ईएमआई यूनिट 4 का अवलोकन
यह यूनिट करंट ट्रांसफॉर्मर (CT) और पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (PT) के मूल सिद्धांतों और उनके अनुप्रयोगों पर केंद्रित है। साथ ही डिजिटल वोल्ट मीटर और कैथोड रे ऑसिलोस्कोप (CRO) जैसे आधुनिक उपकरणों की भी चर्चा की गई है।
1. इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर्स: CT और PT
-
करंट ट्रांसफॉर्मर (CT):
- उच्च करंट को नापने के लिए प्रयोग होता है।
- प्राइमरी वाइंडिंग एक टर्न होती है, सेकंडरी में अधिक टर्न्स होते हैं।
- रेंज को कम करने के लिए वोल्टेज सीधे टर्न रेशियो के अनुसार नियंत्रित होता है।
- सेफ्टी के लिए सेकंडरी शॉर्ट सर्किट रहता है, जिससे उच्च वोल्टेज से बचाव होता है।
-
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (PT):
- उच्च वोल्टेज को सुरक्षित स्तर तक नीचे करने के लिए उपयोग होता है।
- प्राइमरी और सेकंडरी वाइंडिंग का डिजाइन वोल्टेज अनुपात के अनुसार होता है।
- PT को पैरालल में कनेक्ट किया जाता है, जबकि CT को सीरीज में।
2. वर्किंग प्रिंसिपल और फेजर डायग्राम
- CT और PT इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के सिद्धांत पर आधारित हैं।
- फेजर डायग्राम से वोल्टेज और करंट के बीच एंगल रिलेशन समझाया गया है। देखिए फेजर डायग्राम से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण अवधारणाएं।
- मैग्नेटाइजिंग और कार्यशील करंट के कंपोनेंट की व्याख्या साथ ही लैग और लीड एंगल का महत्व बताया गया है।
3. रेशियो एरर और फेज एंगल एरर
- रेशियो एरर की परिभाषा और उसका गणितीय फॉर्मूला दिया गया है।
- फेज एंगल एरर के डेरिवेशन और प्रभावों पर चर्चा की गई है जो परीक्षा में महत्वपूर्ण प्रश्न होते हैं। अधिक जानकारी के लिए Class 10 Biology: Control and Coordination Complete Guide in Hindi देखें।
4. डिजिटल वोल्ट मीटर और आॅसिलोस्कोप
- डिजिटल वोल्ट मीटर की कार्यप्रणाली और इसके लाभ जैसे कि सटीक डिजिटल रीडिंग और आसान उपयोग को बताया गया है।
- कैथोड रे ऑसिलोस्कोप (CRO) का परिचय, इसकी कार्यप्रणाली, प्रमुख कंपोनेंट्स (इलेक्ट्रॉन गन, डिफलेक्शन प्लेट्स, फास्फोरस स्क्रीन) एवं इसका वेवफॉर्म विश्लेषण में उपयोग समझाया गया है। इस विषय से संबंधित अन्य विवरणों के लिए मल्टीडायमेंशनल और 2D अर्रे: कोडिंग, इनपुट और मैट्रिक्स मल्टिप्लिकेशन भी देखें।
5. अन्य महत्वपूर्ण उपकरण और सिद्धांत
- स्पेक्ट्रम एनालाइजर और वेव एनालाइजर की बेसिक जानकारी और इनके उपयोग भी विवेचित हैं।
- एनर्जी मीटर के प्रकार और इसका डिजिटल स्वरूप परीक्षा की दृष्टि से प्रमुख है।
निष्कर्ष
यह यूनिट ईलेक्ट्रिकल इंजीनियरी के महत्वपूर्ण टॉपिक्स को संक्षेप में कवर करती है, जो विशेष रूप से परीक्षा के करीब रिवीजन के लिए उपयोगी है। विद्युत मापन उपकरणों की सही समझ और फेजर विश्लेषण इस विषय की मुख्य जरूरतें हैं। नियमित अभ्यास और डेरिवेशन रटने से परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
सुझाव:
- CT और PT के डेरिवेशन और फेजर डायग्राम पर अधिक ध्यान दें।
- डिजिटल वोल्ट मीटर एवं CRO के ब्लॉक डायरग्राम और कार्यप्रणाली को समझें।
- रेशियो एरर और फेज एंगल एरर की परिभाषाओं को याद करें।
यह वीडियो आपके समग्र EMI (Electrical Measurement and Instrumentation) परीक्षा तैयारी के लिए एक सार्थक और समय की बचत वाला संसाधन है।
हेलो माय डियर जूनियर्स आई कम बैक वंस अगेन विथ योर यूनिट नंबर फोर एंड यू नो कि अभी तक आपका यूनिट नंबर फर्स्ट से लेकर
यूनिट नंबर थर्ड तक आपका ईएमआई जो कि एक कोर क्रेडिट जिसका क्रेडिट फोर है ऑन योर एक ट्यू एंड यर एग्जाम इज जस्ट अबाउट टू
स्टार्ट तो एज मैंने पहले ही आपको बोला था कि सभी जो ईम एफटीएफ के जो आपके यूनिट नंबर फर्स्ट से
लेकर हमने यूनिट नंबर फाइव तक वीडियो अपलोड कर दिया है वन शॉर्ट एंड योर ये देख सकते हैं ईएमआई जो है ईएमआई का भी आज
फोर्थ यूनिट है इसके बाद केवल एक यूनिट बच जाएगा तो ओबवियसली अगर आपने थंबनेल देख के वीडियो क्लिक किया हो एंड यू आर आल्सो
इंटरेस्टेड फॉर यूनिट नंबर फर्स्ट वन शॉट सॉरी यूनिट नंबर फोर्थ वन शॉट देन प्लीज वीडियो में कंटिन्यू बने अदर वाइज यू कैन
स्किप यू कैन गो ऑन अनदर अ प्लेटफॉर्म एंड यू कैन गो थ्रू क्योंकि इफ यू विल वाच देन ओबवियसली मैं आपको एक यस आपको एक मतलब आशा
दिला सकता हूं कि हां जो भी आपके टॉपिक है जैसे फोर्थ यूनिट में टॉपिक जो है सबसे मोस्ट इंपॉर्टेंट सीटी एंड पीटी कवर करते
हैं सीटी पीटी की वर्किंग कंडीशन तो कवर करते हैं उसके साथ-साथ जो ये रेशियो है ये हर साल दो नंबर या सात नंबर में आता है तो
जो रेशियो एंड फेज एंगल एरर है सीटीपीटी का वो बहुत इंपॉर्टेंट है टेस्टिंग डिजाइनिंग एंड कंसीडरेशन इलेक्ट्रॉनिक
वोल्ट मीटर ए मीटर मल्टीमीटर वाट मीटर एनर्जी मीटर प्रिंसिपल ऑफ सी आरओ जो प्रिंसिपल ऑफ सीआर है एंड टाइम
फ्रीक्वेंसी जो फेज एंगल है ये भी हर एक टाइम एग्जाम में पूछता ही पूछता है जिस स्म एनालाइजर है एंड वेव एनालाइजर जो यह
है और डिजिटल वोल्टमीटर मतलब यह स्पेक्ट्रम और वेव एनालाइजर जो हमने तीन टॉपिक बताया पहले
सीटीपीटी का वर्किंग फंक्शन फेस एंग गली रर फिर से हमने प्रिंसिपल ऑफ सीआर जो हमने बताया सी आरओ क्या होता है स्पेक्ट्रम वेव
एनालाइजर एंड वेव एनालाइजर अगर आप कुछ नहीं पढ़ते हैं यह तीन चीज पढ़ के चले जाते हैं तो मैं आशा देता हूं कि ओबवियसली
सात दो से सात नंबर इस यूनिट से आप कवर करके जरूर आएंगे लेकिन अगर आप ये वन शॉट पूरा कवर देखते हैं देन हां आप इस यूनिट
को अच्छे से कवर कर पाएंगे तो चलिए हम इस यूनिट को स्टार्ट करते हैं सबसे पहले हमारे इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर आता है
देखिए अभी तक जो भी आपने ट्रांसफार्मर पढ़ा था ट्रांसफार्मर यू नो ट्रांसफार्मर इज अ स्टेटिक मशीन ट्रांसफार्मर एक क्या
है स्टेटिक मशीन ही है जो क्या करता है वोल्टेज को अप करता है या डाउन करता है आप इतना तो फैमिलियर होंगे कि जो हमारा
ट्रांसफार्मर है वो स्टेप अप एंड स्टेप डाउन के लिए यूज होते हैं तो इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर एक ऐसा ट्रांसफॉर्मर मोस्टली
कॉमनली यूज इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर टू ऑपरेट इंस्ट्रूमेंट और मेट्रिक हाई वोल्टेज देखिए अभी तक हमें हाई मतलब लो
वोल्टेज जो करंट है जैसे करंट मेजर के करंट मेजर करने के लिए हम क्या यूज़ करते हैं आप जानते हो करंट मेजर करने के लिए हम
अमीटर का यूज़ करते हैं वोल्ट मीटर का यूज़ करने मतलब वोल्टेज का मेजरमेंट करने के लिए वोल्ट मीटर का यूज़ करते थे लेकिन
य मतलब बहुत ही लो स्केल ऑफ रेटिंग के लिए हम यूज़ करते थे लेकिन जहां बहुत ज्यादे ज्यादा जैसे आप आगे अभी थर्ड ईयर में आओगे
तो आप ट्रांसमिशन लाइन पावर सिस्टम पढ़ोगे पावर सिस्टम में यू नो कि वोल्टेज जो होता है 11 के 11 के केवीए प मतलब जनरेट होता
है जनरेट होने के बाद जब ट्रांसमिट होता है ना तो कम से कम 700 केब तक चला जाता है सॉरी 700 हां 700 केब तक चला जाता है इतना
ज्यादा मतलब 400 केब तक हमारा जो है ना वोल्टेज को स्टेप अप हम करते हैं इतना ज्यादा स्टेप अप करेंगे तो इसको मेजर कैसे
करेंगे तो वही मेजर करने के लिए हाई वोल्टेज एंड करंट इसको मेजर करने के लिए सेफली आइसोलेट आइसोलेटिंग सेकेंडरी
कंट्रोल सर्किट फ्रॉम हायर वोल्टेज और करंट वही मतलब इसका रोल आता है अभी हम पढ़ेंगे आप इतना तो जानते होंगे सीटी क्या
होता है बेसिकली हम वेरी शॉर्ट में बता द तो सीटी जो यूज होता है ना वो हाई वोल्टेज करंट रेटिंग के लिए हो जाता है करंट
रेटिंग और जो पीटी होता है आपका नाम से पोटेंशियल ये वोल्टेज ट्रांसफार्मर मतलब वोल्टेज मेजर करने के लिए हाई रेटिंग का
यूज होता है तो आप जानते होंगे ओबवियसली ये सब तो आप जानते होंगे सीटी और पीटी क्या होता है देखिए सीटी पीटी का यहां पे
मतलब अभी आगे और ही बहुत डिटेल में हम पढ़ेंगे सीटी जो होता है वोल्टेज जो पीटी होता है पीटी हमारा पीटी जो होता है
वोल्टेज मेजर करेगा और वोल्टेज जो भी मेजर करेगा आप जा उसको हम पैरेलल में क्या करते हैं कनेक्ट करते हैं और जो हमारा प सीटी
होगा वो करंट मेजर करता है तो सीटी को हम क्या करते हैं सीटी को हम सीरीज में कनेक्ट करते हैं मान के चलिए हमारा एसी
सप्लाई आ रहा है यहां पे ऐसे एग्जांपल में हमने ले लिया जब पीटी कनेक्ट कर रहे हैं तो ये हमारा मतलब वोल्टेज इसमें आ रहा है
इसके पैरेलल में हम पीटी कनेक्ट करते हैं उसे वोल्ट वोल्ट मीटर कनेक्ट करते हैं अब ये कैसे काम करता है अगर आप फर्स्ट यूनिट
पढ़े होंगे तो उसमें हमने आपको बताया था मल्टीप्लायर का यूज़ क्या होता है एंड सट जो होता है रेजिस्टेंस उसका यूज क्या होता
है तो जब हम पीएमसी पढ़ रहे थे पहले हम आपको थोड़ा इंट्रोडक्शन देते हैं जब हम पीएमएमसी पढ़े थे फर्स्ट ट में तो वहां पे
पीएमएमसी का जो है रेंज हम कैसे बढ़ाते हैं वो हमने पढ़ा था जो पीएमएमसी के अगर पैरेलल में हम सेंट रेजिस्टेंस लगा रहे थे
तो वो अमीटर जो हाई वोल्टेज अमीटर की तरह यूज करता था और जब हम उसके सीरीज में रेजिस्टेंस ऐड कर दे थे जिसका रेंज बहुत
ज्यादा होता था मल्टीप्लायर कहते था तो वो वोल्टेज की तरह वर्क करता था सेम वैसे ही इसका भी है लेकिन ये जो है था इसके
वाइंडिंग ऐसा हम मतलब डिजाइन करते हैं कि हाई करंट और हाई वोल्टेज के लिए हम काम करते हैं यहां पे एडवांटेज ऑफ
इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर क्या होता है तो लार्ज वोल्टेज एंड करंट इन एसी वही लिख रहा है कि हम बहुत ज्यादा अभी तक हम देखिए
वोल्टेज वोल्ट मीटर या मीटर से हम 5 एंपियर और 110 से 120 वोल्टेज तक ही एंपियर हम मतलब मेजर कर देते हैं लेकिन
इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर प्रोवाइड इलेक्ट्रिकल इंसुलेशन बिटवीन हाई वोल्टेज एंड मेजरिंग इंस्ट्रूमेंट तो मतलब बहुत ही
सेफली हम अ सीटी और पीटी का यूज़ करके हम क्या करते हैं सेवरल मेजरिंग इंस्ट्रूमेंट बिकम कनेक्टेड थ्रू द ट्रांसफार्मर मतलब
बहुत ही सेवरल अमाउंट ऑफ कह सकते हैं वोल्टेज या करंट को हम मेजर करते हैं विद द हेल्प ऑफ सीटी एंड पीटी अब डिसएडवांटेज
भी होते हैं जिसके एडवांटेज होते हैं उसके कुछ डिसएडवांटेज भी होते हैं जैसे अगर मल्टीप्लायर आर यूज्ड फॉर वोल्टेज मेजरिंग
मतलब मल्टीप्लायर यूज फॉर वोल्टेज मेजरमेंट क कंज्यूम लार्ज अमाउंट जैसे आप अभी हमने जब मल्टीप्लायर का बताया कि जब
मल्टीप्लायर हम यूज़ करते हैं पीएमसी में तो ये ओबवियसली हाई रेजिस्टेंस है तो वोल्टेज ड्राप करेगा वोल्टेज ड्राप करेगा
तो ये हमारे लिए बेनिफिशियल नहीं होगा एज वेल एज बहुत से हैं डिसएडवांटेज य आप पढ़ लीजिएगा इ डिफिकल्ट टू कीप लीकेज करंट
लीकेज करंट फ्लो होता है है जब हम लो मतलब यहां लिख रहा है करंट लो इन हाई वोल्टेज मल्टीप्लायर ये कुछ डिसएडवांटेज है ये
आपको पढ़ने की नीड है आप पढ़ सकते हैं इसको अब सीधे हम चलते हैं सीटी क्या होता है तो यहां पे थोड़ा स्पेलिंग गलत हो गया
ट्रांसफॉर्मर में करंट ट्रांसफार्मर का स्पेलिंग य होता है ट्रांसफॉर्मर ए म गलत है स्पेलिंग देख लीजिएगा स्पेलिंग से उतना
आपको मतलब नहीं होना चाहिए अ करंट ट्रांसफॉर्मर इज अ डिवाइस दैट इज यूज्ड फॉर ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ करेंट फ्रॉम हायर
वोल्टेज टू प्रोपोर्शनल टू लोअर वोल्टेज करंट ट्रांसफार्मर क्या होता है देखो अगर सिंपली हम बताए तो करंट ट्रांसफार्मर का
ऐसा हमारा होता है डायग्राम होता है ये जरूर आप याद कर लीजिएगा कि ये गैस क्वेश्चन होता है इट्स हाई वोल्टेज
टर्मिनल यहां से हमारा जो है जो बसेस है जिसमें हमें मेजर करना है उसको हम सीरीज में कनेक्ट करते हैं मैग्नेटिक कोर एड
वाइंडिंग ये पोर्सलिन का बना होता है क्योंकि हमें इंसुलेट इंसुलेट करना होता है और ये सेकेंडरी बॉक्स होता है तो जो
हमारा कंस्ट्रक्शन होता है ना कंस्ट्रक्शन अगर हम बात करें तो कंस्ट्रक्शन में क्या होता है सबसे पहले ये आर वाई बी थ्री फेज
होता है थ्री फेस सप्लाई अब इसके सीरीज में हम क्या करते हैं देखो इसके सीरीज में हम क्या करते हैं सीटी को कनेक्ट करते हैं
तो सीटी को कनेक्ट हैं तो क्या करते हैं सीटी हमारा करंट मेजर करने के लिए यूज होता है तो आप जानते होंगे कि जब नंबर ऑफ
टर्न्स ज्यादा होगा ना नंबर ऑफ टर्न्स नंबर ऑफ टर्म्स इ डायरेक्टली प्रप टू वोल्टेज तो वहां पे वोल्टेज ज्यादा होगा
अगर नंबर ऑफ टर्म्स कम है तो वोल्टेज कम होगा तो हमें क्या मेजर करना है देखो सबसे पहले अगर यहां पे लिखा होगा एक बार हम पढ़
देते हैं वही हम समझाने की कोशिश कर रहे हैं द कोर ऑफ द कोर ऑफ करंट ट्रांसफॉर्मर इज बिल्ड अप विथ लेमिनेशन एंड सिलिकॉन अभी
अपने पढ़ा द प्राइमरी वाइंडिंग ऑफ करंट ट्रांसफार्मर कैरी मतलब कैरी द करंट व्हिच इज टू मेजर जो हम मेजर करना होता है वो
करंट जो होता है उसके सीरीज में होता है वो कनेक्ट होता है यहां पे लिखा होगा और उसी को हमें मेजर करना होता है प्राइमरी
एंड सेकेंडरी वाइंडिंग आर इंसुलेटेड यहां पे प्राइमरी और सेकेंडरी वाइंडिंग इंसुलेटेड टू इच अदर होते हैं प्राइमरी
वाइंडिंग जो होता है ना प्राइमरी वाइंडिंग वो सिंगल टर्न का होता है हमारा सीटी का प्राइमरी वाइंडिंग सिंगल टर्न का होता है
लेकिन जो सेकेंडरी वाइंडिंग होता है वो लार्ज नंबर ऑफ टर्न होता है ऐसा क्यों होता है ये कांसेप्ट होता है यही समझना
होता है क्योंकि देखो आज अभी हमने बताया कि वोल्टेज इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू नंबर ऑफ टर्न नंबर ऑफ टर्न ज्यादा होगा तो
वोल्टेज ज्यादा होगा अगर वोल्टेज ज्यादा होगा तो करंट कम होगा तो यही कारण है कि सीटी के जो प्राइमरी होता है देखो ये
हमारा प्राइमरी होगा प्राइमरी में हमारा केवल एक टर्न होता है लेकिन सेकेंडरी में नंबर ऑफ टर्न बहुत ज्यादा होंगे जब नंबर
ऑफ टर्न ज्यादा होंगे तो यहां वोल्टेज ज्यादा होगा और जब वोल्टेज ज्यादा होगा तो करंट हमारा ओबवियस है कि कम होगा और हमें
वोल्टेज जो मतलब करंट को कम करना है करंट को प्रोपोर्शन में लेके करंट का मतलब मान के चलो हमारी 1000 एंपियर मान के चलो करंट
में फ्लो हो रहा है तो हम इस प्रोपोर्शन में इसको डिवाइड कर देंगे कि ये 10 एंपियर तक मेजर करे जब 10 एंपियर तक मेजर करेगा
ना तो हम उससे मल्टीप्लाई करते हैं जब आगे आप इसका न्यूमेरिकल न्यू मेरिकल सॉल्व करोगे तब समझ में आता है तो मतलब करंट
ट्रांसफार्मर में क्या होता है हम वोल करंट के मतलब जो हमारा हाई रेटिंग का करंट है उसको कम करके ऐसा हम कंस्ट्रक्शन करते
हैं और तब जाके उसके प्रोपोर्शन में हम क्या करते हैं करंट को मेजर कर लेते हैं एंड देन वंस वी मेजर द करंट उसके बाद
हमारा मतलब हाई वोल्टेज करंट हम मेजर कर लेते हैं विद द हेल्प ऑफ सीटी तो ये सीटी का देख सकते हैं ये सीटी हमारा सीरीज में
लगा हुआ है और 0 से 5 एंपियर तक हमारा ये सीटी जो होता है ना वो करंट ट्रांसफार्मर एक अमीटर ही है लेकिन अमीटर को क्या कर
रहे हैं कि जो हाई करंट हमारा आ रहा है उसको क्या कर रहे हैं ऐसे डिजाइनिंग कर दे रहे हैं कि जो प्राइमरी हमारा सिंगल टर्न
होगा सेकेंडरी नंबर ऑफ मोर टर्न वोल्टेज ज्यादा होगा नंबर ऑफ मोर टर्न है तो करंट कम होगा और वही करंट को मेजर करके
प्रोपोर्शनल में मल्टीप्लाई कर देंगे एंड देन फाइनली हम जितना हमें मेजर करना था करंट हम बहुत ही सेफली मेजर कर लेंगे तो
ये हमारा सीटी होता है देखो इतना आसानी से समझना और समझाना इसके पीछे बहुत ही एक अच्छी मतलब मेहनत हो होती है हमने
डिप्लोमा में भी पढ़ा बीटेक में भी पढ़ा पीपीटी बनाते टाइम भी पढ़ा तब जाके कहीं इतना अच्छे से कांसेप्ट को मैं क्लियर कर
पाता हूं एंड ओबवियसली मैं कह सकता हूं कि जिस तरह से मैं आपको कांसेप्ट देने की प्रोवाइड करता हूं वो भी वन शॉर्ट में वन
शॉर्ट इज अ टाइप ऑफ रिवीजन उसमें मैं कोशिश करता हूं कि आपको जितना समझा सकूं उतना समझाऊं अगर यही वीडियो लेक्चर रहे तो
सिटी को समझाने के लिए सिटी में बहुत चीजें है सिटी में इतना ही थोड़ी नहीं है सिटी में अभी आगे आप पढ़ोगे तो इसमें
एरर्स आते हैं इसमें डेरिवेशन आएंगे फेज एंगल एरर एंड बहुत से एरर आते हैं वो सब भी पढ़ना पड़ता है ना तो वन शॉर्ट इज जस्ट
टाइप ऑफ रिवीजन आप ओबवियसली मुझे इतना तो मालूम है कि आप एग्जाम के लिए प्रिपरेशन कर रहे हो और आपका एग्जाम केवल 10 दिन बचा
है तो आप तो अब स्टार्ट करोगे नहीं जो पढ़ने वाले बच्चे होंगे वो तो स्टार्टिंग से पढ़ते हैं और जो पास होने वाले बते हैं
तो वो तो एक दिन पहले भी इंपोर्टेंट क्वेश्चन पढ़ के आराम से पास हो जाएंगे 21 नंबर लाना 21 नंबर लाना होता है 70 में वो
तो आराम से आ जाएगा बस कुछ इंपोर्टेंट क्वेश्चन आपको रटना होगा आराम से आ जाएगा तो अभी हमने जैसे सीटी के बारे में बताया
सॉरी हां सीटी के बारे में बताया तो अब आगे उसके बाद बाद हम पीटी के बारे में पढ़ेंगे वर्किंग प्रिंसिपल वही होता है जो
हमने समझाया कि द वर्किंग प्रिंसिपल ऑफ करंट ट्रांसफॉर्मर इज बेस्ड ऑन द प्रिंसिपल ऑफ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन
ओबवियसली सिंगल हमारा प्राइमरी में सिंगल वायर है एंड सेकेंडरी में हमारा नंबर ऑफ टर्न्स ज्यादा हैं तो म्यूचुअल इंडक्शन से
क्या होगा इसमें हमारा करंट इंड्यूस होगा करंट इंड्यूस होगा उसके कारण हम इसके सीरीज में क्या करेंगे एक अमीटर लगाएंगे
और अमीटर ऐसा लगाएंगे कि वो प्रोपोर्शनल में करंट को मेजर कर ले ये सब कुछ आप पढ़ लेना सब कुछ यहां पे लिखा हुआ है कि
वर्किंग कैसे होता है हमने समझा दिया यहां पे य भी लिखा होगा द द टर्न डिटरमाइंड द अमाउंट ऑफ करेंट दैट इज रिड्यूस्ड फ्रॉम
प्राइमरी वाइंडिंग टू सेकेंडरी वाइंडिंग तो टर्न रेशियो का होता है क्या होता है आप जानते होंगे n2 अप n1 और जो होता है इ
v2 / v1 और i1 अप i2 होता है ये सब आप जानते होंगे जहां तक मुझे उम्मीद है अब आगे हम चलते हैं जो आपका करंट
ट्रांसफार्मर होता है उसका इक्विवेलेंट डायग्राम भी बहुत इंपोर्टेंट होता है जैसे ये प्राइमरी हमारा वोल्टेज हो गया ये
प्राइमरी रेजिस्टेंस हो गया प्राइमरी रिएक्टेंस हो गया ये अ वर्किंग जो रेजिस्टेंस हो गया ये मैग्नेटाइजिंग
रेजिस्टेंस ये आन हो गया ओबवियस ये सब कुछ आपको जानना होगा ये हमारा मतलब प्राइमरी वाइंडिंग इससे फ्लक्स लिंकेज हुआ फ ए ये
सेकेंडरी का करंट हो गया सेकेंडरी का रेजिस्टेंस हो गया सेकेंडरी का ये रिएक्टेंस हो गया सेकेंडरी का ये क्या हो
गया सब कुछ यहां पे देखिए दिया हुआ है n इक्वल टू क्या हो टर्न रेशियो एक्सस मतलब ए मतलब क्या होता है सेकेंडरी रेजिस्टेंस
ऑफ सेकेंडरी रेजिस्टेंस ऑफ मतलब रिएक्टेंस ऑफ सेकेंडरी ई मतलब क्या होता है बर्डन कनेक्टेड टू द सेकेंडरी ये सब कुछ यहां पे
दिया हुआ है ये सब कुछ आपको याद रखना होगा और जब आपका इक्विवेलेंट सर्किट डायग्राम होता है सब कुछ बना के आपको इसको डिनोट
करना है नहीं पड़ेगा इसके बाद फाइनली फेजर डायग्राम होता है फेजर डायग्राम इज रियली मच मच इंपॉर्टेंट इन योर एग्जाम पॉइंट ऑफ
व्यू तो सबसे पहले हम देखिए क्या करते हैं अभी आपने देखा देखो अगर स्टार्टिंग में हम फेजर डायग्राम बनाना है तो फेजर डायग्राम
जो चीज हम पढ़ते हैं प्राइमरी से सेकेंडरी में ट्रांसफर करके या सेकेंडरी से प्राइमरी में ट्रांसफर करके हम
इक्विवेलेंट डायग्राम मतलब बनाते हैं इक्विवेलेंट डायग्राम हम क्यों बनाते हैं क्योंकि हम आसानी से जो भी हम कंस्ट्रक्शन
किए हुए हैं उसको आसानी से हम रीड आउट कर सक तो देखिए ये प्राइमरी में हमारा क्या हो रहा है आईपी करंट आ रहा है आईपी करंट
जो है यहां पे आई नट करंट जो है दो पार्ट में भर जा रहा है आईम और आईसी आईसी मतलब वर्किंग करंट होता है तो वही सब कुछ हम
जितना भी हम चीज हमने पढ़ा ये मतलब जो इक्विवेलेंट सर्किट डायग्राम है उसी को हम फेसर डायग्राम में कन्वर्ट करते हैं कैसे
करते हैं देखो सबसे पहले हमने रेफरेंस लिया सबसे पहले हमने क्या लिया छोटा कर लेते हैं हमने रेफरेंस लिया फाई अब फाई के
सेम डायरेक्शन में हमने आईम लिया जो हमारा मैग्नेटाइजिंग करंट है ठीक है अब मैग्नेटाइजिंग करंट जो है मैग्नेटाइजिंग
करंट कि 90 डिग्री हम आईसी लिए आईसी मतलब हमारा वर्किंग कंपोनेंट अब आपने देखा कि इसमें
रिएक्टेंस भी है रिएक्टेंस के कारण हमारा जो ये आईम है वो लैग करेगा कितना डिग्री मतलब लैग करेगा ये वीएस जो है उस मतलब सस
कुछ लैग करेगा मतलब करंट लैग करता है ना रिएक्टेंस में रिएक्टेंस यू नो और करंट उससे भी लैग करेगा अब ये जो लैग करेगा
इसको हम डेल्टा एंगल से लैग करेगा और ये जो वोल्टेज और करंट के बीच में हमारा एंगल है उसको डेल्टा से रिप्रेजेंट करेंगे ये
सब कुछ करने के बाद हम क्या करेंगे इसके करेस्पॉन्डिंग्ली लेना चाहेंगे तो दोनों तरफ से हम क्या
करेंगे लाइन को बनाएंगे ड्रा करेंगे ड्रा करने के बाद जो पॉइंट मिलेगा वो आई नट होता है अब क्या करेंगे फाइनली जो है जो
हमने मतलब देखो यहां ये प्रैक्टिस करना पड़ता है जब हम भी पढ़ रहे थे बहुत प्रैक्टिस किए थे तो सबसे पहले आपने देखा
आईस और यहां पे आरएस है तो आईएस के जो ये ये हमारा आईएस है मतलब ये हमारा आईएस हो गया देखिए सेकेंडरी हम करंट लिए हुए हैं
और सेकेंडरी करंट के पैरेलल में हमारा आईस आरएस होगा अब इससे 90 डिग्री नो कि रेजिस्टेंस के 90° मतलब जो करंट होता है
उसके 90° हमारा रिएक्टेंस होता है तो इससे हमने 90° लिया ये क्या हो जाएगा आईएस एक्सेस हो जाएगा ये सब चीज आप पढ़े होंगे
यहां पे हमारे पास ऐसा कोई मतलब कह सकते हैं रिसोर्स नहीं है जिससे आपको हर एक चीज हम समझा सके लेकिन हां रिवीजन पॉइंट ऑफ
व्यू से तो इतना तो हम आपको बता रहे हैं कि आपको समझ में आ जाएगा तो जब इस चीज को हम मिलाएंगे ना यहां से जो हमारा ओरिजिन
है तो ये हमारा v ए मिल जाएगा है ना हमारा ईस मिल जाएगा ईएफ सेकेंडरी का अब क्या करेंगे हमें प्राइमरी का अगर करंट फाइंड
करना है तो जो हमने आ नट लिया आ नट से लाइन आगे डॉटेड डॉटेड बढ़ाएंगे और फिर ये जो हमारा एन आया था ये हमारा सेकेंडरी
हमने प्रा मतलब प्राइमरी में सेकेंडरी को जब ट्रांसफर करेंगे तो n आईस होगा n * आ जो हमारा नंबर ऑफ टर्न है उससे आईस हमारा
मल्टीप्लाई होगा जब फिर इसको डाट लाइन से हम बढ़ाएंगे तोय हमारा फाइनली जो ये आएगा जब हम ये ड्रा करेंगे तो ये रिजल्टेंट
हमारा आई आ जाएगा आईपी हो जाएगा सॉरी ये प्राइमरी है हमारा प्राइमरी करंट मिल जाएगा यही फेजर डायग्राम होता है बस एक से
दो टाइम एक से दो टाइम जैसे हमने समझाया एक से दो बार जब आपने रफ पे या अपने फेयर कॉपी पे जब आप मतलब अपने पेन से यूज करके
जब आप इसको ड्रा करोगे ना तो आराम से याद हो जाएगा जैसे हमने बताया फिर से एक बार रिवाइज कर दे रहा हूं सबसे पहले हम आईम
लेंगे उसके बाद i लेंगे इसका रिजल्टेंट हमारा आन होगा जब दोनों को मिलाएंगे आप जानते हैं कि रिएक्टेंस आने के कारण ये
हमारा v जो है थोड़ा लैक करेगा लैक करने के कारण जब आगे बनाएंगे तो आईस जो होगा इससे मतलब डेल्टा एंगल से लैक करेगा अ जो
भी है डेल्टा एंगल हां डेल्टा एंगल से लाइक करेगा उसके बाद आई के सेम फेज में आई आरएस होगा उससे 90° हमारा आईस एक्सेस होगा
क्योंकि आप जानते हैं जो हमारा रिएक्टेंस और जो कैपेसिटेंस है x और c ये दोनों 90° हमारे मतलब क्या करते हैं लैग और लीड करते
हैं जब इसको हम मिलाएंगे तो ये हमारा ईस मिल जाएगा फाइनल हमारा सेकेंडरी एमए मिल जाएगा इसके बाद इतना काम करने के बाद हम
आगे क्या करेंगे n * ए हमारा प्राइम सेकेंडरी करंट को प्राइमरी में रिफर करेंगे n * s हो जाएगा फिर हमने जो आ आन
करंट निकाला था इसको आगे बढ़ाएंगे और ये जो हमने प्राइमरी सेकेंडरी में करेंटली है जब इसको आगे बढ़ाएंगे एंड देन रिजल्ट
लेंगे तो हमारा फाइनली आईपी आ जाएगा ये सब समझना है तो आपको सबसे पहले ये समझ में आना चाहिए जब तक आप ये नहीं समझेंगे ना
इक्विवेलेंट सर्किट डायग्राम आपको फेजर डायग्राम नहीं आएगा इक्विवेलेंट डायग्राम हमने सबसे पहले आपको समझाया उसके बाद हमने
आपको फेजर डायग्राम समझाया हमने आपको समझा दिया आपको अब समझना है आप कैसे समझ रहे हैं रिवीजन में तो इतना कॉफी है अगर आपने
पढ़ा है तो रिवीजन इतना आपको अगर मिल रहा है ना बहुत ही ज्यादा है उसके बाद रर पढ़ते हैं रर इन करंट ट्रांसफॉर्मर सबसे
पहले हमारा ये जो परसेंटेज रेशियो रर आता है वो रेशियो रर क्या होता है नॉमिनल जो रेशियो होता है माइनस एक्चुअल रेशो अपन
एक्चुअल रेशियो नॉमिनल रेशो क्या होता है एक्चुअल रेशियो क्या होता है ये सब चीज आपको पढ़ना पड़ेगा आप अगर बुक पढ़ रहे हो
या इफ यू आर फॉलोइंग क्वांटम सीरीज देन उसके दो नंबर जो होता है ना दो नंबर ज क्वेश्चन दिया होता है लास्ट पेज में वहां
से आप नॉमिनल रेशो एक्चुअल रेशियो या कहीं से भी बुक से आप ये डेफिनेशन रट सकते हो एंड रटना ही नहीं समझ सकते हो एंड
ओबवियसली यहां के अप्लाई कर सकते हो तो जब रेशियो एरर आए तो आप एक बार डेफिनेशन रेशियो एरर लिख के लिख देना कि नॉमिनल
माइनस एक्चुअल रेशो ऑफ़ नॉमिनल माइनस एक्चुअल रेश एक्चुअल रेशियो इज नोन एज हमारा रेशो एरर और k - r / r इसका
डेरिवेशन है हम डेरिवेशन नहीं लिए हुए हैं क्योंकि वीडियो का लेंथ बहुत ज्यादा हो जाता और कहीं ना कहीं अ एज आई टोल्ड यू कि
मेरा सेमेस्टर भी स्टार्ट हो गया सिक्सथ सेमेस्टर मुझे भी पढ़ना पड़ रहा है तो मैंने पहले ही आपको बोल दिया था सो दैट आई
एम जस्ट गिविंग दिस वन शॉर्ट अदर वाइज मेरे पास इतना टाइम नहीं कि अब आप लोग को मैं इतना सपोर्ट करूं जब मेरे पास टाइम था
मैंने बहुत अच्छे से आपको पूरा वीडियो लेक्चर प्रोवाइड किया जितना मैंने बोला था अब ई मैंने बोल दिया है ई का बस एक और
यूनिट बच जाएगा उसको भी हम कवर कर देंगे ठीक है तो ये आपका हुआ अ रेशियो एरर रेशो एरर हमने बताया रे एरर का डेरिवेशन होता
है आप जाके अपने बुक से देख लेना फेज संगल एरर ये हमने शुरू में ही स्टार्ट करने से पहले बोला था कि सात नंबर में पूछ सकता है
इसका डेरिवेशन तो फेज एंगल एरर क्या होता है 180 / पा आ क डेल - i सा डे अप n ये हमारा जो होता है क्या होता है ये फेज
एंगल रर होता है अ फेज में जो एंगल में रर आता है वो इसको डिराइवर करते हैं फाइनली जब डिराइवर करते हैं ना तो 180 / पा आ / n
आ होता है और ये डिग्री में हम लेते हैं भाई थ थीटा मेजर कर रहे हैं थीटा मेजर करते हैं डिग्री में क्योंकि हम फेज फेज
एंगल एर फेज फाइंड कर र है और फेज किसमें होता है डिग्री में ही होगा ना जाहिर सी बात है तो ये सब आप इसका डेरिवेशन देख
लेना अभी देखो करेंट ट्रांसफार्मर ही पढ़ाने में मतलब समझाने में आपको 18 मिनट लग गया तो अगर इस रेशियो से हम बताएं तो
करंट और जो पोटेंशियल ट्रांसफार्मर सीटीपीटी समझाने में मुझे एक घंटे लग जाएंगे और मुझे तो 40 से 45 मिनट में पूरा
आपका ये वन शॉट ही कवर करना है यूनिट ही कवर करना है तो बहुत टाइम लग जाएगा उस हिसाब से जो चीजें मैं बता रहा हूं जो
चीजें मैं कह रहा हूं उसको जरूर आप रिवीजन कर लो मैंने बोला कि डेरिवेशन याद ही कर लो डेरिवेशन रटो क्योंकि मैंने
भी रटा था तब जाके कुछ अच्छा नंबर आया था हर चीज हम समझ नहीं सकते ठीक है कुछ चीजें रट नहीं पड़ती है इफ यू वांट टू स्कोर अ
गुड मार्क्स और इफ यू वांट टू रियली ग्रेप अ गुड नॉलेज ऐसा नहीं है कि सब कुछ आप समझ सकते हो ऐसा कुछ है ही नहीं कि सब कुछ समझ
सकते हो कुछ चीजें तो याद करनी पड़ेंगी नाना जैसे न्यूमेरिकल वैल्यू है किसी चीज का तो वो तो याद करोगे समझ कैसे सकते हो
तो ये थोड़ी समझने वाली बात है अब आगे चलते हैं ट्रांसफार्मर यूज टू स्टीप डाउन ओबवियसली यहां पे स्टीप डाउन हाई वोल्टेज
तो यहां पर क्या होगा जो हम सीटी में पढ़ रहे थे ना कि हमारा सेकेंडरी में नंबर ऑफ मोर टर्न था सेकेंडरी में अब यहां पर
सेकेंडरी में क्या हो जाएगा पीटी में न फ्यू नंबर ऑफ टर्न हो जाएगा क्यों नहीं गलत हो रहा है क्या सेकेंडरी में अगर फ्यू
नंबर ऑफ टर्न होगा तो कम वोल्टेज हां सेकेंडरी में फ्यू नंबर टर्न को होगा तो कम वोल्टेज होगा वोल्टेज मेजर करना है तो
हम क्या करेंगे जैसे हम आपको सीटी बताया और ये पीटी है पीटी का ऐसे होता है ये हमारा क्या है मतलब डायग्राम है पीटी आप
देख के समझ सकते हैं कि हमारा ऐसे भी होता है और दो डिजाइन होता है एक ऐसे होता है एक ऐसे होता है पहले के जमाने में हम ऐसे
ही यूज़ करते थे अभी प्रेजेंट में मतलब प्रेजेंट नहीं अब तो और एडवांस हो गए हैं हम तो सर्किट जो हमने एक वीडियो भी बनाया
था आप देख सकते हैं कि सब एएफ 6 पहले जो यूज होते थे ना पहले ये सब यूज होते थे सीटीपीटी लेकिन आजकल जो सीटीपीटी हो जा
रहा है वो एसएफ स जो सर्फर हेक्सा फ्लोराइड है ऐसा सब स्टेशन बनाया जा रहा है हमने एक 33/1 33 नहीं 132/33 सबस्टेशन
का हमने वीडियो बनाया मेरा दोस्त अभी उसमें वर्क कर रहा है ई पोस्ट पे तो हम उसके रेफरेंस से हमने वीडियो बनाया तो आप
जाके देख सकते हैं यू कैन प्रेफर दिस वीडियो यू कैन गो एंड एक दो महीने के बात है मे बी दिसंबर में हमने वो वीडियो बनाया
था आप जाकर उसको देख सकते हो कि सब स्टेशन कैसा होता है और वहां पे सीटी पीटी कैसे लगे होते है हर चीज हमने उसमें एक्सप्लेन
किया ठीक है तो आई विल ट्राई कि मैं लिंक दे दूं लेकिन अगर मैं भूल गया तो आप जाके सर्च करके देख लेना ठीक है तो सिटी ऐसा
दिखता है अगर सिटी की कंस्ट्रक्शन की बात करें तो कंस्ट्रक्शन भी जस्ट सिमिलर एज अ पीटी बस डिफरेंस यही है कि हम सीटी को हम
सीरीज में कनेक्ट कर रहे थे लेकिन पीटी को हम क्या कर रहे हैं पैरेलल में कनेक्ट करेंगे क्यों क्योंकि हमें वोल्टेज जो है
मेजर करना है और वोल्टेज हम पैरेलल में ही कनेक्ट करके मेजर करते हैं सब कुछ यहां पे से सीटी वाइंडिंग ऑफ़ द ट्रांसफार्मर
कनेक्टेड टू द मेजरिंग ऑफ द इंस्ट्रूमेंट सच एज वोल्टमीटर प्रोटेक्टिव रिले वोल्टमीटर की तरह यूज़ करेंगे यहां पे जो
चीज हमने जो चीज भी हम आपको समझा रहे हैं सब कुछ यहां पे लिखा हुआ है आप एक बार जरूर जाके मतलब इसे रीड आउट कर लेना
पीडीएफ में ठीक है तो पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर वर्किंग प्रिंसिपल इट्स आल्सो वर्क ऑन द प्रिंसिपल ऑफ़
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन नथिंग मोर डिफरेंट फ्रॉम सीटी तो अगर पीटी की बात करें तो टू प्राइमरी वाइंडिंग अ वन इज
सेकेंडरी मतलब प्राइमरी वाइंडिंग एंड सेकेंडरी वाइंडिंग होता है हाई वोल्टेज हाई वोल्टेज लाइन नीड टू स्टेप डाउन स्टेप
डाउन करना पड़ता है स्टेप डाउन करने के लिए हम सेकेंडरी में वाइंडिंग को कम रखेंगे तभी हमारा स्टेप डाउन होगा यहां पे
लिखा है मैग्नेटिक फील्ड इज प्रोड्यूस अराउंड द प्राइमरी मतलब वही प्राइमरी में इंड्यूस होगा प्राइमरी से हमारा वोल्टेज
होगा सेकेंडरी में जाके करंट इंड्यूस होगा उससे हमारा क्या होगा हम आराम से वोल्टेज को मतलब सेकेंडरी में स्टेप डाउन करके
मेजर कर सकते हैं तो ये हमारा इक्विवेलेंट सर्किट डायग्राम देखो इक्विवेलेंट सर्किट डायग्राम इज आल्सो सिमिलर टू सीटी लेकिन
यहां समझना है कि हम प्राइमरी वोल्टेज हमारा प्राइमरी करंट ये हमारा प्राइमरी रेजिस्टेंस रिएक्टेंस या आई नट वर्किंग
कंपोनेंट ये हमारा मैग्नेटाइजिंग कंपोनेंट और इधर हमारा जो है से सेकेंडरी का रेजिस्टेंस करंट जो भी है तो सब कुछ जब आप
सर्किट डायग्राम बना लेते हैं उसके बाद सब कुछ नोटेशन करना होता है कि वीपी हमारा प्राइमरी वोल्टेज ईपी जो है इंड्यूस
वोल्टेज इन अ प्राइमरी ये सेकेंडरी वोल्टेज है ये सेकेंडरी हमारा इंड्यूस वोल्टेज है आईपी जो है हमारा सॉरी आईपी जो
है हमारा प्राइमरी करंट है आई जो है हमारा सेकेंडरी करंट है सब कुछ यहां पर दिया हुआ है ये सब आप इट्स यर योर मतलब ये आपका काम
है मैं क्यों पढ़ूं सब कुछ यहां प दिया हुआ है एक्ससी क्या है मतलब एक्सटर्नल रोड है एप जो है प्राइमरी वाइंडिंग टर्न एए जो
है सेकेंडरी वाइंडिंग टर्म फाई जो है फ्लक्स ऑफ पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर अब फाइनली फिर इसका हम क्या करते हैं अभी हम
पीटी का मतलब फेजर डायग्राम देखते हैं तो सेम एज अ सीटी सबसे पहले हम 5m जो है इसको रेफरेंस लेंगे आ इसका सेम डायरेक्शन में
होता ये हम ई लेंगे ठीक है ए और दोनों को आगे बढ़ाएंगे जैसे हम यहां पे आगे बढ़ाएंगे तो ये हमारा आन मिल जाएगा जैसे
वही है देखो यहां पे भी सबसे पहले हम वोल्ट करंट जो है उसे लैक करेगा आस अब हमारा वोल्टेज जो है उसे आगे बढ़ाएंगे v
एस तो ये हमारा आईस आरएस सेम डायरेक्शन होगा अभी हमने बताया था ठीक है उससे 90° हमारा आईएस एक्सेस हो जाएगा क्यों हमारा
जो रे रिएक्टेंस और कैपेसिटेंस 90° लैग लीड करता है फिर हम मिलाएंगे तो सेकेंडरी हमारा वोल्टेज मिल जाएगा फाइनली आगे हम
जैसे हमने बताया था कि इसमें मिलाएंगे दोनों को ये हमारा मतलब आ न हो जाएगा आन मिलाने के बाद हमारा ये प्राइमरी करंट हो
जाएगा और ये देखो यहां पे आ बा आ बा केटी ये हमारा ट्रांसफार्मर रेशियो ये हमारा अ सीटी के लिए नहीं ये हम पीटी के लिए पढ़
रहे हैं और फाइनली हमारा जो ये होगा ना आगे हम मतलब इसको मिलाते हैं जब मिलाएंगे तो ये हमारा क्या हो जाएगा ये प्राइमरी
एमएफ हो जाएगा जब इसको आगे ले जाएंगे तो ये प्राइमरी करंट इंटू रेजिस्टेंस होगा देखो ये हमारा प्राइमरी करंट है इसके एक
मिनट समझा देते हैं देखो ये हमारा प्राइमरी करंट है प्राइमरी करंट से जब हमें हमें तो फाइनली प्राइमरी वोल्टेज
फाइंड करना है प्राइमरी करंट ये हुआ इसके जब पैरेलल में ले जाएंगे तो ये हमारा क्या हो जाएगा ये हमारा i * rp9 ° i * x p हो
जाएगा और इसको जब ओरिजिन से मिलाएंगे ना तो हमारा फाइनली जो वोल्टेज ए प्राइमरी है वो फाइंड आउट हो जाएगा और हमें देखो ना
ध्यान से सुनो ये हमें वोल्टेज प्राइमरी वोल्टेज फाइंड करना है राइट तो हमने फाइंड किया तो आगे हम चलते हैं हमने आपको फेजर
डायग्राम से भी समझाया आगे हम फाइनली सीटी और पीटी में डिफरेंस देख लेते हैं जब तक डिफरेंस नहीं मालूम होगा कि सीटी पीटी का
डिफरेंस क्या है थोड़ा समझ में नहीं आता है तो एक राइट अंडरस्टैंडिंग के लिए दोनों में हम डिफरेंस देख लेते हैं कि सीटी पीटी
में क्या हमारा अंतर है तो सीटी जो होता है वो करंट ट्रांसफार्म होता है और सीरीज में मतलब हमारा सीरीज में जो है ये बसपार
से कनेक्ट होता है ये हमारा पैरेलल में और इसका सेकेंडरी जो होता है इसका ओपन होता है इसका सेकेंडरी जो होता है शॉर्ट सर्किट
होता है अब इसको हम समझाने लगेंगे तो बहुत ही टाइम लग जाएगा इसका कंसेप्ट मेरा क्लियर है कि सीटी को हम अ क्यों ओपन करते
मतलब क्यों हम जो है हमेशा शॉर्ट रखते हैं अगर चलो हम बता ही दे रहे हैं मान के चलो सीटी आप जानते हो किय सिंगल टर्न होता है
प्राइमरी में सेकेंडरी में हमारा जो होता है नंबर ऑफ़ मोर टर्न होता है इसके मतलब इसके जो होता है हम इसके सीरीज में क्या
करते हैं हम एक एमटर यूज़ करते हैं अगर मान के चलो ये सेकेंडरी हम शॉर्ट सर्किट नहीं किए यहां पे लिखा है ना अंडर वर्चुअल
शॉर्ट सर्किट कंडीशन वर्चुअल में एक पतला तार से भी शॉर्ट सर्किट रहेगा अगर शॉर्ट सर्किट नहीं रहेगा तो यहां से हमारा बहुत
ज्यादा वोल्टेज है यहां पे हमारा वोल्टेज जो है मतलब यहां पे बहुत ज्यादा नंबर ऑफ टर्न हम यूज़ करते हैं तो यहां से इंड्यूस
होगा बहुत ही लार्ज अमाउंट ऑफ करंट हमारा सेकेंडरी में प्रोड्यूस होगा और जो अगर हम शॉर्ट सर्किट नहीं करेंगे तो करंट फ्लो ही
नहीं होगा करंट फ्लो नहीं होगा तो इसका जो है जैसे हमारा प्राइमरी जो सर्किट है उससे हमारा वोल्टेज जो है इंड्यूस होगा
सेकेंडरी में अगर हम शॉर्ट सर्किट नहीं करेंगे तो ये करंट का पाथ नहीं मिलेगा और यहां पे सेकेंडरी में इतना ज्यादा वोल्टेज
इंड्यूस हो जाएगा कि जो यहां पे वर्कर काम कर रहे हैं या और कोई काम कर रहा है तो उसको शौक लग सकता है बस यही है इसका
कांसेप्ट तो बहुत ही बड़ा है मैं बस ओवरव्यू दे दिया अगर आप अच्छे से पढ़े होंगे अपनी क्लास में तो समझ में आ जाएगा
अगर हमने इतना भी बताया तो सेकंडरी मस्ट बी शॉर्ट सर्किट जका ओपन होता है अ स्मल वोल्टेज अक्रॉस द टर्मिनल इज कनेक्टेड इन
सीरीज ऑफ फुल लाइन वोल्टेज ये मतलब ये डिफरेंस होता है जो हमने बताया कि द प्राइमरी करंट एंड वेरी ओवर वाइड रेंज
इसमें हम करंट मेजर करते हैं बहुत ही ज्यादा रेटिंग का और इसमें हम वोल्टेज मेजर करते हैं तो यह सब कुछ है अंतर है आप
देख लेना अब फीचर ऑफ करंट ट्रांसफार्मर में देखते हैं कुछ फीचर होते हैं जो कोर होता है वो मेड अप ऑफ सिलिकॉन स्टील कोर
सिलिकॉन स्टील का क्यों बना होता है स्सस लॉस कम होने के लिए लेमिनेशन क्यों होता है ईडी करंट लॉस होने के लिए तो ये सब ये
आपका काम है कॉइल क्या होता है अब कइल क्या होता है ये सब कुछ हम बताएंगे तो बहुत टाइम लग जाएगा ये सब कुछ आप गुड
डिजाइनिंग लार्ज नंबर ऑफ सेकेंडरी टर्न ये सब आप देख लेना इंसुलेटेड मटेरियल क्या होता है मटेरियल जो होता है इंसुलेटेड
मटेरियल ट मैच वोल्टेज लेवल ऑ प्राइमरी सर्किट इंश्योर द सेफ्टी एंड सेकेंडरी एंड पर्सनल पर्सनल ये सब कुछ आप देख लेना उसके
बाद हम एनर्जी मीटर एनर्जी मीटर भी पहले हम पढ़ा चुके हैं बता चुके हैं आपको एनर्जी मीटर इज यूज्ड फॉर अ मतलब मेजरिंग
पावर मतलब मेजरिंग एनर्जी कह सकते हैं पावर इनटू टाइम इक्वल टू एनर्जी हो जाता है इट इज यूज्ड टू मॉनिटर एंड रिकॉर्ड
इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर बिल्डिंग एंड ऑल ये सब कुछ आप देख लेना एनर्जी मीटर ये डिजिटल इनर्जी मीटर है टाइप ऑफ आई थिंक और हां
डिजिटल ही है इसमें माइक्रो कंट्रोलर एंड ट्रिपिंग मोडिफाय एनर्जी मीटर मतलब एनर्जी मीटर जो हम एनालॉग यूज करते हैं उसको
थोड़ा मोडिफाई किया यहां पे जो हमारा लोड है सबसे पहले यहां प पावर आ रहा है यहां पे इलेक्ट्रिक मेजरिंग इलेक्ट्रॉनिक
मेजरिंग मतलब अभी तक हमने एनालॉग पढ़ा था जिसमें जो हमारा एनर्जी मीटर था वो सट और सीरीज मैग्नेट का यूज करते थे बीच में
डिस्क लगाते थे यहां इसको हम पैरेलल में वोल्टेज देते थे इसको सीरीज सीरीज में करंट देते थे मतलब सीरीज में इसको हम
वोल्टेज अप्लाई करते थे इसलिए इसका नाम सीरीज हमारा सीरीज हमारा सीरीज एंड सट मैग्नेट था तो ये सब कुछ हमने बताया है
अगर आपने नहीं देखा थर्ड यूनिट या सेकंड यूनिट में हमने समझाया था तो आप जाके देख सकते हैं तो अभी हम डिजिटल एनर्जी मीटर प
है तो जो हमारा एनर्जी मीटर होता है उसमें इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट का यूज करके जो भी है उसमें मतलब इतना पल्स जो एक्सीलरेटर
को यूज़ करके हम इसे जो भी हमने डायग्राम बनाया डायग्राम आप देख लेना रिपीट कर लेना मतलब रिवाइज कर लेना ब्लॉक डायग्राम ऑफ ये
इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रॉनिक एनर्जी मीटर है अ स्मार्ट एनर्जी मीटर या डिजिटल एनर्जी मीटर कह सकते हो ये मतलब एनर्जी मीटर है
जो कि हम मतलब एनर्जी को मेजर करने के लिए यूज़ करते हैं तो एनर्जी मीटर हुआ आगे हम बात कर ें कैथोड रेख ऑक्सलो स्कोप ये भी
बहुत इंपॉर्टेंट है हमने बोला बोला था ना शुरू में ही बोला था कि बहुत ही वन ऑफ द मतलब बहुत इंपॉर्टेंट ही हमारा कह सकते
हैं यह हमारा टॉपिक है कैथोड स्क स्कोप सीआर के नाम जानते हैं इट वर्क जनरेटिंग फोकस इलेक्ट्रॉन बीम या वैक्यूम और
वैक्यूम में क्या करता है इलेक्ट्रॉन बीम जो है जनरेट करता है डिफलेक्ट ऑन द इलेक्ट्रॉन बींग न इनपुट सिग्नल और ये जो
है ना वे फॉर्म प्रोड्यूस करता है देखो यहां पे लिखा होगा कि इलेक्ट्रॉन इमिट करता है बीम ड्रा द वेव फॉर्म ऑन द
स्क्रीन बाय मूविंग अक्रॉस द रिस्पांस ऑफ अप्लाइड वोल्टेज अलांग द वर्चुअल एनालिसिस ऑफ इलेक्ट्रिकल सिग्नल लाइक वोल्ट एंड
फ्रीक्वेंसी वोल्टेज फ्रीक्वेंसी एंड वेब फॉर्म का सिफ देख के हम क्या करते हैं आराम से हम फाइंड आउट कर सकते हैं वैल्यू
ऑफ वोल्टेज एंड करंट विद द हेल्प ऑफ़ सीओ तो हमारा सी आरओ का ये जो है ना ये सर्किट डायग्राम मतलब मैं बता नहीं सकता
कितना इंपोर्टेंट है बहुत इंपॉर्टेंट है सीओ वर्क कैसे करता है इसमें वर्टिकल एंपलीफायर हॉरिजॉन्टल एंपलीफायर यहां पे
हॉरिजॉन्टल एंपलीफायर है डिले लाइन ट्रिगरिंग सर्किट टाइम बेस जनरेटर यहां पे पावर सप्लाई यहां पे ये स्क्रीन होता है
यह हंटल हमारा रिफ्लेक्टिंग प्लेट वर्टिकल देखो सबसे पहले ना ये जो होता है ना सबसे पहले आपको समझा देते हैं ये वर्टिकल और
हॉरिजॉन्टल इनका नाम जो होता है उसका अपोजिट होता है ये वर्टिकल है ना लेकिन ये हॉरिजॉन्टल दिख रहा है आपको ये हॉरिजॉन्टल
है लेकिन वर्टिकल दिखेगा तो आप फिगर को याद करिए और सबसे पहले हम यूज करते हैं इनपुट सिग्नल ठीक है इनपुट सिग्नल वर्टिकल
एमप्लीफायर में जाएगा जब वर्टिकल एमप्लीफायर में जाएगा इसको डिले होना होता है उसके पहले जो हमारा ट्रिगरिंग सर्किट
जो होता है हमारा सिंगल को ट्रिगर करता है टाइम बेस जनरेटर जो होता है ना सात टूथ में कन्वर्ट करता है एंड देन डीले होके
हॉरिजॉन्टल में जाता है जो हॉरिजॉन्टल एमप्लीफायर जो हॉरिजॉन्टल हमारा डिफ्लेक्शन प्लेट से क कनेक्ट होता है और
ये हमारा जो वर्टिकल है वर्टिकल जो हमारे वर्टिकल एमप्लीफायर का आउटपुट है ये हमारा वर्टिकल प्लेट से कनेक्ट होता है जब इन
दोनों को आगे हम क्या करते हैं इसको बहुत ज्यादा एक्सीलरेट करते हैं आगे आप पढ़ोगे सी आरओ के बाद मतलब कुछ आता है मुझे याद
नहीं आ रहा उससे हम यहां पे हीटर यूज करते हैं ये हमारा हीटर होता है इलेक्ट्रॉन गन होता है यहां से इलेक्ट्रॉन बहुत ही
ज्यादा मतलब फुल ऑफ एनर्जी के साथ जाते हैं और यहां पे इक्वा कार्ड लगा होता है यहां पे नहीं बताया इक्वा जो होता है वो
इलेक्ट्रॉन बीम जो है ना एक बार जाके डिफ्लेक्ड होके फिर सरफेस पे ना आए और एक अच्छी चमक दें जो कि ग्रेफाइट का बना होता
है और अच्छी चमक देंगे तभी हम आराम से अपने वेबफॉर्म को समझ पाएंगे तो यही हमारा वर्किंग होता है सीआर का देखो अगर लेक्चर
वीडियो रहता है ना तो मैं बहुत अच्छे से कोशिश करता है कि आपको समझाऊं लेकिन ये लेक्चर वीडियो नहीं है मेरे दोस्त
ओबवियसली यू नो कि ये वन शॉट है और वन शॉट में समझाना समझाने को तो मेरे को बहुत मन कर रहा है लेकिन आई एम आल्सो लिमिटेड टू
टाइम क्योंकि 30 मिनट हो चुका है और आगे मुझे 40 45 मिनट में इस वीडियो को कवर करना है वन शॉर्ट और ऐसा तो नहीं है कि
मैं आपको ऐसा नहीं है कि समझा नहीं रहा हूं समझाने की पूरी कोशिश कर रहा हूं कि सी आरओ क्या होता है ओवरव्यू दे दे रहा
हूं अब आपका काम है आप कैसे इसको पढ़ते हो कैसे नंबर स्कोर करते हो तो सबसे पहले इलेक्ट्रॉन गन रिफ्लेक्टिंग प्लेट हमने
बताया यह हमारा डिफ्लेक्शन प्लेट होता है ये हमारा डिफ्लेक्शन प्लेट होते हैं हॉरिजॉन्टल वर्टिकल फिर से ट्रिगरिंग
सर्किट टाइम प सबका हमारा कुछ ना कुछ रोल होता है और तब जाके हमारा एक सीआर बनता है जो कि क्या करता है सीआर का मेन काम क्या
है कंपटीशन में पूछता है सी सीरो मतलब सीरो जो होता है ना इलेक्ट्रॉन बीम का यूज करके वो वे फॉर्म ड्रा करता है वे फॉर्म
किस चीज का होता है वोल्टेज करंट और पावर का हो सकता है ये हमारा हुआ सी आरओ सी आरओ में सबसे पहले इलेक्ट्रॉन घन होता है
इलेक्ट्रॉन घन का क्या होता है दिस इज द पार्ट ऑफ द जनरेट इलेक्ट्रॉन बीम कंसिस्टिंग ऑफ हीट कैथोड हमने बताया हीट
कैथोड आपने शुरू में देखा और ये फोकसिंग एनोड नैरो एनोड ये सब कुछ होता है और ये क्या करते हैं एक हमारा डायरेक्शन देते
हैं इलेक्ट्रॉन को अगर हम ये हॉरिजॉन्टल जो आप देख रहे हो या वर्टिकल अगर ये ना लगाए और बीच में हम इलेक्ट्रॉन बीम को
कंट्रोल करने के लिए अगर ऐसा प्लेट ना लगाए इलेक्ट्रॉन यहां से मीट होगा लेकिन कोई इधर जाएगा कोई इधर जाएगा तो इसको एक
सिंगल डायरेक्शन में जाने के लिए हम क्या करते हैं ये हम जो भी है फोकसिंग एनोड हम लगाते हैं तो ये सब बहुत इंपॉर्टेंट है ये
आपको समझना ही होगा तो डिफ्लेक्शन प्लेट क्या होता है डिफ्लेक्शन प्लेट एक्वा होता है अब इसका लिसिस पैटर्न बहुत चीज होता है
यार एक वीडियो में नहीं कवर कर सकता कोई तो जो चीजें इंपॉर्टेंट है उसको हम कवर कर रहे हैं अब फास्फ जो हमने बताया ना फास्फ
स्क्रीन स्क्रीन प फास्फोरस यूज करते हैं क्यों इसको एक्वागार्ड भी बोलते हैं क्यों यूज करते हैं क्योंकि जो लाइट इमिट होती
है ना उससे इलेक्ट्रॉन भी जो क्रिएट होते हैं वो विजिबल फॉर्म में हमारा फास्फोर स्क्रीन फास्फोरस स्क्रीन लगाने से वो
उनमें चमक आती है इसीलिए हम जो प्लेट होती हैं जो स्क्रीन होता है उसमें फास्फोरस का यूज करते हैं टाइम बेस जनरेटर हमने बताया
टाइम बेस जनरेटर क्या होता है वेव फॉर्म जो होता है ना उसको प्रोड्यूस सात में हमें कन्वर्ट करना होता है क्योंकि जैसे
ही उसको होरिजेंटल ये आपने पढ़ा देखो यहां पे टाइम बेस जनरेटर है टाइम बेस जनरेटर और
ट्रिगरिंग सर्किट जब ये ट्रिगर किया हमारे सिग्नल को मतलब जो आ रहा है उसको टाइम ब जनरेटर में जाके सातु बनेगा और तब जाके
हॉरिजॉन्टल एमप्लीफायर में जाएगा फिर ये हॉरिजॉन्टल जो प्लेट है यहां पे जाएगा एंड देन इन दिस प्रोसेस हमारा जो है वेव फॉर्म
जो है इलेक्ट्रॉन जो इमिट हो रहा है वो एक सिंगल फोकस्ड करके वो डायरेक्शन में जाएगा और जिस टाइप का हमें वेब फॉर्म चाहिए उस
टाइप का वेब फॉर्म हमें मिल जाएगा वर्टिकल एंपलीफायर इनपुट सिग्नल टू द लेबल डिफलेक्टिंग टू द इलेक्ट्रॉन बीम वर्टिकली
वर्टिकली मतलब इलेक्ट्रॉन बीम प्रोड्यूस होता है इसलिए वर्टिकल हम कहते हैं अब वर्किंग प्रिंसिपल क्या होता है वर्किंग
प्रिंसिपल ऑफ कैथोड रिएक्स स्कोप सीआर बोलते हैं याद रखना इलेक्ट्रॉन बीम जनरेटर अब नाम से कल मतलब क्लियर है कि
इलेक्ट्रॉन जो है बीम जनरेटर वो क्या करेगा इलेक्ट्रॉन गन से इलेक्ट्रॉन को क्या करेगा बहुत ही ज्यादा जनरेट करेगा और
ये जो जनरेट हो रहा है ना उसको एक मतलब जिस वे में मतलब यहां से इलेक्ट्रॉन अगर इमिट हुए तो किधर जाएंगे इसलिए हम फोकसिंग
एनोड जो भी है कैथोड रेत सॉरी जो वर्टिकल हॉरिजॉन्टल है प्लेटेड उसको यूज करते हैं और यहां पे हमारा स्क्रीन होता है स्क्रीन
फस फोर लगा होता है जैसे इलेक्ट्रॉन जाके इसम मतलब क्या इमिट हो जब इंटैक्ट होते हैं तो हमारा एक वेब फॉर्म बनता है और इस
वेब फॉर्म प हम फास्फोरस यूज करते हैं जो कि हमारा एक चमक लाइट देता है और उससे हमारा जो वे फॉर्म है उसको हम रीड आउट कर
लेते हैं हॉरिजॉन्टल डिफ्लेक्शन वर्टिकल डिफ्लेक्शन ये सब कुछ हमने बताया आप पढ़ लेना वे फॉर्म वे फॉर्म डिस्प्ले डिस्प्ले
करने के लिए हम क्या यूज करते हैं अभी हमने बताया कि हम फास्फोरस यूज करते हैं यह सब हुआ आपके कैथोड रे ऑक्स स्कोप
सीआरटी भी आता है सीआरटी का क्या होता है कैथोड रे ट्यूब कैथोड ट्यूब इज इज अ काइंड ऑफ वैक्यूम ट्यूब इन व्हिच इलेक्ट्रॉन बीम
डिफलेक्टेड बाय अप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक इसमें भी इलेक्ट्रॉन गन का यूज करके हम क्या करते हैं फ्लोरोसेंट स्किन लगाते हैं
और यहां से भी हम क्या करते हैं मोस्ट पॉपुलर हम टीवी में यूज करते थे पहले जो हमारे टीवी में पीछे कैबिनेट आता है आप
देखे होंगे ऐसे हमारा टीवी पहले के टीवी ऐसे होते थे ऐसे मतलब पीछे जो होता है ना कैबिनेट बहुत ही बड़ा लगा होता था ये
हमारा टीवी का स्क्रीन हो गया ये हमारा कैबिनेट ऐसा लगा होता है इसके पीछे अगर कभी आपने देखा होगा तो ये सीआरटी होता था
कैथोड टू इसके मतलब यहां पे यही यूज किया जाता था इलेक्ट्रॉन बीम को बहुत ज्यादा मतलब एक यहां से इलेक्ट्रॉन गन लगाया जाता
था इलेक्ट्रॉन उस रेशियो में मतलब डिफलेक्ट किया जाता था कि यहां प जाके फिगर बन जाए और यहां पर हमारा स्क्रीन लगा
होता था और हम एंजॉय करते थे फिगर का तो ये हमारा कैथोड ट्यूब हुआ पहले के जमाने में इतना मतलब पीछे का इतना बॉडी होता था
हमारा टीवी का आज देखो मोबाइल स्क्रीन आ गया इतना पतला आ रहा है इसमें भी मतलब पहले जैसे जैसे हम स्टार्टिंग थे
स्टार्टिंग में हमने इन्वेंट किए इन्वेंट करते करते हम पूरा पतला बना दिए तो कैथोड ट्यूब से हम इलेक्ट्रॉन भी से हम क्या कर
रहे थे फ्लोरोसेंट स्क्रीन लगा के हम क्या कर रहे थे वेबफॉर्म को हम मतलब स्टडी कर रहे थे लेकिन जैसे-जैसे एडवांस आया आप देख
सकते हो वही मैंने कहा मोबाइल फोन को हम इतना पतला बना दिए आगे आने वाले दिन में देखो क्या-क्या होता है ये हमारा क्या है
ये हमारा सीआरटी है सीआरटी में आगे आप देखोगे इलेक्ट्रॉन गन यहां पे जो है फक्सिंग
एनोड जो मेन फिगर होता है उसको मैंने लेना शायद भूल गया है जल्दी-जल्दी में आप देख लेना वो फिगर इलेक्ट्रॉन जो सीआरटी होता
है सीआरटी का थोड़ा फिगर अलग होता है तो आप सब देख लेना ये आपका काम है और फाइनली सीआरटी हमने बताया बहुत इंपोर्टेंट है अब
सीआरटी में कुछ मेजर कंपोनेंट जैसे इलेक्ट्रॉन घन जो होता है इलेक्ट्रॉन घन क्यों यूज होता है ये इमिट स्ट्रीम ऑफ
इलेक्ट्रॉन जो डिफलेक्टिंग प्लेट होता है क्रिएट एन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड टू मैनेज द डायरेक्शन ऑफ मतलब डायरेक्शन को
कंट्रोल करने के लिए हम डिफलेक्टिंग प्लेट लगाते हैं फ्लोरोसेंट क्यों लगाते हैं स्क्रीन जनरेट लाइट विन द इलेक्ट्रॉन बीम
इसमें फास्फोरस यूज करते हैं हमने बताया यहां पे एनवलप यूज करते हैं हाउस न द इंटर सीआरटी सीआरटी के अंदर मतलब इसी के अंदर
सीआरटी होता है एनोड एनोड कैथोड ये सब आप जानते होंगे एनोड जो होता है पॉजिटिव कैथोड जो होता है नेगेटिव होता है इन
दोनों को यूज करने के कारण हम क्या करते हैं एक इलेक्ट्रॉन को एक राइट पाथ हम प्रोवाइड करते हैं जो कि डिफलेक्ट नहीं
होता है अब जो हमारा सीआरटी होता है ना जो कैथोड ट्यूब इसका कुछ यूसेज होते हैं जैसे इंस्ट्रूमेंट लाइक ऑक्सलो स्कोप अभी आपने
पढ़ा भाई ऑक्सलो स्कोप में ये क्या है देखो ऑक्सलो फिगर लेके आपको दिखाए तो सबसे पहले ये जो है ये हमारा प्रोसेस चल रहा है
ना ये हमारा प्रोसेस है कि वर्टिकल जो भी हमारा इनपुट सिग्नल आएगा डिले जो हमारा लाइन है उसे डिले होगा यहां पे ट्रिगरिंग
सर्किट है जो ट्रिगर करेगा एक टाइम का एनर्जी देगा फिर हमारा यह टाइम बेस जनरेटर जो है साइनोस वेव में साइनोस को सात में
कन्वर्ट करेगा फिर हॉरिजॉन्टल में जाएगा और यह हमारा सी यह सीआरडी कैथोड ट्यूब अब इसमें आने के बाद यहां पे हीटर लगा हुआ है
फॉक्सिंग एनोड जो भी है एनोड कैथोड यहां वर्टिकल हॉरिजॉन्टल डिफलेक्टर यहां पे हमारा स्क्रीन लगा हुआ है तो ये सब हमारा
क्या है यही हमारा सीआरटी है तो सीआरटी का यूज़ आपने पढ़ा कि सीआरटी का यूज़ हम एक्सलो स्कोप में करते हैं और ऑक्सलो
स्कोप क्यों यूज़ करते हैं ऑक्सलो स्कोप से हम क्या करते हैं वोल्टेज करंट एंड पावर को वेव फॉर्म को हम स्टडी करते हैं
तो सीआरटी यूज इन नॉट ओनली ऑक्सलो स्कोप ऑक्सलो स्कोप का मतलब जो एप्लीकेशन है लाइक सुनार थर्मल इमेजन इमेजिंग ये सब
मतलब इसमें यूज होता है तो फाइनली हम कह सकते हैं कि जो स्पेक्ट्रम एनालाइजर उसके बाद वेव एनालाइजर ये हमारा लस्ट टॉपिक ही
चल रहा है तो ये क्या होता है जल्दी-जल्दी आपको समझा जाता है कि स्पेक्ट्रम एनालाइजर इ फंडामेंटली टेस्टिंग इंस्ट्रूमेंट दैट
मेजर द वेरियस पैरामीटर इन द सर्किट रेडियो फ्रीक्वेंसी मतलब ये सिस्टम है रेडियो फ्रीक्वेंसी या अनदर टाइप ऑफ जो
एनालाइजिंग करने लिए होता है वेव को एनालाइज करने के लिए हम स्पेक्ट्रम एनालाइजर और वेव एनालाइजर पढ़ेंगे अ पीस
ऑफ नॉर्मल टेस्टिंग इक्विपमेंट वुड मेजर द क्वांटिटी ऑफ वेस्ट ऑन द एंप्लीट्यूड रिस्पेक्ट टू टाइम मतलब जब टाइम के
रिस्पेक्ट से हम एंप्लीट्यूड को मेजर करते हैं हमारा स्पेक्ट्रम एनालाइजर का ये जो होता है ना इसमें जितने भी एनालाइजर होते
हैं कुछ चैनेलाइज हमने शायद नहीं लिया है उसको भी आप देख लेना जरूर तो इसके कुछ फिगर होते हैं सबसे पहले हम इनपुट यहां पे
इनपुट आता है फिर लो पास फिल्टर से हम मतलब लो पास फिल्टर आई थिंक आपने नहीं पढ़ा होगा तो लो पास फिल्टर क्या होता है
लो पास फिल्टर जो होता है ना ये लो सिग्नल जो होते है ना उसको पास करेगा इसका नाम से और जो हाई पास फिल्टर होता है उससे ब्लॉक
करेगा वैसे ही हाई पास फिल्टर होता है हाई पास फिल्टर हाई जो मतलब हाई वैल्यू ऑ जो हमारा सिग्नल होता है उसको पास करेगा और
लो पास को क्या लो को हमारा क्या करेगा हमारा ब्लॉक करेगा तो नाम से क्लियर है कि लो पास फिल्टर यहां पर जो मतलब लो पास
फिल्टर यूज होता है यहां मिक्सचर जो होता है यहां से जो हमारा मतलब जो लोकल ऑक्सटर से जो मतलब हमारा ऑक्सटर क्या प्रोवाइड
करता है पल्सेस प्रोवाइड करता है दोनों को मिक्स करके हम क्या कर करते हैं बैंड पास फिल्टर यूज करते हैं दोनों के बीच का होता
है हाई पास बैंड पास मतलब ये सब आप जब एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स पढ़ोगे ना एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट तब समझ में आता है
आपने लॉग अगर पढ़ा होगा तो तो अच्छा है नहीं पढ़ा होगा तभी भी कोई नहीं जैसे ये फिगर दिया हुआ है आप एक बार जरूर इसे
रिवाइज कर लें उसके बाद जब स्पेक्ट्रम हम पढ़ लेते हैं तो डिजिटल वोल्ट मीटर अब डिजिटल वोल्ट मीटर में क्या बताया कैजुअली
जैसे जैसे हम मतलब आगे बढ़ते गए वैसे-वैसे एडवांसमेंट इन्वेस्टमेंट हमारे मतलब इंस्ट्रूमेंट में होता गया सबसे पहले हम
एनालॉग पढ़ रहेते हैं एनालॉग वोल्टमीटर में हमने बहुत ही अच्छे से पढ़ा हमने पीएमसी वोल्टमीटर मूविंग आयरन पढ़ा फिर से
स्टेटिक इलेक्ट्रोस्टेटिक हर्ट आयरन बहुत टाइप के हमारे जो होते हैं वोल्ट मीटर होते हैं तो अब जो है हम डिजिटल वोल्ट
मीटर पढ़ेंगे डिजिटल वोल्ट मीटर क्या होगा एनालॉग को पूरा खत्म कर देगा और जो स्क्रीन होगा स्क्रीन टूथ मतलब ऑटोमेटिक
जो होगा वो दिखाई देगा और हम एनालॉग क्या होता है एनालॉग मींस जिसमें स्केल जो स्केल यूज होता था ए मीटर वोल्टमीटर और
इसमें रीडिंग दिया होता था और हमें अपने आंखों से मेजर करना पड़ता था इसमें इधर बहुत ज्यादा होते थे लेकिन जो डिजिटल
वोल्ट मीटर होता है सब कुछ यहां पे लिखा होगा डिजिटल वोट वोल्ट मीटर इज आल्सो यूज टू मेजर द पोटेंशियल डिफरेंस एंड डिजिटल
वोल्ट मीटर यही होता है देखो ये वोल्ट मीटर एनालॉग एनालॉग जो होता था ऐसे होता था हमने बताया शुरू में उसमें नीडल होता
था लेकिन इसमें देख सकते हो डिजिटली हमारा 24 246 वोल्ट ये प्रोवाइड कर रहा है हमारा मल्टीमीटर हो गया ये सब आप देखे होंगे
इलेक्ट्रिकल के होंगे तो इतने तो आप मीटर वोल्ट मीटर मल्टीमीटर एनर्जी मीटर पावर फैक्टर मीटर फ्रीक्वेंसी मीटर ये सब हमने
शुरू में भी कन्वर्ट मतलब समझाया है इतना तो आपको मालूम होगा ही क्योंकि हमारा सब्जेक्ट का ही नाम है ई ईएमआई
इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रिकल तो इलेक्ट्रिकल में पढ़ी रहे हो मेजरमेंट एंड इंस्ट्रूमेंट तो यह सब अगर आपको नहीं पता
होगा तो आप कैसे सोच सकते हो कि आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एक अच्छा अपना नाम पहचान बना सकोगे तो इट्स डिपेंड
ऑन यू इफ यू आर लाइकिंग द इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग देन आपको पढ़ना ही होगा अगर नहीं भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग इंटरेस्ट
है तो एग्जाम पास होने के लिए जितना मैं कह रहा हूं उतना तो करना ही पड़ेगा ठीक है तो टाइप ऑफ वोल्ट मीटर डिजिटल वोल्ट मीटर
क्या होता है आप पढ़ है ना डिजिटल वोल्टमीटर जो है न्यूमेरिक में डिस्प्ले करता है और वो न्यूमेरिक में नहीं
डिस्प्ले करता था डिजिटल वोल्ट मीटर जो होता है ये वोल्ट मटर जो है इसमें मतलब करेंट रेटिंग वोल्टेज रेटिंग जो है
मल्टीमीटर को यूज़ करते हम मब करंट और वोल्टेज दोनों यूज़ करते हैं तो ये एनालॉग वोल्टमीटर यहां पे दिखा रहा है वही हमने
जो बताया ना एनालॉग वोल्टमीटर में ऐसे स्केल दिया होता है उसमें सब कुछ लिखा होता है यहां पे नीडल होता है अगर मान के
चलो हमारा नीडल यहां पे मतलब अगर ये 50 हो गया यहां पे 50 हो गया तो ये 150 वोल्ट मतलब शो कर रहा है तो हमें देखना पड़ता था
ये हमारा एनालॉग वोल्टमीटर होता था लेकिन डिजिटल हमने दिखा डिजिटल वोल्ट मीटर इज रियली वन ऑफ द न्यू एडवांसमेंट वोल्ट मीटर
उसके बाद स्पेक्ट्रम एनालाइजर के बाद वेव एनालाइजर पढ़ेंगे वहां पे स्पेक्ट्रम को हम एनालाइज कर रहेते हैं यहां पे वेब
एनालाइजर वर्क ऑन यूजिंग हाई सिलेक्टिव फिल्टर सर्किट आइसोलेट द मेजरमेंट ऑफ एंप्लीट्यूड सब कुछ लिखा हुआ है वेव को हम
एनालाइज करते हैं वेव एनालाइजर भी बहुत टाइप के होते हैं एंड सब कुछ यहां पे लिखा हुआ है पढ़ लेना दिस अचीव थ्रू द प्रोसेस
कॉल्ड हेट्रो डायनिंग मतलब हेट्रो डायनिंग इसमें हेट्रो डाइनिंग सुपर डायनिंग आएगा जो हमारा वेव एनालाइजर है सबसे पहले हम वे
एनालाइजर के टाइप्स होते हैं इंटरमीडिएट फिक्स इंटरमीडिएट जो होता है प्रेसीजन एनालाइजर इसमें भी जो हमारा प्राइमरी
डिटेक्टर होता है इनपुट फुल वेव यूज में हम बीच में फुल वेव जो है एक्टिफ यूज करते हैं फिर पीएमएमसी जो है गैल्वेनोमीटर यूज
करते हैं और हमारा फाइनली जो होता है आउटपुट से होता है तो इसका ऐसे यूज होता है प्राइमरी हमारा डिटेक्टर उसम दिया
रिएक्टर रि रेक्टिफायर सॉरी रेक्टिफायर यूज करते हैं एंड फाइनली हमारा जो मेजर करना होता है हम वेव एनालाइजर जो हम मतलब
यूज कर लेते हैं अब जो वेव एनालाइजर होता है उसमें इनपुट टोनेट होता है इनपुट सिग्नल इज फर्स्ट पास थ्रू द टोनेट टू
एडजस्ट द एंप्लीट्यूड विद द मेजर टोनेट क्या करता है जो टोनेट करता है मतलब कम करता है इनपुट सिग्नल ऑफ द फर्स्ट पासेस
थ्रू जो अगर हाई सिग्नल है उसको कम करता है टोनेट करता है एक लेवल में लाता है एंड देन लोकल लोकल एक्सीलरेटर के पास जाता है
जो कि लोकल एक्सीलरेटर क्या करता है वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ऑक्सटर जनरेट अ लोकल एक्सलरेटर सिंगल व्हिच कैन बी टर्न इनटू द
डिजायरेबल फ्रीक्वेंसी तो लोकल एक्सीलरेटर का काम क्या होता है यहां पर सब कुछ लिखा हुआ है या आप पढ़ सकते हैं कि बस इसका काम
क्या होता है वच कैन टर्न द डिजायर्ड फ्रीक्वेंसी कंपोनेंट मतलब हमें जितना फ्रीक्वेंसी की नीड होती है वो लोकल
एक्सीलेटर हम पाते हैं फिर मिक्सचर का यूज करते हैं जो कि मिक्स करता है क्या मिक्स करता है द लोकल ऑक्सटर सिंगल मिक्स इन टू
द मिक्सर सर्किट प्रोड्यूस द न्यू सिग्नल मिक्स करके दोनों जो सिग्नल यहां पे मिक्सचर में आ रहा है दोनों को मिक्स करके
वो एक न्यू सिग्नल प्रोड्यूस करेगा फिर हमारा बैंड पास फिल्टर जो कि बैंड पास फिल्टर से जाएगा आईएफ आईएफ एंपलीफायर आईएफ
एमप्लीफायर से होते हुए जो इंटरमीडिएट फ्रीक्वेंसी एंपलीफायर कैसे सकते हो उससे पास होते हुए हमारा फाइनली जो है आउटपुट
डिटेक्टर से होते हुए डिटेक्टर क्या करेगा फिल्टर जो इंटरमीडिएट फ्रीक्वेंसी है देन डिटेक्टेड थू द बैक टू द डीसी वोल्टेज तो
ये सब आप पढ़ सकते हो फाइनली डिटेक्ट होगा जैसे हमारा इनपुट है इनपुट जो है आईएफ इंटरमीडिएट फ्रीक्वेंसी रेक्टिफायर जितना
भी ये सब चीज दिया हुआ है ये सब पास होने के बाद हमारा फाइनली आउटपुट फाइंड हो जाएगा तो ये हमारा जो है ना और फाइनली
हमारा मतलब डिस्प्ले क्या हो जाएगा आउटपुट डिस्प्ले हो जाएगा और आउटपुट में डिस्प्ले में डीसी वोल्टेज जज अप्लाइड ऑन द मीटर
रिकॉर्डिंग जितना हम मतलब वेव को एनालाइज करने के बाद जितना भी वोल्टेज करंट मेजरमेंट हमें करना है हम आराम से कर लेते
हैं तो ये हुआ उसके बाद रम टाइप डीवीएम डीवीएम मींस डिजिटल मल्टी डिजिटल वोल्टेज मीटर होता है डिजिटल वोल्टेज मीटर इट इज
यूज ये मतलब एक दो नंबर में पूछता है और इसका जो ये है ना क्या बोलते हैं ब्लॉक डायग्राम ये बहुत इंपॉर्टेंट है दो नंबर
में आता है तो को बनाना ही पड़ेगा अगर सात नंबर में आता है तो सब कुछ बनाइए मतलब ये याद है ना तो आपको सात में तो चार नंबर
अगर आप इतना भी बनाकर कुछ कुछ लिख देते चार नंबर फिक्स है और थोड़ा बहुत ये जो रैंप टाइप जो हमारा ए मत रैंप वोल्ट रैंप
जो होता है रैंप रैंप टाइप जो हमारा डिजिटल वोल्ट मीटर होता है और थोड़ा बहुत इसके बारे में लिख दिया कि क्यों यूज़
होता है और रैंप इसका नाम क्या होता है तो आप फुल आउट ऑफ फुल नंबर भी पा जाएंगे लास्ट टॉपिक ऑफ दिस यूनिट इज डुअल स्लोप
हमारा डिजिटल वोल्टमीटर ड्यूल स्लोप इंटीग्रेटेड बाय डिजिटल वोल्टमीटर मेजर्ड बाय द एवरेज वोल्टेज ऑफ द इनपुट ओवर द सेट
अमाउंट ऑफ टाइम मतलब एक सेट अमाउंट ऑफ टाइम में ना हम डीवीएम का यूज़ करते हैं डिजिटल वोल्ट मीटर और इसे हम क्या करते
हैं एवरेज वोल्टेज ऑफ द इनपुट ट हम क्या करते हैं मेजर करते हैं एंड इट इज यूज टू यूज एज अ वोल्टेज टू फ्रीक्वेंसी कन्वर्टर
टू मेजर द वोल्टेज मतलब वोल्टेज टू फ्रीक्वेंसी कन्वर्टर का यूज करके हम क्या करते हैं वोल्टेज मेजर करते हैं अब इसका
जो है इसका भी हमारा क्या होता है ये डुअल स्लोप कह सकते हो या डुअल जो हमारा डुअल स्लोप हां डुअल स्लोप ये डिजिटल मीटर होता
है तो इसमें v एक मतलब एक हम v एक लेते हैं रेफरेंस लेते हैं जो कि हमारा ये क्या है ये आप बताओ क्या है हमारा हाई पास लो
पास अभी आपने पढ़ा ना ये हमारा मुझे याद नहीं आ रहा क्या फिल्टर हां फिल्टर होता है हाई पास फिल्टर लो पास फिल्टर होता है
ये सब यूज करने के बाद हम क्या करते हैं ऑक्सीलरों इंटीग्रेटर यूज करते हैं कंपैरेटर यहां पे यूज करते हैं जो कि
वैल्यू कंपेयर करेगा एंड फाइनली डिजिटल जो डिजिटली हमारा आउटपुट जो है शो हो जाएगा तो डिजिटल में डुअल स्लोप होता है एंड
फाइनली हम जो है इस तरह से हम आपका जो भी आपका कह सकते हैं थैंक यू फॉर वाचिंग टिल द नाउ एंड फोर्थ यूनिट भी आपका कितना मिनट
लग गया फोर्थ यूनिट 45 मिनट में हमने पूरा जितना भी चीज था फोर्थ यूनिट में हमने जल्दी-जल्दी में पीपीटी बनाया था पीपीटी
बनाने में मेरे पास इतना टाइम नहीं था तो थैंक यू अब फिफ्थ यूनिट भी बहुत जल्दी हम अपलोड कर देंगे अपनी तरह से हमने पूरा
कोशिश किया अब आपका सपोर्ट आपका फीडबैक इंपॉर्टेंट फॉर मी थैंक यू
करंट ट्रांसफॉर्मर उच्च करंट को मापने के लिए उपयोग किया जाता है जहाँ प्राइमरी वाइंडिंग में एक टर्न होता है और सेकंडरी में कई टर्न्स होते हैं। यह करंट को सुरक्षित और मापनीय स्तर तक कम करता है, जिससे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा और सटीक मापन संभव होता है।
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर उच्च वोल्टेज को सुरक्षित स्तर पर नीचे करने के लिए पैरालल में कनेक्ट किया जाता है, जबकि करंट ट्रांसफॉर्मर उच्च करंट को मापने के लिए सीरीज में कनेक्ट होता है। PT का डिज़ाइन वोल्टेज अनुपात के अनुसार होता है, जबकि CT में टर्न रेशियो करंट को नियंत्रित करता है।
फेजर डायग्राम वोल्टेज और करंट के बीच कोणीय संबंध को दर्शाता है, जिससे मैग्नेटाइजिंग और कार्यशील करंट के कंपोनेंट को समझा जा सकता है। यह लैग और लीड एंगल की व्याख्या में मदद करता है, जो ट्रांसफॉर्मर की कार्यक्षमता और त्रुटियों के विश्लेषण के लिए आवश्यक हैं।
रेशियो एरर वह त्रुटि है जो ट्रांसफॉर्मर के टर्न रेशियो में अंतर से उत्पन्न होती है, जबकि फेज एंगल एरर वोल्टेज और करंट के बीच सही फेज संबंध में विघटन को दर्शाता है। ये दोनों त्रुटियाँ मापन की सटीकता को प्रभावित करती हैं और उनके गणितीय फॉर्मूले परीक्षा में महत्वपूर्ण होते हैं।
डिजिटल वोल्ट मीटर सटीक डिजिटल रीडिंग और आसान उपयोग प्रदान करता है, जिससे मापन में सुविधा होती है। CRO वेवफॉर्म विश्लेषण के लिए उपयोग होता है जिसमें इलेक्ट्रॉन गन, डिफलेक्शन प्लेट्स और फास्फोरस स्क्रीन शामिल हैं, ये उपकरण इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल का दृश्य प्रदर्शन करते हैं।
CT और PT के डेरिवेशन और फेजर डायग्राम पर विशेष ध्यान दें, डिजिटल वोल्ट मीटर और CRO के ब्लॉक डायरग्राम और कार्यप्रणाली को समझें, तथा रेशियो एरर और फेज एंगल एरर की परिभाषाएं याद करें। नियमित अभ्यास और डेरिवेशन की रटाई से परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
Heads up!
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