सब्सिडरी बुक्स (Subsidiary Books) की पूरी गाइड: उत्तराखंड असिस्टेंट अकाउंटेंट एग्जाम के लिए मैराथन क्लास
यह एक व्यापक मैराथन क्लास है जो आपको सब्सिडरी बुक्स के कॉन्सेप्ट को गहराई से समझाने और सैकड़ों MCQs को हल करने में मदद करेगी आरपीएस अड्डा के विशेषज्ञ द्वारा। यह क्लास खासकर 1 नवंबर 2024 को होने वाली उत्तराखंड असिस्टेंट अकाउंटेंट परीक्षा के लिए डिज़ाइन की गई है। इसी तरह की अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी के लिए, आप UPESSC ICT मैराथन: TGT/PGT/असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए कंप्यूटर टॉप MCQs और गेट कंप्यूटर नेटवर्क्स पूरा कोर्स: आईपी एड्रेसेस, क्लासिफिकेशन और subnetting जैसे संसाधनों का भी लाभ उठा सकते हैं।
सब्सिडरी बुक्स का परिचय (Introduction to Subsidiary Books)
- जर्नल बुक (Journal Book): छोटे व्यवसायों में सभी लेन-देन को एक ही रजिस्टर (जर्नल) में कालानुक्रमिक क्रम (Chronological Order) में दर्ज किया जाता है।
- सब्सिडरी बुक्स (Subsidiary Books): बड़े व्यवसायों में, जहां लेन-देन की संख्या अधिक होती है, जर्नल बुक को लेन-देन की प्रकृति के आधार पर छह अलग-अलग बुक्स में विभाजित कर दिया जाता है। इन्हें स्पेशल जर्नल (Special Journal) या स्पेशल पर्पज बुक्स (Special Purpose Books) भी कहा जाता है।
छह मुख्य सब्सिडरी बुक्स
- कैश बुक (Cash Book): इसमें केवल नकद (Cash) और बैंक (Bank) से संबंधित सभी लेन-देन दर्ज किए जाते हैं।
- परचेजेस बुक (Purchases Book): केवल उधार (Credit) पर खरीदे गए माल (Goods) को दर्ज किया जाता है।
- नोट: नकद में खरीदे गए माल की एंट्री कैश बुक में होगी।
- सेल्स बुक (Sales Book): केवल उधार (Credit) पर बेचे गए माल (Goods) को दर्ज किया जाता है।
- नोट: नकद में बेचे गए माल की एंट्री कैश बुक में होगी।
- परचेजेस रिटर्न बुक (Purchases Return Book): उधार पर खरीदे गए माल को वापस (Return) करने पर इस बुक में एंट्री होती है।
- सेल्स रिटर्न बुक (Sales Return Book): उधार पर बेचे गए माल के वापस आने पर इस बुक में एंट्री होती है।
- जर्नल प्रॉपर (Journal Proper): यह एक "डस्टबिन (Dustbin)" की तरह है। इसमें वे सभी लेन-देन दर्ज किए जाते हैं जो ऊपर की पांच बुक्स में रिकॉर्ड नहीं होते।
जर्नल प्रॉपर में रिकॉर्ड होने वाली एंट्रीज (Entries in Journal Proper)
जर्नल प्रॉपर में निम्नलिखित प्रकार की एंट्रीज दर्ज की जाती हैं:
- ओपनिंग एंट्री (Opening Entry): नए वर्ष की शुरुआत में पिछले वर्ष के एसेट्स, लायबिलिटीज और कैपिटल को लाने के लिए।
- क्लोजिंग एंट्रीज (Closing Entries): वर्ष के अंत में सभी खर्चों और आय के खातों को बंद करने के लिए।
- रेक्टिफिकेशन एंट्रीज (Rectification Entries): अकाउंटिंग में हुई त्रुटियों (Errors) को सुधारने के लिए।
- ट्रांसफर एंट्रीज (Transfer Entries): एक खाते से दूसरे खाते में राशि स्थानांतरित करने के लिए।
- एडजस्टमेंट एंट्रीज (Adjustment Entries): जैसे कि Outstanding Expenses, Prepaid Expenses, Accrued Income, Depreciation, Interest on Capital आदि।
- अन्य एंट्रीज (Other Entries):
- उधार पर एसेट (जैसे मशीनरी, फर्नीचर) की खरीद
- कैश डिस्काउंट (Cash Discount) अलाउड या रिसीव्ड
- बैड डेब्ट्स (Bad Debts)
- रिबेट (Rebate)
- पूंजी में एसेट का लाना (Capital brought in Kind)
- आग से या चोरी से हुआ नुकसान
कैश बुक की विशेषताएं (Features of Cash Book)
- यह एक सब्सिडरी बुक के साथ-साथ एक प्रिंसिपल बुक (लेज़र) भी है।
- जब कैश बुक बनाई जाती है, तो लेज़र में कैश अकाउंट और बैंक अकाउंट अलग से नहीं बनाए जाते।
- यह बुक ऑफ ओरिजिनल एंट्री (Book of Original Entry) और बुक ऑफ फाइनल एंट्री (Book of Final Entry) दोनों का काम करती है।
कॉन्ट्रा एंट्रीज (Contra Entries)
- परिभाषा: ऐसी एंट्री जो कैश बैलेंस और बैंक बैलेंस दोनों को प्रभावित (Effect) करती हैं, उन्हें कॉन्ट्रा एंट्री कहा जाता है।
- उदाहरण:
- बैंक में नकद जमा करना (Cash Deposited into Bank)
- कार्यालय उपयोग के लिए बैंक से नकद निकालना (Cash Withdrawn from Bank for Office Use)
- ध्यान रखें: यदि मालिक (Owner) व्यक्तिगत उपयोग के लिए बैंक से पैसे निकालता है, तो वह कॉन्ट्रा एंट्री नहीं होगी, क्योंकि उससे व्यवसाय का कैश बैलेंस प्रभावित नहीं होता।
- पोस्टिंग (Posting): कॉन्ट्रा एंट्रीज की लेज़र में पोस्टिंग नहीं की जाती है।
- संकेत (Indication): कैश बुक में इन एंट्रीज को L.F. (Ledger Folio) कॉलम में "C" (Contra) लिखकर दर्शाया जाता है।
पेटी कैश बुक (Petty Cash Book)
- उद्देश्य: यह छोटे-मोटे नकद खर्चों (जैसे चाय, स्टेशनरी, ऑटो किराया आदि) को रिकॉर्ड करने के लिए बनाई जाती है।
- लाभ: इससे मुख्य कैशियर (Main Cashier) का समय बचता है, क्योंकि उसे छोटे-छोटे खर्चों के लिए बार-बार एंट्री नहीं करनी पड़ती।
- पेटी कैश बुक में बैलेंस को व्यवसाय के लिए एक एसेट (Asset) माना जाता है।
महत्वपूर्ण MCQs से मुख्य निष्कर्ष
- कैश बुक में क्या रिकॉर्ड होता है? केवल नकद और बैंक से संबंधित लेन-देन।
- कैश डिस्काउंट की एंट्री कहाँ होती है? जर्नल प्रॉपर में। नोट: बल्क में खरीद पर मिलने वाला डिस्काउंट ट्रेड डिस्काउंट है, जो कैश डिस्काउंट नहीं है।
- चेक बाउंस (Cheque Dishonoured) होने पर एंट्री: कैश बुक के क्रेडिट साइड में बैंक कॉलम में।
- डबल कॉलम कैश बुक: इसमें कैश और बैंक दोनों के लेन-देन रिकॉर्ड होते हैं।
- डेबिट बैलेंस (Debit Balance) का अर्थ: कैश बुक में डेबिट बैलेंस का मतलब धन की प्राप्ति (Receipt) होता है, न कि ओवरड्राफ्ट। ओवरड्राफ्ट क्रेडिट बैलेंस को दर्शाता है।
- बैंक से व्यक्तिगत उपयोग के लिए निकासी: यह कॉन्ट्रा एंट्री नहीं है, क्योंकि केवल बैंक बैलेंस प्रभावित होता है, कैश बैलेंस नहीं।
यह मैराथन क्लास उत्तराखंड असिस्टेंट अकाउंटेंट परीक्षा में सफलता के लिए आपकी तैयारी को एक नई दिशा देगी। "पढ़ लो चाहे कहीं से, सिलेक्शन होगा यहीं से।"
अन्य सहायक संसाधन: क्लास 12th मनी एंड बैंकिंग: मनी, बैंकिंग और क्रेडिट क्रिएशन का पूरा गाइड और उत्पादन योजना और सुविधा निर्णय | PPC, क्षमता और लेआउट रणनीतियाँ आपकी अकाउंटिंग और सामान्य ज्ञान की तैयारी को और मजबूत बना सकते हैं।
नमस्कार विद्यार्थियों अगर आपका भी सपना है उत्तराखंड में असिस्टेंट अकाउंटेंट बनने का तो हो जाइए तैयार क्योंकि 1 नवंबर
को होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और इस अंतिम युद्ध में आपको विजय दिलाने के लिए आरपीएस
चड्डा लेकर आ रहा है अल्टीमेट मैराथन सीरीज जी हां हर रोज 9:00 बजे तैयार रहना है आपको इसी YouTube चैनल पर सब्जेक्ट
वाइज सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों की ऐसी मैराथन क्लास जो आपकी तैयारी में सफलता की मोहर लगाएगी। इन क्लासेस में नए सिलेबस के
हिसाब से मोस्ट इंपोर्टेंट कांसेप्ट और एमसीक्यूस आपको करवाए जाएंगे ताकि एग्जामिनेशन हॉल में एक भी सवाल आपको नया
नहीं लगे। तो तैयार हो जाइए। ये आपकी तैयारी में बहुत महत्वपूर्ण जो रोल है वो प्ले करने वाले हैं। और अगर आप इस एग्जाम
की प्रिपरेशन कर रहे हैं और इस एग्जाम से संबंधित फ्री नोट्स, एमसीक्यूस, पीडीएफ पाना चाहते हैं तो इसी वीडियो के नीचे
आपको एक डिस्क्रिप्शन में लिंक मिलेगा जो WhatsApp ग्रुप का होगा। साथ जुड़ जाइए जहां पे फ्री कंटेंट रेगुलर बेसिस पे
अवेलेबल होता रहता है। अब बात करते हैं कि आपकी तैयारी के लिए हम और क्या कर रहे हैं? तो हमने इंग्लिश मीडियम के
स्टूडेंट्स के लिए यह कॉम्बो जो है वो ल्च कर दिया है। उत्तराखंड असिस्टेंट अकाउंटेंट के लिए विशेष रूप से तैयार की
गई ये जो किताबें हैं जिसमें हम ऑडिट, बिजनेस स्टडीज, कॉस्ट अकाउंटिंग और इनकम टैक्स की ये चार किताबों का जो प्रीमियम
इंग्लिश मीडियम कॉम्बो सेट है वो अब आपको दे रहे हैं। डिस्काउंट अभी चल रहा है केवल 1499 में। ये कॉम्बो आपके घर तक पहुंच
जाएगा। ये ध्यान रखिएगा। अब बात करते हैं सर और क्या मिल रहा है? तो आपको अभी भी लगता है कि एक कोर्स आपको मिल जाए जिस
कोर्स में नया कंटेंट आपको मिल जाए तो अभी तक अभी तक इस कोर्स की प्राइस 3000 से कम नहीं हुई थी। ध्यान रखना लेकिन ये जो
कंप्लीट रिकॉर्डेड और लाइव कोर्स वाला जो कोर्स है ये कोर्स अब आपको कितने में मिल रहा है? 65% डिस्काउंट के साथ में मात्र
₹1785 में ये कोर्स आपको अवेलेबल हो रहा है। और अगर आपका सिलेबस तो पूरा हो गया है। सबसे खास बात यह है कि हमने हमारी तरफ
से पूरा सिलेबस कवर करवा दिया है। तो आप 1 5 या टू की स्पीड में देखकर बहुत कम समय में पूरा रिवीजन जो है वो कर सकते हैं। और
अब बात करते हैं सबसे जरूरी हथियार की। हमारी टेस्ट सीरीज पिछले एग्जाम में रैंक वन आई थी ईशान चावला, रैंक टू आई थी सागर
गुप्ता। इंटरव्यूज मैंने डाल रखे हैं। उनका यही कहना था कि जो रैंक हमारी आरपीएस अड्डा की टेस्ट सीरीज में आती थी वही रैंक
हमारी वास्तविक एग्जाम में भी आई है। इसी अटूट भरोसे और क्वालिटी के आधार पर हमने फिर से नई टेस्ट सीरीज नए सिलेबस के हिसाब
से जो है वो ल्च कर दी है और फीस इतनी कम कर दी है कि उत्तराखंड का हर एक विद्यार्थी अपने सपने को पूरा कर सके। मॉक
टेस्ट सीरीज में आपको 10 फुल लेंथ मॉक टेस्ट आपको मिलेंगे। ये ध्यान रखिएगा और ये जो टेस्ट सीरीज आपको मिल रही है मॉक
टेस्ट में कंप्लीट वीडियो सॉल्यूशन आपको मिल रहा है और मॉक टेस्ट टेस्ट सीरीज केवल ₹700 की है स्टूडेंट उत्तराखंड का एक भी
बच्चा नहीं बचना चाहिए आप जानते हैं सबसे ज्यादा बच्चे हमारे पास में है अगर आप ये मॉक टेस्ट देंगे तो उत्तराखंड लेवल पर
आपको रैंक पता चलेगी आपकी रैंक जो है वो टॉप जो है वो 250 में 300 में आ रही है या नहीं आ रही है ये सबसे खास बात होने वाली
है क्योंकि 379 पोस्ट आप सभी के सामने है 1 नवंबर को एग्जाम है ऐसा मौका मौका बार-बार नहीं मिलता है और फुल टेस्ट सीरीज
अगर आपको चाहिए तो ये ले सकते हैं। मात्र 1050 में आपको 4000 से भी ज्यादा एमसीक्यूस जो है वो मिल जाते हैं। मॉक
टेस्ट जो है वो इसमें शामिल है। तो अब सोचना बंद कर दीजिए। तुरंत डाउनलोड करें आरपीएस अड्डा ऐप को। कोई भी डाउट है, कोई
भी प्रॉब्लम है आप इस नंबर पर हमें फोन मैसेज कर सकते हैं। हमारी टीम जरूर आपको कॉल करेगी और आपको आपकी मंजिल तक जरूर
पहुंचाएगी। तो रोज शाम 9:00 बजे मैराथन क्लास में आना ना भूलें। आरपीएससी अड्डा आपकी मेहनत हमारा मार्गदर्शन लक्ष्य सिर्फ
चयन जय हिंद वंदे मातरम अब शुरू करते हैं हम क्लास को साथियों एमसीक्यूस पे चलने से पहले एक छोटा सा ओवरव्यू यहां पर कि
सब्सिडरी बुक्स नामक जो चीज है ये आई कहां से ये क्या बना है और इसको कौन बनाता है? देखिए साथियों
आपको एक सिंपल सा चार्ट मैं यहां पर बताऊंगा जिसके जरिए चीजें एक्सप्लेन करूंगा। अब देखो प्रैक्टिकली मैं आपको यह
बता रहा हूं। आज की क्लास में जैसा आप सब ने रिक्वेस्ट किया था सर थोड़ी सी स्पीड हमें बढ़ानी चाहिए। तो ये जो चीजें मैं
क्लास में लिखता हूं लाइव आपके सामने लिखता हूं। जिसकी वजह से हमारे जो एमसीक्यूस है वो थोड़े कम कवर हो पाते
हैं। तो आज से ये चीजें मैं ऑलरेडी आप लोगों के लिए पहले से लिख दूंगा। फिर इसको हम डायरेक्टली क्लास में समझ लेंगे। लिखने
का समय हम क्लास में नहीं लेंगे। सिर्फ इनको समझेंगे और इनके बेसिस पर फटाफट से जितने मैक्सिमम एमसीक्यूस हमसे हो सकते
हैं वो हम सॉल्व करेंगे। तो साथियों बात आती है यहां पर ट्रांजैक्शंस की रिकॉर्डिंग की। बिजनेस में जो भी लेनदेन
हो रहे हैं उनको भाई साहब क्या करना है? रिकॉर्ड करना है। ओके। अब रिकॉर्डिंग की जहां तक बात है एक सेकंड।
हां सर। रिकॉर्डिंग की जहां तक बात है ट्रांजैक्शंस को रिकॉर्ड साथियों एक स्मॉल
बिजनेस भी करता है और लार्ज स्केल बिनेस अगर कोई कर रहा है तो वो भी ट्रांजैक्शंस को क्या करता है रिकॉर्ड करता है अब बड़ी
सिंपल सी बात है बड़ी कॉमन सेंस सी बात है अगर स्मॉल बिजनेस है छोटा बिजनेस है तो ट्रांजैक्शंस का नंबर भी कम होगा एक छोटे
बिजनेस के अंदर कम ट्रांजैक्शंस होते हैं और अगर साल भर में कम ट्रांजैक्शंस होते हैं तो उन ट्रांजैक्शंस के लिए सिर्फ एक
ही रजिस्टर भी अगर मेंटेन करें तो भी चल जाएगा। तो उस केस में अगर आपका स्मॉल बिजनेस है तो सारे ट्रांजैक्शंस क्या किए
जा सकते हैं? एक ही बुक के अंदर एक ही रजिस्टर के अंदर लिखे जा सकते हैं। और उसको हम बड़े प्यार से कहते हैं जर्नल
बुक। और साथियों जब जर्नल बुक की बात आती है तो उसी जर्नल बुक के अंदर साल भर के सारे ट्रांजैक्शंस की रिकॉर्डिंग कैसे
होती है साथियों? जर्नल एंट्रीज करके क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में जैसे-जैसे ट्रांजैक्शन होता है, एक के बाद एक उसकी
जर्नल एंट्रीज इस रजिस्टर के अंदर रिकॉर्ड कर दी जाती है। एक ही बुक में सारे ट्रांजैक्शंस। बट जब बात आती है साथियों
लार्ज बिजनेस की जिसमें न्यूमरस ट्रांजैक्शंस होते हैं। ज्यादा ट्रांजैक्शंस होते हैं। बहुत ज्यादा
ट्रांजैक्शंस होते हैं साथियों। तो उस केस में एक रजिस्टर में सारे ट्रांजैक्शंस मेंटेन करना बेवकूफी है। तो उस केस में
सब्सिडरी बुक्स का सीन हमारे सामने आता है। एक लार्ज स्केल बिजनेस को मेंटेन करनी चाहिए सब्सिडरी बुक्स। अब सब्सिडरी बुक्स
कोई एक बहुत अलग से कोई बहुत बड़ा कांसेप्ट नहीं है। उसमें हमने क्या किया? जो हमारा एक रजिस्टर था जो जनरल बुक थी
हमारी उसको हमने डिफरेंट अलग-अलग टाइप्स या डिफरेंट अलग-अलग कैटेगरीज में डिवाइड कर दिया। कैसे डिवाइड कर दिया? ऑन द नेचर
ऑफ ट्रांजैक्शन। कि इस टाइप का अगर ट्रांजैक्शन होगा तो इस बुक में लिख दूंगा। इस टाइप का होगा तो इस बुक में लिख
दूंगा। इस टाइप का होगा तो इस बुक में लिख दूंगा। यही स्मॉल बिनेस क्या करता है? सारे ट्रांजैक्शंस एक ही बुक में रिकॉर्ड
कर देता है जनरल बुक में। बट लार्ज स्केल बिज़नेस को सब्सिडरी बुक्स फॉलो करनी पड़ती है ताकि वह हर पर्टिकुलर टाइप का जो
ट्रांजैक्शन है उसको अलग बुक में रिकॉर्ड कर सके। तो साथियों कुछ भी नहीं है। सब्सिडरी बुक्स का मतलब सिंपल सा हमने
क्या कर दिया? जर्नल बुक को डिवाइड कर दिया। किसके अकॉर्डिंग? ट्रांजैक्शंस के नेचर के अकॉर्डिंग। ओके? सब्सिडरी बुक्स
के अंदर एक बुक नहीं बल्कि छह बुक्स बनाई जाती है अलग-अलग ट्रांजैक्शंस को रिकॉर्ड करने के लिए। वो छह अलग-अलग बुक्स कौन सी
है साथियों? पहली है आपकी कैश बुक। दूसरी है आपकी परचेजेस बुक। तीसरी है आपकी सेल्स बुक। चौथी बनाई जाती है परचेजेस रिटर्न
बुक। पांचवी बनाई जाती है सेल्स रिटर्न बुक। और लास्ट बनाया जाता है जर्नल प्रॉपर्टी। अब किस में क्या रिकॉर्ड होता
है? फटाफट से देखिए साथियों। जब बात आती है कैश बुक की तो कैश बुक के अंदर सारे के सारे कैश और बैंक से रिलेटेड ट्रांजैक्शंस
को रिकॉर्ड किया जाता है। मतलब जब कैश आया या फिर आपके बैंक खाते में पैसा आया या फिर जब कैश गया या आपने किसी को बैंक के
थ्रू पेमेंट किया तो उसको कैश बुक में इन ट्रांजैक्शंस को कैश बुक में रिकॉर्ड किया जाता है। तो ये एक पर्टिकुलर कैटेगरी हो
गई कि कैश और बैंक के जो ट्रांजैक्शंस हैं वो इसमें लिखे जाएंगे भाई साहब। दूसरी आ रही है आपके सामने बड़े प्यार से। परचेजेस
बुक। इसमें एंट्री कब होती है साथियों? इसमें रिकॉर्डिंग कब होती है? जब गुड्स खरीदे जाते हैं वो भी किस पर? उधार पर।
जब गुड्स खरीदे गए उधार पर, तो परचेजेस बुक में एंट्री होती है। और यही अगर मैं आपसे कह दूं, अगर मैं आपसे पूछ लूं, अगर
गुड्स कैश में खरीदे हैं तो? अरे भाई साहब, उसमें तो आप कैश का पेमेंट करोगे और जैसे ही कैश का पेमेंट हुआ, वो रिकॉर्ड
होगा कैश बुक में। तीसरी आपकी सेल्स बुक। सेल्स बुक में एंट्री कब होती है साथियों? अगर हमने गुड्स बेचे हैं उधार पर। उधार पर
बेचे हैं वो भी क्या? गुड्स। अगर कैश पे बेचे हैं तो कैश आएगा। कैश बुक में जाएगा वो चीज। चलिए चौथी परचेजेस रिटर्न बुक। ये
किस कौन से ट्रांजैक्शंस के लिए बनती है? जब आपने उधार पर खरीदे हुए गुड्स को वापस रिटर्न कर दिया अपने सप्लायर को। वह
ट्रांजैक्शन इसमें रिकॉर्ड होता है। साथियों सेल्स रिटर्न बुक इसमें कौन सी रिकॉर्डिंग होती है? जब
आपके कस्टमर ने आपको गुड्स वापस भेज दिए और वो गुड्स आपने उसको बेचे थे उधार पे। वो गुड्स अगर आपका कस्टमर आपको वापस
रिटर्न कर देता है तो उसको आप रिकॉर्ड करते हैं सेल्स रिटर्न बुक में। और एक आखरी सब्सिडरी बुक हमारे सामने आती है
साथियों जिसे बड़े प्यार से हम लोग कहते हैं जर्नल प्रॉपर। आखरी साथियों जर्नल प्रॉपर एक ऐसी बुक है जो एक तरह से ये समझ
लो डस्टबिन है। जो ट्रांजैक्शन पिछली पांच बुक्स में रिकॉर्ड नहीं होंगे वो सारे के सारे इस डब्बे में डाल दिए जाएंगे। कचरा
जो भी बचा सब डस्टबिन में जर्नल प्रॉपर में। क्या लिखा हुआ है साथियों मैंने इसमें? वो सारे ट्रांजैक्शंस आते हैं जो
पिछली पांच सब्सिडरी बुक्स में रिकॉर्ड नहीं होते। अब ऐसे कौन-कौन से ट्रांजैक्शंस हैं जो पिछली पांच बुक्स जो
हमने डिस्कस करी उनमें नहीं आते? ऐसे कौन-कौन से ट्रांजैक्शंस हैं? डिटेल में समझते हैं। इस बात को डिटेल में समझते
हैं। क्योंकि डिटेल में समझते हैं। तभी तो जाकर हम लोग एमसीक्यू सॉल्व करवा कर पाते हैं। और हम डिटेल में समझाते हैं। इसीलिए
तो बार-बार कहते हैं पढ़ लो चाहे कहीं से सिलेक्शन होगा यहीं से। तो साथियों जब बात आती है जर्नल प्रॉपर की जिसमें बचे कुचे
ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं। कौन-कौन से साथियों? पहला ओपनिंग एंट्री। साल की पहली तारीख को जब हम पिछले साल के एसेट्स,
लायबिलिटीज और कैपिटल के बैलेंस को ब्रॉट डाउन करते हैं, उसके लिए जो एंट्री हम लोग पास करते हैं वो है ओपनिंग एंट्री। तो वो
जर्नल प्रॉपर में होती है साथियों। दूसरा क्लोजिंग एंट्रीज आपकी। साल के एंड में जितने भी एक्सपेंसेस और इनकम के अकाउंट
होते हैं उनको जब आप क्लोज करते हो ट्रेडिंग और पीएंडएल अकाउंट में ट्रांसफर करके वो सारी एंट्रीज भी आपकी जर्नल
प्रॉपर में होती है। तीसरा कोई एरर अगर अकाउंटेंट से हुई उस एरर को रेक्टिफाई करने के लिए अगर एंट्रीज की जाती है तो वो
भी जर्नल प्रॉपर में होती है। चौथा किसी अकाउंट से किसी दूसरे अकाउंट में कोई अमाउंट ट्रांसफर करना है तो ट्रांसफर
एंट्रीज वो भी जर्नल प्रॉपर में होती है। फिर बात आती है साथियों एडजस्टमेंट एंट्रीज की। एडजस्टमेंट एंट्रीज जैसे कि
आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस को रिकॉर्ड करना। प्रीपेड एक्सपेंसेस को रिकॉर्ड करने की एंट्री। एक्रूड इनकम को रिकॉर्ड करने की
एंट्री। कोई इनकम अगर आपको एडवांस में मिल गई है उसको रिकॉर्ड करने की एंट्री। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल की एंट्री,
डेप्रिसिएशन की एंट्री। ये सारी एडजस्टमेंट एंट्रीज होती है। ये एडजस्टमेंट एंट्रीज भी जर्नल प्रॉपर में
होती है। और एक लास्ट कुछ और भी एंट्रीज हैं। वो भी जर्नल प्रॉपर में होती है। कौन-कौन सी? जैसे उधार पर आपने कोई मशीन
खरीदी। उधार पर फर्नीचर खरीदा। कुल मिला के अगर आपने उधार पर कोई एसेट खरीदी है तो वो भी जर्नल प्रॉपर में रिकॉर्डिंग होगी।
फिर अगर आपने अपने किसी कस्टमर को डिस्काउंट अलाउ किया है वह भी कैश डिस्काउंट तो वह डिस्काउंट भी आपका जनरल
प्रॉपर में रिकॉर्ड होगा। आपको डिस्काउंट मिला अपने सप्लायर से वो भी जर्नल प्रॉपर में रिकॉर्ड होगा। आपने किसी को रिबेट
अलाउ किया या आपको किसी ने रिबेट अलाउ करी वो भी इसी में रिकॉर्ड होगा। बैड डे्स की एंट्री डूबत खाता लॉस बाय फायर लॉस बाय
थेफ्ट। या फिर कैपिटल ब्रॉट इन काइंड बाय द प्रोपराइटर। बिजनेस का जो ओनर है वो कैपिटल एसेट के रूप में ले आया। तो ये
सारी एंट्रीज जो है जिसके बारे में डिटेल में अभी मैंने आपसे बात करी ये सारी एंट्रीज साथियों की जाती है जर्नल प्रॉपर
में। तो आपको एक शानदार सा चार्ट मेरे हिसाब से समझ में आ गया होगा कि जब बड़े बिजनेस की बात आती है जिसमें ट्रांजैक्शंस
बहुत ज्यादा होते हैं तो एक ही बुक के अंदर रिकॉर्ड करना बेवकूफी है। तो उस केस में छह बुक्स बना दी जाती है और अलग-अलग
ट्रांजैक्शंस के टाइप के हिसाब से उनकी रिकॉर्डिंग अलग-अलग बुक्स में होती है। कितनी होती है मैंने आपको बता दिया। किस
में कौन सा ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड होता है मैंने आपको बता दिया। लास्ट है कचरा। डस्टबिन है जर्नल प्रॉपर जिसमें इन पांच
में जो आइटम्स नहीं आते इन पांच में जो ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड नहीं होते वो इसमें होते हैं और डिटेल में मैंने आपको बता
दिया कौन-कौन से ये आपके सामने ओके परफेक्ट सब्सिडरी बुक्स क्या होती है कौन बनाता है और इसमें कौन-कौन सी बुक्स
बनाई जाती है 100% क्लियर हो गया क्या एक बार मैं आपका कमेंट चेक कर लेता हूं जल्दी से मुझे बताइए जल्दी से जल्दी से
मनोज जी बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत धन्यवाद
तारा प्रकाश जी वेरी गुड वेरी गुड चलिए बहुत बढ़िया परफेक्ट चलिए अब बात करते हैं पहले
एमसीक्यू की क्या पूछना चाह रहे हैं। भाई साहब पहले एमसीक्यू पे आए। ओके। पहला एमसीक्यू
कह रहा है कि जब कैश बुक बनती है सब्सिडरी बुक्स की सबसे पहली बुक कैश बुक के बारे में पूछ रहा है। तो कैश बुक में कौन से
ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं? मैंने अभी आपको क्या बताया? कैश बुक के अंदर कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं? कैश का
आना और कैश का जाना। डबल कॉलम कैश बुक की बात करें तो उसमें बैंक का कॉलम भी जुड़ जाता है कि बैंक अकाउंट में पैसा आया या
बैंक अकाउंट से हमने किसी को पेमेंट किया तो वो भी वो भी इसी में रिकॉर्ड होता है। अब देखते हैं कैश बुक से रिलेटेड कौन सा
ऑप्शन हमें चुनना पड़ेगा। सबसे पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? कैश बुक के अंदर कैश रिसीप्ट्स मतलब कैश का आना
बिल्कुल रिकॉर्ड होता है। एंड पेमेंट्स बिल्कुल कैश का जाना। बिल्कुल बिल्कुल यह भी रिकॉर्ड होता है। तो देखते हैं वैसे यह
ऑप्शन सही हो सकता है पर फिर भी देखते हैं। ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है? कैश बिल्कुल एंड क्रेडिट सेल्स ऑफ गुड्स। यहां
गड़बड़ी हो गई साथियों। क्रेडिट सेल्स ऑफ गुड्स जो है वो कैश बुक में रिकॉर्ड नहीं होते बल्कि किस में
रिकॉर्ड होते हैं? सेल्स बुक में। इस वजह से हमारा सेकंड ऑप्शन गलत हो गया। सेकंड थर्ड ऑप्शन क्या कह रहा है? कैश चलो ठीक
है ये तो बात सही है एंड क्रेडिट परचेजेस फिर से गलत हो गया फिर से गलत हो गया कैसे गलत हो गया क्रेडिट परचेजेस साथियों अभी
बताया मैंने किस में रिकॉर्ड होता है परचेजेस बुक में तो यहां पर हमको जो सही आंसर देखने को मिल
गया दो सेकंड में आपको आंसर नजर आ गया होगा मैंने अभी आपको बताया कि कैश बुक के अंदर कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते
हैं। सो पहला ऑप्शन बिल्कुल सटीक कैश का आना भी रिकॉर्ड होता है कैश बुक में और कैश का जाना भी आना जाना आना जाना दोनों
रिकॉर्ड होते हैं। परफेक्ट एमसीक्यू नंबर टू पे चलें साथियों। एमसीक्यू नंबर टू हमसे क्या पूछना चाह रहा
है? कैश बुक इज एन एग्जांपल ऑफ ओके भाई साहब। ऑप्शन नंबर ए जनरल जर्नल। साथियों यह जो टर्म है जनरल जर्नल यह यूज की जाती
है जर्नल बुक के लिए। याद है? जर्नल बुक कौन मेंटेन करता है? जल्दी बताओ। स्मॉल बिजनेस।
और एक स्मॉल बिनेस क्या करता है? अपने सारे ट्रांजैक्शंस एक ही बुक में रिकॉर्ड करता है। किस फॉर्म में? जर्नल एंट्रीज के
फॉर्म में। तो उस केस में तो कैश बुक बनती ही नहीं है। उसमें तो एक ही बनती है। जर्नल बुक। यस। देखो यह देखो इधर।
रिकॉर्डिंग ऑफ ट्रांजैक्शंस। छोटा बिजनेस है तो जनरल बुक में करेगा सारे ट्रांजैक्शंस। और बड़ा बिजनेस है तो क्या
बनाएगा? सब्सिडरी बुक्स। और कैश बुक किसका पार्ट है? अभी थोड़ी देर पहले मैंने बताया कैश कैश बुक किसका पार्ट है? सब्सिडरी
बुक्स का। तो क्या हमारा ऑप्शन नंबर ए सही हो सकता है? क्या कैश बुक जो है वो जर्नल बुक का
पार्ट है? बिल्कुल भी नहीं। जर्नल बुक तो अपने आप में एक बुक है जो सारे ट्रांजैक्शंस को अपने अंदर समा लेती है।
तो जब जर्नल बुक बनती है तो कैश बुक तो बनती ही नहीं है भाई साहब। तो पहला ऑप्शन तो हमारा यहां पर सटीक नहीं बैठता। दूसरी
टर्म साथियों हमारे सामने स्पेशल जर्नल। साथियों स्पेशल जर्नल जो टर्म है ना ये यूज की जाती है सब्सिडरी बुक्स के लिए। और
सब्सिडरी बुक्स को स्पेशल परपस बुक्स भी कहा जाता है साथियों। और अभी हम लोगों ने सीखा कि कैश बुक जो है
वो सब्सिडरी बुक्स का ही एक पार्ट है। तो यहां पर बिल्कुल सटीक फॉर्म में बिल्कुल सटीक आंसर जो हमको देखने को मिला वो मिला
ऑप्शन नंबर बी क्योंकि कैश बुक सब्सिडरी बुक्स का ही पार्ट है। ऑप्शन नंबर सी पागल हो चुका है। जो यह कहना चाहता है बोथ ए
एंड बी अरे नहीं कैश बुक दोनों का पार्ट नहीं है। कैश बुक सिर्फ सब्सिडरी बुक्स का पार्ट है और नन
ऑफ दी भाई साहब आपको हम नहीं चुनेंगे क्योंकि हमें सही आंसर मिल चुका है। वी आर वेरी वेरी सॉरी। चलिए
हां जी। एक और बात बता देता हूं बीच में। अगर आप लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। अगर आप लोगों ने
अधूरे कंटेंट वाली बुक ले ली। पुराने सिलेबस वाली कोई बुक इधर-उधर से जुगाड़ ली। कम एमसीक्यूस की प्रैक्टिस करी रह
जाओगे सिलेक्शन नहीं होगा रह जाओगे सिलेक्शन नहीं होगा नन ऑफ दीज़ वाली कैटेगरी में चले जाओगे आपको कोई सिलेक्ट
ही नहीं करेगा क्योंकि आपकी भरपूर तैयारी ही नहीं होगी अगर आपने इधर-उधर से जुगाड़ करके पढ़ाई कर ली। पढ़ाई में जुगाड़ नहीं
चलता। पढ़ाई में सही निर्णय चलता है और सही निर्णय यह है कि आपको आरपीएससी अड्डा की बुक से तैयारी करनी पड़ेगी। चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं। साथियों आप लोग देख पा रहे हैं। नोट्स मैंने आप लोगों के लिए ऑलरेडी लिख दिए जो मैं अब तक
क्लास में लिखा करता था। जिससे समय ज्यादा लगता था। समय ज्यादा लगने की वजह से एमसीक्यूस की मात्रा कम हो जाती थी। अब
एमसीक्यूस की मात्रा बढ़ जाएगी। क्योंकि मैं आप लोगों के लिए क्लास से पहले ये मेहनत ऑलरेडी करके रखूंगा। नोट्स ऑलरेडी
लिख के रखूंगा ताकि क्लास में लिखने का टाइम हमारा वेस्ट ना हो। हम ज्यादा से ज्यादा एमसीक्यूस सॉल्व कर पाएं। अगर ये
तरीका अच्छा लगा तो कमेंट सेक्शन में भरमार होनी चाहिए। सर मजा आ गया। यही तरीका, यही स्पीड अब हमें स्पीड से कोई
दिक्कत नहीं है। आप हमारा कमेंट पढ़ते हो। बिल्कुल सॉल्यूशन लेकर आते हो। कमेंट सेक्शन में तारीफ की भरपूर जो है मुझे
मात्रा दिखनी चाहिए। झूठी नहीं सच्ची। एमसीक्यू नंबर थ्री कैश बुक इज ओ हो कुछ ऑप्शंस हमारे सामने ऑप्शन ए क्या कैश बुक
एक सब्सिडरी बुक है बिल्कुल है सर बिल्कुल है बिल्कुल है ऑप्शन ए कंसीडर कर सकते हैं पर सारे ऑप्शंस पढ़ने के बाद ऑप्शन नंबर
बी क्या कह रहा है कैश बुक इज अ प्रिंसिपल बुक अब सब्सिडरी बुक क्या होती है प्रिंसिपल बुक क्या होती है? देखो आपके
सामने सब्सिडरी बुक साथियों सब्सिडरी बुक वो बुक होती है जिसके अंदर अलग-अलग ट्रांजैक्शंस के लिए हम लोग अलग-अलग बुक्स
मेंटेन करते हैं। तो सब्सिडरी बुक्स के अंदर ट्रांजैक्शंस को सबसे पहले रिकॉर्ड किया जाता है। मतलब सबसे पहली एंट्री जो
होती है वो सब्सिडरी बुक्स में ही होती है। इसलिए इसको बुक ऑफ ओरिजिनल एंट्री भी कहा जाता है। क्या लिखा हुआ है साथियों?
सब्सिडरी बुक क्या होती है? जिसमें ट्रांजैक्शंस सबसे पहले रिकॉर्ड होते हैं। और कैश बुक
में कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं? कैश और बैंक से रिलेटेड जितने भी ट्रांजैक्शंस होते हैं वो कैश बुक में
रिकॉर्ड होते हैं। ओके? अब ये प्रिंसिपल बुक किसे कहा जाता है? साथियों प्रिंसिपल बुक कहा जाता है लेजर को। और लेजर क्या
होता है साथियों? जिसमें हम सारे अलग-अलग अकाउंट्स की टेबल बनाते हैं जिसमें हम सेपरेट अकाउंट्स बनाते हैं जिसमें सेपरेट
अकाउंट्स बनते हैं। और सुनो जब कैश बुक बनती है तो सबसे बड़ा फायदा ये है कि वो कैश बुक अपने आप में
बुक ऑफ ओरिजिनल एंट्री भी है। मतलब वही अपने आप में फर्स्ट एंट्री भी है। ओरिजिनल एंट्री भी है। और वही अपने आप में कैश
अकाउंट भी है। वही अपने आप में बैंक अकाउंट भी है। अरे सर आपके कहने का मतलब ये है अगर कैश बुक बना दी तो लेजर में कैश
अकाउंट और बैंक अकाउंट नहीं बनता। बिल्कुल नहीं बनता। यही अपने आप में जर्नल भी है। यही अपने आप
में लेजर भी है। देखो जब कैश बुक बनती है तो वो अपने आप में कैश और बैंक अकाउंट का काम भी करती है। जब कैश बुक बन गई तो लेजर
में कैश अकाउंट और बैंक अकाउंट नहीं बनता। तो ये अपने आप में जर्नल भी है। यह अपने आप में लेजर भी है। हम लेजर किसको कहते
हैं? प्रिंसिपल बुक को। और बुक ऑफ ओरिजिनल और एंट्री कौन सी है? सब्सिडरी बुक। इसका मतलब कैश बुक सब्सिडरी
बुक के अंदर पार्ट भी है और कैश बुक अपने आप में लेजर भी है। मतलब कैश बुक सब्सिडरी बुक भी है और प्रिंसिपल बुक भी है।
प्रिंसिपल बुक क्यों है? मैंने अभी आपको समझा दिया। क्या ऐसा कोई ऑप्शन है जो हमें ये कह दे, ये कह दे कि मैं तो सब्सिडरी
बुक भी हूं। मैं तो प्रिंसिपल बुक भी हूं। मुझे तो दिख रहा है ऑप्शन नंबर सी इस क्वेश्चन का बिल्कुल सही आंसर।
कैश बुक मैं कैश बुक हूं। मैं सब्सिडरी बुक भी हूं। मैं प्रिंसिपल बुक भी हूं। मैं तो हीरो हूं। क्योंकि मैं जर्नल भी
हूं। मैं ही लेजर हूं। मैं ही जर्नल, मैं ही लेजर। परफेक्ट। आगे बढ़ते हैं। आगे बढ़ना जरूरी है। आगे
बढ़ेंगे तभी सिलेक्शन होगा। ज्यादा से ज्यादा एमसीक्यूस करेंगे तभी सिलेक्शन होगा। पढ़ लो चाहे कहीं से सिलेक्शन होगा
यहीं से। एमसीक्यू फोर देखिए साथियों। इफ राम हैज़ सोल्ड गुड्स फॉर कैश टू परम। गुड्स बेचे गए हैं। किस पर बेचे गए हैं?
कैश पे। कैश का ट्रांजैक्शन तुरंत दिमाग में आ गया होगा। कैश बुक में रिकॉर्ड होगा। ठीक है? ये क्या बोल रहा है? द
एंट्री विल बी रिकॉर्डेड इन। कुछ ऑप्शंस आपके सामने हैं। ऑप्शन नंबर ए कैश बुक। कैश बुक के अंदर क्या रिकॉर्ड होता है
साथियों? पैसों का आना और जाना। क्या यहां पर पैसा आ रहा है जा रहा है? बिल्कुल बिल्कुल। गुड्स बेचे वो भी किस पे? बोलो।
कैश में बेचे? कैश आएगा नहीं आएगा? कैश आएगा? पैसा आएगा। पैसा आता है किसमें रिकॉर्ड करते हैं? कैश बुक में। पहला ही
ऑप्शन हमें सही आंसर के रूप में देखने को मिल गया। अब दूसरे ऑप्शंस गलत क्यों है? भी चेक कर लेते हैं फटाफट। दूसरा ऑप्शन
क्या दिख रहा है कि क्या ये ट्रांजैक्शन सेल्स बुक में रिकॉर्ड होगा? अरे भोंदू सेल्स बुक में कैसे रिकॉर्ड होगा? सेल्स
बुक में कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं? जब हमने गुड्स बेचे हो उधार पे या उधार पर गुड्स बिके हैं क्या? बिल्कुल
नहीं बिके। तो सेकंड ऑप्शन हो नहीं सकता। थर्ड ऑप्शन जनरल प्रॉपर। जनरल प्रॉपर में कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं? जो
कैश बुक में नहीं आते, जो सेल्स बुक में नहीं आते, जो परचेस रिटर्न बुक में नहीं आते, जो सेल्स रिटर्न बुक में नहीं आते।
अरे भाई ये ट्रांजैक्शन तो हमारा कैश बुक में आ गया। तो ये जनरल प्रॉपर में रिकॉर्ड नहीं होगा। ये लो चल जर्नल प्रॉपर निकल
यहां से। ऑप्शन नंबर डी क्या कह रहा है? क्या ये ट्रांजैक्शन पेटी कैश बुक में रिकॉर्ड होगा? अरे पेटी कैश बुक क्या होती
है? क्या होती है पेटी कैश बुक? अरे साथियों पेटी कैश बुक छुटपुट छुटपुट यह वो बुक
होती है साथियों जो एक पेटी कैशियर बनाता है और उसमें छोटे-छोटे छोटे-छोटे नन्हे मुन्ने नन्हे मुन्ने बिजनेस के खर्चे जो
हैं छोटे-छोटे कैश में होने वाले जो खर्चे हैं वो उसमें रिकॉर्ड किए जाते हैं। पर जब गुड्स बेचे जाते हैं उसमें बड़ा अमाउंट
इनवॉल्व होता है। इसलिए उसको मेन वाली कैश बुक में रिकॉर्ड किया जाता है। तो पेटी कैश बुक भी हमारा यहां पर गलत आंसर होगा।
तो इस क्वेश्चन का सटीक आंसर ऑप्शन नंबर ए कि ये ट्रांजैक्शन कैश बुक में रिकॉर्ड होगा क्योंकि कैश आया।
ओके बात करते हैं ट्रांजैक्शन नंबर फाइव की। रवि रवि रवि ने क्या किया? रवि ने गुड्स खरीदे। ओके। किस पे खरीदे? कैश पे
खरीदे। फ्रॉम गिरीश कितने में खरीदे? ₹10,000 में। ये ट्रांजैक्शन कितने में किस में रिकॉर्ड किया जाएगा भाई साहब
गुड्स खरीदे वो भी किस पर कैश पे कैश पे खरीदे मतलब कैश पे पेमेंट कर दिया कैश से पेमेंट कर दिया मतलब कैश गया बोलो कैश गया
कैश जाता है पैसा जाता है किस में एंट्री होती है कैश बुक में बोलो पहला ही ऑप्शन दिख रहा है क्या बिल्कुल
कैश बुक में कौन से ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड होते हैं साथियों या तो पैसे आते हैं वो वाले और पैसे जाते हैं वो वाले क्या इस
ट्रांजैक्शन में पैसों का आना जाना हो रहा है बिल्कुल हो रहा है पेमेंट हो गुड्स खरीदे कैश पे कैश बुक में रिकॉर्ड होगा तो
बात नहीं करनी ऑप्शन नंबर बी कि ये ट्रांजैक्शन जो है क्या वो जर्नल बुक
में रिकॉर्ड होगा जर्नल बुक कौन सी साथियों वही जो छोटा बिज़नेस बनाता है अपनी सारी जर्नल एंट्रीज करने के लिए अरे मजाक
है क्या भाई ट्रांजैक्शंस की जो रिकॉर्डिंग है या तो आप जर्नल बुक बनाओ एक ही बुक बनाओ या फिर आप अलग-अलग बुक्स में
अलग-अलग ट्रांजैक्शंस को रिकॉर्ड करो अब कैश बुक किस में बनती है साथियों? सब्सिडरी बुक्स में। तो जब आप सब्सिडरी
बुक्स बनाओगे तो जनरल बुक क्यों बनाओगे? तो सेकंड ऑप्शन तो हमारा इसी वजह से गलत हो गया कि सब्सिडरी बुक्स बन रही है। तेरा
कोई काम ही नहीं है। चल तू छोटे बिज़नेस के पास जा। हम छोटे लेवल के आदमी नहीं है। ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है? क्या कह
रहा है? कैश बुक में भी और जर्नल बुक में भी। मजाक है क्या? दोनों तरह की बुक्स बनानी जरूरी है क्या? इतना टाइम है क्या?
और लास्ट वाला पेटी कैश बुक ऑप्शन सही हो सकता है क्या? अरे बोलो नहीं हो सकता। क्यों नहीं हो सकता? यहां पर गुड्स खरीदे
गए हैं वो भी कैश पे। ₹10,000 का अमाउंट है। और पेटी कैश बुक पे हम क्या रिकॉर्ड करते हैं? छोटेमोटे खर्चे।
50, 250, 500, ₹700 के बस। तो क्वेश्चन नंबर फाइव का आंसर भी हमें कैश बुक के रूप में देखने को मिला। ओके।
साथियों, कमेंट में मुझे पता चलना चाहिए जो तरीका आज मैं आप लोगों के लिए लेकर आया हूं। नोट्स ऑलरेडी लिख दिए हैं। सिर्फ
हाईलाइट करके समझा रहा हूं। कांसेप्ट जल्दी कवर हो रहा है। एमसीक्यू जल्दी सॉल्व हो रहा है। नंबर ऑफ़ एमसीक्यूस बढ़
जाएंगे। नोट्स आपको मिल ही रहे हैं। मजा आ रहा है क्या? जल्दी कमेंट सेक्शन में मुझे बताओ। जल्दी से जल्दी से बताओ मुझे। जल्दी
थैंक यू थैंक यू। थैंक यू। गुर्जर रूप जी थैंक यू। एमटी ड्रोस जी थैंक यू। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। क्लास में बने रहिए।
शानदार शानदार। बहुत गजब गजब। हां जी। एमसीक्यू नंबर सिक्स पे चलूं। बिल्कुल चलिए सर। मोहित पेड मोहित भाई साहब जो है
पेमेंट कर रहे हैं। ₹9800 इन सेटलमेंट ऑफ हिज अकाउंट ऑफ ₹100। हां जी। मोहित हमारा एक कस्टमर था। उसने
हमें ₹10,000 हम उससे मांगते थे। हमने सेटलमेंट में उसको बोला चल ठीक है ₹200 डिस्काउंट ₹9800 उसने हमें दिए अब डिफरेंस
कितना हुआ भाई साहब ₹200 का डिस्काउंट ₹200 का डिस्काउंट 200 अब ये जो ₹200 का डिस्काउंट है इसको किस में रिकॉर्ड किया
जाएगा कौन सी बुक में डिस्काउंट रिकॉर्ड किया जाएगा अभी मैंने आपको थोड़ी देर पहले एक चार्ट बताया था सब्सिडरी बुक्स का
चार्ट बताया था उसमें लास्ट बुक बताई थी जनरल प्रॉपर जनरल प्रॉपर के अंदर मैंने आपको मिसलेनियस एंट्रीज वाला पार्ट बताया
था जिसमें जिसमें डिस्काउंट अलाउड या डिस्काउंट रिसीव्ड दोनों में से कुछ भी हो तो वो जर्नल प्रॉपर के अंदर रिकॉर्ड होता
है। बताओ मैंने बताया था। बताया था मुझे पता है तुम क्या बताओगे? मैंने बताया था। अब देखो पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? कैश
बुक। अरे भाई साहब कैश बुक में डिस्काउंट रिकॉर्ड नहीं होता। कैश बुक में तो पैसा अगर आया है तो वो रिकॉर्ड होगा। ₹9800 जो
आए ना आपके पास ये वाले ये कैश बुक में रिकॉर्ड होंगे। ₹200 कैश बुक में रिकॉर्ड नहीं होंगे। चल कैश बुक हट यहां से। बी
ऑप्शन जर्नल प्रॉपर जनरल प्रॉपर का चार्ट बताया था नहीं बताया था लास्ट में मिसलेनियस एंट्रीज बताई थी जो जनरल प्रॉपर
में होती है डिस्काउंट वाली तो यहां पर हमारे लिए करेक्ट ऑप्शन होगा ऑप्शन नंबर बी
हां जी तीसरा ऑप्शन क्या कह रहा है बोथ कैश बुक एंड जर्नल अरे नहीं भाई साहब कैश बुक में पैसों का आना जाना रिकॉर्ड होता
है और जर्नल प्रॉपर के अंदर जरूर डिस्काउंट रिकॉर्ड होता है तो कैश बुक में तो ₹9800 रिकॉर्ड होंगे और ₹200 जो हैं वो
जनरल प्रॉपर में डिस्काउंट के रूप में रिकॉर्ड होंगे। हमसे सिर्फ डिस्काउंट की बात पूछी गई है। तो डिस्काउंट तो जनरल
प्रॉपर में रिकॉर्ड होगा। और फिर ये देखो ये छोटिया ये छोटिया पेटी कैश बुक बार-बार आ रहा है। अरे छोटि तेरे लिए हमने बात कर
ली ऑलरेडी कि तेरे अंदर छोटे-छोटे कैश के खर्चे रिकॉर्ड होते हैं। जो पे करता है पेटी कैशियर। ओके? तो
क्वेश्चन नंबर सिक्स का सही सटीक आंसर हमें देखने को मिला। ऑप्शन नंबर बी के रूप में। और आंसर कैसे निकला? मेरे चार्ट से।
मैंने जो चार्ट आपको बताया, मेरा पर्सनल खरीदा हुआ नहीं है। एकाउंटिंग के कांसेप्ट्स हैं जो मैं आपको यहां पर समझा
सकता हूं अच्छे तरीके से। अच्छा लगे तो कमेंट सेक्शन में बने रहिए। फटाफट जवाब देते रहिए। क्वेश्चंस आपके सामने शानदार
एमसीक्यू सामने जो हमारी ही बुक के हैं। और अगर आपने अभी तक बुक नहीं खरीदी है, फटाफट खरीद लीजिए। क्योंकि अगर आपने बुक
नहीं खरीदी, सिलेक्शन नहीं होगा। ऊपर एक लाइन दिख रही है। इसको पढ़ते रहिए बराबर। एमसीक्यू नंबर सेवन
डिपॉजिट ऑफ कैश इन बैंक। ओके भैया हमने कैश जमा करवाया बैंक में। वेरी गुड वेरी गुड। बहुत अच्छी बात है। अब इसको कैसे
रिकॉर्ड किया जाएगा कैश बुक में? साथियों मैंने आपके सामने एक छोटी सी कैश बुक बनाई। हालांकि देखो मैंने आप लोगों के लिए
जो ऑफिशियल कैश बुक होती है वो भी बनाई। ऐसा नहीं है। हां, यह देखो। दिखी प्यारीप्यारी
कैश बुक डबल कॉलम। ये आपकी डेबिट साइड साथियों। ये आपकी राइट साइड क्रेडिट साइड। लेफ्ट साइड
साथियों क्या रिकॉर्ड करते हैं हम लोग? पैसों का आना। चाहे वो कैश आए, चाहे बैंक अकाउंट में पैसा आए। तो लेफ्ट साइड होती
है साथियों रिसीप्ट साइड। और राइट साइड साथियों हम सारे पेमेंट्स रिकॉर्ड करते हैं। चाहे वो पेमेंट कैश से हुआ हो, चाहे
वो पेमेंट हमने किसी को चेक से या बैंक ट्रांसफर के रूप में किया हो। अब देखते हैं कि वो ट्रांजैक्शन क्या है? वो
क्वेश्चन हमसे क्या पूछना चाहता है? आजा भाई आजा। क्वेश्चन नंबर सेवन। हम तुझसे बढ़ने के लिए तैयार हैं। एमसीक्यू
नंबर सेवन। भैया कैश डिपॉजिट करवाया बैंक में तो उसको कैश बुक में कैसे रिकॉर्ड किया जाता है? ये देखो साथियों साथियों ये
रही प्यारी सी कैश बुक मैंने शॉर्ट फॉर्म में आप लोगों के लिए बना दी। कैश बुक में हम डेबिट साइड एंट्री कब करते हैं? जब
पैसा आता है। कैश बुक में हम क्रेडिट साइड एंट्री कब करते हैं? जब पैसा जाता है। अब जरा सोचो आपने कैश को बैंक में जमा करवा
दिया तो आपका बैंक बैलेंस बढ़ेगा। मतलब बैंक में पैसा आया और कैश आपके पास से गया तो कैश आपका कम हो जाएगा। तो बड़ी सिंपल
सी बात है। अगर बैंक बैलेंस बढ़ेगा तो आप उसको डेबिट साइड रिकॉर्ड करोगे कैश बुक में और आपका कैश का बैलेंस कम हो जाएगा तो
आप उसको कैश बुक में क्रेडिट साइड रिकॉर्ड करोगे। बड़ी सिंपल सी बात है। अब क्या ऐसा कोई ऑप्शन है क्या हमारे सामने? चलो देखते
हैं। ऑप्शन नंबर ए क्या कह रहा है? कि बैंक के कॉलम में डेबिट साइड एंट्री होगी और कैश के कॉलम में क्रेडिट साइड एंट्री
होगी। देखो बैंक में पैसा बढ़ेगा तो बैंक में डेबिट साइड एंट्री होगी। कैश कम हो जाएगा आपका
तो कैश में क्रेडिट कॉलम में एंट्री होगी। और यही बात बड़े प्यार से ऑप्शन नंबर ए कवर करता हुआ।
मजा आ गया। पहला ही ऑप्शन हमें हमारे आंसर के रूप में मिल गया। दूसरे ऑप्शंस गलत क्यों हैं? फटाफट से देखो। ऑप्शन नंबर बी
क्या कह रहा है कि इस केस में कैश कॉलम तो डेबिट होगा और बैंक कॉलम जो है वह क्रेडिट होगा। अरे
भाई साहब यह तो उल्टी बात हो गई। ये बात कह कह रहा है ये जो ऑप्शन है ये कह रहा है कि कैश को डेबिट कर दो और बैंक को क्रेडिट
कर दो। अरे भाई साहब ये एंट्री तो किस केस में होती है? जब बैंक से पैसा विथड्रॉ किया हो। जब बैंक से कैश विथड्रॉ किया हो
तो बैंक में पैसा हो जाएगा कम और हमारे पास कैश बढ़ जाएगा। तो उस केस में तो कैश अगर बढ़ेगा तो वो डेबिट कॉलम में रिकॉर्ड
होगा और बैंक के क्रेडिट में। पर यहां पर कैश डिपॉजिट किया जा रहा है। तो ऑप्शन नंबर बी गलत है। क्योंकि ऑप्शन नंबर बी
सही तब होता जब विथड्रॉल की बात होती। ऑप्शन सी क्या कह रहा है? डेबिट ऑफ कैश कॉलम एंड आल्सो क्रेडिट ऑफ कैश कॉलम। अरे
भाई ऐसा ट्रांजैक्शन तो मैंने नहीं देखा कि एक ही ट्रांजैक्शन में पैसा आ रहा है, जा रहा है। व्हाट इज दिस? इंपॉसिबल।
ऑप्शन नंबर डी क्या कह रहा है? डेबिट ऑफ बैंक कॉलम एंड आल्सो क्रेडिट ऑफ बैंक कॉलम। अरे भाई साहब जो कैश डिपॉजिट करवाया
था वो कहां है? कैश को भी तो इज्जत दो। इधर भी बैंक में, डेबिट में भी बैंक में, क्रेडिट में भी बैंक में। तो कैश कहां
गया? अरे मिस्टर इंडिया हो गया। जादू है क्या? नहीं। ज्यादा से ज्यादा अगर तुमको सीखना ही है कि दोनों तरफ बैंक कॉलम में
एंट्री कब होगी? तो उस केस में भाई साहब अगर आपके दो बैंक में अलग-अलग अकाउंट है। एक SBI में है और एक आपका मान लो HDFC में
है। तो एक बैंक अकाउंट से जब दूसरे बैंक अकाउंट में अमाउंट ट्रांसफर होगा तो उस केस में ये एंट्री पॉसिबल है। बाकी पॉसिबल
नहीं है। तो भाई साहब एमसीक्यू नंबर सेवन का सटीक उत्तर क्या देखने को मिला? ऑप्शन नंबर ए। शानदार। जल्दी से कमेंट सेक्शन
में बताइए। नोट्स आप लोगों के लिए ऑलरेडी लिख के लेके आ गया हूं। क्लास में नहीं लिख रहा हूं। समय बच रहा है। एमसीक्यूस
जल्दी हो रहे हैं। एमसीक्यू नंबर एट एट एट ओ हो आ गया। आ गया। देखो देखो वो आ गया। विथड्रॉल ऑफ
कैश फ्रॉम बैंक। अभी बताया मैंने। ये रहा। देखो एमसीक्यू सेवन का सेकंड ऑप्शन एक्सप्लेन किया था मैंने। हां। अब हमने
क्या किया है? बैंक से कैश विथड्रॉ किया। ओके। ये देखो आपके सामने प्यारी-प्यारी कैश बुक। यह डेबिट साइड, यह क्रेडिट साइड।
डेबिट साइड कौन सी होती है साथियों? जब हमारे पास पैसा आता है। क्रेडिट साइड कौन सी होती है साथियों? जब हम पेमेंट करते
हैं। यहां पे हमने बैंक से कैश विड्रॉ किया है तो क्या आया हमारे पास? हमारे पास कैश आया। तो कैश अगर आएगा तो कैश डेबिट
होगा। यस और नो? बैंक से पैसे कम हो गए। आपका बैंक बैलेंस कम हो गया क्योंकि निकाल लिया तो बैंक में माइनस हो गए। मतलब बैंक
आपका यहां पर आपको क्रेडिट कॉलम में अंदर आपको अमाउंट लिखना पड़ेगा। तो कुल के कुल इस ट्रांजैक्शन में आपका कैश डेबिट होगा।
कैश कॉलम में डेबिट साइड एंट्री होगी और बैंक कॉलम में क्रेडिट साइड एंट्री होगी। ऐसा कोई ऑप्शन है क्या? अरे सर ये वही
ऑप्शंस हैं जो थे एमसीक्यू नंबर सेवन में और इस क्वेश्चन को देखते हुए अब इस क्वेश्चन के हिसाब से जो सही आंसर होगा वो
होगा हमारा ऑप्शन नंबर बी। ऑप्शन नंबर ए क्यों नहीं हो सकता? क्योंकि ऑप्शन नंबर ए किस केस में होगा साथियों?
जब हम कैश डिपॉजिट करवाएं बैंक में। तो इस क्वेश्चन में ऑप्शन नंबर ए हम छोड़ना पड़ेगा। सॉरी सॉरी सी डेबिट ऑफ कैश कॉलम
एंड आल्सो क्रेडिट ऑफ कैश कॉलम। पिछले क्वेश्चन में मैं आपको एक्सप्लेन कर चुका हूं। बड़े शानदार तरीके से और लास्ट वाला
ऑप्शन भी मैं आपको पिछले वाले एमसीक्यू में एक्सप्लेन कर चुका हूं कि लास्ट वाला ऑप्शन उस केस में पॉसिबल है जब हमारे दो
अलग-अलग बैंक में अकाउंट्स हो। ओके ओके ओके ओके
ओके जी ओके ओके जी ये लो पढ़ो चलो अगला एमसीक्यू कॉन्ट्रा
एंट्रीज के बारे में कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा एंट्री का क्वेश्चन आया भैया हां
जी कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा कॉन्ट्रा गेम याद आया कॉन्ट्रा गेम खेला होगा बचपन हां कॉन्ट्रा एंट्रीज आर पास्ड ओनली व्हेन
अरे कॉन्ट्रा एंट्री क्या होती है? कॉन्ट्रा एंट्रीज क्या होती है साथियों? ये वो एंट्रीज होती है जब किसी
ट्रांजैक्शन में कैश का बैलेंस और बैंक का बैलेंस दोनों इफेक्ट हो रहा हो तो उसे हम कॉन्ट्रा एंट्री कहते हैं। सो एंट्रीज जो
कैश बैलेंस और बैंक बैलेंस दोनों को इफेक्ट करती है। एक ऐसा ट्रांजैक्शन जिसमें आपका कैश का बैलेंस भी इफेक्ट हो
रहा है और बैंक बैलेंस भी इफेक्ट हो रहा है। साथियों उसको हम बड़े प्यार से कॉन्ट्रा एंट्री कहते हैं। अब इसमें देखो
दो ट्रांजैक्शंस हैं। एक तो है कैश डिपॉजिटेड इन बैंक। ये भी दोनों पे इफेक्ट डालता है आपके कैश बैंक और कैश बैलेंस और
बैंक बैलेंस और कैश विथड्रॉन फ्रॉम बैंक फॉर ऑफिस यूज़। भाई साहब ये बहुत इंपॉर्टेंट बात है क्योंकि अगर ओनर ने
बैंक अकाउंट से पर्सनल यूज़ के लिए अगर पैसा निकाला है तो तो बैंक बैलेंस तो कम होगा पर बिजनेस के पास कैश थोड़ी बढ़ेगा। वो
कैश तो वो भाई साहब घर लेके चले गए। दुकान के गल्ले में थोड़ी रखा। घर ले चला गया तो उस केस में पर्सनल यूज़ के लिए अगर पैसा
निकाला है बैंक से तो उस केस में कॉन्ट्रा एंट्री नहीं होगी। क्यों? बिजनेस के पॉइंट ऑफ व्यू से सोचो जरा। पर्सनल काम के लिए
वो कैश निकाल लिया उसने तो बैंक बैलेंस तो कम होगा पर क्या बिजनेस के पास कैश बढ़ा क्या नहीं बढ़ा बिजनेस के पास कैश कब
बढ़ेगा जब कैश विथड्रॉ किया गया हो बैंक से ऑफिस यूज़ के लिए तो ध्यान रखना हां जी तो ये दो ट्रांजैक्शंस हैं जिस केस में
कॉन्ट्रा एंट्री होती है। अब नीचे मैंने आप लोगों के लिए एक नोट भी लिखा है कि कॉन्ट्रा एंट्रीज की लेजर में पोस्टिंग
नहीं होती है। क्यों नहीं होती है? अरे भाई साहब एक तो कैश अकाउंट इनवॉल्व होता है इसमें और दूसरा बैंक अकाउंट। और कैश
अकाउंट और बैंक अकाउंट लेजर में नहीं बनते। कैश बुक ही अपने आप में जर्नल भी है। कैश बुक ही अपने आप में लेजर भी है।
अभी एक क्वेश्चन आया था कैश बुक इज अ सब्सिडरी बुक एज वेल एज प्रिंसिपल बुक। आया था। आया था आया था। आया था। हां जी।
तो नोट क्या डाला मैंने यहां पे? इन ट्रांजैक्शंस की कॉन्ट्रा एंट्रीज की पोस्टिंग नहीं होती। और कैश बुक के अंदर
जब कॉन्ट्रा एंट्रीज की जाती है साथियों तो उसको इंडिकेट भी किया जाता है और इंडिकेट करने के लिए एलएफ वाले कॉलम के
अंदर एलएफ वाले कॉलम में लिखा जाता है सी। तो यह डिनोट करता है कि यह कॉन्ट्रा एंट्रीज है। इनकी आपको पोस्टिंग नहीं
दिखेगी। नहीं दिखेगी। नहीं दिखेगी। हां जी। एमसीक्यू पे आ जाए कासेप्ट अगर क्लियर हो गया आपका तो हां जी कॉन्ट्रा एंट्रीज
आर पास अच्छा एक आपको दिखाऊं देखो मैंने कैश बुक दिखाई थी आपको देखो सी कौन से कॉलम में लिखते हैं देखो
मैंने नीचे बनाई है आप लोगों के लिए जिसमें शो किया है ए एक सेकंड कहां हो जी
कॉन्ट्रा एंट्रीज यह रहा यह देखो यह देखो एक कैश बुक है आपकी
ये एलएफ वाला कॉलम इसके अंदर कॉन्ट्रा एंट्री जब भी होती है ना साथियों ये इस तरह से ये ऐसे इंडिकेट
कर दिया जाता है कि ये कॉन्ट्रा एंट्री है। ठीक है। ओके। हर सफल मेहनत आप लोगों के लिए आरपीएससी
अड्डा करता आया है। करता रहेगा। कमेंट सेक्शन में अगर कुछ भी इंप्रूवमेंट वाला कमेंट देखने को मिलेगा तुरंत उस पे टीम
काम करेगी। हालांकि ये वाला तो मेरे लिए था। मेरी टीम के लिए नहीं कि सर स्पीड बढ़ाइए। लो बढ़ा दी। तरीका देखो शानदार।
जल्दी कमेंट सेक्शन में बताना अगर अच्छा लगे तो। कॉन्ट्रा एंट्रीज आर पास्ड ओनली व्हेन।
पहला जब डबल कॉलम कैश बुक बनाई जाती है। ओके। डबल कॉलम कैश बुक साथियों कौन सी होती है? जिसमें कैश के और बैंक के दोनों
ट्रांजैक्शन हम लोग क्या करते हैं? रिकॉर्ड। और कॉन्ट्रा एंट्री होती ही क्या है? जो कैश को और बैंक को दोनों के
बैलेंससेस को इफेक्ट करें। और ये दोनों ही डबल कॉलम कैश बुक में बनते हैं। तो साथियों पहला ही ऑप्शन हमें हमारे आंसर के
रूप में मिल गया। मिल गया। फिर भी दूसरे ऑप्शन देखते हैं कि यह गलत क्यों है भैया। हां जी। पेटी कैश बुक इज प्रिपयर्ड। अरे
पेटी कैश बुक मैं कितनी बार बताऊं ये छोटू छोटू या छोटू बार-बार आ जाता है। अरे पेटी कैश बुक में ओनली छोटे कैश के खर्चे
रिकॉर्ड होते हैं। तीसरा जब सिंपल कैश बुक प्रिपेयर होती है तो कॉन्ट्रा एंट्री उसमें कैसे हो पाएगी?
क्योंकि सिंपल कैश बुक में सिंगल कॉलम बनता है। ओनली कैश का कॉलम और कॉन्ट्रा एंट्रीज में कैश और बैंक दोनों इफेक्ट
होते हैं। तो जब एक ही कॉलम बन रहा है कैश का तो कॉन्ट्रा एंट्री कैसे रिकॉर्ड हो सकती है उसमें? कोई चांस नहीं है। और नन
ऑफ दीज़ को हम चुनते नहीं है। नन ऑफ़ दीज़ वो बच्चे हैं जो आरपीएससी अड्डा की बुक से नहीं पढ़ते। नन ऑफ़ दीज़ वो बच्चे होंगे
जिन्होंने बिना तैयारी के एग्जाम दे दिया। रिजल्ट के दिन वो आएंगे नन ऑफ दीज़ की कैटेगरी में। आप तो सिलेक्ट किए जाओगे।
क्योंकि आरपीएससी अड्डा के प्लेटफार्म पे पढ़ रहे हो। ऊपर वाली लाइन पढ़ते रहिए। ये देखो ये लाइन। हां। चलिए
चलते हैं ऑप्शन। ऑप्शन में एमसीक्यू नंबर 10 इफ अ चेक ओके चेक की बात हो रही है। मतलब बैंक कॉलम की बात होगी। इफ अ चेक इज
रिटर्नड डिसऑनर्ड हमारे पास किसी से चेक आया था। बड़े विश्वास से हमने उससे चेक लिया। उसने भी
स्माइल से चेक दिया। हमने भी स्माइल से चेक लिया। हमें क्या पता वो धोखाधड़ी वाला इंसान निकलेगा। हमने तो खुशी-खुशी चेक ले
लिया। लाओ जी। दो जी। जैसे ही उसने चेक दिया। आपने तुरंत कैश बुक में एंट्री कर दी होगी। किस साइड करी होगी? आपने मान
लिया पैसा आ गया। तो आपने कैश बुक में किधर एंट्री की होगी? अरे सर कैश बुक में जब पैसा आता है तो डेबिट में एंट्री होती
है और चेक से पैसा आया है तो किस कॉलम में आपने एंट्री की होगी? बैंक के कॉलम में। जैसे ही उस गधे ने आपको चेक दिया आपने
बैंक में प्लस मान लिया होगा। मतलब बैंक कॉलम जो डेबिट साइड है उसमें एंट्री कर दी होगी। पर आगे जाके पता चला टन टन गोपाल
था। उसके अकाउंट में पैसे नहीं थे। हमको जैसे ही इसकी जानकारी मिली हमने जो यहां पर खुशहाली बांट रखी है हमारी कैश बुक में
उस खुशहाली को वापस रिवर्स करना पड़ेगा। रिवर्स कैसे करेंगे? जब उसका चेक बाउंस हो गया हमको उसको अपोजिट साइड लिख के उसको
रिवर्स करके उस एंट्री को कैंसिल करना पड़ेगा। शिट शिट शिट। तो जब चेक बाउंस होगा तो उसकी एंट्री कैश
बुक में क्रेडिट साइड बैंक के कॉलम में होगी। ऑप्शंस देखते हैं और सही आंसर क्या है? उसको चुनते हैं। ऑप्शन नंबर ए ऑप्शन
नंबर ए के तो झूठ पड़ने चाहिए। क्यों? बात कर रहा है कैश कॉलम की। अरे जब बात चेक की हो रही है तो कैश कॉलम में कैसे एंट्री
करेगा भाई? ऑप्शन नंबर बी फिर काट रहा हूं मैं क्योंकि मुझे कैश कॉलम दिख गया। बात कैश की हो ही नहीं रही है। ऑप्शन सी मैं
फिर भी पढ़ सकता हूं। बैंक कॉलम ऑन द क्रेडिट साइड बिल्कुल जो खुशहाली पहले मनाली थी ये वाली
उसको रिवर्स करना पड़ा। क्योंकि टनटन गोपाल था वो
और ऑप्शन नंबर डी बैंक कॉलम ऑन द डेबिट साइड। अरे ये नहीं हो सकता। कारण क्या है? ये एंट्री तो अपन ने पहले कर ली थी जब
उसने चेक दिया था। अब एंट्री करनी है चेक बाउंस होने की। उसके भागने की एंट्री करनी है। भाग गया वो। बाउंस हो गया चेक। तो
क्रेडिट में एंट्री हो गई। सही ऑप्शन मिल गया। बोलो हाथों हाथों में चल रही है खुजली। लक्ष्मी माता का आगमन हो सकता है।
कहां से होगा मुझे नहीं पता। पर खुजली हो रही है। चलिए दो मिनट पानी पी लेता हूं। [हंसी]
ओके ओके [गला साफ़ करने की आवाज़] एमसीक्यू नंबर 11 पे चलें। डबल कॉलम कैश बुक
के अंदर कौन से ट्रांजैक्शंस की रिकॉर्डिंग होती है? पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? सारे
सारे कैसे? गुड्स खरीदे उधार पर वो भी इसमें डाल दिया।
गुड्स बेचे उधार पे वो भी इसमें डाल दो। गुड्स रिटर्न आ गए मेरे पास इसमें डाल दो। गुड्स मैंने रिटर्न कर दिए इसमें डाल दो।
उधार पे कोई एसेट खरीदी इसमें डाल दो। डिस्काउंट की एंट्री इसमें डाल दो। ओपनिंग एंट्री भी कैश बुक में डाल दो। क्लोजिंग
एंट्री भी कैश बुक में डाल दो। ट्रांसफर एंट्रीज भी कैश बुक नहीं। सारे ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड नहीं होते
इसमें। हर एक पर्टिकुलर नेचर के ट्रांजैक्शन के लिए अलग-अलग सब्सिडरी बुक्स है। उसमें
जाते हैं ट्रांजैक्शन अपने नेचर के अपने हिसाब से। ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है कि डबल कॉलम
कैश बुक में कैश के और बैंक के ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं। बिल्कुल सही भाई।
ऑप्शन नंबर बी जो मेरा भाई है वो बिल्कुल सही है। क्योंकि वो बिल्कुल सही बात कह रहा है। ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है?
ओनली कैश ट्रांजैक्शंस। अरे नहीं डबल कॉलम कैश बुक में कैश और बैंक दोनों के ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं। ऑप्शन
सी आप गलत हैं। ऑप्शन डी क्या कह रहा है? ओनली क्रेडिट ट्रांजैक्शन। अरे क्रेडिट ट्रांजैक्शन तो बिल्कुल नहीं आते। कैश बुक
में। कोई चांस ही नहीं है। कैश बुक में कैश के ट्रांजैक्शन आते हैं। उधार के नहीं आते। कैश और बैंक के दोनों के आते हैं
ट्रांजैक्शंस इसमें। तो एमसीक्यू नंबर 11 का सही आंसर क्या मिला? क्या मिला? क्या मिला? बी मिला।
ओके। [नाक से की जाने वाली आवाज़] एमसीक्यू नंबर 12 दो हीरो दिख रहे हैं आपको। शानदार
अलग-अलग कलर भी किए मैंने आप लोगों के लिए। इसी तरह से क्लास को इंटरेक्टिव फॉर्म में मैं डेली आपको आरपीएससी अड्डा
के प्लेटफार्म पे पढ़ाता हूं। जो साथी पहले पहली बार आज क्लास में जुड़े हैं। मैं आशा करता हूं मजा आ रहा होगा, समझ में
आ रहा होगा और आपके कोई दोस्त, आपके कोई रिलेटिव्स भी अगर फर्स्ट ग्रेड टीचर की तैयारी कर रहे हैं कॉमर्स के अंदर तो इस
लिंक को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर देना। अकेले फायदा उठाना गलत बात। पर्सनल बेनिफिट नहीं। जो जो भी तैयारी कर रहे हैं
सबको वीडियो भेज देना। और उनको मेरी वो वाली बात भी बता देना। कौन सी वाली अगर पूरा कोर्स करना है
आरपीएससी अड्डा की एप्लीकेशन डाउनलोड करो कंप्लीट कोर्स 3499 में कवर करो और फ्री बुक साथ में पाओ और अगर कंप्लीट कंटेंट
कवर कर चुके हो एमसीक्यूस की प्रैक्टिस करनी है तो कोर्स खरीदने की क्या जरूरत है सीधी खरीदिए बुक मात्र ₹500 में आपका वो
बुक अवेलेबल हो जाएगी 3000 के लगभग एमसीक्यूस उसके अंदर है नया सिलेबस कंप्लीटली कवर्ड लाइव डाउट क्लियरिंग
सपोर्ट है और भी काफी सारे फायदे हैं। तो जो आज पहली बार क्लास में जुड़े हैं साथियों बुक का लिंक बुक का जो सेक्शन है
प्रोडक्ट सेक्शन इस वीडियो के नीचे है उसमें जाना उस बुक के फटाक से दबाना फटाक से उसको खरीद लेना टेबल पर रखना और मेरे
साथ एमसीक्यूस डेली बेसिस पे सॉल्व करना। ओके चलिए एमसीक्यू नंबर 12 जी
वि कैश बुक इज प्रिपयर्ड टू रिकॉर्ड स्मॉल अमाउंट्स। आहा आ गया आ गया। देखो देखो आ गया। स्मॉल अमाउंट्स बाय
कैशियर टू सेव टाइम ऑफ मेन कैशियर। ओ हो देखो साथियों एक बड़ा आदमी दिख रहा है आपको।
यह बड़ा आदमी है मेन कैशियर। जिसको हम साथियों चीफ कैशियर भी कह सकते हैं। यह भाई साहब बनाते हैं टू कॉलम कैश
बुक। मेन कैश बुक बनाते हैं भाई साहब। अब सर मेन कैश बुक क्या होती है? ये देखो
जिसमें बड़े कैश की रिसीट्स और बड़े अमाउंट के पेमेंट्स को रिकॉर्ड किया जाता है। मेन बिनेस के जो ट्रांजैक्शंस हैं जिसमें बड़ा
अमाउंट इनवॉल्वड है हजारों लाखों करोड़ों और जो छोटे-छोटे छुटपुट छुटपुट छुटपुट छुटपुट भाई साहब भी आपको छुटपुट छुटपुट
छोटे से दिख रहे होंगे। ये रहे ये रहे ये भाई साहब है पेटी कैशियर। पेटी कैशियर भाई साहब बनाते हैं, मेंटेन
करते हैं पेटी कैश बुक और पेटी कैश बुक में इन छोटे भाई साहब का काम है छोटे-छोटे कैश के खर्चों को रिकॉर्ड करना। तो
क्वेश्चन ने हमसे इसी के बारे में पूछा है छुटू के बारे में कि कौन सी कैश बुक ऐसी है जिससे मेन कैशियर का टाइम बचता है? मेन
कैशियर का टाइम कब बचेगा? जब छुटपुट छुटपुट खर्चे उसको रिकॉर्ड नहीं करने पड़ेंगे। छुटपुट छुटपुट खर्चे उसको कब
रिकॉर्ड नहीं करने पड़ेंगे? जब पेटी कैशियर पेटी कैश बुक मेंटेन करेगा और उसमें सारे छोटे-छोटे पेमेंट्स को रिकॉर्ड
कर देगा। तो ऐसी कौन सी बुक है जो मेन कैशियर का समय बचाती है? समय बचाती है? ऑप्शंस क्या है? थ्री कॉलम कैश बुक। अगले
जन्म में अगर आएगी तो जरूर पढ़ेंगे। क्या टू कॉलम कैश बुक के अंदर? नहीं। टू कॉलम कैश बुक तो मेन कैशियर को बनानी होती है।
यहां पर बात हो रही है स्मॉल अमाउंट्स की। तो स्मॉल अमाउंट्स के जो खर्चे होते हैं साथियों उनको पेटी कैश बुक के अंदर पेटी
कैशियर छोटू छोटू छोटू ये रहा छोटू ये रिकॉर्ड करते हैं। ठीक है? तो एमसीक्यू नंबर 12 का सही आंसर क्या देखने को मिला?
ऑप्शन नंबर सी। दिख रहा है मस्त मेन कैशियर और आपका पेटी कैशियर
बड़े मियां छोटे मियां [नाक से की जाने वाली आवाज़] चलिए
एमसीक्यू नंबर 13 क्या पूछना चाहते हैं आप हमसे? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग विल नॉट बी रिकॉर्डेड
एज़ कॉन्ट्रा एंट्री इन द टू कॉलम कैश बुक? ओके। निम्नलिखित में से कौन सी प्रविष्टि
द्विपक्षीय रोकड़ वही में कॉन्ट्रा एंट्री के रूप में दर्ज नहीं की जाएगी? नॉट बी नॉट पे गौर करना है। नॉट बी रिकॉर्डेड एस
कॉन्ट्रा एंट्री। ओके। चलिए देखते हैं ऑप्शंस। ऑप्शन नंबर ए। कैश विड्र फ्रॉम बैंक फॉर पर्सनल यूज। ओ
हो भैया मैंने अभी आपको थोड़ी देर पहले कॉन्ट्रा एंट्री पढ़ाई थी क्या? कॉन्ट्रा
एंट्री के बारे में क्या बताया था जिसमें कैश और बैंक बैलेंस बिजनेस का बिजनेस के पॉइंट ऑफ व्यू से सोचना है।
हां जी। पहले ऑप्शन में देखो कैश विड्र तो किया है ओनर ने बैंक से तो बैंक बैलेंस तो इफेक्ट
होगा बिजनेस का बैंक बैलेंस तो कम हो जाएगा पर ये पैसा उसने पर्सनल यूज़ के लिए विथड्रॉ किया है
बिजनेस के लिए यूज़ के लिए ऑफिस के यूज़ के लिए नहीं तो कैश तो बढ़ा ही नहीं बिजनेस के कैश पे तो कोई इफेक्ट आया ही नहीं अरे
बोलो बोलो तो ये ये जो पहला ही ट्रांजैक्शन ऐसा है ये कॉन्ट्रा एंट्री के रूप में रिकॉर्ड नहीं होगा
क्योंकि पहले ट्रांजैक्शन में सिर्फ बैंक बैलेंस इफेक्ट हो रहा है बिजनेस का कैश बैलेंस नहीं क्योंकि वो अपने घर लेके चला
गया। अब ऑप्शन नंबर बी देखो ऑप्शन नंबर ए हमारा बिल्कुल सही है क्योंकि क्वेश्चन हमसे यह
पूछ रहा है कि इनमें से कौन सा ट्रांजैक्शन ऐसा है जो कॉन्ट्रा एंट्री के रूप में रिकॉर्ड नहीं होगा तो नहीं नहीं
नहीं वाला तो ऑप्शन ए है। समझे आप? ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है? जब कैश विथड्रॉ किया हो बैंक से फॉर ऑफिस यूज़। तो भाई
साहब बिजनेस के नजरिए से अगर सोचोगे तो इस ट्रांजैक्शन में आपका बैंक बैलेंस भी इफेक्ट होगा। बैंक बैलेंस कम हो जाएगा।
एक मिनट इसको हटा दूं मैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हम इस ट्रांजैक्शन की वजह से क्या होगा?
ऑफिस यूज़ के लिए कैश विड्रॉ किया तो कैश बढ़ेगा और बैंक बैलेंस कम हो जाएगा। तो दोनों
इफेक्ट हो रहे हैं ना? दोनों इफेक्ट हो रहे हैं तो क्या होगी? बोलो कॉन्ट्रा एंट्री होगी नहीं होगी?
पर हमसे क्वेश्चन ने क्या बोला? किस केस में नहीं होगी? इसलिए ये ऑप्शन हम नहीं ले सकते। हालांकि ऑप्शन तो हमको मिल चुका है
फिर भी। कैश डिपॉजिटेड इस केस में भी कॉन्ट्रा एंट्री होगी साथियों। क्यों? गल्ले में से कैश कम हो जाएगा और बैंक में
जैसे ही जमा होगा आपका बैंक बैलेंस बढ़ जाएगा। इसमें भी दोनों इफेक्ट हो रहे हैं। इस केस में भी कौन सी एंट्री होगी?
कॉन्ट्रा एंट्री होगी। क्वेश्चन ने पूछा है किस केस में नहीं होगी? और बोथ ए एंड सी पॉसिबल नहीं है क्योंकि ए
सही है पर सी हमारे ऑप्शन के हिसाब से सूटेबल नहीं है। तो एमसीक्यू नंबर 13 का आंसर साथियों हमें देखने को मिला ऑप्शन
नंबर ए के रूप में। मजा आ रहा है। शानदार परफेक्ट। ओके। एमसीक्यू नंबर 14 क्या कह रहा है? वि ऑफ द
फॉलोइंग इज नॉट ट्रू? इनमें से कौन सा स्टेटमेंट सही नहीं है? अरे सिंपल सी बात है। सिंपल
पूछ लेना भाई कि इनमें से कौन सा जो स्टेटमेंट है वो फॉल्स है या इनकरेक्ट है? ऐसे ऐसे उल्टा सीधा क्या लिखते हो भाई
साहब? आरपीएससी हम अब देखो ऑप्शंस अपने सामने क्या आ रहा है।
पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? कैश बुक इज अ सब्स्टट्यूट फॉर कैश अकाउंट इन द लेजर। कि भाई साहब जब कैश बुक बनती है तो लेजर के
अंदर कैश अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। कैश बुक अपने आप में ही जर्नल भी है और लेजर भी है। तो यह ऑप्शन गलत नहीं
बल्कि बिल्कुल सही है। यह तो ट्रू है। अरे यह तो ट्रू है।
और क्वेश्चन ने हमसे फॉल्स पूछा है। कौन सा सही नहीं है? ये पूछा है। ठीक है? ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है? अ नरेशन इज
रिक्वायर्ड फॉर कॉन्ट्रा एंट्री अलोंग विद डेबिट एंड क्रेडिट ऑफ कैश एंड बैंक। नरेशन इज रिक्वायर्ड।
नरेशन कब लिखते हैं? जब जर्नल एंट्रीज करते हैं। कैश बुक में हम जर्नल एंट्रीज करते हैं क्या? नहीं करते। तो ये नरेशन
वाली बात कहां से आ गई साथियों? नहीं आ सकती। ज्यादा से ज्यादा कॉन्ट्रा एंट्री अगर शो करनी ही है तो उसका क्या तरीका
मैंने आपको बताया? बोलो बोलो। एलएफ वाले कॉलम में हम क्या लिख दिया जाता है? सी
ठीक है? तो ऑप्शन नंबर बी जो है ना ये जो है एक गलत स्टेटमेंट है। और सर आप तो टिक लगा रहे हो। अरे गलत स्टेटमेंट ही पूछा है
क्वेश्चन के अंदर कि कौन सा सही नहीं है। ये सही नहीं है। ऑप्शन नंबर सी।
कैश बुक रिकॉर्ड्स ओनली वन एस्पेक्ट ऑफ अ ट्रांजैक्शन। क्या साथियों ये बात गलत है या सही है?
अरे सही है। कैश बुक में तो सिर्फ यह रिकॉर्ड होगा ना कि पैसा आया। अब किससे आया यह तो उस अकाउंट में रिकॉर्ड होगा या
फिर पैसा गया। तो ऑप्शन नंबर सी जो है ये तो ट्रू है। ये तो ट्रू है। हमसे क्या पूछा? फॉल्स। अच्छा फॉल्स हमें
मिल गया। ऑप्शन बी में। डी लाइक लेजर अ कैश बुक इज आल्सो अ बुक ऑफ फाइनल एंट्री। अरे यह बात कितनी बार
डिस्कस कर चुके हैं। हां जी कैश बुक जो है वो बुक ऑफ ओरिजिनल एंट्री भी है। क्यों है? क्योंकि इसमें हम सबसे पहले
ट्रांजैक्शन को कैश या बैंक के ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड करते हैं। और इसको हम बुक ऑफ फाइनल एंट्री भी कहते हैं।
क्यों भाई साहब? क्योंकि यही अपने आप में लेजर भी है। कैश बुक अगर बना ली तो कैश अकाउंट नहीं बनाना है। बैंक अकाउंट भी
नहीं बनाना है। नो नो। तो ये जो है ना ऑप्शन नंबर डी जो है ना ये ट्रू है अपने आप में। तो हमसे ट्रू ट्रू ट्रू ट्रू नहीं
पूछा। हमसे पूछा नॉट ट्रू। नॉट ट्रू कौन सा हुआ? ऑप्शन नंबर बी। तो एमसीक्यू नंबर का सही एमसीक्यू नंबर 14 का सही आंसर क्या
मिला? ऑप्शन नंबर बी। ओके ओके ओके। अब देखो ये शैतान जो है अब पूछ रहा है कि ट्रू वाला बताओ। अब ट्रू
पकड़ना है। अभी पकड़ते हैं। ऑप्शन नंबर ए क्या कह रहा है? कैश बुक इज बोथ। कैश बुक अपने आप में जर्नल भी है और कैश
बुक अपने आप में लेजर भी है और सॉरी ये बात तो आज हमारे नस नस में खून की हर बूंद में बिठा दिया आपने कि अगर कैश बुक बन रही
है तो कैश अकाउंट और बैंक अकाउंट लेजर में नहीं बनेंगे। इसलिए अपने आप में ओरिजिनल एंट्री
की किताब भी है और यही अपने आप में लेजर भी है। तो यह ऑप्शन नंबर ए ही बिल्कुल सटीक।
[खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] बिल्कुल ट्रू।
और इस क्वेश्चन में हमसे यही पूछा कि सही स्टेटमेंट कौन सा है? तो लाला जी सही स्टेटमेंट तो यही है। दूसरे गलत है
क्या? चलो चेक करो। बी क्या कह रहा है? डेबिट बैलेंस इन द बैंक कॉलम ऑफ द कैश बुक मींस ओवरड्राफ्ट
अरे भदु क्वेश्चन भदु ऑप्शन डेबिट बैलेंस
कैश बुक में डेबिट साइड कौन सी होती है रिसीप्ट साइड कैश आता है तो भी इधर बैंक में पैसा आता है तो भी इधर तो बात हो रही
है अगर डेबिट बैलेंस बोल रहा है ये डेबिट मतलब डेबिट साइड डेबिट साइड हमारी पॉजिटिव साइड है पॉजिटिव साइड अगर बैलेंस है तो वो
अपना पैसा होगा ना भाई साहब। हां अगर बात आती है क्रेडिट साइड की। अगर बात आती है क्रेडिट बैलेंस की तो उस केस में वो हमारे
लिए एक नेगेटिव सिचुएशन होती है। अगर क्रेडिट बैलेंस आ रहा हो तो उस केस का मतलब ये है कि बैंक हमसे पैसा मांगता है
जिसको हम ओवरड्राफ्ट कहते हैं। तो ओवरड्राफ्ट की सिचुएशन कब होती है साथियों? जब क्रेडिट बैलेंस हो। ऑप्शन
क्या कह रहा है? डेबिट बैलेंस मींस ओवरड्राफ्ट। अरे नहीं भाई डेबिट बैलेंस का मतलब तो अपना पैसा होता है। तो ऑप्शन नंबर
बी जो है ना ये तो इनकरेक्ट स्टेटमेंट है। ये तो फॉल्स स्टेटमेंट है। सी क्या कह रहा है? कैश डिस्काउंट इज
अलाउड एट द टाइम ऑफ गुड्स आर सोल्ड। अगर कैश में बेचे जा रहे हैं तो बहुत
अच्छी बात है। बाकी कैश डिस्काउंट साथियों टाइमली पेमेंट करने की वजह से देते हैं हम लोग कस्टमर को। तो टाइमली पेमेंट का मतलब
क्या हो गया? कि कैश डिस्काउंट सेल के टाइम पर रिकॉर्ड नहीं होता बल्कि कब रिकॉर्ड होता है? जब कस्टमर हमको पेमेंट
करता है। जब हमारे पास कैश आता है। तो उस केस में तो ऑप्शन नंबर सी जो है वो भी फॉल्स है। ऑप्शन नंबर डी क्या कह रहा है
भाई साहब? रेट ऑफ कैश डिस्काउंट डिपेंड्स ऑन द क्वांटिटी परचेस्ड। मैंने आपको डिस्काउंट
के दो टाइप्स पढ़ाए थे। जहां पर अगर आप बल्क में गुड्स खरीदते हो क्वांटिटी के बेसिस पर जो डिस्काउंट आपको मिलता है वो
ट्रेड डिस्काउंट कहलाता है साथियों। और ये भोंदू ऑप्शन क्या कह रहा है कि कैश डिस्काउंट कितना लिया जाएगा वो क्वांटिटी
पे डिपेंड करता है। अरे नहीं। कैश डिस्काउंट का रिलेशन है टाइमली पेमेंट से और क्वांटिटी का रिलेशन है ट्रेड
डिस्काउंट से। तो ऑप्शन नंबर डी जो है ये भी एक फॉल्स स्टेटमेंट है। तो एमसीक्यू नंबर 15 का करेक्ट आंसर क्या देखने को
मिला हमको? ऑप्शन नंबर ए। ओके। चलिए बात करते हैं एमसीक्यू नंबर 16 की। चलिए बैलेंस इन द पेटी कैश बुक इज
एक पेटी कैशियर के पास जो बैलेंस पड़ा है कैश के फॉर्म में जो उसको मेन कैशियर से मिलता है
वो क्या है बिजनेस के लिए क्या वो बैलेंस एक्सपेंस है अरे बैलेंस तो लास्ट का बचा हुआ बैलेंस है वह है पड़ा हुआ पैसा खर्चे
तो रिकॉर्ड होते हैं तो खर्चों को हम बैलेंस नहीं कह सकते। पहला ऑप्शन यही कट गया। फिर क्या कह रहा
है कि पेटी कैश बुक का जो बैलेंस है क्या उसको हम प्रॉफिट कह सकते हैं? अरे भाई वो तो कैश का बैलेंस है वो प्रॉफिट कैसे हो
सकता है? प्रॉफिट अगर आपको जानना है तो कहां से मिल जाएगा? पीएंडएल अकाउंट देखो। पेटी कैश बुक में प्रॉफिट का कोई काम नहीं
है भाई साहब। यहां तो खर्चा रिकॉर्ड होता है। तीसरा पेटी कैश बुक में जो बैलेंस है बचा हुआ कैश जो है वो एसेट है क्या?
बिल्कुल वो बचा हुआ पैसा हमारा है। वो बचा हुआ पैसा बिजनेस का ही है। तो वो बिजनेस की
एसेट ही कहलाता है। ओके? तो सही ऑप्शन क्वेश्चन नंबर 16 का हमें क्या देखने को मिला? एसेट के रूप में। और
ऑप्शन डी क्या कह रहा है? कि वह बचा हुआ पैसा जो है वह इनकम है। अरे इनकम की बात ही नहीं आती पेटी कैश बुक में। इनकम तो
रिकॉर्ड ही नहीं होती। पेटी कैश बुक में तो खर्चे रिकॉर्ड होते हैं। वो भी छुटपुट। तो ये ऑप्शन भी हमारा
रॉन्ग है। तो बिल्कुल सही आंसर एमसीक्यू नंबर 16 का हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर सी के रूप में। चलिए
नेक्स्ट। एमसीक्यू नंबर 17। व्हेन अ फर्म मेंटेंस टू कॉलम कैश बुक। जब एक फर्म टू कॉलम कैश
बुक मेंटेन करती है साथियों जिसमें आप जानते हैं टू कॉलम कैश बुक के अंदर एक तो कैश के ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं और
बैंक से रिलेटेड ट्रांजैक्शंस भी रिकॉर्ड होते हैं। अब क्वेश्चन हमसे क्या पूछ रहा है?
जब एक फर्म टू कॉलम कैश बुक बनाती है तो वह क्या नहीं बनाती? तो वो क्या नहीं बनाती? ऑप्शन नंबर ए क्या
कह रहा है? परचेजेस बुक। अरे देखो एक सिंपल सी बात बताता हूं। मैंने आपको वैसे चार्ट बताया भी था कि भाई जब फर्म टू कॉलम
कैश बुक बना रही है। इसका मतलब क्या हुआ? इसका मतलब क्या हुआ कि फर्म सब्सिडरी बुक्स बनाकर
कि फर्म सब्सिडरी बुक्स बनाकर अपने ट्रांजैक्शंस
रिकॉर्ड कर रही है। यह हमको पता चल गया। अब अगर सब्सिडरी बुक्स बन रही है तो क्या सिर्फ उसमें कैश बुक ही बनती है
क्या? उसमें तो सारी बनेगी। कैश बुक भी बनेगी, परचेसेस बुक भी बनेगी, सेल्स बुक भी बनेगी, परचेस रिटर्न बुक भी बनेगी,
सेल्स रिटर्न बुक भी बनेगी और जनरल प्रॉपर भी बनेगा। तो ये क्या कह रहा है? और पहला ऑप्शन क्या कह रहा है कि अगर कैश बुक बन
रही है तो परचेस बुक नहीं बनेगी। अरे कैसे नहीं बनेगी? तो बनेगी और उधार पर जब गुड्स खरीदेंगे तो उसमें
रिकॉर्ड करेंगे। यह नॉट वर्ड बोल रहा है क्वेश्चन में। यह देखो इस पर फोकस करो। परचेस बुक तो मेंटेन होती है।
पहला ऑप्शन नहीं हो सकता। सेकंड जर्नल प्रॉपर। अरे भाई जब कैश बुक बन रही है तो दूसरी सब्सिडरी बुक्स भी बनती है जिसमें
जर्नल प्रॉपर आता है। ऑप्शन बी भी नहीं ले सकते हम। सेल्स बुक। अरे वो तो बनती है। क्या नहीं बनता?
क्या क्या नहीं बनता जब कैश बुक बनती है? तो साथियों वही नस नस वाली बात कहूंगा।
बार-बार बता देता हूं एक चीज को तो वो नस में बैठ जाती है। खून की हर बूंद में नींद में भी अब तुम्हारे दिमाग में ये चीज कभी
डाउट के केस में नहीं रहेगी। क्योंकि जब कैश बुक बनती है तो लेजर के अंदर ना तो बैंक अकाउंट बनता है
ना कैश अकाउंट बनता है। तो एमसीक्यू नंबर 17 का सही सटीक लॉजिकल आंसर हमें देखने को मिला। ऑप्शन नंबर डी।
ऑप्शन नंबर डी। ओके। ओके। चलिए। आगे बढ़े एमसीक्यू नंबर 18 वि ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट रिकॉर्डेड इन द
कैश बुक? इनमें से कौन सा ट्रांजैक्शन ऐसा है जो कैश बुक में रिकॉर्ड नहीं होगा? मतलब हमको ऐसा कोई ट्रांजैक्शन ढूंढना
पड़ेगा साथियों जिसमें ना तो कैश आ रहा हो, ना कैश जा रहा हो, ना बैंक अकाउंट में पैसा आ रहा हो, ना बैंक अकाउंट से पैसा जा
रहा हो। ऐसा कोई ट्रांजैक्शन दिख रहा है क्या? ओ हो हो हो पहला ट्रांजक्शन पढ़ना
क्रेडिट सेल्स उधार भाई साहब उधार पे माल बेचा उधार में अगर माल बेच दिया तो कस्टमर
बाबूजी ने पैसा दिया क्या नहीं दिया नहीं दिया तो पैसा नहीं आया तो ये चीज कैश बुक में रिकॉर्ड नहीं होगी ये किस में रिकॉर्ड
होगी सेल्स बुक में क्वेश्चन हमसे क्या पूछा अच्छा इनमें से कौन सा ट्रांजैक्शन कैश बुक में नहीं आएगा? पहला ही मिल गया।
[गला साफ़ करने की आवाज़] उधार पे अगर माल बेचा है तो वो तो वो प्यारा-प्यारा ट्रांजैक्शन सेल्स बुक में
चला जाएगा। ओके ओके। और दूसरे ऑप्शन क्या कह रहा है? कैश रिसीप्ट्स मतलब जब कैश आएगा तो क्या वो कैश बुक में रिकॉर्ड होता
है? 100% कौन सी साइड साथियों? डेबिट साइड। कैश पेमेंट्स भी रिकॉर्ड होते हैं साथियों कैश बुक में। कौन सी साइड?
क्रेडिट साइड। एक सेकंड। क्रेडिट साइड। और एक आखिरी चीज क्या कह रहा है? ये ओपनिंग कैश बैलेंस। बिल्कुल ये भी कैश बुक
में रिकॉर्ड होता है साथियों? कौन सी साइड? डेबिट साइड। पर क्वेश्चन ने हमसे यह पूछा कि कौन सा
इनमें से ऐसा कौन सा ट्रांजैक्शन है? कौन सा कौन सा कौन सा जो कैश बुक में रिकॉर्ड नहीं होगा
बी सी डी तो होंगे होंगे ना होंगे ना क्रेडिट सेल्स नहीं होगा इसलिए कौन सा ऑप्शन चुना ऑप्शन नंबर
ए चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं
आज मेरा वो साथी नजर नहीं आ रहा जिसने कमेंट किया था हे [हंसी] 1/2 घंटे में 12 एमसीक्यू ऐसा लिखा था
उसने कहां है तू आजा देख ले हालांकि वो इंप्रूवमेंट वाला कमेंट था इंप्रूवमेंट कर चुका हूं तो आज कहां गायब है खाली कमेंट
बाजी करता घूमता है क्या YouTube पे इधर-उधर हां एमसीक्यू नंबर 19 कॉन्ट्रा एंट्रीज ऑन द डेबिट साइड ऑफ द
कैश बुक आर पोस्टेड अच्छा कॉन्ट्रा एंट्रीज की बात कर रहा है
साथियों कॉन्ट्रा एंट्रीज किस में की जाती है? कैश बुक में की जाती है ना? यह दिख रही है कैश बुक? कॉन्ट्रा एंट्रीज किस में
की जाती है? कैश बुक। कैश बुक मतलब डबल कॉलम कैश बुक बन रही है। क्योंकि कॉन्ट्रा एंट्री की बात आ रही है जिसमें कैश और
बैंक बैलेंस दोनों इफेक्ट होते हैं। और वही नसनस वाली बात जब कैश बुक बन रही है तो बोलो कैश अकाउंट और बैंक अकाउंट नहीं
बनाया जाता। कॉन्ट्रा एंट्रीज में एक तो कैश अकाउंट इफेक्ट होता है, एक बैंक अकाउंट इफेक्ट
होता है। क्या लेजर में कैश अकाउंट और बैंक अकाउंट बनता है? अगर कैश बुक बन रही है तो? नहीं। तो फिर पोस्टिंग कहां से हो
जाएगी भाई साहब? पोस्टिंग नहीं होगी। जब अकाउंट ही नहीं बन रहा है तो पोस्टिंग किस में करोगे? मेरे अंदर करोगे क्या? तो ऐसा
कौन सा ऑप्शन है जो यह कहे जो यह कह दे कि कैश और बैंक जिस ट्रांजैक्शन में कैश और बैंक दोनों इफेक्ट हो रहे हो उनकी
पोस्टिंग लेजर में नहीं होगी। ऐसा कोई ऑप्शन है क्या? है क्या? है क्या? देखो हां है।
देखो वो आ गया। तो एमसीक्यू नंबर 19 का सही सटीक ऑप्शन हमें देखने को मिला। ऑप्शन नंबर डी।
दूसरे ऑप्शन गलत क्यों है? क्योंकि वो इतनी गलत बात कर रहे हैं। ऑप्शन ए क्या कह रहा है? डेबिट साइड ऑफ बैंक अकाउंट इन द
लेजर। अरे जब कैश बुक बनती है तो बैंक अकाउंट लेजर में नहीं बनता। ना ही कैश अकाउंट बनता है।
जब अकाउंट नहीं बनता तो पोस्टिंग किस में करोगे? खड्डे में। फिर तो एमसीक्यू नंबर 19 का सही ऑप्शन क्या मिला? ऑप्शन नंबर
डी। ओके। [नाक से की जाने वाली आवाज़] ओके। आज की क्लास का हमारा लास्ट
एमसीक्यू। वि ऑफ द फॉलोइंग इज बोथ अ बुक ऑफ जर्नल वही आया वापस एंड लेजर इनमें से कौन सी
बुक ऐसी है जो अपने आप में जर्नल का काम भी करती है और अपने आप में लेजर का काम भी करती है सर अब मत बोलो सर अब तो सर हमारे
बिल्कुल नसनस में है सर कि यह तो कैश बुक ही हो सकती है सर ओके ओके मान ली आपकी बात मान ली
तो एमसीक्यू नंबर 20 का सही सटीक आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर ए के रूप में।
हां जी। क्या जनरल जर्नल को हम कह सकते हैं अपने आप में जर्नल भी और लेजर भी? बिल्कुल नहीं। जनरल जर्नल में साथियों
सिर्फ जर्नल एंट्रीज होती है। यह जर्नल वाली बुक होती है। और फिर एक और बुक बनाई जाती है लेजर जिसमें पोस्टिंग होती है। तो
ऑप्शन नंबर बी हम लोग यहां नहीं लेंगे। ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है? परचेजेस जर्नल कि क्या परचेजेस जर्नल को हम जर्नल
और लेजर भी कह सकते हैं? साथियों परचेजेस जर्नल जो टर्म है ना वो परचेजेस बुक के लिए इस्तेमाल की जाती है। और परचेजेस बुक
में हम कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड करते हैं? जब हम गुड्स खरीदते हैं उधार पे तो उनकी उन ट्रांजैक्शंस की एंट्री परचेस बुक
में भी होती है साथियों और लेजर में पोस्टिंग भी होती है। एक तो परचेस अकाउंट में दूसरा जिस भी सप्लायर से आपने माल
खरीदा ना उसके अकाउंट में। तो यह जर्नल अलग है। यह बुक अलग है और इसकी पोस्टिंग और अलग होती है। तो इसको जर्नल और लेजर
दोनों नहीं कह सकते। ठीक है ना? फिर सेल्स जर्नल। सेल्स जर्नल जो टर्म है साथियों वो यूज़ की जाती है सेल्स बुक के
लिए। सेल्स बुक में हम एंट्री कब करते हैं? जब हम उधार पर गुड्स बेचते हैं तो साथियों उसकी अलग से लेजर में पोस्टिंग
होती है। सेल्स बुक में पहले रिकॉर्डिंग हुई ट्रांजैक्शन की फिर पोस्टिंग होती है। जब आप गुड्स बेचते हो उधार पे तो लेजर में
एक तो सेल्स अकाउंट बनता है साथियों उसमें पोस्टिंग होती है और दूसरा जिसको मतलब आपके कस्टमर के अकाउंट में आपको पोस्टिंग
करनी होती है। तो सेल्स बुक को हम अपने आप में जर्नल और लेजर दोनों नहीं बोल सकते। एकमात्र कैश बुक ऐसी बुक है जिसको हम लोग
जर्नल और लेजर दोनों कह सकते हैं। तो साथियों आज की क्लास को हम यहां पर शुरू करते हैं।
आज हम बात कर रहे हैं जो रिमेनिंग हमारे सब्सिडरी बुक्स के जो एमसीक्यूस हैं उनकी। आज हम उनकी बात करेंगे और प्रैक्टिस
करेंगे। तारा प्रकाश जी गुड इवनिंग। माय किस्मत सावरिया सेठ जी जय सावरिया सेठ की रीना कुमार जी राधे-धे स्वागत है आपका
क्लास में आप सभी का क्लास में बहुत-बहुत स्वागत लाइव कमेंट्स
मैं आपके चेक कर रहा हूं यहां पर चलिए जी ओके
ओके तो कल हम लोगों ने साथियों सब्सिडरी बुक्स पार्ट वन के अंदर लगभग 20 एमसीक्यूस यहां पर कंप्लीट किए थे। संजय जी वेरी गुड
इवनिंग। स्वागत है आपका क्लास में। आज हम बात करेंगे क्वेश्चन नंबर 21 से। हां जी। स्पीड को बढ़ाने के रिस्पेक्ट में यहां पर
कुछ कंटेंट जो मैं क्लास में लिखने वाला था वह मैं ऑलरेडी आप लोगों के लिए लिख चुका हूं ताकि फटाफट आप लोग उसको समझ भी
सकें और हम एमसीक्यूस का जो नंबर है उसको बढ़ा सकें। यस संजय जी बिल्कुल संजय त्रिवेदी जी बिल्कुल बुक के क्वेश्चंस ही
मैं करवा रहा हूं। बहुत अच्छी बात है। अगर आपने वो बुक खरीद ली है और बुक टेबल पे आपके सामने है तो आपको पढ़ने में और भी
मजा आ रहा होगा। चलिए बात करते हैं साथियों यहां पर क्वेश्चन नंबर 21 की कि ये क्वेश्चन नंबर 21 सब्सिडरी बुक से
रिलेटेड सब्सिडरी बुक से रिलेटेड क्या कह रहा है? संजय जी हमारी जो क्लास शुरू हुई है उसको लगभग 10 से 12 दिन हो चुके हैं।
हां जी आज हमारा लगभग 10वां या 11वां लेक्चर है तो आप पुराने वीडियोस देख लीजिएगा। काफी
सारे टॉपिक्स के एमसीक्यूस मैं ऑलरेडी आपको क्लास में करवा चुका हूं। चलिए
चलिए देखते हैं साथियों एमसीक्यू 21 हमसे क्या पूछना चाहता है और उसके बेस पर क्या आंसर यहां पर निकल के आता है। बात हो रही
है पेमेंट किया है ₹5000 का कैश में। ओके पेमेंट हुआ है साथियों। पेमेंट किसको किया है हमने? टू मोबाइल शॉप। ओके? किस चीज का
पेमेंट हुआ है? फॉर रिपेयरिंग द प्रोपराइटर सनंस मोबाइल। यहां पर जो बिजनेस का ओनर है उसने अपने बेटे का जो
मोबाइल है उसकी रिपेयरिंग करवाई। साथियों बिजनेस एंटिटी कांसेप्ट हम लोग पढ़ते हैं कि ओनर विल बी ट्रीटेड एज अ सेपरेट एंटिटी
एंड बिनेस विल बी ट्रीटेड एज अ सेपरेट एंटिटी। और यहां पर ये जो ट्रांजैक्शन ये जो पेमेंट आपको देखने को मिल रहा है ये
साफ तौर पर ओनर का पर्सनल खर्चा दिख रहा है। और अगर ओनर के पर्सनल खर्चे का पेमेंट बिजनेस के कैश में से कर दिया जाए साथियों
तो बच्चा-बच्चा जानता है उसको हम कहते हैं ड्रॉइंग्स। तो उस केस में क्योंकि हमारी कैपिटल रिड्यूस होती है तो उस केस में
ड्रॉइंग्स अकाउंट को डेबिट किया जाता है और क्योंकि पेमेंट किया है तो कैश अकाउंट को क्रेडिट किया जाता है। अब आपके दिमाग
में क्वेश्चन आएगा कि सर यहां पर हम जर्नल एंट्रीज की बात तो नहीं कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं यहां पर सब्सिडरी बुक्स
की। तो साथियों कल मैंने आपको क्या बताया था? कैश बुक के लिए बार-बार एक क्वेश्चन उठ के आ रहा था दैट कैश बुक इज़ बोथ जर्नल
एज वेल एज लेजर। मतलब जब कैश बुक बनती है तो कैश अकाउंट नहीं बनता। नीचे की तरफ देखो और मेरी बात को याद रखो। कैश बुक
अपने आप में जर्नल भी है और कैश बुक अपने आप में कैश अकाउंट भी है। तो जब इस तरह के क्वेश्चंस आते हैं तो आप कैश बुक की जगह
दिमाग में कैश अकाउंट को भी रख सकते हैं। इसीलिए जब ये 5000 का पेमेंट हुआ है मोबाइल रिपेयरिंग का वो भी ओनर के सन का
जो कि एक पर्सनल खर्चा है। तो इसको आप दिमाग में एंट्री लाकर भी इस चीज का सॉल्यूशन पा सकते हैं कि क्योंकि ये
पर्सनल खर्चा है। तो ड्रॉइंग्स अकाउंट डेबिट होगा और कैश अकाउंट आपका क्रेडिट होगा। अब हमारे सामने जो ऑप्शंस हैं वो
क्या कहना चाहते हैं और चेक करते हैं कि कौन सा ऑप्शन जो है वो हमें यहां पर सेलेक्ट करना पड़ेगा। सबसे पहला ऑप्शन
हमें कह रहा है कि इस ट्रांजैक्शन में डेबिटिंग द रिपेयर्स अकाउंट इन द पेमेंट साइड ऑफ द कैश बुक इन बैंक कॉलम। साथियों
पेमेंट हुआ है 5000 का। पेमेंट किस चीज में हुआ है? कैश में हुआ है। तो बड़ी सिंपल सी बात है। जब पेमेंट कैश में हुआ
है तो वो रिकॉर्ड कौन से कॉलम में होगा? कैश कॉलम में। इसने तो यह बात ही गलत कर दी। इसने तो
यहीं पर गलती कर दी कि बैंक कॉलम में एंट्री होगी। भाई बैंक कॉलम में एंट्री क्यों होगी? हो ही नहीं सकती जब पेमेंट
कैश में हुआ है। दूसरा क्या रिपेयर्स अकाउंट यहां पर डेबिट किया जाएगा? नहीं किया जाएगा। रिपेयर्स अकाउंट कब डेबिट
किया जाएगा साथियों? जब ये बिजनेस का एक्सपेंस होगा। ये बिजनेस का एक्सपेंस नहीं है। ये ओनर का पर्सनल खर्चा है। तो
ज्यादा से ज्यादा डेबिट की बात अगर की जाए तो ड्रॉइंग्स अकाउंट यहां पर डेबिट होगा। तो यहां पर इस ऑप्शन में तो दोनों बातें
बिल्कुल गलत है। तो ऑप्शन ए तो हमारा बिल्कुल भी काम का नहीं आएगा साथियों। ऑप्शन बी क्या कह रहा है? बाय क्रेडिटिंग
द ड्रॉइंग्स अकाउंट इन द पेमेंट साइड ऑफ द कैश बुक इन कैश कॉलम। अब देखो ये बात तो समझ में आई कि कैश बुक के कैश कॉलम में
इसने एंट्री करी। ठीक है? फिर क्रेडिट साइड करी जो कि पेमेंट साइड है। यह बात बिल्कुल सही है कि पेमेंट हुआ
है तो कैश बुक में कैश के कॉलम में क्रेडिट साइड एंट्री होगी। पर इसने गड़बड़ कर दी साथियों देखो यहां पर
इसने ये कह दिया कि ड्रॉइंग्स अकाउंट क्रेडिट होगा। कैसे पॉसिबल है साथियों कि एक ही ट्रांजैक्शन में ड्रॉइंग्स अकाउंट
भी क्रेडिट हो रहा है और कैश अकाउंट भी क्रेडिट हो रहा है। अरे एक डेबिट होगा एक क्रेडिट होगा। दोनों ही कैसे क्रेडिट हो
सकते हैं किसी ट्रांजैक्शन में? तो ये चीज तो साथियों कहीं ना कहीं इंपॉसिबल सी लगती है। तो हाउ इज इट पॉसिबल? तो यहां पर
सेकंड ऑप्शन किसी भी रूप में हमारा आंसर नहीं हो सकता। ऑप्शन सी क्या कह रहा है साथियों? बाय क्रेडिटिंग द रिपेयर्स
अकाउंट। रिपेयर्स अकाउंट की बात अपन पहले ऑप्शन में ही कर चुके हैं कि रिपेयर्स अकाउंट किसी हाल में यहां पर नहीं आ सकता।
एंड क्या बोल रहा है ये? क्रेडिट करो रिपेयर्स अकाउंट को इन द डेबिट साइड ऑफ द कैश बुक। अब देखो डेबिट साइड ऑफ द कैश बुक
में एंट्री कब होती है? जब पैसा आता है जब अमाउंट रिसीव होता है। यहां पे ये क्या बोल रहा है कि डेबिट साइड पेमेंट साइड
होती है। ये देखो ये गलती कर दी इसने। फिर ये आगे क्या कह रहा है? कैश बुक के बैंक कॉलम में करो इस एंट्री को। साथियों कहीं
भी इस ट्रांजैक्शन में बैंक से कोई लेनदेन हुआ है क्या? बिल्कुल नहीं। तो ये बात भी यहां पर गलत हो गई। तो ऑप्शन सी के अंदर
काफी सारी जो बातें हैं वो गलत है। तो यहां पर ऑप्शन नंबर डी जो है वो शायद कहीं ना कहीं सही आंसर के रूप में हमारे सामने
आ सकता है। चलिए चेक करते हैं। ऑप्शन डी क्या कह रहा है साथियों? इस केस में ड्रॉइंग्स अकाउंट डेबिट होगा। एंड कैश बुक
के अंदर क्रेडिट साइड मतलब पेमेंट साइड एंट्री होगी। कैश कॉलम के अंदर बिल्कुल 100% सही बात। कैश कॉलम में एंट्री होगी।
सही बात। क्रेडिट साइड एंट्री होगी कैश बुक में। बिल्कुल सही बात। और ड्रॉइंग्स अकाउंट इस केस में डेबिट होगा। क्योंकि
साथियों यह ओनर का एक पर्सनल एक्सपेंस है। तो इस क्वेश्चन का परफेक्ट आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर डी के रूप में।
परफेक्ट। जल्दी से मुझे कमेंट सेक्शन में बताइए कि सर हम क्लास में आ चुके हैं। हमको आपकी बात बिल्कुल समझ में आ रही है।
हमको आपकी स्पीड बिल्कुल सही लग रही है। हमको आपका थोड़ा सा पहले से कंटेंट लिख देना ज्यादा बेहतर लग रहा है। जल्दी से
मुझे कमेंट सेक्शन में बताइए। तब तक मैं यहां पर क्वेश्चन नंबर 22 खोल रहा हूं। जितने बच्चे जितने साथी हमारे साथ जुड़े
हुए हैं अगले क्वेश्चन को पढ़ें। जल्दी से पकी जी कह रही है सर सीईटी मेंस की तैयारी
करा दो प्लीज। पकी जी जो नंबर आप लोगों को अभी मैंने आपको थोड़ी देर पहले एक स्लाइड दिखाई थी। मैंने आपसे कहा था अगर आपको
किसी भी कोर्स से रिलेटेड इनेशन चाहिए तो आपको उस कांटेक्ट नंबर पर फोन करना होगा। सारे कोर्सेज कौन क्या पढ़ाएगा, कितनी फीस
होगी, किस प्लेटफार्म पे आपको पढ़ना पड़ेगा वो सारी डिटेल्स आपको उस दिए हुए कांटेक्ट नंबर पर मिल जाएगी। यहां मैं
आपसे बात करूंगा डेली फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर के अंदर अकाउंटेंसी सब्जेक्ट की। तो आपकी जो इंफॉर्मेशन है वो मैं नहीं दे
पाऊंगा। मुझे माफ कीजिएगा। जो नंबर मैंने आपको थोड़ी देर पहले दिया था उस पे आपको कांटेक्ट करना होगा।
हां जी। चलिए आगे बढ़ते हैं। क्वेश्चन नंबर 22 हमसे क्या कह रहा है साथियों? क्वेश्चन
नंबर 22 के अंदर हमको दो स्टेटमेंट्स दे रखे हैं। एक है आपका असरशन, दूसरा है आपका रीजन,
एक है दावा और एक है उसका कारण। और कुछ ऑप्शंस हमको यहां पर दे रखे हैं कि क्या ये स्टेटमेंट सही है? क्या जो दावा दिया
दिया हुआ है उसका जो कारण है वो बिल्कुल सही है या इनमें से दोनों गलत है? देखते हैं क्वेश्चन हमसे क्या पूछ रहा है और
इसका क्या सॉल्यूशन हम लोग यहां पर निकालते हैं। चलिए देखते हैं। जस्ट अ सेकंड
हां जी साथियों। पहला स्टेटमेंट व्हेन अ चेक ऑफ 48,000 इज रिसीव्ड
हमारे पास साथियों ₹48,000 का चेक आया है। ओके इन सेटलमेंट ऑफ हिज क्लेम ऑफ ₹0000 साथियों हम उससे ₹00
मांगते थे। उसने हमें ₹48,000 का चेक दिया। मतलब और यहां पर वर्ड यूज़ हो रहा है सेटलमेंट। मतलब हमने उसको ₹2000 का
डिस्काउंट भी दिया। अब हमारा और उसका हिसाब जो है चुकता हो चुका है। अब हमारा कोई लेनदेन बाकी नहीं है। 500 मैं उससे
मांगता था। उसने मुझे 48,000 का चेक दे दिया इन फुल सेटलमेंट। मतलब मैंने उसको 20,000 का डिस्काउंट अलाउ कर दिया। ठीक
है? ठीक है? अब ये क्या कह रहा है? उस चेक को आपने बैंक में डिपॉजिट करवा दिया। एंड इट इज रिकॉर्डेड इन सिंगल कॉलम कैश बुक।
साथियों, हम सब जानते हैं देयर आर टू टाइप्स ऑफ कैश बुक। वन इज सिंगल कॉलम कैश बुक, अनदर वन इज डबल कॉलम कैश बुक। सिंगल
कॉलम कैश बुक सिर्फ कौन से ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड करती है साथियों? ओनली कैश के ट्रांजैक्शंस।
तो यहां पर जब चेक आया है किसी डेटर से तो चेक जब हमको रिसीव होता है साथियों तो ये तो बैंक कॉलम का ट्रांजैक्शन है और बैंक
कॉलम सिंगल कॉलम कैश बुक में नहीं बनता। सिंगल कॉलम कैश बुक सिर्फ कैश के ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड करती है। तो ये
ट्रांजैक्शन कैसे रिकॉर्ड कर दिया गया सिंगल कॉलम कैश बुक में? क्या ये पॉसिबल है साथियों? बिल्कुल भी नहीं। तो यहां पर
जो असरशन है पहला जो स्टेटमेंट है वो गलत है। हां यहीं पे अगर ये कहा गया होता कि ये जो चेक आया इसको डबल कॉलम कैश बुक में
रिकॉर्ड किया तो फिर भी ये स्टेटमेंट कहीं ना कहीं सही हो सकता था। पर सिंगल कॉलम कैश बुक में जब चेक रिसीव हुआ वो बात तो
डेफिनेटली रिकॉर्ड नहीं होगी। रीजन की यहां पर बात करते हैं। कारण क्या दे रखा है? टू कॉलम कैश बुक के अंदर कैश का कॉलम
होता है। एंड इसने क्या कह दिया? डिस्काउंट कॉलम होता है साथियों। तो ये बात तो बिल्कुल गलत है। कैश का कॉलम
डेफिनेटली होता है। पर डबल कॉलम कैश बुक में डिस्काउंट का कॉलम नहीं होता। डिस्काउंट को रिकॉर्ड किया जाता है
साथियों। मैंने आपको कल की क्लास में बताया था जर्नल प्रॉपर के अंदर। तो यहां पर जो दूसरा स्टेटमेंट है वो बिल्कुल वो
भी बिल्कुल गलत है। मतलब ये दोनों ही स्टेटमेंट जो है अपने आप में इनकरेक्ट है। ये दोनों एक दूसरे को किसी भी रूप में
जस्टिफाई नहीं कर सकते क्योंकि ये दोनों ही अपने आप में गलत है। अब हमको ऐसा ऑप्शन ढूंढना है जो ये कहे कि ये असरशन भी रॉन्ग
है, इनकरेक्ट है और रीज़ भी इनकरेक्ट है। क्या ऐसा कोई ऑप्शन हमें देखने को मिल रहा है? साथियों फटाफट से कमेंट सेक्शन में
जल्दी बताइए। जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी डीजे जी आप कह रहे हैं अगर चेक इन हैंड होता तब आ जाता। यस यस यस और हालांकि डीजे
जी चेक इन हैंड जब हमको चेक रिसीव होता है तो उसको हम एक बार के लिए जर्नल प्रॉपर में रिकॉर्ड करते हैं और फिर जब उसको हम
डिपॉजिट करते हैं तो डेफिनेटली जो आप कह रहे हैं डबल कॉलम कैश बुक के अंदर उसको हम रिकॉर्ड करते हैं। बहुत अच्छी बात है। रतन
चौधरी जी कह रहे हैं इंग्लिश मीडियम बुक आ गई। क्या सर बहुत जल्द आने वाली है। बहुत जल्द बहुत जल्द सप्ताह भर के अंदर-अंदर
आपको इंग्लिश मीडियम की बुक भी देखने को मिल जाएगी। हां जी रेगुलरली मेरे पास कमेंट आ रहे हैं कि सर ऑप्शन नंबर सी ये
बात कह रहा है कि असरशन भी गलत है और रीजन भी गलत है। चलिए चेक करते हैं ऑप्शन नंबर सी क्या यही कह रहा है? बोथ असरशन एंड
रीजन आर नॉट करेक्ट। बिल्कुल दोनों ही स्टेटमेंट पूरी तरह से गलत हैं। क्यों गलत है
साथियों? मैंने आपको यहां पर अच्छे से क्लियर कर दिया। चलें आगे। ओके। चलिए साथियों बात करते हैं अगले एमसीक्यू की।
क्वेश्चन नंबर 23। क्वेश्चन नंबर 23 शुरू हो रहा है एक टर्म से जिसको हमने कहा इंप्रेस्ड अमाउंट 5000। अब साथियों
इंप्रेस्ड अमाउंट किस बला का नाम है? किस चिड़िया का नाम है? साथियों इंप्रेस्ड अमाउंट वो अमाउंट होता है। ये वो बैलेंस
होता है जो एक पेटी कैशियर के पास मेंटेन रहता है। मतलब हर कुछ समय में या तो सप्ताह भर या महीना भर या बैलेंस खत्म हो
जाने पर। ये वो अमाउंट है जो एक पेटी कैशियर के पास हमेशा मेंटेन रहता है आफ्टर अ फिक्स पीरियड। ठीक है? तो साथियों क्या
लिख रखा है? देखो आप लोगों के लिए मैंने डेफिनेशन ऑलरेडी लिख दी है यहां पर। इंप्रेस्ड अमाउंट वो फिक्स्ड अमाउंट है जो
पेटी कैशियर के पास हमेशा मेंटेन रहता है। हमेशा का मतलब हमेशा का मतलब यहां पर रोज भी हो सकता है, वीकली भी हो सकता है,
मंथली भी हो सकता है। इसलिए मैंने यहां पर लिख दिया टाइम टाइम पर। क्लियर है? और इस बैलेंस को मेंटेन करने के लिए उसके पास
पैसों का पेड़ नहीं होता। यह जो बैलेंस उसके पास मेंटेन हो पाता है, यह मेन कैशियर की वजह से हो पाता है। क्योंकि
5000 मान लो इंप्रेस्ड अमाउंट है। उसमें से कुछ एक्सपेंसेस पेटी कैशियर के हो गए तो वापस से जितना अमाउंट खर्च हो गया उतना
अमाउंट मेन कैशियर पेटी कैशियर को रीइबर्स कर देता है। वापस से दे देता है ताकि उसके पास इंप्रेस्ड अमाउंट वापस मेंटेन हो जाए।
तो मेन कैशियर रिइबर्समेंट करता है पेटी कैशियर को ताकि उसके पास इंप्रेस का जो अमाउंट है वो मेंटेन रहे। अब इस क्वेश्चन
में इसने क्या कहा? इंप्रेस अमाउंट कितना है? 5000 मतलब समय-समय पर जो भी मेन कैशियर और पेटी कैशियर के बीच में समय
डिसाइडेड है पेटी कैशियर के पास उस समय पर उस तारीख पर ₹5,000 होंगे जिसमें से वो खर्च करेगा। अब क्वेश्चन क्या कह रहा है?
व्हाट विल बी द अमाउंट ऑफ रिइबर्समेंट? मतलब मेन कैशियर पेटी कैशियर को वापस कितना पैसा देगा? इफ द पेटी कैशियर इफ द
पेटी कैशियर इंकर्स द फॉलोइंग एक्सपेंसेस ड्यूरिंग द मंथ। इनके मंथली हिसाब चल रहा है। तो यहां पर हर मंथ की पहली तारीख को
पेटी केशर के पास ₹5,000 मेंटेन होते हैं। अब देखो उसने महीना भर खर्चा किया तो जैसे ही महीना खत्म होगा तो क्वेश्चन आपसे ये
पूछ रहा है मेन कैशियर उसको वापस कितना पैसा देगा कि उसके पास ₹5000 मेंटेन हो जाए। अब देखो खर्चे कितने हुए हैं?
कार्टेज का खर्चा हुआ है ₹800, स्टेशनरी का खर्चा हुआ है ₹2400, पोस्टेज का खर्चा हुआ है ₹500 और मिसलेनियस एक्सपेंसेस अदर
एक्सपेंसेस हुए हैं ₹600। तो यहां पर टोटल खर्चा जो महीने भर का उसने कर दिया वो है साथियों ₹4300।
अब देखो महीने की पहली तारीख को उसके पास 5000 थे। ₹000 में से ₹4300 उसके खर्च हो गए। तो बचे कितने उसके पास?
उसके पास बचे कितने? ₹700 अब जैसे ही अगले महीने की पहली तारीख आएगी इंप्रेस अमाउंट कितना है? 5000। उसके पास 5000 बैलेंस
मेंटेन होना चाहिए। अब बताओ साथियों अगर 5000 का बैलेंस उसके पास मेंटेन होना चाहिए और उसके पास सिर्फ ₹700 बचे हैं तो
मेन कैशियर जो है उसको कितने पैसे देगा कि उसका वापस से बैलेंस 5000 हो जाए। कितना? दोनों का डिफरेंस दोनों का डिफरेंस
कितना होगा साथियों? ₹4300 तो क्या ऑप्शन में हमें 4300 देखने को मिल
रहा है साथियों? फटाफट से कमेंट करके बताओ मुझे। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। तो यहां पर ऑप्शन नंबर बी के अंदर हमें वो अमाउंट
देखने को मिल रहा है। जो कि मेन कैशियर रीइबर्स करेगा पेटी कैशियर को ताकि उसका जो इंप्रेस्ड अमाउंट है वो उसके पास बना
रहे। परफेक्ट परफेक्ट चलिए आगे बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर 24 अमाउंट
ऑफ 500 ₹500 का एक अमाउंट है। छोटा अमाउंट है वास पेड फॉर द पोस्टेज। साथियों, छोटा खर्चा
देखने को मिला आपको? द ट्रांजैक्शन विल बी रिकॉर्डेड इन। इस ट्रांजैक्शन को किस में रिकॉर्ड किया जाएगा? पहला ऑप्शन हमसे हमसे
कह रहा है कि इसको जर्नल में रिकॉर्ड कर दीजिए। साथियों कल हम लोगों ने बात की थी कि ट्रांजैक्शंस को रिकॉर्ड करने के दो
तरीके हैं। या तो आप सारे ट्रांजैक्शंस को जर्नल में रिकॉर्ड कर दो या फिर आप जो ट्रांजैक्शंस हैं उनके नेचर के हिसाब से
अलग-अलग सब्सिडरी बुक्स में रिकॉर्ड करो। और कल हम लोगों ने ये चीज देखी थी कि अगर सब्सिडरी बुक्स बन रही है तो जर्नल बुक
नहीं बनती। तो उस केस में यहां पर उसी पॉइंट ऑफ व्यू से हमको सोचना पड़ेगा क्योंकि हमको दूसरे ऑप्शंस यहां पर दिख
रहे हैं। परचेस बुक भी बन रही है, कैश बुक भी बन रही है, पेटी कैश बुक भी बन रही है। इसका मतलब ये जो फर्म है ये सब्सिडरी
बुक्स वाले तरीके को फॉलो करती है और अगर सब्सिडरी बुक्स वाले तरीके को फॉलो किया जा रहा है तो जर्नल नहीं बनेगा। तो यहां
पर पहला ऑप्शन है हमारा आंसर नहीं हो सकता। आगे देखो मैंने लॉजिक लिख रखा है कि जब सब्सिडरी बुक्स बनती है तो जर्नल नहीं
बनती। और अगर जनरल बुक मेंटेन कर रहे हो तो उस केस में सब्सिडरी बुक्स मेंटेन नहीं होगी। फिर ये बोल रहा है क्या परचेजेस बुक
में ये पेमेंट रिकॉर्ड होगा ₹500 का? अरे भदु अरे भदु ऑप्शन परचेजेस बुक में एंट्री कब होती है? जब हम गुड्स खरीदते हैं उधार
पर। यहां पर क्या गुड्स खरीदे जा रहे हैं? बिल्कुल भी नहीं। यहां पर तो पोस्टेज का पेमेंट हो रहा है। एक खर्चे का पेमेंट हो
रहा है। तो यहां पर सेकंड ऑप्शन भी हमारे लिए वैलिड नहीं माना जाएगा। थर्ड ऑप्शन पेमेंट हो रहा है। ₹500 का पेमेंट हो रहा
है। कैश में पेमेंट हो रहा है। तो आपको लगेगा सर यह तो कैश बुक में रिकॉर्ड होना चाहिए। मैंने आपको कल की क्लास में क्या
बताया था? जब मैटी कैश बुक बन रही है तो कैश बुक के अंदर जो मेजर बड़े अमाउंट के जो रिसीट्स और पेमेंट्स होते हैं उन्हीं
को ही रिकॉर्ड किया जाता है। ₹500 कोई बड़ा अमाउंट नहीं है। तो यहां पर इस ट्रांजैक्शन को कैश बुक में भी रिकॉर्ड
नहीं किया जाएगा क्योंकि कैश बुक में साथियों बड़े अमाउंट की रिसीप्ट्स और बड़े अमाउंट्स के पेमेंट्स को रिकॉर्ड किया
जाता है। तो यहां पर इस ट्रांजैक्शन को एक छोटे खर्चे का जो पेमेंट है साथियों यह छोटे-छोटे खर्चे की जो रिकॉर्डिंग होती है
यह पेटी कैशियर करता है और वो क्या मेंटेन करता है साथियों? पेटी कैश बुक जिसमें छोटे-छोटे खर्चों की रिकॉर्डिंग होती है।
चलिए आई होप एमसीक्यू नंबर 24 इज़ आल्सो क्लियर। जल्दी से क्लास में कमेंट करते रहिए। कोशिश करिए कि आप मुझसे पहले आंसर
फाइंड आउट करने की कोशिश करें और कमेंट करें। मैं रेगुलरली आपके कमेंट्स देख रहा हूं। कुछ साथी रेगुलरली क्लास में बने हुए
हैं। रेगुलरली ईमानदारी से क्वेश्चन को पढ़ रहे हैं और रेगुलरली मुझे आंसर भी दे रहे हैं। वेरी गुड। बहुत अच्छे।
चलिए, बात करते हैं एमसीक्यू नंबर 25 की। काफी सारा मैटर इसके अंदर आपको दिख रहा होगा। पूरी स्लाइड भरी हुई है। चलिए देखते
हैं ये एमसीक्यू हमसे क्या पूछना चाहता है। राज रिसीव्ड चेक। ओके। चलो राज मान लेते हैं अपन है। है ना? हम
राज है। हमारे पास चेक आया। ठीक है। हमारे पास चेक आया।
किससे आया? संजय से। ठीक है? हमने उसको डिस्काउंट अलव किया ₹500 का। हम जितना भी अमाउंट उससे मांगते थे हमने उसको
₹500 का डिस्काउंट अलऊ किया और बचे हुए अमाउंट का उससे चेक लिख लिया एंड इट वास स टू बैंक ऑन द सेम डे हमने उस चेक को सेम
डे बैंक में डिपॉजिट करवा दिया। ठीक है? क्लीयरेंस के लिए बहुत अच्छी बात है। अब साथियों
आफ्टर टू डेज दो दिन बाद जब हमने चेक डिपॉजिट करवाया उसके दो दिन बाद आफ्टर टू डज़ बैंक इनफॉर्म्ड दैट संजयस चेक ऑफ 4500
इज़ डिसऑनर्ड। साथियों उसको हमने ₹500 का डिस्काउंट दिया और उससे हमने 4500 का चेक रिसीव किया।
इसका मतलब टोटल हम संजय से कितना पैसा मांगते थे सर? ₹5,000 यह बात तो आपको बिल्कुल क्लियर होगी
क्योंकि ₹000 में से ₹500 का हमने उसको डिस्काउंट अलाउ किया और ₹4500 का उसने हमें चेक दिया। जो चेक हमने सेम डे बैंक
में डिपॉजिट कर दिया और दो दिन बाद हमको इंटिमेशन मिली कि उसका जो चेक है वो बाउंस हो चुका है। अब साथियों इस कहानी को शुरू
से समझो। जब आपके पास चेक आया जब आपके पास चेक आया होगा साथियों। तो आप तो एंट्री करते हो कैश बुक में और
जब चेक आता है तो उसको आप रिसीट्स मानते हो और रिसीट्स कैश बुक में डेबिट साइड रिकॉर्ड होती है। तो आपने बैंक के कॉलम
में क्योंकि चेक रिसीव हुआ आपको आपने बैंक के कॉलम में जितने का चेक था वो अमाउंट लिख दिया और पर्टिकुलर्स में लिख दिया
होगा टू संजय। आपने ये मान लिया कि ये चेक क्लियर हो जाएगा। आपने बैंक बैलेंस बढ़ा दिया। और जो डिस्काउंट दिया आपने उसको
₹500 का वो किस में रिकॉर्ड होता है? साथियों मैंने आपको कल की क्लास में समझाया है जनरल प्रॉपर के अंदर क्या
एंट्री की होगी आपने? डिस्काउंट अगर आपने दिया है तो वो आपके लिए खर्चा है। खर्चों को आप डेबिट करते हैं और संजय को यहां पर
आप क्रेडिट करते हैं क्योंकि उसने आपको जैसे ही चेक दिया आपने ये मान लिया पैसा आ गया आपने अपने डेटर्स को कम कर दिया। तो
ये तो तब की कहानी है जब आपके पास चेक आया। अब दो दिन बाद बैंक से खबर आई कि वो चेक
तो क्लियर ही नहीं हुआ। वो चेक तो बाउंस हो गया। तो उस केस में जब चेक बाउंस हो गया साथियों तो फिर से
हमें कैश बुक में एंट्री करनी पड़ती है। क्यों करनी पड़ती है? जब चेक आया था मैंने बैलेंस बढ़ा दिया था बैंक का। ये देखो ये
रहा। अब वो चेक बाउंस हो चुका है। तो मुझे इसी एंट्री को रिवर्स करना पड़ेगा। ये देखिए रिवर्स किया राइट साइड। बैंक बैलेंस
वापस कम कर दिया। तो 4500 की तो एक एंट्री तो यह होगी क्रेडिट साइड कैश बुक में और दूसरा जो डिस्काउंट हम लोगों ने दिया था
साथियों उस डिस्काउंट को भी क्या कर दिया जाएगा कैंसिल अब हम उससे अब हम उस पापी गुड़िया
से पूरे ₹5000 मांगेंगे उसको अच्छा मानते हुए हमने 5000 में से 10% ₹500 कम कर दिए उसके पर वो नहीं माना उसका चेक बाउंस हो
गया उसका डिस्काउंट भी कैंसिल होगा अपन उससे पूरे पांच मांगेंगे। तो डिस्काउंट कैंसिल करने की एंट्री होगी साथियों जर्नल
प्रॉपर के अंदर और वो कितने से होगी? आपने उसको डिस्काउंट 500 का दिया था तो डिस्काउंट कैंसिल भी कितने से होगा? 500
से। सिमिलरली चेक की जो रिवर्स एंट्री आप करोगे चेक के डिसऑनर होने पे वो भी कितने से करोगे? ₹4500 से। चलिए अब कहानी अगर
समझ में आ गई तो क्वेश्चन अब हमारे लिए कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। अब ये क्या कह रहा है? दो दिन बाद संजय का जो चेक डिसऑनर
है उसकी इंफॉर्मेशन हमारे पास आई। फॉर रिकॉर्डिंग दिस यह जो डिसऑनर की रिकॉर्डिंग है
तो उसकी रिकॉर्डिंग कैसे होगी साथियों? ये देखो डिसऑनर वाला पार्ट मैंने अभी आपको बताया क्या? जल्दी से बताओ कि जब चेक
बाउंस होगा तो क्या किया जाएगा? एक तो कैश बुक में। एक तो कैश बुक में किस साइड एंट्री होगी? क्रेडिट साइड। अमाउंट
कितना लिया जाएगा? 4500 और दूसरा डिस्काउंट को कैंसिल करने की एंट्री की जाएगी। कितने से? ₹500 से।
चलिए पढ़िए। फटाफट से मुझे बताइए। क्या ऐसा कोई ऑप्शन यहां पर आपको देखने को मिल रहा है? क्या? जल्दी से। ऐसा कोई ऑप्शन है जो
आपसे यह कहे कि कैश बुक में क्रेडिट साइड एंट्री होगी ₹4500 से और ₹500 की जर्नल एंट्री होगी जर्नल प्रॉपर में डिस्काउंट
को कैंसिल करने की। फास्ट। कौन सा ऑप्शन है? जल्दी से पढ़िए। अभी तो आप लोग ऑप्शन को स्क्रीन पर पढ़
रहे हैं। अगर आपके पास बुक होगी तो सोचिए कितना मजा आएगा इस क्लास में जब आप बुक से आराम से क्वेश्चन को पढ़ेंगे।
बुक जब आपकी टेबल पर होगी तो ये जो एमसीक्यूस अभी आपको समझ में आ रहे हैं 100% समझ में आ रहे हैं तो उस केस में
200% समझ में आएंगे। आपका जो कॉन्फिडेंस है वो सातवें आसमान पर होगा। अगर वो बुक आपके टेबल पर होगी तो।
जल्दी से मुझे बताइए ऐसा कौन सा ऑप्शन है जो हमारी बात को क्लियर कर रहा है कि कैश बुक में क्रेडिट साइड एंट्री होगी ₹4500
से। शाबाश बहुत बढ़िया और ₹500 की जर्नल एंट्री होगी डिस्काउंट को कैंसिल करने की जर्नल प्रॉपर में। बिल्कुल बिल्कुल
डी ऑप्शन इज द एब्सोलुटली करेक्ट आंसर हियर। हां जी। तो डी ऑप्शन क्या कह रहा है कि
4500 की रिकॉर्डिंग की जाएगी। कैश बुक के अंदर क्रेडिट साइड बिल्कुल सही जवाब और ₹500 की डिस्काउंट कैंसिल करने की जनरल
एंट्री की जाएगी जनरल प्रॉपर के अंदर। सो फॉर दिस सिचुएशन द करेक्ट आंसर इज़ ऑप्शन डी।
ओके? चलिए, [नाक से की जाने वाली आवाज़]
अगले एमसीक्यू पर बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर 26 क्या पूछ रहा है? बहुत सिंपल सा क्वेश्चन है। परचेस बुक इज यूज्ड टू
रिकॉर्ड। कल मैंने आपको सब्सिडरी बुक्स का एक चार्ट बना के बताया था साथियों। उसमें परचेस बुक में कौन से ट्रांजैक्शंस
रिकॉर्ड होते हैं? मैंने चार्ट में बताया था। आपको याद भी होगा। परचेस बुक में एंट्री कब होती है?
जब हम उधार पर क्या खरीदते हैं? गुड्स। ओनली गुड्स शब्द का यूज़ कर रहा हूं मैं यहां पर। क्योंकि अगर आपने एसेट खरीदी
उधार पर तो कल मैंने आपको बताया था उसकी एंट्री जर्नल प्रॉपर में होती है। हां जी। अब देखिए ऑप्शंस हमारे सामने कि परचेस बुक
में क्या कौन से जो ट्रांजैक्शंस है वो रिकॉर्ड होते हैं? पहला ऑल परचेजेस ऑफ़ गुड्स। क्या सारी परचेज जो है वो परचेस
बुक में रिकॉर्ड होती है। चाहे वो कैश परचेस हो, चाहे वो क्रेडिट। बिल्कुल नहीं। क्यों? क्योंकि जो कैश परचेज है साथी है
वो तो कैश बुक में रिकॉर्ड होती है। और जो क्रेडिट परचेजेस ऑफ़ गुड्स है वो किस में रिकॉर्ड होती है? आपकी परचेजेस बुक में।
तो यहां पर ऑल परचेजेस ऑफ गुड्स जो है वो तो किसी भी केस में परचेस बुक में रिकॉर्ड नहीं होगा। क्योंकि कुछ परचेजेस कैश बुक
में जाती है गुड्स की और कुछ किस में रिकॉर्ड होती है? परचेजेस बुक में। कैश वाली कैश बुक में, उधार वाली जो है
परचेजेस बुक में। सेकंड ऑप्शन क्या कह रहा है? ऑल क्रेडिट परचेज। अरे ऑल क्रेडिट परचेस का मतलब तो हो गया। एसेट्स भी खरीदी
उधार पे और गुड्स भी खरीदे उधार पे। तो क्या सारे पर्चेसेस बुक में रिकॉर्ड होते हैं? जी नहीं। बिल्कुल नहीं। तो सेकंड
ऑप्शन भी यहां पर नहीं हो सकता। क्योंकि उधार पर तो हम एसेट्स भी खरीदते हैं साथियों। उधार पर तो हम एसेट्स भी खरीदते
हैं और उधार पर हम गुड्स भी खरीदते हैं। उधार पर अगर एसेट्स खरीदिए साथियों तो उसको रिकॉर्ड किया जाता है जनरल प्रॉपर
में। हां गुड्स अगर उधार पर खरीदे हैं तो डेफिनेटली उनको परचेस बुक में रिकॉर्ड किया जा सकता है। तो ऑल क्रेडिट परचेस भी
यहां पर हमारा सही ऑप्शन नहीं हो सकता क्योंकि इसमें एसेट्स भी शामिल है। ऑप्शन सी क्या कह रहा है? ऑल क्रेडिट परचेजेस ऑफ
गुड्स मिल गया हमें जिसकी हमें तलाश थी कि परचेजेस बुक के अंदर जितने भी गुड्स के ऐसे ट्रांजैक्शंस जिसमें हमने गुड्स को
उधार पर खरीदा है डेफिनेटली उनको हम लोग परचेजेस बुक में ही रिकॉर्ड करते हैं। और ऑप्शन नंबर डी क्या कह रहा है? ऑल क्रेडिट
परचेस ऑफ एसेट्स अभी डिस्कस किया हम लोगों ने। अगर एसेट्स को क्रेडिट पर खरीदा गया है तो उसकी एंट्री परचेजेस बुक में नहीं
बल्कि जर्नल प्रॉपर में की जाती है। ओके साथियों चलिए एमसीक्यू नंबर 27 क्या कह रहा है साथियों?
क्रेडिट परचेस। चलिए फिर से हम उधार पर कुछ खरीददारी कर रहे हैं ऑफ स्टेशनरी। हमने स्टेशनरी का आइटम यहां पर खरीदा। अब
अगर आगे हम लोग क्वेश्चन ना पढ़ें और अगर हम यह सोें कि हमारा किसी और चीज का बिजनेस है और हमने स्टेशनरी का कोई आइटम
खरीदा तो उस केस में तो स्टेशनरी को हम खर्चों के रूप में ट्रीट करते हैं। इट इज़ ट्रीटेड एज एन एक्सपेंस। पर अगर क्वेश्चन
को अगर आगे पढ़ें तो हमें एक चीज नजर आ रही है कि अगर स्टेशनरी की खरीददारी किसने की है? जो खुद स्टेशनरी का बिजनेस करता है।
तो साथियों स्टेशनरी की दुकान जिसकी है अगर उसने स्टेशनरी आइटम सप्लायर से खरीदे हैं तो वो स्टेशनरी के आइटम्स उसके लिए
क्या कहलाएंगे? गुड्स कहलाएंगे। रीज़ बीइंग उसने स्टेशनरी किस लिए खरीदी? फॉर रिसेल फॉर सेल टू द कस्टमर्स। तो इस केस में एक
स्टेशनरी की दुकान वाले के लिए अगर उसने स्टेशनरी खरीदी है तो वो उसके लिए गुड्स कहलाएंगे। सो इट विल बी रिकॉर्डेड इन अभी
जस्ट एक एमसीक्यू ऊपर गया कि अगर आपने गुड्स खरीदे हैं उधार पर तो उसको किस में रिकॉर्ड किया जाता है साथियों? परचेजेस
बुक के अंदर। देखो दूसरे ऑप्शंस कुछ काम के लग रहे हैं क्या आपको? क्या सेल्स बुक में एंट्री होगी इस चीज की? हो ही नहीं
सकती। क्यों? क्योंकि खरीददारी की बात हो रही है। बेचे थोड़ी है गुड्स। तीसरा क्या इसकी एंट्री कैश बुक में हो सकती है।
बिल्कुल नहीं हो सकती। क्यों नहीं हो सकती? यहां पर आप उधार पे गुड्स खरीद रहे हो तो कैश बुक में कैसे एंट्री होगी
साथियों? कैश बुक में एंट्री कब एंट्री होती है? जब या तो पैसा आ रहा हो या जा रहा हो। आपने तो उधार पे खरीददारी करी।
ठीक है? और फिर लास्ट क्या कह रहा है? जनरल प्रॉपर में एंट्री होगी क्या इस चीज की? जी नहीं। जनरल प्रॉपर में तो उस केस
में एंट्री करेंगे अगर बाय चांस यहां पर कोई एसेट खरीदी होती। यहां पर तो उसने गुड्स खरीदे हैं। अगर
मशीन, फर्नीचर वगैरह कुछ उधार पर खरीदा होता उसने तो डेफिनेटली हमारा आंसर डी हो सकता था। पर उसकी खुद की स्टेशनरी की
दुकान है। उसने स्टेशनरी के आइटम्स खरीदे हैं तो उसके लिए गुड्स की कैटेगरी में आएंगे और गुड्स अगर उधार पे खरीदे गए हैं
तो इट इज़ रिकॉर्डेड इन परचेजेस बुक। चलिए अगली कड़ी में बात करते हैं हम एमसीक्यू नंबर 28 की जो क्या कहना चाह रहा है? अ
पीरियडिक टोटल। अब पीरियडिक टोटल का मतलब यहां पर क्या हो गया? आफ्टर एव्री फिक्स्ड पीरियड।
आफ्टर अ फिक्स्ड पीरियड या आफ्टर एव्री फिक्स्ड पीरियड इसको आप वीकली भी ले सकते हैं, इसको आप
मंथली भी ले सकते हैं। अब क्वेश्चन हमसे क्या कहना चाह रहा है? अ पीरियडिक टोटल ऑफ परचेजेस बुक
एक पीरियड ओवर होने के बाद एक फिक्स पीरियड ओवर होने के बाद परचेजेस बुक की जब टोटल की जाती है तो उस टोटल को
लेजर के अंदर कौन से अकाउंट में किस साइड पोस्ट किया जाता है? देखो नीचे मैंने एक छोटा सा एक्सप्लेनेशन आप लोगों के लिए
लिखा है। बात हो रही है परचेजेस बुक की। ठीक है? परचेजेस बुक किसका पार्ट है? सब्सिडरी
बुक्स का साथियों। तो परचेजेस बुक की जब टाइमली पीरियडिकली जब टोटल की जाती है तो उसकी
पोस्टिंग होती है साथियों। पोस्टिंग किसमें होगी? लेजर के अंदर। अब पोस्टिंग देखना साथियों। परचेजेस बुक
की जो पोस्टिंग होती है लेजर के अंदर वो दो अकाउंट में होती है। एक तो होती है परचेजेस अकाउंट में।
और साथियों ध्यान रखिएगा परचेजेस अकाउंट में इंडिविजुअल परचेस का अमाउंट पोस्ट नहीं किया जाता बल्कि टोटल की पोस्टिंग
होती है। कौन सी साइट होती है? अभी मैं आपको लॉजिकली बता दूंगा। आपको याद रहेगा। और
दूसरा पोस्टिंग होती है इंडिविजुअल सप्लायर्स के अकाउंट में जिनसे हमने उधार पर माल खरीदा जो जो भी पर्टिकुलर डेट है।
सप्लायर्स के अकाउंट में तो डेट वाइज पोस्टिंग होती है साथियों। मैं यहां लिख देता हूं आप लोगों के ध्यान रखने के लिए।
सप्लायर्स के अकाउंट में डेट वाइज पोस्टिंग होती है। और वही परचेजेस अकाउंट में टोटल अमाउंट की पोस्टिंग होती है।
साथियों। अब अकाउंट तो क्लियर हो गए पर अकाउंट में किस साइड तो उसके लिए आपको नेचर पता होना
चाहिए। सिंपल सी बात है कि वो किस कैटेगरी का अकाउंट है। जैसे परचेजेस अकाउंट जो है जब आप गुड्स खरीदते हो साथियों तो उससे
आपके एक्सपेंसेस क्या होते हैं? बढ़ते हैं। और 11th क्लास में हम लोगों ने क्या रूल पढ़ रखा है कि एक्सपेंसेस जब बढ़े हैं
तो उनको डेबिट किया जाता है। तो साथियों परचेजेस अकाउंट में पोस्टिंग किस साइड होती है? डेबिट साइड।
और यही जितने भी सप्लायर्स हैं जिनसे आपने उधार पर माल खरीदा उधार पर माल खरीदने पर साथियों आपकी लायबिलिटी क्या होती है?
बढ़ती है। और लायबिलिटी बढ़ती है अगर तो रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट क्या कहता है कि क्रेडिट करिए। तो जितने भी सप्लायर्स के
अकाउंट हैं उनके अकाउंट इंडिविजुअल अमाउंट से क्रेडिट होंगे। मतलब उनके अकाउंट में क्रेडिट साइड एंट्री होगी और परचेज अकाउंट
में डेबिट साइड एंट्री होगी। ओके? चलिए। यह हो गई पोस्टिंग की बात। अब देखो क्वेश्चन क्या कह रहा है और फटाफट से
देखो। फटाफट से देखो कौन सा ऑप्शन यह बात कह रहा है कि परचेज बुक की जो टोटल होती है वो परचेजेस अकाउंट के अंदर डेबिट साइड
रिकॉर्ड होती है। डेबिट साइड पोस्ट होती है। चेक करो। पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? पोस्टेड टू द डेबिट ऑफ परचेजेस अकाउंट।
बिल्कुल पहला ही ऑप्शन बिल्कुल लॉजिकल और सटीक बात कह रहा है जो अभी मैंने आप लोगों को बताई।
हो सकता है आपको ऑलरेडी पता हो बट रिवीजन आपका हो रहा है तो यह बहुत अच्छी बात है। चीजें आपके दिमाग में और कंठस्थ रूप से
बैठती चली जाएगी। तो ऑप्शन नंबर ए बिल्कुल हमको यहां पर सही ट्रीटमेंट के रूप में मिल गया। ऑप्शन बी क्या कह रहा है?
पोस्टेड टू द डेबिट ऑफ सेल्स अकाउंट। भाई परचेस बुक की टोटल सेल्स अकाउंट में कैसे जा सकती है? किसी रूप में नहीं जा सकती।
सेल्स अकाउंट में तो किस चीज की टोटल जाती है? सेल्स बुक की टोटल। ओके। सी ऑप्शन क्या कह रहा है? पोस्टेड टू
द क्रेडिट ऑफ परचेजेस अकाउंट। साथियों परचेस हमारा एक्सपेंस की कैटेगरी में आता है। एक्सपेंसेस तो डेबिट होते हैं। तो
क्रेडिट साइड कैसे पोस्टिंग हो सकती है? इंपॉसिबल। और लास्ट वाला ऑप्शन क्या कह रहा है? पोस्टेड टू द क्रेडिट ऑफ सेल्स
अकाउंट। फिर से सेल्स अकाउंट कहां से आ गया भाई? बात जब परचेस बुक की हो रही है तो परचेस अकाउंट में पोस्टिंग होगी। सेल्स
बुक में सेल्स अकाउंट में कैसे पोस्टिंग हो सकती है? सेल्स अकाउंट में सिर्फ तब पोस्टिंग होती
है जब सेल्स बुक की बात हो रही हो। अंशिका जी मैंने आपकी इस कमेंट का कल वाली वीडियो में भी जवाब दे दिया था। एक बार
फिर दे देता हूं। लेजर चैप्टर में मैंने 14 ही क्वेश्चन करवाए। मैंने टोटल 20 क्वेश्चन करवाए। पर 14 क्वेश्चन करवाने के
बाद कुछ टेक्निकल एरर आने की वजह से वो क्लास ऑटोमेटिकली वहीं एंड हो गई। मेरा जो सिस्टम था वो ऑटोमेटिकली एक टेक्निकल
ग्लिच की वजह से एक एरर की वजह से वो रिस्टार्ट हो गया। इसलिए वो क्लास आप लोगों को कंटीन्यूअसली शो नहीं हो पाई। बट
मैं ये प्रॉमिस करता हूं वो जो छह एमसीक्यूस हैं उनका सॉल्यूशन मैं आपको कोई ना कोई सेशन रख के कंप्लीट करवा दूंगा।
ओके अंशिका जी [नाक से की जाने वाली आवाज़] चलिए हां जी तो
डी ऑप्शन भी हमारा नहीं सही हो सकता बात क्यों क्योंकि परचेस बुक का क्वेश्चन है तो परचेस अकाउंट में पोस्टिंग होगी सेल्स
अकाउंट में पोस्टिंग होने का कोई सवाल ही यहां पर पैदा नहीं होता चलिए अगले एमसीक्यू पर चलते हैं यहां पर हम लोग
एमसीक्यू नंबर 29 क्या कह रहा है यह कि जो सेल्स बुक है सेल्स बुक में साथियों कौन से ट्रांजैक्शन
रिकॉर्ड होते हैं जब हम गुड्स बेचे हैं वो भी किस पर उधार पर वो
ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं साथियों सेल्स बुक में। अभी क्या कह रहा है सेल्स बुक के लिए? पहला ऑप्शन सेल्स बुक इज अ
पार्ट ऑफ जर्नल। यहां पर जर्नल का मतलब है साथियों सब्सिडरी बुक्स। हां जी। यहां पर जर्नल का मतलब क्या है
साथियों? सब्सिडरी बुक्स। तो क्या सेल्स बुक सब्स सेल्स बुक जो है वो सब्सिडरी बुक्स का ही एक पार्ट है। डेफिनेटली कल
मैंने आपको एक चार्ट के माध्यम से बताया था कि सब्सिडरी बुक्स के अंदर कौन-कौन सी बुक्स जो है वो मेंटेन की जाती है।
सेकंड ऑप्शन क्या कह रहा है? सेल्स बुक इज अ पार्ट ऑफ लेजर। बिल्कुल भी नहीं। लेजर के अंदर तो सेल्स बुक नहीं बल्कि सेल्स
अकाउंट बनता है। तो सेकंड ऑप्शन यहां पर गलत माना जाएगा। फिर ये कह रहा है द सेल्स बुक इज़ अ पार्ट ऑफ़ बैलेंस शीट। अरे बैलेंस
शीट में कब से सेल्स आने लग गई? बैलेंस शीट शोज़ एसेट्स एंड लायबिलिटीज़ ऑन अ पर्टिकुलर डेट ऑफ़ एन एंटप्राइज़। तो यहां
उस पर ऑप्शन नंबर सी भी नहीं हो सकता क्योंकि बैलेंस शीट में तो सेल्स आती नहीं साथियों। और लास्ट क्या कह रहा है? द
सेल्स बुक इज़ अ पार्ट ऑफ़ ट्रेडिंग अकाउंट। तो कैसे पॉसिबल है साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट की बात हो रही है। अकाउंट के अंदर
बुक्स कहां से आ जाएगी? बुक्स में तो रिकॉर्डिंग होती है और अकाउंट के अंदर हम आइटम्स को रिप्रेजेंट करते हैं। ज्यादा से
ज्यादा अगर बात करनी है कि सर ट्रेडिंग अकाउंट में जो सेल्स आती है सर ट्रेडिंग अकाउंट में जो सेल्स आती है साथियों वो
टोटल सेल्स आती है। टोटल सेल्स का मतलब क्या हो गया यहां पर? टोटल सेल्स का मतलब यहां पर हो गया कैश
सेल्स भी आती है ट्रेडिंग अकाउंट में और क्रेडिट सेल्स भी आती है। तो किसी भी रूप में यहां पर ऑप्शन नंबर डी
भी बिल्कुल भी सही नहीं हो सकता। तो यहां पर एमसीक्यू नंबर 29 का आंसर क्या होगा? दैट सेल्स बुक इज अ पार्ट ऑफ जर्नल।
क्लियर है? चलिए एमसीक्यू नंबर 30 द सोर्स डॉक्यूमेंट ओ हो हो एक वो टॉपिक जो मैं आपको ऑलरेडी
करवा चुका हूं और वाउचर व्हिच इज यूज्ड फॉर रिकॉर्डिंग एंट्रीज इन द सेल्स बुक साथियों सेल्स बुक में
एंट्री कब होती है यह नीचे लिख रहा हूं मैं सेल्स बुक में एंट्री कब होती है? जब हम
गुड्स बेचते हैं। बहुत अच्छी बात है। किस पर बेचते हैं? उधार पर। और साथियों
मैंने आपको सोर्स डॉक्यूमेंट एंड वाउचर वाले चैप्टर में क्या बताया था कि जब हम उधार पर गुड्स बेचते हैं तो सोर्स
डॉक्यूमेंट कौन सा बनाते हैं हम? जल्दी से मुझे कमेंट सेक्शन में बताओ। उस केस में आप कौन सा सोर्स डॉक्यूमेंट बनाकर बयर को
देते हो? याद आया होगा आपको? इनवॉइस। और इनवॉइस हम किसको देते हैं? इनवॉइस हम किसको देते हैं साथियों? बयर को।
या कस्टमर को। अब देखो ऑप्शंस हमारे सामने क्या है? सबसे पहला कि सेल्स बुक में
हमारे पास जो इनवॉइस आए क्या उसके बेस पर एंट्री होती है? साथियों हमारे पास जो इनवॉइस आए हैं वो तो किससे
रिलेटेड होंगे? जब हमने उधार पर क्या खरीदे होंगे? गुड्स। और उधार पर अगर हमने गुड्स खरीदे तो उसकी
एंट्री तो परचेजेस बुक में होगी। यहां पर क्वेश्चन क्या कह रहा है? कौन से डॉक्यूमेंट के आधार पर सेल्स बुक में
एंट्री होगी? तो फर्स्ट ऑप्शन तो हो नहीं सकता क्योंकि इनवॉइस रिसीव्ड के आधार पर तो एंट्री परचेस बुक में होगी। सेकंड
ऑप्शन व्हेन इनवॉइस इज सेंट आउट जब हम इनवॉइस किसी को देते हैं। यस यस यस यस ये देखो। यहां पर हमने इनवॉइस भेजा। हमने
इनवॉइस दिया किसको? हमारे कस्टमर को। तो यहां पर जो इनवॉइस था वो हमने बाहर भेजा दिया कस्टमर को।
तो इस चीज की जो एंट्री है इस चीज की जो एंट्री है वीर डेफिनेटली किस में होगी साथियों? सेल्स बुक के अंदर।
इसी डॉक्यूमेंट के आधार पर सेल्स बुक में एंट्री होगी। तो बिल्कुल ऑप्शन बी हमें यहां पर सही आंसर के रूप में देखने को मिल
गया। परफेक्ट। ऑप्शन सी और डी क्या कह रहा है? ऑप्शन सी
कह रहा है क्रेडिट नोट्स सेंट आउट। साथियों, क्रेडिट नोट, डेबिट नोट मैंने आपको एक बहुत बड़े डायग्राम के थ्रू बताया
था। जो साथी आज पहली बार क्लास में जुड़े हैं। आप सोर्स डॉक्यूमेंट्स और वाउचर्स वाला मेरा जो वीडियो है, ऑलरेडी चैनल पे
अपलोडेड है। उसमें जाके देखिएगा कि मैंने बहुत आसान तरीके से ये दोनों डॉक्यूमेंट्स समझाए थे। अब देखो शॉर्ट में यहां पर
बताता हूं। क्रेडिट नोट सेंट आउट। हमने क्रेडिट नोट भेजा। और डी क्या कह रहा है? हमारे पास डेबिट नोट आया। बिल्कुल ये एक
ही सिचुएशन में अराइज़ होती है ये चीज कि हमने क्रेडिट नोट भेजा। हमारे पास डेबिट नोट आया। ऐसा एक ही सिचुएशन में हो सकता
है साथियों और वो है सेल्स रिटर्न की सिचुएशन। जब हमने हमारे कस्टमर को उधार पर गुड्स
बेचे उनमें से कुछ गुड्स डिफेक्टिव निकले तो हमारा जो कस्टमर था मैंने यहां वर्ड डेटर
यूज़ किया है। कोई दिक्कत नहीं है। वो भी डेटर ही है। तो हमारे डेटर ने या हमारे कस्टमर ने जो डिफेक्टिव गुड्स थे वो हमको
वापस रिटर्न कर दिए। और उन गुड्स के साथ-साथ साथियों वो हमें डेबिट नोट भी बेचता है। तो यहां पर वो हमें डेबिट नोट
किसके साथ भेजता है? गुड्स के साथ। इसको क्या कहते हैं? जो गुड्स हमने बेचे हैं वो हमारे पास रिटर्न आ रहे हैं। जिसको हम
बड़े प्यार से क्या कहते हैं? सेल्स रिटर्न। तो हमारे पास डेबिट नोट आता है और हमारे
पास जैसे ही गुड्स के साथ डेबिट नोट रिसीव होता है एज एन इंटिमेशन हम भी डेटर को इंटिमेशन भेजते हैं कि ओके ओके ओके मैं भी
तेरे अकाउंट को मेरी बुक्स में क्रेडिट करता हूं तो उस केस में हम उसको क्रेडिट नोट भेजते हैं। तो साथियों सी और डी जो
ऑप्शन है ये सेल्स रिटर्न से रिलेटेड है। पर क्वेश्चन जो है वो हमारा सेल्स से रिलेटेड है। सेल्स रिटर्न से रिलेटेड
नहीं। तो ऑप्शन सी और डी यहां पर एक साथ कटते हुए। तो एमसीक्यू नंबर 30 का जो राइट आंसर हमें देखने को मिला वो मिला ऑप्शन
नंबर बी। चलिए एमसीक्यू नंबर 31 पे बढ़ते हैं यहां पर। सेल्स बुक इज यूज्ड टू रिकॉर्ड। साथियों,
सेल्स बुक में कौन सी एंट्रीज होती है? जब हम गुड्स बेचें, वह भी किस पर? उधार पर उस ट्रांजैक्शन की
जो एंट्री है वह सेल्स बुक में हम लोग करते हैं। अब देखते हैं कौन सा ऑप्शन हमें यहां पर सही रूप में देखने को मिलता है।
ऑप्शन ए ऑल सेल्स ऑफ गुड्स। अरे भाई साहब ऑल सेल्स ऑफ गुड्स का मतलब तो क्या हो गया? ऑल सेल्स ऑफ गुड्स का तो मतलब हो गया
कैश सेल्स भी। और क्रेडिट सेल्स भी। अरे भाई साहब कैश सेल्स तो कैश बुक में जाएगी ना।
हां। क्रेडिट सेल्स जरूर सेल्स बुक में जाएगी। पर क्या सारी सेल्स चाहे वो कैश सेल्स हो, चाहे वो क्रेडिट सेल्स हो, सारी
सेल्स बुक में जाती है? नहीं। ऑप्शन ए गलत हो गया। सेकंड ऑप्शन क्या कह रहा है? सारी क्रेडिट सेल्स। अरे सारी क्रेडिट सेल्स
मतलब जो भी बेचा वो सेल्स बुक में रिकॉर्ड होगा। कैसे हो सकता है? अगर भाई साहब सिर्फ गुड्स बेचे हैं
उधार पर तो वो सेल्स बुक में रिकॉर्ड होंगे। बट अगर आपने एसेट्स बेच दी उधार पर सेल्स
बुक में नहीं जाएगी। वो किस में रिकॉर्ड होती है? जनरल प्रॉपर में। तो ऑप्शन बी भी हम लोग यहां पर सेलेक्ट नहीं कर पाएंगे।
क्यों नहीं कर पाएंगे? क्योंकि सारे तरह की सेल्स थोड़ी रिकॉर्ड होती है भाई साहब सेल्स बुक में। सेल्स बुक में तो सिर्फ
गुड्स बेचे हैं अगर उधार पर तो वो रिकॉर्ड होता है। हां जी। ऑप्शन नंबर सी ऑल क्रेडिट सेल ऑफ एसेट्स। अरे अभी डिस्कस
किया अगर एसेट्स बेची है उधार पर तो वो तो जर्नल प्रॉपर में रिकॉर्ड किया जाता है। तो बचा ऑप्शन नंबर डी वही सही होगा और
लॉजिकली भी देख लेते हैं। ऑल क्रेडिट सेल्स ऑफ गुड्स जब हम उधार पर गुड्स बेचते हैं तो वह
डेफिनेटली सेल्स बुक के अंदर रिकॉर्ड करते हैं। चलिए एमसीक्यू नंबर 32 क्या कह रहा है साथियों?
ट्रांजैक्शंस रिकॉर्डेड इन सेल्स बुक। ठीक है? आर पोस्टेड टू द लेजर। ठीक है? लेजर के
अंदर। सेल्स बुक से पोस्टिंग होती है सेल्स अकाउंट के अंदर। ओके। अब और किसके अकाउंट में?
जिसको हमने गुड्स बेचे। मतलब डेटर्स अकाउंट में इन दो अकाउंट में पोस्टिंग होती है। किस साइड होती है? अभी
लॉजिकली अपन देख लेंगे। पर क्वेश्चन क्या कहना चाह रहा है? एक बार देख लेते हैं कि इसकी जो पोस्टिंग है अगर आपने गुड्स बेचे
उधार पर उसको सेल्स बुक में रिकॉर्ड किया। अब उसकी जो पोस्टिंग है वो ऑप्शंस क्या कह रहा है? ऑन द डेबिट साइड ऑफ कस्टमर्स
अकाउंट ऑन द क्रेडिट साइड ऑफ सेल्स रिटर्न्स अकाउंट। नो वेयर इदर ए एंड बी। अब देखते हैं साथियों। देखो नीचे एक छोटा
सा डायग्राम। सेल्स बुक की बात हो रही है। सेल्स बुक किसका पार्ट है? सब्सिडरी बुक्स का। सेल्स बुक में जो ट्रांजैक्शंस
रिकॉर्ड होते हैं, उनकी पोस्टिंग होती है किसके अंदर? सर लेजर के अंदर। लेजर में एक तो पोस्टिंग होती है सेल्स अकाउंट में। और
सेल्स अकाउंट में क्या जाती है साथियों? सेल्स बुक की पीरियडिक टोटल। इसमें जाती है
सेल्स बुक की पीरियडिक टोटल। ठीक है? एक तो सेल्स अकाउंट में पोस्टिंग होती है। दूसरा इंडिविजुअल ट्रांजैक्शन की पोस्टिंग
होती है डेटर्स अकाउंट में इंडिविजुअली। [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब आपको ये तो पता चल गया कि पोस्टिंग
किस-किस अकाउंट में होगी लेजर में। पर किस साइड होगी उसके लिए आपको सिंपल सा मॉडर्न एप्रोच का यूज करके आंसर निकालना है। भाई
देखो अगर आपने सेल्स बुक में एंट्री करी है मतलब आपने गुड्स बेचे तो आपकी सेल्स बढ़ी साथियों सेल्स अकाउंट को आप किस
कैटेगरी में डालते हैं? रेवेन्यू। जब आप गुड्स बेचते हैं तो आपका रेवेन्यू बढ़ता है साथियों। और रेवेन्यू जब बढ़ता है तो
एस पर रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट हम क्रेडिट करेंगे। तो इस केस में सेल्स अकाउंट जो है वो क्रेडिट होगा और डेटर्स
के जो अकाउंट है साथियों जब हम गुड्स बेचते हैं तो हमारे जो डेटर्स हैं साथियों वो इनक्रीस होते हैं। और अगर हमने उधार पर
गुड्स बेचे और हमारे डेटर्स इनक्रीस हुए डेटर्स हमारे आते हैं एसेट्स की कैटेगरी में और साथियों जब एसेट्स इनक्रीस होती है
तो हम उसको डेबिट करते हैं। तो पोस्टिंग की जहां तक बात है सेल्स बुक से तो पोस्टिंग एक तो सेल्स अकाउंट में
होती है साथियों और जितने भी आपके डेटर्स हैं इंडिविजुअली उनके अकाउंट में पोस्टिंग होती है। किस साइड होती है ये भी मैंने
आपको बता दिया। क्यों होती है ये भी मैंने आपको बता दिया। अब इनमें से कौन सा ऑप्शन सही है जरा वो देख लेते हैं हम लोग। पहला
ऑप्शन क्या कह रहा है? ऑन द डेबिट साइड ऑफ कस्टमर्स अकाउंट। ये देखिए अभी हम लोगों ने डिस्कस किया कि हमारे जो डेटर्स हैं
उनके डेबिट साइड पोस्टिंग होगी। तो पहला ही ऑप्शन जो है वो हमको यहां पर बिल्कुल सही बात बोलता हुआ नजर आया। पर एक बार
दूसरे ऑप्शंस भी देख लेते हैं। क्या कहना चाह रहे हैं? ऑन द क्रेडिट साइड ऑफ सेल्स रिटर्न अकाउंट। अरे भाई सेल्स रिटर्न
अकाउंट में पोस्टिंग कब होती है? कहां से होती है? सेल्स रिटर्न बुक से। क्या सेल्स रिटर्न बुक का क्वेश्चन है? जी नहीं।
क्वेश्चन है सेल्स बुक का। तो ऑप्शन नंबर बी जो है वो किसी भी रूप में सही हो नहीं सकता। ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है कि
पोस्टिंग कहीं नहीं होगी। इंपॉसिबल पोस्टिंग होती है लेजर में। और ऑप्शन डी डी क्या कह रहा है? इदर ए और बी या तो ए
या फिर बी हो ही नहीं सकता क्योंकि ऑप्शन नंबर ए ही सही है। बी बिल्कुल गलत है। तो डी ऑप्शन भी यहां पर नहीं होगा। इसका
जो सही आंसर होगा वो होगा ऑप्शन नंबर ए कि कस्टमर्स के अकाउंट में जितने भी कस्टमर्स हैं जिनको आपने उधार पर माल बेचा
उनके अकाउंट में डेबिट साइड एंट्री होगी। क्यों होगी? मैंने आपको मॉडर्न एप्रोच के हिसाब से रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट अप्लाई
करके इसका जवाब आई होप आप लोगों को क्लास में समझ में आ रहा है। कमेंट सेक्शन को यस सर से भर दीजिए फास्ट। यस सर। यस सर। यस
सर लिखिए। यस सर समझ में आ रहा है? यस सर। स्पीड मैच कर रहे हैं। कर पा रहे हैं हम या स्पीड स्लो करनी है। क्या करना है आप
मुझे? फटाफट से कमेंट सेक्शन में बताइए। 1 मिनट का ब्रेक मैं यहां पर लूंगा। जल्दी से
जल्दी से फास्ट फास्ट [नाक से की जाने वाली आवाज़]
[गला साफ़ करने की आवाज़] चलिए साथियों जल्दी से
ब्रेक चल रहा है एक मिनट का ब्रेक ब्रेक ब्रेक बिल्कुल यही क्वेश्चन परचेस से भी हो सकता
है। बिल्कुल उसमें लैंग्वेज चेंज होगी। अकाउंट्स चेंज होंगे। हो सकता है आगे वो क्वेश्चन आपको देखने को मिल जाए। बिल्कुल।
ओके चलिए ओके यस सर यस सर यस सर यस सर
एवरीथिंग इज़ फाइन गुड गोइंग चलिए आगे बढ़ते हैं हम लोग हमारे अगले एमसीक्यू पर जो कि है एमसीक्यू नंबर 33 क्या कहना
चाह रहा है साथियों परचेजेस रिटर्न्स बुक साथियों परचेजेस रिटर्न बुक में एंट्री कब होती है यह दिमाग में हमारे बिल्कुल
क्लियर होना चाहिए जब हम उधार पर खरीदे हुए गुड्स को रिटर्न करते हैं।
सिर्फ वो ट्रांजैक्शन जो है वो परचेजेस रिटर्न बुक में रिकॉर्ड होगा। जो गुड्स उधार पे खरीदे थे उनको अगर आपने रिटर्न
किया है वापस से सप्लायर को वो ट्रांजैक्शन वो पर्टिकुलर जो ट्रांजैक्शन है वो रिकॉर्ड होगा आपका परचेजेस रिटर्न
बुक में। ऑप्शंस क्या कह रहा है यहां पर? पहला ऑप्शन देखते हैं सही है या गलत। रिटर्न्स
ऑफ गुड्स परचेस फॉर कैश। साथियों जो गुड्स आपने कैश में खरीदे थे वो खरीदते वक्त भी कैश बुक में रिकॉर्ड
होंगे। और अगर आपने गुड्स रिटर्न कर दिए तो तुरंत आप पैसा ले लोगे सप्लायर से तो वो भी कैश बुक में रिकॉर्ड होगा। तो पहला
ऑप्शन तो हमारा सही नहीं हो सकता। बिल्कुल नहीं हो सकता। क्योंकि पहला वाला तो कैश बुक में रिकॉर्ड होगा। यहां पर हमसे
क्वेश्चन किसके बारे में पूछा जा रहा है कि परचेजेस रिटर्न बुक में कौन सा ट्रांजैक्शन एंटर होगा? सेकंड क्या कह रहा
है? रिटर्न ऑफ फिक्स्ड एसेट्स। गुड्स की जगह वर्ड क्या आ गया यहां पर? फिक्स्ड एसेट्स। तो रिटर्न्स ऑफ फिक्स्ड
एसेट्स व्हिच वर परचेस्ड ऑन क्रेडिट। अगर यहां पर फिक्स्ड एसेट्स की जगह गुड्स वर्ड होता तो डेफिनेटली ऑप्शन सही होता। पर जब
हम लोग एसेट्स उधार पर खरीदते हैं वो भी जनरल प्रॉपर में रिकॉर्ड होता है। और अगर हमने एसेट्स को रिटर्न कर दिया है जो हमने
क्रेडिट पे खरीदे थे वो भी जर्नल प्रॉपर में ही रिकॉर्ड होगा। साथियों परचेस रिटर्न बुक में तो ये ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड
कतई नहीं हो सकता। ओके अगला ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है साथियों? रिटर्न्स ऑफ गुड्स परचेस्ड ऑन क्रेडिट। मजा आ गया।
जिसकी हमें तलाश थी। जिसको हम इतने टाइम से ढूंढ रहे थे। इतनी देर से ढूंढ रहे थे कि जब जो गुड्स हमने उधार पे खरीदे थे वो
अगर हम लोगों ने रिटर्न कर दिए तो डेफिनेटली उसकी रिकॉर्डिंग परचेजेस रिटर्न बुक में की जाती है। परफेक्ट।
और ऑप्शन नंबर डी सही हो सकता है क्या साथियों? जल्दी से मुझे बताओ। क्या पॉसिबिलिटी है? परचेस ऑफ गुड्स को आप किस
में रिकॉर्ड करते हो? अरे परचेस बुक में रिकॉर्डिंग होती है इस चीज की। तो हमसे क्वेश्चन ने परचेस रिटर्न बुक के बारे में
पूछा। तो ऑप्शन डी भी यहां पर किसी हाल में सही नहीं हो सकता। सो क्वेश्चन नंबर 33 का सही
आंसर क्या मिला साथियों? ऑप्शन नंबर सी। चलिए क्वेश्चन नंबर 34 पर बढ़ते हैं हम लोग। द
टोटल ऑफ परचेजेस रिटर्न बुक। साथियों टोटल की बात हो रही है कि परचेजेस रिटर्न बुक की पीरियडिक टोटल
को जब लेजर में पोस्ट किया जाता है तो कौन से अकाउंट में और किस साइड पोस्टिंग की जाती है? नीचे एक डायग्राम देखिए साथियों।
बात हो रही है परचेजेस रिटर्न बुक की। परचेजेस रिटर्न बुक किसका पार्ट है सर? सब्सिडरी बुक्स का। तो परचेजेस रिटर्न बुक
में जितने भी ट्रांजैक्शंस रिकॉर्ड होते हैं उनकी लेजर में पोस्टिंग होती है। यस सर होती है। लेजर में एक तो परचेजेस
रिटर्न अकाउंट में पोस्टिंग होती है। दूसरा जितने भी सप्लायर्स को हमने गुड्स रिटर्न कर दिए उन सप्लायर्स के अकाउंट में
भी पोस्टिंग होती है। यस सर होती है। याद रखिएगा परचेजेस रिटर्न अकाउंट में तो पीरियडिक टोटल की पोस्टिंग होती है।
याद रखिएगा और सप्लायर्स के अकाउंट में इंडिविजुअली पोस्टिंग होती है।
अब सर बात तो ये समझ में आ गई कि पोस्टिंग परचेस रिटर्न अकाउंट में भी होती है। सप्लायर्स के अकाउंट में भी होती है। पर
सर किस साइड और किस साइड पोस्टिंग होती है? उसके लिए हमको दिमाग में मॉडर्न एप्रोच के हिसाब से यहां पर इन अकाउंट्स
को कैटेगराइज करना पड़ेगा कि परचेस रिटर्न अकाउंट किस कैटेगरी में जाएगा और उस कैटेगरी का रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट क्या
है? सप्लायर्स अकाउंट जो है वो किस कैटेगरी में फॉल करते हैं और उस पर्टिकुलर कैटेगरी का रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट क्या
कहता है? तो साथियों परचेजेस रिटर्न अकाउंट एक्सपेंसेस की कैटेगरी में फॉल करता है।
जैसे परचेजेस अकाउंट एक्सपेंसेस की कैटेगरी में फॉल करता है वैसे ही परचेजेस रिटर्न अकाउंट भी एक्सपेंसेस की कैटेगरी
में फॉल करता है। पर फर्क सिर्फ इतना है कि परचेजेस जब हम लोग लिखते हैं तो उससे हमारे एक्सपेंसेस बढ़ते हैं। यही परचेजेस
रिटर्न जब हम लोगों ने कर दिए तो हमारे एक्सपेंसेस रिड्यूस होते हैं। और फटाफट से दिमाग में लाओ कि जब एक्सपेंसेस रिड्यूस
होते हैं तो एस पर रूल ऑफ़ डेबिट एंड क्रेडिट उनको क्रेडिट किया जाता है। मतलब परचेजेस रिटर्न अकाउंट के अंदर क्रेडिट
साइड पोस्टिंग होगी। और हमारे जितने भी सप्लायर्स हैं हमने उनको गुड्स ही वापस भेज दिए। अरे भाई हमने उनको गुड्स ही वापस
भेज दिए। तो हमारी जो लायबिलिटी है हमारी जो लायबिलिटी है भाई साहब वो कम हो जाएगी। पैसा नहीं देना है।
और रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट क्या कहता है साथियों? कि जब लायबिलिटी रिड्यूस हो तो उसको डेबिट किया जाता है। मतलब यहां पर
परचेजेस रिटर्न बुक से जब पोस्टिंग होती है तो पोस्टिंग कैसे होती है? आप लोगों को समझ में आ गया होगा। परचेजेस रिटर्न
अकाउंट में तो क्रेडिट साइड पोस्टिंग होती है साथियों। यस। और सप्लायर्स के अकाउंट में डेबिट साइड पोस्टिंग होती है। जस्ट अ
सेकंड। यह भाई साहब जो है थोड़ा सा मेरा पैर लग गया तो थोड़ा सा यह हिल गए। अब ठीक है।
चलिए परफेक्ट परफेक्ट अब ऑप्शन देखते हैं क्या पूछना चाह रहा है फिर उसको जवाब देते हैं
बिल्कुल मुंह पर कि परचेजेस रिटर्न बुक की जो पोस्टिंग है वो लेजर में कहां कैसे होती है पहला ऑप्शन
क्या कह रहा है ऑन द क्रेडिट साइड ऑफ परचेजेस अकाउंट अरे भाई साहब परचेजेस अकाउंट में पोस्टिंग कब होती है
परचेजेस अकाउंट में पोस्टिंग कहां से होती है परचेजेस बुक में से क्वेश्चन में परचेज बुक है क्या? नहीं है
ना? काटो इसको। ऑप्शन बी क्या कह रहा है? ऑन द क्रेडिट साइड ऑफ परचेजेस रिटर्न्स अकाउंट। देखो
अभी मैंने आपको समझाया। परचेजेस रिटर्न अकाउंट में किस साइड एंड पोस्टिंग होगी? क्रेडिट साइड। तो यहां पर
ऑप्शन नंबर बी जो है वो हमारी बात को बिल्कुल सही तरह से जस्टिफाई कर रहा है। तो ऑप्शन बी बिल्कुल करेक्ट आंसर के रूप
में देखने को मिल गया। ऑप्शन सी क्या कह रहा है? ऑन द डेबिट साइड ऑफ परचेस अकाउंट। अरे भाई साहब जब क्रेडिट साइड होती है और
वो वही स- सही पोस्टिंग होती है तो डेबिट साइड को हम कैसे सही मान सकते हैं? और ऑप्शन डी एक बहुत अटपटी सी बात कह रहा है
कि या तो बी या फिर सी मतलब डेबिट साइड भी कर सकते हो, क्रेडिट साइड भी कर सकते हो। यहां पर आपकी मर्जी नहीं चलेगी।
रूल्स ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट अप्लाई होते हैं। अकाउंटिंग मर्जी से नहीं की जाती। अगर मर्जी से अकाउंटिंग कर दी जाए तो
यूनिफिटी कैसे मेंटेन होगी भाई साहब? बताइए मुझे। यूनिफॉर्मिटी कैसे मेंटेन हो पाएगी?
चलिए। तो 34 जो क्वेश्चन है हमारा उसका सटीक आंसर हमें ऑप्शन बी के रूप में देखने को
मिला। ओके? अब चलते हैं हम एमसीक्यू नंबर 35 पे जो हमसे क्या पूछना चाह रहा है? अ डेबिट नोट।
ओके? डेबिट नोट की बात कर रहा है साथियों। डेबिट नोट और क्रेडिट नोट बहुत डिटेल में मैंने आपको सोर्स डॉक्यूमेंट्स और वाउचर्स
वाली क्लास में समझा दिया था। अगर आप आज पहली बार जुड़ रहे हैं तो सोर्स डॉक्यूमेंट्स और वाउचर्स वाली क्लास को
जरूर से देखिएगा। आप डेबिट नोट और क्रेडिट नोट जीवन में कभी नहीं भूलेंगे। मैंने इतना अच्छा एग्जांपल लेके आपको डायग्राम
बना के बताया था। हां जी। अ डेबिट नोट इशूड टू अ क्रेडिटर फॉर गुड्स रिटर्नड बाय अस। साथियों हमने
हमारे क्रेडिटर को गुड्स रिटर्न किए। और जब हम लोग गुड्स जो खरीदे हुए गुड्स हैं उनको रिटर्न करते हैं तो उसको हम परचेस
रिटर्न कहते हैं या नहीं कहते और उसकी एंट्री हम किस में करते हैं साथियों? परचेजेस
रिटर्न बुक के अंदर करते हैं। भाई बात जब परचेस रिटर्न की हो रही है गुड्स जो आपने परचेस किए थे वो आपने रिटर्न कर दिए। तो
उसकी एंट्री उसको हम परचेस रिटर्न कहते हैं। और उनको हम लोग रिकॉर्ड किस में करते हैं? परचेस रिटर्न बुक में।
इज टू बी रिकॉर्डेड इन पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? बिल्स रिसीवेबल बुक। साथियों, यह जो बिल्स रिसीवेबल बुक है, यह तो अब देखने
को ही नहीं मिलती। इसको सब्सिडरी बुक्स की लिस्ट में से हटा दिया गया। रीज़न बीइंग जो बिल्स हैं, वो पहले के जमाने में
ट्रेडिशनल टाइम्स में इस्तेमाल किए जाते थे। अब तो बिल्स रिसीवबल बुक जो है वो सब्सिडरी बुक्स की कैटेगरी से हट गए हैं।
अब तो डायरेक्टली ऑनलाइन पेमेंट्स का जमाना आ चुका है। एनएफटी, आरटीजीएस ऑनलाइन Paytm Google पे फोन पे चलता है
साथियों। तो बिल रिसीवबल का मामला तो पुराना हो चुका है। सेकंड ऑप्शन क्या कह रहा है? ये जो ट्रांजैक्शन है ये परचेस
बुक में रिकॉर्ड होगा। कैसे हो सकता है साथियों? हमने गुड्स खरीदे थोड़ी है। हमने गुड्स वापस भेज दिए। खरीदे हुए गुड्स वापस
रिटर्न कर दिए। तो परचेस बुक में एंट्री नहीं होगी। तीसरा ऑप्शन क्या कह रहा है? जर्नल प्रॉपर। जी नहीं। गुड्स के खरीदने
और उसको रिटर्न करने की बात हो रही है। वो तो परचेस बुक, सेल्स बुक, परचेस रिटर्न बुक, सेल्स रिटर्न बुक, गुड्स से रिलेटेड
जो ट्रांजैक्शंस है वो इन बुक्स में जाते हैं। जनरल प्रॉपर में नहीं जाएगा साथियों। लास्ट ऑप्शन जो बिल्कुल सही हमको देखने को
मिल रहा है कि जो खरीदे हुए गुड्स हमने उधार पे खरीदे थे उनको हमने रिटर्न कर दिया। तो डेफिनेटली उसको हम किस में
रिकॉर्ड करते हैं? परचेजेस रिटर्न बुक में। और परचेजेस रिटर्न बुक का अगर आपने फॉर्मेट देखा हो तो उसमें एक कॉलम डेबिट
नोट का आता है जिसमें डेबिट नोट नंबर लिखा जाता है। परफेक्ट साथियों बहुत बढ़िया। शानदार
तरीके से चीजें चल रही है। मैं आशा करता हूं आप लोगों को मजा आ रहा होगा। आप लोगों को चीजें समझ में आ रही होगी। बहुत
बढ़िया। काफी सारे स्टूडेंट्स मेरे साथ लाइव यहां पर बने हुए हैं। बहुत ही बढ़िया। बहुत अच्छी बात है। आप लोगों का
सिलेक्शन पक्का है भाई साहब। चलिए। अगले एमसीक्यू पर चलते हैं। एमसीक्यू नंबर 36 हमसे क्या पूछना चाह रहा है कि सेल्स
रिटर्न बुक के अंदर कब एंट्री की जाती है? साथियों सब्सिडरी बुक्स का शानदार चार्ट मैंने आपको कल
बताया था। सेल्स रिटर्न बुक में एंट्री कब होती है? जो गुड्स
हमने उधार पर बेचे थे। अगर
वो हमारे कस्टमर ने हमें रिटर्न कर दिए।
तो उस केस में साथियों एंट्री होती है आपकी सेल्स रिटर्न बुक के अंदर। ऐसा कौन सा ट्रांजैक्शन यहां पर आपको
देखने को मिल रहा है? पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? रिटर्न ऑफ फिक्स्ड एसेट्स सोल्ड ऑन क्रेडिट। साथियों
फिक्स्ड एसेट्स की बात आ रही है। चाहे खरीदे, बेचे, रिटर्न हुए, कुछ भी हुए वो रिकॉर्ड होते हैं। साथियों जनरल प्रॉपर
में हमसे जनरल प्रॉपर के बारे में नहीं पूछा गया। ऑप्शन नंबर बी रिटर्न्स ऑफ गुड्स सोल्ड फॉर कैश। जो गुड्स आपने कैश
में बेचे थे वो आपके कस्टमर ने वापस रिटर्न कर दिए। तो जब कैश में बेचे थे वो एंट्री भी कैश बुक में होगी। वापस रिटर्न
आ गए वो एंट्री भी कैश बुक में होगी क्योंकि सारा लेनदेन कैश पे होगा उधार पे नहीं। ऑप्शन सी
रिटर्न्स ऑफ गुड्स सोल्ड ऑन क्रेडिट। जो गुड्स हमने उधार पर बेचे थे वो गुड्स कस्टमर ने हमको वापस रिटर्न कर दिए।
डेफिनेटली यही ट्रांजैक्शन आपका सेल्स रिटर्न बुक में रिकॉर्ड होगा। नीचे मैंने आपको ऑलरेडी यहां पर एक्सप्लेनेशन दे
दिया। गुड्स वर्ड ध्यान रखना। और लास्ट ऑप्शन सही हो सकता है क्या? सेल्स ऑफ गुड्स को हम सेल्स रिटर्न बुक में रिकॉर्ड
करते हैं क्या? अरे सेल्स जब हम गुड्स बेचते हैं साथियों, तो उसको तो हम बड़े प्यार से सेल्स बुक में रिकॉर्ड करते हैं
ना कि सेल्स रिटर्न बुक में। तो ऑप्शन नंबर डी भी यहां पर हमारा सही ऑप्शन नहीं होगा। हमको हमारा जो सही ऑप्शन है वो
ऑलरेडी ऑप्शन नंबर सी के रूप में मिल चुका है। तो एमसीक्यू नंबर 36 का सही ऑप्शन हमें देखने को मिल गया ऑप्शन नंबर सी के
रूप में। चलिए आगे बढ़ते हैं एमसीक्यू नंबर 37 की तरफ। द टोटल ऑफ
द टोटल ऑफ सेल्स रिटर्न बुक इज पोस्टेड साथियों सेल्स रिटर्न बुक की पोस्टिंग की बात कर रहा है नीचे की तरफ देखो सेल्स
रिटर्न बुक साथियों किसका पार्ट है सब्सिडरी बुक्स का पोस्टिंग किस में होगी लेजर में होगी कौन-कौन से अकाउंट में होगी
साथियों एक तो सेल्स रिटर्न अकाउंट में और दूसरा डेटर्स के अकाउंट में सेल्स रिटर्न अकाउंट में तो साथियों जाएगी पीरियडिक
टोटल और जिन-जिन कस्टमर्स ने हमको गुड्स रिटर्न कर दिए उनके अकाउंट में इंडिविजुअली
हर एक के अकाउंट में पोस्टिंग होगी। क्लियर है? अब हमसे इसने पूछा है कि द टोटल ऑफ सेल्स रिटर्न बुक टोटल किस में
जाती है साथियों? सेल्स रिटर्न अकाउंट में। इसमें टोटल किस में जाती है? सेल्स रिटर्न
अकाउंट में। अब किस साइड जाती है? मैंने क्या तरीका बताया? मॉडर्न एप्रोच यूज़ करो। कैटेगरी ऑफ़ अकाउंट फाइंड आउट करो और रूल
ऑफ़ डेबिट एंड क्रेडिट अप्लाई करो। सेल्स रिटर्न अकाउंट। साथियों सेल्स रिटर्न अकाउंट के पहले आप ये सोचो सेल्स अकाउंट
को किस कैटेगरी में डालते हो आप? रेवेन्यू अकाउंट में। जब आप गुड्स बेचते हो तो आपका रेवेन्यू बढ़ता है। सेल्स रिटर्न अकाउंट भी
उसी कैटेगरी में जाता है। बस फर्क इतना है? उसकी वजह से जो आपका रेवेन्यू है वो रिड्यूस होगा। और साथियों जब रेवेन्यू
रिड्यूस होता है तो रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट बच्चा-बच्चा जानता है कि जब रेवेन्यू रिड्यूस होगा तो उसको हम डेबिट
करेंगे। तो यहां पर इस केस में सेल्स रिटर्न अकाउंट के अंदर पोस्टिंग होगी वो भी डेबिट साइड। तो ऐसा कौन सा ऑप्शन है जो
साथियों हमें ये कहे कि सेल्स रिटर्न अकाउंट में सर डेबिट साइड पोस्टिंग होगी। जी हां साथियों पहला ही ऑप्शन हमको
बिल्कुल सटीक और सही आंसर के रूप में देखने को मिल गया कि सर पोस्टिंग सेल्स रिटर्न अकाउंट में होगी वो भी डेबिट साइड।
क्यों होगी साथियों? सेल्स रिटर्न की वजह से आपका रेवेन्यू रिड्यूस होगा। एंड एस पर रूल ऑफ़ डेबिट एंड क्रेडिट अगर रेवेन्यू
रिड्यूस होता है तो उसको हम डेबिट करते हैं। क्लियर है? समझ में आ रहा है आपको? क्लास
में मजा आ रहा है? अगर क्लास अच्छी लग रही है तो इसको अगर आपके और भी कोई दोस्त आपके और भी कोई रिलेटिव्स अगर तैयारी कर रहे
हैं फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर की तो उनके साथ ये वीडियो जरूर शेयर कीजिएगा और सबसे बड़ीेंस जो बुक की मैं आपको क्लास
में बताता हूं वो जो बुक है जो मैंने आपको बताई तैयारी के लिए सिलेक्शन के लिए वो बुक भी आप उनको बताइएगा। चलिए सेकंड ऑप्शन
क्या सही हो सकता है साथियों? किसी भी रूप में नहीं हो सकता। दोनों तरफ तो पोस्टिंग हो नहीं सकती। तीसरा ऑप्शन क्या कह रहा
है? ऑन द डेबिट ऑफ सेल्स अकाउंट। अरे भाई सेल्स रिटर्न की बात आ रही है तो सेल्स अकाउंट में पोस्टिंग कैसे हो सकती है और
नो वेयर का मतलब तो क्या हो गया कहीं भी पोस्टिंग नहीं होगी ये तो भाई साहब बिल्कुल भी किसी भी केस में पॉसिबल नहीं
है। चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर 38 क्या कह रहा है साथियों हमसे?
व्हेन अ कस्टमर रिटर्न्स द गुड्स। जब कस्टमर हमें गुड्स रिटर्न करता है। साथियों, यह देखो हम है सेलर
और एक तरफ है हमारा कस्टमर या फिर कह सकते हैं बयर। अब ये कह रहा है क्वेश्चन व्हेन अ कस्टमर
रिटर्न्स द गुड्स। आपका कस्टमर क्या कर रहा है? आपको गुड्स रिटर्न कर रहा है।
तो साथियों सोर्स डॉक्यूमेंट्स वाले चैप्टर में मैंने आपको क्या बताया था? जब आपका कस्टमर आपको गुड्स रिटर्न करता है तो
वो आपको दो चीजें भेजता है। जब आपका कस्टमर आपको गुड्स रिटर्न करता है ना तो वो दो चीजें बेचता है। दो चीजें
क्या? पहला तो वो गुड्स बेचता है। दूसरा दूसरा साथियों जल्दी से बताओ एक डॉक्यूमेंट वो बनाकर भेजता है डॉक्यूमेंट
उस डॉक्यूमेंट को क्या कहते हैं जल्दी से बताइए उस डॉक्यूमेंट को कहते हैं साथियों डेबिट नोट
जिसमें वो हमें ये इंट इंटिमेट करता है हमारे पास वो ये इनेशन पहुंचाता है कि भाई साहब मैं आपके अकाउंट को डेबिट कर रहा हूं
अब देखो हमारे पास गुड्स आ गए हम सेलर है और हमारे पास डेबिट नोट आया इधर से हम भी रिप्लाई में
कस्टमर को ये इंटिमेशन भेजते हैं क्रेडिट नोट के जरिए कि ठीक है भाई ठीक है ओके
मैं भी तुझे मेरी बुक्स में क्रेडिट कर रहा हूं ये पैसा मत देना जितने के गुड्स तूने रिटर्न कर दिए ये पैसा मत देना
क्लियर है तो एज अ सेलर हम उसको क्रेडिट नोट भेजते हैं और कस्टमर जब गुड्स रिटर्न करता है तो गुड्स के साथ वो हमको डेबिट
नोट सेंड करता है अब ऑप्शन ऑप्शंस क्या है हमारे सामने और देखते हैं कौन सा ऑप्शन जो है वो बिल्कुल सही हमको देखने को मिलता
है। ऑप्शन नंबर ए जब कस्टमर हमको गुड्स रिटर्न करता है तो हम उसको इनवॉइस बेचते हैं। अरे भाई साहब इनवॉइस कब बेचते हैं?
जब हम उसको गुड्स बेचते हैं। बेचते हैं, सेल करते हैं। यहां पर बेचने की तो बात आई नहीं। यहां तो बेचने के बाद की बात है कि
उसने गुड्स वापस रिटर्न कर दिए। बेचने की बात तो है नहीं। तो इनवॉइस तो हम अभी तो उसको भेजेंगे नहीं। इनवॉइस तो हम उसको
ऑलरेडी दे चुके हैं जब हमने गुड्स बेचे थे। तो पहला ऑप्शन तो नहीं हो सकता। दूसरा क्या कह रहा है? अ डेबिट नोट इज सेंट टू
हिम। अरे भाई साहब हम उसको डेबिट नोट थोड़ी भेजेंगे। डेबिट नोट तो वो हमको भेजेगा। तो सेकंड ऑप्शन भी किसी भी रूप में यहां
पर नहीं हो सकता। तो नीचे मैंने आपको डायग्राम के रूप में क्या बताया? उसने हमको गुड्स भेजे और उसने हमको साथ में
डेबिट नोट भेजा। ये इंडिकेट करने के लिए कि वो हमें डेबिट कर रहा है। उसी के रिप्लाई में हम उसको क्रेडिट नोट भेजते
हैं। ये इंटिमेट करने के लिए कि मैं तेरे अकाउंट को क्रेडिट कर रहा हूं। तो डेफिनेटली हम उसको क्रेडिट नोट भेजेंगे।
जिसमें हम ये इंटिमेट करेंगे। ठीक है भाई साहब ये पैसा मैं तेरा माइनस कर रहा हूं। तुझे मैं क्रेडिट कर रहा हूं। इतना पैसा
मत देना। तो ऑप्शन नंबर सी जो है साथियों बिल्कुल सही ऑप्शन के रूप में हमें देखने को मिला।
और लास्ट कि जब वो हमको गुड्स भेज रहा है तो हम उसको क्या रिसीट देंगे? अरे साथियों रिसीट कब दी जाती है? जब कोई कस्टमर हमें
पेमेंट करे। यहां पेमेंट नहीं हो रहा है। यहां तो वो हमें गुड्स रिटर्न कर रहा है। तो साथियों एमसीक्यू नंबर 38 का सही ऑप्शन
आपको देखने को मिला ऑप्शन नंबर सी के रूप में। चलिए एमसीक्यू नंबर 39 पर चलते हैं। यहां पर हम
लोग एक्सेप्टेंसेस रिसीव्ड। अब साथियों कहीं ना कहीं ये पुराने कांसेप्ट का एक क्वेश्चन है। बट फिर भी
सिलेबस का पार्ट है। आपको पढ़ना पड़ेगा और आपको ध्यान में होना चाहिए। एक्सेप्टेंसेस रिसीव्ड। साथियों ये एक्सेप्टेंसेस
रिसीव्ड जो है ये किससे रिलेटेड एक टर्म है साथियों? ये डेटर्स से रिलेटेड एक टर्म है। देखिए साथियों कहानी कुछ इस प्रकार
है। बिल रिसीवेबल पुराने जमाने की बात हो रही है। यहां पर हमने उधार पर हमारे किसी डेटर को गुड्स बेचे। इसको जनरल एंट्री के
फॉर्म में समझो आप। ठीक है? तो उस केस में हम नॉर्मल एंट्री क्या करते हैं? डेटर्स को हम बढ़ाते हैं
और हमारा रेवेन्यू बढ़ता है तो हम सेल्स अकाउंट को क्रेडिट करते हैं। ओके सर ये बात समझ में आ गई। अब अगर बाय चांस हमको
प्रूफ चाहिए हमको उस पे कहीं ना कहीं डिस्ट्रेस वाली सिचुएशन है। हमको उस पर भरोसा नहीं है। तो हम क्या करते हैं? उसका
नाम का एक बिल ड्रॉ कर किया करते थे। उस बिल को वो एक्सेप्ट करता था। तो देखो सेकंड बात क्या? सेकंड पॉइंट क्या लिखा
यहां पर मैंने? जब वो बिल एक्सेप्ट करेगा। हमने बिल डॉ किया। बिल पे सारी डिटेल्स लिखी। अब वो उस बिल को एक्सेप्ट करेगा कि
यस मैं एक्सेप्ट करता हूं कि आज से तीन महीने बाद या चार महीने बाद जो भी पीरियड उसमें लिखा हुआ है उस बिल में वो एक्सेप्ट
करता है अपने सिग्नेचर करके कि मैं इतने टाइम बाद ये पेमेंट कर दूंगा। तो जैसे वो बिल एक्सेप्ट करता है तो एक और जर्नल
एंट्री होती है जिसमें हम लोग क्या करते हैं? हम निश्चिंत हो जाते हैं। निश्चिंत कैसे? हम लोग डेटर्स तो कम कर देते हैं
वापस। पर डेटर्स की जगह हम एक नई एसेट क्रिएट कर देते हैं जिसको कहते हैं बिल्स रिसीवेबल। अकाउंट
तो हम डेटर्स को कम कर देते हैं क्योंकि डेटर्स की जगह हमने एक नई एसेट क्रिएट कर दी जिसको बोलते हैं बिल्स रिसीवेबल
अकाउंट। ठीक है? अब देखो क्वेश्चन क्या कह रहा है? एक्सेप्टेंस इज़ रिसीव्ड। ठीक है? एक्सेप्टेंस दे दी डेटर ने एंड रिकॉर्डेड
इन बिल्स रिसीवेबल बुक। ठीक है? उसको बिल्स रिसीवेबल बुक के अंदर इस चीज को। मैंने आपको एंट्री फॉर्म में बताया। बट
रिकॉर्डिंग कैसे होती है? हम सब जानते हैं इस चीज की बात हो रही है। इस सिचुएशन की बात हो रही है। ठीक है? आर ट्रांसफरर्ड टू
पर्सनल लेजर। यहां पर पर्सनल लेजर की क्या बात है? किसकी बात कर रहा है? पर्सनल लेजर का मतलब यहां पे है डेटर के लेजर में।
पर्सनल लेजर का मतलब क्या हो गया? डेटर का लेजर। कि जब पोस्टिंग की जाएगी तो डेटर के लेजर में किस साइड पोस्टिंग होगी? तो
साथियों ये देखो मैंने आपको एंट्री के रूप में समझा दिया। तो आपको 1 सेकंड में क्लियर हो गया होगा कि डेटर इस केस में
क्रेडिट हो रहा है। तो ऑब्वियस सी बात है डेटर के अकाउंट में पोस्टिंग किस साइड होगी? क्रेडिट साइड होगी। चेक करो जल्दी
से ऑप्शंस चेक करो। क्या ऐसा कोई ऑप्शन है जो ये कह रहा है कि क्रेडिट साइड पोस्टिंग होगी सर डेटर्स अकाउंट में? बिल्कुल।
डेटर्स के अकाउंट में क्रेडिट साइड पोस्टिंग की जाएगी। बिल्कुल बिल्कुल शानदार तरीके से क्लास में बने रहिए। अपने
साथी जो और तैयारी कर रहे हैं फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर के लिए उनके साथ इस वीडियो का लिंक जरूर से शेयर करें और उनसे
यह कहें कि इस क्लास को डेली ज्वाइन करने से एमसीक्यूस के सॉल्यूशन अच्छे से समझ जाएगा तू। बुक तू भी खरीद ले और मेरे साथ
तैयारी कर ले और सरकारी नौकरी पाने का जो अपना सपना है वो साथ मिलकर पूरा करेंगे। तो ऐसे अपने पर्सनल बेनिफिट के लिए सिर्फ
आप ही ये वीडियो मत देखो। और भी जो दोस्त आपके रिलेटिव्स तैयारी कर रहे हैं फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर की उनके साथ ये लिंक
जरूर शेयर करना चाहिए आपको। चलिए तो यहां पर एमसीक्यू नंबर 39 का जो करेक्ट आंसर हमें देखने को मिला वो मिला ऑप्शन नंबर बी
के रूप में। ओके? चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं। एमसीक्यू
नंबर 40। द टोटल ऑफ अब ये बात फिर से किसकी कर रहा है साथियों? टोटल की। द टोटल ऑफ बिल्स रिसीवेबल बुक इज पोस्टेड टू द
लेजर। चलिए ट्रेडिशनली साथियों बिल्स रिसीवेबल बुक भी सब्सिडरी बुक्स का पार्ट हुआ करता
था। तो ऑब्वियस सी बात है जब बिल्स रिसीवेबल बुक में रिकॉर्डिंग होती थी तो उसकी लेजर में भी पोस्टिंग होती थी। लेजर
में कौन-कौन से अकाउंट में पोस्टिंग होती थी साथियों? एक तो बिल्स रिसीवेबल अकाउंट में और दूसरा साथियों पोस्टिंग होती थी
डेटर्स अकाउंट के अंदर। अब बात ये आती है कि किस अकाउंट में किस साइड पोस्टिंग होती है साथियों? तो मैंने आपको क्या बता रखा
है टेक्निक? मॉडर्न एप्रोच अप्लाई करो। कैटेगरी ऑफ़ अकाउंट को फाइंड आउट करो और [गला साफ़ करने की आवाज़] रूल ऑफ डेबिट
एंड क्रेडिट अप्लाई करो और अपना आंसर पाओ। ठीक है? अब देखो जब आप बिल रिसीवेबल एक्सेप्ट करता है आपका
डेटर और उसको आप जब रिकॉर्ड करते हो तो बिल्स रिसीवेबल अकाउंट को आप डेबिट करते हो। मतलब आप एक नई एसेट क्रिएट करते हो।
मतलब आप अपनी एसेट बढ़ाते हो और दूसरी तरफ जो डेटर नाम की एसेट है उसको आप कम करते हो क्योंकि उसकी जगह आप बिल रिसीवेबल करके
एक एसेट क्रिएट करते हो। चलिए तो एक एसेट बढ़ रही है एक कम हो रही है। जो एसेट बढ़ रही है उसका अकाउंट डेबिट
होगा और जो अकाउंट जो एसेट रिड्यूस हो रही है उसका अकाउंट क्रेडिट होगा। चलिए मतलब कुल मिला के बिल रिसीवेबल अकाउंट में
डेबिट साइड पोस्टिंग होगी और डेटर्स के अकाउंट में क्रेडिट साइड पोस्टिंग होगी। अब देखिए ऑप्शंस के अंदर क्या-क्या है
हमारे पास? ऑप्शन नंबर ए ऑन द क्रेडिट साइड ऑफ बिल्स पेएबल अकाउंट। अरे भाई साहब बिल्स पेएबल अकाउंट की बात कब आती है?
बिल्स पेएबल अकाउंट में पोस्टिंग कहां से होती है? बिल्स पेएबल बुक में जब कोई ट्रांजैक्शन
रिकॉर्ड होता है उसकी जो टोटल है वो जाती है बिल्स पेएबल अकाउंट में। बट क्वेश्चन बिल्स पेएबल का नहीं है।
क्वेश्चन किसका [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] है? बिल्स रिसीवेबल का। तो पहला ऑप्शन गलत
हो गया। ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है? ऑन द डेबिट साइड ऑफ बिल्स रिसीवेबल अकाउंट। यह देखिए साथियों, अभी मैंने आपको यह चीज
समझाई और उसके पीछे का लॉजिक भी आपको बता दिया कि क्यों डेबिट साइड? तो ऑप्शन नंबर बी जो है साथियों क्वेश्चन नंबर 40 का वो
बिल्कुल सही आंसर हमें यहां पर देखने को मिला। ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है? कहीं भी
पोस्टिंग नहीं होगी। थैंक यू सो मच। बाय-ब और इदर ए और बी या तो ए या फिर बी दोनों तरफ नहीं हो सकता भैया। है ना? मनमर्जी
नहीं चलती यहां पर। रूल्स चलते हैं डेबिट और क्रेडिट के। चलिए [गला साफ़ करने की आवाज़]
[नाक से की जाने वाली आवाज़] आगे बढ़ते हैं। उसी का रिवर्स क्वेश्चन हमारे सामने यहां पर आया। पिछले क्वेश्चन
में बिल्स रिसीवेबल बुक थी। इस क्वेश्चन में बिल्स पेएबल बुक की बात आ गई। मतलब लायबिलिटी कहीं ना कहीं यहां पर अराइज़
होगी। तो जैसा कि साथियों मैंने आपको पिछले क्वेश्चन में समझाया उसी कड़ी में उसी
तरीके से मैं फिर बता रहा हूं। बिल्स पेएबल बुक पुराने समय में सब्सिडरी बुक्स का पार्ट हुआ करती थी। और जब बिल्स पेएबल
बुक में कोई एंट्री होती थी वो सारी एंट्रीज वापस लेजर में भी होती थी इंडिविजुअल सप्लायर्स के अकाउंट में और जो
टोटल होती थी वो बिल्स पेएबल अकाउंट के अंदर पोस्ट की जाती थी और सप्लायर्स अकाउंट के अंदर इंडिविजुअली ट्रांजैक्शंस
को रिकॉर्ड किया जाता था। अब बिल्स पेएबल के अंदर हम एंट्री कब करते थे साथियों? जब सप्लायर ने हमारे ऊपर बिल ड्रॉ किया और
हमने उस बिल को साइन करके एक्सेप्ट किया। तो यहां पर साथियों उस केस में हम क्या करते थे? जैसे ही हम बिल एक्सेप्ट हम खुद
करते थे तो हम एक बिल्स पेएबल नामक लायबिलिटी क्रिएट करते थे और सप्लायर्स नामक जो लायबिलिटी है उसको हटा देते थे।
सिर्फ रिकॉर्डिंग का एक तरीका है। ठीक है? अब रूल ऑफ़ डेबिट एंड क्रेडिट अप्लाई करो। अगर लायबिलिटी बढ़ती है साथियों तो रूल ऑफ
डेबिट एंड क्रेडिट क्या कहता है जल्दी बताइए सर क्रेडिट किया जाता है और अगर लायबिलिटी रिड्यूस होती है सर उस अकाउंट
को डेबिट किया जाता है मतलब जब बिल्स पेएबल बुक से पोस्टिंग होती है बिल्स पेएबल अकाउंट में तो बिल्स पेएबल अकाउंट
को क्रेडिट किया जाता है। बिल्स पेएबल अकाउंट को क्रेडिट किया जाता है। अब देखो क्या ऐसा
कोई ऑप्शन क्वेश्चन नंबर 41 में है क्या साथियों कि इसकी जो पोस्टिंग है बिल्स पेएबल बुक की वो बिल्स पेएबल अकाउंट में
होगी और क्रेडिट साइड होगी ऐसा कोई ऑप्शन है क्या यहां पर जल्दी से बताइए [नाक से की जाने वाली आवाज़]
बिल्कुल यस शानदार क्लास में बने हुए हैं काफी सारे स्टूडेंट्स तो ऑप्शन नंबर बी जो है वो
बिल्कुल यही बात कह रहा है कि इसकी की जो एंट्री है वो बिल्स पेएबल अकाउंट में होगी और क्रेडिट साइड होगी।
क्यों होगी उसका लॉजिक मैंने अभी आपको यहां पर बता दिया। डेबिट साइड हो नहीं सकती। क्रेडिट साइड हो चुकी है। नो वेयर
वाला ऑप्शन हम लेंगे नहीं। और दोनों ऑप्शन इदर ए और बी नहीं हो सकता। मर्जी नहीं चलती। रूल्स ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट चलते
हैं। क्लियर है? चलिए बात करते हैं नेक्स्ट एमसीक्यू की। एमसीक्यू नंबर 42 जो कि हमसे क्या कहना चाहता है? क्या पूछना
चाहता है? द सेल्स बुक इज अ पार्ट ऑफ जर्नल इज अ पार्ट ऑफ लेजर। साथियों, यह क्वेश्चन
रिपीट है। क्वेश्चन नंबर 29 आप देख लीजिएगा। ऑलरेडी मैं आपको एक्सप्लेन कर चुका हूं। दैट सेल्स बुक इज अ पार्ट ऑफ
सब्सिडरी बुक्स जिसको हम जर्नल भी कह सकते हैं। क्लियर है? तो क्वेश्चन नंबर 42 का आंसर ऑप्शन नंबर ए।
चलिए एमसीक्यू नंबर 43 [गला साफ़ करने की आवाज़]
क्लोजिंग एंट्रीज साथियों क्लोजिंग एंट्रीज क्या होती है मैंने आपको कल सब्सिडरी बुक्स के साथ बताया था ये वो
एंट्रीज होती है जो आप ईयर एंड पे पास करते हो अपने इनकम और एक्सपेंसेस के जितने भी अकाउंट है उनको क्लोज करते हो उनमें जो
भी अमाउंट आता है टोटल अमाउंट वो आप ट्रांसफर करते हो या तो ट्रेडिंग अकाउंट में या फिर प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के
अंदर और क्लोजिंग एंट्रीज किस में रिकॉर्ड होती है साथियों ना तो कैश बुक में ना परचेस बुक ना सेल्स बुक ना परचेस रिटर्न
सर रिटर्न क्लोजिंग एंट्रीज किसमें रिकॉर्ड होती है? जर्नल प्रॉपर के अंदर। मैंने आपको लिस्ट बताई थी डिटेल में।
ओपनिंग एंट्री, क्लोजिंग एंट्री, ट्रांसफर एंट्री, एडजस्टमेंट एंट्री, मिसलेनियस एंट्रीज एक्सट्रा एक्सट्रा ये सारी किसमें
रिकॉर्डिंग होती है? जर्नल प्रॉपर के अंदर। रेक्टिफिकेशन एंट्रीज वगैरह जर्नल प्रॉपर के अंदर। तो क्या यहां पर हमें
जर्नल प्रॉपर ऑप्शन में देखने को मिल रहा है क्या? बताओ बताओ बताओ। जर्नल प्रॉपर है क्या? यस
सर। ऑप्शन नंबर सी हमें बिल्कुल जर्नल प्रॉपर ही दिख रहा है। तो इस क्वेश्चन का सही आंसर क्या होगा साथियों? ऑप्शन नंबर
सी। दूसरे ऑप्शंस क्या कह रहे हैं कि क्लोजिंग एंट्रीज जो है वो कैश बुक में हो सकती है क्या? किस रूप में नहीं हो सकती?
इनकम और एक्सपेंसेस के खाते बंद करने की एंट्री क्या कैश बुक में होती है? अरे नहीं भाई, कैश बुक में तो एंट्री किस चीज
की होती है? पैसे आने जाने की। दूसरा ऑप्शन क्या कह रहा है? लेजर। अरे लेजर में एंट्री नहीं होती भाई। लेजर में पोस्टिंग
होती है। ओए लेजर में पोस्टिंग होती है। और लास्ट ऑप्शन क्या कह रहा है? बैलेंस शीट। अरे बैलेंस शीट में रिकॉर्डिंग होती
है क्या भाई साहब? बैलेंस शीट तो ईयर एंड पे आपकी फाइनेंसियल पोजीशन, एसेट्स और लायबिलिटीज शो करता है।
सो क्लोजिंग एंट्रीज आर रिकॉर्डेड इन जर्नल प्रॉपर। परफेक्ट। चलिए
आगे बढ़ते हैं हम लोग। एमसीक्यू नंबर 44। द फॉलोइंग इज एंटर्ड इन द जर्नल प्रॉपर। इनमें से कौन सा ऐसा ट्रांजैक्शन है जिसको
जर्नल प्रॉपर में रिकॉर्ड किया जाता है? ऑप्शन नंबर ए परचेस ऑफ एन एसेट। अच्छा वो भी किस पे खरीदी है? कैश पे। अरे भाई साहब
एसेट खरीदी। कैश में पेमेंट कर दिया। कैश गया। और साथियों जब कैश आए या जाए उसकी एंट्री किस में होती है? कैश बुक में होती
है तो ये ट्रांजैक्शन तो भाई साहब जनरल प्रॉपर में नहीं जाएगा। सेकंड ऑप्शन परचेस ऑफ एन एसेट ओके वो भी उधार पर। वाओ भाई
साहब मिल गया वो ट्रांजैक्शन। अगर हमने कोई एसेट खरीदी है वो भी उधार पर। अगर गुड्स खरीदे होते उधार पर तो
किसमें जाते? जल्दी बताओ। परचेजेस बुक में। पर गुड्स नहीं बल्कि हमने यहां पर एसेट खरीदी है। तो एसेट अगर आपने उधार पर
खरीदी तो डेफिनेटली इट इज रिकॉर्डेड इन जर्नल प्रॉपर। ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है? परचेस ऑफ़ गुड्स फॉर कैश। अरे फिर वही
बात आपने गुड्स तो खरीदे। बहुत अच्छी बात है पर कैश में खरीदे। कैश में खरीदे मतलब आपने कैश में पेमेंट किया और कैश गया। कैश
आया या गया। किस में रिकॉर्ड करते हो आप? कैश बुक में। जनरल प्रॉपर में थोड़ी रिकॉर्ड करते हैं।
और लास्ट ऑप्शन क्या कह रहा है? परचेस ऑफ गुड्स ऑन क्रेडिट। अरे भाई साहब अगर हमने गुड्स उधार पे खरीदे हैं तो हम उसको जनरल
प्रॉपर में नहीं बल्कि परचेजेस बुक में रिकॉर्ड करते हैं। तो यहां पर ऑप्शन डी भी हमारा रॉन्ग होता है। तो जनरल प्रॉपर के
अंदर जो रिकॉर्डिंग होगी वो रिकॉर्डिंग होगी ऑप्शन नंबर बी की। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
ओके? आगे बढ़े। चलिए एमसीक्यू नंबर 45 क्या कह रहा है साथियों? रेक्टिफाइंग द एरर। ठीक है? ऑफ अ क्रेडिट
परचेस ऑफ़ गुड्स रिकॉर्डेड एस क्रेडिट सेल डिस्कवर्ड 2 मंथ्स लेटर। मतलब कुल मिला के आपको एक एरर मिली। और आपको उस एरर को
रेक्टिफाई करना है। और एरर को रेक्टिफाई करने के लिए साथियों क्या करनी पड़ती है? रेक्टिफाइंग एंट्री।
याद करो। मैंने सब्सिडरी बुक्स पार्ट वन वाली क्लास में भी आपको याद दिलाया था। अभी थोड़ी देर पहले भी बताया। ओपनिंग
एंट्री, क्लोजिंग एंट्री, मिसलेनियस एंट्रीज, ट्रांसफर एंट्रीज, एडजस्टमेंट एंट्रीज, रेक्टिफाइंग एंट्रीज किस में की
जाती है? जर्नल प्रॉपर के अंदर। देखिए ऑप्शंस में कहीं जर्नल प्रॉपर या जनरल जर्नल कहीं दिख रहा है क्या साथियों?
यस सर। सर यस सर यस सर हमें पहला ही ऑप्शन है सर हमको आपका चार्ट याद है सर जो आपने शानदार तरह से समझाया था और उस चार्ट को
देखते हुए हमें बिल्कुल भी समय नहीं लगा हमको तुरंत हमारा आंसर मिल गया सर कि इस क्वेश्चन का जो सही आंसर है वो जर्नल
प्रॉपर होगा दूसरे ऑप्शंस क्या कह रहे हैं देखो रेक्टिफाइंग एंट्री सेल्स बुक में होती है
क्या साथियों अरे नहीं भाई सेल्स बुक में तो एंट्री होती है जब गुड्स बेचे जाए उधार पर रेक्टिफाई करने की नहीं कैश बुक में
एंट्री कब होती है साथियों साथियों जब पैसा आता है या जाता है और परचेज बुक में क्या रेक्टिफाइंग एंट्री होती है? जी
नहीं। जब हम गुड्स खरीदते हैं उधार पर तो वो रिकॉर्ड होते हैं आपके परचेजेस बुक में। सॉरी
चलिए समझ में आ रहा है आपको? चलिए लास्ट दो क्वेश्चंस और करेंगे साथियों। लास्ट दो [नाक से की जाने वाली आवाज़]
एमसीक्यू नंबर 46 साथियों क्या कहना चाह रहा है? अनपेड सैलरी ऑफ 200 ओो अनपेड सैलरी
साथियों आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस साथियों आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस की हम कौन सी एंट्रीज करते हैं ईयर एंड पे टू फाइंड आउट
करेक्ट प्रॉफिट और लॉस ऑफ द बिनेस एडजस्टमेंट एंट्रीज करते हैं क्या यस सर और अभी 1 मिनट पहले मैंने आपको लिस्ट बताई
एडजस्टमेंट एंट्रीज ओपनिंग एंट्रीज, क्लोजिंग एंट्रीज, रेक्टिफाइंग एंट्रीज, मिसलेनियस एंट्रीज किस में की जाती है?
जर्नल प्रॉपर में। अभी अभी अभी अभी-अभी जो चीजें बताई वो अभी-अभी हमारे सामने क्वेश्चन के रूप में
आई। सो अनपेड सैलरी आउटस्टैंडिंग सैलरी की एंट्री कौन सी बुक में होगी? सर ये होगी
जनरल प्रॉपर में। जनरल द जर्नल प्रॉपर सर हमें देखने को मिल रहा है डायरेक्टली आपके चार्ट से हमको तुरंत आंसर क्लिक हो रहा
है। सर हम तो सीधा आंसर ढूंढ रहे हैं। हम गलत ऑप्शन की तरफ देख भी नहीं रहे हैं। कितनी शानदार और कितनी सटीक तरीके से आपको
चीजें समझाई जा रही है आरपीएससी अड्डा के इस प्लेटफार्म पर और इसी तरह से मैं तो एमसीक्यू करवा रहा हूं। इसी तरीके से अगर
आप कंप्लीट कोर्स मेरे इस तरीके से पढ़ना चाहते हैं तो आरपीएससी अड्डा की एप्लीकेशन डाउनलोड करो। मात्र 3500 में इसी तरह से
शानदार तरीके से पूरा कोर्स आपको पढ़ने को मिलेगा। ठीक है? चलिए ओके अगले उस पे चलूं एमसीक्यू पे।
लास्ट एमसीक्यू लास्ट भैया आज का लास्ट एमसीक्यू नंबर 47 क्या कह रहा है? क्या पूछना चाहता है?
अ बिल रिसीवेबल ऑफ 1000 वि वाज रिसीव्ड फ्रॉम अ डेटर इन फुल
सेटलमेंट फॉर अ क्लेम ऑफ 1000 इज डिसऑनर्ड
जो तारीख तय हुई थी 3 महीने बाद की डेटर ने पैसा दिया ही नहीं वो बिल बिल डिसऑनर हो
गया। बिल डिसऑनर होने की एंट्री साथियों मिसलेनियस एंट्रीज के अंदर कवर की
जाती है। जिसको हम जर्नल प्रॉपर के अंदर करते हैं। तो ये जो ट्रांजैक्शन है साथियों ये भी आपका जर्नल प्रॉपर में
रिकॉर्ड होगा। जब आपका बिल रिसीवेबल जो आपके डेटर ने एक्सेप्ट किया था कि मैं 3 महीने बाद पैसा
दे दूंगा। 3 महीने बाद वो भाई साहब टन टन गोपाल थे वो बिल रिसीवेबल हमारा डिसऑनर हो गया। जब वो बिल एक्सेप्ट करता है
डेफिनेटली उसको हम बिल रिसीवेबल बुक में एंटर करते हैं। बट जब बिल डिसऑनर हो जाता है साथियों तो उसको जर्नल प्रॉपर के अंदर
रिकॉर्ड किया जाता है। परचेस रिटर्न बुक के अंदर पॉसिबल ही नहीं है साथियों। बिल्स रिसीवेबल बुक के अंदर एंट्री कब होती है?
जब वो बिल एक्सेप्ट करता है और परचेस बुक में एंट्री कब होती है? जब हम गुड्स खरीदते हैं उधार।
[खांसने की आवाज़] क्लियर है साथियों? क्या आप लोगों को आज के जो एमसीक्यूस हैं वो क्लियर हुए क्या?
जल्दी से बताइए। जल्दी से बताइए क्या आप लोगों को एमसीक्यूस क्लियर हुए?
तो साथियों आज हम जिस टॉपिक के एमसीक्यूस यहां पर कवर करेंगे वह टॉपिक है हमारा ट्रायल बैलेंस जिसको
हिंदी में आप लोग जो बच्चे हिंदी मीडियम के हैं वो बड़े प्यार से इसको तलपट तलपट तलपट पपट पट कहते हैं। पहले हम समझेंगे
ट्रायल बैलेंस होता क्या है? क्यों बनता है? कब बनता है? क्या बनाना जरूरी है? ये सारी डिटेल्स हम लोग कुछ जनरल इंट्रोडक्शन
यहां पर हम लोग चैप्टर का लेंगे और उसके बाद एमसीक्यूस के उस चैन को हम लोग तोड़ेंगे हर एक एमसीक्यू को सॉल्व करके।
शुरू करते हैं हम हमारी आज की क्लास के सबसे पहले एमसीक्यू को जिसमें ये ट्रायल बैलेंस के बारे में कुछ बेसिक
इंफॉर्मेशनेशन पूछना चाहता है। बट उससे पहले जैसा कि आपको पता है जब भी मुझे कांसेप्ट के अंदर जाना होता है। पहले मैं
आपको चार्ट फॉर्म में नोट्स फॉर्म में बहुत ही शॉर्ट तरीके से उस चीज को मैं समझाता हूं। इसी तरह से जो फुल कोर्स आपका
है उसमें हर एक टॉपिक का हर एक डिटेल्ड पॉइंट जो है वो समझाया गया है। डायरेक्टली अगर एमसीक्यू नहीं करना चाहते तो पहले फुल
कोर्स अटेंड कर दीजिए। इसी तरह से उस फुल कोर्स में भी आप लोगों को आरपीएससी अड्डा की तरफ से पढ़ाया गया है। तो साथियों बात
करते हैं सबसे पहला क्वेश्चन। सबसे पहला क्वेश्चन यह ट्रायल बैलेंस नामक चीज क्या है अकाउंटेंसी के अंदर? क्या यह एक अकाउंट
है? क्या यह कोई शीट है? नहीं साथियों ट्रायल बैलेंस होता है एक स्टेटमेंट और जब
बात आती है ये एक स्टेटमेंट है इसका मतलब ये एक अकाउंट तो नहीं है। बड़ी सिंपल सी बात है।
ये अकाउंट नहीं है। क्यों नहीं है साथियों? अकाउंट होने के लिए आप लोगों को अच्छे से पता है कोई भी
अकाउंट क्या होता है जो टी फॉर्म में बनता है। टी फॉर्म में बनता है जिसकी दो साइड्स
होती है लेफ्ट हैंड साइड एंड राइट हैंड साइड। फिर अकाउंट की लेफ्ट हैंड साइड इज़ नोन एज
डेबिट साइड एंड राइट हैंड साइड इज़ नोन एज क्रेडिट साइड। बट ऐसा टी फॉर्म का फॉर्मेट ट्रायल बैलेंस का बिल्कुल भी नहीं है।
इसलिए हम इसको कहते हैं ये एक अकाउंट नहीं बल्कि ये एक स्टेटमेंट है जिसका फॉर्मेट क्या होता है? मैं अभी आपसे डिस्कस
करूंगा। इस स्टेटमेंट के अंदर क्या लिखा जाता है? किस चीज का अमाउंट लिखा जाता है? यह एक स्टेटमेंट है जिसमें
लेजर के अंदर जितने भी अकाउंट बने हैं उन सबके क्लोजिंग बैलेंससेस को लिखा जाता है। ये एक टेबल ये एक तरह की टेबल है। ये एक
तरह का स्टेटमेंट है जिसमें जितने भी लेजर के अंदर अकाउंट बने हैं उनकी पूरी लिस्ट आती है। और डेबिट और क्रेडिट कॉलम के अंदर
जिस अकाउंट का डेबिट बैलेंस होता है उसको डेबिट बैलेंस में लिख दिया जाता है। और जिसका क्रेडिट बैलेंस होता है उसका अमाउंट
क्रेडिट बैलेंस में लिख दिया जाता है। तो नीचे आपको दिख रहा होगा कि इस स्टेटमेंट के अंदर डेबिट बैलेंसेस भी लिखे जाते हैं
और क्रेडिट बैलेंसेस भी लिखे जाते हैं। किसके डेबिट बैलेंसेस? किसके क्रेडिट बैलेंससेस? उन सभी अकाउंट्स के जो लेजर
में बनाए गए हैं। और डेबिट बैलेंसेस साथियों किस कॉलम में लिखे जाते हैं? डेबिट कॉलम में। और क्रेडिट बैलेंससेस
साथियों किस में लिखे जाते हैं? क्रेडिट कॉलम के अंदर। एग्जजेक्टली फॉर्मेट कैसा होता है? मैं थोड़ी ही देर में आपको बना
के दिखाऊंगा। तो साथियों ट्रायल बैलेंस कुछ भी नहीं है बल्कि एक स्टेटमेंट होता है जिसके अंदर आप लोग लेजर के अंदर जितने
भी अकाउंट होते हैं उनका जो फाइनल बैलेंस होता है वो फाइनल बैलेंस आप इस स्टेटमेंट के अंदर शो करते हैं। जिनका डेबिट बैलेंस
है वो डेबिट कॉलम में शो होगा। जिनका क्रेडिट बैलेंस है वो क्रेडिट कॉलम के अंदर शो होगा। यह एक बेसिक डिटेल आपको
यहां पर अपनी स्क्रीन पर दिखी। चलिए थोड़ी सी और डिटेल मैं यहां पर इस स्लाइड को शिफ्ट करता हूं और थोड़ी सी और डिटेल में
हम इस बात को समझते हैं कि ट्रायल बैलेंस किस चिड़िया का नाम है। चलिए
मैं थोड़ा सा साइज यहां पर छोटा कर रहा हूं ताकि कंप्लीट कंटेंट आपको एक ही बार में नजर आ जाए। अब देखो साथियों अगला सवाल
यह जो स्टेटमेंट है यह क्यों बनाया जाता है? सबसे इंपॉर्टेंट तो यही बात को समझना है कि ट्रायल बैलेंस एक स्टेटमेंट है सर
ये तो समझ में आ गया हमको पर ये बनाया क्यों जाता है? तो साथियों इसका सबसे पहला रीजन है ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है
साथियों एरथमेटिकल एक्यूरेसी चेक करने के लिए। यहां पर एरथमेटिकल एक्यूरेसी का मतलब है
साथियों मैथमेटिकल एक्यूरेसी और मैथमेटिकल एक्यूरेसी का मतलब यहां पर यह है साथियों कि जब भी आपने इतने सारे ट्रांजैक्शंस को
रिकॉर्ड किया उनको पोस्ट किया तो ट्रायल बैलेंस से ये चीज चेक हो पाती है कि जितना अमाउंट आपने डेबिट में लिखा उस
ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड या पोस्ट करते वक्त उतना ही अमाउंट वापस आपने क्रेडिट में लिखा या फिर नहीं लिखा। कहीं फिगर्स
लिखने में आपसे दोनों साइड में से किसी एक साइड में गड़बड़ तो नहीं हो गई। ये चेक करने के लिए हम लोग ट्रायल बैलेंस
प्रिपेयर करते हैं जिसको हम लोग एररिथममेटिकल एक्यूरेसी के नाम से जानते हैं। और स्लैश करके एक बात और भी लिखी हुई
है मैंने कि ट्रायल बैलेंस हम इसलिए भी बनाते हैं ताकि हमें पता चल जाए कि डेबिट और क्रेडिट में कहीं अमाउंट लिखने में
हमसे कोई एरर तो नहीं हो गई। क्योंकि अगर डेबिट में अमाउंट लिखने में और क्रेडिट में अमाउंट लिखने में अगर मिस्टेक होगी तो
आपको वो चीज ट्रायल बैलेंस में पकड़ में आ जाएगी। क्योंकि आपका ट्रायल बैलेंस जब फाइनल जब उसको आप रिकंसाइल करेंगे जब उसको
आप मैच करेंगे तो उसमें कहीं ना कहीं डिफरेंस आएगा। तो उससे साथियों आपको पता चल जाएगा कि फिगर्स के फॉर्म में कहीं ना
कहीं हमसे मिस्टेक हुई है। इसलिए सिर्फ यहां पर एक शब्द ही यूज़ किया गया है कि ट्रायल बैलेंस आपकी सारी एड्स को कभी
आइडेंटिफाई नहीं कर पाएगा। ट्रायल बैलेंस सिर्फ आपकी एरथमेटिकल जो एरर्स आपसे हुई है डेबिट या क्रेडिट में
अमाउंट लिखने में उन एरर्स को ही आइडेंटिफाई कर पाता है। तो सबसे पहला रीज़न आपको पता चल गया साथियों कि ट्रायल बैलेंस
क्यों बनाया जाता है? आप कह सकते हैं एरिथमैटिकल एक्यूरेसी चेक करने के लिए या फिर कह सकते हैं एरर्स को चेक करने के लिए
एरर्स को फाइंड आउट करने के लिए कौन सी एरर मैंने आपको बता ही दिया। एरथमेटिकल एरर्स या फिर आप उनको कह सकते हैं
मैथमेटिकल एरर या फिर आप इसको कह सकते हैं फिगर लिखने की एरर। अमाउंट लिखने की एरर। अमाउंट लिखने की एरर।
चलिए और जैसा कि अभी मैंने आपको बताया कि आपसे मिस्टेक जो हुई है वो एक तरफ हुई है। या
तो डेबिट में आपने गलत लिख दिया है या क्रेडिट में आपने गलत लिख दिया है। और नीचे साफ-साफ शब्दों में जो अभी मैंने
आपको बताया वही बात यहां पर लिखी हुई है कि भाई साहब एक भी ट्रांजैक्शन में अगर डेबिट में और क्रेडिट में अलग अमाउंट लिख
दिया तो आपका जो ट्रायल बैलेंस है वो मैच नहीं होगा और आपकी वो गलती ट्रायल बैलेंस बनाने से पकड़ में आएगी और दूसरा कारण हम
लोग ट्रायल बैलेंस क्यों बनाते हैं साथियों? क्योंकि ट्रायल बैलेंस बनाने से हमको फाइनशियल स्टेटमेंट्स बनाने में मदद
मिलती है। ट्रायल बैलेंस देखकर ही हम लोग फाइनल अकाउंट्स बनाते हैं। ट्रायल बैलेंस के बेसिस पर ही हम लोग डिसाइड करते हैं कि
कौन से आइटम्स हमको ट्रेडिंग अकाउंट में डालने हैं। पीएनएल अकाउंट में डालने हैं और बैलेंस शीट में डालने हैं। क्योंकि
ट्रायल बैलेंस के ही सभी आइटम्स को हम लोग फाइनल अकाउंट्स के अंदर इनकरपोरेट करते हैं। तो यहां पर एक और शानदार क्वेश्चन
मैंने आप लोगों से डिस्कस कर लिया कि ट्रायल बैलेंस क्यों बनाया जाता है? उसके कुछ रीज़ंस मैंने आपको यहां पर एक्सप्लेन
कर दिए। अगली बात साथियों बहुत से साथियों के बीच में कंफ्यूजन होता है कि सर हमने तो ये पढ़ा है कि ट्रायल बैलेंस तो सिर्फ
जो है ईयर एंड पर बनाया जाता है। आपकी बात पार्शियली सही है। मैं मानता हूं। देखो अगला क्वेश्चन ट्रायल बैलेंस कब बनाया
जाता है? तो साथियों यह बात तो आपको क्लियर है क्योंकि अभी मैंने आपको कहा कि आपके दिमाग में कहीं ना कहीं एक बात यह
फिक्स है। आपने जहां पर भी ट्रायल बैलेंस के क्वेश्चन भी देखे होंगे हर जगह आपने देखा होगा ट्रायल बैलेंस एज एट 31 मार्च।
ट्रायल बैलेंस एज एट 31 मार्च। तो एज एट का मतलब क्या हो गया? कि ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है एक पर्टिकुलर डेट पर। और
आपने जनरली जितने भी क्वेश्चंस देखे होंगे उसमें देखा होगा कि साल के एंड का जो है वो ट्रायल बैलेंस दे रखा है। नॉर्मली यही
कहा जाता है कि ट्रायल बैलेंस इज प्रिपयर्ड एट द ईयर एंड दैट इज ऑन 31 मार्च। बट साथियों अगर ओनर चाहे तो वो साल
के बीच में भी ट्रायल बैलेंस बना सकता है। अगर वो एरथमैटिकल एक्यूरेसी बीच-बीच में भी चेक
करना चाहता है तो वो कर सकता है। उसप कोई पाबंदी नहीं है। वो इच्छा होगा उसकी मंथली ट्रायल बैलेंस बना ले। उसकी इच्छा है मैं
क्वार्टरली हर तीन महीनों में ट्रायल बैलेंस बनाऊंगा। बना ले भाई। हर सात दिन में बनाना चाहता हूं बना ले भाई। डेली
बनाऊंगा मैं तो डेली बनाऊंगा। मेरे को खूब टाइम है। डेली बनाऊंगा। डेली बना ले भाई। अगर तुझे अकाउंटेंट पे इतना भरोसा ही नहीं
है तो डेली बना ले। हां जी। तो साथियों ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है
एक पर्टिकुलर डेट पर और वो डेट 31 मार्च भी हो सकती है और साल के बीच में भी जब ओनर चाहे तो वो चेक कर सकता है एरथमैटिकल
एक्यूरेसी कि कहीं एरर तो नहीं हो गई। कहीं कोई कमी तो नहीं रह गई। तो साथियों ट्रायल बैलेंस के लिए मैंने आपको कुछ
इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन यहां पर सप्लाई कर दी। अब उसके बेसिस पर चलिए हम लोग आज का हमारा जो एमसीक्यू सेशन है उसको यहां पर
शुरू करते हैं। तो सबसे पहले सबसे पहला एमसीक्यू हमसे क्या कह रहा है साथियों दैट अ ट्रायल बैलेंस इज अ ऑप्शंस देखिए आपके
सामने पहला ऑप्शन क्या कह रहा है पर्सनल अकाउंट साथियों क्या ट्रायल बैलेंस एक अकाउंट है क्या ट्रायल बैलेंस की दो इक्वल
साइड्स होती है डेबिट साइड और क्रेडिट साइड बिल्कुल भी नहीं तो ट्रायल बैलेंस कोई अकाउंट तो नहीं है सेकंड ऑप्शन भी
अकाउंट से रिलेटेड है कटेगा थर्ड ऑप्शन भी अकाउंट से रिलेटेड है कटेगा क्या डी वाला ऑप्शन साथियों आपको यहां पर सही लग रहा है
कि ट्रायल बैलेंस के अंदर लेजर के अंदर जितने भी अकाउंट बनते हैं उन सभी के बैलेंससेस को लिखा जाता है। डेफिनेटली तो
एमसीक्यू नंबर वन का हमारा सटीक और सही आंसर होता है कि इसके अंदर लिस्ट लिख बनाई जाती है। जितने भी
अकाउंट्स लेजर के अंदर बने उनकी लिस्ट जो है ट्रायल बैलेंस कवर करता है। प्लस उनके बैलेंससेस को भी कवर करता है। कुछ के
डेबिट बैलेंससेस होते हैं। कुछ के क्रेडिट बैलेंसेस होते हैं। चलिए अगले एमसीक्यू पर चलते हैं हम लोग यहां पर। अ ट्रायल बैलेंस
इज प्रिपयर्ड ऑन अ साथियों अभी मैंने आपको बताया ये देखिए ट्रायल बैलेंस कब बनता है साथियों? एक पर्टिकुलर डेट पर। इसीलिए जब
हम लोग ट्रायल बैलेंस बनाते हैं तो ट्रायल बैलेंस के नीचे हम लोग मेंशन करते हैं एज ऑन या फिर एज एट। तो साथियों ट्रायल
बैलेंस इज प्रिपयर्ड ऑन अ। फटाफट से ऑप्शंस चेक करिए और मुझे बताइए कौन सा ऑप्शन आप चुनेंगे
क्वेश्चन नंबर टू के लिए साथियों जल्दी से हां जी ट्रायल बैलेंस इज प्रिपयर्ड ऑन अ पर्टिकुलर पीरियड ऑप्शन नंबर बी ट्रायल
बैलेंस इज़ प्रिपयर्ड ऑन अ पर्टिकुलर डेट ऑप्शन सी कह रहा है बोथ ए एंड बी हो सकते हैं ऑप्शन डी कहना चाह रहा है इनमें से
कोई नहीं तो साथियों ट्रायल बैलेंस एक पर्टिकुलर डेट के दिन बनाया जाता है कि उस उस दिन तक
जितने भी अकाउंट हैं उनमें क्या बैलेंस चल रहा है? एक पर्टिकुलर डेट पर एरथमैटिकल एक्यूरेसी चेक की जाती है ट्रायल बैलेंस
के द्वारा। तो यहां पर एमसीक्यू नंबर टू का सही आंसर हमें देखने को मिल गया। हमें जो ऑप्शन चाहिए था वो हमें मिल गया। दैट
इज़ ऑन अ पर्टिकुलर डेट। ओके साथियों ट्रायल बैलेंस इज प्रिपयर्ड ऑन अ पर्टिकुलर एक पर्टिकुलर तारीख के दिन
तारीख पर तारीख तारीख पे तारीख पे आप ट्रायल बैलेंस बना सकते हो अगर आपको अरथमैटिकल एक्यूरेसी अपने अकाउंट्स की चेक
करनी है। चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ हम यहां पर बढ़ते हैं। आफ्टर द प्रिपरेशन ऑफ लेजर्स
अकाउंटिंग प्रोसेस याद आना चाहिए क्योंकि यहां पर ये स्टेप्स की बात कर रहा है कि इसके बाद क्या होगा इसके बाद क्या होगा और
इसके बाद क्या होगा? सो आफ्टर द प्रिपरेशन ऑफ लेजर्स सारे लेजर्स बनने के बाद द नेक्स्ट स्टेप इज द प्रिपरेशन ऑफ मतलब
लेजर्स के बाद क्या बनाया जाता है साथियों आपको अपनी स्क्रीन पर प्रोसेस दिख रहा होगा। सबसे पहले ट्रांजैक्शंस की
रिकॉर्डिंग होती है साथियों। रिकॉर्डिंग या तो एक ही बुक में होती है जिसको हम जर्नल बुक के नाम से जानते हैं या फिर अगर
बड़े लेवल का बिजनेस है तो कल ही हमने टॉपिक कंप्लीट किया है सब्सिडरी बुक्स बनाई जाती है। अगला जर्नलाइजिंग करने के
बाद अगला स्टेप होता है पोस्टिंग साथियों जो की जाती है लेजर में। तो स्टेप टू है आपकी लेजर। और लेजर के अंदर जितने भी
अकाउंट होते हैं उन सभी के बैलेंसेस शो किए जाते हैं किसके अंदर साथियों? ट्रायल बैलेंस के अंदर। और ट्रायल बैलेंस से
साथियों बनाए जाते हैं ईयर एंड पर 31 मार्च के दिन साथियों फाइनल अकाउंट्स। तो क्वेश्चन हमसे क्या कह रहा है कि लेजर
के बाद वाली स्टेप बताइए। तो लेजर के बाद वाली स्टेप आपको क्या नजर आ रही है साथियों? लेजर के बाद बनाया जाता है
ट्रायल बैलेंस। तो एमसीक्यू नंबर तीन का सही आंसर आपको क्या देखने को मिला? इट इज ऑप्शन नंबर बी कि लेजर के जो बैलेंसेस
होते हैं हमारी अगली स्टेप है ट्रायल बैलेंस बनाना क्योंकि ट्रायल बैलेंस बनाएंगे तो हमको हमारी एरर्स पता चल
जाएगी। एरिथमैटिकल एरर अगर हमसे हुई है तो हम वो फाइंड आउट कर लेंगे। फिर उसको सही कर देंगे। फिर फाइनल अकाउंट्स बना देंगे।
क्लियर है? ओके। बिल्कुल बेसिक और बिल्कुल ईजी सा क्वेश्चन था आप लोगों के सामने। चलिए
अगले एमसीक्यू पर चलते हैं। एमसीक्यू नंबर फोर। द ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रिपेयरिंग द ट्रायल
बैलेंस। क्यों हम लोग ट्रायल बैलेंस बनाते हैं? मैंने अभी आपको ऊपर समझाया नोट्स के फॉर्म
में। बिल्कुल समझाया। क्या-क्या ऑब्जेक्टिव्स बताए थे? देखो एक बार फटाफट चेक करो। ये लो फटाफट चेक करो। आपके
स्क्रीन पर आपको ऑब्जेक्टिव्स दिख रहे हैं। एरर चेक करने के लिए नजर आ रहा है आपको? एरथमैटिकल एक्यूरेसी चेक करने के
लिए नजर आ रहा है आपको? फाइनल अकाउंट्स बनाने के लिए नजर आ रहा है आपको? मैंने आपको तीन ऑब्जेक्टिव यहां पर बताए
साथियों। उस बेसिस पर सॉल्व करिए। चलिए उस बेसिस पर फटाफट से एमसीक्यू नंबर फोर चेक करके बताइए। क्या आंसर निकल के आ रहा
है आपके दिमाग में? ट्रायल बैलेंस बनाने के पीछे हमारा क्या ऑब्जेक्टिव होता है?
ऑप्शंस आपके सामने हैं। टू चेक द अरथमैटिकल एक्यूरेसी। ऑप्शन सही है। ये टू हेल्प इन लोकेटिंग एरर्स। यह ऑप्शन भी सही
है। तीसरा ताकि हम फाइनशियल स्टेटमेंट्स बना पाएं। यह ऑप्शन भी सही है। तो जब हमें
तीनों ऑप्शन सही लग रहे हैं तो हमारे पास डी जो ऑप्शन है वो होना चाहिए ऑल ऑफ द अबव। तो क्या हमको इस एमसीक्यू में ऑल ऑफ
द अबव देखने को मिल रहा है? बिल्कुल। ये जो ऊपर के तीन स्टेटमेंट्स हैं, यही तीनों हमारे ट्रायल बैलेंस बनाने के मेन
ऑब्जेक्टिव्स कहीं ना कहीं होते हैं। तो एमसीक्यू नंबर फोर का शानदार और सही आंसर हमें देखने को मिला। ऑप्शन नंबर डी के रूप
में स्वागत स्वागत स्वागत। जो भी नए साथी मेरे साथ क्लास में जुड़े हैं, आप सभी का स्वागत है। आप सभी सफलता की ओर पहुंच रहे
हैं। जो साथी डेली क्लास में जुड़ रहे हैं, आपकी सरकारी नौकरी पक्की। बस इतना इंश्योर कर दो मुझे कमेंट सेक्शन में कि
आप लोगों के टेबल पर आरपीएससी अड्डा वाली बुक है या नहीं? फटाफट से मुझे कमेंट सेक्शन में बताइए। मैं इंतजार कर रहा हूं
आपके आंसर का। टेबल पर आरपीएससी अड्डा की बुक है या इधर-उधर से जुगाड़ कर रखा है आपने कुछ? फटाफट से मुझे बताएं। कमेंट
सेक्शन के अंदर जितने भी साथी मेरे साथ क्लास में जुड़े हुए हैं फास्ट बताओ पहले फिर मैं नए एमसीक्यू में पढूंगा
जल्दी से कमेंट सेक्शन में बताओ मुझे फास्ट किस-किस ने बुक ले ली है? किस-किस ने बुक
ऑर्डर करके मंगवा ली है? फटाफट से मुझे कमेंट सेक्शन के अंदर बता दो एक बार। फटाफट से
जल्दी जल्दी जल्दी से मैं चेक कर रहा हूं। चलिए बहुत अच्छे बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया
बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया चलिए अगले एमसीक्यू पर चलते हैं हम लोग। एक शानदार एमसीक्यू आप लोगों के सामने। यह
एमसीक्यू ऐसा है साथियों इसमें जो पूछा गया है वो काफी सारे मेरे साथियों को कंफ्यूजन इसमें रहता है। तो बड़े शानदार
तरीके से मैंने आप लोगों के लिए यहां पर कुछ लिखा है। उसको मैं यहां पर पहले आपको एक्सप्लेन करूंगा और फिर आप खुद मुझे इसका
आंसर बता पाएंगे। कुछ ही देर में जब मैं आपको कांसेप्ट को यहां पर एक्सप्लेन कर दूंगा। एमसीक्यू नंबर फाइव साथियों
क्लोजिंग स्टॉक की बात कर रहा है यह क्लोजिंग स्टॉक इन द ट्रायल बैलेंस कि अगर क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के
अंदर दे रखा है तो उसका मतलब क्या हुआ? तो साथियों एक बार रिवाइंड करते हैं, रिकैप करते हैं और एक बार याद करिए अपनी 11th
क्लास। हो सकता है आपको वहां पर समझ में आया हो और हो सकता है आज तक समझ में नहीं आया हो पर मैं आरपीएससी अड्डा के
प्लेटफार्म से यह गारंटी ले सकता हूं अगले 2 मिनट में मैं आपको जो एक्सप्लेन करूंगा उसके बाद ये जो क्लोजिंग स्टॉक का ट्रायल
बैलेंस के अंदर दे रखा हो तो क्या होगा ट्रायल बैलेंस के बाहर दे रखा हो तो क्या होगा ये कंफ्यूजन मैं आपका 2 मिनट में
यहां पर क्लियर कर दूंगा ध्यान से सुनना देखो साथियों जनरली आपने बहुत सारे जब फाइनल अकाउंट्स
के क्वेश्चन किए होंगे जिसमें आपको ट्रायल बैलेंस गिवन होता था उसमें अगर आपको याद हो तो क्लोजिंग स्टॉक जो है वह आपको इन
जनरल 80 टू 90% क्वेश्चंस के अंदर ट्रायल बैलेंस के बाहर दिखा होगा। क्या लिखा हुआ है यहां पर? इन जनरल हम
क्लोजिंग स्टॉक को ट्रायल बैलेंस के बाहर ही देखते हैं। अब ऐसा क्यों? तारा शर्मा जी सर फर्स्ट कॉमर्स फर्स्ट
ग्रेड कोर्स कितने का है? तारा जी मात्र ₹3500 जिसमें भी ₹1 कम। ठीक है? हां जी। तो हम बात कर रहे हैं कि जितने भी
क्वेश्चंस में हम लोगों ने देखा कि यार जो ट्रायल बैलेंस है ट्रायल बैलेंस के अंदर क्लोजिंग स्टॉक को जगह नहीं मिलती। जनरली
क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर ही हमें देखने को मिलता है। अरे उसका रीजन है। सिंपल सा रीजन है। क्लोजिंग स्टॉक के
अंदर जितने भी आइटम्स हमें देखने को मिलते हैं वो आइटम्स आए कहां से? अरे भाई साहब वो आइटम्स इसलिए ट्रायल बैलेंस के अंदर
पहुंच चुके हैं क्योंकि उनका एडजस्टमेंट हो चुका है। उनकी एंट्रीज हो चुकी है। अब आपके दिमाग में क्वेश्चन आएगा। सर
क्लोजिंग स्टॉक की एंट्री क्या अभी तक नहीं हुई? अरे नहीं हुई। इसीलिए तो वो ट्रायल बैलेंस के बाहर है।
क्योंकि ट्रायल बैलेंस के अंदर वही आइटम्स आते हैं जिनकी एंट्री हो चुकी है। और क्लोजिंग
स्टॉक की एंट्री करना बाकी है। एंट्री करना क्यों बाकी है? अरे भाई साहब क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू हमें 31 मार्च
को पता चलती है। जब गोडाउन के अंदर जाकर हम लोग एक-एक माल की वैल्यू चेक करते हैं और हम देखते हैं कि हमारे पास कितने
अनसोल्ड गुड्स बच गए। कितना माल बच गया जो बिका नहीं उसकी वैल्यू साल के बीच में पता चलेगी क्या बीच
में नहीं पता चलेगी तो क्यों एंट्री करोगे एंट्री कब करोगे जब काउंटिंग कर लोगे तो हम क्यों ट्रायल बैलेंस के बाहर क्लोजिंग
स्टॉक हमेशा हमको दिखता है क्योंकि इसकी जो वैल्यू है वो हमको ईयर एंड पे पता चलती है कहां जाकर गोडाउन में जाकर काउंटिंग
करने से और सिंपल सिंपल सी बात एक और सिंपल सा लॉजिक क्योंकि अभी तक इसकी एंट्री करनी
बाकी है। एंट्री करनी क्यों बाकी है? क्योंकि कैलकुलेशन ही बाकी थी। बिना अमाउंट के कोई एंट्री होती है क्या? नोट
नहीं बनेंगे। नहीं होती है। तो देखिए इन जनरल आपने ये देखो ये ट्रायल बैलेंस आपके सामने। ट्रायल बैलेंस के अंदर आपने ओपनिंग
स्टॉक तो हमेशा देखा होगा। फिर आपने परचेजेस हमेशा देखा होगा। पर यह जो बेचारा क्लोजिंग स्टॉक है ना इसको हमेशा आपने
एडजस्टमेंट्स के अंदर देखा होगा। मतलब ट्रायल बैलेंस के बाहर कुछ इस तरह से दैट क्लोजिंग स्टॉक इज रुपीस डिंग डिंग डिंग।
यह एक जनरल सिचुएशन है। बट अब आती है मेन बात क्योंकि क्वेश्चन ने हमसे पूछा है कि अगर अगर अगर क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस
के अंदर हो उसका मतलब क्या है? तो ये खिसकाया मैंने आप लोगों के लिए एक नया कांसेप्ट। और यहां पर आती है मेन मुद्दे
की बात। मैं थोड़ा सा यहां पर स्क्रीन को छोटा कर रहा हूं। ज्यादा छोटा हो जाएगा चलो शिफ्ट कर लेंगे। कोई दिक्कत नहीं।
चलिए, अब आती है मेन मुद्दे की बात। मेन मुद्दे का मतलब यहां पे यह है कि क्वेश्चन जो
हमसे पूछना चाह रहा है, पहले उस कांसेप्ट को समझते हैं। क्वेश्चन हमसे पूछना चाह रहा है कि अगर क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल
बैलेंस के अंदर दे रखा है, तो उसका मतलब क्या है? साथियों, ट्रायल बैलेंस के अंदर किसी भी आइटम को एंट्री कब मिलती है? जब
उसकी एंट्री हो चुकी हो। तो जब आपको क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के अंदर दिख जाए इसका मतलब यह है कि उसकी काउंटिंग भी
हो चुकी है और उसकी एंट्री भी हो चुकी है। और उसकी एंट्री करने के लिए साथियों क्लोजिंग स्टॉक को परचेजेस के साथ एडजस्ट
किया जाता है। परचेजेस के अगेंस्ट एडजस्ट किया जाता है। परचेजेस अकाउंट में उसको डालकर एडजस्ट कर दिया जाता है। जिसकी
एंट्री होती है साथियों क्लोजिंग स्टॉक अकाउंट डेबिट टू परचेजेस अकाउंट। क्लोजिंग स्टॉक को परचेजेस की वैल्यू में
से साथियों लेस कर दिया जाता है। क्या लिखा है यहां पर नीचे ब्रैकेट में? अगर ट्रायल बैलेंस के अंदर आपको क्लोजिंग
स्टॉक दिख जाए इसका मतलब समझ जाना कि क्लोजिंग स्टॉक को परचेस में एडजस्ट कर दिया गया है। क्लोजिंग स्टॉक की एंट्री
ऑलरेडी पास हो चुकी है। चलिए अब क्वेश्चन को सॉल्व करने के लिए एमसीक्यू
को सॉल्व करने के लिए इतनी जानकारी काफी है। पर आप लोगों को एक बात अच्छे से पता है आरपीएससी अड्डा के प्लेटफार्म पर हम
जितने भी टीचर्स हैं हम सिर्फ आपको उस पर्टिकुलर एमसीक्यू को सॉल्व करवाने के लिए जितना बता दिया उतना नहीं कुछ और भी
जानकारी हमें अगर लगता है कि हमें आपको देनी चाहिए तो हम डेफिनेटली प्रोवाइड करते हैं। तो नीचे देखिए मैंने आपके लिए एक
एडिशनल इंफॉर्मेशन यहां पर और लिखी है। इस पे ध्यान देना आप और एडिशनल इनेशन मैं आपकी क्या सप्लाई कर
रहा हूं आपको साथियों कि जब क्लोजिंग स्टॉक को परचेजेस में एडजस्ट किया जाता है तो साथ ही साथ
ओपनिंग स्टॉक को भी परचेजेस अकाउंट में एडजस्ट किया जाता है। मतलब जिस तरह आप क्लोजिंग स्टॉक की एंट्री पास करते हो उस
तरह से ओपनिंग स्टॉक की भी एंट्री पास की जाती है और उसकी एंट्री होती है साथियों परचेजेस अकाउंट डेबिट टू ओपनिंग स्टॉक
अकाउंट जिसमें हम ओपनिंग स्टॉक को परचेजेस के अंदर ऐड करते हैं।
इसीलिए जब भी क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के अंदर गिवन होगा साथियों तो ट्रायल बैलेंस की शक्ल कुछ ऐसी होगी।
ध्यान से समझना इस चीज को। ये देखो साथियों। तो उस केस में जब क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के अंदर
होगा तो ट्रायल बैलेंस आपका कुछ ऐसा होगा और ट्रायल बैलेंस में कौन-कौन से आइटम्स हट जाएंगे और ट्रायल बैलेंस में कौन से
आइटम्स शो होंगे? ध्यान से समझ लेना। देखो इन जनरल तो ट्रायल बैलेंस के अंदर क्लोजिंग स्टॉक नहीं होता। तो सर फिर कौन
होता है अगर क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस में नहीं होता तो यह देखो अभी बताया था मैंने आपको तो उस केस में ट्रायल बैलेंस
में आपको देखने को मिलेगा एक तो ओपनिंग स्टॉक एक देखने को मिलेगा परचेस और क्लोजिंग स्टॉक बाहर देखने को मिलेगा बट
अगर कह दिया जाए कि ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक ये रहा तो क्या बदलाव देखने को मिलेंगे पहला
बदलाव साथियों आपको स्क्रीन पर दिख रहा होगा ओपनिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस में नहीं ओपनिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर जो
यहां पर मैंने शो कर रखा है वो इसलिए शो कर रखा है ताकि आपको यह याद रहे कि जब क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के अंदर है
तो ओपनिंग स्टॉक भाई साहब तो नहीं आएंगे। क्यों नहीं आएंगे? वो परचेजेस में एडजस्ट हो चुके हैं। तो उसकी जगह जो शो होगा
ट्रायल बैलेंस के अंदर जो अमाउंट शो होगा साथियों वो होगा एडजस्टेड परचेजेस। दूसरा नॉर्मल ट्रायल बैलेंस में परचेस शो
होता है। यहां पर परचेस की जगह क्या शो होता है साथियों? एडजस्टेड परचेजेस। तो एक तो ओपनिंग स्टॉक नहीं शो हुआ। एक आपका
परचेजेस भी शो नहीं हुआ। और क्लोजिंग स्टॉक भी आपका इसी परचेजेस के
अंदर एडजस्टेड है। इसलिए क्लोजिंग स्टॉक आपको ट्रायल बैलेंस के बाहर नजर नहीं आया। क्यों नहीं आया? क्योंकि वह परचेजेस के
अंदर ऑलरेडी एडजस्टेड है। तो इन तीनों को अकेला ये एडजस्टेड परचेस अपने अंदर समा गया। इस ये तीनों अमाउंट ओपनिंग स्टॉक,
परचेस और क्लोजिंग स्टॉक इस एडजस्टेड परचेजेस के अंदर ऑलरेडी इंक्लूडेड है, एडजस्टेड है, एडेड है, लेस है। इसीलिए हम
लोग कहते हैं कि एडजस्टेड परचेस की जो वैल्यू आती है साथियों वो आती है ओपनिंग स्टॉक में। आप परचेजेस को जब ऐड करते हैं
और उसमें से जब क्लोजिंग स्टॉक को लेस कर दिया जाता है तो हमारे पास अमाउंट आता है एडजस्टेड परचेजेस का।
और उस केस में एडजस्टेड परचेज हमको ट्रायल बैलेंस के अंदर देखने को मिलता है। किसकी जगह? ओपनिंग स्टॉक और परचेजेस की जगह। और
बाहर जो क्लोजिंग स्टॉक है उसके लिए भी यही है। और दूसरा हमें क्लोजिंग स्टॉक दिखता है ट्रायल बैलेंस के अंदर।
और साथियों एक 11th क्लास की बात जो आपको ऑलरेडी पता होगी। अगर ट्रायल बैलेंस के बाहर दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक तो उसको दो
जगह हम लोग रिकॉर्ड करते हैं। एक तो ट्रेडिंग अकाउंट और एक बैलेंस शीट के अंदर। पर यहां पर ये जो ट्रायल बैलेंस
आपको दिख रहा है इसके अंदर क्यों चाहिए क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है। ये ट्रेडिंग अकाउंट में नहीं
जाएगा। ये डायरेक्टली शो होगा कहां पर? बैलेंस शीट में एसेट साइड। क्यों? क्योंकि ट्रेडिंग अकाउंट में शो होगा आपका
एडजस्टेड परचेस और एडजस्टेड परचेस के अंदर ऑलरेडी आपका ओपनिंग स्टॉक, परचेस और क्लोजिंग स्टॉक एडजस्टेड है।
ये थी पूरी कहानी क्लोजिंग स्टॉक की, ट्रायल बैलेंस के अंदर की और ट्रायल बैलेंस के बाहर की। चलिए अब एक बार
एमसीक्यू हमसे जो पूछना चाहता है उस पर आते हैं और देखते हैं इसका सही आंसर क्या होना चाहिए।
क्लोजिंग स्टॉक इन द ट्रायल बैलेंस। ट्रायल बैलेंस के अंदर की बात कर रहा है। ये क्लोजिंग स्टॉक इनसाइड द ट्रायल बैलेंस
इंप्ल्लाई दैट वो क्या शो करता है कि वो किस में एडजस्ट हो चुका है ऑलरेडी। साथियों मैंने अभी
क्या बताया आपको? इसका मतलब क्लोजिंग स्टॉक जो है वो परचेजेस के अंदर परचेस अकाउंट के अंदर एडजस्ट
ऑलरेडी हो चुका है। तो उसके लिए जो सही ऑप्शन एस पर सिचुएशन हमें नजर आ रहा है वह होगा
हमारा ऑप्शन नंबर बी। ओके समझ में आया साथियों यहां पर?
ओके चलिए आगे बढ़ते हैं। अगला एमसीक्यू एमसीक्यू नंबर छह। इन केस अ ट्रायल बैलेंस
डज नॉट एग्री। अगर हमारे ट्रायल बैलेंस की डेबिट वाले कॉलम की टोटल और क्रेडिट वाले कॉलम की
टोटल मैच नहीं होती है तो उस सिचुएशन में हम किस अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं? जो डिफरेंस अमाउंट आता है साथियों उस डिफरेंस
अमाउंट को हम एक बार के लिए किस अकाउंट में डालते हैं ताकि हमारा ट्रायल बैलेंस भी मैच हो जाए और हमें फाइनल अकाउंट्स
बनाने में कोई देरी हमारी ना हो कोई डिले ना हो तो साथियों हमने बचपन से पढ़ा है बचपन मतलब 11th अब आपका बचपन 11th रहेगा
तो उस केस में ट्रायल बैलेंस को टेली करने के लिए एक बार के लिए जो डिफरेंस आता है उसको हम सस्पेंस अकाउंट अकाउंट के अंदर
डालते हैं। बहुत बढ़िया। काफी सारे साथी रेगुलरली क्लास के अंदर मुझे आंसर दे रहे हैं। मुझसे पहले आंसर दे रहे हैं।
साथियों, यह नतीजा है आपकी मेहनत का। इसी तरह से क्लास के अंदर बरकरार रहिए। क्लास के अंदर रेगुलर आंसर देते रहिए। क्लास के
अंदर ही आपके एमसीक्यूस कवर हो रहे हैं। और कहीं ना कहीं आप सिलेक्शन के प्रति बहुत सीरियस हैं और आपका सिलेक्शन 100%
डेफिनेटली होगा। चलिए। तो दूसरे ऑप्शंस जो हैं वो डिस्कस करने की क्या नीड है यहां पर? हमें क्लियरली पता
है कि कैपिटल अकाउंट तो ऑलरेडी ट्रायल बैलेंस में एक्सिस्ट करता है। ड्रॉइंग्स अकाउंट भी ट्रायल बैलेंस में एक्सिस्ट
करता है। ट्रेडिंग अकाउंट जो है साथियों वो तो ट्रायल बैलेंस बनाने के बाद बनाया जाता है एज अ पार्ट ऑफ फाइनल अकाउंट्स। सो
अगर ट्रायल बैलेंस में अगर डिफरेंस आता है तो उसको हम एक बार के लिए जब तक एरर पकड़ में नहीं आ जाती हम एक बार के लिए सस्पेंस
अकाउंट में डालकर उसको खत्म करते हैं ताकि फाइनल अकाउंट्स बनाने में कोई देरी ना हो। ठीक है?
समझ में आ रहा है? चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं। हम यहां
पर एमसीक्यू नंबर सेवन। द इक्वलिटी ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट। मतलब हमारा डेबिट वाला
जो एस्पेक्ट है उसकी टोटल और क्रेडिट जो एस्पेक्ट है उसकी टोटल कैन बी टेस्टेड पीरियडिकली। मैंने अभी
आपको थोड़ी देर पहले बताया था सिर्फ 31 मार्च पे बनाना जरूरी नहीं है। 31st मार्च पे तो बनता ही है। आप पीरियडिकली
क्वार्टरली, मंथली, वीकली भी ट्रायल बैलेंस बना सकते हो ये चेक करने के लिए कि आपने जो फिगर्स डेबिट में और क्रेडिट में
लिखे हैं वो इक्वल है या नहीं। तो ये इक्वलिटी डेबिट और क्रेडिट की चेक करने के लिए आप क्या बनाते हैं समय-समय पर?
सर सर सर उसके लिए उसके लिए सर उसके लिए सर सर हम बनाते हैं ट्रायल बैलेंस।
साथियों क्या कैश बुक आप इसके लिए बनाते हो क्या? कैश बुक में तो आप ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड करते हो। और ट्रायल बैलेंस तो
बहुत आगे की स्टेज आ गई भाई साहब। जनरल जर्नल या जनरल प्रॉपर सब्सिडरी बुक्स रिकॉर्डिंग की बात आ गई। लेजर साथियों
इससे पहले वाला स्टेप है हो नहीं सकता। तो एमसीक्यू नंबर सेवन का सटीक आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर ए के रूप में
क्योंकि ट्रायल बैलेंस ही वो स्टेटमेंट है जिसमें हम हमारे डेबिट और क्रेडिट की इक्वलिटी को चेक कर सकते हैं समय समय समय
समय पर। ओके चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़े हम यहां पर एमसीक्यू नंबर एट द ऑब्जेक्टिव ऑफ ओपनिंग सस्पेंस अकाउंट इज़
क्यों हम लोग सस्पेंस अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं कुछ ऑप्शंस आपके सामने पहला टू टेली द ट्रायल बैलेंस बिल्कुल हो सकता है
यह हो सकता है दूसरा टू अवॉइड द डिले इन प्रिपरेशन ऑफ फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल यह भी हो सकता
है। ऑप्शन नंबर सी टू रेक्टिफाई द एरर्स। जी हां, यह भी हो सकता है। अब यहां पर देखिए इस तरह के क्वेश्चन के अंदर हमें
प्रायोरिटी डिसाइड करनी होगी क्योंकि तीनों ऑप्शन सही तो हैं पर ऑप्शन नंबर डी हमें ऑल ऑफ द अबव के रूप में नहीं मिल रहा
है। अगर यहां ऑल ऑफ द अबव होता तो मैं 100% ऑल ऑफ द अबव पे टिक करता। पर क्योंकि यहां ऑल ऑफ द अबव नहीं है तो हमें यहां पर
ए बी और सी ऑप्शन में से मोस्ट एप्रोप्रियट ऑप्शन को चुनना पड़ेगा। मोस्ट एप्रोप्रियट। हालांकि तीनों सही है। तो
साथियों जब हम ट्रायल बैलेंस बनाते हैं ईयर एंड पर अगर डिफरेंस आता है तो उसको हम लोग एरर्स ढूंढने नहीं लग जाते। उसी वक्त
हम क्या करते हैं? उस डिफरेंस को फटाफट सस्पेंस अकाउंट में डाल देते हैं और ट्रायल बैलेंस को क्लोज कर देते हैं।
व्हाई व्हाई व्हाई? क्योंकि हमको अगला स्टेप करना है क्योंकि हमको अगला स्टेप करना है और ट्रायल बैलेंस का अगला स्टेप
क्या है? ट्रायल बैलेंस का अगला स्टेप क्या है? वो है साथियों फाइनल अकाउंट्स बनाना। हमको ईयर एंड पर हमको फटाफट से
हमारे बिजनेस की फाइनेंसियल परफॉर्मेंस और फाइनेंसियल पोजीशन देखनी होती है जो कि हमें फाइनेंसियल स्टेटमेंट से ही पता चलती
है। माना कि आपके दिमाग में ऑप्शन ए आ रहा होगा। माना आपके दिमाग में ऑप्शन बी भी आ रहा होगा। माना आपके दिमाग में ऑप्शन सी
भी आ रहा होगा। पर मोस्ट एप्रोप्रियट जो आंसर हमारे लिए यहां पर होगा साथियों वो होगा ऑप्शन नंबर बी।
ताकि हम हमारे बिजनेस की परफॉर्मेंस और पोजीशन पर ध्यान दे पाएं। इसलिए फटाफट से सस्पेंस अकाउंट यूज़ किया। तलपट को टेली
किया ताकि फाइनल अकाउंट्स हमारे तैयार हो जाए और हम हमारे बिजनेस की परफॉर्मेंस और पोजीशन को इवैल्यूएट कर पाए। ठीक है
साथियों? तो यहां पर मोस्ट एप्रोप्रियट आंसर एस पर माय ओपिनियन ये होना चाहिए ऑप्शन नंबर बी।
ऑल ऑफ द अबव होता तो मैं खुद डेफिनेटली कह रहा हूं ऑल ऑफ द अबव को ही मैं सेलेक्ट करता।
क्लियर है? चलिए एमसीक्यू नंबर नाइन। एमसीक्यू नंबर नाइन हमसे क्या कह रहा है साथियों? अंडर द वि
मेथड ऑफ ट्रायल बैलेंस? अब साथियों ट्रायल बैलेंस के मेथड से ट्रायल बैलेंस के मेथड से अगर कोई
क्वेश्चन आता है तो उसके लिए हां जी। तो उसके लिए जो है आपको मेथड्स पता होंगे तो आसानी से उससे रिलेटेड
क्वेश्चन जो है वो आप सॉल्व कर पाएंगे। तो यहां पर आपको अपनी स्क्रीन पर दिख रहे होंगे ट्रायल बैलेंस बनाने के मेथड्स। तो
साथियों ट्रायल बैलेंस बनाने के तीन मेथड्स होते हैं। पहला कहलाता है आपका टोटल मेथड।
दूसरा कह कहलाता है आपका बैलेंस मेथड। और साथियों तीसरा कहलाता है आपका टोटल कम बैलेंस मेथड।
मैं आप लोगों को एग्जांपल लेकर यहां पर नीचे एक टेबल मैंने आपको ऑलरेडी आप लोगों के लिए स्टेटमेंट ऑलरेडी आप लोगों के लिए
रेडी कर रखा है ताकि फटाफट से आप इस चीज को अच्छे से समझ पाएं। तो साथियों देखो सबसे पहले टोटल मेथड की बात करते हैं। नाम
पे जाइए टोटल मेथड। साथियों इस मेथड में जब ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है। यह देखिए एक एग्जांपल मैं आप लोगों के लिए यहां
लेकर आया हूं। तो साथियों इस ट्रायल बैलेंस के अंदर सारे अकाउंट्स की लिस्ट होती है। यहां पर
साथियों देखो फिर जो अमाउंट वाले दो कॉलम है उसकी हेडिंग देखिए। एक कॉलम है डेबिट टोटल और
एक कॉलम है क्रेडिट की टोटल। इसका मतलब साथियों ये है। जैसे मान लो सबसे पहले आपको यहां पर दिख रहा है कैश अकाउंट।
तो यहां पर जो अमाउंट मेंशन किया जाएगा दोनों कॉलम्स के अंदर यहां पर कैश अकाउंट की बैलेंससेस को शो नहीं किया जा रहा है।
यहां पर अभी तक कैश अकाउंट का बैलेंस निकाला ही नहीं है। तो सर यहां पे शो क्या होता है? यहां पे शो होता है कैश अकाउंट
की डेबिट साइड की टोटल कितनी आ रही है? ये देखो आपके सामने ₹5 लाख। और आप टोटल करते हो राइट साइड की। कैश अकाउंट की क्रेडिट
की टोटल भी आप यहां पर शो करते हो ₹3 लाख। मतलब सर इस वाले मेथड में क्या बैलेंस शो नहीं होता ट्रायल बैलेंस के अंदर? जी नहीं
होता। इस मेथड का नाम ही क्या है? टोटल मेथड। जिसमें आप हर एक अकाउंट की डेबिट साइड की टोटल भी शो करते हैं। क्रेडिट
साइड की टोटल भी शो करते हैं। हालांकि इस मेथड का एक डिसएडवांटेज जरूर है और वो ये है कि आप इस मेथड में डायरेक्टली फाइनल
अकाउंट्स नहीं बना पाओगे। अगर आप इस मेथड से ट्रायल बैलेंस बनाते हो तो आप डायरेक्टली फाइनल अकाउंट्स नहीं बना
पाओगे। रीजन बीइंग क्योंकि इसमें तो हर अकाउंट की डेबिट की टोटल और क्रेडिट की टोटल लिखी जाती है और जब हम लोग फाइनल
अकाउंट्स बनाते हैं तो उसमें डेबिट और क्रेडिट की टोटल नहीं बल्कि हर अकाउंट का बैलेंस जाता है। तो अगर आप इस मेथड से
ट्रायल बैलेंस बनाते हो तो पहले आपको हर अकाउंट का नेट बैलेंस कैलकुलेट करना होता है और उसके बाद आप उसको फाइनल अकाउंट्स
में शो करते हो। तो यह है साथियों सबसे पहला मेथड जिसे हम बड़े प्यार से कहते हैं टोटल मेथड जिसके
अंदर हर अकाउंट की डेबिट साइड की टोटल शो होती है एज वेल एज क्रेडिट साइड की टोटल शो होती है। अगला मेथड साथियों आपके सामने
ट्रायल बैलेंस बनाने का बैलेंस मेथड जो कि जनरली आप 11th क्लास से पढ़ते आए हैं और इसी तरह से कहीं ना कहीं आपने मैक्सिमम
जगह पर ट्रायल बैलेंस को देखा होगा। आप लोगों ने साथियों ट्रायल बैलेंस की यही प्यारी सी शक्ल देखी होगी जिसके अंदर
बैलेंससेस शो किए जाते हैं। हर अकाउंट का नेट बैलेंस शो किया जाता है। डेबिट बैलेंस है तो डेबिट वाले कॉलम में। क्रेडिट
बैलेंस है तो क्रेडिट वाले कॉलम में। ये देखिए आपको यहां पर अपनी स्क्रीन पर बैलेंस मेथड का बड़ा प्यारा सा ट्रायल
बैलेंस नजर आ रहा होगा। जैसे कैश अकाउंट है साथियों तो इसमें कैश अकाउंट की डेबिट साइड की टोटल और क्रेडिट
साइड की टोटल नहीं आएगी। नेट बैलेंस जो होगा फाइनल कैश का वो शो होगा। देखिए क्रेडिट साइड कितना बैलेंस शो हो रहा है?
2 लाख। फर्नीचर का बैलेंस हमेशा डेबिट बैलेंस हमको देखने को मिलता है। डेबिट साइड शो होगा। लोन अकाउंट का फाइनल बैलेंस
40,000 क्रेडिट साइड। कैपिटल अकाउंट का फाइनल बैलेंस ₹1 लाख क्रेडिट साइड। तो यह होता है साथियों बैलेंस मेथड जिसमें सभी
अकाउंट के नेट बैलेंससेस को ट्रायल बैलेंस के अंदर शो किया जाता है और इस तरीके को ही आपने जनरली देखा होगा। कारण क्या है?
इस तरीके से जब ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है तो उससे मदद मिलती है फाइनल अकाउंट्स बनाने में। इस मेथड से जब ट्रायल बैलेंस
बनाया जाता है तो उससे डायरेक्टली फाइनल अकाउंट्स बनाए जा सकते हैं। और एक आखिरी
मेथड आप लोगों के सामने जो फर्स्ट और सेकंड का कॉम्बिनेशन है। फर्स्ट और सेकंड मेथड का कॉम्बिनेशन साथियों टोटल कम
बैलेंस मेथड। इस मेथड में ट्रायल बैलेंस बनाने में क्या प्रक्रिया है भाई साहब? कि इसमें हर अकाउंट का
डेबिट साइड का टोटल भी लिखा है। उसका क्रेडिट का टोटल भी लिखा जाता है। और उसका जो नेट बैलेंस है अगर वो डेबिट में आ रहा
है तो डेबिट बैलेंस में शो किया जाता है। और अगर क्रेडिट में आता है तो उसको क्रेडिट बैलेंस में शो किया जाता है। कुल
मिला के ये वाला जो मेथड है ये फर्स्ट और सेकंड का कॉम्बिनेशन है। जिसमें टोटल भी आती है और बैलेंस भी शो होता है। सो
बेसिकली ट्रायल बैलेंस बनाने के तीन मेथड मैंने आपको यहां पर समझा दिए। मैं आशा करता हूं आपको तीनों मेथड आसानी से समझ
में आ गए होंगे और याद रखने के लिए मैंने आप लोगों के सामने यहां पर ट्रायल बैलेंस बनाकर भी दिखा दिया कि कौन से ट्रायल
बैलेंस में कौन से कॉलम्स बनते हैं। ओके? चलिए अब इससे रिलेटेड जो एमसीक्यू है उसको देखते हैं कि वो हमसे क्या पूछना चाहता है
और फिर हमने जो कांसेप्ट अभी सीखा उसके बेसिस पर हम आंसर फाइंड आउट करने की कोशिश करते हैं। ओके?
अंडर वि मेथड द ट्रायल बैलेंस कंटेन्स अ लिस्ट ऑफ ऑल द लेजर अकाउंट। ठीक है? लिस्ट तो सब में ही
होती है वि देयर डेबिट एंड क्रेडिट टोटल्स। इस शब्द को पकड़िए और फटाफट से मुझे कमेंट
सेक्शन में बताइए कि कौन सा मेथड ऐसा है ट्रायल बैलेंस बनाने का जिसमें डेबिट की टोटल और क्रेडिट की टोटल शो होती है।
बैलेंस शो नहीं होता है। जल्दी से कमेंट सेक्शन भर जाना चाहिए। कमेंट सेक्शन आंसर से भर जाना चाहिए। मैंने आपको तीनों मेथड
यहां पर बता दिए। बिल्कुल सही जवाब दीक्षा जी ने सबसे पहले जवाब दिया है। सबसे पहले दीक्षा जी ने। फटाफट से कमेंट सेक्शन में
भर दीजिए। ट्रायल बैलेंस का ऐसा कौन सा मेथड है जिसमें बैलेंस नहीं बल्कि डेबिट की टोटल
हर अकाउंट की और हर अकाउंट की क्रेडिट टोटल शो होती है। बिल्कुल सही आंसर मेरे प्यारे साथियों। टोटल मेथड एक ऐसा मेथड है
जिसमें हर अकाउंट की डेबिट साइड की टोटल और क्रेडिट साइड की टोटल ट्रायल बैलेंस के अंदर शो की जाती है।
बिल्कुल सही बिल्कुल सही बिल्कुल सही बिल्कुल सही दीक्षा जी बिल्कुल सही मुस्कान जी बिल्कुल सही कॉमर्स स्टडी
पॉइंट बाय बलराम जी बिल्कुल सही रेनू जी बिल्कुल सही एमटी ड्रॉ जी कितनी खुशी की बात है मुझे बड़ा गर्व है आप लोगों पर कि
आप रेगुलरली मेहनत करने के लिए यहां पर बने हुए हैं। आप लोगों पर मुझे गर्व है। चलिए
अगले एमसीक्यू पर बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर 10 क्या पूछना चाह रहा है हमसे अंडर वि मेथड?
ठीक है? अगेन देखो ट्रायल बैलेंस के मेथड से रिलेटेड क्वेश्चन है। एव्री लेजर अकाउंट इज़ बैलेंस्ड
एंड दोज़ बैलेंससेस आर कैरिड फॉरवर्ड टू द ट्रायल बैलेंस। ट्रायल बैलेंस का ऐसा कौन सा मेथड है साथियों? फटाफट से कमेंट
सेक्शन को भरो जो ओनली अकाउंट के बैलेंससेस को शो करता है। डेबिट और क्रेडिट की टोटल को नहीं नेट बैलेंससेस को
कौन सा मेथड शो करता है? जल्दी से कमेंट सेक्शन भरिए। सबसे पहला जवाब आया है मुस्कान जी का। वेरी गुड।
वनी वर्मा जी थैंक यू सो मच। वनी वर्मा जी कह रही है आप बहुत अच्छे से समझाते हैं। थैंक यू वेरी मच। मैं अच्छे से समझाता हूं
क्योंकि मैं आरपीएससी अड्डा की टीम का पार्ट हूं। मैं अच्छे से समझाता हूं क्योंकि आप लोग ध्यान से सुनते हैं। मैं
अच्छे से समझाता हूं क्योंकि आप लोग रेगुलरली कमेंट करते हैं तो आप लोगों में जब इतनी एनर्जी है तो मुझ में एनर्जी
क्यों नहीं आएगी? बिल्कुल सही आंसर सभी साथियों ने यहां पर दिया कि ट्रायल बैलेंस का वो मेथड जिसमें ट्रायल बैलेंस के अंदर
हर एक अकाउंट के नेट बैलेंस को शो किया जाता है। सर अभी आपने चार्ट बताया। चार्ट से तुरंत हमारे सामने आंसर देखने को मिल
रहा है। ऑप्शन नंबर ए। कि सर बैलेंस मेथड एक ऐसा मेथड है जिसमें हम हर एक अकाउंट के नेट बैलेंस को शो करते
हैं। चाहे वो डेबिट बैलेंस हो चाहे वो क्रेडिट बैलेंस हो। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
वाणी वर्मा जी ओके ओके वाणी वर्मा जी चलिए वाणी वर्मा जी मुझे बताइए
महा फुजाली जी मुझे बताइए कि आपने आरपीएससी अड्डा की बुक को रेफर करना शुरू कर दिया है या नहीं? आपकी टेबल
पर आरपीएससी अड्डा की बुक से आप पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं। वरना कहीं ना कहीं कमी रह जाएगी। फिर फिर आप मुझे कॉल करेंगे
रिजल्ट के दिन कि सर गड़बड़ हो गई। गड़बड़ नहीं करनी है। मैं हर क्लास में याद दिला रहा हूं। हां जी पूजा जी सर आप शेयर्स
चैप्टर को भी अच्छे से समझा देना प्लीज। 100% पूजा जी डेफिनेटली मैं अच्छे से समझाऊंगा। मैं हर चैप्टर के अंदर यही
तरीका फॉलो करूंगा। यही स्पीड फॉलो करूंगा। यस जी बहुत बढ़िया। ओके वाणी वर्मा जी। जी सर बुक ऑर्डर्ड बुक
सामने है। वेरी गुड। चलिए चलिए साथियों तो बीच में एक बार मैं फिर आपको याद दिलाना चाहूंगा अगर डायरेक्टली
एमसीक्यूस पर कॉन्फिडेंस नहीं आ रहा है पहले फुल कोर्स ज्वाइन करो फुल कोर्स ज्वाइन करने के लिए आपको आरपीएससी अड्डा
की एप्लीकेशन डाउनलोड करनी है मात्र ₹300 का पेमेंट करना है। आपको कंप्लीट फुल कोर्स कंटेंट यहां पर मिल जाएगा इस कोर्स
के साथ। साथ ही जिस बुक की मैं बुक के एमसीक्यूस मैं आपको यहां पर सॉल्व करवा रहा हूं। वो आपको उस एप्लीकेशन में
लेक्चर्स के साथ फ्री मिलेगी। और अगर और अगर और अगर फुल कोर्स नहीं करना है, फुल कोर्स कर चुके हो, सिर्फ प्रैक्टिस करनी
है तो सिर्फ बुक ले लो। अरे सिर्फ बुक ले लो। ये एक ऐसी बुक है जिसके अंदर 3000 एमसीक्यूस है भाई साहब।
इतने सारे एमसीक्यूस की प्रैक्टिस। नया सिलेबस पूरा कवर्ड। चैप्टर वाइज नोट्स, लाइव डाउट क्लियरिंग सपोर्ट। और क्या
चाहिए सर? सिलेक्शन चाहिए। सिलेक्शन चाहिए तो आपकी टेबल पर यह बुक होनी चाहिए। हां जी। चलिए
बचत भी है। स्लाइड पे दिख रहा होगा। जितने भी की बुक की प्राइस है 10% और छूट मेरी तरफ से। भाई साहब बीएस 10 कोड का यूज़ कर
लेना। 10% और छूट मिल जाएगी। एमटी ड्रस जी कह रहे हैं सर प्लीज संडे को भी क्लासेस को कंटिन्यू रखिए। मैं कोशिश
करूंगा संडे को भी क्लासेस लूं। बट साथियों मेरी और भी क्लासेस रहती है। मैं और भी सब्जेक्ट्स यहां पर कवर करता हूं।
बिनेस स्टडीज भी मैं लेता हूं। और भी कोर्सर्सेस मैं यहां पर पढ़ाता हूं। और भी क्लासेस मैं यहां पर पढ़ाता हूं। मैं 11
12th की क्लासेस भी लेता हूं साथियों। तो अगर समय का एडजस्टमेंट हो पाएगा तो मैं डेफिनेटली कोशिश करूंगा कि संडे के दिन भी
आप लोगों के लिए क्लासेस लेकर आऊं। चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं हम यहां
पर। डेफिनेटली मैं ट्राई करूंगा कि संडे के दिन भी आप लोगों के लिए समय यहां पर
निकालूं। मैं 100% संडे के दिन मैराथन क्लास प्लान कर सकता हूं। अगर कमेंट सेक्शन आज मुझे
भरता हुआ नजर आ जाएगा। इस वीडियो के बाद इस वीडियो के बाद अगर कमेंट सेक्शन के अंदर यह ऐलान कर रहा हूं मैं अभी इसी वक्त
इस वीडियो के खत्म होने के बाद लाइव चैट में इस वीडियो के खत्म होने के बाद अगर कमेंट सेक्शन में आप सब मुझे मेंशन करते
हैं कि सर आपकी क्लास हमें 100% समझ में आ रही है और हम चाहते हैं कि आप संडे के दिन हमारी लंबी 3-4 घंटे की मैराथन लें। तो इस
वीडियो के खत्म होने के बाद लाइव चैट में नहीं कमेंट सेक्शन में लिखिएगा सर हमको सब कुछ समझ में आ रहा है। हम आपसे रिक्वेस्ट
करना चाहते हैं कि सर हमारे लिए प्लीज मैराथन लेके आइए। हजार कमेंट अगर आपके आ गए तो संडे की
मैराथन पक्की है। 1000 कमेंट चाहिए आज मुझे। आपके जितने रिलेटिव्स जितने दोस्त इस क्लास की तैयारी
कर रहे हैं, फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स की तैयारी कर रहे हैं, उनसे लिंक शेयर कीजिएगा और कमेंट करवाइएगा और उनको भी
क्लास में बुलाइएगा। पहले उनसे कमेंट करवाइएगा। हम आएंगे हम आएंगे। एमटी ड्रोस जी बिल्कुल आपके सिलेक्शन के
लिए ही मैं यहां पर डेली आता हूं। आपके सिलेक्शन के लिए ही मैंने स्पीड बढ़ा दी। आपके सिलेक्शन के लिए ही मैं इस बुक को
प्रेफर करता हूं। आपके सिलेक्शन के लिए ही मैं नोट्स पहले से आप लोगों के लिए यहां पर लिख के ले आता हूं। जो बेहतर हो सकता
है मैं आप लोगों के लिए यहां पर करता हूं। हां जी तारा प्रकाश जी कह रहे हैं सर वो तो आ रही
है तीन आवर्स की मैराथन आपको कैसे पता कि आ रही है लेने वाला मैं हूं तो आप कैसे कह सकते हैं?
महाशिवरात्रि है इसलिए अच्छा अच्छा जी बिल्कुल भोलेनाथ के आशीर्वाद से अगर आज का कमेंट सेक्शन आपने भर दिया 1000 कमेंट से
तो डेफिनेटली आएगी मैं मेरी क्लास की बात कर रहा हूं दूसरी मैराथन जो भी आएगी उसका लाभ आप जरूर उठाएं मैं मेरी मैराथन की बात
कर रहा हूं यहां पर चलिए क्वेश्चन नंबर 11 जो है वो फिर से मेथड के
ऊपर क्या पूछ रहा है वि मेथड यह डश को मैं वि पढ़ रहा हूं। वि मेथड इज कॉमनली यूज्ड बाय द अकाउंटेंट्स।
क्या डिस्कस किया था थोड़ी देर पहले? हम और आप कौन से वाले मेथड से ट्रायल बैलेंस बनाते आए हैं?
बताइए। एक ऐसा मेथड जिसमें हम सारे अकाउंट के बैलेंससेस लिखते हैं। ताकि फटाफट से फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स फाइनल अकाउंट्स
बना सकें। ऐसा कौन सा मेथड है साथियों? वो है हमारा प्यारा-प्यारा बैलेंस मेथड। क्योंकि अगर हमने टोटल मेथड का इस्तेमाल
कर लिया तो ट्रायल बैलेंस बनाने का क्या मतलब रहेगा भाई साहब? ट्रायल बैलेंस बना भी लोगे। फिर वापस से सबके नेट बैलेंससेस
निकालोगे। फिर फाइनल अकाउंट्स बनाओगे। इतना लंबा काम क्यों करना है? जब शॉर्टकट अवेलेबल है। जब बैलेंस मेथड यूज़ कर सकते
हो। तो क्यों नहीं यूज़ करते? चलिए वाणी वर्मा जी कितने तारीफों के पुल
बांधेंगे आप? बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। हां जी। तो एमसीक्यू नंबर 11 का सही आंसर हमें देखने को मिला। ऑप्शन नंबर ए। चलिए।
अब बात करते हैं एमसीक्यू नंबर 12 की। ये हमसे क्या पूछना चाहता है? द बैलेंसेस।
ओके। मतलब बैलेंस मेथड का यूज़ हो रहा है ट्रायल बैलेंस में। द बैलेंससेस ऑफ ऑल एसेट अकाउंट्स ठीक है। एक्सपेंसेस
अकाउंट्स ठीक है। लॉसेस अकाउंट्स ठीक है। ड्रॉइंग्स अकाउंट्स ठीक है। कैश बैलेंस, बैंक बैलेंस आर प्लेस्ड इन वि कॉलम ऑफ
ट्रायल बैलेंस। अब साथियों इस तरह के क्वेश्चन का आंसर पाने के लिए हमको मॉडर्न एप्रोच के हिसाब
से टाइप्स ऑफ अकाउंट्स क्लियर होने चाहिए। तो फटाफट से यहां पर हम चेक कर सकते हैं कि ये सारे अकाउंट्स हमें उस नेचर के दिख
रहे हैं जिसका बैलेंस डेबिट साइड लिखा जाता है। चेक करिए फटाफट से। एसेट्स एसेट्स एसेट्स बोलो। सर एसेट का बैलेंस
डेबिट बैलेंस होता है। एक्सपेंसेस के अकाउंट के जितने भी बैलेंसेस डेबिट बैलेंस लॉसेस के डेबिट बैलेंसेस, ड्रॉइंग्स का
बैलेंस डेबिट, कैश का बैलेंस डेबिट, बैंक का बैलेंस भी डेबिट। तो साथियों इस क्यूट से क्वेश्चन का क्या आंसर होना
चाहिए कि सर जितने भी अकाउंट यहां पर इस क्वेश्चन में मेंशंड है उन सभी के बैलेंस को ट्रायल बैलेंस के अंदर डेबिट साइड लिखा
जाएगा सर क्योंकि इन सभी अकाउंट्स के जो नेट बैलेंससेस होते हैं वो डेबिट बैलेंस आते हैं।
तो, एमसीक्यू नंबर 12 का सही आंसर, शानदार आंसर। रेनू जी स्वागत है आपका क्लास में। ऑप्शन नंबर ए।
बहुत अच्छे। चलिए। अगले एमसीक्यू पर चलें क्या? द बैलेंसेस ऑफ ऑल। वापस से बैलेंससेस की
बात कर रहा है। मतलब बैलेंस मेथड से ट्रायल बैलेंस बन रहा होगा। द बैलेंस ऑफ ऑल लायबिलिटीज अकाउंट।
साथियों जितने भी लायबिलिटीज अकाउंट होते हैं उनका नेट बैलेंस क्रेडिट बैलेंस आता है। इनकम अकाउंट्स
जितने भी इनकम अकाउंट्स होते हैं साथियों उनका भी नेट बैलेंस क्रेडिट बैलेंस आता है। प्रॉफिट्स क्रेडिट बैलेंस कैपिटल
अकाउंट्स क्रेडिट बैलेंस आर प्लेस्ड इन व्हिच कॉलम ऑफ़ ट्रायल
बैलेंस? तो जितने भी अकाउंट हमें अभी देखने को मिले सभी का नेट बैलेंस साथियों क्रेडिट बैलेंस आता है। तो क्रेडिट बैलेंस
को ट्रायल बैलेंस जो है कौन से कॉलम में लिखा जाएगा? क्रेडिट कॉलम क्रेडिट कॉलम क्रेडिट कॉलम।
तो एमसीक्यू नंबर 13 का सही आंसर हमें देखने को मिला। ऑप्शन बी के रूप में। ओके। चलिए
आगे बढ़ते हैं एमसीक्यू नंबर 14 पर जो कि हमसे क्या पूछना चाहता है। आफ्टर प्रिपेयरिंग द ट्रायल बैलेंस। ट्रायल
बैलेंस बन जाने के बाद द अकाउंटेंट फाइंड्स जब वो लास्ट में टोटल कर रहा है ट्रायल बैलेंस की। द अकाउंटेंट फाइंड्स
दैट द टोटल ऑफ़ द क्रेडिट साइड इज़ शॉर्ट। बाय 2000। क्रेडिट साइड की टोटल ₹2000 कम आ रही है।
तो यह जो ₹2000 का डिफरेंस आ रहा है, इसको कौन से अकाउंट में डाला जाएगा? कौन से अकाउंट में डेबिट या क्रेडिट किया जाएगा?
अरे सिंपल सी बात है। क्रेडिट साइड कम पड़ रहा है तो हमको सस्पेंस अकाउंट को क्रेडिट करना पड़ेगा। तो क्या ऐसा कोई ऑप्शन है
क्या साथियों जो ये कहे कि ₹2000 सस्पेंस अकाउंट के अंदर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। अरे क्या बात है। नूर आलम जी कह रहे हैं
बी बी बी बी बी बी बी बी बी बी बी बी नूर आलम जी फिर कह रहे हैं 14 का बी बी बी बी बिल्कुल सही कह रहे हैं आप क्या बात है
बहुत सही बहुत शानदार भाई जब क्रेडिट साइड मामला कम पड़ रहा है तो क्रेडिट साइड ही वजन रखेंगे।
सो एमसीक्यू नंबर 14 का आंसर साथियों क्या देखने को मिला? ऑप्शन नंबर बी। वेरी गुड। बहुत बढ़िया।
वेरी गुड। चलिए आज के आखिरी एमसीक्यू की बात करेंगे हम। हां जी।
अंडर वि मेथड। अगेन साथियों ट्रायल बैलेंस के मेथड का क्वेश्चन हमारे सामने यहां पर आया है।
अंडर वि मेथड द ट्रायल बैलेंस शोज़ बोथ द टोटल्स मतलब हर अकाउंट के डेबिट की टोटल और क्रेडिट की टोटल एज वेल एज द
नेट बैलेंससेस ऑफ ईच अकाउंट। साथियों जल्दी से कमेंट सेक्शन भर दो और मुझे बताओ मैंने आपको अभी कौन सा मेथड बताया था जो
डेबिट की टोटल क्रेडिट की टोटल भी शो करता है बैलेंस भी शो करता है जल्दी से बताओ जल्दी से बताओ जल्दी से बताओ टोटल कम
बैलेंस मेथड बताया था मैंने आपको जिसमें फर्स्ट और सेकंड का कॉम्बिनेशन होता है अब आपको ऑप्शंस में फर्स्ट और सेकंड का
कॉम्बिनेशन नजर आ रहा है क्या जल्दी से कमेंट सेक्शन भरिए जल्दी फास्ट 1 2 3 गो [नाक से की जाने वाली आवाज़]
यह क्या बात है क्या बात है क्या बात है मुस्कान जी क्या बात है अलका नामदेव जी क्या बात है दीक्षा जी क्या बात है बलराम
जी क्या बात है नरालाम जी क्या बात है रेनू जी क्या बात है तारा प्रकाश जी शानदार रेनू जी शानदार एमटी ड्रॉय जी
शानदार वाओ बिल्कुल सही ऑप्शन नंबर सी बिल्कुल सही है यहां पर क्योंकि ऐसा मेथड जिसके अंदर डेबिट की टोटल क्रेडिट की टोटल
भी शो होती है। बैलेंस भी शो होता है। वो दोनों बैलेंससेस जो है दोनों मेथड को मिला के जो मेथड बनता है टोटल कम बैलेंस मेथड।
मतलब यहां पर ऑप्शन नंबर सी क्योंकि ये एक ऐसा मेथड है जिसमें हर अकाउंट की डेबिट की टोटल भी शो
होती है, क्रेडिट की टोटल भी शो होती है और बैलेंस भी शो होता है। महा पुजानी जी सर थैंक यू आपका वेलकम।
आपका वेलकम। तलपट के ट्रायल बैलेंस के बचे हुए जो एमसीक्यूस हैं उसकी बात आज की क्लास में हम लोग यहां पर करने वाले हैं।
सभी को गुड इवनिंग। तारा प्रकाश जी गुड इवनिंग। अंशिका जी गुड इवनिंग। सांवरिया सेठ जी गुड इवनिंग।
तारा प्रकाश जी आप कैसे हैं सर? मैं बहुत बढ़िया हूं। थैंक यू सो मच। माय किस्मत जी कह रहे हैं आरपीएससी अड्डा
की यह बुक बहुत बेस्ट है। एक बार फर्स्ट ग्रेड की जॉब दिलाएगी और आरपीएससी अड्डा की ऑल टीचर्स को थैंक यू। वेलकम आपका इसी
तरह क्लास में बने रहिए। मेहनत करते रहिए और जिस दिन रिजल्ट आए उस दिन मिठाई खिलाने जरूर आइएगा। चलिए।
हां जी। तो साथियों कल हम लोगों ने ट्रायल बैलेंस के 15 एमसीक्यूस सॉल्व कर लिए थे। आगे की
कड़ी में बात करते हैं एमसीक्यू नंबर 16 से। साथियों, यह पहला ही एमसीक्यू बहुत शानदार है। इसको हम प्रैक्टिकल तरीके से
समझेंगे और देखेंगे हम इसका आंसर कैसे आसान तरीके से फाइंड आउट कर पाते हैं। एमसीक्यू नंबर 16
1500 रिसीव्ड। आपके पास ₹1500 आए हैं फ्रॉम अ सबनेंट
उप किराएदार से फॉर रेंट। आपके पास रेंट आया। ओके? एंड इट वाज़ एंटर्ड करेक्टली इन द कैश बुक। आपने
इसकी एंट्री कैश बुक में बिल्कुल सही तरह से कर ली है। अब चाहे कैश बुक में आप इसको ऐसे मानो कि कैश बुक में कर ली और अगर आप
मान लो सब्सिडरी बुक्स नहीं बनाते हो तो आप यह भी मान सकते हो कि आपने इसकी जर्नल एंट्री बिल्कुल सही तरीके से कर ली। ओके?
अब हुआ क्या? इज पोस्टेड। समस्या जो शुरू हुई है, वह हुई है पोस्टिंग में।
रिकॉर्डिंग साथियों बिल्कुल सही हुई है। समस्या हुई है पोस्टिंग में। अब पोस्टिंग में समस्या क्या हुई? इज पोस्टेड टू द
डेबिट ऑफ रेंट अकाउंट। साथियों हमको रेंट मिला है। रेनू जी वेरी गुड इवनिंग। साथियों हमें रेंट मिला है। भाई सिंपल सी
बात है। अगर हमें रेंट मिला तो कितनी सिंपल सी बात है। एक 11th क्लास का बच्चा भी बता सकता है अगर हमें रेंट
मिला तो इससे हमारी इनकम बढ़ी और एस पर रूल ऑफ डेबिट एंड क्रेडिट अगर हमारी इनकम बढ़ती है साथियों तो हम उसको क्या करते
हैं? क्रेडिट करते हैं। मतलब कुल मिलाकर ये जो रेंट आपको मिला है इसको आपको क्रेडिट करना था। जो रेंट अकाउंट आपको
लेजर में बनाना है, उस रेंट अकाउंट के अंदर आपसे यह गलती हो चुकी है कि उसके अंदर क्रेडिट साइड एंट्री करनी थी। पर
गलती क्या हो गई? उसमें एंट्री कर दी डेबिट साइड। ओके? अब होगा क्या? इस गलती की वजह से
ट्रायल बैलेंस पर क्या फर्क पड़ेगा? तलपट पर क्या इफेक्ट पड़ेगा? यह क्वेश्चन आपसे पूछना चाहता है। रिकॉर्डिंग सही हुई है।
पोस्टिंग में थोड़ा सा उल्टा-पुल्टा काम कर दिया है। तो देखना उसका ट्रायल बैलेंस पर क्या इफेक्ट पड़ेगा। चलिए साथियों इसको
एक सिचुएशन बेस्ड एग्जांपल लेकर मैं आपको यहां पर समझाता हूं। आपको अपनी स्क्रीन पर देखो एक चुन्नू मुन्नू दिख रहे होंगे यहां
पे। पर आपको चुन्नू मुन्नू पे ध्यान नहीं देना है। आपको कांसेप्ट के ऊपर ध्यान देना है। देखिए सबसे पहले ये चीज देखो। इस
चुन्नू को देखो। ऊपर पढ़ो। ये क्या लिखा हुआ है? क्या करना था?
मतलब बेसिकली ये जो ट्रांजैक्शन हुआ है इसका आपको करना क्या था? भाई सबसे पहली बात तो रेंट मिला। बिल्कुल मिला। उसकी
आपने एंट्री तो बिल्कुल सही की। अब चाहे आप जनरल एंट्री मानो इसको या आप ये मान लो कि कैश बुक में एंट्री करी। बात बराबर है
क्योंकि रिकॉर्डिंग में कोई मिस्टेक नहीं हुई है। तो आपको सिंपल सी बात है यह एंट्री करनी थी। कैश अकाउंट को डेबिट करना
था और रेंट रिसीव्ड अकाउंट को क्रेडिट करना था। ठीक है भाई साहब? ये तो हो गई जनरल एंट्री की बात।
अब बात करते हैं पोस्टिंग की। क्योंकि गलती जो हुई है वो पोस्टिंग में हुई है। अब एक्चुअल में पोस्टिंग करनी का किस
अकाउंट में किस साइड थी वो देखो। भाई सबसे पहला कैश अकाउंट। अब आपके दिमाग में आएगा सर
कैश बुक में एंट्री हुई तो कैश अकाउंट क्यों बन रहा है? मैं आपको दोनों तरीके से बता रहा हूं। हम यहां पर यह मान रहे हैं
कि सब्सिडरी बुक्स की जगह जनरल एंट्री की गई और उससे पोस्टिंग हो रही है। ठीक है? हां जी। अपन को वैसे भी रेंट वाले अकाउंट
पे फोकस करना है। बट जिनका बेसिक क्लियर नहीं है, मैं यहां पर बेस क्लियर करने के लिए ये तरीका आप लोगों के लिए यूज़ कर रहा
हूं। हां जी। तो कैश अकाउंट में तो कोई दिक्कत नहीं है। कैश अकाउंट में तो डेबिट कर दिया क्योंकि पैसा आया। मेन आपको फोकस
करना है रेंट रिसीव्ड अकाउंट में क्या करना था इस चीज पर आपको फोकस इस चीज पर करना है
रेंट रिसीव हुआ साथियों रेंट आपकी इनकम है आपकी इनकम बढ़ी इनकम बढ़ती है तो हम क्रेडिट करते हैं मतलब रेंट रिसीव्ड
अकाउंट में पोस्टिंग करनी थी क्रेडिट साइड यह देखो ये करना था और अगर यह किया जाता तो साथियों ट्रायल
बैलेंस सही बनता यह देखिए यह आपके सामने जो मैं हाईलाइट कर रहा हूं, यह सही ट्रायल बैलेंस है जो बनता। इस ट्रायल बैलेंस में
एक तो आपका आता कैश अकाउंट जिसका डेबिट बैलेंस होता ₹1500 और दूसरा आता आपका रेंट रिसीव्ड अकाउंट जो कि आपकी इनकम है इसलिए
इसका बैलेंस लिखा जाता क्रेडिट साइड। और लास्ट में जब इस ट्रायल बैलेंस की टोटलिंग की जाती तो डेबिट की टोटल और क्रेडिट की
टोटल मैच हो जाती। क्योंकि आपने रिकॉर्डिंग भी सही करी। पोस्टिंग भी सही अकाउंट में करी, सही साइड करी तो ट्रायल
बैलेंस मैच होना लाज़मी है। अब देखिए मुन्नू जी ने मिस्टेक कर दी और मुन्नू जी ने कहां मिस्टेक करी जरा उस पे गौर
करिएगा। कैश में कोई मिस्टेक नहीं हुई है। मिस्टेक हुई है रेंट अकाउंट में। तो डायरेक्टली जरा उस पे फोकस करो। ये देखिए।
रेंट रिसीव्ड अकाउंट में मिस्टेक हुई है। कैश तो बिल्कुल सही है। रेंट रिसीव्ड अकाउंट में मिस्टेक हुई है।
या कह सकते हो एरर हुई है। और एरर क्या हुई है? एरर ये हुई है कि रेंट रिसीव्ड जो है वो इनकम है तो इनकम है तो पोस्टिंग इधर
होनी चाहिए थी। एंट्री क्रेडिट में होनी चाहिए थी। पर अकाउंटेंट से मिस्टेक क्या हो गई? उसने पोस्टिंग डेबिट में कर दी। ये
आपको दिख रहा होगा बड़े प्यार से अपनी स्क्रीन पर। अब इसका इफेक्ट क्या पड़ेगा साथियों? देखना ट्रायल बैलेंस के ऊपर। भाई
देखो अब इसने ट्रायल बैलेंस बनाया होगा। बिल्कुल बनाया होगा। ट्रायल बैलेंस में सबसे पहला आया होगा कैश का बैलेंस। कैश
में कोई मिस्टेक नहीं हुई है। तो कैश का बैलेंस तो इसने डेबिट साइड बिल्कुल सही लिखा होगा। गलती रेंट रिसीव्ड अकाउंट की
वजह से ट्रायल बैलेंस में भी पहुंची होगी। उसने रेंट रिसीव्ड अकाउंट के अंदर पोस्टिंग डेबिट साइड कर दी तो बैलेंस भी
उसका ट्रायल बैलेंस में एज एन एक्सपेंस डेबिट की तरफ शो होगा। अब जब वो ट्रायल बैलेंस की टोटल करेगा तो लफड़ा क्या
पड़ेगा? लफड़ा ये पड़ेगा कि बैलेंस मैच होगा ही नहीं। ट्रायल बैलेंस की इसकी डेबिट की टोटल 3000 हो गई। क्रेडिट पे कोई
आइटम आया ही नहीं। तो क्रेडिट की टोटल तो इसको ज़ीरो रही। अब इसकी वजह से इस गलती की वजह से ट्रायल बैलेंस की जो दोनों तरफ की
टोटल आई उन दोनों तरफ की टोटल में क्या डिफरेंस नजर आ रहा है साथियों आपको? इन दोनों टोटल में आपको कितना फर्क नजर आ
रहा है? तो साथियों इस गलती का कंक्लूजन क्या निकला?
इस गलती का कंक्लूजन क्या है भाई साहब? कंक्लूजन यह है कि डेबिट की टोटल ₹3000
डेबिट की जो टोटल है वो ₹3000 ज्यादा
आ रही है या आएगी और क्वेश्चन में हमसे मुझे यही पूछा गया है कि ये जो गलती अकाउंटेंट से हुई है
इसका इफेक्ट ट्रायल बैलेंस पर क्या पड़ने वाला है? तो क्या इफेक्ट पड़ेगा साथियों? कि ट्रायल बैलेंस की डेबिट की जो टोटल है
वो 3000 ज्यादा आएगी। अब ऐसा कोई ऑप्शन हमारे पास यहां पर है क्या? ऐसा कोई ऑप्शन साथियों यहां पर है क्या?
फटाफट से अपनी स्क्रीन पर देखकर कमेंट सेक्शन में मुझे जवाब दीजिए कि आपको कौन सा ऑप्शन ऐसा दिख रहा है जो यह कहे कि
डेबिट की टोटल ₹3000 ज्यादा आएगी क्रेडिट से। फटाफट से मेरे जितने क्लास में जुड़े हुए हैं फटाफट से आंसर करो। फटाफट से जवाब
दीजिए। फास्ट [नाक से की जाने वाली आवाज़]
जल्दी-जल्दी मैं आपके कमेंट्स यहां पर चेक कर रहा हूं। जवाब देने में स्पीड रखनी है आपको।
बिल्कुल सही कहा। बिल्कुल सही। ऑप्शन नंबर बी जो है मनीषा जी बहुत बढ़िया। ऑप्शन नंबर बी जो है साथियों वो इस बात को
जस्टिफाई कर रहा है। इसी बात को कह रहा है कि ट्रायल बैलेंस की जो डेबिट की टोटल होगी वो 3000 ज्यादा आएगी क्रेडिट से।
इजी एमसीक्यू था। इस तरह के जब प्रैक्टिकल एमसीक्यूस आपके एग्जाम में आते हैं तो आपको थोड़ा सा प्रैक्टिकल दिमाग लगा के उस
चीज को सॉल्व करना है। 100% एग्जांपल लेकर आपको उस चीज को समझना है तो उसका आंसर 100% सही निकलेगा। शालिनी जी आपका क्लास
में स्वागत है। बहुत अच्छा समझा रहे हैं सर आप। शालिनी जी आपको मैं डेली की क्लास में क्यों नहीं देख पाता हूं? क्या आपने
आज पहली बार ज्वाइन किया है क्लास को? शालिनी जी आप डेली क्लास में बने रहिए। हां जी। तो मैं आशा करता हूं साथियों
एमसीक्यू नंबर 16 आपको इजीली समझ में यहां पर आ चुका होगा। याद रखिएगा यहां पे जो मैंने एग्जांपल लिया है उस एग्जांपल में
सब्सिडरी बुक्स की जगह हमने जर्नल बुक को लेकर यहां पर एग्जांपल लिया है। आप चाहो तो सब्सिडरी बुक्स मतलब कैश बुक में
एंट्री करके फिर उसकी पोस्टिंग भी देख सकते हो। अगर कैश बुक आप एग्जांपल में लेते हो तो उस केस में कैश अकाउंट नहीं
बनेगा। सिर्फ रेंट अकाउंट बनेगा। क्योंकि जब कैश बुक बनती है तो कैश अकाउंट नहीं बनता। हमको तो फोकस वैसे भी रेंट रिसीव्ड
वाले अकाउंट पे करना है जो हमने किया। ओके? देखो ये दोनों चुन्नू मुन्नू एक साथ अच्छे लग रहे हैं। एक तो खुश है। क्योंकि
ये सही एंट्री करता है। एक मुन्नू है जो गलती करता है और उसकी गलती की वजह से ट्रायल बैलेंस की जो टोटल है उसमें फर्क
आता है। हां जी शालिनी जी पहली बार आप क्लास अटेंड कर रही हैं। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। अगर आपको क्लास अच्छी लगती
है तो क्लास के बाद इस वीडियो को लाइक और कमेंट करके जरूर जाइएगा और सच में अच्छी लगती है तो डेली क्लास को अटेंड करिएगा और
हो सकता है आपको कहीं ना कहीं इससे बेनिफिट मिले क्योंकि मैं कोशिश करता हूं कि क्लास के अंदर हर कांसेप्ट को आसान से
आसान बनाऊं ताकि आप लोगों को भी मेरी तरह अकाउंटेंसी सब्जेक्ट जो है आपका फेवरेट बन जाए और जब कोई चीज फेवरेट बन जाती है तो
वो इजी लगने लगती है। उसमें इंटरेस्ट भी आने लगता है। चलिए बात करते हैं हम अगले एमसीक्यू की।
साथियों अगला एमसीक्यू जिन साथियों ने मेरी कल की क्लास अटेंड की थी वो एक सेकंड में एमसीक्यू नंबर 17 का आंसर दे सकता है।
सर न्यू चैप्टर भी पढ़ा दीजिए। बिल्कुल शालिनी जी नया चैप्टर मैं कल कवर करूंगा। आज हमारी ट्रायल बैलेंस की पार्ट टू वाली
क्लास है। कल की क्लास में हमने आधे लगभग 15 एमसीक्यूस कल की क्लास में कवर किए थे। आज हम ट्रायल बैलेंस के रिमेनिंग जो
एमसीक्यूस हैं उनको कवर कर रहे हैं। नया चैप्टर हम लेंगे शालिनी जी कल से। हां जी। मेरे जो साथी कल की क्लास में थे फटाफट से
मेरा चार्ट याद करके ये बताएं। कल मैंने आपको ट्रायल बैलेंस बनाने के कितने मेथड चार्ट फॉर्म में समझाए थे? बिल्कुल
डेफिनेटली जवाब आ चुका है। कल मैंने आपको ट्रायल बैलेंस बनाने के तीन मेथड्स यहां पर समझाए थे। टोटल मेथड, बैलेंस मेथड और
तीसरा था फर्स्ट और सेकंड का कॉम्बिनेशन जो कि था टोटल कम बैलेंस मेथड। चलिए तो बिल्कुल सही बिल्कुल सही बिल्कुल सही तो
यहां पर हमारा सही आंसर होगा साथियों कि ये जो तीन मेथड्स आपको दिख रहे हैं ये सारे के सारे मेथड्स जो हैं ट्रायल बैलेंस
बनाने के मेथड्स हैं। एक बार मैं आपको रिकॉल करवा देता हूं साथियों। बैलेंस मेथड के अंदर
ट्रायल बैलेंस के अंदर हर अकाउंट का नेट बैलेंस लिखा जाता है। जिस अकाउंट का डेबिट बैलेंस है वह डेबिट कॉलम में और जिसका
क्रेडिट बैलेंस है वह क्रेडिट कॉलम में। फिर साथियों दूसरा जो है आपका टोटल मेथड उसके अंदर हर अकाउंट की साथियों डेबिट की
टोटल भी शो की जाती है और क्रेडिट की टोटल भी शो की जाती है। और साथियों टोटल कम बैलेंस मेथड या टोटल एंड बैलेंस मेथड
जिसको हम कह सकते हैं उसके अंदर तो डेबिट की टोटल भी शो होती है। डेबिट की टोटल,
क्रेडिट की टोटल और सारे अकाउंट के नेट बैलेंससेस भी इस मेथड
के अंदर शो किए जाते हैं। तो बेसिकली हां जी शालिनी जी मेरी जो क्लास है डेली की वो YouTube पर अपलोडेड डेली होती है
डेली बेसिस पे। तो अगर आपकी पुरानी वीडियोस पेंडिंग है तो आप उनको जाकर अच्छे से कवर कर सकते हो और कोई भी डाउट अगर
आपको आता है तो आप लाइव चैट में पूछ सकते हो और पुरानी जितने भी वीडियोस आप देखे हैं अगर आपको अच्छी लगे तो लाइक और कमेंट
करना मत भूलना क्योंकि आपके लाइक्स और आपके कमेंट से मुझे और इंस्पिरेशन मुझे और मोटिवेशन मेरे अंदर और एनर्जी आती है कि
मैं आप लोगों के लिए और एक्स्ट्रा एफर्ट्स और एनर्जी और अच्छा कंटेंट सारी चीजें आप लोगों के लिए लेकर आऊं। जितने भी साथी
क्लास में आज जुड़े हुए हैं, मैं आप सब लोगों से नाराज हूं क्योंकि आप लोग लाइव चैट में रेगुलर बात करते हो। रेगुलर कमेंट
करते हो पर वीडियो एंड होने के बाद मेरे मोटिवेशन का जो जरिया है जो आप लोगों के लाइक और कमेंट्स होते हैं वो आप लोग नहीं
करते। लाइव चैट में आप खूब बात करते हो। पर वीडियो एंड होने के बाद मेरे मोटिवेशन के लिए लाइक और कमेंट जरूर कीजिएगा। चलिए
तो एमसीक्यू नंबर 17 में साथियों हमको पता चल चुका है कि ट्रायल बैलेंस के तीन मेथड्स होते हैं ए, बी और सी। और यहां पर
क्योंकि तीनों ही मेथड सही है तो क्वेश्चन नंबर 17 का सही आंसर हमने जो टिक किया वो था ऑप्शन नंबर डी के रूप में। चलिए
आगे की बात करते हैं हम लोग यहां पर एमसीक्यू नंबर 18 की। द ट्रायल बैलेंस ऑफ आर के एंड कंपनी
अंशिका जी बहुत-बहुत धन्यवाद आप कमेंट करने में बहुत मेहनत करते हैं डेली बेसिस पे। हां जी। द ट्रायल बैलेंस ऑफ़ आरके एंड
कंपनी शोज़ आउटस्टैंडिंग सैलरी।
साथियों यह आउटस्टैंडिंग सैलरी हम सबको पता है क्या होता है? क्या होती है साथियों आउटस्टैंडिंग सैलरी?
भाई साहब आपने क्या किया? एंप्लाइज से काम तो करवा लिया। एंप्लई से काम तो करवा लिया।
पर अभी तक उसको
सैलरी नहीं दी। ओ हो
बुरी बात है। यह तो अच्छी बात नहीं है। आपने एमंप्लई से काम तो करवा लिया
पर अभी तक आपने उसको सैलरी नहीं दी। अगर आपने उसको काम उससे काम करवा लिया है
तो सैलरी देना। सैलरी देना आर के एंड कंपनी की
क्या है साथियों जिम्मेदारी है एक बर्डन है आरके एन कंपनी के ऊपर कि ₹ लाख ओ माय गॉड
₹ लाख की सैलरी देनी बाकी है। जिम्मेदारी है देनी ही पड़ेगी क्योंकि काम करवा लिया है। तो यह जो जिम्मेदारी है इसको हम
अकाउंटेंसी की भाषा में बड़े प्यार से किस नाम से जानते हैं साथियों? लायबिलिटी के नाम से।
ओके। अब ये पूछ क्या रहा है? द ट्रायल बैलेंस ऑफ़ आर के एंड कंपनी शोज़ आउटस्टैंडिंग सैलरी ऑफ़ ₹8 लाख। इट विल बी
रिकॉर्डेड इन अरे भाई साहब यह जो है यह लायबिलिटी है आरकेन कंपनी के ऊपर और साथियों लायबिलिटीज किस में शो होती है?
लायबिलिटीज को फाइनल अकाउंट्स में किस में शो किया जाता है साथियों? बैलेंस शीट में। क्या बैलेंस शीट नामक कोई
ऑप्शन यहां पर आपको दिख रहा है क्या? जल्दी से बताइए। जल्दी से बताइए। जल्दी से बताइए। बिल्कुल
हमें दिख रहा है सर ऑप्शन नंबर सी। एक जवाब यहां पर मुझे मिला है कल्ला प्लेस जी का ऑप्शन नंबर डी जो कि ये कह रहे हैं
सर ये आउटस्टैंडिंग सैलरी जो है ये प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में भी रिकॉर्ड होगी और बैलेंस शीट में भी रिकॉर्ड होगी।
तो कल्ला जी मैं आपको यहां पर क्लियर कर देता हूं। आउटस्टैंडिंग सैलरी का अमाउंट अगर ट्रायल बैलेंस के बाहर दे रखा होता
मतलब उसकी एंट्री अगर पेंडिंग है तो वो दो जगह जाएगा। पर क्योंकि आउटस्टैंडिंग सैलरी ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है। मतलब
उसका एडजस्टमेंट ऑलरेडी सैलरी के अंदर हो चुका है। ऑलरेडी वो पीएंडएल अकाउंट के अंदर जा चुका है। अब सिर्फ एक जगह जाना
बाकी है और वो है बैलेंस शीट के अंदर। तो यहां पर क्वेश्चन नंबर 18 के अंदर आपको डी वाला ऑप्शन नहीं बल्कि सी वाला ऑप्शन ही
चुनना पड़ेगा। अगर आपको एग्जाम में मार्क्स चाहिए तो जो कि मैंने आपको लॉजिकली समझा दिया कि डी ऑप्शन क्यों नहीं
हो सकता। क्या मेरी बात क्लियर है? कल्ला प्लेज़ वाईटी वन जी
बड़े यूनिक यूनिक नाम से जो है हमारे साथ यहां पर साथी ज्वाइन करते हैं। जिसमें से सबसे प्यारा नाम मुझे लगता है माय किस्मत
सावरिया सेठ जी का। हां जी। इसमें माय किस्मत सावरिया सेठ जी के आगे थोड़ा सा इसको थोड़ा सा और एक्सटेंड अगर आप कर पाए
तो कर लें। माय किस्मत सावरिया सेठ जी एंड माय मेहनत आरपीएससी अड्डा ऐसे इसको एडिट कर लीजिए आप अगर पॉसिबल है
तो ठीक है। हां जी। क्योंकि दुआ के साथ दवा भी काम आती है। दुआ सावरिया सेठ जी की और दवा आरपीएससी
अड्डा की। और वो दवा कौन सी? यह दवा आपके सामने जिसको आपको पानी के साथ नहीं लेना है। जिसको आपको मेहनत के साथ सॉल्व करना
है। जिसको आप मेरे साथ सॉल्व करना है YouTube पर। इज इट क्लियर? चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं हम लोग
यहां। एमसीक्यू नंबर 19। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट अ प्रोसेस इन द
प्रिपरेशन ऑफ अ ट्रायल बैलेंस? निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया तलपट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल नहीं
है? तो साथियों एक बार जरा अपने दिमाग में अकाउंटिंग प्रोसेस एक बार वापस से लेके आओ। जिसकी शुरुआत
किससे करते हैं हम लोग? रिकॉर्डिंग से। अगला स्टेप साथियों और रिकॉर्डिंग में हम लोग क्या करते हैं? या तो जर्नल बुक बनाते
हैं। और मैंने आपको बताया था कि अगर बड़ा बिजनेस है तो जर्नल को सब डिवाइड कर दिया
जाता है सब्सिडरी बुक्स में। रिकॉर्डिंग के बाद साथियों अगला स्टेप जिसमें आप लेजर्स बनाते हैं उसको आप प्यार
से कहते हैं क्लासिफाइंग करना। जिसमें आप बनाते हैं लेजर्स। और साथियों लेजर्स के जो फाइनल बैलेंस
होते हैं। अगला स्टेप याद करिए आप अकाउंटिंग प्रोसेस का जिसको आप किस नाम से जानते हैं? समराइजिंग
के नाम से। और समराइजिंग के अंदर क्या किया जाता है साथियों? ट्रायल बैलेंस और
फाइनल अकाउंट्स बनाए जाते हैं। तो कुल मिला के ओके कल्ला प्लेस जी सर यह मेरे सन की आईडी
है। मेरा नाम कनिका है। ओके ओके कनिका जी ओके नो प्रॉब्लम। हां जी तो ट्रायल बैलेंस बनाने का जो प्रोसेस है ये देखो वो
समराइजिंग में आके खत्म हो चुका है। तो ट्रायल बैलेंस के प्रोसेस के अंदर साथियों कवर हो गया। एक तो आपका
रिकॉर्डिंग। दूसरा आपका कवर हो गया क्लासिफाइंग। और तीसरा कौन से स्टेप के अंदर आपका ट्रायल बैलेंस बन गया साथियों?
समराइजिंग। अब क्वेश्चन में आपसे क्या पूछा है? व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट पार्ट ऑफ द प्रोसेस इन द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल
बैलेंस? इन चारों ऑप्शंस में से ऐसा कौन सा स्टेप है जो ट्रायल बैलेंस बनाने की स्टेप में नहीं आता?
रिकॉर्डिंग आता है? बिल्कुल आता है। क्लासिफाइंग अभी मैंने आपको बताया आता है और समराइजिंग के अंदर तो खुद अपने आप में
ट्रायल बैलेंस बनता है। तो एक ही ऑप्शन बचा हमारे सामने जो ट्रायल बैलेंस बनाने के प्रोसेस में कवर नहीं होता जो कि है
हमारा ऑप्शन नंबर ए। और ये जो स्टेप है साथियों ये आता है समराइजिंग के बाद। जिसको हम कहते हैं एनालिसिस एंड
इंटरप्रिटेशन। जिसमें बिजनेस के फाइनल अकाउंट्स को देखकर यह जज किया जाता है। यह स्टडी की जाती है
कि परफॉर्मेंस में इंप्रूवमेंट कितना हुआ है। तो साथियों ये जो इंटरप्रिटेशन है ये डेफिनेटली ट्रायल बैलेंस बनने की
प्रक्रिया का पार्ट नहीं है। तो एमसीक्यू नंबर 19 का करेक्ट आंसर हमें मिल चुका है ऑप्शन नंबर ए कनिका जी वेरी गुड बिल्कुल
सही कहा आपने शालिनी जी बिल्कुल सही कहा आपने सांवरिया सेठ जी बिल्कुल सही कहा आपने रेनू जी आपने भी बिल्कुल सही आंसर
यहां पर दिया है। चलिए अगले क्वेश्चन की तरफ हम लोग यहां पर बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर 20
वि ऑफ द फॉलोइंग इन ट्रायल बैलेंस इज कंट्राडिक्टरी टू ईच अदर?
आपको ऑप्शंस में यहां पर कुछ अकाउंट के लिस्ट दे रखी है। लिस्ट ऑफ अकाउंट्स यहां पर देख रख दे रखे हैं।
हां जी। तो यहां पर ये पूछा है कि इनमें से कौन से ऐसे दो अकाउंट है जो कंट्राडिक्टरी है? कंट्राडिक्टरी का मतलब
यहां पर जिसमें एक का डेबिट बैलेंस हो और दूसरे का क्रेडिट बैलेंस हो। ऐसा कौन सा ऑप्शन यहां पर है? देखो सिंपल सी बात जो
भी लिस्ट है हमारे सामने उनके जरा बैलेंससेस हम लोग चेक कर लेते हैं कि बैलेंससेस इनके किस साइड लिखे जाते हैं और
इनका बैलेंस होता क्या है? जैसे ऑप्शन ए में आपको सबसे पहले क्या दिख रहा है? ट्रेड रिसीवेबल दिख रहा है।
ठीक है? ट्रेड रिसीवेबल। फटाफट से कैटेगरी दिमाग में लेके आइए। ट्रेड रिसीवेबल एसेट की
कैटेगरी में आता है। और एसेट का बैलेंस साथियों किस साइड लिखा जाता है? डेबिट साइड। एसेट का बैलेंस डेबिट बैलेंस होता
है। दूसरा साथियों लायबिलिटी अगर कोई है तो आप सब जानते हैं उसका बैलेंस किस साइड लिखा जाता है?
क्रेडिट साइड। अगले ऑप्शन में आ रहा है आपका इन्वेंटरी। साथियों इन्वेंटरी का बैलेंस डेबिट। फिर
है अगला ड्रॉइंग्स। ड्र्स का बैलेंस साथियों डेबिट बैलेंस। अगला सेल्स
सेल्स का बैलेंस साथियों सेल्स का बैलेंस क्रेडिट बैलेंस। अगला साथियों परचेजेस रिटर्न का बैलेंस
वो भी क्रेडिट बैलेंस। अगला साथियों थोड़ा सा इसको एक्सटेंड करता हूं मैं यहां पर। एक सेकंड रुकना। यह
इसको थोड़ा एक्सटेंड कर देंगे। कोई दिक्कत नहीं। हां जी। अगले ऑप्शन में है एक तो कैरज इनवर्ड
माल आने का भाड़ा। यह भी खर्चा है। डेबिट बैलेंस। खर्चों का बैलेंस हम लोग डेबिट में लिखते हैं। कैरज आउटवर्ड
माल जाने का भाड़ा। यह भी एक खर्चा है। इसको हम डेबिट में शो करते हैं। ट्रायल बैलेंस के अंदर। अब
साथियों यहां पर ऑप्शंस के अंदर आपको दो-दो अकाउंट के कॉम्बिनेशन दे रखे हैं। जैसे सबसे पहला कॉम्बिनेशन जो है वो ट्रेड
रिसीवेबल और लायबिलिटी का है। सबसे पहला कॉम्बिनेशन इन दोनों का दे रखा है। अगला कॉम्बिनेशन आपको दे रखा है इन्वेंटरी
का और ड्रॉइंग्स का। अगला कॉम्बिनेशन आपको दे रखा है सेल्स का और परचेजेस रिटर्न का। और एक लास्ट कॉम्बिनेशन आपको दे रखा है
कैरज इनवर्ड का और कैरज आउटवर्ड का। अब इनके बैलेंस देखिए साथियों आप किन दो अकाउंट का जो बैलेंस है वो एक
दूसरे के अगेंस्ट जा रहा है। जल्दी से चेक करके मुझे कमेंट सेक्शन में बताओ। देखो इन दोनों का बैलेंस सेम साइड है। इन
दोनों का बैलेंस सेम साइड है। इन दोनों का बैलेंस सेम साइड है। सिर्फ फर्स्ट वाला जो ऑप्शन है जिसके अंदर दो अकाउंट आपको दे
रखे हैं। एक तो ट्रेड रिसीवेबल और एक लायबिलिटी। आप चेक कर सकते हैं। इन दोनों का जो बैलेंस है वो कंट्राडिक्टरी है।
कंट्राडिक्टरी का मतलब अपोजिट साइड जा रहा है। इन दोनों का जो बैलेंस है वो अपोजिट साइड
जा रहा है। तो साथियों हमसे क्वेश्चन ने यही पूछा है कि कौन से दो अकाउंट का जो बैलेंस है वो कंट्राडिक्टरी होगा। तो यहां
पर मेरे डायग्राम को देखते हुए आपको क्या आंसर दिमाग में आ रहा है? फटाफट से जल्दी से कमेंट सेक्शन में बताइए। क्योंकि मुझे
तो यहां पर ऑप्शन नंबर ए जो है वो बिल्कुल सही रूप में एस पर क्वेश्चन सही नजर आ रहा है। क्योंकि बाकियों के जो बैलेंस हैं वो
एक दूसरे को कंट्राडिक्ट नहीं कर रहे। वो तो सेम साइड जा रहे हैं। वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड। चलिए
आंसर देते रहिए। फटाफट आंसर देते रहिए। सिर्फ सुनना नहीं है। जवाब देना है। रेगुलर क्लास में बने रहना है। मेरे
क्वेश्चन का आंसर देना है। ताकि मैं ये जज कर पाऊं कि आप लोगों को समझ में आ रहा है। आप लोग पहले से आंसर दे रहे हैं। आपके
दिमाग में कांसेप्ट बैठ रहा है। और जो तरीका अगर मैं बता रहा हूं मैं कोशिश करता हूं साथियों चाहे मैं 11th के बच्चों को
पढ़ाऊं और चाहे मैं 12th के बच्चों को पढ़ाऊं, चाहे मैं ग्रेजुएशन लेवल के बच्चों को पढ़ाऊं, चाहे मैं पीजी के
बच्चों को पढ़ाऊं, चाहे फर्स्ट ग्रेड के साथियों को पढ़ाऊं। मेरी आदत हर तरह के साथी को पढ़ाने की सेम रहती है। मैं कोशिश
करता हूं बेस से क्लियर करूं चीजों को। ऊपर ऊपर से चीजें क्लियर करने में एग्जाम के अंदर फिर कंफ्यूजन क्रिएट होता है।
कभी-कभी आपको लगता भी होगा सर आप तो बहुत लो लेवल पर जाकर समझाते हैं। मैं लो लेवल पर जाके ही समझाऊंगा क्योंकि सब साथी यहां
पर YouTube पर सभी तरह के साथी यहां पर देखने को मिलते हैं। जिनका बेस भी क्लियर नहीं होता। मैं कोशिश करता हूं उनका बेस
भी क्लियर हो जाए और जो टॉपर्स हमारे साथ जुड़ते हैं उनका रिवीजन भी हो जाए। चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ चलें क्या? बोलो एमसीक्यू नंबर 21। ट्रायल बैलेंस बनाने से
कौन सी एक्यूरेसी जो है वो चेक हो पाती है? कौन सी एरर्स ऐसी है जो पकड़ में आ जाती
है? कौन सी एरर्स ऐसी है जो पकड़ में नहीं आती? ट्रायल बैलेंस बनाने से कौन सी एक्यूरेसी
जो है वो सही हो जाती है। या हम इंश्योर कर लेते हैं अपने आप को। ये श्योर श्योरिटी हमारे
दिमाग में आ जाती है कि चलो भैया ये वाली एक्यूरेसी तो अचीव कर ली हमने। दूसरी एरर और होगी तो वह तो बाद की बात है। जल्दी से
मैंने आप लोगों के हिंट के लिए कुछ बिल्ली लिख भी रखा है यहां पर। फटाफट से जल्दी से वेरी गुड रेनू जी का सबसे पहले
आंसर आया है। रेनू जी का आंसर सबसे पहले आया है यहां पर। फास्ट फास्ट जल्दी जल्दी से आंसर देखो। देखो हिंट आप लोगों
के सामने सबसे पहला है आपका एरर ऑफ प्रिंसिपल या फिर प्रिंसिपल एक्यूरेसी
स्पेलिंग सही कर लीजिएगा इसकी प्रिंसिपल एक्यूरेसी क्या प्रिंसिपल एक्यूरेसी ट्रायल बैलेंस
बनाने से हमारे सामने आती है क्या प्रिंसिपल एक्यूरेसी का मतलब नियमों की एक्यूरेसी सी अकाउंटिंग करते वक्त जो
प्रिंसिपल्स आपने अप्लाई किए हैं वो बिल्कुल सही है। कैपिटल एक्सपेंडिचर को कैपिटल एक्सपेंडिचर की तरह ही लिखा है।
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को रेवेन्यू ही माना है। क्या ये चीज पकड़ में आती है ट्रायल बैलेंस से? नहीं आती साथियों। क्योंकि जब
आप नियमों की गलती करते हैं तो डेबिट और क्रेडिट में अमाउंट तो आप सेम ही लिखते हैं। और डेबिट और क्रेडिट में अगर अमाउंट
आप सेम लिखेंगे तो ट्रायल बैलेंस में वो चीज कभी पकड़ में नहीं आएगी। ट्रायल बैलेंस तो मैच आपका हो जाएगा। तो ट्रायल
बैलेंस बनाने से प्रिंसिपल एक्यूरेसी तो श्योर हम नहीं कर पाते कि प्रिंसिपली
हमारे जो अकाउंट्स हैं वो एक्यूरेट है। जी नहीं। दूसरा ऑप्शन है क्लेरिकल एक्यूरेसी अचीव कर पाते हैं क्या हम ट्रायल बैलेंस
बनाने से? अब क्लेरिकल एक्यूरेसी का मतलब क्या है यहां पर? पोस्टिंग की एक्यूरेसी। क्या ट्रायल बैलेंस बनाने से हम अपने आप
को यह शोर कर सकते हैं कि जिस अकाउंट में पोस्टिंग करनी थी क्या उसी अकाउंट में पोस्टिंग हुई है? ये चीज भी ट्रायल बैलेंस
बनाने से नहीं पकड़ में आती। भाई सिंपल सी बात है। अगर राम अकाउंट को डेबिट करना था और गलती से आपने कैश अकाउंट को डेबिट कर
दिया। अरे किया तो डेबिट ही ना। तो ये चीज भी ट्रायल बैलेंस से पकड़ में नहीं आ सकती। तो क्लेरिकल
एक्यूरेसी के लिए ट्रायल बैलेंस नहीं बनाया जाता। यह चीज तो पकड़ में ही नहीं आएगी। क्लेरिकल चीजें कि आपने अकाउंट गलत
कर दिया क्या? तीसरी है आपकी एरथमेटिकल एक्यूरेसी। मैंने ट्रायल बैलेंस के पार्ट वन कल की क्लास
में मैंने आपको बताया था ट्रायल बैलेंस बनाने के पीछे जो मेन पर्पस होता है वो यही होता है। ये चेक करना कि जितनी भी अभी
तक हमने अकाउंटिंग की है जगह-जगह हमने डेबिट और क्रेडिट में अमाउंट को सेम लिखा है या नहीं। तो एरथमेटिकल एरर क्या हो गई
आपकी? अमाउंट गलत लिखने की गलती। और अमाउंट गलत लिखने की गलती को यहां पर फर्दर क्लेरिफाई कर लीजिएगा।
गलती कौन सी? कि डेबिट में अलग अमाउंट लिख दिया। गलती कौन सी?
डेबिट में अलग अमाउंट लिख दिया और क्रेडिट में अलग। तो यह तो आपको पकड़ में आ जाएगा जब आप
ट्रायल बैलेंस बनाओगे और लास्ट में जाके जब आप ट्रायल बैलेंस की टोटल करोगे तो डेफिनेटली एरिथममेटिकल एक्यूरेसी आपको पता
चल जाएगा कि एरथमैटिकली हमारी जो अकाउंटिंग है वो कहीं ना कहीं गड़बड़ हुई है। हम एररथमैटिकल एक्यूरेसी अचीव नहीं कर
पाए। तो ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है टू अचीव टू अचीव वि एक्यूरेसी एरथमेटिकल एक्यूरेसी ये पता करने के लिए कि डेबिट और
क्रेडिट में अमाउंट जो है वो सेम लिखा है या नहीं नहीं नहीं चलिए एमसीक्यू नंबर 21 अगेन बहुत ही इजी
एमसीक्यूस था एमसीक्यू था आपका आगे बढ़ते हैं हम लोग अगले एमसीक्यू पर एमसीक्यू नंबर 22
द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल बैलेंस इज फॉर। जल्दी से चेक करिए। द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल बैलेंस इज फॉर। आप
कौन सी एरर्स को ढूंढने के लिए ट्रायल बैलेंस बनाते हैं? कौन सी एरर्स को आइडेंटिफाई करने के लिए ट्रायल बैलेंस
बनाया जाता है? ऐसी कौन सी एरर्स हैं? साथियों, पहले ऑप्शन में दे रखा है यहां पर टू लोकेट कंपनसेटिंग एरर्स। साथियों
कंपनसेटिंग एरर्स क्या होती है? कंपनसेटिंग एरर्स क्या होती है? जब दो एरर्स
एक दूसरे के इफेक्ट को नलिफाई कर दे। या एक दूसरे के इफेक्ट को कैंसिल कर दे।
उसको कहते हैं साथियों हम कंपनसेटिंग एरर्स। एक एग्जांपल से बताता हूं। रुको। एक एग्जांपल
मान लो आपने गलती से परचेजेस अकाउंट को ₹5,000
ज्यादा डेबिट कर दिया। वहीं दूसरी तरफ आपसे एक गलती और हुई कि आपने सेल्स अकाउंट को या और भी कोई
अकाउंट ले सकते हो जिसको क्रेडिट किया जाता है। सेल्स अकाउंट को भी आपने 5000 से ज्यादा क्रेडिट कर दिया।
तो साथियों इन दोनों अकाउंट इन दोनों जो एरर है इन दोनों एरर का जो इफेक्ट है वो एक दूसरे को नलिफाई कर रहा है। कैसे कर
रहा है? एक अकाउंट को आपने ज्यादा डेबिट कर दिया 5,000 से और एक अकाउंट को आपने ज्यादा क्रेडिट कर दिया 5,000 से। तो
ज्यादा डेबिट 5,000 डेबिट साइड भी ज्यादा आ रहा है। 5,000 क्रेडिट साइड भी ज्यादा आ रहा है। तो ट्रायल बैलेंस में तो कोई एरर
आएगी ही नहीं। ट्रायल बैलेंस तो आपका फिर भी मैच हो जाएगा। तो इसको कहते हैं साथियों कंपनसेटिंग एरर्स। जब दो एरर्स
आपस में एक दूसरे के इफेक्ट को कैंसिल कर दे उसको हम लोग कंपनसेेटिंग एरर्स कहते हैं। और साथियों ये एरर्स ट्रायल बैलेंस
में पकड़ में नहीं आती। यह एरर्स ट्रायल बैलेंस बनाने से
पकड़ नहीं आती। दूसरा
हम ट्राय बैलेंस क्यों बनाते हैं? टू लोकेट एरर्स ऑफ प्रिंसिपल। अभी इससे जस्ट पिछले एमसीक्यू में मैंने आपको बताया था।
एरर ऑफ प्रिंसिपल का मतलब क्या है? कि आपने कैपिटल एक्सपेंडिचर को रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर लिया या फिर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को आपने कैपिटल एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर लिया। भाई
मान लो आपने मशीन की क्या कहते हैं? मशीन को इंस्टॉल करने के लिए इंस्टॉलेशन चार्जेस का पेमेंट किया। आपने गलती से
उसको मशीन की कॉस्ट में ऐड करने की जगह उसको रेवेन्यू एक्सपेंस मान लिया। अरे किया तो डेबिट ही ना भाई। तो आपने साइड
थोड़ी बदली। आपने तो बस प्रिंसिपल चेंज कर दिया। आपने अकाउंट का नाम चेंज कर दिया। लिखा तो सही साइड। तो जब सही साइड सही
अमाउंट लिखा जाता है तो ट्रायल बैलेंस तो मैच होगा। तो आपकी एरर ऑफ प्रिंसिपल भी ट्रायल बैलेंस बनाने से पकड़ में नहीं
आती। क्लियर है? तो ऑप्शन बी भी यहां पर हम नहीं चुन पाएंगे। क्योंकि एरर ऑफ
प्रिंसिपल भी ट्रायल बैलेंस बनाने से पकड़ में नहीं आती। तीसरा ऑप्शन देखो क्या कह रहा है? द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल बैलेंस इज
फॉर लोकेटिंग एरर्स ऑफ कमीशन। एरर ऑफ कमीशन का मतलब समझना साथियों। यहां पर आपने
गलत अकाउंट में गलत अमाउंट लिख दिया। या फिर सिर्फ इसको आप ये भी ले सकते हो कि
आपको एक जगह डेबिट में अमाउंट 5000 लिखना था। आपने उसको 500 ही लिखा। तो इसको कहते हैं जब आप अमाउंट लिखने में गलती कर देते
हो एक साइड या तो डेबिट साइड या फिर क्रेडिट साइड तो उसको कहते हैं हम लोग कंपनसेटिंग एरर या फिर कोई अमाउंट डेबिट
में लिखना था आपने क्रेडिट में लिख दिया कोई अमाउंट क्रेडिट में लिखना था आपने डेबिट में लिख दिया तो ये जो टाइप की
एरर्स होती है साथियों ये कहलाती है एरर ऑफ कमीशन और अगर कोई अमाउंट डेबिट में लिखना था आपने क्रेडिट में लिख दिया तो
डेफिनेटली ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होगा कोई अमाउंट डेबिट में पांच 5000 लिखना था। आपने 500 ही लिखा डेफिनेटली आपका ट्रायल
बैलेंस मैच नहीं होगा। तो यहां पर देखिए एरर ऑफ कमीशन के अंदर मैं आपको एक सिंपल सी ट्रिक बता देता हूं याद रखने की।
पहला देखो अमाउंट गलत लाइट साइड लिख दिया।
एक तो यह दिमाग में रखना और दूसरा गलत अमाउंट लिख दिया
तो उसको हम कहते हैं एरर ऑफ कमीशन। और साथियों ये जो गलतियां है ये डेफिनेटली जब ट्रायल बैलेंस की टोटल की जाएगी तो यह
गलतियां पकड़ में आ जाएगी। इनकी वजह से ट्रायल बैलेंस आपका मैच नहीं होगा।
तो ऐसे ही कुछ एरर्स को फाइंड आउट करने के लिए साथियों ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है। तो यही हमारा जो ऑप्शन है वो हमें चुनना
होगा। तो एमसीक्यू नंबर 22 का बहुत बढ़िया कनिका जी हमको यहां पर चुनना होगा ऑप्शन नंबर सी ताकि ये पकड़ में आ जाए कि कहीं
डेबिट और क्रेडिट में अमाउंट लिखने में कोई मिस्टेक तो नहीं हुई है। और ऊपर वाली जो दो एरर्स है साथियों उनकी वजह से
ट्रायल बैलेंस की टोटल पर तो कोई इंपैक्ट नहीं पड़ने वाला है। क्यों नहीं पड़ने वाला? मैंने अभी आपको अच्छे से एक्सप्लेन
यहां पर कर दिया। चलिए बात करते हैं यहां पर हम लोग एमसीक्यू नंबर 23 की। हां जी। चेक करिए फटाफट एमसीक्यू नंबर 23।
अ ट्रायल बैलेंस कंटेन द बैलेंस ऑफ एक ट्रायल बैलेंस के अंदर कौन-कौन से अकाउंट्स के किस-किस
कैटेगरी के अकाउंट के बैलेंससेस लिखे जाते हैं? जल्दी से जल्दी से कमेंट सेक्शन में इसका आंसर दें। फास्ट
जल्दी से यस कमेंट सेक्शन में बहुत ईजी क्वेश्चन है साथियों बहुत ईजी जल्दी से आंसर दें इसका
ऑप्शन ए ओनली रियल एंड नॉमिनल अकाउंट्स ऑप्शन बी ओनली पर्सनल एंड रियल अकाउंट्स ऑप्शन सी ओनली नॉमिनल एंड पर्सनल अकाउंट्स
क्या ट्रायल बैलेंस में ऐसी कोई फिक्स कैटेगरी है कि उस कैटेगरी के अकाउंट्स ही आएंगे जल्दी जल्दी से मुझे बताइए।
तो साथियों आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं मैंने आपको टाइप्स ऑफ अकाउंट्स एस पर ट्रेडिशनल एप्रोच पढ़ाया है। जिसमें हम
लोगों ने तीन तरह के अकाउंट्स पढ़े थे। पर्सनल अकाउंट्स, रियल अकाउंट्स और नॉमिनल अकाउंट्स। ईयर एंड पर साथियों ये सभी तरह
के अकाउंट्स को बैलेंस किया जाता है। बैलेंस करने के बाद सभी अकाउंट के बैलेंससेस को ट्रायल बैलेंस के अंदर डाला
जाता है। और ट्रायल बैलेंस बनने के बाद जब वो टेली हो जाता है तो उसके बाद जो नॉमिनल अकाउंट्स होते हैं उनको क्लोज किया जाता
है ट्रेडिंग अकाउंट और प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डालकर। बट एक बार के लिए तो सारे अकाउंट के जो बैलेंससेस होते हैं
उनको ट्रायल बैलेंस में शो किया जाता है। तो यहां पर ऑप्शन कौन सा लेना पड़ेगा हमको साथियों
यहां लेना पड़ेगा सारे तरह के जो अकाउंट हैं एक बार के लिए तो सभी तरह के जो अकाउंट हैं उनके
बैलेंसेस ट्रायल बैलेंस में शो होते हैं। फिर ट्रायल बैलेंस बनने के बाद जो नॉमिनल अकाउंट्स होते हैं उनकी क्लोजिंग एंट्री
होती है। सभी तरह के एक्सपेंसेस और इनकम के अकाउंट को क्लोज किया जाता है। ट्रेडिंग अकाउंट और प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट में ट्रांसफर करके और फिर फाइनल अकाउंट्स की प्रिपरेशन चालू हो जाती है। हां जी। चलिए बात करते हैं हम लोग हमारे
अगले एमसीक्यू की जो कि है एमसीक्यू नंबर 24। द ट्रायल बैलेंस ऑफ आरके एंड कंपनी
टोस रवि जी कह रहे हैं ना कि किसकी वजह से टीबी मैच होती है या नहीं
क्यों भाई इस क्वेश्चन में तलपट बनाने का उद्देश्य पूछा है [नाक से की जाने वाली आवाज़]
हां जी तो इसमें क्या समस्या आ गई रवि जी हमें जो अवेलेबल ऑ हैं उसमें से मोस्ट
एप्रोप्रियट ऑप्शन को चुनना होता है। रवि जी कंपनसेेटिंग एरर्स ट्रायल बैलेंस से नहीं पकड़ में आ सकती। प्रिंसिपल एरर्स भी
ट्रायल बैलेंस में पकड़ में नहीं आ सकती। पर जब डेबिट और क्रेडिट में अमाउंट लिखने की मिस्टेक हो जाती है तो उस वजह से
ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होता। हां उद्देश्य वर्ड चलो यहां पर उद्देश्य वर्ड पकड़ कर आपको गड़बड़ लग रही होगी। पर
जो अवेलेबल ऑप्शंस हैं हमको उनमें से मोस्ट एप्रोप्रियट चुनना होगा कि ट्रायल बैलेंस बनाने से हम कौन सी एरर ये पकड़
पाएंगे कि कौन सी एरर हुई है। समझे आप रवि जी? हां।
चलिए क्वेश्चन नंबर 24 द ट्रायल बैलेंस ऑफ़ आर के एंड कंपनी शोज़ डेप्रिसिएशन। ट्रायल बैलेंस में डेप्रिसिएशन दे रखा है
₹80,000 का। ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है साथियों डेप्रिसिएशन। ध्यान दीजिएगा। एडजस्टमेंट्स में नहीं दे रखा है। ट्रायल
बैलेंस के बाहर नहीं दे रखा है। अगर ट्रायल बैलेंस के बाहर गिवन होता तो इसकी एंट्री करते। इसको हम उस रेस्पेक्टिव एसेट
में से माइनस करते। उसकी एंट्री करते। पर ट्रायल बैलेंस के अंदर दे रखा है डेप्रिसिएशन। इसका मतलब इसको ऑलरेडी एसेट
में से एडजस्ट किया जा चुका है। अब सिर्फ डेप्रिसिएशन को एक ही जगह शो किया जाएगा एज एन इनडायरेक्ट एक्सपेंस और वो भी कहां
साथियों? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में। या डेप्रिसिएशन का अमाउंट सिर्फ एक ही जगह जाएगा। क्योंकि ट्रायल बैलेंस के अंदर दे
रखा है। ट्रायल बैलेंस के अंदर अगर दे रखा है, इसका मतलब इसका एडजस्टमेंट ऑलरेडी उस रेस्पेक्टिव एसेट में हो चुका है। तो
सिर्फ इसको आपको प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के अंदर एज अ लॉस एज एन इनडायरेक्ट एक्सपेंस की तरह यहां पर शो करना पड़ेगा।
वेरी गुड। और आज के आखिरी एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं साथियों हम लोग। एमसीक्यू नंबर 25
बैलेंसेस ऑफ द अकाउंट्स आर ट्रांसफरर्ड टू सबसे लास्ट एमसीक्यू और सबसे सिंपल लेजर के अंदर जितने भी अकाउंट्स बनते हैं
क्लासिफिकेशन के दौरान उनके फाइनल बैलेंससेस को उनके नेट बैलेंससेस को कहां लिखा जाता है साथियों? क्या डायरेक्टली
ट्रेडिंग पीएंडएल बैलेंस शीट में लिख दिया जाता है या पहले एररथमैटिकल एक्यूरेसी चेक करने के लिए हम ट्रायल बैलेंस बनाते हैं?
तो साथियों जितने भी अकाउंट के बैलेंसेस होते हैं उनको पहले ट्रायल बैलेंस के अंदर ट्रांसफर किया जाता
है। हां फिर ट्रायल बैलेंस से वो सारे अमाउंट ट्रांसफर होते हैं ट्रेडिंग अकाउंट, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
और बैलेंस शीट के अंदर। चलिए साथियों शुरू करते हैं आज की क्लास में हम रेक्टिफिकेशन ऑफ एरर्स जो कि एक बड़ा प्यारा बहुत ही
क्यूट बहुत ही इजी चैप्टर जिसको हम लोग कह सकते हैं उसके एमसीक्यूस को हम देखते हैं क्या पूछना चाह
रहा है और फिर एक-एक को पकड़ के उसको डिटेल में समझते हैं और उसका आंसर फाइंड आउट करते हैं। चलिए क्वेश्चन नंबर वन
एरर्स आर डैश मिस्टेक्स अकाउंटेंट से अकाउंटिंग करते वक्त जब कोई
एरर हो जाती है तो वो मिस्टेक्स जो है जो उस अकाउंटेंट से हो गई वो उसकी कैटेगरी उसके बारे में आपसे यहां पर कुछ पूछा गया
है जो ऑप्शंस आपके सामने दे रखे हैं सबसे पहला ऑप्शन आपके सामने दे रखा है कि वो जो एरर एक अकाउंटेंट कमिट करता है वो
इंटेंशनली करता है। दूसरा ऑप्शन वो अकाउंटिंग करते वक्त अनदेखी करता है। इग्नोरेंस कहीं ना कहीं अगर उसके अंदर है
लापरवाही बरतता है। और तीसरा एक अकाउंटेंट से जो एरर्स होती है वो अनजाने में होती है। अनइटेंशनली होती है। और आपके सामने
अगला ऑप्शन लास्ट ऑप्शन दे रखा है साथियों नन ऑफ दीज़। यह एक कासेप्चुअल नहीं बल्कि मैं तो कहूंगा कॉमन सेंस वाला क्वेश्चन
है। जितेंद्र जी बिल्कुल सही पकड़ा है आपने। इस तरह के कॉमन सेंस वाले क्वेश्चन भी आपसे वहां पर पूछे जाते हैं। जहां पर
बेसिकली एक्चुअल में चैप्टर का कोई कांसेप्ट अप्लाई नहीं करोगे फिर भी आप लोग आंसर फाइंड आउट कर सकते हो। तो कॉमन सेंस
भी अगर हम ये लोग यहां पर अप्लाई करें कि अकाउंटेंट से अकाउंटिंग में जब कोई एरर होती है तो वो कभी भी इंटेंशनली कोई एरर
कमिट नहीं करता। इंटेंशनली वो कभी लापरवाह नहीं होता। तो बेसिकली जो एरर्स होती है साथियों वो अनइटेंशनल नेचर की होती है।
अनइटेंशनल नेचर की होती है साथियों। अनजाने में हो जाती है उस अकाउंटेंट से मिस्टेक्स। तो एक बिल्कुल कॉमन सेंस वाला
क्वेश्चन था दैट एरर्स आर अनइटेंशनल मिस्टेक्स। अनजाने में हो जाती है अगर अकाउंटेंट से
एरर तो उसी को हम लोग कहते हैं कि अकाउंटिंग में एरर हो गई। बिल्कुल क्लियर बिल्कुल कॉमन सेंस वाला एक सिंपल सा
क्वेश्चन यहां पर हम लोगों ने देखा। अब आ जाइए एमसीक्यू नंबर टू पर। एमसीक्यू नंबर टू क्या कह रहा है साथियों?
रेक्टिफिकेशन ऑफ एंट्रीज मतलब यहां पर एंट्रीज की जगह इसको आप एरर्स भी पढ़ सकते हो
कि जब अकाउंटेंट से कोई एरर हो जाती है तो उस एरर को रेक्टिफाई करने के लिए साथियों आपने पढ़ा होगा अपने 11th क्लास में उसको
उस एरर को रेक्टिफाई करने के लिए पास की जाती है रेक्टिफाइंग एंड एंट्री चाहे जो भी एरर अकाउंटेंट से हुई हो
साथियों उसको सही करने के लिए रेक्टिफाइंग एंट्री पास की जाती है। अब क्वेश्चन आपसे ये पूछना चाह रहा है ये जो रेक्टिफाइंग
एंट्री है जिसके बारे में बात चल रही है ये रेक्टिफाइंग एंट्री कहां रिकॉर्ड की जाती है? इसको कहां लिखा जाता है? ऑप्शंस
आपके सामने। सबसे पहला ऑप्शन इसने क्या दिया आपको? कैश बुक। साथियों क्या कैश बुक में क्या कैश बुक में किसी भी हाल में
रेक्टिफाइंग एंट्री की जा सकती है? बिल्कुल नहीं। क्यों नहीं साथियों? क्योंकि कैश बुक में सिर्फ दो तरह की
एंट्रीज होती है। कौन-कौन सी? एक तो पैसा आने की और दूसरी
पैसा जाने की। कैश बुक को इसके अलावा और किसी ट्रांजैक्शन से मतलब नहीं होता। कैश बुक तो सिर्फ यह दो पैसा आएगा तो लिखो भाई
साहब और पैसा जाएगा तो कैश बुक में लिखा जाएगा। अदरवाइज कैश बुक का कोई रोल नहीं है। तो यहां पर ऑप्शन ए जो है हम लोग
सेलेक्ट नहीं कर सकते। ऑप्शन बी इसने दे दिया लेजर। अरे भाई साहब जब क्वेश्चन में एक वर्ड दे रखा है रिकॉर्डेड। मतलब
रिकॉर्डिंग की बात हो रही है और लेजर में तो होती है पोस्टिंग। लेजर में तो होती है पोस्टिंग।
लेजर में रिकॉर्डिंग नहीं होती। तो यहां पर ऑप्शन बी भी हमको कट करना होगा। ऑप्शन सी हमें देखने को मिल रहा है जर्नल
प्रॉपर। और साथियों जैसे ही आप ऑप्शन नंबर सी देख रहे होंगे आपको मेरी सब्सिडरी बुक्स वाली क्लास याद आ गई होगी। यस सर
आपने बताया था कि जनरल प्रॉपर जो सब्सिडरी बुक है उसके अंदर सर ओपनिंग एंट्रीज आपने ओपनिंग एंट्री आपने बताई थी कि इसमें
ओपनिंग एंट्री होती है सर। आपने बताया था इसमें क्लोजिंग एंट्रीज होती है सर। आपने बताया था इसमें एडजस्टमेंट एंट्रीज होती
है सर। आपने बताया था इसमें रेक्टिफिकेशन एंट्रीज भी होती है साथियों। तो रेक्टिफाइंग एंट्री जब पास की जाती है तो
उसको रिकॉर्ड किया जाता है साथियों जर्नल प्रॉपर के अंदर। किस चैप्टर में पढ़ी हुई चीज कहां काम आ रही है? आप अच्छे से यहां
पर देख पा रहे होंगे। अगर आप डेली बेसिस पर मेरे लेक्चर्स को देखते हैं तो नोट्स फॉर्म में मैं आपको चीजें याद करवा देता
हूं। जो मेरे साथी रेगुलर मेरी क्लासेस देख के आए हैं उनको एक सेकंड भी नहीं लगा होगा इस एमसीक्यू को सॉल्व करने के लिए।
बट कुछ और भी साथी क्लास में हैं जो पहली बार क्लास को देख रहे हैं उनके लिए मुझे ये एक्सप्लेन करना जरूरी था। तो
रेक्टिफाइंग एंट्रीज की जाती है साथियों जर्नल प्रॉपर के अंदर। और ऑप्शन नंबर डी जो है वो बिल्कुल एक अटपटा ऑप्शन है
क्योंकि यहां पर बात रिकॉर्डिंग की हो रही है। यहां पर इसने ऑप्शन समराइजिंग का दे दिया। इसलिए हम लोग ऑप्शन डी भी यहां पर
सेलेक्ट नहीं कर पाएंगे क्योंकि बैलेंस शीट रिकॉर्डिंग के वक्त नहीं साथियों कब बनती है समराइजिंग के वक्त
इसलिए ऑप्शन डी भी यहां पर गलत होगा तो रेक्टिफाइंग एंट्री साथियों पास की जाती है जर्नल प्रॉपर के अंदर। ओके।
अगले एमसीक्यू की तरफ हम बढ़ते हैं और अगले एमसीक्यू को समझाने के लिए मैंने आप लोगों के लिए नोट्स फॉर्म में यहां पर कुछ लिखा
है जिसको मैं आपको अभी समझाने वाला हूं और अच्छे से अगर आपने इसको समझ लिया तो इसके बाद जो क्वेश्चंस आएंगे जो प्रैक्टिकल
नेचर के होंगे या थ्योरिटिकल नेचर के भी अगर आए तो आराम से आसानी से आप उनको सॉल्व कर लोगे। देखो एमसीक्यू नंबर थ्री क्या कह
रहा है? क्लेरिकल एरर्स के अंदर कौन-कौन सी एरर्स आती है? अब साथियों देखो
क्लेरिकल एरर्स क्या होती है? नॉन क्लेरिकल एरर्स क्या होती है? इन पे तो हम बाद में चलते हैं। पहले हम एरर्स का एक
बेसिक सा क्लासिफिकेशन यहां पर देख लेते हैं। जिससे आपको टाइप्स ऑफ एरर्स जो है वो आपका रिवाइज हो जाए।
अगर आपको आता भी है तो आपका टाइप्स ऑफ एरर्स जो है वो इस चार्ट से शॉर्ट फॉर्म में रिवाइज हो जाएगा। तो साथियों बेसिकली
जब बात आती है टाइप्स ऑफ एरर्स की तो एरर्स आर बेसिकली ऑफ फोर टाइप्स। पहली है आपकी एरर ऑफ ओमिशन, दूसरी एरर ऑफ
कमीशन, तीसरी एरर ऑफ प्रिंसिपल और चौथी कहलाती है साथियों कंपनसेटिंग एक्ट। अब एक-एक एरर के बारे में यहां पर हम लोग बात
करते हैं। सबसे पहली एरर का नाम है एरर ऑफ ओमिशन। साथियों, ओमिशन वर्ड हम लोग जनरल लाइफ में भी जानते हैं। ओमिट हो
जाना। ओमिट कर देना। वोमिट नहीं ओमिट ओमिशन और ओमिशन वर्ड का मतलब होता है साथियों भूल जाना
अकाउंटेंट किसी ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड करना ही भूल गया या फिर अकाउंटेंट किसी ट्रांजैक्शन की पोस्टिंग करना ही भूल गया
या फिर अकाउंटेंट जब पोस्टिंग कर रहा था किसी एंट्री की तो उसने एक अकाउंट में पोस्टिंग कर दी दूसरे अकाउंट में पोस्टिंग
करना भूल गया तो ये जो भूल है। भूल की वजह से जो एरर होती है साथियों उसे कहा जाता है एरर ऑफ ओमिशन। देखो लिख रखा है मैंने
एरर ऑफ ओमिशन का सिंपल सा मतलब दिमाग में रखना भूल जाना। अब भूलने में भी याद रखिएगा साथियों। एक तो होती है पूरी भूल।
एक होती है अधूरी भूल। पूरी भूल को कहा जाता है कंप्लीट ओमिशन। और दूसरी अधूरी भूल को कहा जाता है पार्शियल ओमिशन।
कंप्लीट ओमिशन का मतलब क्या हो गया साथियों? कि कोई ट्रांजैक्शन की एंट्री ही नहीं की।
भाई कंप्लीट ओमिशन का मतलब है कुछ किया ही नहीं। कुछ किया ही नहीं का मतलब क्या है? एंट्री ही नहीं की।
पूरी एंट्री ही स्किप हो गई। या फिर एंट्री तो कर ली। पोस्टिंग रह गई भाई साहब।
ट्रांजैक्शन में एटलीस्ट दो अकाउंट इफेक्ट होते हैं। दोनों ही अकाउंट में पोस्टिंग ही रह गई भाई साहब। तो इस तरह की गलती को
कंप्लीट ओमिशन की कैटेगरी में डाला जाता है। और अगर बात आए पार्शियल ओमिशन की पार्शियल का मतलब क्या हो गया साथियों? एक
पहलू तो उसने रिकॉर्ड कर लिया या एक पहलू की तो पोस्टिंग कर दी। दूसरे पहलू को रिकॉर्ड करना या दूसरे पहलू की पोस्टिंग
जो है वो रह गई। मतलब एक पार्ट कंप्लीट हो गया, दूसरा वो भूल गया। उसको कहा जाता है पार्शियल ओमिशन। तो पार्शियल ओमिशन में
देखो क्या साथियों क्या लिखा हुआ है। एक एस्पेक्ट को रिकॉर्ड कर लिया पर दूसरा आस्पेक्ट रह गया। एक अकाउंट में पोस्टिंग
हो गई, दूसरे अकाउंट में पोस्टिंग भूल गया। तो इसको कहा जाता है पार्शियल ओमिशन।
क्लियर है? एक चीज भूल गया। एक कर दी उसे कहते हैं पार्शियल ओमिशन। मिनी राठौर जी गुड इवनिंग। मिनी राठौर जी कह रहे हैं
थैंक यू सो मच सर फॉर दीज़ रिवीजन क्लासेस। दे आर रियली वेरी बेनिफिशियल फॉर अस। ओके मिनी राठौर जी थैंक यू सो मच। इसी कड़ी
में आगे चलते हैं और दूसरे टाइप की एरर की बात करते हैं। दूसरे टाइप की एरर है यहां पर एरर ऑफ कमीशन।
अब एरर ऑफ कमीशन में साथियों काफी तरह की एरर्स आ सकती है। मैंने शॉर्ट में यहां पर आप लोगों के लिए कुछ चीजें लिखी है। जरा
उन पर गौर कीजिए आप। सबसे पहला रॉन्ग रिकॉर्डिंग। रॉन्ग रिकॉर्डिंग को आप यहां पर एक चीज और
लिख देता हूं। उसको ध्यान रखिएगा कि आपने किसी ट्रांजैक्शन की एंट्री कर तो दी। भूले नहीं, भूल नहीं हुई और गलत
अमाउंट से एंट्री कर दी भाई साहब। उस एरर को हम कहेंगे एरर ऑफ कमीशन। दूसरा रॉन्ग कास्टिंग।
कास्टिंग का मतलब होता है साथियों टोटलिंग। तो आपने किसी एक अकाउंट की जब टोटल कर रहे
थे तो उस टोटल की आपने गलती कर दी। कम टोटल कर दी जिसको हम अंडरकास्टिंग कह सकते हैं। ज्यादा टोटल कर दी जिसको हम
ओवरकास्टिंग कह सकते हैं। तो यह भी आपका एरर ऑफ कमीशन की कैटेगरी में आएगा। तीसरा रॉन्ग बैलेंसिंग।
टोटल तो सही कर दी। एहसान कर दिया टोटल सही करके। पर जब बैलेंस कैलकुलेट कर रहे थे तो गलत अमाउंट कैलकुलेट कर दिया। ये भी
आपका एरर ऑफ कमीशन की कैटेगरी में जाता है। रॉन्ग कैरी फॉरवर्ड। अरे भाई बैलेंस तो सही कैलकुलेट कर लिया। एहसान कर दिया
हमारे ऊपर। पर जब उसको कैरी फॉरवर्ड करके वापस जब नेक्स्ट ईयर में लिखा जा रहा है या नेक्स्ट मंथ आप उसको ब्रॉट डाउन करते
हो तो अमाउंट गलत लिख दिया आपने। बहुत बढ़िया। ये भी एरर ऑफ कमीशन की कैटेगरी में आएगा। फिर रॉन्ग पोस्टिंग आपने
पोस्टिंग करते वक्त अमाउंट क्या लिखना था? क्या अमाउंट लिख दिया? कौन से अकाउंट में पोस्टिंग करनी थी? कौन से दूसरे अकाउंट
में पोस्टिंग कर दी? तो ये जो सारे एग्जांपल्स हैं साथियों ये आपके एरर ऑफ कमीशन की कैटेगरी में फॉल करते हैं। हां
जी। एंड सर इंग्लिश मीडियम बुक्स कब तक मिल जाएंगी? वी आर वेटिंग इगरली फॉर द बुक। मिनी राठौर जी सारी चीजें टीम की तरफ
से कंप्लीट है और सारी चीजें एडिटिंग वगैरह सब कुछ कंप्लीट है। अब हमारे जो दोनों डायरेक्टर्स हैं वो जल्द ही आपको
इंग्लिश मीडियम की जो बुक है वो प्रोवाइड कर देंगे। फाइनल टच पे चल रहा है मामला जल्द ही एक वीक के अंदर-अंदर आपको इंग्लिश
मीडियम की जो बुक है वो अवेलेबल हो जाएगी। रेस्ट इज अपॉन द डायरेक्टर्स। हां जी। अब बात करते हैं तीसरे टाइप के एरर की। एरर
ऑफ प्रिंसिपल। यहां पर प्रिंसिपल वर्ड को आप रूल्स भी पढ़ सकते हैं दिमाग में याद रखने के लिए
कि भाई साहब अकाउंटिंग करते वक्त अकाउंटेंट ने अकाउंटिंग के नियमों का उल्लंघन कर दिया। अकाउंटिंग के किसी रूल
के अगेंस्ट चला गया। तो उसे कहा जाता है साथियों एरर ऑफ प्रिंसिपल। हमारा जो अकाउंटेंट है वो अकाउंटिंग रूल्स
के अगेंस्ट जाकर उसने एंट्री कर दी। देखो एक एग्जांपल मैंने लिखा है कि मान लेते हैं फर्नीचर खरीदा। अब फर्नीचर खरीदा तो
ऑब्वियस सी बात है एसेट बढ़ेगा। पर हमारे अकाउंटेंट ने हमारा बहुत क्यूट अकाउंटेंट था। उसने उस एसेट को एक्सपेंस में डाल
दिया। उसने उसको जनरल एक्सपेंसेस की तरह ट्रीट कर दिया। तो एसेट को जब एक्सपेंस की तरह ट्रीट कर दिया जाए या एक्सपेंस को
एसेट की तरह ट्रीट कर दिया जाए तो ये अकाउंटिंग नियमों का उल्लंघन ही तो हुआ। तो इस तरह की एरर को कहा जाता है एरर ऑफ
प्रिंसिपल। नियमों का उल्लंघन एरर ऑफ प्रिंसिपल। और एक आखरी टाइप की एरर
कंपनसेटिंग एरर्स। कंपनसेटिंग एरर्स। जब दो एरर्स आपस में एक दूसरे के इफेक्ट को नलिफाई कर
दे। उन एरर्स को कहा जाता है साथियों कंपनसेटिंग एरर्स। जब दो एरर्स आपस में एक दूसरे के इफेक्ट
को नलिफाई कर दे तो उसे कहते हैं हम कंपनसेेटिंग एरर्स। एक सिंपल सा एग्जांपल मैंने आप लोगों के यहां पर लिखा है। लिखा
है आप लोगों के लिए कि राम को ₹5,000 से डेबिट किया जाना था। अकाउंटेंट से गलती क्या हो गई? उसने एक लड्डू खा लिया और
उसने राम के अकाउंट को ₹500 से ही डेबिट किया। और दूसरी तरफ जहां शाम की बात है श्याम को
500 से डेबिट करना था तो हमारे अकाउंटेंट ने खाया हुआ लड्डू वापस उगला और श्याम को 5000 से डेबिट कर दिया। तो ये जो राम और
श्याम की दोनों टाइप की एरर्स आपको दिख रही है जो एक दूसरे के इफेक्ट को नलिफाई कर देगी। इस तरह की एरर्स को कंपनसेटिंग
एरर्स कहा जाता है। या फिर एक और एग्जांपल अगर मैं आपसे कहूं कि परचेस अकाउंट में 5000 ज्यादा लिख दिया। दूसरी तरफ सेल्स
अकाउंट में भी 5000 ज्यादा लिख दिया तो ये दोनों एरर्स भी डेबिट और क्रेडिट तो सेम रहेगा। ये दोनों एरर्स आपस में एक दूसरे
को नलिफाई कर देंगे। तो इस टाइप की एरर्स को साथियों हम बड़े प्यार से कहते हैं कंपनसेटिंग एरर्स।
अब देखो जहां तक बात है एरर्स की तो एरर्स जो है हमने एक चैप्टर पढ़ा है तलपट ट्रायल बैलेंस कि जब ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है
एरथमेटिकल एक्यूरेसी चेक करने के लिए वहां पर इन एरर्स का उस ट्रायल बैलेंस पर क्या इंपैक्ट पड़ सकता है जरा उसको भी डिस्कस
कर लेते हैं हम लोग। देखिए देखो वापस इस चार्ट में शुरुआत से आओ। सबसे पहले अगर मैं आपसे कहूं कि हमारे
अकाउंटेंट ने तो एरर करी वो करी कंप्लीट ओमिशन वाली ना डेबिट में लिखा ना क्रेडिट में लिखा। अरे भूल गया। पूरी तरह से भूल
गया तो डेबिट में भी कुछ नहीं लिखा। क्रेडिट में भी कुछ नहीं लिखा। तो इसका ट्रायल बैलेंस पर असर पड़ेगा क्या?
बताइए नहीं पड़ेगा। क्यों? डेबिट में भी नहीं लिखा, क्रेडिट
में भी नहीं लिखा। पूरी तरह से ही भूल गया भाई साहब। तो जब एरर ऑफ कंप्लीट ओमिशन होगी ना तो ट्रायल बैलेंस में तो पकड़ में
नहीं आएगी। ट्रायल बैलेंस विल मैच। ओए होए होए होए होए ट्रायल बैलेंस तो फिर भी मैच हो जाएगा।
फिर साथियों अगर बात की जाए पार्शियल ओमिशन की तो जरा सोचिए। एक अकाउंट में पोस्टिंग कर दी एक में रह गई। मतलब डेबिट
में तो लिख दिया अमाउंट क्रेडिट में नहीं लिखा। हां ये जरूर ट्रायल बैलेंस पे इफेक्ट डालेगा। और अगर एरर ऑफ पार्शियल
ओमिशन है तो आपका ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होगा। ट्रायल बैलेंस विल नॉट मैच
इन द केस ऑफ एरर ऑफ पार्शियल ओिशन। ओके। अगली बात करते हैं एरर ऑफ कमीशन की। अमाउंट ही गलत लिख दिया।
टोटल गलत कर दी किसी अकाउंट में। बैलेंसिंग गलत कर दी किसी अकाउंट में। कैरी फॉरवर्ड गलत कर दिया। गलत पोस्टिंग
कर दी। भाई साहब ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होगा। नहीं होगा। नहीं होगा।
नहीं होगा। ओके। अगली एरर एरर ऑफ प्रिंसिपल। एसेट को एक्सपेंस मान लिया। एक्सपेंस को
एसेट मान लिया। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को कैपिटल एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर दिया। कैपिटल एक्सपेंडिचर को रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर दिया। अरे पर भले एक्सपेंस को एसेट्स लिखा दोनों ही डेबिट होते हैं। तो आपने सिर्फ नियम का
उल्लंघन किया है। साइड थोड़ी चेंज हुई है। डेबिट की चीज डेबिट में ही लिखी है आपने और क्रेडिट की चीज क्रेडिट में ही लिखी है
तो उसका ट्रायल बैलेंस पर तो कोई इंपैक्ट पड़ेगा ही नहीं। क्योंकि साइड थोड़ी चेंज करी। साइड तो आपने सही चुनी। तो एरर ऑफ
प्रिंसिपल की वजह से भी हमारे ट्रायल बैलेंस पर कोई इंपैक्ट नहीं पड़ता। तो अगर एरर ऑफ प्रिंसिपल हो भी गई भाई
साहब तो भी ट्रायल बैलेंस तो मैच हो जाएगा। ओके और और और अगली और आखिरी कंपनसेटिंग
एरर्स जब दो एरर्स आपस में एक दूसरे के इंपैक्ट को ही खत्म कर दे खत्म। तो उसका ट्रायल बैलेंस पे क्या
इंपैक्ट पड़ेगा? नहीं पड़ेगा। तो कंपनसेटिंग अगर एरर्स है तो अपना जो टीबी है भाई साहब वह तो मैच हो जाएगा।
ट्रायल बैलेंस विल मैच। तो साथियों हमने एक छोटा सा एक क्यूट सा एक नाटा सा चार्ट देख लिया जिससे हमको
एरर्स के चारों कैटेगरीज समझ में आ गए। अगर अच्छे से समझ में आया फटाफट से कमेंट सेक्शन में मुझे बताओ सर यस सर चार्ट समझ
में आया और कौन सी एरर का इफेक्ट ट्रायल बैलेंस पर पड़ेगा और कौन सी एरर का इफेक्ट ट्रायल बैलेंस पर नहीं पड़ेगा वो भी हम
लोगों ने यहां पर डिस्कस कर लिया है अब देखो क्वेश्चन पे चलें क्वेश्चन पे चलें क्वेश्चन पे चलने से पहले एक चीज और
बताऊंगा क्योंकि वो एक चीज जब आपको क्लियर होगी तो आपको ये जो नेक्स्ट एमसीक्यू है हमारा हमारा उसको सॉल्व करने में दिक्कत
नहीं आएगी। अब देखो साथियों ये जो चार तरह की एरर्स अभी मैंने आपको बताई इनको अगर सिर्फ दो कैटेगरी में बांटना हो हमने चार
कैटेगरी में भी बांटा। इन चार एरर्स को भी अगर सिर्फ दो कैटेगरी में अगर बांटना हो तो यह लीजिए आपकी स्क्रीन पर वो दो
कैटेगरीज जिनमें मैंने इन एरर्स को डिस्ट्रीब्यूट किया है बिल्कुल लॉजिकली। वो दो कैटेगरीज हैं। एक है साथियों एक
कैटेगरी का नाम है क्लेरिकल एरर्स और दूसरी कैटेगरी है कॉनसेप्चुअल एरर या फिर जिसको हम कह सकते हैं नॉन क्लेरिकल एरर्स।
साथियों ये जो वर्ड है ना क्लेरिकल क्लेरिकल क्लेरिकल इसका मतलब होता है लिखने की गलती।
और नॉन क्लेरिकल का मतलब होता है समझ की गलती। अब कॉमन सेंस समझ की गलती रूल गलत अप्लाई
कर दिया। सिद्धांत के अगेंस्ट चले गए। प्रिंसिपल के अगेंस्ट चले गए साथियों। तो ये कॉनसेप्चुअल एरर कहलाती है। नॉन
क्लेरिकल अमाउंट में कोई गलती थोड़ी करी आप। आपने तो एसेट को खर्चा लिख दिया। खर्चे को एसेट लिख दिया। तो नॉन क्लेरिकल
एरर्स समझ की गलती जिसको हम लोग कहते हैं उसके अंदर डाला जाता है एक एरर को एकमात्र एरर को जिसे हम कहते हैं एरर ऑफ प्रिंसिपल
नॉन क्लेरिकल एरर की कैटेगरी में आती है साथियों ये एरर क्योंकि नॉन क्लेरिकल का मतलब होता है अमाउंट की गलती नहीं हुई है
समझ की गलती हुई है रूल की गलती हुई है नियम का पता नहीं नियम का नहीं पता था तो अकाउंटेंट कैसे बन
गया भाई? हैं पढ़ के आओ पहले। हां। अब क्लेरिकल एरर्स का मतलब अमाउंट लिखने की गलती और अमाउंट लिखने की
गलती कौन-कौन सी एरर्स में होती है साथियों? ओमिशन में लिखा ही नहीं अमाउंट। कमीशन में गलत अमाउंट लिख दिया।
कंपनसेटिंग में भी दो एरर्स के जो अमाउंट थे वो गलत लिख दिए। तो यह जो तीन है यह तीन चले गए आपके क्लेरिकल में और एरर ऑफ
प्रिंसिपल अकेला आपका चला गया नॉन क्लेरिकल एरर्स में तो मैं आशा करता हूं पहले आपको एरर्स की चार कैटेगरी समझ में
आई होगी। उसके बाद दो कैटेगरी को जब इन चार एरर्स को इन दो कैटेगरीज में डाला गया तो वो भी आपको समझ में आया होगा। अब इस
बेसिस पे थर्ड वाला जो एमसीक्यू है उसमें क्या आंसर आप लोग निकालेंगे? फटाफट से चेक करिए। क्लेरिकल एरर्स में कौन-कौन सी
एरर्स आती है? ओमिशन आती है? यस सर आती है। एरर ऑफ कमीशन आती है। यस सर आती है। कंपनसेटिंग एरर आती है। यस सर आती है। तो
जब तीनों ही सही है तो हमें कौन से ऑप्शन को चुनना होगा साथियों यहां पर? ऑल ऑफ दी।
तो एमसीक्यू नंबर थ्री का आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर डी। सारे ही सही है भाई साहब। सारे ही क्लेरिकल एरर्स की
कैटेगरी में फॉल करती है ये सारी एरर्स। वेरी गुड अलका नामदेव जी। वेरी गुड। ओके। चलिए अब ये जो चार्ट मैंने आपको यहां पर
एक्सप्लेन किया इसको भी दिमाग में रखना। और यह जो क्लेरिकल और नॉन क्लेरिकल एरर वाला जो पोर्शन मैंने आपको समझाया। इसको
भी आप दिमाग में रखना ताकि आगे वाले एमसीक्यूस में आपको समय ना लगे। चलिए अगले एमसीक्यू पर चलें हम लोग।
एमसीक्यू नंबर फोर। एन एरर ऑफ प्रिंसिपल। अच्छा जी। अच्छा जी। एरर ऑफ प्रिंसिपल कब अराइज़ होती है? अभी
पढ़ाया मैंने आपको। जब कोई अकाउंटेंट अकाउंटिंग के प्रिंसिपल्स को कंट्राडिक्ट
कर दे। अकाउंटिंग रूल्स, अकाउंटिंग नियमों के अगेंस्ट अकाउंटिंग कर देता है तो उसे एरर ऑफ प्रिंसिपल कहा जाता है। तो इनमें
से ऐसा कौन सा ऑप्शन है साथियों जिसको आप लिंक करेंगे एरर ऑफ प्रिंसिपल से? फटाफट से मुझे कमेंट सेक्शन में आंसर चाहिए
फास्ट। क्या ऑप्शंस है हमारे सामने? चेक करते हैं और देखते हैं कौन सा ऑप्शन रिलेट करता है
एरर ऑफ प्रिंसिपल से। पहला जब कोई ट्रांजैक्शन फंडामेंटली इनकरेक्ट मैनर में रिकॉर्ड कर दिया जाए।
बिल्कुल सही। बिल्कुल सही। फंडामेंटल मतलब बेसिक बिल्कुल बेसिक्स जो है अकाउंटिंग के नियम
वो अगर आपने गलत अप्लाई कर दिए तो उसी को हम लोग एरर ऑफ प्रिंसिपल की कैटेगरी में इनकरपोरेट करते हैं। चलिए दूसरे ऑप्शंस भी
चेक कर लें हम लोग यहां पर। ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है? व्हेन एनी ट्रांजैक्शन इज लेफ्ट टू बी रिकॉर्डेड इदर होली और
पार्शियली साथियों रिकॉर्ड करना ही रह गया। इस एरर को हम क्या कहेंगे? ये एरर तो अभी हम लोगों ने पढ़ी साथियों ये एरर है
एरर ऑफ ओमिशन। सी ऑप्शन क्या कह रहा है? एनी ट्रांजैक्शन इज फुल्ली ओमिटेड टू बी रिकॉर्डेड। यह एरर
भी साथियों कौन सी है आपकी? एरर ऑफ ओमिशन। पर हमसे क्वेश्चन में बात की गई है एरर ऑफ प्रिंसिपल की एम्प्टी ड्रॉस 8874 जी आपका
आंसर वेरीरी कर रहा है। आपका आंसर यहां पर गलत है। सही आंसर यहां पर होगा ऑप्शन नंबर ए। जब आप बेसिक रूल्स के अगेंस्ट जाकर
अकाउंटिंग कर दें तो उसे एरर ऑफ प्रिंसिपल कहा जाता है। ओके। चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ हम लोग यहां पर बढ़ते हैं। पलक जी वेरी गुड एमसीक्यू नंबर फाइव
ट्रीटिंग अ रेवेन्यू एक्सपेंस। पलक जी देखिए आपने जो कमेंट किया वही कमेंट वाला क्वेश्चन देखिए आ गया। एमसीक्यू नंबर
फाइव। ट्रीटिंग अ रेवेन्यू एक्सपेंस एज अ कैपिटल एक्सपेंडिचर मतलब मतलब मतलब रेवेन्यू
एक्सपेंस का मतलब कोई खर्चा अगर आपने किया और आपने उसको एसेट की तरह ट्रीट कर लिया। आपने उसको
एसेट मान लिया। ओए होए होए। और इसी का वाइसवरसा कैपिटल एक्सपेंडिचर किया और आपने उसको
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर दिया। भाई साहब ये तो नियमों के कंट्राडिक्टरी हो गया। ये तो बेसिक
फंडामेंटली इनकरेक्ट चीजें कर दी आपने। ऐसी कौन सी एरर है जो यही कहती है कि अगर अकाउंटेंट ने बेसिक अकाउंटिंग रूल्स के
अगेंस्ट में जाकर अकाउंटिंग कर दी तो उसे हम कौन सी एरर कहते हैं? फटाफट से। बिल्कुल बिल्कुल सही कहा साथियों आपने। उस
एरर को हम कहते हैं एरर ऑफ प्रिंसिपल। यस वेरी गुड वेरी गुड अलका जी। वेरी गुड पलक जी। बहुत बढ़िया। हां जी। सो ट्रीटिंग
अ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर एज अ कैपिटल एक्सपेंडिचर या फिर ट्रीटिंग अ कैपिटल एक्सपेंडिचर एज अ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर।
दिस इज़ एन एग्जांपल ऑफ एरर ऑफ प्रिंसिपल। वेरी गुड मनीषा जी। स्वागत है आपका क्लास में। वेरी गुड दीपक गोस्वामी जी। गुड
इवनिंग। गुड इवनिंग। गुड इवनिंग। फटाफट से इस क्वेश्चन का आंसर दें। हम लोग आगे चलने वाले हैं। चलिए
अगली बात करते हैं एमसीक्यू नंबर सिक्स की। अब ये बोलना चाहता है। अब ये पूछना चाहता
है कौन सी एरर से रिलेटेड क्वेश्चन? एरर ऑफ ओमिशन। साथियों ओमिशन क्या समझाया था मैंने अभी आपको थोड़ी देर पहले? भूल
भूल जाना। हां जी। ऐसा कौन सा ऑप्शन है जो भूल की बात कर रहा है? चेक करके फटाफट मुझे कमेंट सेक्शन में बताओ। भूल की बात
कौन सा ऑप्शन कर रहा है यहां पर? चेक करिए। वेरी गुड अलका जी। सबसे पहले आंसर दिया है
यहां पर अलका जी ने। वेरी गुड। पहला ही ऑप्शन यह कह रहा है कि किसी ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड करना ही अगर भूल गए। अरे वही
तो होता है एरर ऑफ ओमिशन। चलिए एक बार दूसरे ऑप्शंस देखते हैं। क्या दूसरे जो ऑप्शंस हैं वो एरर ऑफ़ ओमिशन नहीं
है? और अगर नहीं है तो वो कौन सी एरर है? ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है? इफ एनी ट्रांजैक्शन इज़ रिकॉर्डेड इन फंडामेंटली
इनकरेक्ट मैनर। सर अरे अभी एमसीक्यू आया था साथियों फंडामेंटली इनकरेक्ट तरीके से अगर आपने
अकाउंटिंग कर दी है किसी ट्रांजैक्शन की तो वो तो एरर ऑफ प्रिंसिपल में आता है। ऑप्शन सी क्या कह रहा है? व्हेन एनी
ट्रांजैक्शन इज़ इनकरेक्टली रिकॉर्डेड। ये कौन सी एरर समझाई थी अभी मैंने आपको थोड़ी देर पहले? सर आपने समझाई एरर ऑफ
कमीशन। हमसे क्वेश्चन ने एरर ऑफ ओमिशन से रिलेटेड ऑप्शन पूछा। तो हमारा आंसर हुआ यहां पर
ऑप्शन नंबर ए कि जब कोई ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड करना ही रह जाए तो उसे हम बड़े प्यार से एरर ऑफ ओमिशन कहते हैं। ओके चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ चलते हैं। एमसीक्यू नंबर सेवन ऑल ऑफ़ द फॉलोइंग एरर्स ओके ओके
डू नॉट अफेक्ट द ट्रायल बैलेंस एक्सेप्ट एक्सेप्ट वर्ड लगाते ही कहानी चेंज हो गई।
यह वाला वर्ड भैया क्वेश्चन कहना चाह रहा है कि नीचे दी हुई जितनी भी एरर्स है उन सभी एरर्स का जो
इफेक्ट है वो ट्रायल बैलेंस पर नहीं पड़ता। ट्रायल बैलेंस तो मैच हो जाता है। पर इनमें से एक एरर ऐसी है जिसका इफेक्ट
ट्रायल बैलेंस पर पड़ता है। वो कौन सी एरर है साथियों? फटाफट से कमेंट सेक्शन में बताइए। ऐसी कौन सी एरर आपको यहां पर दिख
रही है जो आपके ट्रायल बैलेंस पे इफ़ेक्ट करेगी जिसकी वजह से आपका ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होगा। चेक करिए ऐसी कौन सी एरर
है? देखते हैं इसके ऑप्शंस। सबसे पहला ऑप्शन है कंपनसेटिंग एरर्स। अरे साथियों, ये तो वो एरर्स होती है जो आपस में एक
दूसरे के इफेक्ट को खत्म कर देती है। अरे जब इफेक्ट ही खत्म हो गया तो उसका इफेक्ट ट्रायल बैलेंस पर नहीं पड़ता। ट्रायल
बैलेंस तो मैच हो जाएगा। सेकंड ऑप्शन एरर ऑफ पार्शियल ओमिशन एक पहलू रिकॉर्ड हो गया दूसरा पहलू
रिकॉर्ड नहीं हुआ मतलब डेबिट में हो चुका है क्रेडिट में नहीं हुआ जी हां इसी की तलाश थी तुम्हारी ही तलाश थी कि जब
एक एस्पेक्ट में रिकॉर्डिंग हो गई दूसरे एस्पेक्ट में नहीं हुई डेबिट में में हो गई, क्रेडिट में नहीं हुई या क्रेडिट में
हो गई, डेबिट में नहीं हुई। डेफिनेटली ये जो है हमारे ट्रायल बैलेंस को ये जो एरर है ये एरर इफेक्ट डालेगी।
ये एरर हमारे ट्रायल बैलेंस पर इफेक्ट डालेगी और हमारा ट्रायल बैलेंस इस एरर की वजह से मैच नहीं होगा।
यही तो मांगा है आपसे क्वेश्चन ने दीपक जी शाबाश बहुत बढ़िया तो यहां पर एमसीक्यू नंबर सेवन का आंसर
हमें क्या देखने को मिला ऑप्शन नंबर बी दूसरे ऑप्शन क्या है तीसरा क्या कह रहा है एरर ऑफ कंप्लीट ओमिशन अरे भाई साहब कोई
ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड करना ही रह गया अरे तो डेबिट में भी नहीं हुआ क्रेडिट में भी नहीं हुआ तो क्या इसका ट्रायल बैलेंस पे
इफेक्ट पड़ेगा नहीं पड़ेगा भाई साहब कंप्लीट ओमिशन में भी ट्रायल बैलेंस मैच हो जाता है। और लास्ट एरर जिसके बारे में
बहुत डिस्कशन कर चुके हैं हम लोग। एरर ऑफ प्रिंसिपल नियमों की गलती भाई साहब। तो उसमें
डेबिट क्रेडिट में कोई गलती नहीं हुई आपसे। आपने अकाउंट का नाम कौन सा लिखना था? कौन सा नाम लिख दिया? रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर को कैपिटल एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर दिया। कैपिटल एक्सपेंडिचर को रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर
दिया। दोनों साइड गलती हुई है भाई साहब। डेबिट में भी, क्रेडिट में भी। ट्रायल बैलेंस तो मैच हो जाएगा।
तो कुल मिलाकर ऑप्शन नंबर ए, ऑप्शन नंबर सी और ऑप्शन नंबर डी जो है ये जो तीन हैं
ए, सी और डी। दे विल नॉट अफेक्ट आवर ट्रायल बैलेंस।
पर क्वेश्चन ने हमसे इनके बारे में नहीं पूछा। क्वेश्चन हमसे क्या मांगा? ऐसी कौन सी एरर है जो आपके ट्रायल बैलेंस पे
इफेक्ट डालेगी? इसलिए हम लोगों को चुनना पड़ा यहां पर ऑप्शन नंबर बी हमारे सही आंसर के रूप में।
हां जी। चलिए अगले एमसीक्यू पे चलते हैं। यहां पर हम लोग एमसीक्यू नंबर एक
इफ द इफेक्ट ऑफ एन एरर जब एक एरर का इफेक्ट इज कैंसिल्ड बाय द इफेक्ट ऑफ एनी अदर एरर। ओ हो हो हो जब दो एरर्स आपस में
एक दूसरे के इफेक्ट को नलिफाई कर दे उसको कौन सी एरर कहते हैं? अभी आपको भाेश सर ने चार्ट रिवाइज करवाया। जल्दी से कमेंट
सेक्शन में आंसर फास्ट। इतना समय नहीं लगना चाहिए। फास्ट जितेंद्र जी अभी जब मैंने चार्ट
पढ़ाया था तो जरा उसको रिकॉल करिए। बी ऑप्शन नहीं हो सकता। बहुत ही बढ़िया। बहुत बढ़िया। बहुत
बढ़िया। शानदार शानदार। बहुत बढ़िया। तो ऐसी एरर्स को जो एक दूसरे के इफेक्ट को नलिफाई कर दे। ऐसी एरर्स को हम कंपनसेटिंग
एरर्स कहते हैं। वेरी गुड। वेरी गुड वेरी गुड चलिए जितेंद्र जी आपने करेक्ट कर दिया वेरी गुड
दीपक जी वेरी गुड मनीषा जी गुड रचना जी गुड रामगढ़वाल जी गुड एमटी ड्रस जी गुड अलका जी गुड क्या बात है क्या बात है क्या
बात है आप सब जो है सिलेक्ट होंगे आप सब गवर्नमेंट जॉब पाएंगे आप सब गवर्नमेंट लेक्चरर बन गए समझो यही होती है
मेहनत और यही मेहनत रंग लाती है पर इस मेहनत के साथ आरपीएससी अड्डा की बुक को खरीद कर उसी से तैयारी करना मत भूलना।
चलिए अगले एमसीक्यू की तरफ चलें। एमसीक्यू नंबर नाइन।
एरर व्हिच अफेक्ट्स ओनली वन अकाउंट कैन बी? इसमें से ऐसी कौन सी एरर है जो सिर्फ एक
ही अकाउंट पर इंपैक्ट डालेगी? चेक करिए और मुझे इसी रफ्तार से कमेंट सेक्शन में आंसर चाहिए फटाफट से।
पहली कौन सी है? कह रहा है ये एरर ऑफ ओमिशन। अरे भाई साहब जब भूल गए तो ना तो डेबिट हुआ है कुछ ना क्रेडिट हुआ है। तो
यहां पर तो दो अकाउंट जो है वो इफेक्ट होंगे। हमसे दो नहीं बल्कि एक अकाउंट के बारे में
बात की गई है। दूसरा इसने बोला है एरर ऑफ पोस्टिंग। जी हां साथियों किसी एक अकाउंट में पोस्टिंग रह गई।
तो उसे हम कहेंगे कि एक ऐसी एरर हो गई जिसने सिर्फ एक अकाउंट पर इंपैक्ट डाला।
मिल गया जिसकी तलाश थी। तीसरा एरर ऑफ प्रिंसिपल। एरर ऑफ प्रिंसिपल भी साथियों यहां पर
इफेक्ट डालता है। कितने अकाउंट पर? दो अकाउंट गुड इवनिंग तारा प्रकाश जी आज आप कहां रह
गए थे आपकी कमी हमें खली क्योंकि आप उन साथियों में से हैं जो सबसे पहले क्लास को ज्वाइन
करते हैं। हां जी। तो एमसीक्यू नंबर नाइन साथियों जब किसी एक पर्टिकुलर अकाउंट में पोस्टिंग
गलत हो जाए तो उसका इफेक्ट जो है वो उसी अकाउंट पर पड़ता है जिसमें पोस्टिंग गड़बड़ हुई है।
एरर ऑफ ओमिशन दो अकाउंट में मिस्टेक दो अकाउंट में एरर एरर ऑफ प्रिंसिपल खर्चा नहीं लिखना था लिख दिया
एसेट में लिखना था नहीं लिखा दो अकाउंट इंपैक्ट हुए भैया एरर ऑफ प्रिंसिपल में भी पर हमसे क्वेश्चन ने क्या कहा एरर व्हिच
अफेक्ट्स ओनली वन अकाउंट इज़ एरर ऑफ पोस्ट होस्टिंग वेरी गुड शानदार
बहुत रफ्तार से जवाब दे रहे हो आज आप गजब तारा प्रकाश जी सर आज इंस्पेक्शन में चला गया था लेट हो गया कोई समस्या नहीं है
इंस्पेक्शन करिए चलिए बात करते हैं अगले एमसीक्यू की एमसीक्यू नंबर 10
द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल बैलेंस साथियों तल पर ट्रायल बैलेंस हमने हमने चैप्टर पढ़ा है, रिवाइज किया है, उसके एमसीक्यूस भी
किए हमने। द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल बैलेंस हेल्प्स इन जब हम ट्रायल बैलेंस बनाते हैं तो कौन सी
एरर हम पकड़ पाते हैं? चेक करिए ऑप्शंस और रफ्तार से जवाब दीजिए। जैसे हर एमसीक्यू में दे रहे हैं। फटाफट।
देखिए इनमें से कौन सी एरर है जो ट्रायल बैलेंस में पकड़ में आ जाएगी और कौन सी एरर ऐसी है जो ट्रायल बैलेंस में पकड़
नहीं आएगी चेक करिए फास्ट फास्ट फास्ट फास्ट वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड बहुत बढ़िया
फास्ट वेरी गुड क्या बात है क्या बात है चलिए चेक करते हैं पहला ऑप्शन क्या कह कह रहा है
लोकेटिंग एरर्स ऑफ प्रिंसिपल। अरे भाई साहब नियम की गलती हुई है। एसेट को एक्सपेंस लिख दिया। एक्सपेंस को एसेट
लिखता। लिखा तो डेबिट में ही जहां लिखना था। तो आपने सिर्फ अकाउंट का जो नाम है वो नियम के विरुद्ध जा के लिख दिया। तो इसका
ट्रायल बैलेंस पे कोई इंपैक्ट नहीं पड़ता भाई साहब। ट्रायल बैलेंस तो मैच हो जाता है हमारा। तो एरर ऑफ प्रिंसिपल तो भाई
साहब ट्रायल बैलेंस से पकड़ में नहीं आती। दूसरी लोकेटिंग एरर्स ऑफ कमीशन।
किसी अकाउंट में किसी एक पर्टिकुलर अमाउंट में आपने गलत अमाउंट लिख दिया या गलत साइड पोस्टिंग कर दी। बिल्कुल ट्रायल बैलेंस
मैच नहीं होगा। और जैसे ही ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होगा आपको पता चल जाएगा भाई साहब कहीं ना कहीं हमसे एरर ऑफ कमीशन हुई है।
ऑप्शन सी क्या कह रहा है? द प्रिपरेशन ऑफ ट्रायल बैलेंस हेल्प्स इन लोकेटिंग एरर्स ऑफ कंप्लीट ओमिशन। ओ हो हो
हो ना डेबिट में लिखा ना क्रेडिट में लिखा तो ट्रायल बैलेंस पे तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। तो ये
ऑप्शन सी भी नहीं होगा। तो ट्रायल बैलेंस बनाने से ऐसी एरर्स बिल्कुल भी पकड़ में नहीं आती।
जिसमें डेबिट और क्रेडिट में सेम गलती हुई हो भाई साहब। तो कौन सी एरर पकड़ में आ जाएगी? एरर ऑफ कमीशन।
बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। मीनाक्षी जी वापस से क्वेश्चन को पढ़िए और फिर आंसर फाइंड आउट कीजिए। ठीक है? अलका जी करेक्ट करिए
अपने आप को। अच्छा आपने बाद में करेक्ट कर दिया था। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। गजब। रचना जी, अलका जी, रामगिरवाल
जी, मनीषा जी, तारा प्रकाश जी, दीपक गोस्वामी जी, मीनाक्षी वर्मा जी, बहुत बढ़िया। आई एमटी ड्रोजी बहुत बढ़िया शानदार
शानदार वेरी गुड चलिए चलिए चलिए एक बार फिर से फुल कोर्स अगर ज्वाइन करना है एमसीक्यूस के लेवल पर नहीं पहुंचे हो
फुल कोर्स एक बार कर लो आरपीएससी अड्डा की एप्लीकेशन डाउनलोड करनी है मात्र ₹3500 में पूरा कोर्स इसी शानदार तरीके से आपको
वहां पर अवेलेबल हो जाएगा साथ में बुक फ्री है और अगर कोर्स कंप्लीट है भाई साहब ओनली प्रैक्टिस चाहते हैं सर हम तो सिर्फ
बुक ले लो इस बुक पे 10% एडिशनल डिस्काउंट मेरा कोड अप्लाई कर देना बीएस 10 आपको स्क्रीन पर दिख रहा होगा तो और आपको 10%
बेनिफिट मिल जाएगा पर ये छोटी-छोटी बातें हैं। छोटे-छोटे खर्चे हैं। कल को जब आप गवर्नमेंट लेक्चरर बन जाओगे तो सैलरी
कितनी होगी इसका आईडिया आपको ऑलरेडी है। तो ₹500 ₹550 में इतना सोचने की जरूरत नहीं है। अभी तक अगर आपने बुक परचेस नहीं
की है तो तुरंत इस वीडियो के बाद प्रोडक्ट सेक्शन के अंदर इस बुक को जाकर ऑर्डर करना। 10% बेनिफिट अगर चाहिए तो वो
बेनिफिट भी आपको मिल जाएगा। ₹00 ₹550 खर्च करने हैं और कल को जाकर 70-80 कमाना। समझ गए ना मेरी बात? चलिए।
आगे बढ़ते हैं। अगली कड़ी में एमसीक्यू नंबर 11। ओके।
क्या कह रहा है? अ टेलीड ट्रायल बैलेंस। अब ये टेलीड ट्रायल बैलेंस साथियों मतलब ट्रायल बैलेंस मैच हो गया।
विल नॉट रिवील। मतलब ट्रायल बैलेंस अगर मैच हो चुका है तो कौन सी एरर्स हम नहीं पकड़ सकते? क्या एरर
ऑफ प्रिंसिपल पकड़ा जा सकता है? जी नहीं। बताइए कंपनसेटिंग एरर्स पकड़ में आएगी क्या? अरे
उन्होंने तो एक दूसरे के इफेक्ट को नलीफाई कर दिया। नहीं पकड़ में आ सकती। एरर ऑफ कंप्लीट ओमिशन ये भी नहीं पकड़ में आ सकती
भाई साहब। क्योंकि ये जो ए, बी और सी ऑप्शंस आपको दे रखे हैं ये ऐसी एरर्स है जिनका इफेक्ट ट्रायल बैलेंस पर नहीं
पड़ता। ट्रायल बैलेंस फिर भी मैच हो जाता है। तो एमसीक्यू नंबर 11 का आंसर फास्ट
बिल्कुल सही आप लोग कमेंट्स में दे रहे हैं। ऑल ऑफ दीज़। ट्रायल बैलेंस अगर हमारा मैच हो चुका है
फिर भी यह तीन एरर्स उससे आइडेंटिफाई नहीं होगी। हां जी।
चलिए एमसीक्यू नंबर 12 पर चलें क्या? चलिए एमसीक्यू नंबर 12 पढ़िए। और फटाफट से
कमेंट सेक्शन में आंसर लिखिए फास्ट। जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी फास्ट
हां जी एमसीक्यू नंबर 12 क्या कह रहा है? सेल ऑफ ऑफिस फर्नीचर ओके फर्नीचर बेचा ठीक है फर्नीचर अगर बेचा है
तो आगे ये कह रहा है हैज़ बीन क्रेडिटेड टू सेल्स अकाउंट ओहो कितना प्यारा अकाउंटेंट है। अरे मेरे
प्यारे अकाउंटेंट गुड्स थोड़ी बेचे हैं। अगर गुड्स बेचे जाते हैं तो उसको सेल्स अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है।
अगर गुड्स बेचे गए हो। अरे मेरे प्यारे अकाउंटेंट यहां गुड्स नहीं बेचे हैं।
यहां पर ऑफिस फर्नीचर बेचा है। और अगर ऑफिस फर्नीचर बेचा है मतलब एसेट बेची है। जब एसेट बेची जाती है तो उस एसेट
का नाम अकाउंट आता है। भाई साहब उस एसेट को क्रेडिट किया जाता है। यह तुम फंडामेंटली क्या गलती कर रहे हो?
अकाउंटेंट जी क्यों जा रहे हो अकाउंटेंट जी? एसेट बेची है गुड्स नहीं। और अकाउंटिंग के
नियम ये कहते हैं कि अगर एसेट बेची है तो एसेट का नाम आएगा। गुड्स अगर बेचे जाए तो सेल्स आएगा।
कौन सी एरर है साथियों? यह कौन सी एरर है साथियों? फटाफट से मुझे कमेंट सेक्शन में बता दो। यह कौन सी एरर है साथियों? यह है
एरर ऑफ प्रिंसिपल बेसिक नियम की गलती सिंपल सिंपल सिंपल तो एमसीक्यू नंबर 12 का आंसर साथियों हमें
देखने को मिला ऑप्शन नंबर बी हां जी दूसरे ऑप्शन क्या कह रहे हैं क्लेरिकल एरर अरे अमाउंट लिखने में कोई
गलती थोड़ी हुई है ऑप्शन सी क्या कह रहा है अरे भूल भूल थोड़ी गए हैं। रिकॉर्ड तो किया है तो एरर ऑफ ओमिशन नहीं हो सकता। और
कंपनसेटिंग एरर। अरे भाई साहब दूसरी एरर कहां है जो इसको कंपनसेेट कर दे? तो यहां पर एमसीक्यू नंबर 12 का करेक्ट आंसर आप सब
ने भी दिया है। ऑप्शन नंबर बी। चलो डन फाइनल। चलिए चलिए चलिए बढ़ते हैं आगे।
एमसीक्यू नंबर 13 पर। एक सेकंड हां जी एमसीक्यू नंबर 13 क्या कहना चाहता
है? परचेस ऑफ ऑफिस फर्नीचर। ओके फर्नीचर खरीदा। ओके। कितने का खरीदा?
20,000 का। ओके। हैज़ बीन डेबिटेड टू परचेस अकाउंट। हाय हमारे अकाउंटेंट ये क्या करते हो तुम? तुम्हें क्या हो गया है
अकाउंटेंट? अकाउंटेंट का मतलब वो इंसान जिसको अकाउंटिंग के नियम पता हो।
तुम नियम ही गलत लगा रहे हो। हे अकाउंटेंट ऐसा मत करो। हम सुन अकाउंटेंट
अरे भाई अकाउंटिंग के नियम क्या कहते हैं? अगर कोई एसेट खरीदी है जैसे यहां पे ऑफिस फर्नीचर खरीदा है तो इस केस में कौन सा
अकाउंट डेबिट होगा? एसेट अकाउंट। मतलब अगर फर्नीचर खरीदा है तो फर्नीचर
अकाउंट डेबिट होगा। कैसा अकाउंटेंट रख लिया है तुमने जिसको ये पता ही नहीं कि अगर एसेट खरीदी
है तो एसेट अकाउंट डेबिट होगा। उसने क्या कर दिया? उसने क्या कर दिया? उसने परचेजेस अकाउंट
को डेबिट कर दिया। अरे मेरे प्यारे अकाउंटेंट सुन मेरे प्यारे अकाउंटेंट
अगर गुड्स खरीदे होते ना तो भले तू परचेज़ेज़ अकाउंट को डेबिट कर लेता। भाई मेरे
पर भाई गुड्स नहीं खरीदे गए हैं। फर्नीचर खरीदा गया है और फर्नीचर अगर खरीदा जाएगा तो एसेट डेबिट होगी।
नियम के अगेंस्ट क्यों जाता है? नहीं पता तो पहले पढ़ ले फिर अकाउंटिंग कर। अब एमसीक्यू क्या पूछ रहा है? ये जो गलती हुई
है हमारे प्यारे-प्यारे अकाउंटेंट से ये कौन सी एरर है? भर दिया आपने तो कमेंट सेक्शन पहले ही। बिल्कुल सही कहा आप लोगों
ने। सर हमारे अकाउंटेंट से हुई है एरर ऑफ प्रिंसिपल। एरर ऑफ प्रिंसिपल। चलिए
सिर्फ स्पेलिंग की गलती है। ऑप्शन आपने सही चुना है। आप सब लोग जो स्पेलिंग लिख रहे हो वो एक स्कूल के प्रिंसिपल जो होता
है उसकी स्पेलिंग है। पर यहां प्रिंसिपल सिद्धांत वाला है। पी एल ई वाला। आप लोगों ने गलती से पी ए एल लिख दिया। हालांकि
स्पेलिंग चेक नहीं होगी पर एक बात बता क्योंकि स्पेलिंग एरर भी एक एरर ही है। ओके चलिए।
एमसीक्यू नंबर 14 पर चला जाए क्या? एमसीक्यू नंबर 14 चेक करिए। और क्या पूछना चाहता है ये? व्हिच ऑफ द फॉलोइंग एरर इज
एन एरर ऑफ प्रिंसिपल? ये जो आरपीएससी है, एरर ऑफ़ प्रिंसिपल को लेकर पीछे पड़ गया। एरर ऑफ प्रिंसिपल। एरर
ऑफ़ प्रिंसिपल में एमसीक्यू आ रहे हैं। कोई बात नहीं। हम सॉल्व कर रहे हैं आसानी से। चेक करो और कमेंट सेक्शन भरो आंसर से
फास्ट जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी इनमें से ऐसी कौन सी एरर है जिसको आप एरर
ऑफ प्रिंसिपल कहेंगे रचना जी वापस से ऑप्शंस को पढ़िए रचना जी प्लीज ऑप्शंस को वापस पढ़िए ध्यान से सोचिए
और फिर आंसर दीजिए बहुत बढ़िया गजब चलो देखें हम पहला क्या कह रहा है 600
रिसीव्ड फ्रॉम x हैज़ बीन डेबिटेड टू हिज अकाउंट अरे भाई अकाउंट ही गलत गलत अकाउंट के अंदर डेबिट कर दिया कैश अकाउंट के अंदर
डेबिट करना था एक्स अकाउंट के अंदर डेबिट कर किया। अरे अरे अरे ये तो है एरर ऑफ कमीशन।
ये तो है एरर ऑफ कमीशन। ठीक है। चल तू कट गया भाई। सेकंड परचेस ऑफ़ 2000 हैज़ बीन एंटर्ड इन द सेल्स जर्नल।
अरे भाई अरे ऐसा कैसा कर दिया भैया? कहां एंट्री करनी थी? कहां कर दी? यह भी एरर ऑफ कमीशन ही है।
ऑप्शन नंबर सी रिपेयर्स फॉर द बिल्डिंग। अच्छा जी बिल्डिंग रिपेयर करवाई। मेंटेनेंस जनरल हैव बीन डेबिटेड टू
बिल्डिंग अकाउंट। ओ हो हो जनरल रिपेयरिंग करवाई। तो साथियों यह तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर होता है।
यह तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर होता है। आपके अकाउंटेंट ने क्या मिस्टेक कर दी? उसने किस अकाउंट में डेबिट कर दिया रिपेयरिंग
को? बिल्डिंग अकाउंट में। ओ हो हो मतलब उसने इस रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को किसकी तरह ट्रीट कर दिया? कैपिटल
एक्सपेंडिचर की तरह। इसी की तलाश थी। क्वेश्चन ने हमसे यही पूछा कि इनमें से
कौन सी एरर है? एरर ऑफ प्रिंसिपल। तो हे क्वेश्चन सुन ले। ऑप्शन नंबर सी है एरर ऑफ प्रिंसिपल।
क्योंकि अकाउंटेंट ने एक एक्सपेंस को एसेट में डाल दिया। शाबाश। बहुत बढ़िया। शानदार।
आज तो मतलब आंसर देने की जो कंपटीशन आप लोगों में चल रहा है वह बड़ा सराहनीय है। मुझे अच्छा लगा। मुझे अच्छा लगा।
बहुत बढ़िया गजब। मतलब ये फील नहीं आ रहा है कि मैं आप लोगों को ऑनलाइन पढ़ा रहा हूं। सच बता रहा हूं आज तो। आज मुझे ऐसा
लग रहा है आप सब लोग मेरे सामने बैठे हैं। मतलब यह टेबल पर मैं बैठा हूं और आप सब लोग मेरे इर्दगिर्द जो है चेयर लगा के
बैठे हैं और हम जम के जो है फर्स्ट ग्रेड लेक्चरर की तैयारी कर रहे हैं। मतलब आज मतलब मजा आ गया।
चलिए एक आखिरी एमसीक्यू के बारे में बात करते हैं। एमसीक्यू नंबर 15। चलिए चेक करिए और
कंपटीशन जारी रखिए। देखते हैं सबसे पहला कमेंट किसका आता है। देखते हैं सबसे पहला आंसर किसका आता है।
बताइए बताइए सबसे पहला कौन? कौन लास्ट क्वेश्चन जल्दी से आंसर करें जल्दी से।
क्या बात है। क्या बात है। क्या बात है। एमसीक्यू नंबर 15 में विनर है अलका जी। क्या बात है। शाबाश।
शाबाश। क्या बात है। अरे तारा प्रकाश जी कह रहे हैं सर क्लियर नहीं दिख रहा है। ऐसे कैसे क्लियर नहीं दिख रहा है। अभी
रुको चेक करता हूं। आपको क्लियर नहीं दिख रहा। बाकी सब आंसर दे रहे हैं। तारा प्रकाश जी। अब क्लियर है
क्या? देखो हां क्लियर है। एकदम क्लियर है। एकदम क्लियर है ना? एकदम क्लियर है। हां जी। द
अमाउंट ऑफ द डिसऑनर्ड बिल। आपके पास एक बिल रिसीवेबल था। मैच्योरिटी डेट पर वो डिसऑनर हो गया। ओके
जरा सोचिए। हैस बीन रोंगली डेबिटेड। अरे जब बिल डिसऑनर होता है तो हम फिर से हमारे डेटर
से पैसा मांगते हैं। हम हमारी एसेट को बढ़ा देते हैं उस केस में और एसेट में पर्टिकुलर अगर नाम लें तो उस
केस में हम डेटर्स के अकाउंट को डेबिट करते हैं। अच्छा तो अकाउंटेंट से मिस्टेक क्या हो गई?
डेबिटेड टू ओए होए जनरल एक्सपेंसेस अकाउंट कितना प्यारा अकाउंटेंट रखा है साथियों आप
लोगों ने आपके अकाउंटेंट ने देखो पापी अकाउंटेंट ने क्या किया
उसने जनरल एक्सपेंसेस अकाउंट को डेबिट कर दिया मतलब वही बात हो गई एसेट मानना था। उसने उसको एक्सपेंस मान के डेबिट कर दिया।
तो जरा आप बताइए कि उसने नियम का उल्लंघन किया या नहीं? और अगर उसने नियम का उल्लंघन किया है।
अकाउंटिंग के रूल्स का नियम उन्होंने किया है। कंट्राडिक्ट हुआ है। अगेंस्ट गया है वो। उल्लंघन किया है तो यह कौन सी एरर
उसने कमिट करी है? फास्ट। ऐसी कौन सी एरर है जो उसने कमिट करी? अरे क्या बात है। क्या बात है? आंसर
ऑलरेडी दे चुके हैं क्योंकि सर बार-बार जो है हमको क्वेश्चन देखने को मिल रहा है एरर ऑफ प्रिंसिपल का।
शुरू करते हैं हम हमारी आज की क्लास को जहां पर हम लोग रेक्टिफिकेशन ऑफ एरर्स के बचे हुए एमसीक्यूस को सॉल्व करने वाले
हैं। एक बार मुझे आप फटाफट से यह बता दें कि वीडियो और ऑडियो दोनों ही चीजें
आप लोगों तक क्लियरली पहुंच रही है। फटाफट से मुझे चेक करके बताएं कमेंट सेक्शन में। कि यस सर एवरीथिंग इज ऑल राइट।
तो हम फिर आज शुरू करने जा रहे हैं फास्ट। चलिए चलिए वेरी गुड। ओो क्या बात है। आंसर भी आने लगे हैं।
बहुत बढ़िया। वेरी गुड। चलिए। तो साथियों कल हम लोगों ने 15 एमसीक्यूस कर लिए थे रेक्टिफिकेशन ऑफ एरर्स के। आज
हम रिमेनिंग एमसीक्यूस इस चैप्टर के शुरू करते हैं। चलिए ऑल इज वेल। ओके चलिए देखते हैं क्वेश्चन
नंबर 16। हथियार उठा लिया मैंने। परचेस ऑफ ऑफिस फर्नीचर। ओके भाई साहब। ऑफिस के लिए फर्नीचर खरीदा
गया। कितने रुपए का खरीदा गया? ₹6000 का। हुआ क्या है? हैज़ बीन डेबिटेड टू जनरल एक्सपेंसेस
अकाउंट। तो ये एरर अगर आपके अकाउंटेंट से हो चुकी है तो इसको कौन सी एरर कहा जाएगा साथियों?
क्या खरीदा गया है? फर्नीचर। और अकाउंटिंग के नियम क्या कहते हैं कि अगर आपने कोई एसेट खरीदी है है।
यहां पर आपने फर्नीचर खरीदा है। मतलब क्या खरीदी गई है? एसेट। और अगर एसेट खरीदी जाती है तो उसकी रिकॉर्डिंग में साथियों
उस एसेट का नाम आता है। ये है सिंपल सा अकाउंटिंग का नियम। मतलब
बेसिकली यहां पर डेबिट किसको किया जाना था? यहां पर डेबिट होना था फर्नीचर अकाउंट।
फर्नीचर अकाउंट डेबिट करना था। और फर्नीचर है प्यारी-प्यारी हमारी एसेट। पर हमारे अकाउंटेंट से हमारे अकाउंटेंट से
क्या गलती हो गई साथियों? हमारे अकाउंटेंट ने एसेट की जगह खर्चा डेबिट कर दिया। हमारे अकाउंटेंट ने
क्या गलती कर दी साथियों? हमारे अकाउंटेंट ने जनरल एक्सपेंसेस अकाउंट डेबिट कर दिया।
मतलब हमारे अकाउंटेंट ने उसको खर्चों के रूप में रिकॉर्ड कर दिया। कल मैंने आपको टाइप्स ऑफ एरर्स का चार्ट पढ़ाया था
कि जब अकाउंटेंट से अकाउंटिंग सिद्धांतों में गलती हो जाए वो किसी रूल के अगेंस्ट जाकर अकाउंटिंग कर दे। जैसे यहां पर एसेट
मानना था उसने एसेट को एक्सपेंस की तरह ट्रीट कर दिया। यह जो फर्नीचर खरीदा है यह है साथियों कैपिटल एक्सपेंडिचर।
और आपके प्यारेप्यारे अकाउंटेंट ने क्या किया? इसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की तरह ट्रीट कर दिया।
तो साथियों अगर अकाउंटेंट से इस टाइप की एरर हो जाए तो उसे आप बड़े प्यार से कौन सी एरर कहते
हैं? उसे हम कहते हैं साथियों एरर ऑफ प्रिंसिपल।
एरर ऑफ कमीशन क्यों नहीं? एरर ऑफ ओमिशन क्यों नहीं हो सकता साथियों? क्योंकि एरर ऑफ ओमिशन कौन सी एरर हो सकती है
कि वो इसकी एंट्री ही भूल जाता। पर वो एंट्री करना नहीं भूला तो एरर ऑफ ओमिशन नहीं हो
सकता। दूसरा साथियों एरर ऑफ कमीशन क्यों नहीं हो सकता? क्या उसने अमाउंट की गलती करी है क्या? क्या उसने साइड की गलती करी
है क्या? नहीं सर उसने तो अकाउंटिंग के नियम के कंट्राडिक्टरी जाकर एंट्री पास कर दी। तो यहां पर जो करेक्ट आंसर होगा हमारा
एमसीक्यू नंबर 16 का साथियों वो रहेगा ऑप्शन नंबर सी। बिल्कुल सही कह रहे हैं आप। तारा प्रकाश
जी वेरी गुड। तो साथियों बिल्कुल सिंपल सा एमसीक्यू हमारे सामने आया जिसका आंसर हमने देख लिया यहां पर सी। कल मैंने आपको
टाइप्स ऑफ एरर्स का चार्ट पढ़ाया था। अगर आपने कल की क्लास ज्वाइन नहीं की थी तो इस वीडियो के बाद कल की क्लास को एक बार जरूर
से रेफर कीजिएगा। और एक बार मैं कल वाली बात को वापस यहां रिपीट कर रहा हूं। आप जितने साथी यहां पर लाइव चैट में कमेंट
करते हो। वीडियो एंड होने के बाद मैंने कल भी आपको याद दिलाया था। आज भी याद दिला रहा हूं। आपको वीडियो एंड होने के बाद
कमेंट सेक्शन में अपने कमेंट्स लिखने हैं। क्योंकि लाइव चैट के जो कमेंट्स हैं ये सेव नहीं होते। तो मैं आपके कमेंट्स
वीडियो एंड होने के बाद वापस नहीं देख पाता। तो आपको जो भी इंफॉर्मेशन हो जैसा भी क्लास में आपको लगता है जो भी आपके
रिव्यूज हो कमेंट सेक्शन में वीडियो एंड होने के बाद जरूर ड्रॉप करके जाइएगा। कल भी आप लोग भूल गए थे। हां जी। चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़े हम लोग। यहां पर एमसीक्यू नंबर 17 वि ऑफ द फॉलोइंग एरर्स इज एन एरर ऑफ
ओमिशन? नीचे दिए हुए ऑप्शंस के अंदर आपको ढूंढनी है एरर ऑफ ओमिशन। इनमें से कौन सा ऑप्शन
ऐसा है जो एरर ऑफ ओमिशन से रिलेट करता है? फटाफट से कमेंट सेक्शन में आंसर फास्ट। पहला
पहला ऑप्शन देखते हैं। क्या यह एरर ऑफ ओमिशन हो सकता है? सेल ऑफ 500
वाज़ रिटन इन द परचेस जर्नल। अरे साथियों गुड्स बेचे पर उसकी एंट्री परचेस जर्नल में कर दी। अरे भाई अरे भाई क्या ये कोई
आप एंट्री करना भूल गए क्या? अरे एंट्री तो की है। भूले नहीं तो भूले नहीं तो पहला ऑप्शन तो नहीं हो सकता। दूसरा ऑप्शन क्या
कह रहा है? वेजेस पेड टू x हैव बीन डेबिटेड टू हिज अकाउंट। आपने x को वेजेस का पेमेंट किया पर आपने
उसको x के अकाउंट में डेबिट कर दिया। मतलब आपने लिखा तो है भूले थोड़ी हो भले गलत अकाउंट में लिख दिया। अरे लिखा तो है तो
भूले तो नहीं। तो ऑप्शन बी भी नहीं हो सकता। ऑप्शन सी चेक करते हैं। द टोटल ऑफ द सेल्स बुक हैज नॉट बीन पोस्टेड टू द सेल्स
अकाउंट नॉट बीन पोस्टेड। सेल्स अकाउंट में पोस्टिंग करना भूल गया हमारा अकाउंटेंट। उसने ये पोस्टिंग ओमिट
कर दी। शायद क्वेश्चन ने आपसे यही मांगा है कि इन दिए हुए ऑप्शंस में से यह नीचे जो एरर्स
आपको दे रखी है, इनमें से कौन सी एरर को आप एरर ऑफ ओमिशन कहोगे? भूलने वाला ऑप्शन कौन सा नजर आया साथियों? सर, हमें नजर आया
ऑप्शन नंबर सी। क्योंकि ऑप्शन नंबर सी के अंदर ही अकाउंटेंट जो है वो सेल्स बुक से सेल्स अकाउंट के अंदर पोस्टिंग करना भूल
गया। तो एमसीक्यू नंबर 17 में हमसे एरर ऑफ ओमिशन ढूंढने को कहा था। हमने एक सेकंड के
अंदर ढूंढ लिया। ऑप्शन नंबर सी बहुत बढ़िया रचना जी एमटी ड्रस जी अंशिका जी माय मेहनत जी रीनू जी तारा प्रकाश जी बहुत
ही बढ़िया चलिए आगे बढ़ते हैं एमसीक्यू नंबर 18 पर। अब साथियों एमसीक्यू
नंबर 18 आपसे पूछना चाहता है एरर ऑफ कमीशन के बारे में कि इनमें से कौन सा ऐसा ऑप्शन है जो एरर ऑफ कमीशन को एक्सप्लेन करता है।
चलिए चेक करते हैं। पहला एनी ट्रांजैक्शन इज रिकॉर्डेड इन अ फंडामेंटली इनकरेक्ट मैनर।
मतलब कोई लेनदेन मूल रूप से अगर गलत रूप में दर्ज कर दिया गया हो मतलब अकाउंटिंग के सिद्धांत अकाउंटिंग के नियमों के
विरुद्ध जाके अगर एंट्री कर दी हो तो वो साथियों क्या एरर ऑफ कमीशन कहलाती है क्या? बिल्कुल नहीं वो कहलाती है साथियों
एरर ऑफ प्रिंसिपल। तो क्योंकि पहला ऑप्शन एरर ऑफ प्रिंसिपल की बात करता है तो यह तो कट जाएगा भाई
साहब क्योंकि हमसे एरर ऑफ कमीशन के बारे में पूछा है। ऑप्शन नंबर बी व्हेन एनी ट्रांजैक्शन इज इनकरेक्टली
रिकॉर्डेड। जब आपने किसी ट्रांजैक्शन को गलत अमाउंट के साथ रिकॉर्ड कर दिया या गलत अकाउंट में
रिकॉर्ड कर दिया या गलत साइड रिकॉर्ड कर दिया साथियों उसी को हम लोग बड़े प्यार से एरर ऑफ कमीशन के नाम से
जानते हैं। तो यहां पर
ऑप्शन नंबर बी बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया ऑप्शन नंबर बी हमें मिल चुका है एरर ऑफ कमीशन के रूप में
ऑप्शन बाकी के भी चेक कर लो फटाफट से एक बार ऑप्शन सी क्या कह रहा है व्हेन एनी ट्रांजैक्शन इज ओमिटेड टू बी रिकॉर्डेड
भूल गए भूल गए भूल गए तो वह कौन सी एरर कहलाती है साथियों एरर ऑफ ओमिशन
और ऑप्शन डी क्या कह रहा है? व्हेन एनी ट्रांजैक्शन इज़ लेफ्ट टू बी रिकॉर्डेड लेफ्ट टू बी रिकॉर्डेड। ये भी साथियों कौन
सी एरर है? एरर ऑफ ओमिशन। तो ये भी ऑप्शन नहीं हो सकता। रीज़ बीइंग हमसे क्वेश्चन ने
हमसे क्वेश्चन ने कहा कि इनमें से एरर ऑफ कमीशन को ढूंढ के बताओ। तो लो जी हमने ऑप्शन नंबर बी जो है वो बिल्कुल एरर ऑफ
कमीशन से रिलेट करता है। इसलिए हमने उसको सिलेलेक्ट कर लिया। ओके। चलिए बात करते हैं अगले एमसीक्यू की। एमसीक्यू नंबर 19
क्या पूछना चाहता है हमसे? एन आइटम ऑफ 72 हैज़ बीन रोंगली डेबिटेड टू X अकाउंट एज 27
अरे साथियों अमाउंट लिखना था 72 गलत अमाउंट लिख दिया ₹7 लिख दिया साथियों क्या लिखना भूल गए बोलो लिखना भूले नहीं
है तो ओमिशन नहीं हो सकता क्या यहां पर नियम के विरुद्ध जाकर आपने कुछ डेबिट या क्रेडिट किया है। कैपिटल
एक्सपेंडिचर को रेवेन्यू या रेवेन्यू को कैपिटल माना है? बिल्कुल भी नहीं। अमाउंट की गलती हुई है। तो साथियों
जब गलत अकाउंट डेबिट या क्रेडिट कर दिया जाए, जब साइड गलत हो जाए या अमाउंट गलत लिख दिया जाए तो उसे हम बड़े प्यार से
साथियों कैटेगराइज करते हैं अंडर एरर ऑफ कमीशन। तो यह जो ₹72 की जगह ₹27 लिख दिया गया। इस
तरह की एरर को कहते हैं एरर ऑफ कमीशन। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। चलिए। वेरी गुड। तारा प्रकाश जी आज आप लेट हैं
आंसर देने में। हां जी। कंपटीशन रखिए अपने बीच में की सबसे पहले हम आंसर देंगे। एमसीक्यू 19 का सबसे पहले आंसर दिया है
अलका जी ने। हां जी। चलिए नेक्स्ट एमसीक्यू पे चलते हैं हम यहां पर। एमसीक्यू नंबर 20 पढ़िए फटाफट से और देखते
हैं सबसे पहला जवाब किसका आता है यहां पर। फास्ट इफ द अमाउंट
इज़ पोस्टेड इन द रॉन्ग अकाउंट। अगर गलत अकाउंट में पोस्टिंग कर दी है या फिर इट इज रिटन ऑन द रॉन्ग साइड डेबिट में
लिखना था क्रेडिट में लिख दिया या क्रेडिट में लिखना था डेबिट में लिख दिया या तो अकाउंट गलत हो जाए गलत अकाउंट में एंट्री
हो जाए या गलत साइड एंट्री हो जाए यह एरर कौन सी कहलाती है साथियों फटाफट से ऑप्शंस यहां पर चेक करके बताइए जल्दी से
फिर से अलका जी का जवाब सबसे पहले आया है। जी हां, बिल्कुल सही कहा आपने। जब गलत अकाउंट में एंट्री कर दी जाए या गलत साइड
एंट्री कर दी जाए या गलत अमाउंट से एंट्री कर दी जाए तो उसे हम कैटेगराइज करते हैं एज एरर ऑफ कमीशन।
क्योंकि साथियों पहला ऑप्शन क्या है? कंपनसेेटिंग एरर्स। यहां पे दो एरर्स नहीं है जो एक दूसरे को नलिफाई कर रही हो।
इसलिए पहला नहीं हो सकता। नियम से नियम के विरुद्ध जाकर कुछ नहीं हुआ। यहां पर भूल कुछ नहीं हुई है। भूलें नहीं है।
एंट्री तो की है पर गलत असाइड कर दी है। तो उसे हम लोग एरर ऑफ कमीशन कहते हैं। मैंने आपको कल की क्लास में हर एक टाइप की
एरर चार्ट के फॉर्म में शॉर्टकट तरीके से समझाई थी। हां जी। तो एमसीक्यू नंबर 20 का हमारा आंसर आ चुका है एरर ऑफ कमीशन।
चलिए तारा प्रकाश जी आप यहां पर गलत हैं। 20 का आंसर बी नहीं हो सकता। यहां पर नियमों के
अगेंस्ट जाकर कोई एंट्री नहीं हुई है। एसेट को एक्सपेंस या एक्सपेंस को एसेट नहीं माना गया है। यहां पर तो गलत साइड
एंट्री कर दी है। डेबिट साइड एंट्री करनी थी, क्रेडिट साइड कर दी या क्रेडिट साइड करनी थी, डेबिट साइड कर दी। तो तारा
प्रकाश जी इसे हम कैटेगराइज करते हैं एज एरर ऑफ कमीशन। प्लीज अपने आप को आप करेक्ट करें। टॉपिक
को रिवाइज करें और फिर उसको अपने दिमाग में रिटेन करें ताकि एमसीक्यूस में आपसे गलती ना हो। चलिए
अगला एमसीक्यू पढ़िए साथियों और फटाफट से कमेंट सेक्शन में आंसर देने की कोशिश करिए। फास्ट
फास्ट [नाक से की जाने वाली आवाज़] एमसीक्यू नंबर 21
रचना जी रॉन्ग अकाउंट है ना सर? रचना जी तो रॉन्ग अकाउंट हो या रॉन्ग अमाउंट हो या रॉन्ग साइड हो वो एरर ऑफ कमीशन की कैटेगरी
में जाता है। चेक करिए आप वापस पढ़िए। हां जी। एमसीक्यू नंबर 21 वि ऑफ द
व्हिच ऑफ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स इज ट्रू? इनमें से कौन सा स्टेटमेंट जो है वह सही है?
फटाफट से चेक करिए साथियों। अलका जी कह रही हैं सर ऑप्शन ए। रचना जी कह रही हैं ऑप्शन बी। फिर से रचना जी कह
रही है ऑप्शन बी। अंशिका जी कह रही हैं ऑप्शन ए। देखिए यहां पर फिर से क्वेश्चन को चेक
करिए। माय मेहनत आरपीएससी अड्डा कह रहे हैं ऑप्शन ए। चलिए चेक करते हैं साथियों कि इनमें से
कौन सा स्टेटमेंट सही है और कौन से गलत। ऑप्शन नंबर ए क्या कह रहा है साथियों? एरर ऑफ ओमिशन
डू नॉट अफेक्ट द एग्रीमेंट ऑफ ट्रायल बैलेंस। जब अकाउंटेंट किसी ट्रांजैक्शन को ही रिकॉर्ड करना भूल जाता है। ना तो उसने
डेबिट में किया ना उसने क्रेडिट में रिकॉर्ड किया। साथियों तो इससे ट्रायल बैलेंस पर कोई इंपैक्ट नहीं पड़ता। ये
स्टेटमेंट बिल्कुल सही है। हां अगर स्पेसिफिकली पार्शियल ओमिशन अगर बोल दिया जाए तो उसका इफेक्ट जरूर ट्रायल बैलेंस पे
पड़ता है। पर यहां पर जब तक मेंशन ना हो तो हमें ये मानना है कि ट्रांजैक्शन पूरी तरीके से ओमिट हो गया। रिकॉर्ड नहीं हुआ
तो डेफिनेटली डेबिट और क्रेडिट दोनों ही साइड रिकॉर्ड नहीं हुआ तो उससे हमारे ट्रायल बैलेंस पर कोई इंपैक्ट नहीं
पड़ेगा। दूसरे स्टेटमेंट्स देखते हैं। क्या और कोई ट्रू मिलता है? ऑप्शन बी क्या कह रहा है? एरर्स ऑफ प्रिंसिपल अफेक्ट द
ट्रायल बैलेंस। साथियों ये स्टेटमेंट फॉल्स है क्योंकि एरर ऑफ प्रिंसिपल में आपने एसेट को एक्सपेंस मान लिया या
एक्सपेंस को एसेट मान लिया आपने अकाउंट का नाम चेंज कर दिया पर डेबिट करना था डेबिट ही किया तो एरर ऑफ प्रिंसिपल के अंदर जब
एरर ऑफ प्रिंसिपल होती है साथियों तो उस केस में ट्रायल बैलेंस आपका फिर भी मैच हो जाता है।
तो यहां पर ऑप्शन नंबर बी जो है वो एक फॉल्स स्टेटमेंट के रूप में हमें देखने को मिला।
दिस इज़ अ फॉल्स स्टेटमेंट। ऑप्शन सी इफ द टू साइड्स ऑफ द ट्रायल बैलेंस टेली द बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स कैन बी टेकन एज
एब्सोल्यूटली एक्यूरेट। साथियों जब मैंने ट्रायल बैलेंस आपको पढ़ाया था तलपट चैप्टर जब मैंने आपको पढ़ाया था तो उसमें हमने
पढ़ा था कि ट्रायल बैलेंस मैच हो जाने का मतलब बिल्कुल भी ये नहीं होता कि हमारे बुक्स ऑफ अकाउंट्स जो हैं वो सभी रूप से
बिल्कुल सही है। जी नहीं साथियों अगर ट्रायल बैलेंस मैच हो जाता है। इसका मतलब यह है कि आपका
बुक्स ऑफ़ और बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स का जो पार्ट है वो एरथमेटिकली एक्यूरेट है।
क्योंकि ट्रायल बैलेंस साथियों एरथमेटिकल एक्यूरेसी को जज करता है। एब्सोलुटली एक्यूरेट तो नहीं कह सकते। भले
ट्रायल बैलेंस मैच हो जाए। तो ऑप्शन नंबर सी जो है साथियों अगेन यह भी एक फॉल्स स्टेटमेंट है।
ऑप्शन सी भी एक फॉल्स स्टेटमेंट यहां पर है। ऑप्शन डी क्या कह रहा है? एरर्स ऑफ कमीशन आर कमिटेड इन दोज़ केसेस वेयर द
प्रॉपर डिस्टिंशन बिटवीन रेवेन्यू एंड कैपिटल आइटम्स इज नॉट मेड। अरे साथियों रेवेन्यू और कैपिटल आइटम्स का जो
डिस्टिंशन है अगर उसमें गलती हो जाती है तो उसको एरर ऑफ कमीशन नहीं बल्कि उसे क्या कहा जाता है साथियों? उसे हम कहते हैं
बड़े प्यार से एरर ऑफ प्रिंसिपल। तो यहां पर ऑप्शन नंबर डी जो है यह भी एक फॉल्स स्टेटमेंट है।
तो ऑप्शन नंबर ए जो है वो एकमात्र ऐसा स्टेटमेंट है जो ट्रू है और क्वेश्चन ने हमसे
ट्रू स्टेटमेंट ही मांगा है। तो एमसीक्यू नंबर 21 जो है साथियों उसका करेक्ट आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर ए। चलिए
आगे आ जाइए। अगले क्वेश्चन को चेक करिए। फटाफट से चेक करिए, सोचिए और फटाफट से जवाब दीजिए। फर्स्ट एमसीक्यू नंबर 22
साथियों परचेस्ड गुड्स फ्रॉम x ओके
कितने के गुड्स खरीदे हैं? 2400 के। बट वाज़ रिकॉर्डेड एज 4200 टू द डेबिट ऑफ x। अब देखिए साथियों नीचे
मैंने दो टेबल आप लोगों के सामने टी फॉर्म के अंदर रेडी कर रखी है। जिसमें एक तरफ हम डिस्कस करेंगे कि क्या करना था और दूसरी
तरफ हम डिस्कस करेंगे कि हमारे अकाउंटेंट से क्या हो गया। देखो साथियों हमने गुड्स खरीदे हैं x से।
अब जरा सोचो अगर आपने x से गुड्स खरीदे हैं तो यहां पर x आपका क्रेडिटर होगा। x आपसे पैसे मांगता है और अगर x हमसे पैसे
मांगता है तो x हमारे लिए लायबिलिटी है और अगर x हमारे लिए लायबिलिटी अकाउंट है तो हमको उसके अकाउंट में क्रेडिट साइड एंट्री
करनी थी। तो यहां पर देखो क्या करना था भाई साहब x के अकाउंट को क्रेडिट करना था कितने से
₹2400 से यह करना था अब
आपके प्यारे अकाउंटेंट ने क्या कर दिया उसने एक तो क्रेडिट साइड एंट्री ना करके उस भोंदूराम ने क्या कर दिया एक तो उसने
अमाउंट भी 2000 400 की जगह अमाउंट कितना लिख दिया उसने? 4200 और वो भी उसने x के अकाउंट में किधर लिख दिया? डेबिट में लिख
दिया। यह कर दिया उन भाई साहब ने। उन्होंने डेबिट में लिख दिया 4200। अब जरा सोचो साथियों। यहां पे आपके प्यारे
अकाउंटेंट से कितनी मिस्टेक हुई है। जरा चेक करके देखो आप। देखो अभी बताता हूं मैं आपको। सबसे पहली बात
x के अकाउंट को क्रेडिट करना था 2400 से। क्या आपके अकाउंटेंट ने किया क्या? नहीं किया। पहली गलती उसकी कि 2400 से क्रेडिट
करना था। नहीं किया। नहीं किया। अब कर देंगे भाई साहब। लो पहली गलती सुधारो। डायरेक्टली उसी में कर देता हूं। चलो आप
लोगों की समझ के लिए। लो जी। 2400 क्रेडिट कर दिया। यह पहली गलती सुधार
दी। फर्स्ट गलती क्रेडिट करना था नहीं किया अब कर दिया।
चलो उसकी पहली गलती सुधर गई भैया। एक और गलती क्या हुई आपके अकाउंटेंट से? उसने
X के अकाउंट को जबरदस्ती डेबिट कर दिया। डेबिट तो करना ही नहीं था। उसने जबरदस्ती डेबिट कर दिया। अगर किसी अकाउंट को
अननेसेसरीली डेबिट कर दिया तो उसको सही करने के लिए क्या कर देंगे? वापस क्रेडिट कर देंगे। कितने से करेंगे? जितने से
डेबिट किया था। तो उसने गलती से कितने अमाउंट से डेबिट कर दिया x को? 4200 तो इस गलती को ये जो दूसरी गलती है इसको सही
करने के लिए क्या करना पड़ेगा? सर x के अकाउंट को वापस क्रेडिट कर देंगे तो ये जो है अकाउंटेंट की दूसरी गलती जो है यह भी
सही हो जाएगी। तो साथियों अकाउंटेंट की मिस्टेक को आपने सही कैसे
किया? उसकी गलती को सही करने के लिए हमने x के अकाउंट को यहां पर क्रेडिट किया। एक तो 2400 से और एक 4200 से। तो टोटल
यहां पर x के अकाउंट को क्रेडिट कितने से करना पड़ा? 2400 + 4200 साथियों तो ये टोटल अमाउंट
कितना निकल के आएगा आपके सामने? ₹600 तो क्वेश्चन आपसे क्या कह रहा है? रेक्टिफाइंग एंट्री के अंदर x का अकाउंट
जो है उसको आप कितने अमाउंट से क्रेडिट करेंगे? अभी हम लोगों ने देखा एक्स के अकाउंट को क्रेडिट करना पड़ेगा ₹6600
से। तो साथियों आपको ऑप्शन के अंदर 6600 जैसा कोई अमाउंट दिख रहा है क्या? बिल्कुल दिख रहा है हमें ऑप्शन नंबर
बी के रूप में। बिल्कुल सही आंसर दे रहे हैं आप लोग। वेरी गुड। वेरी गुड वेरी गुड। वेरी गुड। तो दो
गलतियां हुई भाई साहब। दोनों सुधार दिए हमने। चलिए अगले एमसीक्यू पर। एमसीक्यू नंबर 23 क्या
पूछना चाहता है? रेक्टिफाइंग एंट्री इज नॉट रिक्वायर्ड टू बी पास्ड इन केस ऑफ।
दिए हुए ऑप्शंस को आपको पढ़ना है और आपको यह जज करना है कि किस केस में रेक्टिफाइंग एंट्री करने की जरूरत नहीं है।
जल्दी से चेक करिए साथियों और सही आंसर लाइव चैट कमेंट्स के अंदर फास्ट मेरे पास आना चाहिए।
दीपक जी वेरी गुड इवनिंग। वेरी गुड इवनिंग। वेरी गुड वेरी गुड तारा प्रकाश जी अगले
क्वेश्चन पर बढ़िए आप चेक करिए फास्ट हां जी तो किन केस में
रेक्टिफाइंग एंट्री करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चलिए ऑप्शंस देखते हैं। पहला ऑप्शन है कंपनसेटिंग एरर्स। जब दो एरर्स
आपस में एक दूसरे के इफेक्ट को नलिफाई कर दे उनको हम कंपनसेेटिंग एरर्स बोलते हैं। अरे पर उन्होंने एक दूसरे के इफेक्ट को
नलिफाई कर दिया तो उससे हमारी एरर थोड़ी रेक्टिफाई हुई। उससे तो ज्यादा से ज्यादा हमारा ट्रायल बैलेंस मैच हो जाएगा। पर एरर
थोड़ी रेक्टिफाई होगी। एरर को तो रेक्टिफाई करना पड़ेगा। तो कंपनसेटिंग एरर के लिए तो साथियों रेक्टिफाइंग एंट्री
होती है। मैं यहां पर रेक्टिफाइंग एंट्री को शॉर्ट में आर ही लिख रहा हूं। तो कंपनसेटिंग एरर्स भले ट्रायल बैलेंस
मैच कर देगी आपका पर उन रेस्पेक्टिव अकाउंट में तो गलती है ही अभी तक उनकी एरर्स को तो रेक्टिफाई करना पड़ेगा तो
कंपनसेटिंग एरर्स के केस में तो रेक्टिफाइंग एंट्री पास की जाती है। ठीक है? ऑप्शन नंबर बी क्या कह रहा है?
एंटरिंग द क्रेडिट बैलेंस ऑफ एन अकाउंट इन द डेबिट अमाउंट कॉलम ऑफ द ट्रायल बैलेंस। भाई साहब कोई एक अकाउंट था। उसका अमाउंट
आपको ट्रायल बैलेंस में क्रेडिट में लिखना था। आपने गलती से उसको डेबिट में लिख दिया। उस पर्टिकुलर अकाउंट में गलती होगी।
फिर आपका ट्रायल बैलेंस मैच नहीं होगा। फिर आप सस्पेंस अकाउंट का इस्तेमाल करोगे। सस्पेंस अकाउंट का इस्तेमाल करके एक बार
के लिए तो आप ट्रायल बैलेंस को टेली कर दोगे। पर कल को जाकर जब आपको पता चलेगा कि इस अकाउंट में मिस्टेक हुई है और सस्पेंस
अकाउंट ओपन हो रखा है तो उसको क्लोज करने के लिए उस एरे को रेक्टिफाई करने के लिए सस्पेंस अकाउंट का इस्तेमाल करके आपको
रेक्टिफाइंग एंट्री करनी पड़ेगी। तो ऑप्शन नंबर बी के केस में भी रेक्टिफाइंग एंट्री करनी पड़ेगी।
बिल्कुल करनी पड़ेगी। ऑप्शन नंबर सी देखते हैं। क्वेश्चन में ध्यान देना क्वेश्चन हमसे क्या पूछा है? किस केस में
रेक्टिफाइंग एंट्री करने की जरूरत नहीं पड़ेगी? ठीक है ना? ऑप्शन नंबर सी क्या कह रहा है? रॉन्ग टोटलिंग ऑफ ट्रायल बैलेंस।
जब ट्रायल बैलेंस की टोटलिंग कर रहे थे उस टोटल में अगर एरर आ गई तो वह टोटल तो डायरेक्टली रीिटोटल करके उसको करेक्ट कर
दिया जाता है। तो साथियों इस केस में रेक्टिफाइंग एंट्री करने की जरूरत नहीं होती।
और क्वेश्चन ने हमसे यही पूछा है कि किस केस में रेक्टिफाइंग एंट्री करने की नीड नहीं है। तो हमें एमसीक्यू नंबर 23
का आंसर यहां पर देखने को मिल चुका है ऑप्शन नंबर सी के रूप में।
यस। बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने। वेरी गुड। चलिए एमसीक्यू नंबर 24 देखिए साथियों। फटाफट से
चेक करिए। क्या गलती हुई है अकाउंटेंट से और अकाउंटेंट की गलती को सही करने के लिए क्या रेक्टिफाइंग एंट्री करनी पड़ेगी?
फटाफट से क्वेश्चन चेक करिए और आंसर फाइंड आउट करने की कोशिश करिए। कमेंट सेक्शन में मेरे पास रेगुलर आंसर्स आने चाहिए। फास्ट
इसको जल्दी से चेक करिए। फास्ट फास्ट जल्दी से
जल्दी जल्दी जल्दी एक ही आंसर आया है। बाकी साथी क्या कर रहे हैं? फटाफट से जवाब दें। क्या कह रहा है
क्वेश्चन साथियों? गुड्स कॉस्टिंग ₹1,000 ओके? टेकन बाय द प्रोपराइटर फॉर पर्सनल यूज़।
ओनर दुकान से गुड्स अपने पर्सनल यूज के लिए घर लेकर चला गया। ओके।
वर क्रेडिटेड टू सेल्स अकाउंट। साथियों कितनी बुरी बात है। क्या यहां पर गुड्स
किसी कस्टमर को बेचे गए हैं? अगर बेचे नहीं गए हैं तो साथियों सेल्स अकाउंट कहां से क्रेडिट हो जाएगा?
तो यहां पर अकाउंटेंट से क्या गलती हुई साथियों? जरा सोचो आप। क्या गलती हुई? हमारे अकाउंटेंट ने सेल्स
अकाउंट को गलती से क्रेडिट
कर दिया। हो गई उस बेचारे से गलती। कल से ही वह गलतियां कर ही रहा है। कल
हमने रेक्टिफिकेशन ऑफ एरर्स का पार्ट वन डिस्कस किया था। आज हम उसके बचे हुए एमसीक्यूस डिस्कस कर रहे हैं। हमारा
अकाउंटेंट तो गलती करते से ही करता आ रहा है। तो उसने सेल्स अकाउंट को जबकि गुड्स बिके ही नहीं है। उसने सेल्स अकाउंट को
क्रेडिट कर दिया। दूसरी बात साथियों अगर सेल्स अकाउंट क्रेडिट नहीं होना था तो कौन सा अकाउंट क्रेडिट होना था साथियों?
जब ओनर पर्सनल यूज के लिए गुड्स विड्र करता है साथियों तो उसको किस में से लेस किया जाता है? परचेजेस में से। तो यहां पर
परचेजेस अकाउंट को क्रेडिट करना
था। कोई दिक्कत नहीं है। जो हुआ सो हुआ। उसको सही करें। चलो सही
करते हैं। कैसे सही करना पड़ेगा साथियों? भाई सेल्स अकाउंट को उसने गलती से क्रेडिट कर दिया। अगर किसी अकाउंट को गलती से
क्रेडिट कर दिया जाए तो उसको सही करने के लिए सर वापस डेबिट कर देते हैं। तो रेक्टिफाइंग एंट्री के लिए हमको यहां पर
इसको रेक्टिफाई करने के लिए सेल्स अकाउंट जो कि गलती से क्रेडिट हो गया था उसको डेबिट कर दिया जाएगा।
एक चीज तो यह हो गई साथियों। और दूसरा परचेजेस अकाउंट को क्रेडिट करना था जो उसने नहीं किया। अरे नहीं किया तो
अब कर दो। अब कर दीजिए परचेजेस अकाउंट को क्रेडिट। ये लो भाई
साहब। ये दो काम करने से एरर जो है वो रेक्टिफाई हो जाएगी। तो क्या ऐसा कोई ऑप्शन दिख रहा है साथियों आपको जो ये कहे
कि सेल्स अकाउंट को डेबिट कर दो वापस और परचेज अकाउंट को क्रेडिट करना पड़ेगा। ऐसा कोई ऑप्शन यहां पर दिख रहा है क्या? यस,
बिल्कुल सही कहा, कहा आप लोगों ने? ये चीज मेंशन की हुई है ऑप्शन नंबर सी में। कि सेल्स अकाउंट को वापस से डेबिट कर दिया
जाएगा और जिसको क्रेडिट करना था परचेजेस अकाउंट को क्रेडिट करना था उसको क्रेडिट किया जाएगा।
साथियों बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने कि सर इस क्वेश्चन का आंसर सी होगा। पर सी क्यों होगा? उसका एक्सप्लेनेशन देना जरूरी
है जो अभी मैंने आप लोगों को दिया। यह फ्री एमसीक्यू सेशन आरपीएससी अड्डा ने YouTube चैनल पर क्यों शुरू किया? ये इसकी
अहमियत आपको जब आप रेगुलर क्लासेस में अटेंड करेंगे तो आपको समझ में आ रही होगी क्योंकि एमसीक्यू के आंसर्स तो आपको कहीं
भी मिल सकते हैं। अगर आपके पास आरपीएससी अड्डा की बुक है तो पीछे आंसर्स दिए हुए हैं। पर आंसर हर आंसर सही है तो क्यों? और
दूसरे ऑप्शंस गलत है तो क्यों? इसका एक्सप्लेनेशन भाेश सर आपको दे रहे हैं आरपीएससी अड्डा
के YouTube चैनल पर फ्री एमसीक्यू बैच के अंदर जहां पर डेली बेसिस पे आप में से काफी साथी क्लास को ज्वाइन करते हैं। मेरे
साथ बने रहते हैं जिससे मुझे भी मोटिवेशन मिलता है और हम हर एक क्वेश्चन को डीप में जाकर एकदम बच्चों की तरह जैसे हम लोग 11th
क्लास पढ़ रहे हो उस तरीके से जब सारे एमसीक्यूस हम सॉल्व करते हैं तो डेफिनेटली हमारे अंदर एक कॉन्फिडेंस जनरेट होता है
कि आ जाए इस तरह का एमसीक्यू अगर एग्जाम में तो उसको तो हम फटाफट सॉल्व कर लेंगे। चलिए
अगले एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं हम लोग। यहां पर एमसीक्यू नंबर 25 क्या कह रहा है? गुड्स
जिनकी कॉस्ट है ₹10,000 डिस्ट्रीब्यूटेड एज फ्री सैंपल्स वर नॉट रिकॉर्डेड।
साथियों ओनर ने बिजनेस में से गोडाउन में से गुड्स निकाले और उनको एडवर्टाइजमेंट
एडवर्टाइजमेंट करने के लिए अपने प्रोडक्ट का प्रमोशन करने के लिए उन गुड्स को फ्री में कुछ चुनिंदा कस्टमर्स को फ्री में वो
गुड्स दे दिए और इसकी एंट्री करना रह गई साथियों। अब जरा सोचो इसकी एंट्री क्या पढ़ते हैं हम लोग? जरा सोचिए।
एडवर्टाइजमेंट का खर्चा। एडवर्टाइजमेंट का खर्चा प्रमोशन के लिए आपने ये काम किया है साथियों। तो यहां पर एंट्री क्या करनी थी?
एडवर्टाइजमेंट एक्सपेंसेस भी लिखा जा सकता है इसको। इसको साथियों सैंपल एक्सपेंसेस भी लिखा जा
सकता है। और अगर आपका एक्सपेंस बढ़ रहा है तो एडवर्टाइजमेंट एक्सपेंस या हम कहें सैंपल
एक्सपेंसेस जो है उनको डेबिट करना था और क्रेडिट क्या होता परचेजेस अकाउंट।
यह एंट्री बड़े प्यार से करनी थी जो करनी रह गई। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
अब साथियों क्वेश्चन हमसे क्या पूछना चाह रहा है? द रेक्टिफिकेशन ऑफ एरर विल रिजल्ट इन। जब
आप इस एरर को रेक्टिफाई करेंगे तो उससे ग्रॉस प्रॉफिट पर क्या इफेक्ट पड़ेगा? साथियों आपसे ये चीज यहां पर पूछी गई है
कि जब आप इसकी एंट्री को रिकॉर्ड करेंगे इस एरर को रेक्टिफाई करेंगे तो इससे आपके ग्रॉस प्रॉफिट पर क्या इंपैक्ट
पड़ेगा? फटाफट से कमेंट सेक्शन में मेरे पास जवाब आना चाहिए। बिल्कुल सही कहा आपने तारा प्रकाश जी। अब
आप यह जज करिए कि इसका इफेक्ट ग्रॉस प्रॉफिट पर क्या पड़ेगा। चलिए साथियों डिस्कस करें इसको।
जी हां। जी हां। वेरी गुड। रचना जी कह रहे हैं डिक्रीज इन ग्रॉस प्रॉफिट। एमडी ड्रॉस जी कह रहे हैं डिक्रीज इन ग्रॉस प्रॉफिट।
तारा प्रकाश जी डिक्रीज दीपपू जी डिक्रीज। दीपक गोस्वामी जी बी कह रहे हैं। [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
डीजे जी कह रहे हैं इनक्रीस होगा जीपी। चलिए इसको डिस्कस करते हैं साथियों। अब देखिए
अगर फ्री में सैंपल के रूप में गुड्स को मार्केट में डिस्ट्रीब्यूट कर दिया तो एक
तो आपका खर्चा बढ़ा और दूसरी तरफ आप इसको लेस करते हैं परचेजेस में से। अब देखिए साथियों
इस केस में जो एक्सपेंस आपको रिकॉर्ड करना पड़ेगा जिसमें आप एडवर्टाइजमेंट एक्सपेंसेस भी ले सकते हैं, सैंपल
एक्सपेंसेस भी ले सकते हैं। तो ये तो जाएगा साथियों पीएंडएल अकाउंट में डेबिट साइड।
बिल्कुल जाएगा। अब इसका इसका इफेक्ट जो है वो हमारे ग्रॉस प्रॉफिट
पर नहीं पड़ेगा। एडवर्टाइजमेंट एक्सपेंस की बात कर रहा हूं मैं। रीज़ बीइंग ये खर्चा कहां रिकॉर्ड होगा? पीएंडएल अकाउंट
में डेबिट साइड। तो इसकी तो हो गई बात खत्म। अब बात करते हैं दूसरी। जब परचेजेस अकाउंट को यहां पर क्रेडिट किया है। इसका
मतलब इसका मतलब कि परचेजेस में से ये अमाउंट लेस होगा।
जितने के भी गुड्स आपने प्री सैंपल के रूप में डिस्ट्रीब्यूट किए हैं, उसका एक इफेक्ट तो आपका पीएंडएल अकाउंट में जाएगा।
खर्चों के रूप में लिखा जाएगा पीएंडएल अकाउंट में। बट उससे जीपी पे कोई इफेक्ट नहीं पड़ेगा। पर दूसरी तरफ आपको यह गुड्स
की कॉस्ट जो है उसको परचेजेस में से लेस करना पड़ेगा। उसको परचेजेस में से लेस करना पड़ेगा साथियों। और जब आप उसको
परचेजेस में से लेस करेंगे तो जरा सोचिए साथियों परचेजेस जो है आप एक्सपेंसेस साइड रिकॉर्ड करते हो ट्रेडिंग
अकाउंट के अंदर। और अगर ये चीज ट्रेडिंग अकाउंट में भी इफेक्ट डाल रही है तो ग्रॉस प्रॉफिट पे भी
इफेक्ट आना ही आना है। अब ट्रेडिंग अकाउंट में डेबिट साइड आप रिकॉर्ड करते हो खर्चे जिसमें एक खर्चा है परचेस का और इस
ट्रांजैक्शन को जब आप रिकॉर्ड करोगे तो आपको ये अमाउंट परचेजेस में से लेस करना होगा। अगर आप यह अमाउंट परचेजेस में से
लेस करोगे मतलब आप एक्सपेंसेस वाली साइड में माइनस कर रहे हो मतलब आप खर्चा माइनस कर रहे हो
यहां से क्योंकि रिकॉर्ड पीएंडएल में करना है तो इसका इफेक्ट साथियों इसकी वजह से आपका जो जीपी होगा
आपका जो ग्रॉस प्रॉफिट होगा साथियों वो इनक्रीज होगा। आपका जो जीपी है साथियों वह इसको
रेक्टिफाई करने से बढ़ेगा। आपका जीपी साथियों इंक्रीस होगा यहां पर। आप इसको कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड वाले
कांसेप्ट से भी अगर आप देखें तो जब आपको ये अमाउंट परचेजेस में से लेस करना होगा। तो परचेजेस वजह से आप इसको लेस करोगे तो
आपका सीओजीएस कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड भी कम हो जाएगा। और अगर कॉस्ट कम होती है साथियों तो हम बचपन से पढ़ते आए हैं। अगर
खर्चा कम हो गया, कॉस्ट कम हो गई तो ऑटोमेटिकली जो प्रॉफिट है वो कहीं ना कहीं इनक्रीस होगा। तो यहां पर क्वेश्चन नंबर
25 का जो आंसर होगा साथियों वो हमें लेना पड़ेगा ऑप्शन नंबर ए के रूप में। यस
यस यस यस चलिए साथियों एमसीक्यू नंबर 25 मैं आशा करता हूं आप लोगों को अच्छे से समझ में आ गया होगा।
चलिए अब बात करते हैं अगले एमसीक्यू की। क्वेश्चन नंबर 26 हमसे क्या कहना चाहता
है? परचेस्ड गुड्स फ्रॉम x ओके। कितने के गुड्स खरीदे हैं भाई साहब? ₹3600 के। ठीक
है? बट इट वाज रिकॉर्डेड एज 6300 वो भी रिकॉर्डिंग x के अकाउंट में किस साइड कर दी भाई साहब? डेबिट साइड कर दी।
अरे जी, ओ जी, लो जी, सुनो जी, अगर हमने x से गुड्स खरीदे हैं तो आप सोचिए x हमसे पैसा मांगता होगा। X हमारे लिए लायबिलिटी
है तो लायबिलिटी को क्रेडिट किया जाता है तो X के अकाउंट में एंट्री क्रेडिट साइड करनी थी 3600 से। तो ये देखिए साथियों
पहले ये देख लेते हैं कि क्या करना था। X के अकाउंट में क्रेडिट में एंट्री करनी थी ₹3600
से। आपके अकाउंटेंट ने क्या कर दिया? एक तो उसने अमाउंट जो है वो हर कुछ लिख दिया। दूसरा उसने साइड भी चेंज कर दी। अरे अरे
अरे अकाउंटेंट से क्या हो गया? उसने एक तो एक्स के अकाउंट को क्रेडिट की जगह डेबिट कर दिया और अमाउंट भी उस पापी ने देखो
कितना लिख दिया। 6300 फिर से यहां पर दो गलतियां। दो गलतियां साथियों। पहली गलती
एक्स के अकाउंट को 3600 से क्रेडिट करना था। देखो उसने किया है क्या? देखो देखो देखो देखो देखो नहीं किया ना अब कर दूं
चलो कर देता हूं तो पहली गलती चलो ये सुधार लेते हैं 3600 से
अब क्रेडिट कर देंगे लो जी पहली गलती सुधार दी दूसरी गलती क्या है यहां पर कि उन भाई साहब ने
x के अकाउंट को जबरदस्ती डेबिट कर दिया। अरे चेक करो डेबिट करना था क्या? अरे नहीं करना था। उसने जबरदस्ती
डेबिट कर दिया। इस एरर को सही भी तो करना पड़ेगा। अगर किसी अकाउंट को जबरदस्ती डेबिट कर दिया तो सही करने के लिए सर वापस
क्रेडिट कर दो। 6300 वापस क्रेडिट कर दो। तो यह जो अकाउंटेंट से गलती हुई है। इसको
सही करने के लिए हमको x के अकाउंट के अंदर दो अमाउंट क्रेडिट करने पड़े। जिनकी टोटल कितनी होगी साथियों? ₹900
मतलब इस एरर को हमको सही करने के लिए एक्स के अकाउंट को क्रेडिट करना पड़ा। ₹9,900 से। क्या हमको ₹9,900
किसी ऑप्शन में नजर आ रहा है क्या? बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने। पहला ही ऑप्शन ₹9900
कह रहा है कि एक्स के अकाउंट को क्रेडिट करना पड़ेगा ₹9900 से।
वेरी गुड। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। वेरी गुड। सबसे पहला आंसर दिया है रचना जी ने। चलिए
वेरी गुड। चलिए अगले एमसीक्यू पर चलते हैं हम लोग। यहां पर एमसीक्यू नंबर 27 साथियों क्या कह रहा
है? x रिटर्न गुड्स
अमाउंटिंग टू 5200 टू अस। अब x अपना कस्टमर है। उसने हमको गुड्स रिटर्न कर दिए। जिसको हम क्या
कहेंगे? बड़े प्यार सेल्स रिटर्न कहेंगे साथियों। और जब हमारा कोई कस्टमर हमें गुड्स रिटर्न कर देता है तो हम क्या करते
हैं? हमारी बुक्स में हमारी बुक्स में उस डेटर को क्रेडिट करते हैं या नहीं करते हैं? सोचो जरा। उस डेटर को हम क्रेडिट
करते हैं या नहीं करते हैं? करते हैं। सिंपल सी बात है। अब हुआ क्या? इट वाज़ रिकॉर्डेड ऐज़ 2500
इन हिज़ अकाउंट। अब देखो साथियों सिर्फ अमाउंट की गलती हुई है। एंट्री सही साइड करी है। देखो क्या करना था पहले ये डिस्कस
करो। क्या करना था? x के अकाउंट को क्रेडिट कितने से करना था? 5200 से। क्योंकि उसने हमको 5200 के गुड्स
रिटर्न कर दिए। गलती क्या हो गई अकाउंटेंट से? क्या हो गया? गलती क्या हो गई? उसने 5200 की जगह
अमाउंट लिख दिया मात्र ढाई हजार मतलब उसने x के अकाउंट को कम क्रेडिट किया अरे किसी अकाउंट को अगर कम क्रेडिट किया
है तो उसको सही करने के लिए क्या करना पड़ेगा जितना डिफरेंस अमाउंट है उतना और क्रेडिट कर दो तो यहां पर इस एरर को
रेक्टिफाई करने के लिए एक्स के अकाउंट को हमको और कितने अमाउंट से क्रेडिट करना पड़ेगा अरे सिंपल सी बात है। इन दोनों का
डिफरेंस निकाल लेते हैं। 5200 -500
साथियों यह अमाउंट आएगा आपका ₹700। तो हमको इस सिचुएशन में x के अकाउंट को ₹2700
से और क्रेडिट करना पड़ेगा। तो क्वेश्चन हमसे यही पूछ रहा है इन रेक्टिफाइंग एंट्री x अकाउंट विल बी क्रेडिटेड विद
हमको x के अकाउंट को और कितने से क्रेडिट करना पड़ा ₹2700 से जो कि हमें देखने को मिल रहा है ऑप्शन नंबर बी के रूप में
वेरी गुड वेरी गुड चलिए चलिए चलिए अगले एमसीक्यू पे बढ़िए।
लैंग्वेज में मैंने थोड़ा सा करेक्शन किया है। मैंने नॉट वर्ड लगाया है। वाज़ नॉट पोस्टेड। चेक करिए इसको फास्ट।
लास्ट एमसीक्यू आज का। फास्ट चेक करिए। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सैलरी पेड इन कैश। सैलरी का पेमेंट किया
भाई साहब। ₹6,000 का पेमेंट है। वाज़ नॉट पोस्टेड टू सैलरी अकाउंट। सैलरी अकाउंट के अंदर पोस्टिंग रह गई।
साथियों, सैलरी का अगर पेर पेमेंट किया है, खर्चा बढ़ा है। खर्चा बढ़ता है तो हम डेबिट करते हैं। मतलब सैलरी अकाउंट में
डेबिट साइड ₹6,000 लिखने थे। रह गए। सैलरी अकाउंट में एरर हो गई भाई साहब। एरर
ऑफ ओमिशन सैलरी अकाउंट में लिखा ही नहीं। ₹6000 डेबिट किया ही नहीं। ओके। दिस वाज नोटिस्ड आफ्टर प्रिपेयरिंग द ट्रायल
बैलेंस। ओ हो हो हो ट्रायल बैलेंस बना लिया। सैलरी अकाउंट में डेबिट साइड पोस्टिंग की ही नहीं थी। तो
ट्रायल बैलेंस मैच हुआ ही नहीं होगा। पकड़ में आ गया होगा। अब बट बिफोर मेकिंग द फाइनल अकाउंट्स। रेक्टिफाइंग एंट्री फॉर द
सेम विल बी। अरे अरे अरे सैलरी अकाउंट में डेबिट साइड एंट्री नहीं की थी। अरे नहीं की थी तो अब कर लेंगे।
सैलरी अकाउंट अब डेबिट हो जाएगा। सैलरी अकाउंट अब डेबिट कर देंगे। अरे कोई अकाउंट अगर डेबिट हुआ है तो कोई
ना कोई अकाउंट क्रेडिट भी तो होगा। अब दूसरा ऐसा कौन सा अकाउंट है जिसमें मिस्टेक हुई है? ऐसा कोई अकाउंट ही नहीं
है। सिर्फ सैलरी अकाउंट में मिस्टेक हुई है। तो सर फिर हम क्रेडिट किसको करेंगे? अरे दादा जब ट्रायल बैलेंस मैच नहीं हो
रहा होगा तो आपने उस डिफरेंस अमाउंट के लिए सस्पेंस अकाउंट ओपन किया होगा। अब जब वो एरर मिल चुकी है उस एरर को रेक्टिफाई
किया जा रहा है तो जो सस्पेंस अकाउंट है उसको क्लोज कर दिया जाएगा। तो यहां पर क्रेडिट कौन हो जाएगा?
सस्पेंस अकाउंट। तो साथियों आपके सामने चार ऑप्शंस हैं यहां पर। क्या
आपको कोई ऐसा ऑप्शन दिख रहा है जो ये कह दे कि सैलरी अकाउंट डेबिट होगा और सस्पेंस अकाउंट क्रेडिट होगा। चेक करिए साथियों।
ऐसा कौन सा ऑप्शन दिख रहा है यहां पर? बिल्कुल ऑप्शन नंबर बी यहां पर हमसे यही कह रहा है
कि रेक्टिफाइंग एंट्री के अंदर सैलरी अकाउंट को डेबिट किया जाएगा और सस्पेंस अकाउंट को क्रेडिट कर दिया जाएगा क्योंकि
एरर मिल चुकी है उसको सही कर रहे हैं तो सस्पेंस अकाउंट को क्लोज भी करना पड़ेगा। तो यहां पर एमसीक्यू नंबर 28 का जो आंसर
है साथियों वह हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर बी के रूप में। तो साथियों तो आज की हमारी जो क्लास है साथियों वो है कैपिटल
और रेवेन्यू आइटम्स के ऊपर। रचना जी वेरी गुड इवनिंग। वेरी गुड इवनिंग। सभी को नमस्कार। सभी का
स्वागत। तो साथियों शुरू करने जा रहा हूं मैं आज की क्लास
कैपिटल एंड रेवेन्यू। आइटम्स की और जैसा कि हर क्लास में आपने ऑब्जर्व किया होगा मैं हैंड रिटन नोट्स के फॉर्म में आपको
पहले टॉपिक पढ़ाता हूं। जो जो साथी टॉपिक को ध्यान से सुनते हैं और समझते हैं और दिमाग में रिटेन करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने ये हर क्लास में मेरी हर क्लास में ऑब्जर्व किया होगा कि सर आप जो चार्ट एक्सप्लेन करते हो उसके बाद जब आप
एमसीक्यूस शुरू करते हो तो उन एमसीक्यूस को सॉल्व करने में आपको 1 सेकंड का भी समय नहीं लगता। डेली बेसिस पर जो साथी नए
जुड़े हैं उनके लिए सुन लो। डेली बेसिस पर जैसे ही मैं नोट्स के जरिए आपको कोई टॉपिक पढ़ाता हूं। मेरे जितने साथी डेली बेसिस
पर काफी स्टूडेंट्स क्लास में जुड़ते हैं। तो चार्ट पढ़ाने के बाद जिस गति से वो आंसर देते हैं वो गति आप भी अपना सकते हो।
बस आपको मेरी डेली फ्री एमसीक्यू बैच वाली क्लास को लाइव ज्वाइन करना होगा। चलिए शुरू करते हैं। देखिए फटाफट आप लोगों के
सामने यहां पर आंसर्स आपको देखने को मिल रहे हैं। आप भी देंगे। चलिए पर पहले थोड़ा सा थ्योरेटिकल पार्ट थोड़ा सा हैंड रिटन
नोट्स के फॉर्म में मैं आपको वो टॉपिक समझा देता हूं। उसके बाद हम लोग एमसीक्यूस पर बढ़ेंगे।
ये खिसकाई मैंने दीवार और एक हैंड रिटन कलरफुल खूबसूरत और खूबसूरत का मतलब यहां सिर्फ दिखने में
खूबसूरत नहीं। यहां खूबसूरत का मतलब है समझने में खूबसूरत। आपको समझ में आ जाएगी चीजें। देखिए साथियों शुरू करते हैं हम
बात कैपिटल वर्सेस रेवेन्यू आइटम्स की। तो साथियों सबसे पहले हम लोग यहां पर बात करते हैं दो
टर्म्स की जो कि है एक है एक्सपेंडिचर। उसके बाद हम लोग बात करेंगे रिसीट्स की। यह दो मेजर कैटेगरीज है जिनको क्लासिफाई
किया जाएगा कैपिटल और रेवेन्यू वाले नेचर के अंदर। मतलब बेसिकली ये दो आइटम्स के बारे में आपको डिटेल के अंदर पता होना
चाहिए। तो साथियों एक्सपेंडिचर को कैटेगराइज किया गया है यहां पर दो पार्ट्स में।
पहला है आपका कैपिटल एक्सपेंडिचर और दूसरे खर्चे कहलाते हैं आपके रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। साथियों बफरकेशन की मैं आपको
याद रखने की ट्रिक्स यहां पर बताने वाला हूं। फिर मुझे बताइएगा ये ट्रिक आपको समझ में आई क्या और फिर उसके बाद देखना किस
रफ्तार से आप लोग खुद ही एमसीक्यूस के आंसर यहां पर दे पाओगे। चलिए तो सबसे पहले बात करते हैं एक्सपेंडिचर की। साथियों
बिजनेस के अंदर जब हम लोग कोई भी बिजनेस चलाते हैं तो उसमें अनेकों तरह के खर्चे होते हैं। बट उन खर्चों को अकाउंटेंसी
पर्पस से दो पार्ट्स में यहां पर डिवाइड किया गया है। पहला है कैपिटल एक्सपेंडिचर और दूसरा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। गौर
कीजिएगा पहले कैपिटल एक्सपेंडिचर ये जो खर्चे होते हैं ये कौन से खर्चे होते हैं साथियों? इसमें कौन से खर्चे कवर होंगे?
देखिए सबसे पहले मैंने हाईलाइट किया है देखो किसके ऊपर? एसेट खरीदने के ऊपर कि अगर
आपने कोई एसेट खरीदी है अपने बिजनेस में तो यह कहा जाएगा उसको क्लासिफाई किया जाएगा अंडर कैपिटल एक्सपेंडिचर
तो कोई एसेट खरीदने से रिलेटेड खर्चा या आपके पास कोई एग्जिस्टिंग एसेट है उस पे आपने खर्चा किया और वो खर्चा करने से उस
एसेट की एफिशिएंसी बढ़ गई काम करने की क्षमता बढ़ गई उससे आपकी अर्निंग कैपेसिटी बढ़ेगी गी तो अगर आपने कोई पुरानी एसेट है
उसकी एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए खर्चा किया है तो वो भी कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करेगा और आगे देखो या फिर
ऐसा कोई खर्चा करना जिससे बिजनेस को लॉन्ग टर्म तक अर्निंग हो जिसका फायदा सालों तक बिजनेस को मिले ऐसे खर्चों को भी हम
कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में इन इनकॉर्पोरेट करते हैं। दूसरी विशेषता इन खर्चों की साथियों सेकंड पॉइंट देखना मैं
हाईलाइट कर रहा हूं। ये जो खर्चे हैं ये बार-बार नहीं होते। ये खर्चे कभी कभार सालों में एक बार होते हैं। ये नॉन
रिकरिंग नेचर के खर्चे होते हैं साथियों। और तीसरा ये खर्चे ऐसे खर्चे हैं जो हमारे बिजनेस को लॉन्ग टर्म तक फायदा देते हैं।
लंबे समय तक हम लोग कमा सकते हैं इन खर्चों की वजह से। इन खर्चों को कहा गया है साथियों कैपिटल एक्सपेंडिचर। और
बेनिफिट कितने समय के लिए प्रोवाइड करते हैं। हम एग्जैक्ट नंबर ऑफ इयर्स तो कैलकुलेट नहीं कर सकते। बट एक प्यारी सी
बात बोल सकते हैं कि ये ऐसे खर्चे होते हैं जो हमको फायदा देते हैं फॉर अ पीरियड ऑफ मोर देन वन ईयर। और साथियों
एक शानदार कंक्लूसिव बादल मैंने आप लोगों के लिए बनाया है। एमसीक्यू में इस चीज को ध्यान रख सकते हो आप। और कैपिटल
एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के बफरकेशन को भी ध्यान में रखने के लिए आप इस चीज को दिमाग में रख सकते हो कि अगर
आपने बिजनेस में कोई ऐसा खर्चा किया अगर उससे आपके कमाने की कैपेसिटी बढ़ेगी तो उस खर्चे को कैपिटल एक्सपेंडिचर कहा जाता है।
और एक आपको सिक्का दिख रहा होगा छोटा सा जिसमें लिखा हुआ है बी स्लैश एस। इस बी स्लैश एस का मतलब क्या भावेश्वर है? अरे
नहीं यह जो एक्सपेंडिचर है इनको शो किया जाता है बैलेंस शीट के अंदर और बैलेंस शीट में कहां एसेट्स के अंदर तो ये बी एस भाेश
सर नहीं बल्कि बैलेंस शीट को डिनोट कर रहा है। तो ये डिटेल मैंने अभी आपको प्रोवाइड करी कैपिटल एक्सपेंडिचर किसे कहा?
दूसरी कैटेगरी पे चलते हैं। दूसरी कैटेगरी है साथियों रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर देखिए साथियों। यह
वो खर्चे हैं जो हमको रोज रोजमर्रा की एक्टिविटीज में बिजनेस को डेली बेसिस पे चलाने के लिए करने पड़ते हैं। क्लियर है?
फिर आपको एक सिक्का दिख रहा होगा। ये सिक्का क्या कहना चाहता है कि रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जब भी बिजनेस में होता है तो
उसको कहां शो किया जाता है? या तो ट्रेडिंग अकाउंट में या फिर प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में। अगर डायरेक्ट एक्सपेंस है
तो ट्रेडिंग अकाउंट पे शो करते हैं और इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस अगर हैं तो उनको प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में शो करते हैं।
ये बफरर्केशन ध्यान रखना साथियों। सेकंड विशेषता रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की क्या हाईलाइट करी मैंने?
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर साथियों वो खर्चे होते हैं जो बार-बार होते हैं, रेगुलरली होते हैं, रिकरिंग नेचर के होते हैं।
तीसरा ये जो खर्चे होते हैं ना साथियों रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के ये खर्चे आपको सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड नहीं करते। ये
खर्चे आपको लिमिटेड टाइम के लिए बेनिफिट प्रोवाइड करते हैं और वो लिमिटेड टाइम के कोई एग्जैक्ट नंबर ऑफ डेज कैलकुलेट नहीं
किए जा सकते। इसलिए कहा जाता है कि रेवेन्यू एक्सपेंडिचर नामक जो खर्चे होते हैं ना वो आपको अप टू वन अकाउंटिंग ईयर तक
आपको बेनिफिट प्रोवाइड करते हैं। अरे भाई साहब रोजमर्रा के खर्चे क्या हो सकते हैं? रेंट पे किया, सैलरी का पेमेंट किया। अब
आपने एंप्लई को अगर सैलरी दी है एक बार एक महीने की तो क्या वो आपके लिए पांच छ साल तक उस सैलरी पे काम करेगा क्या? नहीं
करेगा। अगर आपने रेंट दिया है वो एक महीने का बेनिफिट आपको प्रोवाइड करेगा। क्या वो सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड करेगा? आपने एक
महीने का इलेक्ट्रिसिटी बिल का पेमेंट किया। क्या वो आपको सालों तक इलेक्ट्रिसिटी आप यूज़ कर पाओगे? जी नहीं।
तो ये सब जो एग्जांपल्स हैं साथियों यह रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के एग्जांपल हैं क्योंकि ये एक ऐसे खर्चे हैं जो बार-बार
होते हैं। बार-बार करने पड़ते हैं। क्यों करने पड़ते हैं? बिजनेस को रेगुलरली चलाने के लिए करने पड़ते हैं। अगर ये खर्चे आप
नहीं करोगे। अगर आप रेंट का पेमेंट नहीं करोगे, दुकान खाली करनी पड़ेगी। अगर आप सैलरी का पेमेंट नहीं करोगे, एंप्लई छोड़
के चले जाएंगे। इलेक्ट्रिसिटी बिल का पेमेंट नहीं करोगे, लाइट काट दी जाएगी। अरे बिजनेस कैसे चलेगा?
तो ऐसे खर्चों को बड़े प्यार से हम रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डालते हैं। और एक कंक्लूसिव
लाइन मैंने आप लोगों के लिए बादल में यहां पर लिखी है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के लिए जो एमसीक्यूस में काम आएगी। आप भी दिमाग
में रखना। अगर कोई खर्चा रेगुलर मेंटेनेंस का किया है आपने तो वो भी रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में ही फॉल करेगा।
तो साथियों यहां पर एक्सपेंडिचर को हमने कैपिटल एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की तरह क्लासिफाई करते हुए
हमने दोनों टाइप्स के एक्सपेंडिचर को बड़े प्यारे फॉर्म में समझ लिया। कमेंट सेक्शन में लाइव चैट में बताओ समझ में आया या ना?
जल्दी से बताओ मुझे। जल्दी-जल्दी जल्दी चेक कर रहा हूं मैं आपके कमेंट्स। जल्दी चेक करके बताओ मुझे। फास्टफस्ट
समझ में आया हो तो फिर मैं रिसीट्स पे चलता हूं। जल्दी जवाब देने में इतना समय नहीं लगाना है।
जवाब देने में इतना समय नहीं लगाना है। ओके चलिए अब बात कर लेते हैं हम
राइट साइड रिसीट्स पे आ जाते हैं साथियों। रिसीट्स रिसीट्स का सिंपल मतलब बिजनेस के अंदर
पैसा या तो आया या आने वाला है। कुल मिला के पैसा आने वाली बात। अब बिजनेस के अंदर तो बहुत सारी वजहों से पैसा आता है। उसका
भी बफरकेशन दो रूप में कर दिया गया है प्रेजेंटेशन के लिए अकाउंटिंग के पर्पस के लिए। एक होती है आपकी कैपिटल रिसीट्स की
कैटेगरी। दूसरी होती है आपकी रेवेन्यू रिसीट्स की कैटेगरी। सर कैपिटल रिसीट्स यह वो पैसा है जो बिजनेस के पास आता है।
डेफिनेटली रिसीट्स की बात हो रही है तो पैसा आने की बात होगी। पर यह वो पैसा है जो रेगुलरली बिजनेस को नहीं मिलता। यह
इर्रेगुलर नेचर की एक्टिविटीज से आने वाला पैसा है जो रेगुलर बेसिस पर नहीं होती। कभी कबभार होती है। देखो नीचे लिखा हुआ है
मैंने। कभी-कभी होने वाली एक्टिविटीज। एग्जांपल के तौर पर क्या ले सकते हैं हम लोग? यहां पर भैया हमने कोई एसेट बेची
जैसे फॉर एग्जांपल मशीन बेची, फर्नीचर बेचा, बिल्डिंग बेची, लैंड बेची। पैसा आएगा वो कैपिटल रिसीप्ट कहलाएगा। दूसरा
एग्जांपल क्या लिखा है मैंने आप लोगों के लिए यहां पर? ओनर ने बिजनेस के अंदर और पैसा इन्वेस्ट किया। तो बिजनेस के पॉइंट
ऑफ व्यू से तो बिज़नेस के पास पैसा आया। कैपिटल रिसीप्ट कहलाएगा या फिर बैंक से लोन लिया भाई साहब तो बिजनेस के पास तो
पैसा आया एक बार के लिए कैपिटल रिसीप्ट ये सारे ट्रांजैक्शंस ये सारे एग्जांपल आप चेक कर पा रहे हो ये रेगुलर बेसिस पे नहीं
होती ये एक्टिविटीज ये इर्रेगुलर नेचर की एक्टिविटीज है नॉन रिकरिंग एक्टिविटीज है जिनकी वजह से बिजनेस के पास पैसा अगर आता
है तो उसको हम कैपिटल रिसीप्ट्स की कैटेगरी में डालते हैं और इसको याद रखने का एक शानदार तरीका और बता दूं तो मजा आ
जाएगा नहीं आ जाएगा ये अमाउंट जब भी आपके पास आएगा जिसको हम कैपिटल रिसीप्ट कहते हैं या तो उससे आपकी
लायबिलिटी बढ़ेगी। जैसे फॉर एग्जांपल मैंने अभी आप लोगों के सामने दो चीजें बताई। अगर ओनर ने बिजनेस में कैपिटल लगाई तो बिजनेस
की लायबिलिटी बढ़ेगी। या बैंक से लोन लिया ये भी एक कैपिटल रिसीप्ट है। लायबिलिटी बढ़ेगी। और दूसरा तरीका क्या है याद रखने
का? कि आपकी कोई एसेट कम हो गई। अरे एसेट कम कैसे हो सकती है? जब आपने उसको बेच दिया
हो, मशीन बेची, फर्नीचर बेचा, लैंड बेची, बिल्डिंग बेची उससे जो पैसा आता है वो कैपिटल रिसीप्ट है। एसेट कम हो रही है।
एसेट बेच दी। ठीक है? तो ये इन सब एक्टिविटीज से जब हमारे पास पैसा आता है, बिजनेस के अंदर
लार्ज अमाउंट आता है तो इनको हम कैपिटल रिसीप्ट्स कहते हैं। और दूसरी तरफ रेवेन्यू रिसीट्स के बारे में हम बात
करेंगे क्योंकि कुछ अमाउंट ऐसे होते हैं जो रेगुलर नेचर की एक्टिविटीज करने से बिजनेस के पास रेगुलरली जो अमाउंट आता है
उसे हम रेवेन्यू रिसीट्स कहते हैं। तो रेवेन्यू रिसीट्स के लिए देखो मैंने क्या लिखा है साथियों यहां पर। यह वो पैसा है
जो बिजनेस के पास आता है किससे? किससे? अपनी रेगुलर एक्टिविटीज से। रेगुलर एक्टिविटीज मतलब रोजमर्रा में होने वाली
एक्टिविटीज। बार-बार होने वाली एक्टिविटीज। और एक बिजनेस के अंदर बार-बार होने वाली कौन सी
ऐसी एक्टिविटीज है जिससे पैसा आएगा भाई साहब? अरे गुड्स बेचने से पैसा आया। इंटरेस्ट रिसीव हुआ, रेंट रिसीव हुआ
एक्ससेट्रा एक्सट्रा और फिर नीचे आपको सिक्का दिख रहा होगा। वो ₹5 का सिक्का, ₹10 का सिक्का, ₹20 का
सिक्का नहीं है। वो सिक्का आपको यह बता रहा है कि रेवेन्यू रिसीप्ट्स को कहां पर शो किया जाता है और कैपिटल रिसीट्स के
अंदर जो सिक्का है वो आपको सिखा रहा है कि कैपिटल रिसीप्ट्स को कहां शो किया जाता है। तो जैसा कि आप अपने स्क्रीन पर कितने
प्यारे तरीके से देख पा रहे हैं कि कैपिटल रिसीप्ट्स को बैलेंस शीट में शो किया जाता है और रेवेन्यू रिसीट्स जितनी भी होती है
साथियों उनको ट्रेडिंग अकाउंट या फिर पीएंडएल अकाउंट में शो किया जाता है डिपेंडिंग अपॉन द नेचर
चार्ट पूरा का पूरा समझ में आया या नहीं आया पूरा चार्ट जिसके अंदर मैंने ये दोनों जो बफरकेशन अकाउंटिंग के अंदर होते हैं
ड्यू टू इट्स प्रेजेंटेशन कैपिटल और रेवेन्यू आइटम्स जो हमारा टॉपिक है, यह कैपिटल और रेवेन्यू का बफरर्केशन आप लोगों
को समझ में आया या नहीं आया? वेरी गुड, वेरी गुड। बहुत बढ़िया, बहुत बढ़िया। काफी सारे साथी हमारे साथ क्लास
में बने हुए हैं। यही डडीकेशन आप लोगों को गवर्नमेंट जॉब दिलाएगा। ठीक है साथियों? अब मैं आप लोगों को
स्क्रीन पर एक शानदार एक एडिशनल पॉइंट यहां पर समझाऊंगा। उस एडिशनल पॉइंट के अंदर मैंने आप लोगों
के फेवरेट हीरो का फोटो भी लगाया है। क्योंकि मैंने उसका एग्जांपल लिया है। हो सकता है कुछ का फेवरेट नहीं हो। हो सकता
है कुछ का फेवरेट हो। तो साथियों मैंने अभी आपको एक्सपेंडिचर के दो बफरकेशन पढ़ाए। कैपिटल एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर। अब आपके दिमाग में एक तीसरी कैटेगरी और घूम रही होगी, भिनभिना रही होगी। सर हमने तो एक डेफर्ड रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर भी सुना है। सर ये डेफोर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर तो आपने बताया ही नहीं। अरे मैं चला गया क्या? आप भी यहीं
हो। मैं भी यहीं हूं। लाइव क्लास चल रही है। टेबल टीचिंग चल रही है। तो ये देखो। वन
टू थ्री ये देखो भाई साहब ये ये ये ओ हो हो हो ये देखो भैया आया क्या कोई नजर
कौन है ये कौन है ये भाई साहब क्या आप लोग जानते हैं विराट कोहली है अभिषेक शर्मा है आमिर खान है
कौन है यह बताइए कमेंट सेक्शन में कौन दिख रहा है? चलिए अब
एक स्पेशल कैटेगरी जिसका नाम है डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर।
साथियों पहले डेफर्ड वर्ड का मतलब अगर आपको समझ में आ गया तो इस एक्सपेंडिचर को समझने में कोई समस्या नहीं आएगी। साथियों
डेफर करने का मतलब होता है टालना। या फिर आप कह सकते हो बाद के लिए छोड़ देना। अभी नहीं लिख रहे हैं। बाद में
लिखेंगे। अरे क्या अभी नहीं लिख रहे हैं सर? क्या बाद में लिखेंगे सर? तो सुनो ये डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर कौन से खर्चे
होते हैं? साथियों, यह ऐसे खर्चे होते हैं जो अपने आप में रेवेन्यू एक्सपेंडिचर होते हैं। मतलब रोजमर्रा में होने वाले जो
खर्चे होते हैं उन्हीं का पार्ट है। लेकिन यह एक अलग कैटेगरी इसलिए बनाई गई क्योंकि रेवेन्यू एक्सपेंडिचर होते हुए भी इसका
बेनिफिट आपको कई सालों तक मिलेगा। तो ऐसे खर्चे जो अपने आप में है तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर लेकिन उसका फायदा हमें काफी
सालों तक मिलेगा। नॉर्मल केसेस में तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर क्या होते हैं जिनका बेनिफिट अप टू वन ईयर ही मिलता है। पर एक
दो एग्जांपल्स ऐसे हैं जो मैं अभी आपको बताऊंगा जिनका बेनिफिट वो है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर पर बेनिफिट उनका सालों तक
मिलेगा। तो ऐसे रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जिनका बेनिफिट आपको सालों तक मिलेगा उनको हम बड़े प्यार से कहते हैं डेफर्ड
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। एग्जांपल देखिए ऐसा कौन सा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है साथियों जो सालों तक
बेनिफिट देगा? तो भाई साहब एक एग्जांपल आप लोगों के सामने कि आपने अपने प्रोडक्ट के एडवर्टाइजमेंट के लिए किसको बुलाया भाई
साहब? आपको स्क्रीन पर भाई साहब दिख रहे हैं। यह रहे आपने अपने प्रोडक्ट के प्रमोशन के लिए
बुलाया सलमान खान जी भाई साहब को कितने रुपए में आएंगे 501 1001 लगाओ भैया 5001 101 1111 अरे नहीं करोड़ों में खेलने वाला
आदमी है भाई साहब ₹5 करोड़ लिए अब ये ₹ करोड़ जो लिए हैं इन्होंने यह जो खर्चा है आपका डेफिनेटली हमें पता है कि सलमान खान
भाई भाई साहब ने अगर एक बार ऐड कर दिया तो उसका फायदा हमें सालों तक मिलेगा। अब क्योंकि समझना लॉजिकली
₹5 करोड़ एक बड़ा अमाउंट नहीं है साथियों। और अगर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को हम कहां शो करते हैं? या तो ट्रेडिंग अकाउंट में
या प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में। और एडवर्टाइजमेंट का खर्चा हम किस में शो करते हैं? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में।
इतना बड़ा खर्चा ₹5 करोड़ का अगर आपने एक साथ एक ही साल में प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में अगर शो कर दिया तो जरा सोचो क्या
होगा? आप खुद ही बताओ क्या होगा? आपका जो प्रॉफिट है अरे प्रॉफिट तो रहेगा ही नहीं। पर 5 करोड़ का खर्चा एक साथ लिख दिया।
आपका प्रॉफिट प्रॉफिट नहीं रहेगा। आपका प्रॉफिट तो लॉस में चला जाएगा। भाई साहब इतना बड़ा अमाउंट का खर्चा अगर आप एक साथ
लिख दोगे तो यही हाल होगा। तो इसका क्या तरीका है साथियों? ये रहा सबसे अच्छा तरीका
कि टोटल जितना खर्चा हुआ है उसको काफी सारे टुकड़ों में बांट दिया जाए। सारा खर्चा एक साथ ना लिखा जाए। उस खर्चे को
धीरे-धीरे धीरे धीरे पार्ट्स के अंदर प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के अंदर लिखा जाए। है। देखो स्क्रीन पर सबसे अच्छा तरीका उस
खर्चे को पीएंडएल अकाउंट में धीरे-धीरे करके खर्चों में लिखो। जैसे लेट्स सपोज़ हम इस 5 करोड़ के खर्चे को एक साथ ना लिख के 5
साल में लिखेंगे। ऐसा अपन ने डिसाइड किया। तो पहले साल में 1 करोड़ ही हम शो करेंगे कहां पर? प्रॉफिट
एंड लॉस अकाउंट में। और बचा हुआ जो 4 करोड़ का खर्चा है उसको हम आगे के लिए टाल देंगे। डेफर कर देंगे और उसको कहां शो
करेंगे? फिर बैलेंस शीट के अंदर। बैलेंस शीट में किधर? एसेट्स में। और इसके लिए एक टर्म और यूज़ की जाती है
साथियों। ये जो खर्चा 4 करोड़ का आप बाद में शो करोगे ना साथियों। यह क्या एक्चुअल में कोई एसेट है क्या? तो फिर एसेट साइड
शो कर रहे हैं। तो इसको हम कहते हैं साथियों पिकशियस एसेट्स
समझ में आया? फिर दूसरे साल अगेन हम वही काम करेंगे। 1 करोड़ का खर्चा पीएंडएल में शो कर देंगे और बचा हुआ 3 करोड़ बैलेंस शीट
में एंड धीरे-धीरे करके इस 5 करोड़ के खर्चे को हम धीरे-धीरे पीएंडएल अकाउंट में लिखकर खत्म करेंगे।
तो यह था डेफर्ट रेवेन्यू एक्सपेंडिचर का एक्सप्लेनेशन और एग्जांपल जो मुझे लगता है कि आप लोगों को अच्छे से समझ में आ गया
होगा और उससे पहले उससे पहले एक्सपेंडिचर और रिसीट्स को मैंने कैपिटल और रेवेन्यू के कैटेगरीज के अंदर जब
डिवाइड करके आपको समझाया तो मैं आशा करता हूं आप लोगों को शानदार तरह से समझ में आ गया होगा।
बताइए समझ में आया क्या? शानदार लगा या नहीं लगा? फटाफट से लाइव चैट में एक बार मुझे बता दो।
जल्दी से बता दो। मैं चेक कर रहा हूं आपके रेगुलरली कमेंट्स।
हां जी। चलिए वेरी गुड। बहुत बढ़िया। तो अब चलते हैं जंग के मैदान में। अब चला जाए जंग के मैदान में उतरा
जाए और एमसीक्यूस शुरू किए जाए अगर आपको कांसेप्ट समझ में आ गया है तो। चलिए शुरू करते हैं। एमसीक्यूस को एक-एक करके
सॉल्व करना। पहला एमसीक्यू एन एक्सपेंडिचर इज क्लासिफाइड एज अ कैपिटल एक्सपेंडिचर व्हेन किसी भी खर्चे को आप
कैपिटल एक्सपेंडिचर कब कहेंगे? इनमें से आपको ऑप्शन चूज़ करना है। पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? व्हेन द अमाउंट इज़ लार्ज। अरे
क्या सिर्फ अमाउंट देखकर हम लोग कैटेगराइज कर देंगे कि ये कैपिटल एक्सपेंडिचर है? अरे अमाउंट जो है लार्ज अमाउंट क्या सिर्फ
कैपिटल एक्सपेंडिचर में इन्वॉल्व हो सकता है? अरे भैया लार्ज अमाउंट का एक्सपेंडिचर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर भी तो हो सकता है।
अभी हम लोगों ने सलमान खान वाला एग्जांपल डिस्कस किया। तो ये ऑप्शन तो नहीं हो सकता। इस ऑप्शन के बेसिस पे हम कैपिटल
एक्सपेंडिचर नहीं समझ सकते इसको। दूसरा क्या कह रहा है? इट इज़ शोन इन द बैलेंस शीट। अरे मतलब जो खर्चा बैलेंस शीट में शो
होता है वह सारे कैपिटल एक्सपेंडिचर अरे सलमान खान वाला एग्जांपल लिया ना मैंने अभी डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर भी तो
बैलेंस शीट में ही शो करते हैं हम लोग ऑप्शन बी भी नहीं हो सकता ऑप्शन सी पढ़ो क्या कह रहा है व्हेन इट इज़ इंकर्ड फॉर द
पर्पस ऑफ़ ऑब्टेनिंग अ लॉन्ग टर्म एडवांटेज फॉर द बिनेस जी हां, कैपिटल एक्सपेंडिचर मतलब एक ऐसा
खर्चा जो हमें एक साल से ज्यादा कई सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड करता है। डेफिनेटली ऐसे खर्चे को हम कैपिटल एक्सपेंडिचर की
कैटेगरी में डालते हैं। एंड ऑप्शन डी क्यों नहीं हो सकता साथियों? ऑप्शन डी क्या कह रहा है? इट बेनिफिट्स ओनली द करंट
ईयर। अरे भाई अगर कोई ऐसा खर्चा है जो हमें करंट ईयर तक ही बेनिफिट प्रोवाइड करेगा तो वो तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की
कैटेगरी में चला जाता है। तो ऑप्शन नंबर डी भी काटना पड़ेगा। सही ऑप्शन परफेक्ट ऑप्शन बिल्कुल एप्रोप्रियट ऑप्शन हमें
क्या देखने को मिला? सी देखने को मिला। फटाफट से गजब रफ्तार से आप लोग जवाब देते हो। बहुत अच्छा लगता है। मुझे मोटिवेशन
मिलता है और क्लास में मजा आता है। चलिए। सेकंड एमसीक्यू चेक करिए। वि ऑफ द फॉलोइंग
ट्रांजैक्शन इज ऑफ कैपिटल नेचर? आपको ऑप्शंस में कुछ खर्चे दिए हुए हैं। कौन से खर्चे को आप कैपिटल एक्सपेंडिचर की
कैटेगरी में डालेंगे साथियों? एक-एक करके चेक करते हैं। सबसे पहला ऑप्शन क्या कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जा
सकता है? चलिए चेक करते हैं। पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? परचेस ऑफ अ ट्रक बाय अ कंपनी।
एक कंपनी ने माल मंगवाने और डिलीवर करने के लिए या और भी कोई पर्पस है उसके लिए ट्रक खरीदी। ओए होए होए होए होए। जरा मेरा
एक्सप्लेनेशन मन में लेके आओ। कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए मैंने क्या बताया था? कभी कभार होने वाले खर्चे। ट्रक रोज थोड़ी
खरीदते हैं भाई साहब। दूसरा एसेट खरीदी है। जी हां, खरीदी है। क्या ट्रक लॉन्ग टर्म बेनिफिट प्रोवाइड करेगी?
जी हां, करेगी। सारी कंडीशन सेटिस्फाई हो गई पहले ही ऑप्शन में। तो पहला ही ऑप्शन जो है हमारा वो एक ऐसा ट्रांजैक्शन है जो
कैपिटल नेचर का ट्रांजैक्शन कहलाएगा। पहला ही ऑप्शन हमारा कैपिटल एक्सपेंडिचर है। अब दूसरे चेक करते हैं। दूसरे क्या कैपिटल
एक्सपेंडिचर नहीं है? और क्यों नहीं है वह भी चेक करना पड़ेगा। ऑप्शन बी क्या कह रहा है? रिप्लेसमेंट ऑफ ओल्ड टायर्स। अरे भाई
साहब ट्रक जो है पुरानी कोई ट्रक थी उसको धमाधुमा आपने यूज़ किया तो टायर क्या
जिंदगी भर चलेंगे क्या? ट्रक को रेगुलर चलाए रखने के लिए आपको ट्रक का मेंटेनेंस करवाना पड़ेगा। टायर बदलवाने पड़ेंगे। तो
ये तो मेंटेनेंस का खर्चा है भाई साहब। बिजनेस को चलाए रखने के लिए, ट्रक को चलाए रखने के लिए। तो ये रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
की कैटेगरी में जाएगा। तीसरा क्या कह रहा है? रिप्लेसमेंट ऑफ ओल्ड ट्यूब्स। अरे ये भी मेंटेनेंस का खर्चा है। रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर में जाएगा। तीसरा क्या कह रहा है? आपने ट्रक खराब हो गई। उसको रिपेयर करवाया। अरे ट्रक की सर्विस करवाना भी एक
मेंटेनेंस का खर्चा है। और मैंने आपको चार्ट समझाते वक्त एक ट्रिक बताई थी। रेगुलर नेचर का खर्चा, रिपेयरिंग का
खर्चा, मेंटेनेंस करने का खर्चा, सर्विस करवाने का खर्चा ये सब रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करते हैं।
तो यहां पर ऑप्शन बी, सी और डी जो है ये कैपिटल नेचर के नहीं बल्कि रेवेन्यू नेचर के खर्चे हैं। तो एमसीक्यू नंबर टू का
शानदार सही करेक्ट ऑप्शन लॉजिकली होता है ऑप्शन नंबर ए। चलिए।
[नाक से की जाने वाली आवाज़] देखो देखो देखो देखो देखो जी देखो एमसीक्यू नंबर थ्री द एक्सपेंसेस इन
कनेक्शन विद ऑब्टेनिंग अ लाइसेंस अरे किस चीज का खर्चा हुआ है ऑब्टेनिंग अ लाइसेंस फॉर रनिंग अ
सिनेमा हॉल। आपके सामने मैंने पीवीआर सिनेमाज लिखा है। पीवीआर सिनेमास को अपने सिनेमा हॉल में
मूवी दिखाने के लिए पहले लाइसेंस लेना पड़ेगा। बिना लाइसेंस के आप मूवी शोज़ नहीं चला सकते भाई साहब। तो बिना लाइसेंस
सिनेमा हॉल नहीं चलाया जा सकता। लाइसेंस लेने के लिए आपको खर्चा करना पड़ेगा।
अब यह जो लाइसेंस लेने का खर्चा है इसको कैपिटल एक्सपेंडिचर कहा जाएगा या रेवेन्यू एक्सपेंडिचर कहा जाएगा? जरा सोचिए साथियों
जरा सोचिए। देखिए सबसे पहली बात तो ये खर्चा आपको लॉन्ग टर्म एडवांटेज देगा क्या? बिल्कुल देगा। हालांकि बीच में
रिक्वायरमेंट पे लाइसेंस को रिन्यू करवाना पड़ेगा। डेफिनेटली रिन्यूल का खर्चा एक रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है। पर पहली बार जब
आप लाइसेंस ले रहे हो। दूसरी बात क्या यह खर्चा बार-बार होगा भैया? मेन लाइसेंस लेने वाला खर्चा बार-बार नहीं होगा। तीसरा
लाइसेंस बनती है एक तरह से आपकी इनटेंजिबल एसेट। तो जब ये सारी कंडीशंस सेटिस्फाई हो जाए तो डेफिनेटली साथियों आप लोगों ने
बिल्कुल सही कहा। यह जो वन टाइम लाइसेंस लेने का खर्चा है ना यह किस कैटेगरी में जाएगा आपका? कैपिटल
एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करेगा। चलिए एमसीक्यू नंबर फोर क्या कहना चाहता है
हमसे? डेमोलेशन ऑफ एन ओल्ड बिल्डिंग। पुरानी बिल्डिंग को
गिराया जिसकी बुक वैल्यू ₹00 थी। एंड उसकी जगह नई बिल्डिंग बनवाई। ₹9,50,000 उसमें लगे। आर अ पार्ट ऑफ
बताइए बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन करवाया कुछ कंडीशंस लाइए अपने
दिमाग में बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन क्या लॉन्ग टर्म एडवांटेज प्रोवाइड करेगा बताइए यस सर करेगा सर बिल्कुल करेगा उसके बाद
क्या ये खर्चा बार-बार होने वाला खर्चा है रोज बिल्डिंग बनवाओगे क्या नहीं ये खर्चा बार-बार नहीं होगा
तीसरी कंडीशन बिल्डिंग बनवाई तो आपकी एसेट बढ़ी क्या? बिल्कुल बढ़ी सर।
तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की सारी कंडीशन इसने सेटिस्फाई कर दी। तो ये जो खर्चा आपके सामने इस एमसीक्यू में आपको देखने को
मिला ये कौन सा एक्सपेंडिचर कहलाएगा साथियों? कैपिटल एक्सपेंडिचर। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। रेगुलर
बेसिस पर लाइव चैट में मुझे आंसर्स देखने को मिल रहे हैं। शानदार। वेरी गुड। चलिए आगे बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर फाइव
क्या कह रहा है? एनी एक्सपेंडिचर इंकर्ड इन एक्वायरिंग द राइट टू कैरी ऑन अ बिनेस इज अ डैश चार्ज। क्या कह रहा है यह?
अगर आप कोई ऐसा खर्चा करते हैं जिससे आपको बिजनेस चलाने का अधिकार मिलता है, राइट मिलता है तो उसको आप कौन सा एक्सपेंडिचर
कहेंगे? साथियों जब आपको कोई खर्चा करने से कोई अधिकार प्राप्त होता है, कोई राइट प्राप्त होता है तो वो एक तरह से कहा जा
सकता है कि एक तरह से आपने इनटेंजिबल एसेट को खरीदने के लिए वो खर्चा किया है। कुछ एग्जांपल्स देखो। जैसे आपने डोमिनोज की
फ्रेंचाइजी ली तो आपके पास यह अधिकार आ जाएगा कि आप डोमिनोज के पिज़्ज़ा बेच सकते हो। दूसरा एग्जांपल आपने कोई नया इन्वेंशन
किया उसके लिए आपने पेटेंट रजिस्टर करवाया साथियों वो खर्चा हो सकता है। कोई कविता कोई मैटर जिसके ऊपर आपने कॉपीराइट लिया।
ये सब किसके एग्जांपल है? राइट्स ले रहे हो आप। माइनिंग राइट्स लेना सरकार से खुदाई करने के लिए सामान निकालने के लिए।
ये सारे क्या है? बिजनेस करने के लिए आप राइट्स ले रहे हो और अधिकार लेने के लिए खर्चा कर रहे हो। अब खर्चा तो हो रहा है।
अब इस खर्चे में कुछ कंडीशंस देख लेते हैं। अगर वो सेटिस्फाई हो रही हो तो कैपिटल एक्सपेंडिचर में डाल देंगे। वरना
फिर और कुछ सोचेंगे। भैया ये सब लेने से डोमिनोज की फ्रेंचाइजी लेने से लॉन्ग टर्म एडवांटेज होगा क्या? यस सर होगा। क्या
फ्रेंचाइजी क्या रोज लोगे क्या? बार-बार थोड़ी होगा ये खर्चा। तीसरा इससे आपकी इनटेंजिबल एसेट क्रिएट
होगी। तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की सारी कंडीशन सेटिसफाई हो रही है। तो साथियों एमसीक्यू नंबर फाइव का आंसर जल्दी-जल्दी
जल्दी यह खर्चा भी कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी के अंदर फॉल करेगा।
बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। सबसे पहला आंसर इस क्वेश्चन का दिया है। रचना जी ने बधाई हो आपको।
चलिए अगले एमसीक्यू पर चलते हैं। एमसीक्यू नंबर छह हमसे क्या पूछ रहा है भाई? तू हमसे
क्या पूछना चाहता है? एनी एक्सपेंडिचर व्हिच रिजल्ट्स इन एक्विजिशन ऑफ परमानेंट एसेट्स। ऐसा खर्चा
जिससे आपके पास परमानेंट कोई एसेट आ जाती है जिसको हम लोग कह सकते हैं हमने फिक्स्ड एसेट खरीदी व्हिच आर इंटेंटेड टू बी
कंटीन्यूअसली यूज्ड इन द बिनेस फॉर द पर्पस ऑफ अर्निंग रेवेन्यू और वो खर्चा किया है आपने ताकि आपको लॉन्ग टर्म
एडवांटेज मिल सके तो इस खर्चे को कौन सा खर्चा कहा जाएगा एसेट क्रिएट होगी यस सर होगी बार-बार
थोड़ी खरीदोगे यस सर नहीं खरीदेंगे लॉन्ग टर्म एडवांटेज मिलेगा सर मिलेगा। तो बताओ ऐसा कौन सा एक्सपेंडिचर होता है उसको
साथियों देखा आपने कितने सारे क्वेश्चन अभी तक हम लोगों के कैपिटल एक्सपेंडिचर वाले ही मिल रहे हैं। अगेन और रचना जी गजब
अगेन एमसीक्यू नंबर सिक्स का सबसे पहला आंसर जो आया है वो रचना जी का आया है। रचना जी आप
गवर्नमेंट जॉब की रचना में लगे हुए हैं। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। चलिए अगला एमसीक्यू देखो। ट्रेन बनाई
इसमें मैंने ट्रेन ऑल कैपिटल एक्सपेंडिचर्स। ठीक है? एसोसिएटेड विद अ पर्टिकुलर एसेट
आर एडेड टू द कॉस्ट ऑफ एसेट। जब आप कोई एसेट खरीदते हैं, वह एसेट जब तक रेडी टू यूज की कंडीशन में नहीं पहुंच
जाती, तो अकाउंटिंग का एक गोल्डन रूल है कि कोई एसेट जो आपने खरीदी जब तक वो रेडी टू यूज़ की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती तब
तक के सारे खर्चे उसकी कॉस्ट में ही ऐड होंगे। वो सारे खर्चे उस एसेट की वैल्यू को बढ़ाएंगे। उस एसेट की कॉस्ट का ही
पार्ट बनेंगे। तो गोल्डन रूल देखो मैंने आप लोगों के लिए लिख दिया यहां पर। जब तक एसेट काम शुरू ना कर दे मतलब रेडी टू यूज़
की कंडीशन में ना पहुंच जाए तब तक का हर खर्चा उस एसेट की कॉस्ट में ऐड होता है। देखो फटाफट से एक एग्जांपल देख लो। मशीन
हमने खरीदी जिसकी परचेस प्राइस थी ₹1 लाख। इंपोर्ट करी टैक्स पे किया ₹1 लाख। ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा उस मशीन पर हुआ
है ₹00 उसको इंस्टॉल करने का खर्चा हुआ है ₹00 और ट्रायल रन में खर्चा लगा है ₹100 यह सारे खर्चे जब होंगे तभी वो मशीन जो है
वो काम शुरू करेगी तभी वो मशीन रेडी टू यूज़ की कंडीशन में पहुंचेगी। तो यहां पर अकाउंटिंग रूल्स के हिसाब से इस मशीन की
कॉस्ट 10 लाख नहीं बल्कि 1180 बैलेंस शीट के अंदर एसेट्स के अंदर यह मशीन ₹11,80,000
पर शो की जाएगी। तो जो स्टेटमेंट हमको एमसीक्यू नंबर सेवन में दिया वो बिल्कुल ट्रू बिल्कुल सही स्टेटमेंट यहां पर दिया
हुआ है। तो एमसीक्यू नंबर सेवन का सबसे पहला आंसर दिया है माय किस्मत सावरिया सेठ जी ने। बधाई हो आपको। रचना जी आ चुकी है
अब सेकंड नंबर पर। चलिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] एमसीक्यू नंबर एट।
द एक्सपेंडिचर इंकर्ड बाय अ पब्लिशर फॉर एक्वायरिंग कॉपी राइट्स। आय हाय हाय
राइट्स दिखा। राइट्स एक्वायर करने के लिए ऊपर एक एमसीक्यू और भी आया था। मैंने आपको कुछ
अधिकारों के एग्जांपल भी दिए थे। फटाफट से चेक करके बताओ। कोई अधिकार प्राप्त करने के लिए जो आप खर्चा करते हो डेफिनेटली
उसका फायदा लॉन्ग टर्म तक मिलता है। बिल्कुल मिलता है। बार-बार होता है क्या ये खर्चा? जी नहीं बार-बार नहीं होगा। फिर
आपने कॉपीराइट लिया है तो इससे आपकी इनटेंजिबल एसेट क्रिएट होगी? बिल्कुल होगी। तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की सारी
कंडीशन सेटिस्फाई हो रही है या नहीं हो रही है? तो यहां पर क्वेश्चन नंबर एइट का भी आंसर हमारा क्या है? कैपिटल
एक्सपेंडिचर है। कितने सारे एमसीक्यूस का आंसर कैपिटल एक्सपेंडिचर के रूप में हमें देखने को मिल
रहा है। पर इसका मतलब ये नहीं कि हर एमसीक्यू में कैपिटल एक्सपेंडिचर देखते ही धाम धिम टिक लगा दी। ऐसा नहीं करना है।
[नाक से की जाने वाली आवाज़] लॉजिक से आंसर फाइंड आउट करना है। कुछ कंडीशंस जो मैं आपको एक्सप्लेन कर रहा
हूं। तो वो कंडीशंस अगर सेटिस्फाई हो रही है तो ही उस खर्चे को आपको कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डालना है।
शैतानी नहीं करेगा कोई भी एमसीक्यू सॉल्व करने में। चलिए चेक करिए। चेक करिए। एमसीक्यू नंबर नाइन।
व्हिच ऑफ द फॉलोइंग विल बी क्लासिफाइड एज कैपिटल एक्सपेंडिचर्स? इनमें से कौन सा ऑप्शन ऐसा है जो कैपिटल
एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करेगा? चेक करिए।
[नाक से की जाने वाली आवाज़] पहला एक्सपेंडिचर इंकर्ड फॉर एक्वायरिंग पेटेंट राइट। राइट लेने के लिए खर्चा किया है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर ऊपर अभी एक एमसीक्यू आया था। दूसरा इरेक्शन चार्जेस ऑफ अ न्यू प्लांट। नया प्लांट इस्टैब्लिश करने में
जो खर्चा लगा लॉन्ग टर्म बेनिफिट देगा बार-बार नहीं होगा। एसेट क्रिएशन होगा। ये भी कैपिटल एक्सपेंडिचर है। तीसरा
एक्सपेंडिचर इंकर्ड फॉर इंक्रीजिंग द यूज़फुल लाइफ और एफिशिएंसी ऑफ़ अ फिक्स्ड एसेट। मैंने एक्सप्लेनेशन बताया था कि अगर
एसेट की एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए भी आपने अगर खर्चा किया है तो डेफिनेटली वो भी आपका कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी
में फॉल करेगा। इसका मतलब ये तीनों ही एग्जांपल्स जो तीनों ही ऑप्शंस हमारे सामने हैं वो कैपिटल एक्सपेंडिचर को
एक्सप्लेन कर रहे हैं। तो जब तीनों ही सही है तो हमारा करेक्ट ऑप्शन होगा यहां पर ऑल ऑफ द अबव।
ओ क्या बात है। नवनीत खंडेलवाल जी बड़े बेताब हो रहे हैं। सर आपकी लग गई क्या जॉब 2021 वाली भर्ती में? नवनीत खंडेलवाल जी
आपको अब पहले अपनी चिंता करनी है। मैं नवनीत जी साथ में सीए की प्रिपरेशन और काफी सारी प्रिपरेशन ऑलरेडी साथ में लेकर
चल रहा हूं। और बेसिकली मैं ऑलरेडी प्राइवेटली टीचिंग प्रोफेशन में पिछले 10 साल से काम कर रहा हूं।
तो मेरा एम सिर्फ एक पर्टिकुलर पोस्ट नहीं है। मेरा ऐ मेरा विज़ मेरा मिशन बहुत बड़ा है। मैं आप लोगों जैसे साथियों की मदद
करता हूं जिनका एक पर्टिकुलर सपना है उसको पूरा करने का। मेरा मिशन मेरे गोल्स कई सारे हैं और वो उनमें से काफी सारे गोल्स
मैं ऑलरेडी पूरे कर भी चुका हूं और गोल्स मेरे कभी सीमित नहीं रहे। नए-नए गोल्स बनते रहते हैं और मैं उनको अचीव करता रहता
हूं। तो नवनीत जी आपको अपनी चिंता करनी है। अगर आप गवर्नमेंट जॉब की प्रिपरेशन सच में कर रहे हैं और तैयारी करना चाहते हैं।
अगर आप सिर्फ टाइम पास के लिए इस वीडियो में आए हैं तो एक अलग बात है। बट अगर आप सच में फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर बनना
चाहते हैं तो इस वीडियो में ऑप्शंस पर ध्यान दीजिए। क्वेश्चन पर ध्यान दीजिए। आंसर देने की कोशिश कीजिए। मेरी जो पर्सनल
इंफॉर्मेशन आपको अगर चाहे तो आपको वीडियो की स्टार्टिंग में मैंने एक नंबर दिया था। उस नंबर पर कांटेक्ट करके आप अपनी क्वेरीज
जो है वो सॉल्व कर सकते हैं। ठीक है नवनीत जी फिर से वही बात मैं जानता हूं आप कौन है इसलिए आप अब इस बात को यहीं विराम
दें। मैंने कितने-कितने क्या-क्या एग्जाम्स दिए हैं वो मैं यहां पर बताने के लिए लायबल नहीं हूं। ठीक है? चलिए
ओके। चलिए आगे बढ़ते हैं। एमसीक्यू नंबर 10 लीगल फीस ओके
टू एक्वायर प्रॉपर्टी ये कौन से नेचर का एक्सपेंडिचर है? अब साथियों अभी दो-तीन एमसीक्यूस पहले
हमने गोल्डन रूल देखा था कि जब तक अच्छा अच्छा अच्छा नवनीत जी जो भी समस्या है वो यहां पर
सॉल्व नहीं हो पाएगी। आपको वीडियो के स्टार्टिंग में मैंने एक कांटेक्ट नंबर दिया था उस पे आपको संपर्क करना होगा।
यहां पे आप अपना सिर्फ समय बर्बाद करेंगे। चलिए तो लीगल फीस टू एक्वायर प्रॉपर्टी। कोई नई प्रॉपर्टी आप खरीद रहे हैं और उस
प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए आपको लीगल कुछ खर्चे करने पड़ रहे हैं। तो साथियों जब तक यह खर्चा नहीं होगा वो प्रॉपर्टी
आपकी नहीं होगी। प्रॉपर्टी आपकी नहीं होगी तो आप उस प्रॉपर्टी को यूज़ नहीं कर पाएंगे। और थोड़ी देर पहले मैंने अभी आपको
एक गोल्डन रूल बताया था कि जब तक एसेट रेडी टू यूज़ की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती तब तक के सारे खर्चे उसकी कॉस्ट के
अंदर ही ऐड होते हैं। वो आपकी एसेट की वैल्यू को बढ़ाते हैं। ये खर्चा आपको लॉन्ग टर्म एडवांटेज देने वाला है और ये
खर्चा क्या बार-बार करना है? जी नहीं। नॉन रिकरिंग नेचर का खर्चा है तो ये कैपिटल एक्सपेंडिचर की सारी कंडीशंस को सेटिस्फाई
करता है। इसलिए ये जो लीगल फीस का खर्चा हुआ है साथियों ये भी किस एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करेगा?
ये भी कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करेगा। गोल्डन रूल एक बार फिर मैंने आप लोगों के
लिए यहां लिख लिख लिया है। कंडीशंस जो आपको अपने दिमाग में सोचनी है वह भी मैंने लिख दी है और जो एक्सप्लेनेशन है वो भी
आपको याद रखने के लिए मैंने यहां पर प्रोवाइड कर दिया है। चलिए आगे बढ़ते हैं। साथियों एक बार फिर याद
दिला देता हूं। कंप्लीट कोर्स अगर आपको करना है तो आरपीएससी अड्डा के ऊपर ऑनलाइन कोर्स कंप्लीट कंटेंट जिसके अंदर आपको कवर
करवाया जाएगा आप जॉइ कर सकते हैं 3499 में जिसमें आपको बुक जो है वो फ्री ऑफ कॉस्ट मिल जाएगी रिवीजन के लिए और अगर कंप्लीट
कोर्स नहीं सिर्फ एमसीक्यूस की प्रैक्टिस और नोट्स रिवीजन के लिए आपको सिर्फ किताब की रिक्वायरमेंट है तो बुक आप परचेस कर
सकते हैं जो आपको स्क्रीन पर दिख रही होगी जिसमें मेरा कूपन कोड अगर आप यूज करेंगे जो कि बीएस 10 है तो आपको 10% एक्स्ट्रा
बेनिफिट भी मिल जाएगा। चलिए एमसीक्यूस की कड़ी में हम लोग आगे बढ़ते हैं।
[गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] नवनीत जी आप अपना समय मुझे यहां पर बोलकर बर्बाद कर रहे हैं। आपकी समस्या का समाधान
मेरे पास नहीं है। आपको उसी कांटेक्ट नंबर पर फोन करना होगा। चलिए एमसीक्यू नंबर 11 कौन सा एक्सपेंडिचर रिजल्ट्स इन द
रिपेयर्स एंड मेंटेनेंस ऑफ बिजनेस एसेट्स बिजनेस के पास जितनी भी एसेट्स हैं उनकी रेगुलर रिपेयरिंग का खर्चा रेगुलर
मेंटेनेंस का जो खर्चा है रेगुलर नेचर का खर्चा है। लॉन्ग टर्म तक बेनिफिट नहीं देगा। अप टू
वन ईयर ही बेनिफिट देगा। बार-बार होने वाला खर्चा है। तो जल्दी से बताइए अब जाकर नंबर आया कौन से एक्सपेंडिचर का?
बोलो अब जाके नंबर आया है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर का। जी हां साथियों, यह ऐसे खर्चे हैं जो
बार-बार होते हैं और बार-बार होने वाले खर्चे जो आपको कम समय के लिए शॉर्ट टर्म तक अप टू वन ईयर बेनिफिट प्रोवाइड करते
हैं वो रेवेन्यू नेचर के एक्सपेंस होते हैं। चलिए नेक्स्ट पे चलते हैं एमसीक्यू नंबर 12 पर।
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर इज डिफाइंड एज एन एक्सपेंडिचर व्हिच कंट्रीब्यूट्स टू द रेवेन्यू
अर्निंग कैपेसिटी। अब रेवेन्यू एक्सपेंडिचर से रिलेटेड ये पूछ रहा है कि जब रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
होते हैं तो उस केस में उसका जो बेनिफिट है वो आपको कितने समय तक मिलता है? कितने समय तक मिलता है?
वैशाली जी पूछ रही हैं रनोवेशन ऑफ बिल्डिंग किस में आएगा? वैशाली जी डिपेंड करता है कि उस बिल्डिंग में आपने नया
फ्लोर ऐड करवाया है या बिल्डिंग का और एक्सटेंशन हुआ है तो डेफिनेटली उससे उस एसेट की एफिशिएंसी बढ़ेगी। हमारी अर्निंग
कैपेसिटी बढ़ेगी तो वो कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा। वैशाली जी इज इट क्लियर? पर नॉर्मल सिर्फ पेंट वगैरह
करवाया है रेगुलरली मेंटेनेंस के लिए वाइट वाशिंग करवाई है तो वो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के अंदर जाएगा। ठीक है? चलिए
इस क्वेश्चन पर आते हैं। यह क्वेश्चन आपसे पूछ रहा है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर का जो बेनिफिट है वो आपको कितने समय के लिए
मिलता है? साथियों मैंने आपको क्या बताया था चार्ट में अभी थोड़ी देर पहले अप टू वन ईयर फॉर अ शॉर्टर पीरियड फॉर अ पर्टिकुलर
अकाउंटिंग पीरियड हमको पहला ही ऑप्शन मिल गया क्या यहां पर? तो साथियों
अगर आप अगर आप ध्यान से मेरी क्लास को अटेंड करते हैं, ध्यान से चार्ट को पढ़ते हैं और मेरे
नोट्स पे ध्यान देते हैं तो आपको एमसीक्यू सॉल्व करने में कोई समय नहीं लगेगा। हां जी। तो एमसीक्यू नंबर 12 का आंसर हमको
पता चल चुका है कि रेवेन्यू एक्सपेंडिचर से जो बेनिफिट हमको मिलता है इट इज जस्ट फॉर अ शॉर्टर पीरियड अप टू वन ईयर फॉर अ
पर्टिकुलर अकाउंटिंग पीरियड इज इट क्लियर चलिए टू अकाउंटिंग पीरियड्स नहीं मोर देन वन नहीं फॉर इनडेफिनेट अकाउंटिंग पीरियड्स
नहीं ये सब कहीं ना कहीं कैपिटल एक्सपेंडिचर से रिलेट कर रहे हैं। चलिए आगे बढ़ते हैं हम लोग यहां पर एमसीक्यू
नंबर 13 पर चलते हैं। चेक करिए फटाफट एमसीक्यू नंबर 13 क्या कहना चाह रहा है आपसे?
आउटस्टैंडिंग वेजेस क्या होता है साथियों? आउटस्टैंडिंग वेजेस।
आउटस्टैंडिंग वेजेस का मतलब लेबर से काम करवा लिया
पर वेजेस का पेमेंट करना अभी तक
बाकी है। वेजेस का पेमेंट बाकी है। काम तो आपने उनसे पहले करवा लिया।
बिल्कुल सही कह रहे हैं आप लोग। यह आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस जो होते हैं साथियों यह एक्सपेंस नहीं बल्कि इनको
लायबिलिटी की कैटेगरी में फॉल किया जाता है। बिल्कुल।
आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस जो हैं वह हमारे लिए लायबिलिटी है क्योंकि पैसा चुकाना बाकी है। अब आपके दिमाग में क्वेश्चन आएगा
सर ये तो एक रेगुलर नेचर का खर्चा है सर। इसको आपने रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में क्यों नहीं डाला सर? अरे भाई ये एक्चुअल में जब
हुआ होगा इसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में डाला जाएगा। बिल्कुल इसको ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर वेजेस के अंदर ऐड करके शो करेंगे।
पर बेसिकली सिर्फ आउटस्टैंडिंग वेजेस की जहां तक बात है वो तो लायबिलिटी है। वेरी गुड तारा प्रकाश जी।
तो ये बारीकियां आपको नोट करनी है। तो यहां पर एमसीक्यू नंबर 13 का सबसे पहला आंसर आया है हमारे पास माय किस्मत सावरिया
सेठ जी का। बहुत-बहुत बधाई आपको। चलिए एमसीक्यू नंबर 14 क्या पूछना चाहता
है हमसे? अ कंपनी हैज स्पेंट ₹0000 ऑन पेंटिंग द फैक्ट्री बिल्डिंग। बिल्डिंग के ऊपर पेंट करवाया।
₹2000 अब ये कौन सा एक्सपेंडिचर कहलाएगा साथियों? कौन सा एक्सपेंडिचर कहलाएगा?
रेगुलर मेंटेनेंस का खर्चा है। रेगुलर नेचर का खर्चा है। बार-बार होने वाला खर्चा है। कौन सी
कैटेगरी में जाएगा? बोलो बोलो। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। क्योंकि ये खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को जो कंडीशंस है
उनको पूरी तरह से संपूर्ण तरीके से सेटिस्फाई करता है। वेरी गुड। वेरी गुड। अगेन सबसे पहला आंसर
माय किस्मत सावरिया सेठ जी का शानदार वेरी गुड रचना जी वेरी गुड राजू बॉस जी क्या बात है राजू बॉस जी हमारे साथ हैं बॉसों
का बॉस राजू बॉस डीजे 27272 वैशाली जी रीना कुमारी जी तारा प्रकाश जी पायल मीणा जी वेरी गुड बहुत बढ़िया
चलिए आखिरी एमसीक्यू आज की क्लास का हमारा व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज अ रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर सर चेक करके बताइए। फास्ट फास्ट फास्ट फास्ट आखिरी एमसीक्यू का जवाब दें। फास्ट फास्ट
फास्ट हम बोलो जी बोलो।
चेक करते हैं कि इनमें से कौन सा खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा। पहला एनुअल वाइट वाश ऑफ फैक्ट्री
बिल्डिंग। वाओ भैया एनुअली बार-बार होने वाला खर्चा रेगुलर नेचर का खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर यही है। तुम यही हो जिसकी
हमें तलाश थी। दूसरा ऑप्शन क्या? रेवेन्यू एक्सपेंडिचर नहीं है। एक बार चेक कर लेंगे। दूसरा ऑप्शन क्या कह रहा है?
एक्सपेंसेस इंकर्ड टू रिड्यूस द वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट। साथियों आपने बहुत ज्यादा वर्कर्स रख रखे थे। उनको
रेगुलर बेसिस पर वेजेस देनी पड़ती थी। वर्किंग कैपिटल ज्यादा चाहिए थी और आपने ऐसा खर्चा कर दिया आपने मशीन खरीद ली। अब
नंबर ऑफ जो वर्कर्स थे वह कम हो गए तो वर्किंग कैपिटल कम चाहिएगी। तो ये जो सेकंड खर्चा है जो आपने वर्किंग कैपिटल
रिक्वायरमेंट को कम करने के लिए किया है। कोई मशीन मशीन खरीद ली भाई साहब। तो ये कौन सा एक्सपेंडिचर है? ये तो कैपिटल है।
ये रेवेन्यू नहीं है। ऑप्शन सी लीगल एक्सपेंसेस पेड टू एक्वायर अ प्रॉपर्टी। साथियों ऐसा एमसीक्यू ऊपर भी आया था। जब
तक वो प्रॉपर्टी रेडी टू यूज़ की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती तब तक के सारे खर्चे उसकी कॉस्ट का पार्ट बनेंगे। अगला ट्रेड
पेड ऑन द परचेस ऑफ़ प्लांट एंड मशीनरी। भाड़ा भाई साहब। भाड़ा ट्रांसपोर्टेशन। ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा भी उस एसेट की
कॉस्ट का पार्ट बनेगा। तो यह भी कैपिटल एक्सपेंडिचर है। तो क्वेश्चन नंबर 15 का सही आंसर हमें
देखने को मिला ऑप्शन नंबर ए के रूप में। तो यहां पर आज की क्लास को हम यहीं एंड करते हैं। कल भी कहा था आज भी कह रहा हूं।
लाइव चैट में रेगुलर बात करते हो। पर वीडियो एंड होने के बाद ना तो लाइक करते हो ना कमेंट करते हो। मेरी एनर्जी को कम
करना है क्या? मेरे मोटिवेशन को कम करना है क्या? अगर देख लो फिर 15 क्वेश्चंस ऑलरेडी कंप्लीट कर लिए थे। आज हम शुरू
करेंगे क्वेश्चन नंबर 16 से। कल की तरह ही तारा प्रकाश जी फर्स्ट पेपर के लिए हिस्ट्री का कुछ बताइए ना सर। तारा प्रकाश
जी मैंने अभी आपको स्क्रीन पर एक कांटेक्ट नंबर दिया था। मैं आशा करता हूं आपने नोट कर लिया होगा। तो यह जो डिटेल्स अदर
डिटेल्स आपको रिक्वायर्ड है या आप उस कांटेक्ट नंबर पर कॉल करके ले सकते हो। हमारी क्लास में मेरी क्लास में मैं आपको
अकाउंट सब्जेक्ट से रिलेटेड एमसीक्यूस यहां पर सॉल्व करवा रहा हूं। तो उन एमसीक्यूस में अगर कोई समस्या आती है तो
वो समस्या आप मेरे सामने रखें। अदरवाइज दूसरी जो आपकी समस्याएं हैं वो आपको हमारी टीम से बात करनी होगी। डेफिनेटली आरपीएससी
अड्डा की टीम आपका हेल्प आपके हर क्वेरी का जो सॉल्यूशन है वो आपको प्रोवाइड करेगी। चलिए शुरू करते हैं। हमारे
क्वेश्चन नंबर 16 से 15 तक कल हम लोगों ने कंप्लीट कर लिए थे। क्वेश्चन नंबर 16 वि ऑफ द फॉलोइंग शुड बी कंसीडर्ड
एज अ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर? नीचे दिए हुए ऑप्शंस में से कौन सा ऐसा खर्चा है जिसको आप रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
की कैटेगरी में डालेंगे। साथियों कल भी मैंने आपको बताया था। अभी भी मैं आपको एक शॉर्ट ट्रिक बताता हूं कि जब क्वेश्चन
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर से रिलेटेड आता है तो आपको क्या ध्यान रखना है। देखो मैंने यहां पर तीन पॉइंट्स लिखे हैं अलग-अलग
कलर्स के अंदर। ये तीन पॉइंट्स आपको चेक करने हैं जब रेवेन्यू एक्सपेंडिचर से रिलेटेड कोई क्वेश्चन आपके सामने आता है।
जैसे सबसे पहले आपको ये देखना है कि वो बार-बार होने वाला खर्चा है क्या? दूसरी बात आपको यह चेक करनी है कि वो जो खर्चा
किया गया है क्या वो बिजनेस के डेली ऑपरेशंस को रन करने के लिए किया गया है क्या वो किसी एसेट को चलाने के लिए किसी
एसेट को रेगुलरली यूज करने के लिए वो खर्चा किया गया है और तीसरा आपको यह भी चेक करना है कि क्या उस खर्चे से क्या उस
खर्चे से किसी एसेट का क्रिएशन हो रहा है क्या उस खर्चे से आपकी एसेट बढ़ रही है क्या तो ये कुछ चीजें आपको चेक करनी है और
फिर डिसाइड करना है कि कौन सा खर्चा खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है और कौन सा खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर नहीं है। चलिए चेक
करते हैं। सबसे पहला ऑप्शन क्या है हमारे सामने? ₹1000 पेड फॉर द एस्टैब्लिशमेंट ऑफ अ न्यू
प्लांट। आपने एक नया प्लांट डाला और उस नए प्लांट को डालने के उस नए प्लांट को एस्टेब्लिश करने में खर्चे लगे। साथियों
जरा सोचो। नया प्लांट इस्टैब्लिश करने का जो खर्चा है क्या वो बार-बार होगा क्या? जी नहीं वो बार-बार नहीं होगा। दूसरा वो
बिजनेस को चलाने का खर्चा नहीं है बल्कि वो बिजनेस को इस्टैब्लिश करने का खर्चा है। और तीसरी बात साथियों जब आप प्लांट
एस्टैब्लिश करते हो तो उससे आपकी एक एसेट क्रिएट होती है साथियों। तो ऑप्शन नंबर ए जो है साथियों वो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की
कंडीशंस को सेटिस्फाई नहीं करता। ऑप्शन ए तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की जो कंडीशंस होती है उनको जरूर सेटिस्फाई करता है। और
कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस मैंने आपको कल क्या बताई थी? सबसे पहली बात कैपिटल एक्सपेंडिचर एक ऐसा खर्चा होता है जो
बार-बार नहीं होता। बार-बार प्लांट इस्टैब्लिश नहीं होगा। दूसरी बात कैपिटल एक्सपेंडिचर वो खर्चा होता है जो आपको कई
सालों तक बेनिफिट भी प्रोवाइड करता है। तो अगर आप प्लांट एस्टेब्लिश करते हो तो वो उसका बेनिफिट आपको कई सालों तक मिलने वाला
है। और तीसरी कंडीशन कैपिटल एक्सपेंडिचर की एसेट क्रिएट होनी चाहिए। तो जब आप प्लांट एस्टैब्लिश करते हो तो डेफिनेटली
आपकी जो एसेट है उसकी वैल्यू बढ़ती है। आपकी एसेट क्रिएट होती है। तो ऑप्शन नंबर ए जो है साथियों वो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
की नहीं बल्कि कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस को सेटिस्फाई करता है। इसलिए ऑप्शन नंबर ए यहां पर हम नहीं सेलेक्ट कर
सकते। क्योंकि क्वेश्चन हमसे रेवेन्यू एक्सपेंडिचर मांगना चाहता है। सेकंड ऑप्शन चेक करिए साथियों। ये कैपिटल एक्सपेंडिचर
है या रेवेन्यू एक्सपेंडिचर? कॉस्ट ऑफ 10,000 इंकर्ड इन इंक्रीजिंग द सीटिंग अकोमोडेशन ऑफ अ होटल।
होटल के अंदर आपने ₹10,000 का एक ऐसा खर्चा किया साथियों जिससे बैठने की जो कैपेसिटी है वो बढ़ेगी। मतलब एक तरह से
कहीं ना कहीं फर्नीचर का काम करवा रहे हो साथियों। और फर्नीचर का काम अगर आप करवा रहे हो तो क्या फर्नीचर का काम बार-बार
होता है? क्या सर? बिल्कुल नहीं होता। क्या इससे एसेट क्रिएशन होगा? बिल्कुल एसेट क्रिएशन होगा। तो ये ऑप्शन बी भी
साथियों किसकी कंडीशंस को सेटिस्फाई करता है? ये भी कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस को सेटिस्फाई करता है। इसलिए हम सेकंड
ऑप्शन को भी यहां पर सेलेक्ट नहीं कर पाएंगे। ऑप्शन नंबर सी परचेस ऑफ गुडविल। आपने किसी का बिजनेस परचेस किया। आपने
किसी का चलता हुआ बिजनेस खरीदा और साथ में आपने उसकी गुडविल भी परचेस की है। साथ में आपने उसकी गुडविल का भी पेमेंट उसको किया
है। साथियों ये भी सोचो जरा लॉन्ग टर्म एडवांटेज देगा। बार-बार होने वाला खर्चा नहीं है ये। अरे है क्या? तो ये ऑप्शन सी
भी अगेन कैपिटल एक्सपेंडिचर की जो कंडीशंस है उनको सेटिस्फाई करता है। तो ऑप्शन सी भी यहां पर हमारा आंसर नहीं होगा। क्योंकि
ऑप्शन सी भी एक कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में चला जाएगा। तो ऑप्शन बचता है ऑप्शन नंबर डी। अब चेक करते हैं ऑप्शन
नंबर डी जो है वो कैपिटल एक्सपेंडिचर में जाएगा या रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में। रिपेयर्स टू मशीनरी।
आपने मशीनरी रिपेयर करवाई। अब देखते हैं क्या हम इसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डाल सकते हैं
क्या? देखो कुछ कंडीशंस मैंने आप लोगों के सामने लिखी है। भाई यह बार-बार होने वाला खर्चा है क्या? वो डिपेंड करता है। कई बार
ऐसी भी मशीनंस होती है जिनको बार-बार रिपेयरिंग की जरूरत नहीं पड़ती। पर फिर भी रिपेयरिंग, मेंटेनेंस ये सब एक ही कैटेगरी
में फॉल करते हैं साथियों। दूसरी बात आपने मशीनरी को रिपेयर करवाया ताकि रेगुलरली आप उसको बिजनेस में यूज कर
सको। यह बिजनेस को चलाने के लिए किया जाने वाला खर्चा है क्या सर? बिल्कुल है। और तीसरा आपने मशीन का सिर्फ रिपेयरिंग करवाई
है, मेंटेनेंस करवाया है। तो क्या इससे आपकी कोई नई एसेट क्रिएट हुई क्या? बिल्कुल भी नहीं। तो एसेट क्रिएशन भी नहीं
हो रहा। तो ये जो तीनों कंडीशंस हैं रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की। यह जो तीनों कंडीशंस हैं साथियों
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की हैं और ऑप्शन नंबर डी जो है इन सभी को सेटिस्फाई करता है। इसलिए क्वेश्चन नंबर 16 का करेक्ट
आंसर जो हमें देखने को मिला यहां पर वो रहेगा रिपेयर्स टू मशीनरी। रिपेयर्स टू मशीनरी।
ओके साथियों क्वेश्चन नंबर 16 का आंसर आप लोगों को समझ में आ गया। तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर और कैपिटल एक्सपेंडिचर को जब
भी आप लोग आइडेंटिफाई करने की कोशिश करो दिमाग में कुछ कंडीशंस आपको रखनी है और उन कंडीशंस के बेस पे ही आपको आंसर निकालना
है। ठीक है? चलिए आ जाइए क्वेश्चन नंबर 17 के ऊपर। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर इज नॉट इंटेंडेड टू बेनिफिट
फ्यूचर पीरियड। यह स्टेटमेंट ट्रू है या फॉल्स है? यहां पर आपसे यह पूछा गया है। ऑप्शन नंबर ए कह रहा है कि ये ट्रू है।
ऑप्शन नंबर बी कह रहा है कि ये थोड़ा-थोड़ा ट्रू है। ऑप्शन नंबर सी कह रहा है ये स्टेटमेंट गलत है। और ऑप्शन
नंबर डी कह रहा है नन ऑफ द अबव। आज की क्लास में सिर्फ तारा प्रकाश जी हैं। रचना जी हैं जो आंसर दे रही हैं। बाकी के मेरे
साथी कहां है? मेरे बाकी के साथी कहां है? आ गए आ गए आ गए आ गए आ गए आ गए आ गए। हां जी आ गए।
तो साथियों कल मैंने जब आपको एक्सपेंडिचर का क्लासिफिकेशन पढ़ाया था जैसे मैंने कैपिटल एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर को कवर किया था। उसमें मैंने आपको क्या बताया था? रेवेन्यू एक्सपेंडिचर वो खर्चे होते हैं जो हमको शॉर्ट टर्म
बेनिफिट प्रोवाइड करते हैं। अप टू वन ईयर या अप टू द अकाउंटिंग ईयर। वो आपको फ्यूचर में बेनिफिट प्रोवाइड नहीं करते। तो यहां
पर चेक करिए एमसीक्यू नंबर 17 का क्या आंसर आपको सही लगता है? रेवेन्यू एक्सपेंडिचर इज नॉट इंटेंडेड
टू बेनिफिट फ्यूचर पीरियड। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर आपको आने वाले कई सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड नहीं करते। यही यह
क्वेश्चन कहना चाहता है और यह बिल्कुल सही बात कह रहा है। यह बात बिल्कुल सही कह रहा है।
तो यह जो स्टेटमेंट है साथियों यह एक बिल्कुल सही स्टेटमेंट के रूप में हमें देखने को मिला। ममता जी, ममता जी
आप डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर पे पहुंच गए। मुझे ऐसा लगता है। बाकी जिन साथियों ने ए आंसर दिया है वो बिल्कुल करेक्ट हैं।
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर हमें कई सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड नहीं करता। बिल्कुल सही आंसर। चलिए
ये देखिए। रेवेन्यू एक्सपेंडिचर तो शॉर्ट टर्म के लिए ही बेनिफिट प्रोवाइड करते हैं। अरे इसीलिए तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
ऐसे खर्चे होते हैं भाई साहब जो हमको बार-बार करने होते हैं। चलिए। एमसीक्यू नंबर 18 भाई साहब क्या पूछना
चाहते हैं? यूनिफ्स आर सप्लाई टू एंप्लाइज। अरे वाह ये तो बहुत बढ़िया काम करते हो भाई साहब आप।
हां जी। बहुत बढ़िया। यूनिफॉर्म्स आर सप्लाई टू एम्प्लाइज। आप अपने ए्प्लाइजस को यूनिफार्म देते हो कि
तुम इस यूनिफार्म में आओगे काम करने के लिए। बहुत अच्छी बात है। द कॉस्ट ऑफ यूनिफॉर्म सप्लाई टू एंप्लाइजस एव्री ईयर
इज 5000। साथियों ये खर्चा आपका हर साल होने वाला खर्चा है। सर ये बार-बार होने वाला खर्चा है। यह बिजनेस को चलाने के लिए
है सर। क्योंकि एमंप्लाइज भी हमारी बिजनेस एक्टिविटीज का पार्ट है। और तीसरा सर
यूनिफार्म का खर्चा करने से कोई एसेट भी क्रिएट नहीं हो रही है। तो ये कौन सी किस एक्सपेंडिचर की कंडीशंस है जो मैंने आपको
बताई है? ये है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कंडीशंस। तो साथियों फटाफट से मुझे कमेंट सेक्शन
में आप यह बता दो यह जो खर्चा आपका हर साल हो रहा है इसको आप रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में डालेंगे या कैपिटल एक्सपेंडिचर में
डालेंगे साथियों बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने। ये जो खर्चा आपका डेली बेसिस पे डेली बेसिस का मतलब इयरली बेसिस पे होता है। आप
करते हो इसको कहां डालेंगे आप? अंडर द कैटेगरी ऑफ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। वेरी गुड। बहुत ही बढ़िया। बहुत बढ़िया।
चलिए अगले पे चलते हैं। एमसीक्यू नंबर 19। वि वन ऑफ द फॉलोइंग आइटम्स इज कंसीडर्ड एज
अ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर? साथियों, कल हम लोगों ने जितने भी एमसीक्यूस किए थे, मैक्सिमम एमसीक्यूस में हम लोगों को
कैपिटल एक्सपेंडिचर देखने को मिल रहा था। आज हम लोग जो एमसीक्यूस कर रहे हैं उसमें रेगुलर बेसिस पर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर,
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर, रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के बारे में बात चल रही है। तो इन खर्चों में से कौन सा खर्चा
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है? ऑप्शंस आपके सामने। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड इंटरेस्ट ऑन लोन। दूसरा बोल रहा है इंश्योरेंस
प्रीमियम। तीसरा ऑप्शन है पोस्टेज एक्सपेंसेस। और आखिरी ऑप्शन है आप लोगों के सामने ऑल ऑफ द अबव। अब एक-एक खर्चे को
पकड़ के चेक करो कि वह रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है या कैपिटल एक्सपेंडिचर। सबसे पहले बात करो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल की।
साथियों इंटरेस्ट ऑन कैपिटल जो है यह बिजनेस प्रोवाइड करता है ओनर को हर साल। हर साल और इससे किसी एसेट का भी क्रिएशन
नहीं होता। इंटरेस्ट ऑन लोन। बैंक से जो लोन हमने लिया है उसका रेगुलर बेसिस पर इंटरेस्ट का पेमेंट करना पड़ता है। और यह
जो इंटरेस्ट का पेमेंट हम करते हैं इससे हमारी कोई एसेट क्रिएट नहीं हो रही है। तो ये रेवेन्यू एक्सपेंडिचर ही है। दूसरा
खर्चा आप लोगों के सामने इंश्योरेंस प्रीमियम। हर साल आप इंश्योरेंस प्रीमियम का पेमेंट करते हैं। बिजनेस को चलाने के
लिए आप इंश्योरेंस करवाते हैं और इससे भी कोई एसेट क्रिएशन नहीं हो रहा है। तो ऑप्शन नंबर बी भी रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की
कंडीशंस को सेटिस्फाई करता है। ऑप्शन नंबर सी पोस्टेज एक्सपेंसेस कुछ कूरियर करवाया उसका खर्चा लगा भाई
साहब। बिजनेस के रोजमर्रा के ऑपरेशंस का पार्ट है और इससे भी कोई एसेट का क्रिएशन नहीं होता। तो यह भी रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
की कैटेगरी में जाएगा। तो यहां पर ए, बी और सी तीनों ही हमारे रेवेन्यू एक्सपेंडिचर्स हैं। इसलिए एमसीक्यू नंबर
19 का सही ऑप्शन जो रहेगा वो रहेगा आपका ऑल ऑफ द अबव। वेरी गुड। वेरी गुड। बहुत बढ़िया।
नंदिनी शर्मा जी कह रही हैं सर थोड़े हार्ड लाओ ना क्वेश्चन। नंदिनी जी मैं आप लोगों को एक बात स्पेसिफिकली यहां पर
क्लियर कर देता हूं। कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की जब आप तैयारी करें बेसिक लेवल के क्वेश्चंस बेसिक थ्योरी बेसिक कंटेंट को
कवर करना है क्योंकि वहां पर क्वेश्चन बेसिक से उठ के आते हैं कि आपका बेस क्लियर है या नहीं। एडवांस लेवल के
क्वेश्चंस आपसे इतने ज्यादा नहीं पूछे जाते तो पहले बेसिक लेवल के जो क्वेश्चंस हैं उनको आप कंप्लीट करिए। ठीक है? हां
जी। एकदम से हार्ड लेवल पर जाने की कोशिश ना करें क्योंकि वो आपको कंफ्यूजन क्रिएट करता है और फिर आपके बेसिक्स भी हिल जाते
हैं और फिर सिलेक्शन नहीं होता। ठीक है ना? चलिए एमसीक्यू नंबर 20
आप जैसे ही एमसीक्यू नंबर 20 पढ़ोगे आप लोगों को मेरी कल वाली क्लास में मैंने एक एग्जांपल लिया था मैंने फिर जिसमें मैंने
एक भाई साहब का फोटो भी अटैच किया था साथ में। वो आपको याद आ गया होगा। वो कौन भाई साहब थे? उन भाई साहब को लेकर मैंने क्या
एग्जांपल आप लोगों के सामने लिया था और वो जो खर्चा किया था हमने उन भाई साहब को ₹5 करोड़ दिए थे वो खर्चा कौन सा खर्चा हम
लोगों ने माना था उस खर्चे को क्या कहते हैं फटाफट से एक बार कमेंट सेक्शन में मुझे बताओ
वेरी गुड रचना जी वेरी गुड तारा प्रकाश जी वेरी गुड वेरी गुड बहुत बढ़िया हां जी तारा प्रकाश
जी हमने सलमान खान का एग्जांपल कल की क्लास में लिया था क्या कह रहा है क्वेश्चन? अ हैवी एक्सपेंडिचर। हैवी
एक्सपेंडिचर का मतलब बड़े अमाउंट का खर्चा जो कि है तो रेवेन्यू नेचर का पर उसका फायदा जब कई सालों तक मिलेगा तो हम क्या
करते हैं साथियों? उस बड़े अमाउंट को एक साथ ना लिख के उसको आगे के लिए टालते हैं। क्योंकि एक साथ अगर उस खर्चे को हमने
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में लिख दिया तो हमारा प्रॉफिट जो है वो बहुत कम हो जाएगा। और इवन यह भी हो सकता है कि वो लॉस की
सिचुएशन में चला जाए। तो ऐसा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जिसका बेनिफिट हमको सालों तक मिलने वाला है तो उसको हम राइट ऑफ भी
सालों तक करते हैं। उसको धीरे-धीरे करके हम लोग पीएंडएल अकाउंट में लिखते हैं। जिसको बोलते हैं टालना आगे के लिए छोड़
देना, डेफर कर देना। तो यहां पर डेफर डेफर डेफर करके कोई ऑप्शन आप लोगों को नजर आ रहा है क्या?
ममता जी कह रही हैं सर यही आते हैं क्वेश्चन पर एग्जाम में पता नहीं क्या हो जाता है गलत हो जाते हैं क्योंकि ममता
शर्मा जी स्टूडेंट्स गलती ये करते हैं वो बहुत एडवांस लेवल के क्वेश्चन की प्रैक्टिस करके जाते हैं और बहुत सारी
चीजें रट के जाते हैं उसका कोई सेंस नहीं है बेसिक क्लियर करो बेसिक कंटेंट पढ़ो बेसिक प्रैक्टिस करो बेसिक क्वेश्चंस आते
हैं और कॉन्फिडेंस के साथ एग्जाम में उसको सॉल्व करो यस बिल्कुल सही कहा आपने ऐसे रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जिनको आप डिफर करते
हो धीरे-धीरे करके राइट ऑफ करते हो धीरे-धीरे करके पीएंडएल अकाउंट में लिखते हो उनको हम लोग डेफर्ड रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डालते हैं। डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर का एक शानदार एग्जांपल मैंने कल की क्लास में लिया था
साथियों। तो जो साथी आज पहली बार क्लास में जुड़े हैं, आप मेरी कल की क्लास जरूर रेफर कीजिएगा। और कल की क्लास जब आप
देखेंगे तो आपको कैपिटल और रेवेन्यू आइटम्स के बारे में इंट्रोडक्शन वाला पार्ट मैंने चार्ट के फॉर्म में समझाया
था। कुछ कंडीशंस भी मैंने कुछ ट्रिक्स भी कल बताई थी जो कि आपको याद रखने के लिए काफी इजी रहेगी। तो कल की क्लास जरूर
देखिएगा अगर आपने कल की क्लास मिस कर दी है तो। और अच्छी लगे तो कमेंट करना मत भूलना। चलिए
[नाक से की जाने वाली आवाज़] एमसीक्यू नंबर 21 साथियों काफी सारा मैटर मैंने आप लोगों के लिए यहां लिखा है
क्योंकि लिखना लाजमी था। जरूरी था। वि ऑफ द फॉलोइंग इज कंसीडर्ड एज डेफर्ड रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर? नीचे दिए हुए ऑप्शंस में से कौन सा खर्चा या कौन से खर्चे डेफर्ड रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर के रूप में कंसीडर किए जाते हैं या इनको डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर बोला जा सकता है। साथियों, डेफर्ड
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर कौन से होते हैं? यह होते तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है और इन जनरल रेवेन्यू एक्सपेंडिचर का जो बेनिफिट
है वो शॉर्ट पीरियड के लिए मिलता है अप टू वन ईयर। बट ये ऐसे रेवेन्यू एक्सपेंडिचर हैं जिनका बेनिफिट आपको सालों तक मिलता
है। इसलिए आप इनको डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डालते हो और धीरे-धीरेधी करके उनको खर्चों के रूप में
पीएंडएल अकाउंट में लिखते हो, राइट ऑफ करते हो। नंदिनी जी आराम से सारे ऑप्शंस पहले ध्यान से पढ़िए। उसके बाद आंसर कीजिए।
पहले सारे ऑप्शंस को आप पढ़िए। रचना जी रीड ऑल द ऑप्शंस केयरफुली। चलिए सबसे पहला हैवी एडवर्टाइजमेंट का
खर्चा। ये तो हमने जस्ट पिछले वाले एमसीक्यू में देखा है। ये तो डेफिनेटली डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है। क्योंकि
ये खर्चा है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी का। बट इसका बेनिफिट कई सालों तक मिलता है। तो हम इसको कई सालों तक
धीरे-धीरे करके इसको राइट ऑफ करते हैं। इसको खत्म करते हैं। अब बात करते हैं बाकी के ऑप्शंस की। ऑप्शन बी क्या कह रहा है?
डिस्काउंट ऑन इशू ऑफ शेयर्स एंड डिबेंचर्स। हालांकि एस पर कंपनीज़ एक्ट अब शेयर्स जो है वो डिस्काउंट पर इशू नहीं
किए जा सकते। बट फिर भी एक पुराना मैटर है तो उसको पुराने तरीके से हम लोग यहां समझेंगे। डिस्काउंट ऑन इशू ऑफ शेयर्स।
इसका सिंपल सा क्या मतलब है साथियों? कि जब शेयर्स आप इशू कर रहे हैं या डिबेंचर्स आपकी कंपनी इशू कर रही है तो फेस वैल्यू
से कम पर इशू कर रही है और डेफिनेटली जब फेस वैल्यू से कम पर इशू होते हैं चाहे वो शेयर्स हो या डिबेंचर्स वो कंपनी के लिए
एक तरह से नुकसान कहलाता है। अब ये जो नुकसान है कोई दिक्कत नहीं है। पैसा अरेंज हुआ। पैसा अरेंज हुआ और वह पैसा हमें कई
सालों तक बिजनेस चलाने में काम आएगा। वो पैसा हमको कई सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड करेगा। तो इस खर्चे का जो फायदा है वो
हमें कई सालों तक मिलेगा। अब आपके दिमाग में क्वेश्चन आएगा सर ये जो नुकसान हमारा हुआ है इसका तो फायदा मिलेगा। इस खर्चे का
तो फायदा मिलेगा कई सालों तक। तो सर इसको कैपिटल एक्सपेंडिचर में डाल दीजिए। अरे कैपिटल एक्सपेंडिचर में नहीं डाला जा
सकता। क्यों नहीं डाला जा सकता? जब आपने शेयर्स और डिबेंचर्स को इशू करके पैसा अरेंज किया तो इससे आपकी कोई एसेट क्रिएट
हुई क्या? क्या इससे आपके पास कोई एसेट आई क्या? तो नहीं। तो यहां पर इस डिस्काउंट देने से आपका कोई एसेट का क्रिएशन नहीं
हुआ। तो ये कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में नहीं जाएगा। और ये कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में नहीं जाएगा तो ऑटोमेटिकली
किस में चला जाएगा? रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में। पर इसका बेनिफिट हमको कई सालों तक मिलेगा। इसलिए हम इसको डेफर्ट
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डालेंगे और इसको हम धीरे-धीरे कई सालों तक राइट ऑफ करेंगे। हालांकि लेटेस्ट कांसेप्ट
के हिसाब से लेटेस्ट रूल्स के हिसाब से ये जो डिस्काउंट ऑन इशू ऑफ डिबेंचर्स है इसको भी पहले ही साल जिस साल डिबेंचर अलॉट होते
हैं, इशू होते हैं उसी साल राइट ऑफ कर दिया जाता है। बट यहां पर पुराना डिस्कशन चल रहा है। तो हमको पुराना कांसेप्ट भी
पता होना चाहिए। ओके? तीसरा ऑप्शन है हमारे सामने प्रीलिमिनरी एक्सपेंसेस। साथियों प्रीलिमिनरी एक्सपेंसेस का मतलब
क्या होता है? बिजनेस को एस्टैब्लिश करने के लिए किए गए खर्चे। बिजनेस शुरू करने से पहले के सारे खर्चे।
अगेन आपके दिमाग में आएगा सर, यह खर्चा तो हमको कई सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड करेगा। अरे करेगा पर क्या इससे आपकी कोई एसेट
क्रिएट हुई क्या? नहीं हुई तो इसको कैपिटल एक्सपेंडिचर में नहीं डाल सकते और कैपिटल एक्सपेंडिचर में नहीं डाल सकते तो किस में
डालेंगे साथियों रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में भी हमको ये देखना है कि बिजनेस एस्टैब्लिश होगा उसका
फायदा कई सालों तक मिलेगा तो कई सालों तक मिलेगा तो इस खर्चे को हम कई सालों तक धीरे-धीरे करके क्या कर सकते हैं राइट ऑफ
कर सकते हैं डेफर कर सकते हैं तो ऑप्शन नंबर सी प्रीलिमिनरी एक्सपेंसेस भी हमारा हमारा डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की
कैटेगरी में चला जाएगा। तो यहां पर जब तीनों ही ऑप्शंस हमारे डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर हैं तो यहां पर जो हमें आंसर
देना होगा एग्जाम में वो हमें बड़े प्यार से दिख रहा है ऑल ऑफ द अबव। क्योंकि ए, बी और सी तीनों ही हमारे
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में चले गए। और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में भी सालों तक यह बेनिफिट हमको प्रोवाइड करेंगे।
इसलिए हमने इसको डेफर्ट रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के कैटेगरी के अंदर शिफ्ट कर दिया।
ओके वेरी गुड। चलिए बात करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की।
क्वेश्चन नंबर 22 क्या पूछना चाह रहा है आपसे? द बेनिफिट मतलब फायदा ऑफ एन अमाउंट स्पेंड
जो खर्चा आपने किया एडवरटाइजिंग कैंपेन के लिए जिसका बेनिफिट आपको तीन सालों तक आपको लगता है कि तीन सालों तक इसका बेनिफिट
आपको मिलेगा 3 साल मतलब एक साल से ज्यादा मोर देन वन ईयर कई सालों तक बेनिफिट मिलेगा तो ऐसे खर्चे को कौन सा खर्चा कहा
जाता है अभी ही इसका हम डिस्कशन करके अभी यहां पर क्वेश्चन नंबर 22 पे आए हैं साथियों तो ऐसा खर्चा जो हमें तीन सालों
तक बेनिफिट प्रोवाइड करेगा और वो एडवरटाइजिंग का खर्चा है साथियों उससे कोई एसेट क्रिएट नहीं हो रही है तो वो
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है और ऐसा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जो कई सालों तक आपको बेनिफिट प्रोवाइड करेगा उसको हम बड़े प्यार से
डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर कहते हैं। माय किस्मत सावरिया सेठ जी आज आप लेट कैसे हो गए?
आज आप कैसे लेट हो गए क्लास में? आप सबसे पहले ज्वाइन करने वाले स्टूडेंट्स में से हैं।
ममता जी वेरी गुड। नंदनी जी वेरी गुड। तारा प्रकाश जी वेरी गुड। रचना जी वेरी गुड। राम गिरवाल जी बहुत बढ़िया। वेरी
गुड। चलिए एमसीक्यू नंबर 23 हमसे क्या कहना चाहता है?
डश रेफर्स टू दोज रिसीट्स वि आर नॉट रेवेन्यू इन नेचर। अरे भाई साहब मैंने आपको कल की क्लास में रिसीट्स का
बफरर्केशन पढ़ाया था क्या? यस सर पढ़ाया था। कितने तरह की रिसीट्स मैंने आपको बताई थी। और बताना क्या? मैं क्या बताऊं? होती
ही दो तरह की है। एक तो आपकी कैपिटल रिसीप्ट्स और दूसरी आपकी रेवेन्यू रिसीट्स।
तो क्वेश्चन कितना बेसिक कितना कॉमन सेंस वाला क्वेश्चन यहां पर है कि कौन सी रिसीट्स ऐसी है जो रेवेन्यू रिसीट्स की
कैटेगरी में नहीं जाती। अरे भाई साहब जो रेवेन्यू रिसीट्स की कैटेगरी में नहीं जाती जो रिसीट्स रेवेन्यू रिसीट्स नहीं
होती वो कौन सी होगी? ऑब्वियस सी बात है। कॉमन सेंस वाले क्वेश्चंस भी आते हैं एग्जाम में यहां पर। तो यहां पर जो
रिसीट्स रेवेन्यू नेचर की नहीं है वो कौन सी कहलाती है साथियों? कैपिटल रिसीट्स। और कैपिटल रिसीट्स का ब्रह्मास्त्र बता
दूं अगर आप बोलो तो। कैपिटल रिसीट्स को याद रखने का ब्रह्मास्त्र बता दूं। बोलो। यस सर। ब्रह्मास्त्र बताओ आप तो मैं बताऊं
वरना आगे बढूं। बोलो कमेंट सेक्शन में फास्ट। बताओ।
क्या आप कैपिटल रिसीप्ट का ब्रह्मास्त्र सुनना चाहते हो? कि सर आप तो ऐसे ट्रिक बता दो कि हमको पता
चल जाए कि वह कैपिटल रिसीप्ट है या नहीं। चलो चलो चलो अब आप कह रहे हो तो बताना पड़ेगा। साथियों देखो कैपिटल रिसीप्ट के
अंदर एक ट्रिक सिंपल सी ध्यान रखना। जब आपके पास पैसा आए और उस पैसे के आने की वजह से
या तो आपकी बिजनेस की लायबिलिटी बढ़े या फिर उस पैसे के आने से
आपकी एसेट जो है अगर वो रिड्यूस होती हो अगर आपकी एसेट अगर आपकी नॉन करंट एसेट रिड्यूस उसको
तो समझिएगा वो आपकी कैपिटल रिसीप्ट की कैटेगरी में चला जाएगा। जी हां, कैपिटल रिसीप्ट्स वो अमाउंट भी है जो हमारे पास
रेगुलर नेचर की एक्टिविटीज करने से नहीं आता। बार-बार नहीं आता। कभी-कभी होने वाली एक्टिविटीज से जो पैसा आता है बिल्कुल सही
कहा तार प्रकाश जी आपने। कल आप क्लास में थे इसलिए आप रेगुलर आंसर दे रहे हो। तो साथियों उस पैसे के आने से या तो आपकी
लायबिलिटी बढ़ रही हो या आपकी कोई एसेट कम हो रही हो तो ध्यान रखिएगा वो रिसीट आपकी कैपिटल रिसीप्ट है। अदरवाइज सारी रेवेन्यू
रिसीप्ट। तो इस ब्रह्मास्त्र को याद अगर आप रखेंगे तो कैपिटल रिसीप्ट पकड़ने में आपको ज्यादा समय नहीं लगेगा।
चलिए देखते हैं। नेक्स्ट क्वेश्चन। क्वेश्चन नंबर 24 हमसे क्या पूछना चाहता है? कैपिटल रिसीप्ट्स आर
क्रेडिटेड टू द जब कैपिटल रिसीप्ट्स ये वाला पैसा जब आपके बिजनेस के पास आता है तो उसमें उसको कौन
से अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है? कुछ ऑप्शंस आपके सामने हैं। पहला रेस्पेक्टिव अकाउंट ऑफ कैपिटल नेचर।
दूसरा टू ट्रेडिंग एंड प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। तीसरा बोथ A एंड B और लास्ट है नन ऑफ द
अबव। अब साथियों जरा सोचो कल की क्लास में मैंने एक सिक्का बनाया था क्या सिक्का? उस सिक्के में आपको बताया था कि जो कैपिटल
रिसीट्स होती है वो बैलेंस शीट में जाती है। और रेवेन्यू रिसीट्स किस में जाती है? ट्रेडिंग और पीएंडएल अकाउंट में। तो यहां
पर बात इसने क्वेश्चन किसकी करी है? क्वेश्चन किससे रिलेटेड है? कैपिटल रिसीप्ट से रिलेटेड है तो कैपिटल
रिसीप्ट्स तो आपकी ट्रेडिंग और पीएंडएल में नहीं जाती तो ऑप्शन बी तो नहीं हो सकता और अगर ऑप्शन बी नहीं हो सकता तो
ऑप्शन सी भी नहीं हो सकता। तो फिर बचा हमारे सामने ऑप्शन नंबर ए जो कि क्या कह रहा है कि जब कैपिटल रिसीप्ट्स रिसीव होती
है तो उसको हम रेस्पेक्टिव अकाउंट में क्रेडिट करते हैं। जैसे फॉर एग्जांपल ओनर ने बिजनेस में कैपिटल लगाई।
किस में क्रेडिट करोगे उसको? कैपिटल अकाउंट में क्रेडिट करोगे। कोई एसेट बेची है आपने वो एसेट क्रेडिट होगी।
अरे होगी होगी। लोन लिया भाई साहब लोन अकाउंट में क्रेडिट करेंगे।
तो यहां पर बिल्कुल सही पकड़ा आप लोगों ने। कैपिटल रिसीप्ट्स आर क्रेडिटेड टू रेस्पेक्टिव अकाउंट ऑफ कैपिटल
नेचर। तो यहां पर एमसीक्यू नंबर 24 का जो ऑलरेडी आप लोग सही जवाब दे रहे हैं। वेरी गुड
वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड। बहुत बढ़िया। चलिए तो क्वेश्चन नंबर 24 का परफेक्ट आंसर हमको देखने को मिला ऑप्शन
नंबर ए के रूप में और नन ऑफ द अबव भाई साहब को तो अभी तक हमने कभी सिलेलेक्ट किया नहीं है। चलिए
एमसीक्यू नंबर 25 क्या कह रहा है? विच वन ऑफ द फॉलोइंग आइटम्स इज कंसीडर्ड एज अ कैपिटल रिसीप्ट? बार-बार कैपिटल रिसीप्ट
पर क्वेश्चन आ रहा है। कैपिटल रिसीप्ट का शॉर्टकट ट्रिक क्या बताई थी मैंने? या तो आपकी लायबिलिटी बढ़नी चाहिए या फिर
कोई एसेट कम होनी चाहिए। ऑप्शंस चेक करो। ऑप्शंस चेक करो। वेरी गुड। सबसे पहला आंसर माय किस्मत। आ चुके
हैं मैदान में। ने जंग के मैदान में आते ही लड़ाई शुरू और जीतना शुरू कर दिया है। यहां पर
चेक करिए फास्ट। सबसे पहला ऑप्शन क्या कह रहा है? सेल ऑफ प्लांट एंड मशीनरी। ओ हो हो मशीन बेचेंगे
तो एसेट कम होगी। अरे सर आपकी ट्रिक वाली कंडीशन सेटिस्फाई हो रही है सर। तो ये तो कैपिटल रिसीप्ट हुआ सर। सेकंड सेल ऑफ
इन्वेस्टमेंट। ओ हो इन्वेस्टमेंट बेचने पे भी सर आपकी ट्रिक काम आ रही है। एसेट कम हो रही है। सर ये भी कैपिटल रिसीव हुई सर।
नेक्स्ट देखो। ओनर ने बिजनेस में कैपिटल लगाई। सर आपकी कंडीशन हो रही है सर सेटिस्फाई। क्योंकि ओनर जब बिजनेस में
कैपिटल इन्वेस्ट करता है तो बिजनेस की लायबिलिटी बढ़ती है सर। तो आपकी सर ट्रिक काम हम अगर हम लें तो ऑप्शन नंबर सी भी
कैपिटल रिसीप्ट है। तो मैंने कब मना किया कि नहीं है। मैंने कब मना किया? तो ऑप्शन नंबर ए भी
कैपिटल रिसीप्ट है आपका। ऑप्शन बी भी कैपिटल रिसीप्ट है। ऑप्शन सी भी आपका कैपिटल रिसीप्ट है। तो यहां पर
इस क्वेश्चन का आंसर हमें क्या देना होगा एग्जाम में? बिल्कुल सही बात। आप सभी बिल्कुल सही कह रहे हैं। ऑप्शन
नंबर डी के रूप में इस क्वेश्चन का फाइनल आंसर यहां पर देखने को हमें मिला। ओके चलिए
दो मिनट लूंगा साथियों क्योंकि आप में से कई सारे साथी ऐसे हैं जो एमसीक्यू के गलत आंसर दे रहे हैं और एमसीक्यू के गलत आंसर
इसलिए दे रहे हैं क्योंकि उनको कंटेंट पढ़ना बाकी है। वो डायरेक्ट एमसीक्यू की जंग में उतर गए। अरे नहीं ऐसा मत करो।
पहले कंप्लीट कोर्स कवर करो। उसके बाद एमसीक्यूस की प्रैक्टिस शुरू करो। जो भी साथी सही आंसर दे रहे हैं ना वो फुल कोर्स
कंप्लीट करके फिर इस एमसीक्यू बैच को उन्होंने ज्वाइन किया है। तो अगर आप में से किसी को भी कॉन्फिडेंस की अगर कमी लग
रही हो एमसीक्यू पढ़ के तुरंत आप आंसर नहीं निकाल पा रहे हो तो पहले ये जो कोर्स आपको स्क्रीन पर दिख रहा है, इसको पहले
जॉइ करिए। ठीक है ना? ममता जी कह रही हैं सर कोई बुक से देखकर तो आंसर नहीं दे रहे। ममता जी
उससे हमें क्या करना? ममता जी आपको अपनी चिंता करनी है और मुझे आप सब की चिंता करनी है। उससे आपको कोई लेना देना नहीं
होना चाहिए कि यहां पर जो कमेंट्स कर रहे हैं वो बुक से देख के कर रहे हैं या खुद से कर रहे हैं। अगर वो बुक से देख के कर
रहे हैं तो वो रिजल्ट के दिन फिर सब उनकी शक्ल ही देखेंगे क्योंकि उनकी शक्ल उतरी हुई होगी। क्योंकि उनको रियलाइज हो जाएगा
यार हमने तो यार जबरदस्ती तारीफ पाने के लिए जो है बुक से देख के आंसर दे दिया पर हमें आता तो था ही नहीं वो एमसीक्यू सॉल्व
कैसे हुआ तो ममता जी आपको ऐसे स्टूडेंट्स पर ध्यान नहीं देना है आपको खुद का एनालिसिस करना है कि अगर कोर्स पेंडिंग है
पढ़ना है तो पहले कोर्स कंप्लीट किया जाए कैसे कंप्लीट करना है उसके लिए आपको आरपीएससी अड्डा की एप्लीकेशन डाउनलोड करनी
है और ये जो कोर्स आपको स्क्रीन पर दिख रहा है जिसकी फीस कितनी नॉमिनल है ये भी आपको स्क्रीन पर दिख रही है इस बैच के
अंदर अंदर आपको रिकॉर्डेड प्लस लाइव लेक्चर्स के रूप में क्लासेस मिलेगी जिसमें आप कंप्लीट कंटेंट जो है वो कवर कर
पाओगे और इस कोर्स के साथ आपको जिस बुक के मैं एमसीक्यूस सॉल्व करवा रहा हूं वो बुक भी आपको फ्री ऑफ कॉस्ट मिलेगी तो आपका
कंप्लीट कंटेंट भी कवर हो जाएगा प्लस आपकी एमसीक्यूस की प्रैक्टिस भी हो जाएगी कोई समस्या वाली बात नहीं है और अगर अगर अगर
कोर्स कंप्लीट जंग के लिए तैयार हो तो सिर्फ बुक परचेस कर लो। फिर उस केस में आपको ₹3500 खर्च करने की जरूरत नहीं है।
उस केस में आपको सिर्फ ₹550 खर्च करने हैं। उसमें भी 10% अगर आप मेरा कूपन कोड लगाते हो जो कि आपको स्क्रीन पर दिख रहा
होगा बीएस 10 तो आपको 10% और एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल जाएगा। तो कोर्स अगर कंप्लीट है तो ओनली बुक आपको परचेस कर लेनी चाहिए।
इस बुक के बेनिफिट्स मैं आपको डेली क्लास में बताता हूं। जो रेगुलर क्लास में जुड़ते हैं उनको रोज अब तो याद हो गए
होंगे। पर जो नए साथी आते हैं उनके लिए मैं बताता हूं नया सिलेबस फुल इनकर्पोरेटेड चैप्टर वाइज नोट्स 3000 के
लगभग एमसीक्यू और लाइव डाउट क्लियरिंग सपोर्ट ठीक है तो बुक अगर अभी तक नहीं खरीदी है
तो फिर टाइम पास कर रहे हो आप या अगर किसी और कंटेंट से पढ़ रहे हो तो भी आप टाइम पास कर रहे हो मैं सच बता रहा हूं टाइम
पास मत करो टाइम पास करने की जिंदगी नहीं है कुछ बनना है फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर बनना है तो सही बुक बुक से पढ़ो,
सही एमसीक्यूस की प्रैक्टिस करो, सही नोट्स से पढ़ो और नया सिलेबस पूरा कवर करो। जिसके लिए यही बुक आपको लेनी होगी। क्लियर
है? हां जी। इस वीडियो के नीचे प्रोडक्ट सेक्शन के अंदर ये बुक आपको मिल जाएगी। तुरंत प्रभाव से ऑर्डर कर देना।
चलिए अगले एमसीक्यू पर चलें। क्या पूछ रहा है?
इंश्योरेंस क्लेम्स रिसीव्ड ऑन अकाउंट ऑफ मशीनरी डैमेज्ड बाय फायर। पैसा आ रहा है? यस सर आ रहा है। अब ये जो
पैसा आया इंश्योरेंस क्लेम का आपको पैसा मिला। ये कौन सी रिसीट की कैटेगरी में जाएगा? अगर मेरी ट्रिक ध्यान में है तो
ट्रिक से तो आंसर आप 1 सेकंड में निकाल लोगे। ये लो निकाल भी लिया। यह लो माय किस्मत जी ने निकाल लिया। रचना
जी ने निकाल लिया ट्रिक का इस्तेमाल करके। भाई साहब यह जो पैसा आ रहा है चेक करो। या तो लायबिलिटी अगर बढ़ रही है तो ये कैपिटल
रिसीप्ट है। एसेट कम हो रही है तो भी ये कैपिटल रिसीप्ट है। और अगर इन दोनों में से कुछ नहीं हो रहा तो वो रेवेन्यू
रिसीप्ट है। अरे पर सर यहां तो हमारी मशीन जल गई सर। हमारी एसेट रिड्यूस हो रही है सर। आपकी ट्रिक काम आ रही है सर। ये वाली
कंडीशन सेटिस्फाई हो रही है सर। और अगर यह वाली कंडीशन सेटिस्फाई हो रही है मेरे प्यारे साथियों तो कौन सी रिसीप्ट में
डालोगे आप इस पैसे को? यस। क्या बात है। क्या बात है। बहुत बढ़िया।
बड़ी रफ्तार से अब आप जवाब देते हैं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। बिल्कुल सही। बिल्कुल सही।
हमारी ट्रिक की एक कंडीशन सेटिस्फाई हो जाए तो फिर क्या ही कहने। यू ऐसे ऐसे ठक ठक ठक एमसीक्यू सॉल्व करते
हैं हम लोग और ठक ठक का मतलब यह नहीं कि ऑप्शन देख के मैंने बता दिया हां बेटा हेलो बेटा ये सी है बेटा इसका सी ही होगा
बेटा क्यों होगा अरे बेटा सी ही होगा ना ऐसे नहीं करते हमारे पढ़ाने का तरीका ये नहीं है नंदिनी जी बिल्कुल बुक से
सिलेक्शन हो जाएगा मैं आपको बुक का पूरा एनालिसिस करने के बाद ही यहां पर कन्विंस कर रहा हूं, इंस्पायर कर रहा हूं, एनकरेज
कर रहा हूं कि यही बुक से पढ़ो। हवा में बातें नहीं करता। हम अकाउंट्स के मार साहब हैं। भाई साहब लॉजिक क्वेश्चन
मार्क लगाते हैं हर चीज के पीछे। और जब तक लॉजिक ना मिले हम आगे बात नहीं करते। हां। चलिए
अगले एमसीक्यू पर चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 27 क्या कह रहा है? डश रेफर्स टू वो पैसा जो बिजनेस के पास
आता है इन द नॉर्मल कोर्स ऑफ बिजनेस। अरे भैया रोजमर्रा की एक्टिविटीज में रोजमर्रा की एक्टिविटीज में जो पैसा बिजनेस के पास
आता है रोजमर्रा की एक्टिविटीज से तो उस केस में उस रिसीट को हम कौन सी रिसीट की कैटेगरी में डालते हैं? साथियों
फटाफट चेक करिए। बिल्कुल सही। रोजमर्रा की एक्टिविटीज से आने वाला पैसा रेवेन्यू रिसीप्ट्स की कैटेगरी में हम लोग डालते
हैं। और सबसे बढ़िया बात तो ये देखो क्वेश्चन रिसीप्ट का है और बाकी के ऑप्शंस
एक्सपेंडिचर है। तो ये तो कॉमन सेंस से भी सॉल्व किया जा सकता है। ठीक है भाई साहब?
ठीक है? चलिए एमसीक्यू नंबर 28 क्या कह रहा है?
रेवेन्यू रिसीप्ट्स आर क्रेडिटेड टू ओए होए होए कल वाला चार्ट कल वाला मेरा सिक्का जो मैंने आपको बना के बताया था।
₹-5 के सिक्के बनाए थे। और जो रेगुलर नेचर की एक्टिविटीज से जो पैसा बिजनेस को रिसीव होता है, उसको आप किस में डालते हैं
साथियों? बैलेंस शीट में या ट्रेडिंग और पीएंडएल अकाउंट में? बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल
यह जो एमसीक्यूस एक-ए सेकंड में सॉल्व कर रहे हो ना आप और जिनसे सॉल्व नहीं हो रहे हैं साथियों ये हमारी कैपिटल और रेवेन्यू
आइटम्स की पार्ट टू है। सेकंड क्लास है। कल मेरा बेसिक इंट्रोडक्शन मेरा बेसिक इंट्रोडक्शन मतलब कैपिटल और रेवेन्यू
आइटम्स का। वो आप जाकर कल की क्लास में एक बार देखना और फिर आप भी देखना कि एक-एक सेकंड में आप कैसे एमसीक्यू के आंसर्स को
फाइंड आउट करते हो। ठीक है? चलिए चलिए चलिए।
अगले एमसीक्यू पे चलते हैं। एमसीक्यू नंबर 29 भाई साहब क्या कह रहे हैं? वि ऑफ द फॉलोइंग
इज कंसीडर्ड एज रेवेन्यू रिसीट्स। इन दिए हुए ऑप्शंस में से किस-किस को आप रेवेन्यू रिसीट्स की कैटेगरी में डालेंगे।
अरे तुम तो मेरी कैपिटल रिसीट की ट्रिक ध्यान में रखो। और अगर एक भी कंडीशन कैपिटल रिसीट की सेटिस्फाई ना हो रही हो
तो उसको रेवेन्यू में डाल दो। ज्यादा बुद्धि मत लगाओ। हां जी सेल ऑफ गुड्स फॉर कैश ओए होए होए
रेगुलर नेचर की एक्टिविटीज से आने वाला पैसा है यस सर रेवेन्यू रिसीप्ट बैड डे्स रिकवर्ड
बैड डे्स रिकवर्ड साथियों बैड डे्स रिकवर्ड अकाउंट में प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डालते हो इसको आप और अगर
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डालते हो तो यह कैपिटल रिसीट हुई या रेवेन्यू सर यह भी रेवेन्यू रिसीप्ट तीसरा ऑप्शन देखो
जनरल सब्सिडी रिसीव्ड फ्रॉम गवर्नमेंट। गवर्नमेंट ने बिजनेस चलाने के लिए आपको सब्सिडी प्रोवाइड करी। बिजनेस के डेली
ऑपरेशंस के लिए। ये भी रेवेन्यू रिसीप्ट है साथियों। तो यहां पर जब तीनों ही रेवेन्यू रिसीट की कंडीशंस को सेटिस्फाई
कर रहे हैं तो हमें कौन सा ऑप्शन आंसर के रूप में सेलेक्ट करना होगा? हमें सेलेक्ट करना होगा ऑल ऑफ द अबव को।
यस यस यस बिल्कुल सही बिल्कुल सही आंसर दे रहे हैं आप। वेरी गुड। बहुत ही बढ़िया शानदार।
चलिए नेक्स्ट क्वेश्चन क्या कह रहा है? इंटरेस्ट ऑन इन्वेस्टमेंट्स। अच्छा
रिसीव्ड फ्रॉम यूटीआई यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया आपने इन्वेस्टमेंट कर रखा है और आपको रेगुलर बेसिस पर उस पर इंटरेस्ट
मिलता है तो जो इंटरेस्ट आप रिसीव करते हो साथियों क्या उससे आपकी कोई लायबिलिटी बढ़ती है क्या आपकी कोई फिक्स्ड एसेट उससे
कम हो रही है क्या बताओ जरा बताओ नहीं ना तो कैपिटल रिसीप्ट की कैटेगरी में नहीं जाएगा और ये इंटरेस्ट का जो आपको
अमाउंट है यह आपको रेगुलर बेसिस पर रिसीव होता है या नहीं होता है? इसको आप प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डालते हो या नहीं
डालते हो? तो जब इतनी सारी कंडीशंस रेवेन्यू एक्सपेंड्स रेवेन्यू रिसीप्ट की ये सेटिस्फाई करता है तो ये कौन सी
रिसीप्ट कहलाएगा साथियों? वेरी गुड। बहुत बढ़िया। तो यहां पर ये जो इंटरेस्ट ऑन इन्वेस्टमेंट आप रिसीव करते
हो, इसको हम रेवेन्यू रिसीप्ट की कैटेगरी के अंदर डालते हैं। रेगुलर बेसिस पर यह इनकम आपको होती है।
कभी कबभार वाला मैटर नहीं है यह। कभी कबभार वाला मैटर होता तो हम इसको कैपिटल रिसीप्ट की कैटेगरी में डाल देते।
तो साथियों शुरू करते हैं हम हमारा रिमेनिंग सेशन आज का कैपिटल एंड रेवेन्यू आइटम्स के बचे हुए एमसीक्यूस। जो साथी
पहली बार आज क्लास के अंदर जुड़े हैं। आपको स्क्रीन पर एमसीक्यू दिख रहा होगा और एमसीक्यू के नीचे कुछ एक्सप्लेनेशन के
फॉर्म में आपको नोट्स भी दिख रहे होंगे। तो जो साथी आज पहली बार क्लास में आए हैं साथियों आरपीएससी अड्डा एकमात्र ऐसा
YouTube चैनल आपको देखने को मिलेगा जहां पर क्वेश्चंस एमसीक्यूस सॉल्व करवाने का जो पेस है वो आपको दूसरे चैनल्स से स्पीड
में दिखेगा। रीजन ये है साथियों दूसरे जो YouTube चैनल्स अगर आपने रेफर किए हैं वहां पर 1 घंटे के अंदर आप ये मान लीजिए
पांच से छह एमसीक्यूस टाइम पास के फॉर्म में करवाए जाते हैं। वहीं पर नोट्स और वहीं पर कंटेंट लिखा जाता है जिसको लिखने
में समय बर्बाद होता है। मैंने भी जब शुरुआत की एक दो क्लासेस ली तो ये ऑब्जर्व किया कि क्लास के अंदर उस चीज को अगर मैं
लिखूंगा तो लिखने का जो टाइम है उसमें आप क्या करोगे? मैं तो लिख रहा हूं। इससे बेहतर मैं यहां पर आरपीएससी अड्डा के
YouTube प्लेटफार्म पर पहले से आप लोगों के लिए प्रिपरेशन कर लेता हूं ताकि लिखने का कोई
टाइम क्लास का हमारा वेस्ट ना हो। तो साथी जो आज नए जुड़े हैं आपको हर क्वेश्चन के साथ इस तरह का कुछ कंटेंट ऑलरेडी मेरा
लिखा हुआ दिखेगा जिसको मैं हर एमसीक्यू के साथ एक्सप्लेन करूंगा ताकि आपको पता चले कि कौन सा ऑप्शन सही है तो क्यों और कौन
सा ऑप्शन गलत है तो क्यों। चलिए ममता शर्मा जी कह रही हैं सर नकुल सर की क्लासेस YouTube पर नहीं है क्या? ममता
शर्मा जी मैंने अभी थोड़ी देर पहले अभी आपसे एक कांटेक्ट नंबर शेयर किया। जो भी क्वेरीज है आप उस कांटेक्ट नंबर पर बात कर
सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं हम हमारे आज के सेशन को जिसमें क्वेश्चन नंबर 31 से हम शुरुआत करेंगे क्योंकि क्वेश्चन नंबर 30
तक हम लोगों ने कल की क्लास में एमसीक्यूस को सॉल्व कर लिया था। शुरू करते हैं साथियों।
डैश एक्सपेंडिचर रिजल्ट्स इन इंप्रूविंग द अर्निंग कैपेसिटी ऑफ फिक्स्ड एसेट्स। कि साथियों
उस एक्सपेंडिचर को कौन सा एक्सपेंडिचर कहते हैं? कौन सा खर्चा ऐसा करते हैं हम बिजनेस के अंदर जिससे हमारी फिक्स्ड
एसेट्स की अर्निंग कैपेसिटी है वो बढ़ जाती है। अंशिका जी वेरी गुड इवनिंग। अंशिका जी आप बहुत अच्छा कमेंट करते हैं
क्लास ओवर होने के बाद। अंशिका जी के अलावा ममता जी, प्रियंका जी, सोना जी, गुलशन जी, वाणी वर्मा जी, जय कल्याण जी आप
लोग जितने भी साथी क्लास में जुड़ते हैं, आप लाइव चैट में रेगुलर मुझसे बात करते हैं। पर वीडियो के एंड होने के बाद आप
कमेंट नहीं करते हैं। आप कमेंट करना भूल जाते हैं। तो जो रिव्यूज आप मेरे साथ क्लास में यहां पर लाइव चैट में देते हैं।
मेरी आपसे यह गुजारिश है कि वीडियो एंड होने के बाद भी कमेंट सेक्शन के अंदर अपने विचार जरूर लिखा कीजिए। जो तारीफ आप यहां
करते हैं वो वहां भी किया कीजिए क्योंकि लाइव चैट वीडियो एंड होने के बाद मैं नहीं देख पाता। वीडियो एंड होने के बाद मैं
नंबर ऑफ लाइक्स और कमेंट्स ही देख पाता हूं। तो आपके जितने ज्यादा कमेंट्स होंगे वो मुझे मोटिवेट करेंगे कि मैं आपको और
बेहतर तरीके से आप लोगों के लिए क्लास लेकर आऊं। हां जी। तो ऐसा कौन सा एक्सपेंडिचर होता है जिससे हमारी जो
फिक्स्ड एसेट्स होती है उसकी एफिशिएंसी बढ़ती है। अर्निंग कैपेसिटी जो है एक बिजनेस ज्यादा कमा पाता है। एक बिजनेस की
कमाने की क्षमता बढ़ती है। ऐसा कौन सा एक्सपेंडिचर होता है? तो साथियों यहां पर आपको जो दो एक्सपेंडिचर होते हैं
कैपिटल एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। कौन सा खर्चा कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा और कौन
सा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा। उसकी कुछ कंडीशंस जो है वो आपको दिमाग में रखनी है। चाहे आप कैपिटल
एक्सपेंडिचर की कंडीशंस दिमाग में रखें चाहे रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की। किसी एक की भी कंडीशंस अगर आपको क्लियर है तो आपको
आंसर फाइंड आउट करने में कोई भी टाइम नहीं लगेगा। यहां पर मैंने आपको स्क्रीन पर कुछ कंडीशंस जो यहां पर लिखी है साथियों यह
कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस हैं। अगर यह कंडीशंस सेटिस्फाई हो जाती है तो वो खर्चा कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में
चला जाता है। और अगर ये कंडीशंस सेटिस्फाई नहीं होती तो वो खर्चा कहलाएगा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। ठीक है साथियों? तो एक बार
फटाफट से जो आज पहली बार क्लास में जुड़े हैं साथियों कैपिटल एक्सपेंडिचर की कुछ कंडीशंस हैं जो आज अगर आप पहली बार मेरा
वीडियो देख रहे हैं तो इसको नोट डाउन कीजिएगा और याद रखिएगा ये कंडीशंस अगर सेटिस्फाई होती है तो वो जो खर्चा बिजनेस
में हुआ है उसको कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डाला जाता है। जैसे कि सबसे पहला अगर आपने कोई एसेट खरीदी है तो वो
आपका कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में आता है। फिर दूसरा कोई भी खर्चा अगर आपने किया है उसमें आपको यह चेक करना है कि उस
खर्चे को करने की वजह से क्या कोई नई एसेट आप लोगों की क्रिएट हुई है क्या? ये क्वेश्चन आपको अपने आप से पूछना है। अगर
नई एसेट का क्रिएशन हुआ है। अगर आपकी एसेट बढ़ी है उस खर्चे को करने से तो वो कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा। दूसरा
कोई नई एसेट नहीं बल्कि आपके पास ऑलरेडी कोई एकिस्टिंग एसेट है। आपके पास कोई पुरानी मशीन पड़ी हुई है। अगर आपने उसकी
एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए खर्चा किया है। आपने उस मशीन को अपग्रेड कर दिया तो उसकी एफिशिएंसी बढ़ेगी। अब वो ज्यादा
प्रोडक्शन कर पाएगी। ज्यादा प्रोडक्शन कर पाएगी तो उससे अर्निंग कैपेसिटी बढ़ेगी। तो अगर आपने अपनी किसी एग्जिस्टिंग एसेट
की अर्निंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए खर्चा किया है तो वो भी कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा। इसी से रिलेटेड पॉइंट
नंबर टू से रिलेटेड ही हमारा क्वेश्चन है। बट मैं आपको पहले सारी कंडीशंस पढ़ा देता हूं ताकि आपको कैपिटल एक्सपेंडिचर जो साथी
आज पहली बार क्लास में आए हैं उनको कैपिटल एक्सपेंडिचर से रिलेटेड जीवन में कभी कोई कंफ्यूजन नहीं रहेगा अगर वो ध्यान से इन
कंडीशंस को समझ जाएंगे। तीसरा साथियों कैपिटल एक्सपेंडिचर वो खर्चे होते हैं जिससे बिजनेस की कमाने की
जो कैपेसिटी है अर्निंग कैपेसिटी जो है साथियों वो बढ़ती है। क्लियर है? चौथा कैपिटल एक्सपेंडिचर जब एक बिजनेस में होता
है साथियों तो कैपिटल एक्सपेंडिचर में आपको एक चीज और गौर करनी है कि जब भी आपके बिजनेस में कोई खर्चा ऐसा है जो आपको आने
वाले कई सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड करेगा तो वो खर्चा भी आपका कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा। और एक लास्ट
साथियों एक चीज बहुत इंपॉर्टेंट है कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशन में कि वो जो खर्चा
है वो बार-बार नहीं होता। कैपिटल एक्सपेंडिचर ऐसे खर्चे होते हैं जो नॉन रिकरिंग नेचर के होते हैं जो सालों में एक
बार होते हैं। वो रिकरिंग नेचर के खर्चे नहीं होते। तो साथियों साथियों आपको ये पांच कंडीशंस दिमाग में
रखनी है। ये पांच कंडीशंस में से अगर कंडीशन सेटिस्फाई होती है तो उसको आपको कैपिटल एक्सपेंडिचर में डालना है। अदरवाइज
आपको उसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डालना है। ठीक है? तो क्वेश्चन नंबर 31 ने हमसे क्या कहा?
क्वेश्चन नंबर 31 के अंदर जो कंडीशन जो स्टेटमेंट गिवन है क्या वो हमारी इन कंडीशंस के अंदर आ रहा है क्या साथियों
आपको स्क्रीन पर जो कंडीशंस दिख रही है ये कंडीशंस कौन से एक्सपेंडिचर के सेटिस्फेक्शन के लिए है साथियों
ये सारी कंडीशंस हैं कैपिटल एक्सपेंडिचर की और जैसा कि अभी हम लोगों ने डिस्कस किया कि अगर आपने किसी एग्जिस्टिंग
फिक्स्ड एसेट की एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए अर्निंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए अगर कोई खर्चा किया है तो वह भी कैपिटल
एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में ही फॉल करता है। तो आपको क्वेश्चन नंबर 31 के अंदर कहीं कैपिटल वर्ड दिख रहा है क्या ऑप्शंस
के अंदर? डेफिनेटली सर हमको दिख रहा है ऑप्शन नंबर बी कि ऐसा खर्चा जो हमने हमारी किसी पड़ी हुई फिक्स्ड एसेट की अर्निंग
कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए किया है तो उसको हम कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी के अंदर डालेंगे।
वेरी गुड ममता जी। बेस्ट ऑफ लक फॉर योर फ्यूचर। वेरी गुड। चलिए इतना डेडिकेशन अगर आपने रख लिया तो डेफिनेटली आपका जो
गवर्नमेंट जॉब पाने का सपना है वह आप जरूर पूरा करेंगी। चलिए तो साथियों ये जो कंडीशंस मैंने अभी आपको
बताई इसको ट्रिक फॉर्म में दिमाग में रखना है ताकि एक्सपेंडिचर से रिलेटेड कैपिटल रेवेन्यू में कोई कंफ्यूजन आपको नहीं रहे।
चलिए बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 32 की। क्या कह रहा है ये? ट्रैवलिंग एक्सपेंसेस
फॉर अ ट्रिप अब्रॉड। आने जाने का खर्चा ट्रैवलिंग का खर्चा किया है। फॉर अ ट्रिप अब्रॉड। इंडिया से
बाहर गए हैं। घूमने नहीं गए हैं बल्कि किसके लिए गए हैं? एक बिजनेसमैन भाई साहब गए हैं। फॉर द परचेस ऑफ प्लांट एंड
मशीनरी। इसको कौन सा खर्चा माना जाएगा? इसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में डाला जाएगा या इसको कैपिटल एक्सपेंडिचर में डाला
जाएगा। तो इस तरह के क्वेश्चन को सॉल्व करने के लिए मैंने आपको कल भी एक ट्रिक बताई थी और आज भी मैं आपको वो ट्रिक बता
रहा हूं। साथियों इस तरह के क्वेश्चन को करने के लिए आपको अपने दिमाग में एक अकाउंटिंग का गोल्डन रूल जो है उसको रखना
पड़ेगा। सर कौन सा गोल्डन रूल रखना पड़ेगा साथियों? जब बात हो रही है किसी एसेट की जैसे यहां पर क्वेश्चन के अंदर में दिखा
ना कि जो खर्चा हुआ है ट्रेवलिंग का उसके पीछे का पर्पस क्या है? उसके पीछे का पर्पस घूमना नहीं है। उसके पीछे का पर्पस
है प्लांट एंड मशीनरी खरीदना। अब प्लांट एंड मशीनरी जैसे ही खरीदी तो डेफिनेटली प्लांट एंड मशीनरी आपकी एसेट है। उससे
आपकी एसेट बढ़ेगी। तो आपके दिमाग में आएगा सर एसेट बढ़ेगी तो कैपिटल एक्सपेंडिचर है। अरे जितने की प्लांट एंड मशीनरी है वो तो
कैपिटल एक्सपेंडिचर है ही। पर साथ में आपको ये भी ध्यान रखना है कि जब तक वो एसेट
रेडी टू यूज़ की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती। अब सर रेडी टू यूज़ की कंडीशन का मतलब क्या होता है? रेडी टू यूज़ की कंडीशन
का मतलब होता है साथियों काम करने की कंडीशन में जब तक वह चीज नहीं पहुंच जाती वह एसेट नहीं पहुंच जाती।
अरे आपने अब्रॉड में वो खरीदी है तो क्या वहीं पर आप लोग प्रोडक्शन शुरू कर दोगे क्या? नहीं ना। उसको आप इंडिया में लाओगे,
अपनी फैक्ट्री में लाओगे तब जाकर वो रेडी टू यूज़ काम करने की कंडीशन में पहुंचेगी। तो गोल्डन रूल आपको दिमाग में रखना है। जब
तक वो एसेट रेडी टू यूज की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती तब तक के जो भी खर्चे उस एसेट को खरीदने में लगे हैं या उस एसेट को
अपनी फैक्ट्री में इंस्टॉल करने के लगे हैं वो सभी खर्चे उस एसेट की कॉस्ट में ही इंक्लूड किए जाते हैं। तो साथियों यहां पर
भी प्लांट एंड मशीनरी खरीदने के लिए जब एक ओनर गया है अब्रॉड तो ट्रेवलिंग का जो खर्चा है वो भी उस एसेट की कॉस्ट में ही
शामिल किया जाएगा। और अगर वो भी एसेट की कॉस्ट में ही शामिल किया जाएगा साथियों तो उसको क्या कहेंगे हम लोग? रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर या कैपिटल एक्सपेंडिचर डेफिनेटली जब उससे एसेट बढ़ रही है तो अभी मैंने आपको ऊपर कंडीशन बताई कि अगर एसेट
का क्रिएशन हो रहा है एसेट बढ़ रही है तो वो कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में ही जाएगा।
तो यह जो ट्रैवलिंग का खर्चा हुआ है अब्रॉड जाने का यह ट्रैवलिंग का खर्चा भी प्लांट एंड मशीनरी की कॉस्ट में ही ऐड
किया जाता है। तो इससे एसेट की वैल्यू बढ़ेगी साथियों। और अगर एसेट का क्रिएशन होता है, एसेट की वैल्यू इंक्रीस होती है,
इट रिजल्ट्स इन कैपिटल एक्सपेंडिचर। ओके वेरी गुड। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। सबसे पहला आंसर यहां पर आया रचना जी का। अंशिका
जी बिल्कुल करेक्ट आंसर। राजू बॉस जी बिल्कुल करेक्ट। प्रियंका जी बिल्कुल करेक्ट। राम गिरवाल जी बिल्कुल करेक्ट।
वाणी वर्मा जी बिल्कुल करेक्ट। तारा प्रकाश जी बिल्कुल करेक्ट। गुलशन जी बिल्कुल करेक्ट। ममता शर्मा जी बिल्कुल
करेक्ट। चलिए तो ये गोल्डन रूल दिमाग में रखिएगा साथियों। चलिए
बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 33 की। ये क्या पूछना चाहता है हमसे? क्वेश्चन नंबर 33।
रिपेयर्स। ठीक है? अब पहला ही ऑप्शन मतलब पहला ही वर्ड पढ़ते ही आपको एकदम से कंक्लूजन पर
नहीं पहुंचना है। पहले आपको उस खर्चे का पपस चेक करना है और उसके बाद डिसाइड करना है कि उसको आप कैपिटल एक्सपेंडिचर में
डालेंगे या रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के अंदर। इज इट क्लियर? तो साथियों देखिए, रिपेयर्स टू अ सेकंड हैंड मोटर कार। ठीक है?
सेकंड हैंड कार खरीदी। ओके? तो उसकी आपने रिपेयरिंग करवाई। बहुत अच्छी बात है। बिफोर इट इज पुट टू
यूज। उसको रेडी टू यूज़ की कंडीशन में ले जाने के लिए काम करने लायक बनाने के लिए आपने
रिपेयरिंग करवाई। तो साथियों क्वेश्चन कह रहा है उसको कैपिटल एक्सपेंडिचर कहते हैं क्या? ये स्टेटमेंट ट्रू है, पार्टली ट्रू
है, फॉल्स है या नन ऑफ द अबव? तो इस क्वेश्चन में भी साथियों गोल्डन रूल जो अकाउंटिंग का है जो मैंने अभी आपको
क्वेश्चन नंबर 32 में बताया वही काम आएगा कि ये जो सेकंड हैंड कार हमने खरीदी है इसको रेडी टू यूज़ की कंडीशन में ले जाने
के लिए हमने रिपेयरिंग करवाई है तो ये खर्चा सर उस सेकंड हैंड मोटर कार की कॉस्ट में ऐड किया जाएगा। उस एसेट की वैल्यू
बढ़ेगी और अगर खर्चा करने से एसेट की वैल्यू बढ़ती है सर तो उसको हम कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में ही डालते हैं।
तो सर ये जो स्टेटमेंट क्वेश्चन के अंदर दे रखा है ये एब्सोल्यूटली सर ट्रू है। इट इज एब्सोल्यूटली ट्रू। तो क्वेश्चन
नंबर 33 का बहुत रफ्तार से यहां पर सबसे पहला जवाब प्रियंका जी ने दिया है। उसके बाद रचना जी सेकंड नंबर पर राजू बॉस जी
गुड। वाणी वर्मा जी गुड। तारा प्रकाश जी गुड। ममता शर्मा जी गुड। राम गिरवाल जी गुड। आप जितने भी साथी मेरे साथ क्लास में
बने हुए हैं। आप लोग मैं दो सेकंड का समय आपका लेना चाहूंगा। मैं आपको हर क्लास में कहता हूं वीडियो एंड होने के बाद आप कमेंट
करके नहीं जाते। मैं मुझे डेली इंतजार रहता है कि मेरे सारे साथी मुझे कमेंट सेक्शन के अंदर आके और मोटिवेट करें कि सर
एवरीथिंग इज ऑल राइट। इसी तरह से शानदार क्लास को आप बनाए रखिए। हम सर कमेंट करेंगे सर। आज तो हम कमेंट करके ही
जाएंगे। फटाफट अभी लाइव चैट में मुझे बताइए। आप में से कितने साथी ऐसे हैं जो कमेंट करके ही आज दम लेंगे। फटाफट से मुझे
बताइए। फिर मैं चलूंगा आज नेक्स्ट क्वेश्चन पे। मेरा भी नाराज होना बनता है। आज सिर्फ आपका ही मोटिवेट होना बनता है
क्या? मेरा भी तो मोटिवेट होना बनता है। मेरी भी तो एनर्जी बढ़नी चाहिए। और मेरी एनर्जी कब बढ़ेगी? आप लोगों के कमेंट से
मैं रेगुलर देख रहा हूं लाइव चैट में। लिखिए तारा प्रकाश जी बिल्कुल आपने कल किया था। आई एग्री बाकियों का क्या
बाकी साथी जल्दी से कमेंट में बताइए मुझे। हां जी। प्रियंका जी मैं वेट करूंगा। बिल्कुल तारा
प्रकाश जी राजू बॉस जी मैं वेट करूंगा आपके कमेंट का। कल्ला प्लेस जी सर आज जरूर करेंगे। वेरी
गुड। चलिए क्वेश्चन नंबर 34 क्या कहता है? रामगिरवाल जी मैं वेट करूंगा। चलिए द अमाउंट स्पेंट। ओके कोई खर्चा किया है ऑन
इंक्रीजिंग द सीटिंग कैपेसिटी इन अ सिनेमा हॉल। आपका खुद का सिनेमा हॉल है। पहले उसमें सिंग कैपेसिटी मान लो 100 सीटें थी।
100 लोग एक साथ पिक्चर देख पाते थे। और अब आपने और सीटें लगवा दी। तो साथियों यह जो खर्चा आप लोगों ने किया है अपने सिनेमा
हॉल में इस खर्चे को कौन सा एक्सपेंडिचर कहा जाएगा? अरे सर हमें तो आपने जो कंडीशंस बताई वो कंडीशंस अगर हम दिमाग में
रखें सर तो आंसर हमारा एक सेकंड में आ गया। सर मैंने आपको कहा था इस वीडियो की शुरुआत में कि किसी एक की कंडीशंस दिमाग
में रख लो। आंसर अपने आप आ जाएगा। ठीक है? जैसे ये सारी कंडीशंस मैंने आपको किसकी बताई थी? कैपिटल एक्सपेंडिचर की
बताई थी। अब देखते हैं यह जो खर्चा है यह आपका खुद का जो सिनेमा हॉल है जिसमें आपने सिंग
कैपेसिटी बढ़वाई है और सीटें लगवाई है और रिक्लाइनर लगवाए हैं। यह खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जाएगा या फिर
किस में? जैसे सबसे पहला कैपिटल एक्सपेंडिचर कौन सा खर्चा होता है? अगर आपने कोई एसेट खरीदी है। यहां पर अपन ने
क्या किया है? फर्नीचर खरीदा होगा क्या? बोलो बोलो बोलो। एसेट का क्रिएशन होगा क्या इस खर्चा करने से? यस सर बिल्कुल
होगा। हमारा फर्नीचर जो है वह बढ़ेगा। यस। दूसरा एग्जिस्टिंग एसेट की एफिशिएंसी बढ़ाने के
लिए अगर आप खर्चा करते हो या फिर आप अर्निंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए कोई खर्चा करते हो। अरे सर और सीटें लग गई तो
अर्निंग कैपेसिटी तो बढ़ेगी सर। ज्यादा लोग बैठेंगे ज्यादा टिकट बिकेगी तो अर्निंग कैपेसिटी बढ़ेगी क्या आपके सिनेमा हॉल की
यस सर बढ़ेगी तो किसकी कंडीशन सेटिस्फाई होती हुई नजर आ रही है कौन से एक्सपेंडिचर की कंडीशन सेटिस्फाई होती नजर आ रही है
तीसरी कंडीशन अरे भैया आप अपने सिनेमा हॉल में और सीटें लगवाओगे तो आप जो सिनेमा हॉल का ये जो सर्विस प्रोवाइडर आप हो जिसका
बिजनेस आप कर रहे हो तो आपकी कमाई बढ़ेगी क्या यस सर सर बढ़ेगी सर। ज्यादा लोग एक साथ टिकट खरीदेंगे सर।
और चौथी कंडीशन से भी सेटिस्फाई हो रही है क्या यहां पर? यस सर। वो जो सीटें लगवाई है वो क्या गल थोड़ी जाएगी एक साल के
अंदर-अंदर। हैं अपने आप में क्या गायब हो जाएगी मिस्टर इंडिया टाइम? वो तो लंबे समय तक हमको बेनिफिट प्रोवाइड करेगी। यस देगी
बेनिफिट। लंबे समय तक वो सीटें हमको फायदा देगी। और ये जो सीटें आपने लगवाई है आपके सिनेमा
हॉल के अंदर ये क्या बार-बार रोज लगवाओगे क्या? रेगुलर नेचर का खर्चा है क्या? नहीं सर ये तो नॉन
रिकरिंग एक्सपेंडिचर है। तो साथियों इस खर्चे ने कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस को सेटिस्फाई किया है। इसलिए ये जो खर्चा
आपने किया है इस क्वेश्चन के अंदर ये खर्चा हमारा कौन सी कंडीशन कौन सा एक्सपेंडिचर कहलाएगा साथियों? कैपिटल
एक्सपेंडिचर। तो क्वेश्चन नंबर 34 का आंसर साथियों यहां पर क्या देखने को मिला आपको? कैपिटल एक्सपेंडिचर।
बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। चलिए अगले एमसीक्यू पे चलूं। क्वेश्चन नंबर 35 क्या कहना चाहता है?
अंडरराइटिंग कमीशन पेड। साथियों सबसे पहले यह जो टर्म है इसका
मीनिंग हमको पता होना चाहिए। [नाक से की जाने वाली आवाज़] जब एक कंपनी
शेयर्स इशू करके पैसा अरेंज करने का सोचती है तो साथियों मिनिमम सब्सक्रिप्शन वाले क्राइटेरिया को
पूरा करने के लिए एक कंपनी हमेशा अपने आप को सेफर साइड रखकर चलती है। कंपनी उसके लिए एक पर्सन को एक दूसरी अह किसी
ऑर्गेनाइजेशन को अपॉइंट करती है एज एन अंडरराइटर जो कि कंपनी के अनसोल्ड शेयर्स खरीदने का काम करता है और उसके बदले कंपनी
उसको कमीशन देती है जिसको अंडरराइटिंग कमीशन कहा जाता है जो कि कंपनी के लिए डेफिनेटली एक खर्चा है। तो क्वेश्चन हमसे
क्या पूछना चाहता है? अंडरराइटिंग कमीशन पेड फॉर द इशू ऑफ शेयर्स इसको आप कौन से एक्सपेंडिचर
की कैटेगरी में डालेंगे। अब साथियों ये एक अजीब नेचर का खर्चा आप लोगों के सामने यहां पर आया। पर कोई दिक्कत वाली बात नहीं
है। सारा अजीब पना जो आपके दिमाग में आता है उसको सॉल्व करने के लिए ही यहां पर मैं यहां पर फ्री एमसीक्यू बैच आरपीएससी अड्डा
के प्लेटफार्म पर लेकर आया हूं। तो साथियों जब इस तरह का यूनिक नेचर का खर्चा आपके सामने आ जाए तो उसके लिए आपको दिमाग
में यह सोचना है कि ये जो खर्चा है इसके पीछे का पर्पस क्या है? ये खर्चा किसके लिए किया गया है और इस खर्चे से क्या हो
रहा है और इस खर्चे से क्या होगा? तो साथियों देखो आपको सबसे पहले दिमाग में यह सोचना है जब कोई अटपटा खर्चा आ जाए ना
एमसीक्यू के अंदर जिसमें आपको तकलीफ आए तो इस तरह से आपको सोचना है ये खर्चा किसके लिए किया है साथियों ये खर्चा आप खुद बताओ
किसके लिए किया है शेयर्स जब कंपनी इशू कर रही है तो अनसोल्ड शेयर्स कंपनी के मन में डर है कौन खरीदेगा तो अंडरराइटर अपॉइंट कर
लिया उसको कमीशन देंगे अब साथियों ये खर्चा कंपनी ने इसके लिए किया है ताकि कंपनी के शेयर्स बिक जाए और कंपनी के पास
क्या आ सके? पैसा। इतना समझ में आया? और वो जो पैसा कंपनी के पास आएगा साथियों वो पैसा कंपनी क्या करेगी? उड़ाएगी थोड़ी। वो
पैसा कंपनी इन्वेस्ट करेगी बिजनेस को बढ़ाने में। और बिजनेस जब बढ़ेगा बिजनेस एक्सपैंड होगा तो उससे बिजनेस की अर्निंग
कैपेसिटी बढ़ेगी। और अर्निंग कैपेसिटी बढ़ेगी तो डेफिनेटली ये जो खर्चा है यह कंपनी को काफी सालों तक बेनिफिट देगा।
बड़ी सिंपल सी बात है। अब यह जो पैराग्राफ अभी मैंने आप लोगों को पढ़ाया इस पैराग्राफ को देख के आपको लग रहा होगा कि
सर ये जो खर्चा है ये तो सर कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस को सेटिस्फाई करता है।
पर मैं आपसे ये कहूंगा साथियों कैपिटल एक्सपेंडिचर की मैंने आपको कुछ और भी कंडीशंस बताई वो भी तो आपको दिमाग में
रखनी है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में एसेट का क्रिएशन भी तो होना चाहिए। एसेट भी तो बढ़नी चाहिए। क्या यहां पर आपकी शेयर्स
इशू करने पे जो कमीशन आपने दिया है अंडरराइटर को उससे आपकी कोई एसेट बढ़ी क्या? तो जब एसेट नहीं बढ़ी तो आप इसको
कैपिटल एक्सपेंडिचर में नहीं डाल पाओगे। ये किस में जाएगा? रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में। अब आपके दिमाग में ये आएगा सर आप
इसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में भी कैसे डाल सकते हैं सर? सर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर तो वो होता है
जिसका बेनिफिट हमको एक साल तक ही मिलता है या शॉर्ट टर्म के लिए ही मिलता है। तो मैंने कब कहा मैं इसको रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डाल रहा हूं। मैं आपसे ये कह रहा हूं ये एक ऐसा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर है जिसका बेनिफिट
सालों तक मिलेगा। तो साथियों ऐसा कोई खर्चा जो अपने आप में रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में चला
गया पर उसका बेनिफिट हमें सालों तक मिलेगा तो साथियों उसको हम बड़े प्यार से डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
कहते हैं। समझ में आ रही है मेरी बात? तो यहां पर क्वेश्चन नंबर 35 के अंदर जो अंडरराइटिंग कमीशन का खर्चा हमारे सामने
आया ये ना तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जा पाया ना रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में जा पाया।
साथियों ये किस में चला गया? डेफर्ड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में चला गया। मैं आशा करता हूं ये नीचे वाली बात
नहीं भी आप डिस्कस करें तो भी कोई समस्या नहीं है क्योंकि हम बहुत ही सिंपल तरीके से अपने आंसर पे पहुंच चुके हैं। तो
साथियों ना तो ये कैपिटल एक्सपेंडिचर में जाएगा ना ये रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में जाएगा। ये जाएगा डेफर्ड रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर के अंदर। इसको हम धीरे-धीरेधी करके राइट ऑफ करेंगे क्योंकि इसका बेनिफिट हमको कई सालों तक मिलने वाला है। तारा
प्रकाश जी बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने कि सर सलमान खान वाला आपने जो एग्जांपल लिया था परसों की क्लास में 18 तारीख वाली
क्लास में वो हमें याद आ गया और उससे हम रिलेट कर पाए जिससे हम क्वेश्चन नंबर 35 के करेक्ट ऑप्शन जो कि ऑप्शन नंबर सी है
उस पर पहुंच गए। वेरी गुड। आई एम प्राउड ऑफ यू। चलिए। अगले क्वेश्चन पर चलते हैं। वेरी गुड ममता
जी। वेरी गुड। क्वेश्चन नंबर 36 वेजेस पेड। साथियों वेजेस का पेमेंट किया है आपने। लेबर को पैसा दिया है। अब यह
लेबर को पैसा किसके लिए दिया है? मशीन को इंस्टॉल करने के लिए। सर सर सर सर सर गोल्डन रूल याद आ गया सर।
क्या गोल्डन रूल याद आ गया कि सर जब तक वो मशीन काम शुरू नहीं करने की काम शुरू करने की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती तब तक उस
मशीन को उस कंडीशन में पहुंचाने में जितने भी खर्चे लगे हैं सर वो मशीन की कॉस्ट में ही ऐड होंगे सर ये वेजेस का जो पेमेंट
किया है सर ये भी मशीन की कॉस्ट को बढ़ाएगा सर एसेट की वैल्यू को बढ़ाएगा और अगर कोई खर्चा एसेट की वैल्यू बढ़ा दे तो
वो कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में फॉल करता है साथियों। तो क्वेश्चन नंबर 36 का आंसर हमें कौन सा एक्सपेंडिचर के रूप में
देना पड़ेगा? बिल्कुल सही कह रहे हैं आप लोग। इट विल बी कंसीडर्ड एज अ कैपिटल एक्सपेंडिचर।
वेरी गुड। सबसे पहला आंसर यहां पर बॉसों के बॉस राजू बॉस का आया है। वेरी गुड। चलिए
चलूं आगे क्वेश्चन नंबर 37 पर चलूं क्या साथियों एक सेकंड एक सेकंड रुकिएगा एक इंपॉर्टेंट कॉल यहां पर एक सेकंड
चलिए साथियों क्वेश्चन नंबर 37 क्वेश्चन नंबर 37 अरे वाह क्या बात है क्या बात है आंसर आने लगे हैं आंसर आने लगे हैं फटाफट
बॉसों के बॉस राजू बॉस कह रहे हैं सी तारा प्रकाश जी कह रहे हैं बी प्रियंका जी कह रही हैं बी वाणी वर्मा जी कह रही हैं सी
गोल्डन रूल दिमाग में लाइए गोल्डन रूल दिमाग में लाइए [नाक से की जाने वाली आवाज़]
प्रोफेशनल पीस किसी एक्सपर्ट की मदद आप लोगों ने ली होगी।
उसको आपने फीस का पेमेंट किया है। किस बात की फीस दी है आपने? फॉर द एक्विजिशन। एक्विजिशन का मतलब साथियों परचेस
या लेने के लिए। ठीक है? क्या लेने के लिए? लीज होल्ड प्रीमाइसेस बिजनेस करने के लिए जगह लेने
के लिए आपने किसी एक्सपर्ट की मदद ली और आपने उसको फीस का पेमेंट किया तो इसको कौन से एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में डाला
जाएगा। अरे साथियों जब तक आप यह फीस का पेमेंट नहीं करते, फॉर्मेलिटीज पूरी नहीं होती, फॉर्मेलिटीज
पूरी नहीं होती तो आप उस जगह को आप उस प्रिमाइसेस को यूज नहीं कर पाते। उस प्रमाइसेस को काम में लेने के लिए यह
खर्चा किया गया है। यह खर्चा नहीं करते तो काम में नहीं ले पाते। तो साथियों इस खर्चे को करने की वजह से आपकी एसेट बढ़ी
है। एसेट का क्रिएशन हुआ है क्या? यस सर हुआ है। इससे आपके बिजनेस की अर्निंग कैपेसिटी भी
बढ़ेगी। जगह मिल गई है आपको बिजनेस करने की। अर्निंग कैपेसिटी? यस सर। सर यस सर बढ़ रही है सर
ठीक है फिर इस खर्चे से आपके पास जो प्रेमाइसेस आया है वो प्रेमाइसेस क्या भस्म हो जाएगा क्या
एक साल के अंदर-अंदर सालों तक बेनिफिट प्रोवाइड करेगा और क्या ये खर्चा बार-बार होता है नहीं सर ये तो
नॉन रिकरिंग एक्सपेंडिचर है सर तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की ये जो कंडीशंस है सर वो ये खर्चा खर्चा फुलफिल करता है सर। तो यहां
पर ये जो प्रोफेशनल फीस का आपने पेमेंट किया है ताकि आपके पास प्रीमाइसेस आ सके और आप उस प्रिमाइससेस में बिजनेस कर सके।
तो उसको हम लोग ये जो खर्चा है इसको हम लोग कौन सा एक्सपेंडिचर कहेंगे साथियों? कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में इसको
डाला जाएगा। ठीक है? एसेट का क्रिएशन होगा। अर्निंग कैपेसिटी
बढ़ेगी। एसेट आएगी तो सालों तक फायदा होगा। और यह खर्चा बार-बार नहीं होने वाला। इसलिए ये जो खर्चा है इसको हम
कैपिटल एक्सपेंडिचर की कैटेगरी के अंदर डालेंगे। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
ठीक है। चलिए जी। अगले एमसीक्यू पर चलिए। और चेक करके मुझे कमेंट सेक्शन में बताइए
क्या आंसर दिमाग में आता है। तुक्का नहीं मारना है। मैंने आपको कुछ कंडीशंस बताई। उनको आपको चेक करना है।
चेक करिए आराम से। फटाफट से चेक करके बताइए। ममता शर्मा जी कह रही है 100
वेरी गुड ममता जी क्लास में इसी तरह से बने रहिए और आंसर लिखिए पहले फिर तारीफ में 100 लिखिए आप
वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड गुड गुडा गुड गुड गुडा गुड गुड
बढ़िया बढ़िया बढ़िया बढ़िया चलिए क्या क्वेश्चन है अरे क्या है भाई अभी बता देंगे तेरा आंसर हम अ सम ऑफ ₹000
ठीक है भैया पे किया आपने एस कंपनसेशन टू टू एंप्लाइजज़ हु वर रिट्रेंज्ड आपने आपने अपने दो एंप्लाइज को निकाल
दिया। आपने दो एंप्लाइजस को निकाल दिया और निकालने कर रहे थे तो आपने उनको ₹4000
मुआवजा भी दे दिया। ला जा बेटा जाओ। अब इसको कौन सा एक्सपेंडिचर कंसीडर किया जाएगा? क्या साथियों हम इसको कैपिटल
एक्सपेंडिचर में डाल सकते हैं क्या? सोचो जरा। क्या यहां पर कोई एसेट क्रिएट हो रही है? आपकी एसेट बढ़ रही है क्या? डेफिनेटली
नहीं बढ़ रही है। तो एसेट का क्रिएशन तो नहीं हो रहा है भाई साहब। तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की सबसे बेसिक कंडीशन तो यहां
सेटिस्फाई हुई नहीं। दूसरा अगर आपने अपने दो एंप्लाइजस को निकाल दिया तो इससे आपके बिजनेस की अर्निंग कैपेसिटी
बढ़ेगी क्या? कोई चांस ही नहीं है। तो बिजनेस की अर्निंग कैपेसिटी भी नहीं बढ़ेगी। भाई साहब सिंपल सी बात है। नहीं
बढ़ेगी। तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की एक कंडीशन और गई। तीसरा क्या इससे आपको कोई बेनिफिट है क्या सालों तक? अरे सर नहीं सर
कहां सर निकाल दिया सर उनको क्या बेनिफिट सर? तो कैपिटल एक्सपेंडिचर की एक कंडीशन और गई। और चौथी बात मैंने क्या लिखी?
एंप्लई से रिलेटेड जो डिसीजन है वो डे टू डे मैनेजमेंट का डिसीजन है भैया। रिकरिंग नेचर की एक्टिविटी है ये। तो साथियों जब
कैपिटल एक्सपेंडिचर की कंडीशंस ये खर्चा सेटिस्फाई नहीं कर रहा है तो ये कौन सा एक्सपेंडिचर कहलाएगा?
कौन सा एक्सपेंडिचर कहलाएगा साथियों? इट विल बी कंसीडर्ड एज अ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर।
इट विल बी कंसीडर्ड एज अ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर। ममता शर्मा जी कह रही हैं सर आपकी तरफ से
मैं हैं सो तो हम अभी कहां तारीफ के काबिल हैं? क्यों नहीं है ममता जी? जो मेहनत करते हैं दिल लगाकर वो भी तारीफ के काबिल
होते हैं। और हम यहां आरपीएससी अड्डा के प्लेटफार्म पर आपसे जो मेहनत करवा रहे हैं तो हम भी तारीफ के काबिल हैं। आप भी तारीफ
के काबिल हैं। पर आप और काबिल हो जाएंगे। जिस दिन रिजल्ट आएगा और आपकी गवर्नमेंट जॉब लग जाएगी। ठीक है। चलिए
ये लीजिए अगला एमसीक्यू। ये लीजिए और मुझे कमेंट सेक्शन में बताइए फटाफट से।
बताइए जल्दी-जल्दी बताइए। द अमाउंट स्पेंट खर्च किया है पैसा किसके
लिए किया है फॉर रिप्लेसमेंट ऑफ वर्न आउट पार्ट्स ऑफ अ मशीन। आपके पास एक ऐसी मशीन है जिसके पार्ट्स जो
हैं वह घिस जाते हैं काम लेने पर और फिर आपको उनको बदलना पड़ता है। फिर आप इस्तेमाल करते हो वो पार्ट घिस जाते हैं।
आपको बदलने पड़ते हैं। फिर घिस जाते हैं फिर बदलने पड़ते हैं। रिकरिंग नेचर की एक्टिविटी है। बार-बार ये खर्चा करना
पड़ता है। बार-बार पार्ट बदलने पड़ते हैं। एक बार पार्ट बदलते हो तो वो सालों तक नहीं चलता। शॉर्ट टर्म बेनिफिट जो खर्चा
प्रोवाइड करता है। वेरी गुड ऑप्शंस में आंसर ऑलरेडी आ चुके हैं सर कि ये जाएगा सर रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी के अंदर
क्योंकि ये एक ऐसा खर्चा है पार्ट का घिसना बदलना घिसना बदलना ये रेगुलर मेंटेनेंस रिपेयरिंग और सर्विसिंग का
खर्चा है और इससे मशीन की एफिशिएंसी काम करने की क्षमता नहीं बढ़ती है। काम तो उतना ही करेगी जितना पहले करती थी। समझ
में आ रही है बात? और पार्ट्स का घिसना और उनको रिप्लेस करना डे टू डे मेंटेनेंस, रिपेयरिंग, सर्विसिंग का पार्ट है। इसलिए
ये जो खर्चा आपका हुआ है यह रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी के अंदर जाएगा जाएगा जाएगा।
ममता जी सर सिनेमा हॉल की सीट की मरम्मत रेवेन्यू एक्सपेंडिचर होगा। जी बिल्कुल बिल्कुल रेगुलर मेंटेनेंस के लिए रेगुलर
रिपेयरिंग का खर्चा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में ही जाएगा। ठीक है।
चलिए क्वेश्चन नंबर 39 समझ में आया? आया। आया क्या? और एक लास्ट क्वेश्चन हमारा इस चैप्टर का
देखिए और जवाब फटाफट से दीजिए। फटाफट से जवाब दे दो।
जल्दी से जवाब दे दो। लास्ट एमसीक्यू आपके सामने। जी हां ममता जी यह टॉपिक बहुत इंटरेस्टिंग
है। मैं खुद मानता हूं और जो साथी ढंग से नहीं सुनते, ढंग से नहीं पढ़ते उनके लिए ये टॉपिक बहुत कंफ्यूजिंग भी है।
उनके लिए ये टॉपिक बहुत कंफ्यूजिंग भी है। चलो बहुत सारे आंसर्स ऑलरेडी मेरे पास आ गए। वेरी गुड। शानदार शानदार शानदार।
तारा प्रकाश जी, वाणी वर्मा जी, राजू बोस जी, राम गिरवाल जी, प्रियंका जी, मीनाक्षी जी, जय कल्याण जी क्या बात है। क्या बात
है ममता शर्मा जी क्या बात है। वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड वेरी गुड। हां जी। ये कौन सा खर्चा है? डेप्रिसिएशन
ऑन फिक्स्ड एसेट्स। हर साल होने वाला खर्चा। खर्चा रेदर आप इसको नुकसान कहेंगे।
जितने भी फिक्स्ड एसेट्स आप अपने बिजनेस में इस्तेमाल कर रहे हैं, उनको इस्तेमाल करने की वजह से हर साल उनकी वैल्यू
रिड्यूस होती है जिसे हम डेप्रिसिएशन कहते हैं। तो साथियों पहला ही कैपिटल एक्सपेंडिचर का जो कंडीशन है उसको दिमाग
में लाइए। क्या इस खर्चे से एसेट की वैल्यू बढ़ती है? अरे मैया बढ़ती नहीं कम होती है तो बढ़ती नहीं तो कैपिटल
एक्सपेंडिचर में नहीं जा सकता यह खर्चा किस में जाएगा साथियों ये जाएगा रेवेन्यू एक्सपेंडिचर की कैटेगरी में तो क्वेश्चन
क्या कह रहा है डेप्रिसिएशन ऑफ फिक्स्ड एसेट्स इज एन एग्जांपल ऑफ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर क्या ये स्टेटमेंट सही है
क्या ये स्टेटमेंट पार्टली सही है क्या ये स्टेटमेंट फॉल्स है या फिर नन ऑफ द अबव हो तो डेफिनेटली साथियों ये जो स्टेटमेंट है
ये ट्रू है। डेप्रिसिएशन एक तरह का बार-बार होने वाला नुकसान है और ये जो खर्चा है ये कैपिटल एक्सपेंडिचर की कोई
कंडीशन को पूरा नहीं करता है। ठीक है। ममता जी कह रही हैं सर अगला टॉपिक कौन सा होगा? ममता जी अगला टॉपिक होगा
आपका फाइनल अकाउंट्स ऑफ अ मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
वो भी एक इंपॉर्टेंट टॉपिक है और उस इंपॉर्टेंट टॉपिक के अंदर हम लोग प्रैक्टिकल क्वेश्चंस शुरू करेंगे। जी हां
साथियों आज आप लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। यहां आज तक जो अपना सेशन हुआ है उसमें हम लोगों ने मैक्सिमम क्वेश्चंस
जो हैं क्योंकि वो चैप्टर्स ही थ्योरिटिकल चैप्टर्स थे। तो हम लोगों ने थ्योरिटिकल एमसीक्यूस की प्रैक्टिस करी है। कल से जो
हमारा टॉपिक शुरू होगा, कल से जो हमारा चैप्टर शुरू होने वाला है, कल से शुरू होगा प्रैक्टिकल पोर्शन। तो ये जो थ्योरी
थ्योरी थ्योरी थ्योरी का जो बोरियत है ये और खत्म हो जाएगी कल से। हालांकि मैं यह पूरी कोशिश करता हूं कि थ्योरी क्लास को
भी बिल्कुल प्रैक्टिकल तरह से समझाऊं और मुझे खुद पे इतना कॉन्फिडेंस है कि मैं पूरे एफर्ट्स डालता हूं कि मैं थ्योरी भी
आपको प्रैक्टिकल एग्जांपल के साथ समझाऊं और ऐसा मैंने किया है। अगर नहीं किया तो आप लोग मुझे बता सकते हैं। हिना अमिता जी
बिल्कुल सही आंसर आपका। काफी लेट आप हो गई हैं इस क्लास में। लास्ट एमसीक्यू है हमारा। मेरी आपसे दरख्वास्त है कि डेली
5:30 बजे एग्जैक्ट हमारी क्लास शुरू हो जाती है। तो आप समय पर आएंगे तो बहुत ही अच्छा हमें लगेगा।
चलिए आज की क्लास में हम लोग बात करने वाले हैं फाइनल अकाउंट्स ऑफ मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न। मतलब एक ऐसा
बिजनेस जो वो खुद अपनी फैक्ट्री के अंदर गुड्स को बनाता है और फिर मार्केट के अंदर कस्टमर्स
को बेचता है। जी हां साथियों हम उसी बिजनेस की यहां पर आज बात करने वाले हैं। वेलकम ममता जी। जय श्री कृष्णा। रचना जी।
राधे-राधे। बाकी सभी को गुड इवनिंग। सभी को जय श्री कृष्णा। चलिए शुरू करने चल रहे हैं हम लोग यहां पर
फाइनल अकाउंट्स ऑफ अ मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के एमसीक्यूस पर जैसा कि आपको मेरा रीति रिवाज पता है। हम उनमें से नहीं जो
सिर्फ एमसीक्यू आपको दिखा दिया और उसका उसको रीड कर लिया और आपको यह बता दिया कि भैया इसका ऑप्शन तो सी होगा। अरे जब इतना
ही करना है तो इतनी चीज तो प्रिंटेड फॉर्म में कोई भी बच्चा प्रिंट निकाल के खुद पढ़ लेगा। पीछे उत्तरमाला दे रखी होगी। आंसर्स
दे रखे होंगे। अच्छा इसका आंसर ए है। ये लो ए बी है बी। अरे वो तो तुम खुद कर सकते हो। पर आरपीएससी अड्डा प्लेटफार्म एक ऐसा
प्लेटफार्म है जो आपके लिए फ्री एमसीक्यू बैच ले आया है और इस फ्री एमसीक्यू बैच की शानदार खासियत जो साथी डेली क्लास में
जुड़ते हैं वो जानते हैं कि हर एमसीक्यू को हम कितना अच्छे तरह से डिस्कस करते हैं। हम ये तक चेक करते हैं कि जो ऑप्शंस
गलत है वो क्यों गलत है और जो सही है वो क्यों सही है। तो साथियों स्वागत है आपका उस यूनिक एमसीक्यू बैच के अंदर जो
प्रोवाइड करवा रहा है आपको आरपीएससी अड्डा। हां जी। चलिए शुरू करते हैं हम लोग यहां पर क्वेश्चन
नंबर वन से। द मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट इज क्लोज्ड। अब साथियों यहां पर एक अकाउंट
हमारे सामने आया मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट। तो जब आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे बिजनेस की एक ऐसे कंसर्न की जो सिर्फ
ट्रेडिंग नहीं करता सिर्फ खरीदना बेचना खरीदना बेचना नहीं करता खरीदना प्लस खुद फैक्ट्री में गुड्स को बनाना और फिर बेचना
आज हम उस बिजनेस के बारे में बात करने जा रहे हैं। तो कुछ बेसिक डिटेल्स मैं आपको हर क्लास में बहुत ही क्यूट और कलरफुल
फॉर्म में पढ़ाता हूं। पहले मैं आपको चैप्टर का इंट्रोडक्शन देता हूं। कुछ बेसिक डिटेल्स बताता हूं, कुछ ट्रिक्स
बताता हूं। कुछ चीजें, कुछ कंडीशंस आपको बताता हूं। और वो सब चीजें जब आप ध्यान से सुन लेते हो तो फिर आप बड़ी रफ्तार से
लाइव चैट के अंदर मुझे जवाब भी देते हो। तो चलिए इस चैप्टर से रिलेटेड बेसिक कांसेप्ट्स हम लोग यहां पर कुछ डिस्कस कर
लेते हैं। सबसे पहली बात साथियों कि एक मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न क्या भला होता है भाई साहब? तो साथियों यह एक ऐसा बिजनेस है
जो क्या करता है? खुद प्रोडक्ट अपनी फैक्ट्री के अंदर बनाता है और फिर कस्टमर्स को बेचता है। ऐसा नहीं है कि
सीधा बना बनाया खरीदा और बेच दिया। वो कहलाती है साथियों ट्रेडिंग कंसर्न। ठीक है? यहां बात आ रही है मैन्युफैक्चरिंग
कंसर्न की जो खुद अपनी फैक्ट्री में गुड्स बनाते हैं। एग्जांपल के तौर पे आप क्या ले सकते हो? जैसे फर्नीचर बनाने की फैक्ट्री,
साबुन बनाने की फैक्ट्री, कपड़े बनाने की फैक्ट्री एक्सट्रा एक्सट्रा क्लियर। अगली बात जब बात आती है एक मैन्युफैक्चरिंग
कंसर्न की जो खुद प्रोडक्ट बनाता है। खुद प्रोडक्ट मैन्युफैक्चर करता है। और एक दूसरी होती है साथियों ट्रेडिंग कंसर्न।
यहां मैं लिख देता हूं साइड में। एक दूसरी होती है साथियों ट्रेडिंग कंसर्न। ट्रेडिंग कंसर्न क्या करती है साथियों? यह
बिजनेस क्या करता है? बने बनाए गुड्स खरीदता है
और डायरेक्टली उनको कस्टमर्स को बेचता है। वो कहलाता है साथियों हमारा ट्रेडिंग
बिजनेस। ट्रेडिंग कंसर्न और ट्रेडिंग कंसर्न के केस में जब हम बात करते हैं हमने हमारी 11th क्लास के अंदर
11वीं क्लास में हम लोगों ने पढ़ा था फाइनल अकाउंट्स ऑफ अ सोल प्रोपराइटरशिप जिसके अंदर हम लोगों ने पढ़ा था कि अगर एक
ट्रेडिंग कंसर्न है तो वो अपने फाइनल अकाउंट्स में सबसे पहले ट्रेडिंग अकाउंट बनाता है। ट्रेडिंग अकाउंट के बाद पीएंडएल
अकाउंट बनाता है और लास्ट में वह बिजनेस बनाता है बैलेंस शीट। ये साथियों नॉर्मल फाइनल अकाउंट्स के
पार्ट्स हैं जो आप लोगों ने अपनी 11th क्लास में भी पढ़े होंगे। बट ये चैप्टर जो है साथियों वो ट्रेडिंग कंसर्न की बात
नहीं करता। यह चैप्टर बात करता है आपसे मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न की। और जब बात आती है एक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की जो खुद
प्रोडक्ट बनाता है बना बनाया नहीं खरीदता जो खुद प्रोडक्ट बनाता है उसके केस में फाइनल अकाउंट्स के अंदर ट्रेडिंग पीएंडएल
और बैलेंस शीट के अलावा एक एक्स्ट्रा अकाउंट बनता है ट्रेडिंग अकाउंट से भी पहले साथियों जिसको हम बड़े
प्यार से कहेंगे मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट यह देखो मैंने ब्रैकेट में लिख लिख दिया है कि मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के केस में
ट्रेडिंग पीएंडएल और बैलेंस शीट से पहले एक एक्स्ट्रा अकाउंट और बनाया जाता है जिसको हम मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के नाम
से जानते हैं। अब साथियों जैसे हर अकाउंट बनाने के पीछे कोई पर्पस होता है। जैसे ट्रेडिंग अकाउंट बनाने के पीछे का पर्पस
है ग्रॉस प्रॉफिट या ग्रॉस लॉस कैलकुलेट करना। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाने के पीछे का पर्पस होता है नेट प्रॉफिट और नेट
लॉस कैलकुलेट करना। बैलेंस शीट बनाने के पीछे का पर्पस होता है टू फाइंड आउट द फाइनशियल पोजीशन एसेट्स एंड लायबिलिटीज ऑफ
द बिजनेस। वैसे ही मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट बनाने का भी कोई ना कोई पर्पस होगा। तो साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट बनाने के
पीछे का पर्पस ये होता है क्योंकि कैलकुलेट करना चाहते हैं हम कि जो गुड्स हमने खुद फैक्ट्री में बनाए उन गुड्स को
बनाने में मेरा कितना खर्चा लगा। तो साथियों इस अकाउंट से क्या निकल जाती
है साथियों? गुड्स बनाने की कॉस्ट। एग्जजेक्टली बिल्कुल सही कहा तारा प्रकाश जी आपने। द कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग द
प्रोडक्ट्स। और इसको साथियों आप कुछ और टर्म्स से भी डिनोट कर सकते हो। इसको आप कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन भी कह सकते हो। आप
इसको मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ऑफ फिनिश्ड गुड्स भी कह सकते हो। आप इसको कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरर्ड गुड्स भी कह सकते हो। कुल
मिला के मीनिंग सबका सेम है कि जितने गुड्स अपने बनकर तैयार हो गए उनको बनने में कितना खर्चा लगा। यही अकाउंट कैलकुलेट
करके आपको देगा। जिस अकाउंट का नाम है प्यारे साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट। अब मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का फॉर्मेट
आपके दिमाग में होना चाहिए और फिर उसके बाद ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर क्या-क्या चीजें आती है डेबिट साइड और क्रेडिट साइड
वो भी फॉर्मेट अगर आपके दिमाग में सेट है तो आपको क्वेश्चन सॉल्व करने में कोई समस्या नहीं आएगी। सोना जी वेरी गुड
इवनिंग वेलकम इन द क्लास। यह देखिए साथियों आपके सामने यहां पर फॉर्मेट है। पहले है मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट का। उसके बाद इसके जस्ट नीचे हम लोग देखेंगे ट्रेडिंग अकाउंट। हां जी। तो एक
मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के अंदर फाइनल अकाउंट्स का सबसे पहला पार्ट मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट आप लोगों की
स्क्रीन पर ये रहा। साथियों डेबिट के और क्रेडिट के आइटम्स आप लोगों को यहां पर ध्यान में रखने होंगे। तो मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट की सबसे पहला अमाउंट जो आता है इसमें साथियों वो रहता है रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड का।
रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड आपने पूरे साल भर में कितने का कच्चा माल यूज कर लिया उसको हम रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड कहते हैं
साथियों। और रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड की कैलकुलेशन बहुत ध्यान रखनी है। रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड का अलग से एमसीक्यू आ सकता है।
तो कैलकुलेशन के लिए आपको फार्मूला पता होना चाहिए। साथियों रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड निकालने का फार्मूला ध्यान रख ध्यान
रखिएगा। दैट इज ओपनिंग स्टॉक ऑफ रॉ मटेरियल या फिर ओपनिंग इन्वेंटरी ऑफ़ रॉ मटेरियल। ऐड करना है आपको। उसमें प्लस
करना है नेट परचेजेस। नेट परचेजेस ऑफ रॉ मटेरियल। और नेट परचेजेस का मतलब क्या होता है साथियों?
परचेजेस में से क्या लेस हो जाएगा? परचेजेस रिटर्न। फिर उसके बाद साथियों आपको एक चीज और ऐड
करनी है और वो है डायरेक्ट एक्सपेंसेस रिलेटिंग टू रॉ मटेरियल। अगर रॉ मटेरियल को लाने में फैक्ट्री तक लाने में कोई
खर्चा लगा वो भी यहां पर ऐड होगा। और एट लास्ट यहां पर लेस किया जाएगा क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ रॉ मटेरियल। तो ये जो चार
अमाउंट्स हैं इनको आपस में ऐड और लेस करने के बाद आपको अमाउंट मिलेगा रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड का कि साल भर में कितने रुपए का
कच्चा माल इस्तेमाल कर लिया गया गुड्स बनाने के लिए। अगली बात साथियों डायरेक्ट वेजेस आपके
प्रोडक्शन के रिलेटेड वर्कर्स को जो आपने पैसा दिया डायरेक्ट एक्सपेंसेस जितने भी आपके लगे फैक्ट्री में आपके जो जो भी
खर्चे लगे जैसे रॉयल्टी हो गई हायर चार्जेस हो गए आपके फिर फैक्ट्री से रिलेटेड कुछ इनडायरेक्ट
एक्सपेंसेस आपके सामने जैसे रिपेयर्स एंड मेंटेनेंस हो गया आपका डेप्रिसिएशन हो गया आपका फैक्ट्री कॉस्ट हो गया आपका ये सारे
खर्चे जो है ये आपके मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के डेबिट साइड में कवर कवर होंगे और एक लास्ट में आपको लेना पड़ता है
ओपनिंग वर्क इन प्रोसेस। आप इसको ओपनिंग वर्क इन प्रोग्रेस भी डिनोट कर सकते हैं। वर्क इन प्रोग्रेस का मतलब है साथियों
सेमी फिनिश्ड गुड्स जो अभी बनने की कतार में है, आधे बन चुके हैं। थोड़ा बहुत और उनमें काम होगा तब जाके वो फिनिश्ड गुड्स
में कन्वर्ट होंगे। तो ये आधे अधूरे बने हुए गुड्स हैं। इनका ओपनिंग बैलेंस जो है वो यहां पर मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में
डेबिट साइड आता है। क्रेडिट साइड की बात करते हैं साथियों हम यहां पर मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की। क्रेडिट साइड
ध्यान रखिएगा साथियों। सबसे पहला आइटम है बाय बाय प्रोडक्ट्स एट नेट रियलाइजेबल वैल्यू। मान लो आपने कच्चा माल इस्तेमाल
किया और कच्चे माल के जो अवशेष थे कच्चे माल में से जो फालतू का पार्ट बच गया था उसको आपने बेचा वो अमाउंट यहां पर आने
वाला है। उसके नीचे आएगा साथियों साल के एंड में सेमी फिनिश्ड गुड्स आपके पास कितने पड़े हैं जिनको अभी एक्चुअल में
फाइनल प्रोडक्ट में कन्वर्ट होना बाकी है वो यहां आएगा साथियों ये सारी चीजें डेबिट और क्रेडिट साइड में लिखने के बाद लास्ट
में साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की टोटलिंग की जाती है। लास्ट में साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की टोटलिंग की
जाती है। मान लेते हैं ये x अमाउंट हमारे सामने आया। ये x अमाउंट हम फिर से अपोजिट साइड लिखते हैं। और इस x अमाउंट में से ये
ऊपर वाले दोनों आइटम्स को हम लोग लेस करेंगे। तो यहां एक फाइनल अमाउंट फाइनल बैलेंस जो है मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का
यहां पर निकल के आता है। और ये जो फाइनल बैलेंस निकल के आता है मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का यही हमारा कहलाता है कॉस्ट ऑफ
प्रोडक्शन या फिर कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरर्ड गुड्स या फिर कॉस्ट ऑफ फिनिश्ड गुड्स। और साथियों ये जो अमाउंट
है ये अमाउंट ट्रांसफर होता है ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर। ये देखिए मैंने एरो यहां पर आप लोगों के लिए बना रखा है। नीचे आप
लोगों को ट्रेडिंग अकाउंट बड़े प्यार से नजर आ रहा होगा। तो ये जो कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन फाइनल अमाउंट जो
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का निकलता है इट इज ट्रांसफरर्ड टू ट्रेडिंग अकाउंट। ये देखिए साथियों।
तो मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के बाद अगला अकाउंट जो बनाया जाता है एक मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न में वो है
ट्रेडिंग अकाउंट। ट्रेडिंग अकाउंट में डेबिट साइड क्या-क्या आइटम्स आएंगे साथियों? पहला आएगा फिनिश्ड गुड्स का
ओपनिंग स्टॉक। साल के शुरुआत में अपने पास कितना कंप्लीट किया हुआ माल पड़ा है? सेकंड चीज जो ट्रांसफर हो के आई है
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट से जो कि है कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन। मतलब यह जो फिनिश्ड गुड्स हैं इनको बनने में कितना खर्चा लगा। राइट
साइड आता है साथियों बाय नेट सेल्स। साल भर में कितना फिनिश्ड गुड्स आपने बेच दिया वो अमाउंट। और एक लास्ट चीज आती है
साथियों साल के एंड में कितने के फिनिश्ड गुड्स आपके पास बच गए। यह सारी डिटेल्स ट्रेडिंग अकाउंट में फिल करने के बाद हम
ट्रेडिंग अकाउंट की टोटलिंग करते हैं और टोटलिंग करने पर जो फाइनल रिजल्ट आता है वो या तो ग्रॉस प्रॉफिट के रूप में आता है
या फिर ग्रॉस लॉस के रूप में आता है। ग्रॉस प्रॉफिट आएगा या फिर ग्रॉस लॉस यहां पर आएगा। फिर ट्रेडिंग अकाउंट के बाद आप
लोग वाकिफ होंगे। पीएंडएल अकाउंट और बैलेंस शीट जो है वो नॉर्मल तरीके से हम लोग बनाते हैं। उसी तरह से बनाई जाएगी। इन
दो चीजों में जो डिफरेंस है एक नॉर्मल बिजनेस और एक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का वो डिफरेंस मैंने आप लोगों को यहां पर बता
दिया कि एक नॉर्मल जो ट्रेडिंग बिजनेस होता है उसमें मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट नहीं बनता बट एक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस
के केस में मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट बनता है जिसमें लेफ्ट साइड क्या-क्या आइटम्स आते हैं आपको ध्यान में रखने हैं। राइट
साइड क्या-क्या आइटम्स आते हैं वो भी आपको ध्यान में रखने हैं। फिर इस मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का फाइनल रिजल्ट
क्या आता है वो भी आपको ध्यान में रखना है। फिर वो फाइनल रिजल्ट कहां पर ट्रांसफर किया जाता है? यह भी आपको ध्यान रखना है।
ट्रांसफर होने के बाद ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर डेबिट में क्या-क्या आइटम्स आते हैं ये भी आपको पता होने चाहिए। क्रेडिट में
क्या-क्या आइटम्स आते हैं ये भी आपको पता होना चाहिए। और फिर ट्रेडिंग अकाउंट का जो नेट रिजल्ट है जैसे कि ग्रॉस प्रॉफिट या
फिर ग्रॉस लॉस ये भी आपको पता होना चाहिए। अब साथियों यह तो एक बेसिक इंट्रोडक्शन हो गया यहां पर। बट मैंने यहां पर कुछ चीजें
ऑलरेडी आप लोगों के लिए हाईलाइट की हुई है। जैसे आप सबसे पहले अगर आपको दिख रहा हो यह वाला पार्ट जिसमें
एग्जाम के अंदर क्वेश्चन निकल के आता है। क्वेश्चन बन के आता है। कुछ डाटा आपको गिवन होता है और वहां आपसे पूछा जाता है
रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड कैसे निकलेगा? वो जरा कैलकुलेट करके बताइए। तो साथियों रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड निकालने
का फार्मूला आप अपने दिमाग में याद रखिएगा जो कि है ओपनिंग स्टॉक ऑफ रॉ मटेरियल प्लस नेट परचेजेस प्लस डायरेक्ट एक्सपेंसेस
रिलेटिंग टू रॉ मटेरियल माइनस क्लोजिंग स्टॉक ऑफ रॉ मटेरियल। तो साथियों इससे रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड का अमाउंट जो है वो आप
आसानी से निकाल पाएंगे। दूसरी तरफ साथियों एक और चीज मैंने यहां पर हाईलाइट करी है। यह क्या है साथियों? यह मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट का फाइनल बैलेंस है। और यही फाइनल बैलेंस होता है कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग गुड्स। यही फाइनल बैलेंस होता है कॉस्ट ऑफ
प्रोडक्शन। और साथियों यह बैलेंस कहां ट्रांसफर होता है साथियों? ये बैलेंस ट्रांसफर होता है आपका ट्रेडिंग अकाउंट के
अंदर डेबिट साइड। फिर ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर भी कुछ ऐसे आइटम्स हैं जिनसे एक फार्मूला निकल के आता है। साथियों
ट्रेडिंग अकाउंट से जो फार्मूला निकल के आता है हमारे सामने वो फार्मूला है कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का जिसको हम बड़े प्यार से
सीओजीएस भी कहते हैं। कि जो माल हमने बेच दिया उसकी लागत कितनी है?
कैसे निकालेंगे साथियों? रटने की कोई जरूरत नहीं है। आप ट्रेडिंग अकाउंट का फॉर्मेट अगर अपने दिमाग में रखेंगे तो
फार्मूला ऑटोमेटिकली आपके दिमाग से निकल के आ जाएगा। जैसे कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड में यहां पर तीन चीजें हम लोग काम में
लेंगे। पहली है ओपनिंग स्टॉक ऑफ फिनिश्ड गुड्स। दूसरी चीज हम काम में लेंगे कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन ऑफ फिनिश्ड गुड्स। और तीसरी
चीज जो हम काम में लेंगे वो है क्लोजिंग स्टॉक। तो इन्हीं तीन से एक लाल कलर का एरो आपको निकलता हुआ दिख रहा होगा। तो
यहां पर इन तीनों से कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का फार्मूला जो निकल के आएगा साथियों वो है ओपनिंग स्टॉक ऑफ फिनिश्ड गुड्स जिसमें
आप प्लस करेंगे कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन या फिर जिसको आप कह सकते हैं मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट और उसमें से आपको लेस करना होगा
फिनिश्ड गुड्स का क्लोजिंग स्टॉक साथियों। तो इससे आपके पास वैल्यू निकल के आ जाएगी कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड की। साथियों यह
फार्मूला मैं आपको डिराइव करके इसलिए बता रहा हूं ताकि आपको फार्मूला रटना ना पड़े। अगर आपके दिमाग में फॉर्मेट सेट है तो आप
फार्मूला खुद बना पाओगे। आपको रटने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। ठीक है? तो यहां पर एक तो कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का फार्मूला आपको
ध्यान में रखना है। उसके बाद आपको ये ध्यान में रखना है कि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का फाइनल रिजल्ट क्या होता है।
उसके बाद साथियों आपको ये भी ध्यान रखना है कि रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड किस तरह से निकाला जाता है। और भी चीजें कुछ
एमसीक्यूस में अगर पूछी जाती है तो आपको ज्यादा दिमाग नहीं लगाना है। अगर आपके दिमाग में फॉर्मेट है ना मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट का और ट्रेडिंग अकाउंट का तो आपको एमसीक्यू सॉल्व करने में कोई भी समस्या नहीं आएगी। मैं गारंटी देता हूं। तो ये
कुछ बेसिक डिटेल्स है साथियों जो मैंने आपको एक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की यहां पर प्रोवाइड कर दी। अब चलते हैं हम
एमसीक्यूस पे और एमसीक्यूस को एक-एक करके सॉल्व करते हैं। एक-एक क्वेश्चन को हम चेक करते हैं। चाहे वो थ्योरीज क्वेश्चन हो,
चाहे वो कोई वैल्यू, कोई अमाउंट निकालने वाला क्वेश्चन हो। सारे हम लोग आसानी से यहां पर सॉल्व करेंगे। एक बार फटाफट से
क्लास के अंदर थम्स अप का बटन दिखा दीजिए। सर हम लोग रेडी हैं सर। हम लोग रेडी हैं। एक बार थम्स अप का बटन दबाइए फ़ास्ट।
[गहरी सांस लेने की आवाज़] फास्ट दबाइए एक बार। मैं चेक करता हूं फटाफट।
कि सर हम लोग अब एमसीक्यू के मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। आप तो सर चालू करो। आपने इंट्रोडक्शन हमको समझा दिया।
रिवीजन हो चुका है हमारा। आप तो सर शुरू करिए सर आप तो शुरू करिए फटाफट से लाइव चैट में ठेंगा दिखाओ ठेंगा जल्दी
चलिए ओके आ गया भैया चलिए क्वेश्चन नंबर वन क्या कह रहा है हमसे द मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट इज क्लोज्ड
जब मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की लास्ट में जब टोटल की जाती है जो बैलेंस निकलता है साथियों वो किस साइड निकलता है चेक करो
साथ में मेरे किस साइड निकला बैलेंस मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के क्रेडिट में निकला या नहीं निकला मतलब मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट आपका क्रेडिट हो रहा है इस फाइनल बैलेंस के लिए और यह फाइनल बैलेंस मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट में क्रेडिट साइड है जो कि ट्रेडिंग अकाउंट में किस साइड गया साथियों डेबिट साइड
क्या कह रहा है क्वेश्चन? क्या कह रहा है क्वेश्चन? आजा मेरे क्वेश्चन। द मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट इज क्लोज्ड।
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट को कैसे क्लोज किया जाता है? कौन सा अकाउंट क्रेडिट होता है? मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट। और वो जो
कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन है वो ट्रेडिंग अकाउंट में किधर जाती है? डेबिट साइड। तो साथियों क्या ऐसा कोई ऑप्शन है जो हमसे यह कह रहा
हो दैट द मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट इज क्लोज्ड बाय क्रेडिटिंग द मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट एंड डेबिटिंग द ट्रेडिंग अकाउंट।
रचना जी रचना जी प्लीज ऑप्शन को ध्यान से पढ़ें और फिर आंसर करें। अच्छा अच्छा आपने करेक्ट कर दिया। वेरी
गुड वेरी गुड वेरी गुड। तो साथियों ऑप्शन नंबर बी यह बात जरूर कह रहा है कि जब मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट को क्लोज किया
जाता है तो कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन से मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट को क्रेडिट किया जाता है और वही अमाउंट ट्रेडिंग अकाउंट के
अंदर जाकर डेबिट किया जाता है। ममता जी मस्ती नहीं ममता जी ए ऑप्शन कैसे ममता जी मस्ती नहीं प्रियंका जी
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का जो फाइनल बैलेंस है वो पीएंडएल अकाउंट में नहीं जाता वो ट्रेडिंग अकाउंट में जाता है
प्लीज प्लीज करेक्ट योरसेल्फ तो यहां पर साथियों क्वेश्चन नंबर वन का नोट्स जैसे मैंने अभी
आपको पढ़ाए एक बेसिक सा इंट्रोडक्शन दिया आप लोगों को और तुरंत काफी सारे साथियों ने बिल्कुल सही आंसर यहां पर कर दिया है
जो कि है सॉरी ऑप्शन नंबर बी चलो आगे बढ़ें चलो आगे बढ़े इन केस ऑफ अ मैन्युफैक्चरिंग
बिजनेस द ओपनिंग स्टॉक ऑफ फिनिश्ड गुड्स कहां पर कौन से अकाउंट में शो किया जाता
साथियों अभी मैंने आपको फॉर्मेट पढ़ा दिया एक मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का। साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर तो ओपनिंग
और क्लोजिंग स्टॉक किसके आते हैं? रॉ मटेरियल और वर्क इन प्रोग्रेस के। वहीं फिनिश गुड्स की जहां पर बात आती है
साथियों तो फिनिश्ड गुड्स का ओपनिंग और क्लोजिंग इन्वेंटरी ट्रेडिंग अकाउंट में आती है साथियों जिसमें से ओपनिंग स्टॉक
डेबिट में आता है और क्लोजिंग स्टॉक क्रेडिट में आता है। अब चलते हैं एमसीक्यू पर और आंसर फाइंड आउट करते हैं। ये पूछ
रहा है एक मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस के अंदर। फिनिश्ड गुड्स का ओपनिंग स्टॉक कौन से अकाउंट में और किस साइड शो किया जाता
है? सर अभी आप लोग आपने पिक्चर क्लियर कर दी सर कि ओपनिंग स्टॉक फिनिश्ड गुड्स का ट्रेडिंग अकाउंट में जाता है डेबिट साइड।
कौन सा ऑप्शन दिख रहा है साथियों आपको यहां पर? चेक करिए।
कौन सा ऑप्शन ये कह रहा है कि ये ओपनिंग स्टॉक जो होता है फिनिश्ड गुड्स का ये ट्रेडिंग अकाउंट में डेबिट साइड जाता है।
ऑप्शन नंबर सी। ऑप्शन नंबर सी बिल्कुल यही बात कह रहा है कि फिनिश गुड्स का जो ओपनिंग इन्वेंटरी
होता है वो ट्रेडिंग अकाउंट में जाता है। वो भी डेबिट साइड फॉर्मेट आपको ध्यान में रखना पड़ेगा अगर आपको एमसीक्यूस के सही
आंसर्स फाइंड आउट करने हैं। चलिए बात करते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की।
द मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट इज प्रिपयर्ड। साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट बनाने के पीछे हमारा पर्पस क्या पढ़ा है अभी हम
लोगों ने? ताकि हम लोग क्या कैलकुलेट कर सकें? ये देखो ताकि हम लोग क्या कैलकुलेट कर सके
साथियों? द कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन। द कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग गुड्स। तो क्या ऐसा कोई ऑप्शन है क्या क्वेश्चन नंबर थ्री में
जो हमसे यह कहे कि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट तो इसलिए बनाया जाता है ताकि हमने जो गुड्स बना लिए उनकी लागत कितनी लगी वो
निकालने के लिए हम मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट बनाते हैं। वेरी गुड माय किस्मत जी वेरी गुड।
बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने साथियों कि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट हम किसके लिए बनाते हैं? टू कैलकुलेट द कॉस्ट ऑफ गुड्स
प्रोड्यूस्ड। वेरी गुड ममता जी, वेरी गुड तारा प्रकाश जी, वेरी गुड राम गिरवाल जी, वेरी गुड माय किस्मत जी, वेरी गुड
प्रियंका जी, वेरी गुड वेरी गुड। और वेरी गुड। अरे प्रियंका जी भी वेरी गुड। चलिए
अगले क्वेश्चन पर चलते हैं। हम हम लोग यहां पर वि ऑफ द फॉलोइंग ग्रुप्स ऑफ एक्सपेंसेस
आर डायरेक्ट एक्सपेंसेस ऑफ द बिजनेस? साथियों डायरेक्ट एक्सपेंसेस बचपन में पढ़ा होगा आपको याद आ जाएगा। डायरेक्ट
एक्सपेंसेस कौन से खर्चे होते हैं साथियों? ऐसे खर्चे जो जिनका रिलेशन डायरेक्टली किससे होता है? प्रोडक्शन से।
और सरल भाषा में ऐसे खर्चे जिनके बिना प्रोडक्शन नहीं हो पाएगा। साथियों ऐसे खर्चे को हम लोग डायरेक्ट एक्सपेंसेस कहते
हैं। अब इन चार ऑप्शंस में से ऐसे कौन से खर्चे हैं जो डायरेक्ट एक्सपेंसेस की कैटेगरी में फॉल करेंगे? चलिए चेक करते
हैं। ऑप्शन नंबर ए। इसमें सैलरी दे रखा है साथियों। अरे साथियों सैलरी एक डायरेक्ट एक्सपेंस नहीं बल्कि यह तो इनडायरेक्ट
एक्सपेंस है। तो दूसरा कॉमा करके वेजेस हां वेजेस जरूर एक डायरेक्ट एक्सपेंस है। पर एक शॉप रेंट
वापस एंड में आ गया। ये इनडायरेक्ट एक्सपेंस है आपका। तो फर्स्ट ऑप्शन हम नहीं सेलेक्ट कर सकते क्योंकि हमें तो
सारे डायरेक्ट एक्सपेंस ढूंढने हैं। सेकंड ऑप्शन स्टेशनरी। साथियों स्टेशनरी आपका इनडायरेक्ट एक्सपेंस होता है।
पोस्टेज और टेलीफोन भी आपका इनडायरेक्ट एक्सपेंस है। हमें तो डायरेक्ट एक्सपेंस ढूंढने हैं। थर्ड ऑप्शन हो सकता है क्या?
वेजेस एक डायरेक्ट एक्सपेंस है साथियों। फ्रेट इनवर्ड्स डेफिनेटली एक डायरेक्ट एक्सपेंस है। लोकल टैक्स ऑक्ट्रोई ये जो
टैक्स है ये भी आपका डायरेक्ट एक्सपेंस है। अरे वाह। ऑप्शन सी के अंदर हमको सारे वो खर्चे दिख
गए जिनका डायरेक्टली रिलेशन होता है प्रोडक्शन से। तो हमको हमारा जिसकी तलाश थी वो आंसर मिल
गया। और ऑप्शन डी में क्या है साथियों? ऑप्शन डी में एडवरटाइजिंग अरे इनडायरेक्ट। लीगल ऑडिटिंग इनडायरेक्ट हमको इनडायरेक्ट
नहीं चाहिए बाबूजी हमसे डायरेक्ट एक्सपेंसेस मांगे गए थे और हमने डायरेक्ट एक्सपेंसेस ढूंढकर भी दे दिए जो कि है
ऑप्शन नंबर सी। ओके चलिए बात करते हैं क्वेश्चन नंबर फाइव की। द सेल ऑफ रॉ मटेरियल रेजिड्यूस।
कच्चा माल आपने इस्तेमाल कर गया और उसमें से कुछ वेस्टेज निकला जो प्रोडक्शन में काम नहीं आएगा तो उसको क्या जलाओगे क्या
उसको भी तो बेचेंगे तो द सेल ऑफ रॉ मटेरियल रेड्यूस शोन इन द ट्रायल बैलेंस इसको कहां रिकॉर्ड किया जाता है एक
मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न में कौन से अकाउंट में मैंने अभी आपको फॉर्मेट में बताया था फिनिश्ड गुड्स की सेल तो ट्रेडिंग अकाउंट
में जाती है बट कच्चे माल का जो अवशेष रह जाते हैं उससे सेल करके जो अमाउंट रियलाइज होता है वो मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में
देखिए साथियों क्रेडिट साइड ऊपर ही ऊपर यह नजर आ रहा है क्या आपको ये ये ये नजर आया क्या
तो साथियों अगर यह नजर आया तो जरा आप जवाब भी दीजिए कच्चे माल के जो अवशेष बेच के पैसा है उसको आप कौन से अकाउंट में शो
करते हो और किस साइड वेरी गुड माय किस्मत जी सबसे पहला आंसर आपने दिया है। राम गिरवाल जी, तारा प्रकाश
जी, रचना जी, ममता जी, प्रियंका जी। बिल्कुल साथियों कच्चे माल के जो अवशेष है उनकी सेल को रिकॉर्ड किया जाता है
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में क्रेडिट साइड। तो ऐसा कौन सा ऑप्शन है जो हमसे यह कहे कि सर इनकी जो सेल है यह मैन्युफैक्चरिंग
अकाउंट में क्रेडिट साइड रिकॉर्ड होती है? तो क्वेश्चन नंबर फाइव का करेक्ट आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर बी।
ओके। चलिए जी। चलिए जी। क्वेश्चन नंबर सिक्स चेक करिए। द फाइनल रिजल्ट ऑफ द कंस्ट्रक्शन अकाउंट।
कंस्ट्रक्शन अकाउंट को यहां पर आप मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट पढ़िए। मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का फाइनल रिजल्ट
हमें क्या निकल के पता चल जाता है? मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट हमें क्या निकाल के दे देता है? जल्दी बताइए मुझे। फास्ट।
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का फाइनल बैलेंस क्या निकल के आता है? हम क्यों बनाते हैं साथियों? मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट
क्या ग्रॉस प्रॉफिट पता चलता है हमको मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट से? क्या नेट प्रॉफिट पता चलता है? क्या बुक वैल्यू ऑफ़
प्लांट पता चलती है? जी नहीं। हमें जो पता चलता है सर वो पता चलता है सर कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन।
कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग द गुड्स। तो सर हमें तो ये तो बहुत इजी एमसीक्यू लगा सर
क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का हमको पता है सर कि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट से हमको कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन जो है उसकी
वैल्यू मिलती है। और वो वैल्यू कहां ट्रांसफर होती है साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर। ठीक है? चलिए।
लीजिए [गला साफ़ करने की आवाज़] क्वेश्चन नंबर से ने आपसे एक फार्मूला
मांगा है और ईमानदारी से बता दो ये फार्मूला इस चीज का फार्मूला रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड का फार्मूला मैंने आपको अभी याद
दिलाया था कि ये याद रखना पड़ेगा और फार्मूला रटने की कोई जरूरत नहीं है। अकाउंट का फॉर्मेट जब दिमाग में होगा अपने
आप फार्मूला निकल के आएगा। चेक करिए क्वेश्चन नंबर सेवन और फटाफट से मुझे आंसर दीजिए कमेंट सेक्शन में फास्ट।
गुड गुड गुड एमटी ड्र जी गुड किस्मत जी गुड तारा प्रकाश जी गुड हां जी
क्वेश्चन नंबर सेवन ने क्या पूछा साल भर में कितना रॉ मटेरियल इस्तेमाल कर चुके हो कच्चा माल कितना इस्तेमाल कर लिया
है उसकी वैल्यू कैसे निकलती है तो साथियों मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का फॉर्मेट अगर आपके दिमाग में है तो मैंने आपको हाईलाइट
करके भी इसका का फार्मूला डिराइव करके समझाया था कि रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड निकालने का तरीका क्या होता है? ओपनिंग
इन्वेंटरी ऑफ़ रॉ मटेरियल लिया जाता है सबसे पहले। उसमें आपको ऐड करना है परचेजेस और परचेजेस रिटर्न को लेस करना है। फिर
आपको ऐड करने हैं रॉ मटेरियल से रिलेटेड किए गए सारे डायरेक्ट एक्सपेंस और फिर लेस करना है आपको रॉ मटेरियल की क्लोजिंग
इन्वेंटरी को। तो यहां पर चार ऑप्शंस में से ऐसा कौन सा ऑप्शन है जो हमारे उस फार्मूले को बता रहा हो। देखो फर्स्ट
ऑप्शन क्या कह रहा है? ओपनिंग स्टॉक प्लस परचेस ठीक है। प्लस डायरेक्ट एक्सपेंस ये भी ठीक है। प्लस रिटर्न ऑन परचेस। यहां
गलती हो गई इससे। रिटर्न ऑन परचेस तो क्या होता है साथियों? माइनस होता है। तो पहला ऑप्शन गलत। सेकंड ऑप्शन चेक करो। ओपनिंग
स्टॉक प्लस परचेस। ये भी ठीक है। माइनस कर दिया इसने डायरेक्ट एक्सपेंसेस को। जबकि डायरेक्ट एक्सपेंसेस को क्या किया जाता
है? प्लस। सेकंड ऑप्शन भी उड़ गया हमारा यहां पर। थर्ड ऑप्शन क्या कह रहा है? ओपनिंग स्टॉक ओके। प्लस परचेस ओके। प्लस
डायरेक्ट एक्सपेंसेस ओके। माइनस रिटर्न ऑन परचेस ओके। माइनस क्लोजिंग स्टॉक। ऑल इज़ ओके। ऑल इज वेल। ऑल इज वेल। तो क्वेश्चन
नंबर सेवन का सही आंसर सही फार्मूला रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड का हमें मिल चुका है जिसमें सही
चीजें प्लस हो रखी है और जो चीजें लेस होनी चाहिए वो लेस हो रखी है और लास्ट वाला गलत है क्या ओपनिंग स्टॉक ओके परचेस
प्लस ओके डायरेक्ट एक्सपेंसेस प्लस ओके रिटर्न ऑन परचेस माइनस कर रखा है ओके है पर ये अनओके जो है ये लास्ट में इसने
गड़बड़ कर दी क्लोजिंग स्टॉक स्टॉक को प्लस कर दिया, गड़बड़ कर दी। तो इसलिए ऑप्शन नंबर डी भी गलत हो जाएगा यहां पर।
तो क्वेश्चन नंबर सेवन का सटीक आंसर रहेगा ऑप्शन नंबर सी। वेरी गुड। फॉर्मेट मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट
का दिमाग में रखना है। ट्रेडिंग अकाउंट का फॉर्मेट भी आपको दिमाग में रखना है। तो फार्मूला आ जाए चाहे कोई वैल्यू निकालने
के आ जाए। आपको कोई प्रॉब्लम नहीं आने वाली। लीजिए साथियों जिसका हमें बेसब्री से
इंतजार था। सर बहुत थ्योरी थ्योरी थ्योरी थ्योरी थ्योरी थ्योरी हो गई सर। कहीं कोई अमाउंट निकालने वाला क्वेश्चन भी अगर आ
जाए प्रैक्टिकल क्वेश्चन तो सर कहीं ना कहीं मजा आ जाए सर। चलिए देखते हैं क्या क्वेश्चन पूछ रहा है यह। क्वेश्चन नंबर एट
कंसीडरिंग द फॉलोइंग इंफॉर्मेशन आंसर द क्वेश्चन बिलो। ओके। अब अपने पास क्या-क्या इंफॉर्मेशन है?
देखो, ओपनिंग और क्लोजिंग डेट अपने पास है। फिर अपने पास वैल्यू किस-किस की है? रॉ मटेरियल की ओपनिंग इन्वेंटरी है
₹17,400 और रॉ मटेरियल का क्लोजिंग स्टॉक दे रखा है ₹18,00। फिर वर्क इन प्रोसेस का आपको ओपनिंग
इन्वेंटरी दे रखा है ₹12,200 और क्लोजिंग इन्वेंटरी भी दे रखा है ₹12,400।
फिर साथियों आपको फिनिश्ड गुड्स की इन्वेंटरी भी दे रखी है। साल के शुरुआत में थी ₹44,500
और साल के एंड में है ₹43,700। मतलब एक तो कच्चे माल का ओपनिंग और क्लोजिंग स्टॉक दे रखा है। वर्क इन
प्रोग्रेस का ओपनिंग और क्लोजिंग स्टॉक दे रखा है और फिनिश्ड गुड्स का भी ओपनिंग और क्लोजिंग स्टॉक हमको यहां पर दे रखा है।
ठीक है? दिमाग में रखना। आगे ड्यूरिंग द ईयर मैन्युफैक्चरिंग ओवरहेड एक्सपेंसेस वर 61,000
मैन्युफैक्चरिंग से रिलेटेड वेजेस का खर्चा हुआ है ₹40,500 एंड द परचेस ऑफ़ रॉ मटेरियल वाज़ ₹93,900।
इतने का कच्चा माल आपने खरीदा। देयर वर नो अदर डायरेक्ट एक्सपेंसेस। ओके? अब इसने पूछा क्या है आपसे? यह पूछना चाहता है द
कॉस्ट ऑफ रॉ मटेरियल कंज्यूम्ड कितना होगा? साथियों, कॉस्ट ऑफ मटेरियल कंज्यूम्ड सबसे पहला अमाउंट जो
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड ऊपर ही ऊपर आता है। उसकी कैलकुलेशन इसने आपसे पूछी है। और कॉस्ट ऑफ मटेरियल
कंज्यूम्ड का फार्मूला क्या पढ़ा था साथियों, हम लोगों ने? कॉस्ट ऑफ मटेरियल कंज्यूम्ड इज इक्वल टू ओपनिंग स्टॉक ऑफ रॉ
मटेरियल प्लस परचेस ऑफ रॉ मटेरियल माइनस परचेस रिटर्न अगर दे रखा है तो प्लस डायरेक्ट एक्सपेंसेस रिलेटिंग टू रॉ
मटेरियल एंड माइनस क्लोजिंग स्टॉक ऑफ रॉ मटेरियल मतलब मटेरियल कंज्यूम्ड में आपको ओनली रॉ मटेरियल वाले जो अमाउंट हैं
उन्हीं को कंसीडर करना है। तो फटाफट से हम लोग क्वेश्चन में देख लेते हैं कि रॉ मटेरियल का कच्चे माल का ओपनिंग स्टॉक
कितना है? ₹17,400 तो ओपनिंग स्टॉक ऑफ रॉ मटेरियल हो गया साथियों ₹17,400
फिर साल के बीच में रॉ मटेरियल खरीदा है क्या? बिल्कुल इस टेबल के नीचे दे रखा है। ये रहा देखो साथियों
93,900 का रॉ मटेरियल और खरीदा गया प्लस होगा। फिर
परचेस रिटर्न वापस कोई माल भेजा है उससे रिलेटेड कोई इंफॉर्मेशन है? जी नहीं है। तो इसकी जगह कुछ भी पुट करने की जरूरत
नहीं है। फिर डायरेक्ट एक्सपेंसेस के लिए क्वेश्चन ने मना कर दिया था। देयर वर नो डायरेक्ट एक्सपेंसेस। और लास्ट में रॉ
मटेरियल का क्लोजिंग स्टॉक जो है वह दे रखा है आपको कितना दे रखा है साथियों 1800 तो यह ₹100
जो है वो आप लोगों को इसमें से लेस करना होगा तो साथियों यहां पर जब आप इसको ऐड और लेस करोगे तो आपका कॉस्ट
ऑफ मटेरियल कंज्यूम्ड का जो अमाउंट आएगा यहां पर वह आएगा 93ाउ ₹00
तो यहां पर क्वेश्चन के अंदर हमसे कच्चे माल का कंजमशन पूछा था कि कितना कच्चा माल आपने पूरे साल भर में यूज कर लिया है। तो
यहां पर 93200 हमने अमाउंट कैलकुलेट किया। क्या ये अमाउंट हमें क्वेश्चन में दिख रहा है?
ऑप्शन में दिख रहा है। कौन से ऑप्शन में दिख रहा है? जल्दी से बता दो मुझे। यह दिख रहा है हमें ऑप्शन नंबर बी के रूप में।
प्रैक्टिकल क्वेश्चन करने का अपना एक अलग मजा है और थ्योरिटिकल क्वेश्चन करने का अपना एक अलग मजा है। कुल मिला के आरपीएससी
अड्डा के प्लेटफार्म पे मजा ही मजा है। यह मजा अगर आप डेली लेते रहेंगे तो आपको और भी मजा आएगा रिजल्ट के दिन जिस दिन आपके
घर वालों को मजा आएगा क्योंकि आपकी लग चुकी होगी गवर्नमेंट जॉब। चलिए एक और प्रैक्टिकल क्वेश्चन आप लोगों के
सामने। एक और चलिए देखते हैं साथियों इसमें क्या गिवन है और हमें क्या निकालना है। एक बार सबसे
पहले जब इतना ज्यादा डाटा आपको दे रखा हो तो पहले ये चेक कर लो कि पूछा क्या? सबसे लास्ट लाइन चेक करो।
आपको निकालनी है मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ऑफ फिनिश गुड्स। जो गुड्स बन गए उनको बनने में कितना खर्चा
लगा? जिसको हम प्यार से और क्या कह सकते हैं साथियों? कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन। और साथियों
कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन जो है वो हमको एक अकाउंट बनाने से पता चल जाता है। कौन सा अकाउंट बनाने से पता चल जाता है साथियों?
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट। तो क्यों ना अपन एक काम करें? पूरा फॉर्मेट बनाने की कोई जरूरत नहीं है। बस इतना पता होना चाहिए कि
कौन सा अमाउंट मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में डेबिट में लिखना है और कौन सा अमाउंट मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के क्रेडिट में
लिखना है। सीधा अमाउंट लिखो फटाफट और फाइनल बैलेंस निकालो। ठीक है? ये देखो मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट ये टेबल मैंने आप
लोगों के लिए ऑलरेडी बना दी। ठीक है? अब जो जो अमाउंट डेबिट में लिखने हैं वो हम लोग डेबिट में लिखेंगे और जो जो अमाउंट
क्रेडिट साइड आने चाहिए उनको हम क्रेडिट साइड लिखेंगे। फॉर्मेट ध्यान में होना चाहिए आपको। हां जी। तो कंसीडरिंग द
फॉलोइंग रॉ मटेरियल की आपको इन्वेंटरी दे रखी है। साथियों रॉ मटेरियल की इन्वेंटरी आती है क्या मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में?
यस सर आती है। बोलो आती है या नहीं आती है? जल्दी बता दो मुझे। यस सर आती है। रॉ मटेरियल की इन्वेंटरी कितनी है आपकी?
₹17,400 तो ओपनिंग है और ₹18,00 आपकी क्लोजिंग है। किधर आएगी साथियों? 17,400
तो हो गई ओपनिंग और क्लोजिंग उसमें से क्या करते हो? माइनस करते हो। या फिर आप इसको ऐसा भी कर सकते हो। समझो जुगाड़ के
लिए। ये ₹18,00 इधर लिखने की बजाय आप एक काम करो अपोजिट साइड लिख दो तो ऑटोमेटिकली इसमें से लेस हो ही जाएगा।
ठीक है? उसके बाद यह दोनों अमाउंट हो गए आपके मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर आते हैं यह। उसके बाद वर्क इन प्रोसेस आता है
क्या सर मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में? बिल्कुल मैंने आपको फॉर्मेट में बताया था आता है। ओपनिंग बैलेंस डेबिट साइड और
क्लोजिंग बैलेंस क्रेडिट साइड। ओपनिंग बैलेंस कितना है साथियों? ₹1200। यह मैंने डेबिट में लिख दिया। और क्लोजिंग
किस साइड आता है साथियों? क्रेडिट साइड। इसको हमने लिख दिया क्रेडिट साइड ₹1400। अगला है साथियों फिनिश्ड गुड्स की
इन्वेंटरी। यहां पर आपको तुरंत दिमाग में ध्यान में आना चाहिए कि फिनिश गुड्स की इन्वेंटरी जो है ओपनिंग और क्लोजिंग ये
ट्रेडिंग अकाउंट में आती है। ये मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का पार्ट नहीं बनती। इसलिए ये जो दो अमाउंट हमको दे रखे
हैं ये हमारे काम के नहीं है। इन दोनों अमाउंट को हमको इग्नोर करना पड़ेगा। अब नीचे और क्या इनेशन दे रखी है साथियों?
ड्यूरिंग द ईयर मैन्युफैक्चरिंग ओवरहेड एक्सपेंसेस वर 61000 ओवरहेड एक्सपेंसेस किस साइड आते हैं
साथियों सर डेबिट साइड आते हैं ये लो 61000 ले लिया मैन्युफैक्चरिंग वेजेस साथियों डायरेक्ट एक्सपेंसेस किस साइड आते
हैं सर मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में डेबिट साइड आते हैं ये लीजिए साथियों ₹4500 फिर आगे और क्या दे रखा है साथियों परचेस
ऑफ रॉ मटेरियल ₹93000 900 परचेस को भी हम डेबिट में ही शो करते हैं। अमाउंट ऊपर नीचे होंगे चलेगा। कोई समस्या वाली बात
नहीं है। बस आपको फॉर्मेट पता होना चाहिए कि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में डेबिट में कौन-कौन से आइटम्स आते हैं और क्रेडिट में
कौन-कौन से आइटम्स आते हैं। फिर लास्ट में इसने क्या कहा? देयर आर नो अदर डायरेक्ट एक्सपेंसेस। और जितने भी अमाउंट हमको यहां
पर गिवन थे वो हम लोगों ने मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर जो आइटम जिस साइड आना चाहिए उसको उस साइड हम लोगों
ने डाल दिया। अब आपको कुछ भी नहीं करना है। मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की टोटलिंग करनी है।
आपको बड़े प्यार से मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की टोटलिंग करनी है। तो यहां पर डेबिट साइड की जो टोटल है वो हमारे लिए हो
गई 17400 + 12200 + 61000 + 4500 + 93900 ये होगी आपकी टोटल ₹225000
उसी को हम लोग अपोजिट साइड लिखते हैं और यहां पर जो है जो बैलेंस निकल के आता है वो होता है हमारा कॉस्ट ऑफ ऑफ प्रोडक्शन।
तो इस 225 में से ये दोनों अमाउंट जब लेस किए जाएंगे साथियों तो अमाउंट जो निकल के आएगा आप लोग बिल्कुल सही कहा आप लोगों ने
जिन्होंने पहले ही कैलकुलेट कर लिया तो कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन जो आएगी यहां पर वो होगी 1994500।
हमने कुछ भी नहीं किया साथियों। हमको पूरा मैन्युफैक्चरिंग का फॉर्मेट बनाने जितना टाइम नहीं था। बस हमारे दिमाग में फॉर्मेट
सेट होना चाहिए कि कौन सा अमाउंट डेबिट में लिखना है और कौन सा अमाउंट क्रेडिट में। तो कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन हमारी आ गई
1994500 जो कि हमें दिख रहा है कौन से ऑप्शन के रूप में? कौन से ऑप्शन के
रूप में साथियों? ऑप्शन नंबर डी के रूप में। तो क्वेश्चन नंबर नाइन का एग्जजेक्टली आप लोगों ने बिल्कुल सही आंसर
कैलकुलेट किया जो कि है 1994000 500 चलिए
अब आगे [नाक से की जाने वाली आवाज़]
क्वेश्चन नंबर 10 चेक करिए साथियों और कमेंट सेक्शन में मुझे फटाफट से आंसर दीजिए
जल्दी से। बहुत ही बेसिक सा क्वेश्चन। बहुत ही बेसिक।
देखें इसको। डिटरमाइन द कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरर्ड गुड्स फ्रॉम द फॉलोइंग डिटेल्स।
कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरर्ड गुड्स निकालनी है साथियों जिसको आप कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन भी कह सकते हो।
जिसको आप कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग भी कह सकते हो। अब साथियों हमको क्वेश्चन के अंदर जो डेटा
दे रखा है उसके बेसिस पे डिसाइड करना होगा कि हम कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन कैसे निकालें। क्योंकि कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन को निकालने का
सबसे बेसिक तरीका तो क्या होता है सर? उसके लिए तो एक अकाउंट बनाया जाता है जिसको हम बड़े प्यार से कौन सा अकाउंट
कहते हैं? मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट। कहते हैं या नहीं कहते? भाई सबसे बेसिक तरीका तो यही है। पर अगर
मान लो हमको मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट से रिलेटेड डाटा ही नहीं मिलता तो फिर हम मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का इस्तेमाल नहीं
कर पाएंगे। उस केस में हमको फिर कुछ और सोचना पड़ेगा। तो चलो डाटा चेक करते हैं कि अपने पास डाटा क्या-क्या है। एक हमको
दे रखा है कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड। अब यह कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड किसकी मदद से निकलता है साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से।
मैंने अभी थोड़ी देर पहले आपको बताया। फिर आपको दे रखा है ओपनिंग इन्वेंटरी ऑफ फिनिश्ड गुड्स। साथियों, ओपनिंग इन्वेंटरी
ऑफ़ फिनिश्ड गुड्स भी किसका पार्ट है? आपका ट्रेडिंग अकाउंट का पार्ट है। फिर आपको दे रखा है फिनिश्ड गुड्स की एंडिंग
इन्वेंटरी। मतलब क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ़ फिनिश्ड गुड्स। यह भी आपका किसका पार्ट है? ट्रेडिंग अकाउंट का साथियों।
अब जब मैक्सिमम इंफॉर्मेशन हमारे पास ट्रेडिंग अकाउंट की है। एक लास्ट में और कुछ दे रखा है आपको। एंडिंग वर्क इन
प्रोग्रेस। साथियों एंडिंग वर्क इन प्रोग्रेस कौन से अकाउंट का पार्ट है? ये तो मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का पार्ट है।
तो जब मैक्सिमम डिटेल्स हम लोगों को ट्रेडिंग अकाउंट की दे रखी है तो हमें कहीं ना कहीं ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल
करना पड़ेगा। कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन निकालने के लिए। अब साथियों ट्रेडिंग अकाउंट में जैसा कि मैंने आपको बताया था ट्रेडिंग
अकाउंट में कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन कहां आता है? ये रहा आप लोगों का ये रहा कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन।
और हमको ट्रेडिंग अकाउंट से रिलेटेड ओपनिंग स्टॉक दे रखा है। क्लोजिंग स्टॉक ऑफ फिनिश गुड्स दे रखा है। और हमको कॉस्ट
ऑफ गुड्स सोल्ड दे रखा है। तो क्यों ना साथियों हम एक काम करें यहां पर क्यों ना हम लोग कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का जो
फार्मूला है उसको इस्तेमाल करके देख लें। ये कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का जो फार्मूला है साथियों ये हम लोगों ने कहां से डिराइव
किया था? ट्रेडिंग अकाउंट से डिराइव किया था या नहीं किया था? जिसमें ओपनिंग स्टॉक ऑफ फिनिश्ड गुड्स और कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन
जो है वह ऐड होंगे। सेम साइड आते हैं और ऑोजिट साइड जो क्लोजिंग स्टॉक आता है फिनिश्ड गुड्स का उसको लेस करेंगे। देखते
हैं ये फार्मूला से हमारा काम हो पाता है क्या? चलिए सबसे पहले कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड जो ऑलरेडी हमको क्वेश्चन में दे रखा
है। तो इसकी जगह हम कितना पुट कर सकते हैं? ₹ लाख इज इक्वल टू ओपनिंग स्टॉक ऑफ फिनिश्ड गुड
दे रखा है क्या? जी हां, दे रखा है ₹00 प्लस कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग। यह हमें निकालनी है साथियों। इसको एज़ इट इज़ छोड़
दो। कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग माइनस क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ़ फिनिश्ड गुड्स है क्या हमारे पास? बिल्कुल है साथियों। ₹1
लाख। अब यह इक्वेशन अगर बन जाए तो सिक्स्थ क्लास का बच्चा भी इस इक्वेशन को सॉल्व कर
सकता है। कुछ भी नहीं करना है। अमाउंट्स को इक्वल टू के इधर से उधर से इधर से उधर अगर भेजना है तो इसको जब आप सॉल्व करेंगे
तो आपका जो कॉस्ट ऑफ मटेरियल आएगा साथियों कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन जो आएगा वो आएगा ₹50000
तो यहां पे ऑप्शंस के अंदर साथियों क्या हमें ₹2500 कोई ऑप्शन नजर आता है क्या डेफिनेटली आता है ऑप्शन नंबर बी के रूप
में। साथियों ध्यान रखना भले कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन निकालना था मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट से नहीं निकाल पाए क्योंकि हमारे
पास मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की डिटेल्स नहीं थी। हमारे पास ट्रेडिंग अकाउंट की डिटेल्स थी तो हमने ट्रेडिंग अकाउंट का
यूज किया और ट्रेडिंग अकाउंट का यूज़ करके हम लोग हमारी मंजिल तक यहां पर पहुंच गए। तो आपको क्वेश्चन के अंदर जो डाटा दे रखा
है उसके बेस पर भी डिसाइड करना होता है कि कैसे उस चीज की कैलकुलेशन हो पाएगी। ठीक है? चलिए
बात करते हैं हम अगले एमसीक्यू की। क्वेश्चन नंबर 11 आपसे क्या पूछना चाहता है? क्वेश्चन नंबर 11 आपसे पूछना चाहता है
साथियों व्हाट विल बी द कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड? जिसका फार्मूला अभी हमने काम में लिया था। एमसीक्यू नंबर 10 में लिया था
ना? क्या फार्मूला पढ़ा था? कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का जो फार्मूला है जो ट्रेडिंग अकाउंट से निकल के आता है वो है ओपनिंग
स्टॉक ऑफ फिनिश्ड गुड्स प्लस कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन माइनस क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ़ फिनिश्ड गुड्स। अब क्या ये डाटा हमारे पास
क्वेश्चन में है? अगर है तो हमारा कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड आसानी से यहां पर निकल जाएगा। साथियों ओपनिंग इन्वेंटरी ऑफ
फिनिश्ड गुड्स हमें दे रखा है क्या? यस सर दे रखा है ₹00 प्लस कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग दे रखी है
क्या? यस सर। कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग हमें दे रखी है ₹ लाख। माइनस क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ़ फिनिश्ड
गुड्स। क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ फिनिश्ड गुड्स आपको कितना दे रखा है यहां पर? ₹1 लाख जिसको
आपको लेस करना है। तो साथियों जब आप बड़े प्यारे-प्यारे साथियों इस इक्वेशन को जब आप सॉल्व करेंगे तो आपको कॉस्ट ऑफ गुड सोल
जो है प्लस माइनस करने के बाद आएगा ₹1500। क्या हमारे पास ऑप्शन के अंदर ₹1500 करके कोई ऑप्शन है क्या? बिल्कुल है
साथियों डेफिनेटली है हमारे सामने क्वेश्चन नंबर 11 के अंदर फाइनल आंसर है ऑप्शन नंबर सी।
जी बिल्कुल एमटी ड्रॉस जी आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का जो फॉर्मेट है वो आपको ध्यान
में रखना पड़ेगा। बिल्कुल ध्यान में रखना पड़ेगा। ठीक है?
चलिए अगले क्वेश्चन पर चले हम लोग यहां पर। क्वेश्चन नंबर 12 चेक करिए।
क्वेश्चन नंबर 12 चेक करिए। माय किस्मत जी क्वेश्चन को ध्यान से पढ़ें और कैलकुलेशन
करें आप। पवित्र श्रीमाली जी स्वागत है आपका क्लास के अंदर
फटाफट से हां जी क्वेश्चन नंबर 12 आपसे क्या पूछना चाहता है
डिटरमाइन द ओपनिंग स्टॉक फ्रॉम द फॉलोइंग डिटेल्स। अब साथियों यहां से आप यहां पे आपसे ओपनिंग स्टॉक की
वैल्यू कैलकुलेट करने के लिए कहा गया है। अब अपने पास डाटा क्या-क्या है? एक बार वो चेक कर लेते हैं। हमको दे रखा है एक तो
परचेस का अमाउंट ₹00। एक हमको दे रखी है क्लोजिंग इन्वेंटरी यहां पर ₹13,000 और एक हमको यहां पर दे रखा है कॉस्ट ऑफ गुड्स
सोल्ड सीओजीएस दे रखा है ₹8,000 और हमको ओपनिंग स्टॉक की वैल्यू यहां पर कैलकुलेट करनी है। अब साथियों ये जो इन्वेंटरी है
ये रॉ मटेरियल की है या ये वर्क इन प्रोग्रेस की है या ये फिनिश्ड गुड्स की है। हमको कहीं भी मेंशंड नहीं है। तो यहां
पर हम यह मान के इस क्वेश्चन को कर सकते हैं कि एक नॉर्मल सी ट्रेडिंग बिजनेस है और नॉर्मल से ट्रेडिंग बिजनेस का एक
क्वेश्चन है जिसको अपन को सॉल्व करना है। तो एक नॉर्मल ट्रेडिंग बिनेस में कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का फार्मूला क्या यूज़ करते
हैं साथियों हम लोग यहां पर? ओपनिंग स्टॉक प्लस परचेजेस प्लस डायरेक्ट एक्सपेंसेस माइनस क्लोजिंग
स्टॉक। साथ आती है। फार्मूला कोई जादू से नहीं ट्रेडिंग अकाउंट से निकल के आता है। अब जो वैल्यूस अपने पास है उनको पुट करते
चलते हैं और ओपनिंग स्टॉक की वैल्यू को यहां कैलकुलेट करते हैं। तो यहां साथियों कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड जो कि आपको दे रखा
है उसकी जगह हमने रख दिया 28,000 इज इक्वल टू ओपनिंग स्टॉक हमें निकालना है। तो इसको हम एज इट इज लिख देते हैं। ओपनिंग स्टॉक
प्लस परचेज़ का अमाउंट हमको दे रखा है जो कि है ₹2000 डायरेक्ट एक्सपेंसेस नहीं है तो हम ज़ीरो ले लेते हैं और क्लोजिंग
इन्वेंटरी की जो वैल्यू हमको दे रखी है वो दे रखी है ₹13000 अब साथियों हमें इसको निकालना है। सिक्स्थ
क्लास का बच्चा भी इसको सॉल्व कर सकता है। तो इस केस में साथियों ओपनिंग स्टॉक की जो वैल्यू आप लोगों की
आएगी वह आएगी 21000 कैलकुलेशन मेरी आप लोगों से रिक्वेस्ट है अकाउंट्स
पढ़ रहे हो कैलकुलेशन मिस्टेक्स मत करो फार्मूला आते हुए भी आपको कैलकुलेशन मिस्टेक्स नहीं करनी है सिर्फ फार्मूला
आने से काम नहीं चलेगा एग्जाम में अगर आप कैलकुलेशन में गलती कर देंगे तो फिर कहीं ना कहीं कहीं
बात गड़बड़ हो जाएगी। तो ओपनिंग स्टॉक हमारा आया 21,000 जो कि दे रखा है आपको ऑप्शन नंबर बी में
गुड गुड गुड रचना जी गुड ममता जी वेरी गुड दिलीप सिंह जी वेरी गुड राघव कुमार जी बहुत
बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत इजी क्वेश्चन था हमारे सामने यहां पर क्वेश्चन नंबर 12 बहुत ही इजी।
चलिए चलिए चलिए आगे बढ़ते हैं हम लोग यहां पर। नेक्स्ट
क्वेश्चन नंबर 13 चेक करिए साथियों। क्वेश्चन नंबर 13। हालांकि ये दो पेज पे चला गया है। कोई समस्या वाली बात नहीं है।
आप तो इस डाटा को कंसीडर करो और मैं आपको बता देता हूं। आपको ग्रॉस प्रॉफिट निकालना है।
आपको निकालना है साथियों ग्रॉस प्रॉफिट। चलिए दीजिए मुझे आंसर। ग्रॉस प्रॉफिट निकालिए।
कमेंट्स हां जी जल्दी से जल्दी ममता जी क्वेश्चन नंबर 13 आ चुका है आपके
सामने इसको सॉल्व करिए फास्ट देखो चले क्वेश्चन नंबर 13 देखें यहां पर। क्वेश्चन नंबर 13 में ग्रॉस प्रॉफिट आपको
कैलकुलेट करना है। और साथियों ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो हमको ट्रेडिंग अकाउंट से पता चलता है। पता चलता है ट्रेडिंग अकाउंट
से। ठीक है? अब ट्रेडिंग अकाउंट का अपन फॉर्मेट का यूज़ कर लेते हैं यहां पर। और ट्रेडिंग अकाउंट के लेफ्ट और राइट में
क्या-क्या आइटम्स आते हैं? अगर हमारे दिमाग में है तो हमको क्वेश्चन को सॉल्व करने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। ठीक है?
चलिए देखते हैं। अब एक बार क्वेश्चन के अंदर जो डाटा दे रखा है जरा उस पर गौर कर लेते हैं। ठीक
है? परचेस का अमाउंट दे रखा है हमको। परचेस रिटर्न दे रखा है, सेल्स दे रखा है, सेल्स रिटर्न दे रखा है, ओपनिंग स्टॉक दे
रखा है। फिर कुछ डायरेक्ट एक्सपेंसेस हमको यहां दे रखे हैं। और लास्ट में क्लोजिंग स्टॉक दे रखा है। अगेन
ओपनिंग रॉ मटेरियल का है या वर्क इन प्रोग्रेस का है या फिनिश्ड गुड्स का है। नहीं है तो इस क्वेश्चन को भी आप एक
नॉर्मल ट्रेडिंग बिनेस की तरह सॉल्व कर सकते हो। जिसमें आप मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का इस्तेमाल नहीं भी करोगे तो भी
चलेगा। ठीक है? क्योंकि बफरकेशन हमारे पास नहीं है कि रॉ मटेरियल का ओपनिंग माल कितना है,
वर्क इन प्रोग्रेस का कितना है? और फिनिश्ड गुड्स का कितना है, क्लोजिंग रॉ मटेरियल कितना है, क्लोजिंग वर्क इन
प्रोग्रेस कितना है? क्लोजिंग फिनिश्ड गुड्स कितना है? ये डिटेल्स अपने पास नहीं है। तो इसको भी आप एक नॉर्मल ट्रेडिंग
बिनेस मानकर एक नॉर्मल सा प्यारा सा क्यूट सा ट्रेडिंग अकाउंट बना लो और फटाफट से अपनी वैल्यू कैलकुलेट कर लो। चलिए सबसे
पहले आपको दे रखा है परचेस ₹ लाख। परचेस किधर आता है साथियों? डेबिट साइड आता है। ये लीजिए अपन ने डेबिट में परचेस को लिख
दिया ₹3 लाख। अगला अमाउंट आपको दे रखा है परचेस रिटर्न का। परचेस रिटर्न साथियों या तो आप इसमें
से लेस करो या फिर अपोजिट साइड लिख दो। बात बराबर है। फिर सेल्स का अमाउंट आपको दे रखा है 4,10,000। साथियों सेल्स का
अमाउंट किस साइड आएगा? क्रेडिट साइड आएगा। फिर आपको दे रखा है सेल्स रिटर्न। साथियों सेल्स रिटर्न या तो
आप 4,000 में से माइनस करो या फिर अपोजिट साइड लिख दो। कोई समस्या नहीं। फिर आपको दे रखा है ओपनिंग स्टॉक। साथियों ओपनिंग
स्टॉक किस साइड आता है ट्रेडिंग अकाउंट में? डेबिट साइड आता है। अमाउंट ऊपर नीचे करके
लिख सकते हैं क्योंकि हमको प्रेजेंटेशन नहीं करना है। अमाउंट कैलकुलेट करना है। फिर आपको दे रखा है फ्रेट एंड
ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा। साथियों डेबिट साइड लिखते हैं हम खर्चे। फिर फीस एंड क्लियरिंग एक्सपेंसेस दिख रहा है
हमें। कितना दिख रहा है? ₹4000। फिर हम लोगों को लेबर का खर्चा दिख रहा है। लेबर किस साइड आती है साथियों? ये भी
एक डायरेक्ट एक्सपेंस है आपका। डेबिट में आता है। और एंड में हमको दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक। फाइनल स्टॉक यहां पर हमको
दे रखा है। तो क्लोजिंग स्टॉक हम लोग किस साइड शो करते हैं? ट्रेडिंग अकाउंट के क्रेडिट साइड शो करते
हैं। तो यहां पर हम लोगों ने क्या किया? जितने भी अमाउंट्स क्वेश्चन के अंदर गिवन थे, जो अमाउंट क्रेडिट में जाना चाहिए था
उसको क्रेडिट में लिखा। जो अमाउंट डेबिट में जाना चाहिए था उसको डेबिट में लिख दिया। और अब फाइनली हम लोग इस अकाउंट की
क्या कर लेंगे? टोटल। जब इस अकाउंट की हम लोग टोटल कर लेंगे तो हमें जिस चीज की तलाश थी वह हमें मिल जाएगी। हमें तलाश है
ग्रॉस प्रॉफिट की। और ग्रॉस प्रॉफिट की तलाश आपकी कैसे पूरी होगी साथियों? पहले क्रेडिट साइड की टोटल
कर लेते हैं यहां पर। क्रेडिट साइड हमारे सामने है 6000 40000 और 60000।
तो यहां पर जो टोटल हुई वो हुई 476000 सेम टोटल को हमने अपोजिट साइड कॉपी कर दिया और इस टोटल में से ऊपर वाले सारे
खर्चों को जब हम माइनस करेंगे तो हमारे पास ग्रॉस प्रॉफिट निकल कर आ जाएगा। तो यहां पर देख लेते हैं।
जो ग्रॉस प्रॉफिट निकल के आया हमारे सामने वो आया ₹62ाउ आ चुका है ग्रॉस प्रॉफिट हमारे पास तो
₹2000 क्या हमें ऑप्शन में नजर आ रहा है क्या आ रहा है क्या जल्दी से चेक करो यस सर ऑप्शन
नंबर सी ₹62ाउ का जो अमाउंट है उसको डिनोट कर रहा है। तो क्वेश्चन नंबर 13 का आंसर हमें देखने को
मिला ऑप्शन नंबर सी के रूप में। चलिए अब चलते हैं हम एक लास्ट क्वेश्चन पर साथियों। ये आज का सबसे बड़ा क्वेश्चन है।
सबसे बड़ा एक सेकंड होल्ड कीजिएगा। चलिए साथियों एक लास्ट क्वेश्चन की तरफ
बढ़ते हैं हम लोग क्वेश्चन नंबर 14 ये आज का सबसे बड़ा क्वेश्चन हमारे सामने। सबसे पहले ये चेक कर लेते हैं कि हमको इस
क्वेश्चन में कैलकुलेट क्या करना है? साथियों हमको इस क्वेश्चन में पूछा गया है ग्रॉस प्रॉफिट ऑफ द मैन्युफैक्चरर मतलब
मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस है और अगर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस है तो ग्रॉस प्रॉफिट ट्रेडिंग अकाउंट से पता चलेगा पर
ट्रेडिंग अकाउंट से पहले एक मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट और बनेगा यहां पर जो कि कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन हमको कैलकुलेट
करके देगा। तो यहां पर इस क्वेश्चन के लिए हमको मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट एज वेल एज ट्रेडिंग अकाउंट दोनों का इस्तेमाल करना
पड़ेगा। तब जाकर हम लोग ग्रॉस प्रॉफिट पर पहुंच पाएंगे। इस्तेमाल करना पड़ेगा तो करेंगे पर आंसर तो निकाल के रहेंगे। तो
साथियों यहां पर देखिए मैंने दोनों की टेबल्स आप लोगों के लिए ऑलरेडी बना दी है। अब इन टेबल्स में आपको सिर्फ पता होना
चाहिए कि कौन सा अमाउंट मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में डेबिट साइड लिखा जाएगा। कौन सा क्रेडिट साइड और कौन सा अमाउंट ट्रेडिंग
अकाउंट के डेबिट में लिखा जाएगा और कौन सा अमाउंट ट्रेडिंग अकाउंट के क्रेडिट में लिखा जाएगा। ये अगर आपको अंदाजा है। इसके
लिए आपको फॉर्मेट दिमाग में रखना होगा। फॉर्मेट अगर आपको पता है तो आपको इस तरह के क्वेश्चंस करने में कोई समय नहीं लगने
वाला है। चलिए चेक करते हैं एक-एक अमाउंट और उसको पुट करते हैं उसके रेस्पेक्टिव अकाउंट के अंदर। चलिए सबसे पहली बात आपको
यहां पर दे रखा है रॉ मटेरियल का ओपनिंग स्टॉक और वर्क इन प्रोग्रेस का ओपनिंग स्टॉक। साथियों रॉ मटेरियल और वर्क इन
प्रोग्रेस का ओपनिंग स्टॉक। जल्दी बताओ कौन से अकाउंट में आता है? मैं कमेंट सेक्शन चेक कर रहा हूं जल्दी से।
वेरी गुड। एमटी ड्रॉस जी कह रहे हैं, "सर, आपके साथ स्टडी करने से कॉन्फिडेंस गेन हो रहा है। हम 20 इयर्स के बाद दोबारा स्टडी
कर रहे हैं। बहुत-बहुत बधाई हो आपको। एमडी ड्रॉस जी, यही लगन, यही मेहनत से अगर आप मेरे साथ लगे रहे, तो मैं आपको गारंटी
देता हूं। आज से 4 महीने बाद जब आपका रिजल्ट आएगा तो आप अपने आप को एक गवर्नमेंट लेक्चरर के रूप में देखेंगे। बट
हां, मिठाई खिलाने जरूर आइएगा। सिर्फ कमेंट करने से काम नहीं चलेगा। तो यहां पर रॉ मटेरियल और वर्क इन प्रोग्रेस का जो
ओपनिंग स्टॉक है साथियों उसको मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में लिखा जाता है डेबिट साइड तो एक अमाउंट है ₹000 दूसरा
अमाउंट है यहां पर हमारे पास ₹3000 कुछ भी नहीं करना है जो अमाउंट जिस अकाउंट का पार्ट है उसमें डालते रहिए फिर आपको दे
रखा है परचेस ऑफ रॉ मटेरियल यह भी साथियों आपका मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर डेबिट साइड आने वाला आइटम है
अगला इनकमिंग फ्रेट चार्जेस साथियों डायरेक्ट एक्सपेंसेस। डायरेक्ट एक्सपेंसेस आपके मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट का पार्ट
बनते हैं ₹100। फिर बात करते हैं फैक्ट्री इंश्योरेंस, फैक्ट्री पावर यह सारे खर्चे साथियों
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर। एक आपको यहां पर दे रखा है ₹2000। दूसरा आपको यहां पर दे रखा है ₹4,500।
अगले अमाउंट की बात करें फैक्ट्री फ्यूल एंड कोल, फैक्ट्री वेजेस फैक्ट्री टैक्स एंड टैक्स, रॉयल्टी ऑन प्रोडक्शन, मशीनरी
रिपेयर एंड मेंटेनेंस ये सारे भी साथियों आपके मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में डेबिट साइड आएंगे। तो इनको भी हम लिख लेते हैं
₹300 ₹1900 ₹2000
₹4000 ₹00 फिर साथियों हमको दे रखा है सेल्स का
अमाउंट। यहीं आके आप जल्दबाजी में इसको मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट में लिख देंगे। पर साथियों अगर आपको फॉर्मेट पता है तो सेल्स
अकाउंट को मैन्युफैक्चरिंग में नहीं बल्कि ट्रेडिंग अकाउंट में लिखा जाता है तो यह 1449000 का जो अमाउंट है ये आपको ट्रेडिंग
अकाउंट में लिखना होगा वो भी क्रेडिट साइड 1449000 चल भाई तू भी निपट गया टेबल पूरी कंप्लीट
अब टेबल के नीचे जो डाटा दे रखा है वह कहां जाएगा वह भी तो कहीं जाएगा देखें कहां जाएगा
आपको यहां दे रखा है अंतिम स्टॉक की लागत थी। द कॉस्ट ऑफ एंडिंग इन्वेंटरी वाज़ मतलब
आपको रॉ मटेरियल की क्लोजिंग इन्वेंटरी दे रखी है। और आपको रॉ मटेरियल की वर्क इन प्रोग्रेस की भी क्लोजिंग इन्वेंटरी यहां
पर दे रखी है। तो साथियों रॉ मटेरियल की क्लोजिंग इन्वेंटरी। और वर्क इन प्रोसेस की क्लोजिंग इन्वेंटरी कहां जाती है?
मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर क्रेडिट साइड। तो यह दोनों अमाउंट जो है यह हम लोग मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट के अंदर क्रेडिट
साइड मेंशन कर देंगे। एक तो है आपका ₹4000 दूसरा है आपका ₹5500। तो साथियों क्वेश्चन के अंदर जितने भी
अमाउंट हमको गिवन थे वो अमाउंट हमने रेस्पेक्टिव अकाउंट में जिस साइड लिखे जाने थे उस साइड लिख दिए। कैसे लिख पाए?
फॉर्मेट याद था? किसको याद है मुझे? आप में से भी बहुत सारे बच्चों को याद होगा। पर जिनको याद नहीं है साथियों फॉर्मेट तो
आप लोगों के लिए इंपॉर्टेंट रहेगा। जब तक फॉर्मेट दिमाग में नहीं रखोगे कहीं ना कहीं आप लोगों को समस्या से जूझना पड़ेगा।
तो साथियों जब हम सारे अमाउंट ऑलरेडी लिख चुके हैं तो अब अपन क्वेश्चन को कंप्लीट करने की तरफ चलते हैं। जिसमें सबसे पहले
हम लोग यहां पर टोटलिंग करेंगे मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की। और मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट की जब हम टोटल
करेंगे तो हमारे सामने आ जाएगा कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन। क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग अकाउंट से ही
हमको कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन पता चलता है। और फिर इस कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन का क्या करेंगे? खा जाएंगे क्या? नहीं सर इसको हम
ट्रांसफर करेंगे ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर। तो यहां पर फटाफट से टोटल हम लोग यहां पर कर लेते हैं। डेबिट साइड की टोटल में 3600
+ 12900 + 2000 + 4000 + 2500 + 5000 + 3000 + 37600 + 1400 + 2000 और प्लस 45000 तो यहां पर जो अमाउंट आपके
सामने आया वो आया 78500 ये सेम टोटल आपको अपोजिट साइड करनी है और इस 78500
में से ये जो दो अमाउंट है ये जब आप लेस करेंगे तो आपके सामने आ जाएगा क्या आ जाएगा कौन आ जाएगा कॉस्ट ऑफ
प्रोडक्शन मतलब जितना माल मैंने बना दिया उसको बनाने में कितना खर्चा लगा ₹69000 का खर्चा यहां पर लगा है और यह जो खर्चा
है इसको ट्रांसफर किया जाता है ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर यह लीजिए मैंने 69000 को यहां ट्रांसफर कर दिया। है ना? और
ट्रांसफर करने के बाद अब अंतिम कड़ी आ चुकी है। जब हम ट्रेडिंग अकाउंट की टोटलिंग करेंगे तो हमें हमें हमें ग्रॉस
प्रॉफिट मिल जाएगा। कैसे मिल जाएगा साथियों? ग्रॉस प्रॉफिट हमें हमारे पास सेल का अमाउंट है और हमारे
पास कॉस्ट भी है। सेल का अमाउंट राइट साइड दिख रहा है आपको? ₹1,49,000 लो जी। सेम टोटल मैंने अपोजिट साइड लिख दी
और अब इसमें से आपको ये जो कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन है इसको करना है माइनस तो आपके सामने साथियों बड़े प्यार से ग्रॉस
प्रॉफिट का अमाउंट आ जाएगा। तो 149000 में से जब आप 69000 को माइनस करेंगे तो यहां पर जिसकी हमें तलाश थी हम
जिसे ढूंढ रहे थे वो आ चुका है ₹80 ग्रॉस प्रॉफिट और क्या ₹80 हमारे सामने ऑप्शन में यहां पर है क्या? बिल्कुल है सर
ऑप्शन नंबर सी के रूप में। तो यहां पर क्वेश्चन नंबर 14 का सही आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर सी के रूप
में। तो साथियों ये थे आपके सारे एमसीक्यूस कौन से बिजनेस के ऑफ अ मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न।
कल हम लोगों ने क्वेश्चन नंबर 15 तक सारी चीजें समझ ली थी। आज हम बात करेंगे क्वेश्चन नंबर 16 से। हां जी। शैतान सिंह
जी समय सीमा का ध्यान रखकर सर क्लास शैतान सिंह जी आप जिस पर्पस के लिए आए हैं, अगर आपका पूरा पर्पस यहां पर पूरा होता है, तो
आप डेफिनेटली क्लास को कंटिन्यू करें और अगर आपको लगता है कि यह सब बातें जो है वो काम की नहीं है क्लास में तो आप डेफिनेटली
क्लास को लीव कर सकते हैं। ये इंफॉर्मेशन उन साथियों के लिए बतानी जरूरी है जो क्लास के अंदर पहली बार जुड़ते हैं या फिर
उनके कोई और दूसरे साथी जो है वो फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर की तैयारी कर रहे हैं। तो क्लास में यहां पर मैं पढ़ा रहा
हूं तो मेरे हिसाब से चलेगा। आपको मुझे इस तरह की राय देने की मेरे हिसाब से कोई रिक्वायरमेंट नहीं है। कुछ नेसेसरी बातें
होती है जो मुझे बतानी पड़ती है उन साथियों के लिए जो पहली बार क्लास के अंदर जुड़ते हैं। ठीक है? समय सीमा मुझे पता
है। सिलेबस मुझे पता है। नंबर ऑफ क्वेश्चंस कितने करवाने हैं मुझे पता है। और एक घंटे की क्लास का मतलब सिर्फ ये
नहीं होता कि एग्जैक्ट एक घंटे बाद मैं यहां पर क्लास को ऑफ कर देता हूं। जब तक टारगेट कंप्लीट नहीं होता क्लास चलती रहती
है तो मुझे क्या करना है यह मुझे अच्छे से पता है। आपको अपनी तैयारी पर ध्यान देना है। अपने सिलेक्शन पर ध्यान देना है। चलिए
बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 16 की। द फॉलोइंग बैलेंससेस आर शोन इन द ट्रायल बैलेंस ऑफ अ ट्रेडर।
कुछ इंफॉर्मेशन आपको एक बिजनेसमैन के ट्रायल बैलेंस के फॉर्म में यहां पर दे रखी है और लास्ट में बॉक्स के नीचे आपको
पूछा गया है कि इस बिजनेसमैन का आपको ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो कैलकुलेट करके बताना है। साथियों ग्रॉस प्रॉफिट की
कैलकुलेशन हम ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से बहुत आसानी से कर सकते हैं। अगर हमें ये पता है कि ट्रेडिंग अकाउंट के डेबिट में
कौन-कौन से आइटम्स आते हैं और ट्रेडिंग अकाउंट के क्रेडिट में कौन-कौन से आइटम्स आते हैं। तो ग्रॉस प्रॉफिट के कैलकुलेशन
के लिए ट्रेडिंग अकाउंट का फॉर्मेट जो है वो आपको अपने दिमाग में बिल्कुल अच्छे से रखना है। जो जो आइटम्स इस टेबल के अंदर
ट्रेडिंग अकाउंट में जाने लायक हैं उनको हम लोग ट्रेडिंग अकाउंट में डाल देंगे और जो आइटम्स ऐसे हैं जो ट्रेडिंग अकाउंट का
पार्ट नहीं बनते उनको इग्नोर करना पड़ेगा। ठीक है? चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले हमें ओपनिंग स्टॉक यहां पर क्वेश्चन में
दे रखा है 9600। ओपनिंग स्टॉक साथियों हम सब जानते हैं ट्रेडिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड आता है। तो यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट
में डेबिट साइड हम लोगों ने ओपनिंग स्टॉक की वैल्यू को लिख लिया। अगला हमें दे रखा है परचेजेस लेस रिटर्न। मतलब नेट परचेजेस
का अमाउंट हमें यहां पर दे रखा है। नेट परचेजेस अगेन साथियों ट्रेडिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड आता है। अगला अमाउंट हमें दे
रखा है साथियों सैलरीज एंड वेजेस। कल की क्लास में मैंने आपको एक चीज समझाई थी कि जब सैलरी और वेजेस दोनों शब्द एक
साथ आ जाए और इनके बीच में एंड लग जाए तो आपको डिसीजन जो लेना है वो पहले वर्ड से लेना है कि पहला वर्ड आपको क्या दे रखा
है। यहां पर पहला वर्ड सैलरी दे रखा है। तो आपको सैलरी के हिसाब से डिसीजन लेना है और सैलरी एक तरह का इनडायरेक्ट एक्सपेंस
होता है जो पीएंडएल अकाउंट का पार्ट बनता है। इसलिए इस पर्टिकुलर क्वेश्चन के लिए सैलरीज एंड वेजेस को हम लोग इग्नोर करेंगे
क्योंकि यह पीएंडएल अकाउंट में जाएगा। अगला आइटम आपको दे रखा है कमीशन ऑन परचेजेस।
खरीदने के लिए गुड्स खरीदने के लिए आपको कमीशन देना पड़ा। साथियों यह एक डायरेक्ट एक्सपेंस है जिसको आपको ट्रेडिंग अकाउंट
के अंदर शो करना होगा। लेफ्ट साइड मतलब डेबिट साइड में। अगला आइटम आपको यहां पर दे रखा है एक्सटर्नल फ्रेट जिसको आप फ्रेट
आउटवर्ड्स भी कह सकते हो। और साथियों यह तो गुड्स जाने का भाड़ा है। तो इसको हम इनडायरेक्ट एक्सपेंस की
कैटेगरी में डालते हैं। इसका प्रोडक्शन से कोई लेना देना नहीं है। तो ये जो फ्रेट आउटवर्ड्स है साथियों क्योंकि ये
इनडायरेक्ट एक्सपेंस है तो ये भी पीएंडएल अकाउंट का पार्ट बनता है। तो इसको हमें अभी के लिए इग्नोर करना पड़ेगा। अगला आइटम
हमें यहां पर दे रखा है सेल्स। सेल्स दे रखा है 24,900। साथियों सेल्स का अमाउंट कहां जाता है सर?
ट्रेडिंग अकाउंट में राइट साइड ₹24,900 और एक आखिरी आइटम हमको यहां पर क्वेश्चन में दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक ₹3500 और
क्लोजिंग स्टॉक साथियों आपको पता होगा ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर राइट साइड मतलब क्रेडिट साइड इसको शो किया जाता है। तो
सारे आइटम्स को हमने जो जो ट्रेडिंग अकाउंट में जाने चाहिए थे उनको ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर डाला और एट द एंड आपको
फाइनल कैलकुलेशन करनी है और ग्रॉस प्रॉफिट यहां पर कैलकुलेट करना है। सबसे पहले क्रेडिट साइड की हम टोटल करेंगे। टोटल को
यहां पर आप कॉपी करेंगे। फिर इस टोटल को हम लोग सेम साइड अपोजिट साइड कॉपी करते हैं। और इस टोटल में से ऊपर वाले सारे जो
एक्सपेंसेस हैं उनको लेस करते हैं तो हमारे सामने निकल कर आता है ग्रॉस प्रॉफिट।
ये कैलकुलेशंस जब आप कर कर देखेंगे साथियों तो यहां पर आपका जो ग्रॉस प्रॉफिट का अमाउंट आएगा वो आएगा 6750।
क्लास के अंदर साथियों कैलकुलेशन करने का टाइम जो है वह हम बचाएंगे। कैलकुलेशंस ऑलरेडी यहां पर की की हुई है मैंने। तो
उसको देखकर आपको डायरेक्टली मैंने बता दिया कि ग्रॉस प्रॉफिट का जो अमाउंट आएगा ये सारी चीजें ऐड और लेस करने के बाद उसका
अमाउंट होगा 6750। चलिए तो 6750
ऑप्शन नंबर ए में गिवन है। तो क्वेश्चन नंबर 16 का जो हमारा आंसर रहेगा वो रहेगा ऑप्शन नंबर ए के रूप में। चलिए बहुत अच्छी
बात है रचना जी वेरी गुड। पूजा जी वेरी गुड। तारा प्रकाश जी वेरी गुड। एमटी ड्रॉजी वेरी गुड। चलिए आगे बढ़ते हैं।
क्वेश्चन नंबर 17 पे चलते हैं। और क्वेश्चन नंबर 17 ने हमसे क्या मांगा है साथियों? कंसीडर द फॉलोइंग डेटा रिलेटेड
टू अ कंपनी फॉर द मंथ ऑफ मार्च। सिर्फ एक महीने का डाटा आपसे यहां पर दे रखा है और एक टेबल के फॉर्म में कुछ डेटा आपको दे
रखा है और टेबल के नीचे आपसे यह पूछा गया है साथियों कि मार्च महीने की सेल द कंपनीज़ मंथली सेल्स विल बी। ये डाटा आपको
मार्च मंथ का दे रखा है और इस डाटा की मदद से आपको सेल्स का अमाउंट कैलकुलेट करना है। अब देखते हैं साथियों क्या-क्या डाटा
अपने पास है और उस डेटा को हम कैसे यूज़ कर सकते हैं। सबसे पहला हमें दे रखा है साथियों ओपनिंग स्टॉक। फिर हमें दे रखा है
क्लोजिंग स्टॉक। फिर हमें नेट परचेजेस का अमाउंट दे रखा है। और लास्ट में हमें दे रखा है ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन ऑन सेल्स।
साथियों ये जितने भी आइटम्स हैं अगेन ये ट्रेडिंग अकाउंट के आइटम्स हैं और हमसे सेल्स का अमाउंट निकालने के लिए कहा गया
है। ये भी एक ट्रेडिंग अकाउंट का आइटम है। हां जी। जस्ट सेकंड।
[नाक से की जाने वाली आवाज़] तारा प्रकाश जी गोली बेटा मस्ती नहीं आप अपनी कैलकुलेशन चेक करिए। बैलेंसिंग फिगर
6750 आ रहा है। ओके अभी मैंने आपका कमेंट पढ़ा तो एक बार उसको फिर चेक कर लिया। आप अपनी कैलकुलेशन चेक करिए। बैलेंसिंग फिगर
जो है वह 6750 ही आ रहा है। चलिए क्वेश्चन नंबर 17 जैसा कि मैं आपसे बात कर रहा था। यह जो अमाउंट सारे हमको दे रखे हैं, यह
आइटम्स ट्रेडिंग अकाउंट के आइटम्स हैं। अब देखते हैं ये जो डाटा हमको दे रखा है, इस बेसिस पे हम सेल्स का अमाउंट कैसे
कैलकुलेट करेंगे? साथियों, सबसे पहले आपको ओपनिंग स्टॉक यहां पर दे रखा है। ओपनिंग स्टॉक कहां आता है आपका? ट्रेडिंग अकाउंट
में लेफ्ट साइड। एक बार इसको नोट कर लिया। फिर आपको दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक। साथियों, क्लोजिंग स्टॉक हमारा क्रेडिट
साइड आता है। यहां पर ले लिया हमने 25,000। फिर हमें नेट परचेस का अमाउंट दे रखा है साथियों। ये लीजिए हमने नेट परचेस
का अमाउंट भी ले लिया यहां पर ₹10000 जो कि ट्रेडिंग अकाउंट में डेबिट साइड आता है। ₹10000
अब आपको यहां पर क्वेश्चन ने पूछी है सेल्स का अमाउंट कितना होगा? अब यहां पर साथियों जब हम ट्रेडिंग अकाउंट को
क्लोज करते हैं देखो सोचने का तरीका आपको कितना सिंपल रखना है। चीजें आपको रटनी नहीं है। 11th क्लास को दिमाग में रखिए।
यहां पर देखिए भाई ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर ओपनिंग स्टॉक का अमाउंट आ चुका है। परचेजेस का अमाउंट हमारे पास आ चुका है।
क्लोजिंग स्टॉक का अमाउंट हमारे पास आ चुका है। हमको एक तो सेल्स का अमाउंट पूछा है। और एक और चीज जो यहां पर ट्रेडिंग
अकाउंट में आती है, फाइनल रिजल्ट जो आता है वो किस रूप में आता है साथियों? ग्रॉस प्रॉफिट के रूप में।
जो फाइनल रिजल्ट हमारे सामने आता है वो ग्रॉस प्रॉफिट के रूप में आता है और दूसरा इधर जो आइटम मिसिंग है क्रेडिट साइड जो
आइटम मिसिंग है वो सेल्स का अमाउंट है। अब साथियों हमारे पास ग्रॉस प्रॉफिट की वैल्यू नहीं है। साथियों हमारे पास सेल्स
का अमाउंट भी नहीं है। पर हमारे पास जो तीन अमाउंट हैं एक तो हमारे पास है ओपनिंग स्टॉक यहां पर। फिर उसके बाद हमारे हमने
और कितने का माल खरीदा? मतलब परचेजेस उसकी वैल्यू यहां पर दे रखी है। इसका मतलब क्या हुआ? अगर मैं ओपनिंग स्टॉक और परचेस दोनों
को ऐड करता हूं तो इसका मतलब समझिएगा। अगर ओपनिंग स्टॉक और परचेजेस इन दोनों को अगर मैं ऐड कर देता हूं तो
इसका मतलब क्या है? इसका मतलब क्या है? कि मेरे पास बेचने के लिए टोटल माल कितना है? और मेरे पास एक चीज क्वेश्चन में और
अवेलेबल है जो कि है क्लोजिंग स्टॉक कि साल के अंत में मतलब मार्च महीने के एंड में कितना माल बच गया? अब समझना साथियों
ओपनिंग स्टॉक है आपका 22,000 प्लस आपने माल और कितने का खरीदा? ₹100 का मतलब आपके पास जो टोटल माल था वो था
₹132000 का और ये ₹132000 साथियों क्या है जो माल
आपके पास पड़ा था उसकी कॉस्ट ये टोटल आपके पास माल था अब इसमें से क्लोजिंग स्टॉक मतलब जो माल आपके पास बच गया 1332000 में
से 25000 का माल बच गया। 25,000 का माल बच गया। अरे सर माल अपने पास टोटल ₹1,320,000 था।
उसमें से सिर्फ ₹5,000 का माल बचा। अरे सर तो बीच का माल कहां गया? कितनी कॉमन सेंस की बात है। जो बचा हुआ जो डिफरेंस है
भाई मेरे पास टोटल 132 का माल था। महीने के एंड में मात्र 25,000 ही रह गया। तो जो बचा हुआ है वो तो बिक गया ना। तो डिफरेंस
अमाउंट जो है वो है जो माल बिक गया उसका अमाउंट। तो डिफरेंस अमाउंट साथियों यहां पर आएगा आपका ₹17,000।
अब यह जो000 है साथियों यह ध्यान रखिएगा यह ₹17000 क्या है? यह जो माल बिका उसकी कॉस्ट है
साथियों जो माल बिका उसकी कॉस्ट है यहां पर ₹17000 वेरी गुड। बहुत बढ़िया। अब साथियों मुझे
एक बात पता चल चुकी है कि मैंने जो माल बेचा उसकी लागत कितनी निकल गई? ₹17,000। अब मैं इसमें अपना प्रॉफिट जोड़ता हूं और
फिर इस माल को बेचता हूं। अब प्रॉफिट मार्जिन के लिए क्वेश्चन ने आपको क्या बोला? कि ग्रॉस प्रॉफिट जो मार्जिन आपको
दे रखा है वो सेल्स पे दे रखा है। सेल अमाउंट का कितना परसेंट है? 20%। अब साथियों एक सिंपल सी बात है। जब हम बात
करते हैं छोटी क्लास पे चलो। छोटी क्लास में सिक्स्थ क्लास में अपन ने क्या पढ़ा था? कॉस्ट प्लस
प्रॉफिट बराबर सेल्स। पढ़ा था सिक्स्थ क्लास में या नहीं पढ़ा था? अब देखो आपके पास जो जो है उसको पुट करते चलो। अपने आप
जो है कहानी आगे बढ़ेगी। देखना कैसे कहानी आगे बढ़ेगी। भैया कॉस्ट है क्या आपके पास? यस सर हमने कॉस्ट निकाल ली सर। यह रही
आपकी कॉस्ट ₹17,000 ठीक है। प्लस अब हमें चाहिए प्रॉफिट। प्रॉफिट के लिए क्वेश्चन ने क्या बोला कि
प्रॉफिट जो है भाई साहब वो सेल्स का 20% है। अब हमारे पास सेल्स तो है ही नहीं। कोई बात नहीं। सेल्स को x मान लो। और
प्रॉफिट जो है वो सेल्स का 20% है। x का 20% करना है तो उसको मैं20x लिख सकता हूं या नहीं लिख सकता हूं? यस सर
लिख सकते हैं। अब इस इक्वेशन से क्या आप लोग x की वैल्यू नहीं निकाल सकते? x हमने माना है सेल्स को। कैसे निकालेंगे
साथियों? ये जो 20x है इन भाई साहब को इक्वल टू के उधर भेज देंगे। तो यहां पर ₹17000
= 1x -20x हो जाएगा। तो यहां पर डायरेक्टली x की वैल्यू कितनी आ जाएगी? 107000
बाय8 और 177000ेड बाय8 अगर आप करेंगे तो यहां पर आपकी जो x
की वैल्यू आ जाएगी वो आ जाएगी ₹133750 और साथियों हमने x किसको माना हमने x माना था सर सेल्स को क्या बात है सेल्स का
अमाउंट हमारे पास आ चुका चुका है और क्वेश्चन ने हमसे मांगा भी किसका अमाउंट था? सेल्स का ही अमाउंट मांगा था। जो
सेल्स हमने कितने अमाउंट में निकाल ली? ₹133750। तो क्या ₹133750
हमारे ऑप्शंस में है क्या? बिल्कुल होगा। ऑप्शन नंबर सी देखिए साथियों कि मार्च मंथ की जो सेल है वह है ₹133750
रचना जी। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। इस क्वेश्चन का आंसर जो है वो काफी कम लोगों ने दिया है। माय किस्मत जी
दे दिया है। शैतान जी वेरी गुड। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। तारा प्रकाश जी बहुत बढ़िया। तो साथियों इस तरह
के क्वेश्चंस आपके एग्जाम में जब आते हैं तो आपको शॉर्टकट से बचना है। कांसेप्ट पर ध्यान देना है और सिंपल तरीका अपना के
क्वेश्चन को सॉल्व करना है। ऑटोमेटिकली आपका जो आंसर आएगा वो बिल्कुल सही और सटीक आने वाला है। आगे बढ़ते हैं साथियों
क्वेश्चन नंबर 18 के ऊपर। क्वेश्चन नंबर 18। अ बिज़नेस हैज़ प्रोवाइडेड द फॉलोइंग
डिटेल्स। आपके पास बहुत सारी डिटेल्स यहां पर है। आपसे पूछा गया है परचेस का अमाउंट निकालिए। और जो डाटा हमारे पास क्वेश्चन
में है वो ट्रेडिंग अकाउंट से रिलेटेड डेटा है साथियों और हमें अमाउंट परचेस का निकालना है। परचेस भी ट्रेडिंग अकाउंट का
पार्ट है। तो अगेन यहां पर हम लोग ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल करेंगे और अपने सॉल्यूशन पर पहुंचेंगे। साथियों
एक-एक करके चेक करो आपके पास क्या डाटा यहां पर अवेलेबल है। सबसे पहले साथियों आपको यहां पर दे रखा है कॉस्ट ऑफ गुड्स
सोल्ड। फिर आपको दे रखा है। अब साथियों कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड डायरेक्टली ट्रेडिंग अकाउंट में तो नहीं आता। कॉस्ट ऑफ गुड्स
सोल्ड तीन आइटम से निकलता है। ओपनिंग स्टॉक प्लस परचेस माइनस क्लोजिंग स्टॉक। तो सीओजीएस का अमाउंट जो है मैं ट्रेडिंग
अकाउंट में नहीं लिखूंगा। फिर आपको दे रखा है सेल्स का अमाउंट दे रखा है ₹ लाख। ये ₹ लाख कहां आएगा साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट
में किधर आती है सेल? साथियों सर ये तो क्रेडिट में आती है। ये लीजिए मैंने क्रेडिट में सेल्स को लिख दिया। फिर हमें
दे रखा है ओपनिंग स्टॉक। ओपनिंग स्टॉक साथियों कहां आता है आपका? ट्रेडिंग अकाउंट में आता है। डेबिट साइड लिख दिया
मैंने। क्लोजिंग स्टॉक कहां आता है साथियों? सर ये तो ट्रेडिंग अकाउंट में क्रेडिट साइड राइट साइड आता है सर। ये
लीजिए मैंने 40,000 लिख लिया यहां पर। अब साथियों जो फर्स्ट अमाउंट हमको यहां पर दे रखा था वो दे रखा था कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड
का और साथियों जब कॉस्ट हमारे पास है और जब हमारे पास सेल्स है तो अगेन सिक्स्थ क्लास याद नहीं आती है क्या सर आती है सर
आती है सर अभी आपने याद दिलाया अभी आपने हमको हमारे बचपन में रूबरू करवाया बचपन से कि सर जब कॉस्ट में प्रॉफिट जोड़ दिया जाए
तो सर सेल्स का अमाउंट आता है सर तो बेटा जो जो अमाउंट अवेलेबल है वो इस इक्वेशन में पुट कर दो ना। क्या समस्या है? आपके
पास कॉस्ट है ना? कितनी कॉस्ट है? ₹1.5 लाख है। प्लस प्रॉफिट नहीं गिवन है क्वेश्चन में। कोई बात नहीं। प्रॉफिट की
जगह प्रॉफिट लिख दो। अरे सेल्स का अमाउंट तो है ना आपके पास। ये लो सेल्स की जगह मैंने सेल्स लिख दिया। तो क्या इससे
प्रॉफिट नहीं आ सकता? आ गया सर। प्रॉफिट आ गया सर। ₹500। तो साथियों प्रॉफिट का अमाउंट भी जब हमारे
पास आ चुका है तो प्रॉफिट कहां आता है आपका ट्रेडिंग अकाउंट में? ग्रॉस प्रॉफिट कहां आता है? सर ये तो आता है सर। ये तो
लेफ्ट साइड तो आता है तो लिखो ना भाई। ये लो। ये मैंने प्रॉफिट का अमाउंट लिख दिया। अब आपसे क्वेश्चन में पूछा है परचेस
का अमाउंट निकालो। परचेस कहां आता है साथियों, ट्रेडिंग अकाउंट में? ये देखो ओपनिंग स्टॉक के जस्ट नीचे आता है ना। अब
इसको कैसे निकाल सकते हैं? अरे सर, ट्रेडिंग अकाउंट के सारे आइटम्स के अमाउंट आ चुके हैं। सिर्फ एक बच रहा है, तो सर
बैलेंस करके निकाल लेंगे। बिल्कुल सही सोचा आपने। बैलेंस कैसे करेंगे आप? राइट साइड कंप्लीट
है। राइट साइड की टोटल कर दी गई। सेम टोटल को अपोजिट में लिख दिया गया। और इस 240 में से एक तो 60000 और 50000 जब आप माइनस
करेंगे तो आपके पास परचेस का जो अमाउंट है वो निकल कर आ जाएगा। वो आ जाएगा आपका ₹1 लाख ₹00
वेरी गुड रचना जी क्या हमारे पास ऑप्शंस में ₹1300 है क्या बिल्कुल है ऑप्शन नंबर ए तो
साथियों क्वेश्चन नंबर 18 का परफेक्ट आंसर हमारे सामने आया ₹1300 वेरी गुड रचना जी वेरी गुड दिलीप सिंह जी
वेरी गुड एमटी ड्रॉस जी बिल्कुल बेसिक तरह से सोचना है और बेसिक बेसिक तरह से आंसर हमको फाइंड आउट करने हैं। राघव जी वेरी
गुड। चलिए आगे बढ़ते हैं हम क्वेश्चन नंबर 19 के
ऊपर। साथियों क्वेश्चन नंबर 19 के अंदर आपको दे रखा है सबसे पहले पूछा क्या है? पहले ये चेक कर लो। कैलकुलेट द क्लोजिंग
स्टॉक। अगेन ट्रेडिंग अकाउंट का ही एक आइटम है। ट्रेडिंग अकाउंट मैं आप लोगों के सामने ऑलरेडी रेडी करके रखता हूं ताकि समय
हमारा वेस्ट ना हो। साथियों क्लोजिंग स्टॉक पूछा है हमसे। ठीक है? अब डाटा क्या-क्या दे रखा है? एक बार चेक कर लेते
हैं। ठीक है? एक आपको दे रखा है ओपनिंग स्टॉक। ठीक है? ₹00 ओपनिंग स्टॉक फटाफट लिख दो ट्रेडिंग अकाउंट में। जिधर भी आता
है बार-बार बताने की जरूरत नहीं है। ये लिख दिया। फिर इसने आपको बोला कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल ₹1,600।
साथियों, कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल का मतलब क्या होता है? कि आपके पास टोटल कितना माल था बेचने के लिए?
टोटल माल और साथियों टोटल माल कैसे निकलता है सर ओपनिंग में जितना माल मेरे पास था प्लस सर मैंने और खरीदा
मैंने सर और खरीदा तो इन्हीं दोनों को मिलाकर क्या निकाल सकते हैं हम कि हमारे पास टोटल माल कितना
था अब क्वेश्चन ने बोल दिया आपके पास टोटल माल था 1660 160 में से पुराना माल पिछले साल वाला
कितना था 30000 तो आपने और कितना खरीदा होगा इस साल सर? ₹1300 का और खरीदा होगा। तभी तो जाके टोटल 160 हुआ होगा। तो परचेस
का अमाउंट निकल गया बड़ी स्टाइल से। तो परचेस का अमाउंट भी मैंने यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट में जहां आना चाहिए वहां
लिख दिया। साथियों, फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर की क्लास चल रही है। मैं आशा करता हूं कि मुझे एटलीस्ट ये ना बताना पड़े कि
परचेस ट्रेडिंग अकाउंट में किधर आता है? ओपनिंग स्टॉक किधर आता है, क्लोजिंग स्टॉक किधर आता है। ठीक है ना? हां जी। तो
साथियों आगे बढ़ते हैं। फिर हमको सेल्स का अमाउंट दे रखा है ₹160000। सेल्स बड़े प्यार से आप कहां लिखते हो ट्रेडिंग
अकाउंट में? आपको पता होना चाहिए। सर क्रेडिट साइड लिखते हैं हम लोग ₹1600। ये आपके सामने सेल्स का अमाउंट आ चुका है।
फिर इसने नीचे आपसे बोला ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो सेल्स का 30% है। सेल्स अमाउंट है हमारे पास साथियों ₹160000 इसका 30% ग्रॉस
प्रॉफिट है। तो इसका 30% जब आप निकालेंगे तो आपको उसको अपोजिट साइड ग्रॉस प्रॉफिट कहां आता है? यहां आता है साथियों। ₹1600
का 30% आएगा आपका 48,000 कितना आ गया साथियों? ग्रॉस प्रॉफिट कितना
आ गया आपका? ₹48,000। अब आपसे क्वेश्चन में क्या ग्रॉस प्रॉफिट पूछा गया है क्या? जी नहीं। क्वेश्चन ने
हमसे बोला है क्लोजिंग स्टॉक निकाल के बताइए। और साथियों क्लोजिंग स्टॉक कहां आता है ट्रेडिंग अकाउंट में? सर सेल्स के
नीचे अरे जब सारे अमाउंट आ चुके हैं, तो क्या आप क्लोजिंग स्टॉक का अमाउंट बैलेंस करके नहीं निकाल सकते क्या? बिल्कुल निकाल
सकते हैं। बिल्कुल निकाल सकते हैं। तो यहां पर डेबिट की टोटल कितनी हो गई आपकी? ₹8,000।
सेम टोटल आपने अपोजिट में लिख दी और ₹8 में से जब आप ₹160 माइनस करोगे तो यहां पर आपके पास आ जाएगा आपका क्लोजिंग स्टॉक जो
कि आएगा कितने रुपए? 48,000। तो क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू आ चुकी है
दोस्तों। क्या 48,000 हमारे ऑप्शन में है क्या? बिल्कुल है ऑप्शन नंबर बी के अंदर। ऑप्शन नंबर भाई बिल्कुल सही कह रहा है कि
जो क्लोजिंग स्टॉक है उसकी वैल्यू ₹48 थाउजेंड है।
वेरी गुड माय किस्मत जी, तारा प्रकाश जी, रचना जी, दिलीप सिंह जी एंड तारा प्रकाश जी। बहुत-बहुत बढ़िया।
आगे चलूं क्या? क्वेश्चन नंबर 20 क्या कह रहा है? व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इक्वेशन व्हिच ऑफ द फॉलोइंग रिलेशनशिप इज इनकरेक्ट?
एग्जाम के अंदर इन पर फोकस करना है। इनकरेक्ट पूछा है। इनकरेक्ट अरे ये तो बहुत बद्दा कलर हो गया भैया। अच्छा कलर
लेते हैं। ये लीजिए कि इनमें से जितने भी इक्वेशंस आपको यहां पर दे रखी है, इनमें से कौन सी
गलत है? अब साथियों इस तरह के क्वेश्चन को सॉल्व करने के लिए मैं आपको एक सिंपल सा तरीका बताता हूं। जैसे कल आपको मैंने एक
पारिवारिक तरीका बताया था कि जो डेबिट के आइटम्स हैं वो सब एक परिवार में हैं और अपोजिट जो क्रेडिट वाले आइटम्स हैं अगर वो
हैं तो वो माइनस होंगे। ठीक है? परिवार परिवार वाले प्लस होंगे अपोजिट वाला माइनस होगा। चलिए चेक करते हैं। सबसे पहली
इक्वेशन इसने क्या बोला? नेट प्रॉफिट किसके बराबर होता है? ग्रॉस प्रॉफिट। हां। नेट प्रॉफिट किसके बराबर होता है?
ग्रॉस प्रॉफिट। अब साथियों नेट प्रॉफिट जैसे ही इसने बोला आपके दिमाग में पीएंडएल अकाउंट आ जाना चाहिए
क्योंकि नेट प्रॉफिट किससे निकलता है? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट से निकलता है। अब प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का फोटो दिमाग में
लाओ। ग्रॉस प्रॉफिट किस साइड आता है? क्रेडिट साइड आता है। फिर एडमिनिस्ट्रेटिव एंड अदर एक्सपेंसेस किस साइड आते हैं? सेम
साइड आते हैं क्या? नहीं सर ये तो पीएंडएल में डेबिट साइड आते हैं। और जैसे ही परिवार चेंज हुआ क्रेडिट से डेबिट तो साइन
माइनस का लगेगा। ये माइनस का साइन है। इसका मतलब फर्स्ट वाला जो इक्वेशन है वो बिल्कुल सही है। क्योंकि ग्रॉस प्रॉफिट
क्रेडिट साइड आता है और एडमिनिस्ट्रेटिव और अदर खर्चे डेबिट में आते हैं। तो जब साइड चेंज होती है तो साइन माइनस का लग
जाता है। फर्स्ट इक्वेशन ओके है। दूसरी इक्वेशन चेक करते हैं। सेकंड इक्वेशन अगेन नेट प्रॉफिट की बात कर रहा है। फोटो लाना
पड़ेगा। दिमाग में स्कैंड कॉपी लानी पड़ेगी पीएंडएल अकाउंट की। पीएंडएल अकाउंट में। अब यहां पर सबसे पहले इसने शुरुआत
करी है ग्रॉस प्रॉफिट की। साथियों ग्रॉस प्रॉफिट पीएंडएल अकाउंट में किस साइड आता है सर? क्रेडिट साइड आता है। फिर
एडमिनिस्ट्रेटिव एंड अदर एक्सपेंसेस किस साइड आते हैं साथियों? ये तो डेबिट साइड आते हैं। तो क्रेडिट और डेबिट वाले आइटम्स
आपस में प्लस कैसे हो सकते हैं? इंपॉसिबल है ये। तो ये तो इंपॉसिबल है साथियों। ये जो इक्वेशन है ये गलत इक्वेशंस है। ये
क्वेश्चन ने हमसे यही पूछा था कि इनमें से कौन सी इक्वेशन जो है वो इनकरेक्ट है साथियों। तो हमें इनकरेक्ट इक्वेशन यहां
पर मिल चुकी है। बिल्कुल मिल चुकी है। तो यहां पर क्वेश्चन नंबर 20 का परफेक्ट आंसर हमारे आप सामने आ चुका है। इक्वेशन नंबर
बी जो है वो एक गलत इक्वेशन है। दूसरी इक्वेशंस देख लो। थर्ड वाली जो इक्वेशन है वो ट्रेडिंग अकाउंट की है। ट्रेडिंग
अकाउंट का फोटो दिमाग में लाओ। ओपनिंग स्टॉक डेबिट में आता है। परचेस भी डेबिट में आता है तो दोनों प्लस हो गए। कोई
दिक्कत नहीं है। क्लोजिंग स्टॉक माइनस हो गया क्योंकि ये क्रेडिट साइड आता है। तो भाई साहब ये जो इक्वेशन है ये सही इक्वेशन
है। लास्ट में ओपनिंग स्टॉक डेबिट में आता है। परचेस भी डेबिट में आता है। प्लस कर दिया कोई दिक्कत नहीं है। ग्रॉस प्रॉफिट
भी डेबिट में आता है। प्लस कर दिया कोई दिक्कत नहीं है। डायरेक्ट एक्सपेंस भी डेबिट वाले परिवार का है। प्लस कर दिया
कोई समस्या नहीं है। और क्लोजिंग स्टॉक अपोजिट में आता है। उसको माइनस कर दिया कोई समस्या नहीं है। तो जो इक्वेशन नंबर
डी है ये भी सही है। पर आपसे सही कौन सी है ये नहीं पूछा गया। आपसे इनकरेक्ट पूछी गई तो इनकरेक्ट है इक्वेशन नंबर बी। चलिए
अगले क्वेश्चन पर चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 21 क्या पूछ रहा है आपसे? इन द प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। पीएंडएल अकाउंट दिमाग में
लाइए। एक खर्चा है सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस। साथियों, सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस कौन
से खर्चे होते हैं? ऐसे खर्चे जो सेल्स को बढ़ाने के लिए किए जाते हैं और माल को डिलीवर करने से रिलेटेड जो है वो खर्चे आप
करते हो वो कहलाते हैं सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस। अब एमसीक्यू ने आपसे पूछा क्या है कि प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट के अंदर जब हम सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस लिखते हैं तो उसमें कौन से खर्चे इनमें से इंक्लूड नहीं
होते? जो नीचे ऑप्शंस दिए हुए हैं। इनमें से कौन सा खर्चा सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन में इंक्लूड नहीं होता?
ऑप्शंस चेक करते हैं एक-एक करके फटाफट हम लोग। पहला ऑप्शन क्या दे रखा है? कमीशन ऑन सेल्स। सेल बढ़ाने के लिए किया गया खर्चा।
यह तो भाई साहब सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन में जाता है। फिर पैकिंग का खर्चा बेचने से रिलेटेड खर्चा है भैया।
सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन में जाएगा। अगला खर्चा साथियों जिसका सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन से कोई लेना देना नहीं है।
किसी लॉयर की फीस, किसी प्रोफेशनल की फीस अगर आपने पे करी है तो यहां पर उसका सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन से कोई लेना
देना नहीं है। तो ये जो खर्चा है साथियों लीगल एक्सपेंसेस ये सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस में इंक्लूड
नहीं होगा। वहीं लास्ट में जो ऑप्शन है अगेन एडवरटाइजिंग का जो खर्चा है वो आप सेल बढ़ाने के लिए करते हो तो वो सेलिंग
एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस का पार्ट बनता है। पर हमसे क्वेश्चन ने ये पूछा था कि इन चार ऑप्शंस में से कौन सा खर्चा ऐसा
है जिसको आप सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल नहीं करेंगे। तो लीगल एक्सपेंसेस जो भाई साहब है उनको हम सेलिंग
एंड डिस्ट्रीब्यूशन खर्चों में शामिल नहीं करेंगे। चलिए क्वेश्चन नंबर 22 पे बढ़ते हैं
साथियों हम लोग यहां पर। सैलरीज एंड वेजेस। कल मैंने आपको बताया था। आपको याद आ गया होगा कि जब दोनों शब्द एक साथ दिख
जाए तो सबसे पहले फोकस पहले वाले वर्ड पे करना है। और डिसीजन उसी बेस पे लेना है। साथियों सैलरीज जो है उसको हम इनडायरेक्ट
एक्सपेंस की कैटेगरी में डालते हैं। और साथियों सारे के सारे जो इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस होते हैं उनको शो किया जाता है
पीएंडएल अकाउंट में। और पीएंडएल अकाउंट में साथियों खर्चे किस साइड शो किए जाते हैं? डेबिट साइड।
तो बिल्कुल बेसिक लेवल का क्वेश्चन था साथियों। चेक करिए यहां पर। इसने आपसे यह पूछा है कि सैलरीज एंड वेजेस का जो खर्चा
है जो ट्रायल बैलेंस में आपको दिख रहा है उसको आप कहां शो करेंगे? तो साथियों पहला ऑप्शन कह रहा है डेबिट साइड ऑफ ट्रेडिंग
अकाउंट। ट्रेडिंग अकाउंट में तो साथियों डायरेक्ट एक्सपेंसेस जाते हैं। सेकंड ऑप्शन हमसे कह रहा है ऑन द डेबिट साइड ऑफ
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। जी हां। यह एक इनडायरेक्ट नेचर का खर्चा है और इनडायरेक्ट नेचर के जो खर्चे होते हैं
साथियों वो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट साइड रिकॉर्ड किए जाते हैं। बैलेंस शीट में खर्चे नहीं जाते और एसेट साइड वही
अगेन वही बात बैलेंस शीट के अंदर जो है लायबिलिटीज और एसेट शो की जाती है। पर सैलरीज एंड वेजेस जो है वो तो खर्चा है ना
भाई साहब। तो वो बैलेंस शीट में नहीं जाएगा। इट विल बी रिकॉर्डेड ऑन द डेबिट साइड ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। चलिए।
अगले क्वेश्चन पर चलते हैं साथियों। यहां पर क्वेश्चन नंबर 23 के ऊपर। क्वेश्चन नंबर 23 ध्यान से देखिए। क्या पूछ रहा है
आपसे? व्हेन ग्रॉस प्रॉफिट एक्सीड्स मतलब ज्यादा हो। किससे? ऑपरेटिंग खर्चों से। तो ग्रॉस प्रॉफिट जितना
ऑपरेटिंग खर्चों से ज्यादा होता है वो जो डिफरेंस अमाउंट है उसे क्या कहा जाता है? साथियों यहां आपके सामने मैंने पीएंडएल
अकाउंट का फॉर्मेट बना रखा है। रीजन बीइंग आपके जो ऑपरेटिंग खर्चों की बात जो क्वेश्चन कर रहा है आपके ऑपरेटिंग
एक्सपेंसेस कई सारे पीएंडएल अकाउंट का पार्ट बनते हैं। और फिर नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस भी आपके प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट का ही पार्ट बनते हैं। और इसने ग्रॉस प्रॉफिट के साथ इसका कंपैरिजन किया है। तो साथियों ग्रॉस प्रॉफिट हम सबको पता
है कि पीएंडएल अकाउंट में राइट साइड आता है क्रेडिट साइड और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट साइड
रिकॉर्ड होते हैं साथियों। और क्वेश्चन क्या कह रहा है? आपका जो ग्रॉस प्रॉफिट है वो ज्यादा है। किससे ज्यादा है? ऑपरेटिंग
एक्सपेंसेस से। तो जो रिमेनिंग अमाउंट बचता है साथियों यहां पर ऑब्वियस सी बात है जब इनकम ज्यादा है
खर्चा कम है तो रिमेनिंग जो अमाउंट बचता है उसको हम बड़े प्यार से क्या कहेंगे प्रॉफिट कहेंगे
और जब सिर्फ ग्रॉस प्रॉफिट में से सिर्फ ऑपरेटिंग खर्चे माइनस कर दिए जाएं तो जो प्रॉफिट निकल के आता है साथियों याद
रखिएगा उसे बड़े प्यार से ऑपरेटिंग प्रॉफिट कहा जाता है। रीज़न बीइंग कि ग्रॉस प्रॉफ़िट में से अभी सिर्फ ऑपरेटिंग खर्चे
माइनस किए गए हैं। तो सिर्फ ऑपरेटिंग खर्चे माइनस करने के बाद जो इनकम जो प्रॉफिट निकल के आता है उसको हम ऑपरेटिंग
प्रॉफिट कहते हैं साथियों। और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में से जब आप नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को माइनस कर देते हो और नॉन
ऑपरेटिंग इनकम को प्लस कर देते हो। ये प्लस माइनस करने के बाद अंत में जो आपके पास प्रॉफिट आता है साथियों उसे जरूर हम
नेट प्रॉफिट के नाम से जानते हैं। बट क्वेश्चन ने यहां पर हमसे ये पूछा कि ग्रॉस प्रॉफिट और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस के
अंदर अगर ग्रॉस प्रॉफिट ज्यादा है तो रिमेनिंग जो अमाउंट बचेगा उसे क्या कहा जाएगा साथियों? तो सिर्फ ऑपरेटिंग खर्चे
जब माइनस किए गए हैं ग्रॉस प्रॉफिट में से तो उसे हम ऑपरेटिंग प्रॉफिट कहते हैं। तो ऑप्शंस में सबसे पहला ही ऑप्शन जो है वो
हमको आंसर के रूप में मिल चुका है कि ग्रॉस प्रॉफिट में से जब ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस हम हटाते हैं तो उसे हम
ऑपरेटिंग प्रॉफिट कहते हैं। यहीं अगर ग्रॉस प्रॉफिट कम हो और ऑपरेटिंग खर्चे ज्यादा हो तो उसे क्या कहेंगे हम?
ऑपरेटिंग लॉस कहेंगे। ध्यान रखिएगा साथियों। ठीक है? चलिए वेरी गुड। बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 24 की। वि ऑफ
द फॉलोइंग विल नॉट बी शोन? ये नॉट बी वाले क्वेश्चंस पे बहुत ध्यान रखना है। व्हिच नॉट बी शोन इन द प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
ऑफ अ बिज़नेस। इन चार ऑप्शंस में से कौन सा ऑप्शन ऐसा है जिसको पीएंडएल अकाउंट में शो नहीं किया जाता? एक-एक करके चेक करते हैं
साथियों। सबसे पहले आपको यहां पर दे रखा है ड्रॉइंग्स। साथियों, ड्रॉइंग्स कहां शो की जाती है? बैलेंस शीट में। बैलेंस शीट
में किस साइड? लायबिलिटी साइड। लायबिलिटी में कहां? कैपिटल में से माइनस किया जाता है।
तो जब ड्रॉइंग्स बैलेंस शीट में शो की जाती है तो ऑब्वियस सी बात है प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में ड्रॉइ्स को शो नहीं किया
जाता। और क्वेश्चन ने हमसे यही मांगा है कि इनमें से कौन सा ऐसा आइटम है जो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में नहीं शो किया
जाता तो वो है साथियों ड्रॉइंग्स। वेरी गुड। दूसरा साथियों दूसरे ऑप्शंस क्या है? प्रोविजन फॉर डाउटफुल डे्स। जब हम डाउटफुल
डेटर्स पर प्रोविज़न बनाते हैं तो डेफिनेटली वह पीएंडएल अकाउंट में रिकॉर्ड करते हैं। साथियों आउटस्टैंडिंग
एक्सपेंसेस को भी हम पीएंडएल अकाउंट में उसके रेस्पेक्टिव खर्चे के अंदर जोड़ते हैं, ऐड करते हैं। और लास्ट रिजर्व फॉर
डिस्काउंट ऑन क्रेडिटर्स। अगर हमें लगता है कि फ्यूचर में कोई क्रेडिटर हमें डिस्काउंट देगा तो होने वाला जो फायदा है
उसको हम पीएंडएल अकाउंट में क्रेडिट साइड रिकॉर्ड करते हैं। हालांकि ये प्रूडेंस कांसेप्ट के खिलाफ है बट फिर भी ऑप्शन में
गिवन है तो हमें ये तो पता है कि ये पीएंडएल अकाउंट में जाएगा अगर जाएगा तो। तो क्वेश्चन नंबर 24 में हमने यह देख लिया
कि ड्रॉइंग्स जो ऑप्शन है वो पीएंडएल अकाउंट में नहीं जाता है। वो हम सभी पता सभी को पता है कि वो बैलेंस शीट का पार्ट
बनता है। चलिए क्वेश्चन नंबर 25 क्या कह रहा है साथियों? चेक कर लेते हैं यहां पर।
आपसे पूछा गया है नेट प्रॉफिट साल 2013-14 का निकाल के बताइए। नेट प्रॉफिट के लिए साथियों दिमाग में तुरंत प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट हमारे आना चाहिए। डेबिट साइड सारे खर्चे और क्रेडिट साइड इनकम्स। अब जो जो डाटा हमको दे रखा है और उनमें से जो जो
डाटा पीएंडएल अकाउंट में जाना चाहिए उसको तुरंत प्रभाव से हम पीएंडएल अकाउंट में डालते हैं और आंसर फाइंड आउट करते हैं।
सबसे पहले हमें यहां पर दे रखा है ग्रॉस प्रॉफिट ₹175,000 साथियों पीएंडएल अकाउंट है। ध्यान रखिएगा।
तो ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो राइट साइड यहां पर हमारे सामने आता है ₹175000। अगला आपको दे रखा है ड्यूरिंग द ईयर कैरज
इनवर्ड वाज़ 15,000। साथियों माल आने का भाड़ा है और यह माल आने का भाड़ा साथियों ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर रिकॉर्ड होता है।
पीएंडएल अकाउंट के अंदर रिकॉर्ड नहीं होता। इसको छोड़ना पड़ेगा। इग्नोर। आगे साथियों प्रोपराइटर का पर्सनल खर्चा है
यहां पर ₹75,000। साथियों पर्सनल एक्सपेंस ऑफ प्रोपराइटर को हम ड्रॉइंग्स के नाम से जानते हैं। और अगेन अभी पिछले क्वेश्चन
में आया था कि ड्रॉइ्स को पीएंडएल अकाउंट में शो नहीं किया जाता। तो इस 75,000 को भी आपको इग्नोर करना है। फिर आगे बोल रहा
है कैरज आउटवर्ड माल जाने का जो भाड़ा है वो डेफिनेटली आपका पीएंडएल अकाउंट में पार्ट बनता है ₹17,500
और खर्चा साथियों पीएंडएल अकाउंट में डेबिट साइड में हम लोग लिखते हैं ₹17,500 और लास्ट में आपसे कहा एक नुकसान है पैसा
डूब गया है आपका ₹12,000 इस नुकसान को भी हम पीएंडएल अकाउंट में रिकॉर्ड करते हैं। और कोई डाटा हमारे पास यहां पर अवेलेबल
नहीं है साथियों। तो डायरेक्टली हम यहां पर टोटल करके नेट प्रॉफिट का जो अमाउंट है उसको निकाल सकते हैं। 1775000 में से ये
जो दोनों खर्चे और नुकसान है इनको जब आप लेस करेंगे तो आपके सामने यहां पर बड़ी आसानी से प्रॉफिट का जो अमाउंट है वो निकल
कर आ जाएगा। वह प्रॉफिट निकल के आएगा साथियों ₹14500 ₹14500
फटाफट से ऑप्शंस के अंदर चेक कर लीजिए क्या ₹14500 आपको नजर आ रहा है क्या माय किस्मत जी
कैलकुलेशन चेक करिए मेरे हिसाब से आप आंसर्स ऑप्शन के आंसर्स जो है उसको ओपन करके बैठे हुए हैं। राघव कुमार जी
कैलकुलेशन चेक करिए। इस क्वेश्चन का जो आंसर होगा यहां पर वह होगा नन ऑफ द अबव।
आप जो 145000 ऑप्शंस में देखकर बोल रहे हैं उसमें थोड़ा सा चेंज है। यहां पर हमको नन ऑफ द अबव को सेलेक्ट करना पड़ेगा। ठीक
है? चलिए क्वेश्चन नंबर 26 की बात कर लेते हैं साथियों। क्वेश्चन नंबर 26 क्या कहना
चाहता है? द बैलेंस शीट एक बिजनेस की बैलेंस शीट आपको क्या इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करती है? चार ऑप्शंस
आपके सामने पहला बैलेंस शीट शो करती है द रिजल्ट ऑफ ऑपरेशंस फॉर अ पर्टिकुलर पीरियड। साथ ही साथियों रिजल्ट ऑफ ऑपरेशंस
का मतलब होता है प्रॉफिट और लॉस। और साथियों प्रॉफिट और लॉस तो हमको ट्रेडिंग अकाउंट और पीएंडएल अकाउंट से पता चलता है।
हमसे बैलेंस शीट के बारे में पूछा है। तो फर्स्ट ऑप्शन यहां पर हम नहीं चूज़ कर पाएंगे। सेकंड बैलेंस शीट क्या शो करती
है? फाइनेंशियल पोजीशन। ये बात तो सही है। पर आगे की बात क्या कह रही है? ड्यूरिंग अ पर्टिकुलर पीरियड। साथियों ये बात यहां पर
गलत हो गई। बैलेंस शीट एक पर्टिकुलर पीरियड नहीं बल्कि बैलेंस शीट फाइनेंसियल पोजीशन शो करती है एक पर्टिकुलर डेट की।
तो सेकंड ऑप्शन बी है यहां पर गलत। थर्ड क्या कह रहा है? बैलेंस शीट क्या शो करती है? द अर्निंग कैपेसिटी फॉर अ पर्टिकुलर
पीरियड। अगेन साथियों पर्टिकुलर पीरियड वाली बात जहां पर आएगी वो पॉइंट कभी भी बैलेंस शीट के लिए सही नहीं कहलाएगा। और
एक लास्ट ऑप्शन क्या कहना चाहता है आपसे? बैलेंस शीट एक बिजनेस की फाइनेंसियल पोजीशन शो करती है ऑन अ पर्टिकुलर डेट।
इसलिए साथियों बैलेंस शीट की जब अपन बैलेंस शीट के ऊपर हेडिंग डालते हैं तो उसको कैसे लिखते हैं? बैलेंस शीट एज ऑन।
तो यहां पर एज ऑन का मतलब क्या है? कि बैलेंस शीट के अंदर जो डाटा है, जितनी भी लायबिलिटीज़ और जितनी भी एसेट्स हैं वो एक
पर्टिकुलर डेट के फिगर्स हैं जो कि है 31 मार्च। तो साथियों ध्यान रखिएगा बैलेंस शीट शो करती है फाइनेंशियल पोजीशन ऑफ अ
पर्टिकुलर डेट। ठीक है? चलिए क्वेश्चन नंबर 27 क्या पूछ रहा है हमसे? बिल्स रिसीवेबल
हमने किसी को उधार पर गुड्स बेचे थे और उसके ऊपर हमने एक बिल ड्रॉ कर दिया बिल ऑफ एक्सचेंज उससे साइन करवा के उसकी
एक्सेप्टेंस ले ली। ठीक है? मतलब वो फ्यूचर में किसी डेट पर हमको पैसा देगा। हमारे पास डॉक्यूमेंट्री प्रूफ है। व्हिच
हैव बीन डिस्काउंटेड। साथियों बिल रिसीवेबल आपने डिस्काउंट करवा लिया। इसका मतलब क्या है? आप समय से पहले
आप समय से पहले जो है उस बिल का पैसा बैंक से ले आए और आपने बैंक से कहा समय आने पर आप सामने
वाली पार्टी से पैसा ले लीजिएगा। हम तो पहले ही पैसा लेकर आ गए। डिस्काउंटेड का मतलब हम
पहले ही पैसा ले आए।
बैंक से अब बैंक जो है वह सामने वाली पार्टी से पैसा लेता रहेगा। अपने को तो पैसा मिल
गया। अब हुआ क्या? एंड आर नॉट येट ड्यू ऑन द डेट ऑफ फाइनल अकाउंट्स। मतलब उस बिल की मैच्योरिटी डेट नहीं आई है। तो 31st मार्च
के दिन जो बिल आप डिस्काउंट करा कर लेकर आ गए, पैसा पहले ही ले आ गए बैंक से बट उसकी डेट नहीं आई। तो फाइनल अकाउंट्स में उसको
कहां शो किया जाएगा? तो साथियों मेरी बात को ध्यान से सुनना। ऐसे बिल जिनकी मैच्योरिटी डेट से पहले ही आप बैंक से
डिस्काउंट करवा के लेकर आ गए। जल्दी पैसा लेकर आ गए और आपने बैंक से कहा आप उससे ले लेना। पर वो डेट अभी तक नहीं आई है। तो
साथियों ये चीज आपके ऊपर एक तरह से कंटिंजेंट लायबिलिटी के रूप में मंडराएगी। कंटिंजेंट लायबिलिटी मतलब एक ऐसी
लायबिलिटी जो आपके ऊपर आ भी सकती है नहीं भी आ सकती है। आ कब सकती है? अगर सामने वाली पार्टी ने बैंक को पैसा नहीं दिया तो
और अगर सामने वाली पार्टी ने डेट के ऊपर व्यवस्थित बैंक को पैसा दे दिया तो वो लायबिलिटी अपने ऊपर नहीं आएगी। तो साथियों
कंटिंजेंट लायबिलिटी के रूप में इसको शो किया जाता है और कंटिंजेंट लायबिलिटी साथियों फाइनल अकाउंट्स के अंदर नहीं
बल्कि फाइनल अकाउंट्स के नीचे पुट नोट्स के अंदर शो की जाती है। तो बिल्स जो है जिनको आपने डिस्काउंट करवा दिया बट उनकी
डेट अभी तक नहीं आई है उनको एज अ कंटिंजेंट लायबिलिटी फाइनल अकाउंट्स के नीचे फुटनोट्स के अंदर शो किया जाएगा एज अ
कंटिंजेंट लायबिलिटी। क्योंकि अगर सामने वाली पार्टी ने गच्चा कर दिया
तो फिर बैंक जो है अपने खाते से पैसा उड़ाएगी क्योंकि बैंक ने तो अपन को दिया। ठीक है? चलो
नेक्स्ट क्वेश्चन क्या कह रहा है साथियों? बैंक ओवरड्राफ्ट इज शोन एज बैंक ओवरड्राफ्ट क्या है
साथियों? आपने अपने करंट अकाउंट के अवेलेबल बैलेंस से ज्यादा अमाउंट जब विड्रॉ कर लिया। हालांकि बैंक अलव करता है
तो ही कर सकते हैं। मतलब कुछ समय के लिए बैंक ने आपको उधार दिया। तो साथियों बैंक ओवरड्राफ्ट एक तरह का क्या है? आपका शॉर्ट
टर्म बोरोइंग है। और शॉर्ट टर्म बोरोइंग का मतलब क्या हुआ साथियों?
आपको जल्द ही वह पैसा एक साल के अंदर अंदर लौटाना है। एक साल के अंदर-अंदर
पेमेंट करना है। और साथियों ऐसी कोई लायबिलिटी जिसका
पेमेंट हमें एक साल के अंदर-अंदर करना होता है उसको हम बड़े प्यार से किस नाम से जानते हैं साथियों? ऐसी लायबिलिटी क्या
कहलाती है सर? ऐसी लायबिलिटी कहलाती है करंट लायबिलिटी। तो क्या करंट लायबिलिटी करके कोई ऑप्शन
नजर आ रहा है क्या हमें? वेरी गुड। आप लोग बिल्कुल सही आंसर पकड़ रहे हैं कि बैंक ओवरड्राफ्ट को शो किया जाता है एज अ करंट
लायबिलिटी। कंटिंजेंट लायबिलिटी तो बिल्कुल भी शो नहीं कर सकते क्योंकि बैंक ओवरड्राफ्ट का तो पेमेंट करना ही करना है।
करना भी पड़ सकता है, नहीं भी करना पड़ सकता है। ऐसी कोई सिचुएशन नहीं है। एसेट तो ये ऑब्वियस सी बात है नहीं क्योंकि
हमें चुकाना है। ठीक है? हमारी जिम्मेदारी है। और अनसिक्यर्ड लोन जो है साथियों वो तो एक लॉन्ग टर्म बोरोइंग का पार्ट है। तो
बैंक ओवरड्राफ्ट एक लॉन्ग टर्म बोरोइंग नहीं बल्कि शॉर्ट टर्म बोरोइंग की कैटेगरी में चली जाती है और इसको शो किया जाएगा एज
अ करंट लायबिलिटी। तो क्वेश्चन नंबर 28 का सही आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर ए के रूप में। ठीक है साथियों?
चलिए अगली बात क्वेश्चन नंबर 29 क्या कह रहा है साथियों हमसे?
डैश इज नॉट शोन इन द बैलेंस शीट। नीचे दिए हुए ऑप्शंस में से कौन सा ऑप्शन
ऐसा है जिसको बैलेंस शीट में शो नहीं किया जाता। चलिए चेक करते हैं साथियों। सबसे पहला ऑप्शन हमारे सामने जनरल रिजर्व
सामान्य संचय। डेफिनेटली इसको बैलेंस शीट में शो किया जाता है। हमसे क्वेश्चन में क्या पूछा है? नॉट शोन। इनमें से कौन सा
ऑप्शन ऐसा है जिसको बैलेंस शीट में शो नहीं किया जाता। दूसरा साथियों आपका कैपिटल रिजर्व जो आप बनाते हो अपने कैपिटल
प्रॉफिट्स में से डेफिनेटली इसको बैलेंस शीट में शो किया जाता है। तीसरा साथियों एक स्पेशल टाइप का रिजर्व
आपके सामने गुप्त संचय जिसको हम सीक्रेट रिजर्व कहते हैं। साथियों इस रिजर्व का नाम ही सीक्रेट रिजर्व इसलिए है क्योंकि
इसको अलग से बैलेंस शीट में शो नहीं किया जाता। तो सर जब है सीक्रेट रिजर्व तो इसको कहीं ना कहीं तो शो करते होंगे। इसको शो
करने का एक तरीका है साथियों ध्यान से सुनिएगा। यह वो रिजर्व है जो बिजनेस की रियल फाइनेंशियल पोजीशन को छुपाकर बनाया
जाता है। इसको बनाने का एक टेक्निक है। और क्या टेक्निक बिनेस इस्तेमाल कर सकता है? एसेट्स को कम वैल्यू पे दिखा दिया।
जितनी एक्चुअल वैल्यू है उससे कम पे। या फिर क्या तरीका यूज़ किया? लायबिलिटीज जबरदस्ती बढ़ा कर दिखा दी। अब सर ऐसा कैसे
पॉसिबल है? कि एसेट्स की वैल्यू जितनी थी उससे कम पर दिखा दिया। अरे एग्जांपल एक बिल्कुल देसी एग्जांपल तुम्हारी जेब में
₹100 पड़े पर तुमने दिखाए सिर्फ कितने ₹80 एक्चुअल में तुम्हारी जेब में कितने ₹100 तुमने क्या बोला मेरे पास तो ₹80 ही हैं
तुमने ₹80 ही शो किए तो जो ₹20 है वो तुम्हारे पास एक्स्ट्रा पड़ा हुआ है सीक्रेटली या फिर क्या कर सकते हो आपने
एसेट्स के ऊपर क्या लगा दिया भैया ज्यादा डेप्रिसिएशन लगा दिया एक्चुअल से तो ये तरीका है सीक्रेट रिजर्व बनाने का दूसरा
तरीका लायबिलिटीज को बढ़ाकर शो कर रख दिया। अब सर लायबिलिटीज़ को बढ़ा कर कैसे शो करते हैं? उसका तो प्रूफ होता है। अरे
सिंपल सा तरीका प्रोविजन का अमाउंट जो आप एस्टीमेट करके बनाते हो उसको बढ़ा दो। तो ये है सीक्रेट रिजर्व बनाने का तरीका। तो
साथियों सीक्रेट रिजर्व करके कोई अमाउंट बैलेंस शीट में शो नहीं होता। उसको ऑटोमेटिकली एसेट्स और लायबिलिटीज़ की
वैल्यू के अंदर चेंजेस करके बनाया जाता है, शो किया जाता है। तो साथियों सीक्रेट रिजर्व करके कोई स्पेसिफिक आइटम जो है वो
बैलेंस शीट में हमें नहीं दिखता। और यही क्वेश्चन नंबर 29 में हमसे पूछा है। तो यहां पर ऑप्शन नंबर सी जो है वो हमारा
करेक्ट आंसर होगा। चलिए बात करते हैं आज के आखिरी क्वेश्चन की।
क्वेश्चन नंबर 30 कंसीडर द फॉलोइंग आइटम्स। कर लेंगे सर हम तो कंसीडर इसमें क्या समस्या है? पूछा
क्या है? यह जो चार आइटम्स आपको दे रखे हैं, यह चार आइटम्स में से करंट लायबिलिटीज में किस-किस को डाला जाता है?
एक-एक आइटम आपको चेक करना है और यह बताना है कि इन चार में से कौन-कौन सा आइटम जो है वो करंट लायबिलिटी के कैटेगरी में फॉल
करेगा। सबसे पहला है साथियों लोन। साथियों लोन जनरली हम लोग एक साल से ज्यादा के लिए ही लेते हैं। तो साथियों लोन तो किस
कैटेगरी में चला जाता है? हमारा नॉन करंट लायबिलिटी। तो फर्स्ट तो हम नहीं ले पाएंगे। दूसरा है साथियों प्रीपेड रेंट।
अरे साथियों रेंट का पेमेंट आपने समय से पहले ही कर दिया। ये तो साथियों आपकी करंट एसेट की कैटेगरी में चला जाता है। तो
ऑप्शन नंबर सेकंड भी नहीं ले पाएंगे। पॉइंट नंबर टू नहीं ले पाएंगे। फिर है साथियों इंटरेस्ट पेएबल।
जो इंटरेस्ट चुकाना बाकी है हमारे ऊपर जिम्मेदारी है साथियों उसके लिए हमें ज्यादा समय नहीं मिलेगा। तो ये जरूर
डेफिनेटली एक करंट लायबिलिटी है हमारी। फोर्थ वाला क्या कह रहा है? बैंक ओवरड्राफ्ट। ये तो अभी ऊपर वाले एमसीक्यू
में गया। बैंक ओवरड्राफ्ट में हमको बैंक को कुछ ही समय के बाद पैसा चुकाना है। तो बैंक ओवरड्राफ्ट भी हमारी करंट लायबिलिटी
है। तो थर्ड और फोर्थ जो है साथियों ये हमारी करंट लायबिलिटी है। तो यहां पर किसी ऑप्शन में है क्या? कि थर्ड एंड फोर्थ तीन
और चार थ्री एंड फोर है क्या? बिल्कुल है सर। ऑप्शन नंबर सी यही कह रहा है कि थर्ड एंड फोर्थ आइटम जो
है वो डेफिनेटली हमारे बिजनेस की एक करंट लायबिलिटी है। कल हम लोगों ने क्वेश्चन नंबर 15 तक सारी चीजें समझ ली थी। आज हम
बात करेंगे क्वेश्चन नंबर 16 से। हां जी। शैतान सिंह जी समय सीमा का ध्यान रखकर सर क्लास शैतान सिंह जी आप जिस पर्पस के लिए
आए हैं अगर आपका पूरा पर्पस यहां पर पूरा होता है तो आप डेफिनेटली क्लास को कंटिन्यू करें और अगर आपको लगता है कि ये
सब बातें जो है वो काम की नहीं है क्लास में तो आप डेफिनेटली क्लास को लीव कर सकते हैं। ये इंफॉर्मेशन उन साथियों के लिए
बतानी जरूरी है जो क्लास के अंदर पहली बार जुड़ते हैं या फिर उनके कोई और दूसरे साथी जो है फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर की
तैयारी कर रहे हैं। तो क्लास में यहां पर मैं पढ़ा रहा हूं तो मेरे हिसाब से चलेगा। आपको मुझे इस तरह की राय देने की मेरे
हिसाब से कोई रिक्वायरमेंट नहीं है। कुछ नेसेसरी बातें होती है जो मुझे बतानी पड़ती है उन साथियों के लिए जो पहली बार
क्लास के अंदर जुड़ते हैं। ठीक है? समय सीमा मुझे पता है। सिलेबस मुझे पता है। नंबर ऑफ क्वेश्चंस कितने करवाने हैं मुझे
पता है। और एक घंटे की क्लास का मतलब सिर्फ ये नहीं होता कि एग्जैक्ट 1 घंटे बाद मैं यहां पर क्लास को ऑफ कर देता हूं।
जब तक टारगेट कंप्लीट नहीं होता क्लास चलती रहती है तो मुझे क्या करना है यह मुझे अच्छे से पता है। आपको अपनी तैयारी
पर ध्यान देना है। अपने सिलेक्शन पर ध्यान देना है। चलिए बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 16 की। द फॉलोइंग बैलेंससेस आर शोन इन द
ट्रायल बैलेंस ऑफ अ ट्रेडर। कुछ इंफॉर्मेशन आपको एक बिजनेसमैन के ट्रायल बैलेंस के फॉर्म में यहां पर दे
रखी है और लास्ट में बॉक्स के नीचे आपको पूछा गया है कि इस बिजनेसमैन का आपको ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो कैलकुलेट करके
बताना है। साथियों ग्रॉस प्रॉफिट की कैलकुलेशन हम ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से बहुत आसानी से कर सकते हैं। अगर हमें ये
पता है कि ट्रेडिंग अकाउंट के डेबिट में कौन-कौन से आइटम्स आते हैं और ट्रेडिंग अकाउंट के क्रेडिट में कौन-कौन से आइटम्स
आते हैं। तो ग्रॉस प्रॉफिट के कैलकुलेशन के लिए ट्रेडिंग अकाउंट का फॉर्मेट जो है वो आपको अपने दिमाग में बिल्कुल अच्छे से
रखना है। जो जो आइटम्स इस टेबल के अंदर ट्रेडिंग अकाउंट में जाने लायक हैं उनको हम लोग ट्रेडिंग अकाउंट में डाल देंगे और
जो आइटम्स ऐसे हैं जो ट्रेडिंग अकाउंट का पार्ट नहीं बनते उनको इग्नोर करना पड़ेगा। ठीक है? चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले
हमें ओपनिंग स्टॉक यहां पर क्वेश्चन में दे रखा है 9600। ओपनिंग स्टॉक साथियों हम सब जानते हैं
ट्रेडिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड आता है। तो यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट में डेबिट साइड हम लोगों ने ओपनिंग स्टॉक की वैल्यू
को लिख लिया। अगला हमें दे रखा है परचेजेस लेस रिटर्न। मतलब नेट परचेजेस का अमाउंट हमें यहां पर दे रखा है। नेट परचेजेस अगेन
साथियों ट्रेडिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड आता है। अगला अमाउंट हमें दे रखा है साथियों सैलरीज एंड वेजेस।
कल की क्लास में मैंने आपको एक चीज समझाई थी कि जब सैलरी और वेजेस दोनों शब्द एक साथ आ जाए और इनके बीच में एंड लग जाए तो
आपको डिसीजन जो लेना है वो पहले वर्ड से लेना है कि पहला वर्ड आपको क्या दे रखा है। यहां पर पहला वर्ड सैलरी दे रखा है।
तो आपको सैलरी के हिसाब से डिसीजन लेना है और सैलरी एक तरह का इनडायरेक्ट एक्सपेंस होता है जो पीएंडएल अकाउंट का पार्ट बनता
है। इसलिए इस पर्टिकुलर क्वेश्चन के लिए सैलरीज़ एंड वेजेस को हम लोग इग्नोर करेंगे क्योंकि यह पीएंडएल अकाउंट में जाएगा।
अगला आइटम आपको दे रखा है कमीशन ऑन परचेजेस। खरीदने के लिए गुड्स खरीदने के लिए आपको
कमीशन देना पड़ा। साथियों ये एक डायरेक्ट एक्सपेंस है जिसको आपको ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर शो करना होगा। लेफ्ट साइड मतलब
डेबिट साइड में। अगला आइटम आपको यहां पर दे रखा है एक्सटर्नल फ्रेट जिसको आप फ्रेट आउटवर्ड्स भी कह सकते हो।
और साथियों यह तो गुड्स जाने का भाड़ा है। तो इसको हम इनडायरेक्ट एक्सपेंस की कैटेगरी में डालते हैं। इसका प्रोडक्शन से
कोई लेना देना नहीं है। तो ये जो फ्रेट आउटवर्ड्स है साथियों क्योंकि ये इनडायरेक्ट एक्सपेंस है तो ये भी पीएंडएल
अकाउंट का पार्ट बनता है। तो इसको हमें अभी के लिए इग्नोर करना पड़ेगा। अगला आइटम हमें यहां पर दे रखा है सेल्स। सेल्स दे
रखा है 24,900। साथियों सेल्स का अमाउंट कहां जाता है सर? ट्रेडिंग अकाउंट में राइट साइड ₹24,900
और एक आखिरी आइटम हमको यहां पर क्वेश्चन में दे रखा है। क्लोजिंग स्टॉक ₹3500 और क्लोजिंग स्टॉक साथियों आपको पता होगा
ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर राइट साइड मतलब क्रेडिट साइड इसको शो किया जाता है। तो सारे आइटम्स को हमने जो जो ट्रेडिंग
अकाउंट में जाने चाहिए थे उनको ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर डाला और एट द एंड आपको फाइनल कैलकुलेशन करनी है और ग्रॉस प्रॉफिट
यहां पर कैलकुलेट करना है। सबसे पहले क्रेडिट साइड की हम टोटल करेंगे। टोटल को यहां पर आप कॉपी करेंगे। फिर इस टोटल को
हम लोग सेम साइड अपोजिट साइड कॉपी करते हैं और इस टोटल में से ऊपर वाले सारे जो एक्सपेंसेस हैं उनको लेस करते हैं तो
हमारे सामने निकल कर आता है ग्रॉस प्रॉफिट। यह कैलकुलेशंस जब आप कर कर देखेंगे
साथियों तो यहां पर आपका जो ग्रॉस प्रॉफिट का अमाउंट आएगा वह आएगा 6750 क्लास के अंदर साथियों कैलकुलेशन करने का
टाइम जो है वो हम बचाएंगे कैलकुलेशंस ऑलरेडी यहां पर की की हुई है मैंने तो उसको देखकर आपको डायरेक्टली मैंने बता
दिया कि ग्रॉस प्रॉफिट का जो अमाउंट आएगा ये सारी चीजें ऐड और लेस करने के बाद उसका अमाउंट होगा 6750
चलिए तो 6750 ऑप्शन नंबर ए में गिवन है। तो क्वेश्चन
नंबर 16 का जो हमारा आंसर रहेगा वो रहेगा ऑप्शन नंबर ए के रूप में। चलिए बहुत अच्छी बात है। रचना जी वेरी गुड। पूजा जी वेरी
गुड। तारा प्रकाश जी वेरी गुड। एमटी ड्रॉजी वेरी गुड। चलिए आगे बढ़ते हैं। क्वेश्चन नंबर 17 पे चलते हैं। और
क्वेश्चन नंबर 17 ने हमसे क्या मांगा है साथियों? कंसीडर द फॉलोइंग डाटा रिलेटेड टू अ कंपनी फॉर द मंथ ऑफ मार्च। सिर्फ एक
महीने का डाटा आपसे यहां पर दे रखा है और एक टेबल के फॉर्म में कुछ डेटा आपको दे रखा है और टेबल के नीचे आपसे यह पूछा गया
है साथियों कि मार्च महीने की सेल द कंपनीज़ मंथली सेल्स विल बी। यह डाटा आपको मार्च मंथ का दे रखा है और इस डाटा की मदद
से आपको सेल्स का अमाउंट कैलकुलेट करना है। अब देखते हैं साथियों क्या-क्या डेटा अपने पास है और उस डेटा को हम कैसे यूज़ कर
सकते हैं। सबसे पहला हमें दे रखा है साथियों ओपनिंग स्टॉक। फिर हमें दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक। फिर हमें नेट परचेजेस का
अमाउंट दे रखा है। और लास्ट में हमें दे रखा है ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन ऑन सेल्स। साथियों ये जितने भी आइटम्स हैं अगेन ये
ट्रेडिंग अकाउंट के आइटम्स हैं और हमसे सेल्स का अमाउंट निकालने के लिए कहा गया है। ये भी एक ट्रेडिंग अकाउंट का आइटम है।
हां जी। जस्ट अ सेकंड। तारा प्रकाश जी गोली बेटा मस्ती नहीं आप
अपनी कैलकुलेशन चेक करिए। बैलेंसिंग फिगर 6750 आ रहा है। ओके अभी मैंने आपका कमेंट पढ़ा तो एक बार इसको फिर चेक कर लिया। आप
अपनी कैलकुलेशन चेक करिए। बैलेंसिंग फिगर जो है वह 6750 ही आ रहा है। चलिए क्वेश्चन नंबर 17 जैसा कि मैं आपसे बात कर रहा था।
यह जो अमाउंट सारे हमको दे रखे हैं, यह आइटम्स ट्रेडिंग अकाउंट के आइटम्स हैं। अब देखते हैं ये जो डाटा हमको दे रखा है, इस
बेसिस पे हम सेल्स का अमाउंट कैसे कैलकुलेट करेंगे? साथियों, सबसे पहले आपको ओपनिंग स्टॉक यहां पर दे रखा है। ओपनिंग
स्टॉक कहां आता है आपका? ट्रेडिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड। एक बार इसको नोट कर लिया। फिर आपको दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक।
साथियों, क्लोजिंग स्टॉक हमारा क्रेडिट साइड आता है। यहां पर ले लिया हमने 25,000। फिर हमें नेट परचेस का अमाउंट दे
रखा है साथियों। ये लीजिए हमने नेट परचेस का अमाउंट भी ले लिया यहां पर ₹10000 जो कि ट्रेडिंग अकाउंट में डेबिट साइड आता
है। ₹1100 अब आपको यहां पर क्वेश्चन ने पूछी है सेल्स का अमाउंट कितना होगा? अब
यहां पर साथियों जब हम ट्रेडिंग अकाउंट को क्लोज करते हैं देखो सोचने का तरीका आपको कितना सिंपल रखना है। चीजें आपको रटनी
नहीं है। 11th क्लास को दिमाग में रखिए। यहां पर देखिए भाई ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर ओपनिंग स्टॉक का अमाउंट आ चुका है।
परचेजेस का अमाउंट हमारे पास आ चुका है। क्लोजिंग स्टॉक का अमाउंट हमारे पास आ चुका है। हमको एक तो सेल्स का अमाउंट पूछा
है। और एक और चीज जो यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट में आती है, फाइनल रिजल्ट जो आता है वो किस रूप में आता है साथियों? ग्रॉस
प्रॉफिट के रूप में। जो फाइनल रिजल्ट हमारे सामने आता है वह ग्रॉस प्रॉफिट के रूप में आता है और दूसरा
इधर जो आइटम मिसिंग है क्रेडिट साइड जो आइटम मिसिंग है वो सेल्स का अमाउंट है। अब साथियों हमारे पास ग्रॉस प्रॉफिट की
वैल्यू नहीं है। साथियों हमारे पास सेल्स का अमाउंट भी नहीं है। पर हमारे पास जो तीन अमाउंट हैं एक तो हमारे पास है ओपनिंग
स्टॉक यहां पर। फिर उसके बाद हमारे हमने और कितने का माल खरीदा? मतलब परचेजेस उसकी वैल्यू यहां पर दे रखी है। इसका मतलब क्या
हुआ? अगर मैं ओपनिंग स्टॉक और परचेस दोनों को ऐड करता हूं तो इसका मतलब समझिएगा। अगर ओपनिंग स्टॉक और परचेजेस
इन दोनों को अगर मैं ऐड कर देता हूं तो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब क्या है? कि मेरे पास बेचने के लिए टोटल माल कितना है?
और मेरे पास एक चीज क्वेश्चन में और अवेलेबल है जो कि है क्लोजिंग स्टॉक कि साल के अंत में मतलब मार्च महीने के एंड
में कितना माल बच गया? अब समझना साथियों ओपनिंग स्टॉक है आपका 22,000 प्लस आपने माल और कितने का खरीदा? 1100 का
मतलब आपके पास जो टोटल माल था वो था ₹132000 का
और ये ₹132000 साथियों क्या है जो माल आपके पास पड़ा था उसकी कॉस्ट ये टोटल आपके पास माल था अब इसमें से क्लोजिंग स्टॉक
मतलब जो माल आपके पास बच गया 1332000 में से 25000 का माल बच गया। 25,000 का माल बच गया।
अरे सर माल अपने पास टोटल ₹1,320,000 था। उसमें से सिर्फ ₹25,000 का माल बचा। अरे सर तो 20 का माल कहां गया? कितनी कॉमन
सेंस की बात है। जो बचा हुआ जो डिफरेंस है भाई मेरे पास टोटल 1332 का माल था। महीने के एंड में मात्र 25,000 ही रह गया। तो जो
बचा हुआ है वो तो बिक गया ना। तो डिफरेंस अमाउंट जो है वो है जो माल बिक गया उसका अमाउंट। तो डिफरेंस अमाउंट साथियों
यहां पर आएगा आपका ₹17,000। अब यह जो 177000 है साथियों यह ध्यान रखिएगा यह 177000 क्या है? यह जो माल बिका
उसकी कॉस्ट है साथियों जो माल बिका उसकी कॉस्ट है यहां पर ₹17000
वेरी गुड बहुत बढ़िया। अब साथियों मुझे एक बात पता चल चुकी है कि मैंने जो माल बेचा उसकी लागत कितनी निकल गई? ₹17,000।
अब मैं इसमें अपना प्रॉफिट जोड़ता हूं और फिर इस माल को बेचता हूं। अब प्रॉफिट मार्जिन के लिए क्वेश्चन ने आपको क्या
बोला? कि ग्रॉस प्रॉफिट जो मार्जिन आपको दे रखा है, वो सेल्स पे दे रखा है। सेल अमाउंट का कितना परसेंट है? 20%। अब
साथियों एक सिंपल सी बात है। जब हम बात करते हैं छोटी क्लास पे चलो। छोटी क्लास में सिक्स्थ क्लास में अपन ने क्या पढ़ा
था? कॉस्ट प्लस प्रॉफिट बराबर सेल्स। पढ़ा था सिक्स्थ क्लास में या
नहीं पढ़ा था। अब देखो आपके पास जो जो है उसको पुट करते चलो। अपने आप जो है कहानी आगे बढ़ेगी। देखना कैसे कहानी आगे बढ़ेगी।
भैया कॉस्ट है क्या आपके पास? यस सर हमने कॉस्ट निकाल ली सर। यह रही आपकी कॉस्ट ₹17,000।
ठीक है? प्लस अब हमें चाहिए प्रॉफिट। प्रॉफिट के लिए क्वेश्चन ने क्या बोला? कि प्रॉफिट जो है भाई साहब वो सेल्स का 20%
है। अब हमारे पास सेल्स तो है ही नहीं। कोई बात नहीं। सेल्स को x मान लो। और प्रॉफिट जो है वो सेल्स का 20% है। x का
20% करना है तो उसको मैं20x लिख सकता हूं या नहीं लिख सकता हूं? यस सर लिख सकते हैं। अब इस इक्वेशन से क्या आप
लोग x की वैल्यू नहीं निकाल सकते? x हमने माना है सेल्स को। कैसे निकालेंगे साथियों? ये जो 20x है इन भाई साहब को
इक्वल टू के उधर भेज देंगे। तो यहां पर ₹17000 = 1x -20x
हो जाएगा। तो यहां पर डायरेक्टली x की वैल्यू कितनी आ जाएगी? 177000ेड बाय8
और 177000ेड बाय8 अगर आप करेंगे तो यहां पर आपकी जो x की वैल्यू आ जाएगी वो आ जाएगी ₹133750
और साथियों हमने x किसको माना हमने x माना था सर सेल्स को क्या बात है सेल्स का अमाउंट हमारे पास आ चुका चुका है और
क्वेश्चन ने हमसे मांगा भी किसका अमाउंट था? सेल्स का ही अमाउंट मांगा था। जो सेल्स हमने कितने अमाउंट में निकाल ली?
₹133750। तो क्या ₹133750 हमारे ऑप्शंस में है क्या? बिल्कुल होगा।
ऑप्शन नंबर सी देखिए साथियों कि मार्च मंथ की जो सेल है वो है ₹133750 रचना जी। वेरी गुड। बहुत बढ़िया।
वेरी गुड। इस क्वेश्चन का आंसर जो है वह काफी कम लोगों ने दिया है। माय किस्मत जी दे दिया है। शैतान जी वेरी गुड। बहुत
बढ़िया। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। तारा प्रकाश जी बहुत बढ़िया। तो साथियों इस तरह के क्वेश्चंस आपके एग्जाम में जब आते हैं
तो आपको शॉर्टकट से बचना है। कांसेप्ट पर ध्यान देना है और सिंपल तरीका अपना के क्वेश्चन को सॉल्व करना है। ऑटोमेटिकली
आपका जो आंसर आएगा वो बिल्कुल सही और सटीक आने वाला है। आगे बढ़ते हैं साथियों क्वेश्चन नंबर 18 के ऊपर। क्वेश्चन नंबर
18। अ बिज़नेस हैज़ प्रोवाइडेड द फॉलोइंग डिटेल्स। आपके पास बहुत सारी डिटेल्स यहां
पर है। आपसे पूछा गया है परचेस का अमाउंट निकालिए। और जो डेटा हमारे पास क्वेश्चन में है वो ट्रेडिंग अकाउंट से रिलेटेड
डेटा है साथियों और हमें अमाउंट परचेस का निकालना है। परचेस भी ट्रेडिंग अकाउंट का पार्ट है। तो अगेन यहां पर हम लोग
ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल करेंगे और अपने सॉल्यूशन पर पहुंचेंगे। साथियों एक-एक करके चेक करो आपके पास क्या डेटा
यहां पर अवेलेबल है। सबसे पहले साथियों आपको यहां पर दे रखा है कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड। फिर आपको दे रखा है। अब साथियों
कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड डायरेक्टली ट्रेडिंग अकाउंट में तो नहीं आता। कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड तीन आइटम से निकलता है। ओपनिंग
स्टॉक प्लस परचेस माइनस क्लोजिंग स्टॉक। तो सीओजीएस का अमाउंट जो है मैं ट्रेडिंग अकाउंट में नहीं लिखूंगा। फिर आपको दे रखा
है सेल्स का अमाउंट दे रखा है ₹ लाख। ये ₹ लाख कहां आएगा साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट में किधर आती है सेल? साथियों सर ये तो
क्रेडिट में आती है। ये लीजिए मैंने क्रेडिट में सेल्स को लिख दिया। फिर हमें दे रखा है ओपनिंग स्टॉक। ओपनिंग स्टॉक
साथियों कहां आता है आपका? ट्रेडिंग अकाउंट में आता है। डेबिट साइड लिख दिया मैंने। क्लोजिंग स्टॉक कहां आता है
साथियों? सर ये तो ट्रेडिंग अकाउंट में क्रेडिट साइड राइट साइड आता है सर। ये लीजिए मैंने 40,000 लिख लिया यहां पर। अब
साथियों जो फर्स्ट अमाउंट हमको यहां पर दे रखा था वो दे रखा था कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड का और साथियों जब कॉस्ट हमारे पास है और
जब हमारे पास सेल्स है तो अगेन सिक्स्थ क्लास याद नहीं आती है क्या सर आती है सर आती है सर अभी आपने याद दिलाया अभी आपने
हमको हमारे बचपन में रूबरू करवाया बचपन से कि सर जब कॉस्ट में प्रॉफिट जोड़ दिया जाए तो सर सेल्स का अमाउंट आता है सर तो बेटा
जो जो अमाउंट अवेलेबल है वो इस इक्वेशन में पुट कर दो ना। क्या समस्या है? आपके पास कॉस्ट है ना? कितनी कॉस्ट है? ₹1.5
लाख है। प्लस प्रॉफिट नहीं गिवन है क्वेश्चन में। कोई बात नहीं। प्रॉफिट की जगह प्रॉफिट लिख दो। अरे सेल्स का अमाउंट
तो है ना आपके पास। ये लो सेल्स की जगह मैंने सेल्स लिख दिया। तो क्या इससे प्रॉफिट नहीं आ सकता? आ गया सर। प्रॉफिट आ
गया सर। ₹500। तो साथियों प्रॉफिट का अमाउंट भी जब हमारे पास आ चुका है तो प्रॉफिट कहां आता है
आपका ट्रेडिंग अकाउंट में? ग्रॉस प्रॉफिट कहां आता है? सर ये तो आता है सर। ये तो लेफ्ट साइड तो आता है तो लिखो ना भाई।
ये लो ये मैंने प्रॉफिट का अमाउंट लिख दिया। अब आपसे क्वेश्चन ने पूछा है परचेस का अमाउंट निकालो। परचेस कहां आता है
साथियों ट्रेडिंग अकाउंट में? ये देखो ओपनिंग स्टॉक के जस्ट नीचे आता है ना। अब इसको कैसे निकाल सकते हैं? अरे सर
ट्रेडिंग अकाउंट के सारे आइटम्स के अमाउंट आ चुके हैं। सिर्फ एक बच रहा है तो सर बैलेंस करके निकाल लेंगे। बिल्कुल सही
सोचा आपने। बैलेंस कैसे करेंगे आप? राइट साइड कंप्लीट है। राइट साइड की टोटल कर दी गई। सेम टोटल
को अपोजिट में लिख दिया गया। और इस 240 में से एक तो 60000 और 50000 जब आप माइनस करेंगे तो आपके पास परचेस का जो अमाउंट है
वो निकल कर आ जाएगा। वो आ जाएगा आपका ₹1 लाख ₹00 वेरी गुड रचना जी क्या हमारे पास ऑप्शंस
में ₹1300 है क्या बिल्कुल है ऑप्शन नंबर ए तो साथियों क्वेश्चन नंबर 18 का परफेक्ट आंसर
हमारे सामने आया ₹1300 वेरी गुड रचना जी वेरी गुड दिलीप सिंह जी वेरी गुड एमटी ड्रॉस जी बिल्कुल बेसिक तरह
से सोचना है और बेसिक इसी तरह से आंसर हमको फाइंड आउट करने हैं। राघव जी वेरी गुड।
चलिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] आगे बढ़ते हैं हम क्वेश्चन नंबर 19 के ऊपर। साथियों
क्वेश्चन नंबर 19 के अंदर आपको दे रखा है सबसे पहले पूछा क्या है? पहले ये चेक कर लो। कैलकुलेट द क्लोजिंग स्टॉक। अगेन
ट्रेडिंग अकाउंट का ही एक आइटम है। ट्रेडिंग अकाउंट मैं आप लोगों के सामने ऑलरेडी रेडी करके रखता हूं ताकि समय हमारा
वेस्ट ना हो। साथियों क्लोजिंग स्टॉक पूछा है हमसे। ठीक है? अब डाटा क्या-क्या दे रखा है? एक
बार चेक कर लेते हैं। ठीक है? एक आपको दे रखा है ओपनिंग स्टॉक। ठीक है? ₹00 ओपनिंग स्टॉक फटाफट लिख दो ट्रेडिंग अकाउंट में।
जिधर भी आता है बार-बार बताने की जरूरत नहीं है। ये लिख दिया। फिर इसने आपको बोला कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल ₹16,000।
साथियों कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल का मतलब क्या होता है? कि आपके पास टोटल कितना माल था बेचने के लिए?
टोटल माल और साथियों टोटल माल कैसे निकलता है सर ओपनिंग में जितना माल मेरे पास था प्लस सर मैंने और खरीदा
मैंने सर और खरीदा तो इन्हीं दोनों को मिलाकर क्या निकाल सकते हैं हम कि हमारे पास टोटल माल कितना
था? अब क्वेश्चन ने बोल दिया आपके पास टोटल माल था 160 160 में से पुराना माल पिछले साल वाला
कितना था 30000 तो आपने और कितना खरीदा होगा इस साल सर ₹1300 का और खरीदा होगा तभी तो जाके टोटल 160 हुआ होगा तो परचेस
का अमाउंट निकल गया बड़ी स्टाइल से तो परचेस का अमाउंट भी मैंने यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट में जहां आना चाहिए वहां
लिख दिया साथियों फर्स्ट ग्रेड कॉमर्स लेक्चरर की क्लास चल रही है मैं आशा करता हूं कि मुझे एटलीस्ट यह ना बताना पड़े कि
परचेस ट्रेडिंग अकाउंट में किधर आता है। ओपनिंग स्टॉक किधर आता है? क्लोजिंग स्टॉक किधर आता है। ठीक है ना? हां जी। तो
साथियों आगे बढ़ते हैं। फिर हमको सेल्स का अमाउंट दे रखा है ₹1,60,000। सेल्स बड़े प्यार से आप कहां लिखते हो ट्रेडिंग
अकाउंट में आपको पता होना चाहिए। सर क्रेडिट साइड लिखते हैं हम लोग ₹1,60,000। यह आपके सामने सेल्स का अमाउंट आ चुका है।
फिर इसने नीचे आपसे बोला ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो सेल्स का 30% है। सेल्स अमाउंट है हमारे पास साथियों ₹1,60,000 इसका 30%
ग्रॉस प्रॉफिट है। तो इसका 30% जब आप निकालेंगे तो आपको उसको अपोजिट साइड ग्रॉस प्रॉफिट कहां आता है? यहां आता है
साथियों। ₹160000 का 30% आएगा आपका 48,000 कितना आ गया साथियों? ग्रॉस प्रॉफिट कितना
आ गया आपका? ₹48,000। अब आपसे क्वेश्चन में क्या ग्रॉस प्रॉफिट पूछा गया है क्या? जी नहीं। क्वेश्चन ने
हमसे बोला है क्लोजिंग स्टॉक निकाल के बताइए। और साथियों क्लोजिंग स्टॉक कहां आता है ट्रेडिंग अकाउंट में? सर सेल्स के
नीचे। अरे जब सारे अमाउंट आ चुके हैं, तो क्या आप क्लोजिंग स्टॉक का अमाउंट बैलेंस करके नहीं निकाल सकते क्या? बिल्कुल निकाल
सकते हैं। बिल्कुल निकाल सकते हैं। तो यहां पर डेबिट की टोटल कितनी हो गई आपकी? ₹8,000।
सेम टोटल आपने अपोजिट में लिख दी और ₹8 में से जब आप ₹160 माइनस करोगे तो यहां पर आपके पास आ जाएगा आपका क्लोजिंग स्टॉक जो
कि आएगा कितने रुपए? 48,000। तो क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू आ चुकी है
दोस्तों। क्या 48,000 हमारे ऑप्शन में है क्या? बिल्कुल है ऑप्शन नंबर बी के अंदर। ऑप्शन नंबर भाई बिल्कुल सही कह रहा है कि
जो क्लोजिंग स्टॉक है उसकी वैल्यू ₹48ाउ है। वेरी गुड माय किस्मत जी, तारा प्रकाश जी,
रचना जी, दिलीप सिंह जी एंड तारा प्रकाश जी बहुत-बहुत बढ़िया। आगे चलूं क्या? क्वेश्चन नंबर 20 क्या कह
रहा है? व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इक्वेशन व्हिच ऑफ द फॉलोइंग रिलेशनशिप इज इनकरेक्ट? एग्जाम के अंदर इन पर फोकस करना है।
इनकरेक्ट पूछा है। इनकरेक्ट अरे ये तो बहुत गद्दा कलर हो गया भैया। अच्छा कलर लेते हैं।
ये लीजिए कि इनमें से जितने भी इक्वेशंस आपको यहां पर दे रखी है, इनमें से कौन सी गलत है। अब साथियों इस तरह के क्वेश्चन को
सॉल्व करने के लिए मैं आपको एक सिंपल सा तरीका बताता हूं। जैसे कल आपको मैंने एक पारिवारिक तरीका बताया था कि जो डेबिट के
आइटम्स हैं वो सब एक परिवार में हैं और अपोजिट जो क्रेडिट वाले आइटम्स हैं अगर वो हैं तो वो माइनस होंगे। ठीक है? परिवार
परिवार वाले प्लस होंगे। अपोजिट वाला माइनस होगा। चलिए चेक करते हैं। सबसे पहली इक्वेशन इसने क्या बोला? नेट प्रॉफिट
किसके बराबर होता है? ग्रॉस प्रॉफिट। हां। नेट प्रॉफिट किसके बराबर होता है? ग्रॉस प्रॉफिट। अब साथियों नेट प्रॉफिट
जैसे ही इसने बोला आपके दिमाग में पीएंडएल अकाउंट आ जाना चाहिए क्योंकि नेट प्रॉफिट किससे निकलता है?
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट से निकलता है। अब प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का फोटो दिमाग में लाओ। ग्रॉस प्रॉफिट किस साइड आता है?
क्रेडिट साइड आता है। फिर एडमिनिस्ट्रेटिव एंड अदर एक्सपेंसेस किस साइड आते हैं? सेम साइड आते हैं क्या? नहीं सर ये तो पीएंडएल
में डेबिट साइड आते हैं। और जैसे ही परिवार चेंज हुआ क्रेडिट से डेबिट तो साइन माइनस का लगेगा। ये माइनस का साइन है।
इसका मतलब फर्स्ट वाला जो इक्वेशन है वो बिल्कुल सही है। क्योंकि ग्रॉस प्रॉफिट क्रेडिट साइड आता है और एडमिनिस्ट्रेटिव
और अदर खर्चे डेबिट में आते हैं। तो जब साइड चेंज होती है तो साइन माइनस का लग जाता है। फर्स्ट इक्वेशन ओके है। दूसरी
इक्वेशन चेक करते हैं। सेकंड इक्वेशन अगेन नेट प्रॉफिट की बात कर रहा है। फोटो लाना पड़ेगा। दिमाग में स्कैंड कॉपी लानी
पड़ेगी पीएंडएल अकाउंट की। पीएंडएल अकाउंट में। अब यहां पर सबसे पहले इसने शुरुआत करी है ग्रॉस प्रॉफिट की। साथियों ग्रॉस
प्रॉफिट पीएंडएल अकाउंट में किस साइड आता है सर? क्रेडिट साइड आता है। फिर एडमिनिस्ट्रेटिव एंड अदर एक्सपेंसेस किस
साइड आते हैं साथियों? ये तो डेबिट साइड आते हैं। तो क्रेडिट और डेबिट वाले आइटम्स आपस में प्लस कैसे हो सकते हैं? इंपॉसिबल
है ये। तो ये तो इंपॉसिबल है साथियों। ये जो इक्वेशन है ये गलत इक्वेशंस है। ये क्वेश्चन ने हमसे यही पूछा था कि इनमें से
कौन सी इक्वेशन जो है वो इनकरेक्ट है साथियों। तो हमें इनकरेक्ट इक्वेशन यहां पर मिल चुकी है। बिल्कुल मिल चुकी है। तो
यहां पर क्वेश्चन नंबर 20 का परफेक्ट आंसर हमारे आप सामने आ चुका है। इक्वेशन नंबर बी जो है वो एक गलत इक्वेशन है। दूसरी
इक्वेशंस देख लो। थर्ड वाली जो इक्वेशन है वो ट्रेडिंग अकाउंट की है। ट्रेडिंग अकाउंट का फोटो दिमाग में लाओ। ओपनिंग
स्टॉक डेबिट में आता है। परचेस भी डेबिट में आता है। तो दोनों प्लस हो गए। कोई दिक्कत नहीं है। क्लोजिंग स्टॉक माइनस हो
गया क्योंकि यह क्रेडिट साइड आता है। तो भाई साहब यह जो इक्वेशन है यह सही इक्वेशन है। लास्ट में ओपनिंग स्टॉक डेबिट में आता
है। परचेस भी डेबिट में आता है। प्लस कर दिया कोई दिक्कत नहीं है। ग्रॉस प्रॉफिट भी डेबिट में आता है। प्लस कर दिया कोई
दिक्कत नहीं है। डायरेक्ट एक्सपेंस भी डेबिट वाले परिवार का है। प्लस कर दिया कोई समस्या नहीं है। और क्लोजिंग स्टॉक
अपोजिट में आता है। उसको माइनस कर दिया कोई समस्या नहीं है। तो जो इक्वेशन नंबर डी है ये भी सही है। पर आपसे सही कौन सी
है? यह नहीं पूछा गया। आपसे इनकरेक्ट पूछी गई तो इनकरेक्ट है इक्वेशन नंबर बी। चलिए अगले क्वेश्चन पर चलते हैं। क्वेश्चन नंबर
21 क्या पूछ रहा है आपसे? इन द प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। पीएंडएल अकाउंट दिमाग में लाइए। एक खर्चा है सेलिंग एंड
डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस। साथियों, सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस कौन से खर्चे होते हैं? ऐसे खर्चे जो सेल्स को
बढ़ाने के लिए किए जाते हैं और माल को डिलीवर करने से रिलेटेड जो है वो खर्चे आप करते हो वो कहलाते हैं सेलिंग एंड
डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस। अब एमसीक्यू ने आपसे पूछा क्या है कि प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के अंदर जब हम सेलिंग एंड
डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस लिखते हैं तो उसमें कौन से खर्चे इनमें से इंक्लूड नहीं होते? जो नीचे ऑप्शंस दिए हुए हैं। इनमें
से कौन सा खर्चा सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन में इंक्लूड नहीं होता? ऑप्शंस चेक करते हैं एक-एक करके। फटाफट हम
लोग पहला ऑप्शन क्या दे रखा है? कमीशन ऑन सेल्स। सेल बढ़ाने के लिए किया गया खर्चा। यह तो भाई साहब सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन
में जाता है। फिर पैकिंग का खर्चा बेचने से रिलेटेड खर्चा है भैया। सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन में जाएगा।
अगला खर्चा साथियों जिसका सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन से कोई लेना देना नहीं है। किसी लॉयर की फीस, किसी प्रोफेशनल की फीस
अगर आपने पे करी है तो यहां पर उसका सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन से कोई लेना देना नहीं है। तो ये जो खर्चा है साथियों
लीगल एक्सपेंसेस ये सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस में इंक्लूड नहीं होगा। वहीं लास्ट में जो ऑप्शन है
अगेन एडवरटाइजिंग का जो खर्चा है वो आप सेल बढ़ाने के लिए करते हो तो वो सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंसेस का पार्ट
बनता है। पर हमसे क्वेश्चन ने ये पूछा था कि इन चार ऑप्शंस में से कौन सा खर्चा ऐसा है जिसको आप सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन
में शामिल नहीं करेंगे। तो लीगल एक्सपेंसेस जो भाई साहब है उनको हम सेलिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन खर्चों में शामिल नहीं
करेंगे। चलिए क्वेश्चन नंबर 22 पे बढ़ते हैं साथियों हम लोग यहां पर। सैलरीज एंड
वेजेस। कल मैंने आपको बताया था। आपको याद आ गया होगा कि जब दोनों शब्द एक साथ दिख जाए तो सबसे पहले फोकस पहले वाले वर्ड पे
करना है। और डिसीजन उसी बेस पे लेना है। साथियों सैलरीज जो है उसको हम इनडायरेक्ट एक्सपेंस की कैटेगरी में डालते हैं। और
साथियों सारे के सारे जो इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस होते हैं उनको शो किया जाता है पीएंडएल अकाउंट में। और पीएंडएल अकाउंट
में साथियों खर्चे किस साइड शो किए जाते हैं? डेबिट साइड। तो बिल्कुल बेसिक लेवल का क्वेश्चन था
साथियों। चेक करिए यहां पर। इसने आपसे यह पूछा है कि सैलरीज एंड वेजेस का जो खर्चा है जो ट्रायल बैलेंस में आपको दिख रहा है
उसको आप कहां शो करेंगे? तो साथियों पहला ऑप्शन कह रहा है डेबिट साइड ऑफ ट्रेडिंग अकाउंट। ट्रेडिंग अकाउंट में तो साथियों
डायरेक्ट एक्सपेंसेस जाते हैं। सेकंड ऑप्शन हमसे कह रहा है ऑन द डेबिट साइड ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। जी हां। यह एक
इनडायरेक्ट नेचर का खर्चा है और इनडायरेक्ट नेचर के जो खर्चे होते हैं साथियों वो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में
डेबिट साइड रिकॉर्ड किए जाते हैं। बैलेंस शीट में खर्चे नहीं जाते और एसेट साइड वही अगेन वही बात बैलेंस शीट के अंदर जो है
लायबिलिटीज और एसेट शो की जाती है। पर सैलरीज एंड वेजेस जो है वो तो खर्चा है ना भाई साहब। तो वो बैलेंस शीट में नहीं
जाएगा। इट विल बी रिकॉर्डेड ऑन द डेबिट साइड ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। चलिए अगले क्वेश्चन पर चलते हैं साथियों। यहां
पर क्वेश्चन नंबर 23 के ऊपर। क्वेश्चन नंबर 23 ध्यान से देखिए। क्या पूछ रहा है आपसे? व्हेन ग्रॉस प्रॉफिट
एक्सीड्स मतलब ज्यादा हो। किससे? ऑपरेटिंग खर्चों से। तो ग्रॉस प्रॉफिट जितना ऑपरेटिंग खर्चों से ज्यादा होता है वो जो
डिफरेंस अमाउंट है उसे क्या कहा जाता है? साथियों यहां आपके सामने मैंने पीएंडएल अकाउंट का फॉर्मेट बना रखा है। रीजन बीइंग
आपके जो ऑपरेटिंग खर्चों की बात जो क्वेश्चन कर रहा है आपके ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस कई सारे पीएंडएल अकाउंट का
पार्ट बनते हैं। और फिर नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस भी आपके प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का ही पार्ट बनते हैं। और इसने
ग्रॉस प्रॉफिट के साथ इसका कंपैरिजन किया है। तो साथियों ग्रॉस प्रॉफिट हम सबको पता है कि पीएंडएल अकाउंट में राइट साइड आता
है क्रेडिट साइड और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट साइड रिकॉर्ड होते हैं साथियों। और क्वेश्चन
क्या कह रहा है? आपका जो ग्रॉस प्रॉफिट है वो ज्यादा है। किससे ज्यादा है? ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस से। तो जो रिमेनिंग अमाउंट
बचता है साथियों यहां पर ऑब्वियस सी बात है जब इनकम ज्यादा है खर्चा कम है तो रिमेनिंग जो अमाउंट बचता
है उसको हम बड़े प्यार से क्या कहेंगे प्रॉफिट कहेंगे और जब सिर्फ ग्रॉस प्रॉफिट में से सिर्फ
ऑपरेटिंग खर्चे माइनस कर दिए जाएं तो जो प्रॉफिट निकल के आता है साथियों याद रखिएगा उसे बड़े प्यार से ऑपरेटिंग
प्रॉफिट कहा जाता है। रीजन बीइंग कि ग्रॉस प्रॉफिट में से अभी सिर्फ ऑपरेटिंग खर्चे माइनस किए गए हैं। तो सिर्फ ऑपरेटिंग
खर्चे माइनस करने के बाद जो इनकम जो प्रॉफिट निकल के आता है उसको हम ऑपरेटिंग प्रॉफिट कहते हैं साथियों। और ऑपरेटिंग
प्रॉफिट में से जब आप नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को माइनस कर देते हो और नॉन ऑपरेटिंग इनकम को प्लस कर देते हो। ये
प्लस माइनस करने के बाद अंत में जो आपके पास प्रॉफिट आता है साथियों उसे जरूर हम नेट प्रॉफिट के नाम से जानते हैं। बट
क्वेश्चन ने यहां पर हमसे ये पूछा कि ग्रॉस प्रॉफिट और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस के अंदर अगर ग्रॉस प्रॉफिट ज्यादा है तो
रिमेनिंग जो अमाउंट बचेगा उसे क्या कहा जाएगा साथियों? तो सिर्फ ऑपरेटिंग खर्चे जब माइनस किए गए हैं ग्रॉस प्रॉफिट में से
तो उसे हम ऑपरेटिंग प्रॉफिट कहते हैं। तो ऑप्शंस में सबसे पहला ही ऑप्शन जो है वो हमको आंसर के रूप में मिल चुका है कि
ग्रॉस प्रॉफिट में से जब ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस हम हटाते हैं तो उसे हम ऑपरेटिंग प्रॉफिट कहते हैं। यहीं अगर
ग्रॉस प्रॉफिट कम हो और ऑपरेटिंग खर्चे ज्यादा हो तो उसे क्या कहेंगे हम? ऑपरेटिंग लॉस कहेंगे। ध्यान रखिएगा
साथियों। ठीक है? चलिए वेरी गुड। बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 24 की। वि ऑफ द फॉलोइंग विल नॉट बी शोन? ये नॉट बी वाले
क्वेश्चंस पे बहुत ध्यान रखना है। व्हिच नॉट बी शोन इन द प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट ऑफ अ बिज़नेस। इन चार ऑप्शंस में से कौन सा
ऑप्शन ऐसा है जिसको पीएंडएल अकाउंट में शो नहीं किया जाता? एक-एक करके चेक करते हैं साथियों। सबसे पहले आपको यहां पर दे रखा
है ड्रॉइंग्स। साथियों, ड्रॉइंग्स कहां शो की जाती है? बैलेंस शीट में। बैलेंस शीट में किस साइड? लायबिलिटी साइड। लायबिलिटी
में कहां? कैपिटल में से माइनस किया जाता है। तो जब ड्रॉइंग्स बैलेंस शीट में शो की
जाती है तो ऑब्वियस सी बात है प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में ड्रॉइ्स को शो नहीं किया जाता। और क्वेश्चन ने हमसे यही मांगा है
कि इनमें से कौन सा ऐसा आइटम है जो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में नहीं शो किया जाता तो वो है साथियों ड्रॉइंग्स। वेरी
गुड। दूसरा साथियों दूसरे ऑप्शंस क्या है? प्रोविजन फॉर डाउटफुल डे्स। जब हम डाउटफुल डेटर्स पर प्रोविजन बनाते हैं तो
डेफिनेटली वह पीएंडएल अकाउंट में रिकॉर्ड करते हैं। साथियों आउटस्टैंडिंग एक्सपेंसेस को भी हम पीएंडएल अकाउंट में
उसके रेस्पेक्टिव खर्चे के अंदर जोड़ते हैं, ऐड करते हैं और लास्ट रिजर्व फॉर डिस्काउंट ऑन क्रेडिटर्स अगर हमें लगता है
कि फ्यूचर में कोई क्रेडिटर हमें डिस्काउंट देगा तो होने वाला जो फायदा है उसको हम पीएंडएल अकाउंट में क्रेडिट साइड
रिकॉर्ड करते हैं। हालांकि यह प्रूडेंस कांसेप्ट के खिलाफ है बट फिर भी ऑप्शन में गिवन है। तो हमें यह तो पता है कि यह
पीएंडएल अकाउंट में जाएगा अगर जाएगा तो। तो क्वेश्चन नंबर 24 में हमने यह देख लिया कि ड्रॉइंग्स जो ऑप्शन है वो पीएंडएल
अकाउंट में नहीं जाता है। वो हम सभी पता सभी को पता है कि वो बैलेंस शीट का पार्ट बनता है। चलिए
क्वेश्चन नंबर 25 क्या कह रहा है साथियों? चेक कर लेते हैं यहां पर। आपसे पूछा गया है नेट प्रॉफिट साल 2013-14
का निकाल के बताइए। नेट प्रॉफिट के लिए साथियों दिमाग में तुरंत प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट हमारे आना चाहिए। डेबिट साइड सारे
खर्चे और क्रेडिट साइड इनकम्स। अब जो जो डाटा हमको दे रखा है और उनमें से जो जो डाटा पीएंडएल अकाउंट में जाना चाहिए उसको
तुरंत प्रभाव से हम पीएंडएल अकाउंट में डालते हैं और आंसर फाइंड आउट करते हैं। सबसे पहले हमें यहां पर दे रखा है ग्रॉस
प्रॉफिट ₹175000 साथियों पीएंडएल अकाउंट है ध्यान रखिएगा तो ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो राइट साइड यहां
पर हमारे सामने आता है ₹175000 अगला आपको दे रखा है ड्यूरिंग द ईयर कैरज इनवर्ड वाज़ 15000 साथियों माल आने का
भाड़ा है और यह माल आने का भाड़ा साथियों ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर रिकॉर्ड होता है पीएंडएल अकाउंट के अंदर रिकॉर्ड नहीं होता
इसको छोड़ना पड़ेगा इग्नोर आगे साथियों, प्रोपराइटर का पर्सनल खर्चा है यहां पर ₹75,000। साथियों, पर्सनल एक्सपेंस ऑफ़
प्रोपराइटर को हम ड्रॉइंग्स के नाम से जानते हैं। और अगेन अभी पिछले क्वेश्चन में आया था कि ड्रॉइंग्स को पीएंडएल
अकाउंट में शो नहीं किया जाता। तो इस 75,000 को भी आपको इग्नोर करना है। फिर आगे बोल रहा है कैरज आउटवर्ड माल जाने का
जो भाड़ा है वो डेफिनेटली आपका पीएंडएल अकाउंट में पार्ट बनता है ₹17,500 और खर्चा साथियों पीएंडएल अकाउंट में
डेबिट साइड में हम लोग लिखते हैं ₹17,500 और लास्ट में आपसे कहा एक नुकसान है। पैसा डूब गया है आपका ₹12,000 इस नुकसान को भी
हम पीएंडएल अकाउंट में रिकॉर्ड करते हैं। और कोई डाटा हमारे पास यहां पर अवेलेबल नहीं है साथियों। तो डायरेक्टली हम यहां
पर टोटल करके नेट प्रॉफिट का जो अमाउंट है उसको निकाल सकते हैं। 1775000 में से ये जो दोनों खर्चे और नुकसान है इनको जब आप
लेस करेंगे तो आपके सामने यहां पर बड़ी आसानी से प्रॉफिट का जो अमाउंट है वो निकल कर आ जाएगा।
वह प्रॉफिट निकल के आएगा साथियों ₹14500 ₹14500 फटाफट से ऑप्शंस के अंदर चेक कर लीजिए
क्या ₹14500 आपको नजर आ रहा है क्या? माय किस्मत जी कैलकुलेशन चेक करिए। मेरे हिसाब से आप
आंसर्स ऑप्शन के आंसर्स जो है उसको ओपन करके बैठे हुए हैं। राघव कुमार जी कैलकुलेशन चेक करिए।
इस क्वेश्चन का जो आंसर होगा यहां पर वह होगा नन ऑफ द अबव। आप जो 145000 ऑप्शंस में देखकर बोल रहे
हैं उसमें थोड़ा सा चेंज है। यहां पर हमको नन ऑफ द अबव को सेलेक्ट करना पड़ेगा। ठीक है? चलिए
क्वेश्चन नंबर 26 की बात कर लेते हैं साथियों। क्वेश्चन नंबर 26 क्या कहना चाहता है? द बैलेंस शीट
एक बिजनेस की बैलेंस शीट आपको क्या इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करती है? चार ऑप्शंस आपके सामने पहला बैलेंस शीट शो करती है द
रिजल्ट ऑफ ऑपरेशंस फॉर अ पर्टिकुलर पीरियड। साथ ही साथियों रिजल्ट ऑफ ऑपरेशंस का मतलब होता है प्रॉफिट और लॉस। और
साथियों प्रॉफिट और लॉस तो हमको ट्रेडिंग अकाउंट और पीएंडएल अकाउंट से पता चलता है। हमसे बैलेंस शीट के बारे में पूछा है। तो
फर्स्ट ऑप्शन यहां पर हम नहीं चूज़ कर पाएंगे। सेकंड बैलेंस शीट क्या शो करती है? फाइनेंशियल पोजीशन। ये बात तो सही है।
पर आगे की बात क्या कह रही है? ड्यूरिंग अ पर्टिकुलर पीरियड। साथियों ये बात यहां पर गलत हो गई। बैलेंस शीट एक पर्टिकुलर
पीरियड नहीं बल्कि बैलेंस शीट फाइनेंसियल पोजीशन शो करती है एक पर्टिकुलर डेट की। तो सेकंड ऑप्शन बी है यहां पर गलत। थर्ड
क्या कह रहा है? बैलेंस शीट क्या शो करती है? द अर्निंग कैपेसिटी फॉर अ पर्टिकुलर पीरियड। अगेन साथियों पर्टिकुलर पीरियड
वाली बात जहां पर आएगी वो पॉइंट कभी भी बैलेंस शीट के लिए सही नहीं कहलाएगा। और एक लास्ट ऑप्शन क्या कहना चाहता है आपसे?
बैलेंस शीट एक बिजनेस की फाइनेंसियल पोजीशन शो करती है ऑन अ पर्टिकुलर डेट। इसलिए साथियों बैलेंस शीट की जब अपन
बैलेंस शीट के ऊपर हेडिंग डालते हैं तो उसको कैसे लिखते हैं? बैलेंस शीट एज ऑन। तो यहां पर एज ऑन का मतलब क्या है? कि
बैलेंस शीट के अंदर जो डाटा है, जितनी भी लायबिलिटीज़ और जितनी भी एसेट्स हैं वो एक पर्टिकुलर डेट के फिगर्स हैं जो कि है 31
मार्च। तो साथियों ध्यान रखिएगा बैलेंस शीट शो करती है फाइनेंशियल पोजीशन ऑफ अ पर्टिकुलर डेट। ठीक है? चलिए
क्वेश्चन नंबर 27 क्या पूछ रहा है हमसे? बिल्स रिसीवेबल हमने किसी को उधार पर गुड्स बेचे थे और
उसके ऊपर हमने एक बिल ड्रॉ कर दिया बिल ऑफ एक्सचेंज उससे साइन करवा के उसकी एक्सेप्टेंस ले ली। ठीक है? मतलब वो
फ्यूचर में किसी डेट पर हमको पैसा देगा। हमारे पास डॉक्यूमेंट्री प्रूफ है। व्हिच हैव बीन डिस्काउंटेड। साथियों बिल
रिसीवेबल आपने डिस्काउंट करवा लिया। इसका मतलब क्या है? आप समय से पहले आप समय से पहले
जो है उस बिल का पैसा बैंक से ले आए और आपने बैंक से कहा समय आने पर आप सामने वाली पार्टी से पैसा ले लीजिएगा। हम तो
पहले ही पैसा लेकर आ गए। डिस्काउंटेड का मतलब हम पहले ही
पैसा ले आए। बैंक से
अब बैंक जो है वह सामने वाली पार्टी से पैसा लेता रहेगा। अपने को तो पैसा मिल गया। अब हुआ क्या? एंड आर नॉट येट ड्यू ऑन
द डेट ऑफ फाइनल अकाउंट्स। मतलब उस बिल की मैच्योरिटी डेट नहीं आई है। तो 31 मार्च के दिन जो बिल आप डिस्काउंट करा कर लेकर आ
गए, पैसा पहले ही ले आ गए बैंक से बट उसकी डेट नहीं आई तो फाइनल अकाउंट्स में उसको कहां शो किया जाएगा? तो साथियों मेरी बात
को ध्यान से सुनना। ऐसे बिल जिनकी मैच्योरिटी डेट से पहले ही आप बैंक से डिस्काउंट करवा के लेकर आ गए। जल्दी पैसा
लेकर आ गए और आपने बैंक से कहा आप उससे ले लेना। पर वो डेट अभी तक नहीं आई है। तो साथियों यह चीज आपके ऊपर एक तरह से
कंटिंजेंट लायबिलिटी के रूप में मंडराएगी। कंटिंजेंट लायबिलिटी मतलब एक ऐसी लायबिलिटी जो आपके ऊपर आ भी सकती है नहीं
भी आ सकती है। आ कब सकती है? अगर सामने वाली पार्टी ने बैंक को पैसा नहीं दिया तो। और अगर सामने वाली पार्टी ने डेट के
ऊपर व्यवस्थित बैंक को पैसा दे दिया तो वो लायबिलिटी अपने ऊपर नहीं आएगी। तो साथियों कंटिंजेंट लायबिलिटी के रूप में इसको शो
किया जाता है और कंटिंजेंट लायबिलिटी साथियों फाइनल अकाउंट्स के अंदर नहीं बल्कि फाइनल अकाउंट्स के नीचे पुट नोट्स
के अंदर शो की जाती है। तो बिल्स जो है जिनको आपने डिस्काउंट करवा दिया बट उनकी डेट अभी तक नहीं आई है उनको एज अ
कंटिंजेंट लायबिलिटी फाइनल अकाउंट्स के नीचे फुटनोट्स के अंदर शो किया जाएगा एज अ कंटिंजेंट लायबिलिटी।
क्योंकि अगर सामने वाली पार्टी ने गच्चा कर दिया तो फिर बैंक जो है अपने खाते से पैसा
उड़ाएगी क्योंकि बैंक ने तो अपन को दिया। ठीक है? चलो नेक्स्ट क्वेश्चन क्या कह रहा है साथियों?
बैंक ओवरड्राफ्ट इज शोन एज बैंक ओवरड्राफ्ट क्या है साथियों? आपने अपने करंट अकाउंट के
अवेलेबल बैलेंस से ज्यादा अमाउंट जब विड्रॉ कर लिया। हालांकि बैंक अलव करता है तो ही कर सकते हैं। मतलब कुछ समय के लिए
बैंक ने आपको उधार दिया। तो साथियों बैंक ओवरड्राफ्ट एक तरह का क्या है? आपका शॉर्ट टर्म बोरोइंग है।
और शॉर्ट टर्म बोरोइंग का मतलब क्या हुआ साथियों? आपको जल्द ही वह पैसा एक साल के अंदर अंदर
लौटाना है। एक साल के अंदर-अंदर पेमेंट
करना है। और साथियों ऐसी कोई लायबिलिटी जिसका पेमेंट हमें एक साल के अंदर-अंदर करना
होता है उसको हम बड़े प्यार से किस नाम से जानते हैं साथियों? ऐसी लायबिलिटी क्या कहलाती है सर? ऐसी लायबिलिटी कहलाती है
करंट लायबिलिटी। तो क्या करंट लायबिलिटी करके कोई ऑप्शन नजर आ रहा है क्या हमें? वेरी गुड। आप लोग
बिल्कुल सही आंसर पकड़ रहे हैं कि बैंक ओवरड्राफ्ट को शो किया जाता है एज अ करंट लायबिलिटी। कंटिंजेंट लायबिलिटी तो
बिल्कुल भी शो नहीं कर सकते क्योंकि बैंक ओवरड्राफ्ट का तो पेमेंट करना ही करना है। करना भी पड़ सकता है, नहीं भी करना पड़
सकता है। ऐसी कोई सिचुएशन नहीं है। एसेट तो ये ऑब्वियस सी बात है नहीं क्योंकि हमें चुकाना है। ठीक है? हमारी जिम्मेदारी
है। और अनसिक्यर्ड लोन जो है साथियों वो तो एक लॉन्ग टर्म बोरोइंग का पार्ट है। तो बैंक ओवरड्राफ्ट एक लॉन्ग टर्म बोरोइंग
नहीं बल्कि शॉर्ट टर्म बोरोइंग की कैटेगरी में चली जाती है। और इसको शो किया जाएगा एज अ करंट लायबिलिटी। तो क्वेश्चन नंबर 28
का सही आंसर हमें देखने को मिला ऑप्शन नंबर ए के रूप में। ठीक है साथियों? चलिए
अगली बात क्वेश्चन नंबर 29 क्या कह रहा है साथियों हमसे? डैश
इज नॉट शोन इन द बैलेंस शीट। नीचे दिए हुए ऑप्शंस में से कौन सा ऑप्शन ऐसा है जिसको बैलेंस शीट में शो नहीं किया
जाता? चलिए चेक करते हैं साथियों। सबसे पहला ऑप्शन हमारे सामने जनरल रिजर्व सामान्य संचय। डेफिनेटली इसको बैलेंस शीट
में शो किया जाता है। हमसे क्वेश्चन में क्या पूछा है? नॉट शोन। इनमें से कौन सा ऑप्शन ऐसा है जिसको बैलेंस शीट में शो
नहीं किया जाता। दूसरा साथियों आपका कैपिटल रिजर्व जो आप बनाते हो अपने कैपिटल प्रॉफिट्स में से डेफिनेटली इसको बैलेंस
शीट में शो किया जाता है। तीसरा साथियों एक स्पेशल टाइप का रिजर्व आपके सामने गुप्त संचय जिसको हम सीक्रेट
रिजर्व कहते हैं। साथियों इस रिजर्व का नाम ही सीक्रेट रिजर्व इसलिए है क्योंकि इसको अलग से बैलेंस शीट में शो नहीं किया
जाता। तो सर जब है सीक्रेट रिजर्व तो इसको कहीं ना कहीं तो शो करते होंगे। इसको शो करने का एक तरीका है साथियों ध्यान से
सुनिएगा। यह वो रिजर्व है जो बिजनेस की रियल फाइनेंशियल पोजीशन को छुपाकर बनाया जाता है। इसको बनाने का एक टेक्निक है। और
क्या टेक्निक बिनेस इस्तेमाल कर सकता है? एसेट्स को कम वैल्यू पे दिखा दिया। जितनी एक्चुअल वैल्यू है उससे कम पे। या
फिर क्या तरीका यूज़ किया? लायबिलिटीज जबरदस्ती बढ़ा कर दिखा दी। अब सर ऐसा कैसे पॉसिबल है? कि एसेट्स की वैल्यू जितनी थी
उससे कम पर दिखा दिया। अरे एग्जांपल एक बिल्कुल देसी एग्जांपल तुम्हारी जेब में ₹100 पड़े पर तुमने दिखाए सिर्फ कितने ₹80
एक्चुअल में तुम्हारी जेब में कितने ₹100 तुमने क्या बोला मेरे पास तो ₹80 ही हैं तुमने ₹80 ही शो किए तो जो ₹20 है वो
तुम्हारे पास एक्स्ट्रा पड़ा हुआ है सीक्रेटली या फिर क्या कर सकते हो आपने एसेट्स के ऊपर क्या लगा दिया भैया ज्यादा
डेप्रिसिएशन लगा दिया एक्चुअल से तो ये तरीका है सीक्रेट रिजर्व बनाने का दूसरा तरीका लायबिलिटीज को बढ़ाकर शो कर दिया।
अब सर लायबिलिटीज़ को बढ़ाकर कैसे शो करते हैं? उसका तो प्रूफ होता है। अरे सिंपल सा तरीका प्रोविजन का अमाउंट जो आप एस्टीमेट
करके बनाते हो उसको बढ़ा दो। तो ये है सीक्रेट रिजर्व बनाने का तरीका। तो साथियों सीक्रेट रिजर्व करके कोई अमाउंट
बैलेंस शीट में शो नहीं होता। उसको ऑटोमेटिकली एसेट्स और लायबिलिटीज़ की वैल्यू के अंदर चेंजेस करके बनाया जाता
है, शो किया जाता है। तो साथियों सीक्रेट रिजर्व करके कोई स्पेसिफिक आइटम जो है वो बैलेंस शीट में हमें नहीं दिखता। और यही
क्वेश्चन नंबर 29 में हमसे पूछा है। तो यहां पर ऑप्शन नंबर सी जो है वो हमारा करेक्ट आंसर होगा।
चलिए बात करते हैं आज के आखिरी क्वेश्चन की। क्वेश्चन नंबर 30
कंसीडर द फॉलोइंग आइटम्स। कर लेंगे सर हम तो कंसीडर इसमें क्या समस्या है? पूछा क्या है? यह जो चार आइटम्स आपको दे रखे
हैं, यह चार आइटम्स में से करंट लायबिलिटीज में किस-किस को डाला जाता है? एक-एक आइटम आपको चेक करना है और ये बताना
है कि इन चार में से कौन-कौन सा आइटम जो है वो करंट लायबिलिटी के कैटेगरी में फॉल करेगा। सबसे पहला है साथियों लोन। साथियों
लोन जनरली हम लोग एक साल से ज्यादा के लिए ही लेते हैं। तो साथियों लोन तो किस कैटेगरी में चला जाता है? हमारा नॉन करंट
लायबिलिटी। तो फर्स्ट तो हम नहीं ले पाएंगे। दूसरा है साथियों प्रीपेड रेंट। अरे साथियों रेंट का पेमेंट आपने समय से
पहले ही कर दिया। ये तो साथियों आपकी करंट एसेट की कैटेगरी में चला जाता है। तो ऑप्शन नंबर सेकंड भी नहीं ले पाएंगे।
पॉइंट नंबर टू नहीं ले पाएंगे। फिर है साथियों इंटरेस्ट पेएबल। जो इंटरेस्ट चुकाना बाकी है हमारे ऊपर
जिम्मेदारी है साथियों उसके लिए हमें ज्यादा समय नहीं मिलेगा। तो ये जरूर डेफिनेटली एक करंट लायबिलिटी है हमारी।
फोर्थ वाला क्या कह रहा है? बैंक ओवरड्राफ्ट ये तो अभी ऊपर वाले एमसीक्यू में गया। बैंक ओवरड्राफ्ट में हमको बैंक
को कुछ ही समय के बाद पैसा चुकाना है। तो बैंक ओवरड्राफ्ट भी हमारी करंट लायबिलिटी है। तो थर्ड और फोर्थ जो है साथियों ये
हमारी करंट लायबिलिटी है। तो यहां पर किसी ऑप्शन में है क्या कि थर्ड एंड फोर्थ तीन और चार थ्री एंड फोर
है क्या? बिल्कुल है सर। ऑप्शन नंबर सी यही कह रहा है कि थर्ड एंड फोर्थ आइटम जो है वो डेफिनेटली हमारे बिजनेस की एक करंट
लायबिलिटी है। तो यहां पर साथियों क्वेश्चन नंबर 30 तक आज हम लोगों ने कंप्लीट कर लिया। कल की क्लास में कुछ और
एमसीक्यूस हम इस चैप्टर के प्रैक्टिस करेंगे। क्वेश्चन नंबर 31 से लेकर लगभग 30 क्वेश्चन हम लोग ऑलरेडी इस चैप्टर के
डिस्कस कर चुके हैं हमारे प्रीवियस सेशंस के अंदर। आज हम बचे हुए जो क्वेश्चंस हैं क्वेश्चन नंबर 31 से यहां से क्लास की
शुरुआत करेंगे और इस चैप्टर के सारे एमसीक्यूस जो बचे हुए हैं उनका आज निपटारा करेंगे। ठीक है? आप सभी का बहुत-बहुत
स्वागत है। भगवान राम जी गुड इवनिंग। तारा प्रकाश जी गुड इवनिंग। वाणी वर्मा जी राधे-राधे सर जी आपको भी राधे-राधे जय
श्री कृष्णा चलिए शुरुआत करते हैं हम लोग यहां पर क्वेश्चन नंबर 31 से शेफाली जी आपका भी स्वागत है वेरी गुड इवनिंग चलिए
क्वेश्चन नंबर 31 से यहां पर हम लोग शुरुआत कर लेते हैं इन द बैलेंस शीट द फाइनल बैलेंससेस ऑफ
डैश अकाउंट्स आर आर शोन। आपको यहां पर चार ऑप्शंस दिए हुए हैं और आपसे यह पूछा है कि इनमें से कौन से
अकाउंट्स ऐसे हैं जिनका बैलेंस जिनका फाइनल बैलेंस जिसका जिनका ईयर एंड का जो बैलेंस है उनको बैलेंस शीट के अंदर शो
किया जाता है। देखते हैं एक-एक करके क्या ऑप्शंस हमारे सामने हैं। सबसे पहला ऑप्शन कह रहा है रियल अकाउंट्स। बिल्कुल रियल
अकाउंट साथियों एसेट्स से रिलेटेड अकाउंट होते हैं और एसेट्स के बैलेंससेस डेफिनेटली बैलेंस शीट में शो होते हैं। बट
इसने कॉमा के बाद यहां पर क्या ले लिया? नॉमिनल अकाउंट के बैलेंससेस भी अगर यह बोलता है कि बैलेंस शीट में जाते हैं तो
ये बात बिल्कुल गलत है। नॉमिनल अकाउंट साथियों ईयर एंड पर जाकर क्लोज हो जाते हैं। और क्लोज कहां जाकर हो
जाते हैं? या तो नॉमिनल अकाउंट्स ट्रेडिंग अकाउंट में जाकर क्लोज होता है। क्ल हो जाते हैं या फिर प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
में चले जाते हैं। तो साथियों पहला ऑप्शन हम लोग चूज़ नहीं कर पाएंगे क्योंकि रियल अकाउंट्स के बैलेंससेस तो बैलेंस शीट में
जाते हैं बट नॉमिनल अकाउंट के जो बैलेंससेस हैं वो बैलेंस शीट में नहीं बल्कि ट्रेडिंग अकाउंट या फिर पीएंडएल
अकाउंट में जाते हैं। तो पहला ऑप्शन हमारा गलत है यहां पर। सेकंड ऑप्शन हमारे सामने क्या आ रहा है? रियल अकाउंट बिल्कुल सारे
जो एसेट्स से रिलेटेड अकाउंट होते हैं वो डेफिनेटली जो है बैलेंस शीट में जाते हैं। कॉमा करके पर्सनल अकाउंट्स
साथियों पर्सनल अकाउंट्स वो सारे अकाउंट्स होते हैं व्हिच रिलेट टू अ पर्टिकुलर पर्सन डेटर्स अकाउंट, क्रेडिटर्स अकाउंट,
कैपिटल अकाउंट वगैरह। ये सारी चीजें पर्सनल अकाउंट्स जिसमें आपकी सारी लायबिलिटीज़ भी कवर हो जाती है साथियों। तो
पर्सनल अकाउंट के जो बैलेंससेस होते हैं वो भी बैलेंस शीट के अंदर जाते हैं। तो यहां पर जो ऑप्शन नंबर बी है ये बिल्कुल
सही ऑप्शन है क्योंकि ये बिल्कुल सही बात कह रहा है कि बैलेंस शीट के अंदर रियल अकाउंट के जो बैलेंससेस होते हैं वो जाते
हैं और पर्सनल अकाउंट्स के जो बैलेंससेस होते हैं वो भी बैलेंस शीट के अंदर शो होते हैं। सिर्फ नॉमिनल अकाउंट्स ऐसे हैं
जो ईयर एंड पर ट्रेडिंग अकाउंट और पीएंडएल अकाउंट में जाकर क्लोज हो जाते हैं। बाकी रियल अकाउंट और पर्सनल अकाउंट जो है वो
बैलेंस शीट में शो होते हैं क्योंकि उनका जो बैलेंस है उनको कैरी फॉरवर्ड करके नेक्स्ट ईयर में ले जाया जाता है। नन ऑफ
दीज़ हो नहीं सकता क्योंकि ऑलरेडी हम ऑप्शन चूज़ कर चुके हैं। ऑप्शन नंबर बी एंड लास्ट ऑप्शन क्या कह रहा है? फिक्टीशियस अकाउंट
साथियों पर्सनल, रियल और नॉमिनल ये तीन कैटेगरी होती है। तो फिक्टिशियस नाम तो नहीं आ सकता और दूसरा नॉमिनल अकाउंट जो
अभी मैंने आप लोगों को बताया ये बैलेंस शीट का पार्ट नहीं बनते। तो यहां पर ए, सी और डी जो ऑप्शन है वो वैलिड नहीं है। जो
करेक्ट आंसर हमारा क्वेश्चन नंबर 31 का होगा यहां पर वो होगा कि रियल एंड पर्सनल अकाउंट्स आर शोन इन द बैलेंस शीट।
वेरी गुड। बिल्कुल सही आंसर दिया है आप लोगों ने यहां पर। चलिए। क्वेश्चन नंबर 32 पर चलते हैं। यहां पर
क्वेश्चन नंबर 32 हमारे सामने एक प्रैक्टिकल क्वेश्चन हमें नजर आता हुआ जो कि हमसे क्या कहना चाहता है? क्वेश्चन
नंबर 32 जब इस तरह का प्रैक्टिकल क्वेश्चन आ जाता है तो आपको एक बहुत सिंपल सी टेक्निक जो
है वो फॉलो करनी है और वो टेक्निक ये है। आप सबसे पहले ये चेक कर लीजिए कि आपसे पूछा क्या है? क्या कैलकुलेट करने के लिए
क्वेश्चन ने आपसे कहा है? तो यहां पर लास्ट में इसने बोला है भूषणस कैपिटल ऑन दिस डे वाज मतलब भूषण एक व्यक्ति है जिसकी
आपको कैपिटल निकालनी है ऑन दिस डे मतलब इस क्वेश्चन के अंदर कोई ना कोई पर्टिकुलर डेट हमको दे रखी होगी उस डेट के दिन हमको
भूषण की कैपिटल का जो अमाउंट है वो कितना होगा वो कैलकुलेट करके हमको बताना है। अब चेक करते हैं हमारे पास ऑप्शंस अह अह जो
डाटा क्वेश्चन के अंदर है ज़रा उसको एक बार चेक करते हैं। ऑप्शंस पे बाद में जाएंगे हम। ठीक है? ऑन जनवरी 1 2014 देखो
क्वेश्चन इसने बोला था ना ऑन दिस डे मतलब ये कब की बात कर रहा है? 1 जनवरी 2014 की। द बैलेंससेस ऑफ़ वेरियस अकाउंट्स इन भूषणs
बुक वर एज फॉलोज़। आपको भूषण की बुक्स के कुछ बैलेंससेस यहां पर दे रखे हैं। स्टॉक 3500 इन्वेस्टमेंट लोन फ्रॉम राम, डेटर्स,
क्रेडिटर्स, प्लांट एंड मशीनरी, बिल्स पेएबल और कैश इन बैंक। साथियों, आपको यहां पर काफी सारे अकाउंट के बैलेंससेस दे रखे
हैं। जिसमें कुछ जो है वो तो एसेट्स की कैटेगरी में आते हैं और कुछ यहां पर आपको क्वेश्चन में लायबिलिटीज जो है वो दे रखी
है। ठीक है? अब साथियों इस तरह का जब क्वेश्चन आए जहां पर आपको कुछ एसेट्स की दे रखी है
अमाउंट कुछ लायबिलिटीज के अमाउंट दे रखी है और आपको कैपिटल निकालनी है तो यहां पर आपको तुरंत प्रभाव से अकाउंटिंग इक्वेशन
याद आनी चाहिए। अकाउंटिंग इक्वेशन जो है उसको यहां पर इस्तेमाल करके हम लोग हमारा जो आंसर है उसको ईजीली जो है निकाल सकते
हैं। अकाउंटिंग इक्वेशन बेसिक्स बिल्कुल सिंपल साथियों अकाउंटिंग इक्वेशन कैसे जानते हैं हम लोग? सर अकाउंटिंग इक्वेशन
है एसेट्स इक्वल टू कैपिटल प्लस लायबिलिटीज।
अब जो जो एसेट्स अवेलेबल है उनको एसेट्स की जगह पुट कर दो। जो जो लायबिलिटीज अवेलेबल है उनको लायबिलिटीज की जगह पुट कर
दो। हमारे सामने क्या निकल के आ जाएगी? कैपिटल। बहुत सिंपल। ये कैपिटल हम लोगों को निकालनी है। कोई बात नहीं। लायबिलिटीज़
को उधर भेज दो। तो यहां पर कैपिटल निकालने के लिए हमारी इक्वेशन क्या रह जाएगी? कैपिटल विल बी इज़ इक्वल टू एसेट्स माइनस
लायबिलिटीज। अब फटाफट से यहां पर चेक कर लेते हैं। एसेट्स जो जो दे रखी है उनको प्लस कर
लीजिए भाई साहब। सबसे पहला आपको दे रखा है स्टॉक। स्टॉक दे रखा है आपको ₹3500।
फिर आपको दे रखा है इन्वेस्टमेंट ₹3000। फिर आपको दे रखा है लोन फ्रॉम राम। साथियों ये तो लायबिलिटी की जगह पुट
करेंगे। एक बार इसको छोड़ो। फिर आपको दे रखा है डेटर्स। यह हो गया एसेट्स में ऐड। फिर आपको दे रखा
है साथियों क्रेडिटर्स। इसको बाद में कंसीडर कर लेना क्योंकि यह लायबिलिटी का पार्ट है। फिर दे रखा है हमें प्लांट एंड
मशीनरी। डेफिनेटली एसेट्स के अंदर जुड़ेगा ये। फिर हमें दे रखा है बिल्स पेएबल। साथियों इसको लायबिलिटी की जगह लिखेंगे हम
लोग। और लास्ट में हमें दे रखा है कैश इन बैंक। इसको तो डेफिनेटली हम लोग एसेट्स के अंदर इंक्लूड करते हैं। तो यहां पर हमने
सारी जो एसेट्स हैं उनको प्लस कर लिया। अब इसमें से बड़े प्यार से क्या माइनस कर देते हैं? जो जो लायबिलिटीज दे रखी है।
चलो लायबिलिटीज में हमको सबसे पहला दे रखा है लोन फ्रॉम राम। कितने का है भैया? ₹3500 माइनस हो गया। फिर हमको क्रेडिटर्स
दे रखा है। लायबिलिटी के तौर पे ये लीजिए - ₹1500 क्रेडिटर्स के हो गए। फिर आपको बिल्स पेएबल दे रखा है। वो भी लायबिलिटी
के रूप में यहां पर लेस हो चुका है। तो जितनी भी एसेट्स थी उनको हमने प्लस कर दिया और जितनी भी लायबिलिटीज यहां पर गिवन
थी हमने उनको माइनस कर दिया। क्यों किया? अकाउंटिंग इक्वेशन से हम आसानी से इस चीज को फाइंड आउट कर सकते हैं। तो इन सारे
अमाउंट को ऐड और लेस करने के बाद आपके सामने कैपिटल का जो अमाउंट आएगा साथियों वो आएगा 7750।
क्या हमारे पास ऑप्शंस के अंदर 7750 कोई ऑप्शन दे रखा है क्या? बिल्कुल है साथियों। ऑप्शन नंबर डी जो है वो बिल्कुल
सही अमाउंट बता रहा है कि यह जो कैपिटल भूषण भाई साहब की जो कैपिटल है वो 1 जनवरी के दिन होगी ₹7750
ठीक है बहुत इजी क्वेश्चन था साथियों अकाउंटिंग इक्वेशन को यूज़ किया और कैपिटल का अमाउंट पूछा था वो हम लोगों ने आसानी
से कैलकुलेट कर लिया। चलिए अगले क्वेश्चन पर चलते हैं। यहां पर क्वेश्चन नंबर 33।
क्वेश्चन नंबर 33 के अंदर भी हमको यहां पर कुछ अमाउंट्स दे रखे हैं और हमसे पूछा गया है ऑपरेटिंग प्रॉफिट कितना होगा? अब
साथियों ग्रॉस प्रॉफिट हमें पता है ट्रेडिंग अकाउंट से निकल के आता है। नेट प्रॉफिट हमें पता है प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट से निकल के आता है। बट ये जो ऑपरेटिंग प्रॉफिट है साथियों इसके बारे में मैं एक छोटी सी ट्रिक आपको बताऊंगा
ताकि वो ट्रिक से आप ये वाला क्वेश्चन तो कर ही लो। प्लस ऑपरेटिंग प्रॉफिट से रिलेटेड और भी अगर कोई क्वेश्चन आते हैं
तो मैं जो अभी आपको तरीका बताने वाला हूं वो तरीका आप अप्लाई कर लेना। आसानी से आपका आंसर आ जाएगा। देखना क्या पूछा है
क्वेश्चन ने? क्वेश्चन ने बोला मोहन एक बिजनेसमैन है जिसका नेट प्रॉफिट है ₹15 लाख। ठीक है? नेट प्रॉफिट कहां से आता है
भाई साहब? पीएंडएल अकाउंट का बैलेंस होता है हमारा नेट प्रॉफिट। यस सर। फिर यहां पर बोला गया है हिज नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस
आर 3 लाख। एंड नॉन ऑपरेटिंग इनकम इज ₹ लाख और आपसे पूछा गया है मोहन भाई साहब का ऑपरेटिंग
प्रॉफिट। अब देखो एक बहुत सिंपल जो मैं आपको एक्सप्लेन करने जा रहा हूं। इस चीज को आपको दिमाग में रखना है। आपको अपनी
स्क्रीन पर मैंने एक पीएंडएल अकाउंट बना के आप लोगों के लिए तैयार कर रखा है। ये आप लोगों को नजर आ रहा होगा। ठीक है? अब
साथियों प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की जो शुरुआत होती है वो शुरुआत किस चीज से होती है सर? ग्रॉस प्रॉफिट से होती है सर जो
ट्रेडिंग अकाउंट से ट्रांसफर हो के आता है। ये देखो क्रेडिट साइड आता है। यहां पर लिखा हुआ है बाय ग्रॉस प्रॉफिट। यह हम
सबको पता है कि पीएंडएल अकाउंट की शुरुआत या तो ग्रॉस प्रॉफिट से होती है या फिर ग्रॉस लॉस से होती है। हम अभी पॉजिटिव
सिचुएशन की बात कर रहे हैं। प्रॉफिट कंसीडर कर रहे हैं। तो बाय ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो पीएनएल अकाउंट में आ गया। अब
साथियों प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के अंदर डेबिट साइड सारे खर्चे सारे इनडायरेक्ट एक्सपेंसेस जो
हैं जिनका प्रोडक्शन से डायरेक्टली कोई रिलेशन नहीं है वो सारे एक्सपेंसेस प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट साइड
आते हैं। उसमें ऑपरेटिंग खर्चे भी होते हैं और उसमें नॉन ऑपरेटिंग खर्चे भी होते हैं। फिर क्रेडिट साइड आती है इनकम्स।
सारी इनडायरेक्ट इनकम्स उसमें कुछ इनकम्स होती है ऑपरेटिंग इनकम और कुछ इनकम्स होती है नॉन ऑपरेटिंग इनकम
और फाइनल रिजल्ट जो हमारे सामने पीएंडएल अकाउंट का आता है साथियों वो निकल के आता है नेट प्रॉफिट के रूप में।
इतना आपको सभी बच्चों को सभी मेरे जो साथी हैं उनको पता है कि सर हां प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का जो नेट रिजल्ट निकल के आता
है वो है नेट प्रॉफिट। अब साथियों लेफ्ट साइड ये जो ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस हैं नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस हैं राइट साइड
ऑपरेटिंग इनकम और नॉन ऑपरेटिंग जो इनकम है हम एक काम करते हैं। ऑपरेटिंग प्रॉफिट से रिलेटेड क्वेश्चंस को आसानी से सॉल्व करने
के लिए बीच में एक दीवार खड़ी कर देते हैं। उस दीवार को खड़ी करने से देखना हमें क्या फायदा।
यहां पर मैंने एक दीवार खड़ी कर दी। यह दीवार मैंने बिल्कुल सेंटर में बनाई और इस दीवार के बनाने से आप चेक कर सकते हो
ऑपरेटिंग आइटम्स ऊपर रह गए। ऑपरेटिंग आइटम्स ऊपर रह गए और नॉन ऑपरेटिंग आइटम्स जो है वो इस दीवार के
नीचे रह गए। तो साथियों सबसे पहले प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की जो शुरुआत हुई वो ग्रॉस प्रॉफिट से हुई।
साथ-साथ में इधर देखना पीएंडएल अकाउंट की शुरुआत जो है उसमें सबसे पहले कौन से भाई साहब आए? ग्रॉस
प्रॉफिट भाई साहब आ गए। ठीक है? अब ग्रॉस प्रॉफिट के अंदर ऑपरेटिंग इनकम सबसे पहले ऐड कर दी मैंने। ये लीजिए।
ऑपरेटिंग इनकम ऐड कर दी। फिर लेफ्ट साइड ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस हैं। यह लीजिए ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस जब इसमें से माइनस हो
जाएंगे। ये अभी जो मैंने ग्रीन कलर की दीवार बनाई है साथियों उससे ऊपर वाला मैटर हम लोग
डिस्कस कर रहे हैं। सबसे पहले ग्रॉस प्रॉफिट लिया। फिर उसके अंदर ऑपरेटिंग इनकम को हमने प्लस कर प्लस कर दिया। और
अपोजिट साइड जो ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस है उनको क्या कर दिया? माइनस। तो साथियों जब ऑपरेटिंग ऑपरेटिंग वाली चीजें कंसीडर की
जाती है। ग्रॉस प्रॉफिट में जब ऑपरेटिंग इनकम हम प्लस करते हैं और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को जब माइनस करते हैं इस इतनी
कैलकुलेशन से जो प्रॉफिट हमारे पास निकल के आता है साथियों वो प्रॉफिट कहलाता है ऑपरेटिंग प्रॉफिट।
और उसका रीज़ क्या है? ये ऑपरेटिंग प्रॉफिट क्यों है? क्योंकि इस कैलकुलेशन में इसमें हमने सिर्फ ऑपरेटिंग इनकम और ऑपरेटिंग
एक्सपेंसेस को कंसीडर किया। इसलिए सिर्फ इतने प्लस माइनस वाले आइटम्स को कंसीडर करने के बाद ऑपरेटिंग प्रॉफिट जो है वो
बिजनेस का कैलकुलेट होता है। फिर इससे आगे चलते हैं। ऑपरेटिंग प्रॉफिट के अंदर अब देखो फार्मूला आगे बढ़ाते हैं। अब हमारे
पास साथियों ऑपरेटिंग प्रॉफिट आ चुका है। ठीक है? आ चुका है। ठीक है? समझ गया? अब ऑपरेटिंग प्रॉफिट से
अगर हमको लास्ट नेट प्रॉफिट तक जाना है तो साथियों चेक करो यहां पहुंच गए हम। कहां पहुंच गए? यहां पहुंच गए। यहां से
हमें नेट प्रॉफिट पर जाना है। तो साथियों बहुत सिंपल सी गणित है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट से अगर मुझे नेट प्रॉफिट पे जाना है तो
मैं ऑपरेटिंग प्रॉफिट में क्या प्लस कर दूं? नॉन ऑपरेटिंग इनकम प्लस कर दूं
और जितने भी नॉन ऑपरेटिंग खर्चे हैं उनको माइनस कर दूं। तो इससे हम लोग कहां पहुंच जाएंगे
साथियों? इससे आसानी से निकल कर आ जाएगा हमारा नेट प्रॉफिट। तो साथियों यह जो दीवार बना के मैंने आपको
एक तरीका यहां पर बताया है। यह तरीका आपको अपने दिमाग में रखना है क्योंकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट से रिलेटेड क्वेश्चन एग्जाम के
अंदर बनकर आता है। ये सिंपल सी ट्रिक आप लोग दिमाग में रखें कि सबसे पहले ग्रॉस प्रॉफिट से शुरुआत होती है। ग्रॉस प्रॉफिट
से ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर कैसे पहुंचना है और ऑपरेटिंग प्रॉफिट से नेट प्रॉफिट पर कैसे पहुंचना है? क्या प्लस करना है और
क्या लेस करना है। इतना ध्यान रख लेने से आपका ऑपरेटिंग प्रॉफिट से रिलेटेड कोई भी क्वेश्चन आ जाए वो आसानी से आप लोग सॉल्व
कर पाओगे। अब अपने क्वेश्चन पर आ जाते हैं। क्वेश्चन के अंदर हमको मोहन भाई साहब का नेट प्रॉफिट दे रखा है। नेट प्रॉफिट दे
रखा है। ये देखो अभी जो हमने फार्मूला बनाया ये नेट प्रॉफिट दे रखा है। और क्या दे रखा है? नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस दे
रखे हैं आपको। फिर नॉन ऑपरेटिंग इनकम आपको दे रखी है और आपसे उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट पूछा है। यह
भाई साहब पूछे हैं हमारे पास इस इक्वेशन के सारे अमाउंट हैं। उनको पुट करते हैं। ऑटोमेटिकली ऑपरेटिंग प्रॉफिट पे हम पहुंच
जाएंगे। तो साथियों यहां पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट की जगह वापस ऑपरेटिंग प्रॉफिट लिख दो। ये तो निकालना है हमको।
प्लस नॉन ऑपरेटिंग इनकम आपको यहां पर दे रखी है ₹ लाख माइनस नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस आपको यहां
पर दे रखे हैं ₹3 लाख इज इक्वल टू आपको दे रखा है नेट प्रॉफिट उसका ₹15 लाख
अब बड़े प्यार से ऑपरेटिंग प्रॉफिट जो है वह हमारा निकल के आ जाएगा। कैसे आ जाएगा भाई साहब? वैसे तो मुझे आप सबको बताने की
जरूरत नहीं है। पर फिर भी एक पढ़ाने का जो तरीका है वह सेम रहेगा। यह जो दोनों अमाउंट है वो इक्वल टू के उधर चले जाएंगे
तो आपका 15 लाख - 2 लाख + 3 लाख जब करेंगे तो हमारे सामने आसानी
से मोहन भाई साहब का ऑपरेटिंग प्रॉफिट निकल के आ जाएगा। जिसका अमाउंट होगा ₹1 लाख।
ऑप्शंस के अंदर फटाफट से ₹16 लाख ढूंढना है और उस पे टिक कर देना है क्योंकि मोहन भाई साहब का ऑपरेटिंग प्रॉफिट का जो
अमाउंट है वो हम लोगों ने निकाल लिया है। जिसका अमाउंट आया है ₹1 लाख। तो साथियों दिमाग में मैं आपको सच बता रहा
हूं। बहुत ज्यादा डीप में जाकर चीजों को नहीं सोचना है। अपने 11th क्लास के जो बेसिक्स हैं उनका आपको इस्तेमाल करना है।
जैसे मैंने अभी आप लोगों को ऑपरेटिंग प्रॉफिट तक कैसे पहुंचना है उसका तरीका आपको बता दिया। उससे पहले मैंने बिल्कुल
बेस से शुरुआत करी कि प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में पहले शुरुआत ग्रॉस प्रॉफिट से होती है। ग्रॉस प्रॉफिट के अंदर आप
ऑपरेटिंग इनकम को प्लस करते हैं और खर्चों को माइनस करते हैं। जब आपने सिर्फ ऑपरेटिंग चीजों को कंसीडर किया तो आप
ऑपरेटिंग प्रॉफिट पे पहुंचे। और अगर ऑपरेटिंग प्रॉफिट से आपको फाइनल नेट प्रॉफिट पे पहुंचना है तो नॉन ऑपरेटिंग
इनकम्स को ऐड करना पड़ेगा और नॉन ऑपरेटिंग खर्चों को माइनस करना पड़ेगा। तो आप आसानी से नेट प्रॉफिट पे पहुंच जाएंगे। अब ग्रॉस
प्रॉफिट पूछ ले, ऑपरेटिंग प्रॉफिट पूछ ले या नेट प्रॉफिट आप आपसे पूछ ले, आप इस ट्रिक की मदद से आसानी से अमाउंट की
कैलकुलेशन कर सकते हो। जैसा अभी हम लोगों ने इस क्वेश्चन के अंदर किया। मैं हर क्लास के अंदर मेरे सभी साथी जो क्लास के
अंदर जुड़ते हैं। मैं उनसे यही कहता हूं अपने बेसिक्स पे काम कीजिए। बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्स चीजों को नहीं लेना है।
क्वेश्चन को सिंपली पढ़ना है और किस सिंपल तरीके को अप्लाई करके सॉल्व किया जा सकता है। उसका इस्तेमाल करना है। आसानी से आप
करेक्ट आंसर निकाल पाएंगे और आपका सिलेक्शन भी ओके रहेगा। चलिए बात करते हैं अगले क्वेश्चन की। क्वेश्चन
नंबर 34। अब देखिए साथियों क्वेश्चन नंबर 34 में इसने सिचुएशन को बदल दिया। कैसे बदल दिया? पिछले एमसीक्यू में क्वेश्चन
नंबर 33 में आपको नेट प्रॉफिट दिया हुआ था और ऑपरेटिंग प्रॉफिट पूछा गया। यहां पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट संजय भाई साहब का
ऑपरेटिंग प्रॉफिट दे रखा है और आपसे पूछा गया है नेट प्रॉफिट। अभी 1 मिनट पहले अपन लोगों ने डिस्कस किया कि ऑपरेटिंग से नेट
प्रॉफिट पे कैसे पहुंचना है। यह रहा। तो यहां पर इसी इक्वेशन के अंदर हम लोग वैल्यू्यूज पुट कर दें भाई साहब। तो नेट
प्रॉफिट निकालने के लिए हमको ऑपरेटिंग प्रॉफिट दे रखा है ₹17 लाख। उस ऑपरेटिंग प्रॉफिट के अंदर नॉन ऑपरेटिंग
इनकम्स को हम लोग प्लस करते हैं साथियों। और नॉन ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस को हम माइनस करते हैं। बस इतनी सी कैलकुलेशन इस
क्वेश्चन में हमको करनी पड़ी। तो इससे आपका नेट प्रॉफिट जो निकल के आ जाएगा
वह रहेगा आपका 14 लाख ₹000 और ₹150000 जैसे ही आपने नेट प्रॉफिट का अमाउंट निकाल
लिया उसको आपको ऑप्शंस में ढूंढना है जो कि ऑप्शन नंबर डी में दे रखा है तो क्वेश्चन नंबर 34 का आंसर तो हमने
चुटकियों में निकाल लिया क्योंकि क्वेश्चन नंबर 33 के अंदर हमने कुछ बेसिक्स पढ़ लिए जो 11th क्लास के थे। उन्हीं बेसिक्स को
दिमाग में रखते हुए हमारा आंसर यहां पर आ चुका है। और क्वेश्चन नंबर 34 का भी आंसर बहुत ही शॉर्ट तरीके से हमारे पास आ चुका
है। ठीक है? चलिए बात करते हैं क्वेश्चन नंबर 35 की। आपको अपनी स्क्रीन पर एक ट्रेडिंग अकाउंट की
टेबल नजर आ रही होगी। जैसा कि मैं आपको हर क्लास में बताता हूं। मैं मैक्सिमम ये कोशिश करता हूं क्लास के अंदर जितनी
वर्किंग कम हो सके उतनी मैं कोशिश करता हूं क्योंकि हम लोगों को ज्यादा से ज्यादा एमसीक्यूस जो है वो कवर करने की कोशिश
डेली की क्लास में करनी होती है और हम करते भी वैसा ही हैं। तो जो भी वर्किंग है वो मैं पहले से आप लोगों के लिए करके रखता
हूं ताकि आप लोग सीधा और सीधा डायरेक्टली एमसीक्यू का जो सॉल्यूशन है उसको समझ सकें बड़ी आसानी से। ठीक है?
चलिए ओके क्वेश्चन नंबर 35 क्वेश्चन नंबर 35 अगेन साथियों यहां पर एक प्रैक्टिकल नेचर
का क्वेश्चन हमको देखने को मिल रहा है। चलिए इसको देखते हैं क्या कह रहा है। गुड्स परचेस्ड ₹2 लाख परचेस का अमाउंट दे
रखा है, सेल्स दे रखा है, प्रॉफ़िट मार्जिन लास्ट में चेक कर लो इसने पूछा क्या है? आपको निकालना है द वैल्यू ऑफ
क्लोजिंग स्टॉक। अब क्लोजिंग स्टॉक साथियों ट्रेडिंग अकाउंट का पार्ट है। मैंने ट्रेडिंग
अकाउंट का टेबल में टेबल जो है वो ऑलरेडी रेडी कर दी। अब देखो अमाउंट क्या-क्या दे रखा है? एक तो हमको दे रखा है परचेजेस का
अमाउंट ₹2 लाख। फिर आपको दे रखा है सेल्स का अमाउंट यहां पर ₹1,10,000। फिर आपको दे रखा है प्रॉफिट मार्जिन ऑन
सेल्स इज़ 25%। मतलब प्रॉफिट कितना है? सेल्स का 25% और आपसे क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू पूछी है। बहुत ही बेसिक क्वेश्चन।
जोज आइटम ट्रेडिंग अकाउंट में जिस साइड जाना चाहिए उसको लिख लो। जो जो डाटा अवेलेबल है उसको लिख लो। ऑटोमेटिकली आंसर
अपना निकलता चला जाएगा। सबसे पहले आपको परचेस का अमाउंट दे रखा है। साथियों परचेस ट्रेडिंग अकाउंट में किस साइड लिखते हैं
हम सब? डेबिट साइड लिखते हैं। ₹ लाख सेल्स का अमाउंट कहां लिखते हैं साथियों
हम लोग? ट्रेडिंग अकाउंट में क्रेडिट साइड लिखते हैं। प्रॉफिट यहां पर आता है साथियों। प्रॉफिट के लिए इसने बोला सेल्स
का 25% भाई साहब प्रॉफिट है। तो ₹1100 का 25% आप लोगों को निकालना है। तो ₹1100 का 25% आपका प्रॉफिट हो जाएगा जो कि होता
है ₹27,500। ठीक है? और आपसे पूछा है क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू कितनी होगी? क्लोजिंग स्टॉक
कहां आता है साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट में क्रेडिट साइड सबसे नीचे यहां पर। अब ये अमाउंट जो है साथियों आपको कैलकुलेट करना
है। अब बताओ इतने इससे इजी क्वेश्चन और क्या बन सकता है? आप मुझे खुद बता दो। क्या-क्या पेंडिंग है इसके अंदर? एक तो
ओपनिंग स्टॉक नहीं दे रखा है। मान लेते हैं ज़ीरो है। क्या समस्या है? डायरेक्ट एक्सपेंसेस नहीं दे रखे हैं। कोई बात नहीं
जीरो। तो भाई साहब हमारी जो डेबिट साइड है वो कंप्लीट है। उसकी टोटल कर लो और जो क्लोजिंग स्टॉक है वो बैलेंस के रूप में
हमारे सामने आ जाएगा। ठीक है? तो यहां पर आपकी डेबिट की टोटल कितनी हो गई? 227500 सेम टोटल आपने अपोजिट साइड लिख दी। अब
₹27,500 में से आपको क्या करना है? यह ₹11,000 माइनस करने हैं। तो आपका जो क्लोजिंग
स्टॉक का अमाउंट आ जाएगा बड़े प्यार से वह आ जाएगा ₹17500 और ₹17500
फटाफट से ऑप्शंस में ढूंढ के मुझे बता दो कौन से ऑप्शन में ₹17,500 अमाउंट दे रखा है। बिल्कुल सही कहा आप
लोगों ने। सर ऑप्शन नंबर सी जो है वही होगी क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू। बहुत बढ़िया।
एमडी ड्रस जी कह रहे हैं सर क्लास रोजाना लिए करिए। प्लीज एमडी ड्रस जी मैं माफी चाहता हूं। मैं कहीं और भी कुछ एक्टिविटीज
में इन्वॉल्व होता हूं। वहां भी मुझे अपना समय देना पड़ता है। बट हां मैं आपकी रिक्वेस्ट पे ये कोशिश करूंगा कि क्लास
हमारी डेली बेसिस पर चले। ठीक है? ऐसे मौज मस्ती करने के लिए ऐसा नहीं होता है कि क्लास नहीं हो पाए। मेरा इंगेजमेंट दूसरी
जगह भी रहते हैं। मेरी सर्विज दूसरी जगह भी रहती है। तो मुझे वहां भी समय देना पड़ता है। ठीक है? बट फिर भी मैं पूरी
कोशिश करूंगा कि डेली बेसिस पे जो है वो अपना सेशन यहां पर रहे। चलिए साथियों बहुत ही बेसिक और बहुत ही सिंपल क्वेश्चन
क्वेश्चन नंबर 35 जिसका आंसर हम लोग फाइंड आउट कर चुके हैं। ₹117500। चलिए
क्वेश्चन नंबर 36 आपके सामने। क्वेश्चन नंबर 36 ने क्या पूछा है? इफ सेल्स आर 20000
ठीक है? एंड रेट ऑफ ग्रॉस प्रॉफिट ऑन कॉस्ट ऑफ गुड्स इज 25%। साथियों इन शब्दों पे आपको गौर करना है कि इस क्वेश्चन में
आपको जो प्रॉफिट दे रखा है वो किस पे दे रखा है? कॉस्ट का 25%। पिछले क्वेश्चन में आपको क्या दे रखा था?
प्रॉफिट मार्जिन किस पे दे रखा था? सेल्स के अमाउंट पे। तो ये थोड़ी-थोड़ी छोटी-छोटी बारीकियां हैं। इनको आपको ध्यान
देना है। ठीक है? क्वेश्चन नंबर 36 में इसने बोला कि जो प्रॉफिट है वो कॉस्ट का 25% है। तो ये चीज आपको ध्यान रखनी है। अब
आपसे पूछा क्या है? देन द कॉस्ट ऑफ गुड्स विल बी कॉस्ट कैलकुलेट करनी है आपको। अब वापस से
मैंने आपको थोड़ी देर पहले क्या कहा? वर्क ऑन योर बेसिक्स। क्वेश्चंस भी जब सॉल्व करो बेसिक्स को दिमाग में लेकर आओ।
सिक्स्थ क्लास पे चलते हैं। सिक्स्थ क्लास में पढ़ाया था ना मैथ्स के मार साहब ने कि बच्चों कॉस्ट
में हम हमारा मार्जिन जोड़ते हैं तब जाके सेल वैल्यू आती है। ये हमारे मार साहब ने पढ़ाया था सिक्स्थ क्लास में। ठीक है? अब
देखो यहां पर हमको कॉस्ट नहीं दे रखी है। कोई बात नहीं। सिक्स्थ में मार साहब ने क्या पढ़ाया था? नहीं दे रखा हो मैथ्स में
कुछ तो x मान लो। ये लो कॉस्ट को मैंने क्या मान लिया? x मान लिया। प्लस प्रॉफिट के लिए क्वेश्चन ने क्या बोला कि
प्रॉफिट जो है भाई साहब वो कॉस्ट का 25% है। मतलब यहां पर x का 25% अपन को पुट करना है। x का 25% कितना आ जाएगा?25x
इज इक्वल टू सेल वैल्यू। अरे सेल वैल्यू तो क्वेश्चन के अंदर हमारे पास है। अब साथियों इस प्यारी सी नाटी सी जो इक्वेशन
है क्या इससे हम x नहीं निकाल सकते हैं? बिल्कुल निकल जाएगा। 100% निकल जाएगा। तो यहां पर ये कितना हो गया? 1.25x
= 20000 तो क्या x की वैल्यू नहीं निकल सकती? बिल्कुल निकल जाएगी। तो x कितना हो जाएगा साथियों? 2000 / 1.25
तो यहां पर x की वैल्यू जो हमारे सामने आ जाएगी वो आ जाएगी ₹16,000 और हमने x किसको माना था? कॉस्ट को
तो यहां पर कॉस्ट जो है वो 16,000 निकल कर आ चुकी है जो कि हमें दे रखा है ऑप्शन नंबर ए के रूप में।
वेरी गुड तारा प्रकाश जी। वेरी गुड सत्यजीत जी। आपकी जीत निश्चित है। ठीक है? बहुत ही इजी क्वेश्चन। बहुत ही
इजी तरीका, बहुत ही इजी क्लास, बहुत ही इजी टॉपिक, बहुत अच्छे एमसीक्यूस, बहुत अच्छा प्लेटफार्म, बहुत अच्छी किताब और कल
को लग गई आप सबकी गवर्नमेंट जॉब। चलिए नेक्स्ट क्वेश्चन पे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 37 भाई साहब हमसे क्या पूछना चाहते
हैं? इफ द कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल इज 8ाउ700
साथियों कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल इसका मतलब समझना बहुत जरूरी है।
कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल का मतलब बेचने के लिए हमारे पास
कितने का माल पड़ा
है? कितना माल पड़ा है भाई साहब? अपने पास। अब मेरे पास कितना माल पड़ा है? एक तो मेरे
पास वो माल है जो पिछले साल बच गया था। जिसको हम इस साल का ओपनिंग स्टॉक कहते हैं। लो जी लो जी यह सबसे पहले एक तो
इसमें आता है ओपनिंग स्टॉक। ठीक है? फिर मैंने इस साल और माल खरीदा। वो भी तो
बेचने के लिए खरीदा है। तो इसी में क्या हो जाएगा? इसी में
प्लस हो जाएगा। एक तो मेरे पास वो माल था जो पिछले साल बच गया और एक मैंने जो और माल खरीदा तो इन्हीं दोनों को जब हम प्लस
करते हैं तो हमारे सामने क्या निकल के आ जाता है? कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल। पर अभी के लिए इस क्वेश्चन के अंदर हमको
इन दोनों का अमाउंट दे रखा है ₹80,700। ठीक है? अब आगे बढ़ते हैं। क्वेश्चन ने मांगा क्या है हमसे? ओपनिंग स्टॉक इज़ 5800
ओके एंड क्लोजिंग स्टॉक इज़ 6000 ओके देन द अमाउंट ऑफ परचेजेस विल बी कि आपने ड्यूरिंग द ईयर कितने का माल खरीदा? अरे
ओए होए होए होए देखो देखो देखो भैया कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल हमको दे रखा है 80700
ये किस-किस को मिलके बनता है ओपनिंग स्टॉक और परचेस हमारे पास क्वेश्चन में ओपनिंग स्टॉक है भाई साहब तो ओपनिंग स्टॉक अगर
5800 है क्या हम परचेस नहीं निकाल सकते जब ओपनिंग स्टॉक और परचेस को मिलाकर
अमाउंट है ₹80,700 दो अमाउंट को ऐड करके ₹80,700 आता है और उन दोनों में से एक अमाउंट हमारे पास है
तो दूसरा नहीं निकल पाएगा क्या? अरे सर ये तो बहुत इजी हो गया। कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल टोटल है सर 80700।
इसमें से अगर ओपनिंग स्टॉक हटा दें तो हमें डेफिनेटली पता चल जाएगा कि हमने माल कितने का और खरीदा था बेचने के लिए। तो
80700 में से जब 5800 आप घटाएंगे तो आपको पता चल जाएगा कि आपने इस साल जो है 74900 की खरीददारी की थी।
इस क्वेश्चन में तो हमको ट्रेडिंग अकाउंट का भी इस्तेमाल नहीं करना पड़ा साथियों। 74,900
हमारे पास परचेजेस का अमाउंट आ चुका है और 74,900 ऑप्शन नंबर बी में हमको यहां पर क्लियर
तौर पर दिखता हुआ। तो क्वेश्चन नंबर 37 का आंसर बहुत ही सिंपल तरह से हम लोगों ने यहां पर फाइंड आउट कर लिया। ऑप्शन नंबर बी
के रूप में। चलिए क्वेश्चन नंबर 38 अगेन एक प्रैक्टिकल क्वेश्चन है। काफी सारा डाटा यहां पर दे
रखा है और मैंने ऑलरेडी आप लोगों के लिए ट्रेडिंग अकाउंट का डब्बा रेडी कर लिया है। एक बार चेक कर लो आपसे पूछा क्या है?
लास्ट में दे रखा है आपको निकालनी है द वैल्यू ऑफ ओपनिंग स्टॉक। ओ हो हो ट्रेडिंग अकाउंट में लेफ्ट साइड सबसे ऊपर जो आइटम
आता है उसकी वैल्यू निकालनी है। कोई दिक्कत नहीं है। निकाल लेंगे। जो जो डाटा दे रखा है उसको पुट करते चलो। आंसर के पास
पहुंचते चलो। फर्स्ट ड्यूरिंग द ईयर एंडेड 31 मार्च 2025 ऑल सेल्स वर मेड एट अ ग्रॉस प्रॉफिट
मार्जिन ऑफ़ 10%। भाई साहब आपका जो प्रॉफिट मार्जिन है वह 10% है। ओके सेल्स वर 25 लाख। फटाफट से साथियों सेल्स ट्रेडिंग
अकाउंट में राइट साइड आता है। ये लीजिए सेल्स का अमाउंट हम लोगों ने लिख दिया। प्रॉफिट मार्जिन के लिए इसने बोला कि
प्रॉफिट मार्जिन है 10% तो 25 लाख का अगर आप माल बेचते हो 10% मुनाफा कमाते हो तो ₹2 लाख का 10% आपका प्रॉफिट ₹25,000 कहां
आता है साथियों ट्रेडिंग अकाउंट में सबसे लास्ट में डेबिट साइड ₹25,000 का चलिए प्रॉफिट भी
लिख चुके हैं। फिर हमें दे रखा है परचेजेस ₹22 लाख। साथियों परचेजेस किधर आता है ट्रेडिंग अकाउंट में? सर डेबिट साइड आता
है लिखिए ₹22 लाख। फिर हमें देखा है क्लोजिंग स्टॉक। साथियों क्लोजिंग स्टॉक ट्रेडिंग अकाउंट में सर
राइट साइड आता है लिखिए ₹5 लाख। अब आपसे मांगा है ओपनिंग स्टॉक की वैल्यू। कोई समस्या नहीं है सर। 11th क्लास का तरीका
यूज़ करते हैं। राइट साइड हमारी कंप्लीट है। राइट साइड की टोटल कर लेते हैं सर। राइट साइड की टोटल हो रही है ₹ लाख सर।
सेम टोटल को सर अपोजिट साइड यहां पर हम लोगों ने लिख दिया सर। तो यहां पर चेक करिए।
चेक करिए फटाफट से। प्रॉफिट जो है साथियों यहां पर 25 लाख का 2500 है। एक जीरो मैंने कम लगाया। ये एक
जीरो और लगा देना आप यहां पे। है ना? एक लड्डू कम रह गया। तो यहां पर ₹ लाख में से ये ढाई लाख और ये
22 लाख जब आप लेस करेंगे तो आपके पास बड़े प्यार से ओपनिंग स्टॉक की जो वैल्यू है वो आ जाएगी ₹500
जो कि हमको दे रखी है ऑप्शन नंबर सी में। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया सत्यजीत जी बिल्कुल वो एक लड्डू जो कम रह
गया था वो लड्डू हमने देख लिया और वो लड्डू लगा दिया है और लड्डू लगाने के बाद हम लोग हमारे आंसर पर पहुंच चुके हैं।
चलिए बहुत बढ़िया। चलते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन पे। क्वेश्चन नंबर 39 भाई साहब क्या कह रहे हैं?
एक्स हु इज अ सोल ट्रेडर। उन्होंने कमाए ₹22,860 इनका प्रॉफिट है। ड्यूरिंग द ईयर एंडेड 31
मार्च 2025 ड्यूरिंग दिस ईयर उन भाई साहब की ड्रॉइंग्स आपको दे रखी है यहां पर ₹16,890
द बैलेंस इन ह कैपिटल अकाउंट ऑन फर्स्ट अप्रैल। साथियों फर्स्ट अप्रैल की कैपिटल आपको यहां पर दे
रखी है जिसको हम कौन सी कैपिटल कहते हैं? सर साल की शुरुआत की जो कैपिटल होती है उसको हम ओपनिंग कैपिटल कहते हैं। और
ओपनिंग कैपिटल आपको यहां पर दे रखी है 68920। ओके? तो तीन अमाउंट हमको यहां पर मिल गए।
एक तो प्रॉफिट का अमाउंट दे रखा है। एक ड्रॉइ्स का अमाउंट दे रखा है। और एक हमको ओपनिंग कैपिटल का अमाउंट दे रखा है। अब
आपसे पूछा क्या है? द बैलेंस इन द कैपिटल अकाउंट ऑफ x ऑन 31 मार्च 2025 साथियों आपसे 31 मार्च की कैपिटल मांगी है जिसको
हम बड़े प्यार से कौन सी कैपिटल कहते हैं साल के एंड की कैपिटल क्लोजिंग कैपिटल और क्लोजिंग कैपिटल पे पहुंचने के लिए
बहुत सिंपल तरीका हम लोग इस्तेमाल करते हैं साथियों ओपनिंग कैपिटल हमको ऑलरेडी क्वेश्चन के अंदर दे रखी है अगर कोई पर्सन
अगर अगर ओनर अपने बिजनेस में से ड्रॉइंग्स करता है साथियों तो उसका कैपिटल पर क्या इफेक्ट पड़ता है सर? ओपनिंग कैपिटल में से
ड्रॉइंग्स को जो है वो लेस किया जाता है। क्योंकि ड्रॉइंग्स की वजह से कैपिटल रिड्यूस हो जाती है। और जो प्रॉफिट उसने
कमाया है भाई साहब प्रॉफिट बिजनेस में ही कैपिटल के रूप में रीइन्वेस्ट हो जाता है। तो प्रॉफिट की वजह से तो कैपिटल बढ़ती है
साथियों। तो यही दो अमाउंट हमको क्वेश्चन में दे रखे हैं। इनको ऐड और लेस जब हम लोग करेंगे तो हम किस पे पहुंच जाएंगे?
जिस पे हमको जाना है। और हमको जाना किस पे है साथियों? क्लोजिंग कैपिटल पे जाना है। तो फटाफट से वैल्यूज़ पुट करते चलो। ओपनिंग
कैपिटल आपको क्वेश्चन में दे रखी है कितनी? 68,920।
फिर आपको इसमें से ड्रॉइंग्स माइनस करनी है। ड्र्स आपको दे रखी है ₹16,890। यह आपको माइनस करना है और प्रॉफिट का
अमाउंट आपको दे रखा है ₹22,860 जिसको आपको प्लस करना है साथियों। तो बड़ी आसानी से हम लोग पहुंच जाएंगे
क्लोजिंग कैपिटल के अमाउंट पर और क्लोजिंग कैपिटल का अमाउंट जो यहां पर निकल के आएगा वो आएगा ₹74890
जो कि साफ तौर पर दिख रहा है ऑप्शन नंबर सी के रूप में। तो क्वेश्चन नंबर 39 का बिल्कुल सही आंसर
आप लोगों ने दिया है ऑप्शन नंबर सी। चलिए नेक्स्ट क्वेश्चन पे चलते हैं। यहां पर हम लोग क्वेश्चन नंबर 40। क्वेश्चन नंबर 4 0
40 चेक करिए फटाफट। क्वेश्चन नंबर 40 चेक करिए। थ्योरी क्वेश्चन।
इफ एडजस्टेड परचेजेस अपीयर इन द डेबिट कॉलम ऑफ द ट्रायल बैलेंस। साथियों एडजस्टेड परचेजेस
एडजस्टेड परचेजेस का मीनिंग आपको अपने दिमाग में बिल्कुल क्लियर रखना पड़ेगा। अगर क्वेश्चन में एडजस्टेड परचेस दे रखा
है तो उसका मतलब आपको पता होना चाहिए। एडजस्टेड परचेस अगर क्वेश्चन में दे रखा है। इसका मतलब ये है कि एडजस्टेड परचेसेस
का जो अमाउंट है उसमें तीन चीजें
तीन आइटम्स ऑलरेडी एडजस्टेड है।
कौन से तीन आइटम्स भाई साहब? एक तो बड़ा प्यार से ओपनिंग स्टॉक, दूसरा परचेस
और तीसरा क्लोजिंग स्टॉक। अगर आपको क्वेश्चन में एडजस्टेड परचेस दिख जाए इसका मतलब हमें यह समझना है कि ऑलरेडी
ओपनिंग स्टॉक का एडजस्टमेंट, परचेजेस का एडजस्टमेंट और क्लोजिंग स्टॉक का जो एडजस्टमेंट है वो उस अमाउंट में हो चुका
है। वो फाइनल अमाउंट है साथियों। अब यहां पर देखिए क्वेश्चन ने क्या बोला कि अगर आपको ट्रायल बैलेंस के अंदर एडजस्टेड
परचेजेस गिवन है तो उस केस में ट्रायल बैलेंस में क्या-क्या गिवन होगा और क्या-क्या गिवन नहीं होगा। तो साथियों
ध्यान रखिएगा भाई एडजस्टेड परचेस एक ऐसा अमाउंट है जिस अमाउंट के अंदर ओपनिंग स्टॉक ऑलरेडी एडजस्ट हो चुका है। तो
ओपनिंग स्टॉक जब ऑलरेडी एडजस्ट हो चुका है तो ओपनिंग स्टॉक जो है वो ट्रायल बैलेंस में नहीं दिखेगा।
दूसरा परचेस की जगह हमें एडजस्टेड परचेस दे रखा है। तो अकेला परचेजेस आपको ट्रायल बैलेंस में नहीं दिखेगा।
और तीसरा अमाउंट क्लोजिंग स्टॉक जो कि एक बहुत इंपॉर्टेंट अमाउंट है। साथियों नॉर्मल केसेस में क्लोजिंग स्टॉक हमें
कहां देखने को मिलता है? ट्रायल बैलेंस के बाहर देखने को मिलता है। ट्रायल बैलेंस के बाहर देखने को क्यों
मिलता है? क्योंकि क्लोजिंग स्टॉक का एडजस्टमेंट बाकी होता है। अब जब क्वेश्चन में एडजस्टेड परचेस का अमाउंट आपको दिख
जाए इसका मतलब क्या है? कि क्लोजिंग स्टॉक का एडजस्टमेंट जो है वो एक जगह हो चुका है। पर एडजस्टमेंट एक जगह होना काफी है
क्या? क्लोजिंग स्टॉक का दूसरा एडजस्टमेंट भी बाकी है। तो यहां पर क्लोजिंग स्टॉक जो है वो इस केस में ट्रायल बैलेंस में
चला जाएगा। इन जनरल केस तो ये ट्रायल बैलेंस के बाहर एडिशनल इनेशन एडजस्टमेंट्स में गिवन होता है। पर अगर एडजस्टेड
परचेसेस दे रखा है तो क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस के बाहर नहीं बल्कि आपको ट्रायल बैलेंस के अंदर देखने को मिल
जाएगा। तो ध्यान रखिएगा जब एडजस्टेड परचेस क्वेश्चन में दे रखा है। एडजस्टेड परचेस ट्रायल बैलेंस में अगर दे रखा होगा तो
एडजस्टेड परचेजेस होगा एक तो ट्रायल बैलेंस के अंदर दूसरा आपको देखने को मिलेगा क्लोजिंग स्टॉक। अब ऑप्शंस
क्या-क्या है हमारे सामने? एक बार जरा उन पे गौर मारिए। चेक करिए।
क्या पहला ऑप्शन सही हो सकता है क्या? बोथ ओपनिंग एंड क्लोजिंग स्टॉक विल अपीयर इन द ट्रायल बैलेंस। बिल्कुल भी नहीं।
ओपनिंग शो नहीं होगा। सिर्फ क्लोजिंग स्टॉक ट्रायल बैलेंस में शो होगा। ऑप्शन नंबर बी ओपनिंग स्टॉक विल अपीयर इन ट्रायल
बैलेंस। बिल्कुल गलत। ऑप्शन सी क्या कह रहा है? क्लोजिंग स्टॉक विल अपीयर इन द ट्रायल बैलेंस नॉट द ओपनिंग स्टॉक। तो
यहां पर क्वेश्चन नंबर 40 का सही आंसर हमें क्या देखने को मिला साथियों? दैट क्लोजिंग स्टॉक जो है वो
ट्रायल बैलेंस के अंदर चला जाएगा इस एडजस्टमेंट की वजह से। और वो एक जगह कहां शो होगा? बैलेंस शीट में एसेट साइड ओपनिंग
स्टॉक ट्रायल बैलेंस में शो नहीं होगा। तो क्वेश्चन नंबर 40 का ध्यान रखिए साथियों एडजस्टेड परचेस जब आपको क्वेश्चन में दे
रखा हो तो मैंने जो एक्सप्लेनेशन आपको अभी प्रोवाइड किया है उसको आपको अपने दिमाग में रखना है और आंसर फाइंड आउट करना। चलिए
क्वेश्चन नंबर 41 क्या कहना चाह रहा है हमसे? अब वापस से प्रैक्टिकल क्वेश्चन आ चुका है
हमारे सामने। ठीक है? और आपसे देखो इसके अंदर पूछ लिया है इसने ऑपरेटिंग प्रॉफिट निकाल के बताइए।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट फटाफट से मुझे कमेंट सेक्शन के अंदर आंसर दो। फटाफट से फास्ट। हां जी हां मैं क्लास के बाद फ़ करता हूं
आपको। हां जी फटाफट। देखिए क्या-क्या डाटा हमको दे रखा है क्वेश्चन में यहां पर। सबसे पहले आपको दे रखा है सेल्स ₹1 लाख।
सेल्स किसका पार्ट है साथियों? ट्रेडिंग अकाउंट का। फटाफट से उसको ट्रेडिंग अकाउंट में अपनी जगह पहुंचा दीजिए। यह लीजिए
पहुंचा दिया। फिर आपको दे रखा है कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल। कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल। साथियों अभी मैंने आपको
थोड़ी देर पहले बताया था। इसका मतलब है हमारे पास पुराना साल का जो स्टॉक है प्लस हमने जो और माल खरीदा है
इन दोनों को मिलाकर बनता है हमारा कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल और उनको कहीं ना कहीं लाने के लिए कुछ डायरेक्ट एक्सपेंसेस
अगर किए हैं उन गुड्स को लाने के लिए तो वो भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं। तो यहां पर यह जो कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल
फॉर सेल है इसको फटाफट अपनी जगह पहुंचा देते हैं। ट्रेडिंग अकाउंट में किस साइड आता है साथियों? डेबिट साइड आता है। लिख
दिया अपन लोगों ने। चलो आगे बढ़ो। नेक्स्ट आपको क्लोजिंग स्टॉक यहां पर दे रखा है। क्लोजिंग स्टॉक। ये लीजिए
क्लोजिंग स्टॉक अपनी जगह पर पहुंचा दिया गया ₹10,000। फिर आपको दे रखा है यहां पर ऑपरेटिंग
एक्सपेंसेस। ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस आपको यहां पर कितने दे रखे हैं? ₹5,000 साथियों ऑपरेटिंग
एक्सपेंसेस को कहां डाल दूं मैं? सर पीएंडएल अकाउंट में डाल दीजिए आप तो डेबिट में। ये लीजिए ₹5,000 आपके ऑपरेटिंग
एक्सपेंसेस हो गए। फिर आपको दे रखा है यहां पर कैरज इनवर्ड। साथियों कैरज इनवर्ड जो है वो ऑलरेडी आपका इंक्लूड हो चुका है।
कॉस्ट ऑफ गुड्स अवेलेबल फॉर सेल के अंदर। तो इसको आपको यहां पर अलग से वापस लिखने की जरूरत नहीं है। फिर आपको यहां पर दे
रखा है कैरज आउटवर्ड। यह कैरज आउटवर्ड आप लोगों का साथियों ऑलरेडी शामिल है किसके अंदर? ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस के अंदर।
तो इसको भी आपको वापस से लिखने की कोई जरूरत नहीं है। अब आपसे पूछा है साथियों ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अमाउंट कितना होगा?
चलिए सबसे पहले ट्रेडिंग अकाउंट को कंप्लीट करते हैं। और ट्रेडिंग अकाउंट को जब आप कंप्लीट करेंगे तो जो ग्रॉस प्रॉफिट
आप लोगों का निकल के आएगा वो आएगा ₹00। यह जो ₹00 का ग्रॉस प्रॉफिट है साथियों इसको आप बड़े प्यार से ट्रांसफर करते हैं
पीएंडएल अकाउंट में। राइट साइड यह लीजिए ₹00 यहां पर ट्रांसफर कर दिए गए हैं। और यह ₹00 यहां पर ट्रांसफर हो गए। लेफ्ट
साइड हमारे पास एक 5000 का खर्चा है साथियों जो कि ऑपरेटिंग खर्चा है और ऑपरेटिंग खर्चा जब उस प्रॉफिट में से
माइनस कर देंगे तो साथियों हम हमारे ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर पहुंच जाएंगे जो कि ₹00 - 5000 अगर आप करेंगे तो यहां पर आपका
जो ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अमाउंट आ जाएगा वो आएगा ₹5000 कितना आएगा साथियों ₹25,000 फटाफट से
क्वेश्चन के अंदर चेक करके बताइए 25,000 हमारे पास कौन से ऑप्शन में दे रखा है? तो साथियों क्वेश्चन नंबर 41 के अंदर आपका
ऑपरेटिंग प्रॉफिट का जो अमाउंट आएगा वो आएगा ₹5,000। नेक्स्ट क्वेश्चन चेक करिए फास्ट।
क्वेश्चन नंबर 42 चेक करिए फास्ट। क्वेश्चन नंबर 42 साथियों क्वेश्चन नंबर 42 में आपको दे रखा है
ओपनिंग स्टॉक ₹1 लाख फिर आपको दे रखा है सेल्स का अमाउंट ₹5 लाख फिर हमें यहां पर दे रखा है ग्रॉस प्रॉफिट इज़ 25%
ऑन कॉस्ट एंड परचेजेस का अमाउंट दे रखा है ₹6 लाख और आपसे पूछा है क्लोजिंग स्टॉक स्टॉक कितना होगा? साथियों, ये सभी आइटम्स
ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर हमको बड़े प्यार से नजर आते हैं। तो यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर जो आइटम जिस साइड आना
चाहिए उसको वहां पर पुट किया जाना चाहिए। ओपनिंग स्टॉक को अपनी जगह पहुंचा दीजिए। ये लीजिए पहुंचा दिया। सेल्स को अपनी जगह
पहुंचाइए। ये लीजिए पहुंचा दिया। फिर ग्रॉस प्रॉफिट के लिए इसने बोल दिया। ग्रॉस प्रॉफिट जो है वो कॉस्ट का 25% है
और कॉस्ट जो है साथियों वो क्वेश्चन के अंदर नहीं दे रखी है। कोई समस्या नहीं है। सिक्स्थ क्लास में चले जाइए और सोचिए गणित
वाले मार साहब ने क्या बताया था दैट कॉस्ट प्लस प्रॉफिट इज इक्वल टू सेल्स। सेल्स का अमाउंट तो है ना अपने पास? बिल्कुल है।
सेल्स का अमाउंट तो हमारे पास 5 लाख बिल्कुल है। कॉस्ट नहीं दे रखी है तो कॉस्ट को x मान लेते हैं। प्रॉफिट के लिए
बोला है कि प्रॉफिट कॉस्ट का 25% है। x का 25% कितना होगा साथियों? 0.25x तो यहां पर 1.25x
बराबर हो जाएगा ₹5 लाख। तो साथियों बड़े प्यार से क्या हम लोग x की वैल्यू निकाल सकते हैं? बिल्कुल निकल जाएगी 5 लाख अप
1.25 तो x की वैल्यू आ जाएगी साथियों यहां पर 4 लाख और x हमने माना था कॉस्ट को। तो
साथियों जब सेल का अमाउंट 5 लाख है। कॉस्ट ₹4 लाख है तो प्रॉफिट कितना हुआ? प्रॉफिट हो गया यहां पर ₹1 लाख।
मजा आ गया। प्रॉफिट का अमाउंट भी मिल गया। प्रॉफिट का अमाउंट ट्रेडिंग अकाउंट में अपनी जगह पर भी पहुंच चुका है। उसके बाद
हमको साथियों परचेजेस का अमाउंट दे रखा है। ये लीजिए परचेजेस का अमाउंट भी अपनी जगह पहुंच गया और आपको निकालना है
क्लोजिंग स्टॉक जिसकी जगह आपको अपनी स्क्रीन पर रेड कलर के सर्कल के अंदर दिख चुकी है। और अगर ये अमाउंट हमें निकालना
है। बहुत सिंपल तरीका। बैलेंसिंग फिगर निकाल लीजिए साथियों। लेफ्ट साइड कंप्लीट है जिसकी टोटल है 8 लाख। सेम अमाउंट
अपोजिट में लिखते हैं हम। और 8 लाख में से जब इस 5 लाख को हम माइनस कर देंगे तो हमारे पास क्लोजिंग स्टॉक की वैल्यू आ
जाएगी साथियों ₹ लाख और ₹ लाख आप लोगों को ऑप्शन नंबर सी के रूप में यहां पर देखने को मिल चुका है। वेरी गुड वेरी गुड।
चलिए क्वेश्चन नंबर 43 अगेन ट्रेडिंग अकाउंट के कुछ आइटम्स हमको यहां पर नजर आ रहे हैं और
यहां पर क्वेश्चन नंबर 43 में आपसे पूछा गया है ग्रॉस प्रॉफिट कितना होगा? ट्रेडिंग अकाउंट के रेस्पेक्टिव आइटम्स को
उनकी रेस्पेक्टिव प्लेस पर पुट करिए और ग्रॉस प्रॉफिट का अमाउंट आसानी से निकल कर आ जाएगा। चलिए सबसे पहले आपको यहां पर दे
रखा है एडजस्टेड परचेजेस का अमाउंट। एडजस्टेड परचेस साथियों मैंने अभी थोड़ी ही देर पहले एक्सप्लेन किया। जब एडजस्टेड
परचेस हमको ट्रायल बैलेंस में दिख जाए तो ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर ट्रेडिंग अकाउंट के अंदर ओपनिंग स्टॉक नहीं आएगा। परचेजेस
नहीं आएगा और क्लोजिंग स्टॉक नहीं आएगा। ध्यान रखिएगा। एडजस्टेड परचेस हमको दे रखा है यहां पर। फिर आपको दे रखा है सेल्स का
अमाउंट। सेल्स को अपनी जगह पहुंचाइए। 744000। ओके।
हां जी। फिर आपको दे रखा है क्लोजिंग स्टॉक 50,400। अब आप लोग मुझे बताइए क्या यहां पर जो क्लोजिंग स्टॉक है वो आना
लाजमी है क्या? क्लोजिंग स्टॉक जो है क्या आएगा यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट में एडजस्टेड परचेस का अमाउंट दे रखा है यहां
पर तो क्लोजिंग स्टॉक जो है वो ट्रायल बैलेंस में आएगा पर ट्रेडिंग अकाउंट में नहीं
आएगा वो सीधा कहां जाएगा बैलेंस शीट के अंदर स्टॉक को इग्नोर नमः फिर आपको दे रखा है ट्रेड एंड कैरज इनवर्ड साथियों यह एक
डायरेक्ट एक्सपेंस है आपका इसको अपनी जगह पहुंचा दीजिए ₹3600 ₹100 फिर आपको दे रखा है साथियों वेजेस
₹2400 वेजेस को भी अपनी जगह पहुंचा दीजिए। फिर आपको दे रखा है कैरज आउटवर्ड। साथियों कैरज आउटवर्ड एक इनडायरेक्ट नेचर का
एक्सपेंस है। यह किस में जाता है? आपका प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के अंदर। अब आपको निकालना है ग्रॉस प्रॉफिट का अमाउंट। जो
कि हम किसकी मदद से निकाल सकते हैं साथियों? वही सिंपल सा टोटल वाला तरीका यहां पर यूज़ करना है।
तो यहां पर टोटल करने के बाद राइट साइड की टोटल नीचे लिख चुके हैं हम। सेम टोटल को अपोजिट साइड कॉपी कर देंगे और इसमें से यह
तीनों अमाउंट जब हम लेस कर देंगे तो हम पहुंच जाएंगे हमारे ग्रॉस प्रॉफिट पे जो कि होगा 7400
के रूप में ऑप्शंस चेक करते हैं ऑप्शन के अंदर ऑप्शन नंबर बी के अंदर ये अमाउंट हमें दे रखा है। तो साथियों क्वेश्चन नंबर
43 जो है क्वेश्चन नंबर 43 का जो आंसर होगा यहां पर वो होगा 7400 चलिए एक आखिरी क्वेश्चन पर चलते हैं हम
लोग क्वेश्चन नंबर 44 क्वेश्चन नंबर 44 साथियों क्या पूछा है इसने आपसे द अमाउंट टू बी डेबिटेड टू मशीन
अकाउंट विल बी मतलब कुल मिला के आपको मशीन की ओवरऑल कॉस्ट यहां पर कैलकुलेट करके बतानी है। अब चेक करते हैं क्या-क्या हमको
यहां पर डाटा दे रखा है। अ सेकंड हैंड मशीन वाज़ परचेस्ड फॉर ₹50,000 साथियों सेकंड हैंड मशीन खरीदी है। ऑब्वियस सी बात
है जब सेकंड हैंड मशीन खरीदी है तो उससे रिलेटेड कुछ खर्चे भी हुए होंगे। तो मैंने आपको पिछले कुछ सेशंस में गोल्डन रूल
बताया था। वो गोल्डन रूल आपके दिमाग में बिल्कुल होगा कि एक एसेट जब भी खरीदी जाती है वो एसेट जब तक रेडी टू यूज़ की कंडीशन
में नहीं पहुंच जाती तब तक के सारे खर्चे उस एसेट की कॉस्ट के अंदर इंक्लूड किए जाते हैं। अब यहां पर देखो आपने एक सेकंड
हैंड मशीन खरीदी है जिसकी कॉस्ट तो 2.5 लाख है। पर जब तक वह रेडी टू यूज़ की कंडीशन में नहीं पहुंच जाएगी ना तब तक के
सारे खर्चे उस मशीन की कॉस्ट के अंदर ऐड किए जाएंगे। देखते हैं क्या-क्या ऐड होगा। देखो उसकी परचेस प्राइस तो ₹5 लाख है। ठीक
है? आगे क्या कह रहा है क्वेश्चन? खरीदने के लिए आपको ब्रोकर को कमीशन देना पड़ा। कितना देना है? 1%
₹500 का जो 1% ₹500 यह कमीशन भी आपको मशीन की कॉस्ट में ऐड
करना पड़ेगा। रेडी टू यूज़ की कंडीशन में नहीं पहुंच जाती तब तक के सारे खर्चे जोड़ जोड़ते रहो। इन एडिशन ₹5000 का फ्रेट लगा
भैया। ये लो 5000 का फ्रेट लग गया। फिर ₹7500 रिपेयरिंग करवानी पड़ी। ले भाई ₹7500 तू
भी आजा। फिर 10,000 का आपका इंस्टॉलेशन का खर्चा लगा। लीजिए
इंस्टॉल कर दी। फिर ₹12,500 ट्रायल रन क्या आपके लगे? ये ₹15,000 भी इसमें ऐड कर दिए। अब ट्रायल
रन कंप्लीट होने के बाद मशीन पहुंच जाती है साथियों। किस कंडीशन में? रेडी टू यूज़ की कंडीशन में।
अब मशीन ने काम करना शुरू कर दिया। काम करना शुरू कर दिया। उसके बाद अगर कोई खर्चा हुआ है तो वो रेवेन्यू एक्सपेंस की
कैटेगरी में चला जाएगा। वो मशीन की कॉस्ट में शामिल नहीं होगा। जैसे इस क्वेश्चन में आप देखिए बाद में एक रिपेयरिंग का
खर्चा और हुआ है। फाइनल रिपेयर एक्सपेंसेस। पर ये फाइनल रिपेयर एक्सपेंसेस कब लगे? मशीन काम करना शुरू कर
गई उसके बाद लगे। तो यह मशीन की कॉस्ट का पार्ट नहीं बनेगा। साथियों ध्यान रखना ये एक बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन आप लोगों के
सामने आया। ये जो अमाउंट नीचे लिखे हैं इन सबको आपको मशीन की कॉस्ट में इंक्लूड करना है। इन सबको जब आप प्लस करेंगे तो ये जो
अमाउंट आएगा वो आएगा आपका 287500। तो यहां पर ऑप्शन के अंदर 287500 दे रखा है ऑप्शन नंबर सी के रूप में। तो
मशीन की जो कॉस्ट होगी साथियों यहां पर वो होगी 287500। बिल्कुल सही जवाब दिया आप लोगों ने ऑप्शन
नंबर सी। तो यहां पर साथियों हम लोगों ने
सब्सिडरी बुक्स, जिन्हें स्पेशल जर्नल भी कहा जाता है, बड़े व्यवसायों में जर्नल बुक को छह अलग-अलग भागों में विभाजित करके बनाई जाती हैं। इनका उद्देश्य लेन-देनों को उनकी प्रकृति (जैसे नकद, उधार खरीद) के आधार पर अलग-अलग रजिस्टरों में दर्ज करना है, जिससे रिकॉर्ड रखना आसान हो जाता है।
जर्नल प्रॉपर एक विशेष बुक है जिसे 'डस्टबिन' भी कहा जाता है। इसमें वे सभी लेन-देन दर्ज किए जाते हैं जो कैश बुक, परचेजेस बुक, सेल्स बुक, परचेजेस रिटर्न बुक और सेल्स रिटर्न बुक में नहीं आते, जैसे ओपनिंग एंट्री, क्लोजिंग एंट्री, रेक्टिफिकेशन एंट्री, और एडजस्टमेंट एंट्री।
कैश बुक को सब्सिडरी बुक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह लेन-देन को रिकॉर्ड करने का मूल स्थान है (बुक ऑफ ओरिजिनल एंट्री)। साथ ही, इसे प्रिंसिपल बुक (लेज़र) भी माना जाता है क्योंकि कैश बुक में कैश और बैंक खातों के बैलेंस सीधे तैयार हो जाते हैं, जिससे लेज़र में अलग से कैश और बैंक खाता बनाने की आवश्यकता नहीं रहती।
कॉन्ट्रा एंट्री वह एंट्री है जो कैश और बैंक दोनों के बैलेंस को प्रभावित करती है, जैसे बैंक में नकद जमा करना या बैंक से नकद निकालना। कैश बुक में इसे L.F. कॉलम में 'C' लिखकर दर्शाया जाता है और इनकी लेज़र में पोस्टिंग नहीं की जाती है।
पेटी कैश बुक का उपयोग छोटे-मोटे नकद खर्चों जैसे चाय, स्टेशनरी या ऑटो किराया को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। इसका मुख्य लाभ यह है कि इससे मुख्य कैशियर का समय बचता है और छोटे खर्चों को अलग से प्रबंधित करना आसान हो जाता है।
कैश बुक में डेबिट बैलेंस का मतलब है कि व्यवसाय के पास नकद या बैंक में धन है, जो एक एसेट है। वहीं, क्रेडिट बैलेंस का अर्थ है कि व्यवसाय ने बैंक से उधार लिया है (ओवरड्राफ्ट), जो एक लायबिलिटी है।
कॉन्ट्रा एंट्री के लिए जरूरी है कि वह कैश और बैंक दोनों के बैलेंस को प्रभावित करे। जब मालिक बैंक से व्यक्तिगत उपयोग के लिए पैसे निकालता है, तो केवल बैंक बैलेंस घटता है, जबकि कैश बैलेंस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए यह कॉन्ट्रा एंट्री नहीं है।
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