सैंपलिंग: बुनियादी अवधारणाएँ
पॉपुलेशन (Population): अध्ययन के लिए चुने गए सभी तत्वों (लोगों, वस्तुओं, डेटा) का पूरा सेट। सैंपल (Sample): पॉपुलेशन का एक छोटा, प्रतिनिधि भाग जिसका अध्ययन किया जाता है।
मुख्य शब्दावली
- पैरामीटर (Parameter): पॉपुलेशन के माप (जैसे माध्य, माध्यिका, मानक विचलन) को कहते हैं।
- स्टैटिस्टिक (Statistic): सैंपल के माप को कहते हैं।
- स्ट्रैटा (Strata): पॉपुलेशन को बनाने वाले सजातीय (homogeneous) समूह।
- सेंसस (Census): पॉपुलेशन के हर एक सदस्य से डेटा एकत्र करना।
प्रतीक (Symbols)
| विशेषता | पॉपुलेशन | सैंपल | |---|---|---| | आकार | N (बड़ा) | n (छोटा) | | माध्य (Mean) | μ (म्यू) | X̄ (एक्स बार) | | मानक विचलन | σ (सिग्मा) | s |
सैंपलिंग के प्रकार (Types of Sampling)
सैंपलिंग मुख्यतः दो प्रकार की होती है। इसी तरह, अन्य परीक्षाओं के लिए भी सैंपलिंग के बारे में विस्तृत जानकारी CA परीक्षा के लिए सम्पूर्ण गाइड में उपलब्ध है।
1. नॉन-प्रोबेबिलिटी/जजमेंट सैंपलिंग
- आधार: व्यक्तिगत अनुभव, ज्ञान और निर्णय।
- उदाहरण: क्रिकेट टीम चयन (कोच के अनुभव के आधार पर), ऑडिटर द्वारा विशेष खातों का चयन।
2. प्रोबेबिलिटी/रैंडम सैंपलिंग
- आधार: हर तत्व के चुने जाने की समान (equal) संभावना।
- प्रकार: निम्नलिखित चार मुख्य प्रकार होते हैं।
सिंपल रैंडम सैंपलिंग (Simple Random Sampling)
- हर तत्व के चुने जाने की संभावना बिल्कुल बराबर होती है।
- उदाहरण: एक फ्लास्क में सभी पर्चियां डालकर, बिना देखे 5 पर्चियां निकालना।
सिस्टमैटिक रैंडम सैंपलिंग (Systematic Sampling)
- एक समान अंतराल (uniform interval) पर तत्वों का चयन किया जाता है।
- प्रक्रिया: एक रैंडम स्टार्टिंग पॉइंट चुनें, फिर हर kवें (जैसे हर 20वें) तत्व को चुनें।
- उदाहरण: कॉलेज कैंपस में हर 20वें छात्र का इंटरव्यू लेना।
स्ट्रैटिफाइड सैंपलिंग (Stratified Sampling)
- पॉपुलेशन को पहले सजातीय (homogeneous) समूहों (स्ट्रैटा) में बांटा जाता है।
- फिर प्रत्येक स्ट्रैटम से (सिंपल रैंडम या सिस्टमैटिक तरीके से) सैंपल लिया जाता है।
- उदाहरण: छात्रों को लड़के और लड़कियों के समूहों में बांटकर, दोनों से सैंपल लेना।
क्लस्टर सैंपलिंग (Cluster Sampling)
- पॉपुलेशन को प्राकृतिक समूहों (क्लस्टर) में बांटा जाता है।
- कुछ क्लस्टर को रैंडमली चुनकर, उनमें से सभी या कुछ तत्वों का अध्ययन किया जाता है।
- अंतर: क्लस्टर सजातीय नहीं होते (जैसे जिले, स्कूल), जबकि स्ट्रैटा सजातीय होते हैं।
सैंपलिंग का महत्व
- सही सैंपलिंग से समय और संसाधनों की बचत होती है।
- सेंसस (पूरी जनगणना) केवल तभी किया जाता है जब पॉपुलेशन छोटी हो और सटीकता अनिवार्य हो।
- गलत सैंपलिंग (फॉल्टी सैंपल) गलत निष्कर्ष और निर्णय की ओर ले जाती है। आप CS प्रोफेशनल IBC रिवीजन: इनसॉल्वेंसी, बैंकरप्सी और लिक्विडेशन का बेसिक कॉन्सेप्ट में इसी तरह के अन्य महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन कर सकते हैं।
हेलो डियर बैंकर्स नमस्कार गुड इवनिंग आप सभी दोस्तों का स्वागत है हमारे सीएआईबी की क्लास में ऑफिसर्स ऑन ट्रैक हमारी ये
क्लासेस है जहां पर हम सीएआईबी के इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स को फुलफिल और कंप्लीट पढ़ते हैं। तो दोस्तों, यहां पर
हमारा एबीएम एडवांस बैंक मैनेजमेंट जो पहला पेपर है, यहां पे हम मॉड्यूल ए क्लास नंबर सिक्स आज हम लोग कवर करेंगे। टाइप ऑफ
सैंपलिंग। ठीक है दोस्तों? ये क्लास मिस हो गई थी बट ये आपके लिए इंपॉर्टेंट है। तो जरूरी है कि ये आपको कवर होनी चाहिए
आपके इस क्लास में। तो चलिए स्टार्ट करते हैं फटाफट। और दोस्तों मेरा नाम है अरविंद सर। आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं हमारे
tlegram चैनल जे एआईबी सीआईबी बाय अरविंद सर या क्यूआर कोड को स्कैन करके भी आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं। तो सबसे पहले
हमें दो वर्ड्स के बारे में समझना होगा जो इंपॉर्टेंट है और हमें पता भी होना चाहिए। पहला होता है पॉपुलेशन। अगर आप पापुलेशन
के बारे में जानेंगे तभी आप कंफर्म कर पाएंगे कि सैंपल होता क्या है। ठीक है? वैसे तो हम प्रीवियस क्लासेस में आपको
दो-तीन बार पढ़ा चुके हैं कि पॉपुलेशन क्या है और सैंपल क्या है। बसशर्ते हमें समझ में आए। स्टैटिस्टियंस
यूज द वर्ड पॉपुलेशन टू रेफर नॉट ओनली टू द पीपल बट ऑल आइटम्स दैट आर टू बी स्टडीज। तो अगर स्टैटिस्टियंस की बात करें जो
हमारे सांख्यिकी विद होते हैं उनका कहना है कि जब हम पापुलेशन की बात करते हैं तो जिस चीज की हम स्टडी कर रहे हैं या जो भी
लोग जिन जिनके ऊपर हम सर्वे कर रहे हैं उनका जो एंटायर डेटा ऑफ कलेक्शन होता है उसे हम कहते हैं पॉपुलेशन। ठीक है
दोस्तों? अब सैंपल क्या होता है? अ सैंपल इज द पार्ट ऑफ और सबसेट ऑफ द पापुलेशन सिलेक्टेड टू रिप्रेजेंट द एंटायर ग्रुप।
अब उस पापुलेशन का एक पार्ट जिसे स्टैटिस्टियन ने या रिस्चर ने सेलेक्ट किया स्टडी करने के लिए और उस पर स्टडी
करके जो कंक्लूजन निकाला उससे उसने अपनी पूरी पापुलेशन को रिप्रेजेंट कर दिया। दैट इज कॉल्ड सैंपल। सो द व्हाट सैंपल इज
यूज्ड टू डिस्क्राइब द पोर्शन चूजिंग फ्रॉम द पपुलेशन इन अदर वर्ड। पॉपुलेशन में से हम जिस पोर्शन को चूज़ करते हैं,
उसे हम सैंपल कहते हैं। ठीक है दोस्तों? नाउ अब क्या लिखा है? वी कैन डिस्क्राइब सैंपल्स एंड पॉपुलेशंस यूजिंग मीन,
मीडियन, मोड, स्टैंडर्ड डेविएशन मेजर्स। हम अपनी सैंपल्स और पापुलेशन को कैसे डिस्क्राइब करते हैं? जब हम उनका मीन,
मोड, मीडियन, स्टैंडर्ड डेविएशन कैलकुलेट करते हैं। सो व्हेन दीज़ टर्म डिस्क्राइब अ सैंपल दे कॉल्ड स्टैटिस्टिक्स।
और व्हेन दीज़ टर्म डिनोट द पॉपुलेशन दे कॉल्ड पैरामीटर। ठीक है दोस्तों? पापुलेशन को जब यही मीन, मीडियन मोड रिप्रेजेंट
करेंगे तो उसे हम पैरामीटर कहेंगे। क्या कहेंगे दोस्तों? पैरामीटर कहेंगे। और जब वो हमारे सैंपल को रिप्रेजेंट करेंगे तो
उसको हम स्टैटिस्टिक कहेंगे। सो व्हेन दीज़ टर्म डिस्क्राइब अ पपुलेशन दे आर कॉल्ड पैरामीटर। तो मैंने ऑलरेडी आपको बता दिया
है। अब देखिए मीन हमारी एवरेज वैल्यू होती है दोस्तों। मीडियन हमारा जो मिडिल टर्म होता है वो होता है दोस्तों। और मोड हमारा
सबसे ज्यादा जो रिपीट हुआ टर्म है हमारे डेटा सेट में वो हमारा मोड होता है दोस्तों। तो इस डेटा सेट में सबसे ज्यादा
बार टू रिपीट हुआ है थ्री टाइम्स। तो मोड हमारा क्या है? टू। क्या एक से ज्यादा मोड हो सकते हैं? बिल्कुल हो सकते हैं। अगर
मान लीजिए तीन बार ये चार इसी में मैं ऐसे कर देता चार। तो चार भी तीन बार हो जाता तो टू एंड फोर इज़ आवर मोड। डन है? क्लियर
है? तो उसे हम क्या कहते हैं? मल्टी मोड कहते हैं। ठीक है दोस्तों? उसको हम क्या कहते हैं? मल्टी मोड कहते हैं। ठीक है?
नाउ अब आगे अगर हम बढ़ें तो हम क्या देखते हैं कि हमें कुछ सिंबल्स दिए गए हैं। हमें अपनी पापुलेशन और सैंपल को रिप्रेजेंट
करने के लिए कुछ सिंबल। जब हम बात पपुलेशन की करते हैं तो पापुलेशन की जो कररेक्टरिस्टिक्स होती है वो पैरामीटर
कहलाती है। और पॉपुलेशन में जो नंबर ऑफ आइटम्स होते हैं यानी साइज उसे हम कैपिटल n से रिप्रेजेंट करते हैं। पॉपुलेशन के
मीन को हम μ से रिप्रेजेंट करते हैं और स्टैंडर्ड डेविएशन को सिग्मा से रिप्रेजेंट करते हैं। दे आर ग्रीक
सिंबल्स। ठीक है? जब हम सैंपल्स की बात करते हैं तो पार्ट ऑफ़ द पॉपुलेशन होता है और इसके जो कैरेक्टरिस्टिक्स हैं उसको
स्टैटिस्टिक्स कहते हैं। साइज़ यहां पे स्मॉल n होता है। मीन यहां पे x बार होता है। स्टैंडर्ड डेविएशन यहां भी क्या होता
है? सिग्मा होता है और ये हमारे रोमन सिंबल्स होते हैं। तो स्टार्ट क्या होता है? जब हम सैंपलिंग पढ़ते हैं तो वहां पे
हमें जरूरत होती है पढ़ने की स्टार्ट। व्हाट इज स्टार्ट? देखिए स्टारटा स्टारटा। स्टार्टा माने होता है होमोजनियस
ग्रुप। होमो जीनियस ग्रुप। क्या होता है? होमोजनियस ग्रुप।
ठीक है दोस्तों? होमोजनियस जो ग्रुप होता है उसको हम स्टार्ट कहते हैं। कैसे समझिए? जैसे मान लीजिए ये हमारी पापुलेशन है। यह
हमारी क्या है? पॉपुलेशन। कैसे देखते हैं? ये हमारी पॉपुलेशन है। ठीक? अब हम इसमें सैंपलिंग करने के पहले सैंपलिंग करने के
पहले अगर मैं क्या बना देता हूं? अगर सैंपलिंग करने के पहले मैं इनको होमोजनियस ग्रुप में अगर डिवाइड
कर लेता हूं। कैसे? सैंपलिंग करने के पहले अगर मैं होमोजनियस ग्रुप इनके बना लेता हूं। ठीक है दोस्तों?
सैंपलिंग करने के पहले इनके होमोजनियस ग्रुप अगर मैं बना लेता हूं। तो इन होमोजनियस ग्रुप को ही हम क्या कहते हैं?
स्टार्ट। ये जो होमोजनियस ग्रुप मैंने बनाए हैं, दिस इज़ कॉल्ड स्टार्ट। इसके बाद हम क्या करेंगे? हम अपना सैंपलिंग का कोई
भी मेथड यूज़ करके हम सैंपलिंग करेंगे। ठीक है दोस्तों? तो स्टार्ट क्या होता है? व्हेन वी डिवाइड द पपुलेशन। हमारी जो ये
पपुलेशन है, क्या है दोस्तों? पॉपुलेशन है। जब हम अपनी पापुलेशन को डिवाइड करते हैं इंटू रिलेटिवली होमोजनियस ग्रुप। हमने
अपनी पॉपुलेशन को होमोजनियस ग्रुप में डिवाइड कर लिया। दीज़ ग्रुप्स आर कॉल्ड स्टार्ट। सो लाइक स्टूडेंट डिवाइडेड इंटू
गर्ल्स एंड बॉयज। जब हम अपने स्टूडेंट्स को गर्ल्स और बॉयज के दो होमोजनियस ग्रुप में डिवाइड करते हैं, उसे स्टार्ट कहेंगे।
यानी स्टूडेंट के केस में हमें दो स्टार्ट मिलेंगे। एक बॉयज का, एक गर्ल्स का। ठीक है दोस्तों? अब देखिए आगे क्या है? आगे की
अगर हम बात करें तो आगे क्या है? सैंपलिंग। सैंपलिंग क्या होता है? सैंपलिंग इज द प्रोसेस यूज्ड इन
स्टैटिस्टिकल एनालिसिस इन व्हिच प्रीडटरमाइन नंबर ऑफ ऑब्जरर्वेशंस आर टेकन फ्रॉम अ लार्ज पॉपुलेशन। जब हमारे पास एक
लार्ज पापुलेशन होती है और इस पापुलेशन में से हम क्या एक सेक्शन को सेलेक्ट करते हैं अपनी स्टडी के लिए तो दैट इज कॉल्ड
सैंपल। सो मेथोडोलॉजी यूज टू सैंपल फ्रॉम अ लार्ज पॉपुलेशन डिपेंड्स ऑन द टाइप ऑफ एनालिसिस बीइंग परफॉर्म्ड। अब आप कौन सी
सैंपलिंग करेंगे? किस तरीके से अपना सैंपल चुनेंगे, यह डिपेंड करेगा कि आप कौन सा मेथोडोलॉजी या किस प्रकार का एनालिसिस
करने जा रहे हैं। तो सबसे पहले अगर हम सैंपलिंग की बात करें तो सैंपलिंग में हमें जिन बातों का ध्यान रखना चाहिए
सैंपलिंग प्रॉपर्ली चूज इन आपको प्रॉपर्ली सैंपल को चूज़ करना पड़ेगा। अगर आप प्रॉपर्ली सैंपल नहीं लेंगे तो आपका जो
कंक्लूजन है वो गलत हो सकता है। क्योंकि अगर आप बाय सैंपल ले लेंगे तो आपका रिजल्ट गलत हो जाएगा। यानी डिसीजन तो बाद में
लेंगे। जब आपका रिजल्ट ही गलत होगा उस पे जो डिसीजन लेंगे वो भी गलत होगा। इफ वी प्रिपेयर फौल्टी सैंपल। अगर हमारा
फौ्टी सैंपल होगा तो डिसीजन विल बी रॉन्ग। इफ वी कलेक्ट डेटा फ्रॉम ईच पर्सन देन इट इज़ नोन ऐ सेंसस। अगर हम अपने सभी जैसे ये
हमारी क्या है? पॉपुलेशन है। और पॉपुलेशन में जितने भी लोग हैं अगर हम सभी लोगों से अपना डेटा कलेक्ट करते हैं सभी लोगों से।
तो इसे फिर कहा जाता है सेंसस। क्या कहा जाता है? सेंसस कहा जाता है। ठीक है? सेंसस कहा जाता है। ठीक है दोस्तों? डन
है? क्लियर है? नाउ। अब देखिए टाइप ऑफ सैंपलिंग। सैंपलिंग दो ही प्रकार की होती है। पहला होता है नॉन रेंडम और जजमेंट
सैंपलिंग और दूसरी होती है रैंडम और प्रोबेबिलिटी सैंपलिंग। सो नॉन जज नॉन रैंडम का मतलब क्या है? नॉन रैंडम में हम
जजमेंट अपने एक्सपीरियंस के आधार पे सैंपल्स उठाते हैं। जैसे अगर कोई क्रिकेट मैच खेला जाना है तो हम जब अपनी टीम को
सेलेक्ट करते हैं। टीम को क्या करते हैं? सेलेक्ट करते हैं तो टीम को सेलेक्ट करते समय हम अपनी एक्सपर्टाइज या कोच अपनी
एक्सपर्ट कप्तान अपने एक्सपीरियंस है ना और अपने जजमेंट के आधार पे टीम सेलेक्ट करता है बैंक में जब भी क्या होता है ऑडिट
क्या होता है दोस्तों ऑडिट तो जो ऑडिटर आता है वो हर एक अकाउंट को ऑडिट नहीं करता अगर मान लीजिए कोई ऑडिटर आया ऑडिटर
एग्रीकल्चर लोन में एक्सपर्ट है तो वह किसी भी एग्रीकल्चर लोन में से कोई एक एग्रीकल्चर लोन उठाएगा उसका ऑडिट करेगा
अगर उसको सब कुछ सही मिला तो वह समझेगा कि सब सही है और अगर गड़बड़ मिला तो वह ऑडिट में फिर काम
काम में आगे बढ़ेगा। ठीक है? अब इन दिस सैंपलिंग वी यूज़ नॉलेज एंड पर्सनल ओपिनियन फॉर सेलेक्ट आइटम। ठीक है
दोस्तों? सो जब हम सैंपलिंग करते हैं जजमेंट सैंपलिंग तो यहां पे नॉलेज के आधार पे पर्सनल ओपिनियन के आधार पे हम आइटम्स
को सेलेक्ट करते हैं। अगला पॉइंट रैंडम सैंपलिंग। रेंडम सैंपलिंग की अगर हम बात करें तो रैंडम सैंपलिंग प्रोबेबिलिटी
सैंपलिंग होती है और यहां पे हर एक एलिमेंट के सेलेक्ट होने के इक्वल चांस होते हैं। कैसे चांस होते हैं? इक्वल। सो
प्रोबेबिलिटी सैंपलिंग मेथड इज़ एनी मेथड ऑफ़ सैंपलिंग यूटिलाइज़ सम फ्रॉम ऑफ़ रेंडम सिलेक्शन। सो इन ऑर्डर टू हैव अ रैंडम
सिलेक्शन मेथड यू मस्ट सेट अप सम प्रोसेस और प्रोसीजर दैट अस्योर दैट डिफरेंट यूनिट्स इन योर पॉपुलेशन हैव इक्वल
प्रोबेबिलिटीज़ ऑफ़ बीइंग चूजन। तो सबके इक्वल सिलेक्ट होने के चांस होंगे। अब जो हमारा दूसरा रैंडम सैंपलिंग या
प्रोबेबिलिटी सैंपलिंग है। ये भी चार प्रकार की होती है। पहला सिंपल रैंडम सैंपलिंग। दूसरा होता है सिस्टमैटिक रेंडम
सैंपलिंग। तीसरा होता है स्टार्टफाइड सैंपलिंग। चौथा होता है क्लस्टर सैंपलिंग। ठीक है दोस्तों? तो सबसे पहले अगर हम बात
करें किसकी? सिंपल रैंडम सैंपलिंग की। तो क्या होता है? सिंपल रैंडम सैंपलिंग। सिंपल रैंडम
सैंपलिंग में हां सिंपल रैंडम सैंपलिंग। सेलेक्ट सैंपल बाय मेथड दैट अलाउ ईच पॉसिबल सैंपल टू हैव
एन इक्वल प्रोबेबिलिटी ऑफ़ बीइंग पिक्ड एंड ईच आइटम इन द एंटायर पॉपुलेशन टू हैव एन इक्वल चांस। ओर बीइंग इंक्लूड इन द सैंपल।
तो जैसे मान लीजिए आपका ये फ्लास्क है। ये क्या है दोस्तों? आपके पास एक फ्लास्क है और इसमें कुछ पर्चियां डाली गई। तो जब
पर्ची में से हम अपने मान लो पांच पर्ची उठानी है। हमारे सैंपल में हमें पांच पर्ची उठानी है। फाइव चिट्स उठानी है। ठीक
है? तो अगर मैं इनको बार-बार घुमा के पांच बार पांच पर्ची निकालूंगा तो पांच कोई भी पर्ची निकलती है। दैट इज कॉल्ड सिंपल
रैंडम सैंपलिंग। है ना? सबके इक्वल चांस है सिलेक्ट होने के। ठीक? फिर दूसरा आता है सिस्टमेटिक सैंपलिंग। सिस्टमेटिक
सैंपलिंग में भी सबके इक्वल चांस होते हैं। बट हम सेलेक्ट करते समय कोई ना कोई मेथड या सिस्टम को हम यूज़ करते हैं। जैसे
अगर हम बात करें दोस्तों ये हमारी पॉपुलेशन है। ये हमारी क्या है? पॉपुलेशन। अब हमने क्या मेथड यूज़ किया? हमने कहा
एव्री थर्ड पर्सन को हम अपने सैंपल में चुनेंगे। ठीक? तो तीसरा, छठवां और नौवां हमने चुना। ये हमारा सैंपल हो गया। दैट इज़
कॉल्ड सिस्टेटिक। अगर मैं कहता कि मैं एव्री सेकंड स्टूडेंट को चुनूंगा तो मेरा सैंपल क्या बनता दोस्तों? मेरा सैंपल बनता
2 4 6 और एट। ये मेरा सैंपल बनता। तो सबके इक्वल चांसेस हैं। बट यहां पे हम क्या करते हैं? सिस्टमैटिक कोई मेथड यूज़ करके
ही सेलेक्ट करते हैं। सो इन सिस्टमैटिक सैंपलिंग एलिमेंट्स आर सेक्टेड फ्रॉम द पपुलेशन एट अ यूनिफॉर्म लेवल दैट मेज़र्स
इन टाइम ऑर्डर और स्पेस। ठीक है? सो इफ वी वांट टू इंटरव्यू एव्री 20थ स्टूडेंट ऑन द कॉलेज कैंपस वी वुड चूज़ इन रैंडमली
स्टार्टिंग पॉइंट और उस स्टार्टिंग पॉइंट से जो हमारा फर्स्ट 20 नेम होंगे इन द स्टूडेंट डायरेक्टरी एंड देन पिक एव्री
20थ नेम देयर आफ्टर। तो अगर मैं हर 20वें बच्चे का इंटरव्यू लेना चाहता हूं तो मैं क्या करूंगा? मैं 20वें बच्चे का जब भी
इंटरव्यू लेने जाऊंगा तो मुझे कोई एक स्टार्टिंग पॉइंट चूज़ करना होगा। उसके बाद हर 20वें बच्चे का मैं इंटरव्यू लेता चला
जाऊंगा। जो हर 20वां बच्चा सिलेलेक्ट हो रहा है दैट इज़ कॉल्ड आवर सैंपल। और ये सैंपल में हमने क्या
फॉलो किया? एक सिस्टमैटिक तरीका एव्री 20थ स्टूडेंट। सो दैट इज़ कॉल्ड सिस्टेटिक सैंपलिंग। फिर आता है दोस्तों क्लस्टर
सैंपलिंग। क्लस्टर सैंपलिंग अभी हमने पढ़ा। सॉरी स्ट्राटाफाइट सैंपलिंग। स्टाटाफाइट सैंपलिंग अभी हमने पढ़ा। हमें करना क्या
होता है यहां पे? सबसे पहले हमें अपने पापुलेशन से पापुलेशन से पापुलेशन को हमें डिवाइड करना होता है होमोजनियस ग्रुप में।
किसमें? होमो जीनियस ग्रुप में हम अपनी पापुलेशन को पहले डिवाइड करते हैं। और ये होमोजनियस पॉपुल
जो ग्रुप होते हैं ये कहलाता है स्टार्ट। क्या कहलाता है दोस्तों? स्टार्ट। तो हम अपनी स्टार्ट पहले बना लेंगे। और
स्टार्टअप बनाने के बाद हम किसी भी मेथड का चाहे आप सिंपल रैंडम सैंपलिंग
ठीक या सिस्टमैटिक सिस्टमैटिक इनमें से कोई भी सैंपलिंग का यूज़ करके अपना सैंपल चूज़ कर सकते हैं। ठीक है
दोस्तों? तो इसको हम एग्जांपल के थ्रू देखते हैं। सपोज़ दिस इज़ आवर पॉपुलेशन। ठीक है? और इस पॉपुलेशन में से हमने चार सेम
टाइप के ग्रुप सेलेक्ट कर लिए। ये मेरा स्टार्ट वन है। ये मेरा क्या है दोस्तों? ये मेरा स्टार्ट वन है। ये क्या है?
स्टारटा। सबसे पहले हमने अपनी पॉपुलेशन को होमोजेनियस ग्रुप में डिवाइड कर लिया। स्टार्ट वन
स्टार्ट टू स्टारटा थ्री और स्टारटा फोर।
ठीक? अब इसमें से हम सिंपल रैंडम सैंपलिंग का यूज़ करके हमने अपना सैंपल सेलेक्ट कर लिया। तो अब जब हम सैंपल बनाएंगे तो हमें
चारों स्टार्ट में से कुछ ना कुछ एलिमेंट मिलेंगे। दैट इज़ कॉल्ड आवर सैंपल। ठीक है? फिर आता है क्लस्टर सैंपलिंग। क्लस्टर
सैंपलिंग में क्या डिफरेंस है? स्टार्ट सैंप स्ट्राफाइड सैंपलिंग से। देखो स्टार्टफाइड सैंपलिंग में स्टार्ट
फाइट सैंपलिंग में हम अपनी पापुलेशन को
डिवाइड करते हैं होमोजनियस ग्रुप में फर्स्ट। ठीक? वहीं पे अगर हम क्लस्टर सैंपलिंग की
बात करते हैं। तो क्लस्टर सैंपलिंग में हम अपनी पापुलेशन को
सिर्फ ग्रुप में डिसाइड ग्रुप में डिवाइड करते हैं। ग्रुप में डिवाइड करते हैं ना कि होमोजनियस। ठीक है? और इसके बाद हम
सैंपलिंग करते हैं। यहां पर भी सैंपलिंग का कोई भी मेथड सिंपल रैंडम सैंपलिंग या फिर आप सिस्टमेटिक रैंडम सैंपलिंग कोई भी
यूज़ कर सकते हैं। और यहां पे भी वही प्रोसेस है। बस डिफरेंस इतना है कि यहां पे हम कॉमन ग्रुप डिवाइड करते हैं और यहां
पे हम होमोजनियस ग्रुप डिवाइड करते हैं। ठीक है? बस याद रखिएगा इतना ही डिफरेंस है। तो देखिए क्या है? क्लस्टर सैंपलिंग
इज़ अ प्रोबेबिलिटी सैंपलिंग मेथड इन व्हिच यू डिवाइड अ पॉपुलेशन इंटू क्लस्टर। आप अपनी पापुलेशन को क्लस्टर में डिवाइड करते
हैं। तो ये मेरी जो पापुलेशन है, इसको मैंने अलग-अलग क्लस्टर में डिवाइड कर लिया। दैट इज़ आवर क्लस्टर। और ये क्लस्टर
क्या होमोजनियस है? नहीं। हो भी सकता नहीं भी। ठीक है दोस्तों? फिर क्या लिखा है? पॉपुलेशन क्लस्टर सच एज डिस्ट्रिक्ट और
स्कूल एंड देन रैंडमली सेलेक्ट सम ऑफ दिस क्लस्टर एज योर सैंपल। आप किसी भी से क्लस्टर को अपने सैंपल के तौर पर चूज़ कर
सकते हैं। तो, यह हमारा टाइप ऑफ सैंपलिंग था दोस्तों। ठीक है? और आज की क्लास में बस इतना ही। आई होप आप सभी को क्लास
क्लियर सही से समझ में आई होगी। और अगर आपके पास कोई डाउट्स हैं या आप एबीएम के रिगार्डिंग कोई भी डिस्कशन करना चाहते हैं
सीआईबी के रिगार्डिंग डिस्कशन करना चाहते हैं आप हमारे Telegram को जॉइ कर सकते हैं। और आपके लिए यहां पे एग्जाम
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दोस्तों और इस ऑफर पे आपको मिल रहा है 85% डिस्काउंट। तो आप हमारे 85% डिस्काउंट हमारे लाइव बैचेस और महा पैक पर प्राप्त
कर सकते हैं। और अगर आप अपनी कंप्लीट प्रिपरेशन सीएआईबी की करना चाहते हैं तो सीएआईबी महा पैक आपके लिए
सबसे बेस्ट होता है। और इस महा पैक में आपको मिलता है 85% डिस्काउंट। ठीक है दोस्तों? सो लीस्ट प्राइस में आप सिक्स
मंथ, 12 मंथ और 24 मंथ का महापक सब्सक्राइब कर सकते हैं। अब महापक से ही तैयारी क्यों करें? महापैक के लिए सबसे
इंपॉर्टेंट है वन स्टॉप सॉल्यूशन फॉर सीआईबी प्रिपरेशन। मींस जब आप सीएआईबी एग्जाम के लिए पार्टिसिपेट करते हैं तो
आपको फोर कंपलसरी पेपर के साथ इलेक्ट्रिक पेपर में भी पार्टिसिपेट करना होता है। और अगर ये फोर कंपलसरी पेपर से रिलेटेड
फाउंडेशन क्लासेस, एमसीक्यू बैच क्लासेस, केस एमसीक्यू केस स्टडी बैच क्लासेस साथ ही साथ क्रैश कोर्स और आपके जो कम
इलेक्टिव पेपर है अगर उनकी कंप्लीट प्रिपरेशन मिल जाए तो महापैक आपके लिए बेस्ट है। यही आपको प्रिपयर्ड करना है।
तो, आपको इस महापैक में यह सब कुछ मिलता है। यानी 20 प्लस बैचेस, 400 प्लस क्लास नोट्स, 2000 प्लस लाइव क्लासेस, 500 प्लस
मॉक एंड 24 * 7 डाउट सपोर्ट उपलब्ध है हमारे सीएआईबी महापैक के साथ। अब देखिए दोस्तों, हमारा नया बैच सीएआईआईबी का नया
बैच आप सभी के लिए लॉन्च हो चुका है। सीएआईबी फाउंडेशन बैच जो कि जून 2026 एग्जाम को टारगेट कर रहा है। और लीस्ट
प्राइस में आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं इस बैच के साथ। आरबीआई ग्रेड बी समर्थ बैच भी अवेलेबल है। अगर आप सीआईबी के प्रो बैच और
नॉर्मल बैच में अंतर समझना चाहते हैं तो प्रो बैच में आपको अतिरिक्त सेवाएं दी जाती हैं। जैसे इनफाइनाइट प्रैक्टिस
मेंटरशिप विद ज़ूम खजाना टेस्ट पास। ये सब कुछ मिलता है दोस्तों। और आज की क्लास में बस इतना ही।
थैंक यू वेरी मच। गुड नाइट। शुभरात्रि। मिलते हैं नेक्स्ट क्लास में। तब तक के लिए धन्यवाद। प्रैक्टिस जरूर करिएगा
क्योंकि सिस्टेटिक तरीके से हम लोग पढ़ते जा रहे हैं और अपने सीएआईबी में एबीएम के पेपर को टारगेट कर रहे हैं फाउंडेशन यानी
कांसेप्ट्स के साथ। तो आज के लिए बस इतना ही। थैंक गुड नाइट।
सैंपलिंग पॉपुलेशन (अध्ययन के लिए चुने गए सभी तत्वों का पूरा सेट) में से एक छोटे, प्रतिनिधि भाग (सैंपल) का चयन करने की प्रक्रिया है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि सही सैंपलिंग से समय और संसाधनों की बचत होती है, जबकि गलत सैंपलिंग गलत निष्कर्ष और निर्णय की ओर ले जा सकती है।
प्रोबेबिलिटी (रैंडम) सैंपलिंग में हर तत्व के चुने जाने की समान संभावना होती है, जबकि नॉन-प्रोबेबिलिटी (जजमेंट) सैंपलिंग व्यक्तिगत अनुभव, ज्ञान और निर्णय पर आधारित होती है। उदाहरण: क्रिकेट टीम चयन (नॉन-प्रोबेबिलिटी) बनाम फ्लास्क से पर्चियां निकालना (प्रोबेबिलिटी)।
सिंपल रैंडम सैंपलिंग में हर तत्व के चुने जाने की संभावना बिल्कुल बराबर होती है (जैसे पर्चियां निकालना), जबकि सिस्टमैटिक सैंपलिंग में एक समान अंतराल (जैसे हर 20वें तत्व) पर चयन किया जाता है, जिसमें एक रैंडम स्टार्टिंग पॉइंट चुना जाता है।
स्ट्रैटिफाइड सैंपलिंग में पॉपुलेशन को सजातीय (homogeneous) समूहों (स्ट्रैटा) में बांटा जाता है (जैसे लड़के और लड़कियां), जबकि क्लस्टर सैंपलिंग में प्राकृतिक समूहों (क्लस्टर) में बांटा जाता है जो सजातीय नहीं होते (जैसे जिले या स्कूल)। दोनों में चयन प्रक्रिया अलग-अलग होती है।
पैरामीटर पूरी पॉपुलेशन के माप (जैसे माध्य μ, मानक विचलन σ) को कहते हैं, जबकि स्टैटिस्टिक सैंपल के माप (जैसे माध्य X̄, मानक विचलन s) को कहते हैं। यह अंतर समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि सैंपल से प्राप्त स्टैटिस्टिक का उपयोग पॉपुलेशन के पैरामीटर का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है।
सेंसस (पूरी जनगणना) केवल तभी किया जाता है जब पॉपुलेशन छोटी हो और सटीकता अनिवार्य हो। ज्यादातर मामलों में सैंपलिंग का उपयोग किया जाता है क्योंकि इससे समय और संसाधनों की बचत होती है, और सही सैंपलिंग विधि से सटीक अनुमान लगाया जा सकता है।
सैंपलिंग के चार मुख्य प्रोबेबिलिटी प्रकारों (सिंपल रैंडम, सिस्टमैटिक, स्ट्रैटिफाइड, क्लस्टर) को याद करने के लिए उनके नाम, प्रक्रिया और उदाहरण को एक साथ समझें। उदाहरण के लिए, स्ट्रैटिफाइड सैंपलिंग में पहले समूह बनाना और फिर चुनना, जबकि क्लस्टर सैंपलिंग में पहले क्लस्टर चुनना और फिर अध्ययन करना याद रखें।
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