सम बेसिक कांसेप्ट्स ऑफ केमिस्ट्री - वन शॉट रिवीज़न
यह वीडियो क्लास 11 केमिस्ट्री के सबसे पहले चैप्टर को कंप्लीट कवर करता है। इसे देखने के बाद आप मोल कॉन्सेप्ट और रासायनिक संयोजन के नियमों में माहिर हो जाएंगे।
केमिस्ट्री की ब्रांचेज
- फिजिकल केमिस्ट्री: फिजिकल प्रॉपर्टीज (मेल्टिंग पॉइंट, बॉइलिंग पॉइंट) पर फोकस।
- इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री: इनऑर्गेनिक सब्सटेंसेस की फिजिकल और केमिकल प्रॉपर्टीज।
- ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: कार्बन कंपाउंड्स का अध्ययन।
मैटर और उसकी अवस्थाएं (States of Matter)
- मैटर: कोई भी चीज़ जो स्पेस घेरती है और जिसका मास होता है।
- तीन मुख्य अवस्थाएं:
- सॉलिड: शेप और वॉल्यूम दोनों फिक्स।
- लिक्विड: शेप फिक्स नहीं, लेकिन वॉल्यूम फिक्स।
- गैस: न शेप फिक्स न वॉल्यूम फिक्स।
- अवस्था परिवर्तन (Change of State):
- सॉलिड → लिक्विड: फ्यूज़न (मेल्टिंग) - हीट लेता है।
- लिक्विड → गैस: बॉइलिंग (वेपराइज़ेशन) - हीट लेता है।
- गैस → लिक्विड: कंडेंसेशन (लिक्विफिकेशन) - हीट छोड़ता है।
- लिक्विड → सॉलिड: फ्रीज़िंग (सॉलिडिफिकेशन) - हीट छोड़ता है।
- सॉलिड → गैस (डायरेक्ट): सब्लीमेशन - जैसे कपूर, आयोडीन।
- गैस → सॉलिड (डायरेक्ट): डिपोज़िशन।
मिश्रण (Mixtures) और शुद्ध पदार्थ (Pure Substances)
- मिश्रण (Mixture): दो या दो से अधिक घटक बिना किसी निश्चित अनुपात के मिले हों।
- होमोजीनियस: एकसमान संघटन (जैसे नमक का पानी)।
- हेटेरोजीनियस: असमान संघटन (जैसे नमकीन, समुद्र का पानी)।
- शुद्ध पदार्थ (Pure Substance): एक ही प्रकार के कणों से बना।
- एलिमेंट: एक ही प्रकार के एटम (जैसे Na, C)।
- कंपाउंड: दो या दो से अधिक एलिमेंट एक निश्चित अनुपात में (जैसे H₂O, NaCl)।
- एलोट्रोप्स: एक ही एलिमेंट के अलग-अलग भौतिक रूप (जैसे डायमंड और ग्रेफाइट)।
रासायनिक संयोजन के नियम (Laws of Chemical Combination)
- लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मास (Antoine Lavoisier):
- "रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्य को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है।"
- कुल अभिकारकों का द्रव्यमान = कुल उत्पादों का द्रव्यमान।
- लॉ ऑफ डेफिनेट प्रोपोर्शन (Joseph Proust):
- "एक शुद्ध रासायनिक यौगिक में उसके अवयव तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में मौजूद होते हैं।"
- उदाहरण: H₂O में H : O का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1 : 8 होता है।
- लॉ ऑफ मल्टीपल प्रोपोर्शन (John Dalton):
- "जब दो तत्व मिलकर एक से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के एक निश्चित द्रव्यमान के साथ दूसरे तत्व के विभिन्न द्रव्यमानों का अनुपात एक सरल पूर्णांक अनुपात (जैसे 1:2, 1:3) में होता है।"
- उदाहरण: H₂O में (H:O = 1:8) और H₂O₂ में (H:O = 1:16). यहां O का अनुपात 8:16 = 1:2 है।
- गै लुसैक का नियम (Gay Lussac's Law):
- "गैसों के आयतनों का अनुपात सरल पूर्णांक में होता है जब वे स्थिर ताप और दाब पर रासायनिक अभिक्रिया करती हैं।"
- उदाहरण: 2H₂ + O₂ → 2H₂O (आयतन अनुपात: 2:1:2)
- एवोगैड्रो का नियम (Avogadro's Law):
- "समान ताप और दाब पर गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।"
मोल कॉन्सेप्ट (Mole Concept) - पूरी जानकारी
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मोल क्या है?
- यह पदार्थ की मात्रा का मापन है।
- 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (एटम, मॉलिक्यूल, आयन आदि)।
- इस संख्या को एवोगैड्रो संख्या (Nₐ) कहते हैं।
-
मोल निकालने का फॉर्मूला:
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मोल्स की संख्या (n) = (पदार्थ का द्रव्यमान (मास) ग्राम में) / (पदार्थ का मोलर मास)
मोलर मास क्या है? यह एक मोल पदार्थ का ग्राम में द्रव्यमान है।
- H₂O का मोलर मास: (2×1) + 16 = 18 g/mol
- CO₂ का मोलर मास: 12 + (2×16) = 44 g/mol
-
-
उदाहरण (Question): 18 ग्राम पानी (H₂O) में कितने मोल हैं?
- हल:
- मोलर मास of H₂O = 18 g/mol
- n = 18 g / 18 g/mol = 1 मोल
- (तो इसमें 6.022 × 10²³ मॉलिक्यूल होंगे।)
- हल:
-
महत्वपूर्ण सूत्र संबंध:
n = m / M(जहां m = द्रव्यमान (ग्राम), M = मोलर मास)n = N / Nₐ(जहां N = कणों की संख्या, Nₐ = 6.022 × 10²³)n = V / 22.4 L(STP पर किसी गैस के लिए, V = लीटर में आयतन)
अधिक विस्तृत अध्ययन और अभ्यास के लिए, आप हमारे टाइटंस फास्ट ट्रैक 11वीं ओरिएंटेशन: शेड्यूल, नोट्स और क्लासेस का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही, रे ऑप्टिक्स जैसे अन्य विषयों की तैयारी के लिए क्लास 12 फिजिक्स: रे ऑप्टिक्स पर विस्तृत परिचय और प्लेन मिरर रिफ्लेक्शन भी देखें।
ये जो मैंने गोल्ड की रिंग पहन रखी है, ये 22 कैरेट की गोल्ड की रिंग है शायद। मेरे ससुराल वालों ने तो मतलब यही बोला था
मुझे। मैं ऐसे सोच के पढ़ा रहा हूं कि भैया अगर दो क्वेश्चन किए हैं। क्या पता कहीं ना कहीं बच्चा इन दोनों में अटका हो।
क्यों ना एक और क्वेश्चन करा दे। 50 बच्चे हैं। ठीक है? मान लेते हैं 20 जो है वो बॉयज हैं। 30 जो है वो गर्ल्स हैं। लौंडे
कहेंगे ज्यादा चांसेस। कितना फूंकी सा लग रहा है ये। 100 ना वो टी। सभी को नमस्कार। 11th वालों क्या हालचाल है आप सभी का?
स्वागत है आप सभी का आशु भाई 11 12th पे और स्वागत है आप सभी का केमिस्ट्री के वन शॉट की सीरीज के पहले वन शॉट में। जी हां
इस साल मैं आपको इस चैनल पे पूरी की पूरी 11th की फिजिक्स और केमिस्ट्री पढ़ाने वाला हूं। 11th में फिजिक्स में हमने सबसे पहले
यहां पे इंटीग्रेशन डिफरेंशिएशन के लेक्चर्स को अपलोड कर दिया। और अभी हाल ही में 7 आठ दिन पहले हम लोगों ने यूनिट्स
एंड मेज़रमेंट का एक लेक्चर अपलोड किया। यूनिट्स एंड मेजरमेंट का इस बार का जो लेक्चर था इस चैनल पे उसमें काफी प्यारे
क्वेश्चंस थे। तो अगर आप में से बहुत सारे बच्चों ने पहले मेरे कोई वन शॉट्स देखे हुए हैं जिस पे चारप मिलियन व्यूज हो चुके
हैं तो आपको ये वाला वन शॉट यूनिट्स एंड मेजरमेंट का देखना है क्योंकि इस वाले यूनिट्स एंड मेजरमेंट के वन शॉट पे मैंने
बहुत अलग और बेहतरीन क्वेश्चंस कराए हैं और जिन्होंने भी वो वन शॉट किया है उनके मैं यहां पे कुछ कमेंट्स पढ़ना चाहूंगा
कुछ प्यारे-प्यारे बच्चों के जिन्होंने काफी अच्छे से आंसर दिया है। जैसे कि कृषु झा नाम के बच्चे ने बड़े अच्छे आंसर दिए
हैं। नारायण धाकड़ जी ने बड़े अच्छे आंसर दिए हैं। है ना? ना कुछ बच्चों ने प्यारे-प्यारे कमेंट भी किए हैं। नारायण
धाकर जी शायद जी उन्हीं के भाई तो नहीं है। अच्छा वो मैंने सीएम ही नाम पढ़ दिया। ठीक है। इसके बाद एक बच्चे ने पूछा है कि
क्या पैरालेक्स मेथड जो है वो हट गया है? तो आंसर है हां बेटा इस चैप्टर से यानी यूनिट्स एंड मेजरमेंट से एरर और पैरालेक्स
मेथड एनसीईआरटी से हट गया है। हो सकता है आपके स्कूल में कभी ना कभी किसी ना किसी तरीके से करा दिया गया हो। वो अलग बात है
बट सिलेबस से हट चुका है। ठीक है जी। बाकी बच्चे कुछ ना कुछ तो डिमांड कर रहे हैं कि ये वाला लेक्चर ऑन कब आएगा। ये लेक्चर कब
आएगा? और बाकी सब बच्चे अ टेल मी एरर टॉपिक इज़ डिलीटेड ऑ नॉट। मैंने आपको बता दिया कि एरर टॉपिक क्या हो गया है? डिलीट
हो गया है। इसके नोट्स कैसे मिलेंगे? मैंने बताया था Telegram पे भी आएगी। बेस्ट लेक्चर ऑन YouTube वेरी हेल्पफुल।
लव यू सो मच। द ओनली पॉइंट इज़ बाकी बहुत सारे कमेंट्स कि सर क्वेश्चन का लेवल बहुत अच्छा है। अब मैंने यहां पे नीट के बहुत
सारे सवाल आपको साथ में कराए थे। ऑलदो ये जो लेक्चर मैं आपको पढ़ा रहा हूं ये नीट के लिए नहीं है। ये हमारे सीबीएसई के लिए
हैं। हमारे स्कूलिंग के लिए हैं। लेकिन मैंने नीट के सवाल क्यों करवाए थे उसमें? क्योंकि आजकल पेपर में क्वेश्चंस का जो
लेवल है बेटा वो बढ़ता जा रहा है। हम सब देख रहे हैं। तो बिल्कुल आपको ध्यान रखना है कि अगर आपने यूनिट्स एंड मेजरमेंट का
पहला वन शॉट कभी देखे हैं मेरे तो ये वाला वन शॉट अलग है। यहां पे जो भी फिजिक्स के वन शॉट्स आएंगे वो इस बार अलग कैसे होंगे
पिछले वन शॉट से? क्योंकि इस बार हम काफी नेक्स्ट लेवल क्वेश्चंस पे जाने वाले हैं। ठीक है? पहली बात। दूसरी बात केमिस्ट्री
के मैंने वन शॉट आज तक कभी भी अपलोड नहीं किए। लास्ट ईयर 11th का एक वन शॉट अपलोड किया था व्हिच इज केमिकल बॉन्डिंग बच्चों
के कहने पे क्योंकि उनको बहुत दिक्कत आ रही थी उसमें और वही मैंने अपने पेड बैच के लेक्चर्स को अपलोड कर दिया था
हल्के-हल्के कट्स मार के लेकिन इस बार इस चैनल पे मैं कंप्लीट 11th की केमिस्ट्री पढ़ाने वाला हूं। मैंने लास्ट मोमेंट पे
बच्चों को 11th की केमिस्ट्री पढ़ाई थी। लेकिन इस साल मैं पूरी केमिस्ट्री पढ़ाऊंगा। क्योंकि मैं यहां पे केमिस्ट्री
पहली बार पढ़ा रहा हूं। यानी कि फर्स्ट टाइम पढ़ा रहा हूं YouTube पे। ऑलदो 15 16 साल से ऑफलाइन पढ़ा रहा हूं। तो जो
क्वेश्चंस यहां पे होंगे वो थोड़े बहुत कंपटेंसी बेस्ड होंगे और बहुत सारे एनसीईआरटी के भी होंगे। कुछ एनसीईआरटी के
एग्जांपलर भी होंगे। यानी कि आप समझ रहे हो फिजिक्स के वन शॉट अलग कैसे हैं? सारे क्वेश्चन आपको डिफरेंट मिलेंगे। लेकिन
केमिस्ट्री के वन शॉट में आपको एनसीईआरटी भी मिलेगी। कॉम्पिटेंसी बेस्ड क्वेश्चन भी मिलेंगे। एग्जांपलर भी मिलेंगे। सबका
मिक्सचर मिलेगा। बिकॉज़ ये पहले वन शॉट है मेरे YouTube पे। तो मैं इनको ऐसा बनाना चाह रहा हूं कि हर एक प्रकार का बच्चा
इन्हें देख सके। चलो आओ शुरू करते हैं। चैप्टर का नाम क्या है? सम बेसिक कांसेप्ट्स ऑफ केमिस्ट्री। आई होप आप सबको
केमिस्ट्री का मतलब पता हो। केमिस्ट्री साइंस की ऑब्वियस सी बात है एक ब्रांच है। उससे पहले साइंस का मतलब पता हो। साइंस का
मतलब होता है साइंटिया से आया। साइंटिया वर्ड से आया साइंस। और साइंटिया मतलब होता है टू नो। साइंस वर्ड किससे आया? साइंटिया
से। साइंस वर्ड किससे आया? साइंटिया से। एंड साइंटिया मतलब होता है टू नो। अगर आपको कुछ भी जानना हो ना तो साइंटिया
बोलते हैं। टू नो। और उससे वर्ड आया साइंस। और ऑब्वियस सी बात है साइंस आपकी बहुत कुछ जानने में मदद करती है। साइंस की
मेजरली तीन ब्रांचेस होती हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी। हम लोग किसके बारे में बात करने वाले हैं? ऑब्वियस सी
बात है केमिस्ट्री के बारे में। केमिस्ट्री हमारे लिए बहुत यूज़फुल है। इसने हमें ड्रग्स दिए। ड्रग्स का मतलब हम
चरस, गांजा, फीमड़ी बेटा मेडिसिंस दी। इसने हमें एंटी बायोटिक्स दिए, एंटीसेप्टिक्स दिए। इसने हमें पॉलीमर्स
दिए। इसने हमें फ्यूल्स दिए। मतलब बहुत कुछ दिया इसने हमें। एग्रीकल्चर प्रैक्टिससेस में बहुत हेल्प करी।
फर्टिलाइज़र्स दिए एटसेट्रा एटसेट्रा और इस सबकी वजह से हमारी लाइफ बहुत बेहतर हुई। तो केमिस्ट्री ने बहुत कुछ दिया। प्लस
केमिस्ट्री ही हमारी फिजिक्स को बायो को पढ़ने में मदद भी करती है डायरेक्टली और इनडायरेक्टली। ठीक है? चलो खैर। अब
केमिस्ट्री की तीन ब्रांचेस होती हैं। मैं आपको क्योंकि पहला वन शॉट है तो बताना मेरा फर्ज है बेसिक-बेसिक। केमिस्ट्री की
तीन ब्रांचेस होती हैं। फिजिकल केमिस्ट्री, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री। फिजिकल केमिस्ट्री
में हम लोग फिजिकल प्रॉपर्टीज के ऊपर बात करते हैं। मेल्टिंग पॉइंट, बॉइलिंग पॉइंट, अपीरियंस, स्टेट एटसेट्रा। केमिकल केमिकल
प्रॉपर्टीज के बारे में ज्यादा बातें नहीं होती है। ना के बराबर बात होती है। अगर हम फिजिकल केमिस्ट्री का चैप्टर पढ़ रहे हैं
तो जैसे कि आप ऐसा कह सकते हो कि हमारा जो फर्स्ट चैप्टर है, हमारा जो सेकंड चैप्टर है, हमारा जो फोर्थ चैप्टर है, हमारा
फोर्थ तो थोड़ा सा नहीं कहूंगा मैं। फिफ्थ चैप्टर है, सिक्स्थ चैप्टर है। ये सारे फिजिकल केमिस्ट्री के चैप्टर हैं। लेकिन
वहीं पर हमारा पीरियडिक क्लासिफिकेशन कहीं ना कहीं थोड़ा बहुत इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री का आ जाता है। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में
हम इनऑर्गेनिक सब्सटेंसेस के बारे में बात करते हैं। उनकी फिजिकल और केमिकल प्रॉपर्टीज के बारे में भी बात करते
हैं। हमारे पास एक चैप्टर था एस ब्लॉक और पी ब्लॉक। वो प्रॉपर हमारा इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री का था। अब हमारे सिलेबस से
डिलीट हो गया है। फिर ऑर्गेनिक आती है। 10थ क्लास अगर आपको याद हो तो 10थ क्लास में आपने मेनली इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री और
ऑर्गेनिक का एक चैप्टर पढ़ा था अगर आपको याद हो। दैट इज़ कार्बोनेट्स कंपाउंड। 11th में हमारे पास ऑर्गेनिक के दो चैप्टर आ
रहे हैं। डन है। चैप्टर को वन शॉट को शुरू करते हैं। ये चैप्टर है सम बेसिक कांसेप्ट्स ऑफ़ केमिस्ट्री। आप कह सकते हो।
वैसे तो ये तीनों के किसी भी ब्रांच में नहीं आना चाहिए। आप इसे फिजिकल केमिस्ट्री में डाल सकते हो क्योंकि ये चैप्टर
एक्चुअली में केमिस्ट्री की बेसिक टर्म्स को आपको समझाने में मदद करेगा। चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले हम लोग बात
करते हैं मैटर के बारे में। अब पहली दो-तीन स्लाइड्स देख के आप ये मत समझना कि अरे इस चैप्टर में हम ये सब पढ़ने वाले
हैं क्या? सम बेसिक कांसेप्ट का मतलब ये नहीं है कि हम फर्स्ट टू 10थ के सारे कांसेप्ट्स को रिवाइज़ करेंगे। नहीं नहीं
नहीं नहीं। चारप स्लाइड के बाद आपके जीवन में सब कुछ बदलने वाला है। सब कुछ नया होने वाला है। बट हां शुरुआत की पढ़ाई
काफी इजी होने वाली है। तो क्या होता है मैटर? नर्सरी क्लास का बच्चा भी मुझे लगता है आज की डेट में जानता है एनीथिंग व्हिच
ऑक्यूुपाई स्पेस एंड हैव सम मास। ऐसी कोई भी चीज जिसके पास मास होता है और वो स्पेस ऑक्यूुपाई करती है उसे हम लोग मैटर कहते
हैं। बचपन से हम पढ़ते आ रहे हैं। ये स्टाइलेस मैटर है। हवा हवा भी जगह घेरती है। बैलून में हवा भरोगे तो बैलून बड़ा
होगा। और आपने शायद नाइंथ में किया हुआ है। हवा भरा हुआ बैलून ज्यादा भारी होता है एज कंपेयर टू जिसमें आपने हवा नहीं भरी
होती है। तो भैया हवा के पास जैसे सिलेंडर होता है। आपके घर में गैस एलपीजी का सिलेंडर आता होगा। जब नया-नया सिलेंडर आता
है काफी भारी होता है। कुछ 30-40 किलो का होता है शायद पता नहीं। और जब धीरे-धीरे उसको हम यूज़ करते चले जाते हैं तो वो
हल्का होता चला जाता है। तो ऑब्वियस सी बात है बेटा हवा के अंदर वजन है। ऑब्वियस सी बात है। तो हवा भी एक मैटर है। आप,
मैं, चेयर, कैमरा ये पर्दे। अच्छा ट्रू या फॉल्स? ट्रू या फॉल्स? कमेंट सेक्शन में कमेंट सेक्शन में बताना भैया जो पुराने
बच्चे हैं उनको पता है वो आंसर देते हैं। कमेंट सेक्शन में टाइम स्टैंप के साथ बताना है ट्रू या फॉल्स। जो भी चीज हमें
दिख रही है एट लीस्ट वो तो मैटर है ही है। जो भी चीज हमें दिख रही है एट लीस्ट वो तो मैटर है ही है। ट्रू या फॉल्स? ट्रू है
बिल्कुल ट्रू है। ठीक है जी? अब मैटर मेजरली तीन स्टेट्स में पाया जाता है। एक है हमारे पास सॉलिड। एक है हमारे पास
लिक्विड और एक है हमारे पास गैस। ठीक है? हमारे पास दो और स्टेट्स भी हैं। आपको शायद याद हो नाइंथ क्लास से। एक होती है
प्लाज्मा और एक होती है बोस आइंस्टाइन कंडसेट। अगर याद हो तो हमारे पास मैटर की दो स्टेट्स और हैं। प्लाज्मा है और बोज
आइंस्टाइन कंडसेट है। टोटल पांच स्टेट्स हमारे पास मैटर की रहती हैं। बट मेजर जो स्टेट्स हैं हमारे पास वो तीन ही हैं।
सॉलिड, लिक्विड और गैस। आओ। अब मैटर में सॉलिड, लिक्विड, गैस को एक-एक करके अगर समझें कि सॉलिड कौन है? तो सॉलिड वो है
जिसकी शेप और वॉल्यूम दोनों फिक्स्ड है। है ना? सॉलिड कौन है? जिसकी शेप और वॉल्यूम दोनों फिक्स्ड हैं। लिक्विड कौन
है? जिनकी शेप तो फिक्स नहीं है लेकिन उनकी वॉल्यूम फिक्स है। 1 लीटर दूध 1 लीटर रहता है अगर आप उसे थैली से काट के जग में
डाल दो। लेकिन हां उसकी जो शेप है वो बदल जाएगी। लिक्विड्स किसकी शेप ले लेते हैं? आंसर है लिक्विड्स कंटेनर की शेप ले लेते
हैं। जिस भी कंटेनर में आप लिक्विड को डालते हो वो उसकी शेप ले लेते हैं। वहीं पे गैसेस की बात करें तो इनकी ना तो
वॉल्यूम फिक्स होती है ना ही शेप फिक्स होती है। है ना? वॉल्यूम शेप तो चलो पता ही है आपको पानी की तरह लिक्विड्स की तरह
जिस कंटेनर में डाल दो उसकी शेप लेंगे लेकिन इनकी वॉल्यूम भी फिक्स नहीं होती। अगर मैं इस कमरे में अभी एक गैस का
सिलेंडर खोल दूं तो वो क्या इस पूरे कमरे में गैस फैल जाएगी? या फिर अगर मैं एक कमरे में एक कोने पे एक परफ्यूम या एक
डड्रेंट एक डड्रेंट का एग्जांपल लेते हैं। एक डड्रेंट को स्प्रे करता हूं। तो क्या अगर मैं उसको 5 सेकंड तक स्प्रे करूं तो
इस पूरे कमरे में हर एक कोने में उस डड्रेंट की खुशबू पहुंच जाएगी। ऐसा कोई जगह नहीं होगी इस कमरे में जहां पे उसकी
खुशबू ना पहुंचे। तो क्या पूरे के पूरे परफ्यूम के डड्रेंट के पार्टिकल ने पूरे कमरे की वॉल्यूम को कवर कर लिया? यस। और
इस पूरे कमरे की गैस को मैं कंप्रेस करके एक सिलेंडर में भी भर सकता हूं। आप जानते हैं कंप्रेस करके। तो गैसेस वो होती हैं
जिनकी ना तो शेप फिक्स है ना ही वॉल्यूम फिक्स है। डन। ठीक है? सॉलिड्स कौन? शेप और वॉल्यूम दोनों फिक्स्ड। लिक्विड कौन?
शेप फिक्स नहीं है लेकिन वॉल्यूम फिक्स है और गैसेस जिनकी ना तो शेप फिक्स्ड है और ना ही वॉल्यूम फिक्स्ड है। डन है। अब क्या
हम सॉलिड, लिक्विड और गैस को एक दूसरे में इंटरचेंज कर सकते हैं कि नहीं कर सकते हैं? क्या हम सॉलिड, लिक्विड, गैस को एक
दूसरे में चेंज कर सकते हैं कि नहीं कर सकते हैं? बिल्कुल कर सकते हैं? आओ जरा समझे कैसे कर सकते हैं। मान लेते हैं मेरे
पास यहां पे है सॉलिड। इससे इस ये एक्चुअली आपको एक फ्लो चार्ट दे रहा हूं और इस फ्लो चार्ट से आप बहुत सारी चीजें
जानोगे एक साथ। आपके पास कोई सॉलिड है। आपको उसको लिक्विड में कन्वर्ट करना है। यस करते हैं हम लोग घरों में और
लिक्विड को आपको गैस में कन्वर्ट करना है। ये भी हम लोग करते हैं। आई होप आपको पता है अगर मैं सॉलिड को लिक्विड में कन्वर्ट
करना चाहता हूं तो मुझे उसको हीट करना होगा। बेसिक बात है। है ना? अब कभी कबभार हीट मैं करूंगा या कभी कबभार वो हीट
एनवायरमेंट से लेगा। एग्जांपल के तौर पे अगर आपको लोहे को पिघलाना है तो लोहे को पिघलाने के लिए आपको हीट सप्लाई करनी
होगी। बिकॉज़ रूम टेंपरेचर पे लोहा पिघलने वाला नहीं है। लेकिन वहीं पे आइस जो है वो उसको आप रूम टेंपरेचर पे रख दो तो वो
मेल्ट हो जाएगी। अब इसका मतलब ये नहीं है कि आइस को तो सर हम कोई हीट नहीं देते। वो फिर भी मेल्ट हो जाती है। वो एनवायरमेंट
से ले लेती है। उसको इतनी कम हीट चाहिए कि रूम टेंपरेचर पे भी 20 30° सेल्सियस पे भी वो आराम से पिघलती है। आपको पता है जीरो
के ऊपर किसी भी टेंपरेचर पे वो मेल्ट हो जाती है। तो हीट तो करना पड़ेगा सॉलिड से लिक्विड जाने के लिए। लिक्विड से गैस जाना
है तो भी आपको हीट करना पड़ेगा। ठीक है? या फिर वो एनवायरमेंट से लेगा। गैस से लिक्विड आने के लिए हीट रिलीज होती है।
ऐसा कह लो या फिर ठंडा करना पड़ता है। और लिक्विड से सॉलिड जाने के लिए भी हीट रिलीज होती है या ऐसा कह लो ठंडा करना
पड़ता है। लेकिन क्या इन प्रोसेससेस के कोई नाम रखे गए हैं? क्या? अरे ये बोर्ड ब्लर हो रहा है क्या? नहीं। क्या इन
प्रोसेससेस के कोई नाम रखे गए हैं? बिल्कुल रखे गए हैं। क्या सॉलिड से लिक्विड जाने को हमने कुछ नाम दिया है?
क्या लिक्विड से गैस जाने को हमने कुछ नाम दिया है? क्या गैस से लिक्विड वापस आने को? क्या लिक्विड से वापस सॉलिड आने को
हमने कोई नाम दिया है? हां जी बिल्कुल दिया है। सॉलिड से लिक्विड जाने को हम लोग कहते हैं
फ्यूजन या फिर आप सबको पता है इसको हम लोग मेल्टिंग भी कहते हैं। है ना भाई? तो क्या हमने अपने घर में कभी किसी भी सॉलिड को
लिक्विड में कन्वर्ट किया? आंसर बहुत बार किया होगा। बर्फ को पिघलाया होगा। सर्दियों में नारियल का तेल जम जाता है।
उसको गर्म पानी में रखा होगा। आपने देसी घी को पिघलाया होगा आपने। बटर को आपने फ्रिज से निकाल के अपने पराठे पे आलू के
पराठे पे ऐसे रगड़गड़ के खाया ना तो बेटा वो मेल्ट हो जाता है ना? तो वो भी तो मेल्टिंग है फ्यूज़। ठीक है ना? चॉकलेट को
मेल्ट किया होगा। लिक्विड को गैस में कन्वर्ट करने को हम लोग कहते हैं बॉइलिंग। और बोइलिंग के साथ-साथ इसे क्या कहते हैं?
इसे कहते हैं वेपराइजेशन। अब आप में से कुछ बच्चों ने हो सकता है इवापोरेशन बोला हो। लेकिन इवापोरेशन अलग है और वेपराइजेशन
बहुत अलग है। इवापोरेशन में हम किसी भी लिक्विड को वेपर्स में कन्वर्ट करते हैं बिलो इट्स बॉइलिंग पॉइंट। जरा फर्क समझना।
अगर मैं पानी को गैस पर रख के उबाल रहा हूं। पानी 100° सेल्सियस पे पहुंचा और उसके बाद वो लिक्विड से भाप बनना स्टीम
बनना शुरू हुआ। इसको बोलते हैं वेपराइजेशन यानी कि बॉइलिंग। लेकिन अगर मैंने पानी को अपने कमरे के फ्लोर पे फेंक दिया तो कमरे
का टेंपरेचर तो 100 नहीं है ना। 50 होगा, 40 होगा, 40 भी बहुत ज्यादा बोल रहा हूं। इस कमरे का टेंपरेचर तो 2030 के आसपास है।
बिकॉज़ एसी चल रहा है। तो 2030 के आसपास टेंपरेचर है। फिर भी पानी जो है वो लिक्विड से वेपर्स यानी गैस बनेगा। तो जब
लिक्विड से गैस पे बनता है अपने बॉइलिंग पॉइंट के नीचे उसे क्या कहा जाता है? इवापोरेशन। अभी हम बात कर रहे हैं
वेपराइजेशन की। यानी बॉइलिंग पॉइंट पे पहुंचने के बाद जब मैं 100 पे पहुंचा उसके बाद पानी को मैंने गैस में कन्वर्ट करना
शुरू किया। अच्छा। अब गैस से वापस से लिक्विड आना है क्या? क्या हमने कभी घर में सॉलिड को लिक्विड में कन्वर्ट किया?
हां, लिक्विड को गैस में कन्वर्ट किया? बहुत बार। मैगी बनाई होगी तो पानी इवापोरेट किया होगा। सॉरी पानी वेपराइज
किया होगा। सॉरी। अब गैस को अगर चाय बनाते वक्त भी किया होगा। अब गैस को वापस से कभी लिक्विड में कन्वर्ट किया? हां। अगर चाय
बनाते हुए आपने उस चाय उबलती हुई चाय के ऊपर अगर आपने एक प्लेट रखी होगी और फिर हटाया होगा थोड़ी देर बाद। तो प्लेट पे
क्या आपको पानी की नमी, पानी के पार्टिकल्स मिले होंगे ना? हां, क्योंकि वो पानी भाप बनके जा रहा था। उसे
ठंडी-ठंडी प्लेट मिल गई। चिपक गया। ठंडी-ठंडी प्लेट मिल गई। चिपक गया। चिपक गया। तो इसे बोलते हैं
कंडेंसेशन। इसे बोलते हैं कंडेंसेशन। कंडेंसेशन के अलावा इसको लिक्विफिकेशन भी कहते हैं।
लिक्विफिकेशन। कंडेंसेशन के अलावा इसको लिक्विफिकेशन भी कहते हैं। अच्छा। कभी लिक्विड को सॉलिड में कन्वर्ट किया है?
हां। एक बार मुझे ना किसी ने चॉकलेट दी थी। अबे बच्चे ने दी थी, स्टूडेंट ने दी थी,
टीचर्स डे पर गंदे आदमी। तो वो चॉकलेट ना घर क्योंकि 5 सितंबर था, गर्मी होती है। मैंने जेब में रख रखी थी, वो पिघल गई। फिर
मैंने कहा कि भैया घर जाके वही चॉकलेट मैंने अपनी वाइफ को दे दी। मैंने कहा मैं चॉकलेट लेके आया हूं उसके लिए। मैंने जब
उसके हाथ में चॉकलेट रखी, वो चॉकलेट इतनी पिघली हुई थी। भाई साहब सारा मूड खराब हो गया। मैं तो मूड अच्छा करने गया था। फिर
चलो वो तो चलो जो भी मेरी बेज्जती हुई। फिर उसके बाद वो ओरा माइनस हुआ। चॉकलेट को हमने फ्रिज में रख दिया। फ्रीजर में रख
दिया। वापस से जम गई। ऐसे ही हम बर्फ भी जमाते हैं। ऐसे हम नारियल का तेल भी जमा देते हैं। तो बेटा ये तो जमाना तो हमारे
घर में चलो लिक्विड से सॉलिड में अगर हम बाहर जाएं। अच्छा एक बच्चा बोला कि सर दूध से
दही जमना। दूध से दही जमना। नहीं नहीं नहीं वो तो केमिकल प्रोसेस है। ये सारे फिजिकल प्रोसेस हो रहे हैं। ऐसे तो आप 10थ
में एक रिएक्शन पढ़ के आए हो। प्रेसिपिटेशन रिएक्शन। नहीं नहीं वो तो रिएक्शन पे चले गए आप। ये तो केमिकल
प्रॉपर्टीज पे चले गए। ये तो फिजिकल चेंजज़ हैं। फिजिकल चेंजज़ हैं। तो किसी लिक्विड को आपको सॉलिड में कन्वर्ट करना है। इसको
हम लोग बोल देते हैं फ्रीजिंग। फ्रीजिंग बोल देते हैं। और फ्रीजिंग के साथ-साथ इसको हम लोग सॉलिडिफिकेशन भी कह देते
हैं। सॉलिडिफिकेशन भी कह देते हैं। अच्छा। अब क्या ये बात कहना सत्य होगा कि अगर मुझे किसी भी सॉलिड को
कन्वर्ट करना है लिक्विड में। अगर मुझे किसी भी सॉलिड को कन्वर्ट करना है लिक्विड में और फिर उसके बाद जाना है किसमें ना?
गैस में तो ये ऐसे जाएगा। कैसे? मैं सॉलिड पे हूं। सॉलिड से जाऊंगा लिक्विड, लिक्विड से जाऊंगा गैस। यानी कि मोस्टली मोस्टली
सॉलिड सीधा गैस में कन्वर्ट नहीं हो सकते हैं। अगर आपको किसी सॉलिड को गैस में कन्वर्ट करना है तो पहले आपको लिक्विड
स्टेट में हो के जाना होगा। लेकिन आप सबको याद आ गया होगा कि दुनिया में कुछ ऐसे भी सॉलिड्स हैं दुनिया में कुछ ऐसे भी
सॉलिड्स हैं जिनको आप सीधा गैस में कन्वर्ट कर सकते हो। कुछ दुनिया में ऐसे भी सॉलिड हैं जिनको आप सीधा गैस में
कन्वर्ट कर सकते हो। एंड द प्रोसेस इज कॉल्ड सब्लीमेशन। जब आप किसी भी सॉलिड को
डायरेक्टली कन्वर्ट कर देते हो गैस में यानी कि वेपर्स में इसे कहा जाता है सब्लीमेशन। बहुत गिने-चुने लोग हैं जो
सब्लेमेशन शो करते हैं। जैसे कि आयोडीन है, जैसे कि कैमफर है, जैसे कि सॉलिड कार्बन डाइऑक्साइड है, जैसे कि नेफ्थलीन
है, जैसे कि अमोनियम क्लोराइड है। कुछ गिने-चुने लोग हैं जो सीधा सॉलिड से किस में कन्वर्ट होते हैं? गैस में कन्वर्ट
होते हैं? हीट करने पे। और अकल लगाओ अगर कोई सॉलिड सीधा हीट करने पे गैस में कन्वर्ट हो रहा है तो वो गैस से वापस सीधा
किस में भी कन्वर्ट होगा सॉलिड में। ठंडा करने पे। अगर कोई सॉलिड गर्म करने पे सीधा गैस में जा रहा है तो ठंडा करने पे
ऑब्वियस सी बात है वो गैस सीधा किस में कन्वर्ट होगा? सॉलिड में। लेकिन उसको सबलीमेशन नहीं कहते हैं। उसको कहते हैं
डिपज़िशन। उसको कहा जाता है डिपॉज़िशन। इस प्रोसेस को कहा जाता है डिपॉज़िशन। देखो मैंने कहा था पहले तीन-चार पेजेस आपको
फेमिलियर हो सकते हैं। इसलिए मैं थोड़ा सा फास्ट भी हूं इनमें क्योंकि यह बहुत बेसिक चीजें हैं। है ना? बहुत सारे बच्चों को ये
आती होंगी। बहुत सारे बच्चों ने तो हो सकता है स्किप भी कर दी हो। चलो खैर तो ये हमारा चेंज ऑफ स्टेट हुआ। इस फ्लो चार्ट
में आपको सारी बेसिक टर्म्स मिल रही हैं। कोई भी बेसिक टर्म कहीं पे भी आपके काम आ सकती है। डन। आगे बढ़ते हैं। अगेन देखो ये
वाली स्लाइड। यह वाली स्लाइड और यह वाली स्लाइड और यह वाली स्लाइड। है ना? यहां तक हमने अच्छा मैं प्यारे-प्यारे सवाल भी
लाया मैंने आपको बताया था। ठीक है? आओ चलो ये वाली स्लाइड कुछ पुरानी स्लाइड्स हैं। बाकी सब फिर नया है। आओ बात करते हैं
मिक्सचर क्या होता है? मिक्सचर याद करेंगे। दो या दो से ज्यादा सब्सटेंसेस को जब हमने आपस में मिक्स किया होता है। वो
आपस में केमिकली कंबाइंड नहीं होते हैं। वो आपस में केमिकली कंबाइंड नहीं होते और उनका कोई फिक्स्ड रेश्यो नहीं होता है। तो
मिक्सचर कंटेन टू और मोर सब्सटेंसेस प्रेजेंट इन एनी रेश्यो व्हिच आर कॉल्ड इट्स कॉम्पोनेंट। क्या कोई फिक्स्ड रेश्यो
है? नहीं भैया। नो फिक्स्ड रेश्यो। पहली बात तो कोई फिक्स्ड रेश्यो नहीं है। और दूसरी बात
कॉमोनेंट्स आर नॉट केमिकली कंबाइंड।
जो कॉमोनेंट्स हैं वह आपस में केमिकली जुड़े हुए नहीं है। जैसे कि अगेन नमक को पानी में डाल दिया, चीनी को पानी में डाल
दिया, हवा, समुद्र का पानी ये सब मिक्सचर हैं। मिक्सचर दो प्रकार के होते हैं। होमोजनियस मिक्सचर और हेटेरोजीनियस
मिक्सचर। अगर कंपोज़िशन यूनिफॉर्म है और आप सिर्फ सिंगल फज़ ही देख पा रहे हो। है ना? जैसे नमक को पानी में घोलने के बाद घोलना
पूरा घुल गया है। पहला सिप और आखिरी सिप सेम टेस्ट करेगा। बिकॉज़ वो होमोजनियस मिक्सचर बन गया है। वहीं पे अगर आप नमक को
अल्कोहल में डालोगे तो नमक अल्कोहल में घुलता नहीं है। नमक नीचे जाके बैठ जाएगा। तो कौन सा मिक्सचर बनाएगा? हेटेरोजीनियस।
अब हवा है। होमोजनियस मिक्सचर है। ये जो मैंने गोल्ड की रिंग पहन रखी है ये 22 कैरेट की गोल्ड की रिंग है शायद। मेरे
ससुराल वालों ने तो मतलब यही बोला था मुझे कि ये 22 कैरेट की रिंग है। इसका मतलब है इसमें 22 रेश्यो अगर गोल्ड का है तो दो
रेश्यो यहां पे सिल्वर या कॉपर का है। लेकिन मुझे इसमें गोल्ड के अंदर सिल्वर कॉपर नहीं दिख रहा है। बिकॉज़ ये होमोजनियस
मिक्सचर बना हुआ है। लेकिन वहीं पे समुद्र का पानी होमोजनियस भी है और हेट्रो भी है। क्योंकि इसमें मिट्टी भी है और नमक भी है।
पानी के अंदर मिट्टी डाल दूंगा। आप मेरे घर की टंकी में आप जाके देखोगे अपने घर की भी। मेरी नहीं अपने भी घर की देखोगे तो
नीचे मिट्टी का एक लेयर दिखेगी आपको। अंटिल अनलेस आपने अभी दो-चार दिन पहले उसको साफ करवाया हो तो अलग बात है। इन
शॉर्ट हेटेरनियस मिक्सचर में कॉमोनेंट्स अलग-अलग विज़िबल होते हैं। मिक्सचर नमकीन कभी आपने खाया हो किसी भी ब्रांड का उसमें
भी आपको दिखता होगा मूंगफली अलग, भुजिया अलग, लहसुन अलग जो भी है। कहने का मतलब है बेटा मिक्सचर दो प्रकार के होते हैं।
होमोजेनियस और हेटेरोजीनियस। बचपन से पढ़ते आ रहे हैं। फिर आते हैं प्योर सब्सटांस। ऐसे सब्सटेंसेस जिसमें कोई भी
इंप्योरिटी ऐड ना हो रखी हो। यानी अगर हम एलिमेंट्स की बात कर रहे हैं तो उनमें एक ही प्रकार के एटम हो बस। लेकिन अगर हम
कंपाउंड्स की बात कर रहे हैं तो जो भी वो कंपाउंड जिन भी एटम से मिलके बना है उसके अलावा नहीं होना चाहिए। अगर हम सोडियम की
बात कर रहे हैं जो कि एलिमेंट है तो सोडियम के अलावा कुछ और नहीं होना चाहिए। लेकिन अगर हम कंपाउंड की बात कर रहे हैं
जैसे H2O तो H2O के अलावा कुछ और नहीं होना चाहिए। जैसे हमारे घर के नलके में जो पानी आता है वो प्योर वाटर होता है या
इंप्योर वाटर होता है? इंप्योर होता है। और अगर मैं उस पानी को अब एक बड़ा प्यारा सवाल पूछने जा रहा हूं। अगर मैं नलके के
पानी को वाटर प्यूरीिफायर से पास करा दूं तो जो पानी बाहर आएगा वो प्योर होगा या इंप्योर होगा? आंसर है अभी भी इंप्योर
होगा। इंप्योर का मतलब गंदा नहीं होता है। नलके में जो पानी आ रहा है उसमें पानी है, मिनरल्स हैं, डस्ट पार्टिकल्स हैं। कुछ
माइक्रो ऑर्गेनिज्म भी होंगे, क्लोरीन भी होगा। तो पानी इंप्योर है। मैंने उसे वाटर प्यूरीिफायर से पास कराया। मिट्टिविटी सब
हट गई। माइक्रो ऑर्गेनिज्म भी हट गए। लेकिन मिनरल्स तो अभी भी हैं और होने भी चाहिए। बिकॉज़ हम डिस्टिल वाटर थोड़ी ना
पीते। हम तो मिनरल वाटर पीते हैं। हां, अगर आपके घर में या लैब में मिनरल वाटर पड़ा हुआ है। ओह सॉरी डिस्टिल वाटर पड़ा हुआ
है तो वो प्योर है। है ना भाई? अदरवाइज नहीं है। सर क्या हमारे घर में कोई ऐसी चीज है जो प्योर है? जो पड़ी हुई है और
प्योर है। अगर आपके घर में 24 कैरेट गोल्ड है। कई लोगों के घर में होता है। बड़ा सॉफ्ट होता है वो। लेकिन लोग इन्वेस्टमेंट
के लिए उसके बिस्किट्स या कॉइंस खरीद लेते हैं या फिर डायमंड हो आपके घर में या फिर डिस्टिल्ड वाटर हो तो वो प्योर है।
अदरवाइज बाकी सारी चीजें हमारे आसपास इंप्योर है। ठीक है ना? जैसे कॉपर लिखा हुआ है वैसे तो कॉपर भी ऑक्सीडाइज हो जाता
है। सिल्वर भी हो जाता है। गोल्ड मैंने बताया वाटर कौन सा? डिस्टिल वाटर की बात कर रहे हैं या ग्लूकोस की बात कर रहे हैं।
ठीक है ना? ये आप ध्यान रखना। अच्छा मैंने आपको बता ही दिया ये तो कि प्योर सब्सटांस दो प्रकार के होते हैं। एलिमेंट और
कंपाउंड। एलिमेंट जो एक ही प्रकार के एटम से बने हो। मॉलिक्यूल जिसमें दो या दो से ज्यादा एटम हो और फिक्स्ड रेशियो हो। जैसे
अगर मैं बोलूं Na मैं बोलूं कैल्शियम मैं बोलूं कार्बन ये कौन है मेरे लिए? एलिमेंट्स हैं। लेकिन मैं बोलूं H2O मैं
बोलूं HCl मैं बोलूं HNO3 ये मेरे पास कौन है? मॉलिक्यूल्स हैं। और बहुत सारे मॉलिक्यूल्स मिलके बनाते हैं कौन?
कंपाउंड। बहुत सारे मॉलिक्यूल्स मिलके बनाते हैं कंपाउंड। अब H2O क्या है? मॉलिक्यूल। अब एक बाल्टी में बहुत सारा
H2O पड़ा हुआ है। उसको हम कंपाउंड कह देते हैं। डन है? फिर आते हैं एलोट्रोप्स। ये भी हम लोगों ने 10थ क्लास में पढ़ा है। एक
ही एलिमेंट की अलग-अलग फिजिकल रूप। एक ही एलिमेंट के अलग-अलग फिजिकल रूप इसे बोलते हैं एलोट्रॉप्स। जैसे कार्बन के हमने 10थ
क्लास में तीन एलोट्रोप्स मेनली पढ़े थे। डायमंड, ग्रेफाइट एंड फ्लोरीन यानी बकमिनिस्टर, फ्लूरिन। पर क्या सिर्फ
कार्बन के एलोट्रॉप्स होते हैं? नहीं, मैंने 10थ में बताया था। सल्फर के भी होते हैं, फास्फोरस के भी होते हैं। बहुत सारे
और लोगों के होते हैं। लेकिन एलोट्रोप का मतलब समझो। किसी भी एक चीज के अलग-अलग फिजिकल रूप इन्हें क्या कहा जाता है?
एलोट्रोप्स। द एग्ज़िस्टेंस ऑफ़ एन एलिमेंट इन टू और मोर केमिकल केमिकली सिमिलर बट फिजिकली डिफरेंट। यानी केमिकली वो सेम
होते हैं। अब कार्बन में डायमंड देखो तो डायमंड में तो कार्बन-कार्बन ही है। और ग्रेफाइट में भी कार्बन-कार्बन ही है। तो
केमिकली तो दे आर सेम। बट फिजिकली उनके बॉन्ड्स, उनका स्ट्रक्चर, उनका मेल्टिंग पॉइंट, उनका अपीरियंस बहुत अलग है। तो एक
ही रूप के डिफरेंट फिजिकल फॉर्म्स यही तो मैंने बोला फिजिकल फॉर्म्स इन्हें क्या कहा जाता है? एलोट्रोप्स कहा जाता है।
जैसे डायमंड है, ग्रेफाइट है। आपको शायद नहीं पता लेकिन कार्बन के और भी एलोट्रोप्स हैं। ये मैंने बताया था।
चारकोल, एनिमल चारकोल, वुड, चारकोल, लैम, ब्लैक ये सब हैं। लेकिन ठीक है। ठीक है। आपको दो मेजरली याद हैं। कौन-कौन से?
ग्रेफाइट और डायमंड। ये आपसे कोई पूछ भी नहीं रहा है यार। अरे यार इस चैप्टर में इतना कुछ इंपॉर्टेंट है। एलोट्रोप्स कौन
ही पूछ रहा है आपसे? कोई नहीं पूछ रहा। चलो आओ कुछ सवाल कर लेते हैं। पहला व्हिच ऑफ द फॉलोइंग स्टेटमेंट अबाउट अ कंपाउंड
इज़ इनकरेक्ट? अबाउट अ कंपाउंड इज़ इनकरेक्ट? अ मॉलिक्यूल ऑफ़ कंपाउंड हैज़ एटम्स ऑफ डिफरेंट एलिमेंट? ये तो सही
स्टेटमेंट है। अ कंपाउंड कैन नॉट बी सेपरेटेड इंटू इट्स कॉन्स्टिटुएंट एलिमेंट्स बाय फिजिकल मेथड। बिल्कुल सही
है। कंपाउंड्स में पार्टिकल्स केमिकली जुड़ गए हैं। अब H2O में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन जुड़ गए हैं। आप उन्हें फिजिकली
अलग नहीं कर सकते। आपको कोई केमिकल रिएक्शन करवानी होगी। बिल्कुल सही बात है। अ कंपाउंड रिटेन द फिजिकल प्रॉपर्टीज ऑफ
इट्स कॉन्सीटुएंट एलिमेंट्स। सही कह रहा है क्या ये? ये कह रहा है जब एक कंपाउंड बनता है तो उसकी प्रॉपर्टीज सेम होती हैं
जो उसके एलिमेंट्स की थी जिनसे वो बना है। यानी अगर H2 हमारे पास एक कंपाउंड है तो उसकी प्रॉपर्टी H2 और O2 से मैच होती
होगी। अगर हमारे पास मिथेन नाम का एक कंपाउंड है तो उसकी प्रॉपर्टी कार्बन और हाइड्रोजन से मैच होती होगी। अगर हमारे
पास NaCl नाम का एक कंपाउंड है तो उसकी प्रॉपर्टी Na और Cl2 से मैच होती होगी। ये सही कह रहा है। अरे भाई सरासर गलत कह रहे
हैं। ये तो 10थ क्लास की पहले चैप्टर की पहली लाइन थी कि जब भी रिएक्शन होती है कंपाउंड्स बनते हैं तो उनकी प्रॉपर्टीज
बिल्कुल बदल जाती है। तो ये वाला आंसर गलत है। मतलब ये हमारा आंसर हो सकता है। बाकी आगे बढ़ते हैं। एटम्स का जो रेश्यो होता
है कंपाउंड में वो हमेशा फिक्स होता है। बिल्कुल सही है। तो ये वाला जो स्टेटमेंट है वो गलत है। यानी ये हमारा आंसर हो जाता
है। डन है। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग स्टेटमेंट इंडिकेट्स दैट लॉ अच्छा। अरे अरे ये वाला गलत अभी नहीं। अभी नहीं अभी नहीं सॉरी ये
तो ये तो आगे आना चाहिए था सॉरी ये वाला सवाल अभी नहीं आना चाहिए था ये वाला सवाल तो आगे आना चाहिए था ये दोनों सवाल आगे
आने चाहिए थे इससे ठीक है हां खैर ये तो आप ये आपको पता ही है बाकी लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मास हमें पढ़ना है बट ये वाला
आपको पता है ये आपने 10थ में ही पढ़ा हुआ है व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग रिएक्शन इज़ नॉट करेक्ट अकॉर्डिंग टू द लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़
मास? इनमें से कौन सी रिएक्शन लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मास को फॉलो नहीं कर रही है? अगेन जो बैलेंस नहीं है वो लॉ ऑफ
कंजर्वेशन ऑफ मास को फॉलो नहीं कर रही है 10th क्लास। ठीक है? तो कौन से रिएक्शन बैलेंस नहीं है इसमें? ये वाले रिएक्शन
बैलेंस नहीं है। अगर ये रिएक्शन बैलेंस नहीं है तो ये लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मास को फॉलो नहीं कर रही है। अगर आप भूल गए हो लॉ
ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मास क्या होता है? तो उस पे आ रहे हैं बट अभी पढ़ेंगे। लेकिन हां ये वाला क्वेश्चन हमने अभी स्किप किया है।
पहले हम लॉ ऑफ़ मल्टीपल प्रपोर्शन पढ़ेंगे तभी हमें समझ में आएगा कि हम किसकी बात कर रहे हैं। डन। ठीक है? ठीक है। ठीक है। तो
अभी तक हमने जो भी पढ़ा है, मैं वो पार्ट स्किप भी कर सकता था। सच बता रहा हूं। लेकिन फिर आपके मन में आता है कि सर ने
कुछ छोड़ दिया एटसेट्रा एटसेट्रा। बट जो भी मैंने अभी पढ़ाया आपको ये उतना इंपॉर्टेंट नहीं है। यहां से हमारी मेन
पढ़ाई एक्चुअली में शुरू होती है। और वो है लॉज़ ऑफ केमिकल कॉम्बिनेशंस। यानी जब भी कोई केमिकल रिएक्शन हो रही होगी, जब भी
कोई केमिकल रिएक्शन हो रही होगी, तो कुछ नियम कानून फॉलो होंगे। सर, आपने तो कहा था ये चैप्टर फिजिकल केमिस्ट्री का है।
यहां पे रिएक्शन कैसे आ रही है? रिएक्शन नहीं पढ़नी है आपको। रिएक्शन नहीं याद करनी है। हम कह रहे हैं अगर कोई रिएक्शन
होगी तो कुछ नियम और कानून फॉलो होंगे। उनको पढ़ने जा रहे हैं हम लोग। ठीक है? जिनमें हमारे पास आने वाले हैं कुछ लॉस।
जैसे पहला है लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मास। दूसरा है लॉ ऑफ डेफिनेट प्रपोर्शन। तीसरा है हमारे पास लॉ ऑफ मल्टीपल प्रपोर्शन।
मल्टीपल प्रपोर्शन। चौथा है हमारे पास गेस लॉ। पांचवा है हमारे पास एोगाड्रो लॉ। यह पांच लॉ हम
लोगों को पढ़ने हैं। तो सबसे पहले बात करते हैं लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मास की। अब लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मास आप लोगों ने वैसे
तो नाइंथ में भी पढ़ा हुआ है और लगभग सेम ही है। लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मास आपने 10थ में भी यूज़ किया था। देखो इसकी जो ओरिजिनल
स्टेटमेंट है वो तो ये कहती है कि मास या मैटर को ना तो कभी हम क्रिएट कर सकते हैं और ना ही कभी हम डिस्ट्रॉय कर सकते हैं।
यानी कि मास कैन नाइदर बी क्रिएटेड नॉर बी डिस्ट्रॉयड। चाहे आप फिजिक्स में इसको इस्तेमाल कर लो, चाहे केमिस्ट्री में,
चाहे बायो में चाहे कहीं पे भी। ये स्टेटमेंट यूनिवर्सल है। लेकिन क्योंकि हम केमिस्ट्री में इस लॉ को पढ़ रहे हैं तो
हम इसको ऐसे भी पढ़ सकते हैं कि टोटल मास ऑफ रिएक्टेंट जो होता है वो हमेशा बराबर होता है टोटल मास ऑफ प्रोडक्ट्स के। जैसे
कि अभी हमने क्वेश्चन किया। अगर आपको याद हो 10th क्लास में हमने पढ़ा था कि एक रिएक्शन को बैलेंस्ड होना क्यों जरूरी है?
ताकि वो लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मास को फॉलो कर सके। तो लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मास कहता है मास कैन नाइदर बी क्रिएटेड नॉर बी
डिस्ट्रॉयड। बट इन केमिस्ट्री आप इसे ऐसे डिफाइन कर सकते हो कि टोटल मास ऑफ़ रिएक्टेंट जो है वो हमेशा बराबर होता है
टोटल मास ऑफ प्रोडक्ट्स के। है ना भाई? यानी कि मान लेते हैं कि एग्जांपल के तौर पे अगर मेरे पास एक रिएक्शन है जिसमें a B
और C आपस में रिएक्ट हो के हमें D और E बना के दे रहे हैं। है ना? एक एग्जांपल के तौर पर ले लेते हैं। तो इसमें क्या होगा
कि जो मास ऑफ़ A B और C का जो मास ऐड करके आएगा ये बराबर होगा किसके? मास ऑफ़ किसके भाई? D + E के। यानी कि A, B, C का जो
टोटल मास है वो D + E के मास के बराबर होगा। अब इसके ऊपर सवाल बहुत ही बेसिक से आते हैं लेकिन सीधा सवाल इसके ऊपर तो कोई
नहीं आते। इसके सवाल स्टोकियोमेट्री या फिर स्टोकियोमेट्री जो भी प्रोनंसिएशन आप बोल दें अभी जो हम पढ़ेंगे आगे लिमिटेड
रिएजेंट जो भी हम आगे पढ़ेंगे इन सबसे कंबाइंड क्वेश्चन इसके ऊपर ज्यादा बनते हैं। बट अगर इसके ऊपर कोई बेसिक सवाल आया
भी तो कुछ ऐसा ही आ जाएगा कि आपको एक रिएक्शन दे रखी होगी। लेट्स से आपको बोल रखा होगा कि जो x है वो y2 से रिएक्ट हो
रहा है और ये बना रहे हैं z प्लस में मान लो a2 बना रहे हैं। ये कोई रिएक्शन है। ये कोई रिएक्शन है। आपको बोल देंगे कि इसका
10 ग्राम वजन है। इसका 20 ग्राम वजन है। अगर इसका वजन हमारे पास x ग्राम है और इसका वजन मान लो हमारे पास 18 ग्राम है
ना। तो बताओ z कितना बना? यानी x की वैल्यू क्या है? ऐसे आपसे पूछ लेंगे। तो अगेन अकॉर्डिंग टू लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मास
जो मास ऑफ रिएक्टेंट्स हैं, जो मास ऑफ रिएक्टेंट्स हैं, यह बराबर होना चाहिए किसके भाई? मास ऑफ प्रोडक्ट्स के। मास ऑफ
रिएक्टेंट्स जो हैं, ये बराबर होना चाहिए किसके? मास ऑफ प्रोडक्ट के। अब रिएक्टेंट में कौन है हमारे पास? 10 ग्राम है और 20
ग्राम है। और प्रोडक्ट में कौन है हमारे पास? x है और 18 है। तो यहां पे 30 30 में से 18 गया 12 आ गया। तो यहां पे कुल मिला
के जो x की वैल्यू आ गई हमारे पास वो 12 ग्राम्स आ गए। तो ऐसे बेसिक सवाल आपको ये पता है 11th में ऐसे सवाल नहीं आएंगे बट
ठीक है अगर आए तो ऐसे आएंगे इसके ऊपर। अच्छा अब लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मास ने तो कह दिया कि मास को कभी क्रिएट या डिस्ट्रॉय
नहीं कर सकते। लेकिन 1905 में 1905 या उसके आसपास अल्बर्ट आइंस्टाइन जी ने एक बात बोली थी कि मास को ना तो क्रिएट ना तो
डिस्ट्रॉय किया जा सकता। ये बात सही है। लेकिन मास को एनर्जी में कन्वर्ट किया जा सकता है और एनर्जी को मास में कन्वर्ट
किया जा सकता है। तो आइंस्टाइन जी ने इस लॉ को थोड़ा सा मॉडिफाई किया था। तो अगर अगर मैं एट प्रेजेंट बोलूं आपको वैसे लॉ
ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मास में यही बोलना है। बट अगर एट प्रेजेंट की बात करूं तो इसको ऐसे भी डिफाइन किया जाता है कि मास कैन नाइदर
बी क्रिएटेड नॉर बी डिस्ट्रॉयड बट मास एंड एनर्जी आर इंटरकन्वर्टेबल। तो मैं इसको ऐसे लिख देता हूं कि अकॉर्डिंग
टू अकॉर्डिंग टू अल्बर्ट आइंस्टाइन जी अकॉर्डिंग टू अल्बर्ट जी अकॉर्डिंग टू अल्बर्ट आइंस्टाइन जी
मास एंड एनर्जी मास एंड एनर्जी आर इंटर इंटर
कन्वर्टेबल यानी मास को एनर्जी में कन्वर्ट किया जा सकता है और एनर्जी को मास में शायद आपको पता हो उन्होंने दुनिया की
सबसे फेमस इक्वेशन भी दी उस दौरान व्हिच इज़ e = mc² अभी आपको इसका कोई काम नहीं है। प्लीज छोड़ देते हैं। लेकिन हां e =
mc² नाम की इन्होंने वर्ल्ड फेमस एक इक्वेशन भी दी जिसमें इन्होंने ये बोला कि मास को क्रिएट या डिस्ट्रॉय नहीं कर सकते।
ये बात सही है। लेकिन मास को एनर्जी में और एनर्जी को मास में कन्वर्ट किया जा सकता है। अभी के लिए हमारे लिए ये लॉ है।
ठीक है? क्वेश्चन कैसे आएंगे मिलेजुले देखेंगे। उससे पहले हमारे पास सेकंड लॉ आता है जिसको बोलते हैं हम लॉ ऑफ डेफिनेट
प्रपोर्शन या फिर लॉ ऑफ डेफिनेट कंपोजिशन। अगेन ये लॉ भी आप 11th क्लास में पढ़ चुके हो। ये लॉ कहता है कि अगर मुझे एक कंपाउंड
बनाना है। अगर मुझे एक कंपाउंड बनाना है तो हमेशा सेम एलिमेंट चाहिए होंगे। वो भी सेम रेश्यो बाय मास में। अगर मुझे एक
कंपाउंड बनाना है तो हमेशा सेम एलिमेंट चाहिए होंगे। वो भी सेम रेश्यो बाय मास में। तो क्या लिखा हुआ है देखो लॉ ऑफ
डेफिनिट प्रपोर्शन में? अ कंपाउंड ऑलवेज कंटेन एग्जैक्टली दी सेम प्रपोर्शन ऑफ एलिमेंट बाय वेट। यानी अगर मुझे एक
कंपाउंड बनाना है तो हमेशा मुझे पहली बात तो सेम एलिमेंट चाहिए होंगे और सेम प्रपोर्शन बाय वेट बाय मास केमिस्ट्री में
वेट और मास को एक ही बात मानी जाती है। एग्जांपल के तौर पे अगर मुझे मान लो अमोनिया बनाना है। अमोनिया बोले तो NH3
बनाना है। तो मुझे हमेशा नाइट्रोजन का अगर 14 ग्राम लेना होगा तो हाइड्रोजन का 3 ग्राम लेना होगा। नाइट्रोजन का मास कितना
होता है? मोलर मास एटॉमिक मास 14 और हाइड्रोजन का कितना होता है? वन। तीन हाइड्रोजन बैठे तो थ्री हो गया। तो हर 14
ग्राम नाइट्रोजन पे मुझे 3 ग्राम क्या लेना होगा? हाइड्रोजन। तो अगर मैं 28 ग्राम नाइट्रोजन लूंगा तो ऑब्वियस सी बात
है मुझे 6 ग्राम क्या लेना होगा? हाइड्रोजन। वहीं पे अगर मैं 140 ग्राम ऑफ़ नाइट्रोजन लूंगा तो मुझे 30 ग्राम क्या
लेना होगा? हाइड्रोजन। लेकिन जो रेश्यो है वो हमेशा 14:3 रहेगा। लेकिन जो रेश्यो है वो हमेशा
14:3 रहेगा। यानी कि ये लॉ कहता है कि अगर मुझे कंपाउंड को बनाना है तो सेम एलिमेंट लगेंगे। सेम रेश्यो बाय मास। एग्जांपल के
तौर पे अगेन H2O का एग्जांपल यहां पे क्वेश्चन में लिखा हुआ है कि अगर H2O मुझे बनाना है तो पहली बात तो हमेशा मुझे H और
O चाहिए होगा। और वो भी किस रेश्यो में चाहिए होगा? 1:8 में। यानी अगर मैं हाइड्रोजन 1 ग्राम लेता हूं तो ऑक्सीजन
मुझे 8 ग्राम लेना होगा। ये रेश्यो आया कहां से? आप खुद भी समझ सकते हो। वैसे तो नाइंथ में तो आपने खैर इसको रट्टे मारा था
लेकिन अब आप समझ सकते हो हाइड्रोजन का मोलर मास कितना होता है? एटॉमिक मास कितना होता है? वन। कितने हैं? दो हैं। ऑक्सीजन
का कितना होता है? ऑक्सीजन का 16 होता है। इसका रेश्यो कितना आ गया? 1:8 आ गया। यानी कि कहने का मतलब है कि अगर मुझे
एक कंपाउंड बनाना है तो हमेशा मुझे सेम एलिमेंट चाहिए होंगे इन सेम रेश्यो बाय मास। अब इसके ऊपर सवाल अगेन आप समझ सकते
हो अलग-अलग प्रकार के आएंगे। जैसे एग्जांपल के तौर पे सीधा सवाल नहीं है ना के बराबर है। होते तो मैं लेके आता। सीधा
सवाल है ही नहीं। ना के बराबर है। लेकिन मान लो ऐसा सवाल आया कि मिथेन को बनाने के लिए जो रेश्यो चाहिए वो चाहिए 4:1। ठीक
है? मान लेते हैं मीथेन को बनाने के लिए रेश्यो चाहिए 4:1 रेश्यो चाहिए। हैं या 3:1 चाहिए होगा। कार्बन का 12 3:1 सॉरी।
इनको बनाने का रेश्यो चाहिए 3:1। ठीक है? तो अगर मैं अगर इनका रेशियो 3:1 है और अगर कार्बन मैं लेता हूं 6 ग्राम अगर मैं
कार्बन लेता हूं कार्बन लेता हूं 6 ग्राम तो हाइड्रोजन मुझे कितना लेना होगा? अगर मैं कार्बन लेता हूं 6 ग्राम तो हाइड्रोजन
मुझे कितना लेना होगा? कितने बेसिक सवाल है। देखो क्या कार्बन और हाइड्रोजन का रेश्यो 3:1 रहने वाला है हमेशा। हां, लॉ
ऑफ डेफिनेट प्रपोर्शन यही कहता है। एक कंपाउंड को बनाने के लिए हमेशा सेम एलिमेंट चाहिए इन सेम रेश्यो। तो अगर
कार्बन का मास तीन है तो इसका एक होना चाहिए। है ना? यही तो रेश्यो है। तो कार्बन का मास लेकिन हमने कितना लिया है?
छह लिया है। तो हाइड्रोजन का कितना लेना होगा? इसको इससे काटा टू आया। सिंपल सी बात है। हाइड्रोजन आ गया 2 ग्र. आपको भी
हंसी आ रही होगी सोच के कि क्या करा रहे हैं सर? है ही नहीं ना? कुछ है ही नहीं। तो कहने का मतलब यही है यार कि इसके ऊपर
क्वेश्चन जो है वो आएंगे ही नहीं सीधा। लेकिन लॉ पढ़ना बहुत जरूरी है। अब सुनो CH4 में 3:1 का मतलब इसके 3 ग्राम पे मुझे
हाइड्रोजन का 1 ग्राम चाहिए। तो इसके 3 किलो पे मुझे हाइड्रोजन का 1 किलो चाहिए होगा। ठीक है? तो इसके 9 किलो पे मुझे
कितना चाहिए होगा? इसका तीन गुना हो गया। तो इसका भी तीन गुना होना होगा ताकि रेश्यो कितना रहे? 1 3:1 का रेश्यो रहे।
ठीक है? अब आगे बात करते हैं लॉ ऑफ मल्टीपल प्रपोर्शनंस पे। लॉ ऑफ डेफिनेट प्रपोर्शन ने कहा अगर मुझे एक कंपाउंड
बनाना है, सेम एलिमेंट चाहिए होंगे। सेम रेश्यो बाय मास और वेट। लॉ ऑफ़ मल्टीपल प्रपोर्शन थोड़ा सा कंफ्यूजिंग है। ध्यान
से सुनना। लॉ ऑफ मल्टीपल प्रपोर्शन कहता है कि मान लेते हैं कि मैं दो सेम रिएक्टेंट्स के इस्तेमाल से
लेट से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के इस्तेमाल से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के इस्तेमाल से दो
अलग-अलग प्रोडक्ट बनाता हूं। दो अलग-अलग प्रोडक्ट बनाता हूं। इसको तो आप जानते हैं वाटर है। ये है हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड।
इसको आप जानते नहीं हो भाई। आपने शायद बहुत बच्चों ने पहली बार देखा होगा इसको। यह है हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड। यह भी एक
कंपाउंड होता है। और ऑब्वियस सी बात है यह कंपाउंड भी किसकी मदद से बनता है? हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मदद से बनता है।
तो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मदद से आप पानी भी बना सकते हो। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मदद से आप पेरोऑक्साइड भी बना
सकते हो। बट ऑब्वियस सी बात है कि रेश्यो जो है वो वेरीरी करेगा। अगर मैं यहां पे 1 ग्राम हाइड्रोजन लेता हूं तो मुझे 8 ग्राम
ऑक्सीजन लेनी होगी। अभी बात करी थी H2O को बनाने के लिए। लेकिन अगर मैं यहां पे 1 ग्राम हाइड्रोजन
लेता हूं तो मुझे यहां पर 16 ग्राम ऑक्सीजन लेनी पड़ती है। अगर मुझे हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड बनाना है तो अगेन
कॉमन सेंस बिकॉज़ ऑक्सीजन का अमाउंट डबल हो गया तो उसका मास भी डबल हो जाएगा। ठीक है? अभी मैंने आपको लॉ ऑफ मल्टीपल प्रपोर्शन
नहीं सिखाया है। अभी बस ये बताया कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ के आप अलग-अलग कंपाउंड बना सकते हो। आप H2O भी
बना सकते हो। आप H2O2 भी बना सकते हो। ऐसे ही आप और भी लोगों के साथ कर सकते हो। तो पहली बात तो लॉ ऑफ़ मल्टीपल प्रपोर्शन
वैलिड ही सिर्फ कब है? जब दो सेम रिएक्टेंट जुड़ के अलग-अलग प्रोडक्ट बनाने की कैपेबिलिटी रखते हो। जैसे
Na और Cl2 आप सबको पता है जुड़ के सिर्फ एक ही कंपाउंड बना सकते हैं। वो है NaCl और कोई कंपाउंड नहीं बना सकते। तो इसका
मतलब ये है कि ये जो लॉ ऑफ़ मल्टीपल प्रपोर्शन है ये क्या है? है ये तो बाद की बात है। ये ऐसे रिएक्शंस के लिए पॉसिबल ही
नहीं है। ऐसे लोगों के लिए पॉसिबल ही नहीं है जो रिएक्ट हो के सिर्फ सिंगल प्रोडक्ट ही बना सकें। आओ अब आते हैं लॉ ऑफ़ मल्टीपल
प्रपोर्शन पे। व्हेन टू एलिमेंट्स कंबाइन टू फॉर्म टू और मोर केमिकल कंपाउंड्स। पहली शर्त ही है ये। अब लॉ
क्या कहता है? देन द मासेस ऑफ वन ऑफ द एलिमेंट व्हिच कंबाइन विद फिक्स्ड मास ऑफ द अदर बियर्स अ सिंपल रेश्यो टू वन
अनदर यानी कि अगर मैं हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ के पानी हाइड्रोजन ऑक्सीजन को जोड़ के पेरऑक्साइड बनाना
चाहता हूं और किसी भी एक के किसी भी एक रिएक्टेंट के मास को अगर मैं फिक्स कर देता हूं तो क्या मैंने यहां पे किसी
रिएक्टेंट के मास को फिक्स किया है। आंसर है हां, हमने हाइड्रोजन के मास को फिक्स कर दिया व्हिच इज़ 1
ग्राम। अगर मैं किसी भी एक रिएक्टेंट के मास को फिक्स कर देता हूं, तो दूसरे रिएक्टेंट का जो मास का रेश्यो है दोनों
रिएक्शन का वो फिक्स हो जाएगा। यानी कि अगर मैं हाइड्रोजन का 1 ग्राम लेता हूं, हाइड्रोजन का 1 ग्राम लेता हूं, तो
ऑक्सीजन का यहां पे कितना ग्राम है? 8 ग्र. और यहां पे कितना है? 16 ग्र. तो अब ये जो रेश्यो है, ये हमेशा क्या आया? 1:2
आया। ये रेश्यो 1:2 ही रहेगा। मान लो भविष्य में अगर मैं हाइड्रोजन 10 ग्राम ले लेता हूं तो यहां भी 10 ग्राम ले लेता
हूं। अब इसके 10 ग्राम पे इसका 80 ग्राम है ना। अब क्योंकि इसका रेश्यो 1:2 ही रहना है। तो अगर इसका 80 है तो इसका 160
ग्राम हो जाएगा। मान लो भविष्य में मैं यहां पे 50 ग्राम ले लेता हूं। 50 ग्र. तो वहां पे आठ गुना बनेगा। यानी कि 400
ग्राम। 50 ग्राम पे 400 ग्राम बन गया। अगर मैं यहां पे भी 50 ग्राम लेता हूं। अब इसके 800 का इसके 400 का डबल यानी कि 800
ग्राम हो जाएगा। क्योंकि इसका रेश्यो 1:2 रहेगा। अगर मैं एक रिएक्टेंट के मास को फिक्स रखता हूं तो। दोबारा से मुझे पता है
कंफ्यूजिंग है ना? ये मुझे पता है कंफ्यूजिंग है। तो ये लॉ कहता है लॉ ऑफ़ मल्टीपल प्रोपोर्शन कहता है कि अगर मैं एक
कंपाउंड बनाता हूं तो भैया एक का मास दूसरे मास के रेश्यो का फिक्स है। ये तो हो गया लॉ ऑफ डेफिनेट
प्रपोर्शन। मल्टीपल प्रपोर्शन कहता है कि मैं दो सेम रिएक्टेंट की मदद से अगर अलग-अलग प्रोडक्ट बनाना चाहता हूं और किसी
एक का मास अगर मैं फिक्स रखता हूं तो दूसरे रिएक्टेंट का जो दोनों केस में रेश्यो है वो फिक्स रहेगा। जैसे यहां पे
रेशियो 1:2 है। किसी और में कुछ और हो सकता है। तो यहां पे रेश्यो ऑफ O2 यूज्ड
इन बोथ केसेस इज ऑलवेज कितना? 1:2 अगर मैं किसके मास को
फिक्स रखता हूं? हाइड्रोजन के मास को फिक्स रखता हूं। तो लॉ ऑफ़ मल्टीपल प्रपोर्शन। ठीक है जी। फिर आता है हमारे
पास गेल लसेक लॉ। गेल लसेक्स लॉ लॉ ऑफ़ कांस्टेंट प्रपोर्शन के ही याद दिलाएगा आपको। बस ये वॉल्यूम के बारे में बात
करेगा। लॉ ऑफ कांस्टेंट प्रोपोर्शन ने कहा था बाय मास यानी कि बाय वेट और इन्होंने कहा है बाय वॉल्यूम। इन्होंने कहा है बाय
वॉल्यूम। लॉ बिल्कुल सेम है और ऑब्वियस सी बात है वॉल्यूम के बारे में बात हो रही है तो गैसेस के रिस्पेक्ट से बात होगी। पहले
मैं एग्जांपल दूंगा तब मैं आपको समझाऊंगा। पहले एग्जांपल देखते हैं। देखो H2 + O2 गिव्स क्या? H2O अब अगर मैं इस रिएक्शन को
बैलेंस करता हूं थोरी। अभी हमने क्या पढ़ा कि अगर बाय मास का रेश्यो होगा तो इसका वजन अगर मैं 1 ग्राम लूंगा तो इसका 8
ग्राम लेना होगा। ये है लॉ ऑफ डेफिनेट प्रपोर्शन। लेकिन गेस लॉ वॉल्यूम के ऊपर बात करता है। वो कहता है कि अगर मैं इसके
2 लीटर लूंगा तो मुझे इसका 1 लीटर लेना होगा और इसका 2 लीटर बनेगा। ये जो दो एक दो लिखा हुआ है ये अमाउंट को रिप्रेजेंट
करता है। अभी थोड़ी देर बाद ये मोल्स को रिप्रेजेंट करेगा। लेकिन अब ये अमाउंट को रिप्रेजेंट कर रहा है। तो अगर मैं इसके दो
लीटर मोल्स और अमाउंट वॉल्यूम एक ही बात मानी जाएगी। बोथ आर डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू ईच अदर। धीरे-धीरे सीख जाओगे आप। अभी
आपको इससे कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। अभी आप समझो कि यहां पे लिखा हुआ है कि ये दुगना है इससे। तो अगर ये 1 लीटर लिया है
तो ये कितना लीटर होगा? 2 लीटर होगा। है ना? और ये हमने 10थ में ही पढ़ा हुआ है कि पानी को तोड़ते हैं तो हाइड्रोजन का
अमाउंट ऑक्सीजन के अमाउंट से डबल बनता है। तो ये 2 लीटर है तो ये 1 लीटर है। इनका रेश्यो फिक्स रहेगा। अगर मैं ये 4 लीटर
लेता हूं तो ये 2 लीटर हो जाएगा। अगर मैं 10 लीटर लेता हूं तो ये 20 लीटर हो जाएगा। लेकिन इनका जो रेश्यो है वो क्या रहेगा?
फिक्स रहेगा। अच्छा इसके 2 लीटर पे इसके भी कितने बनेंगे? 2 लीटर। तो इसके 4 लीटर पे इसके भी कितने बनेंगे? 4 लीटर। इसके 20
लीटर पे कितने बनेंगे? 20 लीटर। अब आपके मन में एक और नया सवाल उठ गया होगा जिस पे अगेन अभी तो नहीं जाना था बट उठ गया होगा
कि सर अगर इसका 2 लीटर है, इसका 1 लीटर है तो इसका तो 3 लीटर होना चाहिए। वो मास के साथ होता है। वॉल्यूम के साथ नहीं होता है
और अभी पढ़ेंगे मोल के साथ भी नहीं होता है। धीरे-धीरे समझ में आएगा। अगेन अभी आप इस पे जाओ ही मत। अब इस गली जाना ही नहीं
है। अभी तो इनकी बात करनी है। क्या इनका जो रेश्यो है वो फिक्स है? अभी थोड़ी देर पहले इनके मास का रेश्यो 1:8 था। लेकिन अब
इनके वॉल्यूम का रेश्यो 2:1 है। 2:1 है। 2:1 है। यानी गेल यूसेक लॉ लॉ ऑफ़ कॉन्सेंट प्रोपोर्शन ही है। बस ये वॉल्यूम के
रिस्पेक्ट में बात करता है। क्या कहता है? देखो व्हेन गैसेस कंबाइन और आर प्रोड्यूस। जब गैसेस बना रिएक्ट हो रही हैं या बन रही
हैं इन अ केमिकल रिएक्शन दे डू सो इन अ सिंपल रेशो बाय वॉल्यूम। ये सेम रेश्यो बाय वॉल्यूम पे काम करेंगे। लेकिन एक शर्त
है ऑब्वियस सी बात है। आप टेंपरेचर और प्रेशर को चेंज नहीं करोगे। बिकॉज़ आप सबको पता है टेंपरेचर और प्रेशर चेंज करने पे
मास भले ही चेंज नहीं होता है। तभी हमने यहां पे कांस्टेंट टेंपरेचर और प्रेशर की कंडीशन को नहीं रखा। लेकिन आप सब जानते हो
टेंपरेचर और प्रेशर को चेंज करने पे वॉल्यूम में बदलाव आता है। इसलिए यहां पे टेंपरेचर और प्रेशर सेम रहना चाहिए। डन।
फिर आता है हमारे पास कौन सा लॉ? एोगार्ड लॉ। अच्छा क्या मैं यहां पे एक पॉइंट लिख सकता हूं आगे बढ़ने से पहले
कि ल्यूसेक्स लॉ इज सिमिलर टू
लॉ ऑफ कास्टेंट प्रोपोर्शन बाय वॉल्यूम बस है ना यानी गल
लसेक लॉ इज़ सिमिलर टू लॉ ऑफ़ कांस्टेंट प्रोपोर्शन बट बाय मास की बजाय बाय वॉल्यूम हो गया है। तो ये एक पॉइंट आप लिख
सकते हो ताकि आपको याद रहे दोनों सिमिलर। ठीक है भाई? अब चलते हैं कौन से लॉ की तरफ भाई? एोगाड्रो लॉ। अब एोगाड्रो लॉ
एोगाड्रो लॉ भाई बहुत सिंपल सा लॉ है। वैसे तो अ बहुत आप कह सकते हो कि आइडियल गैस इक्वेशन नाम का एक टॉपिक पढ़ने के बाद
ये ना ज्यादा समझ में आता है। ज्यादा बेहतर समझ में आता है बट अभी भी आपको समझ में तो आ जाएगा। क्या कहता है लॉ? ये कहता
है कि हमारे पास मान लेते हैं दो कंटेनर्स हैं और दो कंटेनर्स में अलग-अलग गैसेस भरी हुई हैं। ध्यान रखना यहां पे हमारे पास
कोई गैस ए भरी हुई है और यहां पे हमारे पास कोई गैस बी भरी हुई है। लेकिन इन दोनों गैसेस का टेंपरेचर जो है वो सेम है।
इन दोनों गैसेस का प्रेशर जो है वो सेम है। और इन दोनों गैसेस का अगर कंटेनर सेम है तो ऑब्वियस सी बात है वॉल्यूम भी जो है
वो सेम है। यानी इन दोनों कंटेनर का सेम टेंपरेचर, प्रेशर और वॉल्यूम है। सेम टेंपरेचर और प्रेशर वॉल्यूम है। यानी इन
दोनों कंटेनर का साइज तो सेम ही है। तो वॉल्यूम सेम हो गई। सेम कमर में पड़े हुए हैं। सेम टेंपरेचर है, सेम प्रेशर है। अगर
दो गैसेस का सेम टेंपरेचर, प्रेशर और वॉल्यूम है, तो दोनों गैसेस में इक्वल नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स होंगे। दोनों गैसेस
में इक्वल नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स होंगे। यानी चाहे ये हीलियम गैस हो, चाहे वो कार्बन डाइऑक्साइड गैस हो, चाहे ये कार्बन
डाइऑक्साइड गैस हो, चाहे वो आर्गन गैस हो, चाहे ये आर्गन गैस हो, चाहे ऑक्सीजन गैस हो, ओज़ोन गैस हो। अगर दो गैसेस हैं जिनका
टेंपरेचर, प्रेशर और वॉल्यूम सेम है, तो उनके नंबर ऑफ पार्टिकल्स, नंबर ऑफ मॉलिक्यूल सेम होंगे। ऑलदो हमें वैसे नंबर
ऑफ़ मोल्स सेम होंगे बोलना चाहिए। बट अभी आप मोल्स के बारे में जानते नहीं हो। और आगे आने वाले चैप्टर्स में आप एक इक्वेशन
पढ़ोगे। PV = NRT. यहां पे T क्या होगा? टेंपरेचर होगा। R एक कॉन्स्टेंट होगा। V वॉल्यूम होगा, P प्रेशर होगा। और N होंगे
नंबर ऑफ़ मोल्स। अभी के लिए नंबर ऑफ पार्टिकल्स, नंबर ऑफ़ मॉलिक्यूल्स। अब सोचो, अगर किसी का प्रेशर सेम है, वॉल्यूम
सेम है, R सबके लिए सेम ही होता है, कॉन्स्टेंट है। और सबका टेंपरेचर सेम है। तो सबके नंबर ऑफ़ पार्टिकल भी सेम हो
जाएंगे। अभी के लिए अगेन इस वाली बात को छोड़ो। और सर इस पे ध्यान दो कि अगर दो गैसेस हैं जिनका सेम टेंपरेचर प्रेशर और
वॉल्यूम है तो उनके नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स भी सेम होंगे इरिस्पेक्टिव वो कौन सी गैस है? तो इक्वल वॉल्यूम्स ऑफ गैसेस एट सेम
टेंपरेचर एंड प्रेशर शुड कंटेन इक्वल नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स। उनके पास इक्वल नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स होने ही चाहिए। चाहे कुछ भी
हो जाए। डन है? डन है क्या? डन है क्या? ठीक है। ठीक है। ठीक है। आओ। अब यहां से बेसिकली एक चैप्टर को स्टार्ट कर लेते हैं
और वो है मोल कांसेप्ट। यहां से आपको अभी तक मुझे लगता है मुझे बताना अपने अंदर हां बोल देना मैं समझ जाऊंगा। अभी तक आपको इस
चैप्टर में मजा नहीं आया होगा ज्यादा। मजा आना आपको यहां से शुरू होगा मोल कांसेप्ट से। ये चैप्टर एक न्यूमेरिकल बेस्ड चैप्टर
है। यानी इस चैप्टर से एग्जाम में 70% से भी ज्यादा चांसेस है कि न्यूमेरिकल आएगा। ठीक है ना? आएगा। एक तो आएगा ही आएगा।
थ्योरी भी आएगी लेकिन न्यूमेरिकल ज्यादा आते हैं इस चैप्टर से। और यहां से न्यूमेरिकल की जर्नी शुरू हो जाएगी और वो
है मोल कांसेप्ट। अब ये मोल कांसेप्ट क्या है? आओ जरा समझें। क्या ये कहना ठीक है कि इस पानी की बोतल के अंदर इस पानी की बोतल
के अंदर इतने पानी के मॉलिक्यूल्स होंगे जितने धरती पे लोग भी नहीं है। ये तो मैंने बहुत ही कम बोल दिया। आपको पता
है इस पानी की बोतल में तो खैर छोड़ दो। अगर मैं इस पानी की बोतल में से 18 ग्राम पानी निकाल लेता हूं। अभी मैं
प्रूफ करूंगा या समझा दूंगा। आप भी समझ जाओगे समझते होगे। अगर मैं 18 ग्राम पानी कितना होता है? मेरे चुल्लू में आ जाएगा।
मेरे इस हाथ में आ जाएगा। 18 ग्राम पानी। आपको पता है 18 ग्राम पानी में कितने पार्टिकल्स होते हैं?
6.02 * 10 की पावर 23। अब ये 10 की पावर 23 पे अगर आप नजर डालो तो ये इतना ज्यादा बड़ा नंबर है कि
हमारे धरती पे कितने लोग हैं? धरती पे 8 बिलियन लोग हैं। मान लो। अरे यार 10 बिलियन मान लो आप 10 बिलियन 10 की पावर 23
के आगे कुछ भी नहीं है। तो 18 ग्राम पानी में इतने सारे पार्टिकल्स होते हैं। या जनरली जब हम लोग एटम्स की, मॉलिक्यूल्स की
या आयंस की बात करते हैं तो वो काफी ज्यादा बड़ा नंबर होता है। इसीलिए हमने एक नंबर बनाया और वो है एोगाड्रो नंबर। और
उससे हमारे को मोल कांसेप्ट आया। मैं समझा रहा हूं। एक दर्जन में कितने अंडे होते हैं? 12 अंडे। एक दर्जन में कितने संतरे
होते हैं? 12 संतरे। तो एक दर्जन यानी 1 डजन कहां से आया? कहीं ना कहीं इससे आया होगा। कोई ना कोई कहानी होगी ना? बिल्कुल
ऐसे ही ध्यान रखना। 1 मोल जैसे एक दर्जन में 12 होता है। ऐसे ही एक मोल में 6.02 इन आगे अभी नंबर है। हमने यहां पर
राउंड ऑफ किया है। 10 की पावर 23 होता है। 6.02 * में 10 की पावर 23 होता है। अब देखा जाए तो 1 मोल एक एक्चुअली में बस एक
नंबर है। एक नंबर है। आप अगर मैं बोलना चाह रहा हूं 1 मोल लोग तो मैं बोलना चाह रहा हूं 6.02 * में 10 की पावर 23 लोग। अब
वो अलग बात है कि इतने लोग नहीं एक्सिस्ट करते पूरे ब्रह्मांड में। जितना ब्रह्मांड हमने देख लिया उतना। ठीक है? तो 1 मोल =
6.02 * में 10 की पावर 23 होता है। अब अगर मैं कह रहा हूं 1 मोल एटम है तो 6.02 * में 10 की पावर 23 एटम है। अगर मैं कह रहा
हूं 1 मोल आयन है तो मैं कह रहा हूं 6.02 की पावर 23 आयंस हैं। तो जो भी 1 मोल है इतना आगे वो होगा। अब 1 मोल में इतना है।
लेकिन हमको तो मोल कांसेप्ट लगाना है केमिस्ट्री में। अगर मैं कह रहा हूं मेरे पास 2
मोल हाइड्रोजन गैस है। तो इसका मतलब है मेरे पास 6.02 * 10 की पावर 23 * में 2 कितना हो
गया? 12.04 * में 10 की पावर 23 हाइड्रोजन के क्या है? मॉलिक्यूल्स हैं। समझ गए क्या?
समझ गए क्या? अगर मैं कह रहा हूं 2 मोल हाइड्रोजन है मतलब मेरे पास इतने मॉलिक्यूल्स हैं हाइड्रोजन के। तो अगर वन
मोल की बात की जाए तो 1 मोल का मतलब इतना होता है। 1 मोल का मतलब इतना होता है। लेकिन मोल निकालते कैसे हैं? ये कैसे पता
चलेगा कि मेरे पास कितने मोल्स हैं तभी तो मैं नंबर ऑफ़ पार्टिकल्स निकाल पाऊंगा। तो अगर आपको नंबर ऑफ़ मोल्स निकालने हो।
तो नंबर ऑफ मोल्स निकालने का फार्मूला होता है मास ऑफ
सब्सटांस अपॉन में उसी का मोलर मास मास ऑफ सब्सटांस अपॉन में उसी का मोलर मास मास ऑफ सब्सटांस अपॉन में उसी का मोलर
मास अच्छा क्योंकि फिजिक्स में आपको मास डालने की बहुत आदत हो गई है तो फिजिक्स में मास हम लोग केजी में डालते हैं आप
सबको पता है हम फिजिक्स में मास जो है वो किस में डालते हैं केजी में। लेकिन यहां पे आपको ध्यान रखना होगा कि जो सब्सटांस
का मास है वो ग्राम में आता है। ग्राम में आता है। ये बात ध्यान रखना। मास ऑफ़ सब्सटांस ग्राम में आता है। तो अगर मुझे
नंबर ऑफ़ मोल्स निकालने हो तो फार्मूला है मास ऑफ़ सब्सटांस अपॉन में उसी का मोलर मास। वैसे नाइंथ क्लास में भी था बट वहां
से डिलीट हो गया। और जैसे ही आपके पास नंबर ऑफ मोल्स आ जाए उसको आप एोगाड्रो नंबर से मल्टीप्लाई कर दो ना। इसको
एोगाड्रो नंबर भी कहते हैं। क्योंकि एवोगाडो जी ने दिया था। यही वाले अंकल कौन? एोगाड्रो जी ने ही दिया था भैया
एोगाड्रो नहीं एो एो एो गाड्रो एोगाड्रो एोगाड्रो नंबर भी कहते हैं इसको ठीक है ना तो वन मोल में इतने पार्टिकल्स
होते हैं। अब नंबर ऑफ मोल्स कैसे निकालते हैं ये अब अगर अभी तक समझ नहीं आया है तो क्वेश्चंस के माध्यम से समझ जाओगे इसके
ऊपर कुछ क्वेश्चन लाए हैं उनको करेंगे लेकिन पहले आओ यहां पे कुछ सवाल बनाते हैं आ जाओ पहले यहां पे कुछ सवाल बनाते हैं।
बहुत सिंपल रखते हैं। मान लो। मान लो पहला क्वेश्चन आया। फाइंड
मोल्स ऑफ H2O प्रेजेंट
इन 18 ग्राम ऑफ वाटर। कितना प्यारा सवाल है। देखो। ठीक है?
अब सबसे पहली बात अगर मुझे मोल्स निकालने हैं तो मुझे क्या चाहिए होगा? मास और मोलर मास। तो मास ऑफ
वाटर तो मुझे गिवन है क्वेश्चन में कितना? 18 ग्राम। अब यहां पे मुझे क्या चाहिए होगा? मोलर मास। मोलर मास मतलब वही
मॉलिक्यूलर मास जो आप नाइंथ क्लास से निकालते आ रहे हो। बस वो ग्राम पर मोल में होता है। तो हाइड्रोजन का मास कितना होता
है? वन। कितने हाइड्रोजन है? दो है। ऑक्सीजन का मास कितना होता है? 16. कितने? ऑक्सीजन है एक है। कितना आ गया हमारे पास?
2 + 16 कितना आ गया? 18 18 क्या आ गया? ग्राम पर मोल आ गया। क्या आ गया? ग्राम पर मोल। ये मोलर मास की क्या होती है? यूनिट
होती है। ग्राम पर मोल। अच्छा अब मुझे निकालने हैं नंबर ऑफ मोल्स। नंबर ऑफ मोल्स निकालने का फार्मूला
क्या सीखा है हमने? मास ऑफ सब्सटांस। मास ऑफ सब्सटांस अपॉन में मोलर मास। मास ऑफ सब्सटांस अपॉन में मोलर मास।
अब मास ऑफ़ सब्सटांस कितना है? 18 है। और मोलर मास भी कितना है? 18 आया। तुक्के की बात है। तो कितने मोल्स आ गए हमारे पास?
वन मोल्स। मोल का पूरा नाम एम ओ एल ई है। लेकिन जो इसका सिंबल है वो एम ओल है। ये हमने अ यूनिट्स एंड मेज़रमेंट में भी सीखा
था। एम ओ एल। तो 1 मोल आ गया। अगर इस क्वेश्चन में हमें मोल्स की बजाय क्या निकालने को बोला होता? मॉलिक्यूल्स। तो
मैं इसी को किससे मल्टीप्लाई कर देता? क्योंकि 1 मोल में इतने होते हैं। तो 1 मोल आया। तो मतलब 6.020 ^ 23 मॉलिक्यूल्स
हो गए जो कि पूछा नहीं था। ठीक है? अब यहां पे देखो, इस क्वेश्चन में हमें क्या बोला हुआ है? कैलकुलेट नंबर ऑफ़ मोल्स
निकालने हैं। इन सबके मोल्स निकालने हैं। ऐसा करता हूं। पहला पार्ट और आखिरी पार्ट मैं कराता हूं। फिर बीच वाला पार्ट आप
करोगे फिर मैच करेंगे। ऐसा नहीं होमवर्क दे रहा हूं। नहीं नहीं नहीं। जो भी नया टॉपिक है यार मैं ही करा रहा हूं। फिर मैच
करेंगे उसको। ठीक है? चलो पहला पार्ट। 16 ग्राम ऑक्सीजन गैस है। यानी कि आपके पास मास ऑफ O2 जो है ऑक्सीजन गैस मतलब O
नहीं होता है। ऑक्सीजन गैस मतलब O2 होता है। तो मास ऑफ़ O2 जो है वो 16 ग्राम है। ठीक है? अब क्योंकि मुझे मोल्स निकालने
हैं तो ऑब्वियस सी बात है क्या चाहिए होगा? मोलर मास चाहिए होगा। अब एक ऑक्सीजन का मास होता है 16। तो दो ऑक्सीजन है
हमारे पास। तो 16 * में 2 कितना हो गया? 32 ग्राम पर मोल हो गया। है ना? इसकी यूनिट ग्राम पर मोल होती है। अभी बात किया
था। अब अगर मुझे निकालना है मा मोल्स निकालने हैं अगर मुझे सॉरी मोल्स ऑफ ऑक्सीजन निकालना है तो फार्मूला क्या है?
मास ऑफ सब्सटांस अपॉन में मोलर मास शॉर्ट में लिख रहा हूं। मास कितना है हमारे पास? 16 ग्र है। मोलर मास कितना है? 32 आया है।
तो कितने मोल्स आ गए? 0.5 मोल्स आ गए। कितने मोल्स आ गए? 5 मोल्स आ गए। 5 मोल्स आ गए। सिंपल सा सवाल है। अब यहां पे देखो
एक नई बात क्या है? थर्ड पार्ट में एक नई बात यह है कि हमें मास केजी में दे रखा है। अब फिजिक्स में हम मास को केजी में
लेते हैं बिकॉज़ मास में केजी इज़ द एसआई यूनिट। लेकिन केमिस्ट्री में मोल कांसेप्ट में मास आपको ग्राम में लेना है। ये मैं
आपको बता चुका हूं। तो मास ऑफ़ कार्बन डाइऑक्साइड जो है वो 2.2 kg है। इसको ग्राम में कन्वर्ट करेंगे तो 2200 ग्राम आ
जाएगा। ठीक है? अब यहां पे लिखते हैं इसका मोलर मास। तो मोलर मास कैसे निकालेंगे भैया? कार्बन का होता है 12, ऑक्सीजन का
होता है 16 * में 2 ये आता है ना निकालना भाई अगर नहीं अभी भी याद हुआ है तो नाइंथ क्लास में एक टेबल थी सबका एटॉमिक मास
गिवन था वो μ में था उसको एटॉमिक मास बोलते थे मोलर मास को हम ग्राम पर मोल में बस वैल्यू सेम रहती है तो कितना आ गया 12
प्लस में कितना आ गया भैया 32 टोटल कितना आ गया हमारे पास 44 ग्राम पर मोल आ गया ठीक है अब हम यहां से निकालेंगे मोल्स तो
मोल्स निकालने का फार्मूला ूला क्या है हमारे पास? मोल्स ऑफ़ CO2 निकालना है। फार्मूला
क्या है मोल्स निकालने का? मास अपॉन में मोलर मास। मास अपॉन में मोलर मास। तो मास कितना है हमारे पास? मास कितना है हमारे
पास? 2200 मोलर मास कितना है? 44 इसको इससे काटा। ऊपर हमारे पास 100 आ गया। अगर मैं 22 के टेबल से काट रहा हूं तो 100 आ
गया। नीचे हमारे पास टू आ गया। तो टोटल हमारे पास 50 मोल्स आ गए। 50 मोल्स आ गए। 50 मोल्स डन। चलो अब
जल्दी से ईमानदारी है। वीडियो को पॉज करो और सेकंड पार्ट करो। देखते हैं कितने ईमानदार बच्चे हैं। टाइम स्टैंप के साथ
वीडियो को पॉज करो। ईमानदारी और इसका आंसर दो। देखते हैं कितने ईमानदार बच्चे बैठे हैं। यहां हां दे दिया। पक्की बात है। चलो
आओ। 40 ग्राम ऑफ NaOH है। तो मास ऑफ NaOH NaOH का मास हमारे पास 40 ग्राम है। इसका मोलर मास निकालेंगे। मोलर मास मोलर मास।
अब Na का कितना होता है? 23 होता है। एक ही Na है। O का कितना होता है? 16 एक ही O है और H का वन होता है। H का वन होता है।
तो टोटल हमारे पास 40 ही आ गया। 40 ग्राम पर मोल ये आ गया। अच्छा अब आप इस डाटा से ये इंफॉर्मेशन मत ले जाना घर पर भैया कि
हमेशा ये होल नंबर ही आते हैं। नहीं नंबर ऑफ मोल्स कुछ भी आ सकता है। जैसे यहां पे5 आया 333 1.72 कुछ भी अजीब नंबर आ सकता है।
ये तो मैंने क्वेश्चन खुद से बनाए हैं ताकि हम कैलकुलेशन पे भी उतना टाइम वेस्ट ना करें। बाकी आगे क्वेश्चंस हैं जहां
थोड़ी सी कैलकुलेशन फंस सकती है। चलो अब हम यहां पे निकालने वाले हैं नंबर ऑफ़ मोल्स। नंबर ऑफ़ मोल्स। किसके मोल्स निकाल
रहे हैं? NaOH के। तो नंबर ऑफ़ मोल्स ऑफ़ NaOH। फार्मूला हमारे पास है मास ऑफ सब्सटांस अपॉन में मोलर मास पूरा लिखना आप
लोग फार्मूला मास हमारे पास 40 है और मोलर मास भी हमारे पास 40 है तो हमारे पास वन मोल यहां पे आ जाता है तो मोल कांसेप्ट
पहली बात तो कहता है कि एक मोल में इतने पार्टिकल होते हैं। अब अभी तो हमने मोल्स निकालना सीखा। मोल्स कैसे निकालते हैं?
मोल्स निकालते हैं मास अपॉन में मोलर मास से। आपके पास मोल्स आ जाए। उसके बाद अगर पार्टिकल निकालने को बोला जाए तो इस नंबर
से मल्टीप्लाई कर देते हैं। जैसे कि आओ इस क्वेश्चन में देखें। खैर इसमें भी ऐसा तो कुछ नहीं करना है। लेकिन हां इसमें करना
है। इसके इस वाले पार्ट में करना है। आओ चलो काफी क्वेश्चन मैंने आपको बताया है। एक-एक कांसेप्ट को समझने के लिए काफी
प्यारे-प्यारे सवाल लेके आया हूं ताकि कांसेप्ट को भी समझें और साथ-साथ क्वेश्चन भी होते चले जाएं। आओ। नंबर ऑफ़ एटम
प्रेजेंट इन वन मोल ऑफ़ एन एलिमेंट इज़ इक्वल्स टू एोगाडो नंबर। इस तक आपको एक नॉलेज दे दी। ये तो हमें पता ही है। अच्छा
क्वेश्चन शुरू हो रहा है यहां से। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग एलिमेंट कंटेन द ग्रेटेस्ट नंबर ऑफ़ एटम? इनमें से किसके पास सबसे
ज्यादा नंबर ऑफ़ एटम्स होंगे? अब बच्चे इस क्वेश्चन में क्या गलती करते हैं? बच्चे एक्चुअली में एटम निकालना शुरू कर देते
हैं। बट अगर मैं देखूं तो जिसके पास ज्यादा मोल्स होंगे उसके पास ज्यादा एटम भी तो होंगे। यार मैं आपको बोल रहा हूं कि
मेरे पास दो दर्जन अंडे हैं। ठीक है? और आपके पास 3 दर्जन अंडे हैं। तो किसके पास ज्यादा अंडे हैं? अरे कॉमन सेंस है।
या आप निकाल के देखोगे? अरे नहीं नहीं पहले दो को 12 से मल्टीप्लाई करेंगे आपके पास 24 हैं। तीन को 12 से मल्टीप्लाई
करेंगे 36 है। अरे भैया जिसके पास ज्यादा दर्जन अंडे हैं मल्टीप्लायर तो सेम ही है ना। उसके पास ज्यादा अंडे होंगे। ऐसे ही
जिसके पास ज्यादा मोल्स होंगे उसके पास ज्यादा नंबर ऑफ़ एटम्स होंगे। बिकॉज़ ये सब एलिमेंट्स ही हैं। आओ तो सबके क्या निकाल
लेते हैं? मोल्स क्योंकि एमसीक्यू है तो शॉर्ट में निकालते हैं। पहले वाले के मोल्स निकालते हैं। फार्मूला गिवन मास
अपॉन में मोलर मास। गिवन मास कितना है? चार। और हीलियम का मोलर मास भी कितना होता है? चार होता है। पता है ना भैया याद कर
लो। तो 1 मोल आ गया। 1 मोल आ गया। ठीक है? सेकंड के निकालते हैं हम। 46 है तो मोल्स आ गए। मोल्स आ गए। गिवन मास। गिवन मास।
मोल्स आ गए। गिवन मास कितना होता है भैया? 46 है। मोलर मास कितना होता है? 23 तो दो मोल आ गया। दो मोल आ गया। इसका मतलब ये तो
हमारा आंसर नहीं है। ठीक है? ये भी नहीं लग रहा है मुझे। बिल्कुल नहीं लग रहा है। तो भैया मोल्स का फार्मूला क्या होता है?
गिवन मास। तो कैल्शियम का गिवन मास है 0.4 और कैल्शियम का मोलर मास होता है 40। 40 मोलर मास होता है। तो 0.01 आ गया। 0.01 आ
गया। ये तो बहुत ही कम हो गया। ये तो बहुत ही कम हो गया। इसको भी हटा दो। इसको भी हटा दो। अब हीलियम पे आते हैं। ये लग रहा
है मुझे बाजी मार जाएगा। तो मोल्स ऑफ हीलियम इस वाले केस में निकालते हैं। ये भी हीलियम था। ये भी हीलियम है। 12 ग्राम
है। लेकिन तो गिवन मास अपॉन में मोलर मास काट दिया भैया। तीन मोल्स आ गए। अब जिसके पास ज्यादा मोल्स हैं उसके पास ज्यादा एटम
भी होंगे क्योंकि एलिमेंट्स की बात हो रही है। तो फोर्थ वाला जीत गया। ये आंसर करेक्ट हो जाता है। डन। प्यारा सवाल। अब
यहां देखो इसका थर्ड पार्ट। सारे पार्ट अच्छे हैं। वैसे तो बट आओ। ये एनसीईआरटी का सवाल है भैया। एनसीईआरटी की एक्सरसाइज़
का सवाल है। कह रहे हैं इन थ्री मोल्स ऑफ़ इथेन यानी कि हमारे पास ध्यान रखना मोल्स ऑफ इथेन इथेन बोले तो C2H6 फार्मूला
लिखा हुआ है। इसके थ्री मोल्स हैं। थ्री मोल्स हैं। यानी कि बेसिकली C2 H6 के आगे थ्री लिखा हुआ है ना? थ्री मोल्स हैं ना
इसके। जो भी है तीन से मल्टीप्लाई होगा। अच्छा आपको पहले पार्ट में बोला गया है नंबर ऑफ मोल्स ऑफ कार्बन निकालना है।
ध्यान से सुनो। इसके तीन मोल्स हैं। मैं अगर आपको बोलूं ध्यान से सुनना। बहुत ध्यान से सुनना। ऐसे चलो तुक्के की बात है
कि यहां पे एयरपॉड्स पड़े हुए हैं। ठीक है? मान लेते हैं मैं ऐसे कहता हूं कि मेरे पास एक दर्जन एयरपॉड्स हैं। मेरे पास
एक दर्जन एयरपॉड्स हैं। तो कितने एयरपॉड्स हैं? 12। अगर मैं कहूं मेरे पास तीन दर्जन एयरपोर्ट्स हैं तो कितने हुए? 36 एयरप्स
हो गए। ठीक है? अब आप मुझे बताओ तीन दर्जन एयरपॉड्स के अंदर कितने सिंगल एयरपॉड यह कान में डालने वाले
निकलेंगे। इसको ऐसा करते हैं डब्बी बोलते हैं। डब्बी। अगर मेरे पास तीन दर्जन डब्बी हैं तो मेरे पास कितने यह कान में लगाने
वाले ठुनसुरू हो गए? तो आंसर है हर एक डब्बी में कितने होते हैं? दो होते हैं। अगर हर एक डब्बी में दो होते हैं तो तीन
दर्जन में कितने हो गए? तीन दर्जन में होता है 36 और हर एक डब्बी में कितने? हर एक डब्बी में कितने हैं? दो हैं। तो दो से
मल्टीप्लाई कर रहे हो ना आप? यानी कि तीन दर्जन डब्बी अलग बात है। और हर एक डब्बी में दो ये थुनरू है। तो जो भी जितने भी
डब्बियां हैं उसके डबल हो गए ना? बिल्कुल ऐसे ही मैं यहां पे आपको ये क्यों एग्जांपल दे रहा हूं? बिल्कुल ऐसे ही हर
एक इथेन में दो कार्बन है। अगर आप देखो हर एक इथेन में दो कार्बन है और छह हाइड्रोजन है। हर एक इथेन में दो कार्बन है। छह
हाइड्रोजन है। तो अगर मुझसे पूछा गया नंबर ऑफ़ मोल्स ऑफ़ कार्बन। अगर मुझसे पूछा गया मोल्स ऑफ़
कार्बन तो मेरे पास इथेन के मोल्स कितने हैं? तीन। और हर एक इथेन में कितने कार्बन है? दो। तो दो से मल्टीप्लाई होगा ना? तो
छह मोल्स हो जाएंगे ना यार। अगर मेरे पास तीन दर्जन डब्बी हैं तो थुन कितने दर्जन हुए? छह दर्जन हुए ना? क्योंकि हर एक में
दो हैं। समझो बेटा। तो छह मोल आ गए। अच्छा सेकंड पार्ट में पूछा है मोल्स ऑफ हाइड्रोजन एटम कितने? चलो ये तो अब आप
मुझे बताओगे कमेंट सेक्शन पे। मोल्स ऑफ हाइड्रोजन एटम। अब आप मुझे बता दो प्लीज। अब आप मुझे बता दो। हर एक डब्बी
में अगर छह होते तो तीन दर्जन में कितने हो जाते? एक में हाइड्रोजन छह हैं तो तीन में
कितने हाइड्रोजन होंगे? आंसर है तीन में कितने होंगे? छह से मल्टीप्लाई। आंसर है 18 मोल्स हो जाएंगे।
डन। लास्ट वाले में बोल रहा है नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स निकालें। तो मॉलिक्यूल्स मॉलिक्यूल्स ऑफ़ इथेन निकालना
है। अच्छा कितने मोल्स हैं हमारे पास? तीन हैं। और हर एक हर एक मोल में कितने मॉलिक्यूल्स होते हैं? कितने पार्टिकल
होते हैं? यहां तो हमें मोल्स निकालने को बोला था मोल्स। यहां मॉलिक्यूल बोला है। तो हर एक में होते हैं 6.02 * में 10 की
पावर 23। तो इसको मल्टीप्लाई करूंगा 63 18.06 * में 10 की पावर 23 इसको मैं इधर ले जाऊंगा तो
1.806 * में 10 की पावर 24 क्या आ जाएंगे मेरे पास? मॉलिक्यूल्स आ जाएंगे। सिंपल है। तो अगर मेरे पास एक मोल है तो मेरे
पास इतने मॉलिक्यूल हैं। तो तीन मोल्स में कितने होते हैं? तीन से मल्टीप्लाई कर दिया। डन है? अब बड़ी प्यारी बात ये है कि
ऐसा नहीं है कि मोल कांसेप्ट खत्म हो गया। बड़ी प्यारी बात ये है कि स्टोकियोमेट्री या स्टोकियोमेट्री इसमें भी हम मोल
कांसेप्ट यूज करेंगे। यकीन मानिएगा मेरा। लिमिटिंग रिएजेंट में भी मोल कांसेप्ट यूज़ करेंगे। यकीन मानिएगा मेरा। और इंपेरिकल
फार्मूला में भी इसका यूज़ करेंगे। यकीन मानिएगा मेरा। ठीक है? इन सब क्वेश्चंस में हमें मोल कांसेप्ट का यूज़ करना है। और
अभी ये वन शॉट आगे बढ़ रहा है। आप खुद ही समझोगे। मैं झूठ तो नहीं कह रहा हूं। यानी हर एक क्वेश्चन के अंदर जो आगे आने वाले
टॉपिक्स हैं उनमें हमें मोल कांसेप्ट का इस्तेमाल करना है। तो मोल कांसेप्ट में ऐसे नहीं है कि सर आपने तीन-चार क्वेश्चन
कराए। अरे भैया ये तो बस एक वार्म अप के लिए करवाएं। अब ये आगे जाके इस्तेमाल होता चला जाएगा। होता चला जाएगा। डन है? तो
यहां पे हमारा अगला टॉपिक स्टोकियोमेट्री शुरू करने से पहले मैं सभी से रिक्वेस्ट करूंगा पिछला सारा पढ़ लो ढंग से तमीज से
तभी आगे बढ़ना। वरना आगे के टॉपिक समझ नहीं आएंगे। इन सारे क्वेश्चंस को एक बार देख लो। ठीक है? ऐसा करते हैं। चलो इस
क्वेश्चन पे पहुंचने से पहले मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं। देखते हैं कितनी तैयारी हुई है। ठीक है? देखते हैं कितनी तैयारी
हुई है। चलो एक सवाल पूछता हूं। क्यों ना इस वन शॉट को और इंटरेस्टिंग बनाया जाए और कमेंट सेक्शन पे आप इस क्वेश्चन का आंसर
दोगे टाइम स्टैंप के साथ। रिक्वेस्ट है। ठीक है? मान लो मैं आपसे पूछता हूं कि हाउ मेनी
मॉलिक्यूल्स ऑफ मीथेन आर प्रेजेंट
इन 32 ग्राम ऑफ इट। चलो ऐसा करो। इसका आंसर ईमानदारी से दे दो। ईमानदारी से कोई चीटिंग नहीं। कमेंट सेक्शन में वीडियो पॉज
करो अभी यहीं और इसका आंसर दो। हाउ मेनी मॉलिक्यूल्स ऑफ मिथेन यानी CH4 आर प्रेजेंट इन 32 ग्राम ऑफ इट? जल्दी से
इसका आंसर दो। ठीक है? आई होप दे दिया तभी वीडियो प्ले किया। मैं अब इसका आंसर कर रहा हूं। नहीं किया तो रोक के दे दो
प्लीज। ठीक है? अगर मुझे मॉलिक्यूल्स निकालने हैं तो पहले मुझे मोल्स निकालने होंगे। अब मोल्स मैं शॉर्ट में कर रहा
हूं। मोल्स निकालने का फार्मूला क्या होता है? मोल्स का फार्मूला होता है मास अपॉन में मोलर मास। आप जब भी सब्जेक्टिव
क्वेश्चन करें पहले मास लिखें फिर मोलर मास लिखें। जैसे कि अभी हम करते आ रहे थे क्वेश्चन है ना? जैसे कि यहां पे हमने
किया क्वेश्चन। ठीक है? चलो आओ। अब यहां पे अगर ऐसा है तो मास कितना है? 32 है। अब इसका मोलर मास कितना होता है? कार्बन का
होता है 12। हाइड्रोजन का हो गया चार क्योंकि चार है तो 12 और चार 16 हो गया। तो 16 से डिवाइड किया। कितने मोल्स आ गए
हमारे पास? दो मोल्स आ गए। लेकिन हमें मोल निकालना है या मॉलिक्यूल निकालने हैं? मॉलिक्यूल निकालने हैं। तो
अगर मुझे नंबर ऑफ मॉलिक्यूल्स निकालने को बोला गया है मॉलिक्यूल्स तो कैसे निकालते हैं? जितने भी मोल्स हैं उसको हम लोग
मल्टीप्लाई कर देते हैं एवोगाड्रो नंबर से। जितने भी मोल्स हैं उसको मल्टीप्लाई कर देते हैं एवोगाड्रो नंबर से। तो
मल्टीप्लाई कर दिया तो आ गया 12.04 * में 10 की पावर 23। अब मैं चाहूं तो इसको
1.204 * मैं 10 की पावर 24 मॉलिक्यूल्स भी लिख सकता हूं ना। वो तो साइंटिफिक नोटेशन है। लेकिन ये हमारे पास आंसर आ गया। डन हो
गया। डन हो गया भाई। तो आई होप अगर आप अगर आपका ये वाला आंसर सही है तो ठीक है। आप आगे बढ़ सकते हो। लेकिन अगर आपका आंसर ये
गलत है तो मैं चाहूंगा मोल कांसेप्ट वाले सारे सवालों को एक बार दोबारा देखो। मोल कांसेप्ट को देखो। तभी चलते हैं
स्टोकियोमेट्री या स्टोकियोमेट्री पे। अब इस टॉपिक के अंदर एक्चुअली में हम लोग हमारे अह मोल कांसेप्ट्स को और हमारी
केमिकल रिएक्शंस को मैं फिर बोल रहा हूं हमें रिएक्शंस नहीं याद करनी है। ये एक फिजिकल केमिस्ट्री का चैप्टर है। लेकिन
हमें यहां पे केमिकल रिएक्शन के अंदर अब मोल कांसेप्ट कैसे लगाना है या उनकी क्वांटिटीज पे कैसे डील करना है वो बात
करने वाले हैं। अगर ऐसे बोले कि स्टोकियोमेट्री या स्टोकियोमेट्री है क्या? मैं इसको स्टोकियोमेट्री बोलता हूं।
ठीक है? इसकी प्रोनंसिएशन देख लेना। लेकिन अगर मैं ऐसे बोलूं कि स्टोशिसमेट्री है क्या? तो बेसिकली ये केमिस्ट्री की एक
ऐसी ब्रांच है जो डील करती है कि नंबर ऑफ जो रिएक्टेंट्स के मोल्स हैं और प्रोडक्ट के मोल्स हैं वो कितने होंगे विद
रिस्पेक्ट टू ईच अदर। और अगर ये मोल्स पे डील करती है तो ऑब्वियस सी बात है नंबर ऑफ़ पार्टिकल्स पे या क्वांटिटी पे भी डील
करेगी। परिभाषा देख लें तो कह रहे हैं द रिलेशनशिप बिटवीन दी रिलेटिव क्वांटिटीज़ ऑफ़ सब्सटेंसेस टेकिंग पार्ट इन अ रिएक्शन
और फॉर्मिंग अ कंपाउंड। यानी कि रिएक्टेंट आपस में कितना-कितना रिएक्ट हो रहे हैं और प्रोडक्ट आपस में कितना बन रहे हैं उनके
रिएक्टेंट की मदद से। इसे हम बोलते हैं स्टोकियोमेट्री स्टोशियोमेट्री। एग्जांपल के तौर पे देखो अगर मैं बोलता हूं कि एक
रिएक्शन है जो कि एक बैलेंस्ड रिएक्शन है। कैसे? ये H2 और O2 ने जुड़ के बनाया H2O। अब मैंने यहां पे टू लगा दिया। यहां पे टू
लगा दिया। तो ये रिएक्शन क्या हो गई? बैलेंस हो गई। बैलेंस हो गई। अब आप मुझे बताओ अगर मैं इसके दो यहां पे मैंने बताया
था अभी आपको थोड़ी देर पहले गेसक लॉ में कि यहां पे टू लिखा हुआ है तो ये वॉल्यूम को भी रिप्रेजेंट करता है। ये मोल्स को भी
रिप्रेजेंट करता है। तो अगर यहां पे हमारे पास इसके दो मोल्स मैं लेता हूं तो मुझे इसके एक मोल लेने होंगे। और यहां पे अगर
इसके आगे दो मोल लिखा हुआ है। इसके आगे दो मोल लिखा हुआ है तो इसका मतलब है इसके दो मोल पे इसके दो मोल्स बनेंगे। अब आप ये मत
समझ जाना कि उसके इसके दो हैं। इसके एक है तो तीन मोल्स बनेंगे। नहीं नहीं नहीं टोटल मास ऑफ रिएक्टेंट टोटल मास ऑफ प्रोडक्ट के
बराबर होता है। लेकिन टोटल मोल्स ऑफ रिएक्टेंट टोटल मोल्स ऑफ़ प्रोडक्ट के बराबर नहीं होते हैं। आप मास निकालोगे सेम
ही आएगा। आप दो मोल्स हाइड्रोजन का मास निकालना। 1 मोल ऑक्सीजन का मास निकालना। ऐड करना इसके बराबर आ जाएगा। बोलो तो
निकाल के दिखाऊं? आओ एक बार चेक कर लेते हैं ताकि मन में शक ना रहे। देखो अगर हाइड्रोजन के दो मोल्स हैं। मोल्स का
फार्मूला क्या होता है? मास अपॉन में मोलर मास। हाइड्रोजन का मोलर मास कितना होता है? टू। तो 2 * 2 कितना ग्राम आ गया? 4
ग्र. याद रखना इसका मास 4 ग्र. है। अच्छा। अब इसके मोल्स का फार्मूला क्या होगा? मास अपॉन में मोलर मास। ऑक्सीजन का मोलर मास
कितना होता है? ऑक्सीजन का मोलर मास होता है 32। ऑक्सीजन क्योंकि 16 दो है ना? तो 32
तो मल्टीप्लाई किया इसका 32 ग्राम आ गया। कितना आ गया? 32 ग्राम आ गया। अब हाइड्रोजन का देखो इसका 32 आया। इसका फोर
आया। तो इसका 36 ग्राम आना चाहिए मास। अब देखो इसके दो मोल्स हैं। फार्मूला क्या होता है? मास अपॉन में मोलर मास। पानी का
मोलर मास कितना है? 18 है। ये अभी हमने देखा भी था। पता भी होना चाहिए। तो यहां से अगर मैं मास निकालता हूं तो 18 * में 2
कितना आ जाएगा? 36 ग्राम आ जाएगा। तो यहां पे 32 + 4 कितना आ गया? 36 तो टोटल मास ऑफ़ रिएक्टेंट मास ऑफ़ प्रोडक्ट के बराबर था।
लेकिन मोल्स ऑफ़ रिएक्टेंट मोल्स ऑफ़ प्रोडक्ट के बराबर नहीं है। अभी भी इसका मास इन दोनों मास के सम के बराबर ही है।
लेकिन मोल्स में वो बात लागू नहीं होती है। ठीक है? पहली बात तो ये। अब अगर दूसरी बात यह है। अब आप मुझे बताओ अगर मैं इसके
पांच मोल्स लेता हूं तो क्या स्टोकियोमेट्री के हिसाब से इसके पांच मोल पे मुझे इसके अगर इसके एक पे इसके दो लेने
हैं तो इसके पांच पे मुझे क्या इसके 10 मोल लेने पड़ेंगे? यस। तो जो मैं यह पढ़ाई कर रहा हूं, यही तो शोक्योमेट्री है।
अच्छा, अब अगर इसके 10 हैं, तो इसके भी कितने होंगे? 10। क्यों? क्यों भाई? क्यों? क्योंकि इसके दो पे इसके दो हैं।
अच्छा ठीक है। इसके दो पे इसके दो हैं। अच्छा अब आप मुझे बताओ अगर मैं इसके सात मोल लेता हूं सेवन मोल। इसके दो पे इसके
एक हैं तो इसके सेवन पे इसके आधे यानी कि 3.5 मोल नहीं हो जाएंगे क्या? और इसके दो पे इसके दो हैं तो इसके सेवन पे इसके सेवन
मोल्स हो जाएंगे। ये है जो पढ़ाई हम कर रहे हैं। इसको बोलते हैं स्टोकियोमेट्री। आओ इसका एक और एग्जांपल लेते हैं। फिर
क्वेश्चंस कैसे आएंगे उस पे भी चलेंगे। मान लो यहां पे एक और एग्जांपल लेते हैं। नाइट्रोजन और हाइड्रोजन जुड़ के बना रहे
हैं अमोनिया यानी NH3। अब इतनी तो आपको कॉमन सेंस लगानी पड़ेगी कि ये सारी की सारी पढ़ाई वैलिड है ओनली फॉर बैलेंस्ड
रिएक्शंस। अगर रिएक्शंस बैलेंस नहीं है तो पढ़ाई एप्लीकेबल नहीं हो पाएगी। गड़बड़ हो जाएगी। तो ये रिएक्शन बैलेंस नहीं है।
इसको बैलेंस करने के लिए यहां पे मैंने टू लगा दिया है और यहां मैंने थ्री लगा दिया है। अब ये बैलेंस हो गई। अब इस पे पढ़ाई
लगाते हैं। तो अगर इसका एक मोल है तो क्या इसके तीन मोल्स चाहिए होंगे? यस। और अगर इसका एक है तो इसके दो हैं। है ना? तो
इसका मतलब है इसके एक मोल पे इसके दो मोल्स बनेंगे। ठीक है? डन है। अच्छा। अब अगर मैं इसके 10 मोल ले लेता हूं। तो इसके
एक पे इसके तीन गुना है। तो इसके 10 पे इसके 30 मोल चाहिए होंगे। और इसके एक पे इसके दो थे तो इसके 10 पे इसके 20 मोल जो
है वो प्रोड्यूस होंगे यानी कि बनेंगे। ठीक है? चलो अब मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं। अगर इसके पांच मोल्स मैं लेता हूं तो
इसके और इसके मन में बोल दो कहीं लिखो मत। मन में बोल दो। डन? पक्का?
ओके। ठीक है। तो अगर इसके पांच हैं तो इसके तीन गुना है तो क्या इसके 15 हो गए? 15 हो गए। यही सोचा था क्या? झूठ मत
बोलना। कसम है उसकी। हां। हां अपनी खाऊंगा ना तो मैं बोलूंगा ना अपनी कसम खाओ वो झूठी खा लोगे तुम उसकी झूठी नहीं खाओगे खा
ली भाई कसम ठीक बोला था अच्छा अब इसके एक पे अगर इसके दो हैं तो इसके पांच पे इसके 10 मोल हो जाएंगे थोड़ा अजीब सा नंबर दें
क्या थोड़ा अजीब सा नंबर दें क्या चलो आओ मान लो यहां पे इसके आते हैं हमारे पास अ 10
मोल ये थोड़ा अजीब नंबर है 10 मोल है तो इसके इसके कितने-कितने होंगे अब अगर इसके 10 हैं तो क्या इसके वन 1/3 है। जितने भी
इसके मोल्स हैं उसके 1/3 ही तो इसके आ रहे हैं। तो 10 का 1/3 हो जाता है 3.33 मोल्स। है ना भाई? हां ना भाई। है ना भाई? और अगर
इसके वन पे इसके टू हैं तो इसके 3.33 पे इसके 6.67 मोल्स राउंड ऑफ कर दिए। राउंड ऑफ कर दिए। राउंड ऑफ कर दिए। 66 को 67
बोलते हैं। ये है देखो बढ़िया। तो ये जो पढ़ाई हमारे बोर्ड पे लिखी हुई है कि इसके मोल पे उसके मोल, उसके मोल पे इसके मोल,
इसके मोल पे उसके मोल, मोल मोल मोल। इस पढ़ाई को हम लोग स्टोकियोमेट्री कहते हैं। अब इसके ऊपर सवाल कुछ इस प्रकार से आएंगे।
देखो एक यह सवाल है। एक यह सवाल है और एक दो सवाल है। और अगेन लिमिटिंग रिएजेंट जो है वो हमारे मोल कांसेप्ट और
स्टोकियोमेट्री को मिला देगा। सारे कांसेप्ट्स एक दूसरे को ऐड ऑन होते चले जाएंगे और सबकी रिवीजन साथ-साथ होती चली
जाएगी। चलो आओ इस सवाल को बनाते हैं। क्या है सवाल भाई? सवाल कह रहा है इन रिएक्शन बिटवीन हाइड्रोजन एंड क्लोरीन HCL इज
फॉर्म्ड। ठीक है? सबसे पहले रिएक्शन लिख लेते हैं। हाइड्रोजन और क्लोरीन के रिएक्शन में कौन
बनता है? HCL बनता है। कौन बनता है? HCL बनता है। फाइंड द अमाउंट ऑफ़ HCL फॉर्म्ड। अगर हम 71 kg क्लोरीन का इस्तेमाल करते
हैं। पहले तो ये रिएक्शन बैलेंस्ड है कि नहीं है? आंसर है नहीं ये रिएक्शन बैलेंस नहीं है। अब ये रिएक्शन बैलेंस हो गई।
दूसरी बात हमने जो ये स्टोकियोमेट्री की पढ़ाई लगाई है ये जो हम पढ़ाई लगा रहे हैं ये मोल्स और अमाउंट ऑफ सब्सटांस यानी
मॉलिक्यूल्स इन सब पे डिपेंड करती है ना कि मास पे। नो नो नो नो नो। ये बात भैया कहीं पे लाल रंग से चाहे अपनी भाषा से लिख
लो। लाल रंग ले लो। अपनी भाषा में लिख लो। बहुत इंपॉर्टेंट बात बताने जा रहा हूं। लाल रंग से लिख लो। स्टोकियोमेट्री
की पढ़ाई में हमें मास से पढ़ाई नहीं करनी। हमें मोल से पढ़ाई करनी है या मॉलिक्यूल से पढ़ाई करनी है। तो कहीं पे
भी अगर मास दे रखा हो तो पहले आपको मोल्स निकालने पड़ेंगे। ये बात ध्यान रखना। यानी अगर मैं ऐसे बोल दूं कि इसके दो मोल्स पे
इसका 1 मोल है। तो क्या ये भी सही होगा कि इसके 2 ग्राम पे इसका 1 ग्राम है। नहीं बिल्कुल नहीं। तो ये जो पढ़ाई हमने की है
ये मास पे वैलिड नहीं है। ये मोल्स पे वैलिड है। ध्यान रखना बेटा प्लीज। तो जैसे यहां पे आपको बोल रखा है कि क्लोरीन का
हमारे पास कितना है? 71 kg है। 71 kg है। तो पहली बात तो क्लोरीन का यहां पे हमें मास गिवन है। और क्या बोला हुआ है? बोला
हुआ है फाइंड अमाउंट ऑफ HCL फॉर्म्ड। अगर हम 71 kg क्लोरीन लेते हैं तो पहले तो आप थोड़ा सा यह एनालाइज़ करो कि अगर मेरे पास
इसका एक मोल है। इसका एक मोल है तो इसके दो मोल बनेंगे। क्यों बनेंगे 2 मोल? क्योंकि इसके वन पे इसके टू लिखा हुआ
है। तो इसके एक मोल पे इसके दो मोल होंगे। तो जितने भी क्लोरीन के मेरे पास मोल्स आएंगे उतने ही मोल्स मेरे पास उसके डबल
मोल्स मेरे पास HCL के हो जाएंगे। जितने भी मोल्स मेरे पास क्लोरीन के आएंगे उससे डबल मोल्स मेरे पास HCL के हो जाएंगे।
जितने भी मोल्स मेरे पास क्लोरीन के होंगे उसके डबल मोल्स मेरे पास HCL के होंगे। तो मैं क्लोरीन के मोल्स निकाल सकता हूं
बिकॉज़ मेरे पास क्लोरीन का मास है। चलो आओ। तो निकालते हैं मोल्स ऑफ़ क्लोरीन। फार्मूला क्या है? मास अपॉन में
मोलर मास। मैंने कहा था मोल कांसेप्ट की पढ़ाई अपने आप होती चली जाएगी। अब क्लोरीन का मास कितना है? तो आंसर है 71 kg है। kg
को ग्राम में कन्वर्ट करेंगे। बिकॉज़ मोल कांसेप्ट में मास ग्राम में होता है। और एक क्लोरीन का मास 35.5 होता है। इंटू में
दो का हो गया 71 काटा। कितने मोल्स आ गए भैया? 1000 मोल्स आ गए। 1000 मोल्स आ गए। 1000 मोल्स आ गए। 1000 मोल्स आ गए। किसके
मोल्स आए हैं? क्लोरीन के। आपसे पूछा है अमाउंट ऑफ HCL फॉर्म्ड। HCL कितना बनेगा भैया? क्या अगर इसके 1000 मोल्स हैं तो
इसके 2000 मोल्स हो गए। तो मोल्स ऑफ HCL जो हैं मोल्स ऑफ HCL जो हैं क्या वो
डबल है क्लोरीन से? यस। तो यानी कि 1000 का डबल कितना हो गया भैया? 2000 मोल्स हो गए। 1000 का डबल कितने हो गए भैया? 2000
मोल्स हो गए। पर मेरे को तो अमाउंट बोला है। अमाउंट का मतलब वो कहीं ना कहीं मास से है। तो मास निकाल के आना होगा। तो अब
मास कैसे निकालते हैं भैया? तो मोल्स का फार्मूला क्या होता है? मास / मोलर मास। ये तो मैं आपको सिखा चुका हूं। हटा दूंगा।
तो मोल्स का फार्मूला क्या होता है? मास अपॉन में क्या होता है? मोलर मास। तो यहां से अगर आपको क्या निकालना हो? मास निकालना
हो। तो कैसे निकालोगे? मोल्स को किस से मल्टीप्लाई कर दोगे? मोलर मास से। मोल्स को किस से मल्टीप्लाई कर दोगे? मोलर मास
से। तो जब भी किसी का मास निकालना हो ध्यान रखो अगर मुझे निकालना है मास ऑफ HCL तो मुझे क्या करना होगा उसके मोल्स को
उसके मोलर मास से मल्टीप्लाई कर देना होगा तो मोल्स कितने आए मेरे पास 2000 और HCL का मोलर मास कितना होता है Cl का 35.5 H
का वन तो कितना हो गया 36.5 अब 2000 को अगर मैं 36.5 से मल्टीप्लाई कर दूं हां जी भाई हां जी भाई
हां जी भाई कहां कहां है? कहां है? कहां है? ये रहा। 2000 को मल्टीप्लाई कर दिया 36.5 से। तो आंसर आ गया
73ाउ ग्राम्स। 73000 ग्राम का मतलब हो गया 73 kg आ गया। 73 kg आ गया। कितना प्यारा सवाल है। दोबारा समझते हैं क्या हुआ। हमें
हमने यहां पे मोल कांसेप्ट की पढ़ाई और साथ-साथ स्टोकियोमेट्री कैसे लगाया। हमें बोला हुआ था कि क्लोरीन क्लोरीन का 71 kg
है तो बताओ HCL कितना बनेगा? हाइड्रोजन के बारे में कोई बात नहीं हुई। लेकिन क्योंकि क्लोरीन के एक मोल पे इसके दो मोल बनेंगे
तो पहले मुझे क्लोरीन के मोल्स निकालने पड़े। फार्मूला होता है मास अपॉन में मोलर मास। मास इतना था। मोलर मास 71 होता है।
इतना आ गया। अब जितने भी मोल्स क्लोरीन के आए उसके डबल मोल्स HCL के आए। तो टू से क्या कर दिया? मल्टीप्लाई कर दिया। तो HCL
के मोल्स हमारे पास इतने हो गए। फिर हमने सीखा कि किसी का भी मास अगर निकालना हो आपके पास मोल्स हो तो मोल्स का फार्मूला
हमने पढ़ा है मास अपॉन में मोलर मास तो यहां से मास का फार्मूला क्या हो जाएगा मोल्स इंटू में मोलर मास तो मोल्स इंटू
में मोलर मास यहां से हमारे पास फार्मूला आ गया यहां से हमारे पास फार्मूला आ गया बोलो आ गया आ गया बिल्कुल आ गया तो यहां
से मोल्स इंटू में मोलर मास क्या मोल्स ये थे मोलर मास था 73 kg आंसर आ गया डन है पक्की बात है देखो अब ये देखो भाई बोलो
ट्राई करोगे क्या बोलो बोलो ट्राई कर रहे हो क्या? अरे ट्राई कर रहे हो क्या? मारोगे ट्राई? चलो वीडियो पॉज करो। ट्राई
मारो। ईमानदारी ओपी हो जाए। वीडियो पॉज करो। ट्राई मारो। इफ हाइड्रोजन एंड ऑक्सीजन गैस रिएक्ट टू फॉर्म अमोनिया।
पहले रिएक्शन बना लेते हैं। नाइट्रोजन और हाइड्रोजन रिएक्ट हो के बना रहे हैं अमोनिया। रिएक्शन बैलेंस नहीं है। अब हो
गई। ठीक है? फाइंड मोल्स ऑफ हाइड्रोजन यूज्ड। आपको इसके मोल्स निकालने हैं। कितने यूज़ होंगे? एंड अमोनिया फॉर्म्ड
इसके कितने मोल्स बनेंगे? अगर 28 ग्राम नाइट्रोजन लिए फिर से स्यापा हो गया। स्यापा मतलब प्रॉब्लम हो गई। क्यों
प्रॉब्लम हो गई? क्योंकि यहां पे मोल्स नहीं गिवन है। यहां पे मास गिवन है। तो सबसे पहला काम क्या होगा
बताओ? हम सबसे पहला काम क्या होना चाहिए? सबसे पहला काम होना चाहिए। हमें
मोल्स निकालने होंगे। किसके मोल्स निकालने होंगे? नाइट्रोजन के मोल्स निकालने होंगे। सबसे पहला काम होना चाहिए क्योंकि मास पे
स्टोकियोमेट्री की पढ़ाई नहीं होती है। तो मोल्स ऑफ नाइट्रोजन निकालते हैं। फार्मूला मास अपॉन में मोलर
मास। मास है 28 और नाइट्रोजन का N2 का मोलर मास भी कितना होता है? 28 काटा। कितने मोल्स आ गए? 1 मोल। बड़ी अच्छी बात
है कि 1 मोल आया। अब स्टोकियोमेट्री के हिसाब से अगर इसका एक मोल है तो हाइड्रोजन के कितने मोल बनेंगे? तीन। हमें मोल्स
निकालने को बोला है या मास? मोल्स ही बोला है। तो ये तो क्वेश्चन और आसान हो गया। ठीक है? इसके मोल्स हमारे पास कितने हैं?
एक। तो अगर मुझे यहां से बोला गया है कि मोल्स ऑफ हाइड्रोजन निकालो। तो भैया मोल्स ऑफ हाइड्रोजन तीन गुना
हैं मोल्स ऑफ नाइट्रोजन से। क्योंकि इसके एक पे इसके तीन हैं। तो अब नाइट्रोजन के मोल्स हमारे पास एक आए तो मल्टीप्लाई करके
3 मोल आ गया। सिंपल क्वेश्चन। अब हमें बोला है मोल्स ऑफ अमोनिया भी निकालो। मास नहीं अगेन मोल्स बोला है। तो मोल्स ऑफ
अमोनिया अगर मुझे निकालने को बोला है तो वो इसके एक पे इसके दो हैं। तो जितने भी नाइट्रोजन के हैं उसके डबल हो गए। तो
ट्वाइस ऑफ मोल्स ऑफ नाइट्रोजन। ट्वाइस ऑफ मोल्स ऑफ नाइट्रोजन। अब नाइट्रोजन के मोल्स
कितने हैं हमारे पास? एक ही तो आया है। तो कितने आ गए? दो। अच्छा अगर इसी क्वेश्चन में मोल्स के साथ-साथ मास भी निकालने को
बोलते तो आपको सिखाया है मास कैसे निकालना है? मोल्स को मोलर मास से मल्टीप्लाई कर दो। इसका मोलर मास कितना होता है?
हाइड्रोजन का टू होता है। तो 6 ग्राम आ जाता। NH3 का मोलर मास कितना होता है? 17 होता है। 17 * में 2 34 ग्र. आ जाता। तो
मास भी निकाल लेते हम। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। डन है क्या? बोलो। चलो ऐसा करते हैं। लिमिटिंग रिएजेंट पे पहुंचने से
पहले एक सवाल और करते हैं। देखो यार आप देख रहे हो। मैं इसको ऐसे सोच के नहीं पढ़ा रहा कि ये वन शॉट है। आप समझो बात
को। मैं इसको ऐसे सोच के पढ़ा ही नहीं रहा हूं कि ये वन शॉट है। मैं ऐसे सोच के पढ़ा रहा हूं कि भैया अगर दो क्वेश्चन किए हैं।
क्या पता कहीं ना कहीं बच्चा इन दोनों में अटका। क्यों ना एक और क्वेश्चन करा दे। प्लीज ईमानदारी से देखेंगे। मैं अगर पूरी
ईमानदारी से पढ़ा रहा हूं तो आपको भी ईमानदारी से सवाल बनाने होंगे। ठीक है? चलो। क्वेश्चन देखते हैं इसको। ऐसे देखते
हैं। थोड़ा छोटा कर दें पूरी स्क्रीन हम लोग। हम्म। तो अरे ये क्या हुआ था? अभी कुछ तो हुआ। ठीक है। यहां पे एक क्वेश्चन
करते हैं। हम क्वेश्चन लेते हैं [संगीत]
कि फाइंड मास ऑफ
वाटर प्रोड्यूस्ड प्रोड्यूस्ड
व्हेन व्हेन 10 ग्राम ऑफ
हाइड्रोजन रिएक्ट्स कंप्लीटली विद ऑक्सीजन।
ठीक है? करो। वीडियो पॉज करो। सवाल क्या है? फाइंड मास ऑफ वाटर प्रोड्यूस। पानी कितना बनेगा? अगर आप 10 ग्राम हाइड्रोजन
को कंप्लीटली रिएक्ट करवा देते हो ऑक्सीजन के साथ। है ना? यानी कि रिएक्शन अगर मैं आपको बता दूं वैसे तो मुश्किल नहीं है।
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन जुड़ के क्या बनाना चाहते हैं? वाटर। बैलेंस करना। सबसे पहला कर्तव्य आपका सबसे पहला कर्तव्य। अब वो कह
रहे हैं कि अगर हम 10 ग्राम हाइड्रोजन लेते हैं। 10 ग्राम हाइड्रोजन लेते हैं। आपको बताना है पानी का कितना मास बनेगा।
जल्दी से कर दो ये सवाल जल्दी से कर दो डन है वीडियो पॉज किया तो क्या किया होगा भाई पहले आपने ये देखो बड़ी अच्छी बात ये
है कि इसके दो मोल्स पे इसके भी दो मोल्स हैं तो पहले मैं निकालूंगा मोल्स ऑफ पहले मैं निकालूंगा
मोल्स ऑफ हाइड्रोजन पहले मैं निकालूंगा मोल्स ऑफ हाइड्रोजन मोल्स का फार्मूला क्या होता
मास ऑफ हाइड्रोजन मास ऑफ हाइड्रोजन अपॉन इतना क्यों लिख रहा हूं मैं? मास अपॉन में मोलर
मास। मास कितना है? 10 ग्राम है। और हाइड्रोजन का मोलर मास कितना होता है? दो। कितने मोल्स आ गए? पांच मोल्स। अब इस
रिएक्शन के हिसाब से अगर इसके दो मोल हैं तो इसके भी दो हैं। तो अगर हाइड्रोजन के पांच आए हैं तो इसके भी पांच हो जाएंगे।
यानी कि मोल्स ऑफ़ H2O भी हमारे पास 5 मोल्स हो जाएंगे। लेकिन क्वेश्चन में मुझे मास निकालने को बोला है। तो मैंने आपको आज
ही सिखाया है कि अगर मोल्स से मास निकालना हो तो मास कैसे निकालते हैं? आंसर है मोल्स को
मल्टीप्लाई कर देते हैं मोलर मास से। अब मोल्स कितने आए हैं? पांच। और पानी का मोलर मास कितना होता है? 18। 18 * में 5
कितना हो गया? 90 ग्राम हो गया। तो 90 ग्राम पानी बनेगा। अगर आपका आंसर सही था तो भाई साहब आपको देना है एक थम्स अप यानी
कि एक लाइक देना है। अगर आंसर सही था तो और गलत था तो कुछ नहीं करना है। टेंशन में नहीं आना है। बस ये सारे क्वेश्चन एक बार
पीछे जाके रिपीट करने हैं। देखो मैं कहता हूं वन शॉट देख रहे हो। सुपर वन शॉट देख रहे हो तो ऐसे देखो कि भैया दोबारा देखने
की जरूरत ना पड़े। अगर देख रहे हो तो ढंग से देखो। तो अगर ये सही है आंसर। अगर ये सही है तो आगे बढ़ेंगे। नहीं है। तो पिछले
सारे क्वेश्चंस को हम एक बार दोबारा देखेंगे। स्टोकियोमेट्री को समझेंगे। क्योंकि फिर वही कह रहा हूं। अब लिमिटिंग
रीएज को समझने के लिए स्टोकियोमेट्री और मोल कांसेप्ट दोनों आने चाहिए। तो इस पे पहुंचने से पहले पिछला देख लो एक बार
सारा। अब लिमिटिंग रिएजेंट बड़ी एक इंटरेस्टिंग पढ़ाई है। देखो इस टॉपिक को पढ़ाने से पहले एक सवाल पूछता हूं आपसे।
आपने लैब में क्या कभी कोई केमिकल रिएक्शन करवाई है? कभी भी 10थ में कराई हो या अभी तो खैर 11th में बहुत सारे बच्चों के
स्कूल भी शुरू नहीं हुए होंगे या भी होंगे तो लैब्स शायद नहीं हुई होंगी लेकिन 11th में तो आपको बहुत सारी केमिकल रिएक्शंस
करवानी है। कभी नाइंथ 10थ में कराई हो 10थ में ऐसे एसिड को मेटल के साथ रिएक्ट ही कराया हो तो आपने आज तक कभी भी कुछ भी
मेजर करके नहीं डाला होगा। ये तो तय है वाली बात। देखो कहने का मतलब क्या है? मान लो आपने लैब में रिएक्शन कराई और आपने
जिंक को HCL के साथ रिएक्ट कराया और ZnCl2 बना और साथ में हाइड्रोजन गैस बनी। अब रिएक्शन के बैलेंसिंग के अकॉर्डिंग यहां
पे वन लगा। यहां पे टू लगा। ठीक है? अब मेरा सवाल आप सब से ये है कि क्या आपने इसके एक मोल और इसके दो मोल ही नाप के
लिए? आंसर है। नहीं। क्या आपने उनको मेजर करके लिया? अभी हमने क्या पढ़ा? अह स्टोकियोमेट्री में कि भैया इसके एक मोल
पे इसके मुझे दो मोल्स चाहिए होंगे। तो अगर मैं इसके 10 मोल लेता हूं तो मुझे इसके 20 मोल लेने होंगे। पर क्या हमने आज
तक कभी भी या मैंने अपने जीवन में इतने सारे एक्सपेरिमेंट्स, इतने सारी एक्टिविटीज कर डाली हैं कि मुझे भी याद
नहीं है कि मैंने अपने जीवन में कितनी केमिकल रिएक्शंस कराई होंगी। बहुत सारी वीडियोस आप देखते रहते हैं। लेकिन मेरा
सवाल आपसे ये है कि क्या मैंने आज तक कभी भी कुछ प्रॉपर्ली मेजर करके डाला है? तो आंसर है नहीं। इसका मतलब यह है कि कोई एक
हमेशा हम ज्यादा डाल रहे होंगे और कोई एक कम डाल रहे होंगे। यानी कोई एक ऐसा होगा जो रिएक्शन में पूरा का पूरा रिएक्ट हो
जाता होगा और कुछ नहीं छोड़ता होगा। बिकॉज़ वो कंप्लीटली रिएक्ट हो गया। इसको समझाने के लिए लेट अस सपोज़ अभी मैं आपको एक
एग्जाम अभी हमने ऊपर डेफिनेशन नहीं पढ़ी है ना। अभी आओ एक एग्जांपल लेते हैं। लेट अस सपोज़ H2 और O2 वाला एग्जांपल लेते हैं ना।
आसान एग्जांपल है। मान लेते हैं मुझे H2 और O2 को जोड़ के पानी बनाना है। ठीक है ना? पानी बनाना है। अब इस रिएक्शन में ये
रिएक्शन कह रही है कि इसका अगर आप दो मोल लेते हो तो इसके आपको एक मोल लेने होंगे। ठीक है? ये तो स्टोकियोमेट्री है। बट हुआ
क्या कि मैंने क्या किया? दोनों के एक-एक मोल ले लिए। दोनों का एक-एक मोल लिया। ये भी एक मोल लिया और ये भी एक मोल लिया। अब
इसके एक मोल पे इसके दो मोल चाहिए। लेकिन मैंने इसके एक मोल पे इसका तो एक मोल ही चाहिए। लिया है। इसका मतलब है कि जो
हाइड्रोजन मैंने यहां पे लिया है वो मैंने कम अमाउंट में लिया है। और इसका मतलब ये है कि अगर मैंने हाइड्रोजन कम अमाउंट में
लिया है तो इसका मतलब ये है कि जो हाइड्रोजन है वो पूरा का पूरा रिएक्ट हो के खत्म हो जाएगा। दोबारा से सुनो। इसके
एक मोल पे इसके कितने मोल चाहिए? दो। लेकिन इसके एक मोल पे मैंने कितने मोल लिए हैं? एक ही तो लिया है। तो अगर मैंने इसके
एक मोल पे इसका एक ही मोल लिया है तो कहीं ना कहीं यह तो कम पड़ गया ना। तो इसीलिए ये हमारे पास हो गया एक लिमिटिंग रिएजेंट।
लिमिटिंग रिएजेंट वो होता है जो रिएक्शन के दौरान कम पड़ जाता है या पूरा खत्म हो जाता है और उसके साथ वाला रिएक्टेंट बच
जाता है। तो उसको हम लिमिटिंग रिएजेंट कहते हैं। अच्छा आओ समझो। अगर मैंने इसके 15 मोल लिए
और इसके 5 मोल लिए। अब समझते हैं कौन लिमिटिंग रिएजेंट होगा। इसके 2 मोल पे इसका एक चाहिए। तो इसके 15 पे इसके 7 1/2
मोल चाहिए होंगे। लेकिन मैंने 15 पे इसके 7 1/2 मोल लिए या सिर्फ पांच मोल लिए। पांच लिए तो इसका
मतलब है ये कम पड़ गया। ऐसे समझ लो या ऐसे समझ लो कि इसके एक पे इसके दो चाहिए। तो इसके पांच पे इसके 10 चाहिए होंगे। लेकिन
मैंने कितने लिए? 15। इसका मतलब है ये ज्यादा है। जो ज्यादा है उसके साथ वाला लिमिटिंग हो गया। ऐसे समझ लो या समझ लो
इसके दो पे इसके कितने चाहिए? एक। तो इसके 15 पे इसके 7 1/2 चाहिए होंगे। लेकिन हमने कितने लिए हैं भैया? हमने लिए हैं पांच।
तो इसका मतलब है ये हमारा लिमिटिंग रिएजेंट हो जाता है। अच्छा आओ एक और एग्जांपल ले लो भाई लोग। मान लो मैंने
इसके 100 मोल्स लिए और मैंने इसके भी 100 मोल्स लिए। कौन हुआ लिमिटिंग रिएजेंट? लिमिटिंग रिएजेंट कौन है जो रिएक्शन के
दौरान कम पड़ जाता है या पूरा खत्म हो जाता है। अब इसके 100 मोल हैं। इसके भी 100 मोल हैं। अब इसके एक पे इसके दो चाहिए
तो इसके 100 पे इसके 200 चाहिए। लेकिन मैंने सिर्फ कितने लिए हैं? 100 लिए हैं। तो यहां पे ये कौन हो गया? लिमिटिंग
रिएजेंट हो गया। क्या लिखा हुआ है? देखो लिमिटिंग रिएजेंट की परिभाषा में। लिमिटिंग रिएजेंट वो सब्सटांस हैं जो
रिएक्शन के दौरान कंप्लीटली कंज्यूम हो जाते हैं। पूरी रिएक्शन होते के बाद कंप्लीटली कंज्यूम हो जाते हैं, खत्म हो
जाते हैं। उन्हें कहा जाता है लिमिटिंग रिएजेंट। उन्हें कहा जाता है लिमिटिंग रिएजेंट। डन है? तो ये हमारा लिमिटिंग
रिएजेंट हो गया। अब आप मुझे बताओ अभी तक जब हम स्टोकियोमेट्री की पढ़ाई कर रहे थे तो उसमें तो दोनों में से कोई भी लिमिटिंग
नहीं था। तो जो प्रोडक्ट का अमाउंट होता था, प्रोडक्ट का अमाउंट होता था, वो हम किसी भी एक से कैलकुलेट कर लिया करते थे।
लेकिन लिमिटिंग रिएजेंट में तो आपने कोई एक ज्यादा ले रखा है और कोई एक कम ले रखा है। तो फिर प्रोडक्ट जो बनेगा वो किसके
हिसाब से बनेगा? जो ज्यादा लिया हुआ है उसके हिसाब से बनेगा या जो कम लिया हुआ है उसके हिसाब से बनेगा। तो ये कॉमन सेंस की
बात है। जो ज्यादा लिया हुआ है वो तो ज्यादा है ना वो तो बच जाएगा ना। वो तो रिएक्ट ही नहीं होगा। जो कम लिया होगा वो
डिसाइड करेगा कि फाइनल प्रोडक्ट कितना बनेगा। एग्जांपल के तौर पे ये एक बॉटल है। ठीक है ना? अब मान लेते हैं ये दो चीजों
से मिलके बनी है। एक है कैप और एक है इसका बेस या बॉटल मान लो चलो। अब आप मान लो अपने घर में इस ढक्कन को बनाते हैं। मैं
अपने घर में इन बॉटल्स को बनाता हूं। मैं 50 ढक्कन बनाता हूं रोज और आप 50 बोतल बनाते हो। हम दोनों मिलते हैं और कितनी
बोतल तैयार करते हैं बताओ? 50 बोतल तैयार करते हैं। लेकिन इमेजिन करो एक दिन मेरी तबीयत खराब हो गई। मैंने 50 की बजाय 40
बोतल्स बनाई लेकिन आपने ढक्कन तो 50 ही बनाए। अब आप बताओ कितनी बॉटल्स बनेंगी? क्या 50 बॉटल्स बनेंगी या 40 बॉटल्स
बनेंगी? तो आंसर है 40 ना। जो कम है वो डिसाइड करेगा ना कितना प्रोडक्ट है। एक दिन आपने रेड बुले पी ली थी। आपने एनर्जी
ड्रिंकें पी ली थी। तो आपने 100 की बजाय 80 ढक्कन बनाए। 100 की बजाय 80 ढक्कन बनाए। और मैंने कितने ढक मैंने कितने
बतल्स बनाई? मैंने तो 50 ही बनाई। तो क्या 80 बोतल बनेंगे? नहीं। आप आप जितनी मर्जी एनर्जी ड्रिंक पी लो। आप एनर्जी ड्रिंक के
अलावा कुछ और पी लो। आप ये पी लो बेटा। ये पी लो बेटा। अबे कॉफी है भाई। कॉफी है। कॉफी पी लो बेटा। इससे क्या फर्क पड़ता
है? अगर जो कम है जो कम है वही डिसाइड करेगा प्रोडक्ट कितना है। ठीक है? तो अब अभी तक क्या चल रहा था? देखो अभी तक की
पढ़ाई में हम किसी भी एक के अमाउंट से किसी भी एक के अमाउंट से प्रोडक्ट जो है वो गेस कर ले रहे थे। है ना? लेकिन अब ऐसा
नहीं होगा। अब आपको ध्यान रखना होगा अगर किसी क्वेश्चन में लिमिटिंग रिएजेंट है तो ये वाली बात आपको ध्यान रखनी होगी। बेटा
बादल में डाल रहा हूं। बादल में डाल रहा हूं। बहुत इंपॉर्टेंट है। अमाउंट ऑफ
प्रोडक्ट इज डिसाइडेड बाय लिमिटिंग
रिएजेंट इज डिसाइडेड बाय लिमिटिंग रिएजेंट। ये ध्यान रखना भैया लिमिटिंग रिएजेंट ही डिसाइड करेगा कितना प्रोडक्ट
बनेगा। अब आप बताओ अगर लिमिटिंग रिएजेंट डिसाइड करेगा तो मुझे सिर्फ लाल गोलों वालों को देखना है। ठीक है? के इसको नहीं
देखना। ये तो ज्यादा है। तो इसके दो मोल पे इसके दो है तो इसके एक पे इसका एक मोल बनेगा। ठीक है? अब मुझे इसको नहीं देखना
भैया। कहीं आप बोलो इसके दो है। इसके दो हैं तो इसके 15 पे इसके 15 बनेंगे। ना ना क्योंकि ये तो एक्सेस है। हटा दो इसको। ये
है लिमिटिंग। इसके एक पे इसके दो हैं। तो इसके पांच पे इसके 10 मोल हो जाएंगे। सही जा रहे हो। चलो अब ये गेस करो। ये गेस
करो। मन में कर लो। लिखने की जरूरत नहीं। मन में कर लो। कर लिया। अब इससे करेंगे। नहीं भैया ये तो ज्यादा है। ये है
लिमिटिंग रिएजेंट। तो इसके दो पे इसके दो हैं तो इसके 100 पे इसके भी 100 मोल हो जाएंगे। तो ये ध्यान रखना है कि लिमिटिंग
रिएजेंट विल डिसाइड दी अमाउंट ऑफ प्रोडक्ट फॉर्म्ड। आओ सवालों पे आते हैं। पहला सवाल क्या कह रहा है पहला सवाल देखो। सवाल कह
रहा है इफ इन अ कंटेनर 20 ग्राम ऑफ़ हाइड। अच्छा इसमें भी आपको बैलेंस रिएक्शन लिखनी है। बिकॉज़ टोकियोमेट्री तो लग ही रही है
ना। साथ-साथ लिमिटिंग रिएजेंट भी लग रहा है। मोल कांसेप्ट भी लग रहा है। ओए होए क्या मजेदार टॉपिक है। इफ इन अ कंटेनर 20
ग्राम ऑफ़ हाइड्रोजन इज़ टेकन विद 80 ग्र ऑफ़ ऑक्सीजन टू फॉर्म वाटर। आपको लिमिटिंग रिएजेंट बताना है और साथ ही साथ बताना है
कि मोल्स ऑफ वाटर कितने बनेंगे? तो पहले तो रिएक्शन लिखते हैं। आ जाओ। तो H2 और O2 ने मिलके बनाया H2O
बनाया। ठीक है? अब रिएक्शन को बैलेंस करके लिखना है तो बैलेंस करके लिख दिया। अच्छा। 20 ग्राम ऑफ हाइड्रोजन। तो ये हमारे पास
20 ग्राम है। ऑब्वियस सी बात है हमें मोल्स निकालने पड़ेंगे और 80 ग्र. ऑफ़ ऑक्सीजन है तो 80 ग्र. ऑफ़ ऑक्सीजन है। ठीक
है? मास से कुछ नहीं होता है। मोल्स निकालने पड़ेंगे। तो पहले निकालते हैं आओ हम लोग
मोल्स ऑफ हाइड्रोजन मास अपॉन में मोलर मास। तो 10 मोल्स आ गए। अब सुनो। अब अगर इसके दो हैं
तो इसका एक है। तो इसके 10 पे इसके पांच तो होने चाहिए ना। इसके पांच तो होने चाहिए ना। ठीक है? आ जाओ। अब बात करते हैं
मोल्स ऑफ ऑक्सीजन गिवन मास अपॉन में ऑक्सीजन का मोलर मास 16 * 2 = 32 32 हो
गया। तो अगर मैं इसको फोर के टेबल से काटता हूं तो ये आ गया मेरे पास 20 और ये आ गया मेरे पास 8 व्हिच इज़ फर्दर इक्वल्स
टू 10 / 4 व्हिच इज़ 2.5 अब आप मुझे बताओ इसके दो पे इसका एक होना चाहिए। तो इसके 10 मोल पे इसके 10
मोल पे ध्यान से सुनना भैया कंफ्यूज मत होना। इसके 10 मोल पे मन में बोलो इसके पांच तो होने चाहिए थे। इसके पांच तो होने
चाहिए थे लेकिन ढाई हैं। लेकिन ढाई हैं। इसका मतलब है ये कम पड़ गया ना बाबू। इसके 10 पे इसके पांच होने चाहिए थे ना। आधे
होने चाहिए थे। लेकिन ये तो ढाई मोल हैं। इसका मतलब है कि ऑक्सीजन इज़ आर लिमिटिंग रिएजेंट। यानी कि हमारा जो लिमिटिंग
रिएजेंट है वो कौन है भैया? ऑक्सीजन है। ऑक्सीजन हमारा लिमिटिंग रिएजेंट है। डन हो गई बात? ऑक्सीजन हमारा लिमिटिंग रिएजेंट
है। डन हो गई बात? अच्छा, अब हमने ये तो पहचान लिया कि लिमिटिंग रिएजेंट कौन है? अब अमाउंट ऑफ वाटर कौन डिसाइड करेगा? तो
अमाउंट ऑफ वाटर डिसाइड करेगा ऑक्सीजन। अमाउंट ऑफ वाटर डिसाइड करेगा ऑक्सीजन। अब क्योंकि वह हमारा लिमिटिंग रजेंट है। अब
इसके एक मोल पे इसके दो हैं। तो तो मोल्स ऑफ वाटर फॉर्म्ड पानी के कितने
मोल्स बनेंगे भाई? तो आंसर है जितने भी ऑक्सीजन के हैं उसके डबल। तो 2 * में मोल्स ऑफ़ ऑक्सीजन। अब ऑक्सीजन के कितने
मोल्स हैं हमारे पास? तो आंसर है 2 1/2 मोल हैं। तो 2.5 * में 2 कर देंगे तो पांच आ जाएंगे। अगर मुझसे मास ऑफ़ वाटर फॉर्म्ड
पूछा होता तो मैं मास भी निकाल सकता था। अ मोलर मास से मल्टीप्लाई करके जो कि सीख लिया हमने आज। ठीक है? तो सबसे पहले हमने
आइडेंटिफाई किया कि लिमिटिंग रिएजेंट कौन है और फिर लिमिटिंग रिएजेंट से प्रोडक्ट का अमाउंट कैलकुलेट किया। डन है आ जाओ।
ठीक है? अब ये सवाल देखो भैया। ये सवाल में पूरे क्वेश्चन में कहीं नहीं बोला गया कि लिमिटिंग रिएजेंट वाला क्वेश्चन है भी
या नहीं। आपको खुद से जज करना पड़ेगा कि ये क्वेश्चन लिमिटिंग रिएजेंट का है। आओ समझो। कह रहे हैं कैलकुलेट द अमाउंट ऑफ
कार्बन डाइऑक्साइड दैट कुड बी प्रोड्यूस्ड। कितनी कार्बन डाइऑक्साइड प्रोड्यूस होगी? सब में हमने किसको जलाया
है? कार्बन को जलाया है। तो सब में रिएक्शन तो वही रहेगी कि कार्बन और ऑक्सीजन मिलके दे रहे हैं कार्बन
डाइऑक्साइड। ठीक है? रिएक्शन बैलेंस भी है। इसका भी एक मोल, इसका भी एक मोल, इसका भी एक मोल। ठीक है? अब इसके पहले पार्ट
में क्या बोला गया है? कि 1 मोल ऑफ़ कार्बन को जलाया गया। अब क्योंकि ऑक्सीजन के बारे में कोई बात
नहीं करी गई है। इसका मतलब है ऑक्सीजन उतना ही है जितना चाहिए होगा। आपसे पूछा है अमाउंट ऑफ कार्बन डाइऑक्साइड जो बनेगा।
अब इसका अगर एक मोल है तो इसका भी कितना होगा? वन ही होगा ना? तो मोल ऑफ़ CO2
प्रोड्यूस्ड पहले पार्ट की बात कर रहे हैं। तो मोल्स ऑफ़ CO2 प्रोड्यूस्ड। कितने मोल CO2 के प्रोड्यूस होंगे? आंसर है 1
मोल ही होंगे। और अगर इन्होंने मास पूछा है बिकॉज़ अमाउंट बोला है तो मास भी निकाल के आ जाएंगे। वैसे अमाउंट का मतलब मोल्स
भी होता है। बट क्योंकि कंफ्यूजन है तो हम आंसर दोनों फॉर्म में देंगे। अब मास ऑफ CO2 प्रोड्यूस्ड अगर बोला जाए मास ऑफ CO2
प्रोड्यूस्ड बोला जाए तो क्या सिखाया था? मोल्स को मल्टीप्लाई कर देना है मोलर मास से। मोल्स कितने हैं? एक और CO2 का मोलर
मास कितना होता है? 44 तो 44 ग्र. हमारे पास आंसर आ गया। यह हमारा पहले पार्ट का आंसर हो गया। कुछ ज्यादा ही जगह ले ली
हमने पहले पार्ट में। कोई बात नहीं। चलो पहले पार्ट का आंसर हो गया। ठीक है? अब दूसरे पार्ट में बोल रहे हैं। सेकंड पार्ट
में कह रहे हैं कि हुआ क्या? 1 मोल ऑफ़ कार्बन तो है लेकिन ऑक्सीजन 16 ग्राम है। ठीक है? अब यानी कि हमें दोनों को ध्यान
में रखते हुए बात करनी होगी। सुनो अब। अब इसका तो एक मोल है। लेकिन इसका 1 मोल नहीं है। 16 ग्राम है। तो आओ इसके मोल्स निकाल
लेते हैं। कितने हैं? तो अगर मैं बात करूं मोल्स ऑफ O2 अगर मैं बात करूं मोल्स ऑफ O2 तो फार्मूला होगा मास अपॉन में मोलर मास
लो जी कर लो गलत है सुन लो बात कितने मोल्स आ गए 0.5 मोल्स आ गए यानी कि इसका हमारे पास एक मोल है और इसका हमारे पास
0.5 मोल है। इसका मतलब है O2 हमारा लिमिटिंग रिएजेंट हो गया। बच्चे क्या करते हैं? ये देखते हैं कि 1 मोल कार्बन पे अगर
44 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड बनी तो यहां पे भी एक मोल में बनेगी। अरे नहीं ना ऑक्सीजन का अमाउंट भी तो कम कर दिया ना
भाई। समझ रहे हो? तो मोल्स ऑफ ऑक्सीजन जो है वो फाइव मोल्स आए हैं। एंड यहां पे आपको लिखना पड़ेगा कि O2 इज़ लिमिटिंग
रिएजेंट। O2 हमारा कौन सा रिएजेंट हो गया? लिमिटिंग। तो अगर मैं यहां से बात करूं तो मोल्स ऑफ़ CO2 जो प्रोड्यूस होंगे इस बार
मैं किसके हिसाब से निकालूंगा? ऑक्सीजन के हिसाब से। अब क्योंकि कार्बन तो हमारा एक्सेसिव रिएजेंट है। मतलब ज्यादा वाला
रिएजेंट है। लिमिटिंग रिएजेंट से पढ़ाई होती है। तो लिमिटिंग रिएजेंट है तो कितने मोल्स आ
गए? 5 मोल्स आ गए। कितने मोल्स आ गए?5 मोल्स। यहां पे मैं एक स्टेप लिख देता हूं और कि मोल्स ऑफ कार्बन डाइऑक्साइड बराबर
होंगे मोल्स ऑफ ऑक्सीजन के। क्योंकि अगर इसका एक मोल है तो इसका भी एक है। अगर यहां पे दो होता तो अलग बात होती। ठीक है
ना? चलो आओ। डन। हम जो कि 5 मोल्स हो गए। अब अगर 5 मोल्स हो गए तो यहां से मैं निकालूंगा मास ऑफ
CO2 मास का फार्मूला मोल्स इंटू में मोलर मास। मोलर मास 44 है तो 22 ग्राम आ जाएगा। ठीक है? अब थर्ड पार्ट में आपको कॉमन सेंस
लगानी है। पूरा सॉल्व वगैरह नहीं करना है। थर्ड पार्ट में आप अकल लगाओ। देखो अगर 1 मोल कार्बन और 16 ग्राम डाईऑक्सीजन में
ऑक्सीजन लिमिटिंग रिएजेंट था तो 2 मोल कार्बन में भी तो वही लिमिटिंग रिएजेंट होगा। इससे क्या फर्क पड़ जाएगा? इससे
क्या बदल जाएगा? कुछ नहीं बदलेगा। आप तो बल्कि उसी को ज्यादा कर रहे हो जो पहले से ही ज्यादा है। इस वाले क्वेश्चन में भी तो
कार्बन ज्यादा था ना तो वह अभी भी ज्यादा ही है। क्या फर्क पड़ेगा? कोई फर्क नहीं पड़ेगा। तो यहां पे भी आपको सीधा लिख देना
है सिमिलरली। सिमिलरली अगेन यहां पर आप चाहे ऐसे लिख सकते हो। सिमिलरली या अगेन
अगेन O2 इज़ लिमिटिंग रिएजेंट। सो मास ऑफ़ CO2 अगेन यहां पे भी 22 ग्राम होगा। यहां पे सॉल्व करने की जरूरत नहीं
है। सेम आंसर आएगा। डन है? एक बार चाहे पढ़ लो इस क्वेश्चन को। बोलो। ठीक है? डन है। पक्की बात है। चलो ऐसा करें क्या? आगे
बढ़ने से पहले क्वेश्चन करते हैं ना। देखो मैं वही कह रहा हूं आपको। मेरे को फील आएगी तो मैं एक आध क्वेश्चन और करा दूंगा।
अब जैसे इंपेरिकल फार्मूला के ऊपर 1 2 3 चार ये तीन तीन सवाल तो वैसे ले आया हूं ऑलरेडी तो जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन यहां
पे आओ पहले एक सवाल करते हैं। अच्छा इस वाले सवाल को मैं हटा दूंगा। ये सवाल पीपीटी में नहीं होगा। ध्यान रखना बिकॉज़
यहां पे मुझे इंपेरिकल फार्मूला कराना है। तो ये सवाल मैं हटा दूंगा। लेकिन मान लो क्वेश्चन दिया मैंने
कि इफ 14 ग्राम्स ऑफ नाइट्रोजन रिएक्ट्स या इसको शॉर्ट में लिखूं क्या?
ऐसे लिखूं क्या? देखो N2 + H2 गिव्स NH3 बैलेंसिंग बैलेंसिंग सब आपको करनी होगी भाई। ठीक है? इसका हमारे
पास 14 ग्राम है। इसका हमारे पास 10 ग्राम है। आपको इसका मास निकालना है। शुरू हो जाओ। हम शुरू हो जाओ
भाई। बैलेंसिंग वगैरह खुद करनी पड़ेगी भाई। हम डन
है। ठीक है। चलो आओ। अब अगर ऐसा है अगर ऐसा है तो सबसे पहले तो मुझे दोनों के मोल्स निकालने होंगे और
उससे पहले मुझे रिएक्शन को बैलेंस करना होगा। ठीक है? अब मैं निकाल इस ये रिएक्शन कह रही है इसके एक मोल पे इसके तीन होने
चाहिए। तो पहले मैं निकाल लेता हूं मोल्स ऑफ़ नाइट्रोजन फार्मूला गिवन मास अपॉन में नाइट्रोजन का मोलर मास कितना होता है? 28
होता है। N2 है ना? तो 0.5 मोल्स हो गए। ठीक है? अब आ रहा है मेरे पास क्या? मोल्स ऑफ हाइड्रोजन। अगेन मास अपॉन में मोलर मास
कितने आ गए? फाइव मोल्स आ गए। अरे भाई साहब बहुत ज्यादा हैं हाइड्रोजन के मोल्स तो एज़ कंपेयर टू नाइट्रोजन। अच्छा अब सुनो
इसके एक पे इसके तीन होने चाहिए। ध्यान से सुनना अब। इसके एक पे इसके तीन होने चाहिए। तो इसके फाइव पे तीन गुना कितने
हुए? 1.5 होने चाहिए। बट यहां तो पांच है। इसके एक पे इसके तीन थे। तो 5 पे 1.5 होने चाहिए थे ना? बट कितने हैं? फाइव है तो ये
तो बहुत ज्यादा है। अगर ये बहुत ज्यादा है तो इसका मतलब है नाइट्रोजन हमारा लिमिटिंग रिएजेंट हो गया। नाइट्रोजन हमारा लिमिटिंग
रिएजेंट हो गया। अब अगर नाइट्रोजन हमारा लिमिटिंग रिएजेंट हो गया तो सारी पढ़ाई अमोनिया की नाइट्रोजन से होगी। तो यानी कि
अगर मैं बात करूं तो मोल्स ऑफ अमोनिया मोल्स ऑफ अमोनिया कितने होंगे भाई? तो जितने भी नाइट्रोजन यहां पे वन है तो यहां
पे टू है। नाइट्रोजन से पढ़ाई होगी। इसको तो भूल जाओ। ये तो ज्यादा है तो नाइट्रोजन से डबल हैं। तो ट्वाइस
ऑफ़ मोल्स ऑफ़ नाइट्रोजन। अब नाइट्रोजन के कितने मोल्स आए थे हमारे पास?5 का डबल वन मोल आ गया। अब 1 मोल आ
गया तो उसका मास भी निकाल सकते हो। आप मास आपको सिखाया हुआ है। मास का फार्मूला होता है मोल्स इंटू में उसका मोलर मास। मोलर
मास होता है उसका 17 मल्टीप्लाई किया 17 ग्र. आंसर आ गया। डन है क्या? 17 ग्र. आंसर आ गया। देख लो एक बारी आराम से। से
कोई जल्दबाजी नहीं है। हां हम 17 ग्राम आंसर आ गया। ये मैं हटा दूंगा। ये मैं हटा दूंगा भाई।
डन। बोलो। ठीक है? देख लिया? तो आई होप यही आंसर आया था आपका। तो लिमिटिंग रिएजेंट वो रिएजेंट है जो रिएक्शन के
दौरान कम पड़ जाता है या पूरा खत्म हो जाता है और वही डिसाइड करता है कि कितना प्रोडक्ट बनेगा। ये ध्यान रखना। वही
डिसाइड करेगा कि कितना प्रोडक्ट बनेगा। एक्सेसिव रिएजेंट जो बच गया वो तो बच गया ना यार वो थोड़ी ना डिसाइड करेगा। डन है।
चलो आओ। ठीक है। अब हम चल रहे हैं एक और बढ़िया बेहतरीन टॉपिक की तरफ जिसका नाम है इंपेरिकल फार्मूला। इंपेरिकल फार्मूला एक
एक अगेन एकदम नया टॉपिक शुरू होने वाला है। तो आपको पिछला अगर एक बार रिवाइज़ करना है कर लीजिए क्योंकि फिर मैं आगे बढूंगा।
इंपेरिकल फार्मूला एक नया टॉपिक शुरू होने वाला है। ठीक है? अब क्या है इंपेरिकल फार्मूला? पहले इसकी डेफिनेशन हो जाए।
अ फार्मूला वि
रिप्रेजेंट्स सिंपलेस्ट रेश्यो ऑफ
एटम्स प्रेजेंट इन अ मॉलिक्यूल क्या लिखा है यहां पे आओ
समझो देखो हमारे पास इंपेरिकल फार्मूला के अलावा एक और फार्मूला होता है जिसको बोलते
हैं मॉलिक्यूलर फार्मूला तो इंपेरिकल फार्मूला और मॉलिक्यूलर फार्मूला में क्या फर्क है और
इसकी परिभाषा में यह क्या लिखा हुआ है देखो देखो इंपेरिकल फार्मूला में लिखा हुआ है
एक ऐसा फार्मूला जो एक्चुअली में सिंपलेस्ट रेशो सिंपलेस्ट रेशो ऑफ एटम्स को रिप्रेजेंट करता है। क्या मतलब हुआ
इसका? आओ ना समझे। देखो जैसे कि क्या आपको बेंजीन याद है? बेंजीन C6H6 ये उसका मॉलिक्यूलर फार्मूला था। बट
क्या ये सिक्स अभी क्या ये जो कार्बन और हाइड्रोजन है ये सिंपलेस्ट रेश्यो में लिखे गए हैं? नहीं।
बेंजीन के एक मॉलिक्यूल में छह कार्बन होते हैं और छह हाइड्रोजन होते हैं। लेकिन अगर मुझे सिंपलेस्ट रेश्यो की बात की गई
हो, सिंपलेस्ट होल रेश्यो की बात की गई हो, सिंपलेस्ट रेश्यो, सिंपलेस्ट होल रेशो तो ये आगे कटेगा। अगर ये कटेगा तो क्या आ
जाएगा? CH यानी कि बेंजीन का मॉलिक्यूलर फार्मूला C6H6 है। लेकिन उसका एंपेरिकल फार्मूला CH है। बिल्कुल ऐसे ही।
C2 H6 आई होप आपको पता है ये इथेन का फार्मूला है। क्या इथेन आगे फर्दर टूट रहा है? डिवाइड हो रहा है किससे? हां। तो
फार्मूला आ जाएगा CH3 टू से डिवाइड हो रहा है। यानी इथेन का मॉलिक्यूलर फार्मूला C2H6 है लेकिन उसका
इंपेरिकल फार्मूला CH3 है। लेकिन वहीं पे अगर मैं CH4 बोलूं जो कि मिथेन है। यानी मिथेन का मॉलिक्यूलर फार्मूला CH4 है और
आगे डिवाइड नहीं हो रहा है। यानी इसका एंपेरिकल फार्मूला भी CH4 है। और वहीं पे आयनिक कंपाउंड्स जो होते हैं मोस्टली सारे
आयनिक कंपाउंड्स तो पहले से ही सिंपलेस्ट रेश्यो में होते हैं। तो यानी मोस्टली सारे आयनिक कंपाउंड्स का इंपेरिकल
फार्मूला और मॉलिक्यूलर फार्मूला सेम होता है। लेकिन मोस्टली कोवेलेंट कंपाउंड्स का डिफरेंट होता है। जैसे अभी मैंने आपको
पीछे हाइड्रोजन पेऑक्साइड बताया था H2O2 वो उसका मॉलिक्यूलर फार्मूला था। इंपेरिकल फार्मूला कर देंगे तो टू से टू कैंसिल हो
जाएगा। H आ जाएगा। लेकिन सर ये तो बहुत आसान हुआ ना। ये तो बड़ा मजेदार है। ये तो बहुत आसान है। इंपेरिकल फार्मूला निकालना
तो बहुत ईजी है। टू का टेबल आना चाहिए, थ्री का टेबल आना चाहिए, फोर का टेबल आना चाहिए। बहुत ईजी है। लेकिन कब ईजी है? ये
तब ईजी है बेटा जब आपको मॉलिक्यूलर फार्मूला दे रखा हो और फिर आपको इंपेरिकल फार्मूला निकालना हो। बिना मॉलिक्यूलर
फार्मूला के इंपेरिकल फार्मूला भी निकालना सीखना होगा। जिसके ऊपर आज हम तीन क्वेश्चन लेके आए हैं। लेकिन उससे पहले मैं यहां पे
नोट का पॉइंट लिखना चाहूंगा। आप बताना आप इस नोट के पॉइंट से सहमत हैं कि नहीं कि मोस्टली
ऑल आयनिक कंपाउंड्स हैव सेम
मॉलिक्यूलर एंड एंपेरिकल फार्मूला। यानी कि मोस्टली जितने भी आयनिक
कंपाउंड्स हैं उनका मॉलिक्यूलर और इंपेरिकल फार्मूला जो है वो सेम ही होगा। ठीक है? आओ अब क्वेश्चंस करते हैं। देखो
मैं आपको ना एक बात बताना चाहूंगा बस। यह जो क्वेश्चन हम करने वाले हैं, यह आपको ना हो सकता है कि पहले क्वेश्चन से समझ में
ना आए। हो सकता है। लेकिन दूसरे तक आते-आते आपको चीजें समझ में आ जाएंगी। ये मैं आपको गारंटी देता हूं। तो दो क्वेश्चन
तक कम से कम आपको वेट करना है तभी मजा आएगा। और खैर तीसरा क्वेश्चन तो बहुत ही आसान है। चलो अब देखो। अब ये क्वेश्चन
क्या है? क्वेश्चन ने बोल रखा है कि हमेशा जब भी आपको इंपेरिकल फार्मूला निकालने को बोला
जाएगा जनरली एक ऐसा क्वेश्चन होगा जिसमें बताया होगा कि उस कंपाउंड में कौन-कौन आता है? जैसे कार्बन आता है, हाइड्रोजन आता
है, ऑक्सीजन आता है, क्लोरीन आता है, कौन-कौन आता है? और उनका परसेंटेज गिवन होगा। ठीक है? फिर आपको उनका इंपेरिकल
फार्मूला निकालना होगा। ठीक है? कैसे निकालेंगे आप? देखो। सबसे पहले अगर मैं क्वेश्चन को रीड करूं तो मुझे बोल रखा है
कि एक कंपाउंड है एक ऑर्गेनिक कंपाउंड है जिसका मॉलिक्यूलर मास दे रखा है। इसका क्या करना है बताऊंगा और उसमें अ एंड इट्स
परसेंटेज इज़ 94.2% कार्बन एंड 7.6% हाइड्रोजन है। उसमें 94.2% तो कार्बन है। और 7.6% कौन है?
हाइड्रोजन है। आपको उसका मॉलिक्यूलर फार्मूला निकालना है। अरे सर इंपेरिकल निकालना था। इंपेरिकल फार्मूला पहले
निकलता है। उसके बाद मॉलिक्यूलर फार्मूला निकलता है ऐसे क्वेश्चंस के अंदर। तो अगर आपको क्या निकालने को ये एनसीईआरटी का
सवाल है। अगर आपको क्या निकालने को बोला गया है? मॉलिक्यूलर फार्मूला। तो बेसिकली आपको पहले क्या निकालना ही पड़ेगा?
इंपेरिकल फार्मूला। एक बार ये क्वेश्चन देखो। इसमें भी आपको क्या निकालना है? इंपेरिकल फार्मूला। एक ऑक्साइड है आयरन का
जिसमें आयरन है 69.9% और डाईऑक्सीजन यानी कि ऑक्सीजन है आपके पास
30.1% आपको कौन सा फार्मूला निकालना है? इंपेरिकल और यहां पे भी इंपेरिकल निकालना है। बिकॉज़ मॉलिक्यूलर से पहले इंपेरिकल
निकलता ही है। आओ कैसे करते हैं ऐसे वाले क्वेश्चन? सबसे पहले इन क्वेश्चंस के अंदर आपको जो भी परसेंटेज दे रखी होती है उसको
आप ग्राम मान लेते हो यानी मास मान लेते हो। ठीक है ना? यानी 100 जैसे ये 94.2% है तो यहां से आप मास ऑफ
कार्बन 94.2 ग्राम मान सकते हो। अब आपके मन में आ रहा होगा कि सर ऐसा क्यों? तो आंसर आप
परसेंटेज को x मान लेना। तो सारे मास किसकी टर्म्स में आएंगे? x की टर्म में आएंगे। और लास्ट में तो आपको रेश्यो ही
निकालना है ना। बेटा जब भी रेश्यो निकालना होता है तो हम परसेंटेज को कुछ भी एक चीज मान सकते हैं। बिकॉज़ लास्ट में आके तो वो
डिवाइड ही होने। नहीं समझे तो मैं समझाता हूं। अभी आपको पूरा क्वेश्चन कराता हूं। सबसे पहले कार्बन 94.2% हो गया। अब यहां
पे मास ऑफ़ हाइड्रोजन हमारे पास कितना आ गया? तो आंसर है 7.6 ग्राम आ गया। अब आपको क्या करना है? एक टेबल बनानी है यहां पे।
अब आपको क्या करना है? यहां पे एक टेबल बनानी है। ये टेबल बहुत काम की है। जिसमें सबसे पहले आपको लिखना है कि आपके पास
कितने एटम्स हैं। फिर आपको उनके मोल्स निकालने हैं। मोल्स। ठीक है? मोल्स कैसे निकालते हैं? आंसर है कौन-कौन एटम है?
पहले ये भी तो लिखना होगा। सॉरी। एटम कौन-कौन से हैं? ये तो लिखना बड़ा जरूरी है। सॉरी। फिर आपको इनके मोल्स निकालने
हैं। जैसे कार्बन है और हाइड्रोजन। ठीक है? अब कार्बन के मोल्स कैसे? गिवन मास 94.2 अपॉन में मोलर मास यानी कि कार्बन का
मोलर मास 12 होता है। ऐसे ही गिवन मास 7.6 अपॉन में मोलर मास जो कि वन होता है। अब ये तो 7.6 आ गया। अब ये क्या आया? देखो ये
आया हमारे पास डिवाइड कर लें अगर हम लोग तो ये आया हमारे पास कहां गया? कहां गया? कहां गया? कैलकुलेटर कैलकुलेटर ये रहा। तो
ये आ गया हमारे पास 94.2 / 12। ठीक है? तो ये आ गया 7.85। अब जो बोलने जा रहा हूं ध्यान से
सुनना। जब आप मोल्स निकाल लोगे ना इंपेरिकल फार्मूला के क्वेश्चंस के लिए बात कर रहा हूं तो तीन ऑप्शंस आपके सामने
आएंगे। पहला जैसे ही आप इन्हें डिवाइड करोगे आपके आंसर होल नंबर में आ जाएंगे। जैसे मान लो आपने मोल्स निकाला मान लो और
यहां पे निकालने के बाद मान लो आंसर आता थ्री आ जाता या 3.01 आता जिसको मैं थ्री मान लेता और यहां पे भी मान लो कोई होल
नंबर आता 2.02 या जिसको मैं टू मान सकता था। तो पहला ऑप्शन तो ये है कि आपके सामने सीधा-सीधा क्या आ जाता है? एक होल नंबर
आता है। सेकंड ऑप्शन ये होगा कि आपके पास होल नंबर नहीं आएंगे। जैसे मेरे केस में होल नंबर नहीं आए हैं। उस केस में आप क्या
करोगे? जो भी इनमें छोटा है उससे इन्हें डिवाइड कर दोगे। उसके बाद आपका होल नंबर आ जाएगा। और तब भी नहीं आता है तो फिर क्या
करना होगा? या तो वन या तो टू सॉरी नॉट वन या तो टू या तो थ्री से मल्टीप्लाई करेंगे तो वो आंसर आ जाएगा। आपको मेरी बात अभी
समझ में नहीं आ रही होगी। यहां वाले क्वेश्चन तक आ जाएगी। मैंने बोला था। लेकिन मैं दोबारा बोलूंगा। आप इस केस में
जब मोल्स निकालोगे हो सकता है मोल्स निकालते ही आपका जो आंसर है वो होल नंबर में आ जाए।
अगर आपका आंसर मोल्स निकालते ही होल नंबर में आ गया तो कितनी खुशी की बात है आपका वहीं पे इंपेरिकल फार्मूला आ जाएगा। लेकिन
नहीं आएगा तो क्या करना है? जो छोटा है जो उनमें से छोटा है उससे दोनों को डिवाइड कर देना है। जैसे
7.85 को डिवाइड कर देना है 7.6 से। बेटा क्योंकि हम रेश्यो निकाल रहे हैं तो जो भी कर रहे हैं दोनों के साथ कर सकते हैं और
यहां पे भी 7.6 को डिवाइड करना है 7.6 से। अब ये तो कॉमन सेंस है होल नंबर में आएगा। कोई एक तो होल नंबर में आएगा ही। अब अगर
मैं 7.85 को डिवाइड करता हूं 7.6 से तो आंसर आता है 1.03। और जब भी डेसिमल के बाद 0 या फिर नाइन आता
है उसको हम होल नंबर में मल्टी कन्वर्ट कर सकते हैं। 1 1.03 आ रहा है जिसको मैं वन लिख सकता हूं। बेटा मैथ्स का नियम ध्यान
रखना आप किसी भी नंबर को होल नंबर तब लिख सकते हो जब पॉइंट के बाद या तो नाइन हो तो फिर आप एक बढ़ा के लिख दोगे। जैसे 2.9 को
आप थ्री लिख सकते हो। 3.9 को आप फोर लिख सकते हो। या फिर डेसिमल के पास ज़ीरो हो। 3.01 को आप थ्री लिख सकते हो। 1.03 को आप
वन लिख सकते हो। तो यानी कि आप क्या कर सकते हो? आप होल नंबर में तभी लिख सकते हो जब डेसिमल के बाद ज़ीरो या फिर नाइन हो। तो
अब मेरे पास देखो ये वन वन आ गए हैं। सर अगर छोटे नंबर से डिवाइड करने के बावजूद भी नहीं आएगा तो क्या करना है? मैंने
बताया था आपको। मैं एक और क्वेश्चन करा रहा हूं। टेंशन क्यों ले रहे हो? लेकिन आ गया ना? आ गया। तो तीन लेवल्स होंगे। पहला
लेवल है कि आप जब मोल्स निकालोगे तो पहले वो होल नंबर में आ जाएंगे। दूसरा है नहीं आएंगे। लेकिन आप जो छोटा नंबर होगा उनमें
से उनको डिवाइड कर दोगे तो आ जाएंगे। और तीसरा ऑप्शन क्या है बता रहा हूं। लेकिन यहां पे आपको मुबारक हो। हमें इंपेरिकल
फार्मूला तो मिल गया। इंपेरिकल फार्मूला तो मिल गया। अब इंपेरिकल फार्मूला हमारे पास आया
है C1H1 कार्बन एक है। हाइड्रोजन एक है। तो इंपेरिकल फार्मूला आ गया। बट हमें क्वेश्चन में क्या निकालने को बोला था?
मॉलिक्यूलर फार्मूला निकालने को बोला था। कैसे निकालेंगे? उसके लिए हमें n मल्टीप्लायर निकालना पड़ेगा। यानी हमें ये
निकालना पड़ेगा कि जो हमारा मॉलिक्यूलर फार्मूला है वो हमारे इंपेरिकल फार्मूला से कितना गुना बड़ा है। जैसे यहां देखो
क्या ऐसा कहते हैं कि हमारा जो मॉलिक्यूलर फार्मूला है वो हमारे इंपेरिकल से छह गुना बड़ा है। यहां पे दो गुना बड़ा है। यहां
पे वन गुना यहां पे वन गुना। तो वो कितना गुना बड़ा है वो हमें निकालना होगा। उसके लिए हम क्या करेंगे? दिमाग लगाएंगे। हम जो
मॉलिक्यूलर मास है हम जो मॉलिक्यूलर मास है उसको डिवाइड करेंगे। इंपेरिकल मास से मॉलिक्यूलर मास को डिवाइड करेंगे इंपेरिकल
मास से। अब मॉलिक्यूलर मास कितना है हमारे पास? 78 जो कि क्वेश्चन में गिवन होगा। यानी अगर आपको क्वेश्चन में मॉलिक्यूलर
फार्मूला निकालने के लिए बोला है तो आपको मॉलिक्यूलर मास गिवन होगा। तो मॉलिक्यूलर मास आपके पास 78 है। और एंपेरिकल मास यानी
इसका मास इसका मास तो कार्बन का 12 होता है। हाइड्रोजन का एक होता है तो 13 हो गया। इसको काटोगे हमेशा अगेन एक होल नंबर
आएगा। आना ही चाहिए। तो इसका मतलब है कि n की वैल्यू सिक्स आ गई। इसका मतलब है जो मॉलिक्यूलर फार्मूला है वो इंपेरिकल
फार्मूला से छह गुना ज्यादा बड़ा है। इसका मतलब मुबारक हो। हमारा जो मॉलिक्यूलर फार्मूला है
हमारा जो मॉलिक्यूलर फार्मूला है वो CH का छह गुना यानी C6 H6 है। हम मजा आया। अब देखो यह बात है कि पेड बैच के अंदर हम
इसके 10 से ले 12 क्वेश्चन करते हैं। फिर होमवर्क देते हैं। तो यह एक डिफरेंस तो रहता है पेड बैच के अंदर जहां पे हम इसके
10 से लेके 12 क्वेश्चन क्लास में करके फिर चारप होमवर्क में करके फिर उसके असाइनमेंट में करते हैं तो डाउट रह नहीं
जाता। हर पॉसिबिलिटी को कवर कर लेते हैं। सर क्या हम ये वन शॉट में नहीं कर सकते? कर सकते हैं। लेकिन मैं आपको सच बताऊं फिर
ये वन शॉट्स 10-10 घंटे के हो जाएंगे और कोई नहीं देखने वाला। हमारा बनाने का मकसद ही नहीं पूरा हो पाएगा। आप समझो आप आप में
से कोई बच्चे कमेंट कर देंगे अभी कि सर हम देख लेंगे आप बनाओ। बट नहीं देखेंगे। सब नहीं देखेंगे। मेजर ऑडियंस नहीं देखेगी।
बिकॉज़ वन शॉट पे बहुत सारे बच्चे सिर्फ रिवीजन पर्पस से आते हैं। ये भी आप बात ध्यान रखना। हर कोई कहीं ना कहीं पढ़ रहा
होता है। वो रिवीजन पर्पस से आता है। तो ये बात भी थोड़ी सी ध्यान रखनी है आपको। खैर अब मैं ये वाले क्वेश्चन के बारे में
आपसे कह रहा था। इस क्वेश्चन में क्या है? देखो क्या यहां पे मोल्स निकालते ही आंसर आ जाएगा। पता नहीं क्या छोटे नंबर से
डिवाइड करने पे आएगा पता नहीं तब भी ना आए तो क्या करना है हम कोई एक नंबर से मल्टीप्लाई करेंगे आंसर आ जाएगा आओ समझाता
हूं क्या है अच्छा मैंने आपको क्या बोला था अगर मैं यहां पे x लेता मान लो मैं यहां पे x लेता यहां पे भी x लेता ये भी x
की टर्म में आता ये भी x की टर्म में आता बिकॉज़ ये रेश्यो ही निकाल रहे हैं तो x से x तो कटेगा ही ना इसीलिए हम यहां पे ग्राम
ले लेते हैं हम क्या मतलब हमारे किताबें ही हमारे ncert का फॉर्मेट ही ग्राम लेता है चलो आओ आओ करते हैं भाई इस बार तो हमें
इंपेरिकल फार्मूला निकालना है। दो लोग हैं। आयरन है और ऑक्सीजन है। तो मास ऑफ़ आयरन आयरन का मास कितना है हमारे
पास? आंसर है 69.9 ग्राम है। ठीक है? और वहीं पे अगर बात करें तो मास ऑफ ऑक्सीजन। ऑक्सीजन
कितना है हमारे पास? 30.1 ग्राम। ठीक है? अब हमें यहां पे टेबल बनानी है जैसा कि बात हुई थी।
यहां पर हमारे पास आ गया। वन और टू। अच्छा तीन एटम भी हो सकते हैं। ऑब्वियस सी बात है। सेम पढ़ाई रहेगी। आयरन
है और ऑक्सीजन है। ठीक है? मोल्स निकालते हैं। मोल्स मोल्स मास 69.9 अपॉन में मोलर मास। आयरन का मोलर मास
कितना होता है? आयरन का मोलर मास होता है 56। आयरन का एक बार कंफर्म कर लो। आयरन का मोलर मास 56 होता है वैसे। बट स्टिल
कंफर्म कर लेते हैं। मास ऑफ आयरन 55.8 हां व्हिच इज 56 56 ठीक है 56
भूल गया था मैं थोड़ा सा और 30.1 है ऑक्सीजन और ऑक्सीजन का मास तो हम सबको पता है 16 बेटा यहां पे हम पर एटम की बात करते
हैं ध्यान रखना। ठीक है? आओ चलो अब हम डिवाइड कर लेते हैं सबको। देखते हैं क्या होता है। क्या पता हमारी किस्मत अच्छी हो।
तो सीधा ही होल नंबर में आ जाए। बाकी लग तो नहीं रहा है। तो 69.9 / 56 करूंगा तो आंसर बहुत ही गंदा
1.25 आया है। ठीक है? 1.25 आया राउंड ऑफ करके। 30.1 / 16 करूंगा तो आंसर 1.88 आया है। तो
भैया पहले लेवल पे तो आंसर नहीं आया। तो अगला लेवल क्या था? दोनों में से जो छोटा है उससे क्या कर दो? डिवाइड कर दो। तो
1.25 को 1.25 से डिवाइड करेंगे और 1.88 को भी 1.25 से डिवाइड करेंगे। एक तो हमेशा वन आएगा ही आएगा। अब 1.88 को डिवाइड करेंगे
1.25 से। तो यहां पे हमारे पास आंसर 1.5 आया। अभी मैंने आपको पीछे क्या बोला था? या तो डिवाइड करते ही आ जाएगा या छोटे या
तो मोल्स निकालते ही आ जाएगा या छोटे नंबर से डिवाइड करके आ जाएगा। उसके बावजूद भी नहीं आया तो कोई एक नंबर होगा चाहे दो हो
चाहे तीन हो जिससे आप मल्टीप्लाई करोगे तो आ जाएगा। इसके अलावा और कोई ऑप्शन नहीं है। तब भी नहीं आ रहा है तो आपने कुछ गलती
की है। अब जैसे यहां पे वन आया यहां पे 1.5 आया। अब मैं इसको होल नंबर में तो राउंड ऑफ नहीं कर सकता। तो इन दोनों को ही
मुझे टू से मल्टीप्लाई करना होगा। अगर मैं टू से मल्टीप्लाई करता हूं इसको तो ये तो टू आ जाएगा और ये थ्री आ जाएगा। अब ये होल
नंबर में आ गए। तो ये तीन ही लेवल है। इसके अलावा कोई और लेवल है ही नहीं भाई साहब। लेवल सबके निकलेंगे। ध्यान रखना। तो
यहां पे हमारे पास आ जाएगा इंपेरिकल फार्मूला। इंपेरिकल फार्मूला और इंपेरिकल फार्मूला में आ गया Fe2 O3 आयरन हमारे पास
दो हैं और ऑक्सीजन हमारे पास तीन है। तो Fe2O3 हमारे पास इंपेरिकल फार्मूला आ गया। वैसे यही मॉलिक्यूलर फार्मूला भी होगा
बिकॉज़ आयनिक कंपाउंड है। डन। तो ऐसे कुल मिला के बहुत सारे क्वेश्चंस की प्रैक्टिस हम लोग फिर एक्स्ट्रा किताबें वो सब करते
हैं। पेड बैच में बैच 1.0 में अभी दो चैप्टर्स हुए हैं। अगर आप में से कोई भी जॉइ करना चाहता है तो रिजल्ट 10 कूपन कोड
लगा सकता है और 10% अभी हमारे बैचेस पे ऑफ चल रहा है। ठीक है? बाकी 2.0 बैच जो है हमारे जो बैच 2.0 हैं वो अभी उनमें आने
में थोड़ा सा समय है। तब तक आपके और चैप्टर्स निकलते चले जाएंगे। जो निकल गए उनके तो रिकॉर्ड आपको मिलेंगे ही। ठीक है?
चलो फिलहाल डन। और इस सवाल पे आते हैं। यह सवाल तो बहुत ही ईजी है। कर लोगे आप। जल्दी करो। फिर मैच करके आगे बढ़ते हैं।
जल्दी करो फिर मैच करके आगे बढ़े। हां। हम जल्दी खींच दो भाई।
डन। वीडियो पॉज करके मैच किया? हो गया? चलो। कह रहे हैं इंपेरिकल फार्मूला एंड मॉलिक्यूलर मास। आपको इंपेरिकल फार्मूला
गिवन है CH2O और मास गिवन है 180 ग्राम पर मोल। आपको मॉलिक्यूलर फार्मूला निकालना है।
इसका मतलब है आपको पहले n निकालना पड़ेगा। n क्या है बताओ? n क्या है बताओ? मॉलिक्यूलर
मास अपॉन में इंपेरिकल मास। n है ना? n निकालना पड़ेगा ना भाई पहले। अब मॉलिक्यूलर मास कितना है? 180 और इंपेरिकल
मास कितना है? कार्बन का होता है 12 12 और हाइड्रोजन का हो गया 2 14 और ऑक्सीजन का होता है 16 तो 30 हो गया 30 हो गया 30 हो
गया इससे इसको काटा इससे इसको काटा छह आ गया छह आ गया अब CH2O था इसको छह से मल्टीप्लाई करोगे ये हमारे पास इंपेरिकल
फार्मूला था मॉलिक्यूलर फार्मूला निकालने के लिए मल्टीप्लाई करते हैं। छह से मल्टीप्लाई
करेंगे। C6 H12O6 आ जाएगा। C6H12O6 यह हमारे पास आंसर आ जाएगा। एनसीईआरटी का एग्जांपलर का सवाल है शायद
ये जहां तक मुझे याद आ रहा है। शायद जहां तक मुझे याद आ रहा है। डन है भाई। चलो। तो यहां तक हमारे च अच्छा ये अभी आगे इस
चैप्टर के अब जो भी हम टॉपिक पढ़ रहे हैं बिल्कुल जीवन बदल देने वाला है। है ना? लेकिन अगेन उसमें मोल कांसेप्ट काम आएगा।
और कुछ ऐसे क्वेश्चन है जिसमें स्टोकियोमेट्री भी और फिर लिमिटिंग रीजन वगैरह तो काम आता ही रहेगा। लेकिन हां अब
एक नया फज़ शुरू करने जा रहे हैं। ये बात ध्यान रखना। इस फज़ को शुरू करने से पहले बता दूं इसी चैप्टर में सिग्निफिकेंट
फिगर्स राउंड ऑफ वाला टॉपिक है। जो कि मैं आपको फिजिक्स में यूनिट्स एंड मेज़रमेंट के वन शॉट में करा चुका हूं। अगर आप में से
किसी ने नहीं देखा है तो। तो बेटा ध्यान रखना इस चैप्टर में और एक्सरसाइज में कहीं कमेंट सेक्शन पे आप बोलो। लिमिट अ
सिग्निफिकेंट फिगर्स, राउंडिंग ऑफ ये सारे के सारे टॉपिक्स इस चैप्टर में फिर से हैं। लेकिन मैं ये कहां करा चुका हूं
आपको? फिजिक्स में करवा चुका हूं। तो वहां अगेन उसको वहां नहीं करेंगे। लेकिन ठीक है। एक बार जल्दी से रिवाइज करो। फिर इस
टॉपिक पे चलते हैं। एक नई जर्नी शुरू करेंगे। चलो अब इस टॉपिक में कैसे दुनिया बदलने वाली है अगर हम समझे। तो हम यहां पे
बात करने जा रहे हैं कंसंट्रेशन ऑफ सॉल्यूशन या कंसंट्रेशन ऑफ सॉल्यूट इन अ सॉल्यूशन। मैं इस टॉपिक को पढ़ाने से पहले
आपको एक बात याद दिलाऊं कि नाइंथ क्लास में एक चैप्टर आया था इज मैटर अराउंड अस प्योर। उसमें आपने कंसंट्रेशन यानी कि मास
परसेंटेज निकाला था या फिर वॉल्यूम परसेंटेज निकाला था। याद होगा आप सबको। तो वो बस दो तरीके पढ़े थे हमने कंसंट्रेशन
को निकालने के। लेकिन यहां पे आप समझोगे कि कंसंट्रेशन को निकालने के हमारे पास मल्टीपल तरीके हैं और सारे के सारे हीरे
हैं। इंपॉर्टेंट टॉपिक्स हैं। इसके बाद हमारे पास इस चैप्टर में कुछ-कुछ चीजें ही बचेंगी मेन। बाकी सब मेजर चैप्टर निपट
जाएगा। कुछ छोटी-मोटी चीजें बचेंग जो हम पढ़ेंगे। जैसे एटॉमिक मास यूनिट आएगा। अब देखा जाए तो इस चैप्टर में अगर आप
एनसीईआरटी खोलोगे तो डेंसिटी भी मिलेगा। टेंपरेचर के कन्वर्ज़ भी मिलेगा। दो मिनट पढ़ा दूंगा वो भी। अलग-अलग यूनिट्स
मिलेंगे। मैंने बता दिया आपको सिग्निफिकेंट फिगर, उनकी मल्टीप्लिकेशन, डिवीजन सेम टॉपिक एग्जैक्टली मिलेगा जो
फिजिक्स में पढ़ा दिया गया। लेकिन यहां पे अगर वापस आए तो हम सबको शायद याद हो कि हर एक सॉल्यूशन के दो हिस्से होते हैं। एक
होता है सॉल्यूट और एक होता है सॉल्वेंट। जिसको घोलते हैं वो होता है सॉल्यूट। जिसमें
घोलते हैं वो होता है सॉल्वेंट। अब कितना सॉल्यूट घुला हुआ है? कितना सॉल्यूट हमारे पास है एक सॉल्यूशन में इसको बोला जाता है
कंसंट्रेशन और कंसंट्रेशन निकालने के मल्टीपल तरीके जिनमें पहला आता है मास परसेंटेज जो नाइंथ में पढ़ा जा चुका है।
तो मास परसेंटेज अगर आपको सॉल्यूट का निकालना हो तो फार्मूला होता है मास ऑफ सॉल्यूशन ओ सॉरी मास ऑफ सॉल्यूट अपॉन में
मास ऑफ सॉल्यूशन इंटू में 100 यानी कि ऊपर आता है सॉल्यूट का मास नीचे आता है हमारे पास टोटल सॉल्यूशन का मास इंटू में आ जाता
है हमारे पास 100 और आई होप आपको याद हो अगर हमारे पास सॉल्यूशन का मास नहीं है तो दोनों का अलग-अलग है तो ऊपर हमारे पास मास
ऑफ सॉल्यूट तो है ही नीचे नीचे हमारे पास मास ऑफ क्या आ जाएगा? सॉल्यूट प्लस
सॉल्वेंट आ जाएगा। और इंटू में हमारे पास क्या आ जाएगा? 100 आ जाएगा। इंटू में हमारे पास क्या आ जाएगा? 100 यानी
सॉल्यूशन के बजाय सॉल्यूट प्लस सॉल्वेंट। बेसिक सी बात है। यानी नाइंथ में भी पढ़ा जा चुका है। मास परसेंट परसेंट का मतलब
होता है 100 में कितना? तो 100 में कितना हो? ये कैसे निकालें? तो मास ऑफ सॉल्यूट ऊपर आएगा। अपॉन में टोटल मास सॉल्यूट प्लस
सॉल्वेंट सॉल्यूशन का आएगा इंटू माइंड आएगा बिल्कुल ऐसे ही इसी का भाई इसी की बहन वॉल्यूम परसेंटेज ओ इससे तो याद आ गया
इसी का भाई इसी की ओ सलमान खान जी की कौन सी मूवी आई थी सबका भाई सबकी जान है ऐसा कुछ लेकिन वॉल्यूम परसेंटेज में बस सेम है
वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूट नीचे वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन आ जाएगा यानी मास के बजाय वॉल्यूम ही तो आया है इंटू में 100 आ
जाएगा तो मास दे रखा हो तो मास परसेंटेज निकालते हैं वॉल्यूम दे रखा हो तो वॉल्यूम परसेंटेज मास परसेंटेज को w / w क्योंकि
हम मास को वेट भी बोलते हैं केमिस्ट्री में और वॉल्यूम परसेंटेज को v / v भी कहते हैं। अब देखा जाए तो एक और है मास बाय
वॉल्यूम ऑलदो ये कहीं काम नहीं आता है। मतलब न्यूमेरिकल्स में मास बाय वॉल्यूम काम नहीं आता है। डेली लाइफ में भले ही
काम आता हो कि 2 ग्राम नमक को अ दो 2 लीटर पानी में घोल दिया। तो 2 ग्राम नमक को ऊपर हमारे पास मास है। नीचे हमारे पास वॉल्यूम
है। तो प्रैक्टिकल लाइफ में भले ही ये काम आता हो लेकिन न्यूमेरिकली ये काम नहीं आएगा। इसको मास बाय वॉल्यूम परसेंटेज
बोलते हैं। इसमें ऊपर तो हमारे पास मास ऑफ सॉल्यूट आता है लेकिन नीचे हमारे पास वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन आता है। इंटू में 100
आता है। ठीक है? फिर आता है हमारे पास पार्ट्स पर मिलियन। सबके ऊपर क्वेश्चंस भी करेंगे हम। लेकिन पार्ट्स पर मिलियन क्या
है? देखो आपने सुना होगा कि यार ये मेरा बच्चा ना लाखों में एक है। है ना? जब अब अगर 100 में निकालना हो 100 में निकालना
हो तो उसे पर सेंट बोलते हैं। पर सेंट सेंट का मतलब 100 पर मतलब 100 में कितना? तो परसेंट मतलब आप 100 में कितना हो इसको
परसेंटेज से निकालते हैं। लेकिन अगर कहीं पे कंसंट्रेशन बहुत छोटी है। कहीं पे कंसंट्रेशन बहुत कम है। समझाऊंगा अभी
एग्जांपल दे के। उस केस में हम परसेंट नहीं पार्ट्स पर मिलियन निकालते हैं यानी पीपीएम निकालते हैं। उस केस में ऊपर तो
हमारे पास मास ऑफ सॉल्यूट आता है। नीचे हमारे पास अगेन मास ऑफ सॉल्यूशन आता है। लेकिन इंटू में 100 की बजाय हम एक मिलियन
से यानी 10 की पावर सिक्स से मिलियन मतलब एक मिलियन में 10 लाख होते हैं। तो 10 की पावर 6 से मल्टीप्लाई हमें करना है। मैं
समझाता हूं। सर ये तो मास ऑफ सॉल्यूट अपॉन में मास ऑफ सॉल्यूशन इनू में 100 के बजाय बस 10 की पावर सिक्स ही तो है। तो ये
अलग-अलग क्यों? क्यों पार्ट्स पर मिलियन और क्यों मास परसेंटेज को नापा जा रहा है? आओ समझाओ। मान लेते हैं कोई चीज 1 ग्राम
कोई सॉल्यूट 1 ग्राम है। कोई सॉल्यूट 1 ग्राम है। मान लेते हैं। मान लेते हैं 10000 10000 ग्राम ऑफ सॉल्यूशन में 10000
ग्राम में 100,000 ग्राम में यानी 10 किलो में कोई चीज वन है। जैसे दवाइयां हमारे पूरे शरीर में कितनी ही होती हैं? हां,
हार्मोंस, एंजाइम्स, पेस्टिसाइड्स, खेत में इंसेक्टिसाइड्स, इनकी कंसंट्रेशन बहुत कम होती है। हैवी मेटल्स, इस हवा में
कोविड वायरस। बहुत ही कम होगा, होगा? बहुत ही कम होगा या चलो ना गिरा होगा। अब अगर मैं
परसेंटेज निकालता हूं, तो ऊपर क्या आएगा? मास ऑफ सॉल्यूट। नीचे आएगा मास ऑफ सॉल्यूशन इंटू में आ जाएगा 100। दो ज़ीरो
दो ज़ीरो कैंसिल हो गए। यहां पे क्या आ गया? 0.001 आ गया।
अब यह 0.0001% जो आया है, यह तो मास परसेंटेज है। बिकॉज़ आपने 100 से मल्टीप्लाई किया।
अब ये जो आंसर आया है दिखने में ये कितना अजीब लग रहा है। 0.0001% बड़ा अजीब लग रहा है। बहुत छोटा
नंबर है। गलत नहीं। पर अगर यहीं पे मैं पार्ट्स पर मिलियन निकालता यानी कि अगर मैं 0.1 अपॉन में 10000 को 10 की पावर
सिक्स से मल्टीप्लाई कर देता तो क्या होता? चार ज़ीरो से चार ज़ीरो यहां कटते। यहां दो बच जाते। आंसर 100 पीपीएम आ जाता।
कितना प्यारा लग रहा है। देखो कितना क्यूटी पाई लग रहा है ये। कितना पुखी सा लग रहा है ये। 100 वो लग रहा है ये ट ना
वो टी टी टी टी टी ये वो लग रहा है देखो एकदम फूकी सा 100 कितना बढ़िया लग रहा है 100 लेकिन ये क्या है हमारे पास देखो 0.1
है सॉरी 0.01 मजा ही नहीं आ रहा है मजा ही नहीं आ रहा है तो जब कंसंट्रेशन दोनों ही सही है| दोनों ही सही है। लेकिन जब
कंसंट्रेशन यार जस्ट लाइक टाइम यार मैं आपको बोलूं मुझे नहीं पता ये वन शॉट कितने का रिकॉर्ड होगा। लेकिन मैं बोलूं ये वन
शॉट मान लो 5 घंटे का रिकॉर्ड हो रहा है 5 घंटे। 4 घंटे लेते हैं। 4 घंटे का रिकॉर्ड हो रहा है। पर अगर मैं डज़ में बोलूं डज़
में तो 4 / 24 काटा कितना आ गया? कितना आया? छह। 1/6 आर 1/6 डेज। अब 1/6 डेज अच्छा लग रहा है या 4 आवर्स अच्छा लग रहा
है? बिल्कुल ऐसे ही। जब कंसंट्रेशन बहुत कम होती है तो हम पार्ट्स पर मिलियन में निकाल लेते हैं। अब इसका एक शॉर्टकट भी
ढूंढते हैं। आओ। देखो पीपीएम ऑब्वियस सी बात है पीपीएम ऑफ सॉल्यूट निकाल रहे हैं। पीपीएम ऑफ सॉल्यूट का हमने फार्मूला पढ़ा
है। मास ऑफ सॉल्यूट अपॉन में मास ऑफ
सॉल्यूशन इंटू में 10 की ^ 6 को मैं लिख रहा हूं 100 इंटू में 10 की ^ 4 किसी कारणवश लिख रहा हूं ताकि ये जो ब्रैकेट
में लिखा गया है ताकि ये जो ब्रैकेट में लिखा गया है ये मेरे लिए क्या बन जाए मास परसेंटेज बन जाए क्या बन जाए मास परसेंटेज
बन जाए। तो पीपीएम ऑफ़ सॉल्यूट अरे अरे पीपीएम ऑफ़ सॉल्यूट मेरे पास क्या बन गया? ये बन गया
मास परसेंटेज इंटू में 10 की पावर 4। तो अगर आप समझो अगर आप समझो तो पीपीएम और मास
परसेंटेज एक ही तो चीज है। बस यहां पे पीपीएम में 10 की पावर 4 यानी चार ज़ीरोज़ ज्यादा हैं। तो जो छोटा परसेंटेज आएगा
उसको भी ये एक अच्छा दिखने वाला परसेंटेज बना देगा और कुछ भी नहीं है। डन है। चलो। फिर आता है मोल फ्रैक्शन। तो क्या-क्या पढ़
लिया हमने? मास परसेंटेज वॉल्यूम परसेंटेज मास बाय वॉल्यूम पीपीएम अब बचे तीन और तीनों खतरनाक तीनों तीन भाई तीनों तबा भाई
कौन मोल फ्रैक्शन मोलैरिटी मोलैलिटी ये तीनों ही बड़े प्यारे हैं आओ पढ़े देखो मोल फ्रैक्शन की बात करते हैं आओ मोल फ्रैक्शन
की यार देखो फ्रैक्शन क्या होता है अगर मैं बोलूं आपकी क्लास के अंदर 50 बच्चे हैं ठीक है उसमें से मान लेते हैं 20 जो
है वह बॉयज हैं। और 30 जो है वो गर्ल्स हैं। ठीक है? 30 जो है वो गर्ल्स हैं। लौंडे कहेंगे ज्यादा
चांसेस लौंडे गए। चलो गंदी बात नहीं करनी। हम हम लेकिन 20 लड़के हैं और 30 लड़कियां हैं।
अगर मैं आपसे पूछूं लड़कियों का फ्रैक्शन कितना होगा? तो आंसर है 30 / 50 यानी कि 3 / 5 और लड़कों का फ्रैक्शन कितना होगा? 20
/ 50 यानी कि 2 / 5 या फिर वन में से इसको माइनस कर देते हैं। ऐसे निकालते हैं फ्रैक्शन। सही कह रहा हूं। सही कह रहा
हूं। ऐसे निकालते हैं फ्रैक्शन। बिल्कुल। अब अगर ऐसे निकालते हैं फ्रैक्शन तो मोल फ्रैक्शन भी तो यही है। अगर मान लो मुझे
मोल फ्रैक्शन ऑफ़ सॉल्यूट निकालना है। सॉल्यूट। अगर मुझे गर्ल्स का फ्रैक्शन निकालना था तो मैंने क्या किया था? ऊपर
रखी थी गर्ल्स नीचे टोटल बच्चे। अगर बॉयज का फ्रैक्शन निकालना है तो ऊपर रखे बॉयज और नीचे टोटल बच्चे। तो ऐसे अगर मुझे मोल
फ्रैक्शन ऑफ सॉल्यूट निकालना है जिसको मैं अभी सिंबल फॉर्म में भी लिखूंगा ज्यादा बेहतर समझ में आएगा। तो ऊपर आएंगे मोल्स
ऑफ सॉल्यूट नीचे आएंगे मोल्स ऑफ सॉल्यूट प्लस मोल्स ऑफ सॉल्वेंट। और अगर मुझे मोल्स ऑफ मोल फ्रैक्शन ऑफ सॉल्वेंट
निकालना है तो ऊपर मेरे पास आ जाएंगे मोल्स ऑफ सॉल्वेंट और नीचे आ जाएंगे मोल्स ऑफ सॉल्यूट प्लस सॉल्वेंट। अब इस पूरे को
थोड़ा अच्छे शब्दों में सिंबॉलिक फॉर्म में लिखें। आओ समझाता हूं। ऐसा लेट कर लेते हैं कि जो NA है ये हमारे पास हैं
मोल्स ऑफ सॉल्वेंट। ठीक है? और जो NB है ये हमारे पास है मोल्स ऑफ सॉल्यूट। ठीक है? ठीक है? अब हम मोल
फ्रैक्शन को रिप्रेजेंट करते हैं X से। वैसे ये काय होता है। वैसे ये काय होता है। थोड़ा सा
डंडा X का बड़ा होता है। बट आप इसको X भी बोल सकते हो। वैसे ये काय होता है। चलो ठीक है। X X
तो अगर मैं निकालना चाहता हूं मोल फ्रैक्शन ऑफ सॉल्यूट तो मैं उसको xb बोल रहा हूं। ठीक है? तो क्योंकि मैं B से
सॉल्यूट को अभी रिप्रेजेंट कर रहा हूं। मान लेते हैं। तो मोल फ्रैक्शन ऑफ सॉल्यूट कैसे निकालेंगे? आंसर है मोल्स ऑफ सॉल्यूट
अपॉन में टोटल मोल्स। है ना भाई? यार जिसका भी मोल फ्रैक्शन जिसका भी फ्रैक्शन निकालना होता है वो ऊपर आता है अपॉन में
टोटल आता है। ऐसे ही मोल फ्रैक्शन अगर मुझे सॉल्वेंट का निकालना है तो ऊपर सॉल्वेंट के मोल्स आ जाएंगे और नीचे हमारे
पास टोटल मोल्स आ जाएंगे। अब जैसे मैंने बोला था कि लड़कियों का फ्रैक्शन अगर 3/5 आया था। तो लड़कों का निकालने के लिए वन
में से 3/5 माइनस करेंगे तो 2 / 5 आ जाएगा ना? बिकॉज़ हमें मैथ्स में सिखाया गया है कि फ्रैक्शंस का सम हमेशा वन होता है। तो
ऐसे ही क्या मोल फ्रैक्शन सॉल्यूट का और मोल फ्रैक्शन सॉल्वेंट का सॉल्व सॉल्यूट का और सॉल्वेंट का मोल फ्रैक्शन का सम
हमेशा वन आएगा ना। तो अगर किसी क्वेश्चन में दोनों के मोल फ्रैक्शन को निकालने के लिए बोला गया है। अगर किसी के क्वेश्चन
में दोनों के मोल फ्रैक्शन को निकालने के लिए बोला गया है तो आपको जैसे इसमें दोनों के मोल फ्रैक्शन को निकालने के लिए बोला
गया तो आप किसी एक का निकाल के उसको वन में से माइनस भी कर सकते हो। ठीक है जी। ठीक है जी। ठीक है जी। ठीक है जी। ठीक है
जी। ओके। अब ये ऑब्वियस सी बात है कि मोल फ्रैक्शन या अभी तक जो भी पढ़ा उनकी कोई यूनिट नहीं होगी क्योंकि वो सेम चीजों के
रेश्यो थे। क्वेश्चंस कर रहे हैं। लेकिन पहले दो चीजों के बारे में और पढ़ लेते हैं। खतरनाक, बढ़िया, मजेदार। पहले आएगा
मोलैरिटी और फिर आएगा मोलैलिटी। पहले आएगा मोलैरिटी, फिर आएगा मोलैलिटी। आओ पढ़ते हैं क्या है? दोनों सेम साउंड करते हैं।
लेकिन मोलैरिटी क्या है? मोलरिटी कहता है कि मेरे पास 1 लीटर सॉल्यूशन है। मेरे पास 1 लीटर सॉल्यूशन में कितने
मोल्स ऑफ सॉल्यूट पड़े हुए हैं? यानी ये कंसंट्रेशन निकालने का एक और तरीका है जो कहता है नंबर ऑफ मोल्स ऑफ सॉल्यूट।
सॉल्यूट के कितने मोल्स प्रेजेंट हैं? 1 लीटर सॉल्यूशन में। यानी पर पर वॉल्यूम ऑफ़ सॉल्यूशन। यानी 1 लीटर
सॉल्यूशन में कितने सॉल्यूट के मोल्स प्रेजेंट हैं? इसको बोलते हैं मोलैरिटी। तो मोलैरिटी इज़ डिफाइंड एज़ दी नंबर ऑफ़
मोल्स ऑफ सॉल्यूट डिॉल्व इन 1 लीटर ऑफ़ सॉल्यूशन। इसको हम लोग कैपिटल m से डिनोट करते हैं। और इसकी यूनिट क्या होगी? मोल
पर लीटर। आओ पढ़ते हैं कैसे? लेकिन मोलैरिटी क्या हुआ? कितने मोल्स हैं? यानी कि मोल्स ऑफ सॉल्यूट कितने प्रेजेंट हैं?
1 लीटर ऑफ सॉल्यूशन का मतलब है डिवाइडेड बाय वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। डिवाइडेड बाय वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। लेकिन ध्यान रखना
सॉल्यूशन की वॉल्यूम लीटर में रहनी चाहिए। ऑलदो वॉल्यूम की एसआई यूनिट मीटर होती है। लेकिन यहां पर हमें लीटर में डालनी है।
यहां पर हमें लीटर में डालनी है। अब अगर ऐसा है तो ऊपर अगर मोल आ गए और नीचे अगर लीटर आ गया तो इसकी वॉल्यूम क्या हो गई?
मोल। ओ इसकी यूनिट क्या हो गई? मोल पर लीटर हो गई। तो क्या है मोलैरिटी? क्वेश्चन करेंगे और समझ में आएगा। लेकिन
मोलैरिटी है। 1 लीटर सॉल्यूशन में कितने सॉल्यूट के मोल्स प्रेजेंट हैं? 1 लीटर सॉल्यूशन में कितने मोल्स प्रेजेंट हैं?
सॉल्यूट के। ठीक है? अब मोलैलिटी सेम साउंड करने वाला। ये भी यही कहता है कितने मोल्स प्रेजेंट हैं सॉल्यूट के। लेकिन ये
1 लीटर में नहीं 1 किलो में। और वो भी सॉल्यूशन के नहीं सॉल्वेंट के। यानी यहां पर दो बदलाव है। पहला यहां पर नंबर ऑफ
मोल्स ऑफ सॉल्यूट तो है लेकिन वॉल्यूम के बजाय मास है और सॉल्यूशन के बजाय सॉल्वेंट है। यानी नंबर ऑफ मोल्स ऑफ सॉल्यूट
प्रेजेंट इन 1 केg ऑफ़ सॉल्वेंट यानी कि मास ऑफ सॉल्वेंट से डिवाइड करना है। तो कितने नंबर ऑफ़ मोल्स ऑफ सॉल्यूट प्रेजेंट
हैं इन 1 kg ऑफ़ सॉल्वेंट? सॉल्वेंट है। यानी पहला फर्क सॉल्यूशन की बजाय सॉल्वेंट है और वॉल्यूम के बजाय मास है। अब कंफ्यूज
मत होना। मोल्स निकालते वक्त याद होगा अभी कितने सारे सवाल किए हैं। सॉल्यूट का मास ग्राम में होता है। लेकिन यहां पे जो
सॉल्वेंट का मास आप डालोगे वो केजी में होगा। यहां पे जो सॉल्वेंट का मास आप डालोगे वो केजी में होगा। तो इसकी एसआई
यूनिट क्या आ जाती है? ऊपर आ जाते हैं मोल। नीचे आ जाता है केजी। तो क्या आ जाती है? मोल पर केजी। इसको स्मॉल m यानी कि
मोलल से भी रिप्रेजेंट करते हैं। मोलल और उसको मोलर से भी रिप्रेजेंट करते हैं। है ना? तो इसकी एक और यूनिट क्या भी है?
मोलर। और इसकी एक और यूनिट क्या भी है? मोल। तो भैया मैं हाथ जोड़ के विनती करूंगा कि आपके सामने सात फ़ूले हैं।
जल्दबाजी बिल्कुल नहीं करनी है। क्वेश्चंस पे तब ही आना है जब ये सात के सात फ़ूले आपको आ गए हो। है ना? प्लीज रिक्वेस्ट
करूंगा ये सात के सात फॉर्मूले 1 2 इसका खैर उतना काम नहीं है तो छह ही बचे तीन 4 5 6 तो ढंग से इनको एक बार पढ़ लो चाहे
पीछे जाके बैक करके तभी क्वेश्चंस पे आना हाथ जोड़ के विनती है प्लीज ठीक है अब ये मान के चल रहा हूं कि भैया आपको ये सारे
फॉर्मूले जो हैं वो याद हो गए हैं। आओ अब क्वेश्चंस पे आते हैं। ठीक है? क्वेश्चंस इसके जितने किए जाएं उतने कम हैं।
एनसीईआरटी में काफी सारे सवाल हैं। कुछ सवाल एनसीईआरटी के लाया हूं। वैल्यूज़ को थोड़ा बहुत बदल दिया है। लेकिन इसके जितने
सवाल किए जाए उतने कम है। ये पहले बता रहा हूं। तो भैया अपने लेवल पे भी काफी क्वेश्चंस की प्रैक्टिस कर लेना। और अगला
केमिस्ट्री का सेशन लाने से पहले आप मैं चाहूंगा कि आप मुझे कमेंट सेक्शन में बताएं कि आपको अगला स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम का
ही वन शॉट चाहिए जिसको लाने में बहुत समय लगेगा। बिकॉज़ चैप्टर बहुत बड़ा है। या स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम के वन शॉट के बजाय पहले
आप इसी चैप्टर के एक्स्ट्रा क्वेश्चंस चाहते हैं अलग से तो वो बता दीजिएगा मुझे। ठीक है? कमेंट सेक्शन पे। इफ 2 ग्राम ऑफ़
हाइड्रोजन इज़ प्रेजेंट विद 22 ग्राम ऑफ़ कार्बन डाइऑक्साइड, आपको मोल फ्रैक्शन निकालना है दोनों का। तो यहां पे मैं पहले
तो A और B मान लेता हूं किसी को क्योंकि मोल फ्रैक्शन का फार्मूला हम A और B के टर्म में लिखें तो अच्छा लगता है। अब A
मैंने मान लिया यहां पे हाइड्रोजन को और B मैंने मान लिया यहां पे कार्बन डाइऑक्साइड को। अब अगर आप देखें तो आपको मास ऑफ A
यानी मास ऑफ हाइड्रोजन जो है वो 2 ग्राम दे रखा है। तो यहां पे हम इसके मोल्स निकाल लेते हैं। A के मोल्स निकाल लेते
हैं। यानी कि हाइड्रोजन के मोल्स निकाल लेते हैं। फार्मूला होता है मास अपॉन में मोलर मास। तो ये तो इसके वन मोल आ गए। मैं
मोल्स क्यों निकाल रहा हूं? क्योंकि मुझे मोल फ्रैक्शन निकालना है। और मोल फ्रैक्शन मोल्स का ही तो रेश्यो होता है ना। ठीक
है? अब इसके बाद मैं यहां से निकालूंगा मास अ ऑफ कार्बन डाइऑक्साइड मुझे गिवन है जो कि 22 ग्राम्स है। अब मैं निकालूंगा
मोल्स ऑफ कार्बन डाइऑक्साइड जिसका फार्मूला होगा मास अपॉन में मोलर मास। तो कितना आ जाएगा?5 मोल्स। तो मैंने मोल्स
क्यों निकाले? क्योंकि मुझे क्वेश्चन में मोल फ्रैक्शन निकालने को बोला है। क्या निकालने को बोला है? मोल फ्रैक्शन निकालने
को बोला है। मोल फ्रैक्शन। तो मैंने यहां से मोल्स निकाल लिए। अब मुझे दोनों के मोल फ्रैक्शन निकालने को बोला है। तो पहले मैं
A के निकाल लेता हूं जो कि होगा NA / Na + NB यानी कि टोटल मोल्स। A मतलब हाइड्रोजन से हमारा यहां पे है। तो हाइड्रोजन के
मोल्स कितने हैं? 1 / 1 +.5 तो कितना आंसर आ गया? 1 / 1.5 व्हिच इज़ 10 / 15 व्हिच इज़ 2 / 3 आ गया। अब अगर मुझे मोल फ्रैक्शन B
का निकालना है तो अगेन मेरे पास एक ऑप्शन है NB/ Na + NB करने का नहीं तो मेरे पास एक और ऑप्शन है कि मैं वन में से X A या
काहे A को माइनस कर लूं तो वन क्योंकि दोनों का सम हमारे पास वन है। याद करेंगे तो ये मेरे पास अगर वन में से 2 / 3 माइनस
होगा तो मेरे पास यहां पे 1/ 3 आंसर आ जाएगा। तो ये हमने दोनों के मोल फ्रैक्शंस जो हैं वो कैलकुलेट कर लिए हैं। तो ये
हमारे पास मोल फ्रैक्शन जो है वो आ जाते हैं दोनों के। डन है? ये हमारे पास मोल फ्रैक्शन आ जाता है। ओके हो गया जी।
बढ़िया। बहुत सिंपल सा सवाल है। चलो आओ। अगले सवाल पे आते हैं। अगला सवाल कह रहा है कि 63 ग्राम्स ऑफ़ नाइट्रिक एसिड इज़
डिॉल्व्ड इन 2 kg ऑफ़ वाटर। कैलकुलेट मोलैलिटी ऑफ़ नाइट्रिक एसिड। आपको मोलैलिटी निकालनी है। तो सबसे पहली बात तो
क्या-क्या गिवन है वो लिख लेते हैं। मास ऑफ नाइट्रिक एसिड आपको गिवन है 63 ग्राम। ठीक है? और आपको साथ ही साथ मास ऑफ वाटर
जो कि हमारा सॉल्वेंट है। ध्यान रखना जो कि हमारा सॉल्वेंट है। उसका मास भी आपको सीधा-सीधा 2 kg जो है वो गिवन है। अब अगर
हम प्लानिंग करें, प्लानिंग करें। देखो तो मोलटी का फार्मूला क्या होता है? है। अभी तक तो पढ़ लिया होगा। फिर मैं आपसे एक
सवाल भी पूछने वाला हूं कि मोलैलिटी और मोलैरिटी एक-एक क्वेश्चन कर लेते हैं इसके ऊपर। फिर मैं आपसे पूछूंगा कि मोल अरे ये
तो सेम है। मोलैलिटी और मोलैरिटी में बेहतर कौन है? फिर मैं आपसे एक सवाल पूछूंगा कि मोलैरिटी और मोलैलिटी में
बेहतर कौन है? ठीक है? लेकिन उससे पहले यहां पे मोलैलिटी की प्लानिंग कर लेते हैं। कैसे निकालते हैं मोलैलिटी? तो
मोलैलिटी निकालते हैं मोल्स ऑफ सॉल्यूट। मोल्स ऑफ सॉल्यूट अपॉन में निकालेंगे वॉल्यूम ऑफ सॉरी सॉरी सॉरी मोलैलिटी है तो
मास ऑफ सॉरी माय बैड मास ऑफ सॉल्वेंट से है ना मास ऑफ सॉल्वेंट से तो मोलैलिटी कैसे निकालते हैं? मोल्स ऑफ सॉल्यूट अपॉन
में मास ऑफ़ सॉल्वेंट से जो केजी में होना चाहिए। अब मास ऑफ़ सॉल्वेंट तो हमारे पास केजी में है ही। ये तो यानी हमारे पास है।
तो बचा कौन? अब हमें मोल्स ऑफ सॉल्यूट यहां से निकालने होंगे। मोल्स ऑफ सॉल्यूट से हमारा कहने का मतलब है कि हमें मोल्स
ऑफ क्या निकालने होंगे? HNO3 क्योंकि वो हमारा सॉल्यूट है। तो फार्मूला क्या होता है भैया? मास अपॉन में मोलर मास। अब मास
कितना है? 63 और HNO3 का मोलर मास भी 63 ही होता है। तो कितने मोल्स आ गए? 1 मोल्स आ गए। अब यहां से अगर मुझे मोलैलिटी
निकालनी हो तो ऊपर वन मोल आए हैं और नीचे हमारे पास 2 kg आया है। तो 0.5 मोल्स पर केजी हमारे पास आ जाती है
मोलैलिटी। तो ये हमारे पास मोलैलिटी आ जाती है। बहुत सिंपल है। डन है। पक्की बात है भाई। ओके है। चलो आओ। अब ये वाला सवाल
और करते हैं। फिर उस सवाल पे आऊंगा मैं जो आपसे पूछ रहा था। क्या है भाई? इन अ जार ऑफ वाटर हैविंग 2 लीटर ऑफ वाटर। ठीक है?
पानी 2 लीटर है। मोलैरिटी ऑफ़ NaCl इज़ 3 मोलर। NaCl की मोलरिटी थ्री मोलर है। आपको मास ऑफ़ NaCl निकालना है। अच्छा सबसे पहली
बात यहां पे एक और नई चीज सीखोगे आप। वॉल्यूम ऑफ़ वाटर आपको दे रखी है। वॉल्यूम ऑफ़ वाटर आपको 2 लीटर दे रखा है। क्या
वॉल्यूम ऑफ़ वाटर ही वॉल्यूम ऑफ़ सॉल्यूशन होगा एप्रोक्समेटली। क्योंकि हमने नमक को पानी में घोला है और हम सेवंथ एथ से पढ़ते
आ रहे हैं जब नमक को या चीनी को पानी में घोलते हैं तो घुलने के बाद वॉल्यूम में एज सच कोई चेंज नहीं आता है। तो अगर ये
वॉल्यूम ऑफ वाटर 2 लीटर है तो यही हम लगभगल लगभग वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन भी हो जाएगी। ये मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि
अगर मैं प्लानिंग करूं तो मोलैरिटी के फॉर्मूले में नंबर ऑफ़ मोल्स अपॉन में वॉल्यूम आता है। तो मोलैरिटी मुझे दे रखी
है। वॉल्यूम मेरे पास आ गई। के मैं मोल्स निकाल लूंगा और मोल से फिर मैं मास निकाल लूंगा। ठीक है? ये मेरी प्लानिंग है। तो
मोलरिटी का फार्मूला हमने सीखा है आज वो है मोल्स ऑफ सॉल्यूट। वो हमने सीखा है मोल्स ऑफ सॉल्यूट अपॉन में अपॉन में
वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। अपॉन में वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। वो भी किस में? लीटर में। अब मोलैरिटी हमारे पास कितनी है? तो आंसर है
थ्री है। मोलैरिटी हमारे पास कितनी है? आंसर है थ्री है और वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन हमारे पास कितना है? तो आंसर है टू है।
यहां से मुझे मिल जाएंगे मोल्स ऑफ सॉल्यूट यानी कि नमक। नमक के मोल्स मिल जाएंगे मल्टीप्लाई करके। तो मुझे
मोल्स ऑफ सॉल्यूट यानी कि मोल्स ऑफ़ NaCl मिल गए। 3 * 2 6 मोल्स। 3 * 2 6 मोल्स। अब मोल से मास कैसे निकालते हैं? आज हजारों
बार कर चुके हैं। तो मास ऑफ़ NaCl कैसे निकालेंगे? मास निकालने के लिए मोल्स को मल्टीप्लाई किया जाता है मोलर मास से। अब
मोल्स कितने आए हैं मेरे पास? सिक्स। और मोलर मास मेरे पास कितना होता है? Na का 23 और Cl का 35.5 तो 58.5 हो जाता है।
इसको इससे मल्टीप्लाई कर देते हैं। आ जाओ। आ जाओ भाई मल्टीप्लाई कर देते हैं। आ जाओ भाई। तो यहां पे अरे अरे अरे अरे यहां पे
ओए भाई मेरा फोन की चार्जिंग भी जाने वाली है। 58.5 * में 6 तो यहां पे आ गया हमारे पास 351 ग्राम। तो 351 ग्राम हमारे पास
NaCl जो है उसका मास प्रेजेंट होगा। ठीक है? अब यहां पे अगर मैं आपसे पूछूं कि मोलैरिटी और मोलैलिटी में बेहतर कौन है?
इनमें अच्छा कौन है? इनमें बढ़िया कौन है? तो आप क्या आंसर देना चाहेंगे? नीचे कमेंट सेक्शन पे आप दे सकते हैं कि वि वन इज़
बेटर मोलैरिटी और मोलैलिटी सोचा दिया हो सकता है ये सवाल आपने पहले बहुत सुना हो बिकॉज़ ये बहुत
फेमस सवाल है और आंसर क्या है भाई कि मोरिटी इज़
बेटर देन मोलरिटी रीज़ बिकॉज़ इट इज़
इट इज मींस बिकॉज़ मोलटी इज टेंपरेचर इंडिपेंडेंट इज़
टेंपरेचर इंडिपेंडेंट। यानी कि मोलैलिटी जो है वो बेटर है। मोलैलिटी जो है वो बेटर है।
किससे? मोलटी से। क्यों? क्योंकि वो टेंपरेचर इंडिपेंडेंट है। सर मतलब समझ नहीं आया? आई होप आपको पता हो टेंपरेचर के
चेंज करने पर वॉल्यूम चेंज होती है। जैसे पानी को गर्म करो तो उसकी वॉल्यूम बढ़ती है। वॉल्यूम चेंज होगी तो उसकी मोलरिटी
चेंज हो जाएगी। वॉल्यूम चेंज होगी तो उसकी मोलरिटी चेंज हो जाएगी। लेकिन टेंपरेचर के चेंज करने पे ना तो मोल्स चेंज होते हैं
ना ही मास। और हमारी केमिस्ट्री की लैब्स में अक्सर हम चीजों के टेंपरेचर को बदलते हैं। आप सब जानते हैं। कभी गर्म करना है,
कभी ठंडा करना है। या अगर हम उसको एक रूम से दूसरे रूम में भी ले जाएंगे तो भी टेंपरेचर का थोड़ा सा डिफरेंस आएगा। जिसकी
वजह से मोलैरिटी बार-बार चेंज होगी। बिकॉज़ मोलैरिटी वॉल्यूम पे डिपेंड करती है। लेकिन मोलैलिटी फिक्स रहेगा। तो इसलिए
ज्यादा केसेस में वी यूज़ मोलटी ज्यादा एक्यूरेसी के लिए। बिकॉज़ ये टेंपरेचर डिपेंडेंट नहीं है। लेकिन अगर आपको पक्का
यकीन है कि टेंपरेचर ज्यादा चेंज नहीं होने वाला। 1 2 डिग्री चलता है और उतना नहीं चेंज होने वाला। तो मोलैरिटी भी उतना
ही यूज़ होता है। फिर बट अगेन लिमिटेशन आ जाती है जैसा कि आपने देखा। चलो आओ। ठीक है? अब ये हमारे पास एक एनसीईआरटी का सवाल
है। मैंने बस थोड़ी सी वैल्यूस को बदल दिया है फॉर ईजी कैलकुलेशन। और ये क्वेश्चन एक्चुअली में स्टोकियोमेट्री और
मोलैरिटी को मिक्स करता है। और इन्हीं को तो हम कॉनंसेप्चुअल क्वेश्चन बोलते हैं जो दो कांसेप्ट्स को एक साथ जोड़े। ठीक है?
तो आप मुझे बताइएगा। अगर आपको ऐसे और बेहतर क्वेश्चंस करने होंगे, तो मैं अगले लेक्चर में स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम के बजाय इसके
क्वेश्चंस डाल दूंगा। आप बताना मुझे। खैर, कैल्शियम कार्बोनेट रिएक्ट विद HCl टू गिव कैल्शियम क्लोराइड एंड CO2 अकॉर्डिंग टू
दिस रिएक्शन। यह आपके पास यहां पे रिएक्शन आ गई। ये आपके पास यहां पे रिएक्शन आ गई। ये रही
रिएक्शन। ये रिएक्शन और बैलेंस रिएक्शन है। ठीक है? ठीक है? कह रहे हैं व्हाट मास ऑफ़ कैल्शियम कार्बोनेट? आपको कैल्शियम
कार्बोनेट का मास निकालना है। अगर वो 250 ml 250 ml ऑफ़ 1 मोलर HCL के साथ रिएक्ट हो रहा है। यानी आपको HCL की मोलैरिटी और
वॉल्यूम दे रखी है। तो आप प्लानिंग करते हैं। अगर मुझे HCL की मोलैरिटी और वॉल्यूम दे रखी है तो मैं HCL के मोल्स निकाल सकता
हूं। और स्टोकियोमेट्री से अगर इसके दो मोल्स हैं तो कैल्शियम कार्बोनेट के उसके आधे मोल्स होंगे। तो इसके मोल्स से मैं
उसके मोल्स निकाल सकता हूं। और मोल से मास निकाल लूंगा। यह हमारी प्लानिंग है। ठीक है? तो, सबसे पहले HCL का डाटा दे रखा है।
देखो मुझे मुझे मोलरिटी ऑफ़ HCL का फार्मूला बताओ। मोलैरिटी ऑफ़ HCL। फार्मूला क्या होगा?
बोलो। ऊपर आएंगे मोल्स ऑफ़ HCL और नीचे आएगी वॉल्यूम ऑफ़ सॉल्यूशन। है ना? अब मोलैरिटी मुझे क्वेश्चन में 1 मोलर
गिवन है और वॉल्यूम मुझे 25 दे रखी है। क्यों? क्योंकि ये ml में है। लेकिन हमें उसको किस में कन्वर्ट करना होगा? लीटर
में। क्योंकि मोलैरिटी में वॉल्यूम लीटर में डलती है। तो यहां से मुझे मोल्स ऑफ़ HCL मिल जाएंगे
सीधा-सीधा। तो मोल्स ऑफ़ HCL मुझे मिल गए 0.25 मोल्स। कितने मिल गए? 0.25 मोल्स। कितने मिल गए? 0.25 मोल्स मिल गए। अब
स्टोकियोमेट्री के हिसाब से अगर इसके एक हैं तो उसके दो हैं। तो यहां से अगर मैं मोल्स ऑफ क्या निकालना चाहूं? कैल्शियम
कार्बोनेट। अगर मैं यहां से मोल्स ऑफ कैल्शियम कार्बोनेट निकालना चाहूं तो वो HCL के डबल होंगे। HCL के आधे होंगे। इसके
एक पे इसके दो हैं। तो इसके दो पे इसका एक है ना? तो यानी कि मोल्स ऑफ कैल्शियम कार्बोनेट हो गए 0.25 का भी आधा। दोबारा
से इसके मोल्स आ गए। अब इसके एक पे इसके दो हैं। तो इसके दो पे तो इसका एक है। यानी इसके एक पे इसका आधा हो गया। आधे
मोल्स हो गए। तो 0.125 मोल्स हो गए। लेकिन मुझे मोल्स नहीं मुझे मास निकालना था। अब आपको पता है कि
मास कैसे निकालते हैं? मास निकालते हैं। जितने भी मोल्स आए हैं उसको मोलर मास से मल्टीप्लाई कर देंगे। तो
0.125 को कैल्शियम कार्बोनेट के मोलर मास कैल्शियम का मास कितना हो गया? 40 कार्बन का हो गया 12। ऑक्सीजन का हो गया 16 * में
3 है ना? मल्टीप्लाई करके इतना तो कर ही लोगे। तो इतना ग्राम हमारे पास आंसर आ जाएगा। इतना ग्राम हमारे पास आंसर आ
जाएगा। मजेदार है भैया। ये है सवाल। ये है सवाल जो दोनों को एक्चुअली में मिक्स कर देगा स्टोकियोमेट्री को और साथ ही साथ
हमारे मोलैरिटी के सवाल को। अब देखो ये वाला सवाल थोड़ा सा अलग ये वाला सवाल थोड़ा सा अलग कंफ्यूज करने वाला। इसके बाद
हम आगे बढ़ेंगे और ये वाला सवाल तो बहुत सिंपल है। ऐसा करते हैं। ये वाला सवाल मैं आपको होमवर्क दूंगा। आप खुद पढ़ के देखो
क्या है? आपको सोडियम एसीटेट यानी इसका मास निकालना है। आपको क्या दे रखी है? वॉल्यूम दे रखी है और मोलैरिटी। तो
वॉल्यूम और मोलैरिटी से मोल्स आ जाएंगे और मोल्स को मोलर मास से मल्टीप्लाई करोगे तो मास आ जाएगा। सेम ये बड़ा सिंपल सा
क्वेश्चन है। ये करते आओ। देखो मेथेनॉल की डेंसिटी दे रखी है इतनी और कितनी वॉल्यूम चाहिए होगी उसका इतना लीटर सॉल्यूशन बनाने
में इतने मोलर कंसंट्रेशन पे। यानी प्लानिंग बच्चा कहता है हमें वॉल्यूम
निकालने को भी बोला है और वॉल्यूम दे भी रखी है। नहीं। ये वॉल्यूम सॉल्यूशन की वॉल्यूम है। क्वेश्चन को ध्यान से पढ़ो और
ये वॉल्यूम सॉल्यूट की वॉल्यूम है जो मुझे निकालनी है। तो प्लानिंग क्या कहती है? देखो प्लानिंग ये कहती है कि मेरे पास
डेंसिटी ऑफ सॉल्यूट है। सॉल्यूट कौन है? मिथेनॉल है जो कि है 0.793 kg पर लीटर। अब डेंसिटी का फार्मूला क्या
होता है? मास बाय वॉल्यूम। अगर मेरे को मास मिल जाए मिथेनॉल का। डेंसिटी ऑफ़ सॉल्यूट।
डेंसिटी ऑफ़ मीथेनॉल मुझे गिवन है। अगर आप सॉल्यूट से नहीं समझ रहे हैं तो मीथेनॉल लिख लीजिए। मिथेनॉल।
मिथेनॉल। मिथेनॉल लिख लीजिए। अब अगर मुझे डेंसिटी ऑफ़ मिथेनॉल गिवन है तो प्लानिंग देखो।
डेंसिटी ऑफ मिथेनॉल का फार्मूला
होगा मास ऑफ मिथेनॉल अपॉन में वॉल्यूम ऑफ मिथेनॉल।
तो बेसिकली मुझे मास ऑफ मीथेनॉल अगर मिल जाए और डेंसिटी मेरे पास है तो वहां से मैं वॉल्यूम ऑफ मीथेनॉल जो कि मुझे
निकालना है वो मैं निकाल लूंगा। तो यानी अब मेरा मकसद वॉल्यूम ऑफ़ मेथेनॉल निकालना नहीं है। अब मेरा मकसद मास ऑफ़ मेथेनॉल
निकालना है। और वो मैं निकाल सकता हूं मोलैरिटी से। कैसे आओ? देखो मोलरिटी मोलैरिटी का
फ़ॉर्मूला मोल्स ऑफ सॉल्यूट सॉल्यूट कौन है? सॉल्यूट कौन है? मिथेनॉल है। तो मोल्स ऑफ
मेथेनॉल अपॉन में वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। अब मोलरिटी कितनी है हमारे पास? मोलरिटी है
0.25। अब वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन कितना है हमारे पास? 2.5 है। यहां से मैं निकालना चाहता हूं मास ऑफ
मिथेनॉल यानी कि मेरा सॉल्यूट जो कि सीधा सॉरी सॉरी सॉरी माय बैड मोल्स ऑफ मिथेनॉल जो कि मेरा सीधा-सीधा आ
जाएगा। कॉफी पीनी पड़ेगी अब मुझे लग रहा है। बहुत देर हो गई है। वन शॉट रिकॉर्ड करते हुए। हां। तो मोल्स ऑफ मेथेनॉल
निकालना है। तो यहां से मेरे पास मोल्स ऑफ मिथेनॉल आ जाते हैं सीधा-सीधा इनको मल्टीप्लाई करके। तो इनको मल्टीप्लाई
करके हमारे पास आता है 2.5 * में 0.25 हमारे पास आता है 0.625 मोल्स। लेकिन हमें यहां तो मास
चाहिए। तो सीधा-सीधा अगेन मास ऑफ़ मिथेनॉल। मिथेनॉल का फार्मूला तो पता है। CH3OH उसको निकालने के लिए हम क्या करेंगे? आज
बहुत बार कर चुके हैं। मोल्स को उसी के मोलर मास से मल्टीप्लाई कर देंगे। अब कार्बन का होता है 12 12 और 4 16 16 और 16
32 हो गया। तो इसी को 32 से अगर मैं मल्टीप्लाई कर दूं 32 से तो 20 आ गया। 20 आ गया। सीधा-सीधा 20 ग्राम्स आ गया। खत्म
हो गया सवाल कैसे? अब डेंसिटी ऑफ़ मीथेनॉल हमारे पास कितना था? 0.793 और मास ऑफ़ मीथेनॉल कितना है? 20
ग्राम्स है तो केजी में लिखेंगे ना 0. 2 नहीं 0.02 मैंने केजी में क्यों कन्वर्ट किया?
क्योंकि मुझे डेंसिटी किस में दे रखी है? kg पर लीटर में। है ना? तो 0.02 और नीचे आ जाएगा मेरे पास वॉल्यूम ऑफ़
मिथेनॉल। तो यहां से मेरे पास वॉल्यूम ऑफ़ मिथेनॉल आ गया। कैलकुलेशन वाइज थोड़ा सा बड़ा सवाल है। बाकी तो कुछ नहीं है।
0.02 / 0.793 ये आ गया हमारे पास 0.025 लीटर्स। तो प्लानिंग समझो क्या किया हमने?
सबसे पहले हमें डेंसिटी ऑफ़ सॉल्यूट गिवन था। उसको मैंने लिख दिया। अब हमें प्लानिंग बनाई कि डेंसिटी ऑफ़ मेथेनॉल यानी
सॉल्यूट का फार्मूला होगा मास ऑफ़ मेथेनॉल अपॉन में वॉल्यूम ऑफ़ मिथेनॉल। अब मुझे वॉल्यूम निकालनी है। लेकिन मास तो नहीं है
ना। तो मास के लिए पहले मैंने निकाले मोल्स ऑफ मीथेनॉल। मोल्स कैसे निकाले? मोलैरिटी की मदद से मोल्स निकाले। और
मोल्स आ गए। तो मोल्स इंटू में मोलर मास से मास भी आ गया। उसके बाद डेंसिटी में पुट कर दिया। है ना प्यारा सवाल? है ना
प्यारा सवाल? बोलो। बोलो प्यारा सवाल है। डन है? ठीक है? तो ये वाला सवाल मैंने आपको दे दिया होमवर्क। और ये वाला सवाल आओ
करते हैं। ये वाला सवाल आओ करते हैं। आसान है ये तो। अब दो होमवर्क दूंगा तो कहोगे सारे होमवर्क दिए जा रहे हैं। बट ये वाला
सवाल भी वैसे बहुत आसान है। आपको कंसंट्रेशन शुगर की निकालनी है इन मोल्स पर लीटर। मोल्स पर लीटर का मतलब है आपको
मोलर में यानी मोलैरिटी निकालनी है। अगर 20 ग्राम अगर 20 ग्राम को डिॉल्व किया गया है इतने पानी में कि फाइनल वॉल्यूम 2 लीटर
बन जाए। कितना आसान सवाल है। देखो देखो इसमें सॉल्यूट कौन है? इसमें सॉल्यूट कौन है? शुगर है। शुगर का फार्मूला गिवन है।
C12 H2O1 कितना कितना मास है भैया? 20 ग्राम मास गिवन है। ठीक है? हमें इसके मोल्स तो
निकालने ही होंगे। मोल्स निकालने होंगे तो उसके लिए हमें क्या चाहिए होगा? मोलर मास चाहिए होगा। अगर हमें मोल्स निकालने ही
होंगे तो हमें उसके लिए क्या चाहिए होगा भैया? मोलर मास। और इसका मोलर मास निकाल लेना। 342 ग्राम पर मोल आ जाएगा। ठीक है?
ठीक है? अब हमें क्या करना है? अब हमें मोलरिटी निकालनी है। तो उसके लिए हमें पहले मोल्स निकालने होंगे। तो मोल्स ऑफ
C12 H2O1 यानी कि मोल्स ऑफ सॉल्यूट फार्मूला गिवन मास अपॉन में मोलर मास। देखो एनसीईआरटी के क्वेश्चंस के साथ यही
प्रॉब्लम है। उनकी कैलकुलेशन बहुत अजीब होती है। बहुत अजीब होती है और कुछ दिक्कत नहीं है। देखो तो 20 / 342 यह आ गया मेरे
पास 0.058 मोल्स। खत्म हो गया सवाल। अब मुझे निकालनी है
मोलरिटी। मोलरिटी का फार्मूला क्या होता है? मोल्स ऑफ सॉल्यूट। अरे मोलरिटी का फार्मूला क्या होता है? मोल्स ऑफ सॉल्यूट।
अपॉन में क्या आता है? वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। मोल्स ऑफ सॉल्यूट अपॉन में क्या आता है? वॉल्यूम ऑफ सॉल्यूशन। अब मोल्स ऑफ
सॉल्यूट कितने हैं? 0.058। और वॉल्यूम सॉल्यूशन के हमारे पास 2 लीटर है। लो इसको भी डिवाइड कर ही लो।
अब इसको अगर मैं डिवाइड बाय टू करता हूं तो आंसर आता है 0.029
0.029 जिसको आप राउंड ऑफ करके 0.03 मोलर लिख सकते हो मोलैरिटी मोलैरिटी। तो ये हमारे पास ये
खेल हुआ। डन है? काफी बड़ा वन शॉट हो गया। मेरे को लग रहा था निपट जाएगा 2 घंटे में। बट चलो कोई नहीं। है ना? ये हमारे पास
मोलैरिटी आ गया। डन है। ठीक है? ठीक है? सुनो यहां पे आ रहा हूं। अब यार देखो यहां पे ना एक मैं ये दो स्लाइड क्यों छोड़ के
आया हूं? क्योंकि यहां पे इस चैप्टर में ना कुछ बेसिक टॉपिक्स भी हैं। जैसे डेंसिटी हो गया वो मैं नहीं पढ़ा रहा
आपको। है ना? टेंपरेचर वाले के बारे में बता देता हूं कि टेंपरेचर को नापने के हमारे पास दो अलग-अलग अ तीन अलग-अलग
यूनिट्स होती हैं। उनको आपस में कैसे कन्वर्ट कर सकते हैं। आ जाओ। इतना पढ़ लेते हैं। बाकी छोटी-मोटी चीजें पढ़ के
चैप्टर खत्म करेंगे। चलो अब बेटा कंसंट्रेशन के ऊपर क्वेश्चन कर लेना। फिर बोल रहा हूं बहुत सारे कर लेना मैं भी
करवाऊंगा आपकी कमेंट सेक्शन पे हेल्प कमेंट सेक्शन पे मैसेज कर दो कमेंट कर दो कि पानी पीूं पहले तो मैं यार पानी कहां
है कॉफी पीनी पड़ेगी मुझे चलो पीता हूं कमेंट सेक्शन पे लिख दो कि आपको अगला लेक्चर स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम चाहिए या फिर
आपको इसके क्वेश्चन आंसर्स चाहिए। ठीक है? लेकिन आई होप आपको पता हो कि टेंपरेचर की हमारे पास तीन यूनिट्स होती हैं। है ना?
पहली डिग्री सेल्सियस, फिर केल्विन और फिर फारेनहाइट। सम बेसिक कांसेप्ट है ना? तो ये पढ़ा दिया इन्होंने। ठीक है? अगर आपको
टेंपरेचर केल्विन में निकालना है, केल्विन में निकालना है तो ये तो आप नाइंथ से पढ़ते आ रहे हो कि डिग्री सेल्सियस में 273 या
273.15 ऐड करना होता है। और अगर डिग्री सेल्सियस में निकालना है तो केल्विन में से 273 माइनस करना होता है। लेकिन डिग्री
फारेनहाइट वाले शायद बहुत कम बच्चे हैं। अगर आपको टेंपरेचर डिग्री फारेनहाइट में निकालना है तो जो भी आपके पास डिग्री
सेल्सियस में टेंपरेचर है उसको पहली बात तो आप 9/5 से मल्टीप्लाई करोगे। जो भी आपके पास टेंपरेचर है उसको 9/5 से
मल्टीप्लाई करोगे और उसमें 32 ऐड कर दोगे और उसमें 32 ऐड कर दोगे। तो ये तो आपको पता है। आओ इसके ऊपर सवाल कराते हैं। जैसे
मान लो आपको टेंपरेचर दे रखा है। 40° सेल्सियस। अब आपको फारेनहाइट में कन्वर्ट करना है। तो डिग्री फारेनहाइट में
कैसे आएगा? 9/5 को मल्टीप्लाई करोगे जो भी टेंपरेचर आपके पास डिग्री सेल्सियस में और 32 उसमें ऐड कर दोगे। तो इसको इससे
काटूंगा तो कितना आ जाएगा? एट। अब 9 * में 8 समझे ना क्या किया मैंने? इसका मतलब है जो भी टेंपरेचर डिग्री सेल्सियस में उसकी
वैल्यू यहां पुट होगी। 9 / 5 से मल्टीप्लाई होगा और 32 ऐड हो जाएगा। अब यहां पे हमारे पास आ जाता है 72 प्लस में
आ जाता है 32 तो हमारे पास आ जाता है 104 104 104 आ गया 104 आ
गया 104 आ गया हां 104 आ गया 104° फारेनहाइट आ गया डन है तो इस तरीके से यानी कि आपके पास जो भी टेंपरेचर डिग्री
सेल्सियस में है उसको 9/5 से मल्टीप्लाई करके 32 ऐड कर देना है। ठीक है? उसके बाद आता है हमारे पास यार एटॉमिक मास। ये भी
बहुत बेसिक चीज है। नाइंथ में पढ़ रखी है। याद करेंगे। एटम का जो मास होता है वो बहुत ज्यादा छोटा होता है। एग्जांपल के
तौर पे ये देखो आप हाइड्रोजन के एटम का मास कितना छोटा है। 1.67 * में 10 - 24 ग्राम। और केजी में निकालोगे तो 1.67 *
में 10 की पावर इसमें तीन ज़ीरो और डाल दो। 27 kg हो गया। अब क्योंकि एटम का मास इतना छोटा है तो हमने कहा कि एटम के मास को
नापने के लिए क्यों ना एक न्यू एक नई यूनिट बनाई जाए और उसको बोला गया एटॉमिक मास यूनिट। कैसे बनाई गई उसको? उसकी एक
कहानी पढ़ाई जा रही है। कहानी इंपॉर्टेंट नहीं होती है। पढ़ा रहा हूं लेकिन ये इंपॉर्टेंट होता है कि वन एटॉमिक मास
यूनिट का मतलब क्या होता है? वन एटॉमिक मास यूनिट का मतलब होता है 1.66 * में 10 ^ -24 ग्राम। यह वन एटॉमिक मास यूनिट होता
है। और अगर मुझे किसी के भी मास को एटॉमिक मास यूनिट में निकालना है यानी μ में या amu में निकालना है तो मैं सबके मास को
इससे डिवाइड करता चला जाऊंगा। उससे मुझे आंसर जैसे यार 1 मिनट में 60 सेकंड होते हैं। तो जितने भी सेकंड्स हैं उनको 60 से
डिवाइड करते चले जाओ। आंसर मिनट में आएगा। ऐसे ही वन एटॉमिक मास यूनिट में इतने ग्राम होता है। लेकिन ये आया कहां से?
इसकी कहानी पढ़ लेते हैं। ये आया कहां से? ये आया कहां से? इसकी एक कहानी पढ़ लेते हैं। ठीक है? 1.66 कह लो या 1.67 कह लो
एप्रोक्सिममेटली। ठीक है? 67 कह लो वैसे तो एप्रोक्सीमेटली। अब ये आया कहां से? इसकी कहानी क्या है? कार्बन के दो
आइसोटोप्स होते हैं। आइसोटोप्स तो पता है ना आपको। है ना? नहीं तो पता तो अगले चैप्टर में पढ़ लेंगे। लेकिन कार्बन एक
होता है 12 और एक होता है 14। नहीं पता तो छोड़ो। नॉर्मल जो कार्बन होता है उसके मास को हमने 12 से डिवाइड किया। हमने वन
एटॉमिक मास यूनिट को कैसे बनाया? हमने जो मास ऑफ़ कार्बन 12 होता है यानी जो मास ऑफ़ कार्बन होता है उसको 12 से डिवाइड किया।
उससे मिला 1.67 * में 10 की पावर -2 ग्राम। और इसको हमने मान लिया वन एटॉमिक मास यूनिट। कार्बन ही क्यों चुना? 12 से
क्यों डिवाइड किया? ये लंबे चौड़े कहानियां है। ये नहीं जानना है आपको। जानने को इतना जानो कि बहुत सारे और लोगों
को भी चुना गया था कार्बन से पहले। लेकिन सही रिजल्ट नहीं आ रहे थे। मजा नहीं आ रहा था। सबसे बेहतरीन रिजल्ट कार्बन से मिले
और प्लस कार्बन उस वक्त वेल नोन एटम भी था। लेकिन कार्बन 12 कार्बन के मास को 12 से डिवाइड किया। तो उससे जो आया 1.67 1.66
* में 10 की पावर -2 उसको वन एटॉमिक मास यूनिट मान लिया। अब दुनिया में जितने भी और लोग थे सबके मास को उससे डिवाइड करते
चले गए और उन सबके मास को डिवाइड करते चले गए और उससे हमें अलग-अलग आंसर मिले। जैसे हाइड्रोजन के मास को वन एटॉमिक मास से
डिवाइड किया तो लगभग वन आया। क्लोरीन को किया 35.5 आया। सल्फर को किया तो 32 आया। ऑक्सीजन को किया तो 16 आया। तो लगभग अच्छे
नंबर आ रहे थे। इसलिए कार्बन पे स्ट्रिक्ट रहे। ऑलदो कार्बन से कार स्ट्रिक्ट रहे। ऑलदो कार्बन से पहले भी और लोग थे जिनसे
अलग-अलग आंसर आ रहे थे। डन है? ठीक है? इतना इंपॉर्टेंट टॉपिक नहीं है यार ये। बाकी इसकी समरी है कि कार्बन 12 वाला जो
आइसोटोप है उसको 12 से डिवाइड किया। उससे जो आया उसको वन एटॉमिक मास यूनिट बोला। अब उसको सबके मास से डिवाइड किया। तो सारे
मास ग्राम की बजाय amu या म्यू में आने लग गए। जिसको amu या सीधा हम μ भी बोलने लग गए। यानी यूनिफाइड मास भी बोलने लग गए।
ठीक है? फिर एक टॉपिक है जॉन डाल्टन जी ने एटम के बारे में कुछ बातें कही थी। हम उनके बारे
में भी बात कर लेते हैं। इसको एटॉमिक थ्योरी बोला गया। आज तक मुझे पढ़ाते हुए 15 16 साल हो गए। मैंने किसी 11th के
स्कूल के पेपर में इसके ऊपर सवाल नहीं देखा है। इससे मोलैरिटी मोलैरिटी वही सब आता है। ये नाइंथ में ही पढ़ा था आपने। बट
आओ फिर भी एक बार रिवाइज़ कर लेते हैं कि जॉन डाल्टन जी ने अपने एटॉमिक थ्योरी में क्या कहा था? और उनमें से काफी सारी बातें
उन्होंने गलत भी कही थी। आओ पढ़ें। उन्होंने कहा था जो सही है मैं उन टिक मार रहा हूं। ठीक है? मैटर जो है मेड अप ऑफ
एक्सट्रीमली स्मॉल इनडिज़िबल। ये गलत बोल दिया। इन्होंने कहा जितने भी मैटर हैं वो एक ऐसी चीज से मिलके बने हुए हैं जो आगे
तोड़ा नहीं जा सकता जिसको एटम कह रहे हैं। गलत है। एटम को आगे तोड़ा जा सकता है। तो ये बात गलत थी। एटम ऑफ द सेम एलिमेंट आर
आइडेंटिकल। सेम एलिमेंट जैसे सोडियम सोडियम। कार्बन कार्बन के सारे एटम्स आइडेंटिकल होते हैं। साइज मास शेप में।
गलत है। आप सबको पता है आइसोटोप्स होते हैं। नहीं पता है तो अगले चैप्टर में जान जाओगे आइसोटोप्स। अब कार्बन का मास 12 भी
हो सकता है और कार्बन का मास 14 भी हो सकता है। इसीलिए ये वाला पॉस्टुलेट भी गलत हो जाता है। फिर इन्होंने कहा एटम्स ऑफ
डिफरेंट एलिमेंट्स। डिफरेंट एलिमेंट्स के जो एटम्स हैं उनका मास जो होगा वो डिफरेंट होगा। साइज भी डिफरेंट होगा। ये भी गलत
है। आइसोबार्स याद करो। अब आर्गन है, कैल्शियम है। दोनों का मास 40 40 हो सकता है। तो ये बात भी देखा जाए तो गलत थी। अभी
तक तीनों गलत हैं। एटम वो स्मालेस्ट यूनिट है जो रिएक्शन में पार्ट लेती है। ये वाली स्टेटमेंट बिल्कुल सही है। एटम सबसे छोटी
चीज नहीं है लेकिन जो केमिकल रिएक्शन में पार्ट लेती है वो सबसे छोटी चीज एटम है। ठीक है? एटम्स ऑफ टू और मोर एलिमेंट
कंबाइन इन अ फिक्स्ड रेश्यो टू फॉर्म कंपाउंड। ये बात भी सही है। बल्कि ये तो लॉ ऑफ़ डेफिनेट प्रपोर्शन को भी डिफाइन
करता है। एक कंपाउंड में नंबर ऑफ़ एटम्स फिक्स्ड होते हैं। रेश्यो फिक्स होता है। ठीक है? एटम को कभी क्रिएट या डिस्ट्रॉय
नहीं कर सकते। बिल्कुल सही बात है। एटम कैन नाइदर बी क्रिएटेड नर बी डिस्ट्रॉयड। और ये लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मास को समझा रहा
है। तो ये तीनों तो सही हैं। केमिकल रिएक्शन में एक्चुअली में कुछ नया नहीं बनता है। बस एटम्स जुड़ते हैं, टूटते हैं।
अपनी पोजीशन को चेंज करते हैं। दैट्स इट। ये बात भी बिल्कुल सही बोली। देखा जाए तो लास्ट की चार बातें सही थी। पहली तीन
बातें गलत है और यही तीन गलतियां यहां पे कहीं ना कहीं लिखी हुई हैं। देखो इन्होंने लॉ ऑफ़ केमिकल कॉम्बिनेशन में गेसक लॉ को
नहीं समझाया। इन्होंने ये कहा कि डिफरेंट एलिमेंट्स की डिफरेंट प्रॉपर्टी होगी बट गलत है। सेम की सेम होगी। ये भी गलत है।
इन्होंने ये भी नहीं बताया कि एटम्स के अंदर कौन-कौन सी फोर्स होती हैं। जिनको बाद में आयनिक बॉन्ड और कोवेलेंट बॉन्ड
बोला गया। एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट इन्होंने ये भी नहीं बताया कि एटम अल्टीमेट पार्टिकल क्यों है? उसको आगे
तोड़ा क्यों नहीं जा सकता। फाइनली फाइनली फाइनली वन शॉट समाप्त होता है। इसकी पीपीटी आपको मिलेगी टेलीग्राम पे। आई होप
ये वन शॉट ने आपकी बहुत हेल्प की हो। मैं समझ सकता हूं क्वेश्चंस अभी ज्यादा नहीं किए हमने इस वन शॉट में क्योंकि ये वन शॉट
पहला मेरी लाइफ में पहली बार मैं YouTube पे पढ़ा रहा हूं। 15 16 साल हो गए पढ़ाते हुए। YouTube पे पहली बार पढ़ा रहा हूं। तो
इसीलिए आपको ये बात ध्यान रखनी है कि मैंने अभी इस वन शॉट को कुछ-कुछ क्वेश्चन से किया है। तो मैं जाते-जाते फिर ये
बोलूंगा कुछ काम करना है आपको। सबसे पहले रिजल्ट 10 कूपन कोड 10% ऑफ है। अगर आप साइंस एंड फन के पेड बैच के साथ जुड़ना
चाहते हो। सेकंड चीज अगर आपको ये वन शॉट अच्छा लगा है तो एक प्यारा सा कमेंट छोड़ना क्योंकि मैं कमेंट हमेशा पढ़ता
हूं। खासकर वन शॉट के अपलोड होने के एकद हफ्ते के बाद तो बिल्कुल पढ़ता हूं। बाद में ही पढ़ते हैं और उन मैसेजेस को देख के
बहुत मोटिवेट होते हैं और अगला लेक्चर और इंटेंसिटी से और खुशी से रिकॉर्ड करने का मन करता है। थर्डली अगर आपको अगला लेक्चर
स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम का चाहिए तो लिख देना नेक्स्ट स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम और प्यारा सा कमेंट लिखना थोड़ा आगे उसी के और अगर आपको
इसके क्वेश्चन आंसर्स चाहिए और स्ट्रांग करना है इसके दो लिख देना। बाकी मिलते हैं। लव यू। टेक केयर पीडी Telegram पे
लाइक जरूर करना वीडियो को। थैंक यू।
मोल पदार्थ की मात्रा का मापन है, जहाँ 1 मोल में 6.022 × 10²³ कण (एवोगैड्रो संख्या) होते हैं। इसे निकालने का सूत्र है: मोल्स की संख्या (n) = (द्रव्यमान ग्राम में) / (मोलर मास). उदाहरण के लिए, 18 ग्राम पानी (H₂O) का मोलर मास 18 g/mol होता है, इसलिए इसमें 1 मोल होगा।
पाँच मुख्य नियम हैं: (1) द्रव्यमान संरक्षण का नियम - अभिकारकों का द्रव्यमान उत्पादों के बराबर होता है। (2) निश्चित अनुपात का नियम - H₂O में H:O हमेशा 1:8 में होता है। (3) गुणित अनुपात का नियम - H₂O और H₂O₂ में ऑक्सीजन का अनुपात 1:2 है। (4) गे-लुसैक का नियम - गैसों का आयतन अनुपात सरल पूर्णांक में होता है। (5) एवोगैड्रो का नियम - समान आयतन में समान अणु संख्या।
मैटर तीन मुख्य अवस्थाओं में होता है: ठोस (निश्चित आकार व आयतन), द्रव (निश्चित आयतन), और गैस (अनिश्चित आकार व आयतन)। अवस्था परिवर्तन में ठोस→द्रव को संलयन, द्रव→गैस को वाष्पीकरण, गैस→द्रव को संघनन, और द्रव→ठोस को जमना कहते हैं। सीधा ठोस→गैस परिवर्तन ऊर्ध्वपातन (जैसे कपूर) कहलाता है।
शुद्ध पदार्थ एक ही प्रकार के कणों (तत्व या यौगिक) से बना होता है, जैसे सोडियम (Na) या पानी (H₂O)। मिश्रण दो या अधिक घटकों का बिना निश्चित अनुपात का संयोग है, जैसे समजातीय मिश्रण (नमक का पानी) और विषमांगी मिश्रण (समुद्री पानी में रेत)।
मोलर मास एक मोल पदार्थ का ग्राम में द्रव्यमान है, जो उसके परमाणु द्रव्यमानों के योग के बराबर होता है। उदाहरण के लिए, CO₂ का मोलर मास = C(12) + 2×O(16) = 44 g/mol। इसे मोल्स गणना में सूत्र n = m/M के माध्यम से प्रयोग किया जाता है।
केमिस्ट्री तीन मुख्य शाखाओं में विभाजित है: भौतिक रसायन (अवस्था परिवर्तन और भौतिक गुणों का अध्ययन), अकार्बनिक रसायन (गैर-कार्बन यौगिकों का अध्ययन), और कार्बनिक रसायन (कार्बन यौगिकों का अध्ययन)। ये शाखाएं पदार्थों की प्रकृति और उनकी अभिक्रियाओं को समझने में मदद करती हैं।
एवोगैड्रो संख्या (6.022 × 10²³) वह संख्या है जो 1 मोल में कणों की संख्या बताती है। इसका उपयोग मोल्स को कणों की संख्या में बदलने के लिए सूत्र n = N/Nₐ में किया जाता है। उदाहरण के लिए, 1 मोल पानी में 6.022 × 10²³ पानी के अणु होते हैं, जो रासायनिक गणनाओं में मौलिक है।
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इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री वन शॉट लेक्चर | यूपी बोर्ड 12वीं केमिस्ट्री
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थर्मोडायनामिक्स माइंड मैप: मुख्य सूत्र और अवधारणाएँ
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