CLAT 2026: ईरान-इजराइल संकट, होरमूस, एनपीटी और इंडस वॉटर ट्रीटी
अंतरराष्ट्रीय मामले: मिडिल ईस्ट संकट और भू-राजनीति
यह सेक्शन ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष, प्रमुख जलडमरूमध्यों (चोक पॉइंट्स) और संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधियों पर केंद्रित है।
ईरान-इजराइल-यूएस संघर्ष: 1979 की क्रांति और उसके बाद
- 1979 से पहले: शाह मोहम्मद रजा पहलवी के नेतृत्व में ईरान, अमेरिका और इजराइल का करीबी सहयोगी था। ईरान ने 1948 में इजराइल को मान्यता दी थी।
- 1979 की क्रांति: अयातुल्ला खुमैनी (ध्यान रखें: ये खुमैनी हैं, वर्तमान नेता खमेनी से अलग) ने शाह को उखाड़ फेंका और इस्लामिक गणराज्य की स्थापना की। खुमैनी ने अमेरिका को 'ग्रेट सैटन' और इजराइल को 'लिटिल सैटन' कहा।
- वर्तमान संघर्ष (2026):
- यूएस ऑपरेशन: ऑपरेशन एपिक फरी (28 फरवरी)
- इजराइल ऑपरेशन: ऑपरेशन रोअरिंग लायन (28 फरवरी)
- ईरान का जवाबी ऑपरेशन: ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस
- मिसाइल हमला: इजराइल ने 'ब्लू स्पैरो' मिसाइल से ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमेनी को मार गिराया।
- नया नेता: खमेनी के बाद उनके बेटे मुजतबा खमेनी को नया सर्वोच्च नेता चुना गया। यह चुनाव असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (88 धर्मगुरु) द्वारा 8 साल के लिए किया जाता है।
- गठबंधन: यूएस और इजराइल के साथ सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन भी शामिल हुए। यह गठबंधन एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस के खिलाफ है।
एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस
यह ईरान का प्रभाव क्षेत्र है, जिसमें शामिल हैं:
- लेबनान: हिजबुल्लाह
- गाजा: हमास
- यमन: हौथी विद्रोही (अंसार अल्लाह)
- सीरिया: (2024 में बशर अल-असद के पतन के बाद अब इस गठबंधन का हिस्सा नहीं)
- इराक: शिया मिलिशिया
प्रमुख चोक पॉइंट्स (जलडमरूमध्य)
ये तीनों जलमार्ग विश्व व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं और इस साल संकट में रहे।
| चोक पॉइंट | जोड़ता है | स्थित है | महत्व | | :--- | :--- | :--- | :--- | | स्वेज नहर | भूमध्य सागर ↔ लाल सागर | मिस्र और इज़राइल के बीच | 1956 में स्वेज संकट को 70 साल पूरे हुए। फर्डिनेंड डी लेसेप्स ने 1869 में बनाई थी। | बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य | लाल सागर ↔ अदन की खाड़ी | यमन और जिबूती के बीच | हौथी विद्रोहियों ने इसे ब्लॉक कर दिया था। आस-पास का महत्वपूर्ण द्वीप: पेरिम द्वीप (मयून द्वीप)। | होर्मुज जलडमरूमध्य | फारस की खाड़ी ↔ ओमान की खाड़ी | ईरान (उत्तर) और ओमान (दक्षिण) के बीच | विश्व का 20% तेल व्यापार यहाँ से होता है। सबसे संकरी जगह 33 किमी. ईरानी बंदरगाह: बंदर अब्बास।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- अल्टरनेट रूट: यदि स्वेज या बाब अल-मंडब बंद हो, तो जहाज केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाते हैं।
- मध्यस्थता: होर्मुज संकट को सुलझाने में ओमान ने मध्यस्थता की। इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में भी बातचीत हुई।
भारत का कोण
- यूएस द्वारा ईरानी फ्रिगेट डुबोना: ईरान का फ्रिगेट IRIS दाना को यूएस सबमरीन USS शार्लोट ने श्रीलंका के 40 नॉटिकल मील दक्षिण में डुबो दिया। यह जहाज भारत के मिलान 2026 अभ्यास और अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (विशाखापत्तनम) से लौट रहा था।
- तेल आयात: भारत अपना 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है।
- पहला टैंकर: होर्मुज में अवरोध हटने के बाद निकलने वाला पहला भारतीय जहाज जग विक्रम था।
- चाबहार बंदरगाह: भारत ईरान के चाबहार बंदरगाह के शाहिद बेहेश्टी टर्मिनल को संचालित करता है (2024 में 10 साल का समझौता)।
जेसीपीओए (JCPOA) और एनपीटी (NPT)
- जेसीपीओए (संयुक्त व्यापक कार्य योजना): 2015 में ईरान और P5+1 (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन + जर्मनी) के बीच हुआ परमाणु समझौता।
- एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि):
- विथड्रॉल का प्रावधान: अनुच्छेद 10 के तहत कोई भी देश अपने सर्वोच्च हितों को खतरे में पड़ने पर 3 महीने का नोटिस देकर संधि से अलग हो सकता है।
- एनपीटी से बाहर देश: भारत, पाकिस्तान, इज़राइल और दक्षिण सूडान (कभी शामिल नहीं हुए)। उत्तर कोरिया (शामिल हुआ था, फिर विथड्रा कर लिया)।
- ईरान की स्थिति: ईरान एनपीटी से बाहर निकलने की प्रक्रिया में है। एक फास्ट-ट्रैक बिल पेश किया गया है, लेकिन अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
इंडस वॉटर ट्रीटी (सिंधु जल संधि)
- हस्ताक्षर: 19 सितंबर 1960 को कराची में।
- हस्ताक्षरकर्ता:
- भारत: जवाहरलाल नेहरू
- पाकिस्तान: अयूब खान
- विश्व बैंक: डब्ल्यू.ए.बी. इलिफ (मध्यस्थ)
- नदियों का बंटवारा:
- भारत को (पूर्वी नदियाँ - 20% पानी): सतलुज, रावी, ब्यास
- पाकिस्तान को (पश्चिमी नदियाँ - 80% पानी): सिंधु, झेलम, चेनाब
महत्वपूर्ण भौगोलिक बिंदु:
- लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC): संगम घाटी (जम्मू) से NJ9842 बिंदु तक जाती है। यह 1972 के शिमला समझौते के बाद अस्तित्व में आई।
- पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर): LoC के ऊपर का क्षेत्र।
- सियाचिन ग्लेशियर: LoC के उत्तरी छोर पर, भारत के नियंत्रण में। यह शक्सगाम घाटी, नुब्रा घाटी और काराकोरम रेंज से घिरा है। शक्सगाम घाटी को पाकिस्तान ने चीन को सौंप दिया था, जिसे भारत अपना क्षेत्र मानता है।
- LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल): भारत और चीन के बीच की सीमा।
आईएमईसी (IMEC) - भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा
- उद्देश्य: चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का मुकाबला करना।
- मार्ग: मुंबई/मुंड्रा (भारत) से शुरू होकर, मध्य पूर्व से होते हुए पीरियस (ग्रीस) तक जाता है।
- प्रकृति: मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट (रेल, सड़क और समुद्री मार्ग शामिल)।
- भारतीय बंदरगाह: इसमें मुंड्रा, दीनदयाल और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट शामिल हैं।
यमन और हौथी विद्रोही
- स्थापना: हौथी आंदोलन 'बिलीविंग यूथ' नाम से एक युवा संगठन के रूप में शुरू हुआ। यह एक ज़ैदी शिया समूह है।
- संस्थापक: हुसैन बदरुद्दीन अल-हौथी (2004 में मारे गए)।
- वर्तमान नेता: अब्दुल मलिक अल-हौथी।
- यमन की राजधानियाँ:
- सना: हौथी विद्रोहियों का गढ़ (उनके पास होदेदा बंदरगाह है)।
- अदन: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का अस्थायी केंद्र।
यूपीएससी प्रीलिम्स के लिए मार्च और अप्रैल 2025 के प्लेसेस इन न्यूज़ से और अधिक भू-राजनीतिक जानकारी प्राप्त करें।
गुड मॉर्निंग एवरीवन। लेट मी नो इन द चैट बॉक्स इफ आई एम परफेक्टली ऑडिबल एंड विज़िबल टू ऑल ऑफ यू। आवाज आ रही है सभी को मेरी? एक बार कंफर्म कर दो चैट बॉक्स पे दैट स्क्रीन भी परफेक्टली विज़िबल है एंड आवाज भी परफेक्ट आ रही है। ऑल गुड?
सो फाइनली जिस सेशन का आपको वेट था एंड जिसमें हम अपने पूरे साल के लाइक मार्च टू अक्टूबर लिखा है। बट एक्चुअल में हम पूरे जनवरी से लेके अक्टूबर तक के जितने भी इंपॉर्टेंट टॉपिक्स हुए हैं हमारे इस साल जो क्लैट एग्जाम में आने के लिए जरूरी है जो क्लैट एग्जाम में आ सकते हैं उनको हम इन डेप्थ कवर करते हैं। ठीक है? सो आज भी हम वैसा ही कवर करेंगे। एंड एक इंपॉर्टेंट
चीज जैसे हर बार की तरफ हर मैराथन थोड़ा सा बेटर होते जाता है। तो इस साल का भी मैराथन पिछले बार से काफी ज्यादा बेटर है। द थिंग इज़ इन टर्म्स ऑफ़ नंबर ऑफ़ टॉपिक्स वो भी हम थोड़ा सा ज्यादा करेंगे। जॉन्रा में हमने कुछ टॉपिक्स ऐड ऑन किए हैं। साथ ही साथ कुछ और चीजें मैं आपको बता देता हूं। फिर हम आगे बढ़ेंगे इस सेशन में। जो चीजें आपको मैं बताना चाहता हूं वो ये है।
क्या आज का सेशन इनफ होगा? द वेरी फर्स्ट क्वेश्चन। भैया क्या मैं सिर्फ ये पूरा सेशन देख के 100% क्लैट की तैयारी को अपना मान सकता हूं कि मेरा हो गया। ऑब्वियसली द आंसर इज़ अ बिग नो। ठीक है? बट ये सेशन के एंड तक आपको वो सारी चीजें मिल जाएंगी जो आपको अगले एक महीने में करना है जो आपकी तैयारी को 100% बना देगी। सो ये जैसे आपको याद होगा पासपोर्ट वाले एक्ट में मैंने आपको बताया था कि सिर्फ पासपोर्ट के थ्रू
आप सिटीजनशिप प्रूव नहीं कर सकते हो। बट पासपोर्ट एक बहुत स्ट्रांग सोर्स है आपके सिटीजनशिप को प्रूव करने का। आज के सेशन के एंड तक आपके करंट अफेयर्स का 75 टू 80% पोर्शन हमारा हो जाएगा। उसके बाद कुछ चीजें बचती है। कौन-कौन सी चीजें? कुछ स्टैटिक का पोर्शन वो भी मैं कराऊंगा। डोंट वरी। तो इसीलिए आज से हमारा जीके शुरू हो रहा है। इफ यू थिंक कि यार आज अपन खत्म कर देंगे पूरा। तो आज से यार स्टार्ट हो रहा है। अभी बहुत चीजें बची है। तो
स्टे इन टच विद द चैनल। इसके बाद हम स्टैटिक जीके भी करेंगे। आज तो पूरा हम करंट अफेयर्स को कवर कर रहे हैं। आफ्टर दिस कुछ छोटे-छोटे लाइक इंपॉर्टेंट डेट्स एंड डज़ मिलिट्री एक्सरसाइजज़। ये हम कवर करेंगे। फिर आपका 100% हो जाएगा। ठीक है? तो 100% बिल्कुल होगा बट आज 75 टू 80% हम कवर कर लेंगे। नाउ इसके साथ इस लेक्चर के साथ दो-तीन चीजें आपको ऐड ऑन करनी है। एंड
वो ये चीजें हैं। सबसे पहले तो इस लेक्चर का नोट्स हमेशा आपको टेंशन रहता है भैया क्या इसका नोट्स मिलेगा? बिल्कुल भाई। ये रहा इसका नोट्स। सो जिस लेक्चर के थ्रू आज मैं आपको पढ़ाने वाला हूं उसके शॉर्ट नोट्स मैं आपको दूंगा। ऐसा नहीं कि जो डिटेल चीजें मैं आपको बता रहा हूं वो पढ़ने में आप 10 घंटा लगाओ। ये सारे टॉपिक्स एक-एक पेज में एक तरीके से रिवीज़ शीट के फॉर्म में वो आपको मिलेगा। लाइक शीटशीट्स डिटेल नोट्स भी आपको मिलेंगे।
साथ ही साथ दो इंपॉर्टेंट चीजें। कौन-कौन सी दो चीजें? एक तो 30 सेक्शनल्स का शीट। आज के लेक्चर के एंड होने के बाद लगभग 30 दिन बचेंगे आपके क्लैट एग्जाम में। उन 30 डेज में हर दिन एक ना एक सेक्शन आप दे देना जो कि बहुत अलग-अलग टाइप ऑफ क्वेश्चंस भी इंक्लूडेड रहेंगे उसमें। सब्जेक्टिव, ऑब्जेक्टिव सारी चीजें। तो ये लेक्चर देखना, ये प्रैक्टिस शीट करना। एंड ये जो 50 प्लस वीकली प्रैक्टिस शीट्स मैं
आपको दूंगा। ये भी आप करना। इतना अगर आप करते हो तो आई डोंट थिंक क्लैट में फिर आपको करंट अफेयर्स में और बहुत ज्यादा कुछ अलग करने की जरूरत करनी होगी जो मैं आपको बताऊंगा। अब ये सारी चीजें मैराथन का नोट्स प्रैक्टिस शीट इस सेशन की प्रैक्टिस शीट सारी चीजें एमआईटी लिस्ट इयरली एमआईटी लिस्ट सब चीज सेशन एंड होने के बाद डिस्क्रिप्शन में आपको लिंक मिल जाएगा।
उसके बाद आप एक्सेस कर लेना। अभी हमारा सिंपल सा फंडा है क्या? शुरू से एंड तक हमें प्रॉपर जितने भी टॉपिक्स हैं, जितनी भी चीजें हैं, उन सभी को हमें डिटेल में अच्छे से कवर करना है। ओके? इसका आपको लिंक डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। अब मैं आपको बताता हूं यहां पे क्या-क्या कोड ऑफ कॉंडक्ट होंगे आज के लेक्चर के। सबसे पहले यार ठीक है आपको नोट्स मिलेंगे। सारी चीजें मिलेंगी जब पर जो हम खुद से नोट्स बनाते हैं उसका वैल्यू अलग होता है। तो
मेक श्योर आप नोटबुक के साथ बैठे हो सेशन में। आई नो आप में से मैक्सिमम लोग को पता है ये बात और आप वैसे ही बैठे होगे। पीडीएफ आपको दे दिया जाएगा आफ्टर द सेशन। ट्राई टू कीप योर डिवाइस ऑन डीएनडी। यस। एक दिन सिर्फ आपका एक दिन मैं चाह रहा हूं आज। अभी 10:00 बजे हमने स्टार्ट किया है।
मेरे ख्याल से ये रात के 9 10:00 बजे तक जाएगा। 9:00 बजे तक ये रात के चला जाएगा। ठीक है? 10 घंटा लिखा हुआ है। बट मेरे ख्याल से 11-12 घंटे ये जा सकता है। तो डीएनडी में रखना। बीच में कोई डिस्टरबेंस नहीं होना। अगर एंड तक आप बैठते हो तो जीके में आपका जो कॉन्फिडेंस गया है या जो कॉन्फिडेंस नहीं है वो 100% हो जाएगा। वी विल हैव टू टाइप्स ऑफ़ ब्रेक। ठीक है? ऐसा नहीं कि हम अगर अभी चालू कर रहे हैं तो
लगातार 10 12 घंटे हम कंटीन्यूअसली जाएंगे। ऑब्वियसली नहीं। आज आपका मॉक भी नहीं है तो आई वांट कि आप पूरा एंड तक बैठे रहो। इसलिए मैंने सैटरडे को रखा। बट ब्रेक्स भी हम लेंगे। ब्रेक्स जनरली हमारा होगा दो जॉन्रा के बीच में। एक 15 मिनट का ब्रेक हो सकता है, एक 30 मिनट का ब्रेक हो सकता है। दो टाइप का ब्रेक हम लेंगे। एंड मेक श्योर यू स्टे कंसंट्रेटेड टिल द एंड बिकॉज़ क्लैट इज़ ऑल अबाउट फोकस। तो भाई देखो अगर आपको लगता है कि भैया मॉक में मैं ज्यादा देर नहीं बैठ पाता हूं। मॉक
में मैं ज्यादा अच्छे से अटेम्प्ट नहीं कर पाता हूं। तो एक सिंपल सा मैं आपको फंडा यहां पे बता रहा हूं। आज के लेक्चर के एंड तक अगर आपने अच्छे से फोकस के साथ पढ़ लिया तो आपके पास फोकस है। यही फोकस आपको हर दिन 2 घंटे लगाना है। चलो आर यू ऑल रेडी फॉर दिस सेशन एंड वन वेरीेंट प्रीरक्विजिट? आप में से कितने लोग ऑनेस्टली चैट बॉक्स में बताओ ये लेक्चर नहीं देखे हो? नहीं देखे हो की बात कर रहा हूं मैं।
तो भाई यह देख लेना क्योंकि इसमें मैंने करंट अफेयर्स के लीगल पोर्शन वाली सारी चीजें इंक्लूड की है एंड बहुत बड़े-बड़े टॉपिक्स इसमें हैं। आपने साल में जो भी टॉपिक्स आपने देखे हैं लाइक एसआईआर ठीक है 131 अमेंडमेंट प्रोटेस्ट अपना टेलीग्राम बैन सतलज टेक डाउन जितने भी बड़े-बड़े टॉपिक्स हैं लीगल रीजनिंग के पूरा हमने
इसमें कवर किया हुआ है। तो अगर देख लिया है बहुत अच्छी बात है। अगर नहीं देखा है तो ये चीजें हम आज कवर नहीं करने वाले हैं। ये लेक्चर खुद में 8 घंटे का था। ठीक है? तो आज के लेक्चर के बाद इसको देख लेना। ठीक है? इसको याद से देख ही लेना। बहुत इंपॉर्टेंट है। इसको मिस आप नहीं कर सकते हो। ये दोनों मिला के आपका करंट अफेयर्स विद लीगल रीजनिंग बहुत अच्छे से हो जाएगा करंट पर्पस में। अब हम आते हैं।
तो ऑन योर मार्क्स? रेडी फॉर द सेशन? चलो भाई फिर आज के लेक्चर को हम स्टार्ट करते हैं। एंड जो पहला टॉपिक जिसे हम शुरू करने वाले हैं एनी गेसेस द फर्स्ट जॉन्रा ऑफ द डे इज़ इंटरनेशनल अफेयर्स। सो इंटरनेशनल अफेयर्स में जो
टॉपिक्स हम करने वाले हैं वो ये सारे टॉपिक्स हैं। हम स्टार्ट करेंगे ईरान, यूएस, इजराइल में जो अपना मिडिल ईस्ट में, होरमूस में ये जो क्राइसिस हुआ है इसको हम शुरू करेंगे। आफ्टर दिस हम इंडस वाटर ट्रीटी और परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन का इस साल जो जजमेंट आया वो हम कवर करेंगे। देन यूएस वेनेजुएला न्यू स्टार ट्रीटी ये पूरे जो जो चीजें इस साल इंटरनेशनल रिलेशंस में इंपॉर्टेंट रही है वो हम कवर करेंगे जिसमें सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट टॉपिक हमारा पहला टॉपिक है
उससे हम शुरू करेंगे ये टॉपिक लास्ट ईयर आया हुआ है तो मैं कम इंपॉर्टेंट तो नहीं बोलूंगा बट ये टॉपिक लास्ट ईयर आया हुआ है तो वो चीज हमें थोड़ा सा अपने ध्यान में रखना है क्लियर चलो लेट्स स्टार्ट विद द सेशन एंड देखो यार ईरान इजराइल की जब मैं बात करता हूं ना ईरान इजराइल यूएस वॉर ये सारी चीजें जो यहां पे अपनी शुरू हुई है अगर आपको डिटेल में पूरा पास्ट हिस्ट्री डाला है। तो ये लेक्चर मैंने यहां पे लिया हुआ है। ये आप जाके चेक कर सकते हो। चैनल
में अवेलेबल है। ठीक है? यू कैन वाच दिस लेक्चर। बट हमें सबसे पहले ये जानना है कि ईरान और इजराइल की बेसिकली जो लड़ाई है या ईरान और यूएस के बीच में जो अपनी दुश्मनी है वो शुरू कैसे हुई? तो ये हम दो फज़ में देखते हैं। कौन-कौन से फज़ में? एक 1979 के पहले और एक 1979 के बाद। ये दो फेजेस में हम देखते हैं ईरान और यूएस के बीच के
क्राइसिस को। तो देखो सबसे पहले ईरान और इजराइल के बीच की जो टाई थी 1979 के पहले वो कैसी थी? तो एक बेसिक सा एजम्पशन आप अपने माइंड में लेके चलना या फिर एक चीज आप अपने माइंड में लेके चलना व्हिच इज़ देखो इजराइल और यूएस ना इंटरनेशनल रिलेशंस में अलग-अलग नहीं है। क्यों? जो पॉलिसी यूएस की होगी वो इजराइल की होगी। अगर कोई यूएस का दुश्मन है तो वो इजराइल का दुश्मन
होगा। अगर कोई इजराइल का दुश्मन है तो वो यूएस का दुश्मन होगा। अब यहां पर आप इसे समझना। ईरान इजराइल के टाइ से पहले हुआ क्या था? अब देखो यार ईरान ना दूसरी मुस्लिम मेजॉरिटी कंट्री थी टर्की के बाद जिसने इजराइल को रिकॉग्नाइज़
किया था 1948 में। अब इसमें एक फैक्ट याद रखना। इजिप्ट वाज़ दी फर्स्ट अरब कंट्री। इजिप्ट वाज़ दी फर्स्ट अरब कंट्री टू रिकॉग्नाइज़ इजराइल। ठीक है? तो आप सभी को पता है 1948 में इजराइल ने अपना इंडिपेंडेंस डिक्लेअ किया था। आफ्टर दिस इंडिपेंडेंस इजराइल को रिकॉग्नाइज़ करने वाली पहली कंट्री थी यूएसए। ठीक है? यूएसए
वाज़ दी फर्स्ट कंट्री। टर्की वाज़ दी फर्स्ट मुस्लिम मेजॉरिटी कंट्री एंड इजिप्ट वाज़ दी फर्स्ट अरब कंट्री टू रिकॉग्नाइज़ इजराइल। ईरान ने भी इसे रिकॉग्नाइज़ किया था। ईरान ने अपना फर्स्ट अरब इजराइल वॉर में पार्टिसिपेट भी नहीं किया क्योंकि ईरान में उस टाइम प्रो यूएस क्या था? लीडर था। अब इस चीज को आप समझना। ईरान में जो भी पॉलिसीज बनती है या ईरान और यूएस के बीच में जो भी रिलेशंस बनते हैं वह दो
बेसिस पर बनते हैं। किन दो बेसिस पे बनते हैं? फर्स्ट थिंग क्या जो लीडर है वो एंटी यूएस है? और दूसरा क्या जो लीडर है वो प्रो यूएस है? अगर वो एंटी यूएस है तो यूएस और ईरान के बीच में लड़ाईयां रहेंगी। अगर वो प्रो यूएस है तो यूएस और ईरान के बीच में दोस्ती रहेगी। अभी 1979 से पहले
यहां पे जो लीडर था रूलर था ईरान का वो था मोहम्मद रजा शाह पहलेवी। ठीक है? मोहम्मद रजा शाह पहलेवी 1941 से 49 तक इसने ईरान में रूल किया। ये प्रो यूएस था। और इसीलिए यूएसए ने एक डॉक्ट्रिन लाया जिसे बोला जाता है पेरिफेरी डॉक्ट्रिन। अब पेरीफेरी डॉक्ट्रिन में ये बोला जाता है कि यूएस के जितने दोस्त थे। ठीक है? इजरायल के प्राइम मिनिस्टर ने ये चालू किया था यूएस के
सपोर्ट से। कि भाई अरब एनिमोसिटी को काउंटर करने के लिए इन सबके साथ वो दोस्ती रखेगा। अब इस दोस्ती को मेंटेन करने के लिए यूएस ने क्या किया? यूएस ने इन सभी दोस्तों के साथ अच्छे रिलेशंस बनाए और इन्हें अपना टेक्नोलॉजी इन्हें अपना पावर क्या किया? शेयर किया। ये इन्होंने प्रॉपर अपना पूरा प्रोसीजर मेथड वगैरह अपना बनाया कि ऐसा हम करेंगे। ये इनका चल रहा था अच्छे से। दोस्ती थी इनके बीच में सारी चीजें। बट फिर आता है 1979 में रेोल्यूशन
रिवॉल्यूशन। रिवॉल्यूशन कौन लाता है? आया खुमेनी। अब यहां पर दो नाम हमारे सामने आते हैं। दोनों नाम सेम है और थोड़े से कंफ्यूजिंग नेम्स हैं। तो यह हमें ध्यान में रखना है क्या? 1979 का जो रेवोल्यूशन लाया वो था खुमेनी जिसकी इस साल डेथ हुई 2026 में वो है खमेनी।
ठीक है? तो इनके बीच में आप डिफरेंशिएशन याद रखना। ये कौन है? ये अपना खोनी है। किस क्या किया इसने? इसने 1979 में रेवोल्यूशन लाया। और इसने रेवोल्यूशन के थ्रू क्या किया? जो रजा शाह पहलवी की जो सरकार थी या जो उसका रूल था उसको खत्म किया और इसने इस्लामिक रिपब्लिक का एस्टैब्लिशमेंट किया। अब ये जो आदमी है अब
आप इमेजिन करो एक प्रो यूएस इंसान को कोई आदमी चेंज कर रहा है तो ऑब्वियसली वो उसके अगेंस्ट रहेगा। सिंस वो उसके अगेंस्ट रहेगा तो यहां पे क्या होगा? अगर वो उसके अगेंस्ट रहेगा तो दूसरा बंदा एंटी यूएस होगा। और हुआ बिल्कुल ऐसा। अब जो खुमेनी अपना आया वो यहां पे क्या निकला? एंटी यूएस निकला और यहां से इनकी सारी लड़ाई क्या हो गई? चालू हो गई। तो ये जो खुमैनी
है अपना अयतुल्लाह रोहल्ला खुमैनी इसी ने यह स्टेटमेंट दिया था दैट इज इज द लिटिल सैटन एंड यूएस इज द ग्रेट सैटन। ये ईरान का स्टेटमेंट है। किसने दिया था? खोमेनी ने। ये भी एक एग्जाम में पूछा जाता है कि इजराइल को लिटिल सैटन और यूएस को ग्रेट सैटन किसने बोला? क्या इनके लड़ाई और दोस्ती के बीच का शिफ्ट समझ में आ गया सभी को कि पहले इनके रिलेशंस कैसे थे? और अब इनके रिलेशंस कैसे हुए?
क्लियर है भाई? परफेक्ट। चलो। अब यहां पे आप इसे देखो इस साल क्या-क्या चीजें अपनी हो रही है। तो इस साल ना 28th फब 2026 को। ठीक है? 28th ऑफ़ फब 2026 को यूएस ने ल्च किया ऑपरेशन एपिक फरी और इजराइल ने ल्च किया ऑपरेशन
रोिंग लयन। ठीक है? इन लोगों ने ये दो एक्सरसाइज ल्च किए। ऑपरेशंस ल्च किए। नाउ व्हाट आर दीज़ ऑपरेशंस? ये ऑपरेशन थे ईरान के अगेंस्ट। ईरान के अगेंस्ट क्या लड़ाई इनकी चल रही है? द होल वॉर इज अबाउट न्यूक्लियर पावर। आप सभी को पता है ईरान अपने नेथंस न्यूक्लियर पावर प्लांट में न्यूक्लियर बॉम्ब बना रहा है। एंड रिसेंटली मैंने
आपको यह भी बताया था कि ईरान जो है वो एनपीटी से बैक ऑफ करने की प्लानिंग कर रहा है। एनपीटी से अपना नाम वापस लेने की प्लानिंग कर रहा है। ये भी हम करेंगे अभी। यूएसए को ये चीज पसंद नहीं आ रहा है। यूएसए का कहना है कि ईरान जो है वो न्यूक्लियर वेपन नहीं बना सकता अंडर जेसीपीओए।
ठीक है? तो इनके बीच में एक जेसीपीओए साइन किया गया था। वो भी अभी मैं आपको बताऊंगा उसके बारे में। तो यूएस का ये कहना है कि भाई ईरान तुम न्यूक्लियर वेपन नहीं बना सकते। बट ईरान न्यूक्लियर वेपन बना रहा है। तो इजराइएल के हेल्प से यूएस क्या कर रहा है? ईरान पे ही अटैक्स कर रहा है। अब इस अटैक में क्या हुआ? यहां पे ईरान ने जो वापस में जो रिटेलिएशन में अटैक किया उसका भी नाम याद रख लेना। द नेम इज़ ऑपरेशन ट्रू
प्रॉमिस। ठीक है? तो ये जो तीन अटैक्स ये पूछे जा सकते हैं कि यार यूएस के ऑपरेशन का क्या नाम था? ईरान के सामने इजराइएल के ऑपरेशन का क्या नाम था? और ईरान के ऑपरेशन का क्या नाम था? दीज़ थ्री नेम्स आर वेरी इंपॉर्टेंट। अब इसका हुआ ये कि जो ओपनिंग स्ट्राइक्स थे उसमें सुप्रीम लीडर जो है ईरान का जिसका नाम है अली खमेनी। सॉरी अली खमेनी। ये ध्यान रखना। ठीक है? ये है अपना
खमेनी जो नया आया है पिक्चर में। इसकी हो गई डेथ। इसको मार दिया गया। अब जिस मिसाइल का यूज़ किया इन्होंने इसे मारने के लिए उस मिसाइल का नाम याद रखना। इन्होंने इसे मारने के लिए यूज़ किया ब्लू स्पेरो नाम की मिसाइल की जो कि इजराइल की एक मिसाइल है। ठीक है? द नेम ऑफ द मिसाइल वाज़ ब्लू स्परो। सो ब्लू स्पेरो मिसाइल को यूज़ करके इजराइल ने अली खमेनी को मार दिया। ये लीडर
कब बना था? 1989 में। किसके बाद? जस्ट आफ्टर खुमेनी। तो खुमेनी की जब डेथ हुई तो ये 1989 में क्या बन गया? लीडर बन गया। उसके बाद फिर नया लीडर किसे बनाया गया अभी रिसेंटली ईरान का? 8 मार्च को अली खमेई के बेटे मुजतबा खमेई को। एंड ईरान में ईरान में बनाता कौन है लीडर? ईरान में लीडर बनाई जाती है बाय दी असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स। ठीक है? एक असेंबली ऑफ़
एक्सपर्ट बैठती है जिसमें टोटल 88 क्लेरिक्स होते हैं और 8 साल के लिए इन्हें इ किया जाता है। ठीक है? पीपल इ करते हैं और 88 क्लेरिक्स में से असेंबली ऑफ एक्सपर्ट बनाई जाती है जो कि 8 साल के लिए इ होता है। जैसे इंडिया में देखा होगा आपने प्राइम मिनिस्टर 5 साल के लिए होता है। यहां पे होता है 8 साल के लिए। ये हमें ध्यान में रखना है। अब हमें फैक्शंस याद रखने जरूरी है। किसने किससे लड़ाई की
ये सारी चीजें हमें पता होनी चाहिए। तो इसको ध्यान से देखो। अटैक किसने-किसने किया था? यूएस और इजराइल ने। बाद में सऊदी अरब, अरेब सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरेन ने भी जॉइ कर लिया। अब आपको ये सेम अलायंस एक और जगह देखने को मिला होगा। कोई मुझे बताएगा? अभी रिसेंटली मैंने पढ़ाया था। इन्हीं लोगों ने मिलके एक और जगह अटैक किया था कुछ साल पहले। आई मीन बहुत ही पास में नहीं बट कुछ डेकेड्स पहले। एंड द नेम इज़ आपको याद होगा यमेन सीरिया क्राइसिस।
राइट? यमेन का क्राइसिस आपको याद होगा। तो एक फैक्शन ये बना था और उसके उल्टे में जो बना था वो था अपना ईरान रशिया वाला साइट। ठीक है? एग्जैक्टली वेरी गुड। अभी कुछ दिन पहले मैंने आपको ये पढ़ाया था। तो यही लोगों ने मिलके यमेन में भी अटैक की इनका साथ में चलता है। अब इनका साथ में क्यों चलता है? क्योंकि इनका दुश्मन एक आदमी है। इनका दुश्मन है एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस।
इनका दुश्मन कौन है? एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस। तो ये भी एग्जाम में पूछा जा सकता है। बताओ भाई एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस क्या है? तो ये मैं एक बार आपको बता देता हूं। देखो, दिस इज़ योर एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस। ठीक है? एक्सिस ऑफ़ रेजिस्टेंस बेसिकली क्या होता है? अरब में ना ईरान जो है अरब में अपने दुश्मनों को काउंटर करने के लिए अपना एक एक्सिस एक अलायंस बना के रखा है। उस अलायंस के मेंबर्स हैं एक्सेस
ऑफ रेजिस्टेंस के मेंबर्स। कौन-कौन? लेबनन में आपको दिखेगा हज़बुल्ला। ठीक है? तो हज़बुल्ला लेबनन में इसका एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का पार्ट है। हमास गाज़ा में एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का पार्ट है। यमेन के जो हाउदी रेबल्स हैं जिनके बारे में अभी हम कवर करेंगे थोड़ी देर में। ये एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का पार्ट है और सीरिया भी एक टाइम पे एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस का पार्ट था। कब तक? 2024 तक।
2024 में बशर अल असद की सरकार जो है वो गिर गई और उसके बाद से सीरिया जो है वो एक्सिस ऑफ अलायंस से हट गया। क्योंकि अगेन ये पूरे मिडिल ईस्ट में ना आपको ये जितना अपना अरब स्टेट है जितने भी ये कंट्रीज है वहां पे दो बेसिस पे रिलेशन बनते हैं यूएसए के साथ। या तो प्रो यूएस या एंटी यूएस। तो सीरिया में 2024 तक एंटी यूएस लीडर था। इसलिए ईरान के साथ दोस्ती थी। बट सीरिया में 2024 में जो बशर अल असद है वो
गिर गया। फिर वहां बन गया प्रो लीडर प्रो यूएस लीडर। इसलिए अब ईरान के साथ इसकी नहीं जमती। और इसमें एक और मेंबर है व्हिच इज़ इराक के शिया मिलेशियाज़। अब भैया यहां पे क्वेश्चन ये आता है कि ईरान और इराक के बीच तो लड़ाई है। क्या लड़ाई है? ईरान एक शिया स्टेट है। इराक एक सुन्नी स्टेट है। तो शिया और सुन्नी के बीच की लड़ाई है। तो इराक में ईरान का कैसे बेस है? तो इसमें नाम को आप ध्यान से सुनो। इराक के जो शिया
मशियास है ना इराक में जो शिया मशिया नाम की जो आर्म है जो शिया मुस्लिम्स की आर्म है वो इसके साथ एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस में है। पूरा का पूरा इराक नहीं। क्लियर है सभी को? एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस क्या होता है? ठीक है? अब इसमें समझो मेडिएटर्स कौन-कौन थे? हां।
उसके बाद ईरान के साइड में अपना हज़बुल्ला वही पूरा एक्सेस ऑफ रेजिस्टेंस हज़बुल्ला, हाउ, इराकी मिलेशियाज जो शिया मलेशियाज़ हैं। एंड स्पिल ओवर्स में क्या-क्या हुआ? हज़बुल्ला और इजराइल के बीच लड़ाई हुई। हाउस ने स्ट्रेट ऑफ बाबल मंडप को ब्लॉक कर दिया। अब ये हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। ये हमारे लिए क्या है? इंपॉर्टेंट है स्टेट ऑफ़ बाबल मंडप। तो, अब मैं आपको बताता हूं इंपॉर्टेंट चोक पॉइंट्स इस पूरी स्टोरी में।
इस पोर्शन से जरूर क्वेश्चन आएगा अगर वह यह टॉपिक टच करते हैं। तो वि इज इंपॉर्टेंट चोक पॉइंट्स। यहां पर आपको तीन चोक पॉइंट्स दिख रहे होंगे। कौन-कौन से तीन चोक पॉइंट्स? ध्यान से देखना। सबसे पहला सुस कैनाल, दूसरा बाबल मंडप एंड तीसरा स्ट्रेट ऑफ होमूस। इन तीनों जगह पे इस साल क्राइसिस था। सबसे पहले तो ये क्यों न्यूज़ में है? इसको हो गए भाई इस
साल 70 साल। ठीक है? 1956 में सुएस कनाल क्राइसिस हुआ था। इसको बने 70 साल नहीं हुए। ठीक है? इसके क्राइसिस को 70 साल हुए हैं। तो सुएस कनाल ना बेसिकली इजिप्ट में एक लीडर आया गमाल अब्दुल नासिर। अब गमाल अब्दुल नासिर ना बहुत ज्यादा नेशनलिस्टिक लीडर था। नेशनलिज्म वाला लीडर था। उसको एक यूनाइटेड अरब चाहिए था। ठीक है? यूनाइटेड
स्टेट्स ऑफ़ अरब जैसे यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका है। वैसे यूनाइटेड अरब स्टेट्स उसे चाहिए थे। वो बनाने के लिए उसने क्या किया? प्रेशर डालना चालू किया। उसने सुएस कैनाल को नेशनलाइज़ कर दिया। और नेशनलाइज़ करने के लिए उसने क्या कर दिया? यूएस के शिप्स यहां पे ब्लॉक कर दिए थे। किस ईयर में? 1956 में। तो जो चार अरब इजराइली वॉर्स मैंने आपको पढ़ाए हैं। उनमें से एक ये भी है। दिस वाज़ नॉट एन एक्चुअल फुल
फ्लेज्ड वॉर। थोड़ी सी लड़ाईयां हुई थी बट एक्चुअल वॉर नहीं था। बट हां, यह उस टेंशन के बीच में आता है। तो, यह आपको याद रखना है। कौन-कौन से चार अरब इजरायली वॉर? नोट करना। 1948 में फर्स्ट अरब इजरायली वॉर। 1956 में स्वयस कैनाल क्राइसिस देन आपका आता है 1963 इफ आई एम नॉट रोंग यहां पे आपका हुआ था सिक्स डेज वॉर एंड देन आपका आता है 1976 एंड उस साल आपका हुआ था यमक किपुर वॉर ठीक है तो ये इयर्स आपको थोड़े से याद रखने हैं
67 सॉरी 1967 में आपका हुआ था सिक्स डेज वॉर एंड देन उसके बाद फिर आपका योमकप्पुर वॉर ठीक है तो ये सीक्वेंस आपको याद रखना है इजराइल में कौन-कौन से चार अरब इजरलीयली वॉर्स हुए हैं। अब उसके बाद यहां पे इस तीनों को समझना। अब क्वेश्चन कैसे बनेगा इस चोक पॉइंट पे? इन्हें चोक पॉइंट क्यों बोला जाता है? द वेरी फर्स्ट क्वेश्चन। ठीक है? इनके चोक पॉइंट्स बोलने के पीछे रीज़न क्या है? देखो। यहां पे दो कंट्री के बीच में एकदम पतला सा गैप है।
यहां पे दो कंट्री के बीच में एकदम पतला सा गैप है। यहां पे दो कंट्री के बीच में बिल्कुल पतला सा गैप है। अभी ना चोक पॉइंट इसलिए बोला जाता है अगर इस कंट्री का किसी से लड़ाई हुआ या इस कंट्री में कुछ क्राइसिस हुआ या इस कंट्री में कुछ क्राइसिस हुआ तो ये क्या कर देंगे? ये उसको ब्लॉक कर देंगे तुरंत। अब ये जो है वर्ल्ड का 12% 12% और 20% ट्रेड इन्हीं रूट से हो के जाता है। तो
भाई अगर यहां पे ट्रेड रुक जाए तो ऑब्वियसली चोक हो जाएगी ना इकॉनमी। इसलिए इन्हें चोक पॉइंट बोला जाता है। अब क्वेश्चन क्या पूछा जाएगा? सुएस कैनाल किन दो कंट्री के बीच में है? तो सुएस कैनाल है इधर इजिप्ट और यहां पे अपना इजराइल। ठीक है? तो सुएस कैनाल इजिप्ट और इजराइल के पास है। किन दो वाटर बॉडीज को जोड़ता है? सुएस कैनाल किन दो वाटर बॉडीज को
जोड़ता है? ऊपर अपना ये इधर जोड़ रहा है मेडिटेटरेनियन सी को रेड सी से। ठीक है? सुएस कैनाल जो है अगर मैं आपको थोड़ा और क्लियर मैप यहां पे आपको देखना है तो यहां पे भी आपको दिखेगा। ये अपना मेडिटेटरेनियन सी है। ये अपना रेड सी है। और यहां पे सुएस कैनाल है। और यहां पे आपको लेफ्ट और राइट में दिखेंगे इजराइल और इजिप्ट। तो इजराइल और इजिप्ट के बीच में सुएस कैनाल मेडिटेरेनियन सी को रेड सी से जोड़ता है।
ये है आपका बाबल मंडप। ठीक है? ये आपका क्या है? बाबल मंडप। अब इसको मैं थोड़ा सा ज़ूम्ड इन मैप अगर आपको दिखाऊं तो ये रहा आपका ज़ूम्ड इन मैप। ठीक है? ये अपना पूरा बाबल मंडप का स्ट्रेट है। ठीक है? स्ट्रेट ऑफ़ बाबल मंडप। ये रेड सी को गल्फ ऑफ़ एडन से जोड़ता है। ठीक है? ये रेड सी को गल्फ ऑफ एडन से जोड़ता है और बाबर मंडप दो चैनल्स में डिवाइडेड है। ये दो चैनल्स को
डिवाइड करने वाले आइलैंड का नाम है पेरिन आइलैंड जिसे हम मयून आइलैंड के नाम से भी जानते हैं। ये किन दो कंट्रीज के बीच में है? इधर अपना डिजीबाऊटी और इस साइड अपना यमेन। यमेन और डिजीबाऊटी के बीच में है। अब कुछ इंपॉर्टेंट चीज डिजीबाऊटी के बारे में भी जान लो। डिजीबाटी एक ऐसी जगह है जो कि ट्रेड के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि ये आता है हॉर्न ऑफ अफ्रीका में।
ठीक है? यहां पे आपका हॉर्न ऑफ अफ्रीका है। अब हॉर्न ऑफ अफ्रीका में कौन-कौन सी कंट्री नोट डाउन करो। ये चीजें आपको नोट्स में नहीं मिलेंगी। जो मैं बता रहा हूं वो तो नोट करते जाओ। बाकी ये सारी चीजें एंड ये जो मेरे पास अभी पूरा पीडीएफ में दे दूंगा। शॉर्ट नोट्स भी दे दूंगा। बट जो एक्स्ट्रा चीजें बता रहा हूं नोट करते जाओ। हॉर्न ऑफ अफ्रीका में अपना आता है एरथ्रिया, डिजीज, एथियोपिया, सोमालिया, सोमालिया लैंड। ठीक है? ये पांच कंट्रीज आती है अपने ये पांच जगह आते हैं कहां पे?
हॉर्न ऑफ अफ्रीका में। एरथ्रिया, डिजीबाऊटी, एथियोपिया, सोमालिया, सोमालिया लैंड आते हैं हॉर्न ऑफ अफ्रीका में। और ये डिजीबाटी इसलिए इंपॉर्टेंट है क्योंकि ये बाबल मंडप से लगा हुआ है। ये बहुत इंपॉर्टेंट चोक पॉइंट है वर्ल्ड का। इसीलिए यहां पे बहुत सारी कंट्रीज ने अपना बेस बनाया हुआ है। जिसमें आपको याद रखना है चाइना का। चाइना का क्यों याद रखना है?
क्योंकि ये चाइना का पहला ऐसा बेस है जो चाइना से बाहर बना है। अब बेस मतलब ये नॉर्मल एंबेसी की बात मैं नहीं कर रहा हूं यहां पे। प्रॉपर मिलिट्री बेस। चाइना अगर चाहे तो यहां पे अपनी मिलिट्री को यूज़ करके फुल फ्लेज वॉर यहां पे लड़ सकता है। तो चाइना का मिलिट्री बेस यहां पे बना हुआ है 2017 में। चाइना का पहला आउट ऑफ चाइना मिलिट्री बेस। ओवरसीज मिलिट्री बेस जिसे
हम बोलते हैं। इज इट क्लियर टू यू ऑल गाइस? क्या ये तीनों चोक पॉइंट्स क्लियर है? हां, ये भी मैं आपको बता देता हूं। ये है स्टेट ऑफ होरमूस। स्टेट ऑफ हॉर्मोस इसलिए न्यूज़ में था क्योंकि ईरान ने इसे बंद किया था। अभी लड़ाई के बीच में। हॉर्मोस सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट रूट है। स्टेट ऑफ हॉर्मोस वर्ल्ड का 20% ऑयल ट्रेड यहां से होता है। ठीक है? तो ये हमें अच्छे से
ध्यान में रखना है। अब एक और पॉइंट अगर मुझे मेडिटेटरेनियन सी में जाना है। ये क्वेश्चन भी बन सकता है। अगर मुझे मेडिटरेनियन सी में जाना है और बाबल मंडप या सूअस कैनाल में से कोई एक ब्लॉक्ड है। तो व्हाट इज़ माय अल्टरनेट रूट? ठीक है? मेरा दूसरा रूट क्या होगा? फॉर एग्जांपल मैं जैसे अपना यहां पे आपको दिख रहा होगा ये अपना मुंबई वाला पोर्ट वाला एरिया है।
ठीक है? यहां से मैं एक शिप लेके निकला और यहां पहुंच के मुझे पता चला कि यार ये दोनों ब्लॉक्ड है या दोनों में से कोई एक ब्लॉक्ड हैं। तो अल्टरनेट रूट इज़ केप ऑफ गुड होप। ठीक है? तो ये भी क्वेश्चन में पूछा जा सकता है कि अभी जब बाबल मंडप या सुरस कैनाल में क्राइसिस चल रहा था तो कौन से रूट के थ्रू शिप्स जो हैं वो यूरोप साइड जाती थी या मेडिटेरेनियन सी में जाती थी। द आंसर इज़ केप ऑफ गुड होप। क्लियर है
यहां पे आपको पूरा मैप का पिक्चर? मैप थोड़ा सा इमेजिन करके याद रखना जरूरी है। इसलिए मैंने थोड़ा आपको अच्छे से इसे समझाया है। क्लियर? परफेक्ट। अब अब इसमें आपको बताता हूं मेडिएशन किसने कराया? तो पाकिस्तान ने मेडिएशन कराया। कहां कराया? इस्लामाबाद में। और इस्लामाबाद मेमोरेंडम नाम का मेडिएशन हुआ।
किसने कराया और कहां कराया? ये इंपॉर्टेंट है ओमान। मैंने आपको यमेन वाले क्राइसिस में जब मैं आपको पढ़ा रहा था तो चोक पॉइंट के बारे में मैं आपको बता रहा था तो मैंने आपको बताया था कि यमेन के पीछे ओमान है। ओमान ज्यादा लड़ाई में इनवॉल्व नहीं होता है। तो स्टेट ऑफ होर्मूस को जो ईरान ने ब्लॉक कर दिया था वो ओपन किसने कराया? वो
ओपन कराया था ओमान ने। ठीक है? और फिर यूएस और ईरान के प्रेसिडेंट्स ने मेमोरेंडम साइन किया। ये जो था अपना 17 जून को। क्लियर? इज इट क्लियर टू एवरीवन? मीडिएशन कैसे हुआ? लड़ाई चालू कैसे हुई? किसने-किसने लड़ा? गुड। अब यहां पे इंडिया का इंपॉर्टेंट एंगल। इंडिया के लिए इंपॉर्टेंट चीज ये है ईरान का कौन सा फ्रिगेट जो इंडिया के किस एक्सरसाइज से जा
रहा था उसे यूएस ने डूबाया? वेरीेंट क्वेश्चन। ईरान का आईआरआईएस डेना। ठीक है? आईआरआईएस डेना है। उसे यूनाइटेड स्टेट्स के सबमरीन यूएसएस चरलोट ने कहां डूबाया था? गल्ले श्रीलंका के 40 मिल 40 नॉटिकल माइल्स साउथ में ये कहां से आ रहा था?
मिलान 2026 से ये आ रहा था और इंटरनेशनल फ्लट रिव्यू से आ रहा था जो कि इंडिया में हो रहा था विशाखापटनम में। ये बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है। एंड क्लैट फेमस है इस टाइप के क्वेश्चंस पूछने के लिए कि कौन सा फ्रिगेट डूबा, कहां डूबा, किसने डूबाया, वो कहां से आ रहा था? तो ये सारी चीजें यहां पे मैंने आपको बताई हुई है।
उसके बाद श्रीलंका ने इंटर्न किया ईरानियन टैंकर आईआरआईएस बुशहर को। ठीक है? फर्स्ट वॉरशिप इंटर्न बाय अ न्यूट्रल स्टेट सिंस वर्ल्ड वॉर सेकंड। उसके बाद यहां पे ये हमारे लिए उतना इंपॉर्टेंट नहीं है। हां ये यहां पे आपको ध्यान रखना। जब विक्रम जो है ये इंडिया का एक एलपीजी टैंकर है। तो आपको पता होगा स्टेट ऑफ हॉर्मोस में ना ब्लॉकेड हो गया था। तो आपको याद होगा मोदी जी ने वो अनाउंसमेंट किया था कि प्लीज
गाड़ी कम चलाएं। बाहर मत जाएं। गाड़ियों को ज्यादा ना निकालें। फ्यूल कम यूज करें। क्यों किया था? क्योंकि स्टेट ऑफ हार्मोस में क्राइसिस था और इंडिया अपना 85% से ज्यादा फ्यूल इंपोर्ट करता है। इंडिया के पास खुद का फॉसिल फ्यूल स्टॉक नहीं है। इंडिया इंपोर्ट करता है अपना 85% से ज्यादा फ्यूल। तो इंडिया के लिए क्राइसिस हो जाता है। तो उस क्राइसिस को खत्म होने के बाद इंडिया का जो पहला टैंकर पहला शिप
जो स्टेट ऑफ होमस से निकला उसका नाम क्या था? जग विक्रम वाज़ द नेम ऑफ दैट शिप। तो इंडिया इंपोर्ट्स 85% ऑफ इट्स क्रूड ऑयल। ये ध्यान में रखना। क्लियर रहेगा यहां तक? इसके बाद होरमूस के कुछ स्टैटिक जीके मैं आपको बता देता हूं। पर्शियन गल्फ को गल्फ ऑफ ओमान से जोड़ता है। एक बार मैप के थ्रू मैं आपको बता देता हूं। ये देखो ये जो
पर्शियन गल्फ है यहां पे इसको ये जोड़ता है अरेबियन सी में। बेसिकली यहां पे अपना ओमान का जो गल्फ है इसके थ्रू। अरेबियन सी से पर्शियन गल्फ को ये जोड़ता है। एट द एंड। अब आप यहां पे समझ में आपको आ रहा होगा कि क्यों इंडियन ओशियन इतना ज्यादा इंपॉर्टेंट है ट्रेड रूट के मामले में। इट्स अ डिफरेंट केस कि इंडियन ओसियन में कोई ब्लॉकेड नहीं है। बट इंडियन ओशियन जो है आप वहां से इधर भी जा सकते हो। आप वहां
से इधर भी जा सकते हो और आप वहां से इधर भी जा सकते हो। तो दैट इज़ व्हाई इंडिया को हिस्टोरिकली बोला जाता है कि ट्रेड रूट में काफी इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। अब यहां पे देखो होरमुस जो है ईरान और ओमान के बीच में है। नॉर्थ में ईरान है और साउथ में ओमान है। अब अ इसका नैरोस्ट में इसका विड्थ कितना है? द नैरोस्ट विड्थ इज़ 33 कि.मी. ठीक है? 33 कि.मी. ये नैरोस्ट है। इसका विड्थ जो है सबसे पतला पॉइंट जो
है वहां पे 33 कि.मी. जितना पतला है। और 1/5 ऑफ द वर्ल्ड ऑयल प्लस मच ऑफ दी कतरर्स एलएजी ये इसी के थ्रू पास होते हैं। अब ईरान का कौन सा पोर्ट है इस स्टेट स्टेट में? बंदर अब्बास। ठीक है? तो होरमूस में ईरान के पोर्ट का नाम है बंदर अब्बास। आप मुझे बताओ ईरान में इंडिया का जो पोर्ट है उसका नाम क्या है?
तो मैंने आपको यह बताया था यह आप लोगों ने पढ़ा भी होगा। द नेम इज चाबहार पोर्ट। ठीक है? इंडिया जो है वह चाबहार पोर्ट को ईरान में कंट्रोल करता है। 2024 में ठीक है? 2024 में 10 साल का एग्रीमेंट चालू हुआ था। और वहां पे दो टर्मिनल्स हैं। शाहिद बहस्ती और शाहिद कलांतरी। इंडिया उसमें से चाबहार पोर्ट के शाहिद बहस्ती टर्मिनल को
क्या करता है? कंट्रोल करता है। याद रहेगा? नोट डाउन कर लो। क्लियर? ओके। सो ये चीजें मुझे आपको बतानी थी। फिर देन अब एक इंपॉर्टेंट पॉइंट मैं यहां पे थोड़ा और आपको यहां पे एक्सप्लेन कर देता हूं। कुछ चीजें जो आप नोट डाउन कर लेना
फ़क्चुअल बेसिस पे। हां। सो ईरान के रेवोल्यूशन के बारे में अगर मैं आपको बताऊं। सो 1979 का जो इस्लामिक रेवोल्यूशन हुआ था वो किसने किया था? आया खुनी। ये नाम एक आपको याद रखना है। दूसरी चीज मैंने आपको जेसीपीओए के बारे में बताया। जेसीपीओए एक एग्रीमेंट हुआ था 2015 में।
ठीक है? जेसीपीओए किनके-किन के बीच हुआ था? दिस इज़ इंपॉर्टेंट फॉर अस। ये जो एग्रीमेंट है वो हुआ था ईरान का P5 +1 के साथ। अब आई एम अस्यूमिंग कि P5 के बारे में आप सभी को पता होगा। P5 क्या है? अपने वो परमानेंट फाइव मेंबर्स जो कि परमानेंट मेंबर्स हैं यूएएससी के। ठीक है?
यूएएससी के जो परमानेंट मेंबर्स हैं बेसिकली वो पांच कंट्रीज जिनके पास 1967 से पहले न्यूक्लियर बम थे। वो पांच कंट्रीज के साथ एक और कंट्री एंड दैट वन कंट्री इज वि कंट्री दैट वन कंट्री इज अपना जर्मनी ठीक है यूएस यूके फ्रांस चाइना रशिया और जर्मनी सो ये जेसीपीओए के
मेंबर्स थे इसके बाद एक और इंपॉर्टेंट पॉइंट यहां पे आपको ध्यान रखना है व्हिच इज़ ईरान का कुछ स्टैटिक जीके अच्छा तो मैं आपसे पूछ रहा हूं बताना मुझे ईरान का कैपिटल क्या है सभी को पता होगा राइट तैहरान इज़ द कैपिटल ऑफ़ ईरान ईरान का सुप्रीम लीडर जो है वो कैसे पिक होता है मैंने आपको बता दिया और ईरान जो है वो एनपीटी का मेंबर है करेंटली यह कंफ्यूज मत होना उसने प्रोसेस चालू किया है एनपीटी से
बाहर आने का बट अभी तक वो एनपीटी से बाहर आया नहीं है याद रहेगा उसने बस अपना प्रोसेस जो है वो इनिशिएट किया है। ओके बाकी और छोटे-छोटे फैक्ट्स हैं वो तो नोट्स में मैं आपको बता दूंगा। मेनली हमें अभी टॉपिक को थोड़ा अच्छे से समझना जरूरी है ताकि जो ऐसे क्वेश्चन जो कि आपको सिर्फ पढ़ के ना
समझ आए वो हमसे बने। अब यहां पे इसे आप देखो ईरान जो है वो एनपीटी छोड़ के जाना चाह रहा है। तो हुआ क्या? 28th मार्च 2026 को ना एक फास्ट ट्रैक बिल लाया गया ईरान में बाय एमपी मलिक शरीयत। ठीक है? मलिक शरीयती ने ये अपना फास्ट ट्रैक बिल लाया और इसने फिर प्रिसाइडिंग बोर्ड को बोला कि एग्जिट का प्रोसेस चालू किया जाए और फिर ट्रिपल अर्जेंसी के साथ बिल लाया गया। अब
ये स्पीकर के साथ फंसा हुआ है व्हिच इज़ गली बाफ। ठीक है? हु इज़ दी स्पीकर ऑफ़ ईरान का पार्लियामेंट? द स्पीकर इज़ गलीबाफ़। अब ये बिल बिल चाहता क्या है? ठीक है? अब यह बिल चाहता है बेसिकली विड्र फ्रॉम एनपीटी रिपील द लॉ ऑन ईरान जेसीपीओए कमिटमेंट्स।
तो यह मैंने आपको बताया जेसीपीओए को भी तोड़ना चाहता है और एनपीटी से भी बाहर आना चाहता है और एक न्यू पैक्ट लाना चाहता है फ्रेंडली कंट्रीज के साथ ताकि पीसफुल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी ये आपस में क्या कर सके? शेयर कर सके और डेवलप कर सके। अब रीज़न क्या है? ईरान क्यों बाहर आना चाहता है? क्योंकि देखो यार जेसीपीओ होने के बाद भी खुद यूएस ने ईरान पे दो बार अटैक किया हुआ है। एक बार जून में और अभी फेब मार्च
में। यह एक उसका बहुत बड़ा रीज़न है। दूसरा आईएए की जो बोर्ड है ना उसने ईरान की फाइल को यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में भेज दिया है। अभी आईएए के बारे में पढ़ना जरूरी है। ये मैं अभी आपको बताऊंगा अबाउट आईआईए। अब एग्जिट में ब्रेक क्या है? फाइनल कॉल अभी आया नहीं है। ठीक है? फाइनल कॉल अभी आया नहीं कि इसे बाहर जाना है या नहीं जाना है। तो थोड़ा सा एनपीटी के बारे में
हम देखते हैं और उसे विथड्रॉ कैसे किया जा सकता है। सो आर्टिकल 10 जो है एनपीटी का वो विथड्रॉल से डील करता है। एनपीटी इज़ योर नॉन प्रोलीफरेशन ट्रीटी। ठीक है? एनपीटी क्या है? नॉन प्रोलीिफरेशन ट्रीटी। अब इसके बारे में थोड़ा सा आप ध्यान से समझना। ये जो एनपीटी है, ठीक है? एनपीटी बहुत इंपॉर्टेंट है
क्योंकि ये डील करता है न्यूक्लियर वेपन के प्रोलीिफरेशन से। ठीक है? ये डील करता है न्यूक्लियर वेपन के प्रोलीफरेशन से। कंट्रीज जो है वो न्यूक्लियर वेपन को ऐसे ईजीली शेयर या ट्रांसफर नहीं कर सकती है। और ये एक ब्लॉकेड लगाया। इसने एक लिमिटेशन लगाया। इसका लिमिटेशन ये था कि जितनी भी कंट्रीज हैं। ठीक है? अ एक ब्लैंक पेज मैं
ले लेता हूं यहां पे। समझना। एनपीटी यहां पे मैं आपको बता रहा हूं। ध्यान से सुनना। एनपीटी इज़ योर नॉन प्रोलीिफेरेशन ट्रीटी। अब एनपीटी ने ब्लॉकेट ये लगाया, यह लिमिटेशन लगाया कि जितनी भी कंट्री के पास फर्स्ट जैन 1967 से पहले या इस डेट तक न्यूक्लियर वेपन है उन कंट्रीज को बोला जाएगा न्यूक्लियर वेपन
स्टेट। इस डेट के बाद कोई भी कंट्री जो एनपीटी का पार्ट है वो न्यूक्लियर वेपन की टेस्टिंग नहीं करेगी। यह इसका सिंपल सा कहना है। प्रोिफरेशन मतलब अपना ट्रांसफर करना या फिर ग्रो करना, डेवलप करना। तो प्रोलीिफरेट नहीं किया जाएगा न्यूक्लियर वेपन को। अब इस टाइम पर कोइंसिडेंटली सिर्फ पांच कंट्रीज के पास न्यूक्लियर वेपन था। व्हिच वर दी
P5 कंट्रीज। ठीक है? ये P5 कंट्रीज थी। अब ये जो एनपीटी है इसे 1968 में साइन किया गया था। ठीक है? और 1970 से यह फोर्स में आया। यह दोनों डेट हमें याद होने चाहिए क्योंकि एग्जाम में काफी बार पूछा जाता है। अब इसको चार ऐसी कंट्रीज हैं जिन्होंने कभी जॉइ ही नहीं किया। ठीक है? इसमें अपनी चार ऐसी कंट्रीज हैं जिन्होंने कभी जॉइ ही
नहीं किया। कौन-कौन सी चार कंट्रीज? मैं यहां पे आपको बताता हूं। नेवर जॉइ। ठीक है? दीज़ फोर कंट्रीज नेवर जॉइ द ट्रीटी एंड दे वर इंडिया। पाकिस्तान, इजराइल,
और साउथ सूडान। ठीक है? साउथ सुदान अभी रिसेंटली एक नई कंट्री बनी है। तो इसने भी कंट्री बनने के बाद कभी इसे जॉइ नहीं किया। एक और कंट्री है जिसने बैक ऑफ कर लिया। ठीक है? इसने क्या किया? जॉइ बट उसने विथड्रॉ भी कर लिया।
द नेम इज़ नॉर्थ कोरिया। तो करेंटली अगर मैं आज के डेट की बात करूं तो यही वो पांच कंट्रीज हैं जो एनपीटी के मेंबर नहीं है। अब अगर यहां पे आपसे क्वेश्चन पूछा जाए। अब अगर यहां पे आपसे क्वेश्चन पूछा जाए कि यार ये जो नॉर्थ कोरिया है। ठीक है? यह फर्स्ट कंट्री है। किसकी? एनपीटी से विथड्रॉ करने वाली। सेकंड कंट्री कौन बनेगी? अगर कर
लिया तो अगर कर लिया तो सेकंड कंट्री बनेगी अपनी इजराइल। अब ये विथड्रॉल का प्रोसेस कहां से आता है? विथड्रॉल का प्रोसेस आता है आर्टिकल 10 से। आर्टिकल 10 का कहना ये है एक पार्टी जो है वो एनपीटी से विथड्रॉ कर सकती है। अगर एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी इवेंट जो है उसने उसके सुप्रीम इंटरेस्ट को क्या किया है? जियोपडाइस क्या है? इन ईजी वर्ड्स अगर कोई ऐसा इवेंट होता
है जिस वजह से उस पार्टी का इंटरेस्ट जो है वो बहुत ज्यादा ब्रीच हुआ है। उस पार्टी का बहुत नुकसान हुआ है। वो एनपीटी से बैक ऑफ कर सकती है। ईरान का यहां पे हुआ है क्योंकि बहुत बार उस पे क्या हुए हैं? अटैक्स हुए हैं। इसको 3 महीने का नोटिस देना जरूरी है सभी पार्टीज को और यूनाइटेड नेशंस के सिक्योरिटी काउंसिल को। तो क्वेश्चन यहां पे क्या पूछा जा सकता है? क्वेश्चन पूछा जा सकता है कि आर्टिकल 10 जो है आर्टिकल 10 जो है वो डील करता है
एनपीटी के विथड्रॉल प्रोसेस के साथ। अब तक सिर्फ एक स्टेट ने इसे छोड़ा है व्हिच इज़ नॉर्थ कोरिया। उसके बाद इसने 2006 में अपना न्यूक्लियर वेपन टेस्ट भी कर लिया। सेकंड कंट्री ईरान बन जाएगी अगर वो लीव करती है तो। ठीक है? इससे पहले ईरान जेसीपीओ का भी पार्ट रहा है जो मैंने आपको ऑलरेडी बता दिया है। अब एनपीटी के चार पिलर्स हैं। तीन मेन मोर मोस्टेंट पिलर्स हैं जो हमें ध्यान में रखने हैं। सबसे पहले नॉन प्रोलीिफ्रेशन मतलब हम शेयर ट्रांसफर बिल्ड नहीं करेंगे। नई कंट्रीज
वेपन नहीं बनाएंगी अंडर एनपीटी। दूसरा पीसफुल यूज़ न्यूक्लियर जो हमारे रिसोर्सेज हैं उनका यूज़ सिर्फ और सिर्फ एनर्जी के लिए होना चाहिए। एंड एनर्जी मतलब पावर प्लांट्स। ठीक है? न्यूक्लियर वेपन नहीं बनाएंगे। न्यूक्लियर एनर्जी के थ्रू हम सिर्फ और सिर्फ पावर जो है वो प्रोड्यूस करेंगे और डिसआर्मामेंट इनका ये कहना है कि जो न्यूक्लियर स्टेट्स
हैं उनको अपना न्यूक्लियर वेपन अब नया नहीं बनाना है और पुराना खत्म करते जाना है। तो इंडिया ने इसी पे सवाल उठाया कि भाई आपने कोई डेट नहीं दिया है कि कब तक हमें डिसामामेंट करना है? आपने यहां पे 1967 का ही डेट क्यों रखा एनपीटी का आपको मेंबर बनाने के लिए? तो इंडिया टेक्निकली एनपीटी का मेंबर बन नहीं सकता। क्यों नहीं बन सकता? क्योंकि अब क्या कोई नई कंट्री
एक न्यूक्लियर वेपन स्टेट बन सकती है एस पर दी एनपीटी? माय क्वेश्चन इज क्या अब कोई नई कंट्री एक एनपीटी का न्यूक्लियर वेपन स्टेट बन सकती है? नो। तो या तो कोई कंट्री एनपीटी का मेंबर रह सकती है या फिर न्यूक्लियर वेपन स्टेट रह सकती है। एंड दिस इज द मेन इशू। क्लियर? एनी डाउट?
सो ये अपना पूरा स्टोरी यहां पे चल रहा है। ठीक है? उसके बाद अभी 2026 का लेबनन सीज फायर हुआ है। इसको थोड़ा सा आप लोग रीड कर लेना। नोट्स मैं आपको दूंगा। उतना इंपॉर्टेंट टॉपिक ये नहीं है। बट इसी से मिलताजुलता है। क्योंकि आप सभी को पता है कि लेबन और इजराइल के बीच भी थोड़ा सा लड़ाई जैसा हो गया था। लेबनन में प्योर लेबनन के बीच नहीं हुआ था। लेबनन में हज़बुल्ला के साथ उसकी लड़ाई होती है।
हज़बुल्ला वही अपना एक्सिस ऑफ़ रेजिस्टेंस का जो मेंबर है लेबनन में ईरान का। ठीक है? तो, यह इनके बीच लेबनन सीज़ फायर साइन कराया। किसने साइन कराया? यह साइन कराया है यूएस के स्टेट डिपार्टमेंट ने। ठीक है? तो यूएस में इन दोनों के बीच साइन कराया गया इजराइल की तरफ से। यचिल लथर और लेबनन की तरफ से नदाह हमदे मवाद ने इसे साइन
किया है। विटनेस कौन थे? मार्को रूबियो थे। तो ये इनके बीच में सीज़ फायर साइन करा दिया जा चुका है। सिर्फ लेबनी स्टेट जो है वो वॉर और पीस डिसाइड करेगा। हज़बुल्ला का यहां पे एज सच कोई फेस में नहीं है। हज़बुल्ला को एक टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन का दर्जा ऑलरेडी यूएस ने दिया हुआ है। तो आप सभी को पता है यूएस क्या देता है? यूएस अपने कंट्री के अंदर काफी सारे
ऑर्गेनाइजेशनंस को एक टेररिस्ट स्टेट का दर्जा देता है। तो उसमें उन्होंने हसबुल्ला को भी यही टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन का पार्ट यहां पे बनाया हुआ है। ओके एनी डाउट यार ईजी। ठीक है? याद रहेगा? हां यार देखो आपको ना उनके नाम याद रखने होते हैं। किन के नाम आपको याद रखने होते हैं? जिन्होंने साइन किया जिनके बीच साइन हुआ। तो लाइक इजराइल की तरफ से कौन था?
लेबनन की तरफ से कौन था? ये छोटी-छोटी चीजें याद रखनी पड़ती है। चलो बढ़िया। अब हम आगे चलते हैं इसमें। वि इज होरमूस, रेड सी, सुसज एंड यमेन। यह सभी आधा तो हमने कर ही लिया इसी टॉपिक में।
थोड़ा सा और इसको कर लेते हैं। तो देखो हॉर्मोस क्राइसिस का टाइमलाइन क्या था? सबसे पहले ईरान ने अर्ली ब्लॉक्स लगाने चालू किए हॉर्मोस में। उसके बाद फिर यूएस का एयर कैंपेन चालू हुआ। उसको ओपन करने के लिए। बट वो कैंपेन भी फेल कर गया। इसमें आपको एक नाम याद रखना है व्हिच इज प्रोजेक्ट फ्रीडम।
ठीक है? यूएस ने क्या चलाया था? यूएस ने चलाया था प्रोजेक्ट फ्रीडम। इसी साल चलाया था। क्यों चलाया था? क्योंकि यूएस के काफी सारे शिप्स ना स्टेट ऑफ हॉर्मोस के पास फंस गए थे। उनको निकालने के लिए यूएस ने प्रोजेक्ट फ्रीडम चलाया। बट ये फेल हो गया। इसको वो कंटिन्यू नहीं कर पाया। ये रुक गया। ठीक है? तो प्रोजेक्ट फ्रीडम यूएस ने चालू किया था स्टेट ऑफ हार्मोस से अपने शिप्स को निकालने के लिए।
अब फिर यहां पर अपना यह पूरा उसका टाइमलाइन है कि ईरान फिर ज्वाइन करता है। फिर इस्लामाबाद टॉक्स चालू होते हैं। यह हमने वही जो अभी पिछले लेक्चर में देखा पिछले टॉपिक में देखा। ये वही है। वही टाइमलाइन मैंने यहां पे बताया हुआ है। कुछ फैक्ट्स यहां पे आपको ध्यान में रखने हैं अबाउट यमेन एंड बाबल मंडप। ठीक है? क्योंकि यमेन यहां पे न्यूज़ में इसलिए था क्योंकि भाई एक्सेस ऑफ़ रेजिस्टेंस के पार्ट है यमेन के
हाउ दी रेबल्स। ठीक है? तो यमेन आपका ना बिफोर यूनिफिकेशन दो पार्ट में डिवाइडेड हुआ करता था। साउथ और नॉर्थ यमेन। ठीक है? नॉर्थ और साउथ यमेन में डिवाइड डिवाइडेड रहा करता था। बाद में ये क्या हो गया? ये हो गया यूनिफाइड। बट यूनिफाई होने के बाद ना यमेन में हाउ रेबल्स ने क्या कर दिया? यमन के हाऊदी रेबल्स ने यहां पे क्या कर दिया? अटैक कर दिया। अब ये जो अपने हाऊदी रेबल्स हैं। ठीक है? यमन के हाऊदी रेबल्स
हैं। इनके बारे में कुछ फैक्ट्स एक बार थोड़ा सा आप नोट डाउन कर लेना ताकि हमारे यहां पे काम में आए। तो हाउदी रेबल्स ना बेसिकली आपके चालू हुए थे एस अ यूथ ऑर्गेनाइजेशन। ठीक है? हाउ रेबल्स चालू हुए थे एज अ यूथ ऑर्गेनाइजेशन बाय द नेम ऑफ बिलीविंग यूथ। बिलीविंग यूथ के नाम से ये ऑर्गेनाइजेशन चालू हुआ था। और ये एक जायदी शिया ग्रुप है। क्या है? ये जायदी शिया का ग्रुप है।
बट देन जब ये इनका रेवोल्यूशन बढ़ते गया, रेवोल्यूशन बढ़ते गया, इसका फाउंडर कौन था? इसका फाउंडर था हुसैन बदरुद्दीन अल हाउदी। ठीक है? हुसैन बदरुद्दीन अल हाउदी वाज़ दी फाउंडर ऑफ़ ये हाऊदी जिसको मार दिया गया था
2004 में। ठीक है? ही वास किल्ड इन 2004 और वहां से फिर यह जो यूथ का शांत विंग था। ठीक है? यहां पर जो यूथ का साइलेंट विंग था जो ज्यादा मिलिट्री विंग नहीं था। ये थोड़ा सा एग्रेसिव हो गया और इन्होंने फिर प्रॉपर लड़ाई वाली चीजें चालू कर दी।
अभी इनका जो करंट लीडर है, ठीक है? इनका जो करंट लीडर है, उसका भी आप नाम याद रख लेना। देयर करंट लीडर इज अब्दुल मलिक अल हौदी। ये हाउदीस का करंट लीडर है। तो अगर आप यमेन का मैप देखोगे इफ आई हैव यमंस मैप हां ठीक है देखो थोड़ा सा मैं आपको यहां पे बताता हूं। तो ये जो यमेन है ना ये यहां कहीं पे नॉर्थ और साउथ में डिवाइडेड है।
ये आपका नॉर्थ यममेन है। ठीक है? नॉर्थ यमन जो पहले हुआ करता था अब तो यूनिफाई हो चुके हैं। आऊदी जो है वो अपनी गवर्नमेंट चलाते हैं यमन में। ध्यान से सुनना। यमन के दो कैपिटल हैं। ठीक है? ऑफिशियली नहीं बट इनडायरेक्टली यमन के दो कैपिटल्स बन चुके हैं। कौन-कौन से? एक है सना और एक है एडन। सना वो जगह है जहां से हाऊदी रेबल्स
ऑपरेट करते हैं। ठीक है? सना वो वो एरिया है जहां से हाउदी रेबल्स ऑपरेट करते हैं। और दूसरा है एडन। एडन में पोर्ट है। सना के साइड आपको मिलेगा होडेड पोर्ट। तो होडा पोर्ट को हाऊदी कैप्चर करते हैं, कंट्रोल करते हैं। ये पोर्शन में आपका होडेडा पोर्ट पाया जाता है। ठीक है? ये आपको मौका धुबा दिख रहा है ना? यहां पे होडेड पोर्ट
है। सिंस यहां पे होडेड पोर्ट है। इसीलिए ये जो बाबल मंडप स्ट्रेट है, इसको डायरेक्ट कंट्रोल किसके अंडर आ जाता है? इसका डायरेक्ट कंट्रोल आ जाता है हाउदी के अंदर। जो एडन पोर्ट है गल्फ ऑफ एडन में है। यहां कहीं पे। ठीक है? एडन पोर्ट यहां कहीं पे। इसलिए डायरेक्ट कंट्रोल
ओके ठीक है तो यहां की गवर्नमेंट का वहां पे डायरेक्ट कंट्रोल नहीं है। अब वहां की गवर्नमेंट कहां से ऑपरेट करती है? एडन से। तो जो रिकॉग्नाइज्ड गवर्नमेंट है ना वहां की वो यहां से ऑपरेट करती है। तना में कौन है? हाउदी यहां पे है उनकी गवर्नमेंट। ये हमें ध्यान में रखना है। एनी डाउट यार? एक बार मैं चैट बॉक्स ओपन कर लेता हूं। मेरे स्क्रीन से हट गया है तो। लेट मी नो। कोई डाउट यहां तक?
क्लियर? परफेक्ट। चलो फिर आगे बढ़ते हैं अब हम इस टॉपिक पे। अब इसमें हमें जानना है कि जो करंट क्राइसिस यहां पे चल रहा है। ठीक है? जो करंट क्राइसिस यहां पे चल रहा है। वो क्या है? तो होरमुस के बारे में मैंने आपको बता दिया। यममेन के बारे में मैंने आपको यहां पे बता दिया है और डिजीजती
अरितिया वी हैव ऑलरेडी कवर्ड लीडर्स मैंने आपको बता दिए। ओके अब थोड़ा सा हम यहां पे देखते हैं अबाउट दी सुस कैनाल। ठीक है? तो ये बाबल मंडप ऑलरेडी एक्सप्लेन। ठीक है? ये थोड़ा सा देखना इस पे हम आएंगे। बट उससे पहले लेट मी टेल यू अबाउट सुस कैनाल में जो करंट क्राइसिस चल रहा है उसके बारे में। तो सुसज कैनाल का क्राइसिस आप सभी को पता है। बट सिंस इसको इस साल 70 साल हो गए हैं। हमारे लिए स्टैटिक पर्सपेक्टिव से भी
ये टॉपिक क्या हो जाता है? इंपॉर्टेंट हो जाता है। हमारे लिए ये स्टैटिक पर्सपेक्टिव से भी इंपॉर्टेंट हो जाता है। तो स्टैटिक की चीजें यहां पे आप ध्यान से लिख लेना। सुएस कैनाल जो है इसको बनाया गया था 17th ऑफ नवंबर 18 69 में। ठीक है? इसे किसने बनाया था?
इट वाज बिल्ड बाय फर्डिनेंड डे लेसेप्स। ठीक है? किसने बनाया था इसे? फर्डिनांड डे लेसेप्स ने इसे बनाया था। ये लगभग 193 कि.मी. लंबा है। ठीक है? इसका लेंथ
193 कि.मी. है और ये मेडिटरेनियन सी को आपका जो रेड सी है उससे क्या करता है? जॉइन करता है। जो सुएस कैनाल है वो मेडिटेरेनियन सी को रेड सी से जॉइ करने का काम करता है। तो सिंस सूअस कैनाल में जब क्राइसिस होता है तो शिप्स कहां से जाते हैं? शिप्स जाते हैं वाया केप ऑफ गुड होप।
ठीक है? तो ये उनका रूट हो जाता है जब सूअर्स कैनाल क्या रहता है? ब्लॉक्ड रहता है। क्लियर? ओके। सो लेट मी नो इन द चैट बॉक्स कि ईरान, इजराइल, रेड सी, बाबल मंडप, स्वयल क्राइसिस, स्वस्त कैनाल क्राइसिस, होमूस या यूएस से रिलेटेड जो भी टॉपिक्स हैं उसमें कोई इशू भाई।
ये अगर आपने इतनी चीजें समझ ली तो पूरा पिक्चर आपका क्लियर है कि क्या लड़ाईयां इस बार हुई है। बाकी नोट्स में तो आपको छोटे-छोटे फैक्ट्स मिल ही जाएंगे। उनको रीड कर लेना। ठीक है? एक बार। तो ये टॉपिक हमें इस पे करना था। ठीक है? ओके। रेड सी अरे रेड सी टॉपिक का नाम इसलिए है क्योंकि ये रेड सी को कवर करता है ना यार देखो इसको ये आपका पूरा अपना कौन सा है ये
पोर्शन आपका अरे सुस कनाल हां ठीक है ये आपका पोर्शन पूरा कौन सा है रेड सी का पोर्शन है अब पूरी लड़ाई यहां पे चल रही है ना बाबल मंडप यहीं पे है अपना ये जो सुयस कैनाल है वो इसी को ऐसे कवर करता है तो इसलिए इसको पूरा रेड सी क्राइसिस बोला जाता है अगर सुयस कैनाल या बाबल मंडप पे कुछ भी होता है तो रेड सी अफेक्ट हो जाता है। इसलिए रेड सी को यहां पे हमें थोड़ा सा कवर करना
होता है। बट एस सच कोई खुद में वो अपना टॉपिक नहीं है। हां मैप में ध्यान देना जरूरी है कि किन कंट्रीज के बीच में ये आता है वो सारी चीजें। चलो अब हम आते हैं अपने नेक्स्ट टॉपिक की तरफ व्हिच इज़ इंडस वाटर ट्रीटी और पीसीए ने जो अपना हां ये सोएस क्राइसिस मैंने ऑलरेडी आपको यह पढ़ा दिया है। तो अब हमें इसमें और टाइम देने की जरूरत है नहीं।
जस्ट अ मिनट गाइस। हां। अब इसमें मेरे को आपको एक और चीज बताना है वि इज आईएमईसी। ठीक है? तो आईएमईसी के बारे में भी थोड़ा सा देख लो। व्हिच इज़ इंडिया मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर। ठीक है? दिस इज़ेंट फॉर अस। क्यों
इंपॉर्टेंट है? क्योंकि अब मिडिल ईस्ट पूरा न्यूज़ में है। तो इंडिया से लेके ग्रीस के प्रयस तक। ठीक है? कहां से चालू होता है? सुनना। मुंबई और मुंड्रा गुजरात से ये चालू होता है और खत्म होता है ग्रीस के प्रियस में। इंपॉर्टेंट इसलिए क्योंकि पूरा मिडिल ईस्ट यहां पे इसमें आता है। तो इंडिया के ना दो बहुत इंपॉर्टेंट ट्रांजिट
कॉरिडोर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। व्हिच द फर्स्ट वन इज़ आईएएसटीसी। इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांजिट कॉरिडोर। ये इंडिया का एक प्रोजेक्ट है और दूसरा है आईएमईसी। आईएएसटीसी के बारे में ऑलरेडी मैंने आपको होमवर्क दिया था। तो आई होप आपने यह किया होगा। बट इस टॉपिक से रेलेवेंट है आईएमईसी। क्योंकि आईएमईसी क्या है? आईएमएस इंडिया मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर। ठीक है?
इसको पूरा लिख लेना। इंडिया मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर इज़ दी फुल फॉर्म ऑफ़ आईएमईसी। ये इसका पर्पस क्या है? क्यों इंडिया इसे बना रहा है? चाइना को काउंटर करने के लिए। ठीक है? तो चाइना अपना एक बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव लाया हुआ है। आप सभी को पता होगा। व्हाट इज दिस बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव? ये जो बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव है ये पूरा वर्ल्ड को चाइना एक रूट में जॉइ करना चाहता है ट्रेड रूट के फॉर्म में जिसमें सारी चीजें इंक्लूडेड
है। लैंड के फॉर्म में आपका जो पुराना सिल्क रूट है वो और ओशियन के फॉर्म में उसने एक नया सिल्क रूट क्रिएट किया है। इसके थ्रू यह पूरे वर्ल्ड को जॉइन करना चाहता है बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के फॉर्म में जिसको काफ़ी कंट्रीज़ क्रिटिसाइज़ करती है डे ट्रैप पॉलिसी के नाम पे क्योंकि श्रीलंका के साथ उसने हमंबन टोटा पोर्ट में जो किया बेसिकली उसने किया ये कि वो क्या करता है कंपनी कंट्रीज को बोलता है कि यार हम आपके लिए ना डेवलप
करेंगे पोर्ट आपके लिए हम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेंगे आप आराम से हमें पैसे देते रहना वो डेवलप कर देता है अब वो डेवलपमेंट इतना ज्यादा कर देता है कि वो कंट्री ना उसे पैसे दे नहीं पाती वही चीज श्रीलंका के साथ हुआ तो फिर वो ये करता है कि ठीक ठीक है? आप ये सब छोड़ दो। आपका ये पोर्ट अब मेरे कंट्रोल में है। तो इसीलिए इंडिया के पास ग्वादर पोर्ट में, इंडिया के पास हमंबनोटा पोर्ट में चाइना आके बैठ गया है।
तो ऊपर भी चाइना हो गया। इधर पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट में भी चाइना हो गया। इधर नीचे इंडियन ओशियन में श्रीलंका के हमंबनटोटा पोर्ट में भी चाइना हो गया। तो इंडिया को इसे काउंटर करना जरूरी है। अब इंडिया इसे काउंटर करने के लिए कुछ-कुछ प्रोजेक्ट्स ला रहा है। जिसमें से आईएमईसी एक इंपॉर्टेंट प्रोजेक्ट है जो कि एशिया को मिडिल ईस्ट होते हुए यूरोप से जोड़ेगा।
ठीक है? ये आईएमईसी का पर्पस है और इसमें सारी चीजें हैं। ठीक है? इसमें तीनों चीजें इंक्लूडेड हैं। मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट है ये। व्हाट इज दिस? जैसे आपने कालादान का नाम सुना होगा। तो कालादान इज़ मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट। सिमिलरली यह भी एक मल्टीप मॉडल है। मतलब इसमें रेलवे भी इंक्लूडेड है। रेलवे के साथ-साथ इसमें शिप्स भी इंक्लूडेड है और रोड नेटवर्क भी इसमें क्या है? इंक्लूडेड है। इसलिए ये
हमारा इंपॉर्टेंट है। अब इसके अंडर इंडिया का मुंड्रा पोर्ट आता है, दीनदयाल पोर्ट आता है और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट आता है। आप मुझे यह बताओ जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के बारे में हमने रिसेंटली किस टॉपिक में पढ़ा था? कोई बताएगा मुझे क्यों पढ़ा था हमने? अभी मैंने कुछ दिन पहले आपको बताया था कि मुंबई में
इंडिया का पहला प्लास्टिक फ्री पोर्ट आया है और वो ये पोर्ट नहीं था। ठीक है? तो उस पे कंफ्यूज आपको नहीं होना है। इसलिए मैंने आपको जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के बारे में क्या किया था? बताया था। क्लियर है भाई? तो ये आईएमईसी है। इंडिया इसी के लिए यहां पे अच्छे से फोकस कर रहा है। वर्क कर रहा है क्या? चाइना को काउंटर करना है। चाइना
को हमें अपने ऊपर हावी होने नहीं देना है। अब हम आते हैं अपने नेक्स्ट टॉपिक पे। यहां तक आई होप आपको चीजें क्लियर है। अब हमें जानना है अबाउट दी इंडस वाटर ट्रीटी। सो लास्ट ईयर भी मैंने ये पढ़ाया था और जो चीज मैंने पढ़ाई थी, वहीं से उठ के लगभग
क्वेश्चंस आ गए थे बहुत सारे। तो वह हम थोड़ा सा कर लेते हैं एक बार ध्यान से। ठीक है? तो सुनना। आवाज आ रही है यार? ओके। चलो ठीक है। देखो ये जो अपना पूरा पोर्शन है ना इंडस रिवर सिस्टम का ये इंडिया के लिए काफी इंपॉर्टेंट है। क्यों इंपॉर्टेंट है?
क्योंकि देखो इंडिया और पाकिस्तान के बीच एक ट्रीटी हुई। ठीक है? और वो ट्रीटी का पर्पस ये था। हमें ज्योग्राफिकली पता है कि एक हायर लेवल से लोअर एल्टीट्यूड की तरफ पानी फ्लो होता है। ये हमें हमेशा से पता हुआ है। अगर आप यहां पे देखोगे तो इस तरफ से ठीक है? ये जो अपना पूरा वैली हिमालय वाला एरिया है। यहां से पानी बहते हुए नीचे आता है। किसी भी नदी का आप ले लो।
अब इस रूट में इस तरफ पहले इंडिया पड़ रहा है फिर पाकिस्तान पड़ रहा है। अब अगर पहले इंडिया पड़ रहा है तो वाटर का कंट्रोल इंडिया के पास ज्यादा है। इंडिया पानी को रोक सकता है, आने दे सकता है, जाने दे सकता है। इसी बात का डर हुआ पाकिस्तान को और पाकिस्तान गया यूएस के पास कि यार कुछ करो इसके साथ हमारा ऐसा-ऐसा इशू है। तो फिर यूएस ने यहां पे मेडिएट किया और साइन
होता है क्या? इंडस वाटर ट्रीटी। तो एक बार इंडस वाटर ट्रीटी के कुछ स्टैटिक्स हम लिख लेते हैं। फिर पूरे इसको अच्छे से समझेंगे। तो इंडस वाटर ट्रीटी साइन हुआ था 19th सितंबर 1960 को। ठीक है? 19th सितंबर 1960 को ये साइन किया गया था। कहां साइन किया गया था? कराची में। अब अगेन नाम याद होना जरूरी है। किन-किन लोगों ने साइन किया था इसे?
इसमें इंडिया की तरफ से थे जवाहरलाल नेहरू जी। ठीक है। पाकिस्तान के तरफ से थे अपने अय्यूब खान और वर्ल्ड बैंक की तरफ से थे जो कि एक न्यूट्रल एक्सपर्ट था। ठीक है? वर्ल्ड बैंक वाज़ दी मीडिएटर। वर्ल्ड बैंक की तरफ
से थे डब्ल्यूबी इलिफ जो कि उस टाइम पे उसके वाइस प्रेसिडेंट थे। ठीक है? तो इन लोगों ने मिलके इसे साइन कराया था। और इसके अंडर आउटकम ये आया कि इस पूरे इंडस वाटर सिस्टम का अब इंडस वाटर सिस्टम में कितनी नदियां आती हैं ये समझना आप। ये पूरा अपना इंडस वाटर सिस्टम है। तो इसमें ये हो गया सतलज। ये हो गया रावी और ये ब्यास। ये तीनों नदियां मिल गई किसको?
इंडिया को। और ये इंडस, झेलम और चेनाब ये नदियां मिल गई पाकिस्तान को। इन्हें बोला जाता है इन तीनों नदियों को बोला जाता है इंडस वाटर सिस्टम की ईस्टर्न रिवर्स और इन तीनों को बोला जाता है इंडस वाटर सिस्टम का वेस्टर्न रिवर। अब द थिंग इज़ इन तीनों नदियों को मिला के
लगभग 20% पानी है। और इन तीनों नदियों को मिला के लगभग 80% वाटर है। तो 80% वाटर का कंट्रोल दिया गया पाकिस्तान के पास कि पाकिस्तान उनको यूज़ करेगा और 20% का दिया गया इंडिया को। ये इसका ओवरऑल आउटकम है। अब इस मैप में कुछ और चीजें भी याद रख लेना आप ताकि एग्जाम में अगर आए तो आप आंसर दे सको। ये है अपना संगम और ये है पॉइंट एनj9842।
ठीक है? द पॉइंट इज़ एनj9842। तो संगम वैली से एनj9842 तक जो लाइन जाती है दैट इज़ आवर लाइन ऑफ कंट्रोल। लाइन ऑफ कंट्रोल कब बनी थी? जो इंडोपाक वॉर हुआ था 1948 में उसके आउटकम में इसको एक सीज फायर
लाइन बनाया गया था। और फिर शिमला एग्रीमेंट जो होता है 1972 में उसमें उस सीज फायर लाइन का नाम बदल के क्या कर दिया गया? लाइन ऑफ कंट्रोल कर दिया गया। लाइन ऑफ कंट्रोल के ऊपर का जो पोर्शन है इसे हम बोलते हैं पीओके। ये लाइन ऑफ कंट्रोल के ऊपर का पोर्शन क्या है? पीओके। और इसी में यहां पे फिर आपको जो इस तरीके का ट्रायंगल देखने को मिलेगा ये आपका है क्या? ये आपका
है शियाचिन ग्लेशियर। ठीक है? यह आपका सियाचिन ग्लेशियर है। सियाचिन ग्लेशियर में इस तरफ आपको मिलेगा सक्षगाम वैली का बॉर्डर। ठीक है? सक्षगाम वैली वही वैली है जिसको पाकिस्तान ने चाइना को सीज कर दिया था। इंडिया से बिना पूछे। इंडिया का कहना है ये मेरा टेरिटरी है। पाकिस्तान ने इसे इंडिया से पूछे किसे दे दिया? चाइना को दे दिया। इंडिया से बिना पूछे। सो इस वैली का
नाम है शक्षगाम वैली। तो इस तरफ आपका सक्षगाम वैली का बॉर्डर है। यहां पे आपको देखने को मिलेगा नब्रा वैली। ठीक है? तो अगर आपसे कोई पूछे कि सियाचिन ग्लेशियर तीनों साइड में किससे-किस से घिरा हुआ है? तो यहां पे वो सक्षगाम वैली से घिरा हुआ है। यहां पे वो घिरा हुआ है नब्रा रिवर वैली से और इस तरफ आपका काराकोरम रेंज। इन
तीनों के बीच में सियाचिन ग्लेशियर और ये सक्षधागाम वैली है। तो जो लास्ट पॉइंट है एलओसी का वो सियाचिन ग्लेशियर के पहले खत्म हो जाता है। और सियाचिन ग्लेशियर में अभी करेंटली इंडिया का वहां पे कब्जा है। अक्साई चिन का एरिया जो यहां पे आता है यहां पे चाइना का कब्जा है। वही अरुणाचल प्रदेश जो इंडोपाक वॉर हुआ था 62 में तो
चाइना यहां पे घुस गया था। यहीं पे फिर बना है अपना लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल। ठीक है? तो लाइन ऑफ कंट्रोल इंडिया पाकिस्तान के बीच है और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल इंडिया चाइना के बीच है। क्लियर? हां। तो ये अपना पूरा का पूरा इंडस वाटर सिस्टम है और ये इंडिया पाकिस्तान के मैप के कुछ इंपॉर्टेंट साइट्स हैं। अब इसमें
हुआ क्या ये समझना। ठीक है? क्या चीजें यहां पे चल रही है यार? इंडस वाटर ट्रीटी के अंडर ना एक आर्टिकल है जो बोलता है कि कौन सी कंट्री कितना पानी यूज़ कर सकती है। अब इस इंडस वाटर ट्रीटी के दो एनेक्सर्स थोड़े से आप ध्यान में रखना। दीज़ टू एनेक्सर्स आर
एनेक्स्चर सी एंड डी। पूरा लड़ाई इस साल इन्हीं दो एनेक्सचर का है। वन इज़ एनेक्स्चर सी एंड अनदर वन इज़ एनेक्स्चर डी। इनका यह कहना है कि इंडिया जो है वो पानी को यूज़ नहीं करेगी, कंट्रोल नहीं करेगी। बट कुछ-कछ रीज़ंस के थ्रू इंडिया क्या कर सकती है? यूज़ कर सकती है।
तो ये एनेक्श सी और डी का कहना ये है कि जो तीन नदियां हैं व्हिच आर झेलम, चेनाब, एंड इंडस। इन तीन नदियों में एक्चुअल में है कंट्रोल पाकिस्तान का। बट इंडिया कैन यूज इंडिया इन्हें यूज कर सकता है कब? इन केसेस में। एनेक्सचर सी का कहना है कि
इंडिया इसे यूज़ कर सकता है एग्रीकल्चरल पर्पस के लिए। क्योंकि एग्रीकल्चरल पर्पस में उतना हाई अमाउंट ऑफ वाटर यूज़ नहीं होता। तो एनेक्सर सी का कहना है इंडिया एग्रीकल्चरल पर्पस के लिए यूज कर सकता है। और एनेक्सर डी का कहना है कि इंडिया इसे रन ऑफ द रिवर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बना सकता है।
तो देखो यार हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट ना दो टाइप के होते हैं। ठीक है? हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट हमारे दो टाइप के होते हैं। एक स्टॉप डैम बनाना। ठीक है? स्टॉप डैम बनाना मतलब पानी जो आ रहा है उस पानी को हम रोकते हैं और उस पानी को रोक के हम टरबाइन घुमाते हैं जिससे रिवर का फ्लो इफेक्ट होता है। ये इंडिया नहीं कर सकता इन तीनों नदियों पे बट इंडिया रन ऑफ द रिवर प्रोजेक्ट बना
सकता है। मतलब हम कोई डैम नहीं बनाते जो रिवर का खुद का फ्लो है उस फ्लो के थ्रू हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करते हैं। उतना हाई अमाउंट ऑफ इलेक्ट्रिसिटी तो जनरेट नहीं होता है बट हम वैसा कर सकते हैं। तो वो इंडिया यहां पे इसके अंडर क्या कर सकता है? एग्जीक्यूट कर सकता है। क्लियर एनक्स सी और डी क्या है? ठीक है भाई? तो ये इसकी लड़ाई है। तो टेक्निकली इंडिया को यहां पे
वो हक दिया गया है। ठीक है? इंडिया को बोला गया है कि भाई आप कर सकते हो। उसमें कोई परेशानी हमें नहीं है। तो इंडिया ने ये चालू भी किया। अब ये जो लड़ाई यहां पे है अभी करेंटली जो हमारा इशू चल रहा है। ये है रेटल प्रोजेक्ट के ऊपर। ठीक है? तो इंडिया ने क्या किया? इंडिया ने अपना एक डैम बनाया। ठीक है? इंडिया ने अपना एक पावर प्रोजेक्ट बनाया। व्हिच इज़ रेटल पावर प्रोजेक्ट। किस में बनाया? चेनाब नदी के
ऊपर। अब रन ऑफ द रिवर के साथ-साथ एक क्लॉज़ ये भी है कि इंडिया अगर चाहे तो थोड़ा सा पानी रोक सकता है। बहुत ज्यादा भी नहीं। थोड़ा सा पानी रोक सकता है। बट जो भी डैम वो बनाएगा या जो भी इंडिया का प्रोजेक्ट है उसके प्रोजेक्ट को इंडिया को किसे देना होगा? इंडिया को पाकिस्तान को देना होगा अप्रूवल के लिए कि भाई देख लो अप्रूवल इन द सेंस बताने के लिए कि ये हमारे प्रोजेक्ट का पूरा सीक्वेंस है। इस तरीके
से हम अपने पूरे प्रोजेक्ट को क्या कर रहे हैं? रन करेंगे। तो इंडिया को ये बताना है। अब हुआ क्या? जब इंडिया ने ये पाकिस्तान को भेजा तो पाकिस्तान ने ये बोला कि यार ये तो बहुत गलत कर रहे हो आप। क्यों गलत कर रहे हो? क्योंकि इसकी वजह से मेरे पानी को बहुत ज्यादा इफेक्ट पड़ेगा। ये पाकिस्तान को इशू हुआ। तो इसको लेके पाकिस्तान गया किसके पास? इंडसफ्टर ट्रीटी के डिस्प्यूट रेोल्यूशन मैकेनिज्म के पास।
तो जब भी कोई ट्रीटी होती है, ठीक है? जब भी कोई ट्रीटी होती है, उसका एक रेज़ोल्यूशन मैकेनिज्म भी होता है कि आप क्या कर सकते हो? अगर कोई डिस्प्यूट होता है, तो इस तरीके से हम सॉल्व करेंगे। इंडस वाटर ट्रीटी के अंदर वो डिस्प्यूट रेज़ोल्यूशन मैकेनिज्म है। ये तीन स्टेज का। कौन-कौन से तीन स्टेज? सबसे पहले आता है परमानेंट इंडस कमीशन। तो एक कमेट बैठती है जिसमें इंडिया की तरफ से एक इंसान होता है और पाकिस्तान की तरफ से एक इंसान होता है। यह दोनों मिल बांट
के इशू को रिॉल्व कर लेते हैं। बट मैं इसे एक फॉर्मल अ सोर्स बोलता हूं या फॉर्मल मेथड बोलता हूं। क्योंकि अगर इंडिया पाकिस्तान जैसी दो देशों के बीच में बातचीत करके चीजें सुलझ जाती तो फिर अलग ही सीन होता। राइट? तो ये कभी काम नहीं आया। यहां कोई जाता ही नहीं है। कुछ होता ही नहीं है यहां। फिर आता है एक न्यूट्रल एक्सपर्ट। तो वर्ल्ड बैंक जिसने मीडिएट किया था इंडस वाटर
ट्रीटी को वो एक न्यूट्रल एक्सपर्ट अपॉइंट करता है जो इन दोनों के बीच में फिर एड्रेस करता है कि क्या आपका सॉल्यूशन होगा। और तीसरा है कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन। अगर ये दोनों फेल कर जाएं तो परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन एक ट्राइबनल बिठाता है और वो ट्राइबनल फिर इनके बीच में ये समझौता कराती है। ये स्यूशन लाती है। अब हुआ क्या? इस रेटल डैम प्रोजेक्ट को पाकिस्तान लेके गया किसके पास? कोर्ट ऑफ
आर्बिट्रेशन के पास। अब प्रॉब्लम यहीं पे शुरू हुई। देखो यार टेक्निकली सीन क्या होना चाहिए? सबसे पहले आप इनके पास जाओ, फिर इनके पास जाओ, फिर इनके पास जाओ। पाकिस्तान सीधा इनके पास चले गया और इन्होंने बना भी दिया। तो इंडिया का कहना ये आपने सेकंड स्टेज स्किप क्यों किया? इसीलिए इंडिया बोल रहा है ये पीसीए जो है वो बना ही इललीगल तरीके से है। पीसीए का फॉर्मेशन ही इललीगल है। तो हम उसके जजमेंट
को नहीं मानेंगे। पीसीए ने बोला ये है कि आप रैटल डैम नहीं बना सकते। बट इंडिया ये बोल रहा है हम आपकी बात को मानेंगे नहीं क्योंकि आप इललीगली कॉन्स्टिट्यूटेड हो। क्लियर? आया भाई समझ में? ओके। सो यहां तक हमें इंडस वाटर ट्रीटी को थोड़ा सा जानना जरूरी था। कुछ और चीजें मैं आपको बता देता हूं। इंडस वाटर ट्रीटी
से रिलेटेड। इंडिया और भी यहां पे डैम्स बना रहा है। आपको नाम याद रखना जरूरी है। कौन सा डैम किस रिवर पे बन रहा है। ओके? तो एक डैम इंडिया ऑलरेडी बना चुका है। व्हिच इज़ किशनगंगा। ठीक है? किशनगंगा किस रिवर पे है? किशनगंगा है। नीलम नदी में व्हिच इज़ किशनगंगा रिवर। ये झेलम के बेसिन में आता है। ठीक है? झेलम के बेसिन में आता है।
झेलम की ट्रिब्यूटरी है। किशनगंगा खुद में एक क्या है? खुद में एक रिवर है। चेनाब के बारे में ऑलरेडी मैंने आपको बताया हुआ है। थोड़ा सा मैं आपको पीसीए के बारे में बता देता हूं। परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन क्योंकि वो भी थोड़ा सा न्यूज़ में था। तो जो परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन आया इस साल जो परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने जो जजमेंट दिया है इंडिया के सामने कि
इंडिया ने जो रेटल डैम का प्रोजेक्ट है वो गलत कर रहा है। इंडिया को चेंजेस करने होंगे। उस पीसीए की जो कमिटी थे उसके चेयर पर्सन कौन थे? प्रोफेसर श डी मर्फी। ठीक है? तो ये आप नाम याद रखना। कौन थे उस पीसीए के कमेटी के चेयर जिन्होंने ये जजमेंट दिया। ठीक है? तो पीसीए के चेयर कौन है? श डी मर्फी इज़ द चेयर पर्सन ऑफ़
पीसीए। पीसीए का आपको हेड क्वार्टर कहां मिलेगा? पीसीए का हेड क्वार्टर आपको मिलेगा द हेग में। ठीक है? द हेग में आपको और भी इंपॉर्टेंट ऑर्गेनाइजेशनंस के हेड क्वार्टर मिलेंगे लीगल पर्पस के। एक पीसीए का मिलता है, एक आईसीजे व्हिच इज इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का मिलता है। और एक आईसीसी वि इज इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट। इन तीनों का यहीं पे है। कहां पे?
द हेग में। आईसीजे इज द ओनली यूनाइटेड नेशंस की बॉडी जिसकी न्यूयॉर्क के बाहर हेड क्वार्टर है। यूनाइटेड नेशंस का जो हेड क्वार्टर है उससे बाहर जिसका हेड है। कहां है? द हेक नीदरलैंड में। इस जगह का नाम है पीस पैलेस। ठीक है? इस जगह का नाम क्या है? पीस पैलेिस ये जो
पीसीए है इसका फॉर्मेशन हुआ था 1899 के हेक कन्वेंशन के थ्रू। ठीक है? 1899 के हेक कन्वेंशन के थ्रू इसका फॉर्मेशन हुआ था। और ये कोई रियल कोर्ट नहीं है। ऐसा नहीं कि यहां पे एज अ कोर्ट हम जाते हैं। जज बैठता है और जजमेंट देता है। नो ये क्या करती है? ये
ट्राइबनल्स को कंट्रोल करती है। तो बहुत सारे देश यहां पर जाते हैं और ये ट्राइबनल बनाती है उनके रेोल्यूशन के लिए। ये खुद में कोई कोर्ट नहीं है। ठीक है? पीसीआई ट्राइबनल्स बनाती है और उनको कंट्रोल करती है। ये यहां पे इसका पर्पस है। इंडिया इसका एक ऑलरेडी मेंबर है। ठीक है? वो भी आपको तो पता ही होगा। उस पे बताने की जरूरत नहीं है।
और शिमला एग्रीमेंट पे भी इंडिया ने होल्ड लाया हुआ है। शिमला एग्रीमेंट अगर मैं आपको बताऊं तो शिमला एग्रीमेंट वही एग्रीमेंट है जिसने अपने सीज फायर लाइन को लाइन ऑफ कंट्रोल में क्या किया? बदल दिया। या हां, एक इंपॉर्टेंट क्वेश्चन। क्या इंडस वाटर ट्रीटी को मैं एग्जिट कर सकता हूं? कैन आई एग्जिट इंडस वाटर ट्रीटी? द आंसर इज़ नो। इंडस वाटर ट्रीटी में किसी भी तरीके का एग्जिट क्लॉज़ नहीं है। ठीक है? इंडस वाटर ट्रीटी में किसी भी तरीके
का एग्जिट क्लॉज़ नहीं है। आर्टिकल 12 क्लॉज़ फोर मेंशन करो। आर्टिकल 12 क्लॉज़ फोर ऑफ द इंडस वाटर ट्रीटी सेज़ कि अगर आपको ट्रीटी को हटाना है तो एक नया ट्रीटी बनाना होगा इसके बेसिस पे। इंडिया ने उसके लिए ऑलरेडी दो-तीन बार लेटर भेजा है पाकिस्तान को। बट पाकिस्तान ने अभी तक किसी भी तरीके का रिस्पांस उस पे नहीं
दिया है कि हमें नया ट्रीटी बनाना है या नहीं बनाना है। क्लियर? इज इट क्लियर टू एवरीवन? ठीक है भाई? ये था अपना इंडस वाटर ट्रीटी वाला टॉपिक। बहुत डीप में हमें करना भी नहीं था क्योंकि इंडिया और पाकिस्तान जो
है वो उतने ज्यादा इस बार न्यूज़ में नहीं थे जितना ज्यादा पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ न्यूज़ में था वो हम करेंगे। आर्टिकल वाज़ 12 क्लॉज़ फोर x आईआई ब्रैकेट के अंदर फोर। आर्टिकल 12 क्लॉज़ फोर। ओके? बिल्कुल भाई। ये भी आपको नोट्स के फॉर्म में मिलेंगे। ये नोट्स भी आपको मिलेंगे। प्रैक्टिस शीट भी आपको मिलेगी।
डिटेल नोट्स भी आपको मिलेंगे। सारी चीजें मिलेगी। किसी का टेंशन मत लो। अभी सेशन पे थोड़ा अच्छे से फोकस्ड रहो। ओके? चलो अब शिगुफा ऑफ द ईयर। ठीक है? इसे मैं शिगुफा ऑफ द ईयर इसलिए बोलता हूं क्योंकि यूएस की हरकतें बहुत प्यारी-प्यारी होती है। एक ऐसा देश है जो दूसरों की बहुत भलाई चाहता है। खुद का पता नहीं। बट हां उसको वो दूसरों को दुख में नहीं देख सकता। स्पेशली वहां के जो प्रेसिडेंट हैं वो और नहीं देख सकते।
लाइक पीस प्राइज नोबेल पीस प्राइज इज टू स्माल फॉर हिम। सो यूएस ने क्या किया? वेनेजुएला में एंटर करके वेनेजुएला के हेड ऑफ दी स्टेट को जिनका नाम है मादुरो। एंड उनकी वाइफ को क्या कर लिया? सीधा उठा के वो ले आए कहां? न्यूयॉर्क। कहां ले आए वो? न्यूयॉर्क लेके आ गए। तो इसको ध्यान से सुनना। चलो। ठीक है? डेट्स, टाइमलाइन सारी चीजें मैं आपको बताता हूं।
एक बार तो थर्ड ऑफ़ जनवरी 2026 ठीक है। थर्ड ऑफ़ जनवरी 2026 को यूएस चालू करता है ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व।
ठीक है? द नेम इज़ ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व। जिसमें कौन यूज़ करता है वो? डेल्टा फोर्स को। ठीक है? यूएस की डेल्टा फोर्स के यूज़ से वो 3 जनवरी को ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व लाया जाता है। और इसके अंडर ठीक है? इसके अंडर
यूएस जो है वो स्ट्राइक करता है। यूएस जो है वो स्ट्राइक करता है कैरेकस में। कैरेकस क्या है भाई? कैरेकस इज़ दी कैपिटल ऑफ वेनेजुएला। और यहां से वो वेनेजुएला के जो लीडर हैं। ठीक है? वेनेजुएला के जो लीडर हैं जिनका नाम है श्री निकोलस मादुरो साहब।
ठीक है? उनको ये पकड़ लेते हैं। एंड साथ ही साथ उनकी वाइफ सीलिया फ्लोर्स को भी ये क्या कर लेते हैं? कैप्चर कर लेते हैं। ये 3 जनवरी की कहानी है। ठीक है? तो ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व कैरेकस में स्ट्राइक करते हैं और इनको कैप्चर कर लेते हैं। इनको कैप्चर करके ये कहां ले आते हैं? इनको कैप्चर करके ये न्यूयॉर्क ले आते हैं। किसके थ्रू? इन्हें न्यूयॉर्क
लाया जाता है यूएसएस आई डब्ल्यू ओ जीमा कैरियर के थ्रू। ठीक है? तो इसमें बिठा के उन्हें न्यूयॉर्क लाया जाता है। ये पूरी स्टोरी है अपनी यूएसएस की इतनी कहानी की। अब उसके बाद जैसे यह रेड हुआ इनको किस कोर्ट के सामने ट्रायल इनका
कराया जा रहा है? इनका ट्रायल कराया जा रहा है एसडी एनवाई कोड। ठीक है? द कोड नेम इज़ एसडी एनवाई। फुल फॉर्म क्या है? सिडनी मत समझना इसे। द फुल फॉर्म इज़ सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क। सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क नाम का कोर्ट है। ठीक है? इस जगह का जो कोर्ट है वहां पे इनका ट्रायल चल रहा है और इनके जज
का नाम है जो जज इनके ट्रायल को कंटिन्यू कर रहे हैं उस जज का नाम है एल्विन हेलस्टाइन। ठीक है? उस जज का नाम क्या है? एल्विन हेलस्टाइन। और इन पे चार्जेस लगे हैं। इन पे चार्जेस लगे हैं नार्को टेररिज्म के। नारकोटेरिज्म क्या होता है यार आपका जो पैब्लो एस्कोबार कोई जानता है पेबलो एस्कोबार को बस वो नारको टेररिज्म करता था
नारकोटेरिज्म इन द सेंस ड्रग्स की हेराफेरी ठीक है ड्रग्स का लेनदेन ड्रग्स का व्यापार करना दैट इज नार्को टेररिज्म वो करते हुए इन्हें पकड़ लिया गया ऐसा यूएस का कहना है। बट माधुर जी ने बोला है कि नहीं यार मैं गिल्टी प्लीड नहीं करूंगा। तो इन्होंने बोला है नहीं मैं गिल्टी नहीं हूं। आप गलत कर रहे हो मेरे साथ। इसलिए इनको अभी रखा गया है कहां?
इनको रखा गया है ब्रुकलिन के जेल में। इनको कहां रखा गया है? इनको रखा गया है ब्रुकलिन के जेल में। सो ये अब तक का वेनेजुएला का क्या है? स्टोरी है। ठीक है? ये अब तक का इनको वेनेजुएला का पूरा क्या चल रहा है? स्टोरी चल रहा है। अब इसमें यहां पे इंपॉर्टेंट चीज हमें जो जानना है वो है कि इनकी पॉलिटिकल हिस्ट्री क्या है?
यूएस और वेनेजुएला के बीच में जो चीजें चल रही है वो क्या-क्या है? ये सब के बारे में हमें जानना जरूरी है। बट उससे पहले ये देखो कि ये जो यूएस ने रेड किया उसके बाद क्या हुआ? तो यूएस के रेड करने के बाद वेनेजुएला का नया लीडर कौन बना? वेनेजुएला का नया लीडर बना रगस।
ठीक है? और यूएस ने इसे रिकॉग्नाइज़ भी कर लिया। रगस को नया लीडर बना के और यूएस की जो एंबेसी है कैरेकस में उसको भी इन्होंने क्या कर दिया? फिर से ओपन कर दिया। अब इसमें द मेन थिंग इज़ कि जो स्टोरी है पूरा। ठीक है? उसमें इशू ये हो रहा है कि क्या सच में यूएस जो है वो
इसीलिए वहां पे गया क्योंकि ये नार्कको टेररिज्म कर रहा था या कुछ और भी रीज़ंस थे। तो और भी रीजंस ये बोले जाते हैं इनके बीच में। ठीक है? इनके बीच में बोले ये जाते हैं कि जो माधुर है वो थोड़ा सा अ आई से एंटी यूएस जैसा इंसान था। ठीक है? थोड़ा सा
एंटी यूएस जैसा इंसान था और नेशनलाइज करने की कोशिश कर रहा था वेनेजुएला के एसेट्स को। अब वेनेजुएला काेंस यह है कि यार वो वर्ल्ड की लार्जेस्ट
ऑइल का जो स्टोर है नोन स्टोर है वर्ल्ड का वो वेनेजुएला में है। आपको पता है यूएस के पास खुद का ऑयल का कुछ नहीं है। ठीक है? एंड हमेशा से ट्रंप साहब की ये मर्जी रही है कि मुझे एक यहां पे वेनेजुएला को अमेरिका में इंक्लूड करना है। तो ये भी एक रीज़न बोल रहा है कि नारको टेररिज्म से बड़ा रीडन बड़ा रीज़न ये ऑइल की
लड़ाई है इनके बीच में। बट ठीक है वो तो हमारे लिए इंपॉर्टेंट नहीं है। हमें जानना है थोड़े से इंपॉर्टेंट स्टैटिक फैक्ट्स अबाउट ऑल दीज़। तो सबसे पहले यहां पे जो इंपॉर्टेंट ऑर्गेनाइजेशन है वो है कंट्री है वो है वेनेजुएला। तो वेनेजुएला से रिलेटेड स्टैटिक फैक्ट्स एक बार आप देख लो। तो वेनेजुएला जो है उसका कैपिटल कैरेकस है।
ठीक है? और इसकी करेंसी का नाम है बोली। ठीक है? बोलीवर इज़ द करेंसी ऑफ़ वेनेजुएला। ठीक है? ये ध्यान में रखना। कैरेकस इज़ द कैपिटल। बोलीवर इज़ द करेंसी। वेनेजुएला का मतलब होता है लिटिल वनस। लिटिल वेनिस। ठीक है? तो वेनिस के नाम पे इसे रखा गया है। वेनेजुएला। लिटिल वेनिस बोला जाता है इसे।
अब इसमें इसके पास है वर्ल्ड का लार्जेस्ट प्रूवन ऑयल रिजर्व। ठीक है? लगभग समथिंग अराउंड 300 बिलियन बैरल्स का ऑयल रिजर्व है इसके पास जो कि वर्ल्ड का लार्जेस्ट नोन है। नोन मतलब जिसके बारे में जाना जाता है जिसको डिस्कवर किया जा चुका है।
आल्सो इसके दो और सिग्निफिकेंस है। फर्स्ट सिग्निफिकेंसेस यहां पे एक बहुत इंपॉर्टेंट फॉल्स है जिसे बोला जाता है एंजेल फॉल्स। जो कि है वर्ल्ड का हाईएस्ट वाटरफॉल। ठीक है? एंजेल फॉल्स इज वर्ल्ड्स हाईएस्ट वॉटरफॉल। और दूसरा इसे जाना जाता है। ये है ओपेक का फाउंडर।
ठीक है? ये ओपेक के फाउंडिंग मेंबर्स में से एक है। कहां फाउंड किया गया था? बगदाद में 1960 को। तो थोड़ा सा ओपेक के बारे में पढ़ लो भाई। वो भी एग्जाम में आ सकता है। ओपेक एंड ओपेक प्लस। तो opेक प्लस कुछ अलग नहीं है। जस्ट लाइक CPक एंड CPCक प्लस। यह ओपक एंड ओपेक प्लस है। तो ओपक क्या है? इट्स बेसिकली दी ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ऑयल प्रोड्यूसिंग एंड
एक्सपोर्टिंग कंट्रीज। ठीक है? किनका ऑर्गेनाइजेशन है ये? ऑयल प्रोड्यूसिंग एंड एक्सपोर्टिंग कंट्रीज का ये ऑर्गेनाइजेशन है। इसका फॉर्मेशन हुआ था 1960 में। ठीक है? 1960 में फॉर्मेशन हुआ था इसका बगदाद में। ठीक है? बगदाद में यह हुआ था क्या? बगदाद कॉन्फ्रेंस।
तो जो बगदाद कॉन्फ्रेंस हुआ था उसमें इसका फॉर्मेशन हुआ था। और इसको फॉर्म करने वाले कंट्रीज थे ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरेबिया एंड वेनेजुएला दीज़ वर दी कंट्रीज
जिन्होंने इसका फॉर्मेशन किया था। क्योंकि आप यहां पर नाम देख सकते हो। कुवैत हो गया, सऊदी अरेबिया हो गया, इराक हो गया, ईरान हो गया, वेनेजुएला हो गया। ये सभी क्या हैं? ये सभी वो कंट्रीज हैं जो ऑयल प्रोड्यूस भी करते हैं, ऑयल एक्सपोर्ट भी करते हैं। तो इन्होंने अपना एक ऑर्गेनाइजेशन बनाया कि यार ये इनकी अननेसेसरी लड़ाई में हमारा हालत खराब हो जाएगा। हम एक अच्छा सा अपना ऑर्गेनाइजेशन रखते हैं। और इसका हेड क्वार्टर कहां है?
इसका हेड क्वार्टर है वियना ऑस्ट्रिया में। ठीक है? इसी में एक ओपेक प्लस भी आता है। ओपेक प्लस को हम वियना ग्रुप के नाम से भी जानते हैं। ठीक है? ओपेक प्लस को हम वियना ग्रुप के नाम से भी जानते हैं। ओपेक प्लस
इज़ नथिंग बट ओपेक कंट्रीज के साथ-साथ नॉन ओपेक कंट्रीज जो ऑयल एक्सपोर्ट करती है उनको भी इंक्लूड कर लो। तो आपका ओपेक प्लस बन जाता है। एग्जांपल रशिया को इसमें डालो। ठीक है? तो ऐसी कंट्रीज जो ओपेक के मेंबर नहीं है बट ऑयल एक्सपोर्ट करती हैं। दोज़ आर ओपेक प्लस कंट्री। क्लियर है सभी को? अबाउट वेनेजुएला एंड ओपेक।
आप ओ हां सॉरी सॉरी सॉरी यार मैंने अरे फाउंडिंग मेंबर्स का नाम बताया ना मैंने। ठीक है? दे आर फाउंडिंग मेंबर्स। अब इसमें एक नाम और याद रखना आप यार वेनेजुएला में। वेनेजुएला की एक लीडर ऑफ़
अपोजिशन है। ठीक है? वेनेजुएला की एक लीडर ऑफ़ अपोजिशन है जिनको 2025 में क्या मिला था? नोबेल पीस प्राइज मिला था। जिनको 2025 में नोबेल पीस प्राइज मिला था। इनका नाम क्या है? इनका नाम है माचादो। ठीक है? पूरा नाम मैं एक बार आपको बता देता हूं। हर फुल नेम इज़ मैरिया कोरीना
माजा। याद रहेगा। सो, यह क्या-क्या लड़ाई हुई? डेट पूरा क्या था? टाइमलाइन क्या था? यह सारी चीजें एंड उसके बाद फिर थोड़े से स्टैटिक फैक्ट्स अबाउट दी कंट्रीज। या हां वो तो जा चुकी है मतलब आउटसाइड वेनेजुएला है होता यह है यार देखो मोस्ट ऑफ द टाइम्स ना इस साल को अगर जैसे मैं
हटा दूं तो मोस्ट ऑफ द टाइम्स नोबेल पीस प्राइज का ये हिस्ट्री रहा है जिसको मिलता है वो या तो जेल में रहता है या कुछ ना कुछ उसके साथ हो रहा होता है सो व्हेन जो नोबेल पीस प्राइज है काफी बार ऐसा हुआ है आपको देखने को मिलेगा काफी बार आप देखोगे तो ठीक है चलो ओके अब हम यहां पे बात करते हैं न्यू स्टार ट्रीटी की तो अभी रिसेंटली एक ट्रीटी एक्सपायर हो गया। न्यू स्टार
ट्रीटी किनके-किन के बीच था? यूएस और रशिया के बीच था। ठीक है? तो यूएस और रशिया के बीच में आप सभी को पता है बहुत लड़ाई चली थी बीच में कोल्ड वॉर पीरियड में। ठीक है? तो कोल्ड वॉर पीरियड में यूएस और रशिया के बीच में जो लड़ाई चली थी बेसिकली इट वाज़ बिटवीन यूएस एंड यूएसएसआर। पर कोल्ड वॉर के एंड होते तक रशिया जो है वो मतलब यूएसएसआर जो है वो रशिया में कन्वर्ट हो गया। सारे कंट्रीज जो है वहां के वो टूट गए। तो हुआ इसमें ये कि यूएस और
रशिया के बीच में बहुत फील्ड में लड़ाईयां चल रही थी। फील्ड इन द सेंस स्पेस में अलग वॉर चल रहा था। दूर-दूर प्रॉक्सी वॉर चल रहा था। जैसे कोरियन वॉर्स हो गए या आपने यहां पे देखा होगा ईरान साइड में भी उनका प्रॉक्सी वॉर चालू हो गया था। ये यमेन साइड में तो प्रॉक्सी वॉर क्या होता है? यूएस और रशिया जो है वो डायरेक्ट एक दूसरे से नहीं लड़ते हैं। यह लड़ाते हैं। यार अगर दो लोगों के बीच में लड़ाई हो रही है
तो चलो मैं इसको सपोर्ट करूंगा। मैं इसको सपोर्ट करूंगा। जैसे 71 में अगर मैं इंडिया की बात करूं तो 71 में इंडिया और पाकिस्तान के बीच में लड़ाई हुई तो पाकिस्तान को यूएसए सपोर्ट करने आ गया तो इंडिया को यूएसएसआर सपोर्ट करने आ गया। तो ये इनके बीच में प्रॉक्सी वॉर चल रही है कोल्ड वॉर के टाइम पे। तो हुआ क्या? इन्हीं के बीच एक और लड़ाई चल रही थी न्यूक्लियर वेपंस की।
एंड जो न्यूक्लियर वेपन की लड़ाई थी वो यह थी कि कौन कितना ज्यादा बना सकता है और कौन कितने ज्यादा न्यूक्लियर वेपंस डिप्लॉय कर सकता है। इट्स नॉट लाइक कि कौन कितने देशों में न्यूक्लियर वेपन छोड़ सकता है। नो कौन कितना बना सकता है कौन कितना डिप्लॉय कर सकता है। इसकी लड़ाई चल रही थी। तो ऑब्वियसली ह्यूमैनिटी के लिए सोसाइटी के लिए तो खतरनाक बात है। तो
टेंशन लोगों का यहां पे हुआ। उसी के लिए फिर कुछ-कुछ ट्रीटीज साइन की गई जिसमें से एक था न्यू स्टार ट्रीटी जो कि अभी आगे चलके इसी साल एक्सपायर हो चुका है और अब फिर दोनों के पास कोई भी लिमिटेशन नहीं है नंबर ऑफ न्यूक्लियर वेपंस बनाने की। तो ये पूरा स्टोरी है। बैकग्राउंड मैंने आपको बताया। अब हम थोड़े से इनके फैक्ट्स के
बारे में जानना शुरू करते हैं। देखो इंपॉर्टेंट फैक्ट्स क्या-क्या है? सबसे पहले इस साल क्या हुआ? पुतिन रशिया की तरफ से एंड ट्रंप यूएस की तरफ से दोनों ने रिन्यू नहीं किया न्यू स्टार ट्रीटी को। ठीक है? दोनों ने न्यू स्टार ट्रीटी को रिन्यू नहीं किया।
इसीलिए ये क्या हो गया? ये एक्सपायर हो गया। एक्सपायर कब हुआ? फिफ्थ ऑफ़ फब 2026 को ये एक्सपायर हो गया। अब हमें जानना है ये जो न्यू स्टार ट्रीटी है, ये आखिर करता क्या था? ठीक है? न्यू स्टार ट्रीटी करता क्या था? न्यू स्टार ट्रीटी को साइन किया गया था 8th ऑफ सेप्टेंबर
200 को। ठीक है? 8th ऑफ सप्टेंबर 200 को ये न्यू स्टार ट्रीटी हमने साइन की थी। और जब ये न्यू स्टार ट्रीटी साइन की तब दो लोग थे लीडर दोनों कंट्रीज के। इसमें यूएसए की तरफ से थे बराक ओबामा एंड रशिया की तरफ से इसमें आए थे मित्री मेद्वदेव।
ठीक है? काफी बार हमने इनका नाम सुना भी है। और यह इन्होंने साइन कहां किया था इस न्यू स्टार ट्रीटी को? इस न्यू स्टार ट्रीटी को इन्होंने साइन किया था प्रैग में। ठीक है? प्रैग में इस न्यू स्टार ट्रीटी को साइन किया गया था 8 अप्रैल। अ सॉरी मैंने सेप्टेंबर लिख दिया और इस डेट को थोड़ा सा चेंज कर लेना। दिस इज़ एटथ ऑफ़ अप्रैल। ओके? एथ ऑफ़ अप्रैल को ये साइन किया गया था। और ये फोर्स में कब आता है?
यह काम करना चालू कब करता है? ये काम करना चालू करता है फिफ्थ ऑफ फब 2011 ठीक है फिफ्थ ऑफ फब को यहां पे इसको फोर्स में लाना शुरू किया गया उसके बाद फिर इसे एक बार एक्सटेंड किया गया था। ठीक है? इसे एक बार एक्सटेंड किया गया था।
एंड वो एक्सटेंशन इसका किया गया था 2021 में। ठीक है? 2021 में इसे फॉर फाइव इयर्स इसे एक्सटेंड किया गया था फेब में और अब जाके ये क्या हो गया है? एक्सपायर हो चुका है। तो शुरू में इसे साइन किया गया था 10 साल के लिए। 10 साल होने के बाद इसे 5 साल के लिए एक्सटेंड किया गया और अब ये क्या
हो गया है? खत्म हो चुका है। तो इन्होंने बोला था यार 5 साल तक हम इसे रखेंगे। अब क्या था यह ट्रीटी? यह तो ठीक है। अभी आपने डेट्स बता दिए। इसके फैक्ट्स बता दिए। बट यह ट्रीटी था क्या? ओ इट्स 10 या ठीक है सॉरी ये जस्ट एक साल बाद हो गया था ठीक है 11 साल में नहीं आया था इट्स 2010 एंड दिस इज़ 2011 अब हुआ क्या समझना 2021 में ना इसे 5 साल के लिए क्या कर
दिया गया एक्सटेंड कर दिया गया 2021 में इसे 5 साल के लिए एक्सटेंड कर दिया गया अब ये लिमिटेशन क्या देता था कि दोनों कंट्रीज जो हैं दोनों कंट्रीज जो हैं वो 1550 से ज्यादा न्यूक्लियर वॉर हेड्स ठीक है 1550 से ज्यादा वॉर हेड्स वो नहीं रखेंगे स्ट्रेटेजिक वॉर हेड्स 700 डिप्लॉयड होंगे
और 800 डिप्लॉयड प्लस नॉन डिप्लॉयड लॉन्चर्स होंगे। अब इसमें डिफरेंस आप समझना। देखो एक होता है मिसाइल। तो 700 के आसपास मिसाइल जो कि दूर-दूर जाते हैं आईसीएलबीएम, इंटरकॉन्टिनेंटल, बैलस्टिक ये सारी चीजें और लॉन्चर्स होते हैं उनको लॉन्च करने वाले डिवाइसेस। ये मिला के 1500 यहां पे होना चाहिए और ऑन साइड इंस्पेक्शंस करेंगी दोनों कंट्रीज।
अमेरिका रशिया में जाकर इंस्पेक्ट करेगा कि कहीं वो झूठ तो नहीं बोल रहा है। रशिया अमेरिका में आकर इंस्पेक्ट करेगा कि कहीं यह लोग तो झूठ नहीं बोल रहे हैं। यह लिमिटेशन रखा था इन्होंने। अब किसको-किसको समझ में आ गया क्या प्रॉब्लम है न्यू स्टार ट्रीटी के खत्म होने से? आया समझ में? न्यू स्टार ट्रीटी के खत्म होने से परेशानी क्या है? ओके।
अब इसमें आप इस चीज को समझना कि इससे पहले और भी ट्रीटी साइन किए गए थे। दो आपको याद रखना है। ठीक है? न्यू स्टार्ट से पहले जो दो और ट्रीटीज आए थे हिस्ट्री में। एक था साल्ट वन। ठीक है? साल्ट वन ट्रीटी भी इनके बीच लाई गई थी सेम पर्पस से। ये लाई गई थी 1972 में। साल्ट टू भी आया था बट उसे कभी रेटिफाई नहीं किया इन लोगों ने। उसके बाद फिर एक आया था स्टार्ट वन।
ठीक है? स्टार्ट वन ट्रीटी आया था। ये इन्होंने लाया था कब? ये इन्होंने लाया था 1991 में। सिमिलरली एक स्टार्ट टू भी आया था। बट उसको कभी फोर्स में नहीं लाया गया। ठीक है? स्टार्ट टू भी आया था बट उसे कभी फोर्स में नहीं लाया गया। फिर न्यू स्टार्ट ट्रीटी इन्हीं स्टार ट्रीटी के फॉलो ऑन में बनाई गई थी 2010 से 206 के बीच में जो कि अभी आके क्या हो गया है?
खत्म हो गया है। तो सबसे पहले साल्ट वन इनके बीच में साइन किया गया। फिर साल्ट टू साइन ही नहीं किया। इन्होंने रेटिफाई नहीं किया। फिर स्टार्ट वन आया। स्टार्ट वन इनके बीच में साइन किया गया। फिर स्टार्ट सेकंड आ रहा था बट वो कभी फोर्स में नहीं आया। और 2010 में फिर अपना न्यू स्टार ट्रीटी जो है वो चालू हो गया। क्लियर? क्लियर है भाई यहां तक? अब कुछ स्टैटिक चीजें मैं आपको यहां पे बता देता हूं।
न्यूक्लियर पावर से रिलेटेड। ठीक है? तो वर्ल्ड में करेंटली ठीक है? वर्ल्ड में करेंटली देयर आर नाइन न्यूक्लियर वेपन स्टेट्स। वर्ल्ड में कितने हैं? नौ न्यूक्लियर वेपन स्टेट्स हैं जिसमें P5 के अलावा अगर मैं आपको बताऊं ठीक है यूएस, रशिया, चाइना, यूके, फ्रांस के बाद अगर मैं आपको बताऊं तो इंडिया के पास है। ठीक है? पाकिस्तान के पास है।
नॉर्थ कोरिया के पास है और इजराइल के पास भी है। बट दैट इज़ अनडिक्लेयर्ड। ठीक है? इजराइल का क्या है? इजराइल का अनडिक्लेयर्ड है। कितने हैं? ये सारी चीजें उसने डिक्लेअ नहीं की है। इसमें से पूरे वर्ल्ड का अगर आपने सिप्री रिपोर्ट जैसी चीजें देखी होंगी तो ये नौ जो देश
हैं इन सभी में से 90% वॉर हेड आउट ऑफ ऑल दीज़ कंट्रीज 90% वॉर हेड किसके पास है? यूएस और रशिया के पास है। ठीक है? यूएस और रशिया के पास सबसे ज्यादा है। इसमें एक और रीसेंट सिप्री की जो रिपोर्ट आई थी उसके अकॉर्डिंग फास्टेस्ट ग्रो कौन कर रहा है वॉर हेड में? कौन सी कंट्री सबसे तेजी से अपना वॉर हेड ग्रो कर रही है? द आंसर इज़ चाइना।
ठीक है? चाइना अपने वॉर हेड को सबसे तेजी से ग्रो कर रही है। एस पर दी सिपरी रिपोर्ट। आप लोगों ने ये भी पढ़ा होगा। अब इसमें इंडिया के अगर मैं टेक की बात करूं तो इंडिया ने आपको याद होगा इंडिया ने ऑपरेशन चलाया था ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा। ठीक है? इंडिया ने ऑपरेशन लाया था ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा जिसके थ्रू इंडिया ने पोखरण सेकंड में अपना न्यूक्लियर वेपन जो है वो टेस्ट किया था और इंडिया ने खुद को न्यूक्लियर वेपन स्टेट डिक्लेअ किया था।
जिसके बाद 2003 में 2003 में इंडिया ने अपना न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन ल्च किया और इंडिया के न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन के कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट्स आप ध्यान में रखना। इंडिया के न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन में तीन चीजें बहुत इंपॉर्टेंट है। जिसमें से दो और ही इंपॉर्टेंट है। व्हिच इज़ द फर्स्ट
वन इज़ नो फर्स्ट यूज़ पॉलिसी। ठीक है? नो फर्स्ट यूज़ पॉलिसी इज़ बेसिकली कोई भी कंट्री पे हम आगे से न्यूक्लियर वेपन यूज़ नहीं करेंगे। अगर वो करेगा तभी करेंगे। दूसरा इनका है मिनिमम डेटरेंस।
मिनिमम डेटरेंस। इसका मतलब ये है हम ये रशिया, यूएस, चाइना की तरह भर-भर के न्यूक्लियर वेपंस नहीं रखेंगे। हम उतने ही न्यूक्लियर वेपंस रखेंगे जितना हमें अपनी सेफ्टी के लिए जरूरत है। और साथ ही साथ इंडिया ने ये भी बोला है हम किसी भी नॉन न्यूक्लियर वेपंस
स्टेट पे नॉन न्यूक्लियर वेपन स्टेट पे अटैक नहीं करेंगे। ये इंडिया का कहना है। और इंडिया का यह भी कहना है कि जो रिटेलिएशन होगा वो एब्सोल्यूट होगा। मतलब हम किसी पे पहले से तो यूज़ नहीं करेंगे। बट अगर किसी ने हम पर यूज़ कर दिया तो उसके बदले में फिर हम जो रिटेलिएशन करेंगे उसका किसी भी तरीके से कोई लिमिटेशन नहीं रहने
वाला है। यार सिप्रीना एक बॉडी है जो इंटरनेशनल रिपोर्ट रिलीज करती है। किस कंट्री के पास कितने वेपन्स हैं? कौन कंट्री कितना वेपन बना रही है, किस टाइप का वेपन बना रही है, कितना पैसा खर्च कर रही है, ये सारी चीजें क्लियर ये? चलो इसको फिर होमवर्क भी लिख लो भाई। इसके बारे में पढ़ लेना। ओके?
गो एंड रीड अबाउट सिप्री और उसका रिपोर्ट है। छोटा सा रिपोर्ट उसका होता है। एस सच कोई डिटेल नहीं होता है। क्लियर? अब जब आप न्यूक्लियर वेपन के बारे में पढ़ोगे ना तो एक वर्ड आपको सुनने को मिलेगा ट्रायड।
न्यूक्लियर ट्रायड। व्हाट इज दिस न्यूक्लियर ट्रायड? न्यूक्लियर ट्रायोड इज़ बेसिकली तीनों एरिया से न्यूक्लियर वेपन छोड़ने की कैपेसिटी। कौन-कौन से तीन एरिया? वाटर, लैंड और एयर। ठीक है? वाटर के थ्रू, लैंड के थ्रू, एयर के थ्रू न्यूक्लियर वेपन आपके पास छोड़ने की अगर कैपेसिटी तो उसे हम ट्रायड बोलते हैं। बेसिकली लैंड
मिसाइल, एयर मिसाइल प्लस सबमरीन। इंडिया ने अपना ट्रायड कब कंप्लीट किया? इंडिया के पास। एयर और लैंड के लिए तो पहले से ही था। देन उसके बाद 2018 में
2018 में इंडिया का आईएएस अरिहंत आता है और इंडिया का ट्रायड कंप्लीट हो जाता है और इसके बाद फिर इंडिया के पास आईएएस अरिघाता भी आ चुका है जो कि इंडिया का एक न्यूक्लियर कैपेबल अ सबमरीन है लॉन्च कर सकता है। तो आपको पता है ये सभी को अरिहंत क्लास बोला जाता है। अब अरिहंत क्लास किसी भी शिप का नाम या सबमरीन का नाम किस बेसिस
पर होता है उस टाइप का जो पहला सबमरीन इंडिया में आता है उसके नाम पे उसका सीधा क्लास रख दिया जाता है जैसे कलांतरी क्लास ठीक है उसके बाद फिर ये अरिहंत क्लास सो अरिहंत इस इंडियास फर्स्ट न्यूक्लियर वाला सबमरीन तो न्यूक्लियर सबमरीन पहला अरिहंत है तो पूरा फिर अरिहंत यहां पे हो गया तो अरिहंत अरिघात अरिदमन ये सभी क्या है अरिहंत क्लास के न्यूक्लियर वाले अपने सबमरींस हो जाएंगे तो किसी भी अरि आपको
दिखे तो वो न्यूक्लियर आप वहां पे जोड़ सकते हो कि इंडिया के न्यूक्लियर है। अब न्यूक्लियर में आप दो चीजें ध्यान में रखना। ठीक है? न्यूक्लियर सबमरीन से दो मतलब हम निकाल सकते हैं। कौन-कौन से दो मतलब हम निकाल सकते हैं? एक होता है न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन। एक होता है न्यूक्लियर वेपन कैपेबल सबमरीन। ठीक है? न्यूक्लियर पावर्ड मतलब देखो सबमरीन में क्या है? अब डीजल से
सबमरीन बनाया जाता है। तो वो सबमरीन डीजल के थ्रू चल रहा है। हमारी गाड़ियां डीजल, पेट्रोल, सीएनजी आजकल वो फ्लेक्स फ्यूल कार्स हो गए, इथेनॉल के थ्रू जो चलते हैं। तो न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन वो होते हैं जिन पे पावर न्यूक्लियर के थ्रू आ रहा है। पर ये वो सबमरीन है जिन पे न्यूक्लियर वॉर हेड आप डाल सकते हो। जो टॉपिडोस बोलते हैं ना जिनको। तो न्यूक्लियर अटैक के कैपेबल
सबमरीनंस हैं। ये क्लियर है सभी को यहां तक? क्लियर है भाई? ओके। एक और इंपॉर्टेंट चीज मुझे आपको बताना है अबाउट यूएस वेनेजुएला। तो यहां पे आपने एक डॉक्ट्रिन का नाम सुना हो। कोई मुझे बताएगा यूएस वेनेजुएला टॉपिक में कौन सा डॉक्ट्रिन हमारे लिए इंपॉर्टेंट था? कौन सा डॉक्ट्रिन न्यूज़ में आया था?
अगर आपने थोड़ा ध्यान से पढ़ा होगा तो वेरी गुड द नेम इज मॉन्रोडॉक्टिन व्हाट इज इट्स नेम मॉन्रो डॉक्ट्रिन। अब ये मॉन्रोडॉक्टिन कहता क्या है? ठीक है? ये इंपॉर्टेंट है हमारे लिए। तो मॉन्रो डॉक्ट्रिन बेसिकली यूएस में एक प्रेसिडेंट हुए। ठीक है? जिनका नाम था जेम्स मंड्रो।
ये वर्ड इन्होंने यूज़ किया था 1823 में। ठीक है? जेम्स मोन्रो ने 1800 23 में ये वर्ड यूज़ किया था। अब इसका कहना ये है कि जो यार वेस्टर्न हेमिस्फयर है।
ठीक है? इस टर्म को सुनना ध्यान से। जो वेस्टर्न हेमिस्फयर है इस वेस्टर्न हेमिस्फयर को कॉलोनाइजेशन से बचाने के लिए। किससे बचाने के लिए? कॉलोनाइजेशन से बचाने के लिए यूएस जो है वो इंटरफेयर कर सकता है या
सिर्फ कॉलोनाइजेशन नहीं कोई भी ऐसी चीज जो वेस्टर्न हेमिस्फयर में जो वेस्टर्न हेमिस्फयर के इंटेग्रिटी को सोवरेनिटी को या उसके नॉर्मल डे टू डे लाइफ को या उसके गवर्नेंस को अफेक्ट करेंगी जो भी चीजें इसे अफेक्ट करेंगी जो यूएसए है यूएसए है वो यहां जाके इंटरफेयर करेगा। एंड इसी बेसिस पे वेनेजुएला पे अफेक्ट किया है।
क्लियर? अब इसका नया क्या नाम रखा गया है? अब इसका जो नया नाम रखा गया है वो है डॉन्रो डॉक्ट्रिन। आई मीन नाम नहीं रखा गया। ठीक है? क्रिटिसिज्म सटायर के फॉर्म में ऐसे नाम चेंज करके बोल दिया जाता है ना। तो इसे डॉन्रो डॉक्ट्रिन बोला जा रहा है बाय ट्रंप।
तो ट्रंप जो यूज़ कर रहा है उसे क्या बोला जा रहा है? डॉन्रो डॉक्ट्रिन बोला जा रहा है। तो बेसिकली इसका पर्पस उस टाइम पर यूनाइटेड जो कॉलोनाइजेशन है उसको बंद करने का था। ठीक है? कोना कॉलोनाइजेशन बंद करने के लिए इसे लाया गया था। बट अब ट्रंप थोड़ा अपना ह्यूमैनिटीज के पर्पस को फुलफिल करने के लिए इसे यूज़ कर रहा है। अब इसमें एक और एजेंसी इंपॉर्टेंट है। ठीक है? जो मैंने
आपको इस टॉपिक पे बताया। उस पे हम आगे इस पे पढ़ेंगे। क्लियर है सभी को यहां तक? ओके। सो, यह थोड़ा सा ध्यान में रख लेना। अब यहां पे एक इंपॉर्टेंट चीज हम करते हैं। व्हिच इज़ फ्लाई दुबई का इंसिडेंट। पढ़ा होगा आप लोगों ने। कैप्टन स्मिथ
मच्छर यार बिल्कुल बिल्कुल ब्रेक लेते हैं भाई अभी कितना अरे यार 1ढ़ घंटे में थक गए हां रुको 1 मिनट में बताता हूं कितने देर में हम लेंगे बस ये जॉनरा एक बार खत्म होने दो फिर ठीक है बीच में एक ब्रेक ले लेंगे थोड़ी देर बाद अभी तो सिर्फ 1 1/2 आवर हुआ है चलो
सो इसको थोड़ा सा इंटरेस्टिंग टॉपिक है ईजीली कवर करते हैं। तो ये मैंने आपको बताया था। हुआ क्या? दुबई से ये फ्लाइट निकली। फ्लाइट का नंबर क्या था? द फ्लाइट्स नंबर वाज़ fz1073। ठीक है? फ्लाइट का नंबर क्या था? FZ1073 वाज़ दी फ्लाइट नंबर। दुबई से तेल अवे के लिए निकली थी। और इसके कैप्टन का नाम था स्मिथ मच्छर। अराउंड 34,000 फीट में रूटीन फ्लाइट ये अपनी चल रही थी। अब विदाउट वार्निंग प्लेन जो है अचानक से 17,000 फीट
ड्रॉप कर जाती है। अब उसमें होता क्या है कि कैप्टन स्मिथ मच्छर को बहुत ज्यादा हर्ट हो चुका है। क्यों? क्योंकि जो कोपायलट है उसने उसे क्या कर दिया? स्टेब कर दिया। कोपायलट ने स्टेप कर दिया। तो पैसेंजर्स फिर वो कॉकपिट में घुस जाते हैं और सभी लोगों को बचा लिया जाता है। अब इसके फैक्ट्स क्या-क्या हैं? वो देखो। फ्लाइट का नंबर क्या है? FZ 1073। इसका रूट क्या था? दुबई से तेल अवीव के लिए जा रही थी। 75 में दुबई से निकली थी। डेट
वेडनेसडे था। कितने लोग थे? 174 लोग ऑन बोर्ड थे। इमरजेंसी लैंडिंग कहां कराई गई इस फ्लाइट की? ताबुक में। ठीक है? ताबुक कहां है? सऊदी अरेबिया में एक सिटी है। तो ताबुक में इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उसके बाद स्टैटिक जीके थोड़ा सा आप देख लो। तो इन्होंने जो कोड यहां पे चिल्लाया। ठीक है? कोड इन्होंने जो चिल्लाया वो था 7500। व्हाट इज 7500? तो ना कन्वेंशन है। ओके?
एिएशन के फील्ड में ना एक कन्वेंशन है कि अगर कुछ भी होता है तो इनमें से नंबर कॉल कर दो किसी भी सिचुएशन में। अगर हाईजैक होता है या अनलॉफुल इंटरफेरेंस होता है तो 7500 अगर रेडियो फेलियर होता है तो 7600 अगर जनरल इमरजेंसी है तो 7700 अब आप यहां पे देख सकते हो इससे मैं सिर्फ जीके या लीगल
रीजनिंग का टॉपिक नहीं इससे मैं एनालिटिकल रीजनिंग भी बना सकता हूं। राइट? कोडिंग डिकोडिंग क्या बना सकता हूं मैं इसे मैं इसे एनालिटिकल रीजनिंग का भी टॉपिक क्या कर सकता हूं बना सकता हूं तो कोई भी टॉपिक आप पढ़ो उस सभी सिचुएशन को ना ध्यान में रखते हुए पढ़ो आसान हो जाता है मे वर्ड यूज़ किया जाता है किस लिए इट
इज़ दी इंटरनेशनल वॉइस डिस्ट्रेस कॉल और कितने बार रिपीट किया जाता है तीन बार तो जैसे आप लोग अगर फ्लाइट में बैठे होगे तो जैसे एयर होस्टेस बताती है कि क्या-क्या सिचुएशन है तो इमरजेंसी एग्जिट डोर में अगर आप कभी बैठेगे फ्लाइट में मैं मैं तो हमेशा उसी में बैठता हूं। थोड़ा सा लेगरूम ज्यादा मिलता है। तो तो हर बार यह सुनना पड़ता है कि जैसे ही हम इमरजेंसी एग्जिट सीट में बैठे तो बोलती है आप इमरजेंसी
एग्जिट सीट में बैठे हो क्या आप डोर खोलोगे? अगर डोर को अपने से खोलना एक इललीगल आई मीन चीज है। एक खुद में ऑफेंस है। और अगर आप डोर को खोलोगे तो किस सिचुएशन में खोलोगे? अगर क्रू की तरफ से मे डे मे डे मे डे तीन बार कॉल आता है तो भी आप इसे क्या करोगे? ओपन करोगे। ठीक है?
आया समझ में? अब प्लाई दुबई एक दुबई गवर्नमेंट का ओड एयरक्राफ्ट है। ये सिस्टर एयरलाइन है किसका? एमिरेट्स का। अब्राहम अकॉर्ड 2020 जो साइन किया गया था उसी के बाद यूएई के रिलेशंस इजराइल के साथ चालू हुए थे और फ्लाइट वहां से आना जाना चालू हुई थी। इसी अब्राहम अकॉर्ड का आउटकम क्या
है? आउटकम इज़ I2। व्हाट इज़ I2? I2 यू2 इज़ इंडिया, इजराइल, यूएसए, यूएई का एक अलायंस है। जस्ट लाइक क्वाड। इसे वेस्ट एशियन क्वाड बोला जाता है। 2020 के अब्राहम अकॉर्ड्स के बाद उसका फॉर्मेशन किया गया था। ओमान का कोई भी फॉर्मल डिप्लोमेटिक रिलेशन नहीं है इजराइल के साथ से। अब ओमान का नाम यहां पे क्यों लिया जा रहा है? कोई
मुझे बताएगा? ओमान कहां से आ गया अचानक से पिक्चर में? एनीवन? ओमान की क्या जरूरत यहां पे? ओमान की जरूरत है क्योंकि जो फ्लाइट था जो पायलट था कोपायलट जिसने स्टेप किया वो एक ओमानी पायलट था। अब इसमें आप ये देखो आईसीएओ का फॉर्मेशन हुआ था शिकागो कन्वेंशन के अंदर 1944 में। इसका हेड क्वार्टर है मॉन्ट्रियल कनाडा में। आईसीएओ
का एनएक्स 13 कवर करता है एयरक्राफ्ट के एक्सीडेंट को और इन्वेस्टिगेशन से रिलेटेड चीजों को। कॉकपिट के डोर को लॉक रखा जाएगा। यह कब से चेंज लाया गया? 91 के अटैक्स के बाद से। ठीक है? तो 91 के अटैक्स के बाद से कॉकपेट के डोर को बंद और क्लोज्ड रखना चालू किया गया। लीगल एंगल अगर मैं यहां पे आपको बताऊं इस टॉपिक का
तो टोक्यो कन्वेंशन जो लाया गया है वो बोर्ड एयरक्राफ्ट में ऑन बोर्ड एयरक्राफ्ट मतलब अगर आप चलती हुई एयरक्राफ्ट के अंदर कुछ ऑफेंस या कुछ एकशंस करते हो तो टोक्यो कन्वेंशन के अंडर आपको पनिशमेंट मिलेगा। हेक कन्वेंशन का आता है। अगर आप हाईजैक करते हो किसी एयरक्राफ्ट को तो हेक
कन्वेक्शन कन्वेंशन के अंदर आता है। उसके बाद फिर मॉन्ट्रियल कन्वेंशन ये कहता है अगर आप सिविल एिएशन में कुछ भी ऐसा काम करते हो जो सेफ्टी को कॉम्प्रोमाइज करे। फॉर एग्जांपल एयरक्राफ्ट के साथ कुछ छेड़छाड़ ये सारी चीजें तो वो मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के अंडर आता है। और इन सभी ट्रीटीज को अपडेट किसने किया? बीजिंग
कन्वेंशन को। और एक और नया चीज़ इसमें ऐड किया गया एयरक्राफ्ट को एज अ वेपन यूज़ करना। अब एयरक्राफ्ट को एज अ वेपन यूज़ करना मतलब इमेजिन करो अगर मैं किसी एयरक्राफ्ट को कहीं पे जाके टकरा दूं या क्रैश करा दूं तो वहां के लोगों की डेथ हो ही जाएगी। उस केस को हम बोलते हैं एयरक्राफ्ट को एज अ वेपन यूज़ करना। ओके? क्लियर? एनी डाउट?
ठीक है भाई? तो ये इस साल का अपना फ्लाई दुबई वाला इंसिडेंट है। वो है। ये चीजें हुई। ये उसके स्टैटिक फैक्ट्स हैं। ये सारी चीजें यहां पे कवर हुई। अब नेक्स्ट हमारा इंपॉर्टेंट टॉपिक है सुदान में सिविल वॉर हुआ है। ठीक है? सुदान सिविल वॉर एक इंपॉर्टेंट टॉपिक है। अब टूटी आइलैंड। ठीक है? सुदान में एक जगह है टूटी आइलैंड। वो फोकल पॉइंट बन चुका है
सुदानीज़ आर्म्ड फोर्सेस और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के बीच की लड़ाई का। ठीक है? तो इन दोनों के बीच एक लड़ाई चल रही है जो इस टूटी आइलैंड नाम की जगह पे मेन उसका पूरा सेंटर है। यहां पे सारी चीजें क्या हो रही है? कंटिन्यू हो रही हैं। ओके?
सो अब सबसे पहले सुदान के बारे में हम थोड़ा सा समझ लेते हैं। सुदान का कैपिटल है खारतुम। ठीक है? नेशनल कैपिटल है। गवर्नमेंट ऑपरेट करती है पोर्ट सुदान से। ठीक है? ड्यूरिंग द वॉर। तो वॉर के टाइम पर पोर्ट सुदान से गवर्नमेंट ऑपरेट कर रही थी। कैपिटल एक्चुअल में इसका खारतुम है।
तो सुदान का कैपिटल खारतुम है। लोकेशन नॉर्थ ईस्ट अफ्रीका में है। ये थर्ड लार्जेस्ट अफ्रीकन कंट्री है। पॉपुलेशन याद रखने की जरूरत नहीं है। ये इन कंट्रीज के साथ अपना बॉर्डर शेयर करती है। और हमारे लिए इंपॉर्टेंट इसलिए है क्योंकि रेड सी में इसका कोस्ट लाइन है। ठीक है? और रेड सी इस साल के रेड सी से रिलेटेड जितनी भी कंट्रीज हैं, वह ध्यान में आ सकती हैं क्लैट के अगर वह थोड़ा सा भी टॉपिक की तरफ
आगे बढ़ता है। अब हुआ क्या देखो क्या-क्या रीज़न है अभी जो करंट सिविल वॉर चल रहा है उस पे हुआ क्या 2019 में ना 2019 में एक अपराइजिंग हुआ सुदान में और वहां के जो लीडर थे उमार अल बशीर इन्हें क्या कर दिया आउस्ट कर दिया गया देश निकाल दिया देश से निकाल दिया गया डिक्टेटर था ये वहां का 1989 से वहां रूल कर रहा था फिर उसके बाद वहां पे एक ट्रांजिशनल सिविलियन मिलिट्री
पार्टनरशिप वहां पे फॉर्म हुई बट टेंशन जो है वो खत्म नहीं में अक्टूबर 2021 में एक मिलिट्री कु होता है। व्हाट इज़ अ मिलिट्री कु? जो पाकिस्तान में किया था परवेज मुशर्रफ ने। होता क्या है? एक मिलिट्री लीडर अपने देश के डेमोक्रेसी डेमोक्रेटिकली या किसी भी तरीके से जो इेड रूलर है या जो भी वहां पे रूल कर रहा है उसको ओवर थ्रो करता है और खुद जाके वहां
का लीडर बन जाता है। वो होता है मिलिट्री को। म्यांमार में काफी बार आपको देखने को मिला होगा। तो वो यहां पे भी हुआ और मिलिट्री वहां पे गवर्नमेंट बन गई। ट्रांजिशनल गवर्नमेंट को डिॉल्व कर दिया उन्होंने। अब यहां पे दो मिलिट्री फैक्शंस के बीच में लड़ाई चल रही है। कौन-कौन सी? एक है सुदानीज़ आर्म फोर्सेस जिसका जनरल है जनरल अब्दुदेल फतह अल बुरहान। ठीक है? ये
सुदानीज़ आर्म्ड फोर्सेस का लीडर है। और दूसरा है रैपिड सपोर्ट फोर्सेस। इसका जनरल है मोहम्मद हमदान दगालो। ठीक है? मोहम्मद हमदान दगालो। तो यह जो आरएसएफ है ना इसने मिलिट्री कु किया था। आरएसएफ क्या है? यह जानवेद मिलिशियास से बना है जो पहले आपका दरफूर जीरोसाइड में इन्होंने क्या
किया था? इनका अराइज़ हुआ था। तो बेसिकली ये क्या है? एसएफ का एक छोटा सा फैक्शन है और इन दोनों के बीच अब लड़ाई चल रही है। यह भी एक मिलिट्री बॉडी है। यह भी एक मिलिट्री बॉडी है। यह दोनों आपस में लड़ रहे हैं बहुत गंदे तरीके से एक ही देश के अंदर कि नहीं मैं पावर लूंगा, मैं पावर लूंगा। ये इनकी लड़ाई चल रही है। अब ये लड़ाई का टाइमलाइन क्या है? कब से चालू
हुई? क्या-क्या हुआ? तो 15th अप्रैल 2023 को ना खारतुम में लड़ाई चालू हुई और पूरे देश में ये लड़ाई फैल गई। और फिर पूरा एक साल आरएसएफ ने खारतुम को कैप्चर कर लिया, दरफूर को कैप्चर कर लिया और की सिटीज को कैप्चर कर लिया। फिर एथेनिक मैसकर हुआ। मतलब जो इनके एथनिसिटी के ऑपोजिट के लोग थे उनको मारा जाना चालू करने लगा। मैसकर मतलब आपने देखा होगा जलियांवाला बाग में
जो हुआ था ये सारी चीजें। तो अपने ऑपोजिट एथनिसिटी के लोगों को मारना इन्होंने चालू कर दिया। लगभग 10,000 मसलित पीपल को मारा गया। अब ये मसलित पीपल कौन है? इस जीनोसाइड में उनको मारा गया। यहां पे आप देखो ये दरफूर में जो जीनोसाइड हुआ था आरएसएफ ने जंजाविद मिलज इनके अगेंस्ट के जो लोग हैं जंजा जावेद मिलेशिया के अपोजिशन की जो पार्टीज हैं वो अपना यहां
पे आती है उनको ही मारा जाने लगा यहां पे उसके बाद फिर अभी 2025 के टाइम की बात है कि एसएफएस एसएफ ने भी अपना काउंटर ऑफेंसिव अटैक जो है वो ल्च कर दिया और इन्होंने ओम दरमान ये सबको रिगेन कर लिया याद रखने की जरूरत नहीं ऑब्वियस सा नहीं बस ये खारतुम को याद रख लेना की लड़ाई चालू कहां से हुई थी? ये सब याद रखने की जरूरत नहीं है। डरो मत। फिर उसके बाद मार्च 2025 में एसएफ ने फिर से खारतुम को क्या कर लिया? कैप्चर कर
लिया। और फिर जनवरी 2026 में जो गवर्नमेंट है वो वापस खारतुम चली गई पोर्ट सुदान से। इसीलिए लड़ाई के बीच में जब खारतुम को उन लोगों ने कैप्चर कर लिया था तब ये पोर्ट सुदान चले गए थे। अब अर्ली 2026 में जो फाइट है वो कोरदोफान रीजन में क्या हो चुकी है? इंटेंसिफाई हो चुकी है और डेली ड्रोन ड्रोन की स्ट्र्राइक्स और सिविलियन
कैजुअलिटीज़ यहां पे हो रहे हैं। प्लेसेस इन द न्यूज़ हमें याद रखने जरूरी है। करंट फाइट कहां चल रहा है? कोरदोफान टूटी आइलैंड साइड। खारतुम को कब इसने आरएसएफ ने कैप्चर किया? 2023 में। और एसएफ ने रीगेन कब किया? 2025 में। और ये पीछे के डेट्स हमें याद रखने हैं। क्लियर?
ये छोटा सा टॉपिक था। उतना बड़ा टॉपिक नहीं था। एंड हमें बहुत ज्यादा याद रखने की भी जरूरत नहीं है। बस थोड़ा सा समझ लेना। अगर सब्जेक्टिव फॉर्म में या गलती से अगर यह टॉपिक उठ के आ जाए तो कहीं ना कहीं माइंड में ऐसा रहे कि हां हमने ये चीज पढ़ी हुई है। इसके बारे में हमें आईडिया है। चलिए आगे बढ़े।
वन ऑफ दी बिगेस्ट टॉपिक्स इंडिया के पर्सपेक्टिव से क्योंकि ये बहुत बड़ा डील हुआ है इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच में। सो इसके बारे में हमें जानना जरूरी है। ये डील है इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच की यूरेनियम डील। ठीक है? दिस डील इज़ इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के
बीच का क्या? यूरेनियम डील। अब देखो हां यूरेनियम किस लिए? यूरेनियम उस लिए नहीं लिया जा रहा है। किस लिए नहीं लिया जा रहा है? अपने वेपन बनाने के लिए। यूरेनियम फॉर पीसफुल यूज़ यहां पे लिया जा रहा है। तो पीसफुल यूज़ के लिए जो यूरेनियम लिया जा रहा है, वो इंडिया और ऑस्ट्रेलिया
के बीच में एक डील के थ्रू साइन किया गया है। अब यहां पे समझना कुछ स्टैटिक फैक्ट्स मैं आपको बताता हूं। नाइंथ जुलाई 2026 को। ठीक है? किन लोगों ने साइन किया? इंडिया की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी। ठीक है? इंडिया की तरफ से पीएम मोदी एंड
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से उनके पीएम एंथनी एल्बनिस। एंथनी एल्बनिस ने क्या किया? इसे साइन किया। एक्सक्लूसिव इसका यूज होगा। पीसफुल पर्पस के लिए, वेपन बनाने के लिए इसको नहीं यूज किया जाएगा। अब यह जरूरी क्यों है? इंडिया के लिए इंपॉर्टेंट इसलिए है क्योंकि क्या इंडिया एक एनपीटी का मेंबर है? क्या इंडिया एक
एनपीटी का मेंबर है? नो। और एक और ग्रुपिंग है यार। एनएसजी। ठीक है? एनएसजी इज़ बेसिकली न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप। एनएसजी क्या है? न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप है। अब ये जो न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप है, इसका काम है न्यूक्लियर से रिलेटेड चीजों की सप्लाई करना। इसे ना 1974 में बनाया गया था। क्यों बनाया गया था
इसे? 1974 में इंडिया ने जो रिएक्शन इंडिया ने जो अपना स्माइलिंग बुद्धा ल्च किया था। 1974 में आपको याद होगा इंडिया ने स्माइलिंग बुद्धा नाम का एक ऑपरेशन किया था जिसके थ्रू इंडिया ने अपना न्यूक्लियर बम टेस्ट किया था। उसके रिएक्शन में वर्ल्ड ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप बनाया कि कोई भी नॉन एनपीटी कंट्री को
अपना न्यूक्लियर से रिलेटेड प्रोडक्ट्स जो है वो नहीं देगा नहीं शेयर करेगा। एनएसजी के करंट 48 मेंबर्स हैं। ये वो मेंबर्स हैं जिनके पास या तो न्यूक्लियर रिलेटेड कैपेबिलिटी है, टेक्निकिटीज आई मीन टेक्नोलॉजी है, साइंस है या फिर उससे रिलेटेड रॉ मटेरियल सोर्सेस हैं। लाइक ऑस्ट्रेलिया के पास यूरेनियम है। तो ये वो कंट्रीज हैं जो न्यूक्लियर एनर्जी से रिलेटेड कोई भी चीज सप्लाई कर सकती हैं
दूसरे देशों में। उनका ये ग्रुपिंग है। ये ग्रुप इसलिए बनाया गया ताकि इंडिया को हम काउंटर कर सके। इस तरीके से इंडिया ज्यादा ग्रो ना करे। अब इस ग्रुप की खासियत ये है कि इंडिया इज नॉट अ मेंबर। इंडिया इज नॉट अ मेंबर ऑफ एनएसजी। ठीक है? ये ध्यान में रखना है आपको। इंडिया एनएसजी का मेंबर नहीं है।
इंडिया बनना चाहता है। ठीक है? इंडिया बनना चाहता है बट ब्लॉक कौन करता है इसे? चाइना। इसे चाइना ब्लॉक करता है कि नहीं भाई तुम नहीं बन सकते। क्यों नहीं बन सकते? क्योंकि एनएसजी का मेंबर बनने के लिए एनपीटी साइन करना जरूरी है। ठीक है? एनएसजी का मेंबर बनने के लिए एनपीटी साइन करना जरूरी है। इसलिए चाइना इंडिया को एनएसजी का मेंबर बनने नहीं दे रहा है। अब
द थिंग इज़ इंडिया अगर इसका मेंबर नहीं है एनएसजी का तो इंडिया ऑस्ट्रेलिया जो एनएसजी का मेंबर है उससे कैसे न्यूक्लियर का डील कर पा रहा है? दिस इज द क्वेश्चन। किसको-किसको समझ आ रहा है? मैं क्या क्वेश्चन पूछ रहा हूं कि इंडिया एनएसजी का मेंबर नहीं है और जो एनएसजी का मेंबर नहीं है या जो एनपीटी साइन नहीं किया है वो एनएसजी कंट्री से नहीं ले सकता ये सारे सोर्सेज तो इंडिया कैसे यहां पे
ऑस्ट्रेलिया से वो चीजें शेयर कर पा रहा है तो इसका आंसर छुपा हुआ है सेप्टेंबर 208 में। ठीक है? सेप्टेंबर 208 में इंडिया की अच्छी पॉलिसीज को देख के एनएसजी ने इंडिया को क्या दिया है? वेवर दिया है कि भाई आप पीसफुल पर्पस के लिए यूरेनियम या जो भी अपने न्यूक्लियर के टेक्नोलॉजीस हैं वो आप इन कंट्रीज को क्या कर सकते हो?
ले सकते हो। और यही वेवर के अंडर इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया से ये सारी चीजें ली है। नाउ माय क्वेश्चन इज़ अगर इंडिया के पास ये वेवर है। ओके? ध्यान से सुनना। अगर इंडिया के पास ये एनएसजी का वेवर ऑलरेडी अवेलेबल है तो इंडिया एनएसजी का मेंबर क्यों बनना चाहता है? एनीवन कोई बताएगा मुझे? इंडिया के पास अगर वेवर है तो फिर हम एनएसजी का
मेंबर क्यों बनना चाहते हैं? द रीज़न इज़ ये वेवर टेंपरेरी वेवर है। ठीक है? ये जो इंडिया का वेवर है ये एक टेंपरेरी वेवर है। जो कि मेंबर्स जब चाहे तब हटा सकते हैं। बट अगर इंडिया एनएसजी का मेंबर बन गया तो इंडिया जब चाहे तब उनसे ले सकता है। क्या ले सकता है? इंडिया उनसे टेक्नोलॉजी शेयर कर सकता है। टेक्नोलॉजी रिसीव कर सकता है। क्लियर सभी को ये
एनएसजी क्या है और इसके बीच की चीजें क्या है? अब मैं आपको इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच जो डील है उसके बारे में बताता हूं। बाय द वे किसी ने वो वो चीज सुना है?
ऑस्ट्रेलिया का नाम ऑस्ट्रेलिया कैसे पड़ा? स्टोरी जानते हो आप लोग? हां मतलब कुछ फनी चीजें आती है। इट्स ऑब्वियसली इट्स अ फनी स्टोरी। रियलिटी वो नहीं है। ऑस्ट्रेलिया का नाम ऑस्ट्रेलिया ही पड़ा है। अस्त्रलय हां कुछ लोग समझ गए।
कुछ लोग समझ गए। अरे मैंने एक रील देखी थी यार। उसमें ये अपने वो है ना पुकी महाराज। क्या नाम है उनका? नाम मैं भूल गया। ठीक है? तो उन्होंने बोला था कि ऑस्ट्रेलिया का नाम ऑस्ट्रेलिया इसलिए पड़ा क्योंकि लड़ाई खत्म होने के बाद लड़ाई खत्म होने के बाद महाभारत युद्ध खत्म होने के बाद जितनी भी वेपन है उन वेपन को क्या किया गया? रखने के लिए एक जगह ढूंढ ली गई। तो उनको बोला
गया कि उधर ओशियन के पास एक जगह है वहां जाके उसको रखो। तो उन सभी अस्त्रों का अस्त्रालय बना। चलो कोई नहीं। वापस आते हैं टॉपिक पे। तो समझना जो यूरेनियम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच में जो डील हुआ वो बेसिकली ये है इंडिया का एक गोल है। ठीक है? इंडिया का गोल है कि 2047 तक इंडिया को 2047
तक क्या करना है? 100 गीगावाट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी लाना है। ये तो सभी को पता होगा। ठीक है? अरे यार रियल स्टोरी नहीं है। बिलीव मत करना इसको। ठीक है? इट्स अ फनी टेल। जस्ट ऑस्ट्रेलिया का नाम ऑस्ट्रेलिया ही है। रीजन किसी को नहीं पता। ठीक है? तो 2047 तक इंडिया 100 गीगावाट अपना क्या करना चाहता है? न्यूक्लियर एनर्जी के थ्रू लेना चाहता है। अब यहां पे
आप ध्यान से समझना। एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज मैं आपको डिटेल में समझा रहा हूं। ये आपको जाननी जरूरी है ताकि एग्जाम में अगर क्वेश्चंस आए तो आपसे ये बने। आपसे ये छूटे ना। इसे हम बोलते हैं क्या? इंडिया का न्यूक्लियर प्रोग्राम। ठीक है? इंडिया का न्यूक्लियर प्रोग्राम। तो आप समझना कि एक न्यूक्लियर एनर्जी निकलती कैसे है? ठीक है? न्यूक्लियर एनर्जी निकलती है यूरेनियम से।
अब ये जो यूरेनियम है ये यूरेनियम को हमें करना होता है एनरच। अब भैया ये एनरचमेंट क्या होता है? देखो यूरेनियम जो नेचुरली अवेलेबल है। ठीक है? जो नेचुरली अवेलेबल यूरेनियम हमारे पास है उसमें होते हैं यूरेनियम 238 के पार्टिकल्स और यूरेनियम 235 के
पार्टिकल्स। और जो हम न्यूक्लियर एनर्जी निकालते हैं। ठीक है? जो न्यूक्लियर एनर्जी हम निकालते हैं वो हम निकालते हैं न्यूक्लियर फज़ के प्रोसेस के थ्रू। अब ये न्यूक्लियर फज़ का प्रोसेस सिर्फ और सिर्फ पॉसिबल है फिसाइल मटेरियल्स में। जो कि है यूरेनियम 235। ठीक है? यूरेनियम 238 के थ्रू फिजन पॉसिबल नहीं है। इसलिए हम यूरेनियम 238 को यूज़ नहीं कर सकते। किस
लिए? न्यूक्लियर एनर्जी के लिए। बट जो नेचुरली ऑकरिंग यूरेनियम होता है उसमें 99.7% यूरेनियम 238 होता है और 0.3% यूरेनियम 235 होता है। ठीक है? तो अगर मैं अगर मैं आपको बोलूं कि 100 ग्राम यूरेनियम नेचुरल यूरेनियम मैं लाया तो सिर्फ 3 ग्राम का मेरे पास क्या बचता है? यूरेनियम 235 बचता
है और उस 3 ग्राम के यूरेनियम 235 को फिर हमें बार-बार बार-बार कलेक्ट करना होता है बाय दी प्रोसेस ऑफ़ एनरचमेंट। ये एनरचमेंट के लिए जो डिवाइस यूज़ की जाती है उसे बोला जाता है सेंट्रीफ्यूग। ठीक है? सेंट्रीफ्यूग मतलब आप वो जानते हो दही कैसे बनाया जाता है? आपने देखा है कभी? सॉरी दही से घी बनता है मेरे ख्याल से। ऐसा ही कुछ प्रोसेस है। दही से घी
कैसे बनाया जाता है? सो जब आप दही को इस तरीके से सेंट्रीफ्यूग के थ्रू उसको घुमाते जाओगे तो हैवी पार्टिकल्स साइड में आ जाते हैं। लाइट पार्टिकल्स बीच में आ जाते हैं। उसी तरीके से गोल-गोल गोल गोल गोल-गोल जब आप घुमाओगे आप वाशिंग मशीन जैसे वर्क करता है। ठीक है? वाशिंग मशीन जैसे वर्क करता है। अगर आप ये तीन गांव ठीक है? वाशिंग मशीन में अगर आप कपड़े को घुमाओगे तो कपड़े साइड में चले जाते हैं। तो सेंट्रीफ्यूगल फोर्स जो
होता है उसको यूज करके यहां पे सेंट्रीफ्यूग वाले डिवाइस में बिल्कुल मिक्सी में जैसा होता है वो सारी चीजें। तो जब भी आप किसी चीज को घुमाओ तो साइक्लोन को भी आप देखोगे तो बस वो सेंट्रीफ्यूगल फ़ है। ठीक है? यही हमारा कांसेप्ट यूज़ होता है सेटेलाइट के लॉन्च में। तो आपको पता होगा सेटेलाइट या इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जो है वो अर्थ के ग्रेविटेशनल फील्ड के बाहर नहीं है। वो अंदर है। तो यह सारा सेंट्रीफ्यूगल फ़ है।
उसी में से एक डिवाइस को यहां पे सेंट्रीफ्यूग बोला जाता है। जिसे हम एनरचमेंट के लिए क्या करते हैं? यूज़ करते हैं। क्लियर? इसे हम एनरचमेंट के लिए यूज़ करते हैं। तो हम अगर कम अमाउंट ऑफ़ एनरचमेंट इसमें कर लें व्हिच इज़ 3 टू 5%। ठीक है? अगर हम 3 टू 5% का एनरचमेंट कर लेते हैं यूरेनियम 235 का तो हम आसानी से
न्यूक्लियर पावर क्या कर सकते हैं? जनरेट कर सकते हैं। क्लियर? हम ईजीली न्यूक्लियर पावर जनरेट कर सकते हैं। अब इतने ज्यादा यूरेनियम किसके पास होंगे? जिसके पास यूरेनियम का पूरा वो होगा। अ एक तरीके से सोर्स। इंडिया के पास यूरेनियम है नहीं। क्या इंडिया के पास यूरेनियम है? क्या इंडिया के पास यूरेनियम है? द आंसर इज नो। इंडिया के पास यूरेनियम नहीं है। इसलिए इंडिया बाहर से लेता है।
और इसीलिए इंडिया को ये डील की जरूरत थी अगर इंडिया अपने इस टारगेट को क्या करना चाहता है? अचीव करना चाहता है। तो क्लियर? अब इसमें एक और टॉपिक है इंडिया का थ्री स्टेज न्यूक्लियर प्रोग्राम जिसमें इंडिया यूरेनियम 235 को बाईपास करके यूरेनियम 233 और थोरियम के थ्रू बनाता है वो भी हमारा टॉपिक है वो हम साइंस वाले जरा में पढ़ेंगे। अभी हम उसको कवर नहीं करेंगे। अभी हमारा इंटरनेशनल जॉनरा चल रहा है।
क्लियर? आया भाई समझ में सभी को यहां तक? आगे के फैक्ट्स बता दूं। ओके। एक और इंपॉर्टेंट चीज ध्यान में रखना। क्या इंडिया ने इस साल एक और कंट्री के साथ यूरेनियम डील साइन किए। किसके साथ?
उज़्बेकिस्तान के साथ। ठीक है? इंडिया ने उज़्बेकिस्तान के साथ भी ये डील साइन किए। क्योंकि इंडिया बहुत ज्यादा फोकस्ड हो चुका है अपने न्यूक्लियर एनर्जी के जनरेशन में। क्योंकि हमारा टारगेट है 2047 तक। 100 गीगावाट हमें जनरेट करना है। अब एनपीटी को तो मैंने आपको बता दिया। यहां पे मैं थोड़ा सा आपको बता देता हूं। किसके बारे में? थोड़ा सा मैं आपको बता देता हूं।
अबाउट आईईईए। आईएएईए। ठीक है? आईएए इज़ बेसिकली जो एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन है। ठीक है? वर्ल्ड में एटॉमिक एनर्जी से रिलेटेड जितनी भी चीजें होती है, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी इज़ दी फुल फॉर्म। क्या है फुल फॉर्म? इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी। आई एईए।
इसका काम है वर्ल्ड में कहीं पे भी अगर एटॉमिक एनर्जी से रिलेटेड काम हो रहा है चाहे वो न्यूक्लियर पावर प्लांट हो चाहे वो न्यूक्लियर बम बनाने वाला काम हो आईएए वहां पे गवर्न करेगा इसी आईएए के कैमरेज लगे थे नाथंस पावर प्लांट में ईरान के जिसको ईरान ने उखाड़ के फेंक दिया ठीक है तो वहां से पूरी कंट्रोवर्सी उस टाइम पे शुरू भी हुई थी पुरानी बात है वो तो ये जो हमारा आईएए है ना इसमें हम क्या करना चाहते हैं आईएए के थ्रू इंडिया इसके
बारे में थोड़ा सा फैक्ट्स आप देख लो इसे 1957 में बनाया गया था। ठीक? आईआई को इस्टैब्लिश किया गया था 1957 में। और इसको बेसिकली ऑर्गेनाइज किया गया था एटम्स फॉर पीस के अंदर। एटम्स फॉर पीस बेसिकली एक प्रोग्राम है जो यूएसए ने ल्च किया था। अगेन किस टाइम पे ल्च किया गया था? यूएसए नहीं से। 1957 में
क्या हो रहा है? देखो प्रो यूएसए प्रेसिडेंट है ईरान में। ठीक है? तो इसी टाइम पे यूएसए ने अपना पूरा जो यूरेनियम है, अपना न्यूक्लियर एनर्जी बनाने के तरीके वो ईरान के साथ शेयर किए थे। उसी का आज पूरा का पूरा इंटरेस्ट के साथ यूएसए को वापस मिल रहा है। क्योंकि ईरान ने उसी को कन्वर्ट कर दिया अपने न्यूक्लियर बम बनाने की फैसिलिटी में। तो ईरान को एक तरीके से हेल्प किया था इन्होंने। ठीक है? तो ये आईएए है और आईएए के प्रेसिडेंट कौन है?
प्रेसिडेंट का भी नाम याद रख लेना। द प्रेसिडेंट इज़ रफेल ग्रोसी। ठीक है? राफेल ग्रॉसी इज द प्रेसिडेंट। यह अर्जेंटीना के हैं। और इसका हेड क्वार्टर कहां है? आईएए का। हेड क्वार्टर इज़ इन वियना। ठीक है? आईएए का हेड क्वार्टर है वियना में। हेड क्वार्टर्स याद रखने बहुत ज्यादा जरूरी है। और इसे 2005 में नोबेल पीस
प्राइज दिया गया था कि यार तुम बहुत अच्छा काम कर रहे हो। इसलिए इनको नोबेल पीस प्राइज दे दिया गया। यस विना ऑस्ट्रिया क्लियर चलो एक होमवर्क लिख लो ठीक है बाद में इसी टॉपिक में ऐड कर देना छोटा सा टॉपिक है कुछ है नहीं ना ही इंपॉर्टेंट है सीटी बीटी को एक बार बस ऐड कर लेना ताकि रिस्क मत रहे ठीक है बहुत छोटा सा टॉपिक
है 5 मिनट नहीं लगेगा उसको ऐड करने में वो भी आप लोग इस पे ऐड करके लिख लेना क्लियर है यहां तक यार 2005 में भाई 2005 में इन्हें नोबेल पीस प्राइज दिया गया था। चलो फिर आगे बढ़ते हैं अपने नेक्स्ट टॉपिक पे वि इज अच्छा ये एनएसजी के बारे में मैंने ऑलरेडी आपको बताया हुआ है। एनएसजी क्या है? तो एक
बार ध्यान से थोड़ा सा इसके भी फैक्ट्स पढ़ लो। 1974 में एनएसजी बनाया गया था। अगेन रिवीजन मैं आपको करा देता हूं। की मेंबर्स यूएसए रशिया, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया ये जापान इसके सभी मेंबर्स हैं। जापान ने अपना पहला जो आई से ट्रीटी साइन किया था एक नॉन एंट्रीटी स्टेट के साथ वो था इंडिया के साथ। ठीक है? तो जापान ने पहला इंडिया के
साथ साइन किया था और इंडिया को इसने क्लीन वेवर दिया वेवर दिया हुआ है 2008 में यूएसए के लॉबिंग के हेल्प के थ्रू। ठीक है? यूएसए ने बहुत हेल्प किया था इसमें वेवर पाने के लिए इंडिया का और फॉलोइंग द क्लीन वेवर दिल्ली ने काफी सारे कंट्रीज के साथ ये साइन किया हुआ है। क्या-क्या साइन किया हुआ है? यूएस के साथ, फ्रांस के साथ, रशिया, कजाकिस्तान, मंगोलिया, नामीबिया, कनाडा, यू, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया। इतने जगह से हमारे पास क्या
आता है? यूरेनियम आता है। इंडिया के बीड में चैलेंजेस क्या है? पाकिस्तान मना कर रहा है कि नहीं इंडिया को नहीं बनाना चाहिए और उसको बैक कौन करता है? चाइना। ठीक है? बोथ पाकिस्तान एंड इंडिया आर नॉन सिग्नेटरी ऑफ द एनपीटी। तो पाकिस्तान को खुद नहीं बनना बट तू भी नहीं बनेगा। ठीक है? मेरा पता नहीं बट तुझे तो मैं बनने नहीं दूंगा। उसके बाद फिर पाकिस्तान इज़ अनलाइकली एक्सरसाइज सीम्स एम्ड एट सेबोटेजिंग इंडियास प्रॉस्पेक्ट्स।
पाकिस्तान को तो कोई देगा नहीं। उतनी लॉबिंग उसके लिए होगी नहीं। तो इंडिया के उसको वो रोकना चाहते हैं कि यह मत बने। चलो भाई आगे बढ़ते हैं फिर इसी टॉपिक पे। सो इसके बारे में आपने देखा होगा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच थोड़ी सी अब लड़ाई चालू हो चुकी है।
और वो लड़ाई हो रही है अपने इस डूरंड लाइन वाले एरिया के पास। ठीक है? यह वखान कॉरिडोर का एरिया है। यहां से अपना पूरा डूरंड लाइन जो है 1893 में बनाई गई थी। वो पास होती है। इसमें जो मेन लड़ाई हो रहा है वो है तोरखम खबर पास। खैबर पख्तूनख्वा जो एरिया जिसे बोला जाता है। यह पूरा खबरन खबर पख्तूनख्वा का एरिया है। ये पाकिस्तान का वो एरिया है जहां पे
पाकिस्तान के खुद के ऑफिशियल्स अच्छे से जा नहीं पाते हैं। क्योंकि यहां पे पूरा कैप्चर है बलोच नॉट एक्चुअल बलोच टीटीपी का। ठीक है? टीटीपी वाले जो एरिया हैं उसके बारे में हम अभी पढ़ेंगे। और ये चमन में एक इनका लड़ाई यहां पे क्या चल रहा है? रीसेंट क्लशेज़ यहां पे हुए हैं। ये पूरा अपना पाकिस्तान का एरिया और ये फिर इधर पूरा अपना अफगानिस्तान का एरिया और ये जो बीच का सेक्टर है यहां पे पूरी लड़ाई इनकी
चल रही है। मैप के थ्रू हमें इतना समझना था। तो ये टॉपिक हम थोड़ा सा भी क्या कर लेते हैं? कवर कर लेते हैं। अब हुआ क्या ये समझना। ठीक है? देखो यार ये अपना पूरा ना पाकिस्तान अफगानिस्तान का मैप है जिसमें डूरंड लाइन आपको दिखेगा यहां पे। ठीक है? ये लाइन यहां से चालू हो रही है ईरान के पास से और ये पूरा फिर यहां तक इस वाले जगह तक क्या होती है? जाती है। अब ये लाइन ऑफ कंट्रोल
हो गया यहां पे। ठीक है? इंडिया का कहना है ये है हमारी बाउंड्री। एक्चुअल में दिस इज़ आवर बाउंड्री। बाकी उधर पाकिस्तान का एरिया है। यहां तक जा रहा है। ये पूरा जो आपको इस कलर में दिख रहा है, यह पश्तून एरिया है। ठीक है? ये कौन सा एरिया है?
पश्तून एरिया है। जहां पे पश्तून लोग रहते हैं। और उनकी बहुत लड़ाई है किनसे? पाकिस्तान के लोगों से। उनसे उनकी बहुत लड़ाई है। तो अब इसके फैक्ट्स कुछ मैं आपको बताते जाता हूं। 27th फेब 2026 को ओपन वॉर डिक्लेयर कर दिया गया। यह कब? 27th फेब 2026 को क्या डिक्लेअर किया गया? ओपन वॉर
किसके-किस के बीच? पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच। किसने डिक्लेअ किया? पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर। ठीक है? पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर जिनका नाम क्या है? जिनका नाम है ख्वाजा असीफ।
ठीक है? इन्होंने क्या किया? ने डिक्लेअ किया कि इनके बीच और हमारे बीच क्या होगी? लड़ाई होगी। अब ये लड़ क्यों रहे हैं? द रीज़न बिहाइंड द फाइट इज़ टीटीपी। ठीक है? क्या है लड़ाई के पीछे रीज़न? टीटीपी व्हिच इज़ तहरीक ई तालीबान पार्टी। ठीक है? तहरीक ए तालीबान पार्टी
ये क्या है? ये एंटी पाकिस्तानी काम कर रहा है। तहरीक पाकिस्तान का तहरीक तालिबान पाकिस्तान पार्टी क्या कर रही है? ये एंटी पाकिस्तान काम कर रही है। खबर पख्तूनखा में अटैक कर रही है। और पाकिस्तान का ये कहना है कि इसे शेल्टर किसने दिया है? इसे शेल्टर दिया है तालीबान ने। अब हुआ क्या? ध्यान से समझना। ठीक है? अफगानिस्तान में क्या चल रहा है? अफगानिस्तान में तालीबान की सरकार शुरू में थी नहीं। ठीक है?
अफगानिस्तान में शुरू से तालीबान चालू नहीं है। पता है तालीबान को पूरा बनाया किसने है? तालीबान को बनाने के पीछे, तालीबान को पढ़ाने के पीछे, तालीबान के पूरे प्रोसेस के पीछे मैंने डिटेल में एक लेक्चर लिया था। वैसे आप लोगों का मुझे याद है जो कॉनकर्स बैच के स्टूडेंट्स थे उनको याद होगा। पाकिस्तान ने वो सारा काम किया था। ठीक है? इसी रीजन में। अब क्या हुआ? ये तहरीक तालीबान पाकिस्तान पार्टी बनी। अफगानिस्तान में तो उन्होंने जो भी
किया वो किया। अब ये पाकिस्तान में भी वैसा ही करना चाहते हैं जैसा उधर है। पाकिस्तान के अंदर इनकी लड़ाई चल रही है। इनका यह कहना है कि भाई हम पाकिस्तान में नहीं आते। हमारा एरिया जो यहां तक का एरिया है पूरा ये पाकिस्तान में नहीं है। ये हमारा इधर है। आप हमको पाकिस्तान में मत लीजिए। ये उनका कहना है। अब हुआ क्या?
अफगानिस्तान ने ना डूरंड लाइन को कभी एक्सेप्ट ही नहीं किया। अफगानिस्तान ने डूरंड लाइन को क्यों एक्सेप्ट नहीं किया? देखो डूरंड लाइन किसके-किसके बीच बना? तो पहले डूरंड लाइन का थोड़ा सा आप फैक्ट समझ लो। ये जो डूरंड लाइन है ये बनाया गया था 1893 में। ठीक है? बनाया किसने था इसे? 1893 में इनका नाम था मॉर्टाइमर डूरंड।
मटाइमर डूरंड नाम के एक आदमी थे जिन्होंने ये डूरंड लाइन बनाया बिटवीन पाकिस्तान एंड अफगानिस्तान। ठीक है? ब्रिटिश की तरफ से वो थे। और जो अफगानिस्तान है। अफगानिस्तान अफगानिस्तान की तरफ से कौन आए थे? अब्दुल रहमान खान। अब हुआ क्या?
ये बखान कॉरिडोर में खत्म हो रहा है। इस टाइम पे ब्रिटिश इंडिया था। इस टाइम पे ब्रिटिश इंडिया था। अब ये पार्टीशन के बाद पाकिस्तान वाला इंडिया बन गया। तो अफगानिस्तान का वही कहना है भाई ये कैसे आया? लाइन ये कैसे आया? हमसे आपने पूछा ही नहीं पार्टीशन के टाइम पे किधर से क्या होगा? कैसे होगा?
अपनी मर्जी से आपने कुछ भी बना दिया। अपनी मर्जी से चीजें आपने चालू कर दी। तो अफगानिस्तान ने कभी डूरंड लाइन को क्या नहीं किया? एक्सेप्ट ही नहीं किया। अब हुआ क्या? अगर डूरंड लाइन को अफगानिस्तान ने एक्सेप्ट नहीं किया तो क्या कोई वैलिड बॉर्डर है एस पर दी अफगानिस्तान? नो। बट पाकिस्तान इसको मानता है कि हमारा बाउंड्री है तो डिपोर्टेशन कराते रहता है रेफ्यूजीस का बार-बार अफगानिस्तान में।
ठीक है? डिपोर्टेशन कराते रहता है रेफ्यूजीस का बार-बार ये अफगानिस्तान में। और उसी को फिर यहां पे लड़ाई के फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। तहरीक तालिबान उसी को क्या करना चाहता है? रिजॉल्व करना चाहता है लड़ाई करके। ओके? सो अभी लड़ाई इनके बीच में चल रही है। एस सच कोई फाइनल आउटकम इनके बीच में नहीं आया है। किसी भी तरीके का समझौता
इनके बीच में नहीं हुआ है। ठीक है? इसमें इंपॉर्टेंट चीज आपको ध्यान ये रखना है कि तालीबान जो है ये वही तालीबान लोगों का ही एक ग्रुप है। इन्होंने काबुल को ऑलरेडी 2021 में कैप्चर कर लिया था। ये मैंने ऑलरेडी आपको बताया हुआ है। हां टीटीपी का फॉर्मेशन एक बार आप ध्यान से सुन लेना। ये 2007 में मतलब टीटीपी का फॉर्मेशन हुआ था 2007 में। तो ये थोड़ा सा हमें जानना था कि इनके बीच में जो लड़ाई हो रही है वो
क्यों हो रही है और कहां हो रही है। तो ये दोनों क्या है? ये बॉर्डर क्रॉसिंग है। ठीक है? चमन एंड तोरखाम जो हैं यहां के पाससेस हैं। बॉर्डर क्रॉसिंग है जहां पे इनकी लड़ाई चल रही है। क्लियर चलो अब छोटे-छोटे टॉपिक्स हैं। बहुत बड़े-बड़े बहुत बड़े-बड़े टॉपिक्स थे हमारे शुरू में
हमने कर लिए इस जॉन्रा के। ठीक है? हर जरा अपने आप में एक रिफ्रेशिंग पोर्शन के साथ शुरू होगा। लेट्स टॉक अबाउट इंडिया एंड द एफएटीएफ। किसी को पता है इस साल इंडिया और एफएटीएफ न्यूज़ में क्यों थे? इंडिया और एफएटीएफ इस बार न्यूज़ में क्यों थे? यू ऑल नो दिस जून 2026 में। ठीक है? जून 2026 में भाई स्कूल से तो बेटर ही काम कर रहे हो आज
आप। जून 2026 में विवेक अग्रवाल ठीक है विवेक अग्रवाल को क्या बनाया गया एफएटीएफ का वाइस प्रेसिडेंट इन्हें बनाया गया एफएटीएफ का वीपी और ये पहली बार किसी इंडियन को बनाया गया है। ठीक है? पहली बार किसी इंडियन को
एफएटीएफ का वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है और इस वजह से इंडिया के फ्यूचर सीधा एफएटीएफ के प्रेसिडेंसी के चांसेस को ये बहुत ज्यादा क्या कर रहा है? बढ़ा रहा है। अब समझना यहां पे इंडिया का एफएटीएफ में क्या-क्या स्टेक है? इंडिया एफएटीएफ में क्या चीजें करना चाहता है? इंडिया बहुत साल से ट्राई कर रहा है कि पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में डाला जाए। ठीक है?
पाकिस्तान को किस में डाला जाए? ग्रे लिस्ट में फिर से डाला जाए। तो थोड़ा सा एक बार इस चीज के बारे में समझना कि ये लिस्ट कौन-कौन से होते हैं। ठीक है? एफ एटीएफ जो अपने लिस्ट मेंटेन करता है ये कौन-कौन से लिस्ट हैं? इनके बारे में हमें थोड़ा सा जानना जरूरी है। तो एफएटीएफ अपने दो लिस्ट मेंटेन करता है। कौन-कौन से लिस्ट?
एक होता है इनका ग्रे लिस्ट। एंड दूसरा होता है इनका क्या? ब्लैक लिस्ट यह एफएटीएफ का काम है इनके बेसिस पर क्या करना इनके बेसिस पे इन्हें डिवाइड करना इनके बेसिस पे इन्हें पुट डाउन करना
क्या करता है वो इसमें जो कंट्रीज टेररिज्म से रिलेटेड काम कर रही है टेरर फंडिंग मनी लॉन्ड्रिंग या टेररिज्म एक्टिविटीज कर रही हैं कितनी कर रही है और कितना ज्यादा कर रही है उसके बेसिस पे ये ग्रे लिस्ट और ब्लैक लिस्ट में के बीच में इन्हें क्या करता है डिवाइड करता है। ब्लैक लिस्ट का कहना है कॉल फॉर एक्शन।
ठीक है? ब्लैक लिस्ट में जो कंट्रीज हैं उनको कॉल फॉर एक्शन की जरूरत है। मतलब भाई तुम बहुत ज्यादा हरकत कर रहे हो। ये चीजों को कम करो। फॉर एग्जांपल नॉर्थ कोरिया। जैसे नॉर्थ कोरिया एक ब्लैक लिस्टेड कंट्री है एफएटीएफ के अंदर। ठीक है? इसमें ईरान भी आ गया। इसमें म्यांमार भी आ गया। ठीक है? इसी में आपको ईरान भी आप ले सकते हो। इसी में आप म्यांमार भी आप ले सकते हो। टेररिज्म वाली कंट्री जो ग्रे लिस्ट
में है इनका कहना है इनको मॉनिटरिंग की जरूरत है। इनको थोड़ा सा इंक्रीज्ड मॉनिटरिंग की जरूरत है कि यार तुम जो एक्टिविटीज कर रहे हो उसको अपने गिराओ। उसको थोड़ा सा कम करो। टेररिज्म रिलेटेड एक्टिविटीज को क्या करो? कम करो। अब इसमें क्या है? पाकिस्तान काफी बार ग्रे एरिया से आता जाता गया है। ठीक है? का पाकिस्तान काफी बार ग्रे एरिया से आता जाता गया है।
रिसेंटली ये जब आया था पाकिस्तान वो था 2022 में। ठीक है? पाकिस्तान जो सबसे लेटेस्ट एफएटीएफ में कभी आया है तो वो आया है 2022 में। ठीक है? उसके बाद से अभी तक पाकिस्तान वापस नहीं आया है ग्रे लिस्ट में कभी। इंडिया वही लड़ाई कर रहा है कि यार पाकिस्तान को ना वापस यहां पे आना चाहिए। ठीक है? पाकिस्तान को आप वापस यहां पे लेके आओ। किस बेसिस पे? क्योंकि
ऑपरेशंस सिंदूर में जो टेररिस्ट मारे गए थे। ये रीज़न याद रखना। इंडिया का प्रूफ यहां पे क्या है? ऑपरेशन सिंदूर में जो टेररिस्ट मारे गए थे उन टेररिस्ट के फ्यूनरल में पाकिस्तानी ऑफिशियल्स पाए गए थे। वहां पे पाकिस्तानी ऑफिशियल्स ने अटेंड किया था। तो ये इंडिया का कहना है कि भाई उनका वहां पे मिलीजुली वहां पे चल रही है। तो आप इसको थोड़ा सा ध्यान से
रखो। तो थोड़ा सा एफएटीएफ के स्टैटिक फैक्ट्स हम यहां पे रख लेते हैं। तो जो एफएटीएफ है उसका फुल फॉर्म है फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स। ठीक है? फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स इसे सेटअप किया गया था 1989 में। ठीक है? 1989 में इसे बनाया गया था। कहां पे? 1989 का जो G7 समिट हुआ था 1989 का जो G7 समिट
हुआ था पेरिस में। उस समिट में इसे क्या किया गया था? बनाया गया था। ठीक है? 1989 के G7 समिट जो पेरिस में हुआ था उसमें इसे बनाया गया था। इसका सेक्रेटेरिएट कहां है? व्हिच इज़ बेसिकली हेड क्वार्टर। इसका हेड क्वार्टर है ओईसीडी पेरिस में। ओके? ओईसीडी पेरिस में इसका हेड क्वार्टर है। और एक साल में तीन बार इनकी क्या होती है?
मीटिंग होती है। और ब्लैक लिस्ट ग्रे लिस्ट जो ये मेंटेन करता है ऑलरेडी मैंने आपको बताया हुआ है। इनका मेन फंडा है नो मनी फॉर टेरर कॉन्फ्रेंस। ठीक है? टेरर के लिए मनी नहीं होना चाहिए किसी भी तरीके से। वो इसमें ज्यादा चीजें होनी नहीं चाहिए। इसके टोटल अभी करेंटली 40 मेंबर्स हैं। ओके? देयर आर 40 मेंबर्स जिसमें से 39 कंट्रीज हैं। एक इयू का कमीशन है और एक जीसीसी भी इसमें एडेड है। इंडिया ने इसे 2006 में एज एन ऑब्जर्वर जॉइ किया था।
2006 में इंडिया ने इसे ऑब्जर्वर के फॉर्म में जॉइ किया था। और 2010 में इंडिया जो है इसका मेंबर बना था। 2010 में इंडिया इसका मेंबर बना था। क्लियर? अब इसमें रिसेंटली एक कंट्री का मेंबरशिप 3 साल पहले सस्पेंड किया। कोई मुझे बताएगा किसका मेंबरशिप इन्होंने सस्पेंड किया?
बताओ भाई। किस कंट्री का मेंबरशिप यहां पे इन्होंने सस्पेंड किया? द आंसर इज़ रशिया। ओके? 2023 में 2023 में रशिया का मेंबरशिप क्या हो गया? सस्पेंड हो गया।
ड्यू टू यूक्रेन में जो उसके एक्टिविटीज हैं इन सबके चलते। कोई डाउट यहां तक? एनी डाउट्स? छोटा सा टॉपिक था। ओके? परफेक्ट।
अब हम आते हैं अपने नेक्स्ट टॉपिक पे व्हिच इज़ इंडिया के जो नए-नए एफटीएस हुए हैं उनके बारे में थोड़ा सा हमें जानना है। कौन-कौन से एफटीएस हुए हैं? किन के साथ हुए हैं? ये सारी चीजें। सो इंडिया का आपने तीन एफटीए इस साल पढ़ा होगा। एक यूरोपियन यूनियन के साथ हुआ है। एक यूनाइटेड किंगडम के साथ हुआ है और एक न्यूजीलैंड के साथ हुआ है। जिसमें यूरोपियन यूनियन के साथ जो इनके साथ हुआ
है उसको मदर ऑफ ऑल ट्रेड एग्रीमेंट्स बोला गया है। ठीक है? मदर ऑफ ऑल डील्स। तो ये बहुत ही बड़े लेवल पे बहुत बड़ा डील है इंडिया के लिए यूरोपियन यूनियन के साथ। बट उससे पहले ये ट्रेड एग्रीमेंट्स क्या होते हैं? ये आप देख लो। ठीक है? तो यार देखो जब भी ना दो कंट्रीज फॉर एग्जांपल मैं नाम लेता हूं एक कंट्री एक्स की और एक कंट्री y की। जब भी x से कोई सामान y के पास जाता
है या y का कोई सामान x के पास आता है तो इसमें इंपोर्ट टैक्सेस लगाए जाते हैं जिसे हम बोलते हैं टेरिफ। इसी टेरिफ की वजह से आपको iPhone इंडिया में महंगा पड़ता है और यूएसए में iPhone आपको सस्ता पड़ता है। इसी टेरिफ की वजह से जब किसी कंट्री में उस प्रोडक्ट का मैन्युफैक्चरिंग चालू हो जाता है तो प्रोडक्ट कंट्री में सस्ती हो जाती है। फॉर एग्जांपल रिसेंटली डिफेंडर
34 लाख कम हो गई। क्यों कम हो गई? क्योंकि डिफेंडर जो है लैंड रोवर की वो अब इंडिया में प्रोडक्शन उसका चालू हो गया। सिंस इंडिया में प्रोडक्शन चालू हो गया उसके टेररिफ्स कम हो गए। तो इसलिए वो 34 लाख कम हो गई। तो जब भी कोई दो कंट्री आपस में ट्रेड करते हैं इंपोर्ट एक्सपोर्ट के फॉर्म में तो टेररिफ्स लगते हैं। उस टेरिफ में जब कोई कंट्री दूसरी कंट्री को छूट दे देती है तो उसे ट्रेड एग्रीमेंट बोला जाता है कि भाई हमारे बीच में क्या होगा? अब हमारे बीच में ट्रेड एग्रीमेंट होगा।
अब ये ट्रेड एग्रीमेंट ना बहुत अलग-अलग अलग-अलग टाइप के होते हैं। उसको थोड़ा सा एक बार समझ लो। सबसे पहला और बेसिक लेवल ऑफ ट्रेड एग्रीमेंट होता है प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट। ठीक है? मतलब कुछ पर्टिकुलर नंबर ऑफ गुड्स में हम क्या करते हैं? जो टेरिफ है उनको कम कर देते हैं। तो प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट क्या होता है? पॉजिटिव लिस्ट होता है। और फ्री ट्रेड
एग्रीमेंट क्या होती है? नेगेटिव लिस्ट होती है। अब इन दोनों के बीच में डिफरेंस समझना। पॉजिटिव नेगेटिव के बीच में डिफरेंस क्या है? पॉजिटिव लिस्ट मतलब यहां पे जितनी चीजें मेंशंड हैं सिर्फ उनमें टेरिफ जो है वो क्या किया जाएगा? रिड्यूस किया जाएगा या हटाया जाएगा। ये प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट में होता है। फॉर एग्जांपल मैंने ये बोला कि मेरा प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट मैं एक एक्स नाम की कंट्री हूं और मेरा प्रेफरेंशियल
ट्रेड एग्रीमेंट हो रहा है y नाम की कंट्री के साथ। तो मैं अपने डेयरी, वाइन और मेडिकल प्रोडक्ट्स को उस कंट्री के साथ एक प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट में रखता हूं। इसका मतलब क्या हुआ? सिर्फ यही तीनों पे मेरा टेरिफ कम होगा उस कंट्री के लिए। बाकी अगर उस कंट्री से मोबाइल फोन आ रहे हैं, कार आ रहे हैं, लैपटॉप आ रहे हैं, उनमें उतना ही टेरिफ रहेगा जितना हमेशा लगता था। ये होता है प्रेफरेंशियल ट्रेड
एग्रीमेंट। मतलब पॉजिटिव लिस्ट। जो लिस्ट में मेंशंड है, बस उसी में छूट दी जाएगी। दूसरा क्या होता है? दूसरा होता है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नेगेटिव लिस्ट। इस लिस्ट में जो जो चीजें मेंशंड है उनके अलावा सभी चीजों में मेरा टेरिफ रिड्यूस होगा। फॉर एग्जांपल एक्स कंट्री का व के साथ फिर से एग्रीमेंट हो
रहा है ट्रेड का। और इस बार लिखा गया मेडिकल प्रोडक्ट्स, एग्रीकल्चर और साथ ही साथ लेट अस से डेयरी प्रोडक्ट्स। इन तीनों के अलावा इन तीनों के अलावा मैं उस कंट्री के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर रहा हूं। मतलब सिर्फ इन तीन में टेरिफ कम नहीं होंगे। बाकी सब में टेरिफ कम कर दिए जाएंगे। तो ये पॉजिटिव नेगेटिव का डिफरेंस याद रखना यार और कब किसे यूज़ किया जाता है
ये भी आपको ध्यान में रखना है। ठीक है? गुड। अब उसके बाद फिर ऊपर में आता है सेसा या सेपा। यहां पर तो सिर्फ गुड्स में टेरिफ कम किए और बढ़ाए जा रहे हैं। जब आप किसी के साथ सेपा साइन करते हो ना तो साथ ही साथ आप
सर्विस में, इन्वेस्टमेंट में, कंपटीशन में और डिस्प्यूट रेज़ोल्यूशन में भी उनके साथ थोड़ा सा अपना कोलैबोरेशन बढ़ा लेते हो। फॉर एग्जांपल मैंने किसी कंट्री को ये बोला कि यार आपके ना सर्विस सेक्टर पे भी मैं ये ये चीजें करूंगा। आपके कंट्री में इन्वेस्ट भी मैं करूंगा। इतने का अपने कंट्री के कंपनीज़ आपके कंट्रीज में मैं लाऊंगा। आपके सर्विस सेक्टर के लोगों को अपने कंट्री में मैं छूट दूंगा टैक्स में।
तो वो फिर सेपा या सैसा बोला जाता है उसको। ठीक है? उसके बाद फिर होता है कस्टम यूनियन। कस्टम यूनियन क्या होता है? फ्री मूवमेंट ऑफ लेबर एंड कैपिटल हार्मोनाइज टेक्निकल स्टैंडर्ड्स। मतलब क्या हुआ? मैं कल को क्या बिना किसी टैक्स के, बिना किसी चेंज के चाइना में जाके ट्रेड कर सकता हूं। मतलब बस अपना बॉडी उठाया, मैं, अपना सामान उठाया, चले गया चाइना। वहां पे अपना
बिज़नेस कर रहा हूं। नो, आई कैन नॉट। बट अगर मैं कस्टम यूनियन हूं तो लेबर और कैपिटल को मैं ऐसे मूव कर सकता हूं बिना किसी चेंज के जैसे मेरी द कंट्री है टाइप वो वीजा पासपोर्ट अलग चीज है बट हां इस पे कोई अलग टैक्स या चेंजज़ मुझे नहीं देने पड़ेंगे तो ये और ऊपर लेवल का ट्रेड एग्रीमेंट होता है उसके ऊपर आता है फिर कॉमन मार्केट मतलब कॉमन मार्केट तो यार फिर आप छोड़ ही दो अच्छा सॉरी ये मैंने कॉमन मार्केट का
बताया कस्टम यूनियन का है ज़ीरो ड्यूटी ठीक है जीरो ड्यूटी ट्रेक अमोंग कंट्री एंड कॉमन टेरिफ्स अगेंस्ट दी रेस्ट वर्ल्ड ये एक थोड़ा सा उस पे आप चेंज कर लेना। कॉमन मार्केट का ये है कि मैं आपस में क्या कर सकता हूं? मूव कर सकते हैं। खरीदी बिक्री कर सकते हैं। कस्टम यूनियन में क्या होता है? अगर एक्स नाम की कंट्री मैं हूं और मेरा Y नाम की कंट्री के साथ कस्टम यूनियन
बना हुआ है। तो मेरे और उस कंट्री के बीच तो सभी गुड्स में जीरो टेरिफ होंगे। बट अगर कोई बाहर से कंट्री के थ्रू हम ट्रेड कर रहे हैं तो मैं और वो कंट्री वाई दोनों बाहर की सभी कंट्रीज के लिए सेम टाइप ऑफ टेरिफ लगाएंगे। मतलब जो टेरिफ मेरा होगा वही उसका होगा। जो उसका होगा वही मेरा होगा। ये हम कस्टम यूनियन में रखते हैं।
और एक लास्ट में आता है क्या? इकोनॉमिक यूनियन। इकोनॉमिक यूनियन क्या होता है? ये डीपेस्ट लेवल ऑफ इंटीग्रेशन होता है। मतलब इसमें देश की इकॉनॉमिक पॉलिसीज भी सेम टाइप की बनाई जाती है। मतलब फिर तो दोनों की इकॉनमी ही सेम हो गई। ये हायरार्की होता है। एनी डाउट यहां तक? इंडिया का ये तीन किसी के साथ नहीं है।
ठीक है? ध्यान रखना। इंडिया का कस्टम यूनियन, कॉमन मार्केट और इकोनॉमिक यूनियन किसी के साथ भी नहीं है। इंडिया ने पीटीए, एफटी और सैसा किए हुए हैं। जिसमें से हमें अभी देखना है यूरोपियन यूनियन के साथ जो हमारा ट्रेड एग्रीमेंट हो रहा है वो। अब देखो पहले तो यूरोपियन यूनियन के बारे में थोड़ा सा हम देख लेते हैं। व्हाट इज यूरोपियन यूनियन? क्या-क्या हो रहा है
उनके साथ? तो ये एक सुपर नेशनल पॉलिटिकल पार्टी और इकोनॉमिक यूनियन है। ठीक है? ये क्या है? ये एक इकोनॉमिक यूनियन है जिसे वर्ल्ड वॉर सेकंड के बाद बनाया गया था पीस और इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रमोट करने के लिए। ओरिजिनेटेड फ्रॉम 1951 का यूरोपियन कोलर एंड स्टील कम्युनिटी। ईसीएससी नाम से इसे बनाया गया था 1951 में। 1957 में ट्रीटीज
ऑफ रोम साइन किया गया और बनाया गया यूरोपियन इकोनॉमिक कम कम्युनिटी और यूरोपियन एटॉमिक एनर्जी कम्युनिटी यूरेथॉन। ये दो यूरेटॉन ये दो का फॉर्मेशन हुआ कब? 1957 में। फिर 1992 के मैस्ट्र ट्रीटी में यूरोपियन यूनियन को फॉर्मली इस्टैब्लिश किया गया। और 2020 में यूके ने प्रेग्जिट कर दिया।
वापस ले लिया अपना नाम। और अभी करेंटली इसके 27 मेंबर्स हैं जो पहले 28 हुआ करते थे। ओके? ये यूरोपियन यूनियन के बारे में हमें थोड़ा सा ध्यान रखना है। इसका एम क्या है? एक सिंगल इंटरनल मार्केट होगा फ्रीडम ऑफ गुड्स, सर्विस, कैपिटल और पीपल के लिए। तो ये इकोनॉमिक यूनियन है। ठीक है? ठीक है? जो मैंने आपको यहां पे बताया ना टॉप पे जो है इस पूरे हायरार्की के वो यूरोपियन यूनियन कंट्रीज के बीच में है।
इनका एक सिंगल मार्केट है। एक कस्टम का यूनियन है। शजन एरिया जो इनका है वो बॉर्डर फ्री ट्रैवल अलाउ करता है। और नॉन इयू कंट्रीज भी हैं। जैसे कि आइसलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड और लेचेस्टाइन। ये वो नॉन यूरोपियन कंट्रीज हैं जो उस शेंगन एरिया के पार्ट हैं। मतलब इनके साथ वो बॉर्डर फ्री ट्रैवल कर सकते हैं बिना किसी एस सच बॉर्डर से रिलेटेड फॉर्मेलिटीज के।
अब ये जो 27 कंट्रीज हैं इन 27 कंट्रीज में से 20 मेंबर्स यूरो को अपना करेंसी के फॉर्म में यूज़ करते हैं। इन्हें बोला जाता है यूरोज़ोन। ठीक है? तो ये जो 20 कंट्रीज हैं वो यूरोन के फॉर्म में अपना करेंसी यूरो को ही यूज करते हैं। वो क्या है? एक तरीके से एक यूनिफाइड करेंसी
है यूरोपियन यूनियन की। क्लियर? ये एक यूनिफाइड करेंसी है यूरोपियन यूनियन की। एनी डाउट? अब इंडिया इयू रिलेशंस का टाइमलाइन आप देख लो। सो 1962 से हमारा हमारा जो इकोनॉमिक अरेंजमेंट है वह चालू हुआ था। इसमें आपको सारी चीजें तो ध्यान नहीं रखनी है। ठीक
है? बस ये थोड़ा सा देख लेना कि कैसे हम इवॉल्व होते हुए गए हैं। अम यस नॉट दैटेंट फॉर अस। उसमें याद रखने की जरूरत नहीं। ये बस आप एक थोड़ा सा ध्यान रख लेना। ये 200 अपना से में। ओके? 2007 में इंडिया और ईयू का पहला डायलॉग हुआ था। पहला समिट हुआ था।
कब? 2007 में लिसबन में। ठीक है? लिसबन में इनका पहला समिट हुआ था। अब यहां पे थोड़ा सा हम इस बार का जो फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, उसके बारे में देख लेते हैं। इंडिया ईयूएफटी में क्या-क्या इंपॉर्टेंट टर्म्स हैं, क्या-क्या इंपॉर्टेंट चीजें हैं। सो, इंडिया और ईयू के बीच का पहले देखते हैं। ठीक है?
फर्स्ट पॉइंट 93% ऑफ इंडियन गुड्स पे क्या होगा? जीरो ड्यूटी होगी। तो 93% ऑफ द इंडियन गुड्स जो यूरोप में जाते हैं उन पे ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
मतलब ड्यूटी फ्री हो गए वो। मैं यहां से अगर कोई पर्टिकुलर सामान यूरोप में सेल कर रहा हूं तो मुझे इंपोर्ट ड्यूटी देनी नहीं पड़ेगी यूरोप में। उसके बाद तो देखो कितना फायदा हो रहा है ना किसी भी कंट्री के लिए। इसके बाद इंडिया जो है वो 10% कट ऑन ईयू कार्स ड्यूटी।
तो यूरोपियन यूनियन की जितनी गाड़ियां इंडिया में आके बिकती हैं उनके इंपोर्ट पे 10% का रिडक्शन। ठीक है? 10% क्या कर दिया उनको? 10% क्या कर दिया उनका? डिक्रीज कर दिया। मतलब 10% डिक्रीज मतलब उनको 10% बस ड्यूटी देना पड़ेगा। पूरा 0% नहीं किया। इन्होंने क्या किया है? 10% किया। इट्स नॉट लाइक कि 10% से रिड्यूस कर दिया।
इन्होंने उसे क्या कर दिया? 10% ही कर दिया। इसके बाद इन्होंने तीन चीजों को इससे बाहर रखा है व्हिच आर डेरी सीरियल्स एंड सोया मील इनको इन्होंने क्या किया है इस
ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर रखा हुआ है क्योंकि थोड़े से इसमें डुप्लीकेसी के भी चांसेस होते हैं एंड थोड़े से क्रूशियल ये चीजें हैं तो इसको उन्होंने बाहर रखा है अपने ट्रेड एग्रीमेंट से और साथ ही साथ इसमें या ये सारी चीजें किसके बीच हुई है? इंडिया यू के बीच में हुई है। कोई डाउट ये तीन चीजें हमें ध्यान में रखनी है। इंडिया ने कितना कट किया? अ यूरोपियन यूनियन ने
कितना कट किया? और डेरी, सीरियल्स और सोया मिल को क्या रखा गया है? इससे बाहर रखा गया है। एक और इंडिया ने साइन किया किसके साथ? एक और इंडिया ने साइन किया है अभी ट्रेड एग्रीमेंट यूके के साथ। उसको भी थोड़ा सा एक बार देख लो यार इंडिया यूके के बीच में क्या-क्या हुआ है। तो इंडिया और यूके के बीच में जो ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं उसकी सिग्निफिकेंस क्या-क्या है?
अब आप समझ लो इंडिया ने इयू के साथ भी ट्रेड एग्रीमेंट कर लिया और यूके के साथ भी कर लिया। अब इन दोनों का आपको रिलेशन पता है ना? यूके पहले यूरोपियन यूनियन का पार्ट था। अब नहीं रहा। तो इंडिया का बट दोनों के साथ क्या है? ट्रेड एग्रीमेंट है इंडिया का यूए के साथ जो हुआ ना वो एक कॉम्प्रहेंसिव इकॉनमी का एंड ट्रेड एग्रीमेंट है। इट्स नॉट अ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट। इंडिया ने यूके के साथ सेटा किया है। जो कि ट्रेड एग्रीमेंट से एक
लेवल ऊपर है। सेपा जो है ना वो सेटा सेम है। ठीक है? दोनों में कोई डिफरेंस नहीं है। तो ये सेटा किया है इंडिया ने उनके साथ बेसिकली इसको आप समझना। आपको क्यों इतना इंपॉर्टेंट इसे बोला जा रहा है? आप तुरंत समझ जाओगे। इंडिया को ठीक है यूके में लगभग 99% गुड्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फ्री। ठीक है? तो
यूके ने लगभग 99% इंडियन गुड्स को इंपोर्ट ड्यूटी फ्री कर दिया है। इसके अलावा स्कॉच विक्सी में विक्सी को 150% से 75% से 40% तक रिड्यूस कर दिया जाएगा। ठीक है? अगले 10 साल में किसे? स्कॉच विस््की को। और साथ ही साथ एक डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन लाया गया है। इसको थोड़ा सा आप समझना। दिस
इज डबल कंट्रीब्यूशन। ये एक बार और मैंने ऑलरेडी पढ़ाया हुआ है। बट थोड़ा सा आप इसको अच्छे से समझ लेना। दिस इज़ डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन। इसका मतलब क्या होता है? देखो जो इंडियन वर्कर्स हैं ना वो अगर आप किसी दूसरे जगह पे काम करने जाते हो तो आपको एक सिक्योरिटी मनी देती हो मनी देनी होती है उस जगह में काम करने
के लिए। बट अगर कोई इंडियन वर्कर यूके में जाकर काम करेगा तो डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन का मतलब यह है वो वर्कर इंडिया में भी टैक्स दे रहा है वो यूके में जाके भी टैक्स देगा तो उसे छूट दे दी गई है कितने साल के लिए 3 साल के लिए ठीक है फॉर 3 इयर्स तो अगर कोई इंडियन वर्कर यूके में
जाके काम करता है तो उसे 3 साल के लिए जो यूके में सिक्योरिटी ड्यूटी है वो नहीं देनी पड़ेगी क्लियर ठीक है भाई ये होता है डबल बबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन। इसके बाद इंडिया ने न्यूजीलैंड के साथ भी साइन किया है। ये तो भाई और ही अलग लेवल पे जा चुका है।
अब भैया इतने में अलग लेवल है तो इसका क्या मतलब हुआ? तो आप सोच जाओ इससे ऊपर क्या होगा इंडिया और न्यूजीलैंड के साथ? तो न्यूजीलैंड ने क्या किया है? 100% इंडियन गुड्स को टेरिफ फ्री कर दिया है। इंडिया का जो भी गुड न्यूजीलैंड में जाके बिकेगा वो 100% टेरिफ फ्री होगा।
ओके? बट इंडिया ने डेयरी को प्रोटेक्ट करके रखा है। अगेन डेरी को न्यूजीलैंड को नहीं दिया इंडिया ने। इंडिया ने बोला भाई नहीं आप बाकी को कर दो। बट डेरी को हम आपसे नहीं लेंगे। जबकि न्यूजीलैंड का एक्सपोर्ट बहुत बड़ा है डेरी का बट इंडिया ने उसे इस ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर रखा हुआ है। ओके? अब इसमें जो हमें चीजें जाननी है वो स्टैटिक जीके वाली चीजें हैं।
ठीक है? स्टैटिक फैक्ट्स वाली चीजें हैं। जैसे कि प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट। सो ये मैंने आपको बताया इंडिया का इन कंट्री के साथ प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट है। किन-किन कंट्रीज के साथ? अफगानिस्तान, चिली, मार्कोसुर। ये बेसिकली ब्लॉक है ब्राजील, अर्जेंटीना और पराग्व का।
मार्कोसुर ब्लॉक बोला जाता है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इंडिया का श्रीलंका के साथ है। सबसे पहले इंडिया ने किया था। फिर थाईलैंड के साथ। उसके बाद साफा हुआ जो कि साउथ एशियन फ्री ट्रेड एरिया है जिसमें श्रीलंका इंक्लूडेड है। न्यूजीलैंड के साथ अभी 2026 में हुआ। इंडिया का ईयू के साथ अभी हुआ 2026 में। फोर्स में नहीं आया है। और इंडिया का जीसी के साथ अंडर क्या है?
नेगोशिएशन है। इसी में ये होमवर्क लिख लो भाई सभी जीसी के बारे में पढ़ लेना। ठीक है? तो एक होमवर्क मैंने आपको दिया है। कौन सा? सीटीबीटी के बारे में पढ़ना है और एक यह होमवर्क है। सेशन एंड होने के बाद जीसीसी को भी अपने नोट्स में थोड़ा सा ऐड ऑन कर लेना क्योंकि ये भी अपना वही गल्फ कंट्री का एरिया वाला पोर्शन है। 10 मिनट से ज्यादा नहीं लगेगा इसको रीड करने में। सो इसको भी अपने नोट्स में आप लिख
लेना। फिर सेपासा है। टेपास ये सब सेम ही होता है। ठीक है? है तो इंडिया का सिंगापुर के साथ है, साउथ कोरिया के साथ है। अभी रिसेंट में आप देखोगे तो यूके के साथ है और अपना ये सारा चीज चल रहा है। तो 2025 में साइन हुआ 2026 में फोर्स में आ गया। और रिसेंटली ओमान के साथ भी इंडिया ने एक सेपा किया था। 2026 में फोर्स में आया है। बट कस्टम यूनियन, कॉमन मार्केट और
इकोनॉमिक यूनियन इंडिया के पास अभी किसी के साथ नहीं है। जैसा मैंने आपको बताया था। कोई इशू इस टॉपिक में कि एफटीए क्या होता है? सेपासेटा क्या होते हैं? हायरार्की क्या है? ईयू के साथ क्या हुआ? यूके के साथ क्या हुआ? न्यूजीलैंड के साथ क्या हुआ? और किस-किस कंट्री के साथ इंडिया का है? और यूरोपियन यूनियन आखिर है क्या? अभी यूरोपियन यूनियन को हम थोड़ा सा
और डिटेल में पढ़ेंगे थोड़ी देर में। ठीक है? स्पेशली ब्रेग्जिट वाले पोर्शन में क्योंकि आपको पता है डिवोल्यूशन ऑफ यूके। ठीक है? यूके में डिवोल्यूशन हो रहा है। वो भी एक हमारे लिए इस साल इंपॉर्टेंट टॉपिक है। चलो फिर आगे बढ़े। भाई बस थोड़े से टॉपिक्स बचे हैं। फिर हम ब्रेक ले लेंगे।
ओके? पहला जरा हम खत्म कर लेते हैं। यही सबसे बड़ा जॉनर्रा है। ठीक है? ये सबसे बड़ा जॉनर्रा है। इससे थोड़ा सा बड़ा नेशनल अफेयर्स है। बाकी उसके बाद हमारे इजी आसान वाले टॉपिक्स आएंगे जिसमें सिर्फ आपको फैक्ट्स जानने हैं। ज्यादा कांसेप्ट्स नहीं जानने हैं। ये बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है यार क्योंकि एनवायरमेंट एक इंपॉर्टेंट जॉन्रा होता है। और इस साल 10 साल हुए हैं किसे? पेरिस एग्रीमेंट को। अब पेरिस एग्रीमेंट को 10 साल होने के अलावा एक और इंपॉर्टेंट चीज
है। इस साल सभी कंट्रीज ने अपने एनडीसीज दिए हैं। ना 2031 से लेके ठीक है? 2031 के लिए सभी कंट्रीज ने एनडीसीस साइन किए हैं। तो इसीलिए हमारे लिए क्या है? ये टॉपिक थोड़ा सा क्या हो जाता है? इंपॉर्टेंट हो जाता है। ओके? चलो तो ये टॉपिक भी हम थोड़ा सा एक बार कवर करते हैं अभी।
सबसे पहले पेरिस एग्रीमेंट के बारे में जानते हैं हम। इसके फैक्ट्स नोट डाउन करो। कब साइन किया गया था? 12th ऑफ़ दिसंबर 2015 को। कॉप 21 समिट में। ठीक है? कॉप 215 के समिट में साइन किया गया था। यह कहां हुआ था? यह हुआ था पेरिस में। इसीलिए इसका नाम क्या
है? पेरिस एग्रीमेंट है। ये फोर्स में कब आया? ये फोर्स में आया फोर्थ नवंबर 2016 को। इसीलिए इसे क्या होंगे? इसको 10 साल कंप्लीट होंगे। अब 10 साल पे इसका रिपोर्ट कार्ड क्या आया? ये आप ध्यान से समझना। पहले ये देखो कि पेरिस एग्रीमेंट में आखिर किया क्या गया था। पेरिस एग्रीमेंट ने ये बोला था
अंडर आर्टिकल टू ऑफ द पेरिस एग्रीमेंट हमें क्या करना है? अंडर आर्टिकल टू कीप बिलो 2 डिग्री सेल्सियस ट्राई 1.5° सेल्सियस। ठीक है? तो पेरिस एग्रीमेंट के किस आर्टिकल के अंदर 2 डिग्री सेल्सियस वाला पॉइंट दिया गया है?
आर्टिकल सेकंड के अंदर। इसका कहना ये है कि प्री इंडस्ट्रियल एरा से ठीक है प्री इंडस्ट्रियल एरा से अब तक का जो राइज है वो हमें 2 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने देना है। ट्राई करना है कि 1ढ़ 1.5° सेल्सियस से ज्यादा ना बढ़े। इसी के बाद इसमें आता है एक आर्टिकल फोर। आर्टिकल फोर का कहना है एनडीसीज एव्री फाइव ईयर। ठीक
है? एनडीसीज़ एव्री फाइव ईयर। मतलब देखो हर कंट्री ना अपना नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन देती है जो कि बाइंडिंग होते हैं। फॉर एग्जांपल इंडिया ने अपना नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन दिया कि यार मैं क्या करूंगा? मैं अपना नेट ज़ीरो का प्लेज मैंने ले लिया है। मैं 100 गीगावाट का न्यूक्लियर एनर्जी यहां पे अपना मैं जनरेट करूंगा 2047 तक और बहुत सारी चीजें इंडिया
ने दी। तो ये इंडिया का कंट्रीब्यूशन होगा इकोनॉमिक सॉरी क्लाइमेट चेंज के तरफ कि हम क्या-क्या कर रहे हैं क्लाइमेट को बेटर बनाने के लिए और उसमें जो इंडिया करेगा वो उसका कंट्रीब्यूशन होगा जिसको वो डिटरमाइन कर रहा है। ये कंट्रीब्यूशंस हमें क्या-क्या अगले 5 साल में करने हैं ये हर 5 साल में क्या करना होगा? कंट्रीज को सबमिट करना होगा अंडर आर्टिकल फोर।
ओके? और इसमें एक आर्टिकल सिक्स भी है। इसमें एक आर्टिकल सिक्स भी है जो कि एक कार्बन मार्केट के बारे में बात करता है। तो देखो पूरा का पूरा जो अपना पेरिस एग्रीमेंट है ना ये एमिशन टारगेट के ऊपर बेस्ड है।
ठीक है? पेरिस एग्रीमेंट का मेन फोकस जो है वो है एमिशंस को रिड्यूस करना और ग्लोबल वार्मिंग घटाना। यह पेरिस एग्रीमेंट का जो मेन ऐसे गोल होता है ना कि यह हमें घटाना है, यह हमें कम करना है। यह उनका मेन गोल है। तो इस पे इन्होंने ये आर्टिकल सिक्स को एक बार आप ध्यान से समझना। आर्टिकल सिक्स के अंडर एक कार्बन मार्केट बनाया जाएगा जो
तीन तरीके से वर्क करेगा। सिक्स क्लॉज़ टू, सिक्स क्लॉज़ फोर और 6.8। अब इसमें होता क्या है समझना। हर कंट्री को ना कार्बन क्रेडिट दिया जाएगा। ठीक है? हर कंट्री को क्या किया जाएगा? कार्बन क्रेडिट दिया जाएगा।
और जो कंट्री है अपने कार्बन क्रेडिट्स जितने ज्यादा रखेगी उतना उनका फायदा है। बेसिकली एमिशन टारगेट फुलफिल करने के करने पे क्रेडिट मिलता है। मतलब अगर मैंने बोला कि मैं 10 लेट अस से 10 यूनिट्स एमिशन मैं करूंगा रिड्यूस करूंगा और मैंने 12 यूनिट्स एमिशन रिड्यूस कर दिए तो मेरे पास 2 यूनिट का कार्बन क्रेडिट आ गया कार्बन
यूनिट। अगर वहीं पर मैंने 10 की जगह आठ कर दिए तो अब मैं -2 के कार्बन यूनिट पे हूं। अब अगर मुझे -2 का कार्बन यूनिट हटाना है तो मैं क्या करूंगा? किसी कंट्री को फाइनेंशियल सपोर्ट दूंगा और जिस कंट्री के पास ज्यादा कार्बन यूनिट है वो कंट्री मुझे अपना कार्बन यूनिट दे देगी। ये इसका पर्पस था आर्टिकल सिक्स का। बट अगेन द
थिंग इज़ यहां पे इशू क्या हो जाता है? द इशू इज़ द मेन इशू इज़ ठीक है यार अगर मेरे पास -2 कार्बन क्रेडिट है तो क्या मैं क्या करूं क्या कर लोगे तुम मेरा तो ये इनफोर्सिएबल नहीं है बाइंडिंग तो है बट इसमें कोई पनिशमेंट नहीं है ये इशू है इन सभी ट्रीटीज़ के साथ ओके क्लियर
क्या हो गया भाई चलो चलो। अब इसमें हम देखते हैं थोड़ा सा आगे अपने और इंपॉर्टेंट पॉइंट्स को। तो यहां तक सारे आर्टिकल्स क्लियर हैं। इसमें एक आर्टिकल और है जो कि है आर्टिकल 14। आर्टिकल 14 कहता है एक ग्लोबल स्टॉक टेक।
ठीक है? एक ग्लोबल स्टॉक टेक होगा हर कितने साल में? हर 5 साल में। दीज़ आर दी इंपॉर्टेंट आर्टिकल्स ऑफ आवर पेरिस एग्रीमेंट। अब आप यहां पर ध्यान किस में दोगे? आपको यहां पे बहुत ध्यान से समझना है। आर्टिकल फोर और आर्टिकल 14 जिसको मैं आपको इस फिगर के थ्रू समझाता
हूं। ठीक है? देखो समझना ये चीजें चालू कैसे हुई। तो 2015 में अपना पेरिस एग्रीमेंट साइन हो चुका है। फिर तालानुआ डायलॉग होता है 2018 में और आईपीसीसी का 1.5° रिपोर्ट आता है। आईपीसीसी कहता है भाई बहुत ही जरूरी है टारगेट अचीव करना और मुझे नहीं लगता आप ये अचीव कर सकते हो। फिर 2019 में नेगोशिएशंस
होते हैं। वो सब ध्यान देने की जरूरत नहीं। फिर 2025 में कंट्रीज अपना पहला एनडीसी सबमिट करती है। ठीक है? 2020 में ठीक है? 2020 में अपना पहला एनडीसी सबमिट करती है और फिर 2023 में होता है क्या? पहला स्टॉक टेक। 2023 में होता है वर्ल्ड का पहला स्टॉक टेक। स्टॉक टेक क्या होता है? आपने जो ये नेशनलली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन सबमिट किए
थे, इसको फुलफिल करने के लिए आपने कितना काम किया है और आपने कितने हद तक इसे फुलफिल किया है। ये होता है स्टॉक टेक। अब इसका सिंपल सा फंडा मैं आपको बता रहा हूं। आप क्लैट की तैयारी कर रहे हो। दैट्स अ गुड थिंग। बट आपकी तैयारी कैसी चल रही है? कितनी हुई है, कहां पहुंचे हो? इसके लिए आप मॉक टेस्ट देते हो और उसे एनालाइज करते हो। तो दिस टॉक टेक इज़ योर एनालिसिस कि आपने कितना यहां पे प्रिपरेशन किया है, कितनी चीजें आपने यहां पे फुलफिल की है।
उसके बाद फिर 2025 में एक और एनडीसी सबमिट किया गया। और सेकंड ग्लोबल स्टेक स्टॉक टेक अप कब होगा? 2028 में होगा। उसके बाद फिर 2030 में अगला एनडीसी दिया जाएगा। और 2033 में 203 में क्या किया जाएगा? अपना अगला जो स्टॉक टेक है जो वहां पे सबमिट कराया जाएगा। अब यहां पे क्वेश्चन ये है
कि कंट्रीज ने अगर 2020 की जगह अब इसको समझना 2020 में तो एनडीसी वो दे नहीं पाए तो इन्होंने दिया 2021 में 2021 में इन्होंने एनडीसी दिया 2023 में स्टॉक टेक हो गया। अब 5 साल में एनडीसी देना है। मैंने 202 में दिया तो मैं अगला एनडीसी दूंगा 2026 में। तो अगला स्टॉक टेक होगा 2028 में। तो मैं फिर अपना अगला एनडीसी अब
2030 की जगह दूंगा। 2031 में दिख रहा है ना कोविड की वजह से क्या चेंज आया? कोई डाउट इसमें? कोविड की वजह से क्या चेंज आया उसमें? समझ गए ना भाई ये चीज? क्योंकि 2020 की जगह 2021 में हुआ ये सारा काम। तो यहां पे हमें क्या ध्यान देना होगा कि सारी चीजें एक-एक साल बढ़ गई। अब
यहां पे क्वेश्चन ये होता है। क्वेश्चन यहां पे जो बनता है वो ये है कि एक स्टॉकटेक ठीक है एक ग्लोबल स्टॉकटेक और इसके साथ एक एनडीसी के बीच में कितना गैप होता है और एक एनडीसी और एक ग्लोबल स्टॉकटेक के बीच में कितना गैप होता है? इन दोनों के बीच में गैप अलग-अलग होते हैं। ये थोड़ा सा हमें ध्यान में रखना है। क्या गैप होता है
इनके बीच में? एक एनडीसी और ग्लोबल स्टॉक टेक के बीच में गैप होता है 2 इयर्स का और एक जीएसटी ग्लोबल स्टॉक टेक और एनडीसी के बीच में गैप होता है कितने साल का? 3 इयर्स का। तो ये डिफरेंस आपको यहां पे क्लियर दिख भी रहा होगा। क्या डिफरेंस है? 2021 में मैंने एनडीसी दिया तो 2023 में क्या होगा? जीएसटी होगा। अब 2023 के जीएसटी के 3 साल बाद अपना 2026 का अगला एनडीसी आएगा। क्लियर?
आया भाई समझ में बिल्कुल भाई एलिट के लिए है ये बिल्कुल है एलिट के लिए अब देखो आईएनडीसी से एनडीसीस की तरफ ट्रांजिशन कैसे हुआ इसको थोड़ा सा आप ध्यान से एक बार पढ़ लेना 2015 में आईएडीसीस प्रेजेंट किए गए हर कंट्री ने ये इंटेंशनली थे। ठीक है?
इंटेंशनली नेशनलली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशंस। फिर आईपीसीसी की रिपोर्ट आती है। तो पेरिस एग्रीमेंट को रेटिफाई किया गया। लीगली बाइंडिंग हुआ 2016 में। और आईपीसीसी ये कहना है कि 1.5° सेल्सियस का रिस्क है। आप नहीं कवर कर सकते हो शायद। तो फिर इन्होंने 2026 में अपना नया एनडीसी दिया। थोड़ा स्ट्रांग एनडीसी दिया और यही फिर अपना पूरा सिस्टम यहां पे चल रहा है कि 2023 में स्टॉक टेक हुआ। 2025
में नया एनडीसी दिया जाएगा 31। बेसिकली ये 2026 हो चुका है। ये सब पहले के लिस्ट है जब कोविड नहीं आया था। ये सब 25 का 26 हो चुका है। बट स्टॉक टेक वही है। स्टॉक टेक को नहीं बदला गया। स्टॉक टेक फिक्स्ड है। 2023 में होगा, 28 में होगा, 33 में होगा। ये बस एक-एक साल आगे बढ़ गए हैं। अब यहां पे इंपॉर्टेंट चीज यह है कि इस साल जो नए नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशनंस आए, यह
कौन-कौन से हैं? तो ये है इंडिया का इस साल का नया नेशनलली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन व्हिच इज एनडीसी 3.0. क्या बोला है इंडिया ने? हम अपने नॉन फॉसिल एनर्जी को एक्सपैंड करेंगे और 60% अपना जो इलेक्ट्रिसिटी कैपेसिटी है वो नॉन फॉसिल सोर्सेस से लेके आएंगे बाय 2035 और हमने ऑलरेडी 52.57%
अचीव कर लिया है। इसी में जो इंडिया और ऑस्ट्रेलिया का डील है वो हेल्प करेगा सबसे पहले। क्योंकि यूरेनियम के थ्रू जो एनर्जी आ रही है वो भी एक नॉन फॉसिल एनर्जी है। इसके बाद रिडक्शन इन एमिशन इंटेंसिटी। हम एमिशन की इंटेंसिटी को 47% से कम कर देंगे बाय 2035 और 2020 पे हमने
ऑलरेडी 36% रिडक्शन क्या है? अचीव कर लिया है। और इंडिया जो है 2035 की जगह 2030 तक ही आराम से अपना 45% जो है वो रिडक्शन अचीव कर लेगा। उसके बाद कार्बन सिंक को हम बढ़ाएंगे। अब कार्बन सिंक को हम कितना बढ़ाएंगे? 3.5 बिलियन टन को 4 बिलियन टन पे हम क्या
करेंगे? कन्वर्ट करेंगे। अब समझना ये कार्बन सिंक क्या होता है? देखो आपको मैंने ये टर्म बना बताया है ज़ीरो एमिशन। ठीक है? ज़ीरो एमिशन। बट टेल मी वन थिंग। क्या गाड़ियां चलेंगी और इंडस्ट्रीज काम करेंगी? तो इज़ इट पॉसिबल कि मैं 0% कार्बन एमिट करूं? इट्स इंपॉसिबल और 0% एमिशन। ये
बोलता भी नहीं कि आपको कार्बन बिल्कुल एमिट नहीं करना है। ठीक है? 0% एमिशन का मतलब ये है कि अगर मैंने 100 टन का कार्बन एमिट किया। ठीक है? मैंने 100 टन का कार्बन एमिट किया तो मैं 100 टन कार्बन को ऑब्जर्व करने के लिए सॉरी उसको क्या करने के लिए? उसको सोखने के लिए मैं क्या करूंगा?
अब्जॉर्ब करने के लिए मैं 100 टन का प्लांटेशन करूंगा। क्योंकि कार्बन को अपने अंदर कौन लेते हैं? पेड़-पौधे। इसे बोला जाता है नेट जीरो एमिशन। और ये जो मैं 100 टन प्लांटेशन करूंगा इसी प्लांटेशन को बोला गया है कार्बन सिंक। क्योंकि कार्बन यहां पे जाके दब जाता है। तो पहली बात तो मैं
एमिशन कम करूंगा ही करूंगा। साथ ही साथ मैं जितना एमिशन कर रहा हूं उस एमिशन को सोखने के लिए यहां पे कार्बन सिंक क्रिएट करूंगा। ये पूरा कांसेप्ट है किसका? अपने अरो एमिशन का। एनी डाउट यार? क्लियर।
अच्छा इंडिया ने पंचामृत दिया था वो तो आप सभी को याद होगा। और इंडिया का टारगेट है 2070 तक नेट ज़ीरो। ठीक है? इंडिया का टारगेट क्या है? 2070 तक नेट ज़ीरो। ये भी थोड़ा सा आप ध्यान में रख लेना। बाकी एक बार मैं चेक कर लेता हूं। कुछ फैक्ट्स बचे तो नहीं? हां, एक इंपॉर्टेंट चीज मैं आपको बता देता हूं। दो टॉपिक्स G20 एंड कॉप 31
ये दोनों आपके अभी रिसेंटली नवंबर में शेड्यूल्ड हैं। अगर आपको पता होगा तो कॉप 31 तो कुछ दिन बाद होगा। G20 अभी नवंबर में होने वाला है मियामी में। इन दोनों को हम साथ में कवर करेंगे। आज हम नहीं कर रहे क्योंकि इसमें कोई अपडेट नहीं आया है। जैसे ही G20 में अपडेट होता है हम ये दोनों को साथ में कवर कर लेंगे। अगर मैं आज G20 करा दूं तो अननेसेसरी एक और फिर G20 को हमें कवर करना होगा। एग्जाम के
पहले 14th के अराउंड आपका G20 समिट होने वाला है। जैसे ही ये सबमिट होगा 15th या 16th को हम ये लेक्चर ले लेंगे दोनों का साथ में और उसको आप कवर भी कर लेना क्योंकि ये टॉपिक तो आ सकता है क्योंकि डिक्लेयर्ड है और रिसेंटली हो रहा है एग्जाम के पास बट अभी हम इसे नहीं कर रहे क्योंकि अपडेट इसमें पुराने हैं। ओके चलो अब नेपाल फ्लैट्स 2026 छोटा सा टॉपिक है।
बहुत डीप में हमें इसे करने की जरूरत नहीं है। थोड़े से रीज़ंस जानने हैं। क्यों हुआ? कैसे हुआ? ये सारी चीजें। तो सबसे पहले हुआ कैसे? ये मैं आपको बता देता हूं। तो देखो यार ये ना इस तरीके का एक पहाड़ है। ठीक है? यहां से बहुत सारे पहाड़ ऐसे निकले हुए हैं। अब इसमें से एक ग्लेशियर टूटा। ठीक है? 5.2 कुछ मैग्नीट्यूड का अर्थक्वेक आया। वहां से ये ग्लेशियर टूटा।
और ये ग्लेशियर ना यहां पे जो नदी बह रही है, ठीक है? यहां पे ऐसे नदी बह रही है। इसके इस जगह में जाके क्या हो गया? स्टक हो गया। अब जैसे ही इस जगह पर जाकर स्टक हो गया तो यहां पर एक तरीके का बन गया नेचुरल डैम
और यहां पे पानी क्या होने लगा? यहां पे पानी एक्यूमुलेट होने लगा। यहां पे पानी कलेक्ट होने लगा। अब जब यहां पे पानी कलेक्ट हुआ तो ये तो परमानेंट नहीं रहेगा ये ग्लेशियर। ये ग्लेशियर धीरे-धीरे हटते गया। जैसे ही ये ग्लेशियर हटा यह पूरा कलेक्टेड पानी एक तरीके से अगर कहीं पर डैम टूट जाए। ठीक है? अगर कहीं पर डैम टूट जाए तो पूरा यहां पे
जिस तरीके की तबाही आएगी वो तबाही यहां पे। दिस वाज़ द रीज़न बिहाइंड अपना जो नेपाल में डिजास्टर हुआ उसका। ठीक है? अब यहां पे फैक्ट्स थोड़े से आपको जानने जरूरी है कि कहां पे हुआ, कितना हुआ, क्या हुआ। देखो यह जो ग्लेशियर कोलैप्स कहां पे हुआ? ग्लेशियर का जो कोलैप्स था, यह किस जगह पर हुआ भाई? यह कोलैप्स हुआ गिरोंग काउंट में।
गिरोंग काउंट में ये कोलैप्स हुआ। यह कहां है? ये है तिब्बत चाइना में। दिस इज़ इन तिब्बत चाइना। इसके बाद किस रिवर को इसने ब्लॉक किया? इसने ब्लॉक किया लदेखोला रिवर को। ठीक है? लदेखोला रिवर ब्लॉक्ड बाय दी ग्लेशियर।
दिस वाज़ द नेम ऑफ दैट रिवर। उसके बाद प्लड जिस रिवर में है उसका नाम क्या है? भोटेकोशी रिवर। ये उस रिवर का नाम है जहां पे फ्लड्स आए थे। इसके बाद फिर यह आगे चलकर फिर त्रिशुली रिवर पर भी आगे बढ़ जाता है। यह
भी थोड़ा सा आप ध्यान रखना। त्रिशुली रिवर भोते कोशी त्रिशुली रिवर इसमें लगभग 93 लोगों की डेथ बताई जा रही है। एंड 1000 से 4000 से भी ज्यादा लोग क्या हैं? मिसिंग हैं। इसमें जो मेन बिल्डिंग डिस्ट्रॉय हुआ वो कौन सा
था? वो था चाइना और तिब्बत का जो बॉर्डर पास है इमीग्रेशन सेंटर है जहां से चाइना और तिब्बत का नेपाल और तिब्बत का बेसिकली नेपाल चाइना का जो बाउंड्री यहां पे लगा हुआ है वो यहां पे इसमें डिस्ट्रॉय कर दिया इस फ्लड ने और साथ ही साथ रीज़न इसका ये है कि नेपाल में फ्लड हर साल आते हैं। हर साल फ्लड आने के पीछे रीज़न क्या है?
हिमालय के जो ग्लेशियर्स हैं वो पिघल रहे हैं। अब नेपाल के कुछ स्टैटिक्स आप देख लो। कैपिटल आप सभी को पता होगा काठमांडू इज दी कैपिटल और नेपाल में अभी रिसेंटली जजी प्रोटेस्ट की वजह से नया लीडर भी लाया गया है। ठीक है जिसमें किसे लाया गया जो
शर्मा ओली गवर्नमेंट जो है उसे टॉपल कर दी गई थी। अच्छा बताओ यार पीएम कौन है अभी नेपाल का करेंटली? हु इज दी करंट पीएम ऑफ नेपाल? ओके वेरी गुड मार्च 2026 इलेक्शंस अब उसके बाद तो ये जो रिवर है अपना कोसी रिवर ये इंडिया के लिए भी इशू क्रिएट करता है। कौन सा इशू क्रिएट करता है इंडिया के लिए? कोसी रिवर। ठीक है? कोसी रिवर।
कोसी रिवर को क्या बोला जाता है? सोरो ऑफ बिहार। सोरो ऑफ बिहार बोला जाता है कोसी रिवर को। अच्छा मुझे आप ये बताओ सोरो ऑफ वेस्ट बंगाल किसे बोला जाता है? सोरो ऑफ वेस्ट बंगाल किसे बोला जाता है? ओके। ठीक है। अब यह मुझे बताओ कि जो बिहार में नदी में डैम बना है, उस डैम का नाम
क्या है? जो कि बिहार के फ्लड को रोकता है मोस्ट ऑफ द टाइम। क्योंकि बिहार में इस साल फ्लड आया था। आपने देखा होगा। कौन सा डैम है वो? व्हाट इज द नेम ऑफ द डैम? या सौरव ऑफ आसाम गुड डैम का नाम क्या है भाई ओके गुड किस नदी पे है अभी न्यूज़ में देखा होगा आप लोगों ने।
कोसी रिवर पे वेरी गुड। एक और चीज़ आपने ये देखा होगा त्रिशूली नदी की अभी मैंने बात की है त्रिशूली नदी। ठीक है? सो ये जो त्रिशूली नदी है। ठीक है? यह त्रिशुली नदी आगे चल के इंडिया में जॉइ होती है। किसके साथ? काली गंडकी के साथ। व्हिच इज गंडक रिवर। ठीक है? इसके साथ जॉइ होती है। और क्या बन जाते हैं इंडिया में? नारायणी।
ठीक है? इंडिया में आके ये क्या बन जाते हैं? इंडिया में आके ये नारायणी बन जाते हैं। ये छोटे से थोड़े से फैक्ट्स थे नेपाल वाले इशू पे। ठीक है? इसको हमें थोड़ा सा ध्यान में रखना था। बाकी फैक्ट्स मेन कौन सा नदी क्या हुआ रीजन क्या था ये सारी चीजें अब हम एक देखते हैं इंपॉर्टेंट टॉपिक मेका जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट ये बहुत इंपॉर्टेंट है
भाई बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्यों इंपॉर्टेंट है क्योंकि इंडिया के लिए भी ये थोड़ा सा इशू वाली चीज है और इसमें जो कंट्रीज मिलके जिन्होंने ये जॉइ किया है वो इस पूरे साल किसमें थे इस पूरे साल न्यूज़ में थे इस पूरे साल वो कंट्रीज किस में रही है वो पूरी कंट्रीज इस पूरे साल न्यूज़ में रही है तो हमारे लिए थोड़ा सा इंपॉर्टेंट हो जाता है। अब ये नेटो का जो
अटैक ऑन ऑल आर्टिकल फाइव क्लॉज़ है उसी के जैसा ये मेका जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट यहां पे इन्होंने साइन किया। चलो इसके फैक्ट्स हम देख लेते हैं। ठीक है? कब साइन किया गया इसे? सेवंथ ऑफ अगस्त 2026 को साइन किया गया। कहां पे साइन किया गया? एट अल सफा पैलेस।
ठीक है? अलसफा पैलेस में इसे साइन किया गया। यह पैलेस कहां है? जिसका नाम है दिस इज़ इन मैका। अब इसे किन लोगों ने साइन किया? इसे साइन किया तीन लोगों ने। सऊदी अरेबिया में इसे साइन किया गया बेसिकली? इसको साइन किया है तीन कंट्रीज ने। कौन-कौन सी तीन कंट्रीज ने? एक है
अपने पाकिस्तान। ठीक है? एक है सऊदी अरेबिया और एक है तुर्की। ठीक है? पाकिस्तान प्लस सऊदी अरेबिया ये साउथ अफ्रीका नहीं है। सऊदी अरेबिया है और तुर्की इन तीनों ने मिलके इसे क्या किया है? साइन किया है। इसे बोला जा रहा है मुस्लिम नेटो।
ठीक है? मुस्लिम नेटो इसे इसलिए बोला जा रहा है क्योंकि इसमें है एक आर्टिकल फाइव लाइक क्लॉज़। जिसका क्या कहना है? ठीक है? अटैक ऑन वन इक्व टू अटैक ऑन ऑल।
अगर कोई किसी एक पे अटैक करता है तो उसे ये कंट्रीज समझेंगी कि ये हम सबके ऊपर क्या है? अटैक है। और इसीलिए यह थोड़ा सा मुस्लिम नेटो जैसा इसे क्या किया जा रहा है? नाम दिया जा रहा है। अब यह आया कैसे? तो देखो सबसे पहले ना इसका स्टार्टिंग कहां से हुआ? बात है 2025 की। ठीक है?
17th सितंबर 2025 को क्या होता है? एक सऊदी पाकिस्तान मैंने लास्ट ईयर ये पढ़ाया था। सऊदी पाकिस्तान के बीच में एक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट होता है कि यार सऊदी तुम्हारे पे कोई अटैक किया मैं मानूंगा। मेरे पे कोई अटैक किया तुम मानना। सो ये इनके बीच में एक एग्रीमेंट होता है और उसी के कुछ दिन बाद इजराइल ने दोहा पे अटैक कर दिया।
ठीक है? इजराइल ने क्या कर दिया? दोहा पे अटैक कर दिया। फिर ईरान वॉर चालू हो गया। तो फिर इसने टर्की को भी ऐड कर दिया। अब टर्की का आप सीन समझना। टर्की पता है किस अलायंस का मेंबर है? टर्की किस अलायंस का मेंबर है?
जो इसी के जैसा काम करती है। इट्स नेटो। टर्की ऑलरेडी नेटो का मेंबर है और अब वो इसका भी मेंबर बन गया। तो इन्होंने टर्की को क्या कर दिया? ऐड कर दिया। नाम इसका बदल चुका है। टर्किया इज़ अ नेटो मेंबर।
ओके। अब कुछ इसके मेंबर्स के स्टैटिक मैं आपको बता देता हूं। इंडिया के लिए अच्छा है या बुरा यह बताओ मुझे आप। ऑब्वियसली बुरा क्योंकि इंडिया के सऊदी अरेबिया के साथ टर्की के साथ रिलेशंस ठीक है। बट एस पर दिस फैक्ट अगर इंडिया और
पाकिस्तान के बीच में लड़ाई होती है तो इफ डिफेंस एग्रीमेंट की तरफ से इंडिया के अगेंस्ट होना पड़ेगा किसे? सऊदी अरब को और टर्की को। साथ ही साथ पाकिस्तान का अब वैल्यू बढ़ गया ना? पाकिस्तान का वैल्यू बढ़ गया गल्फ एरिया में क्योंकि उनके साथ उसका ट्रीटी हो गया है। तो एक पाकिस्तान को वहां पे वेटेज बढ़ गया। साथ ही साथ सऊदी एंड टर्किश प्रपोजल जो है वो ये आए हुए हैं कि आईएमईसी को इजराइल से रीट करो।
क्योंकि देखो सऊदी और टर्की जो है अपने यहां पर जो चल रहे हैं इनका यह कहना है कि इजराइल साइड मत ले जाओ भाई इसको। ठीक है? इजराइल साइड आप इसको मत ले जाओ। इसके बाद फिर इसमें क्या चल रहा है अपना कुछ फैक्ट्स मैं आपको बताता हूं। ठीक है? वो भी थोड़ा सा नोट कर लेना। अबाउट दीज़ कंट्रीज। सारे फैक्ट्स ही हैं अब इसमें। सो सऊदी अरेबिया का कैपिटल होता है रियाद।
और उसके प्रिंस कौन है? किंग कौन है? सलमान। ठीक है? किंग सलमान इज द पीएम एंड क्राउन प्रिंस कौन है? एमबीएस। होली सिटी मैक्का एंड मदीना यहां पे होगा। तुर्की की कैपिटल है अंकारा। आपको पता होगा। एंड वहां पे शाहबाज शरीफ इज़ दी प्राइम मिनिस्टर। और रिसेप तैब क्या है? एडोगन
क्या है वहां के? टर्की के अपने प्रेसिडेंट हैं। एडोगन इज़ दी प्रेसिडेंट ऑफ़ टर्की। ये लीडर्स का थोड़ा सा आप नाम याद रख लेना। एक बार मैं फिर रिपीट कर रहा हूं। सऊदी अरब की तरफ से मोहम्मद बिन सलमान क्राउन प्रिंस। ओके? यह सऊदी अरब की तरफ से साइन किया था। टर्की की तरफ से रिकैप तैयब एडोगन इज़ द प्रेसिडेंट ऑफ़ टर्की और प्राइम मिनिस्टर की तरफ से पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर की तरफ से शहबाज शरीफ ने इसे साइन किया था।
एंड हां इसमें एक और चीज आप देख लो। इस पूरे पैक्ट में कौन सी कंट्री न्यूक्लियर वेपन कंट्री है? इसमें से सिर्फ एक कंट्री ऐसी है जो न्यूक्लियर वेपन वाली कंट्री है। पाकिस्तान। ओके? मतलब अलग ही बात है।
बाकी नेटो को तो हमें अभी डिटेल में करना है तो उसको हम कवर करेंगे। ठीक है? अब बताओ भाई कोई डाउट मैका वाले टॉपिक पे। छोटा सा टॉपिक था। इनके बीच में ये एग्रीमेंट हुआ है। अब ये तीनों का अपना-अपना पर्पस है। टर्की इनको सऊदी अरब लड़ाई करेगा। ऑयल प्रोवाइड कराएगा। टर्की इनको वेपन चीजें प्रोवाइड कराएगा। पाकिस्तान इनको प्रोवाइड कराएगा। क्या? पाकिस्तान इनको मैन पावर प्रोवाइड कराएगा।
लेबर प्रोवाइड कराएगा क्योंकि बाकी चीज तो बेचारे के पास है नहीं। एक लास्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक हमारे इस इंटरनेशनल रिलेशंस जॉन्रा का। ठीक है? व्हिच इज़ ऑपरेशन इनहेरेंट रिॉल्व। तो आपको पता है इराक में यूएसए ने क्या किया था? यूएसए ने इंटरफेयर किया था क्या करने के लिए? इराक के टेंशंस को हटाने के लिए।
इराक के टेंशंस को क्लियर करने के लिए। तो 2003 में अमेरिकन फोर्सेस ने इनवेट किया इराक को। और वहां पे बातिस रिजीम जो था सद्दाम हुसैन का उसे क्या कर दिया? हटा दिया। तो सद्दाम हुसैन के लिए हटाने के लिए यूएसए गया और 2011 में यूएसए ने अपना नाम वापस भी ले लिया था अंडर बराक ओबामा। ठीक है? तो बराक ओबामा के रहते इन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। बस लास्ट टॉपिक फिर ब्रेक ले लूंगा। डोंट वरी। ओके। यार आपको तो बैठ के पढ़ना है। क्या परेशानी
है? हां। ब्रेक तो इनफैक्ट मुझे करना चाहिए। ब्रेक-ब्रेक। ब्रेक ब्रेक तो मुझे करना चाहिए भाई। तो बट क्या हुआ 2011 में ना यूएस वापस आ गया पर इराक की गवर्नमेंट ने यूएस को 2014 में फिर बुला लिया यार प्लीज आ जाओ आईएसआईएस ने अटैक कर दिया है तो अब ये आईएसआईएस के अटैक से बचाने के लिए इन्होंने स्टार्ट किया अपना ऑपरेशन
इनहेरेंट रिजॉल्व इराक में अब क्या किया गया अब क्या खत्म हुआ है जो यूएस के फोर्सेस का लास्ट बेस था इराक में व्हिच वाज़ एयरबिल। ठीक है? एयरबिल की टेरिटरी में था। तो एयरबिल एयर बेस को ये छोड़ के अब चले गए हैं। इनका ये लास्ट बेस था। तो ये लास्ट बेस जो है फॉर्मली अमेरिकन बेस बंद हो गया। ये एयरबिल था कुर्दिश नॉर्थ।
तो कुर्दिशस्तान इसीलिए अभी न्यूज़ में था। अभी हम पढ़ेंगे कुर्दिस्तान के बारे में इसी टॉपिक में। तो ये यहां पे इन्होंने अपना नाम यहां से वापस ले लिया। अब एरबिल जो है वो कुर्दिस्तान रीजन ऑफ इराक का कैपिटल है। कुर्दिस्तान रीजन ऑफ इराक इराक के अंदर एक ऑटोनॉमस एरिया है। ठीक है? तो
आता इराक के अंदर है बट उन्हें ऑटोनॉमस का दर्जा दिया गया। वो अपने हिसाब से काम कर सकते हैं। अब ऑपरेशन इनहेरेंट रिज़ॉल्व कितने साल तक चला? उसका ड्यूरेशन क्या था? 15 जून 2014 से 38 सितंबर 2026 तक लगभग 12 साल के आसपास तक ये चला। इराक के प्राइम मिनिस्टर कौन है? अली अल ज़दी इनकी ट्रंप जी ने तारीफ की कि भाई बहुत अच्छा काम आप कर रहे हो। सो यह इराक का यह न्यूज़ था। अब
देखो यह पूरा इसका टाइमलाइन हम देखते हैं क्या इनके बीच में चल रहा है। सो स्टोरी कुछ इस तरीके से जाती है। देखो सबसे पहले यूएस ने इराक को इनवेट किया 2003 में। दिसंबर 2003 में सद्दाम हुसैन को कैप्चर कर लिया गया। 2008 में एग्रीमेंट साइन किया और 2010-11 में ऑपरेशन न्यू डॉन चालू हुआ जिसमें लड़ाई के थ्रू व्हाट इज ऑपरेशन न्यू डाउन? अगर पूछा जाए तो कि इराक में यूएस का जो ऑपरेशन
न्यू डॉन था वो क्या था? तो इराक में जो ऑपरेशन न्यूडॉन चलाया यूएस ने उसमें बेसिकली इन्होंने किया ये कि जो सिर्फ मिलिट्री पर्पस से यूएसए गया था। अब क्या कर रहा है? अब वो उन्हें गवर्नेंस में भी हेल्प कर रहा है। और 2011 में ये सारी चीजें जब अच्छे से हो गई कि अब इराक अच्छे से काम कर सकता है। इन्होंने क्या किया? अपना नाम वापस ले लिया 2018 में दिसंबर 2011 के ठीक सॉरी दिसंबर 18 2011 में फिर
2014 में आईएसआईएस ने मौसूल को कैप्चर कर लिया ठीक है मोसूल इराक का एक सेकंड लार्जेस्ट सिटी है फॉर एग्जांपल इंडिया में कोई मुंबई को कैप्चर कर ले तो इराकी गवर्नमेंट ने ये बोला कि यार यूएसए भाई वापस आ जाओ थोड़ी सी मतलब गलती हो गई है तो यूएसए फिर कैलिफेट डिक्लेअ कर दिया आईएसआईएस ने तो आईएसआईएस क्या करता है कैलिफेट डिक्लेअ करता है व्हाट इज दिस दिस
कैलिफेट कि यार ये जो जगह है अब हमारा ये हो गया। जैसे आपको याद होगा मैंने वहां पे भी आपको बताया था यममेन में आईएसआईएस ने कैलिफेट डिक्लेअर कर दिया था। राइट? अलकायदा भी अपना कैलिफेट डिक्लेअ करता है। एयपी अलकायदा इन अरब पेनिनसुला। तो ये सबका इनका वर्किंग प्रोसीजर ऐसा सेम जैसा ही होता है। तो इन्होंने क्या किया? फिर
यूएसए को वापस बुलाया एक ग्लोबल कोिशन के थ्रू। तो इराक ने फिर विक्ट्री डिक्लेअर की 2017 में आईएसआईएस के ऊपर। 2019 में फॉल ऑफ बागुस होता है। जो बागुस है वह लास्ट एरिया था इराक का। इराक में आईएसआईएस का। वहां से भी आईएसआईएस चली जाती है। फिर 2019 में अबू अकबर बकर अल बगदादी को मार दिया जाता है। सीरिया के इक्लिप प्रोविंस में। अब ये सीरियन वॉर
मैंने यमन के साथ आपको पढ़ाया हुआ है ऑलरेडी अभी कुछ दिन पहले। उसके बाद फिर ये ऑपरेशन इनहेरेंस रिज़ॉल्व जो है वो ईरान में क्या हो जाता है? खत्म हो जाता है। बस इतना इनका सीक्वेंस है। जिसमें हमें याद क्या-क्या रखना है? 2003 को याद रखना है। 2011 के इन दोनों इवेंट्स को याद रखना है। उसके बाद हमें याद रखना है 2014 में आईएसआईएस ने जब कैप्चर किया और लास्ट हमें याद रखना है 2026 और एक याद रख लेना बगदादी को कब मारा गया। ठीक है?
अब ये ओआईआर था क्या? ऑलरेडी मैंने बताया हुआ है। बट एक बार देख लो। यूएस ने लांच किया था 2014 में आईएसआईएस को हराने के लिए। कमांड कौन रन करता था? कंबाइंड जॉइंट टास्क फ़ोर्स जो ऑपरेशन इनहेरेंट रिज़ॉल्व के लिए बनाई गई थी जो कि लगभग 20 से ज्यादा कंट्रीज के आसपास के लोगों की मिलके ये ट्रूप बनाई गई थी। 2014 में यूएसए को वापस क्यों बुलाया गया? मैंने ऑलरेडी आपको बताया। 40% ऑफ द इराक की टेरिटरी पे आईएसआईएस का कब्जा हो चुका था।
इसने कौन-कौन सा एरिया कवर किया? ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व ने। सीरिया, इराक और लीबिया का एरिया इसने कवर किया था। सीरिया का फज़ अप्रैल 2026 में एंड हुआ था। ठीक है? और लास्ट नोन यूएस ड्रोन स्ट्राइक जो सीरिया में हुए थे वो थे जून 19 2016 में यही अपना सीरियन सिविल वॉर और लीबिया का फज़ 2019 में ही खत्म हो चुका था। थोड़ा सा कुर्दिस्तान के बारे में भी जान लो।
इंपॉर्टेंट है क्योंकि इसी से रिलेटेड टॉपिक है। ये इराक का ओनली कॉन्स्टिट्यूशनली रिकॉग्नाइज़्ड ऑटोनॉमस रीजन है जो कि नॉर्थ और नॉर्थ ईस्ट में लोकेटेड है। इनका अपना खुद का आते इराक के अंदर है बट इनका अपना खुद का लेजिस्लेचर है व्हिच इज़ कुर्दिस्तान पार्लियामेंट। एक सिंगल हाउस है। इनका खुद का आर्म्ड फोर्सेस भी है जिसका नाम है पेशमीरगा
जिसका मतलब होता है दोज़ हु फेस डेथ। इनकी मेन लैंग्वेज है कुर्दिश। ठीक है? इनका मेन लैंग्वेज है कुर्दिश। साथ में अरेबिक भी यह बोलते हैं। टर्की, ईरान और सीरिया को बॉर्डर करते हैं। कुर्दिस्तान का प्राइम मिनिस्टर कौन है? मसरूर बरजानी। तो देखो आते इराक के अंदर हैं। बट इनका प्राइम मिनिस्टर है।
लेजिस्लेचर है और इनके बहुत सारी चीजें हैं जो कि अपना खुद का ये वर्क कर रहे हैं। और प्रेसिडेंट कौन है? नेचरवान बरजानी। 2019 से ये ऑफिस में है। क्लियर? अब इराक के बारे में कुछ फैक्ट्स देख लो। रिपब्लिक ऑफ इराक इसका पूरा नाम है। एक्चुअल में इसे बोला जाता है जम्हूरियत अल इराक। कैपिटल इसका बगदाद में है। करेंसी इसकी इराकी दीनार है और ऑफिशियल लैंग्वेज है अरेबिक एंड कुर्दिश।
नेशनल एंथम का नाम है मावतीनी। देखो ये मत समझना भैया ये सब याद करके क्या करेंगे? जब भी कोई कंट्री न्यूज़ में आती है क्लेट का सबसे पहले ध्यान यहीं जाता है। पार्लियामेंट का नाम क्या है? ऑफिशियल लैंग्वेज क्या है? कैपिटल क्या है? करेंसी क्या है? ये सब क्या है? है तो वही वो देखते रहते हैं। पीएम इज़ अली फली अल ज़दी
और प्रेसिडेंट इज़ निज़ार अमेदी। ये दो लोग इसके क्या हैं? लीडर्स हैं। और इसके पार्लियामेंट का नाम क्या है? मजलिस अल नवाब। ओके? अब एक और हां ये लास्ट टॉपिक था। दैट वाज़ द सेकंड लास्ट टॉपिक। दिस इज़ आवर लास्ट टॉपिक। फिर हम ब्रेक लेंगे। ओके? फिर हम
एक अच्छा सा ब्रेक लेंगे और लंच करके आना आप लोग। फिर इंपॉर्टेंट पोर्शन हम अपना चालू करेंगे। नेशनल अफेयर्स का। सो, अब यार, दिस इज़ नॉट एक्चुअल पार्टीशन ऑफ यूके बट मुझे बहुत अच्छा लगा यह टाइटल डालने में। ठीक है? मुझे बहुत बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा पार्टीशन ऑफ़ यूके लिखने में इसलिए मैंने लिख दिया एक्चुअल में इट इज़ डिववोल्यूशन ऑफ़ यूके। कि इन्होंने इंडिया के साथ भी किया था ना। तो, एक्चुअल में इट इज़ डिववोल्यूशन ऑफ़ यूके। और यहां पे इन्होंने साइन किया क्या? कार्डिफ पैक्ट।
ओके? व्हाट इज़ कार्डिफ़ पैक्ट? कार्डिफ में इसे साइन किया गया इसलिए इसका नाम कार्डिफ पैक्ट रख दिया गया है। सबसे पहले किन्होंने साइन किया? तो स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर रून एप लॉरवेथ और नॉर्थ
आइसलैंड आयरलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर मिशेल ओ नील ने इसे क्या किया? साइन किया। ये चीज ध्यान में रखना है। इसका डिमांड क्या है? राइट टू सेल्फ डिटरमिनेशन। अब रीज़ क्या हुआ? देखो हुआ क्या? आपने जाना होगा ब्रेग्जिट के बारे में। राइट? ब्रेग्जिट के बारे में आप सब जानते हो। इनको ब्रेग्जिट नहीं चाहिए था। ठीक है? इनको ब्रेग्जिट नहीं चाहिए था। बट यूके ने क्या बोला? आप हमारे अंदर आते हो।
हम तो करेंगे ब्रेग्जिट और ब्रिटेन निकल गया वहां से। तो इन्होंने बोला यार अपनी मर्जी से क्यों कर रहे हो आप? हमें सेल्फ डिम डिटरमिनेशन का राइट चाहिए। लंदन एक कॉन्स्टिट्यूशनल चेंज के लिए प्रिपयर्ड हो जाए। कोई भी वेस्ट मिनिस्टर की गवर्नमेंट डेमोक्रेसी को ब्लॉक नहीं कर सकती। जो हमारी कंट्री का फ्यूचर है वो इयू के साथ रह के है। इसलिए अब हम ब्रेग्जिट का सपोर्ट नहीं करते हैं और हम इकॉनमी और
एनर्जी के लिए साथ में काम करेंगे यूरोपियन यूनियन के साथ। पर यूके ने मना कर दिया। यूके के प्राइम मिनिस्टर कौन है? एंडडी बर्नहम। इन्होंने बोला कि रेफरेंडम चाहिए ऑफ द टेबल। यह बोलते हैं कि 2022 का सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट आया जिसमें इन्होंने बोला था कि आप इस तरीके से बिना किसी भी चेंजेस के खुद से अपनी मर्जी से
नहीं हट सकते हो। आपको प्रॉपर रेफरेंडम लाना होगा। नॉर्थ आयरलैंड का कहना है कि यूनिटी के लिए सपोर्ट चाहिए। वो अभी तक शो नहीं किया गया है। कोई भी पोल नहीं हुआ है। तो आपको मैंने बताया तीन टर्म्स होते हैं। यहां पे वो तीनों काम आ रहे हैं। ठीक है? तो इसके बीच में समझना। इलेक्शन, रेफरेंडम, प्लेबीसाइट। इलेक्शन हम करते हैं अपना लीडर सेलेक्ट करने के लिए।
रेफरेंडम हम करते हैं किसी पॉलिसी को पास करने के लिए और प्लेबिसाइट हम करते हैं जब किसी कंट्री के लोगों को डिसाइड करना है। किसी एरिया के लोगों को डिसाइड करना है कि वो किसके साथ रहना चाहते हैं। फॉर एग्जांपल इंडिया में हुआ था जब पाकिस्तान के साथ पार्टीशन हुआ तो जूनागढ़ में प्लेबिसाइट हुआ था। आपको डिसाइड करना है इंडिया के साथ रहोगे पाकिस्तान के साथ। तो ये तीन वर्ड्स के बीच में डिफरेंस ध्यान रखना आप। अब ये एक गोल नहीं है। ठीक है?
इन्होंने क्या बोला है? हमें एक प्रॉपर रेफरेंडम लाना है और हम क्या करेंगे? एग्जिट हो जाएंगे। अब यहां पे क्या होता है? डिवोल्यूशन का प्रोसेस कि आखिर ये डिवोल्यूशन है क्या? ये जो बार-बार हम पढ़ रहे हैं कि इन लोग आपस में क्या कर रहे हैं? आपस में ये लोग डिवोल्यूशन कर रहे हैं। तो ये डिवोल्यूशन है क्या?
अब देखो स्कॉटलैंड का अपना खुद का एक स्कॉटिश पार्लियामेंट है। एडिनबर्ग में। वेल्स का अपना एक सेनेट है वेल्स पार्लियामेंट और नॉर्दर्न आयरलैंड का एक नॉर्दर्न आयरलैंड असेंबली है। स्कॉटलैंड एक्ट 1998 में लाया गया था। स्कॉटलैंड को पावर दिए गए। तो बेसिकली डिवोल्यूशन होता ये है दैट द सेंटर ट्रांसफर पावर्स बट कीप्स अल्टीमेट अथॉरिटी।
आप मुझे बताओ क्या इंडिया ने अपने पावर पूरी तरीके से ट्रांसफर कर दिए हैं सभी स्टेट्स के ऊपर? नो। सेंटर स्ट्रांग है बट यहां पर क्या चलता है यहां पर उस टेरिटरी के पास पावर सारे दे दिए गए बट अल्टीमेट कॉन्स्टिट्यूशन वो है वो यूके का चलेगा जो अल्टीमेट अथॉरिटी है वो यूके की उनके ऊपर है बट वो आपस में अपना थोड़ा
बहुत काम एज अ कंट्री कर सकते हैं अब होता क्या है इनके पास खुद की सारी चीजें हैं बट डिफेंस फॉरेन अफेयर्स और कॉन्स्टिट्यूशन रहेगा किसके पास लंदन के पास ये अपनी खुद की आर्मी नहीं बना सकते अपना फॉरेन अफेयर्स नहीं डिसाइड कर सकते ये कॉन्स्टिट्यूशन नहीं बना सकते हैं खुद का। अब लंदन का कोई रिटन कॉन्स्टिट्यूशन नहीं है। वेस्ट मिनिस्टर एक सोवरन है।
तो ये डिवोल्यूशन होता है कि अलग-अलग अलग-अलग कंट्री जैसे तो हैं। इनके लीडर होंगे। सारी चीजें होंगी। बट एक्चुअल में सेंटर के पास अल्टीमेट पावर रहेगा। ओके? अब जैसे इंडिया आप देखोगे तो इंडिया एक यूनियन ऑफ़ स्टेट्स है। कोई भी ससीड नहीं कर सकता इंडिया से। अपने आप को अलग नहीं ले सकता इंडिया से। कल तो यूपी आके बोल रहा है मैं इंडिया से बाहर
जाऊंगा वो नहीं कर सकता। ठीक है? उसके बाद हमने लाया था 16th अमेंडमेंट ओथ टू अपहोल सोवनिटी एंड इंटेग्रिटी जो ऐड किया गया था कॉन्स्टिट्यूशन में और आर्टिकल थ्री हमारा आया था पार्लियामेंट जो है वो स्टेट्स को रिड्रॉ कर सकता है। इसी को यूज़ किया गया था जम्मू एंड कश्मीर में। फिर तो ये डिवोल्यूशन होता है। इंडिया में ये नहीं किया जा सकता। यहां पे ये किया जा सकता
है। अब यूके बना कैसा था? तो यूके देखो यार ऐसे बना था। ठीक है? अब आप समझना किनको क्या बोला जाता है। मैं बस ड्रॉ करके आपको बता रहा हूं। अगर मैं स्कॉटलैंड, आयरलैंड और वेल्स को जॉइ करूं तो बनता है
ग्रेट ब्रिटेन। ठीक है? ये पर्पल वाला जो रेड कलर से अभी मैंने ये लाइन ड्रॉ की है। ये आपका मिला के बनता है क्या? ये आपका मिला के बनता है ग्रेट ब्रिटेन। स्कॉटलैंड, इंग्लैंड और वेल्स। इसमें आप नॉर्दर्न आयरलैंड को इंक्लूड कर लो। तो आपका बनेगा यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट
ब्रिटेन एंड नॉर्दन आयरलैंड। तो यूके का नाम सिर्फ यूके नहीं है। यूके का नाम है यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड। तो स्कॉटलैंड, वेल्स और इंग्लैंड मिलके बनाते हैं ग्रेट ब्रिटेन। और इस ग्रेट ब्रिटेन में जब हम नॉर्दर्न आयरलैंड को ऐड कर देते हैं तो ये पूरा का पूरा अपना क्या बन जाता है? यूके बन जाता
है यूनाइटेड किंगडम। और इसमें ब्रिटिश पूरे एरिया की बात करें तो आप इसमें पूरे आयरलैंड को भी ऐड कर लो। तो ब्रिटिश आयल बन जाता है। बट एक्चुअल में रिपब्लिक ऑफ़ आयरलैंड जो इधर का आयरलैंड है वो यूके का पार्ट नहीं है। सिर्फ नॉर्दन आयरलैंड यूके का पार्ट है। इसने अपने आप को अलग रख लिया। शुरू में हुआ करता था बट बाद में इसने अपने आप को क्या कर लिया? अलग रख लिया। वो ये टाइमलाइन है। ठीक है? तो
इंग्लैंड ने इंग्लैंड ने वेल्स को कॉनकर किया 12 184 में। ठीक है? 1284 में। उसके बाद वेल्स को इंग्लैंड के साथ मर्ज कर दिया गया। उसके बाद 1541 में किंग ऑफ आयरलैंड बन गए हेनरी फोर। तो आयरलैंड भी इसमें इंक्लूड कर लिया गया और फिर ग्रेट ब्रिटेन बन गया। अब जब ये ग्रेट ब्रिटेन हुआ तो आयरलैंड यूनाइटेड
किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन प्लस आयरलैंड मिलके बन गए। अब इसमें हुआ क्या? आयरिश फ्री स्टेट। आयरलैंड ने बोला 1922 में कि भाई मैं तो अलग जा रहा हूं। तो नॉर्थ आयरलैंड के छह काउंटज ने यह बोला कि हम उनके साथ रहेंगे। इसलिए वह नॉर्दन आयरलैंड और आयरलैंड के बीच का डिवाइड हो गया। उसी के बाद फिर 1927 में जो हम आज का यूके देखते हैं उसका
नाम पड़ा। क्लियर? और 1949 में आयरलैंड एक रिपब्लिक बन गया। बट नॉर्दन आयरलैंड स्टिल इज़ अ पार्ट ऑफ़ यूके ऑफ़ जीबी एंड एनआई। क्लियर? तो इस तरीके से यूके का फॉर्मेशन हुआ। हमें ये डेट बहुत इंपॉर्टेंट है। याद रखना। ठीक है? यह आपको ध्यान में रखना है कि कब यूके का नाम यूके पड़ा। ओके चलो एक ब्रेक लेते हैं। बैठिए। कितने देर का ब्रेक यार? बताओ।
कितने देर का ब्रेक चाहिए? व्हाट इज द टाइम? वैसे टाइम हो क्या रहा है? इट्स 22। ठीक है? 22 हो रहा है। चलो बहुत हमने बीच में 15 मिनट्स का ब्रेक स्किप किया। तो लेट्स गो फॉर अ 30 मिनट्स ब्रेक।
ओके? ज्यादा थोड़ी होगा 30 मिनट्स। लंच करके आ जाना। ठीक है? ओके। सभी लंच करके आ जाओ अच्छे से एंड देन फिर हम कंटिन्यू करेंगे अपना लेक्चर। ओके? चलो भाई, इट्स अ 30 मिनट्स ब्रेक। आ जाओ सभी अच्छे से।
चलो लेट्स डू वन थिंग ठीक है 45 तो मैं नहीं दूंगा ऑब्वियसली इट्स 122:00 बजे वापस आते हैं 8 मिनट और कर लो ओके 2:00 बजे वापस आते हैं 8 मिनट और कर लो ठीक है 8 मिनट में क्या चलो 45 ज्यादा हो जाएगा बट कोई नहीं 38 का लेते हैं आराम से लंच करके आ जाओ चलो भाई उसके बाद हम नेशनल अफेयर्स चालू करेंगे।
ऑलराइट चलो भाई बता दो एक बार आवाज आ रही है सभी को वीडियो क्लियर है अब हम अपना नेक्स्ट ज्डा स्टार्ट करते हैं अब थोड़ा ब्रेक आराम से लेंगे ठीक है। लंबा ब्रेक था ये। आई होप आप अच्छे से लंच करके आ गए होगे। ब्रेक में जो भी आपको चाहिए था।
ओके चलो कंटिन्यू करें। सो देखो अब हम स्टार्ट करेंगे अपना नेशनल अफेयर्स वाला जॉनरा। एंड नेशनल अफेयर्स में जो टॉपिक्स हम करने वाले हैं, वह यह सारे टॉपिक्स हैं। देखो सबसे पहले जो टॉपिक इसमें आपको दिख रहा है वि इज नीट यूजी का जो प्रोटेस्ट वाला
टॉपिक है ये हमने डिटेल में कवर किया है अपने लीगल रीजनिंग वाले मैराथन में। ओके? तो जो उसका लीगल पर्सपेक्टिव है वो सारे आपको वहां पे देखने हैं। ऑलरेडी मैंने आपको बताया हुआ है। वो देखना जरूरी है। उसको आप स्किप नहीं कर सकते हो। यहां पे हम इनके जो फ़क्चुअल पर्सपेक्टिव है उसके थ्रू हम इसे क्या करेंगे? अभी देखेंगे।
इसके बाद जो हमारा नेक्स्ट टॉपिक है वो है सेंसस 2027। ठीक है? तो सेंसस 2027 हम कवर करेंगे। आफ्टर दैट नक्सल इंसजेंसी को ओवर डिक्लेअर कर दिया गया कि अब नक्सल इंसजेंसी इंडिया में खत्म हो चुकी है। ऐसा बोला गया है। उस टॉपिक को हम कवर करेंगे। इंपॉर्टेंट पॉइंट है बहुत ज्यादा। देन जी राम जी बना दिया गया है मनरेगा को। ठीक है? तो पहले जो मनरेगा हुआ करता था उसे अब
वीबी जी राम जी बना दिया गया है। वो हम करेंगे। देन केरला का केरलम हो गया है नाम। आफ्टर दिस न्यू सीडीएस एंड मिलिट्री चीफ इंडिया को मिले हैं। एंड सारनाथ को नया यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट डिक्लेअ किया जा चुका है। इंडिया में स्टेट्स में यूसीसी लाए गए हैं। दिस इज़ समथिंग जो कि अगेन डिटेल में हमने किया है लीगल रीजनिंग मैराथन में। इसमें हम फ़क्चुअल पर्सपेक्टिव
से देखेंगे। उसके बाद इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ये भी हमने डिटेल में किया हुआ है अपने लीगल रीजनिंग मैराथन में। अगेन फ़क्चुअल पर्सपेक्टिव से अभी देखेंगे। बाकी उसमें कवर करेंगे। एंड देन ये सारे टॉपिक्स हम आज करने वाले हैं इस जॉन्रा में। क्लियर? सो समवेयर अराउंड 14 जॉन्राज़ आर गोइंग टू बी देयर।
चलो कंटिन्यू करते हैं भाई फिर इस टॉपिक को। एंड इसमें हां एक टॉपिक इसमें और ऐड कर लेना जो कि मिसिंग है व्हिच इज़ रामसर साइट। ओके? रामसर साइट भी इसी में इंक्लूडेड है। सो वो बस यहां पे मेंशंड नहीं है बट रामसर भी हम इसी में करने वाले हैं। चलो स्टार्ट करें फिर लेक्चर। सबसे पहले सेंसेस 2027
तो आप सभी को पता है इस साल इंडिया में क्या हो रहा है? इस साल इंडिया में हो रहा है सेंसेस एंड सेंसस कभी भी किसी भी देश के लिए बहुत इंपॉर्टेंट न्यूज़ होता है। बहुत इंपॉर्टेंट इवेंट होता है। एंड दैट इज व्हाई हमें वो अभी अच्छे से कवर करना है। तो देखो यार जो अपना इंडिया का सेंसस यहां पे जो चालू हो रहा है ना ये दो फेज में चलेगा। ओके? इंडिया का सेंसस
कितने फज़ में चलेगा? दो फज़ में चलेगा। एक होगा फज़ वन जिसमें हाउस लिस्टिंग होगी। घर-घर जाकर हाउसेस को लिस्ट किया जाएगा। कितने घर हैं? कौन-कौन से घर है, कहां-कहां पे है? उसके बाद फज़ टू होगा। ठीक है? पहले वाले में घरों का सेंसस लिया जाएगा। कितने घर हैं? उसके बाद उस घर में रहने वाले लोगों का सेंसस लिया जाएगा जिसे
पपुलेशन एनुमरेशन बोला जाता है। जो हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन है वो फर्स्ट अप्रैल से 30थ सप्टेंबर ऑफ़ 2026 तक चलेंगे। एंड यूनियन टेरिटरी को 30 डे के विंडो के अंदर क्या करना है? कवर करना है। विद ईच स्टेट एंड यूनियन टेरिटरी कंप्लीटिंग देम विद इन 30 डे विंडो। तो 30 डे के विंडो के अंदर कंप्लीट करना है। जो पॉपुलेशन एनुमरेशन है
वो फर्स्ट मार्च 2027 से चालू होगा फॉर मोस्ट ऑफ दी कंट्री। एंड 1 अक्टूबर 2026 से चालू होगा जो अभी इसी मंथ स्टार्ट हुआ है। स्नो बाउंड और रिमोट रीजंस के लिए। क्योंकि अगर हम मार्च में कहें तो वहां पर ठंड होती है तो मुश्किल हो जाएगा। लद्दाख, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड
के लिए ये इसी साल के अक्टूबर में स्टार्ट होगा। ये जो सेंसस है ये सेक्शन थ्री और 17 ए ऑफ़ द सेंसस एक्ट 1948 के अंदर कराए जा रहे हैं। इन्हें कौन कंडक्ट करा रहा है? इन्हें कंडक्ट करने वाला अथॉरिटी कौन है? रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया। सो टेल मी हु इज द करंट रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया? लेट मी नो इन द चैट बॉक्स। इंडिया का रजिस्ट्रार जनरल कौन है भाई?
पता होना चाहिए सभी को। मृत्युंजय कुमार नारायण। वेरी गुड। सो मृत्युंजय कुमार नारायण इज़ द रजिस्ट्रार जनरल। इंडिया में पहली बार 1931 के बाद कास्ट बेस्ड डाटा बिय्ड एससी एसटी कलेक्ट किया जाएगा। ठीक है? तो पहली बार अभी तक क्या है ना कास्ट डाटा सिर्फ एससी एसटी का
लिया जाता था। अब एसटी एससी के बाद भी जो बचे हुए कास्ट हैं उनका भी यहां पे डेटा को इस सेंसस के अंदर इंक्लूड किया जाएगा। ये इंडिया का पहला डिजिटल सेंसस होगा जो कि पेपर बेस्ड एमुनेरेशन से डिजिटल फॉर्मेट में शिफ्ट होगा। तो इंडिया में पहली बार डिजिटल सेंस हो रहा है। आर्टिकल 256 246 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के अंदर सेंसस को एक यूनियन सब्जेक्ट दिया गया है।
ठीक है? तो सेंसस यूनियन लिस्ट के अंदर आता है। स्टेट लिस्ट में नहीं आता है। इंडिया का पहला सेंसस जो था वो 1872 में हुआ था। नॉन सिंक्रोनस तरीके से। अलग-अलग पार्ट में हुआ था इंडिया के। 1881 से जो सेंसस है वो हर 10 साल में कंडक्ट कराया जा रहा है। तो सिंक्रोनस सेंसस कब से चालू हुआ? 1880
वन से। अब ये जो इस साल का हमारा सेंसस हो रहा है ये सेंसस जो है वो डीलिमिटेशन का बेसिस बनेगा। लोकसभा और स्टेट असेंबली की कॉन्स्टिट्यूएंसीज में जैसा कि आर्टिकल 82 में लिखा हुआ है कि जो रीसेंट डीलिमिटेशन है जो रीसेंट सेंस है उसके बेसिस पे डीलिमिटेशन होगा। अब इससे आपको जॉइ करना है 131 अमेंडमेंट वाले टॉपिक को जो कि
हमने लीगल रीजनिंग के मैराथन में किया हुआ है। ठीक है? तो ये जो 131 अमेंडमेंट वाला टॉपिक है ये आपको अच्छे से कवर करना है क्योंकि इसी से वो रिलेटेड है। 131 अमेंडमेंट वास ट्राइंग टू बाईपास दी 2027 का सेंसस। इसलिए ये हमारे लिए क्या है? इंपॉर्टेंट है।
ओके। वीडियो क्लियर है यार? इज द वीडियो क्लियर? लैग ओवर हुआ। ओके। चलो ठीक है। सो 1976 में सेंस को फ्रीज़ कर दिया गया था और फिर 2001 में उसे 2026 तक एक्सटेंड कर दिया गया। और बोला ये गया कि फर्स्ट सेंसस जो 2026 के बाद जो भी पहला सेंसस होगा उसके बेसिस पे इंडिया का अगला डीलिमिटेशन कराया जाएगा।
साथ ही साथ जो वुमस रिजर्वेशन बिल लाया गया था उसके बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसके अंडर 33% रिजर्वेशन वुमेन को दिया जाएगा पार्लियामेंट में इसका भी बेसिस इसी सेंसस के बेसिस पे बनेगा कि किन सीट्स को हमें फीमेल के लिए क्या करना है रिजर्व करके रखना है ओके अब इस पे कुछ और इंपॉर्टेंट हमारे सेंसस से रिलेटेड
फैक्ट्स मैं एक बार आपको बता देता हूं सो देखो अ पहली पहली बार एससी एसटी के बियों्ड यहां पे कास्ट डाटा लिया जाएगा। अपार्ट फ्रॉम दिस इंडिया में सेंसेस में कास्ट को काफी बार इंक्लूड किया गया है। अगर मैं सेंसेस के कुछ ब्रीफ हिस्ट्री आपको बताऊं तो इंडिया का जो पहला सेंसस था। ठीक है? जिसमें पॉपुलेशन डिक्लाइन देखा गया दैट वाज़ 1921।
ठीक है? 1921 में जो इंडिया का सेंसस हुआ था, इसको बोला जाता है द ग्रेट डिवाइड। इसे बोला जाता है द ग्रेट डिवाइड। ये इंडिया का इकलौता ऐसा सेंसस है जिसमें इंडिया का पॉपुलेशन पिछले 10 साल के कंपैरिजन में कम देखा गया। ठीक है? तो इसे क्या बोला जाता है? द ग्रेट डिवाइड और
इसके साथ-साथ जो नॉन सिंक्रोनस सेंस है हमारा पहला वो मैंने 72 में आपको बताया। ठीक है? तो ये फैक्ट्स भी नोट कर लेना। 1972 फर्स्ट नॉनसिंक्रोनस सेंस ओके फर्स्ट नॉन सिंक्रोनस सेंसस किसके अंडर कराया गया था इस टाइम पे
इंडिया के गवर्नर जनरल थे लॉर्ड मे ओके लॉर्ड मेओ वाज़ दी गवर्नर जनरल जो सिंक्रोनस सेंसेस है वो 1881 से चालू किए गए थे ठीक है 1881 में इंडिया का पहला पहला सिंक्रोनस सेंसस कराया गया और इस सिंक्रोनस सेंसस के टाइम पे इंडिया के जो
गवर्नर जनरल थे वो कौन थे? लॉर्ड रिपन। ओके? इस टाइम पे कौन थे? लॉर्ड रिपन। तो 1881 में एक सेंसस कमिश्नर भी बनाया गया था। एंड हु वाज़ दिस सेंसस कमिश्नर? इस सेंस के कमिश्नर का नाम था डब्ल्यू सी प्लॉड।
ओके। सो डब्ल्यू सी प्लॉडिन ने 1881 में क्या किया था? यहां पे सेंसस कराया था। सिंक्रोनस मतलब यार देखो सेंस ना मैं दो तरीके से करा सकता हूं। किन-किन दो तरीके से? एक जम्मू कश्मीर में कुछ चल रहा है। हरियाणा में कुछ यूपी में कुछ कभी-कभी कहीं ना कहीं थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा हमने कर लिया। ये होता है नॉन सिंक्रोनस।
दूसरा होता है सिंक्रोनस जिसमें सेंटर के साथ क्या कर दिया जाता है? को पूरा लिंक कर दिया जाता है। तो पूरे देश में जब एक साथ सेंसर्स हो और उसका यूनिफाइड डेटा बने तो उसे हम सिंक्रोनस सेंसर्स बोलते हैं। क्लियर? ओके। आफ्टर दिस कास्ट सेंसेस 2011 में पहली बार लिया गया था। बट उसका डाटा रिवील नहीं किया गया था
पूरी तरीके से। इस बार पहली बार हम अच्छे से क्या कर रहे हैं? कास्ट के पूरे डेटा को कवर कर रहे हैं। अपार्ट फ्रॉम दिस 2011 के सेंसस के अगर हम कुछ फैक्ट्स की बात करें तो एस पर दी 2011 सेंसेस 2011 के सेंसस के अकॉर्डिंग यूपी वाज़ दी मोस्ट पॉपुलर स्टेट।
ठीक है? सबसे ज्यादा पॉपुलेशन किसका था? यूपी का। हाईएस्ट सेक्स रेश्यो। ठीक है? हाईएस्ट सेक्स सेक्स रेशियो किसका था? केरला का। लोएस्ट किसका था? लोएस्ट वाज़ हरियाणा। इसमें भी अगर मैं लीस्ट पॉपुलेटेड स्टेट की बात करूं तो सिक्किम वाज़ दी लीस्ट पॉपुलेटेड स्टेट। अब हाईएस्ट लिटरेसी भी केरला की है। आप सभी को पता
होगा 94% एंड दैट्स इट। बाकी हमने इसका लीगल पर्सपेक्टिव बहुत डिटेल में किया। उसको ध्यान से आप देख लेना। तो सेंसस का जो बेसिक फैक्ट्स है वो हमें ये जानना था। एंड रीज़ 2021 में जो होना था वो क्यों नहीं हुआ? द रीज़न वाज़ कोविड-19। कोविड-19 की वजह से 2021 के सेंसस को क्या कर दिया गया था? पोस्टपोन कर दिया गया था। और पिछले 15 साल से इंडिया में कोई सेंसस नहीं हुआ है। अभी भी हम 2011 के डाटा के
बेसिस पे ही क्या कर रहे हैं? अपने सारे काम को कंडक्ट कर रहे हैं। ओके? और जो हमारा 2026 का सेंसस होगा वो इंडिया का 16th सेंसस होगा और इंडिपेंडेंस के बाद हमारा एट्थ सेंसस होगा। क्लियर है भाई? अब इसमें कुछ-कुछ टॉपिक्स जो आपको लीगल रीजनिंग मैराथन में पता चलेंगे वो आप इसमें ऐड ऑन कर लेना। सबसे
पहले वही अपना नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो कि 106 अमेंडमेंट आया इंडिया में कॉन्स्टिट्यूशन को लेके और दूसरा हमें इसमें 131 अमेंडमेंट बिल को भी इसी में ऐड करते हुए पढ़ना है। प्लस इसमें हमें कौन सा टॉपिक ऐड ऑन करना है। प्लस हमें इसमें पढ़ना है डीलिमिटेशन वाला टॉपिक। ये सभी चीजें मैंने बहुत डिटेल में वहां पे कवर की। तो उसको बहुत ध्यान से पूरे लेक्चर को देख लेना आज के बाद। ठीक है? ये खत्म होगा तो एनी डाउट यार सेंसेस में?
ओके? तो इंडिया का पहला सिंक्रोनस सेंसस लॉर्ड रिपन के अंदर डब्ल्यूसी प्रोडन के अंदर ये कराया गया था। इंडिया का पहला इंडिपेंडेंस के बाद का सेंसस कब हुआ था? 1951 में। ठीक है? 1951 फर्स्ट सेंसस आफ्टर इंडिपेंडेंस। ठीक है? तो इंडिपेंडेंस के बाद इंडिया का पहला सेंसस कब हुआ था? 1951 में।
और लास्ट फुल कास्ट सेंसस ये भी नोट डाउन कर लेना। 1931 में इंडिया का हुआ था। लास्ट फुल कास्ट सेंसेस याद रहेगा क्लियर उसके बाद से अब सीधा 2027 में ये अगला अपना फुल कास्ट सेंसस हो रहा है।
अच्छा तो मुझे आप ये बताओ रिसेंटली किस स्टेट में कास्ट सर्वे हुआ था? एक पर्टिकुलर स्टेट ने कराया था कास्ट सर्वे। किस स्टेट ने कराया था जिसको अभी पटना हाईकोर्ट ने अपहल्ड भी किया कि भाई गलत नहीं था आपने ठीक कराया है कोई इशू नहीं था उसमें 2023 में कराया बिहार ने ठीक है वेरी गुड गाइस बहुत बढ़िया बिहार ने ये 2023 में
क्या कराया है सेंसस कराया है ओके बाकी इसका पूरा डिटेल में तो हमने वहां पे कवर किया उसमें आप लोग इसे देख ही लोगे सेम विद दिस टॉपिक ए वेल ये हमारा जो टॉपिक है 2026 का पेपर लीक तो इसका जो लीगल एंगल है वह हमने ऑलरेडी कवर किया हुआ है लीगल रीजनिंग मैराथन में। हम इसका करते हैं थोड़ा सा फ़क्चुअल एंगल को कवर। सो देखो ये पूरा इशू क्या है? ये हम देखते हैं कि कैसे नीट पेपर लीक हुआ। फिर
टेलीग्राम बैन हुआ, प्रोटेस्ट हुआ, जंतरमंतर में जो साइट को बदला गया। ये सारी चीजें हम एक बार इसमें कवर करते हैं। सो, नीट यूजी का जो एग्जाम है, वह थर्ड मई 2026 को हुआ था। और बोला गया कि गेस पेपर जो है उसने 120 आउट ऑफ 130 क्वेश्चंस 180 क्वेश्चंस को मैच किए। तो ये करते हुए
उनको आईडिया लगा और एनटीए ने एग्जाम कैंसिल कर दिया। अब हुआ क्या? ये लीक जो है वो हुआ कहां था? शिकार राजस्थान में ये चालू हुआ था। जहां पे एक केमिस्ट्री टीचर सीबीआई ने अरेस्ट किया। लातूर में, पुणे में, नाशिक में कोचिंग नेटवर्क को अरेस्ट किया। ठीक है? पूरा उसको डिप्लॉय किया। उसके बाद 16th जून को मेती ने ऑर्डर किया tlegram पे टेंपरेरी बन क्योंकि नीट का अगला एग्जाम कराया जाएगा। फिर एक
कॉकरोच जनता पार्टी बनी थी जिसके फाउंडर अभिजीत दीपके ने क्या किया? जंतरमंतर में प्रोटेस्ट स्टार्ट किया और सोनम वांगचुक ने 26 दिन का हंगर स्ट्राइक लाया जो पूरा यहां का स्टोरी है। इसको हम थोड़ा सा फ़क्चुअल बेसिस पे पढ़ते हैं। ओके? देखो सबसे पहले ये कॉकरोच नाम कहां से आया सीजेपी का? सो एक कॉकरोच नाम आया। सीजीआई सूर्यकांत ने मई 2026 में अनइंप्लॉयड यूथ को कॉकरोचेस बोला था। सीजीआई ने बाद में
क्लेरिफाई किया कि वो सिर्फ फेक क्रेडेंशियल्स के वाले लोगों के साथ कर रहे हैं। और सीजेपी ने प्रोटेस्ट कब बंद किया? 25th जुलाई को जब धर्मेंद्र प्रधान ने क्या किया? रेज़िग्नेशन दिया। अब रिसेंट अपडेट क्या है? जंतरमंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटा दिया गया है। तो दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने आर्डर दिया है। जंतरमंतर विल नो लगर बी द डेज़िग्नेटेड प्रोटेस्ट साइट। नए वेन्यूस कौन-कौन से दिए गए हैं?
रामलीला मैदान इज द न्यू वेन्यू। बुराड़ी ग्राउंड इज द न्यू वेन्यू। और सीबीडी ग्राउंड शहाद्रा इज दी न्यू वेन्यू। ये तीन नए प्रोटेस्ट के वेन्यूज दिए गए हैं। इसके बाद जंतरमंतर जिसे हटाया गया। कुछ उसके स्टैटिक ध्यान से हम देख लेते हैं। जंतरमंतर को बनवाया था महाराजा जय सिंह सेकंड ने जयपुर के। ठीक है? ये एक एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जरवेटरी है। यह दिल्ली
का प्रोटेस्टाइट कब बना? 1993 में। 1993 में यह दिल्ली का प्रोटेस्ट साइट बना। बोट क्लब ठीक है? बोट क्लब लॉन में पहले हुआ करता था प्रोटेस्ट। बट बाद में गवर्नमेंट ने ये बोला भाई यहां पे मत करो। महेंद्र सिंह टिकटैत ने 1988 में ये एक फार्मर के लीडर
थे। ठीक है? किसान नेता थे। इन्होंने एक फार्मर रैली यहां पे निकाली। तो बहुत ज्यादा यहां पे ट्रैफिक हो गया और पब्लिक ऑर्डर डिसरप्ट हुआ। तो गवर्नमेंट ने बोला आप यहां पे नहीं आप प्रोटेस्ट साइड करो जंतरमंतर पे। अब एनजीटी ने ऑलरेडी बैन करवा दिया था प्रोटेस्ट वहां पे। सुप्रीम कोर्ट ने इसके अंदर ये भी बोला कि कोई भी ब्लैंकेट बैन मत लगाओ। आप रेगुलेट करो
इसे। अब सीधा उसे प्रोटेस्ट साइड से ही हटा दिया गया है। राइट टू प्रोटेस्ट ये हमने लीगल पर्सपेक्टिव ऑलरेडी किया है। तो वहां पे आप देख लेना एक बार अच्छे से। राइट टू प्रोटेस्ट आर्टिकल 191 ए और बी के अंडर कवर्ड रहता है। लिमिटेशंस आते हैं 192 और थ्री के अंदर। ठीक है? अब एग्जाम के लिए जो लॉ बनाया गया इस सभी प्रोटेस्ट के बाद वो कौन सा है?
पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस एक्ट 2024 इसको अपग्रेड करके 2026 में इसमें अमेंडमेंट्स ला दिए गए जिसमें इन सभी पनिशमेंट को बढ़ा दिया गया। वो भी हमने वहां पे कवर किया हुआ है। और एनtए 2017 में बनाया गया था। वो भी आपको ध्यान में रखना है। और 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था। जिसके लिए राधाकृष्णन कमिटी
बनाई गई थी। 2026 के पेपर लीक के लिए जो रिफॉर्म कमेट बनाई गई है उनके चेयर पर्सन है नंदन नीलेकणी। ठीक है? नंदन नीलेकणी इज़ द चेयर पर्सन ऑफ इस साल जो कमेट बनाई गई है उसके। अब ब्लॉकिंग ऐप ये जो ऐप इन्होंने ब्लॉक किया, ये किस-किस लॉज़ के अंदर ब्लॉक किए जाते हैं? यहां पे हम सिर्फ फैक्ट्स पढ़ रहे हैं और याद कर रहे हैं। ठीक है? चीजें मैंने पूरे डिटेल में इसको समझाया हुआ है। तो ऐप को ब्लॉक करने
का लॉ इंडिया में है। सेक्शन 69 ए ऑफ द आईटी एक्ट 2007 200 इसका कहना है कि गवर्नमेंट जो है वो किसी भी ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक कर सकता है। कुछ रीज़ंस देके रीज़ देना जरूरी है। फिर एक केस आता है श्रेया सिंगल केस। इसमें ये बोला गया कि 69 ए तो ठीक है पर 66A को स्ट्राइक डाउन कर दिया
गया। तो अगर क्वेश्चन पूछा जाए कि 66 ए ऑफ दी आईटी एक्ट 200 किस केस के अंडर हटाया गया था? द आंसर विल बी श्रेया सिंघल केस ऑफ़ 2015 इंटरनेट शटडाउन भी इस बार काफी सारे कराए गए। तो मैंने अगेन बार-बार बोला हुआ है अनुराधा भासिन और श्रेया सिंघल बहुत इंपॉर्टेंट है हमारे लिए। जीके में नहीं तो लीगल रीजनिंग में आपको बिल्कुल देखने को मिल सकते हैं ये दोनों टॉपिक्स।
तो यह थोड़ा सा आप अच्छे से मैंने कराया हुआ है उस लीगल रीजनिंग मैराथन में कर लेना। अनुराधा बासन इंपॉर्टेंट है। उसके बाद मिनिस्टर का रेजिग्नेशन जो हुआ वो एक बार देख लेते हैं। तो मिनिस्टर ने रिजाइन किया कलेक्टिव और इंडिविजुअल रिस्पांसिबिलिटी के बेसिस पे जो कि आर्टिकल 75 क्लॉज़ थ्री के अंदर आता है। मिनिस्टर जो है वो प्रेसिडेंट के प्लेजर से ऑफिस होल्ड करता है। ये 75 क्लॉज़ टू में लिखा गया है। ये मैंने आपको बताया भी था क्या? कि एक मिनिस्टर जो है उसका एस सच
कोई टेन्योर नहीं होता है। 5 साल में जब तक प्रेसिडेंट चाह रहा है वो रहेगा। ठीक है? प्रेसिडेंट जब तक चाह रहा है वो रहेगा। कल को प्रेसिडेंट को अगर लगा ना कि यार और कोई रीज़न भी नहीं दे रहा है प्रेसिडेंट को। प्रेसिडेंट का प्लेज़र अगर कल प्रेसिडेंट को लगा ना यार मुझे ना वो तू सीढ़ी तो ना स्किप करके चढ़ता है। मुझे तो पसंद नहीं आया। चल हट जा। ये कर सकता है प्रेसिडेंट चाहे तो। ठीक है। तो जब तक प्रेसिडेंट खुश है मिनिस्टर मिनिस्टर रहेगा। और एग्जांपल अगर आपको देखना है तो
लाल बहादुर शास्त्री जी ने रेलवे मिनिस्टर के पद से इस्तीफा दिया था। जब 1956 में रेल दुर्घटना हुई थी तब सेम विद दी लालू प्रसाद यादव थे। ओके? ठीक है? नितीश कुमार। अब यहां पे मेडिकल लॉ एंट्रेंस की अगर मैं बात करूं इंडिया में क्या होता है? तो सबसे पहले एनएमसी होता था 2020 में। उसने एमसीआई को क्या किया?
रिप्लेस किया अंडर दी एनएमसी एक्ट 2019। तो एमसीआई हुआ करता था पहले। उसके थ्रू एनएमसी बनाया गया मेडिकल एंट्रेंस के लिए। नीट पीजी जो है वह एनबीईएमएस कराता है।
सीएमसी वेलोर जो है उसने नीट को स्ट्राइक डाउन कर दिया और रिव्यू किया गया 2016 में तो उसे रिस्टोर कर लिया गया। तमिलनाडु का नीट एग्जेंपशन बिल लाया गया और प्रेसिडेंट ने अपना एसेंट यहां पे विथडल्ड कर दिया। तो आपको याद होगा तमिलनाडु 2021 में नीट को बाईपास करके अपना खुद का एग्जाम लाने वाला था कि नीट तमिलनाडु में नीट के थ्रू नहीं होगा। दूसरे एग्जाम के थ्रू होगा। बट
प्रेसिडेंट ने अपना एसेंट वहां पे विथडल्ड करके रख दिया। 2025 में कि नहीं भाई इसमें मैं तुमको एसेंट नहीं दूंगा। अब अगर प्रोटेस्ट के केसेस की हम बात करें तो ये सारे याद रखने की जरूरत नहीं है। ये मैंने ऑलरेडी लीगल रीजनिंग में वहां पे किया। तो यहां पे आपको ध्यान देने की जरूरत नहीं है। ठीक है? ये हमने लीगल
रीजनिंग के पर्सेक्टिव में ऑलरेडी किया हुआ है। कोई डाउट यार यहां तक? ठीक है? तो मेन चीज जो हमें इसमें याद रखना है वो ये फैक्ट्स हैं कि जंतरमंतर कैसे बना? शिफ्ट हो के कहां गया? कॉकरोच नाम कैसे आया? एंड यह सारे अपने जो टाइमलाइंस थे, यह सारी चीजें।
अब ये हमारे लिए एक इंपॉर्टेंट टॉपिक है। इंडिया में नक्सलिज्म को डिक्लेअ कर दिया गया है कि अब यह खत्म हो चुका है। नक्सलिज्म खत्म हो चुका है। तो देखते हैं क्या चीजें हैं, क्या-क्या बातें हैं।
सो कब डिक्लेअ किया गया? 19th मई 2026 को जगदलपुर में। ठीक है? जगदलपुर में जो कि है बस्तर छत्तीसगढ़ में।
होम मिनिस्टर अमित शाह ने डिक्लेअ किया कि नक्सलवाद जो है वह इंडिया से अब खत्म हो चुका है। ये इन्होंने क्या किया? ये इन्होंने डिक्लेअ किया। अब ये खत्म हुआ कैसे? तो इसको देखना। एक ऑपरेशन चलाया गया ऑपरेशन कगार। ठीक है? कब चलाया गया? 2024 से 2026 तक।
कहां पे चलाया गया? पूरे बस्तर एरिया में 2024 से 26 तक ऑपरेशन चलाया गया बस्तर में नक्सलाइट्स को हटाने के लिए मारने के लिए। उसके बाद चलाया गया ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट। ये लेटेस्ट ऑपरेशन था जो कि 2025 में चला अप्रैल मई के मंथ में। ये कहां पे चला? ये चला करेगुटा हिल में।
जो कि छत्तीसगढ़ तेलंगाना बॉर्डर है। ओके? किसका बॉर्डर है यह? छत्तीसगढ़ और तेलंगाना का बॉर्डर है। यह चला करेगुटा हिल्स में। उसके बाद फिर एक बहुत इंपॉर्टेंट पर्सनालिटी का को यहां पे मारा गया। व्हिच वाज़ बसव राजू।
बसव राजू इंडिया में जो नक्सलाइट माइसिस्ट है उनके लीडर थे। बेसिकली सीपीआई मार्क्सिस्ट के ये जनरल सेक्रेटरी थे। ठीक है? इनको कहां मारा गया? इनको अबूजबार में मारा गया। व्हाट इज अबुजमाड़? अबुजमाड़ एक अनसर्वेड एरिया है छत्तीसगढ़ में। ठीक है? अबुजमाड़ क्या है? छत्तीसगढ़ में एक अनसर्वेड एरिया है। जिसका सर्वे नहीं किया गया जहां पे अभी तक ढंग से सिविलाइजेशन भी नहीं पहुंची है। तो ये चीज़ थोड़ा सा ध्यान
में रखना। उसके बाद फिर एक और इंपॉर्टेंट पर्सनालिटी को यहां पे मारा गया जिनका नाम है मधुवी हिदमा। ठीक है? मडवी हिदमा। इनको आंध्र प्रदेश में मारा गया। अभी 2025 के नवंबर में। तो ये दोनों किलिंग्स के बाद फिर मास सरेंडर्स होने लगे। ही वाज़ दी मास्टरमाइंड इंडिया में जो
भी माइस्ट एक्टिविटी होती थी। तो जब इनके लीडर्स को ही मार दिया गया दो बड़े-बड़े तब फिर यहां पे मास सरेंडर होना चालू हुआ और उसके बाद फिर धीरे-धीरे जैसे आपने अभी रिसेंटली न्यूज़ देखा होगा कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में जो एक्स नक्सलाइट्स हैं उन्होंने रैंप वॉक किया। तो फिर छत्तीसगढ़ में ये पूरा कन्वर्शन का प्रोसेस यहां पे चल ही रहा है। अब जब ये सारी चीजें हुई
लड़ाई के बाद हुआ क्या? लगभग 200 के आसपास ट्रेनिंग सेंटर्स थे। 200 के आसपास नक्सलाइट कैंप्स थे। इनको कन्वर्ट कर दिया गया किस में? इनको कन्वर्ट कर दिया गया वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा।
ओके। वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा में इसे क्या कर दिया गया? इसे कम कन्वर्ट कर दिया गया और फिर काफी सारी चीजें लाइक बस्तर ओलंपिक बस्तर पंडुम यह सारी चीजें यहां पर कराई गई और साथ ही साथ यहां पे रोड मोबाइल टावर और स्कूल बनाने चालू किए गए इन सभी जगह में अंडर दी स्कीम नेम्ड नियाद नीलनार ठीक है क्या नाम था स्कीम का नियाद
नीलनार इस स्कीम के अंडर इन्होंने क्या किया रोड्स मोबाइल नेटवर्क कंस्ट्रक्शन बेसिकली नियाद नलनार मतलब योर गुड विलेज। ठीक है? अपने गांव को अच्छा बनाने का इन्होंने क्या कर दिया?
पूरा प्रोसेस यहां पे चालू कर दिया। अब इस नक्सलवाद के अगेंस्ट जो ऑपरेशन इन्होंने चलाया उसके बेसिस पे आउटकम यह मिला कि इंडिया में जो रेड कॉरिडोर है इंडिया में जो रेड कॉरिडोर है वह बेसिकली रेड कॉरिडोर क्या होता है? एल डब्ल्यू ई अफेक्टेड स्टेट्स सॉरी डिस्ट्रिक्ट्स।
ठीक है? एलडब्ल्यूई मतलब लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म। ठीक है? लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म से जो अफेक्टेड डिस्ट्रिक्ट्स हैं उनके पूरे कॉरिडोर को रेड कॉरिडोर बोला जाता है जो कि चालू हुआ था चू चारू मजूमदार के टाइम पे नक्सलबारी से तो नक्सलबारी नाम की एक जगह है वेस्ट बंगाल दार्जिलिंग के पास वहां से ये जो पूरा प्रोटेस्ट जो पूरा मूवमेंट चालू हुआ
नक्सलबारी मूवमेंट उसी को फिर नक्सलवादी बोला गया इसीलिए इसका नाम क्या बना है नक्सलवादी इसका अभी थोड़ी देर में बताऊंगा वो मैं आपको तो दिस इज़ नक्सलवाद सो बेसिकली एक लेफ्टेस्ट विचारधारा है जो कि गवर्नमेंट के अगेंस्ट एग्रेसिव या फिर आई से वायलेंट तरीके से गवर्नमेंट के अगेंस्ट ये होते हैं एंड स्टेट के अगेंस्ट एक तरीके से लड़ाई ये करते हैं।
अब इसमें एक और चीज ये हुई कि अब सिर्फ तीन मोस्ट अफेक्टेड डिस्ट्रिक्ट्स रहे इंडिया में। इस पूरे रेड कॉरिडोर के अंदर पहले 126 हुआ करते थे। ठीक है? रेड कॉरिडोर के अंदर 2018 में ठीक है जब ये पूरी चीजें चालू हो रही थी तब 126 हुआ करते थे। अभी अगर मैं 2025 की बात करूं रीसेंट डेटा की तो ये 38
पे श्रिंक हो चुके हैं जिसमें लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म है और इसमें जो मोस्ट अफेक्टेड डिस्ट्रिक्ट है वो सिर्फ तीन बचे हैं। कौन-कौन से नोट डाउन कर लो। एक है बीजापुर, एक है सुमा और एक है नारायणपुर। ठीक है? बीजापुर, सुमा एंड नारायणपुर। दीज़ आर दी ओनली थ्री मोस्ट अफेक्टेड नक्सलाइट वाले डिस्ट्रिक्ट्स। बाकी सबसे यह टैग
हटाया जा चुका है। 2006 में मनमोहन सिंह जी ने इसे ही कंट्री का बिगेस्ट इंटरनल सिक्योरिटी थ्रेड बोला था। अब इसमें आप यहां पे फैक्ट्स में ये देखो कि ये पूरा नक्सलाइट वाला मूवमेंट चालू कैसे हुआ था। तो इसका स्टैटिक फैक्ट्स बैक करता है नक्सल बारी में।
तो नक्सलबारी में हुआ क्या था? बात है 1967 की। 1967 में तीन लोगों ने मिलके चारू मजूमदार, कनु सान्याल, और जंगल संथाल
इन्होंने मिलकर क्या चालू किया? नक्सल बारी अपराइजिंग दार्जिलिंग के पास। ठीक है? वेस्ट बंगाल ने इन्होंने मिलके चालू किया। दे वर दी लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्ट और लेटर ऑन फिर 1969 में ये मिलके बनाते हैं सीपीआईएमएल। ठीक है? और ये सीपीआई एमएल जो है फिर इसी को फिर बाद में ये 19 सॉरी 2004 में 2004
में फॉर्मेशन होता है किसका सीपीआई एम का व्हिच इज़ बेसिकली एम फॉर माओस्ट अब ये माओस्ट कौन से हैं जो माओ के विचारधारा से क्या है अफेक्टेड है माओ कौन सा माओ जो मैंने आपको चाइना वाले टॉपिक में पढ़ाया था और उसके जो बेसिकली दो लोगों को मर्ज किया गया सीपीआई बनाने के लिए व्हिच वर
पीडब्ल्यूजी एंड एमसीसीआई और इसे यूवीएपीए के अंदर 2009 में क्या कर दिया गया था बैन कर दिया गया था इसे यूएपीए के अंदर 2009 में बैन कर दिया नो नो नॉट सीपीआई मार्क्सिस्ट दिस इज़ सीपीआई माओस्ट मार्क्सिस्ट अलग है ठीक है सीपीआई मार्क्सिस्ट अलग है वो कार्ल मार्क्स के प्रिंसिपल पे जाते हैं।
दैट्स नॉट अ यूएपीए के अंडर बैंड ऑर्गेनाइजेशन। ये माओस्ट है। ठीक है? नक्सलाइट्स को और क्या बोला जाता है? नक्सलाइट्स को बोला जाता है माओवादी। तो माओवादी आर बेसिकली माओस्ट। तो जो माओ के विचारधारा को फॉलो करते हैं। माओ की आईडियोलॉजी को फॉलो करते हैं। इसको यूएपीए
के अंदर 2009 में बैन कर दिया गया था। और इन्होंने काफी सारे अटैक्स भी किए थे। जिसमें दो अटैक्स आपको ध्यान में रखना है। एक था दंतेवाड़ा 2010 का अटैक इनका वन ऑफ दी बिगेस्ट अटैक।
ठीक है? इसमें लगभग 76 सीआरपीएफ के पर्सनल को मार दिया था इन लोगों ने। और एक यहां पे दूसरा है झीरम घाटी। झीरम घाटी वाज़ वन ऑफ द मोस्ट ब्रूटल टाइप ऑफ अटैक डन बाय ये पूरे नक्सलाइड्स। यह जो झीरम घाटी का अटैक हुआ था, यह हुआ था 2013 में। एंड बेसिकली इसमें जो कांग्रेस के लीडर्स थे
लाइक महेंद्र कर्मा एंड वीसी शुक्ला तो छत्तीसगढ़ में आपको पता होगा कांग्रेस का। अरे नहीं नहीं भाई अजीत जोगी की डेथ इसमें नहीं हुई थी। नहीं नहीं अजीत जोगी मस्त बढ़िया जिंदा आदमी है। उनकी उनको पैरालिसिस हुआ था गाड़ी के एक्सीडेंट में अपने। ठीक है। विद्या चरण शुक्ल और महेंद्र कर्मा। महेंद्रकर्मा को बस्टर टाइगर बोला जाता था। तो हुआ क्या? ये जो
नक्सलाइट्स है ना ये जब उनका पूरा झीरम घाटी से ये अपना यही बस्तर दंतेवाड़ा साइड का एरिया है जगदलपुर में पूरा बस्तर बेल्ट जो है आपका वो अपना नक्सलाइट एरिया में आता है। जैसे अभी आई गेस लास्ट जून में मैं गया था उधर घूमने। तो वो है पूरा वो नक्सलाइट एरिया है। तो वहां पे झरम घाटी के पास गया था मैं। वहां पे आपको अ
एक बहुत अच्छा केवआर में उसका नाम भूल रहा हूं। जहां पे अंधी मछली पाई जाती है। ठीक है? वहां पे क्या पाई जाती है? वहां पे अंधी मछली पाई जाती है। तो इन्होंने क्या किया? इन्होंने बेसिकली उनको रोड पे रोक के इन सभी को उनका पूरा कैवेलरी जा रहा था। जैसे उनकी पूरी गाड़ी की जा जाती है ना। किसी भी नेता की बड़ी-बड़ी गाड़ियां निकलती है। तो बहुत बड़े-बड़े लीडर्स थे। कांग्रेस के 810 गाड़ियां थी। उन सभी को जितने लोग वहां पे थे उन सभी को इन्होंने रोक के क्या कर दिया था? इन्होंने मार दिया था। तो ये आपको याद रखना है।
दंतेवाड़ा 2010 में स्ट्राइक इन्होंने किया था। झीम घाटी 2013 में इन्होंने क्या किया था? स्ट्राइक किया था। और यही अपना सीआरपीएफ का कोबरा यूनिट इन्होंने बनाया हुआ है इनसे लड़ने के लिए। वो तो आपको पता ही होगा। बाकी रेड कॉरिडोर के स्टेट्स थोड़ा सा एक बार याद कर लो आप कि रेड कॉरिडोर में कौन-कौन से स्टेट्स आते हैं। ठीक है?
रेड कॉरिडोर के अंदर अपने यह सारे स्टेट्स कवर किए जाते हैं। छत्तीसगढ़, झारखंड, एंड उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, एमपी,
वेस्ट बंगाल और केरला एंड बिहार। यह सभी स्टेट्स आते हैं रेड कॉरिडोर के अंदर। क्लियर? रेड कॉरिडोर के अंदर कौन-कौन आते हैं? ये सारे स्टेट्स हमारे कवर होते हैं रेड कॉरिडोर के अंदर। ओके?
इसमें वन ऑफ दी लाइक मोस्ट ब्रूटल एरिया इज़ अबूजमड़। सो अबूजमाड़ में किसी भी तरीके का गवर्नमेंट ऑफिस नहीं है। किसी भी तरीके का कोई पुलिस स्टेशन नहीं। कुछ नहीं है। अबुजमाड़ में अबुजमाड़ इज अ प्योर नक्सलाइट एरिया। ठीक है? जो कि बहुत अंदर जंगल में है। या इट्स कुटुमसर केव। थैंक यू भाई। थैंक यू यार। कुटुंबसर केव क्लियर? एनी डाउट?
हां भाई, मैं भी छत्तीसगढ़ से ही हूं यार। मेरे तो बगल में ही है। ज्यादा दूर नहीं है। चले आगे बढ़े। ओके।
चलो इंपॉर्टेंट टॉपिक एमजी एन नरेगा को क्या कर दिया गया है? वीबी जी राम जी में ट्रांसफॉर्म कर दिया गया है। अब ये क्या है? कैसा है? क्यों है? ये भी देखते हैं एक बार। तो क्यों है का बहुत बड़ा आंसर अपोजिशन ने यह दिया है कि आपने महात्मा गांधी का नाम क्यों बदला? भाई हां काफी बार सेंस समझ नहीं आता नाम बदलने का बट कोई नहीं जिसकी
मर्जी जो रख ले हम क्या ही कर सकते हैं अब नाम में क्योंकि नाम के अगेंस्ट कुछ बोलोगे तो लोग ऑफेंड होने लगते हैं। तो ठीक है नाम बदला अच्छा है जो भी है। इन्होंने क्या किया है? मनरेगा को वीबी जी राम जी में क्या कर दिया है? कन्वर्ट कर दिया है। सबसे पहले तो क्या फुल फॉर्म है इसका? द फुल फॉर्म इज विकसित भारत
गारंटी फॉर रोजगार रोजगार मतलब एंप्लॉयमेंट। ठीक है? एंड आजीविका मिशन ग्रामीण।
ठीक है? दिस इज़ द फुल फॉर्म ऑफ़ वीबी जी राम जी। ओके? दिस इज़ द फुल फॉर्म ऑफ़ वीबी जी राम जी। इन्होंने चेंज क्या-क्या किया? ये चेंजेस थोड़े से एक बार आप देख लेना। इन्होंने चेंज ये लाया। पहले इट वाज़ 100% सेंटर फंडेड। ठीक है? तो पूरी की पूरी फंडेड सेंट फंडिंग सेंटर करती थी 100%। अब इन्होंने चेंज ये लाया
है कि सेंटर रेशियो स्टेट ये 60 40 होगा। सेंटर रेशियो नॉर्थ ईस्टर्न एंड हिमालयन स्टेट्स
जो नॉर्थ ईस्टर्न और हिमालयन स्टेट्स हैं उनका 90 10 होगा और सेंटर रेशियो यूनियन टेरिटरी विल बी 100 0 तो जो नॉर्मल स्टेट्स हैं जो स्टेट्स हैं और नॉर्थ ईस्टर्न या हिमालयन नहीं है उसमें 60-4 के डिवाइड में फंडिंग की जाएगी। नॉर्थ ईस्टर्न और हिमालयन स्टेट्स के लिए 90:10 में फंडिंग की जाएगी और सेंटर और यूनियन टेरिटरी के लिए 100:0 के रेश्यो
में बेसिकली 100% सेंट्रली फंडेड ये स्कीम होगा। साथ ही साथ एक 60 डे पॉज दिया जाएगा। किस टाइम पे? एग्रीकल्चरल या हार्वेस्ट टाइम पे ताकि एग्रीकल्चर पर्पस के लिए एंप्लॉयमेंट अवेलेबल रहे। तो वो 60 डेज का ब्रेक भी रहेगा इसमें बीच में और एलोकेशन अब क्या होगा? टॉप डाउन होगा। ठीक है?
एलोकेशन अब टॉप डाउन होगा। नो लगर डिमांड ड्रिवन। ये इसका क्रिटिसिज्म है। पहले यहां पे जॉ जॉब दिया जाता था डिमांड के बेसिस पे। जितनी डिमांड उसने उतनी जॉब। अब यहां पे इन्होंने क्या कर दिया? इन्होंने सिंपली यहां पे इसको रिस्ट्रिक्ट कर दिया एक पर्टिकुलर नंबर ऑफ़ सीड्स के लिए नॉट बेस्ड ऑन डिमांड। इसमें फ्लोर वेज जो किया गया है वो ₹300 है पर डे
फ्लोर वेज है। हरियाणा में ये मैक्सिमम है। हरियाणा में कितना है? हरियाणा में है 40 न हरियाणा का हाईएस्ट है फ्लोर वेज। फ्लोर वेज इज़ बेसिकली मिनिमम वेज पर डे। ओके? मिनिमम वेज पर डे इज़ दी फ्लोर वेज जो कि ये यहां पे क्या करते हैं? कवर करते हैं। अब इसका क्रिटिसिज्म इसमें ये बोला जा रहा है कि महात्मा गांधी का नाम आपने
क्यों ड्रॉप किया? और एमपी, झारखंड और बिहार जैसे स्टेट का कहना है कि यार जब आपको ये योजना चलानी है तो 100% फंड करो ना। हमसे 40% क्यों ले रहे हो? पहले तो 100% हुआ करता था हमसे। 40% क्यों ले रहे हो? यह भी इनका एक अ क्रिटिसिज्म है। और साथ ही साथ ₹300 पर डे बहुत कम होता है। ठीक है? ₹300 बहुत कम होता है। आप इसे कम से कम बढ़ा के ₹400 करो। ये इसका क्या है? क्रिटिसिज्म है।
साथ ही साथ थोड़ा सा मनरेगा के बारे में भी आप जान लो कि मनरेगा क्या था और क्या-क्या चीजें वो थी। तो बेसिकली मनरेगा जो है ना पहले आया था एज नरेगा। एनआरईजीए नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट के नाम से इसे लाया गया था 2005 में।
और ल्च कब किया गया इसे? नरेगा एक्ट यहां पर पास किया गया था 2006 में। और इसे ल्च किया गया। इंपॉर्टेंट है सेकंड फब 2006 को कहां लांच किया गया? एट बंदला पाली
आंध्र प्रदेश। अनंतपुर में। तो चलो इसी बेसिस पे मेरा आप आंसर दो कि इंडिया का पहला पंचायत कहां पे बनाया गया था? इंडिया का पहला पंचायत कहां पे बनाया गया था? बताओ भाई। इंडिया का पहला पंचायत कहां से चालू हुआ था? जैसे यहां पे मैंने आपको बताया बंदला पाली, अनंतपुर, आंध्र प्रदेश। सिमिलरली अगर आपसे पूछे तो वेरी गुड। कहां से?
नागौर राजस्थान में। ओके? नागौर राजस्थान में इंडिया का पहला पंचायत बनाया गया था। इसके बाद इसको रीनेम किया गया सेकंड अक्टूबर को। सही है? सेकंड अक्टूबर 2009 में इसके सामने महात्मा गांधी जोड़ दिया गया। इसलिए फिर ये बन गया महात्मा गांधी नेशनल रूलर एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट।
इसमें बेसिकली एक लीगल राइट टू वर्क दिया जाता था और एटलीस्ट 1/3 ऑफ दी सीट्स फीमेल के लिए रिजर्व करके इन्होंने रखी थी। एंड यह मिनिस्ट्री ऑफ रूरल डेवलपमेंट के अंदर आता है। एंड हु इज द करंट रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर ऑफ इंडिया? रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर ऑफ इंडिया अपने मामा जी। ठीक है?
शिवराज सिंह चौहान। शिवराज सिंह चौहान इज द करंट रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर ऑफ इंडिया। ओके। एनी डाउट?
सोशल सिक्योरिटी जो है वो कॉनकरेंट लिस्ट में आता है। ये आप सभी को पता ही होगा। दैट्स इट। कोई डाउट यार वीबी जी राम जी में क्या-क्या चेंजेस आए? क्या-क्या चेंजेस इन्होंने किए? नाम बेसिकली नाम बदला गया और थोड़ा सा फंडिंग को यहां पे क्या किया गया? चेंज किया गया। फंडिंग के यहां पे चेंजेस किए गए हैं। बाकी एस सच
कुछ वही जैसा आईपीसी का बीएएनएस ट्रांजैक्शन हुआ, सीआरपीसी का बीएएसएस ट्रांजैक्शन हुआ वैसे ही यहां पे नाम बदला जा रहा है। रिसेंटली जैसे आपने देखा होगा राजपथ को क्या कर दिया गया? राजपथ को कर्तव्य पथ कर दिया गया था। एंड राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड कर दिया गया। तो इस तरीके से जो नाम चेंज का प्रोसेस चल रहा है उसी का यह पार्ट है।
चलिए आगे बढ़े। नाउ इंडिया में 100 प्लस रामसर साइट्स हो चुके हैं। डू यू नो दिस?
जो इंडिया का सबसे लेटेस्ट आर्मसर साइट है वह है 113। द नेम इज सूखना वेटलैंड। ठीक है? तो इंडिया में टोटल 103 रामसाइट हो चुके हैं। 113 सूखना वेटलैंड। ये कहां है? आउटर हिमालयज में है। शिवालिक हिल्स में चंडीगढ़ में। ये एक पेरीअर्बन रिजवायर है।
इसका इकोलॉजिकल सिग्निफिकेंस क्या है? यह काफी सारे डवर्स हैबिटेट्स ओपन वाटर को और लिटोरल वेजिटेशन को सपोर्ट करता है। एंड यह वाटर बर्ड का घर है। व्हिच इज दी सेंट्रल एशियन फ्लाईवे में जो भी माइग्रेटरी वाटर बर्ड होती है उसके लिए एक इंपॉर्टेंट फीडिंग, ब्रीडिंग, रूस्टिंग एंड विंटरिंग ग्राउंड है। एंड आप सभी को पता है यही क्राइटेरिया होता है रामसार साइट के अंदर किसी भी ऑर्गेनाइजेशन के आने का।
की स्पीशीज इसमें जो पाए जाएंगे इस जगह पर वो है पोचार्ड अलास फिश ईगल ये सब और एंडेंजर्ड ब्लैक पोर्न टर्टल ये सभी चीजें ये सारे अ ऑर्गेनिज्म्स यहां पे आपको देखने को मिलेंगे इसलिए ये हमारे लिए इंपॉर्टेंट है इसको प्रोटेक्ट करके रखना क्लियर
बट क्या हमें ये जान ध्यान में रखना है नहीं ये तो छोटा सा फैक्ट है कि कौन सा बना 100 सूखना कहां है? चंडीगढ़ में। व्चर अपना पोचार्ड और टर्टल पाए जाते हैं। इंपॉर्टेंट चीज और भी है। बट उससे पहले ये भी देख लेते हैं। सौज झील उत्तर प्रदेश क्यों
इंपॉर्टेंट है? दिस वाज़ दी 100थ रामसर साइट ऑफ इंडिया। ठीक है? ये क्या था? ये 100थ रामसर साइट था इंडिया का। ये एक शैलो लेक है जो गंगा रिवर फ्लड प्लेन में पाया जाता है। ओके? एंड ये अगेन यहां पे सारा स्क्रीन और ग्रेटर स्पॉटेड ईगल यहां पे पाए जाते हैं। इसलिए इसे इनकी वजह से इसे क्या दिया गया है? सो इसको बनाया गया है।
हां सॉरी ये 100 सेकंड था। ये इंडिया का 100थ रामसार साइट है। ओके ये इंडिया का 100 रामसर साइट है। व्हिच इज़ दी जयप्रकाश नारायण सेंचुरी। दिस वाज़ 11 सेकंड। तो ये दोनों को लेटेस्ट दिया गया रामसर साइट का आई से उपाधि या रामसर साइट के अंदर। और इनको अभी रिसेंटली इंक्लूड किया गया।
इंडिया का 100 रामसर साइट जो है वो है जयप्रकाश नारायण बर्ड सेंचुअरी जिसे सुरहाताल भी बोला जाता है। लोकेशन कहां है? लोकेशन इज़ बलिया डिस्ट्रिक्ट उत्तर प्रदेश। फिफ्थ जून को डेजिग्नेट किया गया इसे वर्ल्ड एनवायरमेंट डे वाले दिन। नाउ लेट मी नो इस साल के वर्ल्ड एनवायरमेंट डे का थीम क्या था? कमेंट बॉक्स में बताना।
सिग्निफिकेंस इंडिया ने अपना 100 रामसर साइड का माइलस्टोन क्रॉस कर लिया। ये एक बर्ड सेंचुरी है सुरह ताल के अराउंड जो कि एक हॉर्स शू सेव्ड नेचुरल फ्रेश वाटर लेक है और ये माइग्रेटरी वाटर बर्ड्स के आने के लिए और उनको पानी देने के लिए उनको होस्ट करने के लिए यह जाना जाता है। ओके?
हमारे लिए इंपॉर्टेंट है यह पूरा रामसार साइट के स्टैटिक्स कि आखिर रामसर साइट कब आया, कैसे आया? ये सारी चीजें तो देखो रामसार साइट जो अपना है वो 1971 सेवंथ ऑफ सेकंड फब 1971 को रामसार ईरान में साइन किया गया था और उसी के बाद से फिर सेकंड फेब को हर साल वर्ल्ड वेटलैंड डे के नाम से सेलिब्रेट किया जाता है। इसका भी थीम
सब मुझे बताना क्या है? तो देखो जब भी आप किसी डे के बारे में जानो चाहे एनवायरमेंट डे हो, अर्थ डे हो, वेटलैंड डे हो, मॉस्किटो डे हो, कुछ भी हो उसका थीम जानना जरूरी है। ठीक है? तो इनका थीम याद होना चाहिए। इंडिया ने इसे जॉइ किया लगभग 10 साल बाद व्हिच इज 1 फब 1982 एंड रामसार कन्वेंशन में करेंटली 172 पार्टीज हैं आज के डेट में।
अब उसके कुछ बेसिक्स इसे कन्वेंशन ऑन वेटलैंड भी बोला जाता है। रामसार क्यों बोला जाता है इसे? क्योंकि उसी शहर में इसे साइन किया गया था। यूनेस्को इसकी डिपॉजिटरी है और एक वेटलैंड जो है वो वन आउट ऑफ दी नाइन क्राइटेरियास में से किसी एक को फुलफिल करना चाहिए। ठीक है? कौन से हैं ये वन आउट ऑफ नाइन क्राइटेरियास? ये जो नाइन क्राइटेरियाज़ है
बेसिकली वाटर वाला जगह होना चाहिए। किसी ऑर्गेनिज्म को उसके ब्रीडिंग के लिए, होस्टिंग के लिए, उसके लाइफ के किसी इंपॉर्टेंट फज़ में वो इंपॉर्टेंट साइट होना चाहिए जिस पे वो बेस्ड हो जिस पे वो डिपेंडेंट हो। ये सारी चीजें अगर उसके अंडर आ रही है तो वो रामसर साइड बनाया जा सकता है। ऐसा नहीं कि मैंने कल अपने घर के बगल में पानी भर दिया और बोल दिया यार ये भी गीली जगह है। इसको रामसर साइड बना दो। नो उसका कुछ सिग्निफिकेंस होना चाहिए।
वर्ल्ड का पहला रामसर साइट जो था वो था कुबॉक पेनसुला ऑस्ट्रेलिया। 1974 में इसे डेजिग्नेट किया गया था। अब इसे बोला जाता है गरीब गुनाक बारलू नेशनल पार्क। ओके? इसका नया नाम क्या है? गरीब गुल गुनाक बारलू नेशनल पार्क। कन्वेंशन साइन करने के 3 साल बाद इसे लिस्ट किया गया था और यह फर्स्ट एवर वेटलैंड ऑफ इंटरनेशनलेंस है। ठीक है?
वर्ल्ड का पहला वेटलैंड था। अब अगर मैं इंडिया की बात करूं तो इंडिया ने 1981 में दो साइट्स पाए अपने चिल्का और केवलादेव। 2014 में 26 साइट्स थे। 2025 में 96 और हमने रिसेंटली अक्टूबर 2026 तक 113 रामसार साइट्स अचीव कर लिए। इंडिया के जो पहले रामसार साइट्स थे वो थे चिल्का लेखक उड़ीसा में और केलादेव नेशनल पार्क भरतपुर राजस्थान में। ये दोनों
इंडिया के ओल्डेस्ट रामसर साइट है। ये क्या है? अपना लार्जेस्ट ब्रेकिश वाटर लगून इन इंडिया है। ठीक है? इंडिया का लार्जेस्ट सॉल्ट वाटर लेक है। अब इंडिया कहां स्टैंड करता है? इंडिया का एशिया में सबसे बड़ा रामसर साइट का नेटवर्क है। और वर्ल्ड में थर्ड नंबर पे आता है। फर्स्ट में यूके आता है। सेकंड में मेक्सिको आता है। इन ये आता है अपने एनवायरमेंट फॉरेस्ट
क्लाइमेट चेंज मिनिस्ट्री के अंदर। बताओ हु इज दी करंट एनवायरमेंट फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर ऑफ इंडिया? स्टेट वाइज़ रिकॉर्ड की अगर मैं बात करूं तो तमिलनाडु के पास सबसे ज्यादा है 20। उत्तर प्रदेश के पास सेकंड नंबर पे 14 साउथ झील बनने के बाद और बिहार, ओसा, पंजाब के पास है छह। एंड तेलंगाना, मेघालय
और नागालैंड के पास एक भी नहीं है। अभी रिसेंटली किस स्टेट को अपना पहला रामसार साइट मिला? वेरी गुड भूपेंद्र यादव। अभी रिसेंटली इंडिया के किस स्टेट को अपना पहला रामसार साइट मिला? बताओ भाई।
ओके। अरुणाचल प्रदेश को क्या नाम है बताओ जगह का? परफेक्ट। अच्छा छत्तीसगढ़ के पहले रामसर साइट का नाम बताओ मुझे। छत्तीसगढ़ को भी इस साल अपना पहला रामसर साइट मिला। टेल मी द नेम। क्या नाम है छत्तीसगढ़ के पहले रामसर साइट का?
ऑलवेज लेक नहीं यार वेटलैंड का नाम ही देखो ना जो चीज गीली जगह है जहां पे पानी होना चाहिए। ठीक है? पानी होना चाहिए तभी आप इसको लगा पाओगे। इसीलिए लेक मोस्ट ऑफ द टाइम होते हैं। अब इंडिया के रिकॉर्ड्स की बात करूं तो इंडिया के ओल्डेस्ट हैं चिल्का केवलादेव। लार्जेस्ट है सुंदरबन वेटलैंड। स्मालेस्ट है रेणुका वेटलैंड। ठीक है? और हाईएस्ट है सोमोरी लद्दाख में।
ओके? और सोकर लद्दाख में ये इंडिया के हाईएस्ट क्या हैं? अपने रामसार साइट्स हैं। अगर मैं वर्ल्ड की बात करूं तो वर्ल्ड में सबसे ज्यादा रामसर साइट यूके के पास है 176। बाकी हमने देखा हुआ है ऑलरेडी। फेमस वेटलैंड्स की बात करें तो कुबॉक पेनिनसुला वर्ल्ड का पहला था। पतानाल वर्ल्ड का लार्जेस्ट ट्रॉपिकल वेटलैंड है। और ठीक है? ये 1993 से रामसार
लिस्ट का है ये। अब रामसार के अंदर ना रामसार के अंदर एक मॉन्ट्रियोक्स रिकॉर्ड भी चलता है। तो बेसिकली रामसार साइट में जो अपने और ज्यादा इंपॉर्टेंट रामसर साइट्स के अंदर जो और ज्यादा इंपॉर्टेंट साइट्स हैं उनके लिए एक अलग से लिस्ट बनाई जाती है मॉन्ट्रियक्स रिकॉर्ड। बेसिकली इट इज़ टाइप ऑफ अ रेड लिस्ट ऑफ द रामसार साइट।
ऐसे साइट जिनका इकोलॉजिकल कैरेक्टर या तो बदल चुका है या बदल रहा है या बदलने वाला है उनको इसके अंदर रखा जाता है। बेसिकली इनको बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है और कंट्री फिर रिक्वेस्ट करती है कि इसको आप मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड में डालो। रामसार का सेक्रेटेरिएट इसे असेस करता है और जब यह रिस्टोर हो जाती है वो जगह जो जगह खराब
हो रही होती है वो रिस्टोर हो जाती है तो उसे रिमूव कर दिया जाता है तो एक रामसार साइट जो है वो हमेशा रामसार साइट रहेगा ठीक है ये ऑलवेज बट मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड में आते जाते रहते हैं। ठीक है? तो ये कोई सेपरेट लिस्ट नहीं है। ये रामसार साइट के अंदर ही एक सब लिस्ट है। कॉजेस क्या होते हैं? ह्यूमन इंटरफेरेंस, पोल्यूशन, टेक्नोलॉजी या अदर
फैक्टर्स की वजह से वो अगर साइट चेंज हो रहा है तो उसे मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड में डाला जाता है। इसे कब अडॉप्ट किया गया था? 1990 में रामसार के कॉप में मॉन्ट्रक्स स्विट्जरलैंड में जो हुआ था इसीलिए इसका नाम पड़ा है। अब इंडिया अगर मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड में बात करूं तो करेंटली इंडिया के दो साइट्स हैं मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड में।
पहला केवलादेव नेशनल पार्क 1990 में ऐड किया गया था। ओके। डैम की वजह से यहां पर इशूज़ आ गए थे। बर्ड के हैबिटेट्स को प्रॉब्लम हो गया था। दूसरा लोकतक लेक मणिपुर 1993 में ऐड किया गया था। अगेन पोल्यूशन और हाइड्रो पावर की वजह से यहां पे प्रॉब्लम हुआ था। एक इंडिया की सक्सेस स्टोरी है। चिल्का लेक भी इंडिया का राम
वो मॉन्ट्रक्स रिकॉर्ड में था। 1993 में सिल्टेशन की वजह से लेक का माउथ जो है वो बंद हो गया था। ठीक है? अब सल्टेशन क्या होता है? जब लेक के माउथ में बहुत सारी चीजें जमा हो जाती है तो पानी का आना जाना रुक जाता है। जिस वजह से अंदर का पानी खराब होने लगता है। तो ये यहां पे प्रॉब्लम हो रहा था इसमें। फिर 2002 में
इसे रिमूव कर दिया गया क्योंकि चिल्का डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इसे रिस्टोर कर दिया था। ओके? और इसीलिए फिर चिल्का डेवलपमेंट अथॉरिटी को रामसर वेटलैंड कंजर्वेशन अवार्ड मिला 2002 में। तो इंडिया का यह ऐसा मॉन्ट्रक् साइट है जिसे मॉन्ट्रक् साइट में जाने के बाद हटा भी दिया गया क्योंकि ऑलरेडी रिस्टोर हो चुका है।
क्लियर है भाई? कोई डाउट यहां तक? ईजी टॉपिक फ़क्चुअल टॉपिक्स ईजी होते हैं। राइट? फ़क्चुअल टॉपिक्स ईजी होते हैं। मजेदार होते हैं। ज्यादा दिमाग लगाना नहीं पड़ता। ये पूरा दिमाग का खेल है इंटरनेशनल रिलेशंस में और साइंस एंड टेक वाले में। ये सब तो फैक्ट्स हैं। याद करते जाओ, याद करते जाओ। और क्या? मुझे इंटरनेशनल में ज्यादा मजा आता है।
इंटरनेशनल और साइंस एंड टेक। चलो अब हम आते हैं नेक्स्ट टॉपिक पे व्हिच इज़ केरला रिनेम्ड एज केरलम। सो देखो इंडिया का ना एक आर्टिकल है इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के अंदर वि इज आर्टिकल थ्री।
आर्टिकल थ्री ये बोलता है कि जो सेंटर है ठीक है? जो सेंटर है वो किसी भी स्टेट के फॉर्मेशन कर सकती है। किसी भी स्टेट का फॉर्मेशन कर सकती है। एरिया को ऑल्टर कर सकती है और बाउंड्री या फिर नेम को चेंज कर सकती है एग्जिस्टिंग स्टेट्स के।
अच्छा इस पे कंटिन्यू करने से पहले मेरा एक क्वेश्चन है। क्या इंडिया के जो सेंटर है वह किसी स्टेट को एक यूनियन टेरिटरी बना सकती है। मतलब देखो यूनियन टेरिटरी को तो स्टेट बना सकती है। ऑब्वियस सी बात है। बट क्या डाउनग्रेड कर सकती है? क्या किसी स्टेट को यूनियन टेरिटरी बना सकती है?
द आंसर इज़ इसमें मेंशन नहीं है। बट प्रैक्टिकली ये चीज हुई है जम्मू एंड कश्मीर के साथ। जम्मू एंड कश्मीर हिस्टोरिकली एक स्टेट रहा है। ठीक है? बट इसे तू 2019 में बना दिया गया यूनियन टेरिटरी विद अ लेजिस्लेचर। इंडिया में दो टाइप के यूनियन टेरिटरी होते हैं। एक विद द लेजिस्लेचर, एक विदाउट अ लेजिस्लेचर। सो विद अ
लेजिस्लेचर अपना ये हो गया, पोंडीचेरी हो गया जिसमें इलेक्शंस होते हैं। जैसे पोंडीचेरी में दिल्ली हो गया। एक होते हैं विदाउट अ लेजिस्लेचर। जैसे लद्दाख उनके खुद के विधानसभा नहीं होते। होते हैं। लेजिस्लेचर मतलब स्टेट लेजिस्लेचर विधानसभा वो इनके पास नहीं होते हैं।
जम्मू कश्मीर के पास है। तो इस पे फिर कोर्ट ने जजमेंट ये दिया कि यार कॉन्स्टिट्यूशन में देखो आउटराइटली मेंशन नहीं कि आप ऐसा कर सकते हो या नहीं कर सकते हो। तो एक ग्रे एरिया है। हम इसमें बात करेंगे बट जितना जल्दी हो सके जम्मू कश्मीर को आप क्या करो? फिर से स्टेट बना दो। बट हां कॉन्स्टिट्यूशनल ने इसे मना नहीं किया है। एंड अगर कॉन्स्टिट्यूशनल ने किसी चीज को मना नहीं किया है तो वो वैलिड है। आप वैसा कर सकते हो। अब इसमें आर्टिकल
थ्री के अंदर यहां पर लिखा गया है आर्टिकल थ्री क्लॉज़ ई के अंदर अल्टर द नेम ऑफ एनी स्टेट। इसी के अंडर केरला का जो नाम है वो बदला गया। ठीक है? अब क्या कर दिया गया है? केरला के नाम को केरलम कर दिया गया है। फैक्ट्स तो मैं आपको आराम से बताते रहूंगा बट उससे पहले मैं आपको बताऊंगा कि
क्या प्रोसेस होता है स्टेट के नाम को बदलने का। अगर मुझे किसी स्टेट के नाम को बदलना है तो क्या प्रोसेस मुझे फॉलो करना होगा। देखो सबसे पहले ना स्टेट से एक रेजोल्यूशन पास होता है। तो स्टेट की जो लेजिस्लेचर है विधानसभा वो एक रेोल्यूशन पास करती है नाम बदलने के लिए। फिर उसके बाद उसे भेजा जाता है प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पे। अब यह रेोल्यूशन जो है वह प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया
के पास जाता है और जब यह चीज प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया के पास जाती है तब पार्लियामेंट से अप्रूवल लिया जाता है। बेसिकली एक बिल इंट्रोड्यूस किया जाता है पार्लियामेंट में जिसमें प्रेसिडेंट का रेकमेंडेशन होता है। तो अब यहां पे देखो यहां पे प्रेसिडेंट पहले भी आ रहा है, बाद में भी आ रहा है। ठीक है? तो ये प्रोसेस को थोड़ा सा समझना। फिर उसके बाद पार्लियामेंट में इसे लेकर डिबेट होता है
और फाइनली फिर प्रेसिडेंट का एसेंट मिल जाता है। दिस इज दी होल प्रोसेस। दिस इज दी होल प्रोसेस ऑफ चेंजिंग द नेम ऑफ अ स्टेट। अब हम यहां पे थोड़ा सा स्टैटिक फ़ैक्ट भी देख लेते हैं। दिस इज़ सबसे पहली चीज केरला का नाम केरलम क्यों पड़ा?
वाई केरलम। ठीक है? तो इसको समझना थोड़े से स्टैटिक फैक्ट्स इसके आप लिख लो। तो केरलम के पीछे रीजन ये है कि मलयालम में हमेशा से केरला को केरलम ही बोला गया है। ओके? ये वर्ड आया कहां से? ये वर्ड आया चेरलम से।
चेरलम या फिर चेरिलम। अब इसका मतलब क्या होता है? ये दो वर्ड से मिलके बना है। एक वर्ड है चेर। चेर मतलब टू जॉइन। और दूसरा वर्ड है अलम। अलम मतलब क्या होता है? लैंड।
ठीक है? तो जॉइनिंग अ लैंड इज़ केरलम। चेरलम वहां से ये केरलम बन गया। इसीलिए इसका नाम क्या गया है? केरलम किया गया। और साथ ही साथ 2026 के इलेक्शंस हुए थे। जो 2026 के इलेक्शंस हुए थे उसमें इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने केरला का नाम केरला नहीं रखा था। केरलम ही रखा था। ये नाम तब चेंज नहीं हुआ था। ठीक है? तो इलेक्शन के टाइम से ही इलेक्शन कमीशन ऑफ
इंडिया ने इसका नाम केरलम यूज़ किया हुआ है। अब केरला के स्टैटिक फैक्ट्स की अगर हम बात करें तो फर्स्ट नवंबर 1956 को क्या सेलिब्रेट किया जाता है? केरला पीरावी व्हाट इज़ केरला पीरावी? केरला पिरावी इज़ फॉर्मेशन डे ऑफ़ केरला।
ठीक है? तो केरला स्टेट के फॉर्मेशन डे को केरला पिरावी बोला जाता है। इसे मल्टीपल लैंड को जॉइ करके बनाया गया। कौन-कौन से लैंड? एक तो अपना ट्रेवकोर कोची पूरे अपना ये मलयालम स्पीकिंग बेल्ट प्लस मलाबार। ठीक है? तो ट्रेवकोर कोचिन और मलाबार में जो मलयालम स्पीकिंग रीजन थे उन सभी को जॉइ करके 1 नवंबर 1956 को केरला का प्रोविंस
यहां पे क्या किया बनाया गया और यहां पे फिर केरला के जो सीएम बने जो केरला के सीएम बने वो थे 1957 में इनका बहुत इंपॉर्टेंट सिग्निफिकेंस है। इनका नाम है ईएमएस नंबूरी पद।
ठीक है? इनकी खासियत ये है ये वर्ल्ड के फर्स्ट। ठीक है? वन ऑफ द वर्ल्ड्स फर्स्ट इेड कम्युनिस्ट लीडर हैं। नहीं तो आपने देखा होगा कम्युनिस्ट के लीडर्स इ हो के नहीं आते हैं। यह वन ऑफ द वर्ल्ड्स फर्स्ट इेड कम्युनिस्ट लीडर में से एक हैं। नाम क्या है? ईएमएस नंबूरी पद। ओके नंबूरी पद यार नंबूरी नहीं नंबूरी पद ओके
ये क्या है ये केरला के फर्स्ट सीएम बने ओके केरला के फर्स्ट सीएम बने अच्छा इस साल केरला का केरला का सीएम कौन बना बताओ मुझे इस साल केरला का सीएम कौन बना केम का बेसिकली इस साल केरलम का सीएम कौन बना पता होना चाहिए वेरी गुड द नेम इज विधि सतीशन ओके
तमिलनाडु नहीं भाई केरला वी सतीश अब यहां पे आप समझना इसको इंडिया में एक कमीशन आया जिसका नाम है फजल अली कमीशन ठीक है? ये जो फजल अली कमीशन है,
इसने बेसिकली ये बोला कि स्टेट्स बेस्ड ऑन लैंग्वेज बनाए जा सकते हैं। कब लाया गया इसे? 1953 55। अच्छा आप मुझे बताओ क्या आपने इससे पहले सिर्फ लैंग्वेज के बेसिस पर इंडिया में स्टेट बनते हुए देखे थे? नहीं देखे थे। क्योंकि इसी कमीशन ने उस पर रिव्यू
करना चालू किया और इसके बाद फिर इंडिया का पहला स्टेट लिंग्विस्टिक बेसिस पे फर्स्ट लिंग्विस्टिक स्टेट ऑफ इंडिया। बताओ मुझे कौन सा था? इंडिया का पहला स्टेट जो लैंग्वेज के बेसिस पे बना। फर्स्ट स्टेट इन इंडिया जो लैंग्वेज के बेसिस पे बना। वेरी गुड। आंध्र प्रदेश।
ठीक है? तेलुगु स्पीकिंग पापुलेशन। एंड उसके बाद फिर जैसे ही आंध्र प्रदेश बना देन फिर अपना केरला बना, तमिलनाडु ये सब क्या है? अपने लैंग्वेज के बेसिस पे बनने वाले स्टेट्स हैं। और लैंग्वेज के बेसिस पे स्टेट्स बनाने के लिए जिस कमीशन ने रेकमेंडेशन दिया था उसका नाम क्या था? फजल अली कमीशन।
ओके? एंड आंध्र प्रदेश के लिए जिन्होंने प्रोटेस्ट किया था उनका नाम क्या था? पोटी श्रीरामलू। इन्होंने प्रोटेस्ट किया था। बेसिकली फास्टिंग की थी इन्होंने और उसके बाद फिर क्या किया गया? आंध्र प्रदेश को एक लिंग्विस्टिक स्टेट बनाया गया इंडिया का इन द ईयर 1953।
33 ओके बाकी अच्छा ये तो सभी को पता होगा ना दैट वेस्ट बंगाल का नाम बदलने की बात चल रही है। वो अपना नाम कर रहे हैं बंगला। ठीक है? बंगला नाम अपना करना चाहते हैं वो। और केरला में दो इंपॉर्टेंट चीजें हैं। द
फर्स्ट वन इज केरला का इंडिया का पहला वाटर मेट्रो केरला में है। और कोची एयरपोर्ट इंडिया का पहला फुल्ली सोलर पार्क एयरपोर्ट है। ये दोनों भी आप पॉइंट मेंशन करके रखना। क्या-क्या? द फर्स्ट पॉइंट इज़ इंडिया का पहला वाटर मेट्रो केरला में है। और इंडिया का पहला फुल्ली सोलर पावर्ड
एयरपोर्ट कहां है? कोच्ची एयरपोर्ट केरला में क्लियर कोई डाउट यार केरला के रीनेम वाले प्रोसेस पे फैक्ट्स पे इन सारी चीजों पे यस वाटर मेट्रो पानी में चलने वाली मेट्रो
चलो अब हमारा नेक्स्ट टॉपिक है इंडिया को अपने नए सीडीएस सर्विस चीफ यह सब मिले हैं। तो उसको भी थोड़ा सा हम एक बार ध्यान से पढ़ लेते हैं। सो सीडीएस बेसिकली इज़ नोन एस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ।
अब देखो आप सभी को पता है इंडिया में ना 1999 में 1999 में कारगिल वॉर हुआ था। अब यह जो कारगिल वॉर है इसके लिए एक वॉर रिव्यू कमेट बनाई गई। ठीक है? जिसका लीडर रखा गया के सुब्रमण्यम साहब को। अब यह जो के सुब्रमण्यम है यह अपने एस जयशंकर जी के पिताजी हैं। तो उस
कारगिल वॉर को रिव्यू करने के लिए जो कमेटी बनाई उस कमेटी ने यह देखा कि हमारे कारगिल वॉर में इतने बड़े लॉस के पीछे या इतने हार्म के पीछे द मेन रीज़न वाज़ हमारी जो इंडियन आर्म्ड फोर्सेस हैं, इंडियन एयरफोर्स है और जो इंडियन नेवी है उसके बीच में आपस में कोलैबोरेशन करने के लिए कोई एस सच तगड़ी अथॉरिटी नहीं है। क्योंकि
अगर मैं करेंटली इंडिया के डिफेंस हायरार्की की बात करूं तो देखो आर्मी होती है आर्मी चीफ देन नेवी चीफ होते हैं नेवी के और एयरफोर्स के चीफ होते हैं एयरफोर्स के चीफ इन तीनों के ऊपर जो है इन तीनों में आर्मी वाले को जनरली क्या बनाया जाता है कोई सीडीएस अभी तक था नहीं एक आर्मी का चीफ है एक नेवी का चीफ है एक एयरफोर्स का
चीफ है आपस में कोई इनको लीड करने के लिए है नहीं इन तीनों तीनों के ऊपर सिर्फ एक ही पोस्ट है वो है प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया। इन तीनों के ऊपर कौन सा पोस्ट है? प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया। प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया इन तीनों का मेन हेड होता है। बट क्या प्रेसिडेंट को आईडिया है लड़ाई कैसे चलती है? लड़ाई में क्या डिसीजन लेने हैं?
क्या करना है? कैसे करना है? नथिंग। तो वो ये कर नहीं सकते। वॉर एक्सपीरियंस अलग होता है। तो इन्होंने ये बोला कि यार हमें ना एक सीडीएस जैसा पोस्ट लाना चाहिए। तो ये सीडीएस का पोस्ट सजेस्ट कितना किया? 1999 के कारगिल वॉर रिव्यू कमिटी
बाय के सुब्रमण्यम स्पेलिंग चेक कर लेना यार ठीक है स्पेलिंग मे बी गलत हो सकती है बट ये उनका नाम था एस जयशंकर के पिताजी थे। अब इन्होंने सुब्रमण्यम कमेट ने यह सजेस्ट किया और फिर सीडीएस का पोस्ट 2019 में ठीक है 2019 में डिक्लेअ किया गया दिसंबर में क्रिएट किया गया
और जनवरी 2020 में जनरल बिपिन रावत इंडिया के पहले सीडीएस बन थे एंड ही डाइड इन हारनेस मतलब मतलब कोस्ट में रहते-रहते इनकी डेथ हुई थी हेलीकॉप्टर क्रैश की वजह से। तो ये थे इंडिया के पहले सीडीएस। इसके बाद फिर इंडिया को अपना दूसरा सीडीएस भी मिला। ठीक है? अनिल चौहान। अब इंडिया को अपने टी तीसरे सीडीएस
मिले हैं जिनका नाम क्या है? जिनका नाम है राजा सुब्रमण्यम। राजा सुब्रमण्य इज दी न्यू थर्ड सीडीएस ऑफ इंडिया। इसी के साथ-साथ इंडिया को अ तीन और अ चीफ मिले अपने आर्म्ड फोर्सेस के। एंड
वो तीन चीफ कौन-कौन से थे? ये भी एक बार आप नोट कर लेना। अपार्ट फ्रॉम द सीडीएस इंडिया को इंडियन आर्मी का नया चीफ मिला। ठीक है? इंडियन आर्मी का नया चीफ कौन बना? जनरल धीरज सेठ। आफ्टर दिस नेवी के चीफ कौन बने इंडियन नेवी के? इंडियन नेवी के चीफ बने एडमिरल
कृष्ण स्वामीनाथन। एंड एयर फोर्स के नए चीफ कौन बने? एयरफोर्स के नए चीफ बने एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित।
यह तीन नए चीफ हमें मिले इंडियन आर्म मिलिट्री फोर्सेस के। अब कुछ स्टैटिक फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं। ठीक है? स्टैटिक फैक्ट्स जो हमें थोड़े से पता होने चाहिए। दीज़ फैक्ट्स आर इंडियन आर्मी डे कब सेलिब्रेट किया जाता है? इंडियन आर्मी डे हम सेलिब्रेट करते हैं। 15th जनवरी को। क्यों सेलिब्रेट करते हैं?
इसी दिन इंडियन आर्मी का कमांड जनरल के एम करियप्पा ने ब्रिटिशर्स से लिया था। ठीक है? तो जो इंडिया के पहले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ थे। ठीक है? इंडिया के पहले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ थे वो कौन थे? के एम करप्पा। उन्होंने इसी दिन चार्ज लिया था 15th जनवरी को। उसके बाद एयरफोर्स डे हम सेलिब्रेट करते हैं। एयरफोर्स डे हम कब
सेलिब्रेट करते हैं? एट्थ अक्टूबर को। एथ अक्टूबर को क्यों सेलिब्रेट करते हैं हम? एयरफोर्स क्योंकि इसी दिन एयरफोर्स का फॉर्मेशन हुआ था। इसी दिन क्या हुआ था? इंडियन एयरफोर्स का फॉर्मेशन हुआ था 1932 में।
और इंडियन नेवी डे हम सेलिब्रेट करते हैं फोर्थ दिसंबर को। नेवी डे हम सेलिब्रेट करते हैं फोर्थ ऑफ दिसंबर को। क्यों सेलिब्रेट करते हैं? क्योंकि इसी दिन इंडिया ने ऑपरेशन ट्राइडेंट ल्च किया था।
पाकिस्तान के अगेंस्ट 1971 क्लियर यह तीन डेट्स भी आप याद रखना ऑपरेशन ट्राइडेंट हमने लांच किया था 1971 में इसलिए इसे सेलिब्रेट किया जाता है फोर्थ ऑफ दिसंबर को और सेवंथ दिसंबर को सेलिब्रेट किया जाता है आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग डे
7 दिसंबर को ये कुछ डेट्स के इंपॉर्टेंट स्टैटिक फैक्ट्स हैं। इसके बाद फिर जो नेक्स्ट हमारा आता है वो है कुछ फर्स्ट वाले बेसिक्स। ये भी थोड़ा सा आप नोट डाउन कर लेना। इंपॉर्टेंट फैक्ट्स हैं। एग्जाम में उठ के आ सकते हैं वन लाइनर के फॉर्म में या किसी भी टॉपिक के अंदर।
फर्स्ट नेवी चीफ ठीक है फर्स्ट नेवी चीफ वास एडमिरल आर डी कटारी ओके देन फर्स्ट इंडियन एयरफोर्स चीफ इनका क्या नाम था एयर मार्शल
सुब्रोत मुखर्जी ओके एंड आफ्टर दिस इसमें थे इंडिया के फर्स्ट सीडीएस मैंने ऑलरेडी आपको बताया हुआ है। एंड फर्स्ट इंडियन आर्मी के चीफ कौन थे? ये भी अभी थोड़ी देर पहले मैंने आपको बताया जनरल के एम करियप्पा।
ओके। इंडिया के पहले फील्ड मार्शल इंडिया के पहले फील्ड मार्शल कौन थे? सैम मोनिक शॉप। अब देखो फील्ड मार्शल क्या होता है? सुनना ध्यान से। ठीक है? इंडिया में ना टोटल पोस्ट में हाईएस्ट स्टार होता
है फाइव स्टार। ठीक है? एक फाइव स्टार रैंक का ऑफिसर सबसे ऊंचा होता है। बट इवन चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ को फोर स्टार का रैंक दिया जाता है। तो भैया ये पांचवा स्टार कब जुड़ता है? जब कोई वॉर के टाइम पे ठीक है? जब कोई वॉर के टाइम पे आर्म फोर्सेस को कमांड करे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ। उसे बोला जाता है फाइव स्टार। वो एक उपाधि है जो दी जाती है। ऐसे नॉर्मली नहीं मिल जाती किसी को। तो पहली बार सैम मोनिक शॉ
जी को दी थी। इन्होंने 1971 के इंडोपाक वॉर के टाइम पे इंडियन आर्म फोर्सेस के चीफ के फॉर्म में इंडियन आर्मी को सर्व किया था। और सेम होता है एयरफोर्स में भी। तो मार्शल ऑफ इंडियन एयरफोर्स फर्स्ट मार्शल ऑफ इंडियन एयरफोर्स की उपाधि किन्हें दी गई थी? अर्जुन सिंह को।
इन्होंने क्या किया था? इन्होंने जो 1965 का इंडोपाक वॉर हुआ था। जो 1965 का इंडोपाक वार हुआ था उसमें इन्होंने सर्व किया था। इंडिया की नेवी को अभी तक कोई भी एडमिरल ऑफ द फ्लट नहीं मिला है। ओके? इंडियन नेवी को अभी तक कोई भी एडमिरल ऑफ द फ्लट नहीं मिला है। क्लियर? ये स्टैटिक फैक्ट्स कुछ इंडियन आर्मी के बारे में।
बाकी मिलिट्री फोर्सेस के बारे में। ओके। अपार्ट फ्रॉम दिस हां। कोई डाउट भाई यहां तक? क्लियर है?
परफेक्ट। चलो। आगे बढ़ते हैं। सारनाथ को इंडिया का यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट डिक्लेअर कर दिया गया। इंपॉर्टेंट टॉपिक हां, वेरी गुड। एक और यहां पे इस पे ऐड ऑन कर लेना।
इंडिया के ही तरह किसी और कंट्री ने अपना नया सीडीएस का पोस्ट ल्च किया है। द नेम इज पाकिस्तान। एंड किसे दिया गया वो पोस्ट? आसिम मुनीर को। ठीक है? तो आसिम मुनीर पाकिस्तान का नया चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ है। अब हम आते हैं अपने नेक्स्ट टॉपिक पे व्हिच इज़ सारनाथ को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट इस साल डिक्लेअर कर दिया गया।
सो यूनेस्को की जो 48थ सेशन थी इन्होंने क्या किया? इन्होंने डिक्लेअर किया है सारनाथ को। ठीक है? और ये कहां बैठी थी? ये बैठी थी बुसान साउथ कोरिया में। इन्होंने डिक्लेअ किया सारनाथ को।
सारनाथ कहां है? वाराणसी उत्तर प्रदेश में। इंडिया के टेटिव लिस्ट में ये 1998 से पहले से था। इसे डिक्लेअ इस साल किया गया है क्या? अपना हेरिटेज साइट। अब क्यों इसे किया गया है? क्योंकि आप सभी को पता है बुद्धिस्ट रिलीजन के लिए यह बहुत इंपॉर्टेंट है और यह एक लिविंग ट्रेडिशनल साइट है। लिविंग मतलब अभी भी जहां लोग जाते हैं और जिसको माना जाता है इसलिए इसे
और यहां पेेंस दी गई। तो कुछ स्टैटिक फैक्ट्स हम सारनाथ के बारे में देख लेते हैं। तो देखो सारनाथ जो है ना वो बेसिकली यहां पे कुछ इंपॉर्टेंट मोन्यूमेंट्स हैं सारनाथ के अंदर। जैसे कि है धामेक स्तूपा। ठीक है? सारनाथ में एक धामेक स्तूपा है।
यहां पर पहला सेरेमन हुआ था। ठीक है? गौतम बुद्ध का पहला सेरेमन यहां पे हुआ था धामेक स्तूपा में। इसी के साथ-साथ यहां पे है चौखंडी स्तूपा। चौखंडी स्तूपा। यहां पे क्या हुआ था? यहां पे गौतम बुद्ध अपने पांचों डिसाइपल से मिले थे। उसके बाद फिर है धर्मराज का स्तूपा। ठीक है? द नेक्स्ट इज धर्मराजिका। धर्मराजिका को अशोका ने बनाया था।
ठीक है? धर्मराजिका को किसने बनाया था? अशोका ने बनाया था। उसके बाद फिर अशोकन पिलर है यहां पे। यह बहुत इंपॉर्टेंट है। दी मोस्ट इंपॉर्टेंट अशोकन पिलर। यह जो अशोकन पिलर है, इसे बनाया गया था थर्ड बीसीई में।
और इसका जो लायन कैपिटल है यह अपने इंडिया का नेशनल एंबलम है। ठीक है? इसका लायन कैपिटल जो है वो इंडिया का नेशनल एंबलम है। और इसी में फिर आता है अपना सारनाथ म्यूजियम। इसी में आता है सारनाथ म्यूजियम जो कि इंडिया का
ओल्डेस्ट साइट म्यूजियम है। ठीक है? ये सब इसी जगह के अंदर आते हैं। एंड इसीलिए इस जगह कीेंस और ज्यादा बढ़ जाती है। ठीक है? इसीलिए इस जगह कीेंस और ज्यादा हमारे लिए बढ़ जाती है।
बुद्ध जी ने अपना पहला सेरेमन ठीक है? क्या नाम था गौतम बुद्ध के पहले सेरेमन का? धर्मचक्र परिवर्तन। ठीक है? धर्मचक्र परिवर्तन जो गौतम बुद्ध के पहले सेरेमन का नाम था वो उन्होंने यहीं पे दिया था। वो भी इंपॉर्टेंट फैक्ट है। नाम क्या था?
धर्मचक्र परिवर्तन। अपार्ट फ्रॉम दिस अ नेशनल एंबलम भी यही है। तो उसके बारे में थोड़ा सा हमें स्टैटिक जानना जरूरी है। तो देखो नेशनल एंबलम में क्या-क्या चीजें इंपॉर्टेंट है। 26th ऑफ जनवरी 1950 को अडॉप किया गया था। इसे एज अ नेशनल
एंथम नेशनल एंबलम। देयर आर टोटल फोर लायंस। ठीक है? जिसमें से तीन विजिबल होते हैं अपने नेशनल एंबुलम के। यह ध्यान में रखना है हमें। अपार्ट फ्रॉम दिस टोटल इसमें चार जानवर हैं। ठीक है? कितने जानवर हैं? कितने एनिमल्स हैं अपने नेशनल कैपिटल में? नेशनल एंबलम में? फोर।
कौन-कौन से? एक है बुल, एक है हॉर्स, एक है एलीिफेंट और एक एशियाटिक लायन। दीज़ आर दी फोर एनिमल्स जो कि इंडिया के नेशनल एंबलम में आपको देखने को मिलेंगे। और इन इसमें जो मोटो है, ठीक है? द मोटो इज सत्यमेव जयते।
यह जो सत्यमेव जयते है, यह कहां से लिया गया है? यह लिया गया है मुंडक उपनिषद से। सत्यमेव जयते कहां से लिया गया है? मुंडक उपनिषद से इस मोटो को इंडिया के लिया गया है। हमारे जो नेशनल एंबलम में मोटो है। अपार्ट फ्रॉम दिस 1905 में लायन कैपिटल को पाया गया था। ठीक है? नॉट दैटेंट।
हां। यूनेस्को के बारे में थोड़े से स्टैटिक फैक्ट्स आप यहां पे ध्यान से नोट कर लो। अबाउट यूनेस्को। तो यूनेस्को का फॉर्मेशन हुआ था 1945 में और इसका हेड क्वार्टर है पेरिस में। ओके? पेरिस में इसका हेड क्वार्टर है और यही जो है हर साल हेरिटेज साइट की लिस्ट को क्या करता है? मेंटेन
करता है। अब कौन सी कंट्री है जो इस साल यूनेस्को हेरिटेज साइट को तीसरी बार फिर से छोड़ रही है? जॉइ करती है, छोड़ती है, जाइन करती है, छोड़ती है, ज्वाइन करती है, छोड़ती है। कौन सी कंट्री है जो इस बार इसे तीसरी बार फिर से छोड़ रही है?
वेरी कॉमन कंट्री। मतलब जो नाम आपके दिमाग में सबसे पहले आ रहा है वही है यार। हम यूएसए तो अगर आपने देखा होगा तो यूएसए इस साल लगभग 66 बॉडीज को छोड़ रहा है। कुछ यूएन की बॉडी कुछ नॉन यूएन की बॉडी जिसमें से दो और मेजर बॉडीज हैं। WHO
और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जिसका लीडर इंडिया है। और साथ ही साथ एक और ऑर्गेनाइजेशन को वो छोड़ रहा है व्हिच इज़ आईपीसीसी। ठीक है? इन सभी ऑर्गेनाइजेशंस को वो छोड़ रहा है। तो उसको भी हम अभी करेंगे जब हम अपना साइट में जाएंगे अपने समिट वाले टॉपिक पे। एक फैक्ट इसका और लिख लो। यूनेस्को के जो करंट सेक्रेटरी जनरल हैं। ठीक है?
यूनेस्को के डायरेक्टर जनरल होते हैं उनका नाम क्या है? खलीलद इनानी। ठीक है? ये यूनेस्को के करंट चीफ हैं। वर्ल्ड का पहला यूनेस्को हेरिटेज साइट कौन सा था?
वर्ल्ड का पहला यूनेस्को हेरिटेज साइट कौन सा था? गलापागोस आइलैंड। ठीक है? गला पागोस आइलैंड। कहां है ये? इक्वाडोर में। कहां है ये? इक्वाडोर में है। एनी डाउट?
एनी डाउट भाई? क्लियर? यार इंडिया वालों का नाम उनको एब्नॉर्मल लगता होगा। वो बोलते होंगे यार इंडिया वाले एब्नॉर्मल नाम नहीं रख सकते क्या? इट्स नॉट अबाउट नॉर्मल। आई मीन कोई भी चीज़ डिफिकल्ट नहीं होती। इट्स जस्ट यू आर नॉट फ़मिलियर विद इट। तो डिफिकल्टी को बदलो अनफेमिलियरिटी से। आसान हो जाएंगी चीजें।
अब इंडिया में यूसीसी लाया गया। यह हमने बहुत डिटेल में किया हुआ है लीगल करंट अफेयर्स में। वहां पर जाकर तुरंत आज का सेशन खत्म होगा। तो कल संडे है। मॉक के अलावा आपके पास खाली टाइम होगा। तो अननेसेसरी डिले मत करना। सुबह कल में खत्म कर देना। ठीक है? और रिकॉर्डेड को आप अपने पेज पे देख भी सकते हो। तो उसको कल अच्छे से खत्म कर देना। बाद के लिए उसको डिले मत करना। क्योंकि बाद में और बहुत सारी चीजें मैं आपके लिए लाने वाला हूं।
ठीक है? बाद में और क्या-क्या हम लाने वाले हैं, यह मैं एक बार आपको बता देता हूं। एक सेकंड यार लैग हो रहा है क्या? स्क्रीन क्लियर ओके ओके चलो। सो उसको अननेसेसरी डिले मत करना क्योंकि बाद में देखो स्टैटिक जीके सुपरलेटिव्स इन इंडिया एंड आपका इंपॉर्टेंट वॉर एक्सरसाइजज़ डेट्स एंड डेट्स थीम जो याद रखने वाली चीज़ उसको हम कवर करेंगे और स्टैटिक जी को कवर करेंगे।
बाकी इसका नोट्स तो डिस्क्रिप्शन में आपको मिल जाएगा। तो उसको डिले मत करना। उसका नोट्स भी अवेलेबल है। इसको भी हमें करना है। तो अब डिले करने का टाइम नहीं बचा। अब तो जैसे-जैसे टाइम मिल रहा है उसको कंटीन्यूअसली हम कवर करते जाएंगे। ओके? चलो यार। सो इंडिया में यूसीसी लाई जा रही है।
अब ये जो यूसीसी है इंडिया में यू उत्तराखंड में ऑलरेडी आ चुकी थी। आर्टिकल 44 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन स्टेट्स दैट यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट फॉर द सिटीजंस। ठीक? तो यूसीसी का मेंशन कहां पे है इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन में? आर्टिकल 44 में। आर्टिकल 44 एक डीपीएसपी है। व्हिच इज़ डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी। तो हमारे इंडिया में ना कॉन्स्टिट्यूशन में कुछ-कुछ चीजें हैं। लाइक फंडामेंटल राइट्स, फंडामेंटल ड्यूटीज। फंडामेंटल राइट्स क्या है? जो हमें अधिकार दिए गए
हैं। फंडामेंटल ड्यूटीज क्या है? जो हमारा एज अ सिटीजन ऑफ इंडिया ड्यूटीज बनते हैं। सिमिलरली ये ड्यूटीज कुछ स्टेट की हैं। कि इंडिया में जो स्टेट जो गवर्न करेगा, जो पार्टी जो सरकार गवर्न करेगी, उनको क्या-क्या चीजें फॉलो करनी चाहिए। यह डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स हैं स्टेट के लिए कि उनको अपनी पॉलिसी कैसे बनानी है। बट
दीज़ आर जस्ट लाइक फंडामेंटल ड्यूटीज। ये इनफोर्सिएबल नहीं है। तो डीपीएसपी के अंडर अगर कोई भी चीज मेंशंड है तो जरूरी नहीं है कि अगर वो गवर्नमेंट वो नहीं करती है तो वो कॉन्स्टिट्यूशन के अगेंस्ट जा रही है। ठीक है? वो चाहे तो कर भी सकती है नहीं भी कर सकती हैं। उसी में से एक है यूनिफॉर्म सिविल कोड। तो आइडियली ये बोला जाता है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड होना चाहिए इंडिया के हर स्टेट में और एक गवर्नमेंट को यह प्रोवाइड करना होगा। बट हुआ नहीं है ऐसा अभी तक।
इस साल जो स्टेट्स हमारे यूनिफार्म सिविल कोड करा रहे हैं वो है गुजरात उत्तराखंड एंड ओह उत्तराखंड में ऑलरेडी हो चुका है। मैं इस साल की बात कर रहा हूं। असम एंड मध्य प्रदेश। ये तीन हमारे स्टेट्स हैं जो इस साल यूसीसी कराना चाहते हैं।
करार दिए हैं। इनफैक्ट इन्होंने पास कर दिया है। इसमें से अपने गुजरात की और मध्य प्रदेश के यूसीसी कमेटी के चेयर पर्सन कौन हैं? जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई है और यही जो है वह उत्तराखंड के कमेटी के भी चेयर पर्सन थे।
अब इसमें आगे जो चीजें हैं वो यह है कि गुजरात को पास किया जा चुका है और गुजरात को प्रेसिडेंशियल एसेंट भी मिल चुका है। वहां पर बस रूल्स बनाने और यूसीसी को अप्लाई करना बचा है। द सेम इज द केस विद अपना
आसाम और एमपी। ठीक है? अब इन्होंने इस साल इंडिया में यूसीसी लागू किया और होम मिनिस्टर अमित शाह ने ऑलरेडी डिक्लेअ कर दिया है कि इंडिया में जिस-ज जगह पे एनडीए या बीजेपी की सरकार होगी वहां पे हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने वाले हैं। अब कुछ-कुछ कॉमन प्रोविज़ंस जो आपको यहां पे देखने को मिलेंगे वो है मोनोगैमी।
इनका कहना है कि यार मोनोगैमी जो है वो लीगल होगी। बायगैमी विल बी इललीगल। तो मोनोगैमी एक इंपॉर्टेंट हर स्टेट में आपको ये कॉमन देखने को मिलेगा। उसके बाद फिर कंपलसरी मैरिज एंड डिवोर्स। ठीक है? तो मैरिज और डिवोर्स को रजिस्टर करना कंपलसरी हो जाएगा। एंड साथ ही साथ लिव इन रिलेशनशिप को भी रजिस्टर करना जरूरी हो जाएगा। ठीक है? इन सभी जगह पे लिव इन रिलेशनशिप भी जरूरी हो जाएगा। चिल्ड्रन को लेजिटमेट माना जाएगा।
मैरिज का एज जो है वह 21 और 18 रहेगा। ठीक है? दिस विल बी दी मैरिज एज और सन और डॉटर्स के लिए इक्वल इन्हहेरिटेंस मतलब 50-50 जो भी जायदाद है बेटी को भी 50% बेटे को भी 50% ये सारी चीजें वहां पे पुट कर दी गई है। तो बेसिकली यूनिफॉर्म सिविल कोड होता क्या है? यूनिफॉर्म सिविल कोड इज़
नथिंग बट यहां पे आपको और डिटेल में पता चलेगा। यूनिफॉर्म सिविल कोड मतलब रिलीजन को ध्यान में नहीं रखते हुए ठीक है? रिलीजन को मद्देनजर नहीं रखते हुए स्टेट का अपना एक खुद का सिविल लॉ। अब देखो यूनिफॉर्म सिविल
कोड लिखा हुआ है। क्योंकि इंडिया में क्रिमिनल कोड ऑलरेडी यूनिफार्म है। डू यू नो दिस? क्या आपने ऐसा देखा है कि यार मुस्लिम के लिए फांसी की सजा की जगह कुछ और? हिंदू के लिए कुछ और, क्रिश्चियन के लिए कुछ और? नहीं। जो हमारा क्रिमिनल कोड है वह ऑलरेडी यूनिफाइड है। बीएएस में, बीएएसएस में, आपके बीएसए में यह सभी हर रिलीजन के लिए सेम है। वैसा ही यूसीसी के अंडर स्टेट्स के लिए कराने की यहां पे बात चल रही है। क्लियर?
अब यहां पे मेरा क्वेश्चन ये है कि आप मुझे ये बताओ क्या यूसीसी पूरे देश में एक साथ लगता है या किसी-किसी स्टेट में लग रहा है? धीरे-धीरे? किसी-किसी स्टेट में लग रहा है धीरे-धीरे। तो अब अगर किसी स्टेट में लग रहा है तो फिर प्रेसिडेंट के एसेंट की क्या जरूरत है? हु विल टेल मी? प्रेसिडेंट के एसेंट की क्या जरूरत है?
क्योंकि गवर्नर का एसेंट चाहिए रहना चाहिए ना। अगर स्टेट में लग रहा है तो मैं प्रेसिडेंट के पास क्यों जा रहा हूं? गवर्नर के पास जाना चाहिए मुझे। अरे हेड ऑफ स्टेट तो गवर्नर हो गया ना। रीजन समझना। यूसीसी किस में आता है? यूसीसी किस में चेंजेस लाता है? यूसीसी चेंजेस लाता है मैरिज में, डिवोर्स में, फैमिली लॉ से रिलेटेड मैटर्स में। ये जो मैरिज है, ये जो डिवोर्स है, ये कॉनकरेंट लिस्ट के अंदर आते हैं।
कॉनकरेंट लिस्ट की चीजें स्टेट अकेले नहीं बदल सकता। तो अगर कॉन्करेंट लिस्ट की चीजें स्टेट को अकेले बदलनी है तो प्रेसिडेंट के एसेंट की जरूरत होती है। क्लियर? आया भाई समझ में? ओके मैं इसमें तो आपको फैक्ट्स बता रहा हूं। बाकी पूरे केस लॉज़ एंड सारी चीजें हमने इसमें की हुई है। भाई मैं बार-बार रिपीट नहीं करता हूं इतना किसी लेक्चर को।
बट अगर मैं इसको कर रहा हूं तो समझ जाओ वो बहुत इंपॉर्टेंट है। वरना बाद में फिर आप मत बोलना भैया ये आपने इसमें कवर नहीं किया था। ओके चलो उत्तराखंड उत्तराखंड वास इंडिया का पहला स्टेट आफ्टर इंडिपेंडेंस टू गेट यूसीसी चीफ कौन थी
अगेन वही थे रंजन प्रकाश देसाई इसके बाद गोवा में सबसे पहले से इंडिपेंडेंस के पहले से ये तो आप सभी को पता है। ठीक है? सो गोवा में इंडिपेंडेंस के बाद नहीं आया। मैंने इसको पहला इसलिए बोला क्योंकि इंडिपेंडेंस के बाद उत्तराखंड वाज़ दी फर्स्ट। उससे पहले गोवा में गोवा में पहले
पोर्तुगीज़ सिविल कोर्ट चलता था। फिर गोवा सिविल कोर्ट वहां पे लगना चालू हो गया। क्लियर? एनी डाउट? बाकी यूसीसी पूरा लीगल टॉपिक है। यूसीसी पूरा लीगल टॉपिक है। इसलिए यहां पे मैंने सिर्फ छोटे-छोटे फैक्ट्स आपको बताए हैं जो याद करने लायक हैं। बाकी लीगल रीजनिंग के पर्सपेक्टिव से यहां हमारे लिए वो चीजें कवर की जाएंगी।
कॉन्स्टिट्यूशनल पर्सपेक्टिव से इंपॉर्टेंट। ओके? क्लियर है यार सभी को? सेम। अगेन ये जो नेक्स्ट टॉपिक है वो भी बिल्कुल वैसा ही है। लीगल रीजनिंग से रिलेटेड ज्यादा है। एंड ऑलरेडी हमने बहुत डेप्थ में कवर किया हुआ है। तो कुछ फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं। देखो इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया। ओके? सो अभी रिसेंटली आपने देखा होगा ज्ञानेश
कुमार जी के अगेंस्ट प्रोटेस्ट वगैरह चालू हुआ था। जिस प्रोटेस्ट के चलते ही जंतरमंतर को प्रोटेस्ट साइड से क्या कर दिया गया? हटा दिया गया था। तो इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया जो है ना पहले उसके स्टैटिक्स आप देख लो। इसका फॉर्मेशन हुआ था 25th ऑफ जनवरी 1950 को। ठीक है? इसी दिन हम वोटर्स डे
सेलिब्रेट करते हैं। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की स्टैटिक फैक्ट्स हैं। इंडिया के जो पहले चीफ इलेक्शन कमिश्नर थे ही वास सुकुमार सेन। आर्टिकल 324 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन प्रोवाइड्स फॉर एन इंडियन इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया। ठीक है? तो इंडियन
कॉन्स्टिट्यूशन का आर्टिकल 324 ये कहता है कि इंडिया में एक इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया होगा। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया जो है वो 19 88 तक सिंगल मेंबर्ड बॉडी थी। 1989 में थ्री मेंबर्ड बॉडी बनी। फिर 1990 में
फिर हटा दिया गया और 1993 में परमानेंटली थ्री मेंबर्ड बॉडी बन गई जो अभी हम करेंटली देखते हैं। ओके? तो फर्स्ट टाइम अगर पूछा जाए तो इट वाज़ 1989। अगर कब बना पूछा जाए तो इट विल बी 1993। ये कुछ स्टैटिक फैक्ट्स हैं अबाउट द इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया।
अब इसमें एसआईआर नया अपॉइंटमेंट 2023 का अमेंडमेंट ये सारी चीजें मैंने ऑलरेडी लीगल रीजनिंग में कराई हुई है। तो वहां पे आप उसको बहुत डिटेल में पढ़ सकते हो। अब हमें ये जानना है सीसी का रिमूवल। तो सीसी का रिमूवल कोई एस सच बहुत ही डिफिकल्ट या कठिन चीज नहीं है। सीसी के रिमूवल का एक ही लाइन का आंसर है।
सीसी को हटाने का तरीका क्या है? सेम एज दैट ऑफ रिमूवल ऑफ सुप्रीम कोर्ट जज। जिस तरीके से सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है, सेम तरीके से चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाया जाएगा। बट हां, नॉर्मल
इलेक्शन कमिश्नर को एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर हटवा सकता है। बट चीफ को अगर हटवाना है तो जैसे जजेस को हटाया जाता है, वैसे ही इन्हें भी क्या करना होगा? हटाना होगा। बाकी एसआईआर इंडिया में पहली बार कहां से चालू हुआ? बिहार से। इंडिया में एसआईआर चालू हुआ। अब रैंडम मैं वन लाइनर्स आपको
बता रहा हूं जो कि इस टॉपिक से रिलेटेड हैं और इंपॉर्टेंट है। तो इंडिया में एसआईआर चालू हुआ बिहार से। दो फज़ में हुए। ठीक है? दूसरा फज़ जो है वो 12 स्टेट्स में हुआ। अपने वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, केरला में जो इलेक्शंस हुए उसके अंडर यह हुआ। कुछ इंपॉर्टेंट चीजें यहां पर सुनना।
वोटर आईडी कार्ड जो इस साल बहुत ज्यादा न्यूज़ में था। वोटर आईडी कार्ड लाने वाले चीफ इलेक्शन कमिश्नर कौन थे? टीएन सेशन। ओके? टीएन सेशन वाज़ दी इलेक्शन कमिश्नर जिन्होंने वोटर आईडी कार्ड इंडिया में लाया। इंडिया में ईवीएम के बारे में थोड़ा सा आप जान लो। ठीक है? जो ईवीएम हर बार न्यूज़ में रहता है। इंडिया में ईवीएम का आईडिया कौन लेके आया था? चीफ इलेक्शन कमिश्नर एल शकधर।
ओके। कब लेके आए थे? 1977 में ये ईवीएम का आईडिया लेके आए थे। और 1977 के बाद 1982 में केरला के बाय इलेक्शंस में इसे पहली बार यूज़ किया गया। ठीक है? केरला में जो बाय इलेक्शंस हुए थे उसमें पहली बार यूज़ किया गया था। आफ्टर दिस 1999 में किसी स्टेट में पहली बार यूज़ किया गया
गोवा में। गोवा में फुल यूज़ किया गया था इसे। मतलब पूरे स्टेट के इलेक्शन में। और फिर नेशनल इलेक्शंस में पहली बार कब यूज़ किया गया? 2004 के लोकसभा इलेक्शन में इसे पहली बार नेशनली यूज़ किया गया ईवीएम को। क्लियर? ईवीएम में फिर बाद में रिसेंटली और एक चीज़ ऐड ऑन की गई व्हिच इज़ वीवीपैट।
तो ईवीएम के साथ अब वीवीपैट होता है। वीवीपैट इज़ बेसिकली आपने देखा होगा। जैसे ही ईवी अच्छा आप में से किसी लोगों ने तो वोट ही नहीं दिया होगा काफी लोगों ने मैंने भी अभी तक नहीं दिया है। तो जब आप प्रेस करते हो ईवीएम को तो बगल में एक मशीन रखा रहता है जिसमें एक पर्ची दिखती है कि आपका नाम किसको आपने वोट किया और वो
पर्ची नीचे कट के गिर जाती है। आप उसको टच नहीं कर सकते। दैट इज़ वीवीपैट पेपर ऑडिट ट्रायल। ठीक है? सो दैट इज वीवीपैट। यह वीवीपैट को इन्वेंट किसने किया था? रेबेका मर्यूरी ने। रेबेका मर्यूरी ने वीवीपैट को इन्वेंट किया था और सुब्रमण्यम स्वामी के केस में 2013 में 2024 में वीवीपैट के मैचिंग को
अपहल्ड किया गया था। क्लियर? कोई डाउट यार यहां तक इन स्टैटिक फैक्ट्स में? अरे नहीं नहीं मैं 18 प्लस हूं। बट वोट ही मैंने नहीं किया है अभी तक। ना मेरे स्टेट में इलेक्शन हुए हैं ना सेंटर में इलेक्शन हुए हैं मेरे 18 प्लस होने के बाद अनफॉर्चूनेटली
चले भाई आगे बढ़े वीवीपैट मतलब यार वहां पे डेट दिखाया जाता है और आपका नाम दिखाया जाता है किसको आपने वोट किया है पेपर के थ्रू ताकि ईवीएम का वोट कहीं और तो नहीं जा रहा है। यह सब वाला केस फिर कोई आकर चिल्लाचिल्ला के बोलने मत लग जाए। हैगड है हेक्ड है करके। इस वजह से वो किया जाता है।
चलो आगे बढ़े फिर असेंबली इक्शंस 2026 ये हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। तो इस साल काफी सारे स्टेट्स में इलेक्शंस हुए। अब ये इलेक्शंस कैसे हुए? क्या हुए? कब हुए? इनको देखते हैं। सबसे पहले किन स्टेट्स में हुए तो इंडिया में वेस्ट बंगाल,
तमिलनाडु, केरलम, आसाम एंड पुडुचेरी। यहां पे इलेक्शंस हुए। रिजल्ट आप सभी को पता ही है। बट स्टिल मैं एक बार बता देता हूं। वेस्ट बंगाल में कौन जीता? वेस्ट बंगाल में बीजेपी की जीत हुई।
तमिलनाडु में टीवी की जीत हुई। केरलम में यूडीएफ को जीत हासिल हुई। आसाम में बीजेपी लेड एनडीए की जीत हुई। बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिली थी। बट एनडीए इज़ नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस। जो बीजेपी का अलायंस
है जो बीजेपी लीड करती उसकी जीत हुई और पुुडुचेरी में भी एनडीए की जीत हुई। अब यहां पर सीएम का नाम भी एक बार नोट कर लो। बीजेपी से शुभेंदु अधिकारी। ठीक है? शुभेंदु अधिकारी को सीएम बनाया गया। तमिलनाडु से जोसेफ
विजय को केरलम से वि डी सतीशन को आसाम से अगेन हेमंत विश्व शर्मा को एंड पुडुचेरी से एंडास्वामी को
डू नो हेमंत विश्व विश्व शर्मा के बेटे कहां पढ़ते थे? भाई इसी साल पास आउट हुए। किस कॉलेज में थे? हम एनएलएसआई यू बोर। चलो आगे बढ़ते हैं फिर इसमें।
बिग फर्ट्स। ठीक है? इंपॉर्टेंट चीजें यहां पे ध्यान में रखना। नो इट्स नॉट अ जीके ऑब्वियसली नॉट। बट हां कंट्रोवर्सी थी अभी कुछ दिन पहले उसमें। सो वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, केरला, आसाम में इन लोगों की जीत हुई। यह पार्टी बनी। इंपॉर्टेंट थिंग इज़ वेस्ट बंगाल में पहली बार बीजेपी की जीत हुई। ठीक है? दिस वाज़ दी फर्स्ट टाइम, दिस वाज़ दी फर्स्ट
टाइम, वेस्ट बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी। और, टीबीके ने पहली बार तमिलनाडु में अपनी गवर्नमेंट बनाई। केरला में फिर से रूलिंग फ्रंट को वोट आउट कर दिया गया। मतलब केरला में आपने देखा होगा केरला में जनरली जिसकी सरकार होती है वो जीतता नहीं है। ठीक है? जिसकी सरकार होती है वो जीतता नहीं है। ये प्रॉब्लम होता है केरला में। फिर से वही चीज हुआ।
एक चीज यहां पे आप ध्यान रखना। ममता बनर्जी, एमके स्टेलिन और पिनाराई विजयन जो तीनों सीएम हैं वह हार गए और किसी भी स्टेट में अब इंडिया में ठीक है इंडिया में अब किसी भी स्टेट में लेफ्ट की सरकार नहीं है। लेफ्ट मतलब जो लेफ्टेस्ट
विंग जो पार्टीज हैं इंडिया में उनकी सरकार इंडिया में कहीं नहीं है। चाहे आप स्टेलिन की पार्टी देख सकते थे। डीएमके या फिर आप टीएमसी देखते हो या फिर आप पिनाराय विजयन की एलडीएफ देखते। दिस वर दी लेफ्टेस्ट पार्टीज। तो लेफ्टेस्ट पार्टीज इंडिया में अब किसी भी स्टेट में रूल नहीं कर रही है आफ्टर दीज़ इलेक्शंस ऑफ़ 2026। ओके।
आफ्टर दिस। अच्छा मुझे यह बताओ वेस्ट बंगाल के पहले सीएम कौन थे भाई? वेस्ट बंगाल के पहले सीएम कौन थे? याद रखना क्या? प्रफुल चंद्र घोष। ओके प्रफुल चंद्र घोष लेफ्ट बंगाल के पहले सीएम नाउ टेल मी पुडुचेरी एक यूनियन टेरिटरी है। तो यूनियन टेरिटरी में आप सभी को पता है 30 लोग इ होते हैं। यहां पे मैंने पुडुचेरी को मेंशन नहीं किया है।
ठीक है? उसके बारे में मैं आपको बता देता हूं। पुुडुचेरी में जो इलेक्शंस होते हैं, उस इलेक्शन में तीन लोग इ होते हैं। 30 लोग इ होते हैं और तीन लोग क्या होते हैं? नॉमिनेटेड होते हैं।
किस आर्टिकल ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के अंदर यह लेजिस्लेचर बनाया जाता है आर्टिकल 239 ए के अंदर। ठीक है? आर्टिकल 239 के अंदर ए के अंदर यह बोला गया है कि पुुडुचेरी जो है पुुडुचेरी आर्टिकल 239 ए के अंदर पुुडुचेरी विल बी अ यूनियन टेरिटरी विद लेजिस्लेचर। और इसमें हेड ऑफ
दी स्टेट कौन होता है? हेड होता है लेफ्टिनेंट गवर्नर। क्लियर? लेफ्टिनेंट गवर्नर क्या होता है? हेड होता है। तो ये इस साल के अपने इलेक्शंस का टोटल सीन था। ठीक है? ये अपने इस साल के असेंबली इक्शंस का क्या था? सीन था। क्लियर है भाई? यहां तक सभी को? एनी डाउट?
ओके परफेक्ट चलो। सो टाइम क्या हो रहा है यार? नहीं नहीं इसके मेरे ख्याल से तीन और टॉपिक्स बचे हुए हैं। ठीक है? तीन और टॉपिक्स हमारे इसमें बचे हुए हैं। नहीं नहीं उतना लंबा ब्रेक की जरूरत है भी नहीं यार। ब्रेक की जरूरत है नहीं हमें। ओके?
चलो आगे बढ़े। 2025 मिनट नहीं। ठीक है। चलो मैं ज्यादा देर का नहीं दूंगा। द टाइम इज़ 45। कितने देर का? 5 मिनट या 10 मिनट। उससे ज्यादा का ऑप्शन है नहीं। 5 मिनट। चलो आप लोग पांच या 10 में से जो बोलोगे वो मिल जाएगा। चलो देख लो। 5 मिनट या 10 मिनट।
ठीक है भाई। चलो ओके। 10 मिनट का एक ब्रेक लेते हैं। ठीक है? वी विल बी बैक। आ जा जल्दी। चलो भाई आ जाओ वापस आ जाओ ओके यहां तक क्लियर था सभी को ओके परफेक्ट। कुछ और छोटे-छोटे फैक्ट्स हैं इस टॉपिक के जो कि मैं नोट्स में आपको अवेलेबल करा दूंगा। वहां से एक बार आप रीड कर लेना। लाइक कुछ और चीज अगर मैं यहां पे
आपको ऐड ऑन कराऊं। सो सीएम को अपॉइंट कौन करता है? सो गवर्नर जो है इंडिया में गवर्नर अपॉइंट्स द सीएम। अंडर वि आर्टिकल अंडर आर्टिकल 164 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन। ठीक है? इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 164 में लिखा
हुआ है कि इंडिया के गवर्नर को इंडिया के चीफ मिनिस्टर को किसी भी स्टेट के कौन अपॉइंट करेगा? गवर्नर अपॉइंट करेगा। और साथ ही साथ यह भी बोला गया है कि अगर किसी स्टेट में काउंसिल ऑफिस्टर्स बनाए जा रहे हैं। ओके? अगर किसी स्टेट में काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स बनाए जा रहे हैं तो इट शुड
बी इट शुड बी लेस देन 15% ठीक है इट शुड बी लेस देन 15% ऑफ दी टोटल स्ट्रेंथ ऑफ दी हाउस ठीक है किसी भी हाउस के टोटल स्ट्रेंथ से 15% से कम होना चाहिए क्या स्ट्रेंथ ऑफ दी काउंसिल ऑफिस्टर्स ये करने
के पीछे रीज़न क्या है इमेजिन करो अगर मुझे किसी नेता को खरीदना है, किसी एमएलए को खरीदना है या किसी पार्टी के पूरे के पूरे लोगों को खरीदना है। मैं क्या बोलूंगा यार? देखो तुम सभी को एक-एक मिनिस्ट्री दे दूंगा मैं। ठीक है? तुम सभी को एक-एक मिनिस्ट्री मैं दूंगा। बस तुम मेरी पार्टी जॉइ कर लो। तो 60-70 मिनिस्टर जितने एमएलए सबको कुछ ना कुछ मिनिस्ट्री दे दिया। ये नहीं हो सकता।
तो काउंसिल ऑफ मिनिस्टर 15% से कम नहीं हो सकता है। क्लियर? आया भाई समझ में? कूल अपार्ट फ्रॉम दिस वेस्ट बंगाल के फर्स्ट सीएम प्रफुल चंद्र घोष ये ऑलरेडी मैंने आपको बताया हुआ है। नोट डाउन कर
लेना। तमिलनाडु के पहले सीएम कौन थे? सीएन अन्नादुराई। अन्नादुई वाज़ दी फर्स्ट सीएम। अब एक और चीज यहां पे आपका है। साइमलटेनियस पोल्स। ठीक है? तो इंडिया में एक अमेंडमेंट बिल लाया गया था। द बिल वाज़
वन नेशन वन इलेक्शन बिल। ठीक है? वन नेशन वन इलेक्शन बिल। ये कब लाया गया था? ये 2024 में लाया गया था। एंड दिस वाज़ दी 129th कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट। ठीक है? दिस वाज़ 129th कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल। यह 129
कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल था। वन नेशन वन इलेक्शन बिल जो कि कब लाया गया था? यह लाया गया था 2024 में। ओके? एनी डाउट? क्लियर है सभी को? चलो आगे बढ़ते हैं हम अपने इस टॉपिक पे व्हिच इज़ 150 इयर्स ऑफ वंदे मातरम। यह हमारे लिए इंपॉर्टेंट किस लिए? हां, यह
पेपर में आया हुआ है। बिल्कुल भाई, आपके एग्जाम में आया हुआ है यह क्वेश्चन वन नेशन वन इलेक्शन वाला। अभी लास्ट ईयर के ही क्लैट में ये आया था। ये टॉपिक है लास्ट टू लास्ट ईयर का। आया था ये लास्ट ईयर के क्लैट में। सो वंदे मातरम को 150 इयर्स कंप्लीट हो चुके हैं। इसके लिए एक नया बिल लाया गया वि वाज़ प्रिवेंशन टू इंसल्ट ऑफ नेशनल ऑनर्स एक्ट ऑफ़ 2026
जिसमें वंदे मातरम को भी सेम दर्जा दिया गया जो जनगण मन को दिया गया। ये मैंने लीगल करंट अफेयर्स में ऑलरेडी कराया हुआ है। यहां पे हम वंदे मातरम से रिलेटेड कुछ करंट अफेयर्स वाले फैक्ट्स पढ़ लेते हैं। तो ध्यान से सुनना। वंदे मातरम जो है इसे लिखा किसने था? दिस वाज रिटेन बाय बनकिम चंद्र
चट्टोपाध्याय या चैटर्जी। ठीक है? दोनों सेम होते हैं। आप में से कोई वेस्ट बंगाल से है तो उनको पता होगा दैट बनर्जी बंदोपाध्याय, चैटर्जी, चट्टोपाध्याय आर दी सेम। ठीक है? तो आप दोनों लिख सकते हो। कोई उसमें फर्क नहीं पड़ेगा। कब लिखा था इन्होंने ये? इन्होंने लिखा था सेवंथ ऑफ़ नवंबर
1875 को। कब लिखा था इन्होंने? अक्षय नवमी वाले दिन। ठीक है? द डे वाज़ अक्षय नवमी। अब इसमें प्राइम मिनिस्टर ने एक ईयर लॉन्ग कॉम्बोमेशन लांच किया था सेवंथ ऑफ़ नवंबर 2025 को 100 150 साल कंप्लीट होने पे। ओके? लास्ट ईयर 1875 में इन्होंने इसे लिखा था। ये जो है पहली बार इसे कहां पे देखा गया?
फर्स्ट अपीयर्ड इन बंगा दर्शन। ठीक? बंगा दर्शन नाम के एक जर्नल में इसे पहली बार देखा गया था। लेटर फिर बाद में इसे देखा गया आनंदमठ में। आनंद मथ एक नवेल है जिसे 1882 में लिया गया था। तो बंगा दर्शन इज अ जर्नल।
ठीक है? जो मैगजीन जैसा होता है। आनंदमठ क्या है? आनंद मठ एक नवेल है जहां पे इसे 1882 में देखा गया था। और इसका लैंग्वेज क्या है? व्हाट इज दी लैंग्वेज ऑफ वंदे मातरम? द लैंग्वेज इज़ संस्कृटाइज्ड बंगाली। ओके? तो संस्कृटाइज्ड बंगाली इज दी लैंग्वेज
ऑफ वंदे मातरम नॉट प्योर बंगाली नॉट प्योर संस्कृत इट्स अ मिक्सचर ऑफ संस्कृत एंड बंगाली पहली बार इसे गाया कब गया फर्स्ट संग पब्लिकली बाय रविंद्रनाथ टैगोर ओके रविंद्रनाथ टैगोर तो रवंद्र नाथ
टैगोर वही है जिन्होंने इंडिया का नेशनल एंथम लिखा हुआ है। इन्होंने इंडिया का नेशनल एंथम लिखा है। और इसे परफॉर्म भी पहली बार रविंद्र नाथ टैगोर जी ने ही किया था। कब किया था? 1896 में कांग्रेस के कोलकाता सेशन में। ठीक है? 1896 में कांग्रेस का जो कोलकाता सेशन हुआ था उसमें पहली बार इन्होंने परफॉर्म किया था। किसे?
वंदे मातरम को। तो भाई मैं वंदे मातरम की बात कर रहा हूं। ठीक है? मैं वंदे मातरम की बात कर रहा हूं। जन गण मन की बात नहीं कर रहा हूं। इसको आप याद रखना इनके बीच में डिफरेंस। जन गण मन लिखा गया था जॉर्ज फिफ्थ के लिए। ओके? इसको नेशनल सॉन्ग का स्टेटस कब दिया गया? 24th ऑफ जनवरी 1950।
ठीक है? 24th जैन 1950 को इसे क्या किया गया? अडॉप किया गया। अपार्ट फ्रॉम दिस जो पूरा वंदे मातरम है वह हमारा नेशनल एंथम नहीं है। ओनली दी नेशनल सॉन्ग नहीं है। ओनली दी फर्स्ट टू स्टैंजाज। ठीक है? सिर्फ जो पहले के दो स्टैंजाज़ हैं। फर्स्ट टू स्टैंजाज़
आर कंसीडर्ड टू बी आर नेशनल सॉन्ग। उसके आगे को क्यों नहीं रखा जाता? उसके आगे को इसलिए नहीं रखा जाता क्योंकि उसके आगे थोड़े से हिंदू भगवान के भगवान का जिक्र है और इंडिया बीइंग अ सेकुलर कंट्री उनको हम अपने नेशनल सॉन्ग में इंक्लूड नहीं कर सकते हैं। दैट्स द रीज़न आफ्टर द फर्स्ट टू स्टैंजाज इसे नहीं रखा गया है क्या?
इंडिया के नेशनल सॉन्ग में। अब यहां पर लीगल एंगल अगर मैं आपको बताऊं कि क्या-क्या लीगल चीज यहां पर आपको देखने को मिल सकती है। सो इंडिया का आर्टिकल 51 ए का कहना है कि आपको आपकी फंडामेंटल ड्यूटी है दैट यू हैव टू रेस्पेक्ट दी कॉन्स्टिट्यूशन
नेशनल फ्लैग एंड नेशनल एंथम क्या यहां पे नेशनल सॉन्ग का जिक्र है नहीं। ओके। तो इंडिया के कॉन्स्टिट्यूशन में नहीं लिखा हुआ है कि आपको नेशनल सॉन्ग को भी इज्जत देनी है। बट डॉ. राजेंद्र
प्रसाद ने डिबेट में अपने स्पीचेस में और अभी इस साल के अमेंडमेंट एक्ट के थ्रू ये इक्वल कर दिया गया है। ये डिक्लेअ कर दिया गया है कि नेशनल सॉन्ग की भी उतनी ही वैल्यू होगी जितने हमारे नेशनल एंथम की वैल्यू है। ओके? ये यहां पे बोला गया है। आफ्टर दिस ये मैंने आपको बताया प्रिवेंशन ऑफ इंस टू नेशनल ऑनर एक्ट। इसमें इस साल अमेंडमेंट
के थ्रू नेशनल सॉन्ग को भी ऐड कर दिया गया। इसमें एक इंपॉर्टेंट केस था। इस केस को आप ध्यान में रखना। द केस वाज़ बिजॉय इमैनुअल। ये 2000 सॉरी 1986 का ये केस था। इसमें एक बहुत इंपॉर्टेंट जजमेंट आया था 1986 के
केस में कि आपको कोई ठीक है फोर्स नहीं कर सकता एंथम को सिंग करने के लिए कांट बी फोर्स टू सिंग ठीक है मतलब अगर कहीं पे नेशनल एंथम चल रहा है तो यू कैन नॉट बी फोर्स टू सिंग द
नेशनल एंथम जस्ट टेंडिंग इज़ इनफ टू शो टू शो द रेस्पेक्ट। ओके? तो कोई आपको गाने के लिए फ़ नहीं कर सकता है कि भाई साथ में तुम्हें गाना भी होगा। यू कैन जस्ट स्टैंड एंड गिव रिस्पेक्ट टू द नेशनल एंथम। इसके बाद कुछ स्टैटिक जीके हम अबाउट बंकिम चंद्र चैटर्जी। आप देख लो। तो इन्हें साहित्य सम्राट के नाम से जाना जाता था।
किस नाम से जाना जाता था बंकिम चंद्र चटर्जी को? साहित्य सम्राट। ओके। साहित्य सम्राट के नाम से इन्हें जाना जाता था। नेशनल एंथम की अगर हम बात करें तो नेशनल एंथम के भी कुछ आप स्टैटिक देख लेना। नेशनल एंथम के स्टैटिक क्या है?
जन गण मन इज़ आवर नेशनल एंथम। किसने लिखा था इसे? इसे लिखा गया था रब्रनाथ टैगोर जी के द्वारा। इसका आंसर वो है जो आप लोग बता रहे थे। अभी इसे पहली बार गाया गया 191 में। ठीक है? 191 में इंडियन
नेशनल कांग्रेस के कोलकाता सेशन में। ठीक है? संग फॉर दी फर्स्ट टाइम एज आवर नेशनल एंथम। ठीक है? 1911 के कोलकाता सेशन में इसे पहली बार गाया गया था। अडॉप्ट इसे भी सेम डे पे किया गया। 24th ऑफ़ जनवरी 1950 को इसे क्या किया गया? अडॉप्ट किया गया। इसका ड्यूरेशन क्या है?
इसका ड्यूरेशन है 57 सेकंड। ओके? 52 सेकंड। 57 सेकंड तक इसे गाया जाता है। और रब्र नाथ टैगोर ने ही ठीक है? रब्र नाथ टैगोर ने ही बांग्लादेश का भी नेशनल एंथम लिखा है। व्हाट इज द नेम ऑफ़ बांग्लादेश का नेशनल एंथम? आमा शोनार
बांग्ला। ठीक है? तो आमा शोना बांग्ला जो है वो रवंद्र नाथ टैगोर जी ने ही लिखा है व्हिच इज बांग्लादेश का नेशनल एंथम। ओके कुछ और इंपॉर्टेंट फैक्ट्स जो इस साल हमारे नेशनल इंडिपेंडेंस डे के टाइम पे इंपॉर्टेंट थे। इंडिया का नेशनल फ्लैग किसने बनाया है? इंडिया का नेशनल फ्लैग बनाया है पिंगाली वेंकैया ने।
ठीक है? पिंगाली वेंकैया ने इंडिया का नेशनल फ्लैग बनाया है और इंडिया का नेशनल कैलेंडर शार्क कैलेंडर को बोला जाता है। आल्सो इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के हर पेज में इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के हर पेज में किसका नाम लिखा हुआ है? द नेम इज़ प्रेम बिहारी नारायण रायजादा जो कॉन्स्टिट्यूशन का ओरिजिनल कॉपी है। ठीक है? जो इंडियन
कॉन्स्टिट्यूशनल की ओरिजिनल कॉपी है उसमें प्रेम बिहारी नारायण रायजादा जी का नाम हर जगह लिखा हुआ है क्योंकि इन्होंने ही अपने हाथों से इंडिया के कॉन्स्टिट्यूशन के ओरिजिनल कॉपी को लिखा था। ही वाज़ दी कैलग्राफिस्ट या जिन्होंने अपने हैंडराइटिंग के थ्रू इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन को बनाया। अब इसमें मैं आपको कुछ इंपॉर्टेंट चीजें बता रहा हूं। देखो यार आपको पता है कुछ स्लोगंस एंड कुछ लाइंस होते हैं। डू यू नो
दिस? जैसे इंकलाब जिंदाबाद जय हिंद डू और डाई सारे जहां से अच्छा जन गण मन भारत भाग्य विधाता यह सब स्टेटमेंट्स कोई ना कोई इंसान बनाता है कोई ना कोई देता है उनके नाम याद होने जरूरी है। तो यही सारे सेपरेट सेशंस मैं स्टैटिक जीके के लेक्चर में भी लूंगा। तो यू जस्ट स्टे इन टच विद मी। बाकी ये सब स्टैटिक में यही आते हैं। ठीक है? अब आप अचानक से पूछेंगे भैया ये कहां से घूम के आ गया? घूम के नहीं आता।
ये कुछ ऐसे टॉपिक्स हैं जो इन जनरल अगर आप किसी भी जीके बेस्ड एग्जाम की तैयारी कर रहे हो करंट अफेयर्स जीके बेस्ड एग्जाम वहां पे ये अगर आ जाए तो शॉक होने वाली बात नहीं है। सो ये मैं आपको करा दूंगा लुसेंट का नहीं तो आपको मैं आईडिया दे दूंगा कैसे करना है। एनी डाउट यार इस टॉपिक में कि 150 इयर्स ऑफ वेस्ट बंगाल क्या-क्या चीजें वंदे मातरम क्या-क्या चीजें हुई? किसने लिखा? लीगल एंगल क्या है? नेशनल एंथम के
साथ कंपैरिजन क्या है? और कुछ छोटे-मोटे फैक्ट्स क्लियर। वेरी गुड। चलो नेक्स्ट टॉपिक पे आते हैं व्हिच इज़ मणिपुर क्राइसिस। सो मणिपुर का क्राइसिस तो बहुत साल से चल रहा है। बट कुछ इंपॉर्टेंट फैक्ट्स मैं आपको इस साल के बता देता हूं।
तो देखो थर्ड मई 2023 ठीक है? थर्ड मई 2023 को क्या हो रहा है? थर्ड मई 2023 को मी वर्सेस कुकी वायलेंस चालू होता है। ठीक है? मीती वर्सेस कुकी वायलेंस यहां पर चालू होता है। और इसी के चलते जो वहां के सीएम है
बीरन सिंह वो रिजाइन कर देते हैं। एंड नाइंथ ऑफ फब 2023 को यहां क्या लग जाता है? यहां 2025 को यहां क्या लग जाता है? प्रेसिडेंट्स रूल। ठीक है? तो प्रेसिडेंट का रूल यहां पे लग जाता है 2025 में। पूरे इस लड़ाई के चलते बहुत सारे लोगों की डेथ होती है। काफी
सारी चीजें यहां पे होती है। लड़ाई किस लिए हुआ था? क्योंकि मीती को एसटी स्टेटस दे दिया गया था। ये लड़ाई हुई क्यों थी? ये लड़ाई हुई थी मीतीस के एसटी स्टेटस के ऊपर। कास्ट की वजह से ये लड़ाई चालू हुई थी। तो ये पूरा अपना 2023 से 25 तक का ये सीन था। अब 2026 में
क्या हुआ? फिर से लड़ाईयां वगैरह चालू हुई। बट फोर्थ ऑफ फब को इस साल के फोर्थ ऑफ फब 2026 को क्या होता है? प्रेसिडेंट्स रूल वापस ले लिया जाता है। और इसके नए सीएम कौन बनते हैं? मणिपुर के।
मणिपुर के नए सीएम बनते हैं यमुनान खेमचंद सिंह। यह किस पार्टी के लीडर हैं? यह हैं बीजेपी के लीडर। क्लियर? सो इस साल इंपॉर्टेंट ये न्यूज़ में क्यों आया? फोर्थ ऑफ़ फब 2026 को प्रेसिडेंट का रूल हटा दिया गया और सीएम कौन बने? यमनान खेमचंद सिंह यहां के नए
सीएम बन गए। अब उसके बाद पहली बार सीएम के साथ डायरेक्ट बात हुई कुकी और ज़ोमी ट्राइब की। फिर लड़ाई यहां पे फिर से चालू हो गई। तो लड़ाई वहां पर चल ही रहा है। तो लड़ाई का बैकड्रॉप तो अलग हमने ऑलरेडी देखा हुआ है और बहुत साल से ये पूरी लड़ाई चल रही है। हमें सिंस ये न्यूज़ में है इसके स्टैटिक फैक्ट्स और इसके कुछ करंट जो अपराइजिंग हुए हैं उसके बारे में जानना है। तो देखो ये जो म्यांमार है मणिपुर का
इंडिया म्यांमार बॉर्डर में मणिपुर बहुत बड़ा अपना शेयर देता है। लगभग 400 कि.मी. का शेयर इंडिया म्यांमार बॉर्डर में किसका आता है? मणिपुर का आता है। लगभग 398 कि.मी. का बॉर्डर मणिपुर शेयर करता है म्यांमार के साथ। और इसमें यूएपीए के बारे में हमें जानना यहां पे जरूरी है। ठीक है? इसमें जो इंपॉर्टेंट चीज हमारा होना चाहिए वो है यूएपीए। तो देखो यूएपीए क्या होता है?
इसका फुल फॉर्म है अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट। अनलॉफुल एक्टिविटीज। प्रिवेंशन एक्ट। दिस इज दी फुल फॉर्म ऑफ यूएपीए। अब
पूरा यूएपीए का स्टैटिक एक बार आप अच्छे से लिख लेना कब आया क्या आया। तो इसे लाया गया था 1967 में। एंड इसके अंडर इसका सेक्शन थ्री जो है ठीक है? यूएपीए का जो अपना सेक्शन थ्री है ये डील करता है कि अनलॉफुल एसोसिएशन आखिर होता क्या है?
व्हाट इज एन अनलॉफुल एसोसिएशन? तो ये जो अनलॉफुल एसोसिएशन है इसके अकॉर्डिंग कोई भी ऐसा एसोसिएशन जो अनलॉफुल डिक्लेयर्ड है उस पे 5 साल का बैन लगता है। ठीक है? 5 साल का बैन लगता है। इस पे रिसेंटली एक अमेंडमेंट आया था यूएपीए के अंदर जिसमें यह बोला गया था कि अब सिर्फ और सिर्फ एसोसिएशंस को ही यहां
पे उसका दर्जा नहीं दिया जाएगा। यूएपीए के अंदर हम किसी इंडिविजुअल को भी टेररिस्ट का दर्जा हम दे सकते हैं। एंड फिर उसी के चलते जो उमर खालिद वाला कंट्रोवर्सी है जो मैंने आपके लीगल रीजनिंग के मैराथन में आपको कराया था वो सारा उसके अंदर क्या होता है? कवर होते जाता है। तो यहां से देखो सारे टॉपिक्स आपस में कनेक्टेड है। बस आपको कनेक्शन देखना आना चाहिए।
ओके? आपको कनेक्शन क्या आना चाहिए? देखना आना चाहिए। 2019 का ये अमेंडमेंट था। 2019 क्या अमेंडमेंट आया? इंडिविजुअल्स को भी हम टेररिस्ट का दर्जा दे सकते हैं। ये 2019 का अमेंडमेंट था। अपार्ट फ्रॉम दिस यह पूरा डिटेल में मैंने यूएपी ऑलरेडी कवर किया हुआ है इसलिए उतना टाइम मैं दे रहा हूं। आप में से आधे लोगों ने किया भी होगा। आई नो नहीं किया है तो
अगेन मैंने बता दिया कहां करना है। थोड़ा सा स्टैटिक यहां पे मैं आपको बताता हूं अबाउट दी प्रेसिडेंट्स रूल कि प्रेसिडेंट्स रूल में क्या-क्या चीजें होती है। तो आर्टिकल 356 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन। आर्टिकल 356 ऑफ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन डील्स विद फेलियर ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल मशीनरी।
फेलियर ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल मशीनरी मतलब अगर किसी स्टेट के पुलिस वाले या उस स्टेट का सीएम उस स्टेट को संभाल नहीं पाता है तो आर्टिकल 356 के अंदर वहां पे क्या लग जाता है? प्रेसिडेंट का रूल लग जाता है। और इसको पार्लियामेंट अप्रूवल लेना होता है विद इन 2 मंथ्स। किसी भी स्टेट में प्रेसिडेंट रूल लगाने के बाद प्रेसिडेंट
को पार्लियामेंट से अप्रूवल चाहिए होगा विद इन 2 मंथ्स। अगर 2 महीने में ये अप्रूवल नहीं मिला तो वो प्रेसिडेंट का रूल क्या है? अपने आप खत्म हो जाएगा उस स्टेट से और उसके बाद फिर क्या होता है? उसके बाद फिर 2 महीने में अगर अप्रूवल मिल गया तो मैक्सिमम 3 इयर्स के लिए लगातार लगाया जा सकता है।
ओके? लगातार मैक्सिमम 3 इयर्स के लिए लगाया जा सकता है सिक्स- सिक्स मंथ्स के रिन्यूल में। बिना रिन्यूल के बाद आप 2 महीने में इससे क्या ले लो? एसेंट ले लो। एसेंट के बाद 6 महीने के लिए लगातार आप लगा सकते हो। फिर रिन्यूल कराते मैक्सिमम 3 साल के लिए आप वहां पे क्या कर सकते हो? इसको लगा सकते हो। कोई डाउट?
अब इसमें कुछ और दो तीन स्टैटिक फैक्ट्स मैं आपको और बताता हूं। इंडिया में जम्मू एंड कश्मीर जो है। ठीक है? इंडिया में जम्मू एंड कश्मीर जो है वो लार्जेस्ट प्रेसिडेंट रूल वाला स्टेट रहा है। सो लॉन्गेस्ट प्रेसिडेंट रूल
प्रेस मतलब प्रेसिडेंट है। पूरा लिख लेना आप लोग। ये लगा है जम्मू एंड कश्मीर में 12 साल के लगभग। ठीक है? अगर मैं आपको नंबर ऑफ डेज की बात करूं तो इट्स 468। तो 12 साल के लिए जम्मू एंड कश्मीर में लगा था। सेकंड इज़ सिंगल स्पेलेल में लॉन्गेस्ट। सिंगल स्पेलेल में लॉन्गेस्ट भी जम्मू कश्मीर में लगा था।
कितने दिन के लिए? 6 साल एंड 264 डेज के लिए। मतलब इतने दिन तक लगातार वहां पे प्रेसिडेंट का ही रूल था। नाउ द क्वेश्चन इज़ भैया अगर यहां पे मैक्स 3 साल दिया गया है तो यहां पे 6 साल 264 दिन कैसे हो गया? एनीवन कोई बताएगा मुझे? अगर यहां पे हमने लिखा है 3 साल मैक्सिमम।
तो ये पॉसिबल कैसे है? द आंसर इज़ यह इस एक बार के अप्रूवल के बाद लगातार लगातार लगातार आप लगा सकते हो। जब ये पूरा खत्म हो जाए यहां से एक नया लाना पड़ेगा उसके 3 साल होने के बाद। तो ये नया लाने वाला प्रोसेस था। ठीक है? ये एक अलग सेट में चालू होगा। 3 साल बाद फिर से पूरा आप वहां पे चालू कर लो। ओके?
अब सबसे ज्यादा इंपोज़िशंस सबसे ज्यादा बार कहां लगाए गए? मोस्ट इंपोज़िशंस। मतलब बार-बार बार-बार जहां पर लगता गया है द आंसर इज मणिपुर। मोस्ट इंपोजिशंस का आंसर क्या है? मणिपुर में एंड मणिपुर में कितने बार? 11 बार। ओके?
मणिपुर में 11 बार इंपोज़िशन किया गया है प्रेसिडेंट के रूल का। अब इसमें और इंपॉर्टेंट फैक्ट मैं थोड़ा सा मणिपुर का आपको बता देता हूं। वह भी आप मेंशन कर लेना क्योंकि मणिपुर न्यूज़ में रहा है इस बार। तो देखो मणिपुर को स्टेटहुड कब मिला?
मणिपुर को स्टेटहुड मिला 21 ऑफ जनवरी 1972 को। नॉर्थ ईस्ट एरियाज रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट जो आया था 1971 में उसके अंडर इसी में इंडिया का लोकटक लेक भी पाया जाता है। जिसके बारे में हमने आज रामसर साइट में पढ़ा है। तो लोकटक लेक कहां है? मणिपुर में है।
अब मणिपुर के अगर मैं पॉपुलेशन की बात करूं तो मणिपुर में 53% मेथी पापुलेशन रहते हैं। एंड जो बाकी पॉपुलेशन है वो है कुकी एंड नागा हिल्स एरिया में यह रहते हैं 90% ऑफ द लैंड। देखो मणिपुर का अगर मैं आपको लेआउट बताऊं ना तो वो कुछ इस तरीके का है। थोड़ा सा आपको एथनी एथनोग्राफी वहां की मैं आपको
बता देता हूं। तो ये अगर मणिपुर स्टेट है तो ये इसका क्या है? ये इसका वैली एरिया है। और यह इसका हिल एरिया है। वैली एरिया कवर्स अबाउट 10% ऑफ द लैंड। और हिली एरिया कवर्स अबाउट 90% ऑफ दी लैंड। इन हिली एरियाज में आपको कुकी एंड
ज़ोमी ट्राइब्स के लोग मिलेंगे और वैली एरिया में आपको मिलेंगे सारे के सारे मेथी पीपल। तो ऑब्वियस सी बात है ग्रोथ किनका ज्यादा होगा? ग्रोथ किनका ज्यादा होगा? वैली के लोगों का वैली के लोगों का ग्रोथ क्यों ज्यादा होगा? पापुलेशन इनके पास ज्यादा है। नो नो मीती लोगों का ग्रोथ
ज्यादा हो रहा है। ये तो हिली एरिया में ना या ये कुछ कर ही नहीं पा रहे हैं। ये तो पूरे हिल से घिरा हुआ है। जंगल वाला एरिया है। हिल वाला एरिया है। वैली इज़ द डेवलप्ड एरिया। इसीलिए इनका डेवलपमेंट ज्यादा हो रहा है। उसके बाद फिर मेती को अगर स्टेटस भी दे दिया गया एसटी का तो वही पूरी इनकी लड़ाई यहां पे चालू हुई है। क्लियर है सभी को? क्या चल रहा है मणिपुर में? स्टैटिक फैक्ट्स अबाउट मणिपुर एंड प्रेसिडेंट्स रूल क्या होता है? ये सारी चीजें क्लियर है?
ओके। परफेक्ट। नेक्स्ट टॉपिक में चलते हैं व्हिच इज असम में जो इस साल बाढ़ आए।
यू नो असम में इस बार फ्लड हुआ है जस्ट लाइक नेपाल। 2 जुलाई को 31 लोगों की डेथ हुई। लगभग 12 डिस्ट्रिक्ट में ब्रह्मपुत्र रिवर डेंजर मार्क से ऊपर चला गया। इस बार डिफरेंट ये था कि शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जो अपर असम के एरियाज हैं उनमें
ज्यादा हिट हुआ यहां पे। रीज़न बिहाइंड दैट इज अपस्ट्रीम में ना क्लाउड बस्ट हो गया। देखो असम में बाढ़ हर साल आता है। ये मैंने आपको बताया हुआ है। असम में फ्लडिंग जो बाढ़ है वो हर साल आता है क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी ऊपर से पानी लेके आती है। बट इस बार हुआ क्या? ये जो ऊपर रीजंस है शिवसागर ये सब जो अपने दिखाऊ और धानसीरी ट्रिब्यूटरी रिवर्स जो हैं ब्रह्मपुत्र के
ये जो अगल-बगल के पहाड़ों से आते हैं। तो इसका भी अगर मैं आपको एक बार डेमोग्राफी समझाऊं तो आपको समझ आएगा। देखो इस तरफ ना ये इस तरफ इस तरीके से जो भी पहाड़ है सिमिलरली इस तरफ से भी दोनों तरफ से पहाड़ से घिरा हुआ है और ये जो बीच का एरिया है ये जो बीच का एरिया है ये है अपना आसाम में ब्रह्मपुत्र वैली वाला एरिया
ठीक है तो यहां से जितने भी पानी हैं ये जितना भी पानी है इन पहाड़ों से ये पूरा यहां से बह के इधर इसमें जुड़ता है इसीलिए ये वैली वाला एरिया क्या हो जाता है फ्लड ेड हो जाता है। अब हुआ क्या? यहां पे ना क्लाउड बस्ट हो गया। इस तरफ इस तरफ इस तरफ इस तरफ। स्पेशली ये नागालैंड वाला एरिया है। इधर क्या है? नागालैंड है। तो यहां पे जब क्लाउड बस्ट हुआ ना तो पानी पूरा यहां पे आने लगा। इधर से आने वाला पानी तो अलग
है। वो हर साल बाढ़ लेके आता है। ये सीधा अचानक से यहां पे पानी का सर्ज हो गया और पानी का लेवल काफी ज्यादा बढ़ गया। क्लियर? आसाम में फ्लड का रीजन क्या था? इसीलिए इस साल के फ्लड को ज्यादा डिजास्टस बोला जा रहा है। इस बार के फ्लड को ज्यादा डिजास्टर्स बोला जा रहा है। तो
ब्रह्मपुत्र के पीक होने के पहले उसकी ट्रिब्यूटरीज क्या हो गई? पीक हो गई। जिस वजह से बहुत ही रेयर ऐसा कभी फ्लड आया जैसा असम में इस साल आया। ओवरऑल रेनफॉल जो है वो बाकी जगह पे बहुत नॉर्मल था। इसलिए इसे फ्लैश फ्लड पैटर्न बोला जाता है। अब फ्लैश फ्ल फ्लड क्या होता है? अचानक से जो फ्लड आ जाए ऐसा नहीं कि बारिश हो रही है हो रही है हो रही है हमने वेदर फॉरकास्टिंग देखी उसके बाद बाढ़ आया नहीं
अचानक से बारिश बहुत हो गई किसी पर्टिकुलर एरिया में और बाढ़ वहां पे आ गया तो फ्लैश फ्लड इज़ बेसिकली जिसका आईडिया नहीं रहता जो ऑल ऑफ अ सडन आ जाता है असम में हर साल बाढ़ क्यों आता है क्योंकि असम का जो 40% लैंड है वो फ्लड प्रलोन एरिया है क्योंकि असम जो है वो ब्रह्मपुत्र वैली के पास बना हुआ है। अब ब्रह्मपुत्र वैली जो है ना वह
अपने साथ बहुत अमाउंट ऑफ सिल्ट कैरी करती है। सिल्ट कैरी करती है मतलब अपने साथ पत्थर, कंकड़, ग्रेवल्स ये सारी चीजें अपने साथ लेके चलती है ब्रह्मपुत्र रिवर। जिस वजह से रिवर का जो बेड है बेसिकली इंबकमेंट नदी का जो किनारा है वो छिलते जाता है। एंड जब ये नदी का किनारा छिलता है इसकी वजह से सोइल इरोजन होता है और पानी वैली के अंदर सिटी के अंदर घुसने
लगता है। दैट इज द रीज़न कि असम में हर साल क्या होता है? बाढ़ आता है। अनदर रीजन इज़ असम में बहुत ज्यादा अमाउंट में डिफॉरेस्टेशन हो रहा है और हिली एरियाज के पेड़ काटे जा रहे हैं। जिस वजह से पानी के फ्लो को रोकने वाले डेबरी को रोकने वाले जो पेड़ हैं वो भी रास्ते से हट जा रहे हैं। तो और वहां पे इशू चल रहा है किसका?
बाढ़ का। अरुणाचल प्रदेश, भूटान और तिब्बत में अगर बारिश होती है तो देखो अरुणाचल प्रदेश ऊपर है, भूटान ऊपर है, तिब्बत ऊपर है। ये सभी हाइट में असम से ऊपर है। तो यहां पे प्रॉब्लम नहीं आता। यहां पे बाढ़ नहीं आती। वो सारा पानी नीचे चले जाता है असम में और वहां पे फिर बाढ़ आ जाती है। तो ये इशू है असम के साथ वैली रीजन में होने का। अब इसमें काजीरंगा को बहुत ज्यादा अफेक्ट होता है। क्यों? क्योंकि
फ्लड जो है वह नेचुरल है उसके ग्रासलैंड के लिए। बट एनिमल तो डूब जाते हैं ना। जानवर यहां पर डूब जाते हैं। एनिमल जो है वो एनएस 37, 715, कारबी एंगलोंग हिल ये सब पार करते हैं। तो उनको पूरा बाढ़ की वजह से प्रॉब्लम उनको होने लगता है। साथ ही साथ यूनेस्को हेरिटेज साइट दिया गया है काजीरंगा को। टाइगर रिजर्व की उपाधि दी गई
2006 में। और वर्ल्ड के 2/3 ऑफ द वन हॉर्न राइनो कहां पाए जाते हैं? काजीरंगा में पाए जाते हैं। तो काजीरंगा इज नोन फॉर इट्स एक सिंह वाला गैंडा व्हिच इज़ वन हॉर्न राइनो। अब ब्रह्मपुत्र के बारे में कुछ चीजें जान लो आप क्योंकि न्यूज़ में था ये रिवर इस बार। ये चेमायंगदंग ग्लेशियर से निकलता
है। ठीक है? ब्रह्मपुत्र नदी कहां से निकलती है? चेयंगदंग ग्लेशियर मानसरोवर के पास है। चाइना में तिब्बत बेसिकली वहां पे इसे यारलंग जांगपो के नाम से जाना जाता है। ब्रह्मपुत्र रिवर को किस नाम से जाना जाता है? यारलंग जांगपो के नाम से। ये अरुणाचल प्रदेश में सियांग या दिहांग नाम से एंटर होती है और बांग्लादेश में इसे जमुना नदी के नाम से जाना जाता है। ठीक
है? इसे जमुना नदी के नाम से जाना जाता है। ब्रह्मपुत्र की जो लार्जेस्ट ट्रिब्यूटरी वो है सुभानसरी रिवर। जो दिबांग और लोहित और धांसरी है ना यही सब रिवर जो है लेफ्ट साइड वाले ये ओवरफ्लो हुए थे। जिस वजह से इस बार असम में क्या आई? बाढ़ आई। इसमें फिर मजुली है। एक आइलैंड है ब्रह्मपुत्र में। ये वर्ल्ड का पहला रिवर आई वर्ल्ड का लार्जेस्ट रिवर
आइलैंड है और इंडिया का पहला आइलैंड डिस्ट्रिक्ट है। इसे 2016 में बनाया गया। तो ये रिवर के बीच में एक आइलैंड है जो खुद में डिस्ट्रिक्ट है और वर्ल्ड का सबसे बड़ा ये रिवर आइलैंड है। पानी के बीच पाए जाने वाला वर्ल्ड का सबसे बड़ा ये आइलैंड है। क्लियर? नहीं तो जनरली आइलैंड कहां पाए जाते हैं?
समुद्र के पास पाए जाते हैं। भाई एंड होने में तो अभी बहुत टाइम है। टाइम क्या हो रहा है यार? अभी तो 4:00 बजे हैं। रात तक जाएगा आराम से। अब देखो चाइना ना एक मेगा डैम बना रहा है ब्रह्मपुत्र रिवर में। उसको भी थोड़ा
सा देखना। क्या नाम है डैम का? मेदोग मोत डैम। ओके? मेदाग मोत डैम इज द नेम जो कि यारलंग जांगपुर रिवर पे वो बना रहा है। एंड ये बहुत बड़ा साइज का डैम है। इसलिए वाटर कंट्रोल और डाउनस्ट्रीम में बाढ़ का खतरा इंडिया को इससे क्या हो रहा है? बढ़ते जा रहा है।
इसके बदले में इंडिया ने क्या बनाया यहां पे? सियांग अपर मल्टीप पर्पस प्रोजेक्ट अरुणाचल प्रदेश में। तो इंडिया एक उससे भी बड़ा क्या बना रहा है? डैम बना रहा है जिसका साइज है 11,000 मेगावाट का उसको काउंटर करने के लिए। उसके बाद या इंपॉर्टेंट ब्रिज इंडिया में यह भूपेन हज़ारिका लॉन्गेस्ट रिवर ब्रिज
यहां पे बनाया गया 2017 में। धोला सादिया सेतु जिसे बोला जाता है ब्रह्मपुत्र रिवर के ऊपर इंडिया का लॉन्गेस्ट रेल ब्रिज भी ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर बना हुआ है और इंडिया का पहला ब्रिज ऑन द ब्रह्मपुत्र वाज़ सराई घाट ब्रिज जो कि 1962 में बनाया गया था और ब्रह्मपुत्र नेशनल वाटर वे नंबर टू में आता है। मतलब नेशनल वाटर वे मतलब जस्ट लाइक जैसे हम नेशनल हाईवे वैसे ही
नेशनल वाटर वे होता है। असम के कुछ स्टैटिक फैक्ट्स आप देख लो। असम अकॉर्ड 1985 में साइन हुआ था। एनआरसी फाइनल लिस्ट अगस्त 2019 में असम का लाया गया जिसमें 19 लाख लोगों को असम का बाहर का माना गया। बोडो अकॉर्ड 2020 में लाया गया था यहां पे। बोडो लैंड का डिस्प्यूट भी असम में ही चलता है।
बाकी नॉट दैटेंट फॉर अस। हां। कोई इंपॉर्टेंट यार और कोई डाउट? सो ये चीजें हमें ध्यान में रखनी थी अबाउट असम के फ्लड। स्पेशली अबाउट ब्रह्मपुत्र रिवर एंड उसके ट्रिब्यूटरीज जो कि असम में जिनकी वजह से फ्लड आया है। क्लियर? अब यहां पर इंडिया ने एक और अपना फीट अचीव किया है। व्हिच इज़ इंडिया का
पहला व्हाई द मेकिंग ऑफ द इंडियन डैम इज़ बीइंग अपोज्ड। यार रीज़न ये है कि देखो चाइना से लड़ाई के चक्कर में हम डैम बना रहे हैं। बट उस डैम का जो साइज होगा ना वो बहुत बड़ा होगा। तो वहां के आसपास के एरिया के जो लोग हैं उनको डिस्प्लेस करना पड़ता है। डैम आसानी से नहीं बन जाता। डैम एक बहुत बड़ा इकोलॉजिकल चेंज क्रिएट करता है। अगर
आपने कभी डैम के पहले और बाद का सीन देखा होगा किसी जगह में तो शहर का शहर पूरा डूब जाता है। काफी सारे डैम ऐसे हैं जिनके अंदर आपको अभी पूरा सिटी देखने को मिलेगा। अभी भी पूरा का पूरा एक शहर है डैम के नीचे। ठीक है? तो ये हमारे लिए इंपॉर्टेंट होता है कि जब भी हम इनको देखें, जब भी हम इनको चेंज करें, जब भी हम डैम जैसी चीजें बनाएं तो ऑब्वियसली प्रोटेस्ट तो हमारे सामने होंगे ही होंगे। ओके?
चलो। सो इंडिया ने अपना पहला हाइड्रोजन पावर ट्रेन यहां पर लांच किया है। तो इसके बारे में भी थोड़ा सा हम देख लेते हैं। 17th जुलाई 2026 को इंडिया ने ये ल्च किया। कहां से कहां तक चलेगी ये ट्रेन? ये ट्रेन चलेगी जिंद से सोनीपत।
जो इसका पहला प्लान होगा वो यह एक 10 कार हाइड्रोजन फ्यूल बेस ट्रांजिट होगी। इसमें 10 कारें होंगी और इसकी मैक्सिमम स्पीड जो अप्रूव की गई है
जो अप्रूव्ड मैक्सिमम स्पीड है वो है 75 कि.मी. पर आर पर इसको डिज़ किया गया है मैक्सिमम स्पीड जिसके लिए इसे डिज़ किया गया है वो है 110 कि.मी. पर आर ये उसकी मैक्सिमम िम स्पीड है। अराउंड 2600 पैसेंजर्स ये कैरी करेगी। 2600 के आसपास
पैसेंजर्स कैरी करेगी ये और जिंद को सोनीपत से क्या करेगी? कनेक्ट करेगी। अब इसके पीछे की टेक्नोलॉजी एक बार मैं आपको बताता हूं कि ये वर्क कैसे करेगा। दिस इज़ हाउ इट विल वर्क। तो यह केमिकल रिएक्शन के थ्रू एनर्जी प्रोड्यूस करेगा जिसमें हाइड्रोजन को यूज किया जाएगा और
प्राइमरी एनर्जी सोर्स क्या होगा? प्रोटॉन एक्सचेंज मेंब्रेन। देखो ये उसके पूरे वर्किंग का फिगर है। तो यहां पे ना फ्यूल इधर से डाला जाएगा यहां पे और एयर डाला जाएगा इस तरफ से। यहां से जब यह फ्यूल इसमें रिएक्ट करेंगे यहां पर H+ H+ तो एनोड और कैथोड के साथ जब
ये रिएक्शन होगा तो एनोड में H2 जो है वो 2H+ और दो इलेक्ट्रॉन रिलीज़ करेगा जिसे हम बोलते हैं फ्री इलेक्ट्रॉन्स। मेंब्रेन जो है वो प्रोटॉन को कंडक्ट करेगा और इलेक्ट्रॉन को ब्लॉक करेगा और कैथोड से भी अपने चार इलेक्ट्रॉन्स रिलीज़ होंगे। और ये जो फ्री इलेक्ट्रॉन्स रिसीव होते हैं यही होते हैं अपना इलेक्ट्रिक करंट। तो ये जो
इलेक्ट्रॉन का यहां पे पूरा कैथोड और एनोड में जो रिएक्शन हो रहा है जिसमें आपको यहां पर दो फ्री इलेक्ट्रॉन और यहां पे चार फ्री इलेक्ट्रॉन मिल रहे हैं। यही इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रिक करंट में कन्वर्ट होते हैं और इसी को यूज करके फिर ट्रेन को चलाया जाएगा। फिर जो एक्सेस फ्यूल है उसको यहां से बाहर निकाल दिया जाएगा और अनयूज्ड एयर वाटर और हीट जो है यहां से बाहर निकाल दी जाएगी। अब इस पूरे प्रोसेस में आप एक
चीज देख रहे होंगे। CO2 का इन्वॉल्वमेंट ही नहीं है। इस पूरे प्रोसेस में CO2 ना ही लगाया जा रहा है ना ही निकल रहा है। इसीलिए ये बहुत ज्यादा पॉल्यूशन को कम करेगा और इंडिया का जो एमिशन टारगेट है उसको अचीव करने में इंडिया को हेल्प करेगा। क्लियर?
और हाइड्रोजन के थ्रू एनर्जी भी बहुत ज्यादा निकलती है। तो इस तरीके से वर्क करेगा। अब इस हाइड्रोजन ट्रेन में क्या-क्या चीजें रखी जाएंगी? इसको भी समझना। यह जो आपका हाइड्रोजन ट्रेन है, इसमें एक हाइड्रोजन स्टोरेज होगा। जैसे डीजल इंजन में डीजल स्टोरेज होता है, पेट्रोल इंजन में पेट्रोल होता है। उसी तरीके से हाइड्रोजन स्टोर किया जाएगा।
कंप्रेस्ड हाइड्रोजन स्टोर किया जाएगा जो एज अ फ्यूल यहां पे अंदर दिया जाएगा। टलती हुई ट्रेन में बाहर के एटमॉस्फियर से हवा ली जाएगी। उस हवा का ऑक्सीजन हम यूज करेंगे और इस फ्यूल का हाइड्रोजन हम यूज करेंगे जिसके थ्रू यहां पे O2 और 4H का जब हम रिएक्शन कराएंगे और साथ में चार इलेक्ट्रॉन फ्री इलेक्ट्रॉन्स जो होते हैं कैथोड के वो जब यहां पे हम लगाएंगे तो 2H2O बनेगा जिसकी हमें कोई जरूरत नहीं है।
हमें जरूरत किसकी है? इलेक्ट्रिक करंट की जो हमारे फ्री इलेक्ट्रॉन के फॉर्म में यहां पे निकल के बाहर आ जाएगा। तो इसके लिए एक हाइड्रोजन स्टोरेज की जरूरत पड़ेगी। और यह हाइड्रोजन स्टोरेज जो है वो फ्यूल सेल में सप्लाई किया जाएगा। सराउंडिंग एयर से ऑक्सीजन हम इंटेक करेंगे और उसी इलेक्ट्रोकेमिकल रिएक्शन के थ्रू इलेक्ट्रिसिटी जनरेट होगा और जो एक्सेस फ्यूल है जो अपना एक्सेस इलेक्ट्रिसिटी है
वो एक बैटरी से कनेक्टेड रहेगा जो जाके बैटरी में स्टोर हो जाएगा। जितना यूज़ किया जाएगा उतना यूज़ कर लेंगे। जितना एक्सेस है उसको एक बैटरी में स्टोर कर लेंगे। तो यहां पर एक बैटरी भी लगाई जाएगी इसमें। ओके? इलेक्ट्रोकेमिकल रिएक्शन के थ्रू ये ट्रेन जो है वो अपना चलेगा और इसके थ्रू किसी भी तरीके से एयर या नॉइस पोल्यूशन
नहीं होगा। ठीक है? ना ही एयर का पोल्यूशन होगा ना ही नाइस। नॉइज़ का पोल्यूशन होगा। तो इंडिया अपने एमिशन टारगेट को ईज़ली अचीव कर पाएगा। क्लियर है भाई सभी को? यहां तक? तो यह इंडिया का पूरा वर्किंग प्रोसीजर है। इंडिया के पहले हाइड्रोजन पावर ट्रेन का
ईजी यार। ब्रेक की जरूरत है। आई डोंट थिंक सो ब्रेक चाहिए। अभी थोड़ी देर पहले लिया था हमने। चल आगे बढ़े। ठीक है? परफेक्ट। तो मैं एक बार नो सर। ओके ठीक है। मैं बस एक बार नोट्स ऐड कर देता हूं। ठीक है? नोट्स मैं एक बार
डाउनलोड कर लेता हूं। तब तक आप लोग 5 मिनट अगर आपको ब्रेक लेना है आप ले लो। ऐसे 5 मिनट मुझे लगेगा नहीं। बट स्टिल मैं एक बार नोट्स डाउनलोड कर लेता हूं। जस्ट गिव मी अ मिनट। चलो। सो दिस इज़ आवर नेक्स्ट जॉनरा जिसमें हम करेंगे ऑर्गेनाइजेशंस एंड समिट ब्रिक्स एसइओ G20 G7 यूनाइटेड नेशंस नेटो जो भी
इंपॉर्टेंट इस साल समिट हुए हैं वो सारे समिट्स हम यहां पे कवर करेंगे। ओके? इंपॉर्टेंट बिल्कुल इंपॉर्टेंट जॉन रहा है। बहुत इंपॉर्टेंट क्योंकि इस साल इंपॉर्टेंट समिट्स भी हुए हैं। इसमें से G20 और कॉप का समिट मैंने आपको बताया है। कहां पे कवर करेंगे? जब ये सेशन अच्छे से हो जाएंगे तब हम नेक्स्ट वीक या नेक्स्ट टू नेक्स्ट वीक इसको हम कवर करेंगे मिड ऑफ
नवंबर में। क्योंकि अभी टाइम है G20 समिट होने में। ओके। चलो तो फिर स्टार्ट करते हैं आज के लेक्चर को। एंड द वेरी फर्स्ट टॉपिक इन टुडेेस सेशन इज 18th ब्रिक समिट। ठीक है? तो इस साल इंडिया में 18th ब्रिक समिट हुआ जो कि इंडिया ने होस्ट किया था।
कहां हुआ 18th ब्रिक समिट? न्यू दिल्ली इंडिया में। ओके। इंडिया में इस बार का 18th ब्रिक्स समिट हुआ था। जगह का क्या नाम था? भारत मंडपम। ओके। बहुत डिटेल में अगर आपको इस पूरे टॉपिक को पढ़ना है तो यहां पर मैंने ऑलरेडी पढ़ाया हुआ है। आप यहां पर इस वीडियो में भी देख सकते हो। बहुत डिटेल
में मैंने कवर किया हुआ है। यहां पे सारे फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं इस साल के ब्रिक समिट के। इस साल के ब्रिक समिट के चेयर पर्सन कौन थे? चेयर्ड बाय पीएम नरेंद्र मोदी। व्हाट वास द थीम ऑफ दिस इयर्स ब्रिक्स समिट? इस साल के ब्रिक्स समिट का थीम था बिल्डिंग फॉर
रेजिलियंस इनोवेशन कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी वाज़ द थीम फॉर दिस इयर्स ब्रिक समिट। अब इसमें जो डिक्लेरेशन इस साल साइन किया गया उस डिक्लेरेशन का नाम है न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन।
न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन इस साल साइन किया गया। नाउ व्हाट इज़ दिस न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन? इसको थोड़ा ध्यान से एक बार समझना। यह जो न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन है, हर साल ब्रिक्स का जो फाइनल कंक्लूज़न होता है, उसको डिक्लेरेशन के नाम से रिलीज़ किया जाता है। इस डिक्लेरेशन के अंदर सबसे पहले तो पहलगाम अटैक को क्या किया गया? क्रिटिसाइज किया गया और कंडेम किया गया कि भाई यह बहुत गलत हरकत थी जो पहलगाम में अटैक हुए थे
और साथ ही साथ वेस्ट एशिया ने मैक्सिमम रीस्ट्रेन की बात की और चाइना को होस्ट बनाया गया 2027 का बैक किया गया। ठीक है? बैक्ट फॉर चाइना एस दी होस्ट फॉर 2027। किसी भी तरीके से कॉमन करेंसी यहां पे नहीं लाई गई अभी तक ब्रिक्स की। ये भी ध्यान में रखना। नो कॉमन ब्रिक्स करेंसी।
जैसे मैंने आपको यूरोपियन यूनियन का बताया था ना वैसा कोई अभी तक इन्होंने फाइनललाइज नहीं कर पाए हैं अपने लिए करेंसी। तो देयर इज़ नो एज सच कॉमन ब्रिक्स करेंसी इन सभी के लिए। अब यहां पर कौन-कौन आया? वी जिनपिंग 7 साल में पहली बार चाइना के जो लीडर हैं वी
जिनपिंग वो इंडिया आए। व्लादमीर पुतिन भी आए थे और ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजिशकियन भी यहां पे आए थे। थोड़े से मेंबर्स के बारे में आप एक बार जान लो कि अपने ब्रिक्स के मेंबर्स कितने हैं। इंपॉर्टेंट है। तो पहले ब्रिक्स के मेंबर सिर्फ यह हुआ करते थे। बीआरआईसीएस बट अभी ब्रिक्स में देयर आर 10 मेंबर्स।
ब्रिक्स में कितने मेंबर्स हैं? 10 मेंबर्स हैं। एक तो नाम में है बी आरआईसीएस। ब्राजील, रशिया, इंडिया, चाइना, साउथ अफ्रीका। ठीक है? दीज़ फाइव कंट्रीज आर ऑलरेडी ब्रिक्स के मेंबर्स। इन पांच कंट्री को अगर मैं हटा दूं, इन पांच कंट्री को अगर मैं हटा दूं, तो यहां पे अपने बचे हुए कंट्रीज कौन-कौन से होते हैं? 2024 में जिन्होंने जॉइ किया, दीज़ कंट्रीज आर इजिप्ट।
ओके एथियोपिया इनके बाद जॉइ किया ईरान ने और यूएई ने इन चार कंट्रीज ने 2023 में इसे जॉइ किया था 2025 में जॉइ किया इंडोनेशिया ने और सऊदी अरब का मैंने आपको बताया हुआ है
सऊदी अरब का क्या है? सऊदी अरब इनवाइट करता है बट अभी तक उसने कंफर्म नहीं किया है। ओके? सो कंफर्म की बात मैं करूं तो 10 है। अदरवाइज अगर हम सऊदी अरब को भी यहां पे इंक्लूड कर लें तो देयर विल बिकम 11 मेंबर्स। बट वहां पे जो चीजें हैं थोड़ी सी डाइस सीन है क्योंकि सऊदी अरब ने ऑफिशियली अभी तक कंफर्मेशन नहीं किया है बट इनवाइट इसे किया जा चुका है मेंबर बनने
के लिए। साथ ही साथ मेंबर्स के साथ इसमें एक और अ कैटेगरी होता है व्हिच इज़ नोन एज पार्टनर कंट्रीज। ओके? तो देयर आर टोटल 10 पार्टनर कंट्रीज जो कि हमारे ब्रिक्स के पार्ट हैं। और ये पार्टनर कंट्रीज हैं अपनी बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान ये सारी कंट्रीज। नॉट दैटेंट फॉर अस टू रिमेंबर।
ये जो पार्टनर कंट्री का कैटेगरी है, ये कहां बनाया गया था? ये याद रखना जरूरी है। ये बनाया गया था 2024 के कजान समिट में। ओके? 2024 का जो कजान समिट हुआ था रशिया में उसमें इसे क्रिएट किया गया था
पार्टनर कंट्री के पोस्ट को और उसके बाद से अब तक टोटल 10 पार्टनर कंट्रीज बनाए जा चुके हैं ब्रिक्स के। ओके? अब देखो ब्रिक की कुछ हिस्ट्री मैं बताऊं इससे पहले ब्रिक्स का जो प्रेसिडेंटशिप है वो कैसे रिवॉल्व करता है अभी तक। तो बी आर आईसीएस। ठीक है? बी आर आईसीएस।
तो देखो 2022 में चाइना में हुआ। ठीक है? 2023 में साउथ अफ्रीका में हुआ। उससे पहले 2021 में इंडिया में हुआ था। तो ब्रिक्स की समिट कैसे रोटेट करती है? उससे पहले 2020 में रशिया में हुआ था। तो जिस तरीके से
ब्रिक्स में नाम का सीक्वेंस है उसी हिसाब से एक-एक शिफ्ट होते जाता है। तो 2023 उसके बाद 2024 में फिर कहां हो गया? रशिया में हुआ 2024 में। 2025 में फिर ब्रिक्स में हुआ और 2026 में फिर से इंडिया में हुआ। अब यह बीच का सीक्वेंस थोड़ा सा बस आप जंप देखना। एक्चुअल में 2024 में ब्राजील में होना था और 2025 में रशिया में होना था। द रीज़न बिहाइंड दैट इज़ ब्राजील ने 2024 में
ऑलरेडी G20 का समिट होस्ट किया था। तो उसने बोला भाई एक साथ मैं दोनों को नहीं होस्ट कर सकता हूं। तो मैं पहले G20 कर लेता हूं। फिर मैं क्या करूंगा? फिर मैं ब्रिक्स को होस्ट करूंगा। इसलिए 2024 में ब्राजील की जगह रशिया ने किया और 2025 में फिर रशिया की जगह ब्राजील ने किया। इस तरीके से इनकी प्रेसिडेंसी जो है वो रोटेट होते रहती है। नाउ द क्वेश्चन इज़ सिंस नए
कंट्रीज ऐड हो चुके हैं अपने ब्रिक्स के मेंबरशिप में तो फिर इनकी प्रेसिडेंसी कैसे रोटेट होगी? इसके लिए अभी तक इन्होंने कोई फाइनल कंक्लूजन नहीं निकाला है। इस पे इनकी बातें चल रही है। कोई फाइनल अपडेट इनकी तरफ से नहीं आया है। क्लियर है यहां तक कोई डाउट? सो, यह तो हो गया 2026 में जो चीजें हुई उससे रिलेटेड। अब हम थोड़ा सा ब्रिक्स के बारे में फैक्ट पढ़ लेते हैं कि ब्रिक्स के बारे में क्या-क्या चीजें हमें जाननी
जरूरी है। देखो यार ब्रिक्स का जो टर्म है सबसे पहले एज अ ब्रिक कॉइन किया गया था। ब्रिटिश इकोनॉमिस्ट जिम ओ नील द्वारा 2001 में जो कि इंडिया की इमर्जिंग वर्ल्ड के इमर्जिंग इकॉनमीज़ को रिप्रेजेंट कर रही थी। ब्राजील, रशिया, इंडिया और चाइना। ठीक है?
इनका नाम इन्होंने कॉइन किया था जिम ओनेल ने। ब्रिक एक फॉर्मल ग्रुप के फॉर्म में स्टार्ट हुआ G8 के आउटरच समिट में 2006 में। इनका पहला जो समिट था वो हुआ था यकानबर्ग रशिया 2009 में। ब्रिक्स कब बना ये? 2010 में जब साउथ अफ्रीका ने इसे जॉइ किया। तो साउथ अफ्रीका ने जब 2010 में ज्वाइन किया तो ये ब्रिक्स बन गया।
अप्रैल 2011 थर्ड ब्रिक्स समिट में और फर्स्ट विद साउथ अफ्रीका यहां से फुल फॉर्मेशन ऑफ ब्रिक्स ग्रुप स्टार्ट हो जाता है। तो ब्रिक्स की पहली समिट येनबर्ग में हुई थी। ब्रिक्स की पहली समिट कहां हुई? अप्रैल 2011 में। उसके बाद फिर इनिशियल फाइव ब्रिक्स मेंबर्स वर ब्राजील ये मैंने आपको ऑलरेडी बताया गया है। उसके बाद 204 में ईरान,
यूएई इन सब ने ज्वाइन किया और फाइनली 2025 में इंडोनेशिया ने भी ग्रुप को जॉइ कर लिया। वर्ल्ड के 45% ऑफ दी पॉपुलेशन को ये रिप्रेजेंट करता है और 37.3% ऑफ दी ग्लोबल जीडीपी इसके अंदर आती है। अब BICS के अंदर ना एक बैंक है जिसे बोला जाता है Brिक्स बैंक।
यह जो brिक्स बैंक है इसको न्यू डेवलपमेंट बैंक के नाम से जाना जाता है। यह जो न्यू डेवलपमेंट बैंक है इसे 2011 में पहली बार आईडिया आया था न्यू दिल्ली समिट में तो 2012 में तो 2012 में जो इंडिया में समिट हुआ था ब्रिक्स का उसमें न्यू डेवलपमेंट बैंक का आईडिया आया। उसके बाद साइन करके फाइनली इसका ऑपरेशन चालू हुआ जुलाई 2015 में। फर्टालेजा समिट में क्या किया गया
था? इसे साइन किया गया था। इस बैंक का हेड क्वार्टर है शघाई चाइना में। रीजनल ऑफिसेस अलग-अलग जगह हैं। जैसे कि साउथ अफ्रीका और ब्राजील मेंबरशिप यूएन का कोई भी मेंबर न्यू डेवलपमेंट बैंक का मेंबर बन सकता है। कोई भी रेस्ट्रिक्शन नहीं है। जो भी यूनाइटेड नेशंस का मेंबर है वो न्यू डेवलपमेंट बैंक का मेंबर बन सकता है। अभी करेंटली इसके मेंबर्स हैं।
ब्राजील, रशिया, इंडिया, चाइना, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश, यूए, इजिप्ट, अल्जीरिया ये सारी कंट्रीज। अल्जेरिया जो है वो नाइंथ मेंबर बना न्यू डेवलपमेंट बैंक का। द न्यू डेवलपमेंट बैंक प्रेसिडेंट इज़ इेड ऑन अ रोटेशनल बेसिस। फाउंडिंग मेंबर्स के रोटेशनल बेसिस के बेसिस पे अ इसका फॉर्मेशन होता है। जो फर्स्ट इलेक्टेड प्रेसिडेंट ऑफ न्यू
डेवलपमेंट बैंक थे वो थे केवी कामथ। ठीक है? केवी कामथ वाज़ दी फर्स्ट प्रेसिडेंट ऑफ न्यू डेवलपमेंट बैंक। एंड करेंटली ब्राजील की डिलमा रूसेफ इज़ दी चीफ ऑफ न्यू डेवलपमेंट बैंक। ओके। कोई डाउट यार ब्रिक्स समिट में?
अच्छा तो मुझे ये बताओ नेक्स्ट ईयर का ब्रिक्स समिट कहां होगा? नेक्स्ट ईयर का ब्रिक समिट होगा चाइना में। ओके। चले फिर आगे बढ़े
नाउ 26th एसइओ समिट इसके बारे में चलो भाई सारे फैक्ट्स अच्छे से लिखने चालू करो कहां हुआ था बिस्केक में ओके बिकेक कहां है किरगिस्तान। थीम क्या था? व्हाट वाज़ द थीम ऑफ दिस इयर्स एसइओ समिट? द थीम वाज 25 इयर्स ऑफ
एसइओ एंड टुगेदर टुवर्ड्स सस्टेनेबल पीस डेवलपमेंट
एंड एंड प्रोस्पेरिटी। दिस वाज़ दी थीम फॉर दिस इयर्स एसइओ समिट। 25 इयर्स हो चुके हैं ब्रिक्स को। ये 25th एनिवर्सरी थी ब्रिक्स की। द समिट वाज़ 26 बट 25th एनिवर्सरी थी ब्रिक्स की। और इस
साल का कल्चरल कैपिटल सॉरी एसइओ की यार ब्रिक्स नहीं एसइओ की। इस साल का जो एसइओ का कल्चरल कैपिटल था किसे डिक्लेअ किया गया? चालपोन आटा को। ठीक है? चालपोन आटा कहां है? किरगिस्तान में है। चालपोन आटा।
इसको इस साल का कल्चरल कैपिटल डिक्लेअ किया गया। इसका पहला कल्चरल कैपिटल कौन सा था? फर्स्ट कल्चरल कैपिटल वाज़ वाराणसी। 2023 में जब इंडिया ने इसे होस्ट किया था तब वाराणसी वास दी कल्चरल कैपिटल
एंड उसके बाद फिर अगले साल का होगा जो नेक्स्ट ईयर किस में होने वाला है पाकिस्तान में उसमें लाहौर विल बी दी कल्चरल कैपिटल ओके सो इंडिया की तरफ से वाराणसी था इस साल चारपोनाटा था अगले साल जो होगा वो लाहौर होने वाला है अब इस साल इसमें में जो बातें की गई वो थी एजेंडा 2026 क्या साइन
किया गया इस साल एजेंडा 2026 ऑफ दी एसइओ अब ये एजेंडा 2026 क्या है इसके अंदर इन्होंने कुछ-कुछ इंपॉर्टेंट चीजों पे बात की लाइक सबसे पहले इन्होंने बात की रीजनल सिक्योरिटी की रीजनल सिक्योरिटी के बाद इन्होंने बात की
कि यार हमारा जो रीजन है एसइओ किस रीजन से डील करता है? सेंट्रल एशिया से। तो सेंट्रल एशिया के सिक्योरिटी की इन्होंने बात की। इसी के साथ इन्होंने बात की टेररिज्म को काउंटर करने की व्हिच इज़ काउंटर्ड टेररिज्म। साथ में इन्होंने बात की साइबर थ्रेट और साइबर क्राइम से रिलेटेड चीजों पर
और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी जिसमें इन्होंने एक प्रोजेक्ट का नाम लिया व्हिच इज़ चाइना किरगिस्तान उज़्बेकिस्तान का कॉरिडोर। ठीक है? ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी और इन्होंने डिस्कशंस किए डिस्कशंस ऑन
न्यू एसइओ डेवलपमेंट बैंक। ठीक है? इन्होंने एक एसइओ डेवलपमेंट बैंक बनाने की भी बात की। ये सारी बातें हुई थी इस साल के 2026 के एसइओ समिट में। जो हमें ध्यान में रखना था। इसके अलावा
इंडिया ने क्या-क्या बातें की? इंडिया ने क्या-क्या बातें की इस साल के एसइओ समिट में। सो ये सारी बातें इंडिया ने की। इंडिया का जो मेजर अप्रोच था वो तीन चीजों पे था। किन-किन तीन चीजों पे? सिक्योरिटी पे, कनेक्टिविटी पे एंड अपॉर्चुनिटी पे।
ये इंडिया का था और एक गवर्नेंस मंत्रा दिया इंडिया की तरफ से मोदी जी ने। कि गवर्नेंस के लिए क्या-क्या चीजें होनी जरूरी हैं। तो दो चीजें तीन चीजें उन्होंने सजेस्ट की। सबसे पहला रिफॉर्म लाने जरूरी हैं।
हमें उन रिफॉर्म्स परफॉर्म करना जरूरी है और इसके बेसिस पे हमें चीजों को ट्रांसफॉर्म करना जरूरी है। तो इंडिया ने ये दो अच्छी-अच्छी बातें की इस साल के एसइओ समिट पे और इंडिया का मेन पर्सपेक्टिव था पीस एंड डिप्लोमेसी।
ठीक है? इंडिया ने ध्यान दिया पीस और डिप्लोमेसी पे, गांधी और बुद्धा के प्रिंसिपल पे। कोई डाउट यार 2026 के एसइओ में क्या हुआ? एजेंडा क्या था? और इंडिया ने क्या-क्या बातें रखी एसइओ के समिट में? क्लियर है? क्लियर है भाई?
परफेक्ट। अब थोड़ा सा हम एसइओ के बारे में ध्यान दे देते हैं कि एसइओ से रिलेटेड क्या-क्या फैक्ट्स हमें जानने जरूरी हैं। लेट्स टॉक अबाउट एसइओ। ये सारे स्टैटिक जीके में काम आएंगे आपके। सो ये स्टार्ट हुआ था ओरिजिनेटेड एस शघाई फाइव।
ठीक है? कब चालू हुआ था शघाई फाइव के फॉर्म में? 1996 में इसे हमने शघाई फाइव के फॉर्म में स्टार्ट किया था। और ये पांच कंट्रीज कौन-कौन सी थी? दीज़ फाइव कंट्रीज वर, चाइना, रशिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान एंड
ताजाकिस्तान। ठीक है? चाइना, रशिया, कजाकिस्तान, किरगिस्तान और ताजाकिस्तान ने मिलके इसे स्टार्ट किया था। और 2001 में 2001 में उज़्बेकिस्तान ने जॉइन किया और इसी साल फिर इसका नाम क्या कर दिया गया? इसका नाम कर दिया गया एसईओ। क्यों एसइओ इसका नाम किया गया? शघाई में उसने जॉइ किया। तो फिर इसका नाम कर दिया गया एसइओ उज़्बेकिस्तान के जॉइ करने के
बाद। और इसी डेट को द डेट वाज़ 15th ऑफ़ जून। ठीक है? द डेट वाज़ 15th ऑफ़ जून। इस दिन एसइओ का फॉर्मल फॉर्मेशन होता है। इसके बाद फिर इसकी हेड क्वार्टर कहां है?
वेयर इज़ दी हेड क्वार्टर ऑफ़ एसइओ? हेड क्वार्टर इज़ इन बीजिंग चाइना। ओके? तो एसइओ नाम से कंफ्यूज मत होना। हेड क्वार्टर इसका बीजिंग में है। इसके ऑफिशियल लैंग्वेजज़ भी लिख लो। इसके ऑफिशियल लैंग्वेजज़ हैं रशियन एंड चाइनीज़। इन दो लैंग्वेजज़ में इसके ऑफिशियल काम होते हैं।
इवोल्यूशन ऑफ मेंबर्स की अगर मैं बात करूं तो 1996 में शघाई फाइव के नाम से ये ल्च हुआ था। 2001 में उज़्बेकिस्तान ने ज्वाइन किया। उसके बाद 2017 में इंडिया और पाकिस्तान ने जॉइ किया। देन
2023 में ईरान को ज्वाइन कराया गया इंडिया के समिट में जब एसइओ में हुआ और 2024 में 2024 में बेलारूस को बनाया गया एसइओ का मेंबर 10वां मेंबर और इसके साथ-साथ कजाकिस्तान,
ताजाकिस्तान, किरगिस्तान, रशिया, चाइना, उज़्बेकिस्तान, इंडिया, पाकिस्तान, ईरान और बेलारूस ये 10 मेंबर्स हैं किसके? एसइओ के। इसके साथ-साथ दो ऑब्जर्वर मेंबर्स भी हैं। देयर आर टू ऑब्जर्वर मेंबर्स एज वेल। कौन-कौन है ऑब्जर्वर मेंबर्स? अफगानिस्तान एंड मंगोलिया। ये दो कंट्रीज क्या है? ऑब्जर्वर स्टेटस इन्हें मिला हुआ है।
किसका? एसइओ का। एंड देयर आर 14 डायलॉग पार्टनर्स एज वेल। देयर आर 14 डायलॉग पार्टनर्स क्लियर बस फैक्ट्स हैं। पूरा फैक्ट है।
एसइओ के बारे में यहां पे पूरा क्या है? सिर्फ और सिर्फ फैक्ट ही चलते जाएंगे। अब इसमें एक इंपॉर्टेंट ऑर्गेनाइजेशन इसी के अंदर है व्हिच इज़ रेट्स। रेट्स क्या है भाई? रेट्स का फुल फॉर्म है रीजनल
एंटी टेरर स्क्वाड। ठीक है? ये रेट्स का क्या है? ये रेट्स का ऑफिशियल बॉडी है जिसे 2004 में बनाया गया था। ताशकंत में इसका हेड क्वार्टर था जिसे जो मेंबर्स हैं उन्होंने मिलकर मॉस्को में शिफ्ट करना चाहा और उसके बाद इसके
डायरेक्टर कौन है करेंटली उलारबेक जारिल कोविच शशी ठीक है तो 2004 में इसे बनाया गया था कब या सॉरी स्ट्रक्चर ठीक है स्ट्रक्चर इसे 2004 में बनाया गया था और करेंटली ली इसके जो चीफ है वो कौन है? इसके करंट चीफ
हैं उलारबेक ज़ेरिल कोविच शरशव क्या नाम होता है भाई। आय हाय हाय ठीक है। ये रेट्स के बारे में इसका काम है बेसिकली टेररिज्म को रोकना।
ठीक है? टू काउंटर दी टेररिज्म। इसी के साथ लास्ट ईयर लास्ट ईयर लास्ट ईयर एसइओ का मिलिट्री एक्सरसाइज हुआ। दिस वाज़ दी फर्स्ट एवर एसइओ मिलिट्री एक्सरसाइज। कब हुआ था? दिसंबर 2025 में। और कहां हुआ था यह? तबरीज।
ईरान में और इसका नाम क्या था? इसका नाम था साह 2020 फाइव। ओके? दिस वाज़ दी नेम। कोई डाउट यहां तक? क्लियर है भाई? इतने फैक्ट्स अगर आपको पता है एसइओ के बारे में तो और ज्यादा आगे जानने की जरूरत नहीं है।
ओके। अच्छा इसका फॉर्मेशन भी देख लेना। 2002 में इसे बनाया गया था। 2004 में इसने काम करना चालू किया। ठीक है? 2004 में इसने काम करना चालू किया। ओके। हां। ये पॉइंट भी यहां पे ऐड कर लेना।
दिस वन इसी साल ठीक है 2026 में इंग्लिश को भी इसमें ऐड कर लिया गया है इस साल का ये अपडेट है एस दी थर्ड ऑफिशियल लैंग्वेज ऑफ एसइओ ओके जस्ट अ मिनट गाइस ठीक है एक मिनट
चलो आ गुड टू को कंटिन्यू करें। चलो ये है अपना 52 G7 समिट। ठीक है? तो G7 का भी अभी रिसेंटली समिट हुआ है। उसके बारे में भी थोड़ा सा पढ़ लेते हैं यार।
इंपॉर्टेंट समिट होता है G7 का। तो हुआ क्या-क्या देखो इस साल का जो G7 समिट हुआ है, वह कहां हुआ है? एवियान लेस बेंस कहां है ये फ्रांस में ठीक है किस साल का समिट हुआ फ्रांस में होस्ट कौन थे प्रेसिडेंट
इमैनुअल मैक्रोन ठीक है इमैनुअल मैक्रोन वाज़ दी होस्ट ऑफ दिस इयर्स G7 समिट मेन आउटकम क्या था? एक नॉन बाइंडिंग क्रिटिकल मिनरल्स
रेज़िलियंस एंड प्रोडक्शन अलायंस। दिस वाज़ अ नॉन बाइंडिंग अलायंस। मतलब इसके डिसीजंस और इसके काम बाइंडिंग नहीं होंगे। बट स्टिल हम एक ग्रुपिंग के फॉर्म में क्या करेंगे? काम करेंगे। इसका गोल क्या है? जो इस साल का फॉर्मेशन हुआ। व्हाट वाज़
द गोल ऑफ दिस अलायंस? इसका गोल है कि कोई भी सिंगल सप्लायर ऑफ ठीक है? आउटसाइड सप्लायर ऑफ रेयर अर्थ्स एंड मैग्नेट्स टू बिलो 60% / 20-30। मतलब कोई भी इस ग्रुपिंग के बाहर का जो सप्लायर है उस पे डिपेंडेंसी 60% से कट कर देनी है। इस
ग्रुपिंग के जितने मेंबर्स हैं इससे बाहर की कोई कंट्री अगर रेयर अर्थ या मैग्नेट सप्लाई कर रही है तो उस पे डिपेंडेंसी 60% से कम करनी है। कोई मुझे बताएगा किसको टारगेट किया जा रहा है स्टेटमेंट के थ्रू?
इस स्टेटमेंट के थ्रू किसको टारगेट किया जा रहा है? द आंसर इज टू काउंटर चाइना। क्योंकि वही एक ऐसी कंट्री है जिस पे लोग डिपेंडेंट होते हैं इससे बाहर के। ओके? एंड इंडिया को ऑब्वियसली हर बार बुलाया जा रहा है। मोदी जी ने ट्रंप से भी मिला। फिर इसी के साइड लाइन में मोदी जी की मुलाकात हुई ट्रंप से।
और यार हमारे लिए यह इंपॉर्टेंट नहीं होता है। हमारे लिए स्टैटिक इंपॉर्टेंट होता है। ठीक है? सो इस साल कहां हुआ? क्या-क्या आउटकम हुए? इसको एक बार आप ध्यान से देख लो। अब थोड़ा सा स्टैटिक फैक्ट्स भी हम यहां पे ध्यान से पढ़ लेते हैं। द ग्रुप ऑफ़ सेवन इज़ एन इनफॉर्मल ग्रुपिंग ऑफ सेवन ऑफ दी वर्ल्ड्स एडवांस्ड इकॉनमीज़। ठीक है? जो वर्ल्ड की सेवन एडवांस इकॉनमीज़ हैं। इनकी एक इनफॉर्मल
ग्रुपिंग है G7। इसके मेंबर्स जो है वो हर साल G7 समिट में मिलते हैं एक दूसरे से। और फॉर्मेशन इसका हुआ था 1975 में जो ऑयल क्राइसिस हुआ था उसके रिस्पांस के फॉर्म में फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम ने ग्रुप ऑफ सिक्स्थ बनाया था। और उसके बाद रशिया को 1998 में जब इंक्लूड किया गया।
ठीक है? तो ये G8 बना था। और ये G8 में जब 2014 में रशिया को हटा दिया गया। जब रशिया ने क्रीमिया को एनेक्स किया तो ये वापस से G7 फॉर्मेट में आ गया। ये कंट्री जो है वो वर्ल्ड का 10% पपुलेशन और 30% ऑफ द ग्लोबल इकॉनमी शो करती है। अब आप यहां पे इसी से देख सकते हो। तो जैसे ही किसी ग्रुपिंग से आप इंडिया या चाइना को बाहर करो तो उसका
पॉपुलेशन का रेश्यो बहुत ज्यादा कम हो जाता है। यूरोपियन यूनियन के पास इसका ऑब्जर्वर स्टेटस है और जो इस साल का समिट था वो एवियान लेस बेंस में हाउस सेवोई में फ्रांस में क्या है? स्ेड्यूल्ड है। कोई डाउट यार G7 समिट में G7 समिट उतना बड़ा टॉपिक होता नहीं। छोटा सा थोड़ा सा टॉपिक होता है। दिस वाज़ दी इंपॉर्टेंट थिंग।
इसमें मोस्टेंट चीज क्या था? इसमें मोस्टेंट थिंग था कि मोदी किसके साथ मिले? मोदी ट्रंप के साथ मिले। ठीक है? ट्रंप से मोदी जी की क्या हुई? यहां पे मुलाकात हुई। ओके। परफेक्ट।
अच्छा अगला समिट कहां होगा? ये भी बता दो भाई। अगला G7 समिट कहां होने वाला है? अगला G7 समिट भी नोट कर लेना। अगला G7 समिट होगा यूएसए में। ओके? अगला G7 समिट होगा यूएसए में। सो दीज़ आर दी फैक्ट्स जो कि हमें G7 के बारे में थोड़ा सा जानना था। अब हम बात करते हैं यूएनसीसीडी के कॉप 17 के बारे में।
तो आपको पता होगा कि जो हमारा कॉप होता है वो तीन ऑर्गेनाइजेशंस का होता है। एक है यूएन ट्रिपल यूएनसीसीडी। एक है यूएनएफ ट्रिपल सी। ठीक है? और एक है यूएन सीबीडी। ठीक है? तो यूनाइटेड नेशंस यूएनएफ सीसीडी, यूएफ ट्रिपल सी और यूएनसीबीडी।
ये सारे ऑर्गेनाइजेशंस हैं जिनका कॉप होते रहता है। हमें अभी पढ़ना है जस्ट अबाउट दी यूएसीसीडी। तो सबसे पहले देखो व्हाट इज द फुल फॉर्म ऑफ यूएनसीसीडी? सो इसका फुल फॉर्म है यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन
टू कॉम्बेट डेजर्टिफिकेशन। दिस इज़ द फुल फॉर्म ऑफ कॉप 17। ये हुआ कहां था इस साल? ये हुआ था उलान बतार में। ठीक है? उलान बतार में हुआ था। वेयर इज़ उलान बतार? मंगोलिया।
अब इस साल मंगोलिया में ही क्यों कराया गया? क्योंकि मंगोलिया के डिमांड में यूएनजीए ने क्या किया है? 2026 को डिक्लेअ किया है इंटरनेशनल ईयर ऑफ रेंज लैंड। रेंज लैंड एंड पेस्टोरलिस्ट। इसीलिए इस साल मंगोलिया में इस समिट को रखा गया है। अब उलान बतार की एक खासियत
समझना। ये वर्ल्ड का वर्ल्ड्स कोल्डेस्ट कैपिटल है। ठीक है? वर्ल्ड का सबसे सस्ता कैपिटल सबसे ठंडा कैपिटल सिटी ये है। इस पे जो इंपॉर्टेंट अपडेट्स हुए इस साल के यूएनसीसीडी में वो है एक फाइनल रिपोर्ट लाई गई कन्वेंशन के फ्यूचर स्ट्रेटेजिक फ्रेमवर्क में। सो क्या रिपोर्ट लाई गई?
रिपोर्ट ऑन फ्यूचर स्ट्रेटेजिक फ्रेमवर्क वि इज बेसिकली 2030 के बाद ये जो अपना ऑर्गेनाइजेशन है वो कैसे काम
करेगा इस पे इन्होंने एक रिपोर्ट पब्लिश की। इससे पहले जो इसका समिट है बेसिकली ये जो है ऑर्गेनाइजेशन ये मीट करती है बाय एनुअली। बाय एनुअली मतलब 2 साल में एक बार। इसीलिए इनके नंबर ऑफ़ कॉप समिट्स आप देखोगे तो कम है। ठीक है? तो ये बाय एनुअली एक दूसरे से मिलते हैं। इसके पहले 2024 में रियाद सऊदी अरेबिया में इनकी समिट हुई थी। अगर मैं यूएनसीसीडी के स्टैटिक जीके की बात करूं
तो इसे अडॉप्ट किया गया था अडॉप्टेड इन 17th जून। ठीक है ना? ऑन 17th जून 199। ओके? इस दिन इसे क्या किया गया था? अडॉप्ट किया गया था। और यह फोर्स में कब से आया?
यह फोर्स में आया 199 सिक्स से। यह इकलौता ऐसा लीगली बाइंडिंग ट्रीटी है जो लैंड के डिग्रेडेशन से डील करता है। तो डेजर्टिफिकेशन मतलब क्या होता है? बेसिकली लैंड का फर्टिलिटी लूज़ करना।
मरुस्थल जिसे हम बोलते हैं। तो नंबर ऑफ ठीक है? नंबर ऑफ लैंड जो है वही जो फर्टिलिटी है जितने ज्यादा डेजर्ट हम कम करेंगे कम करेंगे कम करेंगे वो इसका पर्पस है। ओके क्लियर? अब इस साल का थीम क्या था? व्हाट वास द थीम फॉर दिस ईयर समिट?
इस साल के समिट का थीम था रिस्टोरिंग लैंड रिस्टोरिंग होप। रिस्टोरिंग लैंड रिस्टोरिंग होप वाज़ दी थीम फॉर दिस इयर्स यूएनसीसीडी का कॉप एनी डाउट डेजर्टिफिकेशन क्या होता
है एंड यूएनसीसीडी क्या है इसका हेड क्वार्टर भी देख लो हेड क्वार्टर इज़ इन बॉर्न जर्मनी ठीक है बॉर्न जर्मनी में इसका हेड क्वार्टर है या वन ऑफ द थ्री रियो कन्वेंशन यूएनएफ ट्रिपल सी यूएफ सीसीडी एंड यूएनएफ सीबीडी ये सभी रियो कन्वेंशन से निकल के आए हैं। ट्रिपल सी हमारे लिए इंपॉर्टेंट होता है। हर साल होता है वो और बहुत इंपॉर्टेंट आउटकम्स भी उसके होते
हैं। इस साल का कॉप 31 होने वाला है। कहां बताओ इस साल का कॉप 31 कहां होने वाला है भाई? लेट मी नो इन द चैट बॉक्स। इस साल जो हमारा कॉप समिट होने वाला है वो किस जगह पे होगा? वेरी गुड। कहां होगा? अंतालिया में। ओके। इस साल का कॉप समिट होगा अंतालिया टर्की।
जगह का नाम याद होना चाहिए। सिर्फ कंट्री नहीं। चलो। लेट्स मूव अहेड। यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली नंबर 81 एंड रेस फॉर दी सेक्रेटरी जनरल। तो यूनाइटेड नेशंस में ना सेक्रेटरी जनरल के पोस्ट के लिए बहुत तगड़ी रेस चल रही है और इस साल 81
यूएन जनरल असेंबली था। तो इन दोनों के बारे में हमें थोड़ा सा जानना क्या है? जरूरी है। सबसे पहले हम बात करते हैं यूएनजीए 81 की। सो यूएनजीए 81 जो है इस साल 8th सप्टेंबर को चालू हुआ था। हाई लेवल
वीक इसका 18 से 28 सितंबर चलता है। इस साल के प्रेसिडेंट कौन थे? द प्रेसिडेंट वाज़ खलील लुर रहमान। ठीक है? यह 81 यूएनजीए के प्रेसिडेंट थे।
यह कहां के हैं? यह हैं बांग्लादेश के। ओके। यह बांग्लादेश के हैं। इनको सेकंड जून को इ किया गया सीक्रेट बैलेट के थ्रू। 99 वोट्स इन्हें मिले थे। और रनर अप कौन थे प्रेसिडेंट के इलेक्शन में? रनर अप वाज़ एंड्रियास कैकोरिस।
एंड्रियास कैकोरिस वास दी रनर अप जो कि कहां के हैं? यह है सिपस के। अब जनरली क्या होता है ना यूएनजीए के प्रेसिडेंट का जो पोस्ट है वो अनकॉन्टेस्टेड रहता है। मतलब अगेंस्ट में कोई खड़े नहीं होता है। बट इस बार हुए थे इनको 91 वोट्स मिले थे और इनको 99 वोट्स मिले थे। जिसके चलते
इन्हें क्या कर दिया गया? इन्हें बना दिया गया। और बांग्लादेश को ये दूसरी बार यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली की प्रेसिडेंसी मिली है। इस साल का थीम क्या था? व्हाट वाज़ द थीम ऑफ दिस इयर्स यूएनजीए? द थीम फॉर दिस इयर्स यूएनजीए वाज़ रिस्टोरिंग ट्रस्ट।
मैनेजिंग ट्रांसफॉर्मेशन। अ यूनाइटेड नेशंस दैट डिलीवरर्स फॉर ऑल। दिस वाज़ द थीम फॉर दिस इयर्स यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली।
अब इस सेशन का टास्क यह था। इंपॉर्टेंट चीज यहां पे यह हुई यार देखो जो अपने करंट यूएन के सेक्रेटरी जनरल हैं जिनका नाम है एंटोनियो गुटिस। ठीक है? तो एंटोनियो गुटिस साहब का जो टर्म है
ये एंड हो जाएगा इस साल के दिसंबर में। 31 दिसंबर 2026 में। तो अब इन्हें एक नया सेक्रेटरी जनरल ढूंढने की जरूरत है। इन्हें एक नया सेक्रेटरी जनरल ढूंढने की जरूरत है। दिस वाज़ दी बिगेस्ट टॉपिक ऑफ दिस इयर्स यूएनजीए 81। तो इसी में एक रेस चालू हुआ
जिसको हम डिटेल में कवर करेंगे। बट उससे पहले यूएनजीए का स्टैटिक थोड़ा सा आप देख लो। यूएनजीए जो है वो यूनाइटेड नेशंस के सिक्स प्रिंसिपल ऑर्गन्स में से एक है। ठीक है? जिसके अभी करेंटली टोटल 193 मेंबर्स हैं। एनीवन जिसे यह नहीं पता कि यूनाइटेड नेशंस का फॉर्मेशन कब हुआ था। कोई है भाई बता दो ऑनेस्टली। एनीवन जिसे ये नहीं पता कि यूनाइटेड नेशंस का फॉर्मेशन कब हुआ था।
पता होगा सभी को? सिक्स सेवंथ किस साल के जीके में पढ़ा था? इतने अच्छा एक ही आदमी ने बार-बार लिखा हुआ है।
ओके कूल। अच्छा फिर ये बताओ मुझे व्हाट वाज़ दी प्रेडसेसर ऑफ़ यूनाइटेड नेशंस? यूनाइटेड नेशंस का प्रेडसेसर कौन था? लीग ऑफ नेशंस। ठीक है? तो ये दोनों चीजें आपको ध्यान में रखनी है। तो 193 इसके टोटल मेंबर्स हैं और इसका हेड क्वार्टर अपना कहां है? वही जहां पे सारे यूएन बॉडी का है न्यूयॉर्क में।
अब यहां पे प्रेसिडेंट की अगर मैं बात करूं तो यहां के प्रेसिडेंट जो होते हैं वो एक साल के लिए इ होते हैं। अनलाइक सेक्रेटरी जनरल। ठीक है? तो एक साल के लिए इ होते हैं और पांच रीजनल ग्रुप के बेसिस पे ये क्या होते हैं? रोटेट होते रहते हैं। कौन-कौन से पांच रीजनल बेससेस? एक बार अफ्रीका का बनाया जाएगा, एक बार एशिया पेसिफिक का बनाया जाएगा, एक बार ईस्टर्न
यूरोप का बनाया जाएगा। फिर लैटिन अमेरिका और करीबियन का एक बार बनाया जाएगा। उसके बाद फिर वेस्टर्न यूरोप और अदर्स का बनाया जाएगा। तो इस बेसिस पे ये रोटेट होते रहती है। इनकी क्या? इनकी प्रेसिडेंसी रोटेट होते रहती है। इंडिया के जो पहले प्रेसिडेंट थे यूएनजीए के उनका नाम क्या था? उनका नाम था विजय लक्ष्मी पंडित और यह यूएनजीए की फर्स्ट प्रेसिडेंट है। वुमेन
प्रेसिडेंट। ठीक है? एट्थ यूएन जनरल असेंबली की ये प्रेसिडेंट बनी थी। नाम मैं आपको बता देता हूं यहां पे नोट कर लेना। विजय लक्ष्मी पंडित। ठीक है? यह फर्स्ट इंडियन थी।
एंड फर्स्ट वुमेन भी थी जिन्होंने यूएनजीए का प्रेसिडेंटशिप हासिल किया था। कब किया था इन्होंने? 1953 के एट्थ यूएन जनरल असेंबली में। क्लियर? चलो।
अब यहां पर हमारे लिए इंपॉर्टेंट पोर्शन चालू होता है वि इज द रेस फॉर यूएन सेक्रेटरी जनरल। ध्यान से सुनना। यूएनएसजी मतलब यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी जनरल।
अब यह जो प्रोसेस है वो एक लेटर के थ्रू ओपन का होता है और कैंडिडेट्स जो है वो मेंबर स्टेट्स नॉमिनेट करते हैं। तो इस साल के जो प्रेसिडेंटशिप के रेस में जिन लोग हैं उनका नाम आप देखना एक बार। एक नाम है रेबेका ग्रीन स्पैन। इट्स जी आर वाई एंड ग्रीन।
रेबेका ग्रीन स्पैन दूसरा नाम है कोरोलिन रिगज़ तीसरे बंदे हैं राफेल ग्रॉसी अब कोई मुझे बताएगा राफेल ग्रॉसी क्यों इंपॉर्टेंट है आज ही बताया मैंने आपको राफेल ग्रॉसी और किस ऑर्गेनाइजेशन के चीफ
हैं यह अभी कुछ देर पहले हम जो जॉनरा कर रहे थे उसमें हमने इनके बारे में पढ़ा था। रॉफेल ग्रॉसी इज दी चीफ ऑफ आईएए। ठीक है? ये क्या है? आईएए के डीजी हैं। भैया आईएए क्या है? वही यार जो हमने उसमें पढ़ा अपने इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के
यूरेनियम में पढ़ा हमने और इजराइल और ईरान वाले वॉर में अ न्यूक्लियर एनर्जी के लिए पढ़ा। ठीक है? तो एटॉमिक एनर्जी एजेंसी है यह आईआईए। उसके क्या है यह? उसके डीजी हैं। इसके अलावा ओलारा ओतुतुम
ये भी यूएन के प्रेसिडेंटशिप के रेस में हैं। एंड एक है मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा। सबके नाम ऑब्वियसली याद नहीं रखने हैं। मैं अभी थोड़ी देर में बताऊंगा क्या-क्या याद रखने हैं आपको। और इसके बाद सिक्स्थ नंबर पे है इवोम बाकी।
अब ये सब है कहां के? किन्होंने-किन्होंने इसे क्या किया है? इ किया है। तो रेबेका ग्रीन स्पैन जो है यह लीड कर रही हैं क्योंकि ये है कोस्टारिका की और ये सेक्रेटरी जनरल है यूएनसीटीएडी की। ठीक है? तो ऑलरेडी एक यूनाइटेड नेशंस के
बॉडी की ये सेक्रेटरी जनरल हैं। एक्स वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुकी हैं। एक रेस इनके बीच चल रहा है। एक्चुअल में स्ट्रॉप पोल्स को यही क्या कर रही हैं? लीड कर रही हैं। तो लोगों का कहना यह है देयर आर हाईली चांसेस कि रेबेका ग्रीन स्पैन विल बिकम दी अपकमिंग
प्रेसिडेंट ऑफ सॉरी सेक्रेटरी जनरल ऑफ यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली। अब देखो यार मैंने ना जब से जीके पढ़ना चालू किया लगभग 2016-17 के टाइम से मैं जीके पढ़ रहा हूं। मैंने एक ही आदमी को पढ़ा भी मैंने एक ही आदमी का नाम है। पढ़ाया भी मैंने एक ही आदमी का नाम है यूनाइटेड नेशंस के अ डायरेक्टर जनरल के फॉर्म में। सेक्रेटरी जनरल के फॉर्म में। अब फाइनली कुछ दिन बाद
मुझे शायद नेक्स्ट ईयर से नया नाम लेने का मौका मिले। तो एंटोनियो ग्रुटस साहब उतने साल से क्या हैं? ऑलरेडी इनके एक सेक्रेटरी जनरल बने हुए हैं। अब यहां पर हमारे लिए जानना जरूरी है कि सेक्रेटरी जनरल चुना कैसे जाता है? व्हाट इज द प्रोसीजर फॉर दी सिलेक्शन ऑफ सेक्रेटरी जनरल? तो देखो आर्टिकल 97 जो है ऑफ द यूएन
चार्टर यूएन चार्टर का आर्टिकल 97 क्या बोलता है कि सिक्योरिटी काउंसिल के रेकमेंडेशन के बेसिस पे सिक्योरिटी काउंसिल के रेकमेंडेशन के बेसिस पे क्या किया जाएगा सेक्रेटरी जनरल अपॉइंट किया जाएगा किसका यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली
का अब यूएनजीए का जो यूएनएससी का जो रेकमेंडेशन है, यूएनएससी का जो रेकमेंडेशन है, वह कैसे वर्क करता है? 9 आउट ऑफ 15 एंड नो P5 V2। तो अगर किसी भी किसी भी
इंसान को यूएनजीए का सेक्रेटरी जनरल बनना है तो उसे नाइन आउट ऑफ 15 वोट्स गैब करने होंगे और P5 की तरफ से किसी भी तरीके का वीटो नहीं लगा हुआ होना चाहिए उसके ऊपर। टर्म कितने साल का होता है? 5 साल का टर्म होता है।
5 इयर्स टर्म और यह क्या होता है? यह रिन्यूएबल होता है। इसे हम रिन्यू कर सकते हैं। तो 5 साल का इनका टर्म होता है जिसे रिन्यू भी किया जा सकता है। और यूनाइटेड नेशंस के पहले सेक्रेटरी जनरल थे ट्रिग्वेली। ठीक है? ही वाज़ दी फर्स्ट सेक्रेटरी जनरल ऑफ यूनाइटेड नेशंस। ओके? यूनाइटेड नेशंस के फर्स्ट सेक्रेटरी जनरल कौन थे?
ट्रिग्वेली। एंटोनियो गुट्रेस के पहले थे बान की मून 2016 में। ओके। 2017 में एंटोनियो गुटरेस बने जो कि पोर्तगल के थे और वह 2026 तक क्या है? चलते आ रहे थे एस दी सेक्रेटरी जनरल। अच्छा मुझे यह बताओ क्या अभी तक इंडिया का कोई सेक्रेटरी जनरल बना है?
क्या इंडिया का कोई सेक्रेटरी जनरल बना है यूनाइटेड नेशंस में? द आंसर इज़ नो। ठीक है? अभी तक इंडिया का कोई भी सेक्रेटरी जनरल यूनाइटेड नेशंस में नहीं बना है। अच्छा एशिया से कौन पहला सेक्रेटरी जनरल था? ये बता दो मुझे। क्या एशिया से कोई बना है? एशियन
कॉन्टिनेंट से कोई सेक्रेटरी जनरल बना है आज तक यूनाइटेड नेशंस पे? यस। कौन बना है? यूथंट ओके यूथंट ये म्यांमार के थे। ठीक है? यूथंट म्यांमार के थे। ये पहले एशियन सेक्रेटरी जनरल थे अपने यूएनजीए के।
क्लियर? एनी डाउट? आ गया समझ में कि रेस फॉर यूएएसजी का क्या चल रहा है? सीन कौन लीड कर रहा है? कौन दो लोग इंपॉर्टेंट है? और कैसे इनका प्रोसेस होता है इलेक्शन का।
परफेक्ट। चलो आगे बढ़े। अब यार ये अपना प्यारा देश यूएसए। इतना मतलब देखो यार इतना मजबूर कर देते हैं ना लोग इसके साथ गलत गलत बात करके इसको परेशान कर करके कि इसको छोड़ के जाना पड़ता है सारे ऑर्गेनाइजेशन को जहांजहां लोग इसको परेशान करने लगते हैं मतलब खिलाते नहीं इसको अपने साथ बोलते हैं नहीं
तू हमसे अलग है तू हमारे साथ नहीं खेलेगा तो इसके साथ बहुत ज्यादती होती है भोला भाला सा कट देश है तो इसको एग्जिट करते जा रहा है वो इसने आईएसए को एग्जिट किया इसने डब्ल्यूho को एक्सिट िट किया और साथ ही साथ 60 प्लस अदर बॉडीज को ये क्या कर रहा है? एग्जिट कर रहा है।
ठीक है? क्या हो गया भाई? इतना ब्रेक ब्रेक ब्रेक ब्रेक क्यों आ रहा है? कितने कितने देर का ब्रेक? बताओ। कितने देर का ब्रेक?
10 मिनट। नहीं नहीं। 15-20 मिनट बहुत हो जाएगा यार। 1520 मिनट बहुत हो जाएगा। चलो 10 मिनट का ब्रेक मैं देता हूं आपको। ठीक है? एंड आना 10 मिनट में। नॉट मोर देन 10 मिनट्स। हमें और भी टॉपिक्स अभी कवर करने हैं। कोई नहीं। चलो ये लो 10 मिनट का ब्रेक आप लोग के लिए। जल्दी आना।
चलो वापस आ जाओ भाई आवाज आ रही है सभी को मेरी एम आई ऑडिबल? आवाज आ रही है? चलो कंटिन्यू करते हैं फिर आज के लेक्चर को।
एंड दिस इज़ यूएसए एक्सिस्ट आईएसए। ठीक है? इंटरनेशनल सोलर अलायंस, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और उसके साथ 60 प्लस डिफरेंट ऑर्गेनाइजेशनंस को यूएसए इस साल एग्जिट करने की प्लानिंग कर रहा है। इनफैक्ट एग्जिट करना स्टार्ट कर दिया है। तो देखो यार
सेवंथ ऑफ जनवरी 2026 को जो यूएस के प्रेसिडेंट हैं डोनाल्ड ट्रंप इन्होंने क्या किया? एक मेमोरेंडम साइन किया कि हम 66 इंटरनेशनल बॉडीज को क्या करेंगे? छोड़ेंगे। तो यूएस ने ये मेमोरेंडम साइन किया कि दैट इट विल लीव
ओके। तो इन्होंने मेमोरेंडम साइन किया दैट इट विल लीव 66 यूनाइटेड नेशंस और नॉन यूनाइटेड नेशंस बॉडी। इन 66 में से ब्रेकडाउन समझना। 31 विल बी यूएन ऑर्गन्स एंड 35 विल बी नॉन यूएन ऑर्गन्स। ये जो लीव करेगा।
अब इसमें जो इंपॉर्टेंट बॉडीज ये छोड़ रहे हैं, वह कौन-कौन सी है? एक है आईएसए इंपॉर्टेंट फॉर अस क्योंकि इंडिया लीड करता है इसे। एक है आईपीसीसी। आईपीसीसी क्यों इंपॉर्टेंट है? क्योंकि ट्रंप साहब का कहना है भाई क्लाइमेट चेंज होता ही नहीं है। ये तुम सब मजाक कर रहे हो। सबके साथ झूठ बना रहे हो सबको। आईपीसीसी होता ही नहीं है। आई मीन क्लाइमेट चेंज जैसी
कोई चीज ही नहीं है। क्या क्या क्लाइमेट चेंज हो रहा है? बताओ कितना टेंपरेचर बढ़ गया है? तो ये सब फर्जी वाला तुम करो मत। हम ये सब में जॉइ नहीं करेंगे। इसके बाद इन्होंने आईआरए को भी जॉइ लीव करने की बात की जो कि रिन्यूएबल एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन है। एंड फोर्थ नंबर पे है इंटरनेशनल एनर्जी फोरम। आईयूसीएन। ठीक है? आईयूसीएन को भी इन्होंने क्या किया?
लीव करने का प्रोसेस चालू कर दिया। और यूनेस्को को तो ऑलरेडी मैंने आपको बताया हुआ है। तो ये सारे ऑर्गेनाइजेशंस इंपॉर्टेंट है। जिन आउट ऑफ दी 66 ये सारे वो लीव करने की सोच रहे हैं। और साथ ही साथ जो यूएन के नोटेबल बॉडीज हैं ये सारे तो नॉन यूएन हो गए। ठीक है? ये सारे अपने नॉन यूएन हो गए। अगर मैं यूएन बॉडीज की बात करूं तो यूएन बॉडीज में वो यूनाइटेड नेशंस
पपुलेशन फंड व्हिच इज़ यूएनएफपीए उसको छोड़ने की बातें कर रहे हैं। इंटरनेशनल लॉ कमीशन को छोड़ने की बात कर रहे हैं और पीस बिल्डिंग कमीशन को भी वो छोड़ रहे हैं। यह सारे यूएन के बॉडी हैं। तो यूनाइटेड नेशंस, नॉन यूनाइटेड नेशंस बॉडी सभी को वो छोड़ने की बात कर रहे हैं।
अब प्रॉब्लम यह है। आई मीन द मेन क्वेश्चन इज क्यों छोड़ना चाहते हैं? ठीक है? मतलब ऐसा क्या हो गया कि इतना ज्यादा नाराज हो गए ट्रंप जी? इतने ज्यादा नाराज हो गए। द रीज़न बिहाइंड दैट इज कि ये जो ऑर्गेनाइजेशंस हैं ये एंटी यूएस रेडिकल और ग्लोबलिस्ट एजेंडा चलाती है और अननेसेसरी क्लाइमेट पॉलिसीज हैं जिसमें यूएसए को बहुत ज्यादा पीछे रखा जाता है। यूएसए के
साथ बहुत ज्यादा डिस्क्रिमिनेट किया जाता है। इतनी छोटी सी तो कंट्री है यूएसए। इसके साथ लोग बहुत गलत करते हैं। इसको बहुत पीछे रखा जाता है। ऑलरेडी पीछे है ये तो इसको और पीछे कर देते हैं और इजराइल को सपोर्ट नहीं करते हैं। ये यूएसए जो भी इजराइल के साथ मिलके पेस्तीन में कर रहा है उसके अगेंस्ट ये बातें करते हैं। तो ये अपना प्रोपोगेंडा चला रहे हैं और काफी रेडिकल होती है इनकी क्लाइमेट पॉलिसीज।
इतने पुराने जमाने के हम नहीं है। हम थोड़ा ज्यादा सोचेंगे क्लाइमेट चेंज को लेके। इसलिए वो क्या कर रहे हैं? इसे एग्जिट करने की बात कर रहे हैं। ठीक है? तो वो क्या कर रहे हैं? सीधा यार एग्जिट करना है हमको। अब इसमें हमारे लिए तो यार दो चीज का स्टैटिक जानना जरूरी है। कौन-कौन सी दो चीजें? इंटरनेशनल सोलर अलायंस और WHO। चलो
काम शुरू करते हैं अपना। सबसे पहले वी विल बी टॉकिंग अबाउट इंटरनेशनल सोलर अलायंस। ये हमारे लिए इंपॉर्टेंट इसलिए क्योंकि ये एक इतना बड़ा अलायंस है जिसको इंडिया लीड कर रहा है। ठीक है? इंडिया और फ्रांस ने मिलके इसे स्टार्ट किया था। तो इसको लॉन्च किया गया था 30थ ऑफ नवंबर।
30th ऑफ नवंबर 2015 को। ठीक है? कहां पर लांच किया गया था इसे? कॉप 21 में ल्च किया गया था बाय इंडिया एंड फ्रांस। ठीक है? इंडिया और फ्रांस ने मिलके इसे ल्च किया था। इंडिया की तरफ से पीएम मोदी थे और फ्रांस की तरफ से प्रेसिडेंट फ्र फ्रेंककोइस हेलंडे थे।
ओके। क्या नाम था? फ्रैंकइस एलंडे वाज़ फ्रॉम दी साइड ऑफ फ्रांस। अब यह बेसिकली इसका काम क्या है? ये वर्क करता है यार ओसोवक के प्रिंसिपल पे। ठीक है? ये किस प्रिंसिपल पे वर्क करता है? ये वर्क करता है ओसोवक के प्रिंसिपल पे। अब ओसोवॉक का प्रिंसिपल मतलब क्या हुआ? वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड वाली जो चीजें हैं, उसके बारे में यह बातें करते हैं।
ओसोवक ओके। वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड। इसका यह पूरा काम है आईएसए का। हेड क्वार्टर इसका कहां है? हेड क्वार्टर इसका है गुरुग्राम में। हेड क्वार्टर इसका कहां है? हेड क्वार्टर इसका है गुरुग्राम में। और इसके करंट जो डायरेक्टर जनरल हैं वो है आशीष खन्ना।
करंट डायरेक्टर जनरल इज़ आशीष खन्ना। अब इसका पर्पस क्या है? यह जो अपना अर्थ है, ठीक है? ये जो अपना अर्थ है, इसका विज़न चल रहा है। द विज़न इज़ द विज़न इज़ द सन नेवर स्टेट्स। ये इसका विज़न है। मतलब सन कभी ढलता नहीं है। एंड दैट्स ट्रू। वो तो
हम घूम लेते हैं ना। हम रोटेट हो जाते हैं। इसलिए सन गायब हो जाता है। अदरवाइज सन तो एक ही जगह पे है। सन कहीं आ जा नहीं रहा है। ये इनका फंडा है। तो ये ये बोलते हैं कि यार अगर इंडिया में आज सनसेट हो चुका है। ठीक है? अगर इंडिया में सनसेट हो चुका है तो यूएस में सन उगा हुआ है। अगर यूएस में सनसेट हो चुका है तो इंडिया में उगा हुआ है। कहीं ना कहीं पूरे अर्थ में
सन जो है वो दिख रहा है। अब अगर पूरे देश में कहीं ना कहीं सन दिख रहा है। पूरे दुनिया में कहीं ना कहीं सन दिख रहा है। तो क्यों ना हम पूरे वर्ल्ड को एक सोलर ग्रिड से जॉइ कर दें। पूरे वर्ल्ड को हम एक सोलर ग्रिड से जॉइ कर दें। यही इनका प्रोजेक्ट है ओसोवग। वन
सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड। अब ये वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड जो है इसको जॉइ करने का ये तीन फज़ का प्लानिंग कर रहे हैं। ठीक है? कौन-कौन से तीन फज़? फज़ वन, फज़ टू और फज़ थ्री। व्हाट इज दिस फज़ थ्री? फज़ थ्री में ना ये जो मिडिल ईस्ट, साउथ एशिया और साउथ ईस्ट एशिया है, इसमें एक ग्रिड बनाएंगे। किसमें? किसमें? मिडिल ईस्ट,
साउथ एशिया एंड साउथ ईस्ट एशिया में यह ग्रिड बनाएंगे इन तीनों को जोड़ते हुए। उसके बाद यह एक एशियन ग्रिड को यह क्या करेंगे? एशियन ग्रिड को जॉइ करेंगे अफ्रीकन ग्रिड से। ठीक है? अफ्रीका में ग्रिड बनाया जाएगा। और एशिया के ग्रिड को अफ्रीका के ग्रिड से क्या किया जाएगा?
जॉइन किया जाएगा। और तीसरे फज़ में ये क्या करेंगे? तीसरे फज़ में ये ग्लोबल ग्रिड क्रिएट करेंगे। इससे क्या होगा? अगर इंडिया में सन सेट हो चुका है और यूएसए में सन उगा हुआ है तो यूएसए के सन के सोलर एनर्जी को इंडिया यूज़ करेगा। बाकी कंट्रीज यूज़ करेंगी। तो पूरे टाइम उस ग्रिड में इलेक्ट्रिसिटी जो है वो कनेक्ट होते जा रहा है। इलेक्ट्रिसिटी जनरेट हो रही है।
क्योंकि कहीं ना कहीं सन जो है इसी में से यूएस जो है वो अपने आप को एग्जिट करने की बात कर रहा है। क्लियर? आया समझ में भाई? कोई डाउट यहां तक? अब इसके मेंबर्स के नंबर्स भी थोड़े से आप याद रख लेना। ठीक है? कितने मेंबर्स हैं इसके? कितने लोगों ने जॉइ किया? कितने लोगों ने एग्जिट किया? ये थोड़ा सा अगर आप
ध्यान रखो तो इंपॉर्टेंट है हमारे लिए। तो आईएसए के करंट मेंबर्स हैं 112। ठीक है? देयर आर 112 मेंबर्स और 1127 सिग्नेटरीज़। नाउ भैया, व्हाट इज़ दिस डिफरेंस बिटवीन मेंबर्स एंड सिग्नेटरीज़? एक मेंबर और एक सिग्नेटरी में डिफरेंस क्या है? तो देयर
इज़ नॉट मच डिफरेंस। एक छोटा सा डिफरेंस है। मेंबर जो है उसने साइन करने के साथ-साथ रेटिफाई भी किया हुआ है। सिग्नेटरी ने सिर्फ और सिर्फ साइन किया है। रेटिफाई नहीं किया है। नाउ व्हाट इज़ रेटिफिकेशन? रेटिफिकेशन इज़ बेसिकली इसके प्रिंसिपल्स को अपनी कंट्री में वाया लीगल चेंजेस अडॉप्ट करना। क्लियर?
सो, यह आईएसए के बारे में हमें जानना जरूरी था। क्लियर है सभी को यहां तक? अब नेक्स्ट हमें जानना है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के बारे में। WHO नाउ व्हाट इज़ दिस वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन? इसको फॉर्म किया गया था सेवंथ ऑफ़
अप्रैल 1948 में। ठीक है? 7th अप्रैल 1948 को इसका फॉर्मेशन हुआ था। हेड क्वार्टर इसका जिनेवा में है। जिनेवा इन स्विट्जरलैंड। करंट इसके डायरेक्टर जनरल कौन है? टेड्रोस एथेनॉन गैब्रेसिस
ये इसके करंट डीजी है। सेवंथ अप्रैल को हम वर्ल्ड हेल्थ डे के फॉर्म में क्या करते हैं? सेलिब्रेट करते हैं। यह WHO का कुछ स्टैटिक जीके है। इसी के साथ-साथ आईपीसीसी को हमने कहां देखा था आज
के लेक्चर में? एनडीसी पेरिस एग्रीमेंट वाले टॉपिक में हमने देखा था कि आईपीसीसी का जो रिपोर्ट आता है उसी बेसिस पे क्लाइमेट चेंज के लिए क्या-क्या डिसीजंस, क्या-क्या जजमेंट हमें लेने हैं। इन सब चीज को क्या किया जाता है? फाइनललाइज़ किया जाता है। डिसाइड किया जाता है। क्लियर? इज इट क्लियर टू एवरीवन?
कोई डाउट अबाउट WHO, आईएसए और यूएसए क्यों एग्जिट कर रहा है? कितने ऑर्गेनाइजेशंस को एग्जिट कर रहा है? चल। आगे बढ़े भाई। द नेक्स्ट वन इज वेरी इंपॉर्टेंट समिट जो इंडिया में इस साल हुआ दी एआई इंपैक्ट
समिट ऑफ 2026 ठीक है तो ये एआई इंपैक्ट समिट कहां हुआ अगेन सारे इंडिया के मेजर समिट्स एक ही जगह हो रहे हैं व्हिच इज़ भारत मंडप ओके भारत मंडप में ये समिट हुआ अब इस समिट में क्या-क्या आउटकम है। ये सारी चीजें आप देखो। इंडिया ने एक स्लोगन दिया।
इस समिट में इंडिया ने स्लोगन दिया। जिस स्लोगन का नाम क्या था? एआई फॉर ऑल। ये इंडिया का स्लोगन था। ये जो इंपैक्ट समिट है, ग्लोबल एआई समिट हो रहा है, उसके सीरीज में ये चौथा समिट था। इससे पहले 2023 में हो चुका है, 2024 में हो चुका है और 2025 में हो चुका है। 23 में पहला समिट
हुआ था बैचले पार्क में जो कि है यूके में। इससे पहले 2024 में हुआ था साउथ कोरिया में। सेओल में साउथ कोरिया और जो लास्ट ईयर का समिट था 2025 का वो हुआ था पेरिस में। तो इस साल का जो एआई समिट है यह ग्लोबल साउथ का फर्स्ट समिट है।
ठीक है? तो इस साइड इंडिया साइड, एशिया साइड ये ग्लोबल साउथ जिन्हें बोला जाता है उसका ये पहला समिट है। इंडिया ने इसमें ना एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज दिया व्हिच इज़ थ्री सूत्राज़। इंडिया ने दिए तीन सूत्राज़। कौन-कौन से सूत्राज इंडिया ने दिए यार? सबसे पहला सूत्र है पीपल।
ठीक है? यहां के लोग ह्यूमन सेंटर्ड और ह्यूमन इंक्लूसिव एआई हमें बनाना है। दूसरा है प्लेनेट। जो एआई है वो एनर्जी एफिशिएंट होना चाहिए और क्लाइमेट फ्रेंडली होना चाहिए। क्योंकि अभी बीच में डिबेट चला था ना कि एआई बहुत ज्यादा पानी लेता है। तो सैम अल्टमैन ने बोला था ओपन एआई के फाउंडर ने कि उतना ही पानी लेता है जितना एक कैलिफोर्निया का
आलमंड उगाने में लगता है। एक आलमंड को उतना एआई लेता है। तो ये उनका कहना है कि यार प्लेनेट को ज्यादा हार्म ना हो एआई से। और तीसरा है प्रोग्रेस। मतलब एआई का यूज़ हमें प्रोग्रेस में करना है। किस टाइप के प्रोग्रेस में? हेल्थ रिलेटेड प्रोग्रेस, एजुकेशन रिलेटेड प्रोग्रेस, फार्मिंग गवर्नेंस रिलेटेड प्रोग्रेस में हमें एआई को क्या करना है? यूज़ करना है। क्लियर? सो इस तरीके से हमें अपने एआई को इस साल क्या करना है? यूज़ करना है। अब चालू करना है। ये इंडिया ने तीन सूत्राज़ दिए। इन तीन सूत्र के बेसिस पे।
ओके। हां। इन तीन सूत्राज़ के बेसिस पे इंडिया ने सात चक्र भी दिए। कि किन-किन चक्रों पे हमें काम करना है। तो वह चक्र भी एक बार देख लो। दीज़ आर दी सेवनक्राज। तो इंडिया ने जो सेवन चक्रास दिए इस साल के समिट में पहला वाज़ ह्यूमन कैपिटल।
सेकंड वाज़ साइंस। थर्ड वाज़ रेजिलियंस, इनोवेशन एंड एफिशिएंसी। अब भैया इससे क्वेश्चन कैसा बन सकता है? अगेन वैसा ही क्वेश्चन बनेगा कि यार इनमें से कौन सा चक्रा का पार्ट नहीं था? इनमें से कौन सा सूत्रा
इंडिया ने नहीं दिया? कौन सा एक सूत्रा का पार्ट नहीं था? चौथा इंक्लूजन। ओके? पांचवा जो पांचवा जो अपना चक्र था वो था डेमोक्रेटाइजिंग एआई रिसोर्सेज। छठा सूत्र था इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड।
एंड द सेवंथक वाज़ सेफ एंड ट्रस्टेड एआई। ये सात चक्र इंडिया ने अपने इस साल के एआई इंपैक्ट समिट में क्या किए? प्रोवाइड किए वर्ल्ड को। अब इसमें इंडिया ने ल्च क्या-क्या किया? तो काफी सारी चीजें भी इंडिया ने लांच की इसमें दोज़ व
सबसे पहले एक भारत विस्तार जो कि फार्मर्स के लिए एक एआई ओरिएंटेड ऐप है। इसके अलावा इंडियन मॉडल्स भी ल्च किए। सर्वम एआई जिसके बारे में हम अभी साइंस एंड टेक वाले जॉन में पढ़ेंगे। तो सर्वम एआई भी इसी के अंडर इंडिया ने अपना लांच किया प्राइवेट इंडियन मॉडल इसी के साथ-साथ
A14 AI फॉर भारत ठीक है ये ल्च किया गया किसने बनाया इसे आईआईटी मद्रास ने ये 14 लैंग्वेज 15 लैंग्वेज का बेंचमार्क स्पीच मॉडल है और यह सारी चीजें इंडिया ने क्या की? अपने इस साल के जो एआई इंपैक्ट समिट है उसमें इंडिया ने लांच की। अभी नेक्स्ट जॉन्रा में हम सर्वम एआई के बारे में भी डिटेल में पढ़ेंगे। अपार्ट फ्रॉम
दिस इंडिया एआई मिशन इंडिया चला रहा है यहां पे। तो इसके बारे में हमें जानना जरूरी है कि जो इंडिया अपना इंडिया एआई मिशन चला रहा है उसके क्या-क्या स्टैटिक फैक्ट्स हैं। व्हाट इज दिस इंडिया एआई मिशन? तो इंडिया एआई मिशन इज़ बेसिकली एआई फॉर ऑल जो इंडिया ने अपना वो दिया था। ये एक पीपीपी मॉडल
है। मतलब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल। इसमें गवर्नमेंट भी अपना कंट्रीब्यूशन देगी। पब्लिक कंपनीज़ भी अपना कंट्रीब्यूशन देगी और उसके बेसिस पे हम पार्टनरशिप के थ्रू इस मॉडल को आगे बढ़ाएंगे। यह कब लाया गया था? ये मार्च 2024 में इसे ल्च किया गया था। मार्च के 2024 में। किस मिनिस्ट्री के अंदर ये आता
है? ये आता है मेथी मिनिस्ट्री के अंदर जो कि करेंटली है अपने अश्विनी वैष्णव जी। ओके? अश्विनी वैष्णव इज़ दी करंट मी मिनिस्टर ऑफ इंडिया। और इसके पिलर्स कौन-कौन से हैं? ये जो अपना एआई मिशन है ये कुछ पिलर्स में काम करता है। सबसे पहला पिलर है कंप्यूटिंग जिसमें हम कवर करेंगे
जीपीयू रिलेटेड टास्क को। ठीक है? सेकंड पिलर इसमें इंडिया ने जो मेंशन किया है वो है फाउंडेशन मॉडल्स। जो बेसिक मॉडल्स होते हैं जो एआई को फाउंडेशन देते हैं। उसके बाद फिर डेटा सेट। डाटा सेट का इंडिया ने नाम रखा है एआई कोश और इसमें अगला पिलर है स्किलिंग
स्टार्टअप्स सेफ एंड ट्रस्टेड एआई। ये सभी इसके पिलर्स हैं जो इंडिया अपने एआई मिशन के थ्रू फोकस करना चाहता है। जिन चीजों पे इसी का वो स्लोगन है एआई फॉर ऑल। क्लियर यहां तक इंडिया के एआई मिशन के बारे में और इंडिया का गोल ये है कि एक सोवरन इंडियन एलएलएम इन इंडियन लैंग्वेज
बनाना। ठीक है? गोल क्या है? एक सोवरन इंडियन एलएलएम बेस्ड ऑन इंडियन लैंग्वेज व्हिच इज़ लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स। ऐसे मॉडल्स जो एआई मॉडल्स जो इंडियन लैंग्वेज पे वर्क करेंगे। जैसे अभी आप देख रहे होंगे तो आपको जीपीटी मिलेगा। आपको क्लॉड मिलेगा।
आपको ग्रॉक मिलेगा। ये सब क्या हैं। ये अलग-अलग लैंग्वेजज़ पे वर्क कर रहे हैं। इंग्लिश पे कर रहे हैं। फ्रेंच पे वर्क कर रहे हैं। ये वर्क कर रहे हैं। अपने चाइनीज़ लैंग्वेज में वर्क कर रहे हैं। बट इंडियन लैंग्वेज के लिए लोकल लैंग्वेज के लिए देयर इज़ नथिंग। जो इंडियन लोकल लैंग्वेजज़ हैं उसके लिए एक हमें लार्ज लैंग्वेज मॉडल यहां पे बनाना है। उसी के बेंचमार्क को
किसने ल्च किया? उसी के बेंचमार्क को यहां पे ल्च किया आईआईटी मद्रास में ऑफ 15 लैंग्वेजज़। ऑफ़ 15 लैंग्वेजज़। क्लियर? अब इसमें थोड़ा सा मैं आपको एआई के बारे में बताता हूं। कुछ स्टैटिक फैक्ट्स जो आपके एग्जाम में पूछे जा सकते हैं। द फर्स्ट फैक्ट इर्स वर्ल्ड का पहला कॉम्प्रिहेंसिव एआई लॉ।
वर्ल्ड्स फर्स्ट एआई लॉ किसने ल्च किया? यूरोपियन यूनियन ने। ठीक है? कब ल्च किया? 2024 में। वर्ल्ड का पहला कॉम्प्रहेंसिव एआई लॉ किसने लांच किया? यूरोपियन यूनियन ने 2024 में लांच किया था जिसका नाम है ईयूएआई एक्ट।
ईयूएआई एक्ट इज़ द नेम ऑफ़ दैट लॉ। अपार्ट फ्रॉम दिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो टर्म है ये एआई जो टर्म है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ये कॉइन किसने किया था? इसे कॉइन किया था जॉन मैकार्थी ने। इट्स अ सिंगल सी राइट नो डबल सी। जॉन मैकार्थी ने ये टर्म कॉइन किया था 1956
में कि एआई क्या होता है? ओके एंड इस पे एक क्वेश्चन आया हुआ है। डू यू नो? कैस्पेरव नाम का एक चेस प्लेयर है। वो किस अ कंप्यूटर से हारा था? द नेम वाज़ आईबीएम। ठीक है? आईबीएम का डीप ब्लू।
2023 2026 में क्वेश्चन ऑलरेडी पूछा हुआ है। डीप ब्लू वाला क्वेश्चन ओके तो इंडिया अपना खुद का एक चैट जीपीटी बनाना चाहता है बेसिकली अंडर इंडिया मिशन। क्लियर यहां तक कोई डाउट भाई अंडर इंडिया मिशन सारी चीजें क्लियर है?
आगे बढ़े। चलो अनदर इंपॉर्टेंट टॉपिक नेटो समिट जो इस साल हुआ है। तो नेटो समिट 2026 अंकारा में हुआ था। टर्की में से टू 8th जुलाई। 2026 में नेटो के टोटल 32 मेंबर्स हैं।
ओरिजिनली देयर वर 12 फाउंडिंग नेशंस अप्रैल 4, 1949 में नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी के अंदर इसका फॉर्मेशन हुआ था। उसके बाद से अभी तक 32 हो चुके हैं। नेटो आखिर बना कैसे? तो इवेंट्स फॉर एग्जांपल चेकोस्लो वाकिया में जो कु हुआ हुआ और बर्लिन में जो ब्लॉकेड हुआ उन सभी को देखते हुए ये जो वेस्टर्न नेशन है ना इन्होंने एक कलेक्टिव
सिक्योरिटी अरेंजमेंट की तरफ क्या करना चालू किया ध्यान देना चालू किया और इसी के बेसिस पे फिर बेल्जियम कनाडा डेनमार्क फ्रांस आइसलैंड इटली लग्जमबर्ग नीदरलैंड नॉर्वे पोर्गल यूके और यूनाइटेड स्टेट्स इन सभी ने मिलके नेटो का फॉर्मेशन किया ये आपको ध्यान में रखना है। क्लियर? दीज़ वर दी फाउंडिंग मेंबर्स ऑफ नेटो। उसके बाद जो
नेटो की करंट लिस्ट है वो 32 मेंबर्स को कंसिस्ट करती है। जिसमें जो सबसे लेटेस्ट मेंबर है वो है स्वीडन। जिसने 2024 में क्या किया? नेटो को जॉइ किया। अब ये नेटो के की ट्रीटी और उसके आर्टिकल्स को भी एक बार देख लो। जिसमें हमारे लिए इंपॉर्टेंट है आर्टिकल नंबर फाइव। क्यों इंपॉर्टेंट है? क्योंकि इसको हम लिंक कर सकते हैं मैका वाले पैक्ट से। मैका वाले पैक्ट से
हम इसको लिंक कर सकते हैं। 91 के बाद से इसे लाया गया था। सिर्फ एक बार यूज़ किया गया इसे 91 के टाइम पे। आर्टिकल फाइव का कहना है कलेक्टिव डिफेंस। मतलब अगर कोई मुझ पे अटैक करता है तो उसे मैं पूरे ग्रुपिंग के अगेंस्ट अटैक मानूंगा। सिर्फ एक बार इसे यूज़ किया गया है और आर्टिकल 13 के अंदर कवर किया जाता है। अगर किसी को बाहर लेना है इससे नाम तो वो आर्टिकल 13
के अंदर अपना नाम बाहर ले सकता है। अनदर इंपॉर्टेंट थिंग्स कोर प्रायोरिटीज नाटो के जो इस साल के समिट में बात की गई। इसके सेक्रेटरी जनरल कौन है? मार्क रूट। ठीक है? मार्क रूट इज़ दी सेक्रेटरी जनरल ऑफ नेटो।
इसमें इन्होंने जिन प्रायोरिटीज के बारे में बात की इस साल के समिट के वो है डिफेंस इन्वेस्टमेंट। ठीक है? डिफेंस में हमें इन्वेस्ट करना है। डिफेंस इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन को थोड़ा सा हमें स्ट्रेंथन करना है और यूक्रेन को हमें सपोर्ट करना है। इन तीन चीजों के बारे में यहां पे बात की गई। और इसी में फिर अंकारा समिट डिक्लेरेशन को क्या किया गया? अडॉप्ट किया गया। और ये रीअर्म किया गया कि हम
अभी भी आर्टिकल फाइव से आयरन क्लैड की तरह क्या है? कमिटेड हैं। आर्टिकल फाइव हमारा इंपॉर्टेंट है और नेटो का कलेक्टिव डिफेंस क्लॉज़ जो है वो हमेशा रहेगा। हम इसको बहुत ज्यादा सीरियसली लेते हैं। ये इन्होंने बोला और ये भी बोला कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर वेपन नहीं मिलना चाहिए। ये पूरे के पूरे नेटो का एक मिला हुआ व्यू है कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर वेपन नहीं
मिलना चाहिए। और ईरान को रेस्पेक्ट करना होगा। स्टेट ऑफ होर्मूस के लिए जो लोगों का फ्रीडम है वो ओके एक डेडिकेटेड अनाउंसमेंट था नेटो के ड्रोन एज इनिशिएटिव में रिफ्लेक्टिंग लेसंस फ्रॉम ड्रोन वॉरफेयर इन यूक्रेन तो नेटो अपना एक ड्रोन एज इनिशिएटिव ला रहा है व्हिच इज़ फॉर ड्रोन वॉरफेयर और रटे ने
समिट को समराइज किया नेटो डिलीवरर्स नाम के मैसेज से विथ द अलाइ शिफ्टिंग फोकस फ्रॉम सेटिंग टारगेट्स टू डिलीवरिंग इनटेंजिबल आउटकम्स ये इनका ओवरऑल इस बार का आउटकम था नेटो के समिट का। यहां तक कोई डाउट भाई अब तक कोई डाउट ऑर्गेनाइजेशन एंड समिट में?
क्लियर है? चलो। अरे अभी तो ब्रेक मिला था यार। आगे बढ़े। गेस व्हाट? कौन सा जॉन रहा? कौन सा जॉन रहा भाई? साइंस एंड टेक्नोलॉजी।
तो जितने भी साइंस एंड टेक रिलेटेड हमारे करंट अफेयर्स इस साल हुए हैं उसको हम कवर करना चालू करते हैं अब एक-एक करके। सबसे पहले जिसमें हमारा मोस्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक गगनयान मिशन इंडिया अपना ह्यूमन स्पेस फ्लाइट मिशन ल्च करने वाला है जिसका पहला जीवन का टेस्ट इंक्लूडिंग वमित्रा इस साल
के फोर्थ क्वार्टर जो कि अभी चल रहा है उसमें स्ेड्यूल्ड है। चलो फिर इसी को हम पढ़ना चालू करते हैं अबाउट गगनयान एंड ऑल। तो देखो यार गगनयान जो है 15th अगस्त 2018 को अनाउंस किया गया था और इसे कौन रन करता है? एचएसएफसी।
व्हाट इज द फुल फॉर्म? इट्स फुल फॉर्म इज़ ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर। ये कहां है? ये है बेंगलुरु में इसरो का एक प्रोजेक्ट है। ओके? इसके अंडर ये मिशन जो है वो चालू हुआ। व्हाट इज द गोल? इस मिशन का गोल क्या है?
द गोल इज़ थ्री एस्ट्रोनॉट्स को। तीन एस्ट्रोनॉट को लोअर अर्थ ऑर्बिट में भेजना है अप टू थ्री डज़ के लिए। एंड उन्हें सेफली वापस लाना है।
यह इसका गोल है कि तीन एस्ट्रोनॉट को हम लोअर अर्थ ऑर्बिट में भेजेंगे अप टू थ्री डेज के लिए और सेफली उन्हें अर्थ में वापस भी लाएंगे। दिस इज़ देयर गोल। अब इस गोल में जो 2026 का प्रोग्रेस है वो यह है कि 10 10th ऑफ अप्रैल
2026 को ठीक है आईए डीटी 02 इन्होंने कंडक्ट किया व्हिच इज़ इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट तो जो क्रू मॉड्यूल है उसे 3 कि.मी. से गिरा के चेक किया गया कि इसके पैराशूट्स वर्क कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं। क्योंकि लैंडिंग देखो दो तरीके की होती है। अगर आप स्पेस
में जा रहे हो तो आप दो तरीके से लैंड कर सकते हो। एक तो नॉर्मल फ्लाइट की तरह जो कि यूएसए ने कराया हुआ है। इधर बाकी लोगों के पास उतनी अल्टीमेट टेक्नोलॉजी नहीं है। तो स्पेस से जो फ्लाइट आ रहा है ना वो एज एन एयरप्लेन यहां पे ऐसे रनवे पे लैंड होता है। दूसरा है ड्रॉपडाउन। मतलब आप सीधा ओशियन में किसी रिवर बॉडी में किसी ओशियन के बीच में ड्रॉपडाउन करा। उसके लिए पैराशूट्स की जरूरत पड़ती है। वो पैराशूट्स अच्छे से वर्क कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं ये उन्होंने अप्रैल 26 में चेक किया।
ओके? व्हाट इज द फुल फॉर्म ऑफ़ आईएटीडी? इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट। इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट। ठीक है? ये इन्होंने इस साल
कंडक्ट किया। कौन सा हेलीकॉप्टर इन्होंने यूज़ किया था? इंडियन एयरफोर्स का चिनूक हेलीकॉप्टर। और कहां पे इन्होंने ये ट्राई किया था? श्रीहरिकोटा में। श्रीहरिकोटा वही जगह है जहां से हमारे रॉकेट्स वगैरह भी लॉन्च होते हैं। ये 10th अप्रैल को इन्होंने किया। अब ये मिशन का प्लान को आप थोड़ा सा समझना कि अपकमिंग जो हमारा
गगनयान मिशन है, इसकी प्लानिंग किस तरीके से हो रही है। तो यह ना चार स्टेजेस में कराया जाएगा। G1 उसके बाद G2 उसके बाद G3 एंड फाइनली अल्टीमेट H1 ये जो G1 है ना G2 है और G3 है ये अनक्रड मिशन होंगे। इसमें कोई आदमी नहीं बैठेगा। इसमें से जो G1 है G1
में एक ह्यूमनॉइड को बिठाया जाएगा। ह्यूमन लाइक रोबोटो को बिठाया जाएगा जिसका नाम क्या है? वयोमित्रा। और यह स्केेड्यूल है इस साल के एंड में। अगर अभी अगले कुछ दिन में या अगले अपने इस दिसंबर मंथ के पहले तक हो जाता है यह लॉन्च तो हमारे लिए बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक ये हो जाएगा। ठीक है? बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट टॉपिक हमारे लिए हो जाएगा क्योंकि वमित्रा के बारे में हम पिछले लगभग 5 6 साल से लगातार सुनते हुए आ रहे हैं।
अब उसके बाद जो रॉकेट इसमें यूज़ किया जाएगा उसका भी आप नाम याद कर लो। HLVM3 तो देखो नॉर्मली हम एलवीएम3 को जानते हैं। ठीक है? एलवीएम3 का नाम हम सब ने काफी बार सुना हुआ है। व्हिच इज़ अपना जीएसएलवी 3 का ही नया नाम एलवीएम3 बट HLVN3 क्या है? ह्यूमन ग्रेड जिसमें
इंसानों को बिठाया जाएगा। सो एचएलवीएम 3 नाम के रॉकेट में इसे ल्च किया जाएगा और यह इंडिया का हैविएस्ट रॉकेट है। बेसिकली एलवीएम ही है। एलवीएम को ह्यूमन कैपेबल बनाया जाएगा। दैट्स इट। कुछ ऐसे बहुत अलग नहीं किया जाएगा इसमें। इसके बाद फिर एक क्रू एस्केप सिस्टम ऑलरेडी इन्होंने टेस्ट कर दिया है। और क्रू इसमें वापस कैसे आएंगे? बाय स्प्लैश डाउन इन इंडियन ओसियन।
ठीक है? इंडियन ओशियन में स्प्लैश डाउन के थ्रू पे आके ओशियन में गिरने वाला सीन। ओके? चलो अब इसमें वमित्रा के बारे में आप थोड़ा सा देखना। यह एक हाफ ह्यूमनॉइड रोबोट है। वम मतलब स्पेस और मित्र मतलब फ्रेंड। तो स्पेस फ्रेंड इसका मतलब ये एक हाफ ह्यूमनॉइड रोबोट है। मतलब इसको ह्यूमन की तरह बनाया गया है। पर है रोबोट ताकि हम
ये टेस्ट कर सकें कि इन जो टेक्नोलॉजी को हम डेवलप कर रहे हैं उसमें ह्यूमंस सर्वाइव कर पाएंगे या नहीं कर पाएंगे। इसलिए पहले इस रोबोटो को भेजा जा रहा है। अब इसके लिए जिन एस्ट्रोनॉट्स को सेलेक्ट किया गया है, इन एस्ट्रोनॉट्स को जो सेलेक्ट किया गया है, उनके नाम आप एक बार
देखना। द नेम्स आर ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर। ये वही है जिन्हें एग्जिम मिशन के लिए भी सेलेक्ट किया गया था। ठीक है? अभी रिसेंटली अपना जो एग्जिम मिशन गया उसके लिए प्रशांत बालाकृष्णन नायर को सेलेक्ट किया गया था। इसके साथ-साथ ग्रुप कैप्टन
अजीत कृष्णन और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप एंड साथ ही साथ ग्रुप कैप्टन अपने सुभांशु शुक्ला जो कि एग्जिम में एक्चुअल में गए थे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन
में फर्स्ट इंडियन टू गो टू दी आईएएस आईएसएस ठीक है तो सुधांशु शुक्ला जो हैं वो फर्स्ट इंडियन थे आईएसएस में जाने वाले और प्रशांत बालाकृष्णन नायर जो है वो एग्जिम के बैकअप में थे इन दोनों को सेलेक्ट किया गया था एग्जिम मिशन के अंडर आईएसएस में भेजने के लिए और जो सुधांशु शुक्ला है सुधांशु शुक्ला है यह इंटरनेशनल
स्पेस स्टेशन जाने वाले पहले इंडियन बने। ओके। इन सभी की ट्रेनिंग कहां पे हो रही है? इन सभी की ट्रेनिंग हो रही है। यूरीगागरिन यूरीगागरिन कॉस्मोनॉट
ट्रेनिंग सेंटर। ओके। सो ये सारी चीजें हमें ध्यान में रखनी थी कि इंडिया का जो एसएफ एचएसएफसी है वो 15 अगस्त 2018 को स्टार्ट किया गया था। गोल है तीन एस्ट्रोनॉट को लोअर अर्थ ऑर्बिट में भेजना। ये चार सिलेक्टेड लोगों में से तीन लोग वहां पे जाएंगे। वमित्रा मिशन का रोबोटो है। चार पार्ट में मिशन होगा। पहले
G1, G2, G3 एंड फाइनली H1 2027 में जो टारगेटेड है हमें यह अचीव करना है। ठीक है? लगभग 20,193 करोड़ का इसका बजट है और इसका अल्टीमेट जो गोल है, यह हमारा अल्टीमेट गोल किस चीज को हम इसके थ्रू फुलफिल करना चाहते हैं? हमारा गोल है एक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाना। ठीक है?
हमारा गोल है एक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाना स्पेस में बाय 2030। ठीक है? 2030 तक हमें एक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन क्या करना है? 35 तक। 38 28 में हमें ल्च करना है पहला मॉड्यूल और 35 तक हमें एक खुद का इंटरनेशनल स्टेशन बनाना है। स्पेस स्टेशन
क्लियर यहां तक ओके एनी डाउट देखो ये आपकी है वमित्रा ओके वमित्रा पहले वाले फ्लाइट में रहेंगी यहां पे G1 में। उसके बाद सेम एक G2 ट्राई किया जाएगा। G3 ट्राई किया जाएगा और फाइनली एक क्रूड फ्लाइट 2027 में ये ट्राई करेंगे। दिस इज़ वयोमित्रा। अब यह पूरा प्रोसेस कैसा होगा? यह आप समझ लेना।
जीएसएलवी मार्क 3 जो है वो श्रीहरिकोटा से उड़ेगा। उसे 16 मिनट लगेंगे लोअर अर्थ ऑर्बिट में पहुंचने में। फिर एक ऑर्बिट मॉड्यूल है जो इसे ऑर्बिट में प्लेस करेगा। और वहां से फिर रिओेशन कराया जाएगा डीबूस्ट करके ऑर्बिट में। और क्रू मॉड्यूल का सेपरेशन हो जाएगा। एरो ब्रेकिंग यहां पे वो ऐसे घूमते रहेंगे। और फिर फाइनली
पैराशूट के थ्रू स्प्लैश डाउन हो जाएगा किस में? अरेबियन सी में गुजरात में। ठीक है? तो गुजरात के अरेबियन सी में इनका स्प्लैश डाउन हो जाएगा। दिस इज दी होल प्लान ऑफ दी मिशन। और टोटल पांच से छ दिन वो स्पेस में रहेंगे। क्लियर? एनी डाउट यार यहां तक?
कुछ स्टैटिक फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं। इंडिया का पहला वर्ल्ड का पहला जो अह मेंड फ्लाइट था। ठीक है? क्रूड फ्लाइट इंसान वह यूरी गागरिन थे जो कि वास्तोक वन में गए थे। वास्तोक वन। ओके? ये यूरी गागरिन जी की फ्लाइट थी।
अपार्ट फ्रॉम दिस इंडियन सन स्पेस में आपको राकेश शर्मा के बारे में पता ही है और सुभांशु शुक्ला के बारे में भी पता ही है। इसरो के बारे में मैं थोड़ा सा आपको बता देता हूं। इसरो जो है वो 15th अगस्त 1969 को इसका फॉर्मेशन हुआ था। एक्चुअल में 15th अगस्त 1969 को फॉर्मेशन नहीं हुआ था। इसरो ऑलरेडी एग्जिस्ट करता था बाय द नेम ऑफ इंको। ये
जो इनको स्पार है इस इनको स्पार का नाम बदल के इसरो किया गया कब? 15th ऑफ अगस्त 1969 को। और ये डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के अंडर काम करता है जो कि डायरेक्टली अंडर दी प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया आता है। देयर इज़ नो सेपरेट स्पेस मिनिस्टर ऑफ इंडिया।
सीधा प्राइम मिनिस्टर के अंडर ही ये कवर किया जाता है। करेंटली इसरो के चेयरमैन कौन है? वी नारायणन। ओके? करेंटली इसरो के चेयर पर्सन हैं वी नारायणन। एंड 23 अगस्त को हम अपना नेशनल टेक्न स्पेस डे सेलिब्रेट करते हैं। क्योंकि उसी दिन चंद्रया थ्री ने सक्सेसफुली लैंड किया था मून के सदर्न साइड में व्हिच इज़ फार साइड में।
क्लियर गगनयान के बारे में चीजें क्लियर है भाई? चलो लेट्स मूव ऑन टू द नेक्स्ट टॉपिक व्हिच इज़ लीगो इंडिया। तो लीगो के बारे में थोड़ा सा साइंटिफिकली चीजें जाननी जरूरी है क्योंकि ये काफी इंपॉर्टेंट मिशन है जो
वर्ल्ड में चल रहा है। तो देखते हैं इसके बारे में क्या-क्या चीजें हमें देखनी होंगी। देखो यार इस साल ना लीगो का टेंडर पास हुआ और लीगो का लीगो को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। यह कॉन्ट्रैक्ट किसे दिया गया? एल&T को। लार्सन एंड ट्यूब्रो इसे क्या दिया गया? लीगो को बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया।
तो इंडिया में जो लीगो है ये कहां बनाया जा रहा है? पहले तो लीगो के बारे में आपको बताऊंगा बट थोड़े से फैक्ट्स आप याद रख लो। लीगो बनाया जा रहा है औंधा नाम के जगह में जो कि आता है हिंोली डिस्ट्रिक्ट ऑफ महाराष्ट्र में। ठीक है? यहां पे इसे बनाया जा रहा है। कौन बनाएगा इसे? लार्सन
एंड ट्यूब्रो। एल& टी। ये वही कंपनी है जिसे स्टचू ऑफ यूनिटी को बनाने का भी कॉन्ट्रैक्ट मिला था। और जो हमारा नया पार्लियामेंट कर्तव्य पथ वाला जो पूरा एरिया है उसको बनाने का भी इनको क्या मिला था? कॉन्ट्रैक्ट मिला था। लीगो का फुल फॉर्म क्या है? लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव
ऑब्जरवेटरी। ओके? ये फुल फॉर्म है किसका? लीगो का। अब सबसे पहले ये देखो कि ग्रेविटेशनल वेव्स क्या होते हैं? तो अल्बर्ट आइंस्टाइन ने ना 1916 में 196 में अल्बर्ट भाई आइंस्टाइन जी ने क्या
किया था अपने थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी में ये बोला था कि एक स्पेस टाइम का प्लेन होता है जिसमें ग्रेविटेशनल वेव्स जो हैं वो एज अ रिल क्रिएट करते हुए आगे बढ़ते हैं। ये ग्रेविटेशनल वेव इतने कम पावरफुल
होते हैं कि हम अपने नेकेड आई से या नॉर्मल मशीनरी के थ्रू इन्हें डिटेक्ट नहीं कर सकते। बट अगर ये बहुत बड़ा बॉडी के मर्जर के थ्रू क्रिएट होते हैं तो शायद हम इन्हें डिटेक्ट कर सकते हैं। फॉर एग्जांपल मर्जर ऑफ टू ब्लैक होल्स। अगर दो ब्लैक होल मर्ज होते हैं तो जो ग्रेविटेशनल वेव है वो इतने ह्यूज अमाउंट
में निकलेगा कि हम उसे डिटेक्ट कर पाएंगे और वो ह्यूज अमाउंट तब भी इतना होगा कि हम अपने नेकेड आइज से नहीं देख सकते हैं। उसके लिए भी हमें एकदम प्रोटॉन लेवल का एक मीटर बनाना पड़ेगा। एंड उसके लिए फिर ये लीगो का फॉर्मेशन हुआ। सो जो ग्रेविटेशनल वेव है ना वो स्पीड ऑफ लाइट पर ट्रैवल करते हैं। तो वो कोई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव नहीं है। इसे पहली
बार कब डिटेक्ट किया गया था? ये भी आप ध्यान में रखना। किसकी बात कर रहा मैं? हां। 1916 में अल्बर्ट आइंस्टाइन जी ने क्या किया था? ग्रेविटेशनल वेव का आईडिया दिया था। इसे पहली बार खोजा गया 2015 में।
ठीक है? 2015 में फर्स्ट टाइम इसे डिटेक्ट किया गया। इसके बाद फिर इसी पर्पस के लिए इन्हें नोबेल प्राइज भी दिया गया था। किन्हें? रेनर वेस को। एंड बेरी बैरिश को
और साथ में किप थर्न को क्योंकि यही वो साइंटिस्ट है जिन्होंने पहली बार ग्रेविटेशनल वेव को क्या किया था? डिटेक्ट किया था। ओके? तो 2015 में इसे डिटेक्ट किया गया था और 2017 में इन्हें नोबेल प्राइज दिया गया था फिजिक्स का। क्लियर?
अब इसमें मेन चीज क्या हुआ? यह जो ग्रेविटेशनल वेव है, इसको डिटेक्ट करने के लिए यह लीगो बनाया गया है। तो नाम में आपको दिख रहा होगा ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जरवेटरी। तो ग्रेविटेशनल वेव को ऑब्जर्व करने वाला यह मशीन है जो कि लेजर के इंटरफेरेंस को
मेजर करता है। पता है इसका पूरा वर्किंग प्रोसीजर इसके नाम में छुपा हुआ है। लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जरवेटरी तो लेजर बीम में जो इंटरफेरेंस आ रहा है उसको मेजर करके ये ग्रेविटेशनल वेव को ऑब्जर्व करता है। अब मैं इसका आपको 2 मिनट
वर्किंग समझाता हूं। देखो, यह है आपका लीगो का बिल्डिंग कांसेप्ट। ठीक है? कैसा होता है? दो 4-4 कि.मी. के पाइप जाएंगे। ठीक है? इधर से एक 4 कि.मी. का पाइप लाइन। ये अपना एक 4 कि.मी. का पाइप लाइन है। और इधर से सिमिलरली ये एक 4 कि.मी. का पाइप लाइन है। ये एक लेजर बीम थ्रोअर है। ठीक है?
यहां से लेजर बीम जाएगा और यह लेजर बीम यहां से दो पार्ट में डिवाइड हो जाएगा। एक इस तरफ जाएगा और एक इस तरफ जाएगा। अब आप इमेजिन करो ये जो लेजर बीम है वो यहां से निकल के इस तरफ जा के वापस आएगा। यहां पे मिरर लगा हुआ है। ठीक है? यहां यहां पे मिरर लगा हुआ है। ये मिरर उनको फिर से रिफ्लेक्ट करके वापस भेजेगा और फिर से रिफ्लेक्ट करके वापस भेजेगा। अब अगर ये
मिरर इन दोनों को वापस भेजता है तो क्या दोनों सेम टाइम पे वापस आने चाहिए? अगर बीच में कोई भी डिस्टरबेंस नहीं है तो क्या दोनों सेम टाइम पर वापस आने चाहिए? यस। तो दोनों को सेम टाइम पे थ्रो किया गया है। यहां से वो सेम टाइम पे स्प्लिट हुए हैं। यहां पे वो सेम टाइम में टकरा रहे हैं तो वापस भी सेम टाइम पे आएंगे। बट जब अगर इस प्लेन में इस एरिया में कहीं पे
ग्रेविटेशनल वेव का प्रेजेंस होता है तो एक थोड़ा सा लेट हो जाएगा और एक उसके रेस्पेक्ट में थोड़ा सा जल्दी आएगा। ये जो इंटरफेरेंस हुआ लेजर बीम में इस इंटरफेरेंस को ये फोटो डायोड जो है वो देखता है।
जब दोनों साथ में आते हैं तो कैंसिल आउट हो जा रहे हैं। जब दोनों साथ में आ रहे हैं तो कैंसिल आउट हो जा रहे हैं। यहां कोई इमेज नहीं बन रहा है। पर अगर एक पहले आ गया और दूसरा बाद में आया तब फिर ये यहां पे फोटोड में इसका इमेज बनेगा और वही इमेज आपके ग्रेविटेशनल वेव को ऑब्जर्व करेगा। आया समझ में? में लीगो कैसे वर्क करता है? ईजी वर्ड्स में यहां पे मैंने बताया आपको क्या? लेजर बीम स्प्लिट होता है। ट्रैवल करके रिफ्लेक्ट होते हैं।
नॉर्मली एक दूसरे को कैंसिल कर देते हैं सेम टाइम में। बट अगर ग्रेविटेशनल वेव आया तो लेंथ बदल जाता है और एक दूसरे को कैंसिल नहीं करते हैं। और यहां पे हमें फोटो डायोड में सिग्नल मिल जाता है। क्लियर? ईजी है भाई। टफ नहीं है। बहुत ईजी है। ठीक है? ये स्टेटमेंट बेस्ड अगर क्वेश्चन आया तो आप इस तरीके से इसको बना सकते हो। अब वापस आते हैं हम अपने कुछ फैक्ट्स में।
अगेन याद रखने वाली चीजें समझ में आ गया होगा लीगो आप सभी को। तो इंडिया में जो लीगो बन रहा है उसमें कौन-कौन से इंस्टट्यूट्स इनवॉल्वड हैं? एक तो आईयूसीए पुणे। इसका यह लीड फॉर ठीक है। साइंस के लिए यह लीड करेगा। इसके बाद आरआर
सीएटी इंदौर लेजर्स ये प्रोवाइड कराएगा। ठीक है? लेजर और वैक्यूम ट्यूब ये समझना। ये ध्यान में रखना भाई। क्या मैं इसको ओपन नॉर्मल ट्यूब रख सकता हूं? ये वैक्यूम ट्यूब होगा। क्यों? ताकि बाहर का कोई डिस्टरबेंस यहां पे मत आए।
अगर मैं ओपन ट्यूब रखूं तो ग्रेविटेशनल वेव क्या? मैं तो ऐसे फूंक मार के इसको डिस्टर्ब कर दूंगा ना। वो नहीं होना चाहिए। यह वैक्यूम ट्यूब होना चाहिए जिसमें बाहर का कोई और डिस्टरबेंस ना हो अपार्ट फ्रॉम ग्रेविटेशनल वेव। ओके? तो इसीलिए वैक्यूम ट्यूब वो प्रोवाइड कराएगा। बाकी एलएटी को सिविल ऑर्डर मिला है। कंस्ट्रक्ट कौन करेगा? लार्सन एंड एंड ट्यूब्रो इसे कंस्ट्रक्ट करेगी।
अब इसमें थोड़ा सा मैं आपको अबाउट दी चेन ऑफ लीगो बता देता हूं कि वर्ल्ड में कौन-कौन से लीगो ऑलरेडी एकिस्ट करते हैं। तो एक है लीगो हेनफोर्ड में। ठीक है? और दूसरा है लीगो लिविंगस्टन में। तीसरा इंडिया में बन रहा है। ओके? इंडिया अपने तीसरे लीगो को बनाने जा रहा है। तो लीगो दो हैं। बट ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जरवेटरी दो और हैं। एक है वर्गो।
वर्गो कहां है? इटली में। इसका काम भी है ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्व करना। और एक है कागड़ा। कागड़ा कहां है? जापान में। ये अंडरग्राउंड है। यह अंडरग्राउंड ऑब्जरवेटरी है। तो लिगो हैंड में लिविंगस्टन में ऑलरेडी है। आउट ऑफ लीगो देयर आर टू अदर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरीज़। और जो तीसरा लीगो बन रहा है वो अपना इंडिया में बनेगा व्हिच इज
इन हिंोली गुजरात वि हिंगोली महाराष्ट्र व्हिच इज़ लीगो इंडिया क्लियर आया समझ में कितना चल क्या चल रहा है लीगो का सीन क्या है अभी वर्ल्ड में कोई डाउट भाई यहां तक क्लियर? तो यह थोड़ा सा हमें ध्यान में
रखना है कि ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जरवेटरी होती क्या है? इंडिया में लीगो कहां बन रहा है? और बाकी और कहां-कहां लीगो के सेंटर्स हैं। ये एक और पॉइंट इसमें आप याद रख लेना। नोबेल प्राइज इनको जिसके डिस्कवरी के लिए मिला था वो था GW15914। ओके? GW150914 वाज़ दी नेम ऑफ दी ग्रेविटेशनल वेव्स जिनको
इन्होंने डिटेक्ट किया था। चलो अब हमारा है आर्टेमिस सेकंड मिशन और आर्टिमिस अकॉर्ड्स। सो नासा ना अपना आर्टिस मिशन को फिर से कंटिन्यू कर रहा है अंडर दी आर्टेमिस अकॉर्ड। और आर्टेमिस मिशन के अंदर इनका टारगेट ये है कि हमें ह्यूमन को फिर से मून में सेटल करना है। ठीक है? इंसानों को हमें फिर से मून में भेजना है। सबसे पहले मैं आपको आर्टिमिस का लोगो समझाता हूं।
दिस इज योर आटमिस का लोगो। यहां पे आपका आटमिस लिखा हुआ है। इस ब्लू कलर का मतलब है अर्थ। ठीक है? यहां पे ये रेड कलर का पाथवे है। ये आगे जाने वाले एरो को दिखा रहा है। और ये बॉडी है मून।
तो इसका कहना ये है कि हम अर्थ से मून में जाएंगे। मून में अपना बेस बनाएंगे और इस मून के बेस के थ्रू हम एक्चुअल में मार्स में जाने की कोशिश करेंगे। क्लियर? तो बेसिकली मून को अपना एक हॉल्ट बना के मार्स पे जाने का पूरा इस लोगों ने स्टोरी बताया हुआ है। अर्थ से निकलेंगे मून में अपना बेस बनाएंगे और वहां से मार्स पे
इंसानों को हम भेजेंगे। जिसका काम यूएसए ने क्या कर दिया है? चालू कर दिया है। तो आर्टेमिस अकॉर्ड के बारे में सबसे पहले हम देखते हैं। ये एस्टैब्लिश किया गया था यूएस विद सेवन फाउंडिंग मेंबर्स ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इटली, जापान, लग्जमबर्ग, यूएई और यूके 2020 में। ये वो प्रिंसिपल्स लाता है जो सिविल एक्सप्लोरेशन और आउटर स्पेस में क्या-क्या
चीजें करनी होंगी पीसफुल पर्पस को मेंटेन करने के लिए। यह एक नॉन बाइंडिंग मल्टीटरल अरेंजमेंट है और टोटल 47 कंट्रीज ने इसे साइन किया हुआ है इंक्लूडिंग इंडिया। ये किसके साथ बना हुआ है? आउटर स्पेस ट्रीटी के अकॉर्डिंग ये बना गया है ताकि हम स्पेस को अपने हिसाब से किसी भी तरीके से एक्सप्लइट ना करें। ये इनका पर्पस है। ठीक है? स्पेस के एक्सप्लॉयटेशन को रोकना। और
ये जो है आर्टेमिस प्रोग्राम से बहुत ज्यादा लिंग्ड है। जिसका ऐ है मून के सरफेस में एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाना। ये पूरा आर्टेमिस अकॉर्ड का पर्पस है। बट हमारे लिए इंपॉर्टेंट पॉइंट है आर्टेमिस मिशन। ठीक है? आर्टेमिस मिशन हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। तो देखो आर्टेमिस प्रोग्राम में क्या-क्या कर रहा है ये? इस
साल फर्स्ट अप्रैल 2026 को। ठीक है? 1 अप्रैल 2026 को कनेडी स्पेस सेंटर से कहां से कनेडी स्पेस सेंटर से
ओरायन कैप्सूल में ओरायन कैप्सूल में बिठा के एसएलएस रॉकेट के थ्रू एसएलएस रॉकेट के थ्रू नासा ने साइंटिस्ट्स को लूनर फ्लाई बाई में भेजा।
व्हाट इज दिस लूनर फ्लाई बाई? ये अगर मून है तो मून के चारों तरफ चक्कर लगा के ये वापस आ जाते हैं। ओके? मून में लैंड नहीं करते हैं। ये चारों तरफ चक्कर लगा के वापस आ जाते हैं। ये लैंडिंग मिशन नहीं था। सिर्फ ये फ्लाई बाय मिशन था। अब
इसने रिकॉर्ड ये सेट किया फारस्ट ह्यूमंस हैव एवर ट्रेवल्ड फ्रॉम अर्थ। इससे पहले ये रिकॉर्ड अपोलो 14 के नाम था।
अर्थ से सबसे ज्यादा दूर तक ह्यूमन जो गए हैं वह रिकॉर्ड इसने इस बार बनाया और यह रिकॉर्ड कितने का बना? 252760 माइल्स का रिकॉर्ड ये इन्होंने बनाया। अच्छा टेल मी स्पेस में फदेस्ट ह्यूमन मेड ऑब्जेक्ट कौन सा है?
स्पेस में फदेस्ट ह्यूमन मेड ऑब्जेक्ट कौन सा है? वएजर वेरी गुड ठीक है नाम याद रखना वएजर स्पेस में फारस्ट ह्यूमन मेड ऑब्जेक्ट है। अब इसमें क्रू में कौन-कौन से लोग थे? किन लोगों को इन्होंने भेजा स्पेस में? द नेम इज राइड वाइसमैन।
विक्टर ग्लोवर इनका नाम याद रखना इसलिए जरूरी क्योंकि इनका एक-एक सिग्निफिकेंस है। क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हसन देखो रेड विसमैन वाज़ दी पायलट। ठीक है? अ सॉरी रेड विसमैन वाज़ दी कमांडर एंड विक्टर वाज़ दी पायलट।
अब विक्टर का सिग्निफिकेंस ये है ही इज़ दी फर्स्ट पर्सन ऑफ कलर। फर्स्ट पर्सन ऑफ कलर मतलब नॉन वाइट पर्सन। ही इज़ दी फर्स्ट नॉन वाइट पर्सन टू गो बिय्ड लोअर अर्थ ऑर्बिट। ओके? लोअर अर्थ ऑर्बिट से बाहर जाने वाला फर्स्ट पर्सन ऑफ कलर है विक्टर ग्लोवर। क्रिस्टीना कोच का क्या है?
फर्स्ट वुमेन टू ट्रैवल अराउंड मून। शी इज़ दी फर्स्ट वुमेन टू ट्रैवल अराउंड मून। यह इनका सिग्निफिकेंस हमें ध्यान में रखना है। और इनका सिग्निफिकेंस यह है। यह है फर्स्ट नॉन अमेरिकन।
टू फ्लाई अराउंड मून। क्लियर? ही इज़ दी फर्स्ट नॉन अमेरिकन टू फ्लाई अराउंड दी मून। ये इनका सिग्निफिकेंस ध्यान में रहना जरूरी है। अब इसमें एक और इंपॉर्टेंट चीज है कि कौन सा मिशन था जो इससे पहले लास्ट क्रूड लैंडिंग मिशन था मून में। ओके? सो दैट मिशन वाज़ अपोलो 17.
अपोलो 17 वाज़ दी लास्ट क्रूड मिशन जिसमें इंसानों को मून में उतारा गया था। उसके बाद से अभी तक नहीं भेजा गया। एंड द ईयर वाज़ 1972। तो आखिरी बार 1972 में आखिरी बार 1972 में इन्होंने क्या किया था? मून में लैंडिंग की थी। उसके बाद से लेकर अब तक मून में किसी भी तरीके से लैंडिंग नहीं हुई है। एटमिस अकॉर्ड्स के
बारे में ऑलरेडी मैंने आपको इसमें बताया हुआ है। कोई डाउट इस टॉपिक में कोई डाउट भाई कि एटमिस मिशन में इन्होंने क्या किया? 10 दिन का ये लूनर फ्लाई बाय था। ठीक है? 10 डेज। बाकी और जो एडिशनल डिटेल्स हैं वो तो नोट्स में आपको मिल ही जाएंगे। डिस्क्रिप्शन में लिंक्स जिसमें उसमें बाकी को आप यहां पे एक बार देख लो। क्लियर है? चलो लेट्स फ्यूचर मिशनंस देख लो एक बार 2023 में आटमिस 3 ल्च किया जाएगा
2027 में आटमिस 3 ल्च किया जाएगा फिर aटिस 4 2028 में यह पहला क्रूड लून्यर लैंडिंग मिशन होगा अपोलो 17 के बाद 2028 का इनका टारगेट है और फिर 2028 29 में ये अपना मून का बेस कंस्ट्रक्शन चालू कर देंगे जो मार्स को टारगेट में रखते हुए इन्ह इनका टारगेट है। ओके चलो नेक्स्ट टॉपिक एग्जिम फोर एंड फाइव।
ठीक है? यह तो हमारे लिए लास्ट ईयर का इंपॉर्टेंट टॉपिक है। बट इस साल भी हम एक बार इसे अच्छे से कवर कर लेते हैं। सो एग्जिम हमारे लिए इसलिए इंपॉर्टेंट है फोर में क्योंकि सुभांशु शुक्ला इसी मिशन के अंडर स्पेस में गए थे। तो देखो एग्जियम फोर के बारे में आपको बताता हूं। 25th जून से 25
जुलाई तक ये मिशन चला था और इंडिया की तरफ से सुभांशु शुक्ला जो हैं वो एग्जिओम मिशन में कहां गए थे? स्पेस में गए थे। ये बने फर्स्ट इंडियन एट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन। ठीक है? आईएसएस के फर्स्ट इंडियन बनेगी।
25th जून को ये ल्च किया गया था। 26th ऑफ जुलाई तक ये क्या हुए थे? डॉक हुए थे। 26 जून को ये डॉक हो गए थे और 15th ऑफ जुलाई तक ये चला था। नॉट 25th ऑफ़ जुलाई तक। फर्स्ट इंडियन ऑन आईएसएस बने सुधांशु शुक्ला एंड सेकंड इंडियन ऑन स्पेस। ठीक है? सेकंड इंडियन ऑन स्पेस भी यही बने। इसके बाद अगला इनका टारगेट है एग्जिम फाइव मिशन का। ये तो फोर का ये हमें जानना जरूरी था। फोर के बारे में यह हमारे लिए क्योंकि यह लास्ट ईयर का टॉपिक है। जो
नेक्स्ट हमें जानना जरूरी है वो है एग्जिम फाइव के बारे में। तो एग्जिम फाइव ये क्या करना चाहते हैं? अभी 30th जनवरी 2026 को नासा ने एग्जिम का नाम पिक किया एग्जिम 5 और अभी तक लॉन्च नहीं हुआ है बट जनवरी 2027 से पहले ये लॉन्च भी नहीं होगा और इसमें फिर अगेन वो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में
भेजने वाले हैं। तो यही बस आपको ध्यान में रखना है कि सुभांशु शुक्ला जो है वो एग्जिम एक तरीके से वन लाइनर का ये इंपॉर्टेंट टॉपिक था। तो एग्जिम के टोटल तीन मिशंस ऑलरेडी हो चुके हैं। 2024 में थ्री हुआ था। 23 में टू हुआ था एंड 22 में वन हुआ था। तो लगातार यह हर साल एग्जिम मिशन करते जाते हैं। इनका एज़ सच कोई एग्जिम का पर्पस नहीं है। बट स्पेस स्टेशन में जाके रिसर्च करना इज़ दी पर्पस। हमारे लिए इंपॉर्टेंट इसलिए हो गया क्योंकि
सुधांशु शुक्ला यहां पे चले गए थे। ओके क्लियर? या इट्स नॉट दैटेंट। इसके बाद का टॉपिक हमारे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है व्हिच इज EOS5 इसरो ने EOS5 ल्च किया इस साल वेरी वेरी वेरी इंपॉर्टेंट टॉपिक फॉर ऑल ऑफ अस क्योंकि ये एक बड़ा अचीवमेंट है इसरो के
लिए इसलिए इसे हमें ध्यान से समझना जरूरी है। तो ईओएस5 अर्थ ऑब्जरवेशन सेटेलाइट फाइव जिसको पहले जीसेट वन ए का नाम दिया गया था। ये इसरो का Jio इमेजिंग सेटेलाइट है जो i2 के प्लेटफार्म में बना हुआ है। इसका काम क्या है? ये जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में समवेयर अराउंड 35786
कि.मी. फ्रॉम अर्थ ये ऑर्बिट है। और ये नियर रियल टाइम मॉनिटरिंग इंडिया का और उसके सराउंडिंग ओशियन का बॉर्डर रीजन का सक्सीडिंग द लॉस्ट ऑफ जीसेट वन मिशन। तो इंडिया ने एक जीसेट वन मिशन ल्च किया था जो कि फेल कर गया। तो उसके बदले में जीसेट वन ए ल्च किया गया जिसका नाम रखा गया
ईओएस5। दिस इज बेसिकली इंडियास सीसीटीवी ऑन स्पेस। ठीक है? इसको क्या बोला जा रहा है? इसे बोला जा रहा है इंडिया का सीसीटीवी है स्पेस में। जीसेट वन ए का फुल फॉर्म क्या है? Jio इमेजिंग सेटेलाइट 1A जिसे अर्थ ऑब्ज़ ऑब्जरवेशन सेटेलाइट EOS5 के नाम से भी जाना जाता है। यह इंडिया का पहला डेडिकेटेड इमेजिंग सेटेलाइट है जो कि Jio सेटेलाइट Jio ऑर्बिट में ऑपरेट करेगा।
डेवलप किसने किया इसे? इसरो ने डेवलप किया। जीएसएलवी F16 F17 के थ्रू इसे लॉन्च किया गया। मार्क टू के थ्रू एंड सेकंड लॉन्चपड एट एसडीएससी शार श्रीहरिकोटा। ठीक है? सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसे ल्च किया गया। इसे हाई एटीट्यूड जिओसिंकनस ऑर्बिट में प्लेस किया गया। ऑलरेडी मैंने आपको बताया हुआ है ऑर्बिट में इसे प्लेस किया गया है। प्राइमरी ऑब्जेक्ट क्या है इसका?
स्पेशियल स्पेक्ट्रल एंड थर्मल मॉनिटरिंग प्रोवाइड करना इंडिया का ताकि हम डिजास्टर मैनेज कर सकें, डिफेंस मैनेज कर सकें और एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस को भी मैनेज कर सकें। सो ये इंडिया ने बहुत इंपॉर्टेंट फीट यहां पे अचीव की। की फीचर्स बताता हूं। जियो स्टेशनरी हाई रेजोल्यूशन ऑप्टिक्स। तो यहां पे
700 एमएम के रिचे क्रेशियन ऑप्टिकल टेलिस्कोप यहां पे लगाए जाएंगे जो कि 42 मीटर का स्पेशल रेजोल्यूशन लाते हैं विज़िबल नियर इंफ्रारेड का। क्यों इसकी जरूरत है? ताकि हम खराब मौसम में भी इंडिया पर नजर रख सकें। खराब मौसम में भी हमारी इंडिया के ऊपर जो नजरें हैं वो हटे ना। इसमें एक एडवांस्ड हाइपरस्पेक्टिकल सूट भी लगाया हुआ है। ठीक है? जो कि
बेसिकली वेजिटेशन का, सइल हेल्थ का और एटमॉस्फेरिक एरोस का क्या करेगा? इंस्पेक्शन करेगा। लॉन्ग वेव इंफ्रारेड। तो बेसिकली देयर आर एस इंफ्रारेड जो कि अपना हाइपरस्पेक्ट्रल है। और ये लॉन्ग वेव इंफ्रारेड है। व्हाट इज द पर्पस ऑफ़ इंफ्रारेड? इंफ्रारेड का सिंपल सा पर्पस है। खराब वेदर में जब बादल उपजाए रहते हैं या सोइल के नीचे अगर हमको चेक करना है कि
क्या-क्या चीजें चल रही है तो उसके लिए हमें यहां पे लॉन्ग वेव इंफ्रारेड की जरूरत पड़ती है। तो वो भी इसके अंदर इंक्लूड किया गया है। साथ ही साथ रैपिड रिवजिट कैपेबिलिटी है। तो किसी भी स्पॉट को ठीक है? हर 5 से 10 मिनट में ये तुरंत कंप्लीट कर लेगा। तो कैपेबल ऑफ इमेजिंग क्रिटिकल डिजास्टर स्पॉट्स एव्री 5 टू 10 मिनट्स एंड कंप्लीटिंग द फुल स्कैन एव्री 30 मिनट्स अंडर क्लियर स्काइस।
ठीक है? तो बहुत फास्ट ये काम करेगा। 5 से 10 मिनट में बार-बार एक जगह पे लाया जा सकता है और 30 मिनट के अंदर क्लियर एकदम फुल स्कैन दे देगा कि क्या यहां पे सीन चल रहा है। ओके। इसके बाद नेक्स्ट पॉइंट इसमें हमारा है प्रोजेक्ट डायरेक्टर कौन थे? इम्तियाज अहमद। करंट चेयरमैन कौन है इसरो के? वी नारायणन। मैंने आपको बताया डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस नरेंद्र मोदी जी के अंदर डायरेक्ट आता है। डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के
अंडर 1962 में इनको स्पार्क के नाम से क्रिएट किया गया था। किसे? इसरो को। एंड इसके पहले चेयरमैन थे डॉ. विक्रम साराभाई। इनिशियली ये एक इंस्ट्रूमेंटल बिल्डिंग था। खुद का इसका कोई हेड क्वार्टर नहीं था। ये एक इंस्ट्रूमेंटल बिल्डिंग था अंडर दी थुंबा इक्वेटोरियल लॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन। ठीक है? थंबा थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन जो कि है तमिलनाडु में। ये जगह फेमस है अपने रोहिणी साउंडिंग
रॉकेट के लिए। ठीक है? तो इंडिया का पहला साउंडिंग रॉकेट व्हिच वाज़ nki अपाचे जो यूएसए से हमने लाया था वो यहीं पे हमने ल्च किया था 1973 में। तब से थुंबा में साउंडिंग रॉकेट्स ही ल्च किए जाते हैं। रोहिणी साउंडिंग रॉकेट। इंडिया का पहला सेटेलाइट आर्यभट्ट था जो हमने 1975 में ल्च किया था। रोहिणी सेटेलाइट RS1 इंडिया
का पहला एक्सपेरिमेंटल फ्लाइट था एसएलवी 3 के थ्रू। आईआरS1A जो है वो इंडिया का पहला इंडीजीनिनस रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट था। तो ऐसा नहीं कि ईओएस इंडिया का पहला रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट है। इंडिया ने इससे पहले बहुत सारे रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट बनाए हैं। बट जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में इससे पहले इंडिया ने एक भी नहीं भेजा था। इस बार हमने पहली बार भेजा है। क्लियर?
एनी डाउट यार सो फार चलो नेक्स्ट टॉपिक इज़ पीसीओएस को रीनेम कर दिया गया पीएमओएस दिस इज़ आल्सोेंट वन फॉर अस सो जो पहला नाम हुआ करता था वो था
पॉलीिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम। ठीक है? पहले नाम हुआ करता था पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम। इसको बदल के क्या कर दिया गया? इसको रिनेम कर दिया गया पॉली एंड्रोसाइन। मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम।
अब ये नाम बदला क्यों गया? नाम इसलिए बदला गया क्योंकि इसका जो पुराना नाम में जो सिस्टिक आ रहा है, ये थोड़ा सा मिसरप्रेजेंट कर रहा है बिकॉज़ देयर इज़ नॉट एक्चुअल सिस्ट इन दिस सिंड्रोम किसी भी तरीके से एक्चुअल सिस्ट का फॉर्मेशन होता ही नहीं है ओवरी में। एंड इस वजह से इस वजह से क्या हो
जाता है जो इसका रिकॉग्निशन है वो कम हो जाता है। इसको आइडेंटिफाई नहीं किया जाता और लोगों को पता ही नहीं चलता है कि किसको पीसीओएस है, किसको नहीं है। इसीलिए इसका नाम बदल के अब पीसीओएस से पीएमओएस कर दिया गया ताकि डायग्नोसिस जो इसका है वो बढ़ जाए। इसका डायग्नोसिस क्या हो जाए? आसान हो जाए।
अब इसका जो इफेक्ट है वह लगभग हर आठ में से एक महिला को होता है वर्ल्ड में। साइंस इर्रेगुलर पीरियड्स, एक्ने, एक्सेस, हेयर या फिर हेयर थिनिंग ये सारे यहां पे होते हैं। बट किसी भी तरीके से सिस्ट नहीं पाया जाता ओवरी में। इस वजह से ये क्या हो रहा था? ये बहुत ज्यादा मिस अंडरस्टुड कांसेप्ट था और ये एक सिंड्रोम था। मिसअंडरस्टुड सिंड्रोम जिसकी
वजह से इसका डायग्नोसिस काफी कम हो जाता था। इसको चेंज करने के लिए लाया गया। अब इसके कुछ मेडिकल स्टैटिक फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं। जो पीसीओएस है अब जो पीएमओएस बन चुका है इसको 1935 में 1935 में स्टेन एंड लेवेंथल ने क्या किया था? डिस्कवर
किया था। इसे स्टेन एंड लेवेंथल ने पहली बार डिस्क्राइब किया था। तब इसका नाम रखा गया स्टेन लेवेंथल सिंड्रोम। ठीक है? इन दोनों ने 1935 में इसको डिस्क्राइब किया था। तब इसका नाम रखा गया स्टेन लेवेंथल सिस्टम सिंड्रोम। उसके बाद 2003 में जब इसका डायग्नोसिस चालू करना चालू किया गया तब इसका नाम रखा गया क्या? पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम। क्योंकि सिस्ट के थ्रू इसे क्या किया जाता था? फाउंड किया जाता था।
बट देन फिर इसको चेंज किया गया नाम अभी इस साल। यह हमें यहां पे ध्यान रखना जरूरी है इन द फॉर्म ऑफ वन लाइनर्स। ओके? कोई डाउट यार यहां तक? क्लियर है? छोटे-छोटे टॉपिक्स हैं ये। इससे कोई ऐसे बहुत बड़ा डीप टॉपिक यहां पे नहीं बनने वाला। बट स्टिल मिस नहीं होना चाहिए। तो ये थोड़ा सा आप ध्यान में रखना। बाकी
छोटे-छोटे दो तीन फैक्ट्स और हैं। वो मैंने नोट्स में इंक्लूड कर दिए हैं। सर्वम एआई हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। ये सर्वम एआई। अभी मैंने आपको इंडिया एआई मिशन में इसके बारे में बताया था। लेट्स टॉक अबाउट सर्वम एआई क्या है? कैसा है? कितनी सारी चीजें हैं। सेशन यहां मेरे ख्याल से ज्यादा नहीं 3 घंटे 4 घंटे के आसपास कवर होना चाहिए। ओके चलो तो सर्वम
एi को आप ध्यान से समझना। ये इंडिया का एआई जो अभी इस साल इंपैक्ट समिट हुआ एआई का उसमें इसको लांच किया गया। तो ये जो सर्वम एआई है ना यह एक बेंगलुरु बेस्ड स्टार्टअप है। यह एक बेंगलुरु बेस्ड स्टार्टअप है जिसका फॉर्मेशन हुआ था 2023 में। किसने इसको फॉर्म किया था? विवेक
राघवन एंड प्रत्युष कुमार। ठीक है? यह दोनों कहां के हैं? यह दोनों आईआईटी मद्रास में A14 भारत A14 भारत पे इन्होंने काम किया हुआ है। ओके? A14 भारत के अंदर इन्होंने क्या किया हुआ है? काम किया हुआ है। अब इस पे इन्होंने क्या किया?
फब 2026 में इन्होंने लांच किया सर्वम 30B एंड सर्वम 105B अब ये सर्वम 30B और 105B है क्या ये समझना ये जो सर्वम 30B है ये बेसिकली इनके बिलियन ऑफ़ पैराटर्स की बात कर रहा है। ये एआई मॉडल्स हैं। ठीक है? ये क्या है? एi
मॉडल्स हैं। जो कि इतने सारे ये 30 बिलियन पैराटर्स के बारे में ध्यान रख सकता है और ये 105 बिलियन पैराटर्स को ये अपने माइंड में रख सकता है। ये रीजनिंग और लॉन्ग डॉक्यूमेंट्स के लिए इन्होंने क्रिएट किया और ये नॉर्मल कॉन्वर्सेशन के लिए इन्होंने क्या किया? इन्होंने यहां पे स्टार्ट किया। अब इसमें होता क्या है कि इंडिया का जो लार्ज लैंग्वेज मॉडल बनाने का जो सपना है उन सबके लिए ये सारी चीजें जरूरी है कि
इतने कैपेसिटी का थिंकिंग मॉडल होना चाहिए। जैसे आपने चैट जीपीटी में देखा होगा क्लॉड में देखा होगा कि बेस्ड ऑन योर वर्क आप मॉडल सेलेक्ट कर सकते हो और उस बेसिस पे आपके क्रेडिट्स खत्म होते हैं। लाइक अगर आपको नॉर्मल कॉन्वर्सेशन करना है, आपको नॉर्मल बातें करनी है तो आप थोड़ा सा आसान हल्का मॉडल यूज़ करो। बट अगर आपको डीप रिसर्च करने हैं, कोई बड़े-बड़े टास्क कराने हैं तो आपको क्या करना होगा? आपको यहां पे यूज करना होगा थोड़ा बड़े लेवल का मॉडल, थोड़ा एडवांस लेवल का मॉडल। तो बस वैसे ही ये दो क्या
है? ये एआई मॉडल्स हैं जो इन्होंने डेवलप किए हैं और ये सब यूज़ करके क्या किए जाते हैं? ये सब यूज़ करके एलएलएम बनाया जाता है। ये इंडिया का एक अपना लार्ज लैंग्वेज मॉडल है जो एआई इंपैक्ट समिट में इसे क्या किया गया? ल्च किया गया। साथ ही साथ इन्होंने एक मल्टीलिंगल चैटबॉट भी ल्च किया। ठीक है? इन्होंने एक मल्टीलिंगुअल
चैट बॉट भी ल्च किया जिसका नाम इन्होंने रखा विक्रम ऑन द नेम ऑफ डॉ. विक्रम साराभाई। तो इंडिया एआई मिशन से इसका डायरेक्ट लिंक है और उसमें मैंने ऑलरेडी इसके बारे में आपको चीजें जो है थोड़ी सी बताई हुई है। तो ये हमको यहां पे ध्यान में रखना है वाइल स्टडिंग दिस टॉपिक। ये कोई सेपरेट खुद में अलग से टॉपिक नहीं है।
ये आपको किस में ऐड कर लेना है? ये आपको ऐड कर लेना है एआई वाले टॉपिक पे। ओके? ये आपको जो अपना एआई इंपैक्ट समिट वाला टॉपिक है उसी में इसको आपको ऐड ऑन कर लेना है। कोई प्रॉब्लम यार? तो उसमें ऐड कर लेना। ठीक है? ये अलग से टॉपिक नहीं है। उसी में आप अपने नोट्स के एंड में इसे आप ऐड कर लेना कि बेंगलुरु बेस स्टार्टअप है। इन लोगों ने चालू किया।
और ये दो मॉडल्स इन्होंने इसमें ल्च किए विद अ मल्टीलिंग्वल चैट बॉक्स नेम चैट बॉट नेम विक्रम। इसी में इंडिया ने एक और फीट अचीव किया वि इज दी इंडिया विक्रम वन। विक्रम वन इंडिया का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट है। ठीक है? विक्रम वन का सिग्निफिकेंस क्या है?
विक्रम वन इज़ इंडियास फर्स्ट प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट। ठीक है? यह हमें ध्यान में रखना है। यह इंडिया का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट है जिसे 18th जुलाई
2026 को क्या किया गया था? ल्च किया गया था। कहां से? एसडीएससी सार से। श्रीहरिकोटा में। किसने बनाया है इसे? बिल्ट बाय स्काई रूट
एरोस्पेस। ठीक है? स्काई रूट एरोस्पेस ने इसे बनाया है और इसे डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पे रखा गया है। अब इसकाेंस ये है क्या इससे पहले इंडिया ने कभी प्राइवेट रॉकेट नहीं बनाया है? बिल्कुल बनाए हैं। इंडिया ने इससे पहले काफी सारे प्राइवेट रॉकेट बनाए हैं। बट कोई भी रॉकेट ऑर्बिट पे नहीं पहुंचा था। ठीक है? वो सिर्फ रॉकेट लॉन्च होते थे। कोई सा भी ऑर्बिट पे
नहीं पहुंचा था। ये इंडिया का पहला रॉकेट है जो ऑर्बिट में पहुंचा। इसका पर्पस है छोटे-छोटे रॉकेट्स ये लगभग 350 kg के अर्थ के ऑर्बिट में पहुंचाएगा। ऑलरेडी मई 2026 में ये यूनिकॉर्न बन चुका है। ठीक है? इनका अगला फ्लाइट है विक्रम टू जो कि स्ेड्यूल्ड है 2027 के लिए वो इससे बड़ा होगा। ये विक्रम वन जो है वो अराउंड 350
kg तक के सेटेलाइट अपने में कैरी कर सकता है। अब ये रॉकेट जो है वो ऑल कार्बन कंपोजिट बॉडी से बना हुआ है। किससे बना है? ऑल कार्बन कंपोजिट बॉडी से इसे बनाया गया है। व्हिच इज़ेंट फॉर अस। क्योंकि वेस्ट मैनेजमेंट में ये काम आएगा। एंड सॉलिड फ्यूल स्टेजेस जो हैं वो कलाम जी के नाम पे रखे गए।
सॉलिड फ्यूल का जो इसका स्टेज है, सॉलिड फ्यूल स्टेज वो रखा गया डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पे कलाम नाम से रखा गया। और इसका जो लिक्विड अपर स्टेज है, इसका जो लिक्विड अपर स्टेज है, उसका नाम रखा गया क्या? रमन। यह किसके नाम पे रखा गया? यह रखा गया डॉ. सी वी रमन के नाम पे। इसको असेंबल और बहुत ही आसानी से ल्च किया जा सकता है।
क्यों? क्योंकि ये बहुत ज्यादा लाइट वेट है और स्मॉल सेटेलाइट को तुरंत जैसे ही डिमांड आया इसको बना के ल्च किया जा सकता है। तो इंडिया के लिए इंपॉर्टेंट हो जाएगा। अब इसमें मैं आपको स्काई रूट एयररोस्पेस के बारे में थोड़ा सा बता देता हूं। मेक श्योर ये फैक्ट्स भी आप ध्यान में रखना। स्काई रूट एयरस्पेस 2018 में इसका फाउंडेशन हुआ था। किसने इसे फाउंड किया? पवन कुमार चंदाना।
और सेकंड पर्सन वाज़ नागभरत डाका। ओके? इन दोनों ने क्या किया? इसका फॉर्मेशन किया। दीज़ टू गाइस ये क्या है? ये एक्स इसरो इंजीनियर्स थे जिन्होंने मिलके इसका फॉर्मेशन किया। और इंडिया का पहला प्राइवेट रॉकेट फर्स्ट प्राइवेट रॉकेट भी इन्होंने ही बनाया था। ओके?
फर्स्ट प्राइवेट रॉकेट जिसका नाम क्या था? विक्रम एस। विक्रम एस इसका इन्होंने क्या रखा था? नाम रखा था। और कोड वर्ड इन्होंने दिया था उसका प्रारंभ मिशन। ठीक है? इन्होंने प्रारंभ मिशन मिशन इसका कोड वर्ड दिया था
विक्रम एस का। इसके अलावा थोड़ा सा एक इंपॉर्टेंट चीज मैं आपको बता देता हूं। इंडिया ने 2023 में अपना स्पेस पॉलिसी लाया था। आपको याद होगा इंडियन स्पेस पॉलिसी 2023 इसके अंडर जो इसरो है उसको डिवाइड किया गया तीन पार्ट में।
और ये तीन पार्ट कौन-कौन से आए? एनएसआईएल, इसरो और इनस्पेस। ठीक है? ये तीन ऑर्ग्स आए। क्या-क्या काम था इन ऑर्गन का? ध्यान से समझना। एनएसआईएल इसरो का बना कमर्शियल आर्म। कमर्शियल आर्म मतलब अगर किसी दूसरी कंट्री को अगर किसी दूसरी कंट्री को या कंपनी को या किसी को भी इसरो को पैसा देके अपना
सेटेलाइट ल्च कराना है तो वो कंट्री एनएसआईएल से बात करेगी। इसरो से बात करने की जरूरत नहीं है। इसका पर्पस क्या था? इसरो के वर्क लोड को कम करना। तो एनएसआईएल इसका कमर्शियल आर्म बना। इसरो का सोल फोकस अब रहेगा रिसर्च पे।
इसरो का अब सोल फोकस रहेगा रिसर्च पे। और ये जो प्राइवेट कंपनीज़ इंडिया में ग्रो कर रही हैं स्पेस सेक्टर में उनको कोलैबोरेट करने का काम होगा किसका? इन स्पेस का। तो प्राइवेट सेक्टर की कंपनीज़ से कौन कोलैबोरेट करेगा? इन स्पेस यहां पे उनसे कोलैबोरेट करेगी। बाकी जो छोटे-छोटे फैक्ट्स हैं वो ऑलरेडी मैंने नोट्स में डाले हुए हैं। उनको थोड़ा ध्यान से आप क्या कर लेना? रीड कर लेना। कोई डाउट यार
यहां तक विक्रम वन के बारे में ये चीजें जाननी हमें जरूरी थी। व्हाट आर दी सिग्निफिकेंस? बाकी दो-तीन छोटे-छोटे इफेक्ट्स हैं वो मैंने नोट्स में डाले हुए हैं। ओके? बहुत छोटे-छोटे जो आराम से आप याद कर सकते हो। जो सिर्फ याद रखना है वो मैंने नोट्स में ऐड कर दिए हैं। यहां पे हम अंडरस्टैंडिंग वाली चीजों को ज्यादा फोकस कर रहे हैं। अब इसमें हमारे नेक्स्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक है इथेनॉल ब्लेंडिंग। E85 और आइसोब्यूटेनॉल एंड शुगर। ठीक है? इसको हम लेते हैं एक बार कवर करते हैं इसे।
भाई 1 मिनट यार मेरा ना पानी थोड़ा सा खत्म हो गया। मैं बस 5 मिनट में लेके आ रहा हूं। ओके जस्ट 5 मिनट। चलो भाई आ जाओ। ओके। सो वी हैव टू फोकस ऑन इथेनॉल ब्लेंडिंग वाला टॉपिक थोड़ा सा साइंस से रिलेटेड है।
क्या-क्या चीजें हो रही है, क्या सीन है, क्या इशूज़ हैं, क्या परेशानी है, सारी चीज। देखो आप सभी को पता है इथेनॉल ब्लेंडिंग का पूरा इंडिया में केस चल रहा है और इंडिया ने 2025 में E20 ऑलरेडी अचीव कर लिया है। ठीक है? एक्चुअल में हमारा टारगेट था 2030 का। तो 2030 में हमें E20
अचीव करना था। बट 2025 में हमने ये कर लिया। सी हाउ फास्ट वी आर गोइंग। अब इंडिया अपना अगला ट्रांजिशन करना चाहता है E25 से E20 से E25, E30 की तरफ। इसमें हमें जानना जरूरी है अबाउट E85, फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल क्या होते हैं और आइसोब्यूटेनॉल इन सारी चीजों के बारे में।
अब इशू एक और ये हुआ कि इंडिया को शुगर इंपोर्ट कराना पड़ा जो कि एक एक्सपोर्टिंग कंट्री था। इसको भी हम इसमें कवर करेंगे। ये ध्यान में रखना 2020 में 2025 में हमने E20 अचीव कर लिया। ओके? सो लेट्स स्टार्ट। सबसे पहले हम बात करते हैं E85 के बारे में। तो जो E85 है
ना इसका बेसिकली मतलब होता है 85% हम इथेनॉल रखेंगे और बचा हुआ 15% हम पेट्रोल रखेंगे। क्या डीजल में अभी तक हमने इथेनॉल में लाना चालू किया है? नहीं क्योंकि डीजल में इथेनॉल मिल नहीं पाता है अच्छे से। तो ये हमारा टारगेट होगा। अब इसके लिए पर्पस ये है इंडिया का एक और
सोर्स वि इज E 100 ये बेसिकली 100% प्योर इथेनॉल के थ्रू चलने वाली गाड़ियां तो ये दो बहुत ही हाईली आई मीन ध्यान देने वाले प्रोजेक्ट्स इंडिया ने ल्च किए हैं और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने आईओसी ने क्या किया 10000 फ्यूल ऑलरेडी ल्च कर भी दिया
183 आउटलेट्स में सिंस मार्च 2024 ऑलरेडी मार्च 2024 से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने E00 फ्यूल तो लाना चालू ही कर दिया है। ओके अब यहां पे प्रॉब्लम ये है कि क्या नॉर्मल गाड़ियां इनसे चल सकती है? नहीं नॉर्मल गाड़ियां E202 से ऊपर नहीं जा सकती। अगर आपको 75% से ऊपर में गाड़ियां
चलानी है तो आपको लाना होगा फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल। अब ये फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल्स क्या होते हैं? फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल्स आर दोज़ व्हीकल जो पूरे E 100% के फ्यूल तक चल सकते हैं। तो इंडिया को फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल की तरफ काम करना है जिसमें इंडिया ने अपना पहला फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल ल्च किया व्हिच इज Maruti की Wagon R।
ठीक है? Maruti की Wagon R Maruti ने ल्च किया एज इंडियास फर्स्ट फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल। साथ ही साथ Toyota और Maruti इन सभी में भी क्या किया जा रहा है? अह प्रोटोटाइप्स लाए जा रहे हैं कि सर इस तरीके से हम क्या करेंगे? इनको कवर करेंगे और साथ ही साथ इंडस्ट्री को जीएसटी में कट चाहिए फॉर फास्ट फ्यूल फ्लेक्स फ्यूल
व्हीकल्स। क्योंकि आप इतना ज्यादा हमारे साथ क्या कर रहे हो? कवर कर रहे हो और इसको खोज रहे हो। अब यहां पे क्या होता है? आगे समझना। एक हमारे सामने यहां पे नया वर्ड टर्म आता है व्हिच इज़ आइसोब्यूटेनॉल। द नेक्स्ट टर्म इज आइसोब्यूटेनॉल। तो मैंने आपको यह बताया कि इथेनॉल जो है वह पेट्रोल के साथ मर्ज नहीं होता है। तो इसी
डीजल के साथ मर्ज नहीं होता है। तो इसीलिए हमने डीजल के साथ मर्ज करने के लिए आइसोब्यूटेनॉल बनाना शुरू किया है। इसको बनाने का तरीका सेम वैसा ही है जिस तरीके से हम इथेनॉल बनाते हैं। ठीक है? इसको बनाने का वही तरीका है जिस तरीके से हम इथेनॉल बनाते हैं। बस थोड़े से चेंजज़ हैं। क्या-क्या चेंजज़ हैं? ये एक फोर कार्बन अल्कोहल है।
ठीक है? ये कितने कार्बन का अल्कोहल है? ये एक फोर कार्बन का एथ अल्कोहल है। और इसमें 5% कम सीटेन होता है। इसलिए ये इजी टू मर्ज विद डीजल है।
ठीक है? डीजल के साथ बहुत ही ईजीली ये क्या हो जाता है? ब्लेंड हो जाता है। इसलिए आइसोब्यूटेनॉल हम क्यों बना रहे हैं? हम आइसोब्यूटेनॉल बना रहे हैं डीजल के साथ मर्ज करने के लिए। अब इसमें इथेनॉल का अगर मैं स्टैटिक आपको बताऊं तो इथेनॉल दो टाइप के होते हैं। ठीक है? हमारे साथ दो टाइप के इथेनॉल होते हैं। एक होता है
1G एक होता है 2G। 1G इथेनॉल अभी हम करंट जो जनरेट कर रहे हैं अपना शुगरकेन, लाइव स्टॉक ये सब से जो बनाया जाता है वो सारी चीजें। 2G इथेनॉल होता है क्रॉप वेस्ट के थ्रू बनाया जाने वाला। क्रूजी 2G इथेनॉल हम क्रॉप वेस्ट के थ्रू बनाते हैं। इंडिया अब इसमें फोकस कर रहा है। और इंडिया का पहला 2G इथेनॉल प्लांट कहां लगा? इंडिया का पहला 2G इथेनॉल प्लांट बना पानीपत में।
ओके? पानीपत में इंडिया ने अपना पहला 2G इथेनॉल का प्लांट बनाया 2022। 2G इथेनॉल से फायदा ये होगा कि हम वेस्ट मटेरियल को फोकस करेंगे इथेनॉल में ताकि फूड का जो क्राइसिस है वो इंडिया में थोड़ा सा कम हो जाए। अभी आप देखोगे तो लाइव स्टॉक, शुगरकेन, वीट इन सब से हम बनाते हैं। उसको साइड में करके हम 2G इथेनॉल क्रॉप के वेस्ट से बनाना चालू
करेंगे। अब इसमें इशू क्या आता है? इसको आप ध्यान से सुनना। हुआ यह कि इंडिया को शुगर शॉक लग गया 2026 में। शुगर शॉक लग गया 2026 में। मतलब 2025 से 2026 के बीच शुगर का आउटपुट 30.6
मिलियन टन से कम हो गया। ठीक है? शुगर का आउटपुट 30.6 मिलियन टन से कम हो गया। अब ये कम हुआ तो इससे फर्क क्या पड़ा? इंडिया को ड्यूटी फ्री इंपोर्ट अलाउ कर दिया डीजीएफटी ने 1 मिलियन टन रॉ शुगर का 31 अक्टूबर तक और यह इंडिया का पहली बार शुगर इंपोर्ट प्रोग्राम था पिछले कुछ डेकेड्स
को अगर मैं मिला के बताऊं तो शुगर एक्सपोर्ट में बैन लगा दिया गया 30th ऑफ सप्टेंबर 2026 तक। तो इंडिया ने एक्सपोर्ट में बैन भी लगा दिया। इंडिया ने इंपोर्ट करना अलाउ भी कर दिया पिछले कुछ डेकेड्स में। पहली बार और ओएमसी ने स्टॉप कर दिया शुगर बेस्ड इथेनॉल खरीदना फर्स्ट ऑफ नवंबर 2026
से और 72% ऑफ इथेनॉल नाउ कम्स फ्रॉम मेज़ एंड ब्रोकन राइस। तो ये ध्यान में आप रखना कि इस शुगर क्राइसिस को काउंटर करने के लिए जो 70% के लगभग हमारा इथेनॉल आता है वो मेज़ एंड ब्रोकन राइस से आता है। शुगर बेस्ड इथेनॉल खरीदना। बंद कर दिया गया। तो
अब शुगर केन के यूज़ को कम किया जा रहा है इथेनॉल बनाने के लिए और इनके को प्रोडक्शन को ज्यादा फोकस किया जा रहा है। एंड जब हम 2G इथेनॉल ईज़ली अचीव कर लेंगे और बहुत ज्यादा इसका प्रोडक्शन बढ़ जाएगा तो चीजें यहां पे थोड़ी सी और आसान हो जाएंगी और शुगर का जो क्राइसिस है वो भी अपना यहां पे कम होना चालू हो जाएगा। तो इसमें शुगर के कुछ स्टैटिक फैक्ट्स आप यहां पे याद रख
लेना। इंडिया या शुगर से रिलेटेड देखो इंडिया जो है वो शुगर का लार्जेस्ट कंज्यूमर है। ठीक है? इंडिया में सबसे ज्यादा शक्कर कंज्यूम किया जाता है और टॉप टू प्रोड्यूसर्स में से एक है। इंडिया के टॉप
स्टेट्स जो हैं शुगर वाले उसमें महाराष्ट्र आपको नंबर वन में दिखेगा। साथ ही साथ ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस G20 में इंडिया ने ल्च किया था। 2023 इंडिया में जो G20 समिट हुई थी उसमें इंडिया ने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस भी लांच किया था। जिसका पर्पस क्या था? बायोफ्यूल के जनरेशन को प्रमोट करना। और वर्ल्ड बायोफ्यूल डे
हम सेलिब्रेट करते हैं। वर्ल्ड बायोफ्यूल डे हम कब सेलिब्रेट करते हैं? वर्ल्ड बायोफ्यूल डे हम सेलिब्रेट करते हैं 10th ऑफ अगस्त को। क्यों सेलिब्रेट करते हैं? क्योंकि इसी दिन रुडोल्फ डीजल ने रुडोल्फ डीजल ने क्या किया था?
एक इंजन को पीनट ऑयल में चलाया था। ठीक है? पीनट ऑयल में चलाया था इन द ईयर 1893। ठीक है? तो 1893 को 10 अगस्त के दिन 10th ऑफ अगस्त के दिन रुल्फ डीजल ने पीनट ऑयल के बेसिस पे एक इंजन को चलाया था। इस वजह से हम इसे बायोफ्यूल डे के फॉर्म में सेलिब्रेट करते हैं।
एनी डाउट? क्लियर? एक और क्वेश्चन। इंडिया के पेट्रोलियम मिनिस्टर कौन है? हरदीप सिंह पुरी ठीक है। हरदीप सिंह पुरी पुरी इज़ इंडियास अ पेट्रोलियम मिनिस्टर। क्लियर भाई?
चलिए आगे बढ़े। परफेक्ट। द नेक्स्ट टॉपिक इज़ इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन। 2.0 नॉट दैट बिग टॉपिक। छोटा सा टॉपिक है। इसी साल 15th ऑफ़ जुलाई को इंडिया ने यह ल्च किया। सो 15th जुलाई
2026 को इंडिया ने क्या लांच किया? इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 अप्रूव कर दिया इसके बजट को और इसका बजट इन्होंने बनाया है 1.27 लाख करोड़ का। ठीक है? इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2 1.27 लाख करोड़ का इसका बजट इन्होंने क्या किया है? प्रमोट किया है।
इसका पर्पस क्या होगा? ये सारे प्रोजेक्ट्स इसमें अप्रूव किए गए हैं। सबसे पहले माइक्रोन प्रोजेक्ट इसमें लाया जाएगा जो कि यूनाइटेड स्टेट्स का प्रोजेक्ट है। ये गुजरात में लाया जाएगा। सेमीकंडक्टर मतलब अपना वही सिलिकॉन एंड चिप्स वगैरह। उसके बाद फिर टाटा और पीएसएमएस
पीएसएमसी का टाई अप यहां पे लाया गया जो कि ताइवान बेस्ड कंपनी है। ठीक है? इनके बीच भी एक यहां पे चालू किया जा रहा है और इंडिया का पहला कमर्शियल फेब बनाया जा रहा है। कहां पे? ढोलेरा गुजरात में। ढोलेरा गुजरात में इंडिया का पहला कमर्शियल फेब बनाया जा रहा है और टाटा का भी फिर इसमें प्रोजेक्ट वगैरह चालू हुए
हैं। इससे पहले जो मिशन था अपना दैट वाज़ इंटेंस सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 ओके इसका बजट था 76000 सीआर। ठीक है? इसका बजट 76000 सीआर था। इसे दिसंबर 2021 में ल्च किया गया था। इसे दिसंबर 2021 में क्या किया गया था?
ल्च किया गया था। एंड साथ ही साथ अ इसका पर्पस क्या है? अपने चिप्स एंड सिलिकॉन्स का मैन्युफैक्चरिंग। तो उनके कुछ बेसिक्स एक बार आप ध्यान से समझ लेना कि सिलिकॉन चिप्स एंड इन सबके बेसिक्स क्या-क्या होते हैं? तो देखो चिप्स जो होते हैं ना उनको बनाया जाता है सिलिकॉन से।
चिप्स को बनाया जाता है बाय द यूज़ ऑफ़ सिलिकॉन। टाइनी ट्रांजिस्टर्स होते हैं जो स्विच ऑन स्विच ऑफ किए जा सकते हैं। तो जो आप अपना चिप किसी भी चीज में आप देख रहे हो चाहे आपका जीपीयू हो, मेमोरी कार्ड हो, कोई भी सिम हो उसका जो चिप है वो सिलिकॉन के थ्रू बनाया जाता है क्योंकि वो सेमीकंडक्टर होते हैं। अब इसमें क्या होता है? एक फैब होता है।
ठीक है? फेब फाउंड्री ये वेफर्स बनाता है। अब वेफर्स आपके खाने वाले वेफर्स नहीं। ठीक है? वेफर्स मतलब सिलिकॉन के वेफर्स जिनको यूज करके हम चिप्स बना सकते हैं। चिप्स में अप्लाई कर सकते हैं। क्योंकि सिलिकॉन आप देखोगे पतले-पतले चिप्स वहां पे लगे हुए होते हैं। ठीक है? बहुत पतले-पतले। तो ये जो फेब है उसका काम है
वेफर्स बनाना। इसी का पहला हब कहां बन रहा है? ढोलेरा गुजरात में। इंडिया के ढोलेरा गुजरात में पहला फेब का क्या बन रहा है यहां पे? हब बन रहा है। इसके अलावा इंडिया का पहला हां ये मैं आपको बता देता हूं। इंडिया सेमीकॉन समिट हुआ था 2025 में। इंडिया की सेमीकॉन समिट हुई थी 2025 में।
इसमें इंडिया ने क्या किया? इसमें इंडिया ने अपना पहला ठीक है? इसमें इंडिया ने अपना पहला इंडीजीनियस 32 बिट प्रोसेसर ल्च किया जिसका नाम क्या था? जिसका नाम था विक्रम 320 वन। तो यार इन सभी विक्रम के बीच ना कंफ्यूज मत होना। विक्रम नाम आपको बहुत बार देखने को मिलेंगे। बट हर विक्रम का कुछ ना कुछ
अलग-अलग पर्पस होता है। हर विक्रम का कुछ ना कुछ अलग रीज़न से नाम रखा गया है। उसको बस थोड़ा सा आप यहां पे याद रख लेना। ओके? क्लियर? सो ये कुछ बेसिक्स थे अपने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के।
थोड़ा सा इसको ध्यान में रखना। ओके? चलो अब हम आते हैं नेक्स्ट टॉपिक पे। व्हिच इज़ इंडियास न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम। इसको थोड़ा सा ध्यान से हम करते हैं। तो इंडिया का जो अपना न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम की मैं बात कर रहा हूं। ये बहुत जमाने से चालू हो चुका है। जो कि ऑल थैंक्स टू विक्रम साराभाई। ठीक है? विक्रम
साराभाई नाम के एक साइंटिस्ट इंडिया में आए जिन्होंने इंडिया को अपना थ्री स्टेज न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम दिया। अब देखो ये इंपॉर्टेंट क्यों है हमारा इस साल क्या अपडेट हुआ इसको थोड़ा सा आप एक बार नोट डाउन करना इस साल 2026 में कल्पक्कम में ठीक है कल्पक्कम में जो
प्रोटोटाइप पास्ट ब्रीडर रिएक्टर है। जिसे हम पीएफबीआर बोलते हैं। कल्पक्कम कहां है? कलपक्कम इज इन तमिलनाडु। इसने क्या अचीव की? इसने अचीव की फर्स्ट क्रिटिकलिटी।
बेसिकली ये अब ब्रीडिंग करना चालू कर दिया है। इसे चलाता कौन है? इसे रन करती है भाविनी। ठीक है? इसे भावनी चलाती है और इसका नाम क्या है? कामिनी। कल्पक्कम मिनी रिएक्टर। सो भावनी इसे रन करती है जो कि कल्पक्कम में ऑर्गेनाइजेशन है।
अब इसने अपना ये पहला क्रिटिकिटी क्या कर लिया? अचीव कर लिया। इसमें हमें सबसे पहले जानना जरूरी है अबाउट शांति एक्ट 2025। सो इंडिया ने कोई फैक्ट नहीं है इसमें। बस जो मैं बोल रहा हूं उसको ध्यान से सुन लो। इंडिया ने शांति एक्ट लाया 2025 का। इस एक्ट का सिंपल सा पर्पस है हमें न्यूक्लियर एनर्जी को एडवांसमेंट की तरफ
ले जाना है। तो शांति एक्ट में खुद में कोई एस बहुत डीप फैक्ट्स नहीं है। पर इंडिया के एटॉमिक एनर्जी एक्ट 1962 को ये रिप्लेस करता है। और सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट 2010 को ये रिमूव करता है। और ये शांति एक्ट है। बेसिकली इसका काम क्या है? प्राइवेट कंपनीज़ भी अब क्या कर सकती है? न्यूक्लियर पावर जनरेशन की तरफ अपना काम स्टार्ट कर सकती हैं।
हमें इस टॉपिक की वजह समझना है इंडिया के न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम को कि इंडिया का जो न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम है वो कैसे बना, कैसे वर्क करता है और क्या-क्या चीजें इसमें होती है। तो इंडिया का जो थ्री स्टेज न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम है ना ये डिजाइन किया था होमी जहांगीर भाबा ने।
दिस वन। तो इंडिया का जो थ्री स्टेज न्यूक्लियर प्रोग्राम है, यह डॉक्टर होमी जहांगीर भाबा ने डिजाइन किया था। ये तीन स्टेजेस हैं। स्टेज वन, स्टेज टू, स्टेज थ्री। अब मैं आपको जो बेसिक समझा रहा हूं, ध्यान से सुनना। देखो यार मैंने आपको अभी तक बताया है कि जो भी हमें न्यूक्लियर एनर्जी चाहिए वो हम यूरेनियम से लेते हैं।
अब यूरेनियम का क्या है? में यूरेनियम जो नेचुरली ऑकर होता है उसमें 238 ज्यादा होता है एज़ कंपेयर टू 235 इंडिया के पास दोनों बहुत ज्यादा नहीं है। इसको हम यूज़ कर नहीं सकते। इसको हमारे पास क्वांटिटी ज्यादा नहीं है। तो होमी जहांगीर भाबा ने ये बोला कि यार हम ना यूरेनियम 233 यूज़ करेंगे। यूरेनियम 233 हम कैसे यूज़ करेंगे? ऐसे यूज़ करेंगे।
जब हम प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर में ध्यान से सुनना। स्टेज वन में हम अपने प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर में नेचुरल यूरेनियम डाइऑक्साइड को डालते हैं। यहां पे जरूरत नहीं है। ठीक है? यहां पे यूरेनियम 233 की जरूरत नहीं है। अभी हम एनर्जी नहीं निकाल रहे हैं। प्रेशराइज्ड हैवी वाटर इज़ बेसिकली D2O।
ठीक है? हैवी वाटर। नॉर्मल H2O नहीं। प्रेशराइज़्ड हैवी वाटर रिएक्टर में हम नेचुरल यूरेनियम डॉक्साइड को एज अ फ्यूल डालेंगे। तो हमें आउटकम में मिलेगा प्लूटोनियम। इस प्लूटोनियम को जब हम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में डालेंगे व्हिच इज दिस फास्ट ब्रीडर रिएक्टर? ये रहा।
ये किस बेसिस पे वर्क करता है? थोरियम पे वर्क करता है। ठीक है? इसको याद रखना है। बहुत इंपॉर्टेंट है ये। तो ये जो फास्ट ब्रीडर रिएक्टर है इस पे जब हम प्लूटोनियम को डालते हैं थोरियम से रिएक्ट कराते हैं तो इसके आउटपुट में हमें और प्लूटोनियम मिलता है। जब हम इस प्लूटोनियम को फिर इसमें डालते हैं तो और प्लूटोनियम मिलता
है। जब हम इसे फिर इसमें डालते हैं तो हमें आउटपुट में मिलता है क्या? यूरेनियम 233 बहुत कम अमाउंट में। तो इस यूरेनियम 233 को हम जब फिर से थोरियम में डालते हैं थोरियम के ब्रीडर रिएक्टर में तब हमें और ज्यादा यूरेनियम 233 देखने को मिलता है। और इस यूरेनियम
233 को हम यूज़ कर सकते हैं किस लिए? अपने न्यूक्लियर जनरेशन के लिए। क्योंकि यूरेनियम 233 जो है वो एक फिजाइल मटेरियल होता है। यूरेनियम 233 क्या होता है? एक फिजाइल मटेरियल होता है। क्लियर सभी को समझ में आया? इंडिया का थ्री स्टेज न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम कैसे वर्क करेगा?
इज इट क्लियर टू यू ऑल? ठीक है? गुड। तो कुछ फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं अबाउट इंडियास न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम। उसको नोट डाउन कर लेना। ठीक है? दैट इज इंडिया का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट।
ठीक है? इंडियास फर्स्ट न्यूक्लियर पावर प्लांट कौन सा है? इट इज़ तारापुर। तारापुर कहां है? महाराष्ट्र में। यह बनाया गया था 1969 में। यूएसए ने इसे
बनाया था। इंडिया का जो लार्जेस्ट है इंडिया का जो लार्जेस्ट है वो है कुदंगकुलम में। ठीक है? कुदंगकुलम में कहां है? तमिलनाडु। ये इंडिया का लार्जेस्ट है। और इंडिया और फ्रांस मिलके एक और बना रहे हैं जो कि है जयतापुर में। तो इंडिया और फ्रांस मिलके
जयतापुर में एक न्यूक्लियर पावर प्लांट बना रहे हैं जो कि वर्ल्ड का लार्जेस्ट होने वाला है। अभी बनना कंप्लीट नहीं हुआ है। इसमें एक और इंपॉर्टेंट फैक्ट आप ध्यान में रखना। ये जो थोरियम है ये इंडिया के पास सबसे वर्ल्ड के सबसे ज्यादा अमाउंट में अवेलेबल है जो कि केरला में पाया जाता है। ठीक है? थोरियम कहां पाया जाता है? केरला में। एक स्पेशल टाइप ऑफ सैंड है जिसे बोला जाता है मोनाजाइट सैंड।
तो केरला के ओशियन के कोस्ट में जो मोनाजाइट सैंड है ना वहां पर पाया जाता है क्या? वहां पर पाया जाता है ये थोरियम। तो ये हमें ध्यान में रखना है कि थोरियम इंडिया कहां से लेता है? इंडिया के पास थोरियम का स्टॉक है। बाहर से लाने की जरूरत नहीं है। और इसी बेसिस पे इंडिया अपना काम करता है। हम अभी कहां पे पहुंचे हैं? इस पूरे तीन स्टेज के स्टेज टू में।
अगर हमने ये पूरा स्टेज कंप्लीट कर लिया तो हमें यूरेनियम के लिए दूसरे पे डिपेंडेंसी अपनी खत्म करनी पड़ेगी। तब आप किसी साइंटिस्ट का दूरदृष्टि सोचो। एक इंसान ने 1950 में ये प्लान बनाया जिसको हम आज 70 साल बाद कंप्लीट भी नहीं कर पाए हैं। अभी सो ये होता है जब आप दूर की सोचते हो तो। क्लियर यार कोई डाउट? क्लियर है सभी को? इंडिया का थ्री स्टेज न्यूक्लियर प्रोग्राम कैसे वर्क करता है?
और कौन-कौन से इंडिया के अपने अ न्यूक्लियर साइट्स हैं। बाकी छोटे-छोटे फैक्ट्स मैंने ऑलरेडी नोट्स में डाले हुए हैं। ओके? तो छोटे-छोटे जो फैक्ट्स हैं मैंने नोट्स में डाले हूं। उसको भी आप एक बार रीड कर लेना। चलो लेट्स गो फॉर स्टारलिंक एंड सेटेलाइट इंटरनेट। काफी इंपॉर्टेंट टॉपिक है ये।
पढ़ा इसके बारे में आप लोगों ने स्टारलिंक सेटेलाइट इंटरनेट के बारे में। रिसेंटली आपने देखा होगा लड़ाई चल रही थी राइट मुकेश अंबानी ईलॉन मस्क के बीच में राइट पीएम अंबानी बोल दिया था उन्होंने उस उन्हें तो ये जो स्टारलिंग का पूरा
क्राइसिस है यह हमारे लिए इंपॉर्टेंट है और साथ ही साथ इंडिया में जो सेटेलाइट इंटरनेट के बारे में बातें चल रही है, वह सारी चीजें हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। तो चलो ध्यान से इसको एक बार हम समझते हैं। सो स्टारलिंक जो है ना इसे बनाता कौन है? इसे बनाता है स्पेस।
स्पेस इज़ दी बॉडी जो स्टारलिंक के सेटेलाइट को क्या करती है? क्रिएट करती है। यह लोअर अर्थ ऑर्बिट में। किसमें? लोअर अर्थ ऑर्बिट में एक सेटेलाइट का कॉन्स्टेलेशन बनाता है। यह लोअर अर्थ ऑर्बिट में सेटेलाइट का कॉन्स्टेलेशन क्रिएट करता है। जिस कॉन्स्टेलेशन के बेसिस पे हर एक वर्ल्ड के कोने में इंटरनेट पहुंचाया जाता है। एग्जांपल सिंपल
सा आप समझना। क्या मैं सिर्फ टावर लगा के पहाड़ों पे दूर-दूर एरिया में हर जगह टावर मैं लगा सकता हूं? फॉर एग्जांपल एक ऐसा जगह है जहां पे टावर लगाना मुश्किल है। तो वहां पे इंटरनेट कनेक्टिविटी कम हो जाती है या काफी बार पहुंच नहीं पाती। उन सारे इशूज़ को रिॉल्व कौन करता है? सारे इशज़ को रॉल्व करता है। ये सेटेलाइट इंटरनेट वाला चीज। अब ये जो स्टारलिंक है ना यह वर्ल्ड
का लार्जेस्ट वर्ल्ड्स लार्जेस्ट कॉनस्टेलेशन ऑफ सेटेलाइट इंटरनेट है। इसके अंदर लगभग अगर मैं बोलूं तो मोर देन 11ाउज सेटेलाइट्स ऑर्बिट में हैं एज ऑफ़ अक्टूबर 2026 जो कि 550 कि.मी. के लोअर अर्थ ऑर्बिट में ऑपरेट करते हैं। अब इसका पर्पस क्या है?
लोअर अर्थ ऑर्बिट में रखना। लो लेटेंसी। लोअर अर्थ ऑर्बिट में क्यों रखा जा रहा है? लोअर लेटेंसी की वजह से। अब लोअर अर्थ ऑर्बिट मैंने आपको बताया हुआ है कितना? जो अपना वही 400 500 600 कि.मी. के आसपास का रेडियस होता है ना अर्थ से वहां पे इनको रखा जाता है। तो वहां पे लेटेंसी कम होती है क्योंकि इंडिया के पास है। अर्थ के पास है तो लेटेंसी यहां पे अपना कम रहता है।
तेजी से इंटरनेट प्रोवाइड कराया जा सकता है और तेजी से इंटरनेट हर एरिया में भी पहुंचाया जा सकता है। साथ ही साथ मिलिट्री एप्लीकेशन भी इसको यूज़ किया जा सकता है। अब हुआ क्या? आर द कंट्रोवर्सीज़ ईलॉन मस्क ने बहुत साल से दो-ती साल हो गए। इंडिया में अप्लाई किया हुआ है स्टारलिंक को
अप्रूवल के लिए। पर उन्हें वो अप्रूवल अभी तक मिली ही नहीं है। उन्हें वो अप्रूवल अभी तक मिली ही नहीं है। इन्हीं के साथ-साथ और भी प्लेटफॉर्म्स हैं। जैसे Jio हो गया, B Airtel हो गया। इन लोगों ने भी सेटेलाइट इंटरनेट के लिए अप्लाई किया हुआ है। बट उसे भी इंडिया ने अभी तक प्रोवाइड नहीं कराया है। द रीज़न बिहाइंड दैट इज़ सबसे पहले और मेजर रीज़न इज़ सिक्योरिटी ऑफ़ डेटा।
ठीक है? डेटा सिक्योरिटी एक बड़ी रीज़न है। क्योंकि जीपीएस को इंडिया में अलऊ करना इज़ अ डिफरेंट थिंग। बट अगर मैं स्टारलिंक को इंडिया में अलाउ कर दूं तो ये एक प्राइवेट कंपनी है। जीपीएस यूएसए की गवर्नमेंट ओन करती है। बट स्टारलिंक एक प्राइवेट कंपनी ओनड है। इसलिए डेटा के सिक्योरिटी का यहां
पे थोड़ा सा इशू है। दूसरी चीज वो डेटा को स्टोर कहां करेंगे? तो इंडिया ने एक शर्त रखी हुई है कि डेटा को आप स्टोर इंडिया में ही करोगे। इंडिया के बाहर आप डेटा को नहीं ले जाओगे। ये सारी चीजें आप कहां पे पाओगे? ये सारी चीजें आपको मिलेंगी। डीपीडीपी रूल्स एंड एक्ट के अंदर जो हमने उस लीगल रीजनिंग के मैराथन में ऑलरेडी कवर किया हुआ है। सो ये इंडिया का इस रीजन है।
अब ये सेटेलाइट इंटरनेट वर्क कैसे करता है? ये मैं आपको बताता हूं। तो जैसे ये अर्थ है तो ना मैं यहां पे यहां पे यहां पे यहां पे यहां पे छोटे-छोटे छोटे छोटे छोटे छोटे सेटेलाइट ल्च कर दूंगा। जैसे आपने टावर देखा है जगह-जगह जगह-जगह टावर लगा दिया गया है ताकि कहीं पे भी कनेक्टिविटी कम ना हो। तो वो टावर लैंड में लगाने की जगह हम एज अ टावर स्पेस में लगा देंगे अर्थ के चारों तरफ और फिर वो आपस में एक इंटरनेट कनेक्टिविटी चालू
करेंगे और अर्थ को इंटरनेट प्रोवाइड कराएंगे। इसी में एक और इस कॉनस्टलेशन का नाम है वन वेब। ठीक है? वन वेब भी यहां पे यही सेम काम करता है। आपने काफी बार इसका नाम सुना होगा। बट इसके कुछ कॉन्स भी हैं। इसके क्स क्या-क्या हैं? इसके इशूज़ हैं एक तो स्पेस डेबरी का क्रिएट होना।
स्पेस डेबरी। व्हाट इज़ दिस स्पेस डेबरी? यार ये जो लोअर अर्थ ऑर्बिट में जो सेटेलाइट हम लॉन्च करेंगे ना ये 2 से 3 साल से ज्यादा नहीं काम करने वाले। ठीक है? ये ज्यादा से ज्यादा 2 साल 3 साल ये काम करेंगे। उसके बाद खत्म हो जाएंगे।
खत्म होने के बाद क्या मैं उनको वापस इंडिया में गिराऊंगा? नहीं। वो यहीं पर पड़े रहेंगे। इस वजह से स्पेस में कचरा क्रिएट होगा और इसकी वजह से क्या क्रिएट होगा? इसकी वजह से क्रिएट होगा कैसलर सिंड्रोम। क्या कोई मुझे बताएगा कैसलर सिंड्रोम क्या होता है? किसी को पता है भाई कैसलर सिंड्रोम क्या होता है? एनीवन व्हाट इज अ कैसलर सिंड्रोम?
नो आईडिया। स्पेस डेबरी से रिलेटेड है। आप बता दो। आप लोगों को नहीं पढ़ा है क्या मैंने कैसलर सिंड्रोम? किसी ने यहां पे वेरी गुड सुशांत चेन रिएक्शन ऑफ डेब्री। अब देखो यार यहां पे मैंने एक सेटेलाइट पूरा सेटेलाइट से मैंने लोअर अर्थ ऑर्बिट को भर दिया। अब कोई भी
एक सेटेलाइट आउट ऑफ वे हो के किसी एक से टकराएगा। उस वजह से वो आउट ऑफ दी पाथ होगा। फिर अगला अगला अगला होते हुए पूरे सेटेलाइट क्या हो जाएंगे? खराब हो जाएंगे ड्यू टू दी स्पेस डेबरी। इसे बोला जाता है कैसलस सिंड्रोम। तो ये इसका एक थोड़ा सा इशू है। कोई डाउट यार कि स्टारलिंग क्या है? व्हाट वाज़ द इशू? क्यों उनको एक्सेस नहीं दिया गया? सेटेलाइट इंटरनेट क्या
होता है? कैसे वर्क करता है? और क्या-क्या इशूज़ हैं सेटेलाइट इंटरनेट जैसी चीजों पे? क्लियर? आया भाई समझ में? परफेक्ट। ओके। सो नेक्स्ट जॉन्रा से पहले एक ब्रेक ले लेते हैं 10 मिनट का। ठीक है? देन वी विल
कंटिन्यू आवर नेक्स्ट जॉन्रा। 10 मिनट्स नॉट मोर देन दैट। एक छोटा सा 10 मिनट का ब्रेक। फिर हमारा बहुत इंपॉर्टेंट और इंटरेस्टिंग। इसके बाद के जितने टॉपिक्स हैं। ठीक है? बोरिंग टॉपिक्स यहां पे खत्म। इसके बाद के सारे टॉपिक्स बहुत इंटरेस्टिंग। 15 करना है। चलो 15 कर देता
हूं। बट उसके बाद फिर मैं चाहूंगा कि हम वन शॉट में पूरा ये लेक्चर बचा हुआ कवर करें। मुश्किल से दो डिजिट में कुछ टॉपिक्स होंगे। उसको कवर करके हम फिर रैप अप करेंगे। चलो 15 मिनट का टाइम मैं दे रहा हूं। आ जाओ जल्दी आ जाओ। बहुत इंटरेस्टिंग टॉपिक्स आने वाले हैं। आवाज आ रही है भाई?
जस्ट गिव मी मिनट। ओके। मैं नोट्स लोड करता हूं। फिर कंटिन्यू करते हैं। हम्म। हम स्क्रीन ब्लैक है। जस्ट अ मिनट। चलो कंटिन्यू करें।
एक इंपॉर्टेंट टॉपिक साइंस में से मेरा छूट गया। वो एक बार कवर करा देता हूं। ठीक है? फिर नेक्स्ट जॉन स्टार्ट करेंगे। दिस इज़ पैक्स सिलिका। तो पैक्स सिलिका एक डिक्लेरेशन है। प्लस एक कोिलेशन है जिसे यूएस का डिपार्टमेंट लीड करती है। कन्वीनर कौन है इसका? जैकोब हेलबर्ग इज़ द कन्वीनर ऑफ पैक्स सिलिका। यह सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इकोनमिक अफेयर्स हैं यूएस के। इसका
पहला समिट हुआ था 12th दिसंबर 2025 को। यह कोई ट्रीटी नहीं है। ये बस एक कोएशन है। नाउ व्हाट इज दिस कोिलेशन फॉर? पैक्स मतलब होता है पीस और सिलिका मतलब होता है सिलिकॉन डाइऑक्साइड रिफाइंड इंटू सिलिकॉन द बेस ऑफ़ एव्री चिप। तो सिलिकॉन के लिए जो कोएशन इन्होंने बनाया है दैट इज पैक सिलिका।
की फ्रेज़ जो आपको याद रखना है ये वेपनाइज्ड डिपेंडेंसी को और इकोनॉमिक ब्लैकमेल को हटाता है। ये रिड्यूस करना चाहता है कोर्सिव डिपेंडेंस ऑन एनी वन सप्लायर को। जैसे आप सभी को पता है चाइना ताइवान साइड सबसे ज्यादा सप्लाई है किसकी? सिलिकॉन की। उनके किसी एक पर्टिकुलर सप्लायर पे डिपेंडेंसी को कम कम करने के लिए ये लाया गया है। ऑफिशियल टैक्स नेवर
नेम चाइना। ठीक है? चाइना में ऑफिशियल नेम नहीं दिया गया बट एक तरीके से कहीं ना कहीं निशाना चाइना की तरफ ही है। अब देखो कौन-कौन है इसमें? इसके सेवन फाउंडर्स थे और टोटल 24 मेंबर्स इसमें जुड़ चुके हैं एज ऑफ जून 2026। दिसंबर 2025 में इसे बनाया गया था। किन लोगों ने मिलके बनाया?
यूएस, जापान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, यूके, सिंगापुर और इजराइल ने। 2026 के जनवरी में कतर और यूएई ने ज्वाइन किया और अभी फिफ्थ फेब के 2026 में इंडिया ने जॉइ किया इसे एज अ 10थ सिग्नेटरी। उसके बाद बढ़ते-बढ़ते-बढ़ते ये टोटल रेसिस्ट जुलाई में इटली ने इसे जॉइ किया है। अब क्या-क्या चीज हमें ध्यान में रखनी है?
ताइवान इसे अटेंड करता है बट इसका सिग्नेटरी नहीं है। ठीक है? इसके लिए एक सेपरेट यूएस ताइवान का स्टेटमेंट चलता है जिसके थ्रू ये सपोर्ट करता है क्योंकि आप सभी को पता है अगर कोई चीज एंटी चाइना है तो क्या ताइवान उसके साथ होगा या अगेंस्ट होगा। अगर कोई चीज एंटी चाइना है तो ताइवान उसके साथ होगा या अगेंस्ट होगा। मैंने ये इंडिया इंडो चाइना लेक्चर में आपको ये चीज पढ़ाया था। अगर कोई चीज चाइना के साथ है
तो चाइना के अगेंस्ट है तो ताइवान उसके साथ होगा। क्यों? क्योंकि जो कुमिंदा पार्टी है वो पहले पीआरसी के पहले चाइना में हुआ करती थी। वहां से अपना चियांगकाई शेख भाग के ताइवान आया था और माउजदोंग ने 1949 में फिर वहां पर पीआरसी की गवर्नमेंट बनाई थी। तो ताइवान में जो करंट गवर्नमेंट है वो एंटी चाइना है। ठीक है? पर चाइना ताइवान के साथ जबरदस्ती करता है अंडर दी वन चाइना पॉलिसी। इसलिए ताइवान इसको
सपोर्ट करता है। नीदरलैंड इसका पहला नॉन साइनिंग पार्टनर था और इयू ने इसे 2026 में जॉइ किया। अब इंडिया ने जो पैक्स सिलिका जॉइन किया ये हमारे एआई इंपैक्ट समिट वाले टॉपिक पे रिलेट होता है और ये हमारे लिए जरूरी है। क्या इसको यूएस की तरफ से सर जियो गौर ने जॉइ किया और जैकोब हेलबर्ग ने ज्वाइन किया एस द यूएस सेक्रेटरी और इंडिया की तरफ से एस कृष्णन
ने इसे साइन किया। इंडिया इसमें क्या-क्या लाएगा? इंडिया को ह्यूज एआई चिप डिजाइन टैलेंट है इंडिया के पास। इंजीनियर्स बहुत सारे इंडिया के पास। क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग कैपेसिटी है इंडिया के पास और रेयर अर्थ मिनरल और थोरियम का रिजर्व इंडिया के पास है। इस वजह से इंडिया का यहां पेेंस बढ़ जाता है।
इंडिया के लिए ये क्यों जरूरी है? क्योंकि इंडिया को चिप इक्विपमेंट के लिए एक्सेस मिलेगा। थोड़े सस्ते हो जाएंगे। जैसे आप करेंटली देखोगे तो अभी मैं कुछ दिन पहले अपने स्टूडियो को अपग्रेड करने के लिए पीसी बिल्ड करने की प्लानिंग कर रहा था। ये प्लानिंग मैंने एक साल पहले भी की थी। आज उस टाइम के कंपैरिजन में जो पीसी मुझे उस टाइम पर बिल्ड करना था वो अगर मैं आज
करूं तो मुझे 50 टू 60000 ज्यादा देना पड़ेगा क्योंकि चिप्स के प्राइस इतने बढ़ चुके हैं। ये अगर इंडिया को एक्सेस आसानी से मिलने लगे और चिप्स सस्ते हो जाए तो इक्विपमेंट सस्ते होंगे और आसान हो जाएगा परचेस करना। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के लिए यह बहुत सपोर्ट वाला है। तो देखो पैक सिलिका एक साथ दो टॉपिक को कैप्चर कर रहा है।
कौन-कौन सा? एक तो सेमीकंडक्टर मिशन और दूसरा इंडिया एआई इंपैक्ट समिट। ये दोनों को ये टॉपिक कैप्चर कर रहा है। इसलिए ये और इंपॉर्टेंट है। ऑपोजिशन ने क्वेश्चन किया है इंडिया का स एब्सेंस उसके फाउंडर्स की लिस्ट में से। तो मतलब अपोजिशन का ये भी काफी बार अजीब लगता है। अब इंडिया ने इसे बाद में ज्वाइन किया ना तो अपोजिशन का कहना है आपने फाउंडिंग मेंबर्स के टाइम पे जॉइन नहीं किया। अब ठीक है वो चलते रहता है। अब इसके फॉलो अप
में क्या हुआ? अप्रैल 2026 में कोऑपरेशन डीप करने की बातें चली। इंडिया यूएस फ्रेमवक्स बनाए गए और पार्टनरशिप इसमें बढ़ाई गई। तो इंडिया के लिए बहुत अच्छी बात है। पैक सिलिका क्लियर है पैक सिलिका क्या है? कौन इसके मेंबर्स है? और इंडिया ने जॉइ करके क्या-क्या फायदा इंडिया को मिला? अब हम अपने नए जॉनरा को स्टार्ट कर सकते हैं। कोई डाउट यार पैक्स सिलिका में यूएस ने स्टार्ट किया है फाउंडिंग मेंबर्स के साथ। सिलिकॉन में चाइना को काउंटर करने के
लिए पूरी की पूरी स्ट्रेटजी है। ऐसे ल्च किया गया था। ये सारी चीजें यहां पे हुई है। ये ध्यान में रखना आ सकता है एग्जाम में। ओके? चलो तो अब हमारा बहुत ही इंटरेस्टिंग, बहुत ही फैक्ट्स ओरिएंटेड जॉन व्हिच इज़ रैंक्स एंड इंडाइससेस। दिस इज़ वेरीेंट। अब समझना ध्यान से।
बहुत सारे रैंक्स निकलते हैं, इंडाइससेस निकलते हैं और हर एग्जाम के लिए वह इंपॉर्टेंट होते हैं। इसमें भी हम लगभग 11-12 रिपोर्ट्स करने वाले हैं। तो उसको एक बार ध्यान से देखते हैं। वी विल बी स्टार्टिंग विद ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स। बस फैक्ट्स हैं। समझते जाओ, नोट डाउन करते जाओ, मजे लेते जाओ। ज्यादा डिफिकल्ट ये टॉपिक नहीं है।
सो देखो इसे पब्लिश कौन करता है? वीपीओ। वीपो वी आई डब्ल्यू आई पी ओ व्हाट इज द फुल फॉर्म? इसका फुल फॉर्म है वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन। ठीक है? ये मैं एन लिखता हूं तो समझ जाना कौन सा वर्ड है। वर्ल्ड
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी यहां पे मैं भूल गया। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन इज़ द फुल फॉर्म ऑफ़ डब्ल्यूआईपीओ। ये ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रिलीज करता है। टोटल 139 कंट्रीज को ये कैप्चर करता है इकॉनमीस को और पहली बार इसे लॉन्च किया गया था 2007
में। 2007 में इसका आया था क्या? फर्स्ट एडिशन। ये ध्यान में रखना। अब इस साल के रैंकिंग्स की अगर मैं बात करूं तो इस साल इंडिया का जो रैंक है इस साल इंडिया का जो रैंक है वो है 38 आउट ऑफ 139 इकॉनमीज़ व्हिच इज़ अ गुड रैंक फॉर इंडिया। अगर मैं ट्रेंड की बात करूं तो क्लैट एग्जाम में काफी बार ये भी पूछा जाता है कि इंडिया ने कितने रैंक का जंप लगाया? तो ये रैंक है
हमारा 2026 का। इसमें आप 2025 का भी रैंक याद रख लेना। मतलब बेसिकली 2025 2026 का ही रैंक है। 2024 में इंडिया का रैंक क्या था? 39थ था इन द ईयर 2024। ये 2526 का रैंक है। 24 में इंडिया का रैंक इतना था। तो इस वजह से ये हमारे लिए क्या है? एक रैंक का जंप इंडिया ने यहां पे लगाया। जो लोअर मिडिल इनकम कंट्रीज है ना उसमें
इंडिया का रैंक यहां पे फर्स्ट नंबर पे था। टेबल टॉप किन्होंने किया? इनको भी आप एक बार देख लो। तो टॉपर्स कौन-कौन है? टॉपर्स में ना कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। वही दो-तीन कंट्रीज हैं जिनमें से एक-एक क्या होते जाते हैं? बढ़ते जाते हैं। रैंक वन में आया स्विट्जरलैंड। ओके? स्विट्जरलैंड ने इसे टॉप किया। सेकंड नंबर पे सुदान
और थर्ड नंबर पे यूएसए। दीज़ थ्री कंट्रीज टॉप्ड दिस इंडेक्स। अब ये इंडेक्स वर्क कैसे करता है? इस इंडेक्स को बनाया कैसे जाता है? बेसिकली कौन-कौन से पिलर्स होते हैं इस इंडेक्स के? तो इसके पिलर्स होते हैं सबसे पहले पांच इनपुट पिलर्स। कौन-कौन से? सबसे पहले होता है इंस्टीट्यूशन।
दूसरे नंबर पे होता है ह्यूमन कैपिटल एंड रिसर्च। तीसरे नंबर पर होता है इंफ्रास्ट्रक्चर। चौथे नंबर पे होता है मार्केट सोफिस्टिकेशन।
और फिफ्थ नंबर पर होता है बिजनेस सोफेस्टिकेशन। यह पांच आउटपुट पिलर्स होते हैं और ये पांच इनपुट पिलर्स होते हैं और इसके दो आउटपुट पिलर होते हैं। ठीक है? इसके कितने होते हैं? ओ यार मैंने सुदान गलती से सुदान लिख दिया भाई। ठीक है? इट्स स्वीडन। वो सुदान मेरे माइंड में था। इट्स स्वीडन।
ठीक है? इट्स स्वीडन। थैंक यू। ठीक है? इट्स स्वीडन। वो सुदान मैंने गलती से उसे लिख दिया। जो सेकंड इनपुट के बाद जो दो होते हैं वो होते हैं आउटपुट पिलर्स। आउटपुट पिलर्स में कौन-कौन से होते हैं?
सबसे पहले होता है नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी आउटपुट और दूसरा पिलर होता है क्रिएटिव आउटपुट। इनपुट मतलब उस कंट्री की जो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी या इनोवेशन के लिए इंस्टीट्यूशन है, ह्यूमन कैपिटल है, इंफ्रास्ट्रक्चर है
वो कंट्री कितना अच्छा प्रोवाइड करा रही है। दिस इज़ द फर्स्ट थिंग। वो कंट्री कितना अच्छा चीजें प्रोवाइड कर रही है अपने लोगों को इनपुट के फॉर्म में और वहां के लोग कितना अच्छा नॉलेज टेक्नोलॉजी में क्रिएटिव आउटपुट दे रहे हैं। इन पिलर्स के बेसिस पे इनोवेशन इंडेक्स को रैंक किया जाता है। अब यहां पे स्कोर कैसे निकाला जाता है? एवरेज ऑफ
इनपुट प्लस आउटपुट। तो भले ही यहां पर पांच इनपुट है और दो आउटपुट है बट वेटेज दोनों का सेम है। दोनों में वेटेज में किसी भी तरीके का डिफरेंस नहीं है। अब इस इंडेक्स में इंडिया के लिए क्या-क्या इंपॉर्टेंट प्लस पॉइंट्स थे ये आप ध्यान से देखना। तो इस इंडेक्स में आईसीटी सर्विज में
आईसीसी आईसीटी सर्विज में मतलब इंफॉर्मेशनेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की जो सर्विज हैं उसमें इंडिया ने फर्स्ट रैंक किया। ठीक है? इंडिया ने उसमें टॉप किया फर्स्ट इन द वर्ल्ड। तो ये हमें ध्यान में रखना है। तो इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में इंडिया ने फर्स्ट रैंक यहां पर हासिल किया।
और इंडिया का जो बेंगलुरु है और दिल्ली है वो टॉप साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्लस्टर्स में आते हैं। तो बेंगलुरु जो है जिसे मैं बीएएलआर लिख रहा हूं ये 25th रैंक में आता है और जो दिल्ली है वो 27th रैंक में आता है टेक्नोलॉजी क्लस्टर में। ठीक है? जो रैंक वन क्लस्टर है वर्ल्ड का जो बेस्ट क्लस्टर है ये अपना चाइना का हांगकांग गोंगजाऊ वाला जो क्लस्टर है वो आता है।
ठीक है? तो वर्ल्ड का जो बेस्ट टेक्नोलॉजी क्लस्टर है वो कौन सा है? हांगकांग चाइना में जो हांगकांग गोंगजाऊ वाला क्लस्टर है वो यहां पे आता है। उसको आपको ध्यान में रखना है। अब इससे रिलेटेड थोड़े से स्टैटिक जीके मैं एक बार आपको बता देता हूं। वो भी आप ध्यान में रख लेना। दीज़ जीके आर सबसे पहले अबाउट विपो। तो विपो को
स्टैब्लिश किया गया था इन द ईयर 1967। ठीक है? 1967 में ये विपो कन्वेंशन लाया गया था। इसके करंट डायरेक्टर जनरल कौन है? दारन तांग।
ओके? दारन तांग इज दी करंट डायरेक्टर जनरल। और वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डे। वर्ल्ड आईपी डे हम कब सेलिब्रेट करते हैं? वर्ल्ड आईपी डे हम सेलिब्रेट करते हैं 26 ऑफ अप्रैल को। ओके? इंडिया में आईपी लॉ ऑलरेडी मैंने आपको डिटेल में पढ़ाया हुआ है। 2007 में इसे स्टार्ट किया गया था। किसने स्टार्ट इसे किया था?
प्रोफेसर सौमित दत्ता ने। तो इंसीड नाम का जो बिजनेस स्कूल है वहां के प्रोफेसर तो दत्ता ने इसे 2007 में स्टार्ट किया था। बाद में इसे डब्ल्यूआईपीओ पब्लिश करता है विद दी पोर्चुलेंस इंस्टट्यूट।
क्लियर? तो इसे सौमित्रा दत्ता ने 2007 में चालू किया था। फिर कॉर्नल यूनिवर्सिटी ने कुछ दिन इसे पब्लिश किया। एंड देन उसके बाद क्या इन्होंने किया? उसके बाद इन्होंने किया डब्ल्यूआईपीओ ने इसे रिलीज़ करना चालू किया। क्लियर? इंडिया इसका पार्टी बना 1975 में। इंडिया ने 1975 में विपो को क्या किया था?
जॉइ किया था। दैट्स इट। एनी डाउट ग्लोबल इनोवेशन इंगेट इंडेक्स में? ईजी टॉपिक था। रैंक्स एंड इंडाइससेस वाले सारे टॉपिक्स ईजी है। तो ये इंडिया का कुछ थोड़ा बहुत रैंक था। यह वर्ल्ड की रैंकिंग थी। स्विट्जरलैंड, स्वीडन और यूएसए। इन पिलर्स के बेसिस पे
इसको आउटपुट इसका निकाला जाता है। और वब्ल्यूआईपीओ के कुछ फैक्ट्स और इंडिया ने किस पिलर में टॉप किया। ठीक है भाई? आगे बढ़े। लास्ट स्लाइड। ये लो यार लास्ट स्लाइड ले लो भाई। स्क्रीनशॉट भी ले सकते हो। नहीं तो नोट्स तो आपको दे ही दिए जाएंगे। नोट्स इससे ज्यादा डिटेल्ड होंगे। मैराथन में
मोस्टली मैं आपको वो चीजें करा रहा हूं जो अच्छे से समझने वाली है। जो बेसिक फैक्ट्स हैं वो तो आप दो-ती दो-तीन बार पढ़ के नोट्स के फॉर्म में ये पूरा जो नोट्स है पीडीएफ आपको डिस्क्रिप्शन में जो लिंक है उसमें दे दूंगा। वहां पे आप इसको पढ़ सकते हो। अभी तो चीजों को समझने में आप ध्यान दो। अब हम बात करेंगे ग्लोबल हंगर इंडेक्स की। ठीक है? ग्लोबल हंगर इंडेक्स इंपॉर्टेंट होता है बहुत ज्यादा।
क्यों इंपॉर्टेंट होता है? क्योंकि इंडिया इसको बोलता है यार तुम गलत निकालते हो ग्लोबल हंगर इंडेक्स हम इसे नहीं मानेंगे। तो ये आपको मैंने हमेशा सिखाया हुआ है। अपने से बड़ों पे ध्यान देना चाहिए। तो अगली बार अगर ठीक है? अगली बार अगर किसी एग्जाम में अच्छा रिजल्ट नहीं आता है तो
क्या बोलना है? गलती किसकी है? गलती आपकी नहीं है। एग्जाम ही गलत है। ठीक है भाई? अगर एग्जाम में रिजल्ट खराब आता है तो गलती आपकी नहीं है। एग्जाम गलत है। चलो तो इसी की खुशी में हम आगे बढ़ते हैं। फिर तो ये जो ग्लोबल हंगर इंडेक्स है इसे कौन पब्लिश करता है? अगेन सेम फैक्ट्स फॉर दिस टॉपिक एज वेल।
इसे पब्लिश करता है वेल्थ हंगर लाइफ। यह जर्मनी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन है। प्लस कंसर्न वर्ल्ड वाइड नाम की एक ऑर्गेनाइजेशन है जो कि आयरलैंड बेस्ड है।
ये दोनों मिलके इसे पब्लिश करते हैं। इसे रिलीज़ किया गया 14th ऑफ़ अक्टूबर 2026 को। वर्ल्ड फ़ूड डे हम कब सेलिब्रेट करते हैं?
वर्ल्ड फूड डे हम सेलिब्रेट करते हैं 16th ऑफ़ अक्टूबर को। इसका थीम क्या था? व्हाट वाज़ द थीम ऑफ दिस रिपोर्ट? द थीम वर्ल्ड फूड डे? द थीम वाज़ नो सिक्योरिटी। विदाउट फूड सिक्योरिटी। दिस वाज़ दी थीम ऑफ दिस
ईयर। अब इसमें अगर मैं इंडिया के रैंक की बात करूं। ठीक है? तो इंडिया का जो रैंक था इस इंडेक्स में दैट वाज़ 100 आउट ऑफ 122। आप समझ सकते हो क्यों ये इंडेक्स इतना खराब है। इंडिया का रैंक था 100 आउट ऑफ 122। अगर मैं कंपेयर करूं ये 2026 का रैंक है। अगर मैं कंपेयर करूं इंडिया के
2025 के रैंक से तो 2025 में इंडिया का रैंक था 102 आउट ऑफ 123। ठीक है? तो इंडिया ने बहुत अच्छा इंप्रूवमेंट किया है एक पोजीशन का। वन पोजीशन से इंडिया ने यहां पे अपना इंप्रूवमेंट किया है। उसके बाद अगर यहां पे इंडिया के स्कोर की मैं बात करूं तो इंडिया का स्कोर है 24.1
जो कि सीरियस कैटेगरी में आता है। इंडिया का स्कोर वाज़ 24.1 जो कि सीरियस कैटेगरी में आता है। ये जो अपना पूरा ग्लोबल हंगर इंडेक्स है, ये चार पिलर पे वर्क करता है। ठीक है? कौन-कौन से चार पिलर पे वर्क करता है? अगर मैंने यहां पे शीट लाया होगा तो आपको मैं यहां पे दिखाता हूं। दिस इज़ द शीट। देखो कौन-कौन से चार पिलर? एक होता है अंडर नरिशमेंट। वन थर्ड स्कोर डिसाइड करता है अंडर नरिशमेंट। कि बच्चे कितने ज्यादा कितने बच्चे यहां पे अंडरनरिश्ड हैं। वन सिक्स्थ
लोग क्या बोलते हैं? वन सिक्स्थ चाइल्ड स्टंटिंग। वन सिक्स चाइल्ड वेस्टिंग और 1/3 चाइल्ड मोटलिटी। अब इनका मतलब आप समझना। चाइल्ड स्टंटिंग क्या होता है? बेसिकली बच्चे जो मेंटली थोड़े से इल हो जाते हैं ड्यू टू मल न्यूट्रिशन और साइकोलॉजिकल इफेक्ट्स जो होते हैं वो यहां पे चाइल्ड स्टंटिंग के
अंदर आता है। अंडर नरिशमेंट मतलब ऐसे बच्चे जिनका नरिशिंग थोड़ा सा कम है। जितना होना चाहिए उसके कंपैरिजन में कम है। एक होता है चाइल्ड वेस्टिंग। चाइल्ड वेस्टिंग मतलब ऐसे बच्चे जो मैल न्यूट्रिशन की वजह से अपना फिटनेस खोते हैं और बहुत ज्यादा बहुत ही कम उनका वेट होता है और उनका जो बॉडी है वो वेस्ट होते जाता है वेट की वजह
से और एक होता है चाइल्ड मोटलिटी। चाइल्ड मोटलिटी बेसिकली 5 साल से कम की उम्र में कितने बच्चे की डेथ होती है। उस बेसिस पे इन सभी चार पिलर्स के थ्रू यहां पे स्कोर लाया जाता है। इन सभी चार पिलर्स का डेटा जो है वन सिक्स्थ वन सिक्स्थ 1/3 1/3 के बेसिस पे लिया जाता है। और उस बेसिस पे उस बेसिस पे जीएचआई का स्कोर यहां पे लाया
जाता है। उस बेसिस पे जीएचआई का स्कोर यहां पे लाया जाता है। अब यह जीएसआई का जो सेिवियरिटी होता है, वह इन चार बेसिस पे मेजर किया जाता है। सबसे पहले एक्सट्रीमली अलार्मिंग। अगर 50 से कम है स्कोर, तो एक्सट्रीमली अलार्मिंग। अगर स्कोर सॉरी 50 से ज्यादा है स्कोर तो एक्सट्रीमली अलार्मिंग। अगर 35 से 49 के बीच में है तो
अलार्मिंग। अगर 20 से 34.9 के बीच में है तो सीरियस जहां पे इंडिया का इस साल स्कोर आया। अगर 10 टू 19 9 के बीच में है तो मॉडरेट और अगर 9.9 से कम है तो लो इंडिया का यहां पे वो आया है। क्लियर इंडिया का यहां पे स्कोर आया है अपने
सीरियस वाले पोर्शन पे। अब चलो इस पे मैं और फैक्ट्स आपको थोड़े से बताता हूं। ये पिलर्स के बेसिस पे किया जाता है। अब इंडिया के अगर मैं इंडिकेटर्स की बात करूं इंडिया ने किस पिलर में कितना स्कोर किया? तो जो अंडर नरिशमेंट वाला इसको आप समझ लेना। ठीक है? जो नेक्स्ट स्लाइड में मैंने यहां पे बताया है ना अंडर नरिशमेंट को मैं यूएन लिखूंगा। चाइल्ड स्टंडिंग को
सीएस, चाइल्ड वेस्टिंग को सीडब्ल्यू और चाइल्ड मोटिटी को सीएम। उसी बेसिस पे आप भी इसको मेंशन कर लेना। तो अंडर नरिशमेंट में इंडिया का स्कोर था 9.8%। चाइल्ड स्टंटिंग में इंडिया का स्कोर था 29.3%। चाइल्ड वेस्टिंग में इंडिया का स्कोर था 19% और अंडर फाइव चाइल्ड मोटिटी में इंडिया का
स्कोर था 2.7% ये इंडिया के इंडिविजुअल स्कोर्स थे। अब अगर यहां पे मैं इंडिया के नेबर्स की बात करूं कि इंडिया के नेबर्स ने कैसा परफॉर्म किया तो देखो पाकिस्तान जो है वो सीरियस कैटेगरी में आया। इंडिया से बहुत ज्यादा ऊपर तो नहीं बट फिर भी 106 उसका रैंक था।
इंडिया से बेटर परफॉर्म करने वाले नेबर्स कौन-कौन से हैं? अपना बांग्लादेश। ठीक है? बांग्लादेश का स्कोर आया 84 रैंक और नेपाल एंड श्रीलंका वर अहेड ऑफ दी मॉडरेट। ठीक है? तो नेपाल और श्रीलंका भी मॉडरेट कैटेगरी में आए थे। इंडिया से खराब नेबर में इंडिया ने पाकिस्तान ने यहां पे स्कोर किया।
उसके बाद अगर मैं टॉपर्स की बात करूं कि किन लोगों ने कितना स्कोर यहां पर लाया। तो टेबल में अगर वर्स्ट की मैं बात करूं तो वर्स्ट केस मिला किसे? सोमालिया को। सोमालिया सबसे ज्यादा हंगर इंडेक्स में लास्ट पॉइंट उसका आया था। द रैंक वाज़ 122
एंड स्कोर वाज़ 47। ठीक है? रैंक 122 और स्कोर वाज़ 47। ये चीज़ हमें क्या रखनी है? ध्यान में रखना है। तो टॉप किसने किया? अपने अ सोमालिया ने इसे क्या किया? टॉप किया। अब इसमें इंडिया का ऑब्जेक्शन क्या है?
इंडिया का ऑब्जेक्शन ये है दैट जो थ्री आउट ऑफ फोर इंडिकेटर्स हैं व्हिच आर चाइल्ड स्टंटिंग, चाइल्ड वेस्टिंग और चाइल्ड मोटलिटी। ये सभी 5 साल से कम उम्र के बच्चे के बारे में बात करते हैं जो कि बहुत स्मॉल पोल में आते हैं। तो आप इतने छोटे लोगों को लेके हमारे पूरे देश के हंगर को डिसाइड नहीं कर सकते हो। तो ये एक
इंडिया का कहना है कि यार आप ले रहे हो सिर्फ पांच साल से कम के बच्चे जो कि इतना कम सैंपल साइज है उसके बेसिस पे आप डिफाइन कर रहे हो कि इंडिया का हंगर इंडेक्स जो है वो खराब है। इंडिया में हंगर बहुत ज्यादा है। ये एक इंडिया का काउंटर है। इसके साथ-साथ हंगर जो है वो किस सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल के अंदर आता है? एसडीजी टू के अंदर।
ठीक है? सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल नंबर टू के अंदर आता है। जिसमें हम क्या कवर करते हैं? जिसमें हमारा टारगेट है ज़ीरो हंगर अचीव करना। हमारा टारगेट क्या है? सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल नंबर टू के अंदर ज़ीरो हंगर अचीव करना। अब इस इंडेक्स का कुछ स्टैटिक जीके मैं आपको बता देता हूं जो एग्जाम में पूछा जा सकता है। द स्टैटिक फैक्ट्स आर पहली बार ये इंडेक्स 2006 में पब्लिश हुआ था।
ओके? पहली बार ये 2006 में पब्लिश हुआ था और इसका डाटा कहां से आता है? एफएओ इसका डेटा सप्लाई करता है। ठीक है? फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन इसको डेटा प्रोवाइड करते हैं। और स्टर्टिंग इंस्टंटिंग मतलब मैंने आपको बता दिया। हाइट फॉर दी एज। वेस्टिंग मतलब वेट फॉर दी एज और अंडरवेट मतलब वेट फॉर दी एज और नरिशमेंट मतलब जहां पे कैलोरीज बहुत कम होती है डाइट में। एनी डाउट?
कोई डाउट भाई? अच्छा वर्ल्ड फूड डे का सिग्निफिकेंस मैं आपको बता देता हूं। उसी दिन एफएओ का फॉर्मेशन हुआ था। ठीक है? वर्ल्ड फूड डे के दिन ही एफएओ का फॉर्मेशन हुआ था 16th ऑफ अक्टूबर को 1945 में। इसीलिए हम उस दिन वर्ल्ड फूड डे सेलिब्रेट करते हैं।
नाउ वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम रिपो इंडेक्स ये भी मेरे ख्याल से थोड़ा सा फ्लॉड होगा। इससे ज्यादा तो फ्लॉड कोई सा भी इंडेक्स नहीं होना चाहिए शायद। क्योंकि इंडिया इसमें बहुत ही अच्छा परफॉर्म करता है पीछे से। तो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स जो है इसे रिलीज़ कौन करता है? इसे रिलीज़ करता है रिपोर्टर्स।
विदाउट बॉर्डर्स। ठीक है? रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स इसे रिलीज करता है हेड क्वार्टर इसका कहां है? पेरिस में। इसका शॉर्ट फॉर्म है आरएसएफ।
तो आरएसएफ का फुल फॉर्म एक्चुअल में फ्रेंच लैंग्वेज में है। ठीक है? बट इंग्लिश में इसे रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स बोला जाता है। पेरिस में इसका हेड क्वार्टर है। इसको इस्टैब्लिश किया गया था 1985 में। ठीक है? ये प्रेस फ्रीडम इंडेक्स निकालता है। कब रिलीज़ करता है? अराउंड दी वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे।
वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे के दिन हम इसे सेलिब्रेट करते हैं। व्हिच इज़ ऑन थर्ड ऑफ मई। ओके? थर्ड मई के दिन हम इसे सेलिब्रेट करते हैं। तो थर्ड मई इज़ बेसिकली 29th फेब फॉर इंडिया। अब इसमें क्या होता है? इंडिया का रैंक जो इस साल आया वो 157 था आउट ऑफ 180।
एंड इंडिया का जो स्कोर था वो था 31.96 जो कि इसे वेरी सीरियस की कैटेगरी में डालता है। ओके? सो 31.96 वाज़ दी स्कोर एंड इसे वो वेरी सीरियस की कैटेगरी में डालता है। अगर मैं बाकी साल से कंपेयर करूं तो हमने काफी अच्छा इंप्रूवमेंट यहां पे लाया
है। एंड इंप्रूवमेंट कुछ इस तरीके का है कि 2026 में हमारा रैंक 157 है। उसके कंपैरिजन में अगर मैं 2025 की बात करूं तो हमारा रैंक और भी ज्यादा अच्छा था जो कि 151 आउट ऑफ दी 181 कंट्रीज हमारा रैंक था। ठीक है? तो 151 से हमने थोड़ा सा परफॉर्मेंस सुधारा है अपना। 157 पे हमारा परफॉर्मेंस
गया है। तो सिक्स पोजीशन के गिरावट आई है हमारे प्रेस फ्रीडम रैंकिंग में। अब पाकिस्तान की अगर मैं बात करूं तो पाकिस्तान का रैंक इंडिया से बेटर था इस साल। ठीक है? तो पाकिस्तान का रैंक था 153। पाकिस्तान का रैंक था 153 और इंडिया का रैंक था 157। अगर मैं कंट्री के टॉपर्स
की बात करूं। कंट्री के टॉपर्स की अगर मैं बात करूं तो अ फर्स्ट नंबर पे मतलब वर्ल्ड के टॉपर्स की बात करूं तो फर्स्ट नंबर पे नॉर्वे। ठीक है? 92.72 सेकंड नंबर पे अपना नीदरलैंड एंड थर्ड नंबर पे एस्टोनिया इन्होंने टॉप किया। अगर मैं बॉटम की बात
करूं तो 18थ नंबर पे एरथ्रिया लास्ट पोजीशन 179थ पोजीशन पे नॉर्थ कोरिया एंड 178थ पोजीशन पे चाइना। तो ये इस इंडेक्स की टॉप कंट्रीज थी और ये इस इंडेक्स के पीछे से टॉप कंट्रीज हैं जिन्होंने इसमें
अपना रैंक लाया। अब ये जो इंडेक्स लाया जाता है ये किन इंडिकेटर्स के बेसिस पे रिलीज़ किया जाता है? तो बेसिकली यहां पे होते हैं फाइव इंडिकेटर्स। फाइव इंडिकेटर्स के बेसिस पर इसे रिलीज किया जाता है। एंड वह फाइव इंडिकेटर्स होते हैं। सबसे पहले पॉलिटिकल कॉन्टेक्स्ट कि पॉलिटिकल न्यूज़ कैसे प्रोवाइड की जाती है। फॉर एग्जांपल इंडिया के पॉलिटिशियन कैसे कपड़े पहनते हैं, आम कैसे खाते हैं
या फिर किस दिन सोते हैं, किस गाड़ी में घूमते हैं? इस टाइप की पॉलिटिकलेंस की न्यूज़ यहां पे देख ली जाती है कि कैसे वो बता रहे हैं। दूसरा फिर यहां पे कवर किया जाता है लीगल फ्रेमवर्क। ठीक है? तो लीगल फ्रेमवर्क में क्या-क्या चीजें हो रही है? ये सारी चीजों को यहां पे कवर किया जाता है कि इंडिया में लॉ एंड सिस्टम कैसा चल रहा है और कौन कॉकरोच है, कौन मच्छर है ये सब देखा जाता है वो न्यूज़ चैनल वाले अच्छे से बता रहे हैं या नहीं। उसके बाद फिर थर्ड नंबर पे देखा जाता है इकोनॉमिक कॉन्टेक्स्ट। ठीक है?
थर्ड नंबर पे देखा जाता है इकोनॉमिक कॉन्टेक्स्ट। कि इकॉनमी से रिलेटेड न्यूज़ न्यूज़ चैनल वाले कैसे प्रोवाइड कर रहे हैं? तो फॉर एग्जांपल किस पॉलिटिशियन ने या किस एक्टर ने कितनी महंगी गाड़ी खरीदी? कौन कितना ज्यादा पैसा कमाता है या कौन कितना ज्यादा आई मीन महंगी चीजें परचेस करता है? किसकी लाइफ में क्या चल रहा है?
ये सारी चीजें यहां पे कौन सा न्यूज़ चैनल अच्छे से दिखा रहा है वो सब कवर किया जाता है। फिर फोर्थ नंबर पे वो बताते हैं सोशियो कल्चरल कॉन्टेक्स्ट। सोशियो कल्चरल कॉन्टेक्स्ट इन द सेंस जो इंडिया की सोसाइटी है सोसाइटी में कल्चर को कितना अच्छे से रखा जा रहा है कि अपनी सास बहू और साजिश में क्या चीजें चल रही है वो सोसाइटी को कैसे शेप करती हैं वो कल्चर को कैसे रिप्रेजेंट करती है ये सारी चीजें अच्छे से वो न्यूज़ चैनल दिखा रहे
हैं या नहीं दिखा रहे हैं और लास्ट नंबर पे आता है सेफ्टी ऑफ दी जर्नलिस्ट ठीक है तो सेफ्टी ऑफ द जर्नलिस्ट मतलब जर्नलिस्ट को अच्छे से पुलिस अगर अरेस्ट कर भी रही है तो किसी को पता तो नहीं चल रहा है ना कि उनको अरेस्ट किया जा रहा है या नहीं किया जा रहा है। ये सब चीज अच्छे से वो सेफली छुपा पा रहे हैं या नहीं छुपा पा रहे हैं। इन चीजों को कवर किया जाता है और उस बेसिस पे इंडिकेटर्स बनाते हैं। अगर
ऐसा इंडिकेटर होता अगर रैंक वन था यार इंडिया यू नो अगेन गलती इसी की है। पता है गलती इंडेक्स की है। रैंक वन पे हम अभी आ जाए बस अगर ऐसा इंडेक्स बनाया जाए तो बस एक्चुअल में ऐसा नहीं होता है। पॉलिटिकल न्यूज़ को कितने अच्छे से बिना बायस के मीडिया चैनल कवर कर रहे हैं। लीगल ऑब्जरवेशन, लीगल अपडेट्स को और लीगल नॉलेज कितना ज्यादा वो शेयर कर रहे हैं। इकोनमी
से रिलेटेड कितना क्विक और कितना जेन्युइन इंफॉर्मेशन वो दे रहे हैं। सोशियो कल्चरल रिप्रेजेंटेशन कितना अच्छा है न्यूज़ चैनल्स का और जर्नलिस्ट को कितना ज्यादा सेफ रखा जाता है इसके बेसिस पे ये इंडिकेटर्स बनाते हैं। इसीलिए हमारा रैंक 157 आया है। अब ग्लोबल फाइंडिंग ये है कि पिछले 25 साल के हिस्ट्री में पूरे वर्ल्ड का ही प्रेस फ्रीडम जो है वो गिर चुका है।
ये ऑल टाइम लो था पूरे वर्ल्ड का। अब अगर मैं स्टैटिक जीके की बात करूं तो अगेन इसके बारे में मैंने आपको बता दिया। 1985 में इसे फॉर्म किया था। किसने किया था वो भी आप एक बार लिख लेना। इसका फॉर्मेशन किया रॉबर्ट मेनार्ड ने।
इसका फॉर्मेशन किया था रॉबर्ट मेनार्ड ने। ओके? या दैट्स इट। यह जीरो से 100 के बीच में ये स्कोर देता है। ज़ीरो से 100 के बीच में इसकी स्कोरिंग होती है और उसी बेसिस पे फिर फाइनल रैंकिंग्स निकलती है। एनी डाउट? अच्छा। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे क्यों मनाया जाता है? कोई बताएगा मुझे? वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे क्यों मनाया जाता है?
व्हाई डू वी सेलिब्रेट वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे? ध्यान रखना इस दिन साइन किया गया था वंदोइक डिक्लेरेशन। ठीक है? व्हाट इज़ विंधो एक डिक्लेरेशन? अफ्रीकन जर्नलिस्ट ने क्या किया? अफ्रीकन जर्नलिस्ट ने अपना डिमांड रखा था एक फ्री
प्रेस के लिए और वहां पर फिर विंधे डिक्लेरेशन चालू हुआ और उसी की याद में हम सेलिब्रेट करते हैं हर साल अ वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे। ठीक है? 1993 से हमने इसे सेलिब्रेट करना चालू किया है। कब से? 1993 से यूएनजीए ने जब डिक्लेअ किया। अच्छा इस दिन जो प्राइस दिया जाता है उसका भी एक बार नाम आप नोट कर लेना शायद पता नहीं क्लैट का मन वो कुछ भी पूछ दे इस दिन
प्रोवाइड किया जाता है गलर्मो गलमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज इनफैक्ट ना मुझे जानना है कि इस बार कसोशियम जो है वो इस सीजेपी प्रोटेस्ट वाले टॉपिक से क्वेश्चन पूछता है या नहीं पूछता है।
क्योंकि अगर नहीं पूछता है मतलब वो डायरेक्टली इग्नोर कर रहा है क्योंकि उन्हीं के जॉन्रा का क्वेश्चन है भाई। कंसोशियम एक लॉ एग्जाम है। ये पूरा का पूरा कॉकरोच वर्ड उसी फ्रेटरनिटी से चालू हुआ। तो अगर वो इस पूरे टॉपिक को आउटराइटली इग्नोर करते हैं ना क्योंकि ये एक ऐसा टॉपिक है जो ऑब्वियसली बहुत बड़ा है जिसको आप इग्नोर नहीं करोगे इतने बड़े एग्जाम में
अगर आप कुछ भी पूछने के लिए जाने जाते हो तो अगर फिर भी वो उसे इग्नोर करता है तो फिर रीज़न हम समझ सकते हैं कि क्या उसका रीज़न है उसे इग्नोर करने का। चलो आगे बढ़े यार। एक फैक्ट और नोट कर लो। छोटा सा मैं आपको बता देता हूं। वर्ल्ड का पहला न्यूज़ेपर वाज हकीज़ बंगाल गैजेट। ठीक है? सॉरी
इंडिया का पहला। ठीक है? इंडिया का पहला न्यूज़ेपर वाज़ हकीज़ बंगाल गैजेट। ओके। चलो आते हैं नेक्स्ट टॉपिक पे। व्हिच इज़ ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स। दिस इज़ ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स। तो बस एक बार मैं आपको ओवरव्यू दे देता हूं
क्योंकि इस साल कोई भी ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स रिलीज नहीं हुआ है। यह जो भी डाटा है यह लास्ट ईयर का है क्योंकि इस साल उन्होंने रिलीज़ ही नहीं किया। तो एक बार ओवरव्यू दे देता हूं। ज्यादा डिटेल में हम इसमें नहीं जाएंगे। तो इसे रिलीज़ कौन करता है? यूएनडीपी इसे रिलीज़ करती है। टाइटल इसका है अ मैटर ऑफ़ चॉइस। इंडिया का एचडीआई रैंक 133 था 2022 में और 2023 में ये 138थ हो गया जो कि हमारा इन जो क्या है इनक्रीस
हुआ है। तो 2025 में जो रैंकिंग आई है वो 2023 के डेटा के बेसिस पे रिलीज हुई है। अब कंट्री जो है वो अभी भी मीडियम ह्यूमन डेवलपमेंट पे रहती है और धीरे-धीरे हाई ह्यूमन डेवलपमेंट को अप्रोच कर रही है। इंडिया की लाइफ एक्सपेक्टेंसी 72 इयर्स चली गई 67 से। इंडिया का एक्सपेक्टेड
स्कूलिंग ईयर जो है वो 12.6 से 13 इयर्स पे चले गया। एवरेज स्कूलिंग ईयर जो है वो 6.9 पे चले गया 6.57 से और ग्रॉस नेशनल इनकम जो है वो $951 से $947 पे चला गया। इस लिस्ट के सबसे लास्ट में कौन सी रैंक थी? द रैंक वाज़ साउथ सुदान 193 विद $0.38 का स्कोर। अब की चेंजेस इंडिया के वैल्यू में अगर मैं आपको बताऊं
तो 133 से 130 गए हम अपने रैंक में। इतनी हमारे वैल्यू में शिफ्ट हुआ। ये हमारे वैल्यू में चेंजेस था। बट सिंस एक साल पुराने टॉपिक के लिए इतना इन डेप्थ नॉलेज की उतनी जरूरत है नहीं। बट स्टिल एक बार ओवरव्यू के थ्रू रीड कर लेते हैं। इंडिया के नेबर्स जो इंडिया से बेटर परफॉर्म किए दे आर चाइना एंड श्रीलंका। भूटान का रैंक था 127 जिसने इंडिया से बेटर परफॉर्म
किया। इंडिया से खराब परफॉर्म करने वाले थे नेपाल, म्यांमार और पाकिस्तान। बांग्लादेश ने इंडिया के जैसा ही परफॉर्म किया। ठीक है? व्हाइल बांग्लादेश 138 इज़ रैंक एट पार सेम एज इंडिया। इंडिया वाज़ दी ओनली लोअर मिडिल इनकम कंट्री अमोंग दी टॉप 10 इन द ग्लोबल एआई इंडेक्स। तो एचडीआर के अंदर एक ग्लोबल एआई
इंडेक्स भी लाया जाता है जिसमें इंडिया वाज़ दी ओनली लोअर या फिर मिडिल इनकम कंट्री। तो इंडिया अपने इंफॉर्मेशनेशन टेक्नोलॉजी पे बहुत ज्यादा क्या कर रहा है? वर्क कर रहा है। ओके? आफ्टर दिस एचडीआई लाया किसने? पाकिस्तानी इकोनॉमिस्ट महबूब उल हक ने ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स क्रिएट किया था 1990 पे। जिसे फर्दर फिर
यूएनडीपी ने अपना रिपोर्ट बनाने के लिए यूज़ करना चालू किया। तो ये जो ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स है ना ये इन इंडिकेटर्स के बेसिस पे लाया जाता है। कौन-कौन से इंडिकेटर्स? लाइफ एक्सपेक्टेंसी एट बर्थ एक्सपेक्टेड इयर्स ऑफ स्कूलिंग एंड एवरेज ईयर ऑफ स्कूलिंग ग्रॉस नेशनल इनकम पर कैपिटा
व्हिच इज परचेसिंग पावर पैरिटी के बेसिस पे इन तीनों को निकाल के ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स क्रिएट किया जाता है। तो इन चार पिलर्स पे ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स को मार्क किया जाता है। और यह जो ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स है, यह सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल नंबर थ्री, नंबर फोर एंड नंबर 4.3 और 4.4 को क्या करता है? कवर करता है ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स। यह कंट्री को चार डेवलपमेंट लेवल पर लाता है।
एक कंट्री होती है लो ह्यूमन डेवलपमेंट लेवल जिसका स्कोर 0.5 के आसपास होता है। एक मीडियम ह्यूमन डेवलपमेंट लेवल जो 0.550 से 0.699 पे होती है। एक हाई ह्यूमन डेवलपमेंट लेवल जो कि 0.7 से 0.799 पे होती है। और एक वेरी हाई जो कि 0.800 से
अबव होती है। ये ज़ीरो से वन के बीच में इसकी मार्किंग होती है। वन से 10 या वन से 100 नहीं। ठीक है? तो ज़ीरो से 10 के बीच में यहां पे इन्हें मार्क किया जाता है। एचडीआई एक वैल्यूुएबल टूल है बट वो कुछ चीजें कैप्चर नहीं करता। लाइक इनकलिटी, पॉवर्टी, ह्यूमन सिक्योरिटी और एंपावरमेंट। इन्हीं को कैप्चर करने के लिए यूएनडीपी और भी इंडेक्स प्रोवाइड कराता है। व्हिच आर इनकलिटी, एडजस्टेड ह्यूमन
डेवलपमेंट इंडेक्स, जेंडर इनकलिटी इंडेक्स और मल्टीडमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स। ये क्वेश्चन में आ सकता है कि बताओ इनमें से कौन सा इंडेक्स जो है वो यूएनडीपी पब्लिश नहीं करता है। इन तीनों का नाम दे देगा और चौथा किसी और का नाम दे देगा तो वो हमारे लिए इंपॉर्टेंट हो जाएगा। क्लियर आया भाई समझ में? हिकीज़ बंगाल गैजेट इंडिया का पहला
न्यूज़पेपर हिकीज़ बंगाल गैजेट। यूएनडीपी के बारे में थोड़ा सा देख लो। 1966 में फॉर्मेशन हुआ था। न्यूयॉर्क में इसका हेड क्वार्टर है। हाउलियांग ज़ू में इसका एडमिनिस्ट्रेटर है। हाउलियांग ज़ू इसके करंट एडमिनिस्ट्रेटर है। और दीज़ आर दी इंपॉर्टेंट रिपोर्ट्स जो ये पब्लिश करता है। लाइक एचडीआई रिपोर्ट, सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स और जेंडर इनकलिटी इंडेक्स। छोटा टॉपिक नॉट दैट बिग। ठीक है?
लास्ट ईयर का टॉपिक है इसलिए और पुराना है। एक और इंपॉर्टेंट टॉपिक हेनलीस पासपोर्ट इंडेक्स जो कि हम रिसेंट पढ़ेंगे। अक्टूबर 2026 का डाटा। ठीक है? ठीक है? तो अक्टूबर 2026 में जो हेनलीस पासपोर्ट इंडेक्स आया है वो क्या है? इसको हम एक बार देखते हैं। द हेनली पासपोर्ट इंडेक्स इज़ अ ग्लोबल मोबिलिटी रैंकिंग दैट मेज़र्स द नंबर ऑफ़ डेस्टिनेशन एक पासपोर्ट जहां जा सकता है।
मतलब अगर मेरे कंट्री का एक पासपोर्ट है। कितनी कंट्री में वीजा ऑन अराइवल या वीजा फ्री एक्सेस है। बिना प्रॉपर वीजा लिए कितनी कंट्री में मैं उस पासपोर्ट के थ्रू जा सकता हूं। ये डिसाइड करता है। आई मीन ये मेजर करता है हेनली पासपोर्ट इंडेक्स।
2005 में इसे ल्च किया गया था। एज हेनली एंड पार्टनर्स वीजा रेस्ट्रिक्शन इंडेक्स। इसे बाद में अपडेट किया गया हेनली पासपोर्ट इंडेक्स इन द ईयर 2018। इसका जो इंडेक्स है वो हेनली एंड पार्टनर्स कंबाइन करते हैं। इसे बनाते हैं। इसका डाटा कहां से आता है? इसका डाटा आता है इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से। जो पासपोर्ट
है वो नंबर ऑफ कंट्रीज जहां पे बिना प्रीअरेंज वीजा के थ्रू आप जा सकते हो। बेसिकली वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल। अभी क्या करना होता है? अगर मुझे यूएसए जाना है तो मुझे वीजा के लिए एक्सेस लेना पड़ेगा। बट नहीं अगर मेरा उसके साथ वीजा फ्री एक्सेस है तो फिर वहां मैं बिना वीजा के चला जाऊंगा। तो इस तरीके की कितनी कंट्रीज हैं जहां मैं बिना वीजा के जा
सकता हूं इस बेसिस पे पासपोर्ट का स्ट्रेंथ मेजर करता है। टोटल 227 डेस्टिनेशन के बेसिस पे इसे कंसीडर किया जाता है। अब इसमें मैं रैंकिंग की अगर बात करूं तो रैंकिंग के बेसिस पे ठीक है? इफ वी टॉक अबाउट रैंकिंग जो वर्ल्ड का रैंक वन पासपोर्ट है वो है सिंगापुर का।
सिंगापुर का पासपोर्ट वर्ल्ड नंबर वन है जहां पे 193 डेस्टिनेशंस का एक्सेस है। सेकंड नंबर पे है जापान, साउथ कोरिया एंड यूएई। जापान, साउथ कोरिया एंड यूएई। यह तीनों सेम पोजीशन पे हैं विद 188 जगह का एक्सिस और लास्ट नंबर पे ठीक है? लास्ट पोजीशन पर कौन है?
अफगानिस्तान जो कि ट्रेडिशनली हर बार लास्ट आता है। हर बार की तरह इस बार भी अफगानिस्तान इसके लास्ट पोजीशन पे है। अगर हम इंडिया के ट्रेंड की बात करें कि इंडिया का क्या रैंक था? तो इंडिया का इस साल रैंक था 84 आउट ऑफ। 84 रैंक था इंडिया का आउट ऑफ दी कंट्रीज एंड इंडिया को टोटल 55 डेस्टिनेशंस पे एक्सेस मिले हुए हैं। ठीक
है? 84 इंडिया का रैंक था और इंडियन पासपोर्ट को टोटल 55 डेस्टिनेशन पे भेजा जा सकता है विदाउट एनी प्रीअरेंज्ड वीजा। अब इस इंडेक्स के बारे में कुछ बेसिक चीजें मैं आपको बता देता हूं। 2006 अगेन वो सारी चीजें मैंने आपको बता दी। क्लियर? एनी डाउट? बाकी पासपोर्ट
एक सिटीजनशिप का प्रूफ नहीं होता है। ये वाला लेक्चर आपने मेरा देख लिया। एक छोटा सा वीडियो था 10-15 मिनट का। चेक किया सभी ने कि पासपोर्ट एक सिटीजनशिप का प्रूफ नहीं है। वो भी इस टॉपिक के अंदर आ जाएगा क्योंकि पासपोर्ट से रिलेटेड टॉपिक है। तो भाई लेक्चर एंड होने के बाद इसी चैनल के डिस्क वीडियोस पेज में आपको वीडियो मिल जाएगा। उसको ध्यान से आप अच्छे से देख लेना। दैट इज़ेंट लेक्चर क्योंकि वो लीगल
करंट अफेयर से बहुत ज्यादा रिलेट कर रहा है इस बार हमारे क्लैट के। नेक्स्ट वी विल बी टॉकिंग अबाउट वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट। ठीक है? अब हम बात करते हैं वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट के बारे में। ये जो वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट है, इसे रिलीज करती है आईक्यू एयर। कौन रिलीज करता है?
आईक्यू एयर। थोड़ा सा मैं आईक्यू एयर के बारे में आप लोग को एक बार बता देता हूं। फिर फर्दर हम इस पर डिस्कशन कंटिन्यू करेंगे। सो आईक्यू एयर जो है वो एक स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी है। हेड क्वार्टर इसका है गोल्डक स्विट्जरलैंड में। इसे 1963 में बनाया गया था बाय मैनफ्रेड एंड क्लॉज़ हैंम्स दोनों भाई थे।
उन्होंने इसे बनाया। यह एयर विजुअल प्लेटफार्म एंड ऐप को ओन करता है। पहला एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2018 में लाया गया था। 2025 का एट्थ एडिशन है। ठीक है? सो ये एयर क्वालिटी को पार्टिकुलेट मैटर के बेसिस पे मेजर करते हैं कि कितना ज्यादा पीएम 2.5 का लेवल है किसी जगह पे। द मोर द नंबर ऑफ पी ऑन पीएम 2.5 और द क्वांटिटी ऑफ
पीएम 2.5 उतना खराब आपका एयर है। तो पीएम 2.5 और ये सारी चीजें होती क्या है? इनको एक बार ध्यान से आप देखो। PM10 PM 2.5 PM1 और PM0.1 इन बेसिस पे डिवाइड किया गया है पार्टिकुलेट मैटर्स को। PM10 बेसिकली 10 न्यूमीटर। ठीक है? ठीक है? न्यू मीटर के अराउंड होता है।
उसके बाद 2.5 भी सेम 2 जो यहां पे 2.5 10 और वन है ये उसके डायमेंशन को बताते हैं। साइज को बताते हैं। देखो यार ये उतना परेशानी वाला नहीं है। क्यों नहीं है? ये बेसिकली आपको कहां देखने को मिलेगा? पीएम 10 आपने कभी ऐसा किया है कि रेत उड़ रहा है और गलती से आपके आपने वहां पे सांस ले ली। तो आपको कैसा फील होता है? रेत उड़
रहा है या डस्ट पार्टिकल्स उड़ रहे हैं किसी कंस्ट्रक्शन साइट पे। अजीब सा लगता है। राइट? वो सब बड़े-बड़े कोर्स मैटर्स होते हैं जो आपके थ्रोट या फिर नाक के आगे नहीं जा सकते। तो ये ज्यादा प्रॉब्लमैटिक नहीं होते हैं। उसके बाद जो पीएम वन है और पीएम 0.1 है ये सीधा बॉडी टिश्यूज़ में घुस जाते हैं। लाइक वायरस। ठीक है? ये तो सीधा ब्रेन में जा सकता है। तो इनको आप रोक भी
नहीं सकते। जैसे कोरोना वायरस आया था। ये सारी चीजें वो सब इन साइज के होते हैं। पर ये वो चीजें हैं जो हम क्रिएट करते हैं और हम इन्हें रोक भी सकते हैं। इसीलिए पीएम 2.5 के बेसिस पे पोल्यूशन मेजर किया जाता है ना कि पीएम 10 और वन और 0.1 के बेसिस पे। आया समझ में? पीएम 2.5 को हम क्यों मेजर करते हैं?
क्लियर? अब हम इसका थोड़ा सा फैक्ट्स एक बार देख लेते हैं ध्यान से। ये आपने बताया। ये फ्रैंक हेम्स जो हैं वो करंट सीईओ हैं। किसके? आईक्यू एयर के। तो इस साल के रिपोर्ट के फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं। ठीक है? रैंकिंग के बेसिस पे बेसिक स्टैटिक जीके तो मैंने आपको बता ही दिया। तो रैंकिंग के बेसिस पे इंडिया का जो रैंक है यहां पे अब मजा आएगा ना? देखो
इंडिया का रैंक है सिक्स्थ मोस्ट पोल्यूटेड कंट्री। ठीक है? इंडिया का रैंक है सिक्स्थ मोस्ट पोल्यूटेड कंट्री। इस साल पिछले साल इंडिया फिफ्थ मोस्ट पोल्यूटेड कंट्री था। 2025 के डाटा के बेसिस पे इंडिया सिक्स्थ मोस्ट पोल्यूटेड कंट्री है। और हमारा जो पीएम 2.5 का लेवल है वो है 48.9
दिस इज़ आवर पीएम 2.5 का सा क्वांटिटी और ये हमारा रैंक है। इसी के साथ-साथ इंडिया ने कुछ और बड़े-बड़े अचीवमेंट्स भी किए। लाइक वर्ल्ड का जो मोस्ट पोल्यूटेड सिटी वर्ल्ड्स मोस्ट पोल्यूटेड सिटी का खिताब किसे मिला? ये मिला लोनी गाजियाबाद को।
लोनिया लोनी गाजियाबाद इज़ वर्ल्ड्स मोस्ट पोल्यूटेड सिटी। अपार्ट फ्रॉम दिस वर्ल्ड्स मोस्ट पोल्यूटेड कैपिटल ये तो भाई रिकॉर्ड ही हो गया। दिल्ली को मिला है फॉर कंटीन्यूअसली एट टाइम। ठीक है? तो ऐसा नहीं कि सिर्फ स्विट्जरलैंड या डेनमार्क ही यहां पे लगातार टॉप करने का रिकॉर्ड बना रहे हैं।
हमने भी 8 साल से टॉप किया है। ये इंडेक्स इंडेक्स हो ना? हमने भी आठ साल से टॉप किया है। ठीक है? तो दिल्ली मोस्ट पॉल्यूटेड कैपिटल ग्लोबल पिक्चर की अगर मैं बात करूं तो रैंक वन में कौन आया? पाकिस्तान। ठीक है? वर्ल्ड की यहां पे थोड़े से हम पीछे रह गए यार पाकिस्तान से। वर्ल्ड की सबसे ज्यादा पोल्यूटेड कंट्रीज पाकिस्तान। एंड सिर्फ
13 कंट्रीज ने WHO का क्राइटेरिया जो है वो मीट किया। व्हाट इज दिस? WHO का क्राइटेरिया किसी को पता है? WHO ने क्या क्राइटेरिया दिया है भाई? पढ़ाया हुआ है मैंने। बता दो डब्ल्यूho का क्राइटेरिया क्या है? वेरी गुड। क्या है? 0.5
ओके चलो आगे बढ़े फिर हां 0.5 नहीं फाइव ओके जस्ट फाइव नॉट 0.5 इट्स जस्ट फाइव तो वर्ल्ड की सिर्फ 14 13 कंट्रीज ने सिर्फ वर्ल्ड की 13 कंट्रीज ने ये अचीव किया बाकी तो भाई मतलब अलग ही अलग लीग में भाग रही हैं। इसके अगर मैं
स्टैटिक जीके की बात करूं तो आईक्यू एआय के बारे में मैंने आपको ऑलरेडी बता दिया है। स्विट्जरलैंड में इसका हेड क्वार्टर है। ये बस हमें रैंकिंग जाननी थी। तो वर्ल्ड की मोस्ट पोल्यूटेड कंट्री इज़ पाकिस्तान। मोस्ट पोल्यूटेड सिटी इज़ लोनी एंड मोस्ट पोल्यूटेड कैपिटल इज़ दिल्ली फॉर कंसिस्टेंटली एट टाइम। इंडिया ने इसमें सिक्स्थ रैंक लाया। क्लियर? चलो नेक्स्ट टॉपिक पे आते हैं अब हम व्हिच इज़ यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट। तो
यूनाइटेड नेशंस एक और इंपॉर्टेंट रिपोर्ट निकालता है जिसे हम बोलते हैं यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट। इसे कौन रिलीज़ करता है? यूएनएसडीएसए बाय यूएसडीएसए व्हाट इज द फुल फॉर्म ऑफ यूएनएसडीएसए यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉलशंस नेटवर्क ये फुल फॉर्म है
यूएनएसडीएसएन का कौन इसे लीड करता है इसका लीडर है जेफरी सेस ओके जेफरी सेस इज द लीडर ऑफ यूएनएसडीएसएन इस साल ये रिलीज किया गया जुलाई के मंथ में इसमें इंडिया का जो रैंक है इंडिया का रैंक इसमें है 94 आउट ऑफ दी 167 कंट्रीज
एंड हमारा स्कोर जो है वो 68.3 है। एंड इंडिया का अब तक का हाईएस्ट स्कोर ये है किसमें? यूनाइटेड नेशन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के अंदर। इससे पहले हमारा जो रैंक था 2026 का ये रैंक है। अगर मैं 2025 के रैंक की बात करूं तो 2025 में इंडिया का रैंक था 99 आउट ऑफ। ठीक है?
अच्छा उस टाइम पे कंट्रीज का लिस्ट हमें नहीं लिखना है। तो 99th इंडिया का रैंक था जिसमें फाइव पॉइंट का इंडिया ने क्या किया? यहां पे जंप किया। इंडिया ने फाइव रैंक्स का यहां पे जंप किया। बट स्टिल इंडिया जो है वो भूटान, मालदेव, नेपाल, श्रीलंका से अभी भी कम है। अगर मैं टेबल के टॉपर्स की बात करूं कि टेबल टॉप किन्होंने किया तो फर्स्ट रैंक आई फिनलैंड
की, सेकंड रैंक आई स्वीडन की, और थर्ड रैंक आई डेनमार्क की। अगर वहीं पे मैं बॉटम टॉपर्स की बात करूं तो बॉटम से चैड सबसे कम। फिर आपको देखने को मिलेगा सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक एंड थर्ड नंबर पे साउथ सुदान।
ठीक है? दीज़ थ्री कंट्रीज वर दी मोस्ट आई मीन लीस्ट। ठीक है? दीज़ वर दी लीस्ट। अब इंडिया के अगर मैं एसडीजी टारगेट की बात करूं तो ऑन ट्रैक में हम 33% हैं। हमारा वीकेस्ट टारगेट चल रहा है। टारगेट नंबर टू व्हिच इज़ ज़ीरो हंगर। तो हम जीरो हंगर में काफी पीछे चल रहे हैं। अदरवाइज थोड़ा-थोड़ा धीरे-धीरे हम इंप्रूवमेंट लाते जा रहे हैं। इस रिपोर्ट के कुछ
स्टैटिक जीके थोड़ा सा यहां पे हम देख लेते हैं। तो एसडीजी जो है सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स ये अडॉप्ट किए गए थे 2015 में। 2015 में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स अडॉप्ट किए गए थे। देयर आर टोटल 17 सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स। और इससे पहले क्या हुआ करता था?
इससे पहले 2000 से 2015 के लिए देयर यूज़्ड टू बी मिलेनियल डेवलपमेंट गोल्स। ठीक है? मिलेनियल डेवलपमेंट गोल्स हुए करते थे जो कि टोटल एट होते थे। तो 2015 में मिलेनियल डेवलपमेंट गोल को सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल में कन्वर्ट कर दिया गया। ये जो रिपोर्ट है 2016 में इस रिपोर्ट का पहला एडिशन निकाला गया था और उसके बाद से लगातार इसे
निकाला जा रहा है। इस साल दिस वाज़ दी 11th एडिशन एंड प्रेसिडेंट इसके हैं जेफरी सेक्स। अब मैं आपको यहां पे बताता हूं कि एसडीजीस क्या-क्या है? तो ये अगेन 2015 में अडॉप्ट किए गए थे। 193 मेंबर्स ने इसे अडॉप्ट किया था। जो वर्ल्ड सस्टेनेबल डेवलपमेंट है ये पहली बार किसने यूज किया था? ब्रंटलैंड कमीशन रिपोर्ट में पहली बार
इसे यूज किया था। तो ये जो मोहतरमा यहां पे आपको दिख रही है इनका नाम है ब्रंटलैंड। ठीक है? तो इनके लीडरशिप में एक कमीशन बनाया गया। आप यार एनालाइज करो। फुल नेम वाज़ ग्रो हारलेलम ब्रंटलैंड। एंड इन्होंने इसी रिपोर्ट में व्हिच वाज़ आवर कॉमन फ्यूचर। इस रिपोर्ट का नाम था आवर कॉमन फ्यूचर जिसको ब्रंटलैंड रिपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। इसी रिपोर्ट में पहली बार टर्म यूज किया गया था कौन सा?
सस्टेनेबल डेवलपमेंट। तो ये ऑलरेडी मैंने आपको बताया मिलेनियल डेवलपमेंट गोल्स को हमने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में बदला। और ये जो मिलेनियल डेवलपमेंट गोल्स हैं, ये भी अचीव नहीं हुए थे। ठीक है? सस्टेनेबल तो अचीव हो ही नहीं रहे हैं। यह भी अचीव हमसे नहीं हुए थे। यह है लिस्ट ऑफ़ सस्टेनेबल
डेवलपमेंट गोल्स। इनको आप एग्जाम वाले दिन कम से कम याद रख लेना। ठीक है? बाकी अभी मैं तुरंत रटने नहीं बोल रहा हूं। देयर आर टोटल 17 गोल्स। एग्जाम वाले दिन याद रहने चाहिए। जैसा कि मैं हमेशा बोलता हूं एग्जाम से 5 मिनट पहले भूल जाओ चलेगा। एग्जाम से निकल के 5 मिनट बाद भूल जाओ चलेगा। बट एग्जाम के उन 2 घंटे में आपको ये याद होना चाहिए। रह जाएगा याद।
रह जाएगा भाई। याद बस थोड़ा सा कोशिश कर लेना। याद रखने वाली सारी चीजों के साथ यही करो। ठीक है? अभी याद हो चाहे मत हो कुछ भी करके एग्जाम वाले टाइम पर याद कर लें। आप चाहे अभी याद करो, बाद में याद करो, उसी दिन याद करो। बट उस टाइम पे याद रहना चाहिए। ठीक है? चले आगे।
चलो द नेक्स्ट टॉपिक इज़ आईएमएफ वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक। ओके? आईएमएफ का वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक आईएमएफ ने यहां पर पब्लिश किया है। जिसमें आईएमएफ के बारे में थोड़ा सा हम जानते हैं। तो आईएमएफ का फुल फॉर्म क्या है?
इंटरनेशनल मोनेटरी फंड। ठीक है? इसका हेड क्वार्टर कहां है? इसका हेड क्वार्टर है वाशिंगटन डीसी में। अगेन यह आप सभी को पता है यह कौन सा ऑर्गेनाइजेशन है? ये अपना ब्रिटन वुड्स ऑर्गेनाइजेशन का ही एक पार्ट है। रिलीज़ कब
किया गया इस रिपोर्ट को? अभी 13th ऑफ अक्टूबर को। ये ब्रिटन वुड्स में एग्रीमेंट साइन किया गया था। ठीक है? कब किया गया था साइन? इसको? जुलाई 1944 को। यही वो ब्रिटन वुड्स काउंसिल है जिससे वर्ल्ड बैंक भी निकला है। ठीक है? यही वो ब्रिटन वुड्स काउंसिल है जिससे वर्ल्ड
बैंक भी निकला है। तो सेम ब्रिटन वुड्स बॉडी इन्हें बोला जाता है। इसके टोटल 191 मेंबर्स हैं। आउट ऑफ वि इसके इंडिया जो है वो एक फाउंडिंग मेंबर्स में से एक है। ठीक है? लोन देने का इसका काम होता है। अब यह क्या करता है? इकोनॉमिक आउटलुक में ग्रोथ प्रेडिक्ट करता है। तो इसने इंडिया का
ग्रोथ प्रेडिक्ट किया है 7.0% फाइनेंशियल ईयर 2026 ये कितना परसेंट प्रेडिक्ट किया है? 7% इस साल के लिए इसने प्रेडिक्ट किया था 7.8% अब नेक्स्ट ईयर के लिए 7.0% इसने प्रेडिक्ट किया है। वर्ल्ड का ग्रोथ इसका कहना है कि 3.1% से बढ़ेगा। दिस इज़ फॉर इंडिया।
इसने जो वर्ल्ड का ग्रोथ है वो बोला है कि 3.1% से बढ़ेगा 2026 27 के इकोनॉमिक ईयर में। जिसमें इंडिया ने यह बोला कि वो इंडिया क्या करेगा? जापान को 2027 में सरपास कर लेगा। तो इंडिया जापान को 2027 में सरपास कर लेगा आईएमएफ के रिपोर्ट के अकॉर्डिंग।
बट इंडिया का कहना है कि दिसंबर 2025 में इंडिया ने ऑलरेडी जापान को आउटपावर कर लिया है और वर्ल्ड की फोर्थ लार्जेस्ट इकॉनमी बन चुका है। बट आईएमएफ का कहना है कि नहीं भाई रुको जरा सबर करो। तुम 2027 में जापान को क्या करोगे? बाईपास करोगे। इसके अकॉर्डिंग वर्ल्ड की जो फास्टेस्ट ग्रोइंग इकॉनमी है, इसमें टॉप थ्री इकॉनमीज़ आर फर्स्ट नंबर पे यूएस, देन
चाइना एंड देन जर्मनी। तो बस ये इसी तरीके का रिपोर्ट निकालता है कि कौन सी कंट्री क्या कर रही है, कैसे कर रही है और कितना कर रही है। अब इसमें जो नाम याद रखने की जरूरत है वो है इसके एमडी की व्हिच इज़ मैनेजिंग डायरेक्टर। द नेम ऑफ़ मैनेजिंग डायरेक्टर इज़ क्रिस्टलीना। जॉर्जिवा।
ठीक है? क्रिस्टलीना जॉर्जिवा इज द एमडी ऑफ इंटरनेशनल मोनेटरी फंड। इसके अलावा गीता गोपीनाथ का आप नाम याद रख लेना। गीता गोपीनाथ वाज़ दी फर्स्ट चीफ इकोनॉमिक
एडवाइर। ठीक है? फर्स्ट चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर ऑफ फ्रॉम इंडिया। ठीक है? आईएमएफ की पहली चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कौन थी इंडिया के तरफ से? इट वाज़ गीता गोपीनाथ। अच्छा वर्ल्ड बैंक के करंट प्रेसिडेंट कौन है? फिर इसी बेसिस पे ये भी बता दो। हु इज़ द करंट वर्ल्ड बैंक का प्रेसिडेंट?
हु इज दी करंट वर्ल्ड बैंक का प्रेसिडेंट? अजय बांगा ओके अजय बांगा क्लियर हम इसके अलावा या इतनी चीजें अगर आप इस रिपोर्ट में ध्यान रखते हो इतना इंपॉर्टेंट रिपोर्ट ये होता नहीं इतना भी
अगर हमें पता है तो इट्स गुड फॉर अस चलो ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स एक बार हम देखते हैं ये भी रिसेंटली इसी साल रीज़ किया गया छोटे-छोटे टॉपिक्स हैं जो कि छुप-छुपा के कहीं पे भी आपके को एग्जाम में आ सकते हैं, पूछे जा सकते हैं। तो देखो ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स जो है इसे रिलीज कौन करता है? इंस्टट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पीस।
इंस्टट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पीस इसे रिलीज़ करती है। इसका हेड क्वार्टर कहां है? इसका हेड क्वार्टर है सिडनी में। ओके? इसका हेड क्वार्टर है सिडनी में। एंड इसे फाउंड किसने किया था? इसका फाउंडर कौन है? इसका फाउंडर है स्टीव किलेला। किलेलिया।
स्टीव किलेलिया। पता नहीं भाई क्या नाम है। अब इसके अकॉर्डिंग इंडिया का जो रैंक है वो है 13th। ठीक है? इंडिया का जो रैंक है इसके अकॉर्डिंग वो है 13th रैंक। मोस्ट इंपैक्टेड स्कोर है 6.428 आउट ऑफ 10। अब ये बेसिकली करता क्या है?
किस कंट्री को टेररिस्ट रिलेटेड एक्टिविटी से कितना ज्यादा अफेक्ट हुआ है? उसके बेसिस पे ये क्या निकालता है? यह अपना इंडेक्स निकालता है। यह अपना रिपोर्ट निकालता है। अब ये जो रिपोर्ट है उसमें इसका कहना है कि इंडिया में बहुत ज्यादा टेररिस्ट रिलेटेड एक्टिविटीज होती हैं। इसमें रैंक वन कंट्री की अगर मैं बात करूं तो फर्स्ट रैंक पे आता है। फिर से पाकिस्तान यार काफी सारे इंडेक्स है जिसमें पाकिस्तान टॉप करता है। तो फर्स्ट पाकिस्तान आता है।
उसके बाद फिर सेकंड नंबर पर बुरकीना फासो। ओके बुरकीना फासो सेकंड नंबर पर यहां पर जो कंट्री है वो आती है ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में। अब यहां पे सबसे पहले तो आप इसके टेररिज्म का डेफिनेशन समझो कि अकॉर्डिंग टू दिस डेटा टेररिज्म का डेफिनेशन क्या होता है? तो टेररिज्म मतलब
सिंपल सी चीज है। क्या होता है? है टेररिज्म मतलब कोई भी नॉन स्टेट एक्टर के थ्रू अगर वायलेंट एक्टिविटी उस कंट्री के अगेंस्ट हो रही है तो वो टेररिज्म माना जाता है। क्या होना जरूरी है? नॉन स्टेट एक्टर का होना जरूरी है और साथ में वायलेंट एक्टिविटी का होना जरूरी है अकॉर्डिंग टू दिस इंडेक्स। तो इस इंडेक्स के बेसिस पे फिर स्कोरिंग जो होती है वो ज़ीरो से 10 के बीच में होती है। ठीक है?
इसकी स्कोरिंग जीरो से 10 के बीच में होती है। जिसमें ज़ीरो इज बेसिकली नो इंपैक्ट। ज़ीरो इज नो इंपैक्ट और 10 इज़ हाईएस्ट इंपैक्ट। अगर मैं जीरो वाली कंट्रीज का नाम बोलूं तो हमारी ही नेबर में आपको दो कंट्रीज मिल जाएंगी।
श्रीलंका एंड भूटान। इनको नो इंपैक्ट के कैटेगरी में रखा गया है। काफी अच्छी इनकी परफॉर्मेंस थी इसमें। अब इसका कुछ स्टैटिक फैक्ट्स मैं आपको बताता हूं। सबसे पहले इसके कुछ स्टैटिक फैक्ट्स। इसका फॉर्मेशन हुआ था कब? 2007
में। 2007 में इसका फॉर्मेशन हुआ था बाय स्टीव केलिया। यही वो ऑर्गेनाइजेशन है जो ग्लोबल पीस इंडेक्स भी पब्लिश करती है। ग्लोबल पीस इंडेक्स भी यही ऑर्गेनाइजेशन जो है वो पब्लिश करती है। अपार्ट फ्रॉम दिस जो ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स है ये 2012 में पहली बार रिलीज़ किया गया था। एंड यह 5 साल का वेटेड एवरेज यूज करता है। तो
ऐसा नहीं कि यह सिर्फ लास्ट ईयर का डाटा है। बेसिकली ये 2020 से लेके 2025 का एक वेटेड एवरेज निकाल के बनाया गया है कि किस में कितने ज्यादा टेररिस्ट एक्टिविटीज हुए हैं। क्लियर है यार? बाकी एफएटीएफ के बारे में ऑलरेडी हमने कवर किया है। वरना एफएटीएफ भी इसमें हमें इंक्लूड करना होता। चल बढ़िया। द नेक्स्ट टॉपिक इज़ एमिशन गैप रिपोर्ट।
तो यार एमिशन गैप रिपोर्ट अभी रिसेंटली मैंने आपको कुछ दिन पहले ही पढ़ाया था। अभी वीकली करंट अफेयर्स किस-किनों ने पढ़ा था? वीकली करंट अफेयर्स में मैंने आपको यह पढ़ाया था एमिशंस गैप रिपोर्ट याद आ रहा होगा। राइट? चलो तो समझना इसे। एमिशन गैप रिपोर्ट पब्लिश कौन करता है? बाय यूएईपी।
यूएनईपी का फुल फॉर्म क्या है? यूनाइटेड नेशंस एनवायरमेंट प्रोग्राम। इसका हेड क्वार्टर कहां है? इसका हेड क्वार्टर है नाइरोबी केन्या में। नाइरोबी केन्या में इसका हेड क्वार्टर आपको देखने को मिलेगा। एंड इसका फॉर्मेशन कब हुआ था? 1972 में। इसका
सिग्निफिकेंस ध्यान में रखना। ये इकलौता ऐसा यूनाइटेड नेशंस का एजेंसी है जिसका जो हेड क्वार्टर है वो किसी ग्लोबल साउथ में या साउथ की कंट्री में है जो डेवलप्ड कंट्री नहीं है। ये इसमें थोड़ा सा इसका सिग्निफिकेंस है। बाकी सब आप देखोगे तो बड़े-बड़े शहरों में देखने को आपको मिलेंगे। अब ये जो एमिशन गैप रिपोर्ट है ये बेसिकली करता क्या है पता है? ये गैप को मेजर करता है कि किस कंट्री को आज के
डेट तक कितना एमिशन करना था और उससे कितना ज्यादा वो एमिट कर रहा है। इस बेसिस पे वो उस गैप को निकालता है और उस पे रिपोर्ट लाता है। तो इसका ये कहना है कि भाई जो 1 अच्छा इसका पहले तो थीम देख लो कि किस टाइटल से इन्होंने रिलीज़ किया। सो द टाइटल ऑफ दिस इयर्स रिपोर्ट वाज़ द पॉइंट ऑफ रिटर्न।
ठीक है? द पॉइंट ऑफ रिटर्न वास दी टाइटल। यह इसका 17th एडिशन था। और इसका ये कहना है कि भाई देखो 1.5° तो तुम भूल जाओ। ठीक है? 1.5° तो तुम भूल जाओ। अगर करंट स्पीड में चलते रहे। अगर करंट स्पीड में
चलते रहे तो 2100 तक 2.8° सेल्सियस तक इनक्रीस हो जाएगा। अगर सारे एनडीसीस तुमने अचीव कर लिए। अगर तुमने सारे एनडीसीस अचीव कर भी लिए तो भी 2.6° सेल्सियस का ग्रोथ तुम देखोगे। अगर तुमने सारे एनडीसी
प्लस नेट ज़ीरो का प्लेज भी कवर कर लिया तो तुम कितने का ग्रोथ देखोगे? तो तुम देखोगे 2.1° सेल्सियस का ग्रोथ। मतलब जो तुम्हारा 1ढ़ डिग्री क्या जो 2° का भी तुम्हारा टारगेट है ना उसको भी तुम भूल जाओ। अब ये ट्राई करो कि 2° से कितना कम तुम ऊपर रख सकते हो। ये इस पूरे रिपोर्ट का फाइनल आउटकम
है। कि तुम तो 1 1° का सोच रहे थे। 2° भी होने से रहा। अब तुम्हारा टारगेट होना चाहिए कि 2° से कितना कम ऊपर जाएगा। अगर ये तुमने कर लिया तो 2.1° सेल्सियस रहेगा। ये तुमने कर लिया तो 2.6° सेल्सियस रहेगा। यह इसका कहना है। अब 1.5 डिग्री सेल्सियस के पाथ के बारे में इनका यह कहना है कि जो पीक मार्क पीक वार्मिंग है जो हमारी पीक वार्मिंग है वो
मिड सेंचुरी तक 2050 तक 1.7 से 1.8 पे पहुंचेगी और उसके बाद फिर 1.5° सेल्सियस पे आएगी बाय 2100 और ये होने के चांसेस सिर्फ और सिर्फ 50% है। अगर ये हमें अचीव करना है समझना ठीक है अगर ये हमें अचीव
करना है व्हाट इज दिस 2 डिग्री सेल्सियस वन पॉइंट इज़ दिस एव्री ईयर इनक्रीस और दैट 2100 तक उतना इनक्रीस 2100 तक उतना इनक्रीस होने से हमें रोकना है प्री इंडस्ट्रियल लेवल से ठीक है तो इतना अगर अचीव करना है तो आपको 69% एमिशन रिडक्शन करना होगा बाय 2040 जिसमें से हमने तो बहुत ही कम रिडक्शन
किया है। अब इसमें इंडिया की अगर मैं बात करूं तो इंडिया ने अपना नेशनली डेवलपमेंट नेशनलली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन में बोला है कि हम 40% अपने एमिशन को कट करेंगे और जीडीपी पे एमिशन इंटेंसिटी 50% पावर कैपेसिटी हम अपनी फॉसिल फ्यूल से लाएंगे। तो इंडिया एनडीसी दिए हुए हैं। बट अगेन बहुत सारी कंट्रीज ऐसी हैं जो एनडीसी के बेसिस पे वर्क भी नहीं कर रही है। ये जो
अपना रिपोर्ट है ये पहली बार 2010 में रिलीज़ किया गया था और इसका काम यही है कि आपने क्या किया तो क्या होगा और क्या करंट सिचुएशन चल रहा है? कितना का गैप यहां पे चल रहा है। इतना कोई बड़ा रॉकेट साइंस वाला टॉपिक ये है नहीं। क्लियर? बाकी यूएनईपी का स्टैटिक मैंने ऑलरेडी आपको बताया हुआ है। और इसी के बेसिस पे हम कब सेलिब्रेट करते हैं? फिफ्थ
ऑफ जून को। ओके? हम फिफ्थ ऑफ जून को सेलिब्रेट करते हैं क्या? वर्ल्ड एनवायरमेंट डे 1973 से। चलो, अब हमारा एक और इंपॉर्टेंट टॉपिक आता है इसी में व्हिच इज़ जेंडर गैप रिपोर्ट। एमिशन गैप की तरह ही ये जेंडर गैप रिपोर्ट भी है। ये कितना हमारा जेंडर गैप है बिटवीन मेल एंड फीमेल। उसको यह मेजर करता है। पहले इसके स्टैटिक फैक्ट्स देख लो।
कौन-कौन से चीजें हैं इसमें? वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम डब्ल्यूईएफ इसे रिलीज करता है। इस साल इसका 20थ एडिशन था। फर्स्ट एडिशन 2006 में ल्च किया गया था। 145 इकॉनमीज़ को ये कवर करता है। ओके? एंड कास्टेंट सैंपल ऑफ 97 इकॉनमीज़ हर साल 2006 से लिए गए हैं। तो 145 इकॉनमीज़
को ये कवर करता है और टोटल 2006 से हर साल कम से कम इन 97 इकॉनमीज़ का सैंपल लिया ही लिया गया है। अक्रॉस फोर सम इंडेक्सेस में ये मेजर करता है। कौन-कौन से सब इंडेक्स? इकोनॉमिक पार्टिसिपेशन एंड अपॉर्चुनिटी, एजुकेशनल अटेनमेंट, हेल्थ, सर्वाइवल और पॉलिटिकल एंपावरमेंट। इसके बेसिस पे ये क्या करता है? यहां पे मेजर करता है और ज़ीरो से वन के बीच में ये स्कोर देता है। वन मतलब फुल प्रायोरिटी।
कोई भी डिफरेंस नहीं है लड़का लड़की के बीच में। और एज अ परसेंट ऑफ गैप क्लोज्ड के फॉर्म में इसे रिप्रेजेंट किया जाता है। तो 0 से वन के बीच में इसकी स्कोरिंग होती है। मेथोडोलॉजी क्या होती है? मेथोडोलॉजी आउटकम मेजर करती है इनपुट नहीं।
मतलब मेथड ये नहीं देखता कि कितना ज्यादा वो कंट्री वर्क कर रही है लड़कियों के एंपावरमेंट के लिए। नहीं उसका आउटकम कितना आ रहा है। ये इनका काम होता है। ओके? ये इनका काम होता है। तो बेसिकली जेंडर इक्वलिटी के बेसिस पे रैंकिंग किया जाता है। वुमेन एंपावरमेंट के बेसिस पे नहीं। तो ये जो भी चाहे मैं लाडली बहन योजना लेके आऊं या ममता चाची योजना लेके आऊं या मैं कोई भी योजना लेके आ जाऊं फीमेल के लिए उससे इसमें कोई इफेक्ट नहीं पड़ेगा।
उस योजना की वजह से जो आउटकम आए हैं उसको ये मेजर करता है। ठीक है? ये हमें यहां पे ध्यान में रखना है। अब इसका क्या रिपोर्ट आया ये देखो। तो ग्लोबली जेंडर गैप जो है 2026 में वो टोटल 69.2% तक क्लोज किया गया फॉर द 97 इकॉनमी कॉन्स्टेंट सैंपल 69.4%
क्लोज किया अब तक का हाईएस्ट 2006 से + 5.2%ेज पॉइंट्स का इंक्रीस हमने कर लिया। तो ग्रो हम धीरे-धीरे कर रहे हैं। करंट पेस में अगर हमें फुल पैरिटी अचीव करना है। ठीक है? समझना। करंट पेस में अगर हमें फुल पेरिटी अचीव करना है तो कितने साल लगेंगे? 120 साल लगेंगे। ठीक है? अगर जिस पेस में हम अभी चल रहे हैं उस
पेस में हम चलते रहे तो अगले 120 साल हमें लगेंगे फुल जेंडर पैरिटी अचीव करने के लिए। मतलब पूरी दुनिया में लड़का और लड़की में किसी भी तरीके का कोई भी डिफरेंस नहीं रहेगा। अभी तक पूरे वर्ल्ड में किसी भी इकॉनमी ने फुल पैरिटी अचीव नहीं की है। ये इसका ओवरऑल डाटा था। अब अगर टॉप रैंकिंग
की बात करूं तो रैंक वन पे लगातार 17वीं बार आइसलैंड 93% के साथ। सेकंड नंबर पे फिनलैंड। आइसलैंड इज द ओनली कंट्री जिसने 90% से ज्यादा जेंडर गैप को क्लोज कर दिया है। एंड थर्ड नंबर पे नॉर्वे। अगर मैं बॉटम फाइव की बात करूं तो बॉटम फाइव में चैड लास्ट नंबर पर आता है। चैड इज एक्चुअली अ चैड। उसके बाद फिर ईरान आता
है 144 में और 143 में क्या आता है? 143 में पाकिस्तान आता है। ये अपने नीचे के धुरंधर हैं। फिर चार कंट्री ऐसी है जो हर बार टॉप 10 में आई है। 2006 से लेके अब तक कभी टॉप 10 से बाहर ही नहीं गई है। कौन-कौन सी चार कंट्रीज? आइसलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन। ठीक है?
बिल्कुल कंप्लीट पीडीएफ आपको डिस्क्रिप्शन के लिंक में मिल जाएगा भाई। डोंट वरी। ये बॉटम 5 2026 के ये सारे हैं। अब इसमें अगर मैं इंडिया स्पेसिफिक डेटा की बात करूं तो हमारा ओवरऑल रैंक है 131 आउट ऑफ 145। पड़ोसी को हम ज्यादा दूर नहीं छोड़ते कहीं पे भी। आदत हो गया है। ओवरऑल स्कोर हमारा 0.645 रहा। हमने 64.5%
जेंडर गैप को क्या किया है? क्लोज किया है। गेन सिंस 2006 4.3% का। अब किस पिलर में हमारा कितना रैंक हुआ है? किस पिलर में हमारा कितना रैंक हुआ है? इकोनॉमिक पार्टिसिपेशन में 41.2% एजुकेशनल अटेनमेंट में 96.6%
फुल प्रायोरिटी हमने अचीव किया है सेकेंडरी और टर्शियरी एनरोलमेंट में। तो एजुकेशन हम बहुत अच्छे से दे रहे हैं लड़कियों को। हेल्थ और सर्वाइवल में 95.6% हमने क्लोज कर लिया है। हमारा सबसे घटिया परफॉर्मेंस रहा है पॉलिटिकल एंपावरमेंट में 24.5% पर ये इंडिया का बेस्ट रैंक सब इंडेक्स है। ग्लोबल रैंक इसमें इंडिया की 67 है।
बाकी में हम और भी पीछे हैं। तो इंडिया ने अभी तक पॉलिटिकल एंपावरमेंट अच्छे से अचीव नहीं किया है। हेड ऑफ़ द स्टेट इंडिकेटर पिकक किया था 2006 में 72.3% के साथ। अब यह अह 40.7% में आ चुका है। मतलब हेड ऑफ दी स्टेट के पोस्ट में फीमेल ने कितने बार ये पोस्ट रखा है उस बेसिस पे ये इंडिकेटर आते हैं। तो ये इंडिकेटर्स होते हैं हमारे
ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स के। इकोनॉमिक पार्टिसिपेशन और अपॉर्चुनिटी कितनी अच्छी मिल रही है लड़कियों को यह मेजर किया जाता है। आफ्टर दिस एजुकेशनल अटेनमेंट मतलब बेसिकली गर्ल्स का लिटरेसी रेट कितना है? हेल्थ एंड सर्वाइवल क्या चल रहा है और पॉलिटिकल एंपावरमेंट क्या चल रहा है? इसका सिस्टम क्या होता है? ये सेम डेटा मैन का
निकाला जाता है। और मैन के कंपैरिजन में वुमेन में कितना डिफरेंस है? उसके बेसिस पे इसको पूरा नोट डाउन किया जाता है। इज इट क्लियर टू यू ऑल? यहां तक क्लियर है भाई? चले आगे चलें।
अब ये वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के बारे में थोड़ा सा देख लो। क्लॉश शब ने इसका फॉर्मेशन किया था। ये एक जर्मन प्रोफेसर हैं। 1971 में इन्होंने इसका फॉर्मेशन किया था। ओरिजिनली इसे यूरोपियन मैनेजमेंट फोरम के नाम से जाना जाता है। उसके बाद इसका हेड क्वार्टर कहां है? जिनेवा
स्विट्जरलैंड में। बॉर्ज ब्रैंड जो है वो प्रेसिडेंट है इसके। और ये सीईओ ऑफ वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम भी है। इतना याद रखो। उससे ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं है। क्लॉश शॉप जो है वो 2025 में इससे बाहर निकल गए और इसका इंटेरिम चेयरमैन बना दिया गया था पीटर ब्राबेथ लेटमाथे को। तो क्लॉज़ शॉप जो है वो अब इसके प्रेसिडेंट नहीं रहे।
वन ऑफ दी फाइनल टॉपिक्स ऑफ रैंक्स एंड इंडाइससेस जॉन्रा व्हिच इज़ दी वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट। तो ये जो वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट है ये कैंट्रिल लेडर के बेसिस पे ल्च किया जाता है। ठीक है? कैंट्रिल लेडर नाम का एक लेडर होता है जिसके बेसिस पे इस वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट को क्या किया जाता है? लॉन्च किया जाता है। ये वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट
लांच कौन करता है? ऑक्सफोर्ड वेल बीइंग रिसर्च। ठीक है? ऑक्सफोर्ड वेल बीइंग रिसर्च इसे ल्च करता है। अब कंट्रिल लेडर क्या होता है? आप ज़ीरो से 10 के बेसिस पे अपनी लाइफ को रेट करते हो। कि जिंदगी कितनी अच्छी चल रही है? उसको आप ज़ीरो से 10 के बेसिस पे रेट करते हो। जिसमें ज़ीरो मतलब भाई बर्बाद है यार। और 10 मतलब एकदम बेहतरीन जिंदगी चल रही है। उसके बेसिस पर
लोग वोट करते हैं। यह सर्वे निकालता है और वहां से फिर वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट पब्लिश की जाती है। अगर मैं इस साल के ग्लोबल रैंकिंग की बात करूं तो फर्स्ट नंबर पे फिनलैंड है। सबसे ज्यादा खुश लोग यहां पे हैं। लगातार नौवीं बार सेकंड रैंक पे आइसलैंड है और डेनमार्क है थर्ड रैंक पे। स्टैंड आउट की बात करूं तो कोस्टारिका
सीधा फोर्थ रैंकिंग पे आ गया 23 सेक। 23 के कंपैरिजन में अनहैप्पीएस्ट अफगानिस्तान। अफगानिस्तान और सियरा लियोन के लोग खुश ही नहीं है। अफगानिस्तान के लोग बिल्कुल खुश नहीं है। कोई भी इंग्लिश स्पीकिंग कंट्री टॉप 10 में नहीं आई इस बार। और बड़े देशों की बात करूं तो यूएसए, यूके, ऑस्ट्रेलिया के ये सब रैंक थे। याद रखने की जरूरत नहीं है। हमें ये याद रखना
है। क्या? इंडिया का रैंक था 116th आउट ऑफ 147 कंट्रीज। दो रैंक का जंप हमने लाया। 118th हमारा 2025 में था। उससे 116 पे है। इंडिया से बेटर रैंकिंग नेपाल की और पाकिस्तान की। तो जैसा मैं हमेशा बोलता हूं। देखो यार अगर आपको खुश रहना है ना तो
आप दो कंडीशन में खुश रह सकते हो। या तो आपके पास वो सारी चीजें हैं जो आपको चाहिए। आपके पास वो सारी चीजें हैं जो आपको चाहिए तो आप बहुत खुश रहोगे। दूसरा चीज आपके पास कुछ है ही नहीं खोने के लिए। तो आप खुश रहोगे। तो इंडिया बीच में है। इंडिया के पास वो सारी चीजें नहीं है जो हमें चाहिए। पर ऐसा भी नहीं कि हमारे पास कुछ नहीं है।
पाकिस्तान दूसरे तरीके पे इंडिया से ज्यादा खुश है। बेचारे के पास कुछ नहीं है। तो क्या ही दुख होगा उसे तो इंडिया का बेटर उस पे पास रैंक है। इंडिया के नेबर्स जो इंडिया से खराब परफॉर्मेंस किए दे वर बांग्लादेश एंड श्रीलंका। ठीक है? बांग्लादेश और श्रीलंका ने इंडिया से यहां पे खराब परफॉर्मेंस दी।
अब इंटरनेशनल डे ऑफ़ हैप्पीनेस हम सेलिब्रेट करते हैं 20th ऑफ़ मार्च को सिंस 2012। ये डेट क्यों हमने पसंद किया? इस साल इस दिन वर्नल इक्वनॉक्स होता है बेसिकली इक्वल डे एंड इक्वल नाइट। तो इसके थ्रू हम सिंबोलाइज़ करते हैं किसे? इसके थ्रू हम सिंबोलाइज़ करते हैं इक्वलिटी और बैलेंस को। ये इनिशिएटिव लाया कौन था?
भूटान जिसमें जीडीपी से ज्यादा प्रायोरिटी दी जाती है ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस को। तो जीडीपी से ज्यादा प्रायोरिटी ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस को दी जाती है। इस साल का थीम क्या था? केयरिंग एंड शेयरिंग। तो 2026 के वर्ल्ड हैप्पीनेस डे का थीम क्या था? केयरिंग एंड शेयरिंग।
उसके बाद सोशल मीडिया और वेल बीइंग वाज़ दी की फाइंडिंग। इनका यह कहना है कि अगर आप बिल्कुल भी सोशल मीडिया यूज़ नहीं करते हो तो आप कम खुश रहोगे एज़ कंपेयर टू अगर आप दिन के 1 घंटा सोशल मीडिया यूज़ करते हो तो सोशल मीडिया यूज़ करना है पर एक घंटे से ज्यादा नहीं करना है। ठीक है? अगर खुश रहना है तो पर हां उसके बाद आप जितना ज्यादा यूज़ करते जाओगे फिर उतना दुखी यहां पे आप होते जाओगे। ये इसका मेन फाइंडिंग
था। जो पहला वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स रिपोर्ट निकाला गया था वो निकाला गया था 1 अप्रैल 2012 को। ऑफिशियल थीम ऑफ द वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 इज सोशल मीडिया एंड दी वेल बीइंग। ठीक है? तो सोशल मीडिया एंड दी वेल बीइंग इस साल का जो अपना वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट है उसका थीम था। इजराइल जो है वो
ओनली मिडिल ईस्टर्न कंट्री है जो टॉप 10 में आता है। मतलब इजराइल को देखो यार इतनी लड़ाई चल रही है फिर भी कितने खुश हैं वहां के लोग। राइट? इतनी लड़ाई चल रही है। फिर भी इतने खुश हैं आगे लोग। सर स्पोर्ट्स जॉन्रा बिल्कुल भाई सारी चीजें अगर मैं बोला हूं सारी चीजें कवर करूंगा तो कवर तो होंगी। एंड मुझे ये भी पता है यहां पे आधे से ज्यादा स्टूडेंट्स ऐसे हैं शुरू से जो पूरे 10:00 बजे से बैठे हैं। उन्होंने एक
वर्ड नहीं लिखा है चैट पे बट प्रॉपर पढ़ रहे हैं और नोट्स बना रहे हैं। ठीक है? कुछ लोग ऐसे हैं जो आते ही चले गए। यार मस्ती तो हो नहीं रही। सिर्फ पढ़ाई नहीं हो रही। मैं यहां पे क्या करूंगा? मेरा फोकस वो पहले वाले स्टूडेंट्स पे जैसे आप लोग हो। अगर आप लोग यहां तक बैठे हुए हो तो ये तो मेरा भी काम बनता है ना कि अब मैं आधा छोड़ के जा भी नहीं सकता। ठीक है?
तो हम पूरा कवर करेंगे डिटेल में। मुझे मजा आ रहा है। आप लोग का पता नहीं मुझे मजा आ रहा है। टॉपिक्स भी अच्छे हैं और फायदा तो हमारा बिल्कुल होगा। ठीक है? तो बस एक शॉट हमने एक दिन में बैठे और हमने पूरा कवर कर लिया। तो जब इतने लोग हैं तो फिर क्या टेंशन? ठीक है? अब ये ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस क्या होता है? यह टर्म भूटान के फोर्थ किंग
जिनका नाम था जिगमे सिंय वांगचुक इन्होंने 1972 में ये टर्म बनाया था ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस और इन्होंने एक इंपॉर्टेंट लाइन बोली थी दैट ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस इज़ मोरेंट देन ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट और यही सेम काम यही सेम काम जो है वो भूटान कर रहा है भूटान में ग्रॉस नेशनल
हैप्पीनेस को ज्यादा ज्यादा प्रायोरिटी दी जाती है। फिर जुलाई 11th में यूएन जनरल असेंबली ने 65 रेजोल्यूशन पास किया और हैप्पीनेस टुवर्ड्स अ होलिस्टिक एप्रोच नाम का चीज चालू किया और बोला कि यार भूटान की एग्जांपल को आप लोग फॉलो करो। उसके बाद भूटान के पीएम जिगमे वाई थिनले ने और यूएन सेक्रेटरी जनरल मानकी मून ने एक हाई लेवल मीटिंग बनाई और उसी के बाद
फिर फर्स्ट वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट क्या हुआ? लॉन्च हुआ जो ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस है वो नाइन डोमेन में 33 इंडिकेटर्स को कवर करता है। क्लियर? चार पिलर्स होते हैं। अगेन हर चीज पिलर के थ्रू होता है। चार पिलर्स होते हैं। सस्टेनेबल एंड इक्विटेबल सोशियोइकोनॉमिक डेवलपमेंट, प्रिजर्वेशन ऑफ़ कल्चरल वैल्यूज़, कंजर्वेशन
ऑफ़ नेचुरल एनवायरमेंट और एस्टैब्लिश्ड गुड गवर्नेंस। इसमें आप कहीं पे भी पैसे वाली चीजें नहीं देखोगे। एक्सेप्ट फॉर सोशियोइकोनमिक बट इट्स सोशियोइकोनमिक नॉट ओनली इकोनमिक। ये यहां पे बताता है कि मनी कैन नॉट बाय हैप्पीनेस अनलेस इट्स टू मच। एक ये डिफरेंस है कि ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस का मैक्सिमम वैल्यू वन होता है। जब सभी सिटीजन को सफिशिएंसी मिल जाती है।
देखो हैप्पीनेस का डायरेक्ट रिलेशन किससे है? हैप्पीनेस का डायरेक्ट रिलेशन है सफिशिएंसी के साथ। सेटिस्फेक्शन के साथ। अगर आप सेटिस्फाइड हो आप खुश रहोगे। ठीक है? काफी लोग एनएलएस पा के भी खुश नहीं होते क्योंकि उनको वो नहीं मिला जो उन्हें चाहिए था। काफी लोग सिर्फ टिए थ्री एनएलयू पा के खुश हो जाते हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें शायद एनएलयू की ही उम्मीद नहीं थी।
तो हर किसी की जरूरतें ऊपर नीचे हैं। जब एक देश का हर कोई सेटिस्फाई हो गया वो देश अचीव कर लेता है रैंक वन। बट जीडीपी जो है ना वो बिना ग्रोथ के अचीव हो जाता है। ये जीएनएच और जीडीपी के बीच में डिफरेंस है। जीडीपी में कोई लिमिटेशन नहीं है। बट जीएनएच में वन का लिमिटेशन है। जब देश का हर कोई सेटिस्फाई हो जाता है तो जीएनएच वन
अचीव हो जाता है। क्लियर? अब एक और इंपॉर्टेंट इंडेक्स के साथ हम इंडेक्स वाले टॉपिक को कवर करते हैं। खत्म करते हैं। व्हिच इज़ ग्रॉस अह सॉरी एनवायरमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स। बेसिक सा है नॉट दैट टफ समझ लेना थोड़ा सा फैक्चुअल टॉपिक है कौन इसे रिलीज करता है
बाय येल सेंटर फॉर एनवायरमेंटल एक मिनट यार फॉर फॉर एनवायरमेंटल लॉ एंड पॉलिसी।
ठीक है? ये सेंटर फॉर एनवायरमेंटल लॉ एंड पॉलिसी इसे रिलीज करता है। अब इसको जो 2026 का डाटा रिलीज़ हुआ। इसमें इंडिया का रैंक आप मुझे बता सकते हो क्या रहा होगा? बहुत ही अच्छा रैंक था। हमारा रैंक इसमें ऑल ओवर दी वर्ल्ड सेकंड नंबर पर आया है। पीछे से 176 आउट ऑफ दी 177 कंट्रीज।
इंडिया का इसमें रैंक था और हमारा टोटल स्कोर था 22.46 और हमसे बेटर परफॉर्म सिर्फ एक कंट्री ने किया। हमसे बेटर परफॉर्म सिर्फ एक कंट्री ने किया व्हिच इज़ लाओस। ठीक है? लाओस ने बस हमसे थोड़ा सा बेटर परफॉर्म किया। अदरवाइज कहीं पे आते
हम टॉप पे। इंडिया के ट्रेंड की अगर मैं बात करूं तो कंसिस्टेंसी हमने मेंटेन की है 141 से 177, 168, 180, 176। तो लगातार हम पीछे आते गए हैं रैंकिंग में। अगर मैं 2024 के रैंकिंग की बात करूं तो इट वाज़ अगेन 178थ। हमारा बेस्ट परफॉर्मेंस हमने दिया था 2022 में। ठीक है? हमारा बेस्ट परफॉर्मेंस हमने दिया था 2022 में। हम उसमें लास्ट आए थे। 188थ हमारा रैंक था।
इस बार हम एक रैंक से क्या कर गए? चूक गए। अगर मैं यहां पे टॉपर्स की बात करूं तो रैंक वन में जो कंट्री आई वो थी एस्टोनिया। रैंक सेकंड में जो कंट्री आई वो थी। अच्छा सेकंड याद रखने की जरूरत नहीं है। लीस्ट याद रख लेना। जो लीस्ट कंट्री थी वो थी लाओस।
व्हिच इज़ 177। तो फ़र्स्ट 177 और इंडिया का रैंक 176। यह हमारा इसमें प्रॉपर अह कुछ अचीवमेंट थे। अगर हम अपने नेबर्स की बात करें तो इस पूरे साउथ एशियन रीजन में बेस्ट परफॉर्मेंस था भूटान का विथ द रैंक ऑफ़ 8 सेकंड।
भूटान का ये बेस्ट परफॉर्मेंस था 80 सेकंड। तो भूटान ना वो ऐसे सीधा साधा भोला भला बच्चा होता है ना जो बस अपने काम में लगा हुआ है यार। अच्छी-अच्छी चीजें करनी है। काम पे ध्यान देना है। ठीक है? हवाबाजी हमको करनी नहीं है। वो वाला बच्चा है ये। तो अपना काम करके शांति से रीजन में आप किसी भी इंडेक्स में देख लो तो वो साउथ एशिया का ना जो अपना सदर्न एशिया है उसका नडिक कंट्री जैसा परफॉर्म वो करता है हर इंडेक्स में। बहुत ही अच्छा करते जा रहा है। बहुत होनहार बच्चा है।
अब इसमें तीन ऑब्जेक्टिव्स होते हैं जिन बेसिस पे इस परफॉर्मेंस को मेंटेन मेजर किया जाता है। दोज़ ऑब्जेक्टिव्स आर सबसे पहला एनवायरमेंटल हेल्थ कि उस कंट्री के एनवायरमेंट का हेल्थ कैसा है? सेकंड नंबर पे इकोसिस्टम की वाइटालिटी कैसी है? कि इकोसिस्टम को आप कितना अच्छे से रख रहे हो। कहीं इकोसिस्टम खराब तो नहीं हो रहा है किसी पर्टिकुलर स्पीशी के लिए। जैसे
कहीं फिशेस को थोड़ा सा परेशानी तो नहीं हो रही है। किसी पर्टिकुलर इंसान को परेशानी तो नहीं हो रही है। और तीसरे नंबर पे आता है क्लाइमेट चेंज को आप कितने अच्छे से टैकल कर रहे हो व्हिच इज़ बेसिकली आप एमिशन किस हद तक अपना रिड्यूस कर रहे हो। इन सब बेसिस पे इस आउटकम को लाया जाता है। इंडिया का अगर इसमें मैं बात करूं कि
अदर कैटेगरी रैंक तो सर्टेन कैटेगरीज में इसे निकाला जाता है। जिसमें इंडिया ने क्लाइमेट चेंज में 138थ रैंक लाया। वेस्ट मैनेजमेंट में 141 रैंक इंडिया ने लाया। इकोसिस्टम वाइटलिटी में इंडिया का 174 रैंक था। एनवायरमेंटल हेल्थ में इंडिया का 174 रैंक था। और बायोडायवर्सिटी एंड एयर क्वालिटी में इंडिया का 174 रैंक था। इंडिया का जो डिक्लाइन यहां पे हुआ इंडिया का जो डिक्लाइन यहां पे हुआ वो फिशरीज और
पेस्टिसाइड पॉल्यूशन पे इंडिया का डिक्लाइन यहां पे हुआ था। क्लियर? सो ये नोट्स में मैं आपको लिख के दे दूंगा। मैंने बस आपको यहां पे डेटा बताया है। नोट्स में लिख को मैं आपको दे दूंगा। ये चीजें आपको मिल जाएंगी। डोंट वरी अबाउट इट। नोट्स में मेंशन रहेंगे। ओके? बाकी अबाउट द इंडेक्स एक बार मैं आपको बता देता हूं। इसे 2000 में चालू किया गया था।
ठीक है? पहली बार यह इंडेक्स रिलीज किया गया था 2000 में। किस नाम से रिलीज किया गया था? इसे रिलीज़ किया गया था एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स। इस नाम से इसे रिलीज़ किया जाता था। बाद में फिर इसे किस नाम से रिलीज़ किया जाने लगा? इसे रिलीज़ किया जाने लगा एनवायरमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स के नाम पे। पहले इसे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम भी रिलीज़ करती थी।
बाद में उसने अपना नाम क्या कर लिया? वापस कर लिया। क्लियर? क्लियर है भाई? कोई डाउट यहां तक? ये छोटा सा टॉपिक था। बस इसमें इंडिया की रैंकिंग बहुत ही एक्सट्रीम आई है। तो थोड़ा सा हमारे लिए इंपॉर्टेंट हो गया था। बहुत ही एक्सट्रीम रैंकिंग आई है इंडिया में इसकी। लाइक मतलब सोच भी नहीं सकते आप इतनी ज्यादा। ब्रेक लेना है खत्म कर दें।
चलो खत्म कर देते हैं। ठीक है। इंटरेस्टिंग टॉपिक्स बचे हैं। मिसलेनियस जॉन्रा। तो अपने अवार्ड्स एंड स्पोर्ट्स जॉनर के जो इंपॉर्टेंट टॉपिक्स हैं वो हम एक बार यहां पे अच्छे से कर लेते हैं। ठीक है?
चलो लेट्स कंटिन्यू। एक एक मिनट रुकना है। ठीक है। एक आई हैव मेड अ सेपरेट सरप्राइज एंगल का नोट्स वो भी मैं आपको यहां पे ऐड करके दे दूंगा। ठीक है? सो आपको पता होगा क्लैट हर साल कुछ ना कुछ सरप्राइज़ ऐड करता है।
जैसे लास्ट टू लास्ट ईयर टू लास्ट ईयर 2023 में क्लैट ने fफा वर्ल्ड कप पूछा था। बट fफा वर्ल्ड कप से उसने पूछा fफा वर्ल्ड कप के बारे में नहीं था। उसने पूछा था एलजीबीटी क्यूआई है ये सब चीजों के बारे में। तो हर टॉपिक से कुछ ना कुछ ऐसा सरप्राइज एंगल होता है। जैसे एक बार उसने अचानक से ड्रोन शक्ति के बारे में पूछ लिया था। तो ये जो सारी चीजें हैं इनको
कवर करता हुआ इन्हीं टॉपिक का हर टॉपिक का एक सरप्राइज़ एंगल वो मैंने उसके एक शॉर्ट नोट्स बनाए हुए हैं। सेम हैंड रिटन फॉर्मेट में। तो वो भी आपको मैं वहां पे नोट वाला जो अपना बैच नीचे आपको दिखेगा उसमें मैं ऐड करा दूंगा। उसको भी आप वहां पे एक्सेस कर सकते हो। चलो। सो विदाउट एनी फर्दर डिले लेट्स स्टार्ट विद आवर मिसलेनियस जॉन्रा का टॉपिक। यार अब सीधा खत्म करते हैं। ठीक है? थोड़े से टॉपिक्स
बचे हुए हैं। द फर्स्ट टॉपिक इज़ फीफा वर्ल्ड कप 2026। तो जो इस साल का फीफा वर्ल्ड कप 2026 है, ये 11th जून टू 19th जुलाई 2026 तक यह चला था। किसने इसे होस्ट किया था? यूएसए।
कनाडा एंड मेक्सिको ने इसे क्या किया था? इसे कोहोस्ट किया था। पहला वर्ल्ड कप था जिसको तीन कंट्रीज ने मिलके कोहोस्ट किया। ठीक है? पहली बार तीन कंट्रीज ने मिलके किसी फीफा वर्ल्ड कप को को-होस्ट किया। यह पहला मैच था जिसमें टोटल 48 टीम्स थे
एंड 104 मैचेस हुए थे इसमें। ओके? सिटीज की अगर मैं बात करूं तो देयर वर टोटल 16 होस्ट सिटीज। अब इस वर्ल्ड कप को जीता किसने? स्पेन ने इसे जीता। स्पेन वन बाय डिफिटिंग अर्जेंटीना। ठीक है? अर्जेंटीना को फाइनल
में हरा के इन्होंने इसे जीता बाय 1 इन दी पेनल्टी शूट आउट। ठीक है? नॉट पेनल्टी एक्स्ट्रा टाइम। तो 10 एक्स्ट्रा टाइम में ये इन्होंने जीता और ये स्पेन का सेकंड टाइटल है। स्पेन इसे दूसरी बार स्पेन ने जीता। ये जो फाइनल मैच है, ये जो फाइनल मैच है फीफा वर्ल्ड कप का, यह कहां हुआ
था? यह फाइनल मैच हुआ था मैटलाइ स्टेडियम में। मैट लाइफ स्टेडियम में यह फाइनल मैच हुआ था जो कि है न्यू जर्सी यूएसए में। ओके न्यू जर्सी यूएसए में ये स्टेडियम है।
जो विनिंग गोल है जो मैच खत्म करने वाला गोल था वो गोल यहां पे किसने मारा? वो गोल मारा फेरान टॉरस ने। ठीक है? फेरान टॉरस ने ये विनिंग गोल मारा। अब यार देखो फुटबॉल का मुझे एकदम जीरो आईडिया है। मैं फुटबॉल देखता नहीं हूं। तो आप लोग को मजा आ रहा होगा। जो फुटबॉल देखते हैं वो आई डोंट हैव दैट मच आईडिया अबाउट फुटबॉल। अब इसमें अर्जेंटीना जो है वो 10 लोगों के डाउन हो चुका था।
ओके? वो ध्यान देने की हमें जरूरत नहीं है। इसमें जो थर्ड प्लेस है। ठीक है? जो थर्ड प्लेस है वो किसे मिला? थर्ड प्लेस मिला इंग्लैंड को। ठीक है? इंग्लैंड ने फ्रांस को हराया। फ्रांस को फोर्थ रैंक मिला समझ लो। और डिफरेंस जरूर रखना पॉइंट का। सिक्स
फोर से हराया क्योंकि अब तक का ये हाईएस्ट स्कोरिंग थर्ड रैंक मैच था। ठीक है? तो थर्ड प्लेस के लिए अब तक का हाईएस्ट स्कोरिंग ये मैच रहा है। इसके अलावा अगर अवार्ड्स की हम बात करें तो हर साल फीफा वर्ल्ड कप में कुछ अवार्ड दिए जाते हैं। इस साल वो अवार्ड किसे मिले यह भी आप देख लो। तो गोल्डन बॉल का अवार्ड ठीक है गोल्डन बॉल का अवार्ड किसे दिया
गया रोदरी को दिया गया ऑफ स्पेन ठीक है एंड गोल्डन बूट का अवार्ड किसे दिया गया गोल्डन बूट का अवार्ड दिया गया किलियान एंबापे को ओके किलियान एंबापे को गोल्डन बूट का
अवार्ड दिया जो कि फ्रेंच फ्रेंच खिलाड़ी हैं। इन्होंने टोटल 10 गोल्स किए थे। ये पहले ऐसे इंसान हैं जिन्हें दो बार ठीक है? ये पहले ऐसे इंसान हैं जिन्हें दो बार गोल्डन बूट मिला है। एक बार ये 2022 में भी जीत चुके हैं गोल्डन बूट का अवार्ड। अपार्ट फ्रॉम दिस
एंबापे का ऑल टाइम वर्ल्ड रिकॉर्ड बन चुका है। किसका? वर्ल्ड कप में गोल्स का। मेसी के रिकॉर्ड को यह पास कर चुके 22 गोल्स के। तो मेसी को इन्होंने पास कर दिया। एंड साथ ही साथ गोल्डन ग्लव का अवार्ड। ठीक है? गोल्डन ग्लव का अवार्ड किसे दिया गया? यह दिया गया यूनाई सिमन को। आई डोंट नो इट्स उनाई सिमन या यूनाई सिमन जो भी है।
उनाई सिमन को दिया गया जो कि स्पेन के हैं। एंड गोल्डन ग्लव अवार्ड किसे दिया जाता है? यह दिया जाता है अपने बेस्ट विकेटकीपर नहीं यार गोलकीपर। ठीक है? बेस्ट गोलकीपर को यह अवार्ड दिया जाता है। अब यहां पे कुछ और इंपॉर्टेंट फैक्ट्स मैं आपको बता देता हूं। बेसिकली ये फैक्ट्स ही हैं इस टॉपिक पे सारे। नेक्स्ट जो हमारा फैक्ट है वो है ओपनिंग मैच मेक्सिको में
हुआ। ठीक है? मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच हुआ था। फर्स्ट स्टेडियम। ठीक है? मैस्कॉट। याद रखना यहां पे। व्हाट वाज़ दी मैस्कॉट ऑफ दिस इयर्स फीफा वर्ल्ड कप? तो मैस्कॉट का नेम क्या था? मैस्कॉट का नेम मैस्कॉट का नेम था क्लच।
क्लच वास द नेम ऑफ द मैस्कॉट। और यह क्लच जो है वह बेसिकली एक बल्ड ईगल है। क्लच एक बल्ड ईगल है जो यूएसए ने दिया था। इसी के साथ-साथ मैपल जो कि एक मूस है। यह कनाडा ने दिया था
और जायू जो कि एक जैगुआर है। जायू क्या है? एक जैगुआर है। ये दिया था मेक्सिको ने। इन तीन कंट्रीज ने यह अपने मैस्कट्स दिए थे। जो बॉल यूज किया गया था वो बॉल कौन सा था? द बॉल वाज़ ट्रियोडा एदीदास।
ठीक है? एदीदास का ट्रिंडा बॉल यहां पे यूज़ किया गया था। अपार्ट फ्रॉम दिस वर्ल्ड कप के कुछ स्टैटिक जो पहला वर्ल्ड कप था जो फर्स्ट फीफा वर्ल्ड कप था वह कब खेला गया था? 1930 में ओरग्व में।
ठीक है? 1930 में उग्व में जीता गया खेला गया था और उसे जीता भी उरुग्व ने था। तो जिस जगह पे हुआ था उसी कंट्री ने इसे जीता था। सबसे ज्यादा नंबर ऑफ टाइटल्स ब्राजील के पास हैं। ब्राजील ने अब तक टोटल पांच बार फीफा वर्ल्ड कप जीता है। फीफा का फॉर्मेशन 1904 में हुआ था और इसका हेड क्वार्टर कहां है? इसका हेड क्वार्टर है पेरिस में। ठीक है?
इसका हेड क्वार्टर है पेरिस में। सॉरी पेरिस में इसका फॉर्मेशन हुआ था। हेड क्वार्टर है इसका जरिक में। पेरिस में इसका फॉर्मेशन हुआ था। इसका हेड क्वार्टर है जरिक में। क्लियर? यस। ज्यादा से ज्यादा 30 मिनट्स यार। उससे ज्यादा नहीं लगना चाहिए। ठीक है? 30 टू 40 मिनट्स।
इसके करंट प्रेसिडेंट का भी नाम आप याद रख लो। फीफा के करंट प्रेसिडेंट का नाम क्या है? फीफा के करंट प्रेसिडेंट का नाम है गियानी इनफेंटिनो। ओके। करंट प्रेसिडेंट का नाम क्या है? जियानी इनफेंटिनो। याद रहेगा? क्लियर? सो ये तो सब आपने पढ़ा होगा ऑब्वियसली।
काफी बार इंपॉर्टेंट टॉपिक है। बस याद इसे आप अच्छे से रख लेना। बाकी 2023 के भी कुछ फैक्ट्स हैं। वो मैं आपको नोट्स में प्रोवाइड करा दूंगा। इसी के साथ एक और इंपॉर्टेंट स्पोर्ट्स का ही न्यूज़ है वि इज एशियन गेम्स 2026। तो इस साल के जो एशियन गेम्स हैं 2026 के ये कहां हुए? ये हुए अपने आईची नागोया में।
आईची नागोया में इस साल के एशियन गेम्स हुए। यह कहां है? आईची नागोया इज़ इन जापान। आईची नागोया इज इन जापान। जापान ने तीसरी बार एज अ होस्ट एशियन गेम्स कांटेक्ट करा है। इसमें अगर मैं इंडिया की बात करूं तो इंडिया को मिले टोटल 85 मेडल्स।
इन 85 मेडल्स में इंडिया को मिले टोटल 21 गोल्ड, 27 सिल्वर एंड 37 ब्रॉनज़। और इसी के साथ इंडिया ने फोर्थ रैंक के साथ इसे क्या किया? फिनिश किया। मेडल टेली में फर्स्ट नंबर पे देयर वास चाइना। ठीक है? चाइना को मिले टोटल 341 आउट ऑफ व्हिच 169 वर गोल्ड।
उसके बाद सेकंड नंबर पे जापान। नंबर ऑफ गोल्ड्स में इंडिया को सेम उतने ही मिले जितने उज़्बेकिस्तान को मिले थे। और नीरज चोपड़ा इसमें पार्टिसिपेट नहीं कर पाए। मिस कर गए इंजरी की वजह से। और यशवीर सिंह को जेवेलिन का सिल्वर मिला। इंडिया
का अब तक का बेस्ट परफॉर्मेंस जो रहा है वो एशियन गेम्स में वो रहा है हांगज़ाऊ 2022 में। ठीक है? इंडिया का जो बेस्ट परफॉर्मेंस रहा है वो 2022 में इसके जस्ट पहले जो एशियन गेम्स हुए थे उसमें था जिसमें इंडिया ने टोटल 106 मेडल्स लिए थे जिसमें से 28 मेडल्स पर गोल्ड। अब व्हाट वाज़ द रीज़न कि इंडिया में इस बार इतने कम मेडल्स आए। द रीज़न इज़ बहुत सारे स्पोर्ट्स
फॉर एग्ज़ांपल बैडमिंटन। ठीक है? बैडमिंटन जैसे बड़े-बड़े स्पोर्ट्स क्या हुए? इस बार एशियन गेम्स के पार्ट नहीं थे। इस वजह से इंडिया का जो नंबर ऑफ गोल्ड है वो काफी कम आया। इसमें टीम के इवेंट की अगर मैं हाईलाइट करूं तो अच्छा उसके अलावा इंडिया को पांच गोल्ड सबसे ज्यादा गोल्ड आर्चरी में मिले। नंबर ऑफ गोल्ड्स के बारे में।
टीम इवेंट के बोलूं मैं तो क्रिकेट मेंस टीम भी और वुमेन टीम भी। हॉकी मेंस टीम भी और वुमेन टीम भी दोनों ने क्या जीता? इंडिया के लिए गोल्ड जीता। तो टीम इवेंट में इंडिया ने काफी अच्छा यहां पे परफॉर्मेंस किया। ओके? अपार्ट फ्रॉम दिस हॉकी गोल्ड जीतने के बाद। ठीक है? हॉकी गोल्ड जीतने की वजह से इंडिया को डायरेक्ट एक्सेस किस में मिल
गया? लॉस एंज्स 2028 के लिए डायरेक्ट एक्सेस मिल गया ओलंपिक्स में। यहां पे गोल्ड जीतने की वजह से। ओके ओ या सॉरी सॉरी सॉरी भाई हम मैं कॉमनव्थ का बता रहा था आपको नहीं नहीं कॉमनव्थ में अपना अच्छा ही परफॉर्मेंस सॉरी एशियन गेम्स में अच्छा ही परफॉर्मेंस था मैंने जो आपको बताया वो कॉमनव्थ का था वही मैं सोचो कुछ तो कंफ्यूज कर रहा हूं मैं कॉमनव्थ में बैडमिंटन नहीं था इसमें वो सारे पोर्शनंस थे एशियन गेम्स में वैसा
कुछ ना था एशियन गेम्स प्रॉपर अपना नॉर्मल तरीके से हुआ है एशियन गेम्स का कुछ स्टैटिक मैं आपको बता देता हूं क्या-क्या चीजें स्टैटिक फैक्ट्स में आपको याद रखनी है जो चीजें आपको याद रखनी है वो है ओलंप ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया एशियन गेम्स कंडक्ट कराता है। हेड क्वार्टर इसका है कुवैत में।
ठीक है? कुवैत में इसका हेड क्वार्टर है। इसको वो ऑर्गेनाइज कराता है। जो वर्ल्ड के पहले एशियन गेम्स हुए थे। वर्ल्ड्स फर्स्ट एशियन गेम्स वो कब हुए थे? 1951 में न्यू दिल्ली में कंडक्ट कराया गया था। वर्ल्ड का पहला एशियन गेम। और ये जो एशियन गेम है ये आईडिया किसका था? ये आईडिया था जी डी
सोडी का। ठीक है? तो जी डी सोडी साहब का ये आईडिया था कि हमें एक एशियन गेम्स जैसी चीज करानी चाहिए। और इन्होंने इसका मोटो दिया एशियन गेम्स का। दैट मोटो वाज़ एवर ऑनवर्ड। ठीक है? एवर ऑनवर्ड वाज़ दी मोटो फॉर एशियन गेम्स। हर चार साल में ये कंडक्ट कराया जाता है। इंडिया ने अब तक दो बार कंडक्ट
किया है। 1951 में और 1982 में। इंडिया के जो फ्लैग बयरर्स थे ओपनिंग सेरेमनी में वो मनु भाकर और पवन शेरावत थे। और क्लोजिंग सेरेमनी में नीरू धांडा वाज़ दी फ्लैग बियरर ऑफ़ इंडिया। क्लियर? इज़ इट क्लियर टू एवरीवन?
या दैट्स इट। बाकी ओलंपिक्स तो इस साल हुए नहीं है। लास्ट ईयर हुए थे तो वी डिड इट बट इस साल नहीं हुए हैं। इस टॉपिक की मैं बात कर रहा था। ये वो टॉपिक है जिसमें नंबर ऑफ स्पोर्ट्स जो है वो कम कर दिए गए। दी कॉमनव्थ गेम्स ऑफ
2026 कहां कराया गया इसे? एट ग्लासगो स्कॉटलैंड। ठीक है? ग्लासगो स्कॉटलैंड में इसे कंडक्ट कराया गया। यहां पे चौथी बार हुआ। एक्चुअल में द थिंग इज ये पहले होने वाला था कहां?
ये पहले होने वाला था विक्टोरिया ऑस्ट्रेलिया में। ये पहले होने वाला था विक्टोरिया ऑस्ट्रेलिया में। बट इसने बैक ऑफ कर लिया। अब सिंस इसने बैक ऑफ कर लिया तो इन्हें अर्जेंटली कराना पड़ा और उस वजह से ग्लासगो ने कराया विद बहुत कम अमाउंट ऑफ स्पोर्ट्स। जिसमें इंडिया के अगर मैं नंबर ऑफ मेडल्स की बात करूं तो इंडिया को
टोटल 39 मेडल्स मिले। आउट ऑफ व्हिच 13 गोल्ड मेडल्स थे। 17 सिल्वर मेडल्स थे एंड वी हैड नाइन ब्रॉनज़ मेडल। इंडिया इसमें भी इंडिया का परफॉर्मेंस क्या था? फोर्थ नंबर था। मेडल टेबल में मेडल के टेबल में जो फर्स्ट पोजीशन है वो मिला ऑस्ट्रेलिया को। ऑस्ट्रेलिया वन दी फर्स्ट पोजीशन विद 171 मेडल्स जिसमें से 70 गोल्ड थे। सेकंड पे इंग्लैंड और थर्ड पे कनाडा।
इंडिया का जो बेस्ट स्पोर्ट था इसमें इंडिया का बेस्ट वास बॉक्सिंग। बॉक्सिंग में इंडिया ने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दिया। जिसमें टोटल 10 मेडल्स मिले आउट ऑफ व्हिच सेवन गोल्ड्स थे। ठीक है? 10 मेडल्स जिसमें से सेवन गोल्ड मेडल्स इंडिया ने यहां पे जीते थे। इसके बाद इंडिया के मेडल्स बहुत गिर गए। क्यों? क्योंकि इसमें
हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन, रेसलिंग, शूटिंग और टेबल टेनिस नहीं हुए थे। ये जो कॉमनव्थ गेम्स था 2026 का इसमें हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन, रेसलिंग, शूटिंग और टेबल टेनिस नहीं कराए गए थे। एंड दैट्स द रीज़न इंडिया का रैंक जो है वो बहुत ज्यादा इसमें गिर गया। सॉरी मेडल्स जो है वो बहुत ज्यादा इसमें गिर गए। इंडिया का जो लास्ट कॉमनव्थ गेम्स में परफॉर्मेंस था दैट वाज़ 61
मेडल्स। ठीक है? तो आप वो देख सकते हो कि इंडिया का परफॉर्मेंस सच में गेम्स की वजह से बहुत गिर गया। अब रीज़ क्या था? कौन-कौन से गेम्स इसमें नहीं इंक्लूड किए गए? हॉकी, क्रिकेट, रेसलिंग, बैडमिंटन, स्क्वाश, टेबल टेनिस, ट्राईएथलन, रब्बी एंड डविंग। यह सारे स्पोर्ट्स नहीं थे। इस कॉमनव्थ गेम्स में सिर्फ और सिर्फ 10 स्पोर्ट्स थे।
ठीक है? इन्हीं 10 स्पोर्ट्स के बेसिस पे 215 इवेंट्स कराए गए और सारे मेडल्स दिए गए और चार वेन्यूज में ये हुआ। रीज़न क्या था ये नहीं होने का? द रीज़न वाज़ ग्लासगो को अचानक से मिल गया। उसके पास फंड उतने नहीं तो फंड बचाने के लिए इसने क्या किया? इस तरीके से गेम्स को थोड़ा सा कट कर दिया।
अब इस साल का जो मैस्कट था वो भी थोड़ा आप ध्यान से देख लो। व्हाट वाज़ दी मैस्कट ऑफ दिस ईयर? द मैस्कट वाज़ फिनी। फिनी वाज़ द मैस्कट जो कि एक यूनिकॉर्न है। यूनिकॉर्न है वि ट्रैफिक कोन हॉर्न। तो यूनिकॉर्न आपने देखा होगा जिसके हॉर्न होते हैं। हॉर्स विद अ हॉर्न टाइप ऑफ थिंग। यह फिनी नाम का इसका एक मैस्कट था।
एंड अगला कॉमनव्थ गेम्स वेरी इंपॉर्टेंट कहां होने वाला है? अगला कॉमनव्थ गेम्स होने वाले हैं इंडिया में अहमदाबाद में। इंडिया ओलंपिक होस्ट करना चाहता है और उसी के लिए इंडिया फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स होस्ट कर रहा है। इससे पहले 2010 में दिल्ली में इंडिया ने कॉमनव्थ गेम्स ऑलरेडी होस्ट किए थे। अब थोड़ा सा मैं आपको कॉमनव्थ गेम्स
का स्टैटिक अगर फैक्ट बता दूं तो वो भी नोट कर लेना। जो कॉमनव्थ गेम्स हैं, ये पहली बार 1930 में कंडक्ट कराए गए थे। कहां? हेमिल्टन में। एंड तब इन्हें कराया जाता था ब्रिटिश एंपायर गेम्स के नाम से। ब्रिटिश
एंपायर गेम्स के नाम से। तो जितनी भी ब्रिटिश कॉलोनी कंट्रीज हैं वो इसमें आके क्या करती थी? पार्टिसिपेट करती थी। बाद में फिर 1978 में इसे रिनेम किया गया कॉमनव्थ गेम्स के नाम पे। इसका कॉमनव्थ गेम्स फेडरेशन जो है, ठीक है? कॉमनवेल्थ गेम्स का जो फेडरेशन है वो कहां पे है?
सीजीएफ का हेड क्वार्टर कहां है? द हेड क्वार्टर इज इन लंदन। अब इसमें आप ये समझो कॉमनव्थ कंट्रीज क्या होती हैं? तो ये जो कॉमनव्थ है ना ये जो वर्ड आपको दिख रहा है ये कॉमनव्थ में देयर आर टोटल 56 मेंबर्स। अब ये 56 मेंबर्स कौन है? इसमें आपने देखा होगा आपको बड़ी-बड़ी कंट्रीज नहीं देखने को मिलेंगी। लाइक चाइना आपको इसमें नहीं दिखेगी। यूएसए आपको इसमें नहीं दिखेंगी।
क्यों? क्योंकि वो खुद को ब्रिटेन की कॉलोनी नहीं मानते। जो भी कंट्री ब्रिटिश कॉलोनी के अंडर आती थी वो सभी कॉमनव्थ गेम्स खेलती है। इसीलिए इंडिया ऑस्ट्रेलिया ये सब आपको यहां पे देखने को मिलेंगे। इसके सेक्रेटरी जनरल कौन है? हु इज द करंट सेक्रेटरी जनरल ऑफ कॉमनव्थ फेडरेशन? इनका नाम है शिरले बोचवे।
शी इज द करंट सेक्रेटरी जनरल एंड लेटेस्ट जो मेंबर इसमें ऐड किए गए वो है गबॉन एंड टोगो। ठीक है? टोगो एंड गबॉन को इसमें ऐड किया गया है। इंडिया ने जो 2010 में कॉमनव्थ गेम्स कराए थे। इंडिया ने इससे पहले कब कराए? 2030 का इंडिया में होने वाला है। अहमदाबाद में।
2010 का भी इंडिया ने कराया था। दिल्ली में। ठीक है? एंड द मैस्कट वाज़ शेरा। मैस्कट क्या था 2010 के कॉमनव्थ गेम्स का? इट वाज़ शेरा जो कि टाइगर था। क्लियर? एनी डाउट यार इस टॉपिक में कोई सा भी।
इंडिया ने पहली बार 1934 में पार्टिसिपेट किया था कॉमनव्थ गेम्स में और 1986 में इंडिया ने एक बार बॉयकॉट किया था। यह दो चीज़ें थोड़ा सा ध्यान रख लेना। बाक़ी या दैट्स इट। क्लियर कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स क्लियर है सभी को भाई? ये चीजें ध्यान में रखना थोड़ा सा अबाउट कॉमनवेल्थ गेम्स एंड एशियन गेम्स।
चलो आगे बढ़ते हैं। अब इसमें हम नोबेल प्राइज के बारे में देखो यार बहुत डिटेल में अगर आपको सारे टॉपिक्स को समझने हैं नोबेल प्राइज का तो ये मैंने एक पूरा 1 घंटे का लेक्चर इसमें लिया हुआ है। इसको ध्यान से देख लेना। ठीक है? इसको एकदम ध्यान से आप देख लेना। तो आपको एक-एक टॉपिक समझ में आ जाएगा। अभी मैं आपको ओवरव्यू बताता हूं। सो नोबेल प्राइज जो है
वो वर्ल्ड का सबसे बेस्ट अवार्ड माना जाता है। बहुत अलग-अलग फील्ड में दिया जाता है। अल्फ्रेड नोबेल की याद में इसे प्रोवाइड किया जाता है। अल्फ्रेड नोबेल जो है वो एक स्वीडिश इन्वेंटर थे जिनका जन्म अक्टूबर 21 1833 को हुआ था। एंड दिसंबर 10th 1896 में इनकी
डेथ हुई थी। इनको जाना जाता है डायनामाइट की वजह से। इन्होंने क्या किया था? डायनामाइट का इन्वेंशन किया था। जो पहला नोबेल प्राइज है वो 1901 में अवार्ड किया गया था। नोबेल प्राइज हर साल दिए गए हैं। सिर्फ दो बार को छोड़ के। एक वर्ल्ड वॉर वन के पीरियड में बिटवीन 1914 टू 198। एक बार वर्ल्ड वॉर सेकंड के टाइम पे बिटवीन 1939 टू 1949।
इट इज फॉर्मली प्रेजेंटेड ऑन दिसंबर 10th जो अल्फ्रेड नोबेल का डेथ एनिवर्सरी है। उस दिन इसे प्रेजेंट किया जाता है। ये मेडल सिक्स फील्ड में दिए जाते हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री, फिजियोलॉजी, मेडिसिन, लिटरेचर, पीस एंड इकोनॉमिक साइंसेस।
इन फील्ड में ये दिया जाता है। सारे मेडल्स जो अपने नोबेल प्राइज है वो शुरू में ही बता दिए गए थे। बट एक नोबेल प्राइज बाद में ऐड किया गया जो कि 1968 में ऐड किया गया व्हिच वाज़ इकोनॉमिक साइंसेस का। तो इकोनॉमिक साइंसेस का यहां पे नोबेल प्राइज 1968 में ऐड किया गया जिसे स्वरजस
रिस्क बैंक देता है जो कि एक स्वीडिश सेंट्रल बैंक है। तो कौन सा प्राइस कौन देता है ये हमें याद रखना जरूरी है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और इकोनॉमिक्स का प्राइस देती है रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ़ साइंसेस। लिटरेचर का प्राइज देती है स्वीडिश एकेडमी स्टॉकहोम स्वीडन में और मेडिसिन या फिजियोलॉजी का नोबेल प्राइज देती है नोबेल
असेंबली एट कैरोलिंस का इंस्टट्यूट। तो ये जो अपने चार प्राइेस हैं सॉरी पांच प्राइिस हैं ये सभी कहां दिए जाते हैं? स्वीडन में दिए जाते हैं। ठीक है? स्टॉकहोम स्वीडन में। सिर्फ इकलौता ऐसा प्राइज है नोबेल पीस प्राइज जो कि नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी देती है ओस्लो नॉर्वे में। ये डिफरेंस आपको याद रखना है।
नोबेल फाउंडेशन 29 जून 1900 को सेटअप किया गया था। एक और इंपॉर्टेंट रूल है नोबेल प्राइज को पॉसिमसली नहीं दिया जा सकता। बट 1974 से ये लाया गया कि अगर किसी इंसान की डेथ प्राइस डिक्लेअ होने के बाद होती है तो उसे वो प्राइस दिया जाएगा। अदरवाइज अगर किसी की डेथ हो चुकी है तो वो प्राइज उसे नहीं दिया जा सकता। दैट इज द रीज़न महात्मा गांधी को अभी तक नोबेल प्राइज क्यों नहीं दिया गया? उस टाइम पे दिया गया अब नहीं
दिया गया है। ठीक है? अब केमिस्ट्री में नोबेल प्राइज किसे मिला? केमिस्ट्री में नोबेल प्राइज मिला हेनरी बी कागन और कैंसो स्वाई को। क्यों मिला? इसको मैं कवर नहीं करने वाला हूं। बहुत डिटेल में मैंने उस दिन कवर किया था भाई। उसको ध्यान से देख लेना। अभी हम सिर्फ कीवर्ड्स पे ध्यान देते हुए आगे बढ़ेंगे। ओके? हम सिर्फ कीवर्ड्स पे ध्यान देते हुए आगे बढ़ेंगे।
इनका डिस्कवरी क्या था कि कैसे कीवर्ड्स मैं आपको बता रहा हूं। एसिमेट्रिक सिंथेसिस और ऑटो कैटालिसिस। ये दो टर्म आपको ध्यान रखना है। एसिमेट्रिक सिंथेसिस और ऑटो कैटालिसिस पे इन्होंने वर्क किया था। जिस वजह से इन दोनों को क्या दिया गया? केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज दिया गया।
ऑटो कैटालिसिस नॉन लीनियर इफ़ेक्ट। बेसिकली अपना जो एसिमेट्रिक सिंथेसिस और एसिमेट्रिक ऑटो कैटालिसिस। तो ये कीवर्ड याद रखना है आपको या कायलिटी वगैरह बट अपने को बस ये कीवर्ड याद रखना है और इनका नाम याद रखना है। तो इनको दिया गया इसलिए फिजिक्स में दिया गया फ्रांसिस हेलजन को क्यों दिया गया? इन्होंने आइस क्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जरवेटरी बनाया। अगेन नाम
याद रखना है। क्या काम किया का? कीवर्ड याद रखना है। ठीक है? ये दोनों ध्यान में रखना। बाकी डिटेल में ऑलरेडी मैंने उस वीडियो में कवर किया हुआ है। तो ये दोनों हमें ध्यान रखने हैं। उसके बाद लिटरेचर में दिया गया कनेडियन पोएट एन ए कार्सन को 2026 का नोबेल प्राइज लिटरेचर में। ठीक है? तो ये कनाडियन पोएट हैं एन कार्लसन।
फिजियोलॉजी में किसे दिया गया? तीन लोगों को। कार्ल डिसोरथ, पीटर हेगमन एंड जॉर्ज नागिल। इन्हें क्यों दिया गया? इन्होंने बनाया है ऑप्टोजेनेटिक्स के थ्रू आयन चैनल्स के लिए स्टडी करने वाला क्या? अपना एक डिस्कवरी। तो आप ब्रेन सेल को क्या
कीवर्ड याद रखना है? ब्रेन सेल आपका एक कीवर्ड है और ऑप्टोजेनेटिक्स आपका एक कीवर्ड है। ऑप्टोजेनेटिक्स मतलब लाइट को यूज़ करके ब्रेन सेल की हम यहां पे स्टडी करते हैं। और एक कीवर्ड आपको याद रखना है चैनल रोडोप्सिन। यह वो एल्ग है। यह वो एल्ग अह यह वो अपना अम् प्रोटीन है जो कि एल्ग में पाया जाता है। सो, किसे मिला? इन तीन लोगों को मिला और ऑप्टोजेनेटिक्स।
ठीक है? ये तीन लोगों को मिला और ऑप्टोजेनेटिक्स ब्रेन सेल के लिए इन्हें दिया गया। इसके बाद इकोनॉमिक्स में किसे दिया गया? रॉबर्ट ई हॉल को और माइकल वुडफोर्ड को। क्यों दिया गया? फॉर माइक्रोइकोनॉमिक फाउंडेशंस ऑफ माइक्रोइकोनॉमिक स्टेबलाइजेशन। यह नाम याद रख लेना दोनों का और क्यों दिया गया यह याद रख लेना। पूरा समझने में आपको बहुत टाइम लगेगा। वो मैंने समझाया है उस लेक्चर में। और नोबेल पीस प्राइज किसे दिया गया?
साउथ अफ्रीकन जरिस्ट जो कि एक इंडियन डिसेंट की है तमिलनाडु से जिनका नाम है नवनेथम नवी पिल्लई। इनको दिया गया 2026 का नोबेल पीस प्राइज। यह आईसीसी की जज भी रह चुकी है। इन्हें मेन क्यों दिया गया? क्योंकि इन्होंने बहुत ज्यादा वर्क किया है किस चीज के लिए?
ह्यूमन राइट्स के लिए और रोहिंग्या जीनोसाइट के केसेस पे। तो इन्हें यह दिया गया है क्या? प्राइज। किन्हें? नवी पिल्लई को इस साल का नोबेल पीस प्राइज दिया गया। बाकी ये वही आईसीसी अगेन जो मैंने आपको स्टोरी बताया था। तो वही अपना ये पूरा स्टोरी है। ये आपको नोट्स में मैं दे दूंगा इसे रीड कर लेना ध्यान से। ओके? ये इंपॉर्टेंट फैक्ट्स याद रख लो। फर्स्ट विनर फिजिक्स के फर्स्ट विनर थे विलियम
विलहम कोड रडगन। फिजिक्स का पहला नोबेल प्राइज इन्हें दिया गया था। केमिस्ट्री का पहला दिया गया था जैकोब वेंटहॉफ को। मेडिसिन का दिया गया था एमिल वन बहरिंग को। लिटरेचर का दिया गया था सली प्रधोम को। पीस का दिया गया था हेनरी डनांड को जो कि रेड क्रॉस के फाउंडर हैं। एंड इकोनॉमिक्स का दिया गया था रेगनार फ्रिश को। ये स्टैटिक जीके के लिए इंपॉर्टेंट
है। नोबेल प्राइज के नोटेबल फर्स्ट की अगर मैं बात करूं तो फर्स्ट वुमेन मैरी क्यूरी फिजिक्स में 1903 में दिया गया था। फर्स्ट ऑर्गेनाइजेशन वाज़ इंस्टट्यूट ऑफ इंटरनेशनल लॉ पीस का दिया गया था 1904 में। और फर्स्ट एशियन वाज़ डबिंद्रनाथ टैगोर 1913 में लिटरेचर के लिए इन्हें यह पीस प्राइज
दिया गया था। कोई डाउट यार नोबेल प्राइज के टॉपिक में? क्लियर है भाई? क्लियर है यहां तक? परफेक्ट। बस रटना है यार। ये तो नोबेल प्राइज ऐसा टॉपिक है जिसमें सिर्फ रट्टाफिकेशन है। कोई कांसेप्ट कुछ नहीं। कांसेप्ट टॉपिक समझने में होता है।
अदरवाइज़ सिर्फ रटते जाओ, रटते जाओ, रटते जाओ। अब इसमें हमारा आता है टेनिस के ग्रैंड स्लैम्स। ओके? टेनिस के ग्रैंड स्लैम्स। एक बार आप थोड़ा देख लो। सिर्फ ये याद रखना है सिंगल्स में किसने-किसने जीता। उससे ज्यादा की जरूरत नहीं पड़ती एग्जाम में। ये तो आ गया तो भी बड़ी बात है। आ सकता है बट बड़ी ही बात है क्योंकि क्लैट स्पोर्ट्स में जाता है तो यहां पे तो नहीं जाएगा। बट अगर चले गया हु नोज़ क्लैट कुछ भी कर सकता है। तो सिंगल से आगे
मेरे ख्याल से नहीं जाना चाहिए। अब ये क्या करेगा देखना। इस साल टोटल चार ग्रैंड स्लैम होते हैं। हर साल टोटल चार ग्रैंड स्लैम होते हैं। कौन-कौन से? याद रखना। आफ्रेवियू ठीक है? आफ्रे व्यू ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विंबलडन ओपन और यूएस ओपन। ठीक है? ये जो ऑस्ट्रेलियन ओपन है ये हार्ड कोर्ट में होता है।
फ्रेंच ओपन जो है वो क्ले कोर्ट में होता है। विंबल्डन ओपन जो है वो ग्रास कोर्ट में होता है। और ये ओल्डेस्ट है और यूएस ओपन जो है अपना यूएस ओपन। ओके? यूएस ओपन कहां पे होता है? ये होता है हार्ड कोर्ट में।
तो यह कोट याद रखना है और कहां-कहां होते हैं यह आपको याद रखने हैं। अब इनका सीक्वेंस भी यही होता है। सीक्वेंस में सबसे पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन होता है। फिर फ्रेंच ओपन होता है। फिर विंबल्डन ओपन होता है। फिर यूएस ओपन होता है। इसके बेसिस पे ऑस्ट्रेलियन ओपन को इस साल जीतने वाले खिलाड़ी हैं कार्लोस एल्करास मेन सिंगल्स में।
ठीक है? और वुमेन सिंगल में इलेना रिबाकीना इन्होंने जीता फीमेल सिंगल्स ने। डबल्स को एक बार आप लोग नोट कर लेना बट सिंगल्स जान लिए तो काफी है। फ्रेंच ओपन जीता है एलेग्जेंडर ज्वेरेव ने। ठीक है? यह मैन सिंगल्स जीता है और फीमेल जीता है मीरा आंद्रीवा ने।
सारे सिंगल्स मैं आपको बता रहा हूं। विंबल्डन ओपन जीता है जेनिक सिनर ने। सिंगल्स और फीमेल जीता है लिंडा नोस्कोवा ने। फीमेल सिंगल्स।
यूएस ओपन किसने जीता है? अगेन ज्वेरेव ने फिर से यूएस ओपन जीता। टेल्टन को हरा के मेंस का और वुमेन का सिंगल्स किसने जीता? अगेन रिबाकीना ने। ये है इस साल के विनर्स की लिस्ट।
एल्करेज़ ने इसी के साथ एक रिकॉर्ड बना लिया। वो यंगेस्ट मैन बन गए अपने करियर में चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाले। ठीक है? जस्ट अह साथ ही साथ स्पिनर का यह फिफ्थ ग्रैंड स्लैम था। डबल्स की अगर मैं बात करूं तो वह मैं आपको नोट्स में लिख के दे दूंगा। ठीक है? उसको एक बार आप नोट डाउन कर लेना। ये याद रखना जरूरी है कि
कौन सा कहां पे होता है। ठीक है? कौन सा कहां पे होता है? कौन सा कहां पे होता है? ओके। अ भाई देखो टॉपिक आना नहीं आना ये बोलना तो इट्स अ डिफरेंट थिंग बट पढ़ाया मैंने सारा
टॉपिक था। हां वो लोग की अलग बात है। लोग सारे लेक्चर्स मेरे देखते नहीं एंड ध्यान से देखते नहीं। तो दैट्स अ डिफरेंट थिंग। मैंने वो टॉपिक अपने एमआईटी लिस्ट में भी रखा था। मैंने वो टॉपिक अपने सेशंस में भी पढ़ाया है। तो दैट्स अ डिफरेंट डील। आई डोंट थिंक लास्ट ईयर या ठीक है? सो इट्स टोटली अपॉन यू। ठीक है? चलो अब आगे इसमें हम आते हैं। जो भाई जो लोग मुझे ध्यान से देख नहीं रहे उनकी बात को सुन के मैं क्या करूंगा? अब समझना इसे।
बॉडीज कौन-कौन सी है? तो ये इसके विनर्स थे। कुछ इंपॉर्टेंट अ रिकॉर्ड्स आप देख लेना। द फर्स्ट वेरी इंपॉर्टेंट रिकॉर्ड इज़ मैन में जोकोविच ने। ठीक है? जोकोविच ने अब तक सबसे ज्यादा नंबर ऑफ ग्रैंड स्लैम्स जीते हैं। कितने? 24।
ठीक है? 24 जोकोविच ने सारे ग्रैंड स्लैम्स जीते हैं। उसके बाद वुमेन ने मार्गेट कोर्ट ने 24 अपने टोटल ग्रैंड स्लैम्स जीते हैं। मोस्ट फ्रेंच ओपन राफेल नडाल के नाम है। ठीक है? सबसे ज्यादा नंबर ऑफ फ्रेंच ओपन राफेल नडाल ने जीते हैं। सबसे ज्यादा नंबर ऑफ विंबलडन ओपन रजर फेडरर ने जीते हैं। सबसे ज्यादा नंबर ऑफ
कैलेंडर स्लैम रड लेवर ने जीते हैं। ठीक है? तो ये दो-तीन फैक्ट्स थोड़ा सा आप यहां पे ध्यान रखना। अपार्ट फ्रॉम दिस इंडियंस की मैं बात करूं तो फर्स्ट इंडियन ग्रैंड स्लैम विनर वाज़ महेश भूपति। महेश भूपति वाज़ इंडियास फर्स्ट ग्रैंड स्लैम विनर। इनको मिक्स डबल्स में गो जीत मिली थी फ्रेंच में। ठीक है? फ्रेंच ओपन में और
सानिया मिर्जा के टोटल सिक्स ग्रैंड स्लैम्स हैं। ये तो आप सभी को पता ही होगा। इंपॉर्टेंट है हमारे लिए। और रोहन बोपन्ना का रिकॉर्ड है। वो ओल्डेस्ट वर्ल्ड नंबर वन बने थे 43 इयर्स के ऐज में। क्लियर? क्लियर है भाई? सो, यह हमें ग्रैंड स्लैम्स में याद रखने होते हैं। कहां होता है, कब होता है, कौन सबसे पुराना है? ओल्डेस्ट इज द विंबल्डन ओपन। किसने-किसने जीता, किस टाइप के कोर्ट में होता है।
बाकी जो छोटे-छोटे फैक्ट्स हैं वो तो नोट्स में मैं आपको दे दूंगा। ठीक है? जो बहुत छोटे फैक्ट्स हैं ना वो मैं नोट्स में मेंशन कर दिया हूं। वो मैं यहां पे लिख नहीं रहा हूं उसे। अब यहां पर सिमिलरली एक डायरेक्ट डायरेक्ट मेडल होता है वि इज आईसीटीपी ये मेडल प्रोवाइड करती है जो कि फिजिक्स में ये मेडल दिया जाता है। ठीक है? डायरेक्ट मेडल किसे दिया जाता है? फिजिक्स में दिया जाता है। इसको
इंडियन साइंटिस्ट को ये दिया गया। द नेम इज़ दीपक धार। ठीक है? दीपक धर को यह डायरेक्ट मेडल मिला है। यह इंडिया के सेकंड बन गए जो फर्स्ट थे इससे पहले जिन्हें दिया गया था वो था अशोक सेन। अशोक सेन को इससे पहले डायरेक्ट मेडल दिया जा चुका है। तो डायरेक्ट मेडल जो है ना वो
फिजिक्स में रिसर्च करने वालों को थ्योरिटिकल फिजिक्स में रिसर्च करने के लिए दिया जाता है। और इसे देता कौन है? इसे देने वाली ऑर्गेनाइजेशन का नाम है आईसीटीपी। ठीक है? ठीक है? आईसीटीपी का फुल फॉर्म क्या है? वो भी एक बार आप नोट कर लेना। द फुल फॉर्म ऑफ़ आईसीटीपी इज़
अ इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरिटिकल फिजिक्स। ठीक है? ये बॉडी इसे देती है। इसका हेड क्वार्टर कहां है? ट्रायस्टे इटली में इसका हेड क्वार्टर है। एंड पहली बार इसे 1985 में फर्स्ट टाइम यह अवार्ड दिया गया था।
ये नोबेल लॉरेट्स को नहीं दिया जाता। ये थ्योरिटिकल फिजिक्स के लिए दिया जाता है। ठीक है? तो नोबेल प्राइज का जो फिजिक्स है वो अलग है। यहां पे प्रैक्टिकल नहीं थ्योरी वाले फिजिक्स के लिए ये अवार्ड क्या किया जाता है? दिया जाता है। जो आईसीटीपी है इसका फॉर्मेशन हुआ था 1964 में। ठीक है? आईसीटीपी का फॉर्मेशन 1964
में हुआ था। एंड इसका फॉर्मेशन किया था पाकिस्तान के एक फिजिसिस्ट ने जो कि नोबेल प्राइज विनर थे अब्दुल सलाम। ठीक है? अब्दुल सलाम वाज़ दी नेम ऑफ दी फिजिसिस्ट जिन्होंने इसे स्टार्ट किया था। तो ओके। अब
1979 से पहले शाह के शासन में ईरान इजराइल का करीबी सहयोगी था और उसने 1948 में उसे मान्यता दी थी। क्रांति के बाद अयातुल्ला खुमैनी ने इस्लामिक गणराज्य स्थापित किया और इजराइल को 'लिटिल सैटन' कहते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ दिए। तब से दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी चल रही है।
'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' ईरान द्वारा समर्थित क्षेत्रीय गठबंधन है, जो इजराइल और अमेरिकी प्रभाव का विरोध करता है। इसमें लेबनान में हिजबुल्लाह, गाजा में हमास, यमन में हौथी विद्रोही और इराक में शिया मिलिशिया शामिल हैं। हालांकि, 2024 में सीरिया में बशर अल-असद के पतन के बाद सीरिया इस गठबंधन में नहीं रहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और विश्व के 20% तेल व्यापार का मार्ग है। भारत अपने 85% से अधिक कच्चे तेल का आयात करता है, और इस जलडमरूमध्य पर किसी भी प्रकार का संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित करता है। होर्मुज में अवरोध हटने के बाद सबसे पहले भारतीय जहाज 'जग विक्रम' ने रवाना हुआ था।
एनपीटी के अनुच्छेद 10 के अनुसार, कोई भी देश अपने सर्वोच्च हितों को खतरे में पड़ने पर तीन महीने का नोटिस देकर संधि से अलग हो सकता है। वर्तमान में ईरान एनपीटी से बाहर निकलने की प्रक्रिया में है और इसके लिए एक फास्ट-ट्रैक बिल पेश किया गया है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी लंबित है। अन्य देशों में भारत, पाकिस्तान और इज़राइल ने कभी एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि उत्तर कोरिया शामिल होने के बाद अलग हो गया।
19 सितंबर 1960 को कराची में हस्ताक्षरित इस संधि के अनुसार, पूर्वी नदियाँ सतलुज, रावी और ब्यास (20% पानी) भारत को मिलीं, जबकि पश्चिमी नदियाँ सिंधु, झेलम और चेनाब (80% पानी) पाकिस्तान को। इस पर भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे, जिसमें विश्व बैंक ने मध्यस्थता की थी।
IMEC का उद्देश्य चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का मुकाबला करना है। यह एक मल्टीमॉडल परियोजना है जो मुंबई या मुंड्रा (भारत) से शुरू होकर, मध्य पूर्व से होते हुए पीरियस (ग्रीस) तक जाती है। इसमें रेल, सड़क और समुद्री मार्ग शामिल हैं, और भारत के मुंड्रा, दीनदयाल और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट इसके प्रमुख बंदरगाह हैं।
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