनी है 60 यहां 40 यहां मतलब 6g - 4g g है ना अरे इधर लग रही होगी 6 * g इधर लग रही होगी 4 * g
दोनों में से बड़ी कौन सी है 6g बड़ी है 4g छोटी है डिवाइड बाय टोटल मास कर दो 6 + 4
2g / में 10 तो g / 5 आ गया क्या आंसर आप लोग लिख रहे हो पीछे क्या पीछे कमेंट में आंसर लिख रहे हो क्या शाबाश वेरी गुड बहुत
बढ़िया बहुत बढ़िया भाई नीट 20 में आया हुआ सवाल है देख लो यार यह ठीक है ना एक क्वेश्चन यह भी देखो फटाफट से। नीट 20
का ही सवाल है। यह भी यह एक इंक्लाइंड प्लेन पे रखा हुआ है। मैंने आपको सिखाया हुआ है कि इस तरफ जो
फोर्स लगती है वो gsin थीटा वाली होती है। है ना? तो यहां पर आप लिख सकते हो mg sin 30° वाली फोर्स यहां है। और इस पर
फोर्स कौन सी लग रही होगी एक्सटर्नल? तो नीचे की तरफ लग रही होगी 40 न्यूटन। है ना भाई? दोनों में से बड़ी कौन सी होगी? किसी
भी एक को बड़ी मान लो आप। एक्सीलरेशन उससे फाइंड हो जाएगी। है ना? मैं उधर वाली को बड़ी मान लेता हूं। तो mg sin 30°
- 40 बाय दोनों का मास कितना है? 6 + 4 तो 10 आ जाएगा। m और g पुट कर देता हूं। तो 60 sin 30 क्या होता है? हाफ होता है और
माइनस का 40। अरे एक मास तो छोटा पड़ गया। उल्टा ले लेते हैं। देखो इसी से पता चल जाता है। ऐसे सॉल्व करते-करते पता चल जाता
है कि ये वाला मास नीचे लेके आ रहा होगा सिस्टम को। है ना? ये वाला मास ऐसे चल रहा होगा। ऐसे ऐसे चल रहा है पूरा
सिस्टम। ठीक है ना? 40 - mg क्या है? 60 sin 30 इज 1/2 / 10 तो 10/10 आंसर आ गया। 1 मीटर पर सेकंड
स्क्वायर। क्या यही आप आंसर लिख रहे हो? शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। फिर आती है दूसरी बात टेंशन निकालने की। वो कैसे
निकलेगी भाई? इधर से पकड़ ले यार। इधर से पकड़ ले बात को। है ना? नीचे 40 जा रहा है। ऊपर t है। तो 40 - t = 4 * a। a क्या
है? वन है। तो ये फोर ही हो गया। ये t - 40 40 - 4 आ गया। 36 न्यूटन इज द टेंशन। 36 न्यूटन इज द टेंशन। ठीक है ना? बढ़िया
जी। चलो थोड़ा सा ब्रेक और ले लो आप। ठीक है? एक ब्रेक आपको और देते हैं। बिन मांगे दे
रहे हैं भाई। ब्रेक क्या लोगे और तुम? ठीक है। खाना खाना खाने का ब्रेक है भाई। खाना
खाने का ब्रेक 14 मिनट का। ओके। डन। बिना मांगे दिया है। देखो है ना? मुझे पता है आप लोग
को मजा आ रहा था सवाल करने में। लेकिन बिना मांगे ब्रेक दे दिया मैंने। ठीक है ना? अब एंजॉय करो। खानावाना खा के जल्दी
से आ जाओ। हां भाई मेरी आवाज सुनाई दे रही है आप सभी को?
क्या मैं दिखाई पड़ रहा हूं? सुनाई दे रहा हूं आप सभी को? शुरू करें। शुरू करें आगे की कहानी। जल्दी से बता दो यार। आगे हम
लोग पढ़ रहे हैं स्प्रिंग फोर्स को। ठीक है? तो होपफुली यार आप कुछ रिफ्रेशमेंट्स लेकर के कुछ खाना पीना खा के वापस आ गए
होगे। है ना? और जो साथ-साथ खाते रहते हैं फिर वो तो पढ़ते भी साथ-साथ ही रहते हैं। तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। ठीक है
ना? है ना? अब डिनर का ब्रेक कोई ना मांगे। है ना? चलिए आगे बढ़ते हैं। तो यार हम लोग अब स्प्रिंग फोर्स के ऊपर चलते
हैं। देखो स्प्रिंग फोर्स यह कहती है स्प्रिंग फोर्स यह कहती है कि ये हमेशा प्रपोर्शनल होगी डिस्प्लेसमेंट के। कौन से
डिस्प्लेसमेंट की बात हो रही है? आपने स्प्रिंग को किसी नेचुरल लेंथ से कितना डिस्प्लेस किया है। है ना? जैसे मान लो ये
स्प्रिंग नॉर्मली खुला हुआ है। ये जितना भी खुला हुआ होगा उसी को हम लोग बोलेंगे नेचुरल लेंथ और इस पोजीशन को ज़ीरो मानते
हैं। है ना? इस पोजीशन को क्या मानते हैं? ज़ीरो मानते हैं। अगर आपने इसको स्ट्रेच करना शुरू किया। ठीक है? मान लेते हैं कि
आपने इस स्प्रिंग को स्ट्रेच करना शुरू किया। तो आप फोर्स कहां लगाओगे? बाहर की तरफ। अरे इसको खोलने के लिए फोर्स कहां
लगाओगे? बाहर लगाओगे। है ना? लेकिन स्प्रिंग क्या करेगा पता है? स्प्रिंग लगाएगा फोर्स अंदर की तरफ। स्प्रिंग
लगाएगा फोर्स कहां पर? अंदर की तरफ। ठीक है ना? तो डिस्प्लेसमेंट होती है बाहर की तरफ। चेक करना जरा। डिस्प्लेस हो रहा है
बाहर की तरफ। स्प्रिंग फोर्स लग रही है अंदर की तरफ। इसलिए यह माइनस का साइन भी आता है हमेशा साथ में। तो, यहां पर f
प्रपोर्शनल -x लिखना चाहिए। ठीक है? प्रपोर्शनैलिटी का साइन हटेगा, तो यहां पर एक K नाम का कांस्टेंट लगेगा जिसको
स्प्रिंग कांस्टेंट बुलाते हैं। क्या बुलाते हैं? स्प्रिंग कांस्टेंट बुलाते हैं। देखो लिखा हुआ है k इज़ स्प्रिंग
कांस्टेंट जो कि स्टिफनेस पे डिपेंड करता है। स्प्रिंग कितना टाइट है। K जितना ज्यादा होगा। बात को समझना। K जितना
ज्यादा होगा, स्प्रिंग उतना ज्यादा टाइट होगा, उतना ज्यादा स्टिफ होगा। क्लियर? बढ़िया। चलिए आगे बढ़ते हैं।
अब इसमें एक चीज आती है कि जब स्प्रिंग अटैच हो किसी सीलिंग के साथ जैसे भाई ये स्प्रिंग है और ये किसी मास
के साथ जुड़ा हुआ हो अगर ठीक है? तो मास के साथ जुड़ा है तो नीचे की तरफ फोर्स लगेगी mg हां
और ये खुल भी जाएगा पूरा तो खुल जाएगा तो ऊपर की तरफ फोर्स लगेगी kx जो कि स्प्रिंग फोर्स होती है। है ना? तो mg = kx आ गया
और यहां से आप चाहो तो x निकाल सकते हो वि इज mg / k x क्या है भाई? x का मतलब हो गया कितना इलोंगेट हुआ है स्प्रिंग है ना
तो इसको इलोंगेशन भी कह सकते हैं। है ना? इलोंगेशन। ठीक है? या एक्सटेंशन इन द स्प्रिंग जो
मर्जी कह लो इसको बातें कि इलोंगेशन या एक्सटेंशन जो कहना चाहो वो इसको आप कह सकते हो। ठीक है? आइए लास्ट बट नॉट लीस्ट
आखिरी फोर्स की तरफ चलते हैं जिसका नाम है फ्रिक्शन। ठीक है जी। देखो फ्रिक्शन फोर्स के बारे में एक चीज
कही जाती है कि भाई यह एक कांटेक्ट फोर्स जैसा काम करती है। यानी आपको जब भी कभी फ्रिक्शन मिलेगी इट विल ऑलवेज बी
प्रपोर्शनल टू नॉर्मल। नॉर्मल ही तो कांटेक्ट फोर्स होती है ना? है ना यार? नॉर्मल ही तो कांटेक्ट फोर्स है ना? तो
नॉर्मल की क्या मिलेगी आपको? ये प्रपोर्शनल मिलेगी। ठीक है ना? और आप इस प्रोपोर्शनैलिटी को इक्वल करोगे तो यहां
पे एक μ लगा देते हैं। ये μ होता है कोएफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन। ठीक है ना? ये μ होता है कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन। अब तीन
प्रकार की फ्रिक्शन होती है। वैसे तो मोटा-मोटा दो प्रकार ही है। है ना? वैसे तो मोटा-मोटा दो प्रकार ही है। लेकिन फिर
भी मैं आपको तीनों नाम एक साथ बताता हूं। देखो फ्रिक्शन होती है तीन नामों से पुकारी जाती है। एक को बोलते हैं स्टैटिक
फ्रिक्शन। दूसरी को बोलते हैं लिमिटिंग लिमिटिंग फ्रिक्शन। और तीसरी वाली को
बोलते हैं डायनेमिक फ्रिक्शन। असल में मैं आपको एक बात बता दूं कि जो स्टैटिक और लिमिटिंग है ना ये डायनेमिक की जगह
काइनेटिक लिख लो। है ना? काइनेटिक के नाम से किताबों में लिखा रहता है काइनेटिक फ्रिक्शन। ठीक है? हां। मैं आपसे कह रहा
था कि स्टैटिक और लिमिटिंग जो है ना ये एक ही है। ये अलग-अलग फ्रिक्शन नहीं है। खाली नाम अलग-अलग आपको दिखा रहा हूं लिख करके।
लेकिन ये दोनों सेम ही हैं। सेम कैसे हैं? जो स्टैटिक की मैक्सिमम वैल्यू होती है ना वह लिमिटिंग है। स्टैटिक की जो मैक्सिमम
वैल्यू होगी वही लिमिटिंग होती है। अब कब लगती है स्टैटिक? कब लगती है लिमिटिंग? कब लगती है काइनेटिक? आइए एग्जांपल के साथ
समझते हैं। मान लो ये कोई मास है। ठीक है? ये कोई मास है। अब आपको पता है कि ये जो मास है
ये फॉर एग्जांपल मान लो कि 50 न्यूटन की फोर्स के बाद ये हिलना चालू कर देगा। इतना हमको पहले से पता है। ठीक है? 50 न्यूटन
की फोर्स लगेगी तब ये हिलना चालू करेगा। उससे पहले ये हिलेगा ही नहीं। क्यों? क्योंकि नीचे फ्रिक्शन है। उससे पहले नहीं
हिलेगा। ठीक है ना? तो आपने क्या किया? आपने सबसे पहले इसके ऊपर लगाई 10 न्यूटन की फोर्स। मुझे बताओ क्या ये हिलेगा? हां
या ना? नहीं हिलेगा। लेकिन फोर्स तो लग रही है। अगर फोर्स लग रही है तो इसका ये मतलब हुआ कि फ्रिक्शन ने भी अपना रोल प्ले
करना चालू कर दिया। यानी फ्रिक्शन भी इसके ऊपर लग रही होगी। कि भाई ऐसे फोर्स लग रही है तो फ्रिक्शन भी इसके ऊपर ऐसे लग रही
होगी। इस तरीके से ऐसे दिखा देते हैं। फ्रिक्शन भी इसके ऊपर कितनी लग रही होगी? 10 न्यूटन लग रही होगी। समझ गए? पर क्या
ये बॉडी हिल रही है क्या? नहीं। क्या ये बॉडी हिल रही है? नहीं। तो ऐसे में इस फ्रिक्शन को हम लोग बोलेंगे fs यानी
स्टैटिक फ्रिक्शन। ऐसे में हम इस फ्रिक्शन को क्या बोलेंगे? स्टैटिक फ्रिक्शन बोलेंगे। ठीक है ना? अब मान लो कि मैंने
इसको 10 से बढ़ा के 20 कर दिया। अगली फोर्स मैंने लगाई 20 न्यूटन। तो आप बताओ क्या यह हिलेगा अभी भी? नहीं, अभी भी नहीं
हिलेगा। अभी भी नहीं हिलेगा। मतलब यह भी 20 लगनी चालू हो जाएगी। हां या ना? तो स्टैटिक फ्रिक्शन क्या करती है? अपनी
वैल्यू को बढ़ा सकती है, घटा सकती है। जैसे इसने 10 से 20 कर दिया। ये भी 10 से 20 हो रही है। सिमिलरली
ऐसे ही मान लो 30 कर दिया इसने। तो ये भी क्या हो जाएगी? ये भी 30 हो जाएगी। आप देख रहे हो ये वैल्यू चेंज कर रही है अपनी।
असल में जो स्टैटिक फ्रिक्शन होती है ना बेटा यह सेल्फ एडजस्टिंग इन नेचर है। ठीक है? कैसी है? सेल्फ एडजस्टिंग इन नेचर।
लेकिन ये कब तक एडजस्ट करती रहेगी? ये बताओ। कब तक सहेगी ये? कब तक एडजस्ट करेगी? जब तक ये 50 न्यूटन नहीं हो जाता।
ठीक है ना? जैसे ये 50 न्यूटन होगा, फ्रिक्शन भी यहां से क्या हो जाएगी? 50 न्यूटन हो जाएगी। और वही इसकी मैक्सिमम
वैल्यू होगी जिसको बोलते हैं लिमिटिंग। तो जो लिमिटिंग है ना ये मैक्सिमम वैल्यू है स्टैटिक की मैक्सिमम वैल्यू ऑफ स्टैटिक
क्या अभी भी ऑब्जेक्ट चलना चालू हुआ क्या नहीं हुआ लिमिटिंग जाते तक भी ऑब्जेक्ट चलना चालू नहीं करेगा तो क्या करेगा सर ये
ऑन द वर्ज टू मूव है इस केस में क्या होता है ऑन द वर्ज टू मूव है लेकिन मूव नहीं किया है अभी तक
अभी तक चला नहीं है लेकिन जैसे ही आप 50 से मान लो बढ़ा करके फोर्स 60 कर देते हो तो अब तो चल पड़ेगा ना। अब तो ये हिल
जाएगा। अब तो ये दौड़ने लगेगा। और जैसे ही दौड़ने लगेगा ना ये दोनों रिजाइन कर देती हैं अपनी पोस्ट से। स्टैटिक फ्रिक्शन
लिमिटिंग एक ही बात है ना। ये अपनी पोस्ट से क्या कर देगी? रिजाइन कर देगी और काइनेटिक रोल प्ले करने आ जाएगी। अब सारी
कहानी काइनेटिक की चलेगी और काइनेटिक फ्रिक्शन जो है वो फिक्स रहती है। ये चेंज नहीं होती है। ये फिक्स्ड है। ये चेंज
नहीं होती है। ठीक है ना? अब ये कितनी लगेगी? हो सकता है ये लगे 40 न्यूटन। लेकिन जो भी लगेगी फिक्स ही लगेगी ये। ये
फिक्स लगेगी। अब समझ गए ना? क्लियर हो गया? ठीक है? तो ये है तीन प्रकार की फ्रिक्शन जो मैंने आप लोग को समझाई। ठीक
है? अब इसके ऊपर हम आगे थोड़ी सी और बातें भी करेंगे। लेकिन पहले ये वाला सवाल देखो क्या है? कह रहा है व्हाट इज द वैल्यू ऑफ़
फ्रिक्शनल फोर्स व्हेन नो फोर्स इज़ अप्लाइड। हां जी। बताओ यार जब किसी ब्लॉक पर कोई फोर्स हम ना लगाएं तो फिर फ्रिक्शन
तब कितनी लगेगी? बताओ यार जल्दी से फटाफट से अगर किसी मास पे हमने भी
कोई फोर्स नहीं लगाई तो फ्रिक्शन कितनी लगेगी नहीं लगेगी
ज़ीरो ठीक है ना लेकिन जैसे ही हम फोर्स लगाना चालू करेंगे जब तक ब्लॉक हिलता नहीं तब तक स्टैटिक चलती रहेगी चलती रहेगी चलती
रहेगी चलती रहेगी चलती रहेगी ठीक है ना एक लिमिटिंग वैल्यू जब पहुंचेगी ना तब जाकर के हम कोई फार्मूला ू ला सोच सकते हैं।
इससे पहले कोई फार्मूला नहीं होता। है ना? इसका कोई फार्मूला नहीं है। नो फार्मूला। कोई पूछे स्टेटिक फ्रिक्शन का फार्मूला
क्या है? जी कोई फार्मूला नहीं है। लिमिटिंग का होता है। लिमिटिंग का क्या होता है? μ * n ये फार्मूला होता है। μs *
n अच्छा काइनेटिक का भी होता है क्योंकि ये तो वैसे भी फिक्स्ड है। इसका तो होगा ही। इसके लिए यूज़ करते हैं μk * n। ये μk
म्यूस क्या होता है भाई? बताएंगे इसके बारे में। वैसे लिख दिया बस मैंने अभी बताऊंगा अभी और आगे इसके बारे में। ठीक है
जी। अच्छा फ्रिक्शन का कॉज क्या होता है? सबसे पहला कॉज है बेटा इर्रेगुलरिटी यानी रफनेस।
देखो सरफेस अगर रफ होता है ना तो उसके ग्रूव्स के अंदर ग्रूव्स समझते हो ना? जो छेदछेद होते हैं ये। इन छेदों के अंदर आकर
के ये धस के चलेगा। जो ऑब्जेक्ट को चलना है। अब ये माइक्रोस्कोपिक व्यू दिखा रहे हैं बेटा। है ना? माइक्रोस्कोपिकली देखोगे
तो ये एक दूसरे में धस करके चलेगा। एक दूसरे में फंस करके चलेगा। है ना? तो ये ग्रूव्स के कारण से क्या आती है? फ्रिक्शन
आती है। ठीक है? दूसरा आता है मॉलिक्यूलर फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन। देखो यार जब दो ऑब्जेक्ट्स आपस में कांटेक्ट में आते हैं।
ये ग्राउंड है। है ना? और ये क्या है? ये कोई बॉडी है ऊपर वाली। ये बॉडी है। तो इनके मॉलिक्यूल्स आपस में अट्रैक्ट करना
चालू कर देते हैं। अट्रैक्शन। अट्रैक्शन। अट्रैक्शन ये अट्रैक्शन के कारण से भी क्या होता है? फ्रिक्शन आती है। ठीक है
ना? आइए फिर एक क्वेश्चन करके देखते हैं तो ज्यादा मजा आएगा। कह रहा है एक बॉडी है जिसका मास है 6 kg ले भाई। ले भाई 6 kg की
बॉडी है। ठीक है? कह रहा है प्लेस्ड ऑन द ग्राउंड। ग्राउंड पे रखी हुई है। ग्राउंड का μ दिया हुआ है 0.4
कह रहा है फाइंड द मिनिमम फोर्स रिक्वायर्ड टू मूव द बॉडी। देखो भाई कभी भी आपको अगर μ दे रखा हो, मास दे रखा हो
तो आप लिमिटिंग फ्रिक्शन पता करो क्योंकि ये आपको ओवरकम करनी ही पड़ेगी। तभी आप बॉडी को चला पाओगे। यही पूछा है ना फाइंड
द मिनिमम फोर्स रिक्वायर्ड टू मूव द बॉडी। वो कम से कम फोर्स जो इस बॉडी को चलवा दे तो लिमिटिंग फ्रिक्शन निकाल लो। चल जाएगा
आपको पता। चल जाएगा आपको पता। है ना? तो ये होता है μs * n लिमिटिंग फ्रिक्शन का फार्मूला क्या बताया मैंने आपको? μ * n
ठीक है? तो म्यूस यहां पर दिया हुआ है 0.4 n क्या लेंगे भाई? ऊपर की तरफ n वही होता है जो नीचे की तरफ mg होता है। है ना भाई?
तो m हो गया 6 g हो गया 10 6 * 4 = 24 न्यूटन तो 24 न्यूटन या उससे ज्यादा की फोर्स लगाओगे अगर आप तो ये चल पड़ेगा। ठीक
है ना? ए आंसर है। लगभग 24 24.0001 भी लगाओगे तो भी चल जाएगा। है ना? ठीक है? अब एक छोटी सी चीज आती है बेटा इसके अंदर
जिसको बोलते हैं एंगल ऑफ फ्रिक्शन। बहुत सिंपल है। कह रहा है इट इज़ द एंगल मेड बाय नेट कांटेक्ट फोर्स विद द नॉर्मल रिएक्शन
व्हेन अ बॉडी इज़ ऑन द वर्ज ऑफ मूविंग ऑन अ रफ हॉरिजॉन्टल सरफेस। क्या मतलब मा इस बात का? देखो मान लो ये कोई सरफेस है। ठीक है?
इस बॉडी पर ऊपर की तरफ क्या लगेगा? नॉर्मल लगेगा, सर। ठीक है? अच्छा, किसी साइड पे फ्रिक्शन लगेगी ना?
किसी साइड पे तो फ्रिक्शन आएगी ना? हां। मान लो ऐसे फ्रिक्शन आई है ना मान लो ऑन द वर्ज ऑफ मूविंग वाली है यानी लिमिटिंग
वाली आएगी यस और नो ठीक है तो कह रहा है बस इन दोनों का ना इन दोनों का ना आप वो निकाल लो क्या बोलते हैं भाई
रिजल्टेंट निकाल लो बोले अच्छा बोले रिजल्टेंट निकाल लिया अब कह रहा है इसका एंगल नॉर्मल के साथ मतलब ये ये हां इसको
बोलते हैं एंगल ऑफ फ्रिक्शन थीटा ठीक है ना देखो लिखा हुआ है नॉर्मल नेट कांटेक्ट फोर्स का नॉर्मल के
साथ यह नेट कांटेक्ट फोर्स है। इसका नॉर्मल के साथ जो एंगल होता है वो उसको बोलते हैं एंगल ऑफ फ्रिक्शन। ठीक है ना?
फिर ये बड़ी जानीमानी सी बार-बार चीज पूछी जाती है आपसे कि पुलिंग ईजी होती है या पुशिंग ईजी होती है? तो बता दो फटाफट से
यार ये बातें पहले भी हो रखी हैं लेकिन मैं आपको नए सिरे से समझा देता हूं कि पुशिंग ईजी है या पुलिंग ईजी है? देखो भाई
यह मास है m ये भी मास है m ठीक है? आप इसको पुश कर रहे हो। पुश करने का मतलब होता है ऐसे फ़ लगाना।
ऐसे फ़ लगा रहे हो। आप पुल कर रहे हो तो पुल करने का मतलब होता है ऐसे फोर्स लगाना।
ठीक बात है। ठीक बात है। हां सर। सही बात है। अच्छा। तो जब आप ऐसे फोर्स लगाओगे बेटा तो एक कंपोनेंट जो सीधा वाला लगेगा।
है ना? F cos थीटा एक ऐसे वाला लगेगा। F sin थीटा और जब खींचोगे तो एक ऐसे वाला लगेगा।
f cos थीटा और एक ऐसे वाला लगेगा fsin थीटा नीचे की तरफ mg ऊपर की तरफ नॉर्मल नीचे की तरफ mg ऊपर
की तरफ नॉर्मल ठीक है ना अच्छा अब एक बात बताओ अगर आप ऐसे फोर्स लगाते हो ठीक है ना तो आपका fsin थीटा नीचे की तरफ लग रहा है
ना तो वो नॉर्मल को और इंक्रीस कर रहा है बात को समझना बात को समझना अगर अगर मैं इसका एफबीडी बनाऊं तो नीचे की तरफ बेटा mg
तो था ही था पहले से। f का sin थीटा भी नीचे ही है। है ना? f का sin थीटा भी देखो कहां लगेगा? नीचे ही
लगेगा। और ये दोनों मिलकर के नॉर्मल को बैलेंस करना पड़ेगा बेचारे को। तो फ्रिक्शन जो होती है वो प्रपोर्शनल टू
नॉर्मल होती है। और नॉर्मल यहां पे बिना बात के बढ़ा दिया आपने। पुश करके।
पुश करके आपने नॉर्मल बढ़ा दिया। पुश किया तो नॉर्मल बढ़ गया। देखो नॉर्मल को अब ज्यादा बैलेंस करना पड़ रहा है। नॉर्मल
बढ़ गया तो फ्रिक्शन भी बढ़ा दी। फ्रिक्शन बढ़ गई तो चलना ज्यादा मुश्किल होगा। यहां देख उल्टा खेल है। यहां देख बेटा उल्टा
सीन है। नीचे की तरफ एक ही mg है। ऊपर की तरफ नॉर्मल तो है और ऊपर ही की तरफ fsin थीटा भी है।
यानी यहां पर नॉर्मल जो है वो कुछ कम हो के मिल रहा है। कट के मिलेगा ना नॉर्मल को fsin थीटा का सपोर्ट भी आ रहा है यहां पर।
है ना? तो यहां पे n जो है वो छोटा है। तो फ्रिक्शन भी क्या है? छोटी है। फ्रिक्शन कम है तो यह इजी रहेगा। इसलिए पुल करना
इजी है। पुश करना मुश्किल है। होपफुली आपको बात समझ में आई होगी। ठीक है? एक चीज और आती है बेटा। इसको बोलते
हैं एंगल ऑफ रिपोज। एंगल ऑफ रिपोज बहुत सिंपल है। इसका मतलब होता है वो मिनिमम एंगल। वो मिनिमम एलिवेशन जिस पर ये ऑन द
वर्ज टू मूव हो जाए। मतलब यह चलने वाला हो जाए जस्ट और जस्ट चलने वाला अगर होगा मतलब नीचे की तरफ आने वाला होगा यह वो एंगल ऐसा
मिल जाए ठीक है ना तो पीछे की तरफ जो फ्रिक्शन लग रही है वो लिमिटिंग होनी चाहिए और आगे की तरफ क्या लगना चाहिए mg
sin थीटा हां या ना है ना मतलब ये दोनों इक्वल हो जाने चाहिए समझ रहे हो ना जब mg ssin थीटा इतना बड़ा हो जाए कि वो लिमिटिंग
के बराबर आ जाए ऑन द वर्ज ऑफ़ मूविंग देख तब जो थीटा निकल के आएगा उसकी बात ये कर रहा है। ठीक है ना? तो वो ऐसे निकल सकता
है कि mg sin थीटा फ्रिक्शन के बराबर और फ्रिक्शन को कैसे लिखते हैं बेटा? हां जी। ये देख
इधर होगा mg cos थीटा। और इधर होगा नॉर्मल। हां। तो फ्रिक्शन की जगह लिमिटिंग की जगह क्या लिखेंगे? μ *
में n और μ * में n क्या लिखोगे? n बराबर है mg cos थीटा के यस और नो m = n = mg cos थीटा और ये क्या है? mg sin थीटा
तो ये इसके नीचे चला गया तो μs निकल के क्या आ गया बेटा? mg sin थीटा / mg
cos थीटा mg से mg कट गया। sin / cos tan आ गया। tan थीटा इज ्यूs और थीटा निकल के आ गया
tan इनवर्स ्यूs क्या जी आया कि नहीं आया क्लियर हुआ कि नहीं हुआ मामला समझ में आया कि नहीं आया ये है एंगल ऑफ रिपोज ठीक है
ना एक छोटी सी डेरिवेशन करके मैंने आपको यहीं पे दिखा दिया ठीक है तो टेंशन ना लें ठीक है अच्छा एक हॉर्स और काट के ऊपर बात
आती है यहां पर ठीक है ना कि हॉर्स जो है वो कैसे काट को पुल करता है। कैसे उसको खींच के लेके जाता है? तो बहुत सिंपल है।
यहां पे थर्ड लॉ ऑफ़ मोशन यूज़ होता है। ठीक है ना? जब भी हॉर्स के पैर ग्राउंड को टच करते हैं ना, तो वो ग्राउंड पर पीछे की
तरफ एक्शन लगाते हैं। जब ग्राउंड पे एक्शन लगेगा तो ग्राउंड टांग के ऊपर क्या लगाएगा? रिएक्शन लगाएगा। उस रिएक्शन का एक
फॉरवर्ड कंपोनेंट जो होता है, r cos थीटा कह लो, r sin थीटा जो भी कह लो वो आगे को बढ़ाता है। ठीक है ना? यही बात यहां पर
लिखी हुई है। अगर आप पढ़ें तो मैं छोड़ के जा रहा हूं आपके लिए। ठीक है ना? चलिए अब बात करते हैं सर्कुलर मोशन पर क्योंकि
सर्कुलर मोशन की बात हमने पहले नहीं करी थी। कानामेटिक्स भी डिस्कस करनी है। डायनामिक्स भी डिस्कस करनी है। आइए
स्टार्ट करते हैं। देखो सर्कुलर मोशन की स्टडी विदाउट स्टडिंग इट्स कॉजेस इसी को कयनामेटिक्स कहते हैं। डायनामिक्स जब
पढ़ेंगे तो फोर्स की बात करेंगे। सेंट्रिपेटल फोर्स वगैरह की बातें आएंगी। ठीक है ना? आओ सबसे पहले ये समझते हैं कि
कोई भी सर्कुलर मोशन जो होता है उसमें एक चीज फिक्स होती है। वो क्या है? कोई बता सकता है आप में से?
देखो जैसे मान लो यह कोई पार्टिकल है। अब यह पार्टिकल घूम रहा है। जा रहा है। जा रहा है। जा रहा है। जा रहा
है। यहां पहुंच गया मान लो। ठीक है? तो इसने क्या किया? इसने कुछ तो लेंथ कवर करी है। अगर आपको दिखे तो। हां सर। कुछ तो
लेंथ कवर करी है। कुछ लेंथ कवर करी है। तो उसके मुकाबले का कुछ एंगल भी यहां पे ट्रेवर्स हुआ है बीच में। ये जो एंगल
ट्रेवर्स होता है इसको बोलते हैं एंगुलर डिस्प्लेसमेंट। इसको बोलेंगे लीनियर डिस्प्लेसमेंट। दोनों
के बीच में रिलेशन होता है l = r थीटा है ना? और l को आप s भी लिख सकते हो। लीनियर डिस्प्लेसमेंट के लिए ये तो r ही रहेगा और
ये थीटा ही रहेगा। तो इस तरीके से दोनों के बीच में रिलेशन दिया जा सकता है। ठीक है ना? तो ये s को बोलते हैं बेटा लीनियर
डिस्प्लेसमेंट। लीनियर डिस्प्लेसमेंट मीटर में होती है और यह एंगुलर डिस्प्लेसमेंट।
रेडियन में होती है। रेडियन में होती है। सही है? कह रहा है कि कभी भी आपको वेलोसिटी पता
करनी हो किसी सर्कुलर मोशन में कि मतलब मान लो पार्टिकल है और वो पार्टिकल ऐसे घूम रहा है, घूम रहा है, घूम रहा है, घूम
रहा है। आपको कभी भी उसकी वेलोसिटी पता करनी हो तो आपको कुछ नहीं करना। उसी पॉइंट पे टेंजेंट डाल दो। जहां भी वो पार्टिकल
की वेलोसिटी देखना चाहते हो। तो वहीं पर आप टेंजेंट डाल दो। यहां डालोगे तो यहां से मिल जाएगी। यहां डालोगे
यहां मिल जाएगी। यहां डालोगे यहां मिल जाएगी। यह प्रैक्टिस करनी पड़ती है थोड़ी सी। आसान है। लेकिन टेंजेंट टू द सर्कुलर
पाथ किसी पॉइंट पर वेलोसिटी की डायरेक्शन को दे देगा। इवन डिस्प्लेसमेंट की भी डायरेक्शन को दे देगा। ठीक है ना? और आप
एक चीज चेक करो कि डायरेक्शन हर पॉइंट पे चेंज हो रही है। यस और नो। अरे वेलोसिटी ऐसे है, फिर ऐसे है, फिर ऐसे है, फिर ऐसे
है। अगर वेलोसिटी चेंज होनी ही है, तो वेलोसिटी के चेंज होने को क्या बुलाते हैं बेटा? वेलोसिटी चेंजज़ व्हाट? इट इज़
एक्सीलरेशन। हां या ना? वेलोसिटी का चेंज और कुछ नहीं। एक्सीलरेशन होता है। और ये एक्सीलरेशन पता है कौन सी होती है? यह
होती है सेंट्रिपेटल। नाम तो सुना ही होगा। सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन।
AC लिखते हैं इसको। और फार्मूला होता है इसका v² / r मतलब जो भी स्पीड हो जो भी स्पीड है उसका स्क्वायर किया और रेडियस से
क्या कर दिया डिवाइड कर दिया रेडियस से क्या कर दिया डिवाइड कर दिया और एक और बात ध्यान रखना इसकी डायरेक्शन हमेशा सेंटर की
तरफ होती है हमेशा चाहे यहां होगा चाहे यहां होगा चाहे यहां कहीं भी होगा हमेशा सेंटर की तरफ ही इसकी डायरेक्शन देखने को
मिलेगी इट इज़ कॉल्ड सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन ठीक ठीक जी अब इसमें भाई दो तरीके के सर्कुलर
मोशन होते हैं। एक आता है यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन जिसका मतलब होता है सेम स्पीड से घूमते रहना।
तो अगर यहां पर स्पीड मान लो 3 मीटर पर सेकंड है तो यहां पर भी स्पीड 3 मीटर पर सेकंड ही होगी। यहां भी स्पीड 3 मीटर पर
सेकंड ही होगी। लेकिन एक बात मैं आपसे पूछता हूं। ठीक है? स्पीड 3 मीटर पर सेकंड है। लेकिन वेलोसिटी का क्या? क्या वो सेम
है या वो चेंज हो रही है? जल्दी से बोलो। जल्दी से बोलो कमेंट सेक्शन के अंदर। क्या वेलोसिटी सेम है या चेंज हो रही है? क्या
वेलोसिटी सेम है या चेंज हो रही है? क्या वेलोसिटी सेम है या चेंज हो रही है? यस। यस इट इज़ चेंजिंग वेलोसिटी डायरेक्शन की
वजह से चेंज हो रही है। मैग्नीट्यूड की वजह से नहीं। और जब-जब डायरेक्शन की वजह से चेंज आएगा सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन ही
कहेंगे हम उसको। ठीक है ना? तो एक बात समझना कि जैसे-जैसे पार्टिकल अभी जो मैंने आपको दिखाया था कुछ एंगल में घूम रहा होगा
और वो एंगल चेंज कर रहा होगा तो एंगल के चेंज को हम लोग कहते हैं डेल्टा थीटा है ना डेल्टा थीटा और ये कुछ टाइम में अगर
चेंज हो रहा है तो वी विल कॉल इट ओमेगा ओमेगा क्या होता है अरे ओमेगा क्या होता है भाई ओमेगा होता है एंगुलर वेलोसिटी
ओमेगा है एंगुलर वेलोसिटी और एंगुलर वेलोसिटी होता है क्या? एंगुलर डिस्प्लेसमेंट का चेंज यानी एंगुलर
डिस्प्लेसमेंट ही कह लो डिवाइड बाय टाइम इंटरवल। ठीक है? तो ऊपर आया रेडियन नीचे आया सेकंड
तो रेडियन पर सेकंड इसकी यूनिट है। रेडियन पर सेकंड इसकी यूनिट है। शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। अच्छा एक
बात और बताता हूं आपको। देखो लीनियर डिस्प्लेसमेंट r टाइम्स एंगुलर डिस्प्लेसमेंट होती है।
है ना? दोनों तरफ अगर मैं डिफरेंशिएट कर दूं तो ये ds / dt r एक कांस्टेंट है तो d थीटा / dt पकड़ा
गया। इसको बोलते हैं v यानी लीनियर वेलोसिटी। और dheta / dt को बोलते हैं ओमेगा यानी एंगुलर वेलोसिटी। तो v = r
omeg। v इज लीनियर वेलोसिटी। और ओमेगा इज एंगुलर
वेलोसिटी। ये मीटर पर सेकंड में है ना? और ये रेडियन पर सेकंड में। समझ तो गएगे आप। ठीक है जी?
क्लियर है बात? क्लियर हो गया? है ना? तो भूलना नहीं ये सब चीजें बेटा। ठीक है? ये देखो सारी बातें बता दी। एंगुलर पोजीशन को
थीटा से बताते हैं। एंगुलर डिस्प्लेसमेंट को डेल्टा थीटा से बताते हैं। रेडियन रेडियन यूनिट है उनकी। ठीक है? फिर एंगुलर
वेलोसिटी आ गया। देखो omeg dtheta / dt ऑलरेडी बता दिया रेडियन पर सेकंड के अंदर होता है। ठीक है? फिर फ्रीक्वेंसी ये ऐसे
ही है। देख लो फ्रीक्वेंसी भी। फ्रीक्वेंसी होता है बेटा कि कितना ओमेगा से लिखते हैं एंगुलर फ्रीक्वेंसी। ये होता
है 2π / t 2π / t इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है कि अगर आपने एक चक्कर पूरा किया है किसी t टाइम के अंदर तो आपने कितना
एंगल ट्रेवर्स किया है सर एंगल ट्रेवर्स किया है 360° 360° को रेडियन में लिखते हैं 2π तो ये कुछ नहीं ये एंगुलर वेलोसिटी
ही निकाल रहे हो एक तरीके से बस इसको फ्रीक्वेंसी के टर्म्स में कह दिया क्योंकि बार-बार वो चीज़ रिपीट हो रही है
और कुछ नहीं है। ठीक है ना? 2π / t इसको लिखा जाता है या इसको 2i न्यू भी बोलते हैं।
2π न्यू ठीक है? 2π न्यू भी लिखते हैं इसको। मैंने सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन के लिए बात
करी थी आपसे। मैंने आपसे कहा था कि ये हमेशा सेंटर की तरफ एक्ट करती है। है ना? v² / r फार्मूला है इसका। ठीक है ना? कह
रहा है ऑलवेज परपेंडिकुलर टू द वेलोसिटी। याद है? याद है ना? अगर ऐसे घूम रहा है, वेलोसिटी ऐसे है, तो एक्सीलरेशन ऐसे
लगेगी। 90° पर लगती है। ठीक है ना? कह रहा है इट ओनली चेंज द डायरेक्शन ऑफ मोशन। इट कैन नॉट चेंज द मैग्नीट्यूड। यह
मैग्नीट्यूड चेंज नहीं कर सकता। सिर्फ और सिर्फ डायरेक्शन को ही चेंज कर सकता है। यानी घुमाने का काम किसका? सेंट्रिपेटल
का। तो आप एक बात बताओ क्या सेंट्रिपेटल के बिना सर्कुलर मोशन हो सकता है? मैं आपसे पूछता हूं। मैं आपसे पूछता हूं। क्या
सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन के बिना सर्कुलर मोशन हो सकता है? क्या सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन के बिना सर्कुलर मोशन हो सकता
है? इज़ इट पॉसिबल? नहीं, सही लिख रहे हो। सही लिख रहे हो, सही लिख रहे हो। नहीं हो सकता। नहीं हो सकता। लेकिन सर, फिर यह नॉन
यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन कौन सा होता है? आओ इसको सुनो। देखो, नॉन यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन का मतलब होता है कि यहां पर
स्पीड अगर 1 मीटर पर सेकंड है, तो इधर स्पीड हो जाए 2 मीटर पर सेकंड। इधर स्पीड हो जाए 3 मीटर पर सेकंड, इधर स्पीड हो जाए
4 मीटर पर सेकंड। और एक बात बताओ क्या स्पीड बढ़ाने का काम सेंट्रिपेटल कर सकती है क्या? क्या इसकी स्पीड को ऐसे इंक्रीज
करने का काम सेंट्रिपेटल कर सकती है? क्या? आंसर है नहीं। तो फिर क्या होगा? एक नई एक्सीलरेशन आएगी जो इसी डायरेक्शन में
लगने वाली होगी। है ना? है ना भाई? इसको बोलते हैं टेंजेंशियल एक्सीलरेशन। ये कौन देगा? बाहर से आएगी ये। बाहर से आएगी। हम
नहीं दे सकते ये। मतलब हम ही देंगे ऑब्वियसली। लेकिन कैसे आएगी? बाहर से आएगी। 1 2 3 4 5 6 7 8 स्पीड इसकी
धीरे-धीरे क्या होगी? बढ़ती है। पंखा ऑन करते हैं। जैसे पंखा ऑन करते हैं। पहले कैसे चलता है? एक पे फिर चलता है दो पे
फिर चलता है तीन पे फिर चलता है चार चार ऐसा ही है बस ये ठीक है ना लिखा है देखो पार्टिकल मूव्स इन अ सर्कल विद वेरिएबल
स्पीड और वेरिएबल स्पीड आई है बेटा तो एंगुलर एक्सीलरेशन पढ़ना ही पड़ेगा ये कहां से आया देख मैंने आपको अभी-अभी
दिखाया था v = r omeg होता है होता है ना डिफरेंशिएट कर दो फिर से विद रिस्पेक्ट टू टाइम बोथ साइड्स dv / dt हो गया r
कांस्टेंट है तो domeg / dt हो गया है ना बेटा dv / dt क्या होता यस एक्सीलरेशन यही है टेंजेंशियल
एक्सीलरेशन जो यहां लग रही है ये वाली ये ये जो इस वेलोसिटी को चेंज करेगी है ना देखो dv / dt लिखा हुआ है मतलब क्या है
वेलोसिटी चेंज हो रही है = r और domeg / dt को बोलते हैं अल्फा एंगुलर एक्सीलरेशन है ये
ठीक है ना ये होगी मीटर पर सेकंड स्क्वायर में ये होगी रेडियन पर सेकंड स्क्वायर में ठीक है ये देखो टेंजेंशियल बता बताया ना
dv / dt होती है। है ना? या r omegd ये आ गया r अल्फा देखो। है ना? इक्वेशंस ऑफ़ मोशन देख लो भाई एंगुलर फॉर्म
के अंदर। omeg फाइनल = omeg इनिशियल + apha डेल्टा यही होगा ना? v = u + at लिखा है बेटा ये। अच्छा ऐसे ही s = ut + 1/2²
कैसे लिखा जाएगा? डेल्टा थीटा वो लीनियर डिस्प्लेसमेंट था। या एंगुलर डिस्प्लेसमेंट है? इनिशियल एंगुलर
वेलोसिटी डेल्ट t + 1/2 वहां पर था एक्सीलरेशन। यहां पर एंगुलर एक्सीलरेशन और डेल्टा t² s = ut + 1/2 at² लिखा हुआ है
ये। तीसरा वाला आता है 2 a अल्फा है ना? s यानी डेल्टा थीटा = फाइनल वेलोसिटी का स्क्वायर माइनस इनिशियल
वेलोसिटी का स्क्वायर। हां या ना? और चौथी वाली भी लिख देता हूं। वो क्या था? डिस्प्लेसमेंट अपॉन में टाइम इनिशियल
वेलोसिटी प्लस फाइनल वेलोसिटी डिवाइड बाय 2 याद है? चार इक्वेशन ऑफ मोशन मैंने आपको करवाई थी। चारों एंगुलर फॉर्म में भी आपको
देखनी है। आइए इस पर भी एक आधा सवाल लपेट दिया जाए। कह रहा है पार्टिकल एट रेस्ट। ले जी
इनिशियल वेलोसिटी जिसकी ज़ीरो हो। ठीक है? ऐसे स्कूल में सवाल आते हैं बेटा। करके जाने हैं आपको। कह रहा है रोटेट करना
स्टार्ट करता है और रीच करता है एक एंगुलर स्पीड ओमेगा फाइनल ये दिया हुआ इन 2 सेकंड्स कह रहा है एंगुलर एक्सीलरेशन
फाइंड करो ले भाई अल्फा फाइंड करने को बोल रहा है कैसे होगा फाइनल माइनस इनिशियल डिवाइड बाय टाइम और
तो क्या ही है भाई फाइनल कितनी है 20 इनिशियल ज़ीरो है टाइम कितना है दो 20 / 2 करा तो कितना आया 10 10 रेडियन
पर सेकंड सेकंड स्क्वायर। ठीक है ना? ये अल्फा है। एंगुलर एक्सीलरेशन आ गया। अब आता है एंगुलर डिस्प्लेसमेंट। ये कैसे
आएगा? जैसे मर्जी कर लो यार। डेल्टा थीटा से निकाल लो। क्या है फार्मूला? इनिशियल वेलोसिटी डेल्टा t + 1/2 अलफा डेल्ट t का
स्क्वायर है ना? ये ज़ीरो हो गया। 1/2 अल्फा कितना है? अल्फा है 10 है ना? और डेल्टा T कितना है भाई? डेल्टा
T दो का स्क्वायर करेंगे। एक दो से एक दो कट गया तो 20 रह गया। 20 रेडियन आंसर आ गया। क्या यही आंसर निकाल
रहे हो आप लोग भी? क्या? क्या यह आंसर निकाल रहे हो आप लोग भी? क्या? हां। ठीक है। ये 10 आ गया। ये 20 आ गया बेटा। है
ना? दो से एक एक तो स्क्वायर कट जाएगा। ठीक है ना? हां। 10 20 आंसर है। यस यस यस। ठीक। डन। डन।
चलिए भाई। अब बात करते हैं कि एक हॉरिजॉन्टल सर्कुलर मोशन कभी भी अगर हो रहा हो तो क्या कहानी रहती है। ठीक है ना?
ये देखो ये एक हॉरिजॉन्टल सर्कुलर मोशन ही है। ये ठीक है कि इमेजिन करो कि कोई गाड़ी एक टर्न ले रही हो। है ना? जैसे भाई यहां
पर एक कार है। ये उसके पहिए हैं। ठीक जी। और वो क्या कर रही है? टर्न ले
रही है। देखो टर्न अगर वो लेगी तो बिना एक फोर्स के वो नहीं ले सकती। वो फोर्स का नाम क्या है? वो फोर्स का नाम है
सेंट्रिपेटल फोर्स। अब फोर्स की बात आ गई है। पहले एक्सीलरेशन की चर्चा कर रहे थे। फोर्स की करेंगे। है
ना भाई? सेंट्रिपेटल फोर्स क्या होती है? मास * सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन होती है और क्या? और सेंट्रिपेटल एक्सीलरेशन क्या
होता है? v² / r तो फार्मूला बन गया सेंट्रिपेटल का mv² / r अब मुझे बताओ ये mv² / r दे कौन रहा होगा? भाई यहां पर
यहां पर सेंट्रिपेटल वाला रोल प्ले कौन कर रहा है भाई? क्योंकि सेंट्रिपेटल तो एक रोल होता है। सेंट्रिपेटल कोई फोर्स नहीं
होती। कोई भी फोर्स सेंट्रिपेटल बन सकती है। जानो इस बात को। तो इसके पियों पर लगने वाली जो फ्रिक्शन है ना जो इसके
पियों पे लगने वाली फ्रिक्शन है, देखो जब भी ये गाड़ी टर्न लेगी ना तो ये बाहर की तरफ
फिसलने का चांस रखती है। आप इस चीज को देखना। जब भी आप गाड़ी मोड़ते हो, बाइक मोड़ते हो। है ना? तो जब भी फिसलते हैं
मान लो गीली रोड है तो इस तरफ को फिसलेंगे। अगर ऐसे मोड़ रहे हैं तो बाहर की तरफ फिसलेंगे। ऐसे मोड़ेंगे तो इस तरफ
फिसलेंगे। जब भी आप टर्न लेते हो आप सर्कल से बाहर निकलने की टेंडेंसी रखते हो फिसलने की, बाहर की तरफ फिसलने की।
फ्रिक्शन आपको वो करने से बचाता है। फ्रिक्शन आपको बाहर धक्का खाने से बचाता है। यानी यानी मोटी बात ये बनी कि जो
फ्रिक्शन है वही एक्ट करती है एज अ सेंट्रिपेटल। बात को समझो। है ना? फ्रिक्शन एक्ट्स एज
सेंट्रिपेटल और सेंट्रिपेटल होता है mv² / r हां और फ्रिक्शन होता है बेटा μN आओ n देखें एक बार इसका n होगा ऊपर की तरफ और
नीचे की तरफ mg हां सही बात है सर तो n की जगह पे mg रख दो mv² / r m से m कट गया r चला गया इसके साथ
तो v² आ गया बेटा μrg g और v निकल के आ गया μrg इसको बोलते हैं सेफ वेलोसिटी से टर्न
लेना। ये जो आपने अभी-अभी निकाला है ना ये सेफ वेलोसिटी से टर्न लेने की वेलोसिटी है कि भाई कितनी वेलोसिटी सेफ है जिससे टर्न
लिया जा सके और हम फिसले नहीं। और हम फिसले नहीं। इसी को बोलते हैं सेफ वेलोसिटी।
ठीक है ना? इसको सेफ वेलोसिटी बोलते हैं। किस-किस पर डिपेंड कर रही है? μRG पर। अंडर रूट ्यूrg पर।
एक टॉपिक और आता है इसके अंदर वो है बेंडिंग ऑफ अ साइक्लिस्ट। अगर आपने कभी साइक्लिस्ट को भी टर्न लेते देखा हो। है
ना? मान लो वो टर्न ले रहा है। है ना? तो ये चीज़ आपने नोट करी होगी कि जो उसका टायर होता है, है ना? वो एक तरफ को टिल्ट हो
जाता है। ऐसा है ना? एक तरफ को ऐसा टिल्ट हो जाएगा। ऐसा यह हैंडल होंगे।
है ना? यह वह लगा हुआ आगे हेडलाइट। ठीक है ना भाई? यह इसका टायर है। यह वाला। यह टायर क्या हो गया? टिल्ट हो गया है। आप
देखो ध्यान से। तो टायर क्या हो गया? टिल्ट हो गया है। तो सड़क को ये कैसे छू रहा है? अगर आप इसका नॉर्मल देखो तो सड़क
को इसका नॉर्मल ऐसे मिल रहा होगा। ऐसे है ना? और mg कैसा है? mg चेक करो तो। तो mg चेक करें तो सर mg तो ऐसा है। है ना भाई?
ये झुका है एक तरफ को। लेकिन mg तो अपने हिसाब से ऐसे लगेगा। ठीक बात है ना? नॉर्मल रोड को छू रहा है
ऐसे तिरछा। mg ऐसे लगेगा। ठीक है? एंगल देखा जाए तो सर ये एंगल थीटा है। तो ये बेंडिंग
एंगल हम लोग निकालेंगे। ये बेंडिंग एंगल हम निकालें। कितने एंगल पर ये बेंड कर सकता है। ठीक है ना? तो देखो एक तो n का
cos थीटा कंपोनेंट आएगा और दूसरा n का sinटा कंपोनेंट आएगा nsinटा और आप यकीन मानो कि n sin थीटा ही है जो
यहां पर फ्रिक्शन प्रोवाइड कर रहा होगा। इसको भी तो फ्रिक्शन मिल रही है भाई। कौन प्रोवाइड कर रहा है?
समझ गए ना? तो इसको आप इक्वेट कर सकते हो nsin थीटा को। सेंट्रिपेटल फोर्स के साथ है ना? nsin
थीटा इसे घुमा रहा है ना? सेंट्रिपेटल फोर्स के साथ mv² / r ठीक है? और n cos थीटा जो है
n cos थीटा जो है वो mg के साथ क्या हो रहा है? बैलेंस हो रहा है। दोनों इक्वेशन आपने बना लिए हैं। दोनों को डिवाइड दे दो।
आओ करते हैं भाई। nsin n cos mv² / r और mg m से m गया। n से n गया।
sin / cos बेटा tan होता है। tan थीटा = v² / rg और थीटा निकल के आ गया tan इनवर्स v² / rg ठीक है ना? तो कोई बेंडिंग का
एंगल अगर आपसे पूछे तो ये डेरिवेशन फेंक के मारना उसके मुंह पे। ठीक है जी? बोलो भाई ऑल डन है कि नहीं?
ऑल डन है कि नहीं? बता दो एक बार फटाफट जल्दी से। क्लियर है कि नहीं? ठीक है? कर लोगे। अच्छा वेलोसिटी यहां से
निकल के आई तो भी आ जाएगा ना। है ना? ध्यान रखना भाई। वेलोसिटी भी यहां से निकाली जा सकती है। कोई टेंशन वाली बात
नहीं है। ठीक? आगे बढूं फिर। चलो आगे बढ़ते हैं। अब बात आती है लास्ट बैंकिंग ऑफ रोड्स की।
ठीक है ना? भाई रोड्स की बैंकिंग करी जाती है। अगर आपने देखा हो तो हाईवेज होते हैं थोड़े से टिल्ट होते हैं। है ना? अगर आप उन
पे गाड़ी घुमाओगे तो ज्यादा स्पीड से गाड़ी कट ले सकती है। ज्यादा स्पीड से गाड़ी घूम सकती है। ये कैसे पॉसिबल होता
है? आओ आओ सुनो इस चीज को। देखो होता क्या है? एक तो नीचे की तरफ mg लग रहा है। यहां पर तीन फोर्सेस रोल प्ले करती हैं और
तीनों में से आपको दो फोर्सेस को तोड़ना है। ध्यान से सुनना। ध्यान से सुनना। तीन फोर्सेस में से दो को तोड़ना है। आपने mg
उसमें से नहीं होनी चाहिए। अब आप कहोगे सर जब भी इंक्लाइंड प्लेन देखता हूं मन करता है mg को तोड़ दूं। मत तोड़ना। कहानी
थोड़ी लंबी चली जाती है। वह किताब से मैच नहीं करेगी तो स्कूल वाली मैडम नंबर काट देगी। इसलिए जो मैं आपसे कह रहा हूं वह
करना। ठीक है? मैं आपसे यह कहूंगा कि बेटा जब ये गोल घूम रही होती है ऐसे है ना? गोल घूम रही है तो ऑब्वियसली टायरों में
फ्रिक्शन होगी। हां या ना? टायरों में फ्रिक्शन होगी और इसके पास नॉर्मल होगा। क्योंकि ये टच हो रहे हैं टायर। तो है ना?
तो ऊपर की तरफ टच हो रहे हैं। जिनकी वजह से नॉर्मल लग रहा होगा। तो एक नॉर्मल ऊपर भी है। दो दिखाने की जरूरत नहीं है। एक ही
एक ही बार दिखा दिखाते हैं। दो बार नहीं दिखाते। ठीक है ना? तो यहां पर ऐसे नॉर्मल भी लग रहा होगा। वैसे लग दोनों टायरों पे
रहा है वो लेकिन ठीक है। एक नॉर्मल हमने दिखा दिया। बढ़िया। बढ़िया। अब एक चीज देखना।
ये एंगल थीटा दिख रहा है। यस सर। यस सर। ये एंगल थीटा है क्योंकि रोड को बैंक किया गया है। यस सर। बिल्कुल सही। है ना? और
अगर आप देखो एक पॉइंट पर ध्यान से ध्यान से तो यह नॉर्मल है। यह mg है। यस सर। और
ऐसे फ्रिक्शन है। है ना? ऐसे फ्रिक्शन है। और एक वर्टिकल लाइन हॉरिजॉन्टल डाली लाइन, एक
वर्टिकल डाली लाइन। तो आप यहां पर थीटा देख सकते हो कैसे-कैसे हो रखे हैं। है ना? एक तो थीटा यहां नीचे दिख रहा है आपको।
नीचे वाले थीटा का हम क्या करें? हमें तो ये थीटा दिख रहा है यहां। आप चेक करो। अगर ये थीटा ऐसे है तो यहां पर भी एक वर्टिकल
लाइन डालूंगा ऐसे है ना तो ये भी तो थीटा मिल रहा है इस फ्रिक्शन के लिए यस और नो तो बस ये थीटा जिंदाबाद ये हमको चाहिए ठीक
है अच्छा ये वाला होगा फिर 90 - थीटा ये फिर आ जाएगा थीटा वाह भाई वाह मजे आ गए सर बिल्कुल मजे आ गए बेटा ठीक है ना तो यहां
पर देखो क्या हो रहा है अब किस तरीके से फोर्सेस टूट रही हैं इस नॉर्मल के दो कंपोनेंट लेते हैं ले लें एक तो आया ये
वाला कंपोनेंट n cos थीटा जो mg के अगेंस्ट आके खड़ा हुआ है। दूसरा आया n sin थीटा है ना? फ्रिक्शन के भी
कंपोनेंट आए हैं भाई। ऐसे फ्रिक्शन पीछे नहीं है कहीं भी। फ्रिक्शन का भी एक कंपोनेंट आया f cos थीटा और फ्रिक्शन का
दूसरा कंपोनेंट आया f sin थीटा। बात सही है। ठीक है? अब मुझे बताओ हॉरिजॉन्टली कौन-कौन बैलेंस हो रहा है? वर्टिकली
कौन-कौन बैलेंस हो रहा है सर? हॉरिजॉन्टली तो ये हो रहा है कि f cos थीटा और nsin थीटा दोनों मिलकर के
ये देखना हॉरिजॉन्टली देखना। n sin थीटा f cos थीटा दोनों मिलकर के सेंट्रिपेटल फोर्स को जन्म देंगे। हां या ना बताओ। है
ना? घूम रहे हैं ना बेटा? घूम रहे हैं ना? f cos थीटा n sin थीटा मिलके सेंट्रिपेटल फोर्स को जन्म देंगे। एक इक्वेशन तो ये
बनी हॉरिजॉन्टल वाली। दूसरी वर्टिकल वाली। वर्टिकल वाली में n cosθ बराबर होगा fsinθ + mg के। दिस इज़ इक्वेशन नंबर टू। ठीक है
जी? तो अब दोनों को अपन इधर-उधर ला करके खेल करेंगे। मैथमेटिक्स करेंगे। आ जाओ। देखते हैं। देखते हैं कैसे करना है। आ
जाओ। अ लिखते हैं पहले तो n sin थीटा
+ f cos थीटा = mv² / r है ना और इस fsin थीटा को यहां ले आता हूं तो ये हो जाएगा n cos थीटा
- fsin थीटा = mg दोनों को दे दो डिवाइड प्यार से एकदम प्यार से दोनों को कर दो डिवाइड है ना
अगले में करते हैं चलो डिवाइड nsinθ - f cosθ / n cosθ
- fsin थीटा इक्वल टू यहां है mv² / r और यहां mg है m से m भी कट गया v² / gr आ गया v² / rg आ गया ठीक अच्छा अब तू f को
लिख सकता है μ भूल मत भूल मत तू f को लिख सकता है ्यू हां सर लिख सकता हूं तो ये हो जाएगा देख nsin थीटा - म्यू cos थीटा वाह
भाई वाह डिवाइड बाय n cos थीटा - ्यूin थीटा क्या बात है सर क्या बात है सर
v² / rg चेक कर n n ऊपर नीचे से कट जाएगा हां सर कट जाएगा बिल्कुल सही बोला आपने ठीक है ना और एक
काम और कर ऊपर नीचे cos थीटा से डिवाइड कर दे फाइनली क्या कर मल्टीप्लाई मल्टीप्लाई मतलब ऊपर नीचे cos थीटा से कर
दे डिवाइड। ये देख कैसे हो रहा है। sin / cos sin थीटा / cos थीटा
यहां क्या आया? μ cos थीटा / cos थीटा होल डिवाइड बाय cos थीटा - μsin थीटा
यहां भी cos थीटा यहां भी cos थीटा सब तरफ देख cos थीटा cos थीटा से डिवाइड कर दिया और यहां क्या था v² / rg ठीक है अब देख
क्या हो रहा है cos से cos गया cos से cos गया sin / cos tan हो गया इट बिकम्स tan थीटा - μ / 1 - μ tan थीटा
= v² / rg ठीक है ना तो यहां से v निकल के आ जाएगा बेटा rg को ऊपर ले जाओ। अंडर रूट कर दो। जो मन करे वो कर दो। ठीक है ना? जो
तुम्हारी इच्छा करे पर याद कर लेना भाई इसको। ठीक है जी। तो ये वेलोसिटी थोड़ी आपको बेटर
मिल रही है पहले से। है ना? वो μRG थी। ये μRG से थोड़ी बेटर मिल रही है आपको। ठीक है ना? यहां पे अरे एक प्लस माइनस की गड़बड़ हो
रुको रुको रुको रुको रुको रुको यहां प्लस था सॉरी सॉरी सॉरी हां यहां प्लस था चल आगे यहां प्लस है यहां प्लस है यहां
प्लस है है ना तो देखो कुछ कुछ ऐड हो के मिल रहा है ना पहले μ खाली मिल रहा था आपको μ में tan थीटा भी जुड़ रहा है ठीक
है तो फायदा होता है ठीक है ना फायदा होता है बैंक करने का सेफ वेलोसिटी थोड़ी सी बढ़ जाती है कहानी सारी यह है। ठीक है?
चलिए, नेक्स्ट टॉपिक पर चलते हैं, बेटा, वर्क एनर्जी एंड पावर। आओ, इसके लिए आपको जरूरी है पहले डॉट प्रॉडक्ट सीखना। ठीक है
ना? क्रॉस प्रॉडक्ट अपन रोटेशन के टाइम पे सीख लेंगे जब करेंगे तो। अभी प्रोडक्ट ऑफ वेक्टर्स देखो। देखो ऐसा है कि कभी भी दो
वेक्टर्स का आप डॉट प्रोडक्ट लेते हो अगर तो वो होता है a का मैग्नीट्यूड, b का मैग्नीट्यूड cos थीटा। ठीक है ना? यहां से
एंगल भी निकल सकता है बहुत ईजीली। a.b / ab करके कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। फार्मूला आपको ध्यान में रखना है। डॉट
प्रोडक्ट का फार्मूला है। दूसरी चीज यहां पर ये है कि कभी भी आप दो वेक्टर्स जैसे मान लो आपको दिए हुए हैं। एक दिया हुआ है
3i कैप + 4j कैप और दूसरा दिया हुआ आपको मान लो 2 i कैप + 6 j कैप और बोले कि आपको इसका डॉट करना है। a डॉटb करना है। तो
सिंपल-सिंपल क्या है? मैं आपको समझाता हूं कि 3i + 4j ऐसे लिखा। इसके साथ डॉट में 2i + 6j लिखा। ठीक है? i वाले से i वाला
मल्टीप्लाई j वाले से j वाला हमेशा याद रखना। i और j को मल्टीप्लाई मत करना आपस में। क्यों? क्योंकि ij हमेशा ज़ीरो होता
है। क्यों? cos 90 आ जाएगा ना। ये एंगल किसका है? a और b के बीच में। i होता है ऐसा। ये i कैप है। ये होता है j कैप।
दोनों के बीच में एंगल क्या है बेटा? 90°। तो कभी भी I और J का डॉट मत करना। जीरो आएगा। ज़ीरो आएगा। अच्छा सर i का i के साथ
करें तो वन आएगा। आप याद भी रख सकते हो इस चीज को। ठीक है? कभी भी दो अलग-अलग करोगे j. J.K, J.I. I डॉट, K.IJ जितने भी
परम्यूटेशन लगा लो। ऐसे ही i. J.j K. वन आएंगे। ये हमेशा ज़ीरो आएंगे। ठीक है ना? आप सीधे-सीधे मल्टीप्लाई कर दो। 3 * 2 = 6
आएगा। 6 * 4 = 24 आएगा। आंसर आ गया निकल के 30। ठीक है जी? क्लियर हो गया? इस तरीके से हमेशा डॉट किया जाता है। ठीक है?
डॉट प्रोडक्ट मैंने आपको सिखाया। आइए अब एक आधा सवाल भी लगा के देख लेते हैं। बहुत बढ़िया सवाल। कह रहा है इफ अ वेक्टर
2i + 3j + 8k परपेंडिकुलर है। एक दूसरे वेक्टर से। तो वैल्यू ऑफ़ अल्फा बताओ। अल्फा कहां है? यह रही देखो अल्फा। यह
आपसे जाननी है इसने। कह रहा है परपेंडिकुलर है। एक बात बता। जब भी कभी दो वेक्टर परपेंडिकुलर होते हैं। ये a वेक्टर
है। ठीक? ये b वेक्टर है। इनके बीच का एंगल 90° है बेटा। तो ab करने पर आंसर क्या आना चाहिए? सर a का मैग्नीट्यूड b का
मैग्नीट्यूड cos का 90 cos 90 ज़ीरो होता है यार। तो a.b करने पर क्या आएगा? ज़ीरो आएगा। a.b करने पर क्या आएगा भाई? ज़ीरो
आएगा। समझ रहे हो ना? तो वैल्यू एंगल की नहीं ये ऑप्शंस में गड़बड़ है। ऑप्शन को छोड़ दो। ab करना है आपने और अल्फा की
वैल्यू निकालनी है। आओ करते हैं। 2i + 3j + 8k का डॉट करना है।
-4i वो देख उल्टा पुल्टा दे रखा है। + 4j +फाK कैप यह 0 के बराबर है। तो बस उठाओ और
मल्टीप्लाई मार दो। i को i से j को j से k को k से 2 * 4 = 8 माइनस का 3 * 4 = 12 प्लस का और 8 अलफा
0 के बराबर हो। ठीक है ना? तो 12 में से 8 गए चार बचे। 4 + 8 इज़ 0 और 8alpha = -4 अल्फा = -4 / 8
अल्फा आ गया बेटा - 1/2 क्या आपका भी ये आंसर आ रहा है क्या? अरे मेरा तो माइनस आ रहा है। मेरा तो माइनस आ रहा है यार।
तुम्हारा प्लस कैसे आ रहा है भाई? माइनस हाफ है ना? हां नमन बिल्कुल सही यार। माइनस है यार। कोई नहीं, कोई नहीं, कोई
नहीं। ठीक है। ठीक है। ठीक है। ठीक है। सही है। सही है। सही है। एक और देखो। एक और देखो। क्या बोल रहा है? कह रहा है
एंगल बिटवीन द टू वेक्टर्स बताइए। a और b दे रखे हैं दो वेक्टर। ले भैया ले भैया। ये एक है 3i + 4j + 5k कैप। ऐसा आपके पेपर
में सवाल मिल सकता है। जो आपका जो पेपर है स्कूल का ऐसे सवाल आते हैं उसके अंदर। भाई बहुत कॉमन सवाल है ये। ठीक
है? B दे रखा है आपको 3i + 4j - 5k ओके तो कह रहा है एंगल बिटवीन द टू वेक्टर्स यानी थीटा क्या होगा निकाल के
बताओ ठीक है ना ऑप्शन को मारो गोली आप सीधा आंसर निकालो ऑप्शन को मारो गोली सीधा आंसर निकालो a क्या करेंगे फार्मूला
लगाएंगे ab a m cos थीटा हां या ना ठीक है ना तो ab कर लो
एक बार जरा एलएचएस में कर लो ab करो जरा 3i 4j 5k
3i 4j - 5k 3 से 3 9 4 * 4 = 16 5 * -5 25 ले भैया ले भैया ज़ीरो ओ भाई ज़ीरो है तो A और B कुछ भी रहे हो ऐसी की तैसी कराएं
अपनी इनकी ऐसी की तैसी हो जाए cos थीटा ही जीरो है भाई। टाटा 0 तो थीटा 90 आएगा। हां या ना? यस यस वेरी गुड वेरी
गुड। पकड़ लिया। स्पर्श चंचल कृष्ण बहुत बढ़िया। वेरी गुड पार्थ। क्या बात है। क्या बात है। यस यस वेरी गुड। वॉरियर यस
बिल्कुल ठीक है। हार्दिक बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। 90° आएगा। चलिए चलते हैं भाई अपने टॉपिक पर। वर्क
कहते हैं जिसको ठीक है ना? बेटा वर्क का मतलब होता है सुनना ध्यान से कि किसी भी बॉडी पर
किसी एक पॉइंट पर हमने फोर्स लगाई और हम लगाते ही रहे लगाते ही रहे लगाते ही रहे लगाते ही रहे लगातार लगाए जा रहे हैं और
लगातार बॉडी को आगे खिसकाए जा रहे हैं और ये पॉइंट चल के यहां आ गया मतलब ऑब्वियसली पूरी बॉडी भी चल के यहां आ ही गई होगी भाई
ये तो नहीं कि खाली बॉडी ही चल रही है मतलब पॉइंट ही चल रहा है पॉइंट पॉइंट के लिए इसको डिफाइन किया जाता है। ठीक है?
यहां से लेकर के s डिस्प्लेसमेंट कहलाएगी। तो वर्क का फार्मूला होता है बेटा फोर्स डॉट डिस्प्लेसमेंट। ठीक है? दोनों का डॉट
प्रोडक्ट लगता है। डिस्प्लेसमेंट का भी फोर्स का भी। दोनों वेक्टर क्वांटिटी है उनका डॉट लगता है। ठीक है ना? खोलेंगे अगर
इसको तो fs cos थीटा पूरा आएगा। ठीक है? पूरा आएगा। अब इसके ना तीन केस बनते हैं बेटा। आ जाओ।
आ जाओ तीन केस पढ़ते हैं इसके। पहला ओए ओए ओए ओए ओए पहला केस आता है पॉजिटिव वर्क। दूसरा केस आता है नेगेटिव
वर्क। तीसरा केस आता है ज़ीरो वर्क। तीन केस आते हैं। ठीक है ना? पॉजिटिव वाला केस कहता है कि भाई कभी भी किसी बॉडी पर अगर
थीटा मतलब फोर्स और डिस्प्लेसमेंट के बीच का फोर्स और डिस्प्लेसमेंट के बीच का एंगल
या तो ज़ीरो हो या फिर एक्यूट हो। मतलब ऐसे लिख देता हूं एक ही बारी में। है ना?
समझ रहे हो ना? 90 से छोटा, 0 के बराबर और उससे बड़ा। ठीक है ना? ऐसा आ रहा है। तो हमेशा वर्क डन बेटा पॉजिटिव ही आएगा। ठीक
है ना? क्योंकि cos का फर्स्ट क्वाड्रेंट है ना? ऐसा भी सोच सकते हो आप। ये फर्स्ट क्वाड्रेंट की बात हो रही है ना?
क्वाड्रेंट फर्स्ट है। जिनको मैथ आती है समझ जाएंगे। तो cos रहता है पॉजिटिव। फर्स्ट
क्वाड्रेंट में cos पॉजिटिव रहेगा अगर तो वर्क डन अपने आप ही पॉजिटिव आएगा। वर्क डन होता ही वर्क डन होता ही fs cos थीटा है।
जब यही भाई हमारा पॉजिटिव हो गया तो बाकियों की ऐसी की तैसी वर्क डन भी क्या है भाई? पॉजिटिव है। समझ गए? समझ गए? एक
बात और बताता हूं आपको। अगर वर्क डन पॉजिटिव होता है तो ये एक अच्छी सूचना है। क्या सूचना है? लेकिन ये ये सूचित करता है
कि डिस्प्लेसमेंट की डायरेक्शन, फोर्स की डायरेक्शन मतलब दोनों की दोनों के कंपोनेंट कहीं ना कहीं जाकर के मैच कर रहे
हैं और मैच कर रहे हैं तो ये बॉडी की स्पीड बढ़ाने वाले हैं। मतलब ये वर्क ऐसा लगेगा। ये वर्क ऐसा लगेगा जो कि बॉडी की
स्पीड अप कर देगा। जो बॉडी को क्या कर देगा? स्पीड अप कर देगा। बिल्कुल सही। वेरी गुड। वेरी गुड। नेगेटिव वाला देखो।
नेगेटिव वाला केस क्या है? कि भाई एक बॉडी डिस्प्लेस कर रही है आगे। ठीक है? लेकिन उस पर फोर्स लग रही है ऐसे ऑब्ट्यूस एंगल
हो। मैं यहां लिख देता हूं कंडीशन क्या है? ठीक है? 90 से बड़ा। 90 से बड़ा और 180 के बराबर या उससे छोटा।
90 से बड़ा और 180 के बराबर या उससे छोटा। ऐसी कंडीशन अगर रहेगी तो आप समझते हो कि सेकंड क्वाड्रेंट में आया हुआ है और सेकंड
क्वाड्रेंट में आया हुआ है तो cos नेगेटिव होता है। ठीक है ना? तो इसलिए वर्क डन का फार्मूला अगर आप लिखोगे भी
तो ये वाला पार्ट बेटा नेगेटिव आएगा। तो वर्क डन भी क्या आ गया? नेगेटिव आ गया। और आप खुद सोचो अगर कोई बॉडी आगे की तरफ जा
रही है और आप उसको पीछे की तरफ फोर्स लगा रहे हो तो ऑब्वियसली वो बॉडी स्लो डाउन होने वाली है और धीरे-धीरे वो रुक भी
जाएगी भाई। यानी रिटार्ड करना शुरू कर देगी। बात सही है कि नहीं? तो वर्क डन तो यहां भी हो रहा है लेकिन स्लो डाउन करने
के लिए हो रहा है। कैसे? क्या करने के लिए? स्लो डाउन करने के लिए हो रहा है। ठीक है? ज़ीरो पे आते हैं। ज़ीरो वाला केस
आप समझ ही गए जब cos 90 होगा तब। जैसे डिस्प्लेसमेंट यहां है और फोर्स यहां है। दोनों के बीच में एंगल क्या है भाई? 90°
तो वर्क डन। फोर्स डिस्प्लेसमेंट cos 90 cos 90 इज़ ज़ीरो। तो वर्क डन ही ज़ीरो हो गया। कंप्लीट वर्क डन ही ज़ीरो हो गया। समझ
गए ना भाई? तो ऐसा भी हो सकता है। ठीक है? ठीक है कि वर्क डन ही जीरो हो जाए। ठीक बात।
ठीक बात। आगे चलना चाहिए। चलें। यहां तक क्लियर सब आओ फिर एक सवाल करते हैं भाई।
करना जरा आंसर भाई। अगर क्लियर है तो कहानी क्लियर है तो फिर आंसर भी तो करो। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। डिस्प्लेसमेंट 10
मीटर है बेटा। फोर्स भी 10 न्यूटन है। कह रहा है अगर वर्क डन 50 जूल हो जाए। तो डायरेक्शन ऑफ़ द फोर्स कितना एंगल बनाएगी?
आपको एंगल ही तो निकालना है। है ना? तो fs cos थीटा वर्क डन कितना है? 50 फोर्स कितनी है? 10। डिस्प्लेसमेंट भी कितनी है?
10. cos का थीटा निकालना है। ये आ गया बेटा 100. ये आ गया 50। ये cos का थीटा है। तो cos का थीटा निकल के आ गया 50 /
100 / 2 और cos थीटा अगर हाफ है तो थीटा 60° है कि नहीं? 60° है कि नहीं? बहुत बढ़िया। वेरी वेरी गुड। वेरी वेरी गुड। आ
जाओ भाई। एक और क्वेश्चन करके दिखाओ। फिर ये वाला ट्राई करो। फोर्स दी हुई है, डिस्प्लेसमेंट दिया हुआ है। कह रहा है
वर्क डन निकाल। अरे भैया फोर्स डॉट डिस्प्लेसमेंट करना होता है। हां कि ना? फोर्स दी हुई है। यस सर। 2i कैप -j कैप +
4k कैप। वन मार्कर सवाल देखने को मिलते हैं बेटा यहां से। डिस्प्लेसमेंट क्या दी हुई है? 3i + 2j - कैप। करेक्ट है कि
नहीं? डन। i से i क्या सिखाया था? j से j k से कर दो। 2 * 3 = 6 -1 * 2 -2 4 * -1 -4 ले भैया 0 आ गया ये तो ये तो वर्क डन
ही जीरो है भाई क्या हो गया ये सब ये सब क्या हो गया ये क्या हुई ये क्या हुई चलिए आगे बढ़ते हैं। अब देखो यहां पर जो
फोर्स है वो थोड़ा अलग स्टाइल में दी हुई है। ध्यान से देखना। यहां पे फोर्स डिपेंड कर रही है x पे। हां या ना? फोर्स डिपेंड
कर रही है x पे। यानी ये एक कांस्टेंट फोर्स नहीं है। ये एक वेरिएबल फोर्स है। बात को समझ। ये एक वेरिएबल फोर्स है। और
वर्क डन वेरिएबल फोर्स के लिए लिखा जाता है fdx। कॉन्स्टेंट फोर्स के लिए तो सिंपली f. आता
है। लेकिन जब वेरिएबल फोर्स यानी x डिपेंडेंट होगी। तो ऐसे लिखा जाएगा। ठीक है ना? तो आइए एक बार।
f को 2x पुट करके dx के साथ इंटीग्रेट करके देखते हैं। कहां से कहां तक इंटीग्रेट करना है? बोल रहा है x को वन से
लेके टू तक इंटीग्रेट करना है। कर देंगे यार। क्या दिक्कत है? ये हो नहीं सकता क्या? ये हो नहीं सकता क्या? बता दो। बता
दो बता दो। नहीं हो सकता क्या? करो यार। करो। दो कांस्टेंट है। बाहर आ जाएगा। अंदर रह जाएगा। x dx वन से लेके टू तक। x का
इंटीग्रेशन क्या होता है बेटा? x² / 2 1 से ले 2 तक। 2 स्क्वायर/ 2 - 1²/ 2
टू बाहर निकल के टू से कट गया। 2 का स्क्वायर 4 - 1 3 आंसर आ गया भाई। 3 जूल बोल दें क्या? बोल देंगे भाई। आंसर मैच कर
रहा है तो क्यों ना बोलें? ठीक है। 3 जूल आंसर हो गया जी। ठीक है। एक ग्राफ वाला भी सवाल देखो यार फटाफट से। ये दिया हुआ है
एक fx ग्राफ। fx ग्राफ के बारे में एक साफ बात आपको बताता हूं। देखो जब भी कभी आपको f वर्सेस x ग्राफ दिया हो तो उसका एरिया
निकालना फायदेमंद होगा। सर क्यों? क्योंकि वही वर्क डन होगा बेटा। fdx ही तो होता है ना।
fdx ही तो वर्क डन होता है ना। तो अगर आपको एक ऐसा ग्राफ दिया हुआ और आपसे क्या पूछा है? ये देख। द वर्क डन बाय द फोर्स
इन मूविंग द ऑब्जेक्ट फ्रॉम x ज़ीरो से छ। ये रहा ज़ीरो। ये रहा छह तो इसका पूरा एरिया कैलकुलेट करो फटाफट जल्दी से जल्दी
से जल्दी से जल्दी से जल्दी से जल्दी से जल्दी से जल्दी जल्दी जल्दी फटाफट इसका एरिया निकालो
इसका भी निकालो जल्दी से कितना आएगा 1/2 बेस कितना है तीन हाइट कितनी है तीन ले भाई
9/2 हो गया ये 3 * 3 तो ये 9 ही हो गया ठीक है ना भाई 13 1/2 13 1/2 है ना अरे 9 / 2 1/2 होता ना बेटा
तो 9 में 4 1/2 जोड़ेगा 13 1/2 नहीं आएगा क्या? हम चलिए काइनेटिक एनर्जी के कांसेप्ट पर आते
हैं। देखो भाई काइनेटिक एनर्जी की डेरिवेशन इंपॉर्टेंट है। पेपर में आती है इसलिए मैं इसको पूरा करके दिखा रहा हूं
आपको। आप देखते जाना। फार्मूला आप सभी जानते हो। काइनेटिक एनर्जी का 1/2 mv² होता है। लेकिन कहां से आया? कौन लाया? कब
लाया? कितने का लाया? आइए इसको देख लेते हैं। ठीक है ना? अच्छा एक बात का ध्यान रखना भाई कि ये दो तरीके से होती है। ठीक
है? कैलकुलस से भी होती है, नॉर्मल से भी होती है। आप जिससे चाहो उससे कर दो। कोई जरूरी नहीं है कि कैलकुलस से ही करनी है।
ठीक है ना? तो मैं आपको नॉर्मल से ही करवा रहा हूं। इमेजिन करो कि एक मास m है जो कि u से चल रहा है। आपने इस पर फोर्स लगा के
इसको डिस्प्लेस करवा दिया। अब यही किसी v से चलने लगा। अरे स्पीड बढ़ेगी ना यार। आप डिस्प्लेस करवा भी रहे
हो। फोर्स भी लगा रहे हो। एक पॉजिटिव वर्क कर रहे हो। तो वेलोसिटी कुछ ना कुछ तो चेंज होएगी कि नहीं होएगी? हां जी होएगी।
बिल्कुल। तो बस आपने यही करना है। वर्क डन लिखा आपने fs फोर्स होती है बेटा ma एस एम एस बन गया
ये। है ना? आपने इस एएस को पहले भी देखा हुआ है। पता है कहां? यहां। 2as = v² - u²। यह देख a दिख रहा है। हां सर। यह क्या
है? यह है v² - u² / 2 उठा के यहां पुट कर दे। m v² - u² / 2 वाह भाई वाह ये वर्क डन आ गया निकल के क्या? हां लेकिन सुनो पूरी
बात सुनो असल में ये जो वर्क डन आया इसको ऐसे लिखा जा सकता है। देख v² a 1 मिनट मास है ना
पहले तो हां तो mv² - mu² / 2 मैंने मास अंदर मल्टीप्लाई कर दिया। तो इसके बाद यह क्या हुआ? देख टू टू
आधा-आधा कर देता हूं। तो ये हो जाएगा 1/2 mv² - 1/2 mu² है ना ये कुछ है भाई ये कुछ ये कुछ बढ़िया तोप चीज है ये बताऊं ये
क्या है इसको बोलते हैं वर्क एनर्जी थ्योरम दिस इज वर्क एनर्जी थ्योरम भाई साहब
ठीक है काइनेटिक एनर्जी डिराइव करने चले थे वर्क एनर्जी थ्योरम भी डिराइव हो जाती है लगे हाथ है ना दोनों हाथ में लड्डू
दोनों हाथ में लड्डू ठीक है आप करने जाते हो काइनेटिक एनर्जी डिराइव लेकिन वर्क एनर्जी थ्योरम भी लगे हाथ
डिराइव हो जाती है। ठीक है? अब आप लेट करोगे कि इनिशियल वेलोसिटी ज़ीरो है तो वर्क डन हो जाएगा 1/2 mv² और इसी वर्क डन
के कन्वर्ज़ को ही काइनेटिक एनर्जी कह दिया जाता है टेक्निकल भाषा में। तो ये बन जाता है 1/2 mv²।
ठीक है जी? इसी तरीके से डिराइव होना पॉसिबल है और यह हो रहा है। ठीक है? अच्छा मैं यहां पर थोड़ी अलग बात करना चाहूंगा
इसको लेकर के खासकर इसको लेकर के देख बेटा ये जो 1/2 mv² लिखा हुआ है ना ये असल में फाइनल काइनेटिक एनर्जी लिखी हुई है ये 1/2
mu² जो लिखा हुआ है ना ये इनिशियल काइनेटिक एनर्जी लिखी हुई है और दोनों का सबट्रैक्शन वर्क डन है बोले तो बोले तो
वर्क डन जो है ना वो काइनेटिक एनर्जी का चेंज होता है असल में वर्क डन इज़ एक्चुअली चेंज इन काइनेटिक
एनर्जी और इसको जिसको ऐसा बोलते हैं वर्क डन बाय ऑल द फोर्सेस इक्वल होता है किसके?
चेंज इन काइनेटिक एनर्जी के। वर्क डन बाय ऑल द फोर्सेस। एक बॉडी पर जितनी भी फोर्सेस लग रही हैं, सबका वर्क डन निकाल
लो, ऐड कर दो, टोटल कर दो। काइनेटिक एनर्जी के चेंज के बराबर आएगा। एक छोटा सा फार्मूला और बहुत इंपॉर्टेंट
है। खासकर आपके एग्जाम के लिए तो 11th के लिए तो है ही है। ये तो एनडीए के लिए भी जरूरी है। इसको भी देखो एक बार। कह रहा है
रिलेशन बिटवीन काइनेटिक एनर्जी एंड मोमेंटम। एक काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला होता है भाई 1/2 mv² होता है ना? अब देखो
मेरी बात चुपचाप मानते रहना। आपको बात समझ में आती जाएगी। आप एक काम करो। ऊपर भी मास से मल्टीप्लाई कर दो। नीचे मास से डिवाइड
कर दो। उससे क्या होगा सर? उससे ये हो जाएगा mm² v² साथ में है ही है और डिवाइड बाय m है।
तो ये mv का होल स्क्वायर हो गया डिवाइड बाय 2m है। mv को आप मोमेंटम के नाम से भी जानते हो बेटा क्योंकि मोमेंटम होता है mv
हां या ना? तो mv को लिखोगे p ये आ जाएगा p² / 2m समझ गए ना? तो काइनेटिक एनर्जी का बड़ा ही मशहूर फार्मूला है। मोमेंटम का
स्क्वायर बाय ट्वाइस ऑफ़ मास। ठीक है? इस पर एक सवाल मैं आपको जरूर करवाऊंगा जो कि आपके बहुत काम आएगा। आप एक बार पहले खुद
ट्राई करके देखो इसको। जल्दी से फटाफट से करना। एक बार इसे खुद ट्राई करके देखो। क्या बोल
रहा है? कह रहा है दो बॉडीज हैं जिनकी काइनेटिक एनर्जी का रेशियो ऑलरेडी गिवन है। ले भाई K1 और K2 आपको गिवन है। कितना?
4:1 कह रहा है आर मूविंग विद लीनियर मोमेंटम। सेम लीनियर मोमेंटम है। ऐसा दिया हुआ है। इक्वल लीनियर मोमेंटम है। तो बस
इधर देख। अगर काइनेटिक एनर्जी p² / 2m होती है। और यह ऊपर वाला कांस्टेंट है। टू भी
कांस्टेंट है। तो K इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू मास नहीं हो गया क्या? काइनेटिक एनर्जी इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू
मास नहीं हो गई क्या? तो k1 / k2 अगर 4 / 1 है तो सीधी सी बात है कि m2 / m1 भी 4:1 ही होगा। यानी m1
m2 अगर कोई आपसे पूछे तो इट विल बी 1:4। ठीक है ना? तो 1:4 यानी डी ऑप्शन एकदम सही है। यस बिल्कुल ठीक आंसर दे रहे हैं
बच्चे। डी ठीक है जी। क्लियर हो गया? बहुत बढ़िया। एक क्वेश्चन करते हैं। वर्क एनर्जी थ्योरम का कांसेप्ट है। बढ़िया कांसेप्ट
है। आओ देखो। कह रहा है, फोर्स 10 न्यूटन की एक्ट कर रही है ऑन अ बॉडी ऑफ़ मास 5 kg इनिशियली एट रेस्ट। U0 है। कह रहा है
फाइंड द वर्क डन इन इन इट इन फर्स्ट 5 सेकंड्स। शुरू के 5 सेकंड में उस पर कितना काम हुआ है? आपको यह बताना है। देखो भाई,
सबसे पहले आप ये देखो कि मास दिया हुआ है, फोर्स दी हुई है। क्या एक्सीलरेशन आ सकती है? हां, आ सकती है। तो, एक काम कर लेते
हैं हम। एक तो एक तो एक तो वर्क डन होता है, फोर्स * डिस्प्लेसमेंट। ठीक? फोर्स * डिस्प्लेसमेंट। तो क्या यहां
पर हम एक काम नहीं कर सकते कि हम u दिया है, t दिया है, a निकल जाएगा तो v आ जाएगा। ले भैया हो जाएगा काम। देख u
ज़ीरो है। t है 5 सेकंड। एक्सीलरेशन निकलेगी फोर्स अपॉन में मास करके। फोर्स कितनी है? 10 मास कितना है? 5
इतनी। ठीक है? तो यहां से v निकाल लो। v = u + at u 0 है। यह पांच आ गया। 5 * 2 = 10 हो गया भाई। 10
मीटर पर सेकंड आ गया जी v। ठीक है? अब वर्क डन होता है चेंज इन काइनेटिक एनर्जी। आप जानते ही हो। यानी 1/2 mv² - 1/2 mu²
से आप वर्क डन निकाल पाओगे। हां या ना? पुट कर दो ना। मास तो है ही है। v भी है, u भी है। करो पुट। 1/2 मास कितना है? 5
किलो। फाइनल वेलोसिटी कितनी आई है? 10 का स्क्वायर आया है। और इनिशियली तो जीरो था। उसको मारो गोली। ठीक है? तो ये आ गया 10
का स्क्वायर। 500/ 2 कितना होता है भैया? 250 होता है। 250 जूल। डी ऑप्शन। क्या बात है भाई। क्या
बात है। क्या बात है। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। वेरी गुड। सही है यार। तुम लोग सब आंसर कर ही लेते हो यार। मेरी
कहां जरूरत है तुमको यार? है ना? फिर ये करके दिखाओ। [हंसी] ये क्वेश्चन करके दिखाओ। कह रहा है 2 kg
मास लाइंग ऑन अ टेबल इज डिस्प्लेस्ड इन द हॉरिजॉन्टल डायरेक्शन थ्रू 50 सें.मी. वर्क डन बाय द नॉर्मल क्या होगा बेटा?
ज़ीरो। वर्क डन बाय नॉर्मल वैसे भी ज़ीरो ही होता है। जनरली है ना? बाकी आप देख सकते हो क्या हो रहा है यहां पर? मैं आपको समझा
देता हूं। देखो, नीचे mg लग रहा होगा। ऊपर नॉर्मल लग रहा होगा। लेकिन बॉडी ऐसे जा रही है। डिस्प्लेसमेंट ऐसे है 50 सें.मी.
तो यार एंगल 90° है ना? 90° के साथ वर्क डन क्या आएगा? जीरो ही आएगा। तो mg भी वर्क डन करता। ज़ीरो आता। नॉर्मल भी कर रहा
है। ज़ीरो ही आएगा। ज़ीरो ही आएगा। बात सही है? ये वाला करो एक बार। ये क्वेश्चन करो। कह रहा है, स्ट्रिंग इज़ यूज़्ड टू पुल अ
ब्लॉक ऑफ़ मास m वर्टिकली अप बाय अ डिस्टेंस h एट अ कॉन्स्टेंट एक्सीलरेशन g / 3. तो वर्क डन बाय द टेंशन क्या होगा?
इन द स्ट्रिंग। अच्छा सवाल है। अच्छा सवाल है। क्या बोल रहा है? कह रहा भाई देखो यह एक मास है। नीचे की तरफ mg रहता है। ऊपर
की तरफ टेंशन रहता है। ठीक है? कह रहा है इसको ऊपर ही पुल कर रहे हैं हम। ठीक है? कांस्टेंट एक्सीलरेशन g / 3 से
एक्सीलरेशन g/ 3 से ये ऊपर पुल किया जा रहा है। कितना ऊपर पुल करा? h हाइट तक पुल करा। ठीक है? तो कह रहा है बताइए वर्क डन
बाय टेंशन क्या रहेगा? बेटा देखो वर्क डन होता है क्या? फोर्स * डिस्प्लेसमेंट * cos थीटा। मुझे आपसे ये पूछना है कि फोर्स
कितनी लग रही है? सर फोर्स तो टेंशन ही है। टेंशन का ही वर्क डन निकाल रहे हैं। यस सर बिल्कुल सही बात है। टेंशन वाली ही
फोर्स है। ओके। डिस्प्लेसमेंट कितनी है? ऊपर की तरफ। ऊपर उठा रहे हैं ना? ऊपर की तरफ डिस्प्लेसमेंट कितनी है सर? वो h है।
तो TH अच्छा। और cos का एंगल क्या डालेंगे भाई? देखो ऊपर की तरफ ही डिस्प्लेस कर रहे हैं और ऊपर ही जा रही है तो फिर 0
डालेंगे। यस 0° ठीक है? तो 0° तो cos 0 तो वन होता है। अब टेंशन किसके बराबर आएगी? टेंशन आ रही है mg के बराबर। पर जो नेट
फोर्स देखेंगे वो t - mg आएगी। यस और नो। है ना भाई? जो अपन नेट फोर्स देखेंगे वो क्या आएगी? t - mg है ना? हां। यस यस यस
यस यस यस। बिल्कुल सही है। बिल्कुल सही है। ठीक है ना? तो क्या आंसर बनेगा? ठीक है? कर लोगे ना? सॉल्व कर लेना इसको।
ठीक है? डालना ही पुट ही करना है बस। आंसर आ जाएगा। ठीक है जी। आओ भाई, एक और बड़े इंपॉर्टेंट कांसेप्ट पर चलते हैं। ये है
कंजर्वेटिव और नॉन कंजर्वेटिव फ़। देखो भाई, दो प्रकार की फ़ होती है। हां, आंसर ठीक लिख रहे हो बेटा आप लोग। सही है। मैं
कह रहा हूं दो तरीके की फ़ोर्स होती है। एक होती है कंजर्वेटिव, एक होती है नॉन कंजर्वेटिव फ़। ठीक है? कंजर्वेटिव फ़
कौन-कौन सी होती है? मैं नाम ले लेता हूं पहले तो। कंजर्वेटिव फोर्स एक होती है ग्रेविटेशन,
एक होती है स्प्रिंग और एक होती है इलेक्ट्रोस्टेटिक। अब कहानी सारी सुनो क्या है? अगर
ग्रेविटेशनल फोर्स के अगेंस्ट कोई फोर्स लग के वर्क डन करेगी। बात को समझना। अगर ग्रेविटेशनल फोर्स के अगेंस्ट कोई फोर्स
लग के वर्क डन करेगी तो वो जाकर के सीधा-सीधा किस में स्टोर हो जाता है? पोटेंशियल एनर्जी में जाके स्टोर हो
जाएगा। ठीक है ना? तो इसी से बनती है ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी। अगर स्प्रिंग फोर्स के अगेंस्ट वर्क डन करके
स्टोर करवाएंगे तो बोलेंगे स्प्रिंग पोटेंशियल एनर्जी। इलेक्ट्रोडिक फ़ 12th क्लास में आएगी। इसको 12वीं में देखेंगे।
अभी टेंशन इसकी ज्यादा ना लो आप। ठीक है ना? इतना ध्यान रखो कि कंजर्वेटिव फ़ का जब भी कभी वर्क डन होता है ना तो वह पाथ पे
डिपेंड नहीं करता। वह सिर्फ इनिशियल फाइनल स्टेट। देखो यहां लिखा हुआ है उस पे डिपेंड करता है। ठीक है ना? कंजर्वेटिव फ़
का वर्क डन। और नॉन कंजर्वेटिव फ़ं ये देखो लिखा हुआ है वर्क डन बाय कंजर्वेटिव फ़ ओवर अ क्लोज्ड लूप इज़ ज़ीरो। हमेशा क्लोज लूप
पर क्या होगा? वो ज़ीरो होगा। क्योंकि इनिशियल से फाइनल वापस आ गए घूम करके। ठीक है? नॉन कंजर्वेटिव की बात करते हैं। नॉन
कंजर्वेटिव फोर्सर्सेस जो होती हैं, वह पाथ पर डिपेंड करती हैं। बहुत सारी फोर्सर्सेस हैं। फ्रिक्शन जैसे हो गई,
नॉर्मल हो गई वगैरह-वगैरह। बहुत सारी हैं ऐसी। ठीक है ना? इनका वर्क डन क्लोज लूप में नॉन ज़ीरो होता है। ज़ीरो नहीं हो सकता।
ये दोनों में फर्क है। ठीक है? अब मुझे इस बात का आप जवाब दो। देखो, हो क्या रहा है कि यहां पर एक मास है। सुनना ध्यान
से। यहां पे एक मास है। नीचे की तरफ वो लगा रहा है mg फोर्स। उस पर mg फोर्स लग रही है। ठीक है? आपने इसे उठाया। बात को
समझना। आपने इसके अगेंस्ट फोर्स लगाई है। Ag लिख रहा हूं। मतलब अगेंस्ट फोर्स लगाई है। और अगेंस्ट फोर्स लगा करके आप इस पाथ
से गए। यहां पहुंच गए। इस पाथ से गए और यहां पहुंच गए। इस पाथ से गए और यहां पहुंच गए। एक बात बताओ किसी भी पाथ से जाओ
क्या फर्क पड़ता है? आप वर्टिकली कितना कवर कर रहे हो? यानी इस फोर्स के अगेंस्ट कितना जा रहे हो वही मैटर करेगा।
वही मैटर करेगा। तो जो वर्क डन निकल के आएगा ना भैया वो आएगा -mg हर केस में हर केस में। तो इसका आंसर क्या हुआ? सेम फॉर
ऑल पाथ्स सभी पाथ के लिए सेम होगा। - mg ही आएगा। ठीक है जी।
अब अब हम लोग आ रहे हैं। पोटेंशियल एनर्जी के कांसेप्ट्स पर थोड़ा सा गहरे कांसेप्ट्स हैं। तो ध्यान से समझ के पढ़ना इसको। ठीक
है? देखो कह रहा है देखो लिखा हुआ है ना कह रहा है वर्क डन अगेंस्ट इंटरनल कंजर्वेटिव फोर्सेस यानी कि ग्रेविटेशनल
फोर्स हो गई। ठीक है ना? मूविंग अ बॉडी फ्रॉम वन प्लेस टू अनदर स्लोली इज़ डिफाइंड एज चेंज इन पोटेंशियल एनर्जी। क्या बोल
रहा है? कह रहा है जब भी आप कभी वर्क डन करोगे किसी कंजर्वेटिव फोर्स का तो वो हमेशा माइनस ऑफ़ डेल्टा U के बराबर
आता है। ये कांसेप्ट है। ये कांसेप्ट है। वो आएगा ही आएगा। और डेल्टा U क्या है? पोटेंशियल एनर्जी। चेंज नेगेटिव चेंज के
बराबर आएगा हमेशा। ठीक है ना? लेकिन अगर आप इसके एक्सटर्नल वर्क डन करते हो। कंजर्वेटिव फोर्स के अगेंस्ट फोर्स लगा के
अगर आप काम करते हो। ठीक है ना? और वह भी स्लोली करते हो तो यह डेल्टा U में जाकर स्टोर होगा। पॉजिटिव डेल्टा U में जाकर
स्टोर होगा। इसके लिए कंडीशन इसके लिए कंडीशन कोई नहीं है। ये हमेशा होता है कि कंजर्वेटिव फोर्स का वर्क डन हमेशा -
डेल्टा U आएगा। लेकिन ये वाला तब आएगा जब आप स्लोली काम करोगे। स्लोली क्यों? स्लोली इसीलिए क्योंकि हम नहीं चाहते कि
हमारा वर्क डन काइनेटिक एनर्जी में भी चेंज हो। बात समझना। हम ये चाहते हैं कि वर्क डन जो हो वो सारा का सारा पोटेंशियल
एनर्जी में ही घुसे जा के। काइनेटिक एनर्जी चेंज नहीं होनी चाहिए। बात को समझना। ठीक है ना? तो स्लोली इसलिए काम कर
रहे हैं ताकि काइनेटिक एनर्जी का चेंज क्या रहे? जीरो रहे। ठीक है जी? तो ये कांसेप्ट्स हैं। इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स
हैं। जरा आप संभालिएगा इनको। ठीक है? और इस क्वेश्चन का आंसर अगर आप कर सको तो करो। कह रहा है इफ द स्टोन इज़ थ्रोन अप
वर्टिकली एंड रिटर्न टू द ग्राउंड। ठीक है? कह रहा है इट्स पोटेंशियल एनर्जी मैक्सिमम कहां पर होगी? बता दो भाई फटाफट
से बता दो। पोटेशियल जी मैक्सिमम कहां मिलेगी आपको इसकी? कितना सिंपल सवाल है यार। मैक्सिमम हाइट
पर होगी यार। mghएच ही तो होता है। मैक्सिमम हाइट पर होगी। ठीक है? ठीक है जी। अच्छा कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट
समझ लो यार पोटेंशियल एनर्जी के बारे में। सबसे पहली चीज ये है कि आपने ये चीज देखी कि हमेशा चेंज इन पोटेंशियल एनर्जी ही
डिफाइन होता है। ऑलवेज डेल्टा u इज डिफाइंड। कभी भी अकेला u डिफाइन नहीं होता। अकेला u कभी भी डिफाइन
नहीं होगा। पता है क्यों? क्योंकि क्योंकि डेल्टा u का जो चेंज है ना उसमें से एक को हम क्या लेते हैं? एक को हम रेफरेंस पॉइंट
लेते हैं। है ना? जब भी आप लोग कोई डेरिवेशन करते हो पोटेंशियल एनर्जी की तो ऐसे लेते हो ना u फाइनल - u इनिशियल फिर
आप बोलते हो कि भाई u इनिशियल क्या है हमारे लिए ज़ीरो है जी फिर u फाइनल ही रह जाता है बस तो वो डिफाइंड इस तरीके से
कंडीशनल डेफिनेशन है वो इफ देखो लिखा है इफ वी अस्यूम पोटेंशियल टू बी ज़ीरो एट वन पॉइंट एक जगह पे ज़ीरो माननी पड़ेगी तभी हम
डिफाइन कर पाएंगे पोटेंशियल एनर्जी को किसी दूसरे पॉइंट पर समझो इंपॉर्टेंट पॉइंट है भाई ठीक है ऐसे ही देखो क्या
लिखा हुआ है वर्क वर्क डन बाय कंजर्वेटिव फोर्स इक्वल टू द नेगेटिव ये बताया ना मैंने नेगेटिव चेंज इन पोटेंशियल एनर्जी
वर्क डन बाय कंजर्वेटिव फोर्स हमेशा - डेल्टा u के बराबर होता है भाई याद करने वाली चीजें हैं ये कर लेना ठीक है
आओ अब चलते हैं हम लोग एक और कांसेप्ट्स पर जिसको बोलते हैं कंजर्वेशन ऑफ़ एनर्जी।
कंजर्वेशन ऑफ़ एनर्जी या फिर कंजर्वेशन ऑफ़ मैकेनिकल एनर्जी इसका पूरा नाम है सी ओ एमई कंजर्वेशन ऑफ़ मैकेनिकल एनर्जी। इसका
मतलब होता है जितनी टोटल एनर्जी इनिशियल है सिस्टम में उतनी ही टोटल एनर्जी फाइनल है सिस्टम में।
बोले तो इनिशियल पोटेंशियल एनर्जी इनिशियल काइनेटिक एनर्जी इक्वल होगी फाइनल पोटेंशियल एनर्जी फाइनल काइनेटिक एनर्जी
के। ठीक है? तो ये भी आपको जगह-जगह पर यूज़ होते मिलेंगे। आपने भी देखे होंगे ऑलरेडी। इसकी कोई एज सच डेरिवेशन की जरूरत नहीं
है। हां, बस मैं एक आधी जगह पर इसका एग्जांपल आपको जरूर बताता हूं। जैसे जैसे हां सपोज़ करो
किसी h हाइट पर कोई मास m रिलीज किया गया है। अब रिलीज किया गया है तो बेटा u क्या लिया जाएगा?
जल्दी से बता दो। u लिया जाएगा ज़ीरो। है ना? और मैं आपसे पूछूं कि भाई नीचे आते-आते आते आते आते आते आते-आते उसकी
फाइनल वेलोसिटी क्या बनेगी? तो आपका क्या जवाब होगा? आपका क्या जवाब होगा? यह तो यह तो हमने
कनामेटिक्स में भी देखा था। यह तो हमने कनामेटिक्स में भी देखा था कि अब ऊपर से कोई मास रिलीज़ करें और नीचे जब वो
पहुंचेगा तो उसकी कुछ ना कुछ वेलोसिटी आएगी। लेकिन क्या आएगी? क्या आती है वेलोसिटी वो? याद है? याद है? मैं लिख
दूं? 2g आती है। वेरी गुड। वेरी गुड। लिख रहे हैं बच्चे यहां पर। शाबाश। शाबाश। बहुत
बढ़िया। 2gh आती है। ठीक है ना? अब इसी चीज को मैं यहां से लिखता हूं। टोटल एनर्जी कंजर्व करके कैसे? ये पॉइंट
ले लो वन। ये पॉइंट ले लो टू। ठीक है? u1k1 = u2k2 ये लगाते हैं। u1 क्या है भाई?
इनिशियल पोटेंशियल एनर्जी क्या है सर? वो है mgh। इनिशियल काइनेटिक एनर्जी क्या है सर? वो
तो ज़ीरो है। क्योंकि इनिशियली तो ये रिलीज़ हुआ था खाली। फाइनल पोटेंशियल एनर्जी क्या है सर? यहां पर आकर के तो कोई पोटेंशियल
एनर्जी है ही नहीं। क्योंकि ग्राउंड पे टच कर रहा है ये तो है ना भाई? ये तो ग्राउंड पे टच कर रहा है। तो ये तो ज़ीरो हो गई। और
फाइनल काइनेटिक एनर्जी होती है 1/2 m v² ये v ही निकालना है मुझे। तो यहां से सीधा-सीधा बेटा mgh बराबर आ गया 1/2 mv²
के। m से m कट गया। 2gh चला गया इसके पास और यह v² के बराबर है। तो v निकल के आ गया 2g। बोल मैच हुआ कि नहीं हुआ? और बोल पहले
से आसान है कि पहले से मुश्किल है यह डेरिवेशन? तो भाई जब आप कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी लगाते
हो ना तो चीजें थोड़ी सी इजी हो जाती हैं आपके लिए। कहना मैं आपसे यह चाह रहा था। ठीक है ना? चीजें जो है वो आपके लिए क्या
हो जाएंगी? थोड़ी सी आसान हो जाएंगी। ठीक है ना? चलिए आइए स्प्रिंग की बातें भी कर लें थोड़ी सी। यानी इलास्टिक पोटेंशियल
एनर्जी की बातें भी कर लें। देखो यार जैसे ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी में आपने देखा। ऐसे ही इलास्टिक पोटेंशियल एनर्जी
के अंदर भी यही सीन है कि जब भी आप किसी स्प्रिंग को पकड़ के बाहर को खींचोगे तो आप लगा रहे हो एक्सटर्नल फोर्स और अंदर
लग रही है कौन सी? अंदर लग रही है स्प्रिंग फोर्स। है ना? तो स्प्रिंग फोर्स के अगेंस्ट आप वर्क डन कर रहे हो और
स्प्रिंग फोर्स के अगेंस्ट अगर वर्क डन किया जाएगा तो वो पोटेंशियल एनर्जी में जाके स्टोर
होगा ही होगा। बात सही है कि नहीं? है ना? तो इलास्टिक पोटेंशियल एनर्जी कैसे डिफाइन होती है? आओ एक बार वर्क डन बाय स्प्रिंग
पढ़ते हैं। देखो भाई आप जानते हो कि वर्क डन होता है fdx सर आप ये क्यों लगा रहे हो? क्योंकि बेटा
ये फोर्स ये स्प्रिंग फोर्स जो है ना ये फोर्स kx होती है। मतलब ये फोर्स खुद डिपेंड कर रही है x पर तो मैं क्या करूं?
आप खुद सोचो। आप खुद सोचो। जब ये खुद x पे डिपेंड कर रही है तो अपन क्या कर सकते हैं भाई? है ना? तो अपने को fdx लगाना ही
होगा। और fdx जब लगाएंगे तो यहां पर हम लिखेंगे kx dx k आ जाएगा बाहर अंदर बचेगा x dx अब x dx
को इंटीग्रेट कर लो चाहे कहीं से कहीं तक भी पावर एक से बढ़ेगी बड़ी पावर नीचे आएगी इट विल बिकम 1/2 kx² क्या यही होती है
पढ़े शेयर जी हां या ना बोलो अरे बोलो ना यार यही होती है ना है ना लेकिन ये ऐसे नहीं होती डायरेक्ट नहीं होती यहां पर आप
इसको ना आप ना इसको डेल्टा u लिखते हो पहले हां हां अभी तक तो ये वर्क डन था। वर्क डन था। वर्क डन था। एक्सटर्नल फोर्स
का वर्क डन था। ये डेल्टा u के बराबर आता है। फिर आप बोलते हो u फाइनल - u इनिशियल 1/2 kx² है। और फिर हम बोलते हैं इनिशियल
वाली को अपन ने ज़ीरो मान लिया क्योंकि तब वो नेचुरल लेंथ पर था। तो इसी से निकल के आता है कि u ही 1/2 kx² है। अगर हम
स्टार्ट करें नेचुरल लेंथ को ज़ीरो मानना। तो क्लियर हो गई बात? ठीक है ना? तो ऐसे ही आता है 1/2 kx²। यही वर्क डन भी है।
ऐसे ही वर्क डन भी निकल के आ सकता है भाई। क्या टेंशन है? ठीक है? बढ़िया। देखो भाई, तीन प्रकार के इक्विलिब्रियम
होते हैं। वर्क एनर्जी का कांसेप्ट है ये। तीन तरह के इक्विलिब्रियम होते हैं। एक होता है स्टेबल इक्विलिब्रियम। एक होता है
अनस्टेबल इक्विलिब्रियम, एक होता है न्यूट्रल न्यूट्रल इक्विलिब्रियम। ये थ्योरी में आ सकता है। पूछा जा सकता है
इनके बीच में डिफरेंस क्या है? तो आप ये बता देना कि स्टेबल इक्विलिब्रियम का मतलब होता है कि अगर फोर्स लगाई जाए तो चीज
खिसकती है। खिसक के वापस अपनी जगह पे आ जाती है। जैसे कि ये एक बॉल लिया कटोरा उस कटोरे में मान लो एक कंचा है। एक छोटी सी
बॉल है। ठीक है ना? आपने इसको उंगली लगाई। उंगली लगाई। उंगली लगा करके आप इसको यहां तक ले गए। राइज तो आपने करवा दिया। लेकिन
जैसे ही छोड़ा क्या होगा? यह वापस से ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे करता हुआ वापस बीच में आ जाएगा कि नहीं आ जाएगा? हां सर आ
जाएगा। बिल्कुल आ जाएगा। बात सही है कि नहीं? आ जाएगा ना? तो इसको बोलते हैं स्टेबल। इफ ऑन बीइंग डिस्प्लेस्ड फ्रॉम
इट्स इक्विलिब्रियम पोजीशन द पार्टिकल ट्राइस टू रिगेन इट। वापस से उसको रिगेन करना चाहता है। अनस्टेबल क्या होता है?
अनस्टेबल होता है कि एक बार अगर आपने इसको सिखा दिया तो सिखा दिया नहीं। अगर एक बार इसको आपने धक्का दिया तो धक्का देने के
बाद यह अपनी ओरिजिनल पोजीशन को रिगेन नहीं करता। इसको आप ऐसे डिफाइन कर सकते हो कि यहां पर उल्टा कंचा रखा हुआ है। मान लो
कटोरे के ऊपर उल्टा कंचा आपने इसको जरा सी भी उंगली करी है। ये नीचे गिर जाएगा। वापस कभी ऊपर आएगा ही नहीं। है ना? नहीं आ
सकता। न्यूट्रल होता है कि अगर आपने डिस्प्लेस किया तो पार्टिकल कंटिन्यू करता है इक्विलिब्रियम को। लेकिन नई पोजीशन में
कंटिन्यू करना चालू कर देता है। ये ऐसे बता सकते हो फ्लैट पोजीशन पर। यहां से आगे गया। फिर से अपना इक्विलिब्रियम बना लेगा।
mg mg नीचे नॉर्मल ऊपर नई जगह पर जाकर के भी यह क्या रहेगा? इक्विलिब्रियम में ही रहेगा। जरा दीजिए
इसको आंसर फटाफट से। फिर एक ब्रेक देते हैं आपको छोटा सा। शाबाश
शाबाश जी शाबाश बहुत बढ़िया यस यस यस इट इज़ अनस्टेबल यार वेरी गुड वेरी गुड इट इज़ अनस्टेबल शाबाश बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया सही
है सही है सही है अनस्टेबल ही है ये ठीक है जी डन है हां जी कितनी देर का ब्रेक दें जल्दी से बताओ फटाफट से कितनी देर का
ये लास्ट ब्रेक है भाई इसके बाद कोई ब्रेक नहीं फिर ठीक है ना इसके बाद फिर लगा लगातार ग्रेविटेशन तक अपन अपन धड़ाधड़
चलेंगे। ठीक है? ले लो। चलो 12 मिनट का ब्रेक ले लो आराम से। ठीक है? मिलते हैं ब्रेक के बाद।
आप सभी तक पहुंच रही है क्या? क्या मैं दिखाई सुनाई पढ़ रहा हूं क्या? हेलो हेलो हेलो बता दो एक बार कमेंट सेक्शन में।
क्या मैं दिखाई सुनाई पढ़ रहा हूं क्या? जल्दी से जल्दी से फटाफट फिर हम चलते हैं यार इस चैप्टर को भी अपन पूरा करते हैं और
रोटेशन ग्रेविटेशन वाले टॉपिक पे चलते हैं फटाफट से ठीक है पढ़ाई स्टार्ट करें क्या बात है क्या बात है यस यस आई एम बैक आई एम
बैक एंड होपफुली आप लोग भी छोटा सा ब्रेक लेकर के वापस आ गए होंगे 10 ही मिनट का ब्रेक दिया था ज्यादा लंबा नहीं था यार
ब्रेक है ना चलिए आइए पावर वाले कांसेप्ट को पढ़ते हैं देखो पावर क्या है पावर है भाई अरे अरे इतनी
फायर इमोजी क्यों लगा रहे हो भाई क्या हो क्या हो गया? हां पावर पावर होती है। वो भी क्लास नाइंथ से ही
उसका फार्मूला आ रहा है कि कितनी तेज कोई काम किया गया है। है ना? कोई वर्क डन कितने टाइम में किया गया है उसी को पावर
बुलाते हैं। एक फार्मूला और भी चलता है इसका कि एनर्जी कितनी ट्रांसफर हुई है डिवाइड बाय टाइम। तो एनर्जी अपॉन में टाइम
भी चलता है। दोनों चलते हैं पावर के फॉर्मूले। ठीक जी? है ना? यूनिट क्या होती है इसकी? वाट होती है। नाम तो सुना ही
होगा। है ना? नाम तो सुना ही होगा आपने। यूनिट इसकी होती है वाट। है ना? नहीं तो जूल पर सेकंड भी कह सकते
हो आप इसको। जूल और टाइम से सेकंड तो जूल पर सेकंड भी कहते हैं। वाट भी कहते हैं। बात एक ही है। ठीक है ना? लेकिन मैं आपको
एक और फार्मूला देना चाहता हूं। बहुत प्यारा सा फार्मूला है पावर का। देखते जाओ। देखो पावर वर्क डन बाय टाइम होता है।
ऐसा आप सभी को पता है। ऐसा आप सभी को पता है। बहुत बढ़िया। एक बच्चा कह रहा है सर फाइनल एग्जाम मेरा हो गया। थम्स अप ठीक है
भाई। ठीक है। हो गया यार। ठीक है। अब तू यहां कर क्या रहा है? लेकिन आ करके हैं। अब तू यहां आके कर क्या रहा है? दूसरों को
मोटिवेट कर रहा है या मुझे कह रहा है सर आप रहने दो। अब अब मेरा एग्जाम हो गया। आप पढ़ाना बंद कर दो। अब हैं कहना क्या चाहता
है? कहना क्या चाहता है तू? हैं? वर्क डन बाय टाइम। इधर आ देख बेटा वर्क डन होता है फोर्स * डिस्प्लेसमेंट अपॉन में टाइम। हां
या ना? और डिस्प्लेसमेंट अपॉन में टाइम इज़ नथिंग बट वेलोसिटी। तो पावर हो जाता है फोर्स * वेलोसिटी। आपको एक बात और बताता
हूं। यह जिस तरीके से फोर्स * डिस्प्लेसमेंट लिखा जाता है ना, वैसे ही यहां पे फोर्स डॉट वेलोसिटी लिखा जाता है।
यानी f वेक्टर v वेक्टर cos का थीटा ये पावर है। ये एक्चुअल पावर है। समझ गए ना? दिस इज़ असली शक्ति। असली शक्ति की बात अगर
करनी हो तो फार्मूला ये fv cos थीटा खूब चलता है। ठीक है ना? आइए एक क्वेश्चन भी करके देखते हैं। कह रहा है पार्टिकल मूव्स
विद वेलोसिटी अंडर द इनफेंस ऑफ़ अ कॉन्स्टेंट फोर्स। कह रहा था द इंस्टेंटेनियस पावर अपाइड क्या होगी? यार
देखो जैसे जैसे आप वर्क डन बाय टाइम लिखते हो। इंस्टेंटेनियस पावर के लिए क्या लिखोगे यार? dw / dt लिखोगे। सीधी सी बात
है। सीधी सी बात है। dw / dt आ जाएगा। है ना भाई? तो ऐसा भी लिखा जा सकता है। है ना? तो इसमें मैं कुछ-कुछ वैल्यूज़ आपको दे
देता हूं। कुछ-कुछ वैल्यूज़ दे देता हूं। जैसे ये देता हूं। 3 मीटर पर सेकंड की वेलोसिटी से चल रहा है। और कांस्टेंट
फोर्स लग रही है, तो भाई समझ लो 6 न्यूटन लग रही है। ठीक है? ठीक है? 6 न्यूटन लग रही है। तो मैंने एक फार्मूला आपको और
बताया पावर का वो क्या है? fv है ना फोर्स * वेलोसिटी। तो फोर्स कितनी है बेटा? सिक्स है। और वेलोसिटी कितनी है? थ्री है।
छ तो ये कितना आ गया बेटा? 18 वाट आ गया। मैच तो ऑब्वियसली नहीं करेगा क्योंकि मैंने मनमर्जी के बनाए हैं। ठीक है? ठीक
है ना? तो तो क्या मैच करेगा? मैच ही नहीं कर पाएगा। ठीक है जी। ठीक है जी। आगे बढ़ते हैं। अच्छा एक चीज और आती है बेटा।
एफिशिएंसी ऑफ़ पंप या इंजन निकालना। इसके भी क्वेश्चंस एक आधे दो देखे जा सकते हैं आपके पेपर के अंदर। ठीक है ना? देखो
एफिशिएंसी ईटा से डिनोट होती है। इसका मतलब होता है बेटा आउटपुट पावर डिवाइड बाय इनपुट पावर
इंटू में 100 इंटू में 100 ठीक है ये ये एफिशिएंसी कहलाती है। परसेंटेज में निकल के आएगी बेटा जब भी आएगी। ठीक है ना? जब
भी आएगी परसेंटेज में निकल के आएगी। एक क्वेश्चन भी इस पर मैं करवाता हूं ताकि आपको थोड़ी सी फीलिंग आए कि कैसे सवाल इस
पर आते हैं। ठीक है? कह रहा है वाटर इज टू बी टेकन एट अ हाइट ऑफ़ 60 मीटर। 60 मीटर की हाइट पर लेके जाना है। रेट आपको दिया हुआ
है इतना। तो ये मास डिवाइड बाय टाइम दे रखा है। ये m / t दिया हुआ है आपको 15 15 kg पर सेकंड दिख रहा है
ना? m / t है। कह रहा है द एफिशिएंसी ऑफ़ पंप इज़ 90%? अरे वाह! बहुत अच्छा पंप है यार। कह रहा है हाउ मच पावर ऑफ़ पंप इज़
रिक्वायर्ड।" कह रहा है कितनी पंप की पावर चाहिए? अगर 90% एफिशिएंट वो है। तो भाई फिर आप खुद सोचोगे अगर आप पी आउटपुट
डालोगे तो नाइन डालोगे और ईटा डालोगे तो 90 डालोगे। यानी ईटा P आउट / P इन
* 100 ईटा कितना डालेंगे भाई? 90 डालेंगे। ठीक है? और P आउट अपने को निकाल लेना है कि कितना आउटपुट आ रहा है।
इंटू में 100 आइए एक बार एक काम करते हैं। 60 मीटर की हाइट तक लेकर के जाना है m / t तो पावर होता है बेटा वर्क डन अपॉन में
टाइम। ठीक है ना? हाइट पे ले के जाना है तो हम इसको mgh लिख सकते हैं क्योंकि mgh का वर्क डन करना पड़ेगा डिवाइड बाय टाइम।
अब तू ध्यान से देख m / t दिया हुआ है। g की वैल्यू तुझे पता है। h की वैल्यू तू ढूंढ सकता है। यहीं कहीं दी थी। हां 60 दी
हुई है। देख m / t कितना है बेटा? 15 g कितना है? 10 h कितना दिया हुआ है भाई? 60 दिया हुआ है। ठीक है? तो पावर निकल के आ
जाएगी। क्या दिक्कत है ना? 15 * 6 कितना होता है? 90 ठीक है?
और एक जीरो और आ गया तो वाट आ गया है ना अच्छा एक जीरो और आएगा सॉरी 9000 वाट ठीक है ना तो ये आउटपुट पावर क्या आ गई
भाई 9000 वाट आ गई ठीक है तो एक्चुअली में पावर कितनी थी एक्चुअली में पूछे तो पावर कितनी थी भाई अगर ये 9000 वाट आई है अच्छा
अच्छा किलोवाट में दिया हुआ है भाई तो इसको भी किलोवाट में चेंज कर लेते हैं ना 9000 वाट क्या होता है 9 किलोवाट तो 9
किलोवाट की आउटपुट पावर है इसकी ठीक है जी। तो 90 = 9 / P इनपुट * में 100 यहां से P इनपुट भी निकल के आ जाएगा।
ज़ीरो से ज़ीरो भी कट गया। 10 किलोवाट 10 किलोवाट की मोटर होगी। सही है क्या?
सही है क्या? सही है क्या? बन गया क्या आंसर? है ना? 10 किलोवाट बनेगा। ठीक। ठीक जी। चला जाए आगे। आ जाओ फिर।
चलते हैं भाई हम लोग अगले चैप्टर पर। चैप्टर का नाम है रोटेशनल मोशन। इसमें सेंटर ऑफ मास पढ़ेंगे। कोलीजन भी वहीं पर
हम लोग थोड़ा-थोड़ा पढ़ लेंगे। ठीक है ना? आइए शुरू करते हैं। देखो सबसे पहले चीज़ आती है कि भई सेंटर ऑफ़ मास क्या होता है?
ये देखो तुम्हारे प्यारे से सर। बहुत ज्यादा भोजा ले के खड़े हैं बेटा। है ना? लेकिन एक बात बताओ अगर इतना सारा भोजा ले
के सीधे खड़े हो जाएंगे तो क्या होगा? सीधे खड़े होंगे तो बेटा पीछे गिर जाएंगे। ठीक है ना? तो ये सारा बोझा ले करके ऐसे रहना
पड़ेगा। थोड़ा झुक के। झुक के रहना पड़ेगा मेरे आगे। है ना? तो झुक के रह रहे हैं क्योंकि गिर ना जाए ताकि क्योंकि सामान
बहुत भारी है तो व्यक्ति को थोड़ा सा झुक के चलना पड़ता है। है ना? लिखा है सेंटर ऑफ़ मास ऑफ़ बॉडी इज़ अ पॉइंट एट व्हिच
अप्लाइड फोर्स प्रोड्यूसेस ट्रांसलेटरी मोशन बट नो रोटेशन। सेंटर ऑफ़ मास वो पॉइंट होता है जहां पर सारे का सारा मास इकट्ठा
हुआ माना जा सकता है। और वहीं पर फोर्स लगा के आप ट्रांसलेटरी मोशन कर सकते हो। रोटेटरी मोशन नहीं हो पाएगा। ठीक है जी।
कह रहा है इफ द सिस्टम अंडरगो सम कॉम्प्लिकेटेड मोशन इट्स मोशन कैन बी डिस्क्राइब्ड इन अ सिंपलीफाइड वे यूजिंग
सेंटर ऑफ़ मास। ठीक है ना? सेंटर ऑफ़ मास से हम चीजों को सिंपल कर पाते हैं। ठीक है? अब जैसे आप देख सकते हो कि स्केल ऐसे पकड़ा
हुआ है बीच में से मैंने। है ना? और यहां से पकडूंगा तो देखो मुझे थोड़ा इधर पकड़ना पड़ेगा। थोड़ा सा इधर। ये ये हो जा सेट भाई।
हो जा भाई हो जा। ये देखो। अब ये बिल्कुल बीच में नहीं है। अगर आप ध्यान से देखो तो। अगर आप ध्यान से देखो बिल्कुल बीच में
नहीं है। ऐसा क्यों? क्योंकि ये वाली साइड जो है ना वो मोटी है। तो इधर को मास ज्यादा है। जिस तरफ मास ज्यादा होता है ना
उस तरफ को सेंटर ऑफ़ मास शिफ्ट हो जाता है। जिस तरफ मास ज्यादा होगा उस तरफ सेंटर ऑफ़ मास क्या करेगा? शिफ्ट हो जाएगा। जैसे आप
ये बॉटल देख सकते हो। तो इस बोतल में ऊपर से पतली है, नीचे से मोटी है। है ना? तो आप जब इसको फेंकोगे आपने देखा ये घूम
क्यों घूमती हुई जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेंटर ऑफ़ मास की एक सिम एक सेम पोजीशन नहीं है। समझ रहे हो ना? सेंटर ऑफ़
मास नीचे की तरफ खिसका हुआ है। ठीक है? ठीक है? तो आप जब इसको फोर्स लगा के फेंकोगे तो सेंटर ऑफ़ मास पे फोर्स नहीं
लगेगी। और नहीं लगेगी तो फिर ये रोटेट होती हुई जाएगी। सीधी सी बात है। सेंटर ऑफ़ मास पर फोर्स लगेगी तो ये रोटेट नहीं
होगी। बस इतनी छोटी सी बात है। आओ अब बात करते हैं कि कभी भी सेंटर ऑफ़ मास अगर आपको निकालना हो तो कैसे फाइंड करोगे? देखो
बहुत ईजी है। इमेजिन करो कि आपने दो मास ले रखे हैं। और सेंटर ऑफ़ मास कहीं यहां पर है जो कि R1 डिस्टेंस है इस वाले मास से
और R2 डिस्टेंस है इस वाले मास से। ठीक है ना? तो अब क्या करोगे? देखो भाई, कभी भी पोजीशन लेनी हो, तो एक बात का हमेशा ध्यान
रखना कि जो मास होगा ना, वह इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू यह r होगा। ठीक है ना? r हमेशा यह डिस्टेंस के साथ यह इन्वर्सली
प्रोपोर्शनल आपको मिलेगा। और ऐसा मिलेगा, तो आप लिख सकते हो कि m * r इज ऑलवेज कांस्टेंट। और इतने ही कांस्टेंट है भैया।
तो m1r1 = m2r2 ऐसा लिखा जा सकता है। हां या ना बोलो। हां सर बिल्कुल लिख सकते हो। m1 r1 m2 r2 तो कभी भी आपको मान लो r1
निकालना है तो m2r2 / m1 क्या ऐसा लिख पाओगे कि नहीं लिख पाओगे
बिल्कुल लिख सकते कोई दिक्कत नहीं हो जाएगा हो जाएगा बन जाएगी बात ठीक है ना ऐसे ही किसी भी डिस्क्रीट पोजीशन के लिए
अगर मैं आपसे पूछूं ठीक है ना कोई भी डिस्क्रीट पोजीशन की बात करें अच्छा पहले एक बात करते हैं एक एक चीज करते हैं पहले
इसको पूरा निकाल लेते हैं इसको पूरा निकाल लेते हैं देख यहां से लेकर के यहां तक हम डिस्टेंस लेते हैं d. ठीक है? तो d
डिस्टेंस लेंगे तो इट विल बी r1 + r2. यहां से यहां तक r1 है। यहां से यहां तक r2 है। ठीक है ना? तो कोई भी r1 उठा लो।
चलो जिस मर्जी को उठा लो। जो सा मन करे वो उठा लो। r1 उठा के वहां रखो। ठीक है? तो d = r1 क्या है?
m2r2 / m1 + में r2. R2 चाहे तो कॉमन ले लें। कॉमन लेके सर ये आ गया m2 / m1 + 1 = d अब यहां से तू r2 ईली निकाल या फिर इसको
पूरा कर दे ऐसे d = r2 m2m1 / m1 और इसको ले जा के वहां मल्टीप्लाई कर
दे। तो देख सीधा-सीधा r2 निकल के आ जाएगा m1d / m1 + m2 सिमिलरली एक चीज और सीख। यहीं से एक फ़ूला और बना सकते हो आप। अगर
आपको r1 निकालना है ना, तो बस m1 की जगह पे m2 रख दो। m2d / m1 + m2. ये दोनों फॉर्मूले में से एक याद कर लो
दूसरा अपने आप याद हो जाएगा। हां या ना बोलो जरा। है ना? एक याद कर लो तो दूसरा अपने आप ही याद हो जाएगा। सही बात सही बात
कर रहा हूं कि नहीं? है ना? अच्छा एक एग्जांपल भी ले लेते हैं। ठीक है? सपोज़ करो। सपोज़ करो कि यहां पे एक मास दिया हुआ
है 5 kg इससे 2 मीटर पर एक मास रखा हुआ है 3 kg. ठीक है? आपको यहां से
x डिस्टेंस कितना पड़ेगा सेंटर ऑफ मास का वो आपको निकालना है। कैसे करोगे? कैसे करोगे? कैसे करोगे? ये देखो बहुत सिंपल
है। ये डिस्टेंस आपको r1 दिया हुआ है। आपको सामने वाले का मास लेना है। देखो यहां पर भी यही हो रहा था। आप r2 निकाल
रहे थे तो m1 ले रहे थे। आप R1 निकाल रहे हो तो M2 ले रहे हो। R1 निकाल रहे हो तो M2 ले रहे हो। R2 सामने वाले का मास लेना
है भाई। तो जब आप X निकाल रहे होंगे तो सामने वाले का मास लेना है आपको। 3 kg लेना है। इंटू में पूरा डिस्टेंस लेना है।
डिवाइड में दोनों का मास ऐड कर देना है। यानी 5 + 3 कर देना है। बोलो हां या ना? 3 * 2 = 6 आ गया। पांच और 3 8 आ गया। काटा
तो। 2 * 3 और 2 * 4 = 3 / 4 मीटर x रहेगा। अगर आप इससे देखते हो तो क्लियर हुआ? क्लियर हुआ बेटा?
क्लियर हुआ? आगे चलें। क्या बात? बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। आगे चलते हैं। देखो भाई, डिस्क्रीट पोजीशन के लिए भी सेंटर ऑफ़
मास निकाला जा सकता है। बहुत सिंपल होता है। xcm करके लिखते हैं इसको। ऐसे m1 x1 बहुत सारे मास अगर होते हैं तो इस तरीके
से चलता है। है ना? नीचे मासेस से डिवाइड कर देते हैं। पूरे मास के सम से डिवाइड कर दो। यानी समेशन mi xi i1 से ले n तक
डिवाइड बाय समेशन mi i1 से लेके n तक या फिर टोटल मास बोल दो जैसे मर्जी बोल दो ये होता है xcm ऐसे ही ycm ऐसे ही zcm rcm
लिख देते हैं इसको हम लोग प्यार से ठीक है ना rcm लिख दिया जाता है इसको प्यार से क्लियर है कि नहीं ठीक है ना भाई तो x x
सेंटर ऑफ मास बोलो y सेंटर ऑफ़ मास बोलो z सेंटर ऑफ़ मास बोलो कैसा ही बोलो ये निकल के आ जाएगा ये देखो यहां पर दिया भी हुआ
है x2y y2 x1 y1 x3 y3 जैसे मर्जी दिया हो ये देखो मोमेंट ऑफ मास m1 x1 m2 x2 एंड सो ऑन है ना और सेंटर ऑफ़ मास बाहर ले लोगे
डिवाइड में चला जाएगा तो x सेंटर ऑफ़ मास भी निकल के आ जाता है यहां से। ठीक है ना? आओ
एक क्वेश्चन ट्राई करो पहले। क्या बोल रहा है इस क्वेश्चन में? कह रहा है 4 kg इज शिफ्टेड 4 मीटर टुवर्ड्स राइट। अच्छा जी।
4 kg शिफ्ट हो रहा है 4 मीटर टुवर्ड्स राइट। देन बाय व्हाट डिस्टेंस? 2 kg शुड मूव सो दैट सेंटर ऑफ मास विल रिमेन सेम
पोजीशन। ठीक है? असल में क्या हो रहा है? यहां पे दो मास दिए हुए हैं बेटा। ठीक है? ध्यान से देखना। दो मास दिए हुए हैं। एक
दिया हुआ है 2 kg का, एक दिया हुआ है 4 kg का। ठीक? एक दिया हुआ है 2 kg, एक दिया हुआ है 4 kg। कह रहा है 4 kg को उस तरफ 4
मीटर दौड़ा दिया। मतलब वो यहां आ गया। कह रहा है तो 2 kg को कहां मूव करूं? बाय व्हाट डिस्टेंस 2 kg शुड ताकि सेंटर ऑफ
मास वही रहे। कहां मूव करेंगे? बताइए। बताइए बताइए बताइए। 2 kg को कहां मूव करूं? के सेंटर ऑफ़ मास वहीं रहे। तो इसके
लिए आपको क्या करना है? सिंपली xcm का फार्मूला लगाना है। वो होता है m1x1 दो ही मास है ना? तो m2x2 / m1 + m2 देखा
हुआ है ये? देखा हुआ है कि नहीं? है ना? तो बस आप इनको पुट कर दो। चेंज इन पोजीशन क्या है भाई? कुछ भी नहीं है। सेंटर ऑफ
मास की पोजीशन क्या है? ज़ीरो है। ठीक है जी? तो इसकी पोजीशन को आप चाहो तो dx लिखोगे अगर है ना? dx सेंटर ऑफ़ मास लिख
दो। dx सेंटर ऑफ़ मास लिख दो तो m1 dx1 + m2 dx2 / m1 + m2 ठीक है? इसे कितना चेंज किया है? 4 kg वाले को? 4 मीटर। 4
मीटर चार पुट कर दो यहां पे। बात सही है कि नहीं? है ना? आओ पुट करके दिखाऊं। देखो सेंटर ऑफ मास तो कह रहा है चेंज नहीं हुआ।
ठीक है। मास वन कितना है सर? फोर है। ओके। 4 kg कितना शिफ्ट हुआ है सर? चार शिफ्ट हुआ है। ठीक है। मास टू कितना है? 2 किलो।
वो कितना शिफ्ट हुआ है? वही तो निकालना है। नीचे 4 + 2 6 उधर जा के खत्म। यहां से dx2 निकल के देख कितना आ गया? 4 * 4के 16
उधर जाएगा और दो से डिवाइड हो जाएगा। यानी -16 / 2 कितना आ गया? आठ आ गया। माइनस का 8 इज द आंसर। समझ गए ना? यानी इधर शिफ्ट
करना पड़ेगा इसको -8 तब जा के सेंटर ऑफ़ मास क्या रहेगा? सेम रहेगा। ठीक है? क्लियर हुआ? कर पाओगे ऐसे सवाल आ गए तो। ठीक है
ना? आगे सुनो। कह रहा है पोजीशन ऑफ़ सेंटर ऑफ़ मास डिपेंड्स ऑन द शेप ऑफ द बॉडी एंड डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ मास। मास किस हिसाब से
डिस्ट्रीब्यूटेड है? कितना फैला हुआ मास है? उसके उसके हिसाब से डिसाइड होता है कि सेंटर ऑफ़ मास की पोजीशन क्या रहेगी?
ज्यादा रहेगी, कम रहेगी, मोटी रहेगी, पतली रहेगी? क्या कहानी है। ठीक है ना? कह रहा है इन केस ऑफ सिमिट्रिकल बॉडीज इन व्हिच
डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ मास इज़ होमोजेनियस। सेंटर ऑफ मास कोइंसाइड। हां ये बात भी है। कह रहा है अगर होमोजनियस मास
डिस्ट्रीब्यूशन है। जैसे कि ऐसे दिखाता हूं आपको। ये देखो। ये देखो। ये होमोजनियस मास है। मतलब यूनिफॉर्म मास है। इसका
सेंटर ऑफ़ इसका सेंटर जो होगा ज्योमेट्री वाला वही सेंटर ऑफ़ मास रहेगा। ये भी ऐसा ही है। इसका सेंटर भी सेंटर ऑफ़ मास रहेगा।
इसका भी ज्योमेट्रिकल सेंटर ही सेंटर ऑफ़ मास होगा। मतलब मोटी मोटी बात समझ लो क्या है? मोटी बात ये कि ज्योमेट्रिकल सेंटर
ज्योमेट्रिकल सेंटर पॉइंट ऑफ इंटरसेक्शन देखो मिड पॉइंट ज्योमेट्रिकल सेंटर जब तक यूनिफॉर्म मास रहेंगे। यही लिखा हुआ है
देखो जब तक सिमिट्रिकल बॉडीज रहेगी और यूनिफॉर्म मास डिस्ट्रीब्यूशन रहेगी तब तक सेंटर ऑफ मास और ज्योमेट्रिकल सेंटर
कोइंसाइड करते रहेंगे। और देखो ये बात मैंने आपको पहले ही बता दी। सेंटर ऑफ़ मास हमेशा मोटे मास के पास रहेगा। नियर मास
मतलब नियर उसके रहेगा जो हैवियर मास होगा। सीधी बात। ठीक है? आगे चलते हैं बेटा। आओ जी। अब बात आती है सेंटर ऑफ़ मास किसी
यूनिफॉर्म सिस्टम का कैसे कहां पर होता है? बहुत ईजी बात है। यूनिफॉर्म रोड अगर है बेटा ये रोड है मान लो यूनिफॉर्म। ठीक
है ना? तो इसके बीचों-बीच रहेगा यानी L / 2 पर रहेगा। रिंग के सेंटर पर रहेगा। सेमी सर्कुलर आर्क का 2R /π है। चाहो तो याद कर
सकते हो आप। 4r / 3π ये स्कूल लेवल में जरूरी नहीं है। स्कूल लेवल में परेशान नहीं करते इस चीज़ में। ठीक है ना? होलो
हेमिस्फयर है तो R / 2 रहेगा। सॉलिड है तो 3R / 8 रहेगा। सॉलिड कोन है तो H/4 ट्रायंगुलर लेमन है तो H / 3 ये चाहो तो
आप याद कर सकते हो। वैसे जरूरत नहीं है याद करने की। ठीक है? अच्छा। अब किसी यूनिफॉर्म रोड का है ना? किसी यूनिफॉर्म
रोड का जिसकी जिसका मास M है और जिसकी लेंथ L है का हम सेंटर ऑफ़ मास निकालेंगे। ठीक है ना? कैसे निकालेंगे भाई? ऑब्वियसली
इंटीग्रेशन से निकालेंगे। ठीक है जी? तो मजा आएगा थोड़ा सा। करें इंटीग्रेशन। करें इंटीग्रेशन। आ जाओ। फिर सुनो कैसे करना है
आपको। देखो हम क्या करेंगे? हम कहीं पर भी एक छोटा सा dx लेंथ का ध्यान से सुनना। dx लेंथ का एक
छोटा सा मास मान लेंगे dm। ठीक है ना? जो कि यहां से x दूरी पर होगा। वैसे तो पूरी लेंथ l है। लेकिन ये x दूरी पर है। ठीक
है? और इसका सेंटर ऑफ़ मास हम खोजने की कोशिश करेंगे। अब सेंटर ऑफ़ मास का फार्मूला इंटीग्रेशन से क्या होता है भाई?
इंटीग्रेशन से होता है। सेंटर ऑफ मास का फार्मूला इंटीग्रेशन से होता है कि ऊपर आएगा xdm है ना? ऊपर आएगा xdm नीचे आएगा
इंटीग्रेशन dm सही है कि नहीं? है ना? और आपको ये बात पता है कि यहां पर जो लैम्ब्डा है वो सेम रहने वाला है। है ना?
तो चाहे लैम्ब्डा लैम्ब्डा क्या होता है? यूनिफॉर्म मास डेंसिटी है ना? मतलब जो मास डेंसिटी है वो यूनिफॉर्म है। तो m / l
लिखो या dm / dl लिखो बात एक ही है। है ना? तो मैं इसको लिख सकता हूं कि m / l ही dm / dl है। तो यहां से dm निकल के आ
जाएगा क्या? m / l * dl उठा के यहां पुट कर दो dm की जगह पर। कर दूं? कर दूं। dx कर दूं? dx dl क्या होता है? dx ही ठीक
है। dl की जरूरत नहीं। यहां पे dx ही लिखते हैं ना अपन। है ना? कोई dm / dx है तो यहां पर भी dm / dx है। ठीक है ना?
यहां भी dx है। ठीक है? तो dm को उठा के यहां पुट करते हैं। आ जाओ। ये आ जाएगा x * dm की जगह पे क्या
लिखेंगे? m / l * dx डिवाइड बाय। ये टोटल मास ही है वैसे। लेकिन कोई बात नहीं लिख देते हैं।
ठीक है? सही है। नीचे टोटल मास ही है। है ना? नीचे तो टोटल मास ही रहने देते हैं। कोई बात नहीं। ये
dm ही है नीचे तो। ठीक है? m / l बाहर आ जाएगा। इंटीग्रेशन से आ गया सर।
नीचे dm dm मिलके m बन जाएगा। m से m ये कट भी जाएगा। है ना? तो यहां क्या रह जाएगा? यहां रह जाएगा xdx।
यहां रह जाएगा xdx। कहां से लेके कहां तक इंटीग्रेट करना है इसको? ज़ीरो से लेके l तक इंटीग्रेट कर देंगे। ठीक है? तो एक तो
1 / l बाहर आया हुआ है। फिर अंदर xdx है तो x² / 2 0 से लेके l तक। ठीक है? तो l² / 2 - 0² /
2 के बाहर में क्या है? बाहर में 1 / l है। ये खुल के आएगा तो आएगा l² / 2 * 1 / l से l गया। तो l / 2 निकल के आ गया। यही
बोला था मैंने। l / 2 आएगा। हां या ना? यही बोला था l / 2 आएगा। बोला था कि नहीं? आ गया ना फिर? कोई दिक्कत?
चल आगे बढ़े। आओ देखो कोलीजन की थोड़ी-थोड़ी सी बातें सुन लो। कह रहा है कि लीनियर मोमेंटम आपको पता है हमेशा कंजर्व रहता
है। ठीक है ना? तो dp / dt ज़ीरो रहेगा। जब भी कभी कोई एक्सटर्नल फोर्स नहीं लगेगी तब। ठीक है ना? तो P कांस्टेंट है यानी
एक्सटर्नल फोर्स ज़ीरो है। एक्सटर्नल फोर्स ज़ीरो है। तो कभी भी सेंटर ऑफ़ मास एक्सीलरेट नहीं करेगा। एक्सीलरेशन उसकी
नहीं होगी। ठीक है ना? तो या तो V जो सेंटर ऑफ़ मास की वेलोसिटी होगी वो या तो ज़ीरो होगी या फिर वो क्या होगी? कांस्टेंट
होगी। तभी एक्सीलरेशन ज़ीरो हो सकती है। बात सही है कि नहीं? तभी एक्सीलरेशन ज़ीरो हो सकती है भाई। हां, सही बात है। आओ फिर
इस सवाल को करते हैं। ये क्या कह रहा है? एक आदमी है वो प्लैंक पे चल के जा रहा है। देखो जब ये प्लैंक पे चल के जाएगा तो इस
इसका प्लैंक भी पीछे खिसकेगा। जब ये आगे जाएगा तो प्लैंक पीछे को खिसकेगा। तो आपको क्या करना है? लिखा है कि फाइंड आउट द
डिस्टेंस ट्रेवल्ड बाय द प्लैंक व्हेन मैन रीचेस एट द अदर एंड। जब मैन यहां से यहां चला जाएगा तो यह कितना खिसकेगा आपको यह
लिखना है। एक बात बताओ एक बात बताओ। खाली यह मैन 20 मीटर तो नहीं चलके जाएगा। क्योंकि प्लैंक रुका हुआ तो नहीं है। बात
समझो। यह प्लैंक रुका हुआ तो नहीं है। प्लैंक खुद भी चलेगा इधर। समझ रहे हो ना? तो ये पूरा 20 मीटर कभी नहीं चल पाएगा। तो
सर ये कितना चलेगा? ये चल सकता है कुछ x ये चल सकता है कुछ x। बात समझना। बात समझना। ये जो प्लैंक है ये कुछ x ही
खिसकेगा। और जब ये x खिसकेगा तो हम ये बोलेंगे भाई कि यार ये तो कुछ ये तो पूरा खिसका ही नहीं ना। बात समझ रहे हो ना? ये
तो कुछ 20 - x खिसका होगा। जैसे ये मान लो प्लैंक है। ठीक है? अब ये बंदा भी जा रहा है। दोनों के बीच में कोलीजन हो रहा है
ना। ये कोलीजन ही तो है एक दूसरे के बीच में। है ना? ये इधर खिसक रहा है। प्लैंक खिसक खिसक के यहां आ गया। तो कितना खिसका?
x खिसका। ठीक है? और ये पर्सन कितना चला? पूरा 20 थोड़ी चल गया। ये 20 - x कुछ चलेगा। बात को समझना है ना? अगर प्लैंक x
चला तो वो 20 - x चला। तो आपने कुछ नहीं करना। आपने सीधा-सीधा फार्मूला लगा देना है कि भाई सेंटर ऑफ़ मास तो हिला ही नहीं।
क्या होता है सेंटर ऑफ़ मास? m1x1 + m2x2 / m1 + m2. है ना? अच्छा, इसमें भी अगर
चेंज देखें, तो चेंज तो है ही नहीं। चेंज तो यहां भी नहीं है। है ना? dx1 या डेल्टा x1 ही रहने देते हैं। चलो। डेल्टा x1
m2 डेल्टा x2 / m1 + m2 यही है ना? अच्छा ये तो ज़ीरो है क्योंकि चेंज ही नहीं हुआ। सेंटर ऑफ़ मास वहीं रहेगा। ये आगे जा रहा
है। वो पीछे आ रहा है। सेंटर ऑफ़ मास वहीं का वहीं रहेगा। इक्वल टू m1 डेल्टाx1 + m2 डेल्टा x2 ठीक है जी। पुट कर दो फिर सारी
चीजें। मास दोनों के दिए हुए हैं। जीरो के बराबर पुट करने हैं आपने। है ना? m1 कितना है? मैन का मास इज 50. कितना चला वो? 20 -
x चला। ओके? प्लस प्लैंक का मास कितना है? 10। वो खुद कितना चला? बेचारा x चला। ठीक है? x निकल के आ जाएगा यहां से।
1000 - 50x + 10x तो 1000 - 40x यहां से 40x आ गया बेटा। 1000 तो x निकल
के आ गया 1000 - 40 25 ठीक जी
ठीक जी अरे ओ सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी एक गड़बड़ हो गई यार ये 10 x नहीं आएगा ये तो इधर मूव करा है ना हो गड़बड़ हो गई गड़बड़
हो गई गड़बड़ हो गई यहां -x आएगा हां अब सही है मैं कहूं यार इतना ज्यादा वैल्यू कैसे आ सकती है ये -x आएगा बेटा ठीक है ना
ये इधर खिसका ये इधर चला तो - x डिस्प्लेसमेंट रखनी पड़ेगी -x ठीक है तो 1000 - 60x
तो 60x क्या आ जाएगा बेटा? 1000 आ जाएगा। अब x निकल के 1000 / 60 ठीक है? तो 3 और 50 / 3 आंसर आएगा भाई। 50
/ 3 सही है ना? है ना? सदमे में नहीं जाना बेटा। सदमे में नहीं जाना। ठीक है? क्लियर है?
क्लियर है? आगे चलें? लो जी एक क्वेश्चन और करते हैं। कह रहा है फाइंड द वेलोसिटी ऑफ़ सेंटर ऑफ मासेस बोथ द मास आर
अट्रैक्टिंग बिकॉज़ ऑफ देयर म्यूचुअल फोर्सर्सेस। आल्सो फाइंड द वैल्यू ऑफ़ m एंड सिस्टम वाज़ एट रेस्ट इनिशियली। ले भाई
वो पहले बोल रहा है कि इनिशियली रेस्ट है भाई। v सेंटर ऑफ़ मास इनिशियली रेस्ट पर है। और कोई एक्सटर्नल फोर्स भी नहीं लगी।
तो फाइनली भी तो रेस्ट पे ही रहेगा। फाइनली भी तो सेंटर ऑफ़ मास ज़ीरो ही रहेगा ना भाई। है ना? और सेंटर ऑफ़
मास का फार्मूला क्या होता है? कोलीजन से निकलता है ये फार्मूला। तो m1v1
+ m2v2 / m1 + m2 है ना? चाहे तो डिफरेंशिएट करके निकाल लो डिस्प्लेसमेंट को।
अब आपको पता है सेंटर ऑफ़ मास की वेलोसिटी ही ज़ीरो है। यानी m1v1 + m2v2 सिर्फ पुट करना रह गया इसके अंदर।
पुट कर दो। एक केg है और दूसरा m है। 1 केg * v + m * 2v बस ये बच गया भाई है ना बस यही बच
गया ना और बस उसके साथ माइनस का साइन मत भूलना लगाना भाई ये वाला इधर जा रहा है तो प्लस है ये इधर आ रहा है तो माइनस है ना
0 = v - 2mv ठीक है v ले लो कॉमन 1 - 2m 0 के बराबर v भी ज़ीरो हो गया 1 -
2m भी 0 हो गया। 2m = 1 m = 1/2 m = 1/2 आ गया। सही है? सही है? सेंटर ऑफ़ मास के बेटा कांसेप्ट्स आपको क्लियर हो
रहे होंगे होपफुली। ठीक है? ये सारे के सारे फॉर्मूले एक ही जगह पर लिखे हुए हैं बेटा। सेंटर ऑफ़ मास के। अगर अगर कोई
दिक्कत आती है तो आप कभी भी रेफर कर सकते हो। देखो x सेंटर ऑफ़ मास पहले लिखा हुआ है। डिफरेंशिएट करोगे v सेंटर ऑफ़ मास आ
जाएगा। फिर v सेंटर ऑफ मास m1 v1 m2v2 ये कोलीजन वाले टाइम पे भी आपने देखा था डिफरेंशिएट करोगे एक्सीलरेशन निकल के आ
जाएगी। ठीक है ना? कुछ नहीं है। बहुत सिंपल है। किया कराया है ये सब। ठीक है? आइए रोटेशनल मोशन की बात करते हैं। देखो
यार रोटेशनल मोशन का मतलब क्या होता है? देखो मोशन कितने प्रकार के होते हैं? एक है कि स्ट्रेट लाइन में चलना। इसको बोलते
हैं रेक्टीलिनियर मोशन। एक होता है कर्व पाथ पर चलना जिसको बोलते हैं कर्वी लीनियर मोशन। कर्व कर रहा है। ठीक है ना? एक होता
है कि भाई आप एक पॉइंट को फिक्स किए हुए हो और दूसरा पॉइंट घूम रहा है। जैसे पंखा चलता है। पंखे का ब्लेड घूमता है ना। दैट
इज एक्चुअली प्योर रोटेशन मोशन। एक होता है सीटार। सीटार क्या है? कंबाइंड रोटेशन एंड
ट्रांसलेशन। दोनों एक साथ हो रहे हो। रोटेशन ट्रांसलेशन एक साथ हो रही है उसको सीटार बोलते हैं। ठीक है ना? जिसमें जैसे
पहिया चलता है गाड़ी का। पहिया घूमता भी है और आगे भी चलता है। उसी की बात हो रही है यहां पर। ठीक जी? रोटेशन मोशन के बहुत
सारे एग्जांपल हैं बेटा। प्लनेट घूम रहा है सन के आसपास। धरती खुद अपनी एक्सिस पर भी रोटेट कर सकती है। वो भी रोटेशन है।
ठीक है ना? एक लट्टू भी घूमता है। है ना? जायरोस्कोप भी होता है। ठीक है? आइए समझते हैं रिजिड बॉडी क्या होता है? कह रहा है
अंडर द एप्लीकेशन ऑफ़ एक्सटर्नल फोर्स द डिस्टेंस बिटवीन एनी टू पार्टिकल्स डज़ नॉट चेंज। ठीक है ना? कह रहा है कि रिजिड बॉडी
का मतलब ये होता है कि अगर आप कहीं से कहीं बॉडी को ले जा रहे हो उस पे फोर्स लगा रहे हो तो कभी भी दो पार्टिकल्स के
बीच में डिस्टेंस चेंज नहीं होगा। है ना? मान ले मैं इस पार्टिकल को इस बॉडी को उठा के यहां ले आऊं। यहां ले आऊं तो ये वाला
जो पार्टिकल आपको दिख रहा है और ये वाला जो पार्टिकल आपको दिख रहा है ये ट्रांसलेशनल
मोशन करके आएंगे। ट्रांसलेशन तो होगी लेकिन इन दोनों के बीच में डिस्टेंस कम ज्यादा नहीं होगा। ऐसी बॉडी को रिजिड बॉडी
बुलाया जा रहा है। ठीक है ना? तो रोटेशनल मोशन क्या हुआ? फिर बताओ जरा। क्या मोशन अलोंग अ स्ट्रेट लाइन पाथ है? नहीं। क्या
मोशन अलोंग अ कर्व्ड पाथ है? बिल्कुल नहीं। मोशन अलोंग अ रेक्टेंगुलर पाथ है? जी नहीं। किसी भी फिक्स्ड एक्सिस के अबाउट
कोई चीज गोल-गोल घूम रही होती है। शाबाश। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। किसी फिक्स एक्सिस के अबाउट कोई चीज गोल-गोल घूम रही
होती है। उसी को कहते हैं रोटेशनल मोशन। आइए काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला डिराइव करें जो कि आपके स्कूल लेवल पे भी
इंपॉर्टेंट है। ठीक है? देखो तो ये एक रोटेशनल एक्सिस दी हुई है। कई सारे मासेस हैं R1 R2 डिस्टेंस पर जो क्या कर रहे
हैं? अपना-अपना चक्कर काट रहे हैं। अपना-अपना मस्त घूम रहे हैं। ठीक है ना? अच्छा आपको पता है काइनेटिक एनर्जी फर्स्ट
पार्टिकल की अगर मैं लिखूं तो वो होगी 1/2 m1 v1² दूसरे की लिखूं तो होगी 1/2 m2 v2² ऐसे ही
तीसरे की लिखूं तो होगी 1/2 m3 v3² सही बात है ना? मैं सारी की सारी जोड़ दूं अगर k नट कर दूं तो सारी सीधी-सीधी ऐड करनी
पड़ेंगी मुझे k1 + k2 एंड सो ऑन। बात सही है कि नहीं? इतना हजम कर पा रहे हो? इतना हजम कर पा रहे हो? बहुत बढ़िया। अच्छा। अब
मुझे एक बात बताओ। क्या मैं v = r ओमेगा लिख सकता हूं? हां। अच्छा r लेकिन सबका अलग-अलग है। लेकिन ओमेगा सबका कांस्टेंट
है। ये खासियत है रोटेशनल मोशन की। रोटेशनल मोशन का ओमेगा सेम ही रहेगा। अरे सारे पार्टिकल अलग-अलग थोड़ी घूमेंगे।
ओमेगा सेम रहेगा। बात समझ रहे हो ना? तो अगर मैं v1v2 v3 की जगह पर पुट कर दूं इस तरीके से। यहां करता हूं। देखो है ना?
टोटल काइनेटिक एनर्जी निकाल रहा हूं। अगर तो 1/2 m1v1² + 1/2 m2 v2² एंड सो ऑन देखो डेरिवेशन हो
रही है भाई ध्यान से देखना v1 क्या है? R1 का स्क्वायर 1/2 M2 R2G
का स्क्वायर एंड सो ऑन तो 1/2 M1 R1² ओमेगा² + 1/2 M2 R2² ओमेगा स्क्वायर एंड सो ऑन इस तरीके से चलेगा।
हां या ना बता दो। हां सर सही बोल रहे हो आप। ऐसा ही चलेगा। अच्छा, अब एक बात बताओ क्या मैं m * r1²
इन सबको एक साथ लिख सकता हूं? यानी मैं कॉन्स्टेंट ले सकता हूं एक तो हाफ को। फिर ब्रैकेट में कुछ और फिर ओमेगा स्क्वायर
को। ओमेगा स्क्वायर को पीछे कांस्टेंट कॉमन ले लिया और हाफ को आगे ले लिया। यहां बचा m1
r1² m2r2² m3r3²
एंड सो ऑन और बेटा ये और कुछ नहीं ये मोमेंट ऑफ इनर्शिया कहलाता है। इसी को डिफाइन किया गया है एज
मोमेंट ऑफ इनर्शिया। तो टोटल काइनेटिक एनर्जी जो आती है या रोटेशनल काइनेटिक एनर्जी जो आती है वह ऐसे ही आती है। यहीं
से कांसेप्ट आया मोमेंट ऑफ इनर्शिया का। समझ गए ना? आप चेक कर सकते हो। आप चेक कर सकते हो। यहां पर हाफ है। जैसे काइनेटिक
एनर्जी में था। ओमेगा का स्क्वायर है। वहां पे v का स्क्वायर था। जो बीच में बचता है वो कौन
होता है? मास। ये असल में मास ही रिप्रेजेंट कर रहा है एक तरीके से। पर यहां पे इसको मास नहीं कहते। यहां पर
बोलते हैं इसको मोमेंट ऑफ इनर्शिया। है ना? सुना है आपने इसको पहले भी। आइए। कह रहा है कौन-कौन से फैक्टर्स हैं
जिन पर मोमेंट ऑफ इनर्शिया डिपेंड करता है? यानी i = यह समेशन
mi xi² i से लेके i लेके वन से n तक है ना ऐसे ही लिख रहे हैं ना इसको हां r ले लो कोई बात
नहीं r ले लो x ना लो कोई बात नहीं भाई r ले लो mi ri² है ना किस पे डिपेंड कर रहा है कह रहा है
मास पे ये देखो मास आया हुआ है कह रहा है पोजीशन ऑफ द एक्सिस पे एक्सिस कहां रखी गई है? कहां लोकेटेड है? ठीक है ना? एक्सिस
ऑफ रोटेशन से मास कितना दूर है? उस पे भी डिपेंडेंसी है। ठीक है? फिर लिखा है मैनर इन व्हिच द मास इज़ डिस्ट्रीब्यूटेड। मास
कैसे डिस्ट्रीब्यूट कर रखा है? उन सब बातों पे डिपेंड करेगा मोमेंट ऑफ इनर्शिया क्या है? ठीक है ना? आइए एक बार निकालने
की कोशिश करते हैं मोमेंट ऑफ इनर्शिया। ठीक है? ठीक है? निकालें। कैलकुलेट करें? अच्छा। कहां के लिए कैलकुलेट करें? आप
कहां के लिए चाहते हो करें? आप कहां के लिए चाहते हो करें? कैलकुलेट। किधर के लिए रोटेट करवाऊं? आ जाओ। एक काम
करता हूं। चारों तरफ मास मान लेते हैं। यहां पर भी एक मास माना। यस। यहां पर भी माना। यस। यहां पर भी माना। यस। यहां पर
भी माना। हां। ठीक है? और हम मान रहे हैं कि जो रोटेशनल एक्सिस है ना वो इसमें से पास हो रही है। ऐसे। ऐसे। तो ये इसके
अबाउट घूम रहा है किसी ओमेगा से। बात समझे? यहीं पे AOR है इसकी। AOR याद है क्या थी? एक्सिस ऑफ रोटेशन। ठीक है ना? वो
कहां से घूम रही है? इस ओमेगा से। तो ऐसे घूम रहा है ये। तो आप क्या करोगे? सब मासेस चार मास है ना यहां पे। सब मासेस
का m * डिस्टेंस का स्क्वायर करना है आपने। देखो यहां से डिस्टेंस ये कितना होगा? देख बेटा अगर ये a है तो ये पूरा
होता है a 2 है ना? यह पूरा डायगोनल होता है a * 2 इसका हाफ कितना होगा भाई? a 2 / 2 और ये भी कितना होगा? a 2 / 2 खत्म।
यहां से भी ये इतना ही है। a 2 / 2 यहां से भी इतना ही है। a 2 / 2 यानी बहुत सिंपल हो गया पूरी कहानी। मोमेंट ऑफ
इनर्शिया निकालना हो तो m * r² होता है। अब ये चारों सिमिट्रिक हैं तो 4mr² हो जाएगा। मास कितना है? m
है। यह डिस्टेंस कितना है? तो a 2 / 2 है। तो 2 2 ma² अच्छा इसका स्क्वायर तो किया ही ओ भाई भाई भाई एक सेकंड एक सेकंड फोर
तो फोर है m तो m है r क्या है a 2 / 2 का होल स्क्वायर हां जी अब ये चार कट गया और इसका स्क्वायर हो के खुलेगा तो ये ma²
आएगा और ये टू आ जाएगा आगे तो 2m² आंसर दे रहे हो क्या शाबाश बहुत बढ़िया वेरी गुड वेरी गुड भाई वेरी गुड 2a² आ जाएगा क्लियर
है क्लियर है? इस क्वेश्चन को करेंगे ट्राई फटाफट से। कह रहा है इस AD एक्सिस के
अबाउट मोमेंट ऑफ इनर्शिया देख रहे हैं। जी मतलब ऐसे घुमा रहे हैं इसको। करो इसको ऐसे घुमा रहे हैं। देखो जितने मासेस AOR पर
होते हैं। एक्सिस ऑफ रोटेशन पर जितने मास होते हैं उनका मोमेंट ऑफ इनर्शिया नहीं निकलता। उनका मोमेंट ऑफ इनर्शिया नहीं
निकलता। ठीक है ना? किसका निकलेगा? इस मास का निकलेगा और इस मास का निकलेगा। समझ गए ना? यह डिस्टेंस A है बेटा क्योंकि
स्क्वायर ही है यह दे रखा। ठीक है? तो बस आपने कुछ नहीं करना। I नेट पूछे अगर तो m2a + m3a
स्क्वायर तो करना पड़ेगा ना? तो a² m2 + m3 दिस इज द आंसर। ये आंसर है। शाबाश। बच्चे आंसर दे भी रहे हैं। वेरी गुड। वेरी
गुड। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। क्लियर है? बढ़िया। आओ फिर एक छोटी सी डेरिवेशन और करवाऊं। स्कूल में करवाई जाती
है भाई। है ना? यह है मोमेंट ऑफ इनर्शिया ऑफ अ रोड। रोड का मोमेंट ऑफ इनर्शिया कम से कम आपको आना चाहिए निकालना। आप इमेजिन
करेंगे एक छोटा सा मास जिसकी थिकनेस dx है और जिसका मास dm है। जो कि यहां से घूम रहा है कोने से x डिस्टेंस पे। वैसे इसका
पूरा मास m है और पूरी लेंथ l है। ठीक है? तो आप जानते हो कि लैम्ब्डा वि इज जो इसकी लीनियर मास डेंसिटी है वो m / l
लिखी जा सकती है या फिर dm / dx भी लिखी जा सकती है। यानी dm / dx ही m / l के इक्वल है। तो यहां से dm निकाला जा सकता
है। m / l * dx इसको यूज़ करेंगे हम। कहां पर? मोमेंट ऑफ इनर्शिया के फ़ॉर्मूले में।
मोमेंट ऑफ इनर्शिया निकल के आएगा dm * r² डिवाइड बाय dm डिवाइड बाय dm जैसी कोई चीज नहीं होती भाई यहां मोमेंट ऑफ इनर्शिया है
ये मोमेंट ऑफ इनर्शिया है ये ठीक है ना भाई सही है ना भाई तो मुझे एक सीधी सी बात बताओ क्या dm को पुट कर सकता हूं क्या
बिल्कुल कर सकते हैं है ना और r² की जगह आप फिलहाल यहां पे x² लिख लो क्योंकि x डिस्टेंस पे माना हमने dm घूमता हुआ ये dm
घूम रहा है ऐसे से है ना x डिस्टेंस पे घूम रहा है। तो इसलिए आप dm को उठाओ पुट करो यहां पर
m / l dx * x² m / l बाहर निकाल लो भाई निकल गया बाहर अंदर रह गया x² dx ठीक है कहां से
कहां तक इंटीग्रेट करेंगे ज़ीरो से लेके l तक करो फिर करो भाई यह आ जाएगा x / 3 0 से ले l तक
तो एक तो m / l आ गया। एक l / 3 - 0 / 3 ठीक है ना? तो एक l से एक l कट गया।
ml² / 3 आ गया। यही आता भी है। ठीक है? यही आता भी है। ml² / 3 है ना? ml² / 3 याद रखना भाई। ठीक है?
m l² / 3 ठीक है? किसी भी रोड का यूनिफॉर्म रोड का मोमेंट ऑफ इनर्शिया जो है वह ऐसे ही आएगा।
ठीक है ना? अच्छा अब आता है भाई सेंटर से रोटेट कर रहा हो तो क्या करेंगे? इसके लिए हम लोग लगाते हैं
हमारी फेवरेट हमारी प्यारी पैरेलल एक्सिस थ्योरम। आइए इसको इसको भी समझते हैं कि क्या होती है। देखो पैरेलल
एक्सिस थ्योरम बहुत सिंपल है। इसका मतलब होता है अगर आपको एक जगह का मोमेंट ऑफ इनर्शिया पता है तो उसके पैरेलल वाली किसी
भी एक्सिस का मोमेंट ऑफ इनर्शिया पता कर सकते हो इस छोटे से फॉर्मूले से। क्या फार्मूला है ये? ये न्यू वाली एक्सिस है।
ये नोन वाली एक्सिस है और md² d क्या होता है? दोनों के बीच में परपेंडिकुलर डिस्टेंस जो सबसे छोटा डिस्टेंस है। और
पूरी चीज का मास ले लो। अब देख इसको मैं अप्लाई करता हूं यहां पे। देख हमें पता है कि जब एक रोड को आप इधर से पकड़ के
घुमाओगे कोने से पकड़ के घुमाते हो तो मोमेंट ऑफ इनर्शिया आता है ml² / 3 अब आपसे कहा जा रहा है कि भाई बीच में से
पकड़ के घुमाओ यहां से पकड़ के घुमाओ। बोले तो इसके सेंटर ऑफ मास से घुमा के दिखाओ। तो क्या लेंगे? बहुत सिंपल है। देख
देख इसका पता है और इसके पैरेलल में क्या है भाई? L / 2 डिस्टेंस है। हां या ना? L / 2
डिस्टेंस है। तो आपको ये बात पता है कि जो I ये वाला है कोने वाला है ना? एंड वाला वो हमेशा ICM
प्लस पूरा मास L² / 4 होता है ना? हां। और I एंड आपको दे रखा है यहां पर क्या? ML² / 3
तो क्या ICM यहां से निकल के नहीं आ सकता क्या? आ सकता है। अरे एक बार रुको ये तो उल्टा लिख दिया। 1 सेकंड एक सेकंड एक
सेकंड यहां का निकालना यहां का दिया हुआ है ना? हां। तो ICM दिया हुआ ICM निकालना है और
IN दिया हुआ है। इसमें प्लस कर देंगे। ML² / सॉरी M
* ये l / 2 का होल स्क्वायर यस i कितना दे रखा है? ml² / 3 और ml² / 4 ठीक है जी। अब आप इसको
1/12 लिख सकते हो। ठीक है ना? 1/12 हो जाएगा। ये तो आप ईजीली इसको निकाल सकते हो। कोई टेंशन वाली बात नहीं है। ठीक है
जी? आइए रेडियस ऑफ़ जरेशन पर चलते हैं भाई। देखो रेडियस ऑफ़ जरेशन क्या चीज होती है? रेडियस ऑफ जाइरेशन का मतलब होता है कि कोई
भी बॉडी पर एक ऐसा डिस्टेंस कहां से? एक्सिस ऑफ रोटेशन से। मान लो यहां से रोटेट कर रहा
है। मान लो इधर से रोटेट कर रहा है ये। ठीक है ना भाई? मान लो इधर से रोटेट कर रहा है।
तो एक्सिस ऑफ रोटेशन से एक ऐसा डिस्टेंस जहां पर हम जहां पर हम मोमेंट ऑफ इनर्शिया निकालेंगे। अगर ठीक है ना? देखो लिखा हुआ
है जहां पर एंटायर मास कंसंट्रेटेड माने। ठीक है ना? और ये डिस्टेंस हो एक्सिस ऑफ़ रोटेशन से तो इसको हम K ले लें। ठीक है?
देखो लिखा हुआ है रेडियस ऑफ़ जनरेशन डिस्टेंस फ्रॉम द एक्स रोटेशन टू अ पॉइंट व्हेयर द एंटायर मास ऑफ़ एन ऑब्जेक्ट इज़
कंसीडर्ड। इस पॉइंट पर सारा का सारा मास इकट्ठा हुआ मान लें। और यहां पर भी वही मोमेंट ऑफ इनर्शिया आए। व्हाइल द डिस्टेंस
बिटवीन द एक्स एंड द ऑब्जेक्ट कैन रेफर टू द डिस्टेंस द पार्टिकल्स ऑफ़ द ऑब्जेक्ट एंड द एक्सप्रेशन। तो, इसको बोलेंगे हम
लोग K. ठीक है जी? यह कहानी है। ठीक है? तो, अगर मैं यहां का मोमेंट ऑफ़ इनर्शिया देखूं, है ना? मान लो, तो वो कैसे आता है?
इसका पता हो और mk² कर देते हैं हम। है कि नहीं? भाई, यहां का पता होता है। यहां का पता है अपने को। यहां का हमको निकालना हो
तो बीच में क्या डिस्टेंस ले रहे हैं? k ले रहे हैं। तो mk² ऐसे निकल के आ जाएगा। कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है ना? तो बस ये
याद रखना। कोई भी मोमेंट ऑफ इनर्शिया हो एनी मोमेंट ऑफ इनर्शिया। जैसे मान लो आपको ml² / 3 दिया है तो इसका
रेडियस ऑफ जनरेशन निकालना हो तो mk² के बराबर रख देंगे। खत्म। mk² के बराबर रख दो। mk² = ml² / 3 m से m कट गया। k निकल
के आ गया। अंडर रूट ऐसे। ठीक है ना? दोनों तरफ रूट ले लिया। k का भी हट गया। इसका भी हट गया। केवल 3 रह
जाएगा। ठीक है ना? तो इस तरीके से आप किसी की भी रेडियस ऑफ जरेशन निकाल सकते हो। क्या करना है? बस मोमेंट ऑफ इनर्शिया को
mk² के सामने रख दो। खत्म। ठीक है जी? एक क्वेश्चन देखो। कह रहा है रेडियस इन मोमेंट ऑफ इनर्शिया इतना है और मास इतना
है। तो बताइए रेडियस ऑफ़ जनरेशन कितना होगा? k कितना आएगा? तो यार i इक्वल टू होता है mk² हां या ना? यही है ना रेडियस
जनरेशन? तो i कितना दिया हुआ है? 50 मास कितना दिया हुआ है? 10 5 आ जाएगा मीटर में। सही है कि नहीं?
ठीक है जी। अब कुछ मोमेंट ऑफ इनर्शिया है जो भाई आपको याद करने हैं। सारे नहीं करने। जो जो मैं मार्क कर रहा हूं वो जरूर
याद कर लेना। जैसे रिंग का याद होना चाहिए। डिस्क का याद होना चाहिए। ठीक है? होलोस्फीयर सॉलिड स्फीयर का तो याद करना
ही करना है। सिलेंडर में कुछ नहीं है भाई। होलो सिलेंडर का और रिंग का सेम ही होता है।
होलो सिलेंडर रिंग का रिंग पे रिंग रिंग पे रिंग रखे जाओगे तो सिलेंडर बन जाएगी होलो और सॉलिड सिलेंडर का और डिस्क का सेम
होता है क्योंकि डिस्क पे डिस्क भाई डिस्क का मतलब होता है प्लेट कॉइन समझ लो कॉइन सिक्का सिक्के पे सिक्का सिक्के पे सिक्का
रखते जाओगे तो सॉलिड सिलेंडर बन जाएगा मोमेंट ऑफ इनर्शिया उसका भी सेम है कोन वाले चाहे रहने देना ट्रायंगुलर प्लेट भी
रहने दो लेकिन बाकी याद होने चाहिए आपको मोमेंट ऑफ इनर्शिया ठीक है ना परपेंडिकुलर एक्सिस थ्योरम भी सुन लो क्या होती है
देखो परपेंडिकुलर एक्सिस थ्योरम हमेशा 2D ऑब्जेक्ट्स स्किन लगती है। जैसे कि रिंग, जैसे कि डिस्क, जैसे कि रेक्टेंगुलर
लेमिना। बस इन्हीं लोगों पे लगेगी ये। 3D और 1D पर नहीं लगती। ठीक है ना? और ये बहुत सिंपल है। ये क्या होती है? जैसे
देखो जैसे देखो भाई मान लो आपको इस एक्सिस के अबाउट मोमेंट ऑफ इनर्शिया पता है। तो मैंने इसको
ix ले लिया। सिमिलरली मुझे इस एक्सिस के अबाउट भी मोमेंट ऑफ इनर्शिया पता है। मैंने इसको iy ले लिया। ठीक है? तो आप
ईजीली इस z एक्सिस के अबाउट मोमेंट ऑफ इनर्शिया पता कर सकते हो। कैसे? दोनों को ऐड करके। वेरी वेरी सिंपल। ठीक है? ix
वाला और iy वाला। एक ix अलग एक्सिस पे होना चाहिए। iy अलग। दोनों 90° की एक्सिस पर अगर होंगे तो आप एक तीसरा परपेंडिकुलर
निकाल पाओगे। ठीक है ना? जिसको आप लोग बोलोगे izz। ठीक है ना? अब मैं एक जगह ये अप्लाई करके आपको दिखाता हूं तो बात समझ
में आएगी। देखो ये क्या दे रखा है बेटा? ये रिंग दे रखी है एक। ठीक है ना? दिस इज़ अ रिंग। ये एक रिंग दी हुई है। ठीक है?
रिंग का मास m है। रिंग की रेडियस आप r मान लो। ठीक है? अब ये क्या बोल रहा है? कह रहा है भाई एक काम करो। मोमेंट ऑफ
इनर्शिया अबाउट डायमीटर निकाल के दिखाओ। डायमीटर कहां है? ये रहा ये रहा। ऐसे घुमा रहे हैं। ये नहीं पता
कितना है। ठीक है? तो क्या करेंगे? अच्छा एक बात बताओ क्या आपको मोमेंट ऑफ इनर्शिया सेंटर ऑफ़ मास का पता है क्या रिंग के?
हां। mr² होता है। ये देख ये देख। रिंग का मोमेंट ऑफ इनर्शिया क्या होता है?
mr² है ना? तो ये तो पता है अपने को। अब एक बात बताओ। अगर आपको ये पता है। इधर देखना। फील के साथ दिखाता हूं। फील के साथ
देखना जरा। अगर आपको यहां का मोमेंट ऑफ इनर्शिया पता है वि इज mr² तो क्या आप
एक ix पर और एक iy पर नहीं पता कर सकते मोमेंट ऑफ इनर्शिया क्या होगा? बहुत आसानी से पता हो
जाएगा भाई। देख कैसे? आप लगाओगे यहां पर परपेंडिकुलर एक्सिस थ्योरम वि इज iz = ix + iy iz इज नथिंग बट i सेंटर ऑफ मास हां
और ix जो है वो भी डायमीटर है रिंग का और iy जो है वो भी डायमीटर ही है रिंग का तो idडी 2id हां या ना बोलो भाई सही है ना और
i सेंटर ऑफ़ मास क्या है? mr² है। यह टू चला गया नीचे, तो mr² / 2 आ गया। id यानी डायमीटर का मोमेंट ऑफ इनर्शिया ऐसे निकल
के आ जाएगा। ठीक है? बच्चे ऑलरेडी आंसर दे भी रहे हैं। बहुत बढ़िया यार। अभी तक आप लोग बने हुए हो भाई। आप लोगों को सलू्यूट
है यार। आप लोगों को सलाम कि इतने लंबे समय तक भी आप लोग बने हुए हो। आइए टॉर्क। टॉर्क सीखते हैं क्या होती है? देखो यार
टॉर्क का मतलब होता है एक ऐसा मेजर किसी फोर्स का जो ऑब्जेक्ट को रोटेट करवा दे जो ऑब्जेक्ट को क्या करवा दे रोटेट करवा दे।
ठीक है ना? अब रोटेट करवाने के लिए फार्मूला जो है टॉर्क का वो होता है r क्रॉस f खोलते हैं तो rf sin थीटा आता है
इसमें। ठीक है ना? देखो rf sin थीटा क्या है? ये फोर्स दिख रही है आपको इस पॉइंट पर लगती हुई। हां। ठीक है? और ये कोई
मान लो रोड है। इमेजिन करो यह कोई रोड है। ठीक है ना? जिसका r ये डिस्टेंस है। ये r है। ठीक है? अब कुछ एंगल थीटा पे
इंक्लाइंड है ये। हां। तो ये वाला होगा r cos थीटा। तो इसको नहीं लेना आपने। याद रखना। टॉर्क के अंदर आपने cos थीटा वाला
कंपोनेंट लेना ही नहीं है। आपने लेना है वो कंपोनेंट जो फोर्स के साथ परपेंडिकुलर होता है। और फोर्स के साथ परपेंडिकुलर कौन
है? r परपेंडिकुलर कौन है? r sin थीटा है। याद रखना r परपेंडिकुलर कौन है? r sin थीटा है। वो उठा के आपको यहां रखना है। तो
rf sin थीटा बन जाएगा टॉर्क। ठीक है? यूनिट क्या होती है बेटा? डिस्टेंस से मीटर, फोर्स से न्यूटन। तो न्यूटन मीटर
इसकी यूनिट है। सही है ना? डायमेंशन निकाल रखी है, यूनिट निकाल रखी है। सब आपको शुरू में सिखा दी थी यार एकदम
स्टार्टिंग स्टार्टिंग में। ठीक है ना? और आप देख सकते हो कि जब भी कभी आपको टॉर्क की डायरेक्शन पता करनी हो क्योंकि ये दो
वेक्टर का क्रॉस प्रोडक्ट होता है बेटा। तो क्रॉस प्रोडक्ट के अंदर अपन क्या करते हैं? r की तरफ हमेशा उंगलियां रखते हैं। f
की तरफ बंद कर देते हैं। तो r कहां है? यह r है। है ना? देखो ध्यान से। यह आपका r है। दिस इज़ r वेक्टर। ठीक है ना? ये r
वेक्टर है। और फोर्स कहां है? ये रही। तो r क्रॉस f करोगे। थंब अंदर जा रहा है। थंब जा रहा है इनवर्ड्स। तो हम बोलेंगे कि
टॉर्क की डायरेक्शन क्या है? टॉर्क की डायरेक्शन क्या है? इनवर्ड्स है। R क्रॉस F करके टॉर्क की डायरेक्शन हमेशा
निकल के आती है। ठीक है? अब किसी भी रिजिड बॉडी का जो इक्विलिब्रियम होता है वो हमेशा ध्यान रखना। नेट टॉर्क
ज़ीरो होनी चाहिए। ठीक है ना? और नेट फोर्स भी क्या कहते हैं? जीरो होनी चाहिए। ये दोनों चीजें जीरो होंगी। टॉर्क भी ज़ीरो,
फोर्स भी ज़ीरो। तब जाकर के हम ये मानेंगे कि इक्विलिब्रियम है। नहीं तो इक्विलिब्रियम नहीं मानते। ठीक है ना?
देखो लिखा हुआ है यहां पर सारी f जीरो हो जाए और सारी टाऊ भी टॉर्क भी क्या हो जाए? ज़ीरो हो जाए। तब जाकर के हम मानते हैं कि
इक्विलिब्रियम बन गया है। ठीक है ना? जैसे यहां पर आप देख सकते हो। आप एक बात बताओ। अगर किसी बॉडी को बीच में से हिंज कर रखा
है हमने। है ना? यहां से इसको बांध रखा है और ऐसे घूम सकता है। फ्री टू रोटेट है। ऐसे ये है। ठीक है? इधर से बांधा हुआ है।
लेकिन तो आप एक बात बताओ। आप एक बात बताओ। मैंने ऐसे फोर्स लगाई और ऐसे फोर्स लगाई। क्या ये दोनों फोर्सेस एक दूसरे को टॉर्क
में जीरो कर सकती हैं क्या? नहीं। क्यों नहीं कर सकती? क्योंकि यहां से ले यहां तक इनका कुछ ना कुछ परपेंडिकुलर डिस्टेंस है।
ऐसे ही यहां से यहां तक भी इनका कुछ ना कुछ परपेंडिकुलर डिस्टेंस है। जब तक परपेंडिकुलर डिस्टेंस जिंदा रहेगा इन
दोनों फोर्स के बीच का तब तक ये कपल लगाती रहेंगी। इसको बोलते हैं कपल लगाना। यानी टॉर्क जीरो नहीं होगी। यहां पर टॉर्क आएगी
और दोनों की तरफ से आएगी। समझ गए ना? तो 10 * जो भी ये डिस्टेंस है। प्लस इसके साथ भी ऐसे ही होगा। 10 * d ठीक है ना? तो 20
d कुछ इस तरीके का कुछ देखने को मिलेगा आपको। समझ गए ना? 10D 10d 20d हो गया। डबल हो जाएगा मतलब बेसिकली। ठीक है? पर यहां
पर बात करें तो इधर देखो। इधर 20 न्यूटन है, उधर 10 न्यूटन है। ठीक है? तो कोई टॉर्क लगने का सवाल नहीं है। टॉर्क लगने
का सवाल क्यों नहीं है? क्योंकि देख ये वाली फोर्स भी सेंटर ऑफ़ मास पे लग रही है। यह वाली फोर्स भी सेंटर ऑफ़ मास पे। सेंटर
ऑफ मास पर जब भी फोर्स लगती है, टॉर्क जीरो ही होगी। टॉर्क कभी नहीं लगेगी। ठीक है ना? लेकिन f नेट यहां पर
जीरो नहीं हो रहा क्योंकि एक साइड पर एक साइड पर 20 है। एक साइड पर 10 है। तो 20 में से 10 जाएगा 10 न्यूटन अभी भी जिंदा
रहेगा। बात समझ में आ रही होगी आपको। ठीक है जी? आइए एंगुलर मोमेंटम पर चलते हैं। देखो एंगुलर मोमेंटम होता है l फार्मूला
होता है mvr ठीक है? mvr इसे लिखते हैं ऐसे r क्रॉस p और पूरा खुलेगा तो rp sin थीटा
आएगा और इसी से mvr sin थीटा बनता है। देखो ना p को मैंने mv रख दिया तो rv sin थीटा बन गया ना? तो यहां से ये फार्मूला
बनता है। हमेशा याद रखना mvr ssin थीटा। ठीक है ना? mvr mvr नहीं होता। mvr sin थीटा होता है। एग्जैक्ट फार्मूला यही है
इसका। ठीक है ना? lxp डायमेंशन आप ईजीली निकाल सकते हो इसकी। आइए टॉर्क में। टॉर्क में
और मोमेंट ऑफ इनर्शिया में हम एक छोटी सी डेरिवेशन करते हैं। ठीक है ना? आओ स्टार्ट करें। देखो यार बहुत इजी
डेरिवेशन है। इसमें कुछ खास है नहीं करने को। है ना? लेकिन मैं आपको बता देता हूं। देखो क्या करोगे आप? आप सबका एंगुलर
मोमेंटम लिखोगे। जैसे आपने सपोज़ किया कि ये बॉडी ऐसे घूम रही है। है ना? तो सब की सब कुछ-कुछ डिस्टेंस पे घूम रही हैं। ये
R1 पे घूम रही होगी। यह R2 पे घूम रही होगी कुछ V2 से ये V1 से है ना तो आप क्या करोगे आप यहां पर L से
लिखना स्टार्ट करोगे L यहां लिखता हूं चलो L1 M1 V1 R1 L2
M2V2 R2 L3 M3 V3 R3 एंड सो ऑन लिख सकते हैं ऐसा कोई दिक्कत तो नहीं सर कोई दिक्कत नहीं अच्छा
क्या मैं L टोटल निकाल लूं इसका यस सर बिल्कुल L टोटल निकालो और देखो L टोटल अगर अगर हम निकालेंगे
तो सीधा-सीधा ऐड करेंगे। हां। m1v1r1 + m2v2r2
एंड सो ऑन। अच्छा क्या मैं v को लिख सकता हूं? r ओमेगा बिल्कुल सर। ओमेगा कांस्टेंट है। हां। तो m1
v की जगह पर r1 ओमेगा r1 m2 v2 की जगह पर r2 ओमेगा r2 एंड सो ऑन यहां से ये बन गया m1 r1² ओमेगा m2 r2² ओमेगा m3 r3² ओमेगा
एंड सो ऑन आप एक काम करोगे ओमेगा पीछे कॉमन ले लो ये m 1 r1² + m2r2² क्या बोलते हैं बेटा इसको? क्या बोलते हैं इसको? जरा
बता दो। जरा बता दो क्या बोलते हैं इसको? ये पूरा क्या है? ये पूरा है बेटा मोमेंट ऑफ इनर्शिया I l बन गया i ओमेगा। l बन गया
I ओमेगा। हां या ना? L बन गया i ओमेगा। आया कि नहीं आया? और जब l ओमेगा बन गया है तो आपने दोनों तरफ डिफरेंशिएट कर देना है।
खत्म हो गया यह। यहां लिख देता हूं। है ना? दोनों तरफ डिफरेंशिएट विद रिस्पेक्ट टू टाइम। यह हो जाएगा बेटा dl / dt
यह diomeg / dt i चेंज नहीं होता। i बाहर आ जाएगा। domeg / dt इज़ नथिंग बट अल्फा। दिस बिकम्स i अल्फा। दिस बिकम्स टाऊ।
डेरिवेशन समझ में आई तो फायर इमोजी जरूर लगाना भाई। डेरिवेशन इंपॉर्टेंट है। डेरिवेशन इंपॉर्टेंट है। अगर समझ में आई
तो फायर इमोजी जरूर लगाना भाई। ठीक है ना? ये dl / dt टाऊ होता है। ठीक है ना? dl / dt को ही टाऊ कहते हैं। है ना? ये f = ma
जैसा ही है। अगर आप चेक करो तो। है ना? ये p = mv है। मोमेंटम = मास * वेलोसिटी। ये फोर्स = मास * एक्सीलरेशन है। है ना? चेक
कर सकते हो आप। ठीक है कि नहीं? आइए आगे बढ़ते हैं। भाई त्यागी जी ने सबसे तेज लगाई है फायर। अरे वाह। पार्थ ने भी लगा
दी। यशवंत ने भी लगा दी। ठीक। ठीक। बढ़िया। अब आगे सुनो। देखो जैसे कंजर्वेशन ऑफ लीनियर मोमेंटम भी होता है वैसे
कंजर्वेशन ऑफ एंगुलर मोमेंटम भी होता है। ये बहुत सिंपल है। इसमें होता है कि l रिमेंस कांस्टेंट।
क्यों? क्योंकि सबसे पहले शुरू करते हैं। टाऊ नेट ज़ीरो है। बाहर से कोई टॉर्क लग ही नहीं रहा। देयर इज़ नो एक्सटर्नल टॉर्क।
ठीक है? तो जितना इनिशियल उतना फाइनल। हां। नेट टॉर्क ज़ीरो है। हां। तो L हो गया जी कास्टेंट। तो उससे क्या होता है? उससे
ये होता है कि l होता है i ओमेगा। हां। तो i ओमेगा क्या हो गया? अरे वाह I ओमेगा कांस्टेंट हो गया। हां। यानी I1G1
= I2G2 है ना? तो आपने एक चीज नोटिस भी करी होगी कि जब भी आप कभी जब भी आप कभी
ऐसे लिख सकते हैं ना इसको तो ये क्या कहना चाह रहा है? I ओमेगा कांस्टेंट यानी ये क्या कहना चाह रहा है? ये कहना चाह रहा है
कि जब भी आप कभी i बढ़ाओगे आपका ओमेगा घट जाएगा। है ना? जैसे झूले पर होता है। है ना? अगर आप झूले के बिल्कुल कोने पर खड़े
हो तो झूला स्लो नहीं होगा। आपको बीच में आना पड़ेगा अगर झूला ऐसे घुमाना है तो। है ना? और कभी आप ऐसे भी करना है। ऐसे हाथ
फैला के घूमो। हाथ फैला के घूमो और फिर हाथ एकदम बंद करके घूमो तो आपकी स्पीड अचानक से बढ़ जाएगी। आपकी रोटेट करने की
स्पीड अचानक से बढ़ जाएगी। मेरे को चक्कर आ जाए। 10 घंटे पढ़ा रहा हूं भाई मैथ। है ना? मेरे को तो चक्कर आ सकते हैं। तो मैं
ज्यादा नहीं घूम के दिखाऊंगा। आप घूम सकते हैं। लेकिन ठीक है ना? ठीक है। ठीक है। तो I बढ़ाने से ओमेगा घटेगा। समझ रहे हो बात
को? ठीक है? है ना? एक एक बच्ची बेचारी यहां पर लिख रही है प्यारी सी। कह रही है गुरु जी सुनिए यहां सबको लवेरिया की
बीमारी है। बेटा एक बात बताऊं मैं मैं कोई भी लेक्चर जब लेता हूं ना तो यह सोच के नहीं लेता कि सामने वाले क्या
कमेंट कर रहे हैं। ये सामने वाले मुझे क्या कह रहे हैं या आपस में क्या कह रहे हैं। देखो भाई ये इनकी बुद्धि है। ये जाने
ठीक है ना? मुझे तो एक ऐसा लेक्चर बनाना है जो एवरग्रीन रहे। जो आप आज नहीं देखो लेकिन एग्जाम से 2 दिन पहले तो आएंगे
देखने तब तो नहीं चलेगा ना लवेरिया। जब एग्जाम एरिया चलेगा तो लवेरिया की बीमारी नहीं चलेगी। है ना? फिर अपने आप आ जाएंगे
पढ़ने के लिए। तो जब पढ़ने के लिए आएंगे और मैं सोचो बार-बार यहां कमेंट्स का रिप्लाई दे रहा होगा तो फिर एक्सपीरियंस
कैसा खराब होगा। है ना? इसलिए काम की बात क्लास के अंदर होनी चाहिए। है ना? ताकि आप बार-बार आकर के अगर इस लेक्चर को देखो तो
भी आपको ऐसा ना लगे कि लेक्चर हमारे काम का नहीं है या तो फालतू टाइम पास हो रहा था। या तो सर जो है वो बच्चों के कमेंट्स
के रिप्लाई कर रहे थे। ठीक है ना? तो मैं इसलिए कभी रिप्लाई नहीं देता। मुझे सब दिखता है क्या हो रहा है क्या नहीं हो
रहा। आज से थोड़ी पढ़ा रहा हूं भाई। छठवां साल चल रहा है मेरा ये YouTube पे। सिक्स्थ ईयर है मेरा ये। तो मैं जानता हूं
भाई कैसे क्या कमेंट आ सकते हैं। अपन इग्नोर मारते हैं। ठीक है ना? आओ तुम भी मारो और आगे बढ़ो यार। पढ़े-वढे करते हैं।
चलो। अच्छा जी। अब आप देखो एक चीज कह रहा है एक रोटेटिंग डिस्क है जैसे कि झूला होता है।
है ना? कह रहा है अ पर्सन जंप्स आउट ऑफ इट एंड नाउ झूला इज रोटेटिंग विद एंगुलर वेलोसिटी 14 रेडियन पर सेकंड। कह रहा है
फाइंड द वेलोसिटी व्हेन मैन वाज़ सिंग ऑन द झूला। कह रहा है जब मैन बैठा था रुका हुआ था तब कितना वेलोसिटी था उसका। जब मैन
नहीं है तो कह रहा है कि 14 है। कैसे दोगे इसका आंसर? बताओ। कैसे दोगे इसका आंसर? देखो बहुत सिंपल है। बहुत सिंपल है। आपको
l इनिशियल = l फाइनल करना है। दैट्स इट। ठीक है? l इनिशियल कब होगा? जब मैन का भी मास और झूले का भी मास दोनों ऐड होंगे।
हां या ना? हां सर बिल्कुल सही बात है। है ना? और vr mvr होता है ना भाई। m * vr ऐसे लिखोगे। और फाइनली क्या हुआ? फाइनली भाई
आप ऐसे ही मान लो कि i ओमेगा है कुछ। है ना? कुछ i ओमेगा है। क्योंकि ओमेगा के टर्म्स में चीज दी भी हुई है। ठीक है? तो
एक मास है 20 किलो। देखो दिया हुआ है। एक मास 20 किलो दिया हुआ है और इंसान का मास कितना है भाई? 50 किलो दिया हुआ है। ठीक
है? कितनी स्पीड से रोटेट कर रहा है भाई साहब? तो अभी तो बता रहा है वो V से है। अभी तो कुछ V से रोटेट कर रहा है। है ना?
और R उसका रेडियस है। अच्छा मोमेंट ऑफ इनर्शिया क्या होता है? डिस्क है ना वो? वो डिस्क है भाई डिस्क। झूला एक डिस्क
होती है। वो वाला झूला जो है वो डिस्क है। तो MR² / 2 होगा। है ना? और फिर ये ओमेगा आपको दिया हुआ है 14 है ना? ना ये देखो 14
रेडियन पर सेकंड ये आपका ओमेगा है। यहां से आ गया बेटा 70 VR = 7 mr²
ठीक तो सात से यहां 10 पे कट गया। एक R से एक R कट गया। ठीक है? और ये मास किसका? अच्छा ये मास तो डिस्क का दिया हुआ है। तो
वही पुट कर देता हूं। 20 किलो है ना? हां। 20 किलो की डिस्क है। ठीक है? तो V निकल के आ जाएगा। इधर भी 20 पुट कर देता हूं।
10v = 20 * r r दिया हुआ है क्या? हां यार 2 मीटर दिया तो हुआ है। खत्म हो गया
क्वेश्चन। खत्म हो गया। v निकल के आ गया फोर बेटा। है ना? v निकल के आ गया फोर। 4 मीटर पर सेकंड। यस बच्चे यहां पे आंसर दे
भी रहे हैं। शाबाश। शाबाश। बहुत बढ़िया। चलिए बहुत बढ़िया। आओ भाई लास्ट चैप्टर पर चलते हैं।
ग्रेविटेशन। बिल्कुल भाई। आज ही पढ़ाएंगे। बिल्कुल सारे कांसेप्ट्स पढ़ा रहा हूं। कुछ नहीं छुड़वा रहा हूं भाई। सब चीजें
पढ़ेंगे। आओ सबसे पहले फर्क समझते हैं। ग्रेविटेशन और ग्रेविटी में क्या अंतर होता है? देखो यार, ग्रेविटेशन एक जनरल
फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन है जो कि हर हर दो मास के बीच में लगती है। हर दो मास के बीच में लगती है। लेकिन ग्रेविटी वर्ड यूज़ होता है
स्पेशली अर्थ के केस में। मतलब अगर दो मास आपस में इंटरेक्ट कर रहे हैं। ठीक है ना? जैसे मान लो कोई एक मास वन है। कोई एक मास
टू है। इनके बीच का डिस्टेंस r है। तो फोर्स ऑफ ग्रेविटी व्हिच इज़ gm1 m2 / r² ये फोर्स ऑफ ग्रेविटेशन कहलाएगी। ठीक है
ना? लेकिन अगर एक बॉडी अर्थ हो और दूसरी बॉडी कोई दूसरा मास हो तो हम बोलेंगे इस मास पर क्या लग रही है? ग्रेविटी लग रही
है। तब ग्रेविटी वर्ड बोल देते हैं। यही फर्क है और कुछ नहीं है। ठीक है ना? यही फर्क है और कुछ नहीं है। ठीक जी। ठीक जी।
अच्छा। आगे बढ़ते हैं। यह चांद है चंदा मामा। कह रहा है आई एम अंडर ग्रेविटेशनल कंट्रोल। ठीक है ना? तो
कोई टेंशन ही नहीं है। देखो धरती माता ने हग कर रखा है चंदा मामा को। कह रहा है कि नहीं जाने देंगे। क्यों? ग्रेविटेशनली
पकड़ा हुआ है। ग्रेविटेशनली जकड़ा हुआ है उसने उसको। ठीक है ना? और न्यूटन का लॉ कहता है ग्रेविटेशन का कि भाई अभी मैंने
लिख के दिखाया था ये जो फोर्स होती है ये दोनों मासेस का प्रोडक्ट होता है और दोनों का इनवर्स का स्क्वायर होता है। यानी f
प्रपोर्शनल m1m2 / r² इक्वल कर देंगे तो g m1m2 / r² ये आपका फार्मूला आ जाएगा।
है ना? इसमें g जो होता है भाई वो वैल्यू आपको पता होगी 6.67 * 10 की पावर -1 न्यूटन मीटर स्क्वायर पर kg² यूनिट निकाली
जा सकती है यहां वहां ले जा के कोई बड़ी बात नहीं है। ठीक है ना? अब कोई कहता है कि कैपिटल g की डेफिनेशन बताओ क्या है? तो
ये टेक्निकल बातें हैं। फालतू बातें हैं। कह रहा है कि भाई अगर दो मासेस 1 kg के ले लें और दोनों के बीच में 1 मीटर का
डिस्टेंस हो तो f और g इक्वल आ ही जाएंगे। भाई ये कैसी बात है? मतलब ये कैसी बात है? है ना? तो डेफिनेशन ऑफ़ g ऐसे ही दी जाती
है। टेक्निकल बात है ना? तो कह रहा है 1 kg के मास के बीच में 1 मीटर का अगर डिस्टेंस है तो fg के ही बराबर आएगा। ठीक
है ना? आइए ग्रेविटेशन लॉ का वेक्टर फॉर्म भी देखते हैं एक बार जरा। देखो आपको पता है कोई भी फोर्स अगर वेक्टर
फॉर्म में लिखी गई है तो उसका मैग्नीट्यूड और उसकी डायरेक्शन को साथ में लिखा जाता है। बात सही है कि नहीं? हां सर। बात तो
सही है। है ना? डायरेक्शन भी लिखना पड़ेगा। है ना? डायरेक्शन भी लिखना पड़ेगा और
मैग्नीट्यूड भी लिखना पड़ेगा। अब मैं आपसे पूछता हूं कि भाई दो मास हैं। एक m1 है, एक m2 है। ठीक है ना? दोनों एक दूसरे पर
अट्रैक्टिव फोर्स लगा रहे हैं। बात सही है ना? दोनों एक दूसरे पर क्या लगा रहे हैं? अट्रैक्टिव फोर्स लगा रहे हैं। ठीक है? तो
मैं एक काम करता हूं। इस फोर्स को मैं इस इस डिस्टेंस को मैं r12
वेक्टर ऐसे लिख सकता हूं। किसी तरफ तो लेनी पड़ेगी भाई। है ना भाई? किसी तरफ तो लेनी पड़ेगी। तो सपोज़ करो कि जो फोर्स
टू लग रही है, फोर्स टू ड्यू टू वन लग रहा है। यानी जो फोर्स सेकंड वाला लगा रहा है
फर्स्ट वाले पे फर्स्ट वाले पे, तो क्या मैं उसको लिख सकता हूं? G m1m2 / r² और ये डायरेक्शन हमने ली है तो
r12 का कैप। अगर मैंने इसको r12 वेक्टर लिया है। ऐसे लेते हैं ना इसको। यह y यह x
यह m1 ले लिया। यह m2 ले लिया। यह आपने r1 ले ली। यह आपने r2 ले ली। ठीक? ठीक जी? तो फिर r1 2 कैसे लिखोगे? r1 2
हमेशा m1 से m2 की तरफ होगा। समझ गए ना? हमेशा जैसे यहां पे लिया हुआ है ना? M1 से m2 ऐसे ही लेना पड़ेगा आपको। r12 वेक्टर।
ठीक है जी? तो, आप r12 कैप यहां लिख सकते हो? हां, बिल्कुल लिख सकते हैं। अच्छा। r12 कैप क्या होगा? ये होगा r वेक्टर ऑफ़ 1
2 / मैग्नीट्यूड। मैग्नीट्यूड यहां आकर के मल्टीप्लाई हो जाएगा इसके साथ। देखो जरा देखो जरा। r² r मिलके r बन गया। ये बन गया
gm1 m2 r का वेक्टर 1 2 और यहां नीचे आ गया r² r मिलके r
दिस इज़ फोर्स 2 1 इन अ वेक्टर फॉर्म। वेक्टर फॉर्म में ऐसे ही लिखा जाता है। खैर यूज़ नहीं होती है कोई। तो ज्यादा
टेंशन लेने की आपको जरूरत है नहीं। ठीक है? आओ कुछ इंपॉर्टेंट फीचर सुन लो फटाफट से यार। कह रहा है ग्रेविटेशनल
फोर्स बिटवीन टू मासेस इंडिपेंडेंट होती है। बीच में कोई मीडियम है या नहीं है फर्क नहीं पड़ता। ठीक है ना? है ना? आप
चाहे दो मासेस को ले जा के पानी में रख दो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनकी म्यूचुअल अट्रैक्शन वैसे ही रहेगी। एक्शन रिएक्शन
पेयर लगता है ये। ठीक है ना? और ये पॉइंट मासेस के लिए ही स्ट्रिक्टली होल्ड करता है। ठीक है? बड़े मासेस होंगे तो फिर गड़बड़
होती है। लेकिन हम मान लेते हैं पॉइंट मासेस उनको भी। ठीक है ना? ये हमेशा एक सेंट्रल फोर्स है या सेंट्रिक
फोर्स देखने को मिलता है क्योंकि ये हमेशा सेंटर की तरफ लग रही होती है। ऐसा देखने को मिलता है। ग्रेविटेशनल फोर्स इज अ
कंजर्वेटिव फ़ जैसा कि मैंने आपको बताया ये कंजर्वेटिव फ़ है ही है। ठीक है? ग्रेविटेशनल फोर्सेस के लिए सुपरपजीशन
प्रिंसिपल भी लगता है जो कि एनएलएम के अंदर भी बताया जाता है। इसका मतलब होता है कि मान लो अगर एक बॉडी है इसके साथ एक m1
मास भी इंटैक्ट कर रहा है। m2 भी कर रहा है, m3 भी कर रहा है। तो इस मास को फर्क नहीं पड़ता। m1 बोलता है कि भाई तू मेरे
पास आ जा। यह उधर भी अट्रैक्शन बना लेता है। m2 के साथ भी बनाता है, m3 के साथ भी, सबके साथ अपनी-अपनी इंटरेक्शन बना लेता
है। यह समझ गए ना इसका इसकी बोलचाल सबके साथ है और किसी के भी होने से इसको फर्क नहीं पड़ता। कोई है या कोई नहीं है। डजंट
मैटर। ये अपनी इंटरेक्शन बनाएगा। इसी को बोलते हैं प्रिंसिपल ऑफ सुपर पोजीशन। ठीक है? आइए एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी को
समझ लेते हैं। इंपॉर्टेंट डेरिवेशन है भाई। पेपर में आती है इसलिए समझा रहा हूं। देखो यार, आप m मास मानो, r रेडियस मानो
और एक छोटा सा स्मॉल मास आप इसके ऊपर ले लो। ठीक है? अब इन दोनों के बीच में फोर्स लिखो। अब लिखते हैं फोर्स। हां जी। तो
हमेशा याद रखो कि सेंटर से सेंटर की तरफ फोर्स लगती है। ये सेंटर से सेंटर जुड़ा रहता है। तो आप फोर्स जब लिखोगे तो ये
लिखोगे gm छोटा m / r² चेक करो जरा। ऐसा ही है कि नहीं? हां। और फोर्स होती है बेटा ma के बराबर। a ही तो एक्सीलरेशन
ड्यू टू ग्रेविटी है। आप एक काम करो। दोनों को इक्वेट कर दो। ये वन ये टू। आइए इक्वेट करते हैं। तो ma क्या आ गया? gm
छोटा m / r² छोटे m से छोटा m कट गया एक्सेलरेशन निकल के आ गई बेटा gm / r² इसी को स्मॉल g बुलाते हैं gm / r² ठीक है ना
तो कभी भी सरफेस पर आप ग्रेविटी देखोगे ठीक है ये सरफेस पर ग्रेविटी है सरफेस पर लिया है ना मास तो सरफेस पर ग्रेविटी यही
आती है gm / r² gm / r² gm / r² ठीक है हमेशा ये आती है gm / r² ये आती है। अगर ये सब हम अर्थ के लिए ले लें। ठीक है? बात
को समझना। अगर हम यहां पर मास अर्थ का ले लें। रेडियस भी अर्थ की लेके स्क्वायर कर दें। ऐसे ही मास मून का ले लें। रेडियस भी
मून की लेके स्क्वायर कर दें। तो मैं आपको बताता हूं। ये जो वैल्यू आती है ये आती है 9.8 मीटर पर सेकंड स्क्वायर और ये आती है
1.67 मीटर पर सेकंड स्क्वायर। 16 है उसके है ना तो जी मून को कहते हैं कि वो अर्थ के मुकाबले डिवाइड बाय सिक्स
है। ऐसा आपने सुना होगा क्लास नाइंथ वाइंथ की बातें हैं। बचपन की कहानियां है ये तो सब है ना सुनी होंगी आपने।
ठीक जी। आइए फिर कुछ वेरिएशंस पढ़ लेते हैं बेटा जरा। ठीक है?
देखो पहला वेरिएशन आता है एटीट्यूड की वजह से। अगर आपका कोई मास बहुत हाइट पर है। ठीक
है? यह धरती है। इसके सेंटर से फोर्स लगती है ना। तो आपको ये पूछा जा रहा है कि यहां पे gh कितना है?
सरफेस के मुकाबले सरफेस पे g है। वो तो आपको पता ही है। तो सरफेस के मुकाबले यहां पे कितना होगा? ऐसा आपको डेरिवेशन आती है।
है ना? ऐसी आपको डेरिवेशन आती है। आओ करते हैं। आप सबसे पहले क्या करोगे? फ़ोर्स लिखोगे इनके बीच में। आइए फोर्स लिखते
हैं। फोर्स होती है क्या? g बड़ा m छोटा m डिवाइड बाय ये पूरा डिस्टेंस कितना है बेटा? तो रेडियस है और हाइट है।
है ना? तो r + h का होल स्क्वायर है ना? और आपको पता है फोर्स जो होगी यहां लगने वाली वो m * gh होगी। g नहीं हो सकती। g
तो सरफेस पर होती है। यहां पे gh होगी। है ना? दोनों को इक्वेट कर दो। चेक करो भाई।
आपकी हाइट पर ग्रेविटी निकल के आ गई। gm/ r + h² अच्छा आप अब एक बात और भी जानते हो
कि जो हमारा g सरफेस वाला होता है वो होता है gm / r² है ना? अगर मैं यहां से gr² बना लूं इसको ध्यान से देखियो डेरिवेशन चल
रही है भाई। तो gm को gr² लिख सकता हूं क्या? वाह भाई वाह लिख सकते हैं सर। तो ये gr² / r + h²
बन गया। यहां से भी हाइट वाली ग्रेविटी निकल के आ सकती है। ठीक है? तो फाइनली आप लिख सकते हो कि g तो है ही है सरफेस का। r
/ r + h² ले सकते हैं। क्लियर हुआ?
क्लियर हुआ क्या? ठीक है? अच्छा इसमें एक बायनॉमियल एप्रोक्सीमेशन लगा करके भी थोड़ा हेरफेर करके एक फार्मूला निकाला
जाता है। उसकी डेरिवेशन की जरूरत नहीं है आपको। मैं सीधा बता देता हूं। 1 - 2h / r होता है वो।
वो क्यों बनाते हैं? अभी बताता हूं। देखो यार ऐसा है। अब आपके सामने दो फ़ूले हैं। ये बायनॉमियल एप्रोक्सीमेशन से निकल
के आता है। ये तब लगाना है जब मास काफी पास हो धरती के। और ये तब लगाना है जब दूर हो। दूर के लिए दूर पास ठीक है जब धरती के
पास है तब आप यह लगा सकते हो जब काफी दूर है तो ये लगाना क्योंकि एप्रोक्समेशन से निकाला गया उसको पास मान करके
कह रहा है एट व्हाट हाइट फ्रॉम द सरफेस ऑफ़ अर्थ करो जरा अच्छा सवाल है कह रहा है एट व्हाट हाइट फ्रॉम द सरफेस ऑफ़ अर्थ विल द
वैल्यू ऑफ़ g रिड्यूस बाय 36% भाई 36% हो जाएगी तो रह कितनी जाएगी जो G 36% से रिड्यूस हो गई वो रह कितनी जाएगी? वो रह
जाएगी 64% किसका? G का। है कि नहीं? तो GH निकल के आ गया 64 / 100 ऑफ़ G है ना? अब वो आगे क्या
बोल रहा है? कह रहा है कितनी हाइट की बात कर रहे हो? फिर है ना? कितनी हाइट की बात कर रहे हो? तो फार्मूला लगा सकते हैं हम।
फार्मूला आपको पता है। आओ लगाएं फार्मूला। आप यहां पर लिख सकते हो कि भाई जो GH होता है वो g / 1 + h / r² है।
64 / 100 * में g से g कट गया। यहां से h निकाला जा सकता है या नहीं? अपने आप ही बता दो भाई। है ना? रूट ले लें दोनों तरफ।
है ना? रूट ले लें। तो 1 / 1 + h / r स्क्वायर हट चुका है इसका। 64 का रूट होता है आठ। इसका होता है 10। ठीक है? तो क्रॉस
मल्टीप्लाई कर दो यार। सीधा आंसर निकल के आ जाएगा। क्या दिक्कत है? ठीक है ना? कर लेना इसको आप लोग सॉल्व भाई। कर लोगे कर
लोगे ना? आ जाएगा ना? है ना? 1600 कि.मी. निकल कर के आएगा। आओ आओ बात करते हैं डेप्थ की। देखो ऐसा है
कि जब आप डेप्थ में चले जाते हो ना तो तो कहानी थोड़ी सी अलग है। क्या अलग है सर? कहानी यह है कि हम जितना जितना अंदर जाते
हैं ये देखो डी डेप्थ पर जा चुके हैं। हम जितना अंदर जाते हैं ना उतनी ही ये वाली जो धरती होगी ना हम पर फोर्स नहीं लगाती।
हम पर सिर्फ ये नीचे वाली धरती ही फोर्स लगाएगी। सर ऐसा क्यों? ये है न्यूटंस शेल थ्योरम। न्यूटंस शेल थ्योरम कहती है कि जब
आप शेल के अंदर चले जाते हो ना तो ऊपर वाला जो शेल है जो ऊपर वाला इलाका है जो शेल बन रहा है मतलब जब आप इसके अंदर चले
जाओगे तो ऊपर का जो ये शेल बन रहा है ये सब तरफ से बराबर खींचता है जब सब तरफ से बराबर खींचेगा तो फोर्स ने कट ही जाना है
भाई नेट फोर्स नहीं ही होनी है वहां पर बात समझो| ठीक है ना भाई तो ये कहानी है तो यहां पर आप लोग अब ग्रेविटी पता करने
वाले हो ठीक है शुरू करें आओ आओ करते हैं। देखो यार अब आप फोर्स लिखना अगर चाहो तो आप लिख
सकते हो f = g है ना? यहां पर जो इसका मास होगा वो कुछ अलग है। है ना? यहां पर m मास नहीं होगा। यहां पर कुछ m' मास होगा भाई।
अब वो पता नहीं क्या m' होगा। देखा जाएगा वो। m' क्योंकि ऊपर वाला मास तो फोर्स लगा नहीं रहा। m' लगा रहा है। है ना? और यहां
पे क्या है? वो m है। और डिवाइड बाय यह डिस्टेंस कितना है भाई? देखो ये d है। ये r है तो ये r - d होगा। है ना? दिस शुड बी
इसको लिखेंगे r - d तो r - d स्क्वायर लिखना पड़ेगा यहां पे। हां या ना? r - d² और फोर्स होगी
m * gd. डेप्थ पर देख रहे हैं। इक्वेट कर दो। mgd = gm' छोटा m / r - d² m से m कट गया। अभी कुछ
नहीं निकला है भाई। अभी इस m' को अपन सॉल्व करेंगे। कैसे सॉल्व होगा? सुनो। देखो ये जो मास है इसे हम लिख सकते हैं
डेंसिटी के फॉर्म में मास / वॉल्यूम। तो यहां से मास निकल के आ जाएगी डेंसिटी * वॉल्यूम। हां या ना? डेंसिटी से करना
पड़ता है इसको। ठीक है ना? तो अब ये जब m' निकाला है बेटा तो डेंसिटी तो सेम ही रहेगी रो वॉल्यूम क्या रहेगी? वॉल्यूम
रहेगी 4 / 3 π r - d है ना? इसको उठा के यहां रख देंगे हम। तो ये gd आ जाएगा क्या? देख ध्यान से। g m'
की जगह पर क्या रख दिया? रो 4 / 3 π r - d / r - d का स्क्वायर बोलो जी ठीक है ठीक है जी तो r - d के स्क्वायर से ये कट गया
तो यहां से gd जो है वो आप लिख सकते हो 0 4 / 3π r - d यह भी एक फार्मूला है नहीं
तो आप दूसरे स्मॉल g के टर्म्स में भी फार्मूला बना सकते हो। वो कैसे बनाओगे वो भी दिखाता
हूं मैं आपको। देखो रो होता है मास अपॉन में वॉल्यूम। तो वॉल्यूम आप पूरे मास के लिए ले लो। पूरे मास के लिए कैसे लोगे? 4
/ 3π r ऐसे। है ना? तो आप देखो रो 4 / 3 πr एक तरफ ले जाता हूं। m = रो 4 / 3 πr है ना? और इसको
यह देख अ नहीं इसकी जगह पर एक काम करते हैं। g से
लिखते हैं। g होता है बेटा gm / r² है ना सरफेस वाला सरफेस वाला। ठीक है? तो मास की जगह पर मैं देख क्या लिख रहा हूं? मैं लिख
रहा हूं g / r² तो है ही है। और मास क्या है? रो 4 / 3π r
ठीक है? r² से r चला गया तो स्मॉल g निकल के आ गया g रो 4/3 पाईr क्या ये सब मुझे मिल रहे हैं यहां पर यस यस देख कौन-कौन
मिल रहा है 4 / 3 मिल रहा है यहां आया 4 / 3 मिल रहा है पाई मिल रहा है g मिल रहा है रो मिल रहा है r नहीं मिल रहा है तो एक
काम करता हूं इसको g / r लिख लेता हूं g 4 / 3π उठा के इसको रिप्लेस कर दो ये gd बन गया क्या
g और r - d / r ठीक है ना? तो इसको आप ऐसे याद रख सकते हो कि डेप्थ पर जो g होता है
वो होता है 1 - d / r फार्मूला फार्मूला फार्मूला फार्मूला ठीक है वो याद कर सकते हो आप फार्मूला वो फार्मूला आप याद कर
सकते हो ठीक ठीक एक आता है शेप के लिए शेप भी सुन लो फटाफट से शेप के लिए देखो इक्वेटर की
रेडियस बड़ी है भाई सीधी बात इक्वेटर की रेडियस बड़ी है तो g एट इक्वेटर कम होगा क्योंकि g होता है gm / r²
इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू r² है तो जहां r ज्यादा वहां g कम। सीधी बात पोल पर रेडियस होती है कम तो वहां पर g अधिक होता है।
एक छोटा सा टॉपिक और आता है बेटा इंटेंसिटी का ये भी सुन लो। देखो यार इंटेंसिटी होती है हमेशा याद रखना फोर्स
बटा में मास। ठीक है? तो जिस भी मास की इंटेंसिटी निकाल रहेगे मान लो यह कोई बड़ा सा मास है और आप इसकी इंटेंसिटी पता कर
रहे हो कि यहां पर कितनी है? कितनी फील्ड इंटेंसिटी कितना जोर यहां पे ये दिखा रहा है अपना। ठीक है ना? तो आपने क्या करना
है? यहां पे एक छोटा सा मास लेना है और फोर्स निकाल देनी है इसकी। भाई फोर्स क्या होगी बताओ? सर वो होगी gmm / यह डिस्टेंस
कितना है? तो r² है। बस इसी फोर्स को इस छोटू से मास से आप डिवाइड कर दो। कर दो। क्या आया? gm / r² आया। बस यही है।
यही i है। तो i स्टैंड्स फॉर जो वो निकाला क्या? gm / r² खत्म। सर आप तो कहोगे ये
एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी जैसा है। हां वैसा ही है। हां वैसा ही है। मैं गलत नहीं कह रहा। ये एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी
जैसा ही लगता है। लेकिन ये नहीं है। ये चीज अलग है। है ना? R कितना आगे है वो यहां से निकल के आ जाएगा। ठीक है ना? तो
इसी को बोलते हैं ग्रेविटेशनल फील्ड इंटेंसिटी। ठीक है? ये देखो इंटेंसिटी फोर्स / मास इसको I
से लिखते हैं I से। ठीक है? आइए ग्रेविटेशनल पोटेंशियल एनर्जी की भी बात कर लेते हैं। एक फार्मूला है
छोटा सा और डिराइव करते हैं इसको। ठीक है ना? मैं आपको पोटेंशियल एनर्जी का फार्मूला बताता हूं। क्या होता है? ये
होता है -gmm / r यह फार्मूला आता है। ठीक है ना? पोटेंशियल एनर्जी का फार्मूला है ये। अगर
r डिस्टेंस पर आप पता कर रहे हो कितनी पोटेंशियल एनर्जी है तो वो ऐसे निकल कर के आ जाएगी। बहुत ईजी है। ठीक है ना? करें एक
एक्सप्रेशन डिराइव करते हैं। आ जाओ। ठीक है? तो देखो यार बहुत सिंपल है। हम लोग शुरू करते हैं कहानी को वर्क डन से।
आपको पता है वर्क डन होता है fdx। हां या ना बोलो यार। हां सर सही बोल रहे हो। fdx होता है। ठीक है? तो हम वर्क डन बाय
कंजर्वेटिव फोर्स ही निकाल लेते हैं। कंजर्वेटिव फोर्स का वर्क डन तो सर - डेल्टाu होता है। हां तो माइनस ही निकाल
लेते हैं। -fdx निकाल लेते हैं। क्या दिक्कत है? कौन रोक रहा है अपने को? - fdx निकाल लो। ठीक है सर निकाल लेते हैं।
अच्छा अब एक काम कर f की जगह पर डाल जो फार्मूला है क्या? gmm / r² है ना? ये फोर्स का फार्मूला है ना?
इंटू में क्या ले लो? इंटू में dx ठीक है जी। अच्छा एक काम करो इसको r² की जगह x रख दो ना। तभी तो इंटीग्रेट हो पाएगा। gmm
बाहर निकाल लो। तो - gm m 1 / x²dx हां जी। कहां से लेके कहां तक इंटीग्रेट कर? ज़ीरो से लेके किसी r तक इंटीग्रेट कर दो
ताकि फार्मूला r के टर्म्स में बन जाए। ताकि फार्मूला r के टर्म्स में बन जाए। सही बात है कि
नहीं? है ना? अच्छा। 1 / x² का डिफरेंशिएशन क्या होता है? जानते हो? 1 / x² का डिफरेंशिएशन होता है सीधा-सीधा 1 /
x वो भी माइनस का। ठीक है ना? तो ये आ जाएगा माइनस में gmm और ये आ जाएगा माइनस में 1 / x माइनस से माइनस कट गया। ये निकल
के आ गया gmm / x ये वर्क डन आया है। जी आप ध्यान से देखना। ये वर्क डन बाय कंजर्वेटिव फ़ आया है। वर्क डन बाय
कंजर्वेटिव फोर्स से ही हम डेल्टा u माइनस का निकाल पाएंगे। देखो वर्क डन बाय कंजर्वेटिव फ़ होता है - डेल्टाu है ना? तो
वर्क डन बाय कंजर्वेटिव फ़ रखता हूं अगर तो gmm बाय
x आ रहा है। अच्छा इसको ज़ीरो से ले r तक इंटीग्रेट तो किया ही नहीं। सॉरी है ना? तो यहां पे r आ जाएगा बेटा। ये
यहां पे r आ जाएगा। ठीक है ना? तो ये r आ गया। और ये डेल्टा u है माइनस साइन यहां शिफ्ट कर दो आप। ठीक है? अब आपको पता है
डेल्टा u इज़ नथिंग बट u फाइनल - u इनिशियल व्हिच इज़ - gmm / r हां सर। और u इनिशियल इज़ ज़ीरो। क्यों? क्योंकि r हमने इंफिनिटी
पे माना। हम ये मान रहे हैं कि एक मास को इंफिनिटी से लेकर के आए हैं। तो r इनफिनिटी u इनिशियल ज़ीरो इसलिए u फाइनल
निकल के आ गया - gmm / r ये डेरिवेशन है भैया ये डेरिवेशन है। यहां से स्टार्ट हुई है
पीछे से। इधर से स्टार्ट हुई है। इंफिनिटी से लेकर के आ रहे हैं। और यहां पर हमने फोर्स को ज़ीरो माना। इतनी दूर। इतनी दूर
फोर्स लग नहीं रही। तो इतनी दूर पोटेंशियल एनर्जी भी नहीं है। ऐसा मान लिया हमने। ठीक है ना? तो उसी से एक्सप्रेशन बनाया
हुआ है वाला। ठीक है मालिक ऐसी एक छोटी सी चीज हो जाती है
ग्रेविटेशनल पोटेंशियल बोलते हैं जिसको यह भी सेम है पोटेंशियल होता है बेटा v से डिनोट इसको बोलते हैं वर्क डन बाय मास ठीक
है वर्क डन आपने क्या निकाला था अभी-अभी वही एक्सटर्नल फोर्स का वर्क डन - gmm / r होता है इसी को m से और डिवाइड कर दो m से
m कट गया तो - gm / r आ जाएगा यही है v - gm / r - gm / r ठीक है? जूल पर केजी से लिख सकते हो आप इसको क्योंकि क्योंकि वर्क
डन बाय मास कर रहे हैं ना तो वर्क डन से आता है जूल मास से आता है केजी। तो जूल पर केजी छोटी-छोटी सी चीजें हैं। ठीक है? तो
देख सकते हो आप इसको। ओके? चलिए एस्केप वेलोसिटी पर चलते हैं। क्या होता है एस्केप वेलोसिटी? एस्केप वेलोसिटी का मतलब
होता है जब धरती के चंगुल से बाहर निकल जाए। धरती उस पे अब ग्रेविटेशनल फोर्स नहीं लगा पा रही है। इतना दूर वो निकल
जाए। तो उसके लिए एक्सप्रेशन जो है वो आओ डिराइव करते हैं। पहले समझ लो इसकी डेफिनेशन क्या है? एस्केप वेलोसिटी का
मतलब जहां पर फोर्स लगनी ही क्या हो जाए भाई? बंद हो जाए अल्टीमेटली। तो इसको कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी से हम लोग पढ़ लेते
हैं। ठीक है ना? कंजर्वेशन ऑफ एनर्जी यानी came के हिसाब से u इनिशियल + k इनिशियल = u फाइनल + k
फाइनल। बेटा इनिशियली सेटेलाइट या फिर जो भी चीज़ आप फेंकना चाहते हो वो कहां है? भाई कहीं ना कहीं रेंज में होगी। तो - gmm
/ r होगी। है ना? और इनिशियली वो ज़ीरो पर होगी। स्टार्ट हुई है ज़ीरो से। ऐसा मान लिया हमने। है ना भाई? है ना? स्टार्ट मान
लेते हैं। यानी नहीं स्टार्ट तो अपने को स्टार्ट तो वेलोसिटी देनी पड़ेगी ना। स्टार्टिंग की ही तो वेलोसिटी देनी है
सॉरी। है ना? तो इसको एस्केप ले लेते हैं। इज़ इक्वल टू u फाइनल क्या लोगे? वो इतनी दूर चली गई है। इतनी दूर चली गई है तो
ग्रेविटेशनल फोर्स उस पे कोई फील्ड ही नहीं लगा पा रही। पोटेंशियल एनर्जी है ही नहीं। और कहीं बहुत दूर चली गई है, एस्केप
ही कर गई है, तो कहीं जा करके वह रुक गई है। ऐसा मान लेते हैं। बस इसको उधर पटक दो। 1/2 m vsc² का स्क्वायर gm / r के
बराबर। ठीक है? और m से m कट गया। टू चला गया ऊपर। तो vs केप निकल के आ गया 2gm / r वो भी अंडर रूट में आ गया। 2gm / r अंडर
रूट में आ गया। समझ गए ना? तो ये रेडियस है बेटा धरती की। ठीक है ना? ये रेडियस ऑफ अर्थ है। और कोई और कोई नहीं है। रेडियस
ऑफ अर्थ ही है ये। R है। ठीक है? R है क्योंकि पहले सरफेस पे था सरफेस से दूर भाग गया। ठीक है ना? तो 2gm
/ R इसको 2 gr भी लिखते हैं। और अर्थ के लिए ये लगभग 11.2 कि.मी. पर सेकंड होता है। आपको
याद होना चाहिए। अर्थ के लिए है ये। ठीक है? अर्थ के लिए। यस। बच्चे लिख भी रहे हैं यहां पर। बहुत बढ़िया। सही है। सही है।
ठीक। चलो भाई आखिरी टॉपिक पर चलते हैं। लास्ट टॉपिक है सेटेलाइट। दो प्रकार की सेटेलाइट होती है। नेचुरल आर्टिफिशियल।
नेचुरल मतलब जो कि नेचर ने बनाई है। जैसे कि चंदा मामा जैसे कि जुपिटर के बहुत सारे मून जैसे सैटर्न के बहुत सारे मूनस होते
हैं। है ना भाई? जैसे जैसे उसके भी दो हैं। क्या नाम है? भाई का नाम क्या है? मंगल। उसके पास भी दो है ना? फेमोस, डेमोस
ऐसे करके कुछ खतरनाक से नाम है उसके। आर्टिफिशियल सेटेलाइट दो प्रकार की हैं। लेकिन ये आपको पढ़नी है। कौन-कौन सी? एक
होती है जियो स्टेशनरी या जियो सिंक्रोनस। दूसरी होती है पोलर। ठीक है ना? कई सारे नाम यहां पर दिए हुए हैं। आप चाहो तो पढ़
सकते हो। है ना? लेकिन अपन बात कर रहे हैं कि सेटेलाइट की लॉन्चिंग कैसे होती है? देखो ध्यान से। भाई, अगर आपने सेटेलाइट को
किसी एक पर्टिकुलर हाइट से एक फिक्स्ड हाइट अच्छी हाइट से आपने उसको सीधा फेंका। सीधा और एक अच्छे वेलोसिटी से फेंका। कम
से फेंकोगे तो क्या होगा? पहली गिर जाएगी। और तेज फेंका सोचो आगे थोड़ी गिर गई और थोड़ी आगे गिर गई। है ना? एक ऐसी वेलोसिटी
से फेंको कि वो गिरे ही ना और गिरे ही ना तो घूम जाए। एक स्टेबल ऑर्बिट में आ जाए। ये होता है ये होता है किसी भी सेटेलाइट
को लॉन्च करने का तरीका। यानी कि वो मिनिमम वर्टिकल वेलोसिटी देना। ताकि सेटेलाइट एक सूटेबल हाइट ले ले।
एक्चुअली में एक्चुअली में इतनी हाइट पे ले जा के ऐसा नहीं करते। हम यहीं से उसको एक ऐसी वेलोसिटी देते हैं। यहीं से रॉकेट
को ऐसी वेलोसिटी देते हैं कि वो जाए जाए घूम करके सेट हो जाए आकर के ऑर्बिट के अंदर। ठीक है ना भाई? तो इस तरीके की
वेलोसिटी उसको दी जाती है। जिसको बोलते हैं ऑर्बिटल वेलोसिटी। अब ऑर्बिटल वेलोसिटी में खास बात क्या है? ऑर्बिटल
वेलोसिटी में खास बात ये है कि ग्रेविटेशनल फोर्स ही एक्ट करती है एज सेंट्रिपेटल। हां या ना बोलो। ग्रेविटेशनल
फोर्स क्या है? ग्रेविटेशनल फोर्स है gm ये धरती का मास है भाई है ना ये सेटेलाइट का मास है डिवाइड बाय r² या मान लो किसी
हाइट पर पहुंची है तो r + h² ले लेते हैं है ना सेंट्रिपेटल फोर्स क्या लेंगे सेंट्रिपेटल फोर्स होता है बेटा m वही
सेटेलाइट का मास v² / r + h है ना mv² / r होता है एक r + h से एक r कट गया m से m कट गया ये v निकल के आ गया बेटा अंडर रूट
gm m / r + h gm / r + h दिस इज कॉल्ड ऑर्बिटल वेलोसिटी ठीक है ना ऑर्बिटल
वेलोसिटी इसी को कहते हैं gm / r + h ठीक है जी अच्छा एक रिलेशन आता है इन दोनों के बीच में कि एक रिवॉल्विंग
सेटेलाइट रूटgr लिखी जा सकती है आपको पता है ना वो टू का फर्क था 2 का फर्क है दोनों में और एस्केप वेलोसिटी 2gr होती है
ठीक है ना तो इसको 2 टाइम्स लिख सकते हो। एस्केप वेलोसिटी इज़ 2 टाइम्स ऑर्बिटल वेलोसिटी। इस तरीके से लिखा जा सकता है।
ठीक है ना? टाइम पीरियड भी निकालना आता है सेटेलाइट का। टाइम पीरियड में क्या है कि कितनी देर में वो अपना एक चक्कर पूरा करती
है। क्या करोगे? सरकम्फ्रेंस को वेलोसिटी से डिवाइड कर दोगे। सरकम्फ्रेंस क्या है? 2πr और r नहीं है r + h है। r + h है। तो
इसलिए डिवाइड करेंगे किससे? v नॉट से। ठीक है ना? v नॉट निकल के आ गया gm / r + h. ठीक है? और यहां से टाइम आप निकाल सकते हो
पुट करके। r + h से r + h ऊपर चला जाएगा। तो ये 3/2 बन जाएगा। ठीक है ना? तो आप देख सकते हो कैसे बनेगा। ठीक है?
और मैं आपको बता दूं कि अगर आप g की वैल्यू r की वैल्यू पुट करोगे ना तो 84.6 मिनट्स का एक टाइम पीरियड रहता है। किसका
जानते हो? पोलर सेटेलाइट का। यह पोलर सेटेलाइट है जो कि पास में उड़ती है बहुत। ठीक है? दिस इज अ टाइम पीरियड ऑफ़ पोलर
सेटेलाइट। यह काफी पास में उड़ती है हमारे। काफी चक्कर मार लेते हैं। देखो 84 मिनट का तो एक चक्कर है इसका। कितना तेज
घूमती है सोचो ये। ठीक है? अच्छा आगे चलते हैं। अब आता है कि भाई ऑर्बिट में अगर सेटेलाइट है तो उसकी टोटल एनर्जी क्या
होगी? देखो यार हमेशा टोटल एनर्जी जो होगी वो नेगेटिव में ही आएगी उसकी। आप इसको दोनों को ऐड करके देखोगे ना? आप इन दोनों
को ऐड करके देखोगे ना? तो नेगेटिव में टू आएगी। नेगेटिव में 1/2 g mm / 2r + h इसके नेगेटिव में होने का मतलब
होता है कि यह कर्जे में है। इसके नेगेटिव में होने का मतलब होता है कि यह कर्जे में है। यह कर्जे में रहेगी।
कर्जे में रहने का मतलब यह घूमती रहेगी। यह घूमती रहेगी हमेशा। ठीक है ना? अगर आपको इसे मुक्त करवाना है तो क्या करोगे?
तो आप इस इसको मुक्त करवाने के लिए आप इसको बाइंडिंग एनर्जी दोगे। इसे बोलते हैं बाइंडिंग एनर्जी ऑफ़ अ सेटेलाइट। क्या करना
है? इतना ही प्लस में दे दो। इतना ही प्लस में दे दो। gm / 2r + h इतना ही आप इसको प्लस में दे दो। इट इज कॉल्ड बाइंडिंग
एनर्जी ऑफ अ सेटेलाइट। इसको बाइंडिंग एनर्जी बोलते हैं। ताकि टोटल क्या हो जाए? जीरो हो जाए। ठीक है
ना? चलिए केप्लर के लॉज़ पर आते हैं। सबसे पहला लॉ है केप्लर का जिसको बोलते हैं लॉ ऑफ़ ऑर्बिट्स। लॉ ऑफ ऑर्बिट्स ये कहता है
कि कोई भी प्लनेट जब तक सन के अराउंड घूमता जाएगा घूमता जाएगा घूमता जाएगा वो एक फिक्स्ड प्लेन में ही घूमेगा अपना
प्लेन चेंज नहीं करेगा तो इसको इलिप्टिकल बोल दिया बाद में चीजें ढूंढी गई जिससे एलिप्टिकल आ गया तो बोल रहे कि भाई
इलिप्टिकल ऑर्बिट होता है ये वाला अब इलिप्टिकल ऑर्बिट होगा तो दो पॉइंट्स यहां पर होते हैं एक होता है सन के पास वाला
पॉइंट जिसको बोलते हैं पेरीहिलियन एक होता है सन से दूर वाला पॉइंट जिसको बोलते हैं एपिहिलियन दिस इज़ दूर वाला वाला पॉइंट
एपीहिलियन और पास वाला पॉइंट बोलते हैं इसको पेरीहिलियन। पेरहीलियन देखो लिखा हुआ है यहां पे पास
वाला दूर वाला। ठीक? तो ये था पहला लॉ। दूसरा लॉ है लॉ ऑफ़ एरियाज। इसका मतलब होता है कि एरियल वेलोसिटी जो है वो हमेशा
फिक्स रहेगी। देखो दो तरह की वेलोसिटी होती है। एक होती है लीनियर वेलोसिटी जिसको हम लोग क्या लिखते हैं? dx / dt है
ना? कितना डिस्प्लेसमेंट हो रहा है डिवाइड बाय टाइम? एक होती है एरियल वेलोसिटी। वो पता है क्या होता है? वो होता है कितना
एरिया चेंज हो रहा है विद रिस्पेक्ट टू टाइम। तो ये जितना भी एरिया होता है सुनो ये जितना भी एरिया होता है किसी पर्टिकुलर
टाइम में उतने ही टाइम में हमेशा वही एरिया रहेगा। जब भी प्लनेट सन के अराउंड घूमेगा। मतलब मान लो 1 महीने का टाइम
पकड़ते हैं अपन। इमेजिन करो कि 1 महीने का टाइम हमने पकड़ा। तो प्लनेट यहां से यहां आ गया 1 महीने में। उस हर एक महीने में
प्लनेट जहां भी होगा जितना भी चलेगा वो सेम ही एरिया ट्रेवर्स करेगा। सेम ही एरिया स्वीप करेगा। ऐसा बोला जा रहा है।
ठीक है जी? बात को समझना। लॉ ऑफ़ एरियाज इसी को बोलते हैं। फिर तीसरा आता है बेटा लॉ ऑफ़ पीरियड्स या लॉ ऑफ़ टाइम पीरियड
बोलते हैं जिसको। इसका मतलब होता है कि जब भी कभी कोई प्लनेट सन के अराउंड घूमता है ना तो उसका जो टाइम पीरियड होता है वो
प्रपोर्शनल होता है एवरेज डिस्टेंस के लेकिन ऐसे नहीं इसका स्क्वायर क्यूब के प्रोपोर्शनल होता है ऐसा बोलते हैं। ठीक
है ना? तो t² प्रपोर्शनल टू r प्रपोर्शनैलिटी का साइन हटेगा तो इक्वल टू लगा के कांस्टेंट k लग जाएगा। ठीक है?
इसको प्रोपोर्शनलिटी कांस्टेंट बोलते हैं। कहीं काम तो आता नहीं है वैसे भी ये। ठीक है ना? तो आप ये थ्योरी थोड़ी सी याद करके
जाना भाई। नोट्स अगर आपको चाहिए हो तो आप स्कैन कर सकते हो। Telegram है ये मेरा। यहां पर मैं नोट्स अपलोड कर दूंगा आप लोग
के लिए। ठीक है? अगर आप पहुंचोगे तो मुझे जरूर कमेंट सेक्शन में बता के जाना। ठीक है? आज के लिए इतना काफी है। सो दिस डे वन
बुक वन फिजिक्स की हुई कंप्लीट। सारे के सारे कांसेप्ट मैंने कोशिश करी है
करवाने के। ठीक है ना? और आई होप आप लोग पहले एक बार में तो एक स्ट्रेच में तो इतना नहीं पढ़ पाता है।
कोई भी नहीं पढ़ पाता है भाई। लेकिन अगर अगर आप अगर आप अगर आप दोबारा आए रिवीजन करने के लिए तो रिवीजन करने के लिए मैंने
हर एक चीज इसके अंदर कवर करी है। ठीक है? तो थैंक यू सो मच भाई। बहुत मजा आया आप लोग को पढ़ा करके। और कल फिर मिलते हैं हम
लोग। बिल्कुल सेम टाइम पर मिलेंगे जिस टाइम पर आज मिले थे और बुक टू को कंप्लीट करेंगे। ठीक है ना? सो डोंट वरी। अपन टाइम
से मिलेंगे एकदम। ठीक है? आप सभी लोग कल भी चैनल पर वापस आना। ठीक है? 3:30 बजे हम लोग बुक टू का वापस से इसी तरीके का
रिवीजन लेकर के आएंगे। मिलते हैं नेक्स्ट क्लास में। तब तक के लिए टेक केयर। टाटा। बाय-ब। भारत माता की जय। जय हिंद। वंदे
मातरम।
यूनिट किसी मापन के लिए मानक आधार होते हैं, जैसे मीटर, किलोग्राम, सेकंड; जबकि डायमेंशंस उन भौतिक मात्राओं के मूल गुण होते हैं जैसे लंबाई (L), द्रव्यमान (M), समय (T)। उदाहरण के तौर पर, वेग की यूनिट मीटर प्रति सेकंड है और उसकी डायमेंशन LT⁻¹ होती है। यूनिट और डायमेंशंस की सही समझ से गणनाएँ और मापन सही होते हैं।
प्रोजेक्टाइल मोशन में समय उड़ान, अधिकतम ऊंचाई और दूरी (रेंज) मुख्य होते हैं। समय उड़ान निकालने के लिए, प्रारंभिक ऊर्ध्वाधर वेग को गुरुत्वाकर्षण त्वरण से विभाजित करें और फिर दुगना करें। अधिकतम ऊंचाई = (ऊर्ध्वाधर वेग)²/(2g), और रेंज = प्रारंभिक वेग × समय उड़ान × cosθ। इन सूत्रों से आप प्रोजेक्टाइल की स्थिति और रास्ता जान सकते हैं।
न्यूटन का तीसरा नियम कहता है कि हर क्रिया के लिए समान और विरोधी प्रतिक्रिया होती है। इसका मतलब है कि यदि आप किसी वस्तु पर बल लगाते हैं तो वह वस्तु भी आप पर उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है। यह नियम कुशन, रॉकेट प्रोपल्शन, और चलती वस्तुओं के संपर्क में आने वाले बलों को समझने में मदद करता है।
वर्क और एनर्जी दोनों भौतिकी के मूल तत्व हैं; वर्क का मतलब फोर्स × डिसप्लेसमेंट होता है। वर्क-एनर्जी थ्योरम के अनुसार किसी वस्तु पर किया गया कुल वर्क उसके काइनेटिक एनर्जी में परिवर्तन के बराबर होता है। यह सिद्धांत गतिशील वस्तुओं की गति या ऊर्जा परिवर्तन की गणना में उपयोगी होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक वस्तु पर बल लगाते हैं और उसे घसीटते हैं, तो आप द्वारा किया गया वर्क उसकी गति बढ़ाने का कारण होगा।
मोमेंट ऑफ इनर्शिया किसी वस्तु की रोटेशन के प्रति जड़ता मापता है, यानी वह कितनी भुजा के चारों ओर घूमने के लिए प्रतिरोध करती है। यह वस्तु के मास और उस मास का दूरी के वर्ग पर निर्भर करता है। रोटेशन की गति, टॉर्क और कोणीय त्वरण के बीच संबंध स्थापित करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए, पतली छड़ी और भारी डिस्क का मोमेंट ऑफ इनर्शिया अलग होगा, जिससे उनकी रोटेशन गतियाँ भी भिन्न होंगी।
न्यूटन के यूनिवर्सल लॉ ऑफ ग्रेविटेशन के अनुसार, दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल F = G*(m1*m2)/r² होता है, जहां G गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है। सेटेलाइट की ऑर्बिटल वेग v = √(GM/r) होती है, जहां M पृथ्वी का मास और r सेटेलाइट की पृथ्वी से दूरी है। इसका उपयोग उपग्रहों की स्थिर कक्षा और गति निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
डायमेंशनल एनालिसिस गणित और भौतिकी की गणनाओं में गलतियों का पता लगाने और यूनिट कन्वर्शन में सहायता करता है। यह हमें फार्मूला के यूनिट्स को जांचने और सही समीकरण लागू करने में मदद करता है। परीक्षा में यह तकनीक जवाबों की वैधता को सुनिश्चित करने और जटिल समस्याओं को सरल बनाने के लिए अत्यंत उपयोगी होती है।
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