धातु (मेटल) और अधातु (नॉन-मेटल) के भौतिक गुण (Physical Properties of Metals and Non-Metals)
धातुओं (मेटल्स) के भौतिक गुण
- अवस्था: अधिकांश धातु कमरे के तापमान पर ठोस होते हैं। अपवाद: पारा (मरकरी) और गैलियम द्रव (लिक्विड) होते हैं।
- चमक (Lustre): धातुओं में धात्विक चमक होती है, लेकिन हवा और नमी के संपर्क में आने पर यह कम हो जाती है (कोरोजन)।
- तन्यता (Ductility): धातुओं को पीटकर पतली चादरें (शीट) बनाई जा सकती हैं।
- आघातवर्धनीयता (Malleability): धातुओं को खींचकर पतले तार (वायर) बनाए जा सकते हैं।
- चालकता: धातु ऊष्मा और विद्युत के अच्छे सुचालक होते हैं।
- कठोरता: सामान्यतः कठोर होते हैं। अपवाद: क्षार धातु (सोडियम, पोटैशियम) नरम होते हैं और चाकू से काटे जा सकते हैं।
- गलनांक और क्वथनांक: उच्च होते हैं। टंगस्टन का गलनांक सर्वाधिक (3422°C) है। अपवाद: सोडियम, पोटैशियम, पारा, गैलियम का गलनांक कम होता है।
- ध्वनिकता (Sonority): धातुओं पर आघात करने से एक विशेष ध्वनि (रिंगिंग साउंड) उत्पन्न होती है, इस गुण को ध्वनिकता कहते हैं।
अधातुओं (नॉन-मेटल) के भौतिक गुण
- अवस्था: अधिकांश अधातु ठोस या गैस होते हैं। अपवाद: ब्रोमीन (Bromine) एकमात्र द्रव अधातु है।
- चमक: सामान्यतः चमकहीन होते हैं। अपवाद: आयोडीन के क्रिस्टल चमकदार होते हैं।
- कठोरता: सामान्यतः नरम होते हैं। अपवाद: हीरा (डायमंड) सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
- चालकता: ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं। अपवाद: ग्रेफाइट (कार्बन का एक अपररूप) विद्युत का सुचालक है।
- गलनांक और क्वथनांक: निम्न होते हैं।
- भंगुरता (Brittleness): अधातु भंगुर होते हैं, आघात करने पर ये चूर्ण (पाउडर) हो जाते हैं।
महत्वपूर्ण अपवाद:
- हीरा (डायमंड): ऊष्मा का सुचालक है, लेकिन विद्युत का कुचालक।
- ग्रेफाइट: विद्युत का सुचालक है (इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं) यह कार्बन का अपररूप है।
धातुओं के रासायनिक गुण (Chemical Properties of Metals)
1. ऑक्सीजन से अभिक्रिया (Reaction with Oxygen)
- धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड।
- कुछ धातु ऑक्साइड (जैसे Na₂O, K₂O) जल में घुलकर क्षार (क्षारक) बनाते हैं, जिन्हें अल्कली (जल में विलेय क्षार) कहते हैं।
- सोडियम: 4Na + O₂ → 2Na₂O (सोडियम ऑक्साइड)
- सोडियम ऑक्साइड + जल: Na₂O + H₂O → 2NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड, एक अल्कली)
- मैग्नीशियम: 2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
- मैग्नीशियम ऑक्साइड + जल: MgO + H₂O → Mg(OH)₂ (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, दूधिया विलयन)
2. जल से अभिक्रिया (Reaction with Water)
- अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु (K, Na, Ca): ठंडे जल से भी तीव्र अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
- 2Na + 2H₂O → 2NaOH (एक्वस) + H₂ (गैस)
- प्रयोग: सोडियम को खुली हवा में रखने पर वह आग पकड़ सकता है, इसलिए इसे मिट्टी के तेल (केरोसिन) में रखा जाता है।
- Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂ (हाइड्रोजन के बुलबुले कैल्शियम के टुकड़े पर चिपककर उसे तैराते हैं।)
- मध्यम अभिक्रियाशील धातु (Mg, Al, Zn, Fe): ये केवल भाप (स्टीम) से अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
- एलुमिनियम: 2Al + 3H₂O → Al₂O₃ + 3H₂
- आयरन: 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ (फेरोसोफेरिक ऑक्साइड / आयरन ऑक्साइड) + 4H₂
- जिंक: Zn + H₂O → ZnO + H₂
3. अम्ल से अभिक्रिया (Reaction with Acids)
- धातु + अम्ल → धातु लवण + हाइड्रोजन गैस।
- हाइड्रोजन गैस को साबुन के विलयन में प्रवाहित करने पर बुलबुले बनते हैं, जो जलने पर 'पॉप' ध्वनि (कर्कश ध्वनि) देते हैं।
- उदाहरण - हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के साथ:
- Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂
- 2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂
- Fe + 2HCl → FeCl₂ (फेरस क्लोराइड) + H₂
- Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂
- उदाहरण - सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) के साथ:
- Mg + H₂SO₄ → MgSO₄ + H₂
- 2Al + 3H₂SO₄ → Al₂(SO₄)₃ + 3H₂
- Fe + H₂SO₄ → FeSO₄ + H₂
- Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂
- नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) से अभिक्रिया (कॉपर के उदाहरण के साथ):
- नाइट्रिक अम्ल एक प्रबल ऑक्सीकारक है, इसलिए यह हाइड्रोजन गैस नहीं बनाता, बल्कि जल बनाता है।
- सांद्र नाइट्रिक अम्ल (Conc. HNO₃) के साथ: Cu + 4HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ (लाल-भूरी गैस) + 2H₂O
- तनु नाइट्रिक अम्ल (Dil. HNO₃) के साथ: 3Cu + 8HNO₃ → 3Cu(NO₃)₂ + 2NO (रंगहीन गैस) + 4H₂O
4. अम्लराज (Aqua Regia)
- अम्लराज सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का 3:1 (आयतन में) मिश्रण है।
- यह एक अत्यधिक संक्षारक (corrosive), धूम्रकारी (fuming) द्रव है।
- इसका उपयोग सोना और प्लैटिनम जैसी निष्क्रिय धातुओं को घोलने के लिए किया जाता है।
- इसे हमेशा ताजा (freshly prepared) बनाकर ही उपयोग करना चाहिए।
5. अन्य धातु लवण के साथ अभिक्रिया (Displacement Reactions)
- एक अधिक अभिक्रियाशील धातु, कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित (displace) कर सकती है।
- उदाहरण: Fe + CuSO₄ (नीला) → FeSO₄ (हरा) + Cu (लाल-भूरा जमाव)
धातुओं की अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series of Metals)
- याद करने का तरीका: "कली ने कार मांगी अल्टो, ज़ेन, फ़ेरारी, फिर भी क्यों मिली सिल्वर ऑडी।"
- K - पोटैशियम
- Na - सोडियम
- Li - लिथियम
- Ca - कैल्शियम
- Mg - मैग्नीशियम
- Al - एलुमिनियम
- Zn - जिंक
- Fe - आयरन
- Sn - टिन (स्टैनम)
- Pb - लेड
- [H] (हाइड्रोजन)
- Cu - कॉपर
- Hg - मरकरी
- Ag - सिल्वर
- Au - गोल्ड
अभिक्रियाशीलता श्रेणी का उपयोग:
| क्रिया | अभिक्रियाशील धातु | मध्यम अभिक्रियाशील धातु | अल्प अभिक्रियाशील धातु | | :--- | :--- | :--- | :--- | | ऑक्सीजन से | K से Ag तक सभी अभिक्रिया करते हैं | | | | अम्ल से | K से Pb तक सभी अभिक्रिया करते हैं | | (Cu, Hg, Ag नहीं करते) | | जल से | K से Ca तक (ठंडे जल से) | Mg से Pb तक (भाप से) | (Cu, Hg, Ag, Au नहीं करते) |
धातुओं का वर्गीकरण:
- अत्यधिक अभिक्रियाशील (Highly Reactive): K, Na, Li, Ca, Mg, Al
- मध्यम अभिक्रियाशील (Moderately Reactive): Zn, Fe, Sn, Pb
- अल्प अभिक्रियाशील (Less Reactive): Cu, Hg, Ag, Au
आयनिक यौगिक (Ionic Compounds)
- आयनिक यौगिक धातु और अधातु के बीच बनते हैं।
- निर्माण प्रक्रिया:
- धातुएँ इलेक्ट्रॉन त्याग कर धनायन (Cation, +ve आयन) बनाती हैं। इस प्रक्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं।
- अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणायन (Anion, -ve आयन) बनाती हैं।
- धनायन और ऋणायन के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत बल (Electrostatic Force of Attraction) लगता है, जिसे आयनिक बंध (Ionic Bond) कहते हैं।
- उदाहरण: NaCl (सोडियम क्लोराइड): Na (2,8,1) अपना एक इलेक्ट्रॉन Cl (2,8,7) को देता है, जिससे Na⁺ (2,8) और Cl⁻ (2,8,8) बनते हैं।
अतिरिक्त अध्ययन: रसायन विज्ञान की अवधारणाओं को और अधिक गहराई से समझने के लिए, आप इलेक्ट्रोकैमिस्ट्री वन शॉट लेक्चर | यूपी बोर्ड 12वीं केमिस्ट्री का अध्ययन कर सकते हैं। सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स के लिए, 2025 करंट अफेयर और स्टैटिक GK सेशन: महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर पृष्ठ पर जाएँ।
[संगीत] हेलो एवरीवन, माय नेम पार्थ। वेलकम टू माय YouTube चैनल। तो यहां स्टार्ट कर रहे हैं
मेटलर्जी चैप्टर का वन शॉट। इस एक वन शॉट में सारे टॉपिक्स एंड पीवाईक्यूस हम देखने वाले हैं। पीवाईक्यूस लास्ट में देखेंगे।
ये एक लेक्चर, एक वीडियो आपके प्रीलिम के लिए, बोर्ड एग्जाम के लिए सफिशिएंट है। सारी चीजें यहां पे कवर हो जाएंगी। ट्रस्ट
मी। शुरू करते हैं विदाउट वेस्टिंग एनी टाइम। चलिए वेटेज कितना है ये चैप्टर का? छह मार्क का वेटेज है। ठीक है? ये
केमिस्ट्री का चैप्टर है। एंड चार चैप्टर केमिस्ट्री के आते हैं। पीरियडिक क्लासिफिकेशन, केमिकल रिएक्शन, मेटलर्जी,
कार्बन चारों करने जरूरी है। ठीक है? एक स्ट्रेटजी डालने वाला हूं मैं साइंस वन की इललीगल स्ट्रेटजी जिसमें केमिस्ट्री के
चार चैप्टर करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। वो मैं आपको स्ट्रेटजी में बताऊंगा। ठीक है? शुरू करते हैं। फिर
देखो ये जो टॉपिक है ना छोटा सा बहुत लोग इसको नहीं पढ़ते हैं। इग्नोर कर देते हैं। फिजिकल प्रॉपर्टी ऑफ मेटल इसके ऊपर भी
क्वेश्चन एग्जाम में पूछा गया है। ठीक है? फिजिकल प्रॉपर्टीज मेटल्स कैसे होते हैं? दे आर सॉलिड एट रूम टेंपरेचर।
मोस्ट ऑफ देम आर सॉलिड। एक्सेप्शन है मर्यूरी का और गैलियम का। दे आर लिक्विड एट रूम टेंपरेचर। ठीक है? इतनी सी बात है।
बाकी सारे मेटल कैसे हैं? सॉलिड है। मरक्यूरी, गैलियम लिक्विड है एट रूम टेंपरेचर। ठीक है? दे पोज़ेस मैटेलिक लस्टर
चमकते हैं, शाइनी होते हैं। ठीक है? बट लस्टर विल रिड्यूस ऑन एक्सपोज़र टू एयर मॉइस्चर एंड रिएक्टिव गैसेस। तो जो चमक
होती है मेटल की मेटल को जब पॉलिश किया जा जाता है तो वो चमकता है। लस्टर होता है। लेकिन धीरे-धीरे करके वो कोरोजन होता है
उसका। है ना? एयर के साथ या मॉइस्चर के साथ, पानी के साथ रिएक्ट करके, ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करके, दूसरे गैसेस के साथ
रिएक्ट करके क्या हो जाता है? मेटल का कोरोजन। खराब हो जाता है मेटल। ठीक है? लस्टर चला जाता है। डक्टाइल होते हैं। दे
कैन बी ड्रॉन इनू वायर्स। मेटल्स का हम वायर्स बना सकते हैं। आपके घर में लाइट आती है। वायर्स होती है। उसके अंदर मेटल
की वायर होती है। जानते हो आप ये। ठीक है? इसको डक्टिलिटी कहते हैं। फिर एक प्रॉपर्टी है मैलिएबिलिटी।
ठीक है? दे कैन बी हैमर्ड इंटू शीट्स। आपको पता है चांदी की वरख आती है। सोने की भी वरख आती है। मिठाई वगैरह के ऊपर लगाते
हैं। इसको गोल्ड लीफ कहते हैं। ठीक है? बहुत ही ज्यादा पतला होता है। बहुत ही ज्यादा। तो मेटल्स को आप मार-मार के हथोड़े
से मार के चपटा एक शीट बना सकते हो उसकी। ठीक है? इसको बोलते हैं मैलिएबिलिटी। क्या बोलते हैं? मैलिएबिलिटी। डक्टिलिटी,
मैलिएबिलिटी, लस्टर। इतना समझ में आया? दे आर गुड कंडक्टर ऑफ हीट एंड इलेक्ट्रिसिटी। चलो ये भी हमें पता है। ठीक है? जनरली
हार्ड जनरली कड़क होते हैं। बट एक्सेप्शन है अल्कली मेटल। अल्कली मेटल मतलब आपका जो पीरियडिक टेबल में ग्रुप नंबर वन है ना
उसमें क्या आता है? अल्कली मेटल आते हैं। जैसे लिथियम हो गया, सोडियम हो गया, पोटैशियम हो गया। दे आर सॉफ्ट एंड दे कैन
बी कट विद अ नाइफ। यहां पे जैसे आप देख पा रहे हो सोडियम को एक चाकू से काटा जा रहा है। तो ये थोड़ा सॉफ्ट होता है। लिथियम
सोडियम है, पोटैशियम है। थोड़े-थोड़े नरम होते हैं। सॉफ्ट होते हैं। चाकू से काट सकते हो। बाकी सारे कड़क हैं। ठीक है? हाई
[नाक से की जाने वाली आवाज़] मेल्टिंग एंड बॉइलिंग पॉइंट। इनका मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट कैसा रहेगा? हाई रहेगा। टंगस्टन की
बात की है तो टंगस्टन हैज़ द हाईएस्ट मेल्टिंग पॉइंट ऑफ 3422° सेल्सियस। लेकिन
एक्सेप्शन। ठीक है? ये एक्सेप्शन है के जैसे सोडियम है, पोटैशियम है, मरक्यूरी, गैलियम इनका जो मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट
है वो लो होता है। सोडियम तो नरम है ना आप उसको चाकू से काट रहे हो तो उसका डेफिनेटली मेल्टिंग बॉइलिंग पॉइंट कम
रहेगा। ठीक है? वैसे पोटैशियम का भी कम होता है एंड मर्यूरी गैलियम तो लिक्विड है एट रूम टेंपरेचर। चलो इतना बात समझ में
आया? फिर सोनोरस मतलब क्या? दे प्रोड्यूस अ रिंगिंग साउंड व्हेन ट्रक। किसी भी मेटल को आप मारोगे तो टिंग टिंग टिंग। मंदिर
में घंटी होती है। टंग करके बजा के जाते हो आप तो मेटल को मारोगे तो आवाज आता है। ठीक है? एक रिंगिंग साउंड प्रोड्यूस होता
है। मेटल्स आर सोनोरस। और इस प्रॉपर्टी को कहते हैं सोनोरिटी। ये बात याद रखना। इस प्रॉपर्टी को क्या
कहते हैं? सोनोरिटी। मेटल्स आर सोनोरस। द प्रॉपर्टी इज कॉल्ड सोनोरिटी। कोई दिक्कत वाली बात है? चलो ठीक है। अब बात करेंगे
नॉन मेटल्स की। देखो इसके ऊपर भी ना कोई ना कोई सवाल बन सकता है। ऑब्जेक्टिव में पूछते हैं इसलिए मैं आपको बता रहा हूं।
बाकी मेरे को क्या खुजली है क्या बताने के लिए? देखो मोस्ट ऑफ़ द नॉन मेटल्स आर सॉलिड और गैस। नॉन मेटल्स वैसे बहुत कम होते
हैं। आपको पता है आपका जो पीरियडिक टेबल है उसमें एक जिगजैग लाइन है मेटलॉइड का। मेटलॉइड्स के राइट में थोड़े से नॉन मेटल
है। उतने ही नॉन मेटल हैं। बाकी सारे मेटल्स हैं। पता है आपको? पता होगा। तो मोस्ट ऑफ़ देम आर सॉलिड और गैस। एक्सेप्शन
है ब्रोमिन। इट इज़ द ओनली लिक्विड नॉन मेटल। देखो इधर दिख रहा है आपको एकदम ब्राउन कलर का रेडिश ब्राउन लिक्विड होता
है और बहुत ज्यादा पोइजनस बहुत ज्यादा टॉक्सिक खतरनाक होता है ब्रोमिन ठीक है बाटली में भर के रखते हैं उसमें से
फ्यूम्स आती हैं रेड कलर की ब्राउन कलर की वो अगर हमने सूंघ लिया झालमा संपल ठीक है तो ब्रोमिन इज द ओनली लिक्विड नॉन मेटल
जनरली दे आर नॉन लस्टस इनकी कोई चमक नहीं होती एक्सेप्शन यहां पर भी है जैसे आयोडीन आयोडीन के क्रिस्टल्स को आप देखोगे तो
चमचमक दिखेंगे शाइनी दिखेंगे आपको इस तरीके से ठीक ठीक है? आयोडीन के क्रिस्टल्स शाइनी होते हैं। बाकी सारे नॉन
लस्टस है, डल है, चमकते नहीं है। यूजुअली सॉफ्ट होते हैं, नरम होते हैं। एक्सेप्शन डायमंड
डायमंड क्या है? कार्बन का एक प्रकार है। एलोट्रोप ऑफ़ कार्बन है। ठीक है? इट इज द हार्डेस्ट नेचुरल मटेरियल। इससे ज्यादा
कड़क कुछ भी नहीं है। हार्डेस्ट नेचुरल मटेरियल डायमंड। ठीक है? एक और बात आपको कहूंगा के जैसे मैंने बताया ये सॉफ्ट है
ज्यादातर। लेकिन उनको हथोड़े से मारोगे तो उनका शीट बनने वाला है क्या? चपटे होने वाले नहीं उनकी पाउडर हो जाएगी। तो हम
इनको सॉफ्ट के साथ-साथ ब्रिटल भी कहते हैं। क्या कहते हैं? ब्रिटल। ब्रिटल मतलब मारोगे तो भुक्का हो जाएगा। पाउडर हो
जाएगा। शीट नहीं बनेगा। चपटा नहीं होगा। चपटा कौन होता है? मेटल्स। मैलिएबिलिटी। ठीक है? दे हैव लो मेल्टिंग एंड बॉइलिंग
पॉइंट्स। ठीक है? तो इतना बस और क्या है? पुअर कंडक्टर ऑफ़ हीट एंड इलेक्ट्रिसिटी। एक्सेप्शन में क्या दिया है कि जो
ग्रेफाइट है, ग्रेफाइट ये भी कार्बन का ही एक प्रकार है। एलोट्रोप ऑफ कार्बन है। ठीक है? इट इज़ अ गुड कंडक्टर ऑफ
इलेक्ट्रिसिटी। हीट का नहीं बोला है। इलेक्ट्रिसिटी का बोला है। ध्यान से सुनना। ये एग्जाम में पूछा गया था।
ग्रेफाइट क्या है? आपका जो पेंसिल का लीड होता है उसके अंदर भी ग्रेफाइट होता है। ठीक है? तो ग्रेफाइट इज़ अ गुड कंडक्टर ऑफ़
इलेक्ट्रिसिटी। कार्बन का एक प्रकार है। एलोट्रोप है। ठीक है? इसके अंदर फ्री इलेक्ट्रॉन्स होते हैं ग्रेफाइट में।
इसलिए इट इज़ अ गुड कंडक्टर ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी। चलो एक और छोटा सा डू यू नो यहां पे टेबल दिया है। ये लोग ने क्या
बोला है? सब्सटेंसेस व्हिच आर गुड कंडक्टर ऑफ हीट एंड सब्सटेंसेस व्हिच आर गुड कंडक्टर ऑफ हीट
दे आर यूजुअली गुड कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एज वेल। जो हीट के अच्छे कंडक्टर हैं वो
इलेक्ट्रिसिटी के भी अच्छे कंडक्टर होते हैं। जैसे मेटल्स की बात करें। एंड जो बैड कंडक्टर ऑफ हीट हैं दे आर आल्सो बैड
कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। यहां पे एक और एक्सेप्शन क्या बोला है? एक्सेप्शन इज डायमंड। इट इज अ बैड कंडक्टर ऑफ
इलेक्ट्रिसिटी बट अ गुड कंडक्टर ऑफ हीट। ठीक है? तो जैसे देखो एग्जाम में अगर पूछा जाए तो डायमंड इज़ अ गुड कंडक्टर
गुड कंडक्टर ऑफ ऑफ हीट। एंड ग्रेफाइट की बात करूं उसी जगह पे तो ग्रेफाइट इज़ अ गुड कंडक्टर।
कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। चलो इतनी बात आप मेरी समझ सकते हो। डायमंड इज अ गुड कंडक्टर ऑफ हीट। ग्रेफाइट इज अ
गुड कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी। इतना थोड़ा सा पॉइंट याद रखना। एग्जाम में पूछ सकते हैं। चलो अब बात करेंगे अब तक हमने फिजिकल
प्रॉपर्टी देखी। मतलब बाहर बाहर से तुम्हारा मेटल कैसा है? चमकता है। कड़क है।
हाई मेल्टिंग पॉइंट, बॉइलिंग पॉइंट ये सब हमने देखा। उसको मार के शीट बना लो। मैलिएबिलिटी दिखती है। वायर बना लो।
प्रोडक्टिलिटी दिखती है। मारोगे तो टंग करके आवाज आता है। सोनोरिटी दिखती है। ये सारी फिजिकल प्रॉपर्टी थी। अब जब मैं
रिएक्शंस की बात करूंगा, मेटल किस तरीके से रिएक्ट करते हैं? तो इसको हम कहते हैं केमिकल प्रॉपर्टीज। क्या बोलते हैं?
केमिकल प्रॉपर्टीज। केमिकल प्रॉपर्टीज में क्या आते हैं? रिएक्शंस। फिजिकल प्रॉपर्टीज में उनकी फिजिकल प्रॉपर्टीज आ
गई। ठीक है? कैसा स्टेटमेंट है? फिजिकल प्रॉपर्टी में फिजिकल प्रॉपर्टी। केमिकल प्रॉपर्टी में रिएक्शंस की बात करेंगे।
ठीक है? चलो देखो सबसे पहले रिएक्शन ऑफ मेटल विद ऑक्सीजन। मेटल और ऑक्सीजन का जब रिएक्शन होता है वैसे सारे मेटल ऑक्सीजन
के साथ रिएक्ट करेंगे ये जरूरी नहीं है। कुछ मेटल ज्यादा इजीली रिएक्ट करते हैं ऑक्सीजन के साथ। फिर जैसे गोल्ड हो गया या
प्लैटिनम हो गया ये लोग ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट नहीं करते हैं। ठीक है? लेकिन ज्यादातर मेटल्स ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट
करते हैं। तो अगर मेटल ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करे तो क्या बनाता है? समथिंग कॉल्ड एज मेटल ऑक्साइड। सिंपल सी बात है।
ठीक है? सोडियम का एग्जांपल ले लेंगे। सोडियम बहुत ही ज्यादा रिएक्टिव होता है। ठीक है? सोडियम और ऑक्सीजन जब रिएक्ट करते
हैं तो सोडियम ऑक्साइड बनता है। अब आप पूछोगे सर ये कैसे बनाया? Na2O ये फार्मूला कहां से आया? तो मैं आपको बताऊं
जैसे सोडियम की वैलेंसी वन है। ऑक्सीजन की वैलेंसी टू है। ठीक है? तो हम इसका ऐसा क्रिस और क्रॉस करते हैं तो मुझे
क्या मिलता है? मुझे मिलता है Na2O। बराबर बात है। तो ये जो प्रोडक्ट मैं बना रहा हूं, जितने भी प्रोडक्ट आगे बनाऊंगा, उसके
लिए आपको क्या आना चाहिए? आपको वैलेंसी आनी चाहिए। अब वो वैलेंसी आप या तो वैलेंसी आरती से याद कर लो। वैलेंसी आरती
नाम की एक चीज है। उससे आप याद कर लो या फिर एक और तरीका है। बहुत ही सिंपल तरीका है। बहुत ही इफेक्टिव तरीका है जो आपको
मैं बताऊंगा। चलो आ जाओ। ये अपना इजी लर्निंग एप्लीकेशन आ गया। ठीक है? थोड़ा-थोड़ा नीचे जाओगे तो आपको फ्लैश
कार्ड्स दिखेगा। फ्लैश कार्ड्स के अंदर बहुत सारी चीजें हैं। ठीक है? खजाना भर के रखा हुआ है आपके लिए फ्लैश कार्ड का। जा
के देखना किसी दिन। ठीक है? वैलेंसी फ्लैश कार्ड की बात करें। ठीक है? वैलेंसी प्रैक्टिस नाउ पे चले जाओ वैलेंसी में। तो
हाइड्रोक्साइड OH OH- तो इसकी वैलेंसी क्या हो जाती है? वन हो जाती है। ठीक है? आयोडाइड I माइनस तो इसकी वैलेंसी कितनी हो
जाती है? वन हो जाती है। ठीक है? मैग्नीशियम Mg +2 होता है। ठीक है? उसके ऊपर चार्ज आता है +2 तो इसकी वैलेंसी हो
जाती है टू क्लोराइड माइनस Cl- तो इसकी वैलेंसी हो जाती है वन। सिल्वर Ag+ वैलेंसी वन फास्फेट PO43- तो इसकी वैलेंसी
हो जाती है थ्री। ठीक है? हाइड्रोजन कार्बोनेट HCO3- तो इसकी वैलेंसी हो वैलेंसी वन हो जाती है। कैल्शियम Ca2+ तो
वैलेंसी टू हो जाती है। हाइड्रोजन प्लस भी होता है, माइनस भी हो सकता है। H+ H- दोनों हो सकते हैं। तो वैलेंसी वन हो जाती
है। हाइड्रोजन H+ को हाइड्रोजन कहेंगे। H- को हाइड्राइड कहते हैं। कॉपर कॉपर की वेरिएबल वैलेंसी है। Cu+ भी हो सकता है।
Cu 2+ भी हो सकता है। ठीक है? तो क्यूपरस एंड क्यूप्रिक तो वैलेंसी वन एंड टू। ठीक है? एलुमिनियम 3+ रहेगा। वैलेंसी थ्री
अमोनियम NH4 प्लस रहेगा वैलेंसी वन नाइट्राइड 3- N3- तो वैलेंसी थ्री हो जाती है। नाइट्रेट NO3 माइनस तो वैलेंसी वन हो
जाती है। सल्फेट SO42- वैलेंसी टू हो जाती है। तो इसको आप दो-तीन बार करोगे ना फ्लैश कार्ड्स को आप दो-तीन बार याद करो, याद
करो, लर्न करो, लर्न करो। आपको सारी वैलेंसीज याद हो जाएंगी। वैलेंसी याद हो जाएगी तो आप आगे का कोई भी रिएक्शन का
प्रोडक्ट बना लोगे। मेरी गारंटी है आपसे। ठीक है? आपको चाहिए तो आगे मैं क्रिस क्रॉस बताते जाऊंगा। लेकिन फटाफट बताऊंगा।
ठीक है? बार-बार रिवाइज़ नहीं कराऊंगा। ये आपका होमवर्क है कि आपको ये आना चाहिए। ठीक है? आपकी रिस्पांसिबिलिटी है कि
वैलेंसी 10थ खत्म होने आया। अब नहीं करोगे तो कब करोगे? करो। ठीक है? ये आपका रिस्पांसिबिलिटी मैंने इधर आपको बता दिया।
ठीक है? चलो आ जाओ। तो अपन अपने कंटिन्यू करते हैं इसको। चलो। तो Na2O बन गया।
क्रिस क्रॉस बताया मैंने। सोडियम का वन है। ऑक्सीजन का टू है। चलो क्रिस क्रॉस हो गया। बाय द वे यह एक
आयोनिक कंपाउंड है। आपको बता दूं फिर भी यह एक आयोनिक कंपाउंड होता है और यहां पर सोडियम के ऊपर प्लस चार्ज होता है और
ऑक्सीजन के ऊपर 2- चार्ज होता है। तो ऐसे दो सोडियम होते हैं। Na+ Na+ एंड एक ऑक्सीजन होता है विद 2- ऑक्साइड कहते हैं
उसको। तो ये आपका बन गया सोडियम ऑक्साइड। इसका नाम क्या है? नाम क्या है इसका? चलो फटाफट बताते जाऊंगा आपको। इसको कहेंगे
सोडियम ऑक्साइड। ठीक है? चलो इसके बाद ये लोग ने क्या बोला
है आपके टेक्स्ट बुक में कि कुछ-कुछ मेटल के ऑक्साइड सारे मेटल ऑक्साइड नहीं करते ये कुछ-कुछ मेटल ऑक्साइड पानी के साथ
रिएक्ट करेंगे और अल्कली बना के देंगे। जैसे सोडियम ऑक्साइड को अगर पानी में डाला जाए तो मुझे NaOH मिलता है। अब NaOH इज़
सोडियम हाइड्रोक्साइड। यहां पे लिख देता हूं। चाहे तो सोडियम हाइड्रोक्साइड।
ठीक है? सोडियम हाइड्रोक्साइड। इसको ये लोग ने क्या बोला है? एल्कली। अल्कली का मतलब क्या है बेटा? अल्कली मतलब कोई भी
ऐसा बेस जो पानी में डिॉल्व होता है। जैसे NaOH पानी में डिॉल्व होता है। यहां पर दिख रहा है आपको? AQ एक्वस सॉल्यूशन बन
जाता है सोडियम हाइड्रोक्साइड का। तो इसको अल्कली कहते हैं। क्या सारे बेस पानी में डिॉल्व होते हैं? नहीं होते। जैसे आप
एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड की बात करो। AlH थाइस ये पानी में इनसॉल्युबल है। पानी में डिॉल्व नहीं होता। बेस है। एलुमिनियम
हाइड्रोक्साइड एक बेस है लेकिन पानी में इनसॉल्युबल है। आर यू अंडरस्टैंडिंग? तो इसको मैं अल्कली नहीं कहूंगा। अल्कली मतलब
वो बेस ध्यान से सुनो मेरी बात। अल्कली मतलब एक ऐसा बेस व्हिच इज़ सॉलुबल इन वाटर। उसको अल्कली कहते हैं। सॉलुबल इन वाटर।
ठीक है? बहुत ही सिंपल बात बेसिक बातें आपको यहां पे बताते चल रहा हूं। चलो कोई दिक्कत वाली बात है। ऐसे ही एक और रिएक्शन
आप चाहो तो पोटैशियम और ऑक्सीजन का भी बता सकते हो। इसमें आपको मिलेगा K2O। ठीक है? K2O क्या रहेगा? सॉलिड रहेगा। K2O को आप
पानी में डाल दो तो आपको मिल जाएगा KOH एक्वयस। मतलब KOH क्या है? एक अल्कली है। एक ऐसा बेस है जो पानी में डिॉल्व हो जाता
है। बातें समझ में आ रही है? ठीक है? चलो ठीक है। बहुत बढ़िया। इरेज़ कर रहा हूं इसको।
जोज एक्स्ट्रा बताते जाऊं। थोड़ा-थोड़ा आप लिखते जाओगे तो चीजें ज्यादा क्लियर होंगी। एंड बाद में रिवीज़ के टाइम आपको
काम आएगा। ये पीडीएफ मैं कोशिश करूंगा इसको डिस्क्रिप्शन में डाल दूं। ठीक है? एटलीस्ट रिएक्शनंस का पीडीएफ है जो मैं
नीचे डाल दूंगा जो जो मैं यहां पे लिख के आपको बता रहा हूं वो पीडीएफ मैं आपको दे दूंगा डिस्क्रिप्शन में लेकिन बेटर क्या
रहेगा कि आप मेरे साथ-साथ लिखो तो जो आपके नोट्स बनेंगे ना ये एक वनशॉट देख के वो नोट्स आपको अंत तक आपके एग्जाम तक काम
आएंगे रिमेंबर दिस ठीक है चलो फिर ये एक इसको डब्बा बना देता हूं इसको साइड में रखता हूं चलो फिर दूसरा एक एग्जांपल दिया
है मैग्नीशियम प्लस ऑक्सीजन का इसको जब हम जलाते हैं मैग्नीशियम एंड ऑक्सीजन को तो आपको क्या मिलता है अच्छा बैलेंस नहीं
किया ना मैंने रुक जाओ बैलेंसिंग रह गई। सॉरी। चलो ठीक है।
पहले वाले रिएक्शन को इसको बैलेंस करते हैं। तो यहां पे मुझे राइट हैंड साइड पे प्रोडक्ट में Na2 दिख रहा है। तो मैं
सोडियम को बैलेंस करूंगा टू लगा के। ठीक है? और ठीक है। ऑक्सीजन एक दिख रहा है और यहां पे
दो दिख रहे हैं। तो मुझे एक्चुअली Na2O को टू से मल्टीप्लाई करने करना पड़ेगा ऑक्सीजन को बैलेंस करने के लिए। लेकिन अभी
सोडियम कितना हो गया? फोर हो गया। तो मुझे यहां पे फोर लगाना पड़ेगा। ठीक है? बैलेंसिंग ऐसे ही होती है। आप एग्जाम में
अगर कभी बैलेंस करो ना तो एक बार उसको रफ में करना। पेंसिल से कर लेना। ठीक है? आपको उसमें खड़ा-खथोड़ करना पड़ सकता है।
लेकिन बाद में इरेज़ करके फाइनल बाद में पेन से लिखना। ठीक है? तो एक बार कैलकुलेशन कर लेना पेंसिल से। बाद में
उसको इरेज़ करके आप डायरेक्ट लिख सकते हो। पेंसिल से पेन से लिख सकते हो। ठीक है? तो चलो। और हो गया यहां पे। हां। अभी दूसरा
वाला दूसरे वाले में यहां पे अगर मैं टू लगाऊं NaOH को तो सोडियम बैलेंस हो गया। ऑक्सीजन
भी बैलेंस हो गया। हाइड्रोजन भी बैलेंस हो गया। बस इतना ही है। चलो फिर मैग्नीशियम और ऑक्सीजन जब रिएक्ट करेंगे तो वापस
मैग्नीशियम ऑक्साइड बनेगा। उसका फार्मूला क्या रहेगा? mg का वैलेंसी टू ऑक्सीजन का टू। तो क्या होता है मालूम है आपको? ये टू
टू कैंसिल हो जाता है। अपने को लोएस्ट पॉसिबल नंबर चाहिए ना। तो mgo इतना ही बचेगा। जिसमें ये भी एक आयोनिक कंपाउंड
है। मैग्नीशियम के ऊपर 2+ चार्ज रहेगा। ऑक्सीजन के ऊपर 2- चार्ज होता है। ठीक है? आयोनिक कंपाउंड है। आयन्स से बनता है
एक्सचेंज ऑफ इलेक्ट्रॉन। एक्सचेंज मतलब मैग्नीशियम अपने इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन को दे देता है। ठीक है? ट्रांसफर ऑफ इलेक्ट्रॉन।
एक्सचेंज नहीं बोलूंगा ट्रांसफर ऑफ इलेक्ट्रॉन। ठीक है? चलो। तो ये बन गया आपका मैग्नीशियम ऑक्साइड। नाम लिखने की
जरूरत है? नहीं। मैग्नीशियम ऑक्साइड। आप समझते हो? इसको बैलेंस करना है तो मैं क्या करूं? मैं यहां टू लगाऊं। ऑक्सीजन
बैलेंस हो गया और यहां टू लगाऊं। मैग्नीशियम बैलेंस हो गया। अब आपके टेक्स्ट बुक में ये लोग ने क्या बोला है?
अगर मैग्नीशियम ऑक्साइड को आप पानी में डालते हो तो यहां पर भी अल्कली बनता है। मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड MgOH ट्वाइस।
ठीक है? लेकिन आपको एक बात बताऊं मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड पानी में बहुत कम डिॉल्व
होता है। ठीक है? थोड़ा-थोड़ा डिॉल्व होता है लेकिन ज्यादातर अनडिसॉल्वड रहेगा। तो एक्चुअली में यहां पे ब्रैकेट में क्या
आना चाहिए? सॉलिड आना चाहिए। लेकिन आपके टेक्स्ट बुक में कुछ भी नहीं दिया है। ठीक है? लेकिन मैं आपको एडिशनल एक चीज बता रहा
हूं यहां पे। जैसे मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड को हम देखें तो वो जो सॉल्यूशन होगा ना उसमें आपको उसके
पार्टिकल्स दिखेंगे तो वो थोड़ा मिल्की सॉल्यूशन दिखेगा आपको। ठीक है? मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड को जब आप देखोगे ना तो उसके
अनडिसॉल्वड पार्टिकल्स आपको दिखेंगे। तो वो सॉल्यूशन कैसा दिखता है? थोड़ा-थोड़ा मिल्की दिखता है। ठीक है?
प्रेसिपिटेटेड पार्टिकल्स आपको दिखते हैं मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड के। ये मुझे आपको बताना है। ठीक है? चलो इसके अलावा
इसको बैलेंस करना है तो मुझे क्या करना पड़ेगा? कुछ भी नहीं करना पड़ेगा। इट इज ऑलरेडी अ बैलेंस्ड इक्वेशन। ठीक है? आई
होप दिस मच वास वेरी क्लियर। चलो फिर आगे चलेंगे। अब ये लोग ने क्या बोला? एक बहुत ही पॉपुलर गिव रीज़न है इसके ऊपर जो एग्जाम
में आता है कि सोडियम को खुला क्यों नहीं रखते? सोडियम को हमेशा ऑयल या तो केरोसिन में रखा जाता है। किस में रखते हैं? ऑयल
या तो केरोसिन घासलेट घासते तेल। ठीक है? क्यों रखते हैं? अगर आपका जो सोडियम है वो एयर के डायरेक्ट कांटेक्ट में आ जाए तो वो
ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट कर सकता है। आग पकड़ सकता है। एक्सीडेंट हो सकता है। देखो ऑन एक्सपोज़र टू एयर। एयर मतलब क्या?
ऑक्सीजन। सोडियम कैन रेडीली कैच फायर। आग पकड़ सकता है। एक्सीडेंट हो सकता है। देयर फॉर टू प्रिवेंट एक्सीडेंट इन द लैबोरेटरी
और एल्स वेयर इट इज़ केप्ट इन केरोसिन। ये आपका एक गिव रीज़न बन जाता है। यहां पे सिंपल सा इसका आंसर है। कोई दिक्कत वाली
बात नहीं। चलो। फिर रिएक्शन ऑफ मेटल में दूसरा रिएक्शन अपने को दिखेगा रिएक्शन ऑफ मेटल विद वाटर। तो जब पानी के साथ आपका
मेटल रिएक्ट करेगा तो आपको दो चीजें मिलती हैं। एक तो मेटल हाइड्रोक्साइड बनता है और हाइड्रोजन गैस बनती है। ठीक है? हाइड्रोजन
गैस के बबल्स होंगे तो वो बाहर आएगा। ठीक है? तो ऐसे अपवर्ड एरो दिखा सकता हूं यहां पे मैं। ठीक है? चलो रिएक्शन देखेंगे।
सोडियम को पानी में डाला। एक तो धमाका होता है। वो धमाका क्यों होता है? वो भी आपको बताऊंगा मैं। देखो इधर सोडियम को जब
आप पानी में डालोगे तो इस तरीके से एक्सप्लोसिव रिएक्शन होता है। ठीक है? ब्लास्ट भी हो सकता है, आग
पकड़ सकता है। इसके पीछे क्या रीज़न है आपको बताता हूं। ठीक है? सोडियम एक तो बहुत ही ज्यादा रिएक्टिव है। तो यहां पे
आपको सबसे पहले मिला सोडियम हाइड्रोक्साइड। NaOH एक्वस फॉर्म में है। मतलब ये इसकी अल्कली बन गया। ठीक है? NaOH
प्लस आपको हाइड्रोजन गैस मिलती है। प्लस आपको हीट भी मिलती है। हीट प्रोड्यूस होती है यहां पे। तो क्या होता है? ये जो
हाइड्रोजन गैस है हीट के वजह से हाइड्रोजन गैस आग पकड़ लेगी एंड वहां पे धमाका हो जाएगा। ठीक है? दिस इज द बेसिक रिएक्शन।
अब इसको बैलेंस करना है मुझे तो मैं क्या करूंगा? देखो राइट हैंड साइड में आपको दिख रहा है
प्रोडक्ट में हाइड्रोजन तीन है। ठीक है? ये एक और ये दो। हाइड्रोजन तीन दिख रहा है आपको। ऑड नंबर है। तो मुझे क्या करना
पड़ेगा? मुझे इवन करना पड़ेगा। तो मुझे एक यहां पे टू लगाना पड़ेगा ताकि हाइड्रोजन का एक इवन
नंबर हो जाए। चार हाइड्रोजन हुआ तो अब मैंने यहां पे टू लगाया। चलो मुझे बताओ। हाइड्रोजन बैलेंस हो गया। ऑक्सीजन भी
बैलेंस हो गया। ठीक है? दोनों तरफ दो-दो ऑक्सीजन हो गए। एंड सोडियम को बैलेंस करना है तो इधर टू लगा दिया तो सोडियम भी
बैलेंस हो गया। इस तरीके से कार्यक्रम हो रहा है। ठीक है? कोई दिक्कत वाली बात है? अच्छा, यहां पे हाइड्रोजन के बाजू में
मैंने ब्रैकेट में छोटे ब्रैकेट में g लिखा हुआ है। ठीक है? इसका मतलब क्या क्या वो गैस फॉर्म में बाहर आ रहा है? बबल्स
फॉर्म में बाहर आएगा। अब मुझे यहां पे वापस अपवर्ड एरो दिखाने की जरूरत नहीं है। तो या तो आप ऐसा दिखा दो इसका मतलब क्या?
गैस फॉर्म में बाहर आ रहा है। गैस इवॉल्व हो रही है। बबल्स आ रहे हैं। या तो आप नीचे ब्रैकेट में g लगा दो तो भी काम हो
जाएगा। दोनों लगाने की जरूरत नहीं है। बिकॉज़ दोनों का मतलब सेम है। या तो ब्रैकेट में g रखो या तो एक अपवर्ड एरो
लगाओ। दोनों का मतलब सेम है। ठीक है? चलो कोई दिक्कत वाली बात है? नहीं है। इसके बाद और एक रिएक्शन लिया पोटैशियम का।
पोटैशियम को पानी में डालो। सेम चीज आपको KOH मिलेगा पोटेशियम हाइड्रोक्साइड अल्कली प्लस हाइड्रोजन गैस प्लस हीट यहां पर भी
आग पकड़ लेगा धमाका होगा हाइड्रोजन जल जाएगी ठीक है बैलेंस करना है सेम सेम टू सेम बैलेंसिंग है ठीक है और कुछ भी नहीं
है इधर टू लगेगा इधर टू लगेगा इधर टू लगेगा अब आपने मुझे पूछा नहीं NaOH बना कैसे सोडियम की वैलेंसी वन OH की वैलेंसी
हाइड्रोक्साइड की वैलेंसी वन होती है तो इसका क्रिस क्रॉस करेंगे तो क्या मिलता है तुमको
NaOH मिलता है। ठीक है? तो इस तरीके से यह बन गया। और कोई दिक्कत वाली बात है? नहीं है। चलो और कोई रिएक्शन दिया है? हां।
कैल्शियम और वाटर यहां पर भी कैल्शियम हाइड्रोक्साइड बनेगा। यस। COOH ट्वाइस बनेगा। प्लस हाइड्रोजन
गैस बाहर आएगी। लेकिन ये रिएक्शन उतना ज्यादा विगरस नहीं है। उतना ज्यादा खतरनाक नहीं है। कैल्शियम की रिएक्टिविटी कम होती
है थोड़ी। तो यहां पे हीट नहीं प्रोड्यूस होगी। हीट अगर नहीं प्रोड्यूस होगी तो क्या होता है पता है आपको? बताता हूं मैं।
ये जो हाइड्रोजन के बबल्स आएंगे ना ध्यान से सुनना। हाइड्रोजन के जो बबल्स आएंगे वो कैल्शियम का जो टुकड़ा रहेगा ना उसके ऊपर
चिपक जाएंगे। देखो इधर आपको दिख रहा है कैल्शियम का एक टुकड़ा है जो चलो पानी में डाला। हाइड्रोजन गैस
प्रोड्यूस हो रही है। आपको दिख रहे हैं बबल्स। वो बबल्स उस कैल्शियम के ऊपर चिपक जाते हैं और कैल्शियम को ऊपर लेके जाते
हैं। तो कैल्शियम क्या करता है? पानी के ऊपर फ्लोट होते हुए दिखेगा आपको। ठीक है? बिकॉज़ ऑफ़ हाइड्रोजन बबल्स। कैल्शियम ऊपर
पानी के ऊपर फ्लोट होते हुए दिखाई देगा। ठीक है? सिंपल है। कोई दिक्कत है? चलो। ओके। ग्रेट। इसमें बैलेंसिंग करने की कोई
आवश्यकता है? हां। है ना? आवश्यकता तो है। चलो बैलेंस करते हैं इसको। क्या करूं इसका? बैलेंसिंग
मैं। चार हाइड्रोजन दिख रहा है मेरे को। ठीक है? प्रोडक्ट में मेरे को चार दिख रहा है। दो इधर दिख रहा है। दो इधर दिख रहा
है। तो मैं चलो यहां टू लगा दिया। ऑक्सीजन बैलेंस हो गया। हाइड्रोजन भी बैलेंस हो गया। कैल्शियम भी बैलेंस्ड है। एक-एक है।
है ना? रिएक्टेंट में भी एक ही है। प्रोडक्ट में भी एक ही है। चलो डन। बैलेंसिंग। ओके? डन। अब आपको एक बात
बताऊं। सारे मेटल ऐसे लिक्विड वाटर के साथ रिएक्ट नहीं करते। ठीक है? जैसे एलुमिनियम ले लिया, लोखंड ले लिया, जिंक ले लिया। ये
लोग ना तो ठंडे पानी के साथ रिएक्ट करेंगे, ना तो गर्म पानी के साथ रिएक्ट करेंगे। ये रिएक्ट करेंगे सीधा-सीधा स्टीम
के साथ। वाफ। ठीक है? ये लोग पानी के साथ रिएक्ट नहीं करते। ये लोग स्टीम के साथ रिएक्ट करते हैं। मतलब इनको इनकी
रिएक्टिविटी कम है। तो कंडीशंस भी मुझे वैसी क्रिएट करनी पड़ेंगी ताकि ये रिएक्ट करें। मुझे स्टीम चाहिए। ठीक है? स्टीम के
पास काफी एनर्जी होगी। काफी टेंपरेचर भी होगा। तब जाके ये लोग रिएक्ट करेंगे। ठीक है? समझ रहे हो मेरी बात? ठंडे पानी के
साथ भी नहीं नहाएगा। गर्म पानी के साथ भी नहीं नहाएगा। इसको चाहिए। वाफ स्टीम। स्टीम बाथ लेगा वो। ठीक है? एलुमिनियम,
आयरन और जिंक तर तक का होना है बगा रिएक्शन ऑफ़ मेटल विद वाटर। मेटल और स्टीम जब रिएक्ट करेंगे तो
मुझे मेटल हाइड्रोक्साइड नहीं मिलेगा इधर। ठीक है? ध्यान से थोड़ा सा डिफरेंस है। लिखते जाना ये सारी चीजें। मुझे क्या
मिलता है? मेटल ऑक्साइड मिलेगा और हाइड्रोजन गैस मिलेगी। ठीक है भाई? देखो इधर आपको कुछ दिख रहा है। ग्लास वूल सोक्ड
इन वाटर। ग्लास वूल क्या होता है? कांच का ही होता है। धागे धागे जैसा होता है। कांच का बनता है। ठीक है? उसको ग्लास वूल कहते
हैं। उसको पानी में डूबाया है। सोड इन वाटर। ठीक है? रख दिया। यहां पे आपको कुछ मेटल के टुकड़े दिख रहे हैं। बीच में दिख
रहा है। मेटल का टुकड़ा भी रखा हुआ है। चलो कौन से मेटल हो गए? लो एलुमिनियम हो सकता है, लोखंड हो सकता है, जिंक हो सकता
है, कुछ भी हो सकता है। मेटल का सैंपल हो गया। चलो फिर आपने नीचे से गर्मी आ गर्मी देनी स्टार्ट करी। तो
जो पानी था वो कन्वर्ट हो जाएगा इंटू स्टीम। देखो स्टीम आ रही है और स्टीम आपके मेटल के साथ रिएक्ट करेगी और रिएक्ट करके
आपको मेटल ऑक्साइड मिलेगा। मेटल ऑक्साइड तो यही रहेगा ना और कहीं नहीं जाएगा। हाइड्रोजन गैस प्रोड्यूस होगी और वो
हाइड्रोजन हमने ऐसा पाइप को पानी में से निकाला है। तो इस टेस्ट ट्यूब के अंदर आपको बबल्स आते हुए दिख रहे हैं और
हाइड्रोजन गैस ऊपर जमा होते हुए दिखाई देगी। चलो सिस्टम क्लियर है? आपके टेक्स्ट बुक
का ये डायग्राम है। इसलिए मैं आपको बता रहा हूं। एग्जाम में इस डायग्राम को आइडेंटिफाई करने के लिए पूछ सकते हैं। या
फिर इससे रिलेटेड जो इक्वेशन हम अभी पढ़ने वाले हैं वो पूछ सकते हैं। कुछ ना कुछ इसके ऊपर पूछा जा सकता है। इसलिए मैंने
आपको बता दिया। चलो अब इसका रिएक्शन देख लेंगे। मैंने लिया एलुमिनियम। एलुमिनियम और वाटर
जब रिएक्ट करेंगे मैंने मैंने क्या बताया? मेटल ऑक्साइड बनेगा। मेटल ऑक्साइड मतलब मेरे को एलुमिनियम ऑक्साइड बनाना है। क्या
बनाना है? एलुमिनियम ऑक्साइड। तो एलुमिनियम और ऑक्सीजन इनके बीच में क्या रिएक्शन होगा? मेरे को बताओ। इसकी वैलेंसी
थ्री है। इसकी टू है। क्रिस क्रॉस करा तो मुझे क्या मिला? Al2O3 ये चीज बनेगी। Al2O3 प्लस हाइड्रोजन H2।
ठीक है? अब इसको करो बैलेंस। स्टेप बाय स्टेप एलुमिनियम इधर दो दिख रहा है। चलो मैंने इधर टू लगाया। कोई बात
नहीं। अब देखो दिक्कत क्या होगी पता है आपको? यहां पे ऑक्सीजन ऑड नंबर है। ऑड तो मेरे को उसको इवन बनाना ही पड़ेगा। नहीं
तो बैलेंस होएगा ही नहीं। चलो तो मैं क्या करूंगा? सीधा यहां पे टू लगाऊं। 2 * 3 = 6 तो मेरा ऑक्सीजन सिक्स हो गया।
तो यहां पे सिक्स लगाया। अभी हाइड्रोजन 6 * 2 = 12 हो गया। तो यहां पे भी सिक्स लगाऊंगा। ठीक है? और एलुमिनियम कितना है?
फोर है। ऐसे होगा बैलेंसिंग। ठीक है? जहां पे भी आपको ऑक्सीजन ऑड दिख रहा था, मेरे को बताओ। ऑड नंबर का बैलेंस कैसे करूंगा
मैं वहां पे? एक्चुअली कर भी सकता हूं ना? एक-एक क्या हो रहा है मेरे को? मैं ही ना कोई नशा करके आया हूं लगता है। रुक जाओ।
एलुमिनियम टू है। ठीक है। ऑक्सीजन तीन है तो यहां पे तीन लगाऊं। 3 * 2 = 6 अच्छा हो गया ना? काहे मी पॉइंट?
हो गया। हो गया। उधर भी सिंगल ऑक्सीजन था। मैं देखा नहीं। मेरे को लगा उधर इवन है। हो गया। ठीक है।
अच्छा। अभी इधर क्या होता है? लोखंड और स्टीम जब रिएक्ट करते हैं तो दो चीजें बनती हैं। आपको पता है आयन की दो वैलेंसी
होती है। Fe और ऑक्सीजन आयन ऑक्साइड बनाने का है ना। लोखंड का दो वैलेंसी होता है। एक
वैलेंसी टू होता है और यहां लिख देता हूं। एक एक वैलेंसी थ्री होती है। ऑक्सीजन की तो टू ही रहेगी। है ना? अब बताओ ये टू टू
कैंसिल हो गया और आपने क्रिस क्रॉस करा तो आपको एक तो Feo मिलता है। इसको बोलते हैं फेरस ऑक्साइड। ठीक है? आयन की जब वैलेंसी
टू होती है ना उसको फेरस कहते हैं। फेरस ऑक्साइड। फेरस
ऑक्साइड। ठीक है? और इधर क्या बनता है? Fe2O3 इसको कहेंगे फेरिक ऑक्साइड। जब आयन की
वैलेंसी थ्री होती है, तो उसको फेरिक कहते हैं। फेरिक ऑक्साइड। फेरस ऑक्साइड बनता है, फेरिक ऑक्साइड बनता है। ठीक है? इतना
समझ में आ गया? इरेज़ कर रहा हूं इसको मैं। तो देखो, मेरे पास दो चीजें बनी। Feo एंड Fe2O3। अब होता क्या है?
Feo और Fe2O3 ये दोनों चीजें बनती हैं। जब यह रिएक्शन
होता है लोखंड का और स्टीम का ना यह दोनों चीजें बनती है। Feo भी बता है, Fe2O3 भी बनता है। तो दोनों को मिक्स करके हम एक
कंपाउंड बनाएंगे जिसको कहूंगा Fe3O4। क्या बनता है? Fe3O4 इसका नाम है काहे ना? सर नाम भी लिख दूंगा। चलो इसको कहते हैं
फेरोसो फेरिक ऑक्साइड। क्या नाम है? फेरोसोफेरिक
ऑक्साइड। आपको कोई पूछने नहीं वाला है। इतना सब भी कोई नहीं पूछेगा कि कैसा बना, क्यों बना? फिर भी मैंने बता दिया। बिकॉज़
मेरे को है चर्बी है मेरे को ज्यादा बताने का है। टाइम पास करने का है। कोई नहीं। यू गेट द पॉइंट कैसा बनता है? Feo + Fe2O3
दोनों मिलकर के Fe3O4 बनाते हैं। चलो आ जाओ। Fe3O4 फेरोसोफेरिक ऑक्साइड बोलते हैं इसको। सिंपल भाषा में सिंपल भाषा में इसको
आयरन ऑक्साइड बोलोगे तो भी चलेगा। आयन ऑक्साइड। ठीक है? और कुछ ज्यादा मत बोलो आप। आयन ऑक्साइड प्लस हाइड्रोजन गैस। अब
इसको कैसा बैलेंस करने का? लोखंड तीन दिख रहा है तो मैं तीन लोखंड लिया। ऑक्सीजन चार दिख रहा है। तो मैंने चार ऑक्सीजन ठीक
है? बैलेंस कर दिया। और हाइड्रोजन 4 * 2 = 8 तो यहां पे भी फोर लगा दिया। डन। बैलेंसिंग हो गई। जिंक की बात करेंगे।
जिंक और बहुत सिंपल है ये। जिंक और स्टीम। तो मुझे जिंक ऑक्साइड बनाना है। जिंक और ऑक्सीजन दोनों की वैलेंसी टू है।
टू टू कट हो जाएगा। क्या मिलेगा? ZnO मिलता है। बराबर है? तो जिंक ऑक्साइड मिला। सॉलिड है। अच्छा ये भी याद रखना ये
सब सॉलिड है। ये सॉलिड है। यहां पे एक्वस नहीं बन रहा है। मेटल ऑक्साइड ये लोग पानी में डिॉल्व नहीं होंगे। अब ठीक है? ये सब
सॉलिड रहेंगे। एलुमिनियम ऑक्साइड, आयरन ऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड दे आर ऑल सॉलिड। पानी में डिॉल्व नहीं होंगे। चलो जिंक
ऑक्साइड प्लस H2 गैस। बैलेंस करने की कोई जरूरत नहीं है। इट इज़ ऑलरेडी बैलेंस्ड। एक बार सिर्फ चेक कर लेता हूं। ऊपर वाला
बैलेंसिंग बराबर है ना? हां फिर भी माती खा ली ना माती नहीं खाया तीन ऑक्सीजन तीन ऑक्सीजन छह हाइड्रोजन दो
एलुमिनियम ठीक है ना माती नहीं खा ली ओके ग्रेट डन चलो आगे बढ़ेंगे रिएक्शन ऑफ़ मेटल विद एसिड मेटल और एसिड का क्या रिएक्शन
होगा देखो जब भी मेटल कोई भी एसिड हो भले वो HCL हो या H2SO4 हो या कोई और एसिड हो ठीक है कोई और एसिड भी हो सकता है तो आपको
एक तो मेटल सॉल्ट मिलेगा और हाइड्रोजन मिलेगा। ठीक है? यहां पर ये दोनों एसिड का है। बात करूंगा मैं। HCL और H2SO4 मेटल का
साल्ट बनता है और हाइड्रोजन गैस प्रोड्यूस होती है। चलो ठीक है। सेटअप देख लो मेरा। मेटल का सैंपल लिया है। मैग्नीशियम हो
सकता है, एलुमिनियम हो सकता है, जिंक हो सकता है, आयरन हो सकता है, कुछ भी हो सकता है। चलो उसमें मैंने क्या डाला है?
डाइल्यूट हाइड्रोक्लोरिक एसिड डाला है। ठीक है? चलो। तो मेटल का साल्ट कौन सा बनेगा? क्लोराइड साल्ट बनेगा ना?
मैग्नीशियम क्लोराइड बन सकता है। एलुमिनियम क्लोराइड, जिंक क्लोराइड, आयरन क्लोराइड। ये सारी चीजें बन सकती हैं और
हाइड्रोजन गैस बनेगी तो वो हाइड्रोजन गैस वापस ऐसा ऊपर का ट्यूब से जाते-जाते ये मैंने लिया है सोप सॉल्यूशन। ठीक है? सोप
का सॉल्यूशन है। तो जब हाइड्रोजन गैस वो सोप सॉल्यूशन से आएगी तो उसके बबल्स आएंगे। है ना? हाइड्रोजन के बबल्स बनेंगे।
बिकॉज़ ये नीचे सोप का साबुन का सॉल्यूशन है। उसमें से हाइड्रोजन गैस आ रही है। ठीक है? तो उसके बबल्स आए। और अभी मैं अगर एक
मोमबत्ती लेके उसके नजदीक लेके जाऊंगा तो मुझे क्या मिलेगा? हाइड्रोजन गैस बर्निंग विद क्रैकिंग नॉइज़ या फिर पॉप साउंड आएगा।
मुझे क्या मिलेगा? एक पॉप साउंड करके ऐसा फूटेगा वो। पॉप साउंड। ठीक है? टिक टिक ऐसे फटने का आवाज आएगा मेरे को।
छोटे-छोटे बबल्स हैं ना उसे पट पट पट पट पट करके फटेंगे। पॉप साउंड आएगा। सिंपल। चलो।
आ मैग्नीशियम + HCl क्या बनाने का है मेरे को? तो मैग्नीशियम क्लोराइड बनाने का है।
तो Mg का वैलेंसी टू है। क्लोरीन का वन है। क्या मिलेगा? क्रिस क्रॉस किया तो MgCl2 मिलेगा। MgCl2 अब मैं डायरेक्ट
सॉल्व करूंगा। ठीक है? मैं इतना ज्यादा हर बार बताते नहीं बैठूंगा। डायरेक्ट करते हैं। MgCl2 + हाइड्रोजन गैस। इसमें कहीं
पे बैलेंसिंग करनी है क्या? सिर्फ इधर टू लगाऊंगा तो हाइड्रोजन भी बैलेंस हो रहा है। क्लोरीन भी बैलेंस हो रहा है। ठीक है?
एलुमिनियम और HCL एलुमिनियम क्लोराइड बनता है। एलुमिनियम की वैलेंसी थ्री होती है और क्लोरीन की वन होती है। तो क्या मिला
तुमको? AlCl3 मिलेगा। AlCl3 ठीक है? चलो अभी लास्ट टाइम बता रहा हूं।
वापस नहीं बताऊंगा। + H2 क्या करोगे बैलेंस करने के लिए। हां। अभी देखो कैसा मजा आएगा।
कहीं पर ऑड है, कहीं पर इवन है। तो इसको मैं समझो टू लगाऊं
तो क्लोरीन कितना हो गया? सिक्स हो गया। तो इधर मैं सिक्स लगाया। हाइड्रोजन कितना हो गया? सिक्स हाइड्रोजन है। तो इधर
हाइड्रोजन को बैलेंस किया। एंड एलुमिनियम कितना है? टू है। ट अभी हुआ। यहां पे क्यों करना पड़ा ऐसा मुझे? बिकॉज़ क्लोरीन
तीन था और हाइड्रोजन दो था। दो था। बराबर ऑड इवन था। तो मेरे को सबको इवन करना पड़ा। क्लोरीन को भी इवन कर दिया तो फिर हम इसको
कैलकुलेट कर पाए ईजीली। ठीक है? छह क्लोरीन, छह क्लोरीन, दो एलुमिनियम, छह हाइड्रोजन। डन। ठीक है? चलो Fe+ HCl अभी
हां Fe का दो वैलेंसी होता है 2N3। तो यहां पे जब वो डाइल्यूट हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ रिएक्ट कर रहा है। डाइल्यूट
हाइड्रोक्लोरिक एसिड। तो यहां पे आयन की वैलेंसी टू यूज़ की जाएगी। ठीक है? आयन की वैलेंसी थ्री कब आती है? जब आपका
जो रिएक्शन है वह भी ज्यादा थोड़ा खतरनाक है। मतलब जैसे बहुत ज्यादा कंसंट्रेटेड HCL यूज़ करोगे। ठीक
है? तो वैसे समय पे तुम्हारा आयन का वैलेंसी थ्री यूज़ किया जा सकता है। या फिर आप कंसंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड वगैरह कुछ
यूज़ कर रहे हो। जो बहुत ही ज्यादा स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट है। तो आपको आयन का वैलेंसी थ्री मिलेगा। ठीक है? तो
डिपेंड्स ऑन द रिएक्शन। तो यहां पर डाइल्यूट ये डाइल्यूट है ना? डाइल्यूट HCL इट इज नॉट अ स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट।
तो आपको लोखंड का वैलेंसी टू मिलेगा इधर। ठीक है? चलो क्रिस क्रॉस किया तो क्या मिला? Fe
Fe Cl2 मिलेगा। बराबर है। FeCl2 प्लस हाइड्रोजन गैस। चलो बैलेंस करने का है तो क्या करने का? कुछ नहीं करने का।
इधर टू लगाने का बस। डन। जिंक क्लोराइड में भी ZnCl2 मिलेगा आपको। ZnCl2 + H2 और यहां पर टू लगाना है। दैट्स इट। आई होप
एवरीथिंग इज क्लियर एंड इजी। चलो तो वैसे ही एक मैंने सल्फ्यूरिक एसिड के साथ भी किया है। मैग्नीशियम सल्फेट तो mg देखो ये
मैग्नीशियम और ये सल्फेट साथ में आ जाएगा। इसकी वैलेंसी टू इसकी वैलेंसी टू तो कट हो गया टू टू। तो आपको सीधा-सीधा क्या मिल
रहा है? सीधा-सीधा आपको यहां पर Mg SO4 मिलता है। मैग्नीशियम सल्फेट प्लस हाइड्रोजन गैस
मिलती है। अपवर्ड एरो दिखा सकता हूं मैं। नहीं तो मैं ब्रैकेट में नीचे जी भी लिख सकता हूं। मेरी मर्जी। ठीक है? एरो दिखा
देंगे। चलो बैलेंस करने की आवश्यकता नहीं है। सब कुछ बैलेंस्ड है। एलुमिनियम और सल्फ्यूरिक
एसिड। तो यहां पे एलुमिनियम सल्फेट बनेगा। एलुमिनियम वैलेंसी थ्री सल्फेट वैलेंसी टू।
क्या करता हूं मैं बीच में? ऐसा और ऐसा तो क्या मिलेगा? Al2 SO4 ब्रैकेट में थाइस। ठीक है? तो चलो Al2
ब्रैकेट में SO4 थाइस + H2 इसको बैलेंस करना है। अब ये पूरा सल्फेट ग्रुप तीन बार आ रहा
है। पूरा जो सल्फेट SO4 ग्रुप है वो पूरा ग्रुप तीन बार आ रहा है। तो मैं यहां पे थ्री लगाता हूं। अभी हाइड्रोजन 3 * 2 = 6
हो गया। तो मैंने यहां पे थ्री लगाया। चलो अलग कलर से दिखाता हूं आपको बैलेंसिंग। इधर थ्री लगाया। इधर भी थ्री लगाया।
हाइड्रोजन बैलेंस हो गया। और एलुमिनियम टू है तो मैंने यहां पे टू लगा दिया। एलुमिनियम बैलेंस हो गया। चलो फिर FeSO4
इधर भी आपको देखो सुनो। ये डाइल्यूट सल्फ्यूरिक एसिड है। तो यहां पर भी Fe की वैलेंसी टू रहेगी। सल्फेट की
टू है। तो क्या मिला? टू टू कैंसिल हो गया। तो सीधा FeSO4 मिलेगा। ठीक है? Fe SO4 + H2
ठीक है? इधर कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। एंड नीचे भी आपको मिलता है सीधा ZnSO4 + H2
एंड उड़ गया हवा में। चलो एक और चीज़ छोटी सी ऐड करना चाहूंगा। जैसे ये एक्वयस रहेगा। ये भी एक्वियस है। ये भी एक्वियस
है और ये भी एक्वयस है। ठीक है? एडिशनल थोड़ी इनेशन आपको दे रहा हूं। जैसे हाइड्रोजन गैस फॉर्म में है ना तो ये सब
कुछ पानी में डिॉल्व हो के एक्वस हो जाता है। चलो इज दिस वेरी क्लियर? ये आपके टेक्स्ट बुक में नहीं दिया। फिर भी मैंने
थोड़ा एडिशनल ले लिया इसको यहां पे। अच्छा अभी क्या बोला है ये लोग ने? ये लोग ने मैग्नीशियम, एलुमिनियम, जिंक आयन दिख रहा
है आपको? लोखंड दिख रहा है मैग्नीशियम, एलुमिनियम, जिंक आयन। ये सब कुछ लिया हुआ है। और यहां पे ये लोग ने लिक्विड कौन सा
लिया है? डाइल्यूट HCL। ठीक है? डाइल्यूट HCL लिया हुआ है। डाइल्यूट HCL
गेटिंग माय पॉइंट? इधर भी डाइल्यूट HCL और अभी आप ऑब्जर्व करो मैग्नीशियम को देखो। बबल्स फटाफट आ रहे हैं। किस चीज के
बबल्स हैं? हाइड्रोजन के बबल्स हैं ना? और किसके हैं? मैग्नीशियम क्लोराइड बनेगा। प्लस हाइड्रोजन गैस बाहर आएगी। तो
हाइड्रोजन के बबल्स हैं। बहुत सारे बबल्स आ रहे हैं। मतलब रिएक्शन फास्ट है। फिर एलुमिनियम डाला। तो यहां पर भी बबल्स आ
रहा है लेकिन उतना फास्ट नहीं आ रहा है जितना मैग्नीशियम में आ रहा है। यहां पे रिएक्शन थोड़ा सा स्लो हुआ। ठीक है? फिर
चलो जिंक डाला। देखो यहां पे भी बबल्स आ रहे हैं लेकिन और थोड़े कम आ रहे हैं। तो ये रिएक्शन
और थोड़ा स्लो हुआ और आयन डाला। तो यहां पे भी बबल्स आ रहे हैं लेकिन और थोड़े स्लो आ रहे हैं।
ठीक है? तो ओवरऑल अगर आप देखो ओवरऑल देखो इधर से देखो मैग्नीशियम का बबल्स दिख रहा है। फटफट फटफट आ रहा है।
फिर एलुमिनियम फिर जिंक और फिर आयरन। तो यहां पे हमें क्या पता चलता है कि मैग्नीशियम फास्ट रिएक्ट कर रहा है।
एलुमिनियम थोड़ा स्लो रिएक्ट कर रहा है। जिंक उससे स्लो और आयरन सबसे स्लो रिएक्ट कर रहा है। ठीक है? सो इन दिस एक्टिविटी द
रेट ऑफ़ फॉर्मेशन ऑफ़ बबल्स वाज़ फास्टेस्ट इन द केस ऑफ़ मैग्नीशियम। द रिएक्टिविटी डिक्रीसेस इन द ऑर्डर मैग्नीशियम,
एलुमिनियम, जिंक आयन। सो यहां पे इन चारों में से मैग्नीशियम की रिएक्टिविटी सबसे ज्यादा थी और लोखंड की रिएक्टिविटी सबसे
कम थी। ठीक है? तो कितने बबल्स बनेंगे? कितने फास्ट बबल्स बनेंगे? ये किसके ऊपर डिपेंड करता है? रिएक्टिविटी के ऊपर।
मैग्नीशियम की ज्यादा है तो फटाफट बबल्स आ रहे हैं। लोखंड की कम है तो बबल्स धीरे-धीरे आ रहे हैं। समझ में आ गई बात?
ठीक है? दूसरी बात। अच्छा ये भी थोड़ा सा इंपॉर्टेंट है। रिएक्टिविटी सीरीज तो अपन देखेंगे तब ये
सारी बातें और क्लियर हो जाएंगी। अब ये जो नाइट्रिक एसिड के साथ रिएक्शन है। ये सिर्फ कॉपर का ये लोग ने आपके टेक्स्ट बुक
में दिया है। कॉपर और नाइट्रिक एसिड। और उसमें भी दो ऑप्शन है कंसंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड एंड डाइल्यूट नाइट्रिक
एसिड। तो यहां पे सबसे पहले मैं कंसंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड की बात करूंगा। तो एक तो मुझे क्या मिलेगा? देखो कॉपर की
वैलेंसी दो होती है ना? वन भी होती है और टू भी होती है। तो यहां पे
जैसे ये नाइट्रिक एसिड जो है ना इट इज़ अ वेरी स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग
एजेंट। इट इज़ अ स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट। तो मैं कॉपर की वैलेंसी यहां पे टू ले रहा हूं। और नाइट्रेट की वैलेंसी क्या
है मेरी? वन है। तो अगर इसको मैंने क्रिस क्रॉस किया तो मुझे क्या मिल रहा है? Cu
NO3 ट्वाइस। ये बात समझ में आई? कॉपर की वैलेंसी कितनी होती है? वन भी होती है, टू भी होती है। मैंने टू ली है। क्यों? बिकॉज़
नाइट्रिक एसिड इज़ अ स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट। तो कॉपर +2 में चला जाएगा। 2+ में चला जाएगा।
ज्यादा ऑक्सीडाइज होगा वो। ठीक है? तो उसकी वैलेंसी हम टू ले रहे हैं। तो आपको सबसे पहले मिलेगा कॉपर नाइट्रेट CuNO3
ट्वाइस। ठीक है? पहला चीज ये मिल गया आपको CuNO3 ट्वाइस। एक्वस है पानी में डिॉल्व हो गया। मतलब सॉल्यूशन में डिॉल्व हो गया।
ठीक है? इसके बाद नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बना के देगा। NO2 गैस। और ये NO2 का गैस का जो कलर है वो कैसा होता है? रेडिश। ये
आपके एग्जाम में पूछा हुआ है। ठीक है? NO2 का कलर कैसा है? रेडिश कलर की होती है। आपको दिखाऊंगा। ये देखो ये दिख रहा है। ये
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस है। वेरी पोइजनस टॉक्सिक होती है। रेडिश कलर होता है। और यहां पर आपको हाइड्रोजन गैस नहीं मिलेगी।
सुनो मेरी बात। हाइड्रोजन गैस नहीं मिलेगी। मैंने क्या बताया? आपका जो नाइट्रिक एसिड है इट इज़ अ स्ट्रांग
ऑक्सीडाइजिंग एजेंट। तो वो क्या करता है? हाइड्रोजन को भी ऑक्सीडाइज करके वाटर बना देता है। इट इज़ अ स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग
एजेंट। तो हाइड्रोजन को भी ऑक्सीडाइज करके वाटर बना देगा। तो यहां पे आपको क्या मिल रहा है? पानी मिल रहा है। इसके पहले क्या
मिल रहा था? हाइड्रोजन गैस मिल रही थी ना तो गैस नहीं मिलेगी। सीधा पानी मिलेगा। ये बात आपको याद रखनी है। ठीक है? चलो थोड़ा
सा ये रिएक्शन आपको लर्न करना पड़ेगा। जैसे कॉपर नाइट्रेट बन रहा है। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस मिल रही है। ठीक है? ये
कुछ नया है बराबर। एंड हाइड्रोजन गैस नहीं मिलती है। वाटर मिलता है। ओके? अब इसको बैलेंस करने के लिए देखो मैं बहुत ज्यादा
टाइम पास नहीं करूंगा बैलेंस करने में। आपको मैं एक सिंपल ट्रिक बताता हूं। जब कंसंट्रेटेड HNO3 इस्तेमाल किया जाएगा तो
हम यहां पे फोर लगाते हैं। क्या लगाते हैं? फोर। इतना आप याद रखो। फोर लगाया। फोर लगाया। कंसंट्रेटेड के टाइम पे हमने
फोर लगाया। अब हम बैलेंस करेंगे। कलर याद रखना। रेडिश कलर रहेगा। रेडिश कलर रहेगा किसका? नाइट्रोजन
डाइऑक्साइड गैस का। NO2 का। चलो अभी इसको बैलेंस करूंगा मैं। हम
HNO3 को फोर लगाया बराबर है। चलो अब मुझे बताओ ये NO3 इधर दो बार आ गया। मतलब मुझे एक
बात बताओ इधर चार नाइट्रोजन है। चार नाइट्रोजन और यहां पे दो नाइट्रोजन आ गए। तो मैं यहां पे टू लगाऊंगा तो पहले तो
नाइट्रोजन बैलेंस हो जाएगा। आर यू अंडरस्टैंडिंग? चलो मैंने नाइट्रोजन को बैलेंस किया। इधर दो और इधर आगे दो। चार
नाइट्रोजन हो गए। अब ऑक्सीजन देख लो। 4 * 3 = 12 ऑक्सीजन है। यहां पे कितने हैं? 4 * 3 = 12 ऑक्सीजन है। अब यहां पे एक तो 3
* 2 = 6 हो गया। सिक्स ऑक्सीजन। ठीक है? 3 * 2 ऐसे मल्टीप्लाई होता है। तो सिक्स ऑक्सीजन हो गए। यहां पे 2 * 2 = 4 ऑक्सीजन
हो गए। 12 चाहिए ना? 10 हो गया। तो यहां पे टू लगेगा। तो ऑक्सीजन बैलेंस हो गया।
ठीक है? ऑक्सीजन बैलेंस हो गया। अब हाइड्रोजन देख लो। तो चार हाइड्रोजन है। मुझे बताओ। 2 * 2 = 4 चार हाइड्रोजन
बैलेंस हो गए दोनों तरफ। ठीक है? और कॉपर कितना है? इधर एक है और इधर भी एक है। तो कॉपर इज़ आल्सो बैलेंस्ड। तो ये
आपकी बैलेंसिंग बन रही है। 422 4 HNO3 2NO2 + 2H2O ये ऐसे बनती है आपकी बैलेंसिंग। ठीक है? तो एक सिंपल छोटी सी
ट्रिक है कि कंसंट्रेटेड HNO3 जब इस्तेमाल किया जा रहा है तो फोर लगा देना HNO3 पे। ठीक है?
अच्छा। अब जब मैं डाइल्यूट HNO3 का इस्तेमाल करूंगा तो मुझे क्या मिलता है? मुझे मिलता है कॉपर नाइट्रेट एज इट इज़।
बिकॉज़ HNO3 इज़ अ स्ट्रांग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट। तो मुझे CNO3 ट्वाइस मिलेगा वैसे का वैसा। लेकिन यहां पे मुझे NO2
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड नहीं मिलेगा। मुझे NO मिलता है। इसको कहते हैं नाइट्रिक एसिड ऑक्साइड सॉरी नाइट्रिक ऑक्साइड।
और नाइट्रिक ऑक्साइड कैसा होता है ना? कलरलेस होता है। आपका जो नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है NO2 इट इज़ रेडिश। नाइट्रिक
ऑक्साइड कलरलेस होती है। ठीक है? और यहां पर भी आपको वाटर मिलेगा। यहां पे हाइड्रोजन गैस नहीं मिलेगी। वाटर मिलेगा
सीधा। अब इसको बैलेंस करने के लिए चलो आपको चाहिए तो मैं इधर ऊपर लिख दूं क्या? नाइट्रिक
ऑक्साइड। नाइट्रिक ऑक्साइड। इसको बैलेंस करने के लिए मैं कॉपर को थ्री लगाता हूं और HNO3 को एट लगाता हूं। इतना आप याद
रखना। देखो जैसे कंसंट्रेटेड लिया था तो HNO3 को चार लगाया। 4 HNO3 और जब डाइल्यूट ले रहे हैं तो थ्री कॉपर एंड 8 HNO3 इतना
आप याद रखोगे ना? आगे का रिएक्शन आप बना लोगे। ठीक है? अब इसकी बैलेंसिंग देख लो कैसे होती है। तीन कॉपर है तो मैं
सीधा-सीधा यहां पे थ्री लगाऊंगा तो मेरा कॉपर बैलेंस हो जाएगा। ठीक है? अच्छा अब मुझे बताओ आठ नाइट्रोजन हैं। आठ नाइट्रोजन
दिख रहे हैं मुझे यहां पे। तो यहां पे 2 * 3 6 यहां पे कितने हो गए? सिक्स नाइट्रोजन हो गए। ठीक है? 2 * 3 = 6 फिर
मेरे को आठ चाहिए ना? तो इधर छह हो गए तो मैं यहां पे टू लगाऊंगा। तो मेरे आठ नाइट्रोजन हो गए। ठीक है? फिर हाइड्रोजन
कितना है? एट। तो मैं यहां पे फोर लगाऊंगा। तो मेरा हाइड्रोजन भी बैलेंस हो जाएगा। ठीक है? और
ऑक्सीजन कितना है? 8 * 3 = 24 ऑक्सीजन है। ठीक है? 24 ऑक्सीजन। 8 * 3 = 24 तो इधर कितना होता है? 3 * 2 = 6
6 * 3 = 18। 18 ऑक्सीजन इधर हो गए। फिर दो यहां पे हो गए और चार यहां पे हो गए। 24 हो गए। दो यहां पे, चार यहां पे तो 18 + 2
+ 4 कितने हो गए? 24 तो ऐसी बैलेंसिंग है थोड़ी टेढ़ी-मेढ़ी है। बट आप उतना याद रखोगे ना कि आपको रिएक्टेंट में क्या लगाना है।
कंसंट्रेटेड रहेगा तो चार लगा दिया। डाइल्यूट है तो हमने तीन और आठ लगा दिया। इतना कर लोगे तो आगे आप कैलकुलेट कर सकते
हो। थोड़ा इजी हो जाता है कैलकुलेशन। ठीक है? चलो तो दैट्स इट। नाइट्रेट सॉल्ट्स नाइट्रेट साल्ट ऑफ़ मेटल आर फॉर्म्ड ऑन
रिएक्शन विद मेटल ऑफ़ मेटल विद नाइट्रिक एसिड। तो यहां पे क्या बना? कॉपर नाइट्रेट बना
ना। कॉपर नाइट्रेट क्या होता है? नाइट्रेट सॉल्ट है। नाइट्रेट सॉल्ट ऑफ कॉपर। इट इज़ फॉर्म्ड ऑन रिएक्शन ऑफ़ मेटल विद नाइट्रिक
एसिड। तो ये हुआ आपका नाइट्रिक एसिड वाला रिएक्शन। कलर याद रखना। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड रेडिश होती है। नाइट्रिक
ऑक्साइड जो है वो ये कलरलेस होती है। आपको लिख देता हूं यहां पे। ये वाली कैसी होती है? कलरलेस गैस होती है।
ठीक? चलो। तो मूविंग ऑन टू समथिंग कॉल्ड एज एक्वारजिया। अगेन थोड़ा इंपॉर्टेंट है यह।
एक्वरीजिया क्या होगा यहां पे देखो इसके ऊपर एग्जाम में क्वेश्चन आ सकता है।
ठीक है? थोड़ा इंपॉर्टेंट है ये ऑब्जेक्टिव में वगैरह एक मार्क दो मार्क के लिए कुछ भी पूछ सकते हैं इसमें से। तो
3 ml कंसंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड लिया। कंक HCL और मैंने 1 ml कॉक HNO3 नाइट्रिक एसिड लिया। तो रेश्यो देख रहे
हो? 3:1 का रेशियो है मेरा। थ्री पार्ट्स कंक HCL कंसंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड
और वन पार्ट कंक HNO3 HNO3 नाइट्रिक एसिड थ्री पार्ट्स कंसंट्रेटेड HCL एंड वन पार्ट कंसंट्रेटेड
नाइट्रिक एसिड। इनको दोनों को जब मिक्स किया जाए। ठीक है? इस तरीके से।
तो यहां पर भी एक रेडिश ऑरेंज कलर का सॉल्यूशन बनेगा और इस सॉल्यूशन को कहेंगे एक्वारजिया। ठीक है? इस तरीके से होता है
और ये हमेशा फ्रेशली बनाया जाता है। इसको आप रख दोगे ना तो उसकी रिएक्टिविटी कम हो जाती है। मतलब वो उसके अंदर एक रिएक्शन
स्टार्ट हो जाता है। जब आप दोनों को मिक्स करते हो कंसंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड एंड नाइट्रिक एसिड दोनों को जब मिक्स करते
हो तो रिएक्शन स्टार्ट हो जाता है। तो इसका इस्तेमाल करना है तो फ्रेश बनाना पड़ेगा। एक्ववाजिया इट इज़ फ्रेशली
प्रिपयर्ड बाय मिक्सिंग HCL एंड HNO3 इन द रेशियो 3:1 ठीक है? याद रखेंगे 3:1 का रेश्यो है। इट इज़ हाइली कोरोसिव एंड
फ्यूमिंग लिक्विड। मतलब हाइली रिएक्टिव है। पहली बात तो कोरोसिव मतलब किसी भी मेटल को गला देगी वो। हाइली कोरोसिव मतलब
गोल्ड भी गल जाएगा इसके अंदर। ठीक है? आपको पता है गोल्ड ज्यादातर डायरेक्ट एसिड वगैरह के साथ, ऑक्सीजन के साथ, पानी के
साथ रिएक्ट नहीं करता। लेकिन जब गोल्ड का रिएक्शन करना हो तो आपको उसको एक्वारजिया में डिॉल्व करना पड़ेगा। ठीक है? तो ये
हाइली हाइली कोरोसिव कोरोसिव का मतलब समझ गए? किसी भी मेटल को गला देगा। रिएक्ट कर लेगा उसके
साथ। इसको हाइली कोरोसिव कहूंगा। ठीक है? गोल्ड भी इसके अंदर रिएक्ट करके गल जाता है। मतलब कंपाउंड बना देता है, रिएक्ट कर
लेता है। कौन सा मेटल ज्यादा रिएक्टिव है, कौन सा मेटल कम रिएक्टिव है? ये हमें पता चलता है रिएक्टिविटी सीरीज से।
ऐसा लग रहा है कब से बोल रहा हूं। बोल रहा हूं। बोल रहा हूं। कितना बजा? हम बहुत ज्यादा बोल रहा हूं।
अभी तो बहुत चैप्टर बाकी है। बोलो। आयोनिक कंपाउंड करना है। मेटलर्न करनी है, एक्सट्रैक्शन ऑफ मेटल करना है, कोरोजन
करना है। है ना? बहुत बाकी है। चलो आ जाओ। रिएक्टिविटी सीरीज के बारे में बात करेंगे। रिएक्टिविटी सीरीज ऑफ़ मेटल्स।
फटाफट बता दूंगा आपको। चलो लर्न करनी है। लर्न करने का तरीका बहुत ज्यादा सिंपल है। तुरंत इसको हम लर्न कर
लेंगे। देखो केनाली ने कार मांगी Altos ferari ferari टिन की है। फिर भी क्यों मिली? सिल्वर Audi तो देखो K ना ली
पोटशियम सोडियम लिथियम। Kali ने कार मांगी Alto Zen Ferrari। किसकी फरारी? टिन की फरारी। फिर भी क्यों मिली? मिली इज़
मर्यूरी सिल्वर A और डी फिर भी क्यों मिली सिल्वर Audi केली ने कार मांगी Alto Ferrari फिर भी क्यों मिली सिल्वर Audi
ऐसे करके आपकी सीरीज लर्न हो जाती है चलो बिना देखे लिखनी है कैनाली ने कार मांगी Alto Zen Ferrari फिर भी
क्यों मिली अच्छा रुको Ferar किसकी थी टिन की थी ना ऐसे नहीं स्टैनम Alto Zen Ferrari टिन की Ferrari फिर भी क्यों मिली
ली सिल्वर और डी डन याद हो गया चलो तो इतना बात आपको समझ में आ गया देखो अभी रिएक्टिविटी सबसे
ज्यादा हाई रिएक्टिविटी यहां है और लो रिएक्टिविटी यहां पे है तो गोल्ड इस सीरीज में ठीक है यहां पे सारे मेटल हैं क्या
नहीं यहां पे उतने ही मेटल हैं जितने आपको 10थ में रिक्वायर्ड है उतने ही मेटल आपको बता रहा हूं तो सबसे ज्यादा रिएक्टिविटी
यहां पे किसकी दिख रही है पोटैशियम की दिख रही है सबसे लो किसकी दिख रही है गोल्ड की दिख रही है ठीक ठीक है? बहुत सिंपल बात
आपको बताई। ठीक? अब देखो, आपके टेक्स्ट बुक में एक डायग्राम दिया हुआ है। उन्होंने बोला है पोटैशियम से
लेके सिल्वर तक सब लोग ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट कर लेते हैं। पोटैशियम से लेके सिल्वर सब लोग ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट कर
लेंगे। फिर इन्होंने क्या बोला? पोटैशियम से लेके लेड तक। पोटैशियम से लेके लेड तक सब लोग एसिड
के साथ रिएक्ट कर लेंगे। ठीक है? कॉपर, मरक्यूरी, सिल्वर ये लोग डायरेक्टली एसिड के साथ रिएक्ट नहीं करते।
लेकिन कॉपर जो है वो नाइट्रिक एसिड के साथ कंसंट्रेटेड नाइट्रिक एसिड के साथ रिएक्शन दिखाता है। HCL के साथ, सल्फ्यूरिक एसिड
के साथ नहीं दिखाता। ठीक है? कॉपर को आप HCL में डालोगे तो वो रिएक्ट नहीं करेगा। ये बात समझ में आ गई? पोटैशियम से लेके
लेड तक एसिड के साथ रिएक्ट कर लेते हैं। एंड पोटैशियम से लेके कैल्शियम तक ये लोग पानी के साथ रिएक्ट करते हैं। लिक्विड
वाटर जैसे एलुमिनियम की बात करें। जिंक आयरन ये लोग लिक्विड वाटर के साथ रिएक्ट करते हैं। नहीं करते। मैग्नीशियम भी
लिक्विड वाटर के साथ रिएक्ट नहीं करता। ये लोग किसके साथ करेंगे? स्टीम के साथ रिएक्ट करेंगे। समझ रहे हो मेरी बात? ठीक
है? चाहिए तो इधर लिख देता हूं। लिक्विड वाटर पोटैशियम लिक्विड वाटर हां कर लेगा। रिएक्ट सोडियम कर लेगा। लिथियम कैल्शियम
ये लोग लिक्विड वाटर के साथ डायरेक्ट रिएक्ट करके क्या बनाते हैं? हाइड्रोक्साइड बनाते हैं और हाइड्रोजन गैस
प्रोड्यूस होती है। चलो तो ये रिएक्ट बेसिक आईडिया आपको आ गया। पोटैशियम से लेके सिल्वर सब लोग ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट
कर रहे हैं। पोटैशियम से लेके लेड तक सब लोग एसिड के साथ रिएक्ट कर रहे हैं। पोटैशियम से लेके कैल्शियम तक सब लोग वाटर
के साथ रिएक्ट कर रहे हैं। चलो थोड़ा सा अपने को इधर याद रखना है ये। अब मुझे बताओ fe + cuo4 ये रिएक्शन क्यों होता था?
बिकॉज़ Fe की पोजीशन आप देखो और Cu किधर है? Cu की पोजीशन। तो आयरन इज़ हाई रिएक्टिविटी। कॉपर इज़ लो रिएक्टिविटी।
दोनों के कंपैरिजन में। तो लोखंड क्या करता है? कॉपर को क्या करेगा? डिस्प्लेस करेगा लात मार के हटा देगा तो क्या बनता
है? FeSO4 बनता है और कॉपर। तो ये जो कॉपर का रेडिश ब्राउन डेपॉजिट है। कैसा कलर भी बता
देता हूं। रेडिश ब्राउन डेपॉजिट किसके ऊपर दिखेगा आपको? लोखंड का जो खिल रहा है उसके ऊपर दिखेगा। ठीक है? एंड इसी का उल्टा
करें। इसी का उल्टा करें। यह हाई यह लो। ठीक है? कॉपर और FeSO4 इनके बीच में रिएक्शन होगा? नहीं होगा।
ठीक है? नो डिस्प्लेसमेंट, नो रिएक्शन। कॉपर लोखंड को हटा नहीं पाएगा। बिकॉज़ इसकी रिएक्टिविटी कम है। इसकी रिएक्टिविटी हाई।
ठीक है? आपको कोई और एग्जांपल लेना है तो आप इधर ले सकते हो। जैसे जैसे जैसे जैसे जैसे
चलो आप एक ले लो हम जिंक ले लो। प्लस आप PBSO4 ले लो।
क्या इनके बीच में रिएक्शन होगा? जिंक की रिएक्टिविटी हाई है और लेड की लो है। कम है ना? तो मुझे ZnSO4 मिलेगा प्लस
PB मिलेगा। ये रिएक्शन हो जाएगा। हम और वैसे [गला साफ़ करने की आवाज़] ही अगर मैंने
मैंने क्या ले लिया? मैंने ले लिया टिन ले लिया Sn और मैंने ले लिया FeSO4 तो क्या इनके बीच में रिएक्शन होगा? नहीं
बताओ मुझे टिन किधर है? टिन SN नीचे है ना? लो है और लोखंड की हाई है। तो यहां पे नो रिएक्शन।
गेटिंग माय पॉइंट? एकदम क्लियरली समझ में आ रही है बात? ठीक? चलो। अब यहां पे देखना एक और चीज़ बताता हूं आपको फटाफट।
रिएक्टिविटी सीरीज ऑफ मेटल में ध्यान से सुनना। यह हाई रिएक्टिविटी, यह लो रिएक्टिविटी।
ठीक है? फिर कौन ऑक्सीजन से ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करता है? पोटैशियम से लेके सिल्वर तक। एसिड के साथ पोटैशियम से लेके
लेड तक और वाटर के साथ पोटैशियम से लेके कैल्शियम तक। ये हमने देखा। अब एक बात याद रखना। ये जो मैं बता रहा हूं
ये इनको मैं हाइली रिएक्टिव मेटल्स कहूंगा। कहां से? पोटैशियम से लेके एलुमिनियम तक।
ध्यान से सुनना मेरी बात। फिर जिंक से लेके लेड तक लेंगे अपन। हां। ये हो जाएगा तुम्हारा मॉडरेटली रिएक्टिव मेटल। और जो
नीचे हैं कॉपर और पूरा ले लो ना। फिर नीचे क्या बचा? कॉपर, गोल्ड, सिल्वर, मरक्यूरी ये हो गए लेस रिएक्टिव मेटल्स। ठीक है? इस
तरीके से इसको मैं क्या बोलते हैं? ग्रुप्स बना रहा हूं। हाई रिएक्टिव, मॉडरेट। मॉडरेट मतलब मीडियम रिएक्टिविटी
एंड लेस रिएक्टिव। याद रखना है। पोटैशियम से लेके एलुमिनियम हाई रिएक्टिविटी में ले रहा हूं। जिंक से लेके लेड इनको मॉडरेट
रिएक्टिविटी में ले रहा हूं और नीचे कॉपर, मरकरी, सिल्वर इनको मैं लेस रिएक्टिव में ले रहा हूं। एग्जाम में अगर पूछा गिव मी
टू एग्जांपल ऑफ़ हाइली रिएक्टिव तो आप ऊपर से लिख लो। पोटैशियम, सोडियम मॉडरेट रिएक्टिव पूछा तो जिंक, आयन इनमें से
लिखना और लेस रिएक्टिव में कॉपर, मर्यूरी, सिल्वर कुछ भी लिख सकते हो आप। समझ गए मेरी बात? चलो। तो यहां तक आई होप
एवरीथिंग इज़ क्लियर। तो आगे चलते हैं। बाबा एक बात तो समझ में आ गया। ओराउंड पार्ट दुखते
उमर हो गया ना वही ज्यादा था चला आयोनिक कंपाउंड टैक टेक टैक आयोनिक कंपाउंड में क्या होता है मेरे को दो चीज चाहिए आयोनिक
कंपाउंड बनाने के लिए मेटल एंड नॉन मेटल मेटल क्या करते हैं वी नो दैट दे आर इलेक्ट्रोपजिटिव ये लोग इलेक्ट्रॉन देते
हैं दो लूज़ इलेक्ट्रॉन ठीक है एंड इलेक्ट्रॉन अगर निकाल लूं जैसे मेरे पास सोडियम है सोडियम 2 8 1 ठीक है इसमें से
अगर मैं यह इसका जो वैलेंस इलेक्ट्रॉन है, वैलेंस इलेक्ट्रॉन आउटर मोस्ट शेल का जो इलेक्ट्रॉन होता है, जैसे चलो बनाते हैं।
ये आपका सोडियम का एटम है। पहले शेल में दो इलेक्ट्रॉन। दूसरे में 1 2 3 4 5 6 7 8 और आउटरमोस्ट शेल में सिर्फ एक इलेक्ट्रॉन
है। उस एक इलेक्ट्रॉन को मी काहे मरनार वैलेंस वैलेंस इलेक्ट्रॉन। अगर उसको निकाल दें तो मुझे बताओ सोडियम के ऊपर क्या
चार्ज आता है? एक प्लस चार्ज आता है। मतलब सोडियम क्या बनाता है? एक कैटायन बनाता है। एक पॉजिटिव आयन बनाता है। ठीक है? तो
मेटल्स क्या करते हैं? दे लूज़ इलेक्ट्रॉन एंड दे फॉर्म अ कैटायन अ पॉजिटिवली चार्ज्ड आयन। ठीक है? एंड ये जो प्रोसेस
है जहां पे दे लूज़ इलेक्ट्रॉन। इसको भी क्या कहा जाता है पता है? ऑक्सीडेशन कहा जाता है। तो मेटल्स ऑक्सीडेशन करते हैं।
मतलब खुद ऑक्सीडाइज होते हैं और इलेक्ट्रॉन दे देते हैं। ठीक है? ये बात समझना। मेटल्स ऑक्सीडाइज होते हैं।
इलेक्ट्रॉन लूज करते हैं। अच्छा ये दे रहा है तो लेगा कौन? अपना मेटल अगर दे रहा है क्या दे रहा है? इलेक्ट्रॉन दे रहा है तो
लेगा कौन? नॉन मेटल लेगा ना। चलो तो मेटल्स लूज़ इलेक्ट्रॉन प्रोसेस को कहते हैं ऑक्सीडेशन। दे फॉर्म कैटायंस मतलब
पॉजिटिवली चार्ज्ड आयन। ठीक है? नॉन मेटल इसने जो दिया इसने दिया तो इसने लिया। ठीक है? है तो नॉन मेटल्स गेन इलेक्ट्रॉन
दे फॉर्म नेगेटिव आयन उसको एनायन कहते हैं। ओनियन मत लिख के आना एग्जाम में एनायन एंड नेगेटिवली चार्ज्ड आयन। ठीक है?
तो मुझे बताओ हमने नेचर में पढ़ा है कि पॉजिटिव नेगेटिव इनके बीच में क्या होता है? जबरदस्त अट्रैक्शन होता है। देखो थप
करके चिपक गया। तो ये जो अट्रैक्शन होता है पॉजिटिव नेगेटिव के बीच में इसको कहते हैं इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन।
एंड यही फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन जो है इसी को हम आयोनिक बॉन्ड कहते हैं। ठीक है? बात समझ में आया तुमको? चलो जैसे सोडियम था 2
8 1 क्लोरीन था 2 8 7 ठीक है? तो हमारे सोडियम ने क्या किया? ये जो एक इलेक्ट्रॉन था ये इलेक्ट्रॉन
ये इलेक्ट्रॉन इधर क्लोरीन को दे दिया। तो मेरे पास क्या बचा? Na+ विद 2 8 एंड मेरे पास बचा Cl- विद 2 8 तो इनके बीच में
इलेक्ट्रोस्टेटिक फ़ ऑफ़ अट्रैक्शन आ जाएगा। आयोनिक बंड बॉन्ड बन जाएगा। बंड नहीं बनेगा। आयोनिक बॉन्ड बनेगा और क्या बनेगा?
NaCl नथिंग बट सोडियम क्लोराइड नमक टेबल सॉल्ट। ठीक है? चलो तो इनकी
प्रॉपर्टीज को समझ लो। ये प्रॉपर्टीज एग्जाम में पूछी जाती हैं। फॉर फाइव मार्क्स एक बार क्वेश्चन आया था।
एक्सप्लेन द जनरल प्रॉपर्टीज ऑफ़ आयोनिक कंपाउंड। विचारला जाता। हां। चलो करो यार। द अट्रैक्टिव फोर्स।
द अट्रैक्टिव फोर्स बिटवीन पॉजिटिव एंड नेगेटिवली चार्ज्ड आयन इज वेरी वेरीरी स्ट्रांग। इनके बीच का जो अट्रैक्शन है वो
बहुत ज्यादा मजबूत है। देयर फॉर द आयोनिक कंपाउंड्स आर इन सॉलिड स्टेट एंड दे आर कड़क दे आर हार्ड। बहुत सिंपल बात है।
फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन मजबूत है। तो ये लोग हमेशा सॉलिड रहते हैं और थोड़े कड़क भी होते हैं। ठीक है? इसको क्रिस्टल बोलते हैं।
बाय द वे। आयोनिक कंपाउंड का जो सॉलिड होता है ना उसको क्रिस्टल कहा जाता है। सॉल्ट के क्रिस्टल्स होते हैं। कॉपर
सल्फेट के क्रिस्टल्स होते हैं। हमने इनफैक्ट अभी मुझे बताओ हमने सोडियम ऑक्साइड बनाया, पोटैशियम ऑक्साइड बनाया,
मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाया। फिर हमने कॉपर सल्फेट देखा। ये सारे आयोनिक कंपाउंड्स हैं और इनका जो भी टुकड़ा रहेगा उसको
क्रिस्टल कहेंगे। ठीक है? फिर वो क्रिस्टल में भी वाटर ऑफ क्रिस्टलाइजेशन होता है। वो छोड़ो अभी जाने दो। उतना अपने को जरूरत
नहीं है इधर। लेकिन बात समझ लेना। तो ये जो सॉलिड वगैरह होते हैं ना इनको क्या कहते हैं? क्रिस्टल कहते हैं। बेसिकली।
ठीक है? वाटर ऑफ क्रिस्टलाइजेशन अगर नहीं रहेगा तो वो एकदम वाइट पाउडर बन जाती है। और उस वाइट पाउडर को कहते हैं
क्या बोलते हैं? एनहाइड्रस। जैसे कॉपर सल्फेट का आपने ब्लू कलर का क्रिस्टल
देखा होगा। ब्लू कलर का क्रिस्टल होता है। उसको ही अगर हीट किया जाए, गर्म किया जाए तो उसके अंदर के वाटर ऑफ क्रिस्टलाइजेशन
मतलब वाटर के मॉलिक्यूल्स होते हैं क्रिस्टल के अंदर। ठीक है? जो उसको क्रिस्टल बनने में हेल्प करते हैं। तो वो
वाटर के मॉलिक्यूल्स उड़ जाते हैं। एंड फिर एक वाइट पाउडर बचती है। कॉपर सल्फेट ही है लेकिन उसकी एक वाइट पाउडर बन जाती
है। और उसको कहा जाता है एनहाइड्रस कॉपर सल्फेट। मतलब विदाउट वाटर ऑफ क्रिस्टलाइजेशन। ठीक है? चलो छोड़ो ये
नॉटेंट लेकिन फिर भी बता दिया आपको थोड़ा। चलो आयोनिक कंपाउंड्स कैसे हैं? ब्रिटल है। जैसे मैंने आपको बताया इनको मारूंगा
तो ये चपटा शीट बनेगा नहीं बनेगा। टूट जाएगा। पाउडर भुक्का हो जाएगा। है ना? एंड दे कैन बी ब्रोकन इंटू पीसेस बाय अपाइंग
प्रेशर। उनको मारो तो टूट जाएंगे। ठीक है? द इंटरमॉलिक्यूलर काहे होता [गला साफ़ करने की आवाज़] है?
देखो द इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स ऑफ अट्रैक्शन इज हाई इन आयोनिक कंपाउंड एंड लार्ज एनर्जी
इज़ रिक्वायर्ड टू ओवरकम इट। मतलब मेरे को बताओ अगर ये NaCl है। ठीक है? ये जो आपको दिख रहा है ये NaCl है और उसमें जो पर्पल
कलर के डॉट आपको दिख रहे हैं पर्पल वो सोडियम है। ठीक है? और आपको जो ग्रीन कलर के बड़े-बड़े दिख
रहे हैं वो क्लोरीन है। ठीक है? तो यहां पर सोडियम और क्लोरीन इनके बीच का जो फोर्स ऑफ
अट्रैक्शन है इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन वो बहुत ज्यादा मजबूत है। तो यहां पर सोडियम क्लोरीन, सोडियम क्लोरीन
ये एक पूरा इसको कहा जाता है क्रिस्टल लैटिस स्ट्रक्चर या सिंपल भाषा में क्रिस्टल लैटिस। तो
वहां पर सारे सोडियम और क्लोरीन इस तरीके से अरेंज्ड हैं और आपस में बहुत ही मजबूती से चिपके हुए हैं। फोर्स ऑफ
[गला साफ़ करने की आवाज़] अट्रैक्शन इज वेरी वेरीरी हाई और लार्ज एनर्जी विल बी रिक्वायर्ड टू ओवरकमिट। मतलब अगर मुझे
इसको मेल्ट करना है। इनका जो मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट होता है वो बहुत ज्यादा हाई होता है। देखो यहां पे आपको
यहां पे आपको दिख भी रहा होगा। सॉल्ट लिया। उसको मुझे फर्नेस में गर्म करना पड़ेगा। बहुत गर्म करना पड़ेगा तब
जाके वो लिक्विड में कन्वर्ट होगा। आपका जो नमक होता है ना घर का उसको मेल्ट किया जा सकता है। लेकिन नुस्ता तुम घर पे गैस
पे रखोगे तो मेल्ट होगा। नहीं मेरे को फर्नेस में मेल्ट करना पड़ेगा। तब जाके वो मेरे को लिक्विड में लिक्विड फॉर्म में
मिलेगा। ठीक है? तो इनकी बेसिकली मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट बहुत ज्यादा हाई होती है। इनके बीच का जो फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन है
वो बहुत ज्यादा हाई होता है। ठीक है? गॉट माय पॉइंट? चौथा बात आयोनिक कंपाउंड्स आर वाटर सॉलुबल। ठीक है? पानी में डिॉल्व
होता है। सिंपल आप NaCl का ही बात कर लो या कॉपर सल्फेट का बात कर लो। क्या इनको आप पानी में डिॉल्व कर सकते हो? कर सकते
हो। लेकिन इसके पीछे भी एक कहानी है। जैसे ये अपना सॉलिड है। ठीक है? इसमें से मैंने आपको बताया जो पर्पल है उसको मैंने सोडियम
बोला और जो ग्रीन है बड़े-बड़े हैं। ठीक है? ये भी वो Cl है। अच्छा इसमें चार्ज देना है तो चार्ज भी दे देंगे। Na
के ऊपर प्लस चार्ज होगा। होगा। Cl के ऊपर माइनस चार्ज होगा। एंड ये बात भी याद रखना कि जैसे आपका कैटायन होता है वो स्मॉलर
होता है। स्मॉलर इन साइज और जो एनायन होता है नेगेटिव चार्ज्ड आयन वो बड़ा होता है। लार्जर इन साइज। इसके
पीछे क्या रीज़न है? ये आप मुझे कमेंट में बताओगे। ठीक है? एनायन बड़ा होता है। कैटायन छोटा होता है। अब मुझे बताओ इसको
मैंने सोडियम क्लोराइड का जो टुकड़ा था पानी में डाला। ठीक है? ये वाटर है मेरा वाटर। अभी आपको मालूम है पानी में आपका जो
चलो इसको अपन ऐसे बनाते हैं। ये ऑक्सीजन है, ये हाइड्रोजन है और ये हाइड्रोजन है। HOH H2O उसका स्ट्रक्चर ऐसा होता है। HOH
ठीक है? आपको ये बात पता होगी कि ऑक्सीजन के ऊपर एक थोड़ा सा नेगेटिव चार्ज होता है। इसको
मैं ब्लैक कलर से लिखता हूं। ऑक्सीजन के ऊपर एक स्लाइट नेगेटिव चार्ज होता है। डेल्टा नेगेटिव एंड हाइड्रोजन के ऊपर एक
स्लाइट पॉजिटिव चार्ज होता है। डेल्टा पॉजिटिव। डेल्टा मतलब बहुत ही स्मॉल। ठीक है? तो ऑक्सीजन स्लाइटली नेगेटिव है।
हाइड्रोजन स्लाइटली पॉजिटिव है। उनके ऊपर चार्जेस हैं। ठीक है? और बिकॉज़ ऑफ़ दिस पानी को पोलार सॉल्वेंट कहा जाता है। क्या
कहा जाता है? पोलर सॉल्वेंट। पोलार का मतलब क्या है कि यहां पे एक नेगेटिव पोल बन रहा है। ऑक्सीजन के ऊपर, हाइड्रोजन के
ऊपर एक पॉजिटिव पोल बन रहा है। सो वाटर इज़ कॉल्ड अ पोलार सॉल्वेंट। ठीक है? अब देखो सोडियम के ऊपर प्लस चार्ज है और क्लोरीन
के ऊपर नेगेटिव चार्ज है। ये हमने देखा। अब मान लो कि जैसे यहां पे ऐसे एक वाटर मॉलिक्यूल आया।
ठीक है? जिसमें ऑक्सीजन के ऊपर थोड़ा सा नेगेटिव चार्ज था। और नीचे आपको दिख रहा है सोडियम है पर्पल कलर का। उसके ऊपर थोड़ा
पॉजिटिव चार्ज है। तो सोडियम और ऑक्सीजन के बीच में एक फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन बनेगा। ठीक है? फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन बनेगा। और उसी
तरीके से मान लो यहां पे एक और वाटर मॉलिक्यूल आया ऐसे। ठीक है? तो हाइड्रोजन के ऊपर प्लस चार्ज है। क्लोरीन के ऊपर
नेगेटिव चार्ज है। तो क्लोरीन और हाइड्रोजन किधर गए? क्लोरीन और हाइड्रोजन इनके बीच में भी कोई ना कोई फोर्स ऑफ़
अट्रैक्शन बनेगा। तो इसी तरीके से चलो एक और एग्जांपल ले लो। यहां पे एक और ऑक्सीजन आ गया। ऐसे
सोडियम और ऑक्सीजन के बीच में क्या बना? फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन। तो इस तरीके से सारे वाटर मॉलिक्यूल्स हमारे आयोनिक कंपाउंड के
अंदर घुस जाएंगे। एंड नया बॉन्ड्स फॉर्म हो जाएगा। वाटर के और हमारा जो आयन है, पानी के और
सोडियम के बीच में नया बॉन्ड्स बनेगा। है ना? फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन बनेगा। पानी के और क्लोरीन के बीच में नया फोर्स ऑफ़
अट्रैक्शन बनेगा। तो यहां पे क्या होता है? ध्यान से सुनना। चलो। वेरी इंटरेस्टिंग। थोड़ी-थोड़ी बात आपको समझ
में आई? देखो क्या होता है। तो जैसे ये सोडियम है। सोडियम और ऑक्सीजन के बीच में एक फोर्स ऑफ़
अट्रैक्शन आया। है ना? यहां पे ये डेल्टा नेगेटिव था और ये तो पॉजिटिव है। ठीक है? चलो इस तरीके से वाटर मॉलिक्यूल्स सोडियम
को घेर लेंगे। ठीक है? एंड हाइड्रोजन के ऊपर डेल्टा पॉजिटिव, डेल्टा पॉजिटिव। ठीक है? तो इस तरीके से
हाइड्रोजन क्लोरीन को घेर लेंगे। तो अल्टीमेटली क्या हो जाएगा? हमारा पूरा जो सॉलिड था उसके अंदर जो सोडियम था, क्लोरीन
था वो सारे सेपरेट हो जाएंगे। पानी घुस जाएगा अंदर। पानी के साथ नया फोर्स ऑफ अट्रैक्शन बनेगा एंड सारे आयंस, कैटायंस,
एनायंस सारे सेपरेट हो जाएंगे। इस प्रोसेस को कहते हैं इस प्रोसेस को कहते हैं डिसोसिएशन प्रोसेस।
मुझे बताओ एसोसिएशन का मतलब क्या होता है? एसोसिएशन का मतलब होता है साथ में रहना। बराबर साथ में। डिसोसिएशन का मतलब होता है
जहां पर आपका जो कैटायन है और एनायन है वो सेपरेट हो रहे हैं, बिछड़ रहे हैं। किसके वजह से? पानी के वजह से बिछड़ रहे हैं।
ठीक है? पानी बीच में घुस रहा है। तो इस प्रोसेस को डिसोसिएशन कहते हैं। ठीक है? चलो। तो डिसोसिएशन से क्या हुआ? मुझे
बताओ। इस तरीके से सुनो। वाटर मॉलिक्यूल्स ओरिएंट इन अ
पर्टिकुलर मैनर अराउंड द आयंस व्हिच आर सेपरेटेड बाय डिसोसिएशन प्रोसेस। तो आपके कैटायन एनायन सेपरेट हो गए। डिसोसिएशन हो
गया। एंड वाटर मॉलिक्यूल्स अपने आप को ओरिएंट कर लेंगे। ओरिएंट मतलब क्या? अपने आप को अरेंज कर लेंगे एक पर्टिकुलर
अरेंजमेंट में एक फॉर्मेशन में आपके आयंस के आजू-बाजू। जैसे सोडियम के भी आजूबाजू आ गया। क्लोरीन के भी आजूबाजू आ गया। ठीक
है? और इस तरीके से बनेगा आपका ये एक्वयस सॉल्यूशन। जहां पे आपके आयंस के आजू-बाजू
वाटर मॉलिक्यूल्स वाटर मॉलिक्यूल क्या हो गए हैं? ओरिएंट हो गए हैं इन अ पर्टिकुलर मैनर अराउंड द आयन्स व्हिच आर सेपरेटेड
बाय डिसोसिएशन प्रोसेस। ठीक है? एक नया फोर्स ऑफ अट्रैक्शन एस्टैब्लिश हुआ है आयन और वाटर मॉलिक्यूल के बीच में। ठीक है?
आयंस एंड एंड वाटर मॉलिक्यूल्स।
इनके बीच में क्या हुआ? एक नया फोर्स ऑफ अट्रैक्शन एस्टैब्लिश हुआ। रिप्लेसिंग द ओरिजिनल इंटरमॉलिक्यूल
रिप्लेसिंग द ओरिजिनल इंटरमॉलिक्यूलर अट्रैक्शन। जो पहले सोडियम और क्लोरीन के बीच में अट्रैक्शन था वो चला गया। एंड अब
वाटर और आयन्स के बीच में एक फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन एस्टैब्लिश हुआ। ये बन गया आपका एक्वस सॉल्यूशन। ठीक है? तो पोलार
सॉल्वेंट बिकॉज़ आपका पानी जो था वाटर वाटर क्या था? पोलार सॉल्वेंट है। पोलार मतलब उसमें नेगेटिव पोल, पॉजिटिव पोल बन रहा है
ऑक्सीजन, हाइड्रोजन के ऊपर। इसलिए ये डिसोसिएशन हो पा रहा है। एक्वस सॉल्यूशन बन पा रहा है। लेकिन
आयनिक कंपाउंड्स आर वाटर सॉलुबल। ये तो समझा बिकॉज़ वाटर कैसा है? पोलर है। बट दे आर इनसॉल्युलीबल इन सॉल्वेंट लाइक केरोसिन
एंड पेट्रोल। बिकॉज़ केरोसिन और पेट्रोल ये भी लिक्विड हैं। लेकिन इनके अंदर दे आर नॉन पोलर। नॉन पोलर मतलब उनके अंदर वो
नेगेटिव पॉजिटिव ऐसा पोल्स नहीं बनता। तो इसमें अपना आयोनिक कंपाउंड डिॉल्व नहीं होगा। समझ में आ गई बात? चलो फिर आयोनिक
कंपाउंड्स कैन नॉट कंडक्ट इलेक्ट्रिसिटी व्हेन इन सॉलिड स्टेट। जैसे अभी ये तुमको सॉलिड दिख रहा है। बराबर है? मुझे बताओ
इसके अंदर जितने भी आयन्स हैं पॉजिटिव नेगेटिव सारे चिपके हुए हैं। क्या वो अपनी जगह पे से मूव कर सकते हैं? नो दे आर
अनएबल टू मूव। तो चिपका हुआ है ना सब अपने जगह से हिल सकता है नहीं हिल सकता मुझे बताओ
इलेक्ट्रिसिटी मतलब क्या फ्लो ऑफ चार्जेस फिर भले वो इलेक्ट्रॉन्स फ्लो करें या आयन्स फ्लो करें आयन्स भी कैटायन एनायन
इनके भी मूवमेंट के वजह से इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट होती है। इलेक्ट्रिसिटी इज़ फ्लो ऑफ़ चार्ज। लेकिन अगर हमारे आयन्स हिल ही नहीं
पाएंगे। ऐसा बैठा हुआ है। बस हिल नहीं पा रहा है तो इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट नहीं होगी। सो इन सॉलिड स्टेट इन दिस स्टेट
आयंस कैन नॉट लीव देयर प्लेस मतलब इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट नहीं होगी सॉलिड स्टेट में। लेकिन हम या तो एक्वयस
सॉल्यूशन बनाए। जैसे हमने NaCl ले लिया NaCl पानी में डाल दिया। तो मुझे बताओ डिसोसिएशन होगा तो हमारे आयन्स फ्री हो
गए। आयंस कैसे हो गए? फ्री हो गए। सो एक्वस सॉल्यूशन ऑफ़ आयोनिक कंपाउंड कैन कंडक्ट इलेक्ट्रिसिटी एज़ दे कंटेन
डिसोसिएटेड आयंस। सेपरेटेड आयन्स एंड दे आर एबल टू मूव ना। दे आर फ्रीली मूविंग। फ्रीली मूविंग आयंस हैं। तो ये लोग
इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट कर सकते हैं। इवन इन फ्यूज्ड और मोल्टन स्टेट दे कैन कंडक्ट इलेक्ट्रिसिटी एज़ द आयंस आर मोबाइल। जैसे
अभी मैंने आपको बताया था एक वीडियो देखा हमने छोटा सा जिसमें सॉल्ट को सॉल्ट को क्या किया? गर्म किया। बहुत गर्म किया।
फर्नेस में हीट करके मेल्ट किया। लिक्विड फॉर्म में आ गया। उस लिक्विड में से भी इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट हो सकती है। ठीक है?
तो यहां पर ऊपर फ्यूज्ड लिखा हुआ है ना? फ्यूज्ड और मोल्टन। फ्यूज्ड का मतलब है मेल्ट किया हुआ। ठीक
है? फ्यूज्ड का मतलब क्या होता है? यहां पे मेल्ट किया हुआ मोल्टन स्टेट। वैसे सिचुएशन में ये लोग इलेक्ट्रिसिटी
कंडक्ट कर सकते हैं। बताओ कोई दिक्कत वाली बात है यहां पे? सब कुछ क्लियर समझ में आया? चलो। तो यहां
पर मैंने क्या लिया है आपको बता देता हूं। जैसे आपको एक बैटरी दिखाई दे रही है। प्लस माइनस दिख रहा है। एक बल्ब दिख रहा है।
ठीक है? एक प्लग की मतलब एक तरीके का आपको स्विच दिखाई दे रहा है यहां पे चालू बंद करने के लिए। फिर आपको कैथोड दिख रहा है
जो नेगेटिव टर्मिनल है। नेगेटिव टर्मिनल। ठीक है? ये पूरा क्या है? नेगेटिव है। नेगेटिव टर्मिनल ऑफ़ बैटरी से कनेक्टेड है
ना? ऊपर आपको दिखाई दे रहा है। बैटरी का जो नेगेटिव टर्मिनल है उससे वो कनेक्टेड है। ठीक है? वो कैथोड हो गया और जो
पॉजिटिव है वो एनोड हो गया। अच्छा ये जो पूरा चीज है ना इसको हम इसको हम क्या बोलते हैं?
इलेक्ट्रोड। इलेक्ट्रोड। और ये इलेक्ट्रोड बनते किसके? ग्रेफाइट के बनते हैं। ये भी याद रखना।
ग्रेफाइट हमने पढ़ा था कार्बन का एक एलोट्रोप है। कार्बन का एक प्रकार है। बट वो इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट करता है। उसके
अंदर फ्री इलेक्ट्रॉन्स होते हैं। ठीक है? तो पॉजिटिव इलेक्ट्रोड एनोड है। नेगेटिव इलेक्ट्रोड कैथोड है। ठीक है? अब बताओ ऑन
पासिंग करंट। अच्छा बाय द वे मैंने यहां पे क्या लिया है? मैंने यहां पे मोल्टन NaCl लिया है। मतलब यहां पे मैंने एक्वस
सॉल्यूशन पानी वाला सॉल्यूशन नहीं लिया है। मैंने सॉल्ट को गर्म करके मेल्ट किया हुआ है। मोल्टन स्टेट में लिया है। एंड
मैं यहां से करंट पास कर रहा हूं ऊपर से। ठीक है? बैटरी स्विच चालू करूंगा। अभी ये स्विच ऐसा चालू करूंगा।
करंट पास होगा। क्या होगा? देखो। ठीक है? ऑन पासिंग द करंट, आयन्स मूव टू ऑपोजिटली चार्ज्ड इलेक्ट्रोड। मुझे बताओ यहां पे
आपका Na+ ये कौन है? ये ये बिल्ली आयन। बिल्ली मतलब कैट। कैट आयन है। कैटायन किसके पास जाएगा? कैथोड के पास जाएगा।
बिकॉज़ कैथोड कैसा है? नेगेटिव है। पॉजिटिव विल गो टू नेगेटिव ना। कैटायन विल गो टू कैथोड।
तो उसी प्रकार से आपका जो Cl- है वो क्या है? अनियन एनायन। इट विल गो टू एनोड। एनोड क्या है? प्लस। कैटायन गोज़ टू कैथोड।
एनायन गोज़ टू एनोड। कितनी सिंपल बात हो गई। देखो ना। कैटायन कैथोड के पास जा रहा है। एनायन एनोड के पास जा रहा है। खत्म हो
गई बात। कोई दिक्कत है? नहीं है। चलो इलेक्ट्रिसिटी पास करेंगे। स्विच को चालू किया हम तो बताओ। सोडियम
किधर जा रहा है? कैथोड पे जा रहा है। दिख रहा है आपको? बताओ। घुस के देख लो। सोडियम किसके पास जा रहा है?
कैटायन गोज़ टू कैथोड। क्लोरीन किसके पास जा रहा है? एनोड के पास। एनायन गोज़ टू एनोड। बराबर है? तो इस तरीके से
इलेक्ट्रिसिटी पास होगी। ठीक है? तो आयोनिक कंपाउंड्स को हम क्या बोलते हैं? इलेक्ट्रोलाइट्स बोलते हैं।
क्या बोलते हैं? इलेक्ट्रोलाइट्स। बिकॉज़ इनका या तो एक्वस एक्वस सॉल्यूशन ले लो या तो मोल्टन
मोल्टन फॉर्म में ले लो। ठीक है? एक्वस ले लो या मोल्टन ले लो। ये लोग इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट करते हैं। तो इनको हम
इलेक्ट्रोलाइट्स कहते हैं। चलो इतना बात एकदम क्लियर हो गया। सारे जनरल प्रॉपर्टीज ऑफ़ आयोनिक कंपाउंड। एकदम क्लियर दिमाग में
बैठ गया। पहला बोला हमने दे आर वेरी वेरीरी हार्ड। कड़क होते हैं बिकॉज़ इंटरमॉलिक्यूलर फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन इज़
हाई। हाई मेल्टिंग पॉइंट, हाई बॉइलिंग पॉइंट। ठीक है? फिर इनको मारोगे तो ये टूट जाएंगे। भूखा हो जाएगा। तो दे आर ब्रिटल।
उसके बाद हमने बोला पानी में सॉलुबल है। क्यों सॉलुबल है? उसका भी पूरा हिसाब किताब दिखाया मैंने आपको। वाटर
मॉलिक्यूल्स ओरिएंट कर लेते हैं खुद को इन अ पर्टिकुलर मैनर। अराउंड द आयंस व्हिच आर सेपरेटेड बाय द डिसोसिएशन प्रोसेस। न्यू
इंटरमॉलिक्यूलर न्यू फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन इज़ एस्टैब्लिश्ड बिटवीन द वाटर मॉलिक्यूल्स एंड द आयन्स। है ना?
रिप्लेसिंग द ओरिजिनल इंटरमॉलिक्यूलर फ़ोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन। ज्यादा इंग्लिश हो गई मेरी। ठीक है? ये हमने पढ़ा। फिर वाटर इज़ अ
पोलर सॉल्वेंट। उसमें वो लोग डिॉल्व होते हैं। पेट्रोल केरोसिन में नहीं होंगे। उसके बाद क्या बोला? उसके बोला दे कैन
कंडक्ट इलेक्ट्रिसिटी इन लिक्विड मोल्टन स्टेट या फिर एक्वस स्टेट। ठीक है? और कुछ बोला क्या? इतना ही था। ठीक है? ये सब
हमने बोला। चलो नाउ मूविंग टू नाउ इन। नाउ मूविंग टू मेटलर्जी। मेटल ऊर्जी मतलब क्या? देखो ये डेफिनेशन आपको एग्जाम में
एक मार्क का आएगा। वन मार्क है। इंपॉर्टेंट डेफिनेशन। देखो द साइंस एंड टेक्नोलॉजी विज्ञान और तंत्र ज्ञान। द
साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिगार्डिंग एक्सट्रैक्शन ऑफ मेटल फ्रॉम ओर। किस ओर? तेरी ओर। नहीं बेटा। ओर मतलब क्या? एक
प्रकार का मिनरल। मतलब क्या? अभी आप रास्ते पे जाओ जाओ घर के बाहर निकलो। वीडियो बंद करो। करो बंद
करो। बाहर जाओ। एक पत्थर उठाओ। वो पत्थर क्या है? मिनरल है। उस पत्थर में कैल्शियम के कंपाउंड हो सकते हैं। एलुमिनियम का
कंपाउंड हो सकता है। कुछ आयरन का कंपाउंड हो सकता है। मैग्नीशियम का कुछ हो सकता है। जिंक का कुछ हो सकता है। तो उस एक
पत्थर के अंदर अलग-अलग मेटल के कंपाउंड है। उस पत्थर को हम मिनरल बोलते हैं। ठीक है? ओर क्या होता है?
पत्थर ही है ना? वो भी एक है ना? देखो आपको दिख रहा है ओर क्या है? एक प्रकार का पत्थर है। पत्थर एक मिनरल ही है। है ना?
तो उस ओर में से उस पत्थर में से मुझे मेटल को निकालना है। सेपरेट करना है। इसको इसको कहूंगा एक्सट्रैक्शन ऑफ मेटल फ्रॉम
ओर। एंड उस मेटल का मुझे फिर प्यूरिफिकेशन भी करना पड़ेगा। साफ सफाई करनी पड़ेगी। एंड उसका फिर इस्तेमाल करूंगा। मैं बर्तन
बना लूंगा या कुछ भी इलेक्ट्रॉनिक्स बना लूं। कुछ भी बना लूं। है ना? इस पूरे प्रोसेस को कहते हैं मेटलर्जी। विज्ञान और
तंत्रज्ञान साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिगार्डिंग द एक्सट्रैक्शन ऑफ़ मेटल फ्रॉम ओर देयर प्यूरिकेशन एंड यूज़। इट इज़ कॉल्ड
एज मेटलर्जी। एक मार्क का सवाल डेफिनेशन यहां पे हो गया। अच्छा अब और मिनरल इसमें क्या फर्क है? ये हम देखेंगे। आइए देखते
हैं। द कंपाउंड ऑफ़ मेटल कंपाउंड्स ऑफ़ मेटल दैट अकर इन नेचर अलोंग विद इंप्युरिटीज़ आर कॉल्ड एज मिनरल्स। जैसे आपने घर के बाहर
गए गए थे आप? हम एक पत्थर आप लेके आए। ठीक है? उस पत्थर को हमने क्या बोला? मिनरल बोला। अच्छा। अच्छा इस मिनरल के अंदर मुझे
बताओ मेटल के कंपाउंड्स हो सकते हैं। जैसे अगर लोखंड की बात करें तो क्या इसके अंदर आयन ऑक्साइड हो सकता है? क्या इसके
अंदर आयरन क्लोराइड हो सकता है? आयरन सल्फेट हो सकता है। कुछ ना कुछ आयरन का कंपाउंड होगा। है ना? मेटल कंपाउंड। लेकिन
साथ-साथ में आज आपको इंप्युरिटीज भी मिलेंगी। कचरा भी मिलेगा। मेटल के कंपाउंड मिलेंगे। साथ-साथ में इंप्युरिटी मिलेंगी।
तो इस पूरी चीज को हम क्या कहते हैं? मिनरल कहते हैं। फिर से पढ़ लो डेफिनेशन। द कंपाउंड्स ऑफ मेटल दैट अकर इन नेचर
अलोंग विद कचरा। दैट पत्थर इज कॉल्ड एज अ मिनरल। मिनरल के अंदर मेटल के कंपाउंड भी हैं और कचरा भी है। इट इज कॉल्ड एज अ
मिनरल। एकदम सिंपल बात हो गई। अच्छा तो अभी ओर और मिनरल में क्या फर्क है? देखो मेरे पास तीन माइंस हैं। खदान खदान समझते
हो? माइंस ए, बी एंड सी। अब मान लो माइन ए में माइन ए में जो मिनरल आपको मिलता है मिनरल ठीक है उसमें 50%
मेटल कंपाउंड ऐसा लिखूंगा तो अच्छा नहीं लग रहा है ना पूरा लिख देते हैं मेटल कंपाउंड 50% मेटल कंपाउंड है एंड बाकी का
50% कचरा है इंप्योरिटी और ये खदान खदान नीचे होती है ना अंडरग्राउंड होती है ऐसा ऊपर मिलेगा खड्डा
करके नीचे जाना पड़ेगा। 700 फीट नीचे जाना पड़ेगा। तब जाके आपको वो मिलेगा। तो उधर का जो पत्थर है मिनरल है उसमें 50% मेटल
का कंपाउंड है और बाकी 50 टका कचरा है। और उसके लिए भी आपको 700 फीट नीचे जाना पड़ेगा। फिर जो माइन बी है उसका जो पत्थर
है आ हा हा 95% मेटल कंपाउंड मिल रहा है। लेकिन सिर्फ 5% कचरा है इंप्युरिटी। ठीक है? लेकिन इसके
लिए तुमको 1000 फीट नीचे जाना पड़ेगा। बहुत जितना डीप जाओगे उतना खर्चा भी होइएगा पैसा लगगा है ना मुफ्त में थोड़ी
मिलता है और उतना ज्यादा रिस्की भी हो जाता है 1000 फीट नीचे जाना वेरी रिस्की वेरी डिफिकल्ट एंड वेरी एक्सपेंसिव लेकिन
उधर के पत्थर में 95% मेटल का कंपाउंड है और सिर्फ 5% कचरा है और जो सी वाली माइन है इसका जो पत्थर है उसमें ओहो 80%
मेटल कंपाउंड और सिर्फ 20% का कचरा और इसके लिए सिर्फ पांच 500 मात्र मात्र 500 फीट डीप जाना पड़ेगा। तो मुझे बताओ सबसे
ज्यादा प्रॉफिट होने का चांस किधर से है? सबसे ज्यादा प्रॉफिट आपको ये सी वाले माइन से मिलेगा। उधर का जो मिनरल है 80% मेटल
कंपाउंड सिर्फ 20% कचरा है। तो उसमें से हम अगर मेटल को निकालें तो हमें ज्यादा प्रॉफिट होगा।
तो इसको मैं कहूंगा ओर। ओर मजे क्या है? एक ऐसा मिनरल जिसमें से मेटल को निकाला जा सकता है प्रॉफिटेबली।
फायदा भी होना चाहिए, सस्ते में हो जाना चाहिए। कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, पैसा मिलना चाहिए। तो ऐसा मिनरल जिसमें से मेटल
को निकाला जा सके प्रॉफिटेबली एंड इकोनॉमिकली इसको कहा जाता है ओर। आ जाओ। इधर आओ। देखो क्या बोला है?
द मिनरल एक ऐसा पत्थर फ्रॉम वि मेटल कैन बी सेपरेटेड एक्सट्रैक्टेड इकोनॉमिकली इट इज़ कॉल्ड एज ओर। ठीक है? तो मिनरल क्या
था? कंपाउंड ऑफ़ मेटल दैट अकर इन नेचर अलोंग विद इंप्युरिटी इट इज़ कॉल्ड एज मिनरल। एक ऐसा पत्थर जिसमें मेटल का
कंपाउंड भी है, इंप्युरिटी भी है। उसको मिनरल बोला। लेकिन एक ऐसा मिनरल जिसमें से मेटल निकाला जा सके इकोनॉमिकली
प्रॉफिटेबली उसको कहेंगे ओर। एंड इसके साथ कचरा भी था ना अंदर इंप्युरिटीज़ भी थी। तो जो इंप्युरिटीज होती है ओर्स कंटेन मेनी
टाइप्स ऑफ कचरा सोइल सैंड रॉकी सब्सटेंसेस जैसे मिट्टी है रेती है छोटे-छोटे पत्थर हैं अलोंग विद मेटल कंपाउंड ठीक है तो
आपकी जो ओर है ओर में मेटल कंपाउंड है मेटल कंपाउंड है प्लस कचरा है उस कचरे को कहते हैं गंगू गंगू नहीं बोलने का गैंग
आपको ना जैसा बोलने का है बोलो कुछ लोग उसको गेंज बोलते हैं कुछ लोग गांजू बोलते हैं, कुछ लोग गंगू बोलते हैं, गांगू बोलते
हैं। कुछ भी बोलो, जो भी बोलो एग्जाम में लिख के भरा भरा आना स्पेलिंग। ठीक है? जी ए एन जी यू ई गैंग।
ठीक है? गैंग। तो जो इंप्युरिटी है उसको क्या बोलते हैं? गैंग बोलते हैं। और वो क्या हो सकता है? सैंड हो सकता है, सइल हो
सकता है, रॉकी सब्सटेंसेस हो सकते हैं। तो आई होप ऑल द पॉइंट्स आर वेरी क्लियर। ये तीनों चीजें आपको लर्न करनी है। मिनरल
क्या होता है? ओर क्या होता है? गैंग क्या होता है? तीनों का डेफिनेशन एक मार्क के लिए पूछा जा सकता है। तो तीनों आपको लर्न
होना चाहिए। आई होप दिस इज़ वेरी क्लियर। मूविंग फर्दर। अब मुझे एक बात बताओ मुझे
ओर में से ये ओर है। ठीक है? ओर में से मुझे क्या निकालना है? मुझे मेटल निकालना है। सेपरेट करना है। लेकिन ओर के अंदर
मुझे बताओ ओर के अंदर मेटल का जो कंपाउंड है उसके साथ बहुत सारा गैंग भी है, कचरा भी
है। बराबर है? मेरी जो ओर है उसके अंदर मेटल का कंपाउंड है जो मेरे को चाहिए। कचरा मेरे को नहीं चाहिए। तो मुझे
क्या करना है? मुझे उस गैंग को निकालना है। मुझे क्या करना है? रिमूवल ऑफ गेंगू।
तो ये जो प्रोसेस है कचरा हटाने की रिमूवल ऑफ गैंग। इसको कहते हैं कंसंट्रेशन ऑफ ओर। चार प्रकार से हो सकता है। एग्जाम में
इसके ऊपर आज तक एक बार से दो मार्क का क्वेश्चन आया था। इसलिए ये टॉपिक्स मैं यहां पे इस वन शॉट में नहीं ले रहा हूं।
आपको इनको पढ़ना है। आप पुराने वीडियो से पढ़ सकते हो। बहुत डिटेल में बहुत अच्छे से बहुत प्यार से पढ़ाया हुआ है। ठीक है?
तो एक होता है सेपरेशन बेस्ड ऑन ग्रेविटेशन। जिसमें हम ग्रेविटी का इस्तेमाल करेंगे सेपरेट करने के लिए।
उसमें दो आता है। एक होता है विलफली टेबल मेथड और एक होता है हाइड्रोलिक सेपरेशन। आप डायग्राम देख लो। ये जो हाइड्रोलिक
सेपरेशन है उसका डायग्राम इधर नहीं है। आपको आगे दिखा दूंगा। हाइड्रोलिक सेपरेशन के ऊपर एक बार दो मार्क का सवाल पूछा था।
उसके अलावा कुछ भी नहीं पूछा इधर से। ठीक है? ये विलफली टेबल है। विलफली। ठीक है? ये विलफली टेबल है। हाइड्रोलिक
सेपरेशन का डायग्राम बाद में दिखा दूंगा। ये मैग्नेटिक सेपरेशन है जिसमें मैग्नेटिक प्रॉपर्टीज का इस्तेमाल किया जाएगा कचरा
हटाने के लिए। ये फ्रॉथ फ्लोटेशन है। और बच्चों को फ्रॉथ फ्लोटेशन पढ़ाने जाओ तो मैं भी पागल हो जाता हूं। बच्चे भी पागल
हो जाते हैं। लेकिन है इंटरेस्टिंग है ये सारी चीजें। लेकिन एग्जाम में इसके ऊपर कुछ पूछते नहीं है। इसलिए मैं ज्यादा
बकवास इनके ऊपर नहीं करूंगा। देखना है डिटेल में पढ़ना है तो पुराना वीडियो देख लो। बहुत अच्छा पढ़ाया हुआ है। ठीक है? और
एक प्रोसेस होती है लीचिंग। लीचिंग क्या होती है? वो आपको मैं बता दूंगा। आगे जब हम एलुमिनियम एक्सट्रैक्शन करेंगे ना तब
आपको लीचिंग बता दूंगा क्या होता है। ठीक है? इन कंसंट्रेशन ऑफ ओर का मतलब क्या है? सिंपल भाषा में कचरा हटाना। मेटल कंपाउंड
को सेपरेट करना। कचरे को सेपरेट करना। इसको कंसंट्रेशन ऑफ़ ओर कहते हैं। सेपरेशन बेस्ड ऑन ग्रेविटेशन। दो आता है
विलफ्लेटेबल। हाइड्रोलिक सेपरेशन। मैग्नेटिक सेपरेशन होता है, फ्रॉज़ फ्लोटेशन होता है, लीचिंग होता है। चार
होते हैं। ठीक है? वेरी क्लियर। आगे बढ़ते हैं। चलिए एक्सट्रैक्शन ऑफ़ मेटल्स की तरफ। तो सबसे पहले मैं एक्सट्रैक्शन ऑफ
मॉडरेटली रिएक्टिव मेटल की बात करूंगा। अब आपको याद होगा हमने रिएक्टिविटी सीरीज देखी। क्या थी? बताओ जरा। केनाली
ने कार मांगी Alto। Alto तक मैंने बोला हाई रिएक्टिविटी वाले हैं। फिर ज़न फरारी किसकी फरारी टिन की फरारी फिर भी फिर भी
तक मैंने बोला मॉडरेट रिएक्टिविटी मीडियम रिएक्टिविटी ठीक है जिंक क्या लिखा मैंने ऑल्टोन फरारी फरारी का fe
ही आना चाहिए ना हां जिंक आयन टिन और लेड यहां तक मैंने मॉडरेट बोला अ फिर क्या फिर भी क्यू मिली क्यू मिली सिल्वर आवडी इनको
बोला लो ये बात याद है तो यहां पे मैं किसकी बात कर रहा हूं? मॉडरेट रिएक्टिव मेटल्स जो हैं उनका एक्सट्रैक्शन पहले
दिखाऊंगा। फिर हम लेस रिएक्टिव वाला एक ही है। कॉपर उसका एक एग्जांपल देखेंगे। फिर हम चलेंगे टुवर्ड्स द क्लाइमेक्स ऑफ दिस
वीडियो। क्लाइमेक्स क्या है यहां पे? बेयर्स प्रोसेस करनी है। एलुमिनियम एक्सट्रैक्शन इलेक्ट्रोलेटिक रिडक्शन ऑफ़
एलुमिना। खतरनाकखतरनाक चीज़ है। लेकिन जिनको एकदम सोपा सरल सिंपल करके आपको दिखाने वाला हूं। ऐसा ट्रिक आपने कभी कभी
नहीं देखा होगा। वैसा ट्रिक आपको दिखाऊंगा। ठीक है? यहीं पे आज मेरे साथ आपका एलुमिनियम
एक्सट्रैक्शन पूरा लर्न हो जाएगा। ऐसी ट्रिक बताऊंगा। चलो तो यहां पे हम किसकी बात कर रहे हैं? मॉडरेटली रिएक्टिव मेटल्स
की बात कर रहा हूं। और यह जो मेटल्स होते हैं, यह मुझे संसार में नेचर में सल्फाइड
या तो कार्बोनेट के फॉर्म में मिलते हैं। जैसे मैंने जिंक का एग्जांपल लिया है। जिंक मुझे जिंक सल्फाइड के फॉर्म में
मिलता है नेचर में या कार्बोनेट के फॉर्म में मिलता है जिंक कार्बोनेट। तो जिंक सल्फाइड वाला जो ओर होता है उसको जिंक
ब्लेंड कहते हैं। जिंक कार्बोनेट वाला उसको स्मिथोनाइट कहते हैं। ठीक है? ओर होती है। अच्छा मुझे बताओ ओर क्या होता
है? और तेरी ओर ओर में क्या होता है? मेटल का कंपाउंड होता है। मेटल का कंपाउंड प्लस गंगू
जितना तेज लिखूंगा उतना हैंडराइटिंग घटिया होते जाएगा। लेकिन चिंता नहीं करना। वापस लिख दूंगा। नहीं समझा तो। मेटल कंपाउंड
प्लस गैंग होता है। कचरा होता है। तो यहां पे इमेजिन करो। हमने वो गैंग हटा दिया। कचरा हटा दिया। कंसंट्रेशन ऑफ़ ओर किया।
फिर मेरे पास मेटल का कंपाउंड बचा है। जैसे मेरे पास जिंक सल्फाइड बचा है। ZnS उसमें से मुझे जिंक निकालना है। तो मैं
कैसे निकालूंगा? ये पूरी कहानी आपको मैं यहां पे बताने वाला हूं। गेटिंग माय पॉइंट? समझ गए? कहानी समझ गए? आ जाओ। चलो
तो दो बातें हो सकती हैं। या तो सल्फाइड ओर हो सकती है या तो कार्बोनेट हो सकती है। जिंक ब्लेंड हो सकता है या तो
स्मिथोनाइट हो सकता है। सल्फाइड या कार्बोनेट। ठीक है? ये जिंक ब्लेंड और कार्ब सिमथ्सोनाइट आपकी टेक्स्ट बुक में
नहीं दिया है। फिर भी मेरे को खाज है ना तो थोड़ा ज्यादा पढ़ा देता हूं। अब मान लो सल्फाइड है तो उसको मैं क्या करूंगा? उसका
मैं रोस्टिंग करूंगा। इधर लिख रहा हूं। रोस्ट करना समझते हो आप?
मजा लेना। गर्म करना। सल्फाइड का मैं क्या करता हूं? रोस्ट करता हूं। मुझे क्या करना है पता है? मुझे इनको ऑक्साइड में कन्वर्ट
करना है। भले सल्फाइड हो या कार्बोनेट हो। इन दोनों को मुझे ऑक्साइड में कन्वर्ट करना है। और फिर उस ऑक्साइड में से मैं
अपना मेटल एक्सट्रैक्ट करूंगा। ठीक है? भले सल्फाइड हो या कार्बोनेट हो। उन दोनों को मैं क्या बनाऊंगा? ऑक्साइड बनाऊंगा।
फिर उस ऑक्साइड में से अपनी मेटल एक्सट्रैक्ट करूंगा। ठीक है? ये मेरी ये मेरे को करना है। ये मेरी इच्छा है। ठीक
है? बचपन से। चलो। तो अगर सल्फाइड का मुझे ऑक्साइड बनाना है तो सल्फाइड ओर्स आर स्ट्रांगली हीटेड इन एयर। इसको रोस्टिंग
कहते हैं। जैसे आपको यहां पे एक कढ़ाई दिख रही है। कढ़ाई है या उसको पतीला बोलो, तवा बोलो, जो भी बोलो, उसमें वो लोग ने जिंक
सल्फाइड लिया है। और उसको खुले में वो लोग गर्म कर रहे हैं। स्ट्रांगली हीटेड इन एयर। तो यहां पे क्या होगा पता है? यह जो
ZnS है, जिंक सल्फाइड है, वो ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करेगा और आपको जिंक ऑक्साइड बना के देगा। इसको रोस्टिंग कहते हैं।
खुले में गर्म करना। ठीक है? समाज में, खुले में, सबके सामने गर्म करना इसको रोस्टिंग कहते हैं। याद
रखना। ठीक है? यह हो गया रोस्टिंग। फिर कार्बोनेट इसको भी अगर मुझे ऑक्साइड में कन्वर्ट करना है तो इसको मुझे क्या करना
पड़ेगा? समथिंग कॉल्ड एज कैल्सिनेशन। कैल्सिनेशन। आपने एक रिएक्शन पढ़ा होगा। याद है आपको? CaCO3 जब उसको हम हीट करते
हैं तो मुझे CaO मिलता है। + CO2 मिलता है। याद है ये रिएक्शन डीकंपोज़शन? बस यही है। सेम है। लेकिन यह हमें जिंक के साथ
करना है। ठीक है? तो यहां पर क्या होगा? ओर्स आर स्ट्रोंगली हीटेड इन लिमिटेड सप्लाई ऑफ एयर। मतलब एक छोटा फर्नेस जैसा
है। उसके अंदर हम उसको हीट कर रहे हैं। जहां पे ऑक्सीजन नहीं जा रहा है अंदर। ठीक है? लिमिटेड सप्लाई ऑफ़ एयर में हीट करना
है। फर्नेस के अंदर हीट करना है। समझ में आ गई बात? रोस्टिंग खुले में करते हैं। ओपन में करना है। जहां पे काफी सारी
ऑक्सीजन प्रेजेंट है। ठीक है? गुड सप्लाई ऑफ एयर में रोस्टिंग होती है। और कैल्सिनेशन कहां होता है? बंद इसमें
बंद कंटेनर में करना पड़ेगा। फर्नेस के अंदर करना पड़ेगा। जहां पे एयर कम है। ऑक्सीजन
कम है। ठीक है? लिमिटेड सप्लाई ऑफ़ एयर। इसको कैल्सिनेशन कहते हैं। आ जाओ। दोनों का रिएक्शन बता देता हूं। रोस्टिंग में
जैसे मैंने आपको बताया। मुझे बताओ जिंक है जो ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करेगा और मुझे क्या बना के देगा? जिंक ऑक्साइड। ZNO प्लस
सल्फर है वो भी ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करेगा और मुझे क्या बना के देगा? SO2 ये उड़ जाएगा। बताओ कोई दिक्कत वाली बात है?
नहीं है। बहुत सिंपल है। आ जाओ। ZnO + SO2 SO2 उड़ गया। इसको बैलेंस करना है क्या? करते हैं। चलो बैलेंस करें।
ला ला ला ला ला यहां पे देखो ऑक्सीजन का ऑड नंबर है ना? तीन और एक दो और एक तीन। तो पहले मैं ऑक्सीजन को इवन बनाऊंगा। तो
यहां पे हो गया इवन। हम मस्ती हो गई मेरे साथ। अब अगर मैं यहां टू लगाऊं
तो जिंक को बैलेंस करने जाऊं तो सल्फर हिल गया। सल्फर हिल गया तो मुझे यहां पे भी टू लगाना पड़ा।
सल्फर को बैलेंस करने गया तो ऑक्सीजन हिल गया। ऑक्सीजन कितना हो गया? 2 + 4 6 हो गया। तो यहां थ्री लगा दूंगा। अब तो ठीक
है। जिंक दो हो गया। सल्फर दो हो गया। ऑक्सीजन छ हो गया। 2 + 4 6 बराबर है। कैल्सिनेशन में कुछ नहीं है। हीट करना है
इन लिमिटेड सप्लाई ऑफ़ एयर। जहां पे ऑक्सीजन नहीं आनी चाहिए। कम आनी चाहिए। तो डीकंपोज़शन हो जाएगा। जिंक ऑक्साइड + CO2
उड़ गया। उड़ा दो इसको। इसको भी उड़ा दो। डन। ठीक है? रोस्टिंग एंड कैल्सिनेशन। डेफिनेशन याद रखना। एग्जाम में पूछते हैं।
डिफाइन डिफाइन एग्जाम में एक मार्क का पूछते हैं। किसका? रोस्टिंग का और कैल्सिनेशन दोनों का आना चाहिए। रोस्टिंग
इज़ हीटिंग स्ट्रांग हीट इन इन एयर। ओपन एयर। ठीक है? इन गुड सप्लाई ऑफ़ एयर। और कैल्सिनेशन इज़ स्ट्रांग हीट इन
हीटिंग इन लिमिटेड सप्लाई ऑफ़ एयर। ठीक है? अच्छा। लेकिन अभी तक मुझे मेरा मेटल नहीं मिला। मेरे पास क्या है?
जिंक ऑक्साइड है। अब इसमें से ऑक्सीजन निकालना है। ध्यान से सुनिएगा। ऑक्सीजन को निकालना है। रिमूवल ऑफ़ ऑक्सीजन इज कॉल्ड
एज कमेंट में सांगा। रिमूवल रिमूवल ऑफ़ ऑक्सीजन इज़ कॉल्ड एज रिडक्शन। बराबर है। तो मुझे यहां पे क्या करना है?
मुझे इसका रिडक्शन करना है। तो मैं यूज़ करूंगा एक रिड्यूसिंग एजेंट। जैसे कि कार्बन फॉर एग्जांपल। तो कार्बन क्या
करेगा? चुरा के ऑक्सीजन ऑक्सीजन को चुरा लेगा और निकल जाएगा। चलो क्या मिलेगा मेरे को? जिंक मिलेगा
प्लस कार्बन मोनोऑक्साइड मिलेगा CO और ये CO भी उड़ गया। अब मेरे को एक बात बताओ। चलो
यहां से लेके यहां तक की कहानी। ये क्या हुआ? रिमूवल ऑफ़ ऑक्सीजन। मतलब ये क्या था? रिडक्शन था। रिडक्शन।
और यहां से लेके यहां तक हमने क्या देखा? कार्बन ने ऑक्सीजन खुद ले लिया तो उसका क्या हुआ? ऑक्सीडेशन हुआ ना? ऑक्सीडेशन।
ठीक है? अच्छा इसमें एक लास्ट चीज बताऊंगा आपको। इसके बाद मैं कुछ नहीं बताऊंगा। ठीक है? छोड़ दूंगा आपको। यहां पे जो कार्बन
है अपना ये कार्बन दूसरे का रिडक्शन करवा रहा है। किसका? जिंक ऑक्साइड का। ठीक है? कार्बन जिंक ऑक्साइड का रिडक्शन करवा रहा
है। तो जो करवाता है उसको एजेंट कहते हैं। तो यह कौन है? रिड्यूसिंग। एजेंट
और उसको प्यार से ये लोग छोटू बुलाते हैं। रिडक्टेंट है ना मंगेश नाम होता है तो मंग्या बुलाते
हैं। वैसा रिड्यूसिंग एजेंट पूरा नाम है लेकिन प्यार से रिडक्टेंट भी बुला सकते हो आप। समझ में आई बात?
गौरव रहता है तो गोटिया हो जाता है। वैसा रिड्यूसिंग एजेंट का रिडक्टेंट समझ में आया पूरा? अच्छा एक और बात आपको
बताऊं। अब आप बोलोगे सर आप क्यों बताते हो इतना बात? कार्बन के जगह पे हमने यहां पे कार्बन को यूज़ किया एज अ रिडक्टेंट।
उसके जगह पे हम दूसरे मेटल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे सोडियम है, एलुमिनियम है, कैल्शियम है। इनका भी इस्तेमाल किया
जा सकता है एज अ रिड्यूसिंग एजेंट। ऑक्सीजन को लेने के लिए। एग्जांपल देते हैं।
जैसे मान लो मेरे पास मैंगनीज डाइऑक्साइड है MNO2। इसमें से मेरे को ऑक्सीजन निकालना है। ठीक है? इसका मेरे को क्या
करना है? रिडक्शन करना है। रिडक्शन करना है। तो मैं यहां पे एलुमिनियम का इस्तेमाल करूंगा। तो ये एलुमिनियम कौन है? ये मेरा
रिड्यूसिंग एजेंट हो जाएगा। रिडक्टेंट हो जाएगा। ठीक है? एलुमिनियम ऑक्सीजन को चुराने का
काम करेगा। चलो ठीक है। करके देखते हैं। ये ऑक्सीजन किसके पास चला जाएगा? एलुमिनियम के पास। तो मुझे क्या मिलेगा?
मुझे मिलेगा एलुमिनियम ऑक्साइड Al2O3 MN + Al2O3 और ये रिएक्शन इतना ज्यादा एग्जोथर्मिक है। इतना ज्यादा खतरनाक
रिएक्शन होता है ना कि जो MN मिलेगा ना ये मुझे किधर है? लिखा हुआ क्यों नहीं आ रहा है?
हां। हीट इतनी प्रोड्यूस होती है कि जो MN मिलेगा वो मोल्टन फॉर्म में मिलेगा। ठीक है? अब मुझे एक बात यहां से यहां बता दो।
ये क्या हुआ? ऑक्सीजन निकला। तो ये रिडक्शन हुआ। रिडक्शन और एलुमिनियम
एलुमिनियम का क्या हुआ मेरे को बताओ इधर से ले इधर एलुमिनियम में ऑक्सीजन ले लिया तो इसका ऑक्सीडेशन हुआ ठीक है सिंपल बताया
आपको मैंने कोई दिक्कत वाली बात हीट इतनी प्रोड्यूस होगी गर्मी इतनी प्रोड्यूस होगी कि आपका जो मैंगनीज़ है वो मोल्टन फॉर्म
में बाहर आएगा बहुत गर्मी है बहुत गर्मी है भाई मोल्टन फॉर्म में बाहर आया अब इसको बैलेंस करना है कर देते हैं आ जाओ मेरे को
एलुमिनियम दो दिख रहा है तो मैंने यहां टू लगा दिया देखो वही वही बात हो जाती आती है ना कि ये
ऑड नंबर है। यहां पे ऑड है। ऑड इधर इवन है। तो ऑड को इवन बनाने के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा? मुझे इधर ही टू
लगाना पड़ेगा ना। 2 * 3 = 6 तो इधर भी थ्री लगाना पड़ेगा। तो इधर थ्री लगाना पड़ेगा मैंगनीज़ बैलेंस करने के लिए। और
एलुमिनियम कितना हो गया? चार हो गया। तो इधर चार लगेगा। ठीक है? ये अभी फटाफट आपको आना चाहिए। बेसिक मैथ्स
तो आता है ना आपको। इतना आपको आना चाहिए। ठीक है? ये हो गया आपका बैलेंसिंग। और इस तरीके से फुलझड़ी लगाई जाती है।
आपको मालूम है ये जब रिएक्शन होता है ना तो समझो वो कुंडी कुंडी के अंदर हमने कुंडी में क्या है? MNO2 + एलुमिनियम हमने
पाउडर बना के कुंडी में मिक्स कर दिया। लेकिन अपने आप रिएक्ट हो जाएगा। नहीं मेरे को एक थोड़ा चिंगारी देना पड़ेगा। रिएक्शन
को स्टार्ट करने के लिए चिंगारी देनी पड़ेगी। ठीक है? तो मैं फुलझड़ी से देता हूं। और एक बार रिएक्शन स्टार्ट हो गया।
फिर वो बहुत ही खतरनाक एग्जोथर्मिक रिएक्शन होता है। इस प्रकार से दिख रहा है बस। और ऐसा ही एक सिमिलर रिएक्शन आप कभी
ट्रेन में बैठे हो तो धड़कुक टुकुक धुड़कुक टचुकुड़कुचुक [हंसी] ऐसा चलता है ना गाड़ी। झुचुक टुक क्यों चलता है? बिकॉज़ हमारी जो
पटरी होती है उसके बीच में गैप्स होते हैं। तो जब गैप के ऊपर उसका टायर जाता है तो टुक टुक टुकु टुक टुडुक ऐसे आवाज आता
है। बराबर तो किसी कंट्री में ये आवाज नहीं चाहिए हमें। हमें चाहिए हमारी ट्रेन एकदम स्मूथ चले। तो वो लोग क्या करते हैं?
ये गैप को भर देते हैं। ठीक है? और ये गैप को भरने का काम एक रिएक्शन किया जाता है यहां पे जिसको थर्मिट रिएक्शन या थर्माइट
कहते हैं। थर्मिट बोलो या कुछ लोग उसको एक्चुअली में तो थर्माइट कहा जाता है। इ आता है लास्ट में। लेकिन आपके टेक्स्ट बुक
में थर्मिट लिखा है। क्या करूं? स्पेलिंग मिस्टेक है जो है। थर्मिट रिएक्शन। थर्माइट आयरन ऑक्साइड का पाउडर लिया जाता
है। इसका क्या लेंगे? पाउडर। ठीक है? उसमें एलुमिनियम डाला। एलुमिनियम का भी क्या रहेगा? पाउडर
फुलझड़ी से चिंगारी देंगे। फुलझड़ी ऐसा दिवाली में करते हो ना चिंगारी चिंगारी देना पड़ेगा नहीं तो रिएक्शन स्टार्ट नहीं
होगा। उतना करने के लिए चिंगारी देना पड़ेगा। अब एलुमिनियम क्या करेगा? ऑक्सीजन को चुरा लेगा। तो
Fe मिलेगा प्लस Al2O3 मिलेगा। एलुमिनियम ऑक्साइड प्लस बहुत सारी हीट किधर है मेरी? हां। हीट प्रोड्यूस
होगी। चलो अभी थोड़ा सा इधर बता दो। ये क्या हुआ? ऑक्सीजन निकल गया। तो दिस इज़ रिडक्शन
और एलुमिनियम ने ऑक्सीजन ले लिया तो दिस इज ऑक्सीडेशन। ठीक है? बहुत सिंपल बात हो गई। मजा आ गया।
बैलेंस कर लो। अच्छा हीट इतनी ज्यादा होगी कि ये लोखंड किस फॉर्म में आएगा? मोल्टन फॉर्म में आएगा। हीट उतनी ज्यादा
प्रोड्यूस होगी। अच्छा अभी बैलेंस करना है। लोखंड दो दिख रहा है। दो लगाया। एलुमिनियम दो दिख रहा है। इधर दो लगाया।
ऑक्सीजन तीन है। बस ऑक्सीजन तीन है तो उधर भी तीन है। इधर भी तीन है। सब जगह तीन है। बैलेंस क्या है? टू टू लगाना है बस। 2 एंड
टू। अब ये कैसा दिखता है? देखो ये छोटा सा कंटेनर आपको दिख रहा है। उसके अंदर वो लोग ने रिएक्शन चालू किया। फुलझड़ी लगाया। तो
लोखंड जो लिक्विड फॉर्म में प्रोड्यूस हुआ वो लोखंड जो पटरी के बीच में गैप है ना वहां पे वो लिक्विड लोखंड आ जाएगा और एक
बार वो ये हो जाए। क्या बोलते थोड़ा सूख जाए, ठंडा हो जाए, उसके बाद वो लोग उसको बाजू से तोड़ देंगे। फिर उसको पॉलिश किया
जाता है ऊपर से एंड रेल का पटरी जॉइंट हो जाता है। ठीक है? तो ये अपने कंट्री में तो नहीं दिखता है ज्यादा। खर्चा बहुत है
ना इसमें। दूसरे दूसरे देशों में किया जाता है। जिनके पास बहुत पैसा है, बहुत टाइम है वो
लोग करते हैं। ये अपने देश में होगा। समय आएगा, विकास होगा, प्रगति होगी।
चलो यह अपना एक्सट्रैक्शन ऑफ मॉडरेट रिएक्टिविटी हो गया। हमने जिंक का एक्सट्रैक्शन देखा। फिर मैंगनीज का देखा।
थर्माइट रिएक्शन देख लिया। ठीक है? आप थर्मि लिख देना। आपके टेक्स्ट बुक में जो लिखा है ना वही लिखना। ज्यादा दिमाग मत
चलाओ। छोड़ो। एक्सट्रैक्शन ऑफ़ लेस रिएक्टिव मेटल। यहां पे मैं कॉपर के ओर की बात करूंगा। कॉपर का ओर होता है चैलकोसाइट एंड
उसमें कॉपर सल्फाइड के फॉर्म में मिलता है। Cu2S चैलकोसाइट। इसका मुझे एक्सट्रैक्शन करना है। ठीक है? तो कुछ
नहीं करना है। इसको बस गर्म करूंगा मैं। कॉपर इज ऑब्टेंड फ्रॉम कॉपर सल्फाइड बाय जस्ट हीटिंग इन एयर। हवा में खुला
रोस्टिंग सीधा रोस्ट कर देने का और कुछ नहीं करने का। गर्म करते जाने का। ओके? तो कॉपर सल्फाइड CO2S रिएक्ट विद ऑक्सीजन
रिएक्ट्स विद ऑक्सीजन। तो कॉपर ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करके कॉपर ऑक्साइड बनाएगा। सल्फर ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करके सल्फर
डाइऑक्साइड बनाएगा। तो यहां दो चीजें मिलती है। CO2O कॉपर ऑक्साइड प्लस SO2 SO2 उड़ गया। बैलेंस कर लो इसको।
कॉपर दोन दिख रहा है मेरे को दोनों तरफ। तो मेरे को ऐसा क्यों लग रहा है मेरे को? ऑक्सीजन हां
ऑक्सीजन इधर एक और दो। तीन है ना? और इधर दो है। तो मेरे को ऑड को इवन बनाना पड़ेगा। तो इधर टू लगाऊंगा। चलो। तो ऑक्सीजन कितना
हो गया? 2 + 2 4 फोर हो गया। तो इधर टू लगाया। कॉपर कितना हो गया? चार हो गया तो इधर टू
लगाया सल्फर हिल गया तो इधर टू लगाया सल्फर को बैलेंस करने एंड फाइनली फिर ऑक्सीजन कितना हो गया 2 + 4 6 हो गया तो
इधर थ्री लगा ठीक है अभी चार का चार कॉपर चार कॉपर दो सल्फर दो सल्फर और छह ऑक्सीजन है तो दो और चार छह ठीक है बैलेंस्ड
करने का रे बैलेंसिंग करने से ही आएगा ठीक है कोई बहुत बड़ी बात नहीं है बैलेंस करना एग्जाम में डायरेक्ट लिखना होता है तुमको
को डब्बा विब्बा बना के बैलेंस नहीं करने का मालूम है ना? चलो। अच्छा ये स्टेप नंबर वन अभी तक खत्म नहीं हुआ।
स्टेप नंबर वन। अभी स्टेप नंबर टू में क्या होता है? जो कॉपर ऑक्साइड बनाया ये जो कॉपर ऑक्साइड बना उसको भी तुम हीट करते
रहो। कंटीन्यूअसली। छोड़ो मत। गर्म करते रहो। करते रहो। तो ये जो कॉपर ऑक्साइड है मुझे बताओ। सारा का सारा कॉपर सल्फाइड
ऑक्साइड में कन्वर्ट नहीं हुआ रहेगा ना। थोड़ा तो कॉपर सल्फाइड रह गया रहेगा। तो ये कॉपर ऑक्साइड और कॉपर सल्फाइड बचा हुआ
कॉपर सल्फाइड आपस में रिएक्ट करते हैं। और इसमें से क्या होता है देखो इसमें से ये कॉपर कॉपर साथ में आ गया और ये ऑक्सीजन और
ये सल्फर साथ में आके सल्फर डाइऑक्साइड बना देंगे। तो सेम सेम सेम बट डिफरेंट क्या बना? कॉपर साइड में आ गया। सल्फर और
ऑक्सीजन मिलके SO2 बना दिया। उड़ गया। बैलेंस कर लो। मेरे को मेरे को ऑक्सीजन का ही चिंता होता है। इधर दो है और उधर एक ही
है। तो मेरे को पहला इधर टू लगाऊंगा मैं। ऑक्सीजन कितना हो गया? टू हो गया। ठीक है? सल्फर एक है। सल्फर एक है। ऑक्सीजन दो है।
उधर ऑक्सीजन दोन हो गया। कॉपर कितना है? 2 4 + 2 6 बस छह कॉपर दो ऑक्सीजन एक सल्फर। डन। तो ये
हो गया तुम्हारा बैलेंसिंग। ये हो गया तुम्हारा लेस रिएक्टिव एलिमेंट लेस रिएक्टिव मेटल का एक्सट्रैक्शन कॉपर
का। अब आते हैं हमारे मेन इवेंट के ऊपर। दैट इज़ एक्सट्रैक्शन ऑफ़ एलुमिनियम। इसमें अच्छे-अच्छे बच्चों की जान निकल
जाती है, हवा निकल जाती है। पता नहीं क्या-क्या निकल जाता है। ठीक है? तो जरा तैयारी में बैठना।
मजा आएगा। फील आएगा पूरा। देखो एलुमिनियम का जन्म कुंडली सिंबल क्या है? Al एटॉमिक नंबर
Z एटॉमिक नंबर कितना है? 13 13 प्रोटॉन है, 13 न्यूट्रॉन है। 14 न्यूट्रॉन है। सॉरी 13 प्रोटॉन
13 इलेक्ट्रॉन बराबर है। इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन 2 8 3 2 8 3 ठीक है? और 14 न्यूट्रॉन है। तो 13 और 14 कितना हो गया?
27। तो एटॉमिक मास नंबर कितना हो गया? 27 हो गया। ठीक है? प्रोटॉन प्लस न्यूट्रॉन एटॉमिक मास नंबर 27 हो गया। इलेक्ट्रॉनिक
कॉन्फ़िगरेशन 2 8 3 हो गया। तो इसके वैलेंस इलेक्ट्रॉन कितने हैं? तीन हैं। कौन से कौन से हैं? ये, ये और ये। ये इसके वैलेंस
इलेक्ट्रॉन हैं। इनको ये लूज़ कर देगा। क्या करेगा? लूज़ करेगा। एलुमिनियम के पास 2 8 3 होता है। तो वो
उसको स्टेबल बनना है ना? तो Al3+ बन जाता है 2 8। ठीक है? तीन इलेक्ट्रॉन दे देता है तो इसकी वैलेंसी कितनी बन जाती है?
थ्री। चार्ज कितना आता है? 3+। ठीक है? कोई दिक्कत? चलो। अब दूसरी बात इट इज द थर्ड अबंडेंट
एलिमेंट इन अर्थ का क्रस्ट। क्रस्ट मतलब सबसे जो बाहर का लेयर है ना अर्थ का आउटर लेयर उसको क्रस्ट कहते हैं। उसके अंदर
मेंटल है। फिर इनर आउटर कोर है। फिर इनर कोर है। वो छोड़ो। क्रस्ट में थर्ड अबेंडेंट तीसरे पोजीशन पे है। तुमको मालूम
है पहला दूसरा कौन है? पहले नंबर पे ऑक्सीजन आता है। दूसरे नंबर पे सिलिकॉन आता है। एबेंडेंट
मतलब कि हमारे अर्थ के क्रस्ट में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन प्रेजेंट है। फिर उसके बाद सेकंड नंबर पे सिलिकॉन प्रेजेंट है। और
तीसरे नंबर पे एलुमिनियम प्रेजेंट है। थर्ड अबेंडेंट एलिमेंट इन अर्थ क्रस्ट। ठीक है? दूसरी बात इट इज़ एक्सट्रैक्टेड
फ्रॉम इट्स ओर कॉल्ड बॉक्साइट। ये ओर का नाम क्या है? बॉक्साइट। और बॉक्साइट के अंदर हमारा एलुमिनियम
Al2O3. NH2O के फॉर्म में होता है। अब आप पूछोगे सर NH2O क्या है? इट इज़ नथिंग बट वाटर ऑफ
क्रिस्टलाइजेशन जो मैंने आपको बताया। देखो जैसे एलुमिनियम ऑक्साइड ये भी एक आयोनिक कंपाउंड है। तो उसका क्रिस्टल
स्ट्रक्चर होता है। ठीक है? और उसके बीच-बीच में वाटर के मॉलिक्यूल्स भी होते हैं। उनको हम वाटर ऑफ क्रिस्टलाइजेशन कहते
हैं। ठीक है? अब यहां पे N का मतलब क्या है? NH2O NH2O N का मतलब है कि ये वाटर मॉलिक्यूल का जो नंबर है वो वेरिएबल है।
वन हो सकता है, टू हो सकता है, थ्री हो सकता है। इट इज़ वेरिएबल। इसलिए वहां पे N लिखा है। कभी-कभी आप देखोगे X H2O लिखा
होता है। सेम चीज़ X का मतलब क्या? वाटर मॉलिक्यूल्स दे आर वेरिएबल। वन टू वन हो सकता है, टू हो सकता है, थ्री हो सकता है।
ठीक है? वाटर ऑफ क्रिस्टलाइज़ेशन। अभी सिर्फ इतना समझो कि क्रिस्टल जो होता है उसके बीच-बीच में वाटर मॉलिक्यूल्स भी
फंसे हुए होते हैं। जैसे एलुमिनियम और ऑक्सीजन तो हैं उनके बीच-बीच में वाटर मॉलिक्यूल भी फंसे हुए मिलेंगे।
ठीक है? उनको हम वाटर ऑफ क्रिस्टलाइजेशन कहते हैं। इतना ही याद रखो फिलहाल के लिए। और वो नंबर वेरिएबल है यहां पे। वन हो
सकता है, टू हो सकता है। ठीक है? बॉक्साइट के अंदर 30 से लेके 70% एलुमिनियम ऑक्साइड है। और बाकी का कचरा। कचरा क्या रहेगा?
सैंड सिलिका आयन ऑक्साइड सैंड सिलिका सैंड सिलिका आयन ऑक्साइड वैसे सैंड और सिलिका सेम चीज है।
SiO2 सिलिकॉन डाइऑक्साइड यही इसी को सिलिका कहते हैं और यही सैंड भी होता है। तो आपके
टेक्स्ट बुक में क्यों ऐसा अलग दिया है? पता नहीं। सेम चीज है। सैंड और सिलिका आर सेम SiO2 सिलिकॉन डाइऑक्साइड। इसी को
सिलिका कहते हैं। इसी को साइलेंट कहते हैं। और आयन ऑक्साइड Fe2O3 FeO दोनों हो सकता है। तो कचरे को क्या कहेंगे बेटा?
कचरा क्या है? गंगू गैंग। ठीक है? तो हमें कंसंट्रेशन ऑफ ओर करना है। हमें क्या करना है?
आपको मैंने कंसंट्रेशन ऑफ ओर नाम का एक चीज बताया था। जहां पे क्या करते हैं? कचरे को हटाते हैं। कचरे को हटाना। गैंग
को निकालना। कंसंट्रेशन ऑफ ओर। तो यहां पे हम दो मेथड पढ़ रहे हैं। एक बेयर की मेथड है। एक आदमी था बेयर नाम का। उसने ये मेथड
निकाली और दूसरा होल्स मेथड। एक आदमी था हॉल नाम का। ठीक है? उसने ये मेथड निकाली। तो ये दोनों मेथड हम देखेंगे। यहां पे
करना क्या है? हमें कचरा हटाना है। सेपरेशन ऑफ इंप्युरिटी इज़ डन बाय लीचिंग प्रोसेस। अब आपको मैंने बताया था लीचिंग
नाम की एक प्रोसेस थी। कंसंट्रेशन ऑफ़ ओवर में। एक था तुम्हारा सेपरेशन ऑन बेस्ड ऑन ग्रेविटेशन। ग्रेविटी का इस्तेमाल करके एक
था मैग्नेटिक सेपरेशन, एक था फ्रॉथ फ्लोटेशन, एक था लीचिंग। तो यहां पे लीचिंग की बात करेंगे हम। ठीक है? बेयर
मेथड भी पढ़ेंगे, हॉल मेथड भी पढ़ेंगे। फटाफट पढ़ेंगे। बेयर मेथड में चार स्टेप होते हैं। एक होता है डाइजेशन डाइजेशन, एक
होता है फिल्ट्रेशन, एक होता है प्रेसिपिटेशन, एक होता है कैल्सिनेशन। ठीक है? नाम याद रख लेना। वैसे आज तक का
रिकॉर्ड रहा है। कभी भी ये आपके एग्जाम में नहीं पूछा गया। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूछा नहीं जा सकता। कोई भरोसा
नहीं किसी का भी कुछ भी हो सकता है जीवन में। डाइजेशन, फिल्ट्रेशन, प्रेसिपिटेशन, कैल्सिनेशन। लर्न कर लेंगे, पढ़ लेंगे।
बहुत सिंपल है। जितना खतरनाक दिखता है उतना बिल्कुल नहीं है। ठीक है? डाइजेशन में क्या किया? एक बड़ा सा कंटेनर लिया है
जिसको डाइजेस्टर कहते हैं। ये जो बड़ा सा टंकी दिख रहा है ना, इसको क्या कहते हैं? डाइजेस्टर।
ठीक है? और उसके अंदर क्या होगा? ग्राउंड ओर। ग्राउंड मतलब क्या? पाउडर किया हुआ ओर। आप समझते हो? ग्राइंड करना किसी चीज
को। ग्राइंड करने का मतलब क्या? पाउडर बनाना और ग्राउंड इज़ द पास्ट
पार्टिसिपल फॉर्म। मुझे नहीं पता ग्रामर नहीं आता मेरे को। आप बताना ग्राइंड का ग्राउंड कौन सा फॉर्म है? आप बता देना
मेरे को। ग्राउंड ओर पाउडर्ड डोर प्लस हॉट हॉट भी लिखूंगा यहां पे मैं। हॉट कंसंट्रेटेड कॉस्टिक सोडा। कॉस्टिक सोडा
इज़ नथिंग बट NaOH सोडियम हाइड्रोक्साइड। इन दोनों को मिलाकर के गर्म किया जाएगा 140 टू 150° सेल्सियस पे। हाई प्रेशर पे
ठीक है खतरनाक कंडीशंस हाई टेंपरेचर हाई प्रेशर कितने समय तक 2 से 8 घंटा ये सिचुएशन है पाउडर्ड ओर प्लस कॉस्टिक सोडा
हॉट कंसंट्रेटेड कॉस्टिक सोडा सोडियम हाइड्रोक्साइड 140 टू 150° सेल्सियस हाई प्रेशर 2 से 8
घंटा ये कंडीशंस समझ में आ गए आपको अच्छा चलो अभी सुनो अभी बहुत मजेदार बात बताता हूं ये आपका Al2O3 ये आपकी बॉक्साइट ओर
है। ठीक है? ये आपकी ओर है। Al2O3.2H2O यहां पे दिख रहा है आपको? 2H2O लिया हुआ है। याद रखना। रिएक्शन में हम 2H2O ले रहे
हैं। रिएक्शन में हम 2H2O ले रहे हैं। प्लस NaOH ओके? अब आपको दो तीन बातें और बता देता हूं। जैसे एलुमिनियम ऑक्साइड इट
इज़ एंफोटेरिक इन नेचर। एंफोटेरिक हैंडराइटिंग। सलाम हैंडराइटिंग। एंफोट
टेररिक। एंफोटेरिक का मतलब क्या? ये दोगला है। दोगला मतलब जैसे आप NaOH एक बेस है। आप समझते हो बेस है। तो ये बेस के साथ
रिएक्ट करके मुझे सॉल्ट एंड वाटर बना के देगा। मतलब ये न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन हो जाएगा। और उसी
तरीके से Al2O3 HCl के साथ रिएक्ट करके भी मुझे सॉल्ट प्लस वाटर बना के दे सकता है। अब मुझे एक
बात बताओ। यह एसिड है। तो इन दिस केस आपका Al2O3 बेस की तरह बिहेव कर सकता है। और ऊपर आप देखो
बेस के साथ रिएक्ट कर रहा है तो वहां पे वो एसिड की तरह बिहेव कर रहा है। तो आपका Al2O3
एमफो टेररिक है। इसका मतलब क्या? दोगला। ठीक है? दोगला आदमी है। दोगला इंसान है।
एसिड की तरह भी बिहेव कर सकता है। बेस की तरह भी बिहेव कर सकता है। ठीक है? और आपको सॉल्ट एंड वाटर बना के देगा। मतलब
न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन करके देगा। चलो इतना ही बताना था और कुछ नहीं है। चलो इसको छोड़ो।
एंफोटेरिक का मतलब समझा दोगला। इट कैन बिहेव लाइक अ बेस, इट कैन बिहेव लाइक अ एसिड डिपेंडिंग ऑन सिचुएशन। ठीक है? चलो।
तो इधर आपको क्या मिलेगा? देखो डायरेक्ट आंसर याद करेंगे, लर्न करेंगे। मेरे साथ बोलना ना
अल ओ नहा लो ना अल ओ ना अल ओ कितनी बार नहाओगे दो बार नहा लो दो बार ना आल ओ दो बार किससे नहाते हो पानी से नहाते हो नहा
लो दो बार पानी से ना आ लो दो बार पानी से बन गया तुम्हारा आंसर ना आ लो दो बार पानी से ये जो चीज है इसको कहते हैं सोडियम
एलुमिनेट जिसमें ये Na ये आपका सोडियम पार्ट है और ये जो Allo है Allo2 इसको एलुमिनेट कहा जाता है। जैसे SO4 इसको
सल्फेट कहते हैं। जैसे NO3 इसको नाइट्रेट कहते हैं। CO3 इसको कार्बोनेट कहते हैं। वैसे Allo2 इसको
एलुमिनेट कहते हैं। एक और होता है ZnO2 इसको जिंकेट कहते हैं। ठीक है? तो जब कोई एलिमेंट ऑक्सीजन के साथ कंबाइंड है तो आगे
एट लगाना है। ठीक है? एलुमिनेट, सल्फेट, नाइट्रेट, कार्बोनेट। चलो तो ये आपका बन गया सोडियम एलुमिनेट। ये क्या है? एक
प्रकार का साल्ट है। ये एक प्रकार का सॉल्ट है। ठीक है? चलो बैलेंस करना है। बैलेंस कर लेंगे। हम
तो याद रखना यहां पे ये एसिड की तरह बिहेव कर रहा है। ये बेस की तरह। ऑफ कोर्स NaOH तो बेस ही है। ये सॉल्ट और ये वाटर। समझ
गए बात? यहां पे ये एसिड की तरह बिहेव कर रहा है। दोगला आदमी है। एंफोटेरिक है। याद रखना। चलो बैलेंस करेंगे। एलुमिनियम दो
दिख रहा है मेरे को। रिएक्टेंट में तो मैं इधर टू लगाऊंगा। बिकॉज़ मेरे को उधर दो दिख रहा है। सोडियम दो हो गया तो मैंने इधर टू
लगाया। सोडियम को बैलेंस कर लिया। एंड अभी मेरे को लग रहा है सिर्फ हाइड्रोजन को बैलेंस करना बाकी है। हाइड्रोजन को देख
लो। 2 * 2 = 4 4 + 2 6 तो इधर मैं थ्री लगाऊंगा। [गला साफ़ करने की आवाज़]
बताओ ऑक्सीजन कितना है? 3 और 1 4 + 2 6 ऑक्सीजन है। और यहां पे 2 * 2 = 4 कहां गड़बड़ हो गया? नहीं नहीं। नहीं नहीं नहीं
नहीं। ये तीन ये दो 5 और दो 7 सात ऑक्सीजन है। इधर कितना है? इधर भी 2 4 + 3 7 हो गया बैलेंस? 2 3 ये लगाना है आपको। बैलेंस
हो गया। चलो 2 3 हमने क्या बोला? एलुमिनियम ऑक्साइड इज़ एंफोटेरिक इन नेचर। इट रिएक्ट्स विद एक्वस सोडियम
हाइड्रोक्साइड टू फॉर्म वाटर सॉल्युबल सोडियम एलुमिनेट। अब इसको हम लीचिंग क्यों कहते हैं? बिकॉज़
मुझे बताओ एलुमिनियम ऑक्साइड के साथ कचरा भी था। सैंड, सिलिका, आयरन ऑक्साइड ये भी था। हमें कचरा नहीं चाहिए। कचरा हमें नहीं
चाहिए। हमें एलुमिनियम ऑक्साइड चाहिए। तो हमने इसको क्या किया? हमने इसको रिएक्ट करवा के ये जो सोडियम एलुमिनेट है वो कैसा
है? एक्वयस है। मतलब वो डिॉल्व हो गया पानी में। ठीक है? तो हमने क्या किया? एलुमिनियम ऑक्साइड को रिएक्ट करवा के उसको
हमने एक्वस फॉर्म में कन्वर्ट कर दिया ताकि वो पानी में डिॉल्व हो जाए।
अब कुछ कचरा बचा होगा जो डिॉल्व नहीं होगा उसको हम फिल्टर कर लेंगे। समझ गए? तो हमें जो मेटल कंपाउंड चाहिए था उसको हमने क्या
किया? एक तरीके से डिॉल्व कर दिया एक्वस फॉर्म में कन्वर्ट करके। इस प्रोसेस को कहते हैं लीचिंग। ठीक है? आपका जो मेटल
कंपाउंड है उसको आप एक्वस फॉर्म में कन्वर्ट करो। ताकि वो डिॉल्व हो जाए। दिस इज कॉल्ड एज
लीचिंग। आई होप दिस इज वेरी क्लियर। ठीक है? चलो। तो यहां पर हमने क्या बनाया? सोडियम एलुमिनेट बनाया जो वाटर सॉलुबल है।
एक्वस फॉर्म में डिॉल्व हो गया। ठीक है? चलो इसके बाद इसके बाद क्या होता है ना? आयरन ऑक्साइड
जो है इट डज़ नॉट डिॉल्व। आयन ऑक्साइड डिॉल्व नहीं होता। उसको हम फिल्टर करके निकालेंगे। ये जो आपको छोटा-छोटा पॉटी
जैसा दिख रहा है ना ब्राउन कलर का बाहर आ रहा है। इट इज़ नथिंग बट आयरन ऑक्साइड। आयरन ऑक्साइड उसको बाहर निकाल दिया जाएगा।
ठीक है? एंड एक और चीज याद रखना जो सिलिका था ना इट आल्सो डिॉल्व्स टू फॉर्म वाटर सॉलुबल सोडियम सिलिकेट। अब देखो क्या हुआ?
सिलिका जो था SiO2 ये भी NaOH के साथ रिएक्ट करता है। हां करता है। सुनना लेकिन पूरी बात सुन के
जाना। सिलिका भी NaOH के साथ रिएक्ट करके सोडियम सिलिकेट बनाता है। ये भी एक्वस है। मतलब
वाटर सॉलुबल है। एक्वस वाटर सॉलुबल है। लेकिन एक ट्विस्ट है। सुनना मेरी बात। सोडियम एलुमिनेट बना पानी में चला गया।
डिॉल्व हो गया। सोडियम सिलिकेट बना पानी में चला गया। डिॉल्व हो गया। आयन ऑक्साइड डिॉल्व नहीं हुआ। उसको फिल्टर करके निकाल
दिया है ना? ये जो दिख रहा है इधर तुमको ब्राउन ब्राउन बाहर आ रहा है। आयन ऑक्साइड निकल गया। ठीक है? अब आता है तीसरा सबसे
महत्वपूर्ण स्टेप प्रेसिपिटेशन। [गहरी सांस लेने की आवाज़] एक बार रिएक्शन याद करो। पहला डाइजेशन का रिएक्शन क्या
था? मेरे को बताओ। आपने लिया Al2O3.2H2O। ठीक है? उसमें आपने डाला NaOH आपको मिला ना आल ओ नालो दो बार पानी से बैलेंसिंग
आपने उसकी कर ली बैलेंसिंग में कुछ नहीं था इधर लगाया टू इधर लगाया टू इधर लगाया थ्री टू टू थ्री इतना याद है याद है याद
है याद है ठीक है अभी प्रेसिपिटेशन में क्या होता है ध्यान से सुनना वेरी इंटरेस्टिंग प्रेसिपिटेशन में
याद करो डाइजेशन 140° 150° पे हुआ है ना बहुत हाई टेंपरेचर था तो हमने क्या किया हमने
ये जो आपका एक्वय सोडियम एलुमिनेट बना है इसके अंदर ठीक है अरे बना है कि नहीं बना है इधर एक्वस NaO2
ये बना है ना सोडियम एलुमिनेट उसको हम डाइल्यूट करेंगे इट इज़ डाइल्यूटेड यूजिंग वाटर उसमें पानी डालेंगे ठीक है पानी डाला
डाइल्यूट किया अब डाइल्यूट करोगे पानी डालोगे ठंडा पानी डालोगे तो ठंडा भी होगा ना वो तो इट इज़ कूल्ड टू 50° सेल्सियस एंड
ऐसे समय एमआई में क्या होगा? एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड प्रेसिपिटेट हो जाएगा। प्रेसिपिटेशन का मतलब क्या होता है?
एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड के सॉलिड पार्टिकल्स बनते हुए आपको दिखाई देंगे। इस तरीके से इसको प्रेसिपिटेशन कहते हैं। अब
ये रिएक्शन याद कैसे रखोगे? कुछ नहीं करना है। ये रिएक्शन आपको याद है? ये किसका रिएक्शन था? डाइजेशन का।
इसको आप क्या करोगे? उल्टा लिखोगे। उल्टा लिखो। चलो। NaO2 आपने पानी डाला। डाइल्यूट किया बराबर आपने
पानी डाला। यहां तक सेम है। प्लस चलो NaOH दिख रहा है इधर। उसको आप प्रोडक्ट में लिखोगे। तो मुझे बताओ यहां तक सब कुछ
सेम है। ये इतना सेम है। उल्टा लिखा है हमने। बस इधर जो प्रोडक्ट था उधर रिएक्टेंट में चला गया। NaOH तक भी सब सेम
है। अब दूसरी चीज़ क्या बनेगी? प्रेसिपिटेशन ऑफ़ एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड। तो आपको सिर्फ यहां पे Alloh था्राइस
एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड ऐड करना है। इसका प्रेसिपिटेट बनेगा तो आप इसको एक डाउनवर्ड एरो से दिखा दोगे। सॉलिड पार्टिकल्स बनते
हैं। आपको इधर जो सॉलिड पार्टिकल दिख रहा है वाइट-वाइट वाइट वो क्या है? एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड का प्रेसिपिटेट सॉलिड है।
ठीक है? बात समझ में आई? उल्टा लिखा रिएक्शन और कुछ नहीं किया। उल्टा लिखा। NaOH तक सेम
था। सिर्फ आगे Alloh था्राइ लगा दिया। बैलेंस कर लो इसको। चलो आ जाओ। सोडियम [गला साफ़ करने की आवाज़] एक, सोडियम एक,
एलुमिनियम एक, एलुमिनियम एक। सारा खेल अभी ऑक्सीजन हाइड्रोजन का ही है। मेरे को
तीन चार ऑक्सीजन चार दिख रहा है। बराबर ऑक्सीजन मेरे को प्रोडक्ट में चार दिख रहा है। तो मैं इधर इधर अगर टू लगाया ऑक्सीजन
बैलेंस हो गया। हाइड्रोजन भी मेरे को चार दिख रहा है। हाइड्रोजन भी बैलेंस हो गया। बस इतना ही किया। टू लगाया बैलेंस हो गया
रिएक्शन। ठीक है? कोई दिक्कत वाली बात है? नहीं। प्रेसिपिटेशन हो गया। अब कैल्सिनेशन मतलब
मजबूत गर्म करना। आपको जो एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड मिला पीपीटी मतलब प्रेसिपिटेट
सॉलिड प्री प्रेसिपिटेट ऑफ़ AlH5 एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड। उसको अरे थोड़ा गंदा था।
धोना पड़ेगा ना। उसको फिल्टर करोगे पहले। धोओगे, सुखाओगे और बाद में आप उसको कैलसाइन करोगे। करोगे कैल्साइन मतलब गर्म
करोगे ठीक है भट्टी में डाल दो फर्नस में डाल दो 1000 डिग्री सेल्सियस पे गर्म करो इसको कहते हैं कैल्सिनेशन
इसी को कहते हैं कैलनेशन ठीक है गर्म करना 1000 डिग्री सेल्सियस पे फिल्टर किया धोया सुखाया फिल्टर किया धोया
सुखाया जला दिया फिल्टर किया धोया सुखाया आग लगा दी ठीक है चलो aloh थाइस हीट किया कितने डिग्री सेल्सियस पे इधर लिख देता
हूं 1000 डिग्री सेल्सियस ठीक है तो आपको मिला पहला आपका Al2O3 इसको कहूंगा एलुमिना। मेरी मम्मी का नाम
है मीना। मम्मी आलू की सब्जी बनाती है। एलुमिना एलुमिना प्लस पानी उड़ जाएगा। मुझे बताओ
इसमें और कुछ है क्या? आपका एलुमिनियम है, ऑक्सीजन है और हाइड्रोजन है। आपको Al2O3 मिला। बाकी क्या बचा? सिर्फ हाइड्रोजन बचा
ना? तो वो H2O के फॉर्म में पानी के फॉर्म में उड़ेगा। ठीक है? सिंपल बताता हूं। ये हाइड्रोक्साइड था।
हाइड्रो इज़ वाटर। ऑक्साइड इज़ ऑक्सीजन। आपको यहां पे ऑक्साइड मिला। हाइड्रो निकला तो क्या किया आपने? पानी निकाल दिया एक
तरीके से। बस इतना ही किया। पानी निकाला आपने। ठीक है? वाटर इज़ रिमूव्ड। Al2O3 मिला। बैलेंस कर
लो इसको। इधर दो लगाओ। एलुमिनियम बैलेंस हो गया। अभी ऑक्सीजन कितना है? 3 * 2 = 6. सिक्स ऑक्सीजन है, तो इधर मेरे को थ्री
लगाना पड़ेगा। और हाइड्रोजन कितना है? 3 * 2 = 6 तो हो गया। हाइड्रोजन भी बैलेंस हो गया। 2 एंड थ्री लगाया बस बैलेंस हो गया।
ठीक है? तो ये आपका हुआ कैल्सिनेशन। अब एक बार एक बार जस्ट फॉर रिवीज़। बताऊं? जस्ट फॉर रिवीज़। पहला स्टेप में हमने क्या
किया था? हमने अच्छा आपके मन में यह सवाल आएगा ना कि सर इधर इतना सब करने के बाद वापस तो यही मिला
ना शुरुआत भी इसी से की थी वापस भी यही मिला लेकिन बेटा हमने सारा कचरा हटवा दिया ना जो याद है सोडियम सिलिकेट भी था सोडियम
सोडियम सिलिकेट भी बना था उसका क्या हुआ वो प्रेसिपिटेट नहीं होता है इसलिए तो हमने प्रेसिपिटेशन किया ना एलुमिनियम
हाइड्रोक्साइड को सेपरेट कर लिया सोडियम सिलिकेट नहीं होता है प्रेसिपिटेट वो पानी में ही रहेगा एक्वेस फॉर्म में रहेगा गया
वो पानी फेंक देने का बाद में। समझ गए मेरी बात? तो ये पूरा कार्यक्रम क्यों किया? सारा कचरा हटाने के लिए। सिलिका भी
हट गया। आयरन ऑक्साइड हट गया। प्योर एलुमिना मिला आपको। क्या मिला? प्योर एलुमिना।
डन। यहां पे ज्यादा कुछ नहीं है। थोड़ा फटाफट आपको बता दूंगा। होल्स मेथड में ओर को पाउडर किया। पाउडर्ड डोर लिया। ठीक है?
वहां पे NaOH लिया था। यहां पे हम यूज़ करेंगे सोडियम कार्बोनेट। एक्वस सोडियम कार्बोनेट लीच करने के लिए। ठीक है? यहां
पर भी सोडियम एलुमिनेट बनने वाला है। रिएक्शन देख लो। Al2O3.2H2O ये आपका क्या है? बॉक्साइट। Na2CO3 डाला लीच करने के
लिए। क्या मिलेगा? NaO2 ये मिलने वाला है। ना आलो दो बार। प्लस पानी भी मिल रहा है। इतना सब तो सेम है। पिछले वाले रिएक्शन
जैसा ही है ना। वहां पे भी डाइजेशन हो रहा था। यहां पे भी डाइजेशन हो रहा है। फर्क सिर्फ इतना है के देखो यहां पे CO3 है।
रिएक्टेंट में CO3 है। तो प्रोडक्ट में CO2 आता है। इतना ही फर्क है। एक ही चीज ऐड हुई है। CO2 ऐड हुआ। बाकी सब बाकी सब
पिछले वाले रिएक्शन जैसा ही था। ठीक है? मेरी बात समझ रहे हो? ठीक है? इसको बैलेंस कर लो। सिर्फ अ रिएक्टेंट में Al2O3 दो
एलुमिनियम है तो यहां पे टू लगाओ दूं। तो एलुमिनियम बैलेंस हो गया। सोडियम भी बैलेंस हो गया। अब कहानी सिर्फ हाइड्रोजन
और ऑक्सीजन की है। कार्बन भी एक ही है। तो हाइड्रोजन चार दिख रहा है। रिएक्टेंट में चार है ना? तो इधर टू लगाया मैंने। तो
हाइड्रोजन हो गया बैलेंस। ऑक्सीजन कितना है? थ्री। 3 + 2 5 + 3 8 इधर आठ ऑक्सीजन है और इधर 2 * 2 = 4 4 + 2 + 2 कितना हो
गया? आठ हो गया। चलो ऑक्सीजन भी बैलेंस हो गया। तो कुछ नहीं था। 2 एंड टू इतना ही लगाना था। ये आपका पहला स्टेप हो गया।
यहां पर भी डाइजेशन हो रहा है। तो यहां पर भी हीट वगैरह किया जाएगा। है ना? बाद में यह एक्वस बनेगा।
उसके बाद आयरन ऑक्साइड को फिल्टर कर लोगे आप। है ना? उसका फिल्ट्रेशन हो जाएगा। सोडियम सिलिकेट भी बनेगा यहां पे। सिलिका
से वो सब होता है यहां पर। ठीक है? फिल्ट्रेशन हो गया। आयरन ऑक्साइड वो पॉट जैसा ब्राउन ब्राउन हटा दिया। उसके बाद जो
लिक्विड बचता है उसको फिल्ट्रेट कहते हैं। ठीक है? और उस फिल्ट्रेट को फिर से गर्म करेंगे थोड़ा एंड उसमें से हम CO2 पास
करेंगे। इट इज़ न्यूट्रलाइज्ड बाय पासिंग CO2 कार्बन डाइऑक्साइड पास करेंगे। तो देखो एंड यहां पे एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड
का प्रेसिपिटेशन होगा। तो ऊपर वाले रिएक्शन को फिर से उल्टा लिखना है। जैसा हमने वहां किया था। बेयर्स प्रोसेस में
वही सेम चीज करनी है। उल्टा लिखो। NaO2 इतना सेम है। + HCO2 + H2O बराबर है। Na2CO3 यहां तक सब कुछ सेम है। ऊपर वाले
रिएक्शन को उल्टा लिखा। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां पे क्या बन रहा है? एक आपका एलुमिनियम हाइड्रोक्साइड बनेगा। AlH और
उसका क्या मिल रहा है? प्रेसिपिटेट। बैलेंस कर लो इसको। सोडियम दो है तो इधर टू लगाया। एलुमिनियम दो हो गया। तो यहां
टू लगाया। अब कार्बन एक है, एक है। ठीक है? बात बचती है ऑक्सीजन की और हाइड्रोजन की।
3 * 2 = 6 हाइड्रोजन कितना है? छह हाइड्रोजन प्रोडक्ट में है। तो इधर मैं थ्री लगाऊं तो हाइड्रोजन बैलेंस हो गया।
ऑक्सीजन लास्ट में काउंट कर लो ऑक्सीजन अभी। अ 2 * 2 = 4 + 2 + 3 4 + 2 6 + 3 नाइन ऑक्सीजन है यहां पे और यहां पे 3 * 2
= 6 + 3 यहां पर भी नाइन ऑक्सीजन है। ठीक है? तो बैलेंस हो गया। 232 ये कहानी बनी आपकी 232 और इसके बाद
कैल्सिनेशन होगा वो सेम रहेगा जो हमने पहले देखा। ठीक है? जैसे आपने AlH थाइस ले लिया 1000° पे गर्म किया। Al2O3 मिला पानी
निकल गया। H2O बस बैलेंस करने के लिए भी क्या करना था आपको? कुछ नहीं करना था। एक यहां टू लगाया आपने और 3 6 यहां पे थ्री
लगाया। डन। ये बैलेंसिंग थी आपकी। चलो अब एक फटाफट कंपेयर करते हैं बेयर्स को और हॉल्स को।
लिख के बताऊं बेटर है बेयर्स में स्टेप नंबर वन डाइजेशन में आपने क्या लिया बैलेंसिंग नहीं करूंगा डायरेक्ट लिखूंगा
Al2O32H2O + NaOH डाला तो आपको मिला ना आल O2 बार पानी से इतना मिला चलो फिल्ट्रेशन किया वो
पॉटी वगैरह निकल गई आयन ऑक्साइड निकल गया सेपरेट हो गया फिर आप प्रेसिपिटेशन करोगे स्टेप नंबर थ्री प्रेसिपिटेशन तो वहां पे
आप इसको उल्टा लिख लोगे Na Allo2 2 + H2O गिव्स मी NaOH यहां तक सेम है। प्रेसिपिटेशन किसका हो रहा है? एलुमिनियम
हाइड्रोक्साइड का। बस ठीक है। फिर चौथा स्टेप होता है कैल्सिनेशन। उसमें क्या करते हो आप? AlH थाइस को गर्म कर लोगे तो
आपको मिलेगा Al2O3 + H2O। ठीक है? होल्स की बात करें। होल्स
NaOH के जगह पे Na2CO3 का इस्तेमाल करेंगे। स्टेप नंबर वन डाइजेशन Al2O3 डॉट 2H2O + Na2CO3
ठीक है? सेम मिला ना LO दो बार प्लस CO3 है रिएक्टेंट में कार्बोनेट तो आपको इधर CO2 मिलता है। है ना? सब ब्रेक होने के
बाद + H2O अब इसके बाद भी स्टेप नंबर टू फिल्ट्रेशन रहेगा। स्टेप नंबर थ्री में CO2 को पास
किया जाता है। इस रिएक्शन को उल्टा लिखना है। NaO2 + CO2 + H2O सारी चीजें मिलकर के आपको फिर
से Na2CO3 बना के देंगी। फर्क सिर्फ इतना है यहां पे AlH भी मिलेगा प्रेसिपिटेट। और उसका बाद में
क्या कर लोगे? कैल्सिनेशन कर लोगे। हो गया। डन। याद रहेगा क्या? एक रिएक्शन याद रखते हो ना आप? ये वाली ये वाली एक
रिएक्शन याद रखते हो ना ठीक से? बाकी आगे की सारी रिएक्शन आपकी याद हो जाती है। इतना याद कर लेते हो। आगे की सारी
कनेक्टेड है सारी की सारी। ठीक है? तो दैट्स योर बेयर्स एंड हॉल प्रोसेस। ठीक है?
प्लास्टिक कैल्सिनेशन। ठीक? ओके। चलो नाउ मूविंग टू इलेक्ट्रोलिटिक
रिडक्शन ऑफ़ एलुमिना। तो एलुमिना मतलब क्या? अभी जो हमने देखा Al2O3 इसमें से मुझे एलुमिनियम निकालना है।
ऑक्सीजन को हटाना है। अच्छा रिमूवल ऑफ़ ऑक्सीजन इज़ कॉल्ड एज रिडक्शन। यस और नो। रिमूवल ऑफ़ ऑक्सीजन इज़ कॉल्ड एज रिडक्शन।
और यहां पे मैं इलेक्ट्रोलिसिस का इस्तेमाल करूंगा। तो इसको कहेंगे इलेक्ट्रोलिटिक
रिडक्शन ऑफ एलुमिना। समझ गए? स्टेटमेंट समझ में आ गया? ऊपर? हेडिंग समझ में आ गई? कि मतलब क्या है? करना क्या है? ऑक्सीजन
हटाना है बस। तो ये इसका सेटअप है। इसका डायग्राम इंपॉर्टेंट है। एग्जाम में पूछते हैं। डायग्राम लर्न करना है ये वाला आपको।
ठीक है? ड्रॉ करके अच्छे से प्रैक्टिस करो इसको। एग्जाम में पूछते हैं। चलो एक आपको स्टील का टंकी दिख रहा है। उसके अंदर आपको
एक ब्लैक कलर का लेयर दिख रहा है। दिख रहा है? ब्लैक कलर का लेयर पूरा इधर से लेके। देखो मैं ड्रॉ कर रहा हूं। ये दिख रहा है?
अंदर भी पूरा लगा हुआ है। चिपका हुआ है। ठीक है? ये पूरा ब्लैक कलर का जो लेयर है वो क्या है? ग्रेफाइट का लेयर है।
ग्रेफाइट की लाइनिंग बोलते हैं उसको। और वो नेगेटिव टर्मिनल है कैथोड है। है ना? ऊपर आपको जो बैटरी दिख रही है, सेल दिख
रहा है। ये जो आपको बैटरी या सेल बोलो उसको जो भी बोलो पावर सप्लाई बोलो। उसके नेगेटिव टर्मिनल से कनेक्टेड है। तो ये
आपका कैथोड हो गया। नेगेटिव टर्मिनल। अच्छा। उसके बाद आपको कुछ रोड दिख रहे हैं जो आपके टैंक के अंदर जा रहे हैं। ठीक है?
तो ये आपके पॉजिटिव टर्मिनल हो गए। दे आर कनेक्टेड टू पॉजिटिव। चलो तो टंकी हो गई। चलो ये आपकी टंकी हो गई। टंकी बना दो ऐसी।
बहुत गंदी टंकी बनाई। बहुत गंदी भयंकर। उसके अंदर एक ग्रेफाइट का लेयर आ गया। इधर पूरा ऐसा
और ऊपर जाकर के रुको रुको। थोड़ा ऐसा टेढ़ा-मेढ़ा गया ना वो। कोई बात नहीं। नेगेटिव टर्मिनल, पॉजिटिव
टर्मिनल, एक रोड, दूसरा रोड,
तीसरा रोड। ठीक? और इधर एक छेद छोड़ना पड़ेगा आपको। जहां से एलुमिनियम बाहर आएगा। ये आपका बेसिक स्ट्रक्चर है। ये नेगेटिव
ये पॉजिटिव। ठीक है? ज्यादा कुछ बहुत रॉकेट साइंस नहीं है। फटाफट बना दो। प्रैक्टिस करो इसको एक दो बार हो जाएगा।
चलो तो इतना समझा? इसके बाद ये आउटलेट है जहां से एलुमिनियम बाहर आएगा। आपका जो प्योर एलुमिनियम बनेगा ना वो इधर से बाहर
आएगा। चलो अब एलुमिना जो है Al2O3 उसको मैं सॉलिड फॉर्म में तो यूज़ नहीं कर सकता।
इलेक्ट्रोलिसिस कब होगा? जब वो एक लिक्विड फॉर्म में होगा। मोल्टन फॉर्म में होगा तब जाके उसके आयंस कैटायन एनायन मूव कर
पाएंगे। मूवमेंट दिखाएंगे। बराबर है तो चलो इसको क्या करना पड़ेगा? हीट करना पड़ेगा। लेकिन इसका मेल्टिंग पॉइंट 2000°
से ज्यादा होता है। और उतना अगर मैं हीट करूं तो मेरा ये सेटअप ही जल जाएगा पूरा। और उतनी हीट प्रोड्यूस करने के लिए एनर्जी
कितनी लगेगी? कितनी चीजों को जलाना पड़ेगा? मुझे बहुत महंगा पड़ेगा। तो मुझे क्या करना है? इस मेल्टिंग पॉइंट को कम
करना है। तो मैं क्या करता हूं? इसके अंदर क्रायोलाइट फार्मूला याद करो। ना 3 अल्फ6 ना थ्री
अल्फिक्स क्रायोलाइट केमिस्ट्री पढ़ते-पढ़ते हम क्राई करते हैं। तो मम्मी आकर बोलती है बेटा ना क्राए
ना क्राए तो क्रायोलाइट स्टार्ट्स विद ना थ्री अल्फ सिक्स ऐसा याद रखो ना थ्री अल्फिक्स ठीक है ये आपका क्रायोलाइट हो
गया और फ्लोर स्पार ये होता है caf2 काफ टू फ्लोर स्पार काफ टू इनको ऐड करने से क्या होता है ना आपका ओवरऑल मिक्सचर का
मेल्टिंग पॉइंट इट इज़ लोअर कम हो जाता है एंड कितना हो जाता है 1000° सेल्सियस के आसपास हो जाता है। ठीक है? तो
हमने एक मिक्सचर बनाया। समझ रहे हो? ये देखो इधर किसका मिक्सचर है? एलुमिना एलुमिना का मिक्सचर है। एलुमिना प्लस
क्रायोलाइट प्लस फ्लोरोस्प तीनों का मिक्सचर है। और तीनों का जो ओवरऑल मेल्टिंग पॉइंट है इट इज़ लेस दैन लेस दैन
नहीं बोलूंगा बट अराउंड 1000° सेल्सियस। ठीक है? तो एलुमिना का फ़ूला याद रखना। Al2O3 क्रायोलाइट ना क्राई ना थ्री आल
सिक्स और फ्लोरस्पार काफ टू तीनों का जो मिक्सचर है उसका मेल्टिंग पॉइंट 1000° के आसपास आ जाता है। ठीक है?
चलो इसके बाद क्या करना है? इसके बाद जैसे हम मेल्ट करेंगे तो एलुमिनियम और ऑक्सीजन सेपरेट होंगे। Al के ऊपर 3+ चार्ज होता
है। ऑक्सीजन के ऊपर 2- चार्ज होता है। ठीक है? Al एंड एलुमिनियम ऑक्सीजन सेपरेट हो गए। अब मेरे को क्या करना है? अब मैं पावर
सप्लाई चालू करूंगा। तो मुझे बताओ कैटायन ये कैटायन किसके पास जाता है? कैथोड के पास जाता है। और जो एनायन है वो एनोड के
पास जाता है। बराबर बात है। कैटायन टू कैथोड एनायन टू एनोड। देखो चलो ठीक है।
देख पा रहे हो विनोद? देख रहा है विनोद। एलुमिनियम किसके पास जा रहा है? जो ग्रेफाइट की लाइनिंग होती है कैथोड होता
है नेगेटिव टर्मिनल वहां पे एलुमिनियम जा रहा है और जो ऑक्सीजन है वो किस पे जा रहा है एनोड पे जो रोड है ना बीच में पॉजिटिव
उनके ऊपर जा रहा है और ऑक्सीजन का क्या आएगा बबल्स आएगा ना वहां पे देखो आपको ऑक्सीजन के बबल्स दिख रहे हैं और नीचे का
जो लेयर दिख रहा है वो क्या है एलुमिनियम मोल्टन एल्युमिनियम ठीक है मोल्टन एलुमिनियम बिकॉज़ ये सारा रिएक्शन हाई
टेंपरेचर पे ही हो रहा है तो जो एलुमिनियम प्रोड्यूस हो रहा है वो मोल्टन फॉर्म में है उसको हम यहां से बाहर निकाल लेंगे
समझ में आया? ये क्या है? आउटलेट है ना? क्या रे? काहे त्रास देता मला? ये क्या है? आउटलेट। इधर से मोल्टन
एलुमिनियम बाहर आएगा। ठीक है? और यहां पे क्या? ऑक्सीजन के O2 के बबल्स आ रहे हैं। दिख रहा है आपको? बबल्स।
ठीक है? रिएक्शन समझ लेंगे। कैथोड पे क्या होगा? कैथोड पे कौन जाता है? कैटायन जाता है। मतलब कैथोड पे हम एलुमिनियम का
रिएक्शन देखेंगे। चलो मुझे बताओ। एलुमिनियम के पास चार्ज क्या था? 3+ एलुमिनियम का एटॉमिक नंबर क्या होता है?
13। मतलब उसके पास 13 प्रोटॉन होते हैं और 3 प्लस चार्ज है। मतलब प्रोटॉन ज्यादा हैं। तो इसके पास अभी 10 इलेक्ट्रॉन हैं।
ठीक है? इसका इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन 2 8 रहेगा इस सिचुएशन में। ठीक है? यहां पे जहां पे 13 प्रोटॉन तो हैं। प्रोटॉन तो
न्यूक्लियस में होते हैं। वो चेंज नहीं होते। इलेक्ट्रॉन 10 हैं। तीन प्रोटॉन ज्यादा है। तो उसके ऊपर चार्ज क्या है? 3+
अगर मुझे इसको Al बनाना है नॉर्मल न्यूट्रल एलुमिनियम एटम तो मुझे इसको तीन इलेक्ट्रॉन देना
पड़ेगा। ठीक है? तो तीन इलेक्ट्रॉन इसको मैं दूंगा। गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन को क्या कहते हैं?
रिडक्शन। तो यहां पे मुझे मिला Al जिसके पास 13 प्रोटॉन तो हैं और अभी 13 इलेक्ट्रॉन भी हो गए। और यहां पे गेन ऑफ
इलेक्ट्रॉन हुआ। सो दिस इज़ रिडक्शन। रिडक्शन किधर होता है? याद रखना। कैथोड पे होता है। तो इसको याद रखते हैं रेड कैट।
रिडक्शन ऑन कैथोड रेड कैट। और एनोड की बात करें तो एनोड पे कौन जाता है? एनायन। तो यहां पे एनायन कौन है? ऑक्सीजन। चार्ज
क्या है? 2- मुझे बताओ ऑक्सीजन का एटॉमिक नंबर क्या है? आठ। तो उसके पास कितने प्रोटॉन होते
हैं? आठ प्रोटॉन होते हैं। एंड यहां पे 2 - चार्ज है। तो इसके पास 10 इलेक्ट्रॉन होंगे। इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन रहेगा 2
8 इस सिचुएशन में। ठीक है? आठ प्रोटॉन 10 इलेक्ट्रॉन। दो इलेक्ट्रॉन ज्यादा हैं। तो 2 - चार्ज है। तो मुझे क्या करना है? अगर
इसको मुझे न्यूट्रल बनाना है तो मुझे वो दो एक्स्ट्रा इलेक्ट्रॉन हटाने पड़ेंगे। उसका जो नेगेटिव चार्ज है वो निकालना
पड़ेगा। समझ रहे हो मेरी बात? तो मैं क्या करूंगा? मैं लिखूंगा O प्लस। ठीक है? आठ प्रोटॉन आठ इलेक्ट्रॉन
न्यूट्रल हो गया। प्लस दो इलेक्ट्रॉन को मैं बाहर निकाल लूंगा इस तरीके से। ठीक है? ये दो इलेक्ट्रॉन बाहर आ गए। लॉस ऑफ
इलेक्ट्रॉन। लॉस ऑफ इलेक्ट्रॉन इज़ ऑक्सीडेशन। ऑक्सीडेशन किधर होता है? एनोड पे होता है। तो इसको हम याद रखते हैं एन
ऑक्सक्स। एनोड ऑक्सीडेशन रिडक्शन ऑन कैथोड एनोड पे ऑक्सीडेशन। याद रहेगा इतना? अच्छा। लेकिन O सिंगल एटम नहीं होता ना
आपको O2 ऐसा गैस मिलता है। तो आपको O2 मिलेगा। तो इसको बस बैलेंस करना है आपको। तो आप यहां टू लगाओगे लेफ्ट हैंड साइड में
और चार इलेक्ट्रॉन टोटल बाहर आएगा। तो ये आपका रिएक्शन बनेगा यहां पे। समझ में आई क्या बात?
ठीक है? अच्छा मुझे बताओ ये O2 प्रोड्यूस हो रहा है। वो O2 किस पे प्रोड्यूस हो रहा है? आपका जो ग्रेफाइट का
एनोड है उसके ऊपर O2 आ रहा है। बराबर मुझे बताओ ग्रेफाइट क्या होता है? नथिंग बट कार्बन।
तो ये कार्बन इस ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट कर सकता है। देखो एनोड पे क्या होता है? कार्बन जो होता है ग्रेफाइट का इट
रिएक्ट्स विद ऑक्सीजन एंड इट फॉर्म्स CO2 और वो CO2 बन के उड़ता जाएगा। तो आपके जो एनोड हैं वो धीरे-धीरे खत्म होते हैं।
एनोड क्या होते हैं? धीरे-धीरे डैमेज होते हैं। खत्म होते जाते हैं। तो द एनोड्स दे हैव टू बी रिप्लेस्ड फ्रॉम टाइम टू टाइम।
नया लगाना पड़ेगा। खत्म हो जाएगा वो। तो ये गिव रीज़न भी एग्जाम में पूछते हैं। तो ये कॉनंसेप्ट आपको समझ में आना चाहिए। चलो
यहां तक की बात समझ में आ गई? तो मूविंग टू द टेक्निकली द लास्ट पार्ट कोरोजन और हाउ टू प्रिवेंट कोरोजन। चलिए शुरू करते
हैं। यह कोरोजन का पार्ट एंड हाउ टू प्रिवेंट कोरोजन जो अलग-अलग टेक्निक्स हम पढ़ेंगे गैल्वेनाइजिंग, एनोडाइजिंग, एलइंग
वेरी वेरी इंपॉर्टेंट। एग्जाम में अनगिन बार पूछा गया है। तो, इस चैप्टर में से अगर मुझे सबसे इंपॉर्टेंट कुछ टॉपिक्स अगर
बताने हो, तो एक तो रिएक्टिविटी सीरीज़ हो गया। फिर यह पूरा कोरोजन का पार्ट हो गया। उसके बाद एक आयोनिक कंपाउंड्स वेरीेंट
बहुत बार पूछा जाता है उसके ऊपर एंड वो एक गिव रीजन है सोडियम को केरोसिन में क्यों नहीं डालते आगवाग पकड़ लेगा यही कुछ चीजें
हैं और छोटी-मोटी अंदर-अंदर की चीजें कुछ-कुछ चीजें जो ऑब्जेक्टिव वगैरह में पूछी जाती है तो कोरोजन एक बहुत ही
इंपॉर्टेंट टॉपिक बनता है फ्रॉम एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू ठीक है इतना तो आपको यहीं पे बता देता हूं देखो बाबा रस्टिंग मतलब
क्या गंजना या जंग लग जाना मराठी में गंज बोलते हैं हिंदी में जंग बोलते हैं रस्टिंग ऑफ आयरन आर्ट आर्टिकल आर्टिकल
मतलब आइटम लोखंड की अलग-अलग चीजें होती है, वस्तु होती हैं वो जंग पकड़ लेती हैं। एंड उसकी वजह से बहुत नुकसान होता है।
लार्ज फाइनेंशियल लॉस। ठीक है? तो ये जंग क्यों पकड़ते हैं? रस्ट क्यों होता है? लोखंड जो है वो हमने केमिकल रिएक्शन एंड
इक्वेशन चैप्टर में रस्टिंग पूरा पढ़ा है। उसके लिए ऑक्सीजन चाहिए, वाटर चाहिए। है ना? वाटर ड्रॉप वगैरह उसमें कैथोड एनोड
बनता है। पूरा पढ़ा है हमने। ठीक है? तो लोखंड जो है वो मॉइस्ट एयर के साथ रिएक्ट करेगा। मॉइस्ट एयर में ऑक्सीजन भी होगा,
वाटर भी होगा। बराबर है? एंड क्या बनेगा? रस्ट बनाएगा। Fa2O3 डॉट XH2O बोला था हमने।
वो जो अपना चैप्टर था केमिकल रिएक्शन एंड इक्वेशन उसमें हमने यहां पे XH2O बोला था। क्यों बोला था? बिकॉज़ अगेन वाटर क्या है?
वाटर ऑफ क्रिस्टलाइज़ेशन। ये जो H2O है, इट इज़ वाटर ऑफ क्रिस्टलाइज़ेशन। एंड उसका जो नंबर है, वो वेरिएबल है, चेंज हो सकता है,
वन हो सकता है, टू हो सकता है। ठीक? चलो, ये लोखंड की बात हो गई। उसके अलावा हमारा जो कॉपर है तांबा कॉपर
ये भी कार्बन डाइऑक्साइड के साथ रिएक्ट करता है। वाटर के साथ रिएक्ट करता है। ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करता है। ठीक है?
कार्बन डाइऑक्साइड इन मॉइस्ट एयर। मॉइस्ट एयर में वाटर भी आ गया। ऑक्सीजन भी आ गया। रिएक्ट्स विद द सरफेस ऑफ़ कॉपर। ठीक है? तो
कार्बन डाइऑक्साइड, वाटर, ऑक्सीजन ये सारी चीजें कॉपर के साथ रिएक्ट करती हैं। एंड कॉपर लूजेस इट्स चमक, लस्टर ड्यू टू
फॉर्मेशन ऑफ़ ग्रीनिश लेयर ऑफ़ कॉपर कार्बोनेट। व्हाट इज कॉपर कार्बोनेट? CuCO3
ठीक है? और साथ-साथ में कॉपर हाइड्रोक्साइड भी बनता है। CuOH ट्वाइस। ये भी बनता है COH ट्वाइस। ठीक है? तो
इसके वजह से ग्रीन कलर का ये लेयर आ जाता है कॉपर के ऊपर। इसको कहते हैं पैटिनेशन ऑफ़ कॉपर। तो एक बात समझना। कोरोजन का मतलब
क्या है? किसी भी मेटल का खराब हो जाना। कोरोजन की प्रॉपर डेफिनेशन आपके केमिकल रिएक्शन
इक्वेशन चैप्टर में दी हुई है। वो डेफिनेशन डेफिनेशन तो आपको समझना ही है। मेटल का खराब होना ड्यू टू एटमॉस्फेरिक
एलिमेंट्स। हवा हो गया, पानी हो गया, दूसरी गैसेस हो गई, एसिड हो गया। उनकी वजह से मेटल खराब होते हैं उसको कोरोजन कहते
हैं। अब कोरोजन के अलग-अलग प्रकार हैं। जैसे रस्टिंग किस में दिखता है? लोखंड में दिखता है।
रस्टिंग इज अ टाइप ऑफ कोरोजन। पैटिनेशन यह मुझे कॉपर में दिखता है। तो पैटिनेशन पैटिनेशन इज़ अ टाइप ऑफ़ कोरोजन। समझ रहे
हो? कोरोजन मतलब मेटल का खराब होना। लोखंड के खराब होने को रस्टिंग कहते हैं। कॉपर के खराब होने को पैटिनेशन कहते हैं। ग्रीन
कलर का लेयर आ जाता है कॉपर कार्बोनेट का। याद रखना। चलो। फिर उसी तरीके से सिल्वर की बात की है। सिल्वर के घर पे चम्मच
वगैरह हो गई, कटोरी होती है सिल्वर की, थाली होती है, कॉइंस होते हैं। तो ये सारे ना काले पड़ जाते हैं समय के साथ
धीरे-धीरे। ऑन एक्सपोज़र टू एयर, सिल्वर आर्टिकल टर्न ब्लैक आफ्टर सम टाइम। ब्लैकिश आफ्टर सम टाइम। क्यों होता है?
हवा में ना थोड़ा-थोड़ा सिल हाइड्रोजन सल्फाइड प्रेजेंट होता है। हाइड्रोजन सल्फाइड H2S तो यह सिल्वर के साथ रिएक्ट
करके धीरे-धीरे सिल्वर सल्फाइड Ag2S बनाता है और ये होता है काला-काला ब्लैक। ठीक है? तो आपके चांदी के ऊपर सिल्वर
सल्फाइड का लेयर आ जाता है एंड वो काला-काला पड़ जाता है। समझ में आ गई बात? इसके ऊपर भी एक गिव रीज़ गिव रीज़ पूछते हैं
कि सिल्वर के आर्टिकल्स सिल्वर की वस्तुएं काली क्यों पड़ जाती है? सिल्वर सल्फाइड बनता है इसलिए काली पड़ जाती है। चलो फिर
एलुमिनियम का भी ऑक्सीडेशन होता है। बाय ऑक्सीडेशन ऑफ़ एलुमिनियम अ थिन लेयर ऑफ़ एलुमिनियम ऑक्साइड फॉर्म्स ऑन इट। आप देखा
होगा आपने ये जैसे नीचे आपको दिख रहा है एलुमिनियम का लेयर है। लेकिन उसके ऊपर आपको ऐसी ये परत बनी हुई दिख रही है ना?
एक लेयर बना हुआ दिख रहा है। दाग जैसा धब्बे जैसा है ना? ये जो पूरा लेयर ऐसा दिख रहा है आपको। दिस इज़ नथिंग बट
एलुमिनियम ऑक्साइड का लेयर बन जाता है। ठीक है? एलुमिनियम के ऊपर एलुमिनियम ऑक्साइड का एक लेयर बन जाता है। एंड ये भी
कोरोजन है। है ना? एलुमिनियम आपका उसकी चमक चली गई। लस्टर चला गया, खराब हो गया। तो इसको आप प्रिवेंट कैसे करोगे? इसके ऊपर
भी सवाल पूछते हैं। हाउ विल यू प्रिवेंट कोरोजन? एक छोटी-छोटी सिंपल टेक्निक्स आपको बताता हूं। कोरोजन ऑफ़ मेटल कैन बी
स्टॉप्ड बाय कीपिंग मेटल्स आइसोलेटेड फ्रॉम डायरेक्ट कांटेक्ट विथ एयर। जैसे समझ लो आपका लोखंड है। ठीक है? लोखंड
ऑक्सीजन के कांटेक्ट में आ गया, पानी के कांटेक्ट में आ गया तो खराब होगा। ये हमें पता है। लेकिन अगर उस लोखंड के ऊपर मैं एक
किसी चीज का एक लेयर लगा दूं। एक कोटिंग लगा दूं। ठीक है? लोखंड के ऊपर मैं क्या कर दूं? एक कोटिंग लगा दूं। किसी चीज की
लेयर लगा दूं। तो ये ऑक्सीजन के वाटर के कांटेक्ट में नहीं आ पाएगा। ठीक है? तो हमारा लोखंड ऑक्सीजन और वाटर के डायरेक्ट
कांटेक्ट में नहीं आ पाएगा तो खराब नहीं होगा। तो हमें क्या करना है? मेटल के ऊपर किसी चीज की कोटिंग लगानी है। किसी चीज का
लेयर लगाना है। ठीक है? जैसे आपने पेंट कर लिया। पेंट लगा दिया तो ऑक्सीजन और वाटर अंदर नहीं जा पाएगा। लेकिन अगर वही पेंट
स्क्रैच हो गया, खरोच पड़ गई, उसके ऊपर फट गया है ना? समय के साथ पेंट भी उखड़ने लगता है। तो एक बार वो पेंट अगर उखड़ गया
तो अंदर का मेटल खराब होगा। ठीक है? ये बात आप समझते हो। ऑइल का लेयर लगाया जा सकता है। ऑइलिंग भी की जाती है। अलग-अलग
मेटल्स वगैरह होते हैं। उनके ऊपर एक ऑयल का पतला लेयर लगाया जाता है। ग्रीस लगाया जा सकता है। है ना? आपके इंजन वगैरह में
भी गाड़ी वगैरह इंजन होता है। अलग-अलग चीजों में ग्रीस लगा देते हैं ऊपर ऊपर से। ग्रीस दो काम करेगा। एक तो कोरोजन भी
प्रिवेंट करेगा और फ्रिक्शन भी प्रिवेंट करेगा। तो सारी मशीन वगैरह स्मूथली चले। ठीक है? फिर वार्निश भी लगाते हैं। दरवाजे
वगैरह होते हैं ना उनके ऊपर एक वार्निश का भी पेंट किया जाता है। वार्निश किस चीज से बनता है? अ प्लांट्स में से हमें रेजिंस
मिलते हैं। रेजिंस सब्सटेंस होता है। इस रेजिन को एथेनॉल या तो टरपेंटाइन में डिॉल्व किया जाता है और फिर उसका पेंट
लगाया जाता है। तो एक एक चमक आ जाती है पूरी। ठीक है? ज्यादातर ये वार्निश लकड़ी का जो आइटम होता है ना जैसे घर पे कोई
चेयर बनवा लिया आपने या सोफा वगैरह बनवा लिया, टेबल बनवा लिया तो उसके ऊपर वार्निश का एक लेयर लगाते हैं ताकि वो चमकने लगे।
चमक उठता है। ठीक है? दरवाजे पे भी लगा सकते हो आप। लोखंड वगैरह के ऊपर भी लगा सकते हो। चलो तो वी ये तो आपने कर लिया।
पेंट लगा लिया, ऑइल लगा लिया, ग्रीस लगा लिया, वार्निश लगा लिया। लेकिन यू कैन नॉट प्रोटेक्ट द आर्टिकल परमानेंटली फ्रॉम
रस्टिंग बाय पेंटिंग। पेंट उखड़ेगा कभी ना कभी। ठीक है? इफ देयर इज़ अ स्क्रैच ऑन द पेंट। तो फिर अंदर का आपका जो मेटल है वो
खराब होने वाला है। है ना? निश्चित है। खराब होगा। द प्रोसेस ऑफ रेस्टिंग विल स्टार्ट बिलो द लेयर ऑफ द पेंट। बराबर है।
तो हमें क्या करना पड़ेगा? हम ऐसी कुछ टेक्निक्स यूज कर सकते हैं जिसमें हमारे मेटल के ऊपर हम किसी दूसरे मेटल का
लेयर लगा दें सच एज गैल्वनाइजिंग। यहां पे क्या करते हैं? अ थिन लेयर ऑफ जिंक इज अपाइड टू
प्रिवेंट कोरोजन ऑफ़ आयरन और स्टील। जैसे समझ लो आपका लोखंड है आयरन। उसके ऊपर आप क्या करोगे? उसके ऊपर।
ठीक है? समझ रहे हो? थोड़ा ड्रॉ कर रहा हूं। बस समझ लो। उसके ऊपर जिंक का एक लेयर चढ़ा देंगे। लोखंड के ऊपर या स्टील के ऊपर
जिंक का लेयर चढ़ा देंगे तो आपका लोखंड खराब नहीं होगा। क्यों खराब नहीं होगा वो भी बताता हूं। देखो ये डायग्राम सिर्फ
आइडेंटिफाई करने के लिए पूछेंगे। ये सब आपको लर्न करने की जरूरत नहीं है। ठीक है? लर्न करने की जरूरत नहीं है। ये डायग्राम
किस चीज का है? गैल्वनाइजिंग का। इतना आपको आना चाहिए। अगर आइडेंटिफाई करने पूछा कौन सी प्रोसेस है? नाम बताओ। प्रोसेस
एक्सप्लेन करो तो आपको सिर्फ समझ में आना चाहिए कि गैल्वेनाइजिंग की बात हो रही है। बाकी इसमें से कुछ पूछेंगे नहीं आपको कि
रिसिंग क्या होता है? पिकिंग क्या होता है? वो सब नहीं पूछेंगे। ठीक है? अब देखो इस तरीके से लोखंड को मोल्टन जिंक आपको
दिख रहा है लिक्विड जिंक है पूरा। है ना? मेल्ट किया हुआ। उसके अंदर डूबा के निकालते हैं। तो जिंक का एक लेयर आपके
लोखंड या स्टील के ऊपर आ जाएगा। ठीक है? चलो बहुत बढ़िया। अब क्या होता है? कोरोजन ऑफ जिंक विल अकर फर्स्ट बिकॉज़ जिंक इज मोर
रिएक्टिव देन आयन। मतलब क्या? यह अपनी रिएक्टिविटी सीरीज कैनाल ने मांगे ऑल्टोजन फरारी टिंक की फरारी। फिर भी क्यों मिली?
सिल्वर ऑर्डी। इसमें देखो जिंक इज़ मोर रिएक्टिव देन आयरन। तो क्या होगा? दो तरीके से प्रिवेंट किया जा सकता है।
मतलब दो तरीके से लोखंड को प्रोटेक्ट किया जा सकता है। समझ लो के जिंक का लेयर लगाया हुआ है। ठीक है? चलो
ये जिंक का लेयर आ गया। जिंक यहां पे कहीं पे खरोच पड़ गई या स्क्रैच आ गया। ठीक है? स्क्रैच आया।
ऑक्सीजन अंदर घुसने लगा, पानी अंदर घुसने लगा। तो ज्यादा रिएक्टिव कौन है? जिंक। तो सबसे पहले खराब कौन होगा? जिंक।
ठीक है? लोखंड खराब हो उसके पहले जिंक खुद का बलिदान देगा एक तरीके से। ठीक है? जिंक विल
कोरोड कोरोड मतलब खराब। जिंक विल कोरोड फर्स्ट एंड उसके नीचे के आयन को प्रोटेक्ट कर
लेगा। समझ में आ रही है बात? जिंक ज्यादा रिएक्टिव है तो वह पहले खराब होगा एंड आपके लोखंड को प्रोटेक्ट करेगा। एक तरीके
से। ये एक तरीका हो गया। जिंक अपने आप को सैक्रिफाइस कर देगा। बलिदान दे देगा अपना। समझ में आ गई मेरी बात? एक तरीका ये हो
गया। दूसरा तरीका ये है के जिंक का जो लेयर है हवा में ऑक्सीजन तो होगा ना। तो ये जो जिंक का
कौन सा कलर यूज़ करूं इधर? जिंक है वो धीरे-धीरे ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करेगा। एंड एक बहुत ही पतला लेयर जिंक ऑक्साइड का
बना लेगा। एंड वो जिंक ऑक्साइड क्या करेगा? प्रोटेक्ट करेगा ऊपर से। एक पूरा एक पतला लेयर बन जाएगा। किसका बन जाएगा?
जिंक ऑक्साइड का। देखो किधर है? दिख रहा है? एक पतला ऑक्साइड जिंक ऑक्साइड लेयर बन जाएगा। एंड फिर वो नीचे के लोखंड
को प्रोटेक्ट करेगा खराब होने से। तो ये दो तरीके हैं। एक तो ऑक्साइड का लेयर बन जाए और एक तो अगर कहीं पे खरोच आ गई,
टूट-टूट गया तो जिंक अपने आप को सैक्रिफाइस कर देगा। खुद खराब हो जाएगा दूसरे को बचा लेगा। ये कांसेप्ट है यहां
पे। ठीक है? चलो फिर दूसरा होता है टिनिंग। टिनिंग में क्या करते हैं? जैसे हमारे घर पे कॉपर का या ब्रास। ब्रास मतलब
पीतल। अभी वो पीतल होता है या पीतल होता है? मुझे नहीं पता। बट आप समझते हो ना? पीतल।
ब्रास मतलब पीतल। तो धीरे-धीरे उसके ऊपर एक ग्रीन कलर का लेयर आ जाता है। घर पे कोई भी आपका कॉपर का कुछ ग्लास वगैरह होगा
या कॉपर की बोतल होगी तो उस पे देखना ध्यान से ना। कहीं-कहीं पे आपको ग्रीन ग्रीन कलर दिखेगा। तो ये ग्रीन कलर किस
चीज का है? कॉपर कार्बोनेट का है। ये तो मैंने आपको ऑलरेडी बताया। उसके साथ-साथ थोड़ा कॉपर हाइड्रोक्साइड भी होता है।
लेकिन ये कॉपर कार्बोनेट कैसा है? पोइजनस। तो आपके कॉपर के बर्तन में अगर थोड़ा-थोड़ा कॉपर कार्बोनेट बना एंड उसमें
आपने कुछ खाया ये आपके अंदर गया कॉपर कार्बोनेट तो आपको बीमार कर सकता है। जुलाब गुलाब हो जाएगा आपको। अंदर से
बीमारियां हो जाएंगी। है ना? ये खराब होता है। आपके सेहत के लिए हानिकारक है। द ग्रीनिश लेयर। ग्रीनिश लेयर कॉपर
कार्बोनेट का जिसको हम पैटिना भी कहते हैं। पैटिना पैटिनेशन प्रोसेस है और यह जो लेयर है इसको पैटिना कहते हैं। ठीक है? इट
इज़ पोइजनस जानलेवा। जानलेवा तो नहीं बोलूंगा लेकिन सेहत के लिए हानिकारक है। तो हम क्या करते हैं? ये कॉपर या ब्रास का
जो वेसल होता है उसमें टिन का एक लेयर लगा देते हैं। पहले ना कॉपर का जो भांडा है या वेसल है उसको बहुत गर्म किया जाएगा। हीट
किया जाएगा। फिर उसमें छोटा सा टिन का वो लोग टुकड़ा डालते हैं। देखो और बाद में उसको कपड़े से घिस देते हैं।
टिन क्या हो जाता है? मेल्ट हो जाता है। और बाद में उसको लोग कपड़े से घिस देते हैं। तो पूरा अंदर एक टिन का लेयर आ जाता
है। इसको कलही भी कहते हैं। क्या कहते हैं? कलई। इससे भी क्या होगा पता है? एक सिंपल बात बताऊं। आपका जो टिन है वो
कौन ज्यादा रिएक्टिव है? टिन इज़ मोर रिएक्टिव इन दिस केस। के नाली ने कार मांगी। ऑल्टोन
फरारी किसकी फरारी टिन की फरारी फिर भी क्यों देख लो बताओ ऊपर कौन है टिन टिन ऊपर है टिन ज्यादा रिएक्टिव है
ज्यादा रिएक्टिव है ना टिन तो टिन क्या करेगा ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट कर लेता है और थोड़ा सा पतला सा टिन
ऑक्साइड का लेयर बन जाता है एंड बाद में कॉपर कार्बोनेट नहीं बनेगा बेसिकली कॉपर को रिएक्ट करने नहीं देगा खुद रिएक्ट कर
लेगा ये कहानी आपको यहां पे समझ में आनी चाहिए। ठीक है? के ना लेने कार्ब मांगे ऑल्टोजन फरारी फिर भी क्यों मिली?
सिल्वर ऑडी गेट माय पॉइंट? तो टिन रिएक्ट कर लेगा। ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करके एक पतला लेयर टिन ऑक्साइड का बना लेगा ताकि
फिर अंदर का कॉपर प्रोटेक्टेड रहे और ग्रीन कलर का कॉपर कार्बोनेट ना बने। ठीक? तो ये टिनिंग हो गया। फिर एनोडाइजिंग की
बात करेंगे। एनोडाइजेशन। इसमें क्या करते हैं? इसमें नीचे आपका एलुमिनियम है। ठीक है? ये क्या है? एलुमिनियम।
एनोडाइजेशन किसमें किया जाता है? एलुमिनियम में किया जाता है। तो यहां पे इलेक्ट्रोलिसिस का इस्तेमाल किया जाएगा।
ठीक है? किसका इस्तेमाल करेंगे? इलेक्ट्रो लिसिस। और इलेक्ट्रोलिसिस करके एलुमिनियम के ऊपर जानबूझ के हम खुद एक ऑक्साइड का
लेयर बनाएंगे। जानबूझ के बनाएंगे। हम बनाएंगे और ये ऑक्साइड का लेयर क्या करेगा?
Al2O3 एलुमिनियम ऑक्साइड का लेयर है। वो नीचे के एलुमिनियम को प्रोटेक्ट करेगा। पानी को आने नहीं देगा। ऑक्सीजन को आने
नहीं देगा। है ना? तो हम जानबूझ के जानबूझ के एक ऑक्साइड का लेयर बना देंगे ताकि नीचे का एलुमिनियम प्रोटेक्ट हो जाए। ठीक
है? देखो थिन लेयर ऑफ एलुमिनियम ऑक्साइड ऑब्स्ट्रक्ट द कांटेक्ट ऑफ एलुमिनियम विद
ऑक्सीजन एंड वाटर। ऑक्सीजन वाटर को अंदर आने नहीं देगा। दिस प्रिवेंट्स फर्दर ऑक्सीडेशन ताकि नीचे का एलुमिनियम खराब ना
हो। उसका और ऑक्सीडेशन ना हो। समझ गए मेरी बात? तो ये हमें इलेक्ट्रोलिसिस से करना है। तो कैसे करना है देख लो। ये डायग्राम
इंपॉर्टेंट है। ड्रॉ करने के लिए नहीं आएगा लेकिन आइडेंटिफाई के लिए आ सकता है। आपको पूछेंगे आइडेंटिफाई द डायग्राम एंड
एक्सप्लेन द प्रोसेस। तो आपको पता होना चाहिए। हां बाबा एनोडाइजेशन का डायग्राम है। तो ये लोग ने क्या किया इधर? समझ के
लो इसको। आपको एक तो पॉजिटिव टर्मिनल दिख रहा है। मुझे बताओ। ये एनोड बनेगा।
एनोड एंड यह कैथोड बनेगा। तो आपकी जो टंकी है वो कैथोड है। ठीक है? नेगेटिव टर्मिनल
टंकी और उसके अंदर आपने जो एनोड है एनोड क्या है आपका? ये जो वस्तु दिख रही है आपको ये पूरा ये
जो आपने इधर अंदर लगाया हुआ है। ये एलुमिनियम के आर्टिकल्स हैं। मतलब एलुमिनियम से बनी हुई कोई वस्तु। ठीक है?
एलुमिनियम आर्टिकल्स। तो यह बनेंगे आपके एनोड एंड बाकी जो टंकी है वो बनेगी कैथोड। अच्छा
इसके अंदर सॉल्यूशन किस चीज का यूज करते हैं? एलुमिनियम आर्टिकल्स आपको समझ में आ गए। अंदर रहता है डाइल्यूट सल्फ्यूरिक
एसिड। अब जैसे आप पावर सप्लाई ऑन करोगे, इलेक्ट्रिसिटी पास करोगे। कैथोड पे हाइड्रोजन प्रोड्यूस होती है
बबल्स। और एनोड पर ऑक्सीजन प्रोड्यूस होता है। अच्छा मुझे एक बात बताओ आपका जो एनोड है
वो किसका है? एलुमिनियम का है। वहां पे अगर ऑक्सीजन के बबल्स आएंगे तो क्या ये एलुमिनियम ऑक्सीजन आपस में रिएक्ट कर
लेंगे? एंड Al2O3 बन जाएगा। एक परफेक्ट पतला सा लेयर एलुमिनियम ऑक्साइड का आ जाएगा।
है ना? ऑक्सीजन के बबल्स आ रहे हैं। एलुमिनियम के साथ रिएक्ट करेंगे। एंड एक एलुमिनियम
ऑक्साइड का लेयर आ गया। ठीक है? ऑक्साइड लेयर एंड वो क्या करेगा? नीचे के एलुमिनियम को प्रोटेक्ट करेगा फ्रॉम फर्दर
ऑक्सीडेशन। ये बात आपको याद रखनी है। और एग्जाम में क्या पूछ सकते हैं? एग्जाम में क्या पूछेंगे कि एनोडाइजेशन में एलुमिनियम
एनोड होता है या कैथोड होता है? ऐसा पूछ सकते हैं या तो यह भी पूछ सकते हैं कि कौन सी प्रोसेस है जिसमें एलुमिनियम को एनोड
के जगह पर रखा जाता है? तो आपको आना चाहिए कि एनोडाइजेशन। ठीक है? एलुमिनियम एनोड किस में होता है? एनोडाइजेशन में।
ठीक है? ऑक्सीजन के बबल्स आते हैं। एलुमिनियम के साथ रिएक्ट करेंगे और ऑक्साइड लेयर बनाएंगे। व्हिच विल प्रिवेंट
ऑक्सीडेशन ऑफ़ नीचे का अंडरलाइंग एलुमिनियम। गेट माय पॉइंट। चलो अब बात करते हैं इलेक्ट्रोप्लेटिंग की।
एनोडाइजेशन में समझ में आ गया। एलुमिनियम एनोड है। एलुमिनियम एनोड है। इलेक्ट्रोपिलेटिंग में क्या करना है हमें?
अ लेस रिएक्टिव मेटल इज़ कोटेड ऑन अ मोर रिएक्टिव मेटल बाय इलेक्ट्रोलिसिस। यहां पर भी हम इलेक्ट्रोलिसिस का इस्तेमाल
करेंगे। इलेक्ट्रोलाइसिस। ठीक है? जैसे मान लो स्टील की चमची है। स्टील की
स्पून है। स्पून। ठीक है? ऐसे एक स्पून बना देते हैं।
ठीक है? ठीक है? स्पून है ये। स्टील में लोखंड होता है। होता है। इस स्टील के चम्मच के
ऊपर इलेक्ट्रोलिसिस का इस्तेमाल करके मैं अगर सिल्वर की कोटिंग लगा दूं। सिल्वर की प्लेटिंग लगा दूं।
इसको मैं कहूंगा सिल्वर प्लेटेड स्पून। इलेक्ट्रोलिसिस का इस्तेमाल करके मैंने सिल्वर की कोटिंग लगा दी। सिल्वर की
प्लेटिंग कर दी। तो इसको कहते हैं इलेक्ट्रोप्लेटिंग। लेस रिएक्टिव मेटल इज़ कोटेड ऑन अ मोर
रिएक्टिव मेटल। मान लो ये स्टील की चम्मच नहीं है। लोखंड की चम्मच है आयन। तो आयरन ज्यादा रिएक्टिव है। स्टील सिल्वर जो है
अच्छा लोखंड इज़ मोर रिएक्टिव और सिल्वर इज़ लेस रिएक्टिव। ठीक है? तो एक लेस रिएक्टिव मेटल की कोटिंग हम एक मोर रिएक्टिव मेटल
के ऊपर लगा रहे हैं। इसको कहते हैं इलेक्ट्रोप्लेटिंग। ठीक है? समझ में आ गई पूरी बात? सिंपल है। अब इसके एग्जांपल्स
देख लो। जैसे सिल्वर प्लेटेड स्पून हो गए। गोल्ड प्लेटेड वॉचेस आती हैं। ठीक है? ये दो एग्जांपल याद रखना। गोल्ड
प्लेटिंग होती है। सिल्वर प्लेटिंग होती है। ये इसका डायग्राम। प्रोसेस आपको डायग्राम
एक्सप्लेन करने नहीं पूछेंगे। डायग्राम सिर्फ आइडेंटिफाई। कि किस चीज का डायग्राम है?
इलेक्ट्रोप्लेटिंग का डायग्राम है। अच्छा। और यहां पर एलुमिनियम की अगर स्पून है तो वो कैथोड के जगह पे रहेगी। ये आपको याद
रखना है। वेरी इंटरेस्टिंग। ठीक है? तो यहां पर एलुमिनियम कैथोड है और सिल्वर
सिल्वर जो है वो एनोड के पोजीशन पे होती है। सिल्वर को एलुमिनियम के ऊपर चढ़ाया जाएगा। मुझे एक बात बताओ
सिल्वर के कैटायंस होंगे Ag+ ठीक है कैटायंस गो टू कैथोड तो यहां पर इस सॉल्यूशन में जो Ag+
होगा सिल्वर के कैटायंस वो किसके पास जाएंगे? कैथोड के पास जाएंगे और वहां पे जाके चिपक जाएंगे ना डिपॉजिट
हो जाएंगे। तो अगर मुझे इलेक्ट्रोप्लेटिंग करनी है तो मुझे मेरा जो मेटल है उसको कैथोड के जगह पर रखना पड़ेगा ताकि उसके
ऊपर कोटिंग की जा सके। तो आप सिर्फ इतनी बात याद रखना यहां पे लिख देता हूं मैं। जब एनोडाइजेशन होता है एनोडाइजेशन
तब एलुमिनियम को एनोड पे रखा जाएगा। एनोड पे ऑक्सीजन के बबल आएंगे और एलुमिनियम ऑक्साइड का लेयर बन जाएगा। और जब
इलेक्ट्रोप्लेटिंग की जाएगी इलेक्ट्रोप्लेटिंग और तब मैं अगर एलुमिनियम यूज़ कर रहा हूं
ठीक है तो उसको कैथोड के जगह पे रखा जाएगा ताकि दूसरा जो मेटल है लेस रिएक्टिव मेटल वो इसके ऊपर आके प्लेट हो जाए लेयर बन
जाए। ठीक है? जैसे हम अगर सिल्वर यूज़ कर रहे हैं प्लेट करने के लिए तो Ag+ कैटायन विल गो टू कैथोड और आपका कैथोड जो है वो
एलुमिनियम का होगा। तो Ag+ एलुमिनियम के ऊपर प्लेट हो जाएगा। समझ में आ गई मेरी बात? क्या कहना चाहता हूं मैं? ठीक है?
इतना याद रखना है। ये दो बातें याद रख लोगे आप। एनोडाइजेशन में एनोड है। इलेक्ट्रोप्लेटिंग में कैथोड है। इतना याद
रखना है आपने। ठीक है? चलो लास्ट टेक्निक है एलइंग। एलइंग में क्या करते हैं? अ होमोजनियस मिक्सचर। होमोजेनियस मतलब एक
यूनिफॉर्म मिक्सचर। जैसे आपने घर पे पानी ले लिया। ठीक है? वाटर ले लिया। वाटर में आपने शुगर डाला। शुगर
ठीक है? तो शुरू में शुगर और वाटर अलग दिखेगा। शुगर के जो आपने जो भी पार्टिकल्स डाले शुगर के वो शुरू में तो आपको अलग
दिखेंगे। लेकिन जब आप उसको चम्मच से मिक्स करोगे, मिक्स करोगे तो पूरा शुगर डिॉल्व हो जाएगा। ठीक है? और शुगर डिॉल्व होने के
बाद एक यूनिफॉर्म मिक्सचर दिखेगा आपको। है ना? शुगर के पार्टिकल्स सेपरेट दिखेंगे नहीं दिखेंगे। पूरा शुगर पानी के अंदर
मिक्स हो चुका है। तो यह जो मिक्सचर होगा उसको क्या बोलेंगे? होमोजनस। होमोजेनस का मतलब होता है यूनिफॉर्म मिक्सचर
कि उसके अंदर पूरी तरीके से मिक्स हो चुका है। यूनिफ यूनिफॉर्मली डिस्ट्रीब्यूट हो चुका है। स्प्रेड हो चुका है। समझ रहे हो
मेरी बात? शुरू में शुगर अलग दिखती है लेकिन मिक्स करने के बाद वो होमोजनियस मिक्सचर बन जाता है। शुगर अंदर पूरी तरीके
से डिॉल्व हो जाता है। बराबर है? मिक्स हो जाता है। तो वैसा ही एक होमोजनियस मिक्सचर हमें यहां पे बनाना है बाय मिक्सिंग अ
मेटल विद अदर मेटल्स और नॉन मेटल्स। तो मैं दो दो मेटल्स या दो से ज्यादा मेटल्स या उनके अंदर कोई नॉन मेटल मिक्स करूं और
एक ऐसा मिक्सचर बनाऊं जिसमें सब कुछ यूनिफॉर्मली डिस्ट्रीब्यूट हो गया है। ठीक है? ऐसा नहीं कि यहां पे थोड़ा लोखंड मुझे
अलग से दिख रहा है। यहां पे थोड़ा कॉपर अलग से दिख रहा है। ऐसा नहीं पूरी तरीके से मिक्स हो जाए। पूरी तरीके से मिक्स हो
गया। उसको बोलेंगे होमोजेनस मिक्सचर। ठीक है? होमोजेनियस मिक्सचर फॉर्म बाय मिक्सिंग अ मेटल विद अदर मेटल और नॉन
मेटल। जैसे ये दो मेटल थी। दोनों को मैंने मिक्स किया तो पूरी तरीके से मिक्स हो गए। इसको कहेंगे एलॉय। ठीक है?
एंड इसमें भी जो मेटल्स हम मिक्स करते हैं वो एक प्रपोर्शन में मिक्स करना है। ऐसा नहीं कि आज आज मेरा मन हुआ थोड़ा ये ज्यादा
डाल के देखते हैं। थोड़ा वो कम डालते हैं। मजा आएगा। नहीं। पहले से एक फिक्स प्रपोर्शन आपने देखो एलॉय बनाना भी एक कला
है। एक रिसर्च है उसके पीछे। साइंस है तो बहुत ज्यादा टेस्टिंग करने के बाद प्रोपोर्शनंस फिक्स किया जाता है कि हम
फॉर एग्जांपल लोखंड को 70% लोखंड डाल रहे हैं। 10% क्रोमियम डाल रहे हैं। उसमें 1% कार्बन डाल रहे हैं। तो ये फिक्स्ड रिसर्च
करके हमने वो प्रोपोर्शन फिक्स किया हुआ है। ठीक है? एंड फिर उसको हम बोलते हैं एलॉय। जैसे स्टील हो गया है ना? स्टेनलेस
स्टील आप जानते हो स्टील। फिर हमारे आयरन मैन में अपने गोल्ड टाइटेनियम एलॉय का पूरा सूट बनाता है। है
ना? मार्क वन। मार्क टू मेरे को याद नहीं कौन सा मार्क था वो जो भी था गोल्ड टाइटेनियम तो ये सारे एलॉय बन गए राइट
जैसे हरिपुत्तर टेंटेड है ये जो आपको दिख रहा है ना ये ब्रोंज़ है
ब्रोंज़ का स्टैचू है हैरीपॉटर का कहीं पे बनाया होगा यूके वगैरह में ब्रोंज़ को हिंदी में कांसा कहते हैं। कांसा सुना
होगा आपने। ब्रोंज़ इज़ एन एलॉय फॉर्म्ड फ्रॉम ब्रॉनज़ मेडल मिलता है ना थर्ड आने पे। पहले गोल्ड फिर सिल्वर तीसरा आएगा तो
ब्रोंज़। तो ब्रोंज़ में क्या होता है? 90% कॉपर होता है। देखो प्रपोर्शन फिक्स किया हुआ है। 90% कॉपर 10% टिन।
ठीक है? ब्रोंज़ स्टैचूस डू नॉट गेट अफेक्टेड बाय सन एंड रेन। मतलब ये खराब नहीं होते बारिश में, पानी से या ऑक्सीजन
से इनका कोरोजन नहीं होता। खराब नहीं होते। ठीक है? दे डू नॉट गेट अफेक्टेड बाय सन और रेन। और इसको याद रखने के लिए कपटी।
ब्रोंज़ कैसा है? कपटी। कपटी मतलब कॉपर एंड टिन। ठीक है? चलो फिर ब्रास की बात करते हैं। ब्रास मतलब पीतल।
पीतल समझते हो आप? ब्रास। ब्रास इज एन एलॉय फॉर्म्ड फ्रॉम 60% कॉपर 40% जिंक। ठीक है? तो इसको हम याद रखते हैं कोजी।
ब्रास कैसा है? कोजी। कॉपर जिंक 60-4 पीतल। ठीक? फिर बात करेंगे स्टेनलेस स्टील की।
अब स्टील में क्या होता है? एक तो स्टेनलेस स्टील डज़ नॉट गेट स्टेन। स्टेन मतलब क्या?
एयर में क्या है? ऑक्सीजन है, पानी है। तो इसके अंदर लोखंड तो होता है ना आयरन होता है तो वह आयरन कोरोजन नहीं होगा उसका
रस्टिंग नहीं होगी तो इसके ऊपर कोई धब्बे वगैरह नहीं पड़ते तो स्टेनलेस स्टील डज नॉट गेट स्टेन स्टेन मतलब क्या धब्बा विद
एयर वाटर एंड आल्सो इट डज नॉट रस्ट खराब नहीं होता दंग नहीं पकड़ता उसके ऊपर धब्बे वगैरह नहीं आते ठीक है इसके अंदर क्या
होता है इट इज़ एन एलॉय मेड फ्रॉम 74% आयरन 18% क्रोमियम 8% कार्बन आईसी सीसी आयन क्रोमियम
एंड कार्बन प्रपोर्शन याद रख लेना 74 रुको अच्छे से लिखेंगे इसको 74% 18% 8% हो गया 18 और आठ कितने हो गए 26 26 और 74 100%
बराबर 18 74 18 8 ICC आयरन क्रोमियम कार्बन स्टेनलेस स्टिल ठीक चलो एंड इन्होंने एक छोटी बात बताई है वेरियस
टाइप्स ऑफ एलॉय आर यूज्ड फॉर मिंटिंग कॉइन कॉइन में भी आपको दिख रहा है बीच में अलग है, बाहर अलग है। तो यहां पर भी एलॉयज़
होते हैं अलग-अलग। आपने देखा है कभी कोई सिक्का जिस पे जंग लग गया हो। नहीं ना? जंग लगा हुआ सिक्का नहीं देखा होगा आपने।
बिकॉज़ उसके अंदर एलॉय होता है। तो वो खराब नहीं होता। ठीक है? सो वि दिस वी कंप्लीट। बेसिकली अपना चैप्टर तो यहां पे कंप्लीट
होता है। एक और छोटी चीज़ ऐड कर दूंगा कि अगर मर्यूरी का इस्तेमाल किया जाए एलॉय बनाने के लिए तो उस एलॉय को अमालगम कहते
हैं। अमालगम। ठीक है? अगर मर्यूरी का इस्तेमाल किया जाए एलॉय में किसी दूसरे मेटल के साथ तो उसको
कहते हैं अमालगम। याद रखना मर्यूरी का एलॉय अमालगम। चलो तो अब इसके आगे की कहानी बहुत सरल है। बिकॉज़ हमने सब कुछ पढ़ लिया।
अब इतना सब पढ़ने के बाद पीवाईक्यू करोगे तो पीवाईक्यू में से आपको सब कुछ आएगा। सोडियम केप्ट इन केरोसिन। इसका जवाब ये
रहा। सोडियम बहुत ज्यादा रिएक्टिव है। ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट कर लेता है। इवन एट रूम टेंपरेचर। सोडियम ऑक्साइड बना लेता
है। इट कैन कैच फायर ऑन एक्सपोज़र टू एयर। इट इज़ हेवियर देन केरोसिन। डज़ नॉट रिएक्ट विद केरोसिन के साथ रिएक्ट नहीं करता। और
केरोसिन के अंदर डूब जाता है वो। सो टू प्रिवेंट एक्सीडेंट सोडियम इज़ स्टर्ड इन केरोसिन। स्क्रीनशॉट ले लो इसका चाहिए तो।
या तो लिख लो। है ना? पॉज करके लिख लो इसको। चार पॉइंट होना चाहिए आपके इसमें इधर। ठीक है? एक पॉइंट हेंस वाला है। तो
ये आप इतना लिख सकते हो। सोडियम रिएक्टिव है। ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट करता है। सोडियम ऑक्साइड बनाता है। रेडीली कैचेस
फायर। आग पकड़ सकता है। केरोसिन के अंदर रखेंगे। केरोसिन के अंदर वो डूब जाता है। केरोसिन के साथ रिएक्ट नहीं करता। बस गिव
द केमिकल इक्वेशन फॉर द फॉलोइंग रिएक्शन। अब मैं पूरा नहीं लिखूंगा। लेकिन थर्मिट में क्या था? याद है आपको? Fe2O3 था प्लस
एलुमिनियम। उससे आपको क्या मिला? लोखंड मिला और एलुमिनियम ऑक्साइड मिला। बनाए दो ना इधर।
Fe मिलेगा। मोल्टन फॉर्म में मिलता है। प्लस Al2O3 मिलेगा। ठीक है? बर्निंग ऑफ़ मैग्नीशियम इन एयर। कुछ नहीं है।
मैग्नीशियम प्लस ऑक्सीजन। आयरन नेल डस्ट इज ड्रॉप्ड इन एक्वस सॉल्यूशन ऑफ कॉपर सल्फेट। तो जैसे लोखंड
है उसको आप कॉपर सल्फेट में डालते हो। तो ये हमने केमिकल रिएक्शन चैप्टर में भी देखा है। डिस्प्लेसमेंट रिएक्शन है और कुछ
नहीं है। बस डिस्प्लेसमेंट हो जाएगा। आयरन इज़ मोर रिएक्टिव देन कॉपर तो डिस्प्लेस हो जाएगा। FeSO4 बन जाएगा और कॉपर का
डिपोज़िशन हो जाएगा लोखंड के हिल्ले के ऊपर। व्हाट इज़ डन टू प्रिवेंट रस्टिंग ऑफ़ आयरन डोर ऑफ योर हाउस। आप उसके ऊपर पेंट
लगा लो। आप तेल लगा लो, ग्रीस लगा लो या वार्निश लगा लो। यह सारी चीजें आप कर
सकते हो घर का दरवाजा बचाने के लिए। और भी अगर ज्यादा करना है तो गैल्वनाइजिंग भी कर ही लो। गैल्वनाइजिंग कर सकते हो। आपको पता
है पाउडर कोटिंग भी आते हैं। पाउडर कोटिंग ये भी की जा सकती है। लिख देना कुछ भी। टू मेटल्स व्हिच कैन बी कट विथ नाइफ। एकदम
पहले पढ़ा हमने जैसे सोडियम है, पोटैशियम है, सॉफ्ट होते हैं। साउंड इज़ प्रोड्यूस व्हेन सर्टेन मेटल्स आर स्ट्रक्चर। इस
प्रॉपर्टी को सोनोरिटी कहते हैं। सोनोरिटी। द नॉन मेटलिक सब्सटेंस व्हिच इज़ अ गुड कंडक्टर ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी। ये हमने
देखा ग्रेफाइट। डायमंड इज़ अ गुड कंडक्टर ऑफ़ हीट। ग्रेफाइट इज़ अ गुड कंडक्टर ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी। आंसर
द फॉलोइंग क्वेश्चन। पहला तो आइडेंटिफाई। आइडेंटिफाई कर लिया आपने। दिस इज़ इलेक्ट्रोप्लेटिंग। बराबर है? इलेक्ट्रो
प्लेटिंग। जहां पर एक एलुमिनियम के चमचे के ऊपर सिल्वर की प्लेटिंग होगी। सिल्वर को
एलुमिनियम के ऊपर चढ़ाया जाएगा। तो एलुमिनियम क्या है? कैथोड है और सिल्वर विल गो टू कैथोड। एलुमिनियम के ऊपर
डिपॉजिट हो जाएगा। हाउ ड हाउ डस दिस प्रोसेस टेक प्लेस? तो इसकी जो बेसिक डेफिनेशन आपके टेक्स्ट बुक में दी हुई है।
क्या बोला है? अ लेस रिएक्टिव मेटल इज़ कोटेड ऑन अ मोर रिएक्टिव मेटल विद द हेल्प ऑफ इलेक्ट्रोलिसिस। इट इज़ कॉल्ड एज
इलेक्ट्रोप्लेटिंग। यही लिखना है आपने जो टेक्स्ट बुक में दिया उतना ही लिखना है। गिव टू एग्जांपल इन व्हिच द प्रोसेस इज़
यूज़्ड। गोल्ड प्लेटेड वॉच सिल्वर प्लेटेड स्पून बस। चलो कॉपर जिंक ब्रास। तो ब्रोंज़ कपटी कॉपर
कॉपर टिन जिसमें 90% कॉपर 10% टिन याद है ना? हालांकि वो परसेंटेज नहीं पूछा है यहां पे। सोडियम वाला आंसर हो गया।
मेटलर्जी विज्ञान और तंत्र ज्ञान रिगार्डिंग द एक्सट्रैक्शन ऑफ मेटल
फ्रॉम मिनरल्स फिर उसका प्यूरिफिकेशन एंड यूज़ इट इज़ कॉल्ड एज मेटलर्जी जो हमने पढ़ा ऑलरेडी ओवर
क्या होता है? एक मिनरल होता है फ्रॉम व्हिच मेटल कैन बी एक्सट्रैक्टेड इकोनॉमिकली। गैंग क्या होता है?
इंप्युरिटीज होती हैं जो आपके मेटल कंपाउंड के साथ प्रेजेंट है। सैंड, सिलिका, रॉकी सब्सटेंसेस ये सब कुछ
डैश प्रोसेस अ लेयर ऑफ़ मोल्टन टिन इज़ डिपॉज़िटेड ऑन मेटल। टिनिंग में टिन यूज़ किया जाएगा।
टिन डालते हैं और वो जो कॉपर का वेसल होता है उसको पहले गर्म करते हैं ताकि टिन का जो टुकड़ा आपने डाला वो मेल्ट हो जाए। फिर
उसको घिस देंगे अंदर तो टिनिंग हो जाएगी। ऑन एक्सपोज़र टू एयर सिल्वर आर्टिकल टर्न ब्लैक। यह तो हमने देखा कि जो सिल्वर था
वो H2S के साथ रिएक्ट करके Ag2S बना के देता है सिल्वर सल्फाइड। ठीक है? तो ये पूरा आंसर दिया है नीचे। थ्री प्रॉपर्टीज
ऑफ आयोनिक कंपाउंड कड़क होते हैं, हार्ड होते हैं। हाई मेल्टिंग पॉइंट, हाई बॉइलिंग पॉइंट। फिर सॉलुबल इन वाटर है। दे
कैन कंडक्ट इलेक्ट्रिसिटी। सॉलिड में नहीं बट इन एक्वयस फॉर्म और मोल्टन फॉर्म। तीन पॉइंट लिख देना। आइडेंटिफाई द प्रोसेस।
मोल्टन मिक्सचर ऑफ़ एलुमिना लिया है। स्टील टैंक में। टैंक हैज़ अ ग्राफाइट लाइनिंग ऑन इनर साइड। लाइनिंग डज़ नॉट वर्क। डज़ द वर्क
ऑफ़ कैथोड। तो ये क्या हो गया? आइडेंटिफाई एंड डॉ नीट लेवल डायग्राम। तो एक तो ये हो गया इलेक्ट्रोलिटिक
रिडक्शन ऑफ एलुमिना। इलेक्ट्रोलिटिक रिडक्शन ऑफ़ एलुमिना
और उसका डायग्राम मैं बनाने जाऊंगा तो शर्मा जाऊंगा। टंकी
इधर एक जैसा छेद रखना पड़ेगा थोड़ा। फिर फिर फिर अंदर ऐसा ग्रेफाइट का लाइनिंग ठीक है फिर ऐसा करके अरे
नेगेटिव पॉजिटिव एक दो तीन टन टन टन टन टन ठीक है वाओ सो ब्यूटीफुल बन गया एक्सप्लेन
द टर्म एनोडाइजेशन उसका जो टेक्स्ट बुक में दिया है वो पूरा हां वाओ वाओ इधर ही गया। छोड़ो डायग्राम तो आप कर लोगे।
एनोडाइजेशन की पूरी कहानी और वो कहां यूज़ किया जाएगा? फोटो लेना है ले लो। इनफैक्ट ये सारे पीवाईक्यूस का भी मैं जो पीडीएफ
दूंगा ना रिएक्शंस वाला उसके साथ ये डाल के दे दूंगा। ठीक है? पीडीएफ आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। ये पीडीएफ
कहां मिल जाएगा? डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। ले लेना। चूज़ द करेक्ट अल्टरनेटिव एंड राइट द करेक्ट ऑप्शन अल्फाबेट। गुड
कंडक्टर ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी ग्रेफाइट। लेमन और टमराइन इज यूज्ड फॉर क्लीनिंग कॉपर वेसल टर्नड ग्रीनिश। तो एक तो ग्रीन
कलर आता किसका है? कॉपर कार्बोनेट का। बराबर है तो लेमन या टैमराइंड उसके अंदर एसिड होता है। टैराइंड के अंदर होता है
टार्टरिक एसिड। और लेमन के अंदर आपको मिल जाएगा एक तो सिट्रिक एसिड मिल जाएगा। सिट्रस फ्रूट है। तो ये जब एसिड के साथ
रिएक्ट करेगा तो सॉल्ट प्लस वाटर बनाएगा। आई होप बराबर है आंसर। कॉपर ऑन एक्सपोज़र टू मॉइस्ट एयर कंबाइन विद कार्बन
डाइऑक्साइड एंड ग्रीन कलर्ड कॉपर कार्बोनेट सॉल्ट इज़ फॉर्म्ड टार्निशिंग द कॉपर। टार्निश मतलब खराब हो जाना। लाइम
जूस एंड टमराइट कंटेन सिट्रिक एंड टार्टेरिक एसिड। ठीक है? दीज़ एसिड रिएक्ट विद कॉपर कार्बोनेट फॉर्मिंग वाटर सॉलुबल
साल्ट व्हिच गेट वाश्ड ऑफ ईज़ली। ठीक है? तो ये जो सॉल्ट एंड वाटर ये जो सॉल्ट बनेगा वो
वाटर सॉलुबल साल्ट रहेगा। पानी से धोगे तो चला जाएगा। ठीक है? ड्यू टू दिस टर्निश्ड कॉपर बिकम्स क्लीन एंड
रिगेंस। अपनी चमक आ जाती है। इसलिए लेमन या इमली का इस्तेमाल किया जाएगा कॉपर वेसल को साफ करने के लिए। ठीक है? चलो। अ फिर
क्या पूछा है? NaCl इज़ एन आयोनिक कंपाउंड? हां। ठीक है? व्हाई इज़ NaCl एन आयोनिक कंपाउंड? तो उसमें आपको बताना पड़ेगा कि
बाबा सोडियम इलेक्ट्रॉन लूज़ करता है और Na+ कैटायन बनाता है। क्लोरीन इलेक्ट्रॉन एक्सेप्ट कर
लेता है। Cl- एनायन बनाता है। फिर उनके बीच में इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन फॉर्म हो जाएगा। इसका आंसर
मैंने दिया है क्या? हां, दिया है। ठीक है? तो ये कहानी है। वही कहानी है। पढ़ लेना। एनी ट्रू प्रॉपर्टीज़ ऑफ़ आयनिक
कंपाउंड? ये भी आप लिख सकते हो। ठीक है? चलो, ये कहानी आ गई। पीडीएफ आपको मिल जाएगा नीचे। चूज़ द करेक्ट अल्टरनेटिव टू
प्रिवेंट रेस्टिंग अ लेयर डैश मेटल इज़ अप्लाई ऑन आयन शीट जिंक गैल्वनाइजिंग चूज़ द करेक्ट अल्टरनेटिव एंड राइट द करेक्ट
ऑप्शन कार्बोनेट ओर आर स्ट्रोंगली हीटेड इन लिमिटेड सप्लाई एयर इसको हम कैल्सिनेशन कहते हैं।
प्रॉपर्टीज ऑफ़ आयनिक कंपाउंड। देखो कितनी बार पूछा है बताओ ना यार। कितनी बार? गोल्ड प्लेटेड ऑर्नामेंट्स आर एग्जांपल ऑफ
इलेक्ट्रोप्लेटिंग। ठीक है? यह भी आप लिख सकते हो। गोल्ड प्लेटेड ऑर्नामेंट। गोल्ड प्लेटेड वॉच।
नेम द मेन ओर ऑफ एलुमिनियम बॉक्साइट। [गला साफ़ करने की आवाज़] बॉक्साइट का इंप्योरिटी पूछी है। क्या लिख
लोगे? सैंड है, सिलिका है, आयरन ऑक्साइड है और टाइटेनियम ऑक्साइड भी होता है। आपके टेक्स्ट बुक में दिया हुआ है। टाइटेनियम
ऑक्साइड होता है। लेकिन उसके बारे में बाद में कोई एक्सप्लेनेशन कुछ नहीं दिया है। फिर मेटल एनर्जी का डेफिनेशन ओवर का गैंग
का डेफिनेशन याद करना है। सोडियम इज़ केप्ट इन केरोसिन। ठीक है? आइडेंटिफाई द प्रोसेस। इलेक्ट्रोप्लेटिंग है एंड राइट
टू यूज़ गोल्ड प्लेटेड ऑर्नामेंट वॉच सिल्वर प्लेटेड स्पून चलो 281 ये तुम्हारा सोडियम ये तुम्हारा मैग्नीशियम 282 व्हिच
इज़ मोर रिएक्टिव सोडियम इज़ मोर रिएक्टिव रिएक्टिविटी सीरीज में राइट द नेम ऑफ़ द मोर रिएक्टिव मेटल अच्छा
व्हिच ऑफ़ द टू मेटल इज़ मोर रिएक्टिव तो यहां पे आप लिखोगे A फिर उसका नाम पूछा है तो आप लिखोगे सोडियम राइट देयर रिएक्शन
विद HCL तो क्या बनेगा सोडियम + HCl NaCl + H2 ठीक है? चलो जिंक आयन फास्फोरस सोडियम
फास्फोरस इज़ अ नॉन मेटल बाकी सारे मेटल हैं। कॉपर वेसल टर्न ग्रीनिश सिल्वर आर्टिकल टर्न ब्लैक। दोनों का रीज़न हमने
देखा है। सिल्वर ब्लैक क्यों होता है? कॉपर ग्रीन क्यों होता है? चलो फिर ये आ गया इलेक्ट्रोलिटिक रिडक्शन। एनोड रिएक्शन
लिखना है। एनोड पे ऑक्सीडेशन होगा तो उधर किसका आता है? एनायन गोज़ टू एनोड।
तो यहां पर आप O2- वाला लिखोगे। O2 बन जाएगा। चार इलेक्ट्रॉन बाहर आ जाएंगे। ये वाला ये एनोड रिएक्शन हो गया।
फिर कैटायन गोज़ टू कैथोड। तो ये आपका अ एलुमिनियम का रिएक्शन हो गया। 3+ + 3 इलेक्ट्रॉन गिविंग मी Al
रिडक्शन ऑन कैथोड ऑक्सीडेशन ऑन एनोड। व्हाट इज़ द पर्पस ऑफ मिक्सिंग क्रायोलाइट एंड फ्लोर स्पार विद एलुमिनिया टू लोअर द
मेल्टिंग पॉइंट टू अबाउट 1000° सेल्सियस। क्रायोलाइट क्या होता है? नाथरी फ्लोर स्पार का टू
चूज़ द करेक्ट अल्टरनेटिव। राइट द करेक्ट ऑप्शन विलफीली टेबल मेथड। द पार्टिकल ऑफ़ गैंग आर सेपरेटेड बाय देखो ये भी मैंने
थोड़ा बता दिया था ना। विलफ्ली टेबल में ग्रेविटी का इस्तेमाल किया जाएगा। तो ग्रेविटेशनल सेपरेशन हो गया। और एलॉइंग के
ऊपर शॉर्ट नोट तो उसमें आपको एलॉइंग की कहानी लिखनी है जो जो उसमें है पूरा जो जो अपन ने पढ़ा स्टेनलेस स्टील का पढ़ा कॉपर का
पढ़ा ब्रोंज़ का पढ़ा ब्रास का पढ़ा और एलइंग की डेफिनेशन होमोजेनस मिक्सचर ऑफ़ मेटल्स विद अदर अ मेटल विद अदर मेटल और नॉन मेटल
इज़ कॉल्ड एलॉय इन फिक्स्ड प्रोपोर्शन। ठीक है? ऑब्ज़र्व द गिवन रिएक्टिविटी सीरीज़। नेम टू मेटल्स व्हिच रिएक्ट विद वाटर।
वाटर के साथ रिएक्ट करने वाले पोटैशियम, सोडियम लिख लो। सबसे ऊपर ही है ना K और ना। टू मॉडरेटली रिएक्टिव। अब आपको मैंने
क्या बोला? ये हाई रिएक्टिविटी में चला चला गया। ये मॉडरेट रिएक्टिविटी और ये लो रिएक्टिविटी। ठीक है? हाई, मॉडरेट, लो। तो
मॉडरेट में आप जिंक लिखो। सेफ रहोगे। आयन लिखो। हाई मोस्ट हाइली रिएक्टिव मेटल एंड लीस्ट रिएक्टिव। तो इधर एक तो सोडियम,
पोटैशियम और एक तो गोल्ड। पोटैशियम और गोल्ड। ठीक है? चलो अ इन टू मेथड्स ऑफ कंट्रोल ऑफ कोरोजन ऑफ एलुमिनियम
आइदर अ लेयर ऑफ एलुमिनियम ऑक्साइड इज फॉर्म्ड और सिल्वर प्लेटिंग इज़ डन ऑन द सरफेस स्टेट टू व्हिच इलेक्ट्रोड द
एलुमिनियम आर्टिकल इज़ अटैच्ड इन दीज़ मेथड्स रेस्पेक्टिवली। देखो कितना अच्छा सवाल पूछा है। क्या पूछा है कि एक मेथड
में एलुमिनियम ऑक्साइड बनाते हैं। एक मेथड में सिल्वर की प्लेटिंग होती है एलुमिनियम के ऊपर। तो एक एनोडाइजेशन है एनोडाइजेशन
और उसमें आपका जो एलुमिनियम रहेगा वो क्या रहेगा? एनोड रहेगा और दूसरा इलेक्ट्रोप्लेटिंग है। इलेक्ट्रोप्लेटिंग
उसमें जो एलुमिनियम है वो कैथोड रहेगा। ये आपको बताना है। बस एनोड नीड टू बी रिप्लेस्ड फ्रॉम टाइम टू टाइम। एनोड के
साथ कार्बन का एनोड होता है। रिएक्ट्स विद ऑक्सीजन टू फॉर्म CO2। धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं। दे नीड टू बी
रिप्लेस। ये आपको लर्न करना है। ठीक है? ये आपके टेक्स्ट बुक का ही है। एक्सरसाइज का ही है। चलो फाइंड द ऑडन आउट टिनिंग
एनोडाइजेशन एलइंग फ्रोथ रोटेशन। इसमें से फ्रॉथ्स फ्लोटेशन इज अ कंसंट्रेशन ऑफ कोर टेक्निक ऑफ कंसंट्रेशन एंड बाकी सारे
प्रिवेंशन ऑफ कोरोजन है। आउट ऑफ सोडियम एंड सल्फर व्हिच इज़ अ मेटल एक्सप्लेन इट्स रिएक्शन विद ऑक्सीजन। सोडियम इज़ अ मेटल।
सोडियम इज़ मेटल। और उसका रिएक्शन विद ऑक्सीजन लिख लोगे ना? चलो। फिर एक टैपिंग वेसल ओपंस इन अ टैंक लाइक कंटेनर। दैट इज़
टेपरिंग ऑन द लोअर साइड। द टैंक हैज़ एन आउटलेट। तो, यह जो एक्सप्लेनेशन है, यह हाइड्रोलिक
हाइड्रोलिक सेपरेशन मेथड का है। द अबव डिस्क्रिप्शन ऑफ वि ग्रेविटेशन
सेपरेशन हाइड्रोलिक सेपरेशन का है। ठीक है? और उसका लेबल डायग्राम ये कौन सा पेपर है मालूम है? ये मार्च 19 पहला पेपर
2019 में 19 का जो पहला पेपर इस सिलेबस के ऊपर पहला पेपर बनाया था उसमें एक बार ये पूछा गया था डायग्राम। उसके बाद जिंदगी
में कभी नहीं पूछा। इसलिए मैंने ये टॉपिक नहीं कवर किया। आपको कवर करना है तो आप पुराने रिकॉर्डेड वीडियो से बहुत अच्छे से
उसको पढ़ सकते हो। सो विद दिस वी कंप्लीट आवर चैप्टर विद ऑल द पीवाईक्यूस। तो आपको जो भी इंपॉर्टेंट टॉपिक्स है उसकी पीडीएफ
नीचे डिस्क्रिप्शन में दे दूंगा। वहां से आप इसका पढ़ाई कर सकते हो। चलो थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। आई विल सी यू नेक्स्ट।
बाय-ब जय हिंद जय महाराष्ट्र।
धातु अक्सर कमरे के तापमान पर ठोस होते हैं (पारा को छोड़कर), चमकीले और कठोर होते हैं, तथा ऊष्मा और विद्युत के अच्छे सुचालक होते हैं। वे तन्य और आघातवर्धनीय होते हैं, जिनका गलनांक उच्च होता है। इसके विपरीत, अधिकांश अधातु ठोस या गैस होते हैं (ब्रोमीन को छोड़कर), चमकहीन और भंगुर होते हैं, तथा ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं।
अभिक्रियाशीलता श्रेणी (जैसे, 'कली ने कार मांगी...' द्वारा याद की जाने वाली) धातुओं को अत्यधिक अभिक्रियाशील (K, Na) से लेकर अल्प अभिक्रियाशील (Au, Ag) तक व्यवस्थित करती है। इसका उपयोग यह अनुमान लगाने के लिए किया जाता है कि कोई धातु ऑक्सीजन, जल या अम्ल के साथ अभिक्रिया करेगी या नहीं, तथा अन्य धातु लवणों को विस्थापित कर सकती है या नहीं।
नाइट्रिक अम्ल एक प्रबल ऑक्सीकारक है, इसलिए यह धातुओं के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस के बजाय जल बनाता है। उदाहरण के लिए, कॉपर सांद्र HNO₃ से अभिक्रिया करके लाल-भूरी NO₂ गैस और तनु HNO₃ से रंगहीन NO गैस देता है, जबकि अन्य अम्ल हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
अम्लराज सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का 3:1 के आयतन अनुपात में बना एक अत्यधिक संक्षारक मिश्रण है। इसका उपयोग सोना और प्लैटिनम जैसी निष्क्रिय धातुओं को घोलने के लिए किया जाता है, जो सामान्य अम्लों में नहीं घुलती हैं।
अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु (जैसे Na, K, Ca) ठंडे जल से तीव्र अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस और धातु हाइड्रॉक्साइड बनाती हैं, जो खतरनाक हो सकती है। मध्यम अभिक्रियाशील धातु (Mg, Al, Fe) केवल भाप (स्टीम) से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस और धातु ऑक्साइड बनाती हैं, जबकि सोडियम को नमी से बचाने के लिए मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
आयनिक यौगिक धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बनते हैं। धातु इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती है (ऑक्सीकरण), जबकि अधातु इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणायन बनाती है। धनायन और ऋणायन के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत बल को आयनिक बंध कहा जाता है, जैसे NaCl में Na⁺ और Cl⁻ के बीच।
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