मार्जिनल कॉस्टिंग का परिचय
मार्जिनल कॉस्ट का अर्थ है एक अतिरिक्त यूनिट के उत्पादन की लागत। यह सिर्फ वेरिएबल कॉस्ट पर आधारित है क्योंकि फिक्स्ड कॉस्ट में बदलाव नहीं होता। अगर आप मार्जिनल एनालिसिस के सिद्धांतों को और गहराई से समझना चाहते हैं, तो Marginal Analysis Explained: The Efficient Decision-Making Principle for Economics पर हमारा गाइड देखें।
लागत के प्रकार (Types of Cost)
- वेरिएबल कॉस्ट: प्रति यूनिट स्थिर, कुल लागत उत्पादन के अनुपात में बदलती है।
- फिक्स्ड कॉस्ट: कुल स्थिर, प्रति यूनिट लागत उत्पादन बढ़ने पर घटती है।
- सेमी-वेरिएबल कॉस्ट: फिक्स्ड और वेरिएबल दोनों का मिश्रण। कुल लागत बढ़ती है, लेकिन समान अनुपात में नहीं।
कॉन्ट्रीब्यूशन और P/V रेशियो
कॉन्ट्रीब्यूशन (Contribution) के फॉर्मूले
- फॉर्मूला 1: कुल बिक्री - कुल वेरिएबल लागत
- फॉर्मूला 2: (विक्रय मूल्य प्रति यूनिट - वेरिएबल लागत प्रति यूनिट) × कुल इकाइयाँ
- फॉर्मूला 3: कुल लाभ + कुल फिक्स्ड लागत
P/V रेशियो (Profit Volume Ratio)
यह कॉन्ट्रीब्यूशन और बिक्री के बीच का संबंध दर्शाता है।
- फॉर्मूला 1: (कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट / विक्रय मूल्य प्रति यूनिट) × 100
- फॉर्मूला 2: (कुल कॉन्ट्रीब्यूशन / कुल बिक्री) × 100
- फॉर्मूला 3: 1 - वेरिएबल कॉस्ट रेशियो
CVP एनालिसिस (लागत-आयतन-लाभ विश्लेषण)
CVP एनालिसिस यह समझने में मदद करता है कि बिक्री मूल्य, वेरिएबल लागत या उत्पादन की मात्रा में बदलाव का लाभ पर क्या प्रभाव पड़ता है।
बदलाव के प्रभाव
- यदि विक्रय मूल्य प्रति यूनिट बदलता है: कुल बिक्री, कॉन्ट्रीब्यूशन और लाभ बदलते हैं, लेकिन कुल वेरिएबल लागत और फिक्स्ड लागत समान रहती है।
- यदि वेरिएबल लागत प्रति यूनिट बदलती है: कुल वेरिएबल लागत, कॉन्ट्रीब्यूशन और लाभ बदलते हैं, लेकिन कुल बिक्री और फिक्स्ड लागत समान रहती है।
- यदि कुल इकाइयाँ (बिक्री की मात्रा) बदलती है: कुल बिक्री, कुल वेरिएबल लागत, कॉन्ट्रीब्यूशन और लाभ बदलते हैं, लेकिन कुल फिक्स्ड लागत समान रहती है।
ब्रेक-ईवन पॉइंट (BEP) और मार्जिन ऑफ सेफ्टी (MOS)
ब्रेक-ईवन पॉइंट (BEP)
BEP वह स्तर है जहां कुल लागत = कुल बिक्री, यानी कोई लाभ या हानि नहीं होती।
- BEP (इकाइयों में): कुल फिक्स्ड लागत / कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट
- BEP (रुपये में): कुल फिक्स्ड लागत / P/V रेशियो
मार्जिन ऑफ सेफ्टी (MOS)
MOS, BEP से ऊपर की बिक्री है जो शुद्ध लाभ दर्शाती है।
- MOS (इकाइयों में): वास्तविक बिक्री (इकाइयाँ) - BEP (इकाइयाँ)
- MOS (रुपये में): वास्तविक बिक्री (रुपये) - BEP (रुपये)
- MOS (लाभ का उपयोग करके): कुल लाभ / कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट या कुल लाभ / P/V रेशियो
वांछित लाभ के लिए बिक्री
- फॉर्मूला: (कुल फिक्स्ड लागत + वांछित लाभ) / कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट या (कुल फिक्स्ड लागत + वांछित लाभ) / P/V रेशियो
दो वर्षीय डेटा प्रश्न
जब दो अलग-अलग वर्षों के लाभ और बिक्री या इकाइयाँ दी गई हों, तो निम्नलिखित निकाला जा सकता है:
- P/V रेशियो: (लाभ में अंतर / बिक्री या इकाइयों में अंतर) × 100
- कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट: (लाभ में अंतर / इकाइयों में अंतर)
इनडिफरेंस पॉइंट (Indifference Point)
यह वह स्तर है जहां दो अलग-अलग लागत संरचनाओं (फिक्स्ड और वेरिएबल लागत) की कुल लागत बराबर होती है।
- फॉर्मूला: (फिक्स्ड लागत में अंतर) / (वेरिएबल लागत प्रति यूनिट में अंतर)
- निर्णय:
- यदि वास्तविक उत्पादन इनडिफरेंस पॉइंट से कम है, तो कम फिक्स्ड लागत वाला विकल्प चुनें।
- यदि वास्तविक उत्पादन इनडिफरेंस पॉइंट से अधिक है, तो अधिक फिक्स्ड लागत वाला विकल्प चुनें।
शटडाउन पॉइंट और की फैक्टर
शटडाउन पॉइंट (Shutdown Point)
वह स्तर जिसके नीचे उत्पादन बंद कर देना चाहिए।
- फॉर्मूला: (अवॉइडेबल फिक्स्ड कॉस्ट - रीओपनिंग कॉस्ट) / कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट
- निर्णय: यदि वास्तविक उत्पादन शटडाउन पॉइंट से कम है, तो बंद करें; अधिक होने पर जारी रखें।
की फैक्टर / लिमिटिंग फैक्टर (Key Factor)
यह एक ऐसा उत्पादन कारक (जैसे सामग्री, श्रम, मशीन घंटे) है जिसकी मांग उपलब्धता से अधिक होती है और उत्पादन को सीमित करता है।
की फैक्टर को हल करने के चरण
- की फैक्टर की पहचान करें।
- प्रत्येक उत्पाद के लिए कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट की गणना करें।
- कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति की फैक्टर की गणना करें:
- यदि "की फैक्टर प्रति यूनिट" दिया हो → कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट / की फैक्टर प्रति यूनिट (भाग)
- यदि "यूनिट प्रति की फैक्टर" दिया हो → कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट × यूनिट प्रति की फैक्टर (गुणा)
- कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति की फैक्टर के आधार पर उत्पादों को रैंक करें।
- रैंकिंग के अनुसार सीमित संसाधनों का आवंटन करें।
लागत लेखांकन में सेवा लागत को समझने के लिए, Understanding Service Costing in Cost Accounting का संदर्भ लें। इसके अलावा, साझेदारी लेखांकन के बारे में अधिक जानकारी के लिए Understanding Capital Accounts in Partnership Accounting पर जाएं। मूल बातों की समीक्षा के लिए Basis of Accounting Class 11: Cash vs Accrual Explained पढ़ें। अंत में, CMA फाइनल पेपर 17 पर एक व्यापक अवलोकन के लिए Comprehensive Summary of CMA Final Paper 17: Cost and Management Audit Marathon देखें।
ओके सर सो हेलो एवरीवन आर वी लाइव आ लाइव आ वी लाइव सर चलो फटाफट से मुझे बता दो क्या हम लोग लाइव हैं क्या आप लोग मुझे
देख पा रहे हो हां या ना या हां बोल दो सर बोल दो सर बोल दो सर यस सर यस सर यस सर यस सर यस सर हम आपको
देख पा रहे हैं हां या ना करेक्ट यस सर हम आपको देख पा रहे हैं और
अच्छे तरीके से देख पा रहे हैं। स्वागत है सर आप लोगों का हमारी सीए इंटरमीडिएट कॉस्टिंग लाइव पावर बैच जिसमें आप और मैं
मिलके आज हमारा डे नंबर फाइव मार्जिनल कॉस्टिंग खत्म करने वाले हैं। क्या बात है सर जी क्या बात है क्या बात है क्या बात
है सर अगर मैं आप लोगों से बात बताना चाहूं तो हम लोगों ने अभी तक कॉस्ट शीट खत्म किया मटेरियल खत्म किया एंप्लई खत्म
किया ओवरहेड्स खत्म किया आज मैं आप लोगों को मार्जिनल और इसी के साथ-साथ मार्जिनल का एक बहुत ही इंपॉर्टेंट और तगड़ा वाला
सर एक केस बेस्ड क्वेश्चन भी करवाने वाला हूं ओके परसों हम खत्म करेंगे प्रोसेस और जॉइंट प्रोडक्ट बाय प्रोडक्ट उसके बाद हम
और आप मिलके खत्म करेंगे सर्विस कॉस्ट और जॉब जॉब एंड बैच और लास्ट डे अपना कॉस्टिंग एंड बजेटरी होने वाला है। क्या
बात है सर जी। और सर मैं आज आप लोगों को अनाउंसमेंट भी कर देना चाहता हूं। सर 15th ऑफ अगस्त को
हां जी सर 15 अगस्त को आप और मैं मिलके सर हमारे एफएम के सुपर 80 क्वेश्चंस लेने वाले हैं।
और इसी के 2 से 3 दिन बाद दैट इज़ अराउंड 18th ऑफ़ अगस्त को आप और मैं मिलके हमारे कॉस्ट के सुपर 100 क्वेश्चंस करने वाले
हैं। क्या बात है सर। क्या बात है? क्या बात है। क्या बात है। 11120 हो जितने बनेंगे बनेंगे सर। ये मैं आप लोगों के साथ
सेशन लेने वाला हूं। ओके ओके ओके ओके ओके सर जी आ जाओ। तो हम मार्जिनल कॉस्टिंग मिलके स्टार्ट करते हैं आप लोगों के साथ।
सर मार्जिनल कॉस्टिंग स्टार्ट करने से पहले ही मैं आप लोगों को सबसे पहले सारी डिटेल्स बताना चाहूंगा। ओके सर जी आ जाओ।
सबसे पहले मुझे आप लोगों को मार्जिनल कॉस्ट का डेफिनेशन बताना है। ओके? और इसी डेफिनेशन के साथ मुझे आप
लोगों को टाइप्स ऑफ कॉस्ट भी बतानी है। वैसे तो आपने और मैंने देख रखी है बट स्टिल अपने को कवर अप करना है। ओके?
नेक्स्ट पॉइंट जो आपको और मुझे करना है वह है आपका और मेरा सीवीपी एनालिसिस। ओके? वैसे सीवीपी एनालिसिस बाद में आएगा।
उससे पहले आपका और मेरा आएगा। यहां पे हमें समझना है अमित भाई। कंट्रीब्यूशन किसको बोलते हैं?
और कॉन्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ प्रॉफिट वॉल्यूम रेशियो किसको बोलते हैं? ओके। चलो बहुत बढ़िया। 15 को आजादी की लड़ाई एकदम
एकदम एकदम चलो दिस इज़ योर सीवीपी एनालिसिस ओके ये भी हो गया इसके बाद आप और मैं मिलके एक बहुत
ही इंपॉर्टेंट फार्मूला पढ़ने वाले हैं जिसका नाम है ब्रेक इवन पॉइंट और आपका और मेरा मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी ओके सर जी ये भी
पढ़ लेंगे इसके बाद आपको और मेरे को एक और इंपॉर्टेंट फार्मूला पढ़ना है सर प्री गिवन फॉर
पॉइंट हो गया, मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी हो गया। इसके बाद आपको और मेरे को पढ़ना है सर हमारा की फैक्टर वाला क्वेश्चन।
ओके? की फैक्टर वाला क्वेश्चन। और की फैक्टर वाले क्वेश्चन के साथ-साथ
आपने और मैंने एक और टॉपिक देखना था जो था हमारा और आपका मार्जिनल वर्सेस अब्सॉर्प्शन।
मार्जिनल वर्सेस अब्सॉर्प्शन कॉस्टिंग इसकी खैर सर मैंने इन डिटेल्ड अलोंग विद क्वेश्चन एक वीडियो डाली हुई है तो वो मैं
आप लोगों को यहां पे कवर अप करके दिखा दूंगा। आप लोगों को यहां से उसकी पूरी डिटेल्स मिल जाएगी। तो इनके अलावा ये पूरा
का पूरा टॉपिक आपको और मेरे को क्लियर करके चलना है। तो एक बार आप लोग मुझे बस फटाफट से ये बता दो क्या हम लोग तैयार
हैं? क्या आप और मैं मिलके हमारा वाला टॉपिक स्टार्ट कर सकते हैं? बोल दो हां या ना या ना? बोल दो सर।
आर यू गाइस रेडी? यस सर। हम तैयार हैं और हम बहुत प्यारे तरीके से अपना टॉपिक स्टार्ट कर सकते हैं।
बता दो, बता दो, बता दो, बता दो, बता दो सर। यस सर।
यस सर। ओके। चलो अब भाई इसमें दो तीन टॉपिक्स और भी हैं। वो साथ के साथ ही अपन छोटे-छोटे
लपेट लेंगे। एक है टू ईयर वाला क्वेश्चन। एक है हमारा सर इनडफरेंस पॉइंट वाला क्वेश्चन। ओके। और एक शटडाउन पॉइंट वाला
तो वो मैं इसी के साथ डाल देता हूं। आओ सीवीपी एनालिसिस बीईपी और एमओएस के साथ-साथ मैं आप लोगों को यहां की फैक्टर
है। बीपी एमओएस के साथ डाल देता हूं। टू ईयर वाला क्वेश्चन। टू ईयर डाटा वाला क्वेश्चन।
2 साल वाला क्वेश्चन आपको दिया रहता है। की फैक्टर के साथ-साथ मैं आपको कवर अप करवा देता हूं सर आपका
नहीं इसी के साथ डाल देते हैं अपन एक इनडफरेंस पॉइंट वाला क्वेश्चन और यहां पे आपके पास आ जाएगा एक शटडाउन वाला
अब क्लियर तो तैयार हो सर हां जी सर हम तैयार हैं और अब हम मिलके यहां से स्टार्ट कर सकते हैं ओके सो ओम नमः पार्वती पते हर
हर महादेव चलो सर जी आज सर पहला सावन का पहला सोमवार और हम और आप मिलके स्टार्ट करते हैं। लेकिन उससे पहले मेरे बदमाशों
वीडियो को लाइक तो कर दो। सब लोग फटाफट से पहले वीडियो को लाइक कर दो सर। मैं लोगों के साथ तब तक शेयर कर दूं फटाफट से।
आप लोग वीडियो को लाइक कर दो सर। चलो लाइक कर दो मेरे प्यारे नन्हे मुन्नो लाइक
कहां लेके चले जाओगे ओके डन आओ सर सबसे पहले मैं आप लोगों का मार्जिनल कॉस्ट का मतलब बताना चाहता हूं।
ओके सर जी मार्जिनल कॉस्ट का मतलब सुनो मार्जिनल कॉस्ट अमित भाई मार्जिनल कॉस्ट का एक ही मतलब
होता है। क्या मतलब होता है? मार्जिनल कॉस्ट का मतलब मार्जिन का मतलब तो उस बच्चे से पूछो जिसका सर 39 पे या 59 पे या
हर एक सब्जेक्ट में पास होने के बाद भी एग्रीगेट से रह गया हो। ओ हो हो हो मार्जिनल कॉस्ट का मतलब होता है इट रेफर्स
टू इट रेफर्स टू कॉस्ट ऑफ प्रोड्यूसिंग वन
एडिशनल या एक्स्ट्रा आइटम वन एडिशनल या वन एक्स्ट्रा आइटम ओके
इट रेफर्स टू कॉस्ट ऑफ प्रोड्यूसिंग वन एडिशनल या वन एक्स्ट्रा आइटम। ओके सर जी। अब आओ अब इसी के बाद मुझे आपको पढ़ाना है
टाइप्स ऑफ कॉस्ट। अगर मैं आपसे टाइप्स ऑफ कॉस्ट की बात करूं। तो टाइप्स ऑफ कॉस्ट में सबसे पहले
आपके पास आ जाता है वेरिएबल कॉस्ट। और अमित भाई एक आपके पास आ जाता है आपका फिक्स्ड कॉस्ट।
यही दोनों आपको और मुझे पढ़ के चलना था। ओके सर वेरिएबल कॉस्ट का मतलब क्या होता है? वेरिएबल कॉस्ट का मतलब इट इज़ द कॉस्ट
व्हिच इज़ फिक्स्ड पर यूनिट। जो आपका पर यूनिट पे फिक्स्ड होता है। व्हिच इज़ फिक्स्ड पर यूनिट एंड इंक्रीसेस
इन सेम प्रोपोशन विद इंक्रीज इन यूनिट्स विद इंक्रीस इन यूनिट्स मतलब सर अगर मैं
सीधा-सीधा आपसे बात करता हूं। ओके। तो सर जी इधर देखना अगर आपको एक यूनिट बनाने के लिए फॉर एग्जांपल मान लेते हैं ₹10 का रॉ
मटेरियल लगता है। तो अगर यहीं पे आपको दो मटेरियल बनाना हो दो यूनिट बनाना होगा तो 10 + 10 बराबर ₹20 लगेगा। अगर आपको तीन
यूनिट बनाना होगा तो 10 + 10 + 10 आपको ₹30 लगेंगे। मतलब ये एग्जैक्ट प्रपोर्शन में ही बढ़ता रहेगा। दैट इज कॉल्ड एज योर
वेरिएबल कॉस्ट। मैंने बोला सर यह तो बहुत ही ज्यादा अच्छी बात है। यह तो बहुत ही ज्यादा बेसिक बात है। ओके। अब इसी के
साथ-साथ अगर मैं आपको बात करता हूं फिक्स्ड कॉस्ट तो सर फिक्स्ड कॉस्ट वो कॉस्ट होता है। इट इज़ द कॉस्ट
व्हिच इज़ फिक्स्ड व्हिच इज़ फिक्स्ड व्हिच इज़ फिक्स्ड इन टोटिटी इन टोटल
एंड डिक्रीसेस एंड विद इंक्रीज इन यूनिट्स
वि इनक्रीस इन यूनिट्स जैसे-जैसे यूनिट्स बढ़ेगा कॉमा फिक्स्ड कॉस्ट पर यूनिट फॉल्स
फिक्स्ड कॉस्ट पर यूनिट आपका गिरता चला जाता है। मैंने बोला सर ये बात तो एकदम सही है। जैसे अब मैं बताता हूं मान लो
आपका रेंट है कितने का? रेंट है 10,000 का। ओके। तो सर अगर आप 5 यूनिट्स बना रहे हो। ठीक है? तो देयर फॉर फिक्स्ड कॉस्ट पर
यूनिट कितना आएगा? 10,000 / 5 ये आएगा 2000 पर यूनिट। ओके। कोई दिक्कत का पॉइंट नहीं है यहां
तक। यहीं पे सर आपका रेंट उतना का उतना ही है। ओके। ओके सर। लेकिन अब आप बनाने लग गए
ज्यादा। जैसे मान लो आपने बना लिया 10 यूनिट्स। तो देयर फॉर आपकी फिक्स्ड कॉस्ट कितनी आ जाएगी? फिक्स्ड कॉस्ट आ जाएगी
₹1000 पर यूनिट। करेक्ट? तो सर फिक्स्ड कॉस्ट आपका टोटिटी में फिक्स्ड रहता है। लेकिन जैसे-जैसे यूनिट्स बढ़ाते हो आपकी
कॉस्ट गिरती हुई चली जाती है। ओके? ये आपको टाइप ऑफ़ कॉस्ट मजे पढ़ाना था। एक और होता है सर सेमी वेरिएबल कॉस्ट। एक और
होता है आपका सेमी वेरिएबल कॉस्ट। अब सेमी वेरिएबल क्या होता है? सेमी वेरिएबल आपका फिक्स्ड और वेरिएबल का
कॉम्बिनेशन होता है। ओके सर जी कोई टेंशन का पॉइंट नहीं है। तो अगर मैं आपसे सेमी वेरिएबल के बारे में बात करने लग जाऊं
सेमी वेरिएबल कॉस्ट। तो आओ सर इधर जरा इनके बारे में भी देख लें। चलो तो सर सेमी वेरिएबल इट इज़ अ
कॉम्बिनेशन ऑफ इट इज कॉम्बो ऑफ ध्यान से देखना वेरिएबल कॉस्ट एंड फिक्स्ड कॉस्ट। ठीक है? अब
कैसे? एज यूनिट्स इंक्रीस जैसे-जैसे यूनिट बढ़ेगा।
टोटल कॉस्ट आल्सो इंक्रीस। टोटल कॉस्ट भी आपका बढ़ता है। ठीक है?
बट नॉट इन सेम प्रोपोशन और एज यूनिट्स इंक्रीज जैसे-जैसे यूनिट्स
इंक्रीस होता है पर यूनिट कॉस्ट आपका चेंजेस पर यूनिट कॉस्ट भी आपका चेंज होता रहता है। फिक्स
नहीं रहता। जैसे अब मैं बताता हूं अमित भाई मान लो जब आप 10 यूनिट बना रहे थे तो आपको कॉस्ट लग रही थी मान लेते हैं 15000
ओके जब आपने 20 यूनिट बनाना स्टार्ट किया आपकी कॉस्ट हो गई 25000 अब देखो सर अगर मैं यहां पर यूनिट की बात करता हूं यहां
पर यूनिट कितना आ जाएगा 15000 / 10 1500 पर यूनिट और यहां अगर मैं आपसे पर यूनिट की बात
करने लगता हूं तो ये आ जाएगा 1200 1250 पर यूनिट आपका पर यूनिट भी चेंज होता चला जाता है। दैट इज कॉल्ड एज योर सेमी
वेरिएबल कॉस्ट। बोलो आपको यहां तक क्लियर है? आपको और मुझे हम दोनों को यहां तक क्लियर है। तो मैंने बेसिक आप लोगों को
मार्जिनल कॉस्ट का मतलब होता है इट रेफर्स टू द कॉस्ट ऑफ़ प्रोड्यूसिंग वन एडिशनल आइटम। अब अगर मैं आपसे बात करूं तो अमित
भाई अगर आप एक एक्स्ट्रा यूनिट बना रहे हो तो सर सुनना फिक्स्ड कॉस्ट तो आपका बदलता नहीं। सेमी वेरिएबल वापस से फिक्स्ड और
वेरिएबल ही होता है इसके अंदर छुपा हुआ। तो अब भाई कैन वी से इफ वन यूनिट चेंजेस
अगर एक यूनिट बदलता है ओनली वेरिएबल कॉस्ट चेंजेस। यहां पर सिर्फ और सिर्फ आपका वेरिएबल कॉस्ट चेंज होता
है। सो कैन वी से क्या हम बोल सकते हैं? अब आप मुझे बस ये बता देना।
आप बता दोगे तो मैं भी मान जाऊंगा और हम दोनों खुश हो जाएंगे। और इस लाइन का मतलब है कैन वी से?
मार्जिनल कॉस्ट इक्व वेरिएबल कॉस्ट
ऑफ वन एक्स्ट्रा यूनिट या फिर क्या हम बोल सकते हैं वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट ये बताओ क्या मैंने आप
लोगों को मार्जिनल कॉस्ट का डेफिनेशन और टाइप ऑफ कॉस्ट बहुत अच्छे से समझा दिया या नहीं समझा दिया? बताओ मैं बाकी बच्चों को
इनवाइट कर लूं इधर। मैसेज डाल दोगे सबको। बोलो
डन करेक्ट बोला एकदम सर हमने करेक्ट बोला ना आपको गलती ना हमें कोई गलती ये तो आ गया
अब अमित भाई कंट्रीब्यूशन और पीवी रेशियो हमें समझा दो मैं जो आपको समझाना चाहता हूं उससे भी पहले आप मेरे साथ इस पूरे
चैप्टर में जो मोस्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक है जो आपको और मुझे हम दोनों को समझना है सर प्लीज सेमी वेरिएबल के एक बार वापस से
रिपीट बेटा ध्यान दिया करो ना बहुत छोटा टॉपिक है रिवीज़ में ये बेसिक चीज़ ऐसी गलतियां कैसे कर सकते हैं अपन मैंने बोला
सेमी वेरिएबल ऐसा होता है जो वेरिएबल और फिक्स्ड कॉस्ट दोनों का कॉम्बिनेशन होता है ठीक है एज यूनिट्स इंक्रीस जैसे यूनिट
इंक्रीस होता है आपका कॉस्ट इंक्रीस होता है लेकिन सेम प्रपोर्शन में नहीं होता जैसे 10 यूनिट था तो खर्चा 15000 था पर
यूनिट कितना आ गया 1500 20 यूनिट है तो खर्चा 25000 आ गया पर यूनिट कितना हो गया 1250 तो अब देखो को सर क्योंकि मेरा यूनिट
बढ़ रहा है तो कॉस्ट बढ़ रहा है तो फिक्स्ड कॉस्ट तो मान नहीं सकता इसको क्योंकि मेरी कॉस्ट इनक्रीस हो गई। लेकिन
सर एग्जैक्ट प्रपोर्शन में बढ़ा नहीं तो इसीलिए मैं इसको वेरिएबल कॉस्ट भी नहीं मान सकता। तो ये वेरिएबल और फिक्स्ड दोनों
का कॉम्बिनेशन है। इसीलिए इसको सेमी वेरिएबल कॉस्ट माना जाएगा। चलो अब मैं आपको मोस्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक जो
पढ़ाना चाहूंगा वो है यहां ध्यान से देखना। प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट
सर आप लोगों ने एक चीज मानी क्या मानी आप लोगों ने एक बहुत ही प्यारी और बेसिक चीज मानी सर सुनना ध्यान से इधर क्या कभी
आपने सर एफएम में ये पढ़ा था क्या पढ़ा था टोटल सेल्स माइनस
टोटल वेरिएबल कॉस्ट क्या आता है? टोटल कंट्रीब्यूशन
यह पढ़ा था। पढ़ा। इसमें से आप और मैं माइनस करते हैं। क्या माइनस करते हैं? टोटल फिक्स्ड कॉस्ट।
बोलो करेक्ट करेक्ट सर जो कॉस्ट इनक्रीस हुआ और जितना प्रोडक्ट इनक्रीज हुआ उसको डिवाइड
करने पर पर यूनिट कॉस्ट निकलेगा ना सर एकदम करेक्ट वही तो बफरकेशन है आपका वेरी गुड बहुत ही बढ़िया ध्रुव चलो अब सर आपने
एफएम में सीखा था टोटल सेल माइनस वेरिएबल कॉस्ट आता है कॉनंट्री माइनस फिक्स्ड कॉस्ट आता है आपका ईबीआईटी लेकिन यहां पे
ईबीआईटी इंटरेस्ट इंटरेस्ट जैसा टर्म तो है ही नहीं तो मैं यहां इसी को बोल देता हूं टोटल टोटल मेरा प्रॉफिट। एफएम में
आपने सीखा था। इसको बोलते हैं टोटल ईबीआईटी। ईबीआईटी निकलता है एफएम में। यहां निकलता है आपका टोटल प्रॉफिट। ओके सर
अब आपको ना इसको एक अच्छे तरीके से समझना है। क्या? क्या मैं टोटल सेल को ऐसे नहीं लिख सकता? कैसे लिख सकते हो सर?
सेलिंग प्राइस पर यूनिट इंटू टोटल नंबर ऑफ़ यूनिट्स। करेक्ट। अब वेरिएबल कॉस्ट क्योंकि मैं ऐसे
नहीं लिख सकता वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट * टोटल नंबर ऑफ यूनिट्स करेक्ट कंट्री टोटल क्वांट्री को क्या मैं
ये नहीं लिख सकता कंट्री पर यूनिट इंटू टोटल नंबर ऑफ़ यूनिट्स करेक्ट करेक्ट टोटल फिक्स्ड कॉस्ट टोटल तो
हमारा ये टोटल ही रहेगा और प्रॉफ़िट भी आपका हमेशा टोटल के दम पे ही निकला हुआ होता है। बोलो करेक्ट। यह जिस-जिस को याद
हो गया आपका काम डन हो गया। जिंदगी का बेड़ा पार हो गया। बोलो क्लियर हो? ओके। डन। डन। आओ।
अब इधर देखना। मैं आपको एक छोटी-छोटी चीजें सिखाऊं। आपसे अगर मैं बात करता हूं आपसे कंट्रीब्यूशन
की क्या मैं कंट्रीब्यूशन को बोल सकता हूं इधर बताना पहला तरीका पहला फार्मूला
टोटल सेल माइनस टोटल वेरिएबल कॉस्ट आ जाएगा आपका टोटल कंट्रीब्यूशन पहला तरीका टोटल कंट्रीब्यूशन एक और तरीका सुनो। क्या
मैं बोल सकता हूं? सेलिंग प्राइस पर यूनिट माइनस वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट आ जाएगा आपका और मेरा क्वांट्री पर यूनिट।
यस सर। एक और तरीका सुनो। क्या मैं उल्टा जाके नहीं बोल सकता? टोटल प्रॉफिट टोटल प्रॉफिट प्लस फिक्स्ड कॉस्ट आ जाएगा मेरा
टोटल कंट्रीब्यूशन। टोटल प्रॉफिट प्लस टोटल फिक्स्ड कॉस्ट आ जाएगा मेरा
टोटल कंट्रीब्यूशन। टोटल कंट्रीब्यूशन करेक्ट करेक्ट तीन फॉर्मूले तो मैंने आपके सामने यही लिख दिए
बेसिक वाले करेक्ट है सर अब इधर आओ मैं आपको सिखाना चाहता हूं पीवी रेशियो के बारे में आओ मित्र पी वी रेशियो
पीवी रेशियो का मतलब होता है सर आपका प्रॉफिट और वॉल्यूम रेश्यो प्रॉफिट और वॉल्यूम रेश्यो इसी को बोला जाता है
प्रॉफिट डिवाइडेड बाय वॉल्यूम रेशियो ओके सर प्रॉफिट और वॉल्यूम रेश्यो का मतलब
यहां पे आप प्रॉफिट का मतलब क्वांट्री यहां समझ के चलोगे क्वांट्री पर यूनिट डिवाइडेड बाय एक तरीका
हुआ सेलिंग प्राइस पर यूनिट या फिर आप चाहो तो टोटल कॉ कंट्री अभी तो देखते जाओ भैया
टोटल सेल्स ये लिख सकते हो अभी रुक जाओ अभी तो आपको क्या ही मालूम सर हैं हां अभी तो रुक जाओ क्या मैं क्वांट्री पर यूनिट
को सेलिंग प्राइस पर यूनिट माइनस वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट डिवाइडेड बाय सेलिंग प्राइस पर यूनिट लिख सकता हूं
करेक्ट। अभी देखते जाओ। अभी तो जादू आप बस देखते चले जाओ। ये लिखा। हां जी। क्या मैं इसी चीज को ऐसा भी लिख सकता हूं? सेलिंग
प्राइस पर यूनिट डिवाइडेड बाय सेलिंग प्राइस। पर यूनिट माइनस वेरिएबल
कॉस्ट पर यूनिट डिवाइडेड बाय सेलिंग प्राइस। पर यूनिट यह भी लिख सकता हूं। यह भी लिखा जा सकता है। और अब अगर
मैं सर इसको और इसको कट कर दूं वन से तो क्या मैं ये नहीं बोल सकता 1 - वेरिएबल कॉस्ट रेशियो
बोलो। करेक्ट। हो गया। तो 1 माइनस क्या मैं इसको ऐसे
नहीं लिख सकता पूरा डिलीट करके? 1 माइनस वेरिएबल कॉस्ट रेशियो या जिसको आप बोलते हो 1 - वेरिएबल कॉस्ट का परसेंटेज
करेक्ट एकदम क्लियर डन बोल सकते हैं एकदम डन बोल सकते हैं सर दोनों में से जो लिखने का मन करे वो कर दो करेक्ट सर आपकी बात तो
एकदम करेक्ट हो गई अच्छा सर सुनो ना तो अगर आपका पीवी रेश्यो ये होता है टोटल क्वांट्री बाय टोटल सेल तो कंट्रीब्यूशन
तो फिर मैं एक और तरीके से निकाल सकता हूं। कैसे? पीवी रेशियो * सेल। अगर मैं पीवी रेशियो
को सेल से मल्टीप्लाई कर दूं तो मेरा तो कंट्रीब्यूशन यहां भी आ जाएगा। बताओ
यार अमित भाई बात तो आपकी एकदम करेक्ट हुई। आप तो कभी गलत बोलते ही नहीं। बताओ। [खांसने की आवाज़]
सॉरी सर बिंदास मस्त रैपची क्या पढ़ाया है डन तो सर आप इनमें से जो फ़ूले यूज़ करना चाहो ना आप उनमें से वो फ़ूले यूज़ कर सकते
हो एज़ पर द सिचुएशन ओके ओके या तो ये कर लो
या तो ये कर लो या तो ये कर लो या तो ये कर कर लो
या तो ये कर दो सारे रिवीज़ डन सारे रिवीज़ डन अब जरा ऊपर आना भैया कंट्रीब्यूशन पढ़ा दो हमने पीवी रेशियो पढ़ा था अब
[गला साफ़ करने की आवाज़] मुझे आपको पढ़ाना है सीवीपी एनालिसिस ये बहुत इंपॉर्टेंट है सर और यही तरीका था जिससे आपका एफएम का वो
लिवरेज वाला क्वेश्चन बन सकता था और जो मैं आज केस स्टडी करवाने वाला हूं वो केस स्टडी बन सकती थी क्या अमित भाई आओ मैं
बताता हूं सीवीपी एनालिसिस भाई ये अगर बच्चा समझ गया ना तो बच्चे के
दिलो दिमाग पे पूरा काम हो जाएगा। सबसे पहला मैं आपसे एक बेसिक एग्जांपल ले लेता हूं। आओ सर ले लो।
ये होता है हमारा पहला पार्ट। अब सर इधर देखना। एक कदम नीचे बढ़ के मैं आपको ऐसा बोलता
हूं। एक सेकंड सर। टोटल सेल को क्या मैं बोल सकता हूं? फॉर एग्जांपल देखना ₹10
यूनिट ₹ पर यूनिट * 1000 यूनिट्स ये आ जाएगा ₹ पर यूनिट *
1000 यूनिट्स ये मान लेते हैं। ये तो अपना भैया गिवन ही है। इसमें कोई टेंशन लेने वाला पॉइंट नहीं। इसको मान लेते हैं। फॉर
एग्जांपल ये दे रखा है अपने को 4000। 4000 भी नहीं मान लेते इसको ₹3500 यह आ जाएगा अपना ₹2500 आंसर करेक्ट इसको
मान लेते हैं बेस अब मैं पहला एग्जांपल आप लोगों के साथ लेता हूं सीवीपी कॉस्ट वॉल्यूम प्रॉफिट
एनालिसिस मतलब अगर मैं सेलिंग प्राइस वेरिएबल कॉस्ट या यूनिट चेंज करता हूं तो उसका इंपैक्ट क्या-क्या आता है जिस भी
बदमाश ने वीडियो लाइक नहीं करी है लाइक कर दो सर चलो सबसे पहले मैं एक काम करता हूं सेलिंग प्राइस पर यूनिट अपनी चेंज कर देता
हूं। तो अब देखना ₹11 कर देते हैं। 11 में से 4 गया तो ₹7
पर यूनिट। 1000 यूनिट्स ही आएगा। यह तो 3500 ही रहेगा। इसको तो बदलने की
जरूरत ही नहीं। लेकिन अमित भाई 7000 - 3500 क्या इसकी वजह से आपका कंट्री बदला बदला तो यही तो मैं
आपको समझाना चाहता था सर इफ सेलिंग प्राइस पर यूनिट चेंजेस
अगर ये बदलता है तो इधर देखना भाई टोटल सेल बदला बदला कॉमा टोटल कंट्री बदला
बदला सर क्या आपका टोटल प्रॉफिट बदला बदला टोटल सेल टोटल कंट्री टोटल प्रॉफिट चेंजेस लेकिन
सर टोटल वेरिएबल कॉस्ट इज़ सेम। भाई वेरिएबल कॉस्ट पे कोई इंपैक्ट नहीं आएगा। क्यों
आएगा? तुमने सिर्फ सेलिंग प्राइस पर यूनिट बदला। इस पे तो कोई इंपैक्ट नहीं आएगा ना सर। बच्चे पता नहीं समझते ही नहीं रहते इस
चीज को। मतलब मानते ही नहीं। बोलते सर सेल बदला तो ये क्यों नहीं बदलेगा भाई? सेलिंग प्राइस बदला है। सेलिंग प्राइस बदला है और
कुछ नहीं बदला। क्वांट्री बदलेगा, प्रॉफिट बदलेगा। देखो सेल बदला, क्वांट्री बदलेगा, प्रॉफिट बदलेगा, वेरिएबल कॉस्ट नहीं
बदलेगा। समझ में आया कि नहीं? बोलो।
बताओ समझ में आया कि नहीं आया? आया ना सब? अब अगला मैं आपको दिखाता हूं यहां [गला साफ़ करने की आवाज़] पे। चलो सर
दिखाओ। अब एक काम करते हैं। वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट बदल के देखते हैं। वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट चेंजेस।
मान के देखते हैं सर। तो सर अगर आपने सबसे पहले वेरिएबल कॉस्ट बदला तो मेरे सेल पर तो कोई इंपैक्ट नहीं आएगा। यहां आएगा एकदम
आएगा। सर मान लेते हैं ये ₹5 पर यूनिट हो गया * 1000
₹ पर यूनिट000 3500 5000 - 3500 ये आ गया 1500 तो सर अब सुनो
इफ वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट चेंजेस अगर आप चेंज ला रहे हो अरे यार क्या हो रहा है?
आपका टोटल वेरिएबल कॉस्ट कॉमा टोटल कंट्री टोटल आपका प्रॉफिट ये तीनों के तीनों बदलेंगे सर।
लेकिन आपका टोटल सेल इज सेम। क्लियर हुआ या नहीं हुआ? जिसजिस को इन दोनों पॉइंट पे क्लियर हुआ है ये बता दो
मुझे। बोलो। चलो
डन डन कोई दिक्कत कोई दिक्कत नहीं सबको क्लियर है क्लियर है ध्रुव क्लियर है मेरे भाई। अब आएगा आखरी पॉइंट जहां बच्चे सबसे
ज्यादा करेक्ट भी करते हैं, गलतियां भी करते हैं। इधर आओ। अब देखो
नेक्स्ट सर। अब अगर आपका टोटल यूनिट्स बदलता है सर अब सुनना मेरी बात मेरी बात मेरी बात टोटल यूनिट्स चेंजेस इसी को बोला
जाता है चेंज इन सेल चेंज इन सेल सेल मतलब यूनिट बदला आपका सेल मतलब यूनिट बदला आपका समझ में आया सेलिंग
प्राइस का मतलब सेलिंग प्राइस बदला सेल का मतलब मतलब यूनिट बदला। अब सुनो ₹10 पर यूनिट,
₹4 पर यूनिट, ₹6 पर यूनिट ये तो आपका ₹3500 ही रहेगा। फिक्स्ड कॉस्ट
तो वैसे भी कभी भी नहीं बदलता। अब जो बदला है मान लेते हैं आपका सर 1000 यूनिट्स थी 1100 यूनिट कर लो।
इंटू 1100 यूनिट कर लो। * 1100 यूनिट कर लो तो 6600 - 3500 आया 3100 तो इस केस के अंदर इफ
चेंज इन यूनिट्स या तो आपका यूनिट्स बोलता है चेंज हो रहा है और इफ चेंज इन सेल क्वेश्चन बोलता है चेंज इन सेल सेल बदला
तो क्या-क्या बदलेगा टोटल सेल कॉम टोटल वेरिएबल कॉस्ट कॉमन टोटल कंट्री कॉमन टोटल प्रॉफिट
ये सारी चीजें बदलती है बदलती है टोटल फिक्स्ड कॉर्सेस सेम टोटल फिक्स्ड कॉस्ट कभी नहीं बदलता।
चलो डन डन कोई दिक्कत कोई दिक्कत नहीं। क्लियर है? हां जी। कोई पंगा? कोई पंगा। डन। तो ये आपका और मेरा सीवीपी एनालिसिस
अच्छे से खत्म हुआ है। किसी को कोई भी दिक्कत है? सर मैं सिर्फ चेंज वाली पॉइंट और फिक्स वाला पॉइंट बता देता हूं।
इफ सेलिंग प्राइस पर यूनिट चेंजेस। प्लीज यार इसको याद रखना। प्लीज यार इसको याद रखना। गलती मत करना। इफ वेरिएबल कॉस्ट
पर यूनिट चेंज इफ टोटल यूनिट चेंजेस
और इफ सेल चेंजेस टोटल वेरिएबल कॉस्ट इज़ सेम
टोटल फिक्स्ड कॉस्ट सेम रेस्ट ऑल चेंजेस भाई इससे ज्यादा क्लीन और प्यारा आप लोगों
को और कोई नहीं लिखवा सकता। कोई नहीं करवा सकता। आई प्रॉमिस सर। इससे ज्यादा क्लीन और प्यारा आपको कोई
नहीं लिखवा के देगा। बहुत मेहनत लगती है सर इन चीजों को इतने प्यारे तरीके से लाने में। और बच्चे क्या है ना लाइव अटेंड भी
करने नहीं आएंगे। बच्चों को चाहिए भी सब कुछ। लाइव अटेंड करने नहीं आएंगे। बाद में बोलेंगे सर ये क्यों नहीं करवाया? ये
क्यों नहीं बताया? आप लाइव में इतने बच्चों के डाउट्स क्यों ले रहे हो? खुद लोगों से लाइव नहीं आया जाएगा। बाद में
आके ज्ञान बहुत दिया जाता है। लाइव आने के लिए मेहनत चाहिए ना सर। चलो डन डन कोई पंगा कोई पंगा नहीं सर
चलो क्लियर हो गया हां जी सर जी क्लियर हो गया ये मैंने आप लोगों को सारे करवा दिए अच्छा पता है अभी कोई ये भी पूछ रहा था कि
अमित भाई प्लीज एमसीक्यू का भी कुछ बता दो ना जबकि मैं इस बार पावर बैच के अंदर केस स्टडी के क्वेश्चन करवा भी रहा हूं और मैं
ये भी बोल रहा हूं कि नॉर्मल क्वेश्चन को ही केस स्टडी बना के डाला चला जाएगा। पर नहीं बच्चों को वो देखना थोड़ी है। इतना
सब्र थोड़ी है किसी के अंदर। इतना सब्र नहीं है बेटा। और नहीं है तो क्या करें? हां। अब हमारे पास दो छोटे-छोटे फ़ूले
जिसका नाम है ब्रेक इवन पॉइंट। बोलो। ओके। ओके। ब्रेक
इवन पॉइंट। चलिए। अब सर आओ मैं ब्रेक इवन पॉइंट की आपसे बात
करके चलता हूं। सर आप ना मुझे यह बताना रुक जाना नहीं कंपनी ने जीरो लेवल से अपना काम करना
स्टार्ट किया। ये जीरो लेवल है। अब कंपनी धीरे-धीरे बढ़ते बढ़ते बढ़ते बढ़ते बढ़ते आप मुझे बस इतना बता दो। आप मुझे बस इतना
बता दो। यस सर। सब लोग सोच समझ के बताना। यह बताओ कंपनी सबसे पहले क्या रिकवर करना
चाहेगी? कंपनी सबसे पहले क्या मांगना चाहेगी? वेरिएबल कॉस्ट या फिक्स्ड कॉस्ट? आप गलत जवाब दो। उससे पहले मैं आपसे पूछना
चाहूंगा। मैं आप लोगों को पढ़ा रहा हूं। मेरे लिए कौन सा खर्चा पहले मेरे पास वापस आना चाहिए? किताब का खर्चा या बिल्डिंग का
खर्चा? बताओ। बोलो [नाक से की जाने वाली आवाज़]
वेरिएबल कॉस्ट वेरिएबल कॉस्ट वेरिएबल कॉस्ट वेरिएबल कॉस्ट वेरिएबल कॉस्ट वेरिएबल कॉस्ट सर सबसे पहले मैं हमेशा
अपनी किताबों का खर्चा रिकवर करना चाहूंगा ना मैं क्या चाहूंगा सबसे पहले मैं चाहूंगा सर मेरे किताब का पैसा मेरे पास
वापस आना चाहिए अगर किताब ही नहीं होगी तो कहां पढ़ाऊंगा? अगर बिल्डिंग नहीं होगी तो सड़क पे पढ़ा लूंगा। सड़क से उठा के स्टार
बना दूंगा। आपके घर आके पढ़ा दूंगा। कहीं भी पढ़ा दूंगा। लेकिन किताब ही नहीं होगी तो पढ़ाऊंगा क्या? पहले वेरिएबल कॉस्ट
रिकवर करना चाहेगा। ओके? अब धीरे-धीरे टिचुक टिचुक टिचुक टिचुक टिचुक टिचुक टिचुक आगे बढ़ी और फिर इसने फिक्स्ड कॉस्ट
रिकवर कर दिया। ओके। करेक्ट। सर ये जो आपका लेवल होता है ना ये जो आपका लेवल होता है क्योंकि लेवल
सबके निकलेंगे। दिस लेवल जहां पे आप अपनी टोटल फिक्स्ड कॉस्ट और वेरिएबल कॉस्ट दोनों को रिकवर कर लेते हो। दैट इज़ कॉल्ड
एज ब्रेक इवन पॉइंट। अब सर मैं आपको एक ऐसा नाम दिखाने वाला हूं। आप बोलोगे अमित भाई ऐसे तो कभी पढ़ा ही नहीं हमने।
हमने ऐसे तो कभी पढ़ा ही नहीं। ब्रेक का मतलब रुक जाओ। इवन का मतलब इक्वल।
पॉइंट का मतलब पॉइंट। सर ब्रेक इवन पॉइंट का मतलब एक ऐसे पॉइंट पे आके रुक जाओ जहां एक ऐसे पॉइंट पे आके
रुक जाओ जहां सब कुछ इक्वल हो। मतलब सच अ पॉइंट और सच अ लेवल
वेयर क्या बराबर होना चाहिए? चलो टोटल फिक्स्ड कॉस्ट प्लस
ऐसे नहीं बोलते। ऐसे बोल देते हैं वेयर टोटल कॉस्ट बराबर होता है आपका टोटल सेल। चलो करेक्ट। और जहां पे मैं आपको बोलूं
टोटल फिक्स्ड कॉस्ट प्लस टोटल वेरिएबल कॉस्ट बराबर टोटल सेल। या फिर मैं आपको बोलूं टोटल सेल माइनस
टोटल कॉस्ट बराबर 0 जहां पे मुझे आपको बोलना चाहिए ना ही होगा मेरा प्रॉफिट
ना ही होगा मेरा लॉस। अब बताओ मैंने सारी कंडीशन खोल के आपके सामने रख दिए। बोलो किस-किस को समझ आया?
बोलो सर। क्लियर हो करेक्ट करेक्ट डन सर तो इधर आओ सुनो और समझो टोटल कॉस्ट
और टोटल सेल बराबर तो मैं आप लोगों को अब बीईपी के कुछ फ़ूले लिखवाना चाहूंगा। बीईपी बराबर मतलब बीईपी इज़ सच अ लेवल जहां
पे पहले क्या मैं बोल सकता हूं
टोटल सेल बराबर टोटल वेरिएबल कॉस्ट प्लस टोटल फिक्स्ड कॉस्ट करेक्ट बोला करेक्ट बोला अभी तो
देखते जाओ बेटा बीईपी इज़ सच अ लेवल जहां पे टोटल सेल माइनस
टोटल वेरिएबल कॉस्ट इक्व टोटल फिक्स्ड कॉस्ट। यस सर। या फिर मुझे ऐसा बोलना चाहिए
टोटल कंट्रीब्यूशन इज़ इक्वल टू योर टोटल फिक्स्ड कॉस्ट। क्या ऐसा बोलना चाहिए? एकदम सही बोलना चाहिए।
करेक्ट बोला मैंने। एक फ़ूला ये बनाया। करेक्ट बनाया। एक फ़ूला हमने यह बनाया। यह भी करेक्ट बनाया सर।
करेक्ट। कोई दिक्कत है? कोई दिक्कत नहीं सर। आ रहा है। आपके हो तो बस बहुत क्या दिक्कत?
क्लियर हो? क्लियर डन। डन। अब इधर आ भाई। अब मैं आपको ऐसा क्या बोल सकता हूं?
आपने अभी मुझे बताया टोटल कंट्रीब्यूशन बराबर टोटल फिक्स्ड कॉस्ट। तो मैं यह भी तो बोल सकता हूं क्या?
कंट्री पर यूनिट इंटू ब्रेक इवन पॉइंट वाला यूनिट्स मतलब ऐसा यूनिट जहां पे सब बराबर है इज़ इक्वल टू द टोटल फिक्स्ड
कॉस्ट। तो अगर कभी क्वेश्चन मुझे यह बोल दे कि अमित भाई आप वो ब्रेक इवन पॉइंट वाला यूनिट्स निकाल दो जहां पर सब बराबर
हो तो उसका फार्मूला क्या हो जाएगा? टोटल फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय
क्वांट्री पर यूनिट। यह मैं बोल सकता हूं या नहीं बोल सकता? रुको सोचो समझो वीडियो को लाइक करो और आगे
मेरे को बताओ आप बोलो करेक्ट सर करेक्ट बस किसी को कोई भी
दिक्कत है किसी सॉल्व नहीं। अच्छा अमित भाई मैंने बोला ऐसा लेवल जहां पे आपका ऐसा लेवल जहां पे आपका टोटल कॉस्ट और टोटल सेल
बराबर है। तो मैंने बोला भाई अगर आप 10,000 यूनिट बेचोगे ना तो आपका टोटल सेल और टोटल कॉस्ट बराबर आ जाएगा। ये है बीईपी
आपका यूनिट्स में। अगर यही बीईपी मेरे को चाहिए होगा रुपीस में। अगर मान लो यही बीईपी मेरे को चाहिए होगा रुपीस में
अमाउंट में। तो क्या मैं यह नहीं बोल सकता भाई? आप ब्रेक इवन पॉइंट कितना बेच रहे हो? बोलता है 10,000 यूनिट। अगर आप 10,000
यूनिट को सेलिंग प्राइस पर यूनिट ₹100 में बेचते हो मतलब 10,000 * 100 मतलब अगर आप ₹1 लाख का सामान बेचते हो तो भी आप ब्रेक
इवन पॉइंट पे रहोगे। मैं ब्रेक इवन पॉइंट को यूनिट में भी बता सकता हूं, रुपीज़ में भी बता सकता हूं। बोलो सर हां या ना?
करेक्ट सर। करेक्ट करेक्ट करेक्ट करेक्ट करेक्ट। और इधर आओ। अब क्या मैं इस फार्मूले को क्या मैं इस
फार्मूले को ऐसे नहीं लिख सकता? कैसे? फिक्स्ड कॉस्ट बाय क्वांट्री पर यूनिट। ओके? और अब इधर आ।
क्या मैं इसी फ़ूले को ऐसा नहीं लिख सकता? फिक्स्ड कॉस्ट बाय क्वांट्री पर यूनिट और सेलिंग प्राइस पर
यूनिट को 1ड बाय 1 / सेलिंग प्राइस पर यूनिट क्योंकि ऐसा लिखने से क्या होता है सर 1 a:b
होता है ना तो c जंप करके ऊपर पहुंच जाता है। a / b / c होता है तो c जंप करके ऊपर पहुंच जाता है। ये मैथ का टेक्निक है।
क्या मैं ऐसा लिख सकता हूं? ऐसा लिख सकता हूं। तो सर क्या यह फार्मूला यह नहीं बन गया? फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय
क्वांट्री पर यूनिट डिवाइडेड बाय सेलिंग प्राइस पर यूनिट। तो ये तो ये फार्मूला बन गया। फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय P / V
रेशियो। ये आराम से फार्मूला समझो। कैसे आया? और मुझे बताओ।
क्या बात है? क्या बात है। क्या बात है। क्या बहुत ही बढ़िया तरीके से समझाया सर। बता
करेक्ट सर डन बहुत ही बढ़िया सर मस्त समझ में आ
परफेक्ट चलो यस तो सर अब पहले ये बताओ ये फार्मूला सबको समझ में आया कि नहीं आया फार्मूला अपना बेसिक यही है चलो बस सर
क्या समझाया बहुत ही बढ़िया सर तो सर अब आप समझो मैं क्या सिंपल बीईपी रेशियो को जो रुपीस वाला है उसको ऐसा लिख सकता हूं
टोटल फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय PV रेशियो P / V रेशियो काम खत्म डन
मेरा पूरा का पूरा ब्रेक इवन पॉइंट खत्म हो गया फ़ूला वाह वाह वाह वाह वाह ब्रेक इवन पॉइंट इज़
डन अब मैं आपको मौसी के ऊपर लेके आना चाहूंगा मार्जिन ऑफ़ सेम उससे पहले एक एक बार वापस
से ये पूरी चीज देख लो और मुझे बताओ किसी को किसी पॉइंट के ऊपर भी डाउट कि अमित सर समझ आया या नहीं आया या कहीं पे डाउट गया
या कोई प्रॉब्लम हुई कुछ भी हुआ हो मुझे बता दो नहीं सर
कोई दिक्कत नहीं किसी को नहीं अब सर ब्रेक इवन पॉइंट के साथ-साथ मैं आपको समझाना चाहूंगा मार्जिन ऑफ सेफ्टी।
मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी। अब सर मैं ना आपसे एक और चीज़ बताता हूं। हां वो भी बता दूंगा। टेंशन मत लो।
अच्छा अब इधर मैं आपको बताता हूं मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी। ओके? अब सुनना सर मैं आपसे एक बात पूछता हूं। आपने ज़ीरो से स्टार्ट
किया। आपने यहां तक बेचा आपका वेरिएबल कॉस्ट रिकवर हुआ। आपने यहां तक बेचा आपका फिक्स्ड कॉस्ट रिकवर हुआ। और दोनों मिला
के हो गया ब्रेक इवन पॉइंट। दोनों मिला के हो गया आपका ब्रेक इवन पॉइंट।
चलो अब अमित भाई आपको नहीं लगता अगर गलती से मैंने इसके ऊपर कुछ भी सेल कर दिया। अगर मैंने इस पॉइंट के ऊपर कुछ भी सेल कर
दिया तो जल्दी बताओ मैं क्या कमाऊंगा? अगर मैंने इसके ऊपर कुछ भी सेल कर दिया तो मैं क्या कमाऊंगा? आपको नहीं लगता मैं प्योर
प्रॉफिट कमाने वाला हूं। प्योर एकदम मक्खन शुद्ध देसी घी वाला। हां जी सर जी मैं प्योर प्रॉफिट कमाने वाला हूं। तो सर इसी
को तो बोला जाता है मार्जिन ऑफ सेफ्टी। मार्जिन ऑफ सेफ्टी मतलब एनी सेल
बिय्ड ब्रेक इवन पॉइंट का लेवल। बीईपी लेवल के ऊपर अगर आपने कुछ भी बेच दिया दैट इज़ कॉल्ड एज मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी।
हां। तो सर मार्जिन ऑफ़ सेफ्टी का फिर तो बहुत ईजी-इजी फार्मूला बन जाएगा। अगर आपको मार्जिन ऑफ सेफ्टी चाहिए यूनिट्स में तो
आप एक काम करो टोटल यूनिट्स एक्चुअली सोल्ड टोटल आपने जितना बेचा है
माइनस बीईपी यूनिट्स एमओएस की अगर मैं आपसे रूपीस में बात कर लूं
टोटल सेल अमाउंट माइनस पीईपी का अमाउंट काम खत्म हो गया
बोलो [नाक से की जाने वाली आवाज़] करेक्ट सर करेक्ट करेक्ट करेक्ट करेक्ट करेक्ट और इसको निकालने का एक और तरीका था
अगर आपको अपनी कॉस्ट रिकवर वर करनी थी। अगर आपको अपनी कॉस्ट रिकवर करनी थी तो आपने क्या किया था? फिक्स्ड कॉस्ट बाय
आपने किया था फिक्स्ड कॉस्ट बाय क्वांट्री पर यूनिट। यहां पर मुझे सिर्फ प्रॉफिट रिकवर करना है। तो टोटल प्रॉफिट
डिवाइडेड बाय कंट्री पर यूनिट या फिर [नाक से की जाने वाली आवाज़]
टोटल प्रॉफिट डिवाइडेड बाय PV
रेशियो काम हुआ खत्म डन डन डन डन लो और
डन सर क्लियर डन बताओ कोई पंगा किसी को या कोई भी
क्फ्यूजन नहीं सर बताओ हेलो करेक्ट है। डन आ जाओ। अब अमित भाई
मैं आपको एक चीज समझाना चाहता हूं। सुनो अगर आपको ओनली अपना कॉस्ट रिकवर करना था
तो आपने बोला अमित भाई मैं लगाऊंगा बीईपी वाला फार्मूला। ठीक है? और बीईपी वाला फार्मूला क्या था? चलो सर ये लास्ट वाला
दोबारा बता दूं। कौन सा लास्ट वाला? मैंने बोला मार्जिन ऑफ सेफ्टी का एक फार्मूला है। हां आप अब इधर समझना जब आपको रिकवर
करनी थी अपनी कॉस्ट तो आपने क्या बोला? फिक्स्ड कॉस्ट बाय क्वांट्री पर यूनिट या फिर फिक्स्ड कॉस्ट बाय पीवी रेशियो। ओके?
ओके। नेक्स्ट अगर यही मुझे प्रॉफिट रिकवर करना है तो टोटल प्रॉफिट बाय कॉनंट्री पर यूनिट या टोटल प्रॉफिट बाय पीवी रेशियो
काम खत्म हो जाएगा। अब देखो जब आपको ओनली कॉस्ट रिकवर करनी थी। आपने बीईपी का फ़ूला लगाया। कौन सा
टोटल फिक्स्ड कॉस्ट बाय पीवी रेशियो या फिर आपने फार्मूला लगाया
था टोटल फिक्स्ड कॉस्ट बाय क्वांट्री पर यूनिट
करेक्ट अब सर ये देखना ये आप यूनिट्स में निकाल रहे थे ये आप रुपीज में निकाल रहे थे
और ये आप यूनिट्स में निकाल रहे थे। चलो अब अगर आपको अगर आपको प्योर प्रॉफिट रिकवर करना था।
अगर आपको प्योर प्रॉफिट रिकवर करना था तो आप लगा रहे थे एमओएस मार्जिन ऑफ सेफ्टी वाला फार्मूला जिसमें आपने सेम फार्मूले
के लिए मुझे बताया टोटल फिक्स्ड कॉस्ट की जगह आप यूज़ कर रहे हो टोटल प्रॉफिट
टोटल प्रॉफिट करेक्ट डन डन अब सर अगर आपको क्वेश्चन बोले ऐसी वाणी बोलिए कि सबसे झगड़ा होए पर उससे
झगड़ा ना होए जो तुमसे तगड़ा हो। मतलब सर अगर आपको क्वेश्चन बोलता है फाइंड सच अ सेल
टू रिकवर डिजायर्ड प्रॉफिट मान लो क्वेश्चन बोलता है कि मुझे 500 का
प्रॉफिट रिकवर करना है तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप लगाओगे अमित भाई कौन सा फार्मूला डिजायर्ड सेल
वाला फार्मूला और पता है डिजायर्ड सेल वाला फार्मूला क्या बोलता है क्या बोलता है सर
यह आपको बोलता है टोटल फिक्स्ड कॉस्ट प्लस डिजायर्ड प्रॉफिट
डिवाइडेड बाय PV रेशियो या फिर टोटल फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय डिजायर्ड प्रॉफिट प्लस डिजायर्ड प्रॉफिट डिवाइडेड
बाय क्वांट्री पर यूनिट और बोलो इससे ज्यादा क्या आसान करके दो मैंने तीनों चीज लाइन बाय लाइन आपके सामने लिख के बता दी
है। आप जैसा क्वेश्चन बोले जो टाइप का क्वेश्चन बोले आप उस टाइप का सॉल्यूशन देके आ सकते हैं। और बताओ
[नाक से की जाने वाली आवाज़] क्या बात है क्या बात है क्या बात है क्या बात है बोलो
[नाक से की जाने वाली आवाज़] चल और बोलो क्या बात है सर मजा आ
क्लियर हो यस सर यस सर यस सर यस सर करेक्ट ग्रेट सर
क्लियर हुआ? हां जी सर। तो अब मैंने यहां पर आके आप लोगों को बीईपी, एमओएस, डिजायर्ड सेल सबके बारे में अच्छे से बता
दिया। [नाक से की जाने वाली आवाज़] चलिए ये भी आपका हो गया। अब सर सुनना यहां तक किसी को कोई दिक्कत है? नहीं सर कोई
दिक्कत नहीं है। आ जाओ। अब मैं आप लोगों को आईसीआई का मोस्ट फेवरेट क्वेश्चन बताता हूं जो है टू ईयर डाटा क्वेश्चन।
टू ईयर डाटा क्वेश्चन सर उससे पहले बच्चा मेरा पूछ रहा है अमित भाई सुनो ना हमें तो कैश फ्री गिवन पॉइंट
भी था तो बताओ कैश वाला क्या होता है बता ही नहीं रहे हो जल्दी बताओ ना ये कैश फ्री ब्रेक इवन पॉइंट क्या होता
है? समझा क्यों नहीं रहे हो? अरे बेटा कैश ब्रेक इवन पॉइंट कुछ नहीं होता। इसमें आप बस टोटल जो आपका फिक्स्ड कॉस्ट होता है
उसमें आप डेप्रिसिएशन सर जो भी आपका टोटल फिक्स्ड कॉस्ट है ना उसमें आप डेप्रिसिएशन नहीं लेते हो। मतलब सिर्फ कैश फिक्स्ड
कॉस्ट को कंसीडर करते हो। मतलब डेप्रिसिएशन माइनस कर देते हो। ओनली कैश वाला फिक्स्ड कॉस्ट लेके चलते हो। हो गया
काम खत्म। डिवाइडेड बाय पीवी रेशियो कर दो या फिर आप कंट्री पर यूनिट कर दो। बात तो वही पड़ेगा बेटा। समझ में आया कि नहीं?
ओके सर। अब आओ टू ईयर डाटा वाला क्वेश्चन। मतलब अमित भाई यहां क्या दिया रहेगा? सुनो।
एक दो सुनना क्या-क्या दिया रहेगा आपको दो
प्रॉफिट तो हर बार दिया ही रहेगा दो मेरे को प्रॉफिट दिया रहेगा दो प्रॉफिट दिया रहेगा
ओके अब सुनना अगर आपको दो प्रॉफिट के डाटा के साथ भाई वीडियो लाइक भी कर दो बदमाशों अगर दो सेल दे रखा है। ठीक है? तो आप पता
है क्या निकाल सकते हो? क्या निकाल सकते हो सर? आप निकाल सकते हो यहां पे बहुत ही प्यारा आपका PV रेशियो है। क्या बात कर
रहे हो? मैंने बोला था अगर आपका दो प्रॉफिट के साथ दो कॉस्ट दे रखा है। ओके सर। तो आप निकाल सकते हो
वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट और दो प्रॉफिट के साथ दो आपका यूनिट्स दे रखा है तो आप निकाल
सकते हो सर कंट्रीब्यूशन पर यूनिट क्या बात कर रहे हो मेरे भाई हैं भाई कितने बच्चे फ्लक्चुएट करें किसी ने
लाइक नहीं किया अबे पहले लाइक करो ना आज तो नहीं ना आज तो लाइक करो सर पहले जल्दी-जल्दी लाइक करो
जल्दी चलो और इसका फार्मूला सिंपल है डिफरेंस ऑफ प्रॉफिट डिवाइडेड बाय डिफरेंस ऑफ सेम
डिफरेंस ऑफ़ प्रॉफ़िट डिवाइडेड बाय डिफरेंस ऑफ़ कॉस्ट चलो सर डिफरेंस ऑफ़ प्रॉफ़िट डिवाइडेड बाय डिफरेंस ऑफ यूनिट्स।
खत्म क्वेश्चन बस यही था। यही था। अमित पर ये बनता कैसे है? एक्चुअली ये बनता है। मैं इक्वेशन को
x मान के बनाऊं लंबा चौड़ा करके। उतना अभी समझने की जरूरत है नहीं अपने को। सीधा-सीधा इतना करेंगे। अपना काम बनता है।
चलो टू ईयर डाटा वाला क्वेश्चन भी ख़ हो गया। अब बचता है अपना एक ही इंपॉर्टेंट इनडिफरेंस पॉइंट। हां ये भी क्लियर ये भी
क्लियर। चले हम इनडफरेंस पॉइंट पे। इनडफरेंस पॉइंट पे चलते हैं। आप और मैं हम दोनों
इन डिफरेंस चलो। इनडफरेंस पॉइंट करेक्ट करेक्ट बोलो
चलो गजब अब सर अगर मैं आपसे इनडिफरेंस पॉइंट की बात करूं तो सर इनडिफरेंस अपन ने सीखा भी था कैपिटल स्ट्रक्चर में
इनडिफरेंस का मतलब होता है कंफ्यूजन तो सर यहां इनडिफरेंस का मतलब क्या है भैया दो ऑप्शन मैं आपको देता हूं अलग-अलग क्या है
वेरिएबल कॉस्ट और फिक्स्ड कॉस्ट अगर दोनों का सर मैं आपको बोलता हूं वेरिएबल कॉस्ट पर
यूनिट। एक ऑप्शन में है ₹5 पर यूनिट, एक ऑप्शन में है ₹10 पर यूनिट। जल्दी बताओ कौन सा
ऑप्शन चूज़ करोगे? अमित भाई अपन ₹5 वाला चूज़ करेंगे। सस्ता चूज़ करेंगे। मैं आपको बोलता हूं टोटल फिक्स्ड कॉस्ट। यहां पे है
10 लाख। यहां पे है आपका फॉर एग्जांपल मान लेते हैं ₹6 लाख। कौन सा चूज़ करोगे? आप बोलोगे अमित भाई ये चूज़ करेंगे। अगर मैं
दोनों को कंबाइंड कर दूं। अब क्या चूज़ करोगे? अबे नालायक हूं। आपसे लाइक नहीं हो पा रहा। वीडियो लाइक
नहीं ठोक रहा है। बताओ फ्री में बैठे देख रहे हैं। थोड़ी थोड़ी गरीब की मदद हो जाएगी। कर दो भाई। चलो सर अगर मैं आपको बोलूं तो
सर यहां पे तो आपने ये चुन लिया। यहां पे आपने ये चुन लिया। अब मैं अगर आपको बोलता हूं भाई दोनों में से क्या चुनना है? तो
आप तो हो जाओगे कंफ्यूज। इसीलिए सर मैंने निकाला इनडिफरेंस पॉइंट। इनडिफरेंस पॉइंट मतलब सच अ लेवल
सच अ लेवल वेयर टोटल टोटल मतलब टोटल
वेरिएबल कॉस्ट प्लस टोटल फिक्स्ड कॉस्ट ऑफ बोथ ऑ्शंस इज सेम। क्या बात कर रहे हो? हां। अब देखो सुनो।
पता है ये कैसे आएगा? ये आता है आपका फार्मूला डिफरेंस ऑफ़ फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय
डिफरेंस ऑफ़ वेरिएबल कॉस्ट। नहीं ले प्रूव कर देता हूं भैया 10 लाख - 6 लाख बाय 10 - 5
4 लाख 5 तो सर ये आ रहा है आपका 80000 यूनिट्स अब आओ प्रूव कर देते हैं आपको 80000 पे
टोटल वेरिएबल कॉस्ट टोटल फिक्स्ड कॉस्ट टोटल कॉस्ट
अब यह है आपका ₹5 * 80000 यह है आपका ₹1 * ₹80000 यह है आपका ₹1 लाख
यह है आपका ₹6 लाख इधर टोटल आ रहा है ₹14 लाख इधर टोटल आ रहा है ₹14 लाख तो यही तो
मैंने आपको बोला था इनडिफरेंस पॉइंट मतलब ऐसा पॉइंट जहां पे आपका टोटल वेरिएबल कॉस्ट टोटल फिक्स्ड कॉस्ट दोनों का दोनों
बराबर आ जाता है वो निकला कैसे जाता है छोटा सा तरीका है डिफरेंस ऑफ़ द फिक्स्ड कॉस्ट डिवाइडेड बाय द डिफरेंस ऑफ़ द
वेरिएबल कॉस्ट अब अमित भाई दिक्कत ये नहीं है दिक्कत आपका चूज़ करना है वि ऑप्शन टू चूज़ चूज़
अगर आपका एक्चुअल प्रोडक्शन इज़ लेस देन इनडिफरेंस पॉइंट
और नेक्स्ट अगर आपका एक्चुअल प्रोडक्शन इज़ मोर देन इनडफरेंस पॉइंट
चूज़ करना वह वाला ऑप्शन जिसमें फिक्स्ड कॉस्ट हो कम। चूज़ करना वो वाला ऑप्शन जिसमें
फिक्स्ड कॉस्ट हो ज्यादा। अब आपको ये प्रूफ करके चेक करना है। चेक कर लेना सर। आप चाहो तो आराम से। एक्चुअल प्रोडक्शन कम
मानो और जब तब चेक करना अमित भाई क्या आ रहा है। एक्चुअल प्रोडक्शन ज्यादा मानना और तब चेक करना कौन सा सही जा रहा है। ठीक
है? डन। करेक्ट। अब आपका यह भी हो गया सर खत्म। अब की फैक्टर और शटडाउन पॉइंट की बात है। वही
मैं आपको बताने वाला हूं। उससे पहले मैं आपको शटडाउन पॉइंट के बारे में बताना चाहूंगा।
शट डाउन पॉइंट। सर मेरे को पता है क्या लगता है? एक काम
करूंगा मैं सुनो ना जिस दिन ये पावर बैच खत्म होगी ना उसके अगले एक दिन एक सेशन लूंगा जिसमें हर चैप्टर का एक बड़ा-बड़ा
टफेस्ट केस स्टडी एमसीक्यू उठाऊंगा और आपको करवा दूंगा। यही लगता है तो सर 13 बड़े-बड़े केस स्टडी
उठाऊंगा और आपको करवा दूंगा। क्लियर हो? क्लियर है। 2 घंटे 3 घंटे जितनी देर चलेगा मैं आपको करवा दूंगा।
शटडाउन वाला पॉइंट की अपन बात करते हैं। तो अमित भाई शटडाउन वाले पॉइंट का मतलब क्या होता है? अब आपने नोटिस किया होगा सर
कई बार दुकान नुकसान में चल रही होती है लेकिन फिर भी आदमी अपनी सर दुकान को बंद नहीं करता क्योंकि दुकान बंद करने से ना
सर बहुत ज्यादा अपना कई बार खर्चा भी लगता है। करेक्ट करेक्ट। तो अब समझ में नहीं आता सर क्या करें? तो सर सुनो आप पता है
अपना शटडाउन पॉइंट कैसे निकालोगे? शट डाउन पॉइंट आप सिंपल एक ही चीज बोलोगे क्या
आप निकालो सबसे पहले आपका कितना अवॉयडेबल फिक्स्ड कॉस्ट मतलब अगर मैं दुकान बंद कर दूं तो कितनी फिक्स्ड कॉस्ट बचा सकता हूं
माइनस क्या आपका कोई रीओपन करने का कॉस्ट लग रहा है रीओपनिंग कॉस्ट ओके
इसको डिवाइड कर कर दो कंट्रीब्यूशन पर यूनिट्स। ओके? मतलब सर ये आएगा आपका शट डाउन पॉइंट।
अगर आपका एक्चुअल प्रोडक्शन है लेस देन अगर आपका एक्चुअल प्रोडक्शन है लेस देन शटडाउन पॉइंट तो बंद कर दो। और अगर आपका
एक्चुअल प्रोडक्शन है मोर देन शटडाउन पॉइंट तो चलने दो। तो क्लोज कर दो
चलो क्योंकि सर जब तक मेरा एक बात समझना जब तक मेरा वेरिएबल कॉस्ट कवर हो रहा है मतलब जब तक मेरी किताबों का खर्चा कवर हो
रहा है मैं क्या चाहूंगा भाई मेरा वेरिएबल कॉस्ट आ रहा है ठीक है जिस दिन मेरा प्रोडक्शन जिस दिन मेरी सेल ज्यादा होगी
मेरा फिक्स्ड कॉस्ट भी रिकवर हो जाएगा कोई दिक्कत की बात नहीं है वेरिएबल बल कॉस्ट तो आ रहा है ना किताब का पैसा तो आ रहा है
ना कोई दिक्कत की बात नहीं जब तक वेरिएबल कॉस्ट आती रहेगी तब तक मेरा काम चलता रहेगा बोलो कोई दिक्कत
डन डन अब लास्ट बट नॉट द लीस्ट आपका सर की फैक्टर वाला पॉइंट यहां तक पहले मुझे बता दो आप में से किसी
को कोई भी दिक्कत है या क्लियर यहां तक पहले मुझे बताओ क्लियर है या नहीं यस सर क्लियर है यस सर यस सर यस सर यस सर
यस सर क्लियर है मैं अपना सा
क्लियर है सब? अब आ जाओ लास्ट बट नॉट द लीस्ट आपके पास आता है आपका की फैक्टर वाला।
की फैक्टर वाला पॉइंट की फैक्टर के बारे में डिस्कशन। ओके अमित भाई एक बात बताना आपके पास आपके पास मैं दो ऑप्शन देता हूं।
ऑप्शन नंबर वन ऑप्शन नंबर टू सर मैं आपसे पूछता हूं कि भाई मेरे को एक
बात बताओ आप चाय बेचना पसंद करोगे या फिर आप कॉफी बेचना पसंद करोगे? आप चाय बेचना पसंद करोगे या कॉफी बेचना पसंद
करोगे? तो सर आप मुझे एक जवाब दोगे। क्या जवाब दोगे? सर जिसका प्रॉफिट पर यूनिट ज्यादा आएगा मैं वह बेचना चाहूंगा। बोलो
हां या ना? आप ये बात मुझसे बोलोगे या नहीं बोलोगे? जिसका प्रॉफिट पर यूनिट ज्यादा आएगा आप वो
बेचना चाहोगे या नहीं बेचना चाहोगे? सर बात तो आपकी सही है। हम तो वही बेचना चाहेंगे जिसका प्रॉफिट पर यूनिट ज्यादा
आने वाला है। करेक्ट। तो अमित भाई जब आपको जब प्रॉब्लम व्हेन प्रॉब्लम इज विद यूनिट्स
व्हेन प्रॉब्लम इज यूनिट्स आप कैसे डिसाइड करते हो? आप डिसाइड करते हो ऑन द बेसिस ऑफ़
प्रॉफिट। और इस चैप्टर में प्रॉफ़िट की जगह क्वांट्री होता है। तो आप डिसाइड करते हो क्वांट्री पर यूनिट।
सिमिलरली अब एक बात बताओ अगर प्रॉब्लम हो जाए अगर क्वेश्चन बोले कि अमित भाई सुनो ना मेरे पास मेरे पास मेरे पास किलो कम हो
रॉ मटेरियल किलो कम हो तो आप कैसे डिसाइड करोगे आपको नहीं लगता तब आप डिसाइड करोगे कॉन्ट्रीब्यूशन पर रॉ मटेरियल का किलो
अगर मैं आपको बोल दूं सर मेरे पास लेबर आवर्स कम तो आप कैसे डिसाइड करोगे कंट्रीब्यूशन पर
लेबर आवर अगर मैं आपको बोल दूं कि आपके पास मशीन आवर कम है
तो आप कैसे डिसाइड करोगे कंट्रीब्यूशन पर मशीन आवर बोलो बोलो हां या ना
बोलो करेक्ट करेक्ट सर तो बस यही तो अपने को समझना था सर की फैक्टर का मतलब क्या होता
है की फैक्टर का मतलब की फैक्टर मींस की फैक्टर या आपका लिमिटिंग फैक्टर और आपका लिमिटिंग
फैक्टर मींस सच अ फैक्टर सच अ फैक्टर
फैक्टर मतलब सच अ फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन। फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन क्या होता है? फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन का मतलब आपका वो फैक्टर ऑफ़
प्रोडक्शन सर जिसकी मदद से आप पता है क्या करते हो? मींस सच अ फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन। फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन क्या हो जाएगा अपना?
मटेरियल, लेबर या मशीन। व्हिच इज़
ध्यान से देखना। हुस रिक्वायरमेंट
जिसकी रिक्वायरमेंट है ज्यादा अवेलेबिलिटी है कम सर की फैक्टर या लिमिटिंग फैक्टर का
मतलब ऐसा फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन मींस सच अ फैक्टर ऑफ़ प्रोडक्शन हुस रिक्वायरमेंट इज़ इज़ मोर और अवेलेबिलिटी इज कम। अब जैसे मान
लो अगर मेरे को रॉ मटेरियल किलो चाहिए 1 लाख और मेरे पास 500 किलो पड़ा है तो रॉ मटेरियल हो जाएगा मेरा लिमिटिंग फैक्टर।
अगर मेरे को मान लो लेबर के आवर चाहिए 10,000 मेरे पास अवेलेबल है 8,000 वो हो जाएगा मेरा लिमिटिंग फैक्टर। थर्ड मान लो
मुझे मशीन के घंटे चाहिए 5,000 मेरे पास है 4,000 घंटे मशीन के तो वो हो जाएगा मेरा लिमिटिंग फैक्टर या की फैक्टर। बोलो
समझ में आया या नहीं आया? किस-किस को क्लियर हुआ? अब
बोलो क्लियर क्लियर अब सर स्टेप्स टू सॉल्व द की फैक्टर
स्टेप्स टू सॉल्व की फैक्टर आप अपना की फैक्टर कैसे सॉल्व सॉल्व करोगे। चलो फर्स्ट
सर पहला ही स्टेप बहुत ईजी है। फाइंड आउट की फैक्टर अपना की फैक्टर पता लगाओ। कैसे पता लगाओगे?
या तो क्वेश्चन में गिवन होगा गिवन इन क्वेश्चन और
ये चेक कर लो फैक्टर। हुज रिक्वायरमेंट ज्यादा है अवेलेबिलिटी कम पता लगा लिया सेकंड स्टेप पता है आपको
क्या करना है क्या करना है इसे कैलकुलेट कर लो क्वांट्री पर यूनिट कैलकुलेट कंट्रीब्यूशन पर यूनिट जैसे मान
लेते हैं आओ मैं दिखा देता हूं आपको a b c आपने क्या निकाला आपने सिंपल किया सेलिंग प्राइस पर यूनिट माइनस इनका
वेरिएबल कॉस्ट पर यूनिट आपका निकल के आ गया कंट्रीब्यूशन पर यूनिट अभी आप में से कोई तेज बच्चा पूछेगा सर वो
सब समझ में आ जाता है अब समझ में नहीं आता यहां पे डिवाइड करना है या मल्टीप्लाई करना थोड़ा
अब समझो सर अगर आपको क्वेश्चन ऐसी ऐसी लाइन लिख के दे कैसा सर क्वेश्चन आपको लिख के दे
फैक्टर पर यूनिट मतलब अमित भाई जैसे आपको लिख के दे सिक्स लेबर आवर पर यूनिट अगर लाइन ऐसे
लिख के दे रहा हो तो आपको डिवाइड करना है किससे डिवाइड करना है की फैक्टर
पर यूनिट से आपका आंसर निकल के आ जाएगा कंट्रीब्यूशन पर की फैक्टर
और मान लो अगर क्वेश्चन आपको ये वाली लाइन लिख के देता है। कौन सी वाली? क्वेश्चन आपको लाइन लिख के देता है। ध्यान
से देखना। यूनिट्स पर की फैक्टर मतलब अमित भाई जैसे
अ 100 यूनिट्स पर आवर अगर आवर पहले हो अगर की फैक्टर
पहले हो तो डिवाइड और अगर की फैक्टर बाद में हो तो मल्टीप्लाई चलो यहां आप मल्टीप्लाई को नोट करोगे की
फैक्टर पर यूनिट से बोलो मल्टीप्लाई कर दोगे आप यूनिट्स से
पर की फैक्टर तो आपको मिल जाएगा कंट्रीब्यूशन पर की फैक्टर
लास्ट में फिर आप रैंकिंग देके आ जाओगे 1 2 3 और उसके अकॉर्डिंग प्रोडक्शन करके आ जाओगे। दैट इज योर की फैक्टर वाला
क्वेश्चन और इसी के साथ आप लोगों का पूरा का पूरा मार्जिनल कॉस्टिंग इन डिटेल डेप्थ में अच्छे तरीके से पढ़प के सर हमने खत्म
कर दिया। ये लो ये लो चाहे तुम कुछ ना कहो हमने सुन लिया
ल न अब बताओ सर मजा आ गया कि नहीं आया? बोलो
सर गजब क्लियर है सर। बोलो सर बोलो सर बोलो बोलो बोलो बोलो बोलो
बोलो बोलो सर करेक्ट डन इसी के साथ आप लोगों का ये चैप्टर पूरा का पूरा खत्म होता है।
मार्जिनल वर्सेस अब्सॉर्प्शन की वीडियो आप लोगों को रुको। यह लो आप लोगों को मैं अभी कमेंट सेक्शन
के अंदर डाल के दे रहा हूं। 10,000 व्यूज है इसके ऊपर। 10,000 प्लस व्यूज हैं। लो मैं अभी आप
लोगों के लिए डाल के देता हूं। सर मार्जिन वर्सेस
ये लो और ये डन सर जी बोलो मस्त मजा आ गया कि नहीं आ गया हम लोगों ने बहुत ही ज्यादा
प्यारे तरीके से आपका पूरा का पूरा का पूरा का पूरा का पूरा टॉपिक खत्म कर दिया है
अब बताओ कैसा लगा सबको? ग्रेट मस्त मजा आ गया। मार्जिनल वर्सेस अब्सॉर्प्शन का वीडियो आपको डिस्क्रिप्शन
में दिख जाएगा। ओके सर जी डन डन। अब आपसे मुलाकात होगी शाम में। शाम में आप और मैं मिलके सर क्या करने वाले
हैं? ये देखो मैं आपको दिखा देता हूं। तुर हम लोगों ने सर लास्ट क्लास के अंदर क्या
खत्म किया था? वर्किंग कैपिटल के कांसेप्ट्स आज वर्किंग कैपिटल के क्यूएनए करने वाले हैं। सर एक काम करूं आज वर्किंग
कैपिटल का क्यूएनए आप लोगों का YouTube के ऊपर कर लूं। जिन बच्चों को वर्किंग कैपिटल में डाउट्स
है उन लोगों के लिए YouTube के ऊपर कर लूं। बोलो हां या ना? हां सर कर लो मजा ही आ जाएगा।
कर लो सब्जी मजा ही आ जाएगा। हमारे लिए तो फायदा ही फायदा है। डन
ठीक है सब ओके कर लेते हैं। कोई दिक्कत नहीं।
ओके यह भी कर ले। चलो ठीक है ओके तो आज शाम में मुलाकात
करेंगे वर्किंग कैपिटल के क्वेश्चन और आंसर के साथ ओके चलो बाय-ब सर बया टेक केयर टेक केयर बोलो सर मजा आ रहा है कि
मजा आ रहा है कि नहीं आ रहा है कैसा लग रहा है आप लोगों को मेरे साथ कवर करके पावर बैच अब हम ऑलमोस्ट फिनिश करने के
स्टेज पे आ गए कैसा लगा आप लोगों को इज इट इट गुड और नाउ मैं इन्वेस्टमेंट अच्छे से करवा दूंगा
टेंशन मत लो। चलो ठीक यस सर। इट्स गोइंग ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट ग्रेट
एट ग्रेट। ओके परफेक्ट। चलो। तो सर यह मैं नोट आप लोगों के साथ अभी-अभी शेयर कर देता हूं
फटाफट से। जल्दी सर जबरदस्त मजा आ गया। इतनी डिटेल में लाइव में साथ में कवर अप करके तो अलग ही जोश जुनून आ गया है सर आप
लोगों के अंदर। लो आठ पेजेस लिख लेने के बाद आप लोगों के साथ
यहां पे ये मैं शेयर कर रहा हूं। तब तक के लिए अब मिलते हैं आपसे कल। मुलाकात होगी कल। तब तक के लिए बाय-बाय। टेक केयर। देख
मार्जिनल कॉस्टिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें केवल वेरिएबल लागतों को उत्पाद की लागत में शामिल किया जाता है, जबकि फिक्स्ड लागतों को पीरियड कॉस्ट माना जाता है। यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि एक अतिरिक्त इकाई के उत्पादन की लागत (मार्जिनल कॉस्ट) केवल वेरिएबल लागत होती है, क्योंकि फिक्स्ड लागत उत्पादन स्तर में बदलाव से प्रभावित नहीं होती।
कॉन्ट्रीब्यूशन बिक्री और वेरिएबल लागत के बीच का अंतर है, जिसे कुल बिक्री से कुल वेरिएबल लागत घटाकर या लाभ में फिक्स्ड लागत जोड़कर निकाला जा सकता है। P/V रेशियो बिक्री के प्रतिशत के रूप में कॉन्ट्रीब्यूशन को दर्शाता है, जिसे कॉन्ट्रीब्यूशन को बिक्री से विभाजित करके गणना किया जाता है; ये दोनों लाभप्रदता विश्लेषण और ब्रेक-ईवन पॉइंट निर्धारित करने के लिए आवश्यक उपकरण हैं।
ब्रेक-ईवन पॉइंट वह उत्पादन स्तर है जहां कुल लागत कुल बिक्री राजस्व के बराबर होती है, जिससे न तो लाभ होता है और न ही हानि। इसे इकाइयों में निकालने के लिए कुल फिक्स्ड लागत को कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट से विभाजित किया जाता है, और रुपयों में निकालने के लिए कुल फिक्स्ड लागत को P/V रेशियो से विभाजित किया जाता है।
मार्जिन ऑफ सेफ्टी वह बिक्री स्तर है जो ब्रेक-ईवन पॉइंट से ऊपर है और शुद्ध लाभ का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी गणना इकाइयों में वास्तविक बिक्री से BEP इकाइयों को घटाकर, या रुपयों में वास्तविक बिक्री से BEP रुपये को घटाकर, या लाभ को P/V रेशियो से विभाजित करके की जा सकती है।
इनडिफरेंस पॉइंट वह उत्पादन स्तर है जहां दो अलग-अलग लागत संरचनाओं (फिक्स्ड और वेरिएबल लागत में अंतर) की कुल लागत बराबर होती है। यदि वास्तविक उत्पादन इनडिफरेंस पॉइंट से कम है, तो कम फिक्स्ड लागत वाला विकल्प चुनना चाहिए, और यदि अधिक है, तो अधिक फिक्स्ड लागत वाला विकल्प चुनना चाहिए।
शटडाउन पॉइंट वह स्तर है जिसके नीचे उत्पादन बंद कर देना चाहिए; इसकी गणना (अवॉइडेबल फिक्स्ड कॉस्ट - रीओपनिंग कॉस्ट) को कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट से विभाजित करके की जाती है। की फैक्टर एक सीमित संसाधन है; इसे हल करने के लिए, प्रत्येक उत्पाद के लिए कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति की फैक्टर की गणना करें, उत्पादों को रैंक करें, और सीमित संसाधनों को सर्वोच्च रैंक वाले उत्पाद को आवंटित करें।
यदि दो अलग-अलग वर्षों के लाभ और बिक्री या इकाइयाँ दी गई हों, तो P/V रेशियो लाभ में अंतर को बिक्री या इकाइयों में अंतर से विभाजित करके 100 से गुणा करके निकाला जाता है। कॉन्ट्रीब्यूशन प्रति यूनिट लाभ में अंतर को इकाइयों में अंतर से विभाजित करके निकाला जाता है।
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