मैट्रिक्स क्या है? (What is a Matrix?)
- मैट्रिक्स संख्याओं, एलिमेंट्स या एंटिटीज़ की एक रेक्टेंगुलर (आयताकार) अरेंजमेंट होती है।
- इसे ब्रैकेट्स (), [], या डब्बों में दर्शाया जाता है।
- यह एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जो विभिन्न विश्वविद्यालयों के एंट्रेंस एग्जाम्स (IBA, इकॉनमी, कॉमर्स) में नियमित रूप से पूछा जाता है। यह अवधारणा क्लास 12th मनी एंड बैंकिंग: मनी, बैंकिंग और क्रेडिट क्रिएशन का पूरा गाइड जैसे विषयों में डेटा को व्यवस्थित करने के लिए भी उपयोगी होती है।
मैट्रिक्स की पहचान: ऑर्डर (Order)
हर मैट्रिक्स की एक विशिष्ट पहचान होती है जिसे ऑर्डर, डायमेंशन या साइज़ कहते हैं।
- पंक्तियाँ (Rows/R): क्षैतिज (Horizontal) लाइनें।
- स्तंभ (Columns/C): ऊर्ध्वाधर (Vertical) लाइनें।
- ऑर्डर: "पंक्तियों की संख्या × स्तंभों की संख्या" (R × C) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
उदाहरण:
1 4 3 2एक 2 × 2 मैट्रिक्स है।1 2 5एक 1 × 3 मैट्रिक्स है।1 4 7 3 1 2 0 1 9एक 3 × 3 मैट्रिक्स है।
मैट्रिक्स के प्रकार (Types of Matrices)
मैट्रिक्स को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है:
1. स्क्वायर मैट्रिक्स (Square Matrix)
एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें पंक्तियों और स्तंभों की संख्या बराबर होती है (जैसे, 2×2, 3×3) ।
2. स्क्वायर मैट्रिक्स के उपप्रकार (Subtypes of Square Matrices)
यहां सबसे महत्वपूर्ण प्रकार दिए गए हैं:
a) डायगोनल मैट्रिक्स (Diagonal Matrix)
- एक स्क्वायर मैट्रिक्स जिसमें मुख्य विकर्ण (Main Diagonal) के एलिमेंट्स के अलावा बाकी सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं।
- उदाहरण:
2 0 0 7(यहां डायगोनल एलिमेंट्स 2 और 7 हैं, बाकी शून्य) । - परिभाषा: 'एनी स्क्वायर मैट्रिक्स हूज़ ऑल एलिमेंट्स आर ज़ीरो एक्सेप्ट द डायगोनल वन्स इज़ नोन ऐज़ अ डायगोनल मैट्रिक्स।'
b) स्केलर मैट्रिक्स (Scalar Matrix)
- यह डायगोनल मैट्रिक्स का ही एक एडवांस वर्जन है।
- इसमें डायगोनल के सभी एलिमेंट्स समान (Equal & Non-Zero) होते हैं, और बाकी सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं।
- उदाहरण:
3 0 0 3(डायगोनल पर सभी 3 हैं) ।
c) यूनिट/आइडेंटिटी मैट्रिक्स (Identity Matrix)
- यह स्केलर मैट्रिक्स का एक विशेष रूप है।
- इसमें डायगोनल के सभी एलिमेंट्स 1 (One) के बराबर होते हैं, और बाकी सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं।
- इसे
Iसे दर्शाया जाता है। I₂ का मतलब 2×2 का आइडेंटिटी मैट्रिक्स, I₃ का मतलब 3×3 का आइडेंटिटी मैट्रिक्स। - उदाहरण (I₂):
1 0 0 1
d) ट्रायंगुलर मैट्रिक्स (Triangular Matrix)
यह दो प्रकार का होता है:
-
अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स (Upper Triangular Matrix):
- इस मैट्रिक्स में मुख्य विकर्ण के नीचे (Below Main Diagonal) के सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं, जबकि विकर्ण के ऊपर के एलिमेंट्स मौजूद होते हैं।
- परिभाषा: 'इफ़ ऑल द एलिमेंट्स बिलो द डायगोनल लाइन आर ज़ीरो, इट इज़ कॉल्ड अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स।'
-
लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स (Lower Triangular Matrix):
- इस मैट्रिक्स में मुख्य विकर्ण के ऊपर (Above Main Diagonal) के सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं, जबकि विकर्ण के नीचे के एलिमेंट्स मौजूद होते हैं।
- परिभाषा: 'इफ़ ऑल द एलिमेंट्स अबव द डायगोनल लाइन आर ज़ीरो, इट इज़ कॉल्ड लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स।'
3. सिमेट्रिक और स्क्यू-सिमेट्रिक मैट्रिक्स (Symmetric & Skew-Symmetric Matrices)
ये वर्गीकरण ट्रांसपोज़ (Transpose) की अवधारणा पर आधारित है।
- ट्रांसपोज़: मैट्रिक्स की पंक्तियों (Rows) को स्तंभों (Columns) में बदलना।
a) सिमेट्रिक मैट्रिक्स (Symmetric Matrix)
- शर्त: जब किसी मैट्रिक्स (A) का ट्रांसपोज़ लेने पर वापस वही मैट्रिक्स (A) प्राप्त हो।
- सूत्र: A = Aᵀ (यानी ट्रांसपोज़ = ओरिजिनल मैट्रिक्स)।
- उदाहरण:
1 3 3 2का ट्रांसपोज़ लेने पर वापस वही मैट्रिक्स मिलता है।
b) स्क्यू-सिमेट्रिक मैट्रिक्स (Skew-Symmetric Matrix)
- शर्त: जब किसी मैट्रिक्स (A) का ट्रांसपोज़ लेने पर मैट्रिक्स का ऋणात्मक (Negative) प्राप्त हो।
- सूत्र: Aᵀ = -A (यानी ट्रांसपोज़ = ओरिजिनल मैट्रिक्स का नेगेटिव)।
- नियम: इसमें डायगोनल के सभी एलिमेंट्स शून्य (0) होते हैं।
- उदाहरण: मैट्रिक्स
0 -4 1 4 0 -3 -1 3 0का ट्रांसपोज़ लेने पर0 4 -1 -4 0 3 1 -3 0प्राप्त होता है, जो मूल मैट्रिक्स का नेगेटिव है।
मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)
- डायगोनल: सिर्फ डायगोनल मौजूद, बाकी शून्य।
- स्केलर: डायगोनल के सभी एलिमेंट्स समान।
- यूनिट: डायगोनल के सभी एलिमेंट्स 1।
- अपर ट्रायंगुलर: विकर्ण के नीचे शून्य।
- लोअर ट्रायंगुलर: विकर्ण के ऊपर शून्य।
- सिमेट्रिक: A = Aᵀ
- स्क्यू-सिमेट्रिक: Aᵀ = -A
अस्सलाम वालेकुम क्लास। हम लोग अपनी क्लास का आगाज करते हैं और आज की क्लास के अंदर हम लोग मैट्रिससेस के टॉपिक को डिस्कस
करेंगे। पहली बात तो ये है कि ये टॉपिक बहुत इंटरेस्टिंग है। दूसरे नंबर के ऊपर ये जो टॉपिक आ रहा है इस टॉपिक के
क्वेश्चंस आपको बेतहाशा डिफरेंट यूनिवर्सिटीज के अंदर मिलेंगे। तीसरे नंबर के ऊपर लास्ट ईयर लास्ट ईयर आईबीए ने एक
धमाका करा। आईबीए का जो बीबीए का राउंड नंबर वन था ना उसमें मैट्रिससेस के क्वेश्चंस आए हुए थे। मेजॉरिटी जो बीकैट
का बच्चा था ना वो पागल हो गया। वो कहता है कि सर मैट्रिससेस हमारे पेपर में कैसे आ सकते हैं? सो भाई ये चीज ज़हन में
रखिएगा। मैट्रिससेस एक ऐसा टॉपिक है जो ईट साइट पे भी बहुत आता है। बीकैट साइट पे भी बहुत आता है। आप नर्स का टेस्ट दे दो। आप
फ़ास्ट का टेस्ट दे दो। आप एनईडी का एग्जाम दे दो। आप कोई भी एग्जाम दे दो। मैट्रिससेस एक ऐसा कांसेप्ट है जो हर
यूनिवर्सिटी के अंदर आएगा। क्योंकि भाई मैट्रिससेस है ही बड़ा खूबसूरत कांसेप्ट। मैट्रिससेस बहुत से ए लेवल्स के बच्चे
होते हैं जिन्होंने पढ़ा हुआ भी नहीं होता। कोई मसले की बात नहीं। हम लोग बहुत तरीके से समझेंगे। हमारे पास मैट्रिससेस कहते
किसे हैं? सबसे पहले नंबर के ऊपर तो क्वेश्चन हमारे ज़हनों में ही आता है। सर मैट्रिसेस होता क्या है? व्हाट इज अ
मैट्रिक्स? मैट्रिस किसे कहते हैं? हैं भाई बचपन से पढ़ते हुए आ रहे हैं। तो याद रखिएगा मैट्रिससेस की जो बुनियादी
डेफिनेशन होती है ना मैट्रिससेस कहा जाता है रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट ऑफ दी नंबर को। यानी कि कभी भी आपके पास अगर जो आपके
नंबर्स हैं आपके जो एलिमेंट्स हैं अगर वो रेक्टेंगुलरली अरेंज हुए हुए हैं ना इसको हम क्या कहते हैं? मैट्रिससेस कहते हैं।
रिमेंबर दिस थिंग मैट्रिससेस एक ऐसा कांसेप्ट है जहां से ना सिर्फ थ्योरिटिकल के कांसेप्ट बहुत ज्यादा पेपर में आएंगे
बल्कि यहां से न्यूमेरिकल कॉन्सेप्ट भी बहुत ज्यादा पेपर के अंदर आएंगे। सो इसीलिए आप लोगों ने बड़ा खास ख्याल रखना
है मैट्रिससेस के टॉपिक को पढ़ते हुए। मैट्रिससेस के बुनियादी मायने क्या होते हैं? रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट। मैट्रिससेस
को अगर कोई आप बुनियादी अल्फाजों में कहना चाहो ना कि भई मैट्रिससेस किसको कहते हैं? भई अगर कभी भी नंबर्स आपके रेक्टेंगुलर के
फॉर्म में अरेंज हुए हुए हैं ना इसको हम मैट्रिक्स कहते हैं। फॉर एग्जांपल देयर आर लॉट ऑफ़ वेज़ टू डिस्क्राइब अ मैट्रिक्स। कई
तरीकेकार आ रहे हैं मैट्रिससेस को डिफाइन करने के। मैं कह सकता हूं कि भई मेरे पास जो है ना रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट के अंदर
नंबर्स आ जाए। रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट के अंदर एलिमेंट्स आ जाए। कोई भी चीज़ आ जाए। अगर वो एक प्रॉपर पैटर्न के ऊपर अरेंज हुई
हुई है ना तो उसको हम लोग क्या कहेंगे? उसको हम लोग बोलेंगे मैट्रिक्स। ये बहुत बुनियादी सी डेफिनेशन है मैट्रिक्स की।
अच्छा मैट्रिससेस को यूजुअली आप लोगों ने देखा होगा इस तरीके से डिनोट करते हैं। या तो आपके पास ये वाले ब्रैकेट्स यूज़ हो
रहे होते हैं। या फिर आपने देखा होगा ये वाले ब्रैकेट्स भी मैट्रिससेस के लिए इस्तेमाल होते हैं। या फिर बहुत सी
कंडीशंस के अंदर मैट्रिससेस को डिनोट करने के लिए दुनिया में ये डब्बे भी इस्तेमाल होते हैं। ये वाला सिंबल भी इस्तेमाल होता
है। मैट्रिससेस आपके पास इस फॉर्म में आए, इस फॉर्म में आए, इस फॉर्म में आए, मैट्रिससेस मैट्रिससेस होते हैं। ऑलवेज
रिमेंबर दिस थिंग मैट्रिससेस किसे कहा जाता है? रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट ऑफ दी नंबर्स को। को, रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट ऑफ
द एलिमेंट्स को, रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट ऑफ द एंटिटीज़ को हम क्या कहते हैं? मैट्रिससेस कहते हैं। मैट्रिससेस के अंदर
चंद बुनियादी बातें होती हैं जिसका हमें बड़ा खास ख्याल रखना है। सबसे पहले नंबर के ऊपर व्हनेवर वी टॉक अबाउट दी मैट्रिक्स,
सबसे बुनियादी चीज क्या आती है? भाई मैट्रिक्स की पहचान क्या होगी? फॉर एग्जांपल कोई बंदा अगर मुझे आवाज़ देगा,
कैसे आवाज़ देगा? हाशिम हाउ आर यू? यानी कि भाई ही विल बी आस्क कॉलिंग माय नेम और माय पेट नेम एनीथिंग। सही है ना? सिमिलरली अगर
आपका नाम बबलू है, आपका नाम टबलू है, आपका नाम शब्लू है, आपका नाम अली है, आपका नाम अहमद है, आपका नाम कुछ भी है। मतलब एक्स व
जी देयर कैन बी लॉट ऑफ़ नेम्स इंसान के ना। तो भाई कोई ना कोई आपका यूनिक नेम होगा जिससे कोई बंदा आपको कॉल करता होगा।
सिमिलरली देखो मैट्रिससेस दुनिया में बहुत सारे हो सकते हैं। हम कैसे पहचानेंगे कौन सा मैट्रिक्स कैसा है? ये बड़ी लॉजिकल चीज
है। तो मैट्रिक्स को पहचानने का जो तरीकेकार होता है ना मैथ्स के अंदर उसको कहा जाता है ऑर्डर। भाई ये होता है
मैट्रिक्स को पहचानने का तरीका। कि भाई ऑर्डर क्या है इस मैट्रिक्स का? ऑर्डर का मतलब क्या होता है? किसी भी मैट्रिक्स के
अंदर जो उसके नंबर ऑफ रोस हैं और जो उसके नंबर ऑफ कॉलम्स हैं। अच्छा एक चीज मैं यहां पे क्लेरिफाई कर देता हूं। मैं अक्सर
देखता हूं बच्चों को यही नहीं पता होता रॉ किसे कहते हैं? कॉलम किसे कहते हैं? हमेशा याद रखिएगा रॉ का मतलब होता है हॉरिजॉन्टल
लाइंस। रॉ किसे कहा जाता है? हॉरिजॉन्टल लाइन को। कॉलम किसे कहा जाता है? कॉलम कहा जाता है बेटा वर्टिकल लाइन को। इट्स अ
वेरी नॉर्मल थिंग। फॉर एग्जांपल मेरे पास एक मैट्रिक्स है 1 2 3 नीचे आ रहा है 4 5 7। लेट्स सपोज। तो भाई इसके अंदर रॉस
कितनी आ रही हैं? रॉ। रॉ का मतलब क्या होता है? देखो, रॉ कहते हैं हॉरिजॉन्टल लाइन को। आई ऑलवेज टेल माय स्टूडेंट्स कि
देखो, आई ऑलवेज टीच फ्रॉम पर्स्पेक्टिव ऑफ़ अ वेरी अ बैक बैक बेंचर स्टूडेंट। हां, मेरी कोशिश होती है मैं उस बैक बेंचर
स्टूडेंट के हवाले से गाइड करूं। नॉर्मली बच्चा जब मैट्रिससेस पढ़ता है ना, उसको ये नहीं पता होता कि रोज़ कौन सी है, कॉलम कौन
सी है? अक्सर बच्चा इसमें कंफ्यूज होता है। तो याद रखिएगा ये जो हॉरिजॉन्टल लाइंस है ना इसको रोस कहा जाता है। कॉलम्स का
मतलब क्या होता है? वर्टिकल लाइन। ये जो है ना ये आपका कॉलम है। दिस इज़ योर कॉलम। दिस इज़ योर कॉलम। वर्टिकल लाइन इज़ नोन ऐज़
दी कॉलम। ये बड़ी बुनियादी बात है मगर मैंने अच्छे-अच्छे बच्चों को इसमें कंफ्यूज होते हुए देखा हुआ है। सो देखो
कभी हम मैट्रिक्स की बात करते हैं तो मैट्रिक्स का आगाज कैसे होता है मैट्रिक्स के नाम से? मैट्रिक्स का नाम डिपेंड करता
है उसके ऑर्डर के ऊपर। या फिर इसका एक और नाम भी होता है। इसको कहा जाता है डायमेंशन ऑफ अ मैट्रिक्स। क्या कहा जाता
है? इसको कहा जाता है डायमेंशन ऑफ़ अ मैट्रिक्स। कि भाई मैट्रिक्स की डायमेंशन क्या है? या फिर इसका एक और नाम होता है।
इसको साइज ऑफ द मैट्रिक्स भी कहा जाता है। जैसे हमारे घरों में हमारे कोई पेट नेम्स होते हैं ना हमारे निकनेम होते हैं। जैसे
हाशम का नाम बबलू है, डब्लू है, शब्लू है, जो भी है तो भ हमारे निक नेम है। सिमिलरली ऑर्डर ऑफ द मैट्रिक्स भी इसे कहते हैं।
इसे डायमेंशन ऑफ अ मैट्रिक्स भी कहते हैं। इसे हम साइज ऑफ़ अ मैट्रिक्स भी कहते हैं। भई मैं सारी चीजें अपने ऊपर रख के सुनाता
हूं ताकि कोई बच्चा फील ना करे। सही है? अच्छा ऑर्डर होता क्या है? मैट्रिक्स के ऑर्डर का मतलब होता है रोज़ इंटू कॉलम।
यानी कि नंबर ऑफ़ रोस बाय नंबर ऑफ कॉलम इज़ नोन एज़ दी ऑर्डर ऑफ़ अ मैट्रिक्स। कोई रट्टे मारने की चीज़ है इसके अंदर। लोग बैठ
के रट्टे मारते हैं। बताओ उसमें रट्टे मारने वाली क्या चीज़ है? इसको नॉर्मली जो डिनोट करते हैं ना वो इस सिंबल से करते
हैं। m * n भाई मगर कोई उसमें क्लासिफाई वो नहीं है कि मतलब फिक्स नहीं है कि भ m सही करोगे n से सही करोगे कोई जरूरत नहीं
है। हमेशा याद रखिएगा मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या होता है? सबसे पहले आपके पास रोज़ आती हैं फिर कॉलम्स आते हैं। ऑलवेज रिमेंबर
दिस थिंग। पहले रोज़ आती हैं, फिर कॉलम्स आते हैं। सही है ना? मैं इसके ऊपर आपको डिफरेंट भी एग्जांपल्स दिखाता हूं। यू
डोंट नीड टू वरी अबाउट एनीथिंग। आपको इस पे परेशान होने की कतई तौर पे जरूरत नहीं है कि सर ये तो इतना मुश्किल है। अरे भाई
कोई मुश्किल चीज नहीं है। बहुत सिंपल सी बात है। मैं अभी आपको इसके ऊपर डिफरेंट एग्जांपल सिखाता हूं। फॉर एग्जांपल मैं
कहता हूं कि भ मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 1 2 4 1 बुनियादी सी बात है। बहुत बुनियादी सी। मेरे पास एक और मैट्रिक्स आ
रहा है 3 1 4 सही है ना? मेरे पास एक और मैट्रिक्स आ रहा है। फॉर एग्जांपल लेट्स सपोज 1 2 0 ने 1 2 0 ने 1 2 0 लेट्स सपोज
सही है? मैं आपसे कहता हूं इस मैट्रिक्स का नाम क्या है? देखो पहले अगर आप नर्सरी क्लास को पढ़ लोगे ना अगर आपने इंटर क्लास
को पढ़ लिया। नर्सरी क्लास को पढ़ लिया यकीन मानो ऐपटीट्यूड क्लास को पढ़ना बहुत आसान है। क्योंकि जब इमारत की बेस बड़ी
स्ट्रांग होती है ना तो उसमें अच्छी इमारत तामीर होती है। तो आपको पहले बेसिक बातों का आईडिया होना चाहिए कि भाई देखो ऑर्डर
ऑफ द मैट्रिक्स क्या है? इस मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या है? अगर कोई बंदा आपसे पूछे ना मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या है? तो भाई देखो
इसमें कितनी रोज़ आ रही हैं? दो रोज़ आ रही हैं। कितने कॉलम्स आ रहे हैं? दो कॉलम्स आ रहे हैं। तो इस मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या
कहलाएगा? 2 / 2 का कहलाएगा। इसको क्या बोलेंगे हम? 2 / 2 का मैट्रिक्स है। भाई ये मैट्रिक्स कैसा है? 2 / 2 का है। फॉर
एग्जांपल मेरे पास ये एक मैट्रिक्स आ रहा है। तो भाई इसका ऑर्डर क्या है? देखो इसमें रोज़ कितनी है? इसमें रो एक ही है।
कॉलम कितने हैं? कॉलम तीन है। तो इसको हम क्या बोलेंगे? रो कितनी है? एक। कॉलम कितनी है? तीन। तो इसको आप बोलोगे 1/3 का
मैट्रिक्स आ रहा है। ये मैट्रिक्स कैसा आ रहा है? 1/3 का। लेट्स सपोज ये एक मैट्रिक्स आ रहा है। इसमें देखो रोज़ कितनी
आ रही हैं? तीन। कॉलम भी कितने आ रहे हैं? तीन। तो इसको हम क्या बोलेंगे? 3/3 का मैट्रिक्स। क्या बोलेंगे बेटा? 3/ 3 का
मैट्रिक्स। दो चीजों का हमेशा ख्याल रखिएगा। मैट्रिक्स कहते किसे हैं? रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट ऑफ नंबर्स,
एलिमेंट्स, एंटिटीज़। मैट्रिक्स की पहचान क्या होती है? मैट्रिक्स की सबसे बुनियादी पहचान उसका ऑर्डर होता है कि भाई उसका
ऑर्डर क्या है? भाई उसकी बुनियादी कंडीशन, बुनियादी नेम क्या होता है? ऑर्डर के ऊपर डिफाइंड होता है कि भई लेट्स सपोज 2 / 2
का मैट्रिक्स है, 1/3 का है, 3 / 1 का है, 2 / 1 का है, 2 / 4 का है। किस चीज का है? तो ऑर्डर किसको कहा जाता है? रोज़ इनू
कॉलम्स को ऑर्डर कहा जाता है। भाई टाइप्स ऑफ द मैट्रिसेस क्या होती है? सबसे पहले नंबर के ऊपर जो सबसे पहली टाइप आती है
दुनिया के अंदर किसी भी मैट्रिक्स की ये आती है स्क्वायर मैट्रिक्स। अपने पास जल्दी से सोचो स्क्वायर मैट्रिक्स किसे
बोलेंगे? याद रखिएगा दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स जो कि स्क्वायर हो। स्क्वायर का मतलब क्या होता है? देखो लोग
इसके रट्टे मारते हैं। आपने लॉजिकली सोचना है। रट्टे नहीं मारने की जरूरत पड़ेगी। गारंटी देता हूं आपको। स्क्वायर दुनिया
में एक ऐसी ज्योमेट्रिकल शेप होती है जिसका हर जानिब से डिस्टेंस क्या होता है? बराबर होता है। तो अगर कोई स्क्वायर
मैट्रिक्स आ रहा है तो स्क्वायर मैट्रिक्स का मतलब क्या होगा? लोग कहते हैं सर इसमें रट कैसे याद रखेंगे? तो भाई देखो स्क्वायर
से ज़हन से बिठाओ। स्क्वायर क्या होता है? स्क्वायर होता है एक ऐसी शेप जिसकी हर तरफ से साइड्स क्या हो? बराबर हो। तो स्क्वायर
मैट्रिक्स दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स होता है जिसके रोज़ और कॉलम्स क्या हो? बराबर हो। यानी कि दुनिया का एक ऐसा
मैट्रिक्स जिसके रोज़ और कॉलम्स क्या हो? बराबर हो। उसको कहा जाता है स्क्वायर मैट्रिक्स। यानी कि फॉर एग्जांपल मैं आपसे
कहता हूं कि भाई मेरे पास एक मैट्रिक्स है वन टू थ्री और वन। यानी कि देखो ये कैसा मैट्रिक्स है? एक ऐसा मैट्रिक्स है जो कि
2 / 2 का है। इसकी रोज़ और कॉलम्स क्या है? आपस में बराबर हैं। लेट्स सपोज मैं कहता हूं मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 1 4 1
3 1 2 0 1 9 सही है ना? लेट्स सपोज एक मैट्रिक्स आ रहा है। अब देखो ये कैसा मैट्रिक्स है? इसमें कितनी रोज़ आ रही हैं?
तीन रोज़ आ रही हैं। तीन कॉलम्स आ रहे हैं। तो ये 3/3 का मैट्रिक्स आ गया। सिमिलरली आपके पास कल को 4/4 का मैट्रिक्स आ जाए।
5/5 का मैट्रिक्स आ जाए। 1 / 1 का आ जाए, 7 / 7 का आ जाए। यानी कि दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके अंदर रोज़ और कॉलम्स
आपस में बराबर हो उसको स्क्वायर मैट्रिक्स कहते हैं। इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। देखो इसको ऐसे ज़हन में बिठाओ कि स्क्वायर।
स्क्वायर कौन सी शेप होती है? स्क्वायर दुनिया में एक ऐसी शेप होती है जिसकी तमाम साइड्स का डिस्टेंस क्या होता है? बराबर
होता है ना? तभी तो उसको स्क्वायर कहा जाता है। तो स्क्वायर मैट्रिक्स का क्या मतलब है? एक ऐसी दुनिया की शेप जहां पे
रोज़ और कॉलम आपस में क्या हो? बराबर हो। याद रखिएगा मैं कहीं पे भी R लिखूं इसका मतलब क्या? रोज़। C लिखूं इसका मतलब क्या
है? कॉलम। इट इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। क्लियर है बेटा? तो स्क्वायर मैट्रिक्स क्या होता एक ऐसा मैट्रिक्स जहां पे रोज़
और कॉलम आपस में बराबर हो। अब देखो स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप्स आती हैं। अब जो है ना जरा आगे बढ़ते हैं असल चीज के
ऊपर। अब आती है हमारे पास सबसे पहले नंबर के ऊपर स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप्स। अभी तो हम सिंपल मैट्रिक्स की टाइप्स देख रहे
थे ना कि पहले तरह का मैट्रिक्स होता है स्क्वायर मैट्रिक्स। अब हमारे पास आता है इस नंबर के ऊपर देखो हमारे पास स्क्वायर
मैट्रिक्स की टाइप क्या आती है? जरा गौर से देखिएगा। सबसे पहले नंबर के ऊपर जो स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप आती है, इसका
नाम होता है डायगोनल मैट्रिक्स। क्या नाम होता है बेटा? इसका नाम होता है डायगोनल मैट्रिक्स। इसको क्या कहते हैं? डायगोनल
मैट्रिक्स। अब ये होता क्या है? इसको समझते हैं जरा डिटेल के अंदर। देखो लफज़ डायगोनल किसे कहा जाता है? अगर कभी भी
आपके पास लफज़ आए ना डायगोनल, तो डायगोनल किसे कहते हैं? तिरछी लाइन को। नॉर्मली डायगोनल का मायने क्या होते हैं? तिरछी
लाइन। तो डायगोनल मैट्रिक्स क्या होता है? सर इसको याद कैसे रखें? तो मैं सबसे पहले आपको एक एग्जांपल दिखाता हूं। मैं कहता
हूं मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है। फॉर एग्जांपल टू। यहां पर आ रहा है सेवन। इधर भी ज़ीरो है, इधर भी ज़ीरो है। मैं आपके
सामने पहले टाइप्स लिख रहा हूं। एग्जांपल दे रहा हूं ताकि आपको बात समझ में आए। देखो थ्योरिटिकल डेफिनेशन के रट्टे मारना
सबसे इंतहाई नालायक काम होता है। वो हर एक मार सकता है। मगर एक अच्छा बच्चा कौन सा होगा जिसको एटलीस्ट लॉजिक पता हो। जब
लॉजिक पता होगी ना तो रट्टे मारने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तो आप देखो मैं आपके सामने दो तरह के मैट्रिक्स बना रहा हूं।
जरा गौर से देखिएगा इन मैट्रिक्स के अंदर क्या खास बात है? मैं आपसे कहता हूं कि भई हमारे पास कुछ मैट्रिससेस आ रहे हैं। तो
बेटा मैंने आपके सामने दो तरह के मैट्रिससेस को रखा। इन मैट्रिससेस के अंदर खास बात क्या है? अगर आप गौर से देखो इन
दोनों मैट्रिससेस के अंदर हमारे पास जो डायगोनल एलिमेंट्स हैं ना जो डायगोनल एलिमेंट्स हैं सिर्फ वो एकिस्ट कर रहे
हैं। बाकी जितने भी नॉन डायगोनल एलिमेंट्स आ रहे हैं वो सारे के सारे क्या हैं? वो सारे के सारे जीरो हैं। अगर आप गौर से इन
दोनों मैट्रिससेस को देखो तो इन दोनों में खास बात क्या है? कि जो सिर्फ डायगोनल मैट्रिक्स हैं, डायगोनल एलिमेंट्स आ रहे
हैं। तो यहां पे इस मैट्रिक्स के अंदर डायगोनल एलिमेंट्स की वैल्यूज़ एक्सिस्ट कर रही हैं। नॉन डायगोनल सारे के सारे क्या
हैं? ज़ीरो हैं। तो ऐसा मैट्रिक्स दुनिया के अंदर जहां पे आपके पास डायगोनल एलिमेंट्स एक्सिस्ट करते हो। डायगोनल
एलिमेंट्स का मतलब क्या है? एक तिरछी लाइन का होना। सही है ना? डायगल एलिमेंट्स कहते हैं एक तिरछी लाइन का होना। सबसे आसान
कांसेप्ट। अदरवाइज जो इसकी बुनियादी डेफिनेशन होती है वो ये होती है कि भाई तुम्हारे पास एक एलिमेंट हो देन आपके पास
नेक्स्ट वाले को आप छोड़ो फिर उससे अगले वाले के ऊपर जाओ। तो डायगोनल मैट्रिक्स के बेसिक मायने क्या होते हैं भाई? एक ऐसा
मैट्रिक्स, एक ऐसा मैट्रिक्स जहां पे आपके पास डायगोनल एलिमेंट्स क्या हो? डायगोनल एलिमेंट्स एग्ज़िस्ट करते हो और नॉन
डायगोनल्स क्या हो? हमारे पास ज़ीरो के बराबर। नॉन डायगोनल्स हमारे पास क्या हो? ज़ीरो के बराबर। क्लियर है भाई? नॉन
डायगोनल्स क्या हो? अगर हमारे पास जीरो के बराबर तो ऐसे मैट्रिक्स को हम क्या कहते हैं? ऐसे मैट्रिक्स को हम कहते हैं
डायगोनल एलिमेंट्स। क्लियर है बेटा? यानी कि भ डायगोनल मैट्रिक्स क्या है कि देखो डायगोनल एलिमेंट्स की वैल्यूज़ तो आ रही है
मगर नॉन डायगोनल्स क्या है हमारे पास? ज़ीरो के बराबर। बुनियादी डेफिनेशन क्या होगी? एनी स्क्वायर मैट्रिक्स हुस ऑल
एलिमेंट्स आर ज़ीरो एक्सेप्ट दी डायगोनल वंस। यानी कि मैं इसको क्या कह सकता हूं? मैं इसको कहूंगा एनी स्क्वायर मैट्रिक्स
एनी स्क्वायर मैट्रिक्स हुस ऑल एलिमेंट्स आर ज़ीरो। एक्सेप्ट द डायगोनल्स वन इज़ नोन ऐज़ द डायगोनल मैट्रिक्स। इट्स अ वैरी
नॉर्मल थिंग। आपको रट्टे मारने की जरूरत ही नहीं है। आप इसके लॉजिक को ऐसे समझो कि भई स्क्वायर मैट्रिक्स होगा हमेशा।
क्योंकि स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप है। तो कोई भी स्क्वायर मैट्रिक्स हो फॉर एग्जांपल 4 बाय 4 का मैट्रिक्स आ जाए।
लेट्स सपोज 4/4 का मैट्रिक्स आ जाए कि भई आपके पास 4 बाय 4 का मैट्रिक्स आ गया। यानी कि कैसा मैट्रिक्स आ रहा है? 4 / 4
का मैट्रिक्स आ रहा है। बच्चा परेशान हो गया। कोई मसले की बात नहीं है। भाई आपको क्वेश्चन देख के अंदाजा हो जाएगा। अगर 4
बाय 4 का मैट्रिक्स भी आ रहा है ना तो रिमेंबर दिस थिंग जो डायगोनल एलिमेंट्स होंगे ना वो एग्जिस्ट करेंगे। नॉन डायगोनल
सारे के सारे क्या ज़ीरो हैं। ऐसे मैट्रिक्स को हम क्या बोलेंगे? डायगोनल मैट्रिक्स बोलेंगे। सो इसकी बुनियादी
डेफिनेशन आप क्या लिख सकते हो? एनी डाय एनी स्क्वायर मैट्रिक्स एनी स्क्वायर मैट्रिक्स हुस ऑल एलिमेंट्स आर ज़ीरो
एक्सेप्ट द डायगोनल एलिमेंट्स इज़ नोन ऐज़ दी डायगोनल मैट्रिक्स। इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। क्लियर है? अच्छा हमारे पास सेकंड
नंबर के ऊपर कॉन्सेप्ट क्या आता है? ये तो डायगल मैट्रिक्स था। डायगोनल मैट्रिक्स के अंदर क्या होता है? सिर्फ डायगोनल
एलिमेंट्स की वैल्यूज़ एग्ज़िस्ट कर रही होती है और नॉन डायगोनल सारे के सारे ज़ीरो होते हैं। अब आप में से किसी ना किसी
बच्चे के ज़हन में कांसेप्ट आना चाहिए। सर अगर डायगोनल एलिमेंट्स की वैल्यूज़ सिमिलर हो जाए तब क्या होगा? अगर किसी डायगोनल
मैट्रिक्स के अंदर हमारे डायगोनल एलिमेंट्स की वैल्यूज़ क्या हो जाए? सिमिलर हो जाएं। यानी कि जो वैल्यू यहां पे आ रही
है वही वैल्यू यहां पर आ जाए। ऐसे मैट्रिक्स को क्या बोलेंगे? तो भाई ऐसे मैट्रिक्स को मैथ्स में कहा जाता है
स्केलर मैट्रिक्स। अब बहुत सारे बच्चे रट्टे मारेंगे। देखो रट्टे नहीं मारने। गौर से बात को समझो। स्केलर मैट्रिक्स
क्या होता है? आप लोगों में से किसी के ज़हन में भी अगर ये कॉन्सेप्ट आया हो ना कि सर अगर डायगोनल एलिमेंट्स क्या हो जाए?
डायगोनल एलिमेंट्स अगर सिमिलर हो जाए तो उसको क्या बोलेंगे? तो भाई ऐसे मैट्रिक्स को कहा जाता है स्केलर मैट्रिक्स। स्केलर
मैट्रिक्स की दुनिया में लॉजिक ही यही होती है। क्या लॉजिक होती है कि देखो दुनिया के अंदर एक ऐसा डायगोनल मैट्रिक्स
फॉर्म किया जाए। दुनिया के अंदर एक ऐसा डायगोनल मैट्रिक्स हो जहां पे आपके जो डायगोनल एलिमेंट्स थे वो क्या आ जाए? सारे
के सारे सेम आ जाए एक्सेप्ट वन। यानी कि देखो मैं कहता हूं कि मेरे पास एक ऐसा मैट्रिक्स है। मेरे पास एक ऐसा मैट्रिक्स
है जहां पे लेट्स सपोज जो डायगोनल एलिमेंट्स हैं ना वो ना सिर्फ सिमिलर हैं बल्कि उसके अलावा बाकी तमाम के तमाम
एलिमेंट्स जीरो हैं। तो चूंकि मैंने लफ्ज यहां पे डायगोनल इस्तेमाल करा है। तो इसका मतलब नॉन डायगोनल्स की वैल्यूस क्या है?
ज़ीरो के बराबर और डायगोनल एलिमेंट्स मौजूद हैं और सिमिलर भी हैं। सो ऐसे मैट्रिक्स को हम बोलेंगे स्केलर मैट्रिक्स। फॉर
एग्जांपल मैं कहता हूं 3/3 का एक मैट्रिक्स आ रहा है। बात को लॉजिकली समझो। 3/3 का मैट्रिक्स आ रहा है। मैं कहता हूं
कि भाई डायगोनल एलिमेंट्स सिर्फ मौजूद हैं पूरे मैट्रिक्स के अंदर। पूरे मैट्रिक्स के अंदर सिर्फ डायगोनल एलिमेंट्स मौजूद
हैं। और जितने भी नॉन डायगोनल्स हैं वो क्या हैं? ज़ीरो हैं। और जो डायगोनल एलिमेंट्स मौजूद हैं वो भी सारे के सारे
क्या हैं? सिमिलर हैं। सो ऐसे मैट्रिक्स को क्या बोलेंगे? ऐसे मैट्रिक्स को हम बोलते हैं स्केलर मैट्रिक्स। यानी कि देखो
डायगोनल और स्केलर में डिफरेंस क्या है? डायगोनल मैट्रिक्स के अंदर आपके डायगोनल एलिमेंट्स खाली मौजूद होते हैं। वो कुछ भी
हो सकते हैं। वो सेम नहीं होंगे बस। वो कुछ भी हो सकते हैं और नॉन डायगोनल सारे के सारे क्या होंगे? वो जीरो के बराबर
होंगे। मगर स्केलर मैट्रिक्स के अंदर क्या होता है? स्केलर मैट्रिक्स के अंदर तमाम के तमाम एलिमेंट्स आपके जीरो होंगे। सिर्फ
डायगोनल एलिमेंट्स मौजूद होंगे। ना सिर्फ मौजूद होंगे बल्कि सारे के सारे सेम होंगे। अब किसी बच्चे के ज़हन में आएगा सर
क्या मतलब अगर सेम है वन नहीं हो सकते। सर अगर वन होंगे तो क्या होगा? भाई अगर वन होंगे ना तो ऐसे मैट्रिक्स का अलग नाम
होता है। ऐसे मैट्रिक्स को हम दुनिया में कहते हैं फिर यूनिट मैट्रिक्स। यानी कि आप लोगों ने अक्सर ये जुमला पढ़ा होगा। मैं इस
पूरी बात को भी रिकैकप भी करूंगा। परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये तीनों बड़े इंटरलिंक तरह किस्म के कांसेप्ट्स हैं।
हमारे पास बहुत सारे बच्चों के ज़हनों में एक क्वेश्चन आ रहा होगा। तो सर अगर डायगोनल एलिमेंट सेम हो मगर वन के बराबर
हो तब क्या कहेंगे उसे? अब देखो अगर मैं आपसे कहता हूं कि लेट्स सपोज़ मेरे पास एक कांसेप्ट आ रहा है। क्या कांसेप्ट आ रहा
है? कि भई मेरे पास ना सिर्फ डायगोनल एलिमेंट्स की वैल्यू सिमिलर हो बल्कि किसके बराबर हो? वन के बराबर हो। तो ऐसे
मैट्रिक्स को क्या बोलते हैं? देखो दुनिया में यूनिट मैट्रिक्स होता है। एक मैट्रिक्स। यूनिट कहते ही किसे हैं? यूनिट
का मतलब होता है वन का होना। यूनिट के मायने क्या होते हैं? यूनिट कहा ही जाता है वन को। यूनिट कहते हैं वन को। वन।
यूनिटी यूनिटी क्या है? वन है। सही है ना? तो अगर मैं आपसे कहता हूं कि भाई मेरे पास एक स्केलर मैट्रिक्स एग्जिस्ट कर रहा है।
मेरे पास क्या है? एक स्केलर मैट्रिक्स है। और वो ऐसा स्केलर मैट्रिक्स है जिसके तमाम के तमाम डायगोनल एलिमेंट्स किसके
बराबर हैं? वो बराबर है वन के। मैंने कहा स्केलर मैट्रिक्स है तो इसका मतलब डायगोनल एलिमेंट्स की वैल्यूस क्या होगी? सिमिलर
नॉन डायगोनल्स की ज़ीरो और सिमिलर भी कैसी होगी? वन के बराबर। ऐसे मैट्रिक्स को हम क्या कहते हैं? यूनिट मैट्रिक्स। जरा बात
को ऐसे करके समझिएगा। मैं कहता हूं कि भ मेरे पास एक ऐसा मैट्रिक्स है जिसके तमाम के तमाम एलिमेंट्स क्या हैं? ज़ीरो के
बराबर। और जो डायगोनल एलिमेंट्स हैं वो किसके बराबर हैं? वो मौजूद तो हैं। वो सिमिलर भी हैं मगर वो किसके बराबर हैं? वन
के। तो इसको हम क्या बोलेंगे? यूनिट मैट्रिक्स। या फिर इसका एक और नाम होता है। इसको कहा जाता है आइडेंटिटी
मैट्रिक्स। क्या कहा जाता है बेटा? आइडेंटिटी मैट्रिक्स। मैं इन तीनों कांसेप्ट्स को भी दोबारा रिपीट करूंगा
बहुत डिटेल में। पहले बात को समझो कि देखो आइडेंटिटी मैट्रिक्स होता ही क्या है? इसको रिप्रेजेंट करते हैं I से। फॉर
एग्जांपल अगर 2 / 2 का मैट्रिक्स है ना तो इसको I2 बोलेंगे। बहुत दफा पेपर के अंदर लिखा हुआ आता है कि I2 + का 4a। अब बच्चे
को पता ही नहीं होता I2 का मतलब क्या है? अरे भाई I का मतलब है आइडेंटिटी मैट्रिक्स और नीचे वाले टू का मतलब है ये उसके ऑर्डर
को डिनोट कर रहा है 2 / 2 का। लेट्स सपोज मेरे पास 3/3 का अगर यूनिट मैट्रिक्स होगा तो उसको लिखा जाएगा i3 तो i3 का मतलब क्या
है? देखो एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके डायगोनल एलिमेंट्स तमाम के तमाम ना सिर्फ बराबर हो बल्कि किसके बराबर हो? वन के बराबर हो। तो
उसको हम क्या बोलेंगे? आइडेंटिटी मैट्रिक्स हैविंग दी डायगोनल एलिमेंट एज द वन इज नोन एज द यूनिट मैट्रिक्स या फिर
आइडेंटिटी मैट्रिक्स। ये कहलाता है i3। मैं दोबारा से पूरी बात को रिपीट करता हूं। देखो तीनों में डिफरेंस क्या है?
हमारे पास सबसे पहले था स्क्वायर मैट्रिक्स। स्क्वायर मैट्रिक्स कहा ही ऐसे मैट्रिक्स को जाता है जिसके रोज़ और कॉलम्स
आपस में बराबर हो। हमारे पास सबसे बुनियादी जो तीन टाइप्स आती है स्क्वायर मैट्रिक्स की। एक का नाम है डायगोनल
मैट्रिक्स, एक का नाम है स्केलर, एक का नाम है यूनिटी मैट्रिक्स या यूनिट मैट्रिक्स। अब देखो डायगोनल मैट्रिक्स में
क्या खास बात थी? डायगोनल मैट्रिक्स दुनिया का एक ऐसा मैट्रिक्स है कि भाई उसके डायगोनल एलिमेंट्स कुछ भी हो सकते
हैं। उसके डायगोनल एलिमेंट्स कुछ भी हो सकते हैं। मगर एक्सेप्ट डायगोनल एलिमेंट्स यानी कि ये वाले जो एलिमेंट्स होंगे इस
लाइन के ऊपर उसके अलावा वाले बाकी तमाम एलिमेंट्स हमेशा जीरो होंगे। और डायगोनल एलिमेंट्स कुछ भी हो सकते हैं। तो मैं
क्या कह सकता हूं? मैं इसको कह सकता हूं एनी स्क्वायर मैट्रिक्स हुस ऑल एलिमेंट्स आर ज़ीरो। ऐसा स्क्वायर मैट्रिक्स जिसके
तमाम के तमाम एलिमेंट्स क्या हो? ज़ीरो के बराबर हो। ऑल एलिमेंट्स मस्ट बी ज़ीरो। एक्सेप्ट दी डायगोनल एलिमेंट्स। एक्सेप्ट
द डायगोनल एलिमेंट्स इज नोन एज अ डायगोनल मैट्रिक्स। फिर हमारे पास आया स्केलर मैट्रिक्स। तो स्केलर मैट्रिक्स किसे कहा
जाता है? स्केलर मैट्रिक्स कहा जाता है दुनिया का एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके अंदर जिसके अंदर हमारे पास जो डायगोनल
एलिमेंट्स हो ना वो सिमिलर हो। वो अलग ना हो। वो सेम हो। भाई बहुत से बच्चे होंगे ना इनके ज़हन में क्वेश्चन आएगा। सर क्या
होगा? अगर ये डायगोनल एलिमेंट सेम हो जाएं। तो भाई अगर डायगोनल एलिमेंट सेम हो जाए ना तो ये डायगोनल की एडवांस वर्जन आती
है। फॉर एग्जांपल इसकी छोटी सी मिसाल देता हूं। हो सकता है आप में से किसी ने iPhone 7 को यूज़ करा हो या कभी देखा होगा। iPhone
7 में और iPhone 16 जो नया आया है उसमें क्या डिफरेंस है? है दोनों iPhone दोनों Apple की प्रोडक्ट है। मगर खास बात क्या
है भाई? iPhone 17 जो आएगा या iPhone 16 जो आएगा क्या आप उसको iPhone 6 बोलोगे? अगर आप बोलोगे तो अगला बंदा रख के चांटा
मारेगा। बोलेगा भाई ₹6 लाख का मेरा फोन है। तो उसको iPhone 6 क्यों बोल रहा है? इसको iPhone 16 बोलो। क्यों बोलो? क्योंकि
अब उसकी एडवांस वर्जन है। बात समझ में आ रही है? तो भाई स्केलर मैट्रिक्स होता डायगल मैट्रिक्स ही है। मगर उसकी एडवांस
फॉर्म है। इसीलिए उसका नाम क्या है? स्केलर मैट्रिक्स है। इस बात को ऐसे समझिएगा। इसमें भी एक एमसीक्यूस आएगा
बताऊंगा। बहुत दफा आता है अक्सर बच्चे डायगोनल लगा कर आ जाएंगे। भाई एडवांस वर्जन क्या है? स्केलर मैट्रिक्स एक
एडवांस वर्जन है ना कि भाई ना सिर्फ तुम्हारे नॉन डायगोनल एलिमेंट जीरो हैं बल्कि जो डायगोनल एलिमेंट्स हैं वो सिमिलर
हैं। जितने भी डायगोनल एलिमेंट्स होंगे वो क्या होंगे? सिमिलर होंगे। आप कोई भी एग्जांपल उठा लो। आप दुनिया की कोई भी
एग्जांपल उठा लो। आप 4 बाय4 का मैट्रिक्स ले लो। लेट्स सपोज 4 बाय फोर का मैट्रिक्स आ रहा है। जो डायगोनल एलिमेंट्स होंगे ना
वो सारे के सारे क्या होंगे? सिमिलर और नॉन डायगोनल जितने भी आपके आपके एलिमेंट्स आ रहे होंगे वो सारे के सारे क्या होंगे?
होंगे वो ज़ीरो के बराबर होंगे। ये कहलाता है हमारे पास स्केलर मैट्रिक्स कि भाई अगर डायगोनल एलिमेंट्स क्या हो सिमिलर और नॉन
डायगोनल्स क्या हो जीरो के बराबर इसको कहा जाता है स्केलर मैट्रिक्स। अब इसमें भी एक एडवांस आती है। वो होता है ना iPhone के
अंदर पे एक iPhone X आता है। एक सिंपल iPhone आता है और एक और मेरे ख्याल में क्या आता है? iPhone X Pro है भाई इस तरह
की एडवांसमेंट आती है ना माशा्लाह से। तो इसी तरीके से देखो स्केलर मैट्रिक्स के अंदर भी एक एडवांसमेंट है कि भाई क्या
होगा अगर ना सिर्फ मेरे एलिमेंट सिमिलर हो बल्कि वन के बराबर आ जाएं। तो भ बंदा सोचता है ना सर वो iPhone 14 में iPhone
14 Pro के अंदर या iPhone 14X के अंदर डिफरेंस क्या है? अब डिफरेंस किस चीज का है कि देखो अगर यहां पे डायगोनल एलिमेंट्स
की जगह के ऊपर जो सिमिलर एलिमेंट्स हैं अगर मैं वहां पे वन लिख दूं सबके अंदर वन लिख दूं तब ये क्या बनेगा तब ये स्केलर का
एक एडवांस वर्जन बन जाएगा इसको कहते हैं आइडेंटिटी मैट्रिक्स या कहते हैं यूनिट मैट्रिक्स कि एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके नॉन
डायगोनल सारे के सारे क्या हो जीरो और डायगोनल एलिमेंट्स ना सिर्फ सिमिलर हो ना सिर्फ सेम हो बल्कि वो सारे के सारे वन के
बराबर हों मैंने और उसको कैटेगराइज़ कर दिया मैंने और उसको एक डब्बे में बंद कर दिया वो सारे के सारे अगर वन के बराबर हैं
तो उसको क्या बोलेंगे? आइडेंटिटी मैट्रिक्स बोलेंगे। इसको हम डिनोट करते हैं I के सिंबल से। I2 का मतलब होता है 2
/ 2 का आइडेंटिटी मैट्रिक्स। I3 का मतलब होता है 3/3 का यूनिट मैट्रिक्स या आइडेंटिटी मैट्रिक्स ज़ीरो आते हैं। नहीं
जरूरी नहीं है आते हैं। मगर कुछ कंडीशंस ऐसी होती है जहां पे कहा जाता है कि भाई डायगोनल एलिमेंट्स के अंदर आपके पास ज़ीरो
आ भी सकता है। कुछ कंडीशंस ऐसी होती है जहां पे बिल्कुल ये कहा जाता है क्योंकि डायगोनल एलिमेंट्स की जो बुनियादी
डेफिनेशन है ना उसमें ये कहा जाता है कि भ आपके पास एक एलिमेंट ऐसा हो जो कि नॉन ज़ीरो हो। बाकी जीरो हो भी सकता है। मगर
अगेन इसके अंदर जो है ना डिफरेंट यूनिवर्सिटीज के अंदर डिफरेंट तरह के रिसर्च के ऊपर इबाहाम होते हैं। मगर अगेन
इसकी जो बुनियादी डेफिनेशन है वो ये होती है कि भाई आपके पास बिल्कुल ज़ीरो आ सकता है। क्योंकि एक एलिमेंट खाली क्या होना
चाहिए? आपका नॉन ज़ीरो होना चाहिए। बाकी अगर ज़ीरो है तो डिफरेंस नहीं हुआ होता। मगर कुछ रिसर्च इसके ऊपर कहती है कि भाई
सारे एलिमेंट्स ही आपके नॉन ज़ीरो होने चाहिए। दोनों चीजें प्रेशराइज़ करती हैं। आपके लेवल के ऊपर इस तरह का कॉन्सेप्ट
पूछा नहीं जाएगा। बट अगर पूछा जाए तो रिमेंबर दिस थिंग। आपने बेसिक चीज़ को क्लेरिफाई रखना है कि भ नॉर्मली नॉन ज़ीरो
होते हैं। डायगल एलिमेंट्स। नॉर्मली क्या होते हैं? नॉन ज़ीरो होते हैं। मगर एक आध ज़ीरो आ सकता है। उसमें इतना फर्क नहीं
पड़ता। मगर यूजली क्या होते हैं? नॉन ज़ीरो होते हैं सारे के सारे। इसमें दो तरह की रिसर्च एक्सिस्ट कर रही होती हैं दुनिया
के अंदर। अच्छा इसके अंदर देखो हमारे पास क्वेश्चन क्या आता है? बहुत दफा पेपर के अंदर एक क्वेश्चन आ जाएगा। लेट्स सपोज
पेपर के अंदर क्वेश्चन क्या आएगा? एग्जामिनर बोलेगा कि भाई एक मैट्रिक्स है वो है 2 0 0 एग्जामिनर आपको तीन ऑप्शंस
देगा। एक ऑप्शन देगा कि भाई इस मैट्रिक्स का नाम क्या होगा? इसको डायगोनल मैट्रिक्स बोलेंगे। इसको हम स्केलर मैट्रिक्स
बोलेंगे। इसको हम आइडेंटिटी मैट्रिक्स बोलेंगे या फिर इसको हम ऑल ऑफ़ दीज़ बोलेंगे। अब बहुत सारे बच्चे क्या करते
हैं? बहुत सारे बच्चे इस तरह के क्वेश्चंस के अंदर डायगोनल मैट्रिक्स पे टिक करके आ जाते हैं। याद रखिएगा जैसे मैंने आपसे कहा
कि iPhone 16 और iPhone 6 अगर जिस बंदे के पास iPhone 16 है अगर आप उसको बोलोगे भई तुम्हारा तो फ़ोन iPhone 6 है वो क्या
बोलेगा वो बोलेगा पागल क्यों कर रहे हो भाई वो बोलेगा कि भाई उसके ये इसका ये एडवांस वर्जन है जो एडवांस वर्जन है आप
उसका नाम बोलोगे ना तो गौर से देखो कि भाई अगर यहां पे डायगोनल एलिमेंट्स मौजूद हैं ना सिर्फ मौजूद हैं बल्कि वो सारे के सारे
सिमिलर हैं तो इसको क्या कहा जाएगा इसको कहा जाएगा स्केलर मैट्रिक्स क्या कहा जाएगा स्केलर मैट्रिक्स ये बड़ी बुनियादी
सी कंडीशन मैंने आपको बताई है अच्छा ये तो हमने तीन बेसिक टाइप्स पढ़ ली इसमें एक और बड़ी इंपॉर्टेंट टाइप टाइप आती है। उसका
नाम होता है ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। अपर ट्रायंगुलर या लोअर ट्रायंगुलर। अब देखो हमारे पास स्क्वायर मैट्रिक्स की जो चौथी
टाइप आती है इसका नाम क्या होता है? ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इसको कहा जाता है मैथ्स के अंदर अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स।
इसको पहले पढ़ते हैं अपपर ट्रायंगुलर कंडीशन। अब देखो ये मैट्रिक्स कैसा होता है? जरा गौर से देखिएगा। अगेन पेपर में
एमसीक्यूस के अंदर बहुत ज्यादा पूछा जाता है। अपर ट्रायंगुलर का कांसेप्ट और लोअर ट्रायंगुलर का कांसेप्ट। तो जल्दी-जल्दी
अपने पास साथ-साथ हेडिंग डाल के लिख भी सकते हो। तो हमारे पास जो नेक्स्ट टाइप आ रही है इसका नाम क्या है? अपर ट्रायंगुलर
मैट्रिक्स। इसका नाम होता है अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। यानी कि हमारे पास जो नेक्स्ट नंबर के ऊपर टाइप आ रही है,
इसका नाम क्या है? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। हां भाई, अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स क्या होता है? हो सकता है कुछ
बच्चों ने कभी ना कभी पढ़ा हो। मगर मेजॉरिटी ने बहुत लोगों ने पढ़ा हुआ नहीं होगा। तो आइए मैं बताता हूं। देखो ये अपर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप है। इसमें होता क्या है? इसमें होता ये है कि दुनिया का एक ऐसा स्क्वायर
मैट्रिक्स दुनिया के अंदर एक ऐसा स्क्वायर मैट्रिक्स हमें पता है कि भाई स्क्वायर मैट्रिक्स के अंदर हमारे पास एक लाइन है
डायगोनल लाइन। डायगोनल लाइन का मतलब क्या है? ये वाली लाइन। ये लाइन समझ में आ रही है ना? ये डायगोनल लाइन है। मैं आपको इसके
शॉर्टकट पढ़ाता हूं। देखो लब्ज़ है अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इसका मतलब क्या है? कि भाई ये जो डायगोनल लाइन है ना इस
डायगोनल लाइन से ऊपर के तमाम एलिमेंट्स क्या होंगे? मौजूद होंगे। इसके ऊपर के तमाम एलिमेंट्स मौजूद होंगे। नीचे के तमाम
के तमाम एलिमेंट्स क्या हो? ज़ीरो के बराबर आ जाए। जितने भी एलिमेंट्स नीचे एक्सिस्ट करते हैं वो सारे के सारे क्या आ जाए?
ज़ीरो के बराबर आ जाए। तो ये क्या कहलाता है? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। यानी कि दुनिया का एक ऐसा स्क्वायर मैट्रिक्स जहां
पे आपके पास डायगोनल लाइन से ऊपर के एलिमेंट्स हैं। गौर से देखो। क्या तुम्हारे पास ट्रायंगल फॉर्म हो रहा है?
गौर से देखो। ये आपके पास एक ट्रायंगल फॉर्म हो रहा है। ये गौर से देखो। राइट एंगल ट्रायंगल बन रहा है ना? तो हमारे हम
क्या कहते हैं? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इसका मतलब क्या है? कि डायगोनल लाइन से अबव के जितने भी एलिमेंट्स हैं ना वो
मौजूद हैं। और उससे नीचे वाले सारे एलिमेंट्स क्या है? जीरो के बराबर। ऐसे मैट्रिक्स को कहा जाता है अपर ट्रायंगुलर।
इसकी डेफिनेशन क्या होती है? इसकी डेफिनेशन होती है एनी स्क्वायर मैट्रिक्स इज कॉल्ड दी अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स।
एनी स्क्वायर मैट्रिक्स इज़ कॉल्ड दी अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इफ ऑल द एलिमेंट्स बिलो द डायगोनल एलिमेंट्स आर ज़ीरो। इसके
मायने क्या है? इसकी एग्जांपल देखो। मैं आपसे कहता हूं मैं भी एग्जांपल आपको रिपीट भी करूंगा डेफिनेशन। मैं कहता हूं कि भ
मेरे पास एक पर्टिकुलर मैट्रिक्स आ रहा है। ये उसकी डायगोनल लाइन आ रही है। अगर मैं आपसे कहूं ना अगर मैं आपसे कहता हूं
कि भाई मेरे पास एक ऐसा मैट्रिक्स आ रहा है जिसमें डायगोनल लाइन से ऊपर के तमाम एलिमेंट्स क्या है? मौजूद हैं। और डायगोनल
लाइन से नीचे के तमाम एलिमेंट्स क्या हैं? जीरो के बराबर हैं। तो खुद देखो आपकी यहां पे डायगोनल लाइन क्या है? ये वाली। ये
डायगल लाइन है आपकी। सारे डायगल एलिमेंट्स की। इससे ऊपर के अगर तमाम वैल्यूस मौजूद हैं और नीचे की तमाम वैल्यूस क्या है?
जीरो के बराबर। तो इसको क्या बोलते हैं? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स एनी स्क्वायर मैट्रिक्स कैन बी कॉल्ड अपर ट्रायंगुलर
मैट्रिक्स हुस हुस एलिमेंट्स अबव दी डायगोनल लाइन आर प्रेजेंट इसको आप ऐसे भी बोल सकते हो या फिर आप इसको ऐसे भी बोल
सकते हो एनी स्क्वायर मैट्रिक्स इज़ कॉल्ड दी अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स इफ ऑल द एलिमेंट्स बिलो द डायगोनल लाइन इज़ ज़ीरो ये
पेपर के अंदर दो तरीकों से एमसीक्यूस बहुत दफा आया हुआ है। जरा गौर से इस जुमले को सुनो मैंने जुमला क्या कहा। दो तरीकों से
एमसीक्यूस पेपर में आता है। एक तरीका ये होता है। एनी स्क्वायर मैट्रिक्स इज़ कॉल्ड दी अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इफ ऑल द
एलिमेंट्स बिलो इफ ऑल द एलिमेंट्स बिलो द डायगोनल लाइन आर ज़ीरो। अगर तमाम के तमाम जो एलिमेंट्स हैं वो बिलो द डायगोनल लाइन
किसके बराबर हैं? ज़ीरो के बराबर हैं। तो ये क्या कहलाएगा? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। या फिर मैं इस स्टेटमेंट को इस
तरीके से भी रिफ्रेश कर सकता हूं कि भाई ऑल द एलिमेंट्स अबव दी डायगोनल लाइंस आर प्रेजेंट देन इज़ नोन एज दी अपर ट्रायंगुलर
मैट्रिक्स। तो भई बात तो एक ही है ना। अगर डायगोनल लाइन से नीचे के एलिमेंट जीरो हैं तो इसका मतलब ऊपर के एलिमेंट्स मौजूद
होंगे। नॉर्मल सी बात है या वाइससा मैं इसको ऐसे कह सकता हूं इस जुमले को कि डायगोनल लाइन से ऊपर के एलिमेंट्स मौजूद
हैं। नीचे के एलिमेंट्स क्या है? ज़ीरो के बराबर। इसको हम क्या बोलेंगे? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इसकी बात को आप इस
चीज को इस तरीके से अपने पास नोट डाउन कर सकते हो कि जो मैंने आपको एक डेफिनेशन यहां पे एक एग्जांपल बना के दिखाई कि भई
ये जो आपकी डायगोनल लाइन आ रही है ना इससे ऊपर के जितने भी एलिमेंट्स हैं वो सारे के सारे मौजूद होंगे। इससे ऊपर के जितने भी
एलिमेंट्स आ रहे हैं वो सारे के सारे क्या होंगे? मौजूद होंगे। और डायगोनल लाइन से नीचे के जितने भी एलिमेंट्स होंगे वो सारे
के सारे क्या होंगे? हमारे पास जीरो के बराबर। इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। कि देखो अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स, अपपर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स को कहते ही क्या है? ये कहते हैं। क्लियर है बेटा? नॉर्मल सी चीज आ गई। अच्छा अब देखो अगर मैं इसके ऊपर
थोड़ा सा और क्लासिफाई कर दूं। हमारे पास जो इसका वाइस वर्सा काउंटर टाइप आती है ना उसका नाम होता है लोअर ट्रायंगुलर
मैट्रिक्स। हमारे पास जो इसकी वाइस वर्सा टाइप आएगी वो क्या होती है? वो कहलाती है लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। वो इसकी
बिल्कुल अपोजिट है। उसको खुद सोचो क्या होनी चाहिए? अगर कोई बंदा आपसे कहता है कि भ लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स क्या होगा?
तो देखो अपर क्या था? अपर क्या था? गौर से इसकी डेफिनेशन देखो। देखो मेरी कोशिश है मैं डेफिनेशन ना लिखवाऊं। डेफिनेशनंस के
रट्टे नहीं मारने आप लोगों ने। ज़हन में रखिएगा। डेफिनेशंस के रट्टे नहीं मारने। मैं बार-बार इसको डिसरेज करता हूं। अपर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स क्या है? अगर डायगोनल लाइन के अबव के एलिमेंट्स मौजूद हैं, प्रेजेंट हैं। डायगोनल लाइंस के नीचे
के एलिमेंट्स क्या हैं? ज़ीरो के बराबर। इसको क्या बोलेंगे? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। सही है? क्या मतलब हुआ? इफ एनी
स्क्वायर मैट्रिक्स इज़ कॉल्ड दी अपपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स, इफ ऑल द एलिमेंट्स अबव दी डायगोनल लाइंस आर प्रेजेंट। या
इसको आप ऐसे कह लो इफ ऑल द एलिमेंट्स बिलो दी डायगोनल लाइन आर ज़ीरो, इज़ नोन ऐज़ दी अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। लोअर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स क्या होगा? भाई रट्टे नहीं मारने। पेपर में किसी भी तरीके से एग्जामिनर पूछ सकता है। लोअर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स का मतलब क्या होगा? खुद सोचो। दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स खुद देखो। एक ऐसा स्क्वायर
मैट्रिक्स जिसके अंदर अब नाम को देखो भाई अपर था तो अब ऊपर के एलिमेंट्स मौजूद थे। नीचे की तमाम वैल्यू ज़ीरो थी। अपर के अंदर
देखो क्या हो रहा है? इसकी शॉर्टकट देखो। अगर अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स है तो भाई डायगोनल लाइन के अपर के ऊपर के एलिमेंट्स
क्या है? मौजूद हैं। नीचे के ज़ीरो हैं। लोअर के अंदर क्या होगा? उल्टा होगा। लोअर के अंदर क्या होगा? उल्टा होगा कि जो
डायगोनल लाइन आ रही है इसके नीचे वाले एलिमेंट्स क्या होंगे? मौजूद होंगे। नीचे वाले एलिमेंट्स प्रेजेंट होंगे। ऊपर वाले
ज़ीरो होंगे। तो लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स कहलाएगा। ये देखो भाई इसमें रट्टे नहीं मारने होते। ये बेसिक चीज़ है। अगर आपके
पास आता है लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स तो भाई इसकी डेफिनेशन क्या होगी? इसकी डेफिनेशन होगी एनी स्क्वायर मैट्रिक्स कैन
बी कॉल्ड दी लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इफ ऑल द एलिमेंट्स बिलो दी डायगोनल लाइन आर प्रेजेंट इज़ नोन ऐज़ दी लोअर ट्रायंगुलर
मैट्रिक्स। या फिर इसको मैं ऐसे कह सकता हूं। एनी स्क्वायर मैट्रिक्स कैन बी कॉल्ड अ लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इफ ऑल द
एलिमेंट्स इफ ऑल द एलिमेंट्स अबव दी डायगोनल लाइन आर ज़ीरो इज़ नोन ऐज़ दी लोअर टैगुलर मैट्रिक्स। लोग बैठ के रट्टे मारते
हैं। भाई रट्टे मारने नहीं है। मैं अगेन डिसरेज कर रहा हूं। बेटा रट्टे लगवाने हो ना मेरे पास इसकी बहुत अच्छी पीपीटीज़ पड़ी
हुई होती है जो मैंने खुद बनाई हुई होती हैं। वो पीपीटीज़ में और अच्छा मैं बता सकता हूं रट्टे लगवाने के लिए। रट्टे नहीं
लगवाने भाई। अगर मैं इसकी डायग्राम आपको बना के दिखा रहा हूं तो उसको डायग्राम को अपने उतारो। उसको समझो कि देखो अपर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स क्या है? अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स एक ऐसा मैट्रिक्स है जिसके अंदर डायगोनल लाइन से ऊपर के
एलिमेंट्स मौजूद होंगे। तभी इसको कह रहे हैं अपपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। नीचे वाले सारे क्या होंगे? ज़ीरो होंगे। लोअर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स में क्या है? डायगोनल लाइन से नीचे वाले सारे एलिमेंट्स मौजूद होंगे। ऊपर वाले क्या होंगे? ऊपर
वाले ज़ीरो होंगे। इसकी इससे आसान डेफिनेशन कोई बता नहीं सकता दुनिया में। फॉर एग्जांपल, मैं आपको इसकी एग्जांपल दिखाता
हूं। आप कोई भी मैट्रिक्स कंसीडर कर लो। मैं कहता हूं कि भाई 4 बाय 4 का मैट्रिक्स है। कोई मसले की बात नहीं है। लेट्स सपोज
4 / 4 का मैट्रिक्स है कि भाई मेरे पास ये डायगोनल लाइन जो है ना डायगोनल लाइन मेरे पास ये आ रही है। लेट्स सपोज थ्री। यह आ
गया नेगेटिव का फोर। ये आ गया टू ये आ गया वन। सही है? यहां पे आ गया मेरे पास सेवन। यहां पर आ गया सिक्स। यहां पर आ गया मेरे
पास फोर आ गया। यहां पे आ गया थ्री। यहां पे आ गया टू। यहां पे आ गया लेट्स सपोज 11। और यहां पे जितने भी एलिमेंट्स हैं ये
सारे के सारे ज़ीरो हैं। ये सारे के सारे क्या हैं? ज़ीरो हैं। ये सारे के सारे क्या हैं? ज़ीरो हैं। तो ये मैट्रिक्स कैसा
कहलाएगा? खुद देखो। ये आपके पास कैसा मैट्रिक्स होगा? ये आपकी डायगोनल लाइन आ रही है। डायगोनल लाइन के ऊपर के अगर तमाम
एलिमेंट ज़ीरो आ रहे हैं ना, इसको हम क्या बोलेंगे? इसको हम बोलते हैं सिंपल तरीके से लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। लोअर
ट्रायंगुलर मैट्रिक्स है ही क्या चीज? लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स किसे कहते हैं? कि देखो अगर मेरे पास जो डायगोनल लाइन आ
रही है उससे नीचे के तमाम के तमाम एलिमेंट्स एग्जिस्ट करते हो। उससे नीचे के तमाम के तमाम एलिमेंट्स क्या हो? मौजूद
हो। तो भाई ये क्या कहलाएगा? लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। यानी कि ऊपर के तमाम एलिमेंट्स क्या हो? जीरो के बराबर
हो। इट्स अ नॉर्मल थिंग। आपको बेसिकली ट्रायंगल मिल रहा होता है। इसलिए इसका नाम क्या रख दिया? लोअर ट्रायंगुलर। डायगोनल
लाइन से नीचे के तमाम एलिमेंट्स मौजूद हैं। तो इसका नाम क्या रख दिया? लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स। इसके बाद छठे नंबर
के ऊपर जो मैट्रिक्स की टाइप आती है ना बड़ी इंटरेस्टिंग टाइप है। इसका नाम होता है सिमेट्रिक मैट्रिक्स। सिमेट्रिक
मैट्रिक्स क्या होता है? देखो दुनिया के अंदर एक बड़ा अजीब कानून है। अगर आप कोई मैट्रिक्स लेते हो उस मैट्रिक्स का आप
क्या करते हो? ट्रांसपोज लेते हो। ट्रांसपोज ऑफ अ मैट्रिक्स क्या होता है भाई? जिन बच्चों को नहीं पता जो पहली दफा
पढ़ रहे हैं। फॉर एग्जांपल मेरे पास कोई भी मैट्रिक्स आ रहा है 1 2 3 इसका अगर मैं ट्रांसपोज लूंगा ना। ट्रांसपोज लेने का
मतलब होता है कि रोज़ को कॉलम में कन्वर्ट कर देना। कॉलम्स को रोज़ में कन्वर्ट कर देना। मैं एक बहुत बुनियादी घिसीपटी
एग्जांपल दे रहा हूं। तो उसमें परेशान मत हो जाइएगा। तो ये जैसे लेट्स सपोज ये कॉलम्स आ रही है ना अगर मैं इन कॉलम्स को
एज अ रॉ कन्वर्ट कर दूं तो ये कहलाता है ट्रांसपोज। ट्रांसपोज का मतलब क्या होता है कि भ रोज़ को कॉलम में कन्वर्ट करना या
फिर कॉलम्स को रोज़ में कन्वर्ट कर देना। यानी कि भ जो पूरी रो कॉलम आ रही है ना इसको मैंने रॉ में करके लिख दिया। यानी कि
आपने उसको रोज़ को कॉलम में लिख दो या फिर कॉलम्स को रोज़ में लिख दो। ये कहलाता है ट्रांसपोज। अब देखो सिमिट्रिक मैट्रिक्स
क्या होता है? सिमिट्रिक मैट्रिक्स कहते हैं दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स कि भाई अगर आप किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज
लो और ट्रांसपोज लेने पे वापस से आपको ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए तो ये कहलाता है सिमिट्रिक मैट्रिक्स। अब आप में से कुछ
बच्चे बोलेंगे सर ऐसा कैसे होता है? तो आइए मैं आपको समझाता हूं सिमिट्रिक मैट्रिक्स कहते किसे हैं? फॉर एग्जांपल
मैं कहता हूं कि भई मेरे पास दुनिया के अंदर एक मैट्रिक्स आ रहा है। लेट्स सपोज लेट्स सपोज मैं आपसे एक बड़ी इंपॉर्टेंट
एग्जांपल इसकी शेयर करता हूं कि भई हमारे पास पेपर में क्वेश्चंस कैसे आएंगे? पेपर में इस टॉपिक के ऊपर दो तरीकों से
क्वेश्चन पूछे जाते हैं। सिमिट्रिक मैट्रिक्स दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स होता है कि अगर आप ओरिजिनल मैट्रिक्स का
ट्रांसपोज लो तो वापस से आपको ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए। फॉर एग्जांपल लेट मी शो यू एन एग्जांपल। एक पहले बुनियादी
एग्जांपल देखते हैं। मैं कहता हूं कि भाई मेरे पास एक एग्जांपल आ रहा है एक क्वेश्चन आ रहा है कि भाई ताकि आपको
एटलीस्ट सिमिट्रिक मैट्रिक्स का आईडिया हो सके। मैं कहता हूं मेरे पास एक मैट्रिक्स है फॉर एग्जांपल 1 3 और यहां पर आ रहा है
थ्री और आगे आ रहा है टू। लेट्स सपोज मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 1 3 3 2। लेट्स सपोज मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 1 3
2। सही है ना? मुझसे एग्जामिनर कहता है कि भाई सिमिट्रिक मैट्रिक्स है या नहीं है। अगर मुझे चेक करना है ना कि आया ये
मैट्रिक्स सिमिट्रिक है कि नहीं है। तो फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं कि ये A के बराबर है। सो अगर मैं इसका ट्रांसपोज लूं।
ट्रांसपोज लेने का मतलब क्या होता है? किसी भी मैट्रिक्स के ट्रांसपोज लेने का मतलब होता है कि भई जो भी उसकी रोज़ आ रही
है ना उनको एज अ कॉलम में लिख दो। सही है? अब देखो जो पहली रो आ रही थी उसको मैंने एज अ कॉलम लिख दिया। अब ये जो दूसरी रो आ
रही है उसको भी मैं एज अ कॉलम के तौर पे लिख देता हूं। अब मैंने लिख दिया। अब आप अगर गौर से देखो। आपके पास जो मैट्रिक्स
नंबर A था ना और जो मैट्रिक्स नंबर B आ रहा है यानी कि दूसरा मैट्रिक्स आ रहा है ये दोनों आपस में बराबर है। क्योंकि जब
मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लिया तो मुझे वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल गया। इसका मतलब क्या है कि पहला वाला
मैट्रिक्स कैसा है? इसका मतलब है ये मैट्रिक्स सिमिट्रिक है। क्योंकि जब मैंने मैट्रिक्स का क्या लिया? ट्रांसपोज लिया
ना तो मुझे वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल गया। तो दुनिया के अंदर कभी भी अगर आप मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लो और आपको वापस
से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए। इसको हम क्या कहते हैं? सिमेट्रिक मैट्रिक्स। दोबारा बात को समझो कि भई लेट्स सपोज मेरे
पास एक मैट्रिक्स आ रहा है। बहुत एक बेसिक एग्जांपल दे रहा हूं ताकि आपको आगे की बात समझ में आए। मैं कहता हूं मेरे पास एक
मैट्रिक्स आ रहा है। सही है? मैं इस मैट्रिक्स का अगर ट्रांसपोज लूं तो भाई अगर मुझे चेक करना है ना ये मैट्रिक्स
सिमिट्रिक है कि नहीं है तो ट्रांसपोज लेंगे। ट्रांसपोज लेने का मतलब क्या है? जो पहली रो आ रही है उसको आप एज अ कॉलम
लिख दोगे। सेकंड रो जो आ रही है उसको आप एज अ कॉलम लिख दोगे। अब आप दोनों को कंपेयर करो। देखो क्या ये मैट्रिक्स और ये
मैट्रिक्स सिमिलर है। बिल्कुल सिमिलर है। इसका मतलब क्या है? कि जब मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स का जब मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स
का ट्रांसपोज लिया तो मुझे वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल गया। इसीलिए इसको क्या कहते हैं? सिमिट्रिक मैट्रिक्स कहते
हैं। अक्सर वो पेज परपर में ये क्वेश्चन दो तरीकों से आएगा। बहुत दफा एग्जामिनर जो है ना एक कंडीशन पूछ लेता है। आपसे
एग्जामिनर पूछेगा व्हाट इज दी कंडीशन ऑफ दी सिमिट्रिक मैट्रिक्स? नीचे तीन-चार कंडीशंस गिवेन होंगी। तो याद रखिएगा अगर
ओरिजिनल मैट्रिक्स का आप ट्रांसपोज दो और वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए तो इसको कहा जाता है सिमिट्रिक मैट्रिक्स।
इसका वाइसवरसा एक फार्मूला होता है। उसको कहा जाता है स्क्यूसिट्रिक मैट्रिक्स। क्या कहा जाता है? स्क्यूसिट्रिक
मैट्रिक्स। यानी कि देखो दुनिया के अंदर एक ऐसा स्क्वायर मैट्रिक्स ये हमारे पास इसी का वाइसवरसा आ रहा है कि भाई देखो अगर
दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स हो कि भाई अगर मैं उस मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लूं और ट्रांसपोज लेने के ऊपर मुझे
नेगेटिव ऑफ द ओरिजिन मैट्रिक्स मिले। देखो स्क्यूसिट्रिक का मतलब क्या है? सिमेट्रिक का अपोजिट। स्क्यूसिमेट्रिक कहते हैं
सिमिट्रिक के अपोजिट को। बात जरा समझिएगा। अगर मैं दुनिया के अंदर किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लूं और ट्रांसपोज लेने पे मुझे
नेगेटिव ऑफ दी ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए। इसको मैथ्स में क्या कहा जाता है? स्क्यूसिट्रिक मैट्रिक्स। फॉर एग्जांपल
मैं आपको बात समझाता हूं। लेट्स सपोज़ मैं कहता हूं मेरे पास एक क्वेश्चन है और वो क्वेश्चन क्या आ रहा है? मुझसे एग्जामिनर
कहता है कि भाई एक क्वेश्चन है और ये क्वेश्चन आ रहा है ज़ीरो। नेगेटिव फोर वन। आगे आ रहा है फोर। आगे आ रहा है ज़ीरो। आगे
आ रहा है नेगेटिव थ्री। मेरे पास नीचे आ रहा है नेगेटिव का वन, नीचे आ रहा है लेट्स सपोज थ्री, नीचे आ रहा है ज़ीरो।
मेरे पास एक क्वेश्चन आ रहा है। एग्जामिनर कहता है कि बताइए ये मैट्रिक्स सिमिट्रिक होगा या फिर स्क्यूसिट्रिक होगा? पेपर में
एक क्वेश्चन ऐसे भी बहुत दफा आया हुआ है कि बताइए ये जो मैट्रिक्स है ये सिमिट्रिक है कि स्क्यूसिट्रिक है? अब देखो आपने
करना क्या है? आपने कोई मुश्किल काम नहीं करना। कभी भी आपके पास पेपर में क्वेश्चन आए ना इदर सिमिट्रिक मैट्रिक्स के ऊपर या
फिर स्क्यूसिट्रिक के ऊपर। आप करोगे क्या? आप सिंपल तरीके से उसका ट्रांसपोज लेके चेक करो। आपको खुद ही अंदाजा हो जाएगा कि
आया मैट्रिक्स सिमिट्रिक है कि स्कूसिमेट्रिक है। देखो मैंने सिंपल क्या करना है? मेरे पास ये ओरिजिनल मैट्रिक्स आ
रहा है। आप सिंपल इसका क्या करो? ट्रांसपोज लो। सबसे पहले मैं एक दफा अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स को कॉपी डाउन करता हूं।
ओरिजिनल मैट्रिक्स आ रहा है 0, नेगेटिव 4 1। आगे आ रहा है मेरे पास 4, 0, नेगेटिव 3। आगे आ रहा है नेगेटिव वन, थ्री और
ज़ीरो। ये ओरिजिनल मैट्रिक्स है। अगर मैं इसका ट्रांस्पोज लेता हूं तो ट्रांस्पोज लेने का मतलब क्या है? कि रोस को कॉलम में
कन्वर्ट करना। देखो अगर आप में से किसी ने मैट्रिक्स नहीं पढ़े हुए कोई मुश्किल बात नहीं है। ट्रांसपोज किसे कहते हैं? देखो
ये पहली रो आ रही है। इसको यहां पे देखो ये पहली रो आ रही है। इस पूरी रो को मैं एज अ कॉलम लिख देता हूं। 0 नेगेटिव 4 और
वन। सही है? हमारे पास देखो बेटा ये सेकंड रो आ रही है। इसको मैं एज अ कॉलम लिख दूंगा। ये क्या रो आ रही है? 4 0 ने 3 सही
है? हमारे पास देखो ये तीसरी रो आ रही है। इसको मैं क्या करूंगा? एज अ कॉलम लिख दूंगा। तो भैया हमारा कॉलम क्या बन जाएगा?
नेगेटिव वन नेगेटिव वन और थ्री और ज़ीरो। अब देखो जरा गौर से बात समझिएगा। आपका ओरिजिनल मैट्रिक्स क्या था? ये था। जब
मैंने इसका ट्रांसपोज लिया तो मुझे ये आंसर मिल रहा है। तो भाई अगर तो ये सिमिट्रिक मैट्रिक्स होता अगर तो ये
सिमेट्रिक मैट्रिक्स होता तो जब मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लिया था तो आंसर में ओरिजिनल मैट्रिक्स मिलना
चाहिए था। अब खुद सोचो आप ये आपका ओरिजिनल मैट्रिक्स A है। ये आपका ट्रांसपोज है। क्या ये दोनों सिमिलर हैं? आप बोलोगे सर
सिमिलर सिमिलर नहीं है। सर सिमिलर कैसे हैं सर? सर ये देखिए ना यहां पे नेगेटिव फोर आ रहा है। यहां पे प्लस का फोर आ रहा
है। सर ये देखिए सर यहां पे वन आ रहा है। यहां पे नेगेटिव वन आ रहा है। सर सिमिलर कैसे हैं सर? तो सिमिलर तो है ही नहीं ये
मैट्रिक्स। इसका मतलब क्या हुआ? ये सिमिट्रिक मैट्रिक्स नहीं हो सकता। क्योंकि देखो यहां पे जब मैंने ओरिजिनल
मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लिया तो इट इज़ नॉट इक्वल टू द ओरिजिनल मैट्रिक्स। इट इज़ नॉट इक्वल टू द ट्रांसपोज। यानी कि ओरिजिनल
मैट्रिक्स को बराबर नहीं आ रहा। इसका मतलब क्या है? ये सिमिट्रिक नहीं है। हां क्या ये स्क्यूसिट्रिक हो सकता है? तो स्क्यूस
सिमिट्रिक करने के लिए मैं क्या करता हूं? पूरे मैट्रिक्स से नेगेटिव साइन कॉमन लेता हूं। अगर मैं इस पूरे मैट्रिक्स से
नेगेटिव साइन को कॉमन लूं तो क्या बन जाएगा? ये हो जाएगा ज़ीरो। ज़ीरो से नेगेटिव साइन कॉमन लो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ज़ीरो
ज़ीरो ही रहेगा। अगर प्लस के 4 में से नेगेटिव का साइन कॉमन लोगे तो नेगेटिव का फोर बन जाएगा। नेगेटिव के वन से अगर
नेगेटिव साइन कॉमन लोगे प्लस का वन बन जाएगा। नेगेटिव के फोर से अगर नेगेटिव साइन कॉमन लोगे प्लस का फोर आ जाएगा। ज़ीरो
से कुछ भी कॉमन लो ज़ीरो का कोई फर्क नहीं पड़ता। 3 + के थ्री से अगर नेगेटिव साइन कॉमन लोगे तो नेगेटिव थ्री पे कन्वर्ट हो
जाएगा। वन से नेगेटिव साइन कॉमन लोगे नेगेटिव वन बन जाएगा। नेगेटिव थ्री से अगर कॉमन लोगे प्लस का थ्री आ जाएगा। ज़ीरो का
ज़ीरो अगेन एज़ इट इज़। अब जरा गौर से देखो। अब जरा गौर से देखो। क्या ये वाला मैट्रिक्स और ये वाला मैट्रिक्स अब आपस
में बराबर है? अब आप बोलोगे यस सर यह दोनों मैट्रिसेस आपस में बराबर हैं। इसका मतलब क्या हुआ? इसका मतलब यह हुआ कि जब
आपने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज़ लिया तो आपका आंसर क्या आ रहा है? ये नेगेटिव का साइन एज़ इट इज़ आपका आंसर आ रहा है
नेगेटिव ऑफ दी ओरिजिनल मैट्रिक्स के बराबर। दैट्स द लॉजिक हियर। आपका आंसर क्या आ रहा है? आपका आंसर आ रहा है
नेगेटिव ऑफ दी ओरिजिनल मैट्रिक्स के बराबर। सो योर गिवन मैट्रिक्स इज़ अ स्क्यूसिट्रिक मैट्रिक्स। देखो दोनों में
डिफरेंस क्या होता है? भाई इसमें परेशान होने की जरूरत नहीं है। मैं आपको जो भी डेफिनेशन पढ़ा रहा हूं उसको मैं बाद में
रिपीट भी कर रहा हूं। भाई आपको अगर ये लग रहा है कि भाई सिर्फ मैथ्स के अंदर जो है ना बेसिक अलजेब्रिक टाइप की चीजें आती
हैं। इंतहाई गलत लॉजिक है। सो भाई ये टॉपिक्स भी तो पढ़ने ही है ना एटलीस्ट अगर कोई आप बुरा बुरा मुंह बनाओगे ये सोचो कि
सर ये तो इतनी मुश्किल चीज है। भाई कोई मुश्किल चीज नहीं है। मैं आपको इसलिए इस पे टाइम दे रहा हूं। नॉर्मली टीचर्स क्या
करते हैं? इसके जो है ना हैंड डॉट्स पकड़ा देते हैं। इसकी डेफिनेशन पकड़ा देते हैं कि भाई ये घर से बैठ के पढ़ लेना एक दफा।
बट बिलीव मी ये जो चीज मैं आपको पढ़ा रहा हूं पेपर में एमसीक्यूस में बहुत ज्यादा आती है। तो भाई आपने इसका बड़ा ख्याल रखना
है। करवाने को मैं भी आपको हैंड डॉट दे दूं यार कि भाई ये मेरी शीट्स बनी हुई है पीडीएफ पड़ी हुई है। उसको बैठ के कर लेना।
बट मेरी कोशिश है आपको छोटी-छोटी बातें बताऊं कि भाई एमसीक्यूस में बहुत ज्यादा आएगा। देखो हमारे पास सिमिट्रिक मैट्रिक्स
और टू सिमिट्रिक मैट्रिक्स क्या होता है? लेट मी रिपीट इट। अगर आप अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लो। ट्रांसपोज
लेने पे वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स बन जाए ना तो इसको कहा जाता है सिमिट्रिक मैट्रिक्स। जैसे मैंने यहां पे टू बाय टू
पे आपको एक एग्जांपल दे के दिखाया था कि ओरिजिनल मैट्रिक्स का आपने ट्रांसपोज लिया। आपको वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल
गया। इट इज़ नोन ऐज़ दी सिमिट्रिक मैट्रिक्स। देन व्हाट इज़ अ स्क्यूमेट्रिक? स्क्यूसेस सिमिट्रिक होता है नेगेटिव।
स्क्यू का लफज़ कभी भी जिंदगी में आए ना तो समझ लेना नेगेटिव है। ये अपोजिट है। स्क्यूमेट्रिक मैट्रिक्स एक ऐसा मैट्रिक्स
है कि अगर मैं अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लूं तो मुझे आंसर में नेगेटिव ऑफ द ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए। इसको
मैथ्स में क्या कहा जाता है? स्क्यूसिमेट्रिक मैट्रिक्स कहा जाता है। दैट्स द लॉजिक हियर। क्या कहा जाता है
इसको? स्क्यूसिमेट्रिक मैट्रिक्स कहा जाता है। कि अगर मैं ओरिजिनल मैट्रिक्स का क्या लूं? ट्रांसपोज लू। ट्रांसपोज लेने का
मतलब कि देखो मैंने मैं तो इतनी सारी कलरिंग यूज़ कर रहा हूं भाई कि तुम्हें बात पल्ले पड़े। मैं तो इतनी सारी कलरिंग यूज़
कर रहा हूं। कि तुम रोस को कॉलम में कन्वर्ट किया आपने रॉस को कॉलम में। तो आपने जब ट्रांसपोज निकाला ना मैट्रिक्स का
तो आपके पास ये वैल्यू आ रही है। अब आप खुद देखो आपका ओरिजिन मैट्रिक्स ये था। आपके पास जो आंसर आ रहा था वो ये था। क्या
ये मैट्रिक्स और ये मैट्रिक्स बराबर थे? आपस में नहीं बराबर थे। क्योंकि ये तो भाई अलग है ना साइन सारे डिफरेंट हैं। तो इसका
मतलब ये आपका सिमिट्रिक मैट्रिक्स नहीं था। तो मैंने पूरे मैट्रिक्स में से फिर नेगेटिव साइन को कॉमन लिया। मैंने पूरे
मैट्रिक्स में से नेगेटिव साइन को कॉमन लिया। तो अब देखो मैंने जब नेगेटिव साइन कॉमन ले लिया तो अब ये जो मैट्रिक्स आ रहा
है और ये जो मैट्रिक्स मौजूद है दोनों आपस में बराबर हैं। इसका मतलब क्या हुआ? कि जब मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज
लिया तो वो बराबर आ रहा है किसके? नेगेटिव ऑफ़ द ओरिजिनल मैट्रिक्स के। दिस इज़ नोन ऐज़ दी स्क्यूसिट्रिक मैट्रिक्स। ये लॉजिक
होती है यहां पे। ये इसका बुनियादी कांसेप्ट होता है। भाई इसमें कंफ्यूज होने वाली क्या ही बात लगती है? मुझे बताओ।
इसमें कंफ्यूज बंदा हो भी कैसे सकता है? ये बहुत बुनियादी सा कांसेप्ट है। कहता है ये स्कू सिमेट्रिक मैट्रिक्स क्या है?
क्या नहीं है? और किस तरीके से ये एक्टिंग कर रहा है। देखो एक्टिंग इसकी बहुत ही आसान सी है। इसमें कोई मुश्किल चीज नहीं
है। आप इसकी कोई भी एग्जांपल ले लो। आप इसकी एग्जांपल लेते हो। फॉर एग्जांपल मैं आपको एक और एग्जांपल दिखा देता हूं। एक और
पास्ट पेपर्स की मेरे पास पास्ट पेपर्स ही ओपन अप हुए हुए होते हैं। तो लेट्स सपोज मैं एक और एग्जांपल दिखाता हूं।
मैं कहता हूं मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है दैट इज वन नेगेटिव टू एंड देन इट इज थ्री। सही है ना? एक और मैट्रिक्स उसकी एक
और एलिमेंट आ रहा है नेगेटिव 4 0 और सिक्स आ रहा है। तीसरे नंबर पे आ रहा है 7 8 और नेगेटिव का नाइन। एग्जामिनर पेपर में
क्वेश्चन कैसे देगा? देखो पेपर में ये क्वेश्चन ये लास्ट ईयर का जो आईबीए का पेपर था उसके अंदर ये कांसेप्ट आया हुआ
था। आइडलेंट आया हुआ था। असिमेट्रिक आया हुआ था। बीबीए का एग्जाम था वो बीबीए का उसमें पूछा हुआ था। तो ऑलवेज रिमेंबर दिस
थिंग कि भाई ये वो कांसेप्ट है जो आपको हर यूनिवर्सिटी के अंदर मिलेगा। सही है या ना? बेतहाशा मिलेगा आपको। चाहे वो एनईडी
हो, चाहे वो मैरान हो, चाहे वो नस्ट हो, चाहे वो फ़ास्ट हो। अब एग्जामिनर पूछ रहा है कि भई सिमिट्रिक मैट्रिक्स है कि
स्क्रू सिमेट्रिक है? कैसे सॉल्व करोगे? देखो, सिमेट्रिक मैट्रिक्स आप सबसे पहले क्या काम करो? आपको अगर स्क्रू-सेस भी
होगा ना, आपको ट्रांसपोज से पता चल जाएगा। आपने सबसे पहला काम ही क्या करना है? मैट्रिक्स को देखते साथ ही उसका ट्रांसपोज
ले लो। ट्रांसपोज कैसे लिया जाता है मैट्रिक्स का? कि भाई जो पहली रो आ रही है, देखो ये पूरी की पूरी जो रो आ रही है
ना, इसको एज अ कॉलम लिख दो। एज अ कॉलम लिख दो। तो ये वन आ गया। ये नेगेटिव टू आ गया। ये थ्री आ गया। फिर देखो हमारे पास जो ये
सेकंड वाली रो आ रही है इसको एज अ कॉलम लिख दो तो क्या बन जाएगा? ये हो जाएगा नेगेटिव का फोर ये हो जाएगा 0 ये हो जाएगा
सिक्स। सिमिलरली अगर मैं क्या करता हूं भैया जी? अगर मैं करता हूं अल्लाह भला करे। अब तीसरी वाली जो रो आ रही है उसको
भी एज अ कॉलम लिख दीजिए। तो क्या बन जाएगा? ये हो जाएगा सेवन। ये हो जाएगा एट। ये हो जाएगा नेगेटिव का नाइन। तो अब मैं
जरा मिला के चेक करता हूं। क्या मुझे यहां पे सिमिट्रिक मैट्र क्या मुझे यहां पे ट्रांसपोज अचीव हो पा रहा है? हैं भाई। जब
मैंने अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लिया। क्या मुझे ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल रहा है? दूर-दूर तक नहीं
मिल रहा। इसका मतलब क्या हुआ? ना तो ये सिमेट्रिक है ना ये स्क्यूसेसिमेट्रिक है। क्योंकि देखो ओरिजिनल मैट्रिक्स का जब
मैंने ट्रांसपोज लिया तो यहां पे वन यहां पे नेगेटिव फोर आ रहा है। यहां पे सेवन आ रहा है। यहां पे क्या आ रहा है? सेवन आ
रहा है। जबकि यहां पे थ्री था। तो अगर मैं नेगेटिव साइन कॉमन भी ले लूं तो आई कैन नॉट चेंज दैट पर्टिकुलर थिंग। सिमिलरली
यहां पे नेगेटिव फोर है। चलो यहां पे नेगेटिव टू है। टू से मल्टीप्लाई कुछ हो सके। ज़ीरो है। यहां पे एट आ रहा है। फिर
सेवन है। फिर एट है। फिर नेगेटिव नाइन है। इसका मतलब देखो ओरिजिनल मैट्रिक्स का जब मैंने ट्रांसपोज लिया तो वो आपस में बराबर
आ ही नहीं रहा। तो ये आपके पास ना सिमिट्रिक है ना स्कूसिट्रिक है। ये कुछ भी नहीं है। अच्छा यहां पे एक कांसेप्ट
होता है। वो पता है कांसेप्ट क्या होता है? हमारे पास एक बेसिक थ्योरिटिकल कांसेप्ट होता है। दुनिया के अंदर अगर आप
किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लेते हो। अगर आप दुनिया में किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लेते हो वो आपके ओरिजिनल
मैट्रिक्स के बराबर नहीं आता। और ना ही वो आपके ओरिजिनल मैट्रिक्स के नेगेटिव के बराबर आता है। यानी कि भैया ना वो नेगेटिव
A के बराबर आता है। तो इसको मैथ्स के अंदर कहा जाता है अ एसिमिट्रिक मैट्रिक्स। इसको क्या कहते हैं मैथ्स के अंदर? एसिट्रिक
मैट्रिक्स। यानी कि बेटा अगर आप दुनिया के अंदर किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लेते हो। ये बहुत इंपॉर्टेंट एक थ्योरिटिकल
एमसीक्यूस है। ये रीसेंट इयर्स के अंदर बहुत ज्यादा आया हुआ है। इसकी लॉजिक समझिएगा। लॉजिक क्या है? अगर आप दुनिया
में किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लेते हो और ट्रांसपोज लेने पे ना तो वो ओरिजिनल मैट्रिक्स के बराबर आता है ना वो नेगेटिव
ऑफ द ओरिजिन मैट्रिक्स के बराबर आता है। तो ऐसे मैट्रिक्स को दुनिया में कहा जाता है एसिट्रिक मैट्रिक्स और दुनिया में
मैक्सिमम जो मैट्रिससेस होते हैं वो एसिट्रिक ही होते हैं। एसिमेट्रिक का मतलब क्या है कि भ ना तीन में ना 13 में ना तो
ये आपके ओरिजिनल मैट्रिक्स के बराबर आया है। जैसे फॉर एग्जांपल बात समझिएगा जरा। मैंने यहां पे इस क्वेश्चन का जब
ट्रांसपोज लिया था। मैंने जब इस क्वेश्चन के अंदर ये 1 3 2 का जब ट्रांसपोज लिया था मुझे वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल गया
था। देखो ओरिजिनल मैट्रिक्स में भी यही एलिमेंट्स थे और ट्रांसपोज में भी यही एलिमेंट्स थे। है ना? गौर से देखो। यानी
कि जब मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लिया था तो यहां और यहां मेरे एलिमेंट्स क्या आ रहे थे? सिमिलर आ रहे थे
बेटा। तो बेटा यहां भी देखो जब मैंने यहां पे ट्रांसपोज लिया था तो मुझे नेगेटिव ऑफ दी ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल रहा था। ये
दोनों समझ में आता है। मगर दुनिया के अंदर कभी अगर एक ऐसा मैट्रिक्स आ जाए जिसका जब आप ट्रांसपोज लेते हो और ट्रांसपोज लेने
पे आपको वापस से ना तो ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल रहा है ना नेगेटिव ऑफ द ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल रहा है। सो ऐसे मैट्रिक्स
को क्या कहते हैं? एसिमिट्रिक मैट्रिक्स क्या कहते हैं? एसिमिट्रिक मैट्रिक्स। ये एक थ्योरिटिकल कांसेप्ट है। थ्योरिटिकल
एमसीक्यूस है। यानी कि देखो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब ये है कि भाई ना तो ये तीन में ना 13 में जो कि मेजॉरिटी
मैट्रिक्स होते हैं ना मेजॉरिटी मैट्रिक्स सिमेट्रिक थोड़ी होते हैं। भाई कितने मैट्रिससेस आप दुनिया में देखते हो? फॉर
एग्जांपल मैं कहता हूं एक मैट्रिक्स आ रहा है वन 2 3 4 दुनिया में जो मैक्सिमम मैट्रिक्स होते हैं वो एसिट्रिक ही होते
हैं। भाई जब आप उस मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लोगे तो ट्रांसपोज होने पे आपके पास नई वैल्यू आएगी ना। 1 2 ये आ जाएगा 3 4
दुनिया में जितने भी रैंडम मैट्रिससेस होते हैं सारे येट्रिक होते हैं भाई कि अगर आप ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज
लेते हो तो आपको आंसर में वापस ओरिजिनल मैट्रिक्स थोड़ी मिलता है या नेगेटिव ओरिजिनल मैट्रिक्स थोड़ी मिलता है ये तो
कम कम में मिलता है बेटा कम कम होते हैं सिमिट्रिक या आपके पास जो स्क्यूसिट्रिक होते हैं ज्यादातर केसेस के अंदर तो यही
केस होगा ना एसिमिट्रिक का तो याद रखिएगा अगर आप किसी ओरिजिन मैट्रिक्स और ट्रांसपोज लेते हैं और ट्रांसपोज लेने पे
ना तो आपको ओरिजिन मैट्रिक्स मिलता है ना नेगेटिव ऑफ द ओरिजिन मैट्रिक्स मिलता है इसको हम नॉर्मली क्या कहते हैं एसिमिट्रिक
मैट्रिक्स क्या कहते हैं एसिमिट्रिक मैट्रिक्स दोबारा दोबारा से पूरी बात को रिपीट कर देता हूं। क्या कहा मैंने कि
देखो अगर ओरिजिन मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लोगे और आंसर में ओरिजिन मैट्रिक्स आ जाए इसको कहा जाता है सिमेट्रिक मैट्रिक्स।
सही है? स्क्यूसेट्रिक क्या होता है? ओरिजिन मैट्रिक्स का अगर ट्रांसपोज लोगे और आंसर में नेगेटिव ऑफ द ओरिजिन
मैट्रिक्स आ जाए इसको क्या कहते हैं? स्क्यूसिट्रिक मैट्रिक्स का होना। और अगर आप किसी मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लो और
ट्रांसपोज में वापस से ओरिजिन मैट्रिक्स ना मिले और या फिर नेगेटिव ऑफ़ द ओरिजिन मैट्रिक्स ना मिले। यानी कि भाई आपको
ट्रांसपोज लेने के बाद ना तो सिमिट्रिक मिला ना आपको स्क्यू सिमिट्रिक मिला। तो जो आंसर मिलता है वो एक नॉर्मल मैट्रिक्स
होता है जिसको हम कहते हैं एसिट्रिक मैट्रिक्स। फॉर एग्जांपल भाई इसकी मिसाल ऐसी है कि यार लेट्स सपोज हर बंदा तो दाने
पे मंजिल निकलता है मगर मंजिल के ऊपर हर बंदा तो नहीं पहुंच सकेगा ना। कुछ ही पहुंच सकेंगे। जो भई कुछ ही पहुंच सकेंगे
वो एक स्पेशल केसेस हो गए। लेट्स सपोज हर बंदा तो बिल गेट्स नहीं बन सकता ना। जो बन गया उसके बारे नहीं आ रहे हैं। जो नहीं बन
सकता वो नॉर्मल आदमी है। नॉर्मल सी बात है। तो सेम गोज़ फॉर हियर कि अगर ओरिजिनल मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लेता हूं वो मेरे
पास ना सिमेट्रिक आता है ना स्क्यूसेस आता है। यानी कि ना तो ओरिजिनल मैट्रिक्स के बराबर आता है ना नेगेटिव ऑफ दी ओरिजिन
मैट्रिक्स के बराबर आता है। उसको कहते हैं एसिट्रिक मैट्रिक्स। इट्स अ नॉर्मल थिंग। ये इसी के अंदर ये छोटा सा एमसीक्यू मैंने
इसके साथ ही आपको पढ़ा दिया। बताओ ये बात क्लियर होती है? कोई मसले की बात है इसके बेटा। अब देखो हमारे पास जो नेक्स्ट चीज़
आती है ना, नेक्स्ट जो मैट्रिक्स की टाइप आती है, स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप, ये कहलाता है हर मिशन मैट्रिक्स। हर मिशन
मैट्रिक्स के मायने क्या होते हैं? भाई दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स, दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स कि अगर मैं उस
मैट्रिक्स का पहले कंजुगेट लूं। मैंने देखा मेरे पास अभी एक बच्चे ने कंजुगेट का जिक्र किया। मगर जाहिर सी बात है उस
बेचारे बच्चे ने कभी कोचिंग के किसी ट्यूशन वाले बाजी बाजी से पढ़ा होगा तो भाई हर हर मैट्रिक्स का कंजूगेट नहीं
होता। स्पेशल मैट्रिक्स होता है। तो रिमेंबर दिस थिंग कंजुगेट। अगर आप किसी मैट्रिक्स का पहले कंजुगेट लो और उसके बाद
उस मैट्रिक्स का ट्रांसपोज लो और आपका आंसर आ जाए किसके बराबर? अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स के बराबर। सो ऐसे मैट्रिक्स को
दुनिया की तारीख के अंदर कहा जाता है कि ये मैट्रिक्स कैसा है? ये मैट्रिक्स है हर हमेशा मैट्रिक्स। अब बच्चा बोलेगा सर इसके
एग्जांपल्स दे तो बड़ा कॉम्प्लिकेटेड लग रहा है। अरे भाई कॉम्प्लिकेटेड नहीं है। बहुत आसान है। फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं
मेरे पास एक मैट्रिक्स है। लेट्स सपोज लेट्स सपोज मेरे पास एक मासूम सा मैट्रिक्स आ रहा है और ये मैट्रिक्स है P
का P यहां पर आ रहा है A + का Biot फिर यहां पर आ रहा है A- का Biot यहां पर आ रहा है Q। ठीक है? एग्जामिनर कहता है कि
भाई यह जो मैट्रिक्स है ना बताइए सिमेट्रिक मैट्रिक्स है या ये स्क्यूसिट्रिक है या ये हरमेशन है या ये
स्क्यू हरर्मेशन है? पेपर में एमसीक्यूस ऐसे ही आएगा जैसे मैं आपको लिखवा रहा हूं। एग्जामिनर क्या कहता है कि बताइए
मैट्रिक्स कैसा है? सिमिट्रिक है, स्क्यूसिट्रिक है, हरिशन है या स्क्यूहर्मेशन है? याद रखिएगा अच्छा
तरीकेकार ये होता है कि अगर आपको क्वेश्चन में दिख रहा है ना आयोटा वाली टर्म्स आ रही हैं तो ज्यादा चांसेस हैं कि हरमेशन
या स्क्यू हरमेशन होगा। क्योंकि ये बात करते हैं कंजुगेट की। कंजुगेट क्या होता है? जिसको नहीं मालूम बता देता हूं।
दुनिया के अंदर कोई भी कॉम्प्लेक्स नंबर अगर एग्जिस्ट करता हो, दुनिया में कोई भी कॉम्प्लेक्स नंबर अगर एग्ज़िस्ट करता हो,
उस कॉम्प्लेक्स नंबर के अंदर इमेजिनरी टर्म के साइन को कन्वर्ट करना। इमिनरी टर्म के साइन को अपोज़ करना इज़ बेसिकली अ
कंजुगेट। कंजुगेट का मतलब क्या होता है? इमिनरी टर्म के साइन को चेंज कर देना। तो फॉर एग्जांपल अगर मेरे पास ये एमसीक्यूस आ
रहे हैं। इसमें एग्ज़ेंडर कहता है मैट्रिक्स कैसा है? तो भाई हम चेक करेंगे पहले तो। भाई सिंपल तरीके से मेरे पास जो
ये मैट्रिक्स आ रहा है ना सबसे पहले मैं इसका कंजुगेट निकाल के चेक करता हूं। क्जुगेट के अंदर देखो करते क्या है हमेशा
याद रखिएगा जो सिंबल होता है क्जुगेट का सिंबल होता है। इसमें हम करते क्या है? सिर्फ इमिनरी टर्म के साइन चेंज किए जाते
हैं दुनिया के अंदर। तो अब देखो मेरे पास ये p जो है p एक सिंपल कांस्टेंट है। p के साथ कोई आयोटा आपको दिख रहा है? नहीं दिख
रहा है ना? तो इसका मतलब p का साइन चेंज नहीं होगा। जो इमिनरी टर्म होती है सिर्फ उसका साइन कन्वर्ट होता है। तो ये बन
जाएगा a + b आयotा है। तो देखो यहां पे b आयot है ना ये आयot आ रहा है। तो इसका खाली साइन चेंज हो जाएगा। सिमिलरली देखो
यहां पे a - का b आयot है। इसका साइन क्या हो जाएगा? चेंज हो जाएगा। और सिंपल q का q एज़ इट इज़ कंजुगेट के अंदर आप सिर्फ इमिनरी
टर्म का साइन कन्वर्ट करते हो। हमेशा याद रखिएगा। अब देखो मैंने अपने पर्टिकुलरली इसका मैट्रिक्स का कंजुगेट निकाल लिया।
क्जुगेट में क्या करते हैं? कहीं पे लिख लेना। इमिनरी टर्म का साइन चेंज करते हैं सिर्फ। सही है? कंजुगेट का मैंने साइन
चेंज कर दिया। यानी कि जितनी इमेजिनरी टर्म्स आ रही है सबका साइन चेंज कर दिया। अब मैं इसका ट्रांसपोज लेता हूं। अब देखो
मैंने कंजुगेट ले लिया। अब मैं इसका ट्रांसपोज लूंगा। ट्रांसपोज का मतलब क्या होता है? याद है कि भूल गए? क्या कहा था
कि भाई रोज़ को कॉलम में लिखना। रो को कॉलम में लिखना। तो पहली रो आ रही है P और A - का Biot। सेकंड नंबर के ऊपर देखो क्या रो
आ रही है? a + biota * Q तो रो को एज अ कॉलम लिखना। जो रो आ रही है उसको क्या लिखोगे? एज अ कॉलम लिखोगे। लिख दिया। अब
खुद से सोचो जब आपने कंजुगेट लेके ट्रांसपोज लिया क्या वापस से आपका ओरिजिनल मैट्रिक्स बन रहा है कि नहीं बन रहा भाई
बताओ मैं डोरा दी एक्सप्लोरर बन गया हूं वो डोरा होती थी ना ये कार्टून में कहती थी बताओ आपको पीछे समंदर दिख रहा है नहीं
दिख रहा बताओ भाई समंदर आपको बैक साइड में दिख रहा है क्या आपको दिख रहा है कि दोनों वैल्यू सेम है कि नहीं है क्वेश्चन में जो
मैट्रिक्स गिवेन था क्या आंसर में जो मैट्रिक्स आया वो सेम था कि नहीं था आप बोलोगे सर बिल्कुल सेम है इसका मतलब क्या
हुआ कि जब ओरिजिनल मैट्रिक्स का आपने कंजुगेट लिया फिर ट्रांसपोज लिया आपका आंसर क्या आ रहा है वापस से आपका ओरिजिनल
मैट्रिक्स आ रहा है दैट टाइप ऑफ़ मैट्रिक्स इज़ नोन एज दी हरमिशन मैट्रिक्स। क्या कहते हैं इसको? हरमिशन मैट्रिक्स। क्या कहा
जाता है? हरमिशन मैट्रिक्स। इसके ऊपर आप कोई भी एग्जांपल ले सकते हो। इसके कई एग्जांपल हो सकती हैं। कई बताने वाले कई
तरह के एग्जांपल इसके ऊपर कोट कर सकते हैं। मगर बुनियादी कांसेप्ट क्या है? कि देखो हरमिशन मैट्रिक्स क्या होता है कि
ओरिजिनल मैट्रिक्स का पहले कंजुगेट लो। कंजुगेट लेने के बाद आप उसका क्या ले लो? ट्रांसपोज ले लो। इसके ऊपर मैं एक और
एग्जांपल भी आपको दे सकता हूं। मुझे मसला नहीं है। आप इसके ऊपर एक लें्थी एग्जांपल भी ले सकते हो। मगर कॉन्सेप्ट योर
कॉन्सेप्ट शुड बी वेरी क्रिस्टल क्लियर। कि देखो हरमिशन मैट्रिक्स का मतलब ही क्या है कि अगर मैं सिंपल तरीके से कोई
मैट्रिक्स लूं। मैं उसका क्या निकालूं? मैं उसका पहले कंजुगेट लूं और फिर उसका ट्रांसपोज लूं। फॉर एग्जांपल आप 4/4 का
मैट्रिक्स अस्यूम करना चाहते हो 4/4 का कर लो भाई। कोई मसले की बात नहीं है। लेट्स सपोज लेट्स सपोज लेट्स सपोज मैं आपसे कहता
हूं मेरे भाई एक मैट्रिक्स को रखा और मैंने कहा कि भ बताओ ये मैट्रिक्स कैसा आ रहा है? ये मैट्रिक्स सिमिट्रिक है। ये
मैट्रिक्स स्कूसिमेट्रिक है। ये मैट्रिक्स हरिशन है। स्क्रू हरमिशन है। देखो याद रखिएगा अगर मैट्रिक्स के अंदर ये आयोटा
शiटा की टर्म्स आ रही हैं। कॉम्प्लेक्स टर्म्स आ रही है ना इसका मतलब है कि ज्यादा चांसेस हैं हरिमिशन या स्कूर्मिशन
होने के। मगर गारंटी नहीं है मगर ज्यादा चांसेस हैं। अच्छा एक बच्चे ने पूछा कि सर अगर मैट्रिक्स के अंदर से कॉम्प्लेक्स
पार्ट नहीं हो। सिंपल से सीधे ये नंबर्स मौजूद हो मैट्रिक्स के अंदर। तो क्या वो कभी हरिशन हो सकता है? तो देखो हरमिशन की
टाइप ये होती है कंजुगेट होना चाहिए। अब कंजुगेट ही अगर वहां पे नहीं फॉर्म हो रहा होगा तो फिर वो हरमिशन इसको हरिमिशन की
कैटेगरी के अंदर उसे शुमार नहीं कर रहे होंगे। क्लियर है? तो अब देखो ये मैट्रिक्स कैसा आ रहा है। आप चेक कर लो ना
इसको। अगर मैं सबसे पहले इस मैट्रिक्स का क्या लूं? कंजुगेट लूं। तो मैट्रिक्स का कंजुगेट कैसे लिया जाएगा? देखो कंजुगेट का
मतलब क्या होता है? इमिनरी टर्म के साइन को कन्वर्ट करना। क्या होता है? इमेजिनरी टर्म के साइन को कन्वर्ट करना। तो ये क्या
बन जाएगा? ये हो जाएगा नेगेटिव का आयot। ये हो जाएगा प्लस का 2 आयot। ये हो जाएगा नेगेटिव का 9 आiot। क्लियर है? तमाम
टर्म्स के आप साइन को इमिनरी टर्म्स के साइन को कन्वर्ट कर दीजिए। कंजुगेट का मतलब ये होता है। ये सिंपल आयot हो गया।
ये सिंपल फाइव हो गया। ये सिंपल नेगेटिव 5iota हो गया। ये हो गया नेगेटिव का 2iota ये हो गया नेगेटिव का 2iota ये हो गया
हमारे पास पॉजिटिव का 5iota ये हो गया प्लस का 8 ये हो गया प्लस का आयot हमारे पास देन क्या आ रहा है हमारे पास आ रहा है
प्लस का 9iota देन इट कम्स दी +2 आयot देन इट कम्स दी नेगेटिव आयot देन इट कम्स दी प्लस का 4 तो ये देखो हमारा कंप्लीट
मैट्रिक्स फॉर्म हो गया जो हमने कंजुगेट लिया अब अगर मैं इसका ट्रांसपोज लूं तो मैं इसका ट्रांसपोज एक काम करता हूं सामने
ही ले लेता हूं तो अगर मैं इसका ट्रांसपोज लूं तो व्हाट इट विल बिकम इट विल सिंपली बिकम हमारे हमारे पास ट्रांसपोज का मतलब
क्या होता है? देखो ट्रांसपोज मैं बार-बार ये एरो करके दिखा रहा हूं। रोज़ को कॉलम में चेंज करना। तो पहली रो आ रही है वन।
फिर नेगेटिव का आयot। फिर ये आ रहा है 2iot। फिर ये आ रहा है नेगेटिव का 9iota। फिर देखो बेटा ये जो सेकंड रो आ रही है
इसको एज अ कॉलम लिख दो पूरी की पूरी। तो ये आ गई आयot। ये आ गया फाइव। ये आ गया नेगेटिव का 5iot। ये आ गया नेगेटिव का
2iot। मुझे वैसे आगे जाने की जरूरत ही नहीं है क्योंकि मुझे साफ तौर पे दिख रहा है कि भाई यहां पे भी देखो ये पहला कॉलम
एग्जैक्टली सिमिलर आ रहा है। दूसरा कॉलम एग्जैक्टली सिमिलर आ रहा है। इसका मतलब जब इस रो को जब इस रो को मैं एज अ कॉलम
लिखूंगा तो एग्जैक्टली ये चीज़ बन रही होगी। इस रो को भी जब एज अ कॉलम लिखूंगा एग्जैक्टली ये चीज़ बनेगी। तो आगे आ जाने
की जरूरत ही नहीं है। मैं खाली वो समझाना चाह रहा था यहां पे कि देखो अगर आप गौर से देखो तो जब आपने अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स
का कंजूगेट लिया फिर उसका ट्रांसपोज निकाला तो ये किसके बराबर आ गया? ओरिजिनल मैट्रिक्स के। तो इसको क्या कहते हैं?
हरमिशन मैट्रिक्स। देखो इट इज़ अ लॉट ऑफ़ थ्योरी। आई नो कि आज की क्लास में लॉट ऑफ़ थ्योरी इन्वॉल्वड है। मगर बेटा इसको पढ़ना
बहुत जरूरी है। इनको समझना भी जरूरी है। इसलिए मैं आपको डायरेक्टली पीडीएफ नहीं दे रहा। मेरी कोशिश आपको एक-एक चीज़ समझाऊं।
एक-ए चीज़ के एग्जांपल्स के साथ बताऊं। अच्छा इसी तरीके से हमारे पास एक और मैट्रिक्स जो आता है जो हरमेशन का बिल्कुल
अपोजिट है। उसका नाम क्या होता है? उसको कहते हैं स्क्यू हरर्मेशन मैट्रिक्स। बात है। अभी हम लोगों ने हरमेशन मैट्रिक्स को
पढ़ा। तो जो नेक्स्ट मैट्रिक्स हमारे पास होता है, ये क्या होता है? ये होता है हमारे पास स्क्यू हरर्मेशन मैट्रिक्स।
यानी कि भाई एक ऐसा मैट्रिक्स। जरा गौर से बात को समझिएगा। दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स अगर आप पहले उसका कंजुगेट
निकालो फिर आप क्या कर दो फिर आप उसका ट्रांसपोज कर दो यानी कि पहले आप एक मैट्रिक्स का कंजुगेट निकालो फिर उसका
ट्रांसपोज करो और आपका आंसर किसके बराबर आ जाए नेगेटिव ऑफ दी ओरिजिनल मैट्रिक्स के। सो ऐसे मैट्रिक्स को मैथ्स में हम क्या
कहते हैं? स्क्यू हरर्मिशन मैट्रिक्स। याद रखिएगा बेटा जितनी एग्जांपल्स मैं आपको साथ-साथ करवा रहा हूं ना ये पास्ट पेपर्स
के डिफरेंट क्वेश्चंस हैं जो डिफरेंट यूनिवर्सिटीज के अंदर पूछे गए थे। तो स्क्यू हर्मिशन मैट्रिक्स के ऊपर क्या
कांसेप्ट आया था? इसका एक दफा पेपर के अंदर हमारे पास कांसेप्ट आता है। फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं मेरे पास एक
क्वेश्चन आ रहा है और ये क्वेश्चन था ज़ीरो। यहां पर आ रहा है मेरे पास सिंपल 1 + का आयot और यहां पर आ रहा है मेरे पास
फॉर एग्जांपल नेगेटिव का वन और आगे आ गया प्लस का आयotा। यहां पे आ रहा है ज़ीरो। एग्जामिनर ने क्वेश्चन ये दिया था कि भाई
बताइए ये मैट्रिक्स कैसा है? इदर इट इज़ अ स्क्यू सिमेट्रिक मैट्रिक्स, इदर इट अ सिमेट्रिक मैट्रिक्स, इदर इट इज़ अ हर्मिशन
मैट्रिक्स और द स्कर्मिनशन मैट्रिक्स। देखो सॉल्व कैसे करोगे? कोई मुश्किल चीज नहीं है। आपने सेम काम करना है। अगर आपको
दिख रहा है यहां पे आयोटा वाली टर्म्स आ रही हैं तो पहले आप इसका कंजुगेट लेके चेक कर लो। तो अगर मेरा ये ओरिजिनल मैट्रिक्स
आ रहा है। मैं इसका कंजुगेट लेता हूं। लेट्स सपोज ये मेरा ओरिजिनल मैट्रिक्स है। अगर मैं इसका कंजुगेट लूंगा देखो क्जुगेट
में करते क्या है? इमिनरी टर्म का साइन चेंज। तो ये क्या बन जाएगा? ये हो जाएगा हमारे पास सिंपल तरीके से 1 - का आयot।
यहां पे क्या हो जाएगा? ये हो जाएगा नेगेटिव का वन नेगेटिव का आयot और ज़ीरो का ज़ीरो एज़ इट इज़। अब देखो जब मैंने ओरिजिनल
मैट्रिक्स का कंजुगेट लिया। जब मैंने ओरिजिनल मैट्रिक्स का कंजुगेट लिया तो कंजुगेट लेने के ऊपर मेरे पास क्या हो
गया? तमाम इमिनरी टर्म्स का साइन चेंज हो गया। तमाम इमिनरी टर्म्स का साइन चेंज हो गया। अब अगर मैं इसका क्या निकालूं? अब
मैं अगर अपने कंजुगेट का ट्रांसपोज ले लूं। अगर मैं अपने कंजुगेट का क्या लूंगा? अब ट्रांसपोज तो ट्रांसपोज में रोज़ को
कॉलम में कन्वर्ट करते हैं भैया। तो क्या बन जाएगा? ज़ीरो। इधर आ गया 1 - का आयot। इधर क्या हो जाएगा? इधर हो जाएगा नेगेटिव
का वन। नेगेटिव का आयot इधर हो जाएगा ज़ीरो। तो देखो भाई हमने कंजुगेट का फिर ट्रांसपोज भी ले लिया। मगर अब देखो गौर से
अगर मैं गौर से देखूं तो सर ये तो मेरा ओरिजिनल मैट्रिक्स आ ही नहीं रहा। सर ओरिजिनल मैट्रिक्स में तो देखिए यहां पे 1
+ का आयotा था और सर यहां पे देखिए नेगेटिव का 1 प्लस का आयotा था। अरे सर ये तो हरमेशन मैट्रिक्स तो नहीं है। हरमिशन
मैट्रिक्स नहीं है। तो आइए नेगेटिव साइन कॉमन लेके चेक करते हैं। अगर मैं यहां से नेगेटिव साइन को कॉमन लूं इस पूरे
मैट्रिक्स में से। नेगेटिव साइन जब कॉमन लोगे तो इसका मतलब क्या हर टर्म में से कॉमन लिया जाएगा। ज़ीरो में से नेगेटिव
साइन कॉमन लो। ज़ीरो को फर्क ही नहीं पड़ता। ज़ीरो बादशाह आदमी है। यहां से अगर मैं नेगेटिव साइन कॉमन लूंगा तो दोनों टर्म से
कॉमन लिया जाएगा। तो ये क्या बन जाएगा? 1 + का आयot। यहां से जब नेगेटिव साइन कॉमन लोगे तो क्या बन जाएगा? नेगेटिव का वन
प्लस का आयot। सबके साइन चेंज हो जाएंगे ना। और प्लस के ज़ीरो में से अगर नेगेटिव का ज़ीरो करोगे तो भाई ज़ीरो ज़ीरो ही रहेगा।
क्योंकि नेगेटिव का ज़ीरो भी ज़ीरो ही होता है। तो अब देखो जब आपने नेगेटिव साइन कॉमन ले लिया। अब देखो क्या आपका ओरिजिनल
मैट्रिक्स और ये मैट्रिक्स सिमिलर बन गया। बिल्कुल बन गया। इसका मतलब क्या हुआ? ये कैसा मैट्रिक्स आ गया? ये आपका स्क्यू
हरर्मिशन मैट्रिक्स है। इसका मतलब क्या हुआ? दिस इज़ अ स्क्यू हर्मिशन मैट्रिक्स। कैसा मैट्रिक्स है? स्क्यू हरर्मिशन
मैट्रिक्स। बताओ इसमें क्या मुश्किल बात है? लोग बैठ के आप ही के जैसे बच्चे होते हैं जो कहते हैं नहीं सर ये थ्योरिटिकल
कांसेप्ट तो मुश्किल है। बेटा ये मुश्किल-मुश्किल करते हुए एग्जामिनर जानबूझ के डालते हैं। और आई एम आई एम
टेलिंग यू अगेन एंड अगेन। अगेन एंड अगेन कि बेटा अगर नस के अंदर 100 एमसीक्यूस डाले गए हैं ना। तो याद रखिएगा नस का जो
पेपर आएगा ना नेट वन या नेट टू नेट थ्री नेट फोर। 100 एमसीक्यूस का मतलब यह है कि भई वहां पे जानबूझ के एग्जाम में
थ्योरियोटिकल कॉन्सेप्ट ज़्यादा से ज्यादा डालेगा। तो भाई ये बेसिक चीजें हैं। सेम गोज़ फॉर दी आईबी। आईबीए के अंदर हरिमिशन
का और आइडम पोटेंट का एक कांसेप्ट बीबीए के अंदर आया था लास्ट ईयर। बीबीए के बच्चे मैं जितने ग्रुप्स के अंदर मौजूद हूं ना
बच्चे रो रहे थे बैठ के सर वो बीबीए के टेस्ट में क्यों आ गया? सीएस में आना चाहिए था। तो भाई ये ज़हन में रखिएगा ये
जनरल मैथ्स के अंदर भी मैट्रिससेस का टॉपिक शुमार किया जाता है। इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। तो भाई ये बेसिक डेफिनेशनंस
हैं। तो स्क्यू हर्मिशन मैट्रिक्स कब आपको अचीव होगा? जब एक मैट्रिक्स का कंजुगेट लेते हो फिर उसका ट्रांसपोज लेते हो। तो
आंसर अगर नेगेटिव ऑफ़ द ओरिजिन मैट्रिक्स के बराबर आ रहा है। इसको कहा जाता है स्क्यू हर्मिशन मैट्रिक्स। क्लियर है भाई?
इसमें कोई मसला ही नहीं। हमारे पास जो नेक्स्ट मैट्रिक्स की टाइप आ रही है ना इसका नाम क्या होता है? इसका नाम होता है
आइडमोटेंट मैट्रिक्स। अच्छा बहुत से लोग जो है ना इसको आइडमेंट भी कहते हैं। यहां पे एन नहीं होगा। यहां पे टी होगा माय
बैड। इसका नाम क्या होता है? आइडम पोटेंट मैट्रिक्स। बहुत से लोग इसको आइडमेंट मैट्रिक्स भी कहते हैं। बहुत से लोग इसको
आइडमोटेंट मैट्रिक्स भी कहते हैं। जो अच्छी आपकी वोकैब्स के अंदर आपकी पर्टिकुलरली हो उसको आप बोल सकते हैं। कोई
मसले की बात नहीं है। देखो आइडमोटेंट मैट्रिक्स कहता क्या है? आइडेंट मैट्रिक्स दुनिया के अंदर ये बात बहुत तरीके से कहता
है कि अगर आप दुनिया के अंदर किसी मैट्रिक्स का स्क्वायर लेते हो जरा बात लॉजिकली समझिएगा। अगर आप दुनिया के अंदर
अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स को दोबारा से ओरिजिनल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवा दो। a² का मतलब क्या होता है? a² का मतलब ये
होता है कि भाई अगर मैं अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स को वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवा दूं। और आंसर में मुझे
क्या मिल जाए? वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए। तो ये ऐसा मैट्रिक्स क्या कहलाएगा? आइडम पंप मैट्रिक्स कहलाएगा।
देखो क्या कहा मैंने गौर समझिएगा बड़ी इंपॉर्टेंट बात है अगर दुनिया के अंदर आप किसी मैट्रिक्स का स्क्वायर करते हो और
आंसर में वापस से आपको ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए देन इट इज़ नोन एज दी आइडमोटेंट मैट्रिक्स देखो a स्क्वायर का मतलब क्या
है यानी कि मैं दो दफा एक ही मैट्रिक्स को आपस में मल्टीप्लाई करवा दूं और आंसर में वापस ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए इसको क्या
कहा जाएगा इसको कहा जाएगा आइडमोटेंट मैट्रिक्स इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग पेपर में कैसे आएगा इसकी लॉजिक क्या होती है
मैं आपको वो समझाऊंगा फॉर एग्जांपल मैं आपको इसके ऊपर एक क्वेश्चन दिखाता हूं देखो मैं मुझे मालूम है मैंने अभी तक आपको
मैट की मल्टीप्लिकेशन नहीं पढ़ाई तो इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। मैं आपको सिर्फ करके दिखा रहा हूं। होता क्या है
ताकि आपको एक लॉजिक समझ में आए कि देखो फॉर एग्जांपल ये पेपर में क्वेश्चन कैसे आएगा आगे का? आइडमोटेंट मैट्रिक्स की
एग्जांपल क्या होती है? आइडमोटेंट मैट्रिक्स कहते कि कैसे हैं? दुनिया के अंदर कभी भी अगर आप अपने मैट्रिक्स का
स्क्वायर लेते हो। अगर आप ओरिजिनल मैट्रिक्स को वापस ओरिजिनल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करो और आंसर में आपके पास क्या
आ जाए? वापिस से ओरिजिनल मैट्रिक्स आ जाए तो ऐसे मैट्रिक्स को हम क्या कहते हैं? ऐसे मैट्रिक्स को हम कहते हैं कि हमारे
पास ये आइडम इंपोर्टेंट मैट्रिक्स है। यानी कि देखो पेपर में ये क्वेश्चन दो तरीकों से आएगा। एक तरीका जो मैं अभी तक
आपको बार-बार पढ़ा रहा हूं कि भाई बहुत दफा पेपर में सिंपल आपके पास इसकी डेफिनेशन पूछ ली जाएगी। यानी कि आपके पास
जो है ना ये प्रॉपर्टी लिखी होगी। क्या एग्जामिनर बोलेगा कि भाई व्हिच वन ऑफ व्हिच ऑफ दी फॉलोइंग इज दी आइडम पोटेंट
मैट्रिक्स। तो नीचे आपके पास कंडीशंस होंगी। a² इज इक्वल टू a होना या फिर ये वाली कंडीशन गिवेन होगी या आपके पास ये
कंडीशन गिवेन होगी। तो पेपर में एक तरीका क्या होता है? कंडीशंस पूछी जाती है। इसलिए ये कंडीशंस आपको बहुत तरीके से याद
होनी चाहिए। दूसरा तरीका जो सबसे टिपिकल तरीका है कि आपको एक मैट्रिक्स दे दिया जाएगा और एग्जामिनर पता है क्या बोलेगा?
एग्जामिनर बोलेगा व्हिच ऑफ दी फॉलोइंग मैट्रिक्स इज़ दिस? यानी कि भाई ये मैट्रिक्स क्या चीज है? ये मैट्रिक्स क्यू
मैट्रिक्स आ रहा है, सिमेट्रिक मैट्रिक्स आ रहा है, हरमेशन मैट्रिक्स आ रहा है, आइडम पोटेंट मैट्रिक्स आ रहा है या निल
पोटेंट मैट्रिक्स आ रहा है? निल पोटेंट मैट्रिक्स इसके आगे की चीज होती है। अब देखो हमें कैसे पता चलेगा? अब देखो सबसे
पहले नंबर के ऊपर सिमेट्रिक मैट्रिक्स के अंदर या हरमेशन के अंदर तो हमें ट्रांसपोज करना होता है। आइटम पोटेंट के अंदर काम
क्या करते हैं? हमारे पास जो भी ओरिजिनल मैट्रिक्स होता है ना इसको दो दफा आपस में मल्टीप्लाई करना होता है। यानी कि लेट्स
सपोज अगर मेरे पास ये मैट्रिक्स आ रहा है टू नेगेटिव टू नेगेटिव फोर। नीचे आ रहा है नेगेटिव वन। यहां पर आ रहा है थ्री। यहां
पर आ रहा है फोर। यहां पे आ रहा है मेरे पास प्लस का वन। ये क्या आ रहा है? प्लस का वन आ रहा है। क्या आ रहा है? प्लस का
वन। सही है या ना? प्लस का वन। यहां आ रहा है नेगेटिव टू। यहां आ रहा है नेगेटिव का थ्री। अगर मैं इन दोनों मैट्रिससेस को आपस
में क्या करवा दूं? इस मैट्रिक्स को आपस में ही मल्टीप्लाई करवा दूं और मुझे आंसर के अंदर वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल
जाए, देन इट विल बी टर्मड एज एन आइडमेंट मैट्रिक्स। देन इट विल बी टर्म्ड एज दी आइडमेंट मैट्रिक्स। अब देखो मैट्रिक्स की
मल्टीप्लिकेशन कैसे होती है? मैंने आपको मैट्रिक्स की प्रॉपर्टीज़ के अंदर मल्टीप्लिकेशन अभी नहीं पढ़ाई हुई। तो
प्लीज अभी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। मैं खुद से आपको करके दिखाऊंगा। मैं साथ-साथ समझाऊंगा। अभी मल्टीप्लाई कैसे हो
रहा है। मगर अगर किसी बच्चे को क्लियर ना हो तो परेशान मत होइएगा। हमने आगे चलके वो पढ़नी है अलग से भी। मगर चकि क्वेश्चन की
यहां पे लॉजिक ऐसी है कि मुझे करवानी पड़ रही है ऐसे मैं आपको बता भी दूंगा। सही है? हमने करना क्या है? इन दोनों
मैट्रिक्स का स्क्वायर करना है। स्क्वायर करने का मतलब क्या होता है? मैट्रिक्स को दो दफा आपस में मल्टीप्लाई करवाना है।
किसी भी मैट्रिक्स के स्क्वायर का मतलब क्या होता है? कि देखो आप मैट्रिक्स को बेसिकली क्या करवा रहे हो? आपस के अंदर ही
मल्टीप्लाई करवा रहे हो। भाई a² का मतलब क्या है? देखो a² कैसे फॉर्म होता है? a² कब बनेगा? जब मैं a को a से मल्टीप्लाई
करवाऊंगा तो a² बनेगा ना। दैट्स द लॉजिक हियर। अब मैट्रिक्स मल्टीप्लाई कैसे होता है? मैट्रिक्स दुनिया में मल्टीप्लाई होता
है रोज़ इंटू कॉलम्स के ऊपर। यानी कि भाई पहले वाले मैट्रिक्स की रो लोगे पहले वाले कॉलम को उठाओगे। दूसरे वाले कॉलम
मैट्रिक्स की रो लोगे फिर कॉलम को उठाओगे। तीसरे मैट्रिक्स की रो लोगे फिर कॉलम को उठाओगे। यानी कि भैया हम सिंपल मैट्रिक्स
को मल्टीप्लाई करवाते हैं हेड टू टेल कांसेप्ट के ऊपर। अगेन आई एम नॉट टीचिंग दी मल्टीप्लिकेशन हियर। आई एम जस्ट टीचिंग
यू द कॉनसेप्ट। कि किस तरीके से हम जब a स्क्वायर करवाएंगे तो आंसर a के बराबर आएगा। मैं खाली आपको वो एग्जांपल के तौर
पे शो करना चाह रहा हूं कि देखो ये टू जाके इस टू से मल्टीप्लाई होगा। तो जाहिर सी बात है हमारे पास क्या बन जाएगा? ये बन
जाएगा फोर। नेगेटिव का टू जाके नेगेटिव के वन से मल्टीप्लाई होगा तो ये क्या बन जाएगा? ये बन जाएगा प्लस का टू। सही है
ना? नेगेटिव का 2 * नेगेटिव वन प्लस का टू बन जाएगा। नेगेटिव का फोर प्लस के वन से मल्टीप्लाई होगा तो ये क्या बन जाएगा?
सिंपल नेगेटिव का फोर आ जाएगा। सिमिलरली ये नेगेटिव का वन जब टू से मल्टीप्लाई होगा नेगेटिव का वन। अब देखो पहली रो को
पहले कॉलम से मल्टीप्लाई करवाना है। पहली रो को पहले कॉलम से फिर सेकंड रो को पहले कॉलम से। फिर थर्ड रो को पहले कॉलम से।
यानी कि पहले पूरा मैट्रिक्स एक कॉलम से मल्टीप्लाई होता है। पूरा मैट्रिक्स। तो अब देखो मैं सेकंड रो को इस कॉलम से
मल्टीप्लाई करवाऊंगा। तो नेगेटिव का 1 * 2 ये बन गया नेगेटिव का टू। 3 * नेगेटिव वन नेगेटिव का थ्री 4 * 1 ये बन जाएगा प्लस
का 4। सेम गोज़ फॉर हियर। वन जाके टू से मल्टीप्लाई होगा टू आ जाएगा। नेगेटिव का टू नेगेटिव के वन से मल्टीप्लाई होगा।
प्लस का टू आ जाएगा। नेगेटिव का थ्री वन से मल्टीप्लाई होगा। नेगेटिव का थ्री आ जाएगा। अब देखो हमने इस पूरे मैट्रिक्स को
इस पूरे मैट्रिक्स को हमने पहले कॉलम से मल्टीप्लाई करवाया। अब इस पूरे मैट्रिक्स को हम सेकंड कॉलम से मल्टीप्लाई करवाएंगे।
तो भाई देखो ये टू जा के नेगेटिव के टू से मल्टीप्लाई होगा। इट विल बिकम नेगेटिव फोर। नेगेटिव टू जाके थ्री से। देखो ये
मल्टीप्लाई कैसे होता है? गौर से देखिएगा। टेल वाले एलिमेंट टेल से मल्टीप्लाई होते हैं। मिड वाले मिड से होते हैं। हेड वाला
हेड से होता है। दिस इज़ नोन ऐज़ दी हेड टू टेल रूल ऑफ़ द मल्टीप्लिकेशन कि भाई टेल वाला टेल से नेगेटिव टू नेगेटिव टू। 2 *
नेगेटिव टू नेगेटिव का फोर। नेगेटिव टू और प्लस का थ्री। ये बन जाएगा नेगेटिव का सिक्स। नेगेटिव फोर नेगेटिव टू ये बन
जाएगा नेगेटिव। नेगेटिव प्लस का 4 * 2 = 8। फिर नेगेटिव वन नेगेटिव 2 ये हो गया हमारे पास प्लस का टू। ये 3 * 3 ये बन
जाएगा प्लस का 9 3 * 3 = 9 4 * 2 ये बन जाएगा नेगेटिव का 8 सेम गोज़ फॉर हियर 1 * नेगेटिव 2 इट विल बिकम ने - नेगेटिव टू
नेगेटिव 2 * 3 इट विल बिकम नेगेटिव सिक्स। नेगेटिव थ्री नेगेटिव 2 इट विल बिकम + का सिक्स। तो ये हमारे पास क्या आ गया? ये आ
गया हमारे पास नेगेटिव टू नेगेटिव 6 + 6। ये आ गया 2 + ऐसा ही है। अब देखो हम कंप्लीट मैट्रिक्स को क्या करेंगे? थर्ड
कॉलम से मल्टीप्लाई करवाएंगे। मैं आपको जस्ट बता रहा हूं कि हम कर क्या रहे हैं ताकि आपको बात समझ में आए। देखो मैं नहीं
चाहता कि रट्टे लगवाऊं कि a² a के बराबर कैसे आ रहा है। तो मैं आपको जस्ट शो कर रहा हूं कि हम कर क्या रहे होते हैं। सही
है ना? अब देखो मैं इस पूरे मैट्रिक्स को थर्ड कॉलम से मल्टीप्लाई करवाऊंगा। अगेन सेम कांसेप्ट होता है कि भाई टेल वाला टेल
से होगा। तो 2 * नेगेटिव 4 ये आ गया नेगेटिव का 8। नेगेटिव 2 * 4 ये आ जाएगा अगेन नेगेटिव का 8। नेगेटिव का फोर और
नेगेटिव का थ्री ये आ जाएगा हमारे पास सिंपल तरीके से। माइनस माइनस प्लस का 4 * 3 = 12। फिर नेगेटिव का वन। नेगेटिव 4 ये
आ गया किसके बराबर? प्लस के 4 के बराबर। फिर ये देखो थ्री जो है ये फोर से मल्टीप्लाई होगा तो 3 * 4 आर ये बन गया
प्लस का 12 और 4 * नेगेटिव 3 ये बन गया नेगेटिव का 12 4 * 3 = 12 होता है ना क्योंकि अच्छा सिमिलरली अगर मैं इसको
फर्दर सिंपलीफाई करवाऊं तो वन जाके इस नेगेटिव फोर से मल्टीप्लाई होगा तो ये बन गया नेगेटिव का फोर नेगेटिव का टू और फोर
ये बन गया नेगेटिव का एट नेगेटिव का थ्री और नेगेटिव का थ्री इट शुड बिकम प्लस का 9 अब आपने बैठ के इसको आप सिंपलीफाई करवा लो
तो क्या बन गया चार और चार कट गया खाली दो बचेगा यहां पे क्या हो गया भैया यहां पे हो गया नेगेटिव का दो और नेग नेगेटिव का
तीन ये बन गया नेगेटिव का पांच नेगेटिव का पांच प्लस का चार ये बनना चाहिए नेगेटिव के वन के बराबर दो और दो 4 चार में से तीन
निकालूंगा तो एक बचता है यहां पे नेगेटिव का छ नेगेटिव का छ प्लस का 4 प्लस का 2 प्लस का दो और नेगेटिव का चार अह प्लस का
दो और नेगेटिव का चार नेगेटिव का दो बचेगा दो 9 में से आठ निकालूंगा प्लस का एक बचेगा एक प्लस का 2 ये तीन आ जाएगा अह
नेगेटिव 6 से प्लस का छ कट गया सिंपल नेगेटिव का दो ही आएगा नेगेटिव आठ और नेगेटिव का आठ नेगेटिव का 16 नेगेटिव का
16 में प्लस का 12 का अगर मैं जोड़ता हूं तो 12 में से 16 निकालोगे चार बचेगा क्योंकि बड़ी वैल्यू के साथ नेगेटिव है तो
ये बन जाएगा नेगेटिव का चार 12 में से 12 गया चार बचेगा यहां पे देखो नेगेटिव का 8 प्लस का 9 प्लस का 1 बचेगा प्लस का 1 और
नेगेटिव का चार नेगेटिव का थ्री बचेगा मैंने बा खुदा ये पूरा मैट्रिक्स सिर्फ आपको इसलिए सॉल्व करके दिखाया ताकि आपको
एक बात समझ में आ सके कि देखो बेटा जब आपने ओरिजिनल मैट्रिक्स का क्या करा जब आपने ओरिजिनल मैट्रिक्स का स्क्वायर लिया
तो वो किसके बराबर आया वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स के जरा गौर से देखो ये तुम्हारे पास जो आंसर में मैट्रिक्स आया है क्या ये
जो मैट्रिक्स आपको क्वेश्चन में गिवेन था क्या दोनों आपस में बराबर हैं? बिल्कुल बराबर हैं। तभी इसको हम क्या बोलते हैं?
आइडम पोटेंट मैट्रिक्स। क्या कहते हैं बेटा? आइडम पोटेंट मैट्रिक्स। इसका नाम ही ये होता है। मैं चाहता मैं डायरेक्टली
आपको बता सकता था बट मुझे मेरा दिल गबारा नहीं किया इसलिए मैंने आपको सॉल्व करके दिखा दिया। खैर है थोड़ा सा टाइम ज्यादा
लगा। बट नॉट अ बिग डील फॉर मी। मैंने आपको एटलीस्ट करके बता दिया। अगेन मल्टीप्लिकेशन में परेशान होने की जरूरत
नहीं है। मल्टीप्लिकेशन अलग से भी कवर अप कर रहे होंगे। सही है ना? खाली यहां पे बताने की कोशिश क्या है कि देखो एक ऐसा
मैट्रिक्स जो इस कंडीशन को फॉलो करे कि अगर आप a स्क्वायर करो a² का मतलब क्या है? ओरिजिनल मैट्रिक्स को आपस में ही
ओरिजिनल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवाओ और आंसर में वापस ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल जाए। वो एक बड़ी मशहूर मीम थी ना कि बराक ओबामा
जब वो बराक ओबामा प्रेसिडेंटशिप के ऊपर आ रहा था जब जो बाइडन आ रहा था पता नहीं क्लिंटन आ रहा था तो जब व्हेन बराक ओबामा
वाज़ रिटायरिंग फ्रॉम ह प्रेसिडेंशियल टेन्योर तो वो अपने आप को ही मेडल पहना रहा होता है। बराक ओबामा अपने आप को मेडल
पहना रहा होता है। तो सेम गोज़ फॉर हियर कि a² मैंने a को a से मल्टीप्लाई करवाया। आंसर में भी ए आ गया। तो ये कहलाता है
क्या? आइडमेंट मैट्रिक्स। देखो जिंदगी के अंदर जिंदगी को जितने आसान तरीके से ज़हन में बिठाओगे ना, जिंदगी उतनी आसान रहेगी।
अंदर ये स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप्स आ रही हैं। पहले बता रहा हूं रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स इज़ डिफरेंट। उसको इंशाल्लाह कल
डिस्कस करेंगे। अब हम डिस्कस क्या कर रहे हैं? स्क्वायर मैट्रिक्स की 11थ टाइप। इसका नाम क्या है? निलपोटेंट मैट्रिक्स।
व्हाट इज़ निलपोटेंट मैट्रिक्स? निलपोटेंट मैट्रिक्स दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स होता है जो किसी ना किसी पावर
पे जाके क्या बनता है? ज़ीरो बनता है। यानी कि हमें नहीं पता। मैं आपसे कहता हूं दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स जब मैं
उस मैट्रिक्स को उसी के मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवाऊं। हो सकता है सिंपल a स्क्वायर के ऊपर करवा दूं। डिपेंड करता है
तीन दफा अगर मैं ओरिजिनल मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई करवाऊं। डिपेंड करता है चार दफा मल्टीप्लाई करवाऊं। अल्टीमेट आंसर जो
आएगा ना वो ज़ीरो आएगा। यानी कि गौर से बात समझिएगा। दुनिया का एक ऐसा मैट्रिक्स जो किसी दुनिया के अंदर जब मैं मैट्रिक्स को
मल्टीपल टाइम उसी मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवाऊं तो किसी स्पेसिफिक पावर पे जाके क्या आंसर दे? जीरो दे। तो इसकी कंडीशन
क्या होती है? इसकी कंडीशन बहुत ही आसान होती है कि a की पावर p = 0 देखो इसका मतलब क्या है? पहले मतलब समझो खुदारा। अगर
मैं आपसे कहता हूं कि भाई मेरे पास लेट्स सपोज a² आ जाए किसके बराबर? ज़ीरो के बराबर। इसका मतलब क्या है कि भ मेरे पास
एक मैट्रिक्स था। मैंने उस मैट्रिक्स को दो दफा आपस में मल्टीप्लाई करवाया। जब मल्टीप्लाई करवाया तो आंसर में ज़ीरो आ
गया। तो यहां पे मेरे पास P किसके बराबर होगा? P का मतलब है P टू है। यानी कि भाई मैंने दो दफा जब मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई
करवाया तो आंसर आ गया ज़ीरो के बराबर। फॉर एग्जांपल आपके पास a के ऊपर हो सकता है ये काम। यानी कि आप मैट्रिक्स को तीन दफा
मल्टीप्लाई करवाओ। पहले मैट्रिक्स को आपने दो दफा मल्टीप्लाई करवाया। जो भी उसका आंसर आया उसको आपने तीसरी दफा मल्टीप्लाई
करवाया दोबारा ओरिजिनल मैट्रिक्स से तब ज़ीरो आ जाए या a की पावर 4 करने पे ज़ीरो आए या a की पावर 5 करने पे ज़ीरो आए। कहने
का मकसद क्या है? कहने का मकसद ये है कि ऐसा मैट्रिक्स जो कि आपको किसी पॉजिटिव पावर के ऊपर क्या आंसर शो करे? ज़ीरो दे। a
की पावर p का मतलब क्या है? कि भाई किसी पॉजिटिव इंटीजर के ऊपर, किसी पॉजिटिव पावर के ऊपर जाके वो क्या कर दे? वो जाके जब आप
उसको ओरिजिनल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करो तो वो आंसर आपको ज़ीरो दे दे। फॉर एग्जांपल एक क्वेश्चन है। अगेन ये मैं आपको सॉल्व
नहीं करवा रहा। मैं आपको सॉल्व करने के लिए दे देता हूं। एग्जांपल के तौर पे बता रहा हूं। लेट्स सपोज दुनिया में एक
एग्जांपल है। ये है 1 2 3 मैं कहता हूं एक क्वेश्चन आ रहा है 1 2 3 नीचे भी आ रहा है 1 2 3 नीचे आ रहा है नेगेटिव वन। नेगेटिव
टू नेगेटिव थ्री। ये जो मैट्रिक्स है ना ये मैट्रिक्स जब आप एक दफा इसको मल्टीप्लाई करवाओ फिर दो दफा मल्टीप्लाई
करवाओ। यानी कि अगर आप ओरिजिनल मैट्रिक्स को दो दफा आपस में मल्टीप्लाई करवाओ आंसर क्या मिलेगा? ज़ीरो मिलेगा। इसका मतलब इस
मैट्रिक्स का जो पावर p है वो किसके बराबर है? जिसके ऊपर ये मैट्रिक्स आपको ज़ीरो का आंसर देगा ना वो है टू की। यानी कि भाई
यहां पे जो आपका निल पोटेंट टर्म है जो आपका इंडेक्स है इसको नॉर्मली मैथ्स में कहा जाता है इंडेक्स। ये जो पावर P है ना
इसको कहते हैं इंडेक्स। यानी कि पावर P का मतलब क्या है? वो ऐसी कौन सी पावर है मैट्रिक्स की जिसके ऊपर जाके मेरा
मैट्रिक्स क्या हो जाए? ज़ीरो हो जाए। यानी कि जब मैं मैट्रिक्स को उसी के मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवाऊं, कितनी दफा करवाऊं?
कौन सी वैल्यू पे जाके वो ज़ीरो शो करे? तो ये कहलाता है इंडेक्स का। पेपर में इसके ऊपर एमसीक्यू बहुत सिंपल सा आता है। सिंपल
आपसे फार्मूला पूछ लेगा या कंडीशन पूछ लेगा। दैट्स ऑल। सही है ना? यहां पे कभी भी पेपर में आपसे सिंपलीफाई करने नहीं आ
जाएगा। बहुत सारे बच्चों को लगता है कि पेपर में क्वेश्चन फॉर एग्जांपल आ जाएगा कि भाई व्हाट इज द पावर ऑफ़ P ऑफ़ दिस
निलपोटेंट मैट्रिक्स? तो आप बेड के मल्टीप्लाई करवाओ। पहले एक दफा मल्टीप्लाई करवाओ यानी कि a * a तो a² बन गया। a² पे
चेक करो क्या ज़ीरो मिल रहा है? नहीं मिल रहा है यार। इसका मतलब क्या अब जो भी a² का आंसर आया फिर उसको एक और a से
मल्टीप्लाई करवाओ तो a मिल गया। क्या a पे ज़ीरो आ रहा है? अगर तो आ रहा होगा तो p आपका आंसर होगा। तो पेपर में ऐसा फंगारी
नहीं होती क्योंकि ऐपटीट्यूड के अंदर एमसीक्यूस के अंदर आता है। तो भैया सिंपल आपसे बस ये एमसीक्यूस के अंदर इसकी कंडीशन
पूछी जाती है। बट मैंने आपको आई गेस ये बता दिया पढ़ा दिया कि देखो बेटा हमारे पास निलपोटेंट मैट्रिक्स होता क्या है? एक
ऐसा मैट्रिक्स कि जब आप उसको वापस अपने ओरिजिन मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवाते हो तो किसी स्पेसिफिक पावर पे जाके वो आंसर
क्या देता है आपको? ज़ीरो का देता है। यानी कि फॉर एग्जांपल a² की वैल्यू ज़ीरो के बराबर है। इसका मतलब क्या है? कि जब मैं
दो दफा मल्टीप्लाई करवाया हो सकता है आपको यहीं पे ज़ीरो मिल जाए। या फिर हो सकता है जब मैं तीन दफा अपने मैट्रिक्स को आपस में
मल्टीप्लाई कर रहा हूं तब आंसर ज़ीरो आए। या चार दफा मल्टीप्लाई करूं तब आंसर ज़ीरो आए। तो जितनी दफा भी मल्टीप्लाई करवाओगे
ना जो पावर होती है उस पावर को हम कहते हैं निल पोटेंट्रम या फिर इंडेक्स कहते हैं। और वो हमेशा पॉजिटिव होती है। इट्स अ
नॉर्मल थिंग। तो ये हमारे पास डिग्री भी कहलाती है, इंडेक्स भी कहलाता है। यानी कि भाई इसको क्या पी को यहां पे जो P होता है
ना इसको इंडेक्स भी कहते हैं या फिर इसको डिग्री भी कहते हैं। किस डिग्री के ऊपर जाके आपको वैल्यू ज़ीरो मिल रही है? तो ये
कहलाता है निलपोटेंट मैट्रिक्स का कांसेप्ट। क्या कांसेप्ट होता है? किसी मैट्रिक्स की पावर के अंदर आपके पास P का
होना है जिसके ऊपर आपको वैल्यू मिल जाए किसकी? ज़ीरो की। ये कहलाता है निल पोटेंट मैट्रिक्स। जिसके अंदर एक बेसिक कंडीशन को
ये फॉलो करे। क्या बेसिक कंडीशन होगी? अगर कभी भी दुनिया के अंदर a की पावर p बराबर आ जाए ज़ीरो के। अब इसका मतलब क्या है? जरा
मतलब समझा देता हूं। अगेन इसके ऊपर कभी भी क्वेश्चन एमसीक्यूस लेवल पे सॉल्व करने के लिए नहीं आया। आज तक कभी नहीं आया किसी
यूनिवर्सिटी के अंदर। मगर आपको बेसिक कॉन्सेप्ट इसका मालूम होना चाहिए। निल पपोटन मैट्रिक्स होता क्या है? अगेन
कंडीशंस को ज़हन में रखना बहुत जरूरी है। कंडीशंस ज़हन में लाजमी होनी चाहिए। मैं लास्ट के अंदर जो मेरी क्लास की आज एंडिंग
होगी ना उसमें एक बेहतरीन काम ये करता हूं मैं हमेशा कि आपको लास्ट के अंदर तमाम टाइप्स के सामने उनकी कंडीशन छोटी-छोटी
अल्फाज़ों में एक शॉर्टकट में बता दूंगा। सही है ना? कंडीशन ज़हन में रखना बहुत जरूरी है। मगर पहले देखो निलपोटेंट
मैट्रिक्स होता क्या है? निलपोटेंट मैट्रिक्स दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स है कि अगर कभी भी किसी स्क्वायर मैट्रिक्स की
पावर P पे क्या हो जाए? उसकी वैल्यू ज़ीरो हो जाए। इसका मतलब क्या है? यानी कि देखो मेरे पास दुनिया के अंदर कोई भी स्क्वायर
मैट्रिक्स गिवेन है। फॉर एग्जांपल एक स्क्वायर मैट्रिक्स है 2 1 3 4 6 7 आगे आ रहा है 3 1 2 अगर ये मैट्रिक्स जो मेरे
पास एक मैट्रिक्स आ रहा है अगर मुझे चेक करना है ना कि आया ये मैट्रिक्स निलपोटेंट है या नहीं है? अगर मैं आपसे कहता हूं कि
भाई बताइए क्या ये निलोटेंट मैट्रिक्स है? देखो निलपोटेंट मैट्रिक्स की कंडीशन होती है। वो कंडीशन बड़े मजे की है। फॉर
एग्जांपल मैं आपसे कहता हूं कि यार निलपोटेंट मैट्रिक्स के अंदर हमारी कंडीशन क्या होती है? a ^ p = 0 यानी कि दुनिया
के अंदर कोई भी स्क्वायर मैट्रिक्स अगेन यह सारी स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप्स हैं। सारी स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप है।
दुनिया में कोई भी स्क्वायर मैट्रिक्स एग्ज़िस्ट करे उसके ऊपर कोई पावर है। इसका मतलब क्या है? a की पावर p का मतलब कि p
इज़ सम पावर। सही है ना? P इज़ अ पॉजिटिव इंटीजर। तो हम क्या कहते हैं? p को इंडेक्स भी कहते हैं। p का एक और नाम क्या
होता है? p को इंडेक्स भी कहा जाता है। यानी कि a की पावर p बराबर है ज़ीरो के। इसका मतलब क्या हुआ? कि फॉर एग्जांपल मेरे
पास ये मैट्रिक्स आ रहा है A। अब मुझे चेक करना है कि भई मेरा इंडेक्स क्या है? यानी कि इसका मतलब क्या है? कि मैं एक दफा सबसे
पहले a को a से मल्टीप्लाई करूंगा। तो ये क्या बन गया? ये बन गया a²। अगर तो आंसर में मुझे ज़ीरो मिल जाए। यानी कि जब मैं a
को इस मैट्रिक्स a को जब मैट्रिक्स a से मल्टीप्लाई करवाता हूं अगर तो आंसर मेरे पास ज़ीरो के बराबर आ गया। इसका मतलब क्या
है? निलपोटेंट मैट्रिक्स है और मेरा इंटीजर क्या है? या मेरा इंडेक्स क्या है? टू के बराबर। यानी कि p की वैल्यू क्या
है? टू के बराबर है। अगर नहीं आता ज़ीरो के बराबर, तो फिर मैं a को तीन दफा मल्टीप्लाई करूंगा। तीन दफा मल्टीप्लाई
करूंगा तो ये बन जाएगा a की पावर q। इसका मतलब क्या है? अब की बारी में मेरा इंडेक्स थ्री होगा। और अगर तो जीरो के
बराबर आ गया तो इंडेक्स थ्री है और ये नेलपोटेंट मैट्रिक्स यहां पे फॉर्म हो गया। अगर नहीं आता तो चार दफा मल्टीप्लाई
करवाएंगे। चार दफा मल्टीप्लाई करवा के चेक करेंगे। तो ये क्या बन गया? a की पावर फोर। अगर अब मेरे पास आंसर ज़ीरो आ गया
यानी कि चार दफा जब मैं मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई करवाता हूं। अगर अब तो आंसर ज़ीरो के बराबर आ गया तो उस सूरत में क्या
होगा? उस सूरत में मेरा इंटीजर होगा या मेरा इंडेक्स होगा फोर के बराबर और ये निलपोटेंट मैट्रिक्स होगा। कहने का मकसद
क्या है? देखो कहने का मकसद ये है कि आपके पास कोई भी मैट्रिक्स यहां पे हो सकता है। फॉर एग्जांपल ये बड़ा मशहूर अगर मैं आपको
क्वेश्चन दिखाऊं ना इसके ऊपर जो हम नॉर्मल इंटरसेट पे भी या बेसिक कांसेप्ट पे पढ़ाते हैं बच्चों को समझने के लिए कि भई लेट
सपोज मेरा मैट्रिक्स आ रहा है 1 2 3 और नीचे भी कह देता हूं 1 2 3 और नीचे आ रहा है नेगेटिव का वन नेगेटिव का टू नेगेटिव
का थ्री। तो भाई ये मेरे पास है एक निल पोटेंट मैट्रिक्स कब बनेगा? ये नॉर्मली निल पोटेंट मैट्रिक्स बनता है a² के ऊपर।
यानी कि a² अगर मैं करूंगा ना इसका तो आंसर आएगा ज़ीरो के बराबर। इसका मतलब क्या है? कि भाई मेरे पास यहां पे a² a² के ऊपर
मुझे क्या मिल रहा है? ज़ीरो। तो यानी कि मेरा जो इंडेक्स है ना P की वैल्यू क्या है? टू के बराबर। अगेन पेपर में कभी भी P
की वैल्यू निकालने नहीं आती। पेपर के अंदर कभी भी आपको चार दफा मल्टीप्लाई करने को नहीं देगा। सुबह से शाम हो जाएगी। वरना
आपको सिंपल बस कंडीशन मालूम होनी चाहिए। आई हैव जस्ट ओनली एक्सप्लेन द कॉनंसेप्ट बिहाइंड दिस कंडीशन। मैंने आपको एक्सप्लेन
कर दिया सिंपल अंदाज के अंदर। भ होता क्या है कि भ देखो फॉर एग्जांपल A की पावर P का मतलब क्या है? कि आप अपने ओरिजिनल
मैट्रिक्स को कितनी दफा मल्टीप्लाई करवाते हो। मल्टीप्लाई करने पे कब आपको ज़ीरो आंसर मिलता है। आसान तरीन भाषा में देहातीती
ज़बान के अंदर। देहाती जमाने में कहने का मतलब क्या है कि भ a की पावर p का मतलब क्या है? आपको बस ये पता होना चाहिए। a की
पावर p का मतलब ये है कि यार आप कितनी दफा अपने ओरिजिनल मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई करवाते हो कि अल्टीमेटली आपको आंसर में
ज़ीरो मिले। अल्टीमेटली आंसर में ज़ीरो मिले। ये कंडीशन जब सेटिस्फाई होती है ना तो ऐसे मैट्रिक्स को फिर हम कहते हैं
निलपोटेंट मैट्रिक्स। निलपोटेंट मैट्रिक्स। जैसे फॉर एग्जांपल इस क्वेश्चन को आप घर पे बैठ के खुद से देख सकते हो।
करने की नीड नहीं है। वो देख लीजिएगा। अगर आप मल्टीप्लाई करवाना चेक करना चाहो और आप मल्टीप्लाई के कोई होमवर्क लेना चाहो
मल्टीप्लाई का गिफ्ट लेना चाहो कि भाई फॉर एग्जांपल मेरे पास एक क्वेश्चन आ रहा है अगर आप इस मैट्रिक्स को दो दफा ही
मल्टीप्लाई करवाओगे ना आंसर क्या बन जाएगा ज़ीरो तो इसका मतलब यहां पे आपका इंडेक्स क्या है टू के बराबर है P यानी कि ऊपर P
का मतलब क्या होता है इंडेक्स तो वो आपका टू के बराबर है तो ये आपके पास क्या आ गया निलपोटेंट मैट्रिक्स की एक बेसिक टाइप आ
गई सिंपल कांसेप्ट है कोई मुश्किल चीज नहीं है मेरे प्यारा बच्चा बहुत सिंपल कांसेप्ट है अच्छा भाई ये बात समझ में आती
है यहां तक की बात पल्ले पड़ती है ये सारी की सारी टाइप्स याद रखिएगा स्क्वायर मैट्रिक्स की है भाई ये सारी की सारी टाइप
स्क्वायर मैट्रिक्स ही अभी तक रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स नहीं डिस्कस किया मैंने। स्क्वायर मैट्रिक्स ही खाली पढ़ा रहा हूं।
अच्छा देन मेरे पास एक और बड़ा मशहूर टाइप ऑफ़ मैट्रिक्स जो आता है ना तो बेटा देखो अब जो हमारे पास मैट्रिक्स की टाइप आती है
इसको क्या कहा जाता है? इनवोलेटरी मैट्रिक्स। अगेन जो लास्ट की जो चार टाइप्स मैं आपको पढ़ा रहा हूं ना ये पेपर
के अंदर एनईडी के अंदर बहुत पूछी जाती हैं। फास्ट में नस्ट में बहुत पूछी जाती हैं। ये सिमेट्रिक हो गया,
स्क्यूसिमेट्रिक हो गया, हरमेशन हो गया, स्क्यू हर्मिशन हो गया, आइडम पोटेंट हो गया, निल पोटेंट हो गया, इनवोलेटरी हो गया
और एक पीरियडिक मैट्रिक्स हो गया। दे आर द एक्सट्रीमलीेंट टाइप्स ऑफ़ द मैट्रिससेस। अच्छा बाय द वे मैट्रिक्स का नंबर कौन सा
था? ये हमारे पास ऊपर कौन सा मैट्रिक्स था? ये नवां था। ये हमारे पास होता है 10वां मैट्रिक्स। ये होता है हमारे पास
11वां। ये सारी की सारी स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप्स हैं। इट्स नॉट अ जोक। सही है ना भाई? तो इन्वोलेटरी मैट्रिक्स
क्या होता है भाई? देखो इन्वोलेटरी मैट्रिक्स बेसिकली अगेन एक बड़े मजे का कांसेप्ट है। इसकी कंडीशन क्या होती है?
दुनिया में कभी भी अगर आप एक मैट्रिक्स को उसी के मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवा दो। यानी कि अगर आप ओरिजिनल मैट्रिक्स को उसी
के काउंटर पार्ट से उसी के ओरिजिनल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करवाते हो। दो सिमिलर मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई करवाते
हो। आंसर में अगर आइडेंटिटी एलिमेंट आपको अचीव हो जाए तो इसको कहा जाता है इनवोलेटरी मैट्रिक्स। अ स्क्वायर
मैट्रिक्स इज़ सेड टू बी इन्वोलेटरी मैट्रिक्स इफ a² = i यानी कि देखो बेटा हमेशा याद रखिएगा अगर कभी भी दुनिया के
अंदर आप एक मैट्रिक्स को दो दफा आपस में मल्टीप्लाई करवा देते हो और आंसर में आपको आइडेंटिटी मैट्रिक्स मिल जाए उस सूरत के
अंदर जो मैट्रिक्स फॉर्म होता है ना ऐसे मैट्रिक्स को कहा जाता है इनवोलेटरी मैट्रिक्स। मुझे कहने की मुझे बताने की
नीड नहीं पड़नी चाहिए। बेसिक कांसेप्ट है। लेट्स सपोज मैं आपको इसकी एग्जांपल दिखा देता हूं। मगर अगेन मल्टीप्लाई करवाने की
नीड नहीं है। आप होमवर्क लेना चाहो मल्टीप्लिकेशन का होमवर्क ले सकते हो। कोई मसले की चीज़ नहीं है। लेट्स सपोज़ मैं आपसे
कहता हूं कि नेगेटिव फाइव है। नेगेटिव का एट है। इधर ज़ीरो आ रहा है। इधर आ रहा है मेरे पास थ्री। इधर आ रहा है फाइव। इधर आ
रहा है ज़ीरो। फॉर एग्जांपल इधर आ रहा है वन, इधर आ रहा है टू। इधर आ रहा है नेगेटिव वन। तो लेट्स सपोज़ मैं आपसे कहता
हूं कि भाई इस ये मैट्रिक्स कैसा है? ये इनवोलेटरी है, निलपोटेंट है, आइडमपोटेंट है, सिमिट्रिक है। तो भाई इस मैट्रिक्स को
अगर आप इसी मैट्रिक्स से दोबारा मल्टीप्लाई करवाओगे ना तो आंसर में आपको क्या मिल जाएगा? आइडेंटिटी मैट्रिक्स।
आइडेंटिटी मैट्रिक्स का मतलब क्या होता है? ऐसा मैट्रिक्स जिसके डायगोनल एलिमेंट्स के अंदर क्या हो? वन एग्ज़िस्ट
कर रहा हो और नॉन डायगोनल्स क्या हो? ज़ीरो के बराबर हो। तो वो आइडेंटिटी मैट्रिक्स होता है। तो यहां पे ऑब्वियसली i3 होगा।
यानी कि 3/3 का आइडेंटिटी मैट्रिक्स। आसान तरीन भाषा के अंदर। तो ये हमारे पास क्या होता है बेटा? आइडेंटिटी मैट्रिक्स कहलाता
है। एक बहुत बेसिक सा कांसेप्ट एक बहुत बेसिक सी बात। क्लियर है भैया? ये क्या कहलाता है आपके पास? इनवोलेटरी मैट्रिक्स।
इनवोलेटरी मैट्रिक्स होता क्या है? कि अगर आप अपने मैट्रिक्स को उसी मैट्रिक्स से दोबारा मल्टीप्लाई करवाओ। आंसर में आपको
आइडेंटिटी मैट्रिक्स मिल जाए तो उसको कहा जाता है इनवोलेटरी मैट्रिक्स। लास्ट बट नॉट द लीस्ट। तो भाई आपके पास जो फाइनल
टाइप आती है ना स्क्वायर मैट्रिक्स की 12वीं टाइप इसको कहा जाता है पीरियडिक मैट्रिक्स। पीरियडिक मैट्रिक्स क्या होता
है? जरा इसको भी समझ लेते हैं। अगेन अ वेरीेंट कांसेप्ट ये पेपर के अंदर रीसेंट इयर्स के अंदर एनईडी के अंदर बहुत दफा
क्वेश्चन आया हुआ है। पीरियडिक मैट्रिक्स के मायने क्या होते हैं? सिंपल कंडीशन समझ लो। पीरियडिक मैट्रिक्स का मतलब क्या है?
कि देखो a की पावर k + 1 आंसर में a आ जाए। यानी कि लेट्स सपोज मैं आपसे कहता हूं एक मैट्रिक्स आ रहे हैं। मैं एक सिंपल
मैट्रिक्स लेके आपको दिखाता हूं। लेट्स सपोज एक सिंपल मैट्रिक्स है 1 2 4 6 मैं कहता हूं कि भाई ये मैट्रिक्स a आ रहा है।
हमेशा याद रखिएगा k का यहां पे मतलब क्या है? k एक पावर है और k की वैल्यू शुड ऑलवेज बी ग्रेटर दैन और इक्वल टू वन। k
कभी भी वन से छोटा नहीं हो सकता। k कभी ज़ीरो नहीं हो सकता। यानी कि इसका मतलब क्या है? कि यार अगर तुम कभी भी दुनिया के
अंदर a को a से मल्टीप्लाई करवाओ आंसर में क्या आ जाए? a वापस से रिसीव हो जाए। तुम a को a से मल्टीप्लाई करवाओ आंसर में क्या
आ जाए? a आ जाए। यानी कि मैं कहता हूं कि a² की वैल्यू किसके बराबर है? a² की वैल्यू a के बराबर ही आ जाए। तो भाई ये
आइडमोटेंट भी बन जाएगा और पीरियडिक भी बन जाएगा। क्योंकि यहां पे तुम्हारे पास देखो k की वैल्यू क्या बन गई? 1 + 1 आ गई ना ये
देखो तुम्हारे पास। यानी कि तुमने a को a से मल्टीप्लाई करवाया। बात समझिएगा बात बड़ी इंपॉर्टेंट है। ये एमसीक्यूस में आ
चुकी है टॉपिक कि भाई आइडम पोटेंट मैट्रिक्स कैन बी अ पीरियडिक मैट्रिक्स ऑ नॉट। ये आ चुका है पेपर के अंदर। कैसे जरा
बात समझो। मैंने आपसे क्या कहा? देखो a की पावर कभी भी k + 1 हो तो आंसर में क्या अंदर? वापस से a मिल रहा है। इसका मतलब
क्या है? कि तुम्हारे पास कोई भी मैट्रिक्स गिवेन है। तुम इसको इसी मैट्रिक्स से कितनी भी दफा मल्टीप्लाई
करवाओ। अगर आंसर में तुम्हें a मिल रहा है तो ऐसा मैट्रिक्स कहलाता है पीरियडिक मैट्रिक्स। और K क्या है? K शुड ऑलवेज बी
इक्वल टू और ग्रेटर दैन वन। यानी कि फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं K की जगह पे वन आ जाए। तो K शुड बी इक्वल और ग्रेटर दैन वन
का मतलब क्या? K की जगह पे वन आ जाए। तो क्या बन गया? ये बन गया 1 + 1 a² क्या बन गया? a²। तो यानी कि इक्वल टू के इस तरफ
क्या है? a है। तो a² = a यानी कि देखो हमने क्या कहा? हमने कहा कि भाई ये पीरियडिक मैट्रिक्स की बेसिक कांसेप्ट आ
गया। ना अगर k की वैल्यू वन के बराबर है। तो अगर कभी भी दुनिया के अंदर k की वैल्यू वन के बराबर होती है तो पीरियडिक
मैट्रिक्स क्या बन जाता है? आइडम पोटेंट मैट्रिक्स बन जाता है। क्योंकि आइडम पोटेंट मैट्रिक्स भी क्या होता है? a² = a
होना। लेट्स सपोज मैं आपसे कहता हूं कि k की वैल्यू मेरे पास टू के बराबर है। उस सूरत में क्या हो जाएगा? उस सूरत में ये
हो जाएगा 2 + का 1 तो क्या हो जाएगा? ये बन जाएगा a की पावर 3 यानी कि a को मैं तीन दफा मल्टीप्लाई करवा रहा हूं। और आंसर
में मुझे क्या मिलता है? वापस से मेरा ओरिजिनल मैट्रिक्स। तो इस सूरत में क्या बन गया? अगेन क्या बन गया? पीरियडिक
मैट्रिक्स बन गया। सिंपल है भैया कि देखो अगर मैं अपने पावर यानी कि a को मैं उसी से इतनी दफा मल्टीप्लाई करवाता जाऊं कि
वापस मुझे आंसर में क्या मिले? a मिले। तो वो मेरा बेसिकली क्या कहलाता है? पीरियडिक मैट्रिक्स। बात समझो भाई पावर का मतलब ही
क्या होता है? पावर कब आती है? व्हनेवर टू टर्म्स मल्टीप्लाई देयर बेसिस एस एंड द पावर ऑलवेज ऐड। कोई मुश्किल चीज नहीं है
यार। बेसिक अलजेब्रा जो बचपन से पढ़ते हुए आ रहे हो वो चीज़ आ रही है। कोई मुश्किल बात नहीं कर रहा मैं आपसे। मैं कोई आपके
लेवल से ऊंची बात नहीं कर रहा। मैं आपके लेवल की बात कर रहा हूं। बहुत सिंपल चीज है। देखो इस इन छोटी-छोटी बातों को समझो।
बेसिक एमसीक्यूस आएंगे पेपर के अंदर। ये मुफ्ती के नंबर हैं। ये जो आपके थ्योरिटिकल मैंने आज जो जितना अपना गला
सुखाया है ना बा खुदा ये आपके बड़े मुफ्त के नंबर हैं। ये फ्री के नंबर लोग कटवा के आ जाते हैं। भाई इन कांसेप्ट्स के अंदर
नंबर अगर कटवा के आ रहे हो ना आपसे बड़ा कोई बेवकूफ नहीं होगा। देखो बेसिक चीज़ है कि भाई अगर मैं आपसे क्या कह रहा हूं कि
देखो दुनिया के अंदर अगर आप A को उसी से मल्टीप्लाई करवाओ A से ही। इस तरीके से कि वापस आंसर में क्या मिल जाए? a मिल जाए तो
क्या कहलाता है? पीरियडिक मैट्रिक्स। फॉर एग्जांपल मैंने K के बारे में आपको कंडीशन कह दी कि k शुड ऑलवेज बी इक्वल टू और
ग्रेटर दैन वन। याद रखिएगा अगर कभी भी दुनिया में k की वैल्यू वन के बराबर होती है ना तो ये क्या बन जाएगा? ये बन जाएगा
a² = a और यही मेरे पास क्या होता था? यही हमारे पास आइडम पोटेंट मैट्रिक्स भी होता था। तो ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग बहुत दफा
एमसीक्यूस में पूछा जाता है। इफ k इज़ इक्वल टू डैश देन पीरियडिक मैट्रिक्स एंड आइडमोटेंट मैट्रिक्स आर सिमिलर। अगर
दुनिया में K की वैल्यू एक के बराबर आ जाए तो दोनों आपस में क्या हो जाते हैं? बराबर हो जाते हैं। और फिर K का मतलब क्या? कोई
भी यहां पे वैल्यू हो सकती है। K इज़ बेसिकली लाइक अ पीरियड हियर। K यहां पे हमारा क्या एक पीरियड को फॉलो कर रहा है।
एक सर्टेन टाइम के बाद जब उसको आप मल्टीप्लाई करवाते हो उसका आंसर वापस a के बराबर आता है। एक बड़ा बेसिक कां्सप्ट कि
लेट्स सपोज ये आपका क्वेश्चन आ रहा है। तो अगर मैं ये मेरा ये ओरिजिन मैट्रिक्स A है। मैं इसको वापस इसी से मल्टीप्लाई
करवाऊं। चेक करता हूं भ आंसर में A आ रहा है? नहीं आ रहा तो आगे बढ़ जाऊंगा। फिर दोबारा मल्टीप्लाई करवा के चेक करता हूं।
फिर तीसरी दफा मल्टीप्लाई करवाता हूं। फिर चौथी दफा फिर पांचवी दफा एंड सो ऑन। ब्ल ब्ल ब्ल ब्ला। तो कहने का मकसद ये है कि
भाई क्या बन जाता है पीरियडिक मैट? बेसिक टाइप होती है। अब मुझे बताओ ये बात समझ में आती है? यहां तक कोई मसले की बात। बात
पल्ले पड़ती है। कॉन्सेप्ट क्लियर होता है यहां तक। एक क्वेश्चन मुझसे पूछा अब्दुल सबूर ने उन्होंने फरमाया कि सर क्या के
सारी वैल्यूस पे सेटिस्फाई करेगा अब्दुल मोहीद ने? तो भई नहीं ऐसा नहीं है। फॉर एग्जांपल एक क्वेश्चन मैं आपको दिखाता
हूं। इस ये क्वेश्चन एफएससी साइड पे हम करवाते हैं ना बच्चे को क्या कहते हैं कि भई आपने क्या करना है? आपने पहले एक दफा
मल्टीप्लाई करके चेक करना है। यानी कि आपके पास अगर ये ओरिजिनल मैट्रिक्स आ रहा है तो आप इसको एक दफा ओरिजिनल मैट्रिक्स
से दोबारा मल्टीप्लाई करके चेक करोगे। अगर तो आंसर में वापस से ओरिजिनल मैट्रिक्स मिल गया तो इसका मतलब आप k की वैल्यू क्या
थी? वन के बराबर। क्योंकि भाई a² बन गया ना? और अगर नहीं हुआ तो फिर क्या करोगे? फिर ओरिजिनल मैट्रिक्स को तीन दफा
मल्टीप्लाई करके चेक करो। तीन दफा मल्टीप्लाई करने का मतलब क्या है? कि आपके पास a की पावर क्या बन रही है? थ्री। यानी
कि k क्या होगा? टू के बराबर होगा। सही है ना? तो ओरिजिनल मैट्रिक्स में वो बता रहे होते हैं। तो कहने का मकसद क्या है कि भाई
लेट्स सपोज अगर ये आपका ओरिजिनल मैट्रिक्स आ रहा है तो आप मल्टीप्लाई करके चेक करोगे ना? ऐसे थोड़ी चेक करोगे। आप पहले a²
करोगे। फिर a² को a से मल्टीप्लाई करके चेक करो। क्या आंसर में a आता है? अगर तो आ गया। लेट्स सपोज आपके पास आंसर आ जाता
है a = a। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है k की वैल्यू क्या होगी? टू के बराबर होगी। नॉर्मल सी बात है भाई। इसका मतलब
पीरियड क्या है? टू के बराबर है। सर कैसे पीरियड टू के बराबर है? अरे भाई a की पावर में क्या है? a की पावर में k प्लस का 1
है। तो प्लस का वन तो फॉर्मूले का है। तो थ्री में से अगर वन को माइनस कर दो तो कितना k बचता है? कितना पीएड बचेगा? टू का
बचेगा। वेरी बेसिक कांसेप्ट क्लियर है भाई? तो ये बेसिक चीज होती है। अगेन आपके लेवल पे इतना डिफिकल्ट चीज नहीं पूछी
जाएगी। आपके लेवल पे सिंपल ये आएगा कि भाई पीरियडिक मैट्रिक्स की कंडीशन क्या होती है? आपको कंडीशन मालूम होनी चाहिए। बेसिक
कंडीशंस है ना? पीरियडिक मैट्रिक्स की आपको बेसिक कंडीशन मालूम होनी चाहिए। सर a² = a के अंदर आइडम पोटेंट और
पीरियडिक दोनों होता है। बिल्कुल मेरा बेटा। देखो लेट्स सपोज अगर मैं आपसे कहता हूं अगर मैं आपसे कहता हूं कि कहीं भी
दुनिया में लिखा हुआ है ना a² = a तो याद रखिएगा ये आपके पास पीरियडिक मैट्रिक्स भी फॉर्म करेगा ये आपके पास आइडम पोटेंट
मैट्रिक्स भी फॉर्म करेगा हमारे पास आइडम पोटेंट मैट्रिक्स की कंडीशन ही क्या थी ये थी आइडम पोटेंट मैट्रिक्स होता ही क्या है
a² = a तो भाई ये आइडम पोटेंट मैट्रिक्स भी है और सिमिलरली ये हमारे पास क्या आ रहा है ये हमारे पास आइडम पोटेंट
मैट्रिक्स भी आ रहा है सिमिलरली ये पीरियडिक मैट्रिक्स भी है क्योंकि देखो पीरियडिक मैट्रिक्स की कंडीशन को
सेटिस्फाई कर रहा है ना पीरियडिक मैट्रिक्स की कंडीशन क्या थी a की पावर में k + का 1 = a होना। तो अगर a² आ रहा
है तो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है 1 + का 1 = a यानी कि k की वैल्यू क्या है? वन के बराबर। तो ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग
इफ k = 1 तो पीरियडिक और आइडम पोटेंट एक ही चीज बन जाता है। अस्सलाम वालेकुम। मैं उम्मीद करता हूं आपको ये वीडियो बहुत
अच्छी लग रही होगी और आपको मजा आ रहा होगा देखने के अंदर। अगर आपने अभी तक सब्सक्राइब नहीं करा, प्लीज मेक इट श्योर
कि आप इसको कर सकें। बिकॉज़ एट द एंड ऑफ़ द डे इट इज़ वेरी कॉस्टली कि हम इस चैनल को रन कर सकें। आप लोगों को शायद आईडिया नहीं
होगा जो लेक्चर सीरीज आप देखते हैं ये लेक्चर सीरीज हम खुद प्रिपेयर करवाते हैं। हमारी जो फैकल्टी होती है उसको पेमेंट की
जाती है इन तमाम लेक्चर सीरीज को प्रिपेयर करने के लिए। तो अगर आपने अभी तक सब्सक्राइब नहीं करा हुआ कोशिश करें अपने
घर पे जितने मोबाइल फस मौजूद हैं, टैबलेट्स मौजूद हैं, लैपटॉप्स मौजूद हैं सबसे करवाएं। क्योंकि एट द एंड ऑफ़ द डे इट
इज़ अ वेरी कॉस्टली थिंग। आप लोगों को शायद लगता है कि एजुकेशनेशनल कंटेंट इज़ अ वेरी ईजी थिंग। नो। यहां पे टाइम लगता है। यहां
पे एडिटिंग लगती है। यहां पे रिसोर्सेज लगते हैं। यहां पे जो एक टॉप टीचर होता है वो मंथली 2ाई से 3 लाख की सैलरी के ऊपर
आते हैं। तो भाई ये एक बहुत कॉस्टली प्रोसेस है। हम आपके लिए फ्री ऑफ कॉस्ट अगर अपने YouTube के ऊपर ये लेक्चर्स लेकर
आ रहे हैं तो इट्स अ वैरी कॉस्टली थिंग। इसीलिए हम आपको रिकमेंड करते हैं हमारे बैजेस को लाजमी तौर पे ज्वाइन करें। हमारे
बैजेस की पूरे साल की फीस जो होती है बहुत ही मिनिमम होती है। बिफोर मूविंग फॉरवर्ड एक छोटी सी बात यहां पे आप लोगों के लिए
है कि अगर आप चाहते हैं कि आपकी तैयारी बहुत अच्छी हो। अगर आप चाहते हैं कि वाकई में आप नर्स में, फास्ट में, जीआई केआई के
अंदर या फिर एमडीकैट के अंदर हमारे दूसरे स्टूडेंट्स की तरह आप टॉप पोजीशन लें। अल्हम्दुलिल्लाह लास्ट ईयर मोर देन 24
स्टूडेंट्स ने हमारे बैचेस से एमडीकैड के अंदर टॉप किया और इस साल नर्स के अंदर दूसरी पोजीशन हो, चाहे तीसरी पोजीशन हो,
चाहे 10वीं पोजीशन हो। इसी तरीके से यूईटी के अंदर टॉप पोजीशन जो पहली पोजीशन थी वो गौस मोहम्मद हमारे बैच के बच्चे की थी।
पंजाब के एक जिले खारिया से खारिया के एक गांव देहर से जो तीसरी पोजीशन पूरे पाकिस्तान से हासिल करी नर्स के अंदर डेट
वर्क आफ्टरिया रफाकत फ्रॉम आर बैच नंबर वन इसी तरीके से अदीना खान ने पूरे पाकिस्तान से इंडस्ट्रियल डिज़ और आपके पास
आर्किटेक्चर के अंदर दूसरी पोजीशन हासिल करी दसवीं पोजीशन पूरे पाकिस्तान से शहीद अहमद ने हासिल करी इसी तरीके से जीआईआई के
अंदर दूसरी पोजीशन तीसरी पोजीशन पांचवी पोजीशन आठवीं पोजीशन अल्हम्दुलिल्लाह हमारे बैच स्टूडेंट्स ने सिक्योर करी
आईबीए के अंदर चौथी पोजीशन हो या तीसरी पोजीशन पोजीशन है वो हमारे बैच के स्टूडेंट्स की आई। इसी तरीके से एनईडी के
अंदर 131 पोजीशंस आप यकीन करेंगे कि एनईडी के अंदर मोर देन 131 स्टूडेंट्स ने हमारे बैजेस से 90 प्लस मार्क्स स्कोर करे। पूरे
पाकिस्तान में किसी भी इदारे के अंदर हसत एक बच्चा होगा 90 प्लस वाला दो बच्चे होंगे। मैक्सिमम 10 बच्चे होंगे, 15 बच्चे
होंगे। ₹80,000 लेने के बाद भी 10 बच्चे जबकि ऑन द अदर हैंड हमारे बैजेस से 99% बच्चों ने 90 प्लस मार्क्स स्कोर करे
एलईडी के टेस्ट के अंदर। इसके अलावा मैरान की हर डिस्ट्रिक्ट के अंदर टॉप पोजीशन, लंग्स के अंदर टॉप पोजीशन, बिजनेस
यूनिवर्सिटीज हो, चाहे इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीज हो, चाहे मेडिकल यूनिवर्सिटीज हो, उसमें टॉप पोजीशन हासिल
करी हमारे बैच के स्टूडेंट्स ने। तो अगर आप चाहते हैं कि आपकी तैयारी भी इन बच्चों की तरह हो तो उसके लिए आप लाजमी तौर पे
बैच को ज्वाइन करें। बैच को ज्वाइन करने का फायदा क्या होता है और उसमें आपको खुसूसियात क्या मिलती है? मैं उसका आपको
ब्रीफली ओवरव्यू दे देता हूं। सबसे पहले नंबर के ऊपर आपको हमारे बैजेस के अंदर एक्सपर्ट गाइडेंस मिलती है। ये जो आप
लेक्चर सीरीज को व्यू आउट कर रहे होते हैं ये एक छोटा सा नमूना है आपके लिए। हमारे बैजेस के अंदर आप इन टीचर से डायरेक्टली
इन कांटेक्ट बात कर सकते हैं। इसके अलावा हर सब्जेक्ट के तीन प्रोफेसर्स मौजूद होते हैं। एक प्रोफेसर वीक डेज पे क्लास कंडक्ट
कर रहे होते हैं। एक प्रोफेसर वीकेंड पे क्लास कंडक्ट कर रहे होते हैं। और थर्ड प्रोफेसर की जिम्मेदारी होती है तमाम
प्रैक्टिस शीट्स को सॉल्व करवाना। इसके अलावा पास्ट पेपर्स को सॉल्व करवाना। इसके अलावा सबसेेंट चीज हमारी क्लासेस के अंदर
हर प्रोफेसर तमाम के तमाम पास्ट पेपर्स तमाम यूनिवर्सिटीज के वैसे ही कवर करवा रहे होते हैं। मगर प्रैक्टिस शीट और
टॉपिकल पास्ट पेपर्स आपको हम लोग एक एक्स्ट्रा चेरी ऑन द टॉप प्रोवाइड करते हैं। हमारी एप्लीकेशन के ऊपर आज तक के
जितने हमारे टेस्ट हुए चैप्टर वाइज टेस्ट हो, एफएलपीस हो, थाउजेंड्स ऑफ़ एमसीक्यूस के सॉलशंस हो हमारे एलएमएस पोर्टल के ऊपर
एप्लीकेशन के ऊपर आपको वो मिलते हैं। हर सब्जेक्ट के तीन प्रोफेसर्स होते हैं। तीसरे प्रोफेसर की जिम्मेदारी होती है
टेस्टों को प्रिपेयर करना। उन टेस्टों की डाउट क्लास को कंडक्ट करना जो कि कोई कॉलेज के बच्चे नहीं पढ़ा रहे। प्रॉपर
प्रोफेसर जो डिफरेंट कॉलेजेस के अंदर डिफरेंट यूनिवर्सिटीज के अंदर मैथमेटिक्स डिपार्टमेंट, फिजिक्स डिपार्टमेंट,
केमिस्ट्री के, बायोलॉजी के एचओडीस होते हैं वो यहां पे आपको बैठ के तालीम पूरी की पूरी प्रोवाइड करते हैं। इसके अलावा आप
लोगों को हजारों एमसीक्यूस का सॉल्यूशन प्रोवाइड किया जाता है। लाइव क्लासेस के ऊपर कंप्लीट कोर्स कवर होता है और जैसे ही
लाइव क्लास कंडक्ट होती है तो ऑटोमेटिकली जो भी क्लास कंडक्ट हुई होती है अगले ही लम्हे अगले ही सेकंड हमारी एप्लीकेशन के
ऊपर वो रिकॉर्डेड फॉर्म में अवेलेबल हो जाती है। यह सबसे खास बात है कि आपको अगले किसी का वेट नहीं करना पड़ता। जैसे ही
क्लास कंडक्ट होती है, वह ऑटोमेटिकली हमारी ऐप के ऊपर लाइव हो जाती है। रिकॉर्डेड फॉर्म में आ जाती है। इसके
अलावा स्मार्ट बोर्ड के ऊपर हमारी इस साल से क्लासेस हो रही हैं। 99% क्लासेस हमारी स्मार्ट बोर्ड के ऊपर कंडक्ट हो रही हैं।
99% का मतलब ये है कि हमारे मैक्सिमम जो क्लासेस हैं तमाम बैजेस के अंदर चाहे वो ईकैट नेट बैज हो, एनटीएस बैजेस हो, बिज़नेस
यूनिवर्सिटीज के बैच हो या एमडीकैट के अंदर मेडिकल यूनिवर्सिटीज के बैच हो। 99% क्लासेस हमारी स्मार्ट बोर्ड पे कंडक्ट हो
रही हैं। सिर्फ दो क्लासेस हमारी ऐसी हैं जो कि स्मार्ट बोर्ड पे कंडक्ट नहीं हो रही। सिंस हमारी मैक्सिमम यूटिलाइजेशन है
स्मार्ट बोर्ड के ऊपर। इसके अलावा हर किस्म का प्रैक्टिस मटेरियल, प्रैक्टिस शीट, टॉपिकल पास्ट पेपर्स हम लोग आपको
अपने बैचेस में प्रोवाइड करते हैं। आपको अलग से कोई फीस देने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा तमाम यूनिवर्सिटीज के एफएलपीस
हो, थाउजेंड्स ऑफ़ एमसीक्यू सॉल्यूशन हो, फुल लेंथ पेपर्स हो, ये आपको बैजेस के अंदर मिलते हैं। सबसे इंपॉर्टेंट चीज क्या
है? इन बैजेस को ज्वाइन करने का फायदा ये होता है कि इन बैजेस के अंदर आपका कोर्स मल्टीपल टाइम कवर होता है। अगर आप
इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीज में अप्लाई कर रहे हैं बिज़नेस यूनिवर्सिटीज के अंदर तो इस फीस के ऊपर जुलाई 2026 के एंड तक जितनी
यूनिवर्सिटीज के टेस्ट आते हैं हम आपको सबकी तैयारी कवर करवाते हैं। इसके बाद भी जो हमारे बैजेस स्टार्ट होते हैं उनकी
तैयारी भी कवर करवाते हैं। व्हाइल अगर कोई बच्चा मेडिकल यूनिवर्सिटीज में तैयारी कर रहा है। अल्हम्दुलिल्लाह हमारे बैजेस से
कई बच्चे हर साल एमडीकैट के अंदर टॉप करके आते हैं। 190 प्लस का स्कोर लेकर आते हैं। अल्हम्दुलिल्लाह। तो बताने का मकसद ये है
कि जब तक एमडीकैट 2026 का या नेक्स्ट एमडीकैट का जब तक एग्जाम नहीं हो जाता तब तक आपको मल्टीपल टाइम कोर्स कवर करवाया
जाता है। चाहे आ खान यूनिवर्सिटी हो, चाहे नम्स हो, चाहे आर्मी मेडिकल कॉलेज हो, चाहे आपके पास किंग एडवर्ड हो, फातिमा
जिन्ना मेडिकल कॉलेज हो, खैबर मेडिकल कॉलेज हो, डॉग हो, एसएमसी हो या आपके पास लेरी मेडिकल कॉलेज हो, केएमडीसी हो। हमारे
स्टूडेंट्स ने वहां पर टॉप किया और आज वहां पे तालीम हासिल कर रहे हैं। हमारे एमडीकैट के बैचेस अलग होते हैं। बिज़नेस
यूनिवर्सिटीज के बैचेस अलग होते हैं। ईकैट के बैचेस अलग होते हैं। इसके अलावा सबसे इंपॉर्टेंट चीज आप लोगों के सब आपको लगेगा
सिर्फ इतना ही नहीं। इसके अलावा आपके डेडिकेटेड सपोर्टेड WhatsApp ग्रुप्स होते हैं। जहां पे आपके लिए डाउट टीम अधा मौजूद
होती है। यानी कि भाई तीन प्रोफेसर्स हर सब्जेक्ट के मौजूद होते ही होते हैं। इसके अलावा आपके डेडिकेटेड सपोर्टेड WhatsApp
ग्रुप्स होते हैं। जहां पे डाउट टीम्स हर सब्जेक्ट की डिफरेंट होती है। ये जूनियर लेवल टीचर्स होते हैं जिनका काम आपके
डाउट्स को क्लियर करना होता है। लाइव क्लासेस के अंदर आपसे बिल्कुल इंटरेक्शन होता है। वहां पे आप हमारी अपनी ऐप के ऊपर
आप हर चीज हमसे पूछ सकते हो। कंफर्म कर सकते हो। चैट के ऊपर आपके पास हर चीज का ऑप्शन होता है। इसके अलावा प्रैक्टिस
क्लासेस अलग होती है। डाउट क्लासेस लाइव अलग होती है। और सबसे इंपॉर्टेंट चीज आपके सपोर्टेड WhatsApp ग्रुप्स होते हैं जहां
पे आप अपने डाउट्स को पूछ सकते हो। इसके अलावा पोर्टल के ऊपर आप अपने इश्यूज को रेज कर सकते हो। कोई इशू है, कोई डाउट है
वहां पे भी पूछ सकते हो। तीसरे नंबर के ऊपर सबसे इंपॉर्टेंट चीज इसके अलावा आपके मल्टीपल टाइम टेस्ट कंडक्ट किए जाते हैं।
जो भी टॉपिक आपको क्लास में पढ़ाया जाता है उसकी एक स्पेसिफाइड प्रैक्टिस शीट टॉपिकल प्रोवाइड की जाती है। फॉर एग्जांपल
अगर फिजिक्स के अंदर आपको गैल्वनोमीटर का टॉपिक पढ़ाया गया तो गैल्वेनोमीटर के जितने पास्ट पेपर्स के अंदर क्वेश्चंस आए
होंगे अगर आप ईट के अंदर आ रहे हो नस में आ रहे हो जितने उसके आए होंगे उसकी एक सपोर्टेड आपको टॉपिकल प्रैक्टिस शीट
प्रोवाइड की जाएगी। जिस प्रैक्टिस शीट को हमारी टेस्टिंग डिपार्टमेंट के जो थर्ड प्रोफेसर है वो आपको क्लास के अंदर सॉल्व
करवाएंगे और फिर उसका टेस्ट जब कंडक्ट होगा तो उस टेस्ट के अंदर जितने क्वेश्चंस होंगे वो भी आपको टेस्टिंग क्लास के अंदर
सॉल्व करवाए जाएंगे। ये तमाम फैसिलिटीज आपको और कहीं नहीं मिलेंगी। तो अल्हम्दुलिल्लाह आपको ये हमारे पास मिलती
हैं। इसके अलावा जो बच्चे रेगुलर बैकग्राउंड के होते हैं यानी कि जो अभी सेकंड ईयर में मौजूद हैं या ए लेवल्स के
अंदर मौजूद हैं आप लोगों के लिए वीकेंड पे क्लासेस होती हैं। जो बच्चे इंप्रूवर के हैं यानी कि जो गैप ईयर वाले बच्चे हैं
उनके लिए वीक डेज पे भी क्लासेस होती हैं। वीकेंड पे भी होती हैं। तो अगर कोई बच्चा दोनों क्लासेस को लेना चाहता है। क्योंकि
वीक डेज के ऊपर अलग प्रोफेसर पढ़ाते हैं। वीकेंड के ऊपर अलग प्रोफेसर पढ़ाते हैं। तो सबसे बड़ा फायदा आपको हमारे बैजेस में
मिलता है कि आप दोनों क्लासेस को ले सकते हो। आपको अलग से कोई पेमेंट नहीं करनी। इसके अलावा सबसे इंपॉर्टेंट चीज कि भाई
अगर लेट्स सपोज कोई बच्चा वीकेंड पे बिजी है वीक डेज की क्लास ले सकता है। कोई वीक डे पे बिजी है वीकेंड की ले सकता है। कोई
बच्चा दोनों क्लासेस को लाइव लेना चाहता है वो दोनों को ले सकता है। तीसरी और सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो यहां पे सबसे खास है कि
भाई जो भी लाइव क्लास कंडक्ट होती है उसकी रिकॉर्डिंग विद इन सेकंड्स में मिल जाती है। हमारी ऑपरेशन टीम्स हमारी एडमिन टीम
हर वक्त आपके ताबुन के लिए आपको मसले मसाइलों को हल करने के लिए कोशिश होती है। मौजूद होती है। इसके अलावा सबसे खास बात
सबसेेंट चीज कि वो तमाम बच्चे जो ए लेवल्स बैकग्राउंड से बिलोंग करते हैं। तो भाई वी नो दिस पर्टिकुलर थिंग कि हमारे ए लेवल्स
का बच्चा कहां पे वीक होता है। क्योंकि हम हम पिछले कई सालों से कई डिकेड से हमारे टीचर्स पढ़ा रहे हैं। अल्हम्दुलिल्लाह
हमारी टीम के अंदर पाकिस्तान के टॉप एपटीट्यूड टीचर्स पढ़ाते हैं। तो डिफरेंट कॉलेजेस के अंदर एक बहुत बड़ा अरसा गुजार
के आए होते हैं। तो हमें मालूम है कि ए लेवल्स वाले को किन टॉपिक्स में प्रॉब्लम है। ए लेवल्स वालों का स्ट्रांग पॉइंट
क्या है? कैलकुलेटर के बगैर तमाम ट्रिक्स आपको सिखाई जाती है। तमाम सब्जेक्ट्स की एक्सपर्ट गाइडेंस आपको दी जाती है। इसके
अलावा सबसे खास चीज जो पूरे पाकिस्तान में आपको कोई ऑफर नहीं कर रहा। ये होती है एकेडमिक काउंसलिंग। यानी कि भाई जो ए
लेवल्स के बच्चे हैं उनको ये पता होगा क्योंकि एपटीट्यूड इज समथिंग जो कि बहुतेंट है जो कल को आपकी प्रोफेशनल लाइफ
में बड़ी हेल्प करेगा। हमारी जितनी डायरेक्टर्स की टीम है ये वो टीम है जिन्होंने दुनिया के डिफरेंट सॉफ्टवेयर
हाउसेस में दुनिया के बड़े कॉर्पोरेट सेक्टर्स के अंदर दुनिया के बड़े सप्लाई चेन्स के अंदर इन्होंने काम किया। मेरी
एग्जांपल आई वास वर्किंग फॉर अ फार्मासटिकल कंपनी अ ग्लोबल फार्मासटिकल कंपनी। इफ यू हैव एवर हर्ड अबाउट दी
पैनाडोल। अल्हम्दुलिल्लाह मेरे जितने डायरेक्टर्स हैं उनका या तो पाकिस्तान से मास्टर्स था या पाकिस्तान के बाहर का था।
मेरा अपना मास्टर्स टैक्सेस स्टेट यूनिवर्सिटी से रहा। तो आपको एकेडमिक काउंसलिंग मिलती है। हमारे जो एकेडमिक
काउंसलर है सर हंजला बुखारी ही इज़ अ पेट्रोलियम इंजीनियर। इसके अलावा हमारे जो सर साद वकार ही वाज़ वर्किंग फॉर दी ओरेकल
दुनिया की सबसे बड़ी एसएपी की ईआरपी सिस्टम्स की ईआरपी कहते हैं एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग का सॉफ्टवेयर दुनिया का
सबसे बड़ा जिस तरह एसएपी होता है वैसे ही आपके पास ओरेकल है। उसमें काम करते रहे। सर बिलाल जिया इसी तरीके से कई टीचर्स
हमारे जो बैठे हुए हैं जो हमारे डायरेक्टर्स हैं वो सारे के सारे वो हैं जिन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर के ऊपर एक
बहुत अरसा स्पेंड किया। तो एकेडमिक काउंसलिंग आपको हम लोग बेसिक टू एडवांस लेवल पे दे रहे होते हैं। यानी कि भाई
आपको कहीं पे भी जाना है। यूनिवर्सिटीज की जो गाइडेंस होती है बहुत इंपॉर्टेंट होती है। डिफरेंट इदारे हमारी वीडियोस को कॉपी
करते हैं। हमें बात बहुत अच्छे से पता है। दे आर अवेलेबल फॉर द एकेडमिक काउंसलिंग। उनका काम है आपको गाइड करना। हमारे इदारे
के अंदर हमारे बैजेस के अंदर अल्हम्दुलिल्लाह जो आपकी एकेडमिक काउंसलिंग होती है वो बेस्ट ऑफ द बेस्ट
पीपल जो उस फील्ड के अंदर मौजूद थे। चाहे कंप्यूटर साइंस हो, चाहे इंजीनियरिंग हो, चाहे आपके पास सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग हो,
चाहे सप्लाई चेन हो, चाहे इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग हो। हमारे इदारे के अंदर वो डायरेक्टर्स बैठे हुए हैं। तो जाहिर सी
बात है आपको हर किस्म की गाइडेंस प्रोवाइड की जाती है। अल्हम्दुलिल्लाह। इसके अलावा सबसे खास बात जो आपको और कहीं नहीं
मिलेगी। आपकी फ्लेक्सिबल टाइमिंग होती है। आप पाकिस्तान में हो, पाकिस्तान के बाहर कहीं पे भी हो। आप कहीं से भी बैठ के अपनी
क्लासेस को एंजॉय कर सकते हो। लाइव क्लासेस को ले सकते हो। सपोर्टेड WhatsApp ग्रुप में क्वेश्चन पूछ सकते हो और हजारों
एमसीक्यूस को सॉल्व कर सकते हो। टेस्टों को दे सकते हो। उन टेस्टों के ऊपर आप अपना एक मवाना कर सकते हो कि भाई आप कहां पे
स्टैंड कर रहे हो। आपके साथ जो आपका दोस्त बैठा हुआ है उसका क्या रैंक आ रहा है और आपका क्या रैंक आ रहा है ये सबसे
इंपॉर्टेंट चीज है। इसके अलावा वो बच्चे जो गैप ईयर वाले हैं जो इंप्रूवर्स वाले हैं आप लोगों के लिए हमारे पास सबसे
स्पेशल गाइडेंस होती है क्योंकि गैप ईयर का बच्चा डिप्रेशन में जाता है मेजॉरिटी बच्चा उन बच्चों के लिए स्पेशल स्टडी
प्लान होता है कंप्लीट वीक के डिप्रेशन दूर की बात आपने डिप्रेशन का डी भी नहीं सोचना आपने सिर्फ पूरा हफ्ता तैयारी करनी
है हमारे साथ आपने सारी क्लासेस को लेना है और आपका अगर कोई मसला आता है कुछ स्टडी प्लान आपको चाहिए तो आपको एकडमिक काउंसलर
का एक्सेस हासिल है सर हजला बुखारी का आप उनसे अपने कोऑर्डिनेटर से हर चीज को इशू को डिस्कस कर सकते हो पूछ सकते हो ये तमाम
फैसिलिटीज आपको हमारे बैजेस में मिलती है जो YouTube पे नहीं मिलती। अक्सर बच्चों का यह सवाल होता है ना सर YouTube पे और
यहां पे क्या डिफरेंस है? भाई YouTube के ऊपर आपको एक झलक दिखती है। आपको YouTube पे हमारे टीचर्स की सिर्फ एक झलक दिख रही
है। अगर आपको उन टीचर से बात करनी है। अगर आपको उन टीचर से लाइव पढ़ना है। अगर आपको क्वेश्चंस को सॉल्व करना है। देखो YouTube
से पढ़ के कंपलसरी नहीं है कि आपकी तैयारी अच्छी होगी। उसके पीछे रीज़न ये है कि YouTube पे आप सिर्फ रिकॉर्डेड लेक्चर को
ले रहे हो। उस उस लेक्चर की प्रैक्टिस करना। उसकी रेलेवेंसी क्या है? अगर एक लेक्चर छ साल पहले मौजूद था। उसकी आज के
जमाने में नस्ट में, फ़ास्ट में, आईबीए में, जीआई के में एनईटी में रेलेवेंसी क्या है? पास्ट पेपर्स के अब किस तरीके से
आ रहे हैं? आज के जमाने में कौन सी फील्ड का क्या स्कोप है? तो YouTube पे थोड़ी मिलेगा। YouTube पे एक सब्जेक्ट कवर होगा।
हमारे पास हर चीज कवर अप होगी। हर हमारे बैजेस के अंदर तमाम सब्जेक्ट्स लाइव क्लासेस में कवर करवाए जाते हैं। इसके
अलावा जो भी लाइव क्लास कंडक्ट होती है उसकी रिकॉर्डिंग्स प्रोवाइड की जाती है। हमारे बैजेस ईकैट के लिए नेट के लिए
डिफरेंट होते हैं। एमडीकैट के लिए अलग होते हैं। बिज़नेस यूनिवर्सिटीज के लिए अलग होते हैं। और बेस्ट ऑफ द बेस्ट टीचर ऑफ़ द
टाउन ऑफ द कंट्री आपको पढ़ा रहे होते हैं। अल्हम्दुलिल्लाह। इसीलिए मैं आपसे रिकमेंड करता हूं आप किसी भी इदारे को सेलेक्ट
करें। उनसे पहले ये पूछे की भाई आपके पास क्या फैसिलिटीज़ मिल रही है? कोई भी इदारा ₹80,000 चार्ज करने के बाद भी आपको इतनी
फैसिलिटीज़ प्रोवाइड नहीं कर सकता। मैं आपको गारंटी देता हूं अगर पूरे पाकिस्तान या पूरी दुनिया में आपको इसके अलावा कोई
फैसिलिटी अच्छी लगती है आप वो हमें बताएं। हम आपको बैजेस के अंदर वो भी प्रोवाइड करेंगे इंशाल्लाह ताला जवज। आइए चलते हैं
वापस वीडियो के ऊपर। देखते हैं वहां पे क्या बात है। कौन सी टाइप थी भाई? उस टाइप का नाम था स्क्वायर मैट्रिक्स। वी हैव
ओनली डिस्कस स्क्वायर मैट्रिक्स अप टिल नाउ। स्क्वायर मैट्रिक्स क्या होता है भाई? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके अंदर रोज़ और
कॉलम्स आपस में बराबर हो। उसको कहते हैं स्क्वायर मैट्रिक्स। पूरी क्लास का रिवीज़ आसान तरीन अल्फाज़ के अंदर। स्क्वायर
मैट्रिक्स क्या होता है? दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके रोज़ और कॉलम बराबर हो उसको स्क्वायर मैट्रिक्स कहते हैं।
मैट्रिक्स की जो दूसरी टाइप आती है जो कि बजाप्ता तौर पे मैट्रिक्स की प्रॉपर सेकंड टाइप है वो कहलाती है रेक्टेंगुलर
मैट्रिक्स। रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की दुनिया में डेफिनेशन पता है क्या है? रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स दुनिया के अंदर एक
ऐसा मैट्रिक्स कहलाता है जिसमें रोज़ और कॉलम आपस में बराबर नहीं होते। हमने जो कल की क्लास में इतनी सारी टाइप्स पढ़ी थी भाई
वो स्क्वायर मैट्रिक्स की टाइप्स थी। यानी कि वो स्क्वायर मैट्रिक्स की फर्दर डिवीजन होती है जिसमें डायगोनल भी आता है, स्केलर
भी आता है, यूनिट भी आता है, इनवोलेटरी भी आता है या आपके पास हमेशा ना आता है या सिमिट्रिक आता है। मगर मैट्रिक्स अभी तक
हमने सिर्फ एक ही पढ़ा है। स्क्वायर मैट्रिक्स जिसमें रोज़ और कॉलम्स आपस में क्या होती है? बराबर होती हैं। आज की
क्लास में एक दूसरी तरह का मैट्रिक्स देख रहे हैं जिसका नाम है रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स। रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की
बुनियादी खास बात क्या होती है? एनी मैट्रिक्स हुज़ नंबर ऑफ़ रोज़ एंड नंबर ऑफ़ कॉलम्स आर नॉट इक्वल टू ईच अदर इज़ नोन ऐज़
दी रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स। फॉर एग्जांपल बात समझते हैं एग्जांपल के ऊपर। मैं कहता हूं कि भई एक मैट्रिक्स आ रहा है। इसमें 1
2 3 4 5 और सिक्स आ रहा है। तो अब आप गौर से देखो इस मैट्रिक्स के अंदर रोज़ और कॉलम्स कितनी हैं? बेटा ये जो मैट्रिक्स आ
रहा है इसमें रोज़ कितनी आ रही हैं? देखो रोज़ आ रही हैं टू। और कॉलम्स कितनी आ रही हैं? थ्री। तो इस मैट्रिक्स का नाम क्या
होगा? 2 / 3। क्योंकि देखो इस मैट्रिक्स में रोज़ और कॉलम चूंकि आपस में बराबर नहीं है। इसीलिए क्या कहलाएगा? रेक्टेंगुलर
मैट्रिक्स कहलाएगा। फॉर एग्जांपल आप ऐसे समझ लो। मैं कहता हूं यहां पे आ गया 1 4 3 1 0 5 यानी कि लेट्स सपोज मेरे पास एक ऐसा
मैट्रिक्स आ रहा है जिसमें रोज़ और कॉलम आपस में बराबर नहीं है। इस केस में देखो तीन रोज़ आ रही हैं और दो कॉलम्स आ रहे
हैं। तो रोज़ और कॉलम्स आपस में क्या है? बराबर ही नहीं है। तो क्या कहलाएगा? ये कहलाता है हमारे पास रेक्टेंगुलर
मैट्रिक्स। दुनिया के अंदर रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की भी कई तरह की टाइप्स होती। अच्छा बेटा अब देखो हमारे पास रेक्टेंगुलर
मैट्रिक्स के बारे में हम लोगों को पता चल गया कि दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें रोस और कॉलम्स आपस में बराबर ना हो
उसको रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स कहते हैं। रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की बड़ी फेमस कुछ टाइप्स होती हैं जो अक्सर और प्रेशर पेपर
में आपसे पूछी जाती हैं। जिनमें से सबसे पहले नंबर के ऊपर जो टाइप आती है ये अक्सर बच्चों ने सुनी भी होती है। इसका कोई बड़ी
फेमस टाइप है। इसका नाम होता है रॉ मैट्रिक्स का होना। दुनिया के अंदर सबसे पहली टाइप जो रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की
एक्सिस्ट करती है। उसका नाम क्या होता है? रॉ मैट्रिक्स का होना। अब रॉ मैट्रिक्स का मतलब क्या है? देखो, मैंने आप लोगों को एक
शॉर्टकट पढ़ाया था कि रॉ किसे कहते हैं? रॉ कहते हैं दुनिया में हॉरिजॉन्टल लाइन को। हमेशा याद रखिएगा रॉ का मतलब क्या है?
हॉरिजॉन्टल लाइन। ये बात मैंने क्यों बताई थी? एक ट्रिक थी मैंने। क्योंकि अक्सर बच्चे जो पढ़ने वाले बच्चे भी होते हैं ना,
वो रॉ में और कॉलम के कांसेप्ट में बड़ा कंफ्यूज होते हैं। सर, रॉ कौन सी लाइन होती है? तो याद रखिएगा जो लेटी हुई लाइन
है ना, जो तिरछी लाइन होती है उसको रॉ कहते हैं। जो खड़ी हुई लाइन है उसको वर्टिकल लाइन को क्या कहते हैं? कॉलम कहते
हैं। ये मैं इसलिए आपको बता रहा हूं क्योंकि बहुत अच्छे-अच्छे बच्चे भी इसमें कंफ्यूज हो जाते हैं। अब देखो रॉ
मैट्रिक्स का मतलब क्या है? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें एक सिंगल रो एग्ज़िस्ट करती हो। एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके अंदर एक
सिंगल रॉ एग्ज़िस्ट करती हो। यानी कि फॉर एग्जांपल ये मैट्रिक्स आ रहा है। इस मैट्रिक्स की खास बात क्या है? इस
मैट्रिक्स की खास बात ये है कि इसके अंदर रॉ एक है। कॉलम्स कितने आ रहे हैं? कॉलम्स तीन आ रहे हैं। तो याद रखिएगा अगर कभी भी
दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स एग्ज़िस्ट करता है कि जहां पे सिंगल रॉ है। एक सिंगल रॉ है उसको क्या कहते हैं? रॉ मैट्रिक्स
कहते हैं। देखो है ये रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स क्योंकि रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स है क्योंकि रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की
बुनियादी कंडीशन ये होती है कि रोज़ और कॉलम्स कभी भी सेम नहीं हो सकते। और रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स के अंदर भी फिर दो
टाइप्स होती हैं। एक होती है रॉ मैट्रिक्स, एक होती है कॉलम मैट्रिक्स। सबसे बुनियादी टाइप। रॉ मैट्रिक्स का मतलब
है एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें एक सिंगल रो आ रही हो। जिसमें एक सिंगल रो आ रही हो। लिखना चाहते हो तो लिख लो उसकी डेफिनेशन।
क्या होगी? अ मैट्रिक्स हैविंग अ सिंगल रॉ। अ मैट्रिक्स हैविंग अ सिंगल रॉ इज़ नोन एज अ रॉ मैट्रिक्स। इट्स अ वै नॉर्मल
थिंग। सिमिलरली देखो अगर मैं कहता हूं कि मेरे पास कॉलम मैट्रिक्स आ रहा है। सो भाई कॉलम मैट्रिक्स अपने नाम से जाहिर हो रहा
है कि किस चीज का मैट्रिक्स होगा? कॉलम मैट्रिक्स का क्या मतलब होगा? अब कोई बच्चा बोलो सर इतना मुश्किल है। अरे भाई
क्या मुश्किल है इसके अंदर? कॉलम किसे कहते हैं? देखो कॉलम कहते हैं वर्टिकल लाइन को। कॉलम किसे कहते हैं वर्टिकल लाइन
को। ये बात यहां पे लिखना चाहते हो बेशक कहीं पे अपने पास शॉर्टकट के तौर पे लिख भी लो कि कॉलम का मतलब क्या होता है?
वर्टिकल लाइन। कॉलम का मतलब ही क्या है? दुनिया के अंदर वर्टिकल लाइन का होना। तो भाई अगर आपके पास एक प्लम मैट्रिक्स है
इसका मतलब क्या हो? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें सिर्फ एक लाइन एक्सिस्ट कर रही है। यानी कि एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके अंदर
सिर्फ एक सिंगल कॉलम एग्जिस्ट कर रहा है। फॉर एग्जांपल ये मैट्रिक्स आ गया। यहां पे देखो आपके पास खास बात क्या है? रोज़ कितनी
आ रही हैं? तीन रोज़ आ रही हैं। मगर कॉलम कितना आ रहा है? सिर्फ एक ही आ रहा है। है रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स। मगर रेक्टेंगुलर
मैट्रिक्स में कौन सी टाइप का मैट्रिक्स आ रहा है? कॉलम मैट्रिक्स आ रहा है। फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं कि मेरे पास
मैट्रिक्स आ जाए 5 6 अ 3 4 1 यानी कि कुछ भी आ जाए। तो अब देखो यहां पे एक सिंगल मैट्रिक्स है ना बेटा गौर से देखो आपके
पास क्या आ रहा है? आपके पास एक सिंगल लाइन आ रही है। जब सिंगल लाइन आ रही है तो भाई कॉलम है ना एक सिंगल कॉलम एग्ज़िस्ट कर
रहा है। इसीलिए इसका नाम क्या है? कॉलम मैट्रिक्स है। देखो रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की बड़ी दो फेमस टाइप्स होती हैं। एक का
नाम है रॉ मैट्रिक्स, एक का नाम है कॉलम मैट्रिक्स। रॉ मैट्रिक्स की डेफिनेशन क्या है? अ मैट्रिक्स हैविंग अ सिंगल रो इज़ नोन
एज दी रो मैट्रिक्स। व्हाट इज अ कॉलम मैट्रिक्स? अ मैट्रिक्स हैविंग अ सिंगल कॉलम। अ मैट्रिक्स हैविंग अ सिंगल कॉलम इज
नोन एज दी कॉलम मैट्रिक्स। ये बहुत बुनियादी डेफिनेशन है। इसके आधा रोज़ आ जाए या एक से ज्यादा कॉलम्स आ जाए। है वो भी
रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स। मगर उसको कहेंगे क्या? तो भाई उसका नाम होता है हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। हमारे पास दुनिया में एक
मैट्रिक्स एग्ज़िस्ट करता है। उसको दुनिया वाले कहते हैं हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। अब देखो ये हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स क्या होता
है? जरा गौर से बात समझिएगा। एक लॉजिक के ऊपर बात समझेंगे। हॉरिजॉन्टल किसे कहते हैं? जो हॉरिजॉन्टली फैला हुआ हो। जिसकी
दिशाएं कहां पर हो? एक्स एक्सिस की जानिब हो। जिसकी दिशाएं कहां हो? हॉरिजॉन्टल का मतलब क्या होता है? हॉरिजॉन्टल आप कहते हो
ना फैले हुए को जो ज्यादा फैला हुआ हो। तो बेटा देखो दुनिया के अंदर कभी भी एक ऐसा मैट्रिक्स आए कि भाई जो कि जिसके अंदर
आपके पास क्या हो? जो एक्स एक्सिस के ऊपर ज्यादा फैला हुआ हो। इसका मतलब क्या है? देखो मैं इसकी आपको डेफिनेशन बाद में
बताऊंगा। पहले लॉजिक को समझो। तो अगर लॉजिक आपने समझ ली ना रट्टे मारने की नीड नहीं है। हॉरिजॉन्टल का मतलब क्या है? जो
एक्स एक्सिस पे ज्यादा फैला हुआ हो। अब इंसान एक्स एक्सिस पे ज्यादा कब फैलेगा? जब उसके पास कॉलम्स तो ज्यादा हों मगर रोस
क्या हो? कम हो। ये बात समझ में आती है? मैंने क्या कहा? दुनिया के अंदर एक ऐसा मैट्रिक्स कि जहां पे हमारे पास नंबर ऑफ
कॉलम्स जो हो वो क्या हो? ज्यादा हो। किसके मुकाबले में? नंबर ऑफ रॉस के मुकाबले में। ऐसे मैट्रिक्स को हम क्या
बोलेंगे? हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं एक मैट्रिक्स है उसमें कॉलम्स पांच आ रहे हैं और रोज़ आ रही
हैं सिर्फ तीन। तो कैसा मैट्रिक्स आपको दिखने में लगेगा? आइए देखते हैं। लेट्स सपोज पांच कॉलम्स आ रहे हैं। यानी कि 2 1
3 4 5 सही है? फिर ये आ गया 0 3 4 5 6 फिर आ गया मेरे पास 1 2 3 6 और 7। अब खुद देखो। मैं कुछ नहीं कह रहा। खुद देखो। एक
ऐसा मैट्रिक्स जिसमें कॉलम ज्यादा हों और रोस क्या हो? कम हो। तो ये देखो ये कैसा होगा? ये x एक्सिस पे फैला लगेगा। ये क्या
लगेगा कि भ एक्सिस के ऊपर फैला हुआ है। इसकी दिशा किस जानेब है? x एक्सिस के ऊपर ज्यादा फैला हुआ है। और किस वजह से फैला
हुआ है? क्योंकि देखो कॉलम्स यहां पे ज्यादा हैं। कॉलम्स क्या है बेटा? यहां पे ज्यादा हैं। एज कंपेयर टू द रोज़। इसीलिए
इसको क्या कहते हैं? हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। तो भाई हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स ही एक स्पेशल टाइप
होती है। दुनिया के अंदर एक ऐसे मैट्रिक्स का होना कि जहां पे नंबर ऑफ कॉलम्स क्या हो? ज्यादा एज़ कंपेयर टू नंबर ऑफ़ रोज़। आप
कोई भी एग्जांपल ले लो। मैं कहता हूं कि फॉर एग्जांपल मेरे पास नंबर ऑफ़ कॉलम्स आ रहे हैं चार और नंबर ऑफ़ रोज़ आ रही हैं
लेट्स सपोज़ दो। आप खुद अस्यूम करो कि आप कॉलम्स को ज्यादा ले लो। तो क्या बनेगा? देखो अगर मैं नंबर ऑफ कॉलम्स क्या ले रहा
हूं? चार ले रहा हूं। तो लेट्स सपोज़ ये आ गया वन। ये आ गया ज़ीरो। ये आ गया थ्री। ये आ गया फाइव। सही है ना? रोज़ कितनी ले रहे
हैं? रोज़ टू ले रहे हैं। तो यहां पे कुछ भी डाल दो यार समझने के लिए। कुछ भी डाल दो भाई। एट और नाइन डाल दिया। अब देखो
मैंने क्या करा? मैंने कॉलम ज्यादा लिए। रॉस कम ली। तो मेरे पास मैट्रिक्स कैसा फॉर्म हो रहा है? फैला हुआ। इसीलिए इसका
नाम क्या होता है? हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। अक्सर और पेशतर पेपर में इसकी कंडीशन पूछ ली जाती है। एग्जामिनर अक्सर और पेशतर ये
कंडीशन एग्जाम पूछता है कि हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स की खास बात क्या होती है? ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग। इफ दी नंबर ऑफ़ कॉलम्स
आर ग्रेटर देन दी नंबर ऑफ़ रोज़ दैट इज़ नोन ऐज़ अ हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। या फिर अ रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स इन व्हिच दी नंबर
ऑफ़ रोज़ इज़ लेस दैन दी नंबर ऑफ़ कॉलम्स इज़ नोन ऐज़ दी हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स। तुम बात को ऐसे बोलो या ऐसे बोलो बात एक ही है।
आसान भाषा में आपको कांसेप्ट खाली मालूम होना चाहिए। थ्योरिटिकल चीज तो इंसान खुद भी देख सकता है। फॉर एग्जांपल इसका वाइसस
फरसा क्या होगा? गौर से बात समझो। इसका वाइस फरसा क्या होगा? अगर मैं कहूं वर्टिकल मैट्रिक्स आ रहा है। अगर मैं आपसे
क्या कहूं कि मेरा मैट्रिक्स कैसा है? वर्टिकल। गौर से बात समझिएगा। अगर मैं आपसे कहता हूं कि मेरे पास एक ऐसा
मैट्रिक्स है जो कि वर्टिकल है। खुद सोचो वर्टिकल मैट्रिक्स का मतलब क्या होगा? यानी कि एक ऐसा मैट्रिक्स जो कि वर्टिकली
ज्यादा एग्जिस्ट करे। जिसकी दिशा कहां पर हो? जिसकी दिशा ज्यादा से ज्यादा वर्टिकली हो। तो इसको क्या बोलेंगे? इसको बोलेंगे
वर्टिकल मैट्रिक्स। इसकी लॉजिक क्या होगी? खुद सोचो। अगर दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स हो जहां पे तुम्हारे पास कॉलम्स
क्या हो? कम हो। एज कंपेयर टू रो से। यानी कि रोस ज्यादा हों और कॉलम्स कम हो। तो मैट्रिक्स कैसा बनेगा? दिशा में ऊपर की
जानिब बनेगा। यानी कि एक लंबी बिल्डिंग जैसा बनेगा। खलीफा बन जाएगा आसान भाषा में। कैसे? कि देखो तुम खुद सोचो। खुद
सोचो कोई भी एग्जांपल ले लो। आप रोज़ क्या कर दो? लेट्स सपोज आप पांच रॉस कर दो। कॉलम कितने कर दो? कॉलम दो कर दो। एक से
ज्यादा ना? अगर एक कॉलम होगा फिर तो जाहिर सी बात है बेटा कॉलम मैट्रिक्स बन जाएगा ना। हमेशा एक से ज्यादा ही होंगे। सही है
ना? सिंगल नहीं हो सकते। तो अब मैंने देखो कॉलम्स क्या कर दिए? दो। रोज़ कर दी पांच। अपनी मर्जी से कोई भी एलिमेंट सोच लो। खुद
सोचो। अगर तुम दो कॉलम्स दे रहे हो। फॉर एग्जांपल एक आ गया वन, एक आ गया थ्री। दो कॉलम्स कर दिए। रोज़ कितनी है? पांच। तो
जरा पांच रॉस को मैं फिल करता हूं। कुछ भी डाल दो यार। कुछ भी डाल दो। कुछ भी डाल दो। 1 2 3 4 यहां पे डाल दिया सेवन। यहां
पे डाल दिया नाइन। भाई रॉ आपके पास हॉरिजॉन्टल लाइन होती है। कॉलम आपके पास वर्टिकल लाइन होती है। है ना? तो अब खुद
देखो आप। ये आपके पास कैसा मैट्रिक्स आ रहा है? आपके पास देखो यहां पे कितनी रोज़ आ रही हैं? खुद देखो। कितनी रोज़ आ रही
हैं। 1 2 3 4 5 रोज़ आ रही हैं पांच। कॉलम कितने आ रहे हैं? कॉलम आ रहे हैं 1 2। तो अब आप खुद देखो कि अगर रोज़ ज्यादा है और
कॉलम्स कम है तो ये मैट्रिक्स कैसा बन गया? ये मैट्रिक्स बन गया वर्टिकल मैट्रिक्स। तो याद रखिएगा रेक्टेंगुलर
मैट्रिक्स की चार बड़ी फेमस टाइप्स होती हैं। दीज़ आर नोन ऐज़ दी टाइप्स ऑफ दी रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स। आपके पास
रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स कहते किसे हैं? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें रोज़ और कॉलम्स आपस में बराबर ना हो। चार टाइप्स कौन-कौन सी
होती हैं? पहले नंबर के ऊपर रॉ मैट्रिक्स। रॉ मैट्रिक्स का मतलब है अगर मैट्रिक्स में एक सिंगल रो आ रही है। यानी कि अगर
आपके पास मैट्रिक्स के अंदर सिर्फ एक सिंगल रो आ रही है। रॉ की वैल्यू वन है। कॉलम जितने ज्यादा आ जाए। तो कॉलम 1000 आ
जाए कोई मसला नहीं है। अगर एक सिंगल रो आ रही है ना उसको फिर हम कहते हैं रॉ मैट्रिक्स। कॉलम मैट्रिक्स का मतलब क्या
होता है? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें एक सिंगल कॉलम आ रहा है। यानी कि कॉलम की वैल्यू अगर वन है रॉ बेशक 5,000 आ जाए
मसला नहीं है। रॉ 10,000 आ जाए कोई मसला नहीं। कॉलम अगर एक आ रहे हैं ना तो क्या कहलाएगा? कॉलम मैट्रिक्स। हॉरिजॉन्टल
मैट्रिक्स क्या होता है? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके अंदर कॉलम ज्यादा हो, रोज़ कम हो। तभी वो हॉरिजॉन्टली फैलेगा। तभी वो एक्स
एक्सिस की दिशा में बढ़ेगा। तो उसको क्या बोलते हैं? कॉलम हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स कहते हैं। वर्टिकल मैट्रिक्स क्या होता
है? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसमें कॉलम्स कम हो, रोज़ ज्यादा हो। क्योंकि जाहिर सी बात है कॉलम्स कम होंगे, रोज़ ज्यादा होंगी, तो
फ्लोर ज्यादा होंगे। ऊपर नीचे जाना पड़ेगा, तभी तो आपका बुर्ज खलीफा बनेगा कि अगर कॉलम्स कम है, रोस ज्यादा हैं। रोस
क्योंकि रोज़ आपके पास एक्स वाई प्लेन के ऊपर वर्किंग कर रही हैं। तो देखो, अगर मेरे पास कॉलम्स कैसे हैं? कम है। रोज
क्या हैं? ज्यादा, तो हमारे पास क्या फॉर्म हो जाएगा? वर्टिकल मैट्रिक्स फॉर्म हो जाएगा। आप बोलोगे सर अभी तक तो हमने
इतनी सारी टाइप्स पढ़ ली हैं। तो भाई आपने अभी तक सिर्फ दो टाइप्स पढ़ी हैं मैट्रिससेस की। सबसे पहले नंबर के ऊपर
स्क्वायर मैट्रिक्स को पढ़ा। वो जितनी भी टाइप्स अभी तक हमने देखी हैं वो स्क्वायर मैट्रिक्स की फिर टाइप्स थी। देन वी हैव
डिस्कस दी रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स। और ये रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की टाइप्स हैं रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स की इंडिविजुअल
टाइप्स हैं। रॉ मैट्रिक्स, कॉलम मैट्रिक्स, हॉरिजॉन्टल या वर्टिकल मैट्रिक्स। दुनिया के अंदर मैट्रिक्स की
जो तीसरी टाइप होती है ना, मैट्रिक्स की तीसरी टाइप, ये कहलाती है हमारे पास नल मैट्रिक्स का होना। ये क्या कहलाती है? नल
मैट्रिक्स का होना। नल मैट्रिक्स क्या होता है? जरा इसको भी डिस्कस कर लेते हैं। बहुत सारे बच्चे इसमें अक्सर कंफ्यूज हो
जाते हैं। हालांकि बहुत ही मजे का कांसेप्ट है। देखो भाई नल मैट्रिक्स कहा जाता है एक ऐसा मैट्रिक्स जिसका आंसर आपको
जिसके सारे के सारे एलिमेंट्स क्या हो? ज़ीरो के बराबर। दुनिया में एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके सारे के सारे एलिमेंट्स
क्या हो? ज़ीरो के बराबर उसको आप क्या बोलोगे? उसको आप बोलोगे नल मैट्रिक्स। तो नल मैट्रिक्स की लॉजिक बहुत सिंपल है।
दुनिया में तीसरी सबसे बुनियादी टाइप जो मैट्रिसिस की होती है स्क्वायर, रेक्टेंगुलर के बाद वो होती है नल
मैट्रिक्स का होना। नल मैट्रिक्स का मतलब क्या है? एक ऐसा मैट्रिक्स जिसके तमाम के तमाम एलिमेंट्स किसके बराबर हो? ज़ीरो के
बराबर। यानी कि सारे के सारे कारतूस क्या हो? जले हुए हो। सारे के सारे कारतूस क्या हो? खराब हो। यानी कि भाई मेरे पास एक ऐसा
मैट्रिक्स हो जिसके सारे के सारे एलिमेंट जीरो हो। तो इसको क्या बोलते हैं? नल मैट्रिक्स। या फिर इसको आप ये भी कहते हैं
ज़ीरो मैट्रिक्स। इसको आप ज़ीरो मैट्रिक्स भी कहते हैं। इसको डिनोट किया जाता है O के सिंबल से। लेट्स सपोज़ बहुत दफा आप
देखोगे कहीं ना कहीं लिखा हुआ आ जाए O2। O2 का मतलब क्या होता है? नल मैट्रिक्स हैविंग अ ऑर्डर 2 / 2। कहीं पे लिखा हुआ आ
जाए O3 O3 का मतलब क्या है? अब बहुत सारे बच्चों को लगता है ओजोन का फार्मूला लिखा हुआ है। अरे भाई ये ओजोन का फार्मूला नहीं
लिखा हुआ। O3 का मतलब होता है कि भाई तुम्हारे पास एक नल मैट्रिक्स आ रहा है 3/3 का। O3 का मतलब क्या है? केमिस्ट्री
वालों को खाली ये जोक समझ में आएगा गलती से जो बच्चे कंप्यूटर वाले अपने कानों को बंद रख सकते हैं। O3 मेरे ख्याल में ओज़ोन
का ही फार्मूला है ना? आई होप। सही है ना? तो O3 का मतलब क्या है? 3 / 3 का नल मैट्रिक्स। क्या होता है भाई? 3 / 3 का नल
मैट्रिक्स। क्लियर है? तो भाई ये नल मैट्रिक्स की बुनियादी एक तीसरी टाइप होती है हमारे पास मैट्रिससेस की। अच्छा एक और
कांसेप्ट जो मैट्रिससेस के अंदर होता है दैट इज़ ऑफ दी ट्रांसपोज जिसको हमने ऑलरेडी डिस्कस कर लिया था कि ट्रांसपोज क्या होता
है? तो ये बुनियादी तीन टाइप्स होती हैं मैट्रिससेस की। दुनिया में कोई भी जो मैट्रिक्स होता है ना वो तीन बुनियादी
चीजों पे डिपेंडेंट होता है। या तो आपके पास स्क्वायर मैट्रिक्स होगा या हमारे पास रेक्टेंगुलर मैट्रिक्स होगा या हमारे पास
नल मैट्रिक्स होगा। सही है ना? दुनिया के अंदर जब हम मैट्रिससेस की बात करते हैं तो तीन बुनियादी टाइप्स के ऊपर मैट्रिससेस को
डिवाइड किया जाता है। या तो मैट्रिक्स आपके पास क्या होगा? स्क्वायर या रेक्टेंगुलर या नल। स्क्वायर मैट्रिक्स की
टोटल 12 से 13 टाइप्स होती हैं। रेक्टेंगुलर मैट्रिससेस की तकरीबन चार के करीब टाइप्स होती हैं। और नल मैट्रिक्स
बेचारा हमारा मासूम सा मैट्रिक्स होता है। तो ये तीन तरह के बुनियादी तौर पे मैट्रिससेस हमारे पास आ रहे होते हैं।
क्लियर है भाई ये बात? नंबर के ऊपर जो टॉपिक आता है प्रॉपर्टीज ऑफ दी मैट्रिससेस के अंदर इसका नाम है एडिशन एंड
सब्ट्रैक्शन ऑफ दी मैट्रिक्स। दुनिया के अंदर दो मैट्रिक्स ऐड कब होते हैं या सब्ट्रैक्ट कब होते हैं? बहुत सारे बच्चों
को इसमें कंफ्यूजन होती है। बाय द वे मैं आपको बहुत ओपनली बताऊं। कई बच्चों को इसमें प्रॉब्लम होती है। अक्सर बच्चों को
पता ही नहीं होता कि मैट्रिससेस को ऐड कब करना है? मैट्रिससेस को सब्ट्रैक्ट कब करना है। हमेशा याद रखिएगा मैट्रिससेस को
ऐड करने के लिए या सब्ट्रैक्ट करने के लिए आपके पास ऑर्डर ऑफ दी मैट्रिक्स हमेशा सेम होना चाहिए। अक्सर लोगों को मालूम ही नहीं
होता। पेपर में आप बहुत दफा देखो कि आपको एक 3/3 का मैट्रिक्स गिवेन होगा और एक 2/ 2 का मैट्रिक्स गिवन होगा। एग्जामिनर
बोलेगा इन दोनों को ऐड करवा दो या सब्ट्रैक्ट करवा दो। बच्चों को समझ में नहीं आएगा सॉल्व कैसे करना है। रिमेंबर
दिस थिंग मैट्रिससेस को कभी भी ऐड करना है या सब्ट्रैक्ट करना है। तो हमेशा दोनों मैट्रिससेस का जिनको आपस में ऐड करवा रहे
हो या सब्ट्रैक्ट करवा रहे हो उनका ऑर्डर क्या होना चाहिए? सेम होना चाहिए। आप मैट्रिससेस को चाहे ऐड करवाओ या
सब्ट्रैक्ट करवाओ। ऑर्डर शुड ऑलवेज बी सेम। यानी कि भई जो भी मैट्रिससेस का ऑर्डर्स आ रहे हैं जिनको आपने ऐड या
सब्ट्रैक्ट करवाना है वो हमेशा सेम होना चाहिए। फॉर एग्जांपल मैं आपसे कहता हूं कि भ मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 1 3 4
और फाइव। लेट्स सपोज मेरे पास एक और मैट्रिक्स आ रहा है। लेट्स सपोज 4 5 0 3 मुझसे कोई बंदा कहता है कि भाई इन दोनों
मैट्रिससेस को ऐड करवाना है या सब्ट्रैक्ट करवाना है। हमेशा याद रखिएगा कभी भी अगर एडिशन या सब्ट्रैक्शन का कांसेप्ट आएगा
मैट्रिससेस का आपने जिन दो मैट्रिससेस को ऐड या सब्ट्रैक्ट कर रहे हो उनके ऑर्डर को लाजमी तौर पे देखो। फॉर एग्जांपल ये जो
पहला मैट्रिक्स है इसका ऑर्डर क्या है? इसमें देखो आपके पास दो रोज़ आ रही हैं, दो कॉलम्स आ रहे हैं। तो ऑर्डर क्या है इसका?
2 / 2 का है। दूसरा मैट्रिक्स जो आ रहा है इसमें भी देखो आपकी कितनी रोज़ आ रही हैं? दो रोज़ आ रही हैं। दो कॉलम्स आ रहे हैं।
रोज़ का मतलब क्या होता है? रोज़ का मतलब होता है हॉरिजॉन्टल लाइन। कॉलम्स का मतलब होता है वर्टिकल लाइन। तो इसमें भी देखो
बेटा आपके पास 2 / 2 का ऑर्डर आ रहा है। तो चूंकि ये दोनों मैट्रिससेस का आर्डर सिमिलर है। उसी सूरत के अंदर आप खाली इसको
सिंपलीफाई कर सकते हो। अगर ऑर्डर सिमिलर नहीं होता तो नॉट पॉसिबल लिख के आ जाते आप। यानी कि क्या-क्या लिख के आ जाते? नॉट
पॉसिबल। ऑप्शन गिवेन होगा कहीं ना कहीं पे। सही है? तो यहां पे देखो क्योंकि ऑर्डर सिमिलर है तो अब आप ऐड करवा सकते
हो। मैट्रिससेस की एडिशन कैसे होती है? अगेन अ वेरी बेसिक टॉपिक। दुनिया में कभी भी अगर मैट्रिससेस को आपने ऐड करवाना है
ना तो हमेशा याद रखिएगा जो भी आपके पास एक दूसरे के करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स हैं वो एक दूसरे में ऐड होते हैं। फॉर एग्जांपल
देखो वन के सामने क्या है? फोर है। तो 1 + का 4 बन जाएगा फाइव के बराबर। थ्री के सामने देखो क्या है? फाइव है। 5 + का 3
क्या होता है? सात के आठ के बराबर। पांच के अंदर अगर तीन का इजाफा करोगे तो क्या बन गया? ये बन गया आपके पास सिंपल तरीके
से आठ के बराबर। सिमिलरली अगर मैं आपसे कहता हूं कि भाई 4 + का 0 क्या होगा? ये हो जाएगा चार के बराबर। 5 + का 3 क्या हो
जाएगा? अगेन ये आ गया आठ के बराबर। देखो हमेशा याद रखिएगा जो करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स होंगे वो एक दूसरे के अंदर जा
के क्या होती हैं? ऐड होते हैं। 2 / 2 की आपके पास चाहे एडिशन हो, सब्ट्रैक्शन हो, 3/ 3 की एडिशन हो, सब्ट्रैक्शन हो, हर एक
के लिए सेम पैटर्न होता है। इस पे कई तरह के क्वेश्चन आते हैं। फॉर एग्जांपल, मैं आपको इसके ऊपर एक बड़ा फेमस क्वेश्चन अगर
बताऊं ना, एक बड़ा फेमस क्वेश्चन है इसके ऊपर। एग्जामिनर बोलेगा कि लेट्स सपोज़ फोर है तुम्हारे पास यहां पे। इधर आ रहा है
टू, इधर आ रहा है वन, इधर आ रहा है ज़ीरो। इधर आ रहा है फाइव इधर आ रहा है नेगेटिव का थ्री इधर आ रहा है फॉर एग्जांपल फोर
इधर आ रहा है सेवन इधर आ रहा है वन इधर आ रहा है टू सही है इक्वल टू के बाद एग्जामिनर बोलता है कि भाई एक मैट्रिक्स
है यहां पे आ रहा है a b c यहां पर आ रहा है फाइव नेगेटिव थ्री फोर यहां पर आ रहा है सेवन यहां पर आ रहा है वन यहां पर आ
रहा है टू एग्जामिनर आपसे पूछ लेगा बताइए a b c की वैल्यू क्या है इस तरह के क्वेश्चंस भी बहुत दफा पेपर्स के अंदर
देखे जाते हैं और आप अक्सर देखोगे डिफरेंट यूनिवर्सिव में इस तरह की लॉजिक पूछी भी होगी अब बच्चों को समझ में नहीं आता भाई
ये मैट्रिक्स की एक बेसिक प्रॉपर्टी होती है। कभी भी दुनिया के अंदर जिस तरह इक्वल टू के आमने-सामने अगर दो वैल्यूज़ एक दूसरे
के बराबर आ जाए तो आप उनके करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स को इक्वेट करवाते हो ना आपस में। फॉर एग्जांपल इसकी मैं क्या एग्जांपल
दूं आपको? मैं बड़ी बेसिक एग्जांपल देता हूं। दुनिया के अंदर अगर इक्वल टू के आमने-सामने बेससेस सेम हो जाए तो पावर्स
भी क्या होती हैं? इक्वेट होती हैं। मैं इसका बेसिक प्रिंसिपल है। सिमिलरली इक्वल टू के आमने-सामने रियल नंबर्स जैसी
इक्वेशंस आ जाए। हम रियल नंबर्स को इक्वेट करवा देते हैं आपस में कि भाई कोई कॉम्प्लेक्स नंबर अगर यहां पर भी आ रहा
है, कोई कॉम्प्लेक्स नंबर यहां पर भी आ रहा है तो रियल पार्ट रियल पार्ट से इक्वेट हो जाता है। इमिनरी पार्ट इमेजिनरी
पार्ट से हो जाता है। सिमिलरली याद रखिएगा दुनिया में कभी भी दो मैट्रिससेस अगर इक्वल टू के आमने-सामने आ रहे हो। दुनिया
में कभी भी दो मैट्रिससेस अगर इक्वल टू के आमने-सामने आ रहे हों तो ये लाजिम है कि उनके करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स भी आपस में
इक्वेट होंगे। यानी कि जो जिसके सामने है वो उसके बराबर होगा। फॉर एग्जांपल मैं आपको एग्जांपल देता हूं कि भाई जब मैं जा
के इस फोर को क्या करवाऊंगा? ये फोर जो बाहर आ रहा है ये अंदर वाली तमाम वैल्यूज़ से क्या हो जाएगा? मल्टीप्लाई हो जाएगा।
सो आई एम गिविंग यू एन एग्जांपल। तो क्या बन जाएगा? ये बन जाएगा 4 * 2 = 8 ये हो जाएगा 4 * 1 = 4 ये हो जाएगा 4 * 0
सिमिलरली 4 * 5 क्या होता है? 20 4 * नेगेटिव का थ्री ये बन जाएगा मेरे पास सिंपल तरीके से किसके बराबर? ये आ जाएगा
मेरे पास 4 * नेगेटिव का थ्री नेगेटिव का 12 4 * 4 = 16 यानी कि कहने का मकसद क्या है? तमाम एलिमेंट से पहले तो जाके
मल्टीप्लाई होगा। फिर इक्वल टू के बाद जो भी मैट्रिक्स आ रहा है, आप इनके करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स को एक दूसरे के
बराबर कंसीडर कर सकते हो। यानी कि देखो a के सामने जो वैल्यू आ रही है वो इसके बराबर है। इसके सामने जो वैल्यू आ रही है
वो इसके बराबर है। इसके सामने जो वैल्यू आ रही है वो इसके बराबर है। कभी भी इक्वल टू के आमने-सामने अगर दो मैट्रिससेस आ जाए तो
उनके करस्पोंडिंग एलिमेंट्स क्या होते हैं? आपस में बराबर होते हैं। अक्सर वो पेशतर इस तरह के क्वेश्चन पेपर में आते
हैं। दिस इज़ अ क्वेश्चन दैट आई हैव जनरेटेड फ्रॉम माय साइड। तो भाई इसके अंदर जाहिर सी बात है वैल्यूज़ मैंने अभी अपनी
तरफ से दे दी हैं आपको। मगर बताने का मकसद क्या था कि भाई आपको एक प्रॉपर्टी समझ में आ जाए कि देखो इक्वल टू के आमने-सामने अगर
दो मैट्रिससेस आ रहे हो तो जो करेस्पोंडिंग वैल्यूज़ होती हैं ना वो हमेशा आपस में क्या होती है? बराबर होती
हैं। तो वैल्यूज़ के ऊपर मत जाइएगा। वैल्यूज़ मैंने आपको अभी अपने पास से नहीं दी है। तो ऑब्वियसली गलत होंगी। क्योंकि
यहां पे देखो 5 * 4 = 20 बन रहे हैं। जबकि यहां पे फाइव आ रहे हैं तो बराबर होने चाहिए थे। सही है ना? तो यहां पे भी इसका
मतलब 20 होना चाहिए था। सिमिलरली यहां पे अगर 4 * नेगेटिव नेगेटिव का 12 आ रहा है तो यहां पे भी वही वैल्यू आएगी। इक्वल टू
के आमने-सामने कभी भी दो मैट्रिसिससेस आ जाए वो हमेशा आपस में बराबर होते हैं। इस प्रॉपर्टी को बस ज़हन में रखिएगा। अच्छा।
इसके अलावा जब हम बात करते हैं एडिशन या सब्ट्रैक्शन की तो एक बड़ी मशहूर प्रॉपर्टी होती है एडिशन या सब्ट्रैक्शन की। दिस इज़
नोन ऐज़ द कम्यूटेटिव लॉ। ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग। कभी भी दुनिया के अंदर अगर मैं दो मैट्रिससेस को आपस में ऐड करवाऊं यानी
कि लेट्स सपोज मैं करता हूं a + का b और उनके ऑर्डर के ऊपर मुझे कोई फर्क ना पड़े। फॉर एग्जांपल मैं अगर दो मैट्रिससेस को
आपस में ऐड करवाता हूं a + का b करके तो भाई इसका वही आंसर आएगा अगर मैं पहले b वाले मैट्रिक्स को सेकंड वाले मैट्रिक्स
में ऐड करवा दूं तो हमेशा याद रखिएगा मैट्रिससेस की जो एडिशन होती है ना ये कम्यूटेटिव रूल को फॉलो करती है। ऑलवेज
रिमेंबर दिस थिंग द मैट्रिक्स एडिशन इज कम्यूटेटिव। यानी कि जो मैट्रिक्स की एडिशन होती है ना वो कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी
को फॉलो करती है। कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी का मतलब क्या होता है कि भाई आपके पास दो एलिमेंट्स आ रहे हैं। उन दो एलिमेंट्स को
आप बाइनरी ऑपरेट करवाते हो। एडिशन, सब्ट्रैक्शन कुछ भी करवाते हो यानी कि एडिशन करवा रहे हैं यहां पे। तो अगर मैं
उन दो एलिमेंट्स को ऐड करवाता हूं इरिस्पेक्टिव ऑफ देयर ऑर्डर। फॉर एग्जांपल मैंने मैट्रिक्स A को B में ऐड करवाऊं या
मैट्रिक्स B को A में ऐड करवाऊं। यानी कि पहले A + B करूं या B + A करूं? दोनों सूरतों में हमेशा मुझे आंसर क्या मिलेगा?
सेम मिलेगा। यानी कि फॉर एग्जांपल जैसे ये एग्जांपल थी यहां पे कि भाई पहले मैं इस वाले मैट्रिक्स को पहले रखूं इस वाले को
बाद में रखूं कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस वाले को पहले रखूं इस वाले को बाद में रखूं। ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग मैट्रिक्स
की जो एडिशन होती है क्या होती है? कम्यूटेटिव होती है। अच्छा मगर मैट्रिक्स की जो सब्ट्रैक्शन होती है ये कभी भी
कम्यूटेटिव नहीं होती। ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग कि अगर आप A - का B करते हो ना तो कभी भी आपके पास B - A का आंसर नहीं आएगा।
सो ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग जो मैट्रिक्स की सब्ट्रैक्शन होती है इट इज़ नॉट अ कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी। इसका मतलब क्या है?
मैं वो भी समझा देता हूं। साथ ही हमारा सब्ट्रैक्शन का काम भी पूरा हो जाएगा। मैट्रिक्स की जो सब्ट्रैक्शन होती है ना
हमेशा याद रखिएगा बेटा ये कभी भी कम्यूटेटिव रूल को फॉलो नहीं करती। यानी कि देखो फॉर एग्जांपल मेरे पास एक
मैट्रिक्स आ रहा है वन टू थ्री और फोर। सही है? एक और मैट्रिक्स आ रहा है कोई। लेट्स सपोज़ इसको मैं कह लेता हूं ये आ रहा
है नेगेटिव का टू। ये आ रहा है फोर। ये आ रहा है थ्री। ये आ रहा है कुछ भी ले लो यार। यहां पे वन ले लो। चलो। सही है ना?
ये मेरे पास दो मैट्रिक्स आ रहे हैं। इसको मैंने कहा मैट्रिक्स A। इसको मैंने कहा मैट्रिक्स B तो पहले A - का B अगर मैं
करूं तो क्या बनेगा? देखो भाई चकि दोनों मैट्रिससेस का ऑर्डर सिमिलर है तो जाहिर सी बात है करस्पोंडिंग एलिमेंट्स आपस में
सिंपलीफाई होंगे तो 1 - 2 क्या हो जाएगा? 1 - 2 1 + का 2 3 बन जाएगा। 2 - का 4 माइनस का 2 आएगा। अच्छा भाई 3 - का 3 0
आएगा। 4 - का 1 3 आ गया। यानी कि a - b करने पे ये आंसर आ रहा है। अच्छा अगर मैं कहता हूं कि मुझे b - का a करना है। अब
सूरत में क्या होगा? अगर B पहले आए फिर मेरे पास क्या है? माइनस का A आए। यानी कि भाई मुझे क्या करना है? B माइनस का A करना
है। ये B वाला एलिमेंट पहले आए। A वाला एलिमेंट बाद में आए। उस सूरत के अंदर क्या होगा? मैं A के मैट्रिक्स को यहां पे उतार
देता हूं ताकि समझ में आए आपको। अब की बारी में देखो क्या होगा? नेक्स्ट भाई देखो -2 को जब -1 से सब्ट्रैक्ट करवाऊंगा
तो क्या बन जाएगा? ये हो जाएगा माइनस का 3। फिर 4 - का 2 क्या हो जाएगा? टू। फिर 3 - का 3 क्या हो जाएगा? 0। फिर 1 - का 4
क्या हो जाएगा? नेगेटिव का थ्री। तो भाई आपने जो a - b करा था उसका आंसर ये आया था। जो b - a करा उसका आंसर ये आया। ये
दोनों आपस में बराबर नहीं है। इसका मतलब क्या हुआ? मैट्रिक्स की सब्ट्रैक्शन कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी को फॉलो नहीं करती।
क्लियर है? अच्छा बेटा हमारे पास मैट्रिससेस के टॉपिक के अंदर जो सेकंड प्रॉपर्टी आती है आफ्टर दी एडिशन एंड
सब्ट्रैक्शन रूल या आफ्टर दी एडिशन एंड सब्ट्रैक्शन प्रॉपर्टी। हमारे पास जो सबसे मेन प्रॉपर्टी आती है ना मैट्रिससेस के
अंदर वो आती है एक बड़ी मजे की प्रॉपर्टी। इसका नाम है स्केलर मल्टीप्लिकेशन ऑफ अ मैट्रिक्स। इसमें करते क्या हैं? हमेशा
याद रखिएगा मैट्रिक्स के बाहर अगर कोई भी नंबर कोई भी स्केलर नंबर मल्टीप्लाई हो रहा हो तो भाई वो मैट्रिक्स के अंदर जाके
तमाम एलिमेंट से क्या होता है? मल्टीप्लाई। ये बहुत नॉर्मल सी बात है। यानी कि भाई मैं आपसे कहता हूं कि किसी
मैट्रिक्स के बाहर कोई भी स्केलर नंबर कोई भी नंबर अगर एग्ज़िस्ट कर रहा है और मैट्रिक्स के अंदर कोई भी एलिमेंट्स आ रहे
हैं। तो भाई वो जो बाहर वाला नंबर होता है ना वो अंदर जाके तमाम के तमाम एलिमेंट से क्या होता है? मल्टीप्लाई। यानी कि जो
बाहर K मौजूद है ना ये अंदर जाके तमाम के तमाम एलिमेंट से क्या होगा? मल्टीप्लाई। इसको कहा जाता है मल्टीप्लाई एनी सॉर्ट ऑफ़
अ नंबर आउटसाइड अ मैट्रिक्स। इट विल गो इनसाइड एंड मल्टीप्लाई विद ईच एंड एव्री एलिमेंट ऑफ़ अ मैट्रिक्स। यानी कि कोई भी
अगर आपके पास स्केलर क्वांटिटी कोई भी नंबर अगर आपके मैट्रिक्स के बाहर मल्टीप्लाई हो रहा होगा पूरे मैट्रिक्स से
तो वो मैट्रिक्स की तमाम टर्म से जाके मल्टीप्लाई होगा। तो आपका मैट्रिक्स बेसिकली क्या बन जाएगा? ये हो जाएगा KA,
ये हो जाएगा KB, ये हो जाएगा KC, ये हो जाएगा KD। वैसे बातोंब बातों में मैंने प्रॉपर इसका जिक्र भी किया था अभी। अगर
आपको याद हो कि लेट्स सपोज मैं कहता हूं मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 1 2 3 4 और बाहर एक नंबर आ रहा है फाइव तो भाई ये
जो बाहर फाइव है ना ये अंदर जाके तमाम एलिमेंट से क्या होगा हमेशा मल्टीप्लाई होगा तो ये क्या बन जाएगा ये हो जाएगा
मेरे पास 5 * 1 = 5 5 * 2 = 10 5 * 3 = 15 और यहां पे 5 * 4 = 20 यानी कि अंदर जाके तमाम के तमाम एलिमेंट से क्या होगा
मल्टीप्लाई होगा ये बहुत बुनियादी सी चीज है देखो पहले नंबर पे मैंने क्या बताया सिंपल एडिशन एंड सब्ट्रैक्शन एडिशन एंड
सब्ट्रैक्शन हमेशा हमेशा ऑर्डर को फॉलो करता है। देन जो सेकंड प्रॉपर्टी होती है मैट्रिससेस के अंदर ये स्केलर
मल्टीप्लिकेशन। स्केलर का मतलब क्या होता है? कोई भी आपके पास कांस्टेंट बेस वैल्यू आ रही है अगर वो मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई
हो रही है तो मैट्रिक्स के अंदर तमाम की तमाम एलिमेंट से जाके क्या होगी? मल्टीप्लाई होगी। ये सबसे बुनियादी दूसरी
प्रॉपर्टी होती है। तीसरी प्रॉपर्टी जिसका सबको इंतजार होता है। ये कहलाती है मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन। कांसेप्ट आता
है रिगार्डिंग दी मैट्रिससेस। इसका नाम क्या होता है? मल्टीप्लिकेशन ऑफ़ अ मैट्रिक्स। यानी कि हमारे पास जो सेकंड
कांसेप्ट आ रहा है मैट्रिससेस के टॉपिक के अंदर, इसका नाम क्या होता है? मैट्रिससेस की मल्टीप्लिकेशन। ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग
मैट्रिससेस की मल्टीप्लिकेशन एक सुनहरे किस्म के रूल को फॉलो करती हैं। दुनिया में कभी भी अगर आप मैट्रिससेस को
मल्टीप्लाई करवा रहे हो ना तो उसको हमेशा एक रूल फॉलो करेगा। और वो रूल क्या होता है? वो रूल ये होता है कि भाई तुम्हारे
पास जो भी पहला वाला मैट्रिक्स आ रहा है उसके कॉलम्स। यानी कि C1 का मतलब क्या है? पहले मैट्रिक्स के नंबर ऑफ कॉलम्स हमेशा
बराबर होने चाहिए दूसरी मैट्रिक्स के नंबर ऑफ रोज़ के। हमेशा याद रखिएगा ये क्वेश्चन आपको हर यूनिवर्सिटी के अंदर मिलेगा। आप
ऐसा पॉसिबल ही नहीं है। आप पास्ट टेबल उठाओ और ये क्वेश्चन आपको ना दिखे कि भाई एग्जामिनर बोलेगा दो मैट्रिससेस को
मल्टीप्लाई करना है और 99% टाइम जो है ना वहां पे बच्चे को कंफ्यूज किया हुआ होता है कि एक मैट्रिक्स का ऑर्डर डिफरेंट होता
है। दूसरे मैट्रिक्स का ऑर्डर डिफरेंट होता है। बच्चे को पता ही नहीं होता है कि भाई मल्टीप्लिकेशन में ऑर्डर नहीं देखते।
मल्टीप्लिकेशन ऑफ अ मैट्रिक्स में हमेशा एक रूल का देखा जाता है और वो रूल क्या होता है कि जो भी तुम्हारा पहला मैट्रिक्स
है उसके नंबर ऑफ कॉलम्स और दूसरे मैट्रिक्स के नंबर ऑफ रोस हमेशा बराबर होनी चाहिए अगर दो मैट्रिससेस को
मल्टीप्लाई करना है। इसको समझाने के लिए मैं एक बहुत बुनियादी कंडीशंस आपके सामने रख सकता हूं। फॉर एग्जांपल मेरे पास एक
मैट्रिक्स आ रहा है 1 2 3 और फाइव। लेट्स सपोज मेरे पास एक और मैट्रिक्स आ रहा है। और ये मैट्रिक्स क्या आ रहा है? ये आ रहा
है फोर। ये आ रहा है सेवन। अब मैं आपसे कहता हूं इन दोनों मैट्रिससेस को मल्टीप्लाई करवाना है। अब बहुत से बच्चे
जिनको ये कांसेप्ट नहीं पता होगा ना वो अक्सर बच्चों को लगता है कि सर ऑर्डर सेम होना चाहिए। नहीं गलत सोच रहे हो। हमेशा
याद रखिएगा दो मैट्रिससेस कब मल्टीप्लाई होते हैं? अगर पहले वाले मैट्रिक्स के नंबर ऑफ कॉलम्स देखो यहां पे कितने कॉलम्स
आ रहे हैं? एक दो। दो कॉलम्स आ रहे हैं ना? तो यानी कि देखो यहां पे कॉलम्स कितने हैं? दो हैं। और दूसरे वाले मैट्रिक्स के
अंदर देखो रोज़ कितनी आ रही हैं? यहां पे रोज़ आ रही हैं हमारे पास दो के बराबर। तो यानी कि देखो रोज़ कितने के बराबर हैं? दो
के बराबर हैं। इसका मतलब क्या है? दोनों बराबर हैं। यानी कि पहले मैट्रिक्स के जो नंबर ऑफ कॉलम्स हैं वो दूसरे मैट्रिक्स के
नंबर ऑफ़ रोज़ के बराबर हैं। इसका मतलब मैट्रिक्स मल्टीप्लाई किया जा सकता है। या फिर इसको एक और शॉर्टकट पे भी डिफाइन किया
जाता है कि देखो पहले मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या है? पहले मैट्रिक्स का ऑर्डर आ रहा है मेरे पास 2 / 2 का। और दूसरे मैट्रिक्स
का ऑर्डर क्या आ रहा है? कि देखो कितनी रोज़ आ रही हैं? दो रोज़ हैं और कितने कॉलम है? एक कॉलम है। तो याद रखिएगा दो
मैट्रिससेस कभी भी अगर मल्टीप्लाई होते हैं तो आप हमेशा जो हमारे पास इस फॉर्मूले का हम इस्तेमाल करते हैं कि पहले
मैट्रिक्स का जो ऑर्डर है ना और दूसरे मैट्रिक्स का जो ऑर्डर है इन पहले मैट्रिक्स की जो एंड वाली वैल्यू है दूसरे
मैट्रिक्स की जो पहली वैल्यू है इन दोनों का बराबर होना। इन दोनों का बराबर होना। वही मतलब है कि भाई पहले मैट्रिक्स के
नंबर ऑफ कॉलम्स और दूसरे मैट्रिक्स की नंबर ऑफ रोज़ हमेशा आपस में क्या होनी चाहिए? बराबर होनी चाहिए। अच्छा इस पे एक
बड़े मजे का कांसेप्ट है। मैं मल्टीप्लिकेशन तुम्हें बाद में समझाऊंगा। एक शॉर्टकट बताऊं। एक बहुत मजे का
क्वेश्चन है। बा खुदा वो क्वेश्चन आपके पेपर में बहुत ज्यादा आएगा। वो क्वेश्चन है ही इतना इंटरेस्टिंग। होता क्या है?
एग्जामिनर आपको पता है एक क्वेश्चन देगा। आई कैन बेट यू। अगर आपने मेरे नर्स के पास्ट पेपर्स की सीरीज देखी है या आईबी के
पास्ट पेपर की सीरीज देखी है कभी ना कभी या एनटीएस के पेपर्स की मेरी सीरीज देखी है। आपने एक क्वेश्चन लाजमी तौर पे देखा
होगा एनईटी के अंदर भी। कि भाई वो क्वेश्चन क्या होगा? एग्जामिनर बोलेगा तुम्हारे पास एक मैट्रिक्स है 2 / 3 का।
सही है? आगे बोलेगा तुम्हारे पास एक और मैट्रिक्स है उसकी वैल्यू है 3/ 2 और आगे बोलेगा तुम्हारे पास एक और मैट्रिक्स है
मैट्रिक्स C उसका जो ऑर्डर आ रहा है ना वो आ रहा है 2 / 1 का। आगे बोलेगा कि भाई अगर मैं मैट्रिक्स A और मैट्रिक्स B को
मल्टीप्लाई करता हूं तो मुझे बताओ रिजल्टेंट का आर्डर क्या होगा? यानी कि जो मैट्रिक्स फॉर्म होगा ना उसका आर्डर क्या
होगा? अब अक्सर बच्चों को समझ में नहीं आता सर इसको निकालेंगे कैसे? सर ये तो इतना मुश्किल काम है। मैं आपको एक शॉर्टकट
बताता हूं। दुनिया में कभी भी दो मैट्रिक्स अगर मल्टीप्लाई होते हैं ना तो भाई एक तो आपको रूल चेक करना होता है।
दूसरे नंबर पे जो चीज आपको चेक करनी होती है ना कि जो रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा उसका ऑर्डर भी आप इस शॉर्टकट पे निकाल
सकते हो कैसे? कि देखो पहला वाला मैट्रिक्स क्या है? पहला मैट्रिक्स है 2 / 3 सही है? दूसरा मैट्रिक्स क्या है? A और
B को मल्टीप्लाई कर रहे हो ना। दूसरा मैट्रिक्स क्या है? 3/ 2 का। दूसरा मैट्रिक्स क्या है? 3 / 2 का। तो अगर तो
मैट्रिक्स मल्टीप्लाई हो सकते हैं। उसकी कंडीशन क्या होती है? इन दोनों एलिमेंट्स को देखना है। तो अगर तो ये दोनों
एलिमेंट्स आपस में बराबर हैं। पहले मैट्रिक्स का आखिरी वाला दूसरे मैट्रिक्स का पहला वाला। अगर ये दोनों वैल्यूज़ बराबर
हैं, इक्वल है। इसका मतलब क्या है? ग्रीन सिग्नल है। वो कहते हैं ना आजकल लोग बड़ा मशहूर है। आजकल एक बड़ी मीम रेड फ्लैग और
ग्रीन फ्लैग का होना। हैं तो भाई मैं तो लोगों को कहता हूं कि इंसानों में नहीं देखने। भाई तुम्हें अपने कामों के अंदर
रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग देखने हैं। आजकल मगर हमारी जो जनरेशन होती है वो क्या कर रही होती है भाई? लोगों में देख रही होती
है। सो आपने देखो ग्रीन फ्लैग का मतलब क्या है? ग्रीन फ्लैग का मतलब है मैट्रिक्स मल्टीप्लाई कब हो सकता है? तो
अगर आपके पास पहली वाली मैट्रिक्स की जो एंडिंग वैल्यू है और सेकंड मैट्रिक्स की जो पहली वैल्यू है इफ दे आर इक्वल टू ईच
अदर इसका मतलब क्या है? ये ग्रीन फ्लाई यानी कि मैट्रिक्स मल्टीप्लाई हो सकते हैं। रिजल्टेंट की वैल्यू कैसे पता चलेगी?
देखो रिजल्टेंट की वैल्यू पता है क्या होगी? आपके पास जो रिमेनिंग ये दोनों वैल्यूज़ हैं ना इन दोनों वैल्यूज़ को ये
करवा दो। ये आपका रिजल्टेंट की वैल्यू होगी। बात समझ में आती है? कि जो रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा ना उसका ऑर्डर
क्या होगा? 2 / 2 का होगा। यानी कि भाई ये दो मैट्रिक्स मल्टीप्लाई हो सकते हैं। ये पता चलेगा हमें बीच की वैल्यू पे। और जो
रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा उसका ऑर्डर क्या होगा? उसका ऑर्डर होगा 2 / 2 का। बात को समझो एक और तरीके से। एक और एग्जांपल
दिखाता हूं। फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है 3/ 2 का। सही है ना? और दूसरा मैट्रिक्स आ रहा है
मेरे पास 2 / 1 का। क्या मैं इन दोनों मैट्रिससेस को मल्टीप्लाई कर सकता हूं? फौरन से याद आएगा सर। हाशम ने एक कांसेप्ट
बताया था कि भाई देखो बीच की जो वैल्यूज़ हैं ना अगर तो ये दोनों आपस में बराबर हैं। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है
ग्रीन फ्लैग। ग्रीन फ्लैग जानते हो ना क्या होता है? ग्रीन फ्लैग वो है भैया कि जो आपके पास मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई
करवाए। इंसानों के ग्रीन फ्लैग की बात नहीं कर रहा। किसकी बात कर रहा हूं? बीच वाली वैल्यूज़ की। अगर ये बीच वाली वैल्यूज़
बराबर है इसका मतलब क्या है? कि भ दोनों मैट्रिक्स मल्टीप्लाई हो सकते हैं। और सर हाशम ने एक और बात बताई थी कि जो
रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा जो ये वैल्यूज़ बच गई ना पहली वाली और आखिरी वाली रिजल्टेंट मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या होगा?
3 / 1 का होगा। रिजल्टेंट मैट्रिक्स का जो ऑर्डर होगा ना वो इसके बराबर होगा। ये एक शॉर्टकट है। देखो ये शॉर्टकट है। मैंने
अभी आपको मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन नहीं सिखाई। मैं अभी खाली आपको ऑर्डर पे खेलना सिखा रहा हूं। क्योंकि बहुत दफा पेपर में
थ्योरिटिकल बात पूछी जाती है। 99% बच्चा गलत करके आता है। क्यों गलत करके आता है? पता नहीं होता कॉन्सेप्ट क्या है।
सिमिलरली अगर मैं कहता हूं कि लेट्स सपोज तुम्हारे पास मैट्रिक्स आ रहा है 2 / 3 का और एक मैट्रिक्स आ रहा है 2 / 1 का। बताओ
भाई ये क्या मैट्रिक्स मल्टीप्लाई कर सकते हैं इन दोनों मैट्रिससेस को? बताओ क्या ये मल्टीप्लाई होगा? बच्चा करके आ जाएगा।
हमारे इतने फनकार बच्चे होते हैं माशाल्लाह से। किसी ना किसी ऑप्शन को सही करना है। किसी ना किसी ऑप्शन को टिक करके
भी आ जाएंगे। हमेशा याद रखिएगा अगर बीच की वैल्यूज आपस में बराबर नहीं है तो ये कौन सा फ्लैग है? अरे भाई ये रेड फ्लैग आ रहा
है ना इसको ढूंढना होता है जिंदगी के अंदर नहीं तो तुम गलत लोगों को ढूंढ रहे हो तो रेड फ्लैग क्या आ रहा है ये कि भाई ये
दोनों आपस में बराबर नहीं है यानी कि आपके पास पहले मैट्रिक्स के कॉलम और दूसरी मैट्रिक्स की रोज़ आपस में बराबर नहीं है
तो इसका मतलब क्या है रेड फ्लैग है यानी कि मल्टीप्लाई नहीं हो सकता तो रिजल्टेंट कैसे बनाओगे भाई जब मल्टीप्लाई नहीं हो
सकता तो रिजल्टेंट कैसे आएगा रिजल्टेंट का मतलब होता है आंसर जब मल्टीप्लाई नहीं हो सकता तो रिजल्टेंट भी नहीं आएगा इट्स अ
वेरी नॉर्मल थिंग क्लियर है बात पल्ले पड़ती है बात समझ में आती अच्छा भाई देखो ना ग्रीन फ्लैग और रेड फ्लैग सारे चार्ज
हो गए माशा्लाह से है ना मुझे मालूम था तो चलो चलो भाई देखो मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन कैसे होती है जरा उसको भी
अब समझ लेते हैं। अभी तो हमने चंद बेसिक बातें पढ़ी ना। अब मैट्रिक्स की देखो मल्टीप्लिकेशन कैसे करनी है? फॉर एग्जांपल
मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है वन। ये आ गया थ्री। ये आ गया टू। ये आ गया फोर। लेट्स सपोज एक मैट्रिक्स ये आ रहा है। एक
मैट्रिक्स ये आ रहा है फोर वन। सही है ना? फोर और टू। अब मैं आपसे कहता हूं इन दोनों मैट्रिससेस को मल्टीप्लाई करना है। हमेशा
याद रखिएगा मैट्रिक्स के मल्टीप्लिकेशन के क्वेश्चन हर यूनिवर्सिटी के अंदर आएंगे। एक बेसिक टॉपिक है। नाइंथ क्लास का बच्चा
पढ़ते हुए आ रहा है। एग्जामिनर थोड़ी एक्सपेक्ट करेगा बच्चा कि प्री इंजीनियरिंग का है कि कॉमर्स का है कि
ईकैट का है कि बी का। ये बेसिक चीज़ हर यूनिवर्सिटी के अंदर आती है। कैसे मल्टीप्लाई करते हैं मैट्रिक्स को? इस
सिंबल को ज़हन में रखो। सबसे पहला काम सरहश ने क्या बताया? रेड फ्लाई के ग्रीन फ्लैग देखना जिंदगी के अंदर। यानी कि भाई पहले
वाले मैट्रिक्स के नंबर ऑफ कॉलम्स देखो। पहले मैट्रिक्स से कितने नंबर ऑफ कॉलम्स आ रहे हैं? देखो ये आ रहे हैं दो। दूसरे
मैट्रिक्स के कितनी नंबर ऑफ रोज़ आ रही हैं? ये आ रही हैं दो। इसका मतलब मल्टीप्लाई कर सकते हैं। कर सकते हैं इसका
मतलब। सही है? अब मैट्रिक्स मल्टीप्लाई कैसे होते हैं? कि जो पहला वाला मैट्रिक्स है ना उसमें इस तरीके से रोज़ जैसे सिंबल
बना दो और जो दूसरा वाला मैट्रिक्स है ना उसमें ऐसे करके कॉलम बना दो। क्लियर है? याद रखिएगा मैट्रिक्स की जो मल्टीप्लिकेशन
होगी। अच्छा बाय द वे जो मैंने आपको ट्रिक बताई है ना इस ट्रिक से आपके लिए बड़ी आसानी होगी कि जैसे देखो ये जो पहला
मैट्रिक्स आ रहा है इसका ऑर्डर है 2 / 2 का। और जो दूसरा मैट्रिक्स आ रहा है इसका ऑर्डर क्या है? इसका ऑर्डर आ रहा है मेरे
पास रोज़ आ रही हैं दो और कॉलम आ रहा है कितना? एक का। तो देखो मल्टीप्लाई हो सकते हैं मैट्रिक्स? बिल्कुल हो सकते हैं। और
जो रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा उसका ऑर्डर आपको वैसे ही पता है किसके बराबर है? 2 / 1 का। यानी कि रिजल्टेंट मैट्रिक्स के
अंदर दो रोज़ होंगी और एक कॉलम होगा। ये मैंने ट्रिक आपको इसीलिए बताई अगर किसी बच्चे को नहीं पता कि मैट्रिक्स की
मल्टीप्लिकेशन कैसे होती है? तो फॉर अ टाइम उसको एटलीस्ट जब बस समझ में आ जाएगा यार मैं सही काम कर रहा हूं। गलत कर रहा
हूं। कि भाई मेरा जो रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा उसकी रोज़ दो होंगी। कॉलम एक होगा। अब देखो मैट्रिक्स मल्टीप्लाई कैसे होते हैं?
पहले वाले मैट्रिक्स पे आपने हॉरिजॉन्टल लाइन रखी। दूसरे वाले मैट्रिक में कॉलम। मैट्रिक्स हमेशा मल्टीप्लाई होते हैं हेड
टू टेल कॉन्सेप्ट के ऊपर। हेड टू टेल कासेप्ट का मतलब क्या है? कि भाई ये जो टेल है ना ये टेल से मल्टीप्लाई होगी। हेड
जो होता है वो हेड से मल्टीप्लाई होता है। अगर बीच में कोई नंबर होगा वो बीच वाले नंबर से मल्टीप्लाई होगा। देखो वन जाके
फोर से मल्टीप्लाई होगा 4 * 1 = 1 ये थ्री जाके टू से मल्टीप्लाई होगा तो क्या बन जाएगा? प्लस का 3 * 2 = 6 के बराबर।
क्लियर है? अब पहली रो को इस कॉलम से मल्टीप्लाई करवा दिया। अब सिमिलरली सेकंड रो को आप कॉलम से मल्टीप्लाई करवाओगे। ये
टू जाके फोर से मल्टीप्लाई होगा तो 4 * 2 = 8 बन गया। फोर जाके टू से मल्टीप्लाई होगा तो अगेन 4 * 2 = 8 हो गया। तो आंसर
क्या आ जाएगा? 4 + का 6 11 8 और 8 16 के बराबर। तो मेरा जो रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा उसका आंसर क्या होगा? 11 और 16। अब
आप चेक करना चाहते हो सही काम किया है? तो खुद देखो जो रिजल्टेंट मैट्रिक्स है उसका आंसर क्या होना चाहिए? 2 / 1 का। तो देखो
दो रोज़ आ रही हैं। एक कॉलम आ रहा है। यानी कि सही काम किया हम लोगों ने। मैं इसको थोड़ा सा और हार्ड कर देता हूं। फॉर
एग्जांपल मैं कहता हूं कि भ हमारे पास दो मैट्रिक्स आ रहे हैं। लेट्स सपोज मेरे पास एक मैट्रिक्स आ रहा है। अल्लाह भला करे।
बड़ी सिंपल सी बात करी बेटा। इसमें इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है। मैंने आपके सामने एक क्वेश्चन रखा। मैंने कहा कि भ 2
/ 2 के दो मैट्रिक्स आ रहे हैं। इनको सिंपल मल्टीप्लाई करना है। हमेशा याद रखिएगा मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन कब
होगी? पहले वाले मैट्रिक्स का ऑर्डर देखो क्या आ रहा है? 2 / 2 आ रहा है। दूसरे मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या आ रहा है? दूसरे
मैट्रिक्स का ऑर्डर भी आ रहा है 2 / 2 का। तो मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन उस वक्त होती है अगर ये दोनों वैल्यू्यूज आपस में
बराबर हो जो कि इस केस में बराबर हैं। अब देखो मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई कैसे करते हैं? किसी बच्चे को अगर नहीं आता गौर से
देखो। भाई आपने सिंपल पहले वाले मैट्रिक्स में इस तरह रोज़ बना ली। दूसरे वाले मैट्रिक्स पे ऐसे करके कॉलम्स बना लिया
करो। क्लियर है? अब देखो मल्टीप्लाई करना कैसे होता है? ये जो आपके पास टेल वाली चीज है ना ये टेल से मल्टीप्लाई होगी। तो
2 * 2 आर 4 बन गया। फिर ये हेड वाली चीज हेड से मल्टीप्लाई होगी। प्लस का साइन 3 * 1 = 3 अब पहली रो को आपने पहले कॉलम से
मल्टीप्लाई करवाया। अब क्या करोगे? अब ये जो आपकी दूसरी रो है ये भी पहले कॉलम से मल्टीप्लाई होगी तभी तो नीचे आएगा। तो 2 *
1 = 2 तो देखो टेल टेल से मल्टीप्लाई प्लस का 4 * 1 = 4 सेम गोज़ फॉर हियर। ये टू जाके अब देखो ये दोनों रोज़ को मैंने पहले
कॉलम से मल्टीप्लाई करवा दिया। अब इन दोनों रोज़ को सेकंड कॉलम से मल्टीप्लाई करवाएंगे। मैंने कल की क्लास में
मल्टीप्लिकेशन का क्वेश्चन सॉल्व करवाया। थोड़ा जल्दी से कर दिया बच्चे आधे बच्चे बेहोश कि सर इतनी लंबी मैथ्स अरे भाई लंबी
थोड़ी है बेसिक चीज़ है बेटा ये तो सबसे बुनियादी चीज़ है कि मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन 2 * 1 क्या बन जाएगा टू 3 *
0 क्या हो जाएगा 0 के बराबर 1 क्या होता है वन होता है 4 * 0 क्या होता है ज़ीरो के बराबर होता है तो यानी कि आपका आंसर क्या
आ गया 4 प्लस का 3 7 के बराबर दो का दो एज़ इट इज़ 2 और 4 6 होता है एक का एक आ गया बेसिक कांसेप्ट है बेटा मैट्रिक्स की
मल्टीप्लिकेशंस के ऊपर सिंपल तरीके से क्वेश्चन क्या हो गया हमारा सॉल्व हो गया क्या मुश्किल बात है इसके अंदर भाई अरे
नर्सरी क्लास के बच्चे कर लेते हैं। कोई मुश्किल चीज नहीं है इसमें। सिंपल तरीके से दो मैट्रिससेस क्या हो गए हमारे पास?
मल्टीप्लाई हो गए। देयर इज़ नथिंग डिफिकल्ट। बताओ भाई। कोई मसला है? आपको दिखता है इसके अंदर? कोई चिंते की बात?
कोई प्रॉब्लम की बात इसके अंदर? सिंपल तरीके से मैट्रिससेस क्या हो गए हमारे पास? सिंपल तरीके से मल्टीप्लाई हो गए।
क्या इशू है भाई इसके अंदर? बताओ जरा मुझे। हैं भाई। क्या मसला है इसके अंदर? क्लियर होती है ये बात? सबको क्लियर होती
है? सर आप बहुत अरे बेटा मैंने क्विकली क्या बताया? मैंने तो सिंपल तरीके से आपको बताया कि भाई हमारे पास देखो ये वाली जो
एंड वैल्यू है वो इससे मल्टीप्लाई हुई फोर बन गया। थ्री जाके वन से मल्टीप्लाई हुआ थ्री हो गया। फिर ये वन जाके टू से
मल्टीप्लाई हुआ टू आ गया। फोर जाके वन से मल्टीप्लाई हुआ फोर आ गया। सेम गोज़ फॉर हियर। ये टू जाके वन से मल्टीप्लाई हुआ टू
आ गया। 3 * 0 ज़ीरो के बराबर होता है। वन जाके टू से मल्टीप्लाई हुआ अह वन जाके सॉरी वन से मल्टीप्लाई हुआ वन आ गया। फिर
ये फोर जाके जब आपके पास ज़ीरो से मल्टीप्लाई होगा ज़ीरो आ जाएगा। सिंपलीफाई करवाओगे आंसर आ जाएगा। हमारे पास जो
क्वेश्चन आ रहा है इस क्वेश्चन के अंदर एग्जामिनर क्या कह रहा है? देखो ये क्वेश्चन बेतहाशांट्ट है और एक टिपिकल
बेहतरीन एग्जांपल है समझने के लिए। किस तरीके से मैट्रिससेस हमारे पास एक्ट कर रहा होता है। देखो हमारे पास एक मैट्रिक्स
आ रहा है नेगेटिव 2 4 3 ने वन। दूसरा मैट्रिक्स आ रहा है 1 2 x 4 5 x तीसरा मैट्रिक्स आ रहा है नेगेटिव 3 1 0 इक्वल
टू के बाद एक और मैट्रिक्स आ रहा है और ऊपर छोटा सा t लिखा हुआ है। t का मतलब होता है मैट्रिससेस के अंदर ट्रांसपोज का
होना। अब देखो हमें करना क्या है? मैंने आई गेस पूरी लॉजिक आपको ऑलरेडी डिफाइन कर दी है क्लास के अंदर कि देखो यहां पे तीन
मैट्रिक्स सबसे पहले क्या हो रहे हैं मल्टीप्लाई। तो पहले तो इन तीनों मैट्रिससेस को मल्टीप्लाई करना है। उसके
बाद जो भी आंसर आएगा वो इक्वल टू के दूसरी तरफ वाले मैट्रिक्स से क्या करवाया जाएगा? कंपेयर करवाया जाएगा। अब कोई कहता है सर
इतना मुश्किल है। अरे भाई किसने कहा मुश्किल है? अच्छा एक बच्चे ने बड़ा अच्छा पॉइंट रेज़ करा। सर क्या ये मैट्रिक्स
मल्टीप्लाई नहीं हो सकते सर ये तो अनसॉल्ेबल आंसर होगा हमारा। अरे भाई कैसे? देखो पहला मैट्रिक्स आ रहा है 2 / 2 का।
दूसरा मैट्रिक्स क्या आ रहा है? कितनी रोज़ आ रही हैं? दो रोज़ आ रही हैं। कितने कॉलम्स आ रहे हैं? तीन। अरे बेटा इनको
देखना होता है। तो ये आपस में बराबर तो हैं। जब बराबर हैं तो आपका आंसर आएगा किसके बराबर? 2 / 3 के बराबर आएगा। फिर जो
भी आंसर आएगा वो इस मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई होगा। और वो ईजीली मल्टीप्लाई आप कर सकते हो। तो आइए जरा करके चेक करते
हैं। मल्टीप्लिकेशन ऑफ़ मैट्रिक्स क्या कहती है बेटा? कैसे करनी है? देखो ये जो हमारे पास रोज़ आ रही हैं, इसको हम लोगों
ने सिंपल कॉलम से मल्टीप्लाई करवा देना है। जो हमारे पास रोज़ आ रही हैं, क्या करवाना है? कॉलम से मल्टीप्लाई। ऐसे ही
करना है ना बेटा। तो सिंपल तरीके देखो क्या बन जाएगा? नेगेटिव का टू वन से मल्टीप्लाई होगा। अब क्या बन गया? नेगेटिव
का टू। फिर देखो थ्री जो है टू से मल्टीप्लाई होगा। क्या बन जाएगा? प्लस का सिक्स। पहली रो पहले कॉलम से हो गई। अब
दूसरी रो पहले कॉलम से होगी। तो बेटा देखो 4 * 1 4 एक बच्चे ने शिकायत करी सर बहुत जल्दी जा रहे हैं आप। चलो मैं बता रहा हूं
भाई। नेगेटिव का 1 * 2 नेगेटिव का टू। क्लियर है? इससे ज्यादा मैं स्लो बोल नहीं सकता बेटा। नेगेटिव का टू जब x से
मल्टीप्लाई होगा। ये बन जाएगा नेगेटिव का 2x। थ्री जाके फोर से मल्टीप्लाई होगा। 3 * 4 = 12 4 * x बराबर होता है 4x के।
नेगेटिव का 1 * 4 नेगेटिव का 4 नेगेटिव का टू जाके फिर अब देखो ये पूरा मैट्रिक्स पहले कॉलम से मल्टीप्लाई हो गया। ये पूरा
मैट्रिक्स दूसरे कॉलम से मल्टीप्लाई हो गया। अब ये तीसरे कॉलम से मल्टीप्लाई होगा। क्या मुश्किल है मल्टीप्लिकेशन
मैट्रिक्स की? नेगेटिव का 2 * 5 नेगेटिव का 10 3 * x + का 3x 4 * 5 20 नेगेटिव का 1 * x नेगेटिव का x अब आपके पास फाइनली
इसको थोड़ा सा सिंपलीफाई करवा लेते हैं पहले तो नेगेटिव का 2 + का 6 ये बन गया प्लस का 4 में से 2 निकालोगे दो बचेगा
यहां पे आ गया नेगेटिव का 2x + का 12 यहां पर क्या आ गया 4x - का 4 यहां पर क्या आ गया माइनस का 10 + 3x यहां पर क्या आ गया
20 3 - का x अब देखो तीसरे मैट्रिक्स से फाइनली मल्टीप्लाई करवा सकते हैं क्या नहीं इसको पहले देखना पड़ेगा कि भाई देखो
अब जो मेरे पास ये मैट्रिक्स आ रहा है इसमें कितनी रोज़ आ रही हैं दो और कितने कॉलम्स आ रहे हैं इसमें कॉलम्स आ रहे हैं
तीन और मेरे पास जो ये वाला मैट्रिक्स है इसमें कितनी रोज़ हैं तीन और कॉलम कितने हैं? एक। तो सर हाशिम ने क्या बताया था?
मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन पॉसिबल है कि नहीं है? अरे सर हाशिम ने बताया था पहले वाले मैट्रिक्स के कॉलम और दूसरी वाली
मैट्रिक्स की रोज़ आपस में बराबर होनी चाहिए। जो कि इस केस के अंदर बराबर है। इसका मतलब क्या हुआ? मल्टीप्लाई कर सकते
हो मेरे प्यारे बेटे। तो मल्टीप्लाई करवा दो। कैसे करवाओगे मल्टीप्लाई? भाई सिंपल तरीके से ये जो रो है ये इस कॉलम से
मल्टीप्लाई हो जाएगी। फिर ये जो रॉ है ये इस कॉलम से मल्टीप्लाई हो जाएगी। नॉर्मल सी बात है। तो कैसे करेंगे मल्टीप्लाई?
सही है? अब देखो मैंने क्या बताया था? मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन ऑलवेज डिपेंड ऑन दी हेड टू हेड एंड टेल टू टेल रूल।
दोबारा समझ लो। अगर कोई ए लेवल्स के बच्चे जो भी बैठे हुए हैं भाई आपने मैट्रिक्स अगर नहीं पढ़े हुए तरीके से गौर से समझो
बात को कि भाई ये जो हमारी टेल है ना ये टेल से मल्टीप्लाई होगी तो 4 * नेगेटिव 3 नेगेटिव का 12 गया ये आ गया नेगेटिव का 2x
+ के 12 के बराबर सिमिलरली देखो ये जो हेड आ रहा है ये हेड से मल्टीप्लाई होगा तो नेगेटिव का 10 + का 3x इसके बराबर होगा ये
आ जाएगा सिंपल ज़ीरो के ये पूरी की पूरी वैल्यू जब ज़ीरो से मल्टीप्लाई होगी एनीथिंग दैट मल्टीप्लाई बाय ज़ीरो इज़ आल्सो
इक्वल टू ज़ीरो तो इस तरीके से देखो हमने एक रॉ को सॉल्व करवा दिया अब दूसरी वाली रॉ को मल्टीप्लाई करवाएंगे दूसरी दूसरी रॉ
जो आ रही है ना ये वाली इसको मल्टीप्लाई करवाऊंगा। देखो टू जाके क्या होगा? पहली वैल्यू से मल्टीप्लाई होगा। ये जो टेल है
ना टेल टेल जाके टेल से मल्टीप्लाई होगी। 2 * ने 3 नेगेटिव का सिक्स बन गया। फिर देखो मेरा बेटा ये जो बीच वाली वैल्यू है
बीच वाली वैल्यू से मल्टीप्लाई होगी। तो 4x - का 4 जा के जब वन से मल्टीप्लाई होगा तो ये बन जाएगा प्लस का 4x - का 4। फिर ये
20 - का x जा के जब ज़ीरो से मल्टीप्लाई होगा तो ये सिंपल ज़ीरो का ज़ीरो आ जाएगा। अब आप बैठ के इसको सिंपलीफाई करवा लो।
नेगेटिव का 12 प्लस का 12 तो कट गया। तो यहां पे क्या बचा ऊपर? ऊपर बचा नेगेटिव का 2x नीचे देखो भाई नेगेटिव का सिक्स
नेगेटिव का 4 क्या बनता है? नेगेटिव का 10 बनता है। प्लस का 4x एज़ इट इज़ का एज़ इट इज़। तो यानी कि आपके पास जब आपने तीनों
मैट्रिससेस को मल्टीप्लाई करवाया। जब आपने इन तीनों मैट्रिसेस को मल्टीप्लाई करवा दिया तो फाइनली हमारे पास आंसर क्या आ
गया? किसके बराबर आ गया? यह आ गया नेगेटिव का 2x, नेगेटिव का 10 + 4x. इक्वल टू के बाद देख रहे हो कुछ लिखा हुआ? इक्वल टू के
बाद तुम्हें कुछ दिख रहा है। भाई, मैं डोरा हूं। डोरा क्या कहती थी? इक्वल टू के बाद कुछ दिख रहा है की नहीं दिख रहा? सर
दिख रहा है बिल्कुल क्या दिख रहा है? एक मैट्रिक्स है। कौन सा मैट्रिक्स है? रॉ मैट्रिक्स है। ऊपर ट्रांसपोज का सिंबल आ
रहा है। ट्रांसपोज का मतलब क्या होता है? रोज़ को कॉलम में कन्वर्ट करना। ट्रांसपोज का मतलब क्या होता है? रो को कॉलम में
कन्वर्ट कर देना। तो भाई मेरे पास देखो ये रॉ लिखी हुई है टू नेगेटिव 14 की। इसको मैं एज अ कॉलम में कन्वर्ट कर दूंगा। सर
कर दिया। तो यानी कि इसका मतलब क्या है? इक्वल टू के इस तरफ मेरे पास क्या वैल्यू है? इक्वल टू के इस तरफ मेरे पास मौजूद है
टू का टू नेगेटिव का 14। क्या मौजूद है? टू का टू नेगेटिव का 14। तो भैया मैंने क्या प्रॉपर्टी पढ़ाई थी? कभी भी इक्वल टू
के आमने-सामने दो मैट्रिक्स आ जाए हमेशा याद रखिएगा मैट्रिक्स की ये प्रॉपर्टी होती है। कभी भी इक्वल टू के आमने-सामने
दो मैट्रिक्स आ जाए तो उनके करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स एक दूसरे के क्या होते हैं? आपस में बराबर। यानी कि ये वाला एलिमेंट इसके
बराबर होगा। ये वाला एलिमेंट इसके बराबर होगा। ये वाला एलिमेंट इसके बराबर होगा। ये वाला एलिमेंट इसके बराबर होगा। कभी भी
इक्वल टू के आमने सामने दो मैट्रिक्स आ जाए तो उनके करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स हमेशा आपस में बराबर होंगे। तो नेगेटिव के 2x के
सामने देखो क्या आ रहा है? टू आ रहा है। तो इसका मतलब मैं क्या कह सकता हूं कि नेगेटिव का 2x बराबर है किसके? टू के।
सिमिलरली नेगेटिव का 10 + के 4x के सामने क्या है? नेगेटिव का 14। तो यानी कि देखो करेस्पोंडिंग एलिमेंट्स बराबर आ गए। तो टू
से टू कट गया। तो x की वैल्यू क्या आ गई? फाइनली नेगेटिव वन। तो आप आपको पहली इक्वेशन से ही x की वैल्यू मिल गई। मोर
दैन इनफ है। अब सेकंड से निकालना चाहते हो सेकंड से निकाल लो। मसला नहीं है। नेगेटिव के 10 को अगर दूसरी तरफ भेजोगे तो वहां पे
जा के क्या हो जाएगा? प्लस का 10 नेगेटिव का 14 प्लस का 10 ये बन गया नेगेटिव का 4x 4 से 4 कट गया तो यहां से भी आपके पास x
की वैल्यू क्या आ जाएगी? नेगेटिव के वन के बराबर यहां से भी आ जाएगी। यानी कि यहां से भी x की वैल्यू नेगेटिव का वन ही आएगी।
माइनस के 10 को वहां भेजोगे प्लस का 10 बनेगा। माइनस का 14 प्लस का 10 नेगेटिव का चार। चार से चार कट जाएगा तो x की वैल्यू
किसके बराबर आ जाएगी? नेगेटिव वन के बराबर आएगी। यहां से भी। कहने का मकसद क्या है बेटा? देखो कहने का मकसद ये है कि ये
क्वेश्चन पेपर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। कैसे सॉल्व करा भाई? सिंपल तरीके से हम लोगों ने बेसिक मल्टीप्लिकेशन करी। पहले
हम लोगों ने इस मैट्रिक्स को और इसको आपस में मल्टीप्लाई करवाया। फिर जो भी आंसर आया उसको हमने तीसरे वाले मैट्रिक्स के
साथ मल्टीप्लाई करवाया। फिर जो भी आंसर आया वो हमारे इक्वल टू के इस तरफ मौजूद था। और इक्वल टू के दूसरी तरफ हमारे पास
ऊपर से टू नेगेटिव 14 टू नेगेटिव 14 साथ-साथ चलता जा रहा था। जब फाइनली हमारे पास इक्वल टू के दोनों तरफ एक-एक
मैट्रिक्स बच गया तो भई मैट्रिक्स की जो करेस्पोंडिंग प्रॉपर्टी होती है उसको इस्तेमाल करा कि इक्वल टू के आमने-सामने
अगर दो मैट्रिक्स आ रहे हो तो उनकी करस्पोंडिंग एलिमेंट्स भी क्या होंगे? बराबर होंगे। इससे फायदा क्या हुआ कि हमने
पहली वाली रॉ को अब में इक्वेट करवाया तो मेरे पास x की वैल्यू किसके बराबर आ गई? नेगेटिव वन के। तो यही मेरा इस क्वेश्चन
का क्या था? आंसर था। हमारे पास क्या था? यही इस क्वेश्चन का आंसर था। सर 12 और नेगेटिव 12 कैसे कैंसिल हुआ? अरे मेरे
प्यारे बेटे सारे आपस में ऐड अप हो रहे हैं ना? तो नेगेटिव का 12 और प्लस का 12 दुनिया में क्या बनेगा? जाहिर सी बात है
भाई तुम्हारे पास कैंसिल आउट हो जाएगा ना। नेगेटिव का 12 प्लस का 12 को काट देगा। इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। क्लियर है? आपको
मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन जो है ना एक लॉजिक पे समझाता हूं। जरा गौर से बात समझिएगा। फॉर एग्जांपल आपके पास ये दो
मैट्रिक्स आ रहे हैं। लेट्स सपोज सही है? मैं कहता हूं चलो मैं आंसर भी आपको बता देता हूं। यहां पे मेरे पास आ रहा है वन
और टू। हमें सॉल्व करना है x के लिए। फॉर एग्जांपल मैं एक क्वेश्चन आपको दिखा रहा हूं ताकि आपको समझ में आए कि मैट्रिक्स
मल्टीप्लिकेशन होती कैसे है? क्या मैं इन दोनों मैट्रिक्स को मल्टीप्लाई करवा सकता हूं? पहले तो मुझे चेक करता हूं। पहले
वाले मैट्रिक्स की देखो बेटा पहले वाले मैट्रिक्स की जो नंबर ऑफ कॉलम्स आ रहे हैं वो कितने आ रहे हैं? ये आ रहे हैं तीन। और
दूसरे वाले मैट्रिक्स की नंबर ऑफ रोज कितनी आ रही हैं? ये आ रही है तीन। इसका मतलब मैट्रिक्स बिल्कुल मल्टीप्लाई कर
सकते हो। अब देखो मैट्रिक्स मल्टीप्लाई होता कैसे है? पे आपने सबसे पहले देखो यह रो दिख रही है ना यह रॉ यह रो रखी और यहां
पे कॉलम रखा। अब देखो जब मैट्रिक्स को आप मल्टीप्लाई करवाओगे ना वह एक ट्रंगल कॉलम में आएगा। गौर से बात समझिएगा। देखो ये टू
जाके जब इस वन से मल्टीप्लाई होगा तो क्या आ जाएगा? टू आ जाएगा। फिर ये प्लस का फोर जाके जब इस बीच वाली वैल्यू से मल्टीप्लाई
होगा ये आ जाएगा एट। फिर ये वन जाके जब थ्री से मल्टीप्लाई होगा ये थ्री आ जाएगा। सही है? यहां पे देखो ये x जाके जब वन से
मल्टीप्लाई होगा ये x आ जाएगा। ये थ्री जाके जब टू से मल्टीप्लाई होगा ये सिक्स आ जाएगा। फोर जाके थ्री से जब मल्टीप्लाई
होगा 12 आ जाएगा। सही है? इक्वल टू के बाद वन और टू वेर इज़ एज़ इट इज़। अब आप इसको सिंपलीफाई करवाना चाहो सिंपलीफाई करवा दो।
8 + का 2 क्या बन गया? ये बन गया 10। 10 + का 3 13 बन गया। तो बेटा देखो कभी भी आप जब ये मैट्रिक्स की जो रो होती है ना जब
आप कॉलम से मल्टीप्लाई करवाते हो तो आंसर जो होते हैं वो एक सिंगल कॉलम में लिख एक सिंगल रो में लिखे जाते हैं। जब एक सिंगल
रो में लिखे जाते हैं एलिमेंट्स आपस में प्लस या माइनस होंगे। तो हमने ऊपर वाले क्वेश्चन में यही काम किया था। भाई ऊपर
वाले क्वेश्चन में यही काम हो रहा है कि भाई आपके पास देखो ये एक सिंगल रो आ रही है और एक सिंगल कॉलम आ रहा है। जब आपस में
सिंपलीफाई होगा, जब आपस में सिंपलीफाई होगा, गौर से देखो ना। जब आपस में सिंपलीफाई होगा तो भाई एक स्ट्रेट रॉ के
अंदर आपके ऑप्शंस लिखे जाएंगे ना सारे के सारे। तो सिंपलीफाई करवा दो। इट्स अ नॉर्मल थिंग। मतलब इसमें क्या इतनी हार्ड
एंड फ़ास्ट लॉजिक है? इसको यहां पे ऐसे समझो। सिमिलरली देखो ये जब x 3 और 4 आपस में मल्टीप्लाई हुए 1 2 3 से तो क्या बन
गया? ये बन गया मेरे पास सिंपल तरीके से x * 1 = x, 3 * 2 = 6 और 4 * 3 = 12। सिंपलीफाई करवा दो क्या बन जाएगा? ऐड अप
हो के। ये बन गया मेरे पास 12 + का 6। 6 में 12 को डालोगे तो क्या बनेगा? 15 और 3 18 ये बन गया x + का 18 सिंपल सी बात है।
इक्वल टू के बाद ये वन और टू एंड इट इज़ एर इट इज़। मैंने आपको खाली सपोज़ करवाने के लिए लिखा था ताकि आपको बात समझ में आए। अब
आपको अगर इक्वेट करवाना है करवा दो। जो भी काम करवाना है। द पॉइंट इज़ दैट कि देखो मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन आपको आनी
चाहिए भाई। बहुत ज्यादा इसकी प्रैक्टिस करनी है मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन क्योंकि पेपर में इसके कॉन्सेप्ट बहुत
ज्यादा पूछे जाएंगे। क्लियर है भाई? अब बताओ बात। अच्छा बेटा। अब देखो हमारे पास मैट्रिक्स की जो मल्टीप्लिकेशन के अंदर
हमेशा याद रखिएगा एक बेसिक प्रॉपर्टी। मल्टीप्लिकेशन जो मैट्रिक्स की होती है ना बेटा ये कभी भी कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी को
फॉलो नहीं करती। ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग बहुत दफा पेपर के अंदर ये एमसीक्यूस पूछा जाता है कि मल्टीप्लिकेशन ऑफ दी
मल्टीप्लिकेशन जो होती है किसी भी मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन जो होती है मैट्रिससेस के अंदर ये कभी भी क्या होगी?
कम्यूटेटिव प्रोसेस को फॉलो नहीं करेगी। इसकी मैं एग्जांपल भी आपको दिखा सकता हूं कि मल्टीप्लिकेशन ऑफ़ अ मैट्रिक्स इज़ नॉट अ
कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी। यानी कि कभी भी आपके पास जो किसी भी मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन होती है ना ये कभी भी
कम्यूटेटिव नहीं होगी। और अगर आप लॉजिकली सोचो तो बिल्कुल सही बात है ये। कैसे कि भाई फॉर एग्जांपल मेरे पास एक मैट्रिक्स A
है और इसका आर्डर आ रहा है फॉर एग्जांपल 2 / 3 के बराबर। मेरे पास एक और मैट्रिक्स है। इसका ऑर्डर आ रहा है फॉर एग्जांपल 3 /
2 के। अब देखो अगर तो मैं A * B करूं लेट्स सपोज अगर मैं A * B करूं तो उस सूरत के अंदर तो भैया हमारा ऑर्डर क्या बनेगा?
जरा गौर से बात समझिएगा। अगर मैं मैट्रिक्स A को मैट्रिक्स B से मल्टीप्लाई करूं उस सूरत के अंदर उस सूरत के अंदर ये
दोनों मैट्रिक्स मल्टीप्लाई हो सकते हैं? बिल्कुल हो सकते हैं। क्योंकि देखो अगर मैं A और B को आपस में मल्टीप्लाई कर रहा
हूं। यानी कि A का ऑर्डर पहले है। फिर B का आर्डर है। B का आर्डर क्या है? 3/ 2 क्योंकि इनके आपके पास एलिमेंट सेम है।
पहले मैट्रिक्स के कॉलम्स और दूसरे मैट्रिक्स की रोज़ क्या है? सिमिलर हैं। तो इसका मतलब मैट्रिक्स मल्टीप्लाई तो होगा
और रिजल्टेंट मैट्रिक्स क्या होगा? रिजल्टेंट मैट्रिक्स होगा 2 / 2 का। जरा कॉनंसेप्चुअली बात समझिएगा। मगर अगर मैं
मैट्रिक्स B को मैट्रिक्स A से मल्टीप्लाई करूं। उस सूरत में क्या होगा? देखो मैट्रिक्स B का आर्डर क्या है? 3 / 2 का।
मैट्रिक्स A का ऑर्डर क्या है? 2/3 का। तो बेटा देखो यहां पे अगेन आपके कॉलम्स और रोज़ तो बराबर हैं। मगर जो रिजल्टेंट
मैट्रिक्स होगा आपकी बारी में वो क्या होगा? 3/3 का होगा। तो आपके पास आंसर थोड़ी सेम आ रहा है। जब आपने A को B से
मल्टीप्लाई करवाया तो रिजल्टेंट मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या होगा? 2 / 2 का। जब B को मैंने A से मल्टीप्लाई करवाया तो
रिजल्टेंट मैट्रिक्स का ऑर्डर क्या होगा? 3/3 का। इस बात को ऐसे समझो। बात समझ में आ रही है? सर 2 / 2 का। अरे भाई 2 / 2 का
2 / 2 के ऊपर तो कम्यूटेटिव मिल जाएगा। मसले की बात नहीं है। मगर यहां पे भाई जब हम बात करते हैं ना किसी लॉ की व्हेनएवर
वी टॉक अबाउट अ लॉ तो लॉ कहते ही किसे भाई जो हर एक के लिए जनरिक हो ना हर एक के लिए ये थोड़ी कि एक के हो एक का ना हो। तो भाई
आप हर एक के लिए बात कर रहे हो ना हर तरह का मैट्रिक्स के लिए। तो भाई जनरली क्या होता है मल्टीप्लिकेशन ऑफ़ मैट्रिक्स नॉट अ
कम्युलेटिव प्रॉपर्टी। आप सेम ऑर्डर ले लो कोई अलग कहानी है। हम यहां पे किसकी बात कर रहे हैं कि भाई एक नार्मल केस के अंदर।
नार्मल केस क्या है कि भई अगर मेरे पास एक मैट्रिक्स है उसका ऑर्डर 2 / 3 है दूसरे का 3 / 2 है। अब जब मैं इनको मल्टीप्लाई
कर रहा हूं। देखो लॉजिकली सोचो मैंने प्रूफ भी करके दिखाया है कि जब मैं A को B से मल्टीप्लाई करूंगा तो ऑर्डर क्या आ रहा
है? 2 / 2 का। जब B को A से मल्टीप्लाई करूं तो ऑर्डर क्या आ रहा है? 3/3 का। तो चूकि ऑर्डर ही डिफरेंट आ गए पूरे-पूरे।
इसका मतलब मैट्रिक्स ही डिफरेंट है पूरे-पूरे। तो मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन क्या होती है? कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी को
फॉलो नहीं करती। ऑलवेज रिमेंबर दिस थिंग कि मैट्रिक्स की मल्टीप्लिकेशन इज़ नॉट अ कम्यूटेटिव प्रॉपर्टी। सही है ना? अब देखो
हमारे पास जो नेक्स्ट प्रॉपर्टी आती है ना मैट्रिक्स की ये आती है मैट्रिक्स की डिवीज़न। अक्सर लोगों को लगता होगा डिवीज़न
बहुत ही मुश्किल प्रॉपर्टी है मैट्रिससेस की। अगर मैं 99.9% टाइम बच्चों से पूछता हूं ना अक्सर बच्चे बोलते हैं यस सर
डिवाइड करते होंगे दो मैट्रिससेस को। हमेशा याद रखिएगा मैट्रिससेस के अंदर डिवीजन एग्ज़िस्ट ही नहीं करता। ऑलवेज
रिमेंबर दिस थिंग भाई मैट्रिससेस के अंदर डिवीज़ एग्ज़िस्ट ही नहीं करता। देयर इज़ नो सॉर्ट ऑफ़ अ डिवीज़ कांसेप्ट। डिवीज़ का
दुनिया के अंदर मैट्रिससेस के अंदर कोई कांसेप्ट ही नहीं है भाई। दुनिया के अंदर मैट्रिससेस के अंदर डिवीज़ नाम का कोई
कांसेप्ट ही एग्ज़िस्ट नहीं करता। मैट्रिससेस की डिवीज़ दुनिया में एग्ज़िस्ट नहीं करती है। यानी कि कोई भी मैट्रिससेस
की डिवीज़ एग्ज़िस्ट नहीं करती। हां, कोई स्केलर क्वांटिटी अगर नीचे आके डिवाइड हो जाए वो अलग कांसेप्ट है। यानी कि फॉर
एग्जांपल अगर मेरे पास कोई मैट्रिक्स गिवेन है 2 4 3 1 नीचे कोई स्केलर नंबर आ जाए वो एक अलग चीज है। यानी कि नीचे अगर
कोई स्केलर नंबर आ जाए तो हम इसको स्केलर डिवीज़न बोलेंगे। वी विल नॉट कॉल दी मैट्रिक्स डिवीज़न। मैट्रिक्स डिवीज़न का
मतलब क्या है कि भाई ऊपर भी एक मैट्रिक्स आए और नीचे भी एक मैट्रिक्स आए। ऐसा कभी दुनिया में पॉसिबल नहीं होता। सया ना? हम
इसको फिर एक और तरीके से सॉल्व करते हैं कि नीचे वाली वैल्यू को नीचे से ऊपर भेज देते हैं। इनवर्स की फॉर्म बन जाती है। उस
तरीके से फिर सॉल्व करते हैं। दुनिया में मैट्रिक्स की अगर डिवीजन एग्ज़िस्ट करती होती ना तो आज दुनिया के अंदर ये क्रेमर्स
रूल्स और ये इनवर्स के रूल्स और ये एड्जॉइंट रूल्स ये एग्ज़िस्ट ही नहीं करते। दुनिया में मैट्रिक्स की डिवीज़न एग्ज़िस्ट
नहीं करती तभी तो सारी फनकारी हैं। तो मैट्रिक्स की डिवीज़न का मतलब क्या है कि भई लेट्स सपोज एक मैट्रिक्स ऊपर आ रहा है।
एक मैट्रिक्स नीचे आ रहा है। दोनों को डिवाइड करवाया जाए तो ऐसा कोई कांसेप्ट एग्जज़िस्ट नहीं करता। हां ये जरूर
एक्सिस्ट करता है कि भाई कोई स्केलर नंबर अगर डिवाइड हो रहा है तो ये कहलाता है स्केलर डिवीजन। इसका मतलब क्या है कि भाई
अगर कभी भी मैट्रिक्स से कोई नीचे वैल्यू डिवाइड हो रही है तो कोई मसले की बात नहीं है। जो भी नीचे वाली वैल्यू है ये तमाम
टर्म्स के पास जाके डिवाइड हो जाएगी। इट्स अ वेरी नॉर्मल थिंग। और ये डिटर्मिनेंट के फॉर्मूले भी हम देख रहे होते हैं कि 2 / 4
क्या बन जाएगा? 1/2 4 / 4 1 बन जाएगा। ये फिर 3/4 का 3 / 4 1/4 का 1/4 यानी कि इसका आंसर क्या आ गया? हमारे पास इसके बराबर आ
गया। अगर कोई नंबर डिवाइड हो रहा है ना वो तमाम एलिमेंट से जाके डिवाइड होगा। बट ऐसा नहीं हो सकता कि दो आपस में मैट्रिससेस
डिवाइड हो जाए। तो यहां पे हमारे पास मैट्रिससेस की बेसिक प्रॉपर्टीज खत्म होती हैं। ये बेसिक प्रॉपर्टीज हमने आज की
क्लास में डिस्कस करी हैं। कल की क्लास में वी विल बी डिस्कसिंग डिटर्मिनेंट। डिटर्मिनेंट प्रॉपर्टीज फिर इनवर्स देन
एडज्जॉइंट इंशाल्लाह ताला। तो आज की क्लास में हम लोगों ने मैट्रिससेस की बेसिक प्रॉपर्टीज को डिस्कस किया जिसमें एडिशन
को, सब्ट्रैक्शन को, मल्टीप्लिकेशन को और डिवीजन को डिस्कस किया गया है। देता हूं कि भाई हमारे बैजेस के अंदर सबसे बड़ी खास
चीज आपको क्या मिलती है? कैलकुलेटर के बगैर तमाम ट्रिक्स आपको सिखाई जाती हैं। इधर आप स्टैंड आउट कर रहे हो नस्ट के लिए
ताकि आप स्टैंड आउट कर सको नस के लिए, के लिए, जीआई के लिए, यूईटी के लिए, एनईटी के लिए, मैरान के लिए, कॉमसेट्स के लिए,
आईबीए या लम्स के लिए या फिर अगर कोई बच्चा प्री मेडिकल बैकग्राउंड के ऊपर है वो एमडीकैट के लिए आ रहा है तो एमडीकड के
हमारे बैचज़ अलग होते हैं। बिज़नेस यूनिवर्सिटीज के लिए अलग होते हैं। एसटी के लिए अलग होते हैं। तो बताने का मकसद ये
है कि भाई आप लोगों को कैलकुलेटर के बगैर सारी ट्रिक्स सिखाई जा रही होती है। फर्स्ट ऑफ़ ऑल। सेकंड नंबर के ऊपर
प्रॉपर्ली लाइव क्लासेस कंडक्ट होती हैं। और ये लाइव क्लासेस पाकिस्तान की टॉप प्रीमियम फैकल्टी आपकी लेती है। मैं आपको
अपनी क्लासेस का एक स्केेड्यूल डिफाइन कर देता हूं। हमारी क्लासेस होती कैसे हैं? कि भाई देखो हमारी क्लासेस के अंदर सबसे
खास बात क्या है? जो आपसे बच्चे पूछते हैं ना सर क्या रीज़न है कि आपकी नर्स में भी पोजीशन है? क्या रीज़न है कि फास्ट में ही
पोजीशन है। क्या रीज़न है कि जीआई में इतनी पोजीशंस है। यूईटी में है। हर यूनिवर्सिटी के अंदर अगर हमारे पास से पोजीशन है। तो
उसके पीछे रीज़न क्या है। मैं आपको रीज़न जरा डिफाइन करता हूं कि देखो हमारे पास जो बच्चा आता है ऐपटीट्यूड के लिए कहीं पे भी
जो बच्चा जाता है ऐपटीट्यूड के लिए दो तरीके का बच्चा होता है। पहले आप बेसिक डिफरेंस को समझो। एपटीट्यूड करने वाला
दुनिया में दो तरीके का बच्चा है। एक वो बच्चा है जो कि आपके पास अभी फ्रेश बच्चा है जिसको हम रेगुलर स्टूडेंट कहते हैं।
रेगुलर स्टूडेंट का मतलब क्या है? ये वो बच्चा है जो इस वक्त अभी सेकंड ईयर में मौजूद है। ये वो बच्चा है जो इस वक्त अभी
सेकंड ईयर में मौजूद है या फिर ए लेवल्स के ए2 के अंदर मौजूद है। वाइल ऑन दी अदर हैंड हमारे पास ऐपटीट्यूड के अंदर एक वो
बच्चा है जो इंप्रूवर है। यानी कि ये वो बच्चा है जो कि आया अभी एडिशनल मैथ्स के पेपर दे रहा है या फिर ये वो बच्चा है जो
कि गैप ईयर के ऊपर बैठा हुआ है। या ये वो बच्चा है जिसको लास्ट ईयर सही गाइडेंस नहीं मिली। या ये कोचिंग वाले माफियाज़ के
ह्थे चढ़ गया। ₹80,000 भी जाया किए। छुप-छुप के हमारे YouTube से ही पढ़ रहा था बैठ के। और फिर अब इसकी एडमिशन भी कहीं
नहीं हुआ। तो यह वो बच्चा है जिसके पास ज्यादा टाइम अवेलेबल है। जो रेगुलर स्टूडेंट है यह वो बच्चा है जो इस वक्त
सेकंड ईयर पढ़ रहा है। सेकंड ईयर किसी कॉलेज जाता है, कोचिंग जाता है। तो इसका टाइम वहां पे यूटिलाइज्ड हो रहा है। अब
बहुत सारे बच्चे ऐसे होते हैं जो कि अभी सेकंड ईयर में मौजूद हैं। जो कि अभी ए लेवल्स के अंदर मौजूद है। वो यही कहते हैं
कि सर अभी तो हम अपने सेकंड ईयर के अंदर हैं। हमें कॉलेज जाना है, कोचिंग जाना है, एकेडमी जानी है या फिर सर मैं ए लेवल्स के
अंदर। मुझे ए लेवल से कॉलेज जाना है सुबह के अंदर या अपनी एकेडमिक ट्यूशन क्लासेस लेनी है। तो सर मेरा टाइम कैसे मैनेज
होगा? सर वो सेकंड ईयर का तो रिजल्ट ही नहीं आया हुआ। पता ही नहीं अप्लाई कैसे करना है। तो भाई ये बच्चा सबसे इंपॉर्टेंट
टाइम है अप्लाई करने का। ये अभी से तैयारी स्टार्ट करनी है। और एक बच्चा वो है जो इंप्रूवर वाला है जो एडिशनल मैथ्स दे रहा
है या गैप ईयर वाला बच्चा है। एक बच्चा हमारे पास ये आ रहा है। अब जरा गौर से बात समझिएगा कि भाई इन दोनों बच्चों के लिए
हमारे पास खुसूसी क्लासेस होती है। कैसे? कि भाई वो बच्चा जो इस वक्त सेकंड ईयर में मौजूद है उसका सबसे बड़ी डिफिकल्टी क्या
होती है? सर मैं सेकंड ईयर मैनेज कैसे करूंगा? सर अभी तो रिजल्ट ही नहीं आया हुआ फर्स्ट ईयर का। भाई पाकिस्तान की कोई
यूनिवर्सिटी हो वहां पे फर्स्ट ईयर की मिनिमम परसेंटेज 60 होनी चाहिए। फर्स्ट ईयर में इतनी परसेंटेज तो लेकर आ जाओगे
ना। और कुछ यूनिवर्सिटीज तो ऐसी हैं जहां पे 50 होनी चाहिए। बाकी हर यूनिवर्सिटी के अंदर ऐपटीट्यूड टेस्ट को क्लियर करना है।
आपको हर यूनिवर्सिटी के अंदर ऐपटीट्यूड टेस्ट बच्चा परफॉर्म करना है। आपको हर यूनिवर्सिटी के अंदर मैक्सिमम एपटीट्यूड
टेस्ट के नंबर स्कोर करने हैं। अक्सर एक बच्चा मुझसे क्वेश्चन पूछता है सर वो टेस्ट के अंदर कितने नंबर आने चाहिए जीआई
केआई के? फ़ास्ट के या नस के? तो भाई मैक्सिमम का मतलब ये है कि अगर तुम नर्स के अंदर 200 नंबर का टेस्ट है तुम 200 में
से 190 का टारगेट रखोगे तो 160 के ऊपर पहुंच सकोगे 150 पे पहुंच सकोगे। भाई नस के अंदर 170 प्लस पे पोजीशन होती है। इस
दफा हमारे पास पोजीशंस हैं। नस के अंदर जो पूरे पाकिस्तान से डिज़ाइन ऐपटीट्यूड के अंदर आर्किटेक्चर में दूसरी पोजीशन है
अदीना खान। उसके नस का स्कोर 162 था। नस के अंदर जो पूरे पाकिस्तान से तीसरी पोजीशन है उसका नाम है बेटा आफिया रफाकत।
पंजाब के एक गांव देर से बिलोंग करती है। खारिया के पास यह वाक्य है। उसकी नस के अंदर 172 का स्कोर था। बताने का मकसद क्या
है कि भाई आप जब खुदा ने आपको ये कुदरत दी है कि जब आप आसमान की तरफ जाके टारगेट करते हो ना तो फिर आप चांद तक पहुंच पाते
हो। आसमान को अगर टारगेट करोगे तो चांद तक पहुंचने की जुस्तुजू आपकी कंप्लीट हो सकेगी। वो एक बड़ा मशहूर शेर है कि तुम
जुस्तजू जो रखोगे आसमान की तो तुम पहुंच सकोगे कहां तक? चांद तक। तो आपका हमेशा टारगेट मैक्सिमम होना चाहिए पहले नंबर पे।
फर्स्ट ईयर के अंदर आपकी अगर कम परसेंटेज भी है तो कोई मसले की बात नहीं है। हर यूनिवर्सिटी के अंदर एपटीट्यूड टेस्ट ना
सिर्फ क्लियर करना है बल्कि उसमें अच्छे नंबर भी देने हैं। और एपटीट्यूड टेस्ट आपके इंटर या ए लेवल से ज्यादा एडवांस
होता है और ज्यादा टफ होता है। मैं अक्सर ये बात एक्सप्लेन करता हूं कि भाई ऐपटीट्यूड टेस्ट की खास बात क्या है?
एपटीट्यूड टेस्ट के अंदर हर यूनिवर्सिटी का अपना ऐपटीट्यूड टेस्ट है और इसको क्लियर करना कंपलसरी है और अगर आपने हमारे
बताए गए मेथड के ऊपर पाकिस्तान के सबसे कॉम्पिटिटिव जो एग्जाम है वो लास्ट का है। अगर आपने उस लेवल की तैयारी कर ली मैं
गारंटी देता हूं कि आप जीआईआई हो, फास्ट हो, एनईटी हो, मैरान हो, यूईटी हो, आईबीए हो, कोई भी यूनिवर्सिटी उसमें आप पोजीशन
लेकर आओगे। क्योंकि एपटीट्यूड टेस्ट के अंदर होते हैं एमसीक्यूस। और ये एमसीक्यूस आपको विद इन सेकंड्स पे करने हैं। मैं
इसकी एग्जांपल देता हूं। फॉर एग्जांपल कि भाई नस के अंदर आपके पास जो टोटल एमसीक्यूस आ रहे हैं 200 आ रहे हैं। जबकि
जो आपको टाइम अलाउड है सिर्फ 180 मिनट का है। अब इन 200 एमसीक्यूस में मल्टीपल सब्जेक्ट्स हैं। अब आप सोचो कि जब आप ए
लेवल्स के अंदर थे या इंटरमीडिएट के अंदर हो आप पूरा साल पढ़ते हो डिफरेंट सब्जेक्ट्स को। मगर जो टेस्ट डे होता है
उसमें सिर्फ लेट्स सपोज फिजिक्स का टेस्ट है। तो जब फिजिक्स का 3 घंटे का टेस्ट चल रहा है तो आप क्या उस फिजिक्स के टेस्ट के
दौरान सोचोगे यार वो तर्जमातुल कुरान के अंदर फलानी हेडिंग क्या थी? यार वो पीएसटी के अंदर फलानी हेडिंग क्या थी यार वो
माशरती अलम का क्या टॉपिक था भाई जिस दिन फिजिक्स का आपका ए लेवल्स का एग्जाम है फाइनल एग्जाम है आपका कैमब्रिज का या जिस
दिन आपका एफएससी का फाइनल एग्जाम है क्या उस दिन आप फिजिक्स का अगर एग्जाम है तो आप क्या उर्दू के बारे में सोचोगे मैथ्स के
बारे में सोचोगे नहीं आप बोलोगे भाड़ा में क्या यार जिस दिन उसका टेस्ट होगा उसके बारे में उसी दिन देखूंगा ना तो मगर
ऐपटीट्यूड के अंदर क्या होता है मल्टीपल सब्जेक्ट्स को आपको विद इन अ शॉर्ट टाइम पीरियड अटेम्प्ट करना है मल्टीपल
सब्जेक्ट्स को एक साथ अटेम्प्ट करना है तो यहां पे हवासों पे काबू पाना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए प्रॉपर प्रैक्टिस होनी
चाहिए। देखो अक्सर बच्चे पूछते हैं सर वो YouTube पे भी तो आपके लेक्चर्स गिवेन है। वहां से कोई तैयारी कर ले। भाई YouTube से
मुझसे पूरे पाकिस्तान का बच्चा पढ़ता है। जितने डिटेल्ड लेक्चर जितने बेहतरीन लेक्चर आपको मेरे YouTube पे मिलेंगे और
कहीं नहीं मिलेंगे। प्रॉपर पास्ट पेपर्स भी होते हैं। हर चीज होती है। मगर प्रैक्टिस नहीं है। भाई YouTube से पढ़ के
फेल होगे। क्योंकि भाई YouTube पे प्रैक्टिस थोड़ी हो रही है। हमारी एप्लीकेशन के ऊपर आपको हर चैप्टर की
प्रैक्टिस भी हो रही है। प्रैक्टिस क्लास कंडक्ट एक प्रॉपर प्रोफेसर कर रहे हैं। जिसको मैं एक्सप्लेन नहीं करूंगा। मगर
बताने का मकसद क्या है कि भाई YouTube सिर्फ लेक्चर्स हैं। उसकी कोई प्रैक्टिस नहीं है। कोई गाइडेंस नहीं है। कोई प्रॉपर
टॉपिकल पास्ट पेपर्स आपको नहीं मिल रहे। हर चैप्टर की प्रैक्टिस शीट नहीं मिल रही। हर क्लास की प्रैक्टिस शीट सॉल्व नहीं हो
रही। हर क्लास की प्रैक्टिस शीट के आपको जो क्वेश्चंस उस प्रैक्टिस शीट में मौजूद है वो सॉल्व नहीं करवाए जा रहे। प्रॉपर
आपके एफएलपीस और टेस्ट कंडक्ट नहीं हो रहे। उन टेस्टों के प्रॉपर सॉल्यूशन नहीं बताया जा रहा। ये बहुत एक डिफरेंट चीज है
भाई। हम ये तमाम चीजें आपको ऑफर कर रहे हैं अपने बैच के अंदर। सेकंड नंबर के ऊपर कि भाई ये 200 एमसीक्यू जो नस के आ रहे
हैं इसको 180 के मिनट के टाइम पीरियड पे करना है। नस्ट में कैलकुलेटर अलाउ नहीं है। फास्ट में अलाउ नहीं है। यूईटी में
अलाउ नहीं है। आपके पास कॉमसेट्स में अलाउ नहीं है। आपके पास मैरान में अलाउ नहीं है। आईबी में अलाउ नहीं है। तो यानी कि
कैलकुलेटर के बगैर पूरी मैथ्स करनी है, फिजिक्स करनी है, इंग्लिश करनी है या फिर अगर जिन यूनिवर्सिटीज में केमिस्ट्री या
कंप्यूटर आती है वो कैलकुलेटर के बगैर करनी है सारी की सारी। तो यहां पे ट्रिक्स का आना बहुत जरूरी है। तो भाई ऐपटीट्यूड
इज़ ऑल अबाउट टाइम मैनेजमेंट। और उस टाइम को आप कैसे मैनेज कर रहे हो? ट्रिक्स को कैसे अप्लाई कर रहे हो? आपके पास लेट्स
सपोज मैं एग्जांपल देता हूं। एक क्वेश्चन है हमारे पास। बड़ा मशहूर एक क्वेश्चन है। हमारे पास एक इंटीग्रेशन का एक क्वेश्चन
है। हर यूनिवर्सिटी के अंदर आता है। अब ये क्वेश्चन है x की पावर के अंदर sin x का होना। अब ये क्वेश्चन जो है ना बेटा ये
क्वेश्चन अगर आप नॉर्मल एफएससी मेथड पे सॉल्व करोगे ना तो आपका पूरा एक पेज काला हो जाएगा कि भाई पहले आप इसको सपोज़
करवाओगे y के ऊपर। फिर दोनों तरफ ln को अप्लाई करवाते हो। फिर उसके बाद आप क्या करोगे? आप ln की प्रॉपर्टी अप्लाई करोगे।
पावर पहले आ जाएगी। फिर आप दोनों तरफ पर्टिकुलरली डेरिवेटिव को अप्लाई करोगे। फिर राइट हैंड साइड के ऊपर डेरिवेटिव की
आप फार्मूला अप्लाई करोगे। मल्टीप्लिकेशन फार्मूला फिर उसको सिंपलीफाई करवाओगे। फिर लेफ्ट हैंड साइड पे ln y का डेरिवेटिव
लोगे। फिर y वाली टर्म्स की फॉर्म में लिखोगे तो सुबह से शाम हो जाएगी। वाइल उसको सॉल्व करने की एक शॉर्टकट होती है
एपटीट्यूड के अंदर। मैंने इतनी बड़ी बात करी। अब मैं एपटीट्यूड की शॉर्टकट सिखाऊं इसकी? इसके एप्लीटीट्यूड की शॉर्टकट क्या
है? कि भई एपीट्यूड में शॉर्टकट होती है। एक दफा आपने अपने क्वेश्चन को ऑलरेडी लिखा। फिर सिंपल तरीके से पावर में आने
वाले फंक्शन को लिखा। फिर डिवीजन बेस वाले फंक्शन को लिखा। फिर जो भी आपका बेस वाला फंक्शन था इसका डेरिवेटिव ले लो तो x का
डेरिवेटिव x² से वन हो गया। प्लस का साइन लगाया। जिस टर्म का आपने जो भी आपके पास ये बेस वाला फंक्शन था वो ln के फंक्शन के
तौर पे आएगा। और अब पावर में आने वाले फंक्शन का डेरिवेटिव ले लोगे तो sin x का डेरिवेटिव हो गया cos x के बराबर। विद इन
सेकंड्स पे आंसर आ गया। इस तरीके से काफी सारी ट्रिक्स हैं। लेट्स सपोज एक क्वेश्चन होता है हमारे पास इंटीग्रेशन sin² x *
dx। इसको अगर नॉर्मल मेथड पे सॉल्व करोगे तो इसको आप ट्रिग्नोमेट्रिक आइडेंटिटीज़ के ऊपर सॉल्व करते हो एफएससी लेवल के ऊपर।
मगर इसको सॉल्व करने की एक शॉर्टकट है। और ये क्वेश्चन तो जीआई के में इतना ज्यादा आता है फास्ट में इतना ज्यादा आता है बता
नहीं सकता। ये मोस्ट मोस्ट मोस्ट मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन एमसीक्यूस है। आप मेरी जीआई की वीडियो देखना फ़ास्ट की देखना
और नस की देखना। तीनों में मैंने बताया हुआ होगा। मैंने बेटा मैंने बड़ी मेहनत करी है इस पूरा साल। मैंने बहुत एफर्ट्स करी
हैं। नर्स के नेट वन के सारे पेपर्स, नेट टू, नेट थ्री, नेट फोर, जीआई के आई के फ़ास्ट के उसके समारात फिर मिले ना अभी
पोजीशंस आई अल्हम्दुलिल्लाह। तो भाई बच्चों को सबसे पहले बैच के बच्चों को मिलती हैं। अब जैसे एक क्वेश्चन है। इसको
सॉल्व करने की विदिन सेकंड के ऊपर एक शॉर्टकट है। वो शॉर्टकट क्या है कि भई जो भी सिंपल तरीके से क्या करोगे? sin² x अगर
आ रहा है तो sin² x को सॉल्व करने की ट्रिक ये होती है कि सिंपल तरीके से 1/2 का 1/2 लिखा। जो भी वेरिएबल यहां पर आ रहा
है तुम्हारा एंगल आ रहा है। व्हाट इट इज़ यहां पर आएगा। सही है? फिर माइनस का साइन है। अगर sin² का क्वेश्चन आ रहा है तो
माइनस का साइन फिर अगेन 1/2 का 1/2 जो भी वैल्यू तुम्हारे एंगल में मौजूद है। जैसे यहां पे सिंपल 1x मौजूद है। तो जो भी
वैल्यू मौजूद है उसको टू से मल्टीप्लाई करो। तो 1 * 2 बन गया और ऊपर जाके sin का साइन और जो भी वैल्यू ब्रैकेट में रखी थी
वो यहां पे आ जाएगा इरिटेट + c के साथ। तो ये ट्रिक्स होती है डिफरेंट। मैंने अभी बहुत आपको रैंडमली बताई है बट बताने का
मकसद क्या डिफरेंट ट्रिक्स होती हैं। अब अगर मैं इसको नॉर्मल मेथड पे सॉल्व करता तो पहले ट्रिगोनोमेट्रिक आइडेंटिटीज़ से
ब्रेक करते हैं। ट्रिग्नोमेट्रिक आइडेंटिटीज़ का फार्मूला होता है कि भाई सिंपल तरीके से आपने 1 + cos 2x पे करना
है। 1 - cos 2x पे करना है एंड सो ऑन। तो वो उसमें जाता है। फिर इंटीग्रेशन अप्लाई होती है एंड सो ऑन। डायरेक्टली कुछ
ट्रिक्स होती हैं। तो बताने का मकसद ये है कि भाई अगर आप अभी सेकंड ईयर में मौजूद हैं। तो खुदारा ऐपटीट्यूड की तैयारी करने
का यही टाइम है। आप में से अक्सर बच्चों के ज़हनों में गलतफहमी होती है कि सर ऐपटीट्यूड की तैयारी तो सर हम लोग स्टार्ट
करेंगे अपनी दिसंबर के बाद जब पेपर्स का रिजल्ट आ जाएगा। भाई फर्स्ट ईयर के पेपर्स या सेकंड ईयर के जो पेपर्स पे रिजल्ट आता
है वो आता है अगस्त सितंबर में जाके। हर यूनिवर्सिटी के अंदर फर्स्ट ईयर की मिनिमम परसेंटेज खाली चाहिए होती है। बाकी
ऐपटीट्यूड टेस्ट के बेसिस पे हर जगह पे एडमिशन होता है पहले नंबर पे। दूसरे नंबर पे जो बड़ी इंपॉर्टेंट बात है जो अक्सर
बच्चे इग्नोर कर देते हैं वो ये है कि भाई आप लोगों के सेकंड ईयर के पेपर्स जाके एंड होंगे मई के अंदर। आप लोगों के सेकंड ईयर
के पेपर्स जाके एंड होंगे मई के अंदर। सही है? उसके बाद प्रैक्टिकल्स होते हैं 15 से 20 दिन आपके प्रैक्टिकल्स चलते हैं। सही
है? तो आप तकरीबन फारग होते हो मई के एंड तक। आपके पास सिर्फ जून का महीना होता है और इस महीने के अंदर आपको फिर कुछ समझ में
नहीं आ रहा होता कि आपने तैयारी कैसे करनी है। तो भाई ये आपके पास इंतहाई बेवकूफाना अमल होता है। इस चीज के ऊपर अगर तैयारी
करोगे एक महीने में मैं गारंटी देने को तैयार हूं। मैक्सिमम यूनिवर्सिटीज के टेस्ट में आप फेल करोगे। भाई मई के बाद
अगर आप तैयारी कर रहे हो तो आपके पास सिर्फ एक महीना है। जून के एंड में फास्ट का टेस्ट भी है। जुलाई का टेस्ट भी है।
नर्स का नेट नंबर फोर भी आ रहा है आपके पास। आपके पास में पर्टिकुलरली वहां पे एनईटी का राउंड नंबर टू आ रहा है। मैरान
का राउंड नंबर टू आ रहा है। जून के स्टार्ट के अंदर आपके पास यूईटी का राउंड नंबर वन आ रहा है। एनटीएस तो आपके
मैक्सिमम टेस्ट निकल चुके हैं। तो भाई अभी आपका टाइम है तैयारी करने का। अभी आपका टाइम है तैयारी करने का। क्यों? मैं उसके
पीछे बार-बार आपको रीज़न बता रहा हूं। क्यों? क्योंकि बेटा देखो आपके पास आपका जो सितेंंबर से लेके ये जो अगस्त से लेके
अगस्त, सितंबर, अक्टूबर से लेके दिसंबर तक का टाइम होता है, ये वो टाइम होता है जहां पे आपके नॉर्मली एफएससी के अंदर इतने कोई
प्रीलिम्स नहीं होते। आपके स्टैंडर्ड अप्स या मॉक टेस्ट नहीं होते। हां जिस बच्चे का अक्टूबर नवंबर सीरीज के अंदर अभी टेस्ट आ
रहा है ए लेवल्स का उसके जरूर होंगे। उसका समझ में आता है। मगर जो बच्चा मई जून सीरीज का अटेम्प्ट कर रहा है तो आपका
थोड़ी है। आपके पास तो मैक्सिमम टाइम अवेलेबल है। अभी आपके पास मैक्सिमम टाइम अवेलेबल है। इसीलिए हमारे कोर्स में हमारे
बैच के अंदर तमाम बैचेस में एक दफा कंप्लीट कोर्स हम दिसंबर तक कवर करवा देंगे। उसके बाद फिर मल्टीपल टाइम कोर्स
कवर होगा। तो आप सोचो एक वो बच्चा एक वो बच्चा जो जनवरी में आता है तैयारी करने के लिए। और एक वो बच्चा जो अगस्त में, सितंबर
में अक्टूबर में आता है। तो भाई इन दोनों बच्चों में डिफरेंस क्या फीस दोनों सेम देंगे। फीस दोनों के दोनों बच्चे सेम
देंगे ₹7500। मगर डिफरेंस क्या है कि भाई इस बच्चे का एक दफा ना सिर्फ कोर्स कवर हो गया। सही है? मगर फिर मल्टीपल टाइम रिवाइज
भी हो गया। व्हाइल जो जनवरी में आ रहा है उसका पहली दफा कोर्स मार्च के एंड में जाके एंड होगा। अप्रैल में जाके एंड हो
रहा होगा या मार्च में एंड अप हो रहा होगा। उसका एक दफा कोर्स कवर होगा। जबकि वो बच्चा जो स्टार्टिंग से बैठा हुआ था वो
ना सिर्फ उसका एक दफा कोर्स कवर हुआ बल्कि वो इनके साथ दोबारा प्रैक्टिस कर रहा है। दोबारा चीजों को गो थ्रू कर रहा है।
दोबारा चीजों को रिवाइज़ कर रहा है। तो भाई दोनों में बहुत डिफरेंस होगा। जाहिर सी बात है मैं अगर आपको एक सिंपल सी बात
बताऊं। मैं आपको एक बेसिक स्टैट्स बताऊं जो बच्चा टॉप करके आता है डिफरेंट यूनिवर्सिटीज के अंदर ये टॉपर्स बैच का
बच्चा होता है। ये पहले स्टार्टिंग के बैचेस का बच्चा होता है। ये वो बच्चा होता है जो स्टार्टिंग से बैठ के पढ़ रहा होता
है। इसलिए मैक्सिमम तैयारी अपने स्टार्टिंग के बैचेस से कर चुका होता है। अब जाहिर सी बात है जब मल्टीपल टाइम चीजों
को रिवाइज करता है। थाउजेंड्स ऑफ़ एमसीक्यूस की प्रैक्टिस करता है। एफएलपीस बार-बार देता है। नर्स के नेट वन से पहले
एफएलपीस अलग होंगे। उससे पहले हर यूनिवर्सिटीज के टेस्ट के अलग एफएलपीस लेंगे। उनके पास्ट पेपर्स के टेस्ट अलग
होंगे। चैप्टर वाइज टेस्ट अलग होंगे। तो जाहिर सी बात है ये बच्चा हमेशा स्टैंड आउट करेगा उसके मुकाबले में जो मई से
तैयारी स्टार्ट करेगा। जो मई से तैयारी स्टार्ट करेगा वो तो क्लियर कर ले बड़ी बात है यार हमें खुशी होगी मगर जो बच्चा
स्टार्टिंग से करेगा उसकी ऑब्वियसली लेवल ऑफ एजुकेशन अलग होगा। मैंने एक चीज डिफाइन कर दी। अच्छा दूसरे नंबर के ऊपर जैसे कि
हमने कहा कि भाई आपको बैच में ऐसी खास बात क्या मिलती है? मैं आपको वो भी डिफाइन कर देता हूं कि देखो भाई दो तरह का बच्चा है।
एक रेगुलर बच्चा है एक इंप्रूवर बच्चा है। रेगुलर बच्चा वो है जो कि वीक डेज में नॉर्मली बिजी है या फिर वीकेंड पे बिजी है
तो वीक डेज में फ्री है। इंप्रूवर बच्चा या गैप ईयर वाला बच्चा वो है जिसके पास पूरे हफ्ते का टाइम अवेलेबल है। तो हमारे
पास सबसे खास चीज क्या होती है जो कि मैं हमेशा बच्चों को बताता हूं कि भाई हमें क्यों चूज़ कर रहे हो? किसी और इदारे के
पास नहीं जाना खुदारा। पहले नंबर के ऊपर एक तो उस इदारे की सिर्फ एक यूनिवर्सिटी में पोजीशन होगी। दो यूनिवर्सिटी में
पोजीशन होगी। नस्ट में 170 प्लस का क्सक्यूटिव स्कोर है हमारा तीन सालों के अंदर। अल्हम्दुलिल्लाह। जीआईके में तीन
सालों में टॉप पोजीशन है। यूटी में तीन सालों में टॉप पोजीशंस हैं। एनईटी के अंदर पिछले कई सालों में टॉप पोजीशंस हैं। फ़स्ट
में कई सालों में टॉप पोजीशंस हैं। तो बताने का मकसद ये है कि भाई पहले नंबर के ऊपर फैकल्टी। दूसरे नंबर के ऊपर हमारा जो
स्ेड्यूल है वो स्ेड्यूल कैसे डिजाइन किया गया है? हमारा स्केेड्यूल इस तरीके से डिजाइन किया गया हैकि हमारे पास इस मुल्क
के हर जिले से हर गांव से हर शहर से बच्चा आ रहा है। अल्हम्दुलिल्लाह अल्लाह का बड़ा करमो एहसान है कि इस मुल्क का कोई ऐसा
जिला कोई ऐसा गांव कोई ऐसा शहर नहीं होगा जहां से हमारे पास बच्चा मौजूद ना हो। चाहे वो कश्मीर हो, केपीके हो, पंजाब हो,
सिंध हो, बलचिस्तान हो। उसके पीछे मैं आपको रीज़न बता देता हूं। रीज़न ये है कि भाई हमारे पास हर सब्जेक्ट के ऊपर दो
टीचर्स हमारे बैजेस के अंदर पढ़ा रहे हैं। यानी कि टॉपर्स के बैच की खास बात क्या है? हर सब्जेक्ट के दो प्रोफेसर्स
प्रोफेसर लेवल के। यानी कि मैं एग्जांपल देता हूं। लेट्स सपोज हमारे पास एक सब्जेक्ट है मैथ्स का। अब देखो हमारे पास
क्या है कि भ हमेंकि दिसंबर में एक दफा कोर्स कवर करना है ताकि तमाम बच्चे नर्स का नेट नंबर वन दें। हमारी कोशिश ये है।
तो भई एक दफा कोर्स क्योंकि कवर करना है दिसंबर में। तो भाई मैं एक एक एग्जांपल दे रहा हूं मैथ्स के सब्जेक्ट के ऊपर कि भई
हमारे पास फर्स्ट ईयर मैथ्स ऐपटीट्यूड जो है फर्स्ट ईयर मैथ्स ऐपटीट्यूड। भाई ऐपटीट्यूड में ऑलदो फर्स्ट ईयर सेकंड ईयर
नहीं बट हमने कुछ क्लासिफिकेशन आपके लिए मैं कर रहा हूं आसान भाषा में कि फर्स्ट ईयर मैथ्स ऐपटीट्यूड है जिसमें सीक्वेंस
सीरीज है, ट्रिग्नोमेट्री है, परमटेशन कॉम्बिनेशन, प्रोबेबिलिटी है, रियल कॉम्प्लेक्स नंबर है, सेट्स है, ग्रुप्स
है, मैट्रिससेस है, बाइनोमियल थ्योरम एंड इंडक्शन है, ग्राफ्स एंड सो ऑन। ये फर्स्ट ईयर मैथ्स ऐपटीट्यूड है। और फिर हमारे पास
सेकंड ईयर मैथ्स ऐपटीट्यूड है जिसके अंदर डेरिवेटिव है, इंटीग्रेशन है, कैलकुलस आ गई यानी कि लिमिट्स आ गई, फंक्शन एंड
ग्राफ्स आ गए, एनालिटिकल, ज्योमेट्री, कोआर्डिनेट ज्योमेट्री आ गई, कॉनिक सेक्शन आ गया, वेक्टर्स आ गए एंड सो ऑन। सही है
ना? तो अब बताने का मकसद ये है कि भाई हर सब्जेक्ट के दो प्रोफेसर्स हैं। एक प्रोफेसर जो होंगे ये क्लास अपनी कंडक्ट
कर रहे हैं वीक डेज के ऊपर यानी कि मंडे वेडनेसडे। सही है? और एक प्रोफेसर हमारे पास है जो कि सेकंड ईयर मैथ्स ऐपटीट्यूड
कवर करवा रहे हैं सैटरडे संडे वाले दिन। अब इसका फायदा क्या है कि देखो रेगुलर स्टूडेंट जो है ना जो बच्चा इस वक्त कॉलेज
में मौजूद है किसी एकेडमी जाता है या फिर पर्टिकुलरली कोचिंग सेंटर जाता है यानी कि वो अपने सेकंड ईयर को टाइम दे रहा है तो
भाई उन बच्चों को हमने फैसिलिटी प्रोवाइड करी कि भाई आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आपको जिन टाइम उनके अंदर आसानी लगे आपको
वीक डेज की क्लासेस लेनी है वीक डेज की क्लास ले लो आपको वीकेंड वाली क्लासेस लेनी है क्योंकि वीकेंड के ऊपर टोटली अलग
फैकल्टी पढ़ा रही है वीक डज़ पे अलग पढ़ा रही है वीक डज़ के ऊपर अगर फर्स्ट ईयर मैथ्स चल रहा है एपटीट्यूड के अंदर तो वीकेंड्स के
ऊपर सेकंड ईयर मैथ्स एटीट्यूड चल रहा है अगर वीक डज़ डेज के ऊपर सेकंड ईयर फिजिक्स ऐपट्यूड चल रहा है तो वीक डेज वीकेंड्स के
ऊपर आपके यहां फर्स्ट ईयर फिजिक्स ऐपटीट्यूड चल रहा होगा। सही है? तो बताने का मकसद क्या है? हमने बच्चों को ऑप्शन
प्रोवाइड करा पाकिस्तान में पहली दफा कि भाई हमने आपको दोनों चीजें प्रोवाइड कर दी। यानी कि भाई आपकी अगर वीक डेज के ऊपर
लेट्स सपोज कोई क्लास आपकी मिस हो रही है। आपको लगता है कि भई स्ेड्यूल की वजह से मैनेज नहीं कर सकोगे। तो कोई मसले की बात
नहीं है। आप किसी एक चीज को अटेम्प्ट कर लो। अदरवाइज़ अगर आप दिसंबर तक चाहते हो आपका कोर्स कवर हो तो फिर आपने दोनों को
अटेम्प्ट करना है। दूसरे नंबर के ऊपर सबसेेंट चीज़ कि वो बच्चे जो चाहते हैं कि भाई उनका कोर्स आराम से जनवरी फरवरी तक
एंड हो तो फिर वो दोनों की क्लासेस को लेंगे। देखो वो बच्चे जो चाहते हैं कि उनका कोर्स दिसंबर तक एंड हो तो दोनों की
क्लासेस लेंगे। बट वो बच्चे जो चाहते हैं कि भ वो नहीं आराम आराम से अभी सेकंड ईयर में भी फोकस करे ऐपटीट्यूड में भी फोकस
करे तो वो किसी एक सब एक टीचर की एक प्रोफेसर की क्लास लेगा हर सब्जेक्ट के अंदर। तो उसका कोर्स आराम आराम से फरवरी
तक एंड हो जाएगा। मगर जो नर्स का नेट वन दे रहा है जो कि आईपीए का टेस्ट दे रहा है जो लम्स का टेस्ट दे रहा है वो चाहता है
कि भ उसका क्योंकि टेस्ट आपके जनवरी में आना स्टार्ट हो जाएंगे। पाकिस्तान की तमाम बड़ी यूनिवर्सिटीज के टेस्ट जनवरी में
स्टार्ट हो जाते हैं। नस का नेट वन दिसंबर में एंड हो जाएगा भाई। नर्स का नेट वन दिसंबर में एंड हो जाएगा। तो सारे नेट्स
अगर आपने देने हैं तो नेट वन देना कंपलसरी है। लम्स का एलकेट आपके पास दिसंबर जनवरी में आ जाता है। आईपीए का टेस्ट आपके पास
जनवरी में आ जाता है। आपके पास यूवीटी का राउंड नंबर वन रमजानों से पहले उसकी अनाउंसमेंट हो जाएगी। पहले बता रहा हूं।
मार्क कर लेना आज अपने पास कि भाई जनवरी एंड के अंदर यूईटी राउंड नंबर वन के फॉर्म्स आ जाएंगे। सही है? दोनों राउंड तो
आपने यूई के देने हैं ना बेटा? एनटीएस हर महीने होता है। तो बताने का मकसद ये है कि भाई रेगुलर बच्चे को हमने ऑफर क्या करी कि
आप वीक डेज की क्लासेस ले लो या वीकेंड के लिए लो। और अगर आप चाहते हो कि आप दोनों लो तो कोई मसला नहीं है। अब कोई बच्चा
बोले सर मैं तो दोनों क्लासेस लेना चाहता हूं। मैं सिर्फ कॉलेज जाता हूं तो मैं शाम को दोनों क्लासेस ले लूंगा। तो आपके ऊपर
है। आपको अलग से कोई पैसे नहीं देने। अच्छा जो बच्चा इंप्रूवर वाला है। अब इंप्रूवर वाला बच्चा अक्सर क्या कहता था?
सर हम नेगलेक्ट हो जाते हैं। सर हमने गैप ईयर लिया है। हमारे तो पूरे हफ्ते हम फ्री हैं। तो ऐसे बच्चे के लिए खास बात क्या
है? ऐसे बच्चे के लिए खास बात ये है कि वो दोनों की क्लासेस लेगा। ऐसे बच्चे के लिए खास बात क्या है? वो दोनों की क्लासेस भी
लेगा और फिर इसके बाद इनकी प्रैक्टिस क्लासेस भी लेगा। तो ऐसे बच्चे को तो सर उठाने का टाइम नहीं मिलेगा। कि वो बच्चा
जो डिप्रेशन में जाता था ना आज से पहले क्या होता था। अब देखो ये छोटी-छोटी बातें जो हमें बहुत तरीके से मालूम है कि गैप
ईयर का बच्चा या इंप्रूव्ड वाला बच्चा मेजोरिटी बच्चा डिप्रेशन में रहता था कि वो जब दोस्तों की स्टोरीियां देखता था कोई
नस्ट में है कोई जीआई के में Snapcha के ऊपर इंस्टा के ऊपर वो कहता था यार डिप्रेशन हो रहा है सर ये देखिए इनका
एडमिशन हो गया मेरा नहीं हो सका गैप ईयर लेना एक बहुत डिफिकल्ट डिसिशन होता है कि जब आप लोगों को आगे बढ़ता हुआ देख रहे
होते और खुद आप उसी जिंदगी की उसी पॉइंट पे स्टक होते हो तो हमने उनके लिए क्या खास बात करी उनके लिए हमने दोनों क्लासेस
रखी हुई हैं कि भर् आप पर्टिकुलरली वीक डेज की क्लासेस भी लो वीकेंड की क्लासेस भी लो तो आपको सर उठाने की फुर्सत नहीं
मिलनी चाहिए हम हम आपको इतनी चीजें पढ़ाएंगे, इतनी तरीके से पढ़ाएंगे, इतने हमारे टीचर्स मेहनत करेंगे कि आप परेशान
हो जाओगे कि सर इतनी मेहनत भी कोई कर सकता है। इतनी फीस के अंदर इससे रैंक क्वालिटी भी प्रोवाइड कर सकता है। अल्हम्दुलिल्लाह।
तो अब आपको दो बातें मैंने यहां पे डिफाइन कर दी कि भाई मैंने हर सब्जेक्ट में ये होगा। फिजिक्स में भी ये होगा, इंग्लिश
में भी ये होगा। जिन यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री कंप्यूटर आती है वहां पे भी ये होगा कि आपको वीक डेज पे अलग प्रोफेसर की
क्लास मिलेगी। वीकेंड पे अलग मिलेगी। और बात यहां पे खत्म नहीं हुई। बात अब आगे बढ़ेगी। इसके बाद क्या होगा कि भ लेट्स
सपोज आपके हैं मैथ्स के प्रोफेसर सर आफता। अब सर आताब इस अ वेरी रिनोन मैथमेटिक्स प्रोफेसर ऑफ़ पाकिस्तान। पाकिस्तान का एक
बड़ा मशहूर कॉलेज है। कॉमिक्स कॉलेज जहां पे वो एचडी है मैथमेटिक्स के। अल्हम्दुलिल्लाह मेरी टीम के अंदर वो
मौजूद हैं और बहुत ही एक सीनियर प्रोफेसर हैं। तो बताने का मकसद ये है कि लेट्स सपोज सर आफताब आपको एनालिटिकल ज्योमेट्री
पढ़ा रहे हैं। अब जो भी क्लास के अंदर आपको टीचर पढ़ाएगा। अब अब जरा टीचिंग का मेथड समझिएगा कि क्लास के अंदर लेट्स सपोज आपको
पढ़ाई जा रही है एनालिटिकल ज्योमेट्री। तो टीचर ने जब एनालिटिकल ज्योमेट्री आपको पढ़ाई तो भाई साथ-साथ टॉपिकल पास्ट पेपर और
साथ-साथ प्रैक्टिस शीट के एमसीक्यू वो आपको क्लास के अंदर रैंडमली सॉल्व करवाएंगे। उसके बाद वो प्रैक्टिस शीट आपको
जो भी टॉपिक पढ़ाया उसकी प्रैक्टिस शीट प्रोवाइड कर दी जाएगी। जब प्रैक्टिस शीट प्रोवाइड कर दी जाएगी तो अगले हफ्ते, अगले
हफ्ते एक दिन उसी की क्लास कंडक्ट होगी। जिस क्लास के अंदर हमारे तीसरे प्रोफेसर मौजूद होंगे। और ये प्रोफेसर भी हमारे बड़े
सीनियर प्रोफेसर हैं। अब हर सब्जेक्ट में डिफरेंट होंगे। तो भाई ये जो प्रोफेसर होंगे जो प्रॉपर्ली किसी कॉलेज के अंदर
मौजूद हैं। ये नहीं कि मैंने कॉलेज के और यूनिवर्सिटीज के बच्चे को लगा दिया। हैं भाई फीस ले रहे हैं ₹80,000 और
यूनिवर्सिटी के बच्चे पढ़ा रहे हैं। भाई ये नर्स के और ये यूवीटी के बच्चे हमारे पास ऑलरेडी अल्हम्दुलिल्लाह आ रहे होते थे
और हमें रख ले अपने पास। तो प्रॉपर प्रोफेसर जो कि ए लेवल्स दो लेवल्स के अंदर ये डिफरेंट एकेडमीस के अंदर ये
डिफरेंट किसी इदारे के अंदर बड़े अरसे से मुसलिक हैं। ये तीसरे प्रोफेसर होंगे जिनका काम है टेस्टिंग के लिए टेस्टों को
बनाना। तमाम टेस्टों को डिजाइन करना, प्रैक्टिस क्लास कंडक्ट करना और उस प्रैक्टिस क्लास के अंदर जो टॉपिक आपको सर
आफताब ने या प्रोफेसर हाशिम ने या किसी भी आपके वाइस प्रेसर टीचर ने आपको समझाया, पढ़ाया उसकी प्रैक्टिस शीट प्रोवाइड करी।
उस प्रैक्टिस शीट के तमाम क्वेश्चंस को सॉल्व करवाना विद दी शॉर्टकट्स। ना सिर्फ ये बल्कि उसका जो टेस्ट कंडक्ट होगा उस
टेस्ट की क्लास भी सर कंडक्ट करेंगे। जिनका काम ये होगा कि उस टेस्ट में जितने क्वेश्चंस आए थे उनको ट्रिक्स के ऊपर
सॉल्व करवाना। सो दैट्स हाउ वी आर प्रोवाइडिंग द क्वालिटी एजुकेशन। भाई कोई तो रीज़न है ना यार कहने को बहुत आसान है
अगर हम ₹40 फीस भी रखें हमारा बच्चा आएगा अल्हम्दुलिल्लाह हमें पता है हमें मार्केट गैप का पता है हमें अल्हम्दुलिल्लाह
अल्लाह की बड़ी जात उम्मीद है कि जिस तरह की हम क्वालिटी प्रोवाइड करें ₹400 भी आएगा मगर हमने ऑलरेडी बड़ी मिनिमम फीस रखी
हुई है और उसके ऊपर हम आपको क्वालिटी दे रहे हैं पूरे पाकिस्तान में कोई इदारा ऐसा बता दो जो आपके साथ ये काम कर रहा हो लाइव
क्लासेस में तीन प्रोफेसर्स को इंगेज करना तो भाई पहले प्रोफेसर दूसरे प्रोफेसर और तीसरे प्रोफेसर टेस्टिंग के आपको लग रहा
होगा सर बस इतना सा नहीं इतना नहीं है और भी है और क्या है इसके अलावा आपके हर सब्जेक्ट के सपोर्टेड WhatsApp ग्रुप्स
होते हैं डाउट टीम्स होती हैं। अच्छा सपोर्टेड WhatsApp ग्रुप में क्या होता है? आपको कोई प्रॉब्लम है, कोई इशू है,
कोई आपकी मसले मसाइल है, कोई क्वेरी है? आप वहां पे पूछोगे। लेट्स सपोज आप खुद से कोई पेपर सॉल्व कर रहे थे। आपको वहां पे
किसी क्वेश्चन में प्रॉब्लम हुई तो आपने उस क्वेश्चन को वहां पे टैग कर दिया। आपकी वहां पे हर सब्जेक्ट की डाउट टीम अधा
मौजूद है। डाउट टीम आपके पास अधा मौजूद है। जिसका काम ये है आपको रिसोंड करना। ये हमारे पास डाउट टीचर्स अलग होते हैं।
जूनियर लेवल टीचर्स होते हैं। ये अलग हैं। ये प्रोफेसर लेवल नहीं है। मैं ओपनली आपसे सच्ची बात करूंगा। ये जूनियर लेवल टीचर्स
हैं जो कि हमारी डिफरेंट यूनिवर्सिटीज के अंदर बैठे होते हैं। यूनिवर्सिटी से फारक तहसील हैं। मगर इनका इतना तजुर्बा नहीं
होता। मगर ये प्रॉपर टीचर्स हैं। भाई ये नहीं कि मैंने ऐसी कोई मजाक मस्ती में नर्सरी का बच्चा लगा दिया नहीं। ये प्रॉपर
टीचर्स हैं। मगर ये प्रोफेशनल लेवल नहीं है। ये तीनों प्रोफेशनल लेवल हैं। तो जो टीचर्स होते हैं इनका काम क्या है? आपके
डाउट्स को रिज़ॉल्व करना, प्रॉब्लम्स को रिलॉक्वल करना, क्वेरीज को रिज़ॉल्व करना। यहां पे डाउट टीम हमारी टोटली डिफरेंट है।
और ये प्रॉपर टीचर्स हैं भाई। मैंने जो आपसे कहा ना प्रोफेसर नहीं है। मगर टीचर्स तो प्रॉपर लेवल के टीचर्स हैं भाई। जिनका
कई-कई साल का तजुर्बा है इसी चीज के ऊपर जो डाउट टीम्स के ऊपर। अल्हम्दुलिल्लाह हम ये क्वालिटी आपको प्रोवाइड कर रहे हैं। ये
मैंने सिर्फ मैथ्स की मिसाल दी है। फिजिक्स में यही काम होगा, केमिस्ट्री में यही काम होगा, इंग्लिश में यही काम होगा,
फिजिक्स में यही काम होगा। आपके पास क्वांटिटिव में यही काम होगा, बिज़नेस मैथ्स में यही काम होगा, बिज़नेस इंग्लिश
में काम हो रहा होगा। तो ये हर चीज़ आपको हम प्रोवाइड करेंगे इस पैटर्न के ऊपर। दैट इज़ द रीज़न कि हमारी हर जगह पे पोजीशन है।
इसलिए मैं आप लोगों को एजुकेट करता हूं कि भाई कोई इदारा अगर ₹80,000 चार्ज कर रहा है तो उससे जाके पूछो ₹80,000 में किस
कहां-कहां पोजीशन आई है? क्या-क्या फैसिलिटी प्रोवाइड कर रहे हो? क्या सर हाश जैसी फैसिलिटी प्रोवाइड कर रहे हो? आईएमआई
शाय करेंगे। नहीं हम तो एक ही टीचर हैं। फिर रिकॉर्डेड लेक्चर का कोर्स पकड़ा देते हैं वो सारे के सारे आपको। उसके बाद भी
उनके पास कोई पोजीशन नहीं है। एनईटी में सिर्फ एक पोजीशन होगी। तो जाके तो भाई आपके मां-बाप को चाहिए आप जाके उनसे
क्वेश्चन पूछे कि भाई क्या रीज़न है? आप इतनी फीस भी चार्ज कर रहे हो फिर भी आपकी 10 में 170 प्लस स्कोर नहीं है। इतनी पैसे
चार्ज कर रहे हो। यूईटी के अंदर पोजीशन नहीं है। जीआई के में पोजीशन नहीं है। फ़स्ट में पोजीशन नहीं है। आईबी में पोजीशन
नहीं है। सिर्फ एक यूनिवर्सिटी में अगर पोजीशन आई हुई है तो भाई कोई खास इदारा नहीं है वो। बताने का मकसद क्या है कि भाई
आपको ये चीज़ समझनी पड़ेगी। तो हमारा स्ेड्यूल हर सब्जेक्ट में ऐसे ही होगा। वीक डेज़ का अलग, वीकेंड्स का अलग। तो भाई
ताकि अच्छा अगर कोई बच्चा कहता है सर मुझे दोनों की क्लासे लेनी है। सर मैं रेगुलर स्टोरी हूं। मुझे दोनों लेनी है तो आप
दोनों ले सकते हो। कोई मसला नहीं है। हमारे तमाम टीचर्स बेसिक टू एडवांस लेवल पे पढ़ा रहे होते हैं। अब काफी सारे बच्चे
ऐसे होते हैं जो प्रीमेडिकल बैकग्राउंड के होते हैं जो एडिशनल मैथ्स का एग्जाम दे रहे हैं या नहीं भी दे रहे। तो प्रीमेडिकल
के काफी सारे बच्चे हमारे पास होते हैं एनर्स को टारगेट कर रहे हैं। अब वहां पे एडवांस लेवल मैथमेटिक्स है। तो भाई हमारे
तमाम टीचर्स को हिदायत होती है कि आपने बेसिक टू एडवांस लेवल पे जाना है। हमें ये बात मालूम है कि बच्चा अभी सेकंड ईयर में
बैठा हुआ है। अब बहुत सारे बच्चे ऐसे होते हैं जिन सेकंड ईयर में अभी डेरिवेटिव नहीं पढ़ा। लेट्स सपोज अगर हम डेरिवेटिव पढ़ा
रहे हैं तो हम पहले आपको वो टॉपिक एक्सप्लेन करेंगे। फिर उसके प्रैक्टिस एमसीक्यूस करवाएंगे। फिर उसके बाद एडवांस
लेवल कॉन्सेप्ट पे जाएंगे। फिर एपटीट्यूड लेवल के ऊपर जाएंगे। तो आपको हम प्रॉपर्ली उसका कॉन्सेप्ट देंगे। अब जैसे ए लेवल्स
का बच्चा है। ए लेवल्स का जो बच्चा है मेरा बड़ा फेवरेट बच्चा है। इस बच्चे ने सीक्वेंस सीरीज नहीं पढ़ी। इस बच्चे ने
मैट्रिससेस नहीं पढ़ी हुई। इस बच्चे को एफएससी की मैथ्स का इतना आईडिया नहीं है। तो हम इस बच्चे को कैटर आउट कर रहे हैं
क्योंकि भाई प्रीमेडिकल का बच्चा ऐसे ही बच्चा है। क्योंकि एफएससी जो एफएससी की मैथमेटिक्स है वो डिफरेंट है। 11th की
मैथमेटिक्स डिफरेंट है। वहां पे कैलकुलेटर भी अलाउ है। अब वहां के बच्चे को ज्यादा डिफिकल्टी होती है एफएससी मैथ्स में। तो
भाई हमारे तमाम टीचर्स बेसिक टू एडवांस लेवल पे जा रहे होते हैं। अब देखो हर बच्चे की कोई खास बात नहीं। अभी बातें कोई
और नहीं बताएगा कि जैसे जो एफएससी का बच्चा है वो ज्यादा अच्छा है अपने जो आपके पास एनालिटिकल के सब्जेक्ट्स हैं उनके
अंदर। एनालिटिकल के अंदर एडवांस मैथ्स वगैरह में बच्चा ज्यादा अच्छा होता है। जो ए लेवल्स का बच्चा है ना वो थिंकिंग
प्रोसीजर के कांसेप्ट का ज्यादा अच्छा है। वो ज्यादा अच्छा है फिजिक्स केमिस्ट्री में वो ज्यादा अच्छा है क्वांटिटेटिव के
अंदर। ये जो वर्ड प्रॉब्लम बेस्ड क्वेश्चन होते हैं ओ लेवल में से पढ़े भी होते हैं। हमें ये बातें मालूम है। तभी हमारे पास
जितने टीचर्स होते हैं वो बेसिक टू एडवांस लेवल पे जाते हैं ताकि हर बच्चा कैटर आउट हो सके। हर बच्चे की तैयारी उसके बेस के
ऊपर हो सके। इसके बाद आपको हर चैप्टर के चैप्टर वाइज़ टेस्ट अलग कंडक्ट होते हैं। थाउजेंड्स ऑफ़ एमसीक्यूस के सोलशन आपको अलग
मिलते हैं। यूनिवर्सिटीज की मैराथों्स आपको अलग मिलती है बैजेस के अंदर। तो भाई ये फैसिलिटीज़ YouTube पे नहीं मिलती।
YouTube पे ऑब्वियसली मैं मेहनत करता हूं। मैंने बड़ी मेहनत करी है। छ साल लगाए हैं मैंने YouTube के ऊपर। यार मजाक थोड़ी है।
एक बड़ी मेहनत है मेरी। इन्हीं बैच के जो लेक्चर होते हैं मैं अक्सर कार्ड पीटी करके उसको डालता हूं। जब मेरा मूड होता
है। जब नहीं मूड होता है नहीं डाल पाते। इतना बिजी होता हूं। भाई मैं डायरेक्टर हूं अपने इंस्टट्यूट के अंदर। तो 10 चीजें
होती है जो मुझे मैनेज करनी है। पूरी टीम्स मुझे मैनेज करनी है। मेरी टीम के अंदर 22 लोग काम कर रहे हैं सोशल मीडिया
टीम के ऊपर। अ देन फिर मार्केटिंग आया क्योंकि मेरा सब्जेक्ट मार्केटिंग रहे अल्हम्दुलिल्लाह। मैंने जो तालीम हासिल की
मैं उसको संभाल कर रहा। अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं सर आपने यूएस से तालीम हासिल की क्या फायदा हुआ? भाई मेरा फायदा हुआ
इंजीनियरिंग मैनेजमेंट। मैंने उसको मैनेज कर रहा हूं अपने काम को भाई। तो पॉइंट इज़ दैट तालीम कभी बेकार नहीं जाती। जिंदगी
में तुम कोई भी तालीम हासिल करोगे तालीम लाजमी हासिल करो। वो तालीम कभी बेकार नहीं जाएगी। खुदारा मैच्योर हो जाओ। आपके
मां-बाप आपको मजबूर नहीं करने चाहिए पढ़ाई करने के लिए। आपके अंदर खुद ये स्ट्रांग फीलिंग होनी चाहिए कि अगर मुझे अपनी
किस्मत को बदलना है तो तालीम वो जेवर है जो आपको हासिल करना है। मैं ये बातें बहुत करता हूं। देखो ये वाली बातें कोई टीचर
आपसे नहीं करेगा। लोग आएंगे पैसे लेंगे पढ़ा के चले जाएंगे। तुम कामयाब हो जाओगे। तुम्हारे गले में हार डालेंगे निकल
जाएंगे। मगर जो बच्चा नाकाम हो जाता है कोई उसकी बात नहीं करता। मैं आपकी बात करता हूं। मैं जानता हूं कि जो गैप ईयर का
बच्चा है वो ज्यादा परेशान होता है। और जो बच्चा भी रेगुलर में बैठा हुआ है। इनमें से अक्सर बच्चा ऐसा होता है जिसके
बड़े-बड़े ख्वाब होते हैं। तुमने अगर उन ख्वाबों को पाना है उसके लिए मेहनत करनी है बेटा। देखो उसके लिए कोई दोस्त
तुम्हारे काम नहीं आएगा। कोई पर्सनल लाइफ में तुम्हारी जो ये फ्रेंडशिप्स है ना जो फ्रेंडशिप्स है उल्टी सीधी ये कोई काम
नहीं आएगी। कोई फैमिली फ्रेंड आपके काम नहीं आएगा। कोई रिश्तेदार काम नहीं आएगा। दुनिया की तल हकीकत तो ये है कि मां-बाप
भी एक अरसे के बाद छोड़ के चले जाते हैं। जाहिर सी बात है हर एक को जाना है। तो बताने का मकसद क्या है? बताने का मकसद ये
है कि बेटा अपने लिए स्ट्रगल खुद से करनी पड़ती है। जो मां-बाप के अगर बिलियन डॉलर्स के एंपायर भी है ना वो भी खत्म हो
जाएगी। एक दिन अगर तुम्हें मैनेज करना नहीं आता। तो आपको लगता है बहुत आसान होता है। नहीं बहुत आसान नहीं होता। इसके लिए
एफर्ट्स करनी पड़ती है। मेहनत करनी पड़ती है। अगर आप लेट्स सपोज लैया में रहते हो। अगर लैया से जिंदगी भर तो नहीं रहना ना।
लैया से निकलना है। चार सदा में रहते हो। चार सदा से निकलना है ना बेटा। सबाबी में रहते हो। तो सबाबी से निकलना है कि नहीं
निकलना? आप लेट्स सपोज आप रहते हो चीचा मलिया के अंदर तो भाई आप या थर पार्कर में रहते हो। आप कराची के औरंगी टाउन में रहते
हो। हैं? तो वहां से अगर निकलना है तो उसके लिए एफर्ट्स करनी है भाई। वो एफर्ट्स कोई आपको नहीं करेगा। आप यकीन मानो मैंने
औरंगी टाउन के बच्चे को 100% स्कॉलरशिप के ऊपर यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्लास्को के अंदर र्स रॉयस की स्कॉलरशिप उसको मिली थी। वन ऑफ़
माय वेरी क्लोजेस्ट फ्रेंड। कभी सर्च करना लन के ऊपर जाके ओसामा उमर उसकी कभी स्टोरी पढ़ना। मैं बताऊंगा स्टोरी उसकी। मैंने जिस
जमाने में YouTube स्टार्ट किया था मेरे पास होते हुए आया था बंदा। उसने कहा था यार मैं अफोर्ड नहीं कर सकता ऐपटीट्यूड
साइट को। तो आपने बड़ा अच्छा काम किया। हाशिम भाई ये बताने का मकसद क्या है? बताने का मकसद ये है कि भाई मैंने ऐसे-ऐसे
लोगों को तालीम के ऊपर बदलते हुए देखा है। आप सोच नहीं सकते। औरंगी टाउन से निकला था वो बच्चा औरंगी टाउन से और उसने दुनिया
बदल दी। आज वो Rolls Ryce की 100% स्कॉलरशिप के ऊपर बैठा है। उसका था मास्टर कंप्लीट। पीएचडी उसका कंप्लीट भी हो गया।
उसका पीएचडी था। एयर बस 360 के अंदर एक टेक्निकल फौल्ट होता है। रिगार्डिंग दी इमिशन ऑफ इट वास समथिंग लाइक दी अमिशन ऑफ़
सम सीट का या कोई पता नहीं कोई टेक्निकल फौ्ट था। वो दुनिया का सॉलिड वक्स का तीसरे नंबर पे चैंपियन हुआ था। जब वो
सॉलिड वक्स का चैंपियन बना था उसको सॉलिड वक्स ने एयरप्स, बैग और बहुत सारे गैजेट्स भेजे थे। तो भाई बता क्या इशू है इसका
बताने का? देखो आपके मां-बाप अगर आज भी आपको फोर्स करते हैं पढ़ाई करने के लिए कब पढ़ेगा? कब पढ़ेगा? क्या कर रहा है? ये
गलत है। आपको खुद से पढ़ना है। आप आज मैच्योरिटी के लेवल के ऊपर आ चुके हो। आसान भाषा में आप बलगत की उम्र के ऊपर हो।
यानी कि इंसान उस वक्त बालिग हो चुका होता है। आप उस ऐज के ऊपर बात समझो। मां-बाप कभी आपके पीछे नहीं पड़ सकते। भाई आपने
खुद मालूम होना चाहिए आपको तालीम कब हासिल करनी है कब नहीं हासिल करनी। देखो मैं अपना गला इतना सुखाता हूं। मैं चाहता हूं
इस कौम का बच्चा पड़े। मैं चाहता हूं इस कौम के बच्चे को तालीम मिले। अपनी तरफ से जितना मैं कर सकता हूं मैं करता हूं। मैं
अपनी तरफ से बेस्ट दे रहा हूं यार। मैं अपनी तरफ से इसमें इससे बेस्ट शायद मैं बहुत अच्छा पाकिस्तान से बाहर जाके रह
सकता था। मेरे आज भी वो ऑफर्स मौजूद है। बट अगर मैं इस कौम के बच्चे को एजुकेट कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि बच्चा आगे जाए,
आगे बढ़े। उसके लिए बेसिक चीज तालीम है। और वो तालीम को हासिल करना बहुत जरूरी है। खुदारा उस पे जाओ। वो चीज बड़ी आपके हेल्प
करेगी इंशाल्लाह तालाजल। खैर एक और चीज बताने का मकसद क्या है? अच्छा अब वापस आते हैं। हमारी जो लाइव क्लासेस होती है ना
बेटा ये पोर्टल के ऊपर होती हैं। अच्छा हमारी लाइव क्लासेस स्मार्ट बोर्ड पे कंडक्ट होती हैं। आप बोलोगे सर ये क्या
टेक्नोलॉजी है? तो भाई दुनिया के अंदर अब है स्मार्ट बोर्ड का जमाना। अल्हम्दुलिल्लाह तो हमने इस एट टेक सेक्टर
के अंदर सबसे एडवांस लेवल के ऊपर हमारी क्लासेस हैं। हमारी 99% क्लासेस स्मार्ट बोर्ड पे हैं। सिर्फ एक से दो क्लासेस वो
भी इस वजह से क्योंकि हमारे स्मार्ट बोर्ड्स मल्टीपल स्मार्ट बोर्ड्स एक स्मार्ट बोर्ड बहुत एक्सपेंसिव आता है। 3
मिलियन तक कॉस्ट आती है उसकी। आप ये सोचो यार हम जो फीस आपसे ले रहे हैं ना उसप हम कितना ज्यादा आप पे लगा रहे हैं। कितना
ज्यादा मैं आपको चैलेंज करने को तैयार हूं। पूरे पाकिस्तान में कोई दायरा जो ₹80,000 की फीस ले रहा होगा ना अगर वो
आपको ये फैसिलिटीज दे रहा है तो आप मुझे बताओ मैं आपको उससे बेहतर फैसिलिटीज दे दूंगा। कोई ऐसी फैसिलिटी जो आपको हमारे
पास ना मिले आप सिर्फ आके हमें बताओ। मैं आपको वो फैसिलिटी गारंटी देता हूं प्रोवाइड करने को तैयार हो जाऊंगा।
अल्हम्दुलिल्लाह। तो भाई हमने स्मार्ट बोर्ड्स अपने पास लगवाए हुए हैं ऑफिसेस के अंदर जहां से हमारे तमाम टीचर्स की टीम
क्लासेस लेती है। सिर्फ दो क्लासेस या तीन क्लासेस आपकी स्मार्ट बोर्ड पे नहीं हो रही क्योंकि हमारे स्मार्ट बोर्ड्स अभी
मैक्सिमम कैपेबिलिटी के ऊपर टोटलाइज्ड हो रहे हैं ऑलरेडी। अच्छा इसके अलावा आपकी लाइव डाउट क्लासेस होंगी। इसके अलावा आपकी
जो भी क्लास अच्छा अगर कोई भी क्लास आपकी मिस होती है। लेट्स सपोज आप आप कहते हो सर मुझे सिर्फ वीकेंड की क्लास लेनी है। मगर
मैं वीक डे की क्लास की रिकॉर्डिंग जरूर लूंगा। तो भाई जैसे ही आपकी क्लास खत्म होती है ना ऑटोमेटिकली हमारी जो क्लास की
रिकॉर्डिंग वो अपलोड हो जाती है पोर्टल के ऊपर एप्लीकेशन के ऊपर। या अल्हम्दुलिल्लाह हमारा ए टेक का काम है क्योंकि एटे सेक्टर
हमारे पास पूरी प्रॉपर हमारी एलएमएस पोर्टल्स हैं और एप्लीकेशन है तो उसके ऊपर होता ये है कि जैसे ही क्लास खत्म होती है
ऑटोमेटिकली आपकी क्लास एक सेकंड का वेट भी नहीं होता अपलोड हो जाती है एक सेकंड का वेट भी नहीं होगा डायरेक्टली अपलोड हो
जाएगी इसके अलावा क्लास नोट्स वगैरह अच्छा जो प्रैक्टिस मटेरियल है सब हम प्रोवाइड करेंगे आपको अच्छा प्रैक्टिस मटेरियल
जितना भी होगा सारा का सारा हम प्रोवाइड करेंगे आपको अलग से कोई पेमेंट नहीं करनी ये पूरे साल की पेमेंट होती है जब तक
अगस्त जुलाई 2026 अगस्त 2026 तक की पेमेंट है पाकिस्तान की तमाम यूनिवर्सिटी तारी तो इसलिए हम इसके अंदर एक स्लोगन यूज़ करते
हैं वन बैच फॉर ऑल यूनिवर्सिटीज इफ यू आर अपाइंग फॉर एनी इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी ऑफ़ पाकिस्तान तो यू विल कम इन अंडर दी
ईकैट कैटेगरी। इफ यू आर अपाइंग फॉर एनी मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज ऑफ़ पाकिस्तान जो एमडीकड के बच्चे हमारे एमडीकड के बैचेस
अलग होते हैं। जिसमें एमडीकड की हम तैयारी एयू की तैयारी आ खान यूनिवर्सिटी जो पाकिस्तान की बेस्ट यूनिवर्सिटी है
एमडीकैट के अंदर। इसके अलावा नम्स की तैयारी, आर्य मेडिकल कॉलेज की तैयारी। इसके अलावा चाहे वो खैबर मेडिकल कॉलेज हो,
किंग एडवर्ड हो, फातिमा जिना हो, डॉ हो, एसएमसी हो, लेरी मेडिकल कॉलेज हो एंड सो ऑन। तो एमडीकैड की हमारी टोटली अलग
क्लासेस होती हैं। उनके अलग टोटली हमारे बैचेस होते हैं। सेम गोज़ फॉर अगर आप बिज़नेस यूनिवर्सिव की तैयारी कर रहे हो
आईबीए की, लम्स की, हबीब की, एलएससी की, लॉ स्कूल, इकोनॉमिक्स की या फिर आप तैयारी कर रहे हो सीबीएम की या आप तैयारी कर रहे
हो कि एएसबीएल की तो इनके हमारे बैच टोटली डिफरेंट होते हैं। इनके टीचर्स की टीम टोटली डिफरेंट होती है। आपको हर चीज़ हम
प्रोवाइड करेंगे। चाहे आप क्वांटिटेटिव मैथ्स के ऊपर आ रहे हो, फिजिक्स के ऊपर आ रहे हो, मैथ्स में आ रहे हो, इंग्लिश में
आ रहे हो, केमिस्ट्री में आ रहे हो, बायो पे आ रहे हो। यानी कि आपकी आप जिस यूनिवर्सिटी को टारगेट कर रहे हो ना, आप
उनकी फीस पे अप कर दो। आप लेट्स सपोज इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हो, आप ईट के लिए फीस पे करोगे। उसकी ₹700 फीस है।
आप एमडी ग्रेड की तैयारी कर रहे हो। आप उसकी फीस पे करोगे। ₹700 उसकी फीस है। आप बिज यूनिवर्सिटी की तैयारी कर रहे हो। आप
उसकी फीस पे आप कर रहे होगे। इसके अलावा कंप्लीट पोर्टल का एक्सेस मिलता है। क्लास नोट्स मिलते हैं। इसके अलावा सबसे बढ़ के
चीज मैं वो तमाम चीजें अपने बैच के बच्चों को ज्यादा प्रोवाइड करता हूं जो मैं कहीं और प्रोवाइड नहीं करता। अल्हम्दुलिल्लाह।
भाई YouTube पे जो हमारे लेक्चर्स होते हैं ना मेरे वो बैच के जो लेक्चर्स होते हैं उन काट पीट के मैं डालता हूं। मगर जब
फ्री होता हूं मैं डालता हूं। भाई जैसे अभी फ्री नहीं चल रहा था नहीं डाल पा रहा भाई। नॉर्मल सी बात है। तो बैच के बच्चों
को सारा एक्सेस मिल रहा होता है अल्हम्दुलिल्लाह। सेकंड नंबर के ऊपर क्या डिफरेंस है YouTube पे और इसके ऊपर भाई
YouTube पे आपको ये फैसिलिटी नहीं मिल रही। मैंने इतने जो पॉइंट्स गिनवाए हैं ना आपके कोई टेस्ट नहीं YouTube पे हो रहा।
यहां पे आपके यहां पे टीचर्स की प्रॉपर्ली टीम है। जिनकी महीने की सैलरी लाखों के अंदर है। जिनका काम ही सिर्फ आपको टेस्ट
लेना है। यहां पे हमारे पास प्रोफेसर्स की जो टीम है उनकी सिर्फ सैलरीज ही लाखों के अंदर है। इनका काम आपको क्लासेस कंडक्ट
करवाना है। तो दैट्स द रीज़न कि भाई फ्री एजुकेशन के अंदर और एक मिनिमल फीस के ऊपर कि हम क्या-क्या आपको प्रोवाइड कर रहे
हैं। हम आपको जो क्वालिटी प्रोवाइड कर रहे हैं मैं आपको गारंटी देने को तैयार हूं। आपको पूरे पाकिस्तान के अंदर लाखों रुपए
पे भी नहीं मिल सकेगी। मेरी आपसे ये वादा है। अब फीस जो हम चार्ज कर रहे हैं ये बिल्कुल फीस अवेलेबल हम कर नहीं सकते
क्योंकि यार ऑब्वियसली ऑफिस का एक रेंट होता है। चीजों का एक रेंट होता है। टीचर्स की कॉस्टिंग का रेंट है, बोरिंग का
रेंट है, पानी का रेंट है, बिजली का रेंट है, एफबीआर के टैक्सेस हम पे लगे हुए हैं भाई। इसके अलावा हर चीज़ की ऑबियसली कॉस्ट
होती है। तो हमने ऑलरेडी जितनी हतो इमकान कम कीमत हमने वो यहां पे हम चार्ज कर रहे हैं। बाकी ये कि मैं आपको गारंटी देने को
तैयार हूं। अगर आप में से कोई बच्चा कहता है सर फलाने इदारे के अंदर हमें ये फैसिलिटी मिल रही है। मैं आपको वो
फैसिलिटी प्रोवाइड कर दूंगा। कोई मसले की बात नहीं है। इसी फीस के ऊपर। तो हमारी इस साल की जो फीस ₹7500 है। सबसे बड़ा फायदा
इस बैच के अंदर आपको ये मिलता है कि जब तक आप इसके बाद भी जो बैजेस स्टार्ट हो रहे थे आपको उनका एक्सेसरी मिल रहा है। इसके
अलावा हमारे पास सबसेेंट चीज ये है कि क्लास मिस होने के रिकॉर्डिंग मिल रही होती है। इसके अलावा सबसेेंट चीज ये है कि
भाई कोर्स आपका एक दफा दिसंबर में फिनिश होगा। फिर मार्च और फब के अंदर हो रहा होगा। इस तरीके से चलता जाएगा। और जब तक
एमडीकैड के जो बच्चे हैं अगर आपका कोई दोस्त एमडीकैड का उसको लाजमी बताइएगा। जब तक एमडीकैट 2026 का टेस्ट नहीं हो जाएगा
तब तक आपको मल्टीपल टाइम कोर्स रिवाइज़ करवाया जाता रहेगा। सही है या नहीं? ज़हन में रखिएगा। अच्छा भाई तो ये हमारी पूरी
की पूरी सिनेरियो होता है जो मैंने आपको बहुत डिटेल में डिफाइन करा। मैं उम्मीद करता हूं कि सारी बात समझ में आई होगी।
इंशाल्लाह तालाजल आपसे क्लासेस के अंदर मुलाकात होगी। जजाक अल्लाह खैर। थैंक यू सो मच। हर्षम साइनिंग ऑफ।
मैट्रिक्स संख्याओं या एलिमेंट्स की एक आयताकार व्यवस्था (रेक्टेंगुलर अरेंजमेंट) है, जिसे ब्रैकेट्स में लिखा जाता है। हर मैट्रिक्स की एक विशिष्ट पहचान होती है जिसे उसका 'ऑर्डर' या 'डायमेंशन' कहा जाता है, जो इसके पंक्तियों (Rows) और स्तंभों (Columns) की संख्या को दर्शाता है, जैसे कि 2×2 या 3×3 आदि।
स्क्वायर मैट्रिक्स वह होता है जिसमें पंक्तियों और स्तंभों की संख्या बराबर होती है, जैसे 2×2 या 3×3 मैट्रिक्स। इसके कई उपप्रकार होते हैं, जिनमें डायगोनल मैट्रिक्स, स्केलर मैट्रिक्स, यूनिट मैट्रिक्स, अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स, और लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स शामिल हैं।
डायगोनल मैट्रिक्स में मुख्य विकर्ण के अलावा सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं, जबकि स्केलर मैट्रिक्स में विकर्ण के सभी एलिमेंट्स समान और शून्येतर होते हैं। यूनिट या आइडेंटिटी मैट्रिक्स एक विशेष स्केलर मैट्रिक्स है जिसमें विकर्ण के सभी एलिमेंट्स 1 के बराबर होते हैं, और इसे 'I' से दर्शाया जाता है।
अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स में मुख्य विकर्ण के नीचे के सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं, जबकि विकर्ण के ऊपर के एलिमेंट्स मौजूद होते हैं। लोअर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स में इसके विपरीत, मुख्य विकर्ण के ऊपर के सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं और विकर्ण के नीचे के एलिमेंट्स मौजूद होते हैं।
सिमेट्रिक मैट्रिक्स वह होता है जिसका ट्रांसपोज़ (पंक्तियों को स्तंभों में बदलना) लेने पर वही मैट्रिक्स वापस प्राप्त होता है (A = Aᵀ)। स्क्यू-सिमेट्रिक मैट्रिक्स में ट्रांसपोज़ लेने पर मूल मैट्रिक्स का ऋणात्मक (निगेटिव) प्राप्त होता है (Aᵀ = -A), और इसमें मुख्य विकर्ण के सभी एलिमेंट्स शून्य होते हैं।
हाँ, ट्रायंगुलर मैट्रिक्स (अपर और लोअर दोनों) हमेशा एक स्क्वायर मैट्रिक्स होता है, क्योंकि इसकी परिभाषा में मुख्य विकर्ण का उल्लेख किया गया है। मुख्य विकर्ण केवल स्क्वायर मैट्रिक्स में ही परिभाषित होता है।
ये मैट्रिक्स के प्रकार विभिन्न विश्वविद्यालयों के एंट्रेंस एग्जाम्स (जैसे IBA, इकॉनमी, कॉमर्स) में नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इनकी स्पष्ट समझ और त्वरित पहचान से प्रश्नों को जल्दी और सही ढंग से हल किया जा सकता है, जिससे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त होते हैं।
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