LunaNotes

Download Subtitles for Geometry Class 4 Video Lessons

04  Geometry Class 4

04 Geometry Class 4

Deependra

1696 segments HI

SRT - Most compatible format for video players (VLC, media players, video editors)

VTT - Web Video Text Tracks for HTML5 video and browsers

TXT - Plain text with timestamps for easy reading and editing

Subtitle Preview

Scroll to view all subtitles

[00:03]

हेलो डियर आपका ज्योमेट्री की क्लास फोर

[00:05]

के अंदर बहुत-बहुत स्वागत है। इस वीडियो

[00:08]

के अंदर हम काफी इंपॉर्टेंट टॉपिक करने

[00:10]

वाले हैं। कांग्रुएंसी और सिमिलरिटी

[00:12]

सर्वांगसमता और समरूपता। ठीक है? तो अभी

[00:16]

वाइट स्क्रीन इसलिए है क्योंकि थोड़ी सी

[00:18]

एनिमेशन आप लोगों को दिखानी थी। वो और कुछ

[00:22]

चीजें विजुअली

[00:24]

आप लोगों को समझानी थी। आपके दिमाग में

[00:25]

सेट करनी थी। तो वाइट स्क्रीन पर ही अच्छी

[00:28]

लगती है। सुंदर लिख दिखती हैं। ठीक है?

[00:30]

जैसे ही क्वेश्चन आएंगे मैं ब्लैक स्क्रीन

[00:32]

के ऊपर स्विच कर जाऊंगा। तो स्टार्ट कर

[00:35]

दें फिर पढ़ रहे हो कि नहीं रोज? ठीक है?

[00:38]

पूरे सिलेबस की टेंशन नहीं लेनी। जैसे कि

[00:41]

मैंने पहले बताया है। बस आज के काम की

[00:43]

टेंशन लो। अभी किस मूड में बैठे हो? इसकी

[00:46]

टेंशन लो। अभी ठीक-ठाक बैठे हो। हाथ पैर

[00:49]

मुंह धो के हैं। मुंह वगैरह धो के बैठ जाओ

[00:52]

आराम से पेन नोटबुक लेकर। पूरा ध्यान

[00:53]

लगाकर। ईयरफोन लगाकर क्लास देखा करो। ठीक

[00:56]

है? ताकि कोई डिस्टर्ब ना कर सके। और अगर

[00:59]

कोई डिस्टर्ब आपको करता है और आप वाकई में

[01:01]

सीरियस हैं चीजों को लेकर तो आप उनको

[01:03]

इंस्ट्रक्शन भी दे सकते हैं। ठीक है? कि

[01:06]

भाई ऐसे-से क्लास ले रहा हूं। इस वक्त

[01:08]

मेरे को डिस्टर्ब मत किया करो। घर वाले

[01:10]

हो, दोस्त हो जहां पर भी आप रह रहे हैं।

[01:12]

जिंदगी में कुछ पाना है तो कुछ एक फिक्स

[01:15]

कुछ चीजें तो फॉलो करनी पड़ेगी ना। उन्हें

[01:17]

फॉलो करो। चीजों को सीरियसली लो। और यहां

[01:20]

पर बहुत ठंड पड़ रही है यार चंडीगढ़ में

[01:23]

कैप वगैरह के बिना दिमाग सुन ना हो जाए

[01:26]

मेरे को यह लग रहा था। चलिए स्टार्ट करें

[01:28]

फिर। चलिए जी तो सबसे पहले कांग्रुएंस

[01:31]

कांग्रुएंस सर्वांग समता। हिंदी में इसका

[01:34]

मतलब आपको पता चल रहा है। सर्व मतलब कि

[01:36]

सारे सर्वगुण संपन्न बोलते हैं ना कि सारे

[01:39]

गुण हैं। सारे अंग

[01:43]

समान।

[01:45]

सारे अंग समान का क्या मतलब है? कोई भी दो

[01:47]

फिगर यहां पर ट्रायंगल होना जरूरी नहीं

[01:49]

है। कोई भी दो फिगर उनके सारे पार्ट्स

[01:53]

यानी कि सारी भुजाएं, सारे एंगल सब कुछ

[01:56]

अगर उनका समान है या फिर हम यह बोल सकते

[01:58]

हैं अगर वो एक दूसरे के ऊपर रखी जा सकती

[02:00]

हैं तो उनको हम कांग्रुएंट बोलेंगे। उनको

[02:03]

हम सर्वांगसम बोलेंगे। देख लेते हैं। देखो

[02:06]

चाहे कैसी भी फिगर हो फर्क ही नहीं पड़ता।

[02:09]

ठीक है? मान लो यह दोनों फिगर्स हैं। यह

[02:11]

भी एक फिगर है। इर्रेगुलर फिगर है। बट

[02:13]

फिगर तो है। ऐसे ही यह भी दो फिगर हैं। जब

[02:16]

आप इनको इनके ऊपर रखोगे तो ये कंप्लीटली

[02:18]

इनको कवर कर रही हैं। जी हां सर।

[02:21]

कंप्लीटली कवर कर रही है ना? बिल्कुल एक

[02:23]

दूसरे के जैसी हैं। जी हां सर। तो ये

[02:25]

दोनों फिगर्स क्या है? मतलब कि ये फिगर और

[02:28]

ये फिगर ये दोनों फिगर नंबर वन एंड फिगर

[02:32]

नंबर टू ये दोनों क्या है? ये कांग्रुएंट

[02:34]

हैं। फिगर नंबर थ्री और फिगर नंबर फोर ये

[02:37]

दोनों क्या है? ये कांग्रुएंट है। समझ में

[02:40]

आ गई बात? अगर दो फिगर्स एक दूसरे के

[02:43]

इक्वल हो तो ज्योमेट्री में इक्वल नहीं

[02:45]

बोलते। कॉंग्रुएंट बोलते हैं। कुल मिलाकर

[02:48]

ये बात। अगर आप ट्रायंगल्स की बात करो तो

[02:50]

ये वाली ट्रायंगल और ये वाली ट्रायंगल एक

[02:52]

दूसरे के कांग्रुएंट है।

[02:55]

ठीक है? डन। अब हमें कैसे पता चलेगा

[02:57]

एग्जाम में कि दो चीजें कांग्रुएंट है।

[02:59]

उसके कुछ रूल्स होते हैं। तो वो मैं आपको

[03:02]

रिवाइज करवा देता हूं। देखो जरा। सबसे

[03:04]

पहला रूल है साइड। साइड साइड एस एस एस रूल

[03:08]

अगर एक ट्रायंगल और दूसरी ट्रायंगल अगर

[03:10]

हमारे पास दो ट्रायंगल्स हैं और एक

[03:13]

ट्रायंगल की सारी साइड्स दूसरी ट्रायंगल

[03:16]

की सारी साइड्स के बराबर हैं। अब एग्जाम

[03:18]

में ऐसे तो है नहीं कि आप कंप्यूटर की

[03:20]

स्क्रीन को काट के ऐसे उसको उठाकर उसके

[03:22]

ऊपर रख के देखोगे। तो कुछ रूल्स हैं

[03:24]

कॉंग्रुएंट है कि नहीं। अगर एक ट्रायंगल

[03:26]

की सारी साइड्स दूसरी ट्रायंगल की सारी

[03:28]

साइड्स के इक्वल हैं तो वो कांग्रुएंट

[03:30]

होगा। और कुछ चेक करने की जरूरत नहीं है।

[03:33]

इफ AB = DE एंड BC

[03:38]

= EF एंड CA = FD तो दोनों ट्रायंगल्स

[03:43]

कॉंग्रुएंट होएगी। क्लियर है? और अगर

[03:46]

दोनों ट्रायंगल कॉनंग्रुएंट हो गई यानी कि

[03:48]

वो बिल्कुल ही इक्वल हैं। अगर दो चीजें

[03:50]

बिल्कुल ही इक्वल हैं तो उनके कॉस्पोंडिंग

[03:52]

पार्ट अब कॉस्पोंडिंग पार्ट का क्या मतलब

[03:54]

है? ये वाला एंगल इसके इक्वल होएगा। कौन

[03:58]

सा एंगल? ऐसा एंगल जो एक डंडी और दो डंडी

[04:00]

वाली साइडों के बीच में बना है। जो एक

[04:03]

डंडी और दो डंडी वाली साइडों के बीच में

[04:05]

बना है। यह नहीं है कि यह वाला एंगल इसके

[04:07]

इक्वल होगा। नहीं कॉरेस्पोंडिंग पार्ट्स

[04:09]

इसलिए बोला जाता है।

[04:12]

ठीक? उसका संगत हिस्सा

[04:14]

यहां पर दो डंडी और तीन डंडी के बीच वाला।

[04:16]

दो डंडी और तीन डंडी के बीच वाला। वह सारे

[04:19]

बाय डिफॉल्ट इक्वल हो जाएंगे। ठीक है भाई?

[04:22]

नेक्स्ट रूल जो है एसए एएस रूल। तो साइड

[04:25]

एंगल साइड अगर इस ट्रायंगल की दो साइड

[04:29]

इस ट्रायंगल की दो साइड के बराबर हैं और

[04:32]

उन दोनों साइडों के बीच वाला कोण बीच में

[04:35]

a लिखा है ना मैंने बीच में उन दोनों के

[04:37]

बीच वाला कोण अगर इक्वल है तो साइड एंगल

[04:40]

साइड के तहत हम बोल सकते हैं कि दोनों

[04:43]

फिगर्स एक दूसरे के कॉंग्रुएंट यानी कि

[04:46]

सर्वांगसम है। नेक्स्ट नेक्स्ट रूल है दो

[04:50]

एंगल और एक साइड एंगल साइड एंगल एंगल एंगल

[04:54]

साइड साइड एंगल एंगल अगर दो एंगल और एक

[04:57]

साइड हो तो साइड बीच में होनी जरूरी नहीं

[04:59]

है। साइड कहीं पर भी हो जाए फर्क ही नहीं

[05:01]

पड़ता। क्यों सर? अभी बताता हूं। देखो मान

[05:04]

लो एंगल बी = एंगल e एंड एंगल सी = एंगल

[05:10]

f। अगर दो ट्रायंगल्स के दो एंगल इक्वल हो

[05:13]

गए, तो तीसरा एंगल तो बाय डिफ़ॉल्ट इक्वल

[05:14]

हो गया ना? क्योंकि तीनों एंगल्स का सम

[05:16]

क्या है? 180 यहां पर भी तीनों एंगल का सम

[05:18]

180 अगर ये दो इक्वल हो गए तो तीसरा तो

[05:21]

बचा कुचा होएगा 180 में से ये दोनों इक्वल

[05:24]

है तो यहां पर भी तीसरा बचा कुचा होएगा

[05:26]

180 में से तो ये तो इक्वल हो ही गए तो

[05:29]

एक्चुअल में साइड बीच में होनी चाहिए

[05:31]

लेकिन अगर दो एंगल इक्वल हो गए तो तीसरा

[05:34]

तो बाय डिफॉल्ट इक्वल हो गया अब किसी भी

[05:36]

साइड को इक्वल बोल दो अगर इस साइड को इसके

[05:39]

इक्वल बोल दोगे तो भी दो इक्वल एंगल के

[05:42]

बीच वाली साइड इक्वल हो गई

[05:44]

इसको इक्वल बोल दोगे तो भी दो इक्वल एंगल

[05:47]

के बीच वाली साइड इक्वल होगी। इसको इक्वल

[05:50]

बोल दोगे तो भी दो इक्वल एंगल के बीच वाली

[05:53]

साइड इक्वल होगी। अगर दो एंगल इक्वल हैं

[05:56]

तो तीसरा एंगल बाय डिफॉल्ट इक्वल हो गया।

[05:58]

इस बात को ध्यान रखिएगा। आगे यूज़ होएगी।

[06:00]

ठीक है? तो साइड फिर कोई सी भी हो। अगर दो

[06:03]

एंगल इक्वल है फिर कोई भी साइड हो। एएस ए

[06:06]

एस एस ए कुछ भी आप बोल दो। साइड बीच में आ

[06:09]

जाए या आखिर में आ जाए पहले आ जाए फर्क ही

[06:11]

नहीं पड़ता। ठीक है? क्लियर है? आगे बढ़े।

[06:15]

नेक्स्ट है आरएचएस रूल यानी कि दो

[06:18]

ट्रायंगल के अंदर दोनों के अंदर एक राइट

[06:20]

एंगल हो यानी कि राइट एंगल ट्रायंगल हो।

[06:22]

यहां पर भी है यहां पर भी है। ठीक है? H

[06:25]

का मतलब है कि हाइपोटेन्यूज यानी कि कर्ण

[06:29]

हाइपोटेनस दोनों का इक्वल हो। 90 के सामने

[06:31]

वाला हो गया जी इक्वल। ठीक है? उसके अलावा

[06:35]

एक और साइड इक्वल हो दोनों की। कोई भी

[06:37]

साइड ले लो। मैंने ये वाली इसके इक्वल ले

[06:40]

ली। तो सर इससे क्या होएगा? देखो बहुत ही

[06:42]

सिंपल है। पाइथागोरस थ्योरम आपको आता है?

[06:44]

जी हां सर। यह भी राइट एंगल ट्रायंगल है।

[06:47]

यह भी राइट एंगल ट्रायंगल है।

[06:48]

हाइपोटेन्यूज माइनस परपेंडिकुलर स्क्वायर

[06:51]

हाइपोटेनस का स्क्वायर माइनस परपेंडिकुलर

[06:53]

का स्क्वायर बेस आ जाएगा। हां जी।

[06:55]

हाइपोटेनस और परपेंडिकुलर से बेस आ जाएगा।

[06:58]

हां जी। अगर ये दोनों बराबर हैं। ये दोनों

[07:01]

बराबर हैं तो बेस तो बराबर ही आएगा

[07:02]

पाइथागोरस थ्योरम से। फिर तो sएसएस से

[07:04]

ट्रायंगल कांग्रुएंट ही हो गई। तो उसने

[07:06]

किया क्या कि दोनों राइट एंगल ट्रायंगल

[07:08]

हैं और कोई भी दो साइड बराबर हो। अब मैं

[07:11]

बोल ऐसे भी सकता हूं हाइपोटेनस का बराबर

[07:13]

होना जरूरी नहीं है। कोई भी दो राइट एंगल

[07:15]

ट्रायंगल है और उसका यह और यह बराबर हो।

[07:18]

कोई भी दो साइड बराबर हो बात बन जाएगी।

[07:21]

ठीक है? हां, उस केस में साइड एंगल साइड

[07:23]

भी हो जाएगा।

[07:25]

ठीक है? तो आरएचएस भी एक रूल है। साथ के

[07:27]

साथ में मैं थोड़ी सी ब्रेन स्टॉर्मिंग भी

[07:29]

करवा रहा हूं डायरेक्टली बताने की वजह। तो

[07:32]

अगर दो ट्रायंगल्स के अंदर दोनों के अंदर

[07:34]

राइट एंगल हो, दोनों का हाइपोटेनस इक्वल

[07:37]

हो, दोनों की एक साइड हाइपोटेनस के अलावा

[07:40]

ऑफ़ कोर्स इक्वल हो, तो दोनों कांग्रुएंट

[07:42]

होंगी। ठीक है भाई नेक्स्ट मैं आपको बता

[07:46]

देता हूं कि सिमिलरिटी क्या होती है उसके

[07:48]

बाद इन दोनों के ऊपर बेस्ड क्वेश्चन

[07:50]

करेंगे कांगुएंस और सिमिलरिटी में क्या

[07:52]

फर्क है कांगुएंस का मतलब है कि सारे अंग

[07:55]

समान हो और यहां पर है समरूपता यानी कि

[08:00]

समान

[08:01]

रूप हो रूप एक जैसा हो हैं रूप एक जैसा हो

[08:06]

आकार एक जैसा होने की जरूरत नहीं है आकार

[08:10]

अगर एक जैसा हो गया तो भी ठीक आकार यानी

[08:12]

कि साइज

[08:14]

रूप एक जैसा हो। जैसे कि मैं कहना क्या

[08:17]

चाह रहा हूं? मान लो एक सर्कल है छोटा सा

[08:19]

और एक सर्कल है बड़ा सा। इन दोनों का रूप

[08:21]

एक जैसा है ना।

[08:24]

है ना? एक ही शेप के हैं। तो ये दोनों

[08:26]

सिमिलर हैं। लेकिन अगर मैं दो सर्कल ले

[08:29]

लूं सेम साइज के तो वो क्या हो जाएंगे?

[08:32]

क्या ये सिमिलर हैं? हां सिमिलर भी हैं,

[08:34]

समरूप भी है, एक रूप के जैसे हैं और

[08:37]

कांग्रुएंट भी हैं। कांग्रुएंट भी हैं। तो

[08:40]

जितनी भी चीजें कांग्रुएंट हैं वो सिमिलर

[08:42]

तो है ही। वो बिल्कुल ही बराबर हैं। वो

[08:44]

सिमिलर तो है ही। तो सारी कांग्रुएंट

[08:46]

चीजें सिमिलर हैं। लेकिन सारी सिमिलर

[08:48]

चीजें कांग्रुएंट नहीं हैं। ठीक है?

[08:50]

सिमिलर का मतलब सिर्फ रूप एक जैसा हो। अगर

[08:53]

इसको मैं थोड़ा सा आपके दिमाग में और

[08:55]

क्लियर करना चाहूं। तो मान लो एक जूता है।

[08:57]

यह दो जूते हैं। यह जूता जो है एक ही

[09:00]

कंपनी का एक ही मॉडल का सात नंबर का जूता

[09:02]

है। यह भी सात नंबर का जूता है। तो दोनों

[09:04]

क्या हैं? सिमिलर हैं या कांग्रुएंट है?

[09:08]

बिल्कुल बराबर तो हैं। एक ही पैर के लेफ्ट

[09:10]

पैर के दोनों हैं। तो ये क्या है? यह

[09:12]

कांग्रुएंट है। ऐसे ही मान लो उसी कंपनी

[09:15]

का सात नंबर का जूता और उसी कंपनी का पांच

[09:18]

नंबर का जूता। यह क्या है? एक जैसे तो हैं

[09:22]

बट बराबर नहीं है तो यह सिमिलर है। ठीक है

[09:26]

मेरे भाई? कांग्रुएंसी और सिमिलरिटी के

[09:28]

बीच में फर्क समझ में आ गई? तो

[09:30]

कांग्रुएंसी और सिमिलरिटी के बीच में क्या

[09:32]

फर्क है? कि कांग्रुएंट में चीजें बिल्कुल

[09:34]

बराबर है। सिमिलर में एक चीज दूसरे से

[09:37]

छोटी या बड़ी हो सकती है। एक चीज छोटी है,

[09:39]

एक बड़ी है। तो अगर इसका सिर्फ मैं साइज

[09:41]

बढ़ा दूं तो यह उसके कॉंग्रुएंट हो जाएगी।

[09:45]

जैसे यहां पर ये ट्रायंगल है लाल और ब्लू।

[09:47]

तो यह दोनों सिमिलर हैं। देखने में आपको

[09:49]

लग रहा है अगर मैं इसका साइज बढ़ा दूं तो

[09:52]

यह कांग्रुएंट भी हो जाएंगी। देखो

[09:57]

ठीक है? तो सिमिलर और कांग्रुएंट में क्या

[09:59]

फर्क है? कांग्रुएंट में साइज भी सेम है,

[10:01]

रूप भी सेम है। सिमिलर में सिर्फ रूप सेम

[10:03]

है। साइज का भी आर नॉट श्योर। ठीक है? और

[10:06]

अगर मैं आपको यह बोल दूं कि दो चीजें दो

[10:10]

चीजें कोई भी दो चीजें वो सिमिलर हैं। ठीक

[10:12]

है? और साथ में साइज भी सेम है तो वह

[10:15]

कांग्रुएंट हो गई। है ना? ठीक। देन अब दो

[10:21]

ट्रायंगल सिमिलर हैं। उनके रूल हमने देखने

[10:23]

हैं। तो सिमिलर हैं। तो सिमिलर में साइज

[10:26]

सेम होना जरूरी नहीं है। नहीं है। मैंने

[10:29]

आपको बताया। सिर्फ आकार सेम होना, शेप सेम

[10:32]

होनी जरूरी है। तो यहां पर एसएसएस रूल है

[10:36]

लेकिन साइड्स का इक्वल होना जरूरी नहीं

[10:38]

है। मान लो इस ट्रायंगल की साइड है A, इस

[10:42]

ट्रायंगल की इस साइड की लेंथ है A, इस

[10:44]

साइड की लेंथ है B, इस साइड की लेंथ है C।

[10:46]

तो इस ट्रायंगल की जो साइड्स हैं वो

[10:48]

एग्जैक्टली इतनी होनी जरूरी नहीं है। बस

[10:50]

इनके कुछ गुणा में हो। जैसे यह A है तो यह

[10:54]

K * A ये K * B यह K * C

[11:01]

जैसे मान लो इस ट्रायंगल की जो साइड है वो

[11:03]

10 सें.मी. की है। 12 सें.मी. की है। 13

[11:06]

सें.मी. की है। तो इस ट्रायंगल की साइड 20

[11:09]

सें.मी. की। 12 का डबल 24 सें.मी. की। ठीक

[11:13]

है? 13 का डबल 26 सें.मी. की। तो एक ही

[11:18]

रेश्यो में हो गई ना साइड्स। 10 12 13 20

[11:21]

24 26 इन्हीं का डबल है। तो सिमिलरिटी में

[11:25]

क्या है? एग्जैक्टली बराबर होना जरूरी

[11:27]

नहीं है। सारी साइड्स का सारी साइड्स का

[11:29]

रेश्यो सेम हो ट्रायंगल्स का। यानी कि

[11:32]

सिमिलर कब होएंगी? इफ AB

[11:37]

बटे में DE

[11:40]

=

[11:42]

AC वही सिमिलर साइड लो बटे में DF = BC

[11:48]

बटे में E ठीक है? मैं बेसिक्स भी एक लेवल

[11:51]

पर थोड़े-थोड़े टच करके चल रहा हूं। आपके

[11:53]

दिमाग में मैं जैसे बैठाना चाह रहा हूं

[11:55]

चीजों को वैसे बैठाना जरूरी है। ठीक है?

[11:58]

तो अपने अकॉर्डिंग स्पीड को आगे पीछे कर

[12:00]

लेना भाई। मैं मेहनत करने के लिए तैयार

[12:02]

हूं। आप भी तैयार रहो।

[12:04]

अगर दो ट्रायंगल्स की कॉस्पोंडिंग साइड्स

[12:07]

का लेंथ का रेश्यो अगर सेम है तो इसका

[12:09]

मतलब वो सिमिलर है। या फिर अगर वो सिमिलर

[12:11]

है तो लेंथ का रेश्यो सेम होगा। अगर दो

[12:15]

ट्रायंगल सिमिलर हैं इसकी ये वाली साइड

[12:17]

इससे तीन गुना हुई तो सारी कॉस्पोंडिंग

[12:19]

साइड इसकी साइड से तीन गुना होगी।

[12:22]

डन। क्लियर? नेक्स्ट एए रूल। तो एए रूल को

[12:29]

हम एए रूल भी बोल सकते हैं। क्यों?

[12:32]

क्योंकि अगर मान लो इस ट्रायंगल का यह

[12:34]

वाला एंगल और यह वाला एंगल इक्वल हो। ये

[12:36]

वाला एंगल और ये वाला एंगल इक्वल हो तो

[12:38]

तीसरा एंगल तो बाय डिफॉल्ट इक्वल हो गया।

[12:40]

तो वैसे रूल क्या कहता है? रूल कहता है कि

[12:43]

एक ट्रायंगल के तीनों एंगल अगर दूसरी

[12:45]

ट्रायंगल के तीनों एंगल के बराबर हो तो वो

[12:46]

सिमिलर होती है। लेकिन अगर दो एंगल इक्वल

[12:49]

हो गए तो तीसरा एंगल तो बाय डिफ़ॉल्ट इक्वल

[12:51]

ही हो गया। क्योंकि सम तो 180 होना है

[12:53]

सारे एंगल्स का। तो दो ट्रायंगल्स के दो

[12:57]

एंगल इक्वल होते हैं। इस बात को कान खोल

[12:59]

कर बैठा लो। दो ट्रायंगल्स के दो एंगल

[13:01]

इक्वल होते ही वह सिमिलर हो जाती है।

[13:03]

क्योंकि तीसरा एंगल बाय डिफॉल्ट इक्वल हो

[13:05]

गया। इस प्रॉपर्टी को वो इस तरीके से यूज़

[13:08]

कर सकता है। आपसे छुपा सकता है एग्जामिनर।

[13:10]

वो कई बार मतलब ऐसे कर देगा

[13:14]

कि दिस एंगल

[13:16]

इक्वल टू दिस एंगल।

[13:19]

अब आप देखोगे कि दो ट्रायंगल हैं यहां पर

[13:21]

ABC

[13:23]

तो देखो यह वाला एंगल और यह वाला एंगल

[13:25]

इक्वल है और यह वाला एंगल कॉमन है। सबसे

[13:28]

बड़ी ट्रायंगल के अंदर कौन-कौन से एंगल

[13:30]

है? मैंने ये वाला और ये वाला बोल दिया।

[13:32]

नहीं ऐसे नहीं ऐसे नहीं। ये वो हो जाएगी।

[13:35]

रुको एक बार थोड़ा सा। लेट मी चेंज। मान

[13:39]

लो मैंने ये वाला एंगल

[13:42]

एक एंगल ही इसका वो करना है ना। ये तो

[13:45]

कॉमन हो गया।

[13:47]

मान लो मैंने यह बोल दिया कि यह वाला एंगल

[13:50]

इसके इक्वल है।

[13:52]

ठीक है? अब यह वाला एंगल तो दोनों

[13:54]

ट्रायंगल में कॉमन है। अब आप देखो

[13:57]

ट्रायंगल ADC उसने सिर्फ ये वाला एंगल और

[13:59]

ये वाला एंगल इक्वल बताया। दूसरा उसने

[14:01]

कॉमन दे दिया। तो ट्रायंगल ADC डिटेल में

[14:04]

बाद में करेंगे। ये के अंदर दो एंगल हैं।

[14:06]

एक डंडी वाला दो डंडी वाला। और पूरी बड़ी

[14:08]

ट्रायंगल के अंदर भी दो एंगल है। एक डंडी

[14:10]

वाला दो डंडी वाला। तीसरा चाहे जो भी हो

[14:12]

वह तो बाय डिफ़ॉल्ट इक्वल होगा। तो यहां पर

[14:14]

दो ट्रायंगल कांगु सिमिलर हो गई। एक डंडी

[14:17]

दो डंडी खाली एक डंडी छोटी ट्रायंगल की

[14:20]

बात कर रहा हूं। डीएसी में एक डंडी क्या

[14:22]

है? सी दो डंडी क्या है? ए खाली क्या है?

[14:25]

डी इज सिमिलर टू बड़ी वाली ट्रायंगल के

[14:28]

अंदर एक डंडी वाला एक लाइन वाला B दो लाइन

[14:31]

वाला A थर्ड वर्टेक्स है C। तो ये दोनों

[14:34]

ट्रायंगल सिमिलर होगी। यह सिमिलर का साइन

[14:37]

है।

[14:39]

अगर दो ट्रायंगल आपस में सिमिलर हैं तो यह

[14:42]

उनका साइन है। जैसे अगर मैं आपको ये बताऊं

[14:44]

कि 3 = 2 + 1 ये इज इक्वल टू का साइन है।

[14:48]

ऐसे ही ये सिमिलर का साइन है। अगर दो

[14:50]

ट्रायंगल एक दूसरे के कॉंग्रुएंट हो इज

[14:53]

इक्वल टू के ऊपर सिमिलर लगा दो। कि सिमिलर

[14:55]

तो है ही है। देखो इस साइन का क्या मतलब

[14:57]

है? इसका मतलब होता है कि सिमिलर है। इसका

[14:59]

मतलब है कि सिमिलर है और साथ में बराबर भी

[15:02]

हैं। तो कांग्रुएंसी के साइन से ही पता चल

[15:05]

रहा है कि सिमिलर भी है, इक्वल भी है।

[15:07]

ठीक? क्लियर है जी? तो डबल ए रूल क्लियर

[15:10]

हो गया। नेक्स्ट एस एस रूल। देखो एस एस का

[15:13]

मतलब है साइड एंगल साइड। तो जो साइड है ना

[15:16]

साइड

[15:17]

उनका सिर्फ रेश्यो बराबर हो।

[15:20]

यानी कि अगर अगर AB की लंबाई यहां पर C

[15:25]

यूनिट है और यहां पर इसकी लंबाई है K * C

[15:28]

ध्यान से सुनिएगा। यहां पर AC की लंबाई

[15:30]

अगर B यूनिट है। इसकी लंबाई है B की K *

[15:34]

इसकी लंबाई है C की K * गुणा। तो रेश्यो

[15:36]

तो सेम चल रहा है। और अगर बीच वाला एंगल

[15:39]

इक्वल हो जाए। एंगल को इक्वल होना पड़ेगा।

[15:40]

एंगल का रेश्यो नहीं। सिमिलरिटी में एंगल

[15:42]

तो इक्वल ही होना पड़ेगा। ठीक है? तो साइड

[15:46]

एंगल साइड से यह सिमिलर हो जाएंगे।

[15:49]

ठीक है? आपको यह रटने नहीं है।

[15:52]

कांग्रुएंसी में सारे रूल याद हैं। जी

[15:54]

हां। सिमिलरिटी में वह सारे रूल लगेंगे।

[15:57]

ठीक है? बस साइड्स में रेश्यो चलता रहेगा।

[16:00]

एंगल इक्वल होने चाहिए। ठीक है? साइड्स

[16:02]

में रेश्यो एंगल में चीजें इक्वल होनी

[16:06]

चाहिए। तो चीजें सिमिलर हो जाएंगी। जनरली

[16:10]

आपको ये चीजें बताई नहीं जाती। बुक्स

[16:12]

वगैरह में पता नहीं क्यों नहीं गिवन है।

[16:14]

बहुत ही बेसिक सी चीज है। इसके ऊपर

[16:16]

डेफिनेटली क्वेश्चन होते हैं।

[16:19]

क्लियर है भाई? ठीक है? नेक्स्ट आरएचएस

[16:23]

रूल। तो R का क्या मतलब है? राइट एंगल।

[16:25]

दोनों ट्रायंगल में राइट एंगल हो।

[16:27]

हाइपोटेनस दोनों ट्रायंगल के हाइपोटेनस का

[16:30]

रेश्यो और उनकी साइड्स का रेश्यो सेम हो।

[16:32]

जैसे मान लो इसका हाइपोटेनस है H और इसका

[16:35]

हाइपोटेनस है H का K गुणा। और इसकी ये

[16:38]

वाली साइड है कुछ भी मान लेते हैं

[16:40]

परपेंडिकुलर है ना P। तो इस वाली साइड की

[16:42]

लंबाई है P की K गुणा। तो रेश्यो तो सेम

[16:44]

हो गया। उसकी साइड्स कुछ ना कुछ गुणा है

[16:47]

ना इसकी P की के गुणा H की के गुणा तो

[16:50]

राइट एंगल हाइपोटेनस का रेशियो और उनकी

[16:53]

साइड्स का रेशियो बराबर है तो सिमिलर हो

[16:55]

गई।

[16:56]

क्लियर है भाई? क्लियर है?

[17:00]

नेक्स्ट काफी इंपॉर्टेंट बात। रिलेशन

[17:04]

बिटवीन वन डायमेंशनल एंड टू डायमेंशनल

[17:07]

मेजर्स। इसका मतलब क्या है? मान लो लेट

[17:10]

ट्रायंगल ABC

[17:13]

बी सिमिलर टू ट्रायंगल DEF मान लो यह

[17:17]

ट्रायंगल सिमिलर है।

[17:20]

ठीक है? सिमिलरिटी का क्या मतलब है? कि ये

[17:22]

जो बड़े वाली ट्रायंगल है ये इसकी कुछ ना

[17:25]

कुछ गुणा है। उसकी जो साइड्स हैं इसके

[17:29]

कंपैरिजन में हो सकता है दो गुणा हो, तीन

[17:32]

गुणा हो, चार गुणा हो। हमें नहीं पता कुछ

[17:35]

ना कुछ गुणा है। मैं मान लेता हूं ये A

[17:37]

है। ये B है, यह C है। ठीक है? ये इसकी

[17:42]

साइड K गुणा मान लेता हूं मैं। इसकी साइड

[17:44]

है B * K, यह वाली साइड है C * K, यह वाली

[17:48]

साइड है A * K। अगर उसकी साइड K गुणा है,

[17:54]

तो ध्यान से मेरी बात को सुनिएगा। एक तो

[17:56]

होती है वन डायमेंशनल चीजें। वन डायमेंशनल

[17:58]

चीजों का क्या मतलब है? वन डायमेंशनल

[18:00]

चीजों का मतलब है साइड्स की लेंथ।

[18:04]

ठीक है? जैसे

[18:08]

इसकी साइड की लंबाई है C, इसकी साइड की

[18:10]

लंबाई है C के। तो इसकी जो साइड की लंबाई

[18:13]

है, इसके कंपैरिजन में K गुणा है। हैं?

[18:16]

इसकी अगर मैं एटीट्यूड ले लूं

[18:20]

अगर मैं A से एटीट्यूड ले लूं AD और यहां

[18:23]

पर मैं D से इसको हम मान लेते हैं AP।

[18:26]

यहां पर मैं D से एक एटीट्यूड ले लूं DQ

[18:29]

एटीट्यूड यानी कि लंब। तो आपने यह बात का

[18:32]

ध्यान रखना है कि यह दोनों ट्रायंगल क्या

[18:33]

है? सिमिलर हैं। यह ट्रायंगल एग्जैक्टली

[18:36]

ऐसी ही है। बस इससे थोड़ी सी बड़ी है। तो

[18:39]

इसकी जो वन डायमेंशनल चीजें हैं वो सेम

[18:41]

गुणा होंगी। ठीक है? इसकी जो एटीट्यूड है

[18:44]

AP

[18:49]

मैं इस k की जगह फॉर एग्जांपल दूसरी

[18:51]

वैल्यू ले लेता हूं ताकि आप अच्छे से

[18:52]

रिलेट कर पाएं।

[18:54]

A को अभी हटा देते हैं। मान लो वहां पर जो

[18:57]

चीजें हैं वह तीन गुना चल रही हैं। तीन

[18:59]

गुना चल रही है। ठीक है भाई?

[19:02]

तो इस एटीट्यूड की लंबाई अगर x है तो इस

[19:05]

एटीट्यूड की लंबाई 3x होएगी।

[19:09]

ठीक है? अगर मैं यहां पर भी एक सर्कल बना

[19:11]

दूं और यहां पर भी एक सर्कल बना दूं। इन

[19:13]

सर्कल बना दूं तो इस सर्कल का रेडियस अगर

[19:17]

r है तो इस सर्कल का रेडियस 3r होएगा। तो

[19:20]

जो वन डायमेंशनल चीजें हैं वो ऐसे ही सेम

[19:22]

गुणा चलेंगी। अगर मैं इसके बाहर एक सर्कल

[19:25]

बना दूं और इसके बाहर एक सर्कल बना दूं तो

[19:28]

अगर इसके सरकम सर्कल का रेडियस कैपिटल r

[19:31]

है तो इसके सरकम सर्कल का रेडियस 3r

[19:34]

होएगा। ऐसे मान

[19:37]

क्लियर है जी? अगर मैं यहां पर एक मीडियन

[19:40]

खींच दूं। यहां से एक मीडियन खींच दूं तो

[19:45]

इसकी मीडियन की लंबाई अगर m होएगी तो यहां

[19:48]

पर मैंने ऐसे मीडियन खींची तो इसकी मीडियन

[19:51]

की लंबाई 3m होएगी।

[19:53]

अब मैंने यहां पर भी मीडियन यहीं से खींची

[19:55]

थी। यहां पर मीडियन मैंने यहां से नहीं

[19:57]

खींची। तो कॉस्पोंडिंग चीजें होनी चाहिए।

[19:59]

यहां वाली मीडियन अगर A और C के बीच में

[20:02]

है तो यहां वाली भी A और C के बीच वाली

[20:04]

होनी चाहिए। तो जो वन डायमेंशनल चीजें हैं

[20:06]

जो लंबाईयां हैं वो उसी रेश्यो में

[20:08]

रहेंगी।

[20:10]

ठीक है? इस ट्रायंगल की कोई भी एक लंबाई

[20:12]

और इस ट्रायंगल की कोई भी एक लंबाई। ठीक

[20:14]

है? अब हम बात करते हैं 2D चीजों की। अगर

[20:17]

इस ट्रायंगल का पेरीमीटर और इस ट्रायंगल

[20:19]

का पेरीमीटर। पेरीमीटर क्या है? लंबाई।

[20:21]

पेरीरामीटर लंबाई है 20 मीटर 30 मीटर

[20:24]

लंबाई वह उसका पेरीमीटर तीन गुना होएगा।

[20:28]

ठीक है? अगर मैं इसके अंदर एक स्क्वायर

[20:30]

बना दूं और इसके अंदर एक स्क्वायर बना दूं

[20:32]

बड़े से बड़ा तो उस स्क्वायर का जो साइड

[20:35]

है इस स्क्वायर की साइड से तीन गुना

[20:36]

होएगी। उसका पेरीमीटर भी तीन गुना होएगा।

[20:39]

समझ गए? अब टू डायमेंशनल चीजों की बात

[20:42]

करते हैं। इस ट्रायंगल का एरिया जो है और

[20:44]

उस ट्रायंगल का जो एरिया है अगर उसकी वन

[20:46]

डायमेंशनल चीजें तीन गुना है तो उसकी टू

[20:48]

डायमेंशनल चीजें तीन का स्क्वायर गुना

[20:51]

जैसे यहां पर वन डायमेंशनल चीजें तीन गुना

[20:53]

हो गई है हमारे एग्जांपल में तो टू

[20:54]

डायमेंशनल चीजें तीन का स्क्वायर गुना

[20:57]

यानी कि नौ गुना होएंगी। इस ट्रायंगल के

[21:00]

एरिया के कंपैरिजन में उस ट्रायंगल का

[21:01]

एरिया नौ गुना। इस सर्कल के एरिया के

[21:04]

कंपैरिजन में उस सर्कल का एरिया अंदर वाले

[21:06]

का नौ गुना। बाहर वाले सर्कल के कंपैरिजन

[21:08]

में बाहर वाले सर्कल का एरिया नौ गुना। तो

[21:11]

चीजें अगर सिमिलर हो जाए तो जो 2D चीजें

[21:13]

हैं आप देखोगे कि 1D में चीजें कितनी गुना

[21:16]

है? 2D में उसका स्क्वायर गुणा होगी। ठीक

[21:18]

है? अब इसको मैथमेटिकली कैसे भी लिख लो।

[21:21]

आप ऐसे लिख लो कि AB

[21:24]

/ में DE = AC / DF = BC / EF इक्वल टू

[21:33]

मान लो K है। ठीक है? तो यह मतलब बराबर

[21:36]

होएगा इसकी मीडियन इस ट्रायंगल की मीडियन

[21:39]

उस ट्रायंगल की मीडियन का यही रेशियोगा

[21:41]

कॉस्पोंडिंग मीडियन होनी चाहिए इसकी यहां

[21:44]

से निकली तो इसकी भी यहीं से निकलनी चाहिए

[21:46]

इसकी एटीट्यूड बटे में उसकी एटीट्यूड का

[21:49]

वन डायमेंशनल चीजों का सेम ही रेश्यो आएगा

[21:51]

तो मैं लिख नहीं सकता इनफाइनाइट चीजें बना

[21:53]

सकता हूं मैं ठीक है ऐसे ही जो टू

[21:55]

डायमेंशनल चीजें हैं जैसे कि एरिया ऑफ

[21:58]

ट्रायंगल ABC / एरिया ऑफ़ ट्रायंगल DEF दैट

[22:02]

विल बी इक्वल टू K²

[22:05]

या फिर आप ऐसे बोल सकते हो ab/ जो इनकी

[22:08]

साइड्स का रेशियो है उस रेशियो का

[22:10]

स्क्वायर।

[22:12]

ठीक है? अंडरस्टैंडिंग वही है क्लियर?

[22:14]

उम्मीद है मैं क्लियर हूं इस चीज को

[22:16]

समझाने में।

[22:18]

मेन चीज है आपको ये अंडरस्टैंडिंग क्लियर

[22:20]

होनी चाहिए। ये चीज समझ में आ जानी चाहिए।

[22:23]

ठीक है जी। आगे हम करने वाले हैं। अब तक

[22:27]

तो मैंने आपको बता दिया कि भाई सिमिलरिटी

[22:29]

के क्या-क्या रूल्स हैं। सिमिलरिटी का

[22:32]

मतलब क्या है? बता दिया। कंग्रुएंसी का

[22:34]

मतलब बता दिया। अब सिमिलर ट्रायंगल्स

[22:38]

कई सारी सिचुएशंस के अंदर क्रिएट हो जाती

[22:41]

हैं। तो वहां पर हमें क्या करना पड़ता है?

[22:43]

वहां पर हमें यह प्रूव करना पड़ता है कि

[22:46]

ये ट्रायंगल इसके सिमिलर है और फिर हम

[22:48]

क्वेश्चन को सॉल्व करना स्टार्ट करते हैं।

[22:50]

लेकिन वो सिचुएशन बार-बार रिपीट होती है।

[22:52]

तो क्यों ना मैं वो सिचुएशन आपको बता दूं

[22:54]

कि कौन-कौन सी स्पेशल सिचुएशन है। एक

[22:56]

स्टेप बच जाएगा क्या? यह प्रूव करने वाला

[22:58]

कि ये वाली इसके सिमिलर है। ठीक है? बहुत

[23:01]

ज्यादा रिपीटेटिव हाईली रिपीटेटिव

[23:03]

सिचुएशंस हैं। क्यों ना एक बार उनके ऊपर

[23:05]

नजर मार लें? देखो जी। ठीक है? जितनी भी

[23:08]

सिचुएशंस पॉसिबल हैं सारी की सारी करवा

[23:10]

दूंगा।

[23:12]

ठीक है? चलो सबसे पहली सिचुएशन लाइन

[23:15]

पैरेलल टू बेस। किसी भी ट्रायंगल के अंदर

[23:17]

अगर बेस के पैरेलल किसी भी एक साइड के

[23:20]

पैरेलल अगर मैं लाइन ड्रॉ कर दूं। मान लो

[23:23]

यहां पर एक पॉइंट है D। यहां पर एक पॉइंट

[23:24]

है E. सपोज DE इज पैरेलल टू BC. तो उस केस

[23:30]

में यह जो छोटे वाली ट्रायंगल बनती है यह

[23:32]

वाली और जो पूरी बड़ी ट्रायंगल है मैं

[23:35]

सिर्फ रिवीजन के पर्पस से करवा रहा हूं ना

[23:37]

यह आप समझ रहे हो छोटी वाली ट्रायंगल है

[23:39]

और पूरी बड़ी वाली ट्रायंगल है ये सिमिलर

[23:41]

होती हैं क्यों सिमिलर होते हैं आप ईजीली

[23:43]

प्रूव कर सकते हो कि ये वाला एंगल इसके

[23:46]

इक्वल होएगा कॉस्पोंडिंग एंगल ये वाला

[23:48]

एंगल इसके इक्वल होएगा कॉस्पोंडिंग एंगल

[23:50]

ठीक है अगर दो एंगल इक्वल हो गए तो हो गई

[23:53]

सिमिलर तीसरा बाय डिफॉल्ट इक्वल है ठीक है

[23:55]

तो ट्रायंगल

[23:59]

इज सिमिलर टू टू ट्रायंगल

[24:02]

ABC

[24:04]

यानी कि छोटी वाली ट्रायंगल की साइड AD

[24:08]

बटे में बड़े वाली ट्रायंगल की साइड AB

[24:12]

साइड्स का रेशियो भी सेम होएगा। फिर

[24:13]

सिमिलर हो गई तो छोटे वाले ट्रायंगल की

[24:16]

साइड AE

[24:17]

बटे में बड़े वाले ट्रायंगल की साइड AC =

[24:20]

छोटे वाले ट्रायंगल की साइड DE बटे में

[24:23]

बड़े वाले ट्रायंगल की साइड BC

[24:26]

ठीक क्लियर है या फिर एक और तरीके से बोल

[24:30]

सकते हैं कि AD / में DB

[24:34]

= AE / में EC

[24:38]

AD / DB मैंने बड़े वाले ट्रायंगल की साइड

[24:41]

नहीं ली ना सिर्फ DB ले लिया। कोई नहीं

[24:42]

इधर भी ऐसे ले लूंगा ae / में ac लेकिन कई

[24:46]

बार ऐसे बंदे इसको गलत कर देते हैं आगे

[24:48]

फिर लिख देंगे de / में bc ये गलत है ये

[24:51]

छोटी ट्रायंगल की साइड है ये बड़ी

[24:53]

ट्रायंगल की साइड है जबकि ऐसा यहां पर

[24:55]

हमने नहीं लिया इसके इक्वल नहीं करना भाई

[24:58]

साहब ठीक है इसके इक्वल नहीं करना ये ठीक

[25:02]

है ठीक है क्लियर है तो जब भी अगर बेस के

[25:05]

पैरेलल लाइन खींची जाए तो ये जो छोटी

[25:07]

ट्रायंगल बनती है और ये बड़ी ट्रायंगल

[25:09]

बनती है दोनों सिमिलर है इस चीज को

[25:10]

बार-बार वो यूज करता है यहां पर। हालांकि

[25:12]

मैंने एनिमेशन बनाई थी।

[25:16]

चलो कोई नहीं आपकी किस्मत में थी नहीं।

[25:18]

मैं क्या कर सकता?

[25:22]

ठीक।

[25:25]

नेक्स्ट मिड पॉइंट थ्योरम। अब इसी का एक

[25:28]

स्पेशल केस है। स्पेशल केस क्या है? कि

[25:30]

अगर मैं किसी भी ट्रायंगल के अंदर दो

[25:33]

लाइनों का मिड पॉइंट लूं। इसका मिड पॉइंट

[25:34]

मैंने ले लिया और उसका मिड पॉइंट मैंने ले

[25:36]

लिया। एनिमेशन बना रखी है क्या? हां जी।

[25:39]

हल्के में ले रहे हो क्या तुम?

[25:41]

यह मिड पॉइंट मैंने ले लिया। यह भी मिड

[25:43]

पॉइंट है। ठीक है? यही बराबर हिस्सों में

[25:45]

बांटता है। तो, यह उसी का स्पेशल केस हो

[25:47]

गया पिछले वाले का इसी का। ठीक है? तो, अब

[25:51]

देखो जरा ध्यान से।

[25:54]

और हां, एक और बात। हां, वो बात क्लियर हो

[25:57]

गई। ठीक है? ये मैंने मिड पॉइंट ले लिया

[25:59]

अब की बार। तो, अगर यह मैंने मिड पॉइंट ले

[26:01]

लिया, तो अब ध्यान से देखो। मैं

[26:04]

डायरेक्टली आपको रूल ही बता देता हूं। यह

[26:06]

मिड पॉइंट ले लिया, यह मिड पॉइंट ले लिया।

[26:08]

तो यह जो लाइन है यह सामने वाले के पैरेलल

[26:11]

हो जाएगी। ठीक है? यह जो लाइन है यह सामने

[26:14]

वाले के पैरेलल हो जाएगी और तीसरी साइड से

[26:16]

हाफ हो जाएगी। मिड पॉइंट लेते ही DE विल

[26:21]

बी पैरेलल टू BC एंड DE विल बी 1/2 ऑफ़ BC

[26:27]

प्रूव करने का टाइम नहीं है ना। जो प्रूव

[26:30]

करने में फायदा होगा वो मैं प्रूव करता

[26:31]

रहूंगा। क्लियर है? और मिड पॉइंट लिया है

[26:35]

इस कारण। मिड पॉइंट लिया है। यह पैरेलल हो

[26:38]

गई। यह तीसरी वाली के हाफ हो गई। ठीक है?

[26:40]

पैरेलल हो गई। इस कारण ट्रायंगल A DE

[26:46]

इज सिमिलर टू ट्रायंगल ABC।

[26:50]

ठीक है? अब ध्यान से देखो। AD बटे में AB

[26:54]

इक्वल टू छोटी ट्रायंगल की साइड बटे में

[26:56]

बड़ी ट्रायंगल की साइड। छोटी ट्रायंगल की

[26:59]

साइड बटे में बड़ी ट्रायंगल की साइड। छोटी

[27:01]

ट्रायंगल की साइड बटे में बड़ी ट्रायंगल

[27:03]

की साइड = 1/2 क्योंकि यह एक यूनिट है तो

[27:06]

यह भी एक यूनिट है। बिकॉज़ यह मिड पॉइंट

[27:08]

है। तो छोटी ट्रायंगल की साइड एक है तो

[27:11]

बड़ी ट्रायंगल की साइड 2 यूनिट है। क्लियर

[27:13]

है? बात समझ में आ गई? इसीलिए ये जो DE है

[27:16]

छोटी ट्रायंगल की साइड बटे में बड़ी

[27:18]

ट्रायंगल की साइड ये क्या थी? ये हाफ थी।

[27:21]

ठीक है? ये रूल आपको डायरेक्टली पता होना

[27:23]

चाहिए। ठीक है जी। नेक्स्ट।

[27:26]

अब यहां पर आपको एक और चीज पता होनी चाहिए

[27:29]

क्या? कि एरिया ऑफ़ ट्रायंगल

[27:31]

एरिया ऑफ़ ट्रायंगल ADE मतलब जो आपको बाय

[27:35]

हार्ट याद होनी चाहिए। बटे में एरिया ऑफ़

[27:37]

ट्रायंगल ABC

[27:40]

एरिया का क्या रेश्यो होएगा? 1/2 का

[27:42]

स्क्वायर यानी कि 1/4 यानी कि अगर छोटी

[27:46]

ट्रायंगल का एरिया 1 यूनिट है तो पूरी बड़ी

[27:49]

ट्रायंगल का एरिया कितना होएगा? 4 यूनिट।

[27:51]

तो 4 में से एक गए 3 यूनिट।

[27:55]

यानी कि अगर मैं मिड पॉइंट खींच दूं मिड

[27:59]

पॉइंट और मिड पॉइंट को मिला दूं तो जो दो

[28:01]

हिस्से बनते हैं इसका एरिया एक है तो पूरी

[28:03]

बड़ी का चार है तो ये तीन है। ये

[28:05]

डायरेक्टली पता होना चाहिए। इसका एरिया 10

[28:07]

यूनिट है तो इसका एरिया 30 यूनिट आएगा।

[28:10]

ठीक है? कोई बहुत बड़ी चीज याद करने के

[28:12]

लिए नहीं बोल रहा। बिल्कुल बेसिक चीज है।

[28:14]

डायरेक्टली इतना तो हम यूज़ कर ही सकते

[28:16]

हैं। ठीक है मेरे भाई?

[28:18]

नेक्स्ट एक और जगह पर जब सिमिलर

[28:24]

ट्रायंगल्स की सिचुएशन बनती है और जो कि

[28:26]

काफी इंपॉर्टेंट है एटीट्यूड इन राइट एंगल

[28:30]

ट्रायंगल रेट का मतलब राइट एंगल ट्रायंगल

[28:33]

ठीक है कैसे हमारे पास एक राइट एंगल

[28:35]

ट्रायंगल है ABC और यहां पर राइट एंगल है

[28:38]

इसमें जब हम राइट एंगुलर वर्टेक्स से यहां

[28:41]

पर एटीट्यूड ड्रॉ करेंगे ये जो राइट

[28:43]

एंगुलर वर्टेक्स है जहां पर 90° का कोण

[28:46]

बना है वहां से अगर मैं एटीट्यूड ड्रॉप

[28:48]

करूंगा तो टोटल तीन ट्रायंगल बनती हैं।

[28:56]

टोटल तीन ट्रायंगल बनती हैं। एक तो मेन

[28:58]

वाली ट्रायंगल, एक ये जो छोटी ट्रायंगल

[29:02]

यहां पर क्रिएट हुई, एक ये वाली ट्रायंगल

[29:04]

यहां पर क्रिएट हुई। दो ट्रायंगल तो ये हो

[29:05]

गई छोटी-छोटी और एक अपनी पूरी बड़ी मेन

[29:08]

ट्रायंगल। यह तीनों ट्रायंगल सिमिलर होती

[29:10]

हैं।

[29:12]

अगर आपको यूज़ करना पड़े यह कैसे सिमिलर

[29:15]

होती हैं। मान लो मैंने इस एंगल को मान

[29:17]

लिया थीटा और इस एंगल को मैंने क्या

[29:19]

मानूं? ये 90 है। दोनों एंगल का सम 90 है

[29:22]

तो इसको मैंने मान लिया थीटा'। अगर ये

[29:24]

थीटा' है तो ये थीटा हो जाएगा। क्यों?

[29:26]

क्योंकि ये पूरा एंगल भी 90 था। 90 में से

[29:28]

थीटा' को घटाऊंगा थीटा। तो फिर ये भी क्या

[29:31]

हो जाएगा? ये भी थीटा' हो जाएगा। ये 90

[29:33]

है। θ + θ' 90 है। मैंने थीटा के अलावा

[29:37]

थीटा' मान लिया। उस एंगल को जिसके साथ

[29:39]

थीटा ड मिलके 90 बनाता है। जिसके साथ थीटा

[29:42]

मिलके 90 बनाता है। ठीक है? थीटा और थीटा

[29:44]

ड 90 है उस ट्रायंगल में। ठीक है? अब देखो

[29:47]

बड़ी वाली ट्रायंगल में कौन-कौन से एंगल

[29:49]

है? सबसे बड़ी ट्रायंगल में सबसे बड़ी में

[29:52]

सर थीटा θ ड और 90 ठीक है? इस वाली

[29:55]

ट्रायंगल में थीटा θ' 90 इस वाली ट्रायंगल

[29:58]

में थीटा θ' 90 तो कभी भी आपको लिखना पड़े

[30:01]

कि कौन सी ट्रायंगल किसके कॉंग्रुएंट है।

[30:04]

एंगल्स को पकड़ो ना कि साइड्स को एंगल्स को

[30:06]

पकड़ो। मैं कैसे लिखूंगा? थीटा बड़ी वाली

[30:09]

ट्रायंगल लिख रहा हूं। टा'

[30:12]

90 तो थीटा कहां पर है? b θ' कहां पर है?

[30:15]

c और 90 है a पर। दिस ट्रायंगल इज सिमिलर

[30:19]

टू छोटी वाली ट्रायंगल में वही ऑर्डर फोटो

[30:22]

फॉलो करूंगा। θ θ' 90 यानी कि bad

[30:27]

मैं यहां पर ट्रायंगल का साइन नहीं लिख

[30:29]

रहा। ठीक है? इतना तो आप इतने इंटेलिजेंट

[30:32]

तो हो ना। θ θ' 90 acd

[30:37]

क्लियर है भाई? समझ में आ गई बात? अगर हम

[30:41]

राइट एंगल ट्रायंगल के अंदर राइट एंगुलर

[30:43]

वर्टेक्स से एटीट्यूड ड्रॉ कर देंगे तो जो

[30:46]

मेन ट्रायंगल है और जो दो नई ट्रायंगल हैं

[30:48]

सारी सिमिलर होएंगी। अब इनके कारण यहां पर

[30:51]

कुछ रिजल्ट्स डेवलप किए जा सकते हैं। वो

[30:54]

रिजल्ट्स आपको डायरेक्टली याद होने चाहिए।

[30:57]

ठीक है? आपको डायरेक्टली याद होने चाहिए।

[30:59]

वह मैं यहां पर लिखूंगा। कौन-कौन से? जब

[31:02]

हम इनको कंपेयर करेंगे और उनको कैसे याद

[31:04]

करना है ये भी मैं आपको बताऊंगा। कौन से

[31:06]

रंग से बताऊं?

[31:08]

ब्लू से बताते हैं। देखो सबसे पहले रिजल्ट

[31:11]

किस टाइप के होएंगे? AD² = DB * DC

[31:19]

AB² = BD * BC एंड AC² = CD * CP

[31:30]

ठीक है? देन दूसरे नंबर के रिजल्ट कैसे

[31:32]

होंगे वही बताऊं। देखो भाई

[31:36]

आप यह मान लो कि जहां पर 90 डिग्री का कोण

[31:39]

है ना उसको मैं मानता हूं कि यहां से ये

[31:42]

लाइन स्टार्ट हुई है। मान लो ये ट्रायंगल

[31:44]

ऐसे ही है। आपको ये चीजें रटने के लिए एक

[31:47]

फॉर्मेट दिमाग में बैठाना पड़ेगा। बहुत ही

[31:49]

ईजीली अभी के अभी याद हो जाएंगी। जिंदगी

[31:52]

भर नहीं भूलोगे। ऐसे देखो मैं ये मान लेता

[31:55]

हूं कि ट्रायंगल ऐसी बनी हुई है और ये

[31:56]

राइट एंगुलर वर्टेक्स है। ठीक है? हां जी।

[31:59]

यहां से मैं पैराशूट ले उतरा या मैं कैसे

[32:01]

भी उतरा। यह ऊंचाई पर है। मैं यहां से

[32:03]

उतरा। मैं D पर उतरा। A से मैं D पर उतरा

[32:06]

तो AD का स्क्वायर। D से मैं बाकी दोनों

[32:10]

पॉइंट्स के ऊपर जाऊंगा। नीचे तीन पॉइंट

[32:12]

है। DB * DC AD² = DB * DC अब मैं उतरा A

[32:19]

से B पर। अगर मैं B पर उतरूंगा तो बाकी

[32:21]

दोनों पॉइंट पर विजिट करूंगा। ab स्क्वायर

[32:24]

= BD * BC BD * BC अगर मैं C पर उतरा A से

[32:31]

तो CD * CB

[32:35]

CD * CB ऐसे आप इसको याद कर लो। तीनों

[32:39]

रिजल्ट्स ऐसे याद हो जाएंगे। अब

[32:42]

लेट दिस बी फर्स्ट सेकंड। अब यहां से तीन

[32:46]

रिजल्ट और क्रिएट किए जा सकते हैं जिनको

[32:48]

वो कई बार यूज कर लेता है। अगर मैं पहली

[32:50]

वाली को दूसरी वाली से डिवाइड करूं तो भी

[32:52]

एक रिजल्ट निकलेगा। अगर मैं दूसरी वाली को

[32:55]

तीसरी वाली से डिवाइड करूं तो भी एक

[32:56]

रिजल्ट निकलेगा। हैं? अगर मैं पहली वाली

[32:59]

और तीसरी वाली का रेश्यो लूं तो भी एक

[33:01]

रिजल्ट निकलेगा। टोटल तीन तरीके से रेश्यो

[33:04]

लिया जा सकता है। तो तीन रिजल्ट और बन गए।

[33:06]

वो अलग से रटने की जरूरत नहीं है। इन

[33:08]

तीनों रिजल्ट में से एक रिजल्ट बस आपको

[33:10]

याद होना चाहिए। कौन से वाला? देखो

[33:13]

और उसको याद करने का इजी तरीका ही बताऊंगा

[33:17]

क्योंकि वो कई बार डायरेक्टली पूछ लेता

[33:19]

है। अदरवाइज अब जो तीन रिजल्ट निकलेंगे ये

[33:22]

मैंने पर्सनली रट के नहीं रखे। मैं आपको

[33:24]

डायरेक्टली बताऊं। देखो अगर फर्स्ट वाली

[33:26]

को दूसरे वाली से डिवाइड करूंगा तो क्या

[33:28]

आएगा? देख लेते हैं। इसको दूसरे से डिवाइड

[33:30]

करूंगा तो AD²

[33:33]

/ AB² क्वेश्चन के अंदर पता चल जाएगा ना?

[33:35]

चाहे उसने ये कर रखा है। तो देखो BD से BD

[33:39]

कट गई DC/ BC

[33:43]

अगर इसको डिवाइड करोगे सेकंड को थर्ड से

[33:46]

सेकंड को थर्ड से तो AB²

[33:50]

/ AC² और क्या आपको ये रटने की जरूरत है?

[33:52]

देखो AB² AB² के अंदर आएगा BD और पूरा BC

[33:58]

और AC² AC² के अंदर आएगा CD और पूरा CB अब

[34:02]

BC ले लो या CB ले लो बात तो एक ही है तो

[34:05]

AB² के अंदर BD

[34:08]

* BC उसके अंदर CD * CB तो वो तो कट

[34:12]

जाएगा। तो ये हो जाएगा CD ऐसे ही यहां से

[34:14]

भी आप कर सकते हो। क्लियर है भाई? अब हमें

[34:17]

कौन सा रिजल्ट याद रखना है? हमें यह वाला

[34:19]

रिजल्ट याद रखना है इन तीन के अंदर

[34:22]

स्पेसिफिक रटना नहीं है। मैं पर्सनली रट

[34:25]

के नहीं रखता। मैं कैसे याद रखता हूं यह

[34:26]

मैं आपको बता देता हूं। देखो उसके लिए एक

[34:29]

छोटा सा रूल आपको पता होना चाहिए। क्या

[34:31]

रूल पता होना चाहिए कि अगर हमारे पास कोई

[34:35]

ट्रायंगल है और उस ट्रायंगल के बेस को एक

[34:38]

लाइन ने अगर a:b रेश्यो में बांट दिया तो

[34:42]

उस ट्रायंगल के ये जो दो ट्रायंगल बने हैं

[34:44]

इनका एरिया भी a:b रेश्यो में ही बंटता

[34:47]

है। ठीक? आगे हम ये करने वाले हैं। ठीक

[34:50]

है? अगर किसी लाइन ने ट्रायंगल के बेस को

[34:53]

A:B रेशियो में बांट दिया तो ये एरिया ये

[34:55]

जो दो ट्रायंगल बनी है इनका एरिया का

[34:57]

रेशियो भी A:B ही होता है। तो यहां पर ये

[35:00]

है BD यहां पर ये है DC इस लाइन ने इस

[35:02]

ट्रायंगल को इस लाइन ने ट्रायंगल के बेस

[35:06]

को जिस रेश्यो में बांटा है उसी रेश्यो

[35:07]

में यहां का एरिया बेटेगा। तो इन दोनों के

[35:10]

एरिया का क्या रेश्यो है? इनके एरिया का

[35:12]

रेश्यो है BDC

[35:16]

क्योंकि बेस को किस रेश्यो में बांटा है?

[35:18]

BD: DC तो जो भी BDC का रेश्यो वही इन

[35:21]

दोनों के एरिया का रेश्यो होएगा। क्लियर

[35:23]

है? सीधी बात है? ओके? और ये दोनों

[35:25]

ट्रायंगल सिमिलर हैं। अगर सिमिलर ट्रायंगल

[35:28]

हैं तो इनके एरिया का क्या रेश्यो होएगा?

[35:30]

इनके एरिया का रेश्यो होएगा। जो साइड्स का

[35:32]

रेश्यो होता है उसका स्क्वायर।

[35:34]

साइड का जो भी रेश्यो होता है उसका

[35:36]

स्क्वायर होता है ना। साइड तो वन डायमेंशन

[35:38]

में है। एरिया टू डायमेंशन में है। तो

[35:41]

कॉस्पोंडिंग साइड का स्क्वायर 90 के सामने

[35:43]

यहां पर कौन सी साइड है? AB 90 के सामने

[35:46]

यहां पर कौन सी साइड है? AC तो इस

[35:49]

ट्रायंगल और इस ट्रायंगल के एरिया का

[35:51]

रेश्यो। तो एरिया ऑफ ट्रायंगल ABD

[35:53]

अपॉन एरिया ऑफ ट्रायंगल ACD

[35:58]

का रेश्यो है एक हिसाब से हम बोल सकते हैं

[36:00]

BDCB

[36:02]

क्योंकि इस साइड ने बेस को BDC में बांटा

[36:04]

है या फिर ऐसे बोल सकते हैं जो इनकी

[36:06]

कॉस्पोंडिंग साइड है उनके स्क्वायर का

[36:08]

रेश्यो यानी कि AB²

[36:12]

/ AC² इसी चीज को अलग नजरिए से दिखाया

[36:16]

मैंने बच्चों

[36:18]

क्लियर है भाई इसको लिख लो मैं इसको

[36:20]

मिटाने वाला हूं।

[36:23]

वीडियो पॉज करके लिख लो।

[36:31]

ठीक है जी। नेक्स्ट तो ये दूसरा रिजल्ट

[36:33]

समझ में आ गई बात। अब तीसरा रिजल्ट भाई

[36:37]

तीसरा रिजल्ट प्रूव करके नहीं दिखाऊंगा।

[36:50]

1 AD² अगर ऐसे सिचुएशन बनी हुई है। बीच

[36:54]

में क्या है? बीच में यही है ना? AD तीन

[36:56]

साइड हैं अपने पास। तीनों का स्क्वायर यूज़

[36:58]

होता है। AD² AB² AC² ADAB AC तो ये जो

[37:02]

बीच वाली है 1 / AD² = 1 / AB² + 1 / AC²

[37:09]

ठीक है? इसको ईजीली प्रूव किया जा सकता है

[37:12]

पाइथागोरस थ्योरम और एरिया वाला यूज़ करके।

[37:14]

लेकिन यहां पर उतना टाइम नहीं है ना? तो

[37:16]

और वैसे भी ये डायरेक्टली रटा हुआ होना

[37:18]

चाहिए। रूप से इतनी खास यहां पर हेल्प

[37:20]

नहीं हुई। देन दूसरा रिजल्ट, तीसरा

[37:23]

रिजल्ट, चौथा रिजल्ट। अब इस ट्रायंगल का

[37:25]

एरिया ट्रायंगल का एरिया क्या होता है?

[37:27]

1/2 * बेस * हाइट। इस ट्रायंगल के एरिया

[37:29]

को मैं दो तरीके से लिख सकता हूं। 1/2 *

[37:31]

ये वाला बेस गुणा में ये वाली हाइट। एरिया

[37:34]

क्या होएगा? 1/2 * BC * AD और एक और तरीके

[37:38]

से लिख सकता हूं। राइट एंगल ट्रायंगल है।

[37:40]

1/2 * यह वाला बेस और यह वाली हाइट। तो AB

[37:43]

* AC दोनों का हाफ कट गया। तो, यह रिजल्ट

[37:47]

भी आपको याद होना चाहिए।

[37:49]

क्लियर है? तो, सारे रिजल्ट आपको करवा दिए

[37:52]

हैं। यह देखो,

[37:55]

यह जो इंपॉर्टेंट रिजल्ट है, यह भी अलग से

[37:57]

बता दिया है। नोट्स में ही मिल जाएंगे।

[38:01]

नेक्स्ट एक सिचुएशन जहां पर ट्रायंगल्स जो

[38:03]

हैं, वो सिमिलर होते हैं, वो होता है जब

[38:07]

पैरेलल लाइंस के बीच में क्रॉस बना दे कोई

[38:10]

या फिर Z की शेप बना दे या फिर डमरू जैसी

[38:13]

आपको आकृति दिखे ताकि वहां पर आपको प्रूव

[38:16]

नहीं करनी पड़गी चीजें। है ना? मैं आपका

[38:18]

एक स्टेप बचा रहा हूं। बड़े वाला एक स्टेप

[38:20]

नहीं कई स्टेप्स में बचा रहा हूं। अगर दो

[38:22]

लाइनें पैरेलल हैं और उनके बीच में किसी

[38:24]

बंदे ने ऐसे कांटा मार दिया। तो यहां पर

[38:26]

ये जो ट्रायंगल बन रही है नंबर वन और नंबर

[38:29]

टू ये दोनों सिमिलर होएंगी। क्यों होएगी?

[38:32]

यहां पर एक बार प्रूव करके दिखा देता हूं।

[38:34]

बिकॉज़ लाइंस पैरेलल हैं।

[38:37]

ये ट्रांसवर्सल है। तो ये वाला एंगल इसके

[38:40]

इक्वल होएगा। क्यों? अल्टरनेट इंटीरियर

[38:42]

एंगल। ये वाला एंगल इसके इक्वल होएगा।

[38:44]

क्यों? अल्टरनेट इंटीरियर एंगल। यह वाला

[38:46]

एंगल और ये वाला एंगल इक्वल होंगे। क्यों?

[38:48]

वैसे तो इनके इक्वल होने की जरूरत नहीं

[38:50]

है। ठीक है? दो एंगल इक्वल होते ही सिमिलर

[38:52]

हो गई। वर्टिकली ऑोजिट एंगल। ठीक है? तो

[38:55]

दोनों ट्रायंगल सिमिलर हो गई। हां। तो जब

[38:58]

भी कभी भी पैरेलल लाइंस के बीच में ऐसे

[39:01]

क्रॉस बना हुआ मिलेगा। ये एक डमरू बन गया

[39:03]

कि नहीं? डमरू को ऐसे ही तो बजाते हैं।

[39:05]

यहां से ऐसे धागा होता है। यहां से ऐसे एक

[39:07]

धागा होता है। ठीक है? तो जब भी ये डमरू

[39:10]

आपको मिले तो इस और डमरू के अंदर सिचुएशन

[39:13]

कंडीशन क्या है? सिर्फ एक ये आमने-सामने

[39:15]

वाली लाइंस पैरेलल हो तो दोनों ये जो है

[39:18]

ट्रायंगल सिमिलर होती हैं। अब इसका भस बदल

[39:21]

सकता है। जैसे सिंपल डमरू आ सकता है। अगर

[39:24]

मैंने बोला ऐसी सिचुएशन अब ऐसी सिचुएशन एक

[39:26]

फिगर के अंदर बार-बार आती है। ट्रेपीज़ियम

[39:29]

जो है ना ट्रेपीज़ियम ट्रेपीज़ियम उसके

[39:32]

आमने-सामने वाली लाइंस पैरेलल होती हैं।

[39:34]

वो बार-बार इसके डायगोनल्स को मिला देता

[39:36]

है। बार-बार एग्जामिनर की आदत है। देखो

[39:38]

ट्रायंगल नंबर वन और टू सिमिलर होएंगे।

[39:40]

ठीक है? और वो क्या करता है? बार-बार

[39:42]

पैरेल जहां पर भी पैरेलल लाइन दिखे ना वो

[39:44]

कर देता है एग्जामिनर ऐसे। ठीक है?

[39:46]

पैरेललोग्राम है, स्क्वायर है जो भी है तो

[39:49]

उसके अंदर भी ऐसे कर देता है कि एक

[39:51]

डायगोनल खींच दिया और यहां पर बीच में ऐसे

[39:53]

खींच दिया। ये लाइनें तो पैरेलल है ही। तो

[39:56]

ये डमरू ही बन गया। ट्रायंगल नंबर वन और

[39:58]

टू दोनों सिमिलर हो गई। ठीक? अगर किसी भी

[40:02]

डमरू में आमने-सामने वाली ये पैरेलल हो तो

[40:05]

सिमिलर हो जाएंगी। जैसे थोड़ा सा तिरछा कर

[40:07]

दिया, थोड़ा सा और तिरछा कर दिया। है तो

[40:09]

एक हिसाब से बेचारा डमरू ही पकड़ के बजा

[40:11]

सकते हो आप। ठीक है? क्लियर है? समझ में आ

[40:14]

गई बात? पकड़ लोगे इस चीज को। बस बजाने मत

[40:18]

लग जाना पेपर में।

[40:20]

नेक्स्ट

[40:22]

कॉमन टेंजेंट्स उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएं।

[40:25]

तो देखो कॉमन टेंजेंट यानी कि कोई भी दो

[40:28]

सर्कल हो। अब ये इतना ज्यादा यूज़ नहीं

[40:30]

होता एग्जाम में। यूज़ तो होता है। ठीक?

[40:35]

लेकिन वह दूसरे वाले से थोड़ा सा कम होता

[40:37]

है। क्वेश्चन इसके ऊपर भी बहुत आए हैं।

[40:40]

टेंजेंट दो तरीके से कॉमन हो सकते हैं। एक

[40:42]

तो डायरेक्ट टेंजेंट ऐसे इसको डायरेक्ट

[40:45]

टेंजेंट बोलते हैं। आगे करेंगे। अगर

[40:47]

एग्जामिनर ने ऐसे टेंजेंट खींचा है और मान

[40:49]

लो उसने ऐसे सेंटर को मिला दिया है।

[40:52]

ये एक कॉमन टेंजेंट है। टेंजेंट AB तो दो

[40:56]

सर्कल का ऐसे कॉमन टेंजेंट बनाए या फिर दो

[40:59]

सर्कल का ट्रांसवर्स टेंजेंट बनाए। और यह

[41:03]

इसका सेंटर है। यह इसका सेंटर है। तो यहां

[41:05]

पर देखो यहां से रेडियस बना दिया। यहां से

[41:07]

रेडियस बना दिया। यहां पर यह जो

[41:09]

ट्रायंगल्स बन रही है ना यह और ये और यहां

[41:11]

पर ये जो ट्रायंगल बन रही हैं ये सिमिलर

[41:14]

होती हैं। ये बार-बार वहां पर प्रूव नहीं

[41:16]

करनी है। अगर इसके ऊपर क्वेश्चन आ गया तो

[41:18]

बहुत बार क्वेश्चन है। ठीक है? ये तो

[41:20]

सिमिलर क्यों है? क्योंकि ये देखो टेंजेंट

[41:23]

के परपेंडिकुलर होएगा। रेडियस टेंजेंट के

[41:26]

परपेंडिकुलर होएगा। तो ये तो दोनों पैरेलल

[41:28]

हो गए। ये तो आपको साफ-साफ दिख रहा है। ये

[41:30]

सिमिलर हो गई। कौन सी ट्रायंगल की बात कर

[41:32]

रहा हूं? ये छोटे वाली ट्रायंगल और ये बड़े

[41:36]

वाली ट्रायंगल। यहां पर किसकी बात कर रहा

[41:38]

हूं? ये वाली ट्रायंगल और ये वाली

[41:40]

ट्रायंगल। अब ये सिमिलर क्यों है सर? देखो

[41:45]

ये 90° है। ये 90° है। ओके। ये वाला एंगल

[41:48]

और ये वाला एंगल क्या है? वर्टिकली ऑोजिट

[41:50]

एंगल है। जी हां सर। तो दो एंगल इक्वल हो

[41:53]

गए। जी हां। तो हो गई सिमिलर। इस

[41:55]

सिमिलरिटी को बार-बार यूज़ कर रहा है आजकल।

[41:58]

ठीक है? वो कई बार क्या कर कह रहा है कि

[42:01]

इसकी लंबाई 5 सें.मी. है। इसकी लंबाई 10

[42:03]

सें.मी. है। इसकी लंबाई 3 सें.मी. है। तो

[42:06]

इसकी लंबाई बताओ। सिमिलर ट्रायंगल है।

[42:08]

आपको पता है ये पांच है। ये 10 है। ये

[42:10]

वाली ट्रायंगल दुगनी चल रही है उससे। ये

[42:12]

तीन है तो ये छह होएगा।

[42:15]

ठीक है? हां। हां बस इतना ध्यान रखना कि

[42:19]

ये मतलब कि इस वाली लाइन के कॉस्पोंडिंग

[42:22]

ये है। इस वाली लाइन के कॉस्पोंडिंग ये

[42:24]

है। तो टेंजेंट्स

[42:27]

टेंजेंट्स चाहे डायरेक्ट हो, ट्रांसवर्स

[42:30]

हो, किसी भी तरह का टेंजेंट हो। एक से

[42:32]

ज्यादा टेंजेंट भी हो सकते हैं।

[42:36]

मान लो ऐसे टेंजेंट हो तो वह सिमिलर

[42:40]

ट्रायंगल्स क्रिएट करते हैं। तो वो सिमिलर

[42:44]

ट्रायंगल्स क्रिएट करते हैं। सर यहां पर

[42:45]

कैसे क्रिएट हुई? देखो दो टेंजेंट्स बराबर

[42:48]

होते हैं एक पॉइंट से खींचे गए किसी भी

[42:50]

सर्कल पर। हां जी सर। तो ये और ये बराबर

[42:52]

हो गई। हां जी। ऐसे ही सिमिलरली

[42:56]

ये क्या बन गया भाई?

[42:59]

लो ऐसे इमेजिन करो आपने इतनी गंदी ब्रैकेट

[43:02]

देखी नहीं। यह लो यह टेंजेंट्स भी बराबर

[43:05]

हो गए। ठीक है? और ये वाला एंगल तो इक्वल

[43:08]

है ही। साइड एंगल साइड साइड एंगल साइड

[43:11]

समझ रहे हो? छोटे वाली ट्रायंगल ABC

[43:15]

और बड़े वाली ट्रायंगल ADE ये सिमिलर हैं।

[43:19]

छोटे वाली ट्रायंगल भी एक आइसोस्केलस

[43:21]

ट्रायंगल है। ये दोनों बराबर हैं।

[43:23]

टेंजेंट्स ड्रॉन फ्रॉम सेम पॉइंट आर

[43:25]

इक्वल। ठीक है? बड़े वाली ट्रायंगल भी

[43:27]

आइसोस्केलस है। टेंजेंट स्ट्रोन फ्रॉम

[43:30]

रुको। फिर उस केस में बड़े वाली आइसोस्केलस

[43:34]

हो जाएंगे। साइड एंगल साइड से हो जाएंगे

[43:36]

ना। हां जी। तो बड़े वाली जो ट्रायंगल है

[43:38]

वो भी आइसोस्केलस है। जी हां। क्लियर है?

[43:43]

बिकॉज़ टेंजेंट्स ड्रॉन फ्रॉम सेम पॉइंट।

[43:45]

जी हां। और ये एंगल तो है ही।

[43:49]

ये क्या हो जाएंगी? सिमिलर ट्रायंगल।

[43:50]

कौन-कौन सी? ट्रायंगल ABC इज सिमिलर टू

[43:53]

ट्रायंगल ADE।

[43:56]

तो इनको रटना नहीं है। मैं आपको रटवा नहीं

[43:58]

रहा। यह चीजें मैंने ऐसे रटी नहीं है।

[44:00]

आपको पता है कि टेंजेंट्स क्रिएट करते हैं

[44:02]

सिमिलर ट्रायंगल्स। यह आपको पता है कि

[44:03]

डमरू में सिमिलर ट्रायंगल्स हैं। ये थोड़ी

[44:06]

सी आपको देर लगती है इनको प्रूव करने में।

[44:08]

ऐसे ही जो इंटरसेक्टिंग कॉर्ड्स हैं। अब

[44:10]

कॉर्ड्स मान लो एक सर्कल है। उसके अंदर

[44:13]

कॉर्ड बाहर भी इंटरसेक्ट कर सकती हैं। ये

[44:16]

दोनों कॉर्ड बाहर जाके या कॉर्ड्स अंदर भी

[44:18]

इंटरसेक्ट कर सकती हैं। कैसे भी इंटरसेक्ट

[44:20]

करें कॉर्ड

[44:22]

सिमिलर ट्रायंगल उनको बनानी पड़ेंगी। उनकी

[44:24]

मजबूरी है बेचारियों की।

[44:27]

अगर वो कॉर्ड्स को इंटरसेक्ट करवाए ऐसे

[44:29]

सिमिलरिटी वगैरह वाली सिचुएशन हो तो आगे

[44:31]

से आप उनको पकड़ लोगे। देखो कैसे? मान लो

[44:33]

मैं यहां पर ये ड्रॉ कर दूं। तो ये वाली

[44:36]

ट्रायंगल ट्रायंगल नंबर वन और ट्रायंगल

[44:38]

नंबर टू सिमिलर है। क्यों? देखो

[44:42]

ये वाला एंगल थीटा है। तो ये वाला एंगल भी

[44:44]

थीटा होएगा। क्यों? एंगल मेड बाय सेम

[44:47]

आर्क। इस आर्क ने यहां पर जो एंगल बनाया,

[44:50]

यहां पर जो एंगल बनाया, वह सेम होता है।

[44:52]

ऐसे ही अगर यह वाला एंगल a है, तो यह वाला

[44:55]

एंगल भी a होगा। इस आर्क ने जो एंगल

[44:57]

बनाया,

[44:58]

इस ट्रायंगल के और इस ट्रायंगल के दो एंगल

[45:00]

इक्वल हैं। तो दोनों सिमिलर हो गई। हो गई।

[45:03]

तो जब किसी सर्कल की कॉर्ड्स इंटरसेक्ट

[45:06]

करें तो जो आमने-सामने वाली ट्रायंगल बनती

[45:09]

है ना वो सिमिलर होती हैं। ट्रायंगल नंबर

[45:10]

वन एंड टू आर सिमिलर।

[45:14]

ट्रायंगल नंबर थ्री एंड फोर आर सिमिलर। अब

[45:16]

प्रूव मैंने कर दिया। अब जिंदगी में

[45:17]

बार-बार थोड़ी प्रूव करते रहोगे।

[45:20]

इस चीज को ध्यान रख वहां पर प्रूव थोड़ी

[45:23]

करते रहेंगे। अगर सिमिलरिटी का यूज़ होगा

[45:25]

तो डायरेक्ट यूज़ कर देंगे हम। अब यहां पर

[45:27]

देखो इन कॉर्ड्स को मैं एक्सटेंड कर रहा

[45:29]

हूं। अब ये अंदर इंटरसेक्ट नहीं कर रही तो

[45:31]

बाहर इंटरसेक्ट करेंगी। कहीं ना कहीं तो

[45:32]

करना पड़ेगा। ठीक है? अब देखो

[45:38]

क्लियर है? एक बार दिमाग लगाओ कि यहां पर

[45:41]

कौन सी ट्रायंगल कांग्रुएंट होएगी और

[45:42]

क्यों होएगी।

[45:44]

आपने अगर एक चीज देखी हो किसी भी

[45:47]

क्वाड्रीलैटरल के अंदर यहां पर जो मैं

[45:49]

चीजें यूज कर रहा हूं ना यह यह ऑफ कोर्स

[45:52]

आप इनसे फमिलियर हो। आगे इनके ऊपर हम

[45:54]

क्वेश्चन भी करेंगे। ये वाला जो एंगल है

[45:56]

ये इसके बराबर होता है। तो ये वाला एंगल

[45:58]

अगर A है तो ये वाला एंगल भी A होएगा। ये

[46:01]

वाला एंगल अगर B है तो ये वाला एंगल भी B

[46:03]

होएगा। तो ये जो छोटी ट्रायंगल है PDB PDB

[46:07]

इसके अंदर दो एंगल हैं A और B और बड़ी

[46:10]

ट्रायंगल के अंदर दो एंगल हैं A और B और

[46:12]

तीसरा एंगल तो इनका कॉमन है ही। ठीक है?

[46:14]

तो ये छोटे वाली ट्रायंगल और पूरी बड़े

[46:16]

वाली ट्रायंगल ये भी सिमिलर है।

[46:20]

ठीक है? तो सर इनका क्या करें? इन सारी

[46:22]

चीजों का इनको सिर्फ लिख के रखो नोट्स

[46:24]

में। आपकी नजर में मैंने ला दिया ना आगे

[46:25]

इनको यूज़ करेंगे। कुछ बच्चे ऐसे डर जाएंगे

[46:28]

कि हो सकता है आप इन चीजों को उतना नहीं

[46:31]

रट पा रहे हो जितनी पुरानी वाली चीजों को

[46:33]

पहले वाली चीजों को रट पा रहेगे। टेंशन

[46:36]

नहीं लेनी। मैं सही पेस पर चल रहा हूं।

[46:38]

मेरे ऊपर भरोसा रखो। ठीक? आपको जितना समझ

[46:40]

में आ रहा है उतना ही आना मैं चाह रहा

[46:42]

हूं। ठीक है?

[46:45]

क्लियर है? जब तक बस आपका ध्यान कहीं और

[46:47]

ना हो। नेक्स्ट नेक्स्ट एक केस आता है जी

[46:50]

ट्विस्टेड ट्रायंगल का। ट्विस्टेड

[46:51]

ट्रायंगल का क्या मतलब है? एक बार एनिमेट

[46:53]

करके आपको बता दूं। मान लो ये वाली

[46:55]

ट्रायंगल है। यहां पर क्या था? ये वाला

[46:57]

एंगल एंगल ए इसके इक्वल था। ये वाला एंगल

[47:00]

एंगल बी इसके इक्वल था। ठीक है? मान लो ये

[47:04]

मैंने पैरेलल खींच दिया बेस के। ये एंगल

[47:06]

इसके इक्वल। ये एंगल इसके इक्वल। छोटे

[47:08]

वाली लाल और बड़े वाली ग्रीन ट्रायंगल

[47:10]

दोनों सिमिलर थी। अब मान लो लाल और ग्रीन

[47:13]

ट्रायंगल सिमिलर हैं। अब एग्जामिनर कई बार

[47:15]

क्या करता है? इस लाल को ऐसे पलट देगा और

[47:17]

यह वाला एंगल तो कॉमन है ही ऊपर। इसको वो

[47:22]

उसने इसको पलट दिया और इसने उसके अंदर सेट

[47:25]

कर दिया। अब की बार क्या हुआ? यह वाला

[47:28]

एंगल A है। यह वाला एंगल A है। मैंने इस

[47:31]

एंगल को उधर भेज दिया। यह वाला एंगल B है।

[47:34]

यह वाला एंगल B है। ठीक है? अब यहां पर

[47:38]

ध्यान से सुन लो।

[47:46]

अगर यह A है, ये A है। बिल्कुल सिंपल केस

[47:49]

है। बेस के पैरेलल वाला सर। क्या वहां पर

[47:52]

बेस के पैरेलल होगा? नहीं। बिल्कुल भी

[47:54]

नहीं। देखो कहां है पैरेलल? ये वाला B है।

[47:57]

ये वाला B है। अगर ऐसा केस हो और ट्रायंगल

[48:00]

का नाम मैं रख देता हूं।

[48:05]

यहां पर भी ऐसा ही कुछ नाम रख देते हैं।

[48:09]

देखो तो इस ट्रायंगल के लिए क्या ट्रू

[48:12]

होएगा? यह वाला एंगल इसके इक्वल, यह वाला

[48:14]

एंगल इसके इक्वल। तो छोटी ट्रायंगल की

[48:17]

साइड AB

[48:18]

बटे में बड़ी ट्रायंगल की यही वाली साइड AD

[48:22]

इक्वल टू छोटी ट्रायंगल की साइड AC जो मैं

[48:24]

चीज बता रहा हूं ये रटनी नहीं है। समझो

[48:26]

इसको। छोटी ट्रायंगल की ये वाली साइड बटे

[48:28]

में यही वाली साइड AE छोटी ट्रायंगल की

[48:31]

साइड BC बटे में बड़ी ट्रायंगल की साइड DE।

[48:35]

अब इसके लिए देखो क्या होएगा? छोटी

[48:37]

ट्रायंगल की साइड AB

[48:39]

यहां पर मैंने छोटी ट्रायंगल की यह साइड

[48:41]

ली तो बड़ी की यही ली यहां पर बड़ी की यह

[48:43]

वाली लोगे ae मतलब ये वाली साइड बटे में

[48:47]

ये वाली साइड ठीक है ये वाली साइड बटे में

[48:51]

ये वाली साइड उसने एंगल को ट्विस्ट किया

[48:53]

है ये वाला उसके इक्वल है तो यहां पर

[48:55]

साइड्स को भी ऐसे ही करेंगे कंपेयर

[49:00]

ठीक लिखने का फर्स्ट मेथड बता रहा हूं

[49:03]

छोटे वाले ट्रायंगल की ये वाली साइड बड़े

[49:05]

वाले ट्रायंगल ये वाली साइड AE

[49:08]

= छोटे वाली ट्रायंगल की ये वाली साइड AC

[49:11]

इससे दूसरी तरफ वाली बड़ी वाली ट्रायंगल की

[49:13]

साइड AD इक्वल टू छोटे वाली ट्रायंगल की

[49:16]

साइड BC अब यहां पर तो यही करोगे DE

[49:21]

क्लियर है भाई क्लियर है? कई बार आपको

[49:24]

क्या मिलेगा? कई बार आपको ऐसे मिलेगा इस

[49:26]

वाली ट्रायंगल के अंदर यह वाला एंगल 70 है

[49:29]

और यह वाला एंगल 70 है। तो समझ जाना अगर

[49:32]

आपको ऐसे मिले इस ट्रायंगल के अंदर यह

[49:34]

वाला एंगल 80 है। ये वाला एंगल 80 है तो

[49:36]

कौन सा केस है? ये वाली साइड बटे में ये

[49:40]

वाली साइड ये वाली साइड बटे में ये वाली

[49:42]

साइड। अगर ऐसा केस मिले वो वाला एंगल इसके

[49:44]

इक्वल है। अब देखो ये एंगल इक्वल है। ये

[49:47]

एंगल कॉमन है। दो एंगल इक्वल होते हैं। हो

[49:49]

गए सिमिलर। यहां पर यह वाली साइड बटे में

[49:52]

यह वाली साइड यह वाली साइड बटे में यह

[49:54]

वाली साइड

[49:56]

ठीक क्लियर क्वेश्चंस करेंगे तो और ज्यादा

[49:59]

क्लेरिटी आएगी जब ट्विस्टेड ट्रायंगल हो

[50:03]

ऐसे उसने कर रखा हो यह वाला एंगल उसके

[50:04]

इक्वल मिलेगा इसमें एक और काम करता है वो

[50:08]

क्या यह वाला एंगल नहीं बता देगा इसके

[50:10]

नीचे वाला बता देगा 110°

[50:12]

तो इसका और इसका सम 180 है। जब नीचे वाला

[50:15]

बता दे तो ऊपर वाला निकालोगे तो आपको पता

[50:17]

लगेगा कि अच्छा वह वाला केस

[50:21]

नेक्स्ट दो सिचुएशन और कर लेते हैं। यहां

[50:24]

पर मैंने पहले आपके दिमाग में थ्योरी ठूसी

[50:26]

है। फिर देखेंगे ना कैसे-कैसे यूज़ कर

[50:29]

पाओगे। साथ के साथ क्वेश्चन नहीं कराए।

[50:31]

लगातार क्वेश्चंस करेंगे।

[50:35]

सम मोर सिचुएशंस। देखो भाई, मान लो, इस

[50:38]

सिचुएशन को मैं अलग से क्रिएट करता हूं

[50:40]

ताकि आप याद रख पाओ। मान लो दो लाइनें हैं

[50:44]

और एक दूसरे के पैरेलल है।

[50:48]

ठीक? क्लियर? दो लाइनें हैं। एक दूसरे के

[50:50]

पैरेलल हैं। जमीन के परपेंडिकुलर होना

[50:52]

जरूरी बिल्कुल भी नहीं। अब मैं इस लाइन से

[50:55]

उस लाइन के पैरों तक जाऊं। इस लाइन से उस

[50:57]

लाइन के पैरों तक जाऊं। फिर दो खंभे हैं।

[51:01]

इसके सिर से उसके पैरों तक धागा बांध दूं।

[51:03]

इसके सिर से उसके पैरों तक धागा बांध दूं।

[51:06]

अब यहां पर ये मिले हैं। ये दोनों लाइनें।

[51:09]

यहां से एक लाइन खींच दूं जो इन दोनों के

[51:11]

पैरेलल हो।

[51:13]

ठीक है? तो उस केस में क्या होता है? देखो

[51:17]

ट्रायंगल ABC के अंदर

[51:21]

मैं प्रूव करके नहीं दिखाऊंगा। मोटा-मोटी

[51:23]

बता देता हूं। डायरेक्ट रिजल्ट बताऊंगा जो

[51:25]

यूज़फुल होगा। ट्रायंगल ABC के अंदर DE इज़

[51:29]

पैरेलल टू AB बेस के पैरेलल लाइन है। तो

[51:32]

सिमिलरिटी यूज़ होएगी। ऐसे ही BFC के अंदर

[51:36]

FC के पैरेलल DE है। ये वाली लाइन इसके

[51:39]

पैरेलल है। सिमिलरिटी यूज़ होएगी। हम ईजीली

[51:41]

सिमिलरिटी यूज करके एक रिजल्ट निकाल सकते

[51:43]

हैं जो डायरेक्टली आता है। क्या आता है वह

[51:46]

मैं आपको बता रहा हूं। आपने एक चीज याद की

[51:51]

राइट एंगल ट्रायंगल के अंदर

[51:56]

अगर राइट एंगुलर वर्टेक्स से एक एटीट्यूड

[51:58]

ड्रॉप की जाए तो आपने एक चीज याद की कि 1

[52:01]

/ AD² = 1 / AB² = 1 / AC² याद की कि नहीं

[52:07]

की? थोड़ी देर पहले इसी से सिमिलर है। जब

[52:09]

ऐसी सिचुएशन हो कि दो लाइनें एक दूसरे के

[52:12]

पैरेलल हो। इसके सिर से इसके पैरों पर

[52:14]

लाइन मारें। इसके सिर से इसके पैरों पर

[52:16]

लाइन मारे। जहां पर ये भी मिला है जहां पर

[52:18]

भी ये मिले हैं वहां से एक लाइन ड्रॉ करूं

[52:20]

जो किसी की भी एक के पैरेलल ड्रॉ कर दोगे

[52:24]

तो दूसरे के पैरेलल हो ही जाएगा। तो ये जो

[52:26]

बीच वाली है ना यहां पर भी बीच वाली थी 1

[52:28]

/ ad यहां पर वहां पर पावर दो थी। यहां पर

[52:30]

एक ही रहेगी। सर यहां पर पावर दो क्यों

[52:32]

थी? पाइथागोरस थ्योरम के कारण। ठीक है?

[52:34]

ऐसे मैं याद रखता हूं। यहां पर पाइथागोरस

[52:36]

थ्योरम का यूज़ होएगा प्रूव करने में। यहां

[52:38]

पर सिर्फ सिमिलरिटी यूज़ होएगी तो पावर दो

[52:40]

का कोई सवाल पैदा नहीं होता। तो ये है 1 /

[52:43]

EF = 1 / इसके इधर वाली साइड AB + 1 / DC

[52:48]

एक रिजल्ट है। ये याद रखो।

[52:52]

ठीक है? सिमिलर सा रिजल्ट है। बीच वाली

[52:55]

बाकी दो के रेसिप्रोकल के सम के बराबर।

[52:57]

बीच वाली बाकी दो के रेसिप्रोकल के सम के

[52:59]

बराबर। यहां पर स्क्वायर क्यों आया है?

[53:01]

क्योंकि यहां पर पाइथागोरस थ्योरम का यूज़

[53:03]

हो रहा था प्रूव करने में। पाइथागोरस

[53:05]

थ्योरम में स्क्वायर आता है। यहां पर

[53:06]

सिर्फ सिमिलरिटी यूज़ हो रही है तो

[53:07]

स्क्वायर नहीं आएगा। याद रखने की

[53:10]

टेक्निक्स बता रहा हूं। मैं यह नहीं चाह

[53:13]

रहा कि आपके ऊपर सिर्फ बर्डन बन जाए

[53:14]

चीजें। ठीक है जी? क्लियर है? तो उसके

[53:17]

हिसाब से इन दोनों को आपस में याद रखने

[53:19]

में थोड़ी सी आसानी होएगी।

[53:22]

नेक्स्ट

[53:24]

एक और चीज जो मैंने आपको थोड़ी देर पहले

[53:26]

बताई थी। जब सिमिलर ट्रायंगल्स क्रिएट

[53:29]

होती हैं। वो क्या करता है? एक एंगल कॉमन

[53:31]

दे देता है मेरे भाई। वन एंगल कॉमन एंड

[53:33]

अनदर एंगल इक्वल ऐसे थोड़ी देर पहले जो

[53:36]

मैंने पहले ही बता दिया आपको एक ट्रायंगल

[53:38]

है ABC तो वह क्या करेगा कि एंगल B = ACD

[53:43]

जरूरी नहीं है वो ऐसे ही देगा जरूरी नहीं

[53:45]

है वो ऐसे ही देगा लेकिन वो ऐसी सिचुएशन

[53:48]

क्रिएट कर देता है कि वो आपको एक एंगल

[53:50]

इक्वल दे देगा दो ट्रायंगल्स का एक तो

[53:53]

पूरी बड़ी ट्रायंगल है एक ACD है हो सकता

[53:55]

है आपको ये लगे सर मुझे क्या पता पूरी

[53:57]

बड़ी है छोटी DBC हो कोई नहीं वो आपको एक

[54:00]

एंगल इक्वल दे देगा और फिर एक एंगल कॉमन

[54:02]

होएगा। तो ये जो एंगल कॉमन है ये एक तो

[54:05]

ट्रायंगल ये जो एंगल कॉमन है ये एक तो

[54:08]

ट्रायंगल ADC में है। है ना? ADC में और

[54:13]

एक ये कौन सी ट्रायंगल में है? और है ये

[54:15]

पूरी बड़ी वाली में ABC में

[54:19]

तो बस वही करो। अब देखो ADC के अंदर एक

[54:22]

लाइन दो लाइन। एक लाइन वाला एंगल दो लाइन

[54:25]

वाला एंगल। पूरी बड़ी ट्रायंगल के अंदर एक

[54:27]

लाइन वाला एंगल दो लाइन वाला एंगल। तीसरा

[54:30]

एंगल तो बाय डिफॉल्ट इक्वल होएगा ही। सम

[54:31]

180 है। हो गई ट्रायंगल सिमिलर। कौन-कौन

[54:34]

सी ट्रायंगल ईजीली लिख सकते हो? एक लाइन

[54:36]

दो लाइन खाली। एक लाइन क्या है? C, दो

[54:40]

लाइन A, खाली D इज़ सिमिलर टू बड़ी ट्रायंगल

[54:43]

में देखो। एक लाइन है B, दो लाइन है A,

[54:46]

खाली है C। ये दोनों ट्रायंगल सिमिलर

[54:48]

होगी।

[54:50]

ठीक है भाई? क्लियर है? सारी सिचुएशन जो

[54:53]

जो भी क्रिएट हो सकती हैं। आपको करा दी गई

[54:56]

है तसल्ली से। ठीक? अब एक और चीज कभी-कभी

[55:00]

यूज हो जाती है। वह भी आपको याद करवा देता

[55:03]

हूं। मान लो हमारे पास कुछ पैरेलल लाइंस

[55:05]

हैं। यहां पर प्रूव नहीं करूंगा। इसको

[55:07]

प्रूव किया जा सकता है। क्यों प्रूव करना?

[55:10]

मान लो हमारे पास पैरेलल लाइंस हैं। मैं

[55:12]

आपको याद करवा दूंगा। बहुत ही सिंपल

[55:13]

लॉजिकल चीज है। इनके बीच का जो डिस्टेंस

[55:17]

है सपोज वो डिस्टेंस है 3:12।

[55:20]

फॉर एग्जांपल ये रेश्यो ये रेश्यो ये

[55:24]

रेश्यो। 3:12 मान लो इनके बीच का डिस्टेंस

[55:27]

है। तो अगर आप ऐसे तिरछी लाइन मारोगे अब

[55:30]

किसी भी एंगल पर लाइन मार लो जो

[55:35]

यह डिस्टेंस ये रेश्यो आएगा ना इसको मैं

[55:37]

नाम देना पड़ेगा

[55:39]

a बी सी डी मैं ये कहना चाह रहा हूं

[55:45]

नाम ही दे देते हैं

[55:50]

हम ऐसे लिख लेते हैं या फिर देखो कि ab

[55:54]

रेश्यो रुको मैं इसको रिप्रेजेंट कैसे

[55:56]

करूं दिस ब दिस दो ही केस से कर देते हैं।

[56:03]

यहां पर नाम दे देते हैं P Q R देखो AB /

[56:09]

में PQ

[56:11]

= BC / में QR

[56:15]

= CD बटे में RS मैं यहां पर आपको बोलना

[56:20]

क्या चाह रहा हूं? मैं आपको ये बोलना चाह

[56:21]

रहा हूं कि मान लो 3:12

[56:25]

रेश्यो है तो किसी भी एंगल पर मान लो मान

[56:28]

लो ऐसे लाइन 3:12 ही रेश्यो होएगा। ठीक

[56:33]

है? वो कई बार ऐसे बोल देता है कि ये 30

[56:36]

सें.मी. है। ये 10 सें.मी. है। ठीक है? और

[56:39]

ये 120 सें.मी. है। ये बताओ।

[56:43]

तो अगर 3:1 रेशियो चल रहा है तो यहां पर

[56:45]

भी 3:1 ही चलेगा। अगर ये 30 का चार गुना

[56:47]

है तो 10 का 4 * 40। यह मैं कहना चाह रहा

[56:50]

हूं। अगर आपको एक लाइन अब यह सीधी अब आप

[56:54]

बोलोगे सर इनके बीच का डिस्टेंस कैसे पता

[56:55]

चलेगा? डिस्टेंस पता नहीं करना। कोई भी एक

[56:58]

लाइन वो बता देगा उसका ये रेश्यो है। उसके

[57:00]

बाद लाइन को किसी भी एंगल पर मार लो ऐसे।

[57:04]

ये जो इंटरसेप्ट्स हैं ये उसी रेश्यो में

[57:06]

बनेंगे। उसी रेश्यो में इनकी लेंथ कटेगी।

[57:10]

समझ में आ गई बात? क्लियर है? जब इसका

[57:12]

क्वेश्चन आएगा तो और क्लियर हो जाएगी।

[57:16]

ठीक है? किसी भी एंगल पर ऐसे सीधी तिरछी

[57:19]

कैसे भी लाइन मार लो इस लाइन का रेशियो

[57:22]

इसके साथ और इसके साथ सेम होएगा इस लाइन

[57:24]

का इसके साथ और इसके साथ

[57:27]

ठीक है जी

[57:29]

नेक्स्ट

[57:32]

इस वीडियो के अंदर हम यह करेंगे यहां पर

[57:34]

हम क्वेश्चन करने रहने देंगे बहुत ज्यादा

[57:37]

है ना यह कर लेंगे थोड़े से क्वेश्चन कर

[57:39]

लेंगे क्योंकि 1 घंटे की वीडियो बनी है

[57:42]

मतलब 1 घंटे की वीडियो हो चुकी है एक आधे

[57:44]

केस और रहते हैं

[57:47]

अगली वीडियो में ज्यादा क्वेश्चन कर लेंगे

[57:49]

क्योंकि थ्योरी में आपके दिमाग के ऊपर

[57:51]

थोड़ा सा ज्यादा बर्डन भी पड़ता है ना

[57:53]

क्वेश्चन के मुकाबले मेरे को ऐसा लगता है

[57:56]

स्क्वायर इन ए ट्रायंगल अगर एक ट्रायंगल

[57:59]

के अंदर हम बड़े से बड़ा स्क्वायर डालें

[58:01]

तो उस स्क्वायर की साइड निकालने के ऊपर

[58:04]

उसका एरिया निकालने के ऊपर कई बार

[58:05]

क्वेश्चन पूछे गए हैं। तो मैं डायरेक्टली

[58:07]

आपको रिजल्ट बता देता हूं बिना प्रूव किए।

[58:10]

तो अगर किसी भी ट्रायंगल के अंदर चाहे

[58:12]

कैसी भी ट्रायंगल हो फर्क ही नहीं पड़ता।

[58:15]

किसी भी ट्रायंगल के अंदर बड़े से बड़ा

[58:17]

स्क्वायर बनाने की कोशिश करोगे तो उस

[58:19]

स्क्वायर की साइड क्या होएगी? वो होएगी

[58:22]

बेस * हाइट / बेस प्लस हाइट। अब ये बेस

[58:26]

कौन सा है? बेस वो वाला बेस है जिसके ऊपर

[58:29]

स्क्वायर इज लाइंग।

[58:36]

यानी कि ये है ट्रायंगल के कौन सी लाइन की

[58:40]

मैं बात कर रहा हूं? कौन से बेस की? जिसके

[58:42]

ऊपर स्क्वायर बना हुआ है और उस बेस के

[58:45]

कॉस्पोंडिंग हाइट

[58:49]

तो स्क्वायर की जो साइड होएगी बेस * हाइट

[58:53]

/ बेस + हाइट अगर इसका एरिया पूछेगा तो

[58:55]

साइड का स्क्वायर ये हम सिमिलरिटी से

[58:58]

ईजीली प्रूव कर सकते हैं। बट फिर भी आपको

[59:00]

रिजल्ट याद ही रखना पड़ेगा। बेस * हाइट /

[59:04]

बेस + हाइट। इसको याद रखिएगा। इसके स्पेशल

[59:07]

केसेस जो हैं वो भी मैं आपको करवा दूंगा।

[59:09]

ठीक है? नेक्स्ट देखो चाहे कैसी भी

[59:12]

ट्रायंगल हो चाहे राइट एंगल ट्रायंगल हो

[59:14]

आइसोस्केलस ट्रायंगल हो इक्विलैटरल

[59:16]

ट्रायंगल हो अजीब सी ट्रायंगल हो चाहे

[59:20]

कैसी भी ट्रायंगल हो ये हर एक ट्रायंगल के

[59:22]

लिए ट्रू है बेस कौन सा होगा वो वाला

[59:24]

जिसके ऊपर स्क्वायर लाई कर रहा है और उसी

[59:27]

के कॉस्पोंडिंग हाइट बस इतना याद रखो सारे

[59:29]

क्वेश्चन सॉल्व हो सकते हैं। ठीक है? एक

[59:32]

आधे स्पेशल केस जो फास्ट सॉल्व करने में

[59:34]

मदद करेंगे वो भी याद करवा दूंगा जो

[59:35]

इंपॉर्टेंट है। नेक्स्ट देखो इस ट्रायंगल

[59:38]

के अंदर स्क्वायर है। इस ट्रायंगल के ये

[59:40]

थोड़ी सी अलग ट्रायंगल है। इससे ये थोड़ी

[59:42]

सी इक्विलैटरल फील हो रही है। ये राइट

[59:44]

एंगल ट्रायंगल है। मैंने क्या किया? मैंने

[59:46]

कंप्यूटर से इनका बेस और इनकी हाइट सेम

[59:48]

रखी है। मैं आपको फील करवाना चाहता हूं कि

[59:52]

चाहे कोई भी ट्रायंगल हो। देखो स्क्वायर

[59:53]

एग्जैक्टली सेम है। मैंने इनका बेस और

[59:55]

हाइट सेम रखा। देखो स्क्वायर का

[59:57]

एग्जैक्टली सेम स्क्वायर है। तो ट्रायंगल

[60:00]

कैसी है इस पर डिपेंड नहीं करता। बस उसका

[60:02]

बेस क्या है? उसकी हाइट कितनी है? उसी के

[60:05]

ऊपर साइड डिपेंड करती है। बेस * हाइट /

[60:07]

बेस प्लस हाइट। दैट्स इट। क्लियर है मेरे

[60:10]

भाई? अब अगर ऐसा क्वेश्चन आए सर ऐसा

[60:13]

क्वेश्चन नहीं आएगा। अगर ऑब्ट्यूस

[60:15]

ट्रायंगल के अंदर भी क्वेश्चन आए क्योंकि

[60:17]

यहां पर फिर बच्चों को ये लगेगा अगर इस

[60:18]

एंगल को बढ़ा दूं तो फिर अगर ऑब्ट्यूस

[60:21]

ट्रायंगल के अंदर उसने स्क्वायर डालना है

[60:22]

तो वो ऑब्ट अब्यूस ट्रायंगल को दूसरे

[60:24]

तरीके से करके डालेगा। ठीक है? फिर ये

[60:26]

सॉल्व नहीं होएगा।

[60:28]

ठीक है? तो ऑब्ट्यूस ट्रायंगल के अंदर अगर

[60:30]

डालेगा तो ऊपर हो जाएगा ऑब्ट्यूस एंगल। तो

[60:32]

फिर हम ये वाला बेस ले लेंगे और ये वाली

[60:35]

हाइट ले लेंगे जिसके ऊपर स्क्वायर है। समझ

[60:37]

में आ गई मेरे भाई? ठीक है? ऐसे डाउट नहीं

[60:40]

रखने। तो हमेशा एक ही फार्मूला चलेगा। अब

[60:42]

जो राइट एंगल ट्रायंगल है उसके अंदर दो

[60:44]

तरीके से स्क्वायर डाला जा सकता है। ये और

[60:46]

ये। अगर इस तरीके से स्क्वायर डाला है तो

[60:49]

बेस यह हो जाएगा और हाइट यह हो जाएगी।

[60:54]

यानी कि यह वाली। ठीक है? अगर इस तरीके से

[60:57]

स्क्वायर डाला है तो सर तो फिर आप इसको

[61:00]

ऐसे इमेजिन कर लो। तो बेस ये हो जाएगा

[61:05]

और हाइट ये हो जाएगी। तो क्या इसके लिए

[61:07]

अलग से फार्मूला रटने की जरूरत है?

[61:09]

बिल्कुल नहीं। क्या अलग से फार्मूला बनाया

[61:10]

जा सकता है? डेफिनेटली फार्मूला तो किसी

[61:12]

भी चीज के लिए बना लो। लेकिन रटने की

[61:14]

जरूरत नहीं है। उस केस में हाइपोटेनस को

[61:16]

बेस मान लेंगे। इसको हाइट मान लेंगे। क्या

[61:17]

ही दिक्कत है? अलग से फ़ूला क्यों रटें?

[61:21]

ठीक है? समझ में आ गई बात? इसके कई-कई

[61:23]

फ़ूले चल रहे हैं ना भाई। इसलिए मैं आपको

[61:25]

बता रहा हूं।

[61:27]

नेक्स्ट भाई तो जो अपनी थ्योरी है वह सारी

[61:30]

हो गई है। तो थोड़े से क्वेश्चन कर लेते

[61:33]

हैं बिकॉज़ मेहनत करने की ठानी है ना हमने

[61:36]

बहुत ज्यादा नहीं थोड़े से क्वेश्चन कर

[61:38]

लेते हैं। ठीक है? यहां पर मैंने आप लोगों

[61:41]

के लिए लिखा भी है कि अब मैं ब्लैक

[61:43]

स्क्रीन कर देता हूं।

[61:47]

अगर मैं यह कोशिश कर रहा हूं कि आप लोगों

[61:50]

को 1% भी परेशानी ना हो। आप लोगों को

[61:54]

पढ़ाई करनी चाहिए कि नहीं यह बताओ मुझे।

[61:57]

करनी चाहिए ना। मैं 100% मेरी तरफ से जो

[61:59]

कुछ भी हो सकता है। मैं चाह रहा हूं कि 1%

[62:02]

भी आपको परेशानी फील ना करनी पड़े। चाहे

[62:05]

ब्लैक स्क्रीन के कारण ही वो क्यों ना हो।

[62:08]

ठीक है? हां। तो फिर भी लेकिन छोटी-मोटी

[62:10]

चीजें ऐसी रह सकती हैं जिनमें 100%

[62:12]

परफेक्शन तो नहीं होती। तो क्या है? लाइफ

[62:15]

में कभी भी अगर 100% परफेक्शन के साथ कोई

[62:18]

चीज ना मिले कंप्लेन नहीं करनी। जैसी भी

[62:20]

मिलती है उसमें से बेस्ट आउटपुट देना है।

[62:24]

अगर हम कंप्लेन करने का बिहेवियर बना लेते

[62:27]

हैं तो हम कहीं ना कहीं कम मेहनत करते हैं

[62:29]

और कम मेहनत की जो एक्सक्यूज है वह उस चीज

[62:32]

को बना देते हैं। क्या पीडीएफ एकद दिन लेट

[62:36]

अपलोड हुई थी। मैं इसलिए नहीं पढ़ पाया।

[62:39]

लेकिन पढ़ने वाले फिर भी पढ़ेंगे। मैं यह

[62:40]

नहीं बोल रहा मैं लेट करूंगा। मैं

[62:42]

एग्जांपल दे रहा हूं कि अपना माइंडसेट

[62:44]

कंप्लेनिंग नहीं बनाना कि हम चीजों के

[62:46]

बारे में कंप्लेन करें। अगर कोई जायज बात

[62:48]

है किसी पॉजिटिवली कोई कंस्ट्रक्टिव

[62:51]

फीडबैक देना है हमें देना चाहिए फरमाना

[62:53]

नहीं चाहिए लेकिन कंप्लेनिंग वो भी नहीं

[62:57]

होना चाहिए कि कंस्ट्रक्टिव फीडबैक दें और

[63:00]

जो भी अवेलेबल है उसमें से बेस्ट परफॉर्म

[63:03]

करने की कोशिश करें। ठीक है? नहीं तो

[63:05]

हमारा माइंडसेट एक्सक्यूज देने वाला हो

[63:07]

जाएगा।

[63:08]

ठीक है भाई? मैं अपनी तरफ से 100% कोशिश

[63:11]

कर रहा हूं कि 1% भी कमी ना रहे। इससे

[63:14]

ज्यादा मैं नहीं कर सकता जितना मैं कर रहा

[63:15]

हूं। सच में मजाक नहीं कर रहा। मैं अपना

[63:17]

पूरा जोर लगा रहा हूं। 1% भी एनर्जी अपने

[63:20]

अंदर रख नहीं रहा। देखो अब क्वेश्चन को

[63:22]

करो भाई।

[63:24]

इन द फिगर गिवन बिलो। स्टार्टिंग में

[63:26]

कांग्रुएंसी वाले क्वेश्चन करेंगे।

[63:27]

धीरे-धीरे मैंने टाइप वाइज और लेवल वाइज

[63:29]

अरेंज कर रखे हैं। तो हर तरह के क्वेश्चन

[63:31]

आएंगे।

[63:33]

इन द फिगर गिवन बिलो m इज द मिड पॉइंट ऑफ

[63:35]

AB. M मिड पॉइंट है। अगर m मिड पॉइंट है।

[63:40]

तो am = bm ठीक है?

[63:45]

एंड एंगल dabb = cabb

[63:48]

cb dabb

[63:52]

= cb

[63:55]

ठीक है?

[63:56]

AMC = BMD AMC

[64:00]

= BMD

[64:03]

देन ट्रायंगल ADM इज कंग्रुएंट टू BCM तो

[64:05]

ट्रायंगल ADM जो है वो ट्रायंगल BCM के

[64:08]

कॉंग्रुएंट क्यों है? ADM देखो ADM

[64:12]

और BCM ये कांग्रुएंट क्यों है? देखो मतलब

[64:15]

किस रूल के तहत कांग्रुएंट है? अगर मैं इस

[64:18]

एंगल को थीटा मान लूं तो अब ध्यान से

[64:20]

सुनो। ट्रायंगल Amd के अंदर एंगल एक डंडी

[64:25]

वाला साइड और एंगल। यह एंगल क्या है? थीटा

[64:28]

प्लस दो लाइन वाला। इस ट्रायंगल के अंदर

[64:30]

देखो एंगल एक लाइन वाला दो डंडी वाली साइड

[64:34]

और एंगल क्या हो गया? थीटा प्लस दो डंडी

[64:36]

वाला। समझ रहे हो? इस ट्रायंगल के अंदर

[64:40]

एंगल साइड एंगल को देखो।

[64:44]

कौन-कौन से एंगल हैं? एक डंडी वाला एंगल

[64:47]

साइड एंगल साइड एंगल। ये वाला एंगल है

[64:50]

थीटा प्लस टू लाइन वाला। तो यहां पर भी तो

[64:52]

एग्जैक्टली सेम ही एंगल है भाई।

[64:54]

यहां पर भी एग्जैक्टली सेम ही एंगल है। इस

[64:57]

ट्रायंगल के अंदर थीटा और दो लाइन वाला

[65:01]

साइड और एंगल तो एंगल साइड एंगल एंगल साइड

[65:03]

एंगल से एंगल साइड एंगल से कंग्रुएंट है।

[65:07]

ठीक है? ओके। नेक्स्ट

[65:11]

ABCD इज़ अ स्क्वायर। A इज़ जॉइंट टू पॉइंट

[65:14]

P. ABCD एक स्क्वायर है। ओके।

[65:25]

A जॉइ टू पॉइंट P ऑन BC. BC के ऊपर कोई

[65:28]

पॉइंट P है। A को उससे जॉइ कर दिया है।

[65:30]

ठीक है भाई? D जॉइंट टू पॉइंट Q ऑन AB. AB

[65:34]

के ऊपर पॉइंट Q है। D को उससे जोड़ दिया

[65:36]

है। ठीक है भाई? AP इंटरसेक्ट DQ एट R. AP

[65:41]

इंटरसेक्ट DQ एट R। ठीक है?

[65:46]

और डायरेक्टली उत्तर बता दिए हैं।

[65:49]

करो। आर

[65:53]

देन एंगल DRP इज देन एंगल DRP तो यह वाला

[65:56]

एंगल क्या होएगा? DRP पूछ ले या DRA पूछ

[66:00]

ले कुछ भी पूछ ले। बहुत ही पुराना

[66:01]

क्वेश्चन है जब मैंने पहले पढ़ा पढ़ाना

[66:03]

स्टार्ट किया था तब से है मेरी पीपीटी।

[66:04]

मेरे को उत्तर भी याद है। ठीक है? बताओ

[66:08]

उसने और क्या बताया? AP = DQ AP = DQ तो

[66:13]

देखो मेरे भाई यह स्क्वायर है। स्क्वायर

[66:16]

के अंदर सारे एंगल 90° के होते हैं। ये

[66:18]

वाला एंगल भी 90 का ये भी ये भी ये भी अरे

[66:21]

एंगल 90° के अंदर 90° के होते हैं

[66:23]

स्क्वायर के अंदर। ठीक है? अब इस स्क्वायर

[66:25]

को देखो।

[66:27]

इसकी सारी साइड्स बराबर हैं। दिस = दिस =

[66:31]

दिस = दिस। तो ट्रायंगल AQD

[66:35]

में देखो। AQD

[66:38]

साइड या फिर राइट एंगल,

[66:42]

हाइपोटेनस और साइड। अब ट्रायंगल ABP में

[66:46]

देखो राइट एंगल, हाइपोटेनस और साइड।

[66:49]

आरएचएस के तहत दोनों ट्रायंगल कॉंग्रुएंट

[66:51]

हो गई। कौन सी ट्रायंगल? ये वाली

[66:54]

और ये वाली। हां जी सर। तो यहां पर अगर

[66:57]

मैं इस एंगल को थीटा बोल दूं इसकी चोंच

[66:59]

वाले एंगल को तो इस एंगल को भी थीटा ही

[67:01]

बोलना पड़ेगा। ये एंगल थीटा है। तो ये वाला

[67:03]

एंगल भी थीटा है। जी हां सर। क्लियर है?

[67:06]

और अगर यह 90 है, यह थीटा है, यह वाला

[67:09]

एंगल क्या होएगा? यह वाला एंगल थीटा ड हो

[67:12]

जाएगा। मतलब कि 90 - थीटा मैं इसको बोल

[67:14]

रहा हूं।

[67:16]

ट्रायंगल DAQ की बात कर रहा हूं। अगर ये

[67:19]

थीटा है, ये 90 है तो ये वाला एंगल थीटा

[67:21]

ड। अब देखो ये थीटा है, ये थीटा' है, तो

[67:24]

ये वाला एंगल क्या हो जाएगा? 90 हो जाएगा।

[67:27]

अगर ये 90 हो गया तो ये वाला भी 90 ये

[67:29]

वाला भी 90, ये वाला भी 90। आंसर इज़ ऑप्शन

[67:31]

सी 90। ठीक है? लेकिन मैं एग्जाम मेंऊंगा

[67:35]

तो मैं इस क्वेश्चन को ऐसे नहीं करूंगा।

[67:37]

ठीक है? मैं इसको करूंगा बेसिक

[67:39]

अंडरस्टैंडिंग से। क्यों मैंने यह

[67:40]

क्वेश्चन लिया? अब वह मैं आपको बताता हूं।

[67:42]

देखो

[67:46]

बेसिक अंडरस्टैंडिंग अगर आपको ज्योमेट्री

[67:48]

की है तो आप इस क्वेश्चन को बिना ऐसे किए

[67:51]

कर सकते हैं। देखो जरा ऐसे।

[67:59]

अब मेरी बात को ध्यान से समझने की कोशिश

[68:01]

करिएगा। उसने यह बताया है कि AP = DQ

[68:05]

स्क्वायर एक सिमिट्रिकल फिगर है। स्क्वायर

[68:09]

स्क्वायर जो है चारों तरफ से सिमिट्रिकल

[68:11]

है। इक्विलैटरल ट्रायंगल एक सिमिट्रिकल

[68:14]

फिगर होती है। कहीं से भी देख लो एक जैसी

[68:16]

ही दिखेगी। तीनों वर्टिससेस से देख लो। तो

[68:18]

स्क्वायर एक सिमिट्रिकल फिगर है। मैंने

[68:20]

क्या किया? मैंने इस वर्टेक्स से सामने एक

[68:23]

डंडी खींची ऐसे और इस वर्टेक्स से इस साइड

[68:26]

पर एक डंडी खींची। दोनों डंडी बराबर हैं।

[68:29]

तो इसका मतलब यहां पर मैंने इसको जितने

[68:31]

एंगल पर खोला मुंह को यहां पर भी मतलब

[68:34]

मैंने इसके मुंह को जितना खोला इसके मुंह

[68:36]

को भी उतना ही खोला होगा। है ना? तो यह जो

[68:39]

ab है और जो da है ab और da यह तो 90° पर

[68:46]

ही इंटरसेक्ट करते हैं। तो मैं ab से

[68:48]

जितने थीटा मूव हुआ मैं इससे भी उतना ही

[68:50]

थीटा मूव हुआ। तो यहां पर 90 का ही होएगा।

[68:54]

ab इनके बीच में 90 का है। मैंने इसको

[68:57]

जितना बढ़ाया इसको भी उतना ही बढ़ाया तो

[68:58]

यह 90 ही रहेगा। यहां पर बेसिक

[69:01]

अंडरस्टैंडिंग बता रहा हूं। यह ना समझ में

[69:03]

आए तो इट इज ओके।

[69:06]

नेक्स्ट

[69:12]

लेट D एंड E बी टू पॉइंट्स ऑन साइड BC ऑफ़

[69:16]

ट्रायंगल ABC.

[69:19]

अभी मैं कंप्लीटली थक गया हूं। इससे पहले

[69:21]

वीडियो रिकॉर्डिंग करी है। बट कुछ

[69:23]

क्वेश्चन और खींचेंगे। ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा

[69:25]

खींच के ही बात बनेगी। ठीक है? लेट D एंड

[69:28]

A बी टू पॉइंट्स ऑन साइड BC ऑफ़ ट्रायंगल

[69:30]

ABC। तो अगर एनर्जी थोड़ी सी कम लगे तो

[69:32]

भाई कर लेना काम। ठीक है?

[69:36]

BC के ऊपर है।

[69:41]

यस सच दैट AD = AE AD

[69:46]

= AE ओके AB = 3X + 1 AB दिस = 3X + 1 BD

[69:56]

= 9

[69:58]

AC = 34

[70:01]

EC = Y + 1 ठीक है भाई और उसने क्या बताया

[70:06]

है और कुछ भी तो बताना होगा। ad = यही यही

[70:09]

इसने बता दिया। देन द वैल्यू ऑफ़ x + y =

[70:13]

कुछ तो मिसिंग है।

[70:16]

अच्छा ये दोनों इक्वल बता दी। हां ये

[70:18]

दोनों इक्वल बता दी यहां से। हां जी। कुछ

[70:20]

भी मिसिंग नहीं है। देखो अब आप देखो

[70:22]

ट्रायंगल ADE को मैं सोच रहा था कुछ एंगल

[70:25]

के बारे में बता दे। लेकिन एंगल के बारे

[70:27]

में अगर ट्रायंगल ADE

[70:30]

दोनों साइड्स इक्वल हैं तो एंगल्स अपोजिट

[70:32]

टू इक्वल साइड्स आर इक्वल। ठीक है? तो इस

[70:35]

साइड के सामने ये वाला एंगल अगर थीटा है

[70:37]

तो ये वाला एंगल भी थीटा होएगा। जी हां।

[70:40]

अगर ये वाला एंगल थीटा है तो ये क्या हो

[70:42]

जाएगा? ये 180 - थीटा θ ड बोल दूं इसको।

[70:45]

ये अगर थीटा है तो 180 - थीटा इसको मैंने

[70:47]

थीटा' बोल दिया। तो ठीक है। अभी भी कुछ ना

[70:50]

कुछ यार साइड एंगल ऐसे इनको कॉंग्रुएंट

[70:53]

प्रूव करेंगे। सिमिलर प्रूव करेंगे। लेट D

[70:55]

एंड EB टू पॉइंट्स ऑन द साइड BC

[70:59]

सच दैट AD = AE एंगल BAD = AC एंगल BAD ये

[71:04]

वाला एंगल = EAC

[71:07]

हां ये दोनों एंगल अब बात बनेगी अब बात

[71:10]

पूरी हो गई देखो तो ये वाली जो ट्रायंगल

[71:12]

है ट्रायंगल नंबर वन और ट्रायंगल नंबर टू

[71:15]

ये दोनों कांगुएंट है एंगल साइड एंगल ये

[71:20]

थीटा ड है ना एंगल साइड एंगल एंगल साइड

[71:24]

साइड एंगल एंगल साइड एंगल से ट्रायंगल

[71:26]

नंबर वन ट्रायंगल नंबर टू कांग्रुएंट है।

[71:29]

तो इनके कॉस्पोंडिंग पार्ट भी इक्वल

[71:30]

होंगे। यानी कि y + 1 = 9 इसका मतलब y की

[71:35]

वैल्यू क्या है? आठ और 3x + 1 = 34

[71:41]

तो 3x = 33 देयर फॉर x = 11 उसने क्या

[71:45]

पूछा है? x + y यानी कि 11 + 8 19

[71:50]

ठीक है भाई? तो एनर्जी मतलब काफी डाउन है।

[71:53]

कॉफी काफी पी के काम चला रहे हैं। अभी ऐसे

[71:57]

थोड़ी मोटी कम एनर्जी हो तो आगे कुछ

[71:58]

क्वेश्चन हम खींचते हैं। थोड़ा-थोड़ा ऐसे

[72:01]

एक्स्ट्रा करके ही बातें बनती हैं। ठीक

[72:04]

है? आप पढ़ रहे हो। आप सिलेबस को अभी ऐसे

[72:06]

ही पूरा करोगे। रोज थोड़ा-थोड़ा

[72:07]

एक्स्ट्रा।

[72:10]

D इज ए पॉइंट ऑन साइड BC ऑफ़ ट्रायंगल ABC.

[72:13]

ठीक है? सच दैट AD इज़ परपेंडिकुलर टू BC.

[72:15]

ठीक है भाई?

[72:19]

A B

[72:21]

C D इज ए पॉइंट ऑन BC

[72:26]

AD परपेंडिकुलर टू BC E इज ए पॉइंट ऑन AD

[72:29]

E एक पॉइंट है AD पर फॉर व्हिच AED

[72:34]

AED इज़ 5:1 अगर ये 5X है तो ये 1X है। ठीक

[72:39]

है? रेश्यो है ना ये? इफ़ एंगल BAD इज़ 30

[72:41]

अगर एंगल BAD 30 है। ओके?

[72:46]

इफ

[72:48]

BD 30 है tan ACB ACB यह वाला एंगल है tan

[72:53]

ACB तो tan ACB क्या होएगा भाई

[72:58]

ये क्या होता है परपेंडिकुलर अपॉन बेस ऐसी

[73:01]

कौन सी ट्रायंगल है अब परपेंडिकुलर अपॉन

[73:03]

बेस तो राइट एंगल ट्रायंगल के अंदर होता

[73:04]

है ना तो ऐसी कौन सी राइट एंगल ट्रायंगल

[73:06]

है जिसके अंदर ये वाला एंगल आ रहा है ADC

[73:10]

इसके सामने परपेंडिकुलर 5x + 1x 6x बटे

[73:14]

में बेस यानी कि DC

[73:17]

इक्वल टू इक्वल टू क्या बताया है? 6 * 10

[73:22]

एंगल DBE

[73:25]

अब ये एंगल DBE कहां पर है? DBE यानी कि

[73:28]

ये वाला एंगल। अब tan थीटा क्या होएगा?

[73:30]

परपेंडिकुलर अप बेस यानी कि 6 * 1x / BD

[73:38]

6x से 6x गया। इसका मतलब DC = BD यानी कि

[73:41]

DC = BD ठीक है? अब यहां पर आपको एक छोटी

[73:46]

सी बात पता है तो यह बहुत इजी हो जाएगा।

[73:48]

कांग्रुएंसी का यूज़ नहीं करना पड़ेगा। वो

[73:50]

मैं बात बता देता हूं क्योंकि वो यूज़फुल

[73:52]

बात है। अगर किसी भी ट्रायंगल के अंदर

[73:56]

हमने एक एटीट्यूड ड्रॉ करी एटीट्यूड लंब

[74:00]

और वो लंब जो है वो मीडियन का भी काम कर

[74:03]

रहा है तो इसका मतलब ये ट्रायंगल जो है ये

[74:05]

आइसोस्केलस है।

[74:07]

आगे हम डेफिनेटली ये करने वाले हैं। अगर

[74:09]

किसी भी ट्रायंगल के अंदर हमने एक

[74:11]

एटीट्यूड ड्रॉ करी और वो एंगल बाईसेक्टर

[74:14]

का भी काम कर रहा है। यानी कि आइसोस्केलस

[74:16]

है। किसी भी ट्रायंगल के अंदर अगर हमने

[74:18]

मीडियन ड्रॉ करी और वह एंगल बाईसेक्टर का

[74:21]

भी काम कर रहा है। यानी कि आइसोस्केलस है।

[74:22]

यानी कि किसी भी ट्रायंगल के अंदर अगर एक

[74:25]

लाइन दो लाइनों का काम कर रही है। एंगल भी

[74:28]

बाईसेक्ट कर दिया। एल्टीट्यूड भी हो गई।

[74:30]

कुछ भी किन्हीं भी दो लाइनों का काम कर

[74:32]

रहा है। यानी कि वो ट्रायंगल जो है

[74:33]

सिमिट्रिकल है। ऐसे सिमिट्रिकल यानी कि ये

[74:36]

वाला और ये वाला बराबर हो गया। आइसोस्केलस

[74:39]

है। सिमिट्रिकल भी कैसे है? इसके आजू-बाजू

[74:42]

वाली साइड बराबर है। ठीक है भाई? तो यह

[74:45]

क्या हो गई? यह आइसोस्केलस ट्रायंगल हो

[74:47]

गई। अगर यह आइसोस्केलस ट्रायंगल हो गई,

[74:49]

आइसोस्केलस ट्रायंगल के दोनों हिस्से

[74:52]

एग्जजेक्टली बराबर होते हैं। ये लाइन

[74:54]

एग्जैक्टली बीच में काट रही होती है। ये

[74:56]

वाला एंगल इसके बराबर। यह वाला एंगल इसके

[74:59]

बराबर। ऐसे सब कुछ होता है। यह 30 है तो

[75:02]

यह भी 30 है। 90 30 यह वाला पूरा 60 है तो

[75:05]

यह वाला भी पूरा 60 है। ठीक है? उसने क्या

[75:08]

पूछा? एंगल ACB एंगल ACB = 60।

[75:12]

ठीक है?

[75:15]

नेक्स्ट

[75:20]

इन द एड्जॉइनिंग फिगर D इज़ द मिड पॉइंट ऑफ़

[75:23]

BC. D जो है वो BC का मिड पॉइंट है। ठीक

[75:26]

है भाई? ये दोनों इक्वल बता दी।

[75:29]

ऑफ ट्रायंगल ABC DM एंड DN आर

[75:32]

परपेंडिकुलर्स ऑन AB. DM और DN यह

[75:35]

परपेंडिकुलर है। ठीक है? 90° का एंगल है।

[75:40]

dm = dn dm = dn ठीक है? देन ट्रायंगल abc

[75:45]

तो ट्रायंगल abc कैसी ट्रायंगल है? देखो

[75:47]

यहां पर जो इंफॉर्मेशन गिवन है उससे क्या

[75:49]

पता कर सकते हो भाई? ट्रायंगल नंबर वन और

[75:52]

टू

[75:53]

के बारे में दिमाग लगाओ। हिंट दे दिया

[75:55]

मैंने। देखो दोनों ट्रायंगल के अंदर राइट

[75:57]

एंगल है। हां जी सर। दोनों का हाइपोटेनस

[76:00]

बराबर है। हां जी सर। दोनों की एक साइड है

[76:02]

जो बराबर है। हां जी सर। तो आरएचएस से

[76:04]

दोनों क्या हो गई? कॉंग्रुएंट हो गई। अगर

[76:06]

दोनों कांग्रुएंट हो गई तो इनके

[76:08]

कॉस्पोंडिंग पार्ट बराबर होंगे कि नहीं?

[76:10]

जी हां। तो यानी कि यह वाला एंगल और यह

[76:11]

वाला एंगल बराबर होएंगे। अब पूरी बड़ी

[76:14]

ट्रायंगल को देखो। अगर ये दोनों एंगल

[76:16]

इक्वल हैं तो ये कौन सी हो गई? आइसोस्केलस

[76:18]

ट्रायंगल हो गई।

[76:20]

ठीक? क्लियर है? थोड़ा सा और खींच दें

[76:23]

मामले को। थोड़े से और क्वेश्चन कर दें।

[76:25]

एक 16 या फिर रहने देते हैं। सवा घंटे की

[76:27]

वीडियो हो गई।

[76:30]

बाकी अगली वीडियो में। ठीक है? ऐसे ही काम

[76:33]

करते रहो यार। आपके आज के दिन लगाए हुए

[76:36]

एफर्ट्स

[76:39]

आपको उस दिन रिजल्ट देंगे जिस दिन रिजल्ट

[76:43]

अनाउंस होगा। वो एफर्ट उस दिन के थोड़ी

[76:46]

होते हैं। उस दिन तो पब्लिक को पता चलता

[76:48]

है। आज जो आप कर रहे हो वो कन्वर्ट हो रहा

[76:51]

है धीरे-धीरे। अब इस चीज का प्रेशर नहीं

[76:54]

लेना। आज जो आप करोगे वह बस एक गिलास पानी

[76:58]

है। आप एक गिलास पानी डाल डाल के एक तालाब

[77:00]

बना रहे हो।

[77:02]

एक दिन में एक बाल्टी पानी भी नहीं डाल

[77:04]

सकते। नहीं डाल सकते। एक दिन में 24 घंटे

[77:08]

सारे काम करने हैं। नहाना है, खाना है।

[77:12]

भाई सारे काम करने हैं। तो एक दिन में एक

[77:16]

बाल्टी भी नहीं डाल सकते। रोज एक बाल्टी

[77:18]

डालोगे, नहाओगे नहीं, खाओगे नहीं। फिर एक

[77:20]

दिन क्या होएगा? कई दिनों तक सूखा रहेगा

[77:23]

गिलास। बीमार हो जाओगे या फिर मन के अंदर

[77:26]

इतनी इरिटेशन होएगी रूटीन को तोड़ दोगे।

[77:29]

ठीक है? अनरियलिस्टिक गोल नहीं करने।

[77:32]

एक गिलास रोज के एफर्ट। एक गिलास रोज के

[77:35]

एफर्ट। एक दिन आपका एक बढ़िया सा तालाब भर

[77:37]

जाएगा। काम हो जाएगा। यह आपने करना है।

[77:41]

ठीक है? तो अगली वीडियो के अंदर मिलते हैं

[77:44]

भाई। लगे रहो।

Download Subtitles

These subtitles were extracted using the Free YouTube Subtitle Downloader by LunaNotes.

Download more subtitles

Most Viewed

Descarga Subtítulos para NARCISISMO | 6 DE COPAS - Episodio 63

Descarga Subtítulos para NARCISISMO | 6 DE COPAS - Episodio 63

Accede fácilmente a los subtítulos del episodio 63 de '6 DE COPAS', centrado en el narcisismo. Descargar estos subtítulos te ayudará a entender mejor el contenido y mejorar la experiencia de visualización.

Subtítulos para TIPOS DE APEGO | 6 DE COPAS Episodio 56

Subtítulos para TIPOS DE APEGO | 6 DE COPAS Episodio 56

Descarga los subtítulos para el episodio 56 de la tercera temporada de 6 DE COPAS, centrado en los tipos de apego. Mejora tu comprensión y disfruta del contenido en detalle con nuestros subtítulos precisos y accesibles.

Untertitel für 'Nicos Weg' Deutsch lernen A1 Film herunterladen

Untertitel für 'Nicos Weg' Deutsch lernen A1 Film herunterladen

Laden Sie die Untertitel für den gesamten Film 'Nicos Weg' herunter, um Ihr Deutschlernen auf A1 Niveau zu unterstützen. Untertitel helfen Ihnen, Wortschatz und Aussprache besser zu verstehen und verbessern das Hörverständnis effektiv.

Download Subtitles for 2025 Arknights Ambience Synesthesia Video

Download Subtitles for 2025 Arknights Ambience Synesthesia Video

Enhance your viewing experience of the 2025 Arknights Ambience Synesthesia — Echoes of the Legends by downloading accurate subtitles. Perfect for understanding the intricate soundscapes and lore, these captions ensure you never miss a detail.

Download Subtitles for 'Asbestos is a Bigger Problem Than We Thought' Video

Download Subtitles for 'Asbestos is a Bigger Problem Than We Thought' Video

Access accurate and easy-to-read subtitles for the video 'Asbestos is a Bigger Problem Than We Thought' to enhance your understanding of this critical environmental and health issue. Download captions to follow along better, improve accessibility, and share information effectively.

Buy us a coffee

If you found these subtitles useful, consider buying us a coffee. It would help us a lot!

Let's Try!

Start Taking Better Notes Today with LunaNotes!