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India Economics Subtitles: Crisis, Gold, Middle Class & Rupee

Economics Expert: India’s Real Crisis, Gold, Middle Class & Falling Rupee |Jayant |FO510 Raj Shamani

Economics Expert: India’s Real Crisis, Gold, Middle Class & Falling Rupee |Jayant |FO510 Raj Shamani

Raj Shamani

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[00:00]

हम सबको इंस्ट्रशंस आए हमारे प्राइम

[00:02]

मिनिस्टर से कि आप गोल्ड और मत खरीदिए।

[00:04]

क्या है ऐसा? क्यों गोल्ड नहीं खरीदा

[00:06]

हमने?

[00:07]

देखिए सिचुएशन बहुत ज्यादा सीरियस है।

[00:08]

गोल्ड इज वन ऑफ द बिगेस्ट इंपोर्ट सेंटर्स

[00:10]

फॉर इंडिया। क्लोज टू अबाउट 800 टन्स ऑफ़

[00:12]

गोल्ड अ ईयर एंड वी प्रोड्यूस क्लोज टू

[00:14]

अबाउट वन टन। दैट इज अ सीरियस प्रॉब्लम कि

[00:16]

ये पैसा हमको बाहर चुकाना है। एंड अभी हम

[00:18]

एक ऐसे सिचुएशन में है जहां पे रुपए का

[00:19]

वैल्यू लगातार गिरते जा रहा है।

[00:21]

जयंत मुंद्रा वन ऑफ द शार्पेस्ट वॉइसेस

[00:24]

टुडे ऑन इकोनॉमिक्स, जिओपॉलिटिक्स एंड

[00:26]

इंडियास लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी। इस

[00:28]

एपिसोड में हम बात करेंगे गोल्ड

[00:30]

इंपोर्ट्स, डॉलर डिपेंडेंसी, इंडिया की

[00:32]

मैन्युफैक्चरिंग रियलिटी और क्या इंडिया

[00:34]

सच में नेक्स्ट सुपर पावर बन सकता है या

[00:37]

नहीं?

[00:38]

बहुत सारे लोग ये बात करते हैं कि रूपी

[00:40]

अगर वो डेप्रिसिएट होता है ना, हमारे

[00:41]

एक्सपोर्ट्स के लिए बहुत अच्छा है। जी,

[00:42]

एक्सपोर्ट्स बहुत बढ़ेंगे। हकीकत क्या है?

[00:44]

ओवर द लास्ट 14 ऑड इयर्स, रूपी हैज़

[00:46]

डेप्रिशिएटेड बाय ओवर 60%। हमारे

[00:48]

एक्सपोर्ट्स एज अ परसेंट ऑफ़ जीडीपी 25% से

[00:50]

21% पे आ गए। कहां बढ़े एक्सपोर्ट? कम हो।

[00:56]

मेरा एक सिंपल सा प्रेडिक्शन है कि मैं

[00:58]

यहां पे भी दिखा सकता हूं।

[00:58]

वी आर गोइंग टू सी दैट रूपी हिट $150

[01:02]

इंडिया वन ऑफ़ द फास्टेस्ट ग्रोइंग इकॉनमीज़

[01:04]

इन द वर्ल्ड। पर ऑन इंडिविजुअल लेवल

[01:06]

उन्हें और गरीब फील क्यों होता है? हमारी

[01:08]

अच्छी खासी जनता ऐसी है जो कि बहुत-बहुत

[01:10]

गरीब है। अनइंप्लॉयमेंट बहुत ज्यादा हो।

[01:11]

उसको सॉल्व करने के लिए आपको और ज्यादा

[01:13]

तेजी से ग्रो करने की जरूरत है। फास्टेस्ट

[01:15]

ग्रोइंग इन द वर्ल्ड इज़ नॉट इनफ। इफ इट इज

[01:16]

नॉट फास्ट इनफ फॉर रिक्वायरमेंट्स।

[01:19]

मेक अ सिंपल महंगाई होती क्या है वो बताओ।

[01:21]

सो देखो इनफ्लेशन का मतलब है महंगाई कि

[01:23]

कोई चीज आज इतने की है अगले साल इतने की

[01:25]

हो गई तो इतना जो बीच में डिफरेंस आया दैट

[01:27]

इज योर महंगाई लेकिन दिक्कत कहां आती है

[01:28]

हमारी सरकार डिफाइन करती है कि बॉस अगर आप

[01:30]

ओवरल इनफ्लेशन देखें महंगाई उसको एक नंबर

[01:32]

में आप आखिर कैसे पिरोएंगे इतने सारे आइटम

[01:34]

होते हैं तो उसके लिए निकाल दिया है एक

[01:35]

इंडेक्स जिसको बोलते हैं कंज्यूमर प्राइस

[01:37]

इंडेक्स एक एवरेज इंडियन के हिसाब से वो

[01:39]

क्या खाता है पीता है क्या सर्विस कंज्यूम

[01:41]

करता है उस हिसाब से आपको एक वेटेज दे

[01:42]

दिया जाता है अलग-अलग चीजों का तो लगभग

[01:44]

46% जो ओवरऑल वेटेज है दैट वास फॉर फूड

[01:46]

अलोन कि हमारे देश की अधिकतर जनता के लिए

[01:48]

असली खर्चा खाना है आपके बच्चे की स्कूल

[01:50]

की जो फीस है उसको सीपीआई की कैलकुलेशन

[01:52]

में कम वेटेज मिला है। वर्सेस प्याज का

[01:54]

क्या रेट चल रहा है? क्योंकि प्याज के रेट

[01:55]

अगर थोड़े ऊपर गए सरकार का इलेक्शन

[01:58]

जितनातना मुश्किल हो जाता है। प्रेडिक्शन

[02:00]

नंबर टू जो मैं लेके आया था जो जिसके ऊपर

[02:01]

मुझे जरूर बात करनी थी। ये मेरा सिंपल सा

[02:03]

प्रेडिक्शन है। मोस्ट इंडियंस विल नेवर बी

[02:05]

एबल टू ओन अ होम। अगर किसी को हिम्मत करके

[02:08]

घर लेना भी है या तो उसके घर और छोटे

[02:09]

होंगे या फिर उसकी ईएमआई बड़ी होगी। एंड

[02:11]

बहुत सारे लोग ये दोनों ही अफोर्ड नहीं कर

[02:13]

सकते। व्हाट्स इज द थर्ड प्रेडिक्शन जो

[02:14]

हमने कवर नहीं किया। सो प्रेडिक्शन नंबर

[02:17]

थ्री इज दैट

[02:20]

आगे बढ़ने से पहले इस चैनल को सब्सक्राइब

[02:22]

कर लीजिए ताकि हम आपके लिए इसी तरह से और

[02:25]

इनसाइटफुल और बेहतर पॉडकास्ट बनाते रहें

[02:28]

एंड इस पूरे शो का ऑडियो एक्सपीरियंस

[02:30]

स्पॉटिफाई पे अवेलेबल है जहां पर आप हमें

[02:32]

फॉलो कर सकते हैं। एंजॉय द शो।

[02:39]

टेल मी इफ इफ समवन इज वाचिंग यू फॉर द

[02:42]

फर्स्ट टाइम। किसी को पता ही नहीं आप कौन

[02:44]

हो, क्या हो?

[02:46]

क्या करते हो आप? हाउ वुड यू एक्सप्लेन

[02:48]

देम? हु यू आर? व्हाट डू यू डू? व्हाई शुड

[02:52]

नेक्स्ट वन आवर किसी को स्पेंड करना चाहिए

[02:55]

टू लिसन टू यू?

[02:56]

यार मेरा सिंपल सा दैट आई टॉक अ लॉट ऑफ़

[02:58]

डेटा एंड सेकंड मैं यूजुअली वो बातें करता

[03:01]

हूं जो कि ज्यादा लोग बातें नहीं कर रहे

[03:02]

होते हैं।

[03:03]

मैं ये नहीं कह रहा कि मैं अच्छी बातें

[03:04]

करता हूं, बुरी बातें करता हूं। मैं खाली

[03:06]

ये कह रहा हूं मैं वो बातें करता हूं जो

[03:07]

ज्यादा लोग नहीं कर रहे होते हैं।

[03:08]

ओके?

[03:09]

इंटरेस्टिंग। एंड क्यों किसी को सुनना

[03:10]

चाहिए आज का पडकास्ट? क्योंकि मेरा एक

[03:12]

सिंपल सा ये मानना है कि आपको अपना खुद का

[03:16]

ब्रेन चलाना आना चाहिए। आपके माता-पिता

[03:18]

अगर आप अभी पढ़ रहे हैं तो ऑलरेडी लगा रहे

[03:20]

हैं और आप पढ़ के आगे बढ़ चुके। आपके

[03:22]

माता-पिता ने आपकी पढ़ाई पे आपको अपने से

[03:24]

बेहतर बनाने में बहुत ज्यादा खर्चा किया

[03:25]

है। इन्वेस्टमेंट किया है। उनकी आपकी बहुत

[03:27]

उम्मीद है आपसे। वो इसलिए नहीं किया कि

[03:29]

आपको जो भी कोई बताएं आप उसमें हां जी।

[03:31]

हां जी करने वाले बन जाए। तो ये मैं जो भी

[03:35]

कंटेंट डालता हूं वो इसी के लिए कि मैं

[03:37]

लोगों को ये चीज पुश कर सकूं। अपना दिमाग

[03:39]

का इस्तेमाल करें। इस पूरे पॉडकास्ट में

[03:41]

भी मैं जो भी बातें बताऊंगा उसके थ्रू में

[03:42]

यही मैं पुश करने की कोशिश करूंगा।

[03:44]

इंटरेस्टिंग। सो अपना दिमाग यूज़ करें। हां

[03:46]

जी। हां जी नहीं बोले। वेरी गुड पॉइंट टू

[03:49]

स्टार्ट। राइट?

[03:51]

या कल हम सबको इंस्ट्रक्शंस आए इंडिया में

[03:56]

हर सिटीजन को हमारे प्राइम मिनिस्टर से।

[03:59]

यस।

[03:59]

तो उस पे हांजी हांजी करना चाहिए कि नहीं

[04:01]

करना चाहिए? बट बिफोर वी गो देयर आई वांट

[04:04]

मेक पीपल अंडरस्टैंड। तो कल एज वी स्पीक

[04:07]

यस्टरडे हमें यह इंस्ट्रश आए थे कि आप

[04:09]

गोल्ड और मत खरीदिए। घर में ज्यादा रहिए।

[04:12]

वर्क फ्रॉम होम करिए। कार पूलिंग वगैरह

[04:15]

ज्यादा यूज करिए और फॉरेन ट्रिप्स कम करो।

[04:17]

फॉरेन शादियां कम करो। राइट? दिस इज

[04:19]

मोटा-मोटी। दिस इज़ व्हाट ही हैव सेड इन

[04:21]

लेमन टर्म्स। तो फर्स्ट पॉइंट पे जाते हैं

[04:24]

कि व्हाई एक कंट्री के प्राइम मिनिस्टर को

[04:28]

पब्लिकली जाके यह बोलना पड़ रहा है कि

[04:31]

गोल्ड मत खरीदो। क्या है ऐसा? क्यों गोल्ड

[04:34]

नहीं खरीदें हम? देखिए, सिचुएशन बहुत

[04:36]

ज्यादा सीरियस है। ठीक है? मैं आपको सिंपल

[04:38]

से एक वे में समझाता हूं। आपको पता है हम

[04:41]

साल का कितना गोल्ड हम इंपोर्ट करते हैं

[04:44]

और हम कितना हम खुद यहां पे प्रोड्यूस हम

[04:46]

करते हैं। वी इंपोर्ट क्लोज टू अबाउट 800

[04:48]

टन्स ऑफ़ गोल्ड अ ईयर इंटू इंडिया एंड वी

[04:51]

प्रोड्यूस क्लोज टू अबाउट 1 टन।

[04:55]

800 टन वन टन। ओके? सिंपल। एंड हम बनाते

[05:01]

थे प्रोड्यूसिव एक टन करते हैं।

[05:03]

यस। ओके। अब लोग बोल सकते हैं कि हमारे

[05:04]

पास तो केजीएफ था जो कुलार गोल्डफी जो यश

[05:07]

की मूवी से बहुत पॉपुलर हो गया। राइट?

[05:09]

थिंग इज़ वो माइन थी तब भी हम उतने कोई बड़े

[05:11]

प्रोड्यूसर्स नहीं थे। सोने की माइन है

[05:14]

बोल के बहुत अच्छा लगता है। एंड इंडिया की

[05:16]

ओनली एक्टिव मेजर माइन थी तो और ज्यादा वो

[05:18]

लगता है। बट थिंग इज़ उससे इतना सोना नहीं

[05:20]

आता था। अभी आज के दिन आपका लॉयड ग्रुप है

[05:22]

एक। आई थिंक हां लॉयड ग्रुप है। वही अभी

[05:25]

एक इन्वेस्टमेंट करके वो लोग अभी आंध्र

[05:27]

प्रदेश के अंदर एक और माइन को भी एक्टिवेट

[05:29]

कर रहे हैं। उससे लगभग लगभग पीक कैपेसिटी

[05:31]

पे लगभग लगभग 1ढ़ टन और आएगा। 1.5 टन्स

[05:35]

कितना हो जाएगा हमारा? घुमा फिरा के

[05:37]

2.5 टन्स 3 टन्स हो गया। हमारे इंपोर्ट्स

[05:40]

ऑलरेडी 800 टन्स अ ईयर है और बढ़ रहा है।

[05:44]

800 टन। आप रफली कैलकुलेशन करके भी देखोगे

[05:47]

ये नंबर कितना पहुंचेगा। दिमाग किसी का भी

[05:49]

हिल जाएगा। गोल्ड इज़ वन ऑफ द बिगेस्ट

[05:51]

इंपोर्ट सेंटर्स फॉर इंडिया। एंड अभी हम

[05:53]

एक ऐसी सिचुएशन में हैं जहां पर रुपए का

[05:55]

वैल्यू लगातार गिरते जा रहा है। तो ये बिल

[05:57]

जो है 800 टन से अगर हम अगले साल दोबारा

[06:00]

800 टन ही मंगाते हैं ये जो बिल है ये और

[06:02]

बढ़ते जा रहा है। लेकिन

[06:03]

वॉल्यूम में नहीं बढ़ रहा है। वैल्यू में

[06:05]

उसकी वैल्यू बढ़ती जा रही है

[06:06]

इंडिया के अंदर। एंड दैट इज अ सीरियस

[06:08]

प्रॉब्लम कि ये पैसा हमको बाहर चुकाना है।

[06:10]

तो एक आम आदमी के लिए मेरे लिए क्या फर्क

[06:12]

पड़ता है?

[06:13]

आपको यहां से इस तरह फर्क पड़ेगा कि अगर

[06:15]

आप सोना और खरीदेंगे तो सोने की पेमेंट

[06:18]

करने के लिए हमारी सरकार को चाहिएगा डॉलर।

[06:21]

आरबीआई को चाहिएगा डॉलर। कि पेमेंट

[06:22]

मोस्टली डॉलर्स के अंदर होती है। हम

[06:24]

अब वो डॉलर अगर आपको चाहिए $ पहले $ के

[06:28]

लिए कितने रुपए हमारी आरबीआई को खर्चा

[06:30]

करना पड़ता है एक तरीके से। मैं बहुत ही

[06:31]

लेमन लैंग्वेज में बता रहा हूं। $ के लिए

[06:34]

पहले $1 की अगर आपको पेमेंट करना है। आपको

[06:36]

चाहिए था मान लीजिए ₹85। अब सडनली चाहिए

[06:39]

₹94।

[06:41]

सडनली और ज्यादा रुपए हैं जो कि बाहर जा

[06:43]

रहे हैं। आपकी इकॉनमी में नहीं रह रहे

[06:45]

हैं। और वो कौन पे कर रहा है? हम लोग कर

[06:47]

रहे हैं। आप ऐसे सोचिए बाहर वाले को सोना

[06:50]

लेना उसे $1 ही देना पड़ रहा है। हमें अगर

[06:52]

लेना है तो हम पहले 85 दे रहे थे। अब हम

[06:54]

95 दे रहे हैं। हमारी इनकम वहां पे टाइट

[06:56]

हो जाती है।

[06:57]

हम 10

[06:58]

हर घर घर पे इंपैक्ट आता है। मैं आपको एक

[07:00]

सिंपल सा एक दूसरा एग्जांपल से बताता हूं।

[07:02]

अभी 95 समथिंग हो गया ना?

[07:04]

ऐसा ही कुछ चल रहा है।

[07:05]

तो हम ₹10 एक्स्ट्रा दे रहे हैं हर गोल्ड।

[07:06]

या एंड

[07:09]

मान लीजिए

[07:10]

कि सोने का रेट यही रहता है। अभी जो लगभग

[07:12]

आई थिंक कितना चल रहा है? $4500 $4600 पर

[07:15]

आउंस। ठीक है? मान लीजिए सोने का रेट यही

[07:17]

रहता है बाहर के मार्केट में। लेकिन रुपए

[07:19]

अगर डेप्रिशिएट होता जाता है, सोने की

[07:21]

वैल्यू बाहर वही है। लेकिन हमारी जेब से

[07:23]

उतना ही सोना इंपोर्ट करने के लिए ज्यादा

[07:25]

पैसा लगेगा। हम जो दुकानों से सोना खरीदते

[07:27]

हैं उसका रेट और बढ़ेगा।

[07:29]

इस वजह से है कि हमारी सरकार बोल रही है

[07:31]

कि भैया कम इंपोर्ट करो। लेकिन अब यहां पे

[07:33]

बात आती है कि ऐसा है तो हमारी करेंसी को

[07:35]

स्ट्रांग बनाओ।

[07:36]

हम्म।

[07:37]

अब मेरा ये कहना है करेंसी को स्ट्रांग

[07:39]

बनाना हमारे हाथ में ही नहीं है।

[07:41]

ओके। व्हाई डू आई से दैट एक करेंसी की

[07:43]

वैल्यू कहां से निकलती है? या तो उसके दो

[07:45]

ही उसके तरीके हैं। नंबर वन या तो आपकी

[07:47]

करेंसी में बहुत ज्यादा ट्रेड होता हो।

[07:50]

ट्रेड तो ज्यादा डॉलर में हो रहा है।

[07:52]

रुपीस के ऊपर ज्यादा ट्रेड नहीं होता। कुछ

[07:53]

हमारे बॉर्डर शेयरिंग जो हमारे स्टेट्स

[07:55]

हैं या फिर जो आसपास के हैं मालदीव्स हो

[07:56]

गया, नेपाल हो गया, भूटान हो गया। इनके

[07:58]

साथ फिर भी थोड़ा बहुत चलता है। यूएई के

[08:00]

साथ हमने एक दो ट्रांजैक्शंस कर लिए।

[08:02]

रशिया के साथ हमने बीच में बहुत किया वो

[08:03]

स्लो डाउन हो गया है। और ज्यादा नहीं हो

[08:05]

रहा है।

[08:07]

सो वो वाला तो आप बढ़ा नहीं सकते हो। कैसे

[08:09]

बढ़ाओगे? उसको बढ़ाने का एक ही तरह है

[08:11]

ट्रेड वाले को कि आप लोगों के लिए वह चीज़

[08:14]

बनाना शुरू करो जो कि बाहर वालों को आपसे

[08:15]

चाहिए।

[08:16]

वो हम ज्यादा करते नहीं है।

[08:17]

दूसरा तरीका है कि आप लोगों के लिए रिजर्व

[08:20]

करेंसी बनना शुरू कर दो। लेकिन रिजर्व

[08:22]

करेंसी आप कब बनोगे लोगों के लिए? जब बाकी

[08:25]

कंट्रीज के लिए आपकी करेंसी के बिना खुद

[08:28]

का गुजारा मुश्किल हो जाए।

[08:29]

हम

[08:29]

चाइना को पता था वो ट्रेड में ईजीली डॉलर

[08:32]

को रिप्लेस नहीं कर सकता। चाइना ने क्या

[08:34]

किया? चाइना बिगेन टू गिव अ लॉट ऑफ़ डेप्ट।

[08:37]

अब वो डेप्ट को सर्विस करने के लिए ये

[08:39]

आपके डेप्ट में आपके पास दो ऑप्शन होते

[08:41]

हैं कि इदर यू टेक डॉलर लोन

[08:44]

और यू टेक युवान बेस्ड लोन

[08:45]

युवान वाला अगर वो आपको पड़ रहा है 0.25

[08:48]

बेसिस पॉइंट सस्ता

[08:49]

तो जांबिया केन्या ये जाके लेते हैं युवान

[08:52]

वाला लोन

[08:53]

ओके उसकी पेमेंट

[08:54]

2.5 बेसिस

[08:55]

ठीक है

[08:56]

25 बेसिस सस्ता क्या होता है

[08:57]

सो आई विल गिव यू एन एग्जांपल

[08:59]

लोग लोन डॉलर की जगह चाइना की करेंसी में

[09:02]

क्यों लेना प्रेफर करते हैं

[09:03]

आपको एग्जांपल देता हूं सो केन्या

[09:05]

अफ्रीका का एक बहुत बड़ा देश है। पावरफुल

[09:07]

कंट्री है वहां का। उसके पास 5 बिलियन

[09:10]

डॉलर का एक पूरा रेलवे लाइन उसने पूरा

[09:11]

बनाया था।

[09:12]

जिसके लिए जो लोन जो लिया गया था वो डॉलर

[09:14]

में था। हम

[09:15]

ठीक है? नाउ चाइना केम इन। उन्होंने कहा

[09:17]

कि यार बनाया तो हमने है ना। तुम्हें

[09:18]

पेमेंट हमें ही करनी है। यूआ में कर दो।

[09:20]

कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है? जो डॉलर वहां

[09:23]

पे देने हैं हम अभी दे रहे हैं। तुम हमें

[09:24]

फिर यूआ में चुका है। रीफाइनेंस किया

[09:26]

हम

[09:27]

और वो वाला जो पूरा ट्रांजैक्शन है

[09:29]

क्योंकि अब बीच की करेंसी हटा दी गई है।

[09:31]

जो कि चाइना को भी देना पड़ता, जांबिया को

[09:33]

भी देना पड़ता। जांबिया इज़ नाउ सेविंग

[09:35]

अराउंड $250 मिलियन डॉलर्स ऑन दिस वन।

[09:38]

राइट?

[09:39]

अगर आपका कर्जा आपको जो आप लिया है उसका

[09:44]

पेमेंट आपको चाइना को करना है। चाइना के

[09:46]

लिए युवानेंट है। डॉलर नहीं है तो आप

[09:48]

युवान में करो ना। डॉलर बीच में आया है तो

[09:50]

आप किसी से आप वहां से ले रहे हो। किसी को

[09:52]

दे रहे हो उसको भी फिर वापस उसको यूज़ करने

[09:54]

का टेंशन। टेंशन ही खत्म। वो वाला एंगल है

[09:56]

यहां पे। नाउ इट कम्स टू इंडिया। फाइव

[09:59]

बेसिस कम समझ नहीं आया मुझे। सो ऐसे समझिए

[10:02]

कि अगर मैं जांबिया हूं हम

[10:05]

ठीक है मान लीजिए मैं जांबिया हूं आप

[10:07]

चाइना है हम

[10:08]

ठीक है अब मेरे को आपको मैंने आपसे लोन

[10:11]

लिया आपको चुकाना है

[10:12]

हां

[10:12]

ठीक है एक होता है कि यार राजमानी करेंसी

[10:15]

है मैं उसी में कर दूं खत्म आर एस करेंसी

[10:18]

डन

[10:18]

बट हम बोलते हैं कि नहीं यार ये कोई थर्ड

[10:21]

करेंसी है उसी में मेरे को चाहिए तो मुझे

[10:23]

जाके पहले वो करेंसी खरीदनी पड़ेगी वो

[10:25]

खरीदनी तो ऑलरेडी किसी और के पास है। आई

[10:26]

हैव टू पे ट्रांजैक्शन फी ऑन दैट।

[10:28]

एक्सचेंज रेट ऑन दैट।

[10:29]

उसमें भी थोड़ा सा कुछ जाता है। प्लस वो

[10:31]

जब आपके पास जाएगा राइट? वो आपके पास तो आ

[10:34]

गई। अब आप भी जब उसे दोबारा कहीं यूज़

[10:36]

करोगे किसी और ट्रेड के लिए अगेन आपको भी

[10:37]

फिर वो दोबारा करना पड़ेगा। लॉसेस होते

[10:39]

हैं।

[10:40]

चाइना ने ये बोला हमारे युवान ही यूज़

[10:42]

करो। हमारे एंड का बच गया। तुम्हारे वाला

[10:44]

हम कर देंगे।

[10:44]

तो जांबिया के पास युवान कहां से आए?

[10:48]

चाइना ने आके कहा।

[10:49]

नहीं पड़ रहा है ना। हम

[10:50]

चाइना ने कहा कि भाई साहब आपका जो डॉलर

[10:52]

वाला लोन है हम चुका देते हैं खत्म का

[10:54]

नहीं क्योंकि उनके पास डॉलर्स के रिजर्व

[10:55]

कम थे।

[10:56]

ओके

[10:56]

हम चुका थे खत्म काम तुम हमें यूआरान में

[10:58]

चुकाते रहना।

[10:59]

ओके। सो इट्स जस्ट लाइक आई विल टेक द लोड

[11:02]

ऑफ योर लोन

[11:03]

या

[11:03]

मैं तुम्हारा जो 5 बिलियन डॉलर है वो लोन

[11:06]

मान लो 2 साल में तुम्हें चुकाना है। तो

[11:08]

मैं 2 साल में चुका दूंगा।

[11:09]

मुझे तुम 3 साल में धीरे-धीरे करके दे दो।

[11:11]

तुमको एक साल एक्स्ट्रा दे दिया या तुम

[11:12]

मुझे 2 साल में थोड़ा सस्ते में दे देना।

[11:15]

व्हाटएवर है?

[11:15]

एंड ये क्यों होता है पता है? नाउ व्हेन

[11:17]

इट कम्स टू से अ कंट्री लाइक जांबिया उसके

[11:19]

पास डॉलर्स की शॉर्टेज है।

[11:20]

वीक इकॉनमी है। सब कुछ है। बट व्हेन इट

[11:22]

कम्स टू चाइना उनके प्ला उनके लास्ट ईयर

[11:25]

का जो आपका एक्सपोर्ट्स का सरप्लस था दैट

[11:27]

वाज़ $1.1 ट्रिलियन डॉलर्स। उनके पास

[11:30]

डॉलर्स का सरप्लस पड़ा है। पहाड़ पड़ा है।

[11:31]

उनको पता नहीं उसका करना क्या है। बोला हम

[11:32]

चुका देंगे खत्म नहीं। तुम हमारे युवान

[11:34]

में करो। हम दे कैन एक्चुअली डू दैट। नाउ

[11:37]

अगर हमें रूपी को स्टंग बनाना है या तो

[11:39]

ट्रेड सेटलमेंट ज्यादा उसप हो या फिर वी

[11:40]

बिकम अ रिजर्व करेंसी। नाउ फॉर सम कंट्रीज

[11:43]

वी आर अ डिसेंट इन रिजर्व करेंसी।

[11:44]

मालदीव्स के लिए थोड़ा है। आपका नेपाल के

[11:47]

लिए थोड़ा सा है। आपका श्रीलंका के लिए

[11:49]

थोड़ा है। भूटान के लिए बहुत बड़ा है। बट इन

[11:51]

द एंड दीज़ आर वेरी वेरीरी स्माल इकॉनमीज़

[11:53]

वैरी स्मॉल कंट्रीज।

[11:54]

मिनिस्ट या हमारे मेजॉरिटी स्टेट्स इनसे

[11:56]

बड़ी इकॉनमीज़ है अपने आप में। नो ऑफेंस टू

[11:58]

एनीबडी फ्रॉम दीज़ कंट्रीज। बट है जो है

[12:01]

राइट? सो वहां पे आता है बात कि बॉस हमारी

[12:03]

करेंसी की डिमांड कहां है?

[12:05]

ऊपर से प्रॉब्लम क्या आती है? वी इंपोर्ट

[12:08]

एवरीथिंग। लिटरली एवरीथिंग। हम जो बात

[12:11]

करते हैं ना कि अच्छा ठीक है वी आर दी

[12:13]

फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड पीपल डोंट रियलाइज

[12:16]

दैट फार्मेसी आपका मेडिसिन आपकी बनती

[12:19]

किससे है

[12:19]

एपीआई

[12:20]

एपीआई राइट रफली अबाउट 70% ऑफ़ ऑल द एपीआई

[12:25]

दैट वी नीड इज़ कमिंग फ्रॉम चाइना

[12:28]

हम

[12:29]

जो 30% यहां बना रहे हैं वो किससे बनते

[12:31]

हैं केएसएम्स केएसएम्स इज़ व्हाट की

[12:34]

स्टार्टिंग मटेरियल्स केएसएम्स आपका 90%

[12:36]

सारा चाइना से आ रहा है अब होता क्या है

[12:39]

हमारी सरकार इसलिए रेमेडी निकालती है।

[12:40]

लेट्स डू अ पीएलआई स्कीम। अपनी इंडस्ट्रीज

[12:43]

को पैसा दो। इंसेंटिव देंगे तुम। लेकिन

[12:44]

एपी यहां बनाना शुरू करो।

[12:45]

हम

[12:46]

कुछ प्लांट्स एक्टिव होते हैं। और Farma

[12:47]

का एक प्लांट है। डॉक्टर रेडीज का एक

[12:49]

प्लांट है। ये सब लाइव हुआ। व्हाट डिड

[12:50]

चाइना डू? क्रैश दोज़ वैरी ईपीआई का

[12:52]

प्राइसेस अप टू 40% 50% हाउ डू यू कमट?

[12:57]

जो इंडिया में बनने लग गया उसे 40% कम कर

[12:59]

दिया चाइना ने।

[13:00]

या नाउ द रिजल्ट इज़

[13:03]

हम कैसे उसे कमपीट करें? राइट? तो यहां पे

[13:06]

बात ये आती है कि बॉस बहुत ज्यादाेंट है।

[13:08]

नंबर वन आर वी रेडी टू पे अ बिट एक्स्ट्रा

[13:11]

फॉर द इंडिया मीट स्टफ? नंबर वन। नंबर टू

[13:14]

विदाउट दैट देयर इज़ अ सशन टू इट। वी हैव

[13:16]

टू रियली फिगर आउट टू थिंग्स। नंबर वन

[13:20]

हाउ डू वी कंज्यूम मोर ऑफ़ व्हाट वी मेक इन

[13:23]

इंडिया? हम नंबर टू हाउ डू वी इंश्योर दैट

[13:26]

व्हाट वी आर मेकिंग इन इंडिया उसका बैक

[13:28]

एंड कहीं बाहर से नहीं आ रहा है। सो फॉर

[13:30]

एग्जांपल हम बड़ा प्राउडली ये चीज़ बोलते

[13:32]

हैं कि यार यू नो व्हाट? हम काफी सारे

[13:34]

फर्टिलाइज़र्स सब इंडिया में बनाने लग गए

[13:35]

हैं। उसका पोटैश आज भी बाहर से आता है।

[13:37]

सल्फर आज भी बाहर से आता है। दोज़ आर दी

[13:38]

बेसिक मटेरियल्स। अभी ये पूरी जो सिचुएशन

[13:40]

हुई है बिकॉज़ ऑफ़ वॉर। पोटैश आपका कहां से

[13:42]

आता है? मिडिल ईस्ट से आता है मेजॉरिटी।

[13:45]

हमारी लंका लग गई है। सभ्य भाषा में कह

[13:48]

रहा हूं। सल्फर आपका कहां से आता है?

[13:50]

मेजोरिटी आपका बाहर से आता है। हमारी अगेन

[13:52]

लंका लग गई है। रिजल्ट इज़ हम यहां पे बना

[13:54]

नहीं पा रहे हैं। तो होता क्या है? अब

[13:56]

बाहर के रेट पे हमें खरीदना पड़ता है।

[13:58]

हम

[13:58]

एग्जांपल से बताता हूं। सो यूरिया राइट?

[14:01]

यूरिया की अगर बात करें तो वी इंपोर्ट

[14:04]

क्लोज टू अबाउट सो हमारा ओवरऑल जो

[14:06]

डोमेस्टिक कंसमशन है दैट्स अबाउट 40

[14:08]

मिलियन टन्स अ ईयर हम

[14:09]

30 मिलियन टन्स हम इंडिया में बनाने लग गए

[14:11]

हैं 30 आज भी नहीं बनाते हैं 30 इज़ व्हाट

[14:15]

25% ऑफ़ अ कंसमशन इट्स नॉट अ स्माल नंबर

[14:18]

हाउ डू वी सॉल्व फॉर इट उसका एक रास्ता

[14:20]

बनता है अगर इंडिया में नहीं बना सकते हो

[14:24]

कैप्टिव कैपेसिटीज बाहर बना लो

[14:28]

इंडिया ने क्या किया 50-50 जॉइंट पेंचर

[14:30]

किया रशिया के क्योंकि ऑलरेडी यूरिया

[14:32]

हमारा अच्छा खासा रशिया से भी आता है। वी

[14:34]

डिड अ जॉइंट वेंचर जो कि अब 2 मिलियन टन

[14:36]

का हम पे प्लांट लगा रहा है। इट विल

[14:37]

एलिमिनेट द हर्डल्स फॉर एटलीस्ट 20% ऑफ़ द

[14:41]

इंपोर्ट्स दैट वी डू।

[14:42]

लेट्स डू दैट। उस तरह के कई सारे रास्ते

[14:44]

जो हमें अपनाने पड़ेंगे अक्रॉस डिफरेंट

[14:46]

सेक्टर्स जो हम उसको एड्रेस करेंगे तब

[14:47]

जाके कुछ होगा। अब जरा सोचिए एक बात कि

[14:50]

अभी कोल इंडिया जो हमारी है राइट? कोल

[14:52]

इंडिया ने बीएचईएल नाम से एक और पीएसओ

[14:54]

उसके अंदर एक जॉइंट वेंचर किया और बोला कि

[14:56]

यू नो व्हाट कोल से चाइना वाले यूएस वाले

[14:59]

और दूसरे कंट्री इतने सारे पेट्रोल बनाते

[15:01]

हैं। सो इट आप सोचो ना कि आपका ये जो

[15:04]

पेट्रोल है, डीजल है ये क्रूड से आता है।

[15:06]

क्रूड क्या है? इन द एंड इट्स अ

[15:07]

हाइड्रोकार्बन।

[15:08]

हम

[15:08]

कोल इज़ आल्सो हाइड्रोकार्बन।

[15:10]

ओके?

[15:10]

इट्स अ कार्बन प्रोडक्ट। राइट? उस कार्बन

[15:12]

से यहां पे भी तो हम केमिकल्स बना सकते

[15:14]

हैं। बट इट्स अ कॉस्टलीियर प्रोसेस। कोल

[15:16]

इंडिया ने फाइनली बोला कि यू नो व्हाट?

[15:17]

ओके चलो करते हैं कि सरकार इंसेंटिव अब दे

[15:19]

रही है। बीएचएल गया टाई अप किया नाउ दे आर

[15:22]

बिल्डिंग अ प्लांट जो कि एल&टी एग्जीक्यूट

[15:23]

कर रहा है एंड दे आर बिल्डिंग अ प्लांट

[15:26]

फॉर अमोनियम नाइट्रेट। अमोनियम नाइट्रेट

[15:29]

हमारा एनुअल कंसमशन इज़ 8.8 लाख टन्स दीपक

[15:33]

ग्रुप है यहां पे जो कि लगभग लगभग 6 जिसका

[15:35]

लगभग लगभग 6 लाख टन्स का उनकी कैपेसिटी

[15:38]

है। बट वो ऑपरेट करते हैं लगभग 75% ओवरऑल

[15:41]

कैपेसिटी पे। क्यों? रशिया से बहुत ज्यादा

[15:42]

चीप इंपोर्ट्स आ जाते थे। नाउ बिकॉज़ ऑफ़

[15:44]

गवर्नमेंट इंसेंटिव्स कोल इंडिया और बेल

[15:46]

का कहना है कि यार हम तो उस रेट पे कमट कर

[15:48]

पाएंगे। सो लेट्स बिल्ड अ प्लांट। अब ये

[15:50]

जो प्लांट लगा रहे हैं दैट हैज़ 6.6 लाख

[15:51]

टन्स का एनुअल कैपेसिटी। मतलब क्या हुआ?

[15:54]

हम नेट इंपोर्टर से सीधा नेट एक्सपोर्टर

[15:56]

बन जाएंगे।

[15:57]

हम

[15:57]

लेट्स डू मोर ऑफ़ दीज़। जैसे-जैसे एक-एक

[16:00]

करके बेसिक्स और ये बहुत सारे बेसिक्स

[16:02]

हैं। हर इंडस्ट्री के छोटे-छोटे हैं।

[16:03]

जैसे-जैसे उनको सॉल्व किया जाएगा। तब जाके

[16:05]

होगा कि बाहर से हम जो हर छोटी-छोटी चीज़

[16:07]

हम इंपोर्ट करते हैं वो चीज़ एलिमिनेट

[16:09]

होगी। सप्लाई चेन वहां से सॉल्व होगी। इट

[16:10]

इज़ नॉट द टॉप डाउन अप्रोच कि चलो पहले

[16:12]

असेंबली करते हैं फिर वो बना लेंगे। कुछ

[16:14]

इंडस्ट्रीज में वो चलता है,

[16:15]

इलेक्ट्रॉनिक्स में वो चलता है। इन

[16:16]

मेजॉरिटी ऑफ़ द थिंग्स आपको उल्टा करना

[16:18]

पड़ेगा।

[16:19]

बट देन अगर गवर्नमेंट हर किसी पे एक

[16:22]

इंसेंटिव देगी, एक सब्सिडी देगी उसको

[16:24]

मेंटेन करने के लिए, तो उसके लिए पैसा

[16:26]

लगेगा।

[16:26]

या

[16:27]

तो वो अगर गवर्नमेंट के पास ज्यादा पैसा

[16:29]

ही नहीं है, जहां पे वो मेजर फाइट है, वो

[16:31]

सारी सारी इंडस्ट्रीज को देगी कैसे?

[16:33]

पैसा तो ऑलरेडी दिया जा रहा है, सर। सो

[16:35]

पहली बात यह चाइना भी हर इंडस्ट्री को

[16:38]

पैसा देता है। ठीक है? इंडिया भी दे रहा

[16:42]

है। सो फॉर एग्जांपल जीएसडब्ल्यू ग्रुप

[16:44]

आता है। जीएसw ग्रुप ने अनाउंस किया

[16:46]

महाराष्ट्र के अंदर कि नागपुर के पास

[16:47]

बूटीबुरी रीजन है। मैं वहां पे 25,000

[16:49]

करोड़ का इन्वेस्टमेंट करूंगा।

[16:51]

एंड क्या बनाऊंगा वहां पे? मैं वहां पे एक

[16:53]

बनाऊंगा लिथियन आयरन बैटरीज का प्लांट और

[16:55]

दूसरा मैं वहां पे बनाऊंगा सोलर का पूरा

[16:57]

इकोसिस्टम

[16:58]

मैन्युफैक्चरिंग। ग्रेट। उसके लिए उनको

[17:00]

क्या उन्हें उन्हें दिए गए? को पता है

[17:02]

110% ऑफ द इन्वेस्टमेंट जो आप करने जा रहे

[17:06]

हो 110% ऑफ़ दैट एज एसजीएसटी रिफंड

[17:09]

एसजीएसटी जो सरकार का जो कंपोनेंट बनेगा

[17:11]

ये आने वाले सालों में उसका रिफंड आपको

[17:13]

मिलेगा साथ में आपको मिल रही है

[17:14]

इलेक्ट्रिसिटी प्रैक्टिकली आपका जो

[17:16]

इन्वेस्टमेंट है सब कुछ वापस आपको मिल रहा

[17:18]

है हम भी तो दे रहे हैं वो पैसा है नहीं

[17:22]

सरकार के पास वो सरकार ये कह रही है आप जो

[17:24]

हमें दोगे वापस आपको दे देंगे

[17:27]

वो वाला मॉडल तो है ही ना उसके लिए सरकार

[17:29]

को पैसे की शॉर्टेज तो नहीं होगी

[17:31]

हम सो दैट इज़ पॉसिबल। अब प्रॉब्लम वही आती

[17:34]

है खाली जीएसब्ल्यू ग्रुप को नहीं मिलना

[17:35]

चाहिए। सबको मिलना चाहिए। नाउ दैट इज़ अ

[17:36]

होल्ड टुगेदर अदर डिबेट। अगर कोई आदमी

[17:38]

फरीदाबाद के अंदर अपना एक 40 लोगों का

[17:41]

अपना यूनिट लगा रहा है कि वो कुछ बनाएगा

[17:43]

वहां पे उसको ये सब कुछ नहीं मिलेगा। बट

[17:45]

यहां पे ये सब मिल जाता है कि वो बड़े

[17:46]

स्केल का इन्वेस्टमेंट है। दैट इज़ समथिंग

[17:48]

डू वी फिगर आउट। बट पॉसिबिलिटीज़ तो है ही

[17:50]

ना।

[17:50]

ओके।

[17:50]

एंड सेकंड थिंग इज़ आप जरा ऐसे सोचिए इन

[17:53]

एफआई 25

[17:56]

हमारे पैन इंडिया आरबीआई का जो कैन है

[17:59]

उसके हिसाब से लगभग 5.5 लाख करोड़ का

[18:01]

अक्रॉस स्टेट्स एंड सेंटर हमने फ्री बीस

[18:03]

हमने बांटे। ठीक है? स्टेट गवर्नमेंट्स ने

[18:06]

जो कि इलेक्शन बाउंड जो स्टेट्स थे

[18:08]

उन्होंने यह टाइम्स ऑफ इंडिया में आया था

[18:09]

दैट दे प्रॉमिस सम 1.05 लाख करोड़

[18:13]

उन्होंने बजट्स में जो अनाउंस किया था फॉर

[18:15]

फ्री बीस एंड कैश एंड्स में मिल जाता।

[18:17]

इलेक्शंस आए तो उस साल के अंदर दे

[18:19]

एक्चुअली अंडर स्पेंडिंग समथिंग टू 1.6

[18:21]

लाख करोड़। पैसे की कमी कहां है सर?

[18:25]

पैसा तो है। इट्स मोर अबाउट प्रायोरिटीज।

[18:28]

ऐसा क्यों है कि Bajaj Tata Motors वालों

[18:31]

को यह बोलना पड़ रहा है कि यार दो दो साल

[18:33]

हो गए हमारे इंसेंटिव नहीं आ रहे। नाउ दैट

[18:34]

इज अ प्रॉब्लम। व्हाई इट एक्चुअली

[18:36]

डिस्ट्रॉयस दी इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट।

[18:38]

इंडस्ट्रीज को क्या मैसेज जा रहा है कि

[18:39]

हां यार ये बोलते तो हैं कि देंगे लेकिन

[18:42]

आते नहीं है। एंड दैट्स अ वै बिग

[18:43]

प्रॉब्लम। तो कहां जाते हैं पैसे? अब आप

[18:46]

दूसरी चीजों में खर्च हो जाते हैं ना।

[18:47]

पैसा एंडलेस तो नहीं है ना। इट्स मोर

[18:50]

अबाउट व्हाट आर योर प्रायोरिटीज। सो दैट्स

[18:53]

व्हाट माय पॉइंट इज़ राइट? गवर्नमेंट की

[18:54]

प्रायोरिटीज में मेबी एक्स व जी है तो अगर

[18:56]

वो इन पे लगाती तो दूसरी जगह कहीं से

[18:58]

सिस्टम खत्म होगा ना कहीं पे तो जा रहा

[19:00]

होगा वो पैसा

[19:02]

देयर आर टू काइंड ऑफ़ इंसेंटिव्स एक

[19:04]

पैसा नहीं है गवर्नमेंट के पास

[19:05]

अनलिमिटेड तो है ही नहीं

[19:06]

अगर उनके पास ₹100 हैं जो हर साल आते हैं

[19:09]

वो ₹100 में से वो चाहते हैं कि यार मैं

[19:11]

20% ₹20 इन इंडस्ट्रीज को दे दूं इंसेंटिव

[19:15]

करने में ताकि हम चाइना से कमट कर पाएं या

[19:17]

दूसरे देशों से कमट कर पाएं।

[19:19]

राइट? लेकिन ये ₹20 आज तो कहीं और जा रहे

[19:21]

होंगे ना। ये कहां जा रहे हैं? सी आई विल

[19:24]

पुट इट दिस वे

[19:26]

वी आर नॉट अ वेरी वेरीरी स्ट्रांग सोसाइटी

[19:29]

इकोनमी

[19:30]

ठीक है इन मोस्ट ऑफ़ द थिंग्स वी आर इन अ

[19:32]

डेफिसिट

[19:33]

इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें गुड वाटर की

[19:35]

बात करें हर चीज में हम डेफिसिट में ही चल

[19:36]

रहे हैं

[19:37]

ठीक है

[19:37]

तो प्रायोरिटीज एंडलेस हैं इट्स मोर अबाउट

[19:39]

व्हाट नीड्स टू बी सॉल्व फर्स्ट

[19:41]

सो टू इंश्योर कि द रिसोर्सेज कीप ऑन

[19:43]

राइजिंग टू सॉल्व मोर ऑफ़ प्रॉब्लम्स लेटर

[19:45]

ऑन

[19:46]

ओके

[19:46]

इट्स मोर अबाउट दैट सो अगर हमें ये लगता

[19:49]

है कि ठीक है एजुकेशन पे बाद में सॉल्व कर

[19:51]

लेंगे पहले यह सॉल्व कर लेते हैं। तो कुछ

[19:55]

लोगों के लिए शायद सही हो सकता है क्योंकि

[19:56]

उनको आज उन्हें फायदा मिलेगा। बट लॉन्ग

[19:58]

टर्म मेरा ऑब्वियसली एक एजुकेटेड वर्क

[19:59]

फ़ोर्स नहीं है तो प्रॉब्लम बन जाता है।

[20:01]

सिमिलर वे इंडस्ट्रीज के लिए भी यही हमें

[20:03]

यहां पे डिसाइड करना है।

[20:04]

इज इट नाउ अ प्रायोरिटी? या फिर ठीक है।

[20:07]

अभी ये सब ऐसे ही चलने दो। पहले ये बांट

[20:09]

लेते हैं। पहले अगर कोई अनइंप्लॉयड है

[20:11]

उसको हर महीने का ₹21,000 देना उसको शुरू

[20:13]

करते हैं। पहले अगर कोई भी अगर लेडी है

[20:15]

जिसके पास मतलब क्या कहते हैं? अगर बच्चा

[20:17]

है तो उसको उसको मतलब कह देते हैं ₹3,000

[20:19]

महीने देना शुरू करते हैं। इफ दैट इज़ अ

[20:20]

प्रायोरिटी। तो पहले उसको सॉल्व कर लेते

[20:22]

हैं। बट उसको सॉल्व करोगे तो यह वाला पीछे

[20:23]

रह जाएगा। एंड द बिगर प्रॉब्लम इज दुनिया

[20:27]

इसके लिए रुकने नहीं वाली कि ठीक है यार

[20:28]

अभी पहले उनको ये बांटना है तो हम रुक

[20:30]

जाते हैं। वियतनाम वाले रुकेंगे नहीं।

[20:31]

चाइना वाले रुकेंगे नहीं। इनफैक्ट चाइना

[20:32]

वाले तो अभी नहीं रुक रहे। मेरे को इतना

[20:34]

हंसी आती है। लोग बात करते हैं चाइना +1।

[20:37]

चाइना प्लस वन कहां हो रहा है चाइना +1?

[20:40]

चाइना शेयर ऑफ़ ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हैज़

[20:41]

ओनली रीज़न इन द लास्ट लास्ट फाइव इयर्स।

[20:43]

चाइना +1 कहां से हुआ? चाइना इज़ इटसेल्फ

[20:46]

बिकमिंग चाइना +1 एंड दैट इज़ समथिंग नोबडी

[20:49]

टॉक्स अबाउट। हो रहा है।

[20:50]

इंटरेस्टिंग बाइट आई विल गिव यू। सो

[20:53]

लोग जैसे बोलते हैं ना कि यार बहुत लोग

[20:55]

जैसे हम करेंसी के ऊपर बात कर रहे हैं

[20:57]

राइट कि रुपी डेप्रिशिएट हो रहा है।

[20:58]

एसेट्रा बहुत सारे लोग ये बात करते हैं कि

[21:00]

व्हेन इट कम्स टू अ योर रूपी अगर वो

[21:05]

डेप्रिशिएट होता है ना अगर रुपी की वैल्यू

[21:06]

कम हो रही है। हमारे एक्सपोर्ट्स के लिए

[21:07]

बहुत अच्छा है। जी एक्सपोर्ट्स बहुत

[21:08]

बढ़ेंगे।

[21:10]

हकीकत क्या है?

[21:13]

ओवर द लास्ट 14 ऑडियर्स रूपी हैज़

[21:16]

डेप्रिशिएटेड बाय ओवर 60% हम

[21:18]

60% वैल्यू गई है। ठीक है? हमारे

[21:21]

एक्सपोर्ट्स एज अ परसेंट ऑफ़ जीडीपी

[21:24]

25% से 21% पे आ गए हैं। कहां बड़े

[21:27]

एक्सपोर्ट्स? कम हुए हैं। नाउ टॉक अबाउट

[21:29]

वियतनाम। वियतनाम मोर और लेस स्ट्रक्चरल

[21:31]

वे में अपनी करेंसी को हर साल लगभग लगभग

[21:33]

3% से इंडिवैल्यू करता है। ठीक है? इट्स अ

[21:37]

मेथोडिकल वे। उनके एक्सपोर्ट्स हर साल

[21:40]

लगभग 14% से बढ़ रहे हैं पिछले 15 साल

[21:42]

में।

[21:44]

तो इट्स नॉट अबाउट कि हां आपकी करेंसी

[21:46]

डीवैल्यू हो रही है तो एक्सपोर्ट बढ़

[21:47]

जाएंगे। नाउ देयर इज़ अ प्रॉब्लम? आपके

[21:49]

एक्सपोर्ट्स तब जाके बढ़ेंगे जब

[21:53]

आपका जो भी रॉ मटेरियल है जो भी बैक एंड

[21:55]

जो सप्लाई चेन है वो भी आप खुद बनाते हो।

[21:57]

हम

[21:58]

अगर आपके रॉ मटेरियल्स भी महंगे हो रहे

[22:00]

हैं कि वो आप इंपोर्ट ही करते हो। आप नहीं

[22:02]

कर पाओगे कमट। सो डबल वमी है वो। लेकिन

[22:06]

लोग ये बात समझते नहीं है। मैं इसलिए एक

[22:08]

चीज हमेशा बोलता हूं कि यार जब तक इसको

[22:09]

सॉल्व नहीं करेंगे प्रैक्टिकली हम जो

[22:11]

दुनिया भर से हम इंपोर्ट कर रहे हैं वो

[22:12]

बढ़ते ही जाएगा।

[22:13]

या राइट? एट द सेम टाइम हम जो दुनिया को

[22:17]

बेच रहे हैं वो कम होते जाएगा। सो रिजल्ट

[22:20]

इज़ रूपी का डिमांड तो और ज्यादा कम हो

[22:21]

जाएगा ना। डिमांड कम होगा तो क्या होगा?

[22:24]

उसका वैल्यू्यूएशन कम होगा।

[22:27]

वो और डीवैल्यू होगा। इसीलिए मैं जैसे ये

[22:29]

लिख के भी लेके आया था। मेरा एक सिंपल सा

[22:31]

प्रेडिक्शन है। राइट? कि मैं लिख के लेके

[22:34]

आया था पहले से। बाय चांस हमारी बातचीत ही

[22:36]

चल गई। लुक एट दिस वन। कैमरा ये वाला है।

[22:39]

मैं यहां पे भी दिखा सकता हूं।

[22:40]

दिस इज योर प्रेडिक्शन वन।

[22:42]

यस। मैं तीन प्रेडिक्शन ऐसे लेके आया हूं।

[22:44]

एंड आई एम वेरी क्लियर दैट हम जिस रास्ते

[22:46]

पे चल रहे हैं आज के दिन रूपी इस गोइंग टू

[22:48]

बी एट $150 एंड ये कोई बड़ी बात नहीं होगी।

[22:50]

वी आर गोइंग टू सी द रूपी हिट $150।

[22:54]

$150 पर डॉलर यस। एंड एंड मुझे पता है

[22:57]

बहुत लोगों को गुस्सा आएगा देख के। मेरा

[22:59]

खाली एक बात कहना यार दिस शुड नॉट मेक यू

[23:02]

एंग्री। दिस शुड मेक यू आस्क। ओके। व्हाट

[23:04]

कैन वी डू टू सॉल्व दिस? दिस इज़ सीरियस

[23:05]

प्रॉब्लम। नोबडी एवर टॉक्स अबाउट दिस वन।

[23:09]

इसके लिए वी हैव टू सीरियसली डू थिंग्स जो

[23:12]

कि हमारे मोदी जैसे फॉर एग्जांपल बोल रहे

[23:14]

हैं ना कि ओके लेट्स इंपोर्ट लेस ऑफ़

[23:15]

गोल्ड।

[23:16]

हम

[23:17]

लेट्स यू नो कम्यूट लेस। लेट्स गो आउटलेस।

[23:21]

कम बाहर जाना है ताकि पेट्रोल बचा है,

[23:23]

डीजल बचा सकें। कब तक कर लोगे ये?

[23:27]

150 करोड़ की जनता को आप कब तक घर के अंदर

[23:29]

बिठा लोगे? दिस इज़ नो मोर कोविड। एंड टू

[23:32]

बी वेरी फ्रैंक लोगों को बुरा लगेगा। बट

[23:35]

ये आज से 5 साल पहले वाला इंडिया भी है भी

[23:37]

नहीं कि मोदी ने कहा कि तालियां बजा दो आज

[23:39]

बजा देंगे। वो नहीं होगा। राइट? पीपल हैव

[23:41]

बिगन टू आस्क सर्टेन क्वेश्चंस। पीपल हैव

[23:45]

पीपल आर नो मोर दैट।

[23:48]

तो यहां पे अब सीधी सी आपकी एक बात आती है

[23:50]

कि वी रियली नीड टू सॉल्व द बेसिक्स। अगर

[23:53]

आप चाहते हो कि लोग गोल्ड कम इंपोर्ट

[23:55]

करें। हम एज अ कंट्री कम इंपोर्ट करें।

[23:57]

सॉलशन इज़ कम खरीदें ताकि हम कम इंपोर्ट

[24:00]

करें।

[24:01]

अगर हम चाहते हैं हम कम इंपोर्ट करें।

[24:02]

उसका एक ही तरीका है आप डोमेस्टिकली

[24:05]

प्रोड्यूस करना शुरू करें। अब लोग बोल

[24:07]

सकते हैं कि यार है ही नहीं कहां से

[24:08]

करेंगे? चाइना के पास भी नहीं था। चाइना

[24:10]

डिड वाज़ चाइना ने क्या किया? एक्सप्लोरेशन

[24:12]

शुरू किया। आउटकम क्या होता है?

[24:15]

इन नवंबर चाइना अनाउंस्ड अ मेजर गोल्ड

[24:20]

डिस्कवरी टुवर्ड्स अ नॉर्दन पार्ट जहां पे

[24:22]

उसके डेजर्ट्स हैं।

[24:23]

हम

[24:23]

ठीक है? लो ग्रेड ऑफ गोल्ड लेकिन वहां पे

[24:26]

गोल्ड है। अब वो उसका वो काम शुरू कर रहे

[24:27]

हैं। टुवर्ड्स एंड ऑफ़ दिसंबर वन मोर सच

[24:29]

अनाउंसमेंट इन दिसंबर दे अनाउंस एशियास

[24:32]

लार्जेस्ट ये प्लीज आप लोग Google

[24:34]

कीजिएगा। ये वाला कैमरा है। आप प्लीज

[24:36]

Google जरूर कीजिएगा। एशियास लार्जेस्ट

[24:39]

अंडर सी डिपॉजिटिज ऑफ़ गोल्ड। हम इतनी बात

[24:41]

करते हैं ना ब्लू इकॉनमी ब्लू इकॉनमी।

[24:42]

हमारे बजट में अनाउंस हुआ था इससे पहले

[24:44]

वाले साल में निर्मला सीतारमण जी ने किया

[24:46]

था।

[24:47]

उनकी हमारे ब्लू इकोनमी में हम इसके ऊपर

[24:49]

ये हो जाते हैं कि हमारी फिशिंग इकोनमी ये

[24:51]

वो जो फिशरमैन इकोसिस्टम इतना बड़ा है फिश

[24:54]

फार्मर्स हैं उनका क्या ये वो उसके साथ हम

[24:56]

कुछ कर नहीं रहे हैं वहां पे उन्होंने

[24:59]

समुंदर के अंदर जाकर के समुंदर में लगभग 6

[25:02]

किमी की डेप्थ पे एशिया का सबसे बड़ा

[25:05]

गोल्ड डिपॉजिट ढूंढ लिया है वो उसकी

[25:06]

माइनिंग की प्लानिंग कर रहे हैं उनके पास

[25:08]

था नहीं सोना उन्होंने ढूंढा इट्स अप टू

[25:11]

अस

[25:13]

हमेशा से क्या बोलते हैं सर कि वी आर दी

[25:15]

बिग बिगेस्ट रिपॉजिटरी ऑफ़ वी हैव द

[25:18]

बिगेस्ट रिजर्व्स ऑफ़ थोरियम

[25:21]

हम

[25:21]

राइट

[25:23]

चाइना टॉप फाइव में भी नहीं आता था

[25:25]

हम

[25:26]

एंड क्वाइट रिसेंटली दे अनाउंस दैट ओके वी

[25:29]

हैव फाउंड थोरियम था नहीं ढूंढा है जो चीज

[25:32]

नहीं है उसके लिए उन्होंने क्या किया दे

[25:34]

वेंट अब्रॉड एंड एक्वायर्ड द माइंस बाय

[25:36]

एंड बी डूइंग इट और प्रॉब्लम ये है कि

[25:39]

सोना बाहर से इंपोर्ट करते हैं और वो डॉलर

[25:41]

का रेट हो रहा है इंश्योर करो कि जो कंपनी

[25:43]

को हम पेमेंट कर रहे हैं इंपोर्ट करने के

[25:44]

लिए वो कंपनी इंडियन

[25:46]

हम जो रशिया में जो हम ये जॉइंट वेंचर हम

[25:48]

प्लांट लगा रहे हैं यूरिया का वो क्यों

[25:50]

लगा रहे हैं क्योंकि एटलीस्ट वो कंपनी तो

[25:52]

हमारी है ना अगर हमारी सरकार इतनी बड़ी

[25:55]

सब्सिडी देती है यूरिया के ऊपर वो जाए तो

[25:57]

उसी कंपनी से जिसमें कम से कम 50% हमारा

[25:59]

हक है

[26:00]

हम

[26:00]

इन द एंड तो हमारे पास वापस आ जाएगा व्हेन

[26:03]

इट कम्स टू दीज़ थिंग्स हम क्यों नहीं

[26:04]

बाहर एक्वायर कर रहे थे दोज़ आर द वे टू

[26:07]

सॉल्व इट

[26:09]

ऑयल एंड गैस मैं मानता हूं जो इससे पहले

[26:12]

की सरकारें थी उन्होंने भी कुछ खास नहीं

[26:15]

इस सरकार ने कोशिश बहुत करी है। लेकिन अब

[26:17]

ऑयल एंड गैस का क्या होता है कि यार आप

[26:20]

बहुत सारा आप एक्सप्लोरेशन के लिए आप

[26:22]

एरिया खोल सकते हो।

[26:23]

यू कैन स्टार्ट एक्सप्लोरेशन बट उसमें

[26:25]

मिलेगा नहीं मिलेगा गारंटी नहीं होता है।

[26:27]

वी आर आपको मिल भी जाए। जैसे अभी रिसेंट

[26:29]

में आपने न्यूज़ पढ़ा होगा हरदीप सिंह

[26:30]

पुरी जी जो कि हमारे पेट्रोलियम एंड गैस

[26:32]

के जो मिनिस्टर हैं उन्होंने बताया कि ओके

[26:34]

बिग इवेंट फॉर इंडिया कि अंडमान में वी

[26:37]

हैव फाउंड अ गैस का डिपॉजिट।

[26:38]

वहां से मीथेन गैस रिलीज हो रहा था। सो

[26:41]

इट्स अ बिग पॉजिटिव

[26:43]

बट लेट अस बी रियलिस्टिक एज वेल। अभी वहां

[26:46]

पर डिस्कवरी हुई कि हां गैस है।

[26:49]

इज इट कमर्शियली वायबल टू एक्सट्रैक्ट इट?

[26:53]

उसमें और लगने हैं चार से पांच साल। और वो

[26:56]

प्रूव होता है तो जाके वहां पे

[26:57]

इन्वेस्टमेंट शुरू होंगे। टू एक्सट्रैक्ट

[26:58]

इट। व्हिच इज़ अनदर थ्री फोर इयर्स। तब तक

[27:03]

शायद दो सरकारें और आ चुकी होंगी। बट आई

[27:05]

एम ट्राइंग टू से इज़ इट्स अ वेरी लॉन्ग

[27:07]

जस्टिशन थिंग। हमें सवाल पूछने चाहिए कि

[27:09]

सर पिछले 12 साल हो गए शायद। राइट? उसमें

[27:13]

नहीं हुआ। ठीक है। आई डोंट हैव अ इस पर

[27:16]

मेरी शिकायत नहीं है। रीज़न बीइंग वी हैव

[27:18]

एक्चुअली इंक्रीज्ड अ लॉट ऑफ़ एक्सप्लोरेशन

[27:20]

एक्टिविटी। अब वो हमारे हाथ में नहीं है

[27:22]

और कहीं पे आप खोज रहे हो नहीं निकल रहा

[27:23]

है। बट व्हाट आर वी डूइंग टू इंश्योर कि

[27:26]

यार और कर सकें। क्योंकि ये प्रॉब्लम एक

[27:29]

दिन में खत्म नहीं होने वाली। ये बार-बार

[27:30]

आएगा। व्हेन मोदी जी केम टू पावर 83%

[27:34]

हमारा बाहर से इंपोर्ट होता था एनर्जी। आज

[27:36]

के 80 89% के आसपास आ चुका है। बहुत जल्दी

[27:38]

95 हो जाएगा ऐसे।

[27:41]

हमारा कंट्रोल ही नहीं है उसके ऊपर। दैट

[27:44]

इज़ द प्रॉब्लम टू सॉल्व फॉर। बट इंडिया

[27:46]

इतना अगर हंगरी है, पावर हंग्री, कंसमशन

[27:49]

हंगरी एट दिस पॉइंट। हम लोग ग्रोइंग

[27:51]

इकॉनमी। हम लोग बढ़ रहे हैं। तो हमारी

[27:53]

नीड्स बढ़ते जा रही है ना। तो डेफिनेटली

[27:55]

83, 89, 89 से 95 ये होना ही है। व्हाट

[27:58]

कैन

[28:00]

व्हाट कैन एनीबडी डू इन दिस एट दिस पॉइंट?

[28:04]

सो अ लॉट कैन बी डन। नंबर वन एक्सप्लोरेशन

[28:06]

पार्ट दैट वी टॉक अबाउट। नंबर टू वो तो हो

[28:08]

रहा है। वो पहले से बहुत ज्यादा बड़ा है।

[28:10]

या नंबर टू इज रिप्लेसमेंट पार्ट ऑफ इट।

[28:12]

सो फॉर एग्जांपल हमें पता है कि यार गैस

[28:14]

हम प्रोड्यूस ही नहीं करते।

[28:16]

हम

[28:17]

बहुत कम हम प्रोड्यूस करते हैं। रफ्ली 55%

[28:19]

ऑफ़ व्हाट वी नीड कम्स फ्रॉम इंपोर्ट।

[28:21]

राइट? दैट्स अ बिग बिग क्रिटिकल

[28:22]

डिपेंडेंसी।

[28:25]

तो हम हर घर में हर घर में गैस का सिलेंडर

[28:28]

हम क्यों प्रमोट कर रहे हैं? नीति आयोग ने

[28:29]

जब 2015 में कहा था कि यार वी शुड बी

[28:31]

प्रमोटिंग इलेक्ट्रिक स्टोर्स। कि

[28:33]

इलेक्ट्रिसिटी तो हम इंडिया के अंदर में

[28:35]

बना सकते हैं। हम

[28:36]

और गवर्नमेंट का प्रोग्राम है

[28:37]

इलेक्ट्रिसिटी हर घर पहुंचाने का। सॉल्व

[28:38]

हो जाएगा ना इससे। वी शुड हैव फोकस ऑन

[28:41]

दैट। क्यों नहीं किया? व्हाट डू यू थिंक?

[28:43]

सिंपल सा एक प्रॉब्लम है कि यार हर घर में

[28:45]

इलेक्ट्रिसिटी पहुंचाना इज़ अ फाइव टू 10

[28:47]

ईयर का प्रोजेक्ट। हर घर में सिलेंडर

[28:49]

पहुंचाना इज़ अ टू इयर्स का प्रोजेक्ट।

[28:50]

इलेक्शन में तो

[28:55]

इट्स मोर अबाउट जो अटल जी हमेशा से बोलते

[28:57]

थे। हम रहे ना रहे ये देश रहना चाहिए। देश

[29:01]

की लाइफ पांचप साल में डिफाइन होती है।

[29:03]

यहां पे बुरा लगे किसी को तो माफी। लेकिन

[29:06]

हकीकत है कि हमारी अच्छी खासी पॉलिसीज जो

[29:08]

होती है वो इसी पे हार जाती है कि अरे यार

[29:09]

5 साल के आगे तो इसका फिर पता नहीं कौन

[29:11]

आएंगे। हमें तो इलेक्शन भी जितन है ना तो

[29:13]

पहले उसमें जो दिखे वो पहले करते हैं। दैट

[29:14]

इज व्हाट द प्रॉब्लम कम्स। व्हाट वी नीड

[29:18]

इज़ एंड अगेन यू नो दो बहुत ही प्यारी

[29:21]

सीइंग्स हैं। नंबर वन आवर गवर्नमेंट्स

[29:25]

टर्न सीरियस डू रिफॉर्म्स टेक एक्शन

[29:28]

डिलीवर थिंग्स कब? तब जबकि इंडिया की लग

[29:31]

जाती है

[29:33]

क्योंकि तब ऑप्शन नहीं रहता है। अदरवाइज

[29:34]

दे डोंट रियली डू मच रिफॉर्म्स। क्यों?

[29:36]

शोरशराबा बहुत होता है। बैकलैश बहुत आता

[29:38]

है। इट्स नॉट अ ईजी कंट्री टू ऑपरेट ऑन दी

[29:40]

गवर्नमेंट साइड भी मैं फेवर लेता हूं।

[29:42]

आसान नहीं है। हर स्टेट के अलग सिस्टम है।

[29:45]

हर स्टेट के अंदर अपने मुल्ले की चार तरह

[29:47]

की भांति के लोग रह रहे हैं। सबके विचार

[29:48]

कभी मिलते नहीं है। आसान नहीं है कोई भी

[29:50]

चीज करना। मैं वो मानता हूं। बट एट द सेम

[29:53]

टाइम इसीलिए तो एक इतने स्ट्रांग आदमी को

[29:56]

चुना गया ना कि ठीक है सबसे मिलजुल के इन

[30:00]

द एंड जो देश के लिए अच्छा है वो करे खैर

[30:02]

देश की तकदीर बदलनी है वहां पे बहुत

[30:04]

ज्यादाेंट हो जाता है नंबर वन नंबर टू इज़

[30:07]

कि यार

[30:09]

आप आपके लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है ये

[30:13]

हम आज जिस स्टेट में हैं वी आर

[30:15]

प्रैक्टिकली इंपोर्टिंग एवरीथिंग

[30:18]

इसको अगर हम नहीं सॉल्व करते हैं ना हम

[30:21]

खुद खुद को एक कंज्यूमर कंट्री बनाते जा

[30:23]

रहे हैं। मैं एक सीधा एक स्टैट दूंगा।

[30:24]

यूरोप और यूएस का जो डायवर्जेंस हुआ है

[30:26]

पिछले 16 17 साल के अंदर इन 2008 यूरोप

[30:29]

एंड यूएस जब फाइनेंसियल क्राइसिस हुआ था।

[30:31]

यूरोप एंड यूएस हैड सिमिलर आपका लेवल्स ऑफ

[30:34]

इकॉनमी। दोनों की इकॉनमी लगभग लगभग 15 से

[30:36]

16 ट्रिलियन डॉलर की थी।

[30:38]

ओके?

[30:39]

फास्ट फॉरवर्ड टू टुडे

[30:41]

यूरोप्स इकॉनमी इज़ ऑलमोस्ट 70% ऑफ यूएस।

[30:44]

30% छोटी हो गई है।

[30:47]

व्हाई हैज़ दैट हैपेंड? बिकॉज़ ओवर द इयर्स

[30:50]

मैन्युफैक्चरिंग तो दोनों देशों से बाहर

[30:52]

गई।

[30:52]

यूरोप ने अपनी सर्विज भी बाहर भेज दी है

[30:54]

ना।

[30:55]

यूरोप की सर्विज आप अगर मेजर एक्सपेंस

[30:57]

देखो सब कुछ यूएस की कंपनी से हो रहा है।

[30:58]

सब कुछ हो रहा है। व्हेन वाज़ द लास्ट टाइम

[31:00]

यू हर्ड अ 10 बिलियन डॉलर का टेक आईपीओ इन

[31:02]

यूरोप। कहीं पे नहीं हुआ है। यूएस में तो

[31:05]

आए दिन हो रहे हैं। चाइना में हो रहे हैं।

[31:08]

यूरोप में नहीं हो रहे हैं। दे आर नेट

[31:10]

इंपोर्टर्स ऑफ़ सर्विसेस ऑफ टेक्नोलॉजी।

[31:14]

सेम इज़ प्लेइंग आउट विद अस। हमें सैटेलाइट

[31:16]

इंटरनेट चाहिए। हम खुश होते हैं भाई साहब

[31:18]

अब देखो स्टार्लिंग आएगा ईलन मस्क का

[31:20]

व्हाट आर यू सेलिब्रेटिंग हमें उस टाइम ये

[31:22]

पूछना चाहिए न्यूजीलैंड वाले अपना खुद का

[31:25]

सैटेलाइट इंटरनेट का वेंचर बना रहे हैं जो

[31:27]

बोल रहे हैं हम दुनिया भर में न्यूजीलैंड

[31:29]

इतना सा देश है यार वो लोग बोल रहे हैं हम

[31:31]

दुनिया भर में सप्लाई करना चाहते हैं आपका

[31:33]

ये सैटेलाइट इंटरनेट हम क्यों नहीं कर रहे

[31:36]

हैं

[31:38]

सीरियस क्वेश्चंस यहां पे होने चाहिए

[31:39]

बिकॉज़ इफ यू डोंट सॉल्व फॉर इट व्हाट इज़

[31:41]

गोइंग टू हैपन इज हम इसके नेट बायर रहेंगे

[31:44]

नेट इंपोर्टर रहेंगे फॉर लाइफ लोंग

[31:46]

हम्म हम

[31:47]

हम इतना सेलिब्रेट करते हैं कि यार BSNL

[31:50]

ने एक फॉरेन कंपनी के साथ जॉइंट वेंचर

[31:52]

किया है कि वो हमें सर्विज देगा। BSNL उसे

[31:54]

डिस्ट्रीब्यूट करेगा फॉर सैटेलाइट

[31:55]

इंटरनेट। हम एक फॉरेन टेक के

[31:58]

डिस्ट्रीब्यूटर बनके इतने खुश हो रहे हैं।

[32:01]

एंड दिस इज़ अ स्ट्रेटेजिक पीएसयू ऑफ़ द

[32:03]

गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया। इसका काम है कि हम

[32:06]

उस डिपेंडेंसी को खत्म करें। और हम उस पे

[32:08]

ताली बजा रहे हैं आज के दिन। दिस डजंट मेक

[32:11]

एनी सेंस एट ऑल। दीज़ आर थिंग्स टू सॉल्व

[32:14]

फॉर। मैं इसी वजह से यह भी बोलता हूं कि

[32:16]

बहुत सारे लोग बोलते हैं कि यार हम

[32:17]

एलएलएम्स क्यों बना रहे हैं? यह वो अरे

[32:19]

भैया

[32:21]

हाउ मेनी मेंबर डू यू हैव आउट हियर इन योर

[32:23]

टीम? कितने लोग हैं आपकी टीम में?

[32:25]

150 140

[32:26]

हाउ मेनी पीपल ऑफ़ देम यूज़ इदर चार्ज

[32:28]

जीपीटी और क्लाउड?

[32:29]

ऑलमोस्ट एवरीवन।

[32:31]

राइट? अच्छे खासे लोग जो दोनों भी यूज़

[32:33]

करते होंगे। मैं मानता हूं चलो 200

[32:34]

सब्सक्रिप्शन है आपके पास। हर एक पे अगर

[32:36]

$20 का सब्सक्रिप्शन है। आपने $200 वाला

[32:38]

नहीं लिया तो वी

[32:39]

नहीं फुल पैकेज सबका सब है। राइट?

[32:41]

सो वी यूज़ अ लॉट।

[32:42]

कितना एक्सपेंस है? एंड दिस इज नॉट जस्ट

[32:44]

यू। मैं यह वो हर इंडस्ट्री हर कंपनी ये

[32:47]

चीज कर रही है। यह पैसा कहां जा रहा है?

[32:48]

दिस इज प्योर आउटगो ऑफ़ मनी फ्रॉम इंडिया।

[32:51]

एंड वी आर क्रिटिकली डिपेंडेंट ऑन फॉरेन

[32:54]

कंट्रीज। चाइना इज़ नॉट।

[32:57]

यूरोप इज़ एक्चुअली सॉल्विंग फॉर इट।

[32:58]

फ्रांस के पास मिस्तरल है। दे डोंट वांट

[33:01]

टू बी डीलिंग वि ओपन एआई और वि जेमिनाई

[33:03]

एटसेट्रा। दे आर बिल्डिंग फॉर इट। व्हाट

[33:05]

आर वी डूइंग अबाउट इट। दिस इज़ अ सीरियस

[33:07]

क्वेश्चन। वहां पे्ट है कि ठीक है यार

[33:09]

सर्वम जैसी कंपनीज़ को सपोर्ट करो। मैं

[33:12]

उन्हें नहीं जानता हूं। मेरे को कोई पैसे

[33:13]

नहीं मिले हैं। बट वी रियली नीड दी कंपनीज़

[33:16]

टू कम आउट। इमरजेंट आप भी उसकी बात करते

[33:17]

हो। मैं भी करता हूं। मैं उनके साथ कुछ

[33:19]

पेड कोलैबोरेशंस भी कर चुका हूं। बट वी

[33:22]

रियली नीड दीज़ कंपनीज़।

[33:25]

हम ये कब जानेंगे कि ऐसी और कंपनीज़ हम

[33:28]

क्यों नहीं बना रहे? अदरवाइज़ हर एक चीज़ के

[33:29]

लिए वी आर ओनली बिकमिंग नेट नेट नेट

[33:32]

डिपेंडेंट्स। एंड दैट्स अ बिग प्रॉब्लम।

[33:34]

यह एक-एक चीज जो है ना यह हमें वह जो ₹150

[33:37]

पर डॉलर का जो है हमें उसके और पास लेके

[33:39]

जा रही है। हम उसे रियलाइज़ नहीं करते।

[33:42]

सी यू आर सेइंग कि आपका प्रेडिक्शन है कि

[33:46]

रुपी और गिर के ₹150 जितना हो जाएगा $1 के

[33:50]

लिए।

[33:51]

एंड वो तब तक होते रहेगा क्योंकि

[33:54]

दो स्ट्रक्चरल चीजें चाहिए होती है अगर

[33:57]

आपको आपकी करेंसी और आपका पैसा स्ट्रांग

[33:59]

करना हो। या वन इज आपकी ग्लोबल डिमांड

[34:02]

होनी चाहिए कि आपकी करेंसी की डिमांड है

[34:05]

किसी ना किसी तरीके की वजह से। या तो आपने

[34:07]

दुनिया में बहुत लोन दे रखा है या दुनिया

[34:10]

में आप किसी को कोई एक बेटर पेमेंट ऑप्शन

[34:12]

देते हो या दूसरी कंट्री की हेल्प करते हो

[34:14]

किसी रीज़न से जो हम अभी कर नहीं पा रहे

[34:16]

हैं और करते नहीं है ज्यादा। राइट? दैट इज

[34:18]

वन। सेकंड इज़ या तो आपके पास कुछ ऐसा है

[34:21]

जो दुनिया को चाहिए।

[34:22]

या

[34:23]

और वो तब तक नहीं हो सकता जब तक दो

[34:26]

स्पेसिफिक चीजें नहीं होगी। वन इज या तो

[34:29]

सप्लाई चेन डेप्थ नहीं बनाओगे आप कि एंड

[34:32]

टू एंड रॉ मटेरियल से ले एंड तक आप ही बना

[34:34]

रहे हो ताकि आप की चीजें आप बना पा रहे हो

[34:37]

तो देन आप इतना अच्छा बना पा रहे हो इतने

[34:38]

सस्ते में बना पा रहे हो कि दुनिया में

[34:39]

बेच पाओगे दैट इज वन और सेकंड इज़ या तो

[34:42]

टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट कि टेक्नोलॉजी के

[34:44]

लिए आपने इतना फोड़ दिया कि आप सेटेलाइट

[34:46]

में इंटरनेट प्रोवाइड इंटरनेट प्रोवाइड कर

[34:48]

रहे हो वाई-फाई प्रोवाइड कर रहे हो और

[34:49]

सेटेलाइट के थ्रू पूरी दुनिया में देना

[34:51]

चाहते हो राइट ये दोनों चीजें इंडिया में

[34:53]

नहीं हुई जो ये सारे लोग बोलते हैं कि

[34:56]

करेंसी अगर अगर डी वैल्यू होती है और कम

[34:59]

होती है तो उससे एक्सपोर्ट बढ़ता है। वो

[35:02]

तो फॉल्स एक टेक्स्ट बुक डेफिनेशन है। वो

[35:05]

नहीं हो रहा है क्योंकि पिछले कुछ सालों

[35:06]

में या पिछले डेकेड में हमने वो नहीं

[35:08]

देखा। दूसरी कंट्री जिधर ऐसा नहीं हुआ है

[35:11]

वियतनाम जो एक कंटेंडर है चाइना प्लस वन

[35:14]

के लिए जैसे इंडिया एक कंटेंडर है उनकी

[35:16]

करेंसी इतनी तेजी से नहीं गिरती है लेकिन

[35:18]

तो भी वो ज्यादा एक्सपोर्ट बढ़ाते जा रहे

[35:20]

हैं इंडिया अब एक्सपोर्ट नहीं बढ़ा पा रहा

[35:21]

है

[35:21]

या

[35:22]

दिस इज योर सेइंग फॉर दिस एंड देन यू आर

[35:26]

सेइंग कि उसके बाद अब जो कंट्री में एक

[35:30]

सेंटीमेंट है जहां पे ये बोल रहे हैं कि

[35:32]

हमें बाहर के प्रोडक्ट्स यूज़ नहीं करने

[35:34]

चाहिए व्हिच इज ट्रू व्हिच इज गुड वी शुड

[35:36]

डू दैट और जो यह गोल्ड नहीं खरीदने का है।

[35:39]

व्हिच इज़ आल्सो गुड इन अ वे कि हमको गोल्ड

[35:41]

कम खरीदना चाहिए ताकि हम लोग और लेस

[35:43]

डिपेंडेंट बने ताकि यह हमारा आपका जो

[35:45]

प्रेडिक्शन है ₹150 का वो नहीं हो।

[35:47]

या

[35:47]

पर दैट इज नॉट अ लॉन्ग टर्म एक्चुअल

[35:51]

स्यूशन।

[35:52]

पॉसिबल नहीं है।

[35:52]

उससे कोई पॉसिबल नहीं है कि भाई ये अगर कर

[35:56]

देंगे लोग गोल्ड गम खरीदेंगे तो कुछ हो

[35:58]

जाएगा। इसमें कुछ नहीं है।

[35:59]

मैं दो चीज़ और ऐड करता हूं। ठीक है? ऐसे

[36:01]

समझिए।

[36:01]

बट आई समराइज्ड योर पॉइंट

[36:03]

परफेक्टली। परफेक्टली।

[36:04]

मैं खाली दो चीजें बोलूंगा। नंबर वन। सो

[36:06]

ऑन द मैन्युफैक्चरिंग साइड ऑफ़ थिंग्स राइट

[36:08]

द प्ले बिक वै सिंपल मैं एक ऐसी कंट्री का

[36:10]

एग्जांपल दूंगा जो लोगों को आज के दिन

[36:12]

अच्छा नहीं लगता हिंदुस्तान में

[36:13]

बांग्लादेश

[36:14]

हम

[36:14]

हम जो जींस वगैरह पहनते हैं कपड़े पहनते

[36:16]

हैं अच्छे खासे उसमें से बांग्लादेश के से

[36:18]

बन के आते हैं बांग्लादेश इंडिया से

[36:21]

ज्यादा करता है एक्सपोर्ट मजाक है क्या

[36:23]

कैसे हो सकता है कमाल की बात आपको बताऊं

[36:25]

कैसे है ये बिफोर बिकमिंग अ बिग टाइम

[36:28]

एक्सपोर्टर ऑफ़ टेक्सटाइल्स और गमेंट्स

[36:31]

उन्होंने ऐसा अपना पूरा सेटअप किया दे

[36:33]

रीच्ड अ पॉइंट वेयर 85% ऑफ़ व्हाटएवर एनी

[36:35]

पर्स पर्सन वाज़ वेरिंग इन बांग्लादेश वाज़

[36:37]

मेड इन बांग्लादेश।

[36:39]

ये कैसे किया? दे सॉल्व फॉर द बेसिक्स।

[36:42]

अपने कपड़े पहले बनाने शुरू किए ना।

[36:43]

इंपोर्ट्स को पलेटाया। एज़ आई सेड सॉल्व द

[36:46]

बेसिक्स। यहां पे भी वही करना पड़ेगा हर

[36:48]

इंडस्ट्री के लिए। लेट अस फर्स्ट बिगेन टू

[36:50]

मेक फॉर आल्स। फिर पता होता क्या है? वो

[36:51]

जो सेटअप बन चुका है मशीनें एमोटाइज़ होने

[36:54]

लग जाती है। उसका खर्चा तो ऑलरेडी निकल

[36:56]

चुका है। अब उसके लिए एक्सपोर्ट्स के लिए

[36:57]

आप सामान बनाते हो। अब थोड़ा सा और सस्ता

[36:59]

बना सकते हो। यू बिन टू कमट विद अदर्स।

[37:00]

डंप करना। चाइना की एक खासियत है। सो फॉर

[37:02]

एग्जांपल ऐसे सोचिए कि इंडिया में एक

[37:04]

कंपनी है जो कि अपने आप कह सकते हो कि

[37:07]

सूटकेसेस बनाती है। ठीक है? उसने अपने

[37:09]

इन्वेस्टमेंट के अपने लिए बना रही है।

[37:11]

चाइना में एक कंपनी है जो कि 12 कंपनीज़ के

[37:13]

लिए सूटकेसेस बनाती है। उसके जो मशीनंस का

[37:16]

सेटअप का जो भी उसका खर्चा है, राइट? वो

[37:18]

12 कंपनीज़ से ऑलरेडी वो निकाल चुकी है। वो

[37:20]

और 12 के लिए और सस्ता बना सकती है आने

[37:22]

वाले के लिए। दैट इज़ व्हाई थिंग्स चेंज।

[37:24]

या

[37:25]

लेट्स सॉल्व फॉर द बेसिक्स फर्स्ट। अपनी

[37:27]

नीड के लिए औरों के लिए करना और अपने आप

[37:30]

आसान हो जाएगा। हर कैटेगरी के अंदर हर

[37:33]

स्मालस्मॉल कैटेगरी के अंदर इट्स नॉट जस्ट

[37:36]

कि अच्छा ईवी बैटरी खुद बनाते हैं या फिर

[37:37]

कैमरा बनाए। कैमरा नहीं बनेगा हमसे। व्हाट

[37:40]

वी हैव टू सॉल्व फॉर स्मॉल मॉड्यूल्स दैट

[37:41]

गोइंग टू इट। लेट्स बीन टू मेक दोस। सो आई

[37:43]

एग्री विद दिस पॉइंट। एंड ये बहुत बेसिक

[37:46]

डेफिनेशन है। आई थिंक ये सब समझते होंगे।

[37:48]

क्यों नहीं कर पा रहे हैं? इज़ अ क्वेश्चन।

[37:51]

हम क्यों नहीं बना पा रहे हैं? उसका रीजन

[37:53]

लार्जेस्ट यू आर सेइंग कि वो हमें

[37:56]

गवर्नमेंट लेड इंसेंटिव नहीं मिलते ताकि

[37:58]

हम वो सस्ता बना पाए जिसकी वजह से हम

[38:00]

दूसरी कंट्री से कमट कर पाएं।

[38:02]

गवर्नमेंट लेड इंसेंटिव्स मिलते हैं बट

[38:04]

कुछ ही लोगों को मिलते हैं।

[38:06]

सो यू आर सेइंग कि ये डेमोक्रेटाइज हो

[38:08]

जाना चाहिए और हर किसी को मिलना चाहिए।

[38:10]

सो बट हर किसी को मिलेगा। डोंट थिंक दैट्स

[38:12]

अ फेयर वे टू डू इट?

[38:13]

यस अब्सोलुटली। इट हैज़ वर्क आउट वेरी फेयर

[38:16]

वे फॉर कंट्रीज लाइक साउथ कोरिया, जापान,

[38:18]

वियतनाम, चाइना

[38:20]

चाइना एंड देन दैट अक्रॉस टू स्टेट्स ऑफ़

[38:23]

इंडिया एक्चुअली तमिलनाडु एंड गुजरात। सो

[38:25]

फॉर एग्जांपल

[38:27]

गुजरात

[38:28]

क्या कह रहा हां

[38:29]

गुजरात में इतना बिज़नेस बूम होता है, सब

[38:30]

कुछ होता है। राइट?

[38:32]

व्हाट इज द बेस्ट थिंग अबाउट गुजरात?

[38:34]

आई डोंट नो।

[38:35]

सबके लिए एक पॉलिसी है।

[38:37]

तो उधर आप छोटे एंटरप्रेन्योर हो या बड़े

[38:39]

एंटरप्रेन्योर हो डजंट मैटर।

[38:40]

डजंट मैटर। अगर आप इस पॉकेट के अंदर आप

[38:42]

इन्वेस्टमेंट कर रहे हो तो आपको ये मिलेगा

[38:44]

खत्म हम नॉट एवरीबडी हैज़ गो टू द हैज़ टू

[38:48]

गो टू दी अप्रोच दी गवर्नमेंट अपने-अपने

[38:50]

लेवल के हिसाब से एंड देन नेगोशिएट अ

[38:51]

पैकेज कि हां जी मुझे 110% एसजीएसटी का

[38:54]

रिफंड मिलना चाहिए। मुझे इतना मिलना

[38:55]

चाहिए। तब जाके मैं प्लांट लगाऊंगा। वो तब

[38:59]

होता है जब किसी ऐसे सेक्टर का

[39:00]

इन्वेस्टमेंट आप कर रहे हो जिसके लिए

[39:02]

पॉलिसी अभी एक्सिस्ट नहीं करती। अनदर थिंग

[39:04]

फॉर यू एंड दी ऑडियंस एज वेल। गुजरात एंड

[39:07]

तमिलनाडु आर टू स्टेट्स

[39:10]

जो कि हमेशा हर बार किसी भी इंडस्ट्री के

[39:14]

लिए जब भी कोई पॉलिसी निकाली जाती है

[39:15]

डेडिकेटेड कि हां इसकी मैन्युफैक्चरिंग

[39:16]

यहां होनी चाहिए। इसका सेटअप यहां होना

[39:18]

चाहिए। दीज़ आर द टू स्टेट्स जो सबसे पहले

[39:20]

आते हैं। सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग

[39:22]

पॉलिसी इंडिया में आती है लगभग 12 स्टेट्स

[39:24]

के पास है। द फर्स्ट वन टू कम आउट विथ इट

[39:26]

वाज़ गुजरात।

[39:28]

स्पेस टेक के लिए मैन्युफैक्चरिंग का जो

[39:30]

आपका था जो पॉलिसी है गुजरात, तमिलनाडु

[39:34]

एंड कर्नाटका एंड तेलंगाना वर दी फर्स्ट

[39:35]

वंस टू कम विद अगेन गुजरात तमिलनाडु इसमें

[39:38]

भी आते हैं। पिक एनी सेक्टर

[39:40]

डेडिकेटेड पॉलिसी फॉर दैट वेरी सेक्टर ये

[39:44]

दो स्टेट्स आपको हमेशा वहां दिखते हैं।

[39:45]

इंटरेस्टिंग

[39:46]

क्वेश्चन इज़ एमपी वाले क्यों नहीं कर रहे

[39:48]

भाई? हरियाणा वाले क्यों नहीं कर रहे यार?

[39:50]

राइट? बिहार वालों को किसने रोका है?

[39:53]

ऐसा क्यों है कि गुजरात की जब सेमीकंडक्टर

[39:55]

पॉलिसी आई उससे ढाई साल बाद यूपी की आई।

[39:59]

सवाल यह होना चाहिए। क्यों होता है ऐसा?

[40:01]

अपनी-अपनी प्रायोरिटीज है सर। आप ऐसे

[40:04]

सोचिए ना इंडिया पॉलिसीज कौन बना? देयर आर

[40:06]

ब्यूरोक्रेट्स। राइट? ब्यूरोक्रेट्स

[40:08]

देमसेल्व्स हैव टू बी अ दैट एंटरप्राइजिंग

[40:11]

एज वेल एज उनको उतना नॉलेज भी होना चाहिए।

[40:14]

मैं ये नहीं कह रहा हूं कि वहां वालों के

[40:15]

पास नॉलेज नहीं है। बट मोर अबाउट अगर आप

[40:17]

गुजरात में हैं। यू आर सराउंडेड बाय

[40:19]

इंडस्ट्रीज, बिज़नेसमैन एवरीवेयर

[40:21]

सोचते रह। यू आर डीलिंग विथ देम एव्री

[40:22]

सिंगल डे। आप उनके डेली आप ब्रेस्ट स्टंप

[40:24]

कर रहे हैं। अच्छा और क्या नए

[40:25]

इन्वेस्टमेंट ला सकते हैं? क्या करें

[40:26]

एसेट्रा। वो आपको बताते हैं यार ये वाला

[40:27]

करते हैं। इसका यहां पे फ्यूचर है। ये

[40:29]

देखो चाइना में क्या हो रहा है। यूएस में

[40:30]

क्या हो रहा है। अब आगे फ्यूचर इसका है।

[40:32]

तब जाके आपको वो पॉलिसीज बनती है। फेयर

[40:36]

टेल मी वन थिंग आई एम स्विचिंग हियर ऑन

[40:38]

दिस।

[40:39]

कि इंडिया ऑन द आउटसाइड नंबर्स, डेटा,

[40:45]

नॉइज़ ऑल अराउंड द वर्ल्ड। नॉट जस्ट हमारे

[40:47]

अंदर

[40:49]

एक नैरेटिव है हम लोगों का वि इज बहुत

[40:52]

सारा डाटा उसको बैक भी करता है कि इंडिया

[40:54]

वन ऑफ़ द फास्टेस्ट ग्रोइंग इकॉनमीज़ इन द

[40:56]

वर्ल्ड हर कोई इंडिया को आए देख लाइक

[40:59]

एवरीबडी इज़ आईंग इंडिया स्टार दिख रहा है

[41:01]

अभी नेक्स्ट डेकेड हमारा दिख रहा है राइट

[41:03]

तो वन ऑफ़ द फास्टेस्ट ग्रोइंग इकॉनमीज़ इन

[41:06]

द वर्ल्ड हर साल हम देखते हैं अब ये बढ़

[41:08]

गया ये बढ़ गया बट ऑन एन इंडिविजुअल लेवल

[41:11]

पीपल लाइक यू एंड मी और जो सैलरीड

[41:13]

एंप्लाइजज़ हैं या जो जो भी इसको देखें

[41:15]

उन्हें और गरीब फील क्यों होता है? और

[41:18]

पोरर क्यों होता है? व्हाई? ऐसा क्यों है

[41:20]

कि हमारी इकॉनमी इतनी तेजी से बढ़ रही है।

[41:22]

बट हमें ऐसा लगता है कि हमारा जो पैसा है

[41:24]

वो महंगाई इतनी बढ़ते जा रही है या महंगा

[41:27]

इतना होता जा रहा है जहां मैं शायद और

[41:29]

गरीब होते जा रहा हूं।

[41:30]

यार मेरे इस पे

[41:31]

दैट ओनली अ फीलिंग कि ये डाटा भी बैक करता

[41:33]

है।

[41:33]

यार मेरा इस पे कुछ ओपिनियन है। ठीक है?

[41:35]

नंबर वन यू एंड आई डोंट कम इंटू दैट

[41:37]

इंडिया। अगर इंडिया 6% से ग्रो कर रहा है

[41:39]

तो हम लोग शायद 30 40 50% से कर रहे

[41:41]

होंगे। ठीक है? बट अगर हम उससे ग्रो कर

[41:44]

रहे हैं तो अच्छा खासा इंडिया तो 1 2% पे

[41:46]

भी नहीं चल रहा होगा। मोरेंटली

[41:50]

एक बहुत बड़ी विडंबना है। ये जो एक टैग जो

[41:54]

होता है ना एक तो टैग्स ना टैग फेमस हो

[41:56]

जाते हैं। टैग क्या है? फास्टेस्ट ग्रोइंग

[41:59]

मेजर इकॉनमी। हम क्या करें हम उसका अगर

[42:01]

हमारे देश के लोग फिर भी 80 करोड़ लोगों

[42:03]

को फ्री का खाना चाहिए। अभी तो फ्री का वो

[42:06]

छोड़ो। हम भी भैया फ्री का खा रहे हैं।

[42:08]

हमें रियलाइज नहीं होता है।

[42:11]

यूरिया नैनो यूरिया हमने बनाना शुरू किया

[42:13]

है। सो यूरिया की जब बात करते हैं राइट?

[42:17]

लगभग लगभग $800 कुछ का आता था।

[42:20]

हम

[42:20]

ठीक है? इसका रेट भयंकर बढ़ गया।

[42:23]

हम

[42:24]

लेकिन किसान के लिए रेट अभी भी वही है। तो

[42:26]

ये एक्स्ट्रा जो है वो कौन भर रहा है?

[42:27]

हमारी सरकार भरती है अपनी जेब से। सरकार

[42:30]

कितना भर रही है? आपको पता है? हमारे जो

[42:32]

फर्टिलाइजर की जो सब्सिडी होती है टू

[42:33]

इंश्योर कि अच्छा किसान को महंगा ना पड़े।

[42:38]

सरकार ने पिछले बजट किया था 1.7 लाख

[42:40]

करोड़। दे एंडेड स्पेंडिंग 2.1 लाख करोड़।

[42:45]

इस साल बिकॉज़ ऑफ़ दिस सिचुएशन नाउ ये नंबर

[42:49]

कहीं भी जा सकता है। 2.7 लाख करोड़, 3 लाख

[42:52]

करोड़। ये 3 लाख करोड़ वो है जिसके कारण

[42:55]

सब्जियां, फ्रूट सब कुछ सस्ते रहते हैं और

[42:57]

वो हम भी खाते हैं। हम

[42:59]

हम रियलाइज नहीं करते। कि अच्छा हम जो ये

[43:02]

शिमला मिर्च खा रहे हैं चाहे लोगों के घर

[43:04]

हरी आती है हमारे घर में चलो हम थोड़ा आगे

[43:06]

निकल गए हमारे घर लाल और हरी लाल और पीली

[43:08]

वाली भी आने लग गई राइट

[43:10]

वो जिस रेट पे आ रही है शायद उससे और डबल

[43:13]

रेट पे होती अगर हमारी सरकार ये साल का 2

[43:16]

लाख 3 लाख करोड़ इन सब्सिडीज पे नहीं

[43:18]

निकाल रही होती तो बट इसके ऊपर कोई बात

[43:21]

नहीं करता

[43:22]

नो बट ये वाली रियलिटीज भी हैं। एंड ओवरऑल

[43:25]

आई टेल यू कि यू एंड आई

[43:29]

हम लोग भी जो हमारे स्पेंड्स हैं

[43:33]

जितना तेजी से वो बढ़ रहे हैं उतनी तेजी

[43:35]

से हम लोगों की भी इनकम नहीं बढ़ती

[43:37]

नो अब्सोलुटली एंड आई एम नॉट टॉकिंग अबाउट

[43:39]

न्यू वेंचर्स एंड न्यू एलोकेट्स मैं बात

[43:42]

कर रहा हूं स्टेडी बिनेस इनकम या स्टेडी

[43:45]

आपका सैलरी इनकम

[43:46]

आप ईयर ऑन ईयर अगर आप

[43:49]

सिर्फ फॉर एग्जांपल हेल्थ इंश्योरेंस ले

[43:51]

लो तो 14-15% हर साल बढ़ता है सरकार बोलती

[43:54]

है कि भाई महंगाई तो सिर्फ शायद 2 से 5%

[43:58]

के बीच में ही बढ़ती है। डिफरेंट डिफरेंट

[44:00]

थिंग्स डिफरेंट था। राइट?

[44:01]

या

[44:01]

तो हेल्थ इंश्योरेंस वैसे होता है। आप अगर

[44:05]

आप महंगे स्पेंड्स की बात कर लो खाना

[44:07]

वगैरह सब छोड़ के

[44:08]

या

[44:09]

ऑयल डेफिनेटली ऑयल तेल ये तो बहुत ज्यादा

[44:11]

तेजी से बढ़ते जा रहा है।

[44:13]

देन जो आपकी जिम मेंबरशिप्स है आपका

[44:16]

रोजमर्रा का रेंट है।

[44:18]

एवरीडे ये बहुत तेजी से है। रेंट आपका

[44:19]

बहुत ज्यादा इनफ्लेट हो जाता है। घरों की

[44:21]

प्राइस है जिसको घर खरीदना है। ऑप्शन थ्रू

[44:24]

द रूफ। कोई आदमी कितना भी अमीर है घर की

[44:27]

प्राइस देख के उसको लगता है वो गरीब ही

[44:28]

है। क्योंकि जिस हिसाब का घर उसको चाहिए

[44:30]

था 5 साल पहले आज वो घर वो खरीद ही नहीं

[44:33]

सकता। उसने 5 साल मेहनत करके इसलिए पैसे

[44:35]

कमाए थे कि ये घर खरीदूं आज वो उसकी औकात

[44:36]

के बाहर है।

[44:37]

राइट? सो ओवरऑल इट फील्स लाइक देयर इज़ सम

[44:41]

काइंड ऑफ़ मनी इल्लुजन

[44:43]

कि हमें इल्लुजन तो है कि यार 2 से 5%

[44:47]

महंगाई बढ़ रही है लेकिन एक्चुअल आप रेट

[44:51]

देखने जाओ तो शायद 10 15% हर हर साल बढ़ते

[44:54]

जाते हैं।

[44:54]

ठीक है राज देखो आपने ना तीन बातें आपने

[44:56]

बोली है इसमें। ओके

[44:57]

तीनों को एक-एक कर देते हैं। नंबर वन

[44:59]

क्यों ग्रे ग्रोथ अगर हमारी इतनी अच्छी है

[45:01]

तो हमें फील क्यों नहीं होती? मैं आपको

[45:02]

सीधा उसका आंसर देता हूं।

[45:04]

वी आर द फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकॉनमी बट

[45:06]

वी आर नॉट गोइंग ग्रोइंग फास्ट इनफ। चाइना

[45:08]

के पास लगभग 15 साल ऐसे थे जब उसने

[45:11]

कंसिस्टेंटली 10% से ऊपर उसने ग्रो किया

[45:13]

है। हमने नहीं किया है। एंड ये क्यों मैटर

[45:15]

करता है? हमारी अच्छी खासी जनता ऐसी है जो

[45:18]

कि बहुत-बहुत गरीब है।

[45:19]

हम

[45:20]

जिनके पास काम नहीं है। अनइंप्लॉयमेंट

[45:22]

बहुत ज्यादा है। ऑफिशियल स्टार्ट जो भी

[45:23]

कहे हम सब जानते हैं।

[45:24]

हम

[45:24]

उसको सॉल्व करने के लिए आपको और ज्यादा

[45:26]

तेजी से ग्रो करने की जरूरत है। फास्टेस्ट

[45:28]

ग्रोइंग इन द वर्ल्ड इज़ नॉट इनफ। इफ इट इज़

[45:30]

नॉट फास्ट इनफ फॉर रिक्वायरमेंट्स। हमारे

[45:33]

देश की नीड और ज्यादा है। इसी वजह से कई

[45:35]

इकोनॉमिस्ट और बहुत सारे लोग आके बोल चुके

[45:37]

हैं दैट वी हैव टू नाउ एम फॉर 10% प्लस।

[45:39]

हमारी सरकार के अपने इकोनॉमिस्ट अरविंद

[45:41]

पानगरिया जी जो कि पहले हमारे वाइस

[45:44]

चेयरमैन या वाइस चांसलर जो भी बोलते हैं

[45:45]

ऑफ नीति आयोग थे। ही यूज़्ड टू ओपनली

[45:48]

टॉकिंग कि हमने वो रेल्स हमने बना दी हैं

[45:50]

जिसके कारण आने वाले सालों में वी आर

[45:51]

लुकिंग एट 8% प्लस ऑफ सस्टेंड ग्रोथ। कहां

[45:54]

है वो 8%?

[45:56]

जब तक हम आठ फिर 10 की तरफ नहीं जाएंगे।

[45:59]

इन लोगों के लिए हम काम हम नहीं जनरेट कर

[46:00]

सकते। रिजल्ट इज वी आर डेफिनेटली दी

[46:03]

फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकॉनमी बट वी आर

[46:05]

नॉट ग्रोइंग फास्ट इनफ। दैट्स वेरी

[46:07]

डिफरेंट थिंग्स। नंबर वन अगला आपने बोला

[46:10]

इनफ्लेशन के ऊपर। अब ये अपने आप में बहुत

[46:11]

बड़ा किस्सा है। इनफ्लेशन के नंबर पे

[46:14]

विश्वास करना बंद कर दो जनता। मैं ये

[46:16]

बोल-बोल के थक गया हूं। व्हाई हमारी सरकार

[46:18]

खुद ये चीज़ बोलती है कि हमारे इनफ्लेशन के

[46:21]

जो कैलकुलेशन होता है ना लोगों को लोगों

[46:23]

को खाली ये दिखता है। अच्छा इनफ्लेशन का

[46:24]

नंबर ये है।

[46:25]

हम

[46:25]

लोग कभी डेफिनिशंस के अंदर नहीं जाते।

[46:27]

ओके।

[46:27]

गोइंग टू डेफिनेशनंस

[46:28]

पहले इनफ्ले मेक अ सिंपल

[46:31]

महंगाई होती क्या है वो बताओ और सीपीआई

[46:33]

सीपीआई से हम जज करते हैं इसको राइट

[46:36]

या सो देखो इनफ्लेशन का मतलब है महंगाई कि

[46:38]

कोई चीज आज इतने की है अगले साल इतने की

[46:40]

हो गई तो इतना जो बीच में डिफरेंस आया दैट

[46:42]

इज अ महंगाई

[46:42]

ठीक है

[46:43]

ठीक है अब कुछ चीजें जो सस्ती भी होती है

[46:45]

सो फॉर एग्जांपल एक टीवी अगर आप उठाते हैं

[46:47]

टीवी 1990 में जितने का आता था आज इतने का

[46:49]

आता है बहुत ज्यादा प्राइस करेक्शन हो गया

[46:51]

टेक्नोलॉजी लेड प्राइस रिडक्शन हुआ सोलर

[46:53]

पैनल आप ले लो रिडक्शन हुआ बहुत चीज़ लेकिन

[46:55]

महंगी भी होती जाती है

[46:56]

आपका एजुकेशन या फिर आपका खाने पीने का

[46:59]

खर्चा आपका हेल्थ केयर हो हो गया और बहुत

[47:01]

सारी चीजें होती है। हमारे कपड़े हो गए।

[47:03]

हर चीज़ के रेट बढ़ते जा रहे हैं। राइट? तो

[47:05]

बहुत सारे आस्पेक्ट्स होते हैं।

[47:06]

लेकिन दिक्कत कहां आती है?

[47:07]

हमारी सरकार डिफाइन करती है कि बॉस अगर आप

[47:10]

ओरल इनफ्लेशन देखें महंगाई उसको एक नंबर

[47:11]

में आप आखिर कैसे पिरोएंगे? इतने सारे

[47:13]

आइटम होते हैं।

[47:14]

और जरूरी नहीं है ना कि आप जिन चीजों पे

[47:17]

खर्चा करते हैं उस पे मैं भी करूं।

[47:18]

तो आपके लिए महंगाई अलग होगी। मेरे लिए

[47:20]

अलग है।

[47:21]

कैसे करेंगे?

[47:21]

हम

[47:22]

तो उसके लिए निकाल दिया एक कि इंडेक्स

[47:23]

जिसको बोलते हैं कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स।

[47:26]

सीपीआई।

[47:27]

ओके?

[47:27]

सीपीआई यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स। अब

[47:29]

उसको कैसे कैलकुलेट किया जाता है? उसके

[47:30]

अंदर क्या किया गया? एक एवरेज इंडियन के

[47:33]

हिसाब से अब एक एवरेज इंडियन इतना वेल टू

[47:35]

डू नहीं है। हम

[47:36]

एक एवरेज इंडियन के हिसाब से वो क्या खाता

[47:39]

है, पीता है, क्या सर्विस कंज्यूम करता

[47:40]

है? उस हिसाब से आपको एक वेटेज दे दिया

[47:42]

जाता है अलग-अलग चीजों को।

[47:45]

298 ऐसे आइटम्स थे जिनको 2011 के टाइम पे

[47:49]

हम

[47:50]

सीपीआई के अंदर रखा गया कि इनका हम ट्रैक

[47:52]

करेंगे। क्या प्राइस मूवमेंट्स हो रहा है।

[47:54]

उस हिसाब से हम देखेंगे।

[47:57]

12 फरवरी 299 थे 298

[47:59]

299 या 298 आई

[48:01]

299

[48:02]

299 होगा बेसिकली उतने आइटम्स इन्होंने

[48:04]

रखे थे जिसके वो अलग-अलग चीजों के प्राइस

[48:06]

मेजर करते हैं कि अच्छा प्याज का क्या रेट

[48:08]

चल रहा है आलू का क्या चल रहा है एटरा

[48:10]

एटरा

[48:10]

ऐसे 299

[48:11]

या अमेजिंग पार्ट इज नाउ अगर आप ये 298 को

[48:14]

ओवरऑल ब्रैकेट्स में डाल दें तो लगभग 46%

[48:18]

जो ओवरऑल वेटेज है दैट वास फॉर फूड अलोन

[48:21]

कि हमारे देश की अधिकतर जनता के लिए असली

[48:23]

खर्चा खाना

[48:24]

खाना है जो हम बात करते हैं ना 80 करोड़

[48:27]

जनता को फ्री का खाना क्यों देना पड़ता

[48:28]

है? यह उसकी असलियत है। क्योंकि असली

[48:30]

अच्छी खासी जनता उतना कमाती ही नहीं है कि

[48:33]

वह और किसी के बारे में सोचे। उसके लिए

[48:35]

रोटी कपड़ा मकान जो है ना उसमें मकान तो

[48:38]

बहुत दूर है। कपड़ा वही वाला वो दो तीन

[48:40]

चार साल पहन लेगा लेकिन रोटी रोज का कैसे

[48:42]

लाए? वो खाना रोज का कैसे लाए? वो

[48:44]

इंपॉर्टेंट पार्ट है। ये 46% जो है ये

[48:48]

2011 में जो सेट हुआ था 2011-12 में। अभी

[48:51]

12 फरवरी 2026 यानी लगभग कितने तीन महीने

[48:54]

हुए? 3 महीने पहले तक यही चल रहा था। 15

[48:57]

साल में 16 साल में हमारे देश की इकॉनमी

[48:59]

कितनी बदली है? ट्रांसपोर्टेशन ये वो

[49:03]

मोड्स आपका डिजिटल इकॉनमी, फूड डिलीवरी,

[49:07]

ई-कॉमर्स, इंटरनेट, आपके टेलीकॉम के फोन

[49:10]

के रेट्स ये सब कुछ इसमें कैप्चर नहीं हो

[49:12]

रहा है।

[49:14]

तो जिन चीजों पे हम खर्चा करते हैं वो

[49:16]

गवर्नमेंट काउंट ही नहीं करती। एंड हेल्थ

[49:18]

केयर

[49:19]

तो महंगाई तो काउंट ही नहीं होती। फिर

[49:21]

हेल्थ केयर में डायग्नोस्टिक सर्विज वर

[49:23]

नॉट इंक्लूडेड व्हाइल कैलकुलेटिंग दिस।

[49:26]

क्यों? वो जो 298 जो आइटम्स थे उसके अंदर

[49:28]

डायग्नोस्टिक सर्विज को नहीं रखा गया था।

[49:33]

आपको पता है कितना बड़ा मार्केट है इंडिया

[49:34]

है डायग्नोस्टिक्स का। साल का लगभग $15

[49:36]

बिलियन का। और यह बढ़ रहा है हर साल लगभग

[49:39]

15 से 20% से। दीज़ आर नॉट मेरे नंबर्स।

[49:41]

Feasजी के सीईओ हैं। अह राहुल गुहा नाम

[49:44]

है। उन्होंने रिसेंट में इंटरव्यू दिया

[49:46]

था। आई थिंक द कैपिटेबल को उसमें उन्होंने

[49:47]

बताया था उनका क्लेम है मेरा नहीं है बट

[49:49]

अगर आप देखोगे $5 बिलियन डॉलर का मार्केट

[49:51]

है एक एवरेज हिंदुस्तान का आदमी अगर आप इस

[49:55]

15 बिलियन के हिसाब से मैथ करें आई थिंक

[49:57]

साल का लगभग लगभग ₹1000 खर्च करता है

[50:00]

डायग्नोस्टिक्स के ऊपर

[50:03]

एक एवरेज आदमी की जो साल की इनकम है जो

[50:05]

महीने की कमाई है पर कैपिटल इन दिखे ये

[50:08]

बहुत बड़ा रकम है और यह हम महंगाई में

[50:10]

काउंट नहीं कर रहे हैं दैट्स व्हाई 12

[50:13]

फरवरी जो अभी गई है उस टाइम अभी चेंजेस

[50:16]

अनाउंस किए गए। तो आज तक की जो महंगाई

[50:19]

हमें लगता है कि हर साल से जो महंगाई है

[50:22]

वो 2% 5% 6% व्हाटएवर अलग-अलग अलग-अलग

[50:26]

नंबर्स अलग-अलग साल के उस हिसाब से जो बढ़

[50:28]

रही है वो सब यूज़लेस है। कोई मतलब नहीं

[50:30]

है।

[50:31]

आपके मेरे लिए यूज़लेस है। शहरों में रहने

[50:33]

वाले मेजॉरिटी के लिए यूज़लेस है। ऐसे

[50:35]

समझिए कि वो ऐसे डिज़ है।

[50:37]

मोस्टली जो लोग ये देख पा रहे होंगे उनके

[50:39]

लिए यूज़लेस होगा।

[50:40]

हां। अगर इंटरनेट है, फोन है, हाथ में देख

[50:43]

रहे हैं तो मेजॉरिटी लोग प्रोब्ली इस इस

[50:45]

बिल पे खर्चा कर रहे हो।

[50:46]

चलो इंटरनेट फोन तो बहुत छोटे बिल हैं। आप

[50:48]

सीधे ऐसे समझिए ना कि आपके बच्चे की स्कूल

[50:50]

की जो फीस है उसको सीपीआई की कैलकुलेशन

[50:52]

में कम वेटेज मिला है। वर्सेस प्याज का

[50:54]

क्या रेट चल रहा है? मैं इससे बेहतर तरीके

[50:56]

से पुट नहीं कर सकता। और इसीलिए है ना कि

[50:58]

यार आप देखते हो ना कि प्याज के लिए जो

[51:00]

ऊपर जाते हैं। लोगों को टेंशन होती है अरे

[51:01]

इलेक्शन में आ रहा है। फिर आप देखते हो

[51:03]

अच्छा ठीक है हम प्याज के हम इंपोर्ट्स

[51:05]

करते हैं इजिप्ट से सब कुछ उस टाइम पे बीच

[51:06]

में हुआ है कई बार। वो क्यों किया जाता है

[51:09]

कि प्यास बहुत ज्यादाेंट है। आपके बच्चे

[51:10]

की पढ़ाई से ज्यादा सरकार के लिए वोेंट हो

[51:12]

जाता है। क्योंकि प्यास के रेट अगर थोड़े

[51:15]

ऊपर गए

[51:17]

सरकार का इलेक्शन जितनातना मुश्किल हो

[51:19]

जाता है।

[51:19]

80 करोड़ की बात है ना।

[51:21]

एक्सक्ट्ली

[51:22]

मोर देन 50%

[51:23]

एक्सैक्टली। सो इससे बढ़िया कोई तरीका

[51:25]

नहीं बताने का। आपके हमारे बच्चे, हमारे

[51:28]

पेरेंट्स के या हमारे हेल्थ केयर उससे

[51:30]

ज्यादा इंपॉर्टेंट हमारे देश में सीपीआई

[51:32]

की कैलकुलेशन में प्याज का रेट होता है।

[51:34]

आपके खाने पीने का आटे का चावल का रेट

[51:36]

होता है। एंड ये मैं किसी को क्रिटिक करके

[51:39]

नहीं बोल रहा हूं। इसमें एक ही सशन बनता

[51:42]

है। आइडियली

[51:44]

आइडियली आपका इंडिया इज़ इक्वल टू जो ऐसे

[51:48]

सजित पाई है आपके ब्लूम वेंचर्स के इफ यू

[51:50]

नो हिम वो बोलते हैं देयर आर थ्री

[51:52]

इंडियाज। इंडिया वन, इंडिया टू, इंडिया

[51:53]

थ्री। मैं बोलता हूं देयर आर सेवन

[51:54]

इंडियाज़। हर सेवन के हिसाब से अलग-अलग

[51:56]

कैटेगरीज हैं। बिल्कुल अलग वे में ये

[51:58]

बिहेव करते हैं। बिल्कुल अलग टाइप की इनकी

[52:00]

पर कैपिटा इनकम्स हैं। बिल्कुल अलग टाइप

[52:02]

की इनके स्पेंड है। तो उस हिसाब से

[52:04]

अलग-अलग इनफ्लेशन के इनके नंबर निकालो।

[52:06]

तो आपके लिए महंगाई अलग तरीके से कैलकुलेट

[52:09]

होनी चाहिए और जो बहुत ज्यादा पैसे कमाता

[52:12]

है उसके लिए अलग और जो बहुत ज्यादा गरीब

[52:14]

है उसके लिए अलग।

[52:15]

बिल्कुल। क्योंकि उनके खर्चे ही अलग है

[52:16]

ना।

[52:18]

कोई ऐसा आदमी जिसका बच्चा आज की इन सरकारी

[52:21]

स्कूल में पढ़ता है। उसको अगर मैं जाकर

[52:24]

बोलता हूं कि यार एजुकेशन इंक्लेशन इन दिस

[52:26]

कंट्री इज 14 15 20% उसके लिए इरिलेवेंट

[52:30]

है।

[52:30]

कोई मतलब नहीं।

[52:31]

उसके ऊपर में वो क्यों उसका मैं उसके

[52:33]

कैलकुलेशन उसके बताने जाऊं। वैसे तो

[52:34]

बताएगा ही नहीं कोई। लेकिन पॉइंट इज़ उसके

[52:36]

लिए इरिलेवेंट है। एट द सेम टाइम आपको

[52:38]

मुझे कोई आके बोलता है कि यार भाई प्याज

[52:41]

जो ₹40 का था ना वो 80 का हो गया। हमें

[52:42]

उतना फर्क पड़ेगा क्या? टू बी फ्रैंक हम

[52:44]

खाएंगे ना। तो हमारे कैलकुलेशन में उसको

[52:47]

इतना क्यों वेटेज मिला? मुझसे फर्क पड़ेगा

[52:49]

कि यार मैं जो हेल्थ इंश्योरेंस में लिया

[52:51]

था उसका प्रीमियम एक साल में 25% क्या बढ़

[52:53]

गया? मुझे उससे फर्क पड़ेगा। मुझे उससे

[52:55]

फर्क पड़ेगा कि यार मैं जिस हॉस्पिटल में

[52:57]

जाता हूं 2 साल पहले मैंने मम्मी का वहां

[52:59]

ऑपरेशन करवाया था किडनी स्टोन का मेरे ₹

[53:01]

लाख लगे थे। अब सडनली ₹45 लाख कैसे लग रहे

[53:03]

हैं पापा के टाइम पे। हमें उससे फर्क

[53:05]

पड़ता है। तो वेरी डिफरेंट इंडियास वी

[53:08]

कांट कंपेयर द टू। बट सीपीआई एज अ ब्रॉड

[53:11]

इंडेक्स एंड टू बी वेरी क्लियर। सरकार

[53:13]

इसके दो तरह के इसके इंडेक्स निकालती है।

[53:14]

रूरल एंड अर्बन। बट रूरल एंड अर्बन भी आप

[53:17]

कैसे कंबाइन करोगे? हमारे देश की जीडीपी

[53:20]

अगर आप देखोगे तो

[53:22]

मुंबई एंड दिल्ली 4% ऑफ़ देश की पॉपुलेशन

[53:25]

इनके पास है। लगभग 15% जीडीपी इन दो

[53:29]

सिटीज से आती है। अगर आप टॉप 10 अगर आप

[53:31]

सिटीज देखेंगे उससे आती है 30 32 33% के

[53:35]

आसपास। मतलब क्या हुआ? पहली दो सिटीज़ 15%

[53:39]

ऑफ़ द जीडीपी। अगली आरसीटीज और 15% ऑफ द

[53:41]

जीडीपी आप पहली दो से बाकियों को ही आप

[53:44]

कंपेयर नहीं कर सकते।

[53:46]

उससे पिछड़ा वाला तो फिर छोड़ ही दो।

[53:48]

Reliance बोलता है कि वी आर लाइव इन हमारा

[53:50]

जो Jio दैट इज़ लाइव इन सम 1300 ऑड सिटीज।

[53:53]

हम तो पहले 10 की बात कर रहे हैं सर। बाकी

[53:56]

ये जो 1300 वो उसके बाद आ रही हैं। राइट?

[53:59]

इट्स अ वेरी डिफरेंट इंडिया। इंडिया इज़

[54:01]

सेवन डिफरेंट प्रोबेबबली 17 डिफरेंट

[54:03]

इंडियाज़। 17 अलग आप इनफ्लेशन के नंबर मत

[54:05]

निकालो। बट सात भी मत निकालो। कम से कम

[54:08]

चारप तो निकालो। बिकॉज़ वी आर वेरी डिफरेंट

[54:10]

पीपल। द वे समबडी इन उत्तर प्रदेश

[54:12]

स्पेंड्स इज वेरी डिफरेंट फ्रॉम द वे

[54:14]

समबडी इन कर्नाटका स्पेंड्स। फॉर एग्जांपल

[54:16]

उत्तर प्रदेश में आपका पर कैपिटा इनकम इज़

[54:20]

रफली समथिंग लाइक $200 या $00

[54:24]

आपका यही अगर आप कर्नाटका आते हो इट्स अ

[54:26]

वेरी डिफरेंट नंबर। कैसे आप दोनों का एक

[54:28]

साथ आप रख सकते हो? जैसे फॉर एग्जांपल मैं

[54:30]

आपको एक और एग्जांपल देता हूं।

[54:32]

अनइंप्लॉयमेंट का हमारा क्या फिगर आपको

[54:34]

पता है? हमारे सरकार का एक सर्वे होता है

[54:36]

जिसको बोलते हैं पीएलएफएस पीरियडिक लेबर फ़

[54:38]

सर्वे। हम

[54:39]

अब यह मैं कई और जगह पहले बता चुका हूं।

[54:41]

तो कुछ लोगों को ऑलरेडी पता होगा शायद

[54:43]

मेरी ऑडियंस में पर्टिकुलरली। मैं बड़ा

[54:46]

शौक था जब मेरे को यह पता चला कि पीएलएफएस

[54:48]

का सर्वे बहुत सिंपल होता है। आप सर्वे

[54:50]

करते हो सिंपल मैथ है।

[54:53]

अगर जयंत और राज एक चाय की टपरी पे बैठे

[54:57]

हुए हैं। दो मजदूर हैं।

[55:00]

जयंत ऐसा आदमी जिसको हफ्ते भरों से चाय की

[55:02]

टपरी पे बैठा है। कोई आके काम पे नहीं

[55:04]

लेके गया। राज एक ऐसा आदमी जिसको किसी ने

[55:05]

आके बोल दिया चल भाई गोडाउन में चल। ₹100

[55:07]

दूंगा। घंटे भर का काम है। सामान उठा के

[55:09]

गाड़ी में रख दे। राज इस काउंटेड एस एन

[55:11]

एंप्लॉयड पर्सन। आई एम काउंटेड

[55:13]

अनइंप्लॉयड। क्या राज और जन्म में कोई

[55:14]

फर्क है यहां पे?

[55:16]

हम दोनों बेरोजगार उस पे बैठे थे। बाय

[55:18]

चांस किसी ने आके राज को बोल दिया कि चल

[55:21]

क्या हम एंप्लॉयड हुए?

[55:23]

बट डेफिनेशन इज़ सच। अब जब मैंने इसके ऊपर

[55:25]

जब मैंने थोड़ा मैंने अवेयरनेस मैंने

[55:26]

क्रिएट किया तो कुछ लोग आके बोलते हैं दैट

[55:28]

इज़ अ यूएन डिफाइंड स्ट्रक्चर। हर जगह ये

[55:31]

होता है। मैं बोला दैट इज़ योर जस्टिफिकेशन

[55:33]

कि अच्छा ठीक है हम मिसलीड हो रहे तो कोई

[55:34]

दिक्कत नहीं है क्योंकि वो नंबर हमें कुछ

[55:36]

सॉल्व नहीं कर रहा है। राइट? सो दैट पार्ट

[55:38]

इज़ समथिंग दैट वी रियली नीड टू अंडरस्टैंड

[55:41]

कि इससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए। अच्छा

[55:42]

दुनिया भी यही करती है। पॉइंट इज़ क्या

[55:44]

इससे पर्पस सॉल्व हो रहा है? नहीं हो रहा

[55:45]

है तो लेट्स डिमांड फॉर समथिंग बेटर।

[55:48]

सिमिलरली अब आते हैं तीसरे वाले पॉइंट पे

[55:50]

जो आपने भी रेज़ किया था। व्हिच इज़ लोग घर

[55:52]

कैसे खरीदेंगे एंड ऑल दैट। राइट? उस पे

[55:54]

आता है मेरा एक और प्रेडिक्शन। सो

[55:56]

प्रेडिक्शन नंबर टू जो मैं लेके आया था जो

[55:58]

जिसके ऊपर मुझे जरूर बात करनी थी। बाय

[56:00]

चांस आपने वो टोपिक उसके ऊपर भी करते हैं।

[56:02]

हम

[56:02]

तो यह मेरा सिंपल सा प्रेडिक्शन है। मोस्ट

[56:06]

इंडियंस विल नेवर बी एबल टू ओन अ होम। एंड

[56:10]

ये मैं बहुत दिल से चाहता हूं कि भाई मैं

[56:12]

गलत साबित हो जाऊं।

[56:14]

मोस्ट इंडियंस

[56:15]

मोस्ट इंडियंस अधिकतर इंडियंस

[56:18]

यस।

[56:18]

कभी घर नहीं खरीद पाएंगे।

[56:20]

नहीं।

[56:21]

और ये मुझे बोलते हुए अच्छा नहीं लग रहा।

[56:24]

एंटायर ड्रीम इज हम सब काम इसलिए करते हैं

[56:27]

मेजोरिटी इंडियंस कि एक दिन अपना घर

[56:29]

बनाएंगे और घर खरीदेंगे।

[56:30]

या

[56:31]

एंड यू आर सेइंग दैट ड्रीम अब इंडिया में

[56:33]

पॉसिबल नहीं होगा।

[56:34]

इंडिया में मेजोरिटी लोगों को क्या चाहिए?

[56:36]

महंगे घर सस्ते घर?

[56:38]

घर चाहिए और महंगे घर चाहिए।

[56:41]

अफोर्ड क्या कर सकते हैं लोग? महंगे घर या

[56:43]

सस्ते घर?

[56:44]

सस्ते घर।

[56:44]

सस्ते घर। राइट?

[56:47]

12% ऑफ न्यू सप्लाई कमिंग इन द मार्केट एस

[56:49]

पर एनरॉक। अगेन Google पे सर्च करो। एनरॉक

[56:53]

के हिसाब से 12% ऑफ द न्यू सप्लाई कमिंग

[56:55]

इन द मार्केट्स इज फॉर अफोर्डेबल हाउसिंग

[56:58]

मोर देन 50% सॉरी रेस्ट ऑफ़ दैट इज नॉट

[57:01]

अफोर्डेबल हाउसिंग मोर देन 50% इज़ हाउसेस

[57:04]

बिय्ड 1.5 करोड़

[57:05]

लग्जरी होम्स या

[57:07]

कैसे खरीदेंगे लोग एंड बाय द वे दिस इज़

[57:10]

ऑलरेडी हैपनिंग कमाल की बात है

[57:14]

2 करोड़ से 2.07 करोड़ से 2.17 करोड़ ऐसे

[57:17]

हाउसेस हैं हमारे यहां पे जो बने हुए हैं

[57:19]

दे आर एम्प्टी बने बनाए घर है। खाली पड़े

[57:22]

हैं।

[57:24]

साथ में ये भी बोलते हैं देयर इज़ अ

[57:25]

शॉर्टेज ऑफ़ 1.9 करोड़ हाउसेस इन इंडिया। हम

[57:28]

कहां पे बैठते हैं ये दोनों चीज़? आप

[57:29]

बिठाओ। कैसे बिठाओगे?

[57:31]

लग्जरी हाउसेस एम्प्टी हैं। अफोर्डेबल

[57:34]

हाउसेस है ही नहीं। पॉइंट इज़ इज दैट व्हाट

[57:37]

यू ट्राइंग टू से? हाउसेस हैव बिकम एन

[57:39]

इन्वेस्टमेंट एसेट।

[57:42]

वो किसी का छत नहीं रहा है।

[57:45]

हमारे देश में अच्छा खासा पैसा जो हमारा

[57:48]

रियलस्टेट सेक्टर है उसके अंदर कहां से

[57:49]

आता है? दो जगह से आता है। वन इज

[57:52]

रेमिटेंसेस। बाहर का पैसा जो इंडिया में

[57:55]

आता है

[57:55]

कि बाहर जो लोग काम कर रहे हैं।

[57:57]

हां। अब ऐसा होता है ना देखो बाहर जो काम

[57:59]

कर रहा है। बाहर जो आदमी काम कर रहा है

[58:00]

जैसे यूएई में है, यूएस में है एसेटरा।

[58:04]

यू कांट इन्वेस्ट इंटू ऑल सॉर्ट ऑफ़ थिंग्स

[58:05]

आउट देयर। लिमिटेशंस होती हैं।

[58:07]

हम

[58:07]

इंडिया तो आपका अपना ग्राउंड है। यहां पे

[58:09]

पैसा लेके आते हो। अब यहां पे लेके उसको

[58:10]

करोगे क्या?

[58:11]

तो जो बाहर नौकरी करते हैं वो इंडिया पैसे

[58:13]

बेचते हैं। रेमिटेंस बिग फॉर

[58:16]

इंडिया इज़ द बिगेस्ट कंट्री व्हेन इट कम्स

[58:17]

टू रेमिटेंसेस। हमारे देश के लगभग 3.3

[58:20]

करोड़ लोग बाहर हैं। वो बाहर पैसा कमाते

[58:23]

हैं। अपनी मेहनत से इंडिया का नाम रोशन कर

[58:25]

रहे हैं। अपना नाम रोशन कर अपने परिवार का

[58:26]

नाम रोशन कर रहे हैं। पैसा कमाते हैं।

[58:28]

उसके प्रपोर्शन यहां पे भेजते हैं। वो

[58:29]

नंबर 129 बिलियन डॉलर्स ईयर तक आ चुका है।

[58:32]

प्रोजेक्टेड है बाय टू एफवाई 30। ये नंबर

[58:34]

लगभग$0 बिलियन डॉलर्स के आसपास पहुंचेगा।

[58:37]

मुझे याद नहीं है। नीति आयोग ने बोला था

[58:38]

कि या फिर इकोनॉमिक सर्वे बोला किसी में

[58:40]

तो था।

[58:40]

ओके।

[58:41]

ठीक है? दीज़ आर वेरी बिग नंबर्स।

[58:43]

अभी जो पैसा आता है ऐसा नहीं है कि लोग

[58:45]

इसलिए बेचते हैं कि चलो हमारे घर वाले

[58:46]

वहां बैठे हैं वो खर्चा करेंगे। उसके लिए

[58:47]

भी आता है बट अच्छा खासा इन्वेस्टमेंट

[58:49]

पर्पस के लिए आता है। कुछ शेयर मार्केट

[58:51]

में जाता है। कुछ एफडीस में जाता है। कुछ

[58:54]

आपका रियलस्टेट में जाता है।

[58:57]

फॉर आवर टिए वन बिल्डर्स डीएलएफओ लोदा हो

[59:01]

या फिर आपका प्रेस्टीज ग्रुप हो

[59:04]

एनआरआई मनी यूज़्ड टू अकाउंट फॉर अबाउट 5

[59:08]

टू 10% ऑफ़ बुकिंग्स एज ऑफ़ 15 इयर्स एगो।

[59:11]

हम् टुडे दैट इज़ बिटवीन 20 टू 25% इन

[59:15]

रीसेंट डीएलएफ का प्रोजेक्ट जो कि

[59:17]

गुड़गांव में ल्च हुआ है इट हैज़ गॉन अप टू

[59:19]

30%

[59:21]

पैसा वहां से आ रहा है वो लोग यहां रहने

[59:23]

नहीं वाले हैं दीज़ आर इन्वेस्टमेंट्स घर

[59:26]

खरीद के रख लिए नंबर वन नंबर टू ब्लैक मनी

[59:30]

जब डीमोनेटाइजेशन हुआ था पिच क्या थी कि

[59:32]

बॉस इससे ब्लैक मनी खत्म हो जाएगा जब

[59:36]

डीमॉननेटाइजेशन हुआ था कैश इन सर्कुलेशन

[59:38]

हमारी इकॉनमी में 17 लाख करोड़ था आज के

[59:40]

₹34 लाख करोड़ है डेबिट

[59:42]

अब किसी को लगता है कि हां भाई ब्लैक मनी

[59:45]

नहीं है इंडिया में गुड फॉर यू। मैं एक

[59:47]

बेवकूफ आदमी हूं जिसको लगता है कि ब्लैक

[59:49]

मनी तो एक्सिस्ट करता है और जब ब्लैक मनी

[59:51]

होता है वो आपकी तीन जगह जा सकता है और

[59:53]

चौथी जगह वो जा नहीं सकता।

[59:56]

चौथी भी जगह है वो भी बता देता हूं। नंबर

[59:58]

वन इज़ आप उसको गद्दे के नीचे अलमारी में

[60:00]

चावल के उसके अंदर दबा के रख दोगे। कितना

[60:02]

रखोगे? लिमिट करोड़ 30 रख दोगे। फ्रेज़ अ

[60:05]

लिमिट तो फिर दो और ऑप्शन आते हैं। गोल्ड

[60:08]

में ले लो क्योंकि गोल्ड का अच्छा खासा

[60:10]

व्यापार आज भी कैश में होता है। सरकार यही

[60:13]

तो कहती है ना कि एक सर्टेन नंबर से ऊपर

[60:14]

का लोगे तो आपको पैन कार्ड आधार देना

[60:16]

पड़ेगा। लोग उसके छोटे-छोटे बहुत सारे

[60:18]

ट्रांजैक्शन करते हैं। गोल्ड वैसे ले लिया

[60:20]

जाता है। दूसरा क्या है? रियलस्टेट।

[60:25]

खुला सच है। सबको पता है। अगर आप कोई

[60:27]

प्रॉपर्टी लेते हो अगर आप मेरी तरह आदमी

[60:30]

हो। आपकी तरह कि हमारी है ही खाली कमाई

[60:32]

वाइट वाली। क्या आज का हमारा काम ही नहीं

[60:34]

है। तो आप जब प्रॉपर्टी लेने जाते हो तो

[60:36]

वो आपको सीधा बोलता है अच्छा भैया हम जब

[60:38]

बात करते हैं कि कितना वाइट कितना ब्लैक

[60:40]

हमारे तो खाली वाइट है तो वाइट के नाम पे

[60:42]

क्यों सामने वाले का टैक्स ज्यादा लगेगा

[60:43]

वो आपका रेट बढ़ा देता है पब्लिक नॉलेज है

[60:46]

ये फिर भी हम ऐड करते हैं कि नहीं नहीं

[60:48]

ब्लैक मनी तो है नहीं ये क्या बकती है

[60:52]

सिमिलरली एट द सेम टाइम वो जो ब्लैक वाला

[60:55]

जो कॉम्पोनेंट है 17 लाख करोड़ का 34 लाख

[60:59]

करोड़ जो हुआ है राइट वो सारा सर्कुलेशन

[61:01]

में नहीं है इट इज़ हुडेड एज वेल वो होडेड

[61:02]

कहां पे है वो यहां पे डिप्लॉय किया जाता

[61:04]

आता है। आप सारा गद्दे के नीचे नहीं दबा

[61:07]

सकते। सोना कितना खरीद लोगे? तो बहुत सारे

[61:09]

लोग रियलस्टेट करते हैं। वो जो 2 करोड़ से

[61:11]

ऊपर अपार्टमेंट्स या घर बंद करके वीकेंड

[61:13]

पड़े हैं। उनमें ये वाला पैसा अच्छा खासा

[61:16]

लगा हुआ है।

[61:19]

अब ऑफ कोर्स अब उसके लिए बायरर्स आपको जब

[61:21]

मिलेंगे तो आप डिप्लॉय करोगे। कोई रेंटल

[61:22]

के लिए मिलेगा उतना देने के लिए। अब किसी

[61:24]

ने अगर वाइट पे दिखता होगा कि हां भाई

[61:27]

मैंने 50 लाख में घर लिया है। लेकिन किसी

[61:28]

ने लिया है अगर ₹.5 करोड़ का घर वो रेंटल

[61:31]

फिर 50 लाख के हिसाब से तोड़ेगा। तो उसको

[61:32]

तो अपना रिटर्न बनाना है तो रेंटल उतना

[61:34]

बड़ा चला के देता है। उतना रेंटल देने

[61:36]

वाले लोग नहीं मिलते ईजीली। तो रेंट भी

[61:38]

इससे ऊपर जा रहे हैं।

[61:41]

स्यूशन क्या है इसका? अच्छा पहले मैं बता

[61:44]

दूं एक चौथा रेवेन्यू जिस पे कैश डिप्लॉय

[61:46]

होता है वो होता है कि रोजमर्रा की जर्नी

[61:47]

में जो जो भी हम खर्चे करते हैं हम कैश

[61:49]

में करने लग जाते हैं। फाइव स्टार होटल

[61:50]

में गए खाना पीना किया। अच्छा ठीक है।

[61:52]

10,000 का बिल है। ये लो कैश ले लो। बहुत

[61:53]

सारे लोग करते हैं। बहुत कॉमन है।

[61:55]

आपका एरोसिटी है। T3 एयरपोर्ट के जस्ट साथ

[61:57]

में है। एयरपोर्ट पूरा जो है वो लैंडस्केप

[62:00]

वहीं पे है। उसके अंदर देयर आर लॉट ऑफ़

[62:01]

फाइव स्टार होटल्स। आप जाओ लोग ओपनली ऐसे

[62:04]

बैग लेके घूमते हैं। एंड वो बैग से

[62:06]

निकालते हैं ऐसे काउंट करके। हां जी ये लो

[62:08]

₹500 एक्स्ट्रा कीप दैट टिप।

[62:12]

बिकॉज़ है इतना।

[62:14]

ऐसे ही थोड़ी है। वो ब्लैक का पैसा है।

[62:17]

राइट? कि अब कहीं तो डिप्लॉय करना है। ये

[62:20]

चार तरीके हैं। रियलस्टेट में मुझे इतना

[62:22]

पैसा जा रहा है। रिजल्ट उसका क्या होता

[62:24]

है? 2 करोड़ घर ऐसे बन के खड़े हैं जिसमें

[62:26]

कोई रहता नहीं है। जो घर चाहिए उसकी नीड

[62:29]

खत्म हो। उसकी नीड है लेकिन वह कोई सप्लाई

[62:31]

नहीं कर रहा है। क्यों? डिमांड ही लग्जरी

[62:34]

वाले की है। क्योंकि पैसा इतना पड़ा है वो

[62:37]

डिप्लॉय तो वो लोग करेंगे ना। उनकी तरफ से

[62:39]

डिमांड है। अरे बना क्यों नहीं रहे? हम

[62:41]

खरीदने को रेडी हैं। इतना कैश कहां

[62:43]

लगाएंगे? कितना सोना खरीदेंगे? कितना फाइव

[62:46]

स्टार में या फिर कपड़े की दुकान में जाके

[62:48]

खर्चा करेंगे। दैट्स द बिग प्रॉब्लम।

[62:51]

रिजल्ट इज

[62:53]

मेरे को बोलने में बड़ा अजीब लगता है कि

[62:55]

घरों के रेट ऐसे बढ़े हैं लोग खरीद नहीं

[62:58]

सकते। एज आई सेड फिर से बोल रहा हूं मैं

[63:00]

एनरोक का डाटा ये कहता है 12% घर जो आ रहे

[63:04]

हैं मार्केट के अंदर वो अफोर्डेबल हाउसिंग

[63:06]

है। बाकी सब अफोर्डेबल हाउसिंग में नहीं

[63:10]

काउंट होता है। लगभग 50% के आसपास ऐसे हैं

[63:12]

जो कि 1.5 करोड़ से ऊपर के घर हैं। नहीं

[63:15]

खरीद सकता हिंदुस्तानी आदमी। फिर खरीदने

[63:18]

का एक ही तरीका रह जाता है। या तो यह कि

[63:21]

अपने पास जो भी अब तक का है एकिस्टिंग घर

[63:23]

है कोई वो निकाल दो। जो एसेट्स हैं सब कुछ

[63:26]

निकाल लो और ले लो। कुछ लोग वैसे करते हैं

[63:27]

कि लेना है अब इस इस घर में 40 साल से

[63:29]

रहने इसकी हालत खराब हो गई और कैसे रहोगे

[63:31]

तो आप लेते हो। दूसरा तरीका क्या है? बांध

[63:34]

लो अपनी 202 साल की 18 साल की ईएमआई। और

[63:36]

अपने आने वाली आगे की 20 साल उसके नाम कर

[63:39]

दो। और कोई तरीका नहीं बचता। सो वी विल कम

[63:42]

टू दिस पार्ट। ओके?

[63:44]

यू आर सेइंग कि लोगों की

[63:48]

वेट सो यूजुअली लेट लेट्स गो बेसिक्स पे

[63:52]

पहले यूजुअली एंड आई कैन बी प्योरली रोंग

[63:56]

हियर राइट बिकॉज़ मुझे ये समझ नहीं आता

[63:57]

इतना ज्यादा तो आई एम ट्राइंग टू

[63:58]

अंडरस्टैंड फ्रॉम अ वेरी क्यूरस पॉइंट

[64:01]

घरों के प्राइसेस एक शहर में एक देश में

[64:04]

लोगों की सैलरी कितनी है या इनकम कितनी है

[64:07]

या बिजनेस इनकम कितनी है उसके ऊपर डिपेंड

[64:10]

नहीं करता रियल स्टेट प्राइसेस इजंट

[64:14]

लेट्स से मेजर्ड बाय द बाइंग कैपेसिटी और

[64:18]

द इनकम मेकिंग कैपेसिटी ऑफ एन इंडिविजुअल।

[64:23]

सर सब कुछ इकोनॉमिक्स की एक सिंपल सी

[64:24]

इक्वेशन होती है जिसमें दो वेरिएबल होते

[64:27]

हैं। डिमांड एंड सप्लाई सब उससे चलता है।

[64:29]

तो ये कोई सैलरीवैलरी से कोई मतलब नहीं।

[64:31]

तो मुंबई की सैलरी

[64:32]

डिमांड खाली सैलरी वालों की थोड़ी होती

[64:34]

है।

[64:35]

डिमांड में तो वो वाला पैसा भी है ना कि

[64:36]

यार जो ब्लैक वाला है

[64:38]

बट इससे कोई लेना देना नहीं होता। राइट?

[64:40]

तो हम डिमांड आई हैव रेड सम टेक्स्ट बुक

[64:42]

डेफिनेशन समवेयर वेयर कि रियलस्टेट

[64:45]

प्राइसेस आर डिफाइंड बाय द पीपल हु आर

[64:49]

मेकिंग इनफ मनी एक्सट्रा पता नहीं समवेयर

[64:51]

आई कैन बी रोंग तभी मैंने पहले

[64:53]

आई बिलीव दैट आई बिलीव मैं भी गलत हो सकता

[64:55]

हूं मेरा ये मानना है कि

[64:58]

अगर डिमांड है तो रेट ऊपर चढ़ेगी नहीं है

[65:01]

तो उतनी देर से गिर सकती है सो वो बन रहा

[65:05]

है सो इसीलिए बहुत सारी जो सरकारें हैं

[65:08]

स्पेशली लेट्स से ब्रिटिश कोलंबिया या

[65:10]

कनाडा। दिस इज द रीज़न डिमांड एंड सप्लाई।

[65:14]

कि जो लोग अगर तुम्हारे देश के लोग हैं वो

[65:16]

बाहर जाते हैं, बाहर जाके बहुत कमाते हैं

[65:18]

और फिर कमा के अपने देश में आके खरीदने लग

[65:20]

जाते हैं और ऐसे घरों में पैसे डालते हैं

[65:22]

जहां पे वो रहते नहीं है। राइट? दिस इज़

[65:23]

व्हाट इंडिया का भी इसकी वजह से इनफ्लेट

[65:25]

हो रहा है। और ये लगभग 20 से 30% तक आ

[65:27]

चुका है। राइट?

[65:28]

या

[65:29]

तो

[65:31]

बहुत सारी कंट्रीज इसको एक्स करती है या

[65:34]

रोकने की कोशिश करती है। राइट? आई आई रेड

[65:37]

इट समवेयर कि ब्रिटिश कोलंबिया ने उसको

[65:40]

नॉन रेजिडेंट स्पेककुलेशन टैक्स करके कुछ

[65:42]

बोला था और 20% का टैक्स इंपोज किया था कि

[65:45]

भाई अगर एक से 5% के ऊपर हो गया हमारा तो

[65:48]

फिर हम टैक्स करके उसको कम कर देंगे।

[65:50]

इनफैक्ट फेडरल कनाडा ने तो बना ही कर दिया

[65:52]

था एक टाइम पे।

[65:54]

कोई भी नॉन रेजिडेंट खरीद ही नहीं सकता

[65:55]

घर।

[65:56]

राइट? तो ये 5% के ऊपर जाता है तो दूसरे

[65:59]

देश इसके ऊपर ट्रिगर करते हैं। फ्लैग कर

[66:00]

देते हैं।

[66:01]

खाली 5% का भी नहीं है।

[66:02]

हां। हां। सो आई एम सेइंग 5% पे दूसरे

[66:05]

दूसरी कंट्रीज फ्लैग कर देती है। इंडिया

[66:07]

में अगर ये 20-30% हो गया है तो व्हाई आर

[66:10]

वी नॉट फ्लैगिंग? क्योंकि इससे तो फिर

[66:11]

हमारे देश के लोग अब नहीं खरीद पाएंगे।

[66:13]

अप टू द लॉ मेकर्स, द पॉलिसी मेकर्स बट दे

[66:16]

इंसेंटिव होता होगा। इसीलिए

[66:17]

आई बिलीव कि इंसेंटिव है, इंसेंटिव है

[66:20]

बिल्डर्स की तरफ से एंड वो इकोसिस्टम बहुत

[66:22]

ज्यादा स्ट्रांग होता है। हम सब जानते हैं

[66:23]

कि रियलस्टेट इज़ अ ग्रेट प्लेस टू डिप्लॉय

[66:26]

द ब्लैक मनी। जैसा अभी हमने बात किया। वो

[66:28]

ब्लैक मनी इंजीन बना कौन रहा है? इट्स द

[66:31]

बिग पीपल, द पीपल ऑफ़ पावर, द पीपल ऑफ बट

[66:34]

इजंट दैन एनआरआई मनी कमिंग इनसाइड आवर

[66:38]

कंट्री इज गुड? इजंट दैट गुड? कि वो लोग

[66:41]

कमा के इधर पैसे डाल रहे हैं और फिर यहां

[66:42]

के एसेट्स खरीद रहे हैं। तो एक तरीके से

[66:44]

अच्छी चीज भी है ना। पॉइंट इज़ अगर वो एसेट

[66:47]

यूज़ नहीं हो रहा तो उसका फायदा क्या रहा?

[66:49]

देखिए ऐसे समझिए एक इकोनमिक एक्टिविटी

[66:51]

होती है ना उसके मल्टीप्लायर इफेक्ट होता

[66:52]

है।

[66:54]

अगर आपने उसका मल्टीप्लायर इफेक्ट ही आपने

[66:57]

खत्म कर दिया तो फायदा क्या रहा? अगर किसी

[66:59]

चीज की मल्टीप्लायर इफेक्ट यह थी कि यार

[67:01]

एक घर बनाएं। ठीक है? वो घर एक बिल्डर ने

[67:04]

बनाया। किसी ने खरीदा। अब उसमें कोई आगे

[67:06]

रहने लग गया। वहां पे कुछ इंपैक्ट आया।

[67:11]

राइट?

[67:12]

यहां पे आपने रेट आपने इतने बढ़ा दिए कि

[67:14]

वो छोड़ो और 10 लोग घर ले नहीं सकते। अब

[67:16]

बट इसकी वजह से शायद

[67:17]

इसका नेगेटिव मल्टीवर इंपैक्ट आ रहा है

[67:19]

ना। रेंट कहां कम हुआ ना? रादर क्योंकि

[67:21]

किसी ने वो घर इतने महंगे रेट पे खरीदा

[67:23]

है। उसको भी अपना रिटर्न बनाना है। वो

[67:25]

रेंट ही इतना हाई रखता है। अब बट अब देखो

[67:27]

मुंबई में तो 2-3% के आसपास आ गया रेंट।

[67:30]

सर आप एक बात समझो ना कि आप जब घर आप कहीं

[67:33]

पे भी लेते हो। राइट? एक यूजुअली लोग क्या

[67:35]

कहते हैं 11 महीने का एग्रीमेंट कर लो।

[67:37]

उससे ऊपर का नहीं करेंगे। व्हाई? क्योंकि

[67:40]

उससे ऊपर नहीं तो रजिस्ट्री कराना पड़ेगा।

[67:42]

ठीक है? अब 11 महीने बाद में जब रिन्यूल

[67:44]

का टाइम आता है, ऑफन इट इज़ नॉट द यूजुअल

[67:46]

फाइव और 10% वो बढ़ाया जाता है ज्यादा। एंड

[67:50]

दिस इज व्हाई क्योंकि आस्क है

[67:54]

एंड दैट इज द प्रॉब्लम। एंड सेकंड थिंग एक

[67:56]

बड़ी चीज है व्हाट हैपेंस इन रियलस्टेट डज़

[68:00]

नॉट एंड एट रियलस्टेट। रियलस्टेट

[68:02]

कंज्यूम्स अ लॉट ऑफ़ सीमेंट, अ लॉट ऑफ़

[68:04]

स्टील, अ लॉट ऑफ़ पेंट, अ लॉट ऑफ़ ट्रक्स।

[68:06]

ट्रक्स चलते हैं तो उसके अंदर डीज़ल जाता

[68:08]

है। डीज़ल कौन बनाता है? ऑल रिफाइनरीज

[68:09]

बनाती है 30% ऑफ़ जीडीपी कंट्रीब्यूशन

[68:13]

सेक्टर का जब ट्रक्स कम चलते हैं डीजल

[68:16]

आपका कम कंज्यूम हो रहा है। रिफाइनरीज का

[68:18]

पूरा मैथ चेंज हो जाता है

[68:19]

या

[68:20]

जो पेंट बनाने वाली कंपनीज़ है उनको 3 साल

[68:23]

लगे हैं वो बन में कि ओके नाउ वी आर गोइंग

[68:25]

टू बिकम एक्सपोर्ट फोकस्ड। अब वो दुनिया

[68:26]

भर में पेंट एक्सपोर्ट करने लग गए हैं।

[68:28]

रिजल्ट इज़ अब बाकी बाकी कंट्रीज की भी लग

[68:30]

रही है। सेम गोज़ फॉर स्टील। चाइनीस स्टील

[68:35]

का बिगेस्ट कंसमशन सेंटर वाज़ द रियलस्टेट।

[68:39]

इट गॉट टू अ पॉइंट वेयर मल्टीपल बिग

[68:42]

चाइनीस प्लेयर्स लाइक जैसे मैंने अभी

[68:43]

कंट्री गार्डन का नाम लिया दे हैड बोट आउट

[68:46]

सम ऑफ़ द बिगेस्ट शॉपिंग मॉल्स इन लंदन इन

[68:49]

यूएस उन्होंने बड़े डिस्काउंट इनफैक्ट सो

[68:51]

हैव यू हेड ऑफ़ दिस थिंग कॉल्ड सिटी ऑफ़

[68:53]

लंदन

[68:53]

नहीं

[68:54]

सो देयर इज़ लंदन हैव यू बीन टू लंदन अवेयर

[68:56]

या

[68:56]

लंदन के अंदर एक स्पेशल एक इकोनमिक ज़ोन है

[68:58]

जिसको बोलते हैं सिटी ऑफ़ लंदन जहां पे

[69:00]

सारे आपको एक्सरसा वो मिलेंगे हाई हाई

[69:01]

राइज़ एंड टावर्स एंड ऑल वो सारे एक ही जगह

[69:03]

पे हैं।

[69:04]

ओके

[69:04]

एंड ऑल दी फाइनेंसियल सर्विज जो हब है वो

[69:06]

वही है।

[69:07]

सो एक बड़ा इंटरेस्टिंग स्टार्ट था। मेरे

[69:09]

को याद नहीं मैंने कहां पढ़ा था। लगभग 2ाई

[69:11]

साल पहले मैं पढ़ा था। दैट्स सम 70% ऑफ

[69:14]

सिटी ऑफ़ लंदन कि हाईराइज़ेस आर ओन बाय

[69:17]

चाइनीज़ पीपल।

[69:19]

उस पे क्विप भी लिखा था। क्विप मतलब एक

[69:21]

मजाक की बात लिखी थी कि द क्वीन ऑफ़ लंदन

[69:23]

ओन्स लेस ऑफ़ सिटी ऑफ़ लंदन देन द चाइनीज़

[69:25]

पीपल। बट ये इंडियंस के लिए ना इंडियन

[69:28]

बिलिनेयर्स आर द हाईएस्ट रियलस्टेट ओनर्स

[69:30]

इन द कंट्री।

[69:32]

इन इट डजंट लंदन।

[69:36]

नॉट रियली। सो देयर इज लंदन एंड देयर इज

[69:38]

सिटी ऑफ़ लंदन।

[69:38]

ओके? देन सिटी ऑफ़ लंदन यू आर टॉकिंग।

[69:40]

सिटी ऑफ़ लंदन इज़ द फाइनेंसियल सर्विज। अब

[69:42]

हम

[69:42]

जैसे यहां पे है ना कि यहां का एक फोर्ट

[69:44]

है मुंबई में फोर्ट वाला एरिया। वहां के

[69:47]

मैं उसकी बात कर रहा हूं। एंड आउट देयर एक

[69:49]

पूरा अलग ही वहां पे लॉज़ चलते हैं।

[69:51]

फाइनेंसियल रेगुलेशंस बहुत अलग हैं। उसको

[69:53]

पूरा अलग ही डिस्ट्रिक्ट बनाया हुआ है।

[69:54]

एंड रेस्ट ऑफ लंदन में मिलाकर के इतने हाई

[69:57]

रेज़ नहीं जितने उस एक छोटे से डिस्ट्रिक्ट

[69:59]

के अंदर।

[69:59]

एंड मेजॉरिटीज़ ओन बाय चाइनीज़। एंड व्हाई

[70:02]

चाइनीस पीपल चाइनीस रियलस्टेट प्लेयर्स आर

[70:04]

गोइंग आउट एंड बाइंग दी थिंग्स रियलस्टेट

[70:06]

तो हर जगह चलेगा ना

[70:07]

बट उनकी जब हालत यहां पे इतनी टाइट हुई थी

[70:09]

दैट टू सेल ऑल ऑफ दीज़ ऑल तो नहीं बट काफी

[70:11]

सारे इन्होंने बेचे हैड हैवी डिस्काउंट्स

[70:13]

टू फाइंड मनी टू पे बैक दे्स इन चाइना

[70:15]

तो उन्होंने सिटी ऑफ़ लंदन में बेचना

[70:17]

स्टार्ट कर दिया टू

[70:18]

नॉट जस्ट सिटी ऑफ़ लंदन यूएस में दे हैव

[70:20]

सोल्ड मॉल्स एंड एवरीथिंग लास्ट वीक उसमें

[70:22]

कई उनके बड़े-बड़े कसीनोस थे वो सब बेचे हैं

[70:24]

अक्रॉस द वर्ल्ड एंड ये सब कुछ हुआ है एंड

[70:27]

नॉट जस्ट टू पे बैक डे्स बैक इन चाइना

[70:29]

बहुत सारे जो रियलस्टेट बना रहे थे उसके

[70:31]

लिए दे इशू ग्लोबल बॉन्ड जैसे अडानी ग्रुप

[70:33]

का आपको बताया था ना अभी कि उनके डॉलर

[70:35]

डिनॉमिनेटेड बॉन्ड्स थे इनके भी थे वो सब

[70:37]

चुकाने हैं आपको

[70:38]

तो पैसा कहां से लाओगे आपका डोमेस्टिक

[70:40]

मार्केट क्रैश हो गया रिस्ट्रक्चरिंग्स हो

[70:43]

रही है सब कुछ हो रही है वहीं पे चाइनीस

[70:44]

गवर्नमेंट ने आके एक और हेल्प भी किया कि

[70:46]

दे फॉर्म्ड मल्टीपल यूनिट्स अक्रॉस

[70:49]

डिफरेंट प्रोविंसेस जहां पे हम स्टेट

[70:50]

बोलते हैं वहां पे प्रोविंस होते हैं। तो

[70:52]

उन व्हीकल्स ने इन प्रॉपर्टीज़ को

[70:55]

डिस्काउंट पे खरीदना शुरू किया ताकि

[70:56]

गवर्नमेंट की तरफ से इन बिल्डर्स को

[70:58]

लिक्विडिटी मिले कि अपने डे्स वगैरह पेबैक

[71:00]

कर सकें। ये सब भी हुआ है। बहुत कुछ हुआ।

[71:02]

इट्स बीन अ वेरी-वेरी लिख एंड पेनफुल

[71:04]

अफेयर।

[71:05]

नाउ

[71:07]

व्हाट डस दिस मीन? अगर एक मार्केट जहां पे

[71:11]

6 करोड़ इनकंप्लीट सॉरी कंप्लीटेड बट

[71:15]

वेकेंट हाउसेस हैं। एंड येट देयर इज़

[71:18]

डिमांड फॉर हाउसेस जो कि लोगों के पास अभी

[71:21]

है नहीं। उनको अफोर्डेबल चाहिए। वहां पे

[71:22]

ये हो रहा है। प्रैक्टिकली यहां पे भी हो

[71:25]

सकता है। यू फील सिमिलर काइंड ऑफ़ क्रैश

[71:28]

अगर इंडिया ने ध्यान नहीं दिया तो इंडिया

[71:30]

में भी होगा।

[71:32]

डिपेंड्स ऑन मल्टीपल थिंग्स। क्योंकि रियल

[71:34]

स्टेट तो मेजॉरिटी इंडियन वेल्थ जो भी

[71:37]

क्रिएट करता है वो रियल स्टेट में ही

[71:38]

लगाता है। मैं ये कहूंगा कि डिपेंड्स ऑन

[71:40]

मल्टीपल थिंग्स। नंबर वन इफ यू वांट टू

[71:44]

प्रायोरिटाइज

[71:46]

कि हां भैया हर हर आदमी के सर पे एक छत

[71:49]

होनी चाहिए।

[71:50]

तब तो यार क्रैश ही होना पड़ेगा। अगर हम

[71:54]

उस पर कॉम्प्रोमाइज करने को रेडी हैं कि

[71:55]

यार ठीक है यार नहीं होगा घर ठीक है लेकिन

[71:57]

यह मार्केट नहीं टूटना चाहिए क्योंकि उससे

[71:59]

बहुत लोगों की जो इन्वेस्टमेंट्स है जो

[72:01]

उनकी नेटवर्क वो खत्म हो जाएगी। दैट इज़

[72:03]

अनदर वेरी लेजिटमेट चैलेंज टुडे। तो फिर

[72:07]

लोगों को घर नहीं मिलेंगे। व्हाट्स योर

[72:09]

थिंग व्हाट डू यू?

[72:10]

नहीं हो पाएगा। रीज़न बीइंग रियलस्टेट पीपल

[72:12]

आर वेरी-वेरी पावरफुल, वेरी रिच पीपल एंड

[72:15]

दीज़ पीपल आर डायरेक्टली लिंक टू द

[72:18]

पॉलिटिशियंस द मनी इंटरचेंज बहुत ज्यादा

[72:20]

होता है। एंड ये सारी वो चीजें जो ऑफ

[72:23]

कोर्स ना जब हम बोल रहे हैं कि ये जो इतना

[72:24]

ब्लैक का पैसा है जो यहां पे अब्सॉर्ब

[72:26]

होता है और खुला होता है। राइट?

[72:28]

जस्ट लाइक रियल स्टेट नीचे नहीं आएगा। यू

[72:30]

डोंट फील सो

[72:30]

इट्स अ पार्ट एंड पार्सल ऑफ द एंटायर

[72:32]

पॉलिटिकल मशीनरी।

[72:33]

फेयर बट

[72:33]

एंड पॉलिटिशियंस अपने खिलाफ कभी भी लॉज़

[72:35]

नहीं बनाते।

[72:37]

सो रियल स्टेट का पैसा नीचे नहीं आएगा।

[72:39]

रियल स्टेट इतना क्रैश नहीं करेगा।

[72:43]

हुआ रेंज बाउंड रहेगा।

[72:44]

चाइना जैसा क्रैश नहीं होगा। पर उसका

[72:47]

रिजल्ट और कॉन्सिक्वेंस यह होगा कि एक

[72:49]

एवरेज इंडियन को घर खरीदने में बहुत

[72:51]

दिक्कत होगी।

[72:52]

बिल्कुल होगा सर। मैं आपको एक एग्जांपल

[72:54]

देता हूं। ठीक है? सो योर प्रेडिक्शन दिस

[72:57]

वन विल बी विल माइट बिकम ट्रू। एंड मैं

[73:00]

दिल से दुआ करता हूं भाई मैं गलत साबित

[73:02]

हूं। मैं चाहता हूं यार हर इंडियन ऑन कर

[73:04]

पाए। क्यों नहीं होना चाहिए यार? है ना?

[73:06]

हमारे पेरेंट्स ने अपनी पूरी जिंदगी उसके

[73:08]

ऊपर लगाई। और भी बहुत सारे लोग हैं उनको

[73:10]

ही मिलना चाहिए ना। सबको मिलना चाहिए। एक

[73:11]

सिंपल सी चीज है

[73:13]

कि मैं मैं लिख के लेके आया था। आपको

[73:15]

बताता हूं। रुको एक सेकंड।

[73:23]

सो गुड़गांव का डाटा है। ठीक है? पिछले 4

[73:25]

साल के अंदर गुड़गांव में अगर आप द्वारका

[73:28]

5 साल का डाटा है। और आप द्वारका

[73:30]

एक्सप्रेसवे देखेंगे वहां पे प्रॉपर्टी

[73:32]

प्राइसेस आर जंप बाय एवरेज 93%। अगर आप

[73:35]

गोलफकोर्स रोड देखेंगे अबाउट 80% गोलफोर्स

[73:38]

एक्सटेंशन रोड देखेंगे वी हैव गॉन फ्रॉम

[73:40]

80 ₹8800 पर स्क्वायर फीट एवरेज टू 20,000

[73:43]

प्लस

[73:47]

लेफ्ट राइट सेंटर

[73:48]

आपको लगता है कि लोगों की कमाई इस हिसाब

[73:50]

से बड़ी है? अगर किसी को हिम्मत करके घर

[73:53]

लेना भी है

[73:55]

या तो उसके घर और छोटे होंगे या फिर उसकी

[73:58]

ईएमआई बड़ी होगी।

[74:01]

एंड बहुत सारे लोग ये दोनों ही अफोर्ड

[74:02]

नहीं कर सकते। यू नो वन वेरी इंटरेस्टिंग

[74:06]

थिंग दैट आई सॉ इन देयर नोट्स इज कि

[74:11]

यूजुअली क्या होता है लोग अपनी

[74:14]

सैलरी को गाली देते हैं।

[74:16]

लोग अपनी डिग्रीज को गाली देते हैं। लोग

[74:18]

बोलते हैं कि मेरी स्किल्स इसकी वजह से

[74:20]

मैं पैसे ज्यादा नहीं कमा पा रहा हूं। मैं

[74:21]

इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रहा हूं क्योंकि

[74:23]

शायद दुनिया बहुत तेजी से चेंज हो गई है।

[74:25]

मुझ में इतनी स्किल्स नहीं है। मैं शायद

[74:26]

उस तरीके से टेक नहीं सीख पाया या

[74:28]

व्हाटएवर एसेट्रा एसेटरा। राइट? और लोग

[74:31]

बोलते हैं मेरी कंपनी खराब है या ठीक है

[74:34]

इन सबको गाली देते हैं। यू सेड कि इन सबको

[74:37]

गाली देने से कोई मतलब नहीं है। पैसे लोग

[74:39]

इसलिए नहीं कमा पाएंगे क्योंकि कॉस्ट ऑफ

[74:42]

डूइंग बिज़नेस इन कॉस्ट ऑफ डूइंग बिज़नेस इन

[74:45]

इंडिया इज़ हाई।

[74:46]

व्हाट डू यू मीन बाय दैट? कि

[74:49]

लोगों का कोई लेना देना नहीं है। सिस्टम

[74:51]

इज़ रिग्ड। नो इट्स बोथ थिंग्स। मैं ये

[74:53]

नहीं कहता कि लोगों का रोल नहीं है। बट

[74:55]

सिस्टम इज़ इटसेल्फ आल्सो रिग्ड। आप ऐसे

[74:57]

समझिए कि

[75:00]

आपके पापा मैन्युफैक्चरिंग में है। राइट?

[75:02]

आई थिंक क्या डिटर्जेंट

[75:03]

डिटर्जेंट में है। राइट?

[75:05]

सो रिटर्न ब्रांड जब आप बनाते हो आपका

[75:07]

लॉजिस्टिक्स भी बहुत अच्छा खासा आपका उसका

[75:09]

आपका कॉस्ट आता होगा। आई एम डैम श्योर।

[75:11]

ठीक है?

[75:12]

लॉजिस्टिक लॉजिस्टिक्स का जो भी आपका

[75:14]

खर्चा होता है उसमें एक अच्छा खासा

[75:16]

कॉम्पोनेंट होता है आपका फ्यूल।

[75:17]

हम

[75:18]

आपका फ्यूल में लगभग आधा तो लेकिन आप

[75:20]

सरकार को टैक्स या पे कर रहे हो।

[75:23]

बट उस पे आपको जीएसटी का आपको रिबिल तो

[75:26]

आपको मिलता नहीं है।

[75:27]

आपको वो इनपुट टैक्स रेट भी आपको मिलता

[75:30]

नहीं है।

[75:30]

सो इट इज डायरेक्टली एडेड टू द कॉस्ट। एंड

[75:32]

इन द एंड आपका जो प्रोडक्ट है वो ज्यादा

[75:34]

कॉस्टली हो गया। राइट?

[75:38]

यही वाला प्रोडक्ट आप बाहर भी बेचते हो

[75:39]

क्योंकि जब आप एक्सपोर्ट कर रहे हो तो भी

[75:41]

इस पे तो आपको जीएसटी का कोई आपको वापस

[75:43]

नहीं मिल रहा है।

[75:44]

हम

[75:44]

अब आपको एक्सपोर्ट अगर करना है तो हाउ वुड

[75:47]

यू कमपीट?

[75:49]

सरकार ने खुद आपके फ्यूल का प्राइस आधा

[75:51]

चढ़ा रखा है। सो अब

[75:55]

ये वाले जो टैक्सेस हैं ये इन द एंड क्या

[75:57]

कर रहे हैं? ये आपके एंड जो प्रोड्यूस है

[75:59]

उसको और कॉस्टली बना रहे हैं। व्हेन इट

[76:02]

कम्स टू से योर एनर्जी।

[76:04]

हम

[76:05]

ठीक है? एनर्जी के ऊपर लगा दिया जाता है

[76:08]

एनर्जी का ड्यूटी फॉर इंडस्ट्रीज। हम अभी

[76:10]

जो ड्यूटी जो लगाई गई है नाउ व्हाट हैपेंस

[76:12]

इज जब जीएसडब्ल्यू ग्रुप ने अपना

[76:14]

नेगोशिएशन किया फॉर दैट बटीबुरी में अपना

[76:17]

प्लांट लगाने के लिए 25000 करोड़ का

[76:19]

इन्वेस्टमेंट उनको वहां पे जो एसजीएसटी का

[76:21]

110% का रिफंड उनको प्रॉमिस किया गया साथ

[76:24]

में एक और चीज प्रॉमिस की गई कि यू विल बी

[76:26]

एक्सेंप्टेड ऑफ आपका इलेक्ट्रिसिटी

[76:28]

ड्यूटी।

[76:30]

आपके पापा को मिलेगा क्या?

[76:33]

सो आपके लिए तो वो भी एक एडेड कॉस्ट है।

[76:35]

आप कैसे कल को एक्सपोर्ट करोगे? आपके

[76:37]

पिताजी ने चलो फिर भी सब कुछ चलाया, सब

[76:39]

कुछ किया। राइट? उनका बिजली का अच्छा खासा

[76:41]

खर्चा आता है हम

[76:42]

क्योंकि फैक्ट्री चला रहे हैं।

[76:43]

हां।

[76:44]

बिजली का अगर आपके घर में जो बिल आता है

[76:46]

और आपकी फैक्ट्री में आता है उसकी यूनिट

[76:47]

की कॉस्ट में क्या फर्क होता है?

[76:48]

बहुत फर्क होता है।

[76:49]

क्यों होता है?

[76:50]

क्योंकि कमर्शियल लेते हैं तो कमर्शियल का

[76:52]

पैसे ज्यादा लगते हैं।

[76:53]

क्यों लगते हैं ज्यादा?

[76:54]

वो इसलिए कि हमारी सरकार ने एक सिस्टम बना

[76:56]

रखा है। और खाली हमारी सरकार नहीं आज की

[76:58]

सरकार नहीं हमेशा से ये रहा है। इस

[77:00]

प्रिंसिपल को बोलते हैं क्रॉस

[77:01]

सब्सिडाइजेशन।

[77:03]

किसान है बिल्कुल सस्ते या फ्री में उसे

[77:05]

बिजली दो। हाउसहोल्ड है थोड़ा महंगा कर

[77:09]

दो। आजकल यह भी हो रहा है अप टू कुछ

[77:12]

यूनिट्स फ्री में दे दो। कमर्शियल है

[77:14]

थोड़ा और बढ़ा दो। इंडस्ट्रियल है और बढ़ा

[77:17]

दो। रिजल्ट ये होता है जो घर बार होते हैं

[77:19]

उनके लिए रेट पड़ता है आई थिंक 5 6 ₹7 पर

[77:21]

यूनिट। डिपेंडिंग आप कहां पे हो और आप

[77:23]

इंडस्ट्री हो। आपका पड़ता है 11 12 ₹17 पर

[77:26]

यूनिट।

[77:28]

वो रेट किसने बढ़ाया आपकी फैक्ट्री का?

[77:31]

सरकार की पॉलिसी ने। इन द एंड इन सब चीजों

[77:34]

के कारण प्रोड्यूस किसका महंगा हो रहा है?

[77:38]

आपके पिताजी के उस डिटर्जेंट का। वो और

[77:40]

महंगा हो गया है। इन द एंड चाहे वो

[77:42]

डोमेस्टिक बेचे चाहे एक्सपोर्ट में बेचे

[77:44]

महंगा है।

[77:45]

उनके लिए तो महंगा ही है। डोमेस्टिक वाले

[77:46]

पास सॉरी ऑप्शन नहीं है। वो फिर भी खरीद

[77:48]

लेंगे। चलो क्योंकि ऑप्शन नहीं है क्योंकि

[77:49]

बाकी जो प्लेयर्स यहां बेच रहे हैं उनके

[77:50]

लिए भी वही सच्चाई है। एक्सपोर्ट मार्केट

[77:52]

में जब जाओगे वो सच्चाई सबके लिए नहीं है।

[77:55]

वो हमारी सरकार ने हमारे लिए सिस्टम बना

[77:56]

रखा है। तो हमारे आपके पिताजी या फिर और

[77:59]

कोई इंडस्ट्रियलिस्ट मैं खाली एग्जांपल के

[78:01]

लिए बोल रहा हूं। वो कैसे बार कमपीट

[78:02]

करेंगे? कर ही नहीं पाएंगे। दैट इज हाउ

[78:05]

सिस्टम पूरा ऐसा बनाया गया। अब ऐसे में ये

[78:07]

होता है। फिर से मैं उसी बात पे आऊंगा।

[78:08]

चलो जीएसडब्ल्यू ग्रुप की बहुत बात हो गई।

[78:10]

बूटी बुरी वाला। ठीक है। आई विल गिव यू

[78:11]

अनदर एग्जांपल। अब आप चलते हो आंध्र

[78:13]

प्रदेश।

[78:14]

हम

[78:14]

आंध्र प्रदेश में बहुत ही प्यारी पॉलिसी

[78:16]

है दैट अगर आप 50 करोड़ से लेकर के 1000

[78:20]

करोड़ के बीच का कोई भी इन्वेस्टमेंट कर

[78:21]

रहे हो तो आपको हम अप टू 12% का कैपिटल

[78:25]

सब्सिडी देंगे। अप टू अ सर्टेन अमाउंट ऑफ़

[78:27]

इन्वेस्टमेंट। हम आपको इलेक्ट्रिसिटी पे

[78:29]

जो चार्जेस है वो हम आपको ₹1 पे कुछ करके

[78:31]

दे देते हैं। वो आपको डिस्काउंट मिल

[78:33]

जाएगा। यह सब ठीक है ये सब अनाउंस कर

[78:35]

लिया।

[78:37]

आंध्र प्रदेश में कोई फैक्ट्री उसको तो ये

[78:39]

मिल रहा है। बाकियों को मिल रहा है।

[78:43]

बाकी स्टेट्स में तो नहीं मिल रहा ना।

[78:45]

वहां पे जिसने फैक्ट्री लगाई थी आज से 2

[78:47]

साल पहले वो रिग्रेट करो यार। मैं 2 साल

[78:50]

रुक जाता। चंद्रबा नायडू वहां पे आए थे।

[78:51]

उन्होंने ये वाली अनाउंस की मैं वहीं पे

[78:52]

लगा लेता। मेरे तो लग गए ना।

[78:56]

प्रॉब्लम इज

[79:00]

सेटअप इज डिजाइन इन सच अ मैनर

[79:03]

दैट कॉस्ट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग इन इंडिया

[79:05]

अच्छा खासा हमारी सरकार खुद इनग्रेड कर

[79:07]

देती है हम इतनी बार हमारी सरकार ये बोलती

[79:09]

है कि हमारी मैन्युफैक्चरिंग को और

[79:12]

कॉम्पिटिटिव बनाना है कॉम्पिटिटिव बनाना

[79:14]

है उसके लिए हम क्या करेंगे कॉस्ट ऑफ

[79:16]

लॉजिस्टिक्स एज अ परसेंट जीडीपी हमारा 14%

[79:18]

पे है 15% पे 13% पे उसको गिरा के हम 7 8%

[79:21]

पे लेके आएंगे ये भी तो बताना है कि उसमें

[79:23]

अच्छा खासा कॉस्ट बिकॉज़ आपने ने ही

[79:25]

टैक्सेस घुसा रखे हैं। वो आप हो कॉस्ट वो

[79:28]

आपकी कमाई है। आप उससे मलाई निकाल रहे हो

[79:31]

और वो कीमत हमारा देश चुका रहा है। शायद

[79:34]

वो अगर आप नहीं चूसते

[79:36]

हम

[79:36]

तो हमारे देश शायद ज्यादा एक्सपोर्ट कर

[79:38]

रहा होता। हमारे देश के लोगों के लिए वही

[79:39]

चीजें सस्ती होती। वो अपना पैसा और दूसरी

[79:41]

चीजों में स्पेंड करते। आप जीएसटी शायद

[79:43]

वहां से कमा लेते। बाहर की कमाई हम शायद

[79:46]

लेके आते क्योंकि हम एक्सपोर्ट हम ज्यादा

[79:47]

कर पाते। बट चीजें तो हमने ही महंगी बना

[79:49]

दी ना। हम

[79:50]

इसीलिए हमारी इंडस्ट्रीज बार-बार बोलती है

[79:52]

दैट आपका जो पेट्रोल है, डीजल है इन सबके

[79:56]

ऊपर हमें इनपुट टैक्स क्रेडिट देना शुरू

[79:58]

करो। नेचुरल गैस के ऊपर हमें इनपुट इनपुट

[80:00]

टैक्स देना शुरू करो। जिनको नहीं पता

[80:02]

इनपुट टैक्स क्रेडिट जीएसटी के इकोसिस्टम

[80:04]

में एक होता है कि अगर आप एक

[80:06]

मैन्युफैक्चरर हो। आपने जो जीएसटी आपने जो

[80:08]

टैक्सेस आपने भरे उस चीज को बनाने के लिए

[80:10]

या फुलफिल करने के लिए वो आप रिक्यूपरेट

[80:13]

कर सकते हो। आप वो वापस ले सकते हो। बट

[80:15]

अगर वो पेट्रोल डीजल वाला खर्चा आप उसे

[80:17]

वापस नहीं ले पाते हो। सो वो तो बड़ा

[80:19]

प्रॉब्लम हो गया ना।

[80:23]

यह हमारी सरकार का किया हुआ है। स्टेट एज

[80:25]

वेल एज सेंटर। आप जरा सोच के देखिए। 2010

[80:29]

में जो एक्साइज वाला जो कॉम्पोनेंट है जो

[80:31]

ये सेंटर लगाती है।

[80:33]

डीजल के ऊपर ये लगभग कुछ चार ₹4.5 था।

[80:36]

4.7

[80:37]

आज के ये 33 ₹34 के आसपास चल रहा है।

[80:40]

यार

[80:41]

4.7 टू 33

[80:43]

ये कॉस्ट ऑफ लॉजिस्टिक्स किसने बढ़ाया है?

[80:46]

15 सालों में पिछले

[80:48]

सरकार ये बोल सकती है कि ठीक है वी नीड द

[80:50]

मनी टू डू अदर थिंग्स बट देन इट्स अ चॉइस

[80:52]

दैट यू हैव मेड जिसके कारण हमारा

[80:54]

मैन्युफैक्चरिंग महंगा हो रहा है। हमारा

[80:57]

लॉजिस्टिक्स एज अ परसेंटेज जीडीपी भर रहा

[80:59]

है। वो आपने इनफ्लेट किया है। हमारे

[81:01]

इंडस्ट्रियलिस्ट ने या बिज़नेसमैन ने नहीं

[81:03]

किया है। ये बात कुछ लोगों को समझने बहुत

[81:05]

वैसे लग सकती है कि मैं इंडस्ट्रियलिस्ट

[81:06]

के प्रो हो के बोल रहा हूं। एटसेट्रा मैं

[81:08]

वो नहीं बोल रहा। मैं प्रो इंडिया हो के

[81:10]

बोल रहा हूं कि इंडिया को अगर अपना कॉस्ट

[81:11]

ऑफ लॉजिस्टिक सस्ता करना है तो सरकार ने

[81:13]

जो महंगाई डाल रखी है उसको एटलीस्ट कम कर

[81:15]

देना चाहिए हटा देना चाहिए उसके कारण जो

[81:18]

डिमांड बढ़ेगी कि चीजें सस्ती होगी उसके

[81:20]

कारण जो हमारे एक्सपोर्ट्स बढ़ेंगे सरकार

[81:22]

तो उससे भी कमाएगी ना बट वो बेट कौन लेना

[81:26]

चाहता है बात उतनी है

[81:29]

तो डू यू फील कि ये क्योंकि मान लो 600%

[81:35]

से एक ऑलमोस्ट 600% के आसपास आ गया राइट

[81:38]

तो 600% महंगाई एक जगह पे हो रही है इन

[81:41]

लास्ट लाइक वन डेड डेकेड इन हाफ राइट ऐसे

[81:45]

और भी बहुत सारे सेक्टर्स होंगे जो हमने

[81:46]

बहुत सारे भी पडकास्ट में कवर करे

[81:48]

जिसकी वजह से इंडिया में मैन्युफैक्चरिंग

[81:50]

बन नहीं पा रही जिसकी वजह से हम आज भी

[81:53]

बाहर से बहुत ज्यादा इंपोर्ट कर रहे हैं

[81:54]

जिसकी वजह से हमारा रुपया गिरते जा रहा है

[81:56]

और उसकी वजह से हम और ज्यादा इकॉनमी हमारी

[81:59]

खराब होती जा रही है। राइट

[82:00]

या नाउ

[82:03]

डू यू फील कि ये एक ऐसा ये यू नो द

[82:05]

बॉइलिंग वाटर द बॉइलिंग फ्रॉग वाला

[82:08]

फिनोमिन

[82:09]

ये वैसा हो रहा है क्या कि एट वन पॉइंट इट

[82:11]

विल जस्ट बी टू लेट सो टू एक्सप्लेन पीपल

[82:13]

इट्स लाइक कि अगर आप

[82:18]

ओके सो जैसे अगर ये एक एक पानी है उसमें

[82:21]

अगर आप मेंढक को रख देते हो आप एकदम से

[82:23]

बहुत में बहुत गर्म कर दोगे इसको तो वो

[82:25]

मेंढक उचक के बाहर निकल जाता है यू आर

[82:27]

राइट पर अगर आपने इतने पानी है और उसमें

[82:31]

धीरे-धीरे गर्म करते गए करते गए करते गए

[82:33]

करते एक टाइम में वो इतना गर्म हो जाता है

[82:35]

कि इट्स जस्ट मेंढक उसको एडजस्ट एडजस्ट

[82:38]

करता रहता है करता रहता है बट एट सम पॉइंट

[82:40]

इट जस्ट डाइस क्योंकि अब उसके बाद तो

[82:42]

निकलने का मौका भी नहीं होता बिकॉज़ इट्स

[82:43]

टू हॉट

[82:44]

राइट सो इट्स लाइक दैट कि आपने ₹1 का सीधे

[82:48]

₹3 नहीं करे आपने हर महीने थोड़ा थोड़ा थोड़ा

[82:51]

थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा बढ़ा बढ़ा के बढ़ा

[82:53]

बढ़ा के डीजल की प्राइस इतनी लेवल पे आगे

[82:55]

लेके आ गए इतने टैक्सेस बढ़ा दिए या इतनी

[82:57]

जो भी ड्यूटी ड्यूटी टैरे व्हाटएवर यू

[82:59]

वांट कॉल इट यू आपने वो बढ़ा दिया कि अब एक

[83:02]

टाइम पे इतना अनबेरेबल हो जाएगा दैट

[83:04]

मैन्युफैक्चरिंग इन इंडिया ग्लोबल लेवल पे

[83:07]

कंपटीशन के सामने खड़े होने के लायक भी

[83:10]

नहीं रहेगी।

[83:11]

सर ऑलरेडी हो रहा है ना ये तो हम किसी भी

[83:13]

मैन्युफैक्चर खत्म ही हो जाएंगे बिफोर इवन

[83:15]

वी आर वी हैव अ चांस टू कम्पीट आस्क एनी

[83:18]

मैन्युफैक्चरर सच्चाई हम सबके सामने है।

[83:21]

दे ऑलरेडी फील दिस। दे ऑलरेडी नो दिस।

[83:24]

इट्स नॉट जस्ट की कैपेबिलिटी नहीं है। चलो

[83:26]

चाइना से मशीन लेंगे होगी कैपेबिलिटी बना

[83:28]

लेंगे अब तो दिक्कत है कॉस्ट पे फिर भी हम

[83:31]

कमट नहीं कर पाते क्योंकि ये एडेड कॉस्ट

[83:33]

बहुत सारे हैं और इसमें अभी वो सब तो

[83:36]

मैंने गिने नहीं है जो सरकार के एंड

[83:38]

कंप्लायंस के कॉस्ट आते हैं

[83:41]

इतनी फनी मेरे को फोटो लगती है इंटरनेट पे

[83:43]

बहुत अभी चली थी पिछले दो साल से मैं

[83:44]

बार-बार हर दूसरे महीने में देखने को मिल

[83:46]

जाती है एक कोई आटा की कोई मिल चला रहा है

[83:49]

आटा मैदा की मिल उसने अपने ऑफिस में लेकिन

[83:52]

वो लाला जी बैठे हुए हैं उन्होंने अपने

[83:53]

बेटों के साथ फोटो डाली है ऊपर उसमें लगी

[83:56]

हुई है बहुत सारी फोटो

[83:57]

हम

[83:58]

जिसमें 16 या 17 ऐसे सर्टिफिकेट ऊपर टंगाए

[84:01]

हुए हैं फ्रेम करा करके कि इस चीज का

[84:03]

अप्रूवल इसका सर्टिफिकेशन इस डिपार्टमेंट

[84:05]

में

[84:07]

एक आटा मिल चलाने के लिए 16 तो उन्होंने

[84:10]

चढ़ा के कल को इसको ऑफिस चला जाए तो हम

[84:11]

दिखा सकेंगे देखो जी ऊपर आपका लगा हुआ है

[84:13]

आपके में पहले ये वाले जो थे ना उन्होंने

[84:15]

ये किया हुआ है

[84:17]

ये सब खर्चे अलग है देयर आर अदर हर्डल्स

[84:21]

उसकी तो मैं बात ही नहीं कर रहा उसके जो

[84:22]

कॉस्ट आता है राइट

[84:26]

लेट अस ट्राई टू एटलीस्ट एड्रेस द कॉस्ट

[84:30]

क्योंकि सरकार ने खुद इस तरीके से हमारी

[84:32]

जनता के ऊपर या फिर हमारे मैन्युफैक्चरर्स

[84:34]

के ऊपर थोप दिया है। सबसे बड़ी दिक्कत पता

[84:37]

है क्या है? अब कहने को तो प्रॉब्लम तो

[84:39]

मैंने बता दी तो इसका सशन ये हटा दो। इतना

[84:43]

लगा रखा है तो हमारी केंद्र सरकार ने मेरे

[84:45]

पास एफy 24 का नंबर है 25 का हमने देखा

[84:47]

नहीं है एफy 25 में हमारी केंद्र सरकार ने

[84:51]

साल का लगभग लगभग 7.5 लाख करोड़ से

[84:54]

एक्साइज ड्यूटी अकेले से कमाया था पेट्रोल

[84:55]

डीजल के ऊपर वाले से 7 लाख करोड़ स्टेट्स

[84:59]

ने भी लगभग 5 लाख करोड़ कमाया था अब जब हम

[85:04]

बोल रहे हैं कि इसको हटा दो मतलब यह है कि

[85:05]

मैं कह रहा हूं कि भैया 13 लाख ऑलमोस्ट

[85:08]

करोड़ है जो कि आप बोल रहे हो कि इसके ऊपर

[85:10]

बेट लो कि हटा दोगे तो बाद में डिमांड

[85:14]

इतनी बूस्ट होगी एक्सपोर्ट इतने बढ़ेंगे

[85:15]

तुम वैसे भी कमा लोगे। यह एक बेट है।

[85:18]

यह डिसीजंस कोई भी पॉलिटिशियन नहीं लेता

[85:20]

है। दिस इज सम ब्यूरोकट हु हैज़ टू टेक इट।

[85:22]

कोई भी ब्यूरोक्रेट अपने ऊपर 13 लाख करोड़

[85:24]

की मिसाइल तो नहीं चलाएगा

[85:27]

कि भाई साहब मैं बेट ले लूं और कल को नहीं

[85:28]

आया तो

[85:31]

इट्स अ सुसाइड। ब्यूरोक्रेटिक सुसाइड कि

[85:33]

बॉस अब तो मेरे को किसी अच्छे डिपार्टमेंट

[85:36]

में काम ही नहीं मिलेगा। मेरे को उठा के

[85:37]

भेज देंगे अंडमान में। जाओ वहां पर चलाओ।

[85:39]

नाउ हाउ डू वी सॉल्व दिस व्हाट वी नीड इज

[85:43]

अ स्ट्रांग लीडर हुस बोल्ड इन अ विज़ टू से

[85:46]

कि ओके आई एम रेडी फॉर व्हाट इज़ कंसीडर्ड

[85:49]

अनऑर्थोडॉक्स मेथड्स

[85:51]

आपके एक बीजेपी के एक बहुत सीनियर लीडर

[85:54]

हैं जो कि काइंड ऑफ़ अ रेबल लीडर ही कहलाते

[85:56]

हैं आज के दिन। हिज़ नेम इज़ सुब्रमण्यम

[85:58]

स्वामी। आपने सुना उनके बारे में।

[86:01]

मेरे को बड़े कमाल के आदमी लगते हैं। फॉर

[86:04]

वन स्पेसिफिक रीजन

[86:08]

ओनली वन स्पेसिफिक रीज़ इकोनमिक टर्म्स पे

[86:10]

जो भी बोलते हैं ना इट ऑल मेक्स अ लॉट ऑफ़

[86:12]

सेंस। सो उनका क्या कहना है? इनकम टैक्स

[86:16]

इज़ अ स्कैम। जस्ट बिकॉज़ बाहर की इकोनॉमज़्म

[86:19]

में वो एक स्ट्रक्चर लगाया गया। हमने भी

[86:21]

लगा दिया। बट थिंक ऑफ इट दिस वे बिकॉज़ ऑफ़

[86:24]

इनकम टैक्स देयर इज़ एन इंसेंटिव टू इवेट

[86:26]

टैक्सेस। सो देयर इज़ अ इंसेंटिव टू हाइड द

[86:30]

इनकम नाउ बिकॉज़ यू आर हाइडिंग द इनकम

[86:33]

व्हाट हैपेंस? आपके पास एक कारण है कि बॉस

[86:35]

अब मैं खाली तीन ही जगह पर इसको डाल सकता

[86:37]

हूं। वो पैसा शायद और 40 कामों में लग

[86:40]

सकता था हिंदुस्तान में। लेकिन अब वो जाता

[86:41]

कहां है घुमा फिरा के? रियलस्टेट, गोल्ड

[86:44]

या गद्दे के नीचे या फिर चावल की बोरी में

[86:46]

जिसमें भी तो पहली बात क्या किया? आपने

[86:49]

लोगों के हाथ से रियलस्टेट इतना महंगा कर

[86:51]

दिया। सोने की इतनी डिमांड क्रिएट कर दी

[86:52]

जो कि देश का ही फिर करंट अकाउंट डेफिसिट

[86:54]

पूरा बिगाड़ देता है। क्योंकि इतना ज्यादा

[86:55]

आप इंपोर्ट करते हो।

[86:57]

पहले तो वो उससे प्रॉब्लम क्रिएट हुई।

[86:59]

सेकंड थिंग अब क्योंकि यह इतना सारा ब्लैक

[87:01]

मनी यहां पर क्रिएट हो रहा है। लोग छुपा

[87:03]

रहे हैं। आम आदमी छुपाता है। छोटा

[87:04]

दुकानदार भी बोलता है कि बिना बिल के दे

[87:06]

दूं क्या? हर छोटे लेवल पे इतना बन रहा

[87:08]

है। अब इसको पकड़ने के लिए यू आर

[87:10]

स्पेंडिंग थाउजेंड्स एंड थाउजेंड्स ऑफ

[87:12]

करोड़ हर साल। आपने पूरा मशीनरी बना रखा

[87:14]

है उसके लिए। जिसका काम ही है तुम इन

[87:17]

लोगों को पकड़ो।

[87:19]

अब वो घुमा फिरा के साल का आप ₹00 करोड़

[87:21]

आप उसके ऊपर खर्चा करते हो।

[87:23]

10,000 करोड़ आप इकट्ठा करते हो। हु इज इट

[87:26]

सर्विंग बट इन द एंड इज दैट हर्टिंग

[87:28]

इंडिया आंसर इज अ बिगेस्ट ऊपर से यह

[87:30]

दिक्कत आती है इसके चक्कर में

[87:34]

आपका जो पूरा जो इकोनमिक साइकिल है उसमें

[87:37]

आती है इनफिशिएंसीज़

[87:39]

पीपल आर नॉट डिप्लॉयंग मनी वेयर इट शुड बी

[87:41]

डिप्लॉयड बट वेयर इट कैन बी केप्ट एज़ अ

[87:43]

हिडन रिसोर्स

[87:46]

हाउ इज़ दैट सर्विंग द इंटरेस्ट ऑफ़ दी

[87:47]

कंट्री? तो सुब स्वामी जी की थीसिस से

[87:51]

बोलते हैं इनकम टैक्स हटा दो। अब इस पे

[87:53]

सवाल आता है इनकम टैक्स तुम हटा दोगे। हम

[87:55]

तो मार्केट में तो एकदम से लोगों के पास

[87:56]

बहुत ज्यादा स्पेंडिंग पावर आ जाएगा। प्लस

[87:58]

क्योंकि लोग रियलस्टेट में इतना खर्चा

[87:59]

नहीं करेंगे। गोल्ड पे नहीं करेंगे तो

[88:01]

गोल्ड की डिमांड कम होगी। रियलस्टेट कहीं

[88:03]

क्रैश ना हो जाए और ऊपर से इतना पैसा और

[88:05]

दूसरी चीजों में जाएगा तो उनके रेट तो

[88:07]

बहुत बढ़ जाएंगे। डिमांड इतनी आ जाएगी

[88:08]

इनफ्लेशन हो जाएगा। इट विल बी अ

[88:10]

कैटस्ट्रोफी।

[88:12]

तो उसके लिए एक तरीका है कि उनका कहना है

[88:14]

कि बॉस आप जो बैंक के जो इंटरेस्ट रेट है

[88:16]

उसको बढ़ा देना। वो एब्सॉर्ब कर लेगी

[88:18]

लिक्विडिटी।

[88:20]

फिर सवाल आता है और बैंक्स की अगर आप

[88:22]

इंटरेस्ट बढ़ा दोगे तो इंडस्ट्रीज के लिए

[88:24]

बिजनेसेस के लिए लोन महंगे हो जाएंगे। तो

[88:26]

वो कैसे चलेगा?

[88:28]

उसका जवाब है जो चाइना मॉडल है व्हिच इज़

[88:31]

गवर्नमेंट सब्सिडाइजेस द लोंस। वो

[88:33]

सब्सिडीज देती है। लगाओ इंडस्ट्रीज। कोई

[88:35]

दिक्कत नहीं है। मैं बैठा हूं। तुम जो

[88:37]

कमाओगे, जीएसटी वगैरह भरोगे, जो टैक्स

[88:39]

वगैरह इतना कलेक्ट कराओगे, डिमांड बढ़ेगी।

[88:41]

मैं उससे कमा लूंगा।

[88:43]

दिस इज़ अ कंप्लीटली डिफरेंट मॉडल। मैं

[88:45]

नहीं कह रहा सही है या गलत है बट एटलीस्ट

[88:47]

अ फ्रेश डिफरेंट अप्रोच टू द स्टफ

[88:50]

आई डोंट आई डोंट नो एंड आई डोंट हैव

[88:53]

मैं भी कह रहा हूं

[88:54]

मैं भी कह रहा हूं आई डोंट स्टैंडिंग ऑफ

[88:55]

इकोनॉमिक्स एंड कंट्री टू मे बी इविल

[88:58]

मैं भी नहीं कह रहा दिस

[88:59]

मैं भी नहीं कह रहा कि मुझे सब कुछ पता

[89:01]

है। मैं इतना कह रहा हूं दैट हियर इज़ एन

[89:03]

अल्टरनेट मॉडल दैट साउंड्स लाइक इट मेक्स

[89:06]

सेंस। नाउ थिंग इज़ अभी वाले सिस्टम में

[89:10]

प्रॉब्लम है देन दिस इज़ वन ऑफ़ दी पॉसिबल

[89:11]

सॉलशंस। लेट्स आल्सो हैव एक्टिव डिस्कशंस

[89:14]

कि और क्या-क्या सॉल्यूशन हो सकते हैं। वी

[89:16]

हैव व्हिच हम ये जो इनफिशिएंसीज हमने यहां

[89:18]

क्रिएट कर दिए उसको हम एड्रेस कर पाएं। आज

[89:20]

के दिन वो नहीं हो रही है। दैट्स अ बिग

[89:22]

प्रॉब्लम। आप जरा सोच के देखिए ना। इसके

[89:25]

रेपकेशंस खाली इतने नहीं होते और भी होते

[89:27]

हैं।

[89:27]

हम एक मैं हमेशा पायलट्स का एक एग्जांपल

[89:30]

देता हूं। राइट? एक इंडियन पायलट है और एक

[89:33]

आपका एक इंडियन पायलट है और एक आपका यूएई

[89:36]

या यूएस में बैठा हुआ एक इंडियन पायलट है

[89:37]

जो वहां पे उड़ा रहा है। सबसे पहला तो

[89:39]

उसके लिए इंसेंटिव है कि वो वहां पे उड़ाए

[89:41]

क्योंकि इंडिया में मोस्टली आपके नैरो

[89:42]

बॉडी प्लेेंस होते हैं। वहां पे आपके वाइट

[89:43]

बॉडी होते हैं। उसका पैसा ज्यादा उसको

[89:45]

मिलता है। नंबर टू यहां पे वो जो कमाता है

[89:47]

उसका लगभग 30- 40% सरकार इनकम टैक्स ले

[89:49]

जाती है। वहां पे है ही नहीं।

[89:51]

किधर?

[89:51]

यूएई में।

[89:52]

ओके।

[89:53]

राइट? यूएई में, कतर में, सऊदी में वहां

[89:55]

पे वो टैक्स ही नहीं है।

[89:56]

या

[89:56]

यहां पे आपका 30% तो सरकार लेगी। पहली बात

[89:58]

आप छोटा प्लेन उड़ा रहे हो तो वैसे ही

[90:00]

कमाई कम ऊपर से जो कमाई उसका 30% सरकार

[90:02]

ऐसे ले गई ऊपर से उस जो पैसा बचा उससे जो

[90:05]

खर्चे करोगे उसका 15 20% और आप सरकार को

[90:09]

दे दोगे कैसे पेट्रोल में टैक्स है या फिर

[90:13]

आपका ये जो आप सामान खरीदते हो उसके

[90:14]

जीएसटी लग जाता है करके इन द एंड वहां पे

[90:17]

तो वो वाला भी नहीं है वट वुड कुछ

[90:19]

एग्ज़िस्ट नहीं करता जीएसटी वहां

[90:20]

एग्ज़िस्ट नहीं करता एक जगह आप ज्यादा कमा

[90:22]

रहे हो पूरा अपने पास रख रहे हो एक जगह आप

[90:24]

जो कमा रहे हो उसका घुमा फिरा के आप 45 टू

[90:27]

तो 50% अपने हिसाब से आप रखते हो और वो भी

[90:30]

कम कमा रहे हो। वेयर इज़ द इंसेंटिव?

[90:33]

टैलेंट वहां जाएगा। वो यहां रुकेगा ही

[90:34]

नहीं। दिस इज़ अनदर प्रॉब्लम दैट दिस

[90:36]

एंटायर स्ट्रक्चर क्रिएट्स?

[90:38]

हो रहा है ऑलरेडी।

[90:39]

ऑलरेडी हो रहा है। अक्रॉस सेक्टर्स हो रहा

[90:40]

है। नाउ हाउ इज़ दिस सर्विंग इंडिया एस

[90:43]

इंटरेस्ट।

[90:48]

तो थ्योरी है। ऐसे और भी सॉलशंस हो सकते

[90:50]

हैं। बट वी हैव टू हैव एक्टिव डिस्कशंस ऑन

[90:52]

इट। कि ओके ये प्रॉब्लम तो है। इसको सॉल्व

[90:54]

तो करना पड़ेगा।

[90:56]

तो मैंने एक पोस्ट लिखा कि यार चाइना ने

[90:59]

इसका एक सशन निकाला हम

[91:01]

दैट हम चाहते हैं लोग बाहर जाए हम

[91:04]

व्हाई हम उतने एडवांस नहीं है ये चीज आज

[91:07]

से 10 12 साल पहले की है व्हेन दे ल्च अ

[91:09]

प्रोग्राम कॉल्ड सी टर्टल्स प्रोग्राम या

[91:10]

फिर थाउजेंड टैलेंट्स प्रोग्राम ये सब सी

[91:14]

टर्टल स्ट्रेटजी की सी टर्टल का स्ट्रेटजी

[91:15]

आपको पता है क्या होता है कछुए जो होते

[91:17]

हैं समुद्री कछुए जब वो पैदा होते हैं

[91:19]

थोड़े से बड़े होते हैं ना उनकी मां जो

[91:21]

होती है वो उनको समुंदर में छोड़ देती है

[91:23]

उनकी खासियत है वो दुनिया भर में घूम फिर

[91:24]

के पांच छ सात सात साल दुनिया भर के

[91:26]

समुंदर में घूम फिर के वापस वहीं पे आ

[91:28]

जाते हैं। पता नहीं कैसे आते हैं। बट वो

[91:30]

जब आते हैं वो मैच्योर ग्रोन अप टर्टल्स

[91:32]

हो चुके हैं। उनके हर तरह के रफॉर्स में

[91:33]

जीना उनको आ चुका होता है। चाइना की सी

[91:36]

टेट स्ट्रेटजी ये थी। लेट पीपल गो आउट।

[91:39]

बिकॉज़ हमारे पास वो टेक नहीं है। वो

[91:41]

टैलेंट नहीं है। वो स्किल सेट्स नहीं है।

[91:42]

वो पढ़ाई नहीं है जो कि बाहर है। उनको बाहर

[91:44]

जाने दो। उन्हें सीखने दो। उन्हें काम

[91:47]

वहां करने दो। लेट देम लर्न।

[91:51]

एंड देन उनको वापस ले आएंगे। कैसे ले

[91:53]

आएंगे? गिव देम टैक्स ब्रिक्स,

[91:57]

गिव देम सब्सिडाइज हाउसेस।

[92:00]

गिव देम रिसर्च ग्रांट्स।

[92:03]

हमारी तरह नहीं कि रिसर्च ग्रांट के नाम

[92:04]

पे हम स्टार्टअप्स को ₹1 लाख देते हैं।

[92:06]

वहां पे मिलियंस ऑफ़ डॉलर्स में बात होती

[92:08]

है। डिपेंडिंग कि उस प्रोजेक्ट की नीड है।

[92:10]

यहां पे तो किसी को और आपने ₹1 करोड़ दे

[92:12]

पहले तो सवाल आएंगे। आपकी जरूर कोई ना कोई

[92:14]

लिंक होगा। ये वो वो अलग डिबेट हो जाती

[92:16]

है। सो मैंने जब ये पोस्ट लिखा कि वी

[92:18]

आल्सो नीड टू डू दिस। लोगों ने उसको अलग

[92:20]

एंगल में ले लिया। कि तुम तो स्कीम दे रहे

[92:23]

हो लोगों को और भगाने की कि चलो बाहर जाते

[92:25]

हैं। 5 साल बाद लौट के आ जाएंगे। सरकार

[92:27]

हमसे टैक्स भी नहीं लेगी। अगले 10 साल घर

[92:29]

भी सब्सिडाइज पे देगी। आई एम लाइक अरे

[92:31]

नहीं यार इट्स अबाउट इंश्योरिंग कि बाहर

[92:33]

जो टैलेंट जो हमारे पास है ना उसको वापस

[92:34]

लाना है। आप जरा सोच के देखो डिपेंड करता

[92:36]

है आप कौन से न्यूज़ रिपोर्ट पे बिलीव

[92:38]

करते हो। कोई कहता है किसी का सर्वे बोलता

[92:39]

है कि 40% ऑफ़ आईटी बॉम्बे के ग्रेजुएट्स

[92:41]

हर साल निकल के फॉरेन चले जाते हैं। कोई

[92:43]

बोलता है कि 60% जाते हैं।

[92:47]

अब आधे लोग हमारे देश के बोलते हैं ये तो

[92:49]

गद्दार हैं। क्यों? इनको इतनी सब्सिडी दे

[92:52]

के सब कुछ हमने हमारे पैसे से इनको पढ़ाया

[92:54]

लिखा है। ये तो छोड़ के चले गए।

[92:57]

उनका अपना बच्चा होता है ना। वो खुद बोलते

[92:59]

हैं बेटे चले जा। तेरे को Facebook ज्यादा

[93:01]

दे रही है। ये तो मानते हो आप। राइट?

[93:04]

सेकंड थिंग इज अगर वो जा रहा है दैट्स

[93:07]

बिकॉज़ उसको वहां पर अपॉर्चुनिटी मिल रही

[93:10]

है। वी शुड एम्ब्रेस दैट एंड इंश्योर कि

[93:12]

ओके वो जो गया है वहां पे वो सीख रहा है।

[93:14]

हमें ऐसा कोई सिस्टम बनाना पड़ेगा। कोई

[93:16]

प्रोग्राम ऐसे जैसे चाइना ने बनाया कि 5

[93:18]

10 साल के एक्सपीरियंस के बाद हम उसको

[93:20]

यहां वापस लेके आ सके।

[93:22]

वी आर नॉट डूइंग दैट।

[93:25]

चाइना हैज़ गॉन अ लेवल अहेड।

[93:28]

अभी एक पोलिश एक केमिकल साइंटिस्ट हैं,

[93:31]

केमिस्ट हैं जिनका नाम तीन बार नोबेल

[93:35]

प्राइज के लिए भी रेकमेंड हुआ है। उनका

[93:36]

नाम बड़ा अजीब सा है। मैं ले ही नहीं

[93:38]

पाऊंगा। बट मैं आपसे शेयर कर दूंगा। आप

[93:40]

चाहे तो उनकी फोटो यहां पे डाल सकते हो।

[93:42]

सो दिस गाय पुलिस थे। कनाडा यूएस में कई

[93:47]

साल पढ़ाया। फिर कनाडा जाके कनाडा रॉयल

[93:49]

सोसाइटी के मतलब कि वन ऑफ द मोस्ट

[93:51]

एक्रेडिटेड आदमी बने। कनाडा का हाईएस्ट जो

[93:53]

ओनर है फॉर केमिस्ट्री वो उनको मिला

[93:56]

एवरीथिंग। चाइना भी उनको पोज करके ले आया

[93:59]

है। उनको प्रोफेसर बना दिया अपने यहां पे।

[94:02]

दिस गाय हैज़ बीन साइटेड इन 88 थाउजेंड

[94:07]

प्लस रिसर्च पेपर्स। दिस इज नो जोक।

[94:11]

वेस्ट से उठा के लेके गए हैं। कोई रोक

[94:14]

नहीं पाया। चाइना के पास उसके लिए

[94:16]

प्रोग्राम्स हैं। हमारे पास इसके लिए नहीं

[94:18]

कि हम अपने ही लोगों को वापस ले आ रहे

[94:20]

हैं।

[94:23]

या तो आप टैक्सेस हटा दो और ये सब करो एंड

[94:26]

कमट ऑन दैट लेवल। हम

[94:28]

अगर नहीं कर सकते हो तो फिर ये करना

[94:29]

पड़ेगा कि जो गए हैं उनको वापस लाना

[94:31]

पड़ेगा ये करके कि आप कोई वैल्यू ऐड करने

[94:34]

के लिए यहां पे आ रहे हो। आप बाहर से सीख

[94:35]

के कुछ एक्स्ट्रा लिख रहे हो जो इंडिया

[94:36]

में नहीं था। आई एम रेडी टू गिव यू

[94:38]

एक्स्ट्रा। हमने पहले किया ये आजकल एक

[94:41]

ट्रेंड है ना कि कुछ भी हो तो नेहरू जी के

[94:43]

टाइम ऐसे हुआ था। मैं बोलता हूं कि यार

[94:44]

उसी जमाने में ऐसा भी हुआ था कि एक आदमी

[94:46]

थे वर्गज़ कुरियन। उनको सरकार के पैसे से

[94:49]

बाहर भेजा गया था। पढ़ाया लिखाया गया। सब

[94:50]

कुछ किया गया। वापस से उन्होंने अमूल बना

[94:52]

दिया।

[94:54]

व्हाई आर वी नॉट बिल्डिंग मोर वर्गज़

[94:55]

कुरियंस टुडे? लेट्स बिल्ड दैट। सरकार के

[94:58]

पैसे उन्हें पढ़ा लिखा के आईआईटी बॉम्बे

[94:59]

आईआईटी दिल्ली आईटी खरगपुर ये वो हर जगह

[95:01]

से अच्छा लेवल कौन एजुकेशन बना दिया गया

[95:03]

है कि वो दुनिया के लिए अच्छे रिसोर्सेज

[95:05]

बन जाते हैं। बाहर जाके फिर वो अपना और

[95:07]

एमबीए या फिर जो भी एमटेक और बाकी चीजें

[95:10]

करते हैं और बेटर बनते हैं। उसके बाद वापस

[95:12]

लाने का स्कीम कहां गया? लेट्स बिल्ड दैट।

[95:15]

उनको वापस लेके आओगे ना तो पता है क्या

[95:17]

होगा? वो लोग वहां पे जो इतने स्टार्टअप्स

[95:20]

बना रहे हैं वो नई टेक्नोलॉजी बना रहे

[95:22]

हैं। यहां पे होगा। मेरे को इतना फनी लगता

[95:23]

है। मेटा का अभी लास्ट ईयर बड़ा न्यूज़

[95:25]

आया था। आपने सुना होगा कि ज़करबर्ग वास

[95:28]

गिविंग पीपल 400 मिलियन डॉलर का पैकेज, $

[95:30]

बिलियन डॉलर का पैकेज। वो लिस्ट बाद में

[95:33]

आई थी। टोटल 36 लोग थे। 36 में से 11 और

[95:37]

12 वर इंडियंस रेस्ट वर ऑल पीपल ऑफ़ चाइनीज़

[95:40]

ओरिजिंस। नो पाकिस्तानीज़, नो मिडिल

[95:43]

ईस्टर्न ये वो कोई नहीं। लिटरली इंडियन

[95:45]

एंड चाइनीज़ ओरिजिन पीपल।

[95:49]

नाउ चाइना हैज़ एन एक्टिव प्रोग्राम टू

[95:50]

पोस्ट दीज़ पीपल बैक। इंडिया का कहां पे

[95:52]

है? तो लेट्स से यू आर टॉकिंग अबाउट

[95:55]

क्राइसिस। ओके? अनदर क्राइसिस जो नोट्स

[95:59]

में मैं पढ़ रहा था वास अबाउट

[96:00]

माइक्रोफेंस।

[96:02]

ये क्या क्राइसिस है?

[96:03]

क्राइसिस नहीं है यार मेरे को

[96:05]

वाइट बट यू यू से समथिंग कि

[96:08]

कर्नाटका और तमिलनाडु में जो अभी हो रहा

[96:10]

है वो आंध्र प्रदेश में पहले हो चुका है

[96:13]

2010 में। व्हाट इज अ माइक्रो फाइनेंस

[96:15]

क्राइसिस जो हो रहा है।

[96:16]

मेरा मानना है कि माइक्रो फाइनेंस

[96:18]

क्राइसिस बोलना हमेशा गलत है। लोगों को

[96:20]

समझ में नहीं आता कि माइक्रोफेंस इंडिया

[96:21]

में 14 अलग इंडस्ट्रीज हैं। 14 का मतलब है

[96:23]

कि हर स्टेट में अलग आ रही है।

[96:25]

ठीक है?

[96:25]

सो पहली बात देखो

[96:29]

जिनको नहीं पता

[96:30]

हम

[96:30]

लगभग 45% ऑफ इंडिया का जो टोटल

[96:33]

माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री है दैट इज इन

[96:34]

टर्म्स ऑफ अमाउंट ऑफ लोंस।

[96:36]

हम

[96:37]

दैट इज जस्ट थ्री स्टेट्स।

[96:39]

तमिलनाडु, कर्नाटका, बिहार।

[96:44]

पूरा माइक्रो फाइनेंस वहीं जाता है। 45%

[96:47]

मतलब तीन स्टेज

[96:48]

हाफ ऑफ इट ऑलमोस्ट।

[96:49]

ठीक है? और माइक्रो फाइनेंस होता क्या है?

[96:51]

पहले सिंपल लैंग्वेज में सुन।

[96:53]

सो देखो माइक्रोफेंस ऐसे समझिए छोटे-छोटे

[96:55]

लोंस। ठीक है? फॉर एग्जांपल

[96:58]

आप एक

[97:00]

नॉर्मल छोटे से घर में रहते हैं। एकदम

[97:02]

झुग्गी झोपड़ी वाले। आप सोचते हैं कि यार

[97:04]

मेरे को ना व्यापार करना है। मैं अपना खुद

[97:06]

के पान का एक मैं छोटा सा एक ठेला लगाना

[97:08]

चाहता हूं। जहां पे पान बेचूंगा और एक दो

[97:11]

चीजें रखूंगा। ट्रॉफी वफी रख लूंगा

[97:13]

एटसेट्रा उसके लिए मुझे कितना चाहिए 11000

[97:16]

12000 15000 का लोन चाहिए दैट इज अ

[97:19]

माइक्रो लोन लेकिन आप एक ऐसी कैटेगरी में

[97:21]

हो जिसको लोन देने में कोई भरोसा नहीं

[97:24]

आदमी भाग ही जाए

[97:24]

हम

[97:25]

तो ऐसे आदमी को बैंक्स तो लोन देते ही

[97:27]

नहीं है एनबीएफसी भी लोन नहीं देती है

[97:28]

तो कौन देगा तो वहां पे आते हैं बहुत

[97:31]

ज्यादा रिस्क टेकिंग एबिलिटी रखने वाले

[97:33]

माइक्रोफेंस इंस्टीट्यूशन जो बोलते हैं हम

[97:34]

देंगे लेकिन यहां पे इंटरेस्ट आपके जाते

[97:36]

हैं 24% 36% 30% बहुत ज्यादा

[97:40]

एग्जोर्बिटेंट होते हैं बट अगर अगर आप

[97:42]

ऑफलाइन इनफॉर्मल मार्केट से देखो जहां पे

[97:45]

रेट्स आपके 50 60 100% तक चले जाते हैं

[97:47]

साल के उससे बहुत बेटर है

[97:49]

हम

[97:49]

तो ये चलता है यहां पे बहुत ज्यादा आपका

[97:51]

वो वाला मॉडल भी चलता है कि कुछ लोग मिलके

[97:53]

लोन ले लेते हैं कि वो वाला एग्रीमेंट

[97:55]

होता है कि बेसिकली इससे सोचिए ना कि

[97:58]

हमारा सोसाइटी जो है एक सोशल स्ट्रक्चर

[98:00]

इसका आज भी बहुत स्ट्रांग है। एक होता है

[98:01]

ना कि राज और मैं पड़ोस में रहते हैं। अब

[98:04]

मैंने एक लोन लिया मैंने चुकाया नहीं। हम

[98:07]

तो राज की फैमिली तो ऑलवेज अरे यह तो

[98:09]

फ्रॉड है। यह तो लोन लेके भाग जाते हैं।

[98:12]

राइट? इस मॉडल में क्या चलता है? तीन चार

[98:16]

लोगों को क्लब कर दो। अगर इसने नहीं

[98:18]

चुकाया तो वो चुकाएगा। जो चुकाएगा वो

[98:20]

गालियां देगा। अबे पैसे तूने लिए, मैं

[98:23]

चुका रहा हूं। पता है तेरे को? वहां रहना

[98:26]

मुश्किल कर देते हैं। इस तरह की चीजें

[98:28]

होती हैं जिसके थ्रू पूरा इंडस्ट्री चलता

[98:29]

है। बहुत सारे इसमें और भी फैसेट्स हैं।

[98:31]

मैं बहुत सिंपलीफाई करके बता रहा हूं। फिर

[98:32]

तो इन लोगों को जब कर्जा चाहिए तो ये लोग

[98:34]

माइक्रोफेंस के पास जाते हैं। अब

[98:36]

माइक्रोफाइनेंस

[98:37]

जैसा मैं कह रहा था 45% ऑफ़ द लोोंस टोटल

[98:40]

जो हैं वो घुमा फिरा के तीन स्टेट्स में

[98:42]

है।

[98:43]

तमिलनाडु, कर्नाटका, बिहार

[98:44]

और 62% ऑफ़ द जो एनपीए जो है डिलिंग जो हुई

[98:47]

है आपकी वो अगेन आपके तीन स्टेट्स में है।

[98:50]

तमिलनाडु, बिहार एंड उत्तर प्रदेश। उत्तर

[98:53]

प्रदेश आपका टॉप थ्री में तो आता नहीं है

[98:54]

लोंस में। लेकिन एनपीए में आ रहा है। इसका

[98:56]

मतलब क्या हुआ?

[98:57]

कि वहां लोग लोन लेते हैं। देते ही नहीं

[98:59]

है वहां पे।

[98:59]

ज्यादा है वहां पे केसेस। इसी वजह से अभी

[99:01]

कुछ समय पहले आरबीआई ने एक्चुअल में यह तक

[99:03]

कहा कि पूरी इंडस्ट्री को मैसेज था।

[99:05]

एक्चुअल में यह ऑफिशियल था स्लो डाउन इन

[99:08]

यूपी एनबीआर एमएफआई के लिए बिकॉज़ दिस इज़

[99:12]

नॉट रियली वर्किंग आउट फॉर यू। पर

[99:14]

2023 में था। 2025 में उन्होंने वापस

[99:16]

रिलीज़ कर दिया।

[99:18]

सी एक बार चीज़ सेटल होने लग जाती है।

[99:20]

नंबर्स बेटर होने जाते हैं तो आरबीआई फिर

[99:21]

वापस कहता है कि ठीक है नाउ थिंग्स आर

[99:22]

बेटर गेट बैक टू जॉब। बट कहीं पे भी अगर

[99:24]

बबल अगर बनने लगता है आरबीआई कम्स इंटू

[99:26]

इंटरवीन। नाउ पॉइंट इज दैट ये तीन स्टेट्स

[99:29]

हैं। राइट? उसके अलावा भी बहुत सारे स्टेट

[99:32]

जहां पर माइक्रोफेंस चलता है। हर स्टेट की

[99:33]

अलग कहानी चल रही है। एंड सबसे बड़ी तकलीफ

[99:36]

ये है माइक्रो फाइनेंस इंडस्ट्री में

[99:38]

मेजरिटी ऑफ़ द प्लेयर्स आर कंसंट्रेटेड। Bन

[99:41]

बैंक का नाम आपने सुना है कभी? Bन बैंक

[99:44]

माइक्रोफेंस से बहुत बड़ा प्लेयर।

[99:46]

ओके। पूरा कंसंट्रेशन मेजरली आपका आज से 5

[99:50]

साल तक 5 साल पहले तक खाली दो जगह था।

[99:52]

वेस्ट बंगाल एंड आसाम। धीरे-धीरे अब वो

[99:55]

क्राइसिस ऐसी कुछ हुई जो अभी मैं आपको

[99:56]

बताऊंगा जिसके उन्होंने डवर्सिफाई करना

[99:58]

शुरू किया। लेकिन आज भी मेजरली आपका वेस्ट

[100:00]

बंगाल एंड आसाम है। अब होता क्या है? जैसे

[100:02]

अभी इलेक्शन आया ना आसाम वेस्ट बंगाल एक

[100:04]

साथ हुआ उस टाइम भी एक साथ आए। इनके दोनों

[100:06]

मेजर मार्केट्स एक साथ आते हैं इलेक्शंस।

[100:08]

दोनों जगह जो पॉलिटिकल पार्टीज हैं एक साथ

[100:10]

अनाउंस कर देती है। अगर हम जीते तो ये जो

[100:14]

माइक्रो फाइनेंस वाले लोंस हैं हम लोन

[100:15]

वेवर दे देंगे। इलेक्शन होने में 6 महीने

[100:18]

हैं। लोन वेवर का अनाउंस होते ही क्या

[100:19]

होता है? लोग जो हैं हम लोग क्या बोलते

[100:21]

हैं? सरकार आएगी चुकाएगी। हम क्यों पागल

[100:23]

हैं ईएमआई भर रहे हैं? हम बंद कर देते

[100:25]

हैं। बैंक को तो वेट था ना कि पैसा आएगा।

[100:28]

बैंक की हालत अब टाइट हो रही है। कक्शंस

[100:30]

उनके जम के ड्रॉप होते हैं। फिर आप गुंडे

[100:32]

भेजो कुछ करो। कुछ नहीं काम चलता। कलेक्शन

[100:35]

एजेंट्स आप बेचते रहो। गुंडों का जो

[100:36]

सोफिस्टिकेटेड वर्ड है। बट नहीं चलता फिर

[100:39]

वो सिस्टम।

[100:40]

क्योंकि सरकार ने बोल दिया है। रादर अगर

[100:42]

आप ज्यादा एक्शन ले लो

[100:44]

हम

[100:44]

तो सरकार ही आपके ऊपर क्रैक डाउन कर देगी।

[100:46]

क्योंकि उनके लिए भी अब वो पॉलिटिकली

[100:47]

सेंसिटिव मैटर है। इलेक्शन आ रहे हैं।

[100:48]

मैंने बोला मैं दूंगा।

[100:50]

फिर होता है इलेक्शन होता है। ऐसा तो है

[100:52]

नहीं कि इलेक्शन हुआ और अगले दिन भैया

[100:54]

बैंक के पास पैसे पहुंच गए। फिर कुछ समय

[100:56]

निकलता है। तब जाकर के अब बैंक बैंक वाले

[100:59]

भी पीछे पड़ती है कि सर अब तो दे दो अब तो

[101:01]

दे दो। तो हमारी सरकारें फिर क्या करती

[101:03]

है? फिर निकालती है पॉलिसी। अच्छा ठीक है

[101:05]

अब हम ये देंगे।

[101:07]

सॉल्यूशन एक ही है।

[101:08]

हम

[101:10]

और इंडस्ट्रीज लाइए और इकोनमिक एक्टिविटी

[101:12]

बढ़ाइए कि ये जो लोग हैं

[101:14]

से बात कर रहे हैं।

[101:15]

बेसिक्स बेसिक्स वही है। हर चीज का निवारण

[101:17]

वही है कि अच्छी पढ़ाई कराओ। लोगों को

[101:19]

अपॉर्चुनिटीज दो इन वहीं पर आ जाते हैं।

[101:22]

व्हाट इज द थर्ड प्रेडिक्शन जो हमने कवर

[101:24]

नहीं किया।

[101:25]

यार थर्ड मेरा जो प्रेडिक्शन है दैट इज

[101:27]

बेसिकली कि लोग जो इतना कर रहे हैं ना कि

[101:29]

एआई से आईटी सेक्टर में ये होगा वो होगा।

[101:31]

कुछ लोग बोलते हैं कि कुछ नहीं होगा। कुछ

[101:33]

लोग बोलते हैं कि

[101:36]

कुछ लोग दिस इज़ योर थर्ड प्रेडिक्शन। ओके।

[101:40]

सो प्रेडिक्शन नंबर थ्री इज़ दैट एआई से

[101:42]

खाली आईटी सेक्टर की जॉब्स नहीं जाएंगी।

[101:44]

और भी बहुत सारी जॉब्संगी और जो लोग सोचते

[101:46]

हैं कि आईटी सेक्टर में इतना इंपैक्ट नहीं

[101:47]

आएगा बहुत बड़ा इंपैक्ट आएगा जी बहुत बड़ा

[101:50]

एंड मेरे को खुशी नहीं हो रही है बोलते

[101:51]

हैं लेकिन अगेन समथिंग दैट वी रियली नीड

[101:53]

टू थिंक अबाउट सिर्फ आईटी की जॉब्स नहीं

[101:55]

जाएंगी या

[101:56]

बहुत लोगों की जॉब जाएगी

[101:57]

अरे लोग एक ना समझ नहीं पाते कि यार आईटी

[101:59]

सेक्टर उतना बड़ा नहीं है इन टर्म्स ऑफ

[102:01]

नंबर ऑफ पीपल

[102:03]

हिंदुस्तान का जो वर्किंग पापुलेशन है दैट

[102:07]

इज अबाउट 62 करोड़ पीपल हम

[102:11]

हिंदुस्तान का वो पपुलेशन जो कि आईटी

[102:13]

सेक्टर में काम करता

[102:14]

इंडिया के जो आपके बड़े-बड़े आईटी जॉइंट्स

[102:16]

हैं राइट TCS ये वो पूरा जो आईटी सेक्टर

[102:18]

है TCS Infosys, Tech Mahindra, WPRO ये

[102:21]

वो अशोक सूट जी का अशोक सुटा जी का आपका

[102:24]

ये हैप्पीएस्ट माइंड्स है, केपीआईटी है,

[102:26]

बिरला सॉफ्ट है। कितने लोग हैं इसमें?

[102:29]

घुमा फिरा के 19 से 20 लाख लोग इसमें काम

[102:31]

करते हैं। ठीक है?

[102:33]

उसके बाद आपके जीसीस हैं जो कि ग्लोबल

[102:35]

कैपिटल सेंटर्स हैं कि एमx जो कि अमेरिकन

[102:37]

एक्सप्रेस है। उसने खुद कहा कि गुड़गांव

[102:38]

में अपना एक बड़ा सा सेंटर खोल लिया और भी

[102:41]

बहुत सारे खोल रहे हैं। तो बोइंग वालों ने

[102:44]

अपना एक सेंटर खोल आरडी का बोर में

[102:46]

एसेट्रा इसमें कितने लोग हैं लगभग 25 लाख

[102:48]

लोग हैं बाकी भी और होंगे छोटे-मोटे आईटी

[102:51]

वाले बहुत सारे कितने लोग होंगे सब में

[102:53]

मिला के 60 लाख लोग 1% ऑफ़ द टोटल वर्क

[102:57]

फोर्स ऑफ कोर्स दिस 1% अर्न्स अ लॉट मोर

[103:00]

वर्सेस अदर पीपल बट इन टर्म्स ऑफ़ पीपल

[103:03]

एक्स जस्ट 1% हम

[103:04]

हम एआई का इंपैक्ट पहली बात तो बहुत लोग

[103:06]

बोलते हैं कि इस पे ज्यादा इंपैक्ट आएगा

[103:07]

नहीं मैं बोलता हूं बहुत आएगा वो एक

[103:09]

सेपरेट पूरा डिस्कशन अभी वो भी करेंगे

[103:10]

मोरेंटली असली एआई का इंपैक्ट तो इसके

[103:13]

बाहर आ रहा है। हम उसकी बात ही नहीं करते।

[103:18]

चाइना वापस एक बार वहां लेके जाऊंगा।

[103:20]

आपने वीडियो जरूर देखी होगी। चाइना में

[103:23]

बंदा था जो कि होटल जाता है।

[103:24]

होटल में है। वो कुछ ऑर्डर करता है। वो

[103:27]

गेट खोलता है जब बेल बजती है। वो गेट

[103:29]

खोलता है देखता है कि अरे कोई सामान लेके

[103:31]

वैसे नहीं आया है। इट्स अ रोबोट। हम इट्स

[103:35]

अ रोबोटिक फ्रिज या फिर जो भी आप कह लो

[103:37]

टेंपरेचर कंट्रोल जो भी यूनिट वह अपने आप

[103:40]

ऐसे खुलता है एंड आपका वह ट्रे बाहर आ

[103:41]

जाता है। यू कैन पिक इट अप। व्हाट डिड दे

[103:44]

डू? उनके पास एक एजिंग सोसाइटी है जहां पे

[103:46]

लेबर की शॉर्टेज है। लेबर को ही रोबोटिक्स

[103:49]

से पूरा रिप्लेस कर दिया। एफिशिएंसीज आर

[103:52]

एनॉर्मस। कोई लेबर की झगझिक नहीं कुछ

[103:54]

नहीं। सून और लेटर दैट विल हैपन इन इंडिया

[103:58]

एज वेल। आपको लगता है ताजवाले नहीं

[104:00]

करेंगे। ओबेरॉय नहीं करेंगे। आईएcएल नहीं

[104:03]

करेगा, आईटीसी होटल्स नहीं करेगा, लीला

[104:05]

वाले नहीं करेंगे। सब करेंगे। ब्लूम वाले

[104:07]

नहीं करेंगे जो ब्लूम मैं तो अभी चलो टियर

[104:10]

वन होटल्स की बात किया जो आप एक नीचे लेवल

[104:12]

भी आओ जो कि आपका हम लोग जिसमें यूजली मैं

[104:14]

तो रह लेता हूं ब्लूम और ट्रीबो हो गया

[104:18]

ताज वालों की सॉरी ये आईएसएल जो टाटा

[104:20]

ग्रुप है उन्हीं की और जिंजर नाम से होटल

[104:22]

है। ये लोग नहीं करेंगे सब करेंगे। किनकी

[104:24]

नौकरियां यहां जाएगी वेटर्स की सर्वर्स की

[104:29]

कितने हैं इंडिया में? दिस इज अ ह्यूज

[104:31]

अमाउंट ऑफ एंप्लॉयमेंट दैट्स गोइंग टू बी

[104:34]

हिट।

[104:36]

हमारे यहां पर India पोस्ट जम के लॉसेस

[104:38]

करता है। क्यों लॉसेस करता है? बाय डिज़

[104:41]

नहीं है। इट्स बेसिकली नॉट एन ऑप्शन।

[104:44]

इंडिया पोस्ट का दायित्व क्या है? एक

[104:45]

सरकारी कंपनी है जो कि बोलती है कि यार आप

[104:48]

देश के किसी भी कोने में रहते हो। चाहे

[104:50]

वहां खाली आपका अपना घर हो। अगर कोई

[104:51]

चिट्ठी आएगी हम आपको पहुंचाएंगे। कोई

[104:53]

पार्सल आएगा हम आपको पहुंचाएंगे। वो हमारी

[104:56]

रिस्पांसिबिलिटी है। अब ऑफ कोर्स है ना

[104:58]

अगर आप वैसी जगह पहुंचाओगे आप प्रॉफिटेबली

[105:00]

नहीं कर सकते।

[105:01]

व्हाट डिड चाइना डू?

[105:04]

देयर आर लिटरली रोबोट वैस कोई ड्राइवर

[105:07]

नहीं होता उसमें। वो भरभर के सो मेजॉरिटी

[105:11]

ऑफ़ चाइनास इकोनमिक एक्टिविटी हैपेंस ऑन द

[105:13]

ईस्ट कोस्ट।

[105:13]

हम

[105:14]

जहां पे बेजिंग, शंगाई ये वो और थोड़ा सा

[105:16]

साउथ साइड पे होता है। व्हेन यू एज यू गो

[105:18]

नॉर्थ और द वेस्ट वहां पे नहीं होती

[105:20]

एक्टिविटी। शिजियांग बारे में अब होने लगा

[105:21]

है। पहले ज्यादा नहीं था। तो वहां पे ऑफ

[105:23]

कोर्स लोग भी कम रहते हैं। एरिया इतना

[105:26]

ज़्यादा बहुत कम डेंसिटी

[105:28]

वहां पे अगर अब आप चाइना पोस्ट की बात करो

[105:30]

इट्स नॉट ऐज़ इकोनॉमिकल टु सर्विस देम

[105:32]

लॉसेस वो भी करते थे दे हैव नाउ डिप्लॉयड

[105:35]

दीज़ ऑटोनॉमस ट्रक्स वीडियोस है प्लीज आप

[105:38]

जाके सर्च करो चाइना पोस्ट के ट्रक्स

[105:40]

ऑटोनॉमस खाली इतना Google करो YouTube पे

[105:43]

देख लेना आपको दिखेगा वो ऑटोमेटिकली चल

[105:46]

रही हैं दे हैव सेव्ड सो मच ऑन द कॉस्ट

[105:49]

ड्रोंस हैं जो कि माउंटेनियस है तो ड्रोंस

[105:52]

के थ्रू कर रहे हैं दीज़ आर ऑटोनॉमस ड्रोंस

[105:57]

हमें लगता है ना कि यार sविg Zomato

[106:00]

इन्होंने देखो डिलीवरी का कितना कमाल का

[106:02]

काम कर दिया वो व्हेन यू गो टू वहान इन

[106:05]

चाइना जिसको बोलते हैं ना वहां से कोविड

[106:07]

निकला था एटसेट्रा यू गो टू हेई यू गो टू

[106:11]

आर्न हुई व्हेन पीपल ऑर्डर स्टफ

[106:15]

बहुत बार होता है कोई देने आता है बट इन अ

[106:18]

लॉट ऑफ़ पॉकेट्स नाउ देयर आर डेडिकेटेड

[106:20]

ज़ों्स इन एव्री सोसाइटी जहां पे एक बंदा

[106:22]

बैठा है वहां पे अपने आप छत के ऊपर पूरा

[106:25]

इंफ्रास्ट्रक्चर वैसे बनाया है। उड़ के एक

[106:27]

पूरा ड्रोन आता है। वो उस पॉट पे बिल्कुल

[106:29]

बैठता है। मशीन सीधा सामान को नीचे खींचती

[106:31]

है। उस आदमी को देती है जाके डिलीवर कराओ।

[106:34]

कितना बड़ा कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन है ऑन द

[106:36]

डिलीवरी साइड ऑफ़ थिंग्स। आपको लगता है ये

[106:38]

Instाart वाले, Zepto वाले या फिर Zomato

[106:41]

वाले नहीं करेंगे आने वाले 5 साल में।

[106:43]

ऑफ कोर्स करेंगे।

[106:43]

जब होगा किसकी नौकरी जाने वाली है। दीज़ आर

[106:46]

नॉट आईटी प्रोफेशनल्स। ये वो 60 लाख लोग

[106:50]

नहीं है। उनका तो अलग ही कहानी चलेगी।

[106:53]

दिस इज ब्रॉड बीस्ट अक्रॉस इंडस्ट्रीज

[106:57]

ट्रकिंग इंडस्ट्री यूएस यूरोप लुक एट

[107:00]

चाइना मिडिल ईस्ट में हो रहा है ऑटोनॉमस

[107:02]

ट्रक्स चलने शुरू हो रहे हैं सर

[107:06]

चाइना में दिस इज़ हैपनिंग एट अ नेक्स्ट

[107:08]

लेवल स्केल

[107:10]

फुल फ्लेजर्ड बड़े वाले ट्रक्स उसमें भी

[107:13]

मैं अभी बताता हूं आपको आप वीडियो देखना

[107:14]

इसका यू विल बी माइंड ब्लोन ठीक है ट्रक

[107:16]

चल रहा है जिसमें कोई बैठा नहीं है आइडियल

[107:19]

इंडिया में अगर आपको ट्रक चलाना है हर 8

[107:21]

से 12 घंटे बाद यू नीड अ ड्राइवर चेंज।

[107:23]

आपको हर ट्रक के लिए आपको दो ड्राइवर

[107:24]

चाहिए। आपको चाहिए

[107:25]

दो बंदे वहां बैठते हैं।

[107:26]

इट्स अ कॉस्ट।

[107:28]

दे आर रिप्लेसिंग दैट।

[107:30]

नंबर वन। नंबर टू नाउ व्हाट दे हैव गॉन

[107:32]

फॉर इज़ एक ट्रक चल रहा है। सेंसर्स ऐसे

[107:35]

लगे हुए हैं। उसके पीछे देयर आर फोर मोर।

[107:39]

जिनका काम है पहले वाले के हिसाब से चलना।

[107:43]

सड़क पे ट्रक्स की ट्रेन बना दी है।

[107:45]

पांच-पांच एक साथ चल के जा रही है। आर

[107:47]

लिटल आप वीडियोस देख सकते हो। आप न्यूज़

[107:49]

में पढ़ सकते हो। साउथ चाइना मॉर्निंग

[107:50]

पोस्ट प्लीज लोग पढ़ना शुरू करो। आप पढ़ोगे

[107:52]

पता चलेगा चाइना में क्या हो रहा है।

[107:53]

हमारी मीडिया नहीं बताती है।

[107:56]

यू विल बी माइंड ब्लोन कि वो अपने आपको

[107:58]

कैसे और एफिशिएंट बनाए जा रहे हैं। कॉस्ट

[108:00]

ऑफ लॉजिस्टिक्स वैसे कम होता है।

[108:03]

हम नहीं करेंगे क्या? जिनको लगता है नहीं

[108:06]

करेंगे। कुछ हद तक हम भी शुरू कर रहे हैं।

[108:08]

जितना कर सकते हैं जो हमारी सर्कल अलव

[108:09]

करती है। हमारी सरकार ऑटोनॉमस ट्रक तो अलव

[108:11]

नहीं करती है। तो डिलीवरी ने क्या किया?

[108:13]

ट्रेलर ट्रक शुरू कर दिए। एक बड़ा वाला

[108:16]

ट्रेलर ट्रक है। उसके पीछे जॉइंट एक और

[108:17]

ट्रेलर लगा दिया। वो एक साथ चल रहे हैं

[108:19]

हम। दो ड्राइवर्स की नीड वहां खत्म हो गई

[108:21]

है। सूर और लेटर यहां पर भी ऑर्डर

[108:24]

स्ट्रक्स होंगे ही होंगे। बिकॉज़ हमें

[108:26]

ग्लोबली कॉम्पिटिटिव तो रहना है। कैसे

[108:28]

करोगे?

[108:30]

एआई ये सारी जॉब्स भी खाने वाला है। आईटी

[108:34]

सेक्टर में लोग कई बोलते हैं कि नहीं यार

[108:35]

उतना नहीं होगा एटसेट्रा कुछ नहीं होगा।

[108:37]

हियर इज़ व्हाट इज़ रियली हैपनिंग? Infosys

[108:39]

का एग्जांपल लेते हैं।

[108:41]

दे हायर्ड सम 80,000 पीपल इन अ ईयर।

[108:45]

नेक्स्ट डे दे हायर्ड 50,000 पीपल।

[108:47]

नेक्स्ट ईयर दे हाय सम 13,000 पीपल लास्ट

[108:49]

ईयर देर हेड काउंट रिड्यूस्ड नेट लेवल पर

[108:53]

टीसीएस 57 इयर्स की अपनी हिस्ट्री में 57

[108:56]

ईयर जितने भी इयर्स की उनकी हिस्ट्री है

[108:58]

37 की 57 की दो में से एक नंबर है। दे

[109:00]

नेवर डिड एनी मास लेऑफ्स। किसी को हटाया

[109:04]

तो मतलब कि काम अच्छा नहीं करे। वो सब

[109:06]

हटाना अलग चीज होती है। बट मास ले ऑफ्स

[109:07]

कभी नहीं हुए। लास्ट ईयर ओपन हम 12,000

[109:10]

लोगों को हटाएंगे।

[109:12]

उनका नेट जो हेड काउंट है वो लगभग 24,000

[109:14]

लोगों से कम हुआ। यह मतलब है

[109:17]

बट पॉइंट इज़ 12,000 आने से 24,000 से नेट

[109:19]

हेड काउंट कम हुआ है। मतलब इसका क्या होता

[109:20]

है कि जो लोग वंटरी छोड़ रहे हैं उनको हम

[109:24]

रिप्लेस भी नहीं करना चाह रहे हैं।

[109:27]

एंड दिस इज़ हैपनिंग एट अ टाइम वेयर आपके

[109:29]

मार्जिनस और कंप्रेस हो रहे हैं। व्हाई?

[109:31]

बिकॉज़ क्लाइंट को भी तो पता है ना कि एक

[109:33]

आदमी अब चार का काम कर सकता है। तो मैं

[109:35]

पहले वाले रेट्स क्यों दूंगा?

[109:36]

श्योर।

[109:37]

डील्स आर बीइंग रीनेगोशिएटेड एक्टिवली। जो

[109:40]

रीनेगोशिएट नहीं हो रही है वो डील जो पांच

[109:42]

साल की थी उसको बढ़ा के आठ साल का किया जा

[109:43]

रहा है ताकि क्लाइंट के लिए जस्टिफाई हो

[109:45]

जाए कि भाई वो छोड़ के ना चले जाए। दिस इज

[109:48]

ऑल एआई

[109:48]

अरे हर जगह हो रहा है।

[109:49]

हर जगह हो रहा है।

[109:51]

एवरीवेयर

[109:52]

एंड

[109:52]

इट्स स्केरी।

[109:53]

मैं इस पे इसलिए इतना मैं बात करना पसंद

[109:55]

करता हूं क्योंकि अगर इतने लोगों कीियां

[109:59]

इससे इंपैक्ट होने वाली हैं। वी शुड

[110:02]

एक्चुअली बी प्रमोटिंग मोर एंड मोर

[110:03]

डिस्कोर्स अराउंड इट। क्योंकि उन लोगों को

[110:05]

जिनको अभी एहसास नहीं उनको पता होना चाहिए

[110:07]

कि अच्छा यार हमें भी इसका असर आएगा। वी

[110:09]

नीड टू अपस्किल। हमें कुछ और सोचना पड़ेगा

[110:11]

क्योंकि घर तो हमें भी चलाने हैं। बच्चे

[110:12]

हमारे भी हैं। बड़े बुजुर्ग हमारे घर में

[110:14]

भी हैं। मेरे भी कुछ एंबिशन से कैसे

[110:17]

करूंगा मैं?

[110:18]

बट मैं इसको ओपोरर्चुनिटी जैसे देखता हूं।

[110:21]

फॉर सम पीपल इट इज।

[110:22]

नो नॉट फॉर सम पीपल फॉर एवरीबॉडी। आई थिंक

[110:27]

बहुत लोगों के लिए एक यह एआई का

[110:30]

रेवोल्यूशन एक मोमेंट बन जाएगा कि भाई

[110:34]

मैंने पुराना 10 साल पहले या 15 साल पहले

[110:38]

शायद मेरी टैलेंट की वजह से या मेरे दिमाग

[110:40]

की वजह से या रेस की वजह से या मेरे

[110:42]

मां-बाप की पैसे की सिचुएशन की वजह से या

[110:44]

मेरे आसपास परिवार की सिचुएशन की वजह से

[110:47]

जो मैं पढ़ाई नहीं कर पाया जो दिमाग नहीं

[110:49]

लगा पाया उसकी वजह से जो मैं सीख नहीं

[110:52]

पाया मैं आज आईआईटीए जितना स्मार्ट नहीं

[110:54]

बन पाया। है आज वो सब ना है इंजीनियर से

[110:58]

लेके एक नॉन डिग्री वाला सब एक सेम लेवल

[111:00]

पे आ जाएंगे। यस तो सबके लिए एक एक तरीके

[111:04]

से नई ओपोरर्चुनिटी है कि भाई आज से इसमें

[111:08]

नई तरीके से अपने आप को आप स्किल करना कुछ

[111:11]

सीखना स्टार्ट कर दो एआई में।

[111:13]

क्या पता

[111:15]

ये ओपोरर्चुनिटी ये टाइम है कि जहां आप

[111:17]

शायद जो आज 15 2000 कमा रहा है वो 5 लाख

[111:20]

कमाने लग जाए। जो 5 लाख कमा रहा है वो 5

[111:22]

करोड़ का कमाने लग जाए। जो 5 करोड़ कमा रहा

[111:24]

है और वो एोगेंट है तो वो जीरो कमाने लग

[111:25]

जाए। तो इट्स अ इट्स डेफिनेटली बहुत

[111:30]

रिस्की है। बहुत स्केरी है। बहुत लोगों की

[111:32]

नौकरियां जाने वाली है। बहुत खतरनाक बात

[111:34]

है। बट अगर यह लोगों तक पहुंच रहा है तो

[111:37]

बहुत लोगों के लिए एक ओपोरर्चुनिटी भी बन

[111:39]

सकती है। सो आई आई फील बहुत लोगों को ना

[111:42]

डर की जगह अगर उनमें इतना दिमाग है कि वो

[111:45]

ये पॉडकास्ट देखते हैं, कॉन्वर्सेशन देखते

[111:47]

हैं, इंटरनेट चलाते हैं। उन्हें यह सब समझ

[111:49]

आता है। इतनी बातें तक सुनते हैं। तो इतना

[111:51]

दिमाग होगा कि ए के साथ प्ले करके कुछ ना

[111:53]

कुछ सीख जाएंगे। ये बस अब विल और इंटेंशन

[111:55]

की बात है। मैं थोड़ा सा इसमें एग्री करता

[111:57]

हूं। थोड़ा सा डिसएग्री करता हूं। मैं

[111:58]

आपको बताता हूं क्यों। ठीक है? आपकी 150

[112:01]

लोगों की टीम है। राइट? नो ऑफेंस टू

[112:02]

एनीबडी इन दैट। बट आप भी मानोगे कि सबके

[112:05]

अंदर बराबर की चूल्हा और भूख नहीं होती।

[112:06]

बिल्कुल नहीं होती। राइट? जिनके अंदर चूल

[112:08]

और भूख होती है ना उनके लिए जो भी ये

[112:11]

हर्डल्स थे कि यार मैं उतना आईआईटी वाला

[112:13]

नहीं हूं। मेरे अंदर उतना दीवानी मुझे टेक

[112:14]

नहीं आता। एटसेटरा। व्हाट एआई इज़ डूइंग इज़

[112:16]

उनके लिए वो सारे बेंचमार्क हटा दिए गए

[112:18]

हैं।

[112:18]

एक्साक्ट्ली। इनेबल कर दिया गया है। बट

[112:20]

जिनके अंदर चूल्हा और भूख ही नहीं है ना

[112:22]

उसके लिए कुछ नहीं करने वाला। ट्रू।

[112:24]

एंड अपना-अपना ओपिनियन हो सकता है। मुझे

[112:28]

ज्यादा लोग ऐसे नजर नहीं आते। परसेंटेज

[112:30]

में देखो तो जिनके अंदर वो चूल है। एंड

[112:33]

मेजॉरिटी लोग जो मुझे चार्ट GBT पे खेलते

[112:35]

हुए देखते हैं वो यही होते हैं कि हे दिस

[112:37]

इज़ द फोटो आई एम गोइंग टू पुट आउट। इसके

[112:39]

लिए कैप्शन बता दो। या फिर जनरल लाइफ

[112:41]

क्वेश्चंस। उससे कुछ वैल्यू क्रिएट करना

[112:44]

सीखने के ऊपर मेरे को नहीं लगता लोग कर

[112:46]

रहे हैं आज के दिन।

[112:46]

दे अ फ्रेंड ऑफ़ माइन वैभव वो एआई स्कूल

[112:49]

चलाता है बहुत बड़ा। आई थिंक वन ऑफ़ द वैभव

[112:52]

सिसडी वन ऑफ़ द लार्जेस्ट

[112:54]

एआई अपस्किलिंग स्कूल्स इन द वर्ल्ड राइट

[112:56]

ग्रोथ स्कूल नाम है ना ग्रोथ स्कूल ग्रो

[112:58]

स्कूल

[112:58]

आउटस्किल करके एआई पे चलाता है। ओके। सो

[113:02]

वो उसने एक बहुत अच्छी टर्म देता है वो

[113:04]

एआई को काफी अच्छी चीज बोलता है। वो बोलता

[113:06]

है कि

[113:08]

जो लोग एआई को ऐसे देखेंगे कि ये एक ऐसा

[113:13]

एंप्लई है जो मेरी जॉब खा जाएगा उनकी जॉब

[113:17]

जाएगी।

[113:17]

या

[113:18]

जो लोग एआई को ऐसे देखेंगे कि अब मेरे पास

[113:21]

एक ऐसा जीनी एम्प्लई है जिसको जो मैं

[113:23]

बोलूंगा वो कर देगा।

[113:24]

या

[113:25]

तो वो लोग अपस्किल कर देंगे और

[113:27]

1000% एग्री

[113:28]

एंड आई लव दिस वे। आई विल गिव यू

[113:29]

एग्जाम्पल। ठीक है? तो हर किसी के पास एक

[113:32]

ऐसा एंप्लई आ गया है जिससे आप कुछ भी करा

[113:35]

लो। तो आपके और मेरे पास जो आज शायद आप जो

[113:40]

₹ लाख का आदमी ले सकते थे और मैं जब 5000

[113:42]

का ले सकता था ना अपन दोनों के पास

[113:44]

ऑलमोस्ट अब वो बराबर हो गया है।

[113:47]

मेरा 5000 वाला आपके 50 लाख वाले जैसा काम

[113:49]

करके दिखा सकता है।

[113:50]

बिल्कुल 1000% एग्री ऑन दिस वन। कोई डाउट

[113:53]

ही नहीं है।

[113:55]

अगर किसी के अंदर तलब है,

[113:57]

हम

[113:57]

चल लाइक कि भाई मैं इससे और क्या-क्या कर

[113:59]

सकता हूं? वो कुछ भी नहीं हो सकता।

[114:01]

ट्रू ट्रू।

[114:03]

एंड हम ऑलरेडी एग्जांपल्स देख रहे हैं।

[114:04]

बतेरे लोगों का देख रहे हैं।

[114:05]

हद से ज्यादा। वेल हियर इज़ माय लास्ट

[114:08]

क्वेश्चन टू यू। ओके? आई ऍम गोना गिव यू

[114:12]

नेक्स्ट 60 सेकंड्स। ओके? 60 सेकंड्स में

[114:17]

टेक अ पॉज। पेन एंड पेपर ले लो भले। थिंक

[114:21]

प्रॉपर्ली कि अगर आज के पडकास्ट में से

[114:25]

टॉप थ्री इंसाइट्स

[114:28]

लोगों को उठानी हो व्हिच पीपल शुड जस्ट

[114:30]

पिक इट अप एंड इंप्लीमेंट या जस्ट पिक इट

[114:33]

अप एंड अंडरस्टैंड या जस्ट पिक इट अप एंड

[114:35]

ऑब्ज़र्व व्हाटएवर जो आपकी टॉप थ्री

[114:37]

लर्निंग्स होगी इनसाइट्स होगी जो लोगों को

[114:39]

देखना चाहिए वो क्या होंगी मे बी राइट

[114:44]

थिंक जस्ट गो थ्रू द एंटायर पॉडकास्ट

[114:45]

व्हाट वी हैव डन टुडे लेट्स बिगिन

[115:18]

हम

[115:46]

क्या

[115:48]

डन।

[115:50]

नंबर वन

[115:53]

हर किसी की लाइफ में बहुत सारी ऐसी चीजें

[115:55]

होती हैं जो कि हम कर रहे हैं लेकिन वो

[115:57]

ग्राइंड वर्क है। जिससे हमारे दिमाग का

[116:00]

ज्यादा यूज़ नहीं हो रहा है। हम उसमें कोई

[116:01]

वैल्यू क्रिएट नहीं क्रिएटिव नॉलेज वहां

[116:03]

पे नहीं लग रही है। सट डाउन विद सम

[116:05]

एलएलएम। $20 का सब्सक्रिप्शन लो। क्लाउड

[116:08]

का लो। क्लाउड का आपको लगता है जल्दी

[116:09]

एग्जॉस्ट हो जाता है। ओपन एयर का चार्जिटी

[116:11]

का ले लो, जेमिनाई का ले लो, ग्रॉक का ले

[116:13]

लो। उस पे खेल करके ऑटोमेट करना सीखो।

[116:17]

एक चीज जब ऑटोमेट करना सीख जाओगे ना अपने

[116:19]

आप दिमाग दौड़ेगा। अरे इससे और चार चीजें

[116:21]

कर सकता हूं। एंड उस दिन से तुम्हारी

[116:22]

जिंदगी बदल जाएगी। दैट इज द फर्स्ट थिंग

[116:25]

दैट एनीबडी एंड एवरीबडी शुड बी डूइंग राइट

[116:27]

नाउ। ऑटोमेट वो चीज जिसमें तुम्हारा

[116:29]

ग्राइंड वर्क हो रहा है। ऑटोमेट कर दो।

[116:31]

दैट इज वन। नंबर टू है साउथ चाइना

[116:36]

मॉर्निंग पोस्ट नाम से एक अखबार है। प्लीज

[116:38]

प्लीज प्लीज पढ़ना शुरू करो। नॉट बिकॉज़

[116:42]

और आपको पता चलना चाहिए कि अच्छा ठीक है

[116:44]

क्या-क्या हो रहा है। बट बिकॉज़ यू शुड नो

[116:46]

कि दुनिया कहां जा रही है और हम कहां

[116:47]

स्टैंड कर रहे हैं।

[116:50]

अगर दुनिया में कुछ हो रहा है हमें वो पता

[116:51]

ही नहीं है तो हम कभी उतने बेहतर बन भी

[116:54]

नहीं पाएंगे क्योंकि हमें तो पता ही है

[116:55]

अच्छा ठीक है दुनिया उतनी आगे निकल चुकी

[116:56]

है। प्लीज पढ़ना शुरू करो। आपको

[117:00]

अपना-अपना मत हो सकता है। मेरा मानना है

[117:02]

कि व्हेन इट कम्स टू चाइना

[117:05]

हमें कोई भी मीडिया प्लेटफार्म वो चीजें

[117:08]

नहीं दिखाता जो कि एक्चुअल में वहां पे हो

[117:10]

रही है। वो लोग भी अपना बढ़ा चढ़ा के

[117:12]

दिखाते होंगे। बट इस प्लेटफार्म पे आपको

[117:14]

जो रियल आपको चीजें देखने को मिलेंगी। यू

[117:16]

आर गोइंग टू बी बी ब्लोन एव्री सिंगल डे।

[117:18]

आपको उस टाइम ना खुद इंस्पिरेशन लगने लग

[117:20]

जाएगी कि यार ये हम क्यों नहीं कर रहे?

[117:21]

ऐसे क्यों नहीं कर रहे? मेरे को अपने

[117:22]

पॉलिटिशियन से ये पूछना चाहिए या फिर इसके

[117:24]

ऊपर मैं स्टार्टअप क्यों नहीं कर रहा?

[117:25]

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट डू इट। मैं

[117:27]

पिछले तीन साल से पढ़ रहा हूं। मैं बता

[117:29]

नहीं सकता मेरी लाइफ में क्या चेंजेस आए

[117:31]

हैं। इसके कारण मेरी थिंकिंग में क्या

[117:32]

चेंजेस आए हैं। नंबर थ्री फॉर मेजॉरिटी ऑफ़

[117:36]

अस पीपल

[117:38]

एआई इज़ गोइंग टू डिसररप्ट अस। अनलेस वी

[117:42]

लर्न टू यूज़ इट। सो या तो उसके यूज़ करके

[117:45]

अपने काम में ऐसा बनने के लॉज़ निकाल लो कि

[117:48]

आप अपने से 40 गुना आप काम अप कर सको आने

[117:50]

वाले 2 साल में। वरना बिगेन टू आल्सो फिगर

[117:53]

आउट आप और क्या-क्या कर सकते हो। हफ्ते भर

[117:56]

का टाइम है आपके पास। बैठ के इतना तो आप

[117:57]

सोच सकते हो कि यार मैं और किस चीज में

[117:59]

अच्छा हूं। मुकुल है क्लास प्लस के फाउंडर

[118:01]

जिनके जो मेरे गुरु हैं, मेंटोर हैं।

[118:03]

उन्होंने मुझे एक चीज कहें कंपनी छोड़ी

[118:04]

थी। हर आदमी तीन से चार चीजों में अच्छा

[118:06]

होता है। अगर आप आचिन खाली किसी एक से

[118:08]

अपना पैसा कमा रहे हो, अपना घर चला रहे

[118:10]

हो। आपके पास दो तीन चीजें और होंगी। सोचो

[118:12]

निकलेंगी। एंड बिगिन टू स्किल अपॉन दोज़

[118:16]

थिंग्स। बिगिन टू टेक दोज़ थिंग्स टुवर्ड्स

[118:18]

मोनेटाइजेशन।

[118:20]

जैसे आप वो करने लगोगे एआई से जो भी

[118:22]

डिसेप्शन आपकी जॉब में आएगा आप उसके

[118:25]

अगेंस्ट ओजा रेिलिएंट बनना शुरू कर दोगे

[118:27]

एंड वो बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है सिर्फ

[118:30]

आपके लिए नहीं आपके परिवार के लिए आप सबकी

[118:33]

वेल बीइंग के लिए हमारी इकोनमिक के लिए

[118:34]

हमारे देश के लिए दीज़ आर द थ्री थिंग्स जो

[118:36]

कि आइडियली कोई भी आने वाले तीन चार दिन

[118:40]

या फिर हफ्ते भर के अंदर-अंदर ट्राई कर

[118:42]

सकता है। एक्सपीरियंस कर सकता है। प्लीज

[118:44]

डू इट।

[118:46]

थैंक यू सो मच सर। थैंक यू सो मच फॉर

[118:48]

स्पेंडिंग टाइम विथ अस। प्लेजर हैविंग यू।

[118:50]

थैंक यू सो मच राज। बहुत अच्छा लगा आपके

[118:52]

शो पे आके। बीन अ लॉन्ग टर्म एडमायरर।

[118:54]

आपके बहुत सारे पॉडकास्ट देखे हैं। एंड

[118:56]

झूठ नहीं कहूंगा। इट्स सॉर्ट ऑफ़ लाइक अ

[118:59]

ड्रीम टू बी आउट हियर। जहां से मैं आता

[119:02]

हूं बहुत बड़ी बात है। मैं अपने मुझे नहीं

[119:05]

पता पडकास्ट में आएगा नहीं आएगा। बट मैं

[119:08]

जिस-जिस को बता रहा था ना कि राजमान की

[119:09]

पॉडकास्ट में हरता। राज के दिस वन इज़ बिग।

[119:14]

भाई।

[119:15]

सो दैट्स इज़ टू थिंग्स। नंबर वन, व्हाट अ

[119:18]

बिग थिंग यू हैव बिल्ट आउट हियर। नंबर टू,

[119:21]

व्हाट एन एस्पिरेशन एंड अ जॉय इट इज कि

[119:23]

अच्छा ये मैनिफेस्ट हुआ है आज। थैंक यू सो

[119:25]

मच फॉर हैविंग मी या हियर। इट रियली मीन्स

[119:26]

अ लॉट, जेन्युइनली।

[119:27]

थैंक यू। थैंक यू सो मच। थैंक यू फॉर

[119:30]

कमिंग। आय थिंक इट जस्ट बी यू एंड आई वेर

[119:34]

डूइंग समथिंग व्हिच वी बोथ शुड डू। यू डू

[119:37]

इट इन अ डिफरेंट वे। आई डू इट इन अ

[119:39]

डिफरेंट वे। यू यू टॉक अबाउट

[119:43]

द मिसिंग लूप होल्स व्हिच वी हैव इन आवर

[119:46]

कंट्री एट अ ग्लोबल स्टेज। आई टॉक अबाउट

[119:50]

दी पॉजिटिव दैट वी आर एक्चुअली बिल्डिंग

[119:53]

इन द कंट्री बट बोथ आर इम्पोर्टेन्ट एट द

[119:55]

सेम टाइम एंड दैट्स व्हाई वांटेड टू डू

[119:57]

दिस पॉडकास्ट।

[119:58]

थैंक्स। रियली थैंक्स अ लॉट।

[119:59]

क्योंकि अगर दोनों नहीं होंगे तो वी वोंट

[120:02]

एक्चुअली अंडरस्टैंड वेयर वी आर। एंड वी

[120:04]

वोंट बी एबल टू फिल दोस गैप्स एंड टेक आवर

[120:06]

कंट्री मच अहेड।

[120:07]

अब्सोलुटली एग्री विथ थैंक यू डन।

[120:10]

थैंक यू।

[120:10]

हाउ यू डूइंग? वैरी नाइस टू मीट यू।

[120:12]

मीटिंग यू।

[120:13]

कैसे हो आप?

[120:14]

बहुत ही बढ़िया है सर। आ जाओ आ जाओ।

[120:15]

बट सो नाइस टू मीट यू बॉस। बीन अ लॉन्ग

[120:17]

टाइम इट मैटर ऑफ यूर्स। एंड या नाइस टू बी

[120:20]

हियर।

[120:20]

थैंक यू। थैंक यू। इट्स माय प्लेजर। मैं

[120:22]

भी आपको बहुत टाइम से फॉलो करता हूं। बड़ा

[120:24]

कुछ-कुछ टाइम पे तो मैं गुस्सा भी हो जाता

[120:26]

हूं यार। क्यों रैंड कर रहा है यार ये?

[120:31]

कभी-कभी मुझे भी लगता है। मेरी वाइफ को भी

[120:33]

लगता है। सो यू आर नॉट।

[120:35]

यू। आई ऍम 31 राइट नाउ।

[120:36]

31 व्हेन यू गेट मैरिड? आई गॉट मैरिड

[120:39]

ऑलमोस्ट 4 एंड हाफ इयर्स अगो हैड माय डॉटर

[120:41]

गोट 15 मंथ्स अगो

[120:43]

ओह स्वीट कांग्रेचुलेशन थैंक्स थैंक यू सो

[120:46]

मच यह एपिसोड एंड तक देखने के लिए अब आपको

[120:48]

तीन चीजें करनी है नंबर वन अभी इस चैनल को

[120:51]

सब्सक्राइब कर लो क्योंकि जितना आप

[120:53]

सब्सक्राइब करोगे उतने ही बेहतर हम गेस्ट

[120:55]

ला पाएंगे आपके लिए। नंबर टू प्लीज कमेंट

[120:59]

में हमें बताइए कि हमने क्या गलत किया और

[121:01]

क्या अच्छा किया ताकि उस फीडबैक से हम सीख

[121:03]

सकें और आपके लिए और बेहतर एक्सपीरियंस

[121:06]

क्रिएट कर सकें। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड

[121:09]

किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना

[121:11]

क्योंकि एक कॉन्वर्सेशन इनफ होती है किसी

[121:13]

की जिंदगी चेंज करने के लिए। आई विल सी यू

[121:16]

नेक्स्ट टाइम अनटिल देन कीप फिगरिंग आउट।

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