फोकल स्पॉट साइज और स्पेशल रेजोल्यूशन (Focal Spot Size & Spatial Resolution)
मैमोग्राफी में स्पेशल रेजोल्यूशन एक महत्वपूर्ण फैक्टर है, जो छोटे ऑब्जेक्ट्स (जैसे माइक्रोकैल्सिफिकेशन) को देखने की क्षमता को दर्शाता है। जितना अच्छा स्पेशल रेजोल्यूशन होगा, इमेज क्वालिटी उतनी ही बेहतर होगी।
- स्पेशल रेजोल्यूशन पर निर्भर करता है:
- पिक्सेल साइज़: मैमोग्राफी में पिक्सेल साइज़ 50 माइक्रोमीटर होता है। पिक्सेल साइज़ जितना छोटा होगा, रेजोल्यूशन उतना ही अच्छा होगा।
- फोकल स्पॉट साइज़: फोकल स्पॉट वह एरिया है जहाँ इलेक्ट्रॉन एनोड पर हिट होते हैं और X-रे प्रोड्यूस होती हैं।
फोकल स्पॉट साइज़ के प्रकार
मैमोग्राफी में दो प्रकार के फोकल स्पॉट साइज़ का उपयोग किया जाता है:
- लार्ज फोकल स्पॉट साइज़: 0.3 mm
- स्मॉल फोकल स्पॉट साइज़: 0.1 mm
लाइन फोकस प्रिंसिपल (Line Focus Principle) और एनोड हील इफेक्ट (Anode Heel Effect)
फोकल स्पॉट साइज़ को इफेक्टिव बनाने के लिए लाइन फोकस प्रिंसिपल का उपयोग किया जाता है। यह एक्चुअल फोकल स्पॉट (जहाँ इलेक्ट्रॉन हिट होते हैं) और इफेक्टिव फोकल स्पॉट (जहाँ से X-रे निकलती हैं) के बीच संबंध स्थापित करता है। यह प्रक्रिया सेमीकंडक्टर डायोड, डायोड एप्लीकेशन और स्पेशल पर्पस डिवाइसेस में वर्णित सोलिड-स्टेट डिवाइस की तरह, X-रे प्रोडक्शन में भी एनर्जी और डायरेक्शन को प्रभावित करती है।
- प्रक्रिया: एनोड एंगल 23° और X-रे ट्यूब टिल्ट 6° की जाती है।
- लाभ: इससे स्पेशल रेजोल्यूशन में सुधार होता है।
- ड्रॉबैक: इससे एनोड हील इफेक्ट उत्पन्न होता है, जहाँ एनोड साइड पर X-रे की इंटेंसिटी कम और कैथोड साइड पर ज्यादा होती है। इससे एक्सपोज़र यूनिफॉर्म खराब हो जाती है।
एनोड हील इफेक्ट का समाधान:
- कैथोड साइड (हाई एनर्जी X-रे) को चेस्ट वॉल की ओर रखा जाता है, ताकि वह मसल्स और रिब्स के साथ कम्पेनसेट हो।
- एनोड साइड (लो एनर्जी X-रे) को निप्पल (सॉफ्ट टिशू) की ओर रखा जाता है, जिससे एक्सपोज़र यूनिफॉर्म हो जाता है और इमेज क्वालिटी में सुधार होता है।
महत्वपूर्ण बिंदु (एमसीक्यू के लिए):
- फोकल स्पॉट के शेप: सर्कुलर (मैमोग्राफी में मोस्ट इफेक्टिव) और रेक्टेंगुलर (कॉमनली यूज़)।
- एनोड एंगल = 23°, ट्यूब टिल्ट = 6°
फिल्ट्रेशन (Filtration)
फिल्ट्रेशन का उद्देश्य लो एनर्जी X-रे को एब्जॉर्ब करना है, जो पेशेंट के रेडिएशन डोज़ को बढ़ाती हैं।
मैमोग्राफी में फिल्टर मटीरियल
जनरल रेडियोग्राफी में एलुमिनियम फिल्टर का उपयोग होता है, लेकिन मैमोग्राफी में यह उपयुक्त नहीं है क्योंकि इसमें पहले से ही लो kVp X-रे होती हैं। मैमोग्राफी में बेरिलियम (Beryllium) या बोरोसिलिकेट (Borosilicate) फिल्टर का उपयोग किया जाता है, जिनका एटॉमिक नंबर कम होता है और ये कम एटेन्यूएशन करते हैं।
फिल्ट्रेशन के प्रकार
- इन्हेरेंट फिल्ट्रेशन (Inherent Filtration): यह X-रे ट्यूब के अपने कंपोनेंट्स (जैसे ग्लास एनक्लोजर, विंडो, कोलिमेटर) से होता है। मैमोग्राफी में यह 0.1 mm एलुमिनियम इक्विवेलेंट होता है।
- एडेड फिल्ट्रेशन (Added Filtration): ये मैन्युअली लगाए जाने वाले फिल्टर होते हैं, जैसे मैमोग्राफी में बेरिलियम या बोरोसिलिकेट।
- टोटल फिल्ट्रेशन (Total Filtration): मैमोग्राफी में न्यूनतम टोटल फिल्ट्रेशन 0.5 mm होना चाहिए।
टारगेट-फिल्टर कॉम्बिनेशन (Target-Filter Combinations)
फिल्टर का चुनाव टारगेट मटीरियल पर निर्भर करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग यूनिट 1 में डायोड फिल्ट्रेशन एप्लीकेशन के सिद्धांत को समझने के बाद यहां टारगेट और फिल्टर के बीच के चयनात्मक अंतर्संबंध को समझना आसान हो जाता है।
- सेम टारगेट-फिल्टर कॉम्बिनेशन के नियम:
- जब टारगेट और फिल्टर एक ही मटीरियल के हों (जैसे Mo-Mo या Rh-Rh), तो टारगेट से प्रोड्यूस होने वाली K-कैरेक्टरिस्टिक X-रे, फिल्टर से हमेशा पास हो जाती हैं और ब्रेस्ट में पेनिट्रेट करती हैं।
- ब्रेम्सस्ट्रालुंग (Bremsstrahlung) X-रे (हाई और लो एनर्जी) फिल्टर द्वारा एब्जॉर्ब हो जाती हैं।
विभिन्न कॉम्बिनेशनों की तालिका
| टारगेट (Target) | फिल्टर (Filter) | रिजल्ट (Result) | उपयोग (Use) | | :--- | :--- | :--- | :--- | | टंगस्टन (W) | टंगस्टन (W) | नो गुड (No Good) | उपयोग नहीं किया जा सकता। टंगस्टन की L-शेल कैरेक्टरिस्टिक X-रे (12 keV) बहुत कम एनर्जी की होती है और ब्रेस्ट में पेनिट्रेट नहीं कर पाती। | | टंगस्टन (W) | रोडियम (Rh) या मोलिब्डेनम (Mo) | उपयुक्त (Suitable) | टंगस्टन के साथ Rh (50 μm) या Mo (60 μm) फिल्टर का उपयोग हाई एनर्जी ब्रेम्सस्ट्रालुंग को कम करने के लिए किया जाता है। | | मोलिब्डेनम (Mo) | मोलिब्डेनम (Mo) | उपयुक्त (Suitable) | Mo-Mo कॉम्बिनेशन में K-कैरेक्टरिस्टिक X-रे (17.9 keV) फिल्टर से पास होकर ब्रेस्ट में अच्छी इमेज बनाती हैं। | | मोलिब्डेनम (Mo) | रोडियम (Rh) | उपयुक्त (Suitable) | यह कॉम्बिनेशन भी ब्रेस्ट इमेजिंग के लिए उपयुक्त है। | | रोडियम (Rh) | रोडियम (Rh) | उपयुक्त (Suitable) | Rh-Rh कॉम्बिनेशन का उपयोग थिक या मोर डेंस ब्रेस्ट के लिए किया जाता है। रोडियम फिल्टर की मोटाई 25 μm होती है। |
मुख्य बिंदु:
- Rh फिल्टर की मोटाई 50 μm (टंगस्टन के साथ) और 25 μm (रोडियम के साथ) होती है।
- Mo फिल्टर की मोटाई 60 μm (टंगस्टन के साथ) होती है।
- ये सारी वैल्यूज़ और कॉम्बिनेशन एमसीक्यू के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
अस्सलाम वालेकुम स्टूडेंट्स कैसे हैं सब उम्मीद है सब खैरियत से होंगे आज का जो हमारा इंपोर्टेंट टॉपिक है वो है
मैमोग्राफिक इमेजिंग टेक्नीक जिसमें हमने पढ़ा था हाई वोल्टेज जनरेटर और टारगेट कंपोजीशन आज हम पढ़ेंगे अपना फोकल स्पोर्ट
साइज हील इफेक्ट जो ऑलमोस्ट इंटर रिलेटेड है ये टू टॉपिक्स ठीक है एंड द थर्ड और मोस्ट
इंपोर्टेंट हम पढ़ेंगे फिल्ट्रेशन ठीक है तो चलिए स्टार्ट करते हैं अपना पहला टॉपिक जो है हमारे पास फोकल
स्पोर्ट साइज पहले तो पढ़ते हैं कि हमारे पास फोकल स्पोट क्या होता है फोकल स्पोर्ट हमारे
पास एनोड प एक ऐसा एरिया जहां पर हमारे पास एक्स रेस की प्रोडक्शन होती है या इलेक्ट्रॉन जहां से हमारे पास जहां पर हिट
होते हैं ठीक है इलेक्ट्रॉन हिट होते हैं ऑन द एनोड ठीक है ये और यहां से हमारे पास फिर क्या होती है एक्सरेज की प्रोडक्शन
होती है तो ये वाला स्पोर्ट हमारे पास क्या कहलाता है फोकल स्पोर्ट अब हम मैमोग्राफी में एक फिनोमिना पढ़ते हैं
जिसका नाम है स्पेशल रेजोल्यूशन ये स्पेशल रेजोल्यूशन हम कहते हैं कि हमारे पास जितनी अच्छी होगी तो उतना हमारे
पास इमेजिंग क्वालिटी अच्छी होगी मैमोग्राफी में अब स्पेशल रेजोल्यूशन क्या है स्पेशल रेजोल्यूशन है कि हम स्मॉल
ऑब्जेक्ट्स को कितना अच्छे से वीव कर रहे हैं फॉर एग्जांपल अगर ब्रेस्ट में या सॉफ्ट टिशूज में माइक्रो कैल्सिफिक है या
माइनर सा माइनर प्रॉब्लम है तो य स्मल है उसमें हम क्या करते हैं स्पेशल रेजोल्यूशन डिस्कस करते हैं क्योंकि हम स्पेशल
रेजोल्यूशन कहते हैं कि स्मल ऑब्जेक्ट्स को कितना हम वीव कर सकते हैं जितना हमारे पास स्पेशल रेजोल्यूशन ज्यादा होगा उतना
हमारे पास इमेज क्वालिटी बेस्ट होगी ठीक है अब स्पेशल रेजोल्यूशन हमारे पास डिपेंड कर रहा है ऑन द पिक्सेल
साइज पिक्सेल साइज हमारे पास जितना कम होगा स्पेशल रेजोल्यूशन उतनी हमारे पास अच्छी होगी मैमोग्राफी में अगर आप देखें
तो स्पेशल रेजोल्यूशन में पिक्सेल साइज जो है वह है माइ 50 माइक्रोमीटर ठीक है दूसरा स्पेशल रेजोल्यूशन डिपेंड कर रहा है ऑन द
फोकल स्पोर्ट साइज फोकल स्पोर्ट साइज जितना हमारे पास कम होगा स्पेशल रेजोल्यूशन उतनी हमारे पास क्या
होगी अच्छी होगी ठीक है अब फोकल स्पोर्ट साइज हम दो दो साइजेस जो है वो कंसीडर करते हैं यूज करते हैं इन केस ऑफ
मैमोग्राफी एक हमारे पास है लार्ज फोकल स्पोर्ट साइज और एक है हमारे पास स्मल फोकल स्पोर्ट
साइज लार्ज फोकल स्पोर्ट साइज का साइज हम रखते हैं 0.3 एए और इसका 0.1 एएम ठीक है अब हमने ये दो साइजेस वाले फोकल स्पोर्ट
जो है वो यूज करने हैं इन केस ऑफ मैमोग्राफी लेकिन इनके साइजेस इतने कम होते हैं कि इनको अचीव करना थोड़ा सा
मुश्किल है हमारे लिए तब इनका जो है इफेक्टिव बनाने के लिए हम गए लाइन फोकस प्रिंसिपल
[संगीत] पे ठीक है लाइन फोकस प्रिंसिपल ने क्या कहा लाइन फोकस प्रिंसिपल ने कहा कि हमारे
पास देयर इज अ रिलेशन बिटवीन एन एक्चुअल फोकल स्पोर्ट एंड इफेक्टिव फोकल स्पोर्ट ठीक है किस तरह एक्चुअल फोकल स्पोर्ट वो
फोकल स्पोट है जहां पे हमारे पास इलेक्ट्रॉन की हिटिंग होती है जहां पर इलेक्ट्रॉन की स्ट्राइकिंग होती है वो
फोकस पोट ठीक है और जहां से हमारे पास इलेक्ट्रॉन की जो है एक्स रेस की प्रोडक्शन होती है वह है क्या इफेक्टिव
फोकल स्पॉट ठीक है तो हमारे पास लाइन फोकस प्रिंसिपल ने क्या कहा कि हमारे पास यहां पर एक रिलेशन बन रहा है बिटवीन द एक्चुअल
फोकल स्पोट और इफेक्टिव फोकल स्पोट तब उसने एक काम किया उसने क्या किया कि एनोड एंगल को हमारे पास चेंज
किया नड एंगल चेंज किया वो 23 डिग्री और हमारे पास एक्स रे ट्यूब टिल्ट की एक्स रे ट्यूब टिल्टिंग की एक्सरे ट्यूब टिल्टिंग
जब की तो ये हमारे पास 6 डिग्री हो गई ठीक है इस तरह किया उसने कि जो हमारे पास एक्सरे ट्यूब पहले ऐसे हुआ करती थी या एनट
था ये आप कंसीडर कर ले हमारे पास कैथोड है इलेक्ट्रॉन यहां पर हिट हो रहे हैं तब उसने क्या किया एक्सरे ट्यूब की टिल्टिंग
की कितनी 6 डिग्री ठीक है यहां पे हमारे पास जो एनोड था उसका एंगल हमारे पास 23 डिग कर
दिया ठीक है ये वाला तब इससे हमारे पास क्या होता था इससे होता था स्पेशल रेजोल्यूशन इंप्रूव होती
थी और जो है इफेक्टिव फोकल स्पोर्ट साइजेस हमारे पास अचीव होते थे लेकिन इसका एक ड्रॉबैक था और ड्रॉबैक हमारे पास क्या था
ड्रॉबैक था एनोड हील
इफेक्ट ठीक है एनोड हील इफेक्ट किसे कहते हैं एनोड हील इफेक्ट कहते हैं कि फॉर एग्जांपल ये हमारे पास एनोड का साइड है और
यह हमारे पास है कैथोड का साइड एनोड के साइड प हमारे पास एक्स रेस की जो इंटेंसिटी होती थी ना वो कम होती थी और
कैथड साइड प जो एक्स रेस की इंटेंसिटी होती थी वो हमारे पास ज्यादा होती थी तब क्या हुआ कि एक्सरे एक्सपोजर की यूनिफॉर्म
हमारे पास खराब हो गई किस तरह खराब हो गई क्योंकि ऑलरेडी हमारे पास जो ब्रेस्ट है ना वो हमारे पास है अ कॉनिकल शेप जब हम
इसको एक्स रेस की डिस यूनिफॉर्म एक्स रेस की एक्सपोजर देती थी तब भी हमारे पास वैसे भी ये सॉफ्ट टिश्यू है ना इसको हम पेशेंट
जो रेडिएशन डोज है ना वो कम देते हैं लेकिन एनट के साइड प हमारे पास एक्स रेस की इंटेंसिटी जब कम होती थी तब ये अंडर
डोज हो जाता था था डोज इसको कम मिलती थी लेकिन थट की साइड पे ये हमारे पास क्या हो जाता था ओवर डोज हो जाता था तब अ अगर इस
साइड पे हमारे पास निपल है और इस साइड पे हमारे पास चेस्ट रीजन है तो डिस यूनिफॉर्म एक्सरेज एक्सपोजर की वजह से इनके जो है
इमेज इमेज क्वालिटी जो है वो हमारे पास खराब आती थी इमेज क्वालिटी अच्छी नहीं थी ठीक है तब हमने
क्या किया इस ड्रॉबैक को निकालने के लिए एक और फिनोमिना किया कि हमने किया कि जो एक्सरे ट्यूब है
ना फॉर एग्जांपल य आप कंसीडर कर लो एनोड साइड है और ये हमारे पास है कैथोड साइड हमने कैथोड साइड को जो है ना वो रखा चेस्ट
की साइड पे मतलब अगर इससे हाई एनर्जी के एक्स रेज आ रहे हैं तो वो कंपनसेटर लेंगे विद द
चेस्ट वॉल अगर वहां पे हाई अ वेटेड मसल्स है अगर लिगामेंट्स है रिब्स है ठीक है तो उनके साथ ये हाई एनर्जी एक्सरेज जो है ना
ये हमारे पास कंपनसेटर लेंगे विद द चेस्ट वॉल और अगर हमारे पास नेपल के साइड पे आप आ
जाएं जहां पे है हमारे पास क्या सॉफ्ट टिशूज ठीक है उस साइड पे हमने रखा किस चीज को एनोड को एनोड से हमारे पास लो एनर्जी
की एक्सरेज आ रही हैं तो वो हमारे पास अच्छे से पेनिट्रेट कर रहे हैं इनटू द सॉफ्ट टिशूज ठीक है तो हमने ये किया अब
इसके बाद जो है ना ये हमारे पास इस यहां पे हमारे पास एक्सपोजर जो है
ना यूनिफॉर्म हो गया जो एक्सरे एक्सपोजर है ना ये हमारे पास क्या हो गया यूनिफॉर्म हो गया तब हमारे पास एम क्वालिटी जो है वो
इंप्रूव हो गई तो ये था हमारे पास फोकल स्पोर्ट साइज के हवाले से सारा डिस्क्रिप्शन मैंने इसलिए ज्यादा चीजें
डिस्क्राइब नहीं की क्योंकि ये हम सब आर एसटी में पढ़ चुके हैं है लाइन फोकस प्रिंसिपल एनोट हील इफेक्ट और ये सब
फिनोमेना हम आरएसटीपी मैमोग्राफी से रिलेट करने के लिए आपकी बुक में ये सब चीजें गिवन है ठीक है
एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से आप हमेशा ये चीजें याद रखिए जितनी भी हमारे पास वैल्यूज गिवन है जैसे मैंने बताया पिक्सेल
साइज पिक्सेल साइज क्या होता था पिक्सेल साइज है 50 माइक्रोमीटर दूसरा हमारे पास है फोकल
स्पोर्ट साइजेस एक है 0.3 एए एक है 0.1 एए ये एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से आपने याद रखने हैं ट्यूब की टिल्टिंग कितनी की 6°
की और अ टारगेट या एनोट एंगल जो है ना हमारे पास उसकी कितनी की 23° की सही है हां इसमें एक और इंपॉर्टेंट पॉइंट मैं भूल
गई जो फोकल स्पोर्ट साइज है ना इसके हमारे पास शेप्स होते हैं टू टाइप्स ऑफ शेप्स होते हैं एक हमारे पास होता है सर्कुलर और
एक होता है हमारे पास रेक्टेंगल ये जो सर्कुलर शेप है ना ये हमारे पास है हम यूज करते हैं इसको मोस्ट इफेक्टिवली फॉर द
मैमोग्राफी मैमोग्राफी में यह हम मोस्ट इफेक्टिवली यूज करते हैं जबकि ये जो रेक्टेंगल शेप है ना ये हम कॉमनली यूज
करते हैं तो ये भी एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से हमेशा याद रखिए यह था हमारा टॉपिक फोकल स्पोर्ट साइज के हवाले से दूसरा हम जाएंगे
अपने फिल्ट्रेशन पे जो आपका सबसे मोस्ट इंपोर्टेंट टॉपिक है अब हम आते हैं अपनी तीसरे टॉपिक पे जो है हमारे पास
फिल्ट्रेशन फिल्ट्रेशन हमारे पास एक ऐसा फिनोमिना है जिसके जरिए हम लो केवीपी या लो एनर्जी एक्स रेस को एब्जॉर्ब करते हैं
या एनट करते हैं ठीक है एनट करते हैं या एब्जॉर्ब करते हैं किस चीज को लो
एनर्जी एक्स रेस को ठीक है इन केस ऑफ जनरल रेडियोग्राफी जब हम फिल्टर्स यूज करते थे ना फॉर दिस फिनोमिना तो हम कौन सा फिल्टर
यूज करते थे एलुमिनियम हम 1 मिलीमीटर यूज़ करते थे 2 मिमीर अब टू 3 ममी हम जाते थे कि हमारे पास जो हाई केवीपी एक्सरेज है वो
गुजर जाए लेकिन जो लो केवीपी एक्सरेज है या लो इनर्जी एक्सस है जो पेशेंट रेडिएशन डोज को हमारे पास ज्यादा करता है उसको हम
क्या करते थे रिड्यूस करने के लिए एलुमिनियम यूज करते थे ठीक है लेकिन इन केस ऑफ मैमोग्राफी अगर आप मैमोग्राफी को
देखें तो मैमोग्राफी में ऑलरेडी हमारे पास लो केवीपी एक्सरेज है ठीक है तो अगर लो केवीपी एक्सरेज है और हम उसमें एलुमिनियम
भी लगा दे तो हमारे पास क्या हो जाता है सारे के सारे एक्सरेज एब्जॉर्ब हो जाते हैं तो बचेगा क्या हमारे पास कोई इमेजिंग
जो है एक्सरेज हमारे पास नहीं बचती तो इन केस ऑफ मैमोग्राफी हम थोड़ा सा जो है डिफरेंट फिनोमिना फिनोमिना तो वही होता है
लेकिन मटेरियल हम डिफरेंट यूज करते हैं मटेरियल हम यूज करते हैं बेरिलियम या बोरोसिलिकेट
ठीक है इनका एटॉमिक नंबर जो है ना हमारे पास कम है एस कंपेयर टू द एलुमिनियम जिसका एटॉमिक नंबर थोड़ा सा ज्यादा है तो हमारे
पास ये क्या करता है केवीपी को हमारे पास लो केवीपी या लो एनर्जी एक्सरेज को अब्जॉर्ब तो करता है लेकिन एटन वेशन काम
करता है एटन वेशन हमारे पास क्या करता है कम करता है इन केस ऑफ मैमोग्राफी ठीक है अब पढ़ते हैं कि हमारे पास टोटल
फिल्ट्रेशन होती है ना जो टोटल फिल्ट्रेशन उसको हम काउंट करते हैं दो चीजों से एक है हमारे पास इन्हेरेंट
फिल्ट्रेशन ठीक है और एक है हमारे पास एडेड फिल्ट्रेशन तो इन्हेरेंट फिल्ट्रेशन हमारे
पास वो फिल्ट्रेशन है जो एक्स रे ट्यूब की अपनी है मतलब अगर फॉर एग्जांपल विंडो हो गई या ग्लास एंक्लोजर हो गया आप आपका
ग्लास एंक्लोजर हो गया या पोर्ट ऑफ द एक्सरे ट्यूब हो गया कलीमर हो गया कलीमर में भी ऐसे मटेरियल यूज होते हैं जो
फिल्ट्रेशन कर सकते हैं हमारे पास ठीक है तो अब इन चीजों में हमारे पास अगर ऐसे मटेरियल है जो हमारे पास क्या करती हैं
फिल्ट्रेशन करती है उन फिल्ट्रेशन को हम क्या कहते हैं इन्हेरेंट फिल्ट्रेशन दूसरी तरफ एडेड फिल्ट्रेशन एडेड फिल्ट्रेशन यही
जो हम यूज करते हैं एलुमिनियम और अ जो है इन केस ऑफ मैमोग्राफी हम बरी लियम और बोरोसिलिकेट यूज़ करते हैं ठीक है इसको हम
क्या कहते हैं एडिड फिल्ट्रेशन मतलब हम इसको जो है मैनुअली एट करते हैं अ किसी भी मोडालिटी के लिए ये डिफरेंट फॉर एग्जांपल
आप मैंने पढ़ा मैंने पढ़ाया ना कि जो जनरल रेडियोग्राफी है उसमें एलुमिनियम यूज होता है जबकि मैमोग्राफी है उसमें हमारे पास
बेरिलियम को हम इंस्टॉल करते हैं ठीक है ये हमारे पास प्लेट्स होती हैं और ये प्लेट्स हमारे पास जो होती है ये हम कहां
पे प्लेस करते हैं यह हम प्लेस करते हैं इन द विंडो जो आपके एक्सरे ट्यूब है ना उसका जो विंडो
होता है जिससे हमारे पास एक्सरेज ने जो है वो एग्जिट करना है तो वहां पे हमारे पास ये फिल्टर्स लगी हुए होते हैं अब आप आपकी
बुक में मेंशन है कि जो इन्हेरेंट फिल्ट्रेशन है ना हमारे पास यह हमारे पास हमेशा होगा इन
मैमोग्राफी यह हमारे पास होगा 0.1 एए एलुमिनियम के इक्विवेलेंट अब एलुमिनियम इक्विवेलेंट का क्या मतलब है एलुमिनियम
एयम इक्विवेलेंट का मतलब है एलुमिनियम जितना एटन एशन 0.1 एएम एलुमिनियम जितना एटन एशन कर रहा है वो इक्वल है टू द एटन
एशन ऑफ एक्चुअल फिल्टर एक्चुअल फिल्टर क्या कि जो हम
मैमोग्राफी में यूज करते हैं तो एलुमिनियम इक्विवेलेंट का यही मतलब है ठीक है दूसरा आपकी बुक में गिवन है कि जो टोटल
फिल्ट्रेशन है ना वो हमारे पास हमेशा 0.5 से ज्यादा होगी 0 प 5 एमएम से हमेशा ज्यादा होगी कभी इससे कम नहीं हो सकती
मिनिमम फिल्ट्रेशन ऐसे भी एमसीक्यू आ सकता है कि मैमोग्राफी में मिनिमम फिल्ट्रेशन कौन सी होती है तो मैमोग्राफी में मिनिमम
फिल्ट्रेशन होती है 0.5 टोटल फिल्ट्रेशन अगर आप बात करें तो मिनिमम फिल्ट्रेशन 0.5 एएम की होती है ठीक है इससे ज्यादा हो
सकती है लेकिन इससे कम नहीं हो सकती ठीक है अब अगर आप देखें तो आपकी जो फिल्ट्रेशन है ना
व डिपेंड कर रही है ऑन द टारगेट मटेरियल टारगेट मटेरियल पर किस तरह डिपेंड कर रही है फॉर एग्जांपल टारगेट मटेरियल आपने लिया
है टंगस्टन मोलिन रोडियम यह हमने पढ़ा था ना कि यह टारगेट मटेरियल हम लेते हैं इन केस ऑफ मैमोग्राफी अगर यह टारगेट मटेरियल
आपने ली है तो यह फिल्ट्रेशन हमारे पास काफी इफेक्ट करती है मतलब फिल्ट्रेशन हमारे पास
क्या है केवीपी जो है वो एब्जॉर्ब करना लो केवीपी को हमारे पास लो एनर्जी एक्सस को क्या करना एब्जॉर्ब करना अब ये केवीपी
कहां से प्रोड्यूस हो रही है ये प्रोड्यूस हो रही है फ्रॉम द टारगेट मटेरियल यहां पर जब इलेक्ट्रॉन की हिटिंग होती है तो
एक्सरेज की प्रोडक्शन होती है वही एक्सरेज कहां तक जाते हैं वही एक्सरेज हमारे पास आते हैं टू द फिल्टर्स और फिल्टर्स हमारे
पास क्या करता है इनको एब्जॉर्ब कर लेता है या एटन एट कर लेता है या ट्रांसमिट कर लेता है टू द
पेशेंट सही है तो यह हमारे पास रिलेशन था बिटवीन द फिल्टर एंड द टारगेट अब हम फिल्टर टारगेट का जो है
कमिनेनी हम इसमें पढ़ेंगे लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट आप यह बात याद रखें कि जब हम सेम टारगेट फिल्टर यूज करते हैं फॉर
एग्जांपल हमने यहां पर टंगस्टन की तो फिल्टर में हमने टंगस्टन का यूज किया यहां पर हमने मोलिन यूज किया तो फिल्टर भी हमने
मोलिन का यूज किया यहां पर रोडियम यूज किया तो फिल्टर भी हमने रोडियम का यूज कर इन दैट केस क्या होता है इस केस में हमारे
पास दो फिनोमेना होते हैं ठीक है एक तो यह है कि हमारे पास जो के कैरेक्टरिस्टिक एक्सरे जितनी भी हमारे पास प्रोड्यूस हो
रही है इनसे ठीक है अगर आप कंसीडर कर ले उसका चले इसका कंसीडर कर ले मोले डेनम का मोले डेनम के के कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज
है 171 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट ये दो कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज प्रोड्यूस हो रहे हैं इन केस ऑफ मोले एबडेन अब होता क्या है
कि जो हमारे पास फिल्टर लगी हुई होते हैं नाना उनसे ये दोनों पास हो जाते हैं यह कभी भी एब्जॉर्ब नहीं होते यह बात हमेशा
याद रखें जब हम सेम टारगेट की यूज कर रहे हैं फॉर एग्जांपल यहां पे आपका टारगेट है मोलिन और यहां पे आपका मोलिन फिल्टर है तो
मोलिन की जितनी भी के कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज है वो हमेशा मोलिन से पास होंगे मोलिन फिल्टर से वो कभी भी मोलिन फिल्टर
में जो है वो अब्जॉर्ब नहीं होंगे और वो पास होके ब्रेस्ट में पेनिट्रेट कर रहे हैं इफ दे आर एबल इफ दे आर इफ दे हैव अ के
कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज इफ दे आर इन द रेंज ठीक है तो वो हमारे पास क्या करेंगे ब्रेस्ट में पेनिट्रेट करेंगे दूसरा हमारे
पास दूसरे एक्सेस जो प्रोड्यूस हो रहे हैं है ब्रिम लंग एक्सेस वो हमारे पास यहां पे सप्रे हो रहे
हैं सप्रे का मतलब है कि वो हमारे पास अब्जॉर्ब हो रहे हैं हाई एनर्जी की एक्सरेज भी है लो एनर्जी की एक्स रेज भी
है वो फिनोमिना हम बाद में पढ़ेंगे कि किस तरह हाई एनर्जी के एक्सरेज रिड्यूस होते हैं या लो एनर्जी के एक्सरेज रिड्यूस होते
हैं तो बस यहां पे सिर्फ ये समझाना था आपको कि जब सेम कॉमिनेशन के हमारे पास टारगेट फिल्टर यूज होते हैं तब हम हमारे
पास के कैरेक्टरिस्टिक एक्सरे हमेशा पास हो जाती है कभी भी उस फिल्टर में अब्जॉर्ब नहीं होगी वो करेक्ट एक्स और ब्रम लोंग
हमारे पास हमेशा अब्जॉर्ब होती है या हाई एनर्जी की एक्स होती है या लो एनर्जी की एक्स ठीक है अब बिल्कुल फर्स्ट कॉमिनेशन
पर अगर आप आ जाए बिल्कुल फर्स्ट कॉमिनेशन हम पढ़ते हैं टारगेट फिल्टर का टारगेट
फिल्टर वो हम पढ़ते हैं टंगस्टन का ठीक है पहले हम लेते हैं कि अगर
टंगस्टन फिल्टर टारगेट हम यूज करें विद द टंगस्टन फिल्टर तो हमारे पास क्या होता है होता इस तरह है कि टंगस्टन का जो है
एटॉमिक नंबर क्या है 74 है अगर हम 30 केवीपी देंगे इसको तो यह हमारे पास प्रोड्यूस करेगा एक कैरेक्टरिस्टिक
एक्सरे ठीक है एक कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज प्रोड्यूस करेगा बाकी सारे ब्रिम्स लंग एक्सरेज प्रोड्यूस करेगा और ये
कैरेक्टरिस्टिक एक्सरे जो है ये होगा 12 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट ये मैं पिछला वाला सारा रि रिवाइज कर रही हूं आपको ठीक है
पिछला जो लेक्चर है वो इसी पे है कि हमारे पास किस तरह ये चीजें होती है ठीक है तो हमारे पास जो है एक करैक्टर एक्सरे और वो
भी 12 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट का अब ये फॉर एग्जांपल आपका टारगेट है टंगस्टन का और यहां पे फिल्टर लगा हुआ है टंग स्न का अब
ये जो 12 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट की एनर्जी एनर्जी के एक्सरेज पैदा हो गए हैं अब यह पास होंगे टू द ब्रेस्ट ब्रेस्ट में ये
कभी भी पेनिट्रेट नहीं कर सकती क्यों पेनिट्रेट नहीं कर सकते मैंने पहले भी बताया इफ दे आर एबल मैंने एक लब्ज यूज़
किया इफ दे आर एबल इसका मतलब यह है कि यह हमारे पास एनर्जी इसकी काफी कम है एक तो यह है कि यह कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज तो है
लेकिन ये एल शेल कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज है एल शेल कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज की एनर्जी हमारे पास हमेशा कम होती है तो ये
सुपरफिशियली एब्जॉर्ब हो जाते हैं इन द ब्रेस्ट और कभी भी पेनिट्रेट नहीं करते दूसरी नंबर पे ये रेंज में ही नहीं है
रेंज हमारे पास क्या था रेंज था 17 टू 24 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट तो इस रेंज में 12 तो कहीं नहीं आता तो ये हमारे पास
अब्जॉर्ब कभी नहीं होता तो ये वाला कॉमिनेशन तो हम कभी भी यूज नहीं कर सकते लेट मी शो यू सम टेबल अगर हम यहां पे
टारगेट रखें और इधर फिल्टर रखें तो फर्स्ट में हम पढ़ते हैं कि टारगेट अगर हमारे पास
है टंगस्टन और फिल्टर भी हमारे पास है टंगस्टन तो रिजल्ट हमारे पास क्या आता है नो हम इसको कभी भी यूज नहीं कर सकते यह
ब्रेस्ट इमेजिंग के लिए या मैमोग्राफी के लिए ठीक नहीं है ठीक है दूसरे नंबर पर अगर आप देखें तो दूसरे नंबर पर हम पढ़ते हैं
दूसरा कॉमिनेशन अगर हम पढ़े वही टारगेट हम टंगस्टन यूज कर रहे हैं ठीक है लेकिन ट के साथ हम फिल्टर यूज
कर रहे हैं दो या तो हम यूज करेंगे
रोडियम या हम यूज करेंगे मोलिन अब इन ट केस इन ट कॉमिनेशन हमारे
पास क्या होता है कि फॉर एग्जांपल यहां पर हमने लगा दिया टंगस्टन टारगेट ठीक है यहां पर हमने आप कंसीडर कर ले या तो मोले है या
मतलब कि या तो मलब म होगा या हमारे पास रोडियम होगा ठीक है इन दोनों में से एक होगा अब यहां से हमारे पास 12 किलो
इलेक्ट्रॉन वोल्ट की एनर्जी की एल शेल कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज आ रही है तो वो तो बिल्कुल क्या होंगी पास हो जाएंगी ना पास
होके हमारे पास बेस्ट ब्रेस्ट में हमारे पास पेनिट्रेशन नहीं कर पा रही ब्रेस्ट में हमारे पास अ जो है वो सुपरफिशियली
एब्जॉर्ब हो जाती हैं ठीक है तो ये 12 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट की ये हमारे पास बिल्कुल इमेजिंग कर ही नहीं रही ठीक है
लेकिन जो 12 कैरेक्टरिस्टिक 12 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट से ऊपर और नीचे है ना वो हमारे पास कौन सी एक्सरेज है ब्रिम लोंग
एक्सरेज है वो ब्रिम लोंग एक्सरेज जो है ना हमारे पास इमेजिंग में कंट्रीब्यूट कर लेती हैं अप टू सम एक्सटेंट कुछ हाई
एनर्जी के जो है वो एक्सरेज होती है कुछ लो एनर्जी के एक्सरोज होती हैं अब ये मोलिन म और रोडियम का क्या काम क्या है है
ये हमारे पास हाई एनर्जी ब्रिम्स लंग एक्सरेज को क्या करती है अब्जॉर्ब करती है या रिड्यूस करती हैं क्योंकि ये जो
ब्रिम्स लोंग एक्सरेज है ना ब्रिम्स लोंग जितनी भी है ये हमारे पास पेशेंट रेडिएशन डोज में कंट्रीब्यूट करता है जो कि हमारे
पास अच्छी बात नहीं है इन केस ऑफ मैमोग्राफी ठीक है उसको हमने पेशेंट रेडिएशन डोज काफी कम देना है तो क्या होता
है कि मोलिन और रोडियम फिल्टर्स हमारे पास क्या करते हैं ये हमारे पास हाई एनर्जी लो एनर्जी के अ उसको ब्रिम लोंग एक्स इस को
रिड्यूस करते हैं मोस्टली हमारे पास हाई एनर्जी की जितनी भी ब्रिम्स लंग एक्स रेस है ठीक है तो ये हम ये वाला कॉमिनेशन भी
हम यूज कर सकते हैं इन मैमोग्राफी अगर आप यहां पे मैं टेबल में शो करूं टेबल में मैंने कहा था कि अगर हम यूज
करें टंगस्टन टारगेट को इन कॉमिनेशन विद रोडियम आप ले लो और थर्ड नंबर कॉमिनेशन आप ले लो टंगस्टन को विद मलब
डेनम ठीक है यह हमारे पास हो सकता है इन केस ऑफ़ मैमोग्राफी अच्छा यह बात हमेशा याद रखिए जो हम रोडियम यूज़ करते हैं यह
हम 50 माइक्रोमीटर यूज़ करते हैं और जो हम मोलिन में यूज़ करते हैं यह हम यूज़ करते हैं 60 माइक्रोमीटर बट शर्त क्या है इन
दोनों के लिए कि हमारे पास टंगस्टन होना चाहिए टारगेट ठीक है अब हम आते हैं अपनी तीसरे नंबर
कॉमिनेशन पे तीसरा नंबर अगर आप देखें तो टारगेट हमने पढ़ा था पहला टंगस्टन न के बाद हम क्या पढ़ते हैं
मोलिन ठीक है मोलिन का आप ये याद रखें कि मोलिन अगर हम मोलिन हम यूज करते हैं ना टारगेट तो उसके लिए फिर हम
फिल्टर दो यूज कर सकते हैं फिल्टर्स एक मोलिन भी यूज कर सकते हैं और दूसरा रोडियम भी यूज कर सकते हैं ठीक है
पहले पढ़ते हैं कि मोलिन मोलिन कॉमिनेशन कैसे होता है ठीक है मोलिन मोलिन कॉमिनेशन इस तरह
होता है कि फॉर एग्जांपल आप यहां पे कंसीडर कर ले मोलिन टारगेट मोलिन से हमारे पास जो
कैरेक्टरिस्टिक वो हमारे पास के कैरेक्टरिस्टिक एक्स रेस है अच्छा टंगस्टन से जो प्रोड्यूस हो रहे हैं वो एल
कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज है यहां पे जो के कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज है ना वो हमारे पास प्री डोमिनेंट
है प्री डोमिनेंट प्री डोमिनेंट का क्या मतलब है मतलब टू कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज हाई एनर्जी की प्रोड्यूस हो रहा कौन से एक
हमारे पास है 17 और दूसरा है 19 किलो इलेक्ट्रॉन वल्ट अब ये क्या करते हैं ये हमारे पास मोलिन फिल्टर से जो है वो पास
हो जाते हैं और जाके क्या करते हैं अ ब्रेस्ट में पेनेट्रेशन करते हैं ठीक है ब्रेस्ट में पेनेट्रेशन के बाद ये हमारे
पास अच्छी क्वालिटी की इमेज बना लेता है और पेशेंट रेडिएशन डोज जो है वो हमारे पास रिड्यूस हो जाता है और जितनी भी हमारे पास
यहां पे लंग एक्सस की प्रोडक्शन होती है ना वो सारी की सारी ये हमारे पास अब्जॉर्ब कर लेता है जो पेशेंट रेडिएशन डोज में
कंट्रीब्यूट कर रहा है ठीक है तो दूसरी तरफ अगर हमारे पास रोडियम है अगर हम यहां पर मोलिन यूज करें और यहां
पर हमारे पास रोडियम यूज करें यह हमारे पास होगा टारगेट और रोडियम हमारे पास क्या है
फिल्टर इन केस इसमें क्या होता है इसमें हमारे पास जो करेक्ट स्टिक एक्सरेज है और ब्रम लंग एक्सरेज है यह दोनों हमारे पास
इमेज क्वालिटी में जो है व हमारे पास कंट्रीब्यूट करते हैं ठीक है तो हम इन केस ऑफ ब्रेस्ट मोनम मोनम वो भी यूज कर
सकते हैं कॉमिनेशन भी यूज कर सकते हैं और मोलिन रोडियम कॉमिनेशन भी यूज कर सकते हैं अगर आप इधर मेंशन करें फोर्थ नंबर पर
हमारे पास क्या है मोले बनम मोले बनम इसको भी हम यूज कर सकते हैं और फाइव नंबर मोलिन रोडियम इसको भी हम यूज कर सकते हैं इन केस
ऑफ मेमो ग्राफी ठीक है अब अगर थर्ड नंबर कॉमिनेशन पे आप आ जाए तो वह है हमारे पास रोडियम ठीक है अब रोडियम का हमेशा आपने
याद रखना है कि अगर हम रोडियम टारगेट यूज करते हैं तो उसके साथ सिर्फ हम रोडियम फिल्टर यूज
करेंगे और कोई फिल्टर हम इसके साथ यूज नहीं कर सकते यह कॉमिनेशन आप याद रखें ठीक है इन केस ऑफ मैमोग्राफी अब रोडियम के साथ
अगर रोडियम हम यूज करेंगे तो ये करेंगे हम 25 माइक्रोमीटर इनके जो ये वो है ना डायमीटर्स है ये आप हमेशा याद रखें ठीक है
अब रोडियम अगर इधर हमारे पास रोडियम है टारगेट और इधर हमारे पास है रोडियम फिल्टर अब रोडियम से हमारे पास जो
कैरेक्टरिस्टिक एक्सरेज प्रोड्यूस हो रहे हैं वो है 23 किलो इलेक्ट्रॉन वोल्ट जो बहुत ज्यादा हाई एनर्जी के एक्सरेज है वो
हमारे पास क्या होंगी फिल्टर फिल्टर तो नहीं हो सकती बल्कि वो पास हो जाएंगी क्योंकि ये सेम सेम कॉमिनेशन है तो ये
हमारे पास पास हो जाएगी और यहां ब्रेस्ट में हमारे पास पेनिट्रेट होंगी ठीक है लेकिन इसके लिए शर्त यह है इस कॉमिनेशन के
लिए यह हम मैमोग्राफी में यूज तो करते हैं लेकिन इसके लिए एक शर्त है कि इसको हम थिक या मोर डेंस के लिए यूज करेंगे क्योंकि य
हा एनर्जी एक्सरेज है ना हाई केवीपी वाली है और विदन द रेंज भी है जो है उसमें पेनिट्रेट हो सकती है इन द ब्रेस्ट ठीक है
अगर हम अपने टेबल में मेंशन करें सिक्स नंबर रोडियम
एंड रोडियम यह कॉमिनेशन भी हमारे पास यू यूज हो सकता है इन केस ऑफ मैमोग्राफी ठीक है
तो ये था हमारा आज का टॉपिक ऑन द फिल्ट्रेशन जो मोस्ट इंपोर्टेंट टॉपिक है और उस पे फोकल स्पोर्ट साइज और हील इफेक्ट
में होप सो आपको समझ आ गई होगी जिस चीज की भी समझ नहीं आई आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं क्योंकि ये वाले टॉपिक्स आपके
बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से या आपके जितने भी एग्जाम्स होते हैं ठीक है हमारा अगला जो लेक्चर
होगा वो है वो होगा ग्रिड्स पे कंप्रेशन पेड्स पे एंड ऑन द एई ऑटोमेटिक एक्सपोजर कंट्रोल तो तब तक अपना बहुत सारा ख्याल
रखिएगा दुआओं में याद रखिएगा अल्लाह हाफिज
फोकल स्पॉट साइज स्पेशल रेजोल्यूशन को सीधे प्रभावित करता है। मैमोग्राफी में छोटे फोकल स्पॉट (0.1 mm) का उपयोग किया जाता है, जो उच्च स्पेशल रेजोल्यूशन देता है और छोटे माइक्रोकैल्सिफिकेशन को स्पष्ट रूप से दिखाता है। लार्ज फोकल स्पॉट (0.3 mm) कम रेजोल्यूशन देता है लेकिन उच्च एक्सपोज़र के लिए उपयोग होता है।
एनोड हील इफेक्ट लाइन फोकस प्रिंसिपल के कारण होता है, जिसमें एनोड साइड पर X-रे की इंटेंसिटी कम और कैथोड साइड पर ज्यादा होती है। इसे कम करने के लिए कैथोड साइड (हाई एनर्जी X-रे) को चेस्ट वॉल की ओर और एनोड साइड (लो एनर्जी X-रे) को निप्पल की ओर रखा जाता है, जिससे एक्सपोज़र यूनिफॉर्म हो जाती है।
मैमोग्राफी में बेरिलियम (Beryllium) या बोरोसिलिकेट (Borosilicate) फिल्टर का उपयोग किया जाता है, क्योंकि इनका एटॉमिक नंबर कम होता है और ये कम एटेन्यूएशन करते हैं। इससे लो एनर्जी X-रे को एब्जॉर्ब कर रेडिएशन डोज़ कम होती है, जबकि हाई एनर्जी X-रे ब्रेस्ट में पेनिट्रेट करती हैं।
Mo-Mo कॉम्बिनेशन में K-कैरेक्टरिस्टिक X-रे (17.9 keV) का उपयोग किया जाता है, जो आम ब्रेस्ट टिशू के लिए उपयुक्त है। Rh-Rh कॉम्बिनेशन थिक या मोर डेंस ब्रेस्ट के लिए उपयोग होता है, क्योंकि इसमें हाई एनर्जी X-रे (20.2 keV) प्रोड्यूस होती हैं, जो गहराई तक पेनिट्रेट करती हैं।
इन्हेरेंट फिल्ट्रेशन X-रे ट्यूब के अपने कंपोनेंट्स (जैसे ग्लास एनक्लोजर) से होता है, जो 0.1 mm एलुमिनियम इक्विवेलेंट होता है। एडेड फिल्ट्रेशन मैन्युअली लगाए जाने वाले फिल्टर (जैसे बेरिलियम या बोरोसिलिकेट) से होता है। मैमोग्राफी में न्यूनतम टोटल फिल्ट्रेशन 0.5 mm एलुमिनियम इक्विवेलेंट होना चाहिए।
टंगस्टन-टंगस्टन कॉम्बिनेशन का उपयोग नहीं किया जा सकता क्योंकि टंगस्टन की L-शेल कैरेक्टरिस्टिक X-रे (12 keV) बहुत कम एनर्जी की होती है, जो ब्रेस्ट में पेनिट्रेट नहीं कर पाती। इसके बजाय, टंगस्टन टारगेट के साथ रोडियम (50 μm) या मोलिब्डेनम (60 μm) फिल्टर का उपयोग किया जाता है।
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