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Fundamentals of Partnership One Shot | Class 12 Accounts Complete Chapter-1 | CBSE 2025-26 Exam
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समय राणा तन्मय भट्ट ये लोग मिलके जिन जो
दुकान खोली है इन्होंने ये लोग रिलेटिव
प्रोवाइड करते हैं कि भैया आप शादी में
अकेले जा रहे हैं हम आपको थोड़ी देर के
लिए मम्मी प्रोवाइड कर देंगे पापा
प्रोवाइड कर देंगे या वाइफ भी प्रोवाइड कर
देंगे मतलब जिसके साथ आप बस शादी तक जा
सकते हो दो पार्टनर्स होने चाहिए जो
मिनिमम है। अब सर दो पार्टनर आपने बोला
मिनिमम है तो मैक्सिमम कितने हो सकते हैं?
तो देखो मिनिमम तो दो है। लेकिन अब
मैक्सिमम लिमिट जो है ना वो हमको कंपनीज़
एक्ट बताता है। तन्मय बैठा हुआ था और आप
इनके पास गए कि यार तन्मय भैया एक अच्छी
सी मम्मी दे दो। मैंने कुछ स्कूल में
शरारत कर दी है। अब प्रिंसिपल ने हमें
बुलाया है। तो मतलब आपके प्रॉफिट पे कोई
इफेक्ट नहीं होगा बेटा। आपको पहले जितना
मिलता था इस बंदे के आने के बाद भी आपको
इतना ही मिलेगा। आपको कोई दिक्कत नहीं
होगी। आपने तो ओरली एग्री किया है और
एग्रीमेंट में कहीं लिखा ही नहीं है कि
आपको सैलरी मिलनी है। मतलब ओरली भी एग्री
नहीं किया आपने कि आपको सैलरी मिलनी है तो
भैया नहीं देंगे। हेलो एंड वेलकम बैक टू
नेक्स्ट टॉपर्स कॉमर्स जहां हम देश का
भविष्य बनाते हैं। मेरा नाम है रोहित
पुरस्वानी और आज मैं तुम्हारे लिए लेके
आया हूं यार अकाउंटिंग फॉर पार्टनरशिप
फर्म्स का पहला चैप्टर दैट इज
फंडामेंटल्स। तो बेटा आज हम लोग 12th की
जर्नी जो स्टार्ट कर रहे हैं इसमें मैं
तुम्हें बेसिक सा बता देता हूं कि हम
पार्टनरशिप ये जो एक बुक है ना तुम्हारी
उसको बेसिकली हम स्टार्ट करने वाले हैं और
जो पहला चैप्टर है उसका फंडामेंटल्स आज वो
पढ़ने वाले हैं। पार्टनरशिप ओवरऑल 36
मार्क्स का वेटेज रखता है तुम्हारे फाइनल
एग्जाम्स में। तो इट इज़ गोना बी अ वेरीेंट
टॉपिक। क्योंकि आज जो पढ़ रहे हैं दैट आर
फंडामेंटल्स। फंडामेंटल्स यानी क्या होता
है बेटा? पार्टनरशिप के बेसिक्स पढ़ोगे
आप। ठीक है? पार्टनरशिप किस पे काम करती
है? पार्टनरशिप होती क्या है? क्या-क्या
करते हैं इसमें? ये सारी चीजें अपन आज
पढ़ने वाले हैं। तो विदाउट वेस्टिंग एनी
टाइम लेट्स स्टार्ट आवर क्लास। ऑलराइट। तो
सबसे पहली चीज जो मैं तुम्हारे लिए यहां
पे लाया हूं वो है कि पार्टनरशिप क्या
होता है? तो देखो अभी तक ना 11th में हम
कुछ चीजें करके आए हैं। मैं उसको लिंक
करके तुम्हें बताता हूं कि कांसेप्ट क्या
है? पढ़ क्यों रहे हैं? क्योंकि देखो बेटा
हम सारे क्वेश्चंस कर लेंगे। कोई दिक्कत
नहीं होगी। कांसेप्ट पता होना बहुत जरूरी
है कि पार्टनरशिप आया ही क्यों? कर ही
क्यों रहे हैं सर? वो मैं तुम्हें बताता
हूं। देखो 11th में अभी तक आप सोल
प्रोपराइटरशिप पढ़ते हो या आ रहे हो मतलब
सोल प्रोपराइटरशिप होता क्या है कि एक
सिंगल बंदा अगर बिनेस कर रहा है तो हम
उसकी क्या अकाउंटिंग करते हैं वो सारी
चीजें हम लोग अभी तक तो देखते हुए आए हैं।
पहले वहीं से स्टार्ट करता हूं। 11th में
आपने क्या पढ़ा? सबसे पहले आपने पढ़ा एक
अकाउंट जिसको बोलते हैं ये मैं फाइनल
अकाउंट्स की बात करता हूं बेटा। सबसे पहले
पढ़ा आपने ट्रेडिंग अकाउंट। ट्रेडिंग
अकाउंट करते थे तो उसमें से निकलता क्या
था सर? ग्रॉस प्रॉफिट निकलता था। ट्रेडिंग
अकाउंट ग्रॉस प्रॉफिट याद है ना तुमको है
ना तो फिर ट्रेडिंग अकाउंट बनाते थे आप
उसके बाद आप बनाते थे एक प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट अब बस यहां से बात शुरू होती है
ध्यान देना प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में
आपका क्या निकलता था तो सर वहां पे निकलता
था हमारा नेट प्रॉफिट या फिर नेट लॉस ठीक
है नेट प्रॉफिट या नेट लॉस निकलता था
पार्ट इसके प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में अब
इस प्रॉफिट को तुम कहां ले जाते थे इसको
अब बैलेंस शीट में ले जाते थे ठीक है तो
यहां से अपन एक चीज और बना रहे थे जिसको
बोलते थे बैलेंस शीट। यहां पे अपन लेके
जाते थे और यहां पे आपको ध्यान देना है।
देखो क्या करते थे? बैलेंस शीट में दो
साइड्स होते थे। एक साइड होता था एसेट्स
का, एक होता था लायबिलिटी का और
लायबिलिटीज़ के अंदर एक चीज़ आती थी कैपिटल।
जो आपके सोल प्रोपराइटर के फंड्स को
रिप्रेजेंट करती थी और इस कैपिटल में जाके
आप नेट प्रॉफिट को कर देते थे ऐड। करते थे
कि नहीं? यहां तक हम करके आ चुके हैं।
यहां तक हम देख चुके हैं। अलग क्या है
यहां पर? हम नया क्या पढ़ रहे हैं 12th
में? तो देखो बस इतनी सी बात है कि यहां
पर ट्रेडिंग अकाउंट बन जाता था। बनाएंगे
मतलब 12th में नहीं बनाना आपको। लेकिन
12th ये मान के होती है कि आपको ये चीजें
आती हैं। तो आपको ट्रेडिंग अकाउंट बनाना
आता है। आपको ग्रॉस प्रॉफिट निकालना आता
है। आपको नेट प्रॉफिट भी निकालना आता है।
अब जब सोल प्रोपराइटर था तो ये पूरा
प्रॉफिट लेके चला जाता था। हम उसके कैपिटल
में ऐड कर लेते थे। यहां पर क्या नया हो
जाएगा कि यहां पर आपके पास इस प्रॉफिट को
प्रॉफिट को प्रॉफिट को बांटना पड़ेगा आपको
बंटवारा हो जाएगा इस प्रॉफिट का। किस में
बंटवारा होगा? ऑब्वियसली जो पार्टनर्स हैं
उसमें तो यहां पर आपको क्या करना रहता है?
ये जो नेट प्रॉफिट है ना इसको सर हमें
बांटना रहता है। बांटने को क्या कहते हैं?
तो बेटा बांटने को कहते हैं
एप्रोप्रिएशन। क्या बोलते हैं?
एप्रोप्रिएशन। प्रॉफिट को बांटना इज़ कॉल्ड
प्रॉफिट का एप्रोप्रिएशन। और इस
एप्रोप्रिएशन के लिए एक अकाउंट बनता है
जिसका नाम होता है प्रॉफिट एंड लॉस पूरा
ही लिख देता हूं। प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन
अकाउंट। एप्रोप्रिएशन अकाउंट। ठीक है?
पहला अकाउंट हम ये बनाएंगे। दूसरा अकाउंट।
दूसरा अकाउंट कौन सा होगा? अब देखो, पहले
क्या नेट प्रॉफिट निकला? आपने कैपिटल में
ऐड कर दिया। लेकिन यहां पर तो दो
पार्टनर्स हैं। दोनों अपना-अपना पैसा लगा
रहे होंगे। तो यहां पर दोनों पार्टनर्स के
कैपिटल्स अलग-अलग आएंगे। इसीलिए यहां पे
आपको एक दूसरा अकाउंट बनाना पड़ेगा। कौन
सा? जिसको अपन बोलेंगे
पार्टनर्स पार्टनर एस और फिर एपॉस्ट्रोफी।
पार्टनरों का पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट।
पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। तो ये दो अकाउंट
बनते हैं। और मैं बात बताऊं आपको कि ये दो
ही अकाउंट आपको पूरी पार्टनरशिप में बनाने
हैं। जो अभी हम सीखेंगे ना पूरा चैप्टर जो
करेंगे। हम ये दो अकाउंट्स कैसे बनाते यही
बनाना सीखेंगे और फंडामेंटल्स खत्म। बस
इतनी सी बात है। तो ये था कांसेप्ट जो मैं
पढ़ाने वाला हूं तुमको इस पूरे वन शॉट
में। समझ समझे? बात को समझे आप लोग? समझ
में आ गया सब? प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन और पार्टनर्स कैपिटल। क्यों
बनाएंगे? क्यों इंपॉर्टेंट है बेटा? देख
जब तुम मेरे साथ पढ़ रहा है। मैं एक चीज
पे बहुत ज्यादा फोकस करता हूं। दैट इज़
कॉनंसेप्ट। हम कर क्यों रहे हैं? देखो
क्वेश्चंस करना सेकेंडरी है। हमको समझ में
आना चाहिए। हम कोई भी चीज कर रहे हैं
अकाउंट्स में तो क्यों कर रहे हैं? ओके?
तो आई विल गो कॉनंसेप्चुअली। एक-एक चीज
समझा के मैं आगे बढ़ाऊंगा। सिर्फ
क्वेश्चंस करने वाला सीन यहां पर नहीं है।
ठीक है? तो एप्रोप्रिएशन करने के लिए हम
एप्रोप्रिएशन अकाउंट बनाते हैं। और इस
कैपिटल में क्योंकि वहां पे तो हम
डायरेक्टली ऐड कर देते थे। लेकिन यहां पे
दो पार्टनर्स की अलग-अलग कैपिटल होगी। तो
अलग-अलग कैपिटल्स पे कितना-कितना ऐड होगा
उसको निकालने के लिए हम पार्टनर्स कैपिटल
अकाउंट बनाते हैं। आई होप दिस इज़ क्लियर
टू एवरीवन। अब हम लोग अपने एग्जांपल पे
आते हैं। जहां पर मैंने आपके पास दो चेहरे
जिनको आप मोस्टली शायद जानते ही होंगे
उनको मैं लेके आया हूं। ये हैं तन्मय भट्ट
और ये हैं समय रायना जिनका समय थोड़ा सा
खराब चल रहा है अभी। तो इन दोनों के बारे
में अपन बात करते हैं। ये दोनों मिलके अगर
बिज़नेस करेंगे सिंपल सी बात तो उसको हम
बोलेंगे ये दोनों मिलकर मतलब मैं ऐसे प्लस
का साइन लगा देता हूं कि कैसा प्लस है?
फिर से लगाता हूं। तो ये दोनों मिलके अगर
बिज़नेस कर रहे हैं तो इसको बोलेंगे हम
पार्टनरशिप।
ठीक है? ये तो बहुत बेसिक है। ठीक है?
इसको पार्टनरशिप बोलेंगे। ठीक है? अब देखो
यहां पे क्या होता है। देखो क्या होता है
कि ये दोनों मिलके कुछ एक काम करेंगे तो
ऑब्वियसली उसमें फिर से प्रॉफिट्स वगैरह
होंगे। वो बिज़नेस प्रॉफिट या लॉस कुछ तो
निकालेगा ही। अगेन ये नेट प्रॉफिट होगा।
है ना? नेट प्रॉफिट निकलेगा। अब ये दो जने
हैं तो आपस में बांटेंगे। इनमें प्रॉफिट
को बांटने के लिए हम लोग बनाएंगे प्रॉफिट
एंड लॉस का एप्रोप्रिएशन अकाउंट। ठीक है?
बस इतना सा फिलहाल के लिए समझो कि इतना
अपन बनाएंगे। अब यहां पर नया क्या हो जाता
है? पार्टनरशिप क्या होती है? तो देखो ये
चीज ऐसी है ना पार्टनरशिप एक लीगल टाइप ऑफ
बिनेस है। बिनेसेस बहुत टाइप के होते हैं।
सोल प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, जॉइंट
वेंचर, कंपनी ऐसे बहुत सारे टाइप के
बिनेसेस हैं। सोल प्रोपराइटरशिप हम पढ़ के
आ गए। अब हम पार्टनरशिप पढ़ रहे हैं। तो
इस पार्टनरशिप को एक चीज जज करती है। जज
कौन करता है? मतलब ऐसा क्या? पार्टनरशिप
किस बेसिस पे होती है? किस एक्ट के अंदर?
कौन सा कानून इस पे लगता है? तो
पार्टनरशिप को जज करने के लिए एक एक्ट आया
है जिसको बोलते हैं पार्टनरशिप
एक्ट।
पार्टनरशिप
एक्ट
1932। 1932 के पार्टनरशिप एक्ट के हिसाब
से हम लोग इस पार्टनरशिप को पूरा का पूरा
जज करते हैं। मतलब ये दोनों रूल्स एंड
रेगुलेशंस होते हैं ना? तो वो रूल्स एंड
रेगुलेशंस कौन से लागू होंगे इस पे? वो
लिखे हुए हैं। इंडियन पार्टनरशिप एक्ट या
इंडियन भी लिख देता हूं बेटा। इंडियन
पार्टनरशिप एक्ट 1932 में उसके हिसाब से
हम इनको जज करते हैं कि ये पार्टनर्स क्या
कर रहे हैं, क्यों कर रहे हैं, कैसे
करेंगे? अब देखो क्या होता है ना कभी-कभी
ये जैसे अब ये पार्टनर्स तो मैंने आपको
बता दिए। तो पार्टनरशिप में बेसिक पांच
चीजें होनी चाहिए जिससे आप उस चीज को
पार्टनरशिप बोलते हैं। नहीं तो तो यार
बेटा ऐसा एक पापा बैठे हैं दुकान पे। उनका
बेटा भी आके बैठ गया कि सुबह-सुबह पापा
बैठते हैं और शाम को दो-ती घंटे बेटा बैठ
जाता है। इसका मतलब ये नहीं होता है कि वो
पार्टनरशिप हो गई। बाप बेटे के बीच में
उसको पार्टनरशिप नहीं बोल सकते। जस्ट
बिकॉज़ दो लोग हैं तो उसको पार्टनरशिप नहीं
बोलते। तो पार्टनरशिप होने के लिए कुछ
पांच बेसिक चीजें होनी चाहिए। सबसे पहली
चीज जिसमें कि पार्टनर्स होने चाहिए। ठीक
है? और पार्टनर्स क्या होते हैं? यहां पर
मैं आपको बताता हूं। अब इन पार्टनर्स ने
ये जो एक पार्टनरशिप का मैं आपको कांसेप्ट
बता रहा हूं। इन दोनों ने मिलके एक दुकान
खोली है। ठीक है? और उस दुकान में वो क्या
कर रहे हैं? तो देखो दे आर वो जो दुकान
खोली है उसका नाम है रेंट अ रिलेटिव। इसका
मतलब वी ऑफर रिलेटिव्स फॉर मैरिज,
पार्टीज, सोशल गैदरिंग्स एंड स्कूल
पीटीएम्स। मतलब ये लोग क्या करते हैं ना
मतलब समय राणा और दूसरा कौन है ये? तन्मय
भट्ट। ये लोग मिलके जिन जो दुकान खोली है
इन्होंने ये लोग रिलेटिव प्रोवाइड करते
हैं कि भैया आप शादी में अकेले जा रहे
हैं। हम आपको थोड़ी देर के लिए मम्मी
प्रोवाइड कर देंगे। पापा प्रोवाइड कर
देंगे या वाइफ भी प्रोवाइड कर देंगे। मतलब
जिसके साथ आप बस शादी तक जा सकते हो। है
ना? तो ऐसा कुछ। यहां आपको मम्मी प्रोवाइड
कर देंगे कि जाओ स्कूल पीटीएम में आपकी
मम्मी नहीं आ रही है। मतलब कुछ आपने कर
दिया स्कूल में है ना और मम्मी को बुलाया
है तो आप इनसे रेंट पे मम्मी लेके जा सकते
हो थोड़ी देर के लिए। ठीक है? तो ऐसा कुछ
बिनेस इन्होंने खोला है। तो सबसे पहली चीज
पार्टनरशिप के फीचर्स बता रहा हूं कि
पार्टनरशिप में होना क्या-क्या चाहिए। तो
सबसे पहले तो मिनिमम मिनिमम
टू पार्टनर्स होने चाहिए।
ठीक है? दो पार्टनर्स होने चाहिए जो
मिनिमम है। अब सर दो पार्टनर आपने बोला
मिनिमम है तो मैक्सिमम कितने हो सकते हैं?
तो देखो मिनिमम तो दो है। लेकिन अब
मैक्सिमम लिमिट जो है ना वो हमको कंपनीज़
एक्ट बताता है। ठीक है? मिनिमम बोलता है
पार्टनरशिप एक्ट बोलता है कि मिनिमम दो
पार्टनरशिप पार्टनर्स होने चाहिए। मैं
यहां पे लिख देता हूं। मिनिमम दो
पार्टनर्स कौन बोलता है सर? तो हमें ये
पार्टनरशिप एक्ट बोलता है जो अपन ने देखा
1932 वाला। ये हमें बोलता है। मैक्सिमम
कौन बताता है? तो देखो मैक्सिमम कौन बताता
है? मैक्सिमम बताता है आपका। ऐसे पूरा ही
लिख देता हूं। रूल 10 ऑफ़ कंपनीज़
एक्ट। कंपनीज़ एक्ट
2013। सर ये क्या कर दिया आपने? अभी आपने
बोला एक एक्ट फिर दूसरा एक्ट। हां। कंपनीज़
एक्ट 2013 बताता है कि मैक्सिमम जो
पार्टनर्स हैं दे कैन बी 50। ठीक है? 50
मैक्सिमम पार्टनर हो सकते हैं। अगर 51
पार्टनर हो गए। 51 पार्टनर आ गया तो फिर
आप कंपनी में चेंज कर दो उस चीज को। फिर
वो पार्टनरशिप नहीं रह जाएगी। भाई 50
पार्टनर पहले ही बहुत होते हैं यार। ठीक
है? तो 50 बहुत हैं। 50 से ऊपर आया तो आप
उसको कंपनी में चेंज कर दो। ऐसा नहीं होगा
आप दुनिया भर को पार्टनर ही बना लो। ऐसा
नहीं होगा फिर। 50 मैक्सिमम पार्टनर्स
अकॉर्डिंग टू रूल 10 ऑफ़ कंपनीज़ एक्ट हम ले
सकते हैं। तो सबसे पहली जो चीज़ बताई मैंने
तुम्हें कि यहां पर मिनिमम दो पार्टनर्स
होने चाहिए। अच्छा ठीक है। ये पांच चीज़
हैं इसमें। दूसरी चीज़। दूसरी चीज़
एग्रीमेंट होना चाहिए। अब ये एग्रीमेंट
क्या होता है? एग्रीमेंट क्या होता है कि
ये दोनों आपस में जैसे भाई बैठे हैं ना
मिलके है ना तो ये दोनों आपस में एक
एग्रीमेंट करेंगे। एग्रीमेंट कैसा कि यार
हम बस एग्रीमेंट में वो अपना नाम वाम लिख
देंगे या फिर और भी चीजें कर सकते हैं।
जैसे कि हम प्रॉफिट्स कितने शेयर करेंगे
समझो कि इस पूरी दुकान में तन्मय भट्ट का
ही पैसा लगा हुआ है। समय रायना ने अपनी
गुडविल के लिए मतलब उसका उसको देख के लोग
आ जाएंगे दुकान में कि वो मेहनत करेगा।
पैसा किसने लगाया मोस्टली? मैं मान लेता
हूं तन्मय भट्ट ने पैसा लगाया। तो ऐसे में
तन्मय भट्ट बोलेगा ना कि यार मुझे थोड़ा
ज्यादा प्रॉफिट का शेयर दे और तू थोड़ा कम
ले। फॉर एग्जांपल 3:2 में शेयर कर लेंगे
जितना भी प्रॉफिट आया। 3:2 मतलब तीन
पार्ट्स एक रखेगा, दो पार्ट्स दूसरा
रखेगा। है ना? तो ये एग्रीमेंट है कि अगर
हम डिस्प्यूट हो गया। हम दोनों के बीच में
लड़ाई हो गई। तो सॉल्व कैसे करेंगे? तो
दो-तीन अलग-अलग चीजें होती हैं जिसे सॉल्व
कर सकते हैं। कोर्ट में जा सकते हैं।
आर्बिट्रेटर एक नाम का शख्स होता है।
रिटायर्ड जज उसके पास जाके ये चीजें कर
सकते हैं। तो ये सारी चीजें उस एग्रीमेंट
में लिखी हुई होएंगी कि हम कितना पैसा
लगाएंगे? हमारे नाम क्या हैं? हम क्या
बिजनेस कर रहे हैं? हम कैसे प्रॉफिट्स को
शेयर करेंगे? हम कितना इंटरेस्ट लेंगे,
ब्याज लेंगे अपने कैपिटल्स पे।
कितनी-कितनी किस पार्टनर की सैलरी होगी?
ये सारी चीजें एग्रीमेंट में लिखी जाती
हैं। अब एग्रीमेंट के लिए भी मैं दो चीजें
बता देता हूं तुम्हें कि ये जो एग्रीमेंट
है ये भी दो तरीके का एग्रीमेंट हो सकता
है। कौन-कौन से दो तरीके? हो सकता है ओरल
एग्रीमेंट ही हो जाए कि भाई मुंह से बोल
दिया कि हां यार भाई अपन दोनों ऐसा-ऐसा
कुछ करेंगे। तो ये एक ओरल एग्रीमेंट है।
उन्होंने लिखा कुछ नहीं। दूसरा होता है
रिटर्न
एग्रीमेंट। ठीक है? रिटर्न एग्रीमेंट में
क्या होता है? दोनों लिखावट में। अब ये
लिखते किस पे हैं? ऐसा नहीं कोई नॉर्मल
पेपर उठाया उस पे लिख दिया नहीं। एक पूरा
का पूरा स्टैंप पेपर होता है जिस पे ये
सारी चीजें लिखी जाती हैं। अपन इसको आगे
पढ़ेंगे। इस रिटर्न एग्रीमेंट को
हम पार्टनरशिप
डीड भी बोलते हैं। ठीक है? ये इसको मैं
डिटेल में पढ़ाऊंगा। डोंट वरी। तो या तो
रिटर्न एग्रीमेंट होना चाहिए या तो फिर
ओरल पर एग्रीमेंट होना चाहिए। तो सर आप
बोलोगे सर कि ऐसा कि दोनों मिले आज आपस
में हाथ मिलाया बोला कि हम लोग बिज़नेस कर
रहे हैं। और इन्होंने कुछ भी लिखावट में
नहीं लिया कि हम प्रॉफिट्स कितने शेयर
करेंगे। मतलब इन्होंने मन में डिसाइड कर
लिया कि भैया प्रॉफिट्स देखो समय भाई आप
लोगे 3th ऑफ़ मैं 2थ ऑफ़ प्रॉफिट्स और मैं
लूंगा 3 फिफ्थ ऑफ़ प्रॉफिट। मतलब थ्री और
टू में हम लोग डिवाइड करेंगे प्रॉफिट को।
समय भाई आप सैलरी ले लेना ₹50,000 महीना।
मैं सैलरी लूंगा ₹10,000 महीना। ये
इन्होंने मुंह से बोल के डिसाइड कर लिया।
तो भी ये वैलिड है। है ना? ऐसा नहीं है कि
जरूरी नहीं है कि लिखना ही पड़े। लेकिन
क्यों लिखना जरूरी है? क्योंकि यार हो
सकता है कल को ये भूल जाए कि कल को अगर
ऐसा हो कि जब समय रायना को सैलरी एक्चुअली
लेने की बात आई पार्टनरशिप फर्म से तन्मय
भट्ट बोले यार मेरे को याद ही नहीं था तो
इन केस तब क्या करेंगे तब तो दिक्कत हो
जाएगी ना फिर वही कोर्टवोट के पास भागना
पड़ेगा केस करना पड़ेगा एक दूसरे पे तो
उससे बचने के लिए ये लोग रिटर्न एग्रीमेंट
कर ही लेते हैं यूजुअली लेकिन एक्ट बोलता
है पार्टनरशिप एक्ट 1932 बोलता है कि अगर
ओरल एग्रीमेंट है तो भी कोई दिक्कत नहीं
है जरूरी नहीं है कि आप रिटर्न में करो
लेकिन हर बार एडवाइस बबल है कि आप रिटर्न
में ही करो ताकि फ्यूचर में कोई
डिस्प्यूट्स हो रहे हैं तो वो बच जाए।
तीसरी मोस्टेंट चीज कि एक ये तो बहुत
बेसिक सा है कि एक बिनेस होना चाहिए।
बिनेस होना चाहिए। पार्टनरशिप किस ऐसे ही
नहीं हो सकती कि चल भाई हम दोनों पार्टनर
बन गए। अब हम क्या करेंगे? हम कुछ क्या कर
रहे हैं? क्या ऐसे क्या बोलूं कि हम दोनों
पार्टनर बन गए और कोई सी हम गेड़ी मारेंगे
रोज। ठीक है? हम लोगों की चैन स्नेच
करेंगे। है ना? रोड पे जा रहे हैं। बाइक
पे तू बैठ पीछे बैठ ना। मैं बाइक चलाऊंगा
और हम लोगों के गले से चैन छीनेंगे। है
ना? फिर उसको बेच के आधा-आधा प्रॉफिट ले
लेंगे। ये सब नहीं होगा भाई। है ना?
प्रॉपर बिनेस होना चाहिए। और उस बिजनेस का
भी मोटिव प्रॉफिट मोटिव होना चाहिए। ठीक
है? प्रॉफिट मोटिव के लिए एक बिजनेस वहां
पर होना चाहिए। ये तीसरी मोस्टेंट चीज है।
ठीक है? समझे आप? तो बिज़नेस होना चाहिए।
अब इसके बाद आ जाता है प्रॉफिट। शेयरिंग।
यहां पे शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट होना चाहिए।
शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स सर इसका मतलब क्या
होता है? और सर लॉस हुआ तो क्या लॉस शेयर
नहीं करेंगे? हां मतलब लॉस को भी डीम करते
हैं अपन। शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स एंड
नेगेटिव प्रॉफिट्स इसको बोला जाता है।
नेगेटिव प्रॉफिट्स यानी लॉस। तो मतलब वो
लिखा नहीं है एक्ट में। ऐसे डेफिनेशन में
नहीं लिखा। लेकिन हां भाई प्रॉफिट्स जो भी
होंगे आपको डिस्ट्रीब्यूट करने हैं।
रेश्यो कुछ भी हो सकता है बेटा। रेश्यो
कुछ भी हो सकता है का मतलब देखो मैं आपको
बताता हूं। समझो इन लोगों ने मिलके ये जो
दुकान खोली ना इससे 50,000 कमा रहे हैं ये
50,000 और इनका रेश्यो है
49:10 49:1 का मतलब समझ रहे हो? एक
पार्टनर को मिलेंगे 49,000 और दूसरे
पार्टनर को मिलेगा 1000। लेकिन क्योंकि ये
शेयर ऑफ प्रॉफिट है तो ठीक है। ऐसा भी ये
कर सकते हैं। मोस्टली तो पार्टनर्स
आधा-आधा बांट लेते हैं। 3:2 में कर लेते
हैं। ऐसा कुछ करते हैं। लेकिन मैं आपको बस
ये बता रहा हूं ये प्रॉफिट्स बटने चाहिए।
एक बंदा सैलरी पे है अगर तो वो पार्टनरशिप
नहीं है। मैंने आपको बताया था ना जैसे
पापा है पापा की दुकान है। तो आप उस पे
जाके बैठ रहे हो शाम को और पापा आपको समझो
ऐसा मान लो मान लेता हूं रोज ₹500 दे देते
हैं। ठीक है? तो एक तरीके से पापा के लिए
वो सैलरी हुई। यू आर नॉट पार्टनर इन देयर
प्रॉफिट्स। कि कल को ऐसा हो कि दुकान बंद
करी। पापा ने बोला अरे पापा कितना कमाया
तुमने? आधा-आधा करेंगे। मैं भी बैठा था
दुकान पे। ऐसा नहीं कर सकते ना आप। तो ये
पार्टनरशिप नहीं है। ये आपके पापा का सोल
प्रोपराइटर बिजनेस है। समझे बात को?
पार्टनरशिप में शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स होना
चाहिए। हां शेयरिंग में कितना भी रेश्यो
रखो उसकी कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन
शेयरिंग होनी चाहिए। ऐसा नहीं कि एक बंदा
है और दूसरे को सैलरी पे रखा है। वो
पार्टनरशिप नहीं होती। ठीक है? तो इसमें
मैंने आपको बताया कि शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स
होना चाहिए। और लास्ट एंड वन ऑफ द मोस्ट
इंपोर्टेंट जो चीज है वो है म्यूचुअल
एजेंसी।
इसको मैं और अच्छी तरह लिखूं ना अगर तो
इसको बोलते हैं
एजेंट
प्रिंसिपल
रिलेशनशिप। ये जो रिलेशनशिप है इनके बीच
में। ठीक है? कौन सी रिलेशन? अरे
रिलेशनशिप यार मतलब पार्टनरशिप का
रिलेशनशिप। है ना? पार्टनरशिप का जो
रिलेशनशिप है ना इन दोनों के बीच में वो
है एजेंट प्रिंसिपल का रिलेशनशिप। अब ये
एजेंट प्रिंसिपल का क्या होता है? इसका
मैं एक आपको सिंपल सा एग्जांपल देता हूं।
समझो कि आप इनकी दुकान पे गए। आपके स्कूल
में पीटीएम थी और आप इनकी दुकान पे गए और
उस टाइम दुकान पे यह समय रायना नहीं बैठा
हुआ था। कौन बैठा हुआ था? तन्मय भट्ट।
तन्मय बैठा हुआ था और आप इनके पास गए कि
यार तन्मय भैया एक अच्छी सी मम्मी दे दो।
मैंने कुछ स्कूल में शरारत कर दी है। अब
प्रिंसिपल ने हमें बुलाया है कि आप अपनी
मम्मी को लेके आओ। ठीक है? तो मुझे एक
अच्छी सी मम्मी प्रोवाइड कर दो घंटे के
लिए ताकि मैं स्कूल में जाके पीटीएम में
दो। तो तन्मय भाई ने एक अच्छी सी मम्मी
उठाई और आपको दे दी कि ठीक है आप कंसीडर
हर टू बी योर मॉम और इनको आप लेके जाइए और
ये आपके हिसाब से बात कर लेंगे कि हां
भैया मैं इस बच्चे की मम्मी हूं। ठीक है?
यह किसने किया? लेकिन चीज को याद रखना।
तन्मय भट्ट था दुकान पर और तन्मय भट्ट ने
ऐसा किया। उसने आपको दे दिया। और तन्मय
भट्ट ने ऐसा मान लेते हैं पैसे भी लिए
आपसे। उसने बोला कि हम लेते हैं सर ₹2000
पर आवर के हिसाब से हम मम्मा प्रोवाइड
करते हैं। तो इस हिसाब से ₹4000 2 घंटे के
लिए मैं आपसे लूंगा। ठीक है? कितने लूंगा?
₹4,000 फॉर हायरिंग अ मदर फॉर यू। ठीक है?
तो ₹4000 इन्होंने लिए। अब क्या हुआ कि आप
उस मम्मा जो आपकी अ मतलब आर्टिफिशियल
मम्मी को आप लेके गए तो वहां पे मम्मी ने
जाके ढंग से काम ही नहीं किया परफॉर्म ही
नहीं करा उन्होंने वो जाके ऐसे ही बैठ गई
प्रिंसिपल के सामने प्रिंसिपल शिकायतें कर
रहा है आपकी और वो भी आपको देख रही हैं कि
हां बेटा तू तो यही करता है तू घर चल मैं
बताती हूं है ना ठीक है ऐसा कुछ कर रही
मतलब शी वाज़ नॉट एक्टिंग प्रॉपर्ली वो
प्रिंसिपल का साथ दे रही थी यार तो फिर
ऐसे थोड़ी करना चाहिए आपका साथ देना चाहिए
था ना उसको तो आप बहुत ज्यादा नाराज हो गए
कि यार आपने अच्छी मम्मी प्रोवाइड नहीं की
हमें है है ना? तो इन दैट केस आप वापस गए।
आपने बोला कि देखो मैंने आपको ₹4000 दिए
थे। मैंने आपको ₹4000 दिए थे। लेकिन आपने
बोला था बहुत अच्छी मम्मी है। ये पहले भी
दूसरे पीटीएम्स में जा चुकी है। लेकिन
यहां पे तो हमारा प्रिंसिपल पहचान गया
इसको कि यार आप तो अभय की मम्मी थी। है
ना? और आप तो ये राहुल की मम्मी भी बन के
आ गई। ये तो गलत बात हो गया। है ना? तो
ऐसा कुछ हो गया। समझो सीन बन गया वहां पर।
और मम्मी पहचानी गई पकड़ी गई। है ना? और
प्रिंसिपल ने आपको और और मतलब जितना
पनिशमेंट देना था उससे ज्यादा मतलब समझो
स्कूल से रेस्टिगेट ही कर दिया तुमको। तो
ऐसे में नुकसान हो गया ना आपका। आपके 4000
तो पानी में चले गए। तो आप गए वापस दुकान
पे कि यार नहीं आपने बोला था बहुत अच्छी
मम्मी है। आपके पास लोअर क्वालिटी की
मम्मी भी थी जो ₹1000 पर आवर अगर लेती
मतलब ₹2000 में मेरा काम हो जाता। लेकिन
आप यहां पर ₹4000 में मुझे जो आपने दिया
वो तो भाई वो अच्छी मम्मी नहीं थी। मतलब
शी डिडंट परफॉर्म्ड हर एक्टिंग स्किल्स
वेल ओवर देयर। तो आप जब दुकान पे गए ये
शिकायत लेके तब तन्मय नहीं था। तब समय
रहना बैठा था वहां पर। कौन बैठा था? समय
बैठा था। अब इन दैट केस समय बोल रहा है
यार मेरे को तो पता ही नहीं है। है ना?
मेरे को तो पता ही नहीं है क्या हो गया।
ऐसा बोल सकता है क्या वो? वो अगर इन्होंने
आपको प्रॉमिस किया है कि यार अगर ऐसा कुछ
होगा समझो उस टाइम पे तन्मय ने प्रॉमिस कर
दिया था आपको कि यार अगर आपका काम नहीं
हुआ तो मैं आपके पूरे 4000 रिफंड कर
दूंगा। मैं पूरे 4000 रिफंड कर दूंगा। ये
प्रॉमिस किसने किया था आपको? तन्मय ने।
लेकिन आप जब दूसरी बार दुकान पे गए तब
तन्मय था ही नहीं। तो क्या आपको समय मना
कर सकता है कि यार मैं तो ऐसा नहीं
करूंगा। आपको तन्मय ने प्रॉमिस किया था।
तन्मय को ही आप पकड़ो। अभी तन्मय नहीं है
तो हम आपको पैसा रिफंड नहीं कर सकते। ऐसा
समय नहीं बोल सकता। क्यों? क्योंकि यहां
पर म्यूचुअल एजेंसी है। यहां पर एजेंट
प्रिंसिपल रिलेशनशिप है। इसका मतलब अगर एक
पार्टनर ने प्रॉमिस किया है। मतलब एक
पार्टनर ने प्रॉमिस किया है तो भी यही
माना जाएगा कि सारे पार्टनर्स का प्रॉमिस
वही है। तो ये पार्टनर रहे दुकान पर या ये
पार्टनर रहे यू विल बी कंसीडरिंग इट सेम।
तो आपको जो रिफंड मिलना है। समय आपको कभी
ये नहीं बोल सकता कि तन्मय अभी दुकान पे
नहीं है। आप तो बाद में आना नहीं। उसको ये
रिफंड देना पड़ेगा। बिकॉज़ यहां पर एजेंट
प्रिंसिपल रिलेशनशिप है। इसका एक और छोटा
सा और एग्जांपल दे देता हूं। जैसे आपने दो
पार्टनरशिप में यही दोनों थे। कपड़े बेच
रहे थे और कपड़े कभी-कभी होता है ना कि
मैडम आप तो लेके जाओ। है ना? आप चार जोड़ी
कपड़े लेके जाओ। आपको दो चाहिए आप चार
जोड़ी लेके जाओ। दो वापस कर देना आपको अगर
समझ में नहीं आया तो। और आप जब वापस दुकान
पे दो जोड़ी वापस करने गए तब दूसरा
पार्टनर बैठा था। तो वो आपको मना नहीं कर
सकता कि यार मैं नहीं वापस करूंगा। आपको
उसने बेचा ऐसा नहीं। आप दूसरा पार्टनर भी
है तो उसको वही शर्तें माननी पड़ेगी। समझे
बात को? इसी को बोलते हैं एजेंट,
प्रिंसिपल रिलेशनशिप। और ये मोस्ट
इंपोर्टेंट है कि भैया ये चीज तो होनी ही
चाहिए। पार्टनरशिप में ये चीज़ होती ही है।
ये जो मैंने आपको सारे के सारे बता दिए
इनको बोलते हैं
अपन। इनको बोलते हैं फीचर्स। क्या है ये?
फीचर्स ऑफ पार्टनरशिप। फीचर्स ऑफ
पार्टनरशिप। आई होप आपको ये समझ में आया
होगा कि ये फीचर्स हैं। ये पांच चीजें
होनी ही चाहिए। मिनिमम दो पार्टनर्स
मैक्सिमम 50 एग्रीमेंट या ओवरऑल हो या
रिटर्न हो पर एग्रीमेंट होना चाहिए।
बिजनेस होना चाहिए एक जो प्रॉफिट मोटिव के
लिए आपने किया है। प्रॉफिट्स की शेयरिंग
होनी चाहिए और म्यूचुअल एजेंसी आपकी होनी
चाहिए। तो ये सारी चीजें अगर हैं तो उस
चीज को अपन बोलते हैं पार्टनरशिप। आई होप
अब आपको पार्टनरशिप समझ में आ गया। अब
इसकी एक लीगल डेफिनेशन है। उस पे जाते हैं
तो वो है अकॉर्डिंग टू सेक्शन फोर ऑफ़
पार्टनरशिप एक्ट 1932। पार्टनरशिप इज अ
रिलेशनशिप अमंग टू और मोर पर्संस। ध्यान
से सुनना। पार्टनरशिप इज अ रिलेशनशिप मतलब
एक एग्रीमेंट टाइप का है। अमंग टू और मोर
पर्संस। दो या दो से ज्यादा। ये फीचर्स ही
हैं। एक तरीके से एक डेफिनेशन में लिख
दिया। टू और मोर पर्संस टू शेयर प्रॉफिट्स
एंड लॉसेस ऑफ़ द बिज़नेस। बिज़नेस होना
चाहिए। उसके प्रॉफिट एंड लॉसेस शेयर होने
चाहिए। अब ये जो लिखा है ना मैंने आपको जो
म्यूचुअल एजेंसी बताया वो यही है। कैरीड
ऑन बाय ऑल और एनी वन ऑफ़ देम एक्टिंग फॉर
ऑल। कि सारे के सारे बैठ के बिनेस करें तो
भी ठीक है। लेकिन अगर एक कर रहा है तो भी
हम यही मानेंगे कि सारे मिलके बिज़नेस कर
रहे हैं। दिस इज कॉल्ड कैरिड ऑन बाय ऑल और
एनी ऑफ देम एक्टिंग फॉर ऑल। एनी ऑफ़ देम
एक्टिंग फॉर ऑल। मतलब एक काम कर रहा है।
बाकी सबके भी बेसिस पे उसको ही अपन जज
करेंगे। है ना? मतलब उस बंदे का ऐसा नहीं
मानेंगे कि वो अकेला है। ठीक है? उसके
सारे डिसी उसके जो डिसीजंस हैं वो सब पे
लागू होंगे। उसके प्रॉमिससेस जो उसने
कस्टमर से किए हैं वो सारे पार्टनर्स को
निभाने पड़ेंगे। इसको बोलते हैं म्यूच्यूल
एजेंसी। तो जो पांच चीजें पढ़ी ना उसको
अपन ने इसी लाइन में पूरा का पूरा लिख
दिया। एक तरीके से ये समझ लो आप। इसी को
ही बोलते हैं पार्टनरशिप की डेफिनेशन। आई
होप आपको ये डेफिनेशन समझ में आ गई होगी।
अच्छा एक और चीज बता देता हूं। अभी तक तो
आपने कॉपी पेन उठाई नहीं होगी। आपको तो बस
ऐसे ही सुनना है, खत्म करना है। रिवीजन जो
कर रहे हो। है ना? तो मैं आपको ये बोलूंगा
कि आप कॉपी पेन उठाओ। चीजें साथ में करते
जाओ तो ज्यादा बेटर समझ में आएगा। और
दूसरी बात कि अगर आप रिवीजन के तौर पे
इसको देख रहे हो तो मैं आपसे आगे
क्वेश्चंस पूछता जाऊंगा। ठीक है?
क्वेश्चंस पूछता जाऊंगा। आप कमेंट में
उसका आंसर देते चले आना। ठीक है? इतना तो
कर सकते हो ना यार। बस जब मैं जो क्वेश्चन
पूछूं वीडियो को उस 2 सेकंड के लिए पॉज
करना। जल्दी से अपना आंसर लिखना। वापस
वीडियो कंटिन्यू करना। ऐसे में तुम्हारा
जो एक ये रिटेंशन होता है ना जो भी मैं
समझा रहा हूं वो रिटेन हो जाएगा दिमाग
में। ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। यहां
का यहां ही सारी चीजें समझ में आ जाएंगी।
ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं। अब देखो यहां
पर मैंने आपको फीचर्स बता ही दिए। दो या
दो से ज्यादा पार्टनर होने चाहिए।
एग्रीमेंट होना चाहिए। बिनेस होना चाहिए
प्रॉफिट मोटिव के लिए। प्रॉफिट्स का
शेयरिंग होना चाहिए और म्यूचुअल एजेंसी
होनी चाहिए। ये मैंने आपको सारी चीजें
एक्सप्लेन कर दी। अब देखो कभी-कभी क्या
होता है कि यार हक के लिए लड़ाई होती है
दोनों पार्टनर्स के बीच में कि मेरे हक
क्या है? मतलब जैसे आप घर पे बैठे हो तो
आप मम्मी को कितना बोल सकते हो कि मेरा
राइट है। मम्मा मेरे को खाना दो। मेरा
राइट है यहां पे। मैं रह रहा हूं तो मुझे
खाना दो आप। ठीक है? मेरा हक बनता है उस
खाने पर क्योंकि मैं आपके घर में रह रहा
हूं। तो ये राइट्स होते हैं कि अगर ये ये
लड़े ना ये आपस में अरे रे भाई लड़ो मत।
तो ये लड़े ना इसके लिए कुछ राइट्स ऑफ
पार्टनरशिप डिसाइड किए गए हैं एक्ट में कि
कुछ पार्टनर के तो हक हैं भाई। क्या हक
है? सबसे पहला हक उसका क्या है? टू
एक्सप्रेस व्यूज। अगर उसको बिज़नेस चलता
हुआ दिख रहा है या उसको लग रहा है कुछ
मेरे व्यूज हैं जो इंपॉर्टेंट है देना
दूसरे पार्टनर्स को तो उसको हक है अपने
व्यूज को प्रेजेंट करने का, अपनी बात को
रखने का। राइट टू शेयर प्रॉफिट्स। इसका हक
है प्रॉफिट्स पे। जिस रेश्यो में डिसाइड
किया था उसी में मिलेगा। पर हक इसका है उन
प्रॉफिट्स पे। राइट टू बी इंडेमनिफाइड।
अगर पार्टनर ने पार्टनरशिप फर्म के हिसाब
से कोई खर्चा कर दिया है। जैसे समझो दोनों
पार्टनर्स थे ना वो इन्होंने दुकान खोली
दी। तो समय ने अपने जेब से पैसा दे के आया
रेंट का। रेंट के ₹10,000 थे। समय ने जेब
से दे दिए। मतलब खुद के पैसों में से वो
₹10,000 दे दिए। तो वो ₹10,000 फर्म से
वापस लेने का हक है समय को। को दिस इज़
कॉल्ड राइट टू बी इंडेमनीिफाइड। मतलब फॉर
द एक्सपेंसेस दैट अ पार्टनर पर्टिकुलरली
इज़ ड्रोइंग ऑन हिज़ बेसिस उसको हक है कि वो
पैसा उसको फर्म से वापस मिले। सीधी सी बात
है ना जैसे समझो मैं नेक्स्ट टॉपर्स में
हूं। अब यहां पर कभी किसी चीज की जरूरत पड़
गई किसी को समझो ऐसा कुछ चाहिए। समझो ये
स्टाइलस खराब हो गया और मैं लेके आया
नेक्स्ट टॉपर्स के लिए ये स्टाइलस ₹5,000
का मैं लेके आया। तो मेरा हक बनता है ना
कि मैं इनसे ₹5,000 लूं। भाई मैं जेब से
थोड़ी लगाऊंगा। है ना? तो ये इट्स कॉल्ड
राइट टू बी इंडेमनिफाइड कि मैंने कोई
खर्चा किया है तो आप मुझे रिंबर्स कर दो।
इसको बोलते हैं राइट टू बी इंडेमनिफाइड।
राइट टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड एडवांसेस।
अगर मैंने कुछ एडवांस दिया है फर्म को लोन
दिया है या मैंने कैपिटल लगाई है तो मेरा
हक बनता है कि मैं उस पे ब्याज उनसे लूं।
क्योंकि वही पैसा अगर मैं बैंक में रख
देता तो कमाता। भाई दोनों पार्टनर हैं।
अगर पैसा बैंक में रख दे तो भी तो कमाएंगे
ना ब्याज। तो वो ब्याज का हक बनता है इनका
पार्टनरशिप फर्म से लेने का। मतलब अपनी
दुकान से वो इंटरेस्ट वो ब्याज वो वहां से
निकालेंगे। राइट टू डिसअलाव एडमिशन ऑफ़
पार्टनर। दिस इज़ मोस्टेंट। ठीक है? कोई भी
बंदा चाहे मतलब अगर ऐसा पता है यहां पे
यूनानिमस डिसीजन नहीं होता है। यहां पर
अगर 50 बंदे हैं। और अगर एक बंदे ने मना
किया ना कि किसी पार्टनर का एडमिशन नहीं
कर सकते हम। समझो एक फर्म है जिसमें 49
पीपल आर देयर। 49 पार्टनर्स हैं। और यहां
पर कोई एक पार्टनर बोल रहा है कि यार ये
मेरा दोस्त है। इसको भी हम लोग पार्टनरशिप
में ले लेते हैं। 48 बंदे एग्री कर रहे
हैं। 48 बंदे एग्री कर रहे हैं। एक बंदा
एक पार्टनर डिसए्री कर रहा है। डिसए्री कर
रहा है। एक बंदा डिसए्री कर रहा है। 49
यानी मेजॉरिटी एग्री कर रही है। तभी भी हम
उस पार्टनर को एडमिट नहीं करेंगे। ठीक है?
पूरे के पूरे 49 पार्टनर्स अगर एग्री
करेंगे पूरे 49 एग्री करेंगे तो ही नए
पार्टनर का एडमिशन हो सकता है। अगर एक ने
भी मना कर दिया तो फिर वहां पर क्या बोलते
हैं? एडमिशन नहीं हो सकता। तो दिस इज़ दिस
इज़ राइट टू डिसअलाव एडमिशन ऑफ़ पार्टनर। एक
पार्टनर भी चाहे तो उसका हक है कि वो किसी
के एडमिशन को नए पार्टनर को बिज़नेस में
लाने के लिए मना कर सकता है। तो इसके बाद
आता है राइट टू बी जॉइंट ओनर ऑफ़
पार्टनरशिप प्रॉपर्टी। जो भी पार्टनरशिप
ने प्रॉपर्टी खरीदी है, फर्म ने प्रॉपर्टी
खरीदी है, पार्टनरशिप को फर्म बोलते हैं।
पार्टनरशिप के बिज़नेस को फर्म बोलते हैं।
तो फर्म ने अपने नाम पे जितनी भी
प्रॉपर्टी खरीदी है, पार्टनर का उस पे भी
हक है। इसका मतलब ये नहीं कि वो पूरी की
पूरी प्रॉपर्टी यूज़ कर लेगा। लेकिन हां
यार वो अगर प्रॉपर्टी बिकती है तो फिर
इसका भी हक बनता है उस वाले पैसों में कि
यार आपने पार्टनरशिप के पैसों से ही खरीदी
थी तो आप बेच रहे हो तो मुझे भी उसका
हिस्सा दो। दिस इज़ राइट टू बी अ जॉइंट ओनर
ऑफ द पार्टनरशिप प्रॉपर्टी। इसका भी हक़ है
उस प्रॉपर्टी पे जो फ़र्म खरीद रही है।
फ़र्म समझते हो ना सारे पार्टनर मिलके जो
खरीद रहे हैं उसको फ़र्म बोलते हैं। पार्ट
इसके पार्टिसिपेशन इन बिज़नेस। मतलब अगर जो
भी आप बिज़नेस कर रहे हो इसमें पार्टनर का
पूरा हक है ये बोलने का कि बिज़नेस सही चल
रहा है, गलत चल रहा है जो भी है। है ना?
तो उसका पूरा हक है बिज़नेस में
पार्टिसिपेट करने का। आप उसको नेगलेक्ट
नहीं कर सकते। यार जा भाई तेरे से नहीं
पूछ रहे। ऐसा नहीं। उसका हक है कि वो आके
बिज़नेस में बैठेगा, देखेगा, बुक्स देखेगा
कि भैया आप कितना प्रॉफिट या लॉस कमा रहे
हो। वो सारे बुक्स देख सकता है। उसका हक
है ये सारी चीजें करने पर। तो दीज़ आर
कॉल्ड राइट्स ऑफ अ पार्टनर। ये सारी चीजें
पार्टनर्स के राइट्स हैं। तो अब यहां तक
तो भाई थ्योरी थ्योरी थ्योरी खत्म हुई।
ठीक है? अब अपन थोड़ा सा प्रैक्टिकल अप्रोच
की तरफ चलते हैं। तो मैंने आपको बताया था
जो एग्रीमेंट है ये ओरल हो सकता है। मतलब
आपने मुंह जबानी बोल दिया वो भी हो सकता
है। लेकिन मैंने आपको बोला रिटर्न बहुत
ज्यादा सही होता है। तो क्या क्यों सही
होता है? क्योंकि अगर फ्यूचर में कुछ
दिक्कत हुई तो आपके पास लिखावट में चीजें
हैं तो आप आसानी से उसको सॉल्व कर सकते
हो। जो लिखावट में चीजें हैं रिटर्न
डॉक्यूमेंट है उस डॉक्यूमेंट को बोलते हैं
हम पार्टनरशिप डीड। क्या बोलते हैं बेटा?
पार्टनरशिप डीड। क्या होती है? तो एक ऐसा
स्टैंप पेपर आपने देखा ही होगा। उस स्टैंप
पेपर पे सारी चीजें लिखी होती हैं कि जैसे
इसमें देखो लिखा है नेम ऑफ बिनेस। कहां पर
प्लेस ऑफ़ बिज़नेस? कहां पर बिज़नेस है? कौन
पार्टनर्स हैं? पार्टनर्स के एड्रेसेस
क्या हैं? पार्टनर किस रेश्यो में शेयर कर
रहे हैं? प्रॉफिट्स, पार्टनर्स की सैलरी
कितनी होगी? पार्टनर्स को कमीशन कितना
मिलेगा? ये सारी चीजें इस चीज़ में लिखी
होती है। उस चीज़ को बोलते हैं। उस
डॉक्यूमेंट को बोलते हैं पार्टनरशिप डीड।
तो पार्टनरशिप डीड इज़ अ रिटर्न
डॉक्यूमेंट। देखो आगे आगे वो रिटर्न
डॉक्यूमेंट है। दे दैट कंटेन्सस ऑल द
टर्म्स एंड कंडीशंस रिगार्डिंग द कंडक्ट
ऑफ़ द पार्टनरशिप बिज़नेस। इट हेल्प्स इन
सेटलिंग द डिस्प्यूट्स अराइज़िंग अमंग द
पार्टनर्स इन अ जनरल कंडक्ट ऑफ़ बिज़नेस।
अगर बिजनेस में कुछ मतभेद हो जाते हैं,
कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग हो जाती है, कुछ
डिस्प्यूट हो जाता है पार्टनर्स के बीच
में तो ये दस्तावेज, ये डॉक्यूमेंट हेल्प
करेगा उनको कि भैया ये चीज आप सॉल्व करो।
ठीक है? चलो एक क्वेश्चन मैं तुमसे पूछ
लेता हूं। देखो एक छोटा सा क्वेश्चन मैं
तुमसे बना के पूछ लेता हूं। मुझे एक चीज
बताओ। ठीक है? ये एक पार्टनरशिप फर्म है।
ठीक है? तुमने मैंने मिलके पार्टनरशिप
फर्म खोली है। ठीक है? तुमने मैंने मिलके
पार्टनरशिप फर्म खोली है। ये आप हो। यह
मैं हूं। ये मैं हूं रोहित और ये आप अपना
नाम समझ लेना जो भी। ठीक है? अब आपने ये
बोला आप हो मैं हूं। चलो मैं आपकी बात
करता हूं। आप मुझे अपने हिसाब से आंसर
देना। मैंने बोला कि यार मेरे मेरी ना अभी
तबीयत थोड़ी सी खराब रह रही है। तो मैं
यार बहुत ज्यादा काम नहीं कर पाता हूं। है
ना? यहां पे जो प्रॉफिट था यहां पर जो
प्रॉफिट शेयरिंग थी समझो 1:1 था। आधा-आधा
प्रॉफिट हम दोनों लेके जाते थे बिज़नेस में
जैसा भी होता था। मैंने बोला मेरी तबीयत
ठीक नहीं रहती है। एक काम करते हैं यार
तुम्हारा जो भी नाम है समझो मैं ऐसा राहुल
मान लेता हूं कि राहुल एंड रोहित वर
पार्टनर्स। तो राहुल भाई एक काम करते हैं
कि यार एक एक काम कर रहे हो छोटा सा कि एक
बंदे को एडमिट कर देते हैं। ठीक है?
एडमिशन कर देते हैं। मेरा दोस्त है वो।
ठीक है? सुनना अभी तो आप बोलोगे कि नहीं
सर नहीं कर सकते। है ना? लेकिन मैं आपको
बता रहा हूं। रोहित यानी मैं मैं एक बंदा
है समझो सुनील मैं सुनील मेरा दोस्त है।
उसको मैं एडमिट करना चाहता हूं पार्टनरशिप
में और मैं आपसे पैसे नहीं ले रहा हूं।
सुनो मेरी बात। यह 1:1 प्रॉफिट था ना?
मैंने क्या बोला? आई
विल
गिव शेयर ऑफ प्रॉफिट। शेयर ऑफ प्रॉफिट
टू
सुनील फ्रॉम माय ओन शेयर। फ्रॉम माय ओन
शेयर। अब सुनो ध्यान से। क्या लिखा है
मैंने यहां पर कि मैं अपने पैसों में से
भाई तुझसे नहीं ले रहा मैं। मैं अपने
पैसों में से ही उसको पैसे दे दूंगा। मतलब
अगर 1:1 का रेश्यो था तो ये 1 आपको वन ही
मिलेगा। हाफ ही मिलेगा। 1/2 ही मिलेगा।
मतलब आपको जिंदगी में जितना भी प्रॉफिट
हुआ उसका हाफ ही मिलता रहेगा। मैं जितना
कमाऊंगा उसमें से मैं कुछ सुनील को दे
दूंगा। कितना दे दूंगा वो भी मैं मान लेता
हूं। समझो मेरा भी हाफ शेयर था ना। इस हाफ
में से इस हाफ में से समझो हाफ का भी और
थोड़ा पार्ट हो सकता है। इस हाफ का हाफ
मैं उसको दूंगा। यानी 1/4 मैं रखूंगा और
1/4 मैं सुनील को दे दूंगा। तो मतलब आपके
प्रॉफिट पे कोई इफेक्ट नहीं होगा बेटा।
आपको पहले जितना मिलता था इस बंदे के आने
के बाद भी आपको इतना ही मिलेगा। आपको कोई
दिक्कत नहीं होगी। है ना? आप अब मुझे बताओ
कि क्या आप इस एडमिशन को अलऊ कर सकते हो
या करोगे या नहीं करोगे? क्या आप इस चीज
को डिनाई कर सकते हो? कि मैं उसको एडमिट
कर सकता हूं। तो क्या आप इसको डिनाई कर
सकते हो? मैंने बोला था ना पार्टनरशिप का
देखो ये वाला राइट ये वाले राइट की मैं
बात कर रहा हूं। राइट टू डिसअव अ एडमिशन
ऑफ़ पार्टनर। ठीक है? अब यहां पर तो यार
मैंने आपसे पैसे ही नहीं लिए। यहां पर
आपका पहले जितना प्रॉफिट बन रहा था अभी भी
उतना ही बनेगा। इस बंदे के आने के बाद भी
आपका उतना ही। पहले अगर ₹50,000 समझो हम
कमाते तो ₹2, ₹25,000 लेके जाते। अब हम ₹1
लाख कमाएंगे तो ₹50,000 लेके जाएंगे। तो
आपको तो ₹50,000 ही मिलेंगे। ₹1 लाख कमाया
बिज़नेस से। आपको 50 ही मिलेंगे। 25-25 हम
लोग आपस में बांट लेंगे। ठीक है? हमारा जो
₹00 शेयर है ना मेरा मैं और सुनील आपस में
बांट लेंगे। 25,25,000 तुम्हारे प्रॉफिट
पे कोई चीज नहीं आएगी। ठीक है? अब इन दैट
केस आप मुझे बताओ पॉज करो और आप बताओ आप
इसको डिसअ कर सकते हो।
डिसअ कर सकते हो या नहीं कर सकते हो?
जल्दी से मुझे ये चीज आप कमेंट्स में
बताना और ये इंपॉर्टेंट चीज है। अगर आपको
समझ में आ गया ना कॉन्सेप्ट तो आप मुझे
बता सकते हो। आप डिसअ कर आपकी मर्जी नहीं
है कि कोई तीसरा आए। तो क्या आप डिसअ कर
सकते हो या आप नहीं कर सकते हो? ये आप
मुझे कमेंट्स में बताना। आंसर भी मैं आपको
वहीं पर ही दूंगा। चलिए अब ये तो मैंने
आपको पार्टनरशिप डीड के बारे में बताया कि
बहुत सारी चीजें लिखी होती हैं। बहुत सारी
ये सारी चीजें लिखी होती हैं। इसमें आपको
ज्यादा ध्यान नहीं देना। बस मैं एक बार
बता देता हूं। नेम एंड एड्रेस ऑफ़
पार्टनरशिप फर्म। ऑब्जेक्टिव्स ऑफ बिज़नेस
हम कौन सा बिज़नेस कर रहे हैं? क्या बिजनेस
का ऑब्जेक्टिव है? नेम एंड एड्रेस ऑफ ईच
पार्टनर। रेश्यो ऑफ़ प्रॉफिट्स किस रेश्यो
में आप प्रॉफिट शेयर करोगे? कैपिटल कितना
कंट्रीब्यूट करेगा? हर एक पार्टनर। रेट ऑफ
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। अगर कैपिटल पे
इंटरेस्ट दे रहे हो तो कितना इंटरेस्ट,
कितनी सैलरी, इंटरेस्ट लोन पे कितना,
ड्रॉइंग्स पे कितना इंटरेस्ट होगा? ये
सारी चीजें मतलब बहुत सारी चीजें लिखी
होती हैं। इस पे आपको ध्यान नहीं देना। यू
नीड नॉट टू लर्न दिस। यू नीड टू जस्ट
अंडरस्टैंड कि पार्टनरशिप डीड में बहुत
सारी चीजें लिखी हुई होती हैं। ये सारी एक
बार बस पढ़ लेना। उससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऑलराइट? तो ये वाली सारी चीजें हैं जो एक
पार्टनरशिप में पार्टनरशिप डीड में लिखी
जाती हैं। अब अब आता है मेन प्रैक्टिकल
सवाल कि जब डीड ही नहीं बनाई आपने आपने एक
ओरल एग्रीमेंट कर लिया था। है ना? और आपने
डीड नहीं बनाई तो अगर आपने डीड नहीं बनाई
तो भाई कुछ तो होना चाहिए ना जो जज करेगा
आपको। वो होता है एक्ट। पार्टनरशिप किस पे
बेस्ड है? वो है पार्टनरशिप एक्ट 1932 पे
बेस्ड। है ना? तो रूल्स क्या होते हैं? इन
एब्सेंस ऑफ़ पार्टनरशिप डीड। अगर आपने डीड
नहीं बनाई देखो क्या है ना कि देखो इसको
इंडियन पार्टनरशिप
एक्ट 1932 पूरे पार्टनरशिप को जज करता है।
ठीक है? लेकिन अगर इस एक्ट के अलावा मुझे
कुछ करना है तो मैं बनाता था डीड। कि हमने
खुद की डीड बना दी। मतलब हम दोनों
पार्टनर्स हैं। हमने एग्री कर लिया कुछ
टर्म्स पे। पे वो हमने डीड में लिख दिए
हैं कि भैया एक्ट कुछ भी बोले हम तो ऐसा
बोल रहे हैं कि इतनाइतना होना चाहिए।
लेकिन अगर आपने डीड नहीं बनाई अगर आपने
डीड नहीं बनाई तो किसके प्रोविज़ंस अप्लाई
करेंगे? इंडियन पार्टनरशिप। अगर आपने डीड
नहीं बनाई तो जो फिर एक्ट बोलता है वो
आपको करना पड़ेगा। और एक्ट क्या बोलता है
वो बहुत बहुत सिंपल सी चीज बोलता है। क्या
बोलता है एक्ट? पहले तो देखो पार्टनर को
मिलता क्या-क्या है? मैं उन सारी चीजों की
बात बता देता हूं। पार्टनर्स को सैलरी
मिलती है। मतलब वो ले सकते हैं। सैलरी के
नाम पे प्रॉफिट्स का डिस्ट्रीब्यूशन कर
सकते हैं। कमीशन के नाम पे
डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हैं। ठीक है? इसके
बाद सैलरी कमीशन। बोनस के नाम पे वो पैसा
उठा सकते हैं। ठीक है? अब इसके बाद आता है
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल के नाम पे वो पैसा उठा
सकते हैं कि भैया मैंने लागत लगाई है। उस
पे ब्याज दो। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
के नाम पे
इंटरेस्ट ऑन लोन के नाम पे वो पैसा उठा
सकते हैं कि भैया मैंने लोन दिया है फर्म
को उस पे भी मुझे पैसा मिलना चाहिए। ठीक
है? इसके बाद फर्म उनसे भी कुछ लेती है।
इंटरेस्ट इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स अगर आपने
कुछ पैसा विथड्रॉ कर लिया है बिनेस से कि
भैया पार्टनरशिप ने बोला था कि 1 साल के
बाद बिनेस के बाद 1 साल पूरा खत्म होने के
बाद हम प्रॉफिट्स का शेयर करेंगे। पर आपको
बीच में ही साल में जरूरत पड़ गई पैसों
की। तो आपने थोड़ा सा पैसा विड्रॉ कर लिया
कि भैया थोड़ा सा मैं लेके जाता हूं आखिरी
में मेरे शेयर से काट देना है ना तो आपने
ये ड्रॉइ्स कर ली ना पहले ही निकाल दिया
तो इस पे इंटरेस्ट भी वो चार्ज कर सकती है
ये फर्म को मिलता है इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स और लास्ट में अगर मैं बोलूं तो
शेयर ऑफ प्रॉफिट्स मिल जाते हैं शेयर ऑफ
प्रॉफिट्स जो भी आप डिसाइड करो मतलब
पार्टनर्स अपने आप में शेयर ऑफ प्रॉफिट्स
डिसाइड कर सकते हैं कि कौन कितना पैसा
लेके जाएगा। ठीक है? ये सारी चीजें वो डीड
में लिख सकते हैं। देखिए ये तो डीड ही
नहीं बनाई। इन्होंने कुछ पार्टनरशिप का
एग्रीमेंट ही नहीं बनाया। तो इन दैट केस
क्या होता है बेटा? बहुत सिंपल सा है कि
बहुत सिंपल है। सैलरी नहीं मिलेगी। किसी
पार्टनर को कोई सैलरी नहीं मिलेगी। किसी
पार्टनर को कोई कमीशन नहीं मिलेगा। ₹1 का
भी कमीशन नहीं मिलेगा। कोई बोनस नहीं
मिलेगा। कोई इंटरेस्ट ऑन कैपिटल नहीं
मिलेगा। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा।
इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा। कितना मिलेगा?
इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा @ 6% पर एनम। अब
इसका एक लॉजिकल रीज़न है पता है कि
इंटरेस्ट ऑन लोन क्यों मिलता है एक
पार्टनर को? देखो बेटा एक फर्म है तुमने
मैंने मिलके एक दुकान खोली इस पे पैसा
लगाया वो हमने कैपिटल लगाई। अब एक्ट बोलता
है कि कैपिटल के ऊपर इंटरेस्ट नहीं हुआ
है। आपने मिलके पैसा लगाया उस पे। अब आप
उसी पे ही ब्याज ले रहे हो वो तो नहीं।
लेकिन अगर आपके फर्म को और पैसों की जरूरत
जैसे तूने 2 लाख लगाया। मैंने भी 2 लाख
लगाया। ₹4 लाख में हम दोनों ने दुकान
खोली। लेकिन हमको लग रहा है कि यार और
पैसों की जरूरत है और हमने ₹1 लाख अगर
बैंक से लिए होते तो हम कुछ ब्याज भरते
ना। बैंक को तो पैसा देना पड़ेगा। इट्स अ
थर्ड पार्टी। लेकिन क्या हुआ कि मैंने
तुझे बोला कि हम दोनों की पार्टनरशिप है
लेकिन बैंक से लोन ला ना लेके मैं ही लोन
दे देता हूं पार्टनरशिप फर्म को। मतलब ₹2
लाख तुमने लगाए। ₹2 लाख मैंने लगाए। प्लस
₹1 लाख मैं एक्स्ट्रा लोन के फॉर्म में दे
रहा हूं। कैपिटल के फॉर्म में नहीं लोन दे
रहा हूं फर्म को। तो तुम बताओ मेरा हक
बनता है ना कि यार मैं उस लोन पे ब्याज
लूं क्योंकि वही पैसा अगर मैं बैंक में रख
देता तो वहां से मुझे इंटरेस्ट मिल जाता
और दूसरी बात अगर पार्टनरशिप फर्म के नाम
पे बिनेस के नाम पे हम लोन अगर बैंक से ले
लेते तो हमको उसको भी इंटरेस्ट देना पड़ता
तो इससे अच्छा वो इंटरेस्ट मैं ही ले लेता
हूं। मेरे पास एक्स्ट्रा पैसा पड़ा है। तो
इसीलिए इंटरेस्ट ऑन लोन @ 6% एक पार्टनर
को मिलता है। ये एक्ट में लिखा हुआ है कि
आपको देना पड़ेगा। पर कितना देना पड़ेगा?
6% पर एनम ज्यादा नहीं 6% हां बस मैं अगर
10% मांग रहा हूं तो ये मेरी गलती है तो
भी 6% देना है। अगर मैं 4% मांग रहा हूं
तो भी 6% देना है क्योंकि एक्ट में लिखा
हुआ है 6% तो 6% ही देना पड़ेगा। इंटरेस्ट
ऑन ड्रॉइंग अगेन नहीं है आपकी डीड
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग भी नहीं देना। शेयर
ऑफ प्रॉफिट्स
इक्वल अगर डीड नहीं है तो प्रॉफिट्स इक्वल
बटेंगे पार्टनर्स में। जितना भी प्रॉफिट
हुआ तुम्हारा मेरा जितना भी प्रॉफिट हुआ
वो इक्वल बटेगा बिज़नेस में हम दोनों के
बीच में। समझे इस बात को? मतलब हम कोई भी
रेश्यो नहीं आप ऐसा नहीं बोल सकते कि
रोहित सर मैं और आप पार्टनर थे। मैं तो
पूरा दिन दुकान पे बैठा रहता था। मैंने
सारे काम किए हैं। आप तो दुकान पे आते ही
नहीं थे। लेकिन बेटा हम पार्टनर्स हैं। है
ना? और हमारे बीच में डीड नहीं है। तो आप
मुझे ये नहीं बोल सकते कि मैं दुकान पे
आता था या नहीं। प्रॉफिट पे हक हम दोनों
का आधा-आधा है। जितना प्रॉफिट हुआ हम
दोनों इक्वल रेशो में लेके जाएंगे। तो भी
ये बहुत सिंपल सी बात है। डीड है उसमें तो
जो लिखा हुआ है वैसा करेंगे। ध्यान से
सुनना मैं क्या बोल रहा हूं। डीड में जो
लिखा हुआ है वैसा करेंगे। लेकिन अगर डीड
नहीं है तो फिर सिर्फ दो चीजें करते हैं
हम। इंटरेस्ट ऑन लोन देते हैं पार्टनर को
6% पर एनम पे। और दूसरा शेयर ऑफ प्रॉफिट्स
जो हैं वो इक्वली हम दोनों में बांट देते
हैं। दिस इज़ मोस्टेंट इसका आप एक
स्क्रीनशॉट ले लो। फिर अपन आगे बढ़ते हैं।
ऑलराइट। तो स्क्रीनशॉट ले लिया होगा। आगे
बढ़ते हैं। देखो, अब इसके बेसिस पे हमको
कुछ क्वेश्चंस करने हैं जो बहुत ही सिंपल
रहेंगे। ठीक है? देखो, वो तो रूल्स मैंने
आपको बता ही दिए के नो पार्टनर हैज़ अ राइट
टू सैलरी। नो इंटरेस्ट इज़ टू बी अलाउड ऑन
कैपिटल्स, नो इंटरेस्ट इज़ टू बी चार्ज ऑन
ड्रॉइंग्स। इंटरेस्ट एट द रेट ऑफ 6% इज़ टू
बी अलाउड और पार्टनर्स लोन। प्रॉफिट्स एंड
लॉसेस आर टू बी शेयर्ड इक्वली और विदाउट द
कंसेंट ऑफ़ एकज़िस्टिंग पार्टनर्स, नो न्यू
पार्टनर कैन बी एडमिटेड टू द फर्म। तो, यह
तो एक क्वेश्चन भी मैंने आपसे पूछा। आई
होप आंसर दे दिया होगा। बताओ भाई सुनील
भाई को हम ऐड कर सकते हैं करेंगे या नहीं
करेंगे? इफ यू डिसए्री फिर भी हम सुनील को
एडमिट कर सकते हैं या नहीं कर सकते? उसका
आंसर तो बता ही देना तो। दूसरा इन द
एब्सेंस ऑफ़ एग्रीमेंट देयर इंटरेस्ट एंड
सैलरी पेएबल टू द पार्टनर विल बी पेड ओनली
इफ देयर इज़ प्रॉफिट। इन द एब्सेंस ऑफ़ एन
एग्रीमेंट। अगर एग्रीमेंट नहीं है और
इंटरेस्ट सैलरी अगर बोल ही रहे हैं कि यार
चलो दे देता है तो कब दोगे जब प्रॉफिट हो।
ये वाली चीजें क्वेश्चन में देख लेंगे
ज्यादा बेटर है। अभी अपन सिंपल जो चीज़
मैंने आपको बताई कि आप बस दो चीज़ बेटा याद
रखना कि सबसे पहली चीज़ है कि आप इंटरेस्ट
ऑन लोन दोगे 6% पर एनम और दूसरा आप जो
प्रॉफिट्स है वो इक्वली शेयर करोगे। बस
उतना सा आपको याद रखना है अभी। अपन
क्वेश्चंस देखते हैं। समय है तन्मय या
पार्टनर्स इन अ फर्म। दे हैव नॉट एंटर्ड
इंटू पार्टनरशिप डीड बट हैव एग्रीड ऑन द
फॉलोइंग। दे मतलब वो डीड नहीं बनाई
इन्होंने। देखो रिटर्न एग्रीमेंट नहीं है।
बट हैड एग्रीड ऑन द फॉलोइंग। ठीक है? ये
सारी चीजों पे इन्होंने एग्री किया है।
सैलरी विल बी पेड टू समय 10,000 पर पर
मंथ। तन्मय विल गेट कमीशन 10% ऑन नेट
प्रॉफिट्स। इंटरेस्ट विल बी अलाउड ऑन
कैपिटल्स 10% पर एनम। इंटरेस्ट विल बी
चार्ज ऑन ड्रॉइंग्स 10% पर एनम। पार्टनर
कैन नॉट बी एडमिटेड विदाउट द कंसेंट ऑफ़
बोथ पार्टीज़। अब हुआ क्या? हाउ विल द
फॉलोइंग डिस्प्यूट्स बी रेज़ॉल्वड। तन्मय
डिमांडेड टू बी पेड, सैलरी एज़ समय इज़
बीइंग पेड बिकॉज़ हिज़ कमीशन इज़ लोअर। कि
भैया इसको लग रहा है कि यार मेरी जो कमीशन
है वो कम आई है। तो जैसे सन्मय समय को
सैलरी दे रहे हो ना अब वो बोल रहा है कि
यार मुझे सैलरी भी दो। ठीक है? तन्मय बोल
रहा है कि मुझे सैलरी भी दो। दूसरा समय
डिमांड्स दैट हिज सन शेरी टू बी एडमिटेड
एज़ पार्टनर फॉर 25% शेयर टू बी गिवन आउट
ऑफ हिज़ शेयर ऑफ़ प्रॉफिट्स टू व्हिच गैरी
डिसएग्रीज़। ठीक है? गैरी नहीं तन्मय टू
व्हिच शेरी टू
व्हिच
तन्मय
तन्मय डिसएग्री। तन्मय डिसएग्री कर रहा
है। देखो दो सिंपल सी चीज़ हैं। इनको ही
अपने को सॉल्व करना है। तन्मय बोल रहा है
कि मेरे को सैलरी दो। समय को भी मिल रही
है। अब इनके पास डीड है नहीं। है ना? डीड
है नहीं। तो यहां पे क्या करेंगे भैया?
सीधी सी बात है। तन्मय को करेंगे मना कि
भैया तन्मय डिमांड्स टू बी पेड सैलरी एस
समय। तन्मय भाई नहीं है पैसे। हम नहीं
देंगे सैलरी। क्यों? क्योंकि आपने डीड ही
नहीं बनाई। आपने डीड बनाई होती तो एक बात
होती लेकिन आपने बनाई नहीं है। आपने तो
ओरली एग्री किया है और एग्रीमेंट में कहीं
लिखा ही नहीं है कि आपको सैलरी मिलनी है।
मतलब ओरली भी एग्री नहीं किया आपने कि
आपको सैलरी मिलनी है तो भैया नहीं देंगे।
दूसरा समय डिमांड्स इज़ सन शेरी टू बी
एडमिटेड। तो समय बोल रहा है लेकिन तन्मय
डिसए्री कर रहा है। तो क्या हम उसको ऐड
करेंगे क्या? हम नए पार्टनर को लाएंगे
क्या? क्या हम शेरी को ऐड करेंगे? जब
हमारा तन्मय मना कर रहा है तो तो नहीं
करेंगे। सीधी सी बात है। अब उसके आगे कुछ
भी लिखा है कि वो अपने प्रॉफिट्स में से
देगा या जो भी चीजें होगी तो वो एक अलग
बात है। कुछ भी लिखा हुआ हो। डिसए्री कर
रहा है नहीं एडमिट होगा। खत्म बात। ठीक
है? क्योंकि देखो सिर्फ ऐसा नहीं है कि
पैसे से ही उस चीज को फर्क पड़ता है।
पार्टनर आएगा तो 10 डिसीजंस हैं ना।
पार्टनर्स के इतने सारे राइट्स पड़े हैं।
कोई भी पार्टनर आए उसके सारे राइट्स हैं।
तो वो बिनेस में घुसेगा। वो बुक्स देखेगा।
वो डिसीजंस को इन्फ्लुएंस करेगा। इसलिए
अगर एक पार्टनर भी डिसए्री करता है तो हम
उस पार्टनर को आने नहीं देते। यह सिंपल सा
है। द डिमांड ऑफ़ तन्मय टू बी पेड सैलरी एज़
इज़ पेड टू समय इज़ नॉट वैलिड इन व्यू ऑफ़
एग्रीमेंट ऑफ़ पेमेंट ऑफ़ कमीशन। मतलब
क्योंकि हमने उसको कमीशन के लिए बोला है।
तो हम सैलरी वगैरह तो उसको नहीं देंगे।
दूसरा समयस डिमांड टू एडमिट शेयर इंटू
पार्टनरशिप इज़ आल्सो नॉट वैलिड। एज़ बोथ द
पार्टनर्स हैड एग्रीड टू एडमिट अ न्यू
पार्टनर वि द कंसेंट ऑफ़ बोथ द पार्टनर्स।
दोनों ने एग्री किया था कि भैया हम दोनों
राजी होंगे तो ही हम लोग ऐड करेंगे नहीं
तो नहीं करेंगे। समझे बात को? तो यह सिंपल
सा था कि एक ओरल एग्रीमेंट अगर इन दोनों
के बीच में हुआ ये ओरली इन्होंने एग्री
किया है। लेकिन इस एग्रीमेंट के भी बाहर
अगर कुछ वो मांगते हैं तो वो नॉट वैलिड हो
जाएगा क्योंकि आपने ओरली भी उस चीज को
एग्री नहीं किया है। अब अपन ऐसा मानते हैं
कि ये तो ओरल एग्रीमेंट था। अब रिटर्न
एग्रीमेंट की बात करते हैं। चलो अभी आगे
वाला क्वेश्चन देखना। इसमें और समझ में
आएगा। ए एंड बी कमेंस्ट बिज़नेस ऑन
पार्टनरशिप ऑन 1 जनवरी 2022। याद रखना 1
जनवरी को बिज़नेस स्टार्ट किया है
इन्होंने। ये डेट्स इंपॉर्टेंट है। नो
पार्टनरशिप एग्रीमेंट वाज़ मेड। पार्टनरशिप
का एग्रीमेंट ही नहीं है। ईदर ओरल और
रिटर्न। मतलब ना ओरल एग्रीमेंट किया ना
रिटर्न एग्रीमेंट। आपने एग्रीमेंट ही नहीं
किया। हमने आपको बोला था कि भाई ओरल
एग्रीमेंट भी वैलिड है। एटलीस्ट बोल के ही
कर लो। रिटर्न में नहीं कर सकते तो। डीड
नहीं बना रहे हो। ओरली एग्रीमेंट कर दो।
जैसे पीछे क्वेश्चन में तन्मय समय ने ओरली
तो एग्री किया था कुछ चीजों पे। पर
इन्होंने ओरली भी एग्री नहीं किया है कुछ
चीजों पे। है ना? तो इनके पास डीड ही नहीं
है। अगेन तो अगर इनके पास डीड ही नहीं है
तो सारी वो चीजें अप्लाई होंगी जो
पार्टनरशिप एक्ट में लिखी हुई हैं। ठीक
है? और पार्टनरशिप एक्ट में सिर्फ दो
चीजें लिखी हुई हैं। है ना? तो सिर्फ वो
अप्लाई होंगी इस क्वेश्चन में। आगे पढ़
लेते हैं। दे कंट्रीब्यूटेड 40,000 10,000
रेस्पेक्टिवली एज़ कैपिटल इन एडिशन ए आल्सो
एडवांस्ड 20,000। एडवांस का मतलब होता है
बेटा ए ने लोन दिया
है। कितना लोन दिया है? 20,000 ऑन 1st
जुलाई। अगेन डेट इज़ेंट 20,000 दिया फर्स्ट
जुलाई को। एट मैट विथ एन एक्सीडेंट ऑन 1
अप्रैल। ठीक है? ये किसने दिया था? ए ने
ही दिया है एडवांस। लोन दिया है ए ने। ए
का ही एक्सीडेंट हो गया फर्स्ट अप्रैल को।
एंड कुड नॉट अटेंड द पार्टनरशिप बिज़नेस अप
टू 30th जून। द प्रॉफिट्स फॉर द ईयर एंडेड
31 मार्च वर 5600 का प्रॉफ़िट था।
डिस्प्यूट्स हैव बीन अराइज़ इन बिटवीन द
पार्टनर्स फॉर शेयरिंग द प्रॉफ़िट्स। अब
कुछ हो गई है दिक्कत। दिक्कत क्या है?
पहली दिक्कत। ए बोल रहा है कि ही शुड बी
गिवेन इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एट 10% पर एनम
ऑन कैपिटल एंड लोन। तो ये बोल रहा है
मैंने भाई कैपिटल लगाई है और लोन दिया है
उस पे मुझे 10% का कैपिटल पे इंटरेस्ट दो।
तो डीड हमें क्या बोलती है कि कोई
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल नहीं मिलेगा। सिर्फ
इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा वो भी 6% तो देखो
ही शुड बी गिवन इंटरेस्ट एट द रेट 10% ऑन
कैपिटल नहीं देंगे। मतलब यहां पे मैं लिख
देता हूं आईओसी इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तो
नहीं देंगे सर। ठीक है? क्या इंटरेस्ट ऑन
लोन देंगे? हां भाई इंटरेस्ट ऑन लोन दे
देंगे पर वो भी सिर्फ 6% पर एनम 10% नहीं
आप 10% मांग रहे हो पर हम आपको 10% नहीं
दे सकते आपको 6% पर एनम लोन पे इंटरेस्ट
मिलेगा A को लोन पे इंटरेस्ट मिलेगा
क्योंकि वो एक्ट बोलता है प्रॉफिट शुड बी
डिस्ट्रीब्यूटेड इन द प्रोपोर्शन ऑफ़
कैपिटल जितनी लागत लगाई है उस रेश्यो में
कैपिटल कितनी लगाई देखो 40000 100000 तो
ये बोल रहा है कि कैपिटल रेश्यो में यानी
40000 100000 यानी 4:1 के रेश्यो में
प्रॉफिट बांटो क्या हम बांट बांटेंगे
क्या? नहीं बांटेंगे। क्योंकि डीड अगर वो
एक्ट बोलता है कि इक्वली प्रो आपको
पार्टनर्स के प्रॉफिट्स बांटने हैं। अगर
आपने डीड नहीं बनाई तो भैया ये भी चीज गलत
है। ठीक है? ए का ये क्लेम भी रिजेक्ट
होता है। है ना? तो हम ऐसा कुछ नहीं
करेंगे। दूसरा बी बोलता है नेट प्रॉफिट
शुड बी शेयरर्ड इक्वली। हां भैया क्योंकि
आप एक्ट के हिसाब से बोल रहे हो। तो बी की
ये बात तो अपन रखेंगे। है ना? बी की ये
बात रखेंगे अपन। ही शुड बी अलाउड
रेमुनरेशन ऑफ ₹1000 पर मंथ ड्यूरिंग द
पीरियड ऑफ़ इलनेस। कि भाई A तो आया नहीं
काम पे क्योंकि A तो बीमार था। तो इस
पीरियड में मुझे सैलरी दे दो। अरे यार कोई
सैलरी नहीं मिलेगी भाई आपको। कोई सैलरी
नहीं मिलेगी। भाई कोई भी रीज़न हो रीज़न पे
मत जाना बिल्कुल कि सर बेचारा बीमार था।
बेचारा बेचारा कुछ नहीं होता। लॉ के हिसाब
से जो चीज है वैसा ही करेंगे। तो इस
बेचारे को कुछ अपन नहीं देंगे। इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल एंड लोन शुड बी गिवेन एट 6% पर
एनम। तो ठीक है। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तो हम
नहीं देंगे। लेकिन हां इंटरेस्ट ऑन लोन जो
है वो 6% हमने पहले ही एग्री कर दिया कि
वो चीज़ दे देंगे। यू आर रिक्वायर्ड टू
सेटल डिस्प्यूट्स बिटवीन देम एंड
डिस्ट्रीब्यूट द प्रार प्रॉफिट्स
अकॉर्डिंग टू द लॉ स्टेट रीज़ंस फॉर योर
आंसर। तो बहुत सिंपल सा ये क्वेश्चन है।
देखो टोटल प्रॉफिट्स कितने थे? 50600।
बहुत सिंपल सा आपको यहां पे करना है। आपके
प्रॉफिट्स कितने हैं? बेटा अगर आप लिख रहे
हो ना तो करते जाना साथ में। प्रॉफिट्स
हैं 50,600। आपको सबसे पहली चीज़ जो देनी
है दैट इज़
इंटरेस्ट ऑन लोन
टू A। A को आपको इंटरेस्ट और लोन देना है।
A ने कितना पैसा दिया है आपको? 20. ये मैं
आपको बता दूं इसका फार्मूला। वैसे तो
फार्मूला तो कुछ होता नहीं है। सिंपल
ब्याज निकालना है। पर फिर भी
अमाउंट ऑफ
लोन इंटू रेट /
100 * मंथ्स। नंबर ऑफ़ मंथ्स। जितना बचे
मंथ्स है मतलब कितने मंथ के लिए उसको दे
रहे हैं अप 12। ठीक है? ये आ जाएगा अपना
छोटा सा फार्मूला। अब अपन देख लेते हैं कि
यहां पर क्या-क्या है। अमाउंट ऑफ लोन
कितना है? 20,000 और इसने फर्स्ट जुलाई को
दिया है। और ये ईयर कब खत्म हो रहा है? ये
चीज बहुत इंपॉर्टेंट है। बेटा मैंने आपको
इसलिए मैंने बताया यहां पे जनवरी में
स्टार्ट हो रहा है। 31 दिसंबर खत्म हो रहा
है। बेटा ये जनवरी टू दिसंबर का ईयर है।
ईयर पे आप ध्यान देना कि अप्रैल टू मार्च
चल रहा है या जनवरी टू दिसंबर। तो ये
जनवरी टू दिसंबर चला रहे हैं। और इसने लोन
कब दिया? फर्स्ट जुलाई को। तो ये अमाउंट
यानी लोन का अमाउंट बिज़नेस में कब तक रहा?
जुलाई, अगस्त, सेप्टेंबर, अक्टूबर, नवंबर
और दिसंबर। 6 महीने टोटल ये रहा। तो 6
महीने का ब्याज हम इसको देंगे 20000 पे।
यहां पे मैं कर देता हूं इसको। अमाउंट ऑफ
लोन इज़ 20,000 इंटू रेट। रेट तो हम या 6%
से ज्यादा देंगे ही नहीं आपको। और मंथ्स
कितने हैं? 6 महीने। ठीक है? 6 महीने। 6
महीने समझ में आया ना? जून से लेके दिसंबर
तक ही आप उसको दोगे। चलिए निकाल लेते हैं
कितना आता है? सिक्स से इसको काट देता हूं
टू। टू टू से इसको काट देता हूं। 3 0 0 3
* 2 = 6 तो ये आ गया
₹600 हम इसको इंटरेस्ट ऑन लोन देंगे। तो
इसको दे देते हैं। देखिए प्रॉफिट का
डिस्ट्रीब्यूशन कैसे होगा? सबसे पहले जो
भी प्रॉफिट होगा आपका प्रॉफिट है आपका 5
लाख 56
5600 इसमें से माइनस कर दोगे आप इंटरेस्ट
ऑन लोन टू a जो a को आपको इंटरेस्ट ऑन लोन
देना है। कितना माइनस कर दोगे सर? 600 है
वो माइनस कर देंगे रिमेनिंग प्रॉफिट 50000
रिमेनिंग प्रॉफिट 50000 50000 को आपको
क्या करना है इक्वली दोनों पार्टनर्स में
बांट देना है ठीक है 500000 को इक्वली
तो प्रॉफिट ऑफ A कितना आ जाएगा प्रॉफिट ऑफ़
B कितना आ
जाएगा तो A का प्रॉफिट आ जाएगा ₹0000 का
हाफ यानी ₹25000
रुपीस लगाना मत भूलना और B का भी आ जाएगा
₹5000 दोनों गए यह हो गए डिस्प्यूट सेटल।
ठीक है? और उसने पूछा था रीज़न दो। तो रीज़न
हम देंगे कि बिकॉज़ ऑफ़ बिकॉज़ अह अकॉर्डिंग
टु अह कौन सा एक्ट? पार्टनरशिप एक्ट 1932
वी विल ओनली गिव अह प्रॉफ़िट्स इन इक्वल
रेशो एंड इंटरेस्ट ऑन लोन @ 6% पर एनम टू
A। ये हमने दोनों चीजें कर ली। ये वन और
टू ये सेटलमेंट कर दिया। ठीक है? A को
मिलेगा ₹600 इंटरेस्ट ऑन लोन। प्रॉफिट
मिलेगा 2500 और B को मिलेगा 25000 सॉरी
25000 और 25000 प्रॉफिट्स दोनों को मिल
जाएंगे। तो ये था सिंपल सा क्वेश्चन। बस
इतनी सी चीज याद रखनी है बेटा कि डीड नहीं
है तो आपको दो ही चीजें देनी है। इंटरेस्ट
ऑन लोन 6% और प्रॉफिट्स इक्वली। नेक्स्ट
चीज पे आगे बढ़ते हैं। अब पार्टनरशिप
अकाउंट्स क्या होते हैं? इनके बारे में
देखते हैं। तो बहुत सिंपल से मैंने आपको
बता ही दिए। पार्टनरशिप में हम लोग दो
अकाउंट्स बेसिक बनाते हैं। सबसे पहला
प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट।
एप्रोप्रिएशन एप्रोप्रिएशन अकाउंट। एक तो
ये बनाते हैं। दूसरा हम लोग पार्टनर्स
कैपिटल बनाते हैं। पार्टनर्स कैपिटल
अकाउंट। अब ये जो पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट
है ये दो तरीके के होते हैं बेटा। इसको
याद रखना। दो तरीके के पार्टनर्स कैपिटल
अकाउंट होते हैं। एक होता है फिक्स्ड
कैपिटल।
एक फिक्स्ड कैपिटल मेथड के हिसाब से बनते
हैं और दूसरे
में
फ्लक्चुएटिंग
कैपिटल मेथड के हिसाब से बनते हैं। अब ये
क्या होता है इसको अपन फर्दर आगे जाके
समझेंगे तो ज्यादा बेटर रहेगा क्योंकि
फॉर्मेट के साथ मैं आपको बता दूंगा।
कैपिटल वाला पार्ट जस्ट दो-तीन स्लाइड्स
बाद। अभी अपन पहले ध्यान दें प्रॉफिट एंड
लॉस एप्रोप्रियेशन अकाउंट क्या होता है?
तो जैसे प्रॉफिट एंड लॉस में नेट प्रॉफिट
निकला। अब इसको बांटना है तो वैसा ही कुछ
बांटने के लिए एक अकाउंट बनेगा जिसको अपन
प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट बन
बोलेंगे। अब इसमें क्या-क्या आता है इस पे
आप ध्यान दे दो। ये चीजें पहले लिख लो आप
साथ में मेरे तो ज्यादा बेटर रहेगा। सबसे
पहले तो भैया प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में
प्रॉफिट निकला है। देखो यहां देखो यहां
देखो यहां देखो। ये आपने प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट बनाया था। 11th में प्रॉफिट एंड
लॉस अकाउंट। तो इसमें सारी चीजें लिखते
थे। यहां पे ग्रॉस प्रॉफिट आता था। फिर
यहां पे सारे एक्सपेंसेस आते थे और यहां
पे लास्ट में नेट प्रॉफिट निकलता था। यस
और नो बैलेंसिंग फिगर नेट प्रॉफिट डेबिट
साइड आता
था। बैलेंसिंग फिगर डेबिट साइड आ रहा है
मतलब वो क्रेडिट बैलेंस है। तो जब ये नीचे
वाले अकाउंट में उतरेगा तो कौन से अकाउंट
में उतरेगा? मतलब किस साइड उतरेगा?
क्रेडिट साइड ऑब्वियसली यहां पे लिखेंगे।
और ये नीचे वाला अकाउंट क्या है? यही
प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन। क्योंकि अब
इसको बांटना है। है ना? तो अपन स्टार्टिंग
इसकी जो करते हैं वो यहां से करते हैं।
बाय नेट
प्रॉफिट बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफर्ड फ्रॉम
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट से हमने यह प्रॉफिट निकाला था जो
हमने यहां पर लिखा है। यहां पर आप इस
प्रॉफिट को लिख दोगे। ठीक है? सबसे पहली
बात। अब इस प्रॉफिट को बांटना है। तो बहुत
सिंपल है। जैसे-जैसे बांटना है उस वे में
लिखते जाओ। कैसे-कैसे बांटेंगे? सर, हम
सैलरी देते हैं पार्टनर्स को। हम कमीशन
देते हैं तो टू
कमीशन। ठीक है? और क्या देते हैं? तो सर
हम उसको सैलरी कमीशन बोनस दे सकते हैं।
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे सकते हैं। इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल हम उसको देते हैं। ये भी मैंने
लिख दिया यहां पे। ठीक है? तो ये सारी
चीजें हम एक पार्टनर को देते हैं। सैलरी
गई कमीशन। दोनों पार्टनर्स को हम
इंडिविजुअली देंगे। उसको भी लिखने का
तरीका है। सैलरी के नीचे ए और बी लिख
देंगे। तो हम दोनों पार्टनर्स को दे रहे
हैं। ये सारी चीजें और क्या होता है?
प्रॉफिट जो बचा वो भी बांट दो। तो सर टू
प्रॉफिट
ठीक है? है जो बचा हुआ प्रॉफिट है मतलब ये
सारी चीजें देने के बाद भी अगर कुछ बचा है
तो प्रॉफिट भी अपन उनके रेश्यो में जो भी
एग्रीड रेश्यो है उसमें अपन उन दोनों को
प्रॉफिट्स दे देंगे और ये भी यहां पे चीज
हो जाएगी खत्म तो ये सारी चीजें हम उनको
देते हैं और सर लॉस हो गया तो तो लॉस हो
गया तो जैसे ये नेट प्रॉफिट आ रहा है तो
उस साइड आप नेट लॉस लिख दोगे वो वाले
क्वेश्चंस अपन करेंगे तो बेटर समझ में
आएगा अभी तक इतना अगर आप देखो तो आई थिंक
इतना इनफ है। जैसे प्रॉफिट आप दोगे ना तो
मतलब मैं सारे के लिए एक बता देता हूं।
प्रॉफिट A का और B का ऐसा लिखेंगे अपन। A
को फलाना प्रॉफ़िट, B को इतना प्रॉफ़िट। इन
दोनों का टोटल आ जाएगा बाहर। इधर आ भाई।
इन दोनों का टोटल फिर जो भी आएगा ना, इसको
अपन बाहर लिखेंगे। हर चीज़ में ऐसे ही
करेंगे। दो पार्टनर्स का अलग-अलग है। तो
दोनों पार्टनर्स का लिख के टोटल लिखेंगे
बाहर। बार-बार यही करते रहेंगे अपन। ठीक
है? बार-बार यही करते रहेंगे। मतलब ऐसे ही
इस अकाउंट को बनाते हैं। तो ये था एक
स्पेसिमेन टाइप का अकाउंट कि कैसे अपन
इसको बनाते हैं। अब अपन कैपिटल अकाउंट्स
जैसे मैंने आपको बताया तो मैंने आपको बता
दिया दो तरीके के हैं। अब यहां पे दो जो
तरीके थे उसके अंदर और ज्यादा देखते हैं।
तो सर कैपिटल अकाउंट्स आपने बताया दो। एक
है फिक्स्ड कैपिटल मेथड। दूसरा है
फ्लकचुएटिंग कैपिटल अकाउंट। मतलब ये दो
तरीके के अकाउंट है। तो अब ध्यान से
सुनना। क्या बोल रहा हूं मैं? फिक्स्ड के
अंदर आप दो अकाउंट्स बनाते हो और मैं समझा
भी दूंगा कि क्यों। फिक्स्ड कैपिटल मेथड
के अंदर आप दो अकाउंट्स बनाते हो। सबसे
पहला होता
है
पार्टनर्स पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल
अकाउंट। फिक्स्ड अरे भाई फिक्स्ड
कैपिटल
अकाउंट और एक और बनता है पार्टनर्स
करंट
अकाउंट। करंट अकाउंट मतलब यहां पे दो
अकाउंट्स बनते हैं। ठीक है? कौन-कौन से?
अच्छा यहां पे लिख दिया क्या? रुको रुको।
एक तो ये बनेगा और दूसरा बनेगा
पार्टनर्स करंट अकाउंट।
ठीक है? तो मतलब फिक्स्ड मेथड के अंदर दो
अकाउंट बनेंगे। पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल
अकाउंट और पार्टनर्स करंट अकाउंट। और
फ्लक्चुएटिंग कैपिटल के अंदर सिर्फ और
सिर्फ एक ही अकाउंट बनता है जिसको बोलते
हैं अपन
पार्टनर्स
कैपिटल
अकाउंट। क्या बोलते हैं बेटा इसको?
पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। मतलब फिक्स्ड
मेथड जब आप फॉलो करोगे तो दो अकाउंट्स
बनाओगे। और अगर फ्लक्चुएटिंग बनाओगे तो
फ्लकचुएटिंग मेथड फॉलो करोगे तो एक ही
बनाओगे। सर ये कैसे बनते हैं? बताता हूं।
देखो। सबसे पहला फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट्स
की अपन बात करते हैं। जब फिक्स्ड कैपिटल
मेथड है तो इसमें मैंने आपको बताया दो
अकाउंट बनते हैं। पहला कौन सा था बेटा
उसमें जल्दी बताओ मुझे।
पार्टनर्स अरे बोलो पार्टनर्स फिक्स्ड
कैपिटल अकाउंट। पहला बनेगा पार्टनर्स
फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट। फिक्स्ड कैपिटल
अकाउंट और दूसरा पार्टनर्स करंट अकाउंट।
पार्टनर्स
करंट अकाउंट।
अब देखो इसमें होता क्या है? तो सबसे पहले
तो कैपिटल्स आती है। कैपिटल्स का कौन सा
बैलेंस होता है? हर कैपिटल का एक ही
बैलेंस होता है भाई। कैपिटल का क्या
बैलेंस होता है? डेबिट या क्रेडिट?
क्रेडिट बैलेंस। तो कैपिटल कहां आएगी?
सबसे पहले ओपनिंग बैलेंस कैपिटल का आ
जाएगा यहां पे। बाय अब मैं इसको ओपनिंग
कैपिटल लिखता हूं। वैसे मैं बैलेंस बी डी
लिख सकता हूं। चलो वही लिख देता हूं भाई।
रुक। कंफ्यूज नहीं हो तू फिर। बाय बैलेंस
ब्रॉट डाउन। ऐसे ये ओपनिंग कैपिटल है।
पार्टनर्स की ओपनिंग कैपिटल कितनी थी वो
मैंने यहां पर लिख दिया। ठीक है? ये मैंने
यहां पे लिख दिया। अगर पार्टनर कैपिटल में
कुछ पूरे साल में पैसा लगाता है तो अपन
उसको इस साइड लिखेंगे जिसको बोलते हैं बाय
एडिशनल कैपिटल।
एडिशनल कैपिटल। अगर एडिशनल कैपिटल नाम की
चीज पार्टनर ने लगाई तो वो हम यहां पर
लिखेंगे बस। ठीक है? अगर वो कोई पैसा
निकाल के चला गया जिसको बोलते हैं
परमानेंट
विथड्रॉवल। परमानेंट विड्रॉवल का मतलब कि
कैपिटल में से पैसा लागत में से पैसा
निकाल के चला गया। तो हम यहां पे लिखेंगे
उससे कैपिटल कम हो जाएगी। भाई ये कैपिटल
थी इससे बढ़ेगी तो इसको प्लस करा। कम हो
जाएगी तो उसको इस साइड लिखा यानी माइनस
करा एक तरीके से और बाकी फिर जो बचा लास्ट
में वो अपनी क्लोजिंग कैपिटल आ जाएगी।
उसको बोलेंगे बाय बैलेंस सीडी। ठीक है? ये
क्या आ गई? ये आ गई क्लोजिंग कैपिटल ऑफ
पार्टनर्स। ये आ गई क्लोजिंग कैपिटल। ठीक
है? ये क्लोजिंग कैपिटल है जिसको बैलेंस
शीट में ले के जाना है। है ना? तो ये
क्लोजिंग कैपिटल आ जाएगी आपकी यहां पर। ये
तो हो गया। लेकिन सर हमने पार्टनर को ये
जो सैलरी, कमीशन ये सारी चीजें भी तो दी
हैं। तो वो भी तो आप उसके कैपिटल में ऐड
करोगे? बिल्कुल करेंगे। वो अपन करेंगे
करंट अकाउंट में। करंट अकाउंट के भी
कभी-कभी बैलेंससेस अपने को दिए हुए होते
हैं। और करंट अकाउंट का जो बैलेंस है उसकी
खासियत ये है कि ये जो बैलेंस बी डी
लिखूंगा ना ये यहां पे भी आ सकता है। मतलब
इसका क्रेडिट बैलेंस भी हो सकता है या हो
सकता है टू बैलेंस बी डी यहां पर हो। मतलब
ओपनिंग बैलेंस किसी भी साइड हो सकता है।
यहां इधर होगा या उधर होगा पर हो किसी भी
साइड सकता है। और यह कैसे पता चलेगा? तो
ये क्वेश्चन में दिया हुआ रहेगा कि जो
पार्टनर्स के करंट अकाउंट हैं उनके
बैलेंससेस डेबिट के हैं या क्रेडिट के।
अगर डेबिट के होंगे तो आप उसको इस साइड
लिखोगे। अगर क्रेडिट के होंगे तो आप उसको
इस साइड लिखोगे। ये अपन क्वेश्चंस करेंगे
ना तो और फर्दर समझ में आ जाएगा कि
कैपिटल्स कहां दी हुई है और मैं कहां डाल
रहा हूं। फिलहाल के लिए मैं बस आपको इतना
बता रहा हूं। इन दोनों को कहीं भी लिख
सकते हैं। लेकिन जो पार्टनर्स फिक्स्ड
कैपिटल है इसमें ओपनिंग बैलेंस हमेशा ही
इसी साइड आएगा। किस साइड? क्रेडिट साइड।
क्योंकि कैपिटल्स क्रेडिट बैलेंस हमेशा
क्रेडिट में आएगा। करंट अकाउंट के
बैलेंससेस कुछ भी हो सकते हैं। अब आप
समझोगे कि करंट अकाउंट का बैलेंस क्यों हो
सकता है कुछ भी। क्योंकि यहां पे सारी
चीजें आती हैं। कौन सी-कौन सी सारी? देखो
सबसे पहले तो जो जो आप पार्टनर को देते हो
भाई सैलरी कमीशन ये सब देंगे तो उसकी
कैपिटल बढ़ेगी उसमें अपन ऐड करेंगे। तो वो
सारी चीजें यहां पे आ जाती हैं। जैसे बाय
सैलरी आपने सैलरी दी पार्टनर को लिख दो।
बाय
कमीशन बाय कमीशन या फिर वही बोनस। ठीक है?
वो आपने दिया तो उससे भी उसकी सैलरी ये बढ़
जाएगी। आपने अगर उसको इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
दिया है इंटरेस्ट ऑन कैपिटल अगर आपने वो
दिया है उसको तो वो भी आप यहां पर लिख
दोगे। तो ये सारी चीजें देने से उसका
बैलेंस बढ़ता जाएगा। कैपिटल का अपन ऐड करते
जाएंगे। और क्या देंगे इसको भाई?
प्रॉफिट जो भी प्रॉफिट बचा कुछ है
रिमेनिंग प्रॉफिट भी तो दोगे उसको। ठीक
है? वो अपन उसको देंगे। अच्छा सर ये तो
देने वाली बातें हुई। लेते क्या है
पार्टनर से? तो सबसे पहली चीज और ये
इंपॉर्टेंट है जो मैं अभी लिखने वाला हूं।
इंपॉर्टेंट है इसको थोड़ा डारकर शेड से लिख
देता हूं। टू ड्रॉइंग्स जो भी उसने पैसे
विथड्रॉ कर लिए हैं वो अपन उससे वापस लेते
हैं। यहां पर लिखते हैं। ठीक है?
ड्रॉइंग्स वापस ली जाती हैं और इंटरेस्ट
ऑन ड्रॉइंग भी लिया जाता है। इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स यह भी आप पार्टनर से लोगे
क्योंकि पार्टनर से पार्टनर को आपने पैसे
दिए। फर्म ने पैसे दिए हैं तो फर्म
पार्टनर से लेगी यह पैसा। फर्म के लिए ये
इनकम होगी एक तरीके से। लेकिन पार्टनर को
देना पड़ेगा तभी मैं उसके डेबिट साइड लिख
रहा हूं। पार्टनर जब ये सारी चीजें
मिलेंगी तो ऐड होंगी चीजें ये माइनस
होंगी। मतलब ये देना पड़ेगा उसको। और इसके
बाद सारी चीजें करने के बाद आपके पास एक
चीज़ बचेगी जिसको बोलते हैं बैलेंस। उसको
बोलते हैं टू बैलेंस कैरी डाउन या फिर
क्लोजिंग
बैलेंस। क्लोजिंग बैलेंस।
और भाई वही बात के क्लोजिंग बैलेंस हो
सकता है कभी इस साइड भी आ जाए तो मे बी
बाय बैलेंस सीडी बाय बैलेंस सीडी क्लोजिंग
बैलेंस इस साइड भी आ सकता है। देखो ये
क्या है ना कि देखो देखो मैं ऐसे मार्क कर
देता हूं। अगर मेन बैलेंस इस साइड आया
ओपनिंग बैलेंस तो क्लोजिंग बैलेंस हमेशा
इस साइड ही आएगा। ये तो फैक्ट है कि भाई
मेन बैलेंससेस इस साइड आए तो क्लोजिंग
बैलेंस इस साइड ही आएगा। लेकिन अगर कभी इन
केस कि इनका ओपनिंग बैलेंस नेगेटिव में है
तो इनका क्लोजिंग बैलेंस मोस्टली नेगेटिव
में ही आता है। तो शुरुआत कहीं से भी हो
सकती है। मेरे कहने का मतलब शुरुआत यहां
से हुई तो खत्म यहां पे होगा। शुरुआत यहां
से हुई तो खत्म यहां पे होगा। ये अपन जब
क्वेश्चंस देखेंगे तो समझ में आ जाएगा।
अभी आपको क्या दिमाग में रखना है कि
क्या-क्या चीजें आ रही हैं। समझे बात को?
तो फिक्स्ड में क्या आ रही है? सिर्फ
परमानेंट एडिशन, परमानेंट विथड्रॉवल और
वहां पे सैलरी, कमीशन, ड्रॉइंग सब कुछ आ
जाता है। तो करंट अकाउंट बहुत बड़ा सा
होता है। इसमें सब कुछ अपन लिख देते हैं।
ठीक है? इसका भी आप स्क्रीनशॉट लेते चलो
साथ में। ठीक है? नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते
हैं। नेक्स्ट मेथड पे आते हैं।
फ्लक्चुएटिंग कैपिटल। तो इसमें तो कुछ है
ही नहीं। अगर आपको ये चीज़ समझ में आ गई है
अच्छे से कि ये क्या था? तो भैया,
फ्लक्चुएटिंग में अपन सारी चीज़ों को मर्ज
करके लिख देते हैं। ठीक है? कैसे? सबसे
पहले ये चीज स्टार्ट होगी बाय बैलेंस
ब्रॉट डाउन से। हमेशा बैलेंस बी डी से
स्टार्ट होगा ये। इसमें कोई नेगेटिव
बैलेंस नहीं आएगा बैलेंस बी डी क्योंकि
कैपिटल के बैलेंस से ही स्टार्ट होगा ये।
तो ये ओपनिंग कैपिटल हो गई। ठीक है? इसके
बाद आप जो जो देते जा रहे हो यहीं का यहीं
लिख दो। सबसे पहला अगर कोई परमानेंट एडिशन
है जिसको अपन एडिशनल कैपिटल बोलते हैं। तो
सबसे पहले अगर कोई
एडिशनल कैपिटल आ रही है तो यहां पे लिख
दो। है ना? एडिशनल कैपिटल लिख दो यहां पर।
ये लिख दिया आपने। अब एक बात बताओ वहां पर
भी एडिशनल कैपिटल लिख रहे थे लेकिन वो
फिक्स्ड में लिख रहे थे। उसके बाद की
चीजें करंट में लिख रहे थे। यहां पर सारी
चीजें एक जगह ही लिख देंगे। अगर सैलरी भी
देनी है तो भी यहीं का यहीं लिख दो। कमीशन
वगैरह देना है बाय कमीशन बोनस ये सारी
चीजें यहीं पे ही आ जाएंगी। ठीक है? बाय
इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल ये भी यहीं का यहीं आ जाएगा। मतलब
सारी चीजें एक ही जगह पे आ जाएंगी।
अलग-अलग अकाउंट नहीं बनाने। ऐसा मान लो
दोनों अकाउंट्स को अगर मर्ज कर दिया ना तो
ये वाला बन जाता है पार्टनर्स मतलब
फ्लक्चुएटिंग कैपिटल जिसको अपन पार्टनर्स
कैपिटल अकाउंट भी बोलते हैं। मैं लिख देता
हूं इस पे लिखा नहीं हुआ है। ये है भाई
पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। ठीक है? ये
पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट है जिसको मैं बना
रहा हूं। और क्या आता है भाई? भाई सर
प्रॉफिट होगा तो भी लिख देंगे बाय
प्रॉफिट। ठीक है भाई? प्रॉफिट भी लिख
दिया। बचा कुचा प्रॉफिट भी दे दो आप यहां
पर। बस और क्या जो भी देना है आपको
पार्टनर को देते चले जाओ। यहां पर क्या आ
जाएगा? तो सबसे पहला आएगा टू
ड्रॉइंग्स। जो भी पार्टनर ने ड्रॉइंग्स की
है वो लिख दो क्योंकि वो पैसा उससे वापस
लेना है। टू इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स जो भी इन जो भी ये ड्रॉइंग्स की
है इस पे जो ब्याज बना है वो भी उससे लेना
है। तो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स यहां पे
आएगा।
ठीक है? और बाकी फिर जो बैलेंस बचा वो आ
जाएगा बैलेंस सीडी। यानी ये क्लोजिंग
बैलेंस जो भी पार्टनर का बचा वो यहां पे
आएगा। ये आ गया आपका क्लोजिंग कैपिटल।
डन। बस इस तरीके से ये आपका पूरा एक
अकाउंट बन जाएगा। ऑलराइट। तो जल्दी से
इसका भी स्क्रीनशॉट ले लो। फिर अपन
क्वेश्चंस से स्टार्ट करते
हैं। ऑलराइट। तो यहां तक देख लिया अब ये
आगे बढ़ते हैं क्वेश्चंस की तरफ। देखो पहले
अच्छा चलो ये भी आ गया। ये भी देख ही लेते
हैं। फिक्स्ड कैपिटल और फ्लक्चुएटिंग
कैपिटल में डिफरेंस क्या होता है? तो बहुत
सिंपल है। द कैपिटल अकाउंट हूज़ ओपनिंग
क्लोजिंग बैलेंस रिमेन अनचेंज्ड इज़ कॉल्ड
फिक्स्ड कैपिटल। फिक्स्ड में हम कैपिटल के
बैलेंस को चेंज नहीं करते। फ्लक्चुएटिंग
में क्योंकि सारी चीजें एक ही तरफ लिख रहे
हो। आप कैपिटल में ऐड करते जा रहे हो तो
कैपिटल का भी बैलेंस चेंज हो जाता है। नो
एडजस्टमेंट फॉर सैलरी वगैरह एडजस्टमेंट
रिलेटिंग टू प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूशंस आर
मेड। अह कैपिटल बैलेंस जो है तो यहां पर
जो बैलेंस ऑफ़ कैपिटल अकाउंट विल ऑलवेज
रिमेन पॉजिटिव। मतलब वो हमेशा ही क्रेडिट
साइड आएगा। इट विल नेवर बी नेगेटिव। वो
डेबिट साइड नहीं आएगा। लेकिन यहां पे भाई
डेबिट डेबिट या फिर क्रेडिट कहीं पे भी आ
सकता है क्योंकि सारी चीजें एक साथ लिख
रहे हो आप। चेंज इन द बैलेंस। द बैलेंस ऑफ
फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट रिमेन फिक्स्ड।
मतलब इसमें कैपिटल को चेंज नहीं करते।
इसमें कैपिटल फ्लक्चुएट हो जाती है।
बैलेंस ऑफ फ्लक्चुएटिंग कैपिटल अकाउंट
चेंजज़ फ्रॉम पीरियड टू पीरियड। अरे
फ्लक्चुएट होना ही मतलब ही वही होता है कि
वो चेंज हो रहा है। है ना? अगेन दिस इज़
नॉट वेरी इंपोर्टेंट। ये डिफरेंस कभी
मोस्टली तो नहीं आता। पर फिर भी बस देख
लेते हैं। प्रिपरेशन ऑफ करंट अकाउंट इसमें
नहीं करते। इसमें अपन करते हैं।
प्रेजेंटेशन एंड बैलेंस शीट। इसमें बोथ
कैपिटल एंड करंट अकाउंट दोनों अकाउंट्स जो
आपने बनाए हैं वो आपको लिखने पड़ेंगे। यहां
पे फ्लकचुएटिंग कैपिटल में सिर्फ एक
अकाउंट आपको दिखाना पड़ेगा। बनाया ही एक
है तो एक ही दिखाओगे ना। है ना? लेकिन
यहां पे दो अकाउंट बनाए। दोनों के
बैलेंससेस आपके बैलेंस शीट में दिखेंगे।
तो दिस वाज़ इट। अब अपन एक चीज़ देख लेते
हैं। चार्ज एंड एप्रोप्रिएशन ऑफ
प्रॉफिट्स। एप्रोप्रिएशन तो आपने समझ ली
कि प्रॉफिट को बांटना। लेकिन कुछ ऐसी
चीजें मैं आपको लिख के ही दे देता हूं।
ऐसी चीजें हैं जो आपको पहले प्रॉफिट एंड
लॉस में डाल देनी चाहिए थी। लेकिन वो
प्रॉफिट का एप्रोप्रिएशन नहीं।
एप्रोप्रियेशन होता है प्रॉफिट को बांटना।
तो बेटा प्रॉफिट को ये प्रॉफिट है इसको
बांटना है तो पहले ये तो आए ये कब आता है
जब आप प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बना चुके
होते हो उसमें आप रेंट इंटरेस्ट ऑन लोन ये
सारी चीजें दे चुके होते हो फिर आता है
प्रॉफिट फिर ये बंटता है एप्रोप्रिएशन में
है ना तो अगर इन केस आपने कोई प्रॉफिट
बांटा ही नहीं देखो चार्ज बहुत सिंपल है
बहुत सिंपल है दो पार्टनर्स हैं आपस में
चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट यानी ऐसी चीज जो
देनी पड़ेगी भले लॉस हो जाए आपको ऐसी क्या
चीज है जैसे दुकान का रेंट दुकान का रेंट
क्या ये तब देंगे देंगे क्या? प्रॉफिट
हुआ। अगर प्रॉफिट हुआ तो हम आपको रेंट
देंगे। ऐसा होता है क्या? वो तो देना ही
पड़ेगा। मैनेजर को कमीशन देनी है। आपने
एंप्लई रखे हैं, मैनेजर्स रखे हैं। इनको
कमीशन देनी है तो वो तो देनी पड़ेगी। आपका
प्रॉफिट और लॉस हो भैया मैनेजर को सैलरी
दो, कमीशन दो। है ना? तो जो चीजें
मैंडेटरी है, देनी ही पड़ेंगी। दे आर
कॉल्ड चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट। दीज़ आर
मैंडेटरी
थिंग्स। ठीक है? कि मैं इसको हिंदी में
लिख दूं कि भले लॉस हो जाए।
पर देना तो पड़ेगा।
यही है। देना तो पड़ेगा। भले लॉस हो जाए
फर्म को पर ये देने पड़ेंगे। इनको बोलते
हैं चार्ज अगेन प्रॉफिट्स। क्या-क्या होते
हैं भाई? अगर अगर हम इस चैप्टर के कंसर्न
में देखें तो रेंट जो भी दुकान का रेंट
जाएगा वो। ठीक है? मैनेजर की
कमीशन। मैनेजर्स कमीशन।
ठीक है? और मैं आपको बताऊं तो और मैं आपको
बताऊं तो रेंट हो गया, मैनेजर्स की कमीशन
हो गई। और क्या आ सकता है इस चैप्टर में?
इंटरेस्ट ऑन लोन तो है ही।
इंटरेस्ट ऑन लोन टू अ पार्टनर। वो हमेशा
चार्ज होता है। एप्रोप्रिएशन नहीं तो लोन
देना ही मतलब इंटरेस्ट ऑन लोन देना ही
पड़ेगा। भले लॉस हो जाए। तो ऐसी चीजें
कहलाती हैं चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट। और
दूसरी आती है एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट। जो
अपन प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन में लिख
चुके हैं। सैलरी, कमिशन ये सारी चीजें। है
ना? तो अपन इस ऐसे वाले क्वेश्चन को
देखेंगे जिसमें कुछ और इस चार्जेस को जो
है ना चार्ज जो होता है वो प्रॉफिट एंड
लॉस अकाउंट में आना चाहिए। देखो मैं यहां
पे लिख देता हूं। ये जो चार्ज हैं ये सारे
कहां आने चाहिए थे? तो सर ये ये सारी
चीजें प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट
साइड आनी चाहिए थी। अगर आपने वहां पे नहीं
लिखी हैं तो अब आप क्या करो? अब आप ऐसा
करो कि एक बनाओ प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन अकाउंट।
इसमें आप इसी नेट प्रॉफिट को लाओगे यहां
पर बाय नेट प्रॉफिट और इसको नेट प्रॉफिट
को बाहर लिखने से पहले यहां लिखने से पहले
अंदर लिखो और इसमें से माइनस कर दो जो भी
आपके ये चार्जेस हैं यहां पे मैं लिख देता
हूं चार्जेस को आप माइनस कर दो। यहां पे
ऐसे माइनस में लिख देता हूं मैं। फिर जो
मेन प्रॉफिट आ रहा है इसको बाहर लिखो।
क्योंकि चार्ज आपको देने ही चाहिए थे।
आपने दिए नहीं थे। तो या तो आप प्रॉफिट
एंड लॉस अकाउंट बना के उसमें लिख दो डेबिट
साइड। लेकिन अगर आप वहां पे नहीं लिख सकते
अब आपने एप्रोप्रिएशन ही बना लिया है तो
ये प्रॉफिट तो गलत आया ना बेटा। इस
प्रॉफिट में से पहले ही चार्जेस माइनस कर
देने चाहिए थे। तो अब आप माइनस कर दो अगर
पहले नहीं किए थे तो क्वेश्चन के थ्रू
इसको समझते हैं। बहुत ईजी है ये। राम एंड
मनोहर आर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग
प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 7:3 अकॉर्डिंग टू
द पार्टनरशिप डीड, राम वाज़ टू बी पेड
सैलरी 5,000 पर मंथ। ये सारी चीजें ठीक
है। पहले अपन देख लेते हैं प्रॉफिट कहता
है। द फर्म अर्नड अ प्रॉफिट ऑफ 250000 फॉर
द ईयर एंडेड 31 मार्च। तो जो भी प्रॉफिट
है इससे स्टार्ट करना है। मैं यहां पे लिख
दूंगा बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफरर्ड फ्रॉम
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। कितना है? कितना
है? कितना है? ₹2,50,000। इसको मैं
लिखूंगा बेटा
अंदर। ₹2,50,000 को मैंने लिखा अंदर की
तरफ। अभी मेन अमाउंट बाहर जाएगा। अब देखो
क्या-क्या बोल रहा है। राम वाज़ टू बी पेड
सैलरी 5,000 पर मंथ। तो सैलरी देनी है राम
को। देखो ऐसे लिखेंगे टू सैलरी।
टू सैलरी किसको देनी है बेटा? राम को। ठीक
है? कितनी देनी है? 5000 पर मंथ। लिखा
होता है 5000 पर मंथ। अब 5000 तो है पर
मंथ यानी साल में कितने मंथ होंगे? 12। तो
टोटल आप कितना दोगे? 5000 * 12 60000 इसको
सैलरी दोगे। समझ आया? सैलरी गई 60,000 एंड
मनोहर वाज़ टू गेट बोनस ऑफ़ 40,000 पर एनम।
मनोहर को बोनस देना है। तो यहां पर मैं
लिख दूंगा टू बोनस।
बोनस किसको देना है? मनोहर को। मनोहर है।
मनोहर मनोहर।
ठीक है भाई। मनोहर भाई को देंगे। कितना
देंगे? 40,000 इसको दे दिया। ये 40,000
मेरा यहां पे आ गया। ओके? नेक्स्ट क्या
है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वाज़ टू बी अलाउड
10% पर एनम। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 10% देना
है। वो भी दे देते हैं। देखो कैसे देते
हैं? टू यहां पे आप लिखोगे इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल। किस-किस को देना है? तो पहला है
कौन नाम क्या है भाई इनके? राम और मनोहर।
तो राम का कितना निकलेगा? ऐसे ही निकाल
देना यहीं पे बेटा। नोट-वोट मत बनाना।
इनका इंटरेस्ट ऑन कैपिटल जो होता है वो
कैपिटल पे मिलता है। लागत कितनी लगाई है
इन्होंने? लागत कितनी लगाई है? फिक्स्ड
कैपिटल्स वर 4 लाख एंड ₹1,50,000। एक ने
लगाए 4 लाख। दूसरे ने लगाए ₹1,50,000। तो
देखो कैसे निकालेंगे। इसने लगाए 4
लाख। और दूसरा राम के बाद कौन सा था?
मनोहर। यह मनोहर भाई। मनोहर ने कितने
लगाए? ₹1,50,000।
ठीक है? और कितना परसेंट है इनका?
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वास टू बी अलाउड 10%
तो मुझे इनका 10% निकालना है। इसका भी 10%
इसका भी 10% कितना आ जाएगा? यहीं का यहीं
निकाल के खत्म करो। 40 4 लाख का 10%
40000 फिर 150000 का 10% 1500 15000 इन
दोनों का टोटल आ जाएगा 55000 ये आप लिख दो
बाहर। समझे? तो कैलकुलेशंस यहीं की यहीं
हो गई। आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत है
ही नहीं। यहीं का यहीं कैलकुलेशन करके
खत्म करो। ठीक है? ये भी हो गया। मतलब
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल भी हो गया। इंटरेस्ट
ऑन ड्रॉइ्स वाज़ टू बी चार्ज्ड 8% पर एनम।
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग क्या अपन ने बोला था
कि चार्ज करते हैं। चार्ज करेंगे तो
लेंगे। इस साइड आएगा और इस साइड कितना
आएगा? ड्रॉइ्स देख लेते हैं। इंटरेस्ट ऑन
राम्स ड्रॉइंग डायरेक्टली इंटरेस्ट ही
दिया हुआ है। निकाल के निकालने की जरूरत
नहीं है। इंटरेस्ट ऑन राम राम्स ड्रॉइंग
तीन 3000। मनोहर की ड्रॉइंग 2,000। तो
यहां पे आप लिख दो
बाय इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स।
ठीक है? किस-किस का है? राम का और मनोहर
का। तो राम का कितना है इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग? अ 3000 और मनोहर का ₹2,000। राम
का ₹3,000 मनोहर से ₹20,000 लेने हैं। तो
टोटल मिला के ये हो जाएंगे 5,000। ठीक है?
अभी तक और कोई चीजें नहीं हुई है। अभी देख
लेते हैं और क्या है। ये फिक्स्ड कैपिटल्स
हो गया। वाज़ टू बी चार्ज? ये ये भी हो गया
ये भी हो गया। ठीक है? फिक्स्ड कैपिटल्स
वर 41.5 लाख। द फर्म अर्न अ प्रॉफिट ऑफ़
₹50,000 फॉर द ईयर एंडेड प्रिपेयर प्रॉफिट
एंड लॉस। और कुछ दिया ही नहीं हुआ है।
यहां पे अगर देखो मैंने ये ये नेट प्रॉफिट
अंदर लिखा था। इन केस अगर यहां पर कुछ
इंटरेस्ट ऑन लोन होता, रेंट होता, तो मैं
उसको यहां पे एडजस्ट करता। पर अभी तो कुछ
ऐसा है ही नहीं इस क्वेश्चन में। तो क्या
करेंगे? इस प्रॉफिट को अपन यहां की जगह
डायरेक्टली यहां पर बाहर लिख देंगे। ठीक
है? है क्योंकि इसमें कोई एडजस्टमेंट नहीं
है। अभी एडजस्टमेंट होता तो मैं उसको अंदर
लिखता और एडजस्टमेंट को माइनस करता। आएंगे
क्वेश्चंस आगे। अभी इसमें कोई भी
एडजस्टमेंट है ही नहीं। ठीक है? ये सारी
चीजें हो गई। एक बार देख लेना क्वेश्चन
को। रेश्यो राम वास्टेड सैलरी। सैलरी हो
गई भाई। बोनस हो गया। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
हो गया। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग हो गया।
इंटरेस्ट ऑन राम्स ड्रॉइंग्स लिख दिया।
फिक्स्ड कैपिटल्स इतनी इतनी थी लिख दी।
फर्म ने इतना प्रॉफिट अर्न किया था वो भी
लिख दिया। सब हो गया। बस इसका टोटल कर
देंगे। ठीक है? अब देखो एक छोटी सी चीज़
बताता हूं। हूं। एक छोटा सा ट्रिक मान लो
उसको जो भी मान लो आप। जभी भी आप लिख रहे
हो ना तो ऐसे वंस को वंस डिजिट के नीचे
10्स को 10्स के नीचे ऐसे नीचे-नीचे लिखना
तो कैलकुलेशंस ईजी हो जाते हैं। और
कैलकुलेटर का यूज़ तो आपको करना नहीं है
वैसे भी। है ना? तो एक दूसरे के नीचे
लिखोगे तो ईजी हो जाएगा। चलो मैं यहां पे
टोटल कर देता हूं। तीन ज़ीरोज़ तो आ ही
जाएंगे। इसके बाद यहां पे आ गया फाइव।
ओके? फाइव। फिर एक और फाइव और टू। 25 ये आ
गया 255 ये आ गए। इसका टोटल देख लेते हैं।
अब मैं कैलकुलेट कहां करूं? यहीं पे कर
लेता हूं।
255 1 2 3 इनका टोटल ₹155000 ₹155000 आ
गया तो 1 लाख बचा। ठीक है? अब देखिए ₹1
लाख बचा है। तो यहां पे मैं लिख दूंगा टू
प्रॉफिट रिमेनिंग प्रॉफिट जो बचा राम को
कितना जाना है? मनोहर को कितना जाना है?
देखो ₹1 लाख है। टोटल जो बचा हुआ है देखो
यहां पर ₹1 लाख बचा है अपने पास। ₹1 लाख
इनको देना है 7:3 में। अरे मिट जा। रेश्यो
क्या है इनका? 7:3 तो 1 लाख को जब 7:3 में
बांटेंगे 7 /10 3 /10 ठीक है? अब मैं इसको
करके दिखाऊं। चलो पहला वाला करके देता
हूं। 1 लाख * 7 /10 और 1 लाख
* 3 /10 समझे? ऐसे करना है। तो आराम से वो
तो दिख ही रहा है यहां पे 70,000 और
30,000 तो बस इसको आप लिख दोगे यहां पे कि
पहले का आ गया 70,000 दूसरे का आ गया
30,000 और इसका टोटल आया आपके पास बाहर।
तो ये तरीका है इस चीज को करने का एंड इन
सबका टोटल आ जाएगा
25500 समझे? तो ऐसे एक अकाउंट को आपको
बनाना है। बहुत ही सिंपल तरीका है ये चीज
का करने का। ठीक है? ऐसे ही सिंपल वे से
करना है। एक दूसरे के नीचे अमाउंट्स लिखना
तो कैलकुलेशंस ईजी हो जाएंगे। कोई भी यहां
पर एटलीस्ट छोटी-छोटी चीजों के लिए कोई
वर्किंग नोट बनाने की जरूरत नहीं है।
वर्किंग नोट मैं आपको बताऊंगा कब बनाना
है। अभी आपके जो छोटे-छोटे कैलकुलेशंस हैं
आप यहीं का यहीं कर सकते हैं। तो आप अंदर
कैलकुलेशन करिए, अमाउंट निकालिए और
डायरेक्ट उस अमाउंट को प्लस करके बाहर लिख
दीजिए। ऑलराइट? तो दिस वाज़ द क्वेश्चन। और
क्वेश्चंस देख लेते हैं और आगे बढ़ते हैं।
ये चार्ज और एप्रोप्रियेशन मैंने आपको बता
दिया। एक बार आप डिफरेंस देख लेना। बस ये
याद रखना जो चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट है वो
मैंने आपको बताया। कहां आता है? तो
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आता है। और
एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट कहां आता है?
प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन यानी
पार्टनरशिप में आज जो अपन ने सीखा
एप्रोप्रिएशन अकाउंट उसमें आता है। ये
यहां पे लिखा भी है। प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट क्या होता है? एप्रोप्रिएशन क्या
होता है? जो हमने बनाए वही डिस्टिंशन है।
ठीक है? तो इन लोग इनको दोनों को अच्छे से
पढ़ लेना एक बार। बहुत ज्यादा एग्जाम
पॉइंट ऑफ व्यू से इंपॉर्टेंट नहीं है। बस
एक बार पढ़ लेना। मैंने तो आपको बता तो
दिया ही है। अब यहां पे कुछ और चीजें हैं।
देख लेते हैं। ओके? अच्छा यहां पे अब आएगा
एडजस्टमेंट। एडजस्टमेंट भी कैसे होता है
वो भी देख लेना। तो यहां पे तो लिख दिया
मैंने पर्टिकुलर्स
रुपीस
पर्टिकुलर्स और रुपीस। ठीक है? ये मैं बना
रहा हूं प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन
अकाउंट। ठीक है? कलर चेंज। अमन एंड वुमन
आर पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस
इक्वली। इक्वल रेशियो के पार्टनर हैं। लिख
देता हूं मैं छोटा सा। 1:1 में शेयर कर
रहे हैं। बिनेस इज़ कैरिड ऑन फ्रॉम द
प्रॉपर्टी ओनड बाय अमन। अमन की प्रॉपर्टी
पे बिज़नेस हो रहा है। ऑन अ इयरली रेंट ऑफ़
24। अब बेटा इयरली रेंट है तो रेंट एक
तरीके का मेन खर्चा है। आपको प्रॉफिट हो,
लॉस हो देना ही पड़ेगा। तो ये चार्ज
अगेंस्ट प्रॉफिट है। तो ये प्रॉफिट एंड
लॉस अकाउंट में आना चाहिए था। पर पक्का
इन्होंने वहां नहीं डाला होगा। अमन इज़ टू
गेट सैलरी ऑफ़ ₹1,20,000। अब देखो, सैलरी,
कमीशन ये सब तो क्या बोलते हैं?
एप्रोप्रिएशंस हैं। प्रॉफिट होगा तो ही
देनी है। नहीं होगा प्रॉफिट तो देंगे ही
नहीं। है ना? प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड 31
मार्च बिफोर प्रोवाइडिंग रेंट। बिफोर
प्रोवाइडिंग रेंट। ये तो गलत कर दिया।
आफ्टर प्रोवाइडिंग रेंट बताओ ना। अब तो
आपने बिफोर प्रोवाइडिंग रेंट बताया वो था
5 लाख। तो हम क्या करेंगे? यहां पे
लिखेंगे इस प्रॉफिट को बाय नेट प्रॉफिट।
ठीक है? लेकिन कितना? 5 लाख। क्यों मैं
अंदर लिख रहा हूं? क्यों मैं अंदर लिख रहा
हूं? क्योंकि भैया इसमें से रेंट आपने
माइनस नहीं करा यार। आधी अधूरी चीजें कर
देते हैं ये लोग। रेंट माइनस करना चाहिए
था ना? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आना
चाहिए था। वहां पे माइनस हो जाना चाहिए
था। देखो कायदे से ये नेट प्रॉफिट जब आ
चुका है यहां पे कहां पे आया? पहली बात तो
देखो अगर मैं प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की
बात करूं प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की तो
यार रेंट यहां पे आना चाहिए था ना आपने
करा तो 11th में कि सर टू रेंट टू
इलेक्ट्रिसिटी बिल ये सब यहां आना चाहिए
था। पर इन्होंने यहां पे नहीं लिखा है। और
अपन डायरेक्टली इसके बाद वाले अकाउंट पे
पहुंच गए ये नेट प्रॉफिट उठा के। तो आज हम
क्या करेंगे? ये प्रॉफिट में से माइनस हो
जानी चाहिए थी चीज। आज माइनस कर देंगे।
इतना सा कांसेप्ट है उसका। तो यहां से मैं
माइनस कर दूंगा जो भी रेंट है। ठीक है?
कितना है? रेंट ऑन इयरली बेसिस प्रॉपर्टी
ओन बाय अमन। तो रेंट टू अमन लिख दो भले या
सिर्फ रेंट लिखोगे तो भी ठीक है। 24000
मैं यहां से माइनस कर दूंगा। माइनस करते
हैं तो ये ब्रैकेट मार देते हैं। तो उसको
माइनस बोलते हैं। तो ये माइनस किया तो
आपके पास बचा
476000 76 और 24 1 लाख। ठीक है? ठीक है?
तो 476 आपके पास यहां पे बचा। और क्या
करना है? अमन इज़ टू गेट सैलरी ऑफ़
₹1,20,000 तो यहां पे लिख दूंगा टू
सैलरी किसकी है? अमन की है। कितनी है?
1,20,000 पर एनम। तो ये मैंने ₹1,20,000
सामने वाले को सैलरी दे दी अमन को।
ऑलराइट। दूसरा क्या है? बोमन इज़ टू गेट
कमीशन 5% ऑन नेट सेल्स व्हिच ड्यूरिंग द
ईयर वाज़ 30 लैक्स। तो इसने बोला ये जो 30
लैक्स की सेल्स हैं इस पे 5% कमीशन चाहिए।
तो दे दो भाई ये कमीशन का कैलकुलेशन मैंने
यहां पे कर दिया। ये कमीशन ऐसे जब ये
कैलकुलेशन मैं अलग कर रहा हूं ना इसको
मैंने देखो नाम दे रहा हूं वर्किंग नोट
नंबर वन। बहुत सिंपल सा क्योंकि मैं कमीशन
कैलकुलेट कर रहा हूं। कर देंगे 0
0 5 * 3 = 15 फॉललोड बाय 1 2 3 4 ज़ीरोज़ 1
2 3 4 ज़ीरोज़। ठीक है? तो ये मैंने कमीशन
कैलकुलेट की ना बेटा यहां पर अलग से तो ये
वर्किंग नोट मैंने बना दिया। अब देखो इसको
अटैच कैसे करते हैं? ये वर्किंग नोट बनाया
मैंने। कोई भी कैलकुलेशन रफ मत करना।
वर्किंग नोट बना देना उसका। ठीक है? तो टू
कमीशन किसको दे रहे हैं? बोमन को।
ठीक है? और यहां पर मैं इसमें ही अटैच कर
दूंगा वर्किंग नोट नंबर वन। कि भैया ये जो
अमाउंट मैं निकालने वाला हूं ना अभी वो
वर्किंग नोट नंबर वन से निकला है
₹1,50,000। ये मैंने यहां पर इस तरीके से
लिख दिया। ऑलराइट क्लियर है इतना? तो ऐसे
करके वर्किंग नोट को आपको अटैच भी करना
है। बस बाकी तो चीजें हो गई। बस यही था
1,50,000 और कमीशन और रेंट था वो हो गया।
5 लाख अपन ने लिख दिया। बस खत्म हो गई
चीजें। अब जो बचा कुचा प्रॉफिट है उसको
अपन बांट देंगे। देखते हैं अब कितना बचा
है। देखो इस साइड का टोटल तो आ जाएगा
4,76,000 और कुछ है ही नहीं। यहां से 4,76
में से 4,76 में से ये चीज़ माइनस कर दो।
ये कितना आ रहा है?
270000 270 अगर माइनस कर देंगे तो बचेगा
20600 और इसको शेयर कैसे करना है अपन ने
पहले ही देख लिया था इक्वली 1 में तो
₹6000 को इक्वली बांट दो प्रॉफिट्स टू
प्रॉफिट कितना-कित जाएगा भाई ये अमन ये
बोमन और अमन को कितना जाएगा ₹6000 का आधा
₹13000 ₹13000 अमन का ₹13000 बोमन का इनका
टोटल 26000 यहां पे आ गया। एंड इसका टोटल
आ गया
47600। ये हो गया खत्म अपना क्वेश्चन।
समझे बात को? सिंपल था। इस क्वेश्चन में
जो मेन चीज थी समझने की दिस वाज़ दिस रेंट
का कैलकुलेशन। ठीक है? रेंट, मैनेजर्स,
कमीशन, इंटरेस्ट ऑन लोन। ये तीनों चीजें
यहां से डायरेक्टली माइनस होंगी क्योंकि
वो चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट्स हैं।
एप्रोप्रिएशंस नहीं है। बांटना नहीं है
प्रॉफिट को। वो वो प्रॉफिट ना हो तो भी
देनी पड़ेंगी। ऐसी चीजें चार्ज कहलाती
हैं। ठीक है? तो हो गया ये वाला क्वेश्चन।
आगे बढ़ते हैं। आगे देखते हैं और
क्वेश्चंस क्या हैं। अच्छा ये क्वेश्चन
आपने करना है। अब ये थोड़ा सा ये आपको मैं
होमवर्क देता हूं। ठीक है? आप मुझे कुछ
चीजें तो आप डायरेक्टली अभी कमेंट्स में
बता सकते हो। अभी का अभी बता सकते हो। वो
वाली चीज बता दो। बाकी चीजें होमवर्क में
कर लेना। देखो सडी एंड वंडी वर पार्टनर्स
इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन
द रेशियो ऑफ़ देयर कैपिटल्स कंट्रीब्यूटेड।
बेटा इसकी कैपिटल है 4 लाख और 3 लाख। 4
लाख और 3 लाख। तुम मुझे बताओ रेश्यो क्या
होगा? सबसे पहला क्वेश्चन जो आपको कमेंट
में आंसर देना है वो है रेश्यो क्या है
सडी और वैंडी के बीच में। जल्दी से मुझे
बताओ कि रेशो क्या है? ठीक है? क्योंकि
कैपिटल के फॉर्म में रेश्यो को
डिस्ट्रीब्यूट किया है। पहला आपका कमेंट
यहां पे आ जाना चाहिए। पॉज कर भाई अगर कुछ
समझ में आ रहा है तो बता मुझे कि क्या
उसका रेश्यो है। ठीक है? दूसरा फर्म
स्टार्टेड बिज़नेस ऑन 1 अप्रैल अकॉर्डिंग
टू द पार्टनरशिप डीड। अब देखो ये क्या कह
रहे हैं। वैसे तो ये अपन आगे रिजर्व
सीखेंगे। लेकिन बहुत सिंपल सा है ये। बस
एक पॉइंट है यहां पे जो एक्स्ट्रा मुझे
समझानी पड़ेगी आपको ये वाली बाकी तो देखो
इसको 2 मिनट के लिए छोड़ो चलो ये देखो
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल इज़ टू बी अलाउड 12% पर
एनम इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग 10% पर एनम ठीक
है कैपिटल पे इंटरेस्ट आपको 12% देना है
तो कैपिटल दिए हुए हैं ये रहे कैपिटल 12%
दे देना आप बहुत ईजी है निकालना सैंड ईयर
वेंडी आर टू गेट अ मंथली सैलरी 10,000 तो
10,000 को 12 से मल्टीप्लाई करोगे ईयरली
सैलरी निकल जाएगी 15000 को 12 से
मल्टीप्लाई करोगे ईयरली सैलरी निकल निकल
जाएगी। सैलरी भी आप दे सकते हो। बस इतना
ही था इसमें। और क्या है? द प्रॉफ़िट फॉर द
ईयर एंडेड 31st मार्च बिफोर मेकिंग अबव
एप्रोप्रिएशंस वर 6 लाख। द ड्रॉइंग्स ऑफ़
सडी एंड वडी वर 2 लाख एंड ₹50,000
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग भी आपको निकाल के ही
दिया हुआ है कि इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इतना
है। तो ये 10% निकालने की जरूरत नहीं है।
ये आपको डायरेक्टली दिया है। आपको पता है
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग कहां आता है? पता है
ना? ये बनाना आप। ये आपको खुद करना है। इस
पूरे में सिर्फ एक पॉइंट ये कठिन है वो
मैं आपको बता देता हूं। एव्री ईयर इन केस
ऑफ़ प्रॉफिट मैं ये इंग्लिश नॉर्मल समझा
रहा हूं। देखो हर साल जब प्रॉफिट हो ₹00
और 10% ऑफ द प्रॉफिट या तो ₹00 या प्रॉफिट
का 10% व्हिच एवर इज़ मोर विल बी डोनेटेड
फॉर प्रोवाइडिंग स्कूल फीस ऑफ़ स्पेशली
एबल्ड चिल्ड्रन। तो हमको उसका 10% या फिर
500 जो भी ज्यादा हो वो हमको रिजर्व में
डालना है। एक तरीके से किसके रिजर्व में
डोनेट करना है। डोनेट करना है। तो आप जब
ये प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन बनाओगे
ना देखो इस नेक्स्ट पेज पे बना हुआ है
क्या? हां। तो यहां पे आप नेट प्रॉफिट
लिखोगे। ठीक है? नेट प्रॉफिट लिखोगे।
जितना भी है ये अब मैं नहीं बता रही। ये
आपको पता होना चाहिए। नेट प्रॉफिट लिखोगे।
सैलरी डालोगे दोनों पार्टनर्स की। ठीक है?
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दोगे। और क्या था?
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग लेना था तो यहां पे
आप लिख दोगे बाय इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग आप यहां पे ले लोगे
इतनी दो तीन ही तो चीजें थी तो ये तो आपको
पता है ये आपको करना है ये क्या है ये मैं
बताता हूं इन केस ऑफ़ प्रॉफिट 50000 और 10%
ऑफ़ प्रॉफिट व्हिच एवर इज़ मोर विल बी
ट्रांसफरर्ड टू डोनेशन वाला अमाउंट। अब
देखो साल का प्रॉफिट कितना है सर? यहां पर
अगर देखा जाए तो साल का प्रॉफिट कितना है?
नेट प्रॉफिट ₹6 लाख लिख देता हूं। चलो ये
चीज़ ₹6 लाख तो आप जब डोनेशन में पैसा डाल
रहे हो तो ये भी तो एप्रोप्रिएशन ऑफ़
प्रॉफिट है ना प्रॉफिट को बांट रहे हो तो
वो आपको यहां पे लिखना है टू डोनेशन। अब
ये डोनेशन कितना होगा? तो डोनेशन या तो 6
लाख का 10% या 50,000 जो भी ज्यादा हो। तो
मैं यहां पे निकाल लूंगा ₹6 लाख का
10% और 50,000 व्हिच एवर इज़ मोर। तो ₹6
लाख का 10% सर हमें पता है ₹60,000 होता
है। तो ₹0000 और ₹0000 में से मोर कौन सा
है? ₹0000 तो आप कितना दोगे डोनेशन? 60000
तो डोनेशन 60000 ऐसा इसको भी लगा देना
वर्किंग नोट नंबर वन और ये आपने बनाया
वर्किंग नोट नंबर वन। और इस पे बस एक छोटा
सा एडजस्टमेंट लिख देना। ऐज़ 10% ऑफ नेट
प्रॉफ़िट इज़
मोर 6,000
वुड
बी वुड बी
ट्रांसफरर्ड टू प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन अकाउंट या शुड बी
ट्रांसफरर्ड टू डोनेशन शुड
बी गिवन एज डोनेशन बस सिंपल सिंपल करो ना
यार गिवन एज डोनेशन कि हम ₹60 की डोनेशन
देंगे। क्यों? क्योंकि ₹60,000 ज्यादा है।
ये आपने यहां पे लिख दिया। दैट्स इट। ये
पॉइंट हो गया। बाकी सब आप जल्दी से करना।
ठीक है? इस चीज़ को आप लोगों को करना है और
इसका आंसर आपको वापस कमेंट्स में बताना
है। और अब आप तो आपको लगेगा सर आगे बढ़
जाते हैं। हम वैसे भी इतनी देर देख चुके
थोड़ी देर और देख लेंगे नहीं। अब रुको आराम
से इस क्वेश्चन को करो और उसके बाद आप
यहां पे आगे बढ़ना। दैट वुड बी गुड फॉर यू।
ऑलराइट। इसका भी चाहो तो स्क्रीनशॉट ले
लो। तो यहां तक तो हो गया। अब ना हम
नेक्स्ट एक टॉपिक पे जाने वाले हैं। ठीक
है? जो है इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। इंटरेस्ट
के साथ इस चीज को देखना क्योंकि है तो ये
इंटरेस्टिंग और बहुत सिंपल सा भी है।
कैपिटल क्या होता है? तो सिंपल सी अगर मैं
बात करूं तो कैपिटल वो होती है जो लोगों
ने पैसा लगाया। है ना? जैसे यहां पे दो
लोग थे एक था तन्मय और दूसरा था समय। तो
ये दोनों ने ये मैं अभी राइमिंग नोटिस कर
रहा हूं यार। तन्मय में भी मे आ रहा है और
समय में भी मे आ रहा है। चलो तो तन्मय और
समय जो उन्होंने कैपिटल्स लगाई थी। फॉर
एग्जांपल मैं मान लेता हूं तन्मय ने ₹2
लाख लगाए थे अपने बिज़नेस में और समय ने ₹3
लाख। तो इस पे कुछ ब्याज वो एक्सपेक्ट कर
रहे हैं। इंटरेस्ट वो एक्सपेक्ट कर रहे
हैं। तो इस पे जो इंटरेस्ट होता है उसको
अपन मतलब इसके ऊपर जो भी आप अमाउंट इनको
दोगे एक्स्ट्रा उसको बोलेंगे इंटरेस्ट। एक
क्वेश्चन ही कर लेते हैं हम लोग। ईजी
रहेगा। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल का सिंपल
क्वेश्चन। एंड बी एंड मतलब भाई तन तन्मय
एंड समय वर पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स
एंड लॉसेस इन 2:3। तन्मय इंट्रोड्यूस 2
लाख एज़ ऐज़ हिज़ कैपिटल एंड समय इंट्रोड्यूस
थ्री 3 लाख एज़ हिज़ कैपिटल। ठीक है? और हम
ऐसा मानते हैं कि इंटरेस्ट ऑन कैपिटल जो
है 10% देना है इनको। 10% हमें इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल देना है। तो सिंपल बेटा इनका
10% निकाल लो और क्या? जैसे इसका 10% 2
लाख का 10% कैसे निकलेगा? ऐसे ही
डायरेक्टली निकाल लेता हूं। 10 /100 कितना
आ जाएगा ये तो 20,000 हो जाएगा अपना
किसका? तन्मय का। और दूसरा समय का अगर
निकालूं वही 10%
ठीक है? तो ये आ जाएगा अपना 30,000 है ना?
ये तो सिंपल है और इसको लिखते कैसे हैं वो
भी मैं अगर आपको यहां पे बता दूं तो ये
प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन इसमें सारी
चीजें आप लिखोगे और यहां पे लिख दोगे टू
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तन्मय का कितना है समय
का कितना है तन्मय का आया
20000 समय का आया 300000 ठीक है ये आया
10% दोनों के और जो मेन अमाउंट है वो आप
लिख दोगे बाहर ये मैं ये कर देता हूं ये
500000 आपका इंटरेस्ट ऑन कैपिटल ये इस ये
सिंपलेस्ट वे है इस चीज को करने का और
सिंपल अगर कोई क्वेश्चन आएगा तो वो ऐसा
कुछ आएगा अब अपन थोड़ा सा इसमें देख लेते
हैं कि क्या चेंजज़ होते हैं। अब कभी-कभी
क्या हो जाता है देखो बहुत सिंपल है। वही
क्वेश्चन को अपन थोड़ा सा आगे कंटिन्यू
करते हैं। तन्मय एंड समय वर पार्टनर
शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 2:1 तन्मय
का कैपिटल था तन्मय एंड यहां पे लिख दिया
मैंने समय। अब देखो यहां पे क्या है कि
तन्मय और समय ये दोनों बंदे हैं यहां पर।
अब तन्मय ने क्या किया था कि यहां पे
ध्यान से देखना। 1 अप्रैल ठीक है? यह भी
फर्स्ट अप्रैल जब इन्होंने बिज़नेस स्टार्ट
किया, बिज़नेस स्टार्ट किया तो तन्मय के
पास कितने थे बेटा? ₹2 लाख लगाए थे इसने।
समय ने कितने लगाए थे? ₹3 लाख। ठीक है? अब
थोड़ा सा आगे बढ़ते हैं। जैसे अप्रैल के बाद
मई, जून, जुलाई आया। ठीक है? अ अप्रैल,
मई, जून और जुलाई हटा देता हूं। फर्स्ट
अगस्त की बात करता हूं। तो फर्स्ट अगस्त
को फर्स्ट अगस्त को पहली अगस्त को तन्मय
ने ₹00 और लगाए अपने बिज़नेस में। तन्मय ने
₹500 और लगाए। अगस्त के बाद आता है सितंबर
अक्टूबर की बात कर लेता हूं मैं। 31
अक्टूबर अक्टूबर 31 ही होता है ना? अह
जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून,
जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर 31 ही होता
है। तो 31 अक्टूबर को ये 50,000 तो तन्मय
ने एडिशनल कैपिटल लगाई थी। एडिशनल
कैपिटल और 31 अक्टूबर को समय ने क्या
किया? समय ने समय ने
40,000 परमानेंटली विथड्रॉ कर दिए। ये
ड्रॉइंग्स नहीं है बेटा। परमानेंट
विथड्रॉवल है। ठीक है?
परमानेंट विथड्रॉवल। अब आप बोलोगे क्या
फर्क होता है ड्रॉइंग्स में और इसमें? तो
परमानेंट विथड्रॉल कैपिटल से निकलता है।
ड्रॉइंग्स प्रॉफिट के अगेंस्ट आप लेते हो।
है ना? तो अब ये चीज़ हुई। देखो यहां पर
आपके पास जो चीज़ इंपॉर्टेंट हो जाएगी।
अगेन विल बी दोज़ डेट्स। कि पहली अप्रैल को
क्या था? 1 अगस्त को क्या चेंज आया। ठीक
है? अब इसी को ही कैलकुलेट करना है। बहुत
सिंपल। जैसे तन्मय की बात करेंगे। और
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वही आईयूसी @ 10% पर
एनम की मैं बात करता हूं। ठीक है? 10% पर
एनम ही उनको दे रहे हैं। तो तन्मय की बात
करेंगे तो अपन कैपिटल कैसे लेंगे? बस इतना
सा देखना कि भाई फर्स्ट अप्रैल से लेकर
फर्स्ट अप्रैल से लेकर फर्स्ट अगस्त तक।
तो फर्स्ट अगस्त से तो अगस्त को आप कंसीडर
नहीं करोगे। अप्रैल, मई, जून, जुलाई।
फर्स्ट अगस्त को तो चेंज हो गया कैपिटल।
तो अप्रैल, मई, जून, जुलाई तक सेम कैपिटल
रहा। कितना रहा? 1 अप्रैल से लेके मैं
बोलूंगा फर्स्ट अगस्त तक की अगर मैं बात
कर लूं तो जो कैपिटल थी वो कितनी थी?
कैपिटल कितनी थी उसकी? ₹
लाख। अब ध्यान से सुनना। 1 अगस्त को ये
चेंज हो गई। फर्स्ट अगस्त को ये चेंज हो
गई। फर्स्ट अगस्त से लेके 31 मार्च तक
यानी अगस्त पूरा क्योंकि फर्स्ट अगस्त को
चेंज हुआ है। तो अगस्त, सितंबर, अक्टूबर,
नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च आठ
महीने। ठीक है? तो 1 अगस्त से लेके 31
मार्च तक जो कि 8 महीने हैं उसमें ये
कैपिटल कितनी हो गई? तो ध्यान से सुनना।
ये ₹2 लाख तो थे और ₹0000 और ऐड हुए तो
टोटल कितनी हो जाएगी? ₹50,000 फिर ये हो
गई
₹2,50,000 अब आपको इस पे इंटरेस्ट देना
है। कितना देना है सर? 10% देखो ये दिया
मैंने 10% यह 10% अब बस क्या कर रहा हूं?
ध्यान से देखना यहां पे। क्या किया?
अप्रैल से लेके अगस्त तक। पहली अगस्त यानी
अप्रैल, मई, जून और जुलाई। पहली अगस्त को
कंसीडर नहीं करूंगा। 4 महीने 4/12 का
इंटरेस्ट। समझे? और यहां पे थे ये 8
महीने। तो 8 महीने इस अमाउंट पे इंटरेस्ट
मैं दूंगा। बस इतनी सी बात है। अब आप मुझे
बताओ कितना निकल रहा है दोनों का? ठीक है?
इसका निकाल लेता हूं मैं। ज़ीरो ज़ीरो ज़ीरो
ये वाला ज़ीरो। 4 * 3 ठीक है? 4 * 3 = 12
हुआ। अब इसको ऐसे डिवाइड करना पड़ेगा। थ्री
से तो बहुत थोड़ा अलग सा आ जाएगा। बट एनीवे
3 * 6 = 18 26 66 6.6 तो 66
666.6 ये आ गया। इसको भी कर लेते हैं।
0 4 * 2 4 * 3 फिर से थ्री से इसको डिवाइड
करना पड़ेगा। तो 3 * 8 = 24 और 3 और ये
थ्री। यानी 8 3 इंटरेस्ट आया यहां पर।
पॉइंट भी लगा देता हूं। 3. * 2 भी करना
है, तो हो जाएगा 16 66. यह हो जाएगा
1616 और
666. 6. ठीक है? यह दोनों का जो भी टोटल
आएगा कर ही लेते हैं। 66 को अपन एक को
सेवन मान लें अपन। तो थोड़ा सा ईजी हो
जाएगा। रुको।6 हटा के सिक्स हटा के एक को
मैं सेवन मान लेता हूं। ऐसे राउंड अप्स आप
कर सकते हो। कोई दिक्कत नहीं है। 7 और 6
12 13 1 13 1 फिर से 13 1 फिर से 13 1 2
तो आ गया अपना इंटरेस्ट
2333 आ गया तन्मय का इंटरेस्ट। उस पे
अमाउंट पे मत जाओ। आप सिर्फ एक चीज़ पे
फोकस करो कि कैसे निकाला मैंने यहां पर तो
यहां पर मैंने 4 /12 का मल्टीप्लाई किया।
यहां पर मैंने 8 /12 का मल्टीप्लाई किया।
साल में 12 महीने होते हैं। 4 महीने तक ₹2
लाख रहे। आगे के 8 महीने ₹2.5 लाख हो गए।
ऐसे ही अपन समय भाई का भी देख लेते हैं।
तो समय का देख लें तो फर्स्ट अप्रैल से
लेके इन्होंने फर्स्ट अक्टूबर तक ये चीज
की है 31 अक्टूबर तक। तो 31 अक्टूबर तक तो
एक अमाउंट रहेगा। कितने महीने हुए वैसे?
अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और
अक्टोबर भी पूरा। अप्रैल, मई, जून, जुलाई,
अगस्त, सितंबर और अक्टोबर। यानी सात महीने
ये हुए। अक्टूबर के बाद नवंबर में ये चीज
चेंज हो गई। तो फर्स्ट नवंबर से लेके 31
मार्च तक ये देखें कितना रहा। देखें कितना
रहा। तो अक्टूबर में 40000 बंदे ने
विथड्रॉ कर दिए। अब भाई पहले इसके 3 लाख
थे। 3 लाख में से 40 अगर इसने विथड्रॉ कर
दिए तो ₹60000 बचे। है ना? 20000 बचा। ये
मैंने यहां पे लिख दिया। पहले कितना था? 2
लाख था। दो नहीं 3 लाख था। 3 लाख था। फिर
ये विथड्रॉ करके गया तो इसकी कैपिटल कम हो
गई और नवंबर से लेके 31 मार्च तक कितना
होता है? नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी,
मार्च। 5 महीने। ठीक है? तो 5 महीने के
लिए हम इस पे इंटरेस्ट देंगे। और इंटरेस्ट
कैसे निकलेगा? वही इंटू रेट / 100 दैट इज़
10 / 100 * 10 / 100 कर दिया इंटू मंथ्स
/12। तो 7 मंथ्स /1 और यहां पे हो जाएगा 5
/ 12 अब इसका कैलकुलेशन तुम लोग करो और
मुझे बताओ कि समय का इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
कितना आ रहा है? ठीक है? ये समय वाला जो
भी है समय का आईओसी ये आप मुझे कमेंट्स
में बताओगे। ठीक है? ये कितना आया?
कैलकुलेशन ही करना है। बट तुम्हें समझ में
आ गया तुम्हें कि क्या करना है यहां पर।
ठीक है? फिर से एक बार बता देता हूं। ₹3
लाख था बेटा और 1 अक्टूबर को परमानेंट
विथड्रॉल हो गया। तो बची हुई कैपिटल पे हम
लोग बचे हुए मंथ्स का इंटरेस्ट देंगे 10%
के हिसाब से। ठीक है? कैलकुलेट करो जल्दी
से कमेंट्स में बताओ। पॉज करना और बताना
इस चीज़ को फिर आगे बढ़ना। अब नेक्स्ट
क्वेश्चन पे ही आ जाते हैं। क्वेश्चन देख
लेते हैं। अजय एंड विजय आर पार्टनर्स इन अ
फर्म। देयर कैपिटल्स वर 50,000 30,000
रेस्पेक्टिवली। दे शेयर द प्रॉफिट्स एंड
लॉसेस इन रेशियो 3:2। दे एग्रीड दैट
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल शैल बी चार्ज 6% विजय
हैज़ अलाउड सैलरी 2500 पर एनम प्रॉफिट फॉर
2008 बिफोर कंसीडरिंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
एंड सैलरी टू विजय वाज़ ₹12500 तो सबसे
पहले यहां पे तो बेटा अपन स्टार्ट करेंगे
बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफर फ्रॉम प्रॉफिट
एंड लॉस अकाउंट कितना ₹12500
ठीक है उसके बाद क्या आ गया दे एग्री
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 6% पर एनम तो यहां पे
लिख दोगे आप टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
कौन-कौन है अजय एंड एंड विजय ये अजय आ गया
यहां पे ये विजय आ गया कैपिटल्स कितनी है
50000 एंड 30000 यहां पे आप लिख दोगे
50000 अजय की कैपिटल 30000 विजय भाई की
कैपिटल और कितना परसेंट 6/1 सॉरी 6 /100 6
/ 100 6% ये भी 6 /100 कितना आ जाता है
दोनों का देख लें अगर तो 0 0 5 6 30
फॉललोड बाय टू ज़ीरोज़ ये दो ज़ीरो हट गए भाई
6 * 3 = 18 फॉललोड बाय टू ज़ीरोज़ टोटल
कितना आ आ गया
314800 ये आ गई इंटरेस्ट सिंपल तरीके से
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल आ गया। दूसरा क्या था?
सैलरी देनी है। सैलरी 2500 पर एनम देनी है
विजय को। तो टू
सैलरी किसकी है भाई? विजय की है। कितनी
है? ₹2500। तो ये ₹2500 भी आप दे दो। ठीक
है? बस टोटल कर दो और बाकी जो प्रॉफिट बचा
हुआ है वो रेशियो में बांट देना है। सिंपल
ये इसमें से माइनस करेंगे कितना होगा?
12500 में से अ 0 और 5 और 8
13 5 8 13 और 4 और टू सिक्स से 7300 माइनस
करूंगा मैं बचेगा टू और 12 में से 7 गया
तो कितना बचा फाइव 5200 को मुझे बांट देना
है किसमें 3:2 में तो बस यहां पे मैं
प्रॉफिट बांट दूंगा टू
प्रॉफिट अजय का और विजय का कितना-कित आएगा
बेटा 5200 को आपको बांटना है 3:2 में
डायरेक्टली बांट के दिखाऊं देखो फाइव है
3:2 में बांटना है तो 3000 और 2000 तो हो
गए। 5000 को बांट दिया। 200 को और बांटना
है तो 200 को 3:2 में बांटेंगे तो 120 और
80 आएगा। तो इसमें 120 और ऐड कर दिया
मैंने। इसमें 80 और ऐड कर दिया। ये हो गए
फिगर्स एंड डायरेक्टली 5200 बाहर। इन सबका
टोटल अगेन 12500।
ठीक है? हो गया ये खत्म। ये था नॉर्मल सा
क्वेश्चन। ठीक है? बहुत सिंपल आता है
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। बस आपको परमानेंट
एडिशंस और विथड्रॉल्स पे ध्यान देना है।
नेक्स्ट भी अपन देख लेते हैं। एक और
क्वेश्चन देख लेते हैं। अच्छा इसमें अगर
कैपिटल अकाउंट बनाना है तो कोई दिक्कत है
क्या? कैपिटल में आपको मेन बैलेंससेस
डालने हैं या आपने इंटरेस्ट, सैलरी और
प्रॉफिट डाल दिया। सबका टोटल उठा के
बैलेंस कर दो। खत्म। यही था। ठीक है?
प्रैक्टिस पूरी चीज़ की अच्छे से करना। दिस
इज़ वन शॉट। ये रिवीज़न पर्पस के लिए मैं
करवा रहा हूं। नहीं तो लाइव में तो सब कुछ
बैठ के करवाया है। है ना? तो कोई दिक्कत
नहीं। आप इसको समझो और करते जाओ।
प्रैक्टिस जितनी करोगे उतना समझ आएगा भाई।
अब व्हेन प्रॉफिट इज़ इनएडीिक्वेट। ये बहुत
ही ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज़ है। कभी-कभी
क्या होता है ना ये देख लो। A एंड B हैव
कैपिटल्स ऑफ़ 40 एंड टू। ये A का आईओसी अपन
निकाल रहे हैं। आईओसी A का और यहां पर मैं
निकाल देता हूं आईओसी B का। ध्यान से
देखना हो क्या रहा है। है ना? कैपिटल इसकी
₹4 लाख है। ये मैंने ₹4 लाख निकाली। और
यहां पे इसकी ₹ लाख कैपिटल है। 6% पर एनम
रेस्पेक्टली इंटरेस्ट ऑन कैपिटल टू अलाउड
6% पर एनम। ये मैंने 6% निकाला बेटा। 6%
इसका भी 6% ठीक है? कितना? ज़ीरो ज़ीरो
कैंसिल ज़ीरो ज़ीरो। 6 * 4 = 24 फॉललोड बाय
थ्री ज़ीरोज़ 24,000 और इसका तो आधा ही हो
जाएगा। 12,000 है ना? चार का 24 है तो दो
का आधा ही होगा। है ना? देयर प्रॉफिट
शेयरिंग रेशियो इज़ 2:3 एंड नेट प्रॉफिट
फॉर द ईयर इज़ 30,000 ध्यान से सुनना क्या
है? नेट प्रॉफिट तो सर यहां पे आता है। ये
देखो पर्टिकुलर्स रुपीस रुपीस पर्टिकुलर्स
देखो यहां पे आपने नेट प्रॉफिट लिख दिया
बाय नेट प्रॉफिट कितना आया? ₹30,000। अब
आप मुझे एक चीज़ बताओ। यहां पर अगर आप
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल लिखोगे तो इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल देखो कितना आ रहा है? 24,000 और
12,000 टोटल करो कितना होता है? टोटल करो
24 और 12 कितना होता है? 36 अब है ही नहीं
प्रॉफिट उतना तो 30000 प्रॉफिट है लेकिन
आपको देना है 36000 तो यहां पर एक बहुत
इंपॉर्टेंट चीज आ रही है उसको नोट डाउन कर
लेना यहां पर जब प्रॉफिट्स आएंगे तब अपन
निकालते हैं पेमेंट
रेश्यो नई चीज इंट्रोड्यूस हो रही है बेटा
कब आता है पेमेंट रेश्यो जब प्रॉफिट्स
इनएडीक्वेट हो जब आपके पास प्रॉफिट्स है
ही नहीं इतने देने के लिए अब सोचो एक
पार्टनर को 24 देने हैं एक पार्टनर को
12000 देने हैं टोटल 36000 देने हैं पर
प्रॉफिट ही ₹00 है। तो क्या करेंगे हम?
30,000 को पेमेंट रेश्यो में बांटेंगे।
पेमेंट रेशो मतलब पेमेंट रेशो ऐसे लिख
देता हूं। देखो पेमेंट रेशो का मतलब होता
है टोटल
पेमेंट ऑफ़ A
टोटल
पेमेंट ऑफ़ B मतलब जो भी पार्टनर है उनके
रेश्यो में रख दो वो। ठीक है? करते हैं।
टोटल पेमेंट ऑफ़ A कितना देना है मुझे?
यहां पर
24,000 और टोटल पेमेंट B को कितना देना
है? 12,000 इन दोनों का रेश्यो क्या आएगा?
क्या आएगा रेशियो बताओ? 24,000 ये और
12,000
2:1 तो आपके पास जो भी प्रॉफिट्स हैं, आप
उसको 2:1 में बांट दो। मैं यहां पे लिख
देता
प्रॉफ़िट्स
प्रॉफ़िट्स विल बी डिस्ट्रीब्यूटेड विल बी
डिस्ट्रीब्यूटेड इन
2:1 2:1 एज प्रॉफिट इज इनएडीिक्वेट एज
प्रॉफिट इज इन एडिक्वेट। इसका मतलब
प्रॉफिट इनफ नहीं है हमारे पास कि हम
पूरा-पूरा इंटरेस्ट दे पाए। इसलिए जितना
भी प्रॉफिट है हम उसको 2:1 में बांट द
लेंगे। तो यहां पर मैं क्या करूंगा? यहां
पर मैं लिख दूंगा टू प्रॉफिट टू प्रॉफिट।
किस-किस को मिलना है? A एंड B a और B
कितना-कितना दे दिया आपने? टी 30,000 को
2:1 में बांट दिया। यानी A को मिल गया
20,000 B को मिल गया 10,000 तो टोटल मिला
के 30,000 और ये यहां पे भी ये पूरे
बैलेंस हो गए। समझे बात को? तो यहां पर जो
चीज़ मैंने आपको बताई पेमेंट रेशो ये बहुत
इंपॉर्टेंट है। कभी-कभी क्या होगा कि
प्रॉफिट्स उतने होंगे ही नहीं जितना आपको
इंटरेस्ट देना है। तो इन दैट केस क्या
करोगे? पेमेंट रेशियो निकालोगे। दिस इज़
वेरीेंट मार्केट। ठीक है? और ये सर टोटल
पेमेंट्स। अगर इसके अलावा इनको सैलरी
वगैरह भी देनी होती ना तो हम उसका टोटल
पेमेंट निकालते कि टोटल ए को कितना देना
है? टोटल बी को कितना देना है? दोनों का
रेश्यो निकाल के उस रेश्यो में प्रॉफिट को
डिस्ट्रीब्यूट कर देते। सिंपल सी बात है।
और आप अगर पूछोगे मुझसे के सर अगर प्रॉफिट
ही नहीं होता, लॉस होता तो लॉस होता तो ये
देते ही नहीं। ज़ीरो कुछ नहीं देते फिर
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल सैलरी देते ही तब हैं जब हमको कुछ
हो रहा हो। मतलब कुछ प्रॉफिट हो रहा हो।
अच्छा यहां पे बुक में बुक आप जो भी
देखोगे उसमें ऐसे कुछ करके तरीके से किया
हुआ है। पेमेंट रेश्यो नहीं निकाला है। तो
मैं आपको सजेस्ट करूंगा कि ये थोड़ा कठिन
हो जाता है। कैलकुलेशंस कठिन हो जाती हैं।
इसलिए आप पेमेंट रेशो निकालना ये बहुत इजी
चीज है क्योंकि आगे जब और चीजें आएंगी ना
तो बहुत सिंपल रहेगा ये। जब सैलरी वगैरह
भी इसने ऐड कर दी इसमें तो आपके लिए बहुत
ईजी रहेगा पेमेंट रेशियो से ये चीज करना।
तो आप पेमेंट रेशियो के थ्रू ही करना ये
चीज। ठीक है? अब दूसरा देख लेते हैं।
व्हेन आईओसी इज़ अ चार्ज ऑन प्रॉफिट। सर
आपने बताया था जो चार्ज ऑन प्रॉफिट्स होते
हैं वो तो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आते
हैं एग्जैक्टली और चार्ज का मतलब क्या
होता है कि पूरा-पूरा पैसा आपको देना
पड़ेगा। चार्ज मतलब आप कम नहीं कर सकते।
है ना? चार्ज है मतलब देना ही पड़ेगा
प्रॉफिट में से। भले आपको लॉस हो जाए। तो
ठीक है करते हैं। देखो यहां पर मैंने
बनाया प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। प्रॉफिट
एंड लॉस अकाउंट। वही 11th वाला वही 11th
वाला। और यहां पे थोड़ा सा मैं आपसे ही
पूछूंगा आप ही मुझे बताना। एंड बी वही
पीछे वाला ही क्वेश्चन है। ठीक है? यहां
पर बस ऐसा कुछ हो गया है। ए एंड बी हैव
कैपिटल्स ऑफ दिस। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल टू बी अलाउड सिक्स। देयर प्रॉफिट
शेयरिंग रेशियो नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर इज़
30,000 प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रियेशन अकाउंट। और यहां पे एक चीज
इसने लिखी नहीं है। मैं यहां पे लिख देता
हूं।
कंसीडर चलो वाइट से ही लिख देता हूं। वो
क्वेश्चन का ही पार्ट है
पर।
कंसीडर
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
टू बी चार्ज ऑन प्रॉफिट।
चार्ज ऑन प्रॉफिट। अगर चार्ज ऑन प्रॉफिट
है तो तो सर यह देना ही पड़ेगा। बिल्कुल
यह देना ही पड़ेगा। तो देते हैं यहां पर
कितना प्रॉफिट है लॉस द प्रॉफिट यह हो
गया। द प्रॉफिट फॉर द ईयर इज़ 30,000। तो
देखो नेट प्रॉफिट वैसे तो यहां निकलता है।
लेकिन अभी हम कर ही रहे हैं। इसीलिए यहां
पर मैं बाय नेट प्रॉफिट को नेट इस वाले
प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में भी इधर
डालूंगा। अब आप पूछोगे क्यों? क्योंकि आप
ऐसा समझ लो कि फिलहाल ये नेट प्रॉफिट
निकला ही नहीं है। अगर ये नेट प्रॉफिट अभी
तक यहां पे निकला ही नहीं है तो ये साइड
बढ़ा ही रहेगा और मुझे आगे के आइटम्स पता
नहीं है। तो वो बैलेंस जो है वो मैं यहां
पर लिख रहा हूं। पर लिखूंगा मैं इसको नेट
प्रॉफिट के नाम से ही। ये 30,000 मेरा नेट
प्रॉफिट है। ठीक है? नेट प्रॉफिट अभी तक
आया नहीं है। ठीक है? यहां पे इसको मैं
प्रॉफिट नेट प्रॉफिट ही नहीं लिखता हूं
तुम्हारे लिए। यहां पे मैं इसको लिख देता
हूं। बाय
प्रॉफिट बिफोर
एडजस्टमेंट। ठीक है? एडजस्टमेंट में से
एडजस्टमेंट से पहले का प्रॉफिट है। तो ठीक
है? नेट प्रॉफिट मत लिखो। उससे कंफ्यूज हो
रहे हो अगर तो। तो नेट प्रॉफिट बिफोर
एडजस्टमेंट 30,000 लिखा। अब आपको इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल देना है। सारे खर्चे आप यहां पे
ही लगाते थे। तो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे दो
भाई। ए को और बी को हमने पिछले पिछली
स्लाइड में ऑलरेडी निकाल रखा है। ए का और
बी का कितना आया है? ए का 24 और बी का
₹12,000। यही मुझे यहां पे देना है। ये
मैं दे देता हूं। ए का 24000। क्योंकि
चार्ज है तो पूरा देना पड़ेगा। इस पे कुछ
कटौती तो मैं कर ही नहीं सकता। ₹36,000
पूरे-पूरे देने हैं मुझे। अब सर अगर आप
₹36,000 यहां पर दोगे तो यहां पर तो है ही
आपके पास टोटल मिला के ₹00 तो आप कैसे
दोगे? तो इन दैट केस प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट में आपने 11th पे किया होगा कि लॉस
हो जाता है। तो लॉस बांट दो। ठीक है? तो
यहां पे मैं बाय लॉस दे दूंगा किसको? वही
पार्टनर्स को ए और बी को। चलो ए और बी को
यहां पे नहीं देते हैं। वो एप्रोप्रियेशन
में देखेंगे। लेकिन लॉस तो निकल आया।
कितना निकल आया बाय लॉस? 6000 ठीक है ये
36000 टोटल 36 था 30 दिख रहा है। 6000 का
लॉस इस लॉस को यहां पर ट्रांसफर कर दो।
देखो ये ये है प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन अकाउंट जहां पे अपन प्रॉफिट
या एंड लॉस को बांटते हैं। तो यहां पे
बांट देता हूं मैं। ये लॉस पहले तो यहां
पे कैरी फॉरवर्ड हुआ। ठीक है? टू लॉस
ट्रांसफर्ड फ्रॉम प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट
6000। और लॉस हुआ है तो क्या करेंगे? लॉस
को भी बांटेंगे। तो बांट द बांट दूंगा मैं
इसको। बाय अ बाय लॉस
डिस्ट्रीब्यूटेड बाय लॉस डिस्ट्रीब्यूटेड
किस-किस को देना है? A और B को A को कितना
लॉस जाएगा? B को कितना लॉस जाएगा? तो 6000
को लॉस भी उसी रेश्यो में 2:3 में आप इसको
बांट दोगे। तो 60000 को 6000 को 2:3 में
बांटेंगे तो 1200 1200 * 2
2400 1200
1000 * 3600 ये ये 6000 का लॉस आपने
डिस्ट्रीब्यूट कर दिया। समझे बात को समझे
बात को? समझे बात को? कुछ भी नहीं है भाई।
अगर लॉस उस चार्ज बोला है। वैसे तो देखो
वो चार्ज होता नहीं है। लेकिन इन्होंने
बोला है कि भाई कंसीडर करो इसको चार्ज। तो
हमने कंसीडर कर दिया और हमारा आ गया लॉस।
लॉस आ गया तो प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन में हमने लॉस बांट दिया
पार्टनर्स को और क्या कर सकते हैं? समझे
बात को? तो ये थे दो केसेस इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल के जो कठिन हो सकते हैं आपके लिए।
ठीक है? यही चीज यहां पे इन्होंने करी है।
अब आगे बढ़ते हैं और नेक्स्ट वाली चीज पे
आते हैं जिसको बोलते हैं मैनेजर्स कमीशन
या फिर पार्टनर की कमीशन। तो यहां पर मैं
आपको सिंपल वर्ड्स में बता देता हूं। बेटा
कमीशन होता है जो सेल्स वगैरह के ऊपर
मिलती है। क्योंकि कोई बंदा है ना के भाई
तू ज्यादा सेल कर दे। जैसे दुकानों पे
होता है। दुकानों पे किसी की दुकान है जिस
पे चारप नौकर हैं। है ना? चारप काम करने
वाले लोग हैं। तो उनमें से उनको बोलते हैं
भाई जितनी ज्यादा सेल करोगे मैं सेल के
ऊपर कमीशन दूंगा आपको। समझे? तो मतलब किसी
ने 5 लाख की सेल की तो उसको ₹5 लाख के ऊपर
10% दे दो। ₹500 जो भी बने तो जितना
ज्यादा सेल करेगा। अरे ऐसे तो टारगेट्स
होते हैं बहुत सारे बंदों के। जैसे आप
किसी जैसे Reliance ट्रेंड्स में आप चले
जाओ। लोटस नाम का एक ब्रांड है। उसमें आप
चले जाओ। Chroma में चले जाओ। वहां पे
देखना एक आप जैसे ही घुसो स्टोर के अंदर
एक बंदा पीछे लग जाएगा सर क्या चाहिए आपको
सर मैं कौन सी वाशिंग मशीन दिखा दूं वो
कोई ज्यादा हंबल नहीं बन रहा है वो वाशिंग
मशीन बिकवाएगा तो उसके ऊपर कमीशन मिलेगा
उसको है ना इसके लिए वो आपके सामने इतना
हंबल बन रहा है ना कि भाई ले ले तो वो
होती है कमीशन कमीशन दो तरीके की होती है
एक होती है मैनेजर की कमीशन एक होती है
पार्टनर की कमीशन मैं आपको यहीं बता देता
हूं पार्टनर की कमीशन जब प्रॉफिट होगा तब
देंगे मैं यहां पे लिख देता हूं प्रॉफिट
होगा तो ही देंगे। नहीं तो नहीं देंगे।
क्योंकि यह क्या है? दिस इज़ एप्रोप्रिएशन
ऑफ़ प्रॉफिट। दिस इज़
एप्रोप्रिएशन ऑफ प्रॉफिट। ठीक है?
एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट है। लेकिन मैनेजर
की कमीशन। भाई मैनेजर आपका पार्टनर तो है
नहीं। वो तो एक एंप्लई है। उसकी तो सैलरी
की कमीशन देनी ही पड़ेगी आपको। तो मैनेजर
जो कमीशन है इट इज़ चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट।
चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट मतलब प्रॉफिट हो या
लॉस हो यह वाली चीज तो आपको देनी ही
पड़ेगी। अब यहां पर यह तो सिंपल है। बस दो
तरीके की ये आप 11th में भी करके आए हो।
ठीक है? मतलब ये होती है ऑन प्रॉफिट्स।
ऑन प्रॉफिट्स दो तरीके की चीजें आती हैं।
आफ्टर सच
कमीशन और ऑन
प्रॉफिट्स ऑन प्रॉफिट बिफोर सच कमीशन।
बिफोर सच
कमीशन। बहुत ही सिंपल से इसके दो तरीके के
फ़ूले हैं। अब 11th में आप करके आए हो। फिर
भी बता देता हूं। बिफोर सच कमीशन मतलब
कमीशन से पहले का जो प्रॉफिट था उस पे आप
ये कमीशन दे दो। तो इसमें सिंपल आप करोगे
जो भी आपका प्रॉफिट आया इंटू रेट / 100
रेट अप 100 मतलब उसका उतना परसेंट प्रॉफिट
₹1 लाख आया। ₹1 लाख का 5% कमीशन देना है।
तो ₹1 लाख का 5% कितना होता है? ₹1 लाख का
1% होता है ₹1 लाख। उसका आधा ₹50,000 तो
₹1 लाख पे ₹50,000 सामने वाले को कमीशन दे
दो। समझे बात को? तो ये था ऐसे रेट
निकालो। लेकिन एक होता है आफ्टर सच कमिशन।
तो इसमें बस इतना हो जाता है जो भी अमाउंट
होता है। इंटू रेट / 100 +
रेट। रेट / 100 + रेट। ये बन जाता है
फार्मूला। जब आप आफ्टर सच कमीशन करते हो
तो। क्वेश्चन के थ्रू देख लेते हैं। बहुत
ज्यादा ईजी हो जाएगी चीज़ें। एंड बी आर
पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन द
रेशियो 3:2। ठीक है? रुको, मैं यह मार्क
कर देता हूं। 3:2 में शेयर कर रहे हैं विद
कैपिटल्स ऑफ़ 5 लाख एंड 3 लाख
रेस्पेक्टिवली। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल इज़
एग्रीड 6% पर एनम। बी इज़ टू बी अलाउड एन
एनुअल सैलरी ऑफ़ 60,000 ड्यूरिंग द ईयर द
प्रॉफिट्स प्रायर टू कैलकुलेशन ऑफ़
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। बट आफ्टर चार्जिंग B
सैलरी अमाउंटेड टू जब भी ऐसा कुछ आया ना
आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी। हमको चाहिए रहता
है प्रॉफिट। सब कुछ चार्ज करने से पहले का
बताओ। तो, यहां पर मैं क्या करूंगा? मतलब
आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी दिया है। तो, यह
तो गलत हो गया मेरे को मेरे को 20 की
सैलरी से पहले का प्रॉफिट चाहिए। समझे बात
को? द प्रोविज़न ऑफ़ 5% फॉर द प्रॉफिट इज़ टू
बी मेड इन रिस्पेक्ट ऑफ़ कमीशन टू मैनेजर।
ठीक है? मैनेजर को भी कमीशन दे देंगे। कोई
दिक्कत नहीं है। अब क्या यहां पे आप इस
पार्ट में भी ऐसे भी कर सकते हो कि आपने
एक प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाया, एक
एप्रोप्रिएशन अकाउंट बनाया। दूसरा सिर्फ
एप्रोप्रिएशन बना के भी कर सकते हो।
मैनेजर कमीशन यहीं से माइनस कर देना। ठीक
है? क्योंकि यहां बुक में यहां पर यहां पर
अरे ये तो दूसरा आ गया क्या? 20 दूसरी चीज़
है। रुको 1 सेकंड रुकना। अगर आपने ऐसे
करना है तो भी मैं आपको बता देता हूं।
वैसे आपको ऐसा मैं आपको सिंपल बताऊं सिंपल
तरीका बताऊं। आप एक अकाउंट बनाओ प्रॉफिट
एंड लॉस एप्रोप्रिएशन। इसको बनाओ ही मत।
मैं आपको ऐसे करके बताता हूं कि ये कैसे
होगा। देखो बहुत ही सिंपल हो जाएगा। अब दो
अकाउंट्स पे मत जाना कभी भी। मतलब जब तक
क्वेश्चन में स्पेसिफिकली बोला ना जाए।
यहां पे तो बोला है प्रिपेयर प्रॉफिट एंड
लॉस। एप्रोप्रिएशन ना तो मैं सिर्फ
एप्रोप्रियेशन बनाऊंगा। मैं मैं प्रॉफिट
एंड लॉस बनाऊंगा ही नहीं। देखो अब
एप्रोप्रिएशन कैसे बनता है? पर्टिकुलर्स
रुपीस। पर्टिकुलर्स रुपीस क्या-क्या करना
है सर? ए एंड बी आर पार्टनर्स। ठीक है?
सारी चीजें हैं। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देना
है। सैलरी देनी है। और लिखा हुआ है
प्रॉफिट जो था आफ्टर चार्जिंग सैलरी इज़
₹1,80,000। यहां पे मैं लिखूंगा बाय नेट
प्रॉफिट। अब ये तो आफ्टर चार्जिंग 20
सैलरी है। आफ्टर
चार्जिंग B 20 सैलरी।
ठीक है? आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी। कितना
दिया हुआ है? अब देखो, मुझे पता है ये
आफ्टर चार्जिंग है। है ना? यहां पे मैं
लिख देता हूं आफ्टर। ठीक है? इतना समझ
जाना तुम। ये है ₹1,80,000 मुझे चाहिए
प्रॉफिट B की सैलरी से पहले वाला तो यहां
पर मैं ऐड कर दूंगा B सैलरी। 20 सैलरी समझ
रहे हो? क्यों ऐड कर रहा हूं? क्योंकि मैं
सैलरी दूंगा ना यहां पर मैं पहले ही
प्रॉफिट में से कैसे माइनस कर दूं? तो मैं
B की सैलरी कितनी है? कितनी कितनी है?
60,000। ये 60,000 मैंने यहां पे प्लस कर
दिया। कितनी आ गई?
₹642,40,000 ये आ गया प्रॉफिट। ये हमारा
एक्चुअल प्रॉफिट है बिफोर सैलरी जितना
होना चाहिए था। अब इसमें से आप उठाओ और
सैलरी दे दो। तो यहां पर मैं दे देता हूं।
1 सेकंड रुकना बस। यहां पर मैं दे देता
हूं। क्या है भाई? 220 सैलरी। ये 20 सैलरी
दे दी मैंने यहां पर। कितनी है भाई?
60,000। ये 60,000 दे दिया। ये है ना
तरीके से ऐसे करना चाहिए था। इन लोगों ने
पहले ही सैलरी माइनस करके दी। तो हमको
प्रॉफिट चाहिए बिफोर एवरीथिंग। नॉट आफ्टर
एनीथिंग। याद रखना। सारी चीजों के अप्रो
सारे एप्रोप्रिएशन से पहले का प्रॉफिट
चाहिए। पहले का प्रॉफिट है ₹40 अब बांटते
रहो इसको धीरे-धीरे करके ठीक है ये 20
सैलरी हो गई और क्या दिया हुआ है और क्या
दिया हुआ है अ इंटरेस्ट ऑन कैपिटल से पहले
पहले ये कर देता हूं मैं अ प्रोविज़ फॉर 5%
ऑफ द प्रॉफिट इज़ टू बी मेड इन रिस्पेक्ट
ऑफ़ कमीशन टू द मैनेजर तो मैनेजर को आपको
कमीशन देनी है कितनी 5% सर इस साइड दे दे
मैनेजर की कमीशन क्या है चार्ज है तो इस
प्रॉफिट एंड लॉस से पहले ही यहां पे ही
माइनस हो जानी चाहिए थी प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट में माइनस हो जानी चाहिए थी पर
नहीं करी तो ऐसी वाली चीजों लोग क्या करते
हैं? रेंट के साथ क्या किया था? यहीं से
माइनस किया था। यहीं से माइनस कर दो। ठीक
है? तो यहां पर क्या करेंगे? ये भी अभी
फिगर मेन बाहर नहीं आएगा। मेन फिगर और आने
वाला है। कैसे? माइनस
मैनेजर मैनेजर्स कमीशन। यहां पे लिख देता
हूं और इसको फाइंड आउट कर देते हैं।
मैनेजर की कमीशन कितनी आएगी सर? अरे हां।
मैनेजर की कमीशन कितनी आएगी? 5% ऑन नेट
प्रॉफिट्स। नेट प्रॉफिट्स आर
₹2,40,000 इस पे 5% आप निकाल लो। कितना
होता है भाई? ₹2,40,000 का 5%। अब
कैलकुलेशन करने से आपको एक बेटर वे बताता
हूं। 5% है ना? 10% निकालो कितना होता है?
24,40,000 का 10% इज़ 24,000। 24,000 का
आधा इज़ 12,000। तो मैनेजर की कमीशन आ
जाएगी
12,000। ये आप माइनस कर दो और जो नेट फिगर
आ रहा है इसको आप लिखो बाहर। तो 2400 में
से जब मैं 12 माइनस कर दूंगा तब आएगा ये 2
लाख
2428000 ये होगा मेन प्रॉफिट जिसको मुझे
डिस्ट्रीब्यूट करना चाहिए इसको भी मैं
यहां पे हटा दूंगा पूरा कैलकुलेशन करने के
बाद जो मेन प्रॉफिट आ रहा है दैट इज़
22800 ये ये जो मैंने यहां पर एडजस्टमेंट
किया ना यार मैनेजर का बस इस चीज को आपको
याद रखना है मैनेजर रेंट इंटरेस्ट ऑन लोन
तीनों ऐसे ही माइनस हो जाएंगे प्रॉफिट से
दैट्स इट ठीक है आई होप ये समझ समझ में आ
गया होगा। आगे बस देख लेते हैं एक बार।
मेरे हिसाब से बाकी तो सिंपल है यार।
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल इज़ टू बी एग्रीड 6%।
चलो मैं कर ही देता हूं। टू आईओसी
कितना-कित है? कौन-कौन पार्टनर्स हैं? A
एंड B ए का और B का आ जाएगा। कितना-कितना?
6% ऑफ कैपिटल्स कैपिटल्स कैपिटल्स 5 लाख
एंड 3 लाख। 5 लाख का 6% डायरेक्टली
निकालता हूं मैं। 6 * 5 मतलब 10% देखो आप
तो 10% निकाल लो तो कितना आ जाएगा? 50,000
6% निकालना है तो 5 * 6 = 30 यानी 30,000
आएगा। ये आ गया 30,000 30 हां और 6 * 3 =
18 तो ये
18000 ये आपके दोनों इंटरेस्ट निकल गए।
कितना आया? 3 और 1 48000 ये आ गया। चलो
भाई ये भी लिख दिया। अब जो प्रॉफिट बचा है
उसको बांट दो। ठीक है? आपको क्या करना है?
228000 में से ये चलो मैं माइनस ही कर
देता हूं। कर ही देता हूं। मैं आपको
होमवर्क देने वाला था। लेकिन आपके लिए कर
ही देता हूं। 228 में से 188000 माइनस कर
देंगे अपन ₹18000 मैंने माइनस कर दिया
कितना बचा 2 एंड वन 12000 टू बी
डिस्ट्रीब्यूटेड इन द रेशियो ऑफ़
3:2000 को 3:2 में करना है तो इसको कर दो
डिवाइडेड बाय 5 व्हिच विल बी 24000 24000
* 3 एंड 24000 * 2 24000 * 2 इज़
48000 24000 * 3 इज़ 48 38 + 24 कितना होता
है? 48 58 68 68000 + 4000 72000 तो ये आ
जाएगा 72000 ठीक है? तो ये हो गए इनके
प्रॉफिट्स। तो टू प्रॉफिट
टू प्रॉफिट ये A का और ये B का
कितना-कितना आ गया? A का था थ्री यानी
72,000 और एक बंदे का आया 48,000 एंड
दैट्स हाउ दिस क्वेश्चन इज़ डन। 8 2 10 7
और 4 8 2 10 7 और 4 11 12000 ठीक है चलो
हो गया ठीक है तो ये था इसको करने का
तरीका प्रॉफिट एंड लॉस मत बनाना फालतू इस
वाली चीज के लिए यहीं का यहीं एडजस्टमेंट
कर देना जो भी आपके पास मैं तीन ही चीजें
बता रहा हूं मैनेजर्स कमीशन रेंट और
इंटरेस्ट ऑन लोन यहीं पे डायरेक्टली करना
कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है? समझ में आ
गया ये क्वेश्चन? ये क्वेश्चन बहुत परेशान
करता है बच्चों को क्योंकि यहां पे ना बस
वो एक चीज़ की गलती कर देते हैं। यहां पर
इस वाली चीज़ को इग्नोर कर देते हैं।
ड्यूरिंग द ईयर द प्रॉफिट्स प्रायर टू
कैलकुलेशन ऑफ इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। ये तो
सही है। प्रायर ही होना चाहिए था। बट
आफ्टर चार्जिंग B सैलरी। B की सैलरी के
बाद का प्रॉफिट दिया हुआ था। बाद का नहीं
पहले का चाहिए रहता है। इसलिए मैंने वो
वापस प्लस कर दिया। और मैनेजर्स कमीशन तो
एक लॉस है। उसको माइनस करना था तो माइनस
कर दिया। ठीक है? तो दिस वाज़ द क्वेश्चन।
आगे बढ़ते हैं। और क्या है? देखो क्या दिया
हुआ है। एक नोट्स है यहां पर बता देता हूं
मैं। इन एब्सेंस ऑफ़ इनफेशन मैनेजर्स कमीशन
विल बी कैलकुलेटेड ऑन प्रॉफिट बिफोर एनी
एडजस्टमेंट। अच्छा सिंपल-सिंपल कि अगर कुछ
भी नहीं दिया हुआ है बिफोर आफ्टर के दो
चीज़ बताई ना मैंने तो अगर कोई इनफेशन नहीं
है जब आपके पास नो इंफॉर्मेशन है तो आप
क्या करोगे? बिफोर वाला केस लगाओगे। बस
इतनी सी बात लिखी हुई है। मतलब इंटू रेट
अप 100 बिफोर वाला केस। मैनेजर्स कमीशन इज़
अ चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट एंड नॉट
एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट। हैंड इट इज़
डेबिटेड टू प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट एंड
नॉट एप्रोप्रियेशन अकाउंट। डेबिट साइड
किसके जाएगा? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के।
तो हमने क्या किया सर आपने तो प्रॉफिट एंड
लॉस एप्रोप्रिएशन में ही डाला। हां। लेकिन
मैंने डेबिट साइड डाला क्या? नहीं। मैंने
वहीं से माइनस कर दिया। तो दिस इज़ द वे टू
डू इट। ओके? तो ये दोनों चीजें लिखी हुई
हैं कि ये चार्ज होता है। चार्ज। मतलब
इसको लगाना जरूरी है। चार्ज है यह। लॉस हो
गया तो भी देना पड़ेगा। चलिए। और क्या है?
पार्टनर की कमीशन भी देख लेते हैं। भाई
पार्टनर की कमीशन। अब यहां पे आएगा आफ्टर
बिफोर दोनों केसेस। तो मैं आपको दोनों
अच्छे से एक्सप्लेन करता हूं। आप यहां पे
ध्यान देना बस थोड़ा सा। पर्टिकुलर्स
रूपीस पर्टिकुलर्स रुपीस। कलर चेंज कर
देते हैं यार कोई सा अच्छा सा। चलो। ए एंड
बी आर पार्टनर्स इन अ फर्म। ए इज़
एंटाइटल्ड टू अ सैलरी ₹150 सॉरी ₹15,000
पर मंथ एंड अ कमीशन ऑफ़ 10% ऑन नेट
प्रॉफ़िट्स बिफोर चार्जिंग एनी कमीशन। मतलब
बिफोर चार्जिंग मतलब रेट अप 100 वाला।
सिंपल। B इज़ अनंटाइटल्ड टू अ कमीशन ऑफ़ 10%
ऑन नेट प्रॉफ़िट। आफ्टर चार्जिंग सच कमीशन
नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर वाज़ 4,40,000 यू आर
रिक्वायर्ड टू शो द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़
प्रॉफिट्स। ठीक है भाई? कर लेंगे। हमको
पता है सर स्टार्ट यहां से करते हैं। बाय
नेट प्रॉफिट ट्रांसफर फ्रॉम प्रॉफिट एंड
लॉस अकाउंट कितना है?
4,40,000। 4, 40,000 आपका प्रॉफिट है। ठीक
है? अब आपको सबसे पहले सैलरी देनी है। दे
दो यार इसको। क्या सैलरी दी? A इज़
एंटाइटल्ड टू अ सैलरी ऑफ़
15 थ000 पर एन। तो टू सैलरी मैंने लिख दी।
टू सैलरी और ये किसकी है? सैलरी टू A है
ये। A की सैलरी है। कितनी सैलरी है भाई
तेरी? 15,000 पर मंथ। तो 15,000 * 12
कितना हो जाएगा? 15,000 * 10 होता है ₹1.5
लाख, 150,000 + 30,000 और ₹1,80,000 इसकी
सैलरी
होगी। उसके बाद क्या है? अभी इस यहीं पे
है। सॉरी एंड अ कमीशन। यानी A को ही कमीशन
भी देना है 10% बिफोर सच कमीशन। ठीक है?
तो यहां पे लिखूंगा इसको बस ध्यान से
देखना। तो टू कमीशन कैलकुलेशंस थोड़े से
अलग रहेंगे। कमीशन ए का निकाल रहा हूं
मैं। ए फॉर एप्पल ए पार्टनर ए का
निकालेंगे तो वो आएगी ऑन प्रॉफिट्स बिफोर
सच कमीशन यानी प्रॉफिट लिख दूंगा मैं यहां
पे कितना है हमारे पास
44 लैक्स नहीं नहीं 440000 इसका कितना
परसेंट 10% बोला है
10% 10% ठीक है कितना आएगा इसका 10% के
बाद प्रॉफिट 0
4000
44 थाउजेंड आ गया इसका प्रॉफिट ओके अब
क्या दिया दिया है। B इज़ एंटाइटल्ड टू अ
कमीशन ऑफ़ 10% ऑफ़ नेट प्रॉफ़िट आफ्टर
चार्जिंग हज़ कमीशन। अब ये क्या दिया हुआ
है? आफ्टर चार्जिंग हज़ कमीशन। तो आफ्टर के
लिए क्या करोगे? प्रॉफिट वही लोगे। लेकिन
आफ्टर के लिए रेट / 100 ना करके रेट / 100
ना करके रेट अप 100 प्लस रेट कर दोगे।
करते हैं। B का क्या आ जाएगा? B का ये
प्रॉफिट सेम रहेगा।
4,40,000 प्रॉफिट पे इंटू रेट व्हिच इज़ 10
अपॉन 100 प्लस रेट 100 + 10 110 से इसको
डिवाइड किया। समझे ये 110 क्यों आया? यहां
पे देख लो बेटा कौन सा फार्मूला लगाया
मैंने? प्रॉफिट * रेट / 100 + रेट ये लगता
है आफ्टर सच कमीशन में। तो ये किया है
मैंने। तो रेट है 10 तो 10 / 100 + 10
110। ठीक है? इसको मैं जीरो ज़ीरो हटा देता
हूं। 11 * 4 = 44 और फॉललोड बाय चार
ज़ीरोज़। तो यहां पे आ गई कमीशन। वैसे अंदर
लिखनी चाहिए थी। फोर 1 2 3 4 इसको भी मैं
पहले अंदर लिख देता हूं। टोटल करके बाहर
लिखेंगे ना यार। चलो ये हो गया। और ये
टोटल्स मैंने लिख दिए बाहर। ये इन दोनों
का टोटल जो आया 8 4 1 2 3 ये 84000 टोटल
मिला के कमीशन आ गई। बस क्या था सर इसमें
इंपॉर्टेंट? आपने बोला ये था इंपॉर्टेंट
ये। जो B का कैलकुलेशन था ना कमीशन का ये
इंपॉर्टेंट था यहां पर। ठीक है? उसके बाद
जो बचा हुआ है प्रॉफिट वो आपको बांट देना
है। तो यहां पर मैं लिखूंगा टू
प्रॉफिट किसको देना है? A को और B को
कितना-कित देना है? आप करोगे क्या आगे?
इतना कुछ आप कर लो। चलो आप एक काम करो
जल्दी से ये वाला आंसर। भाई अब क्या तुम
कमेंट कर रहे हो? तो ऐसे लिखना। ये है
क्वेश्चन नंबर थ्री ऑफ़
होमवर्क। मैंने दो पहले पूछे हैं। याद है
तुम्हें? तो क्वेश्चन नंबर थ्री का आंसर
आप ऐसे करके प्रॉफिट्स बता देना मुझे कि
4,40,000 ये दोनों माइनस करके किस रेश्यो
में जाएगा वो भी क्वेश्चन में से आप ढूंढ
लो। देखो ए और बी आर पार्टनर्स इन अ फर्म
एंटाइटल्ड टू ये वो सब कुछ लिया हुआ है। B
इज़ एंटाइटल्ड टू अ कमीशन। ये प्रॉफिट का
तो कुछ दिया ही नहीं है। तो जब कोई इनेशन
नहीं है प्रॉफिट की तो रेश्यो क्या हो
जाएगा? रेश्यो क्या हो जाएगा? रेश्यो हो
जाएगा इक्वल। तो जितना बचा आपको इक्वली
दोनों पार्टनर्स में बांटना है। कितना बचा
कितना दे रहे हो? ये आप मुझे कमेंट्स में
बताना। ठीक है? बस इसका बैलेंसिंग फिगर
दोनों जगह पे बट जाएगा। इतना आप कर सकते
हो आराम से। इतना तो करो यार। कुछ तो करो
तुम। ठीक है? तो दैट वाज़ देंट पॉइंट व्हिच
आई डिस्कस। प्रॉफिट। आप लोग मुझे कमेंट्स
में बताओगे। पॉज़ करो बेटा। करके देखो।
करने से आएगा। सिर्फ देखने से चीजें नहीं
आएंगी। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं अपन। तो
दिस वाज़ द क्वेश्चन।
ओके। अब एक और चीज़ आती है ट्रांसफर टू
जनरल रिज़र्व। ये मैंने पहले सडी वैंडी
वाला जो क्वेश्चन तुम्हें होमवर्क दिया
है। जनरल रिज़र्व मैंने वहां पे ही बताया।
याद है अभी? कौन सा? 50000 और 10% ऑफ
प्रॉफिट व्हिच एवर इज़ मोर हैज़ टू बी
डोनेटेड। तो 60,000 डोनेट कर रहे थे। वैसा
ही कुछ क्वेश्चन ये है। वो होमवर्क वाला
अगर हो गया है तो ये ईजी लगेगा। अगर वो
नहीं किया है अभी भी तो इसको करवाता हूं।
समझ आ जाएगा इससे कि वो कैसे हो रहा था।
चलो। अब यहां पे क्या था? ए एंड बी अ
पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स लॉसेस इक्वली।
ठीक है सर। इक्वली है। देयर कैपिटल्स वर 5
लाख ईच। दोनों की 5- 55 लाख है। इंटरेस्ट
वाज़ अलाउड ऑन अ कैपिटल 5% पर एनम।
ड्रॉइंग्स ऑफ ईच पार्टनर वर 1 लाख ईच
पार्टनर मतलब 1 लाख इसकी 1 लाख उसकी
ड्रॉइंग सैलरी इज़ टू बी अलाउड 5000 पर मंथ
नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च वाज़
₹8,80,000 देखो यहां पे लिखा हुआ है
पर्टिकुलर्स यहां पर रुपीस यहां पे भी
पर्टिकुलर्स और यहां पर रुपीस नेट प्रॉफिट
दिया हुआ है। मैं सबसे पहले बाय नेट
प्रॉफिट यहां पे लिख दूंगा। नेट प्रॉफिट
कितना है? ₹8,80,000 ₹8,80,000
ओके?
10% ऑफ द देखो ये ये पॉइंट एक्स्ट्रा है।
इसमें और कुछ नहीं है। ये है 10% ऑफ द नेट
डिविजिबल प्रॉफिट। तो बेटा नेट डिविज़िबल
प्रॉफिट क्या होता है? जो आखिरी में
डिवाइड होने वाला प्रॉफिट है डिविज़िबल
प्रॉफिट उसकी बात हो रही है। सर ये कैसे
निकालते हैं? तो सारे एडजस्टमेंट करने के
बाद जो आखिरी में प्रॉफिट आता है उसको नेट
डिविज़िबल प्रॉफिट बोलते हैं। करके दिखाता
हूं अभी कैसे होगा। इस प्रॉफिट से इस जनरल
रिजर्व से पहले आप बाकी सारी चीजें कर
दोगे क्योंकि ये डिविज़िबल प्रॉफिट लास्ट
में बचे कुचे प्रॉफिट पे 10% देना है। तो
बचा कुचा प्रॉफिट निकलेगा कैसे? जब आप
सारी चीजें कर चुकेगे। कर देते हैं।
कैपिटल्स फर्स्ट अप्रैल को 5 लाख हैं
दोनों की और पार्टनर्स आर अलाउड इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल 5% पर एनम। तो सबसे पहले इसको
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे देते हैं। क्या हो
गया
ये? ये थोड़ा इसको इसको भी ब्रेक चाहिए
क्या? बहुत हो गया क्या तेरे लिए? चलो। तो
टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल कितने क्या पार्टनर
का नाम है? A एंड B तो सिंपल ₹5 लाख पे 5%
देना है यार। डायरेक्टली कर लें। ₹5 लाख
पे 5% कितना होता है? ₹5 लाख पे 10% कितना
होता है? ₹0000 5 लाख का एक ज़ीरो हटा दो।
₹0000 उसका आधा ₹25,000 तो A और B का
₹25,000 ₹25,000 दोनों का आ जाएगा क्योंकि
दोनों का अमाउंट सेम है। समझे ना? थोड़ा सा
डायरेक्ट कैलकुलेशंस भी कर सकते हैं। कोई
दिक्कत नहीं। आप चाहो तो यहां पे दिखा भी
सकते हो। ठीक है? ये अपन ने दे दिया। पहला
पॉइंट देयर कैपिटल्स वर ये पार्टनर्स वर
अलाउड इंटरेस्ट हो गया। ड्रॉइंग्स ऑफ़ ईच
पार्टनर वर वाज़ 1 लाख। ड्रॉइंग्स हम कहीं
लिखते नहीं है। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग जरूर
लिखते हैं। अगर होगा क्वेश्चन में तो
लिखेंगे। ये ड्रॉइंग्स तो अपन कहीं नहीं
लिखेंगे। सैलरी इज़ टू बी अलाउड टू बी 5000
पर मंथ। तो टू
सैलरी सैलरी किसकी है भाई? B की है। कितनी
है? 5000 पर मंथ है। 5000 पर मंथ यानी 12
से मल्टीप्लाई करूंगा तो आ जाएगा 60000
60000 सामने वाले की सैलरी दे दी अपन ने।
ये भी हो गया। अब देखो ड्रॉइ्स का तो
इंटरेस्ट दिया ही नहीं हुआ है। दिया होता
तो मैं उस साइड लिखता लेकिन अभी है ही
नहीं। तो जाने दो। ड्रॉइंग्स को भी लिखने
का कोई सेंस नहीं है। नेट प्रॉफिट फॉर द
ईयर 10% ऑफ़ द नेट डिविज़िबल प्रॉफिट। अब
निकाल लो नेट डिविज़िबल प्रॉफिट कितना आ
रहा है? ठीक है? नेट डिविज़िबल प्रॉफिट
होता क्या है सर? तो देखो बेटा इस साइड का
टोटल
88,000 इसमें से इस साइड का टोटल माइनस कर
दो। तो 88000 में से सॉरी 880 में से सॉरी
880 में से यह 5 और सिक्स होता है 11 1 2
3 4 ये माइनस कर दो इस साइड का बैलेंस तो
बचा कितना 8 में से 1 7 0 ये है आपका नेट
डिविजिबल प्रॉफिट यही प्रॉफिट तो है जो आप
पार्टनर्स को दे दो अगर समझो जनरल रिजर्व
का पॉइंट नहीं होता तो ये प्रॉफिट उठा के
बांट देते बांटने वाला प्रॉफिट इज कॉल्ड
डिविजिबल प्रॉफिट िट तो ये नेट डिविज़िबल
प्रॉफ़िट है। अब यहां पे आपको क्या निकालना
है? 10% ऑफ़ नेट डिविज़िबल प्रॉफ़िट। 10% ऑफ़
द नेट डिविज़िबल प्रॉफ़िट इज़ टू बी सेट
असाइड टू जनरल रिज़र्व। अब यहां पे इसका
10% नहीं निकालोगे आप। नेट डिविज़िबल इसके
भी बाद आता है। देखो, ये तो नेट डिविज़िबल
प्रॉफ़िट है। अगर जनरल रिज़र्व नहीं होता
तो। तो नेट डिविज़िबल प्रॉफिट ये है
बिफोर जनरल रिजर्व।
क्योंकि जनरल रिजर्व में भी तो पैसा डालना
है। वह भी तो बांटना ही हुआ एक तरीके का।
तो वह उससे पहले का नेट डिविज़िबल आ गया।
अब इस पे आप जब फार्मूला लगाओगे ना तब आप
कैसे निकालोगे? सुनना। कैसे?
770000 * 10 / 110 आफ्टर वाली चीज़। अब आप
बोलोगे सर आफ्टर वाली चीज़ क्यों? क्योंकि
इस प्रॉफिट का 10% नहीं है। इसके बाद नेट
डिविज़िबल आएगा। अभी आया है नेट डिविज़िबल
बिफोर जनरल रिजर्व। अब इसके बाद आएगा नेट
डिविज़िबल प्रॉफिट आफ्टर ऑल द थिंग्स। तो
उस वाले का 10% निकालना है। तो ₹7,000
इंटू 10 मतलब आफ्टर सच कमीशन वाला केस
यहां पे लगा दिया अपन ने। लगेगा भी वही।
हमेशा जब नेट डिविज़िबल प्रॉफिट की बात आए
ना कहां लिखा हुआ है? ये नेट डिविज़िबल
वाली बात आए तब याद रखना। याद रखना ये
आफ्टर वाला केस इसमें आफ्टर वाला केस
इसमें आपको यूज़ करना है। ओके? यहां पे
निकाल लेते हैं। कितना आएगा? ज़ीरो ज़ीरो
कैंसिल 11 7 तो 70000 आपका आ गया कि भाई
जनरल रिजर्व में आप डाल दो। ठीक है? तो
जनरल रिजर्व का अमाउंट आ गया आपके पास
कितना? 70000 इसको आप पूरा वर्किंग नोट
बना के शो करना। मैंने तो अब यहीं पे दिखा
दिया। ठीक है? तो टू
जनरल रिजर्व इसको मैं बोल दूंगा। ये
वर्किंग नोट नंबर वन में है भाई। जिसको
देखना है जा के देखो। ऐसे मैं इसको
वर्किंग नोट नंबर वन मार्क कर देता हूं
पूरा। ये वर्किंग नोट नंबर वन। और भाई
अंदर नहीं बनेगा प्रॉफिट एंड लॉस क्या अलग
से बनेगा मेरे पास जगह नहीं है तभी यहां
पे बना दिया है। ठीक है? जनरल रिजर्व हो
गया। कितना आया भाई? ये भी डाल देता हूं।
ये 70 जनरल रिजर्व आ गया और टू बचा
प्रॉफिट। अब जो बचा कुचा प्रॉफिट है उसको
डिस्ट्रीब्यूट कर दो। बचा कुचा प्रॉफिट
₹7,70 में से 70,000 माइनस कर ₹7 लाख बचे।
और उसको बांटना है अपने को कैसे? इक्वली।
तो
2A 2B कितना-कितना बांटेंगे सर? ₹7 लाख
बांटना है। इक्वली बांट दो।
₹350000
₹350 बट गए ₹8 लाख हो गया खत्म खेल सब
खत्म सब खत्म हो गया सर ठीक है बस यहां पे
टोटल कर दो
₹80 समझे इस बात को तो भाई ये वाली चीज़ जो
मैंने बोला नेट डिविज़िबल प्रॉफिट ये भाई
मैं इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस भी बताते जा रहा
हूं कुछ-कुछ चीजें बहुत घुमावदार हैं। अब
इस वाले वनशॉट के बाद ना कोई भी ऐसा
क्वेश्चन नहीं बचेगा जो नहीं बने क्योंकि
सारी चीजें जो भी उल्टा सीधा हो सकता है
सारी चीजें मैं यहां पे करवा रहा हूं। तो
याद रखना नेट डिविजिबल प्रॉफिट आफ्टर वाला
केस आप इस पे लगाओगे एंड दैट वुड बी योर
आंसर। ठीक है? और आगे बढ़ते हैं। चलो ले लो
स्क्रीनशॉट ले लो
इसका। आगे बढ़ते हैं और चीज़ें देखते हैं।
अरे यहां बना हुआ था प्रॉफिट एंड लॉस
एप्रोप्रिएशन। तो दो बार क्यों बनाया था?
चलो एनीवे अब क्या मतलब? इसको हटा देता
हूं मैं।
ट्रांसफर टू जनरल रिज़र्व का। एक और
क्वेश्चन है आपके लिए। चलो ये वाला भी है।
ये भी देख लेते हैं। ये आंसर होगा। ये है
आंसर। 8,80 हो गया हो गया। चलो जाने दो।
अब अपन आते हैं कैलकुलेशन ऑफ ओपनिंग
कैपिटल पे। सर ओपनिंग कैपिटल क्यों
निकालनी रहती है? कभी-कभी कभी-कभी मेरे
दिल में ये ख्याल आता है कि जो इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल है ना बेटा वो हमेशा ओपनिंग
कैपिटल पे दिया जाता है। हमने कैपिटल वाले
क्वेश्चंस दे दिए। बस एक और चीज है ओपनिंग
कैपिटल। वो मैं आपको बता देता हूं क्योंकि
इन केस कभी आप कहीं अटक जाओ तो वो चीज़ पता
होनी चाहिए। वैसे तो अभी आपको समझ में आ
गई होगी। तो सिंपल सी मैं बात बताता हूं।
ओपनिंग कैपिटल कैसे कैलकुलेट होती है?
ओ पी ई एन आई एन जी ओपनिंग कैपिटल इसका एक
सिंपल फार्मूला है। एक्चुअली ओपनिंग
कैपिटल पता है क्या? प्रॉफिट एंड लॉस
अकाउंट बनाते हैं अपन। अ रुको मैं आपको
ऐसे बताता हूं। देखो ओपनिंग कैपिटल है
क्या? जब मैंने आपको अकाउंट्स बताया ना ये
चीज़ वहीं पे ही आ गई थी वैसे तो और वहीं
से डिराइव ही हो जाएगी। अ हम
हा ये। तो ये है ओपनिंग कैपिटल। अब आपको
कभी-कभी क्लोजिंग कैपिटल दी हुई रहती है।
क्लोजिंग कैपिटल दी हुई रहती है। आपको
ओपनिंग कैपिटल निकालनी है। तो आप क्या
करोगे? क्लोजिंग ओपनिंग देखो आप पहले तो
ये समझो कि ओपनिंग में क्या किया है?
ओपनिंग में आपने ये सारी चीजें प्लस की
हैं। ये माइनस की हैं तो ये वाला फिगर आ
रहा है। अब इसका उल्टा करना है। आपको
क्लोजिंग कैपिटल में ड्रॉइंग्स इंटरेस्ट
और ड्रॉइंग प्लस करना है। सैलरी, कमीशन,
प्रॉफिट, एडिशनल कैपिटल ये सारी चीजें
माइनस करनी है। तो आप इस पे पहुंच जाओगे।
है कि नहीं? सिंपल। यही चीज़ यहां पर करनी
है। इसको कर लेते हैं अपन। इसका फार्मूला
सा बन जाता है। वो फार्मूला सा जो भी बनता
है वो मैं आपको बता देता हूं। ठीक है? अह
कहां गई? ये रही। ओके। देखो ओपनिंग कैपिटल
इज़ इक्वल्स टू सर जो भी हमारे पास
क्लोजिंग कैपिटल रहेगी ये आपके पास
क्लोजिंग कैपिटल
है। इसमें आप जो चीज़ें वहां माइनस की थी
वो प्लस कर दो। तो सर दो ही चीज़ तो माइनस
की थी। दोनों प्लस कर देते हैं। एक तो
ड्रॉइंग्स और दूसरा इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स।
बस यह आपने वापस प्लस कर दी और भी कुछ
प्लस करना है तो हां भाई कोई अगर परमानेंट
विड्रॉल करके चले गए थे आप कैपिटल से पैसा
निकाल लिया था तो वो भी आप कर दो तो
परमानेंट विथड्रॉल हुआ तो वो भी वापस ऐड
कर देंगे परमानेंट
विथड्रॉल्स ये भी आप प्लस कर दोगे ठीक है
इसके बाद आप माइनस क्या करोगे चीजें जो भी
आपने प्लस कर दी थी वो सब माइनस होगा
जैसे एडिशनल कैपिटल
सैलरी, कमीशन,
बोनस, इंटरेस्ट ऑन कैपिटल और क्या?
प्रॉफिट्स जो आपने डिस्ट्रीब्यूट किए हैं
वो सारी चीजें आप माइनस कर दो। तो ये सारी
चीजें करने के बाद आप किस पे पहुंच जाओगे?
ओपनिंग कैपिटल पे। है कुछ नहीं। बस वो
फार्मूला बना दिया इसका भी। है कुछ नहीं।
वही वही अगर आपको क्या बोलते हैं?
पार्टनर्स कैपिटल समझ में आ गया? तो वहीं
से ही तो ये चीज़ डिराइव हुई है। बस
उल्टा-उल्टा करते जाना है। देख लेते हैं
इस चीज़ को। अच्छा देखना इसका स्क्रीनशॉट
ले लो पहले तो। दैट इज़ इंपोर्टेंट अगेन।
ओके? चलो अब देख लेते हैं और क्या है। अब
दिया हुआ है ए एंड बी आर पार्टनर्स इन अ
बिज़नेस एंड देयर कैपिटल्स एट द एंड ऑफ़ द
ईयर वाज़ 7 लाख एंड 6 लाख। तो मतलब मुझे
सबसे पहले क्या दिया हुआ है? मुझे यहां पे
क्लोजिंग कैपिटल दी हुई है। ये भाई
क्लोजिंग कैपिटल मुझे दी हुई है। देखो पता
है बहुत ही सिंपल है। इसको कर लेंगे।
कैपिटल्स एंड में कितनी थी? ₹7 लाख थी एक
की और दूसरे की ₹6 लाख। नाम क्या है इनके?
A एंड B. तो यहां पर A की अकाउंटिंग कर
रहा हूं। यहां पर B की। ओके?
रेस्पेक्टिवली। डिटरमाइन देयर ओपनिंग
कैपिटल्स ऑन द बेसिस ऑफ़ फॉलोइंग इनफेशन।
ड्रॉइंग्स ऑफ़ A एंड B फॉर द ईयर वर 75 एंड
50। ड्रॉइंग्स को क्या करते हैं सर? वापस
प्लस कर देते हैं।
ड्रॉइंग्स वापस प्लस कर दोगे। कितना आ
जाएगा? 75 और 50 आपको प्लस करना है। ये 75
यहां पे प्लस कर दिया मैंने और 50 यहां पे
प्लस कर दिया मैंने। ठीक है? है सिंपल है।
ड्रॉइंग्स को प्लस इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग और
परमानेंट विथड्रॉल को ऐड करेंगे। बाकी
सारी चीजों को माइनस करेंगे। बी
इंट्रोड्यूस्ड कैपिटल ऑफ़ 1 लाख ड्यूरिंग द
ईयर। ये क्या है? ये है एडिशनल कैपिटल।
एडिशनल कैपिटल इंट्रोड्यूस करने से कैपिटल
बढ़ गई होगी। मतलब एडिशनल कैपिटल किस साइड
आता है भाई? हमेशा क्रेडिट साइड आता है।
प्लस किया होगा आपने। अभी माइनस करना है।
ठीक है? तो यहां पे माइनस कर दिया मैंने
एडिशनल
कैपिटल। एडिशनल कैपिटल। किसने इंट्रोड्यूस
की थी भाई? बी इंट्रोड्यूस्ड। तो सिर्फ B
के B में से ₹1 लाख ये माइनस हो
जाएंगे। आपको कुछ नहीं करना है। जो मैंने
यहां पे लिखा है ना भाई जो यहां पे लिखा
है एडिशनल कैपिटल माइनस सैलरी इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल प्रॉफिट माइनस करने हैं। ड्रॉइंग्स
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग परमानेंट विथड्रॉल
प्लस करने हैं। यही चीज़ मैं यहां पे कर
रहा हूं और कुछ भी नहीं कर रहा। ठीक है?
चलो। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल क्रेडिटेड टू द
अकाउंट्स फॉर 15,000, 10,000। इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल दे दिया था। अभी माइनस कर दो। और
क्या है इसके बाद? इंटरेस्ट ऑन चलो
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल
दे देंगे 15 और 10 ये माइनस करने हैं यानी
15,000 इसमें से माइनस करना है।
10,000 10,000 इसमें से माइनस करना है।
ओके? और क्या है? इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग
डेबिटेड टू द कैपिटल अकाउंट। इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग वापस लेते हैं। ठीक है? वो माइनस
कर दिया होगा तभी मैं इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग
को वापस प्लस कर देता हूं। कितना है? 75
और 5 7500 और
5000 ये चीज़ मैं वापस प्लस कर दूंगा। और
क्या है? है और क्या है? शेयर ऑफ़ प्रॉफ़िट
क्रेडिटेड टू द अकाउंट्स वाज़ ₹1 लाख ईच।
शेयर ऑफ़ प्रॉफ़िट सर प्रॉफ़िट तो ऐड हो जाता
है। यस। यहां से माइनस कर देंगे। उल्टा
करना है जो भी कर रहे थे। तो माइनस कर
देंगे प्रॉफिट ₹1 लाख दोनों का। यहां से
₹1 लाख
माइनस और यहां से भी ₹1
लाख माइनस। समझे? बस अब बचा कैलकुलेशन।
कैलकुलेशन। कैलकुलेशन कौन से पेंसिल करो
उससे कर लेता हूं। चलो यहां पे कैलकुलेशन
एक बार प्लस कर दो सबको। कितना बचा? 5 0
और यहां पे आएगा 7 और 5 कितना होता है
बेटा? 7 5 12 7 5 12 1 ऊपर से 7 और 1 8 और
ये सेवन। 7 82500 और इसमें से ये ये वाली
चीजें भी प्लस कर देता हूं। 500 0 यहां
फाइव और यहां सिक्स। इसमें से ये सारी
चीजें माइनस करनी है। डायरेक्टली करें।
देखो डायरेक्टली भी हो जाती हैं। वैसे आप
करना चाहो तो पर आप अलग से करो कोई दिक्कत
नहीं है। ये आया 1 लाख 1 लाख और 10000
2100
65500 में से 210 माइनस करने लें। कितना
बचेगा?
514624 तो ये बचेगा 445000
445 0. यहां पे मैं लास्ट में आ गई है
मेरी ओपनिंग
कैपिटल। ओपनिंग कैपिटल मेरी आ गई है। ठीक
है? और दूसरा 1115000 माइनस करना है।
782500 में से
11500 माइनस करना है। तो ये बचेगा 500 एट
को काट के से किया 12 में से 5 गया से
बचा। 7 में से 1 6 7 में से 1 6 तो ये आ
जाएगी
66
7500। ठीक है? अब मैं ये मिटा देता हूं
क्योंकि ये तो कैलकुलेशंस थी एंड दिस इज़
योर ओपनिंग कैपिटल। एक बार देख लेते हैं।
6675 445 6675 और 44 5000 तो ये आ गई आपकी
ओपनिंग कैपिटल्स इस तरीके से। समझ आया
आपको? कैसे किया? बहुत ही सिंपल था ये।
मतलब बहुत ही सिंपल है। अकाउंट अगर समझ
में आ गया तो अकाउंट में जो डेबिट साइड आ
रहा है उसको अपन ने प्लस कर दिया। जो
क्रेडिट किया था, दिया था उसको वापस माइनस
कर दिया। तो अपन ओपनिंग कैपिटल पे आ गए।
ऑलराइट? सो दिस वाज़ द क्वेश्चन। इसका
जल्दी से स्क्रीनशॉट ले लो। फिर आगे बढ़ते
हैं। अब अपन आगे बढ़ते हैं और मतलब ये तो
हो गया। अब अपने पास एक छोटा सा टॉपिक
छोटा सा नहीं। एक्चुअली दिस इज़ द मोस्टेंट
टॉपिक क्योंकि यहां पे बहुत ज्यादा
कंफ्यूजन वाली चीजें हैं। मैं सारी क्लियर
कर दूंगा। लेकिन मैं आपको बताता हूं क्या
है ये। ये है इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स।
ड्रॉइंग्स क्या है जो पार्टनर विथड्रॉ
करके जाता है पैसे। अब क्या है ना कि बहुत
सिंपल सी बात है कि 1st अप्रैल से ईयर रखा
था हमने 31st मार्च। हम अकाउंटिंग करते
हैं तो हम बोलते हैं कि भई 31 मार्च को जब
प्रॉफिट होगा ना तब आप पैसे लेके जाओ कोई
दिक्कत नहीं है। लेकिन क्या करते हैं
पार्टनर्स बीच में ही विड्रॉ कर देते हैं।
जब बीच में विथड्रॉ कर रहे हैं तो फर्म
उनसे पैसा लेती है। ब्याज लेती है। क्यों
लेती है? क्योंकि भाई फर्म भी यही बोलेगी
कि यार अगर तुम बैंक से लेते हैं तो ब्याज
भरते हैं ना। हमने ही तुम्हें दे दिया। तो
इससे हमें प्रॉफिट होना चाहिए। हमें जो भी
इंटरेस्ट है उसका बेनिफिट होना चाहिए। तो
वो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग पार्टनर से फर्म
लेती है। है ना? इसको बोलते हैं इंटरेस्ट
ऑन ड्रॉइंग। अब मैं फर्दर बहुत सारी चीजें
बता सकता हूं इसमें। लेकिन मैं सिंपल
टर्म्स में बताता हूं कि यार इसके दो ही
मेथड्स हैं प्रॉपर तरीके से करने के। यहीं
पे आगे डिस्कस कर लेते हैं। इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स दो तरीके से होता है। पहले तो
हो सकता है पार्टनर रेगुलर ड्रॉइंग्स करे
या इर्रेगुलर करे। बहुत सिंपल है। मैं
आपको बता देता हूं। इर्रेगुलर का मतलब
इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स मतलब पार्टनर ने
फर्स्ट अप्रैल पे विड्रॉ किया। फिर मई में
कुछ विथड्रॉ ही नहीं किया। फिर जून में
कुछ विड्रॉ नहीं किया। फिर जुलाई में आके
15 जुलाई को बंदे ने विड्रॉ किया है। फिर
अगस्त सितंबर नहीं किया। अक्टूबर 31 को
विड्रॉ कर दिया इसने। फिर नवंबर दिसंबर
छोड़ के फर्स्ट जनवरी को विथड्रॉ कर दिया
और फर्स्ट फरवरी को भी कर दिया। ऐसे अब
इसकी ड्रॉइ्स कब कब हो रही हैं? 1 अप्रैल
15 31 एक मतलब कोई कोई तमीज है ये विथड्रॉ
करने की है ना? इसको बोलते हैं इर्रेगुलर
ड्रॉइंग्स। कोई रेगुलैरिटी नहीं है। बस
पार्टनर को जब जरूरत पड़ रही है तब वो
उसको विड्रॉ कर देता है। जब इर्रेगुलर
ड्रॉइंग्स होंगी तो हम दो ही मेथड लगा
सकते हैं। पहला है सिंपल मेथड और दूसरा है
प्रोडक्ट मेथड। अब इन मेथड्स में कुछ खास
नहीं है भाई। कुछ भी खास नहीं है। नॉर्मल
कैलकुलेशन है। मतलब मैं इसको 10 फ़ूले से
समझा सकता हूं। लेकिन क्यों फार्मूला
तुम्हें समझना है? पर समझोगे ही। तुम तो
रट रटना नहीं है कुछ भी। B पर फिर B चलो
अगर फार्मूला ही चाहिए तो सिंपल सा
फार्मूला है कि जो भी ड्रॉइ्स का अमाउंट
है
ड्रॉइंग्स का अमाउंट है इंटू रेट / 100
रेट / 100 इंटू जो भी मंथ्स बचे हैं जिसको
मैं बोलूं रिमेनिंग मंथ्स
रिमेनिंग मंथ्स
/1 ये एम ओ एन टी एच नहीं लगाया था भाई लग
रहा है मंथ की स्पेलिंग छोटी कैसे हुई
रिमेनिंग मंथ्स अप 12 तो ये इंटरेस्ट का
फार्मूला बन जाएगा ये जो मैंने फार्मूला
लगाया है दैट वुड बी फ़ूला फॉर इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स। अब ये है तो नहीं यार कायदे से
फ़ूला ब्याज निकालना है कितने मंथ्स का वो
कोई फ़ूला रट के आपको नहीं करना चाहिए मेरे
हिसाब से। भाई सिंपल सी बात है। पहली
अप्रैल को तो 12 महीने का इंटरेस्ट लगेगा।
तो वो आपको पता होना चाहिए कि 12 /12 ऐसे
मल्टीप्लाई करेंगे। फार्मूला रट के चीजें
मत करना। समझना उनको कि ये बना क्यों? ठीक
है? अब ये समझाने से अच्छा है। मैं
तुम्हें एक क्वेश्चन करा देता हूं ताकि
तुम्हें सारी चीजें बहुत अच्छी तरह समझ
में आ जाए। ये है। ठीक है? अब देखो इन अ
पार्टनरशिप फर्म इन अ पार्टनरशिप
पार्टनर्स आर चार्ज्ड इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग
15% पर एनम भाई 15% सामने वाले से चार्ज
करना है ड्यूरिंग द ईयर एंडेड 31 मार्च अ
पार्टनर विथड्र विथड्र एज़ फॉलोस मतलब उसने
ऐसेसे करके विथड्रॉ किया करना है यहां पर
कुछ भी नहीं करना आपको सबसे पहले तो आपको
लिखना है एक सेकंड कि डेट क्या है कब वो
विथड्रॉ कर रहा है तो डेट मैं लिख देता
हूं फर्स्ट में 1 अगस्त 1 मई को विथड्रॉ
किया 1 अगस्त को विथड्रॉ
उसके बाद 30th सप्टेंबर 31 जैन 30th
सप्टेंबर 31
जनवरी और क्या 31st मार्च 31st मार्च 2023
बस 2023 का ही पूरा है। 31st मार्च ये ये
डेट्स हैं जब उसने विथड्रॉ किया है। ठीक
है? अमाउंट कितना-कित विथड्रॉ किया है?
लिख देते हैं। 2 526
2 5
2 6000 और 2000 ये इसने अमाउंट विड्रॉ
किया है। अब देखो अपने को मंथ्स लेफ्ट
निकालने हैं। मंथ्स लेफ्ट कैसे निकलेंगे?
देखो फर्स्ट मई के बाद आपको निकालना है
भैया देखो ईयर क्या था? 1 अप्रैल टू 31
मार्च। आपको रिमेनिंग मंथ्स निकालने हैं।
क्योंकि बेटा ब्याज कितने का लगाओगे? बचे
हुए महीनों का ही। है ना? तो फर्स्ट मई के
बाद कितने महीने बचे? 31 मार्च होने में
मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर,
नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च। 11
महीने बचे हैं। तो 11 महीने का ब्याज
लगेगा। है ना? बस 11 महीने का ब्याज
कैलकुलेट करना है। कैलकुलेशन अपन यहां पर
करेंगे। सिंपल। ठीक है? करते हैं। और देखो
अगस्त के बाद कितने महीने बचे बेटा?
अगस्त, सेप्टेंबर, अक्टूबर, नवंबर,
दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। आठ महीने
बचे इसके बाद। इसके बाद 30th, सेप्टेंबर।
तो सेप्टेंबर खत्म। अक्टूबर, नवंबर,
दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च 6 महीने
फर्स्ट 31 जनवरी को किया है तो फरवरी और
मार्च आखिरी डेट को किया ना तो फरवरी और
मार्च का इंटरेस्ट लगेगा 2 महीने का। और
31st मार्च को किया तो कोई इंटरेस्ट लगेगा
क्या? 31st मार्च को तो वो कर ही सकता था।
तो 31st मार्च को जीरो महीने बचे।
इंटरेस्ट कैलकुलेशन करना है। कैसे करेंगे
सर? वही मैंने जो आपको फार्मूला बताया,
ड्रॉइंग्स * रेट / 100 * रिमेनिंग मंथ्स
/12। ये फार्मूला मैं पूरे में लगाता चला
जाऊंगा। 2000 * रेट है
15% * मंथ्स बचे हैं 11 / 12 ठीक है?
दूसरे में 5,000 का अमाउंट
रेट / 100 15 / 100 इंटू रिमेनिंग मंथ्स
बाय 12 फिर सिक्स सॉरी फिर 2000 का अमाउंट
है
15% इंटू कितने इंटू रिमेनिंग मंथ्स हैं 6
/1 इसके बाद आया 6000 और 2 महीने बचे हैं
6000 * 15 / 100 2 महीने बचे हैं अप 12 अब
कायदे से तो इसको कैलकुलेट करना ही नहीं
चाहिए। पर मैं फिर भी कर बता देता हूं
आपको कि क्यों नहीं करना चाहिए था। 2 * 15
/ 100 * 0 मंथ्स लेफ्ट / 12 तो इंटू ज़ीरो
करेंगे तो आंसर वैसे भी ज़ीरो ही आ जाएगा
इसका। ठीक है? क्योंकि एव्री एनीथिंग
मल्टीप्लाई बाय ज़ीरो बिकम्स ज़ीरो। तो वैसे
भी इस पे कोई ब्याज लगना नहीं है। बाकियों
का देख लेते हैं। देखते हैं यहां पे कितना
आता है। ज़ीरो 0 अह
3 * 4 = 12 3 * 5 = 15 ठीक है? और कुछ कट
रहा है? ये भी कट रहा है। 4 * 5 चलिए 5 *
5 = 25 * 11 25 10 250 + 25
275 तो इसका अमाउंट आ गया 275 ठीक है?
दूसरे का अमाउंट निकाल लेते हैं। ये टू
क्यों नहीं आ रहा है? इस पे लिख क्यों
नहीं पा रहा हूं मैं? जाने दो। ठीक है?
दूसरे का देख लेते हैं। 0 0 अह 15 3 * 5 3
* 4 = 4 * 2 5 * 2 = 10 10 और * 50 500
500 यहां पे लग गया। यहां की बात करते
हैं। 0 0 2 टाइम्स टू टाइम्स और ये 10 हो
गया। 10 तो ये बचा 150 का इंटरेस्ट यहां
पे लग गया। उसके बाद यहां पर कितना लगेगा?
0 0 3 * 5 = 15 3 * 4 2 * 2 = 2 30 3 * 5
= 15 फिर से 150 और यहां पर ज़ीरो तो आपका
टोटल इंटरेस्ट कितना आ गया? ये आप यहां पर
यहां पर यहां पर यहां पर कहां पे करते
हैं? यहां पे टोटल कर देते हैं। टोटल
कितना आ गया? कर देते हैं इसको। स
5
7 और 10 17 1 2 3 8 9 10
₹175 का टोटल इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग आपका
लगा है इस पार्टनर का। दैट्स योर आंसर। अब
ये है एक सिंपल मेथड। मतलब इस पे कुछ
लॉजिक यूज़ नहीं करा। तो इस पूरे को ना
शॉर्ट भी कर सकते हैं। कैसे करते हैं?
लॉजिक को समझो। कॉन्सेप्ट को समझो। भाई
बार-बार 15 / 100 को मैं मल्टीप्लाई कर
रहा हूं। तो मैं इसको एक ही बार करके देखो
क्या-क्या यहां पे रिपीटेटिव है। पहले
कांसेप्ट समझ लो यार। देखो ये चीज हर कहीं
रिपीट हो रही है। आपको दिख रही है? और ये
बाय 12 /12 / 12 /12 /12 हर कहीं रिपीट हो
रहा है। तो अपन इसको कॉमन ले लेंगे। इसको
कॉमन ले लेंगे। तो यहां पर आपका एक नया सा
मेथड बन जाता है। जिस मेथड को बोलते हैं
प्रोडक्ट मेथड। अब यहां पे ये चीजें आसान
कैसे हो जाएंगी? इस चीज़ को देखना। बहुत
आसान हो जाएंगी। देखो डेट्स लिख लेता हूं
मैं। फर्स्ट मई 31 फर्स्ट मई था। उसके बाद
क्या है? फर्स्ट अगस्त 30th सप्टेंबर।
फर्स्ट
अगस्त 30th
सप्टेंबर और क्या था? 31 जनवरी 31st
मार्च। 31 जनवरी 31st मार्च। देख मैं क्या
कर रहा हूं समझना। प्रोडक्ट मेथड कुछ बड़ा
सा कुछ है नहीं। सिंपल है वो।
25262
2
5 2
6 2 ठीक है। मंथ्स लेफ्ट में भी हमने
ऑलरेडी मंथ्स लेफ्ट यहां पे निकाले ही
हैं।
118620 11
862 0 सब कुछ सेम था। यहां पे मैं क्या कर
रहा हूं? बस इतना सा ध्यान देना। मैं इनका
प्रोडक्ट कर दूंगा। मैं यहां पे इनका
प्रोडक्ट कर दूंगा। और जो कॉमन चीजें थी
वो कॉमन नहीं लगा दूंगा। बस कैसे? इनका
प्रोडक्ट कर लेते हैं। पहले इनका प्रोडक्ट
2000 सॉरी 2000 * 11 आएगा आपका
22000 फिर 5000 * 8 5 * 8 =
40000 6 * 2 =
12000 6 * 2 फिर से 12000 आ गया यहां पर
भी और 2 0 ठीक है? अब आपने टोटल प्रोडक्ट
निकाल दिया। यहां पे जो आपका आ रहा है
कितना आएगा इसका टोटल? तो इसका टोटल आएगा
ज़ीरो 0 टू और ये सिक्स और 4 5 6 7 86 ये
आया टोटल किसका प्रोडक्ट्स का टोटल आया
प्रोडक्ट्स का। ठीक है? अब आपको सिंपल सा
फार्मूला लगाना है। ठीक है? क्या आपको
निकालना है इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स इक्व
टोटल प्रोडक्ट।
टोटल प्रोडक्ट। अब बाकी जो कॉमन चीजें थी
वो वहां पे ही लगा देंगे। टोटल प्रोडक्ट *
रेट / 100 ये कॉमन था हर कहीं और डिवाइडेड
बाय 12 जो था वो भी कॉमन था। वही कर दिया
मैंने। ठीक है? जो कॉमन था वो कॉमन ले
लिया और जो नहीं था उसको अलग से निकाल
दिया। ठीक है? यहां से ही वो बन गया
प्रोडक्ट मेथड। है कुछ नहीं। उसको ही
सिंपलीफाई कर दिया है। ठीक है? चलो इसको
कर लेते हैं। देखो आंसर क्या आ रहा है?
टोटल प्रोडक्ट इज़
86000ेड / 12 इंटू रेट इज़ 15 / 100 3 अह 3
* 4 = 3 * 5 0
0 और क्या कट रहा है? कट रहा है। इसको
काटें फोर को 4 * 2 = 8 4 * 1 = 4 और बचा
20 4 * 5 = 20 तो 215 * 5 करेंगे। दैट वुड
बी योर आंसर 215 * 5 करेंगे भाई कितना आया
रुपीस लगा देता हूं 5 * 5 = 25 टू ऊपर 5 *
1 = 5 6 7 फिर आएगा 5 * 2 डायरेक्टली 10
तो 1075
डायरेक्टली आ गया। अब 1075 यहां
डायरेक्टली आ रहा है और यहां पर अपन को
इतनी मेहनत करनी पड़ी फिर आया है। तो यही
दो मेथड्स हैं। ये मेथड्स हैं प्रोडक्ट
मेथड और एक सिंपल मेथड ड्रॉइंग्स निकालने
के लिए जब इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स हो। ठीक
है? इर्रेगुलर यानी आप समझ गए कभी भी हो
रही है। किसी भी डेट पे हो रही है। दिस इज़
इर्रेगुलर। अब ये प्रोडक्ट मेथड एग्जाम
में आता है। सिंपल मेथड कभी भी कोई करने
को नहीं बोलता। ठीक है? प्रोडक्ट मेथड आता
है। यही मैंने आपको यहां पे दो चीजें
बताई। एक था सिंपल मेथड, एक था प्रोडक्ट
मेथड। अब मैं प्रोडक्ट मेथड के हिसाब से
आई ओ डी निकाल लिया अपन ने। कैसे निकाला?
टोटल ऑफ प्रोडक्ट किया अपन
ने। टोटल ऑफ प्रोडक्ट डिवाइडेड बाय 12
इंटू रेट जो भी रेट हो अप 100 ये हम चीजें
करते हुए आ रहे हैं। इज़ इट क्लियर?
इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स क्लियर? अब रेगुलर
ड्रॉइंग्स की बात आती है। अब ये रेगुलर
ड्रॉइंग्स में हम एवरेज पीरियड मेथड यूज़
करते हैं। यह एवरेज पीरियड क्या होता है?
रेगुलर ड्रॉइंग्स क्या होती हैं? चलिए
इनको समझते हैं। ठीक है? ये हो गया एवरेज
पीरियड मेथड पे आ गए। एंड अगेन आई एम
टेलिंग यू दिस इज़ वेरीेंट। यू नीड टू
फोकस। देखो बेटा इस चैप्टर में ना इतना
पढ़ा देता हूं मैं। इतना पढ़ा दिया है
ऑलरेडी। और आगे भी इतना पढ़ा दूंगा कि इसके
अलावा कोई और वन शॉट देखना या कोई भी
रिवीज़न किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिस वुड
बी इनफ। दिस वुड बी इनफ। लाइक, होल चैप्टर
वुड बी कवर्ड। ट्रस्ट मी ऑन दैट। एवरेज
पीरियड मेथड में क्या होता है? रेगुलर
ड्रॉइंग्स। अब रेगुलर जो ड्रॉइंग्स हैं
बेटा जो रेगुलर ड्रॉइंग्स हैं वो तीन
तरीके से हो सकती हैं। कौन-कौन से तीन
तरीके? रेगुलर ड्रॉइंग्स या तो बंदा हर
मंथ विथड्रॉ करे जिसको बोलते हैं मंथली
ड्रॉइंग्स के भैया मैं पहली पहली तारीख को
हर महीने विथड्रॉ करता हूं। दूसरा हो सकता
है
क्वार्टरली क्वार्टरली विथड्रॉ करें।
क्वार्टरली मतलब हर 3 महीने में एक बार।
क्वार्टर का मतलब होता है 3 महीने। तो हर
3 महीने में एक बार क्वार्टरली और चौथा हो
सकता है हाफ ईयरली विड्रॉ कर लें। अब हाफ
ईयरली में भी दो-तीन केस बन जाते हैं।
लेकिन हाफ ईयरली का मतलब सिर्फ छ महीने
विड्रॉ कर रहा है या छह महीने बाद विथड्रॉ
कर रहे हैं। ये दो केसेस बनते हैं। ठीक
है? तो मंथली, क्वार्टरली, हाफ ईयरली और
इनमें भी और फर्दर केसेस बन जाते हैं। सर
इनमें और फर्दर केसेस क्या है? तो मंथली
में तीन केसेस
हैं। या तो वो हर मंथ के बिगिनिंग पे
करेगा।
या तो मिडिल पे
करेगा या तो फिर एंड पे करेगा। इन चीजों
को अच्छे से समझेंगे अपन। है ना?
क्वार्टरली में भी यही तीन केसेस बन जाते
हैं। या तो हर क्वार्टर के बिगिनिंग पे कर
रहा है या तो हर क्वार्टर के मिड पे कर
रहा है या तो हर क्वार्टर के एंड पे कर
रहा है। हाफ ईयरली का मैं आपको थोड़ी देर
बाद बताऊंगा मतलब क्योंकि वो अलग है थोड़ा
सा। तो मंथली, क्वार्टरली और हाफ ईयरली
मंथली कर रहा है तो अब आप मैंने आपको
बताया कि बिगिनिंग, मिडिल और एंड तीन जगह
वो कर सकता है। क्या यहां पे डायरेक्ट
क्वेश्चन स्टार्ट हो गया तो मुझे यहीं
बताना पड़ेगा। एक सेकंड रुकना। डुप्लीकेट
दिस। हां। चलो। तो मंथली की मैं बात करता
हूं। ठीक है? क्वार्टरली में भी बिगनिंग,
मिडिल एंड हो जाएगा। हाफ इयरली का तो अपन
देखेंगे ही। मंथली अगर बिगनिंग, मिडिल और
ऐड पे कर रहे हैं तो एवरेज पीरियड कैसे
निकलता है? देखो, बहुत सिंपल है। उसका
लॉजिक भी बताऊंगा मैं ऐसा क्यों बना वो?
हर मंथ विथड्रॉ करना। ठीक है? हर मंथ
विथड्रॉ करना। इसका मतलब क्या होता है?
ध्यान से देखना बेटा। हर मंथ विड्रॉ करने
का मतलब होता है हर
मंथ। जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई,
जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर,
नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। ये
12 महीने मैंने यहां पे बना दिए। 1 2 3,
4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 अरे ज्यादा बना
दिए क्या? ज्यादा बना दिए क्या मैंने?
रुको। अप्रैल से स्टार्ट करने थे।
अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर,
अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी,
मार्च 12 महीने हैं। अब यहां पे 12 महीने
हैं। तो भैया बिगिनिंग पे कैसे मैं आपको
बिगनिंग ही एक्सप्लेन कर दूंगा ना मिडिल
एंड आपको समझ में आ जाएगा। हर मंथ की
बिगिनिंग यानी फर्स्ट अप्रैल, फर्स्ट मई,
फर्स्ट जून, फर्स्ट जुलाई, फर्स्ट अगस्त,
फर्स्ट सप्टेंबर, फर्स्ट अक्टूबर, फर्स्ट
नवंबर, फर्स्ट दिसंबर, फर्स्ट जनवरी,
फर्स्ट फरवरी, फर्स्ट मार्च। कैसी
ड्रॉइंग्स हुई? हर महीने की पहली तारीख
को। दूसरा ड्रॉइंग्स क्या हो सकता है? हर
महीने की 15 तारीख को दैट इज कॉल्ड मिडिल।
हर महीने की 15 तारीख। इसका मतलब 15
अप्रैल, 15 मई, 15 जून, 15 जुलाई ऐसे करके
पूरा। हो सकता है एंड पे विड्रॉ करें। एंड
का मतलब क्या हो जाता है? एंड का मतलब
क्या हो जाता है? 30 या 31 तारीख जो भी है
महीने की। 30, 31, 28 जो भी आखिरी तारीख
होनी चाहिए। तो, यह हो जाएगा अप्रैल,
जनवरी, फेवर, मार्च, अप्रैल। 30थ अप्रैल,
31st मार्च, अह फिर 30थ अह मार्च के बाद
क्या आता? अ अप्रैल सॉरी मई अप्रैल मई जून
जुलाई हर किसी की आखिरी डेट को कर रहा है
तो वो एंड वाला केस बन जाएगा। केसेस तो ये
बनते हैं। अब इसमें होता क्या है वो मैं
आपको बताता हूं। व्हिच इज़ेंट। चलो मैं
इसको मिटा नहीं रहा। सबसे पहले बिगिनिंग
पे समझना पहले कर क्या रहा हूं मैं। ठीक
है? अच्छा मैं तुम्हें एक काम करता हूं।
एक और चीज़ बता देता हूं। एवरेज पीरियड
मेथड का फार्मूला बता देता हूं। समझो कि
यहां पे इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स निकलता
कैसे है? तो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स
निकालने के लिए जो फार्मूला हो जाता है वो
होता है टोटल
ड्रॉइंग्स कि टोटल बंदे ने विथड्रॉ कितना
किया है अभी तक मतलब वो हर महीने करेगा तो
जो भी ड्रॉइ्स होंगी इंटू 12 करेंगे तो
टोटल ड्रॉइंग्स आ जाएंगी। टोटल ड्रॉइंग्स
कैसे आती हैं बेटा? तो ड्रॉइंग्स * 12
करेंगे ना तो टोटल ड्रॉइंग आ जाएगी। तो ये
आपका पहला आ गया टोटल ड्रॉइंग्स इंटू रेट
/ 100 तो आप करोगे
ही
इंटू अप 12 तो ठीक है करोगे इंटू क्या
कितने महीने देखो सर अब आप मुझे एक चीज
बताओ एक फॉर्मूले में आंसर निकालना है और
सर ये तो 12 बार भी ड्रॉ कर रहा है तो
टोटल ड्रॉइंग तो हमने निकाल ली 12 से
मल्टीप्लाई करके क्योंकि एक ही ड्राइंग है
जो बार-बार कर रहा है वो रेगुलर ड्रॉइंग्स
2000 निकाल रहा है तो हर महीने 2000
निकालता चला जा रहा है| ठीक है तो ये तो
ठीक है| कितने मंथ से मैं डिवाइड करूं
यहां पर यूज़ होता है आपका एवरेज पीरियड
पीरियड एवरेज पीरियड जब मेथड अपन पढ़ रहे
हैं एवरेज पीरियड और मैं बिगिनिंग में
आपको ये बता रहा हूं कि एवरेज पीरियड
कितना होता है। तो देखो अगर ध्यान से इस
बात को समझें तो पहली ड्राइंग के बाद
कितना बचा? ये बिगिनिंग वाली बता रहा हूं।
पहली ड्राइंग होगी फर्स्ट अप्रैल को। पहली
ड्राइंग होएगी फर्स्ट अप्रैल को। चलो गिनो
जरा हाथ पे। कितने महीने बचे फर्स्ट
अप्रैल के बाद? अप्रैल, मई, जून, जुलाई,
अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर,
जनवरी, फरवरी, मार्च। पूरे 12 महीने बचे।
यानी पहली ड्रॉइंग के बाद पहली ड्रॉइंग पे
12 महीने का इंटरेस्ट लगना चाहिए। वैसे ही
फर्स्ट मई को उसने किया है। तो फर्स्ट मई
को कितना लगना चाहिए? मई के बाद कितने
महीने बचे? मतलब मई को मिला के कितने
महीने बचे? 11 महीने। मई, मई, जून, जुलाई,
अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर,
जनवरी, फरवरी, मार्च 11 महीने। और वैसे ही
मई के बाद अप्रैल, मई। उसके बाद आएगा जून।
तो फर्स्ट, जून के बाद कितने महीने
बचेंगे? 10। ऐसे करके 12 11 10 9 8 7 6 5
4 3 2 1 ऐसे महीने बचेंगे हर ड्राइंग के
बाद। तो हम क्या करते हैं ना बेटा सबका
निकालने से अच्छा हम इन सारे नंबर्स का
एवरेज ले लेते हैं। आप इन सारे नंबर्स का
एवरेज लो तो एक एवरेज आएगा और वही एवरेज
आएगा अगर आप फर्स्ट और लास्ट वाले का
एवरेज लो तो अब आप करके देखना ये चीज़ अगर
आप इन सबको प्लस करते हो अब करो। चलो इसको
करो। इन सबको प्लस करना डिवाइडेड बाय 12
करना ये सब प्लस करके डिवाइडेड बाय 12
करना और यहां पे एक और तरीका है 12 और वन
को प्लस करके डिवाइडेड बाय टू करना आंसर
वही आएगा सेम इसी को ही एवरेज पीरियड मेथड
बोलते हैं और वो कैसे करते हैं हम बोलते
हैं बिगिनिंग में पहली ड्रॉइंग के बाद
कितने महीने बचे तो सर पहली ड्राइंग
फर्स्ट अप्रैल को हुई उसके बाद 12 महीने
बचे सही बात है आखिरी ड्रॉइंग कब होगी तो
सर ये बंदा हर महीने की शुरुआत पे विड्रॉ
कर रहा है तो आखिरी ड्रॉइंग होगी 1 मार्च
को। है ना? 1 मार्च के बाद कितना महीना
बचा? 1 महीना। मार्च का। तो ये 1ड / 2
एवरेज कितना आ गया? 12 + 1 13 / 2 एवरेज आ
गया आपका
6.5। आप टोटल ड्राइंग्स के केस में यहां
पर 6.5 लगाओगे और आपका आंसर आ जाएगा। आई
बात समझ में? समझे? बिगिनिंग वाली चीज़ समझ
में आई? मिडिल भी समझ लो।
मिडिल हर महीने की मिडिल तारीख को मिडिल
इस पे तो पहली ड्राइंग होएगी 15 अप्रैल को
15 अप्रैल के बाद कितने महीने बचे तो 15
अप्रैल के बाद आधा महीना बचा अप्रैल का
उसको बोलते हैं फाइव मंथ ठीक है5 तो
अप्रैल का हुआ और मई जून जुलाई अगस्त
सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर जनवरी फरवरी
मार्च 11 महीने और और 5 ये यानी पहली
ड्राइंग के बाद 11.5 मंथ्स बचे डाउट तो
नहीं है 11.5 कैसे बचे भाई? 15 अप्रैल हुई
टोटल साल में 12 महीने है ना अप्रैल के 15
दिन छोड़ने हैं। मैंने बोला फाइव आधा
महीना है ना5 तो 12 में से5 हटा दो तो
11.5 महीने बचे ना यार तो बस वही है। और
आखिरी ड्रॉइंग कब होगी? 15 मार्च को। 15
मार्च को होगी। आखिरी महीना वही है। मंथली
ड्रॉइंग्स हैं। मार्च का महीना है। 15
मार्च को आखिरी ड्रॉइंग होगी। 15 मार्च के
बाद कितना महीना बच जाएगा? आधा महीना
यानी5 महीना। तो आखिरी ड्राइंग के बाद5
महीना बचेगा। इन दोनों का एवरेज ले लिया
मैंने। इट वुड बी 12 / 2 व्हिच वुड बी
सिक्स। और वैसे ही जब आप एंड में करोगे तो
एंड का भी बता देता हूं। पहली ड्राइंग एंड
का मैं कलर चेंज कर देता हूं 2 मिनट। एंड
वाली ड्राइंग होएगी इस तारीख को यानी
अप्रैल की 31 तारीख को। उसके बाद कितने
महीने बचे? तो सर मई से लेके मार्च तक। 11
महीने। तो एंड के बाद 11 महीने बचे। आखिरी
ड्राइंग होगी सर 31 मार्च को।
इसके बाद कितने महीने बचे? 0 महीना बचा।
एक भी नहीं महीना बचा। तो 0 महीने बचे।
डिवाइडेड बाय टू करेंगे तो 11 / 2 आ जाएगा
5.5। ये एवरेजेस है। ये आप यूज़ करोगे और
आपका इंटरेस्ट बिल्कुल एक झटके में निकल
आएगा। ठीक है? ये जल्दी से इसका
स्क्रीनशॉट लो। फिर अपन क्वेश्चन देखें
इसका। क्वेश्चन से बहुत अच्छी तरह समझ में
आ जाएगा। ठीक है? तो अब ये वाली चीजें आई।
यहां पर अब यहां पर अब मैं इस चीज़ को
क्वेश्चन के थ्रू करते हैं। देखो क्या
लिखा हुआ है? ए बी सी आर
पार्टनर्स ये ये वाली चीज गलत लिखी हुई है
इसमें। इसको हटा देता हूं। इसको इग्नोर
करना। ये पिछले क्वेश्चन के लिए था। ए बी
सी आर पार्टनर्स इन अ फर्म। यू आर
इनफॉर्म्ड दैट ए विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द
फर्म इन द बिगनिंग ऑफ़ एव्री मंथ। ए
विथड्रॉस 10,000 एव्री मंथ। एव्री
मंथ यानी
मंथली मंथली भी कर रहा है तो बिगिनिंग में
कर रहा है। यह मुझे पता है। इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग का फार्मूला क्या होता है सर?
अभी-अभी देखा था। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इज़
इक्व टोटल
ड्रॉइंग * रेट /
100 * एवरेज पीरियड बाय 12 यही करते हैं।
बस यही फार्मूला लगाना है। एवरेज पीरियड
यहां पे निकालना है। एवरेज पीरियड निकाल
लेंगे पहले। चलो। तो सर एवरेज पीरियड
निकालो पहले पहले आप एवरेज पीरियड।
ठीक है? तो फर्स्ट ड्रॉइंग के बाद कितने
महीने बचे? ए विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द
फर्म इन द बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ। एव्री
मंथ बिगिनिंग फर्स्ट ड्रॉइंग कब होगी? 1
अप्रैल को। 1 अप्रैल के बाद कितने महीने
बचे? पूरे 12
महीने। और आखिरी ड्रॉइंग होएगी फर्स्ट
मार्च को। क्योंकि वो बिगिनिंग में कर रहा
है हर मंथ की। आखिरी ड्रॉइंग होगी 1 मार्च
को। फर्स्ट मार्च के बाद 1 महीना बचा।
डिवाइडेड बाय टू। एवरेज पीरियड जो आप यूज़
करोगे दैट वुड बी 13/2 या फिर 6.5 दिस इज़
द एवरेज पीरियड दैट आई विल बी यूज़िंग।
टोटल ड्रॉइ्स निकाल लेता हूं। टोटल
ड्रॉइंग्स सर वो हर महीने विथड्रॉ कर रहा
है। यहां पे लिखा है ही विथड्रॉस 10,000
फ्रॉम फर्म इन द बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ।
यानी 10,000 हर महीने विथड्रॉ करेगा और
साल में कितने महीने होते हैं? 12 महीने
होते हैं। तो आप 12 से मल्टीप्लाई कर दोगे
तो टोटल ड्रॉइंग आएगी आपकी 1,20,000।
ये दोनों समझ में आ गए तो बस इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग आ जाएगा। उसमें क्या है? देखो
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू क्या करना
है? टोटल ड्रॉइंग। सर टोटल ड्रॉइंग आई
1,20,000 इंटू रेट अप 100 रेट कितना था?
रेट रेट रेट इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग विल बी
चार्ज 8% पर एनम। तो 8 / 100
8% और अब यूज़ करना है एवरेज पीरियड। तो
एवरेज पीरियड यूज़ करूंगा मैं 6.5 यहां पे
मैं यूज़ करूंगा 6.5 / 12 आई बात समझ में?
ये यहां पे खत्म है। चलो कर देते हैं इसको
टोटल कर लेते हैं। ये ये पॉइंट हटाया ज़ीरो
बढ़ाया। 1 2 3 1 2 3 0 गायब और क्या काटना
है? 4 * 2 = 8 और 4 * 3 = 12 और कुछ कट
रहा है? थ्री से कट जाएगा। चलो। 3 * 4 =
12 ज़ीरो। ओके? तो आंसर आया 40 * 2 * 65 तो
40 * 65 * 2 कितना होता है? 60 / 130 तो
40 * 130 कर देंगे बेटा। ये अपना आंसर आ
जाएगा। कितना आ जाएगा? अ ये मैंने कर दिया
ज़ीरो ज़ीरो ज़ीरो दो ज़ीरो तो आ ही जाएंगे।
दो ज़ीरो हो गए और 14 * 4 13 * 4 13 * 2 =
26 26 * 2 52 तो 5200
₹5200 का हमारा आ गया इंटरेस्ट। बस इतना
ही करना था। एक बार देख लेते हैं। पहले
वाले का आंसर 5200 ऑलराइट। तो ऐसे ही करके
अपन ने पहला वाला आंसर निकाल दिया। दिस इज़
फर्स्ट पॉइंट। ठीक है? सेकंड वाले में भी
ऐसा ही कोई फार्मूला लगाएंगे। सेकंड वाले
में भी यही फार्मूला लगाएंगे। एग्रीगेट
चेंज हो जाएगा। ठीक है? सेकंड वाला भी
करते हैं। अब आपको ये फार्मूला तो समझ में
आ गया ना? देखें मैं इसके लिए स्पेस दी है
क्या? मैंने स्पेस ही नहीं दी। चलो कोई
नहीं डबल करके कर देता हूं
मैं। चलिए दूसरा भी देख लेते हैं। अब मैं
यहां तक मिटा देता
हूं। ये बिगिनिंग भी नहीं हुआ। और ये हटा
दिया मैंने। चलो। नेक्स्ट वाला देखते हैं
बेटा। नेक्स्ट कैसे निकलेगा? B विथड्रॉस
10,000 फ्रॉम द फर्म एट द एंड ऑफ़ एव्री
मंथ। तो B विड्रॉ एंड पे कर रहा है। एंड
पे यानी फर्स्ट ड्रॉइंग होएगी। एंड पे अगर
कर रहा है तो फर्स्ट ड्रॉइंग होएगी 31
अप्रैल को। अप्रैल 31 होता है। 30th होता
है। जनवरी जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल
30th होता है। पहली ड्राइंग होएगी 30th
अप्रैल को और लास्ट ड्राइंग जो होगी दैट
वुड बी 31st मार्च को। तो 31 मार्च के बाद
तो कुछ बचेगा नहीं। 30th अप्रैल के बाद 11
महीने बचेंगे। तो एवरेज पीरियड के लिए 11
महीने बचे। पहली ड्रॉइंग के बाद आखिरी
ड्रॉइंग के बाद कुछ नहीं बचा। डिवाइडेड
बाय 2 11 / 2 व्हिच इज़ 5.5 का एवरेज मुझे
यूज़ करना है। टोटल ड्रॉइंग्स B विथड्रॉस
10,000 वही 10,000 है और 12 महीने तक ही
वो विथड्रॉ कर रहा है। भले आखिरी दिन पे
करे पर हर महीने करी है उसने ड्रॉइंग। तो
ये इंटू 12 यानी ये आ गया ₹12000 फिर से।
कैसे निकालेंगे इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग? अब आ
गया ना समझ में? ईजी हो गया। टोटल ड्रॉइ्स
आ गई आपके पास कितनी?
₹1,20,000 इंटू रेट / 100 रेट इज़ रेट इज़
रेट इज़ 8% 8 /
100 इंटू एवरेज पीरियड एवरेज पीरियड यूज़
करेंगे बेटा 5.5 5.5 / 12 अगेन वही सारे
कैलकुलेशंस ये ज़ीरो 1 2 3 1 2 3 4 * 2 = 8
4 * 3 = 4 * 3 = 12 और थ्री को इससे काटा।
3 * 4 = 40 आ गया। अब इसको 55 * 2 करेंगे।
55 * 2 कितना होता है? 110 110 और 40 का
मल्टीप्लाई करना है। ये आ जाएगा आपका
आंसर। कितना आ गया? ये दो जीरो मैंने यहां
लगा दिए। 4 * 11
44
4400 ये आ गया आपका दूसरा इंटरेस्ट। आई
बात समझ में? दिस वाज़ पॉइंट नंबर टू।
पॉइंट नंबर थ्री आपको करना है। मैं आपको
बता देता हूं। देखो यहां पे भी सेम आएगा।
C विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द फर्म इन द
मिडिल ऑफ एव्री मंथ। तो आपको पता है एवरेज
पीरियड निकालने के लिए मिडिल का कैसे
निकलेगा? पहली ड्राइंग के बाद 11.5 मंथ्स।
मिडिल के लिए पहली ड्राइंग के बाद 11.5
मंथ्स। क्योंकि अप्रैल 15 तो आप आगे
देखोगे तो 11 महीने और आधा महीना ये 11.5
मंथ्स और आखिरी ड्राइंग 15 मार्च यानी
सिर्फ फाइव मंथ। इनको करोगे डिवाइडेड बाय
टू 12 / 2 सिक्स आ जाएगा एग्रीगेट जो आपको
यूज़ करना है। यहीं पे कर ही देता हूं मैं।
तुम भी क्या याद रखोगे। चलो इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग निकालना है। टोटल ड्रॉइंग्स वही
10,000
* मतलब 1,20,000 हो जाएगी। टोटल ड्रॉइंग्स
10,000 * 12 रेट है 8 / 100 इंटू एवरेज
पीरियड यूज़ करूंगा मैं 6 / 12 0
0 6 * 2 = 12 2 * 2 = 4 ठीक है? ये टू बचा
यहां पे। तो 2 * 1200 कर दो आप सीधा-सीधा।
2400 2400 आ जाएगा ना? ठीक है? 2400
डायरेक्टली आ गया।
24 में वो गलत क्यों लग रहा है? 0 2 0 0 2
* 2 = 4 2 * 1 = 2 सही है। 2400 ठीक है।
अगर लास्ट में विड्रॉ कर रहा है तो ₹2400
का अमाउंट आएगा। एक बार देख लेते हैं। ये
₹5200 देन 4400 देन ₹4800 आई टोल्ड यू ना
कुछ तो गलत करा मैंने यहां पे। मुझे भी
लगा 6 * 2 = 12 इसके कैलकुलेशंस को मैं एक
बार फिर से कर लेता हूं। कछु तो गलत करो
है मैंने यहां पर डायरेक्ट डायरेक्ट करने
के चक्कर में। 6 /12 8 / 100 1 मिनट रुकना
बेटा। 6 * 2 = 12 है ना? 2 * 4 = 8 यहां
फोर बचेगा मैंने। टू का करा था
मल्टीप्लाई। अब आई ना बात समझ में? हां।
अब सही आया। 4 * ये करेंगे तो 4800 आएगा।
4800 4 * 1200 4800 तो 4800 इसका इंटरेस्ट
आएगा। ठीक है? तो ये चारों ऐसे करके अपन
इंटरेस्ट को निकालेंगे। ठीक है? ये हो गया
पहला क्वेश्चन। पहला क्वेश्चन समझ में आया
होगा आपको। ठीक है? क्यों? क्योंकि यहां
पर आपके एवरेज पीरियड को यूज़ करना है। अब
ये था फर्स्ट क्वेश्चन। अब दूसरा एवरेज
पीरियड मेथड में अपन देखते हैं
क्वार्टरली। क्वार्टरली क्वार्टरली मतलब
क्वार्टरली मतलब हर तीन महीने का एक जो
होता है उसको बोलते हैं क्वार्टर। अप्रैल,
मई, जून। अप्रैल, मई और जून यह एक
क्वार्टर।
फिर जुलाई, अगस्त और सेप्टेंबर एक
क्वार्टर।
अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर एक क्वार्टर और
लास्ट क्वार्टर जनवरी, फरवरी और मार्च।
जनवरी, फरवरी, मार्च एक क्वार्टर। ठीक है?
अब ये 12 महीने मैंने बना दिए। अब इनके
बिगिनिंग, मिडिल और एंड पे अपने को चीजें
देखनी है। ठीक है? सबसे पहले अगर अपन
देखें ऐसे बना देता हूं पूरा बड़ा सा। सबसे
पहला अपन देख रहे हैं बिगिनिंग ऑफ़ एव्री
क्वार्टर। बिगिनिंग ऑफ़ एव्री क्वार्टर कि
हर क्वार्टर के बिगिनिंग पे किया। तो कब
करेगा? आप मुझे बताओ। क्वार्टर का
बिगिनिंग कब हो रहा है? 1 अप्रैल को। यानी
पहली ड्रॉइंग होएगी फर्स्ट अप्रैल को।
फर्स्ट अप्रैल के बाद कितना महीना बचता
है? 1 अप्रैल के बाद 12 महीने पूरे बचते
हैं। देख लो गिन लो 12 महीने। है ना? तो
बिगनिंग में किया तो पहली ड्राइंग के बाद
12 महीने बचे। आखिरी पे ध्यान देना।
क्वार्टर की पहली डेट को। चलो। क्वार्टर
की पहली डेट कब है? क्वार्टर कौन सा है?
ये क्वार्टर वन, क्वार्टर टू, क्वार्टर
थ्री, क्वार्टर फोर। क्वार्टर फोर की पहली
डेट कौन सी है? फर्स्ट
जनवरी जनवरी फरवरी मार्च का क्वार्टर है
तो फर्स्ट जनवरी इज द क्वार्टर की पहली
डेट है ना तो पहली डेट के बाद यानी फर्स्ट
जनवरी के बाद कितने महीने बचे 3 महीने तो
यहां पे इंटू करूंगा थ्री ओ सॉरी प्लस
करूंगा 3 / 2 12 + 3 इज़ 15 / 2 तो जो
एग्रीगेट बन जाएगा दैट वुड बी 7.5 पहला
एग्रीगेट आ गया 7.5 एवरेज पीरियड ठीक है
दूसरा देखेंगे बिगनिंग के बाद सर मिडिल
में करा तो क्या करेंगे
करेंगे देखते हैं। मिडिल अगर मिडिल
हुआ तो पहली ड्राइंग कब होगी? अच्छा ये तो
सेम कलर हो जाएगा। यहां पर ये मिडिल है।
क्वार्टर का मिड यही है। 3 महीने का
क्वार्टर है बेटा। अगर तो इसका मिडिल क्या
होगा? अप्रैल, मई, जून। तो 15 मई जो हुआ
मिडिल हुआ ना? अप्रैल भी हटाओ, जून भी
हटाओ। मई का 15 तारीख इज़ द मिडिल। तो, यह
मिडिल हुआ। इसके बाद कितने महीने बचे?
गिनो। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 और आधा महीना
ये यानी 10.5 तो मिडिल में पहली ड्राइंग
के बाद 10.5 मंथ्स बचे। आखिरी ड्राइंग कब
होगी? तो ये आखिरी वाले क्वार्टर के मिड
पे यानी जनवरी फरवरी मार्च 15 फरवरी के
आसपास 14 फरवरी मान लो 28 दिन का होता है।
तो 14 या 15 फरवरी इतना वो एक दिन से कोई
गैप नहीं होता। तो 15 फरवरी 15 फरवरी के
बाद कितना महीना बचा? आधा महीना फरवरी का
.5 और मार्च का पूरा एक महीना यानी 1.5
डिवाइडेड बाय टू कितना हो जाएगा? 12 / 2
व्हिच इज़
सिक्स। पहला एग्रीगेट 7.5 दूसरा एग्रीगेट
सिक्स। अब लास्ट में एंड वाला भी देखते
हैं। नया कलर कितने कलर यूज़ करूं यार मैं।
चलो एंड भी देख लेते हैं। तो हर क्वार्टर
के एंड पे। तो एंड पे करा 9 महीने बचे।
फिर एंड पे करा 0 महीना बचा।
/ 2 9 / 2 इज़ 4.5 तो आप ये एवरेज पीरियड
यूज़ करोगे सिंपल। ठीक है? अब यहां पर जो
नेक्स्ट क्वेश्चन करने वाले हैं एवरेज
पीरियड्स तो यही यूज़ होंगे। इसको निकालना
है। आप रटना मत बिल्कुल भी कि कैसे मैंने
आपको निकाल के दो बार दिखा दिए। तो अब तो
आपको समझ में आ गया होगा ना? तो आप रटना
मत। अब ये क्वार्टर वाला देख लेते हैं।
मैं आपको यहां पर केस वन बिगनिंग है। फिर
एंड है फिर मिडिल है। चलो केस थ्री आपको
करना है। ये आपके लिए है। ये आपका होमवर्क
है। ठीक है? है केस वन केस टू मैं कर देता
हूं। यहां पर करता हूं केस वन। यहां कर
देता हूं मैं केस
टू। ठीक है? ध्यान से सुनना। बहुत ही
सिंपल है। इफ वी विथड्र अच्छा यहां पे
पहले टोटल ड्रॉइंग्स कैसे निकलेंगी? मैं
यही बता देता हूं। टोटल ड्रॉइंग्स
क्वार्टरली के केस में कैसे निकलेंगी? ये
क्वार्टर के केस में टोटल ड्रॉइंग किससे
निकलेंगी? तो भैया
ड्रॉइंग क्वार्टर में कितनी बार विथड्रॉ
कर लेगा? चार तो क्वार्टर है। क्वार्टर का
बिगनिंग, क्वार्टर का मिडिल, क्वार्टर का
एंड कुछ भी करें। लेकिन साल में कितनी बार
ही विड्रॉ कर पाएगा? चार बार, चार ही तो
क्वार्टर है। है ना? तो टोटल ड्रॉइंग्स
विल बी ड्रॉइंग्स इनटू फोर। ठीक है? बस
इसको करते हैं। इफ वी विथड्र 60,000 इन द
बिगनिंग ऑफ ईच क्वार्टर
तो पहला टोटल ड्रॉइंग।
टोटल ड्रॉइंग कैसे निकलेगी सर? 60,000 और
चार बार विड्रॉ करेगा यह। ठीक है? तो टोटल
कितना आ गया? 6 * 4 = 24 1 2 3 4 ठीक है?
एवरेज पीरियड निकाल लेते हैं। एवरेज
पीरियड कैसे आएगा? बिगिनिंग ऑफ़ एव्री
क्वार्टर। तो पहले क्वार्टर की स्टार्टिंग
के बाद अगर करेगा 1 अप्रैल को करेगा तो 12
महीने बचेंगे। आखिरी क्वार्टर की पहली
तारीख आखिरी क्वार्टर है जनवरी फरवरी
मार्च का। पहली तारीख यानी पहली जनवरी को।
तो कितने महीने बचे? तीन बाय 2 15 / 2 तो
क्या यूज़ करेंगे एग्रीगेट? 7.5 का। बस
यहां पे मैं टोटल ड्रॉइंग्स निकाल लेता
हूं। दूसरे कलर से निकालता हूं। गिव मी अ
मिनट। चलो। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू
टोटल ड्रॉइंग्स विल बी
240000 इंटू रेट अप 100 रेट कितना है रेट
कितना है रेट कितना है रेट कितना है 10%
10% रेट / 100 इंटू एग्रीगेट रेट आई विल
बी यूजिंग इज़ 7.5 / 12 ठीक है कर लेते हैं
इसको ज़ीरो ज़ीरो ये पॉइंट हटा ये ज़ीरो ये
वाला ज़ीरो भी हटा दिया मैंने और एक और
ज़ीरो हटा देंगे क्योंकि पॉइंट हटा है और आ
गया 75 और नीचे 12 12 को डायरेक्टली टू
टाइम्स काटता हूं। 2 0
0 200 * 75 कर देते हैं। आंसर आ
जाएगा 200 यानी डबल00 और 75 * 2 इज़ 150
₹15,000 हमारा आ गया इंटरेस्ट। यानी पहले
केस में ₹15,000 हम उससे इंटरेस्ट लेंगे।
रुपीज़ लगाना मत भूलना। ठीक है? तो ₹
₹15,000 पहले वाले का आंसर यहां पर आ गया।
ठीक है? 7.5 एवरेज यूज़ करके। केस टू देख
लेते हैं। तो केस टू में भी केस टू में भी
टोटल ड्रॉइंग कितनी होगी बेटा? चार ही
क्वार्टर हैं। तो केस टू में इफ वी विड्र
60000 एट द एंड ऑफ ईच क्वार्टर
60000 एट द एंड ऑफ़ ईच क्वार्टर लेकिन है
तो चार ही। चार ही क्वार्टर है। तो 2400
टोटल ड्रॉइंग्स हो गई। एवरेज पीरियड देख
लेते
हैं। एवरेज पीरियड होगा एट द एंड ऑफ़ ईच
क्वार्टर। तो पहले क्वार्टर का एंड अप्रैल
में जून का एंड जून की आखिरी तारीख। तो
उसके बाद क्या बचा? जुलाई से लेके जितने
महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर,
नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। 9
महीने। और आखिरी ड्राइंग कब होगी? 31st
मार्च को। क्योंकि आखिरी क्वार्टर क्या
है? जनवरी, फरवरी, मार्च। आखिरी दिन पे
आने 31st मार्च। कोई महीना नहीं बचा उसके
बाद। डिवाइडेड बाय टू 9/ 2 4.5 का एवरेज
यूज़ करोगे आप। ओके? फ़ूले ऐसे कर लेते हैं।
इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स इक्वल टू टोटल ड्रॉइंग्स व्हिच
इज़ ₹40,000
इंटू रेट / 100 रेट कितना है? रेट कितना
है? 10% था। 10 / 100 इंटू एग्रीगेट वि इज
4.5 / 12 ये पॉइंट हटाया ये ज़ीरो 1 2 3 1
2 3 ये काट दिया मैंने। अब ये भी 12 जा ही
रहा है यार। 12 * 2 200 * 45 करूंगा तो
आंसर कितना आएगा? 45 * 2 = 90 और 0 तो
₹9,000 इसका आंसर आ गया। ₹9,000 इंटरेस्ट
ऑन ड्रॉइंग आ गया। क्लियर है ये? समझ आ
गया? जल्दी से इसका भी स्क्रीनशॉट लो और
एक क्वेश्चन आपके लिए होमवर्क है ये वाला।
तो इसको करो और इसका इसका फिर से आप कमेंट
में मुझे आंसर बताओ। अरे 2 मिनट में अभी
कर लोगे यार। अभी कर लो आप। अभी रुको। 1
सेकंड के लिए पॉज करो और करके बता दो
आंसर। चलो
जल्दी। चलिए ये हो गया। नेक्स्ट भी हो
गया। ठीक है? तीसरे वाले का भी आप निकाल
लेना। देखना 18,000 आना चाहिए। देखो मत
यहां पर। पर आप निकालना उसको। 18,000
आएगा। अब फिर से आएगा। अब तीसरा आया हाफ
ईयरली। अब ये यार जो है इस पे आप थोड़ा
ध्यान देना। हाफ ईयरली में तीन केस बनते
हैं। ठीक है? पहले में तो केस बनता है
जिसमें लिखा होता है हाफ ईयरली हाफ ईयरली
विथड्रॉ कर रहा
है। हाफ ईयरली विथड्रॉ कर रहा है। ठीक है?
दूसरा केस बनता है
फॉर सिक्स मंथ्स। हाफ ईयर मतलब 6 महीने
विथड्रॉ करेगा। 6 महीने कौन से? बिगिनिंग
के सिक्स मंथ्स,
बिगिनिंग सिक्स
मंथ्स या फिर एंड के सिक्स
मंथ्स बिगनिंग सिक्स मंथ्स यानी सर फर्स्ट
अप्रैल से लेके छ महीने अप्रैल, अप्रैल,
मई, जून, जुलाई, अगस्त और सेप्टेंबर यानी
30th सप्टेंबर तक ये विथड्रॉ करेगा। बस
इतना ही करेगा। मतलब पूरे साल भर करेगा ही
नहीं। छ महीने करेगा सिर्फ। 1 अप्रैल से
30th सप्टेंबर और एंड सिक्स मंथ्स का मतलब
सेप्टेंबर के बाद आता है फर्स्ट अक्टूबर
से लेके 31 मार्च। तो ये छ महीने ये
विथड्रॉ करेगा। ये दो तरीके हो सकते हैं
यहां पर। और एक तरीका है हाफ ईयरली। हाफ
ईयरली मतलब 6 महीने में एक बार। तो पहली
मतलब 6 महीने में एक बार मतलब फर्स्ट
अप्रैल को विथड्रॉ कर दिया उसने। फिर 6
महीने बाद डायरेक्टली यानी अप्रैल, मई,
जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर हटाओ। अक्टूबर
की पहली तारीख को फर्स्ट अप्रैल को कर रहा
है। फिर फर्स्ट अक्टूबर को कर रहा है। बस
फिर खत्म ही हो गया ना। इतना ही तो
क्वार्टर ही इतना सा था। तो ये हाफ ईयरली
का केस हो जाता है। ये ना आपकी दो-तीन
बुक्स हैं जैसे डी के गोयल है उसमें दिया
हुआ है और एक बॉबी करके कोई क्वेश्चन है
टीएस ग्रेवाल में वो दिया है। एनसीईआरटी
में हाफ ईयरली का कोई क्वेश्चन नहीं है।
ये केसेस हैं। ये वाला कोई केस नहीं है।
टीएस में एक क्वेश्चन डीके में कुछ
क्वेश्चंस हैं जो हाफ ईयरली से रिलेटेड
हैं। इसमें मैं आपको बता रहा हूं। फर्स्ट
अप्रैल, फर्स्ट अक्टूबर ये पहली पहली
बिगिनिंग वाली चीज़ बता रहा हूं। इसमें
बिगनिंग, मिडिल, एंड हो सकता है। ये मैं
आपको तीनों बता दूंगा। यहां पर भी आपके
बिगिनिंग, मिडिल, एंड हो सकते हैं।
बिगिनिंग,
मिडिल और एंड।
यहां पर भी बिगनिंग, मिडिल, एंड हो सकता
है। बहुत सिंपल है लेकिन मैं आपको बता
देता हूं। अब यहां पे एग्रीगेट्स कैसे
निकलते हैं? इनको एग्रीगेट्स निकाल लेते
हैं पहले यहीं पर। बिगनिंग, हाफ ईयरली के
बिगनिंग पे अगर कोई विथड्रॉ कर रहा है।
हाफ ईयरली मतलब सर, 6 महीने 1 2 3 4 5 6
यह छह-छह। यही है हाफ ईयर। हाफ ईयर के
बिगनिंग पे किसी ने विथड्रॉ किया। देखो
हाफ ईयर का बिगनिंग कैसे निकल रहा है बेटा
यहां देखना हाफ ईयर का बिगनिंग फर्स्ट
अप्रैल तो फर्स्ट अप्रैल के बाद कितने
महीने बचे 12 और हाफ ईयर के फिर से
बिगनिंग पे विथड्रॉ किए तो कितने महीने
बचे छह तो 12 / 6 / 2 अ यानी 18 / 2 यानी
यहां पे जो एग्रीगेट आप यूज़ करोगे दैट वुड
बी नाइन 18 / 2 9 तो बिगिनिंग अगर आया हाफ
ईयरली बिगिनिंग तो फिर नाइन हाफ ईयरली
मिडिल हाफ ईयरली मिडिल कब होगा बेटा ये
तारीख ठीक है? हाफ ईयरली मतलब 6 महीने का
मिड मान लो। ये मान लो या ऊपर वाला मान लो
कुछ भी मान लो। बचेंगे 3 महीने ही उसके
बाद। है ना? तो ये तीन और ये छ 9 महीने
बचे। मिडिल में किया तो और आखिरी ड्राइंग
हुई यहां पर कहीं नहीं गलत मार्क कर दिया।
यहां पर कहीं ठीक है? तीसरे महीने की अंत
में या फिर चौथे महीने की शुरुआत मान लो।
बात एक ही है। 3 महीने बचेंगे। मिडिल में
किया तो 3 महीने बचे। तो 9 / 3 / 2 9 और 3
कितने होते हैं? 12 / 2 ये हो गया छह।
सर एंड में करा बंदे ने जाके ठीक है आप
बंदे ने जाके एंड में करा फिर से बनाता
हूं क्योंकि पॉइंट पॉइंट हो गए थे 1 2 3 4
5 6 1 2 3 4 5 6 हाफ हाफ इयर्स एंड में
करा एंड में करा तो इस हाफ ईयर के एंड में
किया तो कितने महीने बचे सर 6 महीने बचे
और फिर हाफ ईयर के एंड यार 31 मार्च को ही
किया होगा तो कितने महीने बचे ज़ीरो महीने
बचे डिवाइडेड बाय टू एग्रीगेट वुड बी थ्री
ठीक है फ्यू क्वेश्चंस आर देयर जो इससे
रिलेटेड हैं। हाफ ईयरली वाले बहुत कम
क्वेश्चंस हैं आपकी बुक में। टीएस में तो
एक ही क्वेश्चन है। तो ये है। है ना? और
हाफ ईयरली ये वाले क्वेश्चंस हैं जो आते
हैं। अब इनको अपन और चीजें देख लेते हैं।
इसको भी मैं पहले डुप्लीकेट कर देता हूं
ताकि आपके पास रहे। ऐसा ना कि चला ही जाए
ये। ठीक है? चलो। ये आ जाएगा बच्चों के
पास। ठीक है भाई। ये स्क्रीनशॉट लेते चल
रहे हो ना? मैं रुक नहीं सकता ज्यादा
चीजों के लिए। चलो। आई होप ले लिया होगा
स्क्रीनशॉट। ये वाले हाफ ईयरली के केसेस
तो आपको समझ में आ गए। ठीक है? अब अपन हाफ
ईयरली के सिक्स मंथ्स वाले केसेस पे जाते
हैं कि सिक्स मंथ्स, बिगिनिंग के सिक्स
मंथ्स या फिर एंड के सिक्स मंथ्स। ये भी
बहुत सिंपल है। चलो हटा देता हूं मैं इसको
तो बता देता हूं यहां पर। यहां पर मैं
पहले बता रहा हूं बिगिनिंग सिक्स मंथ्स।
या बिगिनिंग नहीं लिखता हूं। स्टार्टिंग
लिख देता हूं। स्टार्टिंग
6 मंथ्स आगे के छ मंथ मतलब अप्रैल से लेके
अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर
तक और दूसरा मैं बता देता हूं। एंडिंग
स्टार्टिंग एंडिंग सिक्स
मंथ्स। स्टार्टिंग हो गई। एंडिंग में
सेप्टेंबर के बाद आएगा अक्टूबर से लेके
मार्च तक।
ऐसे अब इस पे भी तीन-तीन केसेस बनेंगे।
सिंपल-सिंपल से बिगिनिंग
मिडिल और एंड
यहां पे भी
बिगिनिंग
मिडिल बिगिनिंग
मिडिल और एंड
पे याद रखना बस आगे के 6 महीने पीछे के 6
महीने बस इतना ही डिफरेंस है। तो देखो
कितना बचेगा अब ध्यान से देखना यहां
पर स्टार्टिंग के 6 महीने स्टार्टिंग के 6
महीने उसने विड्रॉ किया यानी पहली ड्रॉइंग
होएगी कब फर्स्ट अप्रैल को अच्छा
स्टार्टिंग के छ महीने मतलब ये देखो यहां
लिखा है अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर
बस
अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितेंंबर इतने
दिन ही विथड्रॉ किया इसने 6 महीने तक
विथड्रॉ किया कंटीन्यूअसली फॉर सिक्स
मंथ्स बस सप्टेंबर के बाद विथड्रॉ किया ही
नहीं तो बहुत सिंपल है आपको एवरेज लेना
पहली ड्रॉइंग का और आखिरी ड्रॉइंग का। तो
पहली ड्रॉइंग के बाद कितने महीने बच रहे
हैं? देखो ए 1 अप्रैल को अगर ड्रॉइंग हुई
तो कितने महीने बचे? छह नहीं। सितंबर के
बाद मार्च तक तो साल गया ही होगा ना। इसने
भले 6 महीने विथड्रॉ किया लेकिन बाकी छ
महीने तो यहां पे हैं ही ना। तो जितना बचा
प्लस 6 महीने और भले सिंपल सी बात भाई।
पहली अप्रैल के बाद कितना साल बच जाता है?
31 मार्च तक 12 महीने। तो पहली ड्राइंग के
बाद बचेंगे 12 महीने। समझे? और आखिरी
ड्राइंग होएगी इसकी सेप्टेंबर फर्स्ट को।
उसके बाद कितने महीने बचेंगे? इसके
डंडियों में मत देखो। हाथ पे देख लो।
सेप्टेंबर बचा। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर,
जनवरी, फरवरी और मार्च। कितने महीने बचे?
सात महीने। तो यहां पर से डिवाइडेड बाय 2
अ 79, 19 / 2 अ 999, 99 9.5 आ गया पहला
एवरेज।
मिडिल की बात करें तो मिडिल मतलब सर इसने
इस तारीख को किया होगा। बिल्कुल अप्रैल की
15 तारीख 11.5 मंथ्स बचे। सेप्टेंबर की 15
तारीख आखिरी ड्रॉइंग। कितने महीने बचे
सप्टेंबर की आखिरी ड्रॉइंग के बाद? आधा
महीना ये और छह है वो
6.5 कितना हो जाता है? 6.5 11.5 और 11 और
6 17 18 11 और 6 17 और एक 18 बाय 2 तो बचा
नाइन और एंड में देख लें तो अगर एंड में
कर रहे हैं सर 30 अप्रैल को 30 अप्रैल के
बाद 11 महीने बचे और 30 सितंबर के बाद 6
महीने बचे डिवाइडेड बाय 2 व्हिच वुड बी 17
/ 2 व्हिच वुड बी 8.5 तो ये एग्रीगेट्स
यूज़ करोगे आप अगर बिगिनिंग की बात करें
देखो बेटा मैं रटने को कभी नहीं बोलता तभी
में एक-एक चीज़ समझा रहा हूं कि बना कैसे।
बाकी अब आप विद्वान ही हो कि आपको रटनी है
चीज़ तो मत रटना। फिर भी बोल रहा हूं।
एग्जाम में कंफ्यूज हो जाओगे। एंडिंग के
सिक्स मंथ्स की बात करते हैं। एंडिंग के
सिक्स मंथ्स यानी कौन से सर? अप्रैल टू
सेप्टेंबर तो हो गया था। यानी एंडिंग के
सिक्स मंथ्स
ये कौन से? अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर,
जनवरी, फरवरी और मार्च। ये वाले अक्टूबर
लास्ट के छह महीने। अब देखो इसमें भी
इंटरेस्टिंग है। बिगिनिंग ऑफ एव्री मंथ।
तो फर्स्ट अक्टूबर को पहली विड्रॉइंग
होगी। ड्रॉइंग होगी क्योंकि लास्ट के 6
महीने ये विथड्रॉ कर रहा है। तो कितने
महीने बचेंगे सर? छह क्योंकि अक्टूबर से
लेके मार्च तक देख लो छ ही महीने बचेंगे।
आखिरी ड्रॉइंग होएगी फर्स्ट मार्च को
कितना महीना बचेगा? 1ड / 2 7 / 2 3.5 पहला
एवरेज मिडिल में करेंगे अगर तो 5 1/2
महीने आखिरी ड्राइंग के बाद 5 महीना
डिवाइडेड बाय 2 6 / 2 3 और आखिरी एंड पे
करा तो 5 महीने बचे और एंड पे करा तो 0
महीना बचा डिवाइडेड बाय 2 5 / 2 2.5 ये
एवरेजेस हैं जो आप करोगे यूज़। ऑलराइट टेक
अ स्क्रीनशॉट। ये सारे के सारे तरीके हैं
जिससे अपन करते हैं। अब आगे आ
जाएगा डायरेक्टली क्वेश्चन ही है क्या?
अच्छा नहीं ये तो एक्सप्लेनेशन है जो
मैंने आपको ऑलरेडी कर दिया। क्वेश्चन को
देख लेते हैं। व्हेन ड्रॉइंग्स आर मेड फॉर
लास्ट सिक्स मंथ्स। बहुत सिंपल सा
क्वेश्चन है। एबीसी स्टार्टेड अ फर्म ऑन
फर्स्ट अक्टूबर। अब देखो इन्होंने तो
अक्टूबर में ही फर्म स्टार्ट किए। तो
अक्टूबर से फर्म स्टार्ट किए तो मार्च तक
ही जाएंगे ये। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर,
जनवरी, फरवरी, मार्च तो आखिरी के छह महीने
ही बचे हैं। ए ड्रू रेगुलरली देखो इसलिए
ये ना पढ़ना जरूरी है। भाई एग्जाम में थोड़ी
आपको ये लिखा हुआ आएगा ऊपर कि लास्ट सिक्स
मंथ्स। तो आप जब पढ़ोगे ना फर्स्ट अक्टूबर
से ही फर्म स्टार्ट हुई है। तो आपको समझ
में आएगा अच्छा भैया अक्टूबर से स्टार्ट
हुई है तो छ ही महीने बचे हैं। ठीक है? ए
विड्र्यू रेगुलरली 40,000 इन द बिगनिंग ऑफ़
एव्री मंथ। टोटल ड्रॉइंग्स निकालेंगे पहले
तो। अच्छा यहां पे टोटल ड्रॉइ्स कैसे
निकलेंगी? वो भी मैं आपको बता देता हूं।
टोटल ड्रॉइंग्स कैसे निकलेंगी? कितने
किससे मल्टीप्लाई करोगे? ड्रॉइंग इनू
व्हाट?
ड्रॉइंग इन व्हाट? A विड्र रेगुलरली
40,000 बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ फॉर सिक्स
मंथ्स। बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ फॉर सिक्स
मंथ्स। तो उसे छह बार विथड्रॉ किया है। तो
ड्रॉइ्स इंटू सिक्स करके आपकी टोटल
ड्रॉइंग्स आ जाएंगी। इन दिस केस अपन निकाल
लेते हैं केस वन
में। केस वन टोटल ड्रॉइंग्स कितनी आएंगी?
देखेंगे। A विथड्र 40,000 रेगुलरली।
40,000 * 6 आ जाएगी आपकी टोटल ड्रॉइंग। अब
मैं मल्टीप्लाई भी नहीं कर रहा। फ़ूले में
ही मल्टीप्लाई करूंगा। एवरेज पीरियड की
बात करते हैं। तो पहली ड्रॉइंग के बाद
कितना महीना बचेगा? पहली ड्राइंग यानी
पहली अक्टूबर। पहले अक्टूबर के बाद छह
महीने बचेंगे। आखिरी अक्टूबर अक्टूबर,
नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। तो
फर्स्ट मार्च को आखिरी ड्रॉइंग होएगी।
फर्स्ट मार्च के बाद सिर्फ एक महीना बचेगा
डिवाइडेड बाय टू। 6 + 1 7 / 2 एग्रीगेट
यूज़ करूंगा 3.5 का। बस ये करूंगा और निकाल
निकल जाएगी ड्रॉइंग्स निकाल लेते हैं
अपन इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू टोटल
ड्रॉइंग्स 40 * 6 वुड बी टोटल ड्रॉइंग्स
करा नहीं मैंने है ना यहां पे सॉल्व कर
लेंगे टोटल ड्रॉइ्स इंटू रेट अप 100 रेट
कितना है भाई 5% पर एनम 5 /
100 इंटू एग्रीगेट 3.5 एवरेज पीरियड / 12
बस इसको सॉल्व करोगे आपका आंसर आ जाएगा
करते हैं इसको ये ज़ीरो हटा ये ज़ीरो यहां 0
0 0
0 6 * 2 =
12 2 टाइम्स
40 3.5 * 5 20 * 5 कर देता हूं। 100 आ
जाएगा। 20 * 5 100 100 और 35
3500 आपका आ गया इंटरेस्ट। 3500 वुड बी
योर इंटरेस्ट। समझ में आया? कैसे किया?
टोटल ड्रॉइंग समझ में आई? सिक्स से
मल्टीप्लाई क्यों किया? क्योंकि 6 महीने
तक विथड्रॉ करेंगे। एवरेज पीरियड मैंने
निकाला अक्टूबर से लेके मार्च तक।
अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी,
मार्च। अक्टूबर पहली के बाद छ महीने।
आखिरी ड्राइंग के बाद सिर्फ एक महीना।
क्योंकि साल ही खत्म हो रहा है। बिगिनिंग
नहीं था। एंड वाले थे ये है ना? चलो आ
गया। पहले मैं देख लेता हूं इसका। अच्छा
सॉल्यूशन आया। 3500 पहला। दूसरा तीसरा कर
लेता हूं। दूसरा होमवर्क देता हूं मैं
आपको। ठीक है? आपको केस मैं केस थ्री कर
लेता हूं। केस टू आपके लिए इसमें होमवर्क
है। बेटा जब तक करोगे नहीं ना तब तक क्या
समझ आएगा कुछ नहीं। तो यहां तक जो है ये
है होमवर्क आपका ये दूसरा वाला पार्ट बी
रेगुलरली विथड्रॉ सी का मैं निकाल रहा
हूं। ठीक है? C का क्या है? रेगुलरली
विथड्रॉ 40,000 इन द मिडिल ऑफ़ एव्री मंथ
फॉर सिक्स मंथ्स। ठीक है भाई? टोटल
ड्रॉइंग्स मिडिल ऑफ़ एव्री मंथ 40,000
विथड्रॉ कर रहा
है। इंटू तो सिक्स ही करेंगे। है ना?
एवरेज पीरियड निकालते हैं। देखो मिडिल ऑफ़
एव्री मंथ। पहली ड्राइंग के बाद 5.5
मंथ्स। आखिरी ड्रॉइंग के बाद5 मंथ्स बाय 2
6 / 2 व्हिच इज़ थ्री। एग्रीगेट यूज़ करूंगा
थ्री। बस इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग का फार्मूला
लगा देता हूं। टोटल ड्रॉइंग्स 40,000 * 6
वुड बी टोटल ड्रॉइंग्स इंटू रेट / 100 रेट
कितना है यहां पे? 5% था। तो 5 /
100 इंटू एग्रीगेट व्हिच इज़ 3 / 12 3 * 4
= 12 0 ज़ीरो ज़ीरो ज़ीरो कैंसिल फोर बचा।
फोर को किससे काटूं मैं? अरे इससे ही काट
देता हूं ना। फोर को काटा 100 आ गया। देखो
5 और * 6 और 100 बचा। 5 * 6 = 30 30 और
100 3000 ये आ गया आपका इंटरेस्ट। C का ये
आ गया है। A का ये आ गया है। B का आपने
निकालना है। समझे बात को? समझ में आया?
देखो यही है। थ्री हो गया। ये 3000 आ गया।
ये वाला आंसर आपका आएगा। इसको आपने
निकालना है। समझे बात को? इसको आपने
निकालना है। आप आराम से रुकना। इस चीज़ को
कर लेना। बहुत ईज़ी है। हो जाएगा। ले लो
इसका स्क्रीनशॉट। फिर आगे बढ़ते
है। लेट्स गो टू द नेक्स्ट क्वेश्चन। और
लास्ट में ये सारी चीजें हो गई। आपको करना
है एक केस दिया है वो करना अब। ओके? अब
क्वेश्चन है व्हेन ड्रॉइंग्स आर मेड फॉर
फर्स्ट सिक्स मंथ्स। आगे के छह महीने। आगे
के छह महीने कौन से होते हैं? ए अप्रैल,
मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर।
बस 1 2 3 4 5 6 सातवां क्यों ले लिया
मैंने? अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त,
सितंबर। अप्रैल से शुरू, सेप्टेंबर पे
खत्म। ये है अपना अब नया वाला क्वेश्चन।
ठीक है? चलो इस क्वेश्चन को करते हैं।
चलिए। xy z आर पार्टनर्स ड्यूरिंग द ईयर
एंडेड 31 मार्च ईच ऑफ़ द पार्टनर विथड्र
5000 रेगुलरली। ठीक है? x विथड्र इन द
बिगिनिंग ऑफ़ ईच मंथ फॉर फर्स्ट सिक्स
मंथ्स ऑफ़ द ईयर। अब ये X की ड्रॉइंग्स
निकाल देते हैं। एक्सेस इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग। कैसे आएगा सर? वही टोटल ड्रॉइंग
इंटू रेट अप 100 इंटू एग्रीगेट जो भी
एग्रीगेट होगा एवरेज पीरियड का अपॉन 12।
ठीक है? टोटल ड्रॉइंग्स यहां पे मैं देख
लेता हूं। तो बेटा 6 मंथ की ड्रॉइंग्स
हैं। है ना? तो यहां पे 5000 * 6 कर दूंगा
तो टोटल ड्रॉइंग्स निकल जाएंगी। 5000 टू 6
टोटल ड्रॉइंग्स आ गई। रेट कितना है? रेट
कितना है? 6% बोला है इन्होंने। 6 / 100
ये रेट भी लगा लिया। एग्रीगेट कितना आएगा?
तो देख लेते हैं। x विथड्र इन द बिगनिंग
ऑफ़ ईच मंथ फॉर सिक्स मंथ्स। तो बेटा ये
बात याद रखना। बिगिनिंग के 6 महीने की बात
हो रही है। इसका मतलब ये थोड़ी ना बाकी का
आधा साल कहीं चला जाएगा। सेप्टेंबर के बाद
अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी,
मार्च ये छ महीने तो हैं ही ना पीछे वो तो
देखने ही हैं। लेकिन हमने सिर्फ 6 महीने
आगे के विड्रॉ किया है। अप्रैल की पहली
तारीख को पहली ड्रॉइंग होएगी। तो इसके बाद
बचेंगे आपके पास 6 + 6 12 महीने। एग्रीगेट
कहां निकालूं? यहां निकाल लेता हूं। 12
महीने
और क्या बोला इसने? बिगनिंग ऑफ़ अ लास्ट
ड्रॉइंग होएगी सेप्टेंबर के पहली तारीख
को। क्योंकि सिर्फ 6 महीने तक ही निकाला।
तो आखिरी ड्रॉइंग कब होगी? फर्स्ट
सप्टेंबर को। क्योंकि उसने सप्टेंबर की
पहली तारीख को आखिरी बार निकाला।
सेप्टेंबर को निकाला तो महीने कितने बचे?
सेप्टेंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर,
जनवरी, फरवरी, मार्च सात महीने। तो, 12 +
7 / 2, 12 + 7 इज़ 7 8 9 19 / 2 जिसका मतलब
है अ 9.5, 9.5 एग्रीगेट आपको यहां पर यूज़
करना है। ये मैं यूज़ करूंगा
9.5 / 12 ये पॉइंट हटाया। ये ज़ीरो। 1 2 3.
1 2 3 अह 6 * 2 = 12 और कुछ कटेगा? 2 * 3
= 6 और कुछ तो नहीं कटेगा ना? कुछ नहीं कट
रहा ना? ठीक है बस। तो क्या बचा अपने पास?
5 * 3 = 15 * 95 15 * 95 इसको करेंगे अपन।
चलो कर लेते हैं। कैसे करूं? यहां पे कर
लेता हूं यार। 95 और 15 ऐसे ही
मल्टीप्लाई। 5 * 5 = 25 5 * 9 = 45 46 47
और 95 यहां पर 5 7 और 5 12 14 तो आंसर आया
अपना ₹1425
ठीक है ये आया इंटरेस्ट अब तुम्हें आई
थिंक समझ में आ गया कि हम लोग बिगिनिंग
वाले कैसे करते हैं बेटा एग्रीगेट्स पे
ध्यान दे यार बस इतनी सी चीज़ है अगर ये
समझ में आ गई ना तो बस तो खत्म है बाकी तो
चीजें एग्रीगेट कैसे निकला दूसरे वाले का
बताता हूं हो सकता है तुम्हें और अच्छे से
समझ में आ जाए ठीक है? ये 14 25 अपना आंसर
आ गया। दूसरे वाले की तरफ चलते हैं। दूसरे
वाले की तरफ चलते हैं। अब तुम करना। ठीक
है? मैं बता रहा हूं आपको पूरा लेकिन करना
आपको है। वाई विड्र्यू इन द मिडिल ऑफ ईच
मंथ फॉर द फर्स्ट सिक्स मंथ्स। आगे के 6
महीने मिडिल में किया। मिडिल में किया
यानी आगे के 6 महीने पहली ड्राइंग होएगी
15 अप्रैल को। 15 अप्रैल के बाद एग्रीगेट
कितना बचेगा? ये y के लिए बता रहा हूं।
कितना बचेगा? कितना बचेगा? भाई देखना। आधा
महीना ये और 11 महीने और। तो
11.5 और आखिरी ड्रॉइंग सिर्फ 6 महीने तक
ड्रॉइंग की तो आखिरी ड्रॉइंग सप्टेंबर 15
को करी होगी। सेप्टेंबर 15 के बाद कितना
बचता है? तो आधा सप्टेंबर यानी5 और 6
महीने और यानी
6.5 / 2 ये मैं दूसरी बार एग्रीगेट
एक्सप्लेन कर रहा हूं एक ही वन शॉट में।
तो आई रिमेंबर दिस 17 18 / 2 ठीक है?
व्हिच वुड बी नाइन। तो यहां पर भी आप यही
करोगे। नाइन एक एग्रीगेट लगाओगे 9.5 की
जगह। ठीक है? वैसे ही अब लास्ट वाला जो है
ये आपको करना है। Y विड्र्यू फर्स्ट एंड Z
विड्र्यू एट द एंड ऑफ़ ईच मंथ। अब जो Z है
वो आप करो। ठीक है? Z का आंसर बताओ मुझे
यार। आप प्रैक्टिस करो भाई। ये आंसर आप
मुझे कमेंट्स में बताओ। और जितने भी
आंसर्स कमेंट्स में आते हैं ना मैं सबको
देखता हूं। भाई मैं सबको लाइक करता हूं।
है ना? मतलब आई मतलब मैं रिप्लाई कर पाया
तो अगर आपको कोई डाउट है तो रिप्लाई कर
देता हूं। पर मोस्टली मैं लाइक तो सारे
कमेंट्स को करता हूं। तो यार कमेंट्स करो।
पता है देखते चलो इन चीजों को। तो ये चीज़
थी। ठीक है? ये था सारा का सारा अपना पूरा
का पूरा इंटरेस्ट। एक और चीज़ आ जाती है
कभी-कभी बस एक छोटे से वर्ड की वजह से
दिक्कत हो जाती है। ये मैं आपसे बोलूं ना
ये वाला क्वेश्चन है आपके पास। कैलकुलेट
इंटरेस्ट ऑन एज़ ड्रॉइंग्स एट 10% इफ ही
विथड्र 250 ड्यूरिंग द ईयर। 10% के हिसाब
से कितना हुआ? अब यहां पर क्या होता है?
कभी-कभी ये यही क्वेश्चन है और इसी
क्वेश्चन को मैं चेंज करके भी दिखाऊंगा
आपको। आप सुनना। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग
कैलकुलेट करना है। बोला है 6 10% बेटा देख
इसके आगे ना पर एनम नहीं लिखा हुआ है। 10%
पर एनम नहीं है। 10% मैं बोलूं किसी चीज
का 1 लाख का 10% कितना होता है? आप बोल
दोगे ना 1 लाख का 10% सर 10,000 वही चीज
यहां करनी है। क्योंकि पर एनम नहीं लिखा
हुआ है। साल भर का नहीं लिखा है। डायरेक्ट
लिखा है कि 10%
सिर्फ 10% लिखा है। तो इसका कैलकुलेशन
कैसे होगा? सर, इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल
टू टोटल अमाउंट इंटू रेट / 100 बस इतना
ही। मतलब सीधा-सीधा परसेंटेज लगा दो आप उस
पे। ये लो ₹2,50,000 1 2 3 4 इंटू कितना
परसेंट है? 10 / 100 सिंपल सा अपना आंसर आ
गया। कितना?
₹25,000 बस इतनी सी चीज़ थी इसमें। और इसी
चीज़ को थोड़ा सा चेंज करके मैं वो भी बताता
हूं आपको एक नई चीज़। देखो इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग्स इसका डायरेक्टली 25,000 नॉर्मली
इंटरेस्ट इज़ कैलकुलेटेड ऑन द बेसिस ऑफ़
टाइम अमाउंट इज़ यूज़। नॉर्मली इंटरेस्ट इज़
कैलकुलेटेड ऑन द बेसिस ऑफ़ टाइम देन अमाउंट
इज़ यूज़। मतलब अरे यार क्या लिखा है ये?
क्यों ऐसे लिखते हो क्या समझ में ना आएगा।
टाइम को अपन अगर पर एनम नहीं लिखा हुआ है
तो आप डायरेक्ट करोगे। टाइम को करोगे ही
नहीं। अप 12 वाला सीन ही नहीं है यहां पर।
पर यहां पर अगर एक और चीज हो गई। देखना
क्या है? अगर यहां लिखा है @ 10 ना लिख के
@ 10% पर एनम लिखा हुआ है। ठीक है? इसको
मैं एक काम करता हूं। एक कलर ही अलग कर
देता हूं। भाई ये चीज़ ना मुझे नहीं लगता
तेरे को कोई बताएगा। पर फिर भी मैं बता
देता हूं ताकि तुम्हारे काम आए। @ 10% की
जगह लिखा हुआ है @ 10% पर एनम। ये वर्ड और
जोड़ दिया। तो क्या करेंगे? तो देखो हमको
नहीं पता कि ये ₹2,50,000 कब विथड्रॉ हुए
हैं। ऐसे में आप एक एग्रीगेट यूज़ करते हो
6/12। आप मानते हो ऐसा अंदाजा मान लेते हो
के पूरा साल 12 महीने तो आप बीच का एवरेज
क्या लोगे 6/12 आधा मतलब 12 महीने होते
हैं ना बेटा बीच का महीना कौन सा हुआ छह
तो 6/1 आप आधे साल का इंटरेस्ट ले लोगे
ठीक है ये कैसे होगा अगर इन दिस केस ठीक
है ये न्यू केस मैं लिख देता हूं यहां पर
न्यू केस जो मैंने बनाया इस क्वेश्चन में
पर एनम लिखा हुआ है न्यू केस में पर एनम
लिखा हुआ है अगर तो आप क्या करोगे सर टोटल
अमाउंट
₹250 इंटू रेट ऑफ / 100 अरे यार रुक पहले
फ़ूला लिख देता हूं एक छोटा सा टोटल अमाउंट
* रेट / 100 * 6/12 ये कॉमन रहेगा क्योंकि
आपको टाइम नहीं दिया हुआ है लेकिन पर एनम
लिखा हुआ है ना तो पर एनम मतलब है साल भर
का उतना इंटरेस्ट है तो आप 6/12 का
मल्टीप्लाई कर दोगे 10% नहीं लिखा हुआ है
पर सॉरी पर एनम नहीं लिखा हुआ है तो तो ये
करना है पर एनम लिखा हुआ है तो क्या होगा
6/12 का एक्स्ट्रा मल्टीप्लाई हो जाएगा
यहां पे आंसर हो जाएगा ₹50
इंटू रेट 10% इन्होंने बोला था *
6/1 0
0 6 * 2 और ₹25000 / 2 इज़ ₹1500 आंसर हो
जाएगा अगर पर एनम लिखा है तो पर एनम नहीं
लिखा हुआ है तो ₹25000 आंसर रहेगा वेरीेंट
ये कभी-कभी आपके मतलब कुछ टीचर्स होते हैं
ना स्कूल वाले बिल्कुल कि हम तो बच्चे को
कॉनंक्रीट बना के रहेंगे तो वो हाईएस्ट
कुछ दे सकते हैं कभी तो वो यह दे सकते हैं
इससे ज्यादा इंटरेस्ट ऑन कैपिटल के जितने
मैंने केसेस करवा दिए इससे इसके अलावा तुम
एक क्वेश्चन ला के दिखा दो मुझे कहीं से
कुछ नहीं मिलेगा। लाइक दिस वाज़ द हाईएस्ट
जो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल बोल दिया इंटरेस्ट
ऑन ड्रॉइंग में जो हो सकता है हाईएस्ट जो
भी था मैंने सारी चीजें आपको बता दी। नाउ
वी विल मूव फॉरवर्ड। ठीक है? अब ये चीजें
हो गई है खत्म। अब आते है हम पास्ट
एडजस्टमेंट्स पे। ठीक है? बस दो टॉपिक्स
और बचे हैं। पास्ट और गारंटी। पास्ट
एडजस्टमेंट्स पे आ जाते हैं। ये तो बहुत
ही सिंपल है। मैं आपको बस दो वर्ड समझाता
हूं। क्या समझा रहा हूं? पास्ट
एडजस्टमेंट्स होता क्या है? तो जैसे 11th
में आपने रेक्टिफिकेशन ऑफ एर्स किया था ना
कि गलती को सुधारना है। वही गलती यहां पर
भी पार्टनर्स से कभी-कभी हो जाती है। क्या
गलती होती है पास्ट एडजस्टमेंट्स के में?
कि अपन ने रॉन्ग प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूट कर
रखा होता है कभी भी। हमने प्रॉफिट को गलत
तरीके से डिस्ट्रीब्यूट कर दिया। तो अभी
हम पूरा-पूरा कुछ नहीं कर सकते कि पार्टनर
को बोले भैया पूरा पैसा वापस लाओ। फिर हम
कैलकुलेट करेंगे फिर से देंगे। ऐसा सब
नहीं करते। हम क्या करते हैं? जो भी रॉन्ग
प्रॉफिट हुआ हम वो पार्टनर से डेबिट कर
देते हैं। डेबिट मतलब डेबिट मतलब हिंदी
में लिख देता हूं। पार्टनर
से पैसा
लेना इज़ कॉल्ड डेबिट करना। ठीक है? जब आप
पार्टनर से लोगे तो पार्टनर को डेबिट
करोगे। और सही वाला प्रॉफिट जो करेक्ट
प्रॉफिट होगा। जो करेक्ट प्रॉफिट होगा, यह
आपको पार्टनर को देना है। ठीक है? करेक्ट
प्रॉफिट आपको देना है। तो वह करेंगे
पार्टनर को क्रेडिट। क्रेडिट का मतलब
पार्टनर
को पार्टनर को देना। जब भी हम पार्टनर से
कुछ लेते हैं तो डेबिट करेंगे, देंगे तो
क्रेडिट करेंगे। ये बेसिक बता रहा हूं मैं
आपको। ये चीज़ समझ लो। अब यहां पे हुआ क्या
है? हम यहां पर पास्ट एडजस्टमेंट्स में एक
सिंगल
एडजस्टमेंट एंट्री करते हैं। सिंगल
एडजस्टमेंट एंट्री करते हैं। कांसेप्ट
समझाऊं? बहुत सिंपल है। देखो। जैसे दो
पार्टनर्स थे। चलो एग्जांपल ले रहा हूं
मैं। दो पार्टनर्स थे। उनको ₹10,000 का
प्रॉफिट हुआ। प्रॉफिट कितना हुआ? ₹10,000
का। दो पार्टनर्स थे A और B और वो प्रॉफिट
किस में शेयर कर रहे थे? 2:1 में। चलो 2:1
थोड़ा सा भारी हो जाएगा इसके लिए। 3:1 कर
देता हूं। ये लोग 3:1 में शेयर कर रहे थे।
बट गलती से क्या कर दिया? लिख देता हूं
यहां पे। हिंदी में समझो। गलती से अरे एक
ही बार में लिख दिया। गलती से प्रॉफिट
1:1 में
डिस्ट्रीब्यूट हो गया।
डिस्ट्रीब्यूट हो गया। गलती क्या हुई?
गलती क्या है बेटा? गलती से प्रॉफिट 1 में
डिस्ट्रीब्यूट हो गया। 1:1 ये सही तरह
नहीं लिखा है क्या मैंने? ले भाई।
1:1 में डिस्ट्रीब्यूट हो गया। जबकि इनको
करना क्या था? 3:1 में। तो यहां पर बस
आपको इतना देखना है कि सही क्या है और गलत
क्या है। तो यहां पर मैं इसे मार्क कर
देता हूं सही और गलत को। ये जो था ये सही
था। आपने जो कर दिया वो चीज गलत है। समझे
बात को? तो बस मैंने क्या बोला था अभी
आपको एडजस्टमेंट एंट्री के लिए? गलत वाला
वापस ले लो और सही वाला दे दो। गलत वाला
डेबिट करो और सही वाला क्रेडिट करो। अच्छा
सर इसको कैसे करेंगे? बहुत ही सिंपल है।
गलत क्या है? 1:1 ₹10,000 1:1 में कैसे
बंटे होंगे? यह
ए रॉन्ग।
रॉन्ग प्रॉफिट कैसे बटा होगा? 1 1 में बंट
गया होगा ₹10,000। अरे 1 मतलब क्या?
आधा-आधा दोनों को मिल गया होगा। वो
आधा-आधा डेबिट कर दो। यानी मैंने इससे 500
वापस ले लिए। इससे भी 50 नहीं सॉरी 5,000
मैंने इससे 5,000 वापस ले लिए। 5,000 इससे
भी वापस ले लिए। इसको बोलता हूं मैं डेबिट
कर दिए। ये भी डेबिट कर दिए। ये भी डेबिट
कर दिए। इज इट क्लियर? गलत वाली चीज़ डेबिट
कर दी। गलत जो दिया था वो डेबिट कर दिया।
पार्टनर से ले लिया। जो सही है वो दे दो।
सही क्या है? सही है तो सर 3:1 3:1 का
मतलब क्या होता है? 3:1 का मतलब 10,000 को
अगर आप 3:1 में बांटोगे तो कितना आएगा?
75000 और ₹2,500 7500 और ₹2,500 तो सही
क्या है? करेक्ट क्या है? करेक्ट क्या है
सर? करेक्ट था इसका 7,500 ये इसको क्रेडिट
कर देता हूं। और इसका था 2500 ये इसको
क्रेडिट कर देता हूं। आई बात समझ में?
सिंपल था ना? अब बस यहां से एंट्री निकल
आई। खत्म। पास्ट एडजस्टमेंट से इतना ही
था। देखो। डेबिट क्रेडिट में से क्या बढ़ा
है सर? क्रेडिट बढ़ा है। तो ये क्रेडिट लिख
दिया क्योंकि क्रेडिट का ही बैलेंस आएगा।
और कितना बैलेंस आएगा? क्रेडिट कितना बड़ा
है? तो सर ₹2500 बड़ा है क्रेडिट। इज़ इट
क्लियर टू एवरीवन? दूसरा
₹5,000 डेबिट। ₹2,000 ₹2500 क्रेडिट। बड़ा
क्या है सर? सर, डेबिट बड़ा है। कितना बड़ा
है डेबिट? सर ₹2.500 बड़ा है। खत्म हो गई
बात। आपको अब क्या करना है? एंट्री पास
करनी है। और एंट्री क्या होगी? यह होगी।
देखो। बीस कैपिटल अकाउंट डेबिट
टू एस कैपिटल अकाउंट खत्म। ये मैंने आपको
जो क्वेश्चन कराया यही है पास्ट
एडजस्टमेंट जो हमने हमको करना है अभी। जो
भी गलत दिया है उसको आप वापस ले लो। डेबिट
कर दो। जो सही है उसको क्रेडिट कर दो। तो
फिर एक एंट्री निकल के आ जाएगी जिसको अपन
बोलते हैं एडजस्टमेंट एंट्री। यही पास
करना है। मतलब B से अभी अगर मैं ₹2500
लेकर C को दे दूं तो इनका प्रॉब्लम ही
सॉल्व हो जाएगा यार। समझे? इनका प्रॉब्लम
सॉल्व हो जाएगा और वो प्रॉब्लम ही हमको
सॉल्व करना है। B इज़ अकाउंट डेबिट टू A. B
से ले लो और C को ₹2500 दे दो सर।
प्रॉब्लम सॉल्वड। क्या हुआ था? देखो यहां
पे B भी ₹5,000 लेके चला गया था। समझो मैं
A हूं। ये B है। ये B है। है ना? और B को
मिलने थे ₹2500। लेके चला गया ₹5,000 तो
ये ₹2500 मुझे देगा तो प्रॉब्लम सॉल्व हो
जाएगी ना। बस इतना सा करना है हमको।
प्रॉब्लम सॉल्व करनी है। बस यही है पास्ट
एडजस्टमेंट्स। इसमें अपन कांसेप्ट तो अब
मैंने बता ही दिया। अब आगे बढ़ते हैं और
क्वेश्चंस देख लेते हैं। बहुत सिंपल से
क्वेश्चंस हैं। बस डेबिट क्रेडिट्स पे आप
थोड़ा सा ध्यान देना। ठीक है? बहुत सिंपल
है। देखो xy z शेयर प्रॉफिट्स ऑफ
₹1,50,000 इन द रेशो
2:2:1 ये शेयर कर रहे हैं। शेयर कर दिया
है इन्होंने 2:2 1 बट द पार्टनरशिप डीड
डिड नॉट स्पेसिफाई द प्रॉफिट शेयरिंग
रेशो। पार्टनरशिप डीड में तो रेशियो लिखा
ही नहीं हुआ था। तो आप मुझे बताओ रॉन्ग
क्या है यहां पर? और करेक्ट क्या है यहां
पर?
अगर रॉन्ग को देखें तो मैंने बोला xy z
शेयर्ड प्रॉफिट्स ऑफ ₹150 इन द रेशियो 2:2
2:1 ये तो इन्होंने कर दिया। अब डीड ही
नहीं थी सर अगर डीड ही नहीं है तो आप
रेशियोज़ मतलब पार्टनर्स को कैसे
डिस्ट्रीब्यूट करते हो? 1 1 में इक्वली तो
सर करेक्टली 1:1 करना था। आपने तो 2:2 1
कर दिया। तो क्या करना है? वो 2:2 वापस ले
लो। 2:2 2 1 वापस ले लो। और जो सही है वो
दे दो। सही है? चलो ऐसा कुछ करते हैं। मैं
आपको आज अभी पूरा बता दूंगा। बहुत सिंपल
है ये। देखो रॉन्ग
प्रॉफिट रॉन्ग प्रॉफिट
डेबिटेड। हमने रॉन्ग प्रॉफिट डेबिट कर
दिया। कितों से? कितने पार्टनर हैं? तीन
हैं। एक, दो और ये तीन। ठीक है? ये भी मैं
बना देता हूं। ये है पार्टनर का नाम X, ये
है Y और ये है ज़ी। Z. ठीक है? रॉन्ग
प्रॉफिट डेबिटेड। और एक और बना देता हूं
कॉलम। रुको। थोड़ा सा थोड़ा सही करने देना
मुझे। 1 मिनट। एक दो तीन और ये चौथा बना
देता हूं सर। चार क्यों पार्टनर तो तीन ही
हैं। है ना तीन? तो लास्ट वाला कॉलम है
टोटल का कॉलम। अब ये बनाने की आदत डालना
तुम। तुम्हें कुछ और बनाने की जरूरत नहीं
है। अगर तुमने टोटल का कॉलम बनाया तो मैं
इससे ही पूरा पास्ट एडजस्टमेंट तुम्हारा
क्लियर कर दूंगा। कर रहे हैं अभी। कर
करूंगा ही मैं इसके क्वेश्चंस। रॉन्ग
प्रॉफिट डेबिटेड। सर टोटल कितना प्रॉफिट
है सर? ₹1,50,000 है। जो आपको डेबिट करना
है। सही बात है। वापस लेना है ना गलत। 2:1
में 2:1 में 150000 को वापस ले लेते हैं।
तो 2:2 1 यानी 5 15 को फाइव से डिवाइड
करेंगे तो आ जाएगा थ्री। है ना? 30000 का
एक पार्ट है। तो 300000 * 2 60000 इससे
वापस ले लिया। 60000 इससे वापस ले लिया और
30,000 इससे वापस ले लिया। ये 2:21 में
बांटा मैंने ₹1.5 लाख को और वो मैंने वापस
ले लिया। ये मैंने डेबिट कर दिया। ठीक है?
अब क्रेडिट क्या करना है? ये डेबिट हो गया
बेटा। अगर इसके आगे चाहो तो आप डेबिट लिख
दो ऐसे डीआर। ठीक है? या एक ये कांसेप्ट
है कि आप डेबिट लिख दो या फिर माइनस में
ऐसे दिखा दो क्योंकि ये वापस लेना है।
आपकी मर्जी या तो आप डेबिट दिखा दो या तो
आप माइनस में लिख दो बात एक ही है। कोई
दिक्कत नहीं है। करेक्ट प्रॉफिट करेक्ट
प्रॉफिट
क्रेडिटेड। ठीक है? अब करेक्ट प्रॉफिट
क्या है इनका? जो आप क्रेडिट करोगे सर
करेक्टली। तो सर ₹1.5 लाख को करेक्ट क्या
होना चाहिए था सर? ₹1.5 लाख आपको क्रेडिट
तो करने हैं लेकिन इक्वली करने थे 1:1 तो
₹1.5 लाख अगर तीन जनों में बांटा तो 5000
5000 5000 जाएगा। है ना? 50,000 इसको
देंगे 50,000 इसको देंगे और 50,000 इसको
देंगे। तो ये सही हो जाएगा सब कुछ। अब
देखो सुनना मेरी बात मैंने टोटल क्यों
बताया? टोटल में डेबिट क्रेडिट हमेशा
हमेशा इक्वल होने चाहिए। इसमें कोई बैलेंस
नहीं निकलना चाहिए। अभी नहीं निकल रहा है।
बढ़िया है। तो यहां पर अगर टोटल में कोई
बैलेंस नहीं निकल रहा है तो यहां जो
बैलेंससेस निकलेंगे वो सही बैलेंससेस
होंगे। ठीक है? यहां जो बैलेंससेस
निकलेंगे वो सही बैलेंस होंगे। देखो सर
60,000 डेबिट और 50,000 क्रेडिट। बड़ा
बैलेंस
डेबिट है कि नहीं? कितना ज्यादा है वो?
₹10,000 ज़्यादा है। ₹10,000 डेबिट ज़्यादा
है ना? बस। यह कितना ज़्यादा है? सर, डेबिट
ज़्यादा है या क्रेडिट? डेबिट ज्यादा है।
अगेन जो ज्यादा है वो वाला बैलेंस आएगा।
किसका कितना ज्यादा है वो सर? ₹10,000 ये
भी ज्यादा है। बिल्कुल। यहां पे डेबिट
ज्यादा है या क्रेडिट सर क्रेडिट ज्यादा
है। और कितना ज्यादा है क्रेडिट? ₹20,000
क्रेडिट ज्यादा है। हो गया यहीं पे एंट्री
निकल आई आपकी। दो जनों को डेबिट करना है।
एक को क्रेडिट करना है। एंट्री क्या हो
जाएगी? यहां पे कर देता हूं मैं अलग तरीके
से एंट्री। एंट्री क्या हो जाएगी आपकी?
जर्नल एंट्री। या एडजस्टमेंट एंट्री।
डेबिट। एक्स अकाउंट डेबिट, Y अकाउंट डेबिट
टू Z अकाउंट। इसको लिखोगे एक्स एक्सेस
कैपिटल अकाउंट। अरे कैपिटल अकाउंट
डेबिट वाईस कैपिटल अकाउंट
डेबिट टू
Z कैपिटल अकाउंट। और भैया ये जब
एडजस्टमेंट एंट्री है ना, इसका फॉर्मेट
जरूर बनाना। ये यहां पे मैं लिख देता हूं
प्यार से कि अगर आप एंट्री कर रहे हो तो
फॉर्मेट बना के करना बहुत ज्यादा जरूरी है
वो चीज। फिर कल को भूल जाओ तो बोलना ये मत
बोलना बताया नहीं था बताया था। चलो यहां
पे 10,000 10,000 और ये आ जाएगा 20,000 हो
गई एंट्री। यही करना था। खत्म बात समझे
बात को? समझ रहे हैं? अब एक और चीज़ बता
देता हूं। यह जो मैंने किया है पूरा यह
यह पूरा इसको बोलते हैं एडजस्टमेंट
टेबल। एक्चुअली यह वर्किंग नोट है। मेन
आंसर ये है। ये एक वर्किंग नोट है। तो ये
वर्किंग नोट हमें हमें हमेशा बनाना पड़ता
है। मेन आंसर यही है। इसलिए बोल रहा हूं
फॉर्मेट में लिखना उसको। तो दिस इज़ हाउ
पास्ट एडजस्टमेंट्स आर डन। बहुत ही सिंपल
तरीके से। ठीक है? ले लो स्क्रीनशॉट। आगे
बढ़े फिर।
ठीक है? नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। अब
देखो, अब इसमें क्या हुआ? PQ वर पार्टनर्स
इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स
इक्वली। उनके फिक्स्ड कैपिटल्स दिए हैं।
पार्टनरशिप डीड प्रोवाइडेड फॉर इंटरेस्ट
ऑन कैपिटल एट द रेट 10% पर एनम। बोला कि
10% पर एनम इंटरेस्ट आपको देना है। फॉर द
ईयर एंडेड 31 मार्च। प्रॉफिट ऑफ़ द फर्म वर
डिस्ट्रीब्यूटेड विदाउट प्रोवाइडिंग
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। इन्होंने इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल ही नहीं दिया। तो सही क्या करना था
कि भाई कैपिटल पे इंटरेस्ट आपको देना था।
आपने दिया ही नहीं। चलो ठीक है। कर देते
हैं भैया। एक एडजस्टमेंट टेबल बना लेते
हैं हम। एडजस्टमेंट
टेबल। इसमें आप क्या-क्या बनाओगे? एक तो
कॉलम हो जाएगा आपका पर्टिकुलर्स का। देखा
अभी मैं पहले एक बार बता दिया कि क्या कर
रहा था। अब बस अब वो फॉर्मेट बता रहा हूं
मैं। पर्टिकुलर्स और कितने पार्टनर्स हैं?
P एंड Q तो ये P, ये Q और ये एक बंदा आएगा
टोटल वाला कॉलम। बंदा काहे का आएगा? बस
टोटल वाला कॉलम आएगा। ठीक है? ये टोटल
वाला कॉलम आ गया। इसमें तीनों चीजें लिख
देंगे अपन। ये मैं लिख देता हूं। यहां पे
पर्टिकुलर्स हैं। यहां पे बंदा है P, यहां
पे Q और यहां पे टोटल। टोटल लिख रहा हूं।
टोटल को अपन मैं लिख ही देता हूं। टोटल या
फिर फर्म भी लिख सकते हैं। टोटल या फिर
फर्म
क्योंकि दोनों पार्टनर्स मिला के फर्म ही
बनाते हैं। तो फर्म ही ये एडजस्टमेंट कर
रही है एक तरीके से। ठीक है? चलो। तो अपन
ऐसे लिखता हूं अब मैं इसको
प्रॉफिट रोंगली।
क्रेडिटेड जो प्रॉफिट गलती से हमने
क्रेडिट कर दिया उसको डेबिट करेंगे। है
ना? प्रॉफिट रोंगली क्रेडिटेड नाउ डेबिटेड
लिख दो। नाउ डेबिटेड ऐसा कि आप उसको डेबिट
कर रहे हैं। कितना है? वैसे ये नाउ
डेबिटेड लिखते नहीं है। रोंगली क्रेडिटेड
आप लिखोगे ना उसका मतलब ही यही होता है कि
गलत दे दिया है आपने। वापस ले लेंगे उसको।
कितना? कितना कितना कितना? फॉर द ईयर
एंडेड फर्म वर डिस्ट्रीब्यूटेड विदाउट
प्रोवाइडिंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल पास
नेसेसरी। अरे इसने पता है क्या किया? हमको
पता ही नहीं है कि कितना प्रॉफिट चला गया।
हम इसमें नेट प्रॉफिट ही नहीं दिया है। तो
सर वापस क्या लें? मुझे नहीं पता कि वापस
क्या लूं। लेकिन मुझे ये पता है कि देना
कितना है। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तो पता है।
तो मैं पहले दे दूंगा। मुझे ये वाली लाइन
नहीं पता। इसको रखने दो ऐसे ही। लेकिन
मुझे पता है करेक्ट करेक्ट इंटरेस्ट ऑन
अरे लिख
दे।
करेक्ट इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। जो देना है वह
तो मुझे पता है। देखो कितना देना है P का?
फिक्स्ड कैपिटल्स वर 1,50,000 तो ₹1 लाख
पे 10% कितना होता है? 1 लाख पे 10% ₹1
लाख पे 10% 10,000 यानी P को देना है आपको
10,000 हां कि ना? देना है ना भाई? 1 लाख
पे 10% आपको देना है उसको। दे दिया आपने
सही करेक्ट इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। आपने दे
दिया। क्रेडिट किया आपने 50,000 पे भी 10%
दे दो। यानी इसको 5,000 आपने क्रेडिट कर
दिया। टोटल मिला के 15,000 आपने किए हैं
क्रेडिट। इतनी बात समझ में आई? क्योंकि
हमको प्रॉफिट दिया ही नहीं हुआ था कि
कितना है। लेकिन मुझे ये पता था कि मुझे
देना कितना है? सही क्या है? गलत नहीं
पता। गलत निकल जाएगा ना यार। गलत निकल
गया। कैसे निकला? सर मुझे मैंने बोला था
कि यहां पे कोई बैलेंस नहीं चाहिए। तो
क्रेडिट का तो बैलेंस है ₹15,000। ऊपर ऐसा
क्या आ जाए कि क्रेडिट बैलेंस दिखे ही ना।
डेबिट क्रेडिट ज़ीरो हो जाए। तो सर डेबिट
ला दो ना सर ₹15,000 का। 15,000 का।
अरे ये इतनी देर कर कर के ना बोर्ड भी बोल
रहा है कि यार सर बहुत हो गया ₹15,000 का
डेबिट ला दो आप। ₹15,000 डेबिट कर दो। अब
डेबिट कैसे करेंगे? तो सर डेबिट हमेशा अपन
प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में करेंगे। क्यों
करेंगे सर? प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में।
अरे भाई वो प्रॉफिट ही तो है जो गलती से
बट गया था। ये गलत प्रॉफिट 15,000 ही तो
होगा जो गलत बट गया था। तो हम इसको जब
वापस लेंगे तो पीएसआर यानी प्रॉफिट
शेयरिंग रेशियो में लेंगे। समझे? क्योंकि
प्रॉफिट्स कैसे बंट गए थे? वो पार्टनर
शेयरिंग प्रॉफिट्स इक्वली तो इन्होंने
इक्वली ये 15,000 ले लिए हैं। जबकि 10,000
5,000 ऐसे करके इनको लेने चाहिए थे। है
ना? तो 15,000 मैं उनसे वापस ले लूंगा।
इससे लूंगा मैं 7,500 वापस यानी डेबिट।
इससे भी 7,500 वापस डेबिट। 15,000 को
इक्वल रेशियो में मैं उनसे वापस ले लूंगा।
अब आपको ये समझ में नहीं आया होगा। आप
बोलोगे सर इक्वल रेशियो में क्यों? तो
देखो पार्टनर को प्रॉफिट दिया था ना
मैंने। मैंने पार्टनर को प्रॉफिट दिया था।
किस रेश्यो में दिया होगा?
मैंने इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दिया ही नहीं
था। तो मैंने इंटरेस्ट ऑन कैपिटल अब दे
दिया। लेकिन अब यह दे दिया भाई बार-बार
देते ही रहोगे क्या? भाई आपने गलत तरीके
से कोई अमाउंट दे दिया था उनको तो अब वापस
भी तो लेना है। तो हमने गलत तरीके से क्या
दिया था? ये इक्वली मैंने इनको 15,000 दे
दिए थे तो वो मैंने वापस ले लिए। बस इतनी
सी बात है। ठीक है? अब डेबिट या क्रेडिट
में से क्या बढ़ा है सर? तो क्रेडिट बढ़ा
है। कितने से बड़ा है? 2500 से बड़ा है।
यहां पे डेबिट क्रेडिट में से सर डेबिट
बड़ा है। कितना बड़ा है? ₹2500 बड़ा है। हो
गई एंट्री? डेबिट कर रहा हूं q को। यानी
यहां पे q डेबिट टु p पूरा-पूरा लिखूं।
चलो यार पूरा लिख देता हूं।
qस
कैपिटल अकाउंट डेबिट टू पीस कैपिटल
अकाउंट। कितना सर? ₹2,500, 2500 और 2500
और यह आप फॉर्मेट में लिखोगे। दैट इज़ योर
जनरल एंट्री। अगर इसमें अगर वो भी बीइंग
एडजस्टमेंट मेड इतना सा भी लिख दोगे तो भी
चलेगा क्योंकि उसका ज्यादा कोई दिक्कत है
नहीं एडजस्टमेंट मेड करके आपने ये एंट्री
लिख दी। ऑलराइट तो हो गया ये खत्म। इतनी
सी बात थी इसमें। ठीक है? देख लेते
हैं। नेक्स्ट क्वेश्चन ये आ गया। तो इसका
स्क्रीनशॉट ले लो
पहले। चलो अब दूसरा क्वेश्चन है। अब देखो
इसमें क्या हो रहा है भाई? क्या-क्या हो
रहा है? क्या-क्या हो रहा है? चलो। देखो
इसमें एडजस्टमेंट टेबल दिया है क्या? अरे
डायरेक्टली दिया है। चलो ठीक है देख लेंगे
अपन। मैं इसको डायरेक्ट करा देता हूं।
मतलब इसको करते नहीं। रिटर्न में नहीं करा
रहा हूं। जगह ही नहीं है वहां पर। चलो। ए
एंड बी आर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग
प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 3:2। सर ठीक है?
ये 3:2 में शेयर कर रहे थे। फॉलोइंग वाज़ द
बैलेंस शीट। ओके? ये बैलेंस शीट थी। सुनना
मेरी बात। बैलेंस शीट एज़ एट 31st मार्च।
तो ये क्लोजिंग बैलेंस शीट है। तो ये जो
कैपिटल्स हैं, ये भी तो क्लोजिंग ही
होंगी। ये क्लोजिंग कैपिटल्स होती हैं। है
ना? हां कि ना भाई? क्लोजिंग कैपिटल होगी
ना? 31st मार्च को क्लोजिंग ही आएगी ना। 1
अप्रैल को ओपनिंग आती है। 31 मार्च को
क्लोजिंग प्रॉफ़िट 3 लाख फॉर द ईयर एंड 3
लाख फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च वाज़
डिवाइडेड बिटवीन द पार्टनर्स विदाउट
अलाउंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड सैलरी पर
मंथ टू ए ड्यूरिंग द ईयर ए विथड्र 1 लाख
एंड 2 लाख। चलो बहुत सारी चीजें दी हुई है
इसमें। अब इसमें क्या किया है इन्होंने
पता है? बहुत बड़ा ब्लंडर कर दिया है।
बहुत बड़ा तो नहीं है लेकिन छोटा सा है।
प्रॉफिट 3 लाख का इन्होंने बांट दिया है।
और इन्होंने क्या नहीं किया? इंटरेस्ट ऑन
कैपिटल और
सैलरी दोनों नहीं दी। तो सर गलती तो आपको
दिख गई कि सर ये ना ये और ये इन्होंने
नहीं दिया। ये गलती है। ये देना चाहिए
हमको। है ना? ये देना चाहिए। ये करेक्ट
था। और इन्होंने गलती क्या कर दी कि इस ₹3
लाख को बांट दिया। अब सुनना मेरी बात। ₹3
लाख को अगर इसने बांटा है तो वो 3 लाख इस
कैपिटल में एडजस्टेड होगा ना। समझे बात
को? क्योंकि 31 मार्च की बात है। क्लोजिंग
कैपिटल है। क्लोजिंग कैपिटल में तो सारी
चीजें एडजस्टेड होती हैं। पर अगर मुझे ये
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल निकालना है तो मुझे
ओपनिंग कैपिटल निकालनी पड़ेगी। हमने इसलिए
ओपनिंग कैपिटल का एक क्वेश्चन किया था
आगे। है ना? कि ओपनिंग कैपिटल निकालनी
पड़ेगी। बस यहां पे आप ओपनिंग कैपिटल
निकालोगे। कैसे निकालोगे? आपको फार्मूला
पता है सर। झूठ मत बोलना। मैंने बताया
आपको। पता है क्लोजिंग कैपिटल में से जो
चीजें उसमें प्लस की थी वो माइनस कर दो।
जो माइनस की थी वो प्लस कर दो। अगर मैं
पूरा फ़ूला रिपीट करूं तो क्लोजिंग कैपिटल
में ड्रॉइंग्स को प्लस कर दो। इंटरेस्ट ऑन
ड्रॉइंग को प्लस कर दो। प्रॉफिट को माइनस
कर दो। इंटरेस्ट को माइनस कर दो। और भी जो
भी चीज़ आपने प्लस की है वो माइनस कर दो।
सैलरी वगैरह जो भी प्रॉफिट दिया है वो भी
माइनस कर दो। तो आपकी ओपनिंग कैपिटल आ
जाएगी। है कि नहीं? बस यही चीज़ यहां पे
करनी है। देखो बहुत सिंपली अपन करते हैं।
क्लोजिंग बैलेंस इज़ 6 लाख और 2 लाख। यहां
पे क्लोजिंग बैलेंस 6 लाख और 2 लाख। अब
इन्होंने कुछ ड्रॉइंग्स कर ली हैं। A
विथड्र 1 लाख एंड B विड्र ये ड्रॉइंग्स
हैं। ड्रॉइंग सर वापस प्लस हो जाती हैं।
तो 1 लाख और 2 लाख वापस मैं प्लस कर दूंगा
इसमें। कहां गया? कहां गया? ड्रॉइंग
ड्रॉइंग ड्रॉइंग ड्रॉइंग ड्रॉइंग। ये रहा
₹1 लाख एंड 2 लाख। ये मैं ऐड करूंगा। ठीक
है? ये प्लस करूंगा मैं। माइनस क्या
करेंगे? तो सर जो प्रॉफिट था ₹3 लाख ये
3:2 में आपने बांट दिया होगा। भाई बांट ही
दिया होगा क्योंकि आपने और कुछ किया ही
नहीं। तो आपने 3 लाख को क्या किया होगा?
3:2 में बांट दिया होगा। और 3 लाख को 3:2
में बांटना मतलब 1,80,000 और 1,20,000
आपने इनको दे दिए होंगे। दे दिए हैं।
इसमें ऐड है। माइनस कर दो ओपनिंग पे जाने
के लिए। तो ये माइनस कर देंगे 1,80,000 और
1,20,000 माइनस करेंगे। देखो ये माइनस
किया है लेस। ओके? और ये वाली चीज़ करी ऐड।
तो ये जब आप दोनों कर लोगे तो आपके पास
ओपनिंग कैपिटल आ जाएगी। इस ओपनिंग कैपिटल
पे ही आपको इंटरेस्ट उनको देना है। ठीक
है? देना क्या-क्या है सर? करेक्ट
क्या-क्या है? तो करेक्ट क्या-क्या है?
अगर ऐसा देखा जाए तो क्या-क्या देना है?
देखो भाई। एक टेबल बना लूं क्या कहीं पे?
यहां पे बना हुआ है क्या? बना हुआ है
क्या? यार इन्होंने बनाया ही नहीं है
एक्चुअली टेबल। मैं एक काम करता हूं एक
टेबल बना लेता हूं। आपके लिए ईजी हो जाएगा
समझना। ठीक है? तो ये ये ओपनिंग कैपिटल तो
निकल गई। अब इस ओपनिंग कैपिटल पे 12% पर
एनम का इंटरेस्ट देना है। मैं यहीं पे
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल भी निकाल लेता हूं कि
सर इंटरेस्ट ऑन कैपिटल कितना देना है?
520000 का
12% और 280 का भी 12% ये निकाल लेते हैं।
मैं थोड़ा सा अभी वैसे तो मैं कैलकुलेटर्स
यूज़ करता नहीं हूं। लेकिन यार थोड़े से
कैलकुलेशन के लिए मैं कैलकुलेटर यूज़ कर ही
लेता हूं। 52 1 2 3 4 * 12% तो
62400 और दूसरे का आ जाएगा आपके पास
280000 * 12%
33 600 ठीक है? ये आपको देना है। अब मैं
आपको बता देता हूं। करना आपको है ये। पहले
तो रॉन्ग वाला प्रॉफिट आप वापस ले लो। ठीक
है? मैं आपको बता देता हूं। ये पूरा करना
आप। ये रॉन्ग जो प्रॉफिट था दोनों से आप
दोनों हैं। तीनों है? कितने हैं? दो हैं?
तीन हैं? दो ही हैं। दो ही है? हां दो
हैं। तो जो रॉन्ग प्रॉफिट है वो आप वापस
ले लो। रॉन्ग प्रॉफिट कौन सा था? ₹3 लाख।
यानी आपने दे दिया था ₹1,80,000 वापस ले
लिया। दूसरे से भी ₹1,20,000 वापस ले
लिया। अब आपको क्या-क्या देना है? तो सर
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देना है जो अभी-अभी
निकाला वो आप दे दो। सैलरी देनी है किसको
देनी है वो आप दे दो। सैलरी किसको देनी
है? सैलरी किसको देनी है? सैलरी सैलरी
सैलरी सैलरी सैलरी टू ए ₹1,000 पर मंथ तो
ए को सैलरी जाएगी ₹1,20,000 ये ₹1,20,000
इसको भी दे दो आप। अब इसके बाद आप एक छोटा
सा काम करो क्योंकि मैंने आपको बताया था
यहां पर टोटल का कॉलम आएगा। तो टोटल में
आपको ₹3 लाख डेबिट दिख रहे होंगे। यहां पे
ये 1,20000 का क्रेडिट दिख रहा होगा। यहां
पर भी कुछ क्रेडिट दिख रहा होगा। वो करना
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल मैंने लिख रखा है। चलो
कर देता हूं मैं इसको। 62400
333600
62400
33600 ये दोनों अमाउंट्स जो हैं वो आपको
यहां पे दिख रहे होंगे। ये भी आपके कौन से
अमाउंट्स हैं बेटा? क्रेडिट देने वाले
अमाउंट्स हैं। ये आपको देना है। टोटल कर
लेता हूं मैं।
6000 हो जाएगा यह 1 2 3 2 और 3 5 और 1 6
और 3 और 3
96000 ये क्रेडिट करना है। अब देखो ध्यान
से सुनो यहां पर बस इतना सा देख लोगे
एंट्री खत्म यहां पर कुछ ना कुछ एक
क्रेडिट का बैलेंस बच रहा है बेटा डेबिट
है 3 लाख का और अगर तू इन दोनों को टोटल
भी करेगा तो कितना आ जाएगा 96000 + 120000
कितना हो गया
069 10 11 1 ₹ 216000 आ रहा है यानी सर
यहां पर 84000 बचा है तो ये 84000 और
क्रेडिट कर दो किस में करोगे तो अगेन
प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में 24,000 को
प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो क्या था इनका? 3:2
था ना शायद।
3:2 ये 3:2 में आप इन पार्टनर्स को और
क्रेडिट करो। जब ये कर लोगे तो एक छोटी सी
एंट्री ये तो बराबर हो जाएगा। है ना? यहां
पर एक छोटी सी एंट्री निकल के आ जाएगी। और
ये एंट्री आपको करनी है। एक तो करो यार।
कुछ तो प्रैक्टिस करो। ठीक है? ये एंट्री
आप करो और हो सके तो ये वाली एंट्री आप
मुझे कमेंट्स में बताओ कि आपका आंसर क्या
आया। क्योंकि पूरा ही बता दिया मैंने। कर
तो दिया। बस 84 को 3:2 में बांटो और यहां
से एंट्री निकाल लो। आपके पास वो चीज आ
जाएगी। दिस इज़ ये प्रैक्टिस है बच्चे। कर
तो आगे अच्छी तरह समझ में आएगा। ओके?
नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। ये दोनों
केसेस बहुत कॉमन है। इंटरेस्ट कभी ज्यादा
दे दिया, कभी कम दे दिया। बहुत ही सिंपल
से केसेस हैं। हालांकि कर लेते हैं। बहुत
ही सिंपल है एक्चुअली। xy z आर पार्टनर्स
इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन
रेशियो 532। देयर फिक्स ये रेशियो याद
रखना बेटा
532 देयर फिक्स्ड कैपिटल्स वर 3 लाख 2 लाख
1 लाख रेस्पेक्टिवली फॉर द ईयर एंडेड 31
मार्च इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वाज़ क्रेडिटेड
टू देम 10% दे दिया ये तो गलत है इंस्टेड
ऑफ़ 8% तो 8% सही है। 8% देना था इंस्टेड
ऑफ़ 8% आठ की जगह 10% दे दिया। तो सर 10
गलत है और आठ सही है। तो जो गलत है हम
उसको वापस ले लेते हैं। ठीक है? तो यहां
पर
रॉन्ग प्रॉफिट यार ये ये गलत सा फॉर्मेट
बना दिया। डेट नहीं आती इसमें और ये डेबिट
क्रेडिट भी नहीं आता। इन्होंने तो जर्नल
एंट्री का फॉर्मेट बना दिया। और कोई
फॉर्मेट बनाया क्या इसके बाद? अरे यार
इन्होंने तो दिया ही नहीं फॉर्मेट। चलो
एडजस्टमेंट टेबल मैं बना देता हूं। नीचे
ही बना लेता हूं इसके। है टाइम। हां। चलो
ठीक है। यहां पे मैं लिख देता हूं बेटा
रॉन्ग प्रॉफिट या रॉन्ग प्रॉफिट नहीं। तो
यहां पे तो रॉन्ग आईओसी है। रॉन्ग आईओसी
वापस लोगे आप तो रॉन्ग आईओसी डेबिट कर
दोगे आप। ठीक है? कितना है? रॉन्ग आईओसी
कर देते हैं। डेबिट तीन कॉलम बना लिए
मैंने। X Y Z चार हैं। चलो ये है X का ये
है Y का। ये है Z का ये है टोटल का।
ठीक है बेटा? X Y Z और टोटल। रॉन्ग आईओसी
वापस ले लो। रॉन्ग क्या था सर? 10% 10%
वापस ले लेंगे। तो 3 लाख का 10% सर 30,000
अरे अरे कुछ टच हो रहा है क्या?
3 लाख का 30% अरे अरे रे रे रे हां चलो
क्या बात है 3 लाख का 10% 300000 2 लाख का
10% 20000 और 1 लाख का 10% 10,000 टोटल
मिला के 60000 आपने इनसे डेबिट कर लिया
वापस ले लिया समझे बात को रॉन्ग आईओसी जो
10% वाला था वो मैंने वापस ले लिया सही
क्या है सर
करेक्ट करेक्ट आईओसी जो है
8% इसको आप क्रेडिट कर दो। सही वाला आप
क्रेडिट कर दो। सही वाला कितना है सर? 8%
सबका 8% 3 * 8 24000
क्रेडिट। 8 * 2 16000
क्रेडिट। 8 1 8000
क्रेडिट। समझे? इनका टोटल करो कितना होता
है? 24 + 16 40 48000। तो सर ये आ गया
48000 का क्रेडिट। अब देखो बेटा टोटल वाले
साइड को देखो क्या ये बराबर है? नहीं है।
डेबिट ज्यादा है, क्रेडिट कम है। इनको
बराबर करना है। तो मुझे क्या करना है सर?
अगर मैं ₹12,000 का क्रेडिट यहां पर लिख
दूं तो ये बराबर हो जाएंगे। है ना?
₹12,000 का क्रेडिट। अरे सही है कि नहीं
भाई? इन दोनों का डिफरेंस है 6,000 -
48,000 ₹12,000 वो अगर क्रेडिट कर दूं तो
बराबर हो जाएगा। बस ये क्रेडिट कर देना
है। और ये क्रेडिट किसमें होता है?
प्रॉफिट शेयरिंग रेश्यो में। प्रॉफिट
शेयरिंग रेशियो में प्रॉफिट शेयरिंग
रेशियो क्या है? 12,000 5:32 में
5:32 में क्रेडिट कर दो पार्टनर्स को। कर
देंगे भाई 12,000 उठाओ और 532 532 यानी 10
₹100 1200 * 5 तो भाई अब हम इनको दे देंगे
प्रॉफिट
टू बी क्रेडिटेड क्योंकि क्रेडिट कर रहे
हैं तो प्रॉफिट ही होगा। चलो ₹1,000 को
देना है 5:32 में तो पहला तो आ जाएगा
6,000 दे दो इसको।
फिर दूसरा आएगा 1200 * 3600 दे दो इसको
1200 * 2 2400 2400 दे दो इसको ओके चलो बस
हो गया खत्म क्वेश्चन बैलेंस निकल आया
अपना तो झटपट फटाफट यहां पर अपन बैलेंस
निकाल लेंगे सर ₹00 का डेबिट और ₹00 का एक
ही क्रेडिट कोई बैलेंस नहीं है यहां पर
यहां पे देखो ₹2000 का डेबिट और
₹1600 का क्रेडिट तो सर बड़ा बैलेंस कौन
सा है डेबिट बैलेंस
और बड़ा कितना बड़ा है? कितना ज्यादा है?
₹400 ज्यादा है। यहां पर देख लेते हैं।
10,000 और 8 2 10,400 आ रहा है। बड़ा कौन
सा है? क्रेडिट वाला बैलेंस बड़ा है।
कितना बड़ा है? ₹400 बड़ा है। तो आपकी
एंट्री निकल के आ गई। डेबिट करेंगे अपन y
को तो एंट्री आएगी y कैपिटल अकाउंट डेबिट।
देखो ऐसा मैं बोल रहा था फॉर्मेट में करने
को। टू टू टू टू z टू z कैपिटल अकाउंट।
ओके? कितना? ₹400 ₹400
₹400
बीइंग
रॉन्ग आईओसी नाउ
एडजस्टेड हमने एडजस्टमेंट कर दिया
एडजस्टेड
खत्म समझे ये हो गई आपकी एंट्री खत्म बात
सिंपल सी एक जर्नल एंट्री करनी है आया समझ
में बिल्कुल टेंस जब आप टोटल के हिसाब से
चलोगे आपकी कोई गलती होनी ही नहीं है
एंट्रीज में ठीक है Y टू Z आ गया आपका
आंसर। Y टू Z करंट अकाउंट। ये इन्होंने
देखो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एक्सेसिवली चार्ज
नाउ रेक्टिफाइड। कुछ भी लिख सकते हो। उसका
कुछ वो दिक्कत है नहीं। ठीक है? नेक्स्ट
क्वेश्चन पे आते हैं। अब इस पे कभी
इंटरेस्ट ऑन कैपिटल आपने कम दिया वो भी
देख लेते हैं। ए बी सी आर पार्टनर्स। चलो
यहां पर फिर से बनाना पड़ेगा मुझे। यही
सारी चीज़ें। यहीं पे बना देता
हूं। ए बी सी C और ये टोटल। ठीक है भाई?
ये A है, ये B है, ये C है। ये टोटल है।
चलिए अब क्या-क्या करना है इसमें? ए बी सी
C आर पार्टनर्स एंड अ फर्म शेयरिंग
प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 2:2:1 ओके देयर
कैपिटल्स आर 180,000 एंड 70,000 फॉर द ईयर
एंडेड 31st मार्च। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वाज़
क्रेडिटेड टू देम 9% दे कितना दिया? 9%
देना कितना था? 12% सही क्या है? 12% गलत
क्या है? 9% मैं 9% उनसे वापस ले लूंगा।
12% उनको दे दूंगा। खत्म हो गई बात। थ
देखेंगे यहां
पे। रॉन्ग
आईओसी नाउ
डेबिटेड। रॉन्ग आईओसी कितना था सर? रॉन्ग
था 9%। 9% आप वापस ले लो। तो 1 लाख का 9%
इज़
9000 8 * 9
7200 9 7 * 9 = 6300 ये वापस ले लिया।
टोटल कितना वापस लिया? तो इन सबका टोटल कर
दो। आएगा
0 0 और थ्री और टू होता है फाइव और सिक्स
और 7 6 12 13 और 9 13 और 9 कितने होते
हैं? 22 तो 22500 आपने इनसे वापस ले लिया।
ये सारी चीजें वापस ली हैं। डेबिट है। ये
डेबिट किया है आपने। ठीक है? वापस लिया है
गलत वाला। कौन सा? @ 9% वाला आपने वापस
लिया है। करेक्ट वाला दे दो। करेक्ट
आईओसी नाउ क्रेडिटेड यह आपको देना है।
कितना है? 12% 12% देते चले जाओ। 12% क्या
है? अ 1 लाख का 12% सर
12,000 क्या हो गया फिर
इसको? भाई चल जाना आज के दिन में। चलो
दूसरा निकाल लेता हूं मैं। 80,000 का 12%
चलो कहां गया? 80,000 का 12% कितना होता
है? तो 80000 का हो जाएगा 12% 800 और
800 अ 10% इज़ 8000 8000 और ₹1600 और
₹9600 12% और 7000 का 12% हो जाएगा 7000 +
1400 8400 ठीक है 8400 इसको देना है ये
सारे दे दिए मैंने ये क्रेडिट कर दिए टोटल
कर लेंगे इनका 4 और 6 10 0
0 1 9 9 18 18 19 20 0 2 पर 1 3 तो मैंने
इनको दिया कितना देखो बेटा यहां देखो
क्रेडिट कितना किया 30000 डेबिट कितना
किया 22 स 22500 तो यहां पे कौन सा बैलेंस
बड़ा है क्रेडिट बैलेंस बड़ा है मुझे तो
चाहिए कि दोनों बराबर हों तो सर आप इसमें
एक 7500 का अगर डेबिट बैलेंस डाल दो तो ये
हो जाएंगे
बराबर 7500 आप प्रॉफिट प्रॉफिट नहीं है
एक्चुअली डेबिट करना है तो लॉस
लॉस टू बी डेबिटेड। सर आपको कैसे पता चला
डेबिट करना है? लॉस है? आपको कैसे पता
चला? लॉस है बेटा डेबिट करना है। पार्टनर
से लूंगा तो लॉस। पार्टनर को देना है।
क्रेडिट प्रॉफिट। ठीक है? जो पिछले
क्वेश्चन में किया था तो प्रॉफिट था।
पार्टनर से लेते कब वो जब लॉस हो जाए। तो
7500 का लॉस है। अगेन 2:2:1 में आप लोगे।
75 को 2:21 में बांटेंगे तो ये आ जाएगा
1500 और 3000 तो 3000
3000 और 1500 मुझे डेबिट करने हैं। लेने
हैं वापस। ठीक है? इसमें से आपकी
एडजस्टमेंट एंट्री बन जाएगी। कर लेते हैं।
9 और थ्री 12 ये भी 12 कोई बैलेंस
नहीं। 7200 और 3000 कितना होता है? 72 और
थ्री
1000 बड़ा तो डेबिट बैलेंस ही है माइनस
वाला। तो ये तो डेबिट में आंसर आएगा। और
कितना ज्यादा है ये? 9600 है यहां पे। 600
का डिफरेंस है। तो यह ₹600 मैंने लिख दिया
यहां पे। यहां पर बड़ा कौन सा है? तो सर
क्रेडिट बैलेंस बड़ा होगा। क्रेडिट बैलेंस
है यानी 8400 बड़ा होगा। दोनों को प्लस कर
दो। 63 और 1500 कितना होता है? 1500 कितना
होता है? अ 8 7800 ठीक है? और ये आ रहा है
8400 8400 क्रेडिट वाला बैलेंस है। तो
क्रेडिट कितना ज्यादा है? देखो 7800 से
₹8400 ₹600 ही ज्यादा है। तो ये ₹600
मैंने यहां पे लिख दिया। एंट्री बन के आ
गई मेरे सामने। ठीक है? क्या एंट्री आ गई
है अभी तक मेरे सामने कि सर आपको डेबिट
करना है B को तो बीस कैपिटल अकाउंट
डेबिटेड टू सीस कैपिटल अकाउंट टू सीस
कैपिटल अकाउंट अमाउंट कितना सर? 600 और
600 खत्म। अगर आपने टोटल वाला कॉलम सीख
लिया ना, तो आपके लिए कोई वो दिक्कत वाली
चीज़ ही नहीं है। वो बहुत सिंपल हो जाएगा।
ऑलराइट? चलो, इसका भी जल्दी से स्क्रीनशॉट
ले लो। देख लो एक बार। और आपको लगेगा कि
मैंने ये कैपिटल और करंट का क्या लिखा है?
तो देखो वो बहुत सिंपल है। देखो यहां पे
मुझे कायदे से ये कैपिटल ना लिख के करंट
अकाउंट लिखना चाहिए था। और ये आपको कैसे
पता चलेगा वो भी देख लेना। देखो। लिखा है
ए बी सी आर पार्टर्स आर फर्म शेयरिंग
प्रॉफिट्स। देयर कैपिटल्स फिक्स्ड। तो
फिक्स्ड कैपिटल मेथड फॉलो कर रहे हैं। तो
एडजस्टमेंट करंट अकाउंट के थ्रू होता है।
तो यहां पे बीस कैपिटल अकाउंट ना क्रेडिट
करके मैं यहां करूंगा बीस करंट अकाउंट
डेबिट। और सी इज़ करंट अकाउंट। बस ये करंट
अकाउंट से मैं ये चीजों को करूंगा। कैपिटल
अकाउंट लिखेंगे गलत हो जाएगा। तो करंट
अकाउंट कर देना। उस पे हालांकि कोई बात
नहीं है। वो तो मेथड यहां पे स्पेसिफाई
किया गया है। तो उस पे करंट वाली एंट्रीज़
होंगी। तो दिस इज़ द एडजस्टमेंट टेबल। यहां
पे एडजस्टमेंट। अब इनका अलग है भाई। मैंने
जो बताया वैसा करना बहुत सिंपल रहेगा। एंड
देन यू विल बी गेटिंग दिस वाली ये वाली
एंट्री। ऑलराइट? जल्दी से इसका स्क्रीनशॉट
लो। फिर अपन आगे बढ़ेंगे।
डन? नाउ इसके बाद अपन देख लेते हैं। ये तो
आपने स्क्रीनशॉट ले लिया। वी हैव सीन दिस।
नाउ द लास्ट टॉपिक फॉर टुडे व्हिच वुड बी
गारंटी ऑफ़ प्रॉफिट। तो बहुत सिंपल है
गारंटी तो। गारंटी में पता है क्या करते
हैं? कि देखो ये गारंटी मिलती क्यों है?
सोचो ए और बी दो पार्टनर्स थे। ठीक है? और
ये 2:1 में अपना प्रॉफिट शेयर कर रहे थे।
ये एक नए बंदे को लाए। ठीक है? सी। अब ये
सी कौन था? मैं मान लेता हूं सी एक ऐसा जो
ऑलरेडी नौकरी कर रहा था। सी एक इनका ऐसा
पार्टनर आया जो ऑलरेडी नौकरी कर रहा था और
₹50,000 महीना कमा रहा था। इसने बोला इन
दोनों ने बोला C को कि यार एक काम करो
हमारे साथ पार्टनरशिप में आ जाओ हम और
ज्यादा कमाएंगे। लेकिन C ने पता है इनको
क्या बोला कि भैया देखो ज्यादा कमाएंगे तो
अच्छा है। लेकिन अगर मैं ₹00 से कम कमाया
तो भाई ऐसा नहीं चलेगा। तो इन दोनों ने
इसको गारंटी दी कि भैया आपको हम में कुछ
भी हो जाए हम आपको ₹500 महीना तो देंगे ही
देंगे। मतलब कि भाई ज्यादा मिला तो अच्छी
बात है। देखो जैसे ये 2:1 में शेयर कर रहे
थे। मैं मान लेता हूं जब नया पार्टनर आ
गया A, B, C तीन हो गए। ये तीनों 1:1 में
शेयर कर रहे हैं। सबने इक्वल प्रॉफिट शेयर
करा। अब गारंटी कब आता है? अगर समझो
प्रॉफिट हो गया साल भर का 3 लाख। तो आप
मुझे बताओ A, B, C कितना मिल रहा है? A को
1 लाख, B को 1 लाख और C को भी 1 लाख मिल
रहा है। 50,000 से ऊपर है ना? तो गारंटी
का कोई कांसेप्ट नहीं है। कोई दिक्कत नहीं
है। लेकिन अगर किसी साल आपका प्रॉफिट हुआ
90,000 तो अब आप एक बात बताओ आपका तो
90,000 हुआ। कायदे से क्या होना चाहिए?
फिर तीनों पार्टनर्स को 30 30 मतलब ₹0000
30,000 और 30,000 मिलने चाहिए। लेकिन आपने
C को क्या प्रॉमिस किया है कि यार हम आपको
₹50,000 देंगे इन दैट केस क्योंकि गारंटी
दी है आपने। तो फिर इन दोनों पार्टनर्स से
कुछ-कुछ पैसा लेके यानी इस प्रिसाइज़ केस
में बताओ तो ₹10,000 मैं इससे भी लूंगा।
10,000 मैं इससे भी लूंगा तो इसका हो
जाएगा 20,000 इसके पास भी हो जाएगा 20,000
और ये जो 10-10 इनसे लिए हैं ना ये मैं C
को दे दूंगा। ठीक है? और C का हो जाएगा
50,000 तो गारंटी फुलफिल हो गई। ओके? तो
ये जो किया ना मैंने यहां पर ये जो किया
इसको बोलते हैं गारंटी करना। बस इतनी सी
बात है। क्वेश्चंस में करेंगे तो 2 सेकंड
में समझ में आ जाएगा। ठीक है? ये होती है
गारंटी। अब कौन गारंटी किसको देता है वह
एक बार देख लेते हैं। गारंटी अ पार्टनर और
पार्टनर्स मे बी गारंटीड मिनिमम प्रॉफिट
फ्रॉम द बिनेस। पार्टनर को गारंटी मिलती
है। कभी-कभी पार्टनर फर्म को गारंटी देता
है कि भाई फर्म मैं आ रहा हूं मैं। है ना?
मैं बहुत बड़ा पार्टनर हूं। मैं फर्म को
गारंटी देता हूं कि मैं मिनिमम ₹2 लाख की
तो कमाई साल में करवा ही दूंगा। तो ये
सबसे सिंपल केसेस को मैं यहीं पे बता देता
हूं। जैसे ए आया। ए बी सी तो चलो ए बी
पार्टनर्स थे। सी आया अपने पार्टनरशिप
में। सी इज़
एडमिटेड। सी इज़ एडमिटेड। सी
गारंटीज़
गारंटीज़
दैट ही विल अर्न
₹
लाख फॉर द फर्म।
ठीक है? C ने बोला कि मैं फर्म को ₹2 लाख
मिनिमम कमा के दूंगा। पर C जो है वो ₹ लाख
नहीं कमा पाया। समझो एक्चुअल एक्चुअल जो
अर्निंग हुई उसकी एक्चुअल अर्निंग जो हुई
वो समझो ₹1,80,000 ही हुई। C ₹2 लाख नहीं
कमा पाया तो हम यहां पे क्या करेंगे? यहां
पे बहुत सिंपल सा एक केस होता है। सिंपल
केस हम
₹0000 C से ले लेंगे। बे क्यों लिख दिया
मैंने? C से ले लेंगे। बस सिंपली C से आप
₹20,000 लेके फर्म के प्रॉफिट में ऐड कर
दोगे। कैसे करेंगे? ये फर्म का प्रॉफिट
एंड लॉस होगा। यहां पे नेट प्रॉफिट दिख
रहा होगा
₹1,80,000 दिख रहा होगा ना बेटा? ₹1,80 तो
कमाया। ये देखो ₹,000 हम C से लेंगे। हम
यहां पे लिखेंगे सीस कैपिटल और ₹00 C से
हम लोग ले लेंगे। तो टोटल प्रॉफिट हो
जाएगा अपने पास ₹2 लाख जितना होना चाहिए।
यहां पे लिख देता हूं। दिखेगा नहीं। ये ₹2
लाख। ठीक है? ₹2 लाख हम C से मतलब ₹00 C
से ले लेंगे। तो ₹2 लाख प्रॉफिट हो जाएगा।
जितना इसने बोला था कि मैं इतना कमा के
दूंगा। तो ये सबसे सिंपलेस्ट केस है।
इसलिए मैंने पहले ही बता दिया। है ना? कि
C ने बोला था 2 लाख कमा के दूंगा।
1,80,000 ही कमा पाया तो 20,000 C से ले
लेंगे। C इज़ कैपिटल खत्म। उससे उतना ले
लेंगे। ये एक सिंपल सा केस है। अब ये तो
सिंपल हो गया। इसको खत्म करते हैं। अब ये
वाले हैं। ठीक है? ये जो गारंटी है ना ये
जो गारंटी है वो पार्टनर को मिल रही है।
किसको मिल रही है? पार्टनर को मिल रही है।
किसको दे रहे हैं गारंटी? पार्टनर को।
क्या देते हैं गारंटी में? द प्रॉफिट मे
बी गारंटेड टू अ एकिस्टिंग पार्टनर या
न्यू पार्टनर बाय कौन दे सकता है गारंटी?
ऑल द रिमेनिंग पार्टनर्स इन एग्रीड रेशो।
पुराने पार्टनर्स बोल रहे हैं कि भैया अगर
आपकी आपको कम पैसा मिला तो हम इस रेश्यो
में देंगे आपको पैसा। वन और मोर पार्टनर्स
कोई एक पार्टनर भी बोल सकता है जैसे दो
पार्टनर हैं ए और बी और सी आ रहा है। तो
सिर्फ ए गारंटी भी दे सकता है कि भैया मैं
गारंटी दे रहा हूं कि तेरे को इतना पैसा
मिलेगा और फर्म ही गारंटी दे दे कि भैया
फर्म ने ही बोला कि यार मिनिमम हम पूरे
दुकान से पहले पैसा तुझे देंगे। ऐसा कुछ।
ये तीनों केसेस हैं। वैसे ऐसे में समझ में
नहीं आएंगे। इनके क्वेश्चंस करेंगे तो ही
समझ में आएगा। तो ये तीनों के जो
क्वेश्चंस हैं ना ये मैं आपके यहां पर
करता हूं। आराम से चीजें देखते जाना। मैं
बताता भी जाऊंगा कौन सा पार्टनर मतलब कौन
सी गारंटी क्या है। ये सिंपल सिंपल है
बहुत। देखो पी क्यू आर आर पार्टनर्स
शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन
5:41 आर इज़ गारंटीड दैट पी क्यू आर है। आर
को गारंटी मिली है दैट हिज शेयर ऑफ़
प्रॉफिट विल बी एटलीस्ट 50000। आर को बोला
कि 50000 तेरे को प्रॉफिट देंगे ही देंगे
भैया। प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च
वाज़ ₹3,50,000। क्या करना है आपको? यहां
पे लिखो बाय नेट प्रॉफ़िट। कितना आया नेट
प्रॉफ़िट? 3,50,000 आप सबसे पहले तो यह
बांट दो सब पार्टनर्स में। ठीक है? टू
प्रॉफिट। ठीक है? क्योंकि और कोई चीज़ है
ही नहीं। अमाउंट ऑफ़ शॉर्टफॉल। देखो लिखा
है अमाउंट ऑफ शॉर्टफॉल इन द प्रॉफिट्स ऑफ़
R इज़ टू बी मेड बाय P एंड Q। इसको बाद में
करेंगे। पहले तो मैं प्रॉफिट को बांट रहा
हूं। ठीक है? टू प्रॉफिट कौन है ये? एक है
P, एक है Q और एक है R। कितना-कितना मिलना
चाहिए सर? ₹3,50,000 डिवाइड इट इन द
रेशियो 5 41. 54 1 कितना होता है? 5 41 10
ठीक है? 3 लाख 500 को 10 पार्ट्स पे
डिवाइड करना है। तो 10 करेंगे तो ये हो
जाएगा 35000 का एक पार्ट। 35,000 का एक
पार्ट यानी आर को मिल रहा है। यहां पे
डायरेक्टली देखें तो
35000 पांच पार्ट इसको मिल रहे हैं। तो
35000 एक 35 का आधा कितना होता है? 25000
और ₹150000 तो ₹175000 इसको मिलेंगे और
इसमें से यह माइनस कर दिया तो ₹140000
इसको मिलेंगे। यह मैंने क्या किया है पता
है? 350000 को
5:41 में बांट दिया। पहले कुछ नहीं किया
मैंने। 5:41 में 350 को बांट दिया। तभी तो
पता चलेगा कि भाई कम मिल रहा है या ज्यादा
मिल रहा है। अब देखो अब क्या बोला था आपने
कि भाई इसको 500 मिलना चाहिए। मिल रहा है
क्या? नहीं मिल रहा है। तो गारंटी अराइज़
हुई। समझे? अब ये गारंटी मतलब इसका 5,000
बनाना है। कैसे बनाएंगे? वो आगे वाली
पॉइंट बता रही है। अमाउंट ऑफ शॉर्टफॉल इन
द प्रॉफिट्स ऑफ़ R इज़ टू बी मेड बाय P एंड
Q इन द रेशियो 2:3।
ठीक है? तो पहले तो शॉर्टफॉल आपको दिख
गया। देखो शॉर्टफॉल कितना है? शॉर्टफॉल
आपने बोला था ₹50,000 मिलेंगे। गारंटीड
प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट
3500 अब इसका फार्मूला तो कुछ नहीं होता
पर लिख देता हूं। चलो
गारंटी गारंटीड
प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट माइनस
एक्चुअल प्रॉफिट। इसको बोलते हैं
शॉर्टफॉल। ठीक है? कितना आया शॉर्टफॉल सर?
₹15,000 का। ₹15,000 की कमी पड़ गई। यह
कमी कहां से पूरी होगी सर? P और Q देंगे।
लिखा हुआ है। इट्स मेड बाय P एंड Q इन 2:3
तो बस इसको 2:3 में P से ले लेंगे। P से
कितना लेंगे? Q से कितना लेंगे सर? 2:3
में इसको डिवाइड कर दो। 2:3 यानी फाइव।
यानी इससे ₹6000 लेगा और इससे ₹9,000
लेगा। खत्म। बस इसको गारंटी में एडजस्ट
करना है। देखो कैसे लिखते हैं। इसमें से
करूंगा मैं यहां से माइनस। ठीक है? यहां
पे लिखूंगा मैं गारंटी। वैसे मैंने इसको
बहुत करीब लिख दिया यार। चलो अब कर ही
देता हूं। इस पे लिखेंगे गारंटी
टू R। R को गारंटी दी थी ना इसने। तो R को
कितना देगा ये? ₹6000 देगा। ₹000 देगा 2:3
हां ये देगा ₹6000। तो ₹6000 में इसके
माइनस करके बाकी अमाउंट बाहर लिख दूंगा।
रुको यार थोड़ा सा सही कर लेने दो। फिर
तुम्हें पता नहीं समझ ना आया तो दिक्कत हो
जाएगी।
ठीक है चलो भाई अब आता है गारंटी टू आर तो
भाई ये कितना देगा 6000 देगा ठीक है इसके
मैंने माइनस कर दिए बाहर इसका आ जाएगा ₹1
लाख और 6000 माइनस करेंगे तो ₹69000 इसका
आ गया q कितना देगा सर q देगा ₹9000 ठीक
ठीक है? माइनस
गारंटी गारंटी 2 आर कितना देगा ये? ये
देगा सर छ 9000 9000 इसके भी माइनस कर दिए
मैंने। बाहर कितना आ गया? 131000 आ गया
इसका। ठीक है? और अब 9000 और 6000 इसको
मैं यहां पे प्लस कर दूंगा। ठीक है?
शॉर्टफॉल शॉर्टफॉल
फ्रॉम अ पहला कौन सा है? P एंड Q. तो
शॉर्टफॉल जो P ने दिया वो कितना दिया
इसको? ₹6,000 P ने दिया। Q ने दिया इसको
₹9,000। तो ये जो शॉर्टफॉल के ₹15,000 थे
इसके पास आ गए और इसका मेन प्रॉफिट आ गया
बाहर आपके पास
50,000। समझे? तो गारंटी बहुत ही सिंपल
टॉपिक है। आप क्या करो? जो भी प्रॉफिट्स
है पहले तो बांट दो। ताकि आपको पता चले कि
गारंटी अराइज़ हो रही है या नहीं। गारंटी
अराइज़ हुई तो ये लिखा ही हुआ है। जो भी
गारंटी है वो 2:3 में ओल्ड पार्टनर्स दे
देंगे। तो 2:3 में ये वाला जो अमाउंट था
ये मैंने ले लिया और नए पार्टनर को दे
दिया। खत्म क्वेश्चन इतना ही करना था। ठीक
है? ये हो गए दोनों साइड टोटल हो जाएंगे
आपके।
डन समझे? जल्दी से स्क्रीनशॉट लो बेटा।
आगे बढ़े अपन। ठीक है? ये था। अब इसका अ
यहां पे कभी-कभी एंट्री भी कर सकते हैं
आप। बहुत एंट्री तो बहुत ही सिंपल है।
यहीं से दिख के दिख रही है। आपने किससे
लिया है? P और Q से लिया है। तो बस एंट्री
क्या हो जाएगी? पीस कैपिटल अकाउंट डेबिट।
Q से भी लिया है आपने। तो Q कैपिटल अकाउंट
डेबिट। दिया किसको है आपने? आर को दिया है
टू आर कैपिटल। बस लेना है जिनसे डेबिट
करना है वो तो आपको पता ही चल गया होगा।
तो इनसे लेना है कितना लेना है सर इससे
लेना है ₹10,000 क्यों लिख रहा हूं?
₹6,000 और ₹9000। इससे लेना है ₹6,000।
इससे लेना है ₹9,000। R को देना है
₹15,000। खतम। अगर आपको एंट्री भी करनी
है, तो यह एंट्री भी बन जाएगी यहां से।
तो, यह दोनों तरीके मैंने आपको बता दिए।
एक तो फॉर्मेट के थ्रू जो आपने ये प्रॉफिट
एंड लॉस एप्रोप्रिएशन बनाया इसके थ्रू या
तो फिर आपने एंट्री के थ्रू किया। ये
दोनों चीजें यहां पे हो गई। जल्दी
स्क्रीनशॉट लो बेटा इसका।
ठीक है? चलो ये हो गया। अब दूसरा क्या
करेंगे? और क्या हो सकता है? तो और देखो।
अब देखो अ गारंटी गिवन बाय फर्म टू
पार्टनर। गारंटी गिवन बाय फर्म टू पार्ट।
ये अभी तो पार्टनर दे रहे थे। अब ये फर्म
देगी इनको गारंटी। देखो योगेश भरत चमन आर
पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स इक्वली। भरत इज़
गारंटीड मिनिमम एनुअल प्रॉफिट ₹1 लाख। जो
बीच का भरत है ना इसको बोला ₹1 लाख देंगे
हम आपको। ओके? सैलरी इज़ पेएबल टू भरत
5,000 पर मंथ। नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर
एंडेड वाज़ ₹3,30,000 देखो बाय नेट प्रॉफिट
3,30,000 तो लिख ही दिया मैंने यहां पे।
इस पे तो कोई दिक्कत है ही नहीं। सैलरी भी
देनी है। तो यहां पे मैं लिख दूंगा टू
सैलरी किसको देनी है? बी को देनी है। टू
सैलरी टू बी। बी यानी भरत यार पूरा लिख
दूं। चलो पूरा लिख देता हूं। भरत भाई को
सैलरी देनी है। कितनी देनी है? 5000 पर
मंथ यानी टोटल 60000 5000 * 12 है ना? पर
मंथ है। 12 से मल्टीप्लाई करेंगे। नेट
प्रॉफिट ये आ गया। और क्या करना है? बस
भरत को गारंटी दी थी। तो दो भाई गारंटी
कोई नहीं। पहले प्रॉफिट्स बांट लेंगे। टू
प्रॉफिट्स एक्चुअल प्रॉफिट्स कितने आ रहे
हैं? कौन-कौन है? यहां पे है पहला
योगेश। दूसरा है
भरत। और तीसरा है चमन।
क्या नाम रखा है यार चमन। ठीक है? तो इनको
बांट दो बाकी जितना बचा था। तो ₹3,000 में
से ₹0000 माइनस करोगे तो बचेगा ₹70000 और
₹70000 इक्वली बांटना है सब में। ₹70
इक्वली बांटना है तो कितना आएगा? ₹0000
सबका आ जाएगा। तो इस भाई का आ गया ₹0000
इसका भी आ गया ₹0000 इसका भी आ गया ₹0000।
ठीक है? अब देखो यहां पे क्या था? फर्म ने
गारंटी दी थी। कहां गई? फर्म फर्म फर्म
फर्म। नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर। अब ये पता
ही नहीं है के किसने गारंटी दी है। तो
इसको बोलते हैं फर्म ने गारंटी दी है। है
सिंपल उसमें कोई दिक्कत नहीं है। देखो
क्या करना है अब? गारंटी वाला मैं अलग कलर
से करता हूं। देखो कर करता करता हूं। करता
हूं नहीं करता हूं। जुबान लड़खड़ाने लगी
है ना इतनी देर बोल-बोल के तो चमन को
₹0000 मिले लेकिन इसको आपने गारंटी का
प्रॉफिट किया था। प्रॉमिस किया था कि 1
लाख मिलेगा। तो कितना कम है? डेफिशिएंसी
कितनी है सर? 10,000 10,000 कौन देगा भाई?
पुराने पार्टनर्स देंगे और कौन देगा? है
ना? और इनका रेशियो क्या है? इक्वल है। तो
इक्वल ही देंगे फिर वो और कैसे देंगे? तो
यहां पे क्या करेंगे? माइनस इनसे लेना है
पैसा। माइनस
गारंटी गारंटी
टू चमन। चमन नहीं कौन किसको? भरत को देना
है। किसको देना है? भरत इज़ गारंटीड भाई।
भरत भरत भाई को देना है। चमन से तो लेंगे।
गारंटी टू
भरत। इससे भी चमन का भी माइनस करता हूं।
गारंटी
टू भरत। भरत को गारंटी दी है ना बीच वाले
पार्टनर को। कितनी गारंटी दी थी कि भैया
ये 90 नहीं होगा आपका 1 लाख होगा 1 लाख तो
मतलब भरत को कितना मिलना चाहिए कितना
मिलना चाहिए ₹10 और और ₹10 दो पार्टनर से
इक्वली यानी ₹5000 तो भरत को गारंटी ये
देगा ₹5000 इसके माइनस हो गए मैंने माइनस
कर दिए बचा कितना ₹85000 बचा इसका चमन का
सॉरी चमन नहीं योगेश का और गारंटी इसने भी
दी इससे भी 5000 माइनस कर दिया मैंने
कितना बचा चमन भाई का 85000 और ये दोनों
गारंटीज ठीक है दोनों की गारंटीज ऐसे लिख
दूं क्या गारंटी फ्रॉम?
अरे भाई अरे भाई अरे भाई अरे भाई
हां
शॉर्टफॉल
रिसीव्ड फ्रॉम रिसीव्ड फ्रॉम दो बंदे हैं
योगेश और चमन तो योगेश से मिले इसको 5000
चमन से भी मिले 5000 इसके हो गए 10 और
ओवरऑल मिला के इसको मिल गया 1 लाख बस हो
गया गारंटी का कांसेप्ट खत्म बहुत ही
सिंपल सा वैसे भी यह टॉपिक है ना? ये था
ये एक तरीका है गारंटी को करने का। बहुत
सिंपल सा है बेटा। इसमें कुछ नहीं करना।
आपको ये प्रॉफिट लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट
बनाना है। मेन प्रॉफिट्स देने हैं और जो
डेफिशिएंसी है वो दे देनी है। खत्म। और वो
डेफिशिएंसी कैसे देनी है वो क्वेश्चन बता
देगा। जैसे इसमें नहीं बताया था। तो हमको
पता है कि वो इक्वल प्रॉफिट शेयर कर रहे
हैं। तो इक्वल ही गारंटी जाएगी। और इसमें
तो पता है इवन एक और तरीका है उस इसको और
इजी करने का। अब सबसे पहले ₹1 लाख इसको दे
दो इस क्वेश्चन में सिर्फ। क्योंकि पता
नहीं है ना कि डेफिशिएंसी कोई से पार्टनर
किस रेश्यो में ले रहे हैं। तो हमें पता
है इक्वल रेशो में ही जाएगा। पर छोड़ो यार
तुम ऐसे वाले तरीके से करो। ये चीज आसानी
से दिख जाएगी। वैसे में भी मैं बता देता
हूं। देखो इन्होंने यहां पे क्या किया है?
₹3,000 और इन्होंने ₹6,000 दिए। बचा
₹70000 उसमें से 1 लाख पहले ही इसको दे
दिया। ₹70,000 में से 1 लाख सबसे पहले आप
भरत को दे ही दो उठा के। बचेगा कितना?
₹1,70,000 ये आप दोनों पार्टनर्स में
इक्वली बांट दो। तो ये भी हो सकता है।
इक्वली बांटोगे तो भी 85 85 आएगा। फिर पर
यहां पर एडजस्टमेंट नहीं दिखेगा। फिर आपको
ये एक नोट बना के लिखना पड़ेगा। तो यार
नोटव बनाने से अच्छा है। ऐसे ही कर दो तो
ज्यादा बेटर होता है। बाकी तुम्हारी
मर्जी। ये भी तरीका है उसको करने का। मेरे
को ये सब लिखना वो समझ में नहीं आता
क्योंकि एग्जाम में इसमें मार्क्स कट सकते
हैं। आपने क्या लिखा? क्या वर्डिंग्स यूज़
की? तो इसीलिए यार ऐसे इसको कॉम्प्लिकेट
मत करो। एक ही तरीका रखो गारंटी को करने
का। पर मैंने दूसरा भी बता दिया। जैसी
जिसकी श्रद्धा हो वैसा करें। ठीक है? तो
चलो दूसरा भी करते हैं। यहां पे भी बनाना
पड़ेगा मुझे प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन
अकाउंट। मोनिका भूमिका एंड कमोलिका आर
पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन
6:41। ओके। कमोलिका इज़ गारंटीड मिनिमम
अमाउंट 3 लाख एज़ हज़ प्रॉफिट। ठीक है भाई।
कमोलिका को ₹3 लाख चाहिए। कमोलिका कौन है?
ये तीसरी वाली। द फर्म अर्न अ प्रॉफिट ऑफ़
₹2 लैक्स। चलो भाई। बाय नेट प्रॉफिट।
कितना अर्न कर दिया फर्म ने? ₹3 लाख। 1 2
3 4 5 बॉक्स से ही बाहर आ गया। इतना
प्रॉफिट आ गया भैया इनके पास। 33 आए 22
लाख आया है। चलो 22 भी तो बॉक्स से बाहर
ही आएगा। 22
लाख ये लिख दिए मैंने। चलो फॉर द ईयर
एंडेड 31 मार्च इन्होंने ₹22 लाख कमाए।
प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन और
इसको ₹3 लाख मिलने हैं। करते हैं। चलो। तो
सबसे पहले टू प्रॉफिट्स क्योंकि और कोई
चीज ही नहीं है। डिस्ट्रीब्यूट कर देंगे
भाई। प्रॉफिट्स मोनिका भूमिका कमोलिका
मोनिका
भूमिका एंड कमोलिका
ओके कितना-कितना मिलेगा 22 को आपको डिवाइड
करना है 6:41 यानी 11 6 4 1 11 11 से इसे
डिवाइड करूंगा 11 से डिवाइड करूंगा 112 तो
₹ लाख एक हिस्सा बना 2 लाख * 6 2 लाख * 6
12 ₹ लाख इसको मिले।
₹ लाख * 4 ₹8 लाख इन भाई को मिले। बहन को
₹8 लाख ₹8 लाख और एक पार्ट यानी ₹2 लाख
इसको मिले। अब देखो अब बताओ आप गारंटी
अराइज़ हुई? हुई कि नहीं? हो गई सर। गारंटी
तो अराइज़ हो गई। गारंटी कैसे अराइज़ हुई?
अरे हुई ना भाई इसको कितना प्रॉमिस किया
था तूने? ₹3 लाख। मिला कितना? ₹2 लाख। ₹1
लाख शॉर्टफॉल। शॉर्टफॉल कितना?
सर शॉर्टफॉल आया 1 लाख कैसे आया गारंटेड
प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट गारंटीड 3
लाख एक्चुअल 2 लाख शॉर्टफॉल 1 लाख किससे
लेंगे सर मोनिका और भूमिका से ही लेंगे
क्योंकि कुछ दिया ही नहीं है क्वेश्चन में
सर मोनिका भूमिका से कैसे लोगे तो सर 6:41
था रेश्यो तो अगर मैं मोनिका और भूमिका का
सिर्फ देखूं तो 6 और 4 ही था ना वन तो
कमोलिका का था तो 6:4 में ही लेंगे 6:4 को
और डिफाइन कर दूं तो 3:2 में लेंगे टू टू
से डिवाइड कर दिया मैंने तो थ्री 3:2 में
लेंगे। समझे? तो तीन पार्ट्स लेंगे अपन।
क्या नाम है इसका? मोनिका से और दो पार्ट
लेंगे अपन अपना भूमिका से। 3:2 में। कितना
अमाउंट? 1 लाख। ले लो भाई। वैसे 6:4 करता
तो सीधा-सीधा निकल आता 60,000 40,000। 3:3
से भी वही निकलेगा। तो 60,000 आप लोगे
मोनिका से और 40,000 लोगे अब भूमिका से।
चलो भाई डायरेक्टली कर दूं। अभी थोड़ा
डायरेक्टली कर दूं। बुरा तो नहीं मानोगे।
ज्यादा ना लिखा तो। माइनस करेंगे कितना?
मोनिका से लेना था। 60,000 ये ले भैया
60,000 भूमिका से भी ले लो 40,000
ठीक है? इसको दे दो दोनों का अ 60,000 और
40,000 ये ₹0000 एक से ₹0000 दूसरे से ₹1
लाख मिल गए भाई आपको। खुश हो गए आप। ₹3
लाख की गारंटी बराबर आपकी। ठीक है? अब
रोना मत। चलो यहां से माइनस करेंगे तो
₹11,400 बचेगा। और यहां से माइनस करेंगे
तो
₹7600 बचेगा। ₹760000 अगेन यहां पे ₹2,22
लाख ही आके खत्म हो जाएगा। दैट्स योर
गारंटी है ना सिंपल सा मैंने आपको बोला था
ये बहुत सिंपल सा टॉपिक है अगर आप उसको
समझ लो अच्छे से तो आई थिंक इतना ही था
कुछ और भी है क्या? अ इसकी गारंटी हां हो
गया ये 760 एंड ₹140 ऑलराइट। क्वेश्चन
व्हेन द फर्म इंकर्ड लॉस फर्म को ही लॉस
हो गया। भाई फर्म को लॉस हो गया तो क्या
होगा सर? तो गारंटी मिलेगी। गारंटी तो
मिलेगी। गारंटी तो तभी भी मिलेगी। है ना?
इसको देख लेते हैं अपन। इसका यह भी दिया
हुआ है। फर्म इंकर्ड लॉस। इसको मैं वहां
पे कराता हूं। देखो मनिका, भाभी, कोमल आर
पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन
6:41। ओके? कोमल इज़ गारंटीड मिनिमम
प्रॉफिट ऑफ़ ₹ लाख। ये जो कोमल है, इसको ₹2
लाख का प्रॉफिट इन्होंने गारंटी किया।
फर्म इंकर्ड अ लॉस ऑफ़ ₹2 लाख फॉर द ईयर।
अरे भाई साहब, लॉस हो गया फर्म को। देखो
क्या हुआ? लॉस हो गया। तो सर यहां पे
प्रॉफिट इस साइड आता है। तो यहां पे टू
लॉस नेट लॉस इस साइड आएगा। नेट लॉस हो गया
है आपको 22 लाख का। मतलब देख रहे हो एकदम
से ₹22 लाख का नुकसान हो गया। ठीक है? अब
बताओ आप क्या करेंगे? फॉर द ईयर ये पास
नेसेसरी जर्नल एंट्री रिगार्डिंग
डेफिशिएंसी बोर्न बाय मन्निका भाभी एंड
प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन
अकाउंट। भाई प्रॉफिट एंड लॉस बनाओ और लॉस
है आपके पास। क्या करेंगे? कुछ नहीं
करेंगे। लॉस है, लॉस को बांट देंगे। ठीक
है? लॉस को अगर बांटते तो कैसा आता? बाय
लॉस
डिस्ट्रीब्यूटेड। लॉस डिस्ट्रीब्यूट
करेंगे किसमें? नाम क्या है
इनके? मो मन्निका भाभी। अरे यार मैं एम बी
और के लिखता हूं। ठीक है? किसको देंगे? एम
को, बी को और के को। वैसे तो यार
डेफिशिएंसी वाला सीन ही नहीं है। मैं आपको
बता देता हूं फिर भी। मोनिका भाभी और
कितना-कितना मिलेगा? तो यार 22 लाख का लॉस
है। 6:41 रेश्यो है। 6 4 1 11 11 है तो उस
हिसाब से ही दे दो आप। वही आ जाएगा।
₹1,20,000 का लॉस इसको मिलेगा। अह नहीं
₹12 लाख का लॉस इसको ₹8 लाख का लॉस इसको
और इसको मिलेगा ₹2 लाख का
लॉस। अब देखो सर इसको लॉस मिला है। इसको
मिला है लॉस। सर क्या इसको लॉस दे सकते
हैं? नहीं। लॉस तो नहीं दे सकते। इसको तो
प्रॉफिट देना है। इसको तो प्रॉफिट देना
है। तो सर प्रॉफिट कैसे देंगे? प्रॉफिट
कैसे देंगे? यहां पे तो लॉस हो गया। सिंपल
है। बहुत। देखो मेरी बात को सुनो। अब यहां
पे इस ₹ लाख को रेक्टिफाई करने के लिए
क्या करना है? देखो आपको क्या चाहिए? ये 2
लाख का लॉस है यहां पे। आपको आपके पास ये
₹2 लाख का लॉस है। आपको चाहिए कि आप
कॉमोनिका को प्रॉफिट दो। ₹ लाख का। तो
सबसे पहले तो आपने देखो यहां पे क्या
किया? ₹2 लाख में से ₹2 लाख लॉस दे दिया
ना इसको। बांटा ना भाई। लॉस दे दिया। यह
तो नहीं देना था। तो पहले तो देखो ये ये
कुछ ऐसा हो जाता है कि आपने एक पार्टनर
लाए उसको बोला कि मैं तेरे को ₹2 लाख
दूंगा और दिए तो नहीं ऊपर से ₹2 लाख ले
लिए तो अब सबसे पहले तो मुझे उसको ₹2 लाख
देने हैं ना जो मैंने उससे ले लिए
एक्स्ट्रा तो पहले वो ₹2 लाख लूंगा दूंगा
उसके बाद जो गारंटी दी थी कि ₹2 लाख और
दूंगा वो भी दूंगा तो काट पीट के मुझे उसे
₹4 लाख देने पड़ेंगे। ये बात समझ में आई?
नहीं आई? फिर से समझाता हूं। देखो समझो
मुझे तुमसे तुमसे मुझे मैंने तुम तुम मेरे
साथ आज पार्टनरशिप में आ गए। ठीक है?
तुमने बोला रोहित सर हम दोनों मिलकर
पार्टनरशिप करेंगे। मैंने बोला ठीक है
तेरे को मैं मिनिमम ₹10,000 दूंगा।
तुम्हें मैं ₹10,000 दूंगा। अब तुम
पार्टनरशिप में आए। मैंने तुम्हें बहला
फुसला के ₹10,000 और ले लिए। अब मुझे
तुम्हें कितना देना है? ₹10,000 तो गारंटी
वाले देने हैं। और ₹10,000 जो मैंने तुमसे
लिए हैं वो भी तो देने हैं। तो मुझे टोटल
मिला के तुम्हें ₹4 लाख। अरे यहां पे
तुम्हारे केस में ₹00 देने हैं। 10 वो जो
मैंने तुमसे लिए हैं पहले मैं वो वापस
करूं और जो गारंटी दी थी वो भी दूं। तो
टोटल ₹0000 तुम्हें देने हैं। समझे बात
को? तो बात 10,000 की हुई थी। लेकिन
क्योंकि 10,000 और ले लिए हैं तो पहले वो
10 और 10 गारंटी के तो 20,000 मुझे
तुम्हें देने हैं। वैसे ही इस कोमोलिका को
₹ लाख का लॉस दे दिया आपने। तो पहले तो आप
उसको ₹2 लाख दो ताकि प्रॉफिट हो जाए उसका
और फिर ₹2 लाख और दो ताकि गारंटी वाला
पैसा भी तो मिले। गारंटी कितने की दी है
आपने? मल्लिका मल्लिका ₹ लाख की गारंटी दी
है। ₹ लाख दिया ना मिनिमम प्रॉफिट आपका ₹2
लाख होगा। ठीक है? तो यहां पर सिंपल
एंट्री से ही हो जाएगा वो चीज। देखो टू
नाम क्या है इसका? कोमल। कोमल को कितना
देना पड़ेगा? ₹ लाख प्रॉमिस किए थे। लेकिन
आपका लॉस भी आपने उसको दे दिया 2 लाख का।
वो तो अपन ने करके देखा अभी। तो आपको इसको
₹2 लाख लॉस के प्लस ₹2 लाख यह वाले। तो
आपको ₹4 लाख इसको देने हैं। तो टू कोमल ₹4
लाख मैं इसको दूंगा। आई होप आपको समझ में
आया होगा 4 लाख क्यों फिर से समझाऊं मैं
लास्ट बार फिर से समझाता हूं समझ ले भाई
मैंने तुझे प्रॉमिस किया कि तुझे मुझे ₹10
देने हैं ठीक है यू हैव टू रिसीव ₹10
फ्रॉम मी समझा है ना लेकिन तुम जब फर्म
में आए तब मैंने तुम्हें तुमसे ₹10 इवन ले
लिए और तुमसे मैंने ₹10 और ले लिए है ना
अब तुम्हें मुझसे कितना लेना है सर आपने
बोला था ₹10 दोगे तो पहले तो वो ₹10 दो और
आप जो मुझसे ₹10 लेके गए तो वो भी मुझे
वापस दो। है ना? तो टोटल मुझे तुम्हें
कितना देना है अभी? 20 ₹1000। समझे? वैसे
ही कोमोलिका को मुझे देना है ₹4 लाख।
क्योंकि ₹2 लाख तो जो गारंटीड अमाउंट था
वो और ₹2 लाख जो उसको लॉस दे दिया था वो
भी। और ये ₹4 लाख देगा कौन? देंगे पुराने
पार्टनर। मनिका एंड भाभी। कौन देगा? मनी
मनी एम डबल ए क्या? चलो ठीक है। मनीिका
अकाउंट डेबिट। क्योंकि मनिका से लेंगे और
किससे लेंगे दूसरा? भाभी से अपन लेंगे।
भाभी अकाउंट डेबिट। कितना लेंगे? ₹4 लाख
लेंगे। किस रेश्यो में लेंगे? सर इनका जो
भी मन्निका और भाभी का रेशो। मन्निका भाभी
का रेशियो है 6:4। तो 6:4 में अपन उससे ले
लेंगे या 3:2 बोल दो इसको। बात तो एक ही
है। 3:2 में हम उससे ले लेंगे। 3:2 यानी
3:2 यानी अ 3:2 यानी 5 8 40 / 5 हो जाएगा
8 * 3 3 * 8 = 2,000 इससे लूंगा।
₹160000 से ओके 4 लाख को मैंने 3:2 में
मतलब 3:2 में ₹
लाख ले लिए
ओल्ड पार्टनर्स से। ओके? तो बस ऐसे करके
ये एंट्री बन गई। खत्म हो गया खेल। एंड आई
थिंक दिस वाज़ द लास्ट क्वेश्चन फॉर टुडे।
एक बार देख लेते हैं। यही बस वैसे तो
एंट्री से ही हो जाएगा यह। मनिका, भाभी,
कोमल यह हो गया। खत्म। ठीक है? कोमल से
उत्तर लिया। समझे बात को? तो बस ये ये भी
हो गया। अगर आपको वैसे लॉस करना है तो वो
भी मैंने यहां पे बता दिया। लॉस ट्रांसफर।
अच्छा ये वाला बनाया नहीं क्या पूरा
मैंने? बना तो दिया यार। बस बाहर नहीं
लिखा। चलो एनीवे इन तीनों को देना था। ये
तीनों को दे दिया मैंने। ये बाहर भी लिख
देता हूं। तो ये भी वर्किंग नोट कंप्लीट
हो जाएगा। ठीक है? इन तीनों का टोटल ₹22
लाख का लॉस। मैंने ऐसे डिस्ट्रीब्यूट कर
दिया। ठीक है? ये भी आप कर लेना। ठीक है?
ये हो गया। ये आपने बना दिया अपना प्रॉफिट
एंड लॉस एप्रोप्रिएशन।
और एंट्री करके आपने यह वाला लॉस कवर भी
करवा दिया सामने वाली का। ऑलराइट। चलो
इसका जल्दी से इसका स्क्रीनशॉट ले लो आप।
इसका भी और इसका भी। दोनों का स्क्रीनशॉट
ले लो। ठीक है? और ये आपके आंसर्स यहां पर
रखे हुए हैं। ऑलराइट? तो दैट वाज़ ऑल फॉर
टुडे। और मैं आपको बता देता हूं ये ये एक
Telegram ग्रुप है। इसको आप जॉइ कर लो
ताकि आपको रेगुलर अपडेट्स मिलते रह
क्योंकि अब तो वन शॉट्स आते रहेंगे। और
दूसरा देखो ये डिटेल्ड वन शॉट था। अगर
आपने अभी तक लिटरली ये चीज देखी मैंने
मुझे पता है बहुत टाइम हो गया है लेकिन
अगर आपने अभी तक ये चीज देखी तो पहले तो
दिल से थैंक यू कि आपने मुझे इतना मौका
दिया कि मैं इतनी देर आपको पढ़ा पाऊं तो
उसके लिए दिल से शुक्रिया और अगर आपको
अच्छा लगा आपको बहुत सारी चीजें समझ आई
आपको कॉनंसेप्चुअली पार्टनरशिप समझ आया तो
मुझे जरूर कमेंट्स में बताना कि कितना समझ
आया क्या समझ आया अच्छा लगा ये सारी चीजें
आप मुझे प्लीज बताना और प्रैक्टिस करना
बेटा प्रैक्टिस से ज्यादा कुछ भी नहीं है
मैंने बहुत सारे सारी चीजें यहां पे बहुत
लॉजिकली करवाई हैं। ठीक है? तो आई होप आप
बहुत अच्छे से इन चीजों को करो। दैट वाज़
ऑल दैट दैट वाज़ ऑल फॉर टुडे फ्रॉम माय
साइड। मैं आपसे मिलता हूं अगली क्लास में
अगले किसी लेक्चर में। तब तक के लिए तब तक
के लिए टेक केयर एंड बाय-ब।
Full transcript without timestamps
समय राणा तन्मय भट्ट ये लोग मिलके जिन जो दुकान खोली है इन्होंने ये लोग रिलेटिव प्रोवाइड करते हैं कि भैया आप शादी में अकेले जा रहे हैं हम आपको थोड़ी देर के लिए मम्मी प्रोवाइड कर देंगे पापा प्रोवाइड कर देंगे या वाइफ भी प्रोवाइड कर देंगे मतलब जिसके साथ आप बस शादी तक जा सकते हो दो पार्टनर्स होने चाहिए जो मिनिमम है। अब सर दो पार्टनर आपने बोला मिनिमम है तो मैक्सिमम कितने हो सकते हैं? तो देखो मिनिमम तो दो है। लेकिन अब मैक्सिमम लिमिट जो है ना वो हमको कंपनीज़ एक्ट बताता है। तन्मय बैठा हुआ था और आप इनके पास गए कि यार तन्मय भैया एक अच्छी सी मम्मी दे दो। मैंने कुछ स्कूल में शरारत कर दी है। अब प्रिंसिपल ने हमें बुलाया है। तो मतलब आपके प्रॉफिट पे कोई इफेक्ट नहीं होगा बेटा। आपको पहले जितना मिलता था इस बंदे के आने के बाद भी आपको इतना ही मिलेगा। आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। आपने तो ओरली एग्री किया है और एग्रीमेंट में कहीं लिखा ही नहीं है कि आपको सैलरी मिलनी है। मतलब ओरली भी एग्री नहीं किया आपने कि आपको सैलरी मिलनी है तो भैया नहीं देंगे। हेलो एंड वेलकम बैक टू नेक्स्ट टॉपर्स कॉमर्स जहां हम देश का भविष्य बनाते हैं। मेरा नाम है रोहित पुरस्वानी और आज मैं तुम्हारे लिए लेके आया हूं यार अकाउंटिंग फॉर पार्टनरशिप फर्म्स का पहला चैप्टर दैट इज फंडामेंटल्स। तो बेटा आज हम लोग 12th की जर्नी जो स्टार्ट कर रहे हैं इसमें मैं तुम्हें बेसिक सा बता देता हूं कि हम पार्टनरशिप ये जो एक बुक है ना तुम्हारी उसको बेसिकली हम स्टार्ट करने वाले हैं और जो पहला चैप्टर है उसका फंडामेंटल्स आज वो पढ़ने वाले हैं। पार्टनरशिप ओवरऑल 36 मार्क्स का वेटेज रखता है तुम्हारे फाइनल एग्जाम्स में। तो इट इज़ गोना बी अ वेरीेंट टॉपिक। क्योंकि आज जो पढ़ रहे हैं दैट आर फंडामेंटल्स। फंडामेंटल्स यानी क्या होता है बेटा? पार्टनरशिप के बेसिक्स पढ़ोगे आप। ठीक है? पार्टनरशिप किस पे काम करती है? पार्टनरशिप होती क्या है? क्या-क्या करते हैं इसमें? ये सारी चीजें अपन आज पढ़ने वाले हैं। तो विदाउट वेस्टिंग एनी टाइम लेट्स स्टार्ट आवर क्लास। ऑलराइट। तो सबसे पहली चीज जो मैं तुम्हारे लिए यहां पे लाया हूं वो है कि पार्टनरशिप क्या होता है? तो देखो अभी तक ना 11th में हम कुछ चीजें करके आए हैं। मैं उसको लिंक करके तुम्हें बताता हूं कि कांसेप्ट क्या है? पढ़ क्यों रहे हैं? क्योंकि देखो बेटा हम सारे क्वेश्चंस कर लेंगे। कोई दिक्कत नहीं होगी। कांसेप्ट पता होना बहुत जरूरी है कि पार्टनरशिप आया ही क्यों? कर ही क्यों रहे हैं सर? वो मैं तुम्हें बताता हूं। देखो 11th में अभी तक आप सोल प्रोपराइटरशिप पढ़ते हो या आ रहे हो मतलब सोल प्रोपराइटरशिप होता क्या है कि एक सिंगल बंदा अगर बिनेस कर रहा है तो हम उसकी क्या अकाउंटिंग करते हैं वो सारी चीजें हम लोग अभी तक तो देखते हुए आए हैं। पहले वहीं से स्टार्ट करता हूं। 11th में आपने क्या पढ़ा? सबसे पहले आपने पढ़ा एक अकाउंट जिसको बोलते हैं ये मैं फाइनल अकाउंट्स की बात करता हूं बेटा। सबसे पहले पढ़ा आपने ट्रेडिंग अकाउंट। ट्रेडिंग अकाउंट करते थे तो उसमें से निकलता क्या था सर? ग्रॉस प्रॉफिट निकलता था। ट्रेडिंग अकाउंट ग्रॉस प्रॉफिट याद है ना तुमको है ना तो फिर ट्रेडिंग अकाउंट बनाते थे आप उसके बाद आप बनाते थे एक प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट अब बस यहां से बात शुरू होती है ध्यान देना प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आपका क्या निकलता था तो सर वहां पे निकलता था हमारा नेट प्रॉफिट या फिर नेट लॉस ठीक है नेट प्रॉफिट या नेट लॉस निकलता था पार्ट इसके प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में अब इस प्रॉफिट को तुम कहां ले जाते थे इसको अब बैलेंस शीट में ले जाते थे ठीक है तो यहां से अपन एक चीज और बना रहे थे जिसको बोलते थे बैलेंस शीट। यहां पे अपन लेके जाते थे और यहां पे आपको ध्यान देना है। देखो क्या करते थे? बैलेंस शीट में दो साइड्स होते थे। एक साइड होता था एसेट्स का, एक होता था लायबिलिटी का और लायबिलिटीज़ के अंदर एक चीज़ आती थी कैपिटल। जो आपके सोल प्रोपराइटर के फंड्स को रिप्रेजेंट करती थी और इस कैपिटल में जाके आप नेट प्रॉफिट को कर देते थे ऐड। करते थे कि नहीं? यहां तक हम करके आ चुके हैं। यहां तक हम देख चुके हैं। अलग क्या है यहां पर? हम नया क्या पढ़ रहे हैं 12th में? तो देखो बस इतनी सी बात है कि यहां पर ट्रेडिंग अकाउंट बन जाता था। बनाएंगे मतलब 12th में नहीं बनाना आपको। लेकिन 12th ये मान के होती है कि आपको ये चीजें आती हैं। तो आपको ट्रेडिंग अकाउंट बनाना आता है। आपको ग्रॉस प्रॉफिट निकालना आता है। आपको नेट प्रॉफिट भी निकालना आता है। अब जब सोल प्रोपराइटर था तो ये पूरा प्रॉफिट लेके चला जाता था। हम उसके कैपिटल में ऐड कर लेते थे। यहां पर क्या नया हो जाएगा कि यहां पर आपके पास इस प्रॉफिट को प्रॉफिट को प्रॉफिट को बांटना पड़ेगा आपको बंटवारा हो जाएगा इस प्रॉफिट का। किस में बंटवारा होगा? ऑब्वियसली जो पार्टनर्स हैं उसमें तो यहां पर आपको क्या करना रहता है? ये जो नेट प्रॉफिट है ना इसको सर हमें बांटना रहता है। बांटने को क्या कहते हैं? तो बेटा बांटने को कहते हैं एप्रोप्रिएशन। क्या बोलते हैं? एप्रोप्रिएशन। प्रॉफिट को बांटना इज़ कॉल्ड प्रॉफिट का एप्रोप्रिएशन। और इस एप्रोप्रिएशन के लिए एक अकाउंट बनता है जिसका नाम होता है प्रॉफिट एंड लॉस पूरा ही लिख देता हूं। प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। एप्रोप्रिएशन अकाउंट। ठीक है? पहला अकाउंट हम ये बनाएंगे। दूसरा अकाउंट। दूसरा अकाउंट कौन सा होगा? अब देखो, पहले क्या नेट प्रॉफिट निकला? आपने कैपिटल में ऐड कर दिया। लेकिन यहां पर तो दो पार्टनर्स हैं। दोनों अपना-अपना पैसा लगा रहे होंगे। तो यहां पर दोनों पार्टनर्स के कैपिटल्स अलग-अलग आएंगे। इसीलिए यहां पे आपको एक दूसरा अकाउंट बनाना पड़ेगा। कौन सा? जिसको अपन बोलेंगे पार्टनर्स पार्टनर एस और फिर एपॉस्ट्रोफी। पार्टनरों का पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। तो ये दो अकाउंट बनते हैं। और मैं बात बताऊं आपको कि ये दो ही अकाउंट आपको पूरी पार्टनरशिप में बनाने हैं। जो अभी हम सीखेंगे ना पूरा चैप्टर जो करेंगे। हम ये दो अकाउंट्स कैसे बनाते यही बनाना सीखेंगे और फंडामेंटल्स खत्म। बस इतनी सी बात है। तो ये था कांसेप्ट जो मैं पढ़ाने वाला हूं तुमको इस पूरे वन शॉट में। समझ समझे? बात को समझे आप लोग? समझ में आ गया सब? प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन और पार्टनर्स कैपिटल। क्यों बनाएंगे? क्यों इंपॉर्टेंट है बेटा? देख जब तुम मेरे साथ पढ़ रहा है। मैं एक चीज पे बहुत ज्यादा फोकस करता हूं। दैट इज़ कॉनंसेप्ट। हम कर क्यों रहे हैं? देखो क्वेश्चंस करना सेकेंडरी है। हमको समझ में आना चाहिए। हम कोई भी चीज कर रहे हैं अकाउंट्स में तो क्यों कर रहे हैं? ओके? तो आई विल गो कॉनंसेप्चुअली। एक-एक चीज समझा के मैं आगे बढ़ाऊंगा। सिर्फ क्वेश्चंस करने वाला सीन यहां पर नहीं है। ठीक है? तो एप्रोप्रिएशन करने के लिए हम एप्रोप्रिएशन अकाउंट बनाते हैं। और इस कैपिटल में क्योंकि वहां पे तो हम डायरेक्टली ऐड कर देते थे। लेकिन यहां पे दो पार्टनर्स की अलग-अलग कैपिटल होगी। तो अलग-अलग कैपिटल्स पे कितना-कितना ऐड होगा उसको निकालने के लिए हम पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट बनाते हैं। आई होप दिस इज़ क्लियर टू एवरीवन। अब हम लोग अपने एग्जांपल पे आते हैं। जहां पर मैंने आपके पास दो चेहरे जिनको आप मोस्टली शायद जानते ही होंगे उनको मैं लेके आया हूं। ये हैं तन्मय भट्ट और ये हैं समय रायना जिनका समय थोड़ा सा खराब चल रहा है अभी। तो इन दोनों के बारे में अपन बात करते हैं। ये दोनों मिलके अगर बिज़नेस करेंगे सिंपल सी बात तो उसको हम बोलेंगे ये दोनों मिलकर मतलब मैं ऐसे प्लस का साइन लगा देता हूं कि कैसा प्लस है? फिर से लगाता हूं। तो ये दोनों मिलके अगर बिज़नेस कर रहे हैं तो इसको बोलेंगे हम पार्टनरशिप। ठीक है? ये तो बहुत बेसिक है। ठीक है? इसको पार्टनरशिप बोलेंगे। ठीक है? अब देखो यहां पे क्या होता है। देखो क्या होता है कि ये दोनों मिलके कुछ एक काम करेंगे तो ऑब्वियसली उसमें फिर से प्रॉफिट्स वगैरह होंगे। वो बिज़नेस प्रॉफिट या लॉस कुछ तो निकालेगा ही। अगेन ये नेट प्रॉफिट होगा। है ना? नेट प्रॉफिट निकलेगा। अब ये दो जने हैं तो आपस में बांटेंगे। इनमें प्रॉफिट को बांटने के लिए हम लोग बनाएंगे प्रॉफिट एंड लॉस का एप्रोप्रिएशन अकाउंट। ठीक है? बस इतना सा फिलहाल के लिए समझो कि इतना अपन बनाएंगे। अब यहां पर नया क्या हो जाता है? पार्टनरशिप क्या होती है? तो देखो ये चीज ऐसी है ना पार्टनरशिप एक लीगल टाइप ऑफ बिनेस है। बिनेसेस बहुत टाइप के होते हैं। सोल प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, जॉइंट वेंचर, कंपनी ऐसे बहुत सारे टाइप के बिनेसेस हैं। सोल प्रोपराइटरशिप हम पढ़ के आ गए। अब हम पार्टनरशिप पढ़ रहे हैं। तो इस पार्टनरशिप को एक चीज जज करती है। जज कौन करता है? मतलब ऐसा क्या? पार्टनरशिप किस बेसिस पे होती है? किस एक्ट के अंदर? कौन सा कानून इस पे लगता है? तो पार्टनरशिप को जज करने के लिए एक एक्ट आया है जिसको बोलते हैं पार्टनरशिप एक्ट। पार्टनरशिप एक्ट 1932। 1932 के पार्टनरशिप एक्ट के हिसाब से हम लोग इस पार्टनरशिप को पूरा का पूरा जज करते हैं। मतलब ये दोनों रूल्स एंड रेगुलेशंस होते हैं ना? तो वो रूल्स एंड रेगुलेशंस कौन से लागू होंगे इस पे? वो लिखे हुए हैं। इंडियन पार्टनरशिप एक्ट या इंडियन भी लिख देता हूं बेटा। इंडियन पार्टनरशिप एक्ट 1932 में उसके हिसाब से हम इनको जज करते हैं कि ये पार्टनर्स क्या कर रहे हैं, क्यों कर रहे हैं, कैसे करेंगे? अब देखो क्या होता है ना कभी-कभी ये जैसे अब ये पार्टनर्स तो मैंने आपको बता दिए। तो पार्टनरशिप में बेसिक पांच चीजें होनी चाहिए जिससे आप उस चीज को पार्टनरशिप बोलते हैं। नहीं तो तो यार बेटा ऐसा एक पापा बैठे हैं दुकान पे। उनका बेटा भी आके बैठ गया कि सुबह-सुबह पापा बैठते हैं और शाम को दो-ती घंटे बेटा बैठ जाता है। इसका मतलब ये नहीं होता है कि वो पार्टनरशिप हो गई। बाप बेटे के बीच में उसको पार्टनरशिप नहीं बोल सकते। जस्ट बिकॉज़ दो लोग हैं तो उसको पार्टनरशिप नहीं बोलते। तो पार्टनरशिप होने के लिए कुछ पांच बेसिक चीजें होनी चाहिए। सबसे पहली चीज जिसमें कि पार्टनर्स होने चाहिए। ठीक है? और पार्टनर्स क्या होते हैं? यहां पर मैं आपको बताता हूं। अब इन पार्टनर्स ने ये जो एक पार्टनरशिप का मैं आपको कांसेप्ट बता रहा हूं। इन दोनों ने मिलके एक दुकान खोली है। ठीक है? और उस दुकान में वो क्या कर रहे हैं? तो देखो दे आर वो जो दुकान खोली है उसका नाम है रेंट अ रिलेटिव। इसका मतलब वी ऑफर रिलेटिव्स फॉर मैरिज, पार्टीज, सोशल गैदरिंग्स एंड स्कूल पीटीएम्स। मतलब ये लोग क्या करते हैं ना मतलब समय राणा और दूसरा कौन है ये? तन्मय भट्ट। ये लोग मिलके जिन जो दुकान खोली है इन्होंने ये लोग रिलेटिव प्रोवाइड करते हैं कि भैया आप शादी में अकेले जा रहे हैं। हम आपको थोड़ी देर के लिए मम्मी प्रोवाइड कर देंगे। पापा प्रोवाइड कर देंगे या वाइफ भी प्रोवाइड कर देंगे। मतलब जिसके साथ आप बस शादी तक जा सकते हो। है ना? तो ऐसा कुछ। यहां आपको मम्मी प्रोवाइड कर देंगे कि जाओ स्कूल पीटीएम में आपकी मम्मी नहीं आ रही है। मतलब कुछ आपने कर दिया स्कूल में है ना और मम्मी को बुलाया है तो आप इनसे रेंट पे मम्मी लेके जा सकते हो थोड़ी देर के लिए। ठीक है? तो ऐसा कुछ बिनेस इन्होंने खोला है। तो सबसे पहली चीज पार्टनरशिप के फीचर्स बता रहा हूं कि पार्टनरशिप में होना क्या-क्या चाहिए। तो सबसे पहले तो मिनिमम मिनिमम टू पार्टनर्स होने चाहिए। ठीक है? दो पार्टनर्स होने चाहिए जो मिनिमम है। अब सर दो पार्टनर आपने बोला मिनिमम है तो मैक्सिमम कितने हो सकते हैं? तो देखो मिनिमम तो दो है। लेकिन अब मैक्सिमम लिमिट जो है ना वो हमको कंपनीज़ एक्ट बताता है। ठीक है? मिनिमम बोलता है पार्टनरशिप एक्ट बोलता है कि मिनिमम दो पार्टनरशिप पार्टनर्स होने चाहिए। मैं यहां पे लिख देता हूं। मिनिमम दो पार्टनर्स कौन बोलता है सर? तो हमें ये पार्टनरशिप एक्ट बोलता है जो अपन ने देखा 1932 वाला। ये हमें बोलता है। मैक्सिमम कौन बताता है? तो देखो मैक्सिमम कौन बताता है? मैक्सिमम बताता है आपका। ऐसे पूरा ही लिख देता हूं। रूल 10 ऑफ़ कंपनीज़ एक्ट। कंपनीज़ एक्ट 2013। सर ये क्या कर दिया आपने? अभी आपने बोला एक एक्ट फिर दूसरा एक्ट। हां। कंपनीज़ एक्ट 2013 बताता है कि मैक्सिमम जो पार्टनर्स हैं दे कैन बी 50। ठीक है? 50 मैक्सिमम पार्टनर हो सकते हैं। अगर 51 पार्टनर हो गए। 51 पार्टनर आ गया तो फिर आप कंपनी में चेंज कर दो उस चीज को। फिर वो पार्टनरशिप नहीं रह जाएगी। भाई 50 पार्टनर पहले ही बहुत होते हैं यार। ठीक है? तो 50 बहुत हैं। 50 से ऊपर आया तो आप उसको कंपनी में चेंज कर दो। ऐसा नहीं होगा आप दुनिया भर को पार्टनर ही बना लो। ऐसा नहीं होगा फिर। 50 मैक्सिमम पार्टनर्स अकॉर्डिंग टू रूल 10 ऑफ़ कंपनीज़ एक्ट हम ले सकते हैं। तो सबसे पहली जो चीज़ बताई मैंने तुम्हें कि यहां पर मिनिमम दो पार्टनर्स होने चाहिए। अच्छा ठीक है। ये पांच चीज़ हैं इसमें। दूसरी चीज़। दूसरी चीज़ एग्रीमेंट होना चाहिए। अब ये एग्रीमेंट क्या होता है? एग्रीमेंट क्या होता है कि ये दोनों आपस में जैसे भाई बैठे हैं ना मिलके है ना तो ये दोनों आपस में एक एग्रीमेंट करेंगे। एग्रीमेंट कैसा कि यार हम बस एग्रीमेंट में वो अपना नाम वाम लिख देंगे या फिर और भी चीजें कर सकते हैं। जैसे कि हम प्रॉफिट्स कितने शेयर करेंगे समझो कि इस पूरी दुकान में तन्मय भट्ट का ही पैसा लगा हुआ है। समय रायना ने अपनी गुडविल के लिए मतलब उसका उसको देख के लोग आ जाएंगे दुकान में कि वो मेहनत करेगा। पैसा किसने लगाया मोस्टली? मैं मान लेता हूं तन्मय भट्ट ने पैसा लगाया। तो ऐसे में तन्मय भट्ट बोलेगा ना कि यार मुझे थोड़ा ज्यादा प्रॉफिट का शेयर दे और तू थोड़ा कम ले। फॉर एग्जांपल 3:2 में शेयर कर लेंगे जितना भी प्रॉफिट आया। 3:2 मतलब तीन पार्ट्स एक रखेगा, दो पार्ट्स दूसरा रखेगा। है ना? तो ये एग्रीमेंट है कि अगर हम डिस्प्यूट हो गया। हम दोनों के बीच में लड़ाई हो गई। तो सॉल्व कैसे करेंगे? तो दो-तीन अलग-अलग चीजें होती हैं जिसे सॉल्व कर सकते हैं। कोर्ट में जा सकते हैं। आर्बिट्रेटर एक नाम का शख्स होता है। रिटायर्ड जज उसके पास जाके ये चीजें कर सकते हैं। तो ये सारी चीजें उस एग्रीमेंट में लिखी हुई होएंगी कि हम कितना पैसा लगाएंगे? हमारे नाम क्या हैं? हम क्या बिजनेस कर रहे हैं? हम कैसे प्रॉफिट्स को शेयर करेंगे? हम कितना इंटरेस्ट लेंगे, ब्याज लेंगे अपने कैपिटल्स पे। कितनी-कितनी किस पार्टनर की सैलरी होगी? ये सारी चीजें एग्रीमेंट में लिखी जाती हैं। अब एग्रीमेंट के लिए भी मैं दो चीजें बता देता हूं तुम्हें कि ये जो एग्रीमेंट है ये भी दो तरीके का एग्रीमेंट हो सकता है। कौन-कौन से दो तरीके? हो सकता है ओरल एग्रीमेंट ही हो जाए कि भाई मुंह से बोल दिया कि हां यार भाई अपन दोनों ऐसा-ऐसा कुछ करेंगे। तो ये एक ओरल एग्रीमेंट है। उन्होंने लिखा कुछ नहीं। दूसरा होता है रिटर्न एग्रीमेंट। ठीक है? रिटर्न एग्रीमेंट में क्या होता है? दोनों लिखावट में। अब ये लिखते किस पे हैं? ऐसा नहीं कोई नॉर्मल पेपर उठाया उस पे लिख दिया नहीं। एक पूरा का पूरा स्टैंप पेपर होता है जिस पे ये सारी चीजें लिखी जाती हैं। अपन इसको आगे पढ़ेंगे। इस रिटर्न एग्रीमेंट को हम पार्टनरशिप डीड भी बोलते हैं। ठीक है? ये इसको मैं डिटेल में पढ़ाऊंगा। डोंट वरी। तो या तो रिटर्न एग्रीमेंट होना चाहिए या तो फिर ओरल पर एग्रीमेंट होना चाहिए। तो सर आप बोलोगे सर कि ऐसा कि दोनों मिले आज आपस में हाथ मिलाया बोला कि हम लोग बिज़नेस कर रहे हैं। और इन्होंने कुछ भी लिखावट में नहीं लिया कि हम प्रॉफिट्स कितने शेयर करेंगे। मतलब इन्होंने मन में डिसाइड कर लिया कि भैया प्रॉफिट्स देखो समय भाई आप लोगे 3th ऑफ़ मैं 2थ ऑफ़ प्रॉफिट्स और मैं लूंगा 3 फिफ्थ ऑफ़ प्रॉफिट। मतलब थ्री और टू में हम लोग डिवाइड करेंगे प्रॉफिट को। समय भाई आप सैलरी ले लेना ₹50,000 महीना। मैं सैलरी लूंगा ₹10,000 महीना। ये इन्होंने मुंह से बोल के डिसाइड कर लिया। तो भी ये वैलिड है। है ना? ऐसा नहीं है कि जरूरी नहीं है कि लिखना ही पड़े। लेकिन क्यों लिखना जरूरी है? क्योंकि यार हो सकता है कल को ये भूल जाए कि कल को अगर ऐसा हो कि जब समय रायना को सैलरी एक्चुअली लेने की बात आई पार्टनरशिप फर्म से तन्मय भट्ट बोले यार मेरे को याद ही नहीं था तो इन केस तब क्या करेंगे तब तो दिक्कत हो जाएगी ना फिर वही कोर्टवोट के पास भागना पड़ेगा केस करना पड़ेगा एक दूसरे पे तो उससे बचने के लिए ये लोग रिटर्न एग्रीमेंट कर ही लेते हैं यूजुअली लेकिन एक्ट बोलता है पार्टनरशिप एक्ट 1932 बोलता है कि अगर ओरल एग्रीमेंट है तो भी कोई दिक्कत नहीं है जरूरी नहीं है कि आप रिटर्न में करो लेकिन हर बार एडवाइस बबल है कि आप रिटर्न में ही करो ताकि फ्यूचर में कोई डिस्प्यूट्स हो रहे हैं तो वो बच जाए। तीसरी मोस्टेंट चीज कि एक ये तो बहुत बेसिक सा है कि एक बिनेस होना चाहिए। बिनेस होना चाहिए। पार्टनरशिप किस ऐसे ही नहीं हो सकती कि चल भाई हम दोनों पार्टनर बन गए। अब हम क्या करेंगे? हम कुछ क्या कर रहे हैं? क्या ऐसे क्या बोलूं कि हम दोनों पार्टनर बन गए और कोई सी हम गेड़ी मारेंगे रोज। ठीक है? हम लोगों की चैन स्नेच करेंगे। है ना? रोड पे जा रहे हैं। बाइक पे तू बैठ पीछे बैठ ना। मैं बाइक चलाऊंगा और हम लोगों के गले से चैन छीनेंगे। है ना? फिर उसको बेच के आधा-आधा प्रॉफिट ले लेंगे। ये सब नहीं होगा भाई। है ना? प्रॉपर बिनेस होना चाहिए। और उस बिजनेस का भी मोटिव प्रॉफिट मोटिव होना चाहिए। ठीक है? प्रॉफिट मोटिव के लिए एक बिजनेस वहां पर होना चाहिए। ये तीसरी मोस्टेंट चीज है। ठीक है? समझे आप? तो बिज़नेस होना चाहिए। अब इसके बाद आ जाता है प्रॉफिट। शेयरिंग। यहां पे शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट होना चाहिए। शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स सर इसका मतलब क्या होता है? और सर लॉस हुआ तो क्या लॉस शेयर नहीं करेंगे? हां मतलब लॉस को भी डीम करते हैं अपन। शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स एंड नेगेटिव प्रॉफिट्स इसको बोला जाता है। नेगेटिव प्रॉफिट्स यानी लॉस। तो मतलब वो लिखा नहीं है एक्ट में। ऐसे डेफिनेशन में नहीं लिखा। लेकिन हां भाई प्रॉफिट्स जो भी होंगे आपको डिस्ट्रीब्यूट करने हैं। रेश्यो कुछ भी हो सकता है बेटा। रेश्यो कुछ भी हो सकता है का मतलब देखो मैं आपको बताता हूं। समझो इन लोगों ने मिलके ये जो दुकान खोली ना इससे 50,000 कमा रहे हैं ये 50,000 और इनका रेश्यो है 49:10 49:1 का मतलब समझ रहे हो? एक पार्टनर को मिलेंगे 49,000 और दूसरे पार्टनर को मिलेगा 1000। लेकिन क्योंकि ये शेयर ऑफ प्रॉफिट है तो ठीक है। ऐसा भी ये कर सकते हैं। मोस्टली तो पार्टनर्स आधा-आधा बांट लेते हैं। 3:2 में कर लेते हैं। ऐसा कुछ करते हैं। लेकिन मैं आपको बस ये बता रहा हूं ये प्रॉफिट्स बटने चाहिए। एक बंदा सैलरी पे है अगर तो वो पार्टनरशिप नहीं है। मैंने आपको बताया था ना जैसे पापा है पापा की दुकान है। तो आप उस पे जाके बैठ रहे हो शाम को और पापा आपको समझो ऐसा मान लो मान लेता हूं रोज ₹500 दे देते हैं। ठीक है? तो एक तरीके से पापा के लिए वो सैलरी हुई। यू आर नॉट पार्टनर इन देयर प्रॉफिट्स। कि कल को ऐसा हो कि दुकान बंद करी। पापा ने बोला अरे पापा कितना कमाया तुमने? आधा-आधा करेंगे। मैं भी बैठा था दुकान पे। ऐसा नहीं कर सकते ना आप। तो ये पार्टनरशिप नहीं है। ये आपके पापा का सोल प्रोपराइटर बिजनेस है। समझे बात को? पार्टनरशिप में शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स होना चाहिए। हां शेयरिंग में कितना भी रेश्यो रखो उसकी कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन शेयरिंग होनी चाहिए। ऐसा नहीं कि एक बंदा है और दूसरे को सैलरी पे रखा है। वो पार्टनरशिप नहीं होती। ठीक है? तो इसमें मैंने आपको बताया कि शेयरिंग ऑफ प्रॉफिट्स होना चाहिए। और लास्ट एंड वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट जो चीज है वो है म्यूचुअल एजेंसी। इसको मैं और अच्छी तरह लिखूं ना अगर तो इसको बोलते हैं एजेंट प्रिंसिपल रिलेशनशिप। ये जो रिलेशनशिप है इनके बीच में। ठीक है? कौन सी रिलेशन? अरे रिलेशनशिप यार मतलब पार्टनरशिप का रिलेशनशिप। है ना? पार्टनरशिप का जो रिलेशनशिप है ना इन दोनों के बीच में वो है एजेंट प्रिंसिपल का रिलेशनशिप। अब ये एजेंट प्रिंसिपल का क्या होता है? इसका मैं एक आपको सिंपल सा एग्जांपल देता हूं। समझो कि आप इनकी दुकान पे गए। आपके स्कूल में पीटीएम थी और आप इनकी दुकान पे गए और उस टाइम दुकान पे यह समय रायना नहीं बैठा हुआ था। कौन बैठा हुआ था? तन्मय भट्ट। तन्मय बैठा हुआ था और आप इनके पास गए कि यार तन्मय भैया एक अच्छी सी मम्मी दे दो। मैंने कुछ स्कूल में शरारत कर दी है। अब प्रिंसिपल ने हमें बुलाया है कि आप अपनी मम्मी को लेके आओ। ठीक है? तो मुझे एक अच्छी सी मम्मी प्रोवाइड कर दो घंटे के लिए ताकि मैं स्कूल में जाके पीटीएम में दो। तो तन्मय भाई ने एक अच्छी सी मम्मी उठाई और आपको दे दी कि ठीक है आप कंसीडर हर टू बी योर मॉम और इनको आप लेके जाइए और ये आपके हिसाब से बात कर लेंगे कि हां भैया मैं इस बच्चे की मम्मी हूं। ठीक है? यह किसने किया? लेकिन चीज को याद रखना। तन्मय भट्ट था दुकान पर और तन्मय भट्ट ने ऐसा किया। उसने आपको दे दिया। और तन्मय भट्ट ने ऐसा मान लेते हैं पैसे भी लिए आपसे। उसने बोला कि हम लेते हैं सर ₹2000 पर आवर के हिसाब से हम मम्मा प्रोवाइड करते हैं। तो इस हिसाब से ₹4000 2 घंटे के लिए मैं आपसे लूंगा। ठीक है? कितने लूंगा? ₹4,000 फॉर हायरिंग अ मदर फॉर यू। ठीक है? तो ₹4000 इन्होंने लिए। अब क्या हुआ कि आप उस मम्मा जो आपकी अ मतलब आर्टिफिशियल मम्मी को आप लेके गए तो वहां पे मम्मी ने जाके ढंग से काम ही नहीं किया परफॉर्म ही नहीं करा उन्होंने वो जाके ऐसे ही बैठ गई प्रिंसिपल के सामने प्रिंसिपल शिकायतें कर रहा है आपकी और वो भी आपको देख रही हैं कि हां बेटा तू तो यही करता है तू घर चल मैं बताती हूं है ना ठीक है ऐसा कुछ कर रही मतलब शी वाज़ नॉट एक्टिंग प्रॉपर्ली वो प्रिंसिपल का साथ दे रही थी यार तो फिर ऐसे थोड़ी करना चाहिए आपका साथ देना चाहिए था ना उसको तो आप बहुत ज्यादा नाराज हो गए कि यार आपने अच्छी मम्मी प्रोवाइड नहीं की हमें है है ना? तो इन दैट केस आप वापस गए। आपने बोला कि देखो मैंने आपको ₹4000 दिए थे। मैंने आपको ₹4000 दिए थे। लेकिन आपने बोला था बहुत अच्छी मम्मी है। ये पहले भी दूसरे पीटीएम्स में जा चुकी है। लेकिन यहां पे तो हमारा प्रिंसिपल पहचान गया इसको कि यार आप तो अभय की मम्मी थी। है ना? और आप तो ये राहुल की मम्मी भी बन के आ गई। ये तो गलत बात हो गया। है ना? तो ऐसा कुछ हो गया। समझो सीन बन गया वहां पर। और मम्मी पहचानी गई पकड़ी गई। है ना? और प्रिंसिपल ने आपको और और मतलब जितना पनिशमेंट देना था उससे ज्यादा मतलब समझो स्कूल से रेस्टिगेट ही कर दिया तुमको। तो ऐसे में नुकसान हो गया ना आपका। आपके 4000 तो पानी में चले गए। तो आप गए वापस दुकान पे कि यार नहीं आपने बोला था बहुत अच्छी मम्मी है। आपके पास लोअर क्वालिटी की मम्मी भी थी जो ₹1000 पर आवर अगर लेती मतलब ₹2000 में मेरा काम हो जाता। लेकिन आप यहां पर ₹4000 में मुझे जो आपने दिया वो तो भाई वो अच्छी मम्मी नहीं थी। मतलब शी डिडंट परफॉर्म्ड हर एक्टिंग स्किल्स वेल ओवर देयर। तो आप जब दुकान पे गए ये शिकायत लेके तब तन्मय नहीं था। तब समय रहना बैठा था वहां पर। कौन बैठा था? समय बैठा था। अब इन दैट केस समय बोल रहा है यार मेरे को तो पता ही नहीं है। है ना? मेरे को तो पता ही नहीं है क्या हो गया। ऐसा बोल सकता है क्या वो? वो अगर इन्होंने आपको प्रॉमिस किया है कि यार अगर ऐसा कुछ होगा समझो उस टाइम पे तन्मय ने प्रॉमिस कर दिया था आपको कि यार अगर आपका काम नहीं हुआ तो मैं आपके पूरे 4000 रिफंड कर दूंगा। मैं पूरे 4000 रिफंड कर दूंगा। ये प्रॉमिस किसने किया था आपको? तन्मय ने। लेकिन आप जब दूसरी बार दुकान पे गए तब तन्मय था ही नहीं। तो क्या आपको समय मना कर सकता है कि यार मैं तो ऐसा नहीं करूंगा। आपको तन्मय ने प्रॉमिस किया था। तन्मय को ही आप पकड़ो। अभी तन्मय नहीं है तो हम आपको पैसा रिफंड नहीं कर सकते। ऐसा समय नहीं बोल सकता। क्यों? क्योंकि यहां पर म्यूचुअल एजेंसी है। यहां पर एजेंट प्रिंसिपल रिलेशनशिप है। इसका मतलब अगर एक पार्टनर ने प्रॉमिस किया है। मतलब एक पार्टनर ने प्रॉमिस किया है तो भी यही माना जाएगा कि सारे पार्टनर्स का प्रॉमिस वही है। तो ये पार्टनर रहे दुकान पर या ये पार्टनर रहे यू विल बी कंसीडरिंग इट सेम। तो आपको जो रिफंड मिलना है। समय आपको कभी ये नहीं बोल सकता कि तन्मय अभी दुकान पे नहीं है। आप तो बाद में आना नहीं। उसको ये रिफंड देना पड़ेगा। बिकॉज़ यहां पर एजेंट प्रिंसिपल रिलेशनशिप है। इसका एक और छोटा सा और एग्जांपल दे देता हूं। जैसे आपने दो पार्टनरशिप में यही दोनों थे। कपड़े बेच रहे थे और कपड़े कभी-कभी होता है ना कि मैडम आप तो लेके जाओ। है ना? आप चार जोड़ी कपड़े लेके जाओ। आपको दो चाहिए आप चार जोड़ी लेके जाओ। दो वापस कर देना आपको अगर समझ में नहीं आया तो। और आप जब वापस दुकान पे दो जोड़ी वापस करने गए तब दूसरा पार्टनर बैठा था। तो वो आपको मना नहीं कर सकता कि यार मैं नहीं वापस करूंगा। आपको उसने बेचा ऐसा नहीं। आप दूसरा पार्टनर भी है तो उसको वही शर्तें माननी पड़ेगी। समझे बात को? इसी को बोलते हैं एजेंट, प्रिंसिपल रिलेशनशिप। और ये मोस्ट इंपोर्टेंट है कि भैया ये चीज तो होनी ही चाहिए। पार्टनरशिप में ये चीज़ होती ही है। ये जो मैंने आपको सारे के सारे बता दिए इनको बोलते हैं अपन। इनको बोलते हैं फीचर्स। क्या है ये? फीचर्स ऑफ पार्टनरशिप। फीचर्स ऑफ पार्टनरशिप। आई होप आपको ये समझ में आया होगा कि ये फीचर्स हैं। ये पांच चीजें होनी ही चाहिए। मिनिमम दो पार्टनर्स मैक्सिमम 50 एग्रीमेंट या ओवरऑल हो या रिटर्न हो पर एग्रीमेंट होना चाहिए। बिजनेस होना चाहिए एक जो प्रॉफिट मोटिव के लिए आपने किया है। प्रॉफिट्स की शेयरिंग होनी चाहिए और म्यूचुअल एजेंसी आपकी होनी चाहिए। तो ये सारी चीजें अगर हैं तो उस चीज को अपन बोलते हैं पार्टनरशिप। आई होप अब आपको पार्टनरशिप समझ में आ गया। अब इसकी एक लीगल डेफिनेशन है। उस पे जाते हैं तो वो है अकॉर्डिंग टू सेक्शन फोर ऑफ़ पार्टनरशिप एक्ट 1932। पार्टनरशिप इज अ रिलेशनशिप अमंग टू और मोर पर्संस। ध्यान से सुनना। पार्टनरशिप इज अ रिलेशनशिप मतलब एक एग्रीमेंट टाइप का है। अमंग टू और मोर पर्संस। दो या दो से ज्यादा। ये फीचर्स ही हैं। एक तरीके से एक डेफिनेशन में लिख दिया। टू और मोर पर्संस टू शेयर प्रॉफिट्स एंड लॉसेस ऑफ़ द बिज़नेस। बिज़नेस होना चाहिए। उसके प्रॉफिट एंड लॉसेस शेयर होने चाहिए। अब ये जो लिखा है ना मैंने आपको जो म्यूचुअल एजेंसी बताया वो यही है। कैरीड ऑन बाय ऑल और एनी वन ऑफ़ देम एक्टिंग फॉर ऑल। कि सारे के सारे बैठ के बिनेस करें तो भी ठीक है। लेकिन अगर एक कर रहा है तो भी हम यही मानेंगे कि सारे मिलके बिज़नेस कर रहे हैं। दिस इज कॉल्ड कैरिड ऑन बाय ऑल और एनी ऑफ देम एक्टिंग फॉर ऑल। एनी ऑफ़ देम एक्टिंग फॉर ऑल। मतलब एक काम कर रहा है। बाकी सबके भी बेसिस पे उसको ही अपन जज करेंगे। है ना? मतलब उस बंदे का ऐसा नहीं मानेंगे कि वो अकेला है। ठीक है? उसके सारे डिसी उसके जो डिसीजंस हैं वो सब पे लागू होंगे। उसके प्रॉमिससेस जो उसने कस्टमर से किए हैं वो सारे पार्टनर्स को निभाने पड़ेंगे। इसको बोलते हैं म्यूच्यूल एजेंसी। तो जो पांच चीजें पढ़ी ना उसको अपन ने इसी लाइन में पूरा का पूरा लिख दिया। एक तरीके से ये समझ लो आप। इसी को ही बोलते हैं पार्टनरशिप की डेफिनेशन। आई होप आपको ये डेफिनेशन समझ में आ गई होगी। अच्छा एक और चीज बता देता हूं। अभी तक तो आपने कॉपी पेन उठाई नहीं होगी। आपको तो बस ऐसे ही सुनना है, खत्म करना है। रिवीजन जो कर रहे हो। है ना? तो मैं आपको ये बोलूंगा कि आप कॉपी पेन उठाओ। चीजें साथ में करते जाओ तो ज्यादा बेटर समझ में आएगा। और दूसरी बात कि अगर आप रिवीजन के तौर पे इसको देख रहे हो तो मैं आपसे आगे क्वेश्चंस पूछता जाऊंगा। ठीक है? क्वेश्चंस पूछता जाऊंगा। आप कमेंट में उसका आंसर देते चले आना। ठीक है? इतना तो कर सकते हो ना यार। बस जब मैं जो क्वेश्चन पूछूं वीडियो को उस 2 सेकंड के लिए पॉज करना। जल्दी से अपना आंसर लिखना। वापस वीडियो कंटिन्यू करना। ऐसे में तुम्हारा जो एक ये रिटेंशन होता है ना जो भी मैं समझा रहा हूं वो रिटेन हो जाएगा दिमाग में। ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। यहां का यहां ही सारी चीजें समझ में आ जाएंगी। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं। अब देखो यहां पर मैंने आपको फीचर्स बता ही दिए। दो या दो से ज्यादा पार्टनर होने चाहिए। एग्रीमेंट होना चाहिए। बिनेस होना चाहिए प्रॉफिट मोटिव के लिए। प्रॉफिट्स का शेयरिंग होना चाहिए और म्यूचुअल एजेंसी होनी चाहिए। ये मैंने आपको सारी चीजें एक्सप्लेन कर दी। अब देखो कभी-कभी क्या होता है कि यार हक के लिए लड़ाई होती है दोनों पार्टनर्स के बीच में कि मेरे हक क्या है? मतलब जैसे आप घर पे बैठे हो तो आप मम्मी को कितना बोल सकते हो कि मेरा राइट है। मम्मा मेरे को खाना दो। मेरा राइट है यहां पे। मैं रह रहा हूं तो मुझे खाना दो आप। ठीक है? मेरा हक बनता है उस खाने पर क्योंकि मैं आपके घर में रह रहा हूं। तो ये राइट्स होते हैं कि अगर ये ये लड़े ना ये आपस में अरे रे भाई लड़ो मत। तो ये लड़े ना इसके लिए कुछ राइट्स ऑफ पार्टनरशिप डिसाइड किए गए हैं एक्ट में कि कुछ पार्टनर के तो हक हैं भाई। क्या हक है? सबसे पहला हक उसका क्या है? टू एक्सप्रेस व्यूज। अगर उसको बिज़नेस चलता हुआ दिख रहा है या उसको लग रहा है कुछ मेरे व्यूज हैं जो इंपॉर्टेंट है देना दूसरे पार्टनर्स को तो उसको हक है अपने व्यूज को प्रेजेंट करने का, अपनी बात को रखने का। राइट टू शेयर प्रॉफिट्स। इसका हक है प्रॉफिट्स पे। जिस रेश्यो में डिसाइड किया था उसी में मिलेगा। पर हक इसका है उन प्रॉफिट्स पे। राइट टू बी इंडेमनिफाइड। अगर पार्टनर ने पार्टनरशिप फर्म के हिसाब से कोई खर्चा कर दिया है। जैसे समझो दोनों पार्टनर्स थे ना वो इन्होंने दुकान खोली दी। तो समय ने अपने जेब से पैसा दे के आया रेंट का। रेंट के ₹10,000 थे। समय ने जेब से दे दिए। मतलब खुद के पैसों में से वो ₹10,000 दे दिए। तो वो ₹10,000 फर्म से वापस लेने का हक है समय को। को दिस इज़ कॉल्ड राइट टू बी इंडेमनीिफाइड। मतलब फॉर द एक्सपेंसेस दैट अ पार्टनर पर्टिकुलरली इज़ ड्रोइंग ऑन हिज़ बेसिस उसको हक है कि वो पैसा उसको फर्म से वापस मिले। सीधी सी बात है ना जैसे समझो मैं नेक्स्ट टॉपर्स में हूं। अब यहां पर कभी किसी चीज की जरूरत पड़ गई किसी को समझो ऐसा कुछ चाहिए। समझो ये स्टाइलस खराब हो गया और मैं लेके आया नेक्स्ट टॉपर्स के लिए ये स्टाइलस ₹5,000 का मैं लेके आया। तो मेरा हक बनता है ना कि मैं इनसे ₹5,000 लूं। भाई मैं जेब से थोड़ी लगाऊंगा। है ना? तो ये इट्स कॉल्ड राइट टू बी इंडेमनिफाइड कि मैंने कोई खर्चा किया है तो आप मुझे रिंबर्स कर दो। इसको बोलते हैं राइट टू बी इंडेमनिफाइड। राइट टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड एडवांसेस। अगर मैंने कुछ एडवांस दिया है फर्म को लोन दिया है या मैंने कैपिटल लगाई है तो मेरा हक बनता है कि मैं उस पे ब्याज उनसे लूं। क्योंकि वही पैसा अगर मैं बैंक में रख देता तो कमाता। भाई दोनों पार्टनर हैं। अगर पैसा बैंक में रख दे तो भी तो कमाएंगे ना ब्याज। तो वो ब्याज का हक बनता है इनका पार्टनरशिप फर्म से लेने का। मतलब अपनी दुकान से वो इंटरेस्ट वो ब्याज वो वहां से निकालेंगे। राइट टू डिसअलाव एडमिशन ऑफ़ पार्टनर। दिस इज़ मोस्टेंट। ठीक है? कोई भी बंदा चाहे मतलब अगर ऐसा पता है यहां पे यूनानिमस डिसीजन नहीं होता है। यहां पर अगर 50 बंदे हैं। और अगर एक बंदे ने मना किया ना कि किसी पार्टनर का एडमिशन नहीं कर सकते हम। समझो एक फर्म है जिसमें 49 पीपल आर देयर। 49 पार्टनर्स हैं। और यहां पर कोई एक पार्टनर बोल रहा है कि यार ये मेरा दोस्त है। इसको भी हम लोग पार्टनरशिप में ले लेते हैं। 48 बंदे एग्री कर रहे हैं। 48 बंदे एग्री कर रहे हैं। एक बंदा एक पार्टनर डिसए्री कर रहा है। डिसए्री कर रहा है। एक बंदा डिसए्री कर रहा है। 49 यानी मेजॉरिटी एग्री कर रही है। तभी भी हम उस पार्टनर को एडमिट नहीं करेंगे। ठीक है? पूरे के पूरे 49 पार्टनर्स अगर एग्री करेंगे पूरे 49 एग्री करेंगे तो ही नए पार्टनर का एडमिशन हो सकता है। अगर एक ने भी मना कर दिया तो फिर वहां पर क्या बोलते हैं? एडमिशन नहीं हो सकता। तो दिस इज़ दिस इज़ राइट टू डिसअलाव एडमिशन ऑफ़ पार्टनर। एक पार्टनर भी चाहे तो उसका हक है कि वो किसी के एडमिशन को नए पार्टनर को बिज़नेस में लाने के लिए मना कर सकता है। तो इसके बाद आता है राइट टू बी जॉइंट ओनर ऑफ़ पार्टनरशिप प्रॉपर्टी। जो भी पार्टनरशिप ने प्रॉपर्टी खरीदी है, फर्म ने प्रॉपर्टी खरीदी है, पार्टनरशिप को फर्म बोलते हैं। पार्टनरशिप के बिज़नेस को फर्म बोलते हैं। तो फर्म ने अपने नाम पे जितनी भी प्रॉपर्टी खरीदी है, पार्टनर का उस पे भी हक है। इसका मतलब ये नहीं कि वो पूरी की पूरी प्रॉपर्टी यूज़ कर लेगा। लेकिन हां यार वो अगर प्रॉपर्टी बिकती है तो फिर इसका भी हक बनता है उस वाले पैसों में कि यार आपने पार्टनरशिप के पैसों से ही खरीदी थी तो आप बेच रहे हो तो मुझे भी उसका हिस्सा दो। दिस इज़ राइट टू बी अ जॉइंट ओनर ऑफ द पार्टनरशिप प्रॉपर्टी। इसका भी हक़ है उस प्रॉपर्टी पे जो फ़र्म खरीद रही है। फ़र्म समझते हो ना सारे पार्टनर मिलके जो खरीद रहे हैं उसको फ़र्म बोलते हैं। पार्ट इसके पार्टिसिपेशन इन बिज़नेस। मतलब अगर जो भी आप बिज़नेस कर रहे हो इसमें पार्टनर का पूरा हक है ये बोलने का कि बिज़नेस सही चल रहा है, गलत चल रहा है जो भी है। है ना? तो उसका पूरा हक है बिज़नेस में पार्टिसिपेट करने का। आप उसको नेगलेक्ट नहीं कर सकते। यार जा भाई तेरे से नहीं पूछ रहे। ऐसा नहीं। उसका हक है कि वो आके बिज़नेस में बैठेगा, देखेगा, बुक्स देखेगा कि भैया आप कितना प्रॉफिट या लॉस कमा रहे हो। वो सारे बुक्स देख सकता है। उसका हक है ये सारी चीजें करने पर। तो दीज़ आर कॉल्ड राइट्स ऑफ अ पार्टनर। ये सारी चीजें पार्टनर्स के राइट्स हैं। तो अब यहां तक तो भाई थ्योरी थ्योरी थ्योरी खत्म हुई। ठीक है? अब अपन थोड़ा सा प्रैक्टिकल अप्रोच की तरफ चलते हैं। तो मैंने आपको बताया था जो एग्रीमेंट है ये ओरल हो सकता है। मतलब आपने मुंह जबानी बोल दिया वो भी हो सकता है। लेकिन मैंने आपको बोला रिटर्न बहुत ज्यादा सही होता है। तो क्या क्यों सही होता है? क्योंकि अगर फ्यूचर में कुछ दिक्कत हुई तो आपके पास लिखावट में चीजें हैं तो आप आसानी से उसको सॉल्व कर सकते हो। जो लिखावट में चीजें हैं रिटर्न डॉक्यूमेंट है उस डॉक्यूमेंट को बोलते हैं हम पार्टनरशिप डीड। क्या बोलते हैं बेटा? पार्टनरशिप डीड। क्या होती है? तो एक ऐसा स्टैंप पेपर आपने देखा ही होगा। उस स्टैंप पेपर पे सारी चीजें लिखी होती हैं कि जैसे इसमें देखो लिखा है नेम ऑफ बिनेस। कहां पर प्लेस ऑफ़ बिज़नेस? कहां पर बिज़नेस है? कौन पार्टनर्स हैं? पार्टनर्स के एड्रेसेस क्या हैं? पार्टनर किस रेश्यो में शेयर कर रहे हैं? प्रॉफिट्स, पार्टनर्स की सैलरी कितनी होगी? पार्टनर्स को कमीशन कितना मिलेगा? ये सारी चीजें इस चीज़ में लिखी होती है। उस चीज़ को बोलते हैं। उस डॉक्यूमेंट को बोलते हैं पार्टनरशिप डीड। तो पार्टनरशिप डीड इज़ अ रिटर्न डॉक्यूमेंट। देखो आगे आगे वो रिटर्न डॉक्यूमेंट है। दे दैट कंटेन्सस ऑल द टर्म्स एंड कंडीशंस रिगार्डिंग द कंडक्ट ऑफ़ द पार्टनरशिप बिज़नेस। इट हेल्प्स इन सेटलिंग द डिस्प्यूट्स अराइज़िंग अमंग द पार्टनर्स इन अ जनरल कंडक्ट ऑफ़ बिज़नेस। अगर बिजनेस में कुछ मतभेद हो जाते हैं, कुछ मिसअंडरस्टैंडिंग हो जाती है, कुछ डिस्प्यूट हो जाता है पार्टनर्स के बीच में तो ये दस्तावेज, ये डॉक्यूमेंट हेल्प करेगा उनको कि भैया ये चीज आप सॉल्व करो। ठीक है? चलो एक क्वेश्चन मैं तुमसे पूछ लेता हूं। देखो एक छोटा सा क्वेश्चन मैं तुमसे बना के पूछ लेता हूं। मुझे एक चीज बताओ। ठीक है? ये एक पार्टनरशिप फर्म है। ठीक है? तुमने मैंने मिलके पार्टनरशिप फर्म खोली है। ठीक है? तुमने मैंने मिलके पार्टनरशिप फर्म खोली है। ये आप हो। यह मैं हूं। ये मैं हूं रोहित और ये आप अपना नाम समझ लेना जो भी। ठीक है? अब आपने ये बोला आप हो मैं हूं। चलो मैं आपकी बात करता हूं। आप मुझे अपने हिसाब से आंसर देना। मैंने बोला कि यार मेरे मेरी ना अभी तबीयत थोड़ी सी खराब रह रही है। तो मैं यार बहुत ज्यादा काम नहीं कर पाता हूं। है ना? यहां पे जो प्रॉफिट था यहां पर जो प्रॉफिट शेयरिंग थी समझो 1:1 था। आधा-आधा प्रॉफिट हम दोनों लेके जाते थे बिज़नेस में जैसा भी होता था। मैंने बोला मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती है। एक काम करते हैं यार तुम्हारा जो भी नाम है समझो मैं ऐसा राहुल मान लेता हूं कि राहुल एंड रोहित वर पार्टनर्स। तो राहुल भाई एक काम करते हैं कि यार एक एक काम कर रहे हो छोटा सा कि एक बंदे को एडमिट कर देते हैं। ठीक है? एडमिशन कर देते हैं। मेरा दोस्त है वो। ठीक है? सुनना अभी तो आप बोलोगे कि नहीं सर नहीं कर सकते। है ना? लेकिन मैं आपको बता रहा हूं। रोहित यानी मैं मैं एक बंदा है समझो सुनील मैं सुनील मेरा दोस्त है। उसको मैं एडमिट करना चाहता हूं पार्टनरशिप में और मैं आपसे पैसे नहीं ले रहा हूं। सुनो मेरी बात। यह 1:1 प्रॉफिट था ना? मैंने क्या बोला? आई विल गिव शेयर ऑफ प्रॉफिट। शेयर ऑफ प्रॉफिट टू सुनील फ्रॉम माय ओन शेयर। फ्रॉम माय ओन शेयर। अब सुनो ध्यान से। क्या लिखा है मैंने यहां पर कि मैं अपने पैसों में से भाई तुझसे नहीं ले रहा मैं। मैं अपने पैसों में से ही उसको पैसे दे दूंगा। मतलब अगर 1:1 का रेश्यो था तो ये 1 आपको वन ही मिलेगा। हाफ ही मिलेगा। 1/2 ही मिलेगा। मतलब आपको जिंदगी में जितना भी प्रॉफिट हुआ उसका हाफ ही मिलता रहेगा। मैं जितना कमाऊंगा उसमें से मैं कुछ सुनील को दे दूंगा। कितना दे दूंगा वो भी मैं मान लेता हूं। समझो मेरा भी हाफ शेयर था ना। इस हाफ में से इस हाफ में से समझो हाफ का भी और थोड़ा पार्ट हो सकता है। इस हाफ का हाफ मैं उसको दूंगा। यानी 1/4 मैं रखूंगा और 1/4 मैं सुनील को दे दूंगा। तो मतलब आपके प्रॉफिट पे कोई इफेक्ट नहीं होगा बेटा। आपको पहले जितना मिलता था इस बंदे के आने के बाद भी आपको इतना ही मिलेगा। आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। है ना? आप अब मुझे बताओ कि क्या आप इस एडमिशन को अलऊ कर सकते हो या करोगे या नहीं करोगे? क्या आप इस चीज को डिनाई कर सकते हो? कि मैं उसको एडमिट कर सकता हूं। तो क्या आप इसको डिनाई कर सकते हो? मैंने बोला था ना पार्टनरशिप का देखो ये वाला राइट ये वाले राइट की मैं बात कर रहा हूं। राइट टू डिसअव अ एडमिशन ऑफ़ पार्टनर। ठीक है? अब यहां पर तो यार मैंने आपसे पैसे ही नहीं लिए। यहां पर आपका पहले जितना प्रॉफिट बन रहा था अभी भी उतना ही बनेगा। इस बंदे के आने के बाद भी आपका उतना ही। पहले अगर ₹50,000 समझो हम कमाते तो ₹2, ₹25,000 लेके जाते। अब हम ₹1 लाख कमाएंगे तो ₹50,000 लेके जाएंगे। तो आपको तो ₹50,000 ही मिलेंगे। ₹1 लाख कमाया बिज़नेस से। आपको 50 ही मिलेंगे। 25-25 हम लोग आपस में बांट लेंगे। ठीक है? हमारा जो ₹00 शेयर है ना मेरा मैं और सुनील आपस में बांट लेंगे। 25,25,000 तुम्हारे प्रॉफिट पे कोई चीज नहीं आएगी। ठीक है? अब इन दैट केस आप मुझे बताओ पॉज करो और आप बताओ आप इसको डिसअ कर सकते हो। डिसअ कर सकते हो या नहीं कर सकते हो? जल्दी से मुझे ये चीज आप कमेंट्स में बताना और ये इंपॉर्टेंट चीज है। अगर आपको समझ में आ गया ना कॉन्सेप्ट तो आप मुझे बता सकते हो। आप डिसअ कर आपकी मर्जी नहीं है कि कोई तीसरा आए। तो क्या आप डिसअ कर सकते हो या आप नहीं कर सकते हो? ये आप मुझे कमेंट्स में बताना। आंसर भी मैं आपको वहीं पर ही दूंगा। चलिए अब ये तो मैंने आपको पार्टनरशिप डीड के बारे में बताया कि बहुत सारी चीजें लिखी होती हैं। बहुत सारी ये सारी चीजें लिखी होती हैं। इसमें आपको ज्यादा ध्यान नहीं देना। बस मैं एक बार बता देता हूं। नेम एंड एड्रेस ऑफ़ पार्टनरशिप फर्म। ऑब्जेक्टिव्स ऑफ बिज़नेस हम कौन सा बिज़नेस कर रहे हैं? क्या बिजनेस का ऑब्जेक्टिव है? नेम एंड एड्रेस ऑफ ईच पार्टनर। रेश्यो ऑफ़ प्रॉफिट्स किस रेश्यो में आप प्रॉफिट शेयर करोगे? कैपिटल कितना कंट्रीब्यूट करेगा? हर एक पार्टनर। रेट ऑफ इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। अगर कैपिटल पे इंटरेस्ट दे रहे हो तो कितना इंटरेस्ट, कितनी सैलरी, इंटरेस्ट लोन पे कितना, ड्रॉइंग्स पे कितना इंटरेस्ट होगा? ये सारी चीजें मतलब बहुत सारी चीजें लिखी होती हैं। इस पे आपको ध्यान नहीं देना। यू नीड नॉट टू लर्न दिस। यू नीड टू जस्ट अंडरस्टैंड कि पार्टनरशिप डीड में बहुत सारी चीजें लिखी हुई होती हैं। ये सारी एक बार बस पढ़ लेना। उससे ज्यादा कुछ नहीं। ऑलराइट? तो ये वाली सारी चीजें हैं जो एक पार्टनरशिप में पार्टनरशिप डीड में लिखी जाती हैं। अब अब आता है मेन प्रैक्टिकल सवाल कि जब डीड ही नहीं बनाई आपने आपने एक ओरल एग्रीमेंट कर लिया था। है ना? और आपने डीड नहीं बनाई तो अगर आपने डीड नहीं बनाई तो भाई कुछ तो होना चाहिए ना जो जज करेगा आपको। वो होता है एक्ट। पार्टनरशिप किस पे बेस्ड है? वो है पार्टनरशिप एक्ट 1932 पे बेस्ड। है ना? तो रूल्स क्या होते हैं? इन एब्सेंस ऑफ़ पार्टनरशिप डीड। अगर आपने डीड नहीं बनाई देखो क्या है ना कि देखो इसको इंडियन पार्टनरशिप एक्ट 1932 पूरे पार्टनरशिप को जज करता है। ठीक है? लेकिन अगर इस एक्ट के अलावा मुझे कुछ करना है तो मैं बनाता था डीड। कि हमने खुद की डीड बना दी। मतलब हम दोनों पार्टनर्स हैं। हमने एग्री कर लिया कुछ टर्म्स पे। पे वो हमने डीड में लिख दिए हैं कि भैया एक्ट कुछ भी बोले हम तो ऐसा बोल रहे हैं कि इतनाइतना होना चाहिए। लेकिन अगर आपने डीड नहीं बनाई अगर आपने डीड नहीं बनाई तो किसके प्रोविज़ंस अप्लाई करेंगे? इंडियन पार्टनरशिप। अगर आपने डीड नहीं बनाई तो जो फिर एक्ट बोलता है वो आपको करना पड़ेगा। और एक्ट क्या बोलता है वो बहुत बहुत सिंपल सी चीज बोलता है। क्या बोलता है एक्ट? पहले तो देखो पार्टनर को मिलता क्या-क्या है? मैं उन सारी चीजों की बात बता देता हूं। पार्टनर्स को सैलरी मिलती है। मतलब वो ले सकते हैं। सैलरी के नाम पे प्रॉफिट्स का डिस्ट्रीब्यूशन कर सकते हैं। कमीशन के नाम पे डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हैं। ठीक है? इसके बाद सैलरी कमीशन। बोनस के नाम पे वो पैसा उठा सकते हैं। ठीक है? अब इसके बाद आता है इंटरेस्ट ऑन कैपिटल के नाम पे वो पैसा उठा सकते हैं कि भैया मैंने लागत लगाई है। उस पे ब्याज दो। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल के नाम पे इंटरेस्ट ऑन लोन के नाम पे वो पैसा उठा सकते हैं कि भैया मैंने लोन दिया है फर्म को उस पे भी मुझे पैसा मिलना चाहिए। ठीक है? इसके बाद फर्म उनसे भी कुछ लेती है। इंटरेस्ट इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स अगर आपने कुछ पैसा विथड्रॉ कर लिया है बिनेस से कि भैया पार्टनरशिप ने बोला था कि 1 साल के बाद बिनेस के बाद 1 साल पूरा खत्म होने के बाद हम प्रॉफिट्स का शेयर करेंगे। पर आपको बीच में ही साल में जरूरत पड़ गई पैसों की। तो आपने थोड़ा सा पैसा विड्रॉ कर लिया कि भैया थोड़ा सा मैं लेके जाता हूं आखिरी में मेरे शेयर से काट देना है ना तो आपने ये ड्रॉइ्स कर ली ना पहले ही निकाल दिया तो इस पे इंटरेस्ट भी वो चार्ज कर सकती है ये फर्म को मिलता है इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स और लास्ट में अगर मैं बोलूं तो शेयर ऑफ प्रॉफिट्स मिल जाते हैं शेयर ऑफ प्रॉफिट्स जो भी आप डिसाइड करो मतलब पार्टनर्स अपने आप में शेयर ऑफ प्रॉफिट्स डिसाइड कर सकते हैं कि कौन कितना पैसा लेके जाएगा। ठीक है? ये सारी चीजें वो डीड में लिख सकते हैं। देखिए ये तो डीड ही नहीं बनाई। इन्होंने कुछ पार्टनरशिप का एग्रीमेंट ही नहीं बनाया। तो इन दैट केस क्या होता है बेटा? बहुत सिंपल सा है कि बहुत सिंपल है। सैलरी नहीं मिलेगी। किसी पार्टनर को कोई सैलरी नहीं मिलेगी। किसी पार्टनर को कोई कमीशन नहीं मिलेगा। ₹1 का भी कमीशन नहीं मिलेगा। कोई बोनस नहीं मिलेगा। कोई इंटरेस्ट ऑन कैपिटल नहीं मिलेगा। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा। इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा। कितना मिलेगा? इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा @ 6% पर एनम। अब इसका एक लॉजिकल रीज़न है पता है कि इंटरेस्ट ऑन लोन क्यों मिलता है एक पार्टनर को? देखो बेटा एक फर्म है तुमने मैंने मिलके एक दुकान खोली इस पे पैसा लगाया वो हमने कैपिटल लगाई। अब एक्ट बोलता है कि कैपिटल के ऊपर इंटरेस्ट नहीं हुआ है। आपने मिलके पैसा लगाया उस पे। अब आप उसी पे ही ब्याज ले रहे हो वो तो नहीं। लेकिन अगर आपके फर्म को और पैसों की जरूरत जैसे तूने 2 लाख लगाया। मैंने भी 2 लाख लगाया। ₹4 लाख में हम दोनों ने दुकान खोली। लेकिन हमको लग रहा है कि यार और पैसों की जरूरत है और हमने ₹1 लाख अगर बैंक से लिए होते तो हम कुछ ब्याज भरते ना। बैंक को तो पैसा देना पड़ेगा। इट्स अ थर्ड पार्टी। लेकिन क्या हुआ कि मैंने तुझे बोला कि हम दोनों की पार्टनरशिप है लेकिन बैंक से लोन ला ना लेके मैं ही लोन दे देता हूं पार्टनरशिप फर्म को। मतलब ₹2 लाख तुमने लगाए। ₹2 लाख मैंने लगाए। प्लस ₹1 लाख मैं एक्स्ट्रा लोन के फॉर्म में दे रहा हूं। कैपिटल के फॉर्म में नहीं लोन दे रहा हूं फर्म को। तो तुम बताओ मेरा हक बनता है ना कि यार मैं उस लोन पे ब्याज लूं क्योंकि वही पैसा अगर मैं बैंक में रख देता तो वहां से मुझे इंटरेस्ट मिल जाता और दूसरी बात अगर पार्टनरशिप फर्म के नाम पे बिनेस के नाम पे हम लोन अगर बैंक से ले लेते तो हमको उसको भी इंटरेस्ट देना पड़ता तो इससे अच्छा वो इंटरेस्ट मैं ही ले लेता हूं। मेरे पास एक्स्ट्रा पैसा पड़ा है। तो इसीलिए इंटरेस्ट ऑन लोन @ 6% एक पार्टनर को मिलता है। ये एक्ट में लिखा हुआ है कि आपको देना पड़ेगा। पर कितना देना पड़ेगा? 6% पर एनम ज्यादा नहीं 6% हां बस मैं अगर 10% मांग रहा हूं तो ये मेरी गलती है तो भी 6% देना है। अगर मैं 4% मांग रहा हूं तो भी 6% देना है क्योंकि एक्ट में लिखा हुआ है 6% तो 6% ही देना पड़ेगा। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग अगेन नहीं है आपकी डीड इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग भी नहीं देना। शेयर ऑफ प्रॉफिट्स इक्वल अगर डीड नहीं है तो प्रॉफिट्स इक्वल बटेंगे पार्टनर्स में। जितना भी प्रॉफिट हुआ तुम्हारा मेरा जितना भी प्रॉफिट हुआ वो इक्वल बटेगा बिज़नेस में हम दोनों के बीच में। समझे इस बात को? मतलब हम कोई भी रेश्यो नहीं आप ऐसा नहीं बोल सकते कि रोहित सर मैं और आप पार्टनर थे। मैं तो पूरा दिन दुकान पे बैठा रहता था। मैंने सारे काम किए हैं। आप तो दुकान पे आते ही नहीं थे। लेकिन बेटा हम पार्टनर्स हैं। है ना? और हमारे बीच में डीड नहीं है। तो आप मुझे ये नहीं बोल सकते कि मैं दुकान पे आता था या नहीं। प्रॉफिट पे हक हम दोनों का आधा-आधा है। जितना प्रॉफिट हुआ हम दोनों इक्वल रेशो में लेके जाएंगे। तो भी ये बहुत सिंपल सी बात है। डीड है उसमें तो जो लिखा हुआ है वैसा करेंगे। ध्यान से सुनना मैं क्या बोल रहा हूं। डीड में जो लिखा हुआ है वैसा करेंगे। लेकिन अगर डीड नहीं है तो फिर सिर्फ दो चीजें करते हैं हम। इंटरेस्ट ऑन लोन देते हैं पार्टनर को 6% पर एनम पे। और दूसरा शेयर ऑफ प्रॉफिट्स जो हैं वो इक्वली हम दोनों में बांट देते हैं। दिस इज़ मोस्टेंट इसका आप एक स्क्रीनशॉट ले लो। फिर अपन आगे बढ़ते हैं। ऑलराइट। तो स्क्रीनशॉट ले लिया होगा। आगे बढ़ते हैं। देखो, अब इसके बेसिस पे हमको कुछ क्वेश्चंस करने हैं जो बहुत ही सिंपल रहेंगे। ठीक है? देखो, वो तो रूल्स मैंने आपको बता ही दिए के नो पार्टनर हैज़ अ राइट टू सैलरी। नो इंटरेस्ट इज़ टू बी अलाउड ऑन कैपिटल्स, नो इंटरेस्ट इज़ टू बी चार्ज ऑन ड्रॉइंग्स। इंटरेस्ट एट द रेट ऑफ 6% इज़ टू बी अलाउड और पार्टनर्स लोन। प्रॉफिट्स एंड लॉसेस आर टू बी शेयर्ड इक्वली और विदाउट द कंसेंट ऑफ़ एकज़िस्टिंग पार्टनर्स, नो न्यू पार्टनर कैन बी एडमिटेड टू द फर्म। तो, यह तो एक क्वेश्चन भी मैंने आपसे पूछा। आई होप आंसर दे दिया होगा। बताओ भाई सुनील भाई को हम ऐड कर सकते हैं करेंगे या नहीं करेंगे? इफ यू डिसए्री फिर भी हम सुनील को एडमिट कर सकते हैं या नहीं कर सकते? उसका आंसर तो बता ही देना तो। दूसरा इन द एब्सेंस ऑफ़ एग्रीमेंट देयर इंटरेस्ट एंड सैलरी पेएबल टू द पार्टनर विल बी पेड ओनली इफ देयर इज़ प्रॉफिट। इन द एब्सेंस ऑफ़ एन एग्रीमेंट। अगर एग्रीमेंट नहीं है और इंटरेस्ट सैलरी अगर बोल ही रहे हैं कि यार चलो दे देता है तो कब दोगे जब प्रॉफिट हो। ये वाली चीजें क्वेश्चन में देख लेंगे ज्यादा बेटर है। अभी अपन सिंपल जो चीज़ मैंने आपको बताई कि आप बस दो चीज़ बेटा याद रखना कि सबसे पहली चीज़ है कि आप इंटरेस्ट ऑन लोन दोगे 6% पर एनम और दूसरा आप जो प्रॉफिट्स है वो इक्वली शेयर करोगे। बस उतना सा आपको याद रखना है अभी। अपन क्वेश्चंस देखते हैं। समय है तन्मय या पार्टनर्स इन अ फर्म। दे हैव नॉट एंटर्ड इंटू पार्टनरशिप डीड बट हैव एग्रीड ऑन द फॉलोइंग। दे मतलब वो डीड नहीं बनाई इन्होंने। देखो रिटर्न एग्रीमेंट नहीं है। बट हैड एग्रीड ऑन द फॉलोइंग। ठीक है? ये सारी चीजों पे इन्होंने एग्री किया है। सैलरी विल बी पेड टू समय 10,000 पर पर मंथ। तन्मय विल गेट कमीशन 10% ऑन नेट प्रॉफिट्स। इंटरेस्ट विल बी अलाउड ऑन कैपिटल्स 10% पर एनम। इंटरेस्ट विल बी चार्ज ऑन ड्रॉइंग्स 10% पर एनम। पार्टनर कैन नॉट बी एडमिटेड विदाउट द कंसेंट ऑफ़ बोथ पार्टीज़। अब हुआ क्या? हाउ विल द फॉलोइंग डिस्प्यूट्स बी रेज़ॉल्वड। तन्मय डिमांडेड टू बी पेड, सैलरी एज़ समय इज़ बीइंग पेड बिकॉज़ हिज़ कमीशन इज़ लोअर। कि भैया इसको लग रहा है कि यार मेरी जो कमीशन है वो कम आई है। तो जैसे सन्मय समय को सैलरी दे रहे हो ना अब वो बोल रहा है कि यार मुझे सैलरी भी दो। ठीक है? तन्मय बोल रहा है कि मुझे सैलरी भी दो। दूसरा समय डिमांड्स दैट हिज सन शेरी टू बी एडमिटेड एज़ पार्टनर फॉर 25% शेयर टू बी गिवन आउट ऑफ हिज़ शेयर ऑफ़ प्रॉफिट्स टू व्हिच गैरी डिसएग्रीज़। ठीक है? गैरी नहीं तन्मय टू व्हिच शेरी टू व्हिच तन्मय तन्मय डिसएग्री। तन्मय डिसएग्री कर रहा है। देखो दो सिंपल सी चीज़ हैं। इनको ही अपने को सॉल्व करना है। तन्मय बोल रहा है कि मेरे को सैलरी दो। समय को भी मिल रही है। अब इनके पास डीड है नहीं। है ना? डीड है नहीं। तो यहां पे क्या करेंगे भैया? सीधी सी बात है। तन्मय को करेंगे मना कि भैया तन्मय डिमांड्स टू बी पेड सैलरी एस समय। तन्मय भाई नहीं है पैसे। हम नहीं देंगे सैलरी। क्यों? क्योंकि आपने डीड ही नहीं बनाई। आपने डीड बनाई होती तो एक बात होती लेकिन आपने बनाई नहीं है। आपने तो ओरली एग्री किया है और एग्रीमेंट में कहीं लिखा ही नहीं है कि आपको सैलरी मिलनी है। मतलब ओरली भी एग्री नहीं किया आपने कि आपको सैलरी मिलनी है तो भैया नहीं देंगे। दूसरा समय डिमांड्स इज़ सन शेरी टू बी एडमिटेड। तो समय बोल रहा है लेकिन तन्मय डिसए्री कर रहा है। तो क्या हम उसको ऐड करेंगे क्या? हम नए पार्टनर को लाएंगे क्या? क्या हम शेरी को ऐड करेंगे? जब हमारा तन्मय मना कर रहा है तो तो नहीं करेंगे। सीधी सी बात है। अब उसके आगे कुछ भी लिखा है कि वो अपने प्रॉफिट्स में से देगा या जो भी चीजें होगी तो वो एक अलग बात है। कुछ भी लिखा हुआ हो। डिसए्री कर रहा है नहीं एडमिट होगा। खत्म बात। ठीक है? क्योंकि देखो सिर्फ ऐसा नहीं है कि पैसे से ही उस चीज को फर्क पड़ता है। पार्टनर आएगा तो 10 डिसीजंस हैं ना। पार्टनर्स के इतने सारे राइट्स पड़े हैं। कोई भी पार्टनर आए उसके सारे राइट्स हैं। तो वो बिनेस में घुसेगा। वो बुक्स देखेगा। वो डिसीजंस को इन्फ्लुएंस करेगा। इसलिए अगर एक पार्टनर भी डिसए्री करता है तो हम उस पार्टनर को आने नहीं देते। यह सिंपल सा है। द डिमांड ऑफ़ तन्मय टू बी पेड सैलरी एज़ इज़ पेड टू समय इज़ नॉट वैलिड इन व्यू ऑफ़ एग्रीमेंट ऑफ़ पेमेंट ऑफ़ कमीशन। मतलब क्योंकि हमने उसको कमीशन के लिए बोला है। तो हम सैलरी वगैरह तो उसको नहीं देंगे। दूसरा समयस डिमांड टू एडमिट शेयर इंटू पार्टनरशिप इज़ आल्सो नॉट वैलिड। एज़ बोथ द पार्टनर्स हैड एग्रीड टू एडमिट अ न्यू पार्टनर वि द कंसेंट ऑफ़ बोथ द पार्टनर्स। दोनों ने एग्री किया था कि भैया हम दोनों राजी होंगे तो ही हम लोग ऐड करेंगे नहीं तो नहीं करेंगे। समझे बात को? तो यह सिंपल सा था कि एक ओरल एग्रीमेंट अगर इन दोनों के बीच में हुआ ये ओरली इन्होंने एग्री किया है। लेकिन इस एग्रीमेंट के भी बाहर अगर कुछ वो मांगते हैं तो वो नॉट वैलिड हो जाएगा क्योंकि आपने ओरली भी उस चीज को एग्री नहीं किया है। अब अपन ऐसा मानते हैं कि ये तो ओरल एग्रीमेंट था। अब रिटर्न एग्रीमेंट की बात करते हैं। चलो अभी आगे वाला क्वेश्चन देखना। इसमें और समझ में आएगा। ए एंड बी कमेंस्ट बिज़नेस ऑन पार्टनरशिप ऑन 1 जनवरी 2022। याद रखना 1 जनवरी को बिज़नेस स्टार्ट किया है इन्होंने। ये डेट्स इंपॉर्टेंट है। नो पार्टनरशिप एग्रीमेंट वाज़ मेड। पार्टनरशिप का एग्रीमेंट ही नहीं है। ईदर ओरल और रिटर्न। मतलब ना ओरल एग्रीमेंट किया ना रिटर्न एग्रीमेंट। आपने एग्रीमेंट ही नहीं किया। हमने आपको बोला था कि भाई ओरल एग्रीमेंट भी वैलिड है। एटलीस्ट बोल के ही कर लो। रिटर्न में नहीं कर सकते तो। डीड नहीं बना रहे हो। ओरली एग्रीमेंट कर दो। जैसे पीछे क्वेश्चन में तन्मय समय ने ओरली तो एग्री किया था कुछ चीजों पे। पर इन्होंने ओरली भी एग्री नहीं किया है कुछ चीजों पे। है ना? तो इनके पास डीड ही नहीं है। अगेन तो अगर इनके पास डीड ही नहीं है तो सारी वो चीजें अप्लाई होंगी जो पार्टनरशिप एक्ट में लिखी हुई हैं। ठीक है? और पार्टनरशिप एक्ट में सिर्फ दो चीजें लिखी हुई हैं। है ना? तो सिर्फ वो अप्लाई होंगी इस क्वेश्चन में। आगे पढ़ लेते हैं। दे कंट्रीब्यूटेड 40,000 10,000 रेस्पेक्टिवली एज़ कैपिटल इन एडिशन ए आल्सो एडवांस्ड 20,000। एडवांस का मतलब होता है बेटा ए ने लोन दिया है। कितना लोन दिया है? 20,000 ऑन 1st जुलाई। अगेन डेट इज़ेंट 20,000 दिया फर्स्ट जुलाई को। एट मैट विथ एन एक्सीडेंट ऑन 1 अप्रैल। ठीक है? ये किसने दिया था? ए ने ही दिया है एडवांस। लोन दिया है ए ने। ए का ही एक्सीडेंट हो गया फर्स्ट अप्रैल को। एंड कुड नॉट अटेंड द पार्टनरशिप बिज़नेस अप टू 30th जून। द प्रॉफिट्स फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च वर 5600 का प्रॉफ़िट था। डिस्प्यूट्स हैव बीन अराइज़ इन बिटवीन द पार्टनर्स फॉर शेयरिंग द प्रॉफ़िट्स। अब कुछ हो गई है दिक्कत। दिक्कत क्या है? पहली दिक्कत। ए बोल रहा है कि ही शुड बी गिवेन इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एट 10% पर एनम ऑन कैपिटल एंड लोन। तो ये बोल रहा है मैंने भाई कैपिटल लगाई है और लोन दिया है उस पे मुझे 10% का कैपिटल पे इंटरेस्ट दो। तो डीड हमें क्या बोलती है कि कोई इंटरेस्ट ऑन कैपिटल नहीं मिलेगा। सिर्फ इंटरेस्ट ऑन लोन मिलेगा वो भी 6% तो देखो ही शुड बी गिवन इंटरेस्ट एट द रेट 10% ऑन कैपिटल नहीं देंगे। मतलब यहां पे मैं लिख देता हूं आईओसी इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तो नहीं देंगे सर। ठीक है? क्या इंटरेस्ट ऑन लोन देंगे? हां भाई इंटरेस्ट ऑन लोन दे देंगे पर वो भी सिर्फ 6% पर एनम 10% नहीं आप 10% मांग रहे हो पर हम आपको 10% नहीं दे सकते आपको 6% पर एनम लोन पे इंटरेस्ट मिलेगा A को लोन पे इंटरेस्ट मिलेगा क्योंकि वो एक्ट बोलता है प्रॉफिट शुड बी डिस्ट्रीब्यूटेड इन द प्रोपोर्शन ऑफ़ कैपिटल जितनी लागत लगाई है उस रेश्यो में कैपिटल कितनी लगाई देखो 40000 100000 तो ये बोल रहा है कि कैपिटल रेश्यो में यानी 40000 100000 यानी 4:1 के रेश्यो में प्रॉफिट बांटो क्या हम बांट बांटेंगे क्या? नहीं बांटेंगे। क्योंकि डीड अगर वो एक्ट बोलता है कि इक्वली प्रो आपको पार्टनर्स के प्रॉफिट्स बांटने हैं। अगर आपने डीड नहीं बनाई तो भैया ये भी चीज गलत है। ठीक है? ए का ये क्लेम भी रिजेक्ट होता है। है ना? तो हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे। दूसरा बी बोलता है नेट प्रॉफिट शुड बी शेयरर्ड इक्वली। हां भैया क्योंकि आप एक्ट के हिसाब से बोल रहे हो। तो बी की ये बात तो अपन रखेंगे। है ना? बी की ये बात रखेंगे अपन। ही शुड बी अलाउड रेमुनरेशन ऑफ ₹1000 पर मंथ ड्यूरिंग द पीरियड ऑफ़ इलनेस। कि भाई A तो आया नहीं काम पे क्योंकि A तो बीमार था। तो इस पीरियड में मुझे सैलरी दे दो। अरे यार कोई सैलरी नहीं मिलेगी भाई आपको। कोई सैलरी नहीं मिलेगी। भाई कोई भी रीज़न हो रीज़न पे मत जाना बिल्कुल कि सर बेचारा बीमार था। बेचारा बेचारा कुछ नहीं होता। लॉ के हिसाब से जो चीज है वैसा ही करेंगे। तो इस बेचारे को कुछ अपन नहीं देंगे। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड लोन शुड बी गिवेन एट 6% पर एनम। तो ठीक है। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तो हम नहीं देंगे। लेकिन हां इंटरेस्ट ऑन लोन जो है वो 6% हमने पहले ही एग्री कर दिया कि वो चीज़ दे देंगे। यू आर रिक्वायर्ड टू सेटल डिस्प्यूट्स बिटवीन देम एंड डिस्ट्रीब्यूट द प्रार प्रॉफिट्स अकॉर्डिंग टू द लॉ स्टेट रीज़ंस फॉर योर आंसर। तो बहुत सिंपल सा ये क्वेश्चन है। देखो टोटल प्रॉफिट्स कितने थे? 50600। बहुत सिंपल सा आपको यहां पे करना है। आपके प्रॉफिट्स कितने हैं? बेटा अगर आप लिख रहे हो ना तो करते जाना साथ में। प्रॉफिट्स हैं 50,600। आपको सबसे पहली चीज़ जो देनी है दैट इज़ इंटरेस्ट ऑन लोन टू A। A को आपको इंटरेस्ट और लोन देना है। A ने कितना पैसा दिया है आपको? 20. ये मैं आपको बता दूं इसका फार्मूला। वैसे तो फार्मूला तो कुछ होता नहीं है। सिंपल ब्याज निकालना है। पर फिर भी अमाउंट ऑफ लोन इंटू रेट / 100 * मंथ्स। नंबर ऑफ़ मंथ्स। जितना बचे मंथ्स है मतलब कितने मंथ के लिए उसको दे रहे हैं अप 12। ठीक है? ये आ जाएगा अपना छोटा सा फार्मूला। अब अपन देख लेते हैं कि यहां पर क्या-क्या है। अमाउंट ऑफ लोन कितना है? 20,000 और इसने फर्स्ट जुलाई को दिया है। और ये ईयर कब खत्म हो रहा है? ये चीज बहुत इंपॉर्टेंट है। बेटा मैंने आपको इसलिए मैंने बताया यहां पे जनवरी में स्टार्ट हो रहा है। 31 दिसंबर खत्म हो रहा है। बेटा ये जनवरी टू दिसंबर का ईयर है। ईयर पे आप ध्यान देना कि अप्रैल टू मार्च चल रहा है या जनवरी टू दिसंबर। तो ये जनवरी टू दिसंबर चला रहे हैं। और इसने लोन कब दिया? फर्स्ट जुलाई को। तो ये अमाउंट यानी लोन का अमाउंट बिज़नेस में कब तक रहा? जुलाई, अगस्त, सेप्टेंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर। 6 महीने टोटल ये रहा। तो 6 महीने का ब्याज हम इसको देंगे 20000 पे। यहां पे मैं कर देता हूं इसको। अमाउंट ऑफ लोन इज़ 20,000 इंटू रेट। रेट तो हम या 6% से ज्यादा देंगे ही नहीं आपको। और मंथ्स कितने हैं? 6 महीने। ठीक है? 6 महीने। 6 महीने समझ में आया ना? जून से लेके दिसंबर तक ही आप उसको दोगे। चलिए निकाल लेते हैं कितना आता है? सिक्स से इसको काट देता हूं टू। टू टू से इसको काट देता हूं। 3 0 0 3 * 2 = 6 तो ये आ गया ₹600 हम इसको इंटरेस्ट ऑन लोन देंगे। तो इसको दे देते हैं। देखिए प्रॉफिट का डिस्ट्रीब्यूशन कैसे होगा? सबसे पहले जो भी प्रॉफिट होगा आपका प्रॉफिट है आपका 5 लाख 56 5600 इसमें से माइनस कर दोगे आप इंटरेस्ट ऑन लोन टू a जो a को आपको इंटरेस्ट ऑन लोन देना है। कितना माइनस कर दोगे सर? 600 है वो माइनस कर देंगे रिमेनिंग प्रॉफिट 50000 रिमेनिंग प्रॉफिट 50000 50000 को आपको क्या करना है इक्वली दोनों पार्टनर्स में बांट देना है ठीक है 500000 को इक्वली तो प्रॉफिट ऑफ A कितना आ जाएगा प्रॉफिट ऑफ़ B कितना आ जाएगा तो A का प्रॉफिट आ जाएगा ₹0000 का हाफ यानी ₹25000 रुपीस लगाना मत भूलना और B का भी आ जाएगा ₹5000 दोनों गए यह हो गए डिस्प्यूट सेटल। ठीक है? और उसने पूछा था रीज़न दो। तो रीज़न हम देंगे कि बिकॉज़ ऑफ़ बिकॉज़ अह अकॉर्डिंग टु अह कौन सा एक्ट? पार्टनरशिप एक्ट 1932 वी विल ओनली गिव अह प्रॉफ़िट्स इन इक्वल रेशो एंड इंटरेस्ट ऑन लोन @ 6% पर एनम टू A। ये हमने दोनों चीजें कर ली। ये वन और टू ये सेटलमेंट कर दिया। ठीक है? A को मिलेगा ₹600 इंटरेस्ट ऑन लोन। प्रॉफिट मिलेगा 2500 और B को मिलेगा 25000 सॉरी 25000 और 25000 प्रॉफिट्स दोनों को मिल जाएंगे। तो ये था सिंपल सा क्वेश्चन। बस इतनी सी चीज याद रखनी है बेटा कि डीड नहीं है तो आपको दो ही चीजें देनी है। इंटरेस्ट ऑन लोन 6% और प्रॉफिट्स इक्वली। नेक्स्ट चीज पे आगे बढ़ते हैं। अब पार्टनरशिप अकाउंट्स क्या होते हैं? इनके बारे में देखते हैं। तो बहुत सिंपल से मैंने आपको बता ही दिए। पार्टनरशिप में हम लोग दो अकाउंट्स बेसिक बनाते हैं। सबसे पहला प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। एप्रोप्रिएशन एप्रोप्रिएशन अकाउंट। एक तो ये बनाते हैं। दूसरा हम लोग पार्टनर्स कैपिटल बनाते हैं। पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। अब ये जो पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट है ये दो तरीके के होते हैं बेटा। इसको याद रखना। दो तरीके के पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट होते हैं। एक होता है फिक्स्ड कैपिटल। एक फिक्स्ड कैपिटल मेथड के हिसाब से बनते हैं और दूसरे में फ्लक्चुएटिंग कैपिटल मेथड के हिसाब से बनते हैं। अब ये क्या होता है इसको अपन फर्दर आगे जाके समझेंगे तो ज्यादा बेटर रहेगा क्योंकि फॉर्मेट के साथ मैं आपको बता दूंगा। कैपिटल वाला पार्ट जस्ट दो-तीन स्लाइड्स बाद। अभी अपन पहले ध्यान दें प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रियेशन अकाउंट क्या होता है? तो जैसे प्रॉफिट एंड लॉस में नेट प्रॉफिट निकला। अब इसको बांटना है तो वैसा ही कुछ बांटने के लिए एक अकाउंट बनेगा जिसको अपन प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट बन बोलेंगे। अब इसमें क्या-क्या आता है इस पे आप ध्यान दे दो। ये चीजें पहले लिख लो आप साथ में मेरे तो ज्यादा बेटर रहेगा। सबसे पहले तो भैया प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में प्रॉफिट निकला है। देखो यहां देखो यहां देखो यहां देखो। ये आपने प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाया था। 11th में प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। तो इसमें सारी चीजें लिखते थे। यहां पे ग्रॉस प्रॉफिट आता था। फिर यहां पे सारे एक्सपेंसेस आते थे और यहां पे लास्ट में नेट प्रॉफिट निकलता था। यस और नो बैलेंसिंग फिगर नेट प्रॉफिट डेबिट साइड आता था। बैलेंसिंग फिगर डेबिट साइड आ रहा है मतलब वो क्रेडिट बैलेंस है। तो जब ये नीचे वाले अकाउंट में उतरेगा तो कौन से अकाउंट में उतरेगा? मतलब किस साइड उतरेगा? क्रेडिट साइड ऑब्वियसली यहां पे लिखेंगे। और ये नीचे वाला अकाउंट क्या है? यही प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन। क्योंकि अब इसको बांटना है। है ना? तो अपन स्टार्टिंग इसकी जो करते हैं वो यहां से करते हैं। बाय नेट प्रॉफिट बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफर्ड फ्रॉम प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट से हमने यह प्रॉफिट निकाला था जो हमने यहां पर लिखा है। यहां पर आप इस प्रॉफिट को लिख दोगे। ठीक है? सबसे पहली बात। अब इस प्रॉफिट को बांटना है। तो बहुत सिंपल है। जैसे-जैसे बांटना है उस वे में लिखते जाओ। कैसे-कैसे बांटेंगे? सर, हम सैलरी देते हैं पार्टनर्स को। हम कमीशन देते हैं तो टू कमीशन। ठीक है? और क्या देते हैं? तो सर हम उसको सैलरी कमीशन बोनस दे सकते हैं। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे सकते हैं। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल हम उसको देते हैं। ये भी मैंने लिख दिया यहां पे। ठीक है? तो ये सारी चीजें हम एक पार्टनर को देते हैं। सैलरी गई कमीशन। दोनों पार्टनर्स को हम इंडिविजुअली देंगे। उसको भी लिखने का तरीका है। सैलरी के नीचे ए और बी लिख देंगे। तो हम दोनों पार्टनर्स को दे रहे हैं। ये सारी चीजें और क्या होता है? प्रॉफिट जो बचा वो भी बांट दो। तो सर टू प्रॉफिट ठीक है? है जो बचा हुआ प्रॉफिट है मतलब ये सारी चीजें देने के बाद भी अगर कुछ बचा है तो प्रॉफिट भी अपन उनके रेश्यो में जो भी एग्रीड रेश्यो है उसमें अपन उन दोनों को प्रॉफिट्स दे देंगे और ये भी यहां पे चीज हो जाएगी खत्म तो ये सारी चीजें हम उनको देते हैं और सर लॉस हो गया तो तो लॉस हो गया तो जैसे ये नेट प्रॉफिट आ रहा है तो उस साइड आप नेट लॉस लिख दोगे वो वाले क्वेश्चंस अपन करेंगे तो बेटर समझ में आएगा अभी तक इतना अगर आप देखो तो आई थिंक इतना इनफ है। जैसे प्रॉफिट आप दोगे ना तो मतलब मैं सारे के लिए एक बता देता हूं। प्रॉफिट A का और B का ऐसा लिखेंगे अपन। A को फलाना प्रॉफ़िट, B को इतना प्रॉफ़िट। इन दोनों का टोटल आ जाएगा बाहर। इधर आ भाई। इन दोनों का टोटल फिर जो भी आएगा ना, इसको अपन बाहर लिखेंगे। हर चीज़ में ऐसे ही करेंगे। दो पार्टनर्स का अलग-अलग है। तो दोनों पार्टनर्स का लिख के टोटल लिखेंगे बाहर। बार-बार यही करते रहेंगे अपन। ठीक है? बार-बार यही करते रहेंगे। मतलब ऐसे ही इस अकाउंट को बनाते हैं। तो ये था एक स्पेसिमेन टाइप का अकाउंट कि कैसे अपन इसको बनाते हैं। अब अपन कैपिटल अकाउंट्स जैसे मैंने आपको बताया तो मैंने आपको बता दिया दो तरीके के हैं। अब यहां पे दो जो तरीके थे उसके अंदर और ज्यादा देखते हैं। तो सर कैपिटल अकाउंट्स आपने बताया दो। एक है फिक्स्ड कैपिटल मेथड। दूसरा है फ्लकचुएटिंग कैपिटल अकाउंट। मतलब ये दो तरीके के अकाउंट है। तो अब ध्यान से सुनना। क्या बोल रहा हूं मैं? फिक्स्ड के अंदर आप दो अकाउंट्स बनाते हो और मैं समझा भी दूंगा कि क्यों। फिक्स्ड कैपिटल मेथड के अंदर आप दो अकाउंट्स बनाते हो। सबसे पहला होता है पार्टनर्स पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट। फिक्स्ड अरे भाई फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट और एक और बनता है पार्टनर्स करंट अकाउंट। करंट अकाउंट मतलब यहां पे दो अकाउंट्स बनते हैं। ठीक है? कौन-कौन से? अच्छा यहां पे लिख दिया क्या? रुको रुको। एक तो ये बनेगा और दूसरा बनेगा पार्टनर्स करंट अकाउंट। ठीक है? तो मतलब फिक्स्ड मेथड के अंदर दो अकाउंट बनेंगे। पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट और पार्टनर्स करंट अकाउंट। और फ्लक्चुएटिंग कैपिटल के अंदर सिर्फ और सिर्फ एक ही अकाउंट बनता है जिसको बोलते हैं अपन पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। क्या बोलते हैं बेटा इसको? पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। मतलब फिक्स्ड मेथड जब आप फॉलो करोगे तो दो अकाउंट्स बनाओगे। और अगर फ्लक्चुएटिंग बनाओगे तो फ्लकचुएटिंग मेथड फॉलो करोगे तो एक ही बनाओगे। सर ये कैसे बनते हैं? बताता हूं। देखो। सबसे पहला फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट्स की अपन बात करते हैं। जब फिक्स्ड कैपिटल मेथड है तो इसमें मैंने आपको बताया दो अकाउंट बनते हैं। पहला कौन सा था बेटा उसमें जल्दी बताओ मुझे। पार्टनर्स अरे बोलो पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट। पहला बनेगा पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट। फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट और दूसरा पार्टनर्स करंट अकाउंट। पार्टनर्स करंट अकाउंट। अब देखो इसमें होता क्या है? तो सबसे पहले तो कैपिटल्स आती है। कैपिटल्स का कौन सा बैलेंस होता है? हर कैपिटल का एक ही बैलेंस होता है भाई। कैपिटल का क्या बैलेंस होता है? डेबिट या क्रेडिट? क्रेडिट बैलेंस। तो कैपिटल कहां आएगी? सबसे पहले ओपनिंग बैलेंस कैपिटल का आ जाएगा यहां पे। बाय अब मैं इसको ओपनिंग कैपिटल लिखता हूं। वैसे मैं बैलेंस बी डी लिख सकता हूं। चलो वही लिख देता हूं भाई। रुक। कंफ्यूज नहीं हो तू फिर। बाय बैलेंस ब्रॉट डाउन। ऐसे ये ओपनिंग कैपिटल है। पार्टनर्स की ओपनिंग कैपिटल कितनी थी वो मैंने यहां पर लिख दिया। ठीक है? ये मैंने यहां पे लिख दिया। अगर पार्टनर कैपिटल में कुछ पूरे साल में पैसा लगाता है तो अपन उसको इस साइड लिखेंगे जिसको बोलते हैं बाय एडिशनल कैपिटल। एडिशनल कैपिटल। अगर एडिशनल कैपिटल नाम की चीज पार्टनर ने लगाई तो वो हम यहां पर लिखेंगे बस। ठीक है? अगर वो कोई पैसा निकाल के चला गया जिसको बोलते हैं परमानेंट विथड्रॉवल। परमानेंट विड्रॉवल का मतलब कि कैपिटल में से पैसा लागत में से पैसा निकाल के चला गया। तो हम यहां पे लिखेंगे उससे कैपिटल कम हो जाएगी। भाई ये कैपिटल थी इससे बढ़ेगी तो इसको प्लस करा। कम हो जाएगी तो उसको इस साइड लिखा यानी माइनस करा एक तरीके से और बाकी फिर जो बचा लास्ट में वो अपनी क्लोजिंग कैपिटल आ जाएगी। उसको बोलेंगे बाय बैलेंस सीडी। ठीक है? ये क्या आ गई? ये आ गई क्लोजिंग कैपिटल ऑफ पार्टनर्स। ये आ गई क्लोजिंग कैपिटल। ठीक है? ये क्लोजिंग कैपिटल है जिसको बैलेंस शीट में ले के जाना है। है ना? तो ये क्लोजिंग कैपिटल आ जाएगी आपकी यहां पर। ये तो हो गया। लेकिन सर हमने पार्टनर को ये जो सैलरी, कमीशन ये सारी चीजें भी तो दी हैं। तो वो भी तो आप उसके कैपिटल में ऐड करोगे? बिल्कुल करेंगे। वो अपन करेंगे करंट अकाउंट में। करंट अकाउंट के भी कभी-कभी बैलेंससेस अपने को दिए हुए होते हैं। और करंट अकाउंट का जो बैलेंस है उसकी खासियत ये है कि ये जो बैलेंस बी डी लिखूंगा ना ये यहां पे भी आ सकता है। मतलब इसका क्रेडिट बैलेंस भी हो सकता है या हो सकता है टू बैलेंस बी डी यहां पर हो। मतलब ओपनिंग बैलेंस किसी भी साइड हो सकता है। यहां इधर होगा या उधर होगा पर हो किसी भी साइड सकता है। और यह कैसे पता चलेगा? तो ये क्वेश्चन में दिया हुआ रहेगा कि जो पार्टनर्स के करंट अकाउंट हैं उनके बैलेंससेस डेबिट के हैं या क्रेडिट के। अगर डेबिट के होंगे तो आप उसको इस साइड लिखोगे। अगर क्रेडिट के होंगे तो आप उसको इस साइड लिखोगे। ये अपन क्वेश्चंस करेंगे ना तो और फर्दर समझ में आ जाएगा कि कैपिटल्स कहां दी हुई है और मैं कहां डाल रहा हूं। फिलहाल के लिए मैं बस आपको इतना बता रहा हूं। इन दोनों को कहीं भी लिख सकते हैं। लेकिन जो पार्टनर्स फिक्स्ड कैपिटल है इसमें ओपनिंग बैलेंस हमेशा ही इसी साइड आएगा। किस साइड? क्रेडिट साइड। क्योंकि कैपिटल्स क्रेडिट बैलेंस हमेशा क्रेडिट में आएगा। करंट अकाउंट के बैलेंससेस कुछ भी हो सकते हैं। अब आप समझोगे कि करंट अकाउंट का बैलेंस क्यों हो सकता है कुछ भी। क्योंकि यहां पे सारी चीजें आती हैं। कौन सी-कौन सी सारी? देखो सबसे पहले तो जो जो आप पार्टनर को देते हो भाई सैलरी कमीशन ये सब देंगे तो उसकी कैपिटल बढ़ेगी उसमें अपन ऐड करेंगे। तो वो सारी चीजें यहां पे आ जाती हैं। जैसे बाय सैलरी आपने सैलरी दी पार्टनर को लिख दो। बाय कमीशन बाय कमीशन या फिर वही बोनस। ठीक है? वो आपने दिया तो उससे भी उसकी सैलरी ये बढ़ जाएगी। आपने अगर उसको इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दिया है इंटरेस्ट ऑन कैपिटल अगर आपने वो दिया है उसको तो वो भी आप यहां पर लिख दोगे। तो ये सारी चीजें देने से उसका बैलेंस बढ़ता जाएगा। कैपिटल का अपन ऐड करते जाएंगे। और क्या देंगे इसको भाई? प्रॉफिट जो भी प्रॉफिट बचा कुछ है रिमेनिंग प्रॉफिट भी तो दोगे उसको। ठीक है? वो अपन उसको देंगे। अच्छा सर ये तो देने वाली बातें हुई। लेते क्या है पार्टनर से? तो सबसे पहली चीज और ये इंपॉर्टेंट है जो मैं अभी लिखने वाला हूं। इंपॉर्टेंट है इसको थोड़ा डारकर शेड से लिख देता हूं। टू ड्रॉइंग्स जो भी उसने पैसे विथड्रॉ कर लिए हैं वो अपन उससे वापस लेते हैं। यहां पर लिखते हैं। ठीक है? ड्रॉइंग्स वापस ली जाती हैं और इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग भी लिया जाता है। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स यह भी आप पार्टनर से लोगे क्योंकि पार्टनर से पार्टनर को आपने पैसे दिए। फर्म ने पैसे दिए हैं तो फर्म पार्टनर से लेगी यह पैसा। फर्म के लिए ये इनकम होगी एक तरीके से। लेकिन पार्टनर को देना पड़ेगा तभी मैं उसके डेबिट साइड लिख रहा हूं। पार्टनर जब ये सारी चीजें मिलेंगी तो ऐड होंगी चीजें ये माइनस होंगी। मतलब ये देना पड़ेगा उसको। और इसके बाद सारी चीजें करने के बाद आपके पास एक चीज़ बचेगी जिसको बोलते हैं बैलेंस। उसको बोलते हैं टू बैलेंस कैरी डाउन या फिर क्लोजिंग बैलेंस। क्लोजिंग बैलेंस। और भाई वही बात के क्लोजिंग बैलेंस हो सकता है कभी इस साइड भी आ जाए तो मे बी बाय बैलेंस सीडी बाय बैलेंस सीडी क्लोजिंग बैलेंस इस साइड भी आ सकता है। देखो ये क्या है ना कि देखो देखो मैं ऐसे मार्क कर देता हूं। अगर मेन बैलेंस इस साइड आया ओपनिंग बैलेंस तो क्लोजिंग बैलेंस हमेशा इस साइड ही आएगा। ये तो फैक्ट है कि भाई मेन बैलेंससेस इस साइड आए तो क्लोजिंग बैलेंस इस साइड ही आएगा। लेकिन अगर कभी इन केस कि इनका ओपनिंग बैलेंस नेगेटिव में है तो इनका क्लोजिंग बैलेंस मोस्टली नेगेटिव में ही आता है। तो शुरुआत कहीं से भी हो सकती है। मेरे कहने का मतलब शुरुआत यहां से हुई तो खत्म यहां पे होगा। शुरुआत यहां से हुई तो खत्म यहां पे होगा। ये अपन जब क्वेश्चंस देखेंगे तो समझ में आ जाएगा। अभी आपको क्या दिमाग में रखना है कि क्या-क्या चीजें आ रही हैं। समझे बात को? तो फिक्स्ड में क्या आ रही है? सिर्फ परमानेंट एडिशन, परमानेंट विथड्रॉवल और वहां पे सैलरी, कमीशन, ड्रॉइंग सब कुछ आ जाता है। तो करंट अकाउंट बहुत बड़ा सा होता है। इसमें सब कुछ अपन लिख देते हैं। ठीक है? इसका भी आप स्क्रीनशॉट लेते चलो साथ में। ठीक है? नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। नेक्स्ट मेथड पे आते हैं। फ्लक्चुएटिंग कैपिटल। तो इसमें तो कुछ है ही नहीं। अगर आपको ये चीज़ समझ में आ गई है अच्छे से कि ये क्या था? तो भैया, फ्लक्चुएटिंग में अपन सारी चीज़ों को मर्ज करके लिख देते हैं। ठीक है? कैसे? सबसे पहले ये चीज स्टार्ट होगी बाय बैलेंस ब्रॉट डाउन से। हमेशा बैलेंस बी डी से स्टार्ट होगा ये। इसमें कोई नेगेटिव बैलेंस नहीं आएगा बैलेंस बी डी क्योंकि कैपिटल के बैलेंस से ही स्टार्ट होगा ये। तो ये ओपनिंग कैपिटल हो गई। ठीक है? इसके बाद आप जो जो देते जा रहे हो यहीं का यहीं लिख दो। सबसे पहला अगर कोई परमानेंट एडिशन है जिसको अपन एडिशनल कैपिटल बोलते हैं। तो सबसे पहले अगर कोई एडिशनल कैपिटल आ रही है तो यहां पे लिख दो। है ना? एडिशनल कैपिटल लिख दो यहां पर। ये लिख दिया आपने। अब एक बात बताओ वहां पर भी एडिशनल कैपिटल लिख रहे थे लेकिन वो फिक्स्ड में लिख रहे थे। उसके बाद की चीजें करंट में लिख रहे थे। यहां पर सारी चीजें एक जगह ही लिख देंगे। अगर सैलरी भी देनी है तो भी यहीं का यहीं लिख दो। कमीशन वगैरह देना है बाय कमीशन बोनस ये सारी चीजें यहीं पे ही आ जाएंगी। ठीक है? बाय इंटरेस्ट ऑन कैपिटल ये भी यहीं का यहीं आ जाएगा। मतलब सारी चीजें एक ही जगह पे आ जाएंगी। अलग-अलग अकाउंट नहीं बनाने। ऐसा मान लो दोनों अकाउंट्स को अगर मर्ज कर दिया ना तो ये वाला बन जाता है पार्टनर्स मतलब फ्लक्चुएटिंग कैपिटल जिसको अपन पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट भी बोलते हैं। मैं लिख देता हूं इस पे लिखा नहीं हुआ है। ये है भाई पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। ठीक है? ये पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट है जिसको मैं बना रहा हूं। और क्या आता है भाई? भाई सर प्रॉफिट होगा तो भी लिख देंगे बाय प्रॉफिट। ठीक है भाई? प्रॉफिट भी लिख दिया। बचा कुचा प्रॉफिट भी दे दो आप यहां पर। बस और क्या जो भी देना है आपको पार्टनर को देते चले जाओ। यहां पर क्या आ जाएगा? तो सबसे पहला आएगा टू ड्रॉइंग्स। जो भी पार्टनर ने ड्रॉइंग्स की है वो लिख दो क्योंकि वो पैसा उससे वापस लेना है। टू इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स जो भी इन जो भी ये ड्रॉइंग्स की है इस पे जो ब्याज बना है वो भी उससे लेना है। तो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स यहां पे आएगा। ठीक है? और बाकी फिर जो बैलेंस बचा वो आ जाएगा बैलेंस सीडी। यानी ये क्लोजिंग बैलेंस जो भी पार्टनर का बचा वो यहां पे आएगा। ये आ गया आपका क्लोजिंग कैपिटल। डन। बस इस तरीके से ये आपका पूरा एक अकाउंट बन जाएगा। ऑलराइट। तो जल्दी से इसका भी स्क्रीनशॉट ले लो। फिर अपन क्वेश्चंस से स्टार्ट करते हैं। ऑलराइट। तो यहां तक देख लिया अब ये आगे बढ़ते हैं क्वेश्चंस की तरफ। देखो पहले अच्छा चलो ये भी आ गया। ये भी देख ही लेते हैं। फिक्स्ड कैपिटल और फ्लक्चुएटिंग कैपिटल में डिफरेंस क्या होता है? तो बहुत सिंपल है। द कैपिटल अकाउंट हूज़ ओपनिंग क्लोजिंग बैलेंस रिमेन अनचेंज्ड इज़ कॉल्ड फिक्स्ड कैपिटल। फिक्स्ड में हम कैपिटल के बैलेंस को चेंज नहीं करते। फ्लक्चुएटिंग में क्योंकि सारी चीजें एक ही तरफ लिख रहे हो। आप कैपिटल में ऐड करते जा रहे हो तो कैपिटल का भी बैलेंस चेंज हो जाता है। नो एडजस्टमेंट फॉर सैलरी वगैरह एडजस्टमेंट रिलेटिंग टू प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूशंस आर मेड। अह कैपिटल बैलेंस जो है तो यहां पर जो बैलेंस ऑफ़ कैपिटल अकाउंट विल ऑलवेज रिमेन पॉजिटिव। मतलब वो हमेशा ही क्रेडिट साइड आएगा। इट विल नेवर बी नेगेटिव। वो डेबिट साइड नहीं आएगा। लेकिन यहां पे भाई डेबिट डेबिट या फिर क्रेडिट कहीं पे भी आ सकता है क्योंकि सारी चीजें एक साथ लिख रहे हो आप। चेंज इन द बैलेंस। द बैलेंस ऑफ फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट रिमेन फिक्स्ड। मतलब इसमें कैपिटल को चेंज नहीं करते। इसमें कैपिटल फ्लक्चुएट हो जाती है। बैलेंस ऑफ फ्लक्चुएटिंग कैपिटल अकाउंट चेंजज़ फ्रॉम पीरियड टू पीरियड। अरे फ्लक्चुएट होना ही मतलब ही वही होता है कि वो चेंज हो रहा है। है ना? अगेन दिस इज़ नॉट वेरी इंपोर्टेंट। ये डिफरेंस कभी मोस्टली तो नहीं आता। पर फिर भी बस देख लेते हैं। प्रिपरेशन ऑफ करंट अकाउंट इसमें नहीं करते। इसमें अपन करते हैं। प्रेजेंटेशन एंड बैलेंस शीट। इसमें बोथ कैपिटल एंड करंट अकाउंट दोनों अकाउंट्स जो आपने बनाए हैं वो आपको लिखने पड़ेंगे। यहां पे फ्लकचुएटिंग कैपिटल में सिर्फ एक अकाउंट आपको दिखाना पड़ेगा। बनाया ही एक है तो एक ही दिखाओगे ना। है ना? लेकिन यहां पे दो अकाउंट बनाए। दोनों के बैलेंससेस आपके बैलेंस शीट में दिखेंगे। तो दिस वाज़ इट। अब अपन एक चीज़ देख लेते हैं। चार्ज एंड एप्रोप्रिएशन ऑफ प्रॉफिट्स। एप्रोप्रिएशन तो आपने समझ ली कि प्रॉफिट को बांटना। लेकिन कुछ ऐसी चीजें मैं आपको लिख के ही दे देता हूं। ऐसी चीजें हैं जो आपको पहले प्रॉफिट एंड लॉस में डाल देनी चाहिए थी। लेकिन वो प्रॉफिट का एप्रोप्रिएशन नहीं। एप्रोप्रियेशन होता है प्रॉफिट को बांटना। तो बेटा प्रॉफिट को ये प्रॉफिट है इसको बांटना है तो पहले ये तो आए ये कब आता है जब आप प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बना चुके होते हो उसमें आप रेंट इंटरेस्ट ऑन लोन ये सारी चीजें दे चुके होते हो फिर आता है प्रॉफिट फिर ये बंटता है एप्रोप्रिएशन में है ना तो अगर इन केस आपने कोई प्रॉफिट बांटा ही नहीं देखो चार्ज बहुत सिंपल है बहुत सिंपल है दो पार्टनर्स हैं आपस में चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट यानी ऐसी चीज जो देनी पड़ेगी भले लॉस हो जाए आपको ऐसी क्या चीज है जैसे दुकान का रेंट दुकान का रेंट क्या ये तब देंगे देंगे क्या? प्रॉफिट हुआ। अगर प्रॉफिट हुआ तो हम आपको रेंट देंगे। ऐसा होता है क्या? वो तो देना ही पड़ेगा। मैनेजर को कमीशन देनी है। आपने एंप्लई रखे हैं, मैनेजर्स रखे हैं। इनको कमीशन देनी है तो वो तो देनी पड़ेगी। आपका प्रॉफिट और लॉस हो भैया मैनेजर को सैलरी दो, कमीशन दो। है ना? तो जो चीजें मैंडेटरी है, देनी ही पड़ेंगी। दे आर कॉल्ड चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट। दीज़ आर मैंडेटरी थिंग्स। ठीक है? कि मैं इसको हिंदी में लिख दूं कि भले लॉस हो जाए। पर देना तो पड़ेगा। यही है। देना तो पड़ेगा। भले लॉस हो जाए फर्म को पर ये देने पड़ेंगे। इनको बोलते हैं चार्ज अगेन प्रॉफिट्स। क्या-क्या होते हैं भाई? अगर अगर हम इस चैप्टर के कंसर्न में देखें तो रेंट जो भी दुकान का रेंट जाएगा वो। ठीक है? मैनेजर की कमीशन। मैनेजर्स कमीशन। ठीक है? और मैं आपको बताऊं तो और मैं आपको बताऊं तो रेंट हो गया, मैनेजर्स की कमीशन हो गई। और क्या आ सकता है इस चैप्टर में? इंटरेस्ट ऑन लोन तो है ही। इंटरेस्ट ऑन लोन टू अ पार्टनर। वो हमेशा चार्ज होता है। एप्रोप्रिएशन नहीं तो लोन देना ही मतलब इंटरेस्ट ऑन लोन देना ही पड़ेगा। भले लॉस हो जाए। तो ऐसी चीजें कहलाती हैं चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट। और दूसरी आती है एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट। जो अपन प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन में लिख चुके हैं। सैलरी, कमिशन ये सारी चीजें। है ना? तो अपन इस ऐसे वाले क्वेश्चन को देखेंगे जिसमें कुछ और इस चार्जेस को जो है ना चार्ज जो होता है वो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आना चाहिए। देखो मैं यहां पे लिख देता हूं। ये जो चार्ज हैं ये सारे कहां आने चाहिए थे? तो सर ये ये सारी चीजें प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में डेबिट साइड आनी चाहिए थी। अगर आपने वहां पे नहीं लिखी हैं तो अब आप क्या करो? अब आप ऐसा करो कि एक बनाओ प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। इसमें आप इसी नेट प्रॉफिट को लाओगे यहां पर बाय नेट प्रॉफिट और इसको नेट प्रॉफिट को बाहर लिखने से पहले यहां लिखने से पहले अंदर लिखो और इसमें से माइनस कर दो जो भी आपके ये चार्जेस हैं यहां पे मैं लिख देता हूं चार्जेस को आप माइनस कर दो। यहां पे ऐसे माइनस में लिख देता हूं मैं। फिर जो मेन प्रॉफिट आ रहा है इसको बाहर लिखो। क्योंकि चार्ज आपको देने ही चाहिए थे। आपने दिए नहीं थे। तो या तो आप प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बना के उसमें लिख दो डेबिट साइड। लेकिन अगर आप वहां पे नहीं लिख सकते अब आपने एप्रोप्रिएशन ही बना लिया है तो ये प्रॉफिट तो गलत आया ना बेटा। इस प्रॉफिट में से पहले ही चार्जेस माइनस कर देने चाहिए थे। तो अब आप माइनस कर दो अगर पहले नहीं किए थे तो क्वेश्चन के थ्रू इसको समझते हैं। बहुत ईजी है ये। राम एंड मनोहर आर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 7:3 अकॉर्डिंग टू द पार्टनरशिप डीड, राम वाज़ टू बी पेड सैलरी 5,000 पर मंथ। ये सारी चीजें ठीक है। पहले अपन देख लेते हैं प्रॉफिट कहता है। द फर्म अर्नड अ प्रॉफिट ऑफ 250000 फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च। तो जो भी प्रॉफिट है इससे स्टार्ट करना है। मैं यहां पे लिख दूंगा बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफरर्ड फ्रॉम प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। कितना है? कितना है? कितना है? ₹2,50,000। इसको मैं लिखूंगा बेटा अंदर। ₹2,50,000 को मैंने लिखा अंदर की तरफ। अभी मेन अमाउंट बाहर जाएगा। अब देखो क्या-क्या बोल रहा है। राम वाज़ टू बी पेड सैलरी 5,000 पर मंथ। तो सैलरी देनी है राम को। देखो ऐसे लिखेंगे टू सैलरी। टू सैलरी किसको देनी है बेटा? राम को। ठीक है? कितनी देनी है? 5000 पर मंथ। लिखा होता है 5000 पर मंथ। अब 5000 तो है पर मंथ यानी साल में कितने मंथ होंगे? 12। तो टोटल आप कितना दोगे? 5000 * 12 60000 इसको सैलरी दोगे। समझ आया? सैलरी गई 60,000 एंड मनोहर वाज़ टू गेट बोनस ऑफ़ 40,000 पर एनम। मनोहर को बोनस देना है। तो यहां पर मैं लिख दूंगा टू बोनस। बोनस किसको देना है? मनोहर को। मनोहर है। मनोहर मनोहर। ठीक है भाई। मनोहर भाई को देंगे। कितना देंगे? 40,000 इसको दे दिया। ये 40,000 मेरा यहां पे आ गया। ओके? नेक्स्ट क्या है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वाज़ टू बी अलाउड 10% पर एनम। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 10% देना है। वो भी दे देते हैं। देखो कैसे देते हैं? टू यहां पे आप लिखोगे इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। किस-किस को देना है? तो पहला है कौन नाम क्या है भाई इनके? राम और मनोहर। तो राम का कितना निकलेगा? ऐसे ही निकाल देना यहीं पे बेटा। नोट-वोट मत बनाना। इनका इंटरेस्ट ऑन कैपिटल जो होता है वो कैपिटल पे मिलता है। लागत कितनी लगाई है इन्होंने? लागत कितनी लगाई है? फिक्स्ड कैपिटल्स वर 4 लाख एंड ₹1,50,000। एक ने लगाए 4 लाख। दूसरे ने लगाए ₹1,50,000। तो देखो कैसे निकालेंगे। इसने लगाए 4 लाख। और दूसरा राम के बाद कौन सा था? मनोहर। यह मनोहर भाई। मनोहर ने कितने लगाए? ₹1,50,000। ठीक है? और कितना परसेंट है इनका? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वास टू बी अलाउड 10% तो मुझे इनका 10% निकालना है। इसका भी 10% इसका भी 10% कितना आ जाएगा? यहीं का यहीं निकाल के खत्म करो। 40 4 लाख का 10% 40000 फिर 150000 का 10% 1500 15000 इन दोनों का टोटल आ जाएगा 55000 ये आप लिख दो बाहर। समझे? तो कैलकुलेशंस यहीं की यहीं हो गई। आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत है ही नहीं। यहीं का यहीं कैलकुलेशन करके खत्म करो। ठीक है? ये भी हो गया। मतलब इंटरेस्ट ऑन कैपिटल भी हो गया। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइ्स वाज़ टू बी चार्ज्ड 8% पर एनम। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग क्या अपन ने बोला था कि चार्ज करते हैं। चार्ज करेंगे तो लेंगे। इस साइड आएगा और इस साइड कितना आएगा? ड्रॉइ्स देख लेते हैं। इंटरेस्ट ऑन राम्स ड्रॉइंग डायरेक्टली इंटरेस्ट ही दिया हुआ है। निकाल के निकालने की जरूरत नहीं है। इंटरेस्ट ऑन राम राम्स ड्रॉइंग तीन 3000। मनोहर की ड्रॉइंग 2,000। तो यहां पे आप लिख दो बाय इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स। ठीक है? किस-किस का है? राम का और मनोहर का। तो राम का कितना है इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग? अ 3000 और मनोहर का ₹2,000। राम का ₹3,000 मनोहर से ₹20,000 लेने हैं। तो टोटल मिला के ये हो जाएंगे 5,000। ठीक है? अभी तक और कोई चीजें नहीं हुई है। अभी देख लेते हैं और क्या है। ये फिक्स्ड कैपिटल्स हो गया। वाज़ टू बी चार्ज? ये ये भी हो गया ये भी हो गया। ठीक है? फिक्स्ड कैपिटल्स वर 41.5 लाख। द फर्म अर्न अ प्रॉफिट ऑफ़ ₹50,000 फॉर द ईयर एंडेड प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस। और कुछ दिया ही नहीं हुआ है। यहां पे अगर देखो मैंने ये ये नेट प्रॉफिट अंदर लिखा था। इन केस अगर यहां पर कुछ इंटरेस्ट ऑन लोन होता, रेंट होता, तो मैं उसको यहां पे एडजस्ट करता। पर अभी तो कुछ ऐसा है ही नहीं इस क्वेश्चन में। तो क्या करेंगे? इस प्रॉफिट को अपन यहां की जगह डायरेक्टली यहां पर बाहर लिख देंगे। ठीक है? है क्योंकि इसमें कोई एडजस्टमेंट नहीं है। अभी एडजस्टमेंट होता तो मैं उसको अंदर लिखता और एडजस्टमेंट को माइनस करता। आएंगे क्वेश्चंस आगे। अभी इसमें कोई भी एडजस्टमेंट है ही नहीं। ठीक है? ये सारी चीजें हो गई। एक बार देख लेना क्वेश्चन को। रेश्यो राम वास्टेड सैलरी। सैलरी हो गई भाई। बोनस हो गया। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल हो गया। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग हो गया। इंटरेस्ट ऑन राम्स ड्रॉइंग्स लिख दिया। फिक्स्ड कैपिटल्स इतनी इतनी थी लिख दी। फर्म ने इतना प्रॉफिट अर्न किया था वो भी लिख दिया। सब हो गया। बस इसका टोटल कर देंगे। ठीक है? अब देखो एक छोटी सी चीज़ बताता हूं। हूं। एक छोटा सा ट्रिक मान लो उसको जो भी मान लो आप। जभी भी आप लिख रहे हो ना तो ऐसे वंस को वंस डिजिट के नीचे 10्स को 10्स के नीचे ऐसे नीचे-नीचे लिखना तो कैलकुलेशंस ईजी हो जाते हैं। और कैलकुलेटर का यूज़ तो आपको करना नहीं है वैसे भी। है ना? तो एक दूसरे के नीचे लिखोगे तो ईजी हो जाएगा। चलो मैं यहां पे टोटल कर देता हूं। तीन ज़ीरोज़ तो आ ही जाएंगे। इसके बाद यहां पे आ गया फाइव। ओके? फाइव। फिर एक और फाइव और टू। 25 ये आ गया 255 ये आ गए। इसका टोटल देख लेते हैं। अब मैं कैलकुलेट कहां करूं? यहीं पे कर लेता हूं। 255 1 2 3 इनका टोटल ₹155000 ₹155000 आ गया तो 1 लाख बचा। ठीक है? अब देखिए ₹1 लाख बचा है। तो यहां पे मैं लिख दूंगा टू प्रॉफिट रिमेनिंग प्रॉफिट जो बचा राम को कितना जाना है? मनोहर को कितना जाना है? देखो ₹1 लाख है। टोटल जो बचा हुआ है देखो यहां पर ₹1 लाख बचा है अपने पास। ₹1 लाख इनको देना है 7:3 में। अरे मिट जा। रेश्यो क्या है इनका? 7:3 तो 1 लाख को जब 7:3 में बांटेंगे 7 /10 3 /10 ठीक है? अब मैं इसको करके दिखाऊं। चलो पहला वाला करके देता हूं। 1 लाख * 7 /10 और 1 लाख * 3 /10 समझे? ऐसे करना है। तो आराम से वो तो दिख ही रहा है यहां पे 70,000 और 30,000 तो बस इसको आप लिख दोगे यहां पे कि पहले का आ गया 70,000 दूसरे का आ गया 30,000 और इसका टोटल आया आपके पास बाहर। तो ये तरीका है इस चीज को करने का एंड इन सबका टोटल आ जाएगा 25500 समझे? तो ऐसे एक अकाउंट को आपको बनाना है। बहुत ही सिंपल तरीका है ये चीज का करने का। ठीक है? ऐसे ही सिंपल वे से करना है। एक दूसरे के नीचे अमाउंट्स लिखना तो कैलकुलेशंस ईजी हो जाएंगे। कोई भी यहां पर एटलीस्ट छोटी-छोटी चीजों के लिए कोई वर्किंग नोट बनाने की जरूरत नहीं है। वर्किंग नोट मैं आपको बताऊंगा कब बनाना है। अभी आपके जो छोटे-छोटे कैलकुलेशंस हैं आप यहीं का यहीं कर सकते हैं। तो आप अंदर कैलकुलेशन करिए, अमाउंट निकालिए और डायरेक्ट उस अमाउंट को प्लस करके बाहर लिख दीजिए। ऑलराइट? तो दिस वाज़ द क्वेश्चन। और क्वेश्चंस देख लेते हैं और आगे बढ़ते हैं। ये चार्ज और एप्रोप्रियेशन मैंने आपको बता दिया। एक बार आप डिफरेंस देख लेना। बस ये याद रखना जो चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट है वो मैंने आपको बताया। कहां आता है? तो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आता है। और एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट कहां आता है? प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन यानी पार्टनरशिप में आज जो अपन ने सीखा एप्रोप्रिएशन अकाउंट उसमें आता है। ये यहां पे लिखा भी है। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट क्या होता है? एप्रोप्रिएशन क्या होता है? जो हमने बनाए वही डिस्टिंशन है। ठीक है? तो इन लोग इनको दोनों को अच्छे से पढ़ लेना एक बार। बहुत ज्यादा एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से इंपॉर्टेंट नहीं है। बस एक बार पढ़ लेना। मैंने तो आपको बता तो दिया ही है। अब यहां पे कुछ और चीजें हैं। देख लेते हैं। ओके? अच्छा यहां पे अब आएगा एडजस्टमेंट। एडजस्टमेंट भी कैसे होता है वो भी देख लेना। तो यहां पे तो लिख दिया मैंने पर्टिकुलर्स रुपीस पर्टिकुलर्स और रुपीस। ठीक है? ये मैं बना रहा हूं प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। ठीक है? कलर चेंज। अमन एंड वुमन आर पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इक्वली। इक्वल रेशियो के पार्टनर हैं। लिख देता हूं मैं छोटा सा। 1:1 में शेयर कर रहे हैं। बिनेस इज़ कैरिड ऑन फ्रॉम द प्रॉपर्टी ओनड बाय अमन। अमन की प्रॉपर्टी पे बिज़नेस हो रहा है। ऑन अ इयरली रेंट ऑफ़ 24। अब बेटा इयरली रेंट है तो रेंट एक तरीके का मेन खर्चा है। आपको प्रॉफिट हो, लॉस हो देना ही पड़ेगा। तो ये चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट है। तो ये प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आना चाहिए था। पर पक्का इन्होंने वहां नहीं डाला होगा। अमन इज़ टू गेट सैलरी ऑफ़ ₹1,20,000। अब देखो, सैलरी, कमीशन ये सब तो क्या बोलते हैं? एप्रोप्रिएशंस हैं। प्रॉफिट होगा तो ही देनी है। नहीं होगा प्रॉफिट तो देंगे ही नहीं। है ना? प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च बिफोर प्रोवाइडिंग रेंट। बिफोर प्रोवाइडिंग रेंट। ये तो गलत कर दिया। आफ्टर प्रोवाइडिंग रेंट बताओ ना। अब तो आपने बिफोर प्रोवाइडिंग रेंट बताया वो था 5 लाख। तो हम क्या करेंगे? यहां पे लिखेंगे इस प्रॉफिट को बाय नेट प्रॉफिट। ठीक है? लेकिन कितना? 5 लाख। क्यों मैं अंदर लिख रहा हूं? क्यों मैं अंदर लिख रहा हूं? क्योंकि भैया इसमें से रेंट आपने माइनस नहीं करा यार। आधी अधूरी चीजें कर देते हैं ये लोग। रेंट माइनस करना चाहिए था ना? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आना चाहिए था। वहां पे माइनस हो जाना चाहिए था। देखो कायदे से ये नेट प्रॉफिट जब आ चुका है यहां पे कहां पे आया? पहली बात तो देखो अगर मैं प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की बात करूं प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट की तो यार रेंट यहां पे आना चाहिए था ना आपने करा तो 11th में कि सर टू रेंट टू इलेक्ट्रिसिटी बिल ये सब यहां आना चाहिए था। पर इन्होंने यहां पे नहीं लिखा है। और अपन डायरेक्टली इसके बाद वाले अकाउंट पे पहुंच गए ये नेट प्रॉफिट उठा के। तो आज हम क्या करेंगे? ये प्रॉफिट में से माइनस हो जानी चाहिए थी चीज। आज माइनस कर देंगे। इतना सा कांसेप्ट है उसका। तो यहां से मैं माइनस कर दूंगा जो भी रेंट है। ठीक है? कितना है? रेंट ऑन इयरली बेसिस प्रॉपर्टी ओन बाय अमन। तो रेंट टू अमन लिख दो भले या सिर्फ रेंट लिखोगे तो भी ठीक है। 24000 मैं यहां से माइनस कर दूंगा। माइनस करते हैं तो ये ब्रैकेट मार देते हैं। तो उसको माइनस बोलते हैं। तो ये माइनस किया तो आपके पास बचा 476000 76 और 24 1 लाख। ठीक है? ठीक है? तो 476 आपके पास यहां पे बचा। और क्या करना है? अमन इज़ टू गेट सैलरी ऑफ़ ₹1,20,000 तो यहां पे लिख दूंगा टू सैलरी किसकी है? अमन की है। कितनी है? 1,20,000 पर एनम। तो ये मैंने ₹1,20,000 सामने वाले को सैलरी दे दी अमन को। ऑलराइट। दूसरा क्या है? बोमन इज़ टू गेट कमीशन 5% ऑन नेट सेल्स व्हिच ड्यूरिंग द ईयर वाज़ 30 लैक्स। तो इसने बोला ये जो 30 लैक्स की सेल्स हैं इस पे 5% कमीशन चाहिए। तो दे दो भाई ये कमीशन का कैलकुलेशन मैंने यहां पे कर दिया। ये कमीशन ऐसे जब ये कैलकुलेशन मैं अलग कर रहा हूं ना इसको मैंने देखो नाम दे रहा हूं वर्किंग नोट नंबर वन। बहुत सिंपल सा क्योंकि मैं कमीशन कैलकुलेट कर रहा हूं। कर देंगे 0 0 5 * 3 = 15 फॉललोड बाय 1 2 3 4 ज़ीरोज़ 1 2 3 4 ज़ीरोज़। ठीक है? तो ये मैंने कमीशन कैलकुलेट की ना बेटा यहां पर अलग से तो ये वर्किंग नोट मैंने बना दिया। अब देखो इसको अटैच कैसे करते हैं? ये वर्किंग नोट बनाया मैंने। कोई भी कैलकुलेशन रफ मत करना। वर्किंग नोट बना देना उसका। ठीक है? तो टू कमीशन किसको दे रहे हैं? बोमन को। ठीक है? और यहां पर मैं इसमें ही अटैच कर दूंगा वर्किंग नोट नंबर वन। कि भैया ये जो अमाउंट मैं निकालने वाला हूं ना अभी वो वर्किंग नोट नंबर वन से निकला है ₹1,50,000। ये मैंने यहां पर इस तरीके से लिख दिया। ऑलराइट क्लियर है इतना? तो ऐसे करके वर्किंग नोट को आपको अटैच भी करना है। बस बाकी तो चीजें हो गई। बस यही था 1,50,000 और कमीशन और रेंट था वो हो गया। 5 लाख अपन ने लिख दिया। बस खत्म हो गई चीजें। अब जो बचा कुचा प्रॉफिट है उसको अपन बांट देंगे। देखते हैं अब कितना बचा है। देखो इस साइड का टोटल तो आ जाएगा 4,76,000 और कुछ है ही नहीं। यहां से 4,76 में से 4,76 में से ये चीज़ माइनस कर दो। ये कितना आ रहा है? 270000 270 अगर माइनस कर देंगे तो बचेगा 20600 और इसको शेयर कैसे करना है अपन ने पहले ही देख लिया था इक्वली 1 में तो ₹6000 को इक्वली बांट दो प्रॉफिट्स टू प्रॉफिट कितना-कित जाएगा भाई ये अमन ये बोमन और अमन को कितना जाएगा ₹6000 का आधा ₹13000 ₹13000 अमन का ₹13000 बोमन का इनका टोटल 26000 यहां पे आ गया। एंड इसका टोटल आ गया 47600। ये हो गया खत्म अपना क्वेश्चन। समझे बात को? सिंपल था। इस क्वेश्चन में जो मेन चीज थी समझने की दिस वाज़ दिस रेंट का कैलकुलेशन। ठीक है? रेंट, मैनेजर्स, कमीशन, इंटरेस्ट ऑन लोन। ये तीनों चीजें यहां से डायरेक्टली माइनस होंगी क्योंकि वो चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट्स हैं। एप्रोप्रिएशंस नहीं है। बांटना नहीं है प्रॉफिट को। वो वो प्रॉफिट ना हो तो भी देनी पड़ेंगी। ऐसी चीजें चार्ज कहलाती हैं। ठीक है? तो हो गया ये वाला क्वेश्चन। आगे बढ़ते हैं। आगे देखते हैं और क्वेश्चंस क्या हैं। अच्छा ये क्वेश्चन आपने करना है। अब ये थोड़ा सा ये आपको मैं होमवर्क देता हूं। ठीक है? आप मुझे कुछ चीजें तो आप डायरेक्टली अभी कमेंट्स में बता सकते हो। अभी का अभी बता सकते हो। वो वाली चीज बता दो। बाकी चीजें होमवर्क में कर लेना। देखो सडी एंड वंडी वर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन द रेशियो ऑफ़ देयर कैपिटल्स कंट्रीब्यूटेड। बेटा इसकी कैपिटल है 4 लाख और 3 लाख। 4 लाख और 3 लाख। तुम मुझे बताओ रेश्यो क्या होगा? सबसे पहला क्वेश्चन जो आपको कमेंट में आंसर देना है वो है रेश्यो क्या है सडी और वैंडी के बीच में। जल्दी से मुझे बताओ कि रेशो क्या है? ठीक है? क्योंकि कैपिटल के फॉर्म में रेश्यो को डिस्ट्रीब्यूट किया है। पहला आपका कमेंट यहां पे आ जाना चाहिए। पॉज कर भाई अगर कुछ समझ में आ रहा है तो बता मुझे कि क्या उसका रेश्यो है। ठीक है? दूसरा फर्म स्टार्टेड बिज़नेस ऑन 1 अप्रैल अकॉर्डिंग टू द पार्टनरशिप डीड। अब देखो ये क्या कह रहे हैं। वैसे तो ये अपन आगे रिजर्व सीखेंगे। लेकिन बहुत सिंपल सा है ये। बस एक पॉइंट है यहां पे जो एक्स्ट्रा मुझे समझानी पड़ेगी आपको ये वाली बाकी तो देखो इसको 2 मिनट के लिए छोड़ो चलो ये देखो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल इज़ टू बी अलाउड 12% पर एनम इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग 10% पर एनम ठीक है कैपिटल पे इंटरेस्ट आपको 12% देना है तो कैपिटल दिए हुए हैं ये रहे कैपिटल 12% दे देना आप बहुत ईजी है निकालना सैंड ईयर वेंडी आर टू गेट अ मंथली सैलरी 10,000 तो 10,000 को 12 से मल्टीप्लाई करोगे ईयरली सैलरी निकल जाएगी 15000 को 12 से मल्टीप्लाई करोगे ईयरली सैलरी निकल निकल जाएगी। सैलरी भी आप दे सकते हो। बस इतना ही था इसमें। और क्या है? द प्रॉफ़िट फॉर द ईयर एंडेड 31st मार्च बिफोर मेकिंग अबव एप्रोप्रिएशंस वर 6 लाख। द ड्रॉइंग्स ऑफ़ सडी एंड वडी वर 2 लाख एंड ₹50,000 इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग भी आपको निकाल के ही दिया हुआ है कि इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इतना है। तो ये 10% निकालने की जरूरत नहीं है। ये आपको डायरेक्टली दिया है। आपको पता है इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग कहां आता है? पता है ना? ये बनाना आप। ये आपको खुद करना है। इस पूरे में सिर्फ एक पॉइंट ये कठिन है वो मैं आपको बता देता हूं। एव्री ईयर इन केस ऑफ़ प्रॉफिट मैं ये इंग्लिश नॉर्मल समझा रहा हूं। देखो हर साल जब प्रॉफिट हो ₹00 और 10% ऑफ द प्रॉफिट या तो ₹00 या प्रॉफिट का 10% व्हिच एवर इज़ मोर विल बी डोनेटेड फॉर प्रोवाइडिंग स्कूल फीस ऑफ़ स्पेशली एबल्ड चिल्ड्रन। तो हमको उसका 10% या फिर 500 जो भी ज्यादा हो वो हमको रिजर्व में डालना है। एक तरीके से किसके रिजर्व में डोनेट करना है। डोनेट करना है। तो आप जब ये प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन बनाओगे ना देखो इस नेक्स्ट पेज पे बना हुआ है क्या? हां। तो यहां पे आप नेट प्रॉफिट लिखोगे। ठीक है? नेट प्रॉफिट लिखोगे। जितना भी है ये अब मैं नहीं बता रही। ये आपको पता होना चाहिए। नेट प्रॉफिट लिखोगे। सैलरी डालोगे दोनों पार्टनर्स की। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दोगे। और क्या था? इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग लेना था तो यहां पे आप लिख दोगे बाय इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग आप यहां पे ले लोगे इतनी दो तीन ही तो चीजें थी तो ये तो आपको पता है ये आपको करना है ये क्या है ये मैं बताता हूं इन केस ऑफ़ प्रॉफिट 50000 और 10% ऑफ़ प्रॉफिट व्हिच एवर इज़ मोर विल बी ट्रांसफरर्ड टू डोनेशन वाला अमाउंट। अब देखो साल का प्रॉफिट कितना है सर? यहां पर अगर देखा जाए तो साल का प्रॉफिट कितना है? नेट प्रॉफिट ₹6 लाख लिख देता हूं। चलो ये चीज़ ₹6 लाख तो आप जब डोनेशन में पैसा डाल रहे हो तो ये भी तो एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट है ना प्रॉफिट को बांट रहे हो तो वो आपको यहां पे लिखना है टू डोनेशन। अब ये डोनेशन कितना होगा? तो डोनेशन या तो 6 लाख का 10% या 50,000 जो भी ज्यादा हो। तो मैं यहां पे निकाल लूंगा ₹6 लाख का 10% और 50,000 व्हिच एवर इज़ मोर। तो ₹6 लाख का 10% सर हमें पता है ₹60,000 होता है। तो ₹0000 और ₹0000 में से मोर कौन सा है? ₹0000 तो आप कितना दोगे डोनेशन? 60000 तो डोनेशन 60000 ऐसा इसको भी लगा देना वर्किंग नोट नंबर वन और ये आपने बनाया वर्किंग नोट नंबर वन। और इस पे बस एक छोटा सा एडजस्टमेंट लिख देना। ऐज़ 10% ऑफ नेट प्रॉफ़िट इज़ मोर 6,000 वुड बी वुड बी ट्रांसफरर्ड टू प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट या शुड बी ट्रांसफरर्ड टू डोनेशन शुड बी गिवन एज डोनेशन बस सिंपल सिंपल करो ना यार गिवन एज डोनेशन कि हम ₹60 की डोनेशन देंगे। क्यों? क्योंकि ₹60,000 ज्यादा है। ये आपने यहां पे लिख दिया। दैट्स इट। ये पॉइंट हो गया। बाकी सब आप जल्दी से करना। ठीक है? इस चीज़ को आप लोगों को करना है और इसका आंसर आपको वापस कमेंट्स में बताना है। और अब आप तो आपको लगेगा सर आगे बढ़ जाते हैं। हम वैसे भी इतनी देर देख चुके थोड़ी देर और देख लेंगे नहीं। अब रुको आराम से इस क्वेश्चन को करो और उसके बाद आप यहां पे आगे बढ़ना। दैट वुड बी गुड फॉर यू। ऑलराइट। इसका भी चाहो तो स्क्रीनशॉट ले लो। तो यहां तक तो हो गया। अब ना हम नेक्स्ट एक टॉपिक पे जाने वाले हैं। ठीक है? जो है इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। इंटरेस्ट के साथ इस चीज को देखना क्योंकि है तो ये इंटरेस्टिंग और बहुत सिंपल सा भी है। कैपिटल क्या होता है? तो सिंपल सी अगर मैं बात करूं तो कैपिटल वो होती है जो लोगों ने पैसा लगाया। है ना? जैसे यहां पे दो लोग थे एक था तन्मय और दूसरा था समय। तो ये दोनों ने ये मैं अभी राइमिंग नोटिस कर रहा हूं यार। तन्मय में भी मे आ रहा है और समय में भी मे आ रहा है। चलो तो तन्मय और समय जो उन्होंने कैपिटल्स लगाई थी। फॉर एग्जांपल मैं मान लेता हूं तन्मय ने ₹2 लाख लगाए थे अपने बिज़नेस में और समय ने ₹3 लाख। तो इस पे कुछ ब्याज वो एक्सपेक्ट कर रहे हैं। इंटरेस्ट वो एक्सपेक्ट कर रहे हैं। तो इस पे जो इंटरेस्ट होता है उसको अपन मतलब इसके ऊपर जो भी आप अमाउंट इनको दोगे एक्स्ट्रा उसको बोलेंगे इंटरेस्ट। एक क्वेश्चन ही कर लेते हैं हम लोग। ईजी रहेगा। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल का सिंपल क्वेश्चन। एंड बी एंड मतलब भाई तन तन्मय एंड समय वर पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 2:3। तन्मय इंट्रोड्यूस 2 लाख एज़ ऐज़ हिज़ कैपिटल एंड समय इंट्रोड्यूस थ्री 3 लाख एज़ हिज़ कैपिटल। ठीक है? और हम ऐसा मानते हैं कि इंटरेस्ट ऑन कैपिटल जो है 10% देना है इनको। 10% हमें इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देना है। तो सिंपल बेटा इनका 10% निकाल लो और क्या? जैसे इसका 10% 2 लाख का 10% कैसे निकलेगा? ऐसे ही डायरेक्टली निकाल लेता हूं। 10 /100 कितना आ जाएगा ये तो 20,000 हो जाएगा अपना किसका? तन्मय का। और दूसरा समय का अगर निकालूं वही 10% ठीक है? तो ये आ जाएगा अपना 30,000 है ना? ये तो सिंपल है और इसको लिखते कैसे हैं वो भी मैं अगर आपको यहां पे बता दूं तो ये प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन इसमें सारी चीजें आप लिखोगे और यहां पे लिख दोगे टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तन्मय का कितना है समय का कितना है तन्मय का आया 20000 समय का आया 300000 ठीक है ये आया 10% दोनों के और जो मेन अमाउंट है वो आप लिख दोगे बाहर ये मैं ये कर देता हूं ये 500000 आपका इंटरेस्ट ऑन कैपिटल ये इस ये सिंपलेस्ट वे है इस चीज को करने का और सिंपल अगर कोई क्वेश्चन आएगा तो वो ऐसा कुछ आएगा अब अपन थोड़ा सा इसमें देख लेते हैं कि क्या चेंजज़ होते हैं। अब कभी-कभी क्या हो जाता है देखो बहुत सिंपल है। वही क्वेश्चन को अपन थोड़ा सा आगे कंटिन्यू करते हैं। तन्मय एंड समय वर पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 2:1 तन्मय का कैपिटल था तन्मय एंड यहां पे लिख दिया मैंने समय। अब देखो यहां पे क्या है कि तन्मय और समय ये दोनों बंदे हैं यहां पर। अब तन्मय ने क्या किया था कि यहां पे ध्यान से देखना। 1 अप्रैल ठीक है? यह भी फर्स्ट अप्रैल जब इन्होंने बिज़नेस स्टार्ट किया, बिज़नेस स्टार्ट किया तो तन्मय के पास कितने थे बेटा? ₹2 लाख लगाए थे इसने। समय ने कितने लगाए थे? ₹3 लाख। ठीक है? अब थोड़ा सा आगे बढ़ते हैं। जैसे अप्रैल के बाद मई, जून, जुलाई आया। ठीक है? अ अप्रैल, मई, जून और जुलाई हटा देता हूं। फर्स्ट अगस्त की बात करता हूं। तो फर्स्ट अगस्त को फर्स्ट अगस्त को पहली अगस्त को तन्मय ने ₹00 और लगाए अपने बिज़नेस में। तन्मय ने ₹500 और लगाए। अगस्त के बाद आता है सितंबर अक्टूबर की बात कर लेता हूं मैं। 31 अक्टूबर अक्टूबर 31 ही होता है ना? अह जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर 31 ही होता है। तो 31 अक्टूबर को ये 50,000 तो तन्मय ने एडिशनल कैपिटल लगाई थी। एडिशनल कैपिटल और 31 अक्टूबर को समय ने क्या किया? समय ने समय ने 40,000 परमानेंटली विथड्रॉ कर दिए। ये ड्रॉइंग्स नहीं है बेटा। परमानेंट विथड्रॉवल है। ठीक है? परमानेंट विथड्रॉवल। अब आप बोलोगे क्या फर्क होता है ड्रॉइंग्स में और इसमें? तो परमानेंट विथड्रॉल कैपिटल से निकलता है। ड्रॉइंग्स प्रॉफिट के अगेंस्ट आप लेते हो। है ना? तो अब ये चीज़ हुई। देखो यहां पर आपके पास जो चीज़ इंपॉर्टेंट हो जाएगी। अगेन विल बी दोज़ डेट्स। कि पहली अप्रैल को क्या था? 1 अगस्त को क्या चेंज आया। ठीक है? अब इसी को ही कैलकुलेट करना है। बहुत सिंपल। जैसे तन्मय की बात करेंगे। और इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वही आईयूसी @ 10% पर एनम की मैं बात करता हूं। ठीक है? 10% पर एनम ही उनको दे रहे हैं। तो तन्मय की बात करेंगे तो अपन कैपिटल कैसे लेंगे? बस इतना सा देखना कि भाई फर्स्ट अप्रैल से लेकर फर्स्ट अप्रैल से लेकर फर्स्ट अगस्त तक। तो फर्स्ट अगस्त से तो अगस्त को आप कंसीडर नहीं करोगे। अप्रैल, मई, जून, जुलाई। फर्स्ट अगस्त को तो चेंज हो गया कैपिटल। तो अप्रैल, मई, जून, जुलाई तक सेम कैपिटल रहा। कितना रहा? 1 अप्रैल से लेके मैं बोलूंगा फर्स्ट अगस्त तक की अगर मैं बात कर लूं तो जो कैपिटल थी वो कितनी थी? कैपिटल कितनी थी उसकी? ₹ लाख। अब ध्यान से सुनना। 1 अगस्त को ये चेंज हो गई। फर्स्ट अगस्त को ये चेंज हो गई। फर्स्ट अगस्त से लेके 31 मार्च तक यानी अगस्त पूरा क्योंकि फर्स्ट अगस्त को चेंज हुआ है। तो अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च आठ महीने। ठीक है? तो 1 अगस्त से लेके 31 मार्च तक जो कि 8 महीने हैं उसमें ये कैपिटल कितनी हो गई? तो ध्यान से सुनना। ये ₹2 लाख तो थे और ₹0000 और ऐड हुए तो टोटल कितनी हो जाएगी? ₹50,000 फिर ये हो गई ₹2,50,000 अब आपको इस पे इंटरेस्ट देना है। कितना देना है सर? 10% देखो ये दिया मैंने 10% यह 10% अब बस क्या कर रहा हूं? ध्यान से देखना यहां पे। क्या किया? अप्रैल से लेके अगस्त तक। पहली अगस्त यानी अप्रैल, मई, जून और जुलाई। पहली अगस्त को कंसीडर नहीं करूंगा। 4 महीने 4/12 का इंटरेस्ट। समझे? और यहां पे थे ये 8 महीने। तो 8 महीने इस अमाउंट पे इंटरेस्ट मैं दूंगा। बस इतनी सी बात है। अब आप मुझे बताओ कितना निकल रहा है दोनों का? ठीक है? इसका निकाल लेता हूं मैं। ज़ीरो ज़ीरो ज़ीरो ये वाला ज़ीरो। 4 * 3 ठीक है? 4 * 3 = 12 हुआ। अब इसको ऐसे डिवाइड करना पड़ेगा। थ्री से तो बहुत थोड़ा अलग सा आ जाएगा। बट एनीवे 3 * 6 = 18 26 66 6.6 तो 66 666.6 ये आ गया। इसको भी कर लेते हैं। 0 4 * 2 4 * 3 फिर से थ्री से इसको डिवाइड करना पड़ेगा। तो 3 * 8 = 24 और 3 और ये थ्री। यानी 8 3 इंटरेस्ट आया यहां पर। पॉइंट भी लगा देता हूं। 3. * 2 भी करना है, तो हो जाएगा 16 66. यह हो जाएगा 1616 और 666. 6. ठीक है? यह दोनों का जो भी टोटल आएगा कर ही लेते हैं। 66 को अपन एक को सेवन मान लें अपन। तो थोड़ा सा ईजी हो जाएगा। रुको।6 हटा के सिक्स हटा के एक को मैं सेवन मान लेता हूं। ऐसे राउंड अप्स आप कर सकते हो। कोई दिक्कत नहीं है। 7 और 6 12 13 1 13 1 फिर से 13 1 फिर से 13 1 2 तो आ गया अपना इंटरेस्ट 2333 आ गया तन्मय का इंटरेस्ट। उस पे अमाउंट पे मत जाओ। आप सिर्फ एक चीज़ पे फोकस करो कि कैसे निकाला मैंने यहां पर तो यहां पर मैंने 4 /12 का मल्टीप्लाई किया। यहां पर मैंने 8 /12 का मल्टीप्लाई किया। साल में 12 महीने होते हैं। 4 महीने तक ₹2 लाख रहे। आगे के 8 महीने ₹2.5 लाख हो गए। ऐसे ही अपन समय भाई का भी देख लेते हैं। तो समय का देख लें तो फर्स्ट अप्रैल से लेके इन्होंने फर्स्ट अक्टूबर तक ये चीज की है 31 अक्टूबर तक। तो 31 अक्टूबर तक तो एक अमाउंट रहेगा। कितने महीने हुए वैसे? अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टोबर भी पूरा। अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टोबर। यानी सात महीने ये हुए। अक्टूबर के बाद नवंबर में ये चीज चेंज हो गई। तो फर्स्ट नवंबर से लेके 31 मार्च तक ये देखें कितना रहा। देखें कितना रहा। तो अक्टूबर में 40000 बंदे ने विथड्रॉ कर दिए। अब भाई पहले इसके 3 लाख थे। 3 लाख में से 40 अगर इसने विथड्रॉ कर दिए तो ₹60000 बचे। है ना? 20000 बचा। ये मैंने यहां पे लिख दिया। पहले कितना था? 2 लाख था। दो नहीं 3 लाख था। 3 लाख था। फिर ये विथड्रॉ करके गया तो इसकी कैपिटल कम हो गई और नवंबर से लेके 31 मार्च तक कितना होता है? नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। 5 महीने। ठीक है? तो 5 महीने के लिए हम इस पे इंटरेस्ट देंगे। और इंटरेस्ट कैसे निकलेगा? वही इंटू रेट / 100 दैट इज़ 10 / 100 * 10 / 100 कर दिया इंटू मंथ्स /12। तो 7 मंथ्स /1 और यहां पे हो जाएगा 5 / 12 अब इसका कैलकुलेशन तुम लोग करो और मुझे बताओ कि समय का इंटरेस्ट ऑन कैपिटल कितना आ रहा है? ठीक है? ये समय वाला जो भी है समय का आईओसी ये आप मुझे कमेंट्स में बताओगे। ठीक है? ये कितना आया? कैलकुलेशन ही करना है। बट तुम्हें समझ में आ गया तुम्हें कि क्या करना है यहां पर। ठीक है? फिर से एक बार बता देता हूं। ₹3 लाख था बेटा और 1 अक्टूबर को परमानेंट विथड्रॉल हो गया। तो बची हुई कैपिटल पे हम लोग बचे हुए मंथ्स का इंटरेस्ट देंगे 10% के हिसाब से। ठीक है? कैलकुलेट करो जल्दी से कमेंट्स में बताओ। पॉज करना और बताना इस चीज़ को फिर आगे बढ़ना। अब नेक्स्ट क्वेश्चन पे ही आ जाते हैं। क्वेश्चन देख लेते हैं। अजय एंड विजय आर पार्टनर्स इन अ फर्म। देयर कैपिटल्स वर 50,000 30,000 रेस्पेक्टिवली। दे शेयर द प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन रेशियो 3:2। दे एग्रीड दैट इंटरेस्ट ऑन कैपिटल शैल बी चार्ज 6% विजय हैज़ अलाउड सैलरी 2500 पर एनम प्रॉफिट फॉर 2008 बिफोर कंसीडरिंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड सैलरी टू विजय वाज़ ₹12500 तो सबसे पहले यहां पे तो बेटा अपन स्टार्ट करेंगे बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफर फ्रॉम प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट कितना ₹12500 ठीक है उसके बाद क्या आ गया दे एग्री इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 6% पर एनम तो यहां पे लिख दोगे आप टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल कौन-कौन है अजय एंड एंड विजय ये अजय आ गया यहां पे ये विजय आ गया कैपिटल्स कितनी है 50000 एंड 30000 यहां पे आप लिख दोगे 50000 अजय की कैपिटल 30000 विजय भाई की कैपिटल और कितना परसेंट 6/1 सॉरी 6 /100 6 / 100 6% ये भी 6 /100 कितना आ जाता है दोनों का देख लें अगर तो 0 0 5 6 30 फॉललोड बाय टू ज़ीरोज़ ये दो ज़ीरो हट गए भाई 6 * 3 = 18 फॉललोड बाय टू ज़ीरोज़ टोटल कितना आ आ गया 314800 ये आ गई इंटरेस्ट सिंपल तरीके से इंटरेस्ट ऑन कैपिटल आ गया। दूसरा क्या था? सैलरी देनी है। सैलरी 2500 पर एनम देनी है विजय को। तो टू सैलरी किसकी है भाई? विजय की है। कितनी है? ₹2500। तो ये ₹2500 भी आप दे दो। ठीक है? बस टोटल कर दो और बाकी जो प्रॉफिट बचा हुआ है वो रेशियो में बांट देना है। सिंपल ये इसमें से माइनस करेंगे कितना होगा? 12500 में से अ 0 और 5 और 8 13 5 8 13 और 4 और टू सिक्स से 7300 माइनस करूंगा मैं बचेगा टू और 12 में से 7 गया तो कितना बचा फाइव 5200 को मुझे बांट देना है किसमें 3:2 में तो बस यहां पे मैं प्रॉफिट बांट दूंगा टू प्रॉफिट अजय का और विजय का कितना-कित आएगा बेटा 5200 को आपको बांटना है 3:2 में डायरेक्टली बांट के दिखाऊं देखो फाइव है 3:2 में बांटना है तो 3000 और 2000 तो हो गए। 5000 को बांट दिया। 200 को और बांटना है तो 200 को 3:2 में बांटेंगे तो 120 और 80 आएगा। तो इसमें 120 और ऐड कर दिया मैंने। इसमें 80 और ऐड कर दिया। ये हो गए फिगर्स एंड डायरेक्टली 5200 बाहर। इन सबका टोटल अगेन 12500। ठीक है? हो गया ये खत्म। ये था नॉर्मल सा क्वेश्चन। ठीक है? बहुत सिंपल आता है इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। बस आपको परमानेंट एडिशंस और विथड्रॉल्स पे ध्यान देना है। नेक्स्ट भी अपन देख लेते हैं। एक और क्वेश्चन देख लेते हैं। अच्छा इसमें अगर कैपिटल अकाउंट बनाना है तो कोई दिक्कत है क्या? कैपिटल में आपको मेन बैलेंससेस डालने हैं या आपने इंटरेस्ट, सैलरी और प्रॉफिट डाल दिया। सबका टोटल उठा के बैलेंस कर दो। खत्म। यही था। ठीक है? प्रैक्टिस पूरी चीज़ की अच्छे से करना। दिस इज़ वन शॉट। ये रिवीज़न पर्पस के लिए मैं करवा रहा हूं। नहीं तो लाइव में तो सब कुछ बैठ के करवाया है। है ना? तो कोई दिक्कत नहीं। आप इसको समझो और करते जाओ। प्रैक्टिस जितनी करोगे उतना समझ आएगा भाई। अब व्हेन प्रॉफिट इज़ इनएडीिक्वेट। ये बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज़ है। कभी-कभी क्या होता है ना ये देख लो। A एंड B हैव कैपिटल्स ऑफ़ 40 एंड टू। ये A का आईओसी अपन निकाल रहे हैं। आईओसी A का और यहां पर मैं निकाल देता हूं आईओसी B का। ध्यान से देखना हो क्या रहा है। है ना? कैपिटल इसकी ₹4 लाख है। ये मैंने ₹4 लाख निकाली। और यहां पे इसकी ₹ लाख कैपिटल है। 6% पर एनम रेस्पेक्टली इंटरेस्ट ऑन कैपिटल टू अलाउड 6% पर एनम। ये मैंने 6% निकाला बेटा। 6% इसका भी 6% ठीक है? कितना? ज़ीरो ज़ीरो कैंसिल ज़ीरो ज़ीरो। 6 * 4 = 24 फॉललोड बाय थ्री ज़ीरोज़ 24,000 और इसका तो आधा ही हो जाएगा। 12,000 है ना? चार का 24 है तो दो का आधा ही होगा। है ना? देयर प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो इज़ 2:3 एंड नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर इज़ 30,000 ध्यान से सुनना क्या है? नेट प्रॉफिट तो सर यहां पे आता है। ये देखो पर्टिकुलर्स रुपीस रुपीस पर्टिकुलर्स देखो यहां पे आपने नेट प्रॉफिट लिख दिया बाय नेट प्रॉफिट कितना आया? ₹30,000। अब आप मुझे एक चीज़ बताओ। यहां पर अगर आप इंटरेस्ट ऑन कैपिटल लिखोगे तो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देखो कितना आ रहा है? 24,000 और 12,000 टोटल करो कितना होता है? टोटल करो 24 और 12 कितना होता है? 36 अब है ही नहीं प्रॉफिट उतना तो 30000 प्रॉफिट है लेकिन आपको देना है 36000 तो यहां पर एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज आ रही है उसको नोट डाउन कर लेना यहां पर जब प्रॉफिट्स आएंगे तब अपन निकालते हैं पेमेंट रेश्यो नई चीज इंट्रोड्यूस हो रही है बेटा कब आता है पेमेंट रेश्यो जब प्रॉफिट्स इनएडीक्वेट हो जब आपके पास प्रॉफिट्स है ही नहीं इतने देने के लिए अब सोचो एक पार्टनर को 24 देने हैं एक पार्टनर को 12000 देने हैं टोटल 36000 देने हैं पर प्रॉफिट ही ₹00 है। तो क्या करेंगे हम? 30,000 को पेमेंट रेश्यो में बांटेंगे। पेमेंट रेशो मतलब पेमेंट रेशो ऐसे लिख देता हूं। देखो पेमेंट रेशो का मतलब होता है टोटल पेमेंट ऑफ़ A टोटल पेमेंट ऑफ़ B मतलब जो भी पार्टनर है उनके रेश्यो में रख दो वो। ठीक है? करते हैं। टोटल पेमेंट ऑफ़ A कितना देना है मुझे? यहां पर 24,000 और टोटल पेमेंट B को कितना देना है? 12,000 इन दोनों का रेश्यो क्या आएगा? क्या आएगा रेशियो बताओ? 24,000 ये और 12,000 2:1 तो आपके पास जो भी प्रॉफिट्स हैं, आप उसको 2:1 में बांट दो। मैं यहां पे लिख देता प्रॉफ़िट्स प्रॉफ़िट्स विल बी डिस्ट्रीब्यूटेड विल बी डिस्ट्रीब्यूटेड इन 2:1 2:1 एज प्रॉफिट इज इनएडीिक्वेट एज प्रॉफिट इज इन एडिक्वेट। इसका मतलब प्रॉफिट इनफ नहीं है हमारे पास कि हम पूरा-पूरा इंटरेस्ट दे पाए। इसलिए जितना भी प्रॉफिट है हम उसको 2:1 में बांट द लेंगे। तो यहां पर मैं क्या करूंगा? यहां पर मैं लिख दूंगा टू प्रॉफिट टू प्रॉफिट। किस-किस को मिलना है? A एंड B a और B कितना-कितना दे दिया आपने? टी 30,000 को 2:1 में बांट दिया। यानी A को मिल गया 20,000 B को मिल गया 10,000 तो टोटल मिला के 30,000 और ये यहां पे भी ये पूरे बैलेंस हो गए। समझे बात को? तो यहां पर जो चीज़ मैंने आपको बताई पेमेंट रेशो ये बहुत इंपॉर्टेंट है। कभी-कभी क्या होगा कि प्रॉफिट्स उतने होंगे ही नहीं जितना आपको इंटरेस्ट देना है। तो इन दैट केस क्या करोगे? पेमेंट रेशियो निकालोगे। दिस इज़ वेरीेंट मार्केट। ठीक है? और ये सर टोटल पेमेंट्स। अगर इसके अलावा इनको सैलरी वगैरह भी देनी होती ना तो हम उसका टोटल पेमेंट निकालते कि टोटल ए को कितना देना है? टोटल बी को कितना देना है? दोनों का रेश्यो निकाल के उस रेश्यो में प्रॉफिट को डिस्ट्रीब्यूट कर देते। सिंपल सी बात है। और आप अगर पूछोगे मुझसे के सर अगर प्रॉफिट ही नहीं होता, लॉस होता तो लॉस होता तो ये देते ही नहीं। ज़ीरो कुछ नहीं देते फिर इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल सैलरी देते ही तब हैं जब हमको कुछ हो रहा हो। मतलब कुछ प्रॉफिट हो रहा हो। अच्छा यहां पे बुक में बुक आप जो भी देखोगे उसमें ऐसे कुछ करके तरीके से किया हुआ है। पेमेंट रेश्यो नहीं निकाला है। तो मैं आपको सजेस्ट करूंगा कि ये थोड़ा कठिन हो जाता है। कैलकुलेशंस कठिन हो जाती हैं। इसलिए आप पेमेंट रेशो निकालना ये बहुत इजी चीज है क्योंकि आगे जब और चीजें आएंगी ना तो बहुत सिंपल रहेगा ये। जब सैलरी वगैरह भी इसने ऐड कर दी इसमें तो आपके लिए बहुत ईजी रहेगा पेमेंट रेशियो से ये चीज करना। तो आप पेमेंट रेशियो के थ्रू ही करना ये चीज। ठीक है? अब दूसरा देख लेते हैं। व्हेन आईओसी इज़ अ चार्ज ऑन प्रॉफिट। सर आपने बताया था जो चार्ज ऑन प्रॉफिट्स होते हैं वो तो प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आते हैं एग्जैक्टली और चार्ज का मतलब क्या होता है कि पूरा-पूरा पैसा आपको देना पड़ेगा। चार्ज मतलब आप कम नहीं कर सकते। है ना? चार्ज है मतलब देना ही पड़ेगा प्रॉफिट में से। भले आपको लॉस हो जाए। तो ठीक है करते हैं। देखो यहां पर मैंने बनाया प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट। वही 11th वाला वही 11th वाला। और यहां पे थोड़ा सा मैं आपसे ही पूछूंगा आप ही मुझे बताना। एंड बी वही पीछे वाला ही क्वेश्चन है। ठीक है? यहां पर बस ऐसा कुछ हो गया है। ए एंड बी हैव कैपिटल्स ऑफ दिस। ठीक है? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल टू बी अलाउड सिक्स। देयर प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर इज़ 30,000 प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रियेशन अकाउंट। और यहां पे एक चीज इसने लिखी नहीं है। मैं यहां पे लिख देता हूं। कंसीडर चलो वाइट से ही लिख देता हूं। वो क्वेश्चन का ही पार्ट है पर। कंसीडर इंटरेस्ट ऑन कैपिटल टू बी चार्ज ऑन प्रॉफिट। चार्ज ऑन प्रॉफिट। अगर चार्ज ऑन प्रॉफिट है तो तो सर यह देना ही पड़ेगा। बिल्कुल यह देना ही पड़ेगा। तो देते हैं यहां पर कितना प्रॉफिट है लॉस द प्रॉफिट यह हो गया। द प्रॉफिट फॉर द ईयर इज़ 30,000। तो देखो नेट प्रॉफिट वैसे तो यहां निकलता है। लेकिन अभी हम कर ही रहे हैं। इसीलिए यहां पर मैं बाय नेट प्रॉफिट को नेट इस वाले प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में भी इधर डालूंगा। अब आप पूछोगे क्यों? क्योंकि आप ऐसा समझ लो कि फिलहाल ये नेट प्रॉफिट निकला ही नहीं है। अगर ये नेट प्रॉफिट अभी तक यहां पे निकला ही नहीं है तो ये साइड बढ़ा ही रहेगा और मुझे आगे के आइटम्स पता नहीं है। तो वो बैलेंस जो है वो मैं यहां पर लिख रहा हूं। पर लिखूंगा मैं इसको नेट प्रॉफिट के नाम से ही। ये 30,000 मेरा नेट प्रॉफिट है। ठीक है? नेट प्रॉफिट अभी तक आया नहीं है। ठीक है? यहां पे इसको मैं प्रॉफिट नेट प्रॉफिट ही नहीं लिखता हूं तुम्हारे लिए। यहां पे मैं इसको लिख देता हूं। बाय प्रॉफिट बिफोर एडजस्टमेंट। ठीक है? एडजस्टमेंट में से एडजस्टमेंट से पहले का प्रॉफिट है। तो ठीक है? नेट प्रॉफिट मत लिखो। उससे कंफ्यूज हो रहे हो अगर तो। तो नेट प्रॉफिट बिफोर एडजस्टमेंट 30,000 लिखा। अब आपको इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देना है। सारे खर्चे आप यहां पे ही लगाते थे। तो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे दो भाई। ए को और बी को हमने पिछले पिछली स्लाइड में ऑलरेडी निकाल रखा है। ए का और बी का कितना आया है? ए का 24 और बी का ₹12,000। यही मुझे यहां पे देना है। ये मैं दे देता हूं। ए का 24000। क्योंकि चार्ज है तो पूरा देना पड़ेगा। इस पे कुछ कटौती तो मैं कर ही नहीं सकता। ₹36,000 पूरे-पूरे देने हैं मुझे। अब सर अगर आप ₹36,000 यहां पर दोगे तो यहां पर तो है ही आपके पास टोटल मिला के ₹00 तो आप कैसे दोगे? तो इन दैट केस प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में आपने 11th पे किया होगा कि लॉस हो जाता है। तो लॉस बांट दो। ठीक है? तो यहां पे मैं बाय लॉस दे दूंगा किसको? वही पार्टनर्स को ए और बी को। चलो ए और बी को यहां पे नहीं देते हैं। वो एप्रोप्रियेशन में देखेंगे। लेकिन लॉस तो निकल आया। कितना निकल आया बाय लॉस? 6000 ठीक है ये 36000 टोटल 36 था 30 दिख रहा है। 6000 का लॉस इस लॉस को यहां पर ट्रांसफर कर दो। देखो ये ये है प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट जहां पे अपन प्रॉफिट या एंड लॉस को बांटते हैं। तो यहां पे बांट देता हूं मैं। ये लॉस पहले तो यहां पे कैरी फॉरवर्ड हुआ। ठीक है? टू लॉस ट्रांसफर्ड फ्रॉम प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट 6000। और लॉस हुआ है तो क्या करेंगे? लॉस को भी बांटेंगे। तो बांट द बांट दूंगा मैं इसको। बाय अ बाय लॉस डिस्ट्रीब्यूटेड बाय लॉस डिस्ट्रीब्यूटेड किस-किस को देना है? A और B को A को कितना लॉस जाएगा? B को कितना लॉस जाएगा? तो 6000 को लॉस भी उसी रेश्यो में 2:3 में आप इसको बांट दोगे। तो 60000 को 6000 को 2:3 में बांटेंगे तो 1200 1200 * 2 2400 1200 1000 * 3600 ये ये 6000 का लॉस आपने डिस्ट्रीब्यूट कर दिया। समझे बात को समझे बात को? समझे बात को? कुछ भी नहीं है भाई। अगर लॉस उस चार्ज बोला है। वैसे तो देखो वो चार्ज होता नहीं है। लेकिन इन्होंने बोला है कि भाई कंसीडर करो इसको चार्ज। तो हमने कंसीडर कर दिया और हमारा आ गया लॉस। लॉस आ गया तो प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन में हमने लॉस बांट दिया पार्टनर्स को और क्या कर सकते हैं? समझे बात को? तो ये थे दो केसेस इंटरेस्ट ऑन कैपिटल के जो कठिन हो सकते हैं आपके लिए। ठीक है? यही चीज यहां पे इन्होंने करी है। अब आगे बढ़ते हैं और नेक्स्ट वाली चीज पे आते हैं जिसको बोलते हैं मैनेजर्स कमीशन या फिर पार्टनर की कमीशन। तो यहां पर मैं आपको सिंपल वर्ड्स में बता देता हूं। बेटा कमीशन होता है जो सेल्स वगैरह के ऊपर मिलती है। क्योंकि कोई बंदा है ना के भाई तू ज्यादा सेल कर दे। जैसे दुकानों पे होता है। दुकानों पे किसी की दुकान है जिस पे चारप नौकर हैं। है ना? चारप काम करने वाले लोग हैं। तो उनमें से उनको बोलते हैं भाई जितनी ज्यादा सेल करोगे मैं सेल के ऊपर कमीशन दूंगा आपको। समझे? तो मतलब किसी ने 5 लाख की सेल की तो उसको ₹5 लाख के ऊपर 10% दे दो। ₹500 जो भी बने तो जितना ज्यादा सेल करेगा। अरे ऐसे तो टारगेट्स होते हैं बहुत सारे बंदों के। जैसे आप किसी जैसे Reliance ट्रेंड्स में आप चले जाओ। लोटस नाम का एक ब्रांड है। उसमें आप चले जाओ। Chroma में चले जाओ। वहां पे देखना एक आप जैसे ही घुसो स्टोर के अंदर एक बंदा पीछे लग जाएगा सर क्या चाहिए आपको सर मैं कौन सी वाशिंग मशीन दिखा दूं वो कोई ज्यादा हंबल नहीं बन रहा है वो वाशिंग मशीन बिकवाएगा तो उसके ऊपर कमीशन मिलेगा उसको है ना इसके लिए वो आपके सामने इतना हंबल बन रहा है ना कि भाई ले ले तो वो होती है कमीशन कमीशन दो तरीके की होती है एक होती है मैनेजर की कमीशन एक होती है पार्टनर की कमीशन मैं आपको यहीं बता देता हूं पार्टनर की कमीशन जब प्रॉफिट होगा तब देंगे मैं यहां पे लिख देता हूं प्रॉफिट होगा तो ही देंगे। नहीं तो नहीं देंगे। क्योंकि यह क्या है? दिस इज़ एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट। दिस इज़ एप्रोप्रिएशन ऑफ प्रॉफिट। ठीक है? एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट है। लेकिन मैनेजर की कमीशन। भाई मैनेजर आपका पार्टनर तो है नहीं। वो तो एक एंप्लई है। उसकी तो सैलरी की कमीशन देनी ही पड़ेगी आपको। तो मैनेजर जो कमीशन है इट इज़ चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट। चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट मतलब प्रॉफिट हो या लॉस हो यह वाली चीज तो आपको देनी ही पड़ेगी। अब यहां पर यह तो सिंपल है। बस दो तरीके की ये आप 11th में भी करके आए हो। ठीक है? मतलब ये होती है ऑन प्रॉफिट्स। ऑन प्रॉफिट्स दो तरीके की चीजें आती हैं। आफ्टर सच कमीशन और ऑन प्रॉफिट्स ऑन प्रॉफिट बिफोर सच कमीशन। बिफोर सच कमीशन। बहुत ही सिंपल से इसके दो तरीके के फ़ूले हैं। अब 11th में आप करके आए हो। फिर भी बता देता हूं। बिफोर सच कमीशन मतलब कमीशन से पहले का जो प्रॉफिट था उस पे आप ये कमीशन दे दो। तो इसमें सिंपल आप करोगे जो भी आपका प्रॉफिट आया इंटू रेट / 100 रेट अप 100 मतलब उसका उतना परसेंट प्रॉफिट ₹1 लाख आया। ₹1 लाख का 5% कमीशन देना है। तो ₹1 लाख का 5% कितना होता है? ₹1 लाख का 1% होता है ₹1 लाख। उसका आधा ₹50,000 तो ₹1 लाख पे ₹50,000 सामने वाले को कमीशन दे दो। समझे बात को? तो ये था ऐसे रेट निकालो। लेकिन एक होता है आफ्टर सच कमिशन। तो इसमें बस इतना हो जाता है जो भी अमाउंट होता है। इंटू रेट / 100 + रेट। रेट / 100 + रेट। ये बन जाता है फार्मूला। जब आप आफ्टर सच कमीशन करते हो तो। क्वेश्चन के थ्रू देख लेते हैं। बहुत ज्यादा ईजी हो जाएगी चीज़ें। एंड बी आर पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन द रेशियो 3:2। ठीक है? रुको, मैं यह मार्क कर देता हूं। 3:2 में शेयर कर रहे हैं विद कैपिटल्स ऑफ़ 5 लाख एंड 3 लाख रेस्पेक्टिवली। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल इज़ एग्रीड 6% पर एनम। बी इज़ टू बी अलाउड एन एनुअल सैलरी ऑफ़ 60,000 ड्यूरिंग द ईयर द प्रॉफिट्स प्रायर टू कैलकुलेशन ऑफ़ इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। बट आफ्टर चार्जिंग B सैलरी अमाउंटेड टू जब भी ऐसा कुछ आया ना आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी। हमको चाहिए रहता है प्रॉफिट। सब कुछ चार्ज करने से पहले का बताओ। तो, यहां पर मैं क्या करूंगा? मतलब आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी दिया है। तो, यह तो गलत हो गया मेरे को मेरे को 20 की सैलरी से पहले का प्रॉफिट चाहिए। समझे बात को? द प्रोविज़न ऑफ़ 5% फॉर द प्रॉफिट इज़ टू बी मेड इन रिस्पेक्ट ऑफ़ कमीशन टू मैनेजर। ठीक है? मैनेजर को भी कमीशन दे देंगे। कोई दिक्कत नहीं है। अब क्या यहां पे आप इस पार्ट में भी ऐसे भी कर सकते हो कि आपने एक प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाया, एक एप्रोप्रिएशन अकाउंट बनाया। दूसरा सिर्फ एप्रोप्रिएशन बना के भी कर सकते हो। मैनेजर कमीशन यहीं से माइनस कर देना। ठीक है? क्योंकि यहां बुक में यहां पर यहां पर अरे ये तो दूसरा आ गया क्या? 20 दूसरी चीज़ है। रुको 1 सेकंड रुकना। अगर आपने ऐसे करना है तो भी मैं आपको बता देता हूं। वैसे आपको ऐसा मैं आपको सिंपल बताऊं सिंपल तरीका बताऊं। आप एक अकाउंट बनाओ प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन। इसको बनाओ ही मत। मैं आपको ऐसे करके बताता हूं कि ये कैसे होगा। देखो बहुत ही सिंपल हो जाएगा। अब दो अकाउंट्स पे मत जाना कभी भी। मतलब जब तक क्वेश्चन में स्पेसिफिकली बोला ना जाए। यहां पे तो बोला है प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस। एप्रोप्रिएशन ना तो मैं सिर्फ एप्रोप्रियेशन बनाऊंगा। मैं मैं प्रॉफिट एंड लॉस बनाऊंगा ही नहीं। देखो अब एप्रोप्रिएशन कैसे बनता है? पर्टिकुलर्स रुपीस। पर्टिकुलर्स रुपीस क्या-क्या करना है सर? ए एंड बी आर पार्टनर्स। ठीक है? सारी चीजें हैं। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देना है। सैलरी देनी है। और लिखा हुआ है प्रॉफिट जो था आफ्टर चार्जिंग सैलरी इज़ ₹1,80,000। यहां पे मैं लिखूंगा बाय नेट प्रॉफिट। अब ये तो आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी है। आफ्टर चार्जिंग B 20 सैलरी। ठीक है? आफ्टर चार्जिंग 20 सैलरी। कितना दिया हुआ है? अब देखो, मुझे पता है ये आफ्टर चार्जिंग है। है ना? यहां पे मैं लिख देता हूं आफ्टर। ठीक है? इतना समझ जाना तुम। ये है ₹1,80,000 मुझे चाहिए प्रॉफिट B की सैलरी से पहले वाला तो यहां पर मैं ऐड कर दूंगा B सैलरी। 20 सैलरी समझ रहे हो? क्यों ऐड कर रहा हूं? क्योंकि मैं सैलरी दूंगा ना यहां पर मैं पहले ही प्रॉफिट में से कैसे माइनस कर दूं? तो मैं B की सैलरी कितनी है? कितनी कितनी है? 60,000। ये 60,000 मैंने यहां पे प्लस कर दिया। कितनी आ गई? ₹642,40,000 ये आ गया प्रॉफिट। ये हमारा एक्चुअल प्रॉफिट है बिफोर सैलरी जितना होना चाहिए था। अब इसमें से आप उठाओ और सैलरी दे दो। तो यहां पर मैं दे देता हूं। 1 सेकंड रुकना बस। यहां पर मैं दे देता हूं। क्या है भाई? 220 सैलरी। ये 20 सैलरी दे दी मैंने यहां पर। कितनी है भाई? 60,000। ये 60,000 दे दिया। ये है ना तरीके से ऐसे करना चाहिए था। इन लोगों ने पहले ही सैलरी माइनस करके दी। तो हमको प्रॉफिट चाहिए बिफोर एवरीथिंग। नॉट आफ्टर एनीथिंग। याद रखना। सारी चीजों के अप्रो सारे एप्रोप्रिएशन से पहले का प्रॉफिट चाहिए। पहले का प्रॉफिट है ₹40 अब बांटते रहो इसको धीरे-धीरे करके ठीक है ये 20 सैलरी हो गई और क्या दिया हुआ है और क्या दिया हुआ है अ इंटरेस्ट ऑन कैपिटल से पहले पहले ये कर देता हूं मैं अ प्रोविज़ फॉर 5% ऑफ द प्रॉफिट इज़ टू बी मेड इन रिस्पेक्ट ऑफ़ कमीशन टू द मैनेजर तो मैनेजर को आपको कमीशन देनी है कितनी 5% सर इस साइड दे दे मैनेजर की कमीशन क्या है चार्ज है तो इस प्रॉफिट एंड लॉस से पहले ही यहां पे ही माइनस हो जानी चाहिए थी प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में माइनस हो जानी चाहिए थी पर नहीं करी तो ऐसी वाली चीजों लोग क्या करते हैं? रेंट के साथ क्या किया था? यहीं से माइनस किया था। यहीं से माइनस कर दो। ठीक है? तो यहां पर क्या करेंगे? ये भी अभी फिगर मेन बाहर नहीं आएगा। मेन फिगर और आने वाला है। कैसे? माइनस मैनेजर मैनेजर्स कमीशन। यहां पे लिख देता हूं और इसको फाइंड आउट कर देते हैं। मैनेजर की कमीशन कितनी आएगी सर? अरे हां। मैनेजर की कमीशन कितनी आएगी? 5% ऑन नेट प्रॉफिट्स। नेट प्रॉफिट्स आर ₹2,40,000 इस पे 5% आप निकाल लो। कितना होता है भाई? ₹2,40,000 का 5%। अब कैलकुलेशन करने से आपको एक बेटर वे बताता हूं। 5% है ना? 10% निकालो कितना होता है? 24,40,000 का 10% इज़ 24,000। 24,000 का आधा इज़ 12,000। तो मैनेजर की कमीशन आ जाएगी 12,000। ये आप माइनस कर दो और जो नेट फिगर आ रहा है इसको आप लिखो बाहर। तो 2400 में से जब मैं 12 माइनस कर दूंगा तब आएगा ये 2 लाख 2428000 ये होगा मेन प्रॉफिट जिसको मुझे डिस्ट्रीब्यूट करना चाहिए इसको भी मैं यहां पे हटा दूंगा पूरा कैलकुलेशन करने के बाद जो मेन प्रॉफिट आ रहा है दैट इज़ 22800 ये ये जो मैंने यहां पर एडजस्टमेंट किया ना यार मैनेजर का बस इस चीज को आपको याद रखना है मैनेजर रेंट इंटरेस्ट ऑन लोन तीनों ऐसे ही माइनस हो जाएंगे प्रॉफिट से दैट्स इट ठीक है आई होप ये समझ समझ में आ गया होगा। आगे बस देख लेते हैं एक बार। मेरे हिसाब से बाकी तो सिंपल है यार। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल इज़ टू बी एग्रीड 6%। चलो मैं कर ही देता हूं। टू आईओसी कितना-कित है? कौन-कौन पार्टनर्स हैं? A एंड B ए का और B का आ जाएगा। कितना-कितना? 6% ऑफ कैपिटल्स कैपिटल्स कैपिटल्स 5 लाख एंड 3 लाख। 5 लाख का 6% डायरेक्टली निकालता हूं मैं। 6 * 5 मतलब 10% देखो आप तो 10% निकाल लो तो कितना आ जाएगा? 50,000 6% निकालना है तो 5 * 6 = 30 यानी 30,000 आएगा। ये आ गया 30,000 30 हां और 6 * 3 = 18 तो ये 18000 ये आपके दोनों इंटरेस्ट निकल गए। कितना आया? 3 और 1 48000 ये आ गया। चलो भाई ये भी लिख दिया। अब जो प्रॉफिट बचा है उसको बांट दो। ठीक है? आपको क्या करना है? 228000 में से ये चलो मैं माइनस ही कर देता हूं। कर ही देता हूं। मैं आपको होमवर्क देने वाला था। लेकिन आपके लिए कर ही देता हूं। 228 में से 188000 माइनस कर देंगे अपन ₹18000 मैंने माइनस कर दिया कितना बचा 2 एंड वन 12000 टू बी डिस्ट्रीब्यूटेड इन द रेशियो ऑफ़ 3:2000 को 3:2 में करना है तो इसको कर दो डिवाइडेड बाय 5 व्हिच विल बी 24000 24000 * 3 एंड 24000 * 2 24000 * 2 इज़ 48000 24000 * 3 इज़ 48 38 + 24 कितना होता है? 48 58 68 68000 + 4000 72000 तो ये आ जाएगा 72000 ठीक है? तो ये हो गए इनके प्रॉफिट्स। तो टू प्रॉफिट टू प्रॉफिट ये A का और ये B का कितना-कितना आ गया? A का था थ्री यानी 72,000 और एक बंदे का आया 48,000 एंड दैट्स हाउ दिस क्वेश्चन इज़ डन। 8 2 10 7 और 4 8 2 10 7 और 4 11 12000 ठीक है चलो हो गया ठीक है तो ये था इसको करने का तरीका प्रॉफिट एंड लॉस मत बनाना फालतू इस वाली चीज के लिए यहीं का यहीं एडजस्टमेंट कर देना जो भी आपके पास मैं तीन ही चीजें बता रहा हूं मैनेजर्स कमीशन रेंट और इंटरेस्ट ऑन लोन यहीं पे डायरेक्टली करना कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है? समझ में आ गया ये क्वेश्चन? ये क्वेश्चन बहुत परेशान करता है बच्चों को क्योंकि यहां पे ना बस वो एक चीज़ की गलती कर देते हैं। यहां पर इस वाली चीज़ को इग्नोर कर देते हैं। ड्यूरिंग द ईयर द प्रॉफिट्स प्रायर टू कैलकुलेशन ऑफ इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। ये तो सही है। प्रायर ही होना चाहिए था। बट आफ्टर चार्जिंग B सैलरी। B की सैलरी के बाद का प्रॉफिट दिया हुआ था। बाद का नहीं पहले का चाहिए रहता है। इसलिए मैंने वो वापस प्लस कर दिया। और मैनेजर्स कमीशन तो एक लॉस है। उसको माइनस करना था तो माइनस कर दिया। ठीक है? तो दिस वाज़ द क्वेश्चन। आगे बढ़ते हैं। और क्या है? देखो क्या दिया हुआ है। एक नोट्स है यहां पर बता देता हूं मैं। इन एब्सेंस ऑफ़ इनफेशन मैनेजर्स कमीशन विल बी कैलकुलेटेड ऑन प्रॉफिट बिफोर एनी एडजस्टमेंट। अच्छा सिंपल-सिंपल कि अगर कुछ भी नहीं दिया हुआ है बिफोर आफ्टर के दो चीज़ बताई ना मैंने तो अगर कोई इनफेशन नहीं है जब आपके पास नो इंफॉर्मेशन है तो आप क्या करोगे? बिफोर वाला केस लगाओगे। बस इतनी सी बात लिखी हुई है। मतलब इंटू रेट अप 100 बिफोर वाला केस। मैनेजर्स कमीशन इज़ अ चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट एंड नॉट एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट। हैंड इट इज़ डेबिटेड टू प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट एंड नॉट एप्रोप्रियेशन अकाउंट। डेबिट साइड किसके जाएगा? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट के। तो हमने क्या किया सर आपने तो प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन में ही डाला। हां। लेकिन मैंने डेबिट साइड डाला क्या? नहीं। मैंने वहीं से माइनस कर दिया। तो दिस इज़ द वे टू डू इट। ओके? तो ये दोनों चीजें लिखी हुई हैं कि ये चार्ज होता है। चार्ज। मतलब इसको लगाना जरूरी है। चार्ज है यह। लॉस हो गया तो भी देना पड़ेगा। चलिए। और क्या है? पार्टनर की कमीशन भी देख लेते हैं। भाई पार्टनर की कमीशन। अब यहां पे आएगा आफ्टर बिफोर दोनों केसेस। तो मैं आपको दोनों अच्छे से एक्सप्लेन करता हूं। आप यहां पे ध्यान देना बस थोड़ा सा। पर्टिकुलर्स रूपीस पर्टिकुलर्स रुपीस। कलर चेंज कर देते हैं यार कोई सा अच्छा सा। चलो। ए एंड बी आर पार्टनर्स इन अ फर्म। ए इज़ एंटाइटल्ड टू अ सैलरी ₹150 सॉरी ₹15,000 पर मंथ एंड अ कमीशन ऑफ़ 10% ऑन नेट प्रॉफ़िट्स बिफोर चार्जिंग एनी कमीशन। मतलब बिफोर चार्जिंग मतलब रेट अप 100 वाला। सिंपल। B इज़ अनंटाइटल्ड टू अ कमीशन ऑफ़ 10% ऑन नेट प्रॉफ़िट। आफ्टर चार्जिंग सच कमीशन नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर वाज़ 4,40,000 यू आर रिक्वायर्ड टू शो द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ प्रॉफिट्स। ठीक है भाई? कर लेंगे। हमको पता है सर स्टार्ट यहां से करते हैं। बाय नेट प्रॉफिट ट्रांसफर फ्रॉम प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट कितना है? 4,40,000। 4, 40,000 आपका प्रॉफिट है। ठीक है? अब आपको सबसे पहले सैलरी देनी है। दे दो यार इसको। क्या सैलरी दी? A इज़ एंटाइटल्ड टू अ सैलरी ऑफ़ 15 थ000 पर एन। तो टू सैलरी मैंने लिख दी। टू सैलरी और ये किसकी है? सैलरी टू A है ये। A की सैलरी है। कितनी सैलरी है भाई तेरी? 15,000 पर मंथ। तो 15,000 * 12 कितना हो जाएगा? 15,000 * 10 होता है ₹1.5 लाख, 150,000 + 30,000 और ₹1,80,000 इसकी सैलरी होगी। उसके बाद क्या है? अभी इस यहीं पे है। सॉरी एंड अ कमीशन। यानी A को ही कमीशन भी देना है 10% बिफोर सच कमीशन। ठीक है? तो यहां पे लिखूंगा इसको बस ध्यान से देखना। तो टू कमीशन कैलकुलेशंस थोड़े से अलग रहेंगे। कमीशन ए का निकाल रहा हूं मैं। ए फॉर एप्पल ए पार्टनर ए का निकालेंगे तो वो आएगी ऑन प्रॉफिट्स बिफोर सच कमीशन यानी प्रॉफिट लिख दूंगा मैं यहां पे कितना है हमारे पास 44 लैक्स नहीं नहीं 440000 इसका कितना परसेंट 10% बोला है 10% 10% ठीक है कितना आएगा इसका 10% के बाद प्रॉफिट 0 4000 44 थाउजेंड आ गया इसका प्रॉफिट ओके अब क्या दिया दिया है। B इज़ एंटाइटल्ड टू अ कमीशन ऑफ़ 10% ऑफ़ नेट प्रॉफ़िट आफ्टर चार्जिंग हज़ कमीशन। अब ये क्या दिया हुआ है? आफ्टर चार्जिंग हज़ कमीशन। तो आफ्टर के लिए क्या करोगे? प्रॉफिट वही लोगे। लेकिन आफ्टर के लिए रेट / 100 ना करके रेट / 100 ना करके रेट अप 100 प्लस रेट कर दोगे। करते हैं। B का क्या आ जाएगा? B का ये प्रॉफिट सेम रहेगा। 4,40,000 प्रॉफिट पे इंटू रेट व्हिच इज़ 10 अपॉन 100 प्लस रेट 100 + 10 110 से इसको डिवाइड किया। समझे ये 110 क्यों आया? यहां पे देख लो बेटा कौन सा फार्मूला लगाया मैंने? प्रॉफिट * रेट / 100 + रेट ये लगता है आफ्टर सच कमीशन में। तो ये किया है मैंने। तो रेट है 10 तो 10 / 100 + 10 110। ठीक है? इसको मैं जीरो ज़ीरो हटा देता हूं। 11 * 4 = 44 और फॉललोड बाय चार ज़ीरोज़। तो यहां पे आ गई कमीशन। वैसे अंदर लिखनी चाहिए थी। फोर 1 2 3 4 इसको भी मैं पहले अंदर लिख देता हूं। टोटल करके बाहर लिखेंगे ना यार। चलो ये हो गया। और ये टोटल्स मैंने लिख दिए बाहर। ये इन दोनों का टोटल जो आया 8 4 1 2 3 ये 84000 टोटल मिला के कमीशन आ गई। बस क्या था सर इसमें इंपॉर्टेंट? आपने बोला ये था इंपॉर्टेंट ये। जो B का कैलकुलेशन था ना कमीशन का ये इंपॉर्टेंट था यहां पर। ठीक है? उसके बाद जो बचा हुआ है प्रॉफिट वो आपको बांट देना है। तो यहां पर मैं लिखूंगा टू प्रॉफिट किसको देना है? A को और B को कितना-कित देना है? आप करोगे क्या आगे? इतना कुछ आप कर लो। चलो आप एक काम करो जल्दी से ये वाला आंसर। भाई अब क्या तुम कमेंट कर रहे हो? तो ऐसे लिखना। ये है क्वेश्चन नंबर थ्री ऑफ़ होमवर्क। मैंने दो पहले पूछे हैं। याद है तुम्हें? तो क्वेश्चन नंबर थ्री का आंसर आप ऐसे करके प्रॉफिट्स बता देना मुझे कि 4,40,000 ये दोनों माइनस करके किस रेश्यो में जाएगा वो भी क्वेश्चन में से आप ढूंढ लो। देखो ए और बी आर पार्टनर्स इन अ फर्म एंटाइटल्ड टू ये वो सब कुछ लिया हुआ है। B इज़ एंटाइटल्ड टू अ कमीशन। ये प्रॉफिट का तो कुछ दिया ही नहीं है। तो जब कोई इनेशन नहीं है प्रॉफिट की तो रेश्यो क्या हो जाएगा? रेश्यो क्या हो जाएगा? रेश्यो हो जाएगा इक्वल। तो जितना बचा आपको इक्वली दोनों पार्टनर्स में बांटना है। कितना बचा कितना दे रहे हो? ये आप मुझे कमेंट्स में बताना। ठीक है? बस इसका बैलेंसिंग फिगर दोनों जगह पे बट जाएगा। इतना आप कर सकते हो आराम से। इतना तो करो यार। कुछ तो करो तुम। ठीक है? तो दैट वाज़ देंट पॉइंट व्हिच आई डिस्कस। प्रॉफिट। आप लोग मुझे कमेंट्स में बताओगे। पॉज़ करो बेटा। करके देखो। करने से आएगा। सिर्फ देखने से चीजें नहीं आएंगी। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं अपन। तो दिस वाज़ द क्वेश्चन। ओके। अब एक और चीज़ आती है ट्रांसफर टू जनरल रिज़र्व। ये मैंने पहले सडी वैंडी वाला जो क्वेश्चन तुम्हें होमवर्क दिया है। जनरल रिज़र्व मैंने वहां पे ही बताया। याद है अभी? कौन सा? 50000 और 10% ऑफ प्रॉफिट व्हिच एवर इज़ मोर हैज़ टू बी डोनेटेड। तो 60,000 डोनेट कर रहे थे। वैसा ही कुछ क्वेश्चन ये है। वो होमवर्क वाला अगर हो गया है तो ये ईजी लगेगा। अगर वो नहीं किया है अभी भी तो इसको करवाता हूं। समझ आ जाएगा इससे कि वो कैसे हो रहा था। चलो। अब यहां पे क्या था? ए एंड बी अ पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स लॉसेस इक्वली। ठीक है सर। इक्वली है। देयर कैपिटल्स वर 5 लाख ईच। दोनों की 5- 55 लाख है। इंटरेस्ट वाज़ अलाउड ऑन अ कैपिटल 5% पर एनम। ड्रॉइंग्स ऑफ ईच पार्टनर वर 1 लाख ईच पार्टनर मतलब 1 लाख इसकी 1 लाख उसकी ड्रॉइंग सैलरी इज़ टू बी अलाउड 5000 पर मंथ नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च वाज़ ₹8,80,000 देखो यहां पे लिखा हुआ है पर्टिकुलर्स यहां पर रुपीस यहां पे भी पर्टिकुलर्स और यहां पर रुपीस नेट प्रॉफिट दिया हुआ है। मैं सबसे पहले बाय नेट प्रॉफिट यहां पे लिख दूंगा। नेट प्रॉफिट कितना है? ₹8,80,000 ₹8,80,000 ओके? 10% ऑफ द देखो ये ये पॉइंट एक्स्ट्रा है। इसमें और कुछ नहीं है। ये है 10% ऑफ द नेट डिविजिबल प्रॉफिट। तो बेटा नेट डिविज़िबल प्रॉफिट क्या होता है? जो आखिरी में डिवाइड होने वाला प्रॉफिट है डिविज़िबल प्रॉफिट उसकी बात हो रही है। सर ये कैसे निकालते हैं? तो सारे एडजस्टमेंट करने के बाद जो आखिरी में प्रॉफिट आता है उसको नेट डिविज़िबल प्रॉफिट बोलते हैं। करके दिखाता हूं अभी कैसे होगा। इस प्रॉफिट से इस जनरल रिजर्व से पहले आप बाकी सारी चीजें कर दोगे क्योंकि ये डिविज़िबल प्रॉफिट लास्ट में बचे कुचे प्रॉफिट पे 10% देना है। तो बचा कुचा प्रॉफिट निकलेगा कैसे? जब आप सारी चीजें कर चुकेगे। कर देते हैं। कैपिटल्स फर्स्ट अप्रैल को 5 लाख हैं दोनों की और पार्टनर्स आर अलाउड इंटरेस्ट ऑन कैपिटल 5% पर एनम। तो सबसे पहले इसको इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे देते हैं। क्या हो गया ये? ये थोड़ा इसको इसको भी ब्रेक चाहिए क्या? बहुत हो गया क्या तेरे लिए? चलो। तो टू इंटरेस्ट ऑन कैपिटल कितने क्या पार्टनर का नाम है? A एंड B तो सिंपल ₹5 लाख पे 5% देना है यार। डायरेक्टली कर लें। ₹5 लाख पे 5% कितना होता है? ₹5 लाख पे 10% कितना होता है? ₹0000 5 लाख का एक ज़ीरो हटा दो। ₹0000 उसका आधा ₹25,000 तो A और B का ₹25,000 ₹25,000 दोनों का आ जाएगा क्योंकि दोनों का अमाउंट सेम है। समझे ना? थोड़ा सा डायरेक्ट कैलकुलेशंस भी कर सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं। आप चाहो तो यहां पे दिखा भी सकते हो। ठीक है? ये अपन ने दे दिया। पहला पॉइंट देयर कैपिटल्स वर ये पार्टनर्स वर अलाउड इंटरेस्ट हो गया। ड्रॉइंग्स ऑफ़ ईच पार्टनर वर वाज़ 1 लाख। ड्रॉइंग्स हम कहीं लिखते नहीं है। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग जरूर लिखते हैं। अगर होगा क्वेश्चन में तो लिखेंगे। ये ड्रॉइंग्स तो अपन कहीं नहीं लिखेंगे। सैलरी इज़ टू बी अलाउड टू बी 5000 पर मंथ। तो टू सैलरी सैलरी किसकी है भाई? B की है। कितनी है? 5000 पर मंथ है। 5000 पर मंथ यानी 12 से मल्टीप्लाई करूंगा तो आ जाएगा 60000 60000 सामने वाले की सैलरी दे दी अपन ने। ये भी हो गया। अब देखो ड्रॉइ्स का तो इंटरेस्ट दिया ही नहीं हुआ है। दिया होता तो मैं उस साइड लिखता लेकिन अभी है ही नहीं। तो जाने दो। ड्रॉइंग्स को भी लिखने का कोई सेंस नहीं है। नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर 10% ऑफ़ द नेट डिविज़िबल प्रॉफिट। अब निकाल लो नेट डिविज़िबल प्रॉफिट कितना आ रहा है? ठीक है? नेट डिविज़िबल प्रॉफिट होता क्या है सर? तो देखो बेटा इस साइड का टोटल 88,000 इसमें से इस साइड का टोटल माइनस कर दो। तो 88000 में से सॉरी 880 में से सॉरी 880 में से यह 5 और सिक्स होता है 11 1 2 3 4 ये माइनस कर दो इस साइड का बैलेंस तो बचा कितना 8 में से 1 7 0 ये है आपका नेट डिविजिबल प्रॉफिट यही प्रॉफिट तो है जो आप पार्टनर्स को दे दो अगर समझो जनरल रिजर्व का पॉइंट नहीं होता तो ये प्रॉफिट उठा के बांट देते बांटने वाला प्रॉफिट इज कॉल्ड डिविजिबल प्रॉफिट िट तो ये नेट डिविज़िबल प्रॉफ़िट है। अब यहां पे आपको क्या निकालना है? 10% ऑफ़ नेट डिविज़िबल प्रॉफ़िट। 10% ऑफ़ द नेट डिविज़िबल प्रॉफ़िट इज़ टू बी सेट असाइड टू जनरल रिज़र्व। अब यहां पे इसका 10% नहीं निकालोगे आप। नेट डिविज़िबल इसके भी बाद आता है। देखो, ये तो नेट डिविज़िबल प्रॉफ़िट है। अगर जनरल रिज़र्व नहीं होता तो। तो नेट डिविज़िबल प्रॉफिट ये है बिफोर जनरल रिजर्व। क्योंकि जनरल रिजर्व में भी तो पैसा डालना है। वह भी तो बांटना ही हुआ एक तरीके का। तो वह उससे पहले का नेट डिविज़िबल आ गया। अब इस पे आप जब फार्मूला लगाओगे ना तब आप कैसे निकालोगे? सुनना। कैसे? 770000 * 10 / 110 आफ्टर वाली चीज़। अब आप बोलोगे सर आफ्टर वाली चीज़ क्यों? क्योंकि इस प्रॉफिट का 10% नहीं है। इसके बाद नेट डिविज़िबल आएगा। अभी आया है नेट डिविज़िबल बिफोर जनरल रिजर्व। अब इसके बाद आएगा नेट डिविज़िबल प्रॉफिट आफ्टर ऑल द थिंग्स। तो उस वाले का 10% निकालना है। तो ₹7,000 इंटू 10 मतलब आफ्टर सच कमीशन वाला केस यहां पे लगा दिया अपन ने। लगेगा भी वही। हमेशा जब नेट डिविज़िबल प्रॉफिट की बात आए ना कहां लिखा हुआ है? ये नेट डिविज़िबल वाली बात आए तब याद रखना। याद रखना ये आफ्टर वाला केस इसमें आफ्टर वाला केस इसमें आपको यूज़ करना है। ओके? यहां पे निकाल लेते हैं। कितना आएगा? ज़ीरो ज़ीरो कैंसिल 11 7 तो 70000 आपका आ गया कि भाई जनरल रिजर्व में आप डाल दो। ठीक है? तो जनरल रिजर्व का अमाउंट आ गया आपके पास कितना? 70000 इसको आप पूरा वर्किंग नोट बना के शो करना। मैंने तो अब यहीं पे दिखा दिया। ठीक है? तो टू जनरल रिजर्व इसको मैं बोल दूंगा। ये वर्किंग नोट नंबर वन में है भाई। जिसको देखना है जा के देखो। ऐसे मैं इसको वर्किंग नोट नंबर वन मार्क कर देता हूं पूरा। ये वर्किंग नोट नंबर वन। और भाई अंदर नहीं बनेगा प्रॉफिट एंड लॉस क्या अलग से बनेगा मेरे पास जगह नहीं है तभी यहां पे बना दिया है। ठीक है? जनरल रिजर्व हो गया। कितना आया भाई? ये भी डाल देता हूं। ये 70 जनरल रिजर्व आ गया और टू बचा प्रॉफिट। अब जो बचा कुचा प्रॉफिट है उसको डिस्ट्रीब्यूट कर दो। बचा कुचा प्रॉफिट ₹7,70 में से 70,000 माइनस कर ₹7 लाख बचे। और उसको बांटना है अपने को कैसे? इक्वली। तो 2A 2B कितना-कितना बांटेंगे सर? ₹7 लाख बांटना है। इक्वली बांट दो। ₹350000 ₹350 बट गए ₹8 लाख हो गया खत्म खेल सब खत्म सब खत्म हो गया सर ठीक है बस यहां पे टोटल कर दो ₹80 समझे इस बात को तो भाई ये वाली चीज़ जो मैंने बोला नेट डिविज़िबल प्रॉफिट ये भाई मैं इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस भी बताते जा रहा हूं कुछ-कुछ चीजें बहुत घुमावदार हैं। अब इस वाले वनशॉट के बाद ना कोई भी ऐसा क्वेश्चन नहीं बचेगा जो नहीं बने क्योंकि सारी चीजें जो भी उल्टा सीधा हो सकता है सारी चीजें मैं यहां पे करवा रहा हूं। तो याद रखना नेट डिविजिबल प्रॉफिट आफ्टर वाला केस आप इस पे लगाओगे एंड दैट वुड बी योर आंसर। ठीक है? और आगे बढ़ते हैं। चलो ले लो स्क्रीनशॉट ले लो इसका। आगे बढ़ते हैं और चीज़ें देखते हैं। अरे यहां बना हुआ था प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन। तो दो बार क्यों बनाया था? चलो एनीवे अब क्या मतलब? इसको हटा देता हूं मैं। ट्रांसफर टू जनरल रिज़र्व का। एक और क्वेश्चन है आपके लिए। चलो ये वाला भी है। ये भी देख लेते हैं। ये आंसर होगा। ये है आंसर। 8,80 हो गया हो गया। चलो जाने दो। अब अपन आते हैं कैलकुलेशन ऑफ ओपनिंग कैपिटल पे। सर ओपनिंग कैपिटल क्यों निकालनी रहती है? कभी-कभी कभी-कभी मेरे दिल में ये ख्याल आता है कि जो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल है ना बेटा वो हमेशा ओपनिंग कैपिटल पे दिया जाता है। हमने कैपिटल वाले क्वेश्चंस दे दिए। बस एक और चीज है ओपनिंग कैपिटल। वो मैं आपको बता देता हूं क्योंकि इन केस कभी आप कहीं अटक जाओ तो वो चीज़ पता होनी चाहिए। वैसे तो अभी आपको समझ में आ गई होगी। तो सिंपल सी मैं बात बताता हूं। ओपनिंग कैपिटल कैसे कैलकुलेट होती है? ओ पी ई एन आई एन जी ओपनिंग कैपिटल इसका एक सिंपल फार्मूला है। एक्चुअली ओपनिंग कैपिटल पता है क्या? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट बनाते हैं अपन। अ रुको मैं आपको ऐसे बताता हूं। देखो ओपनिंग कैपिटल है क्या? जब मैंने आपको अकाउंट्स बताया ना ये चीज़ वहीं पे ही आ गई थी वैसे तो और वहीं से डिराइव ही हो जाएगी। अ हम हा ये। तो ये है ओपनिंग कैपिटल। अब आपको कभी-कभी क्लोजिंग कैपिटल दी हुई रहती है। क्लोजिंग कैपिटल दी हुई रहती है। आपको ओपनिंग कैपिटल निकालनी है। तो आप क्या करोगे? क्लोजिंग ओपनिंग देखो आप पहले तो ये समझो कि ओपनिंग में क्या किया है? ओपनिंग में आपने ये सारी चीजें प्लस की हैं। ये माइनस की हैं तो ये वाला फिगर आ रहा है। अब इसका उल्टा करना है। आपको क्लोजिंग कैपिटल में ड्रॉइंग्स इंटरेस्ट और ड्रॉइंग प्लस करना है। सैलरी, कमीशन, प्रॉफिट, एडिशनल कैपिटल ये सारी चीजें माइनस करनी है। तो आप इस पे पहुंच जाओगे। है कि नहीं? सिंपल। यही चीज़ यहां पर करनी है। इसको कर लेते हैं अपन। इसका फार्मूला सा बन जाता है। वो फार्मूला सा जो भी बनता है वो मैं आपको बता देता हूं। ठीक है? अह कहां गई? ये रही। ओके। देखो ओपनिंग कैपिटल इज़ इक्वल्स टू सर जो भी हमारे पास क्लोजिंग कैपिटल रहेगी ये आपके पास क्लोजिंग कैपिटल है। इसमें आप जो चीज़ें वहां माइनस की थी वो प्लस कर दो। तो सर दो ही चीज़ तो माइनस की थी। दोनों प्लस कर देते हैं। एक तो ड्रॉइंग्स और दूसरा इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स। बस यह आपने वापस प्लस कर दी और भी कुछ प्लस करना है तो हां भाई कोई अगर परमानेंट विड्रॉल करके चले गए थे आप कैपिटल से पैसा निकाल लिया था तो वो भी आप कर दो तो परमानेंट विथड्रॉल हुआ तो वो भी वापस ऐड कर देंगे परमानेंट विथड्रॉल्स ये भी आप प्लस कर दोगे ठीक है इसके बाद आप माइनस क्या करोगे चीजें जो भी आपने प्लस कर दी थी वो सब माइनस होगा जैसे एडिशनल कैपिटल सैलरी, कमीशन, बोनस, इंटरेस्ट ऑन कैपिटल और क्या? प्रॉफिट्स जो आपने डिस्ट्रीब्यूट किए हैं वो सारी चीजें आप माइनस कर दो। तो ये सारी चीजें करने के बाद आप किस पे पहुंच जाओगे? ओपनिंग कैपिटल पे। है कुछ नहीं। बस वो फार्मूला बना दिया इसका भी। है कुछ नहीं। वही वही अगर आपको क्या बोलते हैं? पार्टनर्स कैपिटल समझ में आ गया? तो वहीं से ही तो ये चीज़ डिराइव हुई है। बस उल्टा-उल्टा करते जाना है। देख लेते हैं इस चीज़ को। अच्छा देखना इसका स्क्रीनशॉट ले लो पहले तो। दैट इज़ इंपोर्टेंट अगेन। ओके? चलो अब देख लेते हैं और क्या है। अब दिया हुआ है ए एंड बी आर पार्टनर्स इन अ बिज़नेस एंड देयर कैपिटल्स एट द एंड ऑफ़ द ईयर वाज़ 7 लाख एंड 6 लाख। तो मतलब मुझे सबसे पहले क्या दिया हुआ है? मुझे यहां पे क्लोजिंग कैपिटल दी हुई है। ये भाई क्लोजिंग कैपिटल मुझे दी हुई है। देखो पता है बहुत ही सिंपल है। इसको कर लेंगे। कैपिटल्स एंड में कितनी थी? ₹7 लाख थी एक की और दूसरे की ₹6 लाख। नाम क्या है इनके? A एंड B. तो यहां पर A की अकाउंटिंग कर रहा हूं। यहां पर B की। ओके? रेस्पेक्टिवली। डिटरमाइन देयर ओपनिंग कैपिटल्स ऑन द बेसिस ऑफ़ फॉलोइंग इनफेशन। ड्रॉइंग्स ऑफ़ A एंड B फॉर द ईयर वर 75 एंड 50। ड्रॉइंग्स को क्या करते हैं सर? वापस प्लस कर देते हैं। ड्रॉइंग्स वापस प्लस कर दोगे। कितना आ जाएगा? 75 और 50 आपको प्लस करना है। ये 75 यहां पे प्लस कर दिया मैंने और 50 यहां पे प्लस कर दिया मैंने। ठीक है? है सिंपल है। ड्रॉइंग्स को प्लस इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग और परमानेंट विथड्रॉल को ऐड करेंगे। बाकी सारी चीजों को माइनस करेंगे। बी इंट्रोड्यूस्ड कैपिटल ऑफ़ 1 लाख ड्यूरिंग द ईयर। ये क्या है? ये है एडिशनल कैपिटल। एडिशनल कैपिटल इंट्रोड्यूस करने से कैपिटल बढ़ गई होगी। मतलब एडिशनल कैपिटल किस साइड आता है भाई? हमेशा क्रेडिट साइड आता है। प्लस किया होगा आपने। अभी माइनस करना है। ठीक है? तो यहां पे माइनस कर दिया मैंने एडिशनल कैपिटल। एडिशनल कैपिटल। किसने इंट्रोड्यूस की थी भाई? बी इंट्रोड्यूस्ड। तो सिर्फ B के B में से ₹1 लाख ये माइनस हो जाएंगे। आपको कुछ नहीं करना है। जो मैंने यहां पे लिखा है ना भाई जो यहां पे लिखा है एडिशनल कैपिटल माइनस सैलरी इंटरेस्ट ऑन कैपिटल प्रॉफिट माइनस करने हैं। ड्रॉइंग्स इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग परमानेंट विथड्रॉल प्लस करने हैं। यही चीज़ मैं यहां पे कर रहा हूं और कुछ भी नहीं कर रहा। ठीक है? चलो। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल क्रेडिटेड टू द अकाउंट्स फॉर 15,000, 10,000। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे दिया था। अभी माइनस कर दो। और क्या है इसके बाद? इंटरेस्ट ऑन चलो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दे देंगे 15 और 10 ये माइनस करने हैं यानी 15,000 इसमें से माइनस करना है। 10,000 10,000 इसमें से माइनस करना है। ओके? और क्या है? इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग डेबिटेड टू द कैपिटल अकाउंट। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग वापस लेते हैं। ठीक है? वो माइनस कर दिया होगा तभी मैं इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग को वापस प्लस कर देता हूं। कितना है? 75 और 5 7500 और 5000 ये चीज़ मैं वापस प्लस कर दूंगा। और क्या है? है और क्या है? शेयर ऑफ़ प्रॉफ़िट क्रेडिटेड टू द अकाउंट्स वाज़ ₹1 लाख ईच। शेयर ऑफ़ प्रॉफ़िट सर प्रॉफ़िट तो ऐड हो जाता है। यस। यहां से माइनस कर देंगे। उल्टा करना है जो भी कर रहे थे। तो माइनस कर देंगे प्रॉफिट ₹1 लाख दोनों का। यहां से ₹1 लाख माइनस और यहां से भी ₹1 लाख माइनस। समझे? बस अब बचा कैलकुलेशन। कैलकुलेशन। कैलकुलेशन कौन से पेंसिल करो उससे कर लेता हूं। चलो यहां पे कैलकुलेशन एक बार प्लस कर दो सबको। कितना बचा? 5 0 और यहां पे आएगा 7 और 5 कितना होता है बेटा? 7 5 12 7 5 12 1 ऊपर से 7 और 1 8 और ये सेवन। 7 82500 और इसमें से ये ये वाली चीजें भी प्लस कर देता हूं। 500 0 यहां फाइव और यहां सिक्स। इसमें से ये सारी चीजें माइनस करनी है। डायरेक्टली करें। देखो डायरेक्टली भी हो जाती हैं। वैसे आप करना चाहो तो पर आप अलग से करो कोई दिक्कत नहीं है। ये आया 1 लाख 1 लाख और 10000 2100 65500 में से 210 माइनस करने लें। कितना बचेगा? 514624 तो ये बचेगा 445000 445 0. यहां पे मैं लास्ट में आ गई है मेरी ओपनिंग कैपिटल। ओपनिंग कैपिटल मेरी आ गई है। ठीक है? और दूसरा 1115000 माइनस करना है। 782500 में से 11500 माइनस करना है। तो ये बचेगा 500 एट को काट के से किया 12 में से 5 गया से बचा। 7 में से 1 6 7 में से 1 6 तो ये आ जाएगी 66 7500। ठीक है? अब मैं ये मिटा देता हूं क्योंकि ये तो कैलकुलेशंस थी एंड दिस इज़ योर ओपनिंग कैपिटल। एक बार देख लेते हैं। 6675 445 6675 और 44 5000 तो ये आ गई आपकी ओपनिंग कैपिटल्स इस तरीके से। समझ आया आपको? कैसे किया? बहुत ही सिंपल था ये। मतलब बहुत ही सिंपल है। अकाउंट अगर समझ में आ गया तो अकाउंट में जो डेबिट साइड आ रहा है उसको अपन ने प्लस कर दिया। जो क्रेडिट किया था, दिया था उसको वापस माइनस कर दिया। तो अपन ओपनिंग कैपिटल पे आ गए। ऑलराइट? सो दिस वाज़ द क्वेश्चन। इसका जल्दी से स्क्रीनशॉट ले लो। फिर आगे बढ़ते हैं। अब अपन आगे बढ़ते हैं और मतलब ये तो हो गया। अब अपने पास एक छोटा सा टॉपिक छोटा सा नहीं। एक्चुअली दिस इज़ द मोस्टेंट टॉपिक क्योंकि यहां पे बहुत ज्यादा कंफ्यूजन वाली चीजें हैं। मैं सारी क्लियर कर दूंगा। लेकिन मैं आपको बताता हूं क्या है ये। ये है इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स। ड्रॉइंग्स क्या है जो पार्टनर विथड्रॉ करके जाता है पैसे। अब क्या है ना कि बहुत सिंपल सी बात है कि 1st अप्रैल से ईयर रखा था हमने 31st मार्च। हम अकाउंटिंग करते हैं तो हम बोलते हैं कि भई 31 मार्च को जब प्रॉफिट होगा ना तब आप पैसे लेके जाओ कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन क्या करते हैं पार्टनर्स बीच में ही विड्रॉ कर देते हैं। जब बीच में विथड्रॉ कर रहे हैं तो फर्म उनसे पैसा लेती है। ब्याज लेती है। क्यों लेती है? क्योंकि भाई फर्म भी यही बोलेगी कि यार अगर तुम बैंक से लेते हैं तो ब्याज भरते हैं ना। हमने ही तुम्हें दे दिया। तो इससे हमें प्रॉफिट होना चाहिए। हमें जो भी इंटरेस्ट है उसका बेनिफिट होना चाहिए। तो वो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग पार्टनर से फर्म लेती है। है ना? इसको बोलते हैं इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग। अब मैं फर्दर बहुत सारी चीजें बता सकता हूं इसमें। लेकिन मैं सिंपल टर्म्स में बताता हूं कि यार इसके दो ही मेथड्स हैं प्रॉपर तरीके से करने के। यहीं पे आगे डिस्कस कर लेते हैं। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स दो तरीके से होता है। पहले तो हो सकता है पार्टनर रेगुलर ड्रॉइंग्स करे या इर्रेगुलर करे। बहुत सिंपल है। मैं आपको बता देता हूं। इर्रेगुलर का मतलब इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स मतलब पार्टनर ने फर्स्ट अप्रैल पे विड्रॉ किया। फिर मई में कुछ विथड्रॉ ही नहीं किया। फिर जून में कुछ विड्रॉ नहीं किया। फिर जुलाई में आके 15 जुलाई को बंदे ने विड्रॉ किया है। फिर अगस्त सितंबर नहीं किया। अक्टूबर 31 को विड्रॉ कर दिया इसने। फिर नवंबर दिसंबर छोड़ के फर्स्ट जनवरी को विथड्रॉ कर दिया और फर्स्ट फरवरी को भी कर दिया। ऐसे अब इसकी ड्रॉइ्स कब कब हो रही हैं? 1 अप्रैल 15 31 एक मतलब कोई कोई तमीज है ये विथड्रॉ करने की है ना? इसको बोलते हैं इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स। कोई रेगुलैरिटी नहीं है। बस पार्टनर को जब जरूरत पड़ रही है तब वो उसको विड्रॉ कर देता है। जब इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स होंगी तो हम दो ही मेथड लगा सकते हैं। पहला है सिंपल मेथड और दूसरा है प्रोडक्ट मेथड। अब इन मेथड्स में कुछ खास नहीं है भाई। कुछ भी खास नहीं है। नॉर्मल कैलकुलेशन है। मतलब मैं इसको 10 फ़ूले से समझा सकता हूं। लेकिन क्यों फार्मूला तुम्हें समझना है? पर समझोगे ही। तुम तो रट रटना नहीं है कुछ भी। B पर फिर B चलो अगर फार्मूला ही चाहिए तो सिंपल सा फार्मूला है कि जो भी ड्रॉइ्स का अमाउंट है ड्रॉइंग्स का अमाउंट है इंटू रेट / 100 रेट / 100 इंटू जो भी मंथ्स बचे हैं जिसको मैं बोलूं रिमेनिंग मंथ्स रिमेनिंग मंथ्स /1 ये एम ओ एन टी एच नहीं लगाया था भाई लग रहा है मंथ की स्पेलिंग छोटी कैसे हुई रिमेनिंग मंथ्स अप 12 तो ये इंटरेस्ट का फार्मूला बन जाएगा ये जो मैंने फार्मूला लगाया है दैट वुड बी फ़ूला फॉर इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स। अब ये है तो नहीं यार कायदे से फ़ूला ब्याज निकालना है कितने मंथ्स का वो कोई फ़ूला रट के आपको नहीं करना चाहिए मेरे हिसाब से। भाई सिंपल सी बात है। पहली अप्रैल को तो 12 महीने का इंटरेस्ट लगेगा। तो वो आपको पता होना चाहिए कि 12 /12 ऐसे मल्टीप्लाई करेंगे। फार्मूला रट के चीजें मत करना। समझना उनको कि ये बना क्यों? ठीक है? अब ये समझाने से अच्छा है। मैं तुम्हें एक क्वेश्चन करा देता हूं ताकि तुम्हें सारी चीजें बहुत अच्छी तरह समझ में आ जाए। ये है। ठीक है? अब देखो इन अ पार्टनरशिप फर्म इन अ पार्टनरशिप पार्टनर्स आर चार्ज्ड इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग 15% पर एनम भाई 15% सामने वाले से चार्ज करना है ड्यूरिंग द ईयर एंडेड 31 मार्च अ पार्टनर विथड्र विथड्र एज़ फॉलोस मतलब उसने ऐसेसे करके विथड्रॉ किया करना है यहां पर कुछ भी नहीं करना आपको सबसे पहले तो आपको लिखना है एक सेकंड कि डेट क्या है कब वो विथड्रॉ कर रहा है तो डेट मैं लिख देता हूं फर्स्ट में 1 अगस्त 1 मई को विथड्रॉ किया 1 अगस्त को विथड्रॉ उसके बाद 30th सप्टेंबर 31 जैन 30th सप्टेंबर 31 जनवरी और क्या 31st मार्च 31st मार्च 2023 बस 2023 का ही पूरा है। 31st मार्च ये ये डेट्स हैं जब उसने विथड्रॉ किया है। ठीक है? अमाउंट कितना-कित विथड्रॉ किया है? लिख देते हैं। 2 526 2 5 2 6000 और 2000 ये इसने अमाउंट विड्रॉ किया है। अब देखो अपने को मंथ्स लेफ्ट निकालने हैं। मंथ्स लेफ्ट कैसे निकलेंगे? देखो फर्स्ट मई के बाद आपको निकालना है भैया देखो ईयर क्या था? 1 अप्रैल टू 31 मार्च। आपको रिमेनिंग मंथ्स निकालने हैं। क्योंकि बेटा ब्याज कितने का लगाओगे? बचे हुए महीनों का ही। है ना? तो फर्स्ट मई के बाद कितने महीने बचे? 31 मार्च होने में मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च। 11 महीने बचे हैं। तो 11 महीने का ब्याज लगेगा। है ना? बस 11 महीने का ब्याज कैलकुलेट करना है। कैलकुलेशन अपन यहां पर करेंगे। सिंपल। ठीक है? करते हैं। और देखो अगस्त के बाद कितने महीने बचे बेटा? अगस्त, सेप्टेंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। आठ महीने बचे इसके बाद। इसके बाद 30th, सेप्टेंबर। तो सेप्टेंबर खत्म। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च 6 महीने फर्स्ट 31 जनवरी को किया है तो फरवरी और मार्च आखिरी डेट को किया ना तो फरवरी और मार्च का इंटरेस्ट लगेगा 2 महीने का। और 31st मार्च को किया तो कोई इंटरेस्ट लगेगा क्या? 31st मार्च को तो वो कर ही सकता था। तो 31st मार्च को जीरो महीने बचे। इंटरेस्ट कैलकुलेशन करना है। कैसे करेंगे सर? वही मैंने जो आपको फार्मूला बताया, ड्रॉइंग्स * रेट / 100 * रिमेनिंग मंथ्स /12। ये फार्मूला मैं पूरे में लगाता चला जाऊंगा। 2000 * रेट है 15% * मंथ्स बचे हैं 11 / 12 ठीक है? दूसरे में 5,000 का अमाउंट रेट / 100 15 / 100 इंटू रिमेनिंग मंथ्स बाय 12 फिर सिक्स सॉरी फिर 2000 का अमाउंट है 15% इंटू कितने इंटू रिमेनिंग मंथ्स हैं 6 /1 इसके बाद आया 6000 और 2 महीने बचे हैं 6000 * 15 / 100 2 महीने बचे हैं अप 12 अब कायदे से तो इसको कैलकुलेट करना ही नहीं चाहिए। पर मैं फिर भी कर बता देता हूं आपको कि क्यों नहीं करना चाहिए था। 2 * 15 / 100 * 0 मंथ्स लेफ्ट / 12 तो इंटू ज़ीरो करेंगे तो आंसर वैसे भी ज़ीरो ही आ जाएगा इसका। ठीक है? क्योंकि एव्री एनीथिंग मल्टीप्लाई बाय ज़ीरो बिकम्स ज़ीरो। तो वैसे भी इस पे कोई ब्याज लगना नहीं है। बाकियों का देख लेते हैं। देखते हैं यहां पे कितना आता है। ज़ीरो 0 अह 3 * 4 = 12 3 * 5 = 15 ठीक है? और कुछ कट रहा है? ये भी कट रहा है। 4 * 5 चलिए 5 * 5 = 25 * 11 25 10 250 + 25 275 तो इसका अमाउंट आ गया 275 ठीक है? दूसरे का अमाउंट निकाल लेते हैं। ये टू क्यों नहीं आ रहा है? इस पे लिख क्यों नहीं पा रहा हूं मैं? जाने दो। ठीक है? दूसरे का देख लेते हैं। 0 0 अह 15 3 * 5 3 * 4 = 4 * 2 5 * 2 = 10 10 और * 50 500 500 यहां पे लग गया। यहां की बात करते हैं। 0 0 2 टाइम्स टू टाइम्स और ये 10 हो गया। 10 तो ये बचा 150 का इंटरेस्ट यहां पे लग गया। उसके बाद यहां पर कितना लगेगा? 0 0 3 * 5 = 15 3 * 4 2 * 2 = 2 30 3 * 5 = 15 फिर से 150 और यहां पर ज़ीरो तो आपका टोटल इंटरेस्ट कितना आ गया? ये आप यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर कहां पे करते हैं? यहां पे टोटल कर देते हैं। टोटल कितना आ गया? कर देते हैं इसको। स 5 7 और 10 17 1 2 3 8 9 10 ₹175 का टोटल इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग आपका लगा है इस पार्टनर का। दैट्स योर आंसर। अब ये है एक सिंपल मेथड। मतलब इस पे कुछ लॉजिक यूज़ नहीं करा। तो इस पूरे को ना शॉर्ट भी कर सकते हैं। कैसे करते हैं? लॉजिक को समझो। कॉन्सेप्ट को समझो। भाई बार-बार 15 / 100 को मैं मल्टीप्लाई कर रहा हूं। तो मैं इसको एक ही बार करके देखो क्या-क्या यहां पे रिपीटेटिव है। पहले कांसेप्ट समझ लो यार। देखो ये चीज हर कहीं रिपीट हो रही है। आपको दिख रही है? और ये बाय 12 /12 / 12 /12 /12 हर कहीं रिपीट हो रहा है। तो अपन इसको कॉमन ले लेंगे। इसको कॉमन ले लेंगे। तो यहां पर आपका एक नया सा मेथड बन जाता है। जिस मेथड को बोलते हैं प्रोडक्ट मेथड। अब यहां पे ये चीजें आसान कैसे हो जाएंगी? इस चीज़ को देखना। बहुत आसान हो जाएंगी। देखो डेट्स लिख लेता हूं मैं। फर्स्ट मई 31 फर्स्ट मई था। उसके बाद क्या है? फर्स्ट अगस्त 30th सप्टेंबर। फर्स्ट अगस्त 30th सप्टेंबर और क्या था? 31 जनवरी 31st मार्च। 31 जनवरी 31st मार्च। देख मैं क्या कर रहा हूं समझना। प्रोडक्ट मेथड कुछ बड़ा सा कुछ है नहीं। सिंपल है वो। 25262 2 5 2 6 2 ठीक है। मंथ्स लेफ्ट में भी हमने ऑलरेडी मंथ्स लेफ्ट यहां पे निकाले ही हैं। 118620 11 862 0 सब कुछ सेम था। यहां पे मैं क्या कर रहा हूं? बस इतना सा ध्यान देना। मैं इनका प्रोडक्ट कर दूंगा। मैं यहां पे इनका प्रोडक्ट कर दूंगा। और जो कॉमन चीजें थी वो कॉमन नहीं लगा दूंगा। बस कैसे? इनका प्रोडक्ट कर लेते हैं। पहले इनका प्रोडक्ट 2000 सॉरी 2000 * 11 आएगा आपका 22000 फिर 5000 * 8 5 * 8 = 40000 6 * 2 = 12000 6 * 2 फिर से 12000 आ गया यहां पर भी और 2 0 ठीक है? अब आपने टोटल प्रोडक्ट निकाल दिया। यहां पे जो आपका आ रहा है कितना आएगा इसका टोटल? तो इसका टोटल आएगा ज़ीरो 0 टू और ये सिक्स और 4 5 6 7 86 ये आया टोटल किसका प्रोडक्ट्स का टोटल आया प्रोडक्ट्स का। ठीक है? अब आपको सिंपल सा फार्मूला लगाना है। ठीक है? क्या आपको निकालना है इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स इक्व टोटल प्रोडक्ट। टोटल प्रोडक्ट। अब बाकी जो कॉमन चीजें थी वो वहां पे ही लगा देंगे। टोटल प्रोडक्ट * रेट / 100 ये कॉमन था हर कहीं और डिवाइडेड बाय 12 जो था वो भी कॉमन था। वही कर दिया मैंने। ठीक है? जो कॉमन था वो कॉमन ले लिया और जो नहीं था उसको अलग से निकाल दिया। ठीक है? यहां से ही वो बन गया प्रोडक्ट मेथड। है कुछ नहीं। उसको ही सिंपलीफाई कर दिया है। ठीक है? चलो इसको कर लेते हैं। देखो आंसर क्या आ रहा है? टोटल प्रोडक्ट इज़ 86000ेड / 12 इंटू रेट इज़ 15 / 100 3 अह 3 * 4 = 3 * 5 0 0 और क्या कट रहा है? कट रहा है। इसको काटें फोर को 4 * 2 = 8 4 * 1 = 4 और बचा 20 4 * 5 = 20 तो 215 * 5 करेंगे। दैट वुड बी योर आंसर 215 * 5 करेंगे भाई कितना आया रुपीस लगा देता हूं 5 * 5 = 25 टू ऊपर 5 * 1 = 5 6 7 फिर आएगा 5 * 2 डायरेक्टली 10 तो 1075 डायरेक्टली आ गया। अब 1075 यहां डायरेक्टली आ रहा है और यहां पर अपन को इतनी मेहनत करनी पड़ी फिर आया है। तो यही दो मेथड्स हैं। ये मेथड्स हैं प्रोडक्ट मेथड और एक सिंपल मेथड ड्रॉइंग्स निकालने के लिए जब इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स हो। ठीक है? इर्रेगुलर यानी आप समझ गए कभी भी हो रही है। किसी भी डेट पे हो रही है। दिस इज़ इर्रेगुलर। अब ये प्रोडक्ट मेथड एग्जाम में आता है। सिंपल मेथड कभी भी कोई करने को नहीं बोलता। ठीक है? प्रोडक्ट मेथड आता है। यही मैंने आपको यहां पे दो चीजें बताई। एक था सिंपल मेथड, एक था प्रोडक्ट मेथड। अब मैं प्रोडक्ट मेथड के हिसाब से आई ओ डी निकाल लिया अपन ने। कैसे निकाला? टोटल ऑफ प्रोडक्ट किया अपन ने। टोटल ऑफ प्रोडक्ट डिवाइडेड बाय 12 इंटू रेट जो भी रेट हो अप 100 ये हम चीजें करते हुए आ रहे हैं। इज़ इट क्लियर? इर्रेगुलर ड्रॉइंग्स क्लियर? अब रेगुलर ड्रॉइंग्स की बात आती है। अब ये रेगुलर ड्रॉइंग्स में हम एवरेज पीरियड मेथड यूज़ करते हैं। यह एवरेज पीरियड क्या होता है? रेगुलर ड्रॉइंग्स क्या होती हैं? चलिए इनको समझते हैं। ठीक है? ये हो गया एवरेज पीरियड मेथड पे आ गए। एंड अगेन आई एम टेलिंग यू दिस इज़ वेरीेंट। यू नीड टू फोकस। देखो बेटा इस चैप्टर में ना इतना पढ़ा देता हूं मैं। इतना पढ़ा दिया है ऑलरेडी। और आगे भी इतना पढ़ा दूंगा कि इसके अलावा कोई और वन शॉट देखना या कोई भी रिवीज़न किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। दिस वुड बी इनफ। दिस वुड बी इनफ। लाइक, होल चैप्टर वुड बी कवर्ड। ट्रस्ट मी ऑन दैट। एवरेज पीरियड मेथड में क्या होता है? रेगुलर ड्रॉइंग्स। अब रेगुलर जो ड्रॉइंग्स हैं बेटा जो रेगुलर ड्रॉइंग्स हैं वो तीन तरीके से हो सकती हैं। कौन-कौन से तीन तरीके? रेगुलर ड्रॉइंग्स या तो बंदा हर मंथ विथड्रॉ करे जिसको बोलते हैं मंथली ड्रॉइंग्स के भैया मैं पहली पहली तारीख को हर महीने विथड्रॉ करता हूं। दूसरा हो सकता है क्वार्टरली क्वार्टरली विथड्रॉ करें। क्वार्टरली मतलब हर 3 महीने में एक बार। क्वार्टर का मतलब होता है 3 महीने। तो हर 3 महीने में एक बार क्वार्टरली और चौथा हो सकता है हाफ ईयरली विड्रॉ कर लें। अब हाफ ईयरली में भी दो-तीन केस बन जाते हैं। लेकिन हाफ ईयरली का मतलब सिर्फ छ महीने विड्रॉ कर रहा है या छह महीने बाद विथड्रॉ कर रहे हैं। ये दो केसेस बनते हैं। ठीक है? तो मंथली, क्वार्टरली, हाफ ईयरली और इनमें भी और फर्दर केसेस बन जाते हैं। सर इनमें और फर्दर केसेस क्या है? तो मंथली में तीन केसेस हैं। या तो वो हर मंथ के बिगिनिंग पे करेगा। या तो मिडिल पे करेगा या तो फिर एंड पे करेगा। इन चीजों को अच्छे से समझेंगे अपन। है ना? क्वार्टरली में भी यही तीन केसेस बन जाते हैं। या तो हर क्वार्टर के बिगिनिंग पे कर रहा है या तो हर क्वार्टर के मिड पे कर रहा है या तो हर क्वार्टर के एंड पे कर रहा है। हाफ ईयरली का मैं आपको थोड़ी देर बाद बताऊंगा मतलब क्योंकि वो अलग है थोड़ा सा। तो मंथली, क्वार्टरली और हाफ ईयरली मंथली कर रहा है तो अब आप मैंने आपको बताया कि बिगिनिंग, मिडिल और एंड तीन जगह वो कर सकता है। क्या यहां पे डायरेक्ट क्वेश्चन स्टार्ट हो गया तो मुझे यहीं बताना पड़ेगा। एक सेकंड रुकना। डुप्लीकेट दिस। हां। चलो। तो मंथली की मैं बात करता हूं। ठीक है? क्वार्टरली में भी बिगनिंग, मिडिल एंड हो जाएगा। हाफ इयरली का तो अपन देखेंगे ही। मंथली अगर बिगनिंग, मिडिल और ऐड पे कर रहे हैं तो एवरेज पीरियड कैसे निकलता है? देखो, बहुत सिंपल है। उसका लॉजिक भी बताऊंगा मैं ऐसा क्यों बना वो? हर मंथ विथड्रॉ करना। ठीक है? हर मंथ विथड्रॉ करना। इसका मतलब क्या होता है? ध्यान से देखना बेटा। हर मंथ विड्रॉ करने का मतलब होता है हर मंथ। जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। ये 12 महीने मैंने यहां पे बना दिए। 1 2 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 अरे ज्यादा बना दिए क्या? ज्यादा बना दिए क्या मैंने? रुको। अप्रैल से स्टार्ट करने थे। अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च 12 महीने हैं। अब यहां पे 12 महीने हैं। तो भैया बिगिनिंग पे कैसे मैं आपको बिगनिंग ही एक्सप्लेन कर दूंगा ना मिडिल एंड आपको समझ में आ जाएगा। हर मंथ की बिगिनिंग यानी फर्स्ट अप्रैल, फर्स्ट मई, फर्स्ट जून, फर्स्ट जुलाई, फर्स्ट अगस्त, फर्स्ट सप्टेंबर, फर्स्ट अक्टूबर, फर्स्ट नवंबर, फर्स्ट दिसंबर, फर्स्ट जनवरी, फर्स्ट फरवरी, फर्स्ट मार्च। कैसी ड्रॉइंग्स हुई? हर महीने की पहली तारीख को। दूसरा ड्रॉइंग्स क्या हो सकता है? हर महीने की 15 तारीख को दैट इज कॉल्ड मिडिल। हर महीने की 15 तारीख। इसका मतलब 15 अप्रैल, 15 मई, 15 जून, 15 जुलाई ऐसे करके पूरा। हो सकता है एंड पे विड्रॉ करें। एंड का मतलब क्या हो जाता है? एंड का मतलब क्या हो जाता है? 30 या 31 तारीख जो भी है महीने की। 30, 31, 28 जो भी आखिरी तारीख होनी चाहिए। तो, यह हो जाएगा अप्रैल, जनवरी, फेवर, मार्च, अप्रैल। 30थ अप्रैल, 31st मार्च, अह फिर 30थ अह मार्च के बाद क्या आता? अ अप्रैल सॉरी मई अप्रैल मई जून जुलाई हर किसी की आखिरी डेट को कर रहा है तो वो एंड वाला केस बन जाएगा। केसेस तो ये बनते हैं। अब इसमें होता क्या है वो मैं आपको बताता हूं। व्हिच इज़ेंट। चलो मैं इसको मिटा नहीं रहा। सबसे पहले बिगिनिंग पे समझना पहले कर क्या रहा हूं मैं। ठीक है? अच्छा मैं तुम्हें एक काम करता हूं। एक और चीज़ बता देता हूं। एवरेज पीरियड मेथड का फार्मूला बता देता हूं। समझो कि यहां पे इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स निकलता कैसे है? तो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स निकालने के लिए जो फार्मूला हो जाता है वो होता है टोटल ड्रॉइंग्स कि टोटल बंदे ने विथड्रॉ कितना किया है अभी तक मतलब वो हर महीने करेगा तो जो भी ड्रॉइ्स होंगी इंटू 12 करेंगे तो टोटल ड्रॉइंग्स आ जाएंगी। टोटल ड्रॉइंग्स कैसे आती हैं बेटा? तो ड्रॉइंग्स * 12 करेंगे ना तो टोटल ड्रॉइंग आ जाएगी। तो ये आपका पहला आ गया टोटल ड्रॉइंग्स इंटू रेट / 100 तो आप करोगे ही इंटू अप 12 तो ठीक है करोगे इंटू क्या कितने महीने देखो सर अब आप मुझे एक चीज बताओ एक फॉर्मूले में आंसर निकालना है और सर ये तो 12 बार भी ड्रॉ कर रहा है तो टोटल ड्रॉइंग तो हमने निकाल ली 12 से मल्टीप्लाई करके क्योंकि एक ही ड्राइंग है जो बार-बार कर रहा है वो रेगुलर ड्रॉइंग्स 2000 निकाल रहा है तो हर महीने 2000 निकालता चला जा रहा है| ठीक है तो ये तो ठीक है| कितने मंथ से मैं डिवाइड करूं यहां पर यूज़ होता है आपका एवरेज पीरियड पीरियड एवरेज पीरियड जब मेथड अपन पढ़ रहे हैं एवरेज पीरियड और मैं बिगिनिंग में आपको ये बता रहा हूं कि एवरेज पीरियड कितना होता है। तो देखो अगर ध्यान से इस बात को समझें तो पहली ड्राइंग के बाद कितना बचा? ये बिगिनिंग वाली बता रहा हूं। पहली ड्राइंग होगी फर्स्ट अप्रैल को। पहली ड्राइंग होएगी फर्स्ट अप्रैल को। चलो गिनो जरा हाथ पे। कितने महीने बचे फर्स्ट अप्रैल के बाद? अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। पूरे 12 महीने बचे। यानी पहली ड्रॉइंग के बाद पहली ड्रॉइंग पे 12 महीने का इंटरेस्ट लगना चाहिए। वैसे ही फर्स्ट मई को उसने किया है। तो फर्स्ट मई को कितना लगना चाहिए? मई के बाद कितने महीने बचे? मतलब मई को मिला के कितने महीने बचे? 11 महीने। मई, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च 11 महीने। और वैसे ही मई के बाद अप्रैल, मई। उसके बाद आएगा जून। तो फर्स्ट, जून के बाद कितने महीने बचेंगे? 10। ऐसे करके 12 11 10 9 8 7 6 5 4 3 2 1 ऐसे महीने बचेंगे हर ड्राइंग के बाद। तो हम क्या करते हैं ना बेटा सबका निकालने से अच्छा हम इन सारे नंबर्स का एवरेज ले लेते हैं। आप इन सारे नंबर्स का एवरेज लो तो एक एवरेज आएगा और वही एवरेज आएगा अगर आप फर्स्ट और लास्ट वाले का एवरेज लो तो अब आप करके देखना ये चीज़ अगर आप इन सबको प्लस करते हो अब करो। चलो इसको करो। इन सबको प्लस करना डिवाइडेड बाय 12 करना ये सब प्लस करके डिवाइडेड बाय 12 करना और यहां पे एक और तरीका है 12 और वन को प्लस करके डिवाइडेड बाय टू करना आंसर वही आएगा सेम इसी को ही एवरेज पीरियड मेथड बोलते हैं और वो कैसे करते हैं हम बोलते हैं बिगिनिंग में पहली ड्रॉइंग के बाद कितने महीने बचे तो सर पहली ड्राइंग फर्स्ट अप्रैल को हुई उसके बाद 12 महीने बचे सही बात है आखिरी ड्रॉइंग कब होगी तो सर ये बंदा हर महीने की शुरुआत पे विड्रॉ कर रहा है तो आखिरी ड्रॉइंग होगी 1 मार्च को। है ना? 1 मार्च के बाद कितना महीना बचा? 1 महीना। मार्च का। तो ये 1ड / 2 एवरेज कितना आ गया? 12 + 1 13 / 2 एवरेज आ गया आपका 6.5। आप टोटल ड्राइंग्स के केस में यहां पर 6.5 लगाओगे और आपका आंसर आ जाएगा। आई बात समझ में? समझे? बिगिनिंग वाली चीज़ समझ में आई? मिडिल भी समझ लो। मिडिल हर महीने की मिडिल तारीख को मिडिल इस पे तो पहली ड्राइंग होएगी 15 अप्रैल को 15 अप्रैल के बाद कितने महीने बचे तो 15 अप्रैल के बाद आधा महीना बचा अप्रैल का उसको बोलते हैं फाइव मंथ ठीक है5 तो अप्रैल का हुआ और मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर जनवरी फरवरी मार्च 11 महीने और और 5 ये यानी पहली ड्राइंग के बाद 11.5 मंथ्स बचे डाउट तो नहीं है 11.5 कैसे बचे भाई? 15 अप्रैल हुई टोटल साल में 12 महीने है ना अप्रैल के 15 दिन छोड़ने हैं। मैंने बोला फाइव आधा महीना है ना5 तो 12 में से5 हटा दो तो 11.5 महीने बचे ना यार तो बस वही है। और आखिरी ड्रॉइंग कब होगी? 15 मार्च को। 15 मार्च को होगी। आखिरी महीना वही है। मंथली ड्रॉइंग्स हैं। मार्च का महीना है। 15 मार्च को आखिरी ड्रॉइंग होगी। 15 मार्च के बाद कितना महीना बच जाएगा? आधा महीना यानी5 महीना। तो आखिरी ड्राइंग के बाद5 महीना बचेगा। इन दोनों का एवरेज ले लिया मैंने। इट वुड बी 12 / 2 व्हिच वुड बी सिक्स। और वैसे ही जब आप एंड में करोगे तो एंड का भी बता देता हूं। पहली ड्राइंग एंड का मैं कलर चेंज कर देता हूं 2 मिनट। एंड वाली ड्राइंग होएगी इस तारीख को यानी अप्रैल की 31 तारीख को। उसके बाद कितने महीने बचे? तो सर मई से लेके मार्च तक। 11 महीने। तो एंड के बाद 11 महीने बचे। आखिरी ड्राइंग होगी सर 31 मार्च को। इसके बाद कितने महीने बचे? 0 महीना बचा। एक भी नहीं महीना बचा। तो 0 महीने बचे। डिवाइडेड बाय टू करेंगे तो 11 / 2 आ जाएगा 5.5। ये एवरेजेस है। ये आप यूज़ करोगे और आपका इंटरेस्ट बिल्कुल एक झटके में निकल आएगा। ठीक है? ये जल्दी से इसका स्क्रीनशॉट लो। फिर अपन क्वेश्चन देखें इसका। क्वेश्चन से बहुत अच्छी तरह समझ में आ जाएगा। ठीक है? तो अब ये वाली चीजें आई। यहां पर अब यहां पर अब मैं इस चीज़ को क्वेश्चन के थ्रू करते हैं। देखो क्या लिखा हुआ है? ए बी सी आर पार्टनर्स ये ये वाली चीज गलत लिखी हुई है इसमें। इसको हटा देता हूं। इसको इग्नोर करना। ये पिछले क्वेश्चन के लिए था। ए बी सी आर पार्टनर्स इन अ फर्म। यू आर इनफॉर्म्ड दैट ए विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द फर्म इन द बिगनिंग ऑफ़ एव्री मंथ। ए विथड्रॉस 10,000 एव्री मंथ। एव्री मंथ यानी मंथली मंथली भी कर रहा है तो बिगिनिंग में कर रहा है। यह मुझे पता है। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग का फार्मूला क्या होता है सर? अभी-अभी देखा था। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इज़ इक्व टोटल ड्रॉइंग * रेट / 100 * एवरेज पीरियड बाय 12 यही करते हैं। बस यही फार्मूला लगाना है। एवरेज पीरियड यहां पे निकालना है। एवरेज पीरियड निकाल लेंगे पहले। चलो। तो सर एवरेज पीरियड निकालो पहले पहले आप एवरेज पीरियड। ठीक है? तो फर्स्ट ड्रॉइंग के बाद कितने महीने बचे? ए विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द फर्म इन द बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ। एव्री मंथ बिगिनिंग फर्स्ट ड्रॉइंग कब होगी? 1 अप्रैल को। 1 अप्रैल के बाद कितने महीने बचे? पूरे 12 महीने। और आखिरी ड्रॉइंग होएगी फर्स्ट मार्च को। क्योंकि वो बिगिनिंग में कर रहा है हर मंथ की। आखिरी ड्रॉइंग होगी 1 मार्च को। फर्स्ट मार्च के बाद 1 महीना बचा। डिवाइडेड बाय टू। एवरेज पीरियड जो आप यूज़ करोगे दैट वुड बी 13/2 या फिर 6.5 दिस इज़ द एवरेज पीरियड दैट आई विल बी यूज़िंग। टोटल ड्रॉइ्स निकाल लेता हूं। टोटल ड्रॉइंग्स सर वो हर महीने विथड्रॉ कर रहा है। यहां पे लिखा है ही विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम फर्म इन द बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ। यानी 10,000 हर महीने विथड्रॉ करेगा और साल में कितने महीने होते हैं? 12 महीने होते हैं। तो आप 12 से मल्टीप्लाई कर दोगे तो टोटल ड्रॉइंग आएगी आपकी 1,20,000। ये दोनों समझ में आ गए तो बस इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग आ जाएगा। उसमें क्या है? देखो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू क्या करना है? टोटल ड्रॉइंग। सर टोटल ड्रॉइंग आई 1,20,000 इंटू रेट अप 100 रेट कितना था? रेट रेट रेट इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग विल बी चार्ज 8% पर एनम। तो 8 / 100 8% और अब यूज़ करना है एवरेज पीरियड। तो एवरेज पीरियड यूज़ करूंगा मैं 6.5 यहां पे मैं यूज़ करूंगा 6.5 / 12 आई बात समझ में? ये यहां पे खत्म है। चलो कर देते हैं इसको टोटल कर लेते हैं। ये ये पॉइंट हटाया ज़ीरो बढ़ाया। 1 2 3 1 2 3 0 गायब और क्या काटना है? 4 * 2 = 8 और 4 * 3 = 12 और कुछ कट रहा है? थ्री से कट जाएगा। चलो। 3 * 4 = 12 ज़ीरो। ओके? तो आंसर आया 40 * 2 * 65 तो 40 * 65 * 2 कितना होता है? 60 / 130 तो 40 * 130 कर देंगे बेटा। ये अपना आंसर आ जाएगा। कितना आ जाएगा? अ ये मैंने कर दिया ज़ीरो ज़ीरो ज़ीरो दो ज़ीरो तो आ ही जाएंगे। दो ज़ीरो हो गए और 14 * 4 13 * 4 13 * 2 = 26 26 * 2 52 तो 5200 ₹5200 का हमारा आ गया इंटरेस्ट। बस इतना ही करना था। एक बार देख लेते हैं। पहले वाले का आंसर 5200 ऑलराइट। तो ऐसे ही करके अपन ने पहला वाला आंसर निकाल दिया। दिस इज़ फर्स्ट पॉइंट। ठीक है? सेकंड वाले में भी ऐसा ही कोई फार्मूला लगाएंगे। सेकंड वाले में भी यही फार्मूला लगाएंगे। एग्रीगेट चेंज हो जाएगा। ठीक है? सेकंड वाला भी करते हैं। अब आपको ये फार्मूला तो समझ में आ गया ना? देखें मैं इसके लिए स्पेस दी है क्या? मैंने स्पेस ही नहीं दी। चलो कोई नहीं डबल करके कर देता हूं मैं। चलिए दूसरा भी देख लेते हैं। अब मैं यहां तक मिटा देता हूं। ये बिगिनिंग भी नहीं हुआ। और ये हटा दिया मैंने। चलो। नेक्स्ट वाला देखते हैं बेटा। नेक्स्ट कैसे निकलेगा? B विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द फर्म एट द एंड ऑफ़ एव्री मंथ। तो B विड्रॉ एंड पे कर रहा है। एंड पे यानी फर्स्ट ड्रॉइंग होएगी। एंड पे अगर कर रहा है तो फर्स्ट ड्रॉइंग होएगी 31 अप्रैल को। अप्रैल 31 होता है। 30th होता है। जनवरी जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल 30th होता है। पहली ड्राइंग होएगी 30th अप्रैल को और लास्ट ड्राइंग जो होगी दैट वुड बी 31st मार्च को। तो 31 मार्च के बाद तो कुछ बचेगा नहीं। 30th अप्रैल के बाद 11 महीने बचेंगे। तो एवरेज पीरियड के लिए 11 महीने बचे। पहली ड्रॉइंग के बाद आखिरी ड्रॉइंग के बाद कुछ नहीं बचा। डिवाइडेड बाय 2 11 / 2 व्हिच इज़ 5.5 का एवरेज मुझे यूज़ करना है। टोटल ड्रॉइंग्स B विथड्रॉस 10,000 वही 10,000 है और 12 महीने तक ही वो विथड्रॉ कर रहा है। भले आखिरी दिन पे करे पर हर महीने करी है उसने ड्रॉइंग। तो ये इंटू 12 यानी ये आ गया ₹12000 फिर से। कैसे निकालेंगे इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग? अब आ गया ना समझ में? ईजी हो गया। टोटल ड्रॉइ्स आ गई आपके पास कितनी? ₹1,20,000 इंटू रेट / 100 रेट इज़ रेट इज़ रेट इज़ 8% 8 / 100 इंटू एवरेज पीरियड एवरेज पीरियड यूज़ करेंगे बेटा 5.5 5.5 / 12 अगेन वही सारे कैलकुलेशंस ये ज़ीरो 1 2 3 1 2 3 4 * 2 = 8 4 * 3 = 4 * 3 = 12 और थ्री को इससे काटा। 3 * 4 = 40 आ गया। अब इसको 55 * 2 करेंगे। 55 * 2 कितना होता है? 110 110 और 40 का मल्टीप्लाई करना है। ये आ जाएगा आपका आंसर। कितना आ गया? ये दो जीरो मैंने यहां लगा दिए। 4 * 11 44 4400 ये आ गया आपका दूसरा इंटरेस्ट। आई बात समझ में? दिस वाज़ पॉइंट नंबर टू। पॉइंट नंबर थ्री आपको करना है। मैं आपको बता देता हूं। देखो यहां पे भी सेम आएगा। C विथड्रॉस 10,000 फ्रॉम द फर्म इन द मिडिल ऑफ एव्री मंथ। तो आपको पता है एवरेज पीरियड निकालने के लिए मिडिल का कैसे निकलेगा? पहली ड्राइंग के बाद 11.5 मंथ्स। मिडिल के लिए पहली ड्राइंग के बाद 11.5 मंथ्स। क्योंकि अप्रैल 15 तो आप आगे देखोगे तो 11 महीने और आधा महीना ये 11.5 मंथ्स और आखिरी ड्राइंग 15 मार्च यानी सिर्फ फाइव मंथ। इनको करोगे डिवाइडेड बाय टू 12 / 2 सिक्स आ जाएगा एग्रीगेट जो आपको यूज़ करना है। यहीं पे कर ही देता हूं मैं। तुम भी क्या याद रखोगे। चलो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग निकालना है। टोटल ड्रॉइंग्स वही 10,000 * मतलब 1,20,000 हो जाएगी। टोटल ड्रॉइंग्स 10,000 * 12 रेट है 8 / 100 इंटू एवरेज पीरियड यूज़ करूंगा मैं 6 / 12 0 0 6 * 2 = 12 2 * 2 = 4 ठीक है? ये टू बचा यहां पे। तो 2 * 1200 कर दो आप सीधा-सीधा। 2400 2400 आ जाएगा ना? ठीक है? 2400 डायरेक्टली आ गया। 24 में वो गलत क्यों लग रहा है? 0 2 0 0 2 * 2 = 4 2 * 1 = 2 सही है। 2400 ठीक है। अगर लास्ट में विड्रॉ कर रहा है तो ₹2400 का अमाउंट आएगा। एक बार देख लेते हैं। ये ₹5200 देन 4400 देन ₹4800 आई टोल्ड यू ना कुछ तो गलत करा मैंने यहां पे। मुझे भी लगा 6 * 2 = 12 इसके कैलकुलेशंस को मैं एक बार फिर से कर लेता हूं। कछु तो गलत करो है मैंने यहां पर डायरेक्ट डायरेक्ट करने के चक्कर में। 6 /12 8 / 100 1 मिनट रुकना बेटा। 6 * 2 = 12 है ना? 2 * 4 = 8 यहां फोर बचेगा मैंने। टू का करा था मल्टीप्लाई। अब आई ना बात समझ में? हां। अब सही आया। 4 * ये करेंगे तो 4800 आएगा। 4800 4 * 1200 4800 तो 4800 इसका इंटरेस्ट आएगा। ठीक है? तो ये चारों ऐसे करके अपन इंटरेस्ट को निकालेंगे। ठीक है? ये हो गया पहला क्वेश्चन। पहला क्वेश्चन समझ में आया होगा आपको। ठीक है? क्यों? क्योंकि यहां पर आपके एवरेज पीरियड को यूज़ करना है। अब ये था फर्स्ट क्वेश्चन। अब दूसरा एवरेज पीरियड मेथड में अपन देखते हैं क्वार्टरली। क्वार्टरली क्वार्टरली मतलब क्वार्टरली मतलब हर तीन महीने का एक जो होता है उसको बोलते हैं क्वार्टर। अप्रैल, मई, जून। अप्रैल, मई और जून यह एक क्वार्टर। फिर जुलाई, अगस्त और सेप्टेंबर एक क्वार्टर। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर एक क्वार्टर और लास्ट क्वार्टर जनवरी, फरवरी और मार्च। जनवरी, फरवरी, मार्च एक क्वार्टर। ठीक है? अब ये 12 महीने मैंने बना दिए। अब इनके बिगिनिंग, मिडिल और एंड पे अपने को चीजें देखनी है। ठीक है? सबसे पहले अगर अपन देखें ऐसे बना देता हूं पूरा बड़ा सा। सबसे पहला अपन देख रहे हैं बिगिनिंग ऑफ़ एव्री क्वार्टर। बिगिनिंग ऑफ़ एव्री क्वार्टर कि हर क्वार्टर के बिगिनिंग पे किया। तो कब करेगा? आप मुझे बताओ। क्वार्टर का बिगिनिंग कब हो रहा है? 1 अप्रैल को। यानी पहली ड्रॉइंग होएगी फर्स्ट अप्रैल को। फर्स्ट अप्रैल के बाद कितना महीना बचता है? 1 अप्रैल के बाद 12 महीने पूरे बचते हैं। देख लो गिन लो 12 महीने। है ना? तो बिगनिंग में किया तो पहली ड्राइंग के बाद 12 महीने बचे। आखिरी पे ध्यान देना। क्वार्टर की पहली डेट को। चलो। क्वार्टर की पहली डेट कब है? क्वार्टर कौन सा है? ये क्वार्टर वन, क्वार्टर टू, क्वार्टर थ्री, क्वार्टर फोर। क्वार्टर फोर की पहली डेट कौन सी है? फर्स्ट जनवरी जनवरी फरवरी मार्च का क्वार्टर है तो फर्स्ट जनवरी इज द क्वार्टर की पहली डेट है ना तो पहली डेट के बाद यानी फर्स्ट जनवरी के बाद कितने महीने बचे 3 महीने तो यहां पे इंटू करूंगा थ्री ओ सॉरी प्लस करूंगा 3 / 2 12 + 3 इज़ 15 / 2 तो जो एग्रीगेट बन जाएगा दैट वुड बी 7.5 पहला एग्रीगेट आ गया 7.5 एवरेज पीरियड ठीक है दूसरा देखेंगे बिगनिंग के बाद सर मिडिल में करा तो क्या करेंगे करेंगे देखते हैं। मिडिल अगर मिडिल हुआ तो पहली ड्राइंग कब होगी? अच्छा ये तो सेम कलर हो जाएगा। यहां पर ये मिडिल है। क्वार्टर का मिड यही है। 3 महीने का क्वार्टर है बेटा। अगर तो इसका मिडिल क्या होगा? अप्रैल, मई, जून। तो 15 मई जो हुआ मिडिल हुआ ना? अप्रैल भी हटाओ, जून भी हटाओ। मई का 15 तारीख इज़ द मिडिल। तो, यह मिडिल हुआ। इसके बाद कितने महीने बचे? गिनो। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 और आधा महीना ये यानी 10.5 तो मिडिल में पहली ड्राइंग के बाद 10.5 मंथ्स बचे। आखिरी ड्राइंग कब होगी? तो ये आखिरी वाले क्वार्टर के मिड पे यानी जनवरी फरवरी मार्च 15 फरवरी के आसपास 14 फरवरी मान लो 28 दिन का होता है। तो 14 या 15 फरवरी इतना वो एक दिन से कोई गैप नहीं होता। तो 15 फरवरी 15 फरवरी के बाद कितना महीना बचा? आधा महीना फरवरी का .5 और मार्च का पूरा एक महीना यानी 1.5 डिवाइडेड बाय टू कितना हो जाएगा? 12 / 2 व्हिच इज़ सिक्स। पहला एग्रीगेट 7.5 दूसरा एग्रीगेट सिक्स। अब लास्ट में एंड वाला भी देखते हैं। नया कलर कितने कलर यूज़ करूं यार मैं। चलो एंड भी देख लेते हैं। तो हर क्वार्टर के एंड पे। तो एंड पे करा 9 महीने बचे। फिर एंड पे करा 0 महीना बचा। / 2 9 / 2 इज़ 4.5 तो आप ये एवरेज पीरियड यूज़ करोगे सिंपल। ठीक है? अब यहां पर जो नेक्स्ट क्वेश्चन करने वाले हैं एवरेज पीरियड्स तो यही यूज़ होंगे। इसको निकालना है। आप रटना मत बिल्कुल भी कि कैसे मैंने आपको निकाल के दो बार दिखा दिए। तो अब तो आपको समझ में आ गया होगा ना? तो आप रटना मत। अब ये क्वार्टर वाला देख लेते हैं। मैं आपको यहां पर केस वन बिगनिंग है। फिर एंड है फिर मिडिल है। चलो केस थ्री आपको करना है। ये आपके लिए है। ये आपका होमवर्क है। ठीक है? है केस वन केस टू मैं कर देता हूं। यहां पर करता हूं केस वन। यहां कर देता हूं मैं केस टू। ठीक है? ध्यान से सुनना। बहुत ही सिंपल है। इफ वी विथड्र अच्छा यहां पे पहले टोटल ड्रॉइंग्स कैसे निकलेंगी? मैं यही बता देता हूं। टोटल ड्रॉइंग्स क्वार्टरली के केस में कैसे निकलेंगी? ये क्वार्टर के केस में टोटल ड्रॉइंग किससे निकलेंगी? तो भैया ड्रॉइंग क्वार्टर में कितनी बार विथड्रॉ कर लेगा? चार तो क्वार्टर है। क्वार्टर का बिगनिंग, क्वार्टर का मिडिल, क्वार्टर का एंड कुछ भी करें। लेकिन साल में कितनी बार ही विड्रॉ कर पाएगा? चार बार, चार ही तो क्वार्टर है। है ना? तो टोटल ड्रॉइंग्स विल बी ड्रॉइंग्स इनटू फोर। ठीक है? बस इसको करते हैं। इफ वी विथड्र 60,000 इन द बिगनिंग ऑफ ईच क्वार्टर तो पहला टोटल ड्रॉइंग। टोटल ड्रॉइंग कैसे निकलेगी सर? 60,000 और चार बार विड्रॉ करेगा यह। ठीक है? तो टोटल कितना आ गया? 6 * 4 = 24 1 2 3 4 ठीक है? एवरेज पीरियड निकाल लेते हैं। एवरेज पीरियड कैसे आएगा? बिगिनिंग ऑफ़ एव्री क्वार्टर। तो पहले क्वार्टर की स्टार्टिंग के बाद अगर करेगा 1 अप्रैल को करेगा तो 12 महीने बचेंगे। आखिरी क्वार्टर की पहली तारीख आखिरी क्वार्टर है जनवरी फरवरी मार्च का। पहली तारीख यानी पहली जनवरी को। तो कितने महीने बचे? तीन बाय 2 15 / 2 तो क्या यूज़ करेंगे एग्रीगेट? 7.5 का। बस यहां पे मैं टोटल ड्रॉइंग्स निकाल लेता हूं। दूसरे कलर से निकालता हूं। गिव मी अ मिनट। चलो। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू टोटल ड्रॉइंग्स विल बी 240000 इंटू रेट अप 100 रेट कितना है रेट कितना है रेट कितना है रेट कितना है 10% 10% रेट / 100 इंटू एग्रीगेट रेट आई विल बी यूजिंग इज़ 7.5 / 12 ठीक है कर लेते हैं इसको ज़ीरो ज़ीरो ये पॉइंट हटा ये ज़ीरो ये वाला ज़ीरो भी हटा दिया मैंने और एक और ज़ीरो हटा देंगे क्योंकि पॉइंट हटा है और आ गया 75 और नीचे 12 12 को डायरेक्टली टू टाइम्स काटता हूं। 2 0 0 200 * 75 कर देते हैं। आंसर आ जाएगा 200 यानी डबल00 और 75 * 2 इज़ 150 ₹15,000 हमारा आ गया इंटरेस्ट। यानी पहले केस में ₹15,000 हम उससे इंटरेस्ट लेंगे। रुपीज़ लगाना मत भूलना। ठीक है? तो ₹ ₹15,000 पहले वाले का आंसर यहां पर आ गया। ठीक है? 7.5 एवरेज यूज़ करके। केस टू देख लेते हैं। तो केस टू में भी केस टू में भी टोटल ड्रॉइंग कितनी होगी बेटा? चार ही क्वार्टर हैं। तो केस टू में इफ वी विड्र 60000 एट द एंड ऑफ ईच क्वार्टर 60000 एट द एंड ऑफ़ ईच क्वार्टर लेकिन है तो चार ही। चार ही क्वार्टर है। तो 2400 टोटल ड्रॉइंग्स हो गई। एवरेज पीरियड देख लेते हैं। एवरेज पीरियड होगा एट द एंड ऑफ़ ईच क्वार्टर। तो पहले क्वार्टर का एंड अप्रैल में जून का एंड जून की आखिरी तारीख। तो उसके बाद क्या बचा? जुलाई से लेके जितने महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। 9 महीने। और आखिरी ड्राइंग कब होगी? 31st मार्च को। क्योंकि आखिरी क्वार्टर क्या है? जनवरी, फरवरी, मार्च। आखिरी दिन पे आने 31st मार्च। कोई महीना नहीं बचा उसके बाद। डिवाइडेड बाय टू 9/ 2 4.5 का एवरेज यूज़ करोगे आप। ओके? फ़ूले ऐसे कर लेते हैं। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स इक्वल टू टोटल ड्रॉइंग्स व्हिच इज़ ₹40,000 इंटू रेट / 100 रेट कितना है? रेट कितना है? 10% था। 10 / 100 इंटू एग्रीगेट वि इज 4.5 / 12 ये पॉइंट हटाया ये ज़ीरो 1 2 3 1 2 3 ये काट दिया मैंने। अब ये भी 12 जा ही रहा है यार। 12 * 2 200 * 45 करूंगा तो आंसर कितना आएगा? 45 * 2 = 90 और 0 तो ₹9,000 इसका आंसर आ गया। ₹9,000 इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग आ गया। क्लियर है ये? समझ आ गया? जल्दी से इसका भी स्क्रीनशॉट लो और एक क्वेश्चन आपके लिए होमवर्क है ये वाला। तो इसको करो और इसका इसका फिर से आप कमेंट में मुझे आंसर बताओ। अरे 2 मिनट में अभी कर लोगे यार। अभी कर लो आप। अभी रुको। 1 सेकंड के लिए पॉज करो और करके बता दो आंसर। चलो जल्दी। चलिए ये हो गया। नेक्स्ट भी हो गया। ठीक है? तीसरे वाले का भी आप निकाल लेना। देखना 18,000 आना चाहिए। देखो मत यहां पर। पर आप निकालना उसको। 18,000 आएगा। अब फिर से आएगा। अब तीसरा आया हाफ ईयरली। अब ये यार जो है इस पे आप थोड़ा ध्यान देना। हाफ ईयरली में तीन केस बनते हैं। ठीक है? पहले में तो केस बनता है जिसमें लिखा होता है हाफ ईयरली हाफ ईयरली विथड्रॉ कर रहा है। हाफ ईयरली विथड्रॉ कर रहा है। ठीक है? दूसरा केस बनता है फॉर सिक्स मंथ्स। हाफ ईयर मतलब 6 महीने विथड्रॉ करेगा। 6 महीने कौन से? बिगिनिंग के सिक्स मंथ्स, बिगिनिंग सिक्स मंथ्स या फिर एंड के सिक्स मंथ्स बिगनिंग सिक्स मंथ्स यानी सर फर्स्ट अप्रैल से लेके छ महीने अप्रैल, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त और सेप्टेंबर यानी 30th सप्टेंबर तक ये विथड्रॉ करेगा। बस इतना ही करेगा। मतलब पूरे साल भर करेगा ही नहीं। छ महीने करेगा सिर्फ। 1 अप्रैल से 30th सप्टेंबर और एंड सिक्स मंथ्स का मतलब सेप्टेंबर के बाद आता है फर्स्ट अक्टूबर से लेके 31 मार्च। तो ये छ महीने ये विथड्रॉ करेगा। ये दो तरीके हो सकते हैं यहां पर। और एक तरीका है हाफ ईयरली। हाफ ईयरली मतलब 6 महीने में एक बार। तो पहली मतलब 6 महीने में एक बार मतलब फर्स्ट अप्रैल को विथड्रॉ कर दिया उसने। फिर 6 महीने बाद डायरेक्टली यानी अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर हटाओ। अक्टूबर की पहली तारीख को फर्स्ट अप्रैल को कर रहा है। फिर फर्स्ट अक्टूबर को कर रहा है। बस फिर खत्म ही हो गया ना। इतना ही तो क्वार्टर ही इतना सा था। तो ये हाफ ईयरली का केस हो जाता है। ये ना आपकी दो-तीन बुक्स हैं जैसे डी के गोयल है उसमें दिया हुआ है और एक बॉबी करके कोई क्वेश्चन है टीएस ग्रेवाल में वो दिया है। एनसीईआरटी में हाफ ईयरली का कोई क्वेश्चन नहीं है। ये केसेस हैं। ये वाला कोई केस नहीं है। टीएस में एक क्वेश्चन डीके में कुछ क्वेश्चंस हैं जो हाफ ईयरली से रिलेटेड हैं। इसमें मैं आपको बता रहा हूं। फर्स्ट अप्रैल, फर्स्ट अक्टूबर ये पहली पहली बिगिनिंग वाली चीज़ बता रहा हूं। इसमें बिगनिंग, मिडिल, एंड हो सकता है। ये मैं आपको तीनों बता दूंगा। यहां पर भी आपके बिगिनिंग, मिडिल, एंड हो सकते हैं। बिगिनिंग, मिडिल और एंड। यहां पर भी बिगनिंग, मिडिल, एंड हो सकता है। बहुत सिंपल है लेकिन मैं आपको बता देता हूं। अब यहां पे एग्रीगेट्स कैसे निकलते हैं? इनको एग्रीगेट्स निकाल लेते हैं पहले यहीं पर। बिगनिंग, हाफ ईयरली के बिगनिंग पे अगर कोई विथड्रॉ कर रहा है। हाफ ईयरली मतलब सर, 6 महीने 1 2 3 4 5 6 यह छह-छह। यही है हाफ ईयर। हाफ ईयर के बिगनिंग पे किसी ने विथड्रॉ किया। देखो हाफ ईयर का बिगनिंग कैसे निकल रहा है बेटा यहां देखना हाफ ईयर का बिगनिंग फर्स्ट अप्रैल तो फर्स्ट अप्रैल के बाद कितने महीने बचे 12 और हाफ ईयर के फिर से बिगनिंग पे विथड्रॉ किए तो कितने महीने बचे छह तो 12 / 6 / 2 अ यानी 18 / 2 यानी यहां पे जो एग्रीगेट आप यूज़ करोगे दैट वुड बी नाइन 18 / 2 9 तो बिगिनिंग अगर आया हाफ ईयरली बिगिनिंग तो फिर नाइन हाफ ईयरली मिडिल हाफ ईयरली मिडिल कब होगा बेटा ये तारीख ठीक है? हाफ ईयरली मतलब 6 महीने का मिड मान लो। ये मान लो या ऊपर वाला मान लो कुछ भी मान लो। बचेंगे 3 महीने ही उसके बाद। है ना? तो ये तीन और ये छ 9 महीने बचे। मिडिल में किया तो और आखिरी ड्राइंग हुई यहां पर कहीं नहीं गलत मार्क कर दिया। यहां पर कहीं ठीक है? तीसरे महीने की अंत में या फिर चौथे महीने की शुरुआत मान लो। बात एक ही है। 3 महीने बचेंगे। मिडिल में किया तो 3 महीने बचे। तो 9 / 3 / 2 9 और 3 कितने होते हैं? 12 / 2 ये हो गया छह। सर एंड में करा बंदे ने जाके ठीक है आप बंदे ने जाके एंड में करा फिर से बनाता हूं क्योंकि पॉइंट पॉइंट हो गए थे 1 2 3 4 5 6 1 2 3 4 5 6 हाफ हाफ इयर्स एंड में करा एंड में करा तो इस हाफ ईयर के एंड में किया तो कितने महीने बचे सर 6 महीने बचे और फिर हाफ ईयर के एंड यार 31 मार्च को ही किया होगा तो कितने महीने बचे ज़ीरो महीने बचे डिवाइडेड बाय टू एग्रीगेट वुड बी थ्री ठीक है फ्यू क्वेश्चंस आर देयर जो इससे रिलेटेड हैं। हाफ ईयरली वाले बहुत कम क्वेश्चंस हैं आपकी बुक में। टीएस में तो एक ही क्वेश्चन है। तो ये है। है ना? और हाफ ईयरली ये वाले क्वेश्चंस हैं जो आते हैं। अब इनको अपन और चीजें देख लेते हैं। इसको भी मैं पहले डुप्लीकेट कर देता हूं ताकि आपके पास रहे। ऐसा ना कि चला ही जाए ये। ठीक है? चलो। ये आ जाएगा बच्चों के पास। ठीक है भाई। ये स्क्रीनशॉट लेते चल रहे हो ना? मैं रुक नहीं सकता ज्यादा चीजों के लिए। चलो। आई होप ले लिया होगा स्क्रीनशॉट। ये वाले हाफ ईयरली के केसेस तो आपको समझ में आ गए। ठीक है? अब अपन हाफ ईयरली के सिक्स मंथ्स वाले केसेस पे जाते हैं कि सिक्स मंथ्स, बिगिनिंग के सिक्स मंथ्स या फिर एंड के सिक्स मंथ्स। ये भी बहुत सिंपल है। चलो हटा देता हूं मैं इसको तो बता देता हूं यहां पर। यहां पर मैं पहले बता रहा हूं बिगिनिंग सिक्स मंथ्स। या बिगिनिंग नहीं लिखता हूं। स्टार्टिंग लिख देता हूं। स्टार्टिंग 6 मंथ्स आगे के छ मंथ मतलब अप्रैल से लेके अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर तक और दूसरा मैं बता देता हूं। एंडिंग स्टार्टिंग एंडिंग सिक्स मंथ्स। स्टार्टिंग हो गई। एंडिंग में सेप्टेंबर के बाद आएगा अक्टूबर से लेके मार्च तक। ऐसे अब इस पे भी तीन-तीन केसेस बनेंगे। सिंपल-सिंपल से बिगिनिंग मिडिल और एंड यहां पे भी बिगिनिंग मिडिल बिगिनिंग मिडिल और एंड पे याद रखना बस आगे के 6 महीने पीछे के 6 महीने बस इतना ही डिफरेंस है। तो देखो कितना बचेगा अब ध्यान से देखना यहां पर स्टार्टिंग के 6 महीने स्टार्टिंग के 6 महीने उसने विड्रॉ किया यानी पहली ड्रॉइंग होएगी कब फर्स्ट अप्रैल को अच्छा स्टार्टिंग के छ महीने मतलब ये देखो यहां लिखा है अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर बस अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितेंंबर इतने दिन ही विथड्रॉ किया इसने 6 महीने तक विथड्रॉ किया कंटीन्यूअसली फॉर सिक्स मंथ्स बस सप्टेंबर के बाद विथड्रॉ किया ही नहीं तो बहुत सिंपल है आपको एवरेज लेना पहली ड्रॉइंग का और आखिरी ड्रॉइंग का। तो पहली ड्रॉइंग के बाद कितने महीने बच रहे हैं? देखो ए 1 अप्रैल को अगर ड्रॉइंग हुई तो कितने महीने बचे? छह नहीं। सितंबर के बाद मार्च तक तो साल गया ही होगा ना। इसने भले 6 महीने विथड्रॉ किया लेकिन बाकी छ महीने तो यहां पे हैं ही ना। तो जितना बचा प्लस 6 महीने और भले सिंपल सी बात भाई। पहली अप्रैल के बाद कितना साल बच जाता है? 31 मार्च तक 12 महीने। तो पहली ड्राइंग के बाद बचेंगे 12 महीने। समझे? और आखिरी ड्राइंग होएगी इसकी सेप्टेंबर फर्स्ट को। उसके बाद कितने महीने बचेंगे? इसके डंडियों में मत देखो। हाथ पे देख लो। सेप्टेंबर बचा। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च। कितने महीने बचे? सात महीने। तो यहां पर से डिवाइडेड बाय 2 अ 79, 19 / 2 अ 999, 99 9.5 आ गया पहला एवरेज। मिडिल की बात करें तो मिडिल मतलब सर इसने इस तारीख को किया होगा। बिल्कुल अप्रैल की 15 तारीख 11.5 मंथ्स बचे। सेप्टेंबर की 15 तारीख आखिरी ड्रॉइंग। कितने महीने बचे सप्टेंबर की आखिरी ड्रॉइंग के बाद? आधा महीना ये और छह है वो 6.5 कितना हो जाता है? 6.5 11.5 और 11 और 6 17 18 11 और 6 17 और एक 18 बाय 2 तो बचा नाइन और एंड में देख लें तो अगर एंड में कर रहे हैं सर 30 अप्रैल को 30 अप्रैल के बाद 11 महीने बचे और 30 सितंबर के बाद 6 महीने बचे डिवाइडेड बाय 2 व्हिच वुड बी 17 / 2 व्हिच वुड बी 8.5 तो ये एग्रीगेट्स यूज़ करोगे आप अगर बिगिनिंग की बात करें देखो बेटा मैं रटने को कभी नहीं बोलता तभी में एक-एक चीज़ समझा रहा हूं कि बना कैसे। बाकी अब आप विद्वान ही हो कि आपको रटनी है चीज़ तो मत रटना। फिर भी बोल रहा हूं। एग्जाम में कंफ्यूज हो जाओगे। एंडिंग के सिक्स मंथ्स की बात करते हैं। एंडिंग के सिक्स मंथ्स यानी कौन से सर? अप्रैल टू सेप्टेंबर तो हो गया था। यानी एंडिंग के सिक्स मंथ्स ये कौन से? अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च। ये वाले अक्टूबर लास्ट के छह महीने। अब देखो इसमें भी इंटरेस्टिंग है। बिगिनिंग ऑफ एव्री मंथ। तो फर्स्ट अक्टूबर को पहली विड्रॉइंग होगी। ड्रॉइंग होगी क्योंकि लास्ट के 6 महीने ये विथड्रॉ कर रहा है। तो कितने महीने बचेंगे सर? छह क्योंकि अक्टूबर से लेके मार्च तक देख लो छ ही महीने बचेंगे। आखिरी ड्रॉइंग होएगी फर्स्ट मार्च को कितना महीना बचेगा? 1ड / 2 7 / 2 3.5 पहला एवरेज मिडिल में करेंगे अगर तो 5 1/2 महीने आखिरी ड्राइंग के बाद 5 महीना डिवाइडेड बाय 2 6 / 2 3 और आखिरी एंड पे करा तो 5 महीने बचे और एंड पे करा तो 0 महीना बचा डिवाइडेड बाय 2 5 / 2 2.5 ये एवरेजेस हैं जो आप करोगे यूज़। ऑलराइट टेक अ स्क्रीनशॉट। ये सारे के सारे तरीके हैं जिससे अपन करते हैं। अब आगे आ जाएगा डायरेक्टली क्वेश्चन ही है क्या? अच्छा नहीं ये तो एक्सप्लेनेशन है जो मैंने आपको ऑलरेडी कर दिया। क्वेश्चन को देख लेते हैं। व्हेन ड्रॉइंग्स आर मेड फॉर लास्ट सिक्स मंथ्स। बहुत सिंपल सा क्वेश्चन है। एबीसी स्टार्टेड अ फर्म ऑन फर्स्ट अक्टूबर। अब देखो इन्होंने तो अक्टूबर में ही फर्म स्टार्ट किए। तो अक्टूबर से फर्म स्टार्ट किए तो मार्च तक ही जाएंगे ये। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च तो आखिरी के छह महीने ही बचे हैं। ए ड्रू रेगुलरली देखो इसलिए ये ना पढ़ना जरूरी है। भाई एग्जाम में थोड़ी आपको ये लिखा हुआ आएगा ऊपर कि लास्ट सिक्स मंथ्स। तो आप जब पढ़ोगे ना फर्स्ट अक्टूबर से ही फर्म स्टार्ट हुई है। तो आपको समझ में आएगा अच्छा भैया अक्टूबर से स्टार्ट हुई है तो छ ही महीने बचे हैं। ठीक है? ए विड्र्यू रेगुलरली 40,000 इन द बिगनिंग ऑफ़ एव्री मंथ। टोटल ड्रॉइंग्स निकालेंगे पहले तो। अच्छा यहां पे टोटल ड्रॉइ्स कैसे निकलेंगी? वो भी मैं आपको बता देता हूं। टोटल ड्रॉइंग्स कैसे निकलेंगी? कितने किससे मल्टीप्लाई करोगे? ड्रॉइंग इनू व्हाट? ड्रॉइंग इन व्हाट? A विड्र रेगुलरली 40,000 बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ फॉर सिक्स मंथ्स। बिगिनिंग ऑफ़ एव्री मंथ फॉर सिक्स मंथ्स। तो उसे छह बार विथड्रॉ किया है। तो ड्रॉइ्स इंटू सिक्स करके आपकी टोटल ड्रॉइंग्स आ जाएंगी। इन दिस केस अपन निकाल लेते हैं केस वन में। केस वन टोटल ड्रॉइंग्स कितनी आएंगी? देखेंगे। A विथड्र 40,000 रेगुलरली। 40,000 * 6 आ जाएगी आपकी टोटल ड्रॉइंग। अब मैं मल्टीप्लाई भी नहीं कर रहा। फ़ूले में ही मल्टीप्लाई करूंगा। एवरेज पीरियड की बात करते हैं। तो पहली ड्रॉइंग के बाद कितना महीना बचेगा? पहली ड्राइंग यानी पहली अक्टूबर। पहले अक्टूबर के बाद छह महीने बचेंगे। आखिरी अक्टूबर अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। तो फर्स्ट मार्च को आखिरी ड्रॉइंग होएगी। फर्स्ट मार्च के बाद सिर्फ एक महीना बचेगा डिवाइडेड बाय टू। 6 + 1 7 / 2 एग्रीगेट यूज़ करूंगा 3.5 का। बस ये करूंगा और निकाल निकल जाएगी ड्रॉइंग्स निकाल लेते हैं अपन इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू टोटल ड्रॉइंग्स 40 * 6 वुड बी टोटल ड्रॉइंग्स करा नहीं मैंने है ना यहां पे सॉल्व कर लेंगे टोटल ड्रॉइ्स इंटू रेट अप 100 रेट कितना है भाई 5% पर एनम 5 / 100 इंटू एग्रीगेट 3.5 एवरेज पीरियड / 12 बस इसको सॉल्व करोगे आपका आंसर आ जाएगा करते हैं इसको ये ज़ीरो हटा ये ज़ीरो यहां 0 0 0 0 6 * 2 = 12 2 टाइम्स 40 3.5 * 5 20 * 5 कर देता हूं। 100 आ जाएगा। 20 * 5 100 100 और 35 3500 आपका आ गया इंटरेस्ट। 3500 वुड बी योर इंटरेस्ट। समझ में आया? कैसे किया? टोटल ड्रॉइंग समझ में आई? सिक्स से मल्टीप्लाई क्यों किया? क्योंकि 6 महीने तक विथड्रॉ करेंगे। एवरेज पीरियड मैंने निकाला अक्टूबर से लेके मार्च तक। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च। अक्टूबर पहली के बाद छ महीने। आखिरी ड्राइंग के बाद सिर्फ एक महीना। क्योंकि साल ही खत्म हो रहा है। बिगिनिंग नहीं था। एंड वाले थे ये है ना? चलो आ गया। पहले मैं देख लेता हूं इसका। अच्छा सॉल्यूशन आया। 3500 पहला। दूसरा तीसरा कर लेता हूं। दूसरा होमवर्क देता हूं मैं आपको। ठीक है? आपको केस मैं केस थ्री कर लेता हूं। केस टू आपके लिए इसमें होमवर्क है। बेटा जब तक करोगे नहीं ना तब तक क्या समझ आएगा कुछ नहीं। तो यहां तक जो है ये है होमवर्क आपका ये दूसरा वाला पार्ट बी रेगुलरली विथड्रॉ सी का मैं निकाल रहा हूं। ठीक है? C का क्या है? रेगुलरली विथड्रॉ 40,000 इन द मिडिल ऑफ़ एव्री मंथ फॉर सिक्स मंथ्स। ठीक है भाई? टोटल ड्रॉइंग्स मिडिल ऑफ़ एव्री मंथ 40,000 विथड्रॉ कर रहा है। इंटू तो सिक्स ही करेंगे। है ना? एवरेज पीरियड निकालते हैं। देखो मिडिल ऑफ़ एव्री मंथ। पहली ड्राइंग के बाद 5.5 मंथ्स। आखिरी ड्रॉइंग के बाद5 मंथ्स बाय 2 6 / 2 व्हिच इज़ थ्री। एग्रीगेट यूज़ करूंगा थ्री। बस इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग का फार्मूला लगा देता हूं। टोटल ड्रॉइंग्स 40,000 * 6 वुड बी टोटल ड्रॉइंग्स इंटू रेट / 100 रेट कितना है यहां पे? 5% था। तो 5 / 100 इंटू एग्रीगेट व्हिच इज़ 3 / 12 3 * 4 = 12 0 ज़ीरो ज़ीरो ज़ीरो कैंसिल फोर बचा। फोर को किससे काटूं मैं? अरे इससे ही काट देता हूं ना। फोर को काटा 100 आ गया। देखो 5 और * 6 और 100 बचा। 5 * 6 = 30 30 और 100 3000 ये आ गया आपका इंटरेस्ट। C का ये आ गया है। A का ये आ गया है। B का आपने निकालना है। समझे बात को? समझ में आया? देखो यही है। थ्री हो गया। ये 3000 आ गया। ये वाला आंसर आपका आएगा। इसको आपने निकालना है। समझे बात को? इसको आपने निकालना है। आप आराम से रुकना। इस चीज़ को कर लेना। बहुत ईज़ी है। हो जाएगा। ले लो इसका स्क्रीनशॉट। फिर आगे बढ़ते है। लेट्स गो टू द नेक्स्ट क्वेश्चन। और लास्ट में ये सारी चीजें हो गई। आपको करना है एक केस दिया है वो करना अब। ओके? अब क्वेश्चन है व्हेन ड्रॉइंग्स आर मेड फॉर फर्स्ट सिक्स मंथ्स। आगे के छह महीने। आगे के छह महीने कौन से होते हैं? ए अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर। बस 1 2 3 4 5 6 सातवां क्यों ले लिया मैंने? अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर। अप्रैल से शुरू, सेप्टेंबर पे खत्म। ये है अपना अब नया वाला क्वेश्चन। ठीक है? चलो इस क्वेश्चन को करते हैं। चलिए। xy z आर पार्टनर्स ड्यूरिंग द ईयर एंडेड 31 मार्च ईच ऑफ़ द पार्टनर विथड्र 5000 रेगुलरली। ठीक है? x विथड्र इन द बिगिनिंग ऑफ़ ईच मंथ फॉर फर्स्ट सिक्स मंथ्स ऑफ़ द ईयर। अब ये X की ड्रॉइंग्स निकाल देते हैं। एक्सेस इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग। कैसे आएगा सर? वही टोटल ड्रॉइंग इंटू रेट अप 100 इंटू एग्रीगेट जो भी एग्रीगेट होगा एवरेज पीरियड का अपॉन 12। ठीक है? टोटल ड्रॉइंग्स यहां पे मैं देख लेता हूं। तो बेटा 6 मंथ की ड्रॉइंग्स हैं। है ना? तो यहां पे 5000 * 6 कर दूंगा तो टोटल ड्रॉइंग्स निकल जाएंगी। 5000 टू 6 टोटल ड्रॉइंग्स आ गई। रेट कितना है? रेट कितना है? 6% बोला है इन्होंने। 6 / 100 ये रेट भी लगा लिया। एग्रीगेट कितना आएगा? तो देख लेते हैं। x विथड्र इन द बिगनिंग ऑफ़ ईच मंथ फॉर सिक्स मंथ्स। तो बेटा ये बात याद रखना। बिगिनिंग के 6 महीने की बात हो रही है। इसका मतलब ये थोड़ी ना बाकी का आधा साल कहीं चला जाएगा। सेप्टेंबर के बाद अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च ये छ महीने तो हैं ही ना पीछे वो तो देखने ही हैं। लेकिन हमने सिर्फ 6 महीने आगे के विड्रॉ किया है। अप्रैल की पहली तारीख को पहली ड्रॉइंग होएगी। तो इसके बाद बचेंगे आपके पास 6 + 6 12 महीने। एग्रीगेट कहां निकालूं? यहां निकाल लेता हूं। 12 महीने और क्या बोला इसने? बिगनिंग ऑफ़ अ लास्ट ड्रॉइंग होएगी सेप्टेंबर के पहली तारीख को। क्योंकि सिर्फ 6 महीने तक ही निकाला। तो आखिरी ड्रॉइंग कब होगी? फर्स्ट सप्टेंबर को। क्योंकि उसने सप्टेंबर की पहली तारीख को आखिरी बार निकाला। सेप्टेंबर को निकाला तो महीने कितने बचे? सेप्टेंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी, मार्च सात महीने। तो, 12 + 7 / 2, 12 + 7 इज़ 7 8 9 19 / 2 जिसका मतलब है अ 9.5, 9.5 एग्रीगेट आपको यहां पर यूज़ करना है। ये मैं यूज़ करूंगा 9.5 / 12 ये पॉइंट हटाया। ये ज़ीरो। 1 2 3. 1 2 3 अह 6 * 2 = 12 और कुछ कटेगा? 2 * 3 = 6 और कुछ तो नहीं कटेगा ना? कुछ नहीं कट रहा ना? ठीक है बस। तो क्या बचा अपने पास? 5 * 3 = 15 * 95 15 * 95 इसको करेंगे अपन। चलो कर लेते हैं। कैसे करूं? यहां पे कर लेता हूं यार। 95 और 15 ऐसे ही मल्टीप्लाई। 5 * 5 = 25 5 * 9 = 45 46 47 और 95 यहां पर 5 7 और 5 12 14 तो आंसर आया अपना ₹1425 ठीक है ये आया इंटरेस्ट अब तुम्हें आई थिंक समझ में आ गया कि हम लोग बिगिनिंग वाले कैसे करते हैं बेटा एग्रीगेट्स पे ध्यान दे यार बस इतनी सी चीज़ है अगर ये समझ में आ गई ना तो बस तो खत्म है बाकी तो चीजें एग्रीगेट कैसे निकला दूसरे वाले का बताता हूं हो सकता है तुम्हें और अच्छे से समझ में आ जाए ठीक है? ये 14 25 अपना आंसर आ गया। दूसरे वाले की तरफ चलते हैं। दूसरे वाले की तरफ चलते हैं। अब तुम करना। ठीक है? मैं बता रहा हूं आपको पूरा लेकिन करना आपको है। वाई विड्र्यू इन द मिडिल ऑफ ईच मंथ फॉर द फर्स्ट सिक्स मंथ्स। आगे के 6 महीने मिडिल में किया। मिडिल में किया यानी आगे के 6 महीने पहली ड्राइंग होएगी 15 अप्रैल को। 15 अप्रैल के बाद एग्रीगेट कितना बचेगा? ये y के लिए बता रहा हूं। कितना बचेगा? कितना बचेगा? भाई देखना। आधा महीना ये और 11 महीने और। तो 11.5 और आखिरी ड्रॉइंग सिर्फ 6 महीने तक ड्रॉइंग की तो आखिरी ड्रॉइंग सप्टेंबर 15 को करी होगी। सेप्टेंबर 15 के बाद कितना बचता है? तो आधा सप्टेंबर यानी5 और 6 महीने और यानी 6.5 / 2 ये मैं दूसरी बार एग्रीगेट एक्सप्लेन कर रहा हूं एक ही वन शॉट में। तो आई रिमेंबर दिस 17 18 / 2 ठीक है? व्हिच वुड बी नाइन। तो यहां पर भी आप यही करोगे। नाइन एक एग्रीगेट लगाओगे 9.5 की जगह। ठीक है? वैसे ही अब लास्ट वाला जो है ये आपको करना है। Y विड्र्यू फर्स्ट एंड Z विड्र्यू एट द एंड ऑफ़ ईच मंथ। अब जो Z है वो आप करो। ठीक है? Z का आंसर बताओ मुझे यार। आप प्रैक्टिस करो भाई। ये आंसर आप मुझे कमेंट्स में बताओ। और जितने भी आंसर्स कमेंट्स में आते हैं ना मैं सबको देखता हूं। भाई मैं सबको लाइक करता हूं। है ना? मतलब आई मतलब मैं रिप्लाई कर पाया तो अगर आपको कोई डाउट है तो रिप्लाई कर देता हूं। पर मोस्टली मैं लाइक तो सारे कमेंट्स को करता हूं। तो यार कमेंट्स करो। पता है देखते चलो इन चीजों को। तो ये चीज़ थी। ठीक है? ये था सारा का सारा अपना पूरा का पूरा इंटरेस्ट। एक और चीज़ आ जाती है कभी-कभी बस एक छोटे से वर्ड की वजह से दिक्कत हो जाती है। ये मैं आपसे बोलूं ना ये वाला क्वेश्चन है आपके पास। कैलकुलेट इंटरेस्ट ऑन एज़ ड्रॉइंग्स एट 10% इफ ही विथड्र 250 ड्यूरिंग द ईयर। 10% के हिसाब से कितना हुआ? अब यहां पर क्या होता है? कभी-कभी ये यही क्वेश्चन है और इसी क्वेश्चन को मैं चेंज करके भी दिखाऊंगा आपको। आप सुनना। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग कैलकुलेट करना है। बोला है 6 10% बेटा देख इसके आगे ना पर एनम नहीं लिखा हुआ है। 10% पर एनम नहीं है। 10% मैं बोलूं किसी चीज का 1 लाख का 10% कितना होता है? आप बोल दोगे ना 1 लाख का 10% सर 10,000 वही चीज यहां करनी है। क्योंकि पर एनम नहीं लिखा हुआ है। साल भर का नहीं लिखा है। डायरेक्ट लिखा है कि 10% सिर्फ 10% लिखा है। तो इसका कैलकुलेशन कैसे होगा? सर, इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग इक्वल टू टोटल अमाउंट इंटू रेट / 100 बस इतना ही। मतलब सीधा-सीधा परसेंटेज लगा दो आप उस पे। ये लो ₹2,50,000 1 2 3 4 इंटू कितना परसेंट है? 10 / 100 सिंपल सा अपना आंसर आ गया। कितना? ₹25,000 बस इतनी सी चीज़ थी इसमें। और इसी चीज़ को थोड़ा सा चेंज करके मैं वो भी बताता हूं आपको एक नई चीज़। देखो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग्स इसका डायरेक्टली 25,000 नॉर्मली इंटरेस्ट इज़ कैलकुलेटेड ऑन द बेसिस ऑफ़ टाइम अमाउंट इज़ यूज़। नॉर्मली इंटरेस्ट इज़ कैलकुलेटेड ऑन द बेसिस ऑफ़ टाइम देन अमाउंट इज़ यूज़। मतलब अरे यार क्या लिखा है ये? क्यों ऐसे लिखते हो क्या समझ में ना आएगा। टाइम को अपन अगर पर एनम नहीं लिखा हुआ है तो आप डायरेक्ट करोगे। टाइम को करोगे ही नहीं। अप 12 वाला सीन ही नहीं है यहां पर। पर यहां पर अगर एक और चीज हो गई। देखना क्या है? अगर यहां लिखा है @ 10 ना लिख के @ 10% पर एनम लिखा हुआ है। ठीक है? इसको मैं एक काम करता हूं। एक कलर ही अलग कर देता हूं। भाई ये चीज़ ना मुझे नहीं लगता तेरे को कोई बताएगा। पर फिर भी मैं बता देता हूं ताकि तुम्हारे काम आए। @ 10% की जगह लिखा हुआ है @ 10% पर एनम। ये वर्ड और जोड़ दिया। तो क्या करेंगे? तो देखो हमको नहीं पता कि ये ₹2,50,000 कब विथड्रॉ हुए हैं। ऐसे में आप एक एग्रीगेट यूज़ करते हो 6/12। आप मानते हो ऐसा अंदाजा मान लेते हो के पूरा साल 12 महीने तो आप बीच का एवरेज क्या लोगे 6/12 आधा मतलब 12 महीने होते हैं ना बेटा बीच का महीना कौन सा हुआ छह तो 6/1 आप आधे साल का इंटरेस्ट ले लोगे ठीक है ये कैसे होगा अगर इन दिस केस ठीक है ये न्यू केस मैं लिख देता हूं यहां पर न्यू केस जो मैंने बनाया इस क्वेश्चन में पर एनम लिखा हुआ है न्यू केस में पर एनम लिखा हुआ है अगर तो आप क्या करोगे सर टोटल अमाउंट ₹250 इंटू रेट ऑफ / 100 अरे यार रुक पहले फ़ूला लिख देता हूं एक छोटा सा टोटल अमाउंट * रेट / 100 * 6/12 ये कॉमन रहेगा क्योंकि आपको टाइम नहीं दिया हुआ है लेकिन पर एनम लिखा हुआ है ना तो पर एनम मतलब है साल भर का उतना इंटरेस्ट है तो आप 6/12 का मल्टीप्लाई कर दोगे 10% नहीं लिखा हुआ है पर सॉरी पर एनम नहीं लिखा हुआ है तो तो ये करना है पर एनम लिखा हुआ है तो क्या होगा 6/12 का एक्स्ट्रा मल्टीप्लाई हो जाएगा यहां पे आंसर हो जाएगा ₹50 इंटू रेट 10% इन्होंने बोला था * 6/1 0 0 6 * 2 और ₹25000 / 2 इज़ ₹1500 आंसर हो जाएगा अगर पर एनम लिखा है तो पर एनम नहीं लिखा हुआ है तो ₹25000 आंसर रहेगा वेरीेंट ये कभी-कभी आपके मतलब कुछ टीचर्स होते हैं ना स्कूल वाले बिल्कुल कि हम तो बच्चे को कॉनंक्रीट बना के रहेंगे तो वो हाईएस्ट कुछ दे सकते हैं कभी तो वो यह दे सकते हैं इससे ज्यादा इंटरेस्ट ऑन कैपिटल के जितने मैंने केसेस करवा दिए इससे इसके अलावा तुम एक क्वेश्चन ला के दिखा दो मुझे कहीं से कुछ नहीं मिलेगा। लाइक दिस वाज़ द हाईएस्ट जो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल बोल दिया इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग में जो हो सकता है हाईएस्ट जो भी था मैंने सारी चीजें आपको बता दी। नाउ वी विल मूव फॉरवर्ड। ठीक है? अब ये चीजें हो गई है खत्म। अब आते है हम पास्ट एडजस्टमेंट्स पे। ठीक है? बस दो टॉपिक्स और बचे हैं। पास्ट और गारंटी। पास्ट एडजस्टमेंट्स पे आ जाते हैं। ये तो बहुत ही सिंपल है। मैं आपको बस दो वर्ड समझाता हूं। क्या समझा रहा हूं? पास्ट एडजस्टमेंट्स होता क्या है? तो जैसे 11th में आपने रेक्टिफिकेशन ऑफ एर्स किया था ना कि गलती को सुधारना है। वही गलती यहां पर भी पार्टनर्स से कभी-कभी हो जाती है। क्या गलती होती है पास्ट एडजस्टमेंट्स के में? कि अपन ने रॉन्ग प्रॉफिट डिस्ट्रीब्यूट कर रखा होता है कभी भी। हमने प्रॉफिट को गलत तरीके से डिस्ट्रीब्यूट कर दिया। तो अभी हम पूरा-पूरा कुछ नहीं कर सकते कि पार्टनर को बोले भैया पूरा पैसा वापस लाओ। फिर हम कैलकुलेट करेंगे फिर से देंगे। ऐसा सब नहीं करते। हम क्या करते हैं? जो भी रॉन्ग प्रॉफिट हुआ हम वो पार्टनर से डेबिट कर देते हैं। डेबिट मतलब डेबिट मतलब हिंदी में लिख देता हूं। पार्टनर से पैसा लेना इज़ कॉल्ड डेबिट करना। ठीक है? जब आप पार्टनर से लोगे तो पार्टनर को डेबिट करोगे। और सही वाला प्रॉफिट जो करेक्ट प्रॉफिट होगा। जो करेक्ट प्रॉफिट होगा, यह आपको पार्टनर को देना है। ठीक है? करेक्ट प्रॉफिट आपको देना है। तो वह करेंगे पार्टनर को क्रेडिट। क्रेडिट का मतलब पार्टनर को पार्टनर को देना। जब भी हम पार्टनर से कुछ लेते हैं तो डेबिट करेंगे, देंगे तो क्रेडिट करेंगे। ये बेसिक बता रहा हूं मैं आपको। ये चीज़ समझ लो। अब यहां पे हुआ क्या है? हम यहां पर पास्ट एडजस्टमेंट्स में एक सिंगल एडजस्टमेंट एंट्री करते हैं। सिंगल एडजस्टमेंट एंट्री करते हैं। कांसेप्ट समझाऊं? बहुत सिंपल है। देखो। जैसे दो पार्टनर्स थे। चलो एग्जांपल ले रहा हूं मैं। दो पार्टनर्स थे। उनको ₹10,000 का प्रॉफिट हुआ। प्रॉफिट कितना हुआ? ₹10,000 का। दो पार्टनर्स थे A और B और वो प्रॉफिट किस में शेयर कर रहे थे? 2:1 में। चलो 2:1 थोड़ा सा भारी हो जाएगा इसके लिए। 3:1 कर देता हूं। ये लोग 3:1 में शेयर कर रहे थे। बट गलती से क्या कर दिया? लिख देता हूं यहां पे। हिंदी में समझो। गलती से अरे एक ही बार में लिख दिया। गलती से प्रॉफिट 1:1 में डिस्ट्रीब्यूट हो गया। डिस्ट्रीब्यूट हो गया। गलती क्या हुई? गलती क्या है बेटा? गलती से प्रॉफिट 1 में डिस्ट्रीब्यूट हो गया। 1:1 ये सही तरह नहीं लिखा है क्या मैंने? ले भाई। 1:1 में डिस्ट्रीब्यूट हो गया। जबकि इनको करना क्या था? 3:1 में। तो यहां पर बस आपको इतना देखना है कि सही क्या है और गलत क्या है। तो यहां पर मैं इसे मार्क कर देता हूं सही और गलत को। ये जो था ये सही था। आपने जो कर दिया वो चीज गलत है। समझे बात को? तो बस मैंने क्या बोला था अभी आपको एडजस्टमेंट एंट्री के लिए? गलत वाला वापस ले लो और सही वाला दे दो। गलत वाला डेबिट करो और सही वाला क्रेडिट करो। अच्छा सर इसको कैसे करेंगे? बहुत ही सिंपल है। गलत क्या है? 1:1 ₹10,000 1:1 में कैसे बंटे होंगे? यह ए रॉन्ग। रॉन्ग प्रॉफिट कैसे बटा होगा? 1 1 में बंट गया होगा ₹10,000। अरे 1 मतलब क्या? आधा-आधा दोनों को मिल गया होगा। वो आधा-आधा डेबिट कर दो। यानी मैंने इससे 500 वापस ले लिए। इससे भी 50 नहीं सॉरी 5,000 मैंने इससे 5,000 वापस ले लिए। 5,000 इससे भी वापस ले लिए। इसको बोलता हूं मैं डेबिट कर दिए। ये भी डेबिट कर दिए। ये भी डेबिट कर दिए। इज इट क्लियर? गलत वाली चीज़ डेबिट कर दी। गलत जो दिया था वो डेबिट कर दिया। पार्टनर से ले लिया। जो सही है वो दे दो। सही क्या है? सही है तो सर 3:1 3:1 का मतलब क्या होता है? 3:1 का मतलब 10,000 को अगर आप 3:1 में बांटोगे तो कितना आएगा? 75000 और ₹2,500 7500 और ₹2,500 तो सही क्या है? करेक्ट क्या है? करेक्ट क्या है सर? करेक्ट था इसका 7,500 ये इसको क्रेडिट कर देता हूं। और इसका था 2500 ये इसको क्रेडिट कर देता हूं। आई बात समझ में? सिंपल था ना? अब बस यहां से एंट्री निकल आई। खत्म। पास्ट एडजस्टमेंट से इतना ही था। देखो। डेबिट क्रेडिट में से क्या बढ़ा है सर? क्रेडिट बढ़ा है। तो ये क्रेडिट लिख दिया क्योंकि क्रेडिट का ही बैलेंस आएगा। और कितना बैलेंस आएगा? क्रेडिट कितना बड़ा है? तो सर ₹2500 बड़ा है क्रेडिट। इज़ इट क्लियर टू एवरीवन? दूसरा ₹5,000 डेबिट। ₹2,000 ₹2500 क्रेडिट। बड़ा क्या है सर? सर, डेबिट बड़ा है। कितना बड़ा है डेबिट? सर ₹2.500 बड़ा है। खत्म हो गई बात। आपको अब क्या करना है? एंट्री पास करनी है। और एंट्री क्या होगी? यह होगी। देखो। बीस कैपिटल अकाउंट डेबिट टू एस कैपिटल अकाउंट खत्म। ये मैंने आपको जो क्वेश्चन कराया यही है पास्ट एडजस्टमेंट जो हमने हमको करना है अभी। जो भी गलत दिया है उसको आप वापस ले लो। डेबिट कर दो। जो सही है उसको क्रेडिट कर दो। तो फिर एक एंट्री निकल के आ जाएगी जिसको अपन बोलते हैं एडजस्टमेंट एंट्री। यही पास करना है। मतलब B से अभी अगर मैं ₹2500 लेकर C को दे दूं तो इनका प्रॉब्लम ही सॉल्व हो जाएगा यार। समझे? इनका प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगा और वो प्रॉब्लम ही हमको सॉल्व करना है। B इज़ अकाउंट डेबिट टू A. B से ले लो और C को ₹2500 दे दो सर। प्रॉब्लम सॉल्वड। क्या हुआ था? देखो यहां पे B भी ₹5,000 लेके चला गया था। समझो मैं A हूं। ये B है। ये B है। है ना? और B को मिलने थे ₹2500। लेके चला गया ₹5,000 तो ये ₹2500 मुझे देगा तो प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी ना। बस इतना सा करना है हमको। प्रॉब्लम सॉल्व करनी है। बस यही है पास्ट एडजस्टमेंट्स। इसमें अपन कांसेप्ट तो अब मैंने बता ही दिया। अब आगे बढ़ते हैं और क्वेश्चंस देख लेते हैं। बहुत सिंपल से क्वेश्चंस हैं। बस डेबिट क्रेडिट्स पे आप थोड़ा सा ध्यान देना। ठीक है? बहुत सिंपल है। देखो xy z शेयर प्रॉफिट्स ऑफ ₹1,50,000 इन द रेशो 2:2:1 ये शेयर कर रहे हैं। शेयर कर दिया है इन्होंने 2:2 1 बट द पार्टनरशिप डीड डिड नॉट स्पेसिफाई द प्रॉफिट शेयरिंग रेशो। पार्टनरशिप डीड में तो रेशियो लिखा ही नहीं हुआ था। तो आप मुझे बताओ रॉन्ग क्या है यहां पर? और करेक्ट क्या है यहां पर? अगर रॉन्ग को देखें तो मैंने बोला xy z शेयर्ड प्रॉफिट्स ऑफ ₹150 इन द रेशियो 2:2 2:1 ये तो इन्होंने कर दिया। अब डीड ही नहीं थी सर अगर डीड ही नहीं है तो आप रेशियोज़ मतलब पार्टनर्स को कैसे डिस्ट्रीब्यूट करते हो? 1 1 में इक्वली तो सर करेक्टली 1:1 करना था। आपने तो 2:2 1 कर दिया। तो क्या करना है? वो 2:2 वापस ले लो। 2:2 2 1 वापस ले लो। और जो सही है वो दे दो। सही है? चलो ऐसा कुछ करते हैं। मैं आपको आज अभी पूरा बता दूंगा। बहुत सिंपल है ये। देखो रॉन्ग प्रॉफिट रॉन्ग प्रॉफिट डेबिटेड। हमने रॉन्ग प्रॉफिट डेबिट कर दिया। कितों से? कितने पार्टनर हैं? तीन हैं। एक, दो और ये तीन। ठीक है? ये भी मैं बना देता हूं। ये है पार्टनर का नाम X, ये है Y और ये है ज़ी। Z. ठीक है? रॉन्ग प्रॉफिट डेबिटेड। और एक और बना देता हूं कॉलम। रुको। थोड़ा सा थोड़ा सही करने देना मुझे। 1 मिनट। एक दो तीन और ये चौथा बना देता हूं सर। चार क्यों पार्टनर तो तीन ही हैं। है ना तीन? तो लास्ट वाला कॉलम है टोटल का कॉलम। अब ये बनाने की आदत डालना तुम। तुम्हें कुछ और बनाने की जरूरत नहीं है। अगर तुमने टोटल का कॉलम बनाया तो मैं इससे ही पूरा पास्ट एडजस्टमेंट तुम्हारा क्लियर कर दूंगा। कर रहे हैं अभी। कर करूंगा ही मैं इसके क्वेश्चंस। रॉन्ग प्रॉफिट डेबिटेड। सर टोटल कितना प्रॉफिट है सर? ₹1,50,000 है। जो आपको डेबिट करना है। सही बात है। वापस लेना है ना गलत। 2:1 में 2:1 में 150000 को वापस ले लेते हैं। तो 2:2 1 यानी 5 15 को फाइव से डिवाइड करेंगे तो आ जाएगा थ्री। है ना? 30000 का एक पार्ट है। तो 300000 * 2 60000 इससे वापस ले लिया। 60000 इससे वापस ले लिया और 30,000 इससे वापस ले लिया। ये 2:21 में बांटा मैंने ₹1.5 लाख को और वो मैंने वापस ले लिया। ये मैंने डेबिट कर दिया। ठीक है? अब क्रेडिट क्या करना है? ये डेबिट हो गया बेटा। अगर इसके आगे चाहो तो आप डेबिट लिख दो ऐसे डीआर। ठीक है? या एक ये कांसेप्ट है कि आप डेबिट लिख दो या फिर माइनस में ऐसे दिखा दो क्योंकि ये वापस लेना है। आपकी मर्जी या तो आप डेबिट दिखा दो या तो आप माइनस में लिख दो बात एक ही है। कोई दिक्कत नहीं है। करेक्ट प्रॉफिट करेक्ट प्रॉफिट क्रेडिटेड। ठीक है? अब करेक्ट प्रॉफिट क्या है इनका? जो आप क्रेडिट करोगे सर करेक्टली। तो सर ₹1.5 लाख को करेक्ट क्या होना चाहिए था सर? ₹1.5 लाख आपको क्रेडिट तो करने हैं लेकिन इक्वली करने थे 1:1 तो ₹1.5 लाख अगर तीन जनों में बांटा तो 5000 5000 5000 जाएगा। है ना? 50,000 इसको देंगे 50,000 इसको देंगे और 50,000 इसको देंगे। तो ये सही हो जाएगा सब कुछ। अब देखो सुनना मेरी बात मैंने टोटल क्यों बताया? टोटल में डेबिट क्रेडिट हमेशा हमेशा इक्वल होने चाहिए। इसमें कोई बैलेंस नहीं निकलना चाहिए। अभी नहीं निकल रहा है। बढ़िया है। तो यहां पर अगर टोटल में कोई बैलेंस नहीं निकल रहा है तो यहां जो बैलेंससेस निकलेंगे वो सही बैलेंससेस होंगे। ठीक है? यहां जो बैलेंससेस निकलेंगे वो सही बैलेंस होंगे। देखो सर 60,000 डेबिट और 50,000 क्रेडिट। बड़ा बैलेंस डेबिट है कि नहीं? कितना ज्यादा है वो? ₹10,000 ज़्यादा है। ₹10,000 डेबिट ज़्यादा है ना? बस। यह कितना ज़्यादा है? सर, डेबिट ज़्यादा है या क्रेडिट? डेबिट ज्यादा है। अगेन जो ज्यादा है वो वाला बैलेंस आएगा। किसका कितना ज्यादा है वो सर? ₹10,000 ये भी ज्यादा है। बिल्कुल। यहां पे डेबिट ज्यादा है या क्रेडिट सर क्रेडिट ज्यादा है। और कितना ज्यादा है क्रेडिट? ₹20,000 क्रेडिट ज्यादा है। हो गया यहीं पे एंट्री निकल आई आपकी। दो जनों को डेबिट करना है। एक को क्रेडिट करना है। एंट्री क्या हो जाएगी? यहां पे कर देता हूं मैं अलग तरीके से एंट्री। एंट्री क्या हो जाएगी आपकी? जर्नल एंट्री। या एडजस्टमेंट एंट्री। डेबिट। एक्स अकाउंट डेबिट, Y अकाउंट डेबिट टू Z अकाउंट। इसको लिखोगे एक्स एक्सेस कैपिटल अकाउंट। अरे कैपिटल अकाउंट डेबिट वाईस कैपिटल अकाउंट डेबिट टू Z कैपिटल अकाउंट। और भैया ये जब एडजस्टमेंट एंट्री है ना, इसका फॉर्मेट जरूर बनाना। ये यहां पे मैं लिख देता हूं प्यार से कि अगर आप एंट्री कर रहे हो तो फॉर्मेट बना के करना बहुत ज्यादा जरूरी है वो चीज। फिर कल को भूल जाओ तो बोलना ये मत बोलना बताया नहीं था बताया था। चलो यहां पे 10,000 10,000 और ये आ जाएगा 20,000 हो गई एंट्री। यही करना था। खत्म बात समझे बात को? समझ रहे हैं? अब एक और चीज़ बता देता हूं। यह जो मैंने किया है पूरा यह यह पूरा इसको बोलते हैं एडजस्टमेंट टेबल। एक्चुअली यह वर्किंग नोट है। मेन आंसर ये है। ये एक वर्किंग नोट है। तो ये वर्किंग नोट हमें हमें हमेशा बनाना पड़ता है। मेन आंसर यही है। इसलिए बोल रहा हूं फॉर्मेट में लिखना उसको। तो दिस इज़ हाउ पास्ट एडजस्टमेंट्स आर डन। बहुत ही सिंपल तरीके से। ठीक है? ले लो स्क्रीनशॉट। आगे बढ़े फिर। ठीक है? नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। अब देखो, अब इसमें क्या हुआ? PQ वर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स इक्वली। उनके फिक्स्ड कैपिटल्स दिए हैं। पार्टनरशिप डीड प्रोवाइडेड फॉर इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एट द रेट 10% पर एनम। बोला कि 10% पर एनम इंटरेस्ट आपको देना है। फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च। प्रॉफिट ऑफ़ द फर्म वर डिस्ट्रीब्यूटेड विदाउट प्रोवाइडिंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। इन्होंने इंटरेस्ट ऑन कैपिटल ही नहीं दिया। तो सही क्या करना था कि भाई कैपिटल पे इंटरेस्ट आपको देना था। आपने दिया ही नहीं। चलो ठीक है। कर देते हैं भैया। एक एडजस्टमेंट टेबल बना लेते हैं हम। एडजस्टमेंट टेबल। इसमें आप क्या-क्या बनाओगे? एक तो कॉलम हो जाएगा आपका पर्टिकुलर्स का। देखा अभी मैं पहले एक बार बता दिया कि क्या कर रहा था। अब बस अब वो फॉर्मेट बता रहा हूं मैं। पर्टिकुलर्स और कितने पार्टनर्स हैं? P एंड Q तो ये P, ये Q और ये एक बंदा आएगा टोटल वाला कॉलम। बंदा काहे का आएगा? बस टोटल वाला कॉलम आएगा। ठीक है? ये टोटल वाला कॉलम आ गया। इसमें तीनों चीजें लिख देंगे अपन। ये मैं लिख देता हूं। यहां पे पर्टिकुलर्स हैं। यहां पे बंदा है P, यहां पे Q और यहां पे टोटल। टोटल लिख रहा हूं। टोटल को अपन मैं लिख ही देता हूं। टोटल या फिर फर्म भी लिख सकते हैं। टोटल या फिर फर्म क्योंकि दोनों पार्टनर्स मिला के फर्म ही बनाते हैं। तो फर्म ही ये एडजस्टमेंट कर रही है एक तरीके से। ठीक है? चलो। तो अपन ऐसे लिखता हूं अब मैं इसको प्रॉफिट रोंगली। क्रेडिटेड जो प्रॉफिट गलती से हमने क्रेडिट कर दिया उसको डेबिट करेंगे। है ना? प्रॉफिट रोंगली क्रेडिटेड नाउ डेबिटेड लिख दो। नाउ डेबिटेड ऐसा कि आप उसको डेबिट कर रहे हैं। कितना है? वैसे ये नाउ डेबिटेड लिखते नहीं है। रोंगली क्रेडिटेड आप लिखोगे ना उसका मतलब ही यही होता है कि गलत दे दिया है आपने। वापस ले लेंगे उसको। कितना? कितना कितना कितना? फॉर द ईयर एंडेड फर्म वर डिस्ट्रीब्यूटेड विदाउट प्रोवाइडिंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल पास नेसेसरी। अरे इसने पता है क्या किया? हमको पता ही नहीं है कि कितना प्रॉफिट चला गया। हम इसमें नेट प्रॉफिट ही नहीं दिया है। तो सर वापस क्या लें? मुझे नहीं पता कि वापस क्या लूं। लेकिन मुझे ये पता है कि देना कितना है। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तो पता है। तो मैं पहले दे दूंगा। मुझे ये वाली लाइन नहीं पता। इसको रखने दो ऐसे ही। लेकिन मुझे पता है करेक्ट करेक्ट इंटरेस्ट ऑन अरे लिख दे। करेक्ट इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। जो देना है वह तो मुझे पता है। देखो कितना देना है P का? फिक्स्ड कैपिटल्स वर 1,50,000 तो ₹1 लाख पे 10% कितना होता है? 1 लाख पे 10% ₹1 लाख पे 10% 10,000 यानी P को देना है आपको 10,000 हां कि ना? देना है ना भाई? 1 लाख पे 10% आपको देना है उसको। दे दिया आपने सही करेक्ट इंटरेस्ट ऑन कैपिटल। आपने दे दिया। क्रेडिट किया आपने 50,000 पे भी 10% दे दो। यानी इसको 5,000 आपने क्रेडिट कर दिया। टोटल मिला के 15,000 आपने किए हैं क्रेडिट। इतनी बात समझ में आई? क्योंकि हमको प्रॉफिट दिया ही नहीं हुआ था कि कितना है। लेकिन मुझे ये पता था कि मुझे देना कितना है? सही क्या है? गलत नहीं पता। गलत निकल जाएगा ना यार। गलत निकल गया। कैसे निकला? सर मुझे मैंने बोला था कि यहां पे कोई बैलेंस नहीं चाहिए। तो क्रेडिट का तो बैलेंस है ₹15,000। ऊपर ऐसा क्या आ जाए कि क्रेडिट बैलेंस दिखे ही ना। डेबिट क्रेडिट ज़ीरो हो जाए। तो सर डेबिट ला दो ना सर ₹15,000 का। 15,000 का। अरे ये इतनी देर कर कर के ना बोर्ड भी बोल रहा है कि यार सर बहुत हो गया ₹15,000 का डेबिट ला दो आप। ₹15,000 डेबिट कर दो। अब डेबिट कैसे करेंगे? तो सर डेबिट हमेशा अपन प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में करेंगे। क्यों करेंगे सर? प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में। अरे भाई वो प्रॉफिट ही तो है जो गलती से बट गया था। ये गलत प्रॉफिट 15,000 ही तो होगा जो गलत बट गया था। तो हम इसको जब वापस लेंगे तो पीएसआर यानी प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में लेंगे। समझे? क्योंकि प्रॉफिट्स कैसे बंट गए थे? वो पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स इक्वली तो इन्होंने इक्वली ये 15,000 ले लिए हैं। जबकि 10,000 5,000 ऐसे करके इनको लेने चाहिए थे। है ना? तो 15,000 मैं उनसे वापस ले लूंगा। इससे लूंगा मैं 7,500 वापस यानी डेबिट। इससे भी 7,500 वापस डेबिट। 15,000 को इक्वल रेशियो में मैं उनसे वापस ले लूंगा। अब आपको ये समझ में नहीं आया होगा। आप बोलोगे सर इक्वल रेशियो में क्यों? तो देखो पार्टनर को प्रॉफिट दिया था ना मैंने। मैंने पार्टनर को प्रॉफिट दिया था। किस रेश्यो में दिया होगा? मैंने इंटरेस्ट ऑन कैपिटल दिया ही नहीं था। तो मैंने इंटरेस्ट ऑन कैपिटल अब दे दिया। लेकिन अब यह दे दिया भाई बार-बार देते ही रहोगे क्या? भाई आपने गलत तरीके से कोई अमाउंट दे दिया था उनको तो अब वापस भी तो लेना है। तो हमने गलत तरीके से क्या दिया था? ये इक्वली मैंने इनको 15,000 दे दिए थे तो वो मैंने वापस ले लिए। बस इतनी सी बात है। ठीक है? अब डेबिट या क्रेडिट में से क्या बढ़ा है सर? तो क्रेडिट बढ़ा है। कितने से बड़ा है? 2500 से बड़ा है। यहां पे डेबिट क्रेडिट में से सर डेबिट बड़ा है। कितना बड़ा है? ₹2500 बड़ा है। हो गई एंट्री? डेबिट कर रहा हूं q को। यानी यहां पे q डेबिट टु p पूरा-पूरा लिखूं। चलो यार पूरा लिख देता हूं। qस कैपिटल अकाउंट डेबिट टू पीस कैपिटल अकाउंट। कितना सर? ₹2,500, 2500 और 2500 और यह आप फॉर्मेट में लिखोगे। दैट इज़ योर जनरल एंट्री। अगर इसमें अगर वो भी बीइंग एडजस्टमेंट मेड इतना सा भी लिख दोगे तो भी चलेगा क्योंकि उसका ज्यादा कोई दिक्कत है नहीं एडजस्टमेंट मेड करके आपने ये एंट्री लिख दी। ऑलराइट तो हो गया ये खत्म। इतनी सी बात थी इसमें। ठीक है? देख लेते हैं। नेक्स्ट क्वेश्चन ये आ गया। तो इसका स्क्रीनशॉट ले लो पहले। चलो अब दूसरा क्वेश्चन है। अब देखो इसमें क्या हो रहा है भाई? क्या-क्या हो रहा है? क्या-क्या हो रहा है? चलो। देखो इसमें एडजस्टमेंट टेबल दिया है क्या? अरे डायरेक्टली दिया है। चलो ठीक है देख लेंगे अपन। मैं इसको डायरेक्ट करा देता हूं। मतलब इसको करते नहीं। रिटर्न में नहीं करा रहा हूं। जगह ही नहीं है वहां पर। चलो। ए एंड बी आर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 3:2। सर ठीक है? ये 3:2 में शेयर कर रहे थे। फॉलोइंग वाज़ द बैलेंस शीट। ओके? ये बैलेंस शीट थी। सुनना मेरी बात। बैलेंस शीट एज़ एट 31st मार्च। तो ये क्लोजिंग बैलेंस शीट है। तो ये जो कैपिटल्स हैं, ये भी तो क्लोजिंग ही होंगी। ये क्लोजिंग कैपिटल्स होती हैं। है ना? हां कि ना भाई? क्लोजिंग कैपिटल होगी ना? 31st मार्च को क्लोजिंग ही आएगी ना। 1 अप्रैल को ओपनिंग आती है। 31 मार्च को क्लोजिंग प्रॉफ़िट 3 लाख फॉर द ईयर एंड 3 लाख फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च वाज़ डिवाइडेड बिटवीन द पार्टनर्स विदाउट अलाउंग इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एंड सैलरी पर मंथ टू ए ड्यूरिंग द ईयर ए विथड्र 1 लाख एंड 2 लाख। चलो बहुत सारी चीजें दी हुई है इसमें। अब इसमें क्या किया है इन्होंने पता है? बहुत बड़ा ब्लंडर कर दिया है। बहुत बड़ा तो नहीं है लेकिन छोटा सा है। प्रॉफिट 3 लाख का इन्होंने बांट दिया है। और इन्होंने क्या नहीं किया? इंटरेस्ट ऑन कैपिटल और सैलरी दोनों नहीं दी। तो सर गलती तो आपको दिख गई कि सर ये ना ये और ये इन्होंने नहीं दिया। ये गलती है। ये देना चाहिए हमको। है ना? ये देना चाहिए। ये करेक्ट था। और इन्होंने गलती क्या कर दी कि इस ₹3 लाख को बांट दिया। अब सुनना मेरी बात। ₹3 लाख को अगर इसने बांटा है तो वो 3 लाख इस कैपिटल में एडजस्टेड होगा ना। समझे बात को? क्योंकि 31 मार्च की बात है। क्लोजिंग कैपिटल है। क्लोजिंग कैपिटल में तो सारी चीजें एडजस्टेड होती हैं। पर अगर मुझे ये इंटरेस्ट ऑन कैपिटल निकालना है तो मुझे ओपनिंग कैपिटल निकालनी पड़ेगी। हमने इसलिए ओपनिंग कैपिटल का एक क्वेश्चन किया था आगे। है ना? कि ओपनिंग कैपिटल निकालनी पड़ेगी। बस यहां पे आप ओपनिंग कैपिटल निकालोगे। कैसे निकालोगे? आपको फार्मूला पता है सर। झूठ मत बोलना। मैंने बताया आपको। पता है क्लोजिंग कैपिटल में से जो चीजें उसमें प्लस की थी वो माइनस कर दो। जो माइनस की थी वो प्लस कर दो। अगर मैं पूरा फ़ूला रिपीट करूं तो क्लोजिंग कैपिटल में ड्रॉइंग्स को प्लस कर दो। इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग को प्लस कर दो। प्रॉफिट को माइनस कर दो। इंटरेस्ट को माइनस कर दो। और भी जो भी चीज़ आपने प्लस की है वो माइनस कर दो। सैलरी वगैरह जो भी प्रॉफिट दिया है वो भी माइनस कर दो। तो आपकी ओपनिंग कैपिटल आ जाएगी। है कि नहीं? बस यही चीज़ यहां पे करनी है। देखो बहुत सिंपली अपन करते हैं। क्लोजिंग बैलेंस इज़ 6 लाख और 2 लाख। यहां पे क्लोजिंग बैलेंस 6 लाख और 2 लाख। अब इन्होंने कुछ ड्रॉइंग्स कर ली हैं। A विथड्र 1 लाख एंड B विड्र ये ड्रॉइंग्स हैं। ड्रॉइंग सर वापस प्लस हो जाती हैं। तो 1 लाख और 2 लाख वापस मैं प्लस कर दूंगा इसमें। कहां गया? कहां गया? ड्रॉइंग ड्रॉइंग ड्रॉइंग ड्रॉइंग ड्रॉइंग। ये रहा ₹1 लाख एंड 2 लाख। ये मैं ऐड करूंगा। ठीक है? ये प्लस करूंगा मैं। माइनस क्या करेंगे? तो सर जो प्रॉफिट था ₹3 लाख ये 3:2 में आपने बांट दिया होगा। भाई बांट ही दिया होगा क्योंकि आपने और कुछ किया ही नहीं। तो आपने 3 लाख को क्या किया होगा? 3:2 में बांट दिया होगा। और 3 लाख को 3:2 में बांटना मतलब 1,80,000 और 1,20,000 आपने इनको दे दिए होंगे। दे दिए हैं। इसमें ऐड है। माइनस कर दो ओपनिंग पे जाने के लिए। तो ये माइनस कर देंगे 1,80,000 और 1,20,000 माइनस करेंगे। देखो ये माइनस किया है लेस। ओके? और ये वाली चीज़ करी ऐड। तो ये जब आप दोनों कर लोगे तो आपके पास ओपनिंग कैपिटल आ जाएगी। इस ओपनिंग कैपिटल पे ही आपको इंटरेस्ट उनको देना है। ठीक है? देना क्या-क्या है सर? करेक्ट क्या-क्या है? तो करेक्ट क्या-क्या है? अगर ऐसा देखा जाए तो क्या-क्या देना है? देखो भाई। एक टेबल बना लूं क्या कहीं पे? यहां पे बना हुआ है क्या? बना हुआ है क्या? यार इन्होंने बनाया ही नहीं है एक्चुअली टेबल। मैं एक काम करता हूं एक टेबल बना लेता हूं। आपके लिए ईजी हो जाएगा समझना। ठीक है? तो ये ये ओपनिंग कैपिटल तो निकल गई। अब इस ओपनिंग कैपिटल पे 12% पर एनम का इंटरेस्ट देना है। मैं यहीं पे इंटरेस्ट ऑन कैपिटल भी निकाल लेता हूं कि सर इंटरेस्ट ऑन कैपिटल कितना देना है? 520000 का 12% और 280 का भी 12% ये निकाल लेते हैं। मैं थोड़ा सा अभी वैसे तो मैं कैलकुलेटर्स यूज़ करता नहीं हूं। लेकिन यार थोड़े से कैलकुलेशन के लिए मैं कैलकुलेटर यूज़ कर ही लेता हूं। 52 1 2 3 4 * 12% तो 62400 और दूसरे का आ जाएगा आपके पास 280000 * 12% 33 600 ठीक है? ये आपको देना है। अब मैं आपको बता देता हूं। करना आपको है ये। पहले तो रॉन्ग वाला प्रॉफिट आप वापस ले लो। ठीक है? मैं आपको बता देता हूं। ये पूरा करना आप। ये रॉन्ग जो प्रॉफिट था दोनों से आप दोनों हैं। तीनों है? कितने हैं? दो हैं? तीन हैं? दो ही हैं। दो ही है? हां दो हैं। तो जो रॉन्ग प्रॉफिट है वो आप वापस ले लो। रॉन्ग प्रॉफिट कौन सा था? ₹3 लाख। यानी आपने दे दिया था ₹1,80,000 वापस ले लिया। दूसरे से भी ₹1,20,000 वापस ले लिया। अब आपको क्या-क्या देना है? तो सर इंटरेस्ट ऑन कैपिटल देना है जो अभी-अभी निकाला वो आप दे दो। सैलरी देनी है किसको देनी है वो आप दे दो। सैलरी किसको देनी है? सैलरी किसको देनी है? सैलरी सैलरी सैलरी सैलरी सैलरी टू ए ₹1,000 पर मंथ तो ए को सैलरी जाएगी ₹1,20,000 ये ₹1,20,000 इसको भी दे दो आप। अब इसके बाद आप एक छोटा सा काम करो क्योंकि मैंने आपको बताया था यहां पर टोटल का कॉलम आएगा। तो टोटल में आपको ₹3 लाख डेबिट दिख रहे होंगे। यहां पे ये 1,20000 का क्रेडिट दिख रहा होगा। यहां पर भी कुछ क्रेडिट दिख रहा होगा। वो करना इंटरेस्ट ऑन कैपिटल मैंने लिख रखा है। चलो कर देता हूं मैं इसको। 62400 333600 62400 33600 ये दोनों अमाउंट्स जो हैं वो आपको यहां पे दिख रहे होंगे। ये भी आपके कौन से अमाउंट्स हैं बेटा? क्रेडिट देने वाले अमाउंट्स हैं। ये आपको देना है। टोटल कर लेता हूं मैं। 6000 हो जाएगा यह 1 2 3 2 और 3 5 और 1 6 और 3 और 3 96000 ये क्रेडिट करना है। अब देखो ध्यान से सुनो यहां पर बस इतना सा देख लोगे एंट्री खत्म यहां पर कुछ ना कुछ एक क्रेडिट का बैलेंस बच रहा है बेटा डेबिट है 3 लाख का और अगर तू इन दोनों को टोटल भी करेगा तो कितना आ जाएगा 96000 + 120000 कितना हो गया 069 10 11 1 ₹ 216000 आ रहा है यानी सर यहां पर 84000 बचा है तो ये 84000 और क्रेडिट कर दो किस में करोगे तो अगेन प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में 24,000 को प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो क्या था इनका? 3:2 था ना शायद। 3:2 ये 3:2 में आप इन पार्टनर्स को और क्रेडिट करो। जब ये कर लोगे तो एक छोटी सी एंट्री ये तो बराबर हो जाएगा। है ना? यहां पर एक छोटी सी एंट्री निकल के आ जाएगी। और ये एंट्री आपको करनी है। एक तो करो यार। कुछ तो प्रैक्टिस करो। ठीक है? ये एंट्री आप करो और हो सके तो ये वाली एंट्री आप मुझे कमेंट्स में बताओ कि आपका आंसर क्या आया। क्योंकि पूरा ही बता दिया मैंने। कर तो दिया। बस 84 को 3:2 में बांटो और यहां से एंट्री निकाल लो। आपके पास वो चीज आ जाएगी। दिस इज़ ये प्रैक्टिस है बच्चे। कर तो आगे अच्छी तरह समझ में आएगा। ओके? नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। ये दोनों केसेस बहुत कॉमन है। इंटरेस्ट कभी ज्यादा दे दिया, कभी कम दे दिया। बहुत ही सिंपल से केसेस हैं। हालांकि कर लेते हैं। बहुत ही सिंपल है एक्चुअली। xy z आर पार्टनर्स इन अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन रेशियो 532। देयर फिक्स ये रेशियो याद रखना बेटा 532 देयर फिक्स्ड कैपिटल्स वर 3 लाख 2 लाख 1 लाख रेस्पेक्टिवली फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वाज़ क्रेडिटेड टू देम 10% दे दिया ये तो गलत है इंस्टेड ऑफ़ 8% तो 8% सही है। 8% देना था इंस्टेड ऑफ़ 8% आठ की जगह 10% दे दिया। तो सर 10 गलत है और आठ सही है। तो जो गलत है हम उसको वापस ले लेते हैं। ठीक है? तो यहां पर रॉन्ग प्रॉफिट यार ये ये गलत सा फॉर्मेट बना दिया। डेट नहीं आती इसमें और ये डेबिट क्रेडिट भी नहीं आता। इन्होंने तो जर्नल एंट्री का फॉर्मेट बना दिया। और कोई फॉर्मेट बनाया क्या इसके बाद? अरे यार इन्होंने तो दिया ही नहीं फॉर्मेट। चलो एडजस्टमेंट टेबल मैं बना देता हूं। नीचे ही बना लेता हूं इसके। है टाइम। हां। चलो ठीक है। यहां पे मैं लिख देता हूं बेटा रॉन्ग प्रॉफिट या रॉन्ग प्रॉफिट नहीं। तो यहां पे तो रॉन्ग आईओसी है। रॉन्ग आईओसी वापस लोगे आप तो रॉन्ग आईओसी डेबिट कर दोगे आप। ठीक है? कितना है? रॉन्ग आईओसी कर देते हैं। डेबिट तीन कॉलम बना लिए मैंने। X Y Z चार हैं। चलो ये है X का ये है Y का। ये है Z का ये है टोटल का। ठीक है बेटा? X Y Z और टोटल। रॉन्ग आईओसी वापस ले लो। रॉन्ग क्या था सर? 10% 10% वापस ले लेंगे। तो 3 लाख का 10% सर 30,000 अरे अरे कुछ टच हो रहा है क्या? 3 लाख का 30% अरे अरे रे रे रे हां चलो क्या बात है 3 लाख का 10% 300000 2 लाख का 10% 20000 और 1 लाख का 10% 10,000 टोटल मिला के 60000 आपने इनसे डेबिट कर लिया वापस ले लिया समझे बात को रॉन्ग आईओसी जो 10% वाला था वो मैंने वापस ले लिया सही क्या है सर करेक्ट करेक्ट आईओसी जो है 8% इसको आप क्रेडिट कर दो। सही वाला आप क्रेडिट कर दो। सही वाला कितना है सर? 8% सबका 8% 3 * 8 24000 क्रेडिट। 8 * 2 16000 क्रेडिट। 8 1 8000 क्रेडिट। समझे? इनका टोटल करो कितना होता है? 24 + 16 40 48000। तो सर ये आ गया 48000 का क्रेडिट। अब देखो बेटा टोटल वाले साइड को देखो क्या ये बराबर है? नहीं है। डेबिट ज्यादा है, क्रेडिट कम है। इनको बराबर करना है। तो मुझे क्या करना है सर? अगर मैं ₹12,000 का क्रेडिट यहां पर लिख दूं तो ये बराबर हो जाएंगे। है ना? ₹12,000 का क्रेडिट। अरे सही है कि नहीं भाई? इन दोनों का डिफरेंस है 6,000 - 48,000 ₹12,000 वो अगर क्रेडिट कर दूं तो बराबर हो जाएगा। बस ये क्रेडिट कर देना है। और ये क्रेडिट किसमें होता है? प्रॉफिट शेयरिंग रेश्यो में। प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो में प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो क्या है? 12,000 5:32 में 5:32 में क्रेडिट कर दो पार्टनर्स को। कर देंगे भाई 12,000 उठाओ और 532 532 यानी 10 ₹100 1200 * 5 तो भाई अब हम इनको दे देंगे प्रॉफिट टू बी क्रेडिटेड क्योंकि क्रेडिट कर रहे हैं तो प्रॉफिट ही होगा। चलो ₹1,000 को देना है 5:32 में तो पहला तो आ जाएगा 6,000 दे दो इसको। फिर दूसरा आएगा 1200 * 3600 दे दो इसको 1200 * 2 2400 2400 दे दो इसको ओके चलो बस हो गया खत्म क्वेश्चन बैलेंस निकल आया अपना तो झटपट फटाफट यहां पर अपन बैलेंस निकाल लेंगे सर ₹00 का डेबिट और ₹00 का एक ही क्रेडिट कोई बैलेंस नहीं है यहां पर यहां पे देखो ₹2000 का डेबिट और ₹1600 का क्रेडिट तो सर बड़ा बैलेंस कौन सा है डेबिट बैलेंस और बड़ा कितना बड़ा है? कितना ज्यादा है? ₹400 ज्यादा है। यहां पर देख लेते हैं। 10,000 और 8 2 10,400 आ रहा है। बड़ा कौन सा है? क्रेडिट वाला बैलेंस बड़ा है। कितना बड़ा है? ₹400 बड़ा है। तो आपकी एंट्री निकल के आ गई। डेबिट करेंगे अपन y को तो एंट्री आएगी y कैपिटल अकाउंट डेबिट। देखो ऐसा मैं बोल रहा था फॉर्मेट में करने को। टू टू टू टू z टू z कैपिटल अकाउंट। ओके? कितना? ₹400 ₹400 ₹400 बीइंग रॉन्ग आईओसी नाउ एडजस्टेड हमने एडजस्टमेंट कर दिया एडजस्टेड खत्म समझे ये हो गई आपकी एंट्री खत्म बात सिंपल सी एक जर्नल एंट्री करनी है आया समझ में बिल्कुल टेंस जब आप टोटल के हिसाब से चलोगे आपकी कोई गलती होनी ही नहीं है एंट्रीज में ठीक है Y टू Z आ गया आपका आंसर। Y टू Z करंट अकाउंट। ये इन्होंने देखो इंटरेस्ट ऑन कैपिटल एक्सेसिवली चार्ज नाउ रेक्टिफाइड। कुछ भी लिख सकते हो। उसका कुछ वो दिक्कत है नहीं। ठीक है? नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। अब इस पे कभी इंटरेस्ट ऑन कैपिटल आपने कम दिया वो भी देख लेते हैं। ए बी सी आर पार्टनर्स। चलो यहां पर फिर से बनाना पड़ेगा मुझे। यही सारी चीज़ें। यहीं पे बना देता हूं। ए बी सी C और ये टोटल। ठीक है भाई? ये A है, ये B है, ये C है। ये टोटल है। चलिए अब क्या-क्या करना है इसमें? ए बी सी C आर पार्टनर्स एंड अ फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 2:2:1 ओके देयर कैपिटल्स आर 180,000 एंड 70,000 फॉर द ईयर एंडेड 31st मार्च। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल वाज़ क्रेडिटेड टू देम 9% दे कितना दिया? 9% देना कितना था? 12% सही क्या है? 12% गलत क्या है? 9% मैं 9% उनसे वापस ले लूंगा। 12% उनको दे दूंगा। खत्म हो गई बात। थ देखेंगे यहां पे। रॉन्ग आईओसी नाउ डेबिटेड। रॉन्ग आईओसी कितना था सर? रॉन्ग था 9%। 9% आप वापस ले लो। तो 1 लाख का 9% इज़ 9000 8 * 9 7200 9 7 * 9 = 6300 ये वापस ले लिया। टोटल कितना वापस लिया? तो इन सबका टोटल कर दो। आएगा 0 0 और थ्री और टू होता है फाइव और सिक्स और 7 6 12 13 और 9 13 और 9 कितने होते हैं? 22 तो 22500 आपने इनसे वापस ले लिया। ये सारी चीजें वापस ली हैं। डेबिट है। ये डेबिट किया है आपने। ठीक है? वापस लिया है गलत वाला। कौन सा? @ 9% वाला आपने वापस लिया है। करेक्ट वाला दे दो। करेक्ट आईओसी नाउ क्रेडिटेड यह आपको देना है। कितना है? 12% 12% देते चले जाओ। 12% क्या है? अ 1 लाख का 12% सर 12,000 क्या हो गया फिर इसको? भाई चल जाना आज के दिन में। चलो दूसरा निकाल लेता हूं मैं। 80,000 का 12% चलो कहां गया? 80,000 का 12% कितना होता है? तो 80000 का हो जाएगा 12% 800 और 800 अ 10% इज़ 8000 8000 और ₹1600 और ₹9600 12% और 7000 का 12% हो जाएगा 7000 + 1400 8400 ठीक है 8400 इसको देना है ये सारे दे दिए मैंने ये क्रेडिट कर दिए टोटल कर लेंगे इनका 4 और 6 10 0 0 1 9 9 18 18 19 20 0 2 पर 1 3 तो मैंने इनको दिया कितना देखो बेटा यहां देखो क्रेडिट कितना किया 30000 डेबिट कितना किया 22 स 22500 तो यहां पे कौन सा बैलेंस बड़ा है क्रेडिट बैलेंस बड़ा है मुझे तो चाहिए कि दोनों बराबर हों तो सर आप इसमें एक 7500 का अगर डेबिट बैलेंस डाल दो तो ये हो जाएंगे बराबर 7500 आप प्रॉफिट प्रॉफिट नहीं है एक्चुअली डेबिट करना है तो लॉस लॉस टू बी डेबिटेड। सर आपको कैसे पता चला डेबिट करना है? लॉस है? आपको कैसे पता चला? लॉस है बेटा डेबिट करना है। पार्टनर से लूंगा तो लॉस। पार्टनर को देना है। क्रेडिट प्रॉफिट। ठीक है? जो पिछले क्वेश्चन में किया था तो प्रॉफिट था। पार्टनर से लेते कब वो जब लॉस हो जाए। तो 7500 का लॉस है। अगेन 2:2:1 में आप लोगे। 75 को 2:21 में बांटेंगे तो ये आ जाएगा 1500 और 3000 तो 3000 3000 और 1500 मुझे डेबिट करने हैं। लेने हैं वापस। ठीक है? इसमें से आपकी एडजस्टमेंट एंट्री बन जाएगी। कर लेते हैं। 9 और थ्री 12 ये भी 12 कोई बैलेंस नहीं। 7200 और 3000 कितना होता है? 72 और थ्री 1000 बड़ा तो डेबिट बैलेंस ही है माइनस वाला। तो ये तो डेबिट में आंसर आएगा। और कितना ज्यादा है ये? 9600 है यहां पे। 600 का डिफरेंस है। तो यह ₹600 मैंने लिख दिया यहां पे। यहां पर बड़ा कौन सा है? तो सर क्रेडिट बैलेंस बड़ा होगा। क्रेडिट बैलेंस है यानी 8400 बड़ा होगा। दोनों को प्लस कर दो। 63 और 1500 कितना होता है? 1500 कितना होता है? अ 8 7800 ठीक है? और ये आ रहा है 8400 8400 क्रेडिट वाला बैलेंस है। तो क्रेडिट कितना ज्यादा है? देखो 7800 से ₹8400 ₹600 ही ज्यादा है। तो ये ₹600 मैंने यहां पे लिख दिया। एंट्री बन के आ गई मेरे सामने। ठीक है? क्या एंट्री आ गई है अभी तक मेरे सामने कि सर आपको डेबिट करना है B को तो बीस कैपिटल अकाउंट डेबिटेड टू सीस कैपिटल अकाउंट टू सीस कैपिटल अकाउंट अमाउंट कितना सर? 600 और 600 खत्म। अगर आपने टोटल वाला कॉलम सीख लिया ना, तो आपके लिए कोई वो दिक्कत वाली चीज़ ही नहीं है। वो बहुत सिंपल हो जाएगा। ऑलराइट? चलो, इसका भी जल्दी से स्क्रीनशॉट ले लो। देख लो एक बार। और आपको लगेगा कि मैंने ये कैपिटल और करंट का क्या लिखा है? तो देखो वो बहुत सिंपल है। देखो यहां पे मुझे कायदे से ये कैपिटल ना लिख के करंट अकाउंट लिखना चाहिए था। और ये आपको कैसे पता चलेगा वो भी देख लेना। देखो। लिखा है ए बी सी आर पार्टर्स आर फर्म शेयरिंग प्रॉफिट्स। देयर कैपिटल्स फिक्स्ड। तो फिक्स्ड कैपिटल मेथड फॉलो कर रहे हैं। तो एडजस्टमेंट करंट अकाउंट के थ्रू होता है। तो यहां पे बीस कैपिटल अकाउंट ना क्रेडिट करके मैं यहां करूंगा बीस करंट अकाउंट डेबिट। और सी इज़ करंट अकाउंट। बस ये करंट अकाउंट से मैं ये चीजों को करूंगा। कैपिटल अकाउंट लिखेंगे गलत हो जाएगा। तो करंट अकाउंट कर देना। उस पे हालांकि कोई बात नहीं है। वो तो मेथड यहां पे स्पेसिफाई किया गया है। तो उस पे करंट वाली एंट्रीज़ होंगी। तो दिस इज़ द एडजस्टमेंट टेबल। यहां पे एडजस्टमेंट। अब इनका अलग है भाई। मैंने जो बताया वैसा करना बहुत सिंपल रहेगा। एंड देन यू विल बी गेटिंग दिस वाली ये वाली एंट्री। ऑलराइट? जल्दी से इसका स्क्रीनशॉट लो। फिर अपन आगे बढ़ेंगे। डन? नाउ इसके बाद अपन देख लेते हैं। ये तो आपने स्क्रीनशॉट ले लिया। वी हैव सीन दिस। नाउ द लास्ट टॉपिक फॉर टुडे व्हिच वुड बी गारंटी ऑफ़ प्रॉफिट। तो बहुत सिंपल है गारंटी तो। गारंटी में पता है क्या करते हैं? कि देखो ये गारंटी मिलती क्यों है? सोचो ए और बी दो पार्टनर्स थे। ठीक है? और ये 2:1 में अपना प्रॉफिट शेयर कर रहे थे। ये एक नए बंदे को लाए। ठीक है? सी। अब ये सी कौन था? मैं मान लेता हूं सी एक ऐसा जो ऑलरेडी नौकरी कर रहा था। सी एक इनका ऐसा पार्टनर आया जो ऑलरेडी नौकरी कर रहा था और ₹50,000 महीना कमा रहा था। इसने बोला इन दोनों ने बोला C को कि यार एक काम करो हमारे साथ पार्टनरशिप में आ जाओ हम और ज्यादा कमाएंगे। लेकिन C ने पता है इनको क्या बोला कि भैया देखो ज्यादा कमाएंगे तो अच्छा है। लेकिन अगर मैं ₹00 से कम कमाया तो भाई ऐसा नहीं चलेगा। तो इन दोनों ने इसको गारंटी दी कि भैया आपको हम में कुछ भी हो जाए हम आपको ₹500 महीना तो देंगे ही देंगे। मतलब कि भाई ज्यादा मिला तो अच्छी बात है। देखो जैसे ये 2:1 में शेयर कर रहे थे। मैं मान लेता हूं जब नया पार्टनर आ गया A, B, C तीन हो गए। ये तीनों 1:1 में शेयर कर रहे हैं। सबने इक्वल प्रॉफिट शेयर करा। अब गारंटी कब आता है? अगर समझो प्रॉफिट हो गया साल भर का 3 लाख। तो आप मुझे बताओ A, B, C कितना मिल रहा है? A को 1 लाख, B को 1 लाख और C को भी 1 लाख मिल रहा है। 50,000 से ऊपर है ना? तो गारंटी का कोई कांसेप्ट नहीं है। कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर किसी साल आपका प्रॉफिट हुआ 90,000 तो अब आप एक बात बताओ आपका तो 90,000 हुआ। कायदे से क्या होना चाहिए? फिर तीनों पार्टनर्स को 30 30 मतलब ₹0000 30,000 और 30,000 मिलने चाहिए। लेकिन आपने C को क्या प्रॉमिस किया है कि यार हम आपको ₹50,000 देंगे इन दैट केस क्योंकि गारंटी दी है आपने। तो फिर इन दोनों पार्टनर्स से कुछ-कुछ पैसा लेके यानी इस प्रिसाइज़ केस में बताओ तो ₹10,000 मैं इससे भी लूंगा। 10,000 मैं इससे भी लूंगा तो इसका हो जाएगा 20,000 इसके पास भी हो जाएगा 20,000 और ये जो 10-10 इनसे लिए हैं ना ये मैं C को दे दूंगा। ठीक है? और C का हो जाएगा 50,000 तो गारंटी फुलफिल हो गई। ओके? तो ये जो किया ना मैंने यहां पर ये जो किया इसको बोलते हैं गारंटी करना। बस इतनी सी बात है। क्वेश्चंस में करेंगे तो 2 सेकंड में समझ में आ जाएगा। ठीक है? ये होती है गारंटी। अब कौन गारंटी किसको देता है वह एक बार देख लेते हैं। गारंटी अ पार्टनर और पार्टनर्स मे बी गारंटीड मिनिमम प्रॉफिट फ्रॉम द बिनेस। पार्टनर को गारंटी मिलती है। कभी-कभी पार्टनर फर्म को गारंटी देता है कि भाई फर्म मैं आ रहा हूं मैं। है ना? मैं बहुत बड़ा पार्टनर हूं। मैं फर्म को गारंटी देता हूं कि मैं मिनिमम ₹2 लाख की तो कमाई साल में करवा ही दूंगा। तो ये सबसे सिंपल केसेस को मैं यहीं पे बता देता हूं। जैसे ए आया। ए बी सी तो चलो ए बी पार्टनर्स थे। सी आया अपने पार्टनरशिप में। सी इज़ एडमिटेड। सी इज़ एडमिटेड। सी गारंटीज़ गारंटीज़ दैट ही विल अर्न ₹ लाख फॉर द फर्म। ठीक है? C ने बोला कि मैं फर्म को ₹2 लाख मिनिमम कमा के दूंगा। पर C जो है वो ₹ लाख नहीं कमा पाया। समझो एक्चुअल एक्चुअल जो अर्निंग हुई उसकी एक्चुअल अर्निंग जो हुई वो समझो ₹1,80,000 ही हुई। C ₹2 लाख नहीं कमा पाया तो हम यहां पे क्या करेंगे? यहां पे बहुत सिंपल सा एक केस होता है। सिंपल केस हम ₹0000 C से ले लेंगे। बे क्यों लिख दिया मैंने? C से ले लेंगे। बस सिंपली C से आप ₹20,000 लेके फर्म के प्रॉफिट में ऐड कर दोगे। कैसे करेंगे? ये फर्म का प्रॉफिट एंड लॉस होगा। यहां पे नेट प्रॉफिट दिख रहा होगा ₹1,80,000 दिख रहा होगा ना बेटा? ₹1,80 तो कमाया। ये देखो ₹,000 हम C से लेंगे। हम यहां पे लिखेंगे सीस कैपिटल और ₹00 C से हम लोग ले लेंगे। तो टोटल प्रॉफिट हो जाएगा अपने पास ₹2 लाख जितना होना चाहिए। यहां पे लिख देता हूं। दिखेगा नहीं। ये ₹2 लाख। ठीक है? ₹2 लाख हम C से मतलब ₹00 C से ले लेंगे। तो ₹2 लाख प्रॉफिट हो जाएगा। जितना इसने बोला था कि मैं इतना कमा के दूंगा। तो ये सबसे सिंपलेस्ट केस है। इसलिए मैंने पहले ही बता दिया। है ना? कि C ने बोला था 2 लाख कमा के दूंगा। 1,80,000 ही कमा पाया तो 20,000 C से ले लेंगे। C इज़ कैपिटल खत्म। उससे उतना ले लेंगे। ये एक सिंपल सा केस है। अब ये तो सिंपल हो गया। इसको खत्म करते हैं। अब ये वाले हैं। ठीक है? ये जो गारंटी है ना ये जो गारंटी है वो पार्टनर को मिल रही है। किसको मिल रही है? पार्टनर को मिल रही है। किसको दे रहे हैं गारंटी? पार्टनर को। क्या देते हैं गारंटी में? द प्रॉफिट मे बी गारंटेड टू अ एकिस्टिंग पार्टनर या न्यू पार्टनर बाय कौन दे सकता है गारंटी? ऑल द रिमेनिंग पार्टनर्स इन एग्रीड रेशो। पुराने पार्टनर्स बोल रहे हैं कि भैया अगर आपकी आपको कम पैसा मिला तो हम इस रेश्यो में देंगे आपको पैसा। वन और मोर पार्टनर्स कोई एक पार्टनर भी बोल सकता है जैसे दो पार्टनर हैं ए और बी और सी आ रहा है। तो सिर्फ ए गारंटी भी दे सकता है कि भैया मैं गारंटी दे रहा हूं कि तेरे को इतना पैसा मिलेगा और फर्म ही गारंटी दे दे कि भैया फर्म ने ही बोला कि यार मिनिमम हम पूरे दुकान से पहले पैसा तुझे देंगे। ऐसा कुछ। ये तीनों केसेस हैं। वैसे ऐसे में समझ में नहीं आएंगे। इनके क्वेश्चंस करेंगे तो ही समझ में आएगा। तो ये तीनों के जो क्वेश्चंस हैं ना ये मैं आपके यहां पर करता हूं। आराम से चीजें देखते जाना। मैं बताता भी जाऊंगा कौन सा पार्टनर मतलब कौन सी गारंटी क्या है। ये सिंपल सिंपल है बहुत। देखो पी क्यू आर आर पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 5:41 आर इज़ गारंटीड दैट पी क्यू आर है। आर को गारंटी मिली है दैट हिज शेयर ऑफ़ प्रॉफिट विल बी एटलीस्ट 50000। आर को बोला कि 50000 तेरे को प्रॉफिट देंगे ही देंगे भैया। प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च वाज़ ₹3,50,000। क्या करना है आपको? यहां पे लिखो बाय नेट प्रॉफ़िट। कितना आया नेट प्रॉफ़िट? 3,50,000 आप सबसे पहले तो यह बांट दो सब पार्टनर्स में। ठीक है? टू प्रॉफिट। ठीक है? क्योंकि और कोई चीज़ है ही नहीं। अमाउंट ऑफ़ शॉर्टफॉल। देखो लिखा है अमाउंट ऑफ शॉर्टफॉल इन द प्रॉफिट्स ऑफ़ R इज़ टू बी मेड बाय P एंड Q। इसको बाद में करेंगे। पहले तो मैं प्रॉफिट को बांट रहा हूं। ठीक है? टू प्रॉफिट कौन है ये? एक है P, एक है Q और एक है R। कितना-कितना मिलना चाहिए सर? ₹3,50,000 डिवाइड इट इन द रेशियो 5 41. 54 1 कितना होता है? 5 41 10 ठीक है? 3 लाख 500 को 10 पार्ट्स पे डिवाइड करना है। तो 10 करेंगे तो ये हो जाएगा 35000 का एक पार्ट। 35,000 का एक पार्ट यानी आर को मिल रहा है। यहां पे डायरेक्टली देखें तो 35000 पांच पार्ट इसको मिल रहे हैं। तो 35000 एक 35 का आधा कितना होता है? 25000 और ₹150000 तो ₹175000 इसको मिलेंगे और इसमें से यह माइनस कर दिया तो ₹140000 इसको मिलेंगे। यह मैंने क्या किया है पता है? 350000 को 5:41 में बांट दिया। पहले कुछ नहीं किया मैंने। 5:41 में 350 को बांट दिया। तभी तो पता चलेगा कि भाई कम मिल रहा है या ज्यादा मिल रहा है। अब देखो अब क्या बोला था आपने कि भाई इसको 500 मिलना चाहिए। मिल रहा है क्या? नहीं मिल रहा है। तो गारंटी अराइज़ हुई। समझे? अब ये गारंटी मतलब इसका 5,000 बनाना है। कैसे बनाएंगे? वो आगे वाली पॉइंट बता रही है। अमाउंट ऑफ शॉर्टफॉल इन द प्रॉफिट्स ऑफ़ R इज़ टू बी मेड बाय P एंड Q इन द रेशियो 2:3। ठीक है? तो पहले तो शॉर्टफॉल आपको दिख गया। देखो शॉर्टफॉल कितना है? शॉर्टफॉल आपने बोला था ₹50,000 मिलेंगे। गारंटीड प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट 3500 अब इसका फार्मूला तो कुछ नहीं होता पर लिख देता हूं। चलो गारंटी गारंटीड प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट। इसको बोलते हैं शॉर्टफॉल। ठीक है? कितना आया शॉर्टफॉल सर? ₹15,000 का। ₹15,000 की कमी पड़ गई। यह कमी कहां से पूरी होगी सर? P और Q देंगे। लिखा हुआ है। इट्स मेड बाय P एंड Q इन 2:3 तो बस इसको 2:3 में P से ले लेंगे। P से कितना लेंगे? Q से कितना लेंगे सर? 2:3 में इसको डिवाइड कर दो। 2:3 यानी फाइव। यानी इससे ₹6000 लेगा और इससे ₹9,000 लेगा। खत्म। बस इसको गारंटी में एडजस्ट करना है। देखो कैसे लिखते हैं। इसमें से करूंगा मैं यहां से माइनस। ठीक है? यहां पे लिखूंगा मैं गारंटी। वैसे मैंने इसको बहुत करीब लिख दिया यार। चलो अब कर ही देता हूं। इस पे लिखेंगे गारंटी टू R। R को गारंटी दी थी ना इसने। तो R को कितना देगा ये? ₹6000 देगा। ₹000 देगा 2:3 हां ये देगा ₹6000। तो ₹6000 में इसके माइनस करके बाकी अमाउंट बाहर लिख दूंगा। रुको यार थोड़ा सा सही कर लेने दो। फिर तुम्हें पता नहीं समझ ना आया तो दिक्कत हो जाएगी। ठीक है चलो भाई अब आता है गारंटी टू आर तो भाई ये कितना देगा 6000 देगा ठीक है इसके मैंने माइनस कर दिए बाहर इसका आ जाएगा ₹1 लाख और 6000 माइनस करेंगे तो ₹69000 इसका आ गया q कितना देगा सर q देगा ₹9000 ठीक ठीक है? माइनस गारंटी गारंटी 2 आर कितना देगा ये? ये देगा सर छ 9000 9000 इसके भी माइनस कर दिए मैंने। बाहर कितना आ गया? 131000 आ गया इसका। ठीक है? और अब 9000 और 6000 इसको मैं यहां पे प्लस कर दूंगा। ठीक है? शॉर्टफॉल शॉर्टफॉल फ्रॉम अ पहला कौन सा है? P एंड Q. तो शॉर्टफॉल जो P ने दिया वो कितना दिया इसको? ₹6,000 P ने दिया। Q ने दिया इसको ₹9,000। तो ये जो शॉर्टफॉल के ₹15,000 थे इसके पास आ गए और इसका मेन प्रॉफिट आ गया बाहर आपके पास 50,000। समझे? तो गारंटी बहुत ही सिंपल टॉपिक है। आप क्या करो? जो भी प्रॉफिट्स है पहले तो बांट दो। ताकि आपको पता चले कि गारंटी अराइज़ हो रही है या नहीं। गारंटी अराइज़ हुई तो ये लिखा ही हुआ है। जो भी गारंटी है वो 2:3 में ओल्ड पार्टनर्स दे देंगे। तो 2:3 में ये वाला जो अमाउंट था ये मैंने ले लिया और नए पार्टनर को दे दिया। खत्म क्वेश्चन इतना ही करना था। ठीक है? ये हो गए दोनों साइड टोटल हो जाएंगे आपके। डन समझे? जल्दी से स्क्रीनशॉट लो बेटा। आगे बढ़े अपन। ठीक है? ये था। अब इसका अ यहां पे कभी-कभी एंट्री भी कर सकते हैं आप। बहुत एंट्री तो बहुत ही सिंपल है। यहीं से दिख के दिख रही है। आपने किससे लिया है? P और Q से लिया है। तो बस एंट्री क्या हो जाएगी? पीस कैपिटल अकाउंट डेबिट। Q से भी लिया है आपने। तो Q कैपिटल अकाउंट डेबिट। दिया किसको है आपने? आर को दिया है टू आर कैपिटल। बस लेना है जिनसे डेबिट करना है वो तो आपको पता ही चल गया होगा। तो इनसे लेना है कितना लेना है सर इससे लेना है ₹10,000 क्यों लिख रहा हूं? ₹6,000 और ₹9000। इससे लेना है ₹6,000। इससे लेना है ₹9,000। R को देना है ₹15,000। खतम। अगर आपको एंट्री भी करनी है, तो यह एंट्री भी बन जाएगी यहां से। तो, यह दोनों तरीके मैंने आपको बता दिए। एक तो फॉर्मेट के थ्रू जो आपने ये प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन बनाया इसके थ्रू या तो फिर आपने एंट्री के थ्रू किया। ये दोनों चीजें यहां पे हो गई। जल्दी स्क्रीनशॉट लो बेटा इसका। ठीक है? चलो ये हो गया। अब दूसरा क्या करेंगे? और क्या हो सकता है? तो और देखो। अब देखो अ गारंटी गिवन बाय फर्म टू पार्टनर। गारंटी गिवन बाय फर्म टू पार्ट। ये अभी तो पार्टनर दे रहे थे। अब ये फर्म देगी इनको गारंटी। देखो योगेश भरत चमन आर पार्टनर शेयरिंग प्रॉफिट्स इक्वली। भरत इज़ गारंटीड मिनिमम एनुअल प्रॉफिट ₹1 लाख। जो बीच का भरत है ना इसको बोला ₹1 लाख देंगे हम आपको। ओके? सैलरी इज़ पेएबल टू भरत 5,000 पर मंथ। नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर एंडेड वाज़ ₹3,30,000 देखो बाय नेट प्रॉफिट 3,30,000 तो लिख ही दिया मैंने यहां पे। इस पे तो कोई दिक्कत है ही नहीं। सैलरी भी देनी है। तो यहां पे मैं लिख दूंगा टू सैलरी किसको देनी है? बी को देनी है। टू सैलरी टू बी। बी यानी भरत यार पूरा लिख दूं। चलो पूरा लिख देता हूं। भरत भाई को सैलरी देनी है। कितनी देनी है? 5000 पर मंथ यानी टोटल 60000 5000 * 12 है ना? पर मंथ है। 12 से मल्टीप्लाई करेंगे। नेट प्रॉफिट ये आ गया। और क्या करना है? बस भरत को गारंटी दी थी। तो दो भाई गारंटी कोई नहीं। पहले प्रॉफिट्स बांट लेंगे। टू प्रॉफिट्स एक्चुअल प्रॉफिट्स कितने आ रहे हैं? कौन-कौन है? यहां पे है पहला योगेश। दूसरा है भरत। और तीसरा है चमन। क्या नाम रखा है यार चमन। ठीक है? तो इनको बांट दो बाकी जितना बचा था। तो ₹3,000 में से ₹0000 माइनस करोगे तो बचेगा ₹70000 और ₹70000 इक्वली बांटना है सब में। ₹70 इक्वली बांटना है तो कितना आएगा? ₹0000 सबका आ जाएगा। तो इस भाई का आ गया ₹0000 इसका भी आ गया ₹0000 इसका भी आ गया ₹0000। ठीक है? अब देखो यहां पे क्या था? फर्म ने गारंटी दी थी। कहां गई? फर्म फर्म फर्म फर्म। नेट प्रॉफिट फॉर द ईयर। अब ये पता ही नहीं है के किसने गारंटी दी है। तो इसको बोलते हैं फर्म ने गारंटी दी है। है सिंपल उसमें कोई दिक्कत नहीं है। देखो क्या करना है अब? गारंटी वाला मैं अलग कलर से करता हूं। देखो कर करता करता हूं। करता हूं नहीं करता हूं। जुबान लड़खड़ाने लगी है ना इतनी देर बोल-बोल के तो चमन को ₹0000 मिले लेकिन इसको आपने गारंटी का प्रॉफिट किया था। प्रॉमिस किया था कि 1 लाख मिलेगा। तो कितना कम है? डेफिशिएंसी कितनी है सर? 10,000 10,000 कौन देगा भाई? पुराने पार्टनर्स देंगे और कौन देगा? है ना? और इनका रेशियो क्या है? इक्वल है। तो इक्वल ही देंगे फिर वो और कैसे देंगे? तो यहां पे क्या करेंगे? माइनस इनसे लेना है पैसा। माइनस गारंटी गारंटी टू चमन। चमन नहीं कौन किसको? भरत को देना है। किसको देना है? भरत इज़ गारंटीड भाई। भरत भरत भाई को देना है। चमन से तो लेंगे। गारंटी टू भरत। इससे भी चमन का भी माइनस करता हूं। गारंटी टू भरत। भरत को गारंटी दी है ना बीच वाले पार्टनर को। कितनी गारंटी दी थी कि भैया ये 90 नहीं होगा आपका 1 लाख होगा 1 लाख तो मतलब भरत को कितना मिलना चाहिए कितना मिलना चाहिए ₹10 और और ₹10 दो पार्टनर से इक्वली यानी ₹5000 तो भरत को गारंटी ये देगा ₹5000 इसके माइनस हो गए मैंने माइनस कर दिए बचा कितना ₹85000 बचा इसका चमन का सॉरी चमन नहीं योगेश का और गारंटी इसने भी दी इससे भी 5000 माइनस कर दिया मैंने कितना बचा चमन भाई का 85000 और ये दोनों गारंटीज ठीक है दोनों की गारंटीज ऐसे लिख दूं क्या गारंटी फ्रॉम? अरे भाई अरे भाई अरे भाई अरे भाई हां शॉर्टफॉल रिसीव्ड फ्रॉम रिसीव्ड फ्रॉम दो बंदे हैं योगेश और चमन तो योगेश से मिले इसको 5000 चमन से भी मिले 5000 इसके हो गए 10 और ओवरऑल मिला के इसको मिल गया 1 लाख बस हो गया गारंटी का कांसेप्ट खत्म बहुत ही सिंपल सा वैसे भी यह टॉपिक है ना? ये था ये एक तरीका है गारंटी को करने का। बहुत सिंपल सा है बेटा। इसमें कुछ नहीं करना। आपको ये प्रॉफिट लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट बनाना है। मेन प्रॉफिट्स देने हैं और जो डेफिशिएंसी है वो दे देनी है। खत्म। और वो डेफिशिएंसी कैसे देनी है वो क्वेश्चन बता देगा। जैसे इसमें नहीं बताया था। तो हमको पता है कि वो इक्वल प्रॉफिट शेयर कर रहे हैं। तो इक्वल ही गारंटी जाएगी। और इसमें तो पता है इवन एक और तरीका है उस इसको और इजी करने का। अब सबसे पहले ₹1 लाख इसको दे दो इस क्वेश्चन में सिर्फ। क्योंकि पता नहीं है ना कि डेफिशिएंसी कोई से पार्टनर किस रेश्यो में ले रहे हैं। तो हमें पता है इक्वल रेशो में ही जाएगा। पर छोड़ो यार तुम ऐसे वाले तरीके से करो। ये चीज आसानी से दिख जाएगी। वैसे में भी मैं बता देता हूं। देखो इन्होंने यहां पे क्या किया है? ₹3,000 और इन्होंने ₹6,000 दिए। बचा ₹70000 उसमें से 1 लाख पहले ही इसको दे दिया। ₹70,000 में से 1 लाख सबसे पहले आप भरत को दे ही दो उठा के। बचेगा कितना? ₹1,70,000 ये आप दोनों पार्टनर्स में इक्वली बांट दो। तो ये भी हो सकता है। इक्वली बांटोगे तो भी 85 85 आएगा। फिर पर यहां पर एडजस्टमेंट नहीं दिखेगा। फिर आपको ये एक नोट बना के लिखना पड़ेगा। तो यार नोटव बनाने से अच्छा है। ऐसे ही कर दो तो ज्यादा बेटर होता है। बाकी तुम्हारी मर्जी। ये भी तरीका है उसको करने का। मेरे को ये सब लिखना वो समझ में नहीं आता क्योंकि एग्जाम में इसमें मार्क्स कट सकते हैं। आपने क्या लिखा? क्या वर्डिंग्स यूज़ की? तो इसीलिए यार ऐसे इसको कॉम्प्लिकेट मत करो। एक ही तरीका रखो गारंटी को करने का। पर मैंने दूसरा भी बता दिया। जैसी जिसकी श्रद्धा हो वैसा करें। ठीक है? तो चलो दूसरा भी करते हैं। यहां पे भी बनाना पड़ेगा मुझे प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। मोनिका भूमिका एंड कमोलिका आर पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 6:41। ओके। कमोलिका इज़ गारंटीड मिनिमम अमाउंट 3 लाख एज़ हज़ प्रॉफिट। ठीक है भाई। कमोलिका को ₹3 लाख चाहिए। कमोलिका कौन है? ये तीसरी वाली। द फर्म अर्न अ प्रॉफिट ऑफ़ ₹2 लैक्स। चलो भाई। बाय नेट प्रॉफिट। कितना अर्न कर दिया फर्म ने? ₹3 लाख। 1 2 3 4 5 बॉक्स से ही बाहर आ गया। इतना प्रॉफिट आ गया भैया इनके पास। 33 आए 22 लाख आया है। चलो 22 भी तो बॉक्स से बाहर ही आएगा। 22 लाख ये लिख दिए मैंने। चलो फॉर द ईयर एंडेड 31 मार्च इन्होंने ₹22 लाख कमाए। प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन और इसको ₹3 लाख मिलने हैं। करते हैं। चलो। तो सबसे पहले टू प्रॉफिट्स क्योंकि और कोई चीज ही नहीं है। डिस्ट्रीब्यूट कर देंगे भाई। प्रॉफिट्स मोनिका भूमिका कमोलिका मोनिका भूमिका एंड कमोलिका ओके कितना-कितना मिलेगा 22 को आपको डिवाइड करना है 6:41 यानी 11 6 4 1 11 11 से इसे डिवाइड करूंगा 11 से डिवाइड करूंगा 112 तो ₹ लाख एक हिस्सा बना 2 लाख * 6 2 लाख * 6 12 ₹ लाख इसको मिले। ₹ लाख * 4 ₹8 लाख इन भाई को मिले। बहन को ₹8 लाख ₹8 लाख और एक पार्ट यानी ₹2 लाख इसको मिले। अब देखो अब बताओ आप गारंटी अराइज़ हुई? हुई कि नहीं? हो गई सर। गारंटी तो अराइज़ हो गई। गारंटी कैसे अराइज़ हुई? अरे हुई ना भाई इसको कितना प्रॉमिस किया था तूने? ₹3 लाख। मिला कितना? ₹2 लाख। ₹1 लाख शॉर्टफॉल। शॉर्टफॉल कितना? सर शॉर्टफॉल आया 1 लाख कैसे आया गारंटेड प्रॉफिट माइनस एक्चुअल प्रॉफिट गारंटीड 3 लाख एक्चुअल 2 लाख शॉर्टफॉल 1 लाख किससे लेंगे सर मोनिका और भूमिका से ही लेंगे क्योंकि कुछ दिया ही नहीं है क्वेश्चन में सर मोनिका भूमिका से कैसे लोगे तो सर 6:41 था रेश्यो तो अगर मैं मोनिका और भूमिका का सिर्फ देखूं तो 6 और 4 ही था ना वन तो कमोलिका का था तो 6:4 में ही लेंगे 6:4 को और डिफाइन कर दूं तो 3:2 में लेंगे टू टू से डिवाइड कर दिया मैंने तो थ्री 3:2 में लेंगे। समझे? तो तीन पार्ट्स लेंगे अपन। क्या नाम है इसका? मोनिका से और दो पार्ट लेंगे अपन अपना भूमिका से। 3:2 में। कितना अमाउंट? 1 लाख। ले लो भाई। वैसे 6:4 करता तो सीधा-सीधा निकल आता 60,000 40,000। 3:3 से भी वही निकलेगा। तो 60,000 आप लोगे मोनिका से और 40,000 लोगे अब भूमिका से। चलो भाई डायरेक्टली कर दूं। अभी थोड़ा डायरेक्टली कर दूं। बुरा तो नहीं मानोगे। ज्यादा ना लिखा तो। माइनस करेंगे कितना? मोनिका से लेना था। 60,000 ये ले भैया 60,000 भूमिका से भी ले लो 40,000 ठीक है? इसको दे दो दोनों का अ 60,000 और 40,000 ये ₹0000 एक से ₹0000 दूसरे से ₹1 लाख मिल गए भाई आपको। खुश हो गए आप। ₹3 लाख की गारंटी बराबर आपकी। ठीक है? अब रोना मत। चलो यहां से माइनस करेंगे तो ₹11,400 बचेगा। और यहां से माइनस करेंगे तो ₹7600 बचेगा। ₹760000 अगेन यहां पे ₹2,22 लाख ही आके खत्म हो जाएगा। दैट्स योर गारंटी है ना सिंपल सा मैंने आपको बोला था ये बहुत सिंपल सा टॉपिक है अगर आप उसको समझ लो अच्छे से तो आई थिंक इतना ही था कुछ और भी है क्या? अ इसकी गारंटी हां हो गया ये 760 एंड ₹140 ऑलराइट। क्वेश्चन व्हेन द फर्म इंकर्ड लॉस फर्म को ही लॉस हो गया। भाई फर्म को लॉस हो गया तो क्या होगा सर? तो गारंटी मिलेगी। गारंटी तो मिलेगी। गारंटी तो तभी भी मिलेगी। है ना? इसको देख लेते हैं अपन। इसका यह भी दिया हुआ है। फर्म इंकर्ड लॉस। इसको मैं वहां पे कराता हूं। देखो मनिका, भाभी, कोमल आर पार्टनर्स शेयरिंग प्रॉफिट्स एंड लॉसेस इन 6:41। ओके? कोमल इज़ गारंटीड मिनिमम प्रॉफिट ऑफ़ ₹ लाख। ये जो कोमल है, इसको ₹2 लाख का प्रॉफिट इन्होंने गारंटी किया। फर्म इंकर्ड अ लॉस ऑफ़ ₹2 लाख फॉर द ईयर। अरे भाई साहब, लॉस हो गया फर्म को। देखो क्या हुआ? लॉस हो गया। तो सर यहां पे प्रॉफिट इस साइड आता है। तो यहां पे टू लॉस नेट लॉस इस साइड आएगा। नेट लॉस हो गया है आपको 22 लाख का। मतलब देख रहे हो एकदम से ₹22 लाख का नुकसान हो गया। ठीक है? अब बताओ आप क्या करेंगे? फॉर द ईयर ये पास नेसेसरी जर्नल एंट्री रिगार्डिंग डेफिशिएंसी बोर्न बाय मन्निका भाभी एंड प्रिपेयर प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। भाई प्रॉफिट एंड लॉस बनाओ और लॉस है आपके पास। क्या करेंगे? कुछ नहीं करेंगे। लॉस है, लॉस को बांट देंगे। ठीक है? लॉस को अगर बांटते तो कैसा आता? बाय लॉस डिस्ट्रीब्यूटेड। लॉस डिस्ट्रीब्यूट करेंगे किसमें? नाम क्या है इनके? मो मन्निका भाभी। अरे यार मैं एम बी और के लिखता हूं। ठीक है? किसको देंगे? एम को, बी को और के को। वैसे तो यार डेफिशिएंसी वाला सीन ही नहीं है। मैं आपको बता देता हूं फिर भी। मोनिका भाभी और कितना-कितना मिलेगा? तो यार 22 लाख का लॉस है। 6:41 रेश्यो है। 6 4 1 11 11 है तो उस हिसाब से ही दे दो आप। वही आ जाएगा। ₹1,20,000 का लॉस इसको मिलेगा। अह नहीं ₹12 लाख का लॉस इसको ₹8 लाख का लॉस इसको और इसको मिलेगा ₹2 लाख का लॉस। अब देखो सर इसको लॉस मिला है। इसको मिला है लॉस। सर क्या इसको लॉस दे सकते हैं? नहीं। लॉस तो नहीं दे सकते। इसको तो प्रॉफिट देना है। इसको तो प्रॉफिट देना है। तो सर प्रॉफिट कैसे देंगे? प्रॉफिट कैसे देंगे? यहां पे तो लॉस हो गया। सिंपल है। बहुत। देखो मेरी बात को सुनो। अब यहां पे इस ₹ लाख को रेक्टिफाई करने के लिए क्या करना है? देखो आपको क्या चाहिए? ये 2 लाख का लॉस है यहां पे। आपको आपके पास ये ₹2 लाख का लॉस है। आपको चाहिए कि आप कॉमोनिका को प्रॉफिट दो। ₹ लाख का। तो सबसे पहले तो आपने देखो यहां पे क्या किया? ₹2 लाख में से ₹2 लाख लॉस दे दिया ना इसको। बांटा ना भाई। लॉस दे दिया। यह तो नहीं देना था। तो पहले तो देखो ये ये कुछ ऐसा हो जाता है कि आपने एक पार्टनर लाए उसको बोला कि मैं तेरे को ₹2 लाख दूंगा और दिए तो नहीं ऊपर से ₹2 लाख ले लिए तो अब सबसे पहले तो मुझे उसको ₹2 लाख देने हैं ना जो मैंने उससे ले लिए एक्स्ट्रा तो पहले वो ₹2 लाख लूंगा दूंगा उसके बाद जो गारंटी दी थी कि ₹2 लाख और दूंगा वो भी दूंगा तो काट पीट के मुझे उसे ₹4 लाख देने पड़ेंगे। ये बात समझ में आई? नहीं आई? फिर से समझाता हूं। देखो समझो मुझे तुमसे तुमसे मुझे मैंने तुम तुम मेरे साथ आज पार्टनरशिप में आ गए। ठीक है? तुमने बोला रोहित सर हम दोनों मिलकर पार्टनरशिप करेंगे। मैंने बोला ठीक है तेरे को मैं मिनिमम ₹10,000 दूंगा। तुम्हें मैं ₹10,000 दूंगा। अब तुम पार्टनरशिप में आए। मैंने तुम्हें बहला फुसला के ₹10,000 और ले लिए। अब मुझे तुम्हें कितना देना है? ₹10,000 तो गारंटी वाले देने हैं। और ₹10,000 जो मैंने तुमसे लिए हैं वो भी तो देने हैं। तो मुझे टोटल मिला के तुम्हें ₹4 लाख। अरे यहां पे तुम्हारे केस में ₹00 देने हैं। 10 वो जो मैंने तुमसे लिए हैं पहले मैं वो वापस करूं और जो गारंटी दी थी वो भी दूं। तो टोटल ₹0000 तुम्हें देने हैं। समझे बात को? तो बात 10,000 की हुई थी। लेकिन क्योंकि 10,000 और ले लिए हैं तो पहले वो 10 और 10 गारंटी के तो 20,000 मुझे तुम्हें देने हैं। वैसे ही इस कोमोलिका को ₹ लाख का लॉस दे दिया आपने। तो पहले तो आप उसको ₹2 लाख दो ताकि प्रॉफिट हो जाए उसका और फिर ₹2 लाख और दो ताकि गारंटी वाला पैसा भी तो मिले। गारंटी कितने की दी है आपने? मल्लिका मल्लिका ₹ लाख की गारंटी दी है। ₹ लाख दिया ना मिनिमम प्रॉफिट आपका ₹2 लाख होगा। ठीक है? तो यहां पर सिंपल एंट्री से ही हो जाएगा वो चीज। देखो टू नाम क्या है इसका? कोमल। कोमल को कितना देना पड़ेगा? ₹ लाख प्रॉमिस किए थे। लेकिन आपका लॉस भी आपने उसको दे दिया 2 लाख का। वो तो अपन ने करके देखा अभी। तो आपको इसको ₹2 लाख लॉस के प्लस ₹2 लाख यह वाले। तो आपको ₹4 लाख इसको देने हैं। तो टू कोमल ₹4 लाख मैं इसको दूंगा। आई होप आपको समझ में आया होगा 4 लाख क्यों फिर से समझाऊं मैं लास्ट बार फिर से समझाता हूं समझ ले भाई मैंने तुझे प्रॉमिस किया कि तुझे मुझे ₹10 देने हैं ठीक है यू हैव टू रिसीव ₹10 फ्रॉम मी समझा है ना लेकिन तुम जब फर्म में आए तब मैंने तुम्हें तुमसे ₹10 इवन ले लिए और तुमसे मैंने ₹10 और ले लिए है ना अब तुम्हें मुझसे कितना लेना है सर आपने बोला था ₹10 दोगे तो पहले तो वो ₹10 दो और आप जो मुझसे ₹10 लेके गए तो वो भी मुझे वापस दो। है ना? तो टोटल मुझे तुम्हें कितना देना है अभी? 20 ₹1000। समझे? वैसे ही कोमोलिका को मुझे देना है ₹4 लाख। क्योंकि ₹2 लाख तो जो गारंटीड अमाउंट था वो और ₹2 लाख जो उसको लॉस दे दिया था वो भी। और ये ₹4 लाख देगा कौन? देंगे पुराने पार्टनर। मनिका एंड भाभी। कौन देगा? मनी मनी एम डबल ए क्या? चलो ठीक है। मनीिका अकाउंट डेबिट। क्योंकि मनिका से लेंगे और किससे लेंगे दूसरा? भाभी से अपन लेंगे। भाभी अकाउंट डेबिट। कितना लेंगे? ₹4 लाख लेंगे। किस रेश्यो में लेंगे? सर इनका जो भी मन्निका और भाभी का रेशो। मन्निका भाभी का रेशियो है 6:4। तो 6:4 में अपन उससे ले लेंगे या 3:2 बोल दो इसको। बात तो एक ही है। 3:2 में हम उससे ले लेंगे। 3:2 यानी 3:2 यानी अ 3:2 यानी 5 8 40 / 5 हो जाएगा 8 * 3 3 * 8 = 2,000 इससे लूंगा। ₹160000 से ओके 4 लाख को मैंने 3:2 में मतलब 3:2 में ₹ लाख ले लिए ओल्ड पार्टनर्स से। ओके? तो बस ऐसे करके ये एंट्री बन गई। खत्म हो गया खेल। एंड आई थिंक दिस वाज़ द लास्ट क्वेश्चन फॉर टुडे। एक बार देख लेते हैं। यही बस वैसे तो एंट्री से ही हो जाएगा यह। मनिका, भाभी, कोमल यह हो गया। खत्म। ठीक है? कोमल से उत्तर लिया। समझे बात को? तो बस ये ये भी हो गया। अगर आपको वैसे लॉस करना है तो वो भी मैंने यहां पे बता दिया। लॉस ट्रांसफर। अच्छा ये वाला बनाया नहीं क्या पूरा मैंने? बना तो दिया यार। बस बाहर नहीं लिखा। चलो एनीवे इन तीनों को देना था। ये तीनों को दे दिया मैंने। ये बाहर भी लिख देता हूं। तो ये भी वर्किंग नोट कंप्लीट हो जाएगा। ठीक है? इन तीनों का टोटल ₹22 लाख का लॉस। मैंने ऐसे डिस्ट्रीब्यूट कर दिया। ठीक है? ये भी आप कर लेना। ठीक है? ये हो गया। ये आपने बना दिया अपना प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन। और एंट्री करके आपने यह वाला लॉस कवर भी करवा दिया सामने वाली का। ऑलराइट। चलो इसका जल्दी से इसका स्क्रीनशॉट ले लो आप। इसका भी और इसका भी। दोनों का स्क्रीनशॉट ले लो। ठीक है? और ये आपके आंसर्स यहां पर रखे हुए हैं। ऑलराइट? तो दैट वाज़ ऑल फॉर टुडे। और मैं आपको बता देता हूं ये ये एक Telegram ग्रुप है। इसको आप जॉइ कर लो ताकि आपको रेगुलर अपडेट्स मिलते रह क्योंकि अब तो वन शॉट्स आते रहेंगे। और दूसरा देखो ये डिटेल्ड वन शॉट था। अगर आपने अभी तक लिटरली ये चीज देखी मैंने मुझे पता है बहुत टाइम हो गया है लेकिन अगर आपने अभी तक ये चीज देखी तो पहले तो दिल से थैंक यू कि आपने मुझे इतना मौका दिया कि मैं इतनी देर आपको पढ़ा पाऊं तो उसके लिए दिल से शुक्रिया और अगर आपको अच्छा लगा आपको बहुत सारी चीजें समझ आई आपको कॉनंसेप्चुअली पार्टनरशिप समझ आया तो मुझे जरूर कमेंट्स में बताना कि कितना समझ आया क्या समझ आया अच्छा लगा ये सारी चीजें आप मुझे प्लीज बताना और प्रैक्टिस करना बेटा प्रैक्टिस से ज्यादा कुछ भी नहीं है मैंने बहुत सारे सारी चीजें यहां पे बहुत लॉजिकली करवाई हैं। ठीक है? तो आई होप आप बहुत अच्छे से इन चीजों को करो। दैट वाज़ ऑल दैट दैट वाज़ ऑल फॉर टुडे फ्रॉम माय साइड। मैं आपसे मिलता हूं अगली क्लास में अगले किसी लेक्चर में। तब तक के लिए तब तक के लिए टेक केयर एंड बाय-ब।
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