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रासायनिक गतिकी (केमिकल काइनेटिक्स) : अभिक्रिया दर, कोटि और आर्रेनियस समीकरण

रासायनिक गतिकी (केमिकल काइनेटिक्स) का परिचय

यह केमिस्ट्री की वह शाखा है जो अभिक्रियाओं की दर (Rate), उनके क्रियाविधि (Mechanism) और विभिन्न कारकों पर निर्भरता का अध्ययन करती है। इस विषय की बुनियादी समझ के लिए पहले ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की बेसिक समझ | कार्बन, कोवेलेंट बॉन्ड, हाइड्रोकार्बन पढ़ना लाभदायक हो सकता है। बोर्ड परीक्षा में इस चैप्टर का कुल वेटेज 7 अंक का है, जिसमें 3-4 नंबर का एक प्रश्न निश्चित रूप से आता है।

अभिक्रिया दर (Rate of Reaction)

अभिक्रिया दर वह गति है जिससे अभिकारक (Reactants) उत्पादों (Products) में बदलते हैं। इसे निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है:

  • औसत दर (Average Rate): लंबे समय अंतराल में होने वाले परिवर्तन के लिए (ΔC/Δt).
  • तात्क्षणिक दर (Instantaneous Rate): किसी विशिष्ट क्षण पर होने वाला परिवर्तन (dC/dt).
  • अभिकारकों (Reactants) की सांद्रता में कमी होती है, इसलिए दर को ऋणात्मक (-d[Reactant]/dt) चिह्न से दर्शाया जाता है।
  • उत्पादों (Products) की सांद्रता में वृद्धि होती है, इसलिए दर को धनात्मक (+d[Product]/dt) चिह्न से दर्शाया जाता है।

दर को प्रभावित करने वाले कारक

  1. अभिकारकों की सांद्रता: सांद्रता बढ़ने पर अभिक्रिया दर बढ़ती है।
  2. अभिकारकों की प्रकृति: गैसीय अभिकारकों की दर ठोस की तुलना में अधिक होती है।
  3. तापमान: सामान्यतः तापमान बढ़ाने पर दर बढ़ती है। प्रत्येक 10°C वृद्धि पर दर लगभग दोगुनी हो जाती है।
  4. उत्प्रेरक (Catalyst): स्वयं भाग न लेते हुए अभिक्रिया की दर बढ़ाता है।
  5. पृष्ठ क्षेत्रफल (Surface Area): पृष्ठ क्षेत्रफल बढ़ने पर दर बढ़ती है (जैसे पाउडर चीनी)।
  6. प्रकाश: कुछ प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाएं सूर्य के प्रकाश में होती हैं।

दर नियम, कोटि और आण्विकता

दर नियम (Rate Law)

यह एक प्रायोगिक व्यंजक है जो अभिक्रिया दर को अभिकारकों की मोलर सांद्रता से संबंधित करता है। Rate = k [A]^x [B]^y

  • ध्यान दें: x और y के मान प्रायोगिक रूप से निर्धारित होते हैं, ये हमेशा स्टॉइकियोमीट्री गुणांकों के बराबर नहीं होते।

दर स्थिरांक (Rate Constant - k)

  • जब अभिकारकों की सांद्रता एक-एक मोलर (1 M) हो, तो दर स्थिरांक (k), अभिक्रिया दर के बराबर होता है।
  • इसे वेग स्थिरांक (Velocity Constant) या विशिष्ट अभिक्रिया दर (Specific Reaction Rate) भी कहते हैं।

अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction)

यह दर नियम में सांद्रता पदों (x + y) पर लगी घातों का योग है।

  • कोटि का मान शून्य, पूर्णांक या भिन्नात्मक हो सकता है।
  • यह प्रायोगिक रूप से निर्धारित की जाती है।
  • शून्य कोटि: Rate ∝ [A]⁰ (दर, सांद्रता पर निर्भर नहीं)
  • प्रथम कोटि: Rate ∝ [A]¹
  • द्वितीय कोटि: Rate ∝ [A]²

आण्विकता (Molecularity)

यह किसी प्रारंभिक (Elementary) अभिक्रिया में भाग लेने वाले अभिकारक कणों (अणु, परमाणु, आयन) की संख्या है।

  • आण्विकता का मान हमेशा एक पूर्णांक होता है और यह कभी भी शून्य (0) या भिन्नात्मक नहीं होता।
  • कोटि सभी अभिक्रियाओं (सरल या जटिल) के लिए हो सकती है, जबकि आण्विकता केवल प्रारंभिक अभिक्रियाओं के लिए होती है।

शून्य एवं प्रथम कोटि अभिक्रियाएं

शून्य कोटि अभिक्रिया

  • समाकलित दर नियम: [A] = [A]₀ - kt
  • अर्ध-आयु (t₁/₂): t₁/₂ = [A]₀ / 2k (प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर)
  • k की इकाई: mol L⁻¹ s⁻¹

प्रथम कोटि अभिक्रिया

  • समाकलित दर नियम: t = (2.303/k) log₁₀([A]₀ / [A])
  • अर्ध-आयु (t₁/₂): t₁/₂ = 0.693 / k (प्रारंभिक सांद्रता से स्वतंत्र)
  • k की इकाई: s⁻¹
  • सूडो प्रथम कोटि अभिक्रिया: जब किसी अभिकारक को अत्यधिक मात्रा में लिया जाए, तो अभिक्रिया सिर्फ दूसरे अभिकारक पर निर्भर करती है, जैसे शर्करा का जल-अपघटन।

आर्रेनियस समीकरण एवं संघट्ट सिद्धांत

आर्रेनियस समीकरण

यह तापमान पर दर स्थिरांक (k) की निर्भरता को बताता है: k = Ae^(-Ea/RT)

  • A: आवृत्ति गुणक (Arrhenius Constant)
  • Ea: सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy)
  • R: गैस स्थिरांक (8.314 J K⁻¹ mol⁻¹)
  • T: तापमान

दो अलग-अलग तापमानों T₁ और T₂ पर दर स्थिरांक k₁ और k₂ के लिए सूत्र: log₁₀(k₂/k₁) = Ea / (2.303·R) · (1/T₁ - 1/T₂)

संघट्ट सिद्धांत (Collision Theory)

  • अभिक्रिया होने के लिए अभिकारक कणों का संघट्ट (Collision) होना आवश्यक है।
  • सभी संघट्ट प्रभावी नहीं होते। केवल वही संघट्ट उत्पाद बनाते हैं जिनमें कणों में सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) के बराबर या अधिक ऊर्जा हो और उपयुक्त अभिविन्यास (Proper Orientation) हो।
  • सक्रियण ऊर्जा (Ea): अभिक्रिया प्रारंभ करने के लिए आवश्यक न्यूनतम अतिरिक्त ऊर्जा।
  • दहलीज़ ऊर्जा (Threshold Energy): वह न्यूनतम ऊर्जा जो प्रभावी संघट्ट के लिए आवश्यक है। (दहलीज़ ऊर्जा = प्रारंभिक ऊर्जा + सक्रियण ऊर्जा)

कुछ हल प्रश्न (Solved Examples)

  1. प्रथम कोटि अभिक्रिया में सक्रियण ऊर्जा ज्ञात करना: प्रश्न: 300 K पर 50% अभिक्रिया 30 मिनट में पूर्ण होती है, जबकि 320 K पर 10 मिनट में। सक्रियण ऊर्जा (Ea) ज्ञात कीजिए।

    • हल: प्रथम कोटि के लिए, t₁/₂ = 0.693/k. अतः k₁ = 0.693/30 और k₂ = 0.693/10.
    • log₁₀(k₂/k₁) = log₁₀(30/10) = log₁₀ 3 = 0.4771
    • 0.4771 = Ea / (2.303 · 8.314) · (20)/(300·320)
    • Ea ≈ 43830 J/mol या 43.83 kJ/mol
  2. दर स्थिरांक की इकाई से कोटि ज्ञात करना: प्रश्न: यदि किसी अभिक्रिया का दर स्थिरांक 3 × 10⁻⁴ s⁻¹ है, तो अभिक्रिया की कोटि बताइए।

    • हल: s⁻¹ इकाई केवल प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए होती है। अतः यह प्रथम कोटि की अभिक्रिया है।
  3. दिए गए आंकड़ों से कोटि ज्ञात करना: प्रश्न: 2NO₂ + F₂ → 2NO₂F के लिए निम्नलिखित आंकड़े प्राप्त हुए हैं। अभिक्रिया की समग्र कोटि ज्ञात कीजिए। | [NO₂] (M) | [F₂] (M) | आरंभिक दर (M s⁻¹) | |---|---|---| | 0.20 | 0.05 | 6.0 × 10⁻³ | | 0.40 | 0.05 | 1.2 × 10⁻² | | 0.80 | 0.10 | 4.8 × 10⁻² |

    • हल: माना Rate = k[NO₂]^x [F₂]^y.
    • प्रयोग 1 और 2 की तुलना करने पर ([F₂] स्थिर), x = 1.
    • प्रयोग 2 और 3 की तुलना (या 1 और 3) करने पर y = 1.
    • समग्र कोटि = x + y = 1 + 1 = 2 (द्वितीय कोटि)
  4. सांद्रता परिवर्तन का दर पर प्रभाव: प्रश्न: A + B → उत्पाद के लिए दर नियम, Rate = k[A]² है। यदि A की सांद्रता दोगुनी कर दी जाए, तो दर कितनी हो जाएगी?

    • हल: नई दर = k[2A]² = 4k[A]². अतः दर चार गुना हो जाएगी।

कार्बन यौगिकों की अभिक्रियाओं को गहराई से समझने के लिए ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: कार्बन के वर्सटाइल नेचर और हाइड्रोकार्बन की पूरी जानकारी पढ़ें।

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