कार्बन एंड इट्स कंपाउंड - हलवा बनाने की मास्टर क्लास
कार्बन इतने सारे कंपाउंड क्यों बनाता है?
- दुनिया में कार्बन की मात्रा 0.02% से भी कम है, फिर भी इस पर पूरा चैप्टर और 11वीं-12वीं में पूरी ब्रांच (ऑर्गेनिक केमिस्ट्री) है।
- कार्बन प्लास्टिक, लकड़ी, कपड़े, खाना (चावल, आलू, ब्रेड), दवाइयां, पेट्रोलियम और हमारे शरीर (18%) में मौजूद है।
- इसकी खास प्रॉपर्टी: कोवेलेंट बॉन्ड बनाना - अपने इलेक्ट्रॉन दूसरे एटम्स के साथ शेयर करना।
कोवेलेंट कंपाउंड क्या है?
परिभाषा: दो एटम्स के बीच इलेक्ट्रॉनों की म्यूचुअल शेयरिंग से बनने वाला कंपाउंड।
- उदाहरण: दो दोस्तों की तरह जो मैडम से बचने के लिए एक-दूसरे की किताब-कॉपी शेयर करते हैं।
इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर (गुल्लू-गुल्लू विधि):
-
Cl₂ (क्लोरीन) - सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड
- Cl के पास 17 इलेक्ट्रॉन; वैलेंस शेल में 7 इलेक्ट्रॉन।
- ऑक्टेट पूरा करने के लिए 1 इलेक्ट्रॉन चाहिए।
- दो Cl एटम 1-1 इलेक्ट्रॉन शेयर करके एक सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड बनाते हैं।
-
O₂ (ऑक्सीजन) - डबल कोवेलेंट बॉन्ड
- O के पास 8 इलेक्ट्रॉन; वैलेंस शेल में 6 इलेक्ट्रॉन।
- ऑक्टेट के लिए 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए।
- दो O एटम 2-2 इलेक्ट्रॉन शेयर करके डबल कोवेलेंट बॉन्ड बनाते हैं।
-
N₂ (नाइट्रोजन) - ट्रिपल कोवेलेंट बॉन्ड
- N के पास 7 इलेक्ट्रॉन; वैलेंस शेल में 5 इलेक्ट्रॉन।
- ऑक्टेट के लिए 3 इलेक्ट्रॉन चाहिए।
- दो N एटम 3-3 इलेक्ट्रॉन शेयर करके ट्रिपल कोवेलेंट बॉन्ड बनाते हैं।
अणुओं के इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर:
- H₂O (पानी): O को बीच में रखें, दोनों तरफ H। O के साथ दो सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड।
- CH₄ (मीथेन): C को बीच में, चारों तरफ H। चार सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड।
- NH₃ (अमोनिया): N को बीच में, तीन तरफ H। तीन सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड और एक लोन पेयर।
कोवेलेंट कंपाउंड की प्रॉपर्टीज:
- बिजली के कुचालक:
- कारण: आयनों की अनुपस्थिति (इलेक्ट्रॉन शेयर्ड होते हैं, फ्री नहीं)।
- कम गलनांक और क्वथनांक:
- कारण: अंतरा-अणुक बल कमजोर होते हैं (कोवेलेंट बॉन्ड मजबूत है, लेकिन अणुओं के बीच आकर्षण कमजोर)।
कार्बन की टेट्रावैलेंसी (C की 4 वैलेंसी):
- कार्बन (परमाणु क्रमांक 6) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 4.
- वैलेंस शेल में 4 इलेक्ट्रॉन।
- समस्या: C न तो 4 इलेक्ट्रॉन गेन कर सकता है (10 e⁻ रखना मुश्किल) और न ही 4 e⁻ लूज़ कर सकता है (प्रोटॉन कसकर पकड़ते हैं)।
- हल: शेयरिंग - चार इलेक्ट्रॉन शेयर करके कोवेलेंट बॉन्ड बनाता है। इसीलिए कार्बन केवल कोवेलेंट कंपाउंड बनाता है।
IUPAC नामकरण (नाम रखने की कला):
कार्बन चेन की लंबाई (मूल आधार):
| कार्बन की संख्या | प्रीफ़िक्स | |---|---| | 1 | मेथ- | | 2 | एथ- | | 3 | प्रॉप- | | 4 | ब्यूट- | | 5 | पेंट- | | 6 | हेक्स- |
बॉन्ड का प्रकार:
| बॉन्ड | प्रत्यय | |---|---| | C-C (सिंगल) | -एन | | C=C (डबल) | -ईन | | C≡C (ट्रिपल) | -आइन |
फंक्शनल ग्रुप:
| ग्रुप | प्रीफ़िक्स/सफ़ीक्स | |---|---| | -Cl (क्लोरीन) | क्लोरो- (प्रीफ़िक्स) | | -Br (ब्रोमीन) | ब्रोमो- (प्रीफ़िक्स) | | -OH (एल्कोहल) | -ओल (सफ़ीक्स) | | -CHO (एल्डिहाइड) | -एल (सफ़ीक्स) | | -COOH (कार्बोक्सिलिक अम्ल) | -ओइक अम्ल (सफ़ीक्स) |
नामकरण के स्टेप्स:
- सबसे लंबी कार्बन चेन ढूंढें।
- मूल नाम (मेथ/एथ/प्रॉप...) लिखें।
- बॉन्ड के अनुसार प्रत्यय (एन/ईन/आइन) लगाएं।
- फंक्शनल ग्रुप (जैसे क्लोरो-) को प्रीफ़िक्स के रूप में पहले लगाएं।
उदाहरण:
- CH₃Cl: 1 C → मेथ + एन + क्लोरो = क्लोरोमीथेन
- CH₃CH₂Cl: 2 C → एथ + एन + क्लोरो = क्लोरोइथेन
- CH₃CH₂OH: 2 C, सिंगल बॉन्ड, -OH ग्रुप → एथ + एन + ओल = इथेनॉल
होमोलोगस सीरीज (समजात श्रेणी):
परिभाषा: समान फंक्शनल ग्रुप वाले कार्बनिक यौगिकों की श्रृंखला, जहां प्रत्येक क्रमागत सदस्य में -CH₂- का अंतर होता है।
तीन मुख्य श्रृंखलाएं:
| श्रृंखला | बॉन्ड | सामान्य सूत्र | उदाहरण | |---|---|---|---| | एल्केन | C-C (सिंगल) | CₙH₂ₙ₊₂ | CH₄ (मीथेन), C₂H₆ (इथेन) | | एल्कीन | C=C (डबल) | CₙH₂ₙ | C₂H₄ (इथीन), C₃H₆ (प्रोपीन) | | एल्काइन | C≡C (ट्रिपल) | CₙH₂ₙ₋₂ | C₂H₂ (इथाइन), C₃H₄ (प्रोपाइन) |
महत्वपूर्ण नोट: एक कार्बन का एल्कीन या एल्काइन संभव नहीं है क्योंकि डबल/ट्रिपल बॉन्ड के लिए कम से कम दो कार्बन चाहिए।
- एल्कीन का पहला सदस्य: इथीन (C₂H₄)
- एल्काइन का पहला सदस्य: इथाइन (C₂H₂)
CBSE बोर्ड के चुनिंदा प्रश्न:
- 2023: Cl₂ का इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर बनाएं।
- 2021-22: C₄H₆ किस होमोलोगस सीरीज से संबंधित है? इसका प्रथम सदस्य लिखें।
- 2021-22: दो एल्काइन A (CₓH₂) और B (C₃Hᵧ) के लिए x और y के मान ज्ञात करें।
क्लास 10 केमिस्ट्री का सबसे हार्ड लगने वाला चैप्टर कार्बन एंड इट्स कंपाउंड। प्यारे गुड्डू गुड़िया डर तो अभी भी लग
रहा होगा कि यह लेक्चर पे क्लिक तो किया है। क्या पता इससे भी कुछ समझ ना आए। तो मैं आज तुमसे यह वादा करता हूं। तुमको ये
चैलेंज देता हूं। तुम्हारे सामने ये कसम खाता हूं कि इस लेक्चर में मैं इतनी जान लगाऊंगा ना। एनसीईआरटी को पूरा निचोड़ के
एक-एक टॉपिक को हलवा बना के तुम्हें खिलाऊंगा। तुमको मौज आएगी, मस्ती आएगी इस लेक्चर में। और इसके साथ-साथ सीबीएसई
बोर्ड के 2025 में, 2024 में, 2023 में, 2022 में, 21 में जितने भी क्वेश्चन इस टॉपिक के आए हैं, सब के सब तुम्हें मैं
यहां प्रैक्टिस करा दूंगा। चाहे तुम्हारा प्री बोर्ड एग्जाम हो, चाहे बोर्ड एग्जाम हो, इस लेक्चर के बाहर से एक क्वेश्चन
नहीं मिलने वाला आपको। एक क्वेश्चन नहीं मिलने वाला। आज जब ये लेक्चर खत्म होगा ना, तो सिर्फ इतना नहीं होगा कि आपको
लेक्चर समझ में आया। तुम कार्बन एंड इट्स कंपाउंड के बेताज बादशाह बन जाओगे। इतना टफ नहीं है ये टॉपिक। बस इसको खूबसूरती से
डिजाइन करके प्यार से क्वेश्चन बाय क्वेश्चन आपको पढ़ाना था जो कि आज मैं करूंगा। पूरी मेहनत करके मैंने पीपीटी
बनाई है। मुझे पता है ये टॉपिक कितना हार्ड लगता है तुमको उतना ही एफर्ट मैं डालूंगा इस लेक्चर के अंदर। अगले 30 से 40
मिनट में तुमको ये फील होना शुरू हो जाएगा कि तुम कार्बन एंड इट्स कंपाउंड के बेताज बादशाहज बन के जाओगे। तो भाई कमेंट करके
जरूर जाना कि मास्टर आपने मुझे बेताज बादशाह बनाया। मास्टर पूरा एफर्ट डालेगा। आइए शुरू करते हैं बेहतरीन सा चैप्टर
कार्बन एंड इट्स कंपाउंड। एक बात बता छोटे इस दुनिया में इतने सारे एलिमेंट हैं। हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सोडियम,
मैग्नीशियम, कैल्शियम इतने एलिमेंट इस दुनिया में फिर भी कार्बन के ऊपर पूरा का पूरा एक चैप्टर बना हुआ है। कार्बन में
ऐसा क्या है कि आपकी किताब में एक चैप्टर पूरा कार्बन पे है। कार्बन एंड इट्स कंपाउंड। यही नहीं। अभी और सुनिए। जैसे ही
आप 11 12थ में जाएंगे, केमिस्ट्री की एक पूरी ब्रांच बन जाती है कार्बन के कंपाउंड पे। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री कार्बन के ऊपर
पूरी एक ब्रांच है साइंस की। ऐसा क्या है इस कार्बन के अंदर? सर, इस दुनिया में बहुत सारा कार्बन होगा। ऐसा भी नहीं है।
दुनिया के अंदर यानी अर्थ के ऊपर 0.02% के आसपास कार्बन है। 0.02% के आसपास कार्बन है। फिर भी कार्बन पे
पूरा का पूरा चैप्टर। ऐसा क्यों है? अपने हाथ में देखो तुमने पेन पकड़ा हुआ है। प्लास्टिक से बना है। प्लास्टिक में क्या
होता है? कार्बन होता है। जिस कुर्सी पे तुम बैठे हो, लकड़ी की बनी है। लकड़ी में क्या होता है? वुड में क्या होता है?
कार्बन होता है। तुमने जो कपड़ा पहन रखा है, पॉलीमर से बना होता है। पॉलीमर में क्या होता है? कार्बन होता है। अभी कुछ
लोग होंगे खाना खाते हुए लेक्चर देख रहे होंगे। दाल चावल खा रहे हैं। चावल में क्या है? कार्बन होता है। रोटी में क्या
है? कार्बन होता है। आलू में क्या है? कार्बन होता है। इस दुनिया में बहुत सारी चीजों के अंदर कार्बन प्रेजेंट है। अरे ये
सब छोड़ो जो तुम्हारी ह्यूमन बॉडी है ना इसके अंदर 18% कार्बन है। प्लांट्स की बात करूं तो प्लांट में लगभग लगभग 40 से 50%
कार्बन है। चावल में कार्बन, आलू में कार्बन, ब्रेड में कार्बन, प्लास्टिक के अंदर कार्बन, कपड़ों के अंदर कार्बन,
टेबल, चेयर, वुड के जितने सामान उसमें कार्बन, पेट्रोलियम के अंदर कार्बन, दवाइयों के अंदर कार्बन। इस कार्बन के पास
एक स्पेशल प्रॉपर्टी है। मिलजुल के रहने की, सबके साथ चिपक जाने की, सबके साथ बॉन्ड बनाने की, सबके साथ कंपाउंड बनाने
की। ये एक स्पेशल प्रॉपर्टी है कार्बन के पास। क्यों है सर? कार्बन के पास ही ये स्पेशल प्रॉपर्टी क्यों है? इसी पे तो ये
चैप्टर है। आगे आपको पूरा बताऊंगा कि कार्बन इतने सारे कंपाउंड क्यों बनाता है? क्यों इसके ऊपर पूरा का पूरा एक चैप्टर बन
के आता है? कार्बन बहुत सारी चीजों के साथ कंपाउंड बनाता है और कौन सा कंपाउंड बनाता है? कोवेलेंट कंपाउंड। याद रखना नाम क्या?
कोवेलेंट कंपाउंड सर ये कोवेलेंट कंपाउंड क्या होता है? आइए भाई आराम से समझते हैं। कोवेलेंट कंपाउंड एक ऐसा कंपाउंड जो दो
एटम बनाए इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग से। इलेक्ट्रॉन की म्यूचुअल शेयरिंग से। म्यूचुअल शेयरिंग क्या है? जरा सोचते हैं।
मान लो आप स्कूल में गए। आप तो बदमाश हो ही हो। आपके बगल में आपका दोस्त बैठा है। वह और महागधा एक नंबर का। है ना? एक जैसे
ही तो दोस्त बनते हैं हमारे। मैडम आई क्लास में। मैडम ने बोला एक काम करो। हिस्ट्री की किताब निकालो। हिस्ट्री की
कॉपी निकालो। भाई आपने बैग खोला। आपके पास किताब थी। उसने बैग खोला। उसके पास कॉपी थी। अब मैडम आ गई राउंड पे। अब जब मैडम इस
तरफ से राउंड पे आएंगी। आप क्या करोगे? उसकी कॉपी ले लोगे अपनी किताब। मैम हम दोनों लाए हैं। वेरी गुड। वेरी गुड। फिर
जब मैम उधर तरफ जाएंगी आपकी दोस्त की तरफ तो वो क्या करेगा? कॉपी किताब लेके मैम कहेंगे यू वेरी वेरीरी गुड आप दोनों ने
क्या किया म्यूचुअल शेयरिंग की बराबरी से शेयर कर लिया और दोनों भाई बच गए ऐसी कुछ कहानी होती है जब कोवेलेंट कंपाउंड बनता
है दो एटम्स अपने इलेक्ट्रॉन की म्यूचुअल शेयरिंग बराबरी से शेयरिंग करते हैं। ठीक है? क्या है? अ कंपाउंड फॉर्म्ड बाय
शेयरिंग ऑफ इलेक्ट्रॉन्स बिटवीन टू एटम्स। एग्जांपल समझते हैं। मस्त समझ में आएगा। टेंशन मत लो। फॉर्मेशन ऑफ Cl2 क्लोरीन गैस
सबने देखा होगा Cl2 लिखते हैं। क्यों Cl2 लिखते हैं भाई? क्लोरीन का एक एटम है। उसका एटॉमिक नंबर है 17। मतलब उसके पास 17
प्रोटॉन हैं। 17 इलेक्ट्रॉन हैं। अब ये 17 इलेक्ट्रॉन कैसे-कैसे डिस्ट्रीब्यूट होते हैं? नाइन्थ में हमने पढ़ा था थोड़ा सा देख
लेते हैं भाई। पहली शेल में जाता है दो इलेक्ट्रॉन। दूसरे में मैक्सिमम आठ इलेक्ट्रॉन। तीसरे में भी आठ ही डालते हैं
और जो बचा वो चौथे में डाल देना इतने में तुम्हारे चैप्टर का काम हो जाएगा। तो क्लोरीन के पास 17 इलेक्ट्रॉन हैं क्लोरीन
के एटम के पास चलो भाई पहले में दो दूसरे में आठ दो आठ 10। कितना बचा? सात और बचा। तो आखिरी शेल में चले गए सात इलेक्ट्रॉन।
अब सुनिए। इस दुनिया में जितने भी एटम है वो स्टेबल होना चाहते हैं। हर कोई स्टेबल होना चाहता है। आप भी चाहते हो शादी ब्याह
करके बच्चे करके एकदम स्टेब वापस आओ। स्टेबल होना चाहते हैं। और स्टेबल होने के लिए इस आखिरी शेल में इसको बेटा वैलेंस
शेल भी बोलते हैं। वैलेंस शेल या लास्ट शेल बोल लो आउटरमोस्ट शेल बोल लो। आखिरी शेल में आठ इलेक्ट्रॉन चाहिए होते हैं।
कितने? आठ इलेक्ट्रॉन चाहिए होते हैं। इसको बोलते हैं क्या? ऑक्टेट। कंप्लीट ऑक्टेट। आठ इलेक्ट्रॉन इन द लास्ट शेल।
मैक्सिमम एटम यही चाहते हैं कि उनकी आखिरी शेल में आठ इलेक्ट्रॉन हो जाए। एक-दो एक्सेप्शन है। हाइड्रोजन, लिथियम,
बेरिलियम उसको छोड़ देते हैं। वो सब दो इलेक्ट्रॉन में खुश हो जाते हैं। ड्यूप्लेट बनाते हैं। दो में खुश है। पर
मैक्सिमम एटम चाहते हैं कि आखिरी शेल में आठ इलेक्ट्रॉन हो। अब क्लोरीनवा को देखो। इसके पास तो सात इलेक्ट्रॉन हैं। कितना और
चाहिए? एक इलेक्ट्रॉन और चाहिए। जा के किससे भीख मांगे भाई? Cl2 यानी कितने क्लोरीन है? दो। तो यहां पे आओ दो क्लोरीन
के एटम बनाते हैं। एक क्लोरीन का एटम। दो क्लोरीन का एटम। ये इससे कहेगा हमें एक इलेक्ट्रॉन दे दो। एक कहेगा हम पागल हैं
क्या? हम बेवकूफ हैं क्या? हम अपना इलेक्ट्रॉन दे दे। हमारा क्या होगा? हम मुश्किल हो गई। अब ये दोनों कहते हैं एक
काम करते हैं भाई शेयरिंग इज केयरिंग। भाई शेयर कर लेते हैं। जो लोग शेयर करते हैं जिंदगी में बहुत खुश रहते हैं। बेटा आप भी
शेयर करिएगा। पर हर चीज जीवन में शेयर नहीं होती है। या चलो। तो भाई अब हमें क्या करना है? इनकी शेयरिंग करानी है।
अच्छा एक इंपॉर्टेंट टर्म आया इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। ये बनाने को आता है एग्जाम में। कुछ नहीं है बहुत सिंपल है। एटम को
बना दो बना दिया। एटम के आखरी शैल के इलेक्ट्रॉन को यहां पे डॉट से या क्रॉस से बनाते हैं। आखिरी शेल में कितने
इलेक्ट्रॉन? सात और सात इलेक्ट्रॉन बनाए। एक दो तीन चार पांच छह सात। इसके भी बना लेते हैं भाई। ये भी क्लोरीन का एटम।
लास्ट शेल में सात इलेक्ट्रॉन। एक दो तीन चार पांच छह सात। अच्छा। अब ये कह रहा है मेरे पास सात इलेक्ट्रॉन है आखिरी शेल के।
सिर्फ आखिरी शेल के इलेक्ट्रॉन बनते हैं। सारे मत बना देना। लास्ट शेल वाले सात इलेक्ट्रॉन। इसके भी लास्ट शेल में 2 4 2
6 एक सात। अब ये कह रहा है काश एक इलेक्ट्रॉन और मिल जाए। इससे कहेगा ऐ इलेक्ट्रॉन देबू। इलेक्ट्रॉन देबू ये कह
रहा है पागल है क्या? हम बिकमंगे हो जाएंगे। कहता है एक काम करते हैं। तुम्हारा ये वाला इलेक्ट्रॉन हम दोनों
शेयर करते हैं। यानी अब ये क्या करेगा? बोलेगा एक काम करते हैं। ये वाला जो तुम्हारा इलेक्ट्रॉन है ये हम दोनों के
पास। इसके पास अब कितने इलेक्ट्रॉन हो गए? दो दो चार दो छह दो आठ। ये क्लोरीन कहेगा भाई बराबरी का सौदा करेंगे। एक इलेक्ट्रॉन
हमारा लिए हो अपना भी इलेक्ट्रॉन हमें दो। तो ये अपना गुल्लू यूं बना लेगा। इसने अपना गुल्लू यूं बना लिया। इसके पास कितने
इलेक्ट्रॉन लास्ट शेल में? 2 4 2 6 2 आठ। इसके पास 2 4 2 6 2 8। तो आप देखो एक-एक इलेक्ट्रॉन दोनों ने शेयर कर लिए। इस तरह
की शेयरिंग से बेटा एक बॉन्ड बनता है। एक रिश्ता बनता है। उस रिश्ते को हम बोलते हैं कोवेलेंट बॉन्ड। क्या बोलते हैं?
कोवेलेंट बॉन्ड। देखो एक-एक इलेक्ट्रॉन शेयर हुए ना। यहां पे एक Cl यहां पे दूसरा Cl एक इलेक्ट्रॉन इसने दिया। एक इसने
दिया। और इन दोनों इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग से इनके बीच में एक रिश्ता बन गया। इस रिश्ते को हम बोलते हैं कोवेलेंट
बॉन्ड। और ये जो कंपाउंड बन के आया कौन सा? Cl2 ये क्या हो गया? कोवेलेंट कंपाउंड हो गया। ऐसे इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर
बनाना है। और प्रैक्टिस करते हैं। धीमे-धीमे आएगा। फॉर्मेशन ऑफ O2। अच्छा। ऑक्सीजन के पास कितने इलेक्ट्रॉन होते
हैं? आठ इलेक्ट्रॉन होते हैं एटॉमिक नंबर आठ। तो पहले में दो गए, बचे हुए दूसरे में छह गए। अब इसको कितने और इलेक्ट्रॉन
चाहिए? लास्ट शेल में मुझे आठ इलेक्ट्रॉन चाहिए। यानी इसको कहीं से दो इलेक्ट्रॉन और मिल जाएं, काम बन जाएगा। अब इसको दो
इलेक्ट्रॉन कौन देगा? बगल में कौन है? दूसरा ऑक्सीजन। आइए बनाते हैं इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। एटम को बना लो बना लिया।
दूसरा भी क्या है? ऑक्सीजन बना लिया। आखरी शैल के इलेक्ट्रॉन बनाने हैं। आखिरी शैल में छह इलेक्ट्रॉन। इसके पास छह। 1 2 3 4
5 6 दो इधर क्यों बनाया? अभी समझ में आ जाएगा। इसके भी बनाते हैं। 1 2 3 4 5 6 अभी समझ में आ जाएगा कि ऐसे दो-दो सामने
क्यों बनाएं। अब भाई इस वाले ऑक्सीजन को कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? 2 4 2 6 है। दो और चाहिए। तो इससे कहेगा एक काम करते हैं
आओ भाई गुल्लू गुल्लू खेलते हैं तेरे साथ। तेरा दो इलेक्ट्रॉन मेरे को दे दे। क्या बोला? गुल्लू गुल्लू खेलते हैं। तेरा दो
इलेक्ट्रॉन मेरे को दे दे। ये ऑक्सीजन कहेगा हमको मामू समझे हो क्या? हमारा दो इलेक्ट्रॉन ले गए। तुम्हारा तो काम बन
गया। देखो, इसका तो काम बन गया। 2 2 4 2 6 2 8. यह कहेगा एक काम करो अपने दो इलेक्ट्रॉन भी हमको दो। तो यह भी गुल्लू
गुल्लू खेलेगा इसके साथ। और इसके भी अब वैलेंस शेल में कितने इलेक्ट्रॉन हो गए? 2 4 2 6 2 8 और ये क्या बन गया? एक कोवेलेंट
कंपाउंड। ध्यान से देखो क्या हुआ? एक ऑक्सीजन का एटम ये था। एक ऑक्सीजन का एटम ये था। दो इलेक्ट्रॉन इसने शेयर किए। दो
इलेक्ट्रॉन इसने शेयर किए। एक रिश्ता ये बना। एक रिश्ता ये बना। इस बार दो रिश्ते बन गए। अब दो रिश्ते बन गए तो इसको हम
कोवेलेंट बॉन्ड तो बोलेंगे। रिश्ते को क्या बोलते हैं? बॉन्ड बोलते हैं। कोवेलेंट बॉन्ड तो बोलेंगे। एकदम सही। पर
क्योंकि दो रिश्ते बने हैं तो इसको हम बोलते हैं डबल कोवेलेंट बॉन्ड। क्योंकि दो रिश्ते बने हैं। जैसे पिछली बार देखो
सिर्फ एक ही रिश्ता बना था। एक ही रिश्ता बना तो उसको क्या बोल दो? सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड। एक-एक इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग हुई
तो क्या बोला? सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड। यहां पे देखो दो-दो इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग हुई तो क्या बोला? डबल कोवेलेंट बॉन्ड।
नेक्स्ट देखते हैं फॉर्मेशन ऑफ N2 नाइट्रोजन। तो भाई नाइट्रोजन एटम के पास कितने इलेक्ट्रॉन? सात इलेक्ट्रॉन। पहले
में दो चले गए बचे कितने? पांच। तो दूसरे में पांच। अब भाई इसको कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? अरे ये तो बड़ा भिखारी है भाई। इसको
तो तीन इलेक्ट्रॉन और चाहिए। लास्ट शेल में आठ होने चाहिए। इसको तीन और चाहिए। किससे मांगेगा? दूसरे नाइट्रोजन से। तो एक
नाइट्रोजन का एटम ये, एक नाइट्रोजन का एटम ये क्या बना रहे? इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। लास्ट शेल में कितने
इलेक्ट्रॉन? पांच। सिर्फ लास्ट शेल के इलेक्ट्रॉन बनाने हैं पांच। अब देखो पांच कैसे बनाने चाहिए? एक दो तीन चार पांच।
तीन इधर क्यों बना है? क्योंकि भाई इसको कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? तीन। तीन चाहिए तो तीन देने भी तो पड़ेंगे। जितने लोगे
उतने देने पड़ेंगे। इसका भी ऐसे ही। 1 2 और तीन इधर 1 2 3. अब यह वाला नाइट्रोजन जो है, यह क्या बोलेगा? हमें कितने
इलेक्ट्रॉन और चाहिए? 2 3 5 है। तीन और चाहिए। कहेगा भाई गुल्लू गुल्लू खेलोगे? कहता है खेलते हैं खेलते हैं आओ। खेल लिया
इसने। इसके पास आठ हो गए। 2 3 5 3 8 ये कहेगा अब तुम भी गुल्लू गुल्लू खेलो। हमारे पास भी पांच ही हैं। तुम भी अपने
तीन इलेक्ट्रॉन हमको दे दो। दो 3 5 3 8 दोनों का पेट भर गया। कितने इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग हुई इस बार? तीन-तीन इलेक्ट्रॉन
की तो ये नाइट्रोजन इधर ये नाइट्रोजन इधर 1 2 3 1 2 3 कितने रिश्ते बने एक रिश्ता दो रिश्ता तीन रिश्ता पवित्र रिश्ता क्या
हो गया ये ट्रिपल कोवेलेंट बॉन्ड क्या सर चार कोवेलेंट बॉन्ड भी बनते हैं क्वाड्रेंट कोवेलेंट बॉन्ड ऐसा कुछ नहीं
होता सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड डबल कोवेलेंट बॉन्ड ट्रिपल कोवेलेंट बॉन्ड क्लियर हो गया बना लेंगे देखिए नाइट्रोजन वाला
सीबीएसई में बहुत बार पूछा थे। 2011 में पूछा, 12 में पूछा, 22 में पूछा, 23 में पूछा, 25 में पूछा, 17 में तो एग्जाम में
आता है भाई। ये गुल्लू गुल्लू बनाना इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। अगर यहां तक समझ में आ गया है तो कमेंट में लिख लो कि
गुल्लू गुल्लू करना आ गया मास्टर। अगर नहीं आया तो जबरदस्ती नहीं है भाई। आगे और गुल्लू गुल्लू करना है। आ जाओ आगे गुल्लू
गुल्लू करते हैं। पहले और प्रैक्टिस करते हैं। द इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर ऑफ क्लोरीन मॉलिक्यूल सीबीएसई 2023 में पूछा।
क्लोरीन का इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। क्लोरीन में कितने-कित इलेक्ट्रॉन शेयर होते थे? एक-एक होते थे। ये तो दो-दो कर
रहा है। गलत हो गया। यहां पे तीन-तीन कर रहा है। गलत हो गया। ये एक-एक कर रहा है। सही है। देखो अब इन्होंने क्या किया? इधर
क्रॉस से रिप्रेजेंट किया। इस वाले एटम के इलेक्ट्रॉन डॉट से रिप्रेजेंट किए। ये भी ठीक है। एक तरफ क्रॉस एक तरफ डॉट। ये सही
हो गया। यहां पे देखो दो-दो शेयर कर रहे हैं। ये भी गलत हो गया। आ जाओ भाई। द करंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ कोवेलेंट बॉन्डिंग इन एन
ऑक्सीजन मॉलिक्यूल। भाई ऑक्सीजन में क्या हुआ था? डबल कोवेलेंट बॉन्ड बना था। तो देखो ये सही लग रहा है। हां। 2 2 4 2 6 2
8 इसने भी दो दिए इसने भी दो दिए ये मुझे सही लग रहा है यहां पे एक-एक की शेयरिंग है गलत हो गया यहां पे तीन-तीन की तो
नाइट्रोजन में होता है गलत हो गया एक-एक की शेयरिंग है ये भी गलत वो हो गया सही अब कोवेलेंट कंपाउंड कौन बनाता है बेटा जो
नॉन मेटल्स होते हैं वो आपस में कोवेलेंट कंपाउंड बनाते हैं। नॉन मेटल कौन-कौन से होते हैं? कार्बन हो गया, सल्फर हो गया,
नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, क्लोरीन, फ्लोरीन, ब्रोमीन। ये जितने भी हैं नॉन मेटल ये आपस में कोवेलेंट कंपाउंड बनाते
हैं। जो आपस में रिश्ता बनाते हैं उसे कोवेलेंट बॉन्ड बोलते हैं। और जो कंपाउंड बनता है वो कोवेलेंट कंपाउंड कौन? कार्बन,
सल्फर, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, क्लोरीन, फ्लोरीन, ब्रोमीन। अच्छा कैसे? मान लो हाइड्रोजन ने हाइड्रोजन के साथ
रिश्ता बनाया। H ने H के साथ रिश्ता बनाया। कैसा रिश्ता होगा? कोवेलेंट बॉन्ड। कंपाउंड कैसा बनेगा? कोवेलेंट कंपाउंड।
ऑक्सीजन ने ऑक्सीजन के साथ रिश्ता बनाया अपने साथ। नॉन मेटल ने नॉन मेटल देखो नॉन मेटल प्लस नॉन मेटल एक ऑक्सीजन दूसरा नॉन
ऑक्सीजन दोनों क्या है नॉन मेटल कोवेलेंट कंपाउंड एक नाइट्रोजन दूसरा नाइट्रोजन एक क्लोरीन दूसरा क्लोरीन तो एक तो ये आपस
में हाइड्रोजन अगर हाइड्रोजन से जुड़ जाए ऑक्सीजन ऑक्सीजन से जुड़ जाए नाइट्रोजन नाइट्रोजन से जुड़ जाए तो कैसे जुड़ेगा
कोवेलेंट बॉन्ड से कंपाउंड कौन सा बनेगा कोवेलेंट कंपाउंड एकदम याद रखो नॉन मेटल नॉन मेटल अगर कहीं दिख जाए साथ में तो वो
कोवेलेंट कंपाउंड है पर ऐसा भी तो हो सकता है कि हाइड्रोजन जाके ऑक्सीजन से जुड़ जाए। ये भी नॉन मेटल। ये भी नॉन मेटल। नॉन
मेटल प्लस नॉन मेटल कोवेलेंट कंपाउंड। नाइट्रोजन भी नॉन मेटल। हाइड्रोजन भी नॉन मेटल। नॉन मेटल नॉन मेटल कोवेलेंट
कंपाउंड। कार्बन भी नॉन मेटल। हाइड्रोजन भी नॉन मेटल। नॉन मेटल नॉन मेटल कोवेलेंट कंपाउंड। तो इस तरह से भी बन सकता है। अब
देखो आपने ये देख लिया, ये देख लिया, ये देख लिया। आओ अब इसको देखते हैं। फॉर्मेशन ऑफ वाटर ये कैसे करेंगे यार? इसमें तो तीन
एटम है। समझ रहे हो? इसमें दो एटम है ऑक्सीजन और हाइड्रोजन। ऑक्सीजन के पास कितने इलेक्ट्रॉन? आठ इलेक्ट्रॉन। कैसे
डिस्ट्रीब्यूट होंगे? 2 6 हाइड्रोजन के पास एक ही इलेक्ट्रॉन होता है। तो हमने डाल दिया एक। अब देखो कैसे बनाना है।
इसमें वो ढूंढो जो एटम अकेला है। जो एटम अकेला उसको बीच में रख दो। अकेला कौन है? ऑक्सीजन। तो ऑक्सीजन को मैंने बीच में रख
दिया। ठीक है? अब जो बचे हुए एटम है उनको सिमिट्रिकली अगल-बगल बिखेर दो। सिमिट्रिकली एक राइट में डाल देते हैं। एक
लेफ्ट में। तो एक हाइड्रोजन आ गया इधर, एक हाइड्रोजन आ गया इधर। क्या बना रहे हैं? इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। क्या बनाने
होंगे? लास्ट शेल के इलेक्ट्रॉन। ऑक्सीजन के लास्ट शेल में कितने इलेक्ट्रॉन है? छह। तो 1 2 3 4 पांच छह। अब ऐसे क्यों
बनाया? सोचो अपने आप आएगा दिमाग में। हाइड्रोजन के लास्ट शेल में कितने इलेक्ट्रॉन हैं? एक। तो मैंने इधर बना
दिया इसका एक और इधर बना दिया इसका एक। अब देखो ऐसे क्यों बनाया? ऑक्सीजन को आखिरी शेल में कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? आठ
चाहिए। छह उसके पास ऑलरेडी हैं। दो कहीं से मिल जाए। एक एक हाइड्रोजन से लेगा एक दूसरे हाइड्रोजन से। अब हाइड्रोजन को
कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए होते हैं? याद रखना हाइड्रोजन को कितने चाहिए होते हैं? दो। ये ड्यूप्लेट में खुश हो जाता है।
इसको ऑक्टेट की जरूरत नहीं है। दो इलेक्ट्रॉन। एक इसके पास ऑलरेडी है। एक ऑक्सीजन का साथ शेयर कर लेगा। तो आओ
गुल्लू गुल्लू करते हैं। पहले ऑक्सीजन का गुल्लू गुल्लू करते हैं। 2 दो 2 4 2 6 एक इधर से मांगेगा एक इधर से मांगेगा। कहेगा
सब लोग हमें दो। हम अपना गुल्लू गुल्लू कर लें। हाइड्रोजन कहेगा ज्यादा चालाकी नहीं। हमें भी दो इलेक्ट्रॉन। एक इसके पास है एक
ऑक्सीजन का मांग लेगा। कहता है एक हमको भी दो। ये हाइड्रोजन का भी गुल्लूगुल्लू हो गया। ये
वाला हाइड्रोजन क्या कहेगा? भाई तुम हमसे एक इलेक्ट्रॉन लिए हो। अपना एक इलेक्ट्रॉन हमको भी दे दो। इसका भी गुल्लू गुल्लू हो
गया। अब ध्यान से देखो। ऑक्सीजन के वैलेंस शेल में कितने इलेक्ट्रॉन? 2 4 2 6 2 8 हाइड्रोजन के दो। हाइड्रोजन के दो और
हाइड्रोजन दो में खुश हो जाता है। तो कुछ इस प्रकार का दिखाई पड़ेगा। आओ इसमें देखते हैं कौन से कोवेलेंट बॉन्ड हैं।
सिंगल है, डबल है, ट्रिपल है। तो यहां ऑक्सीजन, यहां एक हाइड्रोजन, यहां एक हाइड्रोजन। ऑक्सीजन ने एक इलेक्ट्रॉन
दिया, एक इलेक्ट्रॉन। हाइड्रोजन ने भी एक और एक। एक रिश्ता ये बना, एक रिश्ता ये, एक रिश्ता ये, एक रिश्ता ये। कितने
कोवेलेंट बॉन्ड हैं? दो। दोनों के दोनों कैसे हैं? सिंगल। तो क्या? टू सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड। यह मत बोलना यह डबल हो
गया। ये डबल नहीं हुआ। यह क्या है? दो सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड। असल में ऐसा नहीं दिखता। थोड़ा सा ऐसे झुका हुआ सा
स्ट्रक्चर होता है। रियल स्ट्रक्चर जो होता है वाटर का वो ऐसा होता है। थोड़ा सा इस तरह का बेंट इस तरह का दिखता है। पर
इससे आपको मतलब नहीं है। आप लोग को इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर समझना है। क्लियर हो गया? आइए नेक्स्ट देखते हैं।
CH4 बेटा ये बहुत इंपॉर्टेंट गैस है। इसको मिथेन गैस बोलते हैं। इस चैप्टर में ये सब हमें पढ़ना है। नाम लिखना लिखना। आगे
सीखेंगे। क्या टेंशन है? अभी तो CH4 देखो भाई। अच्छा भाई तो एक कार्बन है, एक हाइड्रोजन है। कार्बन का एटॉमिक नंबर छह।
छह इलेक्ट्रॉन कैसे डिस्ट्रीब्यूट होंगे? पहले में दो चला गया। बचा हुआ दूसरे में। हाइड्रोजन के पास एक इलेक्ट्रॉन डाल दिया।
अब ये कार्बनवा को आखिरी शेल में कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? आठ। चार है इसके पास। तो ये कह रहा है चार और दो। कौन देगा
इसको? चार और। चार हाइड्रोजन है। चारों एक-एक दे देंगे। इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर इसका कैसे बनेगा? जो अकेला एटम है उसको
बीच में बनाओ। अकेला कौन है? कार्बन इसको बीच में बचे हुए एटम को सिमिट्रिकली अगल-बगल रख दो। तो भाई एक हाइड्रोजन राइट
में, एक हाइड्रोजन लेफ्ट में, एक हाइड्रोजन ऊपर और एक हाइड्रोजन नीचे। अब इलेक्ट्रॉन बनाएं। कार्बन के आखिरी शेल
में कितने इलेक्ट्रॉन हैं? चार। तो एक दो तीन चार। हाइड्रोजन के आखिरी शेल में एक। तो एक एक
अब आओ गुल्लू-गुल्लू करने का समय हो गया भाई। कार्बन को आखिरी शैल में कितने चाहिए? आठ। एक इससे मांगेगा, एक इससे
मांगेगा, एक इससे, एक इससे तो ये बन गया कार्बन का गुल्लू गुल्लू। ए ये तो भाई कार्बनवा का पेट तो भर गया।
कार्बनवा का पेट तो भर गया। अब हाइड्रोजन की बात। इस कार्बन ने हाइड्रोजन से एक इलेक्ट्रॉन लिया है। तो हाइड्रोजन भी
कार्बन से एक इलेक्ट्रॉन ले लेगा। ये भी क्या करेगा? एक इलेक्ट्रॉन ले लेगा। ये भी क्या करेगा? एक इलेक्ट्रॉन ले लेगा। ये भी
क्या करेगा? एक इलेक्ट्रॉन ले लेगा। और यह क्या हो गई? म्यूचुअल शेयरिंग क्या बन गया? CH4. अब कार्बन के गुल्लू में देखो
कितने इलेक्ट्रॉन है। 1 2 3 4 5 6 7 8. हाइड्रोजन के दो, हाइड्रोजन के दो, हाइड्रोजन के दो और हाइड्रोजन के दो। और
हाइड्रोजन किसमें खुश हो जाता है? ड्यूप्लेट में यानी दो इलेक्ट्रॉन में खुश हो जाता है। कितने कोवेलेंट बॉन्ड बने?
आइए देखते हैं कितने। यहां कार्बन, यहां हाइड्रोजन, हाइड्रोजन, हाइड्रोजन, हाइड्रोजन। कार्बन ने इसको भी एक
इलेक्ट्रॉन, इसको भी, इसको भी, इसको भी। और हर हाइड्रोजन ने एक-एक इलेक्ट्रॉन कार्बन को दिया। एक रिश्ता ये, एक रिश्ता
ये, एक रिश्ता ये, एक रिश्ता ये। कितने रिश्ते बने भाई यहां पे? चार रिश्ते। सर मेरा रिश्ता कब होगा? 16 साल का है।
इललीगल है अभी। ठीक है? शादी ब्याह इललीगल है। कितने कोवेलेंट बॉन्ड बने? चार सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड बने। और क्या बन गया? CH4।
अब इसी तरह से आपको NH3 यानी अमोनिया का आपको इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर बनाना है। नाइट्रोजन को बीच में रख लेना। इसको कितने
इलेक्ट्रॉन चाहिए? आखिरी शेल में पांच हैं। तीन चाहिए और तीन हाइड्रोजन देंगे। बना लेंगे। कमेंट करके बताना कि अमोनिया
के अंदर NH3 के अंदर कितने सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड हैं? कितने डबल कोवेलेंट बॉन्ड हैं? कमेंट करके आपको बताना है कितने सिंगल
कॉमा कितने डबल? कर लेंगे भाई। चलिए आगे बढ़ते हैं भाई। बहुत बढ़िया। प्रॉपर्टीज ऑफ कोवेलेंट कंपाउंड क्या इनकी प्रॉपर्टी है?
पहली बात तो ये है कि ये इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट नहीं करते। जनरली दे आर वेरी पुअर कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। ऐसा क्यों होता
है बेटा? जो ये कोवेलेंट कंपाउंड होते हैं इसमें इलेक्ट्रॉन आजाद नहीं होता। पैक्ड होता है। दो लोग पकड़े रहते हैं
इलेक्ट्रॉन को। तो फ्री इलेक्ट्रॉन नहीं है, फ्री चार्ज नहीं है, आयंस नहीं है इसके पास और जब तक आयंस नहीं है तब तक
इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट नहीं हो सकती। इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट होने के लिए आयंस का प्रेजेंट होना जरूरी है। चार्ज्ड पार्टिकल
का प्रेजेंट होना जरूरी है। इनके पास कोई चार्ज पार्टिकल नहीं होते। जनरली पुअर कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। भाई जनरली याद
रखना कुछ-कुछ गुड कंडक्टर भी निकलेंगे। बट जनरली पुअर कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। रीज़न क्या है? इलेक्ट्रॉन्स आर शेयरर्ड।
शेयरर्ड हैं, बंधे हुए हैं बिटवीन एटम्स एंड नो चार्ज पार्टिकल्स आर फॉर्म्ड। कोई चार्ज पार्टिकल्स नहीं बनते। हेंस देयर इज़
एब्सेंस ऑफ़ आयंस। तो ये वर्ड आपको लिखना होगा एग्जाम में क्या? एब्सेंस ऑफ़ आयंस अगर आयंस नहीं है, अगर चार्ज पार्टिकल्स
नहीं है, तो इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट नहीं होती। दूसरी बात जनरली दे हैव लो मेल्टिंग एंड बॉइलिंग पॉइंट। जनरली इनका मेल्टिंग
पॉइंट बॉइलिंग पॉइंट बहुत ही कम होता है। ऐसा क्यों होता है? भाई इनके मॉलिक्यूल्स के बीच में जो इंटरमॉलिक्यूलर
फोर्स होती है वो बहुत ही कमजोर होती है। मतलब क्या है सर? देखो ये मत सोचना कोवेलेंट बॉन्ड कमजोर है। जरा ध्यान से
सुनो। मान लो मैं हाइड्रोजन बनाता हूं। तो ये H2 ये एक और H2 ये एक और H2 ठीक है? अब मान लो एक कंटेनर में आपके पास हाइड्रोजन
गैस है। उसमें कितने हाइड्रोजन के मॉलिक्यूल होंगे? लाखों, करोड़ों, अरबों, खरबों हाइड्रोजन के मॉलिक्यूल हैं। एक
कंटेनर में बहुत सारा हाइड्रोजन है। तो हाइड्रोजन के ढेर सारे मॉलिक्यूल हैं। H2 H2H2। अब इन मॉलिक्यूल के बीच में होती है
इंटर मॉलिक्यूलर फोर्स। इंटर मतलब अगल-बगल। इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स। ये इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स। ये जो
इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स है, इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स है, इंटरमॉलिक्यूलर जो फोर्स है बेटा, ये बहुत
कमजोर होती है। बहुत वीक होती है। अगर आप इसको हीट करोगे, अगर आप इसको हीट करोगे तो ये फोर्स टूट जाती है। यहां से ये
अट्रैक्शन जो इनके बीच का है, दो मॉलिक्यूल के बीच का अट्रैक्शन ये टूट जाता है। और हाइड्रोजन के मॉलिक्यूल
अलग-अलग हो जाते हैं और भाप बन के उड़ जाएंगे। मतलब बॉईल हो जाएंगे। तो बहुत ईजीली बॉईल हो सकता है। क्यों? क्योंकि
मॉलिक्यूल के बीच की जो फोर्स है वो बहुत कमजोर है। अब यहां पे बच्चे क्या गलत सोचते हैं? वो सोचते हैं कि ये कोवेलेंट
बॉन्ड बहुत कमजोर बॉन्ड होता है। कभी नहीं बेटा कोवेलेंट बॉन्ड एक बहुत ही स्ट्रांग बॉन्ड होता है। दो हाइड्रोजन के एटम के
बीच का जो बॉन्ड है ये कोवेलेंट बॉन्ड। यह कैसा होता है? कोवेलेंट बॉन्ड। यह यह क्या है? कोवेलेंट बॉन्ड। यह कैसा बॉन्ड है? यह
स्ट्रांग है। यह स्ट्रांग है। एक-ए H निकल के दूर नहीं चला जाएगा। क्या होगा? H2H2 के ढेर सारे
जो मॉलिक्यूल हैं जो आपस में थोड़ा बहुत ऐसे रिश्ता बनाए हुए थे। कौन सा? इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स का। ये फोर्स बेटा
बहुत ही कमजोर होती है और ये टूट के अलग-अलग हो जाते हैं। एक H2 अलग चला गया, एक H2 अलग चला गया, एक H2 अलग चला गया। पर
H जो आपस में जुड़े हैं वो रिश्ता मजबूत है कोवेलेंट बॉन्ड का। ठीक है? जनरली लो मेल्टिंग एंड बॉइलिंग पॉइंट। लो क्यों है?
हीट किया। हीट किया तो ये वाली फोर्स टूट गई। ये वाली फोर्स टूट गई। हाइड्रोजन हाइड्रोजन के मॉलिक्यूल दूर चले गए। बिकॉज़
दे हैव वीक इंटरमॉलिक्यूलर फोर्सेस। इंटरमॉलिक्यूलर मॉलिक्यूल के बीच की जो फोर्स है वो कमजोर है। कोवेलेंट बॉन्ड इज़
स्ट्रांग। इंटरमॉलिक्यूलर फोर्सर्सेस आर वीक। जो मैंने बताया। ये कोवेलेंट बॉन्ड है। ये कैसा है? ये स्ट्रंग है।
ये कोवेलेंट बॉन्ड कैसा है? स्ट्रंग। कोवेलेंट बॉन्ड स्ट्रंग। और ये जो है इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स ये कैसी है? वीक है।
क्लियर? तो दो प्रॉपर्टी आपको याद रखनी है कोवेलेंट कंपाउंड की। क्या? एक तो इलेक्ट्रिसिटी जनरली कंडक्ट नहीं करते।
क्यों नहीं कंडक्ट करते? बिकॉज़ ऑफ़ एब्सेंस ऑफ़ आयंस। आयंस नहीं होते। चार्ज पार्टिकल नहीं होते। दूसरा दे हैव लो मेल्टिंग एंड
बॉइलिंग पॉइंट। क्यों? क्योंकि इंटरमॉलिक्यूलर फोर्सेस क्या होती हैं? वीक। कोवेलेंट कंपाउंड कौन से कंपाउंड
होते हैं? जो एक नॉन मेटल और नॉन मेटल के बीच में बनते हैं। क्लियर? अच्छा अब एक सवाल आता है ये जो कार्बन है ये कोवेलेंट
कंपाउंड क्यों बनाता है सर क्योंकि ये नॉन मेटल है नॉन मेटल नॉन मेटल के साथ कोवेलेंट कंपाउंड बनाते हैं पर इसको
एग्जाम में कई बार पूछा जाता है कि कार्बन कोवेलेंट कंपाउंड क्यों बनाता है इसका एक एक्सप्लेनेशन समझते हैं एनसीईआरटी में भी
दिया है भाई कार्बन का एटॉमिक नंबर कितना होता है छह हाइड्रोजन हीलियम लिथियम बेरिलियम बोरॉन कार्बन छठा एलिमेंट है छह
इलेक्ट्रॉन हैं इसके इसके एटम के पास पास छह इलेक्ट्रॉन हैं। डिस्ट्रीब्यूशन क्या होगा? पहले में दो तीसरे दूसरे में चार।
देखो ये इसका कुछ स्ट्रक्चर हो जाएगा। एटॉमिक नंबर कितना है? छह एटॉमिक नंबर है। छह एटॉमिक नंबर का मतलब इसके पास छह क्या
होंगे? प्रोटॉन्स होंगे। पॉजिटिव चार्ज न्यूक्लियस में। और छह इसके पास इलेक्ट्रॉन भी हैं। एक इलेक्ट्रॉन, दो
इलेक्ट्रॉन, तीन इलेक्ट्रॉन, चार, पांच, छह। इलेक्ट्रॉन पे कैसा चार्ज? नेगेटिव। प्रोटॉन पे कैसा चार्ज होता है? पॉजिटिव।
तो सेंटर में छह पॉज़िटिव चार्ज। और छह इलेक्ट्रॉन ऐसे डिस्ट्रीब्यूटेड हैं। पहली शेल में कितने हैं? दो। दूसरी शेल में
कितने हैं? चार। ठीक है भाई? अब कार्बन को आखिरी शेल में कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? चार इलेक्ट्रॉन और चाहिए। कहीं से इसको
चार इलेक्ट्रॉन और मिल जाए तो इसके आठ इलेक्ट्रॉन हो जाए और ये स्टेबल। या तो या तो ये इन चार इलेक्ट्रॉन को लूज़ कर दे। तब
इसकी आखिरी शेल ये बचेगी। भाई चार इलेक्ट्रॉन पूरा का पूरा लूज़ कर दे। तब आखिरी शेल ये बचेगी। और आखिरी शेल में दो
इलेक्ट्रॉन भी क्या होते हैं? स्टेबल जैसे हाइड्रोजन। तो भाई कार्बन को स्टेबल होने के लिए दो कहानी करनी होगी। या तो या तो
चार इलेक्ट्रॉन गेन करके आठ इलेक्ट्रॉन बना ले स्टेबल हो गया। या तो चार इलेक्ट्रॉन लूज़ कर दे और आखिरी शेल में दो
इलेक्ट्रॉन तो भी स्टेबल ड्यूप्लेट। ठीक है? टू अटेन नोबल गैस कॉन्फ़िगरेशन। नोबल गैस कॉन्फ़िगरेशन मतलब स्टेबल कॉन्फ़िगरेशन।
जितनी भी नोबल गैस होती हैं, हीलियम, नियॉन, ज़ेनॉन, आर्गन ये सब कैसी होती है? स्टेबल होती हैं। वही कहानी है ऑक्टेट
वाली। आठ इलेक्ट्रॉन और टू इलेक्ट्रॉन इन लास्ट शेल। कार्बन अब क्या-क्या कर सकता है? पहली चीज़ या तो कार्बन चार इलेक्ट्रॉन
लूज़ कर दे। चार इलेक्ट्रॉन को जाने दें। मज़ा नहीं आ रहा आपको। क्यों जाने देंगे? भाई, अगर चार इलेक्ट्रॉन को जाने दिया, तो
ये शेल गायब हो जाएगी। आखिरी शेल ये बचेगी जिसमें दो इलेक्ट्रॉन। यहां पे देखो। अगर चारों इलेक्ट्रॉन निकल गए तो ये एक आखिरी
शेल हो गई जिसमें दो इलेक्ट्रॉन तो पहली चीज़ कार्बन क्या कर सकता है? चार इलेक्ट्रॉन लूज़ कर दे। अच्छा बेटा
इलेक्ट्रॉन पे कैसा चार्ज होता है? नेगेटिव चार्ज होता है। अगर एटम से नेगेटिव चार्ज निकालोगे तो एटम पे कौन सा
चार्ज आएगा? पॉजिटिव चार्ज। तो कार्बन ने अगर चार इलेक्ट्रॉन लूज़ कर दिए तो कार्बन के ऊपर क्या आएगा? चार पॉजिटिव चार्ज।
बोलो ये समझ में आया? इलेक्ट्रॉन को जब भी आप लूज़ करते हो नेगेटिव चीज़ बाहर जा रही। नेगेटिव चीज बाहर जा रही है तो आप पे कैसा
चार्ज आएगा? पॉजिटिव। तो कार्बन ने अगर चार इलेक्ट्रॉन लूज़ कर दिए तो कार्बन पे चार प्लस आ जाएगा। और चार इलेक्ट्रॉन लूज़
करते ही ये शेल गायब। आखिरी शेल में दो इलेक्ट्रॉन काम बन जाएगा। पर ऐसा होता नहीं है। क्यों नहीं होता बेटा?
इलेक्ट्रॉन पे है नेगेटिव चार्ज। और एटम के न्यूक्लियस में क्या होता है? प्रोटॉन। कितने प्रोटॉन है? छह प्रोटॉन। पॉजिटिव
चार्ज। अब ये नेगेटिव चार्ज। पॉजिटिव चार्ज क्या करते हैं? एक दूसरे को अट्रैक्ट करते हैं। इन इलेक्ट्रॉन को
प्रोटॉन ने कस के पकड़ रखा है। अच्छा। और तुम कह रहे हो चारों इलेक्ट्रॉन को हम बाहर निकालेंगे। आपने कार्बन से कहा
तुम्हारा एक इलेक्ट्रॉन हम बाहर निकालेंगे। कहने नहीं जाने देंगे ना हम निकालेंगे। आ निकल गया। गुस्सा है कार्बन
एक इलेक्ट्रॉन ले के गया। हम वैसे मुंह बनाया है। तुमने कहा हम दूसरा इलेक्ट्रॉन। कार्बन के ऐ ले गए। तुमने कहा हम तीसरा
कार्बन कहा बस। हद होती है साहब। बस। यानी चार इलेक्ट्रॉन निकालना पॉसिबल ही नहीं है। इतनी ज्यादा एनर्जी चाहिए इसके लिए कि
वो पॉसिबल ही नहीं हो पाएगा। क्यों? क्योंकि इलेक्ट्रॉन्स को प्रोटॉन ने कस के पकड़ रखा है। एक निकाल ले, दो निकाल ले।
चार कैसे निकालेगा तू भाई? हम भी तो प्रोटॉन है। हमारे पास भी दबा के भाई क्या है? अट्रैक्टिव पावर फोर्स है हमारे पास।
प्रोटॉन तुम्हारा दुश्मन है। कह रहा है चार। हम्म एक ले ले। दो ले ले। चार नहीं जाने देंगे। तो बेटा क्या होता है? अगर
चार इलेक्ट्रॉन लूज़ करने हैं उसके लिए रिक्वायरर्स लॉट ऑफ एनर्जी एज सिक्स प्रोटॉन्स इन न्यूक्लियस विल पुल
इलेक्ट्रॉन स्ट्रोंगली। छह जो प्रोटॉन हैं वो इलेक्ट्रॉन को कस के पकड़े हुए हैं। तो चार इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आपको बहुत
सारी एनर्जी चाहिए। रिक्वायर्स लॉट ऑफ़ एनर्जी एज़ सिक्स प्रोटॉन्स इन न्यूक्लियस विल पुल इलेक्ट्रॉन स्ट्रोंगली। तो भाई ये
वाली कहानी तो फेल हो गई। चार इलेक्ट्रॉन निकाल नहीं सकते। दूसरा रास्ता क्या है? बदतमीजी तो कर नहीं पाए। कुछ ले तो पाए
नहीं। इसको अब कुछ देने की कोशिश करते हैं। एक काम करते हैं इसको चार इलेक्ट्रॉन दे देते हैं। चार देंगे तो आखिरी शेल में
आठ हो जाएंगे। ठीक है? दूसरा रास्ता क्या है? कार्बन हैज़ टू गेन पोल इलेक्ट्रॉन। भाई इलेक्ट्रॉन पे कौन सा चार्ज होता है?
नेगेटिव चार्ज होता है। आप चार इलेक्ट्रॉन लोगे तो आपके ऊपर चार नेगेटिव चार्ज। C4 माइनस आ जाएगा। चार इलेक्ट्रॉन आपने खा
लिए। नेगेटिव चार्ज खाओगे तो ऊपर नेगेटिव चार्ज ही आएगा। चार्ज नेगेटिव। अब हमने कहा हम चार इलेक्ट्रॉन तुमको दे देते हैं।
प्रोटॉन कहेगा भैया घर चला रहे हैं। गरीबी है। चार बच्चे पाल रहे हैं। छह बच्चे पाल रहे हैं। तुम चार
बच्चे और दे दोगे। सबके लिए खाना नहीं है हमारे पास। अब तो सोचो घर में तुम लोग दो बच्चे हो। 10 बच्चे और रहने लग जाए। पापा
क्या सबकी फीस दे पाएंगे? सबको खाना खिला पाएंगे। नहीं। तो ये भी यही बोलता है। कहता है हम छह तक संभाल लें आप। एक दे दो।
दो दे दो। चार इलेक्ट्रॉन हमको और दोगे। एक दे दोगे। चलो हम खाना बांट देंगे सबका। चला लेंगे। दो दे दोगे। ठीक है। चार
इलेक्ट्रॉन भाई। माफ करो हम नहीं संभाल पाएंगे। तो ये क्या बोलता है? डिफिकल्ट टू होल्ड 10 इलेक्ट्रॉन। भाई छह ऑलरेडी हैं।
चार और डाल दोगे। कह रहा है भाई 10 इलेक्ट्रॉन हमसे नहीं संभलेंगे। डिफिकल्ट टू होल्ड 10 इलेक्ट्रॉन विद सिक्स
प्रोटॉन्स इन न्यूक्लियस। ये कह रहा है भाई चार और इलेक्ट्रॉन डाल दोगे। 10 इलेक्ट्रॉन हो जाएंगे। हम पकड़ के नहीं रख
पाएंगे। तबाही हो जाएगी। यानी दोनों रास्ते पॉसिबल नहीं हैं। ना ही आप कार्बन से चार इलेक्ट्रॉन निकाल सकते हो। क्योंकि
प्रोटॉन पकड़ के रखा हुआ है। बहुत एनर्जी चाहिए। ना ही आप कार्बन को चार इलेक्ट्रॉन दे सकते हो। क्योंकि प्रोटॉन कह रहा है कि
हम 10 इलेक्ट्रॉन टोटल पकड़ के नहीं रख सकते। अब ना इलेक्ट्रॉन निकाल सकते हैं ना इलेक्ट्रॉन दे सकते हैं। तो रास्ता क्या
बचा? रास्ता बचा शेयरिंग का। इसीलिए कार्बन क्या करता है? चार इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग कर लेता है। ये वाला इलेक्ट्रॉन
एक हाइड्रोजन के साथ ये एक हाइड्रोजन के साथ एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन। कहता है ना निकालेंगे ना लेंगे शेयरिंग कर लेंगे।
और जब शेयरिंग करता है तो कौन सा रिश्ता बनता है? कोवेलेंट बॉन्ड का। कंपाउंड कौन सा बनता है? कोवेलेंट कंपाउंड। सो कार्बन
शेयर्स फोर इलेक्ट्रॉन एंड फॉर्म्स कोवेलेंट बॉन्ड्स एंड कोवेलेंट कंपाउंड। कौन सा रिश्ता बनाता है? कोवेलेंट बॉन्ड
का। और कौन सा कंपाउंड बनाता है? कोवेलेंट कंपाउंड बनाता है। ये वाली कहानी एग्जाम में पूछते हैं। अच्छे से पढ़ लीजिएगा।
देखिए आ रखा है। सीबीएसई 2017, 2019, 2022, 204, सीबीएसई 2025। नेक्स्ट क्वेश्चन देखो। सीबीएसई 2016, 2018, 2020,
22, 24, 25 कई बार ये या इसके सिमिलर सवाल पूछा। कार्बन कंपाउंड्स यार कार्बन कंपाउंड्स मतलब क्या? कोवेलेंट कंपाउंड्स
की बातें हो रही हैं। हां, कार्बन कौन से कंपाउंड बनाता है? कोवेलेंट कंपाउंड्स बनाता है। कार्बन कंपाउंड्स आर गुड
कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। गलत बात है भाई। बैड कंडक्टर होते हैं। बैड कंडक्टर ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी। यस। जनरली कोवेलेंट
कंपाउंड आर बैड। क्यों? एब्सेंस ऑफ़ आयंस। आयंस नहीं है। हैव स्ट्रांग फोर्सर्सेस ऑफ़ अट्रैक्शन बिटवीन देयर मॉलिक्यूल्स। नहीं
भाई, क्या बताया था मॉलिक्यूल्स के बीच में? कमजोर फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन। हैव वीक फोर्सर्सेस ऑफ़ अट्रैक्शन बिटवीन देयर
मॉलिक्यूल्स। तो कौन-कौन सा सही हो गया? टू और फोर करेक्ट हो गया। ऑप्शन सी टू एंड फोर आर करेक्ट। तो ये या इसके सिमिलर सवाल
पूछता रहता है। अब आ गया भाई नोमेनक्लेचर यानी कार्बन के कंपाउंड का नाम लिखना। आईयूपीएसी इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड
अप्लाइड केमिस्ट। वह केमिस्ट जिन्होंने मिलके यह नियम बना रखे हैं। ठीक है? तो कार्बन की होती है चार वैलेंसी। चार कैसे
हुई भाई? कार्बन का एटॉमिक नंबर छह इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन 2, 4। तो आखिरी शेल में चार इलेक्ट्रॉन हैं। उसी को शेयर
करना है। तो चार वैलेंसी कार्बन की। चार वैलेंसी को हम टेट्रा वैलेंसी भी बोलते हैं। टेट्रा मतलब चार। तो याद रखना टेट्रा
वैलेंसी होती है कार्बन की। चार वैलेंसी में। अब ध्यान से सुनो। अगर कोई एटम लगा है इन चार वैलेंसी पे तो ठीक। नहीं लगा है
तो आप हाइड्रोजन लगा देना। कार्बन और हाइड्रोजन भाई-भाई कार्बन की जितनी वैलेंसी सेटिस्फाइड है, जहां-जहां कोई एटम
लगा है, ठीक है? जहां भी खाली दिखे, वहां आप क्या लगा देना? हाइड्रोजन लगा देना। कार्बन और हाइड्रोजन क्या होते हैं?
भाई-भाई जन्मों जन्मों का रिश्ता होता है। यही लिखा है। कार्बन के साथ कुछ लगा है तो ठीक। वरना H लगा के वैलेंसी को खत्म करो।
अब हमें कुछ चीजें याद करनी है। कहीं आपको अगर एक कार्बन दिख जाए तो उसको बेटा हम बोलते हैं मेथ। क्या बोलते हैं? मेथ। याद
करना पड़ेगा। दो कार्बन दिख जाए तो उसको बोलते हैं एथ। तीन कार्बन दिख जाए तो उसको बोलते हैं प्रॉप। चार कार्बन दिख जाए तो
उसको बोलते हैं ब्यूट। पांच कार्बन दिख जाए अब आसान है। उसको बोलते हैं पेंट। छह को हेक्स। सात को हेप्टागन होता है तो
हेप्ट। आठ के लिए ऑक्ट। नाइन के लिए नॉन और 10 के लिए डेक। वैसे ये सब परेशान मत हो। ये वाले जनरली नहीं पूछ रहा है आपसे 8
9 10 वाले। पर ऊपर के पांच छह अच्छे से याद होने चाहिए। है ना? क्या-क्या? मेथ एथ प्रोप ब्यूट पेंट हेग याद करो याद करो एक
कार्बन तो मेथ दो कार्बन तो एथ तीन कार्बन तो प्रॉप चार कार्बन तो ब्यूट पांच कार्बन तो पेंट छह कार्बन तो हेक्स अब अगर कोई
चोरी किया मतलब इसको याद किए बिना आगे गया तो आगे कुछ समझ में नहीं आएगा तो एक बार पॉज करके इसको याद कर लो कर लिया पक्का
कमेंट कर दो मैथ एथ प्रॉप ब्यूट पेंट हेक्स हेप्ट ऑक्ट नॉन डेक ठीक है इसके बाद अनडेक डू डेक वो आपको जरूरत नहीं है चलो
भाई अब ध्यान से सुनो। कभी आपको कार्बन और कार्बन के बीच में सिंगल बॉन्ड दिख जाए। ऐसे एक सिंगल लाइन दिख जाए तो हम बोलते
हैं एन। क्या बोलते हैं? एन। कार्बन और कार्बन के बीच में सिंगल बॉन्ड दिख जाए तो उसको बोलेंगे एन। आओ अब नाम लिखते हैं। ये
वाला कंपाउंड देखो। दो कार्बन है बीच में एक सिंगल बॉन्ड। तो कार्बन की एक वैलेंसी सेटिस्फाइड है। कितनी बची? तीन। जो बची
वहां पे कौन आएगा? हाइड्रोजन। तो एक वैलेंसी लगी हुई है। कितनी बची है? तीन बची है। तो यहां पे क्या लगा दो? तीन
हाइड्रोजन। इस कार्बन को देखो। इसकी भी एक वैलेंसी लगी हुई है। कितनी बची? तीन बची। तो तीन क्या लगा दो? हाइड्रोजन। अब देख दो
कार्बन तो क्या बोलेंगे? दो कार्बन को बोलेंगे एथ। और कार्बन कार्बन के बीच में कौन सा बॉन्ड
है? सिंगल बॉन्ड है। सिंगल बॉन्ड है तो क्या बोलो? एन। नाम पड़ गया भाई। इसको क्या बोलते हैं? इथेन। चलो दूसरा देखते हैं।
यहां तीन कार्बन है। कार्बन कार्बन के बीच में सिंगल बॉन्ड है। इस कार्बन की एक वैलेंसी सेटिस्फाइड है। कितनी बची? तीन।
तो यहां पे तीन क्या लगा दिया? हाइड्रोजन। इस कार्बन को देखो। एक इधर से वैलेंसी एक इधर से। दो वैलेंसी भरी हुई है। कितनी
बची? दो बची हुई है। तो यहां पे कितने हाइड्रोजन? दो। इस कार्बन को देखो। एक वैलेंसी भरी हुई है। कितनी बची? तीन। तो
यहां पे तीन हाइड्रोजन। तीन कार्बन। तीन कार्बन तो मेथ एथ प्रॉप तीन कार्बन तो प्रॉप और कार्बन कार्बन के बीच में कौन सा
बॉन्ड है? सिंगल बॉन्ड। सिंगल बॉन्ड तो एन। तो क्या बन गया? प्रॉपन। ये देखो चार कार्बन है भाई। इस कार्बन की कितनी लाइन
सेटिस्फाइड? एक। तो यहां पे तीन हाइड्रोजन। इस कार्बन की कितनी सेटिस्फाइड? एक। तो यहां पे तीन
हाइड्रोजन। बेटा कॉर्नर वालों में तीन लग जाते हैं क्योंकि एक सेटिस्फाइड होती है। बीच वालों देखो। दो सेटिस्फाइड है। दो
बची। दो हाइड्रोजन। दो सेटिस्फाइड है, दो बची, दो हाइड्रोजन। चार कार्बन तो चार कार्बन को बोलते हैं ब्यूट। मेथ एथ प्रोप
ब्यूट। और कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। तो क्या बोल देंगे? एन। इसी तरह से ये वाला आप भर लोगे पांच कार्बन। कॉर्नर में
कितने हाइड्रोजन आते हैं? तीन। तीन। और बीच वाले में दो-दो। दो सैटिस्फाइड, दो लगाया, दो सैटिस्फाइड, दो लगाया, दो
सैटिस्फाइड, दो। पांच कार्बन को क्या बोलते हैं? पेंट। और कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड है? सिंगल बॉन्ड, पेंटेन।
अच्छा। मान लो एक ही कार्बन हो। अब कोई दूसरा कार्बन तो है नहीं। एक कार्बन है तो क्या बोला हमने? मेथ बोला। अब कार्बन
कार्बन में कौन सा बॉन्ड? दूसरा कार्बन ही नहीं है। जब एक ही कार्बन हो तो आप कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड समझ लेना। और ये
क्या बन जाएगा? एन मिथेन। एक कार्बन है। चार की चारों वैलेंसी बची हुई है। तो चारों पे क्या लग गया? हाइड्रोजन। CH4
क्या बन गया? मीथेन। समझ में आया? कभी एक कार्बन दिख जाए तो कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड पता नहीं सिंगल बॉन्ड कार्बन है
ही नहीं दूसरा और सारी वैलेंसी कौन ले गया हाइड्रोजन तो मिथेन इथेन प्रोपेन ब्यूटेन पेंटेन ये जो बेटा कार्बन कार्बन में
सिंगल बॉन्ड होते हैं ऐसे कंपाउंड को बोलते हैं एल्केन क्या बोलते हैं एल्केन मिथेन इथेन प्रोपेन ब्यूटेन क्या बोलते
हैं एल्केन अच्छा और इनका फार्मूला लिखते हैं यहां पे CH4 ठीक है इसको देखो जरा दो कार्बन छह हाइड्रोजन 3 6 इसको देखो तीन
कार्बन हाइड्रोजन देखो कितने हैं आठ आ रहे होंगे 3 6 2 8 इसको देखो चार कार्बन 10 हाइड्रोजन इसको देखो पांच कार्बन 12
हाइड्रोजन सर आप गिन भी नहीं रहे हो रटे हुए हो नहीं बेटा रटे नहीं है फार्मूला है बहुत सिंपल कभी कार्बन कार्बन में सिंगल
बॉन्ड है कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड है कहीं आपको एल्केन दिख जाए तो बहुत सिंपल फार्मूला है जितने कार्बन उसके डबल
से दो ज्यादा हाइड्रोजन देख एक कार्बन डबल कितना हुआ? टू। उससे दो ज्यादा हाइड्रोजन। तीन दो कार्बन डबल हुआ चार। उससे दो
ज्यादा हाइड्रोजन। छह। तीन कार्बन डबल हुआ छह। उससे दो ज्यादा हाइड्रोजन आठ। चार कार्बन डबल हुआ आठ + 2 10 हाइड्रोजन। पांच
डबल हुआ 10 दो ज्यादा 12 हाइड्रोजन। तो बेटा एल्केन ये जो पूरी सीरीज है इनका एक फार्मूला है। फार्मूला क्या है? जितने
कार्बन फार्मूला क्या है? जितने कार्बन उसके डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन तो कैसे लिखेंगे? C अगर N है तो हाइड्रोजन कितना
होगा? इसका डबल + 2 हाइड्रोजन CNH2N + 2 अब आपसे मैं हेक्सेन बोलूं छह कार्बन। हेक्सेन छह हेक्स मतलब छह। तो इसमें कितने
हाइड्रोजन होंगे? डबल से दो ज़्यादा। C6 C6H14 फ़ॉर्मूला क्या हो गया? CNH2N
+ 2 डबल से दो ज्यादा दो अगर हो गए दो कार्बन तो यहां हाइड्रोजन कितने होंगे? छह हो जाएंगे। ये देखो क्लियर हो गया? तो ये
एल्केन का फार्मूला हो गया CNH2N + 2। ये जो सीरीज बनी है ना ये हो गया पहला मेंबर एल्केन का। ये हो गया दूसरा मेंबर। ये हो
गया तीसरा मेंबर। ये हो गया चौथा मेंबर। ये हो गया पांचवा मेंबर। ये जो सीरीज बनी है ना पहले, दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें
मेंबर की इस सीरीज को बोलते हैं होमोलोगस सीरीज। अब होमोलोगस सीरीज क्या होता है? पढ़ते-पढ़ते समझ में आएगा। सिंपल ये जो
सीरीज बनी है 1 2 3 4 5 इसको बोलते हैं होमोलोगस सीरीज। अच्छा आओ आगे देखते हैं। क्वेश्चन क्या है? सीबीएसई टर्म टू
2021-22 का। राइट द मॉलिक्यूलर फार्मूला एंड ड्रॉ स्ट्रक्चर ऑफ दी फॉलोइंग कार्बन कंपाउंड। पहला मॉलिक्यूलर फार्मूला मिथेन
का पूछा है मुझसे। तो बेटा मेथ यानी कि एक कार्बन एन यानी सिंगल बॉन्ड। मेथ यानी कि एक कार्बन। अब दूसरा कार्बन है नहीं।
हाइड्रोजन कितने होंगे? डबल से दो ज़्यादा। डबल कितना हुआ? टू। उससे दो ज़्यादा। CH4. नहीं आ रहा है। कोई बात नहीं। एक कार्बन
बना लिया बेटा। ठीक है? अब इसकी कितनी वैलेंसी? चार। 1 2 3 चार। दूसरा कोई कार्बन है नहीं। क्योंकि मेथ लिखा हुआ है।
मतलब एक कार्बन। तो चारों वैलेंसी पे क्या आ गया? हाइड्रोजन। हाइड्रोजन। हाइड्रोजन हाइड्रोजन। इसको बोलते हैं स्ट्रक्चर।
एग्जाम में कभी स्ट्रक्चर पूछ ले ना तो इस तरह से बनाना होगा। पूरा खोल के उनको बड़ा मजा आता है तो खोल के पूरा दिखाने में।
दूसरा और देखते हैं। प्रोप एन प्रोप मतलब तीन कार्बन एन मतलब सिंगल बॉन्ड। आओ बनाते हैं बहुत आसान है। प्रोप एन प्रोप मतलब एक
दो तीन कार्बन। मेथ का मतलब एक। एथ का मतलब दो। प्रॉप का मतलब तीन। एन लिखा हुआ है। एन मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल
बॉन्ड। कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। इस कार्बन की एक वैलेंसी सेटिस्फाइड है। कितने हाइड्रोजन लगेंगे? तीन। इसकी एक
सेटिस्फाइड है। कितने हाइड्रोजन? तीन। इसकी दो सेटिस्फाइड है। कितने हाइड्रोजन? दो। क्या बन गया? C3
H8 क्या ये मैं फॉर्मूले से भी कर सकता था? फार्मूला क्या था? जितने कार्बन होंगे प्रॉप का मतलब प्रॉप का मतलब तीन कार्बन।
उसके डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन। डबल हुआ छह, दो ज्यादा आठ। तो चाहे ऐसे करो, चाहे फॉर्मूले से करो। फार्मूला याद रखोगे तो
अच्छा रहेगा भाई। एल्केन का फार्मूला क्या है? CN H उसके डबल से दो ज्यादा। तो जैसे ही बोला प्रॉप प्रॉप मतलब कितने कार्बन
थ्री तो सी के साथ थ्री हाइड्रोजन उसके डबल से दो ज्यादा। अच्छा आप ध्यान से देखो बेटा ये स्ट्रक्चर नहीं होता। स्ट्रक्चर
ऐसे बनता है पूरा खोल के। तो इसका स्ट्रक्चर बना लेते हैं। तीन कार्बन 1 2 3 एक वैलेंसी सेटिस्फाइड है तो 1 2 3 बन गई।
क्या इसकी दो सेटिस्फाइड है? 1 2 बन गई। इसकी एक सेटिस्फाइड है। 1 2 3 जहां कुछ लगा है ठीक नहीं लगा है हाइड्रोजन लगाते।
तो यहां पे एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन एक हाइड्रोजन ये
क्या बन गया बेटा इसका स्ट्रक्चर बन गया। तो स्ट्रक्चर हमेशा ऐसे पूरा खोल के पूरा बनाना होता है। क्लियर हो गया? आप ऐसे बना
लेना फिर ऐसे कर लेना। ये सिंपल जोड़ लेना। क्लियर है? चलो एक काम करो। अब आप होमवर्क के लिए अपने आप ट्राई करो। ब्यूटेन का
फार्मूला और स्ट्रक्चर बनाना। ट्राई करो। और जब हो जाए तो कमेंट में लिखना ब्यूटेन का स्ट्रक्चर और फार्मूला कर लिया। लिखना
भाई ब्यूटेन। ठीक? चलो आगे बढ़ते हैं। नेक्स्ट आ गया अगर कार्बन कार्बन में डबल बॉन्ड हो। अगर डबल बॉन्ड दिख जाए तो लिखते
हैं इन। सिंगल बॉन्ड तो एन। डबल बॉन्ड तो इन ट्रिपल बॉन्ड तो आइन। चार बॉन्ड तो चार नहीं होते। ठीक है? आ जाओ। आओ देखते हैं।
डबल बॉन्ड तो इन अब ये दो कार्बन है। इनके बीच में डबल बॉन्ड। इस कार्बन की दो वैलेंसी सेटिस्फाइड है। कितनी होती है?
चार। जितनी बची वहां क्या लगा दें? हाइड्रोजन। दो सेटिस्फाइड है। कितनी बची? दो। तो दो क्या लगा दिए? हाइड्रोजन। दो
कार्बन तो क्या बोलेंगे? दो कार्बन तो एथ बोलेंगे। एक को मेथ, दो को एथ, तीन को प्रॉपर, चार को ब्यूट, पांच को पेंट।
कार्बन-कार्बन में कौन सा? ध्यान देना। कार्बन कार्बन का। कार्बन ऑक्सीजन का नहीं देखना। बहुत बच्चे गलती करते हैं। कार्बन
कार्बन का कौन सा बॉन्ड है? डबल बॉन्ड। डबल बॉन्ड तो ईन। तो क्या बन गया बेटा? ये इथीन बन गया। बहुत इंपॉर्टेंट कंपाउंड है।
अब देखो तीन कार्बन कर दिए। यहां पे एक वैलेंसी सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन। यहां पे तीन सेटिस्फाइड एक हाइड्रोजन। यहां पे
दो सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन। बोलो क्लियर है? इसकी एक इधर दो इधर। कितनी बची? एक हाइड्रोजन। इसकी दो सेटिस्फाइड दो
हाइड्रोजन। तीन कार्बन तो क्या बोलेंगे? प्रॉप। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड है सर? डबल भी है, सिंगल भी है। अब क्या
लिखें? जब डबल सिंगल दोनों मिल जाएं तो डबल को लेना। ठीक है? जब ट्रिपल सिंगल मिल जाए तो ट्रिपल को लेना। ठीक है? तो इनका
डोमिनेशन है भाई। तो प्रॉप और बाद में क्या लिख देंगे? इन लिख देंगे। यहां पे देखो चार कार्बन हैं। जल्दी से आओ। इस पे
कितने हाइड्रोजन? तीन। दो सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। तीन सेटिस्फाइड, एक हाइड्रोजन। दो सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। कितने हो
गए? चार कार्बन। चार कार्बन तो ब्यूट सिंगल और डबल दोनों बॉन्ड है तो किसका लिखेंगे? डबल बॉन्ड का। क्या लिख देंगे?
ब्यूट ईन। बोलो, क्लियर हुआ? अब सर मिथेन नहीं बना। एक कार्बन का डबल बॉन्ड सर नहीं बना। सर ये नहीं बना। अबे एक कार्बन किसके
साथ डबल बॉन्ड बनाएगा? हाइड्रोजन के साथ थोड़ी बना सकता है। हाइड्रोजन को तो एक ही इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो इलेक्ट्रॉन की
शेयरिंग करेगा कैसे वो? हाइड्रोजन के पास तो एक ही इलेक्ट्रॉन है। एक ही की शेयरिंग करेगा ना। तो बेटा इसीलिए मिथेन जैसा इस
दुनिया में कुछ एग्जिस्ट नहीं करता। ठीक है? अच्छा ये जो कार्बन कार्बन डबल बॉन्ड वाले जो कंपाउंड बनते हैं इनको बोलते हैं
एल्कीन। सिंगल बॉन्ड एल्केन। डबल बॉन्ड एल्कीन। ट्रिपल बॉन्ड एल्काइन। क्या बोलते हैं? एल्कीन। और इनका फार्मूला लिखते हैं।
तो कितने कार्बन हैं? दो। कितने हाइड्रोजन? चार। दिख रहे हैं? कितने कार्बन? तीन। कितने हाइड्रोजन डबल दिखेंगे
एकदम? छह। 3 2 5 1 6 कितने कार्बन? चार। आठ हाइड्रोजन दिखेंगे आपको डबल। आठ। 3 2 5 1 6 2 8. यानी इसका फार्मूला तो बहुत
सिंपल है। जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन। तो फार्मूला बहुत सिंपल। CN H2N। एल्केन में क्या था? जितने कार्बन
डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन। इसमें क्या हुआ? जितने कार्बन डबल हाइड्रोजन। एल्काइन में क्या होगा? डबल से दो कम हो जाएंगे।
एक चीज ध्यान दो। इनकी जो सीरीज बन रही है उसके पहले मेंबर में दो कार्बन हैं। मिथेन जैसा कुछ होता ही नहीं है। इथीन से
स्टार्ट हुआ। वहां पहला मेंबर कौन सा था एल्केन में? मीथेन। यहां क्या है? इथीन। ये दूसरा मेंबर हो गया। ये तीसरा मेंबर हो
गया। चौथे मेंबर का फार्मूला बताओ। C5H कितना हो जाएगा? जस्ट डबल। C5H10। बोलो क्लियर हो गया? CNH2N अच्छा। अब
कार्बन कार्बन में मान लो ट्रिपल बॉन्ड है। ट्रिपल बॉन्ड तो बोलेंगे आइन। सिंगल बॉन्ड तो एन, डबल बॉन्ड तो एन, ट्रिपल
बॉन्ड तो आइन। ठीक है? अब कार्बन कार्बन में ट्रिपल बॉन्ड, एक कार्बन तो ट्रिपल बॉन्ड बना नहीं सकता। तो दो तो चाहिए ही
होंगे। तो भाई तीन वैलेंसी सेटिस्फाइड है। एक हाइड्रोजन इधर, तीन सेटिस्फाइड, एक हाइड्रोजन इधर। दो कार्बन तो क्या
बोलेंगे? अब तक तो याद हो गया होगा। एथ ट्रिपल बॉन्ड तो क्या बोलते हैं? आइन। तो क्या बन गया? इथाइन। तीन कार्बन। इसकी एक
सेटिस्फाइड यहां तीन। इसकी चारों सेटिस्फाइड है क्या? एक तीन ओए होए होए इस पे कोई हाइड्रोजन नहीं आएगा। इसकी तीन
सेटिस्फाइड तो एक हाइड्रोजन लग गया। तीन कार्बन तो क्या बोलेंगे? प्रॉप सिंगल बॉन्ड भी है, ट्रिपल भी है तो किसका
वर्ड लिखना होगा? ट्रिपल का लिखना होगा। प्रॉप आइन। यहां पे चार कार्बन है। इधर इसकी एक सेटिस्फाइड तीन, दो सेटिस्फाइड
दो। चारों सेटिस्फाइड एक भी नहीं। और यहां पे एक हाइड्रोजन। चार कार्बन तो क्या बोलेंगे? ब्यूट और साथ में क्या लगा
देंगे? आइन लगा देंगे। मिथाइन जैसा कुछ नहीं होगा। समझ में आ रहा है? C ट्रिपल बॉन्ड हाइड्रोजन के साथ नहीं बनाएगा। तो
देयर इज़ नथिंग लाइक मिथाइन। यानी इसमें भी पहला मेंबर दो कार्बन से स्टार्ट होता है। इस सीरीज को बोलते हैं एल्काइन। एल्केन
सिंगल बॉन्ड, एल्कीन डबल बॉन्ड, एल्काइन ट्रिपल बॉन्ड। और फार्मूला लिखें। ये आएगा C2H2 यानी जितने कार्बन उतने हाइड्रोजन।
आगे देखते हैं। C3 H4 आ रहा है यार। देखो तीन 1 4 तो डबल तो नहीं। मतलब उतना ही तो नहीं है। C4H6 आ
रहा है यार। मतलब बराबर तो नहीं है। देखो 1 2 3 4 3 2 5 1 6 फॉर्मूला क्या है? डबल से दो कम। डबल कितना हुआ? चार। उससे दो कम
दो। डबल कितना हुआ? छह। उससे दो कम चार। डबल कितना हुआ? आठ। उससे दो कम छह। यानी इसका फार्मूला बनेगा CN H डबल से दो कम।
H2N - 2। बहुत सिंपल है बेटा। एल्केन जितने कार्बन डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन एल्कीन जितने कार्बन डबल हाइड्रोजन
एल्काइन जितने कार्बन डबल से दो कम बड़ा सिंपल एल्केन डबल से दो ज्यादा एल्कीन डबल एल्काइन डबल से दो कम हो गया होमोलोगस
सीरीज देखो पहला मेंबर दो कार्बन का दूसरा तीसरा चौथे का फार्मूला बता दो C5 H कितना आएगा डबल से दो कम यानी H8 ठीक है
चलो आगे बढ़ते हैं सीबीएसई टर्म टू 2021-22 सवाल राइट दी फार्मूला ऑफ़ दी फर्स्ट मेंबर ऑफ दी होमोलोगस सीरीज़ टू व्हिच द कार्बन
कंपाउंड C4H6 बिलोंग क्या आपसे मांग रहा है आपसे फर्स्ट मेंबर मांग रहा है फर्स्ट मेंबर तो मैथ वाला होना चाहिए सर एक
कार्बन का मेंबर होना चाहिए सोचो जरा आराम से फार्मूला क्या है C4H6 C4H6 किसमें फिट हो रहा है हाइड्रोजन कितने हैं
डबल है डबल से दो ज्यादा नहीं डबल से दो कम है ध्यान से देखो डबल से से दो कम। डबल से दो कम मतलब ये क्या है बेटा? एल्काइन
है। बढ़िया सवाल था ये। डबल से C4H8 आठ से दो कम छ यानी ये एल्काइन है। क्या मांग रहा है इसका फर्स्ट मेंबर? क्या इसका
फर्स्ट मेंबर? एल्काइन मतलब क्या हो गया? ट्रिपल बॉन्ड। क्या इसका फर्स्ट मेंबर C ट्रिपल बॉन्ड कुछ बन सकता है? नहीं बनेगा।
पहले मेंबर में भी दो कार्बन चाहिए होंगे। तो फर्स्ट मेंबर बताना है। फर्स्ट मेंबर कौन सा होगा? C2 वाला। दो कार्बन से शुरू
होगा। मिथाइन तो हो ही नहीं सकता ना। एक कार्बन भाई ये क्या है? ये ट्रिपल बॉन्ड है। एक कार्बन तो ट्रिपल बॉन्ड बना ही
नहीं सकता। C2 हाइड्रोजन कितने होंगे? डबल से दो कम। C2H2 ये होगा C ट्रिपल बॉन्ड C इसकी तीन वैलेंस सेटिस्फाइड। एक हाइड्रोजन
इधर एक इधर। बोलो समझ में आया? तो फॉर्मूले से पकड़ना पड़ेगा देख के कि ये क्या चीज है? कई बच्चे क्या करेंगे? पहले
मेंबर में मिथाइन बना देंगे। सॉरी। हां मिथाइन बना देंगे। पर मिथाइन तो होता ही नहीं है। नेक्स्ट देखो। देखो सीबीएसई टर्म
टू 2021-22 द मॉलिक्यूलर फार्मूला ऑफ़ टू एल्काइंस बोल दिया हमसे। एल्काइंस मतलब ट्रिपल बॉन्ड यानी डबल से दो कप। A एंड B
आर CXH2 एंड C3HY फाइंड द वैल्यू ऑफ़ X एंड Y बता लेंगे भाई आप। CXH2
बेटा एल्काइन है। तो जितना ये अरे ये C2H2 है। ये तो अभी लिखा ना अपन ने। पहला ही मेंबर है। तो X की वैल्यू कितनी हो गई? टू
हो गई। C2H2 सिंपल। दूसरा क्या है? C3HY बेटा अगर ये एल्काइन है तो हाइड्रोजन कितने होंगे? डबल से दो कम। तो y की
वैल्यू कितनी हो जाएगी? छह से दो कम चार। C3H4। बोलो क्लियर है? और क्या बोला है? राइट द
नेम्स ऑफ A एंड B। चलो ये होमवर्क। आप इनका नाम लिखो। बहुत सिंपल है बेटा। दो कार्बन तो एथ,
ट्रिपल बॉन्ड तो आइन। इथाइन। तीन कार्बन तो प्रॉप, ट्रिपल बॉन्ड तो आइन। प्रोपाइन। बोलो क्लियर? चलो आगे बढ़ते हैं। अब आ गई
नई कहानी फंक्शनल ग्रुप्स। देखो अभी तक हमने देखा सिर्फ कार्बन था और उसका भाई हाइड्रोजन था। कई बार क्या होता है? कुछ
और एटम भी चले जाते हैं। अगर कार्बन और हाइड्रोजन को छोड़ के कोई और एटम आपको दिख जाए तो उसको बोलते हैं फंक्शनल ग्रुप। एक
एटम भी हो सकता है, ग्रुप ऑफ एटम भी हो सकते हैं। फंक्शनल ग्रुप बेटा वो एटम्स होते हैं या ग्रुप ऑफ एटम्स होते हैं जो
कार्बन-कार्बन की चेन से जुड़ते हैं और उनको प्रॉपर्टीज दे देते हैं। उनकी प्रॉपर्टीज बन जाते हैं। एटम्स और ग्रुप
ऑफ एटम्स व्हिच गिव्स केमिकल प्रॉपर्टीज टू अ कंपाउंड। जो कंपाउंड की केमिकल प्रॉपर्टी है वो उन एटम की वजह से होती
है। सबसे हमें कई सारे फंक्शनल ग्रुप पढ़ने हैं। बहुत सारे अलग-अलग तरह के एटम देखने हैं जो आके जुड़ेंगे। पहला फंक्शनल
ग्रुप जो हमें देखना है वो हैलोजंस। यानी क्लोरीन जुड़ा हो या ब्रोमीन जुड़ा हो। अब इनको कैसे लिखते हैं? क्लोरीन जुड़ा है तो
लिखेंगे क्लोरो। ब्रोमीन जुड़ा है तो लिखेंगे ब्रोमो। अच्छा ये होता है प्रीफिक्स। प्री मतलब पहले तो इसको नाम के
पहले लगाना होता है। आराम समझते हैं। मान लो मेरे पास यह स्ट्रक्चर बना हुआ है। CCL अच्छा इस कार्बन की कितनी वैलेंसी
सेटिस्फाइड है? एक। कितनी बची? तीन। तो भाई तीन यहां पे क्या लग जाएंगे? हाइड्रोजन। क्या बन गया? CH3Cl और यहां
इसकी कितनी सेटिस्फाइड है? एक। यहां हाइड्रोजन नहीं लगाना। अबे वो क्लोरीन है। कार्बन नहीं है वो। क्लोरीन की एक ही
वैलेंसी होती है सेटिस्फाइड। सर कैसे पता चलेगा किसकी क्या वैलेंसी? सिर्फ तुम सिर्फ कार्बन का सोचो। बाकी दुनिया अपना
संभाल लेती है। तुम कार्बन का सोचो। बोलो समझ में आया यह? क्या लिखा है मेरे पास? CCl लिखा है। तो कार्बन की एक वैलेंसी
सेटिस्फाइड है। कितनी बची? तीन। तो CH3Cl अच्छा। एक कार्बन तो क्या बोलोगे भाई? एक कार्बन तो सर मेथ बोलेंगे। कार्बन-कार्बन
यहां तो कार्बन कार्बन है ही नहीं। कार्बन क्लोरीन है। तो कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड? अगर एक ही कार्बन है तो क्या बोल
देते हैं? मैंने सिखाया था एन बोल देते हैं। कार्बन कार्बन में अगर कोई बॉन्ड नहीं दिख रहा है तो एन ही होगा। मिथेन। अब
देखो इसका Cl जो लगा है ये पहले लगाना है। Cl के लिए क्या लिखते हैं? क्लोरो। तो नाम पड़ गया। पहले लगाओ क्लोरो मीथेन। हां इस
कंपाउंड का नाम हो गया क्लोरोथेन। ये देखो जरा। दो कार्बन है बेटा। एक वैलेंसी सेटिस्फाइड। यहां क्या लग जाएंगे? तीन
हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड। दो हाइड्रोजन। यहां कितने? यहां हाइड्रोजन नहीं लगाना। क्लोरीन है। दो कार्बन तो
क्या बोलोगे आप? एथ बोल दोगे। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड? सिंगल बॉन्ड एन बोल दोगे। क्या लगा है? Clcl के लिए क्या
लिखते हैं? क्लोरो। तो क्लोरो इथेन। इसी तरह से ये वाला कर लोगे आप। तीन कार्बन तो क्या हो जाएंगे? प्रॉप। सिंगल बॉन्ड
कार्बन कार्बन सॉरी यहां पे कितने कार्बन है? तीन। तीन कार्बन तो क्या हो जाएगा? प्रॉप। कार्बन कार्बन
में कौन सा बॉन्ड? सिंगल बॉन्ड। एन। क्या लगा है? Cl तो क्या लिख दोगे? क्लोरो प्रोपेन। हाइड्रोजन वगैरह तो आप लगा ही
लोगे। क्लोरो प्रोपेन। लगा दे यहां पे। देखिए ये कार्बन साइड वाला है। इस पे तीन हाइड्रोजन। बीच वाला इस पे दो हाइड्रोजन।
बीच वाला दो हाइड्रोजन वो क्लोरीन है। क्लियर? तो ये क्या हो गया बेटा? फंक्शनल ग्रुप हो गया। Clcl ब्रोमीन भी लिखा हो
सकता है। तो क्या बन जाएगा? ब्रोमो प्रोपेन। ब्रोमो इथेन। ब्रोमोथेन बन जाएगा। क्लियर? एक कार्बन तो मेथ। कार्बन
कार्बन में कोई बॉन्ड नहीं तो सिंगल बॉन्ड एन। पहले क्या लिखा है? क्लोरो। दो कार्बन तो एथ। कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड एन।
पहले क्या लगा दिया? क्लोरो। एंड वो भी। क्लियर है? होमोलोगस सीरीज़ को अब और थोड़ा अंदर। धीमे-धीमे होमोलोगस सीरीज जो आपको
टफ लगती है ना, धीमे-धीमे मैं तोड़- के समझाता जाऊंगा। अब जरा ध्यान से देखो। होमोलोगस सीरीज क्या होती इसकी आओ और
सीरीज़ बनाते हैं। पहला मेंबर क्या है? CH3Cl दिस इज़ द फर्स्ट मेंबर। राइट? यस सर।
सेकंड मेंबर जरा ध्यान से देखो। क्या ये आ रहा है? C2H5Cl क्या यही आया है? C2H5Cl
ठीक है। तीसरा मेंबर देखो जरा ये आ रहा है क्या? C3H7 Cl बोलो यही आ रहा है। C3 2 5 2 7 Cl ठीक
है। अब बेटा ये इसका पहला मेंबर दूसरा मेंबर तीसरा मेंबर। जरा ध्यान से देखो। पहले से दूसरे मेंबर के बीच में क्या चेंज
है? Cl तो सेम है। कार्बन बढ़ गए। कितना कार्बन? एक कार्बन बढ़ गया। कितने हाइड्रोजन बने? यहां तीन थे। यहां पांच।
दो हाइड्रोजन। यानी एक मेंबर से जब हम दूसरे मेंबर पे जा रहे हैं तो एक कार्बन बढ़ रहा है और दो हाइड्रोजन। देख एक
कार्बन बढ़ा, दो हाइड्रोजन। यहां से यहां जरा देखो। Cl तो सेम है। कितने कार्बन? यहां दो कार्बन, यहां तीन। तो, एक कार्बन
बढ़ा और दो हाइड्रोजन बढ़ गए। CH2. यानी आप जब होमोलोगस सीरीज़ में एक मेंबर से नेक्स्ट मेंबर पे जाते हो, तो क्या चेंज
होता है? कुछ चेंज नहीं होता। सिर्फ और सिर्फ एक कार्बन नया आ जाता है और दो हाइड्रोजन। CH2 CH2 बढ़ता है। होमोलोगस
सीरीज़ सेम फंक्शनल ग्रुप इंक्रीजिंग CH2। फंक्शनल ग्रुप इसका क्या है? क्लोरो। इसका क्या है? क्लोरो। इसका क्या है? क्लोरो।
पर CH2 CH2 बढ़ता जाता है। यही है होमोलोगस सीरीज। जरा ध्यान से देखो। पीछे भी दिखा देता हूं अब तुमको। ये यही चीज
तुमको पीछे दिखाता हूं। ये देखो जरा ध्यान से। C2H2 यहां से यहां देखो क्या बढ़ा? ध्यान से देखो। एक कार्बन दो। ओए होए।
राइट सर। मजा आ गया। यहां से यहां देखो क्या बढ़ा? एक कार्बन दो हाइड्रोजन। है कि नहीं? यहां से यहां देख क्या बढ़ा?
एक कार्बन दो हाइड्रोजन। तो बेटा होमोलोगस सीरीज यही होती है कि अगले मेंबर में एक कार्बन ज्यादा होगा, दो हाइड्रोजन ज्यादा
होंगे। पीछे देखो एल्काइन के एल्कीन के देखो। यहां से यहां देखो क्या बढ़ा? एक कार्बन दो हाइड्रोजन। दिख रहा है? यहां से
यहां देखो क्या बढ़ा? एक कार्बन दो हाइड्रोजन। नीचे देखो। यहां से यहां क्या बढ़ा? एक कार्बन दो हाइड्रोजन। यही होती
है बेटा होमोलोगस सीरीज। एल्केन की देखो। यहां से यहां क्या बढ़ा? एक कार्बन दो हाइड। ओए सर ये होती है होमोलोगस सीरीज़।
बाकी कुछ चेंज नहीं होगा। सब में सिंगल बॉन्ड होंगे कार्बन कार्बन के या डबल बॉन्ड होंगे या ट्रिपल बॉन्ड होंगे सीरीज़
में। क्या चेंज होता है एक सीरीज में कि एक कार्बन बढ़ जाता है दो हाइड्रोजन। एक कार्बन दो हाइड्रोजन। दिस इज़ होमोलोगस
सीरीज़। क्लियर है? तो यही होमोलोगस सीरीज़ धीमे-धीमे धीमे आपको मैं बताता जाऊंगा और भी चीज़ बताऊंगा अभी। यहां तक समझ में आ
गया। एक कार्बन दो हाइड्रोजन। तो क्लोरोब्रोमो का खेल समझ में आ गया कि नाम के पहले लगा देना है। ठीक है? आगे बढ़ते
हैं। ड्रा दी स्ट्रक्चर ऑफ क्लोरोपेंटेन। अब देखिए ये कैसे बनेगा सर इसका फार्मूला? सर इसका फार्मूला क्या है? इसका फार्मूला
क्या है? इसका कोई फार्मूला याद नहीं करना। सबके फॉर्मूले याद नहीं कराऊंगा। जहां-जहां इंपॉर्टेंट है वही कितने
फॉर्मूले याद रखोगे? तो सर बिना फॉर्मूले के मैं ये कैसे बनाऊंगा? ये तो बोर्ड में आया सवाल है। क्लोरोपेंटेन।
शांति आराम से सोचो। पेंटेन। पेंट का मतलब कितने कार्बन? पेंट का मतलब पांच कार्बन है। तो पहले मैं पांच कार्बन बना लेता
हूं। एक दो तीन चार पांच। अच्छा एन लिखा है। एन का मतलब कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड होगा? सिंगल बॉन्ड। सिंगल बॉन्ड
सिंगल बॉन्ड। सिंगल बॉन्ड सिंगल बॉन्ड। ठीक है? साथ में क्या लिखा है? क्लोरो लिखा है। यानी Cl लगा होगा। चाहे तो यहां
लगा दो, चाहे तो यहां किसी भी एंड पे लगा दो। क्लोरो लिखा हुआ है ना। किसी भी एंड पे चाहे इस एंड पे, चाहे इस एंड पे। तो
मैंने यहां लगा दिया क्लोरो। अब बेटा बची हुई वैलेंसी कार्बन की हाइड्रोजन से भर दो। अब स्ट्रक्चर बोला है तो यह मत लिख
देना। ना ना यह गलत हो जाएगा। एग्जाम में उनको ये पसंद नहीं है। उनको चाहिए फैला के बनाओ। तो ये वाला मत बनाना। अब स्ट्रक्चर
बनाना पड़ेगा। तो भाई साहब एक वैलेंसी सेटिस्फाइड है। तीन और हो गई। दो सेटिस्फाइड है दो और। दो सेटिस्फाइड है दो
और। दो सेटिस्फाइड है दो और। दो सेटिस्फाइड है दो और। जहां वैलेंसी में कुछ लगा है ठीक। जहां नहीं लगा हाइड्रोजन
लगा। हाइड्रोजन लगा। हाइड्रोजन लगा। हाइड्रोजन लगा। हाइड्रोजन लगा। हाइड्रोजन लगा। हाइड्रोजन लगा, हाइड्रोजन लगा,
हाइड्रोजन लगा, हाइड्रोजन लगा, हाइड्रोजन लगा, हाइड्रोजन लगा। बन गया क्या? क्लोरोपेंटेन। क्लियर है? अब आप प्रैक्टिस
के लिए जरा ये बनाना खुद से ब्रोमो ब्यूटेन। ये आप होमवर्क में प्रैक्टिस करो और फिर कमेंट में लिखना ब्रोमो ब्यूटेन बन
गया। चल भाई आगे। अगला फंक्शनल ग्रुप आ गया मेरा अल्कोहल। शराब छी छी सर। कहीं आपको कार्बन के साथ OH जुड़ा हुआ दिख जाए।
OH तो वो होता है अल्कोहल। उसके लिए लिखते हैं हम ऑल और ये बेटा सफिक्स होता है। सफिक्स मतलब बाद में लगाना। किसके बाद
में? नाम के बाद में। जितने फंक्शनल ग्रुप हैं सब में नाम के बाद में ही लगता है। वो क्लोरो ब्रोमो होता है जो पहले लग जाता
है। क्लोरोथेन, क्लोरोप्रोपेन। बाकी सब में नाम के बाद। तो कहीं अगर OH दिख जाए तो हमें क्या लिखना होगा उसके लिए? ऑल। और
कहां? नाम के बाद में। जरा ये देखो। COH कार्बन की एक वैलेंसी सेटिस्फाइड है। कितने हाइड्रोजन? तीन। एक कार्बन तो क्या
बोलोगे भाई? मेथ बोलोगे। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड? दूसरा कार्बन है ही नहीं। जब दूसरा नहीं है तो क्या लिख लेते
हैं हम लोग? सिंगल बॉन्ड मान लेते हैं एन। और बाद में लगा है OH। OH के लिए क्या लिखना है? ऑल। अच्छा बढ़िया। अब एनसीईआरटी
एक बात हमसे कहती है कि हमें दो वोवेल एक साथ पसंद नहीं है। ई के बाद ओ आ गया। दो वोवेल एक साथ नहीं चाहिए। तो वो कहती है
पहला वाला वोवेल काट दो। बस खत्म। क्या बन गया? मिथेन ऑल। सिंपल। दूसरा देखो। दो कार्बन हो गए। यहां पे एक वैलेंस
सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन, दो सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। दो कार्बन तो क्या बन गया? एथ। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड?
सिंगल बॉन्ड एन। लास्ट में क्या लगा है? OH उसके लिए ऑल। और यह वाला वोवेल काट देना होगा। क्या बन गया? इथेनॉल।
तीसरा देखो, प्रोपेनॉल हो जाएगा। यहां पे H3, यहां पे H2, यहां पे H2, तीन कार्बन तो प्रॉप। कार्बन-कार्बन में सिंगल बॉन्ड
एन। लास्ट में लगा है ऑल। E को काट देना। क्या बन गया? प्रोपेनॉल। ये कौन से हो गए? अल्कोहल। होमोलोगस सीरीज इसकी जरा देखो।
पहला वाला देखो ये आ रहा है क्या? CH3OH हां सर फर्स्ट मेंबर। दूसरा ये आ रहा है क्या? C2H5OH
हां सर एकदम सही। तीसरा वाला ये आ रहा है क्या? C3H7OH हां सर एकदम सही। देखो C3H3 2 5 2 7 ध्यान
से देखो। जब एक मेंबर से दूसरे में जा रहे हैं तो फंक्शनल ग्रुप तो सेम है। फंक्शनल ग्रुप क्या है? OH यहां भी OH यहां भी OH
दूसरे से तीसरे में गए। यहां भी OH, यहां भी OH क्या चेंज हो रहा है? यहां से यहां आने में एक कार्बन बढ़ गया, दो हाइड्रोजन
तो CH2 बढ़ गया। यहां से यहां आने में एक कार्बन बढ़ गया और दो हाइड्रोजन बढ़ गया। CH2 तो ये होती है होमोलोगस सीरीज क्या?
सेम फंक्शनल ग्रुप इंक्रीजिंग CH2। ठीक? नेक्स्ट फंक्शनल ग्रुप देखते हैं। नेक्स्ट आपको चेन में कहीं ये दिख जाए CHO C के
बाद H लिखा होना चाहिए। CHO या तो वो ऐसा बना होगा C डबल ब्ड O और सामने H कहीं आपको चेन में ऐसा दिख जाए C डबल ब्ड O और
H साइड में दिखेगा हमेशा एकदम साइड में। इसको बोलते हैं एल्डिहाइड। क्या बोलते हैं? एल्डिहाइड। इसके लिए वर्ड क्या यूज़
करते हैं? एल। और है क्या? सफिक्स। सफिक्स मतलब बाद में। सब बाद में ही लगता है सिर्फ क्लोरोब्रोमो को छोड़ के। तो कहीं
अगर आपको ये दिख जाए C डबल ब्ड OH ऐसे इस तरह से या ऐसे लिखा हो CHO दोनों ही कंडीशन में क्या यूज़ करना है एल क्या यूज़
करना है एल ठीक है और कहां नाम के बाद यहां देखो C डबल ब्ड OH कार्बन की कितनी वैलेंस सेटिस्फाइड दो एक तीन सेटिस्फाइड
यहां क्या लगा देंगे हाइड्रोजन लगा दिया एक कार्बन तो क्या बोलेंगे सर मेथ बोलेंगे अब यहां पे इन है कि एन है बहुत से बच्चे
कहेंगे सर ये इन है क्योंकि डबल बॉन्ड अरे बेटा छोटे कार्बन कार्बन के बीच में बॉन्ड देखना है। यहां कोई दूसरा कार्बन है
ये नहीं। जब नहीं है दूसरा कार्बन तो क्या लिखते हैं? एन तो ये मिथेन लिखेंगे। यहीं पे बच्चे गलती करते हैं। इसको मीथेन सोच
लेते हैं कि कार्बन और ऑक्स कार्बन ऑक्सीजन नहीं कार्बन कार्बन में दूसरा कार्बन है ही नहीं। तो एन बन गया बेटा।
मिथेन। अब बेटा ये ग्रुप लगा है। CHO इसको क्या लिखते हैं? ऑल लिखते हैं। तो यहां लिख दिया ऑल। फिर वही एनसीईआरटी का ड्रामा
दो वोवेल साथ में हमको पसंद नहीं है तो पहला वाला काट दो क्या बन गया मिथेनॉल इसको देखो आप दो कार्बन हो गए इस कार्बन
की एक सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन ये कार्बन को देखो दो एक तीन एक चार चारों सेटिस्फाइड दो कार्बन तो एथ कार्बन कार्बन
में कौन सा बॉन्ड सिंगल बॉन्ड एन cho ग्रुप लगा है उसके लिए क्या लिखते हैं अल ऑल नहीं ऑल ओH का है CHO का क्या है अल तो
क्या लगा दिया अल फिर दो वोवेल पसंद नहीं है ये काट दिया। क्या बन गया? इथेनॉल। यहां तीन कार्बन हो गए। तो देखो CH3 CH2
और इसकी चारों वैलेंसी सेटिस्फाइड। तीन कार्बन तो प्रॉप कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो एन। CHO ग्रुप लगा है तो क्या
लिख देंगे? अल और E को काट देंगे प्रोपेनल। होमोलोगस सीरीज़ इसकी बना लोगे। अच्छा जरा बना के देखते हैं। पहले वाली
क्या बनी? C और H2 और O ये बना पहला मेंबर। दूसरे वाले को देखो जरा ये बनेगा। C2H4O
ध्यान से देखो यही बन रहा है क्या? C2 H4O तीसरा मेंबर जरा देखो। C3 H6O देखो यही आ रहा है। C3 2 5 1 6
हां CH2 CH2 बढ़ रहा है। वो तो सही बात है। फंक्शनल ग्रुप सेम है। सेम बात है। इसका फार्मूला सोचना होगा एल्डिहाइड का। क्या
फार्मूला बढ़ेगा? जरा ध्यान से देखो। जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन और एक
ऑक्सीजन जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन तो बेटा इसका फार्मूला बन के आ जाएगा मेरे पास
इसका फार्मूला क्या बन जाएगा जितने कार्बन पी अगर एन है तो हाइड्रोजन उसके डबल होंगे और एक ऑक्सीजन CNH2NO
बोलो यही बनेगा जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन। ये कौन सा होमोलोगस सीरीज होगा? ये होगा हमारा
एल्डिहाइड। यूज़ करेंगे अल। बोलो क्लियर? चलो। नेक्स्ट है मेरा कीटोन। अब बेटा ये कीटोन जो फंक्शनल ग्रुप है इसकी एक खास
बात है। एक तो दिखता है एल्डिहाइड जैसा है। C डबल ब्ड O वैसे ही दिख रहा है। एल्डिहाइड भी यही था। C डबल ब्ड O।
डिफरेंस क्या है? कि ये आपको चेन के हमेशा बीच में मिलेगा। इसके अगल-बगल हमेशा कार्बन होंगे। इसके लिए हम लोग लिखते हैं
क्या लिखते हैं ओन और है क्या सफिक्स सफिक्स मतलब बाद में सर कीटोन और एल्डिहाइड एक जैसे ही लग रहे हैं मुझको
देखो ना C डबल ब्ड O बेटा इसमें क्या है C डबल बॉन्ड O के एक तरफ एक तरफ पक्का हाइड्रोजन एक तरफ पक्का हाइड्रोजन एक तरफ
पक्का हाइड्रोजन और दूसरी तरफ कार्बन दूसरी तरफ कार्बन दूसरी तरफ हाइड्रोजन हो सकता है या कार्बन पर एक तरफ पक्का
हाइड्रोजन होगा एक तरफ पक्का हाइड्रोजन एल्डिहाइड C डबल ब्ड O के अगर एक तरफ हाइड्रोजन दिख दिख गया तो एल्डिहाइड अल बन
गया। पर अगर बेटा C डबल ब्ड O के दोनों तरफ कार्बन है। दोनों तरफ कार्बन है तब बनेगा कीटोन। सिमिलर है एकदम। C डबल ब्ड O
एक तरफ हाइड्रोजन दिख जाए एल्डिहाइड। पर C डबल ब्ड O दोनों तरफ कार्बन दिखे तो क्या बन जाता है? कीटोन। यूज़ क्या करते हैं?
ओन। यही लिखा है। दोनों तरफ कार्बन चाहिए। एटलीस्ट तीन कार्बन चाहिए। कम से कम तीन कार्बन लगेंगे तभी बन पाएगा। इसका जो पहला
मेंबर है वो तीन कार्बन से शुरू होगा। जैसे आपने एल्कीन एल्काइन में देखा था। पहले मेंबर के पास दो यहां कम से कम तीन।
क्यों भाई? कंडीशन ही क्या है कि एक तो C डबल बॉन्ड O होना चाहिए और दोनों तरफ कार्बन होना चाहिए। तो कम से कम तीन
कार्बन होने चाहिए। तो पहला मेंबर तीन कार्बन का ये रहा। C डबल बॉन्ड O दोनों तरफ कार्बन। इस कार्बन की एक वैलेंसी
सेटिस्फाइड, तीन हाइड्रोजन, एक वैलेंसी सेटिस्फाइड, तीन हाइड्रोजन। इसकी चारों सेटिस्फाई 2 3 4 तीन कार्बन तो क्या
बोलेंगे? प्रॉप बोलेंगे सर। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड? कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड है तो एन बोलेंगे सर। और
ग्रुप कौन सा है? कीटोन। इसको क्या बोलते हैं? ओन। तो ओ एन ई। फिर वही बात आएगी। दो वोवेल एक साथ नहीं तो इसको काट दिया। क्या
बन गया? प्रोपेन। ये इसका पहला मेंबर है बेटा। ये एक कार्बन से बन नहीं सकता। दो कार्बन से भी नहीं बन सकता। क्योंकि दोनों
तरफ क्या चाहिए? C डबल ब्ड O के दोनों तरफ कार्बन अगला मेंबर देखो ये हो जाएगा CH3 यहां दो वैलेंस सेटिस्फाइड CH2 एक
सेटिस्फाइड CH3 इसका देखो चारों सेटिस्फाइड दो एक तीन एक चार चार कार्बन तो ब्यूट कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड
तो एन ग्रुप कौन सा है कीटोन तो लिख दिया ओन दो वोवेल एक साथ नहीं काट दिया ब्यूटेनोन आप काटना मत आप एग्जाम में ऐसे
लिखना एग्जाम में पता चला काट के आ रहे हैं ऐसे ब्यूटेन ओन बन गया बोलो क्लियर हो गया ठीक तो इसका पहला पहले मेंबर में दो
कार तीन कार्बन होंगे। दूसरे में चार होंगे। ठीक है? कम से कम एटलीस्ट तीन कार्बन तो चाहिए चाहिए। होमोलोगस सीरीज
जरा देखो। पहला मेंबर C3 से स्टार्ट होता है ये। C3H देखो 6O यही आ रहा है। दूसरा मेंबर जरा ध्यान से देखो। C4H8O
देखो यही आ रहा है। C4H3 3 6 2 8O अच्छा तीसरा मेंबर आप प्रेडिक्ट कर सकते हो। भाई साहब ये सिमिलर फार्मूला है एल्डिहाइड
वाला। जितने कार्बन डबल हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन। जितने कार्बन डबल हाइड्रोजन एक ऑक्सीजन। यानी इसका फार्मूला एल्डिहाइड से
सेम है। फार्मूला देखो इसका भी क्या आएगा? CN H डबल और एक ऑक्सीजन। यही आ रहा है। तीसरा
में बताओ। C5 H1 ऑक्सीजन। तो एल्डिहाइड और कीटोन का
फार्मूला सेम होता है पर क्या डिफरेंट है? स्ट्रक्चर डिफरेंट है। कीटोन में थ्री डबल बॉन्ड हो के दोनों तरफ कार्बन चाहिए।
एल्डिहाइड में कम से कम एक तरफ हाइड्रोजन होना चाहिए। क्लियर? चलो। राइट द नेम एंड स्ट्रक्चर ऑफ एल्डिहाइड एंड कीटोन विद
मॉलिक्यूलर फार्मूला C3H6O सीबीएसई 2024, 2023 बहुत इंपॉर्टेंट है ये चीज़। क्या? कह रहा है मेरे पास जो फार्मूला है वो क्या
है? C3H6O पहले कह रहा है एल्डिहाइड की बात करो। एल्डिहाइड मतलब C डबल बॉन्ड O और एक तरफ हाइड्रोजन चाहिए। अच्छा पहले
एल्डिहाइड बनाते हैं। C3H6O तो तीन कार्बन चाहिए मुझे। तीन कार्बन एक दो तीन। ठीक है? C3 तीन कार्बन। एल्डिहाइड
मतलब ऐसा कुछ होना चाहिए इसके पास। इस तरह का कहां लगेगा? यहां लगेगा। डबल बॉन् = O और इधर H। बची हुई वैलेंसी पे क्या लगा
देगा तू? हाइड्रोजन वो तेरे को आ ही गया है। यहां पे एक हाइड्रोजन, यहां पे एक हाइड्रोजन, यहां पे 1 2 3 तीन कार्बन हो
गए। क्या बोला? इसका नाम भी लिखना है। तीन कार्बन तो क्या बन जाएगा? प्रॉप। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड? सिंगल बॉन्ड इन
और ये क्या है? एल्डिहाइड। एल्डिहाइड के लिए क्या लिखते हैं? अल। तो यहां पे क्या लिख देंगे? अल। और ये ई लास्ट में कट
जाएगा। तो प्रोपेनल। काटना मत एग्जाम में। सीधा लिखना। प्रोपेनल। क्लियर हो गया? स्ट्रक्चर भी बन गया। नाम भी लिख गया।
दूसरा क्या है? दूसरा बोल रहा है मुझसे कीटोन बनाओ। बेटा कीटोन क्या मैंने आपको सिखाया है कि C डबल
ब्ड O के दोनों तरफ कार्बन चाहिए। बिल्कुल। अच्छा कितने कार्बन है मेरे पास? तीन कार्बन है। एक दो तीन। अब डबल बॉन्ड O
कहां लगाऊं मैं? बीच में ही लगाना पड़ेगा। तभी तो दोनों तरफ कार्बन होंगे। हां सर। अब हाइड्रोजन लगा दे। एक सैटिस्फाइड 1 2 3
एक सैटिस्फाइड 1 2 3 और इसकी बात करें 2 1 3 1 4 बराबर। H बता भाई। तीन कार्बन तो ये भी प्रॉप
कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो ये भी एन यहां क्या लिखेंगे एल लिखेंगे कि ओन कीटोन ग्रुप है तो यहां क्या लिख देंगे ओन
और ये ई कट गया प्रोपेनोन बोलो समझ में आया इन दोनों का फार्मूला यही आएगा देखो दोनों का फार्मूला C3H6O
दोनों का पर दोनों के स्ट्रक्चर क्या है अलग-अलग ये एल्डिहाइड और ये कीटोन चलो द फंक्शनल ग्रुप प्रेजेंट इन ब्यूटेनोन इज़
क्या नाम दिया है ब्यूटेन ओन ओन देखते ही मैं समझ गया कि क्या है कीटोन कीटोन है तो क्या होगा C डबल ब्ड O और दोनों तरफ
कार्बन आओ देख लें क्या CHO होगा नहीं ये तो एल्डिहाइड है COH ये तो सुना ही नहीं हमने OH ये क्या है अल्कोहल होता है ये
क्या है एल्डिहाइड है दूसरा वाला बेटा कार्बोक्सिलिक एसिड आगे देखेंगे ये है मेरे ख्याल से ये ऐसे क्या बना है सर अरे
कुछ नहीं यार C डबल ब्ड O एक ऐसे एक ऐसे बना दिया तो ऐसे ऐसे कार्बन लगा देंगे डिज़ाइन है। डिज़ाइन बना दिया। आप ऐसे बनाते
थे सीधा इन्होंने ऐसा। तो ये होगा इसका फंक्शनल ग्रुप एल्डिहाइड का। देखो ये सवाल बहुत बार आ रहा है एल्डिहाइड कीटोन का।
ठीक? चलो नेक्स्ट जो फंक्शनल ग्रुप है वो COOH सर ये तो सिमिलर लग रहा है। हां।
एल्डिहाइड कीटोन दोनों में ये तो था ही C डबल ब्ड O और अल्कोहल में OH था। दोनों ग्रुप एक साथ आ गए तो बन गया
कार्बोक्सिलिक एसिड। दो तरह से दिख सकता है। या तो C डबल ब OH ऐसे लिखा हो या तो COOH सीधा लिखा हो। देख एल्डिहाइड C डबल
ब्ड O एक तरफ H चाहिए ही चाहिए। कीटोन C डबल ब्ड O तरफ कार्बन चाहिए ही चाहिए। कार्बोक्सिलिक एसिड C डबल बॉन्ड O और एक
तरफ अल्कोहल लगा हो OH कार्बोक्सिलिक एसिड। यूज़ करेंगे वर्ड ओइक एसिड। इसके नाम क्या लिखेंगे? ओइक एसिड। और कहां पे
लिखेंगे बेटा? सफिक्स मतलब बाद में सब बाद में ही लगता है। क्लोरोब्रोमो को छोड़ के। पहला मेंबर C डबल ब्ड OOH कार्बन की दो एक
तीन सेटिस्फाइड एक तरफ हाइड्रोजन। एक कार्बन तो क्या बोलेगा भाई? सर मेथ बोलेंगे। कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड?
दूसरा कार्बन है ही नहीं तो एन बोल लेंगे। और ये कौन सा फंक्शनल ग्रुप है? कार्बोक्सिलिक एसिड। क्या लिखते हैं इसके
लिए? ओइक एसिड। तो यहां पे लिख लिया ओइक एसिड। फिर ई के बाद ओ आ रहा है तो ई को काट देंगे। क्या बन गया? मिथेनोइक एसिड।
ये देखो दो कार्बन है। पहले कार्बन पे एक वैलेंसी सेटिस्फाइड। तीन हाइड्रोजन। दूसरे की दो एक तीन एक चार तीनों सेटिस्फाइड।
चारों सेटिस्फाइड। दो कार्बन तो एथ कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो एन। इ नहीं लिखूंगा मैं क्योंकि वो काटना ही होता है।
COOH क्या बन गया? कार्बोक्सिलिक एसिड। क्या लिखा है? ओइक एसिड। एथेनॉइक एसिड। ये वाला कंपाउंड इंपॉर्टेंट है। याद रखिएगा।
CH3COOH CH3COOH आगे इसका इस्तेमाल होगा बहुत। CH3COOH
एथेनोइक एसिड याद रखिए ये कंपाउंड। अब ये आ जाओ। चार कार्ब तीन कार्बन हो गए। यहां पे तीन हाइड्रोजन यहां पे दो हाइड्रोजन
यहां पे एक भी नहीं। तीन कार्बन तो हो गया। प्रोप कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड एन और लास्ट में लग जाएगा ओइक एसिड।
प्रोपेनोइक एसिड। सर इसका फार्मूला क्या होगा? इसका फार्मूला हमें याद नहीं करना है। सबके फ़ूले याद नहीं करने हैं। जिसके
इसके करने थे, मैंने आपको बता दिए। बहुत सारी चीजें हो गई ना? एक बार रिवाइज़ भी करेंगे। कोई टेंशन नहीं। डॉ दी स्ट्रक्चर
ऑफ ब्यूटेनोइक एसिड। सीबीएसई 2023। देखो, तोड़-तोड़ के स्ट्रक्चर बनेगा। तोड़-तोड़ के स्ट्रक्चर बनेगा। ब्यूट मतलब चार
कार्बन। एन मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। ओइक एसिड मतलब COOH वाला ग्रुप लगाना है। चलो सबसे पहले ब्यूट। ब्यूट
मतलब चार कार्बन। एक दो तीन चार एन मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड लगा दिया। ओइक एसिड ओइक एसिड कौन सा ग्रुप था? C डबल
ब्ड O और साइड में ऐसे OH तो यहां लग जाएगा। C डबल ब्ड O और साइड में OH बीच में कैसे लगेगा भाई? ऊपर के नीचे नहीं ऐसे
नहीं होता। ऐसे ही बनता है। ठीक है? साइड में होता है। बन गया। बची हुई वैलेंसी पे क्या लगा दे भाई? हाइड्रोजन। दो
सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन। दो सेटिस्फाइड। तो यहां यहां यहां आप हाइड्रोजन। तो ये तो गेम समझ में आ गया ना हाइड्रोजन फिक्स
करने वाला। आइए अब एक बार समराइज करते हैं। जितना खेला अभी तक हम लोगों ने पढ़ा। बहुत सारा
खेला पढ़ लिया। सबसे पहले एल्केन। एल्केन के लिए आईयूपीएसी में क्या यूज़ करते हैं हम लोग? एन यूज़ करते हैं। स्ट्रक्चर
एल्केन कैसे दिखता है? C और C के बीच में सिंगल बॉन्ड दिखता है। फार्मूला क्या होता था? डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन। CNH2N
+ 2 डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन। याद है? CH4 बनेगा। C2H6 बनेगा। डबल से दो ज्यादा। एल्कीन इन के लिए क्या लिखते हैं? एल्कीन
के लिए इन लिख देते हैं। स्ट्रक्चर C और C के बीच में डबल बॉन्ड हो जाएगा। फार्मूला क्या होगा? जितने कार्बन उसके डबल
हाइड्रोजन। इसमें एक चीज़ याद रखना। एक कार्बन डबल बॉन्ड नहीं बनाता। यानी इसका जो पहला मेंबर होगा वो दो कार्बन का होगा
और हाइड्रोजन इसके डबल। ये इसका क्या होगा? फर्स्ट मेंबर। तो ये चीज़ याद रखना। कई बार पूछ लेता है कि एल्कीन सीरीज़ का
पहला मेंबर बताओ। अब बच्चा पहला मेंबर सोचता है एक कार्बन में पर इसमें एक कार्बन में डबल बॉन्ड नहीं बन सकता याद है
दो कार्बन चाहिए एल्काइन एल्काइन मतलब आइन लिख देंगे स्ट्रक्चर सी के बीच में ट्रिपल बॉन्ड देख इसमें डबल से दो ज्यादा
हाइड्रोजन इसमें डबल हाइड्रोजन इसमें क्या हो जाएगा डबल से दो कम हाइड्रोजन CNH2N -2 इसमें भी बेटा पहला मेंबर एक कार्बन का
नहीं होगा कम से कम दो कार्बन चाहिए और हाइड्रोजन क्या होंगे डबल से दो कम इसका डबल हो गया चार उससे दो कम C2H2 ये इसका
फर्स्ट मेंबर क्लोरो ब्रोमो बेटा इसके लिए आईयूपीएसी यही है क्या क्लोरो लिख दो या ब्रोमो लिख दो बस ये याद रखना ये कैसे
लगता है पहले लगता है बाकी सारे फंक्शनल ग्रुप बाद में ये पहले लिखा जाता है स्ट्रक्चर क्या होगा सी के साथ कहीं Cl
चिपका होगा या Br चिपका होगा फार्मूला इसका हमें याद नहीं करना| फिर आ गया अल्कोहल अल्कोहल के लिए क्या यूज करते हैं
ऑल स्ट्रक्चर कैसा दिखेगा सी के साथ लिखा होगा Oh OH फार्मूला इसका हमें याद नहीं करना। फिर आ गया एल्डिहाइड। एल्डिहाइड के
लिए क्या लिखते हैं? अल अल एल्डिहाइड कैसा दिखता है? या तो C डबल ब्ड O और कम से कम एक तरफ हाइड्रोजन या तो क्या लिखेगा? CHO
ऐसे लिख देगा। इसका फार्मूला याद करना है। जितने कार्बन डबल हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन CNH2NO
इसका पहला मेंबर क्या होगा? क्या एक कार्बन का हो सकता है? बिल्कुल हो सकता है। ये बनेगा HC डबल बॉन्ड OH ये पहला
मेंबर हो गया इसका। कीटोन कीटोन के लिए क्या यूज़ करते हैं? ओन यूज़ करते हैं। ये क्या हो गया? फर्स्ट मेंबर। फर्स्ट मेंबर
याद रखना क्योंकि एग्जाम में कंफ्यूज होते हैं कहां दो से स्टार्ट, कहां तीन से। कीटोन। कीटोन स्पेशल था। इसको दोनों तरफ
क्या चाहिए? कार्बन चाहिए। तो C डबल बॉन्ड O और दोनों तरफ कार्बन। फार्मूला सेम है एल्डिहाइड कीटोन का। CN H2NO
डिफरेंस क्या है? इसके पहले मेंबर में कम से कम एट लीस्ट एट लीस्ट याद करो तीन कार्बन चाहिए होंगे
तो इसका पहला मेंबर क्या हो जाएगा? C3 H इसका डबल और O ये बनेगा C डबल ब्ड O और C यहां तीन हाइड्रोजन और यहां भी तीन बना
लीजिएगा। फिर कार्बोक्सिलिक एसिड इसके लिए क्या यूज़ करते हैं? ओइक एसिड। स्ट्रक्चर कैसा दिखेगा? एक तो इनके जैसा थोड़ा बहुत
दिखेगा। C डबल ब्ड O होना चाहिए। साइड में अल्कोहल भी लगा हो। C डबल ब्ड O और OH या तो ऐसे लिखा होगा COOH
देखो COOH इसका फार्मूला क्या है? इसका भी फार्मूला याद नहीं करना। तो ये समरी टेबल बेटा आपको
अच्छे से आनी चाहिए। ये पूरी समरी है कि पहला मेंबर क्या होगा? फार्मूला क्या होगा? तीसरा मेंबर कैसे लिखें? स्ट्रक्चर
क्या होगा? वगैरह-वगैरह। क्लियर है? तो इसको एक बार पॉज करके अच्छे से याद कर लीजिएगा। पूरा कंप्लीट हो गया यहां पे। अब
आ गया सीबीएसई 2023, 2017। कई बार स्ट्रक्चर बनाने को देखता है। देखते हैं कितना आपको समझ में आया। इसको करने के
पहले पीछे जा के रिवाइज कर लो। अच्छे से पढ़ लो। फिर प्रैक्टिस करेंगे। धड़ा-धड़ स्ट्रक्चर बनेंगे। जितने टफ लगते थे
ईजीली। सबसे पहले क्या बोला है? इथेनोइक एसिड बनाओ। जैसे मैंने बताया तोड़-तोड़ के देखना होगा। इथ मतलब दो कार्बन। एन मतलब
सिंगल बॉन्ड। तो मैंने दो कार्बन बनाए। बीच में सिंगल बॉन्ड। फिर क्या लगा है? ओइक एसिड। ओइक एसिड क्या था? डबल बॉन्ड ओ
और यहां पे OH। अब इसकी तीन वैलेंसी इसकी तो चारों कंप्लीट 1 2 3 4 इसकी तीन बची 1 2 3 तो हाइड्रोजन हाइड्रोजन हाइड्रोजन
नेक्स्ट देखो ब्रोमो पेंटेन ये आपका होमवर्क ये आप कर लोगे ब्रोमो पेंट मतलब पांच कार्बन एन मतलब सिंगल बॉन्ड और एक
तरफ ब्रोमो लगा देना चलो आगे बढ़ते हैं ब्यूटेनोन आइए करते हैं ब्यूट मतलब चार कार्बन एन मतलब सिंगल बॉन्ड तो मैं चार
कार्बन बनाऊंगा एक दो तीन चार एन लिखा था इसलिए कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड बॉन्ड लगाए। लास्ट में लिखा है ओन। ओन
क्या था यार? ओन कीटोन ग्रुप। C डबल ब्ड O और दोनों तरफ कार्बन होने चाहिए। क्या मैं C डबल ब्ड O यहां पे लगा दूं? गलत हो
जाएगा। दोनों तरफ कार्बन नहीं होंगे। तो मुझे कहीं बीच में लगाना होगा। या तो इस पे लगाऊं या इस पे जिस पे मन करे उस पे
लगा। दोनों सही हैं। चाहे इस पे लगा दे चाहे इस पे। बची हुई वैलेंसी पे हाइड्रोजन लगा देना। यहां पे एक सेटिस्फाइड। तीन
हाइड्रोजन। यहां पे दो सेटिस्फाइड। दो हाइड्रोजन यहां पे एक सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन तो हाइड्रोजन लगा लेना कर लोगे
इतना मैंने स्ट्रक्चर बना दिया नेक्स्ट है हेक्सेनल हेक्स मतलब छह कार्बन एन मतलब
सिंगल बॉन्ड तो छह कार्बन 1 2 3 4 5 6 और सिंगल बॉन्ड क्यों लगाया क्योंकि एन लिखा 1 2 3 4 5 6 अल मतलब एल्डिहाइड एल्डिहाइड
क्या था बेटा सी डबल बॉन् = o और H लगा होना चाहिए है। अब बेटा एक तरफ H चाहिए तो बीच में तो हो नहीं सकता। एक तरफ H चाहिए
तो यहां लगेगा C डबल ब्ड O H बाकी बेटा हाइड्रोजन लगाना है। इसमें दो लगेंगे। इसमें दो लगेंगे। इसमें दो लगेंगे। इसमें
दो लगेंगे और इसमें तीन। तो हाइड्रोजन आप लगा लेना। बोलो आ गया स्ट्रक्चर बनाना आपको। इस तरह से एग्जाम में स्ट्रक्चर
पूछेगा। चलो। अब देखो तुम्हें स्ट्रक्चर बनाना तो आ गया। कई बार एग्जाम में कार्बन कंपाउंड्स का इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर
पूछता है। इलेक्ट्रॉन डॉट कौन सा? जिसमें वो गोला गोला बनाते थे, गुल्लू गुल्लू करते थे। इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग करते थे।
आओ देखें वो कैसे करना है। मान लो हमें इथेन दे दिया तो पहले हम इसका सिंपल स्ट्रक्चर बना लेते हैं। और उस सिंपल
स्ट्रक्चर से हम इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर बनाएंगे। आओ एथ एन एथ मतलब दो कार्बन एन मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। तो
एक कार्बन दो कार्बन कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। कार्बन की चार वैलेंसी एक सेटिस्फाइड है तीन बची। एक सेटिस्फाइड है
तीन बची। जहां कुछ लगा है, ठीक है? जहां नहीं लगा है, वहां हाइड्रोजन, हाइड्रोजन, हाइड्रोजन, हाइड्रोजन, हाइड्रोजन,
हाइड्रोजन लगा दे। ठीक है भाई? अब जरा ध्यान से सुनो। बेटा, जहां-जहां पे बॉन्ड बनता है, जहां-जहां पे रिश्ता बनता है,
क्या वहां-वहां इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग होती है? हां भाई। अगर ये कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड बना है, तो एक इलेक्ट्रॉन
इस कार्बन ने दिया, एक इसने दिया। यहां कार्बन हाइड्रोजन में बॉन्ड बना है। एक इलेक्ट्रॉन कार्बन ने दिया और हाइड्रोजन
वाला डॉट से दिखा लो। यहां कार्बन ने एक इलेक्ट्रॉन दिया हाइड्रोजन वाला डॉट से। कार्बन ने एक दिया हाइड्रोजन वाला डॉट से।
कार्बन ने एक दिया हाइड्रोजन, कार्बन ने एक दिया हाइड्रोजन, कार्बन ने एक दिया हाइड्रोजन। अच्छा, अब आओ इसका हम लोग
बनाते हैं इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। तो पहले दो कार्बन बना लो बीच में है। एक कार्बन, दो कार्बन। इसके ऊपर कितने
इलेक्ट्रॉन हैं? चार। 1 2 3 4 इसके ऊपर भी चार। 1 2 3 चार। अच्छा साइड साइड से हाइड्रोजन। इधर से एक हाइड्रोजन आया। एक
इलेक्ट्रॉन। इधर से एक हाइड्रोजन आया। एक इलेक्ट्रॉन, इधर से एक हाइड्रोजन आया। एक इलेक्ट्रॉन, इधर से भी एक हाइड्रोजन आया
एक इलेक्ट्रॉन, इधर से हाइड्रोजन आया एक इलेक्ट्रॉन। इधर से हाइड्रोजन आया एक इलेक्ट्रॉन। आओ आप भाई, गुलूगुलू करते
हैं। सबके आठ-आठ इलेक्ट्रॉन कंप्लीट करते हैं। इस कार्बन को देखो। चार इलेक्ट्रॉन इसके पास है। एक इससे मांगेगा, एक इससे
मांगेगा, एक इससे मांगेगा, एक कार्बन से। यानी इसका गुल्लू-गुलू कुछ यूं बनेगा। इसका भी एक इलेक्ट्रॉन ले लिया, इसका भी
ले लिया और एक कार्बन का भी ले लिया। ये कार्बन भी क्या कहेगा? मेरे पास चार हैं। एक इसने इससे लिया, एक हाइड्रोजन से, एक
हाइड्रोजन से, एक हाइड्रोजन से। तो इसका गुल्लू-गुल्लू कुछ यूं बनेगा। हाइड्रोजन से लिया, एक इस कार्बन से लिया, एक
हाइड्रोजन से लिया और एक इस हाइड्रोजन से। अच्छा, अब हाइड्रोजन की बात करें, हाइड्रोजन कितने इलेक्ट्रॉन चाहिए? दो, ये
देखो दो दो। तो ये हाइड्रोजन क्या करेगा? एक तो अपना है, एक कार्बन से उधार मांग लिया। एक अपना है, एक कार्बन से उधार मांग
लिया। इसने भी यही काम किया। इसने भी यही काम किया। इसने भी यही काम किया। इसने भी यही काम किया। तो इसको भाई आपको प्रैक्टिस
करना होगा। अब एग्जाम में कौन सा आता है? एग्जाम में ये वाला पूछा हुआ है इथीन का। एक दो बार पूछा हुआ स्ट्रक्चर है। आओ इसको
बनाने की कोशिश करते हैं हम लोग। इथ ईन। इथ ईन। पहले सिंपल स्ट्रक्चर बनाएंगे। फिर इलेक्ट्रॉन डॉट एथ मतलब दो कार्बन। ईन
मतलब डबल बॉन्ड। तो पहले मैं दो कार्बन बना लेता हूं और उनके बीच में डबल बॉन्ड। कितनी वैलेंसी बची? दो बची। तो दोनों पे
हाइड्रोजन। तो एक हाइड्रोजन ऊपर, एक नीचे, एक हाइड्रोजन ऊपर, एक नीचे। एक दो एक दो। देखो C2H4 जितने कार्बन उसके डबल
हाइड्रोजन। अच्छा। अब भाई जहां-जहां पे बॉन्ड है, रिश्ता है वहां-वहां पे इलेक्ट्रॉन। एक इलेक्ट्रॉन यहां, एक यहां,
एक यहां, एक यहां। दो-दो इलेक्ट्रॉन की शेयरिंग हुई। डबल कोवेलेंट बॉन्ड। एक इलेक्ट्रॉन यहां, हाइड्रोजन ने एक दिया।
इसने भी एक दिया, हाइड्रोजन ने एक दिया। इसने भी एक दिया, हाइड्रोजन ने एक दिया। इसने एक दिया, हाइड्रोजन ने एक दिया। अब
आइए इसका बनाते हैं अपन गुलू स्ट्रक्चर। दो कार्बन पहले बना लेते हैं आओ। एक कार्बन, दो कार्बन। कार्बन पे कितने
इलेक्ट्रॉन हैं? चार। एक दो तीन चार। इस पे भी कितने हैं? चार 1 2 3 चार ऊपर से एक हाइड्रोजन आया डॉट ऊपर से एक हाइड्रोजन
आया डॉट नीचे से भी हाइड्रोजन आया डॉट नीचे से भी हाइड्रोजन आया डॉट अब आइए गुलूग्लू कंप्लीट करें इस कार्बन की बात
करें चार है इसके बाद 5 6 7 8 दो इसके लेगा ए देखो ध्यान से एक इसका लिया एक इसका और दो
इसके ले रहा है तो ए ये बन गया इस कार्बन का इसकी बात करें चार इसके एक इससे एक इससे और दो कार्बन से ए
ये इसका भी ग्लू गुलू बन गया। अब हाइड्रोजन की बारी आई। ए ये वाले। ए ये वाले ए ये वाले और एक ये वाले। ये बन गया
आपका इथीन का इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। क्लियर है? तो इसको आपको भाई प्रैक्टिस करना होगा इथीन वाले को। पहले सिंपल
स्ट्रक्चर बना लो। जहां-जहां बॉन्ड है वहां इलेक्ट्रॉन बना लो। फिर कार्बन को बीच में रखो। इलेक्ट्रॉन जैसे उसमें दिख
रहे हैं। बॉन्ड गायब कर दो। क्या करो? बॉन्ड लाइन को गायब कर दो। इलेक्ट्रॉन बना लो। फिर गुल्लू-गुल्लू करके आठ-आठ
इलेक्ट्रॉन कंप्लीट करो। हाइड्रोजन के दो-दो। क्लियर? चलो। अब भाई हम डिटेल में पढ़ने जा रहे हैं होमोलोगस सीरीज़। अब तक
आपको होमोलोगस सीरीज़ समझ में भी आ गई है। एक बार पढ़ लेते हैं। अ सीरीज़ ऑफ कंपाउंड विद सेम फंक्शनल ग्रुप सेम जनरल फार्मूला।
जनरल फार्मूला भी सेम ही होता है भाई। जैसे एल्केन का CNH2N + 2. एल्कीन का CN और डबल हाइड्रोजन H2N एल्काइन का CN H2N -
2. एल्डिहाइड का CNH2NO तो सेम जनरल फार्मूला एंड सिमिलर केमिकल प्रॉपर्टीज़। अब ये क्यों हुआ भाई? अगर
फंक्शनल ग्रुप सेम हैं तो केमिकल प्रॉपर्टीज़ सिमिलर होंगी। फंक्शनल ग्रुप क्या देते हैं? प्रॉपर्टीज़ देते हैं। तो
अगर सेम फंक्शनल ग्रुप लगे होंगे, तो केमिकल प्रॉपर्टीज़ भी सेम होंगी। वेयर ईच कंजक्यूटिव मेंबर डिफ़र बाय CH2। अगला
मेंबर पहले से कितना ज्यादा होता है? CH2 एग्जांपल देख लेते हैं। सबसे पहले इन्होंने एल्केन का एग्जांपल बोला है। भाई
एल्केन क्या होते हैं? CN हाइड्रोजन डबल से दो ज्यादा। पहला मेंबर बताओ। एक कार्बन डबल से दो ज्यादा। डबल यानी दो उससे दो
ज्यादा। CH4 दो कार्बन डबल से दो ज्यादा। डबल यानी चार छह। C3H8 C4H डबल से दो ज्यादा H10 ऐसा बन जाएगा।
एल्कीन की बात कर लेते हैं। एल्कीन क्या होता है? जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन। पहला मेंबर दो कार्बन का। एक
कार्बन डबल बॉन्ड नहीं बनाता। तो C2H4, C3H6, C4 H8, C5H10
एंड सो ऑन एंड सो ऑन। अब जरा ध्यान से देखो। एक मेंबर से दूसरे मेंबर में जाते हुए क्या हो रहा है? यहां से यहां जाते
वक्त क्या हो रहा है? क्या एक कार्बन और दो हाइड्रोजन बढ़ रहे हैं? बिल्कुल। एक कार्बन बढ़ा, दो हाइड्रोजन। यहां से यहां
देखो, एक कार्बन बढ़ा और दो हाइड्रोजन बढ़े। यही लिखा है। ईच कंजक्यूटिव मेंबर डिफ़र बाइ CH2. फंक्शनल ग्रुप क्या होता
है? सेम रहता है। अब जरा ध्यान से सुनो बेटा। कुछ चीजें याद करो आप। कार्बन का एटॉमिक मास होता है 12 amu। हाइड्रोजन का
एटॉमिक मास होता है 1 amu। ऑक्सीजन का भी पढ़ लो 16 amu नाइट्रोजन का पढ़ लो 14 amu इससे ज्यादा पूछता नहीं है। क्लोरीन का
35.5 इससे ज्यादा नहीं। ये कुछ एटॉमिक मासेस हैं जो आपको याद रहने चाहिए। कार्बन 12, हाइड्रोजन वन, ऑक्सीजन 16, नाइट्रोजन
14, AMU होता है। U से लिखते हैं। अच्छा यहां से यहां जाने में कितना मास बढ़ गया? एक कार्बन बढ़ा, दो हाइड्रोजन बढ़ा। तो
कितना मास बढ़ा? एक कार्बन का मास 12 और दो हाइड्रोजन का कितना हो गया? एक का एक है, दो का दो। तो 12 2 14, यानी यहां से यहां
जाने में कितना मास बढ़ गया? 14 amu का मास बढ़ गया। कहीं से कहीं। यहां से यहां देखो, यहां से यहां क्या बढ़ रहा है? कोई भी
नेक्स्ट मेंबर कोई भी नेक्स्ट मेंबर यहां से यहां एक कार्बन बढ़ा दो हाइड्रोजन बढ़े भाई एक कार्बन का मास कितना 12 दो
हाइड्रोजन का मास कितना हो जाएगा दो तो 12 और दो यहां से यहां मास कितना बढ़ा 14 मयू तो एक और ये बात आपको याद रखनी है कि
होमोलोगस सीरीज में हर अगला मेंबर पिछले मेंबर से कितना भारी है 14 amu मास भारी है क्या डिफरेंस है एक कार्बन दो
हाइड्रोजन का एक कार्बन का मास मास 12 दो हाइड्रोजन का मास दो 14 amu तो हर एक मेंबर पिछले से 14 amu भारी है। यानी आगे
आते-आते मास लगातार बढ़ता जाता है। यही बात लिखी है। पहली प्रॉपर्टी मॉलिक्यूलर मास इंक्रीसेस मूविंग अप होमोलोगस सीरीज।
14 amu इन ईच मेंबर। पहले के मास और दूसरे के मास में कितना फर्क? 14। दूसरे और तीसरे में 14। तीसरे और चौथे में 14। तो
लगातार मॉलिक्यूलर मास बढ़ता जाता है। मेल्टिंग एंड बॉइलिंग पॉइंट इंक्रीसेस अप दी सीरीज। मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट
सीरीज में जैसे-जैसे आगे जाओगे बढ़ता जाता है। रीज़ जो मेल्टिंग पॉइंट होता है, बॉइलिंग पॉइंट होता है, ये मॉलिक्यूल के
साइज पे डिपेंड करता है। मॉलिक्यूल के मास पे डिपेंड करता है। जैसे-जैसे आप आगे आ रहे हो, साइज क्या हो रहा है? बढ़ता जा रहा
है। यहां तो आपको ऐसे फार्मूला दिख रहा है। C3H8 कैसा होगा? तीन कार्बन सबके ऐसे ऐसे जुड़े हुए ढेर सारे हाइड्रोजन। तो भाई
क्या हो रहा है? लगातार साइज क्या हो रहा है? बढ़ रहा है। जैसे-जैसे बेटा साइज़ बढ़ता है किसी मॉलिक्यूल का। जैसे-जैसे मास बढ़ता
है मॉलिक्यूल का वैसे-वैसे मेल्टिंग पॉइंट, बॉइलिंग पॉइंट बढ़ते जाते हैं। तो ये लिखा है मेल्टिंग पॉइंट एंड बॉइलिंग
पॉइंट इंक्रीसेस अप द सीरीज। ग्रेडेशन इन अदर फिजिकल प्रॉपर्टीज लाइक सॉलीबिलिटीज़। बाकी फिजिकल प्रॉपर्टीज भी या तो बढ़ेंगी
या घटेंगी, चेंज होती जाती है। यानी फिजिकल प्रॉपर्टीज़ चेंज हो जाती है अलग-अलग मेंबर की। ठीक है? रीज़न दे
इंक्रीज विद मॉलिक्यूलर साइज एंड मॉलिक्यूलर मास। ये जो प्रॉपर्टीज हैं मेल्टिंग पॉइंट, बॉइलिंग पॉइंट ये क्या
है? मॉलिक्यूलर साइज और मॉलिक्यूलर मास के साथ बढ़ती जाती हैं। केमिकल प्रॉपर्टीज़ आर सेम फॉर अ होमोलोगस सीरीज़। इन सारे
मेंबर्स की जो केमिकल प्रॉपर्टीज़ है, कैसे ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करेंगे, कैसे हाइड्रोजन के साथ रिएक्ट करेंगे, कैसे
नाइट्रोजन के साथ रिएक्ट करेंगे, कैसे क्लोरीन के साथ रिएक्ट करेंगे, वो सेम रहेगा। जैसे ये हाइड्रोजन के साथ रिएक्ट
कर रहा है, वैसे ही यह करेगा, वैसे ही यह करेगा। केमिकल प्रॉपर्टीज़ रिमेन सेम इन एन होमोलोगस सीरीज़। क्यों भाई? क्योंकि
फंक्शनल ग्रुप सेम है। केमिकल प्रॉपर्टीज कहां से आती हैं? फंक्शनल ग्रुप से आती हैं। रीज़न केमिकल प्रॉपर्टीज आर बिकॉज़ ऑफ़
फंक्शनल ग्रुप्स व्हिच रिमेन सेम इन अ होमोलोगस सीरीज। एक होमोलोगस सीरीज में फंक्शनल ग्रुप लगातार क्या रहता है? सेम
रहता है। चेंज नहीं होता। इसलिए केमिकल प्रॉपर्टी सेम रहती है। जो इसकी केमिकल प्रॉपर्टी वही इसकी, वही इसकी, वही इसकी।
पर फिजिकल प्रॉपर्टी चेंज होती है क्योंकि मॉलिक्यूल का साइज बढ़ रहा, मास बढ़ रहा। क्लियर? ये होमोलोगस सीरीज था। सीबीएसई
2016, 2017, 2020, 22, 2023, 2025, 2024 कितनी बार ये या इसके सिमिलर सवाल होमोलोगस सीरीज के इन्हीं तीन प्रॉपर्टीज
में से आए हैं। आओ देखते हैं। कंसीडर द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स अबाउट होमोलोगस सीरीज ऑफ़ कार्बन कंपाउंड। बताओ कौन-कौन से इसमें
से सही हैं? पॉज करके आप कमेंट करके बताओ। पढ़ लो। पॉज करके कमेंट करके बताओ। चलो, कर लिया? मैं देखता हूं। ऑल सक्सीडिंग मेंबर
डिफ़र बाय CH2 यूनिट। यह तो ठीक है। ए सही है। मेल्टिंग एंड बॉइलिंग पॉइंट इंक्रीज़ विथ इंक्रीज़िंग मॉलिक्यूलर मास। यह भी ठीक
है। द डिफरेंस इन मॉलिक्यूलर मास बिटवीन टू सक्सेसिव मेंबर इज़ 16 u 16 नहीं कितना? 14u t2h2 एंड C3H4 आर नॉट दी सक्सेसिव
मेंबर ऑफ़ एल्काइन सीरीज। जरा देखते हैं भाई। एल्काइन सीरीज की बात किया। ये वाला स्टेटमेंट थोड़ा अच्छा है। किसकी बात किया
है? एल्काइन। एल्काइन में क्या होता था? जितने कार्बन डबल से दो कम हाइड्रोजन। पहला मेंबर दो से स्टार्ट होगा क्योंकि
ट्रिपल बॉन्ड एल्काइन का मतलब ट्रिपल बॉन्ड तो पहला मेंबर दो कार्बन डबल से दो कम हाइड्रोजन डबल हुआ चार उससे ये हो गया
पहला मेंबर दूसरा मेंबर क्या होगा तीन कार्बन डबल से दो कम हाइड्रोजन यानी H64 तो ये पहला मेंबर होगा ये दूसरा मेंबर
होगा ये क्या कह रहा है C2H2 एंड C3H4 आर नॉट दी सक्सेसिव मेंबर है तो बाय सक्सेसिव यानी ये स्टेटमेंट क्या हो गई गलत हो गई
ये दोनों क्या है सक्सेसिव मेंबर हैं एल्काइन तो ए और बी करेक्ट है। ऑप्शन ए सही हो जाएगा। बोलो सही। ए एंड बी आर
करेक्ट। बाकी दोनों गलत। चलो भाई। सीबीएसई 2024 राइट दी फार्मूला एंड मॉलिक्यूलर मास ऑफ दी थर्ड होमोलॉग ऑफ अल्कोहल। किसकी बात
की है? अल्कोहल की बात की है। अल्कोहल क्या होते थे यार? OH होते थे। कौन सा होमोलॉग मांगा है इसका? थर्ड होमोलॉग। तो
यार तीन कार्बन वाला होगा ये अल्कोहल। 1 2 3 OH, यही होगा। क्या बोला है? राइट दी फ़ॉर्मूला। इसका फॉर्मूला बनाना होगा, भाई।
और बना लेते हैं। तीन कार्बन OH, भाई, पहला होमोलॉग क्या होगा इसका? एक कार्बन के साथ OH, दूसरा दो कार्बन के साथ OH,
तीसरा तीन कार्बन के साथ OH। ठीक है? इसका मुझे फार्मूला बताना है। और मैंने रटवाया तो है नहीं फार्मूला। तो बना के लिख लेते
हैं। एक कार्बन तो तीन हाइड्रोजन। सॉरी एक वैलेंस सेटिस्फाई तीन हाइड्रोजन। दो सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन। दो सेटिस्फाइड
दो हाइड्रोजन। यहां कुछ मत करना। क्या बन गया? C3H3 2 5 7 OH पीछे से मिला लेना। यहीं मिलेगा
आपको। C3H7OH यहीं लिखा होगा। पीछे देखना अल्कोहल अल्पेज थर्ड मेंबर। पर जरूरी नहीं कि वो
आपने लिख रखा हो। ऐसे भी कर सकते हो। थर्ड बोला था मुझे पता है अल्कोहल एक कार्बन से शुरू होता है। क्लोरोब्रोमो भी एक कार्बन
से शुरू होता है। एल्डिहाइड भी एक कार्बन से। कीटोन तीन कार्बन से होता है। तो मुझे पता है अब एक कार्बन से स्टार्ट होता है।
तो ये पहला मेंबर, ये दूसरा मेंबर और ये तीसरा मेंबर। तो ये बन गया इसका क्या फार्मूला। फिर क्या मांगा? मॉलिक्यूलर मास
मांग लिया यार। क्या मांग लिया? मॉलिक्यूलर मास। ये तो पढ़ाया नहीं सर जी ने। पढ़ाया है यार। ध्यान से सोचो। मैंने
बताया ना? कार्बन का एटॉमिक मास कितना बताया? 12 u हाइड्रोजन का कितना बताया? 1 u ऑक्सीजन का कितना बताया? 16 u निकाल लो
भाई। कितने कार्बन है? तीन। तो 3 * 12 कितने हाइड्रोजन? सात। 7 * 1 सॉरी आठ। सात और एक आठ। तो ये हो जाएगा
आठ हाइड्रोजन ना 8 * 1 और एक ऑक्सीजन कितना हो गया 36 + 8 + 16 कितना हो गया 36 और 8 44 और 16 कितना हो गया 60 u बोलो सही
है 24 और 36 20 30 50 60 u फिर क्या पूछा है स्टेट हाउ द बॉइलिंग पॉइंट ऑफ एन अल्कोहल चेंजेस एज वन मूव फ्रॉम लोअर टू
हायर होमोलॉन्ग कैसे बॉइलिंग पॉइंट चेंज होगा बॉइलिंग पॉइंट क्या करेगा बेटा इंक्रीस करेगा क्यों इंक्रीस करेगा
क्योंकि मॉलिक्यूल की साइज इंक्रीस कर रही है क्योंकि मॉलिक्यूल का मास इंक्रीस कर रहा है। इसलिए क्लियर? चलो नेक्स्ट।
सीबीएसई 2024 व्हाट व्हाई इज द मेल्टिंग पॉइंट एंड बॉइलिंग पॉइंट ऑफ़ C4H8 हायर देन दैट ऑफ़ C3H6 और C2H4? कह रहा है क्यों?
मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट इसका इन दोनों से बड़ा है। जरा ध्यान से देखो। जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन जितने कार्बन
उसके डबल। जितने कार्बन उसके डबल। यानी ये मुझे दिखता है एल्कीन सीरीज है। ये एल्कीन की होमोलोगस सीरीज है। CN H2N ये पहला
मेंबर दो कार्बन का ती दूसरा मेंबर और ये तीसरा मेंबर। कह रहा है मेल्टिंग बॉइलिंग पॉइंट क्यों? इसका ज्यादा है इनसे? सिंपल
सी बात है कि भाई इसका मॉलिक्यूलर मास ज्यादा होगा, साइज ज्यादा होगा। होमोलोगस सीरीज में आगे जा रहे हैं तो मेल्टिंग
बॉइलिंग पॉइंट ज्यादा होगा। व्हाई डू वी नॉट सी एनी ग्रेडेशन इन केमिकल प्रॉपर्टीज ऑफ़ होमोलोगस सीरीज? क्यों नहीं? केमिकल
प्रॉपर्टीज में ग्रेडेशन। ग्रेडिएशन मतलब चेंज। कोई इंक्रीज, डिक्रीज क्यों नहीं दिखता? क्योंकि केमिकल प्रॉपर्टी फंक्शनल
ग्रुप पे डिपेंड करती है और फंक्शनल ग्रुप होमोलोगस सीरीज में सेम होता है। यही बातें यहां पे लिखी हुई है। नेक्स्ट टॉपिक
आ गया हमारा आइसोमर्स। आइसोमर्स क्या होता है? मैं आपको एक एग्जांपल से समझाऊंगा। आइसोमर्स दिमाग में बैठ जाएगा। एग्जांपल
है ब्यूटेन। और ये बहुत इंपॉर्टेंट है। ब्यूटेन पे ये सवाल पूछता है कई बार। ब्यूट। ब्यूट मतलब चार कार्बन C4 एन मतलब
एल्केन। एल्केन है तो कितने हाइड्रोजन होंगे? डबल से दो ज्यादा। डबल हुआ आठ। उससे दो ज्यादा 10। C4H10। ये इसका
फार्मूला हो गया ब्यूटेन का। क्या इसका स्ट्रक्चर बना सकते हैं? बहुत आसान है मास्टर। ब्यूट मतलब चार कार्बन। एन मतलब
कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। तो चार कार्बन एक दो तीन चार और कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। हाइड्रोजन लगा दें। एक
सेटिस्फाइड, तीन हाइड्रोजन, दो सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन, दो सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन, एक सेटिस्फाइड तीन
हाइड्रोजन। फार्मूला देखो। C4H 3 2 5 2 7 3 10 C4H10 क्या बन गया ब्यूटेन। क्या ब्यूटेन ऐसा ही दिखता है? हां सर ऐसा ही
दिखता है। मैं आपको एक और तरह का ब्यूटेन दिखाता हूं। ध्यान से देखो। ब्यूटेन का मतलब क्या है? ब्यूट का मतलब चार कार्बन।
एन का मतलब कार्बन-कार्बन में सिंगल बॉन्ड। जरा देखो। एक दो तीन। चौथा कार्बन मैं यहां ना लगा के इस कार्बन से नीचे
लटका दूं तो। है चीटिंग है। चीटिंग क्या है भाई सब? सही है। चार कार्बन तो ब्यूट कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो एन
फार्मूला देखते हैं सेम आ रहा है कि नहीं? आओ एक वैलेंसी सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन एक वैलेंसी सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन एक
वैलेंसी सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन तीन वैलेंसी सेटिस्फाइड एक हाइड्रोजन। क्या फार्मूला सेम आ रहा है? C4H3
3 6 3 9 1 10 ओए होए। यानी जरूरी नहीं कि ब्यूटेन सिर्फ ऐसा दिखे। ब्यूटेन ऐसा भी दिख सकता है। इसी चीज को बेटा आइसोमर्स
बोलते हैं। क्या? सेम मॉलिक्यूलर फॉर्मूले से कंपाउंड दो तरह के स्ट्रक्चर दिखाएं। सेम मॉलिक्यूलर फार्मूला बट डिफरेंट
स्ट्रक्चरल फार्मूला। यही है बेटा आइसोमर्स। क्या दुनिया के सारे कंपाउंड ऐसा करते हैं? नहीं बेटा सारे नहीं। बहुत
सारे करते हैं पर सारे नहीं करते। सर एग्जाम में कौन सा आएगा? सबसे ज्यादा यही आता है ब्यूटेन। मैं प्रैक्टिस करा दूंगा
दो-तीन और पर सबसे ज्यादा इसी का पूछता है ब्यूटेन। एक तो हो गया कि C4 तो चार कार्बन सीधा लगा दिया। दूसरा हो गया तीन
कार्बन सीधा लगाओ और एक को ऐसे नीचे लटका दो। खत्म। आइसोमर्स आइसोमर्स आर कंपाउंड्स विद सेम मॉलिक्यूलर फार्मूला
बट डिफरेंट स्ट्रक्चर फार्मूला। मॉलिक्यूलर फार्मूला सेम है। C4H10 स्ट्रक्चर सीधा भी हो सकता है और ऐसे लटकू
वाला भी हो सकता है। इनके नाम भी हैं पर वो आपके एग्जाम में ना पूछते हैं ना सिलेबस में है। नाम देख लो तो इसको बोलते
हैं एन ब्यूटेन और इसको बोलते हैं आइसोब्यूटेन। पर ये एग्जाम में नहीं पूछ रहा तो नाम याद मत करना। स्टाइल मारने के
लिए मैंने बता दिया। सॉरी। चलो आगे बढ़े। नेक्स्ट देखो। पेंटेन। इसमें भी यही गेम हो सकता है। पेंट मतलब पांच कार्बन C5। एन
मतलब एल्केन है। हाइड्रोजन डबल से दो ज्यादा, डबल हुआ 10, दो ज्यादा C5H12। क्या इसके भी अलग-अलग स्ट्रक्चर बन सकते
हैं? बिल्कुल। एक तो ये वाला 1 2 3 4 5 सीधा वाला। दूसरा देखो ये बन सकता है। 1 2 3 4 और पांचवा कार्बन यहां ना लगा के मैं
यहां लगा दूं। यहां मत लगाना गलत हो जाएगा। यहां लगाओगे तो वो सीधा पांच ही गिनेंगे। इसके एक पहले बीच में। इसका एक
और स्ट्रक्चर बन सकता है। देखो एक दो तीन एक कार्बन नीचू एक कार्बन ऊपर। तीन स्ट्रक्चर बन सकते हैं। इसके देखो
यहां पे बने हुए हैं। एक है पांचों कार्बन सीधा-सीधा हाइड्रोजन लगा दिया सबने में। एक चार कार्बन सीधे-सीधे। 1 2 3 4 और एक
कार्बन बीच से नीचे लटका दिया। एक है जहां पे तीन कार्बन सीधे-सीधे। एक कार्बन बीच वाले से ऊपर, एक कार्बन बीच वाले से नीचे।
तो तीन स्ट्रक्चर बन सकते हैं। हाइड्रोजन चाहो तो फिक्स कर लो। CH3 CH2 CH2 CH2 CH3 यहां पे भी CH3 CH3 नीचे वाला भी CH3 ये
वाला CH ये CH2 यहां पे ये CH3 CH3 CH3 CH3 और बीच वाले में एक भी हाइड्रोजन नहीं जाएगा। चारों ने सेटिस्फाइड। ध्यान से
देखो सबका फार्मूला यही आएगा। C5H12 पेंटेन क्या ये एग्जाम में पूछा है? बहुत कम। इसके चांसेस लो हैं। पर फिर भी आना
चाहिए। कैसे याद रखना है इसको बेटा? एक तो स्ट्रेट बना देना। अच्छा एग्जाम में जब आए ध्यान से सुनो। ध्यान से एग्जाम में
स्ट्रक्चर यह वाले बनाना जो नीचे बने हैं उनको पसंद है ऐसे पूरा। हाथ पैर ऐसे फैला के पूरा हाइड्रोजन निकाल के तो ऐसे बनाना
एग्जाम में। ठीक है? तो किसका याद रखेंगे? पेंटेन का बहुत सिंपल है। एक बार 1 2 3 4 5 दूसरी बार। 1 2 3 4 एक कार्बन यहां लटका
दो तीसरी बार। 1 2 3 बीच वाले में एक नीचे एक ऊपर। खत्म। बन गए इसके तीन आइसोमर। हेक्सेन के कितने बनेंगे? हेन के और
ज्यादा बनेंगे। सर कैसे निकाले कितने बनेंगे? एक फार्मूला बता रहा हूं। पर वो भी सिलेबस में नहीं है। फार्मूला बहुत
सिंपल है। फार्मूला कि कितने आइसोमर्स बनेंगे? फार्मूला क्या है? 2 ^ n - 4 + 1 n क्या
है? n है नंबर ऑफ़ कार्बन। भाई ये फार्मूला सिर्फ और सिर्फ एल्केेंस में लगता है और कहीं लगता भी नहीं। बड़ा रिस्ट्रिक्टेड है।
n क्या है? कितने नंबर ऑफ़ कार्बन है? जैसे पेंटेन के लिए चाहो तो चेक कर लो। पेंटेन के लिए चेक कर लो। कितने नंबर ऑफ कार्बन
हो गए? पांच। फॉर्मूले में लगाओ। 2 पावर n 5 - 4 + 1 5 - 4 कितना हुआ? 1 2 की पावर 1 कितना हुआ? 2 + 1 कितने आइसोमर आए? तीन।
देखो तीन बने। 1 2 3 इसी तरह से हेक्सेन में कितने आइसोमर्स बनेंगे? आप कमेंट करके बताना मुझे।
हेक्सेन के कितने बनेंगे? कमेंट करके बताना। पर इन सब में जानेमन खो मत जाना। खो मत जाना मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों याद
रखना पूछता इसी का है एग्जाम में ब्यूटेन में एक बार सीधा बनाओ एक बार तीन बना के एक नीचे लटकाओ बहुत होगा तो पेंटेन का पूछ
लेगा वो भी आपको मैंने बता दिया भाई सब फार्मूला वामला आपके सिलेबस में नहीं है तो इसको ज्यादा यादव करने की जरूरत नहीं
ठीक है तो वैसे ही स्टाइल मानने के लिए बताया कुछ है नहीं नाम इसका एन ब्यूटेन इसको आइसोब्यूटेन इसको नियो सॉरी आइसो
सॉरी एनपेंटेन आइसोपेंटेन नियोपेंटेन पर ये भी सिलेबस में नहीं है तो नाम भी मत याद करो ये वाला भी बहुत इंपॉर्टेंट है।
एग्जाम में पूछता है। आइसोमर्स है क्या? सेम मॉलिक्यूलर फॉर्मूले से अलग-अलग स्ट्रक्चर अगर बन जाएं। ध्यान से देखो मैं
आपको एक फार्मूला देता हूं। C3 H6 O C3H6O इसका एक स्ट्रक्चर ये बन सकता है। एक ये
बन सकता है। हाइड्रोजन लगा के चेक कर लो। एक वैलेंस सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन दो सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन। यहां देखो, एक
सेटिस्फाइड, तीन हाइड्रोजन, एक सेटिस्फाइड, तीन हाइड्रोजन, चारों सेटिस्फाइड हैं। इसका नाम बताओ। तीन
कार्बन तो प्रॉप कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो एन और ये कौन सा ग्रुप है? C डबल बॉन्ड OH ये एल्डिहाइड ग्रुप है बेटा। C
डबल बॉन् = O ये देखो एल्डिहाइड ग्रुप है। C डबल ब्ड OH ये कौन सा ग्रुप है? एल्डिहाइड। इसके लिए
क्या लिखते थे हम लोग? अल अल। तो ये क्या हो जाएगा? प्रोपेन अल और ई कट जाएगा दो ओल साथ में नहीं इसको ध्यान से देखो तीन
कार्बन तो ये भी प्रॉप कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड है कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड मास्टर है एन और ये कौन सा ग्रुप है
C डबल बॉन्ड O बेटा याद है C डबल बॉन्ड O के अगर दोनों तरफ कार्बन होते थे तो कीटोन बनता था यूज़ करते थे हम लोग ओन तो ये क्या
बन जाएगा प्रोपेन ओन और ये E कट गया यानी सेम मॉलिक्यूलर फार्मूला से दो अलग अलग-अलग तरह के स्ट्रक्चर बन गए। एक
स्ट्रक्चर बना एल्डिहाइड और एक स्ट्रक्चर बना कीटोन का। ये वाला भी इंपॉर्टेंट है। पूछता है। एक तो ब्यूटेन
का और एक ये वाला पूछता है। याद रखेंगे। एक इसका एल्डिहाइड का बना देना, एक कीटोन का बना देना। क्लियर है? तो ये दोनों
अच्छे से आप प्रैक्टिस कर लेना। चलो आगे बढ़ते हैं। अब देखो एक सवाल अच्छा एक बार आया था 2013 में और 2017 में। आर
स्ट्रक्चरल आइसोमर पॉसिबल फॉर ब्रोमोपेंटेन? ये कैसे करेंगे? दिमाग से थोड़ा सा चला
लेते हैं। पेंटेन पेंट मतलब पांच कार्बन और एन मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। एक दो तीन चार पांच। साथ में क्या
लिखा है? ब्रोमो। ब्रोमो मतलब Br लगाना है। कहां लगा दूं मैं? यहां लगा दूं? यहां लगा दिया मैंने BR। चलो ठीक है। बची हुई
जगह पे हाइड्रोजन आप लगा लोगे। बिल्कुल लगा लेंगे। यहां कितने हाइड्रोजन? तीन बन जाएंगे। यहां कितने? दो। यहां कितने? दो।
यहां कितने? दो। यहां दो सेटिस्फाइड। यहां पे भी दो। ब्रोमोपेंटेन बन गया। इसका फार्मूला देखो क्या आएगा? पांच कार्बन C5
हाइड्रोजन आएंगे 11 और एक Br 3 2 5 2 7 2 9 2 11 और एक Br ठीक है क्या इसका कोई और स्ट्रक्चर बन सकता है बहुत आसान है ये BR
आपने एकदम कोने में लगाया है इसको बीच वाले कार्बन पे लगा दो 1 2 3 4 5 और Br उठा के यहां लगा दो फार्मूला सेम आएगा
हाइड्रोजन लगाओगे सेम फार्मूला आएगा तो पहले Br आपने पहली पोजीशन पे लगाया था फिर BR आपने दूसरी पोजीशन पे लगा दिया क्या
कुछ और हो सकता है बिल्कुल BR को तीसरी पोजीशन पे लगा दो एक 2 3 4 5 1 2 3 यहां लगा दो B यार। तीसरी पोजीशन पे एक और बन
गया। सर, यहां लगा दे तो चौथी पे नहीं। वह सेम हो जाता है। वो एक्चुअली सेम हो जाता है। अभी छोड़ दे उसमें मत जा। जैसे ही यहां
पे आएगा ना चार, तो गिनती इधर से हो जाती है। वो छोड़ दे। मैं गिनती है नहीं। मतलब समझ गए? इसकी पोजीशन तुमने चेंज की। हो
गया। वैसे तुम टेंशन मत लो। उसने कहा भी नहीं है बनाने को। उसने सवाल पूछा है। आर स्ट्रक्चरल आइसोमर्स पॉसिबल। यस और नो में
आंसर देना था। यस। पर साथ-साथ में दो बना देना भाई। उसको भी खुशी हो जाए एग्जामिनर को आपको आता है। यहां हाइड्रोजन लगा के
चाहो तो टेस्ट कर लो। CH3 CH2 CH2 इसकी तीन सेटिस्फाइड CH और यहां पे CH3 पांच कार्बन हाइड्रोजन 3 2 5 2 7 एक 8 3 11 और
एक Br यहां पे भी सेम आएगा। क्लियर? तो ये हो गए आइसोमर्स। नेक्स्ट बेटा कम आपका टॉपिक है सैचुरेटेड कंपाउंड। अनसैचुरेटेड।
बड़े बच्चे डरते हैं इससे। सैचुरेटेड अनसैचुरेटेड कुछ नहीं है यार। हेलो। सैचुरेटेड मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल
बॉन्ड। खत्म कुछ मत समझना। सैचुरेटेड मतलब कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड। मतलब क्या? एल्केन। जब भी आपसे बोले सैचुरेटेड
कंपाउंड दिमाग में आना चाहिए। एल्केन की बात हो रही है। फार्मूला क्या हो जाएगा? CNH2N +2 खत्म। डबल से दो ज्यादा
हाइड्रोजन। अनसैचुरेटेड मतलब कार्बन-कार्बन में या तो डबल बॉन्ड या तो ट्रिपल बॉन्ड। खत्म ये भी बेटा। या तो
कार्बन कार्बन में डबल बॉन्ड या कार्बन कार्बन में ट्रिपल बॉन्ड। यानी कि या तो एल्कीन की बात हो रही है यहां या तो
एल्काइन की बात हो रही है यहां। फार्मूला क्या हो जाएगा? जितने कार्बन उसके डबल हाइड्रोजन या जितने कार्बन उसके डबल से दो
कम हाइड्रोजन। ठीक है? एक चीज याद रखना सैचुरेटेड कंपाउंड जो होते हैं जो एल्केन होते हैं। ये बड़े शांत होते हैं। दे आर
वेरी लेस रिएक्टिव। शांत होते हैं। ज्यादा रिएक्शन वगैरह नहीं करते। पर ये डबल बॉन्ड, ट्रिपल बॉन्ड वाले बड़े बदमाश होते
हैं। ये बहुत रिएक्शन करते हैं। तो दे आर मोर रिएक्टिव। इसके बाद बताया है कि ये कौन सा रिएक्शन करते हैं और ये कौन सा
रिएक्शन करते हैं। ये नेक्स्ट पेज में आने वाला है। आपको मैं सिखाऊंगा कि इनके रिएक्शन इनके रिएक्शन थोड़े डिफरेंट होते
हैं। ठीक? एग्जाम में सवाल देखो। डिफरेंशिएट बिटवीन सैचुरेटेड एंड अनसैचुरेटेड कार्बन कंपाउंड ऑन द बेसिस ऑफ
देयर जनरल फार्मूला। कुछ नहीं बेटा। सैचुरेटेड जैसे ही सुनो क्या? कार्बन-कार्बन के सिंगल बॉन्ड।
कार्बन-कार्बन के सिंगल बॉन्ड का मतलब एल्केन। एल्केन का जनरल फार्मूला जितने कार्बन डबल से दो ज्यादा हाइड्रोजन
अनसैचुरेटेड जैसे ही आप सुनो बेटा दिमाग में क्या आना चाहिए कार्बन कार्बन डबल बॉन्ड या कार्बन कार्बन ट्रिपल बॉन्ड यानी
ये क्या हो जाएंगे या तो ये एल्कीन हो जाएंगे या तो ये एल्काइन हो जाएंगे इनका फार्मूला आपको पता है जितने कार्बन डबल
हाइड्रोजन जितने कार्बन डबल से दो कम हाइड्रोजन क्लियर है कर लेंगे आप लोग चलिए आगे बढ़ते हैं भाई अब किस तरह के रिएक्शन
होते हैं एक है एडिशन रिएक्शन। एडिशन रिएक्शन देते हैं अनसैचुरेटेड कार्बन। कौन देता है? अनसैचुरेटेड वाले देते हैं एडिशन
रिएक्शन। अनसैचुरेटेड मतलब या तो का सॉरी अनसैचुरेटेड मतलब या तो कार्बन कार्बन में डबल बॉन्ड या तो कार्बन कार्बन में ट्रिपल
बॉन्ड। अनसैचुरेटेड मतलब या तो कार्बन कार्बन में डबल बॉन्ड या तो कार्बन-कार्बन में ट्रिपल
बॉन्ड। इसके रिएक्शन आपके सिलेबस में है नहीं। आपको सिर्फ कार्बन कार्बन डबल बॉन्ड पे पढ़ना है। एडिशन रिएक्शन कौन देता है?
अनसैचुरेटेड। यही यहां पर डिफरेंस में भी लिखा था। देखो अनसैचुरेटेड कौन सा देते हैं? एडिशन रिएक्शन देते हैं। कार्बन
कार्बन डबल बॉन्ड या ट्रिपल बॉन्ड। तो डबल बॉन्ड वाला पढ़ना है। तो मैंने यहां पे एग्जांपल लिया। कार्बन कार्बन में डबल
बॉन्ड ले लिया। कार्बन कार्बन में डबल बॉन्ड तो क्या बन गया? ईन। दो कार्बन तो एथ एथीन। किससे रिएक्शन करा रहे हैं?
हाइड्रोजन से। जरा इस रिएक्शन को एक बार लिख के समझते हैं। मजा आएगा। तो मैंने क्या किया? कार्बन कार्बन में डबल बॉन्ड
लगाया। ठीक है? कितने हाइड्रोजन लगेंगे यहां पे? दो। यहां पे भी दो सेटिस्फाइड दो। नाम बताओ। दो कार्बन तो एथ कार्बन
कार्बन डबल बॉन्ड ईन। इसका रिएक्शन कराएंगे H2 से। एरो के ऊपर लिखेंगे एक कैटालिस्ट।
कौन सा कैटालिस्ट? या तो आप निकल कैटालिस्ट ले लो या तो आप पलेडियम कैटालिस्ट ले लो। प्लैटिनम भी ले सकते हैं
पर किताब में नहीं दिया। निक ले लिया या पलेडियम। होगा क्या? बड़ा मस्त मैजिक होगा। क्या होगा? इस डबल बॉन्ड में से एक
बॉन्ड टूट जाएगा। एक बॉन्ड टूट गया यार। जैसे ही बॉन्ड टूटा कार्बन की एक वैलेंसी फ्री हो गई। एक ही बॉन्ड बचा। एक ही बॉन्ड
बचा। एक बॉन्ड टूट गया। अब एक वैलेंसी फ्री हो गई। 1 2 3 1 2 3 अब ये जो H2 है इसमें से एक हाइड्रोजन आ के इस पे जुड़
जाएगा। एक हाइड्रोजन आ के इस पे जुड़ जाएगा। एक हाइड्रोजन आ के इस पे जुड़ा एक इस पे जुड़ा। क्या बन जाएगा भाई? ए एक
हाइड्रोजन इस पे एक इस पे तो क्या बन गया ये? CH3 CH3 यही है एडिशन रिएक्शन। सर इसको एडिशन क्यों बोलते हैं?
क्योंकि कोई चीज़ ऐड हुई है। इसमें से कुछ निकला है क्या? इसमें हाइड्रोजन आके ऐड हो गया। इसको बोलते हैं एडिशन। क्या बन के
आया? दो कार्बन तो एथ। कार्बन-कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो एन। क्या बन गया? इथेन। तो इथीन से इथेन बनाने का तरीका है एडिशन
रिएक्शन। किसका एडिशन हुआ? हाइड्रोजन का। डबल बॉन्ड में से एक बॉन्ड तोड़ दिया। एक बॉन्ड तोड़ा तो इसकी एक वैलेंसी खाली। इसकी
भी एक खाली। एक हाइड्रोजन इस पे चिपक गया। एक हाइड्रोजन इस पे चिपक गया। CH3 CH3 इथेन यही है एडिशन रिएक्शन। यही यहां पे
दिया हुआ है। एक ही एग्जांपल है आपके सिलेबस में। CC डबल बॉन्ड दो कार्बन तो एथ डबल बॉन्ड तो इन रिएक्शन किससे? हाइड्रोजन
से। या तो निक का कैटेलिस्ट लगा दो या तो पलेडियम कैटेलिस्ट लगा दो। क्या हुआ? एक बॉन्ड टूट गया। एक हाइड्रोजन इधर, एक
हाइड्रोजन इधर CH3 CH3 एडिशन ऑफ हाइड्रोजन हो गया। क्लियर? अच्छा। यहां पर बताया क्या? एटम्स और ग्रुप ऑफ
एटम्स आर एडेड अक्रॉस दी डबल बॉन्ड और ट्रिपल बॉन्ड कन्वर्टेड इनू सिंगल बॉन्ड। ये सब तो आप पढ़ लोगे। ठीक है? समझ में आ
गया रिएक्शन। ठीक है? अब इसका एक एग्जांपल है हाइड्रोजिनेशन। हाइड्रोजिनेशन क्या है? यही एडिशन ऑफ़
हाइड्रोजन। देखो इसमें बहुत कुछ हो सकता है। इसमें ब्रोमिनेशन हो सकता था कि Br2 लिखा होता। एक Br इधर होता, एक Br इधर ऐड
होता। क्लोरिनेशन एक क्लोरीन इधर ऐड होता, एक क्लोरीन इधर। पर अभी हमने एग्जांपल क्या लिया है? हाइड्रोजन का। तो इसको हम
क्या बोलते हैं? हाइड्रोजिनेशन। मतलब एडिशन ऑफ हाइड्रोजन टू अनसैचुरेटेड कंपाउंड। ये कैसा है बेटा? अनसैचुरेटेड
डबल बॉन्ड। टू गिव सैचुरेटेड कंपाउंड। भाई बन के क्या आया? कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड सैचुरेटेड। इसी को बोलते हैं
हाइड्रोजेनेशन। इसका इस्तेमाल करते हैं वेजिटेबल ऑयल को और ज्यादा स्टेबल बनाने के लिए। रिएक्शन इज यूज्ड इन हाइड्रोजनेशन
ऑफ वेजिटेबल ऑयल। तो जो वेजिटेबल ऑयल होता है बेटा वो ये होता है। कार्बन कार्बन डबल बॉन्ड। और जब डबल बॉन्ड है तो बड़ा
रिएक्टिव है। पर हम चाहते हैं कम रिएक्टिव हो। तो हम क्या करते हैं? वेजिटेबल ऑयल पे हाइड्रोजन ऐड कर देते हैं। वो क्या बन
जाता है? सैचुरेट हो जाता है। रिएक्शन करना बंद कर देता है। तो याद रखिएगा रिएक्शन कहां यूज़ होता है? हाइड्रोजनेशन
ऑफ वेजिटेबल ऑयल। फिर उसकी ऑक्सीडाइज होने की, रेंसिडिटी की, सबकी टेंडेंसी कम रिएक्टिविटी कम करने के लिए। ये बहुत
रिएक्टिव होते हैं। ये कम। तो इसका हम हाइड्रोजनेशन करते हैं। किसका? वेजिटेबल ऑयल का। तो ये एग्जांपल याद रखना कि एडिशन
रिएक्शन का इस्तेमाल कहां पे करते हैं हम? हाइड्रोजन को ऐड करते हैं किसमें? वेजिटेबल ऑयल पे। ठीक है? दूसरे तरह की
रिएक्शन है सब्सीट्यूशन रिएक्शन। ये कौन दिखाता है? कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड। यानी सैचुरेटेड कंपाउंड। कौन दिखाता है?
सैचुरेटेड कंपाउंड। नाम ही पढ़ लो। क्या है? सब्सीट्यूशन। स्कूल में सुना होगा कि एक मैडम आ जाती हैं दूसरे मैडम का
सब्सीट्यूशन लेने। होता है कि नहीं? बड़ा मजा आता है वाली मैडम को परेशान करने जो सब्स्टिट्यूशन में। सब्स्टिट्यूशन का मतलब
कि कोई एक एटम बाहर जाएगा और उसकी संती एक दूसरा एटम अंदर आएगा। कौन दिखाता है? ये कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड दिखाता है।
यानी सैचुरेटेड यानी एल्केन दिखाता है। तो हमने क्या किया? का एक सिंगल कार्बन वाला एल्केन लिया। एक कार्बन तो मेथ कार्बन
कार्बन सिंगल बॉन्ड तो एन मिथेन। रिएक्शन कराया क्लोरीन से। अब इसमें क्या होगा? एक हाइड्रोजन बाहर निकलेगा। एक Cl अंदर
घुसेगा। एक हाइड्रोजन बाहर निकला। CH3 एक Cl अंदर घुसा। Cl CH3Cl और एक हाइड्रोजन यहां से निकला। एक यहां
से क्लोरीन वो भी कंबाइन कर लिया। क्या बन गया? HCL ये देखो रिएक्शन। CH4
+ Cl2 कंडीशन क्या होती है इसके लिए? सनलाइट की कंडीशन होती है। अब क्या होगा? एक हाइड्रोजन यहां से बाहर निकला। एक
क्लोरीन यहां से बाहर निकला। तो हाइड्रोजन और क्लोरीन मिलके क्या बन गए? HCL। यहां से एक हाइड्रोजन निकल गया। यहां से एक
क्लोरीन मिलके HCL। अच्छा क्या बचा ये? एक हाइड्रोजन निकल गया तो क्या बचा? CH3 और यहां से एक क्लोरीन इसमें लग गया। Cl अब
ध्यान से देखो। ये क्या हो गया? एक कार्बन तो मेथ कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड ही मानते हैं भाई जब एक कार्बन होता है मिथेन
सामने क्या लिखा है cl तो यह क्या बन गया क्लोरो मिथेन बन गया कंडीशन क्या है सनलाइट ये कौन सा रिएक्शन है सब्स्टट्यूशन
रिएक्शन एक एटम बाहर गया हाइड्रोजन का एक क्लोरीन का एटम अंदर आ गया इसमें से हाइड्रोजन
बाहर गया क्लोरीन अंदर कौन दिखाता है ये कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड ये रहा क्लियर है भाई चलो बहुत बढ़िया ठीक ठीक? अब देखो,
2023 का सवाल है। कर लोगे आप वही सब पूछा है। राइट द नेम एंड जनरल फार्मूला ऑफ अ चेन ऑफ़ हाइड्रोकार्बन इन व्हिच एडिशन
रिएक्शन हाइड्रोजन 10 टेक्स प्लेस। एडिशन किस में दिखाता है? एल्कीन में। जनरल फार्मूला CNH2N
या एल्काइन में भी दिखा सकता है। है ना? स्टार्ट स्टेटिंग द एसेंशियल कंडीशन रिक्वायर्ड फॉर एन एडिशन रिएक्शन टू अकर
राइट द केमिकल इक्वेशन गिविंग द नेम ऑफ द रिएक्टेंट एंड प्रोडक्ट। क्या-क्या कंडीशन होती है? ध्यान से देखो। एडिशन रिएक्शन की
कंडीशन या तो निक का कैटेलिस्ट हो या तो पलेडियम का कैटेलिस्ट हो। पहली चीज। दूसरी चीज जो एनसीआरटी नहीं लिखती इन रिएक्शंस
में कई बार आपको हाई प्रेशर या हाई टेंपरेचर चाहिए होता है। वही लिखा है। मोस्टली कैरिड आउट अंडर हीट एंड प्रेशर।
या तो आप प्रेशर लगाओ। हीट लगाओगे तो क्या होगा? हाई टेंपरेचर। तो या तो हाई टेंपरेचर रिक्वायर्ड होता है या तो हाई
प्रेशर। एनसीआरटी ने ही मेंशन कर दी। फिर भी मैंने आपको बता दिया। कैटलिस्ट चाहिए टिपिकली फाइनली डिवाइडेड निके और पलेडियम
रिएक्शन लिखा हुआ है एक डबल बॉन्ड टूटे एक बॉन्ड टूटेगा एक हाइड्रोजन इधर एक इधर ये बन गया ठीक चलो कंबस्शन अब बेटा ध्यान से
सुनो आपके पास कोई भी ऑर्गेनिक कंपाउंड हो मिथेन हो इथेन हो इथीन हो प्रोपेन हो प्रोपेनॉल हो क्लोरो मीथेन कुछ भी हो
जितने कंपाउंड्स अभी आपने पढ़े कोई भी कंपाउंड हो अगर उनका कंप्लीट कंबस्शन हो कंप्लीट कंबशन मतलब मतलब पूरी तरह से जल
जाए और वो तभी हो सकता है जब आपके पास खूब सारी हवा हो। खूब सारी ऑक्सीजन हो। इन प्रेजेंस ऑफ ऑक्सीजन ही हो सकता है। इन
प्रेजेंस ऑफ ऑक्सीजन बढ़िया आपके मात्रा में आपके पास ऑक्सीजन हो तभी ऐसा होगा। कोई भी कार्बन का कंपाउंड जितना आपने पढ़ा
अल्कोहल पढ़ा एल्डिहाइड पढ़ा एसिड पढ़ा एल्केन एल्कीन एल्काइन कोई भी अगर वो पूरी तरह से जल गया अगर उसका कंप्लीट कंबस्शन
हो गया कब होगा जब सप्लाई ऑफ एयर मस्त हो ऐसी कंडीशन में प्रोडक्ट क्या बनता है कार्बन डाइऑक्साइड वाटर हीट खत्म सिंपल
रूल आपसे कहता है मिथेन का कंबस्शन किया क्या बनेगा कार्बन डाइऑक्साइड वाटर हीट आपसे कहा इथेन का कंबस्शन हुआ क्या बनेगा
बनेगा कार्बन डाइऑक्साइड वाटर हीट आपसे कहा ब्यूटेन का कंबस्शन हुआ क्या बनेगा कार्बन डाइऑक्साइड वाटर हीट आपसे कहा
इथेनॉल का कंबस्शन हुआ क्या बनेगा कार्बन डाइऑक्साइड वाटर हीट कोई भी कंपाउंड अगर उसका कंप्लीट कंबस्शन हो रहा है जितने
कंपाउंड इस चैप्टर में पढ़े तो क्या बनेगा कार्बन डाइऑक्साइड वाटर और हीट हां उसमें क्लोरो नहीं होना चाहिए था सिर्फ कार्बन
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन जिसमें हो ठीक है तो जैसे यहां पे देखो मिथेन को ऑक्सीजन के साथ जलाया क्या बना कार्बन डाइऑक्साइड
वाटर हीट ये क्या है दो कार्बन का अल्कोहल दो कार्बन तो एथ कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड एन अल्कोहल तो ऑल इथेनॉल को ऑक्सीजन
के साथ जलाया क्या बना? कार्बन डाइऑक्साइड वाटर हीट कोई भी बेटा मैं यहां पे लिख देता हूं ब्यूटेन C4H10 इसको ऑक्सीजन के
साथ जलाओगे क्या बनेगा? कार्बन डाइऑक्साइड वाटर और हीट हमेशा जब कंप्लीट कंबस्शन हो। अब ध्यान से सुनो।
जो सैचुरेटेड कार्बन कंपाउंड होते हैं। सैचुरेटेड मतलब एल्केेंस जो होते हैं जनरली गिव अ क्लीन ब्लू फ्लेम। ऐसी फ्लेम
होती है। आपने देखा होगा घर की गैस भी जो जलती है, वह कैसी होती है? ब्लू कलर की फ्लेम देती है। देखा है? क्यों ब्लू कलर
की फ्लेम दे रही है? क्योंकि वह सैचुरेटेड कार्बन कंपाउंड है। हमेशा ब्लू फ्लेम देते हैं। क्यों? क्योंकि इनका कंप्लीट कंबस्शन
हो रहा है। तो जब भी कंप्लीट कंबस्शन हो तो कैसी फ्लेम मिलती है? ब्लू कलर की मिलती है। और एल्केन का जनरली कंप्लीट
कंबस्शन हो जाता है। जब भी पूरी तरह से यह कोई ऑर्गेनिक कंपाउंड जलता है तो कैसी फ्लेम देता है? ब्लू और एल्केन जनरली पूरी
तरह से जल जाता है। तो याद रखना एल्केन कैसी फ्लेम देता है? ब्लू फ्लेम देता है। अच्छा। पर जब एल्कीन और एल्काइन की बात की
अनसैचुरेटेड कार्बन कंपाउंड्स। अनसैचुरेटेड कार्बन कंपाउंड मतलब इन और आइन की जब बात की ये देते हैं येलो फ्लेम
विद लॉट्स ऑफ ब्लैक स्मोक। इस तरह का काला-काला धुआं निकलता है। क्यों? क्योंकि बेटा एल्कीन और एल्काइन में एल्कीन और
एल्काइन में इनकंप्लीट कंबशन होता है। पूरी तरह से जल ही नहीं पाते। एल्केन जनरली पूरी तरह से जल जाता है।
कैसी फ्लेम? ब्लू फ्लेम। एल्कीन और एल्काइन जनरली पूरी तरह से जलता नहीं। इनकंप्लीट कंबशन। क्या देता है? येलो
फ्लेम देता है। ब्लैक स्मोक देता है। अ सूती डिपॉजिट ऑन दी मेटल प्लेट। अगर इसके ऊपर मैं एक मेटल प्लेट रख दूं या जिसमें
इसको जला रहा हूं। यहां पे क्या होगा? काला-काला लग जाता है। बर्तन में नहीं देखा कई बार। भगवाना जब रखते हैं गैस के
ऊपर तो क्या होता है? कई बार उसके नीचे काला-काला डिपॉजिट क्या है वो? कार्बन डिपॉजिट हो गया। पूरी तरह से कार्बन जल के
कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बन पाया। कुछ कार्बन ऐसे ही रह गया। क्या बन जाएगा वो? अ सूती डिपॉजिट ऑन दी मेटल प्लेट। येलो
फ्लेम। कौन देते हैं? डबल बॉन्ड, ट्रिपल बॉन्ड एल्कीन एल्काइन। एल्केन जनरली क्या देते हैं? ब्लू फ्लेम देते हैं। ये क्या
कर रहे हैं? कंप्लीट कंबस। ये क्या करते हैं? इनकंप्लीट। एल्केन क्या करते हैं? जनरली कंप्लीट। एल्कीन एल्काइन क्या करते
हैं? जनरली इनकंप्लीट। ठीक है? नेक्स्ट बड़ा इंटरेस्टिंग सा एक कांसेप्ट है। रिंग्स ऑफ कार्बन। ये क्या है? जरा ध्यान
से देखो। अगर मैं चार कार्बन को यूं जोड़ूं। एक दो तीन चार। कोई दिक्कत? कोई दिक्कत नहीं। कार्बन कार्बन को सिंगल
बॉन्ड से जोड़ दिया। हाइड्रोजन लगाएं। चलो लगाते हैं। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो
हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। चार कार्बन तो क्या बोलेंगे?
ब्यूट बोलेंगे। कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो क्या बोलेंगे? एन बोलेंगे। पर क्योंकि यह साइक्लिक है। घुमा हुआ है रिंग
है। साइक्लिक है तो इसका नाम पड़ जाता है साइक्लो ब्यूटेन। ठीक है? एल्केन है कैसा? साइक्लिक फॉर्म में। बेटा इसका अगर आप
फार्मूला निकालोगे थोड़ा अजीब सा आएगा। एल्केन वाला नहीं आएगा। C4 हाइड्रोजन कितने आ रहे हैं? दो दो H8 फार्मूला आप
ध्यान से देखो तो ये डबल बॉन्ड वाला एल्कीन वाला फार्मूला आ रहा है। पर आप इसको एल्कीन मत समझना। ये एक डिफरेंट
क्लास ऑफ कंपाउंड्स हैं। आपके सिलेबस में ज्यादा नहीं है। थोड़ा सा ही है। ये एल्केन ही होते हैं। क्यों एल्केन है? क्योंकि
कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड है। तीन कार्बन की भी आप रिंग बना सकते हो। एक एक दो तीन। क्या बन गया ये? प्रोप
एन। और आगे क्या लग जाएगा इसके? साइक्लो। साइक्लो प्रोपेन। पर आपके सिलेबस में और एग्जाम में सिर्फ ये आ रहा है। साइक्लो
हेक्सेन आ रहा है। हेक्स मतलब छह कार्बन। एन मतलब कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड। साइक्लो मतलब साइक्लिक बना दो। अब छह
कार्बन की रिंग कैसी दिखेगी? हेक्सागोनल जैसे ही बनाते हैं हेक्सागोनल। एक दो तीन चार पांच छह हो गया। डन। छह कार्बन है और
सिंगल बॉन्ड से जोड़ दिया। अच्छा हाइड्रोजन लगा लेते हैं भाई। यहां पे दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, कितने हाइड्रोजन? दो
हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो
हाइड्रोजन। दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन, दो वैलेंसी सेटिस्फाइड, दो हाइड्रोजन। फार्मूला बताओ इसका क्या आएगा?
C कितने हो गए? सिक्स। H देखो दो दो H12। एल्केन वाला फार्मूला आया नहीं। पर ये दूसरे तरह के एल्केन हैं। साइक्लो एल्केन।
इनका वो वाला फार्मूला मैच नहीं करता। इससे टेंशन मत लेना। नाम बताओ क्या होगा? छह कार्बन तो क्या बोलेंगे? हेक्स। कार्बन
कार्बन में सिंगल बॉन्ड तो एन और साइक्लिक स्ट्रक्चर है तो क्या बन गया? साइक्लो हेक्सेन। ठीक है? तो एग्जाम में क्या आ
सकता है? या तो आपसे इसका फार्मूला पूछ लेगा C6H12 ये याद रखना या तो इसका नाम पूछ लेगा या तो पूछता है कि ये सैचुरेटेड
है या अनसैचुरेटेड है। अब इसका फार्मूला तो एल्कीन जैसा दिख रहा है तो लगता है अनसैचुरेटेड नहीं। सैचुरेटेड अनसैचुरेटेड
सिर्फ एक चीज से डिसाइड होता है कि कार्बन कार्बन में सिंगल बॉन्ड है या डबल ट्रिपल है? कार्बन कार्बन में कौन सा बॉन्ड है?
सिंगल बॉन्ड है। तो ये कैसा हो गया? सैचुरेटेड कंपाउंड हो गया। तो एक चीज ये पूछता है कि ये सैचुरेटेड है या
अनसैचुरेटेड है। C6H12 तो याद रहना चाहिए। ये वाला नहीं पूछ रहा। ये वाला भी नहीं पूछ रहा। आगे बढ़ते हैं। ऐसा ही एक स्पेशल
कंपाउंड आपके सिलेबस में है बेंजीन। ये क्या है? यह भी छह कार्बन की रिंग है। सेम छह कार्बन की रिंग एक दो तीन चार पांच छह
छह कार्बन की रिंग है। अब इसमें स्पेशल क्या है कि अल्टरनेट पोजीशन पे डबल बॉन्ड होंगे। अल्टरनेट मतलब एक डबल बॉन्ड मैंने
यहां बनाया तो यहां सिंगल होगा। अगला वाला फिर डबल होगा। फिर एक सिंगल होगा। अगला वाला फिर डबल हो जाएगा। दूसरी तरह से भी
बना सकते हो। छह कार्बन की रिंग। एक दो तीन चार पांच छह। अब छह कार्बन की रिंग बन गई। अल्टरनेट पोजीशन पे डबल बॉन्ड। पहले
मैंने यहां से डबल बॉन्ड लगाना शुरू किया था। आओ मैं यहां से शुरू करता हूं। कहीं से भी कर सकते हैं कोई टेंशन नहीं। एक डबल
लगाया तो अगला सिंगल। एक डबल लगाया अगला सिंगल। एक डबल लगाया अगला सिंगल। एक डबल सिंगल। डबल सिंगल। डबल सिंगल अल्टरनेट
पोजीशन पे होंगे। ठीक? हाइड्रोजन कैसे लगेंगे भाई? तीन वैलेंसी सेटिस्फाइड। एक हाइड्रोजन, तीन वैलेंसी सेटिस्फाइड, एक
हाइड्रोजन, तीन वैलेंसी सेटिस्फाइड, एक हाइड्रोजन। 1 2 तीन सेटिस्फाइड, एक हाइड्रोजन, तीन सेटिस्फाइड, एक हाइड्रोजन,
तीन सेटिस्फाइड, एक हाइड्रोजन। इसका फार्मूला सोचो क्या आएगा? कितने कार्बन हैं? छह। कितने हाइड्रोजन हैं? हर कार्बन
पे एक हाइड्रोजन। C6H6 ये क्या बन गया? बेंजीन। क्या ये एल्केन है, एल्कीन है? कुछ नहीं है। इसका अपना
नाम है क्या नाम है? बेंजीन। ऐसे भी बना सकते हैं और ऐसे भी। मतलब डबल बॉन्ड कहीं पे भी लगाओ दिक्कत नहीं है। बस अल्टरनेट
में सिंगल डबल दिखना चाहिए। कई बार इसको ऐसे भी बना देते हैं। 1 2 3 4 5 6 ये कई बार इसको इस तरह से भी ड्रॉ कर देते हैं
एग्जाम में। ए ये सिंपल। ये क्या है? यहां पे कार्बन है। यहां पे कार्बन है। यहां पे कार्बन है।
यहां पे कार्बन, यहां पे कार्बन, यहां पे कार्बन। और क्या किया उन्होंने? अल्टरनेट पोजीशन पे। यहां एक डबल बॉन्ड, सिंगल
बॉन्ड। डबल बॉन्ड सिंगल बॉन्ड डबल बॉन्ड। ठीक है? इसमें सवाल क्या आता है? इसमें एक सवाल आता है कि यह सैचुरेटेड है कि
अनसैचुरेटेड? कैसे डिसाइड करोगे? देख लो इसमें डबल बॉन्ड है कि नहीं? भाई इसमें तो तीन डबल बॉन्ड है। तो डेफिनेटली ये कैसा
है? अनसैचुरेटेड। अब आप कहोगे इसमें सिंगल भी है। जब दोनों होते हैं तो डबल बॉन्ड को प्रायोरिटी देते हैं। पहले भी सिखाया था।
कैसा हुआ? अनसैचुरेटेड। दूसरा इसका फार्मूला पूछ लेता है C6H6। तीसरा इसका नाम बेंजीन। चौथा ये पूछता है
इसमें कितने सिंगल बॉन्ड हैं और कितने डबल बॉन्ड हैं? तो जरा ध्यान से देखो कितने डबल हैं। 1 2 3 तो तीन मेरे पास डबल बॉन्ड
हो गए। सिंगल बॉन्ड बताओ कितने हैं? 1 2 3 और हाइड्रोजन के साथ भी हैं। 1 2 3 4 5 6 3 9 तो नौ क्या हो गए? सिंगल बॉन्ड।
क्लियर हो गए? तीन डबल बॉन्ड हैं। 1 2 3 सिंगल बॉन्ड देखो। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 तो ये सवाल इसमें आते हैं। ये कैसा हो जाएगा?
अनसैचुरेटेड हो जाएगा। सवाल देखो आया हुआ है 2020, 21, 24, 25 क्या है? नंबर ऑफ सिंगल एंड डबल बॉन्ड प्रेजेंट। कितने
सिंगल बॉन्ड? नौ। कितने डबल बॉन्ड? तीन हो जाएंगे। नेक्स्ट टॉपिक है हमारा एलोट्रॉपी। एलोट्रॉपी क्या होता है बेटा?
एक एलिमेंट एक से ज्यादा फॉर्म में एग्जिस्ट करता है। इसको हम एलोट्रॉपी बोलते हैं। द फिनोमना ऑफ़ एग्ज़िस्टेंस ऑफ़
एन एलिमेंट इन टू और मोर फॉर्म्स। ऐसा क्यों होता है? बिकॉज़ ऑफ़ डिफरेंस इन अरेंजमेंट ऑफ एटम्स। इसके एटम्स की जो
अरेंजमेंट है, वह चेंज हो जाती है। हमें अरेंजमेंट ऑफ़ एटम्स में नहीं पढ़ना। हमें मोटा-मोटा यह पता होना चाहिए कि एलोट्रोपी
का मतलब क्या है? एक एलिमेंट एक से ज्यादा फॉर्म में प्रेजेंट हो। एग्जांपल क्या है? इसका एग्जांपल है कार्बन।
कार्बन का एक फॉर्म है ग्रेफाइट। और एक फॉर्म है डायमंड। ध्यान से देखो। यह भी कार्बन से बना है। ग्रेफाइट। पेंसिल की जो
नोक है। किससे बनी है? कार्बन से। और जो डायमंड है वो भी किससे बनता है? कार्बन से। पर दोनों की फिजिकल प्रॉपर्टी अलग-अलग
है। भाई पेंसिल की नोक कुछ वो कैसी होती है? एकदम स्मूथ सी होती है। मक्खन सी होती है। और डायमंड कैसा होता है? इट इज दी
स्ट्रांगेस्ट नेचुरल सब्सटेंस नोन। हार्डेस्ट नेचुरल सब्सटेंस नोन। ग्रेफाइट इज़ स्मूथ एंड स्लिपरी। फिसलता हुआ रहता
है। चिकना सा है। और डायमंड कैसा है? हार्डेस्ट सब्सटेंस। ये भी कार्बन से बना है। ये भी कार्बन से बना है। तो
एलोट्रोप्स जो होते हैं जो डिफरेंट फॉर्म्स होते हैं उनकी फिजिकल प्रॉपर्टी अलग होती है। पर केमिकल प्रॉपर्टी सेम
होती है। क्यों? क्योंकि वो सेम एलिमेंट से ही बने हैं। केमिकली सेम होते हैं। तो ये लिखा है दे हैव डिफरेंट फिजिकल
प्रॉपर्टीज बट आइडेंटिकल केमिकल प्रॉपर्टीज। द डिफरेंट फॉर्म्स आर कॉल्ड एलोट्रोप। कार्बन का एक एलोट्रोप ग्रेफाइट
हो गया। एक एलोट्रोप डायमंड हो गया। ठीक है? यही दिया हुआ है। ठीक? चलो फिजिकल प्रॉपर्टी अलग-अलग है। एक बहुत हार्ड है,
एक स्मूथ है। केमिकल प्रॉपर्टी नियरली सेम। अब देखो, मैंने चैप्टर के स्टार्टिंग में बोला था कि हम कार्बन पे ही पूरा
चैप्टर क्यों पढ़ते हैं? क्योंकि कार्बन बहुत सारे कंपाउंड बनाता है। हमारे आसपास जितनी चीजें होती हैं लगभग सब में कार्बन
है। प्लास्टिक में कार्बन, कपड़े में कार्बन, खाने में कार्बन, हमारी बॉडी में कार्बन, प्लांट्स में कार्बन, हर जगह
कार्बन। तो, क्या रीज़न है कि कार्बन इतने सारे कंपाउंड बनाता है। अब आपको समझ में आएगा ये चीज़ ध्यान से। रीज़ंस दैट कार्बन
फॉर्म मिलियंस ऑफ कंपाउंड। अब आपको बढ़िया से ये चीज समझ में आएगी क्योंकि चैप्टर पढ़ लिया आपने। पहला रीजन है कैटिनेशन।
क्या? कैटिनेशन ये क्या होता है? कार्बन की ये प्रॉपर्टी देखी तुमने कि कार्बन लंबी-लंबी चेन बनाता है। हां सर देखा हमने
पेंटेन, हेक्सेन लंबी-लंबी चेन और सीधी नहीं बनाता है सिर्फ। गोल-गोल भी बनाता है। अभी हमने साइक्लो हेक्सेन देखा था।
गोल-गोल चेन भी साइक्लो ब्यूटेन भी देखा था। गोल-गोल चेन्स भी बनाता है। हमने ये भी देखा है कि ये कुछ ब्रांच वाले भी खेल
खेलता है ऐसे और ब्यूटेन में याद है? एक कार्बन नीचे लटका दिया सॉरी। हां ये ब्यूटेन में आइसोमर बनाया था ऐसे।
तो ये लंबी-लंबी कार्बन कार्बन की चेन स्ट्रेट चेन भी बनाता है। ब्रांच चेन भी बनाता है। रिंग चेन भी रिंग भी बना देता
है। ये प्रॉपर्टी है कैटनेशन की। खुद के खुद के साथ ढेर सारे बॉन्ड बनाते हुए लंबी-लंबी चेन बनाना इस प्रॉपर्टी को
बोलते हैं कैटिनेशन। इस पूरी दुनिया में ये प्रॉपर्टी कार्बन के पास बहुत ज्यादा है। इसके साथ-साथ कार्बन के जस्ट नीचे आप
पीरियडिक टेबल में देखोगे सिलिकॉन आता है। उसके पास भी ये प्रॉपर्टी बहुत ज्यादा है। पर कार्बन के बारे में हम पढ़ते हैं। ये
उतना नहीं बना पाता जितना कार्बन कंपाउंड बनाता है। प्रॉपर्टी ऑफ़ कार्बन टू सेल्फ लिंक। सेल्फ लिंक। खुद से लिंक किया। क्या
किया? सेल्फ लिंक एंड फॉर्म लॉन्ग चेन्स ऑफ कार्बन एटम्स, ब्रांच चेस ऑफ कार्बन एटम्स और रिंग ऑफ कार्बन एटम इसको बोलते
हैं कैटिनेशन। ये सबसे बड़ा रीज़न है कि कार्बन इतने सारे कंपाउंड बना रहा है। क्योंकि यह लंबी-लंबी लंबी-लंबी 17
कार्बन, 30 कार्बन, 100 कार्बन तक की चेन बना सकता है। दूसरी बात है टेट्रा वैलेंसी। कार्बन की चार वैलेंसी है। अब
किसी चीज की अगर चार वैलेंसी है तो वो चार अलग-अलग एलिमेंट से जोड़ सकता है। इसके पास ये भी एक खूबसूरत प्रॉपर्टी है कि
इसकी वैलेंसी चार है। चार तरफ से अलग-अलग बॉन्ड बना सकता है। और यहां एक कार्बन और आ गया तो ये भी चार बॉन्ड और बनाएगा। एक
कार्बन और वो भी चार बॉन्ड। तो चार वैलेंसी की वजह से इसके हाथ बहुत ज्यादा हैं। अगर मेरे चार हाथ होते मैं ज्यादा
चीज पकड़ सकता। तो मैं ज्यादा कंपाउंड बनाता हूं। टेट्रावेलेंसी। तीसरी बात है स्मॉल साइज ऑफ़ कार्बन एटम। कार्बन एक छोटा
सा एटम है। अगर एटम छोटा होता है तो क्या होता है बेटा? उसकी ताकत बहुत ज्यादा होती है। प्रोटॉन बहुत आसानी से इलेक्ट्रॉन को
खींच सकता है। क्योंकि इलेक्ट्रॉन ज्यादा दूर ही नहीं होंगे। अगर एटम छोटा है एटम स्मॉल है तो ये प्रोटॉन हुआ। इलेक्ट्रॉन
इससे ज्यादा दूर जा ही नहीं पाएंगे। छोटा सा एटम है। तो जितने भी आसपास इलेक्ट्रॉन होते हैं, जितने भी अगल-बगल दूसरे एटम्स
के भी जो इलेक्ट्रॉन होते हैं, उनको भी यह पकड़ के रखता है। स्ट्रांग होल्ड बनाता है। स्टेबल कंपाउंड बनाता है। स्मॉल साइज
ऑफ़ कार्बन एटम ड्यू टू स्मॉल साइज ऑफ़ कार्बन इट कंपाउंड्स आर हाईली स्टेबल एज द पुल ऑन इलेक्ट्रॉन क्लाउड इज़ वेरी
स्ट्रांग। इंपॉर्टेंट। याद रखिएगा। कई लोग छोड़ देते हैं ये बात कि कार्बन बोर्ड में पूछा हुआ है। कार्बन इतने स्टेबल कंपाउंड
क्यों बना रहा है? क्योंकि उसका साइज बहुत छोटा है। साइज छोटा है तो इलेक्ट्रॉन ज्यादा दूर नहीं होते। पड़ोसी का
इलेक्ट्रॉन भी पास में है। इस पड़ोसी का भी सबको पकड़के के टाइटली रखता है। नेक्स्ट बेटा बात है आइसोमर्स। अब आइसोमर्स से
क्या हुआ? अरे भैया एक ही फार्मूला से एक ही तरह के फार्मूला से हम तीन-चार कंपाउंड बना रहे हैं। पेंटेन आपने देखा था। एक ही
फार्मूला से तीन कंपाउंड बन रहे हैं। तो यानी सिमिलर एटम से सेम एटम से आप ढेर सारे अलग-अलग अलग-अलग कंपाउंड बना सकते
हो। पेंटेन का फार्मूला क्या था? पेंटेन का फार्मूला था C5H12 अब इसी फार्मूले के साथ यानी पांच कार्बन
और 12 हाइड्रोजन के साथ ये तीन कंपाउंड बना सकता है। ये कितनी बेहतरीन प्रॉपर्टी हो गई और तीन अलग-अलग कंपाउंड बन गए। तो
आइसोमेरिज्म की वजह से या आइसोमर वाले फिनोमिना की वजह से भी कार्बन बहुत सारे अलग-अलग कंपाउंड बनाता है। शोज़ आइसोमर्स
विद सेम सेट्स ऑफ़ एटम्स। इट कैन हैव डिफरेंट स्ट्रक्चर्स एंड हेंस डिफरेंट टाइप ऑफ़ कंपाउंड्स। तो ये चार रीज़न है
जिसकी वजह से कार्बन बहुत सारे कंपाउंड बनाता है। सबसे इंपॉर्टेंट बेटा कैटिनेशन याद रखिएगा। फिर टेट्रावेलेंसी और फिर
स्मॉल साइज और फिर आइसोमर ये याद रखिएगा। कैटिनेशन जरूर याद रखिएगा। ठीक? चलिए। अब बेटा हमें कुछ रिएक्शंस पढ़ने हैं अपने
सिलेबस में। दो कंपाउंड के रिएक्शंस एग्जाम में पूछता है। बुक में वही है। पहला कंपाउंड है इथ इन ऑल। एथ मतलब दो
कार्बन, एक दो। ऑल मतलब अल्कोहल यानी OH ग्रुप। भाई इस कार्बन की दो वैलेंसी सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन एक वैलेंसी
सेटिस्फाइड तीन हाइड्रोजन CH3CH2OH याद हो जाना चाहिए इथेनॉल का फार्मूला CH3CH2OH
है क्या ये एक अल्कोहल है इसके रिएक्शंस हमें आगे पढ़ने हैं याद रहेगा एथ एन ऑल एथ मतलब दो कार्बन ऑल मतलब OH लगा दिया इसकी
दो वैलेंसी सेटिस्फाइड दो हाइड्रोजन एक सेटिस्फाइड तीन CH3 CH2OH याद कर लीजिए इसका नाम आपको कंपाउंड का याद होना होना
चाहिए। क्या है? एथेनॉल। क्या है? यह एक अल्कोहॉल है। दूसरा कंपाउंड जो है वो है एथेनोइक एसिड। इसके भी रिएक्शंस आपको
पढ़ने हैं। एथ मतलब अगेन दो कार्बन। ओइक एसिड याद है? ओइक एसिड क्या था? C = O और यहां OH इस कार्बन की चारों वैलेंसी
सेटिस्फाइड। इसकी एक सेटिस्फाइड थ्री। CH3COOH CH3COOH
ये भी आपको याद हो जाना चाहिए कि इसको हम क्या बोलते हैं? एथेनोइक एसिड। दो कार्बन तो एथ कार्बन कार्बन सिंगल बॉन्ड एन और C
डबल ब्ड OOH ये क्या बन गया? ओइक एसिड। CH3COOH याद कर लीजिए एथेनोइक एसिड। इसका कॉमन नेम
है एसिटिक एसिड। एसिटिक एसिड कहां मिलता है बेटा आपको? विनेगर में। सिरका में मिलता है। इसका
कॉमन नेम है एसिटिक एसिड। तो यह दो कंपाउंड याद हो जाए। जल्दी से याद करेंगे फिर आगे। एथेनॉल CH3CH2OH
एथेनॉइक एसिड CH3COOH। पहले एथेनॉल के रिएक्शनंस पढ़ते हैं। आइए। एथेनॉल के रिएक्शन CH3CH2OH
के रिएक्शन। पहला रिएक्शन है सोडियम मेटल के साथ। इस रिएक्शन में बेटा जो एथेनॉल भाई हैं ये थोड़ा सा ना एसिड की तरह बिहेव
करते हैं। कैसे? एसिड जैसा बिहेव करते हैं। एसिड जैसा CH3CH2OH एसिड जैसा अच्छा एसिड जब मेटल से रिएक्ट करता था तो क्या
निकलती थी याद है? व्हेनएवर एसिड्स रिएक्ट्स विद मेटल क्या निकलता था? हाइड्रोजन गैस तो यहां से बेटा क्या निकल
के बाहर आ गई? हाइड्रोजन गैस और क्या बनता था? सॉल्ट बनता था। तो क्या हुआ? यहां से हाइड्रोजन निकल के बाहर आया। सोडियम यहां
जा के अंदर बैठ गया। H यहां से निकल के बाहर आया। सोडियम अंदर जा के बैठ गया। CH3CH2O
Na बन गया। इसका नाम है सोडियम इथॉक्साइड और ये कलरलेस होता है। क्या बन गया? सोडियम इथॉक्साइड। सिंपल बेटा। CH3CH2OH
एथेनॉल। क्या चीज है ये? एथेनॉल। किससे रिएक्शन? मेटल के साथ। सोडियम मेटल। मेटल के साथ जब
कोई एसिड रिएक्ट करता था तो क्या निकलता था? मेटल्स रिएक्ट विद डाइल्यूट मिनरल एसिड टू रिलीज़ हाइड्रोजन। याद करो जिंक +
H2SO4। अब याद आया सर। जिंक + H2SO4 क्या निकलता था? हाइड्रोजन और क्या बनता था? ZnSO4
जिंक के साथ एक सॉल्ट। तो यहां भी यही हुआ। सोडियम से रिएक्ट किया मेटल के साथ। मेटल के साथ एसिड रिएक्ट किया। हाइड्रोजन
गैस बाहर निकल गई। और ये मेटल अंदर घुस के सॉल्ट बना लेगा। CH3CH2ON सोडियम इथॉक्साइड कलरलेस। हाइड्रोजन गैस
का टेस्ट सबको याद है। बर्न्स विद अ पॉप साउंड। ठीक है? तो ये रिएक्शन आपको याद ही करने पड़ेंगे। जितना हो सकता है मैं समझा
दूं। दूसरा रिएक्शन वेरी इंपॉर्टेंट है बेटा। वो क्या है कि अगर मैं एथेनॉल लूं। एथेनॉल मतलब CH3 CH2OH
और मैं इसका रिएक्शन करा दूं कंसंट्रेटेड H2SO4 से। किससे कराया? एक्सेस ऑफ कंसंट्रेटेड H2SO4 और इसको हीट कर दूं 443
केल्विन पे। बड़ा मैजिकल चीज होगी। क्या लिया मैंने? एथेनॉल लिया। ये क्या चीज है? एथेनॉल। CH3 CH2OH हीट किया किसके साथ?
कंसंट्रेटेड H2SO4 के साथ। टेंपरेचर याद रखना 443 के बड़ी मैजिकल चीज होगी। क्या होगा? इस कार्बन से OH निकल जाएगा। इस
कार्बन से H निकल जाएगा। इस कार्बन से OH इस कार्बन से Ha यहां देखो मेरे पास क्या है? CH3
CH2 OH और मैंने इसका रिएक्शन करा दिया। यहां पे एसिड वसिड सब लगा दिया। क्या होगा? यहां से इस कार्बन से OH निकलेगा और
इस कार्बन से एक हाइड्रोजन निकलेगा। तो देखो क्या बनेगा? C एक हाइड्रोजन निकल गया। CH2 सिंगल बॉन्ड यहां से OH निकल
गया। क्या बना? CH2 अब यार ये तो जस्टिफाइड ही नहीं लग रहा है। CH2 सिंगल बॉन्ड CH2 इस कार्बन की 1 2 3 इस कार्बन 1
2 3 यहां पे अगर डबल बॉन्ड बना दूं तो काम बन जाएगा। यहां से क्या निकला? H यहां से क्या निकला? OH H और OH मिलके क्या बन गए?
H2O क्या हो गया बेटा? इसमें से वाटर बाहर निकल गया। डी हाइड्रेशन हो गया। बोलते
नहीं हम लोग डिहाइड्रेट हो गए। मतलब पानी निकल गया। डिहाइड्रेट हो गए। डिहाइड्रेशन हो गया। यानी रिमूवल ऑफ
H2O इसमें से वाटर निकल गया। एथेनॉल के एक कार्बन से हाइड्रोजन निकला। दूसरे कार्बन से OH निकला। H और OH मिलके क्या बनाए?
H2O H और OH मिल के क्या बना है? H2O एक कार्बन से H निकला क्या बचा? CH2 एक कार्बन से OH निकला क्या बचा? CH2। अब यार
CH2 CH2 वैलेंसी जस्टिफाइड ही नहीं है। तीन वैलेंसी दिख रही है कार्बन की तो यहां पे क्या बन गया? डबल बॉन्ड। ये क्या बन
गया? दो कार्बन तो एथ। कार्बन कार्बन डबल बॉन्ड ईन। क्या बन गया? इथीन। कहां से बना इथीन? एथ एन ऑल से। एथेनॉल से इथीन बन
गया। किसने बनाया? कंसंट्रेटेड H2SO4 क्या लगा था यहां? कौन्स H2SO4 और टेंपरेचर 443 केल्विन इंपॉर्टेंट रिएक्शन।
समझ में आ गई? एक कार्बन से H निकाला एक से OH मिलके वाटर निकल गया। यहां पे एक वैलेंसी कम थी। डबल बॉन्ड इथीन बन गया। और
हुआ क्या? पानी का निकलना। यानी डिहाइड्रेशन। तो डिहाइड्रेशन रिमूवल ऑफ़ H2O। ठीक है? यही रिएक्शन यहां पे दिया
है। इससे देखो H निकला। इससे OH निकला। क्या बन गया? H2O यहां पे एक वैलेंसी कम हो गई। डबल बॉन्ड क्या बन गया? इथीन।
कंसंट्रेटेड H2SO4 क्या बन जाता है यहां पे? डिहाइड्रेटिंग एजेंट बन जाता है। डिहाइड्रेटिंग एजेंट। मतलब ऐसा एजेंट जो
इसमें से पानी निकाल ले। पानी निकालने वाला। दिस रिएक्शन इज़ कॉल्ड डिहाइड्रेशन ऑफ इथेनॉल। इथेनॉल का क्या हो गया?
डिहाइड्रेशन। डिहाइड्रेशन मतलब रिमूवल ऑफ वाटर। रिमूवल ऑफ H2O रिमूवल ऑफ वाटर किसने किया? क्स H2SO4 ने वेरीेंट रिएक्शन।
तीसरा रिएक्शन भी बहुत इंपॉर्टेंट है। वो क्या है कि एथेनॉल को मैंने ट्रीट किया। दो एजेंट हो सकते हैं। एक एल्कलाइन KMnO4
एल्कलाइन KMnO4 पोटेशियम परमगनेट याद करना पड़ेगा। या तो और एसिडिफाइड K2Cr2O7
पोटेशियम डाईमेट एसिडिफाइड पोटेशियम डाईमेट बड़ा टफ लग रहा होगा पर बेटा ये दोनों ना बड़े ही फेमस ऑक्सीडाइजिंग एजेंट
है दोनों अल्कलाइन KMnO4 अल्कलाइन पोटशियम परमग्नेट पोटेशियम परमगनेट दूसरा एसिडिफाइड K2Cr2O7
एसिटिफाइड पोटेशियम डाई डाइक्रोमेट दोनों क्या है? बहुत ही बेहतरीन ऑक्सीडाइजिंग एजेंट है। वन एंड टू आर ऑक्सीडाइजिंग
एजेंट। किसी भी चीज को ऑक्सीडाइज कर देते हैं। भाई ऑक्सीडेशन का मतलब क्या था? या तो
ऑक्सीजन ऐड हो जाए या तो हाइड्रोजन निकल जाए। यहां दोनों चीज होगी। ध्यान से इसका सुन। यहां से दो हाइड्रोजन निकलेंगे और एक
ऑक्सीजन अंदर आएगा। क्या होगा बेटा? क्या होगा? H2 निकलेगा
O ऐड होगा। दोनों ही चीजें क्या बताती हैं? ऑक्सीडेशन बताती है। यहां से देखो दो हाइड्रोजन
निकलेंगे और यहां पे एक ऑक्सीजन ऐड होगा। देखो क्या बनेगा? दो हाइड्रोजन निकल गए। एक ऑक्सीजन CH3COOH
ओए होए CH3COH क्या होता है? एथेनॉइक एसिड बन गया। तो बेटा यह तरीका था एथेनॉल से एथ एन ऑल से एथेनोइक एसिड बनाने का। बोलो समझ
में आया? ऑक्सीडेशन होना है। ऑक्सीडाइजिंग एजेंट कौन है? या तो ये लगा दो या तो ये दोनों याद ही करने पड़ेंगे और कोई अभी
ऑप्शन ही नहीं है आपके लिए। दो ऑक्सीडाइजिंग एजेंट हैं। दोनों में से कोई भी एक लगा दो। दोनों की जरूरत नहीं है।
फिर क्या होगा? ऑक्सीडेशन होगा। ऑक्सीडेशन मतलब या तो एडिशन ऑफ ऑक्सीजन या रिमूवल ऑफ हाइड्रोजन। दोनों ही हो रहा है यहां। यहां
से दो हाइड्रोजन निकल गए। H2 निकलेगा और एक ऑक्सीजन यहां पे आकर बैठ गया। तो क्या बना? CH3COOH
और ये क्या था? एथेनोइक एसिड। वेरी इंपॉर्टेंट। याद रहेगा? ठीक है? इसके ऊपर एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट भी है। वो ये
रहा। एक्टिविटी 4.5। क्या करते हैं हम? एथेनॉल में एल्कलाइन KMnO4 मिलाते हैं। एल्कलाइन KMnO4 क्या है बेटा?
ऑक्सीडाइजिंग एजेंट है। तो वो क्या करेगा? एथेनॉल को ऑक्सीडाइज कर देगा। तो ये रिएक्शन होगा। मैंने एथेनॉल लिया
और एथेनॉल में क्या डाल दिया? एल्कलाइन KMnO4 है ना? एल्कलाइन पोटैशियम परमैग्नेट क्या है? ऑक्सीडाइजिंग एजेंट है। यहां से
दो हाइड्रोजन निकले। यहां पे एक ऑक्सीजन लगा। CH3COOH बन गया। अब खास बात सुनो। CH3COH यानी
इथेनॉइक एसिड कैसा होता है? कलरलेस होता है। अल्कलाइन KMnO4 कैसा होता है? पर्पल कलर का होता है। तो मैंने पर्पल कलर का
अल्कलाइन KMnO4 इसके अंदर डाला। जब मैंने इसके अंदर KMnO4 डाला तो वो पर्पल रंग का था। अंदर जाते ही उसने इसके साथ रिएक्ट
किया और क्या बनाया? इथेनॉइक एसिड जो कि कैसा था? कलरलेस। तो थोड़ी देर में ये सॉल्यूशन कैसा हो जाता है? कलरलेस हो जाता
है। जितना भी KMnO4 डाल रहे थे वो यूज़ हो गया और सब कन्वर्ट हो के क्या बन गया? एथेनॉइक एसिड। तो यही है। एट ड्रॉप वाइज़
अल्कलाइन KMnO4 पोटेशियम परमैग्नेट। ड्रॉप वाइज़ डाल रहे। एक ड्रॉप दो ड्रॉप। जैसे ही उसकी ड्रॉप आई इसको ऑक्सीडाइज की। इसको
ऑक्सीडाइज की तो क्या बन गया? इथेनॉइक एसिड। सॉल्यूशन कैसा हो गया? कलरलेस। ऑब्जरवेशन पर्पल कलर ऑफ़ अल्कलाइन KMnO4
डिसअपीयर्स। धीमे-धीमे पर्पल कलर खत्म हो जाएगा। रीज़न एथेनॉल रिएक्ट्स विद अल्कलाइन KMnO4 टू गिव एथेनॉइक एसिड व्हिच इज़
कलरलेस। एथेनॉल इसके साथ रिएक्ट कर गया। और क्या बनाया? एथेनॉइक एसिड जो कि कलरलेस है। ऑन एडिंग एक्सेस ऑफ़ अल्कलाइन KMnO4।
अब हमने क्या किया कि ये रिएक्शन हो चुका है। अब हम KMnO4 डालते जा रहे हैं। पर्पल कलर डालते जा रहे हैं। अब रिएक्शन होना
खत्म हो चुका है। एथेनॉइक एसिड जितना बनना था बन चुका है। अब अगर आप पर्पल कलर डालते रहोगे डालते रहोगे तो सॉल्यूशन वापस पर्पल
हो जाएगा। अब और कोई एथेनॉइक एसिड नहीं बनेगा। तो अगर एक्सेस में डालते जाओगे डालते जाओगे। भाई पहले सॉल्यूशन में
इथेनॉल था। आपने पर्पल कलर का पुनo4 डाला। एथेनॉल से रिएक्ट किया एथेनॉइक एसिड बन गया। कलरलेस हो गया। पुप एक और डाला।
एथेनॉल से रिएक्ट किया। इथेनोइक एसिड बन गया। पु एक और डाला इथेनॉल से रिएक्ट किया एथेनॉइक एसिड कलरलेस अब सारा इथेनॉल
कन्वर्ट हो के इथेनोइक एसिड पूरा सॉल्यूशन क्या है इथेनॉइक एसिड कलरलेस है पूरा सॉल्यूशन कलरलेस हो चुका है अब इसमें पुप
पुप पुप और बूंद डालोगे पर्पल कलर की तो इथेनॉइक एसिड तो जितना बनना था बन चुका इथेनॉल बचा ही नहीं है तो अब सॉल्यूशन
कैसा रहेगा पर्पल हो जाएगा यही लिखा है ऑन एडिंग एक्सेस ऑफ़ अल्कलाइन KMnO4 नाउ पर्पल कलर डज़ंट डिसअपीयर एज़ देयर इज़ नो एथेनॉल
लेफ्ट नाउ इसी पे सवाल देखो 204 2020 2019 सेम सवाल व्हाट वुड बी ऑब्ज़र्व ऑन एडिंग अ 5% अल्कलाइन पोटैशियम परमैगनेट ड्रॉप बाय
ड्रॉप टू सम वार्म एथेनॉल? एक तो यही बताना है क्या होगा? पर्पल कलर डिसपीयर हो जाएगा। एक्सेस में ऐड करेंगे तो पर्पल कलर
डिसएपीयर होना बंद हो जाएगा। क्यों हो रहा है? क्योंकि एथेनॉल ऑक्सीडाइज हो के एथेनॉइक एसिड बन रहा है। ठीक? सवाल
सीबीएसई 2024। व्हाई इज़ दी कन्वर्ज़ ऑफ़ एथेनॉल टू एथेनॉइक एसिड एंड ऑक्सीडेशन रिएक्शन? यह जो रिएक्शन है
जिसमें एथेनॉल क्या बन रहा है? एथेनॉइक एसिड। ये ऑक्सीडेशन रिएक्शन क्यों है? अरे बताया ना क्या हो रहा है इसमें? रिमूवल ऑफ
हाइड्रोजन भी हो रहा है। एडिशन ऑफ ऑक्सीजन भी हो रहा है। इसलिए ऑक्सीडेशन ये पूछ रहा है। व्हाई द कन्वर्शन ऑफ इथेनॉल टू
एथेनॉइक एसिड एन ऑक्सीडेशन रिएक्शन। भाई क्यों ऑक्सीडेशन रिएक्शन है? क्यों? बिकॉज़ इट इनवॉल्व्स दी एडिशन ऑफ एन ऑक्सीजन एटम
और रिमूवल ऑफ़ हाइड्रोजन एटम्स। दोनों ही चीजें हो रही हैं इसके अंदर। ठीक है? राइट? केमिकल इक्वेशन लिखी हुई है।
सीबीएसई 2023। व्हाट हैपेंस व्हेन अ स्मॉल पीस ऑफ सोडियम इज ड्रॉप्ड इन इथेनॉल? सोडियम को जब इथेनॉल तो मेटल को एसिड में
डाला इथेनॉल एसिड बन गया। क्या होगा? हाइड्रोजन गैस निकलेगी। हाइड्रोजन गैस बर्न्स विद अ पॉप साउंड। क्या बन जाएगा?
सोडियम इथॉक्साइड बन जाएगा। ये डाला। यहां से क्या निकलेगी? हाइड्रोजन गैस निकलेगी। सोडियम अंदर चला गया। क्या बन गया? सोडियम
इथॉक्साइड। ये कैसा होता है? कलरलेस होता है। हाइड्रोजन गैस बर्न्स विद अ पॉप साउंड। ये रिएक्शन बहुत ही विग्रस होता
है। बबल्स ऑफ हाइड्रोजन दिखते हैं। वही सब लिखा है। हाइड्रोजन गैस इज़ प्रोड्यूस एंड अ कलरलेस सॉल्यूशन ऑफ सोडियम इथॉक्साइड इज़
फॉर्म। द रिएक्शन इज़ विगरस विद बबल्स ऑफ हाइड्रोजन गैस बीइंग रिलीज़्ड। ठीक? सीबीएसई 2023 नेम द कंपाउंड फॉर्म व्हेन
एथेनॉल इज़ हीटेड एट 443 केल्विन इन दी प्रेजेंस ऑफ कॉन्स H2SO4। जब एथेनॉल को आप 443 केल्विन पे कौन H2SO4 के साथ हीट
करोगे तो क्या होगा बेटा? पानी निकालेगा। कंसीडर H2SO4 क्या है? पानी निकालने वाला डिहाइड्रेटिंग एजेंट है। तो इसमें से पानी
डिहाइड्रेटिंग एजेंट। यहां से OH निकालेगा। यहां से H निकालेगा। क्या निकला? H2O
और यहां से OH यहां से H CH2 CH2 डबल बॉन्ड क्या बन गया? इथीन बन जाएगा। ड्रा इट्स इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर। इथीन का
इलेक्ट्रॉन डॉट स्ट्रक्चर अपन ने पहले सीखा था। वही हमने बना दिया। स्टेट द रोल ऑफ कॉर्न्स H2SO4। क्या रोल है इसका?
डिहाइड्रेटिंग एजेंट का रोल है। ठीक? अब हमें पढ़ने हैं एथेनॉइक एसिड के रिएक्शन। बेटा ये तो एसिड है। एसिड के रिएक्शन तो
हमें आते हैं। हमने एसिड वैसे साल्ट में एसिड के सारे रिएक्शन पढ़ने हैं। वही यहां पे रिवाइज होंगे। कुछ नया थोड़ी आएगा।
ध्यान से देखो। रिएक्शंस ऑफ एसिड। H+ आयंस रिलीज़ करता है। एसिड का काम क्या था? H+ आयन रिलीज़ करना। पहला रिएक्शन किसका है?
एथेनोइक एसिड। CH3COOH इथेनॉल के खत्म। अब एथेनॉइक एसिड की। CH3COOH
ये क्या है बेटा? एथेनओइक एसिड। तो बेटा ये है क्या? ये एसिड है। NaOH बेटा क्या होता है? NaOH बेस होता है
बेटा। एसिड बेस का रिएक्शन तो हमने हजारों बार पढ़ा है। एसिड प्लस बेस गिव सॉल्ट एंड वाटर। ये तो बहुत बार पढ़ा है हमने एसिड
बेसिस साल्ट में। तो एसिड और बेस क्या निकलेगा बेटा? एसिड से क्या निकलता है मेरे भाई? एसिड से क्या निकलता है? एसिड
से H+ निकलता है। बेस से क्या निकलता है? यहां से OH- निकलता है। H और OH मिलके क्या बना लेते हैं? वाटर बना लेते हैं।
बाकी बचा हुआ ये जाके यहां जुड़ जाएगा। CH3 COON सोडियम सॉल्ट बन गया एसिड का। ऐसे सोचो
ना। NaOH का रिएक्शन H2SO4 के साथ अब आसान लग रहा है। क्या होगा? वाटर निकल जाएगा और क्या बनेगा? Na2SO4। तो यही यहां पे भी
हुआ। एसिड से H+, बेस से OH- H2O, Na जाके अंदर घुस गया। CH3CON ये क्या है? सोडियम का साल्ट। नाम इसका याद करना पड़ेगा।
सोडियम इथेनॉइड बोलते हैं इसको। तो ये आपको लर्न ही करना पड़ेगा सोडियम इथेनॉइड। दूसरा रिएक्शन है बेटा एसिड का मेटल
कार्बोनेट के साथ। मैंने आपको पढ़ाया था भाई एसिड बेसिस सॉल्ट में और आपने पढ़ा भी होगा कि एसिड का रिएक्शन चाहे मेटल
कार्बोनेट के साथ हो, चाहे मेटल बाइकार्बोनेट। बाइकार्बोनेट याद है? हाइड्रोजन कार्बोनेट HCO3 वाले जो
होते हैं बकार्बोनेट हो। दोनों ही केस में क्या निकलता है? एसिड प्लस मेटल कार्बोनेट हमेशा कार्बन डाइऑक्साइड वाटर और क्या
बनेगा? एक सॉल्ट। सॉल्ट प्लस वाटर + H2O यही दिखेगा यहां आपको। CH3COOH और सोडियम कार्बोनेट क्या-क्या बनना चाहिए
भाई? मेटल कार्बोनेट है और एसिड है। एसिड प्लस मेटल कार्बोनेट। कार्बन डाइऑक्साइड दिख रही है क्या? दिख रही है। वाटर दिख
रहा है क्या? दिख रहा है। और क्या बनेगा? सोडियम अंदर घुस जाएगा। CH3COON यही वाला साल्ट सोडियम एथेनॉल्ट।
बाइकार्बोनेट बाइकार्बोनेट क्या होता है? HCO3 वाला। ये HCO3 वाला। NaHCO3 सेम चीज़ बनेगी। क्या-क्या? एक कार्बन डाइऑक्साइड
गैस निकलेगी। निकल गई। वाटर निकलेगा निकल गया। सोडियम अंदर घुस जाएगा। साल्ट बनाएगा। CH3COON सेम साल्ट बन रहा है।
सोडियम इथेनॉइड। कार्बन डाइऑक्साइड गैस का आपको टेस्ट याद है। क्या होता है? ऑन पासिंग लाइम वाटर। मिल्कीनेस डिसअपीयर ऑन
पासिंग एक्सेस इट बिकम्स मिल्की ऑन पासिंग एक्सेस लाइम वाटर मिल्कीनेस डिसअपीयर वही लिखा है टेस्ट फॉर कार्बन डाइऑक्साइड गेट
टर्न्स लाइम वाटर मिल्की एंड मिल्कीनेस डिसअपीयर इन पासिंग एक्सेस ऑफ गैस तो जितने एसिड बेसिस साल्ट पढ़ाया उन सबके लिए
एकदम सिंपल रिएक्शंस थे एसिड प्लस बेस सॉल्ट प्लस वाटर एसिड प्लस मेटल कार्बोनेट सॉल्ट कार्बन डाइऑक्साइड वाटर एसिड प्लस
मेटल बाइकार्बोनेट सॉल्ट प्लस कार्बन डाइऑक्साइड प्लस वाटर सॉल्ट इसका याद कर लो इसका सॉल्ट याद कर लो सोडियम ियम के
साथ कौन सा बनता है? बाकी सब तुम अपने आप लिख दोगे। CH3COON यही साल्ट बनेगा आपका। सोडियम इथेनॉइड
बाकी एकदम सिंपल। एसिड प्लस बेस साल्ट प्लस वाटर। सॉल्ट क्या? CH3CON वाटर। एसिड प्लस मेटल कार्बोनेट कार्बन डाइऑक्साइड
वाटर। सॉल्ट। साल्ट कौन सा? CH3CON। एसिड प्लस मेटल कार्बोनेट कार्बन डाइऑक्साइड। वाटर। सॉल्ट। सॉल्ट कौन सा? CH3CON खत्म।
तीनों रिएक्शन उड़ा दिए तुमने। क्लियर? अब इसके बाद जो दो रिएक्शन है ये वेरी इंपॉर्टेंट है। आता ही है एग्जाम में।
पहला है एस्टेरिफिकेशन। ईस्टेरिफिकेशन ईस्टर नहीं एस्टेरिफिकेशन रिएक्शन। एस्टेरिफिकेशन क्या है? जो दो
कंपाउंड तुमने पढ़े। एक इथेनॉल CH3CH2OH एक इथेनोइक एसिड CH3COOH इन दोनों कंपाउंड्स का रिएक्शन है एथेनॉल
और एथेनॉइक एसिड ये मैंने क्या ले लिया एथेनोइक एसिड नाम में ही क्या आ रहा है एसिड आ रहा है और ये क्या लिया मैंने
एथेनॉल लिया इन दोनों कंपाउंड का जब रिएक्शन करेंगे तो बड़ी ही मैजिकल चीज होगी समझाने के लिए बता रहा हूं रियल में ऐसा
नहीं यह जो मैं समझाऊंगा वो रियल में नहीं होता पर याद हो जाएगा। इसको आप एसिड समझना। इसको आप बेस समझना। रिएक्शन फटाक
से खत्म। एसिड से क्या H+ निकलता है? बेस से क्या OH- निकलता है? H और OH मिलके क्या वाटर बनाएंगे? बचा हुआ कंपाउंड ये
CH3CH2 ये CH2 जा के यहां जुड़ जाएगा। क्या बनेगा? CH3 COO ये CH2 जा के वहां जुड़ा। CH2CH3 इसी को क्या बोलते हैं? एस्टर
बोलते हैं। आया? मजा आया? समझ में आया? अभी आगे लिख के भी करेंगे इसको। देखो आगे ही सवाल है और लिख के करते हैं। राइट दी
केमिकल इक्वेशन फॉर दी फॉलोइंग एस्टेरिफिकेशन रिएक्शन। बेटा एस्टेरिफिकेशन रिएक्शन कभी भी दिख जाए
आपको। एस्टेरिफिकेशन रिएक्शन। तो आपको दो चीजें चाहिए होगी। एक तो एथेनॉइक एसिड चाहिए।
दो ही कंपाउंड पढ़े हैं तुमने अच्छे से रिएक्शन में और एक एथेनॉल चाहिए। ठीक है? एथेनॉइक एसिड क्या है? CH3
COOH ये एक एसिड है। और एथेनॉल क्या है? CH3 PH2OH
बेटा यहां एरो के ऊपर एक कैटलिस्ट लगाते हैं। जनरली एसिड कैटलिस्ट लगाते हैं। और ये एरो ऐसी क्यों बनी है मास्टर? बेटा यह
रिएक्शन ना रिवर्सिबल होता है। रिवर्सिबल मतलब सर यह दोनों तरफ होता रहता है। प्रोडक्ट भी बनता रहता है। प्रोडक्ट से
वापस रिएक्टेंट भी बनता रहता है। कैसा रिएक्शन होता है ये? रिवर्सिबल। इसकी एरो देखो। बड़ी खूबसूरत सी एरो बनती है इस
रिएक्शन की। ये रिवर्सिबल रिएक्शन। एसिड कैटालिस्ट बनता है। एसिड का क्या काम है? कैटालिस्ट। यहां पे एक कैटालिस्ट भी लगता
है। कौन सा एसिड? ये आपको नहीं पढ़ना है। H2SO4 लगा। अब देखो क्या होगा? ये एसिड है भाई साहब। एथेनॉइक एसिड। एसिड से क्या
निकलता है? H+ यह बेस जैसा रिएक्ट करेंगे। लिखना मत एग्जाम में कि एसिड है और यह बेस क्योंकि ऐसा होता नहीं है रिएक्शन। मैं
समझा रहा हूं सिर्फ। रियल में ऐसा कुछ नहीं है। ठीक है? बट समझने के लिए आसान है। यहां से OH- H और OH चिपक जाएंगे। H+
OH- क्या बना लेंगे? H2O अब देख CH3COO क्या बचा? CH3 COO और यहां से क्या? यहां से बॉन्ड टूटा है।
ये खाली हो गया। ये यहां से टूटा। इसका हाथ टूट गया। ये अपना हाथ ला के इस O से चिपका लेगा। क्या बना? CH2 CH3 बोला आया
समझ में? ओ मास्टल मजा आ गया। मजा आ गया। मजा समझ में आ गया। इसको हम लोग बोलते हैं एस्टेरिफिकेशन। और ये एग्जाम में आता ही
आता है। क्या बना? देखो CH3 COO यहां से ये CH2 जाके उस O से चिपक गया। CH2 CH3 साथ में क्या निकल गया? वाटर।
इसको बोलते हैं बेटा एस्टर। इनकी बहुत ही प्यारी स्मेल होती है। स्वीट स्मेलिंग होते हैं। परफ्यूम बनाने में ये यूज़ करे
जाते हैं। रिवर्सिबल रिएक्शन होता है। क्लियर है? ये यहां पे लिखा हुआ है। एस्टेरिफिकेशन रिवर्सिबल रिएक्शन एसिड
कैटेलिस्ट एस्टर और वाटर। ठीक है? एस्टर आर स्वीट स्मेलिंग सब्सटेंस यूज्ड इन मेकिंग परफ्यूम एंड फ्लेवरिंग एजेंट्स।
इसका अगर आपको यूज़ याद रखना हो तो एक हो गया मेकिंग परफ्यूम। दूसरा फ्लेवरिंग एजेंट्स जहां महक की जरूरत हो।
एस्टेरिफिकेशन जैसा एक और रिएक्शन है सेपोनिफिकेशन जिसे सोप बनाते हैं। किस लिए यूज करते हैं? सोप बनाने के लिए।
सैपोनिफिकेशन जो एस्टर अभी बन के आया है उसमें आप NaOH ऐड कर दो। जो एस्टर अभी बन के आया है,
उसमें आप NaOH ऐड कर दो। सिंपल। क्या करो? NaOH ऐड कर दो। अब इस रिएक्शन में क्या होगा? इसको एसिड बेस की तरह समझना वैसे
थोड़ा मुश्किल हो जाता है। फिर भी चलो मैं कोशिश करता हूं। NaOH आप ऐड कर दो बेस और यहां से NaOH में से OH-
निकालो और ये बॉन्ड आपका टूटेगा CH3COON यहां से टूटेगा। अब देखो क्या बनेगा? CH3CH2OH
के साथ जुड़ गया। क्या बन गया? एथेनॉल। और CH3COON ये वही सॉल्ट है जो बन रहा था। CH3COON
सोडियम एथेनॉइड। क्या निकल के आ गया? एथेनॉल वापस बाहर निकल आ गया। एस्टेरिफिकेशन समझ में आ गया कि जो दो
कंपाउंड बने थे दोनों का रिएक्शन एथेनॉल एथेनॉइक एसिड का रिएक्शन ये एसिड की तरह बिहेव करेगा। ये बेस की तरह यहां से H+
यहां से OH- H2O CH3CO CH2 CH3 और इसी को एस्टर बोलते हैं। क्लियर हो गया? रिवर्सिबल रिएक्शन है एसिड। रिवर्सिबल
मतलब रिएक्शन आगे भी जा रहा है। पीछे भी जा रहा है। हम ऐसी कंडीशन लगाते हैं कि रिएक्शन आगे ज्यादा आए और एस्टर बन जाए।
ठीक है? छोड़ो। अब सैपोनिफिकेशन जो एस्टर बना है उसका रिएक्शन कराना होगा NaOH के साथ। NaOH में से OH- निकालो और यहां से
बॉन्ड तोड़ दो। CH3CH2OH एथेनॉल वापस बनाना है। सेपोनिफिकेशन में याद रखना हमें वापस एथेनॉल बनाना है।
अब बचा क्या एथेनॉल बनाने के बाद? CH3COON बेटा ये ही क्या होता है? सोप होता है। एक्चुअली ये रियल में स्लोप नहीं है। सोप
के लिए और लंबी कार्बन चेन चाहिए होती है। तो इस रिएक्शन में हम और लंबी कार्बन चेन का रिएक्शन करते हैं। पर सोप ऐसे ही होते
हैं। सोडियम सॉल्ट ऑफ एसिड। ये सोप बना। सैपोनिफिकेशन। एक बार प्रैक्टिस करेंगे और याद तो करना ही पड़ेगा। नेक्स्ट
सैपोनिफिकेशन रिएक्शन। तो बेटा जब भी सैपोनिफिकेशन रिएक्शन मिले तो आपको एस्टर तो चाहिए ही चाहिए। सैपोनिफिकेशन में आपको
एस्टर तो चाहिए ही चाहिए। और क्या चाहिए? NaOH चाहिए। एस्टर वो बना हुआ है। उठा लेते हैं। CH3 COO CH2 CH3 ठीक है भाई? +
NaOH ले लिया। ठीक है भाई? अब क्या करेंगे भाई साहब? हम यहां पे यहां से OH- निकाल देंगे और ये बॉन्ड यहां से तोड़ देंगे।
क्या निकलेगा भाई? OH जा के इससे जुड़ गया। एथेनॉल बन गया। CH3 CH2 OH और क्या बन जाएगा भाई साहब?
CH3 POON सोडियम इथेनॉइड सॉल्ट और यही बेटा क्या
होता है? सोप होता है। क्लियर? तो ये दो रिएक्शन हमको अच्छे से याद रखने हैं। दीज़ आर वेरीेंट रिएक्शन। टोटल कितने रिएक्शन
हैं भाई? टोटल अगर आप इथेनोइक एसिड देखो पांच रिएक्शन है। इथेनॉल के तीन। टोटल आठ ही रिएक्शन है जो आप बवाल मचाए रहते हो।
बड़े रिएक्शन हैं। टोटल आठ रिएक्शन दिए हैं तुम्हारे सिलेबस में। इथेनोइक एसिड और इथेनॉल के मिला के। पांच इसमें, तीन
उसमें। तो इसको तो याद करना पड़ेगा। ठीक? सवाल देख लो। सीबीएसई 2024, 2025, 2023 नेम एन अल्कोहल एंड कार्बोक्सिलिक एसिड
हैविंग टू कार्बन एटम्स इन देयर स्ट्रक्चर। एक अल्कोहल, एक कार्बोइक एसिड जिसमें दो कार्बन एटम हो। तो अल्कोहल कौन
सा हो गया? एथेनॉल। कार्बोक्सिलिक एसिड कौन सा हो गया? एथेनॉइक एसिड। यही दो तो पढ़े ही हैं और क्या ही आएगा। डॉ देयर
स्ट्रक्चर। तो स्ट्रक्चर बना लेना भाई आप। कर लोगे। व्हाट हैपन व्हेन? हां। ड्रा हाउ दिस अल्कोहल कैन बी कनवर्टेड टू
कार्बोक्सिलिक एसिड। अल्कोहल को कैसे कार्बोऑक्सिल एसिड में कन्वर्ट करते हैं? ऑक्सीडाइज़ कर देते हैं। या तो यह यूज़ कर
लो। या तो यह यूज़ कर लो। दो हाइड्रोजन निकल जाएंगे। ऑक्सीजन घुस जाएगा। दूसरा क्या है? आपसे एस्टेरिफिकेशन रिएक्शन पूछी
थी। आपने लिख लिया तो जो पढ़ाया है सब वही से सवाल है। अब एथेनॉइक एसिड बारे में कुछ चीज़ है। एक तो इसको एसिटिक एसिड बोलते
हैं। ठीक है? इसका जो 5 से 8% सॉल्यूशन होता है, वो विनेगर होता है। यूज्ड एज प्रिजर्वेटिव इन पिकल। अचार खराब ना हो।
अचार को किस में? सिरके में डूबा के रखते हैं। विनेगर क्या होता है? घर में जो सिरका इस्तेमाल होता है। ग्लेशियल एसिटिक
एसिड। ग्लेशियल मतलब यह थोड़ा सा जमा हुआ सा दिखता है। है ना? यह बहुत ही जल्दी जम जाता है। 17 डिग्री सेल्सियस पे जम जाता
है। ये 17 डिग्री सेल्सियस पे क्या होता है? मेल्टिंग पॉइंट ऑफ प्योर इथेनॉइक एसिड इज़ 17° सेल्सियस। तो बहुत जल्दी जम जाता
है ये। 17 डिग्री टेंपरेचर तो यार पहाड़ों पे बहुत ईज़ली मिल जाएगा। तो पहाड़ों पे अगर आप जाओगे तो आपको एथेनॉइक एसिड ऐसा
लिक्विड जैसा नहीं दिखेगा। थोड़ा सा ग्लेशियल फॉर्म में दिखेगा। पानी और थोड़ी सी बर्फ जैसा दिखता है। तो ग्लेशियर एसिटि
एसिड। कैसे एसिड होते हैं ये? अगर इसको HCL से कंपेयर करोगे तो ये एक वीक एसिड है। HCL का पीएच आप याद करो वन के आसपास
है। इनका पीएच लगभग 2.4 है तो HCL कंपैरिजन में वीक एसिड होते हैं। अब हमारा चैप्टर का लास्ट टॉपिक है सोप्स एंड
डिटर्जेंट। सोप अभी आपने देख लिया। क्या था? सोडियम सॉल्ट था एसिड के साथ। मॉलिक्यूल्स ऑफ सोप्स आर सोडियम और
पोटेशियम सॉल्ट्स ऑफ लॉन्ग चेन कार्बोक्सिलिक एसिड मतलब लॉन्ग चेन एक कार्बन दो कार्बन तीन कार्बन पांच 10 15
17 18 20 बहुत सारे कार्बन कितने 17 से लेके 30 कार्बन की चेन है लंबी चेन लास्ट में चेन के आके आपको दिखेगा ओ एन एन
ये क्या बन गया सॉल्ट बन गया सोडियम साल्ट ठीक है ये सोप का मॉलिक्यूल है। क्या है ये? मॉलिक्यूल है एक सोप का। बहुत सारे
मॉलिक्यूल्स होंगे ऐसे। सोप के अंदर बहुत सारे मॉलिक्यूल। सोप को जैसे ही कपड़े पे हम घिसते हैं, जैसे ही कपड़े पे घिसा, ये
मॉलिक्यूल बाहर निकलने लगे सारे खर खर खर खर। जैसे ही मॉलिक्यूल बाहर निकलते हैं बेटा पानी में ये Na+ पानी में चला जाता
है और यहां पे COO- बचता है। Na+ चला गया पानी। अच्छा। अब पूरे सोप के मॉलिक्यूल को देखो तो यहां से लेके यहां तक पूरा एक
जैसा ही दिख रहा है मुझे। सी सी सी सी नहीं दिख रहा है मुझे। सी सी डैश डैश डैश सी एक जैसा। इस पूरे पार्ट को
हम बोलते हैं सोप की पूंछ यानी सोप की टेल। और ये जो पार्ट है COO- इस पार्ट को हम बोलते हैं सोप का हेड है ये। ठीक है?
Na+ को बाहर निकाल दिया। पहले सोप घिसा जैसे ही Na+ बाहर निकला आया। ये हेड हो गया। ये टेल हो गया। एग्जाम में हम इसको
कैसे बनाते हैं? इसको सिंपली ऐसे बना देते हैं। सोप का ये स्ट्रक्चर हम बनाते हैं। ये सोप है भाई। एग्जाम में सोप कैसे
बनेगा? एग्जाम में सोप यूं बनता है। एकदम सिंपल। आगे गोलगोल क्या बना दिया? हेड और ये क्या है? कार्बन। कार्बन कार्बन कार्बन
कार्बन कार्बन कार्बन। जहां कार्बन नीचे कार्बन ऊपर कार्बन नीचे कार्बन ऊपर कार्बन। ये पूरी कार्बन की लंबी चेन। ये
पीछे क्या है? उसकी टेल है। आगे क्या है? हेड है। अब सुनो जो सोप का हेड होता है वो हाइड्रोफिलिक होता है। हाइड्रो मतलब पानी।
फिलिक मतलब लब करना, प्यार करना। यानी सोप का जो हेड है बेटा वो पानी से लब करता है। पानी से लव। पानी से लब करना कोई गुनाह तो
है नहीं। लब करता है। प्यार करता है। पानी लव है हमारा। ठीक है? सोप की जो टेल होती है वो हाइड्रोफोबिक होती है। फोबिक मतलब
किसी चीज से डरना। यानी जो टेल है वो पानी से डरती है। दूर भागती है। पानी के पास ये पूंछ नहीं रहना चाहती और सर पानी के पास
रहना चाहता है। ऐसे हजारों लाखों करोड़ों मॉलिक्यूल सोप्स में से निकलते जा रहे हैं। ठीक है? आओ देखते हैं कि दाग कैसे
हटते हैं। दाग अच्छे हैं। आओ देखते हैं कैसे हटते हैं। मान लो आपके कपड़े पे यह एक दाग लगा हुआ है। क्या हुआ है? चाय गिर
गई है। मट्टी में जाके लौट लिए। पता नहीं क्या-क्या बदमाशी करते हैं। दाल गिरा ली खाते हुए। लौंडो को फर्क भी नहीं पड़ता।
वैसे ही चले भी जाते हैं। दाग लगा है। आपको दाग टू डी लगता है बेटा। पर दाग 3D होता है। ध्यान से सुनो। अगर मैं इसको ज़ूम
करता जाऊं। 32x, 64x, 100x, 1000 एक्स ज़ूम करूं, तो ये जो दाग के पार्टिकल है, डर्ट के जो पार्टिकल हैं, क्या वो 3D हो
जाएंगे? हां सर एकदम अंदर जाएंगे तो कैसे हो जाएंगे? 3D मॉलिक्यूल बड़े-बड़े दिखने लगेंगे। ये डर्ट पार्टिकल बड़े-बड़े। तो ये
3D में कुछ इस तरह से दिखेगा। ये डर्ट का पार्टिकल कुछ इस तरह से। ये क्या है? ये फैब्रिक है। व्हाट इज दिस? दिस इज़
फैब्रिक। अगल-बगल पुरे में पानी होगा। धुल रहे हैं कपड़े को पानी में। क्या कर रहे हैं? धुल रहे हैं। अगल-बगल
क्या है? पूरा पानी है। यह क्या है? ये डर्ट का पार्टिकल है। अच्छा मोस्ट ऑफ द जो डर्ट होती है बेटा वो ऑयल होता है उसके
अंदर किसी ना किसी फॉर्म में तभी चिपक जाता है कपड़े से निकलती नहीं है डर्ट। तो मोस्ट ऑफ द डर्ट इज़ ऑयल। ठीक है? ये हमने
इसको ज़ूम किया। दबा के हमने इसको ज़ूम किया यहां पे। ज़ूम 1000 एक्स ज़ूम कर दिया इसको। अब मुझे ये डर्ट दिख रहा है। जैसे ही मैं
साबुन की बट्टी घिसूंगा। क्या होगा? मॉलिक्यूल निकलेंगे साबुन के। उसका जो सर है वो किधर रहना चाहेगा? पानी
के पास। पानी से प्यार करता है। पर जो उसकी पूंछ है वो पानी से भागेगी। अब मिस्टर से एक सोप गिच खच खच खच क्या निकले
सोप के मॉलिक्यूल? ढक ढक ढक ढक ढक ढक ये जो पूंछ है ये पानी से नफरत करती है। तो ये भागेगी हर तरफ पानी। ज़ूम करके सोच यहां
पूरे में पानी स्टेम फैला हुआ है। और ये पार्टिकल कह रहा है हम पानी से दूर दूर दूर। इसकी पूंछ कह रही है मुझे पानी से
दूर रखो। तो इसकी पूंछ ना डर्ट पार्टिकल के अंदर घुस जाती है। कहती है यही सेफ जगह है। यहां पानी नहीं है। और सर मुंडी अपनी
ये बाहर निकाल लेता है। मुंडी क्या कहती है? हमें तो पानी चाहिए। बाहर मानिए। पूंछ अंदर घुसती जा रही है मॉलिक्यूल्स की।
मुंडी बाहर निकलती जा रही है। पूंछ अंदर घुसती जा रही है। मुंडी बाहर निकलती आ रही है। पूंछ अंदर घुसती जा रही है। मुंडी
बाहर निकलती आ रही है। पूंछ अंदर घुस रही है। मुंडी बाहर है। पूंछ अंदर है। मुंडी बाहर है। पूंछ अंदर है और मुंडी बाहर है।
पूंछ अंदर है और मुंडी बाहर। अब देख। सोप के मॉलिक्यूल्स ने क्या किया? दिखाई पड़ रहा है क्या? ये देख। बदमाशी देख अब इनकी।
अब इनका रोला देखो। क्या किया इन्होंने? इन्होंने इस पार्टिकल को पकड़ लिया और 2D में नहीं पकड़ाया। 3D में पीछे से ऊपर से
ये नीचे से हर तरफ से पकड़ लिया। मुंह मुंडी ऐसे बाहर निकाले हैं। पूंछ से अंदर ऐसे फंसा रखा है। अब जैसे ही इसमें पानी
ऐसे पड़ेगा तो ये क्या करेंगे? फिसलते हुए इस पार्टिकल को कपड़े के ऊपर से ले जाके गिरा देंगे। तो ये क्या करते हैं? एक
एक अपना ऐसे स्ट्रक्चर बना लेते हैं। 3D में इट्स नॉट 2D। याद रखना। दिस इज़ नॉट 2D। कई बच्चे सोचते हैं 2D। कैसे
स्ट्रक्चर बनाते हैं? एक 3D स्ट्रक्चर के बीच में क्या करते हैं? डर्ट को पैक कर देते हैं। पकड़ लेते हैं। पूंछ अंदर घुस
जाती है पानी में डर से मुंह बाहर निकल आता है पानी की तरफ और पकड़ के रख लिया। अब जैसे ही पानी मारा ये रोल करते हुए
फिसलते हुए रोलीपोली करते हुए इसको लेके बाहर चले जाते हैं और डर्ट साफ हो जाती है। जो बेटा ये इन्होंने एक स्ट्रक्चर
बनाया था पूरा 3D वाला इसको हम लोग बोलते हैं माइसेल। प्रोनाउंस माइसेल करते हैं। लिखते हैं मिसेल। एम आई सी ई डबल एल ई एस।
प्रोनाउंस करते हैं माइसेल। माइसेल क्या है? ये रहा बेटा। बीच में आपको यह क्या दिख रहा है? यह बीचोंबीच क्या चीज है? यह
डर्ट है। मोस्टली ऑयल होगी। ठीक है? ओके। यह डर्ट है। ओके सर। ये क्या है बेटा? सोप का पार्टिकल। ये सोप की टेल। ये सोप का
हेड Na+ बाहर निकला हुआ है। सोप की टेल। सोप का हेड Na+ बाहर निकला हुआ है। अगल-बगल क्या है? अगल-बगल पानी है। ये
बेटा एग्जाम में बनाने को बहुत आता है। इंपॉर्टेंट है। माइसेल। माइसेल का डायग्राम इम्लाम में आता है। बनाना होगा।
सोप का पूरा आपको समझ में आ गया। हाउ डस सोप वर्क? कैसे वर्क करता है? माइसेल बना के बीच में उस गंदगी को पकड़ लेता है। सोप
का जो सर होता है पानी से प्यार करता है। सोप की जो पूंछ होती है पानी से नफरत। पूंछ अंदर घुस जाती है सर बाहर। ऐसे करके
हर तरफ से घेर लेता है डर्ट को। फिर पानी आता है और गंदगी साफ हो जाती है। वाश्ड अवे विद वाटर क्लिंसिंग। ठीक है? क्लियर?
यह बना हुआ है। तो इसको एक बार अच्छे से प्रैक्टिस कर लेना मसेल को। ठीक है? चलो नेक्स्ट बेटा एक टॉपिक है हार्ड वाटर।
कई बार घर में क्या होता है? हार्ड वाटर आ जाता है। हार्ड वाटर में क्या होते हैं बेटा? कैल्शियम और मैग्नीशियम के सॉल्ट्स
होते हैं। हार्ड वाटर क्या है? वाटर दैट कंटेन सॉल्ट्स ऑफ कैल्शियम एंड मैग्नीशियम। बेटा हार्ड वाटर कहां से आता
है? हैंडपंप कभी चलाओ। जमीन से जो पानी आता है वो कैसा होता है? हार्ड वाटर हो जाता है। खारा पानी जिसको हम लोग नहीं
बोलते हैं। कैसा पानी आ रहा है? खारा पानी आ रहा है। उसको बोलते हैं हार्ड वाटर। तो हार्ड वाटर में क्या होता है? कैल्शियम और
मैग्नीशियम के सॉल्ट्स होते हैं। कौन से साल्ट्स होते हैं? या तो बाइकार्बोनेट या तो क्लोराइड या तो सल्फेट। तो हार्ड वाटर
में किसके साल्ट होंगे? या तो कैल्शियम के, या तो मैग्नीशियम के। अब देखो सवाल आ रखा है सीबीएसई 2023 में। यू वांट टू
टेस्ट फॉर हार्डनेस ऑफ़ वाटर बट द हार्ड वाटर इज़ नॉट अवेलेबल इन दी व्हिच ऑफ़ दी फॉलोइंग कंपाउंड्स मे बी डिॉल्व इन प्योर
वाटर टू मेक इट हार्ड? प्योर वाटर को हार्ड कैसे बनाएं? मे बी डिसॉल्व्ड इन प्योर वाटर टू मेक इट हार्ड। तो भाई, अगर
प्योर वाटर को हार्ड बनाना है, तो क्या करो? इसके साल्ट डिॉल्व कर दो। कैल्शियम, मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट, सल्फेट्स या
क्लोराइड्स। तो आपको कौन-कौन से साल्ट्स में डिॉल्व कर सकते हो? ये मिल रहा है। क्लोराइड ऑफ कैल्शियम कर दो या सल्फेट ऑफ
मैग्नीशियम 2 एंड थ्री। तो 2 एंड थ्री कर सकते हैं। तो सल् कैल्शियम मैग्नीशियम के साल्ट अगर पानी में चले जाते हैं तो उसको
खारा कर देते हैं। अब खारे पानी की प्रॉब्लम क्या है? कि सोप खारे पानी में काम नहीं करता। हम सोप आर नॉट इफेक्टिव
विद हार्ड वाटर। खारे पानी में सोप काम नहीं करता। व्हेन सोप इज यूज्ड विद हार्ड वाटर नो फोम इज फॉर्म्ड। झाग ही नहीं बनता
है। नो फोम इज फॉर्म्ड एंड डर्ट कैन नॉट बी वाश्ड अवे। अब आप गंदगी नहीं निकाल सकते। मान लो कोई गांव में रह रहा है और
कपड़े में दाग लग गया। हैंडपंप चलाया चप्पू हम पानी आया। कैसा खारा पानी आया। उससे उसने कहा कि अब मैं दाग साफ करूंगा।
खारे पानी से दाग साफ ही नहीं होता है। क्यों? क्योंकि साबुन से झाग ही नहीं बन रहा है। सो डिटर्जेंट्स आर यूज्ड विद
हार्ड वाटर। हार्ड वाटर के लिए क्या यूज किया गया? फिर डिटर्जेंट बना। घड़ी घड़ी डिटर्जेंट आता है ना सब। फिर डिटर्जेंट
बनाए गए हार्ड वाटर के लिए। तो सोप से हार्ड वाटर का काम नहीं हो पा रहा था। साथ में झाग नहीं बन रहा था। डिटर्जेंट मस्त
झाग देते हैं। ऐसा क्यों होता है सर? सोप क्यों हार्ड वाटर के साथ काम नहीं करता? डिटर्जेंट क्यों करता है? इस डिफरेंस में
ये चीज़ समझ में आ जाएगी। ये भी इंपॉर्टेंट डिफरेंस है सोप और डिटर्जेंट। इससे समझ में पहली चीज़। सोप क्या होते हैं? सोडियम
साल्ट्स या पोटैशियम साल्ट भी हो सकते हैं। पोटैशियम भी हो सकते हैं। ऑफ लॉन्ग चेन फैटी एसिड। फैटी एसिड मतलब बेटा
कार्बोक्सिलिक एसिड ही होता है। डरना मत आप। कार्बोक्सिलिक एसिड। सोप क्या था? लॉन्ग चेन होनी चाहिए थी कार्बोक्सिलिक
एसिड की। उसका सोडियम या पोटैशियम साल्ट। डिटर्जेंट क्या होते हैं? ये सल्फोनिक एसिड के सोडियम या पोटेशियम साल्ट होते
हैं। दे आर सोडियम और पोटेशियम साल्ट्स ऑफ सल्फोनिक एसिड्स ऑफ हाइड्रोकार्बन। सल्फोनिक एसिड्स क्या होते हैं बेटा? SO3
करके ग्रुप लगा होता है। सल्फोनिक एसिड का हमें अभी पढ़ना नहीं है। सल्फोनिक एसिड्स होते हैं। सोप कैन नॉट बी यूज़्ड विद हार्ड
वाटर। हार्ड वाटर में सोप काम नहीं करता। डिटर्जेंट वर्क वेल विद हार्ट एंड सॉफ्ट वाटर। डिटर्जेंट दोनों में काम करता है।
इसलिए मम्मी देखो घर में क्या करती हैं? डिटर्जेंट का इस्तेमाल करती हैं। ठीक है? आगे बढ़े। क्यों ये हार्ड वाटर के साथ काम
नहीं करते? डू नॉट गिव फॉर्म विद हार्ड वाटर? भाई फोम नहीं देते हैं। ये गिव फॉर्म विद हार्ड वाटर। अब सवाल उठता है
फॉर्म क्यों नहीं देते? यही सवाल है। भाई साहब अगर आप देखो हार्ड वाटर के साथ प्रॉब्लम क्या है कि हार्ड वाटर में
कैल्शियम और मैग्नीशियम के सॉल्ट हैं। हार्ड वाटर की प्रॉब्लम क्या है कि हार्ड वाटर में क्या है? कैल्शियम या मैग्नीशियम
के सॉल्ट्स हैं। और बेटा सोप क्या चीज होती है? सोप क्या चीज होती है? सोडियम और पोटैशियम सॉल्ट। अब बेटा ये दोनों जब
रिएक्ट करते हैं ना तो एक इनसॉलीबल प्रेसिपिटेट बन जाता है। जब इनसॉलीबल प्रेसिपिटेट बनता है तो कोई
फॉर्म नहीं बनता है। यही प्रॉब्लम है कि आप सोप को यूज़ नहीं कर सकते हार्ड वाटर के साथ। क्या बना लेते हैं? इनसॉलीबल
प्रेसिपिटेट। दे फॉर्म प्रेसिपिटेट विद सॉल्ट प्रेजेंट इन हार्ड वाटर। डू नॉट फॉर्म प्रेसिटेट विद हार्ड वाटर। इस
डिटर्जेंट को यूज़ कर सकते हैं। याद रखना क्या करते हैं? ये प्रेसिपिटेट बना लेते हैं। सोप का जो साल्ट है, हार्ड वाटर का
साल्ट है। आपस में जुड़ जाते हैं। इनसॉलीबल प्रेसिपिटेट एंड नो फॉर्म इज फॉर्म। डिटर्जेंट किसमें इफेक्टिव है?
हार्ड वाटर में। वही सब लिखा है। और सवाल देखते हैं। सीबीएसई 2023। टू टेस्ट ट्यूब x एंड y विद 10 ml ऑफ़ हार्ड वाटर इन ईच।
इन टेस्ट ट्यूब x ऐड फ्यू ड्रॉप्स ऑफ सोप सॉल्यूशन। x में क्या डाला आपने? सोप डाला। और y में आप क्या डालोगे? डिटर्जेंट
डालोगे। ठीक है? दोनों क्या है? हार्ड वाटर है। क्या है? खारा पानी है। ठीक है? शेक बोथ टेस्ट ट्यूब फॉर द सेम पीरियड। इन
व्हिच टेस्ट ट्यूब द फॉर्मेशन ऑफ़ फॉर्म विल बी मोर। किसमें फॉर्म फॉर्मेशन मोर होगा? y में। क्योंकि y क्या है?
डिटर्जेंट। क्यों? रीज़न व्हाई? क्योंकि इसमें कोई प्रेसिपिटेट इनसलीबल प्रेसिपिटेट फॉर्मेशन नहीं होगा। इन व्हिच
टेस्ट ट्यूब इज़ अ कर्डी सॉलिड फॉर्म? X में होगा। क्यों? क्योंकि इसमें क्या होगा बेटा?
प्रेसिपिटेट फॉर्मेशन होगा। क्लियर? यहां पे बेटा जी यह चैप्टर होता है समाप्त।
कार्बन की टेट्रावैलेंसी (चार संयोजकता) और कोवेलेंट बॉन्ड बनाने की क्षमता के कारण यह अनगिनत यौगिक बनाता है। यह अपने चार इलेक्ट्रॉनों को दूसरे परमाणुओं के साथ साझा करके स्थायी ऑक्टेट प्राप्त करता है। इसके अलावा, कार्बन लंबी श्रृंखलाएं और रिंग बना सकता है, जिससे विभिन्न प्रकार के यौगिक बनते हैं।
कोवेलेंट बॉन्ड दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनता है। प्रकारों में सिंगल कोवेलेंट बॉन्ड (जैसे Cl₂ में), डबल कोवेलेंट बॉन्ड (जैसे O₂ में), और ट्रिपल कोवेलेंट बॉन्ड (जैसे N₂ में) शामिल हैं। यह साझेदारी परमाणुओं को ऑक्टेट पूरा करने में मदद करती है।
कोवेलेंट यौगिकों में आयन नहीं होते, इसलिए वे बिजली का संचालन नहीं कर सकते। साथ ही, अणुओं के बीच अंतरा-अणुक बल कमजोर होते हैं, जिसके कारण उनके गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं, हालांकि कोवेलेंट बॉन्ड स्वयं मजबूत होते हैं।
कार्बन श्रृंखला की लंबाई के लिए प्रीफिक्स: 1 कार्बन 'मेथ-', 2 कार्बन 'एथ-', 3 कार्बन 'प्रॉप-', आदि। बॉन्ड के प्रकार के लिए प्रत्यय: सिंगल बॉन्ड के लिए '-एन', डबल बॉन्ड के लिए '-ईन', और ट्रिपल बॉन्ड के लिए '-आइन' जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, 2 कार्बन और सिंगल बॉन्ड वाला यौगिक 'एथेन' होता है।
एल्केन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है और पहला सदस्य मीथेन (CH₄) है। एल्कीन का सूत्र CₙH₂ₙ है और पहला सदस्य इथीन (C₂H₄) है। एल्काइन का सूत्र CₙH₂ₙ₋₂ है और पहला सदस्य इथाइन (C₂H₂) है। ध्यान दें: एल्कीन और एल्काइन के लिए कम से कम दो कार्बन आवश्यक हैं।
होमोलोगस सीरीज समान फंक्शनल ग्रुप वाले कार्बनिक यौगिकों की श्रृंखला है, जहां प्रत्येक क्रमागत सदस्य में -CH₂- का अंतर होता है। इसके सभी सदस्यों के रासायनिक गुण समान होते हैं और उनके भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन देखा जाता है।
IUPAC नामकरण में: सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला चुनें, उसका मूल नाम लिखें, फिर बॉन्ड के अनुसार प्रत्यय जोड़ें और फंक्शनल ग्रुप को प्रीफ़िक्स या सफीक्स के रूप में लगाएं। उदाहरण: CH₃Cl में 1 कार्बन है, सिंगल बॉन्ड है, और क्लोरीन फंक्शनल ग्रुप है, इसलिए इसका नाम 'क्लोरोमीथेन' होगा। इसी प्रकार, CH₃CH₂OH का नाम 'इथेनॉल' है।
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