मुख्य खनिजों का विस्तृत विश्लेषण
यह वीडियो मुख्य रूप से साल भर के करंट अफेयर्स, क्रिटिकल मिनरल्स पर चर्चा और MMDR एक्ट में हुए बदलावों पर केंद्रित है। यह मार्च और अप्रैल 2025 के प्लेसेस इन न्यूज़: यूपीएससी प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी का पूरक अध्ययन सामग्री है, जो भू-राजनीति और खनिज संसाधनों को जोड़ता है।
प्रमुख खनिज और उनके स्रोत:
- पोटाश: भारत में राजस्थान में सबसे अधिक भंडार; हाल ही में पंजाब में तीन नए भंडार खोजे गए।
- टंगस्टन: यह एक महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल है; भारत में कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश में पाया जाता है।
- तांबा (कॉपर): विश्व में चिली सबसे बड़ा भंडार; भारत में राजस्थान में सबसे अधिक भंडार और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक उत्पादन।
- लिथियम: विश्व में चिली के पास सबसे बड़ा भंडार; भारत में जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक आदि में संभावना; भारत लगभग 100% आयात पर निर्भर।
- कोयला: भारत में उड़ीसा में सबसे अधिक भंडार और उत्पादन; विश्व में अमेरिका के पास सबसे बड़ा भंडार और चीन सबसे बड़ा उत्पादक।
- सोना: भारत में बिहार में सबसे अधिक भंडार और कर्नाटक में सबसे अधिक उत्पादन।
महत्वपूर्ण अवधारणाएं:
- फ्यूल मिनरल्स: कोयला और पेट्रोलियम। जनगणना 2011 और नवीनतम करंट अफेयर्स का विस्तृत सारांश में ऊर्जा संसाधनों के वितरण पर अतिरिक्त डेटा उपलब्ध है।
- कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स: संघर्ष क्षेत्रों से प्राप्त खनिज जो सशस्त्र समूहों को फंड करते हैं (जैसे डीआरसी कांगो)।
- ऑफशोर एरियाज मिनरल: महाद्वीपीय शेल्फ या समुद्र तल से प्राप्त खनिज (जैसे पॉलीमेटलिक सल्फाइड्स)।
MMDR (Mines and Minerals Development and Regulation) एक्ट 1957 में 2025 का संशोधन
यह एक्ट भारत में खनन क्षेत्र को नियंत्रित करता है। इन विधायी परिवर्तनों को समझने के लिए, 2025 करंट अफेयर और स्टैटिक GK सेशन: महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर में प्रीलिम्स-उन्मुख प्रश्नों का अभ्यास करना लाभदायक होगा।
मुख्य बदलाव:
- डीप सीटेड मिनरल्स: गहराई में स्थित खनिजों के लिए माइनिंग लीज़ और कंपोजिट लाइसेंस में विस्तार की अनुमति।
- कैप्टिव माइन्स: अब कैप्टिव माइन से प्राप्त सरप्लस खनिजों को पूरी तरह बेचा जा सकता है (पहले 50% की सीमा थी)।
- एक्सप्लोरेशन लाइसेंस: महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को बढ़ावा देने के लिए नई लाइसेंस श्रेणी।
- नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET): नाम बदलकर 'राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट' किया गया; रॉयल्टी का योगदान 2% से बढ़ाकर 3% किया गया।
- मिनरल एक्सचेंज: खनिजों के व्यापार के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म बनाने का प्रावधान।
महत्वपूर्ण पहल और नीतियां
- प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY): जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के कल्याण के लिए।
- शक्ति पॉलिसी (SHAKTI): कोयला आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए, जिसमें नियामक और बाजार-आधारित दो विंडो बनाए गए।
- क्रिटिकल मिनरल मिशन: आयात निर्भरता कम करने के लिए देशांतर्गत उत्पादन और अन्वेषण को बढ़ावा देना। इस मिशन को वैश्विक संदर्भ में समझने के लिए, 2025 के इंटरनेशनल रिलेशंस के न्यूज़हाल 25 महत्वपूर्ण सवाल में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का जिक्र है।
- रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) स्कीम: 7,280 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट।
- रेयर अर्थ कॉरिडोर: तटीय राज्यों (उड़ीसा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु) में विकसित किए जा रहे हैं।
- FORGE (Forum on Resources and Geo-strategic Engagement) Initiative: क्रिटिकल मिनरल्स के लिए एक बहुपक्षीय फ्रेमवर्क।
राज्यवार खनिज उत्पादन
उड़ीसा: कोयला, लौह अयस्क, क्रोमाइट, बॉक्साइट और एल्युमिनियम में प्रथम। राजस्थान: तांबा, जस्ता, सीसा, चांदी, लाइमस्टोन, पोटाश, संगमरमर, एस्बेस्टॉस। छत्तीसगढ़: कोयला, लौह अयस्क, टिन। कर्नाटक: सोना (उत्पादन), मैग्नेटाइट (उच्च श्रेणी का लौह अयस्क)। मध्य प्रदेश: तांबा (उत्पादन), हीरा, मैंगनीज, डोलोमाइट। आंध्र प्रदेश: यूरेनियम, हीरा, बॉक्साइट (रिजर्व), माइका (रिजर्व), इल्मेनाइट, रूटाइल। झारखंड: कोयला, लौह अयस्क, यूरेनियम, कोबाल्ट।
यहाँ वर्णित अधिकांश खनिजों का उपयोग उच्च तकनीक वाली वस्तुओं में होता है। इस तरह के खनिजों के व्यावसायिक अनुप्रयोगों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की गहन समझ के लिए, EBAY क्रैश कोर्स: ड्रॉपशिपिंग, हंटिंग, लिस्टिंग और अकाउंट सेटअप की पूरी गाइड उपयोगी साबित हो सकती है, विशेषकर उन इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के संदर्भ में जिनमें ये खनिज लगते हैं।
हेलो एवरीवन। गुड इवनिंग टू ऑल ऑफ यू। मेरी आवाज आ रही है सबको?
[नाक से की जाने वाली आवाज़] ठीक है। एक बार जरा बता देते हैं आवाज क्लियर है मेरी। हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो
हेलो हेलो एवरीवन। हेलो एवरीवन। ठीक है। आई थिंक अब क्लियर हो गई होगी आवाज। वह शुरू में कुछ देर तो अटक गया
होगा मैं जो भी पता नहीं। नाउ इट इज क्लियर। हेलो हेलो हेलो हेलो ठीक है। तो आज की क्लास अपने आप में बड़ी
महत्वपूर्ण क्लास है। ये मिनरल्स का वीडियो इसलिए इंपॉर्टेंट हो जाता है दो-तीन कारणों से। एक तो जब हम
कोई भी एग्जाम दे रहे होते हैं ना थ्रू आउट द ईयर। अभी यूपीएससी से लगा के बहुत सारे स्टेट वन डे एग्जाम्स देने होते हैं
हमें। तो ये मिनरल का डेटा कहीं कंपाइल नहीं मिलता और फिर ऑथेंटिसिटी का बड़ा इशू रहता है। अगर तुम डायरेक्ट नॉर्मली
इंटरनेट पे सर्च करो तो उठा के कहीं से भी किसी चीज का भी मिनरल कम ज्यादा ये चीजें हो जाती हैं। तो हम लोगों को इस वीडियो के
माध्यम से साल भर में जो भी करंट में मिनरल्स थे उनकी डिटेलिंग तो हमें मिल ही जाएगी।
जो लास्ट ईयर बड़ा एक बहुत बड़ा मुद्दा दो-ती सालों से चला आ रहा है क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर उस पर चर्चा करेंगे। जो
एमएमडीआर एक्ट है मिनरल्स माइन से रिलेटेड जो एक्ट बना है अधिनियम उसमें लास्ट ईयर काफी बड़े बदलाव करे गए। क्या थे वो
चेंजेस उनको भी हम लोग देखेंगे। वर्ल्ड में और इंडिया में रिजर्व प्रोडक्शन मिनरल्स के वो भी हम लोग देखेंगे।
जबरदस्ती कंफ्यूजन ना हो इधर-उधर का। तो आपको मैं बिल्कुल क्लियर कर देता हूं कि इस वीडियो का जो मेरा मेन सोर्स है वो रखा
है मैंने जो हर साल ही रखता हूं। नो डाउट एंड दैट इज इंडियन मिनरल्स ईयर बुक। यह इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के द्वारा इशू की
जाती है। और यह 19 जनवरी को सबसे मोस्ट रीसेंट। हालांकि यह 2000 क्योंकि मिनरल में आप ऐसा मत समझना कि एक दिन का ही
प्रोडक्शन तुरंत डाटा आ जाएगा। बहुत समय लग जाता है पूरा कंपाइलेशन वगैरह में। तो 2024 की ईयर बुक आई है और ये 19 जनवरी
2026 को जो है इन्होंने इशू करी थी इंडियन ब्यूरो ऑफ़ माइंस नागपुर। इससे मैंने आपको डाटा दिया है। तो कोई मिनरल को लेके डाउट
हो आपको बाद में कि यार मैंने तो यह पढ़ा था, वो पढ़ा था। जो कि अगर ऐसा लगे तो आप इस वाली ईयर बुक को एक बार रेफर कर
लीजिएगा और फिर अगर कोई मिनरल पर्टिकुलरली भारत सरकार किसी चीज को स्पेशली मेंशन कर दे पीआईबी के माध्यम से जैसे पिछले वीडियो
में राइस को याद रखना कि जो चावल था उसमें वर्ल्ड में अब जो है भारत को आगे रख लिया है हमने इंडिया का प्रोडक्शन राइस में आगे
आ गया है। चाइना को सरप्रास्त कर दिया है हमने। तो जब ऐसी सरकारी वेबसाइट से हमें कुछ मतलब कंफर्मेशन मिल जाए तो अपने को
अपडेट कर लेना है। इतना आपको थोड़ा सा फ्लेक्सिबल रहना होगा। ठीक है? तो यह सोर्स है ईयर बुक 2014 2026 को ये आई थी
सॉरी 24 2024 वाला और 2026 को मतलब अभी जनवरी में इन्होंने इशू करी थी। उसी का ये मेरा जो है सब कुछ इससे मैंने जो है
कंटेंट आपके लिए कंपाइल करा हुआ है। इसके पहले अगर आपने एग्रीकल्चर प्लेसेस इन न्यूज़ नहीं देखा है बेटा देख लेना। ये
फाइनल वीडियो की सीरीज है। आज इसका तीसरा वीडियो है। इसके बाद ज्योग्राफी करंट अफेयर्स आएगा हमारा अगले गुरुवार शुक्रवार
में। तो वो भी जो है आपको ठीक है? तो इस चीज को जो है थोड़ा सा ध्यान रखना। अब आगे बढ़ेंगे हम लोग। एक रिक्वेस्ट है अभी आप
आधा मिनट का सब लोग समय लें। चाहे आप रिकॉर्डिंग देख रहे हैं। जस्ट मेरे वीडियो के डिस्क्रिप्शन में जाके ये टेस्ट जो
होने वाला है यूसीएससी टेस्ट। इसको प्लीज आप एनरोल करें। ठीक है? यह 11 अप्रैल को सुबह टेस्ट हो रहा है और यह एक स्कॉलरशिप
टेस्ट है। नए बच्चे, पुराने बच्चे जरूर इस टेस्ट को दें। इतना इंटरेस्टिंग टेस्ट होने वाला है। इसमें जो विनर्स होंगे चलो
नॉलेज तो अपनी जगह मिलना ही मिलना है। बट विनर्स भी अलग-अलग स्टेजेस से जब इसमें आप पहुंचोगे तो आपके लिए 40 करोड़ तक की
स्कॉलरशिप है। 8 लाख तक का जो है कैश रिवॉर्ड्स वगैरह मिल रहा है। सो प्लीज इसे एनरोल करें। डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा।
याद रखना इसको एनरोल करना है। बाकी तो आप अनअकडमी पर सब्सक्रिप्शन लेकर जो है अपनी प्रिपरेशन को नेक्स्ट लेवल पर ले जा
सकते हैं। सबसे पहले आपको जो मैं पीडीएफ दूंगा उसमें एक स्लाइड मिलेगी। अभी भले ही फोकस मत करना। स्लाइड में आपको सबसे पहले
जो बेसिक इंफॉर्मेशन है वो मिल जाएगी। बेसिक इंफॉर्मेशन से मतलब है कि क्या होता है? कई बार मिनरल्स के प्रकार पूछ लेते
हैं वो लोग कि भाई ईंधन खनिज कौन से हैं? फ्यूल मिनरल्स कौन से हैं? तो कोयला ठीक है? और जो कोयले से संबंधित जो होता है वो
एक फ्यूल मिनरल है। फ्यूल क्यों कह रहे हैं हम? इसको हम फ्यूल की तरह यूज कर सकते हैं। जैसे लोहा इस्पात उद्योग है आयरन
इंडस्ट्री। लोहे को पिघलाने के लिए आग चाहिए, एनर्जी चाहिए, ऊष्मा चाहिए, हीट चाहिए। अब आग कहां से लाओगे? हीट कहां से
लाओगे? कोयला डाल दिया। कोयला एज अ फ्यूल। तो एक फ्यूल मिनरल्स को भी आप कंसीडर कर सकते हो। पेट्रोलियम नेचुरल गैस के नाम
पे। तो चलो ठीक है समझ में आ जाएगा। मैटेलिक मिनरल धात्विक धातु धात्विक खनिज यह है बॉक्साइट क्रोमाइड कॉपर गोल्ड आयरन
लेड जिंक मैंगनीज टिन ये सब ठीक है कभी-कभी ना ऐसे छोटे-छोटे बेसिक्स में भी घबरा जाते हैं हम अगर चार ऑप्शंस दे दें
तो तो इसको ध्यान रखना नॉन मैटेलिक में डायमंड एस्बेस्टोस वगैरह जो इकाइया सेलेमनाइट ठीक है ये सारे कुछ जो हैं एंड
अच्छी बात ये है कि इनकी सबकी डिटेलिंग हम आगे पढ़ेंगे बट ये पहली स्लाइड आपको ये मिल जाएगी पीडीएफ में पीडीएफ बस बस सर्च
करना है आपको Telegram पे सुदर्शन गुर्जर अनअकडमी वहां मैं शाम तक कल शाम तक जो है प्रोवाइड कर दूंगा। शुरू करते हैं लिथियम
को थोड़ी देर से पढ़ेंगे। स्टार्ट करेंगे सबसे पहला मिनरल पोटैश की डिस्कवरी लास्ट ईयर न्यूज़ में रही थी। खूब जबरदस्ती
अननेसेसरी नहीं पढ़ना है। काम की चीजें लिखनी है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के द्वारा ध्यान से समझना। जीएसआई के द्वारा
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के द्वारा तीन बड़े-बड़े पोटाश रिजर्व पोटाश के भंडार पोटाश का यूज़ पता है क्या कहां होता है?
पोटाश के रिजर्व हमको दिखाई दिए। ठीक है? तो स्पेशली अगर हम बात करें तो अब ये थोड़ा सा ध्यान रखना कि ये इंडिया
में भी अगर पूछे तो पंजाब में बात हो रही है। है ना? ये जो लोकेशनेशंस है पंजाब की है। ये हम पहले भी पढ़ चुके हैं। बट एक बार
क्विकली आप लगे तो आप याद रख सकते हो। एग्जाम में ऐसा भी पूछ सकता है एक दो प्लेसेस रिसेंटली सीन इन न्यूज़ किस मिनरल
के लिए? सो कबरवाल रीजन और शेरेवाला रीजन रामसरा रीजन थोड़े बहुत प्रोनंसिएशन ऊपर नीचे हो सकते हैं। बट ये थोड़ा सा याद रखना
कि ये पंजाब सरकार के द्वारा जो है इन्होंने पोटाश माइनिंग को लेकर एक्सप्लोरेशन को लेकर न्यूज़ में था। लेकिन
हो सकता है ये कॉन्टेक्स्ट न्यूज़ में जो था वो आए ना। है ना? ये भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के द्वारा जो है
तीन खनन ब्लॉक के बारे में बात हुई। ठीक है? आ क्या जाए? आ ये जाए कि भारत में पोटाश
कहां मिलता है? तो याद रखना सबसे ज्यादा भारत में पोटाश मिलता है राजस्थान में भैया रिजर्व के नाम पे। भारत में सबसे
ज्यादा हमें राजस्थान में मध्य प्रदेश फिर उत्तर प्रदेश। मैं नहीं चाहूंगा कि तुम सब लिखो बट एक या दो तो कम से कम आप लिखो।
अच्छा आज हमने बहुत बढ़िया इनिशिएटिव लिया है आपके लिए। पता है क्या? अपन आखिरी में देखेंगे उसको। इनिशिएटिव एक अच्छा
इनिशिएटिव ये है कि जब आप थोड़ी देर के बाद 10-15 मिनरल पढ़ते हो ना तो कंफ्यूजन हो जाता है। तो अपन ने एक बढ़िया नए मैप
बनाए आज इस बार क्या बनाएं? उसमें एक स्टेट ले लिया उड़ीसा और उड़ीसा कौन-कौन से मिनरल में सबसे फर्स्ट आता है कि भैया
ये मिल रहा है। क्रोमाइट मिल रहा है, ये मिल रहा है, ये मिल रहा है। तो वो सब उड़ीसा में ही कितने मिनरल सबसे रैंक वन
में वो एक ही पेज में मिल जाएंगे। तो उसको देखोगे तो तुम्हारा दिमाग ऐसे राजस्थान का बना दिया है। ऐसे कर्नाटक का
बना दिया है। ऐसे ही वर्ल्ड के बनाने की कोशिश करी कि ऑस्ट्रेलिया, चाइना, यूएस, कनाडा ताकि आपकी दिक्कत खत्म हो जाए।
लेकिन वो कब काम आएगा? जब तुम थोड़ा सा पूरा पढ़ लोगे तो कनेक्टिंग पैटर्न तुम्हारे लिए डेवलप हो जाएगा वो। है ना?
ग्लोबली कनाडा में आपको मिलेगा पोटाश। एटलीस्ट एक वाला याद भी रख लोगे तो काम आपका हो जाना है। ठीक है जी।
पोटाश को ले थोड़ा बहुत आपसे आगे का भी पूछ सकता है। भाई हमें मालूम है हम खाद बनाते हैं। फर्टिलाइजर में जो है
एग्रीकल्चर में बहुत यूज़ होता है। वाटर प्यूरिफिकेशन में पोटाश एलम जैसा तो पानी को साफ रखने के लिए करने के लिए भी इसका
इस्तेमाल किया जा सकता है। तो आजकल एप्लीकेशन बेस्ड क्वेश्चन भी आते हैं कि भाई पोटाश का कहीं यूज़ होता है क्या? तो
एग्रीकल्चर लिख लो। एग्रीकल्चर के साथ वाटर प्यूरिफिकेशन लिख लो और साथ ही साथ जो है इसमें हम लोग एक्स्ट्रा जो आपको
करना हो तो इंडस्ट्रियल यूज़ भी लिख सकते हो आप। ठीक है? सो अच्छे से याद रखना बेटा पोटाश कहां मिलेगा?
तो पोटाश मिलेगा राजस्थान में। भारत में एक्सप्लोर करने की बात आए तो भैया अभी हम इंपोर्ट डिपेंडेंट हैं। अभी
सिर्फ भंडार है निकालने की तो कहानी बड़ी दिक्कत हो जाती है। इसीलिए तो चाइना वगैरह से जब ले रहे होते हैं तो फिर खाद के रेट
ऊपर नीचे हो जाते हैं। तो यह देखो ना लगभग लगभग 90% पोटाश जो यूज़ होता है फर्टिलाइजर में वह मान के चलो कि एग्रीकल्चर में बहुत
बड़ा इसका योगदान है। तो यहां तक यह बाकी आपको क्विक रिवीजन के
लिए मैंने सब कुछ जो है एक ही स्लाइड में लिख दिया है। तो बाद में आप स्लाइड मतलब पीडीएफ से देख लीजिएगा।
आगे बढ़े? ऐसे बहुत सारे मिनरल मिलेंगे जो भंडार हैं लेकिन एक्सप्लोर ही नहीं कर पा रहे हैं। तो यह चीजों के लिए थोड़ा सा और
अभी तो एक दो बार से मैं देख रहा हूं इंपोर्ट डिपेंडेंट क्वेश्चन भी आ जाते हैं। नेक्स्ट वन इज टंगस्टन। टंगस्टन को
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने जो है एक तरह से लाइसेंस उन्हें मिला है कि आप एक्सप्लोर करो, माइनिंग करो आंध्र प्रदेश
के क्षेत्र में टंगस्टन की। तो टंगस्टन एक क्रिटिकल मिनरल को जो है अंतर्गत रखा गया है। एंड व्हाट इज क्रिटिकल मिनरल? टंगस्टन
क्रिटिकल मिनरल। क्रिटिकल मिनरल मतलब अभी आगे बहुत डिटेल में पढ़ेंगे। लेकिन इतना समझ लो ऐसे खनिज जो आज की इंडस्ट्री में
बहुत यूज़ होने वाले हैं। आज की नई इंडस्ट्रीज में, सोलर एनर्जी में, ईवीज में, है ना? लेटेस्ट टेक्नोलॉजीस में,
एरोस्पेस में। लेकिन ऐसे मिनरल जो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी में यूज हो रहे हैं पर हमारे देश में या
किसी देश में वह उतनी मात्रा में नहीं पाए जाते तो वो हो गए क्रिटिकल मतलब जिसकी डिमांड बहुत हो लेकिन सप्लाई रिस्क हो
जिसमें वो क्रिटिकल हो गया तो इस बात से याद रखना जैसे अभी तक के जो मिनरल्स होते थे कैसे
होते थे कि कोयला हो गया लोहा हो गया ये चलो ठीक है लेकिन जब डिमांड बहुत हो और सप्लाई नहीं हो तो वो मिनरल ऑटोमेटिकली
क्रिटिकल हो तो 30 के आसपास ऐसे मिनरल्स हैं। तो टंगस्टन एक क्रिटिकल मिनरल है। अच्छे से याद रखना। ठीक है? और उसके बाद
में जो है ये कई बार दूसरे अलग-अलग मतलब आप अगर देखोगे तो ये स्टेटमेंट प्रीलिम्स का बन सकता है कि टंगस्टन जो है प्योर
मेटल जो मिलता है हमें वो एक तरह से उसका जो स्वभाव है उसका नेचर देखोगे तो प्योर फॉर्म में नहीं मिलता। वो किसी और
के साथ कंबाइन होकर मिल रहा होता है। तो यह एक पूछ सकता है कि जो वोफ्रेमाइट है और शिशील है करके जो है शिलाइट करके जो है
उनके साथ मिलता है। तो आप लोग जब नोट्स बनाएं तो अच्छे से लिख लेना बेटा कि टंगस्टन ऐसे नोट्स बनाना है। बहुत
छोटे-छोटे टंगस्टन क्रिटिकल मिनरल है। ठीक है? किन दोनों के साथ मिलता है ये? तो वोफ्रेमाइट और सेलाइट के साथ यह देखने को
मिलता है। मेल्टिंग पॉइंट बहुत ज्यादा है इसका। ठीक है? बहुत मजबूत है यह। तो इसके अपने-अपने जो है इस्तेमाल होते हैं।
इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी विद्युत चालक जो चालकता भी इसकी बहुत ही अच्छी है। तो व्फरामाइट और शिलाइट के साथ मिलेगा ये और
टंगस्टन प्रकृति के शुद्ध रूप में नहीं पाया जाता इसलिए किसी के साथ पाया जाता है।
अब फिर अगला सवाल वही आएगा कि यार यह जो है कहां पर मिलेगा? तो वो बल-ब तो तुम बचपन से पढ़ते आ रहे हो। जब से तुम
शक्तिमान देखते आ रहे हो मुझे पता है तो ग्लोबल टंगस्टन रिजर्व नो डाउट चाइना में हमें मिलता है चाइना में हमको देखने को
मिलता है चाइना में टंगस्टन भारत के तुम्हारा इंतजार होगा तो टंगस्टन जो है वो कर्नाटक राजस्थान आंध्र प्रदेश तो इसमें
एक्सप्लोर करने की बात हो रही थी और वर्ल्ड में ये ठीक है भाई यह वाला वीडियो शांति शांति से
खानावाना खा लो। भाई जो लगे साथ में लाइव निपटा लेना। यह बाद में संभलेगा नहीं। बहुत डेटा बेस है बट काम का भी है। पिछले
तीन-चार सालों में बहुत इन्होंने मिनरल्स के क्वेश्चन शुरू कर दिए। तो थोड़ी हिम्मत लगा लेना। वैसे भी मैं हफ्ते में एक ही
दिन परेशान कर रहा हूं तुम लोगों को आजकल। डाटा ही इतना इकट्ठा हो जाता है कि इसको कंपाइल करने में इतना टाइम जा रहा है। तो
यह टंगस्टन की कहानी हमने अभी जो है एक वन स्लाइडर बना लिया है आपके लिए कि भैया स्ट्रांग होता है। इलेक्ट्रिकल
कंडक्टिविटी अच्छी है। अलग-अलग जगहों पे इसका इस्तेमाल होता है। एक्सरे ट्यूब्स वगैरह में प्योर मेटल नहीं है। ये इसके
साथ शी लाइट और वॉलफामाइट वगैरह के साथ मिलता है। भारत चाइना मतलब आगे है इसमें और भारत में अगर हम देखेंगे तो कर्नाटक
राजस्थान जो है वो आगे रहेगा। ठीक है जी। आगे बढ़ते हैं। कॉपर चिली अर्जेंटीना में चिली तो अपने को पता
है वैसे भी। चिली चिली में आपको पता है ना कॉपर के लिए चुकी कामाटा चुकी कामाटा जगह जो है चुकी माटा कॉपर के
लिए काफी ज्यादा फेमस है तो जो फिलोल सोल प्रोजेक्ट फिलोडोल सोल प्रोजेक्ट पिलोडोल सोल प्रोजेक्ट कई बार यह भले ही काम ना आए
लेकिन कॉपर का जरूर पूछ लेगा तो जो है वहां पर काफी बड़ी जो है मात्रा में कॉपर डेवलप मतलब कॉपर मिला है हमें तो कॉपर के
साथ वो पूछ सकता है कि चिली में सबसे ज्यादा रिजर्व है चिली का यह चुकी का माटा अच्छे से याद रखना यह वैसे हम वर्ल्ड मैप
में हम लोग कवर कर लेते हैं चुकी का माटा में तो कॉपर ये मिलेगा प्रोडक्शन दोनों में तो ऐसा कर लो ना सी फॉर कॉपर सी फॉर
चिली ठीक है और उसके बाद में अलग-अलग जैसे फॉर्म अगर आप देखोगे ता तांबे का खनिज रूप
क्या-क्या हो सकता है सो चेकोपाइराइट चैलकोसाइट ठीक है? बोनाइट और मेलाकाइट।
यह कभी-कभी प्रीलिम्स में पूछे जा सकते हैं कि यह किसके फॉर्म है? इनका संबंध किससे है?
किसका फॉर्म है? इनका संबंध किससे है? तो भैया किससे है? हां।
अच्छा कोई कहीं में परेशान है। कोई बच्चे नोट्स में लिख रहे हैं, याद कर रहे हैं। कोई कुछ मैं तेरे से वहां मिलूंगा। मैं
तेरे से यहां चैटें चल रही हैं। पढ़ाई बाद में कर लूंगा। पहले बातें कर लेता हूं मैं। हां।
चलो आगे बढ़ते हैं। अब तो कॉपर को लेकर जो है हालांकि भारत में भी जो है एक बड़ी इंटरेस्टिंग ये आप
मेंसवेंस में चाहो तो यूज़ कर सकते हो कि कॉपर विज़न डॉक्यूमेंट हमने कॉपर की जो डिमांड बढ़ती हुई दिखाई दे रही है 2047 तक
छह गुना लगभग। तो उसी चीज को पूरा करने के लिए यह जो है हम लोग इसका प्रोडक्शन पर बढ़ाएं और थोड़ा सा ध्यान दें कि कैसे भी
इंपोर्ट जो डिपेंडेंसी उसको हम लोग कम करें। तो कॉपर विज़न डॉक्यूमेंट का संबंधी उससे पर है पर ठीक है। अब इंडिया में जो
है अगर वो आपसे पूछ ले कि कॉपर की स्थिति तो आर फॉर रिजर्व आर फॉर राजस्थान जो खेतरी बेल्ट है ना खेतरी ठीक है। मध्य
प्रदेश में प्रोडक्शन आगे रखना है। अ आपने कई बार सुना होगा मलांजखंड मलांजखंड
है ना बालाघाट छिंदवाड़ा वाले क्षेत्र जो है तो एक अच्छी चीज और है कि प्रोडक्शन कॉपर का अब विज़न डॉक्यूमेंट से हमें समझ
में आ ही रहा है कि हम लोग जो है थोड़ा सा प्रोडक्शन इसका बढ़ाएंगे तो अच्छे से याद रखना कि इंक्रीज्ड बाय अबाउट 11%
तो ये राजस्थान का है बाकी वर्ल्ड रिजर्व हो चाहे ये हो दोनों दोनों जो है चिली ली हैं। अब देखो, चारप मिनरल पढ़ लिए चीजें
थोड़ी इकट्ठी होना शुरू हो जाएंगी अभी से। इसलिए मैंने एंड में बढ़िया से मैप बना दिए हैं तुम लोगों के लिए ताकि बस उन
मैप्स को ध्यान रखना। एक-एक स्टेट में जैसे राजस्थान में और कौन-कौन से मिनरल्स हैं जो आ गए हैं। एमपी में और कौन-कौन से
मिनरल्स जो आ गए हैं? तो उससे अपने को लो हो गए शुरू हिंदी मीडियम। ये चिली को भी हिंदी में लिख के दे दूं
तुमको मैं। और नहीं तो क्या कॉपर विजन डॉक्यूमेंट 47 तक तांबे की मांग
जो है बढ़ेगी। हमें उसको जो है उतना ही उसका प्रोडक्शन बढ़ाना है। जी सर ताकि हम आयत की निर्भरता जो है वो कम कर सकें।
ऊपर लिथियम छोड़ आए हैं हम लोग। लिथियम में भी अभी जरा आप सर्च करोगे ना तो अभी भी बोलीविया दिखाता है इंटरनेट। नई
रिपोर्ट के आधार पर अगर आप देखोगे तो लिथियम का जो भंडार है उसमें चिली भी आजकल थोड़ा सा आगे दिखाई दे रहा है। खैर लिथियम
मैं स्पेशली पढ़ाना चाहता हूं। वैसे भी तुम्हें बहुत पता है कि ये बैटरी बैटरी में बहुत यूज़ हो रहा है लिथियम हमको पता
है। लेकिन एक अच्छी चीज जो अपने को ध्यान रखनी है वो याद रखनी है कि इसको स्टोर हम लोग ऑयल में करते हैं। ठीक है? ऑइल में
स्टोर करते हैं ताकि रिएक्शन उतनी ज्यादा ना फैले। तो ऑयल में एक एक फैक्ट थोड़ा सा याद रख लो। ठीक है? या इनर्ट एटमॉस्फयर
में ताकि ऑक्सीडेशन ना हो सके। इनर्टर मतलब जहां पर केमिकल रिएक्शनंस थोड़ी कम हो। तो अच्छे से याद रखना। हमें मालूम है
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और वगैरह में यूज़ हो रहा है। लेकिन इसको स्टोर के नाम पे भी ऑयल वाला एक फैक्ट याद रखना। यूनिकनेस ऐसी
चीजें आती रहती हैं। दूसरी इंपॉर्टेंट बात ज्यादातर ये कहां मिलता है? जो सॉल्ट लेकक्स होते हैं। ब्राइन डिपॉजिट्स होते
हैं। है ना? नमक के जो क्षेत्र हैं, खारे पानी वाले जो क्षेत्र हैं, ब्राइन डिपॉजिट्स में हमें दिखाई देगा। या
पग्मेटाइट रक्स में जहां पर आपको इस तरह के जो है तत्व वहां पर देखने को मिले अगर चट्टानों में भी हम लोग देखेंगे
तो बट फिर भी ज्यादातर न्यूज़ में तुम्हें ब्राइन वगैरह जो है मतलब यह भी ऐसे फ्री में नहीं मिलता कि कहीं भी डायरेक्ट मिल
जाएगा। यह डायरेक्टली किसी के साथ मिल रहा है जो ब्राइन डिपॉजिट साल्ट लेकक्स जो होते हैं नमक लवणता वाले उनमें। यह थोड़ा
सा कुछ बच्चों कंफ्यूज हो सकता है क्योंकि अभी इंटरनेट पे आप जाओगे तो बोलीविया वगैरह आगे देखने को मिलता है। बट अभी
रिसेंट डाटा जो अभी पब्लिश हुआ था मिनरल गियर बुक में उसमें इन्होंने चिली को आगे रखा हुआ है। फिर ऑस्ट्रेलिया को रखा है।
फिर अर्जेंटीना को रखा है। बाय द वे हमको मालूम है कि अगर हम साउथ अमेरिका में जाएं तो हमें मालूम है ये चिली है। ये बोलीविया
है और ये अर्जेंटीना है। ए बी सी अर्जेंटीना बोलीविया चिली तीनों को मिलाकर कौन सा लिथियम लिथियम ट्रायंगल बनाते हैं
हम लोग। तो लिथियम ट्रायंगल मतलब यह साउथ अमेरिका में तीन वो देश जहां पर सबसे ज्यादा बड़ी मात्रा में लिथियम पाया जाता
है। लेकिन वैसे अगर रिजर्व में अभी आजकल चिली में काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है। ब्राइन में हमें ज्यादातर देखने को
मिलता है और ये बैटरी बैटरी में अच्छा प्रोडक्शन में आजकल ऑस्ट्रेलिया काफी एक्टिव हो गया है।
[हंसी] ऑस्ट्रेलिया, चिली और चाइना तो ये थोड़ा ध्यान रखेंगे हम। तो खारे पानी के भंडार
में हमें देखने को मिलेगा ये। ठीक है भैया? जो रखना है अपने को ध्यान
चलो बेटा टॉपिक बहुत ज्यादा है हमारे जबरदस्ती यहां वहां के दांत की खुरचन वाले सवाल अभी रहने दो है ना अभी अपने को
कंप्लीट करना ही कहीं का कहीं चला जाता है फिर भारत को लेके पूछ सकता है वो तो भारत में अक्सर जम्मू कश्मीर याद रखना है बेटा
जम्मू कश्मीर में रियासी ऐसी रीजन जहां पे ये खोजा गया कुछ लिथियम की मात्रा एक्सप्लोरेशन नहीं अभी तो मतलब जो है
एक्सप्लोरेशन मतलब एक्सट्रैक्ट करने की कहानी अलग है अभी तो ढूंढने वाली बात बस पता लगी हमें तो ये रियासी रीजन में
कर्नाटक के मांडिया क्षेत्र में राजस्थान छत्तीसगढ़ झारखंड में कुछ-कुछ जगहों पे हमें देखने को मिलता है अभी भी ये
स्टेटमेंट आ सकता है भारत लगभग इंपोर्ट करता है अपना 100% लिथियम कहां से करता है तो एक स्टेटमेंट ये है कि ऑस्ट्रेलिया
अर्जेंटीना और चिली से करेगा मैं बता रहा हूं हूं। यह यही के यही स्टेटमेंट दिख जाएंगे एग्जाम में और यही कंफ्यूजन करते
रहेंगे हमें। तो भारत में एक्सप्लोरेशन है। एक्सप्लोरेशन एरिया है। यहां पे देखा जा सकता है। मिल जाएगा। लेकिन उसको
निकालना अभी जैसे देखा हमने कि बहुत हाईली रिएक्टिव है। बहुत सारी प्रोसेसिंग लगती है। तो कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़,
झारखंड इंडिया जो है इंपोर्ट ऑलमोस्ट लगभग 100% लिथियम कर रहा है। और कहां से कर रहा है? तो ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, चिली से।
तीनों पॉइंट अच्छे से नोट डाउन कर लेना। तीनों पॉइंट अच्छे से नोट डाउन कर लेना। तीनों पॉइंट अच्छे से नोट डाउन कर लेना।
ठीक है। चलो आगे बढ़ते हैं। भारत में कहां-कहां पर है वह अपने को समझ में आ गया? तुम्हें लिथियम ट्रायंगल में बता
चुका हूं। अटकामा वगैरह सलदे यूननी यह सब हम मैपिंग में पढ़ चुके हैं। यूएसए के नाम पर प्लेसेस उनमें सेल्टन सी भी आता है।
स्पेशली फॉर द ये कैलिफोर्निया रीजन इसमें लिथियम के लिए तो कहीं एक्स्ट्रा फैक्ट लिखना चाहो तो लिख सकते हो आप लोग।
सेल्टॉन सी सेल्टॉन सी अगर वो पूछे सेल्टॉन सी पूछे
कैलिफोर्निया के रीजन में लिथियम वैली भी बोला जाता है इसे कई बार और बाकी ये कुछ जहरीले तथ्य हैं जो आप पढ़ सकते हो पीडीएफ
में कि बैटरी में यूज़ होता है। स्मार्टफोन इलेक्ट्रॉनिक्स में यूज़ हो रहा है। सोलर एनर्जी में यूज़ हो रहा है।
और ये सारी चीजें ठीक है। स्पीड ठीक है भैया जरा मुझे बता दो जो बच्चे पढ़ रहे हैं इस स्पीड से चल
जाएगा कोई प्रॉब्लम तो नहीं किसी को छी वेरी गुड आगे बढ़ेंगे हम लोग
तुम्हारे लिए वैसे तो लगे तो यह कर लेना भारत में मैंने बता दिया है कि जो है रियासी रीजन में हो जाएगा जम्मू कश्मीर
यूनाइटेड स्टेट शेल्टन वाला जो अपने को याद रख सकते हैं हां ऑस्ट्रेलिया में जो हम बोल रहे हैं वहां भी मिल जाएगा हमें
प्रोडक्ट वहां ग्रीन बुशेस करके एक माइन है ग्रीन बुश माइन जो है न्यूज़ में थी ऑस्ट्रेलिया को लेकर आप चाहो तो याद रख
सकते हो। चलो आगे बढ़ते हैं। पोटाश हो गया हमारा। टंगस्टन हो चुका है। टंगस्टन हो गया ना?
कॉपर भी हो गया है भारत में। माइन का नाम तो बता दो मुझे। चलो अब आते हैं सोप स्टोन।
ठीक है। सोप स्टोन में आते हैं। अब सबसे पहले तो वो एक आध स्टेटमेंट जो है अरे कुछ नहीं है। जैसे उत्तराखंड हाई
कोर्ट ने काफी चिंता जताई थी कि ये लोग जो है माइनिंग वगैरह कर रहे हैं सोप स्टोन की बहुत बड़ी मात्रा में बागेश्वर जो
डिस्ट्रिक्ट है वहां पे। तो सोपस्टोन सबसे पहले क्या है? तो यह एक कायांतरित चट्टान है। है ना? रूपांतरित चट्टान। ऐसी
चट्टानें जो टेंपरेचर प्रेशर के बाद डेवलप होती हैं। ऑलरेडी कोई भी रॉक्स है जैसे इग्नियस, आग्नेय चट्टान वगैरह जो
ज्योग्राफी में पढ़ते हैं तो एक मेटामॉर्फिक टाइप का रॉक है जिसमें आप यह कह सकते हो कि कई बार सिरामिक्स,
कॉस्मेटिक, पेपर, रबर इनमें इनका इस्तेमाल किया जाता है। उसके बाद में भारत में सोप स्टोन ज्यादातर राजस्थान और उत्तराखंड में
हमें देखने को मिलता है। तो, यह एक फैक्ट अपने लिए काम का हो सकता है जो आप लोग और यह दूसरा कि क्या है? ये किससे टैग से बना
होता है? टैक से। टैक जल्दी से नोट डाउन कर लो बेटा। [खांसने की आवाज़]
सबके लिए है। ज्योग्राफी का एनडीए और एनडीए सबके लिए। पढ़ लो मिनरल्स हैं। कॉपी पेस्ट करोगे ऐसे ही बैठे रहना।
सोप स्टोन के बाद में एक एक्स्ट्रा ज्ञान और अंडमान निकोबार वाला एरिया पता है ना अपने को अंडमान निकोबार कभी कोई
इंफॉर्मेशन पूछ ले फैक्ट पूछ ले तो याद रखना अंडमान निकोबार वाले रीजन में भी नेचुरल गैस अब पाई जाती है। वहां डिस्कवरी
की गई है। तो इस चीज को याद रखना। इंडिया का जो हाइड्रोकार्बन रिसोर्स असेसमेंट हुआ है उसमें अगर देखा जाए तो करीब-करीब बड़ी
मात्रा में 370 मिलियन मेट्रिक टन ऑफ ऑयल इक्विवेलेंट इन द अंडमान निकोबार बेसिन में खोजा गया है। मतलब ये थोड़ा सा ध्यान
रखना कि नेचुरल गैस ऑयल वगैरह अंडमान निकोबार में भी जो है पॉसिबिलिटीज हैं। बस एक अवेयरनेस कई बार क्या होता है कि हम
असम को याद रखते हैं। दिगबोई वगैरह के रीजन राजस्थान में याद रख लेते हैं बाड़मेर के क्षेत्र और इधर गुजरात में
अंकलेश्वर वगैरह हो गए है ना मुंबई हाई हो गया पन्ना मुक्ता रीजन हो गया बेसिन रीजन हो गया ये सब नॉर्मली पढ़ते टाइम जीएस
पढ़ते टाइम रख लेना लेकिन अंडमान निकोबार के क्षेत्रों में भी जो है नेचुरल गैस बेसिन वगैरह पाए गए हैं। यह चीज आप थोड़ा
सा प्लीज ध्यान रखना। जनरल अवेयरनेस के नाम पर मैं यह बताना चाहता हूं। ठीक है जी।
बाकी नेचुरल गैस पेट्रोलियम भारत में कहां मिलेगा? दुनिया में कहां मिलेगा? वह मैं सब लास्ट में बताऊंगा। चिंता ना करें।
नेक्स्ट वन है कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स। अगला लिखना है कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स क्या होते हैं?
कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स। कॉन्फ्लिक्ट शब्द का मतलब क्या होता है? संघर्ष।
लड़ाई हो गई। तो कॉन्फ्लिक्ट का मतलब यह होता है समझो। जैसे उदाहरण के तौर पर किसी जगह पर मिनरल्स मिल गए, खनिज मिले। उसको
आपने यूज करा एक्सट्रैक्ट किया यूज करा उससे कुछ कमाई हुई पैसा हो और उस पैसे को गलत जगह पर लगा दिया तुमने अच्छा जी तो
मिनरल्स माइंस इन कॉन्फ्लिक्ट ज़ों्स वेयर प्रॉफिट्स फंड आर्म्स ग्रुप्स एंड ह्यूमन राइट्स अब्यूजस मतलब सिंपल सी बात है कि
संघर्ष क्षेत्रों में खनन किए गए खनिज जहां पे कॉन्फ्लिक्ट चल रहा है वहीं से तुमने कर लिया और जिनसे होने वाला मुनाफा
सशस्त्र समूह और मानव अधिकारों के हनन को वित्त पोषित करता है। हनन के मतलब सिंपल सी बात है कि जहां ऑलरेडी कॉन्फ्लिक्ट चल
रहे हैं, जहां ऑलरेडी समस्याएं चल रही हैं, वहीं से तुमने मिनरल्स एक्सट्रैक्ट कर लिए और उसी को ही जो है सशस्त्र समूह
में और जो है कॉन्फ्लिक्ट रीजंस में आर्म्ड ग्रुप्स को फंड करने में वो पैसा लगा दिया। तो डीआरसी जो कंट्री है
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो वेनेजुएला ये ऐसी अनस्टेबल रीजंस हैं जहां पर अगर कुछ प्रॉफिट निकलता है तो फिर उसको
इधर-उधर जो है लोग लगा रहे होते हैं। तो ये एक्चुअल में न्यूज़ में था। ये भले ही ये कुछ ना आए बस कॉन्टेक्स्ट आ सकता है कि
कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स क्या होते हैं। एक तो ये वर्ड यूज़ कर सकता है वो। ठीक है? दूसरी चीज और एक्चुअल में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक
ऑफ कांगो देश ने एक मतलब एप्पल सब्सिडरी जो फ्रांस में कंपनी रही होगी उसके खिलाफ बात करी थी कि भैया ये जो है कॉन्फ्लिक्ट
मिनरल्स सोर्स कर रहे हैं निकाल रहे हैं सब सहारन अफ्रीका से कि जहां ऑलरेडी समस्याएं चल रही है वहीं से मिनरल्स वगैरह
एक्सप्लोर कर रहे हैं। तो उसको लेकर ये कॉन्फ्लिक्ट वर्ड न्यूज़ में था। ठीक है? अब जैसे गोल्ड वगैरह है। है ना? गोल्ड
वगैरह अगर किसी ऑलरेडी कॉन्फ्लिक्ट जगह चल रही है वहीं से आप एक्सप्लोर करोगे तो एक तो
गोल्ड का आपको पता है कि काफी ज्यादा वैल्यूुएबल मिनरल हो गया तो उस जगह पे ही वो पैसा लगना था या उस जगह पे ही वहां के
रीजंस के डेवलपमेंट के लिए लगना था लेकिन वो कहीं ना कहीं यहां वहां गलत तरीकों से यूज़ हो जाता है। तो उसको लेकर थी। यह सब
आगे रहेगा। इसको चिंता ना करो इसमें। बस मैं एक वर्ड तुम्हें सिखाना चाह रहा था कि कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स क्या होते हैं?
लेकिन इसमें जो कॉन्फ्लिक्ट मिनरल्स के नाम पर कुछ बड़े यूनिक मिनरल्स थे जैसे टिन तो टिन को लेकर पूछा जा सकता है। टिन
में भारत में प्रोडक्शन छत्तीसगढ़ में कर हो रहा है और इंडिया में अगर हम लोग रिजर्व देखें तो हरियाणा में हमें देखने
को मिलेगा टिन। अब ये यूनिक बात हो गई ना? हरियाणा में हमें टिन मिल रहा है। तो ऐसी चीजें
जरूर एग्जाम में तुम्हें चमकेंगी क्योंकि ज्यादातर आप छत्तीसगढ़, राजस्थान, उड़ीसा, झारखंड ये वो अभी जैसे सोप स्टोन में आपने
क्या पढ़ा था? याद आ रहा है किसी को? सोप स्टोन माइनिंग वाले में एक स्टेट यूनिक था।
बताओ बताओ। उत्तराखंड में बड़ा। वैसे ये ऐसे यूनिक पे थोड़ा सा फोकस करना है। वर्ल्ड में तो
चाइना ठीक है। इसको परेशान इसका एक लास्ट में एक ही मैप बना दिया। उसमें सभी आ जाएगा। चिंता मत करो। ठीक है?
उसके बाद में अगर हम लोग बात करें तो ये जो टेंथलम करके एक मिनरल और था इसमें टेंथलम टेंथलम बियरिंग मिनरल्स। स्टैंथम
तो उसमें भी आप चाइना को याद रख सकते हो और प्रोडक्शन में डीआरसी कर रहा था और इसी का ही एक्सप्लोर करके ये लोग कॉन्फ्लिक्ट
मिनरल की कैटेगरी में रख रहे थे। इसीलिए ये इधर देखोगे आप तो डीआरसी के द्वारा समस्याएं उठाई गई थी। तो ये जो टेंटलम
वाला जो मिनरल है वो डीआरसी में प्रोडक्शन तो मेरे हिसाब से अगर आना भी रहेगा ना संभावित क्वेश्चन अगर आ भी गया टेंटलम को
लेकर तो वर्ल्ड के नाम पर डीआरसी आप लोग जो है थोड़ा सा याद रखना। यह ज्यादा बलकी काम है। इससे ज्यादा तो
थोड़े से फैक्ट हैं। पता है मुझे आंखें मत निकालो बट पढ़ना तो पड़ेगा। टंगस्टन यह जरूर आ सकता है। तो अपने को याद रखना है।
इसमें तो अभी पढ़ लिया तुमने कर्नाटक, राजस्थान वगैरह वाला दुख दर्द। चाइना चाइना यह तो नोट डाउन कर लिया ना। टंगस्टन
तो कर लिया यार। एक तो क्या सुबह से ले बैठा हूं इन पीडीएफ को ना मैं तो
मेरे ही दिमाग में ऐसा लग रहा है कि दो-दो तीन-तीन बार हो गया क्या कॉपर पढ़ चुके हैं हम लोग हो गया टंगस्टन
चलो इसके बाद में कॉन्फ्लिक्ट मिनरल में ये टंगस्टन वगैरह एक गोल्ड भी पढ़ ही लो ना गोल्ड का पूछ लेता है वो रिजर्व में यह
बहुत काम का है ना बिहार राजस्थान कर्नाटक तो बिहार रिजर्व्स में बहुत आगे कोई डिस्ट्रिक्ट का नाम बता दो प्लेस का नाम
बता दो आपको बोल रहा हूं कमेंट में प्रोडक्शन में तो ठीक है कर्नाटक केजीएफ के नाम से तुम याद रख सकते हो कोलार गोल्ड
फील्ड हुट्टी कोलार हुट्टी कोलार बड़े फेमस जगह रही है हिस्टोरिकली हुट्टी रीजन तो बिहार में
तुरंत बच्चा अरे सर जी हमसे पूछिए आप जमुई रीजन बताएंगे जमुई रीजन कैन आई गेट दिस पीडीएफ इन हिंदी
पीडीएफ मांगा जा रहा है हिंदी का और वो भी इंग्लिश बोल के ये तो देखो अब फिर ऐसे तो कैसे होगा काम
सब यही है बेटा हिंदी इंग्लिश दोनों चल रहा है टेंशन ना लो ठीक है हो गया यहां तक क्लियर हो गया सबको
तो 10 में हमें हरियाणा याद रखना है ना अच्छे से टंगस्टन में कर्नाटक गोल्ड तो कम से कम
बिहार वगैरह याद रख सकते हो। ऐसे ही एसबेस्टोस का था। अभी हुआ यह कि शिक्षा मंत्रालय के द्वारा
केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय में एस्बेस्टोस के से कंस्ट्रक्शन को रोक दिया गया। एस्बेस्टोस
बेसिकली एक बड़ा फाइबरस मिनरल है। है ना? फाइबस फाइबर फाइबर सिलिकेट्स उसको यूज़ तो किया जाता है जैसे ऊपर के टिन
शेड्स वगैरह बनाने के लिए शेड्स वगैरह बनाने के लिए कंस्ट्रक्शन मटेरियल के लिए यूज़ करता है। फायर रेजिस्टेंट क्लॉथ बनाने
के लिए अग्निशमन आगवाग ना लगे ऐसे कपड़ों बनाने के लिए। पर प्रॉब्लम क्या है? वो मिनरल थोड़ा सा जो है हानिकारक हो सकता
है। तो एस्बेस्टोस एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज फाइबर है। ताप प्रतिरोध निर्माण सामग्री ऑटोमोबाइल पुरजे
वगैरह हर जगह तुम बना लो। सब कुछ ठीक है। प्रॉब्लम यह है कि ये कैंसर कॉजिंग है। कैंसर होता है एस्बेस्टोस।
और अगर ऐसी कोई चीज जो एस्बेस्टोस से बन रही है और स्कूल्स में यूज कर रही है तो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है। तो
लंग कैंसर हो मेसोथैलियो मेसोथैलियोमिया कैंसर जो है उसमें हो जाए क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीजसेस हैं। तो
बहुत ज्यादा मृत्यु जो है देखी गई है एबस्टोस से संबंधित। इसलिए ये हानिकारक है। फेफड़ों के कैंसर हो गए जो भी आप
बोलना चाहो। अब इसमें दो-तीन चीजें और आती हैं जो एग्जाम में आ सकती हैं कि भाई साहब माइनिंग अगर हम देखें एसबेस्टॉस की तो बैन
है भारत में मतलब कंपेरेटिवली उतना ज्यादा हम लोग ध्यान नहीं दे रहे होते क्योंकि ये नो डाउट इसका कनेक्शन हमें पता है कहां से
है क्योंकि जो माइनिंग करेंगे उनके लिए भी हानिकारक हो जाएंगी ना यार बेटा इसलिए ठीक है तो जिसमें ये सबसे ज्यादा कॉमन फॉर्म
एक एग्जाम में आ सकता है कि क्राइसोटाइल जो है क्राइसोटाइल का संबंध किस से है तो एस्बेस्टोस से प्लीज राइट इट डाउन
क्राइसोटाइल सफेद एसबस्टोस कहते हैं तो भारत में जो है खनन इसका प्रतिबंधित है लेकिन फिर भी हम थोड़ा आयात वगैरह कर रहे
होते सर एनवायरमेंट रिवीजन क्लास लाओ पुरानी दोनों देख ली प्लेसेस इन न्यूज़ और
एग्रीकल्चर वाली अगर वह देख रहे होते तो यह लाइन लिखना नहीं पड़ता बेटा।
तो एज वेस्ट वैसे भारत में अगर हम लोग देखेंगे तो राजस्थान में और जैसे कि अभी मैंने बताया कि इंपोर्ट डिपेंडेंट प्लीज
यह नोट डाउन कर लेना बहुत काम का है। इंपॉर्टेंट है ये। ये इंपॉर्टेंट है। ठीक है।
आगे बढ़ेंगे। वर्ल्ड रिजर्व में कजाकिस्तान और रशिया में प्रोड अरे होने दो बोले इनके यहां प्रोडक्शन बोले हो जाने दो रशिया में
प्रोडक्शन। हां नेक्स्ट अगला है
टाइटेनियम। भारत का सबसे बड़ा टाइटेनियम सुपर एलॉय मटेरियल प्लांट इनोगेट किया गया डिफेंस
मिनिस्टर और उत्तर प्रदेश चीफ मिनिस्टर के द्वारा। ठीक है? और इसलिए ये चर्चा में था। दूसरी इंपॉर्टेंट बात यह कि करीब-करीब
31 टाइटेनियम विंडोज़ जो है प्रदक्षिणा कॉरिडोर ऑफ राम टेंपल अयोध्या में जो है इस्तेमाल की गई जो मतलब वहां पर उसका यूज़
भी आप कह सकते हो। तो ये इतना कॉन्टेक्स्ट कोई काम का नहीं। अभी फिलहाल काम का जो एग्जाम में हो सकता है वो ये है कि
टाइटेनियम स्पेशली उसकी स्ट्रेंथ के लिए जाना जाता है। स्ट्रेंथ के लिए जाना जाता है बेटा। ठीक
है? उसकी ड्यूरेबिलिटी के लिए जाना जाता है। वेदर कंडीशंस में बिगड़ता नहीं है। मतलब
मजबूत है बहुत ज्यादा। एक तो ये बेस याद रखो उसका। है ना? कि टाइटेनियम इज लाइक स्ट्रांग मजबूत। पढ़ाई टाइटेनियम जैसी
करूंगा। एक तो यह चीज उल्टा सीधा सवाल पूछना रहा कि नहीं पिछले जन्म का बदला लेना ही है बच्चों से। तो वो इस तरह से
पूछ सकता है कि टाइटेनियम किन में मिलता है? बेसिकली ओर्स क्या है उसके? तो इलेमिनाइट, रटाइल, टाइटेनाइट।
तो टाइटेनियम, बियरिंग, मिनरल्स कहां मिलेगा? टाइटेनियम मिलता किस में है? तो यह चीज थोड़ा सा ध्यान रखना वेस्टर्न
ईस्टर्न कोस्टल रीजंस में तो मिल जाएगा बट इलेमिनाइट रटाइल यह हालांकि ये तुम्हें प्रीवियस ईयर में मिल जाएंगे है ना
प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस में ये चीज आपको मिल जाएगी। फिर सवाल यही आएगा कि भारत में
अगर हम देखेंगे तो यह इलिमिनाइट और रटाइल वगैरह में आगे डाटा है ही तो वह
बता दूंगा कहां मिलेगा तो चिंता मत करो फिर भी अगर तुम्हारा मन कर रहा हो तो लिख सकते हो कि एलुमिनाइट रेटाइल ज्यादातर अगर
हम लोग देखें तो आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में हमें दिखाई देता है प्रोडक्शन में उड़ीसा आगे है तो इससे
ज्यादा काम का उड़ीसा है अपने लिए प्रोडक्शन अच्छे से याद रखना इनका मतलब टाइटेनियम इनडायरेक्टली
तुम्हें इन मिनरल्स के साथ, उड़ीसा के साथ आप याद रख सकते हो।
और अगर जनरल अवेयरनेस पूछे तो टाइटेनियम कहां-कहां यूज़ होगा? तो एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट, मिसाइल्स,
पेंट, सनस्क्रीन, टूथपेस्ट हर जगह इस्तेमाल करना है। क्या बात है? दांत मजबूत हो जाएंगे क्या सर? तुम तो जल्दी
लिख लो। हां। थोड़ा स्पीड में लिखना है।
है ना? थोड़ा स्पीड में लिखना है। खाली बैठना नहीं है। तो अपने को याद रखना है कि
विमानों में, अंतरिक्ष यानों में, मिसाइलों में, जहाजों में इस्तेमाल किया जा रहा है। पेंट, सनस्क्रीन, टूथपेस्ट
यहां भी यूज़ कर रहे होते हैं इसका। कॉस्मेटिक में भी पूछे तो याद रखना टाइटेनियम का। ज्यादातर इधर उड़ीसा के साथ
इसको कनेक्ट करेंगे हम लोग। ठीक है जी? ऐसे ही चांदी का इस्तेमाल भी पूछ सकता है। तो
हमें मालूम है ईवीज में, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में, सेमीकंडक्टर्स में यूज़ होता है चांदी का इस्तेमाल। सिर्फ गहनों के
अलावा भी बातें करनी है। सोलर पैनल्स में ये तीन बहुत ज्यादा खूब अंदर की डिटेल में मत परेशान होना। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स
में, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में, सोलर पैनल्स में चांदी का यूज़ होता है। यह आजकल चांदी बहुत बढ़ रही न्यूज़ में थी। तो
ध्यान रखना इसके एप्लीकेशन आ सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक वाहन इलेक्ट्रिक वाहन सॉरी सौर पैनल्स
वगैरह में हां और अगर हम बात करें भारत में सिल्वर की तो
सिल्वर, लेड और जिंक यह अक्सर साथ में देखने को मिलते हैं हमें। कुछ मत करो। सीधा राजस्थान लगा दो।
जी सर राजस्थान रिजर्व प्लस प्रोडक्शन वर्ल्ड में ज्यादातर हमें पेरू में दिखाई देगा और
प्रोडक्शन में अक्सर मेक्सिको आगे आ जाता है। तो पेरू से ज्यादा ये लोग मेक्सिको पूछते हैं एग्जाम में। दिस इज इंपॉर्टेंट
सिल्वर। सिल्वर अभी एक बार पढ़ लो। मंथ के एंड में एक बार
रिवाइज कर लेना। अगले महीने एक बार पढ़ लेना। तीन बार पढ़ना है मिनरल। इतने में याद हो जाना है। जितना तुम 810 घंटे मिनरल
खोजने में लगाओगे उससे अच्छा है डायरेक्ट ये कंटेंट जो अभी बना रहे हो। हां। ठीक है। उसमें आपका अब काम हो जाना है बेटा।
चलो आगे बढ़ेंगे। जैसे कॉपर था वैसे एलुमिनियम को लेकर भी चर्चा हो सकती है। तो एलुमिनियम आजकल
चाइना बहुत आगे हो गया। एलुमिनियम में बहुत विज़न डॉक्यूमेंट हमने जो कॉपर का बनाया वैसे एलुमिनियम की डिमांड भी बढ़ती
जा रही है। एलुमिनियम में अगर मैं कुछ डाटा रीसेंट वाला देखूं तो मुझे यह पता लगता है कि जो नेशनल एलुमिनियम कंपनी है
भारत एलुमिनियम कंपनी है इनको अगर हम ऑब्जर्व करेंगे या उड़ीसा का स्पेशली हिंडाalco वगैरह में कुछ है और जो हीराकूट
वगैरह रीजन में अगर हम देखेंगे तो मेनली हमें उड़ीसा छत्तीसगढ़ देखने को मिलता है। एलुमिनियम में प्रोडक्शन अगर हम देखेंगे
उड़ीसा आगे रख दो उड़ीसा आगे रख दो उड़ीसा छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश वर्ल्ड में तो भैया चाइना को रख देना यार
तो प्रोडक्शन हमारा बड़ा ही है कम नहीं हुआ है तो एलुमिनियम को जो है अच्छे से याद रखना
ठीक है ऐसे ही कोबाल्ट अक्सर न्यूज़ में रहता है और कोबाल्ट पेपर में भी आता है। तो
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में जो है डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में कोबाल्ट की माइनिंग को लेकर हेल्थ
कंसर्न्स जताए गए थे। ठीक है? स्वास्थ्य संबंधी। तो एक तरह से आप कह सकते हो कि फेरोमैग्नेटिक एलॉय मेटल है यह। मतलब सीधी
सी बात है कॉपर निक आर्सेनिक वगैरह के साथ यह मिल रहा होता है। बाय प्रोडक्ट है जब भी कॉर यहां से यह यह प्लीज लिख लें आप
कॉपर निक जिंक इनके साथ जो है यह आ रहा होता है कोबाल्ट अगर कोई मिनरल किसी के साथ आ रहा है तो वैसे ही वो मतलब कमी में
ही होगा। इतना ज्यादा ईजीली नहीं मिलेगा। सो बाय प्रोडक्ट ऑफ कॉपर निक जिंक। तो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में
कोबाल्ट याद रखना है हमें भारत में झारखंड उड़ीसा में चाहे तो कर सकते हैं आप लोग याद
बट डाटा में यह वाला यूज करें आप डाटा प्रोडक्शन में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ठीक है प्रोडक्शन में डेमोक्रेटिक
रिपब्लिक ऑफ कांगो ऐसे तो वहां पड़ोसी साधे कांगो में ज्यादा है बट निकालने में तो प्रोडक्शन में यह न्यूज़ में इसको याद
रखें और रिजर्व्स के मामले में उड़ीसा इंपोर्ट कर रहे होते हैं हम ज्यादातर स्पेशली देख रहे हो आप बेल्जियम से हमने
इंपोर्ट कराया है चाइना से भी करा है नो डाउट चाइना यूएसए वगैरह से बट बेल्जियम भी बहुत बड़ा इंपोर्टर बन सकता है भारत को
लेकर ठीक है जी। तो कोबाल्ट को लिखना है अच्छे से याद रखना है भारत में झारखंड, उड़ीसा
वगैरह में तो इसमें उड़ीसा ही आगे रखो आप और बाकी तो हम इंपोर्ट पर जो है काफी निर्भर हैं।
अब आगे बढ़ेंगे हम लोग। कोयले को लेकर जो है ठीक है कोयले का डाटा भी ऐड ही कर लो
[हंसी] या एक काम करो रुकना कोयला लिखना है क्या लिख ही लो
ठीक है तो रिजर्व में उड़ीसा में भंडार में उड़ीसा लिखना है इसके कोयले के दोनों बना लेना बेटा रिजर्व भंडार में उड़ीसा
उड़ीसा में कोई बता सकता है मुझे कहां पढ़ते हैं हम लोग तालचेर में पढ़ते हैं इब में पढ़ते हैं कोयला फिर झारखंड और फिर
छत्तीसगढ़ हमारा इंपोर्ट कम हुआ है ध्यान रखना मतलब अब कोयला हमने कम लिया है इस साल पिछले
साल की अपेक्षा वर्ल्ड में रिजर्व्स के मामले में यूएसए और प्रोडक्शन में चाइना है कोयला
मैं प्रोडक्शन बता रहा हूं। भारत का रुकना है ना। यह लिख लिया हो तो डन करें। प्रोडक्शन अभी बता रहा हूं मैं। अभी भंडार
लिखो बस। Telegram चैनल नाम सर्च करना होगा मेरा। सुदर्शन गुर्जर Unacademy मिल जाएगा।
प्रोडक्शन में अगर हम लोग देखें बड़ी मुश्किल से मिला मुझे। यह भाई साहब मिल ही नहीं रहा था। यहां वहां यहां वहां तो पहला
उड़ीसा है। फर्स्ट वन इज़ उड़ीसा। हरे रंग पे फोकस करना तुम लोग। है ना? हरे
रंग वाले पे रीसेंट वाला प्रोडक्शन। उड़ीसा। दूसरा झारखंड। इस बार चेंज हो गई गिनती।
तीसरा छत्तीसगढ़, चौथा मध्य प्रदेश। यह चेंज हो गया होगा। लास्ट ईयर से यह
डाटा चेंज हो गया है। फाइनेंसियल ईयर 2425 का अगर हम देखें तो सबसे ज्यादा अगर तुम ग्रोथ देखोगे तो
उड़ीसा में देखने को मिल रहा है प्रोडक्शन में और ग्रोथ के बाद झारखंड में भी ग्रोथ दिखाई दे रहा है और छत्तीसगढ़ की अपेक्षा
मध्य प्रदेश में ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली हमें। बट ठीक है इतना बहुत है। कभी-कभी ये टर्म बहुत न्यूज़ में रहता है।
ऑफशोर एरियाज मिनरल। ठीक है? ऑफशोर एरियाज मिनरल। ठीक है? ऑफशोर एरियाज मिनरल। कभी-कभी जो
है अब घबरा जाएंगे हम कई बार। तो ऑफशोर से याद रखना कि इससे संबंध एक्चुअल में ऐसे
खनिजों से है जो कॉन्टिनेंटल शेलफ में मिलते हैं। मतलब यह समुद्र के किनारे कॉन्टिनेंटल शेलफ वाले एरिया। ठीक है
बेटा? और या समुद्र के जो अंदर सी बेड की तरह मतलब समुद्र पानी की ओर जो मिल रहे हैं। ये अच्छे से याद रखना। सी बेड
माइनिंग जिससे हम लोग कर रहे हैं। तो यह कई बार यह पहला शब्द ही क्लियर नहीं होता इसलिए परेशान होते हैं हम तो ये ध्यान
रखना कनेक्टिंग है। उसके बाद में अंदर तो हमें ऑइल, नेचुरल गैस, मैटेलिक, सैंड जैसे मोनाजाइट सैंड में थोरियम वगैरह मिल जाता
है। तो ये सब कुछ जो है हम तो ऑफशोर वाला एरिया अच्छे से याद रखना। है ना? ऑफशोर शब्द कि अपतटीय क्षेत्रों के खनिज ऐसे
धात्विक अधात्विक खनिज शामिल है जो महाद्वीपीय निमग्न तटों पर मिलते हैं। महासागरों के तल पे मिलते हैं। तो ये
अपतटीय शब्द को अच्छे से याद रखना है। है ना? भूलना मत। उसमें हाइड्रोकार्बन धात्विक, खनिज सब चीजें मिल सकती हैं।
तो ये शब्द कीवर्ड बस मैं यहां पे अभी सिखाना चाहता हूं आपको।
यह कीवर्ड जो है वो सिखाना चाहता हूं। आगे बढ़ेंगे। कार्सबर्ग रि जो है वो न्यूज़ में है।
कार्लबर्ग रिज कटक हमें मालूम है इंडिया है या इंडियन ओशियन। नीचे जाएंगे हम जरा इंडियन ओसियन में अगर नीचे जाएंगे तो हमें
इंडियन ओसियन में एक कटक मिलता है काल्सबर्ग रि ठीक है काल्सबर्ग रि वहां कोई पूछे तो अरब सागर में मिलेगा हमें
अरेबियन सी वाले एरिया में ठीक है तो उस जगह पर भारत एक ऐसा देश बन गया है जिसने
इंटरनेशनल सी बेड अथॉरिटी के साथ एग्रीमेंट किया है कि वहां समुद्र के अंदर जाकर हम लोग पॉलीमेटलिक सल्फाइड्स जो हैं
उसको एक्सप्लोर करेंगे। पॉलीमेटलिक एक से अधिक खनिज जहां मिले हमें ऐसे पॉलीमेटलिक ऐसे नोड्यूल्स जो हैं हम लोग
कार्ल्सबर्ग रिज में तो मिनरल को लेके ना आए लेकिन जरूर वो पूछ सकता है काल्सबर्ग रिज कहां है इंडियन ओशियन में है अरेबियन
सी में है इंडिया ने इंटरनेशनल सीबेड अथॉरिटी से जी हां साइन एक एग्रीमेंट साइन किया है जहां अब पॉलीमेटलिक नोड्यूल्स में
क्या रहेगा सल्फाइड्स में क्या है ऐसे मान लो कि समुद्र की गहराई में कुछ ऐसे नोड्यूल्स मिल रहे हैं ऐसे पत्थर मिल रहे
चट्टान जैसी मिल रही हैं चीजें जो मिक्स हैं पॉली कॉपर कोबाल्ट निकल मैंगनीज़ इनको हम निकालना चाह रहे हैं काल्सबर्ग रिज
वाले एरिया से तो भारत का्सबर्ग रिज में पॉलीमेटलिक सल्फाइड के अन्वेषण हेतु अंतरराष्ट्रीय
समुद्री तल प्राधिकरण समुद्री तल प्राधिकरण के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला प्रथम देश बन गया है काल्सबर्ग
रिज अरब सागर में स्थित है। यहां से हम तांबा, कोबाल्ट, निकल, मैंगनीज़ वगैरह आते हैं। कंसीडर द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स
रिगार्डिंग पॉलीमेटलिक सल्फाइड ये भी आ सकता है। इसके अंदर क्या होता है? तो ये चीजें भी आ सकती हैं।
आगे बढ़ेंगे। ऑलरेडी इन सब चीजों को लेके एक दो श्रीलंका और इंडिया के बीच में कुछ
डिस्प्यूट चलते आ रहे थे। जैसे एक सी माउंट है वहां पर अफनाशय निकिन सी माउंट करके ये भी पूछ सकता ध्यान रखना न्यूज़
में रहा है इंडियन ओसियन में इसमें भारत तो ठीक है कि भारत जो है अपना नए एप्लीकेशन इसने सबमिट कर दिया था यहां पर
एक्सप्लोर करने के लिए लेकिन श्रीलंका कहता है कि नहीं बीच में आ गया श्रीलंका
तो अफानासी निकिन रि पूछे माउंटेन पूछे तो अपने को याद रखना है अगर भारत ने दावा किया था तो श्रीलंका
इसका विरोध कर रहा था। लेकिन उससे कोई दिक्कत नहीं। इतना कुछ नहीं जाने वाला। लेकिन यह आप प्लीज ध्यान रखना कि यह कहां
पर स्थित है? इंडियन ओसियन में है। ये कॉन्टेक्स्ट श्रीलंका वाले भले ही मत करो बट ये सी माउंट याद कर लो कि ये
इंडियन ओसियन में है। समुद्री पर्वत। अब मैं 15 मिनट आपका सबसे ज्यादा ध्यान चाहूंगा क्योंकि जो हमारा यह जितना भी
माइंस मिनरल्स की बातें करते हैं उसका हमारा जो मेन एक्ट है डेवलपमेंट और रेगुलेशन वाला 1957 इसमें लास्ट ईयर बेटा
अमेंडमेंट हुआ था 2025 में कुछ बदलाव किए गए। उन बदलावों को ध्यान से सुने। मैं शर्त लगा रहा हूं सेल्फ स्टडी करने के नाम
पे। वो चीजें बिल्कुल नहीं समझ आएंगी कि क्या चल रहा है। है ना? सेल्फ स्टडी के नाम से बेटा बिल्कुल भी समझ नहीं आएंगी कि
क्या चल रहा है। ठीक है? इसीलिए वो याद रखना। हां। थोड़ा ध्यान से सुनना। सुनने पे भी ज्यादा
करोगे। ध्यान लगाओगे तो ज्यादा फायदा है। कारण यह है कि लिखा हुआ तो तुम्हें मिल ही जाएगा वैसे
भी। तो प्लीज अच्छे से सुनने की कोशिश करना। ठीक है? शुरू करें। ठीक है? इस ये मान लो अपना मेन एक्ट हो
गया जिसमें डेवलपमेंट रेगुलेशन को लेके सारे नियम वगैरह हम लोग देख रहे होते हैं। ठीक है? इसी में सबसे पहली चीज जो हम पढ़
रहे होते हैं ज्यादातर मिनरल का क्लासिफिकेशन। इसी एक्ट में है। मतलब ऐसा नहीं कि कुछ भी उठा के कोई भी मिनरल ऐसा
कर सकता है। नहीं ये मतलब इंडिया का पूरा माइनिंग सेक्टर देख लो। कौन से नियम बनाने हैं, क्या करना है, किसको कौन सा माइनिंग
लीज देना है, ग्राइंड करना है वो सब इसके अंतर्गत आएगा। मतलब इसी एक्ट में सारी चीजें दी गई हैं। तो पहली चीज जो अपने को
ध्यान रखनी है कि खनिजों का अगर वर्गीकरण के बारे में वह बोले कि जैसे सबसे पहले बोलता है वह माइनर मिनरल है ना माइनर
माइनर मिनरल क्या होते हैं? तो सबसे पहली चीज माइनर मिनरल मतलब नहीं समझ में आए तो जो ऐसे मत समझना कि जो कम
मात्रा में मिलते हो ना ना जिनका यूज़ मतलब बिल्डिंग मटेरियल सैंड ग्रेवल स्टोन मार्बल खूब मिल रहा हो जो बड़ी मात्रा में
मिल रहा हो मतलब जिसकी इकोनॉमिक वैल्यू कंपैरेटिवली क्या है कम है दैट इज द माइनर मतलब जिसकी लोअर इकोनॉमिक वैल्यू है
ज्यादातर लोकल इंडस्ट्री कंस्ट्रक्शन इनमें जिनका इस्तेमाल हो रहा हो जो नॉन मैटेलिक है ज्यादातर। ठीक है? तो क्या
बोला मैंने जो गौण खनिज है जो कानून बनाने को लेकर अगर हम बात करें तो केंद्र के पास गोंड खनिज को अधिसूचित करने का बिल्कुल
अधिकार है। वो सब यह अधिकार यह इसी अधिनियम के तहत आता है। रेत, बजरी, पत्थर, संगमरमर। अब आप खुद सोचो ना लोहे को और
रेत को तो थोड़ा बहुत तो तुम रखोगे ना यार। सैंड और आयरन तो कह सकते हो ना कि आयरन
अपने आप में एक मेजर है या माइनर है। तो जो आर्थिक मूल्य जिनका कम होता है वह माइनर हो गए और मेजर मतलब यह जिनकी हाई
इकोनॉमिक वैल्यू है। ठीक है? हालांकि कोई डेफिनेशन नहीं है उसकी मेजर मिनरल की बट जो माइनर मिनरल में डिक्लेअर नहीं हुआ है
वो ऑटोमेटिकली मेजर में आ जाएगा। जो सस्ते वालों में गोंड में नहीं आया है वो ऑटोमेटिकली उसमें आ जाएगा। और ये सब कुछ
किस में दिया हुआ है? मेजर मिनरल, माइनर मिनरल। माइंस एंड मिनरल डेवलपमेंट रेगुलेशन एक्ट 1957 में दिया है। तो सबसे
पहले हमने ये देखा इस एक्ट की मदद से कि मेजर मिनरल क्या होता है और माइनर मिनरल क्या होता है? और ये फर्स्ट शेड्यूल में
सब मेंशन कर रखा है इन्होंने। ठीक है? पहले शेड्यूल में। मतलब जो लास्ट में इन्होंने अलग-अलग सेक्शंस बना रखे हैं। वो
हालांकि एक उसमें मैं बता दूंगा। तो पहली चीज तो आपको समझ में आ गई। कोई प्रॉब्लम? अब मेजर मिनरल के नाम पे
जैसे आयरन, कॉपर, बॉक्साइट वगैरह। हालांकि आपको 3 साल से मैं एक लिस्ट दिए जा रहा हूं पहले से ही अगर आपको ध्यान हो तो
जिसमें माइनर मिनरल्स हम लोग लिख दे रहे होते हैं। बोल्डर वोल्डर ये सारी चीजें इस बार मेजर मिनरल्स में कुछ कैटेगरी चेंज
करी थी। बैराइट्स, फेल्टस्पार, माइका, क्वार्ड्स, लाइमस्टोन, कोकिंग कोल। इनको सबको मेजर मिनरल में रख दिया गया है।
इनको सबको मेजर मिनरल जो बहुत महत्वपूर्ण हो गए। कारण क्या है? इनको रखा क्यों सर? यह तो वैसे ही नहीं
इनके रीजन में क्रिटिकल मिनरल्स मिल रहे हैं। जिन मिनरल्स की कमी है एक्चुअल में वो इन्हीं क्षेत्रों में मिल रहे हैं। तो
गेहूं के साथ गुण पिस गया। तो इनके साथ अलग-अलग बहुत ही इंपॉर्टेंट आज की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी में यूज़ होने वाले खनिज मिल
रहे हैं। तो जब इनको अगर तुमने माइनर कर दोगे तो इनकी वैल्यू खत्म हो जाएगी। तो वो जो इनके साथ अपने क्रिटिकल मिनरल्स मिल
रहे हैं वो भी डिस्टर्ब हो जाएंगे। तो वो क्योंकि क्रिटिकल मिनरल्स हम एक्सप्लोर कर पाए अच्छे से तो इनको खुद को हमने जो है
तो यह बहुत लेटेस्ट इंफॉर्मेशन है लास्ट ईयर में इसमें अपने को याद रखना है इनमें से मेजर ठीक है
तो अच्छे से याद रखना भूलना नहीं आगे बढ़ेंगे बाकी ये लिस्ट आराम से देख लेना जो भी आप पढ़ सकते हो कॉपर कोबाल्ट
गोल्ड वगैरह सब इसी में आएगा अमेंडमेंट बहुत सारे हुए 2023 का अमेंडमेंट हम थोड़ा सा पहले चर्चा करेंगे फिर लेटेस्ट वाले 25
पे चलेंगे। अभी ये हुआ था कि जो चर्चा चल रही थी क्रिटिकल मिनरल्स की। अभी बताया मैंने क्रिटिकल मिनरल क्या होता
है कि जिसकी डिमांड बहुत हो लेकिन सप्लाई कम हो जाए। आज के टाइम पे सोलर पैनल बनाना है। एरोस्पेस, मिसाइल सब बनाने हैं। लेकिन
उसमें लगने वाले मिनरल्स मतलब बनाना है इज़ लाइक डिमांड। बहुत ज्यादा मांग है लेकिन है ही नहीं। सप्लाई ही नहीं है तो वो
क्रिटिकल बन गए। अब प्रॉब्लम यह हुई कि उस चीज को बढ़ाने के लिए। तो आज का जो दौर चल रहा है वो क्रिटिकल मिनरल के आसपास ही घूम
रहा है बेटा। तो सबसे पहले जो 2023 में अमेंडमेंट आया था नया जो उसने अधिनियम में बदलाव किया वो एक ये किया कि प्राइवेट
सेक्टर के पार्टिसिपेशन को बढ़ाया। क्योंकि प्राइवेट सेक्टर अगर जाएगा तो कम से कम थोड़ा सा जो है एक्सप्लोरेशन और
बढ़ेगा और बेहतर मिनरल्स हम लोग ढूंढ पाएंगे। स्पेशली इन एटॉमिक मिनरल। मतलब प्राइवेट सेक्टर अब अलऊ है।
12 एटॉमिक मिनरल्स में से ऐसे छह एटॉमिक मिनरल है उनकी माइनिंग कर सकता है। यहां पर प्रीलिम्स में फंसाया जा सकता है।
जिसमें लिथियम, बेरिलियम, नायोबियम, टाइटेनियम, टेंटलम, जरकोनियम इन सबका अगर हम लोग देखें तो नाउ प्राइवेट सेक्टर
इज अलाउड टू माइन दीज़ एटॉमिक मिनरल्स। 12 में से छह जो है क्यों? ऐसा क्यों? क्योंकि यह बहुत
ज्यादा जरूरी मिनरल्स हैं डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए। तो आज के टाइम पर जिनकी
डिमांड है, ऐसे खनिजों को अगर हम एक्सप्लोर नहीं कर पाए तो क्या फायदा? तो प्राइवेट सेक्टर पार्टनरशिप को जो है तो
पहला पहला लॉजिक क्लियर हुआ कि इस एक्ट में बदलाव जो किया गया वो ये किया गया कि प्राइवेट सेक्टर को भी मौका मिल गया। और
स्पेशली कौन से वाले मिनरल? तो ये थोड़ा सा याद करना पड़ेगा बेटा एग्जाम के लिए। है ना? भले ही 23 में आया बेटा पर आज भी
काम का है। तो निजी क्षेत्र को अब 12 परमाणु खनिजों में से छह का खनन करने की अनुमति है। लिथियम, बेरिलियम, नियोमियम,
टाइटेनमियम, टेंडलम, जिरगोनिम। डन। उसके बाद में अगला जो आया इन्होंने एक
एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की बात करी। ठीक है? दूसरा इन्होंने एक नई चीज लाए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस। एक्सप्लोरेशन
लाइसेंस का मतलब क्या है? हिंदी मीडियम अन्वेशन लाइसेंस कह सकते हो। उसका शुभारंभ कराया गया। अन्वेशन लाइसेंस या
एक्सप्लोरेशन लाइसेंस। बहुत ही आसान भाषा में समझाता हूं। मेन उद्देश्य हम लोगों का क्या है कि
जितना हो सके मिनरल्स हम लोग ढूंढे पहले तो बिना ढूंढे कैसे पता लगेगा? तो सबको मौका मिले। नए जो प्लेयर हैं माइनिंग
इंडस्ट्री में उनको भी मौका मिले। तो उन्होंने एक लाइसेंस की व्यवस्था करी एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की। ये क्या है?
तुम्हें पूरी छूट है। तुम ढूंढो मिनरल। अगर तुम्हें मिल गया कोई मिनरल इंपॉर्टेंट क्रिटिकल मिनरल इस तरह का ठीक है कोई
दिक्कत नहीं मिल गया अब तुम्हें अगर लग रहा है कि नहीं हमारे पास तो जो है पैसा वैसा नहीं हमारे पास व्यवस्था नहीं हमने
तो तुमको ढूंढ के दे दिया ठीक है अब जो ऑलरेडी प्लेयर्स हैं जिनको पता है माइनिंग कैसी की जाती है अब ढूंढ तो लिया तुमने तो
वो सर्वे वगैरह करके ढूंढ लिया उसने अब अन्य व्यक्ति कोई प्लेयर भी जाएगा और वहां पे अगर मान लो गोल्ड वगैरह मिल गया उसने
वहां से उसको एक्सप्लोर करना चालू कर दिया मतलब एक्सट्रैक्ट निकालना चालू कर दिया क्रिटिकल मिनरल्स इनको। तो जिसने खोजा था
उसको भी अब इसका बेनिफिट मिलेगा। मतलब क्या कि आप बढ़िया एक्सप्लोर करो। इफ यू फाइंड अ मिनरल यू डोंट माइन इट। तुम्हें
नहीं लगता मत करो माइनिंग बट यू गेट पेड व्हेन समवन एल्स माइनस योर डिस्कवरी। सेंस समझो कि एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा देने
के लिए खोजबीन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के लाइसेंस की बात करी गई। यह एक नई कैटेगरी हमने मिनरल लाइसेंस की बात करी
जिसे हम एक्सप्लोर लाइसेंस कहते हैं। जैसे कई बार जो क्रिटिकल है या बहुत गहराई में छुपे हुए कुछ मिनरल्स रहते हैं तो उनमें
एक अलग व्यवस्था कर ली कि तुम सिर्फ खोज भी लोगे तो तुम्हारा फायदा है उसमें क्योंकि कोई और भी निकालेगा तो उसमें भी
तुम्हें जो है इसका बेनिफिट मिल जाएगा। करीब-करीब 1000 स्क्वायर कि.मी. का एरिया मिलेगा। 3 साल में लाइसेंस कैन रिटेन अप
टू 25% ऑफ़ ओरिजिनली ऑथोराइज़्ड एरिया। अब ये सब चीजें इतना भले ही वो डेप्थ में ना जाए लेकिन शब्द अपने को पता होना चाहिए
एक्सप्लोरेशन लाइसेंस में मिनरल्स को बढ़ावा देने के लिए एक्सप्लोर करने के लिए इस एक्ट में बदलाव हमने किए थे। तो खनिज
लाइसेंस एक ऐसी नई श्रेणी थी जिसमें महत्वपूर्ण और गहरे स्थित खनिजों के लिए शुरू किए गए थे। तो इस चीज को जो है याद
रखना। तो जैसे वही वाला कि खनिज का पूर्वेक्षण लाइसेंस धारी द्वारा अगर किया गया है तो
उसे खनन पट्टे की नीलामी के मूल्य में हिस्सा प्राप्त होगा। मतलब अगर आपने मेहनत करी उसको एक्सप्लोर करने के लिए तो आपको
उसके बेनिफिट मिलने ही मिलना है। ठीक है? तो यह चीज अपने को याद रखना है। यह दो बहुत ज्यादा मेजर चेंजेस आप लोग याद रख
सकते हो। बाकी फिर सेंट्रल गवर्नमेंट का भी रोल काफी ज्यादा आ गया था। स्पेशली रिलेटेड टू ऑक्शन।
ऑक्शन में सेंट्रल गवर्नमेंट का रोल बढ़ गया था। स्पेशली अगर हम बात करें क्रिटिकल मिनरल जैसे गोल्ड सिल्वर इनको अगर ऑक्शन
वगैरह कराना बोली नीलामी वगैरह को लेकर तो स्पेशली सेंट्रल गवर्नमेंट का रोल भी जो है बढ़ चुका था। स्टेट का तो है ही है
लेकिन सेंट्रल गवर्नमेंट ने भी स्पेशली क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर अगर हम लोग देखें तो
खनन पट्टे और सामग्री लाइसेंसों की नीलामी करने की शक्ति प्राप्त होती है। मतलब सेंट्रल गवर्नमेंट ने भी अपनी पावर को जो
है बढ़ा लिया विद द हेल्प ऑफ दिस एक्ट। तो इससे ज्यादा दो बातें काम की थी। हमने एटॉमिक मिनरल्स छह ऐसे एटॉमिक मिनरल्स थे
उनको परमिशन दे दी प्राइवेट प्लेयर्स को भी कि माइनिंग कर लो और एक्सप्लोरेशन लाइसेंस को लेकर हमने बात करी। येकि अब
2023 का था 2025 का बहुत ज्यादा काम का है। इसको भी अब समझेंगे हम लोग। रेडी करें शुरू। यहां तक समझ आ रहा है?
ठीक है। अब क्या हुआ? तीन मेन फोकस थे 2025 के चेंज करने में
2025। चेंज क्या था कि हम सपोर्ट करेंगे नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन को। नो डाउट पूरी कहानी उसी के आसपास कैसे भी
डोमेस्टिक प्रोडक्शन को हम लोग बढ़ाएं। फिर उसके बाद में अभी एक नई चीज आज मजेदार चीज पढ़ाऊंगा मैं आपको
कि जो वेस्ट निकलता है ना मिनरल माइनिंग में उसमें भी क्रिटिकल मिनरल तुम खोजो वेस्ट मत खराब करो ये बहुत बढ़िया
इन्होंने मतलब जीरो वेस्ट माइनिंग को लेके और इसको लेके एक पॉलिसी भी आई है रिसेंटली वो भी बढ़ेंगे तो अगला 15 मिनट 20 मिनट
बहुत डेप्थ में जाएंगे हम लोग मतलब मजा आएगा आपको और जो डीप सीटेड मिनरल्स हैं जो बहुत गहराई में मिल रहे हैं है ना उन पर
भी जो है हमें काम करना तो गहराई में स्थित जो खनिज है उनका भी हम बहुत अच्छे से निष्कर्षण कर सकें। ठीक है? खनिज
संरक्षण और शून्य अवशिष्ट खनन को बढ़ावा देना मतलब जीरो वेस्ट। वेस्ट हमें नहीं करना है किसी भी चीज को। अब क्या-क्या
बदलाव करे थे वह अपन जरा समझ लेते हैं। समझने से पहले मैं कुछ यहां पर यह कहना चाहूंगा
कि दो-तीन बातें पहले आप ध्यान दे लो। है ना? एक है माइनिंग लीज़। ये वर्ड देखो और एक कंपोजिट लाइसेंस क्या होता है? वो समझ
लो। देखो माइनिंग लीज़ क्या होती है? माइनिंग लीज़ का मतलब यह कि नॉर्मली तुम्हें पता है किसी जगह पे कि यार यहां
पे ये खनिज है तो वहां जाके वो माइनिंग की डायरेक्ट लीज़ मिल जाएगी। स्टेट गवर्नमेंट दे देता है। राज्य सरकार तुम्हें दे देगी
कि यहां माइनिंग कर लो तुम। कब? जब तुम्हें पता है कि यार यहां पे गोल्ड निकल रहा है। एक तरीका और है लाइसेंस का मिलता
है कंपोजिट लाइसेंस। ठीक है? कंपोजिट लाइसेंस क्या होता है? कंपोजिट लाइसेंस तब दिए जाते हैं कि जब तुम्हें अभी आईडिया
नहीं है कि मिनरल है कि नहीं। अगर मिनरल का पता होता तो तुम डायरेक्ट माइनिंग लीज़ मिल जाती तुम्हें कि माइनिंग करो। ठीक है?
लेकिन अब जब पता ही नहीं है तो पहले क्या करोगे? ढूंढोगे, एक्सप्लोर करोगे और एक्सप्लोर करने के बाद अगर मिल गया तो फिर
जाकर आप उसमें माइनिंग करोगे। सुनना ध्यान से बेटा। पहला क्या है? माइनिंग लीज़। मतलब तुमको पता है कि यार यहां पे जो है तुमको
पता है कि एक प्लेस A है। यहां पे तुम्हें मालूम है कि गोल्ड है। तुम गए डायरेक्ट माइनिंग कर लिया। दैट इज़ माइनिंग लीज़।
लेकिन तुम्हें मालूम है कि B में पता ही नहीं है कि यार सोच रहे हो अभी तो ढूंढना पड़ेगा। तो पहला स्टेप है आप एक्सप्लोर
करोगे देखोगे फिर उसके बाद में माइनिंग करोगे। तो जब ये दो स्टेज इंक्लूड होती है दैट इज द कंपोजिट लाइसेंसिंग। कंपोजिट का
मतलब जिसमें फर्स्ट एक्सप्लोर करो आप उसके बाद माइनिंग करो। ठीक है? एक ही सिंगल लाइसेंस में हो जाएगा आपका काम। और इधर जो
लाइसेंस मिल रहा है वो माइनिंग लीज़ वाला मिल रहा है। यहां तक पहले ये दोनों शब्द समझ में आ गए। अब जो चेंज हुआ इसमें वो
क्या हुआ मैं समझाता हूं। हालांकि मैं एक चीज और बताऊं कि ये जो लाइसेंस है ये सब स्टेट डायरेक्टली दे सकता है जब तक कि
क्रिटिकल मिनरल की कहानी ना हो। क्रिटिकल मिनरल अगर होगा तो उसमें फिर थोड़ा स्टेट का अलावा सेंट्रल का भी रोल आ जाता है। अब
ये हुआ जो इस वाले एक्ट में ये था कि जो डीप सीटेड मिनरल हैं व्हाट इज डीप सीटेड? हिंदी मीडियम में अभी समझ लो मैं दिखा भी
दूंगा कंटेंट। टेंशन मत लो। डीप सीटेड मतलब यह कि जो गहराई वाले खनिज है अंदर यह जो गहराई वाले अंदर जमीन के अंदर बहुत
ज्यादा गहराई में तो डीप सीटेड मिनरल्स में पहले क्या होता था स्पेशली जो 200 मीटर के गहराई में मिले हमें 200 मीटर
बहुत होता है अंदर जाना स्पेशली गोल्ड कॉपर डायमंड सब नीचे मिलते हैं तो कोई भी जो जिनको लाइसेंस धारी होते थे ना वो कई
बार उतना बेहतर काम नहीं कर पाते थे और उनकी कोई बाउंड्री लिमिट भी नहीं थी पता लगे कहीं भी चले गए कितने ही चले गए या
मान लो उसको ए ब्लॉक में उसने मान लीजिए काम कर लिया। अब दूसरे ब्लॉक में जाना है। पर उसके पास तो लाइसेंस ही नहीं है। फिर
क्या करेगा वो? एक तो बड़ी मुश्किल से मिला उसे अंदर गहराई में कोई चीज और उसमें भी फिर लिमिट आ गई। दूसरा ब्लॉक चालू हो
गया। फिर गया उसका लाइसेंस लेने। फिर टाइम खराब हो गया। इनडायरेक्टली इसमें हमारा नुकसान हो रहा है कि हम मिनरल्स एक्सप्लोर
नहीं कर पा रहे हैं। तो इन्होंने कहा कि अगर ध्यान से सुनना। अगर जो गहराई में मिलने वाले मिनरल्स हैं। ठीक है? अगर
ध्यान से सुनो। गहराई में मिलने वाले मिनरल्स हैं और उसका तुम्हें लाइसेंस मिल चुका है और तुम्हें वहां मिनरल मिल गए हैं
और तुम काम कर रहे हो तो अब आगे और दूसरे लाइसेंस ज्यादा लेने में समय मत खराब करो। अगर आपको लग रहा है कि कंटीन्यूअस सारी
चीजें चली आ रही हैं तो इन्होंने देखो कितना बढ़िया काम करा है कि आपके पास अब एक्सटेंशन अलाउ है 10%
ऑफ द एकिस्टिंग लीज। मतलब यह कि यह ब्लॉक ए था। इसमें माइनिंग लीज मिल चुकी है आपको। आप
डायरेक्ट खनन कर रहे हो 200 मीटर गहराई में। ठीक है? और अब आपको लगता है कि आगे और भी मिनरल मिल सकते हैं तो आप 10% तक
आपको और अलाऊ है एक बार। स्पेशली इन्होंने अलाऊ कर दिया है। एक्सटेंशन अलाउ कर दिया है 10% का एग्जिस्टिंग लीज़ में। कंपोजिट
लाइसेंस में। अबकि कंपोजिट में तो बेचारा ढूंढ रहा था फिर मिल रहा था। वैसे ही परेशान था वो। तो उसको थोड़ा सा रीजन
ज्यादा दे दिया। 30% का दे दिया। एक्सटेंशन अलाउ कर दिया। आ गई बात समझ में? अब देखो मेन मुद्दा क्या है कि वो जो
समय लगता और जाते तुम और आगे का एक्सटेंशन लेने। फिर पेपरबाजी होती है सब दिमाग फिर और समय लग जाता उस चीज को कम करने के लिए
कि अगर तुम्हें खनिज मिल रहा है तुम ऑलरेडी अगर माइनिंग लीज़ पे हो तो तुम 10% और एक्सटेंशन ले लो आगे का। और नहीं तो
तुम अगर ये कंपोजिट वाले हो तो 30% ले लो। बेसिकली जितना हो सके उतना मिनरल्स हम लोग क्योंकि डिमांड ऐसी बढ़ गई है सर। सो होप
कि आपको समझ में आ गया टाइम सेविंग इनिशिएटिव्स हैं ये। तो देखो इसमें देखा कि मौजूदा पट्टे के
क्षेत्र में 10% तक विस्तार की अनुमति मिल गई। खनन पट्टे जिनको मिल गए थे ऑलरेडी और मौजूदा लाइसेंस क्षेत्र के 30% तक विस्तार
की अनुमति फॉरवर्ड कंपोजिट लाइसेंस के लिए। तो पहले जैसे एग्जांपल भी दे दिया आपको
कभी भूल भी गए कि एक कोई मिनरल बॉडी डिस्कवर करती है। यह अंडरग्राउंड कंटिन्यू कई बार कर जाती थी। लेकिन क्या है?
कंटीन्यूएशन इंपॉसिबल होता था। लेकिन अब जो है फ्रेश ऑक्शन पहले उनको फिर करना पड़ता था ब्लॉक बी के लिए। वेट करना पड़ता
था। तो उन्होंने कहा ना ना तुम तो एक काम करो डायरेक्ट ही कर लो। बढ़िया से खनिज और यह सारी चीजें। है ना? एक एक पॉइंट नीचे
का और यह याद रखना अगर क्रिटिकल मिनरल है। है ना? तो सेंटर इज फुल्ली इन चार्ज ऑफ ऑशंस।
पैसा भले ही राज्य रख लेगी पैसा वैसा रख लो तुम ऑक्शन सही तरीके से हो फिर वह एमएल हो चाहे सीएल हो मतलब माइनिंग लीज हो
कंपोजिट लाइसेंस हो अगर वहां क्रिटिकल मिनरल है तो ऑक्शन उसका सेंटर ही कराएगा ठीक है तो पहला वाला अमेंडमेंट हमने क्या
देखा 2025 में कि सबसे पहली चीज हमने अगर कोई गहराई में खनिजों को एक्सप्लोर कर रहा है तो उसको थोड़ा एक्सटेंशन दे दो आप तो
कंपोजिट वालों के लिए 30% माइनिंग लीज़ वालों के लिए गुड 10% अब है कैप्टिव माइन सेल्स के ये भी बहुत बढ़िया कैप्टिव माइन
ये वर्ड काफी वायरल हुआ क्या होता है कैप्टिव समझ लो कि आप एक इंडस्ट्री वाले हो टाटा
आयरन आपका है ठीक है टाटा आयरन इंडस्ट्री में टाटा आयरन स्टील इंडस्ट्री आपकी है मान लो
ठीक है तो लोहे के इसमें आपको जरूरत है कोयले की तो आपने कोई एक माइनिंग से कोयला निकाला
और यह कोयला आपने अपने ही उसमें यूज़ कर लिया। मतलब समझ रहे हो आप? कोयला निकाला और अपनी इंडस्ट्री में खुद ही यूज़ कर
लिया। दैट इज कैप्टिव माइनिंग। कि ये यहां का कोयला सिर्फ मेरे लिए है। अलग से मैं कहीं नहीं बेच रहा हूं इसको। उसको कहते
हैं हम लोग कैप्टिव माइन। कैप्टिव माइन का मतलब यह कि मैंने मिनरल निकाला और अपने उद्योग में लगा दिया। नहीं तो ऐसा भी तो
हो सकता है मिनरल निकाल के बेचा जा सकता था। बट ये अपनी ही इंडस्ट्री में अगर आप यूज़ कर रहे हो तो दैट इज
द कैप्टिव माइंड। पहले क्या होता था 2021 के रोल में कि अगर आपने अपनी इंडस्ट्री में यूज़ कर लिया जो मिनरल निकाला यूज़ कर
लिया। कुछ बच गया मान लो तो आप लगभग उसका 50% ही बच जो एनुअल प्रोडक्शन है उसका बेच पाते थे क्योंकि खुद की प्लांट की नीड हो
गई मान लो पेट भर गया खुद के प्लांट का फिर भी अगर कुछ बच गया तो तुम पहले 50% तक ही बेच बेच पाते थे लेकिन अब इन्होंने
चेंज कर दिया 50% कैप चला गया अगर कैप्टिव माइंस नाउ सेल ऑल सरप्लस मिनरल जितना तुम्हारे पास बचा हुआ है सब बेच दो भले
कोई दिक्कत नहीं क्योंकि वो जहां भी जाएगा वो प्रोसेस होगा और वहां फिर मिनरल्स एक्सप्लोर मतलब मिनरल प्योर फॉर्म में
बेहतर स्थिति में चला जाएगा। मतलब बेसिकली मिनरल्स की डिमांड हमारी पूरी होती चली जाएगी। तो कैप्टिव माइन क्या होती है? जो
कि अटैच हो स्पेसिफिक इंडस्ट्री के साथ। मतलब आप उसको इधर-उधर जो है और अलग जगह यूज़ नहीं कर सकते थे। लेकिन अब आप बेच
सकते हो। तो अभी इन्होंने बहुत बढ़िया काम कर दिया। जैसे कि आप खुद अपने आप में एक इंडस्ट्री चला रहे हो और उसका रॉ मटेरियल
कहीं और से ला रहे थे। लाया अपन ने यूज़ कर लिया अपनी इंडस्ट्री में। थोड़ा बहुत बचता था तो 50% तक बेच सकते थे आप उसको।
बट अब पूरा ही बेच सकते हो अगर जितना भी बचे। ठीक है? तो इस चीज को जो है थोड़ा सा अपने को याद
है। अब अपन आगे बढ़ते हैं। एक नया रिफॉर्म आया। नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट। अभी क्या था? देखो सिस्टम समझना हो क्या
रहा है। माइन किसी स्टेट में होगी। यानी खदान जो होगी वो किसी राज्य में होगी। उसका पैसा
किसके पास चला जाएगा? स्टेट के पास चला जाएगा। ठीक है? अगर मान लो किसी जिले में झारखंड के किसी डिस्ट्रिक्ट में माइनिंग
हो रही है। वहां के लोगों को समस्या होने लगी, बीमारी हो गई या कुछ लॉस हो गया तो उनका कुछ नुकसान ना हो। इसीलिए हमने
पहले से ही अगर मैं बात करूं बस एक मिनट बता रहा हूं। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन बना रखा है
2015 से। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन। इसका उद्देश्य यह है कि अगर आपके यहां कोई कोई भी खनिज वाला एरिया है जैसे मान लो और
वहां पे माइनिंग हो रही है तो पानी और वायुमंडल में सब प्रदूषण वगैरह फैल रहा है तो वहां के लोगों को नुकसान होता है। तो
उनको सपोर्ट करने के लिए हमने एक मिनरल फाउंडेशन बना रखा है। इसकी खास बात ये है कि जो भी वेल्थ वहां से बनेगी नॉर्मली अगर
आप देखो तो वो लोकल कम्युनिटी में चली जाएगी। लगभग लगभग 1/3 रॉयल्टी आपको देनी पड़ती है। जो भी लीज होल्डर है वो अपना
1/3 हिस्सा जो है रॉयल्टी के रूप में मतलब रॉयल्टी का जो है उनको देता है ताकि वहां के लोगों का भला हो सके। तो देखो पैसा
कहां चला गया? स्टेट पे चला गया माइंस वगैरह का डिस्ट्रिक्ट मिनरल थोड़ा बहुत जो है वहां के लोगों के भले के लिए भी चला
गया। ठीक है? सेंटर के पास अभी पैसा नहीं आ पाया। सेंटर के पास अभी पैसा क्योंकि जो वहां के मिनरल वगैरह थे वो सब स्टेट में
चला गया। ये एक चला गया सेंटर के बाद जो है तो देखो रॉयल्टी स्टेट का मनी हो गया। ऑक्शन वगैरह करा रहे हो वो भी स्टेट का हो
गया। ऑक्शन भले ही सेंटर करा देगा पैसा वहां जा रहा है। डिस्ट्रिक्ट मनी ये डीएम ये वाला चला गया। अब एक ही चाह रहा था कि
सेंटर के पास पैसा आए। पर सवाल आता है सेंटर करेगा क्या वैसे वो? तो वही बात रिसर्च करना हो, डेवलपमेंट करना हो। है
ना? एक्सप्लोरेशन के लिए और बढ़ावा देना हो। भाई मान लो तुम्हें कोई किताब पढ़नी है। उसका एक पेज ही बस फ़्री है। बाकी पेज
पढ़ने हैं आपको और उसके लिए जो है पैसा चाहिए। तो लाइब्रेरी एक तरह से आप कैसा होता है एक सिस्टम कि जाके आप बढ़िया फ्री
में पढ़ो। कई बार सरकारी लाइब्रेरी आपने देखी होगी। तो ये सरकार जो है खुद इन चीजों को बढ़ावा देने के लिए एक फंड तैयार
कर रही है। तो जो हम अभी पढ़ रहे थे तो इस बार बड़ा इन्होंने जो है थोड़ा सा नामकरण में नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एक ट्रस्ट
बनाया। बेसिकली 2021 में बनाया था। 2000 सॉरी 15 में बनाया था। उसको फिर स्टचटरी बॉडी बना दिया 2021 में। ठीक है? और इस
बार उसका नाम थोड़ा सा रिनेम कर दिया नेशनल बिल्डर एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट। ये बहुत बड़ा इसमें स्कोप थोड़ा
सा वाइड कर दिया। तो इसको बनाने का क्या फायदा हुआ? ये ऐसा ट्रस्ट है बेसिकली कोई भी अगर आप अच्छा काम करोगे, एक्सप्लोरेशन
करोगे, मिनरल्स को बढ़ावा दोगे, जैसे क्रिटिकल मिनरल्स को बढ़ावा देना है, उसको लेकर हमें रिसर्च करनी है, डेवलपमेंट करना
है, पैसा लगेगा ना। स्टेट ने तो स्टेट में कंज्यूम कर गए। तो, सरकार एज अ यूनियन कैसे फेडरलिज्म कैसा दिखेगा वह? फिर तो
उसके लिए इन्होंने एक बढ़िया से ट्रस्ट की बात करी। तो पहले क्या होता था? जितने भी लीज़ होल्डर हैं उनको 2% रॉयल्टी इसी
ट्रस्ट में देना पड़ता था। अब उसको बढ़ा के इन्होंने 3% कर दिया। तो 3% मतलब 50% का इनक्रीस हो गया। बेसिकली ये फंडिंग की तरह
जो सेंटर के पास जाती है जो फिर सेंटर इसको यूज़ करता है। पहले सिर्फ डोमेस्टिक मिनरल एक्सप्लोरेशन में करता था। बट अब जो
है एक्सप्लोरेशन डेवलपमेंट ऑफशोर में कर सकता है। आउटसाइड इंडिया कर सकता है। जहां भी आपको लगे। अब जैसे मान लो कि हमें
अर्जेंटीना के साथ एक्सप्लोरेशन कराना है। अब स्टेट क्या करेगा उसमें? स्टेट तो बोले भैया हमारा तो पैसा हमारे पास चला गया। अब
फिर सेंटर का ही रोल आया। वो पैसा कहां से आएगा सेंटर के पास? तो यहां से इन्होंने एक प्रावधान रखा है कि जो भी मिनरल माइन
से पैसा आ रहा है उसका करीब-करीब 3% रॉयल्टी इस ट्रस्ट में जाएगा ताकि इसका हम और फर्दर यूज़ कर सकें। समझ आ रहा है? समझ
आ रही है चीजें? तो जैसे काबिल है हमारा खनिज विदेश लिमिटेड तो यह सब चीजों को लेकर जो है
वहां पर ये काम तो इस बार जो संशोधन हुआ तो वापस करते हैं। हमने सबसे पहले क्या पढ़ा? हमने पढ़ा कि जो माइनिंग लीज थी और
कंपोजिट लाइसेंस थे उनको थोड़ा सा और ज्यादा जो है परसेंटेज दे दिया कि आप और माइनिंग करो। ठीक है? उसके बाद में
कैप्टिव माइनिंग का बचा हुआ जितना भी मिनरल है वो आप बेच सकते हो। पहले 50% था। नाम यह वाला जो है बदल दिया गया। हिंदी
मीडियम इसको एक बार और देख लो। राष्ट्रीय खनिज अन्वेशन ट्रस्ट 2015 में स्थापित किया गया था। इसी एक्ट के तहत 21 में इसे
वैधानिक घोषित कर दिया गया। अब इस बार इसका नाम जो है राष्ट्रीय खनिज अन्वेशन एवं विकास ट्रस्ट रख दिया डेवलपमेंट को
लेकर। पहले 2% रॉयल्टी मिलती थी। अब तीन मिलेगी। केवल पहले घरेलू खनिजों में अन्वेषण में इसका इस्तेमाल किया जाता था
इन पैसों का। लेकिन अब अपटपटी क्षेत्रों में भारत के बाहर भी अब यूज़ होगा अंदर के लिए भी तो बाहर के लिए भी।
तो यह रीनेम भी करा दिया। देखो इतने अच्छा अच्छा करंट अफेयर्स है। फिर तुम जो है फिर इसके बाद में इन्होंने एक नया
प्रावधान लाया। बाकी नॉर्मली पढ़ लो मिनरल एक्सचेंज। जैसे स्टॉक एक्सचेंज कैसे होता है? ट्रेडिंग करने के लिए। वैसे सेंट्रल
गवर्नमेंट जो है डेवलपमेंट ऑफ मार्केट ट्रेडिंग ऑफ मिनरल मिनरल्स खनिजों के ट्रेडिंग के लिए एक
मार्केट बना रही है। तो मिनरल एक्सचेंज को लेकर भी बात करें। तो मिनरल एक्सचेंज को पूछे क्या है? एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक
ट्रेडिंग प्लेटफार्म बना रहे हैं हम लोग व्यापार करने के लिए प्लेटफार्म बना रहे हैं। जी हां जो इस एक्ट के अंतर्गत
रजिस्टर होगा और सेंट्रल गवर्नमेंट ये सब कुछ देख रही होगी। तो खनिज विनिमय को लेकर भी जो है अब जैसे हम स्टॉक मार्केट वगैरह
कैसे करते हैं वैसे अब मिनरल्स को लेकर भी बढ़िया सा एक मार्केट तैयार हो रहा है इस एक्ट के तहत। ठीक है जी।
बस ज्यादा इसमें जाने की जरूरत नहीं है। इतना बहुत है। एक बहुत मजेदार चीज
जैसे मान लो आप रेत का खनन कर रहे हो। ठीक है? या मान लो कोई भी मुरम मुरम जो होते हैं ना पत्थर निकाल रहे हैं आप तो वो तो
माइनर मिनरल है। अचानक वहां कुछ मिल गया गोल्ड वोल्ड ऐसा कुछ चीज मिल गई तब तो अब इन्होंने नया चेंज कर दिया है क्या? कि
अगर मेजर मिनरल इन माइनर मिनरल लीजिसेस मतलब ये कि अगर कोई मेजर मिनरल पहले मिल जाता किसी माइनर मिनरल के क्षेत्र में तो
कोई प्रावधान नहीं था उसका। जैसे मान लो कि कोई ऐसा एरिया है पत्थर वगैरह निकाले जा रहे हैं।
मुरम निकाली जा रही है। मिट्टी निकाली जा रही है। बस यूज़ कर रहे हैं लोग उसके। मिट्टी का खनन हो रहा है। लेकिन अचानक
वहां कोई मिनरल मिल जाता खनिज तो किसी का कोई ध्यान नहीं। सेंट्रल गवर्नमेंट ध्यान ही नहीं दे पा रही थी उसको। अब लेकिन ये
ऐसा हो गया कि अगर कहीं पर माइनर मिनरल मिल रहा है और अचानक वहां अगर मेजर मिल गया तो उसे मेजर मिनरल लीज की तरह कंसीडर
मतलब उसका प्रॉपर ऑक्शन होगा फिर और सारी चीजें फिर उसको मेजर मिनरल की तरह कंसीडर करेंगे क्योंकि वहां पर दूसरे मिनरल्स मिल
रहे हैं जो क्रिटिकल भी हो सकते हैं। तो क्या किया नया अमेंडमेंट ये करता है कि जो मेजर मिनरल्स हैं जी हां उनको कंसीडर कर
लिया जाएगा। मतलब यह कि इफ अ मेजर मिनरल इज डिस्कवर्ड ड्यूरिंग एक्सप्लोरेशन। अगर कोई मेजर मुख्य खनिज जो है डिस्कवर कर
लिया जाता है तो वो एरिया जो है ऑक्शन किया जाएगा एज अ मेजर मिनरल की तरह ही ताकि हम जो इंपॉर्टेंट मिनरल्स हैं वो
निकाल सकें। ऑक्शन प्रोसेस जो होनी चाहिए सेंटर करा रही है स्टेट करा रही है जैसे अगर क्रिटिकल है तो नॉर्मली सेंटर करा
आएगा तो वो सारी चीजें प्रॉपर प्रोसेस फॉलो होगी ताकि हम लोग जो मिनरल वेल्थ है उसके प्रॉपर वैल्यू कर सकें। ठीक है? तो
जैसे सैंड, ग्रेवल, ऑर्डिनरी, क्ले यह तो स्टेट गवर्नमेंट के द्वारा रेगुलेट होती हैं। आयरन और कॉपर, गोल्ड ज्यादातर यह इस
एक्ट के तहत हम लोग जनरली जा रहे होते हैं। तो अगर यह मिल रहा हो और इसी में अगर मेजर आ जाए तो फिर हम उसको प्रॉपर ऑक्शन
की तरह कंसीडर करेंगे। तो ये एक बहुत बड़ा लिया गया। तो देखो समझो अगर अन्वेषण के दौरान किसी प्रमुख खनिज की खोज होती है।
कोई भी अच्छा खनिज मिल गया तो उस क्षेत्र की नीलामी नियम के तहत प्रमुख खनिज ब्लॉक के रूप में ही की जाएगी। प्रमुख जो मेजर
मिनरल है उसके तहत। ठीक है? अब अब जाग रहा है मेजर मिनरल क्या है? क्लास शुरुआत से देखो यह सब पढ़ा चुका हूं पहले ही।
ये हो गया यहां तक। चलो तो अमेंडमेंट्स हम लोगों ने देख लिए। कैप्टिव माइन को लेकर देख लिया। ठीक है? नाम हमने ट्रस्ट का नाम
बदल दिया। ट्रस्ट वगैरह में परसेंट 3% हो गया है। अब बाहर के मिनरल्स पर भी फोकस होगा। ठीक है? उसके बाद में माइनिंग लीज
कंपोजिट लाइसेंस में जो है 10% और 30% का हमने प्रावधान कर दिया है। तो ये सारी चीजें जो है कुछ अमेंडमेंट्स मेरे हिसाब
से आपको समझ में आ गए हैं। डन। अगर इनको तुम खुद पढ़ो तो समझ ना आए। अब एक नई पॉलिसी आई इस बार। ये एक्ट से अलग
है बेटा। है ना थोड़ा। पॉलिसी का नाम तो पढ़ लो। पॉलिसी फॉर एक्सप्लोरेशन ऑफ क्रिटिकल मिनरल इन अ न्यू प्रोजेक्ट्स एंड
रिकवरी ऑफ क्रिटिकल मिनरल्स फ्रॉम ओवर बर्डन डंप टेलिंग्स। ओ भाई साहब इसको आसान कर देता हूं तुम्हारे लिए मैं। आपने कहीं
माइनिंग करी तो क्रिटिकल मिनरल मिल गए। जैसे अभी मान लो रियासी में बोले लिथियम मिला हमें। वहां आपने डायरेक्ट पता है
लिथियम मिला तो आपने एक्सप्लोरेशन मान लो चालू कर दिया। ठीक है? वो एक अलग बात हो गई। अगर कोई ऑलरेडी दूसरे मिनरल्स की जैसे
मान लोहा निकल रहा है झारखंड में। कॉपर निकल रहा है मध्य प्रदेश में। उसके वेस्ट प्रोडक्ट में हो सकता है कि क्रिटिकल
मिनरल हो। तो उसे वेस्ट मत समझो। उसमें से क्रिटिकल मिनरल निकालो। वेस्ट से हमें रिसाइकल करो। तो यह वो पॉलिसी उससे
संबंधित है। मतलब क्रिटिकल मिनरल के सेकेंडरी सोर्स भी तो हो सकते हैं। द्वितीयक सोर्स भी तो हो सकते हैं।
डायरेक्ट हमेशा थोड़ी कि मेरे को माइंस ही ढूंढूं पहले मैं ऑलरेडी जितने मिनरल निकाल रहे हैं। क्योंकि सुनो इधर देखो
जब तुम कॉपर निकालते हो ना तो उसमें सेलेनियम, टेलियम, कोबाल्ट, मोल्डियम, गोल्ड, सिल्वर ये सब निकल सकते हैं। जिंक
निकालते हो तो सिल्वर, कैडमियम, इंडियम, गैलियम निकलता है। लेड निकालते हो तो सिल्वर मतलब इनकी माइनिंग अगर हो रही है
तो डेफिनेटली इनके वेस्ट में ये सारे मिनरल्स मिलेंगे हमें। तो हम क्यों जाने दें? ये तो सेकेंडरी सोर्स है हमारे लिए।
इनको ठीक तो इसकी पॉलिसी लाए हैं। समझ आई बात? इसकी जो है पॉलिसी अब ये कांसेप्ट कैसे जागे ये लोग? इनको कैसे समझ
आया? ऐसा करना चाहिए हमको। तो इसलिए याद रखना इनको सपना नहीं आया है। यह कांसेप्ट जीरो वेस्ट माइनिंग का मिनरल पॉलिसी 2019
में था। इसी को लेकर बेहतर रूप में इन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स को बेहतर करने के लिए तो यह जीरो वेस्ट माइनिंग
शून्य अवशिष्ट खनन की अवधारणा पहले से थी हमारे पास राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 में। इसी के तहत हमने प्रॉपर अब एक जो है यह
पॉलिसी ले आए हैं। स्पेशली नए प्रोजेक्ट या रिकवरी फ्रॉम ओवरबर्डन डंप। अब देखो अलग-अलग शब्दावलियां हैं। अपन समझते हैं
कि कहां-कहां से क्रिटिकल। इतना समझ में आ गया कि क्रिटिकल मिनरल्स को सेकेंडरी सोर्स से भी निकाला जा सकता है। मतलब किसी
और मिनरल्स की खदानों से भी जो वेस्ट निकलता है उससे निकाला जा सकता है। ठीक है? हिंदी मीडियम पढ़ लो बेटा। द्वितीयक
स्रोत जहां महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं। अब इसमें एक वर्ड प्रीलिम्स में आ सकता है टेलिंग्स।
टेलिंग्स क्या होती हैं? तो जैसे आपने कोई खनिज को प्रोसेस किया। कोई खनिज को प्रोसेस किया। ठीक है? और
उससे बहता हुआ जो स्लर था स्लरी मटेरियल स्लरी जो था बचा कुचा तो उसमें से वेस्ट मटेरियल में से जो चीजें निकलेंग तो जो
वेस्ट प्रोडक्ट है उसके लिए टेलिंग वर्ड यूज़ करते हैं। तो कल को प्रीलिम्स में पूछ ले टेलिंग क्या है? तो कम से कम ध्यान
रखना स्लरी है। वेस्ट मटेरियल जो बच जाता है लेफ्ट ओवर रह जाता है किसी और और की प्रोसेसिंग के बाद में। ठीक है? फिर उनको
हम क्या करते हैं? ऐसे गड्ढों में, पोंड्स में, तालाबों जैसे बना के वहां इकट्ठे कर देते थे अब तक। पर उन्होंने कहा नहीं नहीं
उसमें से भी एक्सट्रैक्ट करो क्रिटिकल मिनरल मिलेगा कुछ फिर एक होता है कंपैनियन मेटल्स कंपैनियन किसी के साथ अलोंग साइड
मिलने वाले प्राइमरी मिनरल जैसे कोबाल्ट कॉपर के साथ मिल जाता है या एसोसिएटेड मिनरल्स भी कह सकते हैं तो टेलिंग्स मतलब
जो अवशेष बचे हुए अयस्क प्रसंस्करण के बाद बचा हुआ महीन अवशिष्ट पदार्थ सह धातुओं में जैसे मैंने अभी बताया कंपैनियन तो यह
जो मैं बता रहा था अब कहां-कहां से जो है तो इन्होंने क्या कहा इस पॉलिसी के अंतर्गत टोटल पांच ऐसी जगह आइडेंटिफाई करी
है जहां पर ये सेकेंडरी सोर्स बन सकते हैं। पांच वेस्ट डंप समझ में आ रहा है वेस्ट जो इकट्ठा हो जाता है उसको लेके
निकल और वगैरह जो है उनमें आपको देखने को मिलेगा। सबग्रेड मिनरल रिजेक्ट डंप जो खदान वगैरह का जो वेस्ट वहां जैसे टेलिंग
डैम्स पोंड्स जो अभी मैंने बताया कि जहां पर जो है बचा कुचा मटेरियल अवशिष्ट डंप उपश्रेणी खनिज अपस्वीकृत डंप कि भैया हमने
तो इग्नोर कर दिया ये तो बेकार हो गया हमारे लिए लेकिन फिर भी वो लाभदायक हो सकते हैं हमारे लिए टेलिंग नेम फिर
स्मेल्टर स्लैग कोई स्मेल्टर प्लांट है जहां पे चीजें तो वहां से निकाल सकते हो फिर ये वर्ड तुम्हारे लिए घबराहट वाला
बनेगा एनोड स्लाइम क्या होता है तो तो जो इलेक्ट्रोलाइट रिफाइनरीज़ होती हैं, है ना? उनमें से तो अगर तुम्हें नहीं
समझ में आए तो यह भी लिख लो कि एलोड स्लाइम भी एक वेस्ट प्रोडक्ट जहां से क्रिएट हो कि इट इज़ अ बाय प्रोडक्ट ऑफ द
इलेक्ट्रो रिफाइनिंग प्रोसेस एंड कंसिस्ट ऑफ इनसॉलीबल इंप्युरिटीज़ फ्रॉम द एनोड दैट फॉल ऑन द बॉटम ऑफ द रिफाइनिंग सेल। जहां
भी रिफाइनरी हो रही है जब उसका वेस्ट प्रोडक्ट निकाल रहा होता है तो एनोड वगैरह के क्षेत्रों से निकलने वाला एनोड स्लाइम
है। नहीं कुछ समझ आए आसानी से इतना कर लो कि ये वेस्ट कैटेगरी में आता है कि एनोड स्लाइम भी जो है ये वो वेस्ट है जहां से
हम क्रिटिकल मिनरल निकाल सकते हैं बेटा। ठीक है? और इतनी अच्छी बात है कि इसके अंदर पाए जाने वाले मिनरल पूछ सकते हैं।
क्यों? बड़े ही महंगे मिनरल मिलते हैं सर। एंटीमनी, सेलेनियम, गोल्ड ये सब यहां पर सिल्वर इसमें से निकलता है। ये वेस्ट की
तरह ही इसको कंसीडर करो आप। तो प्रीलिम्स में आप खुद सोचो कि अगर एनोड स्लाइम से कौन से खनिज बनते हैं निकलते हैं पूछ ले
तो नहीं बनता हमसे ये टॉपिक अगर मुझसे कोई बोल दे स्मेल्टर स्लैग डंप्स में क्या मिलेगा तो हमें पता होना चाहिए कि बहुत
सारे क्रिटिकल मिनरल्स उसमें मिल सकते हैं स्मेल्टिंग के बाद और टेलिंग जैसा वर्ड तो हमें पता ही नहीं लगता कि टेलिंग क्या
होता है? कंपेनियन मिनरल क्या होते हैं? तो कंपेनियन मेटल टेलिंग शब्द समझ में आ गया कि जो किसी के साथ जो वेस्ट प्रोडक्ट
में मिल रहे हैं। हिंदी मीडियम देख लो। एनोड मतलब यह विद्युत शोधन प्रक्रिया का एक उपाद है और
इसमें एनोड से निकलने वाले अघुलनशील अशुद्धि जो उसमें मेल्ट नहीं हो पाई जो मिल नहीं पाई जो बचा कुचा रिमेन है वो है
ये। ठीक है? अब जैसे क्वेश्चन ही आ जाता कि वि ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट अ सेकेंडरी सोर्स ऑफ
क्रिटिकल बिल? वेस्ट डंप सेकेंडरी सोर्स है क्या? टेलिंग पोंड है क्या? प्राइमरी और बॉडी स्मेल्टर
स्लैग। इनमें से इनमें से क्या आंसर होगा? सेकेंडरी द्वितीयक क्रिटिकल मिनरल वाला सोर्स क्या हो सकता है? बताओ। आंसर दो।
आंसर दो भाई। आंसर दो। ऑफ कोर्स प्राइमरी बाकी तो सब वेस्ट से निकल रहा है। मतलब सब सेकेंडरी है। है ना?
तो एनोड स्लाइम क्या है? इलेक्ट्रोलाइट शोधन से प्राप्त सेलियम टेलियम और नॉर्मली जो अपने यह
सेलेनियम हो गया, एंटीमनी हो गया, सोना, बिस्मथ, सीसा, पीबी लेड, चांदी सब मिलेगा इसमें।
तो निम्नलिखित में से कौन सा महत्वपूर्ण खनिज का द्वितीयक स्रोत नहीं है? अपशिष्ट डडम, टेलिंग पोंड, प्राथमिक ऐशभंडा,
स्मेल्टर, स्लैग। और गैलियम को लेके पूछ सकता है। क्रिटिकल मिनरल जो कि कंपैनियन मेटल है इन वि ऑफ द
प्राइमरी ओर? बॉक्साइट। एलुमिनियम और तो यह मैं मॉडल क्वेश्चंस बता रहा हूं कि
वह किसी के उसमें पूछ सकता है कि किसके साथ मिलता है ये। तो ऐसे कंपैनियन वाले भी आ सकते हैं। जैसे ये टेबल है इसमें है ना?
तो वो पूछ सकता है कि भाई यूरेनियम कहां-कहां और मिल सकता है? क्रूड ऑयल कहां मिल सकता है? इस तरह से। तो ये आपको याद
से पढ़ना है। है ना? उसके बाद में जो है आपको यही कहूंगा मैं कि कल को वह पूछ ले नोटिफाइड मिनरल्स क्या
होते हैं? नोटिफाइड है ना नोटिफाइड मिनरल्स क्या होते हैं? अधिसूचित खनिज क्या है?
तो याद रखना ये हमारे एक्ट में ही मेंशंड है। लास्ट में जो शेड्यूल है अलग-अलग फोर्थ शेड्यूल में आते हैं ये। स्पेशली
बॉक्साइट, आयरन ओर, लाइमस्टोन और मैंगनीज़ ओर। यही है नोटिफाइड चार। दुनिया क्रिटिकल पढ़ने में व्यस्त होगी। दुनिया
कॉन्फ्लिक्ट में पढ़ने में व्यस्त होगी। दुनिया मेजर माइनर में व्यस्त होगी। है ना? तुमसे पूछ लिया नोटिफाइड क्या होता
है? बताओ। तो ये चार हैं। क्यों कह रहे हैं हम लोग? क्योंकि ये मदर ऑफ ऑल इंडस्ट्री जैसे काम
करते हैं। इनसे बाकी इंडस्ट्री भी चल रही हैं। वो है ये। मतलब स्ट्रेटेजिकली बहुत इंपॉर्टेंट है। इन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट
चाहिए। तो ये वो चीजें हैं। वैसे आपके लिए मैं बता दूं कि 2000 ये मतलब जो एक्ट है हमारा उसके टोटल आखिरी में आठ शेड्यूल
होते हैं। तो जो मिनरल्स हम क्लासिफिकेशन कर रहे थे वो पहले वाले शेड्यूल में आता है। रॉयल्टी रेट्स वगैरह दूसरे वाले
शेड्यूल में है। ठीक है? और जो अभी हम नोटिफाइड कर रहे थे वो चौथे शेड्यूल में है।
तो यह कम से कम तीन बातें अपने को याद रखनी है। मिनरल्स का क्लासिफिकेशन शेड्यूल वन में
रॉयल्टी के रेट शेड्यूल टू में नोटिफाइड मिनरल आयरन बॉक्साइट लाइमस्टोन मैंगनीज ये हमें याद रखना है ठीक है
तुम कहोगे सर मैंने तो यह पढ़े ही नहीं कभी मैं तो जो है मेरा तो एग्जाम की तैयारी हो गया है पूरा बताओ अब तुम्हारे
क्वेश्चन इस टेस्ट सीरीज के भी सही होने लगे चिंता ना करो चलो अब वो रेयर अर्थ परमानेंट अब वो एक्ट
हो गया। आई थिंक एक्ट से आपको काफी चीजें सीखने को मिल गई होंगी। है ना? अब रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट आरईपीएम
मैन्युफैक्चरिंग स्कीम। जी सर। तो भारत ने करीब इतना पैसा लगाया है तो एग्जाम में तो आ ही सकता है। 7280 करोड़
स्कीम लग पैसा लगाया है ताकि जो है हम लोग ऐसे कुछ परमानेंट मैग्नेट्स जो है बना सकें। रेयर अर्थ मिनरल से आते हैं ये। और
ये क्या होते हैं? तो यह हाई स्ट्रेंथ मैग्नेट है चुंबक जो रेयर अर्थ एलिमेंट से बनते हैं। स्पेशली नियोडाइमियम और
सेमेरियम से बनते हैं। ये हाई मैग्नेटिक स्ट्रेंथ देते हैं। छोटे से कॉम्पैक्ट साइज के होते हैं। लेकिन इनकी मैग्नेट
स्ट्रेंथ बहुत ज्यादा होती है। तो हम बहुत ज्यादा डिपेंडेंट हैं इंपोर्ट पे। करीब-करीब चाइना से हमें देना पड़ता है
बहुत ज्यादा। तो इन सब चीजों को कम करने के लिए। तो अच्छे से याद रखना भूलना मत। तो भारत में
इंपोर्ट डिपेंडेंट थे हम। इसलिए हमने प्रोजेक्ट बनाया है। इंडस्ट्रियल यूज़ है। काफी जो रीसेंट टेक्नोलॉजीस है वहां इनका
यूज़ होता है। इसमें ये दो वर्ड याद रखना आप लोग कि किससे मिलके बना है। चाइना से ले रहे हैं हम लोग। है ना?
मांग बढ़ी रही है आज के टाइम पे। सो नियोमियम और समेरियम ये लिख लो। अति उच्च चुंबकीय शक्ति प्रदान करते हैं।
इसको हमें जो है बढ़ाने की बात चल रही है। अगला है शक्ति पॉलिसी। अगला है
अगला है शक्ति पॉलिसी। अगला है शक्ति पॉलिसी। पहला सवाल कि शक्ति पॉलिसी क्या है? किस चीज के लिए है? तो
शक्ति का मतलब है स्कीम फॉर राजनिंग एंड एलोकेटिंग कोयला ट्रांसपेरेंटली इन इंडिया।
कोयला को एलोकेट करने के लिए मतलब मिनिस्ट्री ऑफ कोल से संबंधित है ये। और थोड़ी बेहतर ट्रांसपेरेंसी आ सके
प्रेडिक्टेबल मार्केट लिंक्ड कोल एलोकेशन थर्मल पावर प्लांट्स वगैरह इनके लिए तो एलोकेशन जो हम कोयला का करते हैं उसके
स्ट्रक्चर में थोड़ा सा इन्होंने बदलाव किया है तो पहली बात तो शक्ति पॉलिसी का संबंध कोयले के क्षेत्रों के एलोकेशन से
संबंधित है कोयले से संबंधित है ये याद रखना है। ठीक है? मेन चीज क्या है इसमें कि हम एलोकेशन कर सकें बेहतर तरीके से।
बहुत कंफ्यूजन होता था पहले लेकिन अब बहुत क्लियरली इन्होंने कर दिया है। तो कैसे कुछ चेंजेस किए हैं कुछ काम के वो जरा हम
लोग एक बार चेक कर लेते हैं। तो भारत में पारदर्शी रूप से कोयले का दहन और आवंटन के लिए ये योजना है। एक तरह से अच्छे से याद
रखना है। तो शक्ति नीति का संबंध अच्छे से याद रखें। है ना? कोयले का पारदर्शी पूर्वानुमान योग्य और
बाजार से जुड़ा आवंटन कर सकें। इसे इसका मेन उद्देश्य यह था। क्या हुआ? एलोकेशन के नाम पर पहले आठ
अलग-अलग कैटेगरीज हुआ करती थी कि यह अलग-अलग श्रेणियों में एलोकेट किए जाते थे। लेकिन अब जो है इसको आसान कर दिया है।
दो अलग-अलग विंडो वन विंडो टू कर दिया है। मतलब ये कि अगर सेंट्रल गवर्नमेंट को सेंट्रल या स्टेट गवर्नमेंट थर्मल पावर
प्लांट को लेकर कुछ भी करना है तो उसके लिए एक अलग तरीका इन्होंने अपना लिया है। दैट इज रेगुलेटेड मतलब कोल लिंकेज एट
नोटिफाइड प्राइसेस स्पेशली मतलब सेंट्रल स्टेट के लिए इन्होंने एक अलग कैटेगरी बना दी या उसमें वेंचर वगैरह जॉइ और दूसरा जो
इन्होंने करा मार्केट बेस्ड मतलब यह कि फॉर ऑल थर्मल पावर प्रोड्यूसर डोमेस्टिक इंपोर्टेड कोल यूजर मतलब इसके अलावा जो
हैं बेसिकली जो सेंट्रल और स्टेट के अलावा मान लो जो भी प्लेयर्स होंगे तो उनके लिए इन्होंने अलग व्यवस्था कर दी। मतलब यह कि
जो सभी तापीय विद्युत उत्पादक के लिए नीलामी आधारित कोयला आवंटन अधिसूचित और प्रीमियम के आधार पर सीधी सी
कहानी यह है कि पहले जो बहुत सारे अलग-अलग एलोकेशन पैटर्न्स थे उनको थोड़ा आसान कर दिया। स्टेट सेंटर के लिए अलग कर दिया और
बाकी रिमेनिंग के लिए अलग कर दिया। इतना तुमसे एग्जाम में खूब डिटेल में नहीं जा सकते वो। लेकिन फिलहाल अपने को ये शक्ति
पॉलिसी एलोकेशन को बेहतर करने का एक नया तरीका था। इसमें हम यह कह सकते हैं कि यह वाले से थोड़ा प्राइवेट प्लेयर्स को और
बेहतर क्लेरिटी आ जाएगी। प्राइवेट प्लेयर्स जो हैं उनको बढ़ावा मिलेगा तो प्राइवेट सेक्टर का पार्टिसिपेशन बढ़
जाएगा। पावर जनरेशन और थोड़ी बेहतर हम लोग कर सकते हैं। ठीक है? तो इसमें लॉन्ग टर्म शॉर्ट टर्म सारे लिंक मतलब ऑप्शंस दे रखे
हैं 12 महीने से 25 साल तक के। तो ये शक्ति पॉलिसी उससे संबंधित है। बस इससे ज्यादा इसमें परेशान होने की ज्यादा जरूरत
नहीं है। मतलब जो पहले बिजली खरीद समझौते हुए करते थे वो सब खत्म हो गए। तुम तो डायरेक्ट जो
है काम शुरू करो वैसा काम है और टाइम को भी इन्होंने बढ़ा दिया। देखो अभी आप हमेशा ध्यान रखना हमने एक्ट पढ़ा
या अभी यह पढ़ा थोड़ा गवर्नमेंट को अगर आप ऑब्जर्व करोगे तो चीजों को फ्लैक्सिबल बना रहे हैं। तो कई बार प्रीलिम्स में ऐसे
ऑप्शंस मिल सकते हैं तुम्हें। तो उसका लिंकेज आप इस तरह से कंसीडर करना कि चीजें फ्लेक्सिबिलिटी की तरफ वाले ऑप्शंस अगर
होंगे तो आपके आंसर सही होने के चांस जो हैं थोड़े से ज्यादा बढ़ जाएंगे। तो इस थॉट प्रोसेस पे भी कई बार आंसर्स हमारे
सही हो जाते हैं। ठीक है? अच्छा क्रिटिकल मिनरल मिशन पढ़ाने की मुझे जरूरत नहीं। तुमने बहुत बार पढ़
लिया है। दो साल से हम पढ़ते ही आ रहे हैं कि इंडिया के डिपेंडेंस जो है उसको कम करने के लिए। तो क्रिटिकल मिनरल का एक
प्रॉपर मिशन में हम लोग चल रहे हैं जिसमें हम एक्सप्लोरेशन, माइनिंग और यही कारण था कि अभी काफी बदलाव हमने देखे एक्ट में। तो
ये सब चीज आपको पता है। कुछ फ़क्चुअल चीजें आप रिवाइज कर सकते हो। 30 मिनरल हमारे पास क्रिटिकल मिनरल्स हैं 30 टोटल जिसमें
लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निक, रेयर अर्थ एलिमेंट। ठीक है? टाइटेनियम, टंगस्टन, वेनेडियम ये सारी चीजें। इसका एक
काम और किया है मैंने आप लोगों के लिए। अगर आप देखेंगे तो आपके पास स्लाइड में पूरी लिस्ट है। तो आराम से अगर लगे तो पढ़
लीजिएगा पूरे जितने भी मिनरल्स हैं अपने और इनके यूज़ तो पता ही है। बचपन से पढ़े आ रहे हो। इसमें समय नहीं लगाएंगे हम।
चाहे ग्रीन एनर्जी इलेक्ट्रॉनिक्स वगैरह रक्षा क्षेत्र में चिकित्सा उपकरण वगैरह में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी में यूज़ हो रहा
है। तो इस चीज को जो है अपने को अच्छे से याद हां नई चीज यह कर सकते हो कि क्रिटिकल मिनरल एक पैक्ट बना हुआ है। इंडिया और
ब्राजील ने साइन किया है क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर। तो एक यह मेंस को लेकर आप लोग कंटेंट यूज कर सकते हो क्योंकि करीब करीब
नयोबियम जो है बड़ी मात्रा में ब्राजील में पाया जाता है। तो हमने उसके साथ कर लिया है एमओयू।
बाकी तो फिर लोहा वगैरह है ही ब्राजील में। है ना?
आगे बढ़ेंगे। ये स्लाइड पिछले साल वाली है जो पता डिफाइन करती हैं। मेंस में काम आएगा आपको। रेयर अर्थ एलिमेंट्स में भी
मैंने बता दिया जिसमें एटॉमिक नंबर से 57 से लगा के लैंथेनम 71 तक
पीरियडिक टेबल में जो होते हैं और इकोनॉमिकेंस जिनका ज्यादा है जिनकी डिमांड ज्यादा है और सप्लाई जब कम हो जाता है तो
मिनरल क्रिटिकल बन जाता है। तो ये सारी चीजें आप लोग आराम से पढ़ सकते हो। ये रेयर अर्थ मिनरल्स का ये पीरियडिक टेबल
में हम नॉर्मली पढ़ रहे होते हैं। फिर एक टेबल यह कुछ स्लाइड्स ऐड करी हैं जिनमें इनके यूजज़ हैं जो आप आराम से लगे
तो पढ़ लीजिएगा। क्रिटिकल मिनरल की रिसाइक्लिंग को लेकर भी बातें हमने काफी करी हैं।
ऐसे ही ग्रेफाइट को लेकर आप एक डाटा जरूर लिख लो। ग्रेफाइट फिर आगे और अपन पढ़ेंगे। अरुणाचल प्रदेश में रिजर्व ग्रेफाइट ये
यूनिक बात है थोड़ी सी। है ना? इसलिए मैं इसको लिखवाना चाह रहा हूं। बेटा कुछ बच्चों को लग रहा है कि स्लाइड
हिंदी की इंग्लिश की जब पीडीएफ तो मैं कल दे दूंगा मैं तो आप आराम से पढ़ लेना। अभी अपना टॉपिक काफी कवर करने हैं अपने को।
ऐसे अपन 5-प मिनट रुकते चलेंगे तो फिर हो ही नहीं पाएगा कंटेंट पूरा। और ये वीडियो रहेगा ही तुम्हारे लिए। बड़ा
आश्चर्य है भाई साहब। 13 1400 बच्चे लाइव बैठे हुए हैं शुरू से। नाइस। आप लोगों ने टेस्ट एनरोल कर लिया ना? कर लेना है ना
डिस्क्रिप्शन में जो है 11 तारीख। अगला हमारा ज्योग्राफी वाला वीडियो रहेगा। अगले गुरुवार शुक्रवार में आई थिंक वो
लाइव हो ही जाएगा। इसके बाद प्रोडक्शन तमिलनाडु कर रहा है। वर्ल्ड में तो चाइना है ही। ग्रेफाइट को क्या ही मैं जो है
अब एक बहुत अच्छी चीज ल्च हुई 2015 के टाइम पे तो पुरानी चली आ रही है लेकिन ठीक है।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना नाम से समझ में आ रहा है। खनिज का जो क्षेत्र है उसका कल्याण हो जाए। तो
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन के थ्रू होता है जो अभी समझाया था मैंने आपको कि जो वहां के लोग हैं जो इंपैक्ट हो रहे हैं
यार उनके वेलफेयर के लिए भी तो कुछ करना होगा उनके लिए वेलफेयर प्रोजेक्ट उनके लिए जो एडवर्स इंपैक्ट हुए हैं पानी वगैरह साफ
हो उनके लिए रहने की व्यवस्थाएं अच्छी हो तो उनको लेकर भी है ये मेंस में आप एटलीस्ट यूज़ कर सकते हो या मान लो किसी
रीजन में माइनिंग प्रॉब्लम्स को लेके कभी क्वेश्चन आ गया है ना या कभी ऐसे रीजंस जो बहुत ही बैकवर्ड रीजंस हैं माइनिंग से
काफी प्रभावित हैं तो उसमें उसमें हम लोग एक आध ऐड अप ये कर सकते हैं। इसमें एक अच्छी बात थी कि जो हमारा
डिस्ट्रिक्ट मिनरल जो फाउंडेशन है उसका 70% फंड जो है हम ड्रिंकिंग वाटर, हेल्थ केयर, एजुकेशन, एनवायरमेंट, प्रिजर्वेशन
इन सभी सेक्टर में लगाएं। है ना? और 30% जो है मैक्सिमम फंड हम एनर्जी सेक्टर की तरफ लगाएं। मतलब पैसा
एलोकेशन में काफी मदद कर रहा है यह स्कीम। तो उसको लेकर यह है तो वन लाइनर अभी लगे तो इससे भी पढ़ सकते हो आप। यह रहेगा
पीडीएफ। अभी अपन आगे बढ़ रहे हैं। यह अभी कुछ समय पहले ही न्यूज़ में था। रेयर अर्थ कॉरिडोर्स हम लोग बना रहे थे। याद है आपको
किसी ने सुना है रेयर अर्थ कॉरिडोर। वही रेयर अर्थ मिनरल्स क्रिटिकल मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा देने के लिए, उसकी
माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च सब करने के लिए। तो, सबसे पहले तो पूछा जा सकता है कि रेयर अर्थ जो मिनरल्स होते हैं, ठीक है?
आगे और आएंगे। वो कहां मिलते हैं? तो मोनेजाइट नाम की जो जो सैंड है जिसमें थोरियम भी मिलता है
भारत में सबसे ज्यादा मिलता है उसमें मिलता है और ये ज्यादातर हमें बीचेस में किनारों पर हमें देखने को मिलती हैं। तो
रेयर अर्थ कहां मिलेगा वो भी मैं आगे बता दूंगा। चिंता मत करो। बट रेयर अर्थ कॉरिडोर हम लोग कहां बना रहे हैं? तो
उड़ीसा, केरला, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु जहां आराम से हमें मोनेजाइट सैंड देखने को मिलेगा।
तटीय क्षेत्रों में विकास करना ताकि ये वाले राज्य ये स्टेट पूछ सकता है कि इसके अंडर में कौन-कौन से स्टेट हैं?
जगह अगर मैं बताऊं तो रख सकते हो। उड़ीसा में अराउंड छतरपुर केरला में छावरा विजिंजम रीजन आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम
विशाखापटनम तमिलनाडु में मनावाला पुरची और साउथ कोस्टल डिस्ट्रिक्ट्स बट ठीक है याद रखना है अपने
को रेयर अर्थ से याद आया एक मिनट रुकना जरा मेरे पास आई थिंक स्लाइड होगी अर्थ की
रुकना जरा हम तो यहां अलग से लिखा हुआ है कि टोटल 17 एलिमेंट होते हैं रेयर अर्थ में स्कैंडियम
यथियम और फिर वो जो लैंथेनाइड्स हैं जो 15 एलिमेंट्स हैं स्पेशली पीरियोडिक टेबल में 57 से लगा के 71 तक के ये वो सारे रेयर
अर्थ भारत में मोनाजाइट इसका वो है और नॉर्मली अभी प्रोडक्शन हम केरला में कर रहे हैं बट रीसेंट डाटा में थोड़े से
बदलाव दिखे गुजरात उड़ीसा जैसी जगहों पर भी हमें रेयर अर्थ जो है मतलब इसलिए मैं कह रहा हूं कोस्टल बेल्ट याद रखना आप
वर्ल्ड में तो जो है ठीक है चाइना वगैरह में हमें दिखाई दे रहा है रेयर अर्थ ये कंबाइन बोल रहा हूं मैं है ना
ठीक आगे बढ़ते हैं तो पीरियडिक टेबल वगैरह का भी याद रखना है ना थोड़ा सा कि या कभी दिमाग में आ जाए कि रेयर अर्थ
जो मिनरल्स हैं वो कहां मिल रहे हैं। इस तरह से अब आगे बढ़ेंगे हम लोग।
ये कुछ न्यूज़ में था। कुछ मिनरल्स को हम लोगों ने माइनर से मेजर किया है। याद है आपको? अभी
जो मैं बता रहा था बैराइट्स फेल्स माइका क्वार्ड्स। यह पुरानी न्यूज़ है। लेकिन यह पढ़ चुके होंगे आप लोग। बैराइट एलस्पार
माइका क्वाड्स को हमने माइनर से मेजर में ले गए हैं। क्यों ले गए हैं? क्योंकि इनके साथ क्रिटिकल मिनरल्स मिलते हैं। तो उनको
हमने थोड़ा सा जो है मेजर कंसीडर कर लिया है। है ना? तो एक तो यह करना है अपने को।
उसके बाद में क्वार्ड्स फेल्ट्स माइका भी ऐड करना है। क्वार्ड्स फेल्टs और माइका लिख ही लिया होगा आपने।
क्यों सर इनको? क्यों? क्योंकि यह पग्मेटाइट रक्स के साथ मिल रहे हैं जिसमें अलग-अलग इस तरह के खनिज और मिल रहे होते
हैं। इसलिए इनको हमने कंसीडर कर लिया क्योंकि ये जब क्रिटिकल मिनरल एक्सप्लोर कर रहे होते हैं तो उन्हीं जगहों पे हमें
ये मिल रहे होते हैं। तो थोड़ा सा वो स्टार्टिंग में हालांकि मैंने आपको बता चुका हूं।
पहले भी हम लोग ये डिस्कस कर चुके हैं। चूना पत्थर। चूना पत्थर को भी मेजरमेंटल कर लिया था। क्योंकि पहले क्या होता था कि
जो चूना पत्थर कंस्ट्रक्शन के लिए यूज़ होता था उसको माइनर कंसीडर कर लेते थे। और जो सीमेंट इंडस्ट्री के लिए यूज़ होता था
उसे मेजर रखते थे। बट अब किसी भी प्रकार का होगा वो सब का सब मेजर रहेगा। ध्यान रखना इरेस्पेक्टिव ऑफ़ एंड यूज़ कि तुम उसको
यूज़ कहां कर रहे हो? उसके आधार पे माइनर मेजर मत करो। ठीक है? उसके आधार पर माइनर मेजर मत करो। ये तो कुछ बच्चों का रिवीजन
हो रहा होगा ये टॉपिक। दिसंबर में पढ़ा था हमने। जी हां, सेडिमेंट्री रॉक होता है। ये सारी चीजें कैल्शियम कार्बोनेट होता
है। बट ध्यान रखना है कि मेजर मिनरल में भी इसका जो है हमने बदलाव किया है। सीमेंट इंडस्ट्री, लाइम प्रोडक्शन। तो चूने का
निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाला जो चूना पत्थर था निर्माण कार्यों में वो पहले जो है गौण खनिज में था। माइनर में था
और सिर्फ सीमेंट वाले को मेजर में रखा था। लेकिन अब तुम किसी भी प्रकार का हो उसे तुम्हें जो है प्रमुख खनिज में रखा गया।
मेजर मिनरल में रखा गया है। ठीक है? चूना पत्थर का डाटा काम का है। भारत में कर्नाटक में भंडार है। प्रोडक्शन
में राजस्थान आगे है। मध्य प्रदेश आगे। और यही कारण है कि ये राज्य सीमेंट उद्योगों में भी काफी आगे रहते हैं। स्पेशली एमपी
वगैरह देखोगे तो और वर्ल्ड में प्रोडक्शन चाइना रख लो तो भी काम है। प्लीज टेक योर टाइम। इसको नोट डाउन करना अच्छे से। काम
का है लाइमस्टोन। जो नहीं भी लिख पा रहा है पीडीएफ मिल जाएगा कल टेंशन मत लो बट
बैठ के इतना तो समझ लो कि भाई साहब मिनरल में अपने पास ये पता लगे एग्जाम के पहले ये सब ढूंढ रहे हो तुम एक-ए दो-द घंटे
खराब सब ऑलरेडी व्यवस्था कर रखी है कितनी देर क्लास चलेगी बस थोड़ी देर टेंशन ना लो खत्म हो रही है मिसलेनियस पे आ गए
हम लोग यूरेनियम कहां-कहां मिलता है? उसको लेकर जो है भारत और कनाडा में ने भी एक
एग्रीमेंट बनाया है। है ना? तो यूरेनियम भारत में अगर हम देखेंगे तो आंध्र प्रदेश झारखंड प्रोडक्शन आंध्र
प्रदेश में हो रहा है। एक तो यह नोट डाउन करना है। पिछले साल की कुछ चीजें आपको मैं बता चुका हूं। भारत में सबसे ज्यादा
रिसोर्स हमें थोरियम का मिलता है। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड स्टेट्स तो है ही। उसके बाद यह पिछले साल का ही
कंटेंट है यह वाला। यह जरूर याद रखना है अपने को। वर्ल्ड में ऑस्ट्रेलिया के पास रिजर्व है।
प्रोडक्शन के नाम पे कजाकिस्तान हमें दिखाई दे रहा है। यह लिख लो आप। अब मैंने यही कहा था कि ना
यह कंफ्यूजन होगा थोड़ा-थोड़ा। इसलिए अपन ने अब आखिरी में इस बार बहुत नया इनिशिएटिव लिया है मैंने। उसको अभी आखिरी
में दिखा रहा हूं मैं आपको ताकि थोड़ा सा टेंशन फ्री हो जाओगे तुम। अभी एक मैप है आपके पास। ठीक है? मैं बताए जा रहा हूं
वैसा करना। भारत में यूरेनियम कहां-कहां मिलता है वो है। तो मेघालय रीजन में मेघालय क्षेत्र में जो मोजिमराम सुनते हो
आप लोग। मौजिमराम वहां तो है ही लेकिन एक दोमिया सीट करके जगह है वहां पर मिलेगा।
देखो याद रखना महाडेक रीजन डोमिया सेठ ये मैप है आपको लगे तो पढ़ भी लेना कोई दिक्कत नहीं है। झारखंड में सिंभूम हम
हमेशा पढ़ते हैं। सिंभूम रीजन में जादूगड़ा जादूगड़ा माइंस
है ना यह पढ़ना है। भटिन पढ़ सकते हो आप। भटिन रीजन इससे ज्यादा आजकल न्यूज़ में रहता है यह
आंध्र प्रदेश में तुमला पल्ले पल्ले पल्ले याद रखना तुमला पल्ले या कनमपल्ली
तो ये पल्ले शब्द याद रखना आंध्र प्रदेश का यह पल्ले शब्द न्यूज़ में रहता है ना तो
कभी-कभी लोकेशन वाइज भी वह तुमसे पूछ सकता है तो जादूगड़ा तुमला पल्ले कनमपल्ली उसके बाद में मोजिम राम बखनोमियासियट रीजन
यह सब इसमें लिखा हुआ है। तो आपके पास रिजर्व्स कहां-कहां मिलेंगे वो भी याद रख सकते हो आप यूरेनियम के। इसमें
कर्नाटक में भी पूछ सके अगर वो तो गोगी बेल्ट जो है गुलबर्गा रीजन राजस्थान में रोहिल सीकर वाला एरिया
यह नोट डाउन कर लो जरा। झारखंड में जादूगड़ा क्षेत्र मेघालय में डोमिया सीट बखन रीजन
पल्ले तुमला पल्ले कनमपल्ली पैदागट्टू तेलंगाना तेलंगाना पैदागट्टू
ये अभी तकलीफ देंगे अब ये तो हालांकि प्लस वाले बच्चे तो याद कर रखे होंगे इसको तो रटवा देता हूं मैं पोलिंग में बट आप लोग
जो नहीं पढ़ पाए हो वो कम से कम इसको याद जरूर कर लेना गोगी बेल्ट और यह याद रखना ठीक है सो
झारखंड में जादूगड़ा मेघालय में डोमियास वखाइन रीजन और तुमलाप यह आंध्र प्रदेश में उधर लंबापुर
पेडागट्टू ये तेलंगाना नालगुंडा पेडागट्टू लंबापुर वाले रीजन को याद रखना है
ठीक है खनिज बजे इंडिया लिमिटेड हजारों बार पढ़ लिया वो मुझे पता है काबिल के बारे में जो हम बाहर विदेश में जाके मिनरल
एक्सप्लोर करते हैं ये हमको पता है अगर अगर हमें बाहर से अगर कहीं करना है तो फिर बाहर विदेशों से अगर मिनरल एक्सप्लोर करना
है तो काबिल काम आता है। खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड मिनिस्ट्री ऑफ़ माइंस में मुझे मालूम है तुम्हें सब पता है। एक तो
जो तुम्हें मैं चाहता हूं पढ़ाने के लिए कि खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड अगस्त 2019 में गठित एक संयुक्त उद्यमी कंपनी है।
जॉइंट वेंचर है। स्पेशली विदेशों में रणनीतिक खनिज संपदाओं को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया। ठीक है? बाहर से हम लोग जो
है क्रिटिकल मिनरल्स में अक्सर ये न्यूज़ में रहता है। मेरा बस ये कहना है ये स्लाइड याद रखना। जॉइंट वेंचर के नाम पे
वो पूछ सकता है कि भाई किस-किस से बना है ये? नेशनल एलुमिनियम कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड मिनरल एक्सप्लोरेशन कंपनी
लिमिटेड एनालको HCL एमईसी स्पेशली अगर हम बात करें तो लिथियम कोबाल्ट को लेके बहुत ज्यादा हम लोग एक्सप्लोर करते हैं।
यह आपसे मतलब एग्जाम में पूछा जा सकता है। एग्जाम में पूछा जा सकता है। ठीक है जी
हिंदी मीडियम नेशनल एलुमिनियम कंपनी लिमिटेड हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड और अभी फिलहाल अगर हम देखें क्लोजली तो
ऑस्ट्रेलिया अफ्रीका और नेशनल एलुमिनियम कंपनी लिमिटेड हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड मिनरल एक्सप्लोरेशन कंपनी
लिमिटेड क्लोजली अगर देखोगे गए तो ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, साउथ अफ्रीका के साथ जो है साउथ अमेरिका के साथ काफी
ज्यादा इनका काम चल रहा है। आगे बढ़ेंगे। फर्ज इनिशिएटिव फर्ज इनिशिएटिव
वन लाइनर फैक्ट है परेशान नहीं होना है। फर्ज का मतलब है एक ऐसा फोरम बनाया है हमने जो रिसोर्स एंड जिओस्ट्रेटेजिक
इंगेजमेंट कराता है। बेसिकली जो क्रिटिकल मिनरल्स को ध्यान में रखते हुए मिनरल सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए हमने
ग्लोबल फोरम बना रखा है। 50 से ज्यादा देश हैं। भारत भी इसका हिस्सा है। यूनाइटेड स्टेट यूरोपियन यूनियन भी रहेगा। लिथियम,
कोबाल्ट, निक, रेयर अर्थ एलिमेंट इसके अंतर्गत रखे जाते हैं। एक हमने फोरम बना रखा है जिसमें हम कह सकते हैं कि एक
पार्टनरशिप की तरह बोल सकते हो जहां पे हम कोशिश करते हैं कि जो रिस्क है वर्ल्ड में क्रिटिकल मिनरल्स के सप्लाई का वो
टूटे ना ओवरडिपेंडेंस ना हो। एक दूसरे पे सब चीज मैनेज होते हैं। मतलब सप्लायर्स के एस्पेक्ट में भी अगर देखें तो सारी चीजें
मैनेज्ड रहे। ठीक है? सो फर्ज इनिशिएटिव को याद रखेंगे। तो फॉरम ऑन रिसोर्स एंड जियो स्ट्रेटेजिक
एंगेजमेंट महत्वपूर्ण खनिजों पर एक बहुपक्षीय फ्रेमवर्क है। बहुपक्षीय फ्रेमवर्क है। 50 से देश ज्यादा शामिल है
उसमें। 50 देश ज्यादा है और संयुक्त राज्य अमेरिका भारत भी है। लिथियम, कोबाल्ट, निक दुर्लभ मृदा तत्व आते हैं।
ऐसे तो बाकी ये एग्जाम के पहले पढ़ने के लिए तुम्हारे लिए व्यवस्था बना दी गई है। ठीक है? एक टेबल मिलेगा आपको जिसमें रैंक
है। अगर लगे वर्ल्ड में तुम्हें पढ़ना हो तो पढ़ सकते हो। कोयला हम लिख चुके हैं।
और डाटाबेस है। अगर लगे तो देख लीजिएगा। ओवरऑल स्टेट वाइज पूछे ओवरऑल कंप्लीट मिनरल्स वैल्यू मिनरल प्रोडक्शन की तो
उड़ीसा ओवरऑल राज्यों में आगे रहेगा। उड़ीसा मिनरल प्रोडक्शन में आगे है। दूसरा नंबर अगर हम देख रहे हैं तो हमें राजस्थान
दिख रहा है। बहुत सारे मिनरल्स मिला लिए हमने और छत्तीसगढ़। तीन याद रख सकते हो आप।
मिनरल प्रोडक्शन परसेंटेज शेयर ऑफ स्टेट। ठीक है? फिर इसके बाद 300 स्लाइड के बाद
एंटीमनी जैसा आप देख रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश में हमें रिजर्व मिलता है। फटाफट तेजी से लिखें आप। अभी लिख लें। ट्रस्ट मी
सिर्फ लिख लें। लास्ट में मजा आने वाला है। एक-एक मैप में सारी चीजें हो जाएंगी। तो फटाफट लिखते चलें। एचपीएपी ऐसे करते
हुए वर्ल्ड का रिजर्व में चाइना एंटी मनी को हमें याद रखना है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में इसका यूज़ होता है। ठीक है?
कैडमियम कोई प्रोडक्शन नहीं है भारत में कैडमियम का। वर्ल्ड प्रोडक्शन चाइना वगैरह में हम
बोल सकते हैं। कोबाल्ट इंपोर्ट डिपेंडेंट उड़ीसा में हम लिख चुके हैं। ये
भी लिख चुके हैं। तो इसमें डुप्लीकेशन मत करना। तो देखो आपके पास इस वाली स्लाइड में पीडीएफ में कॉपर भी मैंने जो काम किए
थे न्यूज़ वाले वो तो स्टार्टिंग में लिखवा दिया। गैलियम के बारे में भी है। गोल्ड के बारे में लिख चुके हैं हम लोग।
लेड जिंक दो मिनट रुकना। कहीं जाने की जरूरत नहीं है। अभी मैं और आगे बताऊंगा। जो लेड जिंक सिल्वर राजस्थान के बारे में
बात कर रहे थे वो याद रखना है अपने को। [नाक से की जाने वाली आवाज़] ठीक है? लिथियम के बारे में जो मैं बता
रहा था अपडेट हो गया। लोग अभी भी बोलीविया देख रहे होंगे। तो थोड़ा सा देखना चिली को रखना है। यह सारी चीजें जो है पूरा मिल
जाएगा। इसमें आपको सारा कंटेंट बट इस बार मैंने थोड़ा चेंज यह किया। इसमें सब है टेंटलम है, टिन है, नायोबियम है,
इंडियम करके मिल जाएगा आपको। बट इतना इसमें परेशान नहीं होना है। आप नॉर्मली जैसे राजस्थान में एस्बेस्टोस वगैरह तो जो
काम के जो थे ना बहुत ज्यादा वो मैंने बता दिए हैं तुम्हें स्टार्टिंग में। बट प्लीज ध्यान रखना तुम्हारे पास सारी चीजें
अवेलेबल हैं। लोहा भी है, उड़ीसा, कर्नाटक। अब यहां एच और एम से क्या समझना है? जो प्रकार होते हैं लोहे के हेमेटाइट
और मैग्नेटाइट। तो भंडार में हेमेटाइट में उड़ीसा आगे है और मैग्नेटाइट वाला कर्नाटक में। अच्छी
क्वालिटी का दोनों ही अच्छी क्वालिटी के हैं बट मैग्नेटाइट ज्यादा और हम वो ले लेते हैं।
तो जो इसको याद अगर करना हो रिजर्व के मामले तो ऊपर वाले जो हैं इधर के वो हेमेटाइट वाले हैं। ज्यादातर इधर नीचे जो
पुराने रॉक्स हैं राजस्थान, कर्नाटक वो मैग्नेटाइट वाले हैं। तो नीचे वाले देखो आंध्र प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक नीचे
वाले हो गए। मतलब मैग्नेटाइट वाले झारखंड छत्तीसगढ़ ऊपर इधर कॉर्नर वाले जो है वह और प्रोडक्शन में तो उड़ीसा को हमें आगे
रखना है। ऑस्ट्रेलिया रिजर्व और लोहे में हमें ऑस्ट्रेलिया को आगे लेके जाना है। हां तो मैं आपसे यह कह रहा था कि रेयर
अर्थ हो गया हमारा अह ज़रकॉन जरकॉन के बारे में भी आंध्र प्रदेश केरला रखते हैं हम लोग और ऑस्ट्रेलिया आगे
है तो ऐसे कंफ्यूजन बहुत ज्यादा हो जाता है बच्चों को आखिरी तक पढ़ते-पढ़ते तो उसका इलाज क्या है वो बताऊंगा बट इसको
जरूर लिखो पहले आप क्रूड ऑयल क्रूड ऑयल में असम को आगे रखेंगे हम लोग प्रोडक्शन में अभी कुछ समय में गुजरात हमें देखने को
मिला है आगे। बट अभी भी रुक जाओ। इसका एक नया डाटा और दे रहा हूं मैं। इससे हम लोग देखेंगे जरा।
सबसे पहले रिजर्व में अगर हम देखें तो रिजर्व में हमें सबसे ज्यादा वैल्यू 144 के आसपास अगर हम देखें स्टेट वाइज अभी
स्टेट वाइज मैं बात करूं तो असम में याद रखना है इधर ज्यादा कुछ बच्चों को दिख सकता है बट
वो ईस्टर्न ऑफशोर वाला है तो असम में हम रिजर्व में आगे रख रहे हैं जो कि हमने लिखा है इधर और प्रोडक्शन के नाम पर अगर
मैं बात करूं तो यह 5000 की वैल्यू गुजरात में दिख रही है। असम करीब 4000 सेकंड नंबर पर और तीसरा फिर
राजस्थान पे। इसीलिए जो है यह डाटा गुजरात, असम, राजस्थान। ठीक है? तो डाटा के साथ तुमको बता दिया मैंने तो दिक्कत
नहीं आएगी आपको। यार क्या है कि इनको लिख लेना आप लोग ना। मतलब मैं सच बता रहा हूं। बहुत बहुत
ज्यादा इसमें ऊर्जा जाती है सब इधर-उधर यह वह कनेक्ट करने में। ऐसा तो नहीं लग रहा है सर मेरे 2 लाख खराब
हो गए बाहर दिल्ली जाके ऐसा लग रहा हो तो मतलब सही जगह बैठे हो तो टेंशन मत लो
ऐसे वर्ल्ड में पूछेगा तब तो वेनेजुएला आगे रखना है फिर सऊदी अरब फिर ईरान फिर इराक वर्ल्ड में वर्ल्ड में
हंसी आ रही है लेकिन मैं हंस नहीं पा रहा हूं सर। इसके बाद में नेचुरल गैस में आऊंगा। अगर
मैं नेचुरल गैस तो गैस में रिजर्व में अगर मैं बात करूंगा रिजर्व के मामले में अगर मैं बात करूंगा तो
असम नो डाउट और असम इधर रशिया में रिजर्व है आर फॉर रशिया प्रोडक्शन में यूएसए ये लास्ट ईयर का ही लगभग चेंज नहीं हुआ है
यह प्रोडक्शन बता रहा था मैं असम में यह देख ही रहे होंगे आप काफी ज्यादा है। वर्ल्ड में प्रोडक्शन अगर आ जाएगा तो भी
कोई दिक्कत नहीं। नहीं ये तो रिजर्व है सॉरी रशिया आगे प्रोडक्शन के मामले में मैंने बता दिया
यूएसए। फिर जैसे मार्बल वगैरह को लेके बात करेगा तो राजस्थान में है। फास्फोराइड जो है वह राजस्थान में मिलेगा हमें। तो यह
इकट्ठा ना हो आप लोगों के लिए। माइका माइका आंध्र प्रदेश में है। राजस्थान में प्रोडक्शन है। ऐसे चाइना मिलेगा आगे माइका
में अभ्रक डोलोमाइट मध्य प्रदेश आंध्र प्रदेश।
तो मैं क्या कह रहा था? मैं यह कह रहा था। ग्रेनाइट पत्थर तो पता ही है। कर्नाटक में बहुत है भले ही पर प्रोडक्शन राजस्थान को
लेके अक्सर न्यूज़ में सुनते हो आप। ग्रेनाइट पत्थर तो तुम्हें वैसे ही पता मार्बल को लेके राजस्थान
मार्बल में भी राजस्थान हां तो मैंने ये ऐसे मैप बना दिए कि उड़ीसा में क्या-क्या याद रखना है हमें
रैंक वन के नाम तो जब भी आप बोलोगे रिजर्व के मामले में तो याद रखोगे कि कोबाल्ट, निक, प्लैटिनम, पेडियम ये सब मेरे उड़ीसा
में है। नहीं तो प्रोडक्शन में भी एलुमिनियम, वेडियम, बॉक्साइट, क्रोमाइट, एलुमिनाइट, रूटाइल, आयरन, कोयला यह सब
उड़ीसा में चला। ये बहुत हेल्प करेगा तुम्हें। मतलब अगर मैं आपसे कहूं तो इसमें मजे आ जाएंगे आपको क्योंकि क्या हो रहा है
कि एकद बार में दो-तीन बार पढ़ोगे ना एग्जाम के पहले तुम्हें पता होगा। अच्छा ये वाला इस वाले पेज पे लिखा था। ये यहां
पे पेज पर लिखा था। तो आपका कंफ्यूजन थोड़ा सा कम हो जाएगा। मध्य प्रदेश में प्रोडक्शन में कॉपर डायमंड मैंगनीज है ना
रिजर्व में तो डायमंड वगैरह ठीक है तो यह यह लिखना मत भले यह स्लाइड में तुम्हें मिल ही जाएगा डोंट वरी फॉर द इट है ना
उसके बाद में छत्तीसगढ़ में प्रोडक्शन में हमने टिन में रखा हुआ है झारखंड में स्पेशली हम टेररिलियम सेलियम को याद रख
सकते हैं उड़ीसा काफी आगे आ गया अब झारखंड में राजस्थान बहुत आगे देखो लेड जिंक सिल्वर फ्लोराइड गनेट लाइमस्टोन
याद है ये अभी पढ़ा था अपन चूना पत्थर आंसर ले लो गाइस रिजर्व के मामले में भी कॉपर डाइटोमाइड पोटाश सिल्वर एस्बेस्टोस
लेड जिंक सिल्वर में और कॉपर वगैरह में भी इसी में ही था तो कुछ-कुछ काम आपका जो है आसान हो गया है जहां तक है प्रोडक्शन में
गोल्ड आ गया लेकिन गोल्ड तो वैसे तो बिहार तो हमें याद है बट प्रोडक्शन में हमने इसको रखा है रिजर्व में टंगस्टम लाइमस्टोन
आयरन वाला कौन सा मैग्नेटाइट चूना पत्थर का भी इसी में लिखा हुआ है मैंने ऐसे ही तमिलनाडु के भी कुछ बड़े यूनिक जो
रिजर्व्स हैं वो मिल जाएंगे। बट इधर हम आएंगे अगर इलेमिनाइट रटाइल के प्रोडक्शन वगैरह में तो आप ऐड कर सकते हो इनको। ऐसे
वर्ल्ड का भी था कि चिली में हम लोगों ने कॉपर हो गया। जैसे याद है कॉपर हो गया, लिथियम हो गया। तो ऐसे वर्ल्ड के बना दिए
हैं। कनाडा में किस-किस को रखना है? तो प्लीज आप इन्हें बेटा अच्छे से यूज़ कर लेना। रिजर्व्स में ऑस्ट्रेलिया का अलग
बना गया है। प्रोडक्शन का अलग कर दिया है। तो ये आपको हेल्प करेगा। चाइना में भी पूरा सिस्टमेटिक तरीके से कंप्लीट हो रखा
है। इंक्लूडिंग द रशिया। याद है नेचुरल गैस अभी लास्ट में बताया था मैंने। डायमंड वगैरह भी देख सकते हो आप
रिजर्व्स के मामले। तो यह कभी दिक्कत नहीं होगी इसमें। तो ये सुदर्शन गुर्जर unacademy tlegram चैनल पे
पूरा पीडीएफ मिल जाएगा कल शाम तक। घबराना मत कमेंट सेक्शन में आज के उसमें डाटा कलेक्शन में बहुत टाइम लगा है। आप प्लीज
दो काम करेंगे। एक काम तो जो है आपको जो मैंने बताया है टेस्ट का टेस्ट वाला यूसीएससी टेस्ट जो है अपना है
ना वो एनरोल करना है सभी को कहां पर? नीचे डिस्क्रिप्शन में जाके और सेशन एंड होने के बाद अभी नहीं बाद में तुम नहीं करते
हो। मैंने देखा है सेशन एंड होने के बाद सेशन कैसा लगा? एक्ट वगैरह कैसा समझ आया वह जरूर मुझे बता के जाना। थैंक यू सो मच।
क्रिटिकल मिनरल्स वे खनिज हैं जो किसी देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक होते हैं, लेकिन इनकी आपूर्ति में जोखिम रहता है। भारत के लिए ये महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश इनके लिए आयात पर अत्यधिक निर्भर है, जैसे लिथियम का लगभग 100% आयात होता है, जबकि ये इलेक्ट्रिक वाहनों, रक्षा प्रणालियों और उच्च तकनीक वाले उपकरणों के लिए आवश्यक हैं।
2025 के संशोधन में डीप सीटेड मिनरल्स के लिए माइनिंग लीज़ का विस्तार, कैप्टिव माइन्स से सरप्लस खनिजों की 100% बिक्री की अनुमति, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज के लिए नया एक्सप्लोरेशन लाइसेंस, और नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) का नाम बदलकर राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट करना और उसमें रॉयल्टी का योगदान 2% से बढ़ाकर 3% करना शामिल है। इसके अलावा, खनिजों के व्यापार के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म 'मिनरल एक्सचेंज' बनाने का प्रावधान भी है।
कोयला: उड़ीसा में सबसे अधिक भंडार और उत्पादन दोनों है। तांबा: राजस्थान में सबसे अधिक भंडार है, जबकि सबसे अधिक उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। सोना: बिहार में सबसे अधिक भंडार है, लेकिन सबसे अधिक उत्पादन कर्नाटक में होता है।
क्रिटिकल मिनरल मिशन का उद्देश्य देशांतर्गत उत्पादन और अन्वेषण को बढ़ावा देकर आयात निर्भरता कम करना है। FORGE (Forum on Resources and Geo-strategic Engagement) एक बहुपक्षीय फ्रेमवर्क है जो क्रिटिकल मिनरल्स के लिए वैश्विक सहयोग और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को संतुलित करने के लिए बनाया गया है।
PMKKKY एक कल्याण योजना है जो जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है। दूसरी ओर, SHAKTI नीति कोयला आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए है, जिसमें नियामक और बाजार-आधारित दो विंडो बनाए गए हैं।
REPM स्कीम 7,280 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है जो दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबकों के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और पवन टर्बाइनों में उपयोग होते हैं। रेयर अर्थ कॉरिडोर तटीय राज्यों (उड़ीसा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु) में विकसित किए जा रहे हैं ताकि इन खनिजों के निष्कर्षण और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा सके।
संघर्ष खनिज वे खनिज हैं जो संघर्ष क्षेत्रों, जैसे डीआरसी कांगो, से प्राप्त होते हैं और जिनकी बिक्री से सशस्त्र समूहों को फंड मिलता है। इनमें टिन, टंगस्टन, टैंटलम और सोना शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर, ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में उपयोग होते हैं, इसलिए इनकी नैतिक सोर्सिंग और आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
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