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तिथि प्रवेश चार्ट बनाने और फलित की विधि।

तिथि प्रवेश चार्ट बनाने और फलित की विधि।

Astro Ranjna

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[00:02]

आज की वीडियो में हम बात करेंगे तिथि

[00:04]

प्रवेश कुंडली के बारे में तिथि प्रवेश

[00:06]

कुंडली क्या होती है क्यों बनाई जाती है

[00:09]

क्या इस तरह की कोई और कुंडली भी है जो

[00:10]

बनाई जाती है तो इस तरह के जो भी क्वेश्चन

[00:13]

है उन सबका आज हम य पर आंसर करने की कोशिश

[00:15]

करते हैं तो सबसे पहले तो हमें य समझना

[00:18]

होगा कि तिथि प्रवेश चार्ट जो है तिथि

[00:20]

प्रवेश कुंडली य वर्ष कुंडली की तरह होती

[00:22]

है यानी हम इसे वर्ष कुंडली भी कह सकते

[00:25]

हैं जो कि वैदिक के अकॉर्डिंग होती है एक

[00:27]

दूसरी वर्ष कुंडली होती है जिसे हम ताजिक

[00:29]

बो

[00:30]

यानी ताजिक वर्ष कुंडली ताजिक वर्ष कुंडली

[00:33]

और य तिथि प्रवेश वर्ष कुंडली जिसे हम

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वैदिक कुंडली भी कह सकते हैं इन दोनों में

[00:38]

क्या फर्क होता है ताजी कुंडली में हमें

[00:40]

सूर्य पर आधारित कुंडली बनानी होती है

[00:42]

यानी हमारे जन्म के समय हमारी कुंडली में

[00:45]

सूर्य जिस भी साइन में जिस भी डिग्री मिनट

[00:47]

पर थे जब वो दोबारा उसी डिग्री मिनट पर

[00:50]

आएंगे एक्ट वो टाइम हम लेंगे जब हमारी

[00:54]

कुंडली में जो गोचर में जो सूर्य है जब

[00:56]

दोबारा उसी पॉइंट पर आएंगे जिस पॉइंट पर

[00:59]

वो हमारे बथ ट में थे और हमें य पता होना

[01:02]

चाहिए कि सन उसी पॉइंट पर दोबारा कब आते

[01:04]

हैं मतलब हम वैसे जानते हैं मोटा मोटी की

[01:08]

जो सूर्य है वो 365 डेज में अपना एक सर्कल

[01:11]

पूरा करते हैं यानी हम य कह सकते है कि

[01:13]

365 डेज बाद यानी एक साल बाद दोबारा सन

[01:17]

उसी पॉइंट पर आएंगे लेकिन जिस भी डेट पर

[01:20]

हमारा जन्म हुआ होता है उस डेट पर सन

[01:23]

कितना आगे निकल चुके क्यक दिन तो हमारा

[01:25]

पूरा 24 आर्स का होता है तो उसके

[01:27]

अकॉर्डिंग हमें देखना होता है और वैसे भी

[01:29]

जो सन का सर्कल है वो 365 डेज 6 आवर्स ना

[01:34]

मिनट और 9.7 सेकंड्स का पूरा टाइम लेते

[01:38]

हैं उस टाइम के बाद वो उसी पॉइंट पर

[01:40]

दोबारा आएंगे यानी हर साल सक्स आवर्स ना

[01:43]

मिनट एक्स्ट्रा होते जाएंगे क्योंकि हम ये

[01:46]

जानते हैं कि सन का जो पूरा सर्कल है वो

[01:48]

365 डेज सिक्स आवर्स में होता है तो ये जो

[01:52]

सिक्स आवर्स होते हैं यही ड हो होकर हम

[01:54]

जानते हैं कि चा साल बाद पूरे 24 आवर्स बच

[01:57]

जाते हैं और हम एक दिन एक्स्ट्रा कर देते

[01:59]

हैं और हम कहते हैं कि इस वर्ष लीप ईयर है

[02:01]

इस एक दिन एक्स्ट्रा होगा तो ये जो

[02:04]

एक्स्ट्रा दिन है ये वही दिन होता है जो

[02:06]

सिक्स सिक्स आवर्स हमने नहीं इंक्लूड किए

[02:07]

थे बाद में हमने उन चारों सालों के एक साथ

[02:10]

इंक्लूड करके एक एक्स्ट्रा दिन बना दिया

[02:12]

तो इसी तरीके से जब हम वैदिक के अकॉर्डिंग

[02:15]

बात करते हैं तो वहां पर भी हमें इसी तरह

[02:17]

के कुछ कैलकुलेशन को एडजस्ट करना होता है

[02:21]

जैसे हम यहां पर इन आर्स को एडजस्ट कर रहे

[02:23]

हैं और हम उसे दिन बना रहे हैं तो वहां पर

[02:25]

हमें क्योंकि वैदिक में सिर्फ सन को

[02:28]

स्पेशल नहीं माना गया सन और मून दोनों के

[02:30]

कॉमिनेशन को लिया गया है तो जब भी हम तिथि

[02:33]

की भी बात करते हैं कि कोई तिथि कब बनती

[02:35]

है तो उसम भी हम सन और मून का डिग्री

[02:37]

डिफरेंस लेते हैं कि मून जब हमारे सन से

[02:42]

12 डिग्री के डिफरेंस पर होते हैं तो हम

[02:43]

कहते एक तिथ कंप्लीट हो गई यानी जब हमने

[02:46]

ये कहा कि सूर्य और चंद्रमा दोनों सेम

[02:49]

डिग्री प एकदम एक्ट सेम डिग्री पर है तो

[02:52]

हम कहेंगे यहां पर अमावस्या खत्म हुई और

[02:54]

प्रतिपदा शुरू हुई और जैसे जैसे मून आगे

[02:57]

चले क्योंकि हम जानते हैं म फास्ट मूविंग

[03:00]

प्लेनेट है और सन जो है स्लो मूविंग है वो

[03:02]

एक दिन में एक ही डिग्री चल पाते हैं जबकि

[03:04]

सन सॉरी मून जो है वो एक दिन में 12 1

[03:07]

डिग्री कभी-कभी 15 डिग्री भी चल जाते हैं

[03:10]

ये इस चीज पर डिपेंड करता है कि उस दौरान

[03:12]

वो किस राशि में ट्रांजिट कर रहे हैं

[03:13]

क्योंकि हम जानते हैं कि कुछ राशियां छोटी

[03:15]

है कुछ राशियां बड़ी है ये इस वजह से होता

[03:18]

है क्योंकि हमें पता है कि जो भी हमारे

[03:21]

प्लेनेट की जो ऑर्बिट है वो पूरी सर्कल

[03:23]

नहीं है राउंड नहीं है वो थोड़ी सी

[03:25]

एलिप्टिकल है तो जहां पर चौड़ा पोर्शन आता

[03:27]

है बड़ा पोर्शन आता है वहां पे उस राश को

[03:29]

टाइम को म करने में ज्यादा समय लगता है और

[03:33]

जहां पर छोटा पोर्शन आ जाता है वहा पर

[03:34]

हमारी जल्दी कवर हो जाता है एरिया तो इस

[03:38]

तरीके से म को एक दिन में कभी 13 डिग्री

[03:40]

कभी 15 डिग्री इस तरीके से वो चलते हैं

[03:43]

यानी इसके बीच में कितने भी डिग्री मिनट

[03:45]

की मूवमेंट उनकी पर डे की रहती है तो इस

[03:47]

तरीके से हमें हमने देखा कि मून जैसे ही

[03:50]

सन से 12 डिग्री आगे जाएंगे एक तिथि

[03:52]

कंप्लीट हो जाएगी और फिर और और 12 डिग्री

[03:55]

आगे ग तो दूसरी तिथि कंप्लीट हो गई तो

[03:57]

हमने कहा कि हमने जो तिथि को बनाया किसी

[04:00]

को समझा वो सन और मून के डिग्री डिफरेंस

[04:03]

को यानी दोनों के कॉमिनेशन को लेकर समझा

[04:06]

तो इसका मतलब है हमें सन और मून दोनों को

[04:08]

ही समझना है अब हमने कहा जैसे मैं ये कहती

[04:10]

हूं कि मेरा जो बर्थ है वो कार्तिक शुक्ल

[04:14]

पक्ष की ष को हुआ तो क्या नेक्स्ट ईयर

[04:17]

कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को ही

[04:20]

मेरा दोबारा वो आएगा यानी तिथि प्रवेश

[04:22]

होगा यानी उस वो तिथि उसी दिन पड़ेगी जिस

[04:25]

दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी होगी तो

[04:27]

यहां पर ऐसा नहीं हो पाता क्योंकि हम जो

[04:29]

तिथि प्रवेश के लिए व डेट लेनी है वहा पर

[04:31]

हमारे मंथ भी चेंज हो सकते हैं अब य पर

[04:34]

मंथ क्यों चेंज हो सकते हैं यह मंथ य

[04:37]

इसलिए चेंज हो सकते है क्योंकि यहां पर

[04:39]

हमें सोलर मंथ और लूनर मंथ यानी जो चंद्र

[04:43]

मंथ है उन दोनों को लेना पड़ता है हम

[04:45]

जानते हैं सन के मंथ अलग होते हैं और मून

[04:47]

के मंथ अलग होते हैं सन जब किसी एक राशि

[04:51]

में प्रवेश करते हैं या जिस दिन हम

[04:52]

संक्रांति बोलते है सन किसी राशि में

[04:54]

एंट्री किए तो उस दिन से लेकर वो एक महीने

[04:57]

तक उस राशि में रहते हैं और इस तरीके से

[05:00]

12 राशियों में वह 12 महीने का टाइम

[05:02]

पीरियड पूरा लेते हैं और हमने कहा य एक

[05:04]

साल कंप्लीट हुआ सन के अकॉर्डिंग सन ने

[05:07]

मेष की अ जीरो पॉइंट से शुरू करके पूरा

[05:11]

360 का सर्कल कंप्लीट किया मीन राशि का

[05:13]

लास्ट किया जहां पर तो इस बीच हमने कहा कि

[05:16]

सन का एक ईयर कंप्लीट हुआ जो कि ईयर हमारा

[05:19]

365 डेज में कंप्लीट होता है और मून का जो

[05:22]

मंथ है या जो ईयर है वह हमारा किस तरीके

[05:24]

से होता है मून हम जानते हैं कि सन की

[05:27]

डिग्री डिफरेंस से हम लेते हैं जो हमारी

[05:29]

तिथ बनती है जैसे जैसे मोन सन से आगे चलते

[05:32]

हैं 12 12 डिग्री के अकॉर्डिंग हमारी

[05:35]

तिथियां बनती जाती है इस तरीके से 30

[05:37]

तिथियां बनती है 15 तिथियां शुक्ल पक्ष की

[05:40]

15 तिथियां कृष्ण पक्ष की और एक शुक्ल

[05:43]

पक्ष और एक कृष्ण पक्ष दोनों को मिलाकर हम

[05:45]

एक मंथ कंप्लीट करते हैं जिसमें 30

[05:47]

तिथियां हो जाती है और इस तरीके की 30

[05:50]

तिथियों के जो कंप्लीट 12 मंथ कंप्लीट

[05:53]

होंगे उनको हम कहेंगे ये चंद्र मंथ है तो

[05:56]

इस तरीके से जो 12 तिथियों का सॉरी 12

[06:00]

महीनों का व 30 थियो का जो सर्कल है मून

[06:02]

जो कंप्लीट करते हैं वो 354 डेज में करते

[06:05]

है तो इस तरीके से हमने देखा की मून का जो

[06:08]

यर है व 354 डेज में कंपलीट हो जाता है

[06:11]

जबक सन का जो यर है व 365 डेज में कंपलीट

[06:14]

होता है तो इस तरीके से हर साल जो है 10

[06:16]

दिन का गैप आ जाता है तो इस इस तरीके से

[06:20]

दिन का गैप होता है इसको समझने के लिए

[06:22]

हमें इसको हम एडजस्ट करने के लिए हम हर

[06:25]

तीसरे महीने पर एक मंथ ड कर देते हैं यानी

[06:29]

10 10 दिन मिलाकर 30 दिन जैसे ही हमारे

[06:32]

एक्स्ट्रा होते हैं तो 30 दिन पे हम जैसे

[06:34]

हमने वहां पे छछ आर्स को ऐड करके हमने एक

[06:37]

दिन ऐड कर दिया हर चौथे साल में ऐसे ही हम

[06:39]

यहां पर हर तीसरे साल में एक मंथ ऐड कर

[06:42]

देते हैं हमें कैसे पता चलेगा कि इस साल

[06:45]

हमारा पास एक्स्ट्रा मंथ है कोई जो

[06:47]

इंक्लूड हो रखा है और वो मंथ कौन सा है

[06:49]

उसको हम कैसे समझेंगे तो हमें ये पता है

[06:52]

कि सूर्य जब मकर राशि में एंट्री करते हैं

[06:54]

यानी मा के महीने में तो जब वो मकर राशि

[06:57]

में एंट्री करते हैं तो अगर 14 जनवरी के

[07:00]

आसपास ही होता है 14 या 15 जनवरी को हम कह

[07:02]

सकते हैं तो 14 15 जनवरी से लेकर 24 2

[07:06]

जनवरी के बीच में यानी स्टार्टिंग के ही

[07:08]

10 दिन के अगर अंदर अगर अमावस्या आ जाती

[07:11]

है तो हमें ये पता चल जाता है कि इस वर्ष

[07:14]

एक मंथ एक्स्ट्रा होगा अब वो मंथ कौन सा

[07:17]

एक्स्ट्रा होगा वो इस चीज पर डिपेंड करता

[07:20]

है कि वो जो अमावस्या है वो 15 16 तारीख

[07:23]

के आसपास ही आ गई है 20 21 तारीख के आसपास

[07:26]

हुई है 17 18 तारीख के आसपास हुई इसके

[07:28]

अकॉर्डिंग हमारे मंथ फिक्स हो

[07:30]

कि अगर इस तारीख पर होगी तो यह वाला मंथ

[07:32]

एक्स्ट्रा होगा अगर इस तारीख पर होगी तो य

[07:34]

मंथ एक्स्ट्रा होगा और वो मंथ हमारा वो जो

[07:37]

हमारा रेगुलर मंथ है उस मंथ के बीच में

[07:40]

आता है यानी जैसे कि हमने कहा किर मान

[07:42]

लीजिए हमय कह रहे इस साल सान महीने में दो

[07:45]

मंथ पड़ेंगे यानी दो सावन होंगे इस बार

[07:48]

सावन के मंथ जो है व दो होंगे तो हमने ये

[07:50]

कहा कि पहले जो हमारा रेगुलर सावन है उसका

[07:54]

पक्ष शुरू होगा पहला फिर उसके बाद दोनों

[07:56]

जो एक्स्ट्रा मंथ है उनके पक्ष शुरू होंगे

[07:59]

और फिर जो असली सावन है मतलब जो पहला सावन

[08:03]

है उसी का नेक्स्ट पार्ट आएगा तो मतलब

[08:07]

स्टार्टिंग में सावन होगा और बीच में सावन

[08:10]

लास्ट में सावन होगा बीच में वो सावन का

[08:12]

एक्स्ट्रा मंथ होगा यानी जिसे हम अधिक मास

[08:14]

कहते हैं वो होगा तो यह अधिक मास के ड

[08:18]

होने की वजह से कई बार हमारा जो तिथि

[08:20]

प्रवेश है वो चेंज हो जाता है और हम ये

[08:22]

कहे कि अगर मैं कू कि मेरा ब कार्तिक मास

[08:25]

में हुआ है कार्तिक मास की शुक्ल स को हुआ

[08:28]

है तो हो सकता है मेरी जो तिथि प्रवेश आए

[08:30]

वो आश्विन मास में ही आ जाए कार्तिक तक ना

[08:33]

पहुंचे ऐसा क्योंकि अगर हमारा एक्स्ट्रा

[08:35]

मंथ पड़ेगा तो उसकी वजह से हमारी य चीज हो

[08:38]

जाएंगी तो इनको समझने के लिए हमें कैसे

[08:40]

समझना होगा हमें यह समझना होगा कि हमें

[08:44]

सिर्फ इस चीज पर फोकस करना है कि सन हमारे

[08:46]

किस साइन में है यानी पहले हमें बजाय कि

[08:50]

हम कार्तिक मंथ की षष्टि देखें या जिस भी

[08:53]

मंथ में हमारा जन्म हुआ है हम उस मंथ पर

[08:55]

फोकस करें उससे ज्यादा जरूरी हम फोकस करें

[08:57]

अपने सन पर हमारे चार्ट में सन जिस भी

[09:01]

साइन में

[09:02]

है उसी साइन में जब सन

[09:05]

होंगे उस दौरान जो शुक्ल पक्ष की ष पड़ेगी

[09:08]

तो वो हमारा तिथि प्रवेश की तिथि

[09:11]

होगी तो इस वजह से हमने क्या कहते है हम

[09:14]

ये कह सकते है कि हा हमारा मंथ चेंज हो

[09:16]

सकता है लेकिन हमारी तिथि चेंज नहीं होनी

[09:19]

है और हमारे जो सन की भोगा है सन की सॉरी

[09:22]

भोगा नहीं कहेंगे सिर्फ सन के साइन यानी

[09:25]

सन जिस साइन उ भोगा चेंज हो सकते है

[09:27]

डिग्री मिनट चेंज हो सकते है बट साइन

[09:28]

हमारा वही रहेगा जब सन हमारे उसी साइन में

[09:31]

होंगे जिस साइन में व हमारे बर्थ के टाइम

[09:33]

है और उस दौरान जब षि पड़ेगी तो उसको हम

[09:38]

बोलेंगे कि यह हमारी तिथि प्रवेश वाली स

[09:40]

तिथि है अा अब हमने य कहा कि एक जो तिथि

[09:43]

है वो 12 डिग्री की होती है यानी मून जब

[09:46]

12 डिग्री के डिफरेंस पर जाएंगे तब हमारी

[09:48]

थिति चेंज होगी तो हो सकता है जिस वक्त

[09:51]

हमारा बर्थ हुआ था उस वक्त मून जो पांच

[09:55]

तिथिया कंप्लीट करने के बाद दो डिग्री आगे

[09:58]

चले थे या 10 डिग्री आगे चले थे

[10:00]

या सॉरी 20 नहीं 12 से ज्यादा नहीं जाएगा

[10:03]

12 से ज्यादा जाने पर तिथी चेंज हो जाएगी

[10:07]

तो इस बीच में कोई भी डिग्री चल सकते है

[10:09]

तो हमें एक्ट वो पल लेना है जब सन और मून

[10:12]

का डिग्री डिफरेंस इक्वल होगा यानी जब

[10:15]

हमारे बर्थ चार्ट में जितना डिफरेंस था

[10:17]

वही सेम डिफरेंस हमारा अपने एनुअल चार्ट

[10:21]

में भी आएगा यानी तिथि प्रवेश वाले चार्ट

[10:22]

में भी आएगा तो हमें उस टाइम का बनाना है

[10:24]

तो हमें ये देखना होगा कि उस समय मून की

[10:27]

जो स्पीड है वो क्या चल रही

[10:29]

और वो जो डिग्री डिफरेंस है वो कितना है

[10:31]

लिए मैंने चार्ट लगाया है उससे हम शेयर

[10:34]

करके थोड़ा इसको समझने की कोशिश करते हैं

[10:36]

किस तरीके से हमें लेना है

[10:42]

य तो जैसे कि हमने कहा की ये एक चार्ट है

[10:46]

जो 975 का है एम का चार्ट है इसमें हमने

[10:52]

पूरा चार्ट नहीं लिया सिर्फ सन और मून की

[10:55]

डिग्री ले तो हमने य म देखा ना साइन एक

[10:59]

डिग्री पा मिनट का है और सूर्य जो है वो

[11:01]

सि साइ 22 डिग्री 21 मिनट का है तो इसका

[11:04]

मतलब हमने यहां प कहा कि जो मून है वो मकर

[11:06]

राशि में है और सन जो है वो तुला राशि में

[11:10]

क्योंकि सिक्स साइन कंप्लीट है तो लिब्रा

[11:11]

साइन में हो गए तो हमें सिर्फ फोकस इतना

[11:14]

करना है कि सन लिब्रा साइन में ही होने

[11:16]

चाहिए और जब सन लिब्रा साइन में होंगे उस

[11:19]

दौरान हम शुक्ल पक्ष की षष्टि को देखने की

[11:22]

कोशिश करेंगे कि व किस डेट की होगी हमें

[11:24]

किसी भी सॉफ्टवेर से हमारे फोन में जो

[11:26]

एस्टो या कोई भी और दूसरा सॉफ्टवेर हो दृ

[11:29]

पंचांग किसी में भी हम देख सकते हैं कि उस

[11:31]

दौरान वो शुक्ल षष्ठी किस तारीख की पड़ेगी

[11:34]

तो डेट हमें बहुत इजली मिल जाएगी कि हमें

[11:36]

किस डेट के लिए चार्ट बनाना है लेकिन उस

[11:39]

डेट प हमें टाइम कैसे लेना है कि हम किस

[11:41]

टाइम का चार्ट

[11:42]

बनाएंगे तो वहां पर हमें यह देखना होगा कि

[11:45]

जैसे हमने यहां प कहा कि सन और मून के बीच

[11:48]

का जो डिफरेंस है वो दो साइन 8 डिग्री 44

[11:51]

मिनट का है तो यहां पे दो साइन का मतलब है

[11:53]

60 डिग्री तो यहां पर हमने दो साइन को हटा

[11:56]

दिया और हमने कहा कि सॉरी ये दो साइन 8

[12:01]

डिग्री 44 मिनट का है तो हमने कहा कि

[12:03]

हमारा टोटल जो डिफरेंस है वो कितने का हो

[12:05]

जाएगा एक

[12:21]

सेकंड तो हमने कहा दो साइन का मतलब हो गया

[12:24]

60

[12:25]

डिग्री और प्लस 8 डिग्री ड हो गई तो हमने

[12:28]

कहा 68 डिग्री का हमारा डिफरेंस था तो 68

[12:31]

डिग्री में पहले हमने देखा कि हम तिथियां

[12:33]

कंप्लीट हमारी कितनी है तो हमने इसको 12

[12:36]

से डिवाइड कर दिया कि हमारे पास कितनी

[12:38]

तिथियां कंप्लीट हो गई तो हमने कहा पांच

[12:41]

तिथियां कंप्लीट हो गई और हमारे पास 8

[12:43]

डिग्री और ये जो 44 मिनट है ये टाइम बचा

[12:46]

है तो इसका मतलब जो छठी तिथि है यानी

[12:49]

षष्ठी तिथि है उस तिथि में मून जो है सन

[12:52]

से 8 डिग्री 44 मिनट आगे निकले हुए हैं तो

[12:55]

हमें ये देखना होगा कि 8 डिग्री 44 मिनट

[12:57]

मून कितने टाइम में चल लेते हैं तो इसके

[13:00]

अकॉर्डिंग हम देखेंगे अगर हम मोटा मोटी

[13:02]

एवरेज निकाले तो हम ये कहते हैं कि सन हर

[13:05]

दो घंटे में एक डिग्री चलते हैं यानी 24

[13:08]

घंटे में वो 12 1 डिग्री का डिफरेंस पार

[13:10]

करते हैं तो हमने कहा कि 8 डिग्री जो है

[13:12]

हमने क्या उन्होने उसे तो हमने कहा 16

[13:15]

आर्स में चलेंगे और इस तरीके से हम इसको

[13:16]

मल्टीप्लाई कर देंगे तो हमारा

[13:20]

ये 48 सॉरी 88 हो जाएगा तो हमने कहा य पर

[13:25]

60 हमने य ले लिया तो हमने कहा 17 आर्स और

[13:28]

28 मिनट में करीब करीब वो अपना टाइम

[13:31]

चलेंगे लेकिन यहां पर हमें य स्पीड इनकी

[13:34]

समझनी होगी कि कितने घंटे का डिफरेंस आ

[13:37]

रहा है ठीक है तो हमने एक एवरेज निकाली की

[13:40]

इस एवरेज के अकॉर्डिंग मून जो है इतने

[13:43]

टाइम में इतने डिग्री का जो एरिया है वो

[13:45]

पार करेंगे अब हमें ये देखना होगा कि हमने

[13:48]

डेट तो कैलकुलेट कर ली डेट तो हमने निकाल

[13:50]

ली हमने सन को देखा कि सन लिब्रा साइन में

[13:53]

है और लिब्रा साइन में शुक्ल पक्ष की ष

[13:56]

हमने पंचांग के अकॉर्डिंग ढूंढ ली कौन सी

[13:58]

डेट को को पड़ेगी जैसे अगर हम यहां पर बात

[14:00]

करें तो यहां पर वो 20 अक्टूबर को आ रही

[14:02]

है तो हमने कहा कि 20 अक्टूबर की डेट हमें

[14:05]

इजली अवेलेबल हो गई अब हमें ये देखना है

[14:07]

कि 20 अक्टूबर की जो तिथि है जो शुक्ल

[14:09]

षष्ठी है वो कितने बजे शुरू हुई तो हमने

[14:12]

देखा कि वो जो शुरू होने का टाइम है तिथि

[14:15]

के शुरू होने का है वो रात को 12 बजक यानी

[14:17]

रात में जीरो टाइम पर 33 मिनट पर है तो हम

[14:20]

इस मिनट में वो टाइम ऐड कर देंगे जितने

[14:23]

टाइम का डिफरेंस जो मून उतने टाइम में कवर

[14:25]

करेंगे और उसके अकॉर्डिंग हम निकालेंगे

[14:28]

यहां पर मेरा ये एक्यूरेट इसलिए नहीं है

[14:30]

क्योंकि यहां पर हमारा ये 17 घंटे 13 मिनट

[14:32]

का चार्ट बना है तो यहां पर उस दौरान मून

[14:34]

की स्पीड कम ज्यादा होगी वो हमें लेनी

[14:36]

होगी कि मून की स्पीड कितनी है इसको इतना

[14:39]

सिर्फ कांसेप्ट समझने के लिए बात है कि

[14:42]

समझ लीजिए किस तरीके से इसको हमें करना

[14:44]

होता है तो हमने देखा 17 घंटे 13 मिनट का

[14:47]

हमारा चार्ट बना इसको इजली हम जगन्नाथ

[14:50]

होरा से यूज कर सकते हैं क्योंकि जगन्नाथ

[14:52]

होरा एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो तिथि प्रवेश

[14:55]

का चार्ट आपको बना कर देता है और फ्री

[14:56]

सॉफ्टवेयर आप इजली उसे अपने उसम डाउनलोड

[14:59]

कर सकते हैं लैपटॉप में तो सिंपली हमने इस

[15:03]

तरीके से चार्ट बना लिया ये हमारा

[15:04]

कांसेप्ट होता है कि हमें तिथि प्रवेश की

[15:07]

जो डेट और टाइम वगैरह है वो किस तरीके से

[15:09]

डिसाइड करनी है वहां पर हमारी जो सिर्फ

[15:11]

सेम रहने वाला है वो रहेगा हमारी तिथि और

[15:15]

हमारे सन की साइन ये दो चीजें हमारे लिए

[15:18]

है जो सेम रहनी है उसके अलावा सभी चीजें

[15:21]

चेंज हो सकती है वार चेंज हो सकता है

[15:22]

नक्षत्र चेंज हो सकता है सॉरी मंथ चेंज हो

[15:26]

सकता है जैसे हमने कहा कि यहां पर यहां का

[15:28]

जो ज ये कार्तिक कार है जबकि ये जन्म जो

[15:30]

है ये अश्विन का आएगा वहां पे नवंबर का

[15:32]

मंथ है और यहां पे अक्टूबर का मंथ है यानी

[15:34]

पहले ही हो गया तो इस तरह की चीजों को

[15:37]

हमें ध्यान रखना है हम ये नहीं सोचेंगे कि

[15:39]

ये सेम मंथ सेम वो क्यों नहीं आया तो उस

[15:41]

तरीके से क्योंकि वहां पे मंथ ऐड होते हैं

[15:43]

तो इन चीजों की कंफ्यूजन वहां पर हो जाती

[15:46]

है अब हमें ये देखना है कि इन चार्ट को

[15:49]

हमें स्टडी कैसे करना होता है इन चार्ट

[15:51]

में सबसे ज्यादा जरूरी क्याक चीजें होती

[15:53]

है सबसे पहली बात कि और जो हमने ताजिक की

[15:56]

बात की थी ताजिक में तो हमारा पूरा

[15:58]

कांसेप्ट ही अलग होता है वहां पर हमारी

[16:00]

दशाएं अलग होती है योग भी अलग होते हैं 16

[16:03]

टोटल योग बनाए हैं जैसे इ साल हिंदवा इ

[16:06]

श्राफ वगैरह कंबू 16 योग उन्होंने बताए है

[16:09]

लेकिन यहां पर हम जो हमारे पराशर जी के

[16:12]

योग है जिन्हे हम पराशर योग कहते हैं वही

[16:14]

योग हम यूज करेंगे चाहे वो राजयो को चाहे

[16:17]

धन योग हमें उसी तरीके से इस चार्ट को

[16:19]

देखना है बट ये योग हमारे लिए उस एक साल

[16:21]

के लिए काम करने वाले हैं जबकि हमारे डीवन

[16:24]

चार्ट का जो है वो हमारे लाइफ टाइम के लिए

[16:27]

प्रॉमिस बताता है कि हमारी लाइफ में किस

[16:29]

तरह के योग रहने वाले हैं लेकिन क्योंकि

[16:33]

यह जो चार्ट है जो वर्ष चार्ट हमारा बना

[16:35]

है ये इसी का प्रतिबिंब है यानी जो चीजें

[16:38]

इस चार्ट में प्रॉमिस हो रही होंगी व वन

[16:40]

में उन्हीं को हम यहां पर देखेंगे उससे

[16:43]

अलग हमें यहां पर कुछ नहीं देखना है लेकिन

[16:46]

स्थितियां हमारी चेंज हो सकती है सिर्फ

[16:48]

इतनी कि यहां पर जो

[16:49]

कंडीशन जो दिखाई दे रही है कि ये चीजें ये

[16:53]

इवेंट आपकी लाइफ में हो सकते हैं तो हम

[16:55]

वर्षण कुंडली के अकॉर्डिंग ये देख सकते

[16:57]

हैं कि इवन क्या इस साल में हो जाएंगे जो

[17:00]

भी इवेंट य पर प्रॉमिस है क्या वो इस साल

[17:03]

में हो जाएंगे कक एक साल का चार्ट देखना

[17:05]

हमारे लिए थोड़ा इजी हो जाता है तो हमें

[17:07]

यह देखना होगा कि हमारे जो डीवन के लग्नेश

[17:11]

है और जो हमारे वर्ष कुंडली के लग्नेश है

[17:14]

यानी जो तिथि प्रवेश के लगने है इन दोनों

[17:16]

के लगने को फोकस करना है किन किन हाउसेस

[17:19]

को वो इफेक्ट करते हैं दृष्टि से या युति

[17:23]

से उन उन हाउसेस के रिजल्ट हम उस दौरान

[17:25]

मान सकते हैं और जिन हाउसेस पर हमारे

[17:30]

लग्नेश दोनों लग्नेश यानी डीवन के लग्नेश

[17:33]

भी और तिथि प्रवेश के लग्नेश भी दोनों

[17:35]

इक्ट करते हैं उनके रिजल्ट तो हम 100 पर

[17:38]

बोलेंगे यह तो आपको 100 पर इस दौरान जरूर

[17:40]

मिलेंगे जैसे एपल के तौर पर अगर मैं ये कह

[17:43]

कि य डीवन चार्ट के जो लग्नेश है व मरकरी

[17:46]

है और यहां जो तिथि प्रवेश के लग्नेश है व

[17:49]

जुपिटर है तो मरकरी और जुपिटर जिन जिन

[17:52]

हाउसेस को एस्पेक्ट करेंगे हमारे तिथ

[17:54]

प्रवेश वाले चार्ट में तो यहां पर हमने

[17:56]

देखा कि जुपिटर जो है सेकंड हाउस में

[17:59]

प्लेस है और मरकरी एथ हाउस में तो यहां पर

[18:02]

हमने देखा कि दोनों ही हाउस सेकंड हाउस और

[18:04]

एथ

[18:05]

हाउस ये दोनों ही लॉड से इफेक्ट है एक में

[18:08]

वो बैठे हैं एक को दृष्टि देते हैं एक में

[18:10]

वो बैठे हैं दूसरे को दृष्टि देते हैं इस

[18:12]

तरीके से ये दोनों हाउस को 100% हम ये

[18:14]

कहेंगे कि इन दोनों हाउसेस के रिजल्ट इनको

[18:17]

इस वर्ष जरूर मिलेंगे उसके अलावा हम ये

[18:19]

जानते हैं कि जुपिटर का जो एस्पेक्ट है वो

[18:22]

सिक्स हाउस प भी है और 10थ हाउस प भी है

[18:25]

तो हम ये कहेंगे कि वर्ष कुंडली के लगने

[18:27]

भी सिक्स और 10 कोपट करते हैं तो इन

[18:30]

हाउसेस के रिजल्ट भी इनको इस दौरान मिलने

[18:32]

चाहिए उसके अलावा एक जो हमारा तिथि होती

[18:35]

है जो हम सबसे ज्यादा जिसको ले रहे हैं

[18:37]

बारबार हम तिथि प्रवेश तिथि प्रवेश बोल

[18:39]

रहे हैं तो तिथियों का भी हम जानते हैं कि

[18:41]

एक नेचर होता है किसी भी तिथि पर जब आपका

[18:44]

जन्म होता है तो उस तिथि का नेचर कहीं ना

[18:46]

कहीं आपकी पर्सनालिटी में देखने को मिलता

[18:48]

है जैसे तिथियों को हमने पांच कैटेगरी में

[18:50]

डिवाइड किया होता है नंदा तिथि भद्रा तिथि

[18:53]

जया तिथि रिक्ता तिथि और पूर्णा तिथि तो

[18:57]

हम जानते हैं नंदा तिथि का जो नेचर है वो

[18:59]

कहीं ना कहीं आनंद से जुड़ा हुआ शब्द है

[19:01]

तो कहीं ना कहीं वो व्यक्ति आनंद में रहने

[19:04]

की कोशिश करते हैं यानी अगर उनकी लाइफ में

[19:05]

प्रॉब्लम भी है तो वो कहीं ना कहीं खुश

[19:07]

रहने की कोशिश करते हैं और खुशियों की वजह

[19:09]

ढूंढने की कोशिश करते हैं इसी तरीके से

[19:11]

अगर हम भद्रा तिथि की बात करें तो भद्र

[19:14]

शब्द से बना हुआ शब्द है यह भद्रा तो यहां

[19:16]

पर कहीं ना कहीं वो व्यक्ति नॉलेज को लेकर

[19:18]

बहुत ज्यादा फोकस रहते हैं उनके जीवन में

[19:20]

नॉलेज का सबसे ज्यादा महत्व होता है और

[19:23]

बहुत नॉलेज वो गेन भी करते हैं इस तरीके

[19:26]

से जया तिथि है वो हम विजय शब्द से जानते

[19:28]

हैं तो कहीं ना कहीं उनके अंदर जीत का

[19:31]

जुनून होता है वो हारना पसंद नहीं करते

[19:33]

हैं तो इस तरह का उनके नेचर में क्वालिटी

[19:35]

हमें देखने को मिलती है अब हम ये जानते

[19:38]

हैं कि जब हमारी तिथि से कॉमिनेशन बनता है

[19:41]

तो हमें वार के साथ ही उसे कनेक्ट करना

[19:43]

होता है अगर वार के साथ उसका कनेक्शन होता

[19:45]

है तो वो एक अच्छी कंडीशन को रिप्रेजेंट

[19:48]

करता है जैसे कि अगर हमने ये कहा कि किसी

[19:50]

का जन्म नंदा तिथि को हुआ है जैसा कि इस

[19:52]

चार्ट की हम बात करें और हम ये कहे कि

[19:54]

इनका जन्म नंदा तिथि को हुआ है तो नंदा

[19:56]

तिथि जो कि आनंददायक

[19:58]

आनंद में रहने की तिथियां है तो हम ये

[20:00]

कहेंगे इनके लिए शुक्रवार या सोमवार बहुत

[20:03]

फेवरेबल डे होंगे क्योंकि शुक्र और

[20:05]

चंद्रमा जो है खुशी को इंडिकेट करते हैं

[20:09]

तो हम ये कहेंगे कि इनका नेचर भी है खुश

[20:11]

रहना और इनका जन्म अगर शुक्रवार को हुआ है

[20:14]

तो ये खुश रहेंगे भी जीवन में इन्हें

[20:16]

खुशियां हासिल भी होंगी लेकिन अगर उनके

[20:20]

वार का कॉमिनेशन बहुत नेगेटिव बन जाता है

[20:22]

कौन से प्लेनेट है जो खुश रहना पसंद नहीं

[20:24]

करते तो हम कहेंगे कि मंगल और शनि इन

[20:27]

दोनों को खुश रहने का नेचर नहीं है इनके

[20:29]

अंदर अग्रेशन है या विरक्ति है मतलब एकांत

[20:33]

पसंद है उदास रहना नीरसता इन चीजों के

[20:36]

कारक है या मंगल को हम कहे तो अग्रेशन के

[20:38]

या रूपन के कारक हम इनको मानते हैं तो

[20:40]

एंजॉय में वो नहीं करते हैं ये डिसिप्लिन

[20:42]

में बिलीव करते हैं अगर हम मार्स की बात

[20:45]

करें तो अगर इस तरह की वार पर उनका जन्म

[20:48]

होता है जैसा कि अगर हम य देखे तो इनका जो

[20:50]

जन्म है ये शनिवार का है तो हम ये कहेंगे

[20:53]

कि आनंद में रहने का इनका नेचर होगा बट

[20:57]

इनके लिए जीवन में आनंद में रहना थोड़ा

[21:00]

मुश्किल होगा यानी जीवन की इनकी

[21:01]

परिस्थितियां ऐसी रह सकती है कि हो सकता

[21:03]

है बहुत आनंद में ना रह पाए यानी कहीं ना

[21:07]

कहीं ये स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन ये

[21:09]

हमने कहा कि हमारी पूरी लाइफ के लिए बताया

[21:11]

गया है कि पूरी लाइफ इनके जीवन में इस तरह

[21:13]

का रहेगा लेकिन हम जानते हैं कि जीवन में

[21:15]

स्थितियां बदलती है चेंजेज आते रहते हैं

[21:18]

हर ज में हालात बदलते हैं तो ये जो बदलते

[21:21]

हुए हालात है ये हमें हर साल के चार्ट से

[21:24]

हम देख सकते हैं कि क्या इस साल भी इनके

[21:26]

साथ ऐसा ही है क्या इस साल भी इनके साथ

[21:28]

ऐसा ही है तो हम ये देखेंगे अगर हमने 2023

[21:30]

के चार्ट की बात करें तो तिथि तो हमारी

[21:33]

चेंज नहीं होनी है तिथि तो हमारी वही रहनी

[21:35]

है हमें वार देखना है तो हम कहेंगे इस बार

[21:38]

जो है ये शुक्रवार को पड़ रही है तो इस

[21:40]

बार का जो इनका कॉमिनेशन है तो हम कहेंगे

[21:42]

क्योंकि ठी तिथि के माध्यम से इनका नेचर

[21:45]

है खुश रहने का और इस बार वार भी शुक्रवार

[21:48]

पड़ा है तो हम कहेंगे यह साल इनके लिए

[21:50]

खुशिया देने वाला होगा ठीक है तो इसी

[21:53]

तरीके से हम और चीजों को बोलेंगे जैसे अगर

[21:55]

हमने कहा कि किसी का जन्म जया तिथि में

[21:57]

हुआ

[21:58]

और मान लीजिए उसका जो वार है वहा पर

[22:00]

सोमवार तो हम य कहते कि जिसको जीतने का

[22:04]

जुनून है वो एंजॉय करना पसंद नहीं करेगा

[22:06]

उसको एंजॉय नहीं चाहिए उसको हर समय कुछ

[22:09]

करना है कुछ एक्टिविटी करनी है कुछ

[22:11]

कंपटीशन चेज करना है तो इस तरह की चीजों

[22:14]

में उनका फोकस रहता है तो कहीं ना कहीं

[22:16]

अगर उनका वार जो है सोमवार या शुक्रवार

[22:18]

पड़ जाता है तो वो उनके लिए अच्छी कंडीशन

[22:20]

नहीं होती है यानी तिथी और वार के

[22:22]

कॉमिनेशन पर अगर किसी का बर्थ होता है तो

[22:24]

वो एक बहुत अच्छी चीज है अगर किसी यर या

[22:28]

वर्ष कुंडली चा में जिसे हम ति प्रवेश

[22:30]

चार्ट बोलते हैं इसमें भीय कॉमिनेशन अच्छा

[22:33]

बनता है तो हम यह बोल सकते हैं किली इस

[22:35]

साल के लिए तो आपकी कंडीशन इंप्रूव हुई है

[22:38]

तो आप जैसा आपका नेचर है वैसा ही आपके साथ

[22:40]

लाइफ में होगा भी यानी किसी का जन्म अगर

[22:43]

जया तिथि को हुआ है और उस वार उस साल का

[22:46]

जो वार है व मंगलवार पड़ जाता है तो हम

[22:49]

कहेंगे इस वर्ष आप जितने भी कंपटीशन वगर

[22:51]

फेस करना चाहते हैं तो आप उन्ह कीजिए आपको

[22:54]

इस साल उम जीत हासिल होगी तो इस तरीके हम

[22:58]

तिथि और वार के कॉमिनेशन को लेते हैं कि

[23:00]

किस तरीके से हमें समझना है इसके अलावा एक

[23:03]

जो इंपोर्टेंट पार्ट होता है य हम हमेशा

[23:05]

हम अपने डीवन चार्ट में भी देखना चाहिए

[23:07]

अपने जीवन के लिए ऐसा नहीं है कि वर्ष

[23:09]

कुंडली में देखना है आप जानते भी होंगे कि

[23:12]

जब भी कोई चार्ट हमारे पास तैयार होकर आता

[23:14]

है तो सबसे पहले पेज पर हमारी यही डिटेल

[23:17]

होती है कि किस तिथि पर जन्म हुआ है किस

[23:18]

वार पर हुआ है किस नक्षत्र में हुआ है ठीक

[23:21]

है ना होरा लड कौन है तो सारी चीज डिटेल

[23:24]

दी जाती है कय सारी चीज मुहूर्त है जिस

[23:27]

मुहूर्त में हमारा जन्म हुआ है और उस

[23:29]

मुहूर्त का पूरा इंपैक्ट हमारी लाइफ पर

[23:30]

रहता है तो हमने उस मुहूर्त के अकॉर्डिंग

[23:33]

हमारी लाइफ के इंपैक्ट को समझा लेकिन अगर

[23:36]

उसम कुछ प्रॉब्लम्स है कुछ चीज वहा

[23:39]

नेगेटिव है लेकिन हमारे ईयर चार्ट में

[23:41]

पॉजिटिव आ रही है तो हम उस टाइम के लिए

[23:43]

कुछ टाइम के लिए उसकी इंप्रूवमेंट को कह

[23:46]

सकते हैं इसके अलावा हम ये जानते हैं कि

[23:48]

होरा स्वामी होरा हम जानते हैं कि हर दिन

[23:50]

में 12 होरा होती है या रात का जन्म है तो

[23:53]

रात में 12 होरा होती है और हर होरा का

[23:56]

कोई ना कोई हमें स्वामी बताया जाता है य

[23:58]

प्लेनेट इस होरा का स्वामी है और वो होरा

[24:00]

स्वामी आपके जीवन पर बहुत इक्ट करता है

[24:03]

क्योंकि वो एक बहुत छोटा पीरियड होता है

[24:05]

जिसमें जो आपके उस चीज का लड बना है जैसे

[24:07]

हमने कहा अगर लगन का लड कोई बनता है तो

[24:10]

वहा 30 डिग्री का पूरा पीरियड है उसका एक

[24:12]

लड बना है तो होरा जो है हमारे दो घंटे के

[24:14]

टाइम पीरियड के अंदर आता है वह हमारे नेचर

[24:17]

पर बहुत इफेक्ट करता है तो हमारे डीवन

[24:19]

चार्ट में भी अगर हमें देखना है कि हमारे

[24:21]

जन्म किस होरा में हुआ है किस प्लेनेट की

[24:23]

होरा में हुआ है जैसे हम य कहे इनका जो

[24:26]

जन्म है वो चंद्रमा की होरा में तो इनके

[24:28]

लिए चंद्रमा की होरा हमेशा पॉजिटिव रहेगी

[24:31]

कोई भी कार्य इनको करना है तो इनको

[24:33]

चंद्रमा की होरा में करेंगे तो इनके लिए

[24:35]

फेवरेबल रहता है लेकिन इस वर्ष के लिए

[24:37]

जैसे इनकी होरा शनि की आई है तो होरा जो

[24:40]

होरा स्वामी जो होता है उस पर कहीं ना

[24:42]

कहीं हमारा फोकस बहुत ज्यादा रहता है तो

[24:44]

हमें ये देखना होता है कि हमारे डीवन

[24:46]

चार्ट में हमारे जो होरा लॉर्ड है वो कहां

[24:48]

प्लेस है ठीक है और उस उस हाउस पर हमारा

[24:53]

फोकस जब सबसे ज्यादा रहेगा और वहीं से

[24:55]

हमें सबसे ज्यादा गेस भी होंगे क्योंकि वो

[24:57]

हाउस हमारे लिए सबसे इंपोर्टेंट हाउस है

[24:59]

जहां पर हमारे होरा लड प्लेस है तो अगर हम

[25:02]

ये कहे कि इनके चार्ट में जैसे हमने कहा

[25:04]

कि इनका चंद्रमा की होरा में जन्म हुआ है

[25:07]

तो इनके चंद्रमा को हम देखेंगे जो कि फिथ

[25:09]

हाउस में प्लेस है तो हमय कहेंगे कि इनके

[25:12]

जीवन में कहीं ना कहीं फिथ हाउस का रोल

[25:14]

सबसे ज्यादा रहेगा इनका फोकस फिथ हाउस पर

[25:16]

बहुत ज्यादा रहेगा चाहे तो इनके बच्चों की

[25:19]

बात कर लीजिए चाहे इनकी एजुकेशन की बात कर

[25:21]

लीजिए वहा इनका फोकस और इनको रखना भी

[25:25]

चाहिए क्योंकि वही हाउस इनके लिए सबसे

[25:27]

ज्यादा गस देने वाला हाउस हो इस तरीके से

[25:30]

इस ईयर के लिए हम चेक कर सकते हैं कि

[25:32]

हमारे होरा स्वामी कौन है और वो किस हाउस

[25:34]

में प्लेस है तो हमें कहां पर अपने फोकस

[25:37]

को सबसे ज्यादा रखना है तो इस तरीके से हम

[25:40]

होरा लड के अकॉर्डिंग देखते हैं और जैसे

[25:42]

डिविजनल चार्ट है डिविजनल चार्ट्स में भी

[25:44]

हम ये देखते हैं अच्छा एक चीज और की जैसे

[25:47]

हमारे जो डीवन के लग्नेश है या हमारे ससी

[25:51]

प्रवेश के लग्नेश है उन दोनों की स्थिति

[25:54]

भी हमें एक दूसरे से देखनी होती है जितनी

[25:56]

अच्छी होती है उतना हम मानते है कि यह

[25:58]

वर्ष आपके लिए अच्छा रहने वाला है अगर

[26:00]

दोनों लर्ड एक दूसरे के साथ अच्छी पोजीशन

[26:03]

पर होते हैं तो अगर युति में है तो बहुत

[26:05]

अच्छी बात है समसप्तक है तो भी ठीक है यह

[26:08]

छ आ या दो 12 की स्थिति में नहीं होने

[26:10]

चाहिए अच्छे नहीं माने गए है इसके अलावा

[26:13]

जैसे हम डिवीजनल चार्ट की बात करते हैं तो

[26:16]

हमें पता है कि डीवन का चार्ट जो हमारा

[26:18]

तैयार हुआ उसके अकॉर्डिंग हमारे डिवीजनल

[26:20]

चार्ट भी बने इसी तरीके से हमने जो अपना

[26:23]

किसी प्रवेश चार्ट बनाया उसके अकॉर्डिंग

[26:24]

हमारे डिवीजनल चार्ट बने यहां पर हमें

[26:27]

इवेंट्स को देखना है जिन इवेंट्स के आपकी

[26:29]

लाइफ में वेट चल रहा है आप करना चाहते हैं

[26:32]

कि क्या इस हाउस से संबंधित आपको रिजल्ट

[26:34]

मिलेंगे जैसे फर्स्ट तो हमने ये कह दिया

[26:37]

कि हां अगर हमारे जो लगन लॉर्ड है फर्स्ट

[26:41]

मतलब डीवन के लगन लॉर्ड है या हमारे तिथि

[26:44]

प्रवेश के लगन लॉर्ड है उन दोनों में से

[26:46]

कोई भी प्लेनेट जिन जिन हाउसेस को इफेक्ट

[26:49]

कर रहे होंगे युति दृष्टि से उन हाउसेस के

[26:51]

आपको रिजल्ट मिलने वाले हैं उसके अलावा

[26:53]

अगर हमें कोई देखना है मान लीजिए इस चार्ट

[26:55]

की मैं बात करती हूं ये मान लीजिए कि यर

[26:57]

75 ना हो भी किसी का जल्दी का है मान

[27:00]

लीजिए किसी ऐसे व्यक्ति का है जो यह देखना

[27:02]

चाहता है क्या इस वर्ष उनकी शादी हो जाएगी

[27:04]

या क्या इस वर्ष उनके बच्चा हो जाएगा या

[27:06]

क्या इस वर्ष उनके जॉब लग जाएगी तो इस तरह

[27:09]

की जो भी कंडीशन हमें देखनी होती है व हम

[27:11]

अपने डिवीजनल चार्ट से भी देख सकते हैं

[27:14]

जिन डिवीजनल चार्ट्स

[27:16]

में उसी डिवीजनल चार्ट के एग्जांपल के तौर

[27:19]

पर मैं ये दिखा देती हूं

[27:21]

आपको जैसे यहां पर मैंने ये डी व के

[27:24]

डिवीजनल चार्ट बनाए हुएडी वडी से ना और

[27:27]

d10 ऐसे ये तिथि प्रवेश के डिविजनल

[27:29]

चार्ट्स है d1 d7 d9 और d10 तो हमें देखना

[27:34]

है क्या किसी इस भाव से संबंधित रिजल्ट

[27:36]

हमें इस साल मिल सकते हैं तो हमें यह

[27:39]

देखना होगा कि इस साल का जो लगन बना है जो

[27:43]

लगन का जो साइन बना है वो साइन हमारे जो

[27:47]

डीवन के वर्क चार्ट है उससे किस हाउस का

[27:51]

चार्ट है अगर उससे वो केंद्र त्रिकोण का

[27:53]

है तो ये बहुत अच्छी पोजीशन है और 11थ का

[27:56]

है तो 11 को तो हम हर तरीके इच्छा पूर्ति

[27:58]

का फव मानते ही है तो यह कंडीशन भी हमारी

[28:01]

बहुत अच्छी है और अगर मान लीजिए 6 आ 12 ती

[28:05]

इस तरह के हाउसेस का कनेक्शन आता है मतलब

[28:07]

उन हाउसेस का लगन आता है हमारा तो फिर यह

[28:11]

कंडीशन उस चीज के लिए अच्छी नहीं है जैसे

[28:15]

यहां तो क्या चार्ट बहुत पुराना है अगर

[28:17]

किसी का नया होता तो हम ये कह सकते हैं कि

[28:19]

इस हाउस से संबंधित आपको रिजल्ट मिलेंगे

[28:22]

जैसे अगर हम डी से की बात करें तो हम कहते

[28:24]

हैं बच्चों की लाइफ में कुछ अच्छा होगा

[28:25]

यानी इस वर्ग से संबध जो भी चीज है वहा

[28:28]

पॉजिटिव रिजल्ट आपको देखने को मिलेंगे तो

[28:31]

हम क सकते हा अग देखिए जैसे य डीवन चार्ट

[28:34]

है डीवन चार्ट में हमने देखा कि डी से में

[28:37]

डी से में जो लगन में है व मेष राशि है अब

[28:41]

मेष राशि के लिए यहां पर हमने देखा तिथि

[28:43]

प्रवेश के लगन में डी से में 11 नंबर की

[28:46]

राशि है तो ये इनके 11 हाउस की राशि हो गई

[28:49]

यानी हमने कहा कीव के थ हाउस का लगन आया

[28:53]

है तिथि प्रवेश वाले चार्ट में तो हमने

[28:56]

कहा कहीं ना कहीं इच्छा पूर्ति का चार्ट

[28:58]

आया है तो हम कहेंगे डी से से संबंधित जो

[29:01]

भी चीजें हम देखते हैं य हम जानते हैं कि

[29:04]

इससे हम संतान का विचार करते हैं तो संतान

[29:07]

से संबंधित इस वर्ष आपके लिए बहुत फेवरेबल

[29:09]

टाइम है कहीं ना कहीं कोई अच्छी घटना आपकी

[29:12]

संतान के जीवन में घट सकती है या जिन

[29:15]

लोगों के संतान नहीं हुई है उनके संतान हो

[29:17]

सकती है यानी संतान से संबंधित यहां पर

[29:19]

रिजल्ट हम पॉजिटिव

[29:26]

बोलेंगे

[29:45]

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