कोर्स का परिचय
यह Azure Zero to Hero एक बिगिनर-फ्रेंडली कोर्स है। इसमें 8+ घंटे का कंटेंट और 15+ मेजर सर्विसेज को प्रैक्टिकल तरीके से सिखाया गया है। चाहे आप कॉर्पोरेट में काम करें या अपने प्रोजेक्ट के लिए Azure का उपयोग करना चाहें, यह कोर्स आपकी इंटरव्यू जर्नी और रियल-लाइफ वर्किंग में मदद करेगा।
कोर्स की विशेषताएं
- 8+ घंटे का कंटेंट, विस्तृत और प्रैक्टिकल
- 15+ मेजर सर्विसेज, सभी को प्रैक्टिकल करके सीखेंगे
- बिगिनर फ्रेंडली, किसी पूर्व अनुभव की आवश्यकता नहीं
- टाइमलाइन के साथ डिस्क्रिप्शन, स्पेसिफिक टॉपिक पर सीधे जाएं
कोर्स सीक्वेंस
- वर्चुअलाइजेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग की नींव
- क्लाउड कंप्यूटिंग, IaaS, PaaS, SaaS
- Azure का परिचय, मार्केट पोजीशनिंग और जॉब अपॉर्चुनिटीज
- Azure फ्री अकाउंट सेटअप, स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
विस्तृत कवरेज
वर्चुअलाइजेशन और वर्चुअल मशीन
- हाइपरवाइजर क्या है (टाइप 1 और टाइप 2)
- वर्चुअल मशीन के फायदे
- रियल-लाइफ उदाहरण: एक ही मशीन पर Windows और Linux
क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार
- IaaS (Infrastructure as a Service), आपको खाली कंप्यूटर मिलता है, बाकी सब आपको करना होता है।
- PaaS (Platform as a Service), प्लेटफॉर्म तैयार मिलता है, आप सिर्फ अपनी एप्लीकेशन पर फोकस करते हैं।
- SaaS (Software as a Service), जैसे Google Sheets, आप सिर्फ इस्तेमाल करते हैं।
क्लाउड डिप्लॉयमेंट मॉडल
- पब्लिक क्लाउड, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरह (AWS, Azure)
- प्राइवेट क्लाउड, रेंटल कार की तरह (एक ऑर्गेनाइजेशन के लिए डेडिकेटेड)
- हाइब्रिड क्लाउड, दोनों का मिक्स
Azure में क्या सीखेंगे?
- कंप्यूटिंग: वर्चुअल मशीन (VMs)
- स्टोरेज: ब्लॉब स्टोरेज
- नेटवर्किंग: फायरवॉल, लोड बैलेंसिंग, DNS
- डेटाबेस: SQL और NoSQL (MongoDB, MySQL)
- कंटेनर: Kubernetes (AKS) और Docker
- इंफ्रास्ट्रक्चर एज़ कोड: Terraform और Azure Bicep
- CI/CD डिप्लॉयमेंट ऑटोमेशन
- सिक्योरिटी: SSL/TLS, HTTPS
यह कोर्स Comprehensive Azure Fundamentals (AZ-900) Certification Guide and Hands-On Tutorials जैसे प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की नींव मजबूत करने के लिए उपयुक्त है।
Azure फ्री अकाउंट सेटअप
- वेबसाइट: portal.azure.com पर जाएं
- साइन अप करें: Microsoft अकाउंट या Gmail का उपयोग करें
- वेरिफिकेशन: ईमेल और फोन नंबर वेरीफाई करें
- पेमेंट डिटेल्स: क्रेडिट/डेबिट कार्ड दें (₹2 का होल्ड, रिफंडेबल)
- $200 क्रेडिट, 30 दिनों के लिए मुफ्त
- 12 महीने की फ्री सर्विसेज, 20+ पॉपुलर सर्विसेज
महत्वपूर्ण सुविधाएं
- स्पेंडिंग प्रोटेक्शन, क्रेडिट खत्म होने पर रिसोर्सेज ऑटोमेटिकली डिसेबल हो जाएंगे, कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं
- Azure पोर्टल, डैशबोर्ड से सभी सर्विसेज को मैनेज करें
- क्लाउड शेल, Bash या PowerShell के माध्यम से कमांड लाइन का उपयोग
करियर अपॉर्चुनिटीज
Azure सीखने के बाद आप निम्नलिखित रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं:
- Azure क्लाउड इंजीनियर
- क्लाउड एडमिन
- डेवॉप्स इंजीनियर
- क्लाउड आर्किटेक्ट
- साइट रिलायबिलिटी इंजीनियर (SRE)
गहन करियर प्लानिंग और क्लाउड कौशल का व्यापक अवलोकन प्राप्त करने के लिए, Cloud Engineer Full Course: Your Guide to AWS, Azure & GCP (2025-2026) पढ़ें।
Azure AWS के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्लाउड प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग Accenture, Audi, Coca-Cola, Nestlé जैसी बड़ी कंपनियां कर रही हैं। Azure और अन्य क्लाउड प्लेटफॉर्म की तुलनात्मक समझ के लिए, Comprehensive AWS and Azure Cloud Computing Course Summary and Key Projects उपयोगी होगा।
ऑलराइट। सो, Ajio Zero टू Hero कोर्स इज़ फाइनली आउट जो कि एक बिगिनर फ्रेंडली कोर्स है। इसमें आपको मिल जाएगा 8 ऑवर
प्लस का कंटेंट। 15 प्लस मेजर सर्विसेज कवर्ड करी हैं। वो भी हम लोग प्रैक्टिकल करके सीखेंगे जो आपको हेल्प करेगी आपके
इंटरव्यू जर्नी में एंड रियल लाइफ वर्किंग में। चाहे आप कॉर्पोरेट में वर्क करो या तो अपने प्रोजेक्ट के लिए Azure सर्विज को
यूज़ करना हो। सो अगर आप प्लान कर रहे हो Azure क्लाउड प्लेटफार्म को अपने रिज्यूुमे में ऐड करने के लिए तो यह कोर्स
आपके लिए परफेक्ट है। एंड इस कोर्स में जो भी टॉपिक्स एंड कांसेप्ट कवर किए हैं उसकी लिस्ट आपको वीडियो के डिस्क्रिप्शन में
मिल जाएगी विद टाइमलाइन। सो दैट अगर आपको एक स्पेसिफिक ठीक है सर्विस या तो टॉपिक देखना है तो आप डायरेक्टली उस टाइमलाइन पे
जाके देख सकते हो। एंड अगर बात करें कि इस कोर्सेस से पहले आपको क्या आना चाहिए? तो इस कोर्स को मैंने इस तरीके से डिज़ाइन
किया है कि एक बिगिनर भी आराम से देख सकें एंड सीख सकें। फॉर एग्जांपल अगर कोई aur की सर्विस है कंटेनर से रिलेटेड तो मैं
उससे पहले आपको शॉर्ट में बता दूंगा कि कंटेनर क्या होता है। ओके लेट्स से अगर कोई सर्विस है कुबेनिटी से रिलेटेड तो मैं
पहले आपको बता दूंगा कि कुबेनिटी क्या होता है? कैसे वर्क करता है। सो दैट आप लेफ्ट आउट फील ना करो एंड एक बिगिनर भी
अच्छे से आराम से ठीक है? Azure की सर्विज को सीख सके। अब इस कोर्स का नाम ही है ज़ीरो टू हीरो। दैट मींस इस कोर्स के एंड
में ना आप बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट फील करोगे aur सर्विज को कैसे यूज़ करना है। प्रैक्टिकल इसका क्या यूटिलाइजेशंस हैं
एंड सो ऑन। एंड इस कोर्स में ना आप सिर्फ Azure की सर्विज ही नहीं सीखोगे। मतलब वो तो बहुत इजी है कि पोर्टल पे जाना है।
सर्विस कैसे क्रिएट करना है एक्सट्रा बट आप बहुत सारे कांसेप्ट आपको क्लियर हो जाएंगे। जैसे मान लीजिए आप एक वेब
एप्लीकेशन बनाते हो। अब उसको डिप्लॉय कैसे करते हैं क्लाउड प्लेटफार्म पे। राइट? एंड उसमें कस्टम डोमेन कैसे कॉन्फ़िगर करते
हैं? डीएनएस कैसे वर्क करता है? ठीक है? ग्लोबल ट्रैफिक कैसे ठीक है? वर्क करता है? दैट मींस आपने एक वेबसाइट बना ली।
लेकिन ग्लोबली आपको डिस्ट्रीब्यूट करना है। ठीक है? मतलब या तो यूज़र्स को सर्व करना है। तो वो कैसे वर्क करेगा? उसके लिए
आप क्या कर सकते हो? इसके अलावा नेटवर्किंग कांसेप्ट्स इसमें काफी सारे क्लियर करेंगे। खुद का नेटवर्क क्रिएट
करेंगे। उसके अंदर हम लोग रिसोर्स क्रिएट करेंगे। तो वह आपको समझ समझेगा कि एक प्राइवेट नेटवर्क कैसे मैनेज करते हैं।
उसके अंदर जो हमारे खुद के रिसोर्स कैसे मैनेज करते हैं क्लाउड पे तो वह आपको सीखने को मिलेगा। इसके अलावा जब आप
नेटवर्किंग के साथ काम कर रहे हो तो आपको सिक्योरिटी भी ठीक है पता होना चाहिए। लाइक फायर वॉल हो गया, फायरवल रूस हो गया
एक्सट्रा। इसके अलावा लेट्स से कि आपकी वेब एप्लीकेशन है। उसमें लोड बैलेंसिंग क्या होता है? स्केलिंग क्या होता है? हाई
अवेलेबिलिटी क्या होती है? आपके एप्लीकेशन में यह कैसे वर्क करते हैं? आप खुद से कैसे ये चीजें कॉन्फ़िगर कर सकते हो अपनी
एप्लीकेशन के लिए। ये सारी चीजें आपको प्रैक्टिकल देखने मिल जाएंगी। इसके अलावा हम लोग डेटाबेस के साथ भी वर्क करेंगे। नो
सीक्वल एंड सीक्वल डेटाबेस। ठीक है? दोनों ही हम लोग कवर करेंगे। कंटेनर्स मैनेजमेंट ठीक है? कंटेनर से रिलेटेड जो एप्लीकेशन
है उसको डिप्लॉय कैसे करना है? उसके साथ कैसे वर्क करना है? कुबेन 80s क्लस्टर कैसे क्रिएट करना है। इसके अलावा
इंफ्रास्ट्रक्चर एस कोड कि कोड की मदद से एजोर रिसोर्सेज कैसे मैनेज करना है। इसमें हम लोग टेराफॉर्म एंड aur का बाईसेप जो
इनका ठीक है? नेटिव प्लेटफार्म है। दोनों ही हम लोग ठीक है? दोनों के एग्जांपल देखेंगे यहां पे। इसके अलावा सीआईसीडी अह
डेप्लॉयमेंट ऑटोमेशन ये कैसे ठीक है? आप कर सकते हो। उसका भी एग्जांपल देखेंगे। एसएसएल टीएलएस, एचटीटीपीएस ठीक है?
सिक्योर ठीक है? रिक्वेस्ट ये सारी चीजें कैसे वर्क करती हैं वो भी आपको क्लियर हो जाएगा। सो इस
कोर्स में आपको नो डाउट बहुत कुछ सीखने मिलने वाला है। ओके? सो ये रहा इस कोर्स का इंट्रोडक्शन एंड ओवरव्यू। सो चलिए शुरू
करते हैं। कोर्स को स्टार्ट करने से पहले टॉपिक के सीक्वेंस को डिस्कस कर लेते हैं। ठीक है?
मैंने बिगिनर को ध्यान में रख के ये सीक्वेंस सेट किया है। लेकिन आप चाहो तो अगेन टाइमलाइन पे जाके कोई भी पर्टिकुलर
सर्विस पे जाके ठीक है? आप स्टार्ट कर सकते हो। मैंने यहां पे शुरुआत करी है वर्चुअलाइजेशन से क्योंकि वर्चुअलाइजेशन
क्या होता है पहले आप वो समझ लो क्योंकि उसी के बेस पे क्लाउड कंप्यूटिंग काम करता है। तो उसके बाद हम बात करेंगे क्लाउड
कंप्यूटिंग एंड उसमें क्या अलग-अलग टाइप की ऑफरिंग एंड सर्विसेस होती हैं? इसके बाद हम लोग बात करेंगे कि aur क्या है? और
ये कैसे डिफरेंट है? मार्केट में क्या इसकी पोजीशनिंग है? क्यों इसको सीखना चाहिए? क्या डिफरेंट है? फिर इसके बाद हम
लोग Azure में अकाउंट सेटअप करेंगे एंड उसके बाद सर्विसेस क्रिएट करना स्टार्ट करेंगे। सो जिस भी लेवल पे आप कंफर्टेबल
हो वैसे शुरुआत कर सकते हो। ठीक है? सो ऑल द बेस्ट फॉर योर जर्नी। स्टार्ट करते हैं वर्चुअलाइजेशन के साथ।
चलिए इस वीडियो में समझते हैं वर्चुअलाइजेशन एंड वर्चुअल मशीनंस जो कि आईटी इंडस्ट्री में मोस्ट कॉमनली यूज्ड
टर्म्स हैं। एक सिंपल से यूज़ केस के साथ शुरुआत करते हैं। सपोज़ आपके पास ये लैपटॉप है तो डेस्कटॉप है। एंड अगर इसके
कॉम्पोनेंट्स के बारे में बात करें। सबसे पहले आता है हार्डवेयर जिसमें आपका रैम, CPU, हार्ड डिस्क, स्टोरेज हो गया। इसके
ऊपर आपके पास होता है एक ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे कि Windows या तो Mac। ओके? एंड इसके ऊपर आप काफी सारी एप्लीकेशनेशंस को सेटअप
करते हो, इंस्टॉल करते हो एंड यूज़ करते हो। सपोज़ आप एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हो। ओके? ये सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स हैं।
इन्होंने एक एप्लीकेशन बनाई, सॉफ्टवेयर बनाया। एंड जो इनके टारगेट यूज़र्स हैं वो हैं Linux बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम एंड
Windows। मतलब ये एप्लीकेशनेशंस Linux एंड Windows दोनों पे चलना चाहिए। ओके? बट एप्लीकेशन को पब्लिश करने से पहले उसको
टेस्ट भी करना पड़ेगा। राइट? सो अभी आपके पास एक लैपटॉप है जिस पे Windows है तो आप Windows पे तो आराम से उसको टेस्ट कर सकते
हो एप्लीकेशन को। बट हाउ अबाउट द Linux? सो एक यूज़ केस तो ये हो गया कि भाई आपको किसी एप्लीकेशन को टेस्ट करना हो Linux
पे। सो क्या करोगे? दूसरा यूज़ केस ये हो सकता है कि आपको सिर्फ सीखना हो Linux सीखना हो। Linux कोई कोई कमांड्स को
प्रैक्टिस करना हो। सो इन बोथ द केसेस आपको लinक्स की जरूरत पड़ेगी। सो इस केस में क्या किया जाए? एक तरीका तो यह है कि
एक आप नया मशीन खरीद लो और Linux सेटअप कर लो। बट यह चीज हम नहीं करने वाले हैं। क्योंकि हमारे पास है वर्चुअलाइज़ेशन। ठीक
है? सो वर्चुलाइज़ेशन हमारी कैसे हेल्प करता है यहां पे? ये हो गया हमारा मेन मशीन हार्डवेयर एंड Windows। इसके ऊपर एक
लेयर आ जाती है वर्चुअलाइज़ेशन की एंड उसके ऊपर हम अपनी मनचाहा या तो जो भी हमें रिक्वायर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम है उसको सेटअप
कर सकते हैं। ये जो कॉम्बिनेशन मैं अभी एग्जांपल दिखा रहा हूं। कि Windows के ऊपर हम लोग Linux सेटअप कर रहे हैं। ये
कॉम्बिनेशन लिमिटेड नहीं है। आपका प्राइमरी या तो जो मेन ऑपरेटिंग सिस्टम है चाहे Windows हो चाहे Mac OS हो आप उसके
ऊपर भी वर्चुअलाइजेशन यूज़ करके डिफरेंट टाइप का ऑपरेटिंग सिस्टम सेटअप कर सकते हो। एंड वन मोर थिंग कि आप सिर्फ एक नहीं
मल्टीपल टाइप के ऑपरेटिंग सिस्टम यूजिंग द वर्चुअलाइजेशन सेटअप कर सकते हो। बट ये जो वर्चुअलाइजेशन है वो काम कैसे करता है?
मतलब एक्चुअल में वह लेयर है क्या? सो वो जो लेयर है एक्चुअल में उसको हम बोलते हैं हाइपरवाइजर।
ओके? अब यह हाइपरवाइजर क्या होता है? सिंपल है। इट इज़ अ सॉफ्टवेयर दैट क्रिएट्स एंड रन वर्चुअल मशीनंस। सो आपके जो मेन
मशीन है उसके ऊपर वर्चुअलाइजेशन सेटअप करने में, वर्चुअल मशीनंस बनाने में और उसको मेंटेन करने के लिए हाइपरवाइजर की
हमें जरूरत पड़ती है। एक सिंपल सा यूज़ केस देखें तो आपका जो मेन मशीन हो गया उसके ऊपर आप हाइपरवाइजर एक क्योंकि ये वो
सॉफ्टवेयर है। आप सिंपली इंस्टॉल कर लोगे एंड उसकी मदद से आप सिंपल अलग-अलग वर्चुअल मशीनंस बनाओगे। एंड जिसमें आप डिफरेंट
टाइप्स ऑफ ऑपरेटिंग सिस्टम सेटअप कर सकते हो एक या तो एक से ज्यादा भी। इसका एक एग्जांपल है oरेकल वर्चुअल बॉक्स जो कि एक
ओपन सोर्स टूल है जिसको आप वर्चुअल बॉक्स साइट पे जाके सिंपली डाउनलोड करके यूज़ कर सकते हो। अब बात करते हैं कि हाइपरवाइजर
की। ये ऐसा क्या करता है जिसकी मदद से हम लोग डिफरेंट ऑपरेटिंग सिस्टम्स को यूज़ कर पाते हैं, सेटअप कर पाते हैं। ओके? इट
सिंपली शेयर हार्डवेयर रिसोर्सेज फ्रॉम होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम। अब इसका क्या मतलब हुआ? सिंपल डायग्राम से आपको समझ में आ
जाएगा। यह हमारा रहा मेन कंप्यूटर। ठीक है? मेन कंप्यूटर में आपके पास रिसोर्सेज हैं 8GB रैम, 100GB ऑफ़ हार्ड डिस्क। इसके
ऊपर आप लोग ने इंस्टॉल कर दिया एक हाइपरवाइजर। हम लोग ने एक एग्जांपल भी देखा था वर्चुअल बॉक्स। राइट? सो आपने
लेट्स से वर्चुअल बॉक्स को सेटअप कर दिया। अब वो क्या करेगा? यह जो अवेलेबल रिसोर्सेज हैं 8GB एंड 100GB इसको डिवाइड
करके एक मिनी कंप्यूटर बना देगा। जैसे कि एक छोटा सा कंप्यूटर यह बन गया 2GB ऑफ़ रैम 20GB हार्ड डिस्क और एक और दूसरा 2GB ऑफ़
रैम 10GB ऑफ़ हार्ड डिस्क जो मिनी कंप्यूटर जो बनाया है इसी को हम लोग वर्चुअल मशीन बोलते हैं। ओके? क्योंकि ये एक्चुअल में
मशीन है नहीं। राइट? ये सॉफ्टवेयर की मदद से हम लोग एक वर्चुअल मशीन बना रहे हैं। इसलिए हम लोग इसको वर्चुअल मशीन कहते हैं।
और इसमें जो रिसोर्सेज होते हैं वो एक्चुअल रिसोर्स होते हैं जो कि हम लोग शेयर करते हैं किससे? मेन कंप्यूटर से। अब
ये जो वर्चुअल मशीनंस हैं हमारे राइट? ये बिना ऑपरेटिंग सिस्टम्स के तो काम नहीं करेंगे। तो उसके ऊपर हम लोग एक और
ऑपरेटिंग सिस्टम को सेटअप करते हैं। जैसे कि Linux, Mac एंड उसको हम लोग यूज़ कर पाते हैं। चलिए अब बात करते हैं बेनिफिट्स
ऑफ़ वर्चुअल मशीनंस। एक दो एग्जांपल्स ऑलरेडी देख चुके हैं कि नए ऑपरेटिंग सिस्टम्स को अगर हमें यूज़ करना हो, सीखना
हो तो एक नई मशीन खरीदने की जरूरत नहीं है। हम लोग अपने एप्लीकेशन को काफी आसानी से डिफरेंट ऑपरेटिंग सिस्टम्स पे टेस्ट कर
सकते हैं। ट्राई कर सकते हैं। नो रिस्क ऑफ एनी इशज़ विद योर प्राइमरी ऑपरेटिंग सिस्टम। ये इंपॉर्टेंट पॉइंट है। समझना आप
कि जब आप वर्चुअलाइजेशन यूज़ करते हो, अपने अलग-अलग वर्चुअल मशीनंस बनाते हो। सो ये जितनी मशीनंस बनी हुई होती हैं वो अपने एक
आइसोलेटेड एनवायरमेंट में काम करती हैं। सो कोई इंपैक्ट भी नहीं होता है। जैसे मान लो अगर लinक्स वाले वर्चुअल मशीन में कोई
इशू है या तो कोई प्रॉब्लम आ जाती है। सो इसका इंपैक्ट दूसरे वर्चुअल मशीन या तो आपको जो मेन ऑपरेटिंग सिस्टम्स है उस पे
कोई इंपैक्ट नहीं होता है। चलिए अब बात करते हैं टाइप्स ऑफ हाइपरवाइजर की। दो टाइप्स के ये होते हैं। टाइप वन एंड टाइप
टू। टाइप वन को हम लोग बेयर मेटल भी कहते हैं। टाइप टू को होस्टेट कहते हैं। दोनों में क्या डिफरेंस है? चलिए वो समझते हैं।
अभी जो हम लोग ने एग्जांपल देखा अपने केस में उसमें हम लोग क्या है? एक एक होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम था जैसे कि Windows उसके
ऊपर हम लोग एक हाइपरवाइजर को यूज़ कर रहे थे। ओके? लाइक वर्चुअल बॉक्स। सो, यह एग्जांपल हुआ टाइप टू हाइपरवाइजर का जिसको
हम लोग होस्टेड भी कहते हैं। होस्टेड इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यह होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम या तो प्राइमरी ऑपरेटिंग
सिस्टम के ऊपर यूज़ होता है। एंड चलिए अब देखते हैं टाइप वन या तो बेयर मेटल, हाइपरवाइजर। इस टाइप के हाइपरवाइजर
डायरेक्टली हार्डवेयर पे सेटअप या तो इंस्टॉल होते हैं। एंड सेम फंक्शनैलिटी होती है कि अलग-अलग वर्चुअल मशीनंस बनाना।
ऑफ कोर्स रिसोर्स शेयर करके। ओके? ओके बट डिफरेंस इतना है कि इसमें कोई होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होता है। यह
डायरेक्टली हार्डवेयर पे सेटअप होता है। यहां पे कुछ लोगों के क्वेश्चंस आते हैं या तो कंफ्यूजन भी कि बिना ऑपरेटिंग
सिस्टम के आप कैसे सेटअप कर सकते हो हाइपरवाइजर को। सो ये जो टाइप वन या तो बेयर मेटल हाइपरवाइजर होता है एक मिनी
ऑपरेटिंग सिस्टम जैसा वर्क करता है। मतलब कि जो भी बेसिक रिक्वायरमेंट होती है एक हार्डवेयर पे सेटअप होने के लिए वो इस
हाइपरवाइजर में ऑलरेडी एग्जिस्टिंग होती है। ठीक है? सो बेसिक ऑपरेटिंग सिस्टम इसमें ऑलरेडी प्रेजेंट होता है जो कि
हेल्प करता है इसको सेटअप करने के लिए एक हार्डवेयर पे एंड अगर कुछ एग्जांपल्स के बारे में बात करें टबन वेयर मेटल
हाइपरवाइजर की सो है बीएमवेयर वी स्पेयर सिट्रिक्स का ज़न सर्वर एंड आल्सो जो क्लाउड सर्विसेस प्रोवाइडर्स हैं जैसे कि
aws एंड ऑल सो इन लोग भी यही करते हैं इनके पास बहुत बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्वर्स होते हैं। बहुत सारा रिसोर्स
होता है। एंड इन लोग इस टाइप के हाइपरवाइजर को यूज करके अलग-अलग वर्चुअल मशीन छोटे-छोटे सेगमेंट्स में बना के
डिफरेंट यूज़र्स या तो डिफरेंट ऑर्गेनाइजेशंस को सिंपली लोग असाइन कर सकते हैं। इसी के साथ-साथ कुछ
ऑर्गेनाइजेशन में उनके खुद के इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। जैसे कि बहुत बड़ी मशीन है। राइट? सो उसको छोटे-छोटे वर्चुअल
मशीनंस में डिवाइड करके ठीक है? अलग-अलग रोल्स, टीम्स या तो अलग-अलग वर्क्स के लिए भी यूज़ किया जा सकता है। सो करेंटली मैं
खुद भी वर्चुअलाइजेशन यूज़ कर रहा हूं अपने MacBook पे जहां पे Mac OS मेरा प्राइमरी ऑपरेटिंग सिस्टम्स है। इसके ऊपर मैं
पैरेलल डेस्कटॉप को यूज़ करके वर्चुअलाइजेशन क्रिएट कर रहा हूं। एंड Linux बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम यूज़ कर रहा
हूं। सो अभी ये तो हो गया मेरा Mac OS एंड इसके बाद मैं सिंपल स्लाइड करता हूं। एंड यहां पे यह आ जाता है मेरे पास Linux
बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम्स। यहां पे मैं Linux के रिलेटेड टास्क कर सकता हूं। एंड यहां पे अपना मैक ओएस या तो मैक बेस्ड
अपने टास्क एंड लास्ट में कवर कर लेते हैं व्हाई डू कंपनीज़ यूज़ वर्चुअलाइजेशन एंड आई थिंक सो अब आपको क्लियर आईडिया आ गया होगा
कि कंपनीज़ भी क्यों यूज़ करती हैं। एक तो सबसे पहले हेडेक नहीं होता है उनको मेंटेन करने का उनको मैनेज करने का। चाहे
सिक्योरिटी हो, चाहे ऑपरेटिंग सिस्टम्स को अपडेटेड रखना हो, चाहे मतलब इतने सारे जो टास्क हैं वो जो वर्चुअलाइजेशन वाली जो
कंपनीज़ हैं, क्लाउड है वो आपको यूज़ करके देती हैं। जो इनह हाउस वर्चुअलाइजेशन भी यूज़ होता है। इसका भी हम लोगों ने यूज़ केस
देख चुका है। ठीक है? चीप होता है एंड स्केलेबल होता है। आपको रिसोर्सेज थोड़ा सा बढ़ाना हो, ज्यादा करना हो, ज्यादा जरूरत
हो वो चीजें भी आप कर सकते हो। सो या दैट्स ऑल अबाउट द वर्चुअलाइजेशन। आई होप ये वीडियो आपको अच्छी लगी होगी। सो लाइक
एंड सब्सक्राइब जरूर कर देना। थैंक्स फॉर वाचिंग। ऑलराइट। सो चलिए इस सेक्शन में समझते हैं
क्लाउड कंप्यूटिंग क्या होती है? पहले तो वन लाइन डेफिनेशन ऑन डिमांड डिलीवरी ऑफ़ आईटी रिसोर्स ओवर द इंटरनेट विद पे एज़ यू
गो प्राइिंग। इन सिंपल वर्ड्स क्लाउड कंप्यूटिंग का मतलब है इंटरनेट के माध्यम से इन आईटी रिसोर्सेज का उपयोग करना।
सिंपल। अब ये रिसोर्सेज अलग-अलग टाइप के हो सकते हैं। जैसे कि सर्वर्र्स, स्टोरेज, डेटाबेस, सॉफ्टवेयर। सो अलग-अलग टाइप की
सर्विज हो सकती हैं। डिपेंड अपॉन द यूज़ केसेस। आपने कुछ सर्विज ऑलरेडी यूज करी होगी जैसे कि Google में, Google फोटो,
Google ड्राइव। ठीक है? सो आप वहां पे क्या कर रहे हो? ओवर द इंटरनेट। ठीक है? आप अपनी फाइल्स को, अपने फोटोज को स्टोर
कर रहे हो। सो वो भी एक टाइप की क्लाउड सर्विज ही हुई। लेकिन यहां पे हम लोग ने बोला था प्राइिंग के बारे में बात करी थी।
तो सिंपल बोले तो क्लाउड कंप्यूटिंग में आप क्या कर रहे हो? जो रिसोर्सेज है, जो स्टोरेज है वो रेंट पे या तो सब्सक्रिप्शन
बेस्ड पे आप ठीक है? उसका यूज़ कर रहे होते हो। करंट मार्केट में ऐसी बहुत सारी कंपनीज़ हैं जो क्लाउड कंप्यूटिंग
प्लेटफार्म प्रोवाइड करती हैं। एंड इनको आप क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स भी बोल सकते हो। कुछ चुनिंदा नाम जैसे कि आपने सुने
होंगे शायद AWS, Amazon वेब सर्विस, Microsoft Azure, Google क्लाउड प्लेटफार्म एंड सो ऑन। सो IBM Oracle,
अलीबा। सो बहुत सारी कंपनीज़ हैं जो इस टाइप की सर्विज आपको प्रोवाइड करती हैं। एंड इन केस इफ यू आर थिंकिंग कि ये कंपनीज़
काम कैसे करती हैं। सो अलग-अलग डिफरेंट लोकेशनेशंस में इन कंपनीज़ के बहुत बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स होते हैं जो इनके पास
डेडिकेटेड फिजिकल सर्वर्स, स्टोरेज और नेटवर्किंग डिवाइस जो भी मतलब आईटी कंप्यूटिंग के लिए जो भी चीजों की जरूरत
है इनके पास फुल्ली लोडेड रहते हैं। है ना? अब ये इतने बड़े जो सर्वर्स हैं या तो जो इनके पास रिसोर्सेज हैं इन लोग
वर्चुअलाइजेशन जैसी टेक्नोलॉजी का यूज करके मल्टीपल यूज़र्स को क्लाइंट्स को ऑर्गेनाइजेशन को इन लोग सर्व करते हैं
अपनी क्लाउड सर्विसेस के द्वारा। अगर वर्चुअलाइजेशन और अच्छे से समझना चाहते हो कैसे वर्क करता है। सो उसके लिए एक सेपरेट
वीडियो है। लिंक आपको यहां पे आई बटन पे मिल जाएगी। चलिए एक यूज़ के से समझते हैं कि जो क्लाउड प्लेटफार्म है हमारे लिए
कैसे बेनिफिशियल है एंड ये हमारी क्या प्रॉब्लम सॉल्व करता है। जैसे कि लेट्स से ये हमारा राजू है एंड इसको एक बिज़नेस
स्टार्ट करना है। इसने एक ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाई। नाउ इस वेबसाइट को उसको लाइव करना है, पब्लिश करना है। मतलब सिंपल
है डिप्लॉय करना है। बट इसने जब लॉन्ग टर्म सोचा या तो अच्छे से ध्यान दिया तो काफी सारे इसमें चैलेंजेस थे। जैसे कि ये
वेबसाइट 247 रनिंग होना चाहिए। ठीक है? 24 आवर्स एक्टिव होना चाहिए। नेटवर्क से सिक्योर हो क्योंकि भाई ई-कॉमर्स वेबसाइट
है। क्रेडिट कार्ड डिटेल्स यूज़र्स की इंफॉर्मेशनेशन रहेगी फास्ट होना चाहिए। ठीक है? कि यूजर इरिटेट ना हो। जो भी
इंफॉर्मेशन है या तो डेटा है उसका बैकअप होना चाहिए। इन केस अगर कुछ फेलियर हो जाता है सिस्टम फेलियर। कल को बहुत सारे
यूज़र्स आ जाते हैं। जैसे कि Amazon ई-कॉमर्स वेबसाइट है। ठीक है? तो लेट्स से लाखों मिलियंस यूज़र्स आ जाते हैं। क्या
उसको हम हैंडल कर पाएंगे? सो काफी सारे चैलेंजेस थे। अब इसके लिए क्या कर सकते हैं? हैं। देयर इज़ अ थिंग कि भाई अगर मान
लो यूजर सोचता है कि मैं सर्वर्स खरीद लेता हूं बहुत सारे। ठीक है? बड़े-बड़े सर्वर्स डेडिकेटेड सर्वर्स खरीद लेता हूं।
लेकिन इसके साथ काफी सारे प्रॉब्लम्स भी आती हैं। इन सर्वर्स को मैनेज करना, टाइम टू टाइम अपडेट करना, नेटवर्क सिक्योरिटी,
नेटवर्क एस्टैब्लिशमेंट। ओके? इसके बाद इसको मैनेज करने के लिए आपको रिसोर्सेज हायर करने पड़ेंगे। एंड सो ऑन। एंड इसके
बाद भी आप इन फ्यूचर जैसे कि मान लो ग्रो करते हैं। ठीक है? कंपनी। सो आपको रिसोर्सेज प्लस हार्डवेयर एवरीथिंग विल बी
सो कॉम्प्लिकेटेड एंड इनिशियली इतना सारा इन्वेस्टमेंट्स हर किसी के लिए पॉसिबल नहीं होता। मतलब एक नॉर्मल यूजर हो या तो
एक ऑर्गेनाइजेशन हो, एक स्मॉल स्केल ऑर्गेनाइजेशन हो। सो इसके लिए एक हमारे पास एक बेटर चॉइस क्या है? रेंट। ठीक है?
जैसे नॉर्मल कार की भी अगर बात करें आपको वन पॉइंट से दूसरे पॉइंट ही जाना है। तो या तो आप एक चीज करो आप भाई कार खरीद के
ले आओ डायरेक्ट शोरूम से या तो आप सिंपल कैब बुक करके भाई रेंट पे। ठीक है? गाड़ी से चले जाओ। जाओगे तो आप गाड़ी में ही
डिफरेंट तरीके होंगे। एंड उसी तरीके से आप जो हमारे क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर हैं लाइक एडब्ल्यूएस, अजोर। सो इनके
प्लेटफार्म को यूज़ करके इनके रिसोर्सेज को यूज़ करके आप अपनी ठीक है बिज़नेस कंटिन्यू कर सकते हो। एंड द बेस्ट पार्ट
अबाउट इट कि जो भी अभी हम लोगों ने चैलेंजेस देखे थे ना जैसे कि 247 रनिंग, सिक्योरिटी, बैकअप, लोड बैलेंसिंग एंड सो
मेनी थिंग्स वो सारी रिस्पांसिबिलिटी ये क्लाउड प्रोवाइडर्स की होती है। सो आपको कुछ भी सोचने की या तो टेंशन लेने की
जरूरत नहीं है। ओके? एंड जो भी आप सर्विज आप यूज करते हो, आप उसी को उसी के लिए इसे पे करते हो। सो आपको कुछ एडिशनल पे करने
की भी जरूरत नहीं है। एंड द बेस्ट पार्ट अबाउट इट कि जैसे कि आपकी लेट्स से कंपनी ग्रो होती है। आपको स्केल करना है अपना
बिज़नेस। आपको रिसोर्सेज ऐड करना है। तो विद इन अ मिनट ये जो रिसोर्सेज ऐड करना पॉसिबल है इन प्लेटफॉर्म्स पे। सो काफी
सारी फ्लैक्सिबिलिटी आपको प्रोवाइड होती है। एंड आप सिंपल एक डैशबोर्ड एक सिंपल एक ब्राउज़र पे एक डैशबोर्ड की मदद से ये सारे
काम कर सकते हो। सो इट्स रियली वेरी इजी आल्सो। चलिए अब बात करते हैं टाइप्स ऑफ क्लाउड कंप्यूटिंग के बारे में। इनको
अलग-अलग कैटेगरीज में इन्होंने रखा हुआ है बेस्ड ऑन द सर्विसेस दे आर ऑफरिंग। जैसे कि आईएएस इसका मतलब है इंफ्रास्ट्रक्चर एज
अ सर्विस, प्लेटफार्म एज अ सर्विस, सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस। अब ये तीनों के बीच में डिफरेंस क्या है? इसको एक बहुत
सिंपल से एग्जांपल से समझते हैं। ओके? सबसे पहली बारी बात करते हैं इंफ्रास्ट्रक्चर एज अ सर्विस जो कि है
आईएएस। इसको आप सिंपल विजुअलाइज़ कर सकते हो। जैसे कि आपको एक ब्लैंक खाली कंप्यूटर मिल गया है। दैट्स इट। इसके बाद सारी
जिम्मेदारी आपकी। ठीक है? कंप्यूटर आपने रेंट पे ले लिया लेट्स से। एंड इसके बाद ओएस उसमें कौन सा यूज़ करना है। एंड इसके
बाद एप्लीकेशन कौन सी डालनी है एंड उसको आपको कैसे यूज़ करना है। ठीक है? सो वो फ्लैक्सिबिलिटी या तो वो रिस्पांसिबिलिटी
आपकी होती है। तो ये लीस्ट लेवल या तो बेसिक लेवल आप ऑफरिंग बोल सकते हो इंफ्रास्ट्रक्चर एज अ सर्विस। इसको याद
रखने के लिए या तो रिलेट करने के लिए आप एक रियल लाइफ एग्जांपल से इसको रिलेट करते हैं। जैसे कि लेट्स से आपको एक आइसक्रीम
पार्लर खोलना है। ओके? एंड आप एक मॉल में जाते हो दुकान लेने के लिए। सो आपको एक खाली दुकान मिल जाती है। खाली दुकान उसमें
कुछ भी नहीं है। ठीक है? तो यहां पे आप स्टार्टिंग से चाहे पेंट करना हो, चाहे फर्नीचर बनाना हो, ठीक है? आइसक्रीम की
मशीन लाना हो, सब कुछ आपको खुद से करना पड़ेगा। तो वो एक अच्छी चीज भी है क्योंकि लोग अपने हिसाब से भाई पूरा मॉडर्न ठीक
है? डिज़ करना चाहते हैं। सो वो फ्लैक्सिबिलिटी भी मिल जाती है। बट आपकी एक रिस्पांसिबिलिटी है तो काम भी बढ़ जाता
है। ओके? सो ये हो गया अपना आईएएस इंफ्रास्ट्रक्चर एज अ सर्विस। ठीक है? और आइसक्रीम Parle अभी याद रखना। ओके? चलिए
अब बात करते हैं प्लेटफार्म एज अ सर्विस। सो देखो जैसे कि नाम सजेस्ट कर रहा है। आप थोड़ा सा रिलेट करना। प्लेटफार्म भी आपको
प्रोवाइड कर रहा है। लेट्स से आपको कोई एक सॉफ्टवेयर को डिप्लॉय करना है। ठीक है? क्लाउड में तो आपको उसके लिए जो भी चीजों
की जरूरत होगी एक पूरा का पूरा प्लेटफार्म रेडी प्लेटफार्म एनवायरमेंट प्रोवाइडेड रहेगा। सो आपको सिर्फ फोकस करना है। सिर्फ
अपनी एप्लीकेशन पे फोकस कर सकते हो। ठीक है? अब इसको रियल लाइफ से ठीक है? हम लोग रिलेट करते हैं। अपनी आइसक्रीम पार्लर पे
जाते हैं। अगर आप प्लेटफार्म एज अ सर्विस ठीक है? आप जाते हो तो आपको क्या मिलता है? आपको कुछ इस टाइप का स्टोर मिलता है।
आपकी डिमांड क्या थी? आइसक्रीम पार्लर खोलना। तो अगर आप देखोगे यहां पे आइसक्रीम के लिए पूरा ट्रे ठीक है डिस्प्ले और आपके
आइसक्रीम की मशीन फर्नीचर और रेफ्रिजरेटर एवरीथिंग इज देयर अब आपको क्या करना है भाई देखो यहां पे आपको सिर्फ अपने
प्रोडक्ट पे ध्यान देना है कि भाई मुझे आइसक्रीम बेचना था राइट आई कैन कम टू द स्टोर सिर्फ अपने आइसक्रीम और जो मेरी
सीक्रेट इंग्रेडिएंट है ठीक है तो वो आइसक्रीम को मैं डायरेक्टली अब बेच सकता हूं फ्रॉम द नेक्स्ट डे सो मुझे यहां पे
एडिशनल यहां पे थोड़ा सा लेवल ऑफ फैसिलिटीज यहां पे मिल जाती जाती हैं। चलिए अब बात करते हैं सॉफ्टवेयर एज अ
सर्विस जिसको हम sस बेस्ड एप्लीकेशनेशंस भी बोलते हैं। यह कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो आप इंटरनेट की मदद से इसको एक्सेस
कर सकते हो, यूज़ कर सकते हो। मींस आपको डाउनलोड करके इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। अब जैसे कि इसका सबसे बेस्ट एग्जांपल
बताता हूं। जैसे पहले आप MS Exl यूज़ करते होगे शायद। ठीक है? तो जिसको आपको इंस्टॉल करना पड़ता था एंड ऑल। बट नाउ दीज़ डज़ आप
Google शीट यूज़ करते हो शायद। राइट? सो Google शीट क्या है? आप सिर्फ ब्राउज़र पे जाते हो, उसको एक्सेस करते हो, आपको
दिखेंगे सिमिलर। ठीक है? वही फार्मूलाज़ आप ठीक है? रो कॉलम्स एंड यूज़ कर सकते हो। बट डिफरेंस इतना है कि Excel को आप लोकली
अपने सिस्टम पे यूज़ करते हो। एंड Google शीट जैसे जो आप सॉफ्टवेयर्स हैं आप उसको ऑनलाइन यूज़ करते हो। ठीक है? सो ये
डिफरेंस हो जाता है। अब इसको रियल लाइफ से ठीक है? रिलेट करें। ठीक है? अ एक सबसे बेस्ट एग्जांपल है SS का वो है बेंडिंग
मशीन। अब देखो मैंने मेरी क्या रिक्वायरमेंट थी कि भाई मुझे आइसक्रीम बेचनी है। है ना? अब आप देखोगे कि भाई सैस
बेस्ड से मुझे पूरा का पूरा एक आइसक्रीम का वेंडिंग मशीन मिल गया। अब भाई जो भी इंसान आएगा उसको जिसको भी आइसक्रीम चाहिए
वो पैसे डालेगा आइसक्रीम लेके निकल जाएगा। सो देयर इज़ नो हेडेक नथिंग एट ऑल। ठीक है? सो ये और एक्स्ट्रा फैसिलिटीज़ हो गई। ओके?
सो आई होप सो ये तीनों कैटेगरीज़ आप अच्छे से समझ गए होंगे। इसके बाद बात करते हैं डिफरेंट टाइप्स ऑफ क्लाउड डिप्लॉयमेंट कि
मतलब [नाक से की जाने वाली आवाज़] कोई भी ऑर्गेनाइजेशन है या तो यूजर है किस तरह से क्लाउड प्लेटफार्म की या तो सर्विज को यूज़
करता है इसकी भी अलग-अलग ठीक है कैटेगरीज में बांट दिया जैसे कि पब्लिक क्लाउड, प्राइवेट क्लाउड, हाइब्रिड क्लाउड एंड सो
ऑन। इसको भी रियल लाइफ वाले एग्जांपल से हम लोग रिलेट करेंगे। लेकिन पहले तो जल्दी-जल्दी इनके मीनिंग देख लेते हैं।
पब्लिक क्लाउड मतलब होता है अ शेयरर्ड क्लाउड एनवायरमेंट वेयर मल्टीपल यूज़र्स कैन एक्सेस सर्विसेस ओवर द इंटरनेट लाइक
एडब्ल्यूएस और एजीओ। एडब्ल्यूएस, एजीओ जैसे अ पब्लिक क्लाउड इनको क्यों कहा जाता है? क्योंकि जैसे कि हम लोग ने देखा था कि
इनके पास बहुत बड़ा डेटा सेंटर्स है। एंड वही डेटा सेंटर्स को मल्टीपल यूज़र्स एक्सेस करते हैं या तो शेयर करते हैं। आप
इसको रिलेट कर सकते हो एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से। ठीक है? ठीक है? पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे कि आप लाइट से बस में जा
रहे हो। बस में एक यूजर तो बैठता नहीं है। आपके लिए एक सीट जरूर मिल गई है। है ना? क्योंकि आपने सीट की ऑफ कोर्स भाई टिकट
खरीदी तो सीट मिलेगी। एक सीट मिल गई है लेकिन पूरी बस नहीं मिली है। ठीक है? सो पब्लिक क्लाउड इज़ अ सॉरी पब्लिक
ट्रांसपोर्ट इज़ अ गुड एग्जांपल ऑफ़ पब्लिक क्लाउड। एंड इसमें प्रॉब्लम्स क्या है? भाई आपको प्राइवेसी नहीं मिलेगी। लेकिन
कुछ बेनिफिट क्या है? चीप रहेगा। ऑफ कोर्स पैसे आपके सेव होंगे। इसके बाद बात करते हैं प्राइवेट क्लाउड। अब देखो कुछ
ऑर्गेनाइजेशंस होती हैं भाई जो थोड़ा सा एफोर्ड कर सकती हैं बट जिनके लिए सिक्योरिटी और ये जो प्राइवेसी है वो
ज्यादा मैटर करता है। ठीक है? सो इन लोग क्या कर सकते हैं? अ डेडिकेटेड क्लाउड एनवायरमेंट फॉर वन ऑर्गेनाइजेशन ऑफरिंग
मोर कंट्रोल एंड प्राइवेसी। इसको आप रिलेट कर सकते हो। जैसे कि आई थिंक ज़ूम कार होती है शायद जो सर्विज रेंटल कार बोल सकते हो
कि आप कार को 1 दिन 2 दिन वीक के लिए आप रेंट पे ले आते हो। ठीक है? आप सिर्फ एक वीक का पैसा देते हो। कार आपके पास रहती
है। आप चलाते हो। आप अपनी फैमिली के साथ जाओ। जहां जाना है जाओ घूमो, फिरो। इसमें क्या बेनिफिट है? आपके पास प्राइवेसी है।
आपकी खुद की गाड़ी हो। जैसे आप उसको ट्रीट करते हो। आपकी फैमिली भी प्राइवेट प्राइवेसी रहती है। आप अपनी फैमिली के साथ
ज्यादा एंजॉय कर सकते हो। ऑलदो इसमें दो प्रॉब्लम्स क्या है भाई? प्रॉब्लम्स नहीं बोल सकते कि थोड़ा सा ज्यादा एक्सपेंसिव
होगा। बट इसमें प्राइवेसी होगी। एंड ज्यादा आप सिक्योर फील करोगे। इसके बाद है हाइब्रिड क्लाउड। ओके? सो हाइब्रिड क्लाउड
अब क्या है? मिक्स ऑफ़ प्राइवेट एंड पब्लिक। ठीक है? सो डिपेंड्स अपॉन द यूसेज। अ जैसे कि अ लेट्स से कि मेरी एक
एप्लीकेशन है अ बहुत इंपॉर्टेंट है। तो मैं कुछ सर्विसेज पब्लिक से ले सकता हूं। एंड जो मेन जो मेरा कोर है मेरे सॉफ्टवेयर
का या तो मेरे एप्लीकेशनेशंस का मैं उसको प्राइवेट क्लाउड पे रख सकता हूं। इसको आप रिलेट कर सकते हो। जैसे कि मान लो A पॉइंट
से C पॉइंट तक जाना है तो आप आधा रास्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ठीक है आप यूज़ कर लो और जो बचा हुआ है उसको आप प्राइवेट कार
से यूज़ कर सकते हो। सो दिस इज़ आल्सो अ गुड एग्जांपल ऑफ़ हाइब्रिड क्लाउड। ओके? ओ ओके। एंड लास्ट में देख लेते हैं फ्यू फीचर्स
कॉमनली ऑफर्ड बाय क्लाउड प्रोवाइडर्स। क्योंकि हमारे मन में ठीक है माइंड में हमेशा रहता है कि भाई क्लाउड प्लेटफार्म
पे हमको सिर्फ कंप्यूटिंग पावर मिलती है। तो एज अ कंप्यूटर है तो वर्चुअल मशीनंस टाइप की मिलती है। बट इसके अलावा क्लाउड
कंप्यूटिंग में बहुत सारी सर्विज आपको मिल जाती हैं। जैसे कि स्टोरेज डिवाइसेस सिर्फ डेटाबेस आपको ठीक है मेंटेन करना हो या तो
स्टोरेज रखना हो सिर्फ फाइल से स्टोर करना हो नेटवर्किंग सर्विज भी इसमें मिल जाती हैं आपको और कंटेनर सर्विस सर्वरस
कंप्यूटिंग मशीन लर्निंग ओके यूजर मैनेजमेंट मॉनिटरिंग लॉगिंग और सो मेनी थिंग्स। ठीक है? सो क्लाउड कंप्यूटिंग एक
बहुत वास्ट टॉपिक है। ऑलदो हाउ एवर इस वीडियो के बाद आपको थोड़ा तो एक एक ओवरव्यू या तो क्लेरिटी मिल गई होगी कि
क्लाउड कंप्यूटिंग होता क्या है? क्या बेनिफिट्स होते हैं? अलग-अलग टाइप्स होते हैं, डिपार्ट डिप्लॉयमेंट्स टाइप्स होते
हैं। एंड उसको रियल लाइफ यूज़ कैसे समझाया? तो आई एम श्योर कि आपको वो चीजें याद रहेगी। आई होप सो ये वीडियो आपके लिए
हेल्पफुल रही होगी। हिट दैट लाइक बटन। पसंद आया हो वीडियो तो। थैंक्स फॉर वाचिंग।
डायरेक्टली प्रैक्टिकल पे जंप करें। उसके पहले थोड़ा सा एजोर के बारे में बात कर लेते हैं। जैसे कि एज्योर है क्या? इसकी
कहां जरूरत पड़ती है? करंट मार्केट पोजीशनिंग क्या है? अकॉर्डिंगली जॉब अपॉर्चुनिटीज़ क्या है? एंड लास्टली हमको
क्या सीखना चाहिए कि नहीं इन 2026। सो सबसे पहले शुरुआत करते हैं। बात करते हैं व्हाट इज Azure? सो अगर इसको वन लाइन में
डिफाइन करें तो Microsoft Azure एक क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफार्म है जो इंटरनेट के थ्रू आपको डिफरेंट क्लाउड बेस्ड सर्विसेज
प्रोवाइड करता है। इसको समझते हैं एक एग्जांपल से। लेट्स से आपने एक वेबसाइट बनाई है। ओके? सिर्फ कोड करके रखा है। सो
आपके नेक्स्ट स्टेप क्या होगा? उसको आपको डिप्लॉय करना है। तो इसके लिए आपको एक सर्वर चाहिए। ओके? जो 247 रनिंग हो
एक्सट्रा। मान लीजिए आपके वेबसाइट में एक डेटाबेस यूज़ हो रहा है तो डेटाबेस की जरूरत है। आपके वेबसाइट का डेटा स्टोर
करने के लिए स्टोरेज की जरूरत है। सो दैट मींस कि आपके वेबसाइट को रनिंग या तो लाइव करने में बहुत सारी चीजों की जरूरत है। तो
एक आपके पास तरीका क्या है? आप फिजिकली ये रिसोर्सेज आप ठीक है बाय करो, परचेस करो और उसको मेंटेन करो। इसके बजाय आप क्या कर
सकते हो? एक अच्छा सा क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफार्म पिक कर सकते हो। लाइक aur जो आपके एप्लीकेशन को बिल्ड डिप्लॉय एंड
मैनेज करने के लिए जो भी सर्विज की जरूरत है वह आपको प्रोवाइड कर देता है। मतलब वन स्टॉप सॉल्यूशन टाइप का है। सो सिंपल
वर्ड्स में अगर बात करें तो आपकी एप्लीकेशन को प्रॉपर्ली रनिंग करने के लिए जो भी डिफरेंट टाइप की सर्विज की जरूरत
पड़ती है वो आपको यहां पे मिल जाती है। अब बात करते हैं कि ये सर्विज काम कैसे करती हैं या तो हम इसको कैसे यूज़ कर सकते
हैं। तो यह जो प्लेटफार्म है वो पे एज यू गो प्राइिंग मॉडल पे वर्क करता है। मींस जो भी सर्विसेज और जितने भी रिसोर्सेज आप
यूज़ करोगे उसके अकॉर्डिंग आपकी बिलिंग होगी। मींस उतना ही आपको पे करना पड़ता है। दैट्स इट। लेट्स से आप क्लाउड पे एक
वर्चुअल मशीन आप यूज़ कर रहे हो। अब वर्चुअल मशीन लेट्स से कंप्यूटर ही है राइट? उसमें आपको स्टोरेज भी होगा। तो मान
लीजिए अगर आप स्टार्टिंग में स्टोरेज 50 GB यूज़ कर रहे हो तो आप सिर्फ 50 GB का पैसा दोगे। मान लीजिए इन फ्यूचर आपको
स्टोरेज बढ़ाना है तो आप वो भी बढ़ा सकते हो। स्केल कर सकते हो। लेट्स से 500 GB करना है। लेकिन बस इतना डिफरेंस होगा कि
आप उसके बाद आप 500 GB का लिए पे करोगे। सो क्लाउड यूज़ करने का बेनिफिट यह है कि अभी आप लेट्स से 500GB यूज़ कर रहे हो और
इन फ्यूचर आपको पता चलता है कि नहीं यार 500 GB की जरूरत नहीं है। सिर्फ 100 GB में मेरा काम चल रहा है। सो आप वो 400 जो
GB है मतलब जो अपना स्टोरेज है वो रिड्यूस भी कर सकते हो। ठीक है? तो आपका जो कॉस्टिंग है वो वो भी कम हो जाएगा जो कि
आप लेट्स से अगर आप फिजिकल सर्वर खरीदते हो तो वो उसमें आप नहीं कर सकते। आपने एक बार खरीद लिया वो चीज तो वो रहेगी आपके
पास। राइट? चलिए अब बात करते हैं कि करंट मार्केट में aur कहां यूज हो रहा है। तो बहुत सारी
स्टार्टअप से लेकर बड़ी-बड़ी वेल नोन कंपनीज़ भी आज Aur की क्लाउड सर्विज यूज़ कर रही हैं। इंक्लूडिंग दीज़ बिग ब्रांड्स जो
स्क्रीन पे आप देख सकते हो जैसे कि एक्सेंचर Audi CocaCola, UBS, Nstle और इसके साथ ही बहुत सारी कंपनीज़ हैं। तो दैट
मींस करंट टाइम में प्रेजेंट में Azure लार्ज स्केल पे यूज़ हो रहा है। सो दैट आल्सो मींस कि यहां पे जॉब अपॉर्चुनिटीज़
भी उतनी ही है। और दैट मींस हमारा Azure सीखना वर्थ इट है। ओके? एंड अगर बात करें कि Azure क्लाउड का मार्केट कैप्चर कितना
है। सो अगर आप देख सकते हो 2026 का ही यह डाटा है। सो आफ्टर AWS Azure इज़ द बिगेस्ट मार्केट प्लेयर। ठीक है? सो ये जो नंबर्स
आप देख रहे हो ना जो परसेंटेज वो अपडाउन हो सकते हैं, डिफरेंट हो सकते हैं डिफरेंट वेबसाइट पे। बट दिस इज़ फॉर श्योर कि AWS
के बाद Azure सबसे बड़ा क्लाउड प्लेटफार्म है। एंड थोड़ी सी हिस्ट्री देख लेते हैं Azure
की। सो ये फेब 2010 में ऑफिशियली पब्लिक के लिए लॉन्च हुआ था। एंड ये जब लॉन्च हुआ था ना तो इनके पास बहुत ही लिमिटेड
सर्विसेस थी। जैसे कि वर्चुअल मशीन, स्टोरेज एंड नेटवर्किंग। बट उसके बाद इन्होंने इतना अपग्रेड किया है कि करंट
टाइम में 200 प्लस प्रोडक्ट एंड सर्विसेस यह ऑफर कर रहे हैं इंक्लूडिंग द ट्रेंडिंग टेक्नोलॉजीस लाइक एi मशीन लर्निंग
एनालिटिक्स आईओटी डेवोप्स डेटाबेसिस एंड मोर एंड ये चीज इनके ऑफिशियल वेबसाइट पे भी मेंशन है अगर आप देख सकते हो एज
प्रोवाइड्स मोर देन 200 क्लाउड बेस्ड प्रोडक्ट एंड सर्विसेस राइट चलिए अब एक रियल लाइफ एग्जांपल से थोड़ा
अच्छे से समझते हैं कि एज हमारी हेल्प करता कैसे है मान लीजिए आपको एक प्रोजेक्ट बनाना है जिसका नाम है टोमैटो एक फूड
डिलीवरी वेबसाइट है तो एप्लीकेशन है ओके सो सिर्फ एक वेबसाइट को कोड करके बना देना एप्लीकेशन बना देना ही इनफ नहीं है इसके
अलावा भी बहुत सारी रिक्वायरमेंट होती है जैसे कि आपको कस्टमर के लिए वेबसाइट एंड मोबाइल एप्लीकेशन लाइव करनी है पहली चीज
दूसरी चीज आपको कस्टमर एंड रेस्टोरेंट का डेटा स्टोर करने के लिए कुछ चाहिए जैसे कि डेटाबेस राइट और इसके अलावा लेट्स से आपके
जो वेबसाइट है तो एप्लीकेशन है उसमें रेस्टोरेंट की फोटो फोटो होंगी जो भी खाना है, डिशेस हैं, राइट? उसकी फोटो होंगी।
तो, यह जो फोटो है, इमेजज़ है, उसको स्टोर करने के लिए आपको कुछ स्टोरेज चाहिए। इसके अलावा नोटिफिकेशन राइट? अब जैसे कि अगर
आपका ऑर्डर प्लेस हो गया, तो उसका नोटिफिकेशन। ठीक है? डिलीवरी पार्टनर आ रहा है तो उसकी नोटिफिकेशन तो नोटिफिकेशन
की भी सर्विस चाहिए। इसके अलावा एबिलिटी टू सर्व थाउजेंड्स ऑफ यूज़र। लेट्स से पीक आवर्स हैं या तो फेस्टिवल्स हैं। एक टाइम
पे बहुत सारे ऑर्डर्स आ रहे हैं। तो आपकी क्या एप्लीकेशन उसको मैनेज कर पाएगी? तो वो भी एक टास्क है जो आपको हैंडल करना है।
इसके अलावा एआई चैटब मान लीजिए कोई एक सिंपल सी क्वेरीज है किसी कस्टमर की तो उसके लिए आप चैटबोट यूज़ कर सकते हो। सो
अगर आप यहां पे नोटिस करोगे एक प्रोजेक्ट के पीछे बहुत सारी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेस की जरूरत होती है। सो नाउ द
क्वेश्चन इज़ कि ये रिक्वायरमेंट्स हम फुलफिल कैसे करेंगे? सो उसके लिए एक हमारे पास सॉल्यूशन है क्लाउड कंप्यूटिंग
प्लेटफार्म लाइक Microsoft Azure जो कि अलग-अलग कैटेगरीज या तो अलग-अलग रिक्वायरमेंट के लिए हमको सर्विज प्रोवाइड
करती हैं। तो उसका एक ओवरव्यू यहां से आप देख सकते हो। जैसे कि देखो कंप्यूटिंग है। राइट? जैसे सर्वर्स की जरूरत है, वर्चुअल
मशीन की जरूरत है। सो उसके रिलेटेड आपकी सर्विज मिल जाती हैं। स्टोरेज चाहिए हो। राइट? जैसे हमारी इमेजेस को स्टोर करना हो
तो वो आपको मिल जाती हैं। और ये सर्विज के कुछ नाम होते हैं। जैसे कि स्टोरेज की जो सर्विस है उसका नाम है ब्लॉब स्टोरेज।
ओके? एंड कंप्यूटिंग के लिए जो सर्विस है उसके लिए है वीएम्स है तो वर्चुअल मशीन जो नाम है वो अभी जब हम प्रैक्टिस करेंगे
सीखेंगे तो आपको सब क्लियर हो जाएगी वो चीजें। और इसी के साथ-साथ आप देखोगे नेटवर्किंग से रिलेटेड सर्विस हैं।
एआईएमएल है, आओटी है, डेटाबेस हैं। डेटाबेसिस में आप देखोगे एसक्यूएल, माय एसक्यूएल, पोस्ट ग्रैस। ठीक है? तो
डिफरेंट ऑप्शंस भी आपको अलग-अलग तरीके से मिल जाते हैं। एंड इसको और भी आसान तरीके से समझना है ना तो Azure को आप एज अ
शॉपिंग मॉल जैसे इमेजिन कर सकते हो। अब मान लीजिए आपके पर्सनल लाइफ में भी आपको अलग-अलग टाइप की चीजें खरीदनी है। साथ में
शूज भी खरीदने हैं, कपड़े भी खरीदने हैं, वॉच खरीदनी है। ठीक है? सनग्लासेस लेनी है, इलेक्ट्रॉनिक्स लेनी है। अलग-अलग
कैटेगरीज की चीजें हैं। है ना? तो सबसे बेस्ट जगह क्या है आपके लिए? शॉपिंग मॉल चले जाओ। ठीक है? अब एक मॉल में आपको हर
टाइप की अलग-अलग कैटेगरीज की वहां पे दुकानें मिल जाएंगी। और हर दुकान से आप ठीक है? एक ही जगह पे जाके आप सारी टाइप
की शॉपिंग कर सकते हो। वैसे ही aur भी ऐसे ही काम करता है। लेट्स से यह Azureोर का मॉल है और इसके अंदर आप एंटर करते हो तो
आपको अलग-अलग ऐसे स्टोर्स दिख जाते हैं जिसको हम सर्विसेज बोलते हैं। राइट? और इनके भी अलग-अलग नाम हैं। अब जैसे कि मान
लीजिए ये वर्चुअल मशीन शॉप है, ब्लॉब स्टोरेज है। तो मान लीजिए आपको स्टोरेज चाहिए अपने, ठीक है? एप्लीकेशन के लिए तो
आप ब्लॉब स्टोरेज पे चले जाओगे। एंड ऑलदो ये जो नेमिंग कन्वेंशन है ना वो जो आप करते जाओगे तो आप सीख जाओगे। ठीक है? बहुत
ज्यादा ऐसा डिफिकल्ट भी नहीं है। ऑलदो जैसे अब देखो नॉर्मल लाइफ में भी आपको पता है अब जैसे एक स्टोर के सामने पीटर
इंग्लैंड लिखा हुआ है तो आपको पता है कि वहां पे आपको कपड़े ही मिलेंगे। राइट? तो वैसे ही आप जब aur की सर्विज आप यूज़ करोगे
सीखोगे ना तो आपको पता रहेगा कि भाई यह वाली सर्विज में आपको क्या चीजें मिलने वाली हैं।
सो Azure को यूज़ करने के लिए आपको सिंपली जाना है portal.com एंड फर्स्ट टाइम अगर आप यूज़ कर रहे हो तो
वहां पे आपको अकाउंट बनाना पड़ेगा और अकाउंट कैसे बनाना है वो हम लोग नेक्स्ट वीडियो में या तो सेक्शन में हम लोग यहां
कवर करने वाले हैं। एंड जब आप एक बार अकाउंट बना लेते हो तो कुछ इस टाइप का आपको पर्सनल डैशबोर्ड या तो पोर्टल मिलता
है। जहां से आप अलग-अलग सर्विसेस को एक्सेस कर सकते हो, बना सकते हो, मैनेज कर सकते हो। लेट्स से अगर आपको वर्चुअल मशीन
बनाना है, देखोगे आप यहां पे होम स्क्रीन क्रिएट अ रिसोर्स। यहां पे वर्चुअल मशीन है। तो यहां पे क्लिक कर सकते हो। ठीक है?
यहां पे अलग-अलग ऑप्शंस हैं। ऑलदो यहां पे आप डायरेक्टली सर्च भी कर सकते हो। जैसे कि वर्चुअल मशीन। ओके? सो, यहां वर्चुअल
मशीन आ गया। और यहां पे सिंपली आप यहां पे एक प्लस बटन पे क्रिएट कर सकते हो। ओके? ऑलदो अगर आपके मन में फिर से क्वेश्चन आ
रहा होगा कि भाई हमको तो सर्विज के नाम ही नहीं पता तो अगेन नो प्रॉब्लम। यहां पे देखोगे टॉप लेफ्ट में क्लिक करोगे। यहां
पे देखोगे ऑल सर्विसेस लिखा हुआ है। राइट? सो यहां पे मैं क्लिक करता हूं ना तो लेफ्ट साइड में आप देखोगे कैटेगरीज वाइज़
यहां पे जो सर्विज हैं उसको डिवाइड कर दिया है। राइट? सो आप जैसे कि कंप्यूटिंग पे जाते हैं तो आप देखोगे कंप्यूटिंग में
कंप्यूटर से रिलेटेड या तो सर्वर से रिलेटेड आपकी सर्विज मिल जाएंगी। तो इसमें आप देखोगे वर्चुअल मशीन भी मिल गई है। अब
जैसे कि डेटाबेस में जाएंगे तो इसमें आपको डिफरेंट डेटाबेस टाइप के ऑप्शंस मिल जाएंगे। जैसे मोंगो डीबी हो गया,
मायसक्यूएल, पोस्ट ग्रेस। ठीक है? तो अलग-अलग ऑप्शन इस टाइप से आप एक्सप्लोर कर सकते हो, यूज़ कर सकते हो। ऑलदो हम लोग ये
सीखेंगे आने वाले सेक्शन में। चलिए बात करते हैं एक इंपॉर्टेंट पॉइंट के बारे में कि स्टार्टिंग में मैंने बोला था ये पे एज़
यू गो मॉडल है कि मींस जो भी हम रिसोर्सेज़ यूज़ करते हैं उसके हिसाब से हमें पे करना पड़ता है। राइट? तो स्टूडेंट्स अगर सोच रहे
हैं कि भाई अगर हमको प्रैक्टिस करना है, राइट? प्रैक्टिकली सीखना है तो क्या उसके लिए भी हमको पे करना पड़ेगा? तो दैट्स द
बेस्ट थिंग कि आपको यहां पे फ्री ट्रायल मिल जाता है। आप देखोगे ट्राई एजोर फॉर फ्री। ठीक है? तो आप जब अकाउंट क्रिएट
करते हो एज्योर फ्री अकाउंट क्रिएट करते हो तो उसमें आपको कुछ क्रेडिट्स मिलते हैं। जैसे कि $2 यूएस डॉलर्स मिलते हैं।
अगर आप मेरा डैशबोर्ड देखोगे ना ठीक है? देखो ये तो यहां पे ₹19130 मुझे यहां पे क्रेडिट मिले हैं। तो इसको
यूज़ करके हम लोग ठीक है? कुछ सर्विज हैं उसको एक्सप्लोर कर सकते हैं, सीख सकते हैं। एंड इसी के अलावा कुछ सर्विज हमको 12
मंथ्स के लिए भी ठीक है? फ्री मिल जाती हैं। जो सफिशिएंट है हमारे लर्निंग पर्पस के लिए। चलिए ये तो बात हुई स्टूडेंट्स के
लिए जो सीखना चाहते हैं। बट अगर कोई इंडिविजुअल डेवलपर है जिसको प्रोफेशनल वर्क के लिए मान लीजिए कोई एप्लीकेशन को
डिप्लॉय करने के लिए इनकी सर्विज यूज़ करना है तो उनके लिए है पे एज़ यू गो मॉडल। ओके? इसी पेज में यहां पे प्राइसिंग है एंड
प्राइसिंग में इवैलुएट। तो यहां पे प्राइिंग कैलकुलेटर मिल जाता है। सो यहां पे आप ना जो भी सर्विसेस आपको लगेंगी या
तो यूज़ करने वाले हो उसके अकॉर्डिंग आप चेक कर सकते हो इन एडवांस में कि आपको कितना बिल होगा। अभी जैसे कि देखो यहां पे
ज़ीरो ज़ीरो एस्टीमेटेड मंथली कॉस्ट है। लेट से मुझे एक वर्चुअल मशीन बनानी है या तो मुझे चाहिए अपने एप्लीकेशन के लिए। तो
यहां आप देखोगे कि वर्चुअल मशीन है। तो मैंने ऐड टू एस्टीमेट कर दिया। राइट? और यहां पे आप देखोगे ये आ गया और मैं यहां
पे व्यू कर देता हूं। सो आप देखोगे मैंने सिर्फ वर्चुअल मशीन ऐड किया और आप यहां पे देखोगे मंथली कॉस्ट मेरा यहां पे कितना
बढ़ गया $137 यानी ये किस हिसाब से चार्ज कर रहे हैं तो आप इसकी डिटेल्स भी नीचे देख सकते हो सो
मान लीजिए यहां पे मैं सबसे बेसिक वाले ऑप्शन पे चले जाता हूं 75GB रैम पे चले जाता हूं कि मुझे बिल्कुल बेसिक चाहिए। सो
आप यहां पे देखो कि $1.60 पर मंथ हो गया। राइट? सो आप यहां पे कॉन्फिगर करके देख सकते हो कि आपको किन-किन रिसोर्सेज की
जरूरत है और अगर आप यूज़ करोगे तो कितने-कितने यहां पे आपके चार्जेस होंगे या तो कितना बिल होगा। तो आपको एक आईडिया
आ जाएगा स्टार्टिंग में कि क्या आपके लिए यह सूटेबल होगा या नहीं। राइट? चलिए अब बात करते हैं करियर अपॉर्चुनिटीज़ कि आप जब
एजोर सीख जाते हो तो कहां-कहां आपको करियर में बेनिफिट मिलेंगे। तो अलग-अलग रोल के लिए आप इसमें अप्लाई कर सकते हो। जैसे कि
aur क्लाउड इंजीनियर जो कि स्पेसिफिक रहता है एजोर के लिए। इसके अलावा क्लाउड एडमिन, डेवोप्स इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट,
साइट रिलायबिलिटी इंजीनियर एंड ऑल। सो चलिए शुरुआत करते हैं एजोर सीखने की और नेक्स्ट सेक्शन में हम लोग एजोर में फ्री
अकाउंट अपना सेटअप करेंगे। ऑलराइट। सो चलिए सेक्शन में हम लोग Azure का फ्री अकाउंट सेटअप करेंगे या तो अकाउंट
बनाएंगे। एंड उसके लिए किन चीजों की जरूरत है? Microsoft अकाउंट या तो गेट अकाउंट अगर आपका ऑलरेडी क्रिएट है ना तो उसके आप
क्रेडेंशियल यूज़ कर सकते हो। अगर नहीं है कोई बात नहीं। एक सिंपल वर्किंग ईमेल आईडी होना चाहिए। Gmail अकाउंट भी चलेगा। ओके?
एंड वो वर्किंग होना चाहिए क्योंकि वेरिफिकेशन होता है। ओके? इसके बाद फोन नंबर सबके पास होता है। लास्ट में सबसे
इंपॉर्टेंट क्रेडिट कार्ड या तो डेबिट कार्ड की डिटेल्स जो कि पेमेंट डिटेल या तो इनेशन के लिए चाहिए होती है। आप यह
कार्ड की डिटेल्स फेक प्रोवाइड नहीं कर सकते हो क्योंकि Microsoft उसको वेरीफाई करता है। वेरीफाई कैसे करेगा? आपकी कार्ड
डिटेल्स आपने प्रोवाइड करी। एंड उसके बाद आपके कार्ड से अकाउंट से ₹2 डिडक्ट होंगे जो कि रिफंडेबल होते हैं। एंड इस तरीके से
वेरिफिकेशन होता है कि भाई आपका कार्ड चल रहा है कि नहीं। एंड रही बात अगर आपको टेंशन हो रही है कि भाई ये कार्ड में से
अगर हमारे ज्यादा पैसे तो नहीं चले जाए। घर वाले मना कर रहे हैं एंड एक्सट्रा अगर ये केसेस हैं। सो जो एजोर का जो हम फ्री
अकाउंट बना रहे हैं ना उसमें आपको स्पेंडिंग प्रोटेक्शन नाम का एक फीचर मिलता है। तो उसमें क्या होता है कि जैसे
कि मान लीजिए आप कोई रिसोर्सेज यूज़ कर रहे हो। कोई सर्विस यूज़ कर रहे हो और आपके जो फ्री क्रेडिट्स हैं वो आपके खत्म
हो गए हैं ना तो वो क्या करेगा? आपके रिसोर्सेज डिसेबल कर देगा। मतलब सब कुछ स्टॉप कर देगा, बंद कर देगा। यह नहीं
करेगा कि आपके ठीक है? कार्ड से पैसे काटना स्टार्ट कर दे। तो यहां पे यह स्पेंडिंग प्रोटेक्शन भी फीचर आपको मिल
जाता है। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और अपना अकाउंट क्रिएट करते हैं। ओके Google पे आपको सिंपली सर्च करना है
aur free अकाउंट एंड इसके बाद आपको इनकी जो ऑफिशियल वेबसाइट है ना उस पे ही बस क्लिक करना है। देखोगे aur microsoft.com
यहां पे इनका लोगो दिख जाएगा और इस वाली लिंक पे क्लिक करना है। देखो क्रिएट योर aur फ्री अकाउंट इस टाइप से दिखेगा ना। इस
लिंक पे क्लिक करना है। चलो इस पे क्लिक कर लेते हैं। यह है इनका ऑफिशियल वेब पेज। यहां पे आपको दो ऑप्शन पहले ही दिख जाते
हैं। पे एज यू गो ट्राई एज्योर फॉर फ्री। सो हम लोग ट्राई एज्योर फॉर फ्री पे क्लिक करेंगे क्योंकि हम लोग ट्रेनिंग या तो
लर्निंग पर्पस के लिए हमको फ्री क्रेडिट्स चाहिए और हम लोग मतलब हमारा पर्पस ही लर्निंग का है। तो ट्राई एज्योर फॉर फ्री
पे क्लिक करते हैं। तो यहां पे आप अलग-अलग तरीके से यहां पे साइन इन कर सकते हो डायरेक्टली। जैसे कि अगर आपके पास गेट
अकाउंट है तो उसके क्रेडेंशियल यूजरनेम पासवर्ड यूज़ कर सकते हो। या तो आपके पास ऑलरेडी Microsoft का अकाउंट बना हुआ है तो
आप वो यूज़ कर सकते हो। लेकिन हम अपने केस में क्रिएट न्यू कर लेते हैं। क्रिएट न्यू बढ़िया स्क्रैच से अपन बनाते हैं
साफ-सुथरा। ओके? सो, इसके बाद यह सिंपली आपसे एक ईमेल एड्रेस मांगता है। तो, यहां पे वैलिड ईमेल एड्रेस आपको प्रोवाइड करना
है क्योंकि इसमें वेरिफिकेशन होता है। ठीक है? एंड इसमें आप अपना Gmail वाला ईमेल आईडी भी दे सकते हो। नो वरीज़। सो, यह
मैंने ईमेल आईडी दे दी है। नेक्स्ट करता हूं। सो, इसके बाद आपके Gmail के इनबॉक्स में आपको एक कोड आएगा। तो वो आपको यहां पे
प्रोवाइड करना है। तो मेरे दूसरे स्क्रीन पे Gmail ऑलरेडी खुला हुआ है। ठीक है? वहां पे यहां पे कोड आ गया है। सो मैं
यहां पे सिंपली टाइप कर लूंगा। ओके। सो ईमेल एड्रेस वेरीफाई हो जाएगा। इसके बाद कुछ आपको डिटेल्स देनी है। जैसे
कि आपका कंट्री या तो रीजन क्या है? सो यहां पे इंडिया प्रोवाइड कर देता हूं मैं। एंड इसके बाद आपको यहां पे बर्थ डेट यहां
पे प्रोवाइड करनी है। तो मैं वो प्रोवाइड कर लेता हूं। सो रीजन एंड डेट ऑफ़ बर्थ एंटर करने के बाद आप सिंपली नेक्स्ट कर
लो। ओके। इसके बाद इट इज़ आस्किंग योर नेम। एंड इसके बाद यहां पे एक ऑप्शन भी है। आई वुड लाइक इनेशन टेप एंड ऑफर अबाउट
Microsoft प्रोडक्ट। तो मैं इसको अनक्लिक कर देता हूं। सिंपली नेक्स्ट करेंगे। ओके? सो इसके बाद इट इज़ आस्किंग कि लेट्स प्रूव
यू आर ह्यूमन। तो इसके लिए क्या करना है? यहां पे प्रेस एंड होल्ड। तो ये बटन पे आपको क्लिक करके होल्ड करके रखना है। ठीक
है? क्लिक एंड होल्ड। तो यहां भी ये भी वेरीफाई हो गया कि हम ह्यूमन हैं। इसके बाद नेक्स्ट स्टेप देखते
हैं क्या है। ओके? इसके बाद इट इज़ आस्किंग कि जो अभी हम लोगों ने अकाउंट बनाया है उसकी एक पास की बनाना। मतलब अगर इसी
सिस्टम पे आप बार-बार लॉगिन कर रहे हो तो वो थोड़ा सा फास्ट कर सको। तो जो भी स्टेप आपके में आएंगे वो उस पे आप प्रोसीड कर
देना। तो इस टाइप से मेरी पास की बन गई है। सो देखो नाउ यू कैन यूज़ योर फेस फिंगरप्रिंट, पिन टू साइन इन योर अकाउंट।
ओके? सो अलग-अलग ऑप्शंस हो सकते हैं बेस्ड ऑन योर लैपटॉप। ठीक है? इसके बाद ओके। ओके? सो इस स्टेप तक हम लोग ने Microsoft
का एक अकाउंट बनाया। अब उस अकाउंट को यूज करके हम लोग एजोर प्लेटफार्म पे अपना अकाउंट बनाएंगे। देखो एजोर फ्री अकाउंट तो
इसमें भी देखो काफी सारी इंफॉर्मेशनेशन आपको प्रोवाइड करनी है। ठीक है? तो हम लोग चलिए स्टार्ट करते हैं फटाफट। देखो पहले
पूछ रहा है हाउ डू यू प्लान टू यूज़ एजोर अकाउंट? तो हम पर्सनल यूज़ के लिए करेंगे। ओके? कंट्री रीजन इंडिया ही है। हम लोगों
ने नाम प्रोवाइड कर दिया था। जॉब टाइटल में आप स्टूडेंट या तो लर्निंग पर्पस के लिए मैं जैसे कि यहां पे टीचिंग पर्पस डाल
देता हूं। एंड इसके बाद आपको एक वैलिड फोन नंबर भी यहां पे ऐड करना है। तो मैं ऐड कर देता हूं। एंड फोन नंबर में कंट्री कोड की
जरूरत नहीं है क्योंकि हम लोग ने ऊपर ही यहां पे कंट्री और रीजन सेलेक्ट करके रखा है। ओके एंड लास्ट फील्ड हमारी कौन सी है?
कंपनी नेम। तो इसमें मैं YouTube डाल देता हूं। ओके। ठीक है जी। एंड इसके बाद नेक्स्ट कर लेते हैं। इसके बाद इट इज़
आस्किंग फॉर योर एड्रेस। सो एड्रेस हम लोग यहां पे प्रोवाइड कर देते हैं। आप थोड़ा सा जनरल एड्रेस भी दे सकते हो। ओके? अब जैसे
कि मुंबई है या तो मुंबई का कोई एरिया है एंड उतना भी चलेगा। सो मैंने एड्रेस यहां पे प्रोवाइड कर दिया है। एंड इसके बाद यह
जो पहला बॉक्स है ना इसको क्लिक कर लो। एंड यह सेकंड वाला छोड़ देना। नेक्स्ट करते हैं। ओके। इसके बाद जो तीसरा या तो
लास्ट स्टेप है, इसमें आपको पेमेंट इंफॉर्मेशनेशन प्रोवाइड करनी है। एंड इसमें आपको कार्ड डिटेल्स प्रोवाइड करनी
है। एंड इसमें भी वन मोर थिंग कि आपको एक वैलिड कार्ड डिटेल देना पड़ेगा। आप ऐसे रैंडमली कुछ नहीं डाल सकते हो क्योंकि वो
भी वेरीफाई होता है। तो चलो मैं कार्ड की डिटेल्स यहां पे पुट इन कर देता हूं। ओके? कार्ड डिटेल्स प्रोवाइड करने के बाद आप
सिंपली नेक्स्ट पे क्लिक कर लो। सो हियर यू कैन सी कि यहां पे वेरिफिकेशन हो रहा है कार्ड का। एंड यहां पे ₹2 यहां पे ठीक
है? डिडक्ट होने वाले हैं। और एंड ये कार्ड जो भी नंबर से रजिस्टर्ड है ना उस नंबर पे आपका। ठीक है? एक ओटीपी आएगा। तो
प्रॉपर वेरिफिकेशन यहां पे हो रहा है। ओके? सो यहां पे मैं ओटीपी यहां पे एंटर कर देता हूं। ओके? एंड सबमिट। एंड यहां पर
एक चीज और है स्पेंडिंग प्रोटेक्शन होता है कि योर क्रेडिट कार्ड वोंट बी ऑटोमेटिकली चार्ज। दैट मींस कि अपने आपके
कार्ड से चार्ज नहीं होगा। दैट मींस अगर आपके फ्री क्रेडिट है वो खत्म हो जाता है। तो वो ऐसा नहीं है कि वो आप करते जाओ यूज़
और वो अपने आप ठीक है डिडक्ट करते जा रहा है। तो उसका प्रॉब्लम नहीं है। ओके? सो, इट इज़ आस्किंग कि यह जो कार्ड है यह
वेरीफ़ाई हो गया और यह हमारे अकाउंट से लिंक हम इसको कर रहे हैं। एंड इसके बाद हम लोग सिंपली साइन अप पे क्लिक कर देंगे।
साइन अप। ओके। साइन अप करने के बाद आपको एक और ऑप्शन मिलता है प्रोटेक्ट योर अकाउंट। नेक्स्ट कर देते हैं।
ओके। सो, हमारा साइन अप हो गया कंप्लीट। एंड यह रहा हमारा Azure का डैशबोर्ड और यह हमारा पर्सनल डैशबोर्ड है।
हम लोग यहां पे क्लोज करते हैं। ओके। सो, यह है हमारा Azure का डैशबोर्ड या तो पोर्टल जिसको यूज़ करके हम लोग क्लाउड
बेस्ड रिसोर्सेज बनाएंगे एंड मैनेज करेंगे। इसका एक ओवरव्यू देख लेते हैं। तो यहां पे आप सबसे पहले देखोगे 200 यूएस
डॉलर्स हमारे अकाउंट में क्रेडिट हो चुके हैं जो हमको मिलते हैं लर्निंग पर्पस के लिए। एंड अगले 30 दिनों में यह अमाउंट हम
यूज़ कर सकते हैं अलग-अलग सर्विस या तो रिसोर्सेज को ट्राई करने के लिए, टेस्ट करने के लिए, एक्सप्लोर करने के लिए। ओके?
ऑलदो डैशबोर्ड को आप जैसे ही रिफ्रेश करते हो ना पहली बार में, तो जो 200 यूएस डॉलर्स का जो अमाउंट दिख रहा था वो आपके
लोकल करेंसी में कन्वर्ट हो जाएगा। सो अभी यहां पे दिखा रहा है ₹19130 के फॉर्म में आ गया है और इतने रुपए बचे
हैं और यहां पे इसके साथ आप यह भी देख पा रहे हो कि यह किस डेट में एक्सपायर होगा। ओके एंड इसके अलावा क्रिएट अ रिसोर्स मतलब
अलग-अलग यहां पे रिसोर्सेज बना सकते हो। कुछ पॉपुलर रिसोर्सेज आपको यहां पे होम पेज पे आपको दिख जाती हैं। ऑलदो अगर आपको
सारी सर्विज देखनी है तो सी ऑल सर्विज। देखो एक ऑप्शन ये है। अदरवाइज़ आप टॉप लेफ्ट में आ जाते हो। एंड यहां पे ऑल
सर्विसेस यहां पे दिखाई देगा। एंड इस पेज में आपको लेफ्ट साइड में देखोगे डिफरेंट कैटेगरीज यहां पे दिखाई दे रही हैं। जैसे
कि AI + ML, एनालिटिक्स, कंप्यूटिंग, कंटेनर, डेटाबेस, डेवोप्स एक्सट्रा। सो अलग-अलग कैटेगरी के बेस्ड पे ये जो
सर्विसेस हैं वो डिवाइड हैं। एंड लेट्स से अगर आपको एआईएमएल पे काम करना है तो आप उसके रिलेटेड सर्विज देख सकते हो। जैसे कि
मान लीजिए मैंने कंप्यूट यहां पे सेलेक्ट किया है। तो कंप्यूटिंग में आपको क्या है? जैसे कि वर्चुअल मशीन अगर बनाना है तो वह
आप बना सकते हो कि कंप्यूट कैटेगरी में भी इन्होंने अलग-अलग डिफरेंट कैटेगरीज़ में डिवाइड किया। जैसे कि आईएएस
इंफ्रास्ट्रक्चर एज अ सर्विस चाहिए आपको या तो प्लेटफार्म एज अ सर्विस चाहिए या तो अ सर्वरस एंड माइक्रो सर्विस एंड ऑल। सो
इस बेसिस पे भी इसको कैटेगराइज़ किया है तो आप अलग-अलग सर्विस यहां से एक्सप्लोर कर सकते हो। एंड इसके अलावा अगर किसी सर्विस
के बारे में ऑलरेडी नॉलेज है तो डायरेक्टली आप यहां पे सर्च भी कर सकते हो। जैसे कि सर्च में आप सिंपली यहां पे अ
वर्चुअल मशीन लेट्स से मैं सर्च करता हूं। सो यहां पे आप जा सकते हो डायरेक्टली उस पर्टिकुलर सर्विस में। यहां से मैं
डायरेक्टली क्रिएट कर सकता हूं। इसके अलावा आपको यहां पे को पायलट का भी ठीक है? हेल्प मिल जाती है। तो आप कोयलट देखो
साइड बाय साइड यूज़ कर सकते हो। ठीक है? अगर आपको कुछ इनेशन चाहिए कुछ यूज़ करना है तो यह आपको और इजी कर देता है। इसके अलावा
आपको Azure को कमांड लाइन से अगर एक्सेस करना है या तो परफॉर्म करना है कुछ। ठीक है? टास्क तो यहां पे देखोगे ऊपर क्लाउड
शेल का भी एक ऑप्शन मिलता है। अगर उसको क्लिक करते हो तो इसमें भी आपको दो ऑप्शन मिल जाते हैं। बैश या तो पावर शेल। ठीक
है? जैसे कि बैश करता हूं। सो इट इज़ आस्किंग कि यहां पे सब्सक्रिप्शन यहां पे सेलेक्ट करो पहले तो। सो यहां पे एक ऑप्शन
है Azure सब्सक्रिप्शन वन एंड अप्लाई। ओके? सो इस टाइप से आपको टर्मिनल भी मिल जाता है कि जहां पे आप कमांड बेस्ड। ठीक
है? टास्क परफॉर्म कर सकते हो। चलिए अभी तो मैं क्लोज़ कर देता हूं। एंड इसके बाद सेटिंग्स में चलते हैं। अगर मान लीजिए
आपको लुक एंड फील वगैरह चेंज करना है तो अपीयरेंस में जाता हूं। एंड यहां पे माय फेवरेट। ठीक है? डार्क मोड पे चलते हैं।
क्योंकि अब डार्क मोड ही हम लोग यूज़ करेंगे। अप्लाई कर ले रहे हैं। ठीक है? कि आंखों में गड़ है ना?
एंड इसके बाद बात करते हैं कि भाई जो भी हम रिसोर्सेज बनाएंगे या तो सर्विसेज यूज़ कर रहे हैं। उसकी इनेशन कहां मिलेगी?
क्योंकि यहां हमें होम पेज पे तो कुछ नहीं दिख रहा है। तो अगेन टॉप लेफ्ट पे यहां पे क्लिक करोगे। आप देखोगे फेवरेट के अंदर
काफी सारे यहां पे ऑप्शंस हैं। जैसे कि ऑल रिसोर्सेज। तो इसमें आप होवर करके भी देख सकते हो क्या है। मैनेज एंड ऑर्गेनाइज ऑल
योर एज्योर रिसोर्सेज। तो आपने लेट्स से रिसोर्स बनाया और कौन-कौन से रिसोर्स बनाए या तो उसमें चेंजेस करने हैं, मैनेज करने
हैं, चेक करने हैं तो आप यहां ऑल रिसोर्स में जा सकते हो। ऑलदो अभी हमारे कोई रिसोर्सेज बने नहीं है। तो यहां पे कुछ
दिखाई नहीं दे रहा है। इसके अलावा बात करते हैं मेन मुद्दे की। यह जो बिलिंग है या तो जो कॉस्ट है उसके बारे में। देखो
अभी जैसे कि $2 हैं। ये तो होम पेज पर आपको दिख रहा है। बट इसको हम लोग ट्रैक कैसे करेंगे? तो यहां पे रिसोर्स में आप
जाओ। यहां पे आप सिंपली सर्च करो सब्सक्रिप्शन। देखो यहां पे सब्सक्रिप्शन आ जाएगा। सो देखिए यहां पे आपको क्या
देखने मिलेगा? एक सब्सक्रिप्शन का नाम जैसे कि aur सब्सक्रिप्शन वन एंड उसकी एक आईडी जनरेट हो गई है। राइट? सो जब हम लोग
ने देखो aur पे अकाउंट बनाया था बिलिंग इनेशन दी थी तो उसका एक सब्सक्रिप्शन बन गया था और उसको एक नाम और यहां पे एक
यूनिक आईडी मिल गई है जो आपके अकाउंट से एसोसिएट है एंड यहां पे एक कॉलम है करंट कॉस्ट कि अभी कितना पैसे खर्च हो चुका है
या तो कितनी कॉस्टिंग हो चुकी है तो नॉट अवेलेबल क्योंकि अभी-अभी हम लोगों ने अकाउंट बनाया तो कुछ यूज़ ही नहीं किया है
तो दैट्स व्हाई यहां पे ज़ीरो या तो नॉट अवेलेबल है। एंड अगर आप इसको क्लिक करते हो एजo सब्सक्रिप्शन वन को
तो इसमें आपको और डिटेल इंफॉर्मेशन मिलती है। जैसे कि यू आर रिमेनिंग 200 यूएस डॉलर ऑफ फ्री क्रेडिट एक्सपायर इन 30 डेज। तो
यहां पे आपको दिखता भी जाएगा कि कितना बाकी है, कितना बचा हुआ है, कितना यूज़ हो गया है, कितने दिन बचे हैं। तो यहां से आप
ठीक है? मॉनिटर कर सकते हो। एंड इसी पेज में आपको मॉनिटरिंग के अलग-अलग ठीक है? सेक्शन भी दिखेंगे। जैसे कि स्पेंडिंग
रेट, कॉस्ट पर रिसोर्स कि पर रिसोर्सेज आपके कितने-कितने पैसे खर्च हो रहे हैं। ठीक है? और कितनी कटिंग हो रही है एंड ऑल।
ओके? सो ये तो एक ओवरव्यू या तो आईडिया दे रहा हूं कि कहां-कहां आप चीजें चेक कर सकते हो। ऑलदो जैसे-जैसे हम लोग रिसोर्सेज
बनाएंगे, सीखेंगे तो ये चीजें थोड़ा सा और हम लोग कवर करते जाएंगे साथ में। सो दैट आप साथ-साथ जब करेंगे तो थोड़ा सा और
ज्यादा आईडिया आपको आ जाएगा। चलिए अब सबसे इंपॉर्टेंट चीज बात कर लेते हैं। थोड़ा सा एक ओवरव्यू ले लेते हैं कि
जो हम लोगों ने फ्री अकाउंट बनाया है, उसमें हमको क्या-क्या चीजें मिलती हैं। उसका एक क्लेरिटी या तो अंडरस्टैंडिंग
हमको होनी चाहिए। देखो जिस पेज से हम लोगों ने बनाया था ना ट्राई एज्योर फॉर फ्री उसके आप नीचे आ जाओगे ना तो आपको
उसके बारे में इंफॉर्मेशनेशन मिल जाएगी। तो हम लोगों ने aur फ्री अकाउंट एंड पे एज यू गो ये दो मॉडल थे। हम लोग गए थे aur
फ्री अकाउंट में एंड इसमें आपको क्या-क्या चीजें मिल जाती हैं? तो आप यहां पे देख सकते हो अवेलेबल ओनली टू न्यू एजोर
कस्टमर। तो अभी हम लोग ने नया अकाउंट बनाया तो हमको मिल गया है। इसके बाद है फ्री मंथली अमाउंट ऑफ 20 प्लस पॉपुलर
सर्विसेस फॉर 12 मंथ। सो, बहुत लोग सोचते हैं कि जो 200 यूएस डॉलर्स है उतना ही है। एंड प्लस सिर्फ 30 डज़ है। बट यहां पे आप
देखोगे 20 प्लस पॉपुलर सर्विस जो हम लोग मेनमेन या तो पॉपुलर सर्विस ही हम लोग सीखेंगे या तो पढ़ेंगे। राइट? तो वो हमको
मिल जाएगी 12th मंथ 12 मंथ्स के लिए। और उसमें भी हमको मंथली बेसिस पे कुछ क्रेडिट्स मिल जाएगा। या तो कुछ हमको
यूसेज मिल जाएगा। ठीक है? तो वो भी हमारे काम आएगा। एंड इसके अलावा 65 प्लस इनकी जो ऐसी सर्विज हैं जो ऑलवेज फ्री हैं। हमेशा
के लिए फ्री आपको मिल जाएगी। ओके एक्सेस टू फुल कैटलॉग ऑफ सर्विसेस अप टू फ्री अमाउंट्स एंड 200 यूएस डॉल ओके एंड
स्पेंडिंग प्रोटेक्शन जो मैंने आपको बताया था कि भाई क्रेडिट कार्ड वोंट बी चार्ज्ड यह अपने आप चार्ज नहीं होगा अंटिल एंड
अनलेस आप पे एज यू गो मॉडल पे स्विच करते हो। सो अभी जब तक फ्री अकाउंट में हो तो वह खुद से चार्ज नहीं करेगा। नो अप्रट
कमिटमेंट कैंसिल एनी टाइम। एंड इसमें लिखा है 30 दिन के बाद भी अगर आपको कोई ऐसे रिसोर्सेज है जिसको यूज करना ही है तो आप
पे एज यू गो मॉडल पर स्विच कर सकते हो। ओके? चलिए अब बात करते हैं कि यहां पे हम लोग ने देखा था 20 प्लस पॉपुलर सर्विज फॉर
12 मंथ्स। लेकिन ऐसी कौन सी ऐसी सर्विज हैं जो 12 मंथ्स के लिए यहां पे मिलती हैं। तो आप इसी पेज पे अगर नीचे जाओगे ना
तो आपको यहां पे आईडिया मिल जाएगा। तो आप देखोगे ये है टेक एडवांटेज ऑफ फ्री प्रोडक्ट्स। अब फिर ये प्रोडक्ट है देखोगे
काफी अलग-अलग प्रोडक्ट्स हैं लाइक एजोर कंटेनर रजिस्ट्री तो इसमें आप देखोगे 12 मंथ्स के लिए यह आपको मिल जाता है और 12
मंथ्स में क्या मिलेगा आप देखोगे वन स्टैंडर्ड टियर रजिस्ट्री विद 100GB ऑफ स्टोरेज एंड 10 वेब हुक्स तो इस तरह से आप
एक्सप्लोर भी कर सकते जो भी सर्विज में आपको यहां पे 12 मंथ्स दिख रहा है तो यह अवेलेबल आपको रहेगी अब लेट्स से क्लाउड
प्लेटफार्म में हम लोग सबसे ज्यादा वर्चुअल मशीन यूज़ करते हैं तो बेस्ट थिंग क्या है देखो Azure वर्चुअल मशीन लinक्स
और Window यह भी हमको 12 मंथ्स के लिए मिल जाता है। ऑलदो ये जो रिसोर्सेज रहेंगे उसका
कंप्यूटिंग स्पेसिफिकेशंस वो हमको लिमिटेड रहेंगी। एंड इसके नीचे जाओगे तो सी ऑल फ्री सर्विस। तो यहां से भी आप एक्सप्लोर
कर सकते हो एंड सो ऑन। ओके। सो दिस इज़ ऑल अबाउट अकाउंट क्रिएशन एंड ओवरव्यू ऑफ Azure पोर्टल। सो मिलते हैं नेक्स्ट
सेक्शन में। ऑलराइट। सो चलिए इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे Azure की वर्चुअल मशीन सर्विस के
बारे में जो कि एक इंफ्रास्ट्रक्चर एज अ सर्विस है। इस सर्विस की मदद से हम लोग क्लाउड में अपनी वर्चुअल मशीन बनाएंगे।
चाहे वो वर्चुअल कंप्यूटर हो या तो वर्चुअल सर्वर। अब कंप्यूटर एंड सर्वर में बेसिक डिफरेंस ये है कि कंप्यूटर को हम
पर्सनल वर्क के लिए यूज़ करते हैं। एंड सर्वर में कुछ हम लोग सर्व कर रहे होते हैं। जैसे कि मान लीजिए वेबसाइट को आप
होस्ट कर रहे हो तो आप क्या कर रहे हो? वहां पे कस्टमर्स को या तो यूज़र्स को अपनी वेबसाइट या तो वेब पेजेस सर्व कर रहे हो।
ओके? एंड इसको हम लोग वर्चुअल इसलिए बोलते हैं क्योंकि जो भी हम सर्वर बनाएंगे वो हमारे सामने फिजिकली प्रेजेंट नहीं है।
ओके? वो क्लाउड में है। एंड उसको यूज़ करने के लिए हमको इंटरनेट की जरूरत पड़ती है। दैट्स इट। एंड जिस तरह से हमारे पर्सनल
कंप्यूटर या तो किसी सर्वर में स्पेक्स होते हैं ना लाइक ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा वर्जन है? RAM कितनी है? CPU कितना है?
स्टोरेज कितना है? उसी तरीके से जब हम क्लाउड में वर्चुअल मशीन बनाते हैं तो ये सारे स्पेक्स हम अपने अकॉर्डिंग कॉन्फ़िगर
कर सकते हैं बेस्ड ऑन द रिक्वायरमेंट। सो चलिए आगे बढ़ते हैं। प्रैक्टिकल करके देखते हैं कि वर्चुअल मशीन बनाते कैसे हैं? उसको
यूज़ कैसे करते हैं। ऑलराइट। सो प्रैक्टिकल करने से पहले एक यूज़ केस से समझते हैं कि वर्चुअल मशीन की
हमको कहां जरूरत पड़ती है। दैट मींस प्रैक्टिकल करते हुए हम लोग एक रियल लाइफ यूज़ केस भी सॉल्व करेंगे। एक सिंपल सा यूज़
केस है। मान लीजिए एक वेबसाइट है आपने बनाई है अपने बिज़नेस के लिए। ओके? कोडिंग वाला पार्ट हो गया कंप्लीट। अब इस वेबसाइट
को आपको होस्ट करने के लिए एक सर्वर की जरूरत है। तो पहला तरीका ये है कि भाई आप ये जो सर्वर है फिजिकली आप ये सर्वर खरीद
लो। उस पे वेबसाइट होस्ट कर लो। एंड इस सर्वर को आप खुद मेंटेन करो। या तो एक और जो सिंपलीफाइड तरीका है वो क्या है? हम
लोग एजोर वर्चुअल मशीन सर्विस को यूज करके क्लाउड में अपनी एक वर्चुअल सर्वर को सेटअप करें और वहां पे अपनी वेबसाइट को
होस्ट करें और वही हम लोग प्रैक्टिकल करके देखने वाले हैं। एंड प्रैक्टिकल सेशन में जो भी स्टेप्स हम लोग परफॉर्म करेंगे उसका
एक ओवरव्यू देख लेते हैं। सो दैट आप किसी भी स्टेप पे कंफ्यूज नहीं हो एंड मेंटली प्रिपयर्ड रहो कि हम लोग क्या कर रहे हैं।
शुरुआत हम लोग करेंगे एक वर्चुअल मशीन कैसे बनाना है। उसमें क्या-क्या चीजें हम लोग ठीक है? कॉन्फ़िगर कर रहे हैं। और
वर्चुअल जब मशीन या तो वर्चुअल सर्वर जब हम बना रहे हैं। क्यों? क्योंकि हम लोग को एक वेबसाइट को होस्ट करना है। उसके लिए
हमको एक वेब सर्वर की भी जरूरत पड़ेगी। तो हम वो भी सेटअप करेंगे। लेकिन वो सेटअप हम लोग करेंगे यूजिंग अ स्क्रिप्ट। वो कैसे
होगा वो भी देखेंगे। और स्क्रिप्ट हमारे पास ऑलरेडी बनी हुई है। ये स्लाइड पे आपको मिल जाएगी डायरेक्ट या तो कॉपी पेस्ट कर
लो या तो बहुत सिंपल सी बैच स्क्रिप्ट है। आप टाइप भी कर सकते हो। और इसमें हम लोग सिंपली देखोगे क्या कर रहे हैं? यूजिंग द
कमांड हम लोग क्या कर रहे हैं? इंस्टॉल कर रहे हैं Apache 2 जो कि वेब सर्वर है। और उसको स्टार्ट एंड इनेबल कर रहे हैं। ओके?
और हम लोग एक सिंपल सी स्टैटिक वेब पेज वहां पे सेटअप कर रहे हैं। आप देखोगे इंडेक्स.html हम लोगों ने बनाया यूजिंग द
इको कमांड और हम लोग ने सिंपल सी एक लाइन लिखी हुई है यहां पे वेलकम टू apache वेब सर्वर ऑन Azure वेरी सिंपल। ठीक है? इसके
बाद कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट्स जैसे कि वर्चुअल मशीन हमारा या तो सर्वर बन गया है। अब उस सर्वर को एक्सेस कैसे करेंगे?
ऑपरेट कैसे करेंगे और अलग-अलग तरीके से कैसे करेंगे वो भी हम लोग कवर करेंगे। नेटवर्क एंड फायर वाल रूल्स हम लोग यहां
पे कवर करेंगे। क्योंकि आपको अपनी वेबसाइट को इंटरनेट पे एक्सपोज़ करना है। राइट? सो वो वाला भी पार्ट हम लोग कवर करेंगे एंड
सो ऑन। सो चलिए स्टार्ट करते हैं। ऑलराइट। सो ये है अपना aur डैशबोर्ड portal.jo.com
अकाउंट सेटअप ऑलरेडी हम लोग ने कवर कर लिया लास्ट सेक्शन में। सबसे पहले लेफ्ट साइड में जाके ऑल रिसोर्सेज में मैं आपको
दिखा देता हूं कि करेंटली यहां पे कोई भी रिसोर्स नहीं बना है। ओके? इसके बाद वर्चुअल मशीन बनाने के लिए सिंपली अ सर्च
बॉक्स में आप सर्च कर लो वर्चुअल मशीन। यह आ गया वर्चुअल मशीन। क्लिक करते हैं। करेंटली कोई वर्चुअल मशीन नहीं है। प्लस
क्रिएट बटन पे क्लिक करो। वर्चुअल मशीन सेलेक्ट कर लेना। यहां पे बहुत सारे ऑप्शन है। चलिए वन बाय वन कवर कर लेते हैं। पहले
तो है प्रोजेक्ट डिटेल्स। इसमें है सब्सक्रिप्शन। तो जब हम लोग ने अकाउंट क्रिएट किया था एंड पेमेंट डिटेल्स दी थी
तब वहां पे हमारा एक डिफ़ॉल्ट सब्सक्रिप्शन बन गया था। सो वो यहां पे ऑलरेडी सेक्टेड है। ओके? इसके बाद इट इज़ आस्किंग फॉर द
रिसोर्स ग्रुप। तो जब भी हम एजोर में कोई रिसोर्स बनाते हैं उसको एक रिसोर्स ग्रुप के अंडर बनाते हैं। सो दैट मींस रिसोर्स
बनाने के पहले हमारे पास एक रिसोर्स ग्रुप होना चाहिए। तो अगर ऑलरेडी नहीं है तो हम यहां से भी क्रिएट कर सकते हैं क्रिएट
न्यू और यहां पे आपको एक रिसोर्स ग्रुप का एक नाम देना है। तो हम लोग एक सिंपल सा नाम दे देते हैं। लेट्स से अजोर वीएम
आरजी। आरजी मींस रिसोर्स ग्रुप एंड यहां पे ओके कर लेते हैं। तो ये रिसोर्स ग्रुप हमारा बन गया। इसके बाद है इंस्टेंस की
डिटेल्स जिसमें आपको सबसे पहले वर्चुअल मशीन का एक नाम प्रोवाइड करना है। तो एक सिंपल सा नाम दे देते हैं। लेट्स से माय
वेब सर्वर। ओके? इसके बाद इट इज़ आस्किंग फॉर द रीजन। दैट मींस हमको अपना वर्चुअल सर्वर किस रीजन में सेटअप करना है। सो अगर
आप यहां पे लिस्ट देखोगे बहुत सारे ऑप्शंस हैं। इंक्लूडिंग अफ्रीका, एशिया, फिर इसके बाद यूरोप, यूके, अमेरिका एवरीवेयर। और
एशिया में भी देखोगे तो मल्टीपल ऑप्शन हैं। इंडोनेशिया, जापान, कोरिया, मलेशिया एक्सट्रा। सो आप डिसाइड कैसे करोगे? कौन
सा रीजन आपको पिक करना है या तो चूज़ करना है। सिंपल है जहां भी आपके टारगेट ऑडियंस हैं। सो मान लीजिए आपके वेबसाइट या तो
एप्लीकेशन के जो यूज़र्स हैं वो इंडियन है तो आप इंडियन रीजन ही सेलेक्ट करो। सो दैट्स व्हाई हम लोग यहां पे इंडियन साउथ
सेंट्रल सेलेक्ट कर लेते हैं। इसके बाद है अवेलेबिलिटी ऑप्शंस जिसमें अवेलेबिलिटी ज़ोन बाय डिफ़ॉल्ट सेक्टेड है। एक ही ऑप्शन
है फॉर नाउ। सो इसका सिंपल सा मतलब ये है कि जो भी हम रीजन सेलेक्ट करते हैं ना जैसे कि इंडिया रीजन तो इंडिया रीजन अपने
आप में तो बहुत बड़ा रीजन है। तो इसमें क्या होता है aur के जो डेटा सेंटर्स हैं या जो जो सर्वर्स हैं वो मल्टीपल लोकेशन
में प्रेजेंट होते हैं। और वो ये लोकेशन अपने आप से दूर-दूर होते हैं। सो दैट किसी एक लोकेशन में अगर फेलियर हो जाए, कोई
प्रॉब्लम आ जाए तो दूसरी लोकेशन से आप अपना बिजनेस को कंटिन्यू कर सको। तो यह हमारे लिए तब बेनिफिशियल है जब हम चाहते
हैं कि भाई जो हम लोग अभी वेबसाइट अपनी होस्ट कर रहे हैं ना उसका बैकअप हो। क्योंकि मान लीजिए फॉर एनी रीजन कि हम लोग
किसी एक ज़ोन में अपनी वेबसाइट को होस्ट कर रहे हैं और उस ज़ोन में ही कोई प्रॉब्लम आ जाए तो हमारी के जो वेबसाइट है ना वो जो
सर्विज हैं वो बंद हो जाएंगी। ऑलदो अभी हम लोग बहुत ही सिंपल सेटअप रख रहे हैं। तो इसको इग्नोर करते हैं। सो अवेलेबिलिटी ज़ोन
हम लोग ने समझ लिया। ज़ोन ऑप्शन कि हम लोग को इंडिया रीजन में कौन सा ज़ोन सेलेक्ट करना है। तो यहां पे दो ऑप्शन है कि सेल्फ
सेलेक्ट मतलब आप खुद से सेलेक्ट करो। दूसरी चीज़ एज्योर आपके बिहाफ में सेलेक्ट कर लें जो भी बेस्ट है। तो इसके नीचे अगर
आप देखोगे ना अवेलेबिलिटी ज़ोन में ड्रॉपडाउन करोगे तो यहां पे तीन ज़ोन दिखाई दे रहा है। दैट मींस ये जो हम लोग ने रीजन
सेलेक्ट किया था इंडिया उसमें तीन अलग-अलग ज़ोन है। तो इसमें से कौन सा सेलेक्ट करना है? ऑलदो हम लोग कोई भी एक सेलेक्ट कर
सकते हैं। ज़ोन वन ही कर लेते हैं। ओके? इसके बाद है सिक्योरिटी टाइप कि हमको सिक्योरिटी किस लेवल पे चाहिए। सो यहां पे
तीन ऑप्शन है। स्टैंडर्ड, ट्रस्टेड, लॉन्च, वर्चुअल मशीन एंड कॉन्फिडेंशियल। सो चाहे तो अभी हम लोग स्टैंडर्ड पे भी जा
सकते हैं। ऑलदो जो डिफ़ॉल्ट है हम लोग उस पे रहने देते हैं। इसके बाद इट इज़ आस्किंग फॉर द इमेज। इमेज का सिंपल मतलब है कौन सा
ऑपरेटिंग सिस्टम आपको यूज़ करना है। यहां पे लिस्ट में देख सकते हो Linux भी है। Linux में Ubunt Redha दोनों ही है।
डेबियन भी है। एंड आपके पास Windows सर्वर एंड Window 11 Pro भी आपको मिल जाता है। सो अपनी रिक्वायरमेंट के हिसाब से आप अपना
OS चूज़ कर सकते हो। ऑलदो वेबसाइट को होस्ट करने के लिए हम लोग सिंपल उबू यहां पे सेलेक्ट कर लेते हैं फॉर नाउ इसके बाद है
वीएम आर्किटेक्चर arm 64 मींस जो Apple सिलिकॉन वगैरह में जो चलता है या तो Intel AMD बेस्ड X64 ठीक है तो कोई भी आप
सेलेक्ट कर सकते हो X64 के साथ ही जाते हैं फॉर नाउ इसके बाद है साइज़ साइज़ में सिंपल सा मतलब है कि वर्चुअल CPU एंड RAM
आपको कितनी कॉन्फ़िगर करनी है अपने सर्वर के लिए। एंड जो भी आप साइज यहां पे चूज़ करते हो, इसके सामने आपको इसके प्राइिंग
भी दिख जाता है। जैसे कि यह जो सिलेक्टेड है $102 पर मंथ यहां पे इसके चार्ज होंगे। ऑलदो ये हमारे लिए अवेलेबल नहीं है। तो हम
लोग सेलेक्ट ऑल साइज़ज़ पे जाते हैं। सो यहां हमको वीएम साइज़ सेलेक्ट करने के लिए डिफरेंट ऑप्शन मिल जाते हैं। और ये
अलग-अलग यहां पे सीरीज आप देख सकते हो। बी सीरीज, डी सीरीज, ई सीरीज। और इसके सामने आप इनका डिस्क्रिप्शन भी देख सकते हो कि
इनका क्या पर्पस है। बट अभी हमारे पर्पस के लिए हमको सबसे बेसिक कॉन्फ़िगरेशन चाहिए। तो आप देख सकते हो आइडल फॉर वर्क
लोड दैट डू नॉट नीड कंटीन्यूअस फुल सीपीू परफॉर्मेंस। तो हमको बहुत ज्यादा एक्सेसिव सीपीू की परफॉर्मेंस नहीं चाहिए। तो हम
लोग ये बी सीरीज में कोई एक सेलेक्ट कर सकते हैं। सो बी सीरीज में जो सबसे बेसिक है आप देख
सकते हो जो फ्री सर्विस एलिजिबल के लिए भी है वो ये है जिसमें आपको टू वर्चुअल CPU एंड 1GB रैम मिल जाती है। इसको हम लोग
सेलेक्ट कर लेते हैं। सो, यह हमारी CPU एंड RAM भी हमारा कॉन्फ़िगर हो गया है। इसके बाद आ जाते हैं एडमिन अकाउंट। सो,
ऑथेंटिकेशन टाइप। तो सिंपली इट इज़ आस्किंग कि देखो आपका जो वर्चुअल सर्वर बन जाएगा तो उसको आप एक्सेस भी करोगे राइट? तो
एक्सेस करने के लिए आप क्या मेथड यूज़ करोगे? एक तरीका है एसएसएच पब्लिक की या तो दूसरा है पासवर्ड। तो हम लोग एसएसएच की
ही सेलेक्ट करते हैं। एसएसएच की जब आप सेलेक्ट करते हो इसके लिए आपको एक यूजरनेम प्रोवाइड करना पड़ता है। तो बाय डिफ़ॉल्ट
इसमें दिया है अजोर यूजर। आप चाहो तो चेंज कर सकते हो। इसके बाद है एसएसएच पब्लिक की सोर्स। सो जनरेट न्यू की पेयर। तो हम लोग
एक नई की पेयर मतलब एक फाइल आपकी डाउनलोड हो जाएगी। ओके? वो जो आपकी की है जिसको बोलते हैं और उसको यूज़ करके हम लोग एसएसए
यूज़ करके अपने सर्वर को एक्सेस करेंगे। ओके? तो ये पर्पस होता है। तो हम लोग बोल रहे हैं कि जनरेट न्यू की क्योंकि हम लोग
फर्स्ट टाइम ही बना रहे हैं और एसएसएच की टाइप मतलब किस टाइप की आपको इंक्रिप्शन चाहिए? तो आरएसए एसएसएच फॉर्मेट इट्स ओके
फॉर नाउ। की पेयर जो नेम है जो भी आपकी फाइल डाउनलोड होगी उसको एक नाम देना है तो यहां पर देखोगे माय वेब सर्वर अंडरs की यह
भी आप चेंज कर सकते हो इसने खुद से बना दिया जो भी हमारा वर्चुअल सर्वर का नाम था अंडरस्कोर की इस टाइप से इसने दे दिया
इसके बाद लास्ट में है इनबाउंड पोर्ट रूल्स सो दैट कि जो भी आपकी वर्चुअल सर्वर बन रहा है उसमें कौन से पोर्ट आप इनबाउंड
ट्रैफिक के लिए इनेबल करना है या तो ओपन करना है तो यहां पे बाय डिफॉल्ट क्या सिलेक्टेड है एसएसएच एसएसएच क्यों है
क्योंकि देखो ये जो आपका सर्वर है वो क्लाउड में बनेगा और उसको आप रिमोटली एक्सेस करोगे यूजिंग एसएसएच तो आपको
रिमोटली सर्वर को एक्सेस करना है मींस बाहर से एक्सेस करना है इंटरनेट से इसलिए 22 पोर्ट जो कि एसएसए पोर्ट है उसको इनेबल
या तो ओपन करना जरूरी है तो इसने बाय डिफॉल्ट ये ओपन कर दिया ओके सो इस पॉइंट तक हमारे जो मेनम कॉन्फ़िगरेशन है और
डिटेल्स है वो हमारी कंप्लीट हो चुकी है। इसके बाद आप चाहो तो रिव्यू एंड क्रिएट पे क्लिक करके अपने वर्चुअल मशीन को बूट करा
सकते हो, बना सकते हो। ऑलदो यहां पे एक स्टेप हमारा मिसिंग है या तो बचा हुआ है जो कि है स्क्रिप्ट रन करवाना। जो मैंने
आपको स्टेप्स में ऑलरेडी बताया था कि मैं चाहता हूं जब हमारा वर्चुअल मशीन बने तो उसमें ऑटोमेटिकली हमारा वेब सर्वर इंस्टॉल
हो जाए, स्टार्ट भी हो जाए और एक सिंपल सी हमारी स्टैटिक वेबसाइट वहां पे क्रिएट हो जाए। ओके? तो ये टास्क होंगे कैसे? उसके
लिए हमारे पास ऑलरेडी स्क्रिप्ट बनी हुई है। तो हम लोग ये वाली स्क्रिप्ट यूज़ करने वाले हैं। यही मैंने स्लाइड से कॉपी पेस्ट
किया हुआ है। ओके? और चलते हैं डैशबोर्ड पे और इसके बाद आपको जाना है एडवांस वाले ऑप्शन पे। ठीक है? एडवांस वाले ऑप्शन एंड
इसमें नीचे आओगे आप देखोगे कस्टम डेटा एंड क्लाउड इन इट। ओके? इसमें आप चाहो तो अपनी स्क्रिप्ट इस टाइप से दे सकते हो। ठीक है?
कस्टम डेटा यहां पे लिखा हुआ है। सो इस तरीके से वीएम क्रिएट होने पे जो भी टास्क आप कराना चाहो ना उसकी स्क्रिप्ट या तो
स्टेप्स आप कस्टम डेटा में प्रोवाइड कर सकते हो। सो, हमारे केस में हम लोगों ने बैच स्क्रिप्ट दी क्योंकि हमें पता है कि
हम लोग लinक्स बेस्ड वर्चुअल सर्वर बनाने वाले हैं। ओके? सो, इस पॉइंट पे हमारी जो मेन कॉन्फ़िगरेशन है वो कंप्लीट हो गई है।
इसके बाद सिंपली आप रिव्यू एंड क्रिएट पे आ जाओ। वर्चुअल मशीन क्रिएट करने से पहले आप सारी सेटिंग्स को आप रिव्यू कर सकते
हो। यहां पे एक वार्निंग आ रही है कि जो आपके एसएसएच पोर्ट है वो पूरे पब्लिक के लिए इंटरनेट के लिए अवेलेबल है। तो ये
थोड़ा सा रिस्की है। ऑलदो अभी हम लोग इसको इग्नोर करते हैं क्योंकि हम लोग सिर्फ डेमो एंड टेस्टिंग पर्पस के लिए वर्चुअल
सर्वर बना रहे हैं। ठीक है? तो यहां पे एक बार आप रिव्यू कर लो एंड इसके बाद हम लोग सिंपली क्रिएट ऑप्शन पे क्लिक कर देंगे।
जैसे ही हम लोग क्रिएट पे क्लिक करते हैं, इट इज़ आस्किंग कि डाउनलोड प्राइवेट की एंड क्रिएट रिसोर्स। तो हम लोग को अपने
वर्चुअल सर्वर को एक्सेस करने के लिए यह की जरूरत है। तो हम लोग बोलते हैं यस डाउनलोड प्राइवेट की। सो आप देखोगे यहां
पे एक फाइल डाउनलोड हो गई है माय वेब सर्वर अंडरs की। एंड बैकग्राउंड में आप देखोगे डिप्लॉयमेंट इन प्रोग्रेस। दैट
मींस हमारा जो वर्चुअल सर्वर है वह बन रहा है और थोड़ी ही देर में प्रिपयर्ड हो जाएगा। एंड आप चाहो तो स्क्रीन पे इसका
प्रोग्रेस भी देख सकते हो। ओके? सो इसके बाद विद इन अ मिनट आपको ऐसा दिखाई देगा योर डिप्लॉयमेंट इज़ कंप्लीट। एंड इसके बाद
हम लोग होम पेज में जाते हैं। एंड इसके बाद हम लोग चेक करेंगे ऑल रिसोर्सेज। तो यहां पे अगर आप नोटिस करोगे यहां पे बहुत
सारे रिसोर्स बन गए। जब हम लोग ने वर्चुअल मशीन नहीं बनाई थी। उसके पहले यहां पे एक भी रिसोर्स नहीं था। बट वर्चुअल मशीन
बनाते ही साथ यहां पे काफी सारे रिसोर्स आ गए। अब इसका रीजन ये है कि आपके वर्चुअल सर्वर या तो वर्चुअल मशीन को रन करने के
लिए जो भी सपोर्टिंग रिसोर्सेज हैं वो aur ऑटोमेटिकली आपके लिए बना देता है। अब देखो वर्चुअल सर्वर बन रहा है वो क्लाउड पे है।
तो अब वर्चुअल सर्वर के लिए आपको स्टोरेज की जरूरत पड़ेगी, नेटवर्किंग की जरूरत पड़ेगी, इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी, फायरवॉल
रूल्स की जरूरत पड़ेगी। ओके? सो ये सारी चीजों के लिए अलग-अलग रिसोर्सेज Azure आपके लिए क्रिएट कर देता है। सो अभी ये
रिसोर्सेज हम लोग थोड़ा सा साइड में रखते हैं और अभी हम लोग फोकस करेंगे माय वेब सर्वर जो कि हमारा वर्चुअल मशीन है। सो
माय वेब सर्वर पे जैसे ही क्लिक करते हैं इसके रिलेटेड हमको कुछ और इनफार्मेशन मिल जाती है। जैसे कि इसका स्टेटस तो अभी ये
अप एंड रनिंग है। तो स्टेटस यहां से दिख रहा है। नेटवर्किंग डिटेल्स हमको मिल जाती है नीचे कि इसकी पब्लिक आईपी एंड प्राइवेट
आईपी क्या है? मान लीजिए आपने वर्चुअल सर्वर को एक्सेस करना है तो उसके लिए हमको पब्लिक आईपी चाहिए तो वो कहां से मिलेगी?
ये देखोगे पब्लिक आईपी यहां पे दी हुई है एंड सो ऑन। ठीक है? साइज, स्टोरेज, इमेजज़ के वगैरह इनेशन। चलिए इसके बाद बात करते
हैं कि हमारा वर्चुअल सर्वर बन तो गया है। अब उसको एक्सेस या तो ऑपरेट कैसे करेंगे? अपने वेब सर्वर को एक्सेस करने के लिए मैं
फिर से जाता हूं ऑल रिसोर्सेज में। यहां पे जो हमारा वर्चुअल मशीन है, माय वेब सर्वर पे क्लिक करता हूं। यहां पे आपको
सबसे ऊपर कनेक्ट का ऑप्शन दिख रहा है कनेक्ट। एंड इसमें सिंपल वाले कनेक्ट पे आप क्लिक कर लो। तो यहां पे पहला ऑप्शन है
नेटिव एसएसएच। इसके नीचे आप देखोगे मोर वेज़ टू कनेक्ट। तो इस पे आप आ जाओ नीचे तो आप देखोगे डिफरेंट ऑप्शन दिखाई दे रहा है।
पहला ऑप्शन क्या है? एसएसएच यूजिंग Azure CLI सो हम लोग इस पे क्लिक कर लेते हैं। कनेक्ट वाया Azure CLI सो हम लोग इस मेथड
से बेसिकली अपने वर्चुअल सर्वर को Azure पोर्टल से ही एक्सेस कर रहे हैं। ओके अपनी वर्चुअल मशीन की सारी डिटेल्स इसने ऑलरेडी
पिक कर ली है। ओके सिंपली क्लिक कर दो। तो कॉन्फ़िगर प्लस चेक एक्सेस पे क्लिक कर दो। सो वर्चुअल सर्वर
को एक्सेस करने के लिए जो भी कॉन्फ़िगरेशन की जरूरत है, वो ठीक है? यहां पे कॉन्फ़िगर हो रही है। एंड जैसे ही ये चारों ऑप्शन
यहां पे ग्रीन दिखेंगे, इसके नीचे आपको कनेक्ट का एक ऑप्शन दिखाई देगा। कनेक्ट पे आप सिंपली क्लिक करो। इसके बाद आपको Azure
पोर्टल में ही नीचे एक कमांड लाइन, एक टर्मिनल ओपन हो जाएगा। जहां से आप अपने वर्चुअल सर्वर को एक्सेस कर सकते हो और
अपनी कमांड्स को रन कर सकते हो। थोड़ा सा अपने टर्मिनल को बड़ा कर लेते हैं। सो जब भी आप फर्स्ट टाइम वेब सर्वर को एक्सेस
करोगे ना, सो आपको यह परमिशन के लिए पूछेगा आर यू वांट टू कंटिन्यू। सो यस हम लोग टाइप करके एंटर कर देते हैं। सो सारी
सेटिंग हो गई कंप्लीट और हमारा टर्मिनल अब रेडी है जिसको यूज़ करके हम लोग अपने वेब सर्वर को एक्सेस कर सकते हैं। सबसे पहले
कंट्रोल एल करके हम लोग यहां पे क्लियर क्लियर कर देते हैं। पहली चीज आप नोटिस करोगे यहां पे यूजरनेम क्या है? जो ईमेल
मैंने यूज़ किया था। ठीक है? के अकाउंट बनाने के लिए वो मेरा यूजरनेम बन गया है। इसके अलावा जो होस्ट नेम है वो हमारा जो
वर्चुअल मशीन का जो नाम हमने दिया था माय वेब सर्वर वही होस्ट नेम यहां पे यूज्ड हुआ है। ओके सबसे पहली चीज तो हम लोग यहां
पे ये चेक करेंगे जो हम लोग ने एक स्क्रिप्ट प्रोवाइड करी थी Apache वेब सर्वर इंस्टॉल एंड सेटअप करने के लिए।
पहले तो वो चेक करते हैं कि वो अप एंड रनिंग है कि नहीं मतलब चल रही है कि नहीं। तो उसके लिए हमारे पास एक कमांड है सिस्टम
सीटीएल सिस्टम CTL स्टेटस एंड Apache टू एग्जीक्यूट करते हैं। सो यस यू कैन सी कि Apache 2 जो हमारा वेब सर्वर है वो अप एंड
रनिंग है। एक्टिव है। एंड इसके अलावा हम लोगों ने एक सिंपल सी इंडेक्स. फाइल भी बनाई थी। कौन से लोकेशन पे बनाई थी? वार
www.html लोकेशन के अंदर। तो वो भी चेक कर लेते हैं कि वो प्रेजेंट है कि नहीं।
तो आप देखोगे इंडेक्स फाइल प्रेजेंट तो है रन करते हैं। सो आप देखोगे सेम यह वही फाइल है वेलकम टू apache वेब सर्वर ऑन
एजोरम जो हम लोगों ने प्रोवाइड करी थी वाया स्क्रिप्ट। सो इस तरीके से हम लोगों ने कंफर्म भी कर लिया जो हमारी स्क्रिप्ट
प्रॉपर्ली रन हुई है कि नहीं और हमारा वेब सर्वर अब प्रॉपर्ली सेटअप हो चुका है। इसके अलावा कुछ आप और चीजें भी चेक कर
सकते हो रिलेटेड टू योर वेब सर्वर जैसे कि आपका ओएस कौन सा है? तो सिंपली हम लोग क्या कर सकते हैं? कैट ईटीसी
ओएस रिलीज़। सो, यू कैन सी यहां पे उबू यहां पे यूज़ हो रहा है। एंड इसके अलावा आपको स्टोरेज चेक करना है। स्टोरेज कितना
है? तो हम लोग सिंपल डीF hfन H यूज़ कर लेते हैं। सो यहां पे आपको फाइल सिस्टम बेस पे ठीक है? आपको स्टोरेज दिखाई दे
देगा। सो यू कैन सी कि यहां पे रूट लेवल पे 27 GB हमको यहां पे मिला हुआ है। एंड जब आपका टर्मिनल का काम हो जाता है उसके
बाद सिंपली आप यहां से मिनिमाइज़ कर सकते हो। और उसके बाद फिर से अगर यूज़ करना है तो आप यहां पे देखोगे ऊपर एक ऑप्शन है
यहां पे क्लाउड शेल का। इसको आप क्लिक करोगे तो आपका यह टर्मिनल फिर से ओपन हो जाएगा। ओके।
ऑलराइट। सो इस पॉइंट तक हम लोगों ने अपना वर्चुअल मशीन बना लिया। उसके ऊपर हम लोगों ने अपना वेब सर्वर Apache वेब सर्वर भी
इंस्टॉल कर दिया जो कि आप एंड रनिंग है। इसके अलावा हम लोगों ने एक सिंपल सी स्टैटिक वेब पेज बना दिया। इंडेक्स. फाइल
बना ली। और एक सिंपल सी लाइन है लेकिन बना ली। ओके। नाउ द क्वेश्चन इज़ कि हम अपनी वेबसाइट या तो इस वेब पेज को ब्राउज़र से
या तो इंटरनेट से कैसे एक्सेस कर सकते हैं? सो उसके लिए क्विकली समझ लेते हैं कि वेब सर्वर काम कैसे करता है। देखो हमारे
पास एक ये सर्वर है हमारा वर्चुअल सर्वर है और उसके ऊपर हम लोग ने एक वेब सर्वर जो कि Apache वेब सर्वर इंस्टॉल कर दिया।
सेटअप कर दिया और एक इंडेक्स. फाइल भी बना दी। ओके? इसके बाद क्या होगा? कोई यूजर वाया इंटरनेट अपने ब्राउज़र से आपकी
वेबसाइट को एक्सेस करता है। सो इस केस में तो देखो यहां पे डोमेन नेम यूज़ हो रहा है। हमारे केस में डोमेन नेम नहीं है। तो हम
यहां पे क्या यूज़ करेंगे? अपनी सर्वर की IP कौन सी? पब्लिक आईपी। तो वेब सर्वर का काम क्या है? यह ना हमेशा लिसन करता है कि
कोई रिक्वेस्ट तो नहीं आ रही ब्राउज़र से। तो जैसे ही रिक्वेस्ट आएगी तो वो सिंपल वो इंडेक्स. पे पॉइंट कर देगा और वो इंडेक्स.
ब्राउज़र पे पहुंचेगी और यूजर को हमारा वेब पेज या तो वेबसाइट दिख जाएगी। एंड बाय डिफ़ॉल्ट वेब सर्वर HTTP प्रोटोकॉल यूज़
करता है ऐसे वेब पेजेस को सर्व करने के लिए। तो http पोर्ट 80 पे वर्क करता है। सो हम लोग को एक चीज़ समझ गए कि हमारी
वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए एक सर्वर की पब्लिक IP एंड पोर्ट 80 की जरूरत है। चलिए वो ट्राई करके देखते हैं। एंड अगर आप
Apache वेब सर्वर को और अच्छे से डीपली समझना चाहते हो और सीखना चाहते हो तो इसके लिए एक डेडिकेटेड वीडियो है वो जरूर देख
लेना। चलिए आ जाते हैं Aur पोर्टल पे। सो अभी इसको मिनिमाइज कर देते हैं। एंड यहां पे हमारा माय वेब सर्वर जो हमारा वर्चुअल
सर्वर है वो ऑलरेडी ओपन है। इसके ओवरव्यू वाले सेक्शन पे चलते हैं। एंड यहां पे स्टार्टिंग में ही हमको यहां पे देखोगे
पब्लिक आईपी यहां पे दिखाई दे रही है। तो ये जो पब्लिक आईपी है इसको मैं कॉपी कर लेता हूं कॉपी। सो ब्राउज़र पे एक नया टैब
ओपन कर लिया है। यह IP मैं यहां पे पेस्ट कर देता हूं। एंड इसके बाद सिंपली कॉलन 80 कर लेता हूं। 80 फॉर HTTP प्रोटोकॉल। ऑलदो
ये बाय डिफ़ॉल्ट ही होता है। अगर आप नहीं भी दोगे सिर्फ आईपी दोगे। सो वो पोर्ट 80 ही कंसीडर करेगा। ओके। तो चलिए IPपी देने
के बाद एंटर करते हैं। ओके? ओके। सो यहां पे आप देख सकते हो दिस साइट कांट बी रीच। मतलब हमारी साइट एक्सेसबल नहीं है। सो
इसका क्या रीजन हो सकता है? चलिए इसके बारे में बात करते हैं। सो उसके लिए सबसे पहले तो कुछ बेसिक ट्रबल शूटिंग कर लेते
हैं। लाइक सबसे पहले हम लोग रिचेक कर लेते हैं कि हमारा वेब सर्वर अप अप एंड रनिंग है कि नहीं। उसके लिए हम लोग सिस्टम
सीटीएल स्टेटस Apache 2 यूज़ कर लेते हैं। सो हमारा वेब सर्वर तो एक्टिव एंड रनिंग है। ठीक है? इसके बाद ये चेक कर लेते हैं।
Apache वेब सर्वर हमारा किस पोर्ट पे लिसन कर रहा है। उसके लिए हम लोग एसएस कमांड यूज़ करेंगे। सॉकेट स्टैट्स। ओके? और यहां
पे कुछ ऑप्शंस हैं। गैब कॉलन 80 हम लोग ने यूज़ कर लिया है। इसको मैं रन करता हूं। सो यू कैन सी लिसनिंग मतलब पोर्ट 80 लिसन कर
रहा है। और किस पे कर रहा है? देखोगे Apache 2 वेब सर्वर पोर्ट 80 पे लिसन कर रहा है। तो ये भी प्रॉपर है। इसके बाद हम
लोग कर्ल कमांड ट्राई करके देखते हैं। HTTP प्रोटोकॉल है। लोकल होस्ट एंड पोर्ट 80 पे हम लोग करके देखते हैं। सो यू कैन
सी कि वेलकम टू Apache वेब सर्वर। सो दिस मींस जब हम लोकली ट्राई कर रहे हैं अपनी वेबसाइट को एक्सेस करने का। प्रॉपर्ली
वर्क कर रहा है। बट अब प्रॉब्लम कहां पे आ रही है? जब हम इंटरनेट के थ्रू ब्राउज़र से अपनी वेबसाइट को या तो अपने वेब सर्वर को
एक्सेस करने का ट्राई कर रहे हैं। एंड इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए हमको चेक करना पड़ेगा नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप
एनएसजी जिसको बोलते हैं। ये बेसिकली फायर वॉल रूल्स होते हैं हमारे वर्चुअल मशीनंस के लिए जिसके थ्रू हम लोग
इनबाउंड एंड आउटबाउंड ट्रैफिक को कंट्रोल कर सकते हैं। चलिए अपने एज्योर डैशबोर्ड पे चलते हैं और देखते हैं कि यह हम कहां
चेक कर सकते हैं। सबसे बेस्ट जो जगह है वह है आपका ऑल रिसोर्सेज में जाओगे। ठीक है? सो यहां टाइप के अंदर देखोगे ना यह है
नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप माय सर्वर hfन एनएसजी। ओके? तो यहां से भी आप इसको एक्सेस कर सकते हो। या तो आप जब वर्चुअल
मशीन को एक्सेस करते हो ना, सो इसमें आप देखोगे नेटवर्किंग से रिलेटेड। ठीक है? यहां पे डिटेल्स दिख जाएंगी। यहां पे आप
देखोगे नेटवर्किंग इंटरफ़ेस है माय वेब सर्वर 60। ओके? इस पे आप क्लिक करो। एंड इसके अंदर आप देखोगे अटैच टू। सो आप
देखोगे नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप। तो यहां से भी एक्सेस कर सकते हो। चलिए, इस पे हम क्लिक करते हैं। सो, यह है हमारा वर्चुअल
मशीन का एनएसजी। सो, इसमें आप नीचे आओगे ना, यहां पे आपको दो टाइप के रूल्स दिखाई देंगे। एक इनबाउंड रूल्स एंड आउटबाउंड
रूल्स। कि मतलब इनबाउंड के लिए क्या अलाउ है, एंड आउटबाउंड के लिए क्या अलाउड है। तो, अगर आपको याद होगा जब हम लोग वर्चुअल
मशीन बना रहे थे, वहां पे हम लोग ने एसएसएच के लिए पोर्ट 22 इनेबल किया था। राइट? सो, वो चीज़ आप यहां पे देख सकते हो
इनबाउंड रूल्स के अंदर। सो, यहां पे एसएसएच और पोर्ट 22, यहां पे सोर्स है एनी। मतलब आउटसाइड से कोई भी सोर्स इस
पोर्ट 22 को एक्सेस कर सकता है। ऑलदो यहां पे हम बात करते हैं काम की कि हमको यहां पे पोर्ट 80 भी इनेबल करना है तभी तो हम
अपनी वेबसाइट को एक्सेसबल बना पाएंगे। उसके लिए हम लोग चलते हैं सेटिंग्स में। लेफ्ट साइड में देखोगे सेटिंग्स। एंड इसके
अंदर है इनबाउंड सिक्योरिटी रूल्स। तो इनबाउंड रूल्स ही हमको चेंज करना है। तो चलिए उस पे चले जाते हैं। एंड इसमें जो
एक्जिस्टिंग रूल्स है ना जैसे कि एसएसएच है तो आप चाहो तो उसको डिलीट भी कर सकते हो, रिमूव भी कर सकते हो। ऑलदो हमको ऐड
करना है तो ऐड करेंगे सोर्स एनी मतलब यस क्योंकि हमारी वेबसाइट कोई भी एक्सेस कर सके बाहर से तो एनी एंड सोर्स पोर्ट रेंज
ठीक है एस्ट्रेस की रहने देते हैं एंड डेस्टिनेशन में यहां पे अलग-अलग ऑप्शंस हैं जैसे कि एनी आईपी एड्रेस सर्विस टैक्स
लेट्स से आईपी एड्रेस की कुछ रेंज आपको प्रोवाइड करना है वो भी कर सकते हो ऑलदो अभी हम लोग एनी ही रखते हैं इसके बाद है
सर्विस तो सर्विस में आप देखोगे काफी सारे ऑप्शन है http सर्विस इनेबल करना है तो http पे सेलेक्ट कर लेता हूं सो आप देखोगे
बाय डिफॉल्ट उसने http के केस ने पोर्ट 80 को इनेबल कर दिया। एंड इसके बाद यह पूछ रहा है एक्शन क्या लेना है कि पोर्ट 80 जो
आपने सेलेक्ट किया है उसको अलऊ करना है या तो डिनाई करना है। तो ये दोनों ही चीजें आप कर सकते हो। सो हमारे केस में इसको
अलाऊ करना है। ओके? इसके बाद हम लोग प्रायोरिटी भी प्रोवाइड कर सकते हैं। तो यहां पे प्रायोरिटी इसने बाय डिफ़ॉल्ट ये
क्रिएट कर दी है। सो प्रायोरिटी कैसे वर्क करती है? लेट्स से आपने मल्टीपल यहां पे रूल्स ऐड किए हैं। ओके? और फॉर सम रीज़न
आपके जो रूल्स हैं ना वो क्लैश कर रहे हैं। तो ये प्रायोरिटी बेसिस पे ये रूल्स आपके चलेंगे। सो मींस जितना छोटा नंबर है
ना इसमें उतनी हाईएस्ट प्रायोरिटी होती है। द लोअर द नंबर द हायर द प्रायोरिटी। ओके? ऑलदो हमारे पास एक सिंपल सा बेसिक
रूल है। तो इस पे हम लोग ज्यादा फोकस नहीं करेंगे। इसके बाद नाम प्रोवाइड करना है तो हम लोग सिंपल एचटीटीp जो कि हमारे सर्विस
का नाम था वही प्रोवाइड कर देते हैं। डिस्क्रिप्शन भी आप देख सकते हो। अगर आपकी कोई कस्टम सर्विस या तो कस्टम पोर्ट है
तो। तो सिंपली हम लोग ऐड कर देते हैं। सो ऐड करने के बाद हमारा जो इनबाउंड रूल्स है कुछ इस टाइप का दिखता है और http यहां पे
इनेबल हो चुका है। अगर हम एनएसजी के ओवरव्यू में भी जा के देखेंगे तो आप देखोगे इनबाउंड रूल्स में अब http सर्विस
यहां पे दिखाई दे रही है। चलिए इसके बाद ब्राउज़र से फिर से ट्राई करते हैं अपनी वेबसाइट को एक्सेस करने का। यह आ गया
ब्राउज़र। ये रही हमारी पब्लिक आईपी और ट्राई करते हैं। सो ये अभी भी वर्क नहीं कर रही है। इसका एक रीज़न हो सकता है कि जब
मैंने यूआरएल पे क्लिक किया तो आप देखो कि HTTPS ट्राई कर रहा है। ओके? मैं सिंपल https की जगह http कर देता हूं और एक्सेस
करता हूं। सो यू कैन सी वेलकम टू Apache वेब सर्वर ऑन Azure VM। सो इस तरीके से देखा कि वर्चुअल मशीन में हम अपनी एक
सिंपल सी वेबसाइट या वेब पेज को कैसे होस्ट कर सकते हैं। ओके? सो वेबसाइट तो एक्सेसबल हो गई है। बट मे बी आप लोगों में
से कुछ लोगों के मन में कंफ्यूजन होगा कि ये जो HTTPS से हम लोगों ने HTTP किया है वो हो सकता है कि पहले जो हम लोग की साइट
एक्सेसबल नहीं थी। उस टाइम भी वही रीज़न रहा होगा। राइट? तो हम लोग ने क्यों एनएजी वगैरह में इतना टाइम स्पेंड किया? मे बी
प्रॉब्लम http या तो यूआरएल में थी। तो चलिए मैं आपको है ना ट्राई करके दिखा देता हूं। अभी तो हमारी वेबसाइट एक्सेसबल है।
ठीक है? रिफ्रेश करता हूं। इट इज़ वर्किंग। हम लोग फिर से एनएसजी में जाते हैं। इनबाउंड सिक्योरिटी रूल्स में गया। http
वाला जो इनबाउंड रूल है ना, इसको मैं सेलेक्ट करके डिलीट कर देता हूं। यस। सो, हमने वो रूल को हटा दिया। वेबसाइट को
रिफ्रेश करता हूं। सो, यू कैन सी कि इट इज़ कीप लोडिंग एंड इट्स नॉट वर्किंग एट ऑल। इसको मैं दूसरे टैब में भी ट्राई कर लेता
हूं। एंड यहां पे आप यूआरएल क्लियरली देख सकते हो। HTTP है एंड ट्राई करता हूं। सो आप देखोगे इट इज़ नॉट वर्किंग। सो दैट मींस
एनएसजी में जो रूल होता है दैट इज़ रिस्पांसिबल। चलिए तो फिर से हम लोग ऐड कर लेते हैं। एनी HTS एनी ठीक है? सर्विस में
HTTP कर लेते हैं। एंड इसमें एक नाम दे देते हैं एच TTP http ऐड। इसके बाद आप देखोगे यहां पे
हमारी वेबसाइट फिर से एक्सेसबल हो गई। चलिए एनएसजी क्या होता है और कैसे वर्क करता है वह तो हम लोगों ने प्रैक्टिकल
करके देख लिया लेकिन इसके अराउंड हम लोग कुछ इसकेेंट या तो की पॉइंट कवर कर लेते हैं। सबसे पहली चीज यह रीजन स्पेसिफिक
होता है। दैट मींस हम लोग जिस रीजन में रिसोर्सेज बनाते हैं ना उसी सेम रिसोर्सेज में एनएसजी भी होना चाहिए। ऑलदो हमारे केस
में तो एनएसजी ऑटोमेटिकली क्रिएट हो गया था बायर। बट अगर आप खुद से एनएसजी क्रिएट करते हो सो आपको इन बात का ध्यान रखना है
कि ये रीजन स्पेसिफिक होता है। इसके बाद एनएसजी रूल्स में हम लोग अलाउ एंड डिनाई दोनों ही टाइप के रूल्स ऐड कर सकते हैं।
इसके बाद डिफॉल्ट रूल्स अलाउ रिक्वायर्ड एज्योर ट्रैफिक अलाउ आउटबाउंड इंटरनेट एक्सेस एंड डिनाई इनबाउंड इंटरनेट
ट्रैफिक। सो इसीलिए हमारी जो वेबसाइट है पहले एक्सेसबल नहीं थी। बिकॉज़ जो इंटरनेट ट्रैफिक है ना बाहर से वो बाय डिफ़ॉल्ट
डिनाइड होता है। ओके? नेक्स्ट पॉइंट है जो एनएजी होता है वो सबनेट और नेटवर्क इंटरफेस से एसोसिएट हो सकता है। तो हम लोग
ने ये चीज देखी थी एनआईसी में ये जो हमारा एनएजी था वो एसोसिएटेड था। इसके बाद एनएसजी में जो भी हम लोग रूल्स को डिफाइन
करते हैं वो वो प्रोटोकॉल के बेसिस पर भी हम लोग कर सकते हैं। जैसे कि टीसीp, यूडीपी, अलग-अलग पोर्ट नंबर के बेसिस पे
कर सकते हैं। इसके अलावा हम लोग जो रूल्स बनाते हैं उसमें सोर्स आईपी और डेस्टिनेशन आईपी की रेंजज़ भी हम लोग डिफाइन कर सकते
हैं। ऑलदो हम लोग ने अपने केस में एनी यूज़ कर लिया था। एंड इसके बाद है ट्रैफिक डायरेक्शन। मतलब इनबाउंड एंड आउटबाउंड
दोनों टाइप के रूल्स हम लोग डिफाइन कर सकते हैं। लास्ट पॉइंट है हमारा एनएसजी आर स्टेटफुल। दैट मींस कि अगर इनबाउंड
ट्रैफिक अलाउड किया हुआ है हम लोगों ने। सो बाय डिफॉल्ट जो रिस्पांस ट्रैफिक है ना वो ऑटोमेटिकली अलाउड हो जाएगा।
चलिए अब बात करते हैं जो वर्चुअल मशीन हम लोगों ने बनाई थी हम उसको अपने पर्सनल कंप्यूटर से कैसे एक्सेस कर सकते हैं।
उसके लिए हम लोग यूज़ करेंगे एसएसएच जो कि एक नेटवर्क प्रोटोकॉल है एंड इसकी मदद से हम लोग किसी भी एक रिमोट सर्वर को एक्सेस
कर सकते हैं। ओके? चलिए वन बाय वन देखते हैं कि Windows एंड Mac दोनों सिस्टम से ही हम लोग अपने रिमोटली प्रेजेंट या तो
क्लाउड में प्रेजेंट वर्चुअल मशीन को कैसे एक्सेस कर सकते हैं। ओके? सो मैंने अपने MacBook पे एक ये
टर्मिनल ओपन कर लिया है। ओके? इसके बाद अगर आपको याद होगा जब VM हम लोग क्रिएट कर रहे थे तब हमारे पास एक hfन की डॉटpईएम जो
कि एसएसए प्राइवेट की है वह हमारे पास डाउनलोड हो गई थी। तो वह फाइल की हमको जरूरत पड़ती है। जब भी हम एसएसए के द्वारा
वर्चुअल मशीन को एक्सेस करते हैं। ठीक है? तो पहले तो मैं आपको दिखा देता हूं कि मेरे पास ऑलरेडी वह फाइल है एलएस एंड
डाउनलोड वाली लोकेशन में ही है और इसका नाम था माय वेब sवर hfन कीpm तो आप देखोगे ये फाइल मेरी डाउनलोड वाले फोल्डर में
प्रेजेंट है। इसके बाद के स्टेप के लिए आप क्या करो? Azure पोर्टल में जाओ ऑल रिसोर्सेज और यह वर्चुअल मशीन दिख रहा है।
इस पे आप क्लिक कर लो। अगेन कनेक्ट सिंपल वाले कनेक्ट पे क्लिक करेंगे। यहां पर जो ऑप्शन दिखता है नेटिव एसएसएच
इसमें आपको एक एसएसएच कमांड दी हुई है जिसको यूज कर सकते हो आप लोग डायरेक्टली टर्मिनल से। तो ये कमांड को मैं कॉपी कर
लेता हूं। एंड अभी हम लोग अपने टर्मिनल पे इसको पेस्ट कर लेंगे। सो इस कमांड में थोड़ा सा
चेंज करना रहता है। जो प्राइवेट की है ना उसका फाइल का पाथ आपको देना होता है। hन i के बाद आपको डॉट pm वाली फाइल का पाथ देना
होता है। सो हम लोग ने इसके ऊपर ही यहां पे वेरीफाई कर लिया था कि किस पाथ में है। सो हम लोग सेम यही पाथ यहां पे दे सकते
हैं। ठीक है? hfन आई अपनी pm वाली फाइल का पाथ इसके बाद aur यूजर क्योंकि जब हम लोग वीएम क्रिएट कर रहे थे तो यह वाला यूजर हम
लोग ने प्रोवाइड किया था @ और ये जो हमारी सर्वर की पब्लिक आईपी इसको मैं रन करता हूं। सो आप देखोगे इट इज़ आस्किंग फॉर द
परमिशन तो यस कर लेते हैं। तो यहां पे एक एरर आ गया है। और एरर क्या बोल रहा है? अनप्रोटेक्टेड प्राइवेट की फाइल। सो इसके
पीछे क्या रीजन है कि जो प्राइवेट की फाइल हमारे पास डाउनलोड हुई है ना उसकी परमिशंस के रिलेटेड हमको एक इशू आ गया है। एंड इट
इज़ सेइंग कि ये प्रोटेक्टेड नहीं है। सो इसके लिए हमको एक सिंपल सा टास्क करना है। सीएच मोड चेंज मोड मतलब हम लोग यहां पे
परमिशन चेंज कर रहे हैं। सिंपल 400 आप कर लो और उसके बाद अपनी pm फाइल का पाथ दे दो।
डाउनलोड माय वेब सर्वर hfन कीpm ओके। ओके। सो इस टाइप से हम लोगों ने क्या
है? इसकी परमिशन चेंज कर दी। मतलब थोड़ा सा रेस्ट्रिक्ट कर दिया। ठीक है? सेफ्टी या तो सिक्योरिटी हम लोगों ने और बढ़ा दी।
इसके बाद हम लोग फिर से एसएसएच वाली कमांड यूज़ करेंगे। एग्जीक्यूट एंड नाउ यू कैन सी कि हम लोग
अपने वर्चुअल मशीन के अंदर आ चुके हैं। Azure यूजर एंड माय वेब सर्वर जो हमारा होस्ट नेम है। अब इसको हम लोग वेरीफाई
कैसे कर सकते हैं? सिंपल एक कैट यूज़ कर लो। ईटीसी ओएस रिलीज़। सो आप देखोगे उबू है। इसके अलावा हम लोग यहां पे सिस्टम CTL
स्टेटस Apache 2 भी चेक कर सकते हैं। सो आप देखोगे एक्टिव एंड रनिंग दैट मींस ये हमारा ही वर्चुअल मशीन है। ओके
चलिए अब देखते हैं Windows से अपने वर्चुअल मशीन को कैसे एक्सेस कर सकते हैं। सो जब हम लोग वर्चुअल मशीन बना रहे थे तब
हमारे पास एक फाइल डाउनलोड हुई थी माय वेब सर्वर अंडरs की डॉटpईm जो कि एक एसएसएच प्राइवेट की है और इसी फाइल को हम लोग यूज़
करेंगे एसएसएच करने के लिए सो दैट हम अपने वर्चुअल मशीन को एक्सेस कर सकें। इसके बाद सर्च में जाके सिंपली आप सीएमडी ओपन कर
लो। ओके एंड सबसे पहले तो हम लोग ये चेक करेंगे कि एसएसएच कमांड हमारे लिए वर्क कर रही है कि नहीं। तो एसएसएच करके आप देखो
यहां पे आपको यूसेज इस टाइप से दिखाई देगा। दैट मींस एसएसएच हमारे लिए वर्क कर रहा है। अब हम लोग क्या करते हैं? ये जो
डॉट pm वाली फाइल है ना इसको राइट क्लिक करके इसका कॉपी एस पाथ कर लो। तो इस फाइल का लोकेशन आ जाएगा। इसके बाद हमको सिंपल
सी कमांड यूज़ करनी है। एसएस एच हफन आई और जो पी डॉट पीएम वाली फाइल है ना उसका पाथ जो कॉपी किया था उसको पेस्ट कर दो पेस्ट।
इसके बाद जो हम लोग ने वर्चुअल मशीन बनाते टाइम एक यूजर भी प्रोवाइड किया था एसएसएच के लिए जो कि है एज्योर यूजर। तो आप वो
प्रोवाइड कर दो एजोर यूजर। इसके बाद @ एंड इसके बाद जो हमारे पास वर्चुअल मशीन का जो हमारा पब्लिक आईपी है वो यहां पे हम दे
देंगे। दैट्स इट। एंटर करते हैं। तो यस दैट्स इट। और हम लोग अब अपने वर्चुअल मशीन के अंदर हैं। सो यहां पे देख सकते हो यूजर
नेम एज्योर यूजर है और हमारा होस्ट नेम माय वेब सर्वर है। तो यहां पे हम कुछ कमांड यूज़ करके वेरीफाई भी कर सकते हैं कि
हमारा वर्चुअल मशीन है कि नहीं। सिंपल हम लोग कैट E etc OS रिलीज़ कर लेते हैं पहले। तो आप देख सकते हो यहां पे Ube2 ठीक है?
जो हमारा ओs है। इसके अलावा हम लोग अपने Apache वेब सर्वर का स्टेटस देख सकते हैं। सिस्टम CTL स्टेटस Apache टू। सो यू कैन
सी हमारा वेब सर्वर अप एंड रनिंग है। सो दैट मींस हमने वेरीफाई भी कर लिया। यह हमारा ही वर्चुअल मशीन है।
चलिए अब देखते हैं अपने लोकल सिस्टम से अगर हमें किसी फाइल को अपने वर्चुअल मशीन में कॉपी करना है तो वो कैसे करेंगे। एक
सिंपल सा यूज़ केस ही देख लेते हैं। अभी वेब सर्वर बनाया। ठीक है? और उसमें जो वेब पेज बनाया वो हम लोगों ने स्क्रिप्ट से
बनाया और एक बहुत ही सिंपल सा इंडेक्स. बनाया था जिसमें एक सिंगल सी लाइन है। मान लीजिए जो वेबसाइट से रिलेटेड फाइल्स हमारे
पास लोकल सिस्टम में प्रेजेंट है तो वो हमें कॉपी करना पड़ेगा। राइट? तो ये प्रोसेस आप एक बार समझ लोगे तो आप इसके
बाद खुद से कर पाओगे। चलिए सो मेरे पास लोकली एक इंडेक्स. मैंने बना के रखी है। पहले तो मैं आपको वो दिखा देता हूं।
डाउनलोड इंडेक्स. है तो ये फाइल मेरे पास डाउनलोड वाले फोल्डर में है और ये फाइल को मुझे अपने वर्चुअल मशीन में कॉपी करना है।
तो मैं कैसे करूंगा? सो सिंपल है। अभी हम लोगों ने वीएम एक्सेस करने के लिए जो कमांड यूज़ करी थी ना एसएसएच उसी में हम
लोग थोड़ा सा मॉडिफिकेशन करते हैं। देखो ये वाली एसएसए वाली एक कमांड थी हमारे पास। तो हम लोग सिंपली क्या करेंगे? एसएसए की
जगह सबसे पहले हम लोग करेंगे एससीपी मतलब सिक्योर कॉपी। और इसके बाद हम लोग hfन आई और ये पी डॉटpएम वाली फाइल तो प्रोवाइड
करेंगे। ये प्राइवेट की के बाद जो भी फाइल को आपको कॉपी करना है आप उसका पाथ दे दोगे तो हम लोग बोल देते हैं डाउनलोड्स और
इंडेक्स तो ये हमारा हो गया फाइल का लोकेशन aur यूजर मतलब यूजरनेम @ और हमारी पब्लिक आईपी ओके इसके बाद लास्ट में कॉलन
करके पाथ दे सकते हो जैसे कि फॉरवर्ड स्लश होम एंड इसके अंदर एजोर यूजर सो ये जो यूजर है इसके होम डायरेक्टरी में
हमारी फाइल कॉपी हो जाएगी ठीक है? इतनी सी सिंपल सी कमांड है। इसको मैं रन करता हूं। सो आप देखोगे ये जो हमारी फाइल है वो
ट्रांसफर हो गई। ओके? सो हमारी फाइल कॉपी हुई है कि नहीं उसको वेरीफाई करने के लिए हम लोग फिर से एसएसएच कर लेते हैं। एसएसए।
सो ये आ गए हम अपने वर्चुअल मशीन के अंदर। सिंपल एलएस करते हैं। तो आप देखोगे इंडेक्स. जो फाइल अभी हम लोगों ने कॉपी
करी थी वो यहां पे आ चुकी है। इस फाइल को हम लोग वेब सर्वर के लोकेशन में हम लोग ठीक कॉपी कर देते हैं। तो हम लोग बोलेंगे
सीp इंडेक्स. और इसके बाद हम लोग करेंगे वार www html के अंदर हम लोग को कॉपी करेंगे। सो ये
हमको परमिशन डिनाइड दे रहा है। तो इसके लिए हम लोग क्या करेंगे? सीp से पहले सूडो यूज़ कर लेंगे।
ओके? सो ये हमारा टास्क हो चुका है। एक बार हम लोग चाहें तो वेरीफाई भी कर सकते हैं। उसके लिए हम लोग को फिर से सूडो यूज़
करेंगे। लेस वार www html और इंडेक्स सो आप देखोगे यह हमारी अच्छी बड़ी सी एक इंडेक्स फाइल आ गई
है और इसको अगेन वेरीफाई करने के लिए हम लोग फिर से ब्राउज़र पे आ गए हैं और अपनी वेबसाइट को हम लोग रिफ्रेश करेंगे सो आप
देख सकते हो कि हमारा कि हमारी एक अपडेटेड इंडेक्स फाइल यहां पे लोड हो गई है जो कि बहुत ही अच्छी लग रही है। ओके एंड अगर आप
सोच रहे हो कि ये फाइल आपको कहां से मिली है तो सिंपल मैंने चैट जीपीटी से इसको डाउनलोड किया है। एक सिंपल सा प्र दिया
था। कैन यू जनरेट गुड लुकिंग स्टैटिक वेबसाइट फॉर वीडियो ऑन Azure VM जस्ट अ सिंपल टेक्स्ट एंड अ गुड बैकग्राउंड कलर।
ओके? सो इसने यह फाइल अब मुझे डाउनलोड करके दे दी। सो इस टाइप से आप टेस्टिंग पर्पस के लिए यहां से फाइल डाउनलोड कर
सकते हो। चलिए अब देखते हैं जो भी हम लोगों ने रिसोर्सेज बनाए थे उसको हम डिस्ट्रॉय या
तो डिलीट कैसे कर सकते हैं और यह ना अपने थोड़े से प्रैक्टिस में लेके आओ कि जब भी आप कोई सर्विस को ट्राई कर रहे हो
एक्सप्लोर कर रहे हो टेस्ट कर रहे हो टेस्टिंग कंप्लीट होने के बाद उन रिसोर्सेज को आप डिलीट कर दो बिकॉज़ बाय
मिस्टेक रिसोर्सेज को अप एंड रनिंग छोड़ देते हो तो यहां पे पे एज यू गो मॉडल पे ईटी के चल रहे हैं तो यह आपको एडिशनल
कॉस्ट ना आए। सो यह एक अच्छी प्रैक्टिस है। तो आप यह फॉलो करो। ठीक है? तो चलिए देखते हैं कैसे हम लोग अपने रिसोर्सेज को
डिलीट कर सकते हैं। सबसे पहले एक तरीका क्या है? ऑल रिसोर्सेज में जाओ तो यहां पे आपको दिख जाएगा एक जगह ही कि आपके कितने
रिसोर्सेज बने हैं। ऑलदो यहां पे प्रॉब्लम ये है कि हम लोग ने एक रिसोर्स बनाया था जो कि वर्चुअल मशीन है और इसके साथ इतने
सारे रिसोर्सेज बन गए। तो यहां पे एक तरीका ये है कि आप वन बाय वन एक-एक रिसोर्सेज पे जाओ उनको डिलीट करो। अब जैसे
कि माय वेब सर्वर वर्चुअल मशीन है। इस पे आप क्लिक करो। तो यहां पे आपको एक ऑप्शन मिल जाएगा डिलीट का। ओके? इससे एक बेटर
तरीका है कि अगर आप चाहते हो कि एक बार में आपके सारे रिसोर्स डिलीट हो जाए तो आप क्या कर सकते हो? हम लोग जा सकते हैं
रिसोर्स ग्रुप में। यहां पे रिसोर्स ग्रुप आप सर्च करोगे तो आप देखोगे रिसोर्स ग्रुप आ गया। तो हम लोग ने एक रिसोर्स ग्रुप
बनाया था व्हाइल क्रिएटिंग द वर्चुअल मशीन जो कि था अजोर वीएमआरजी। सो अगर आप देखोगे इस रिसोर्स ग्रुप में जितने भी रिसोर्सेज
हम लोग ने बनाए थे ये पूरे दिए हुए हैं। ओके? सो यहां पे एक ऑप्शन है डिलीट रिसोर्स ग्रुप। तो हम लोग इस पे आ जाते
हैं। एंड यहां पे रिसोर्स ग्रुप का हमको नाम देना है। तो हम लोग यह एजोर वीएमआरजी यह कॉपी करके यहां पे सिंपली पेस्ट कर
देंगे और यहां पे डिलीट कर देंगे। एंड ये आपसे कंफर्म भी करता है। एंड यह बोल रहा है कि आप जब रिसोर्स ग्रुप डिलीट करोगे तो
इसमें जो डिपेंडेंट रिसोर्सेज हैं मतलब इसके अंदर के जो भी रिसोर्सेज हैं वो भी डिलीट हो जाएंगे। क्या आप करना चाहते हो?
ओके यस डिलीट। ओके फाइनली थोड़ी देर के बाद आप जब रिफ्रेश करते हो तो आप देखोगे यहां पर कोई भी रिसोर्सेज अवेलेबल नहीं है
और सिंपली आप रिसोर्स ग्रुप में जाओगे तो आपको aur vएम वाला रिसोर्स ग्रुप भी दिखाई नहीं देगा। ऑलदो आप रीवेरिफाई करने के लिए
आप ऑल रिसोर्सेज में जाके देख सकते हो कि कोई रिसोर्स बाकी तो नहीं रह गया। सो यहां पे सिर्फ एक रिसोर्स दिखा रहा है जो कि है
नेटवर्क वाउचर कैटेगरी में। सो यह हेल्प करता है हमारे जो रिसोर्सेज की नेटवर्किंग है उसको मॉनिटर करने के लिए या तो ट्रबल
शूट करने के लिए। सो जब भी आप किसी रीजन में रिसोर्सेज बनाते हो और नेटवर्किंग से रिलेटेड टास्क करते हो सो ऑटोमेटिकली यह
सर्विस ठीक है इनेबल कर देता है नेटवर्क वाउचर क्योंकि मॉनिटरिंग भी एंड ट्रबल शूटिंग भी जरूरत रहती है बट चाहो तो आप
इसको भी डिलीट कर सकते हो या तो छोड़ सकते हो चलो हम डिलीट कर ही देते हैं इसको आप क्लिक करो और यहां पे देखोगे थ्री डॉट्स
हैं इसमें आप देखोगे डिलीट का ऑप्शन है एंड इसमें सिंपली आपको लिखना है डिलीट ऑलदो जैसे ही आप फिर से रिसोर्स बनाओगे तो
ये रिकक्रिएट हो जाएगा ऑलदो अभी के लिए हम लोग यहां पे डिलीट कर लेते हैं ओके सो इस तरीके से हम लोगों ने अपने सारे रिसोर्सेज
को डिलीट कर लिया है। चलिए अब एक Windows बेस्ड वर्चुअल मशीन हम लोग बना के देखेंगे। तो चलिए डायरेक्टली
चलते हैं अपने Azure पोर्टल में। डायरेक्टली सर्च बॉक्स में जाते हैं। वर्चुअल मशीन यहां पे क्लिक कर लेते हैं।
ओके। यहां पे अभी कोई वर्चुअल मशीन या तो रिसोर्सेज़ नहीं है। प्लस के क्रिएट करते हैं वर्चुअल मशीन। एंड इसमें सब कुछ वही
सेम चीजें रहेंगी। डिफरेंस इस बार हमारा होगा जो इमेज हम लोग यूज़ करेंगे वो अ Windows बेस्ड होगा। रिसोर्स ग्रुप। चलिए
बना लेते हैं। सो aur vएम आरजी हम लोग फिर से बना लेते हैं। ओके सो ये रिसोर्स हो गया। वर्चुअल मशीन का नाम देना है हमको।
तो यहां पे हम लोग दे देते हैं Windows वीएम रीजन जो डिफ़ॉल्ट है वही रहने देते हैं। अवेलेबिलिटी ऑप्शन डिफ़ॉल्ट पे जाते
हैं। सेल्फ सेक्टेड ज़ोन ही रहने देते हैं। इसके बाद जो सबसे इंपॉर्टेंट है इमेज इसमें हमको सेलेक्ट करना है Windows। सो
यहां पे Windows 11 हम लोग सेलेक्ट कर लेते हैं जो लेटेस्ट है। यहां पे आर्किटेक्चर 64 ही रहेगा। सो ये साइज में
जो साइज ऑलरेडी सिलेक्टेड है वो हमारे रीजन में अवेलेबल नहीं है। तो हम लोग क्या करते हैं? सेलेक्ट ऑल साइज देख लेते हैं।
सो इसमें जो मोस्ट यूज्ड वाली जो कैटेगरी है उसमें से हम लोग कुछ सेलेक्ट कर लेते हैं। तो लेट्स से ये जो 4GB रैम वाला है
उसको ट्राई करके देखते हैं। ओके? सो यस सेलेक्ट हो गया है। इसके बाद एडमिन अकाउंट अ इसमें एक यूजरनेम पासवर्ड की जरूरत
पड़ेगी। देखो एक सिंपल सी चीज है। जैसे कि हम लोग अपने Windows बेस्ड जो लैपटॉप है उसको एक्सेस करने के लिए लॉग इन करने के
लिए यूजर पासवर्ड यूज़ करते हैं। ठीक है? तो वैसे ही हमारे वीएम पे जो Windows ऑपरेटिंग सिस्टम होगा राइट उसको एक्सेस
करने के लिए हमारे पास एक यूजरनेम पासवर्ड होना चाहिए। यूजरनेम इसने ऑलरेडी बना दिया अजोर यूजर। आप चाहो तो चेंज कर दो एंड
इसमें आपको पासवर्ड देना है एक अच्छा सा। सो ये दे दिया हम लोगों ने पासवर्ड। इसके बाद इनबाउंड रूल्स। तो जैसे कि हम लोगों
ने Linux बेस्ड में एसएसएच के लिए पोर्ट ओपन किया था। सो Windows में हम लोग जो एक्सेस करते हैं वो यूजिंग आरडीपी करते
हैं। ठीक है? रिमोट डेस्कटॉप प्रोटोकॉल। एंड उसके लिए हमको 3389 पोर्ट इनेबल करना रहता है। तो यहां पे ऑलरेडी सेक्टेड है।
ओके। एंड इसके बाद लास्ट में है लाइसेंसिंग। क्योंकि देखो Windows ऑपरेटिंग सिस्टम फ्री नहीं होता है। तो
लाइसेंसिंग है तो इसमें हम लोग आई कंफर्म पे यहां पे क्लिक कर लेते हैं। एंड इसके बाद आप चाहो तो एक-एक ऑप्शन पे क्लिक करके
आप थोड़ा सा और ज्यादा अच्छे लेवल पे कॉन्फ़िगर कर सकते हो। या तो आप सिंपल रिव्यू एंड क्रिएट पे जाओगे ना, तो आपको
जो भी जो रिमेनिंग सेटिंग्स हैं, वो डिफ़ॉल्ट के साथ चले जाएंगे। तो ऑलदो हम लोग डिफ़ॉल्ट पे चलते हैं। सो क्रिएट करने
से पहले आप चाहो तो सारी सेटिंग्स एक बार रिव्यू कर सकते हो। और यहां पे जो प्राइिंग आप देख सकते हो 0.0850 यूएस
डॉलर्स पर आर के बेसिस पे चार्ज होगा। ठीक है? एंड इसके बाद हम लोग सिंपल क्रिएट पे क्लिक कर देते हैं। सो इसके बाद हमारा
वर्चुअल मशीन बनना स्टार्ट हो जाएगा। सो डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। इसके बाद हम लोग डायरेक्टली ऑल रिसोर्सेज में जाते
हैं। तो यहां पे हम सारे रिसोर्सेज एक जगह ही देख पाते हैं। ओके? एंड जैसे कि हम लोग ने लास्ट टाइम डिस्कस किया था कि नेटवर्क
वाउचर यहां पे फिर से क्रिएट हो गया है। एनीवे इट्स फाइन। ओके? ओके। सो आ जाते हैं हम अपने वर्चुअल मशीन पे जो कि है Windows
VM इस पे हम क्लिक करते हैं। अब मेन चीज ये है कि हमारा Windows बेस्ड VM बन गया। उसको एक्सेस कैसे करेंगे? सिंपल है कनेक्ट
पे जाओ। सिंपल कनेक्ट पे क्लिक कर लो। एंड इसके बाद ये नेटिव आरडीपी आपको दिखाई दे रहा है। एंड इसको एक्सेस करना काफी आसान
है। ओके? सो यहां पे एक डाउनलोड आरडीपी फाइल का ऑप्शन है। उस पे क्लिक कर लो। तो एक फाइल यहां पे डाउनलोड हो जाएगी। सो इस
फाइल को आप डायरेक्टली ओपन करोगे। तो इसने ऑलरेडी आरडीपी सेटअप करना स्टार्ट कर दिया है। यूजरनेम प्रोवाइड है। पासवर्ड
देना है जो हम लोगों ने बीएएम क्रिएट करते हुए दिया था। ओके पासवर्ड देने के बाद आप सिंपल
कंटिन्यू कंटिन्यू। ऑलराइट। सो ये हमारा Windows बेस्ड वीएम
लोड हो रहा है। बूट हो रहा है। सो जैसे फर्स्ट टाइम आप Windows यूज़ करते हो। सो स्टार्टिंग में आपको सेटअप करना पड़ता है।
सो आप ऐसे ही सेटअप कर लो। कुछ परमिशंस एंड टर्म्स वगैरह एक्सेप्ट करना रहता है वो कर लेंगे हम लोग। ऑलराइट। सो ये रहा
हमारा Windows बेस्ड वर्चुअल मशीन और इस तरह से आप क्रिएट कर सकते हो। सो आपको एक सिर्फ डेमो देना था। इसके बाद हम लोग इसको
क्लोज कर देते हैं फॉर नाउ एंड अपने रिसोर्सेज को डिलीट कर लेते हैं। इसके लिए हम लोग जाएंगे रिसोर्स ग्रुप में। रिसोर्स
ग्रुप एजोर वीएमआरजी जो अभी हम लोगों ने रिसोर्स ग्रुप बनाया था। इसके बाद हम लोग सिंपली क्लिक करेंगे डिलीट रिसोर्स ग्रुप
पे। रिसोर्स ग्रुप का नाम कॉपी एंड इसमें पेस्ट टू कंफर्म एंड डिलीट पे क्लिक कर देते हैं। सो हमारा जो सारे रिसोर्सेज हैं
वो डिलीट हो जाएंगे। सो हमारे यहां पे सारे रिसोर्सेज डिलीट हो चुके हैं। और रिसोर्स ग्रुप में जाके देखते हैं रिफ्रेश
करके। तो हमारा जो रिसोर्स ग्रुप है वो भी यहां पे डिलीट हो चुका है। चलिए एक ओवरव्यू देख लेते हैं कि जब हम
वर्चुअल मशीन बनाते हैं तो क्या-क्या सेटिंग्स को कॉन्फ़िगर कर सकते हैं। ऑलदो जब हम लोग ने अपना वर्चुअल मशीन बनाया था
तो कुछ बेसिक सेटिंग्स ही हम लोग ने कॉन्फ़िगर करी थी और बाकी डिफॉल्ट सेटिंग्स के साथ हम लोग, ठीक है? हम लोग ने प्रोसीड
कर दिया था। चलिए एक बार फिर से नजर डाल लेते हैं। वर्चुअल मशीन पे जाते हैं। क्रिएट पे करते हैं वर्चुअल मशीन। सो ये
जो हमारा जो फर्स्ट पेज है जो बेसिक सो बेसिक इनफार्मेशन तो हम लोगों ने प्रोवाइड कर दी थी। इसमें भी हम लोगों ने
इंपॉर्टेंट चीजें कवर कर ली थी कि इमेज कौन सी यूज़ करना है साइज कौन सा यूज़ करना है और इसको एक्सेस करने के लिए अकाउंट कौन
सा होगा कौन सा पोर्ट इनेबल करना है। तो बेसिक चीजें तो यहां पे हम लोगों ने कवर कर ली थी। इसके अलावा आप देखोगे ऊपर काफी
सारे यहां पे टैब्स दिखाई देंगे। तो उसमें जाके आप स्पेसिफिक पार्ट्स को ठीक है? कॉन्फ़िगर कर सकते हो। सबसे पहले देख लेते
हैं डिस्क में आपको क्या मिलता है। सो डिस्क में आप देखोगे सबसे पहले एक चीज है इंक्रिप्शन एट होस्ट। सो जो भी आपका डेटा
है इंक्रिप्ट आपको करवाना है तो वो कर सकते हो। ऑलदो अभी हमारे सब्सक्रिप्शन में ये ठीक है इंक्लूडेड नहीं है। तो दैट्स
व्हाई अभी नहीं कर सकते। बट एक आईडिया आपके पास होना चाहिए कि ये चीजें भी अवेलेबल है या तो ऑप्शन अवेलेबल है आपके
पास। इसके बाद देखो कि डिस्क साइज तो ये अभी तक डिफॉल्ट साइज के साथ जा रहा था। बट यहां पे आप साइज भी अपने अकॉर्डिंग यहां
पे चूज़ कर सकते हो। जैसे कि बाय डिफ़ॉल्ट 127 गीग्स है। आप चाहो तो 1 टेराबाइट 500 GB भी आप इस टाइप से कर सकते हो। डिस्क
टाइप कौन सा यूज़ करना है? एसएसडी थोड़ी सी एक्सपेंसिव पड़ती है बट आपके लेट्स से आपका काम नॉर्मल एचडी में भी चलता है। तो
देखोगे स्टैंडर्ड एचडी का भी ऑप्शन है। ओके? एंड इसके बाद ऑप्शन है डिलीट विद वीएम। सो जब वर्चुअल मशीन बनेगा तो
स्टोरेज भी बनेगा। और जब हम लोग वर्चुअल मशीन डिलीट करते हैं तो स्टोरेज भी डिलीट हो जाएगा। तो उसके लिए यहां पे ऑलरेडी
क्लिक है। मतलब ये डिफॉल्ट है। इसके अलावा क्या है? देखो लेट्स से आपने एजोर रिसोर्सेज में अलग से स्टोरेज बना के रखा
है। तो वो स्टोरेज भी अपने वर्चुअल मशीन के साथ लिंक कर सकते हो। देखो कि नीचे एक आपके पास ऑप्शन है क्रिएट और अटैच ए न्यू
डिस्क मतलब आप डिस्क क्रिएट करके अटैच कर दो या तो या तो अटैच एन एग्जिस्टिंग डिस्क। तो वो ऑप्शन भी आपको यहां पे मिल
जाता है। इसके बाद नेटवर्किंग वाले पार्ट में जाते हैं। तो यहां पे हम लोग मैनेज करते हैं कि जो हमारा वर्चुअल मशीन या तो
रिसोर्स होगा वो कौन सा वर्चुअल नेटवर्क या तो सबनेट का पार्ट होगा। ऑलदो जब हम लोग सिर्फ बेसिक इनफार्मेशन प्रोवाइड करते
हैं तो ये वाला प्रोसेस एज्योर हमारे बिहाफ में कर देता है। सो अस्यूम करो कि आपने ऑलरेडी एक अपना वर्चुअल नेटवर्क बना
के रखा है। और आपके सारे रिसोर्सेज को उसका पार्ट बनाना है। तो आप सिंपली यहां पे ड्रॉपडाउन में सेलेक्ट करके अपना
वर्चुअल नेटवर्क सेलेक्ट कर सकते हो। तो यह उसके लिए है। इसके बाद नीचे आएंगे तो पब्लिक आईपी आपको बनाना है कि नहीं। ऑलदो
बाय डिफ़ॉल्ट यह पब्लिक आईपी हमको क्रिएट करके देता है। इसके बाद है सिक्योरिटी ग्रुप। तो यहां पे बेसिक है। इसके बाद
पब्लिक इनबाउंड पोर्ट्स कौन से अलाउ करना है। तो ये हमको बेसिक ऑप्शन में भी मिल जाता है कि कौन सा पोर्ट हमको इनेबल करना
है। एंड इसके नीचे है लोड बैलेंसिंग ऑप्शन। अभी तो नन है। बट यहां पे हमको एज्योर लोड बैलेंसिंग का भी ऑप्शन मिल
जाता है। ऑलदो ये चीजें हम लोग आने वाले सेक्शंस में कवर करेंगे। एंड उसके लिए हम लोग एक सेपरेट सेक्शन में ही इसको अच्छे
से समझेंगे। इसके बाद हम लोग मैनेजमेंट में आ जाते हैं तो कुछ ऑप्शन इसमें मिल जाते हैं। जैसे कि आपकी वर्चुअल मशीन को
ऑटो शटडाउन कि मान लो अगर आपको डेली शटडाउन वगैरह कराना है किसी टाइम पे तो आप यहां पे ठीक है कॉन्फ़िगर कर सकते हो।
बैकअप अगर आपको इनेबल कराना है तो वो ऑप्शन है आपके पास। इसके अलावा मॉनिटरिंग। सो लेट्स से वर्चुअल मशीन पे आपकी कोई
सेंसिटिव या तो इंपॉर्टेंट एप्लीकेशन ठीक डिप्लॉयड है तो मॉनिटरिंग एंड अलर्ट्स बहुतेंट हो जाते हैं। सो व्हिच मींस कि
अगर किसी एक स्पेसिफिक इवेंट में लेट्स से कोई प्रॉब्लम हो गई है तो किसी इवेंट के बेसिस पे आपको अलर्ट्स ठीक है चाहिए
क्योंकि देखो आप दिन भर तो अपने सिस्टम के सामने बैठ नहीं सकते हो। मान लीजिए आपके सिस्टम में कोई प्रॉब्लम आ जाती है और
आपको उसके बेसिस पे अलर्ट्स रिसीव करना है लेट्स से ईमेल पे। सो वो चीजें भी आप यहां पे कॉन्फ़िगर कर सकते हो। इसके अलावा आप
एप्लीकेशन हेल्थ मॉनिटरिंग को भी इनेबल कर सकते हो। इसके बाद एडवांस वाले टैब में जाते हैं। इसमें हम लोग ने देखा था कस्टम
डेटा में हम लोग ने अपनी स्क्रिप्ट रन करी थी। या तो आप अपने स्टेप्स स्क्रिप्ट दे सकते हो। जो भी वर्चुअल मशीन बनने के बाद
आप जो भी एक्शन परफॉर्म करना चाहते हो। इसके बाद आप टैग्स प्रोवाइड कर सकते हो कि जो भी देखो रिसोर्सेज बनते हैं। आप एक
टैग्स प्रोवाइड कर सकते हो। जैसे कि सो लेट्स से आपने पांच रिसोर्स बनाए उसमें से तीन आपके डेवलपमेंट के हैं, दो प्रोडक्शन
के हैं। तो आप वहां पे अगर टैग यहां पे प्रोवाइड कर दोगे सो आपको थोड़ा सा बाद में ना मैनेज करने के लिए या तो अपने
रिसोर्स को ऑर्गेनाइज करने में आपको इजी पड़ेगा वो। चलिए अब थोड़ी सी बात कर लेते हैं वीएम
साइज के बारे में। जब हम लोग वर्चुअल मशीन बना रहे थे। हमको एक सेक्शन मिला था जहां पे हम लोग साइज को ठीक है? सेलेक्ट कर
सकते हैं ये वाला साइज वाला ऑप्शन और इसमें काफी सारे ऑप्शंस थे जब सेलेक्ट ऑल साइजज़ करते हैं। सो यहां पे हमको बहुत
सारी सीरीज दिखाई देती हैं। बी सीरीज, डी, ई, एफ सीरीज। ओके? एंड इसमें भी एक सीरीज के अंदर भी बहुत सारे अलग-अलग ऑप्शंस मिल
जाते हैं और इसके रिलेटेड बहुत सारी इंफॉर्मेशनेशन मिल जाती है कि जैसे किसी एक सीरीज में आप जो भी सेलेक्ट कर रहे हो
उसमें कितने CPU है, कितना रैम है और जब इसको आप स्क्रॉल करते हो सो लास्ट में आपको यहां पे पर मंथ का कॉस्टिंग भी दिख
जाता है। ऑलदो यहां पे अनअवेलेबल है। बट चलो वो दूसरे में दूसरी सीरीज में ट्राई करते हैं। सो यस अगर आप देखोगे ई सीरीज यह
जो है इसमें जो कॉस्टिंग है आप देखोगे $10 पर मंथ से लेकर $10 पर मंथ तक इसका कॉस्टिंग है। ऑलदो आप इन सीरीज के बारे
में और अच्छे से समझना चाहते हो। ठीक है? आप लेट्स से अपने बिज़नेस पर्पस के लिए इसको यूज़ करना है। तो आपको इन डेप्थ थोड़ा
सा ज्यादा नॉलेज चाहिए। राइट? तो आप सिंपली क्या है? Google पे जाओ। साइज़ज़ फॉर वर्चुअल मशीन एंड Azure पे चले जाओ। इनकी
ऑफिशियल वेबसाइट पे बहुत अच्छे से इन लोगों ने एक्सप्लेन किया है। साइज़ज़ फॉर वर्चुअल मशीन एंड Azure। सो इसमें एक
प्रॉपर वीडियो भी दिया है और इसके नीचे आप देखोगे वीएम साइजज़ एंड सीरीज नेमिंग कन्वेंशन और जैसे कि किसी साइज में कुछ इस
टाइप का नाम है मान लो डी सी ए डी एस अंडरस्कोर वी फाइव सीरीज तो इसमें हर एक जो लेटर है इसका कुछ मीनिंग होता है जैसे
कि डी एक फैमिली है इसके बाद सब फैमिली है इसके बाद ए है अगर ए दिख रहा है स्मॉल लेटर दैट मींस ये एएमडी अह फैमिली का है
अगर यहां पे पी दिया हुआ है तो एआरएम अह ठीक है फैमिली का है इसके बाद नीचे आओगे तो आपको मिल जाएगा लिस्ट ऑफ वीएम साइज
फैमिलीज़ बाय टाइप तो अलग अलग-अलग टाइप के बेसिस पे देखो स्टार्टिंग हम लोगों ने किया है जनरल पर्पस और ये जनरल पर्पस किस
कंडीशन है तो किस सिचुएशन के लिए आइडल है तो वो भी लिखा हुआ है देखो आइडल फॉर टेस्टिंग एंड डेवलपमेंट स्मॉल टू मीडियम
डेटाबेस एंड लो टू मीडियम ट्रैफिक वेब सर्वर्स ओके सो यहां से आपको और आईडिया मिल जाएगा कि कौन से पर्पस के लिए कौन सी
सीरीज आपके लिए सूटेबल होगी ये तो रहा जनरल पर्पस इसके बाद आप देखोगे कंप्यूट ऑप्टिमाइज्ड सो ये किसके लिए आइडल है
देखोगे दी साइजज़ आर गुड फॉर मीडियम ट्रैफिक एक वेब सर्वर नेटवर्क एप्लायंसेस बैच प्रोसेस एंड एप्लीकेशन सर्वर ओके इसके
नीचे आएंगे तो मेमोरी ऑप्टिमाइज मिल जाएगा जिसमें आपको देखोगे ई ई सीरीज दिखाई दे रही है एम सीरीज भी है ओके एंड ये किसके
लिए आइडियल है तो देखोगे ग्रेड फॉर रिलेशनल डेटाबेस सर्वर्स ओके मीडियम टू लार्ज कैशेस एंड इन मेमोरी एनालिटिक्स सो
यहां से आपको और आईडिया मिल जाएगा और आपको किसी भी सीरीज के बारे में जैसे कि ई सीरीज है इसके बारे में और इन डेप्थ समझना
है तो ये ठीक ठीक है? डॉक्यूमेंटेशन आपके बहुत हेल्पफुल रहेगा। चलिए अब थोड़ा सा aur vएम प्राइिंग मॉडल्स
के बारे में बात कर लेते हैं। तो अभी तक हम लोग को सिर्फ एक चीज पता था कि पे एज यू गो मॉडल पे वर्क करता है। मतलब जितना
रिसोर्सेज हम लोग यूज़ कर रहे हैं उस के अकॉर्डिंग यहां पे बिलिंग होगी और उतना हमको चार्ज करना पड़ेगा। ऑलदो अभी हम लोग
लर्निंग फेस में हैं। तो जो भी हमको फ्री क्रेडिट मिल रहा है तो हम लोग उसको यूटिलाइज़ करके यहां पे टेस्टिंग कर रहे
हैं। ओके? बट अभी एक सिनेरियो लेते हैं कि मान लीजिए आपको अपनी खुद की वेबसाइट आगे जाके ठीक कि डिप्लॉय करना है, होस्ट करना
है या तो आपको एक क्लाउड सर्विस अपने बिज़नेस पर्पस के लिए यूज़ करना है। तो ये चीज़ आपके लिए बहुत इंपॉर्टेंट हो जाती है
कि आप प्राइिंग मॉडल अच्छे से समझो। ठीक है? तो पहली चीज तो ये था पे एज़ यू गो मॉडल और इसके बाद हम लोग ने जब अकाउंट
बनाया था तब हम लोग ने देखा था कि इनके पास कि इनकी वेबसाइट पे एक प्राइिंग कैलकुलेटर दिया होता है। तो वो भी आप चेक
कर सकते हो कि कितने रिसोर्सेज अगर आप यूज़ करोगे तो कितना आपका बिल होगा। तो वहां से एक आईडिया मिल जाता है। ऑलदो सबसे बेस्ट
चीज मैं आपको बताता हूं। Google पे जाओ Azure VM प्राइिंग मॉडल है। आप ऐसा सेलेक्ट कर लो और यहां पे आ जाएगा इनका
ऑफिशियल डॉक्यूमेंटेशन Windows वर्चुअल मशीन प्राइिंग। तो इस पे आप क्लिक कर लो। इसमें आप देखोगे एक्सप्लोर प्राइिंग
ऑप्शंस मतलब अलग-अलग ऑप्शंस हैं। ठीक है? प्राइिंग के पहला जो है पे एज़ यू गो जो हम अभी हम लोग ने समझा या तो बात की है। इसके
अलावा कुछ और भी इनके प्लांस होते हैं। जैसे कि एजोर सेविंग प्लान फॉर कंप्यूट। इसके बाद है रिजर्व्ड इंस्टेंसेस, स्पॉट
एक्सट्रा। अब ये इनके अलग-अलग क्या तरीके होते हैं? आप चाहो तो इसके बारे में थोड़ा और पढ़ सकते हो। जैसे कि क्या है? सेव मनी
अक्रॉस सेलेक्ट कंप्यूट ग्लोबली बाय कमिटिंग इट टू एक्सपेंड अ फिक्स्ड आरली अमाउंट फॉर वन और थ्री इयर्स। मतलब 1 साल
से लेकर 3 साल तक के लिए आपको अगर अपने रिसोर्सेज को फिक्स चाहिए तो उस केसेस में आप क्या है इनके ये वाला प्लान ले सकते हो
एजोर प्लान। अब नीचे जाओगे ना तो आप देखोगे आपको यहां पे इनके कंपैरिजन भी दिख जाएगा। अब जैसे कि देखो ये सिंपल सा एक
इन्होंने कंपैरिजन दिया है जैसे कि बी सीरीज है। सो आप इनका बेसिक बी सीरीज वाला ठीक है इंस्टेंस लेते हो तो पे एज यू गो
मॉडल में आपको $.5 पर मंथ का चार्ज लगेगा। लेकिन जब आप वन ईयर सेविंग प्लान के साथ चले जाते हो तो आपका जो कॉस्ट है वो 5 पर
मंथ में हो जाएगा। ठीक है? तो करीब $.5 आपका यहां पे बच रहा है। इसके बाद आप 3 ईयर का प्लान ले लेते हो तो आपको $3.4 पर
मंथ आपको चार्ज करेगा। सो आप यहां पे देखोगे 54% तक की आपकी सेविंग्स हो जाएगी। तो आपको बहुत ही हिसाब से अपने रिसोर्सेज
चुनना है अपने बिज़नेस के लिए। अब देखो सिंपल सा एक यूज़ केस है कि मान लीजिए आपको जो वर्चुअल मशीन के रिसोर्सेज हैं वो रोज
एवरीडे बेसिस पे नहीं चाहिए। लेट्स से आप एक टेस्टिंग पर्पस के लिए क्लाउड यूज़ कर रहे हो। ओके? सो टेस्टिंग आप कब करोगे?
लेट्स से आपकी कोई एप्लीकेशन है उसमें एक नया फीचर आ रहा है तभी आप टेस्टिंग कर रहे हो। ठीक है? कुछ महीनों महीनों में आप कर
रहे हो। तो उसके लिए बेस्ट है कि आप पे एज यू गो मॉडल पे जाओ। अदरवाइज लेकिन अगर आपका एक परमानेंटली किसी एप्लीकेशन को आप
डिप्लॉय कर रहे हो तो इट्स बेस्ट कि आप एक से लेकर 3 साल तक का प्लान ले लो तो आप देख सकते हो यहां पे आपकी बहुत सारी
सेविंग्स भी हो जाएगी। यहां पे एक और ऑप्शन है स्पॉट का। इसमें क्या बोल रहा है? ये बाय अनयूज्ड एजोर कंप्यूट
कैपेसिटी। मतलब जो इनकी अनयूज्ड जो भी कैपेसिटी है या तो ठीक है जो रिसोर्सेज हैं वो आपको मिल जाते हैं। लेकिन यहां पे
कंडीशन क्या है? इंटरप्टेबल मतलब यह इंटरप्ट कर सकता है आपके वर्क को। सो आपका कोई ऐसा वर्क हो ना जो ऐसा सेंसिटिव ना हो
कि अगर ठीक है रुक भी जाए तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। सो उस केसेस में आप स्पॉट आप सेलेक्ट कर सकते हो। यह पे एज यू गो से
सस्ता होता है। लेकिन इससे बेटर अगेन यह हमारा जो एजोर सेविंग प्लान है वो ज्यादा बेटर है। एंड यहां प्राइिंग मॉडल में ना
आप एक टर्म यहां पे नोटिस कर रहेगे। एचपी जो दिया हुआ है वो है एजोर हाइब्रिड बेनिफिट। इसका सिंपल सा मतलब है जब भी आप
Windows सर्वर यूज कर रहे हो तो आप अपने खुद के लाइसेंस यूज कर सकते हो। अगर आपके पास लाइसेंस है तो आप वो यूज़ कर सकते हो।
तो उसमें क्या होगा? ये एचपी मींस ये जो आप प्राइसिंग देख रहे हो यह सिर्फ कंप्यूटिंग की या तो रिसोर्सेज की
कॉस्टिंग है। इसमें लाइसेंस फीस ऐड नहीं है। अगर आपके पास लाइसेंस नहीं है तो आपको लाइसेंस का भी फीस देना है। यह एप्लीकेबल
है Windows सर्वर के लिए। और जैसे ही अगर मान लीजिए मैं यहां पे OS है तो सॉफ्टवेयर चेंज कर देता। सो लेट्स से मुझे उबू यूज़
करना है। सो यहां मैंने OS चेंज कर दिया है। सो आप देखोगे एएबी अब यहां पे दिखाई नहीं दे रहा है। सो वो एप्लीकेबल है
Windows सर्वर के लिए। एंड अब यहां पे जो भी आप प्राइसिंग देख रहे हो ये Linux बेस्ड हमारा जो VM बनेगा उसकी कॉस्टिंग
है। एंड प्राइसिंग देखने का तो समझने का सबसे बेस्ट तरीका क्या है? इसी इनकी जो ऑफिशियल वेबसाइट है ना यहां पे प्राइिंग
दिया हुआ है एंड इवैलुएट में प्राइसिंग कैलकुलेटर दिया हुआ है। सो जो भी टाइप के आप रिसोर्सेज को कस्टमाइज़ करना चाहते हो
उसके बेसिस पे आप यहां पे कैलकुलेट कर सकते हो। अब जैसे कि देखो मुझे वर्चुअल मशीन बनाना है। ऑलदो यहां पे ले लेफ्ट
साइड में देखोगे पूरे रिसोर्सेज़ अलग-अलग कैटेगरी में दिए हुए हैं। लेट्स से आपको वर्चुअल मशीन बनाना है। ऐड टू एस्टीमेट
किया मैंने और यहां पे व्यू किया। सो जैसे ही मैंने वर्चुअल मशीन ऐड किया तो आप देखोगे यहां पे $151 पर मंथ यहां पे आ
गया। बट ऑलदो मुझे ये ज्यादा लग रहा है। मैं क्या कर सकता हूं? हूं। यह जो इंस्टेंस है लेट्स से और सिंपल बेसिक हम
लोग यहां पे साइज सेलेक्ट कर सकते हैं। अब जैसे कि मैं यहां पे 0.75GB रैम पे चले जाता हूं और जैसे ही सेलेक्ट
करता हूं आप देखोगे यहां पे कॉस्टिंग कितनी हो गई? $29.20। सो आप बजट के हिसाब से या तो अपने
कस्टमाइज वर्चुअल मशीन। ठीक है? के अकॉर्डिंग यहां पे प्राइिंग भी चेक कर सकते हो।
ऑलराइट। सो चलिए इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे एजोर लोड बैलेंसर एंड वीएमएसएस सर्विस के बारे में। एंड इसकी शुरुआत ही
करते हैं एक प्रॉब्लम स्टेटमेंट के साथ। देखो अभी तक हम लोगों ने ये तो देखा कि एक वर्चुअल मशीन कैसे बनाते हैं एंड उस पे एक
स्टैटिक वेबसाइट कैसे होस्ट करना है एंड इंटरनेट के थ्रू उसको कैसे एक्सेस करना है। तो अभी तक का जो सेटअप है वो तो सिंपल
एंड सॉर्टेड है। सो बात करते हैं पहले प्रॉब्लम की जब तक ये वेबसाइट पे नॉर्मल ट्रैफिक आ रहा है मतलब लिमिटेड नंबर ऑफ
यूज़र्स हैं और उनकी रिक्वेस्ट आ रही है तब तक तो ये वेबसाइट प्रॉपर्ली चलेगी और ये हमारा जो वर्चुअल मशीन है जो सर्वर है वो
भी इसको हैंडल कर लेगा। लेकिन जैसे ही हमारे नंबर ऑफ यूज़र्स या तो ट्रैफिक हमारे वेबसाइट पे बढ़ जाता है तो उस केस में क्या
होगा? ये जो हमारा वर्चुअल मशीन है। ठीक है? जब हम कॉन्फ़िगर करते हैं इसका कुछ लिमिटेड कैपेसिटी होती है, स्पेसिफिकेशंस
होते हैं। तो एक पॉइंट तक तो ये हमारा जो ट्रैफिक है या तो यूज़र्स को हैंडल कर लेगा। लेकिन उसके बाद क्या होगा? वेबसाइट
स्लो हो सकती है या तो क्रैश भी हो सकती है। इसके अलावा दूसरी प्रॉब्लम क्या हो सकती है? हमारी जो वेबसाइट है, अभी तक
क्या है? एक सिंगल वर्चुअल मशीन या तो सर्वर पे होस्टेड है। ठीक है? है तो सिंगल डिपेंडेंसी हो गई। मान लीजिए ये सर्वर में
ही प्रॉब्लम आ गया या तो सर्वर क्रैश हो गया फॉर सम रीज़न तो हमारी वेबसाइट भी अनअवेलेबल हो जाएगी। राइट? तो ये दोनों ही
प्रॉब्लम से निपटने के लिए या तो सॉल्व करने के लिए हम लोग क्या कर सकते हैं? एक से ज्यादा वर्चुअल मशीन पे हम अपनी
वेबसाइट को होस्ट कर सकते हैं। जैसे कि मान लीजिए इस सेटअप में अगर आप देखोगे हम लोग ने यहां पे तीन वर्चुअल मशीन पे अपनी
वेबसाइट को होस्ट कर दिया। सो इससे क्या होगा? जो भी इनकमिंग रिक्वेस्ट या तो इनकमिंग ट्रैफिक है हमारी वेबसाइट पे जो आ
रहा है वो क्या होगा लोड बैलेंसर की मदद से अलग-अलग मशीनंस पे डिस्ट्रीब्यूट हो जाएगा। सो एक सिंगल मशीन पे लोड नहीं बढ़
रहा है हमारे ट्रैफिक का या तो यूज़र्स का इसीलिए इसको लोड बैलेंसर बोलते हैं क्योंकि ये इनकमिंग जो रिक्वेस्ट है या तो
ट्रैफिक का जो लोड है उसको बैलेंस कर रहा है। ठीक है? और यहां पे अब दूसरा प्रॉब्लम जो हमारा था वो भी यहां पे सॉल्व हो जा
रहा है क्योंकि अब हमारी वेबसाइट क्या है? मल्टीपल वर्चुअल मशीन पे होस्टेड है। राइट? अगर एक वर्चुअल मशीन मान लो क्रैश
हो जाता है या तो कोई प्रॉब्लम आ जाती है तो दूसरा वर्चुअल मशीन तब भी अप रहेगा सो दैट हमारी वेबसाइट फिर भी अवेलेबल रहेगी।
एंड ये जो इनकमिंग रिक्वेस्ट आती है ना उसको अलग-अलग वर्चुअल मशीन पे कैसे डिस्ट्रीब्यूट या तो डिवाइड करना है वो
लोड बैलेंसर का काम है। वो अपने हिसाब से कर लेता है। ठीक है? ठीक है? हम उसको कॉन्फ़िगर कर सकते हैं कि किस लेवल पे करना
है। ऑलदो ये काम लोड बैलेंसर का होता है। इसके अलावा भी ये चेक करता रहता है कि कौन सा ये जो वर्चुअल मशीन है हेल्दी है। मतलब
कौन सा अप है नहीं है। मान लीजिए अगर ये फर्स्ट वाला वर्चुअल मशीन ठीक है डाउन हो जाता है। तो लोड बैलेंसर को पता रहता है
कि इसमें कोई प्रॉब्लम है तो वो यूजर की रिक्वेस्ट इस वाले वर्चुअल मशीन पे भेजेगा ही नहीं। दिस इज़ हाउ लोड बैलेंसर वर्क्स।
एंड इस सेक्शन में हम लोग ये प्रैक्टिकल करके देखेंगे। ओके? ओके। सो प्रैक्टिकल करने से पहले ये
जो दो टर्म है उसको समझना बहुत जरूरी है। पहला है स्केलेबिलिटी दूसरा है हाई अवेलेबिलिटी। तो सबसे पहले देखते हैं
स्केलेबिलिटी का क्या मतलब है? सिंपल है स्केल करने की एबिलिटी। मींस आपकी जो भी एप्लीकेशन है उस पे जो भी वर्क लोड है मान
लीजिए हमारी वेबसाइट है उस पे इनकमिंग ट्रैफिक का जो लोड है उसको बैलेंस करने के लिए या तो हैंडल करने के लिए अपने
रिसोर्सेज को कम या ज्यादा करने की एबिलिटी को हम स्केलेबिलिटी बोलते हैं। एंड स्केलेबिलिटी के भी ना दो टाइप होते
हैं। पहला होता है वर्टिकल स्केलेबिलिटी। दूसरा होता है हॉरिजॉन्टल स्केलेबिलिटी। अब ये दोनों में क्या डिफरेंस है? वर्टिकल
स्केलेबिलिटी में क्या होता है? अब जैसे कि जो हमारे यूज़ केस पे आ जाते हैं कि हमने एक वर्चुअल मशीन पे अपनी वेबसाइट को
होस्ट किया। इनकमिंग ट्रैफिक मतलब ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ गया। यूज़र्स बढ़ गए। तो उसको हैंडल करने के लिए एक तरीका ये भी हो
सकता है कि हम उसको वर्टिकल स्केल कर दें। दैट मींस हम उस वर्चुअल मशीन की पावर बढ़ा दें कि हमने लेट्स से शुरुआत में कॉन्फ़िगर
किया था वर्चुअल मशीन को 4GB रैम टू वर्चुअल CPU के साथ। तो हम लोग क्या कर सकते हैं भाई? उसके बाद 16GB रैम कर दी
हमने। ठीक है? वर्चुअल CPU इनक्रीस कर दिया। एंड वर्टिकल स्केलेबिलिटी को हम लोग स्केलिंग अप या डाउन भी कहते हैं। अब देखो
अप एंड डाउन हम लोग डाउन की क्यों बात कर रहे हैं? देखो सिंपल सा है। हम लोग क्लाउड रिसोर्सेज ठीक है यूज़ कर रहे हैं। तो आपको
पता है कि भाई जितने भी रिसोर्सेज हम यूज़ करेंगे उतना हमको पे भी करना पड़ेगा। राइट? यहां पे पैसे लगते हैं। पेड सर्विज हैं।
तो यहां पे एक तरीका क्या है कि वर्क लोड अगर कम है तो आप सिंपली क्या है? रिसोर्सेज कम भी कर सकते हो। ओके? इसके
बाद जो दूसरा तरीका है वो है हॉरिजॉन्टल स्केलेबिलिटी। सो इसमें क्या करते हैं? लोड को हैंडल या तो डिस्ट्रीब्यूट करने के
लिए हम लोग मशीनंस बढ़ा देते हैं। तो हम लोग एक मशीन की पावर नहीं बढ़ा रहे। हम लोग मशीन ही बढ़ा दे रहे हैं कि एक मशीन
की जगह दो मशीन तीन मशीन यूज़ कर ले रहे हैं। ठीक है? तो वहां पे लोड डिस्ट्रीब्यूट हो जाएगा। लेकिन इसमें एक
फायदा ये है कि एक मशीन अगर ठीक है? क्रैश हो जाती है, डाउन हो जाती है तो दूसरी मशीन से आपकी जो सर्विस है या तो वेबसाइट
है अवेलेबल रहती है। ठीक है? तो अलग-अलग तरीके हो सकते हैं और अलग-अलग फायदे भी होते हैं इसके। एंड हॉरिजॉन्टल स्केल में
हम लोग यूज़ कर सकते हैं लोड बैलेंसर टू डिस्ट्रीब्यूट आवर लोड। चलिए अब बात करते हैं हाई अवेलेबिलिटी
क्या होता है? एचए जिसको हम बोलते हैं। इसका सिंपल सा मतलब है जो भी आपकी सर्विस है उसको ज्यादा से ज्यादा टाइम तक आपको अप
एंड रनिंग रखना है। एंड अगर कोई प्रॉब्लम आ भी जाती है तो मिनिमम डाउन टाइम रखना है। जैसे कि हम लोग ने अपने एग्जांपल में
भी ये कवर किया था। एचए वाला भी हम लोग वहां पे सिनेरियो कवर कर रहे थे कि दैट मींस कि हमारे एक सर्वर में अगर कोई
प्रॉब्लम आ जाता है तो दूसरे सर्वर से हमारी सर्विस अप एंड रनिंग रहनी चाहिए। अब जैसे कि आप एग्जांपल भी देखोगे हाई
अवेलेबिलिटी के लिए हम लोग क्या कर सकते हैं? अपने रिसोर्सेज को मल्टीपल अवेलेबिलिटी ज़ोंस में हम लोग होस्ट कर
सकते हैं। अब देखोगे ये भी एक अच्छा यूज़ केस है कि आप एक ही ज़ोन में तीन वर्चुअल मशीन बना दो। लेट्स से उस ज़ोन में ही अगर
कुछ प्रॉब्लम आ गई तो हमारे तीनों वर्चुअल मशीन डाउन हो जाएंगे। राइट? तो इस केस में हम क्या कर सकते हैं? तीन वर्चुअल मशीन तो
बना है। लेकिन तीनों को अलग-अलग ज़ोन में अगर बना दें तो एक ज़ोन में अगर प्रॉब्लम होती है तो वो दूसरे ज़ोन से आपकी सर्विस
अवेलेबल रहेगी। सो इन शॉर्ट यहां पे एचए का मतलब ये है अपनी आर्किटेक्चर को ऐसा बनाना है सो दैट आपकी सर्विस ज्यादा से
ज्यादा टाइम तक अप एंड रनिंग रहे और मिनिमम डाउन टाइम रहे। ओके? चलिए सबसे पहले देख लेते हैं कि
प्रैक्टिकल डेमो में हम लोग क्या बिल्ड करने वाले हैं। तो एक सिंपल सा आर्किटेक्चर जो हम लोग फॉलो करेंगे एंड
क्रिएट करेंगे। अगर इसको समझे तो एक रिसोर्स ग्रुप में हम लोग एक वर्चुअल नेटवर्क बनाएंगे खुद का। उसके अंदर एक
सबनेट सो दैट हम इसमें वर्चुअल मशीनंस बना सकें। दो वर्चुअल मशीनंस हम लोग बनाएंगे। दोनों ही वर्चुअल मशीनंस पे हम लोग वेब
सर्वर सेटअप करके एक स्टैटिक वेबसाइट होस्ट करेंगे। इसके बाद लोड बैलेंसर हम लोग क्रिएट करेंगे जो कि हमारे दोनों
वर्चुअल मशीन से कनेक्ट होगा। एंड यह लोड बैलेंसर को इंटरनेट एक्सेस रहेगा थ्रू एक पब्लिक आईपी। सो दैट यूजर लोड बैलेंसर के
थ्रू हमारी वेबसाइट को एक्सेस कर सके। एंड वर्चुअल मशीन पे वेब सर्वर सेटअप करने के लिए मैं यह सिंपल सी बैश स्क्रिप्ट यूज़
करूंगा जो कि आपको स्लाइड पे मिल जाएगी। आप चाहो तो यहां से भी यूज़ कर सकते हो। एंड प्रैक्टिकल डेमो में जो भी हम लोग
स्टेप्स फॉलो करेंगे ना उसका सीक्वेंस कुछ इस तरह से रहेगा। सो चलिए स्टार्ट करते हैं। ओके। सो आ गया हूं एजुअर पोर्टल पे
और सबसे पहले हम लोग क्रिएट करेंगे वर्चुअल नेटवर्क। सो वी नेट वर्चुअल नेटवर्क पे क्लिक कर लेते हैं। क्रिएट एक
रिसोर्स ग्रुप सबसे पहले बना लेंगे। क्योंकि इस सेक्शन में जितने भी रिसोर्सेज बनाएंगे उस रिसोर्स ग्रुप के अंदर
बनाएंगे। क्रिएट न्यू इसका नाम दे देते हैं आरजी एलबी डेमो मतलब लोड बैलेंसर डेमो। ओके। वर्चुअल नेटवर्क का एक नाम
देना है तो इसको मैं नाम दे देता हूं वी नेट एलबी डेमो ओके इसके बाद रीजन सेलेक्ट करना है तो रीजन में हम लोग सेलेक्ट
करेंगे ईस्ट एशिया इसके बाद एड्रेस स्पेस पे जाते हैं तो यहां पे एक एड्रेस स्पेस बनाया हुआ है और एक डिफॉल्ट सबनेट तो
डिफ़ॉल्ट सबनेट का हम लोग नाम चेंज कर देते हैं इसका नाम रख लेते हैं एस नेट मेन सबनेट और वेब एस नेट वेब रख लेते हैं सेव
एंड हमारे डेमो के लिए हम लोग सिंगल सबनेट ही यूज़ कर लेंगे और इसी के अंदर दोनों वर्चुअल मशीन क्रिएट कर लेंगे इट्स
कंप्लीटली फाइन इसके बाद डायरेक्टली रिव्य्यू एंड क्रिएट एंड लास्ट में क्रिएट। ओके? डिप्लॉयमेंट हो गया है
कंप्लीट। इसके बाद फिर से हम लोग वर्चुअल नेटवर्क पे जाके वेरीफाई कर सकते हैं। हमारा वर्चुअल नेटवर्क क्रिएट हो चुका है।
ओके? सो वर्चुअल नेटवर्क एंड सबनेट क्रिएट करने के बाद हम लोग अब बनाएंगे अपने वर्चुअल मशीनंस। सो आ जाते हैं वर्चुअल
मशीनंस पे। वर्चुअल मशीनंस क्रिएट वर्चुअल मशीनंस। इसके बाद रिसोर्स ग्रुप जो अभी हम लोगों ने क्रिएट किया था। आरजी एलबी डेमो।
सो वर्चुअल मशीन का नाम मैं यहां पे दे दे रहा हूं वीएम वेब 01। रीजन हमारा ईस्ट एशिया ही रहेगा। इसके बाद नीचे के ऑप्शंस
डिफॉल्ट ही रखते हैं। इमेज हमारा उबंटू ही रहेगा। इसके बाद साइजज़ में साइज सेलेक्ट कर लेते हैं। सो यहां पे जो मोस्ट यूज्ड
है इसी में से हम लोग कोई एक सेलेक्ट कर लेते हैं। जैसे कि 4GB रैम एंड टू वर्चुअल CPU। इसके बाद यूजरनेम, एसएसएच पब्लिक की
बाकी सारी चीजें डिफ़ॉल्ट ही रहेंगी अपनी। लास्ट में इनबाउंड पोर्ट है। इसमें हम लोग HTTP भी इनेबल कर लेंगे। बिकॉज़ हमको पता
है वेब सर्वर एंड स्टैटिक वेबसाइट होस्ट करना है। इसके बाद डायरेक्टली आ जाएंगे हम नेटवर्किंग में। एंड इसमें हम लोग वर्चुअल
नेटवर्क एंड सबनेट सेलेक्ट कर लेते हैं जो अभी हम लोगों ने क्रिएट किया था वीाईट एलबी डेमो एंड सबनेट में जो हम लोगों ने
क्रिएट किया था एस नेट वेब वाला इसके बाद हम लोग डायरेक्टली आ जाएंगे एडवांस वाले टैब पे एंड कस्टम डेटा में हम लोग अपनी
स्क्रिप्ट रन करेंगे जिसके थ्रू हम लोग वेब सर्वर इंस्टॉल करने वाले हैं तो यहां पे देखोगे सिंपल सी बैच स्क्रिप्ट इसमें
मैं छोटा सा चेंज कर रहा हूं ये जो नीचे इंडेक्स बना रहे हैं ना तो इसमें मैं चेंज कर रहा हूं वेलकम टू एजोर वीएम कर रहा हूं
इसमें एक नंबर भी डाल दे रहा हूं लाइक एज्योर वीएम 001 वन ठीक है कि दैट मींस ये हमारे 001 वाले वर्चुअल मशीन से सर्व हो
रहा है। ठीक है? तो हम लोग डिफरेंशिएट कर पाएं कि कौन से मशीन से हमको वेबसाइट दिखाई दे रही है। सिंपल इसके बाद सिंपली
रिव्यू एंड क्रिएट एंड लास्ट में क्रिएट। प्राइवेट की भी डाउनलोड कर लेते हैं कि इन केस हमको एसएसएच करना पड़ा कुछ चेक करने
के लिए तो हम लोग यूज़ कर पाएं। सो जब तक ये वाला वर्चुअल मशीन बन रहा है ना हम लोग दूसरा भी बना लेते हैं। फिर से जाते हैं
वर्चुअल मशीन पे। सिंपली क्रिएट पे वर्चुअल मशीन रिसोर्स ग्रुप आरजीएलबी डेमो वर्चुअल मशीन का यहां
पे नाम रहेगा वीएम वेब 02 रीजन ईस्ट एशिया ही रहेगा अब बाक़ी के सारे ऑप्शंस बाय डिफ़ॉल्ट ही रहेंगे। ऑलदो हाई अवेलेबिलिटी
पर्पस के लिए आप चाहो तो ये जो दूसरा वर्चुअल मशीन है वो दूसरे ज़ोन में भी बना सकते हो। पहला वर्चुअल मशीन ज़ोन वन में
बना था। चाहो तो इसको ज़ोन टू भी कर सकते हो। ओके। इसके बाद सेलेक्ट ऑफ साइज़ में देखते हैं। तो यहां पे फोर फोर वाला मैं
यहां पे सेलेक्ट कर लेता हूं। सेलेक्ट। तो, यह वाला वर्चुअल मशीन हमारा है ज़ोन टू में। बाकी सारे ऑप्शंस डिफॉल्ट रहेंगे।
लास्ट में हम लोग इनबाउंड पोर्ट में HTTP इनेबल कर लेते हैं। इसके बाद नेटवर्किंग में वर्चुअल नेटवर्क एंड सबनेट यहां पे
सेलेक्ट कर लेते हैं। V नेट एलबी डेमो और सबनेट रहेगा एस नेट वेब। तो हमारे दोनों वर्चुअल मशीन सेम सबनेट में क्रिएट हो रहा
है। इसके बाद लास्ट में हम लोग एडवांस में आ जाएंगे। कस्टम डेटा एंड हमारी बैच स्क्रिप्ट रहेगी। एंड इसमें भी हम लोग
चेंज करेंगे वेलकम टू एजोर वीएम कर लेंगे। लास्ट में वीएम के बाद मैं ऐड कर दे रहा हूं 02 ओके कि मींस ये सेकंड वाले वर्चुअल
मशीन के इंस्टेंस से रिव्यू एंड क्रिएट पे क्लिक करते हैं। एंड इसके बाद लास्ट में क्रिएट प्राइवेट की डाउनलोड सो दैट एसएसएच
हम मशीन पे कर पाएं। इसके बाद सेकंड वर्चुअल मशीन के डिप्लॉयमेंट हमारा प्रोग्रेस में है। थोड़ा सा वेट करते हैं।
सो जब वर्चुअल मशीन आपकी क्रिएट हो जाए ना एक बार वेरीफाई कर लो कि आपके दोनों वर्चुअल मशीन से आपकी जो वेबसाइट है वो
एक्सेसिबल है कि नहीं। तो मैं यहां पे सिंपली यहां पे देखो वर्चुअल मशीन पे आ गया। देखोगे VMw वेब 01 एंड वेब दोनों
वर्चुअल मशीन रिफ्रेश कर लेता हूं। तो देखोगे दोनों जो वर्चुअल मशीन है रनिंग में है। यहीं पे मैं थोड़ा सा स्क्रॉल
करता हूं। सो आप देखोगे राइट साइड में इसकी पब्लिक IPपी एड्रेस दिख रहा है। तो दोनों पब्लिक IPपी एड्रेस से हम लोग
एक्सेस करके देख लेते हैं वेबसाइट को। सो आप देखोगे ये जो 248 है तो यहां पर मैंने 248 पे मैंने एक्सेस किया तो आप देखोगे
VM01 एंड इसके बाद जो दूसरा वर्चुअल मशीन है 16.128 इसको जब मैंने एक्सेस किया ब्राउज़र से आप देखोगे VM02 तो यहां पे
देखोगे दोनों वर्चुअल मशीन से हमारी वेबसाइट तो एक्सेसिबल है। ओके। सो इस पॉइंट तक हमारा वर्चुअल
नेटवर्क उसके अंदर एक सबनेट उसके अंदर दो वर्चुअल मशीन दोनों वर्चुअल मशीन के ऊपर हमारा वेब सर्वर इंस्टॉल्ड है और हमारी
वेबसाइट एक्सेसिबल है। ठीक है? तो इतना हमारा पार्ट हो गया। इसके बाद हम बनाएंगे लोड बैलेंसर। लेकिन लोड बैलेंसर बनाने के
लिए हमें एक पब्लिक आईपी चाहिए होती है क्योंकि यूज़र्स इंटरनेट के थ्रू ठीक है? हमारे वेबसाइट को एक्सेस कर सके। एंड
स्टेप्स में भी देखोगे तो इसके बाद है हमारा क्रिएट पब्लिक आईपी। तो आ जाते हैं Aur पोर्टल पे और सिंपली यहां पे सर्च कर
लो पब्लिक आईपी। सो पब्लिक आईपी एड्रेस। सो अभी करेंटली यहां पे दो पब्लिक आईपी क्रिएटेड ऑलरेडी हैं। जो हम लोग ने वीएम
क्रिएट किए थे उसके लिए। सो हम लोग यहां पे एक क्रिएट कर लेते हैं। पहले तो रिसोर्स ग्रुप। तो हमारा रिसोर्स ग्रुप है
आरजी एलबी डेमो रीजन ईस्ट एशिया। नेम में हम लोग दे देंगे यहां पे पीआईपी मतलब पब्लिक आईपी एलबी डेमो। बाकी सारी
सेटिंग्स हम लोग यहां पे डिफ़ॉल्ट रखेंगे। इसके बाद सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट एंड लास्ट में क्रिएट। सो हमारी पब्लिक आईपी
हो गई है क्रिएट। इसके बाद हम लोग सिंपली सर्च पे जाएंगे और लोड बैलेंसर सर्च कर लेंगे।
लोड बैलेंसर। सो एट प्रेजेंट यहां पर कोई भी लोड बैलेंसर नहीं है। सिंपली क्रिएट पर क्लिक करेंगे। एंड यहां पे दो ऑप्शन है
स्टैंडर्ड एंड गेटवे। तो हम लोग स्टैंडर्ड पे क्लिक करेंगे। इसके बाद बेसिक डिटेल्स प्रोवाइड करनी है। जैसे कि रिसोर्स ग्रुप।
सो आरजी एलबी डेमो जो हम लोग ने क्रिएट किया था। सो लोड बैलेंस है अगर नाम तो यहां पे हम लोग देंगे इसको एलबी डेमो।
रीजन ईस्ट एशिया ही है। इसके बाद अगेन एसक्यू में पूछ रहा है स्टैंडर्ड या तो गेटवे। तो अगेन स्टैंडर्ड ही रखेंगे हम
लोग। एंड यहां पे आप शॉर्ट डिस्क्रिप्शन देख सकते हो। स्टैंडर्ड में क्या है? डिस्ट्रीब्यूट ट्रैफिक टू बैक एंड
रिसोर्सेज। जो हमारा यूज़ केस है कि बैक एंड में वर्चुअल मशीनंस है उस पे ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूट करना है। और गेटवे में क्या
होता है? डायरेक्ट ट्रैफिक टू नेटवर्क वर्चुअल अप्लायंसेस। तो आप इसको उन केसेस में यूज़ कर सकते हो जैसे जैसे मान लो आपको
जो ट्रैफिक आ रहा है उसको आपको रिसोर्सेज पे ना भेज के लेट्स से किसी फायर वॉल पे ठीक है? डायवर्ट करना है तो उन केसेस में
गेटवे यूज़ कर सकते हो। फिर इसके बाद है टाइप ऑफ लोड बैलेंसर। तो यहां पे हम लोग पब्लिक रखेंगे क्योंकि हमें इंटरनेट
एक्सेस चाहिए एंड वेबसाइट को हमें एक्सेस करने के लिए लोड बैलेंसर हम लोग यूज़ कर रहे हैं। टियर क्या है? रीजनल एंड ग्लोबल।
तो हम लोग अभी रीजनल ही रखते हैं। इसके बाद जो नेक्स्ट ऑप्शन है वो है फ्रंट एंड आईपी कॉन्फ़िगरेशन। देखो तो यहां पे हम
क्लिक कर लेते हैं नेक्स्ट पे। सो फ्रंट एंड आईपी कॉन्फ़िगरेशन क्या होता है? ये डायग्राम से समझते हैं। देखो ये लोड
बैलेंसर है। अब जो यूज़र्स को हमारी वेबसाइट को एक्सेस करना है जो कि अलग-अलग वर्चुअल मशीनंस पे हैं। तो वो कौन सी IP
या तो एड्रेस को यूज़ करेंगे। ठीक है? तो यहां पे यूज़र्स के पास एक IP होना चाहिए। उसको हम बोलते हैं फ्रंट एंड आईपी। तो
यहां पे एक प्लस का साइन है तो प्लस कर लेते हैं। इसको एक नेम देना है। तो हम लोग यहां पे नाम दे देंगे एफई और सिंपल नाम दे
देते हैं पब्लिक। एफई पब्लिक। ओके? तो फ्रंट एंड पब्लिक एंड नाउ इट इज़ आस्किंग पब्लिक IPपी एड्रेस। कौन सा आईपी यूज़
करेंगे यूज़र्स? तो जो अभी हम लोग ने क्रिएट किया था ना पीआईपी एलबी डेमो वो सेलेक्ट कर लेते हैं। सेव एंड इसी पर्पस
के लिए हम लोगों ने अपनी पब्लिक आईपी बनाई थी। इसके बाद ये हो गया फ्रंट एंड मतलब यूज़र्स कौन सी आईपी यूज़ करेंगे। इसके बाद
है बैक एंड कि जब यूज़र्स उस आईपी को यूज़ करके एक्सेस करेंगे तो वो रिक्वेस्ट कहां जाएगी? तो अब आ जाता है हमारा बैक एंड
पूल। सो ऐड अ बैक एंड पूल पर क्लिक कर लेते हैं। सो बैक एंड पूल का एक नाम देना है। हम लोग सिंपली दे देते हैं बीई और
इसको नाम दे देते हैं वेब। वर्चुअल नेटवर्क जो हम लोगों ने क्रिएट किया था वी नेट एलबी डेमो। सो इस वर्चुअल नेटवर्क में
जो भी रिसोर्सेज हैं ये ऑटोमेटिकली डिटेक्ट कर लेगा जो कि हमारे वर्चुअल मशीनंस हैं। अब वर्चुअल मशीनंस को
रिकॉग्नाइज़ करने के दो तरीके हैं। एक तो है डायरेक्ट बाय एनआईसी और या तो IP एड्रेस। दोनों ही तरीके से उसको
रिकॉग्नाइज़ या तो आइडेंटिफाई कर सकते हैं। तो, हम लोग डायरेक्टली एनआईसी कर दें क्योंकि यह इंटरनल है। ओके? एंड इसके बाद
ऐड पे क्लिक करते हैं। सो जैसे ही हम ऐड करते हैं ना तो आप देखोगे इस नेटवर्क के अंदर जो भी वर्चुअल मशीनंस क्रिएटेड हैं
उसकी लिस्ट आ जाएगी। तो हम दोनों पे क्लिक कर लेते हैं क्योंकि हमको दोनों वर्चुअल मशीनंस को बैक एंड में ऐड करना है। ऐड कर
लेते हैं। तो हमारी बैक एंड का भी काम हो गया। इसके बाद हम लोग सिंपली सेव कर लेते हैं। इसके बाद नेक्स्ट ऑप्शन है हमारा
इनबाउंड रूल्स का। तो उस पे आ जाते हैं। सो इसमें सिंपली हम लोग ये डिफाइन करते हैं कि जो लोड बैलेंसिंग का जो रूल है वो
किस बेसिस पे लोड को बैलेंस करेगा। तो हम लोग सिंपली यहां पे ऐड अ लोड बैलेंसिंग रूल पे क्लिक कर लेते हैं। सो लेट्स से
इसका नाम दे देते हैं एलबीआर मींस लोड बैलेंसिंग रूल। और ये रूल किसके लिए हम लोग बना रहे हैं? एचटीटीपी रिक्वेस्ट के
लिए। तो एलबीआर एचटीटीp इस टाइप से नाम दे देते हैं। IP4 इसके बाद इट इज़ आस्किंग फ्रंट एंड आईपी एड्रेस। सो जो अभी हम
लोगों ने क्रिएट किया था एफई पब्लिक वो सेलेक्ट कर लेते हैं। बैक एंड पूल जो अभी हम लोगों ने क्रिएट किया दो वर्चुअल मशीन
का बीई वेब वो सेलेक्ट कर लेते हैं। प्रोटोकॉल TCP इसके बाद यहां पे दो ऑप्शन हैं। पोर्ट एंड बैक एंड पोर्ट। देखो बैक
एंड पोर्ट का सिंपल सा मतलब है जो हमारी वर्चुअल मशीन पे वेब सर्वर है जो सेटअप है एंड वेबसाइट है वो कौन से पोर्ट पे लिसन
कर रही है तो वो सिंपली हमारी 80 पोर्ट पे लिसन कर रही है। इसके बाद है सिंपल पोर्ट दैट मींस यूजर को हमारी वेबसाइट को एक्सेस
करने के लिए कौन सा पोर्ट इनेबल करना है आपको आप अपने तरीके से दे सकते हो। लेट्स से आप चाहो तो यहां पे 80-80 भी दे सकते
हो। 80-80 सो दैट अगर यूजर को हमारी वेबसाइट एक्सेस करना है तो वह हमारा जो फ्रंट एंड
का IP था वो कॉलन 80-80 पोर्ट यूज़ करना पड़ेगा। ऑलदो आप यहां पे 80 सेम पोर्ट भी यूज़ कर सकते हो। लेकिन मैं 80-80 कर रहा
हूं। सो दैट आपको यह भी देखने को मिले कि आप एक डिफरेंट पोर्ट भी यूज़ कर सकते हो। इसके बाद है हेल्थ प्रोब। यह देखो ये
मैंडेटरी है उसको क्रिएट न्यू कर लेते है हम लोग। और इसमें यह क्या करता है लोड बैलेंसर। देखो यहां पे मल्टीपल वर्चुअल
मशीनंस हैं। तो वह चेक करता है कि हेल्दी या तो रनिंग वर्चुअल मशीन कौन सा है। एंड अगर वर्चुअल मशीन रनिंग है तभी उस पे
रिक्वेस्ट सेंड करेगा। तो इसको भी हम लोग एक नाम दे देते हैं। देखो हेल्थ प्रोब है तो एचपी कर देते हैं और http या तो एचपी
वेब भी कर सकते हैं। प्रोटोकॉल टीसीp 480 इंटरवल मतलब 5 सेकंड तक वो ट्राई करेगा। सेव कर लेते हैं। तो यह हमारा हेल्थ प्रोब
भी बन गया। इसके बाद एक ऑप्शन है सेशन पर्सिस्टेंस। इसमें क्या होता है? अ ट्रैफिक फ्रॉम अ क्लाइंट शुड बी हैंडल्ड
बाय द सेम वर्चुअल मशीन। मान लो एक यूजर है पॉल। अगर पॉल जब भी इसको वेबसाइट को एक्सेस करेगा मान लीजिए वो वर्चुअल मशीन
वन पे उसकी रिक्वेस्ट गई है तो वो हमेशा वर्चुअल मशीन वन पे ही जाएगी। और एलेक्स अगर यूजर है तो वर्चुअल मशीन टू पे उसकी
रिक्वेस्ट गई है तो वो नेक्स्ट टाइम भी टू पे ही जाएगी। तो अगर आपको कुछ इस टाइप का सेटअप चाहिए तो आप सेशन पर्सिस्टेंस इनेबल
कर सकते हो। ऑलदो अभी हम लोग नन यूज़ करते हैं। आइडल टाइम आउट मिनट मिनट्स में है 4 मिनट तक। एंड इसके लास्ट में है एस नेट अ
सोर्स नेटवर्क एड्रेस ट्रांसलेशन। इसमें रिकमेंड जो किया है यूज़ आउटबाउंड रूल्स टू प्रोवाइड बैक एंड पूल मेंबर्स एक्सेस टू द
इंटरनेट कि हमारे जो वर्चुअल मशीनंस हैं जो रिसोर्सेज हैं उसको आउटबाउंड इंटरनेट का एक्सेस मिले। तो हमने उसको सेलेक्ट
किया हुआ है। सेव कर लेते हैं। ओके। सो इनबाउंड रूल भी हमारा क्रिएट हो गया। इसके बाद है हमारा आउटबाउंड रूल। कि
अगर आपके बैक एंड सर्वर से मींस वर्चुअल मशीन से कोई आउटबाउंड ट्रैफिक जा रहा है वाया लोड बैलेंसर तो उसको कैसे कंट्रोल
करना है तो आप उसके लिए यहां पे रूल्स क्रिएट कर सकते हो। ऑलदो अभी हमें इसकी जरूरत नहीं है तो इसको अभी स्किप करते
हैं। इसके बाद सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट पे क्लिक करेंगे एंड लास्ट में क्रिएट कर लेंगे। ओके? सो हमारा लोड बैलेंस है
क्रिएट हो चुका है। इसके बाद डायरेक्टली सर्च पे जाके लोड बैलेंसर पे क्लिक करेंगे। इसके बाद वेरीफाई करते हैं कि हम
अपनी वेबसाइट एक्सेस कर पा रहे हैं कि नहीं। सिंपली एलबी डेमो जो है इस पे क्लिक करते हैं। आपको यहां पे सामने ही नीचे
देखोगे फ्रंट एंड IPपी एड्रेस दिखाई देगा। आप उस पे क्लिक कर लो। इसके बाद मैं एक टैब ओपन कर लेता हूं। यहां पे सिंपली http
कॉलन फॉरवर्ड स्लैश फॉरवर्ड स्लैश और यह हमारी फ्रंट एंड आईपी। इसके बाद कॉलन और आपको याद होगा हम लोग ने पोर्ट दिया था
8080। सो 80-80 पोर्ट दे देता हूं। जैसे ही एक्सेस करते हैं। सो यू कैन सी कि हमारी
वेबसाइट तो एक्सेबल है और ये करेंटली वर्चुअल मशीन 001 से ठीक है सर्व हो रही है। इसको रिफ्रेश करके देखते हैं। सो अभी
भी ज़ीरो वन ही दिख रहा है। सो मैंने यहां पे एक दूसरा ब्राउज़र ओपन कर लिया Safari ब्राउज़र और यहां से अपनी वेबसाइट को
एक्सेस करने का ट्राई करते हैं। सो दिस टाइम यू कैन सी कि जो हमारी वेबसाइट की रिक्वेस्ट है वो दूसरे वर्चुअल मशीन पे
सेंड हुई है। सो इन दिस वे हम लोग ने वेरीफाई कर लिया कि हमारा लोड बैलेंस है प्रॉपर्ली वर्क कर रहा है। Chrome और
Safari ब्राउज़र से जब हम लोग ने वेबसाइट को रिक्वेस्ट किया तो हमको अलग-अलग बैक एंड सर्वर से रिस्पांस मिला। सो दैट मींस
लोड बैलेंसर इनकमिंग रिक्वेस्ट को वर्चुअल मशीनंस पे डिस्ट्रीब्यूट कर रहा है। दैट मींस लोड को बैलेंस कर रहा है या तो
डिस्ट्रीब्यूट कर रहा है। ऑलदो यहां पे कुछ पॉइंट्स हैं। जैसे कि अगर मैं यहां पे रिफ्रेश बार-बार रिफ्रेश भी करूं तो यहां
पे VM02 ही रिस्पांस में आ रहा है। बट ये गारंटेड नहीं है कि हमेशा VM02 से ही आएगा। ओके? ओके। सो ये चेंज भी हो
सकता है और ये लोड बैलेंसर के एल्गोरिदम पे या तो फ्लो पे डिपेंड करता है। ठीक है? मैं रिफ्रेश भी कर रहा हूं। सो अभी आप
देखोगे थोड़ी देर बाद मैंने यहां पे रिफ्रेश किया तो आप देखोगे 0 1 से 02 यहां पे रिक्वेस्ट चेंज हो रही है। सो लोड
बैलेंसर का बिहेवियर समझने के लिए ना इसके कुछ पॉइंट्स देख लेते हैं। तो आपको थोड़ा सा और क्लेरिटी मिलेगी। जैसे कि लोड
बैलेंसर ना इनकमिंग ट्रैफिक को डिस्ट्रीब्यूट करता है अमंग हेल्दी वर्चुअल मशीन इंस्टेंसेस। तो जो भी हेल्दी
इंस्टेंसेस है वहीं पे आपकी रिक्वेस्ट जाएगी। तो दैट्स इट। नेटवर्क ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूट कैसे होता है? तो उसके लिए
यह यूज करता है हैश बेस्ड डिस्ट्रीब्यूशन एल्गोरिदम। और इसके लिए यह फाइव टपल यूज़ करता है जिसमें कॉम्बिनेशन होता है सोर्स
आईपी सोर्स पोर्ट, डेस्टिनेशन आईपी, डेस्टिनेशन पोर्ट और प्रोटोकॉल टाइप। तो इसका कॉम्बिनेशन के बेसिस पे ये डिसाइड
करता है कि जो रिक्वेस्ट है वो कैसे डिस्ट्रीब्यूट करना है या तो कौन से वर्चुअल मशीन पे पास करना है।
ओके? ओके सो इस पॉइंट तक हम लोग ने लोड बैलेंसर को वेरीफाई कर लिया। इसके बाद हम लोग वेरीफाई करेंगे हेल्थ प्रो
फंक्शनैलिटी दैट मींस अभी हमारे पास दो वर्चुअल मशीन है तो दोनों पे रिक्वेस्ट जा रही है डिस्ट्रीब्यूट हो रही है। मान
लीजिए उन दोनों में से कोई एक वर्चुअल मशीन स्टॉप हो जाता है तो क्या होता है? चलिए देखते हैं। उसके लिए हम लोग चलते हैं
वर्चुअल मशीनंस पे। लेट से यह जो VM वेब 02 है उसको मैं क्लिक करता हूं। एंड उसको मैं स्टॉप कर देता
हूं। सो यह एक बार यह वेरीफाई कर रहा है डू यू वांट टू स्टॉप ऑल द सिलेक्टेड वर्चुअल मशीन? तो यस। सो रिफ्रेश करेंगे
तो देख सकते हो वीएम जो वेब है इसका जो स्टेटस है वो स्टॉप्ड है। डील एलोकेटेड है। इसके बाद लोड बैलेंसर की जो फ्रंट एंड
आईपी है उससे हम लोग ट्राई करते हैं। सो आप देखोगे लास्ट टाइम हमें VM02 से रिजल्ट मिला था और अब मैं रिफ्रेश करता हूं। सो
आप देखोगे VM01 और मैं मल्टीपल टाइम रिफ्रेश भी करूंगा। सो VM01 ही रहेगा। इसके अलावा मैं Safari ब्राउज़र से भी
ट्राई कर लेता हूं। रिफ्रेश करता हूं। सो आप देखोगे यहां भी VM01 से हमारी जो वेबसाइट है वो एक्सेसबल है। सो दैट मींस
कि हमारे दो में से एक वर्चुअल मशीन स्टॉप हो जाता है तब भी हमारी जो वेबसाइट है वो एक्सेसिबल रहेगी हमारे हेल्दी इंस्टेंस या
तो हेल्दी वर्चुअल मशीन से। ओके। ओके। सो, अभी तक हम लोगों ने देखा कि लोड बैलेंसर कैसे वर्क करता है। और अब
देखते हैं कि हम अपने एप्लीकेशन को और ज्यादा कैसे स्केल से कर सकते हैं। क्योंकि देखो अभी हमारे पास सेटअप में दो
वर्चुअल मशीनंस थे। तो थोड़ा बहुत ट्रैफिक तो वो हैंडल कर पा रहा था एंड लोड बैलेंसर ट्रैफिक को डिस्ट्रीब्यूट कर रहा था।
लेकिन इससे भी ज्यादा अगर ट्रैफिक आ जाता है तो क्या करेंगे? सिंपली हम लोग क्या करेंगे? और वर्चुअल मशीनंस बना के ऐड कर
देंगे। और इसके लिए सिंपली हम लोग क्या करेंगे? लोड बैलेंसर पे जाएंगे एंड लोड बैलेंसर पे क्लिक कर लेंगे। जो हमारा है
एलबी डेमो। लेफ्ट साइड में आप देखोगे सेटिंग्स दिया है। सेटिंग्स को ठीक एक्सपेंड करोगे ना इसमें बहुत सारे ऑप्शंस
दिखेंगे। जैसे फ्रंट एंड आई आईपी कॉन्फिग बैक एंड पोल्स। सो जो भी हम लोग ने कॉन्फ़िगर किया था व्हाइल क्रिएटिंग लोड
बैलेंसिंग। तो ये आपको सारे ऑप्शंस हैं। तो आपको पता है कि कोई भी एक वर्चुअल मशीन ऐड करना है तो वो कहां पे ऐड होगी? बैक
एंड पूल में। तो चलो उस पे क्लिक कर लेते हैं। तो देखोगे यहां पे दो वर्चुअल मशीनंस यहां पे ऑलरेडी दिख रही हैं। ठीक है? जो
हमारे बैक एंड पूल में है और यह जो बैक एंड पूल का जो नाम है बीई वेब उस पे हम क्लिक कर लेंगे और सिंपली यहां से आप ऐड
पे क्लिक करके आप और भी मशीनंस ऐड कर सकते हो बैक एंड पूल में। सो दैट्स सो सिंपल। सो चलिए अब बात करते हैं वीएमएसएस वर्चुअल
मशीन स्केल सेट के बारे में जो कि एक एज्योर की सर्विस है जिसकी मदद से क्या होता है? वर्चुअल मशीन इंस्टेंसेस है ना
वो ऑटोमेटिकली ऐड या तो रिमूव हो जाते हैं। मतलब ऑटोमेटिक स्केलिंग यहां पे हो जाती है बेस्ड ऑन द एप्लीकेशन वर्क लोड।
अगर वर्क लोड कम है तो आपके वर्क वर्चुअल मशीन जो इंस्टेंसेस है वो कम भी हो जाएंगे और अगर वर्क लोड बढ़ता है तो ऑटोमेटिकली वो
इनक्रीस भी कर देगा आपके इंस्टेंसेस को। एंड अगर इसके फंक्शनंस के बारे में बात करें तो ऑटोमेटिक स्केलिंग यहां पे हो
जाती है। सो एप्लीकेशन की डिमांड के अकॉर्डिंग वो ऑटोमेटिकली स्केल इन या तो आउट कर सकता है। इसके अलावा मेंटेन
इंस्टेंस हेल्थ मॉनिटर वीएम इंस्टेंस एंड रिप्लेस द अनहेल्दी इंस्टेंसेस। तो अगर कोई इंस्टेंस अनहेल्दी है तो उसको रिप्लेस
कर देगा। सो एक ये अच्छी चीज है। इसके अलावा स्केलिंग रूल। तो मतलब स्केल किसके बेसिस पे करना है तो वो भी यहां पे
अलग-अलग तरीके से कॉन्फ़िगर कर सकते हैं। जैसे कि सीपीयू यूटिलाइज़ेशन, मेमोरी यूटिलाइज़ेशन एंड अदर सपोर्टेड मैट्रिक्स।
इसके अलावा इट इंश्योर द अवेलेबिलिटी मतलब मेंटेन अ मिनिमम एंड मैक्सिमम नंबर ऑफ वीएम इंस्टेंसेस टू हैंडल द वर्क
रिक्वायरमेंट। सो आप मिनिमम एंड मैक्सिमम रिक्वायरमेंट भी यहां पे ठीक है डिफाइन कर सकते हो। सो लेट्स से अगर आप चाहते हो कि
मिनिमम एटलीस्ट दो या तो तीन वर्चुअल मशीन रहें तो वो भी आप प्रोवाइड कर सकते हो। और आप चाहते हो कि कि वर्स्ट कंडीशन में भी
10 से ज्यादा वर्चुअल मशीन ना बने बिकॉज़ ऑफ कोर्स पेड सर्विसेस हैं। तो वो भी आप यहां पे डिफाइन कर सकते हो। इसके अलावा
शेड्यूल स्केलिंग। दैट मींस लेट्स से आपको पता है कि भाई फेस्टिवल सीजन आ रहा है। अब वर्क लोड आने ही वाला है तो आप उसके
अकॉर्डिंग शेड्यूल भी कर सकते हो स्केलिंग। एंड वीएमएसएस के थ्रू हमको हाई अवेलेबिलिटी तो मिल ही जाती है। इसके
अलावा लोड बैलेंसिंग क्योंकि हम लोग लोड बैलेंस के साथ ही यूज़ करेंगे। एंड कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन। बिकॉज़ हम लोग ने जैसे देखा
कि अगर वर्क लोड कम है एप्लीकेशन का तो वो वर्चुअल मशीन इंस्टेंसेस को कम भी कर देता है, रिमूव कर देगा। सो दैट हमारी कॉस्ट
ऑप्टिमाइजेशन भी वहां पर हो जाती है। सो चलिए अब आगे बढ़ते हैं और अपना एक वीएमएसएस क्रिएट करके देखते हैं।
सो आ गया हूं मैं एजोर पोर्टल पर और डायरेक्टली मैं चलता हूं वीएमएसएस वर्चुअल मशीन स्केल सेट पे वीएमएसएस भी सर्च करोगे
तो आ जाएगा देखो ओके इसके बाद सिंपली क्रिएट पे हम लोग क्लिक कर देंगे सो यहां पे आपको सेम लुक एंड फील वैसे ही आएगा जब
हम लोग वीएम क्रिएट करते हैं। ठीक है? तो रिसोर्स ग्रुप जो हम लोग ने क्रिएट किया था। सो इसमें पहले तो मैं लिमिटेशन ही
दिखा देता हूं। सबसे पहले देखो अभी हम लोगों ने ऑलरेडी दो वर्चुअल मशीन बना के रखे हैं। तो मैं अगर नीचे आऊंगा ना तो आप
देखोगे ये जो साइज है ये साइज में मुझे सेक्शन का ऑप्शन ही नहीं दे रहा है। और इट इज़ सेइंग कि ज़ीरो वर्चुअल CPU रिमेनिंग
आउट ऑफ फोर। मतलब चार CPU मेरे लिए अलाउड है वर्चुअल CPU ओके? और मैंने सारे कंज्यूम कर लिए। तो इसलिए मैं वीएमएसएस तो
क्रिएट नहीं कर पाऊंगा। तो इसके लिए मैं क्या करता हूं? सबसे पहले जो दो वर्चुअल मशीनंस हम लोग ने बनाए थे ना उसको मैं
रिमूव कर देता हूं। डिलीट कर देता हूं। तो मैं इसके लिए जाऊंगा वर्चुअल मशीनंस पे। ओके। एंड दोनों वर्चुअल मशीन को मैं
सेलेक्ट करके सिंपली डिलीट कर दूंगा। डिलीट टू कंफर्म डिलीट डिलीट। सो हमारे दोनों वर्चुअल मशीन डिलीट
हो चुके हैं। सो इसके बाद फिर से चलते हैं वीएमएसएस वर्चुअल मशीन स्केल सेट पे और सिंपली क्रिएट पे क्लिक करेंगे। रिसोर्स
ग्रुप में हमारा जो ग्रुप बनाया था आरजीएलबी डेमो। वीएमएसएस का नाम देना है तो हम लोग सिंपली वीएमएसएस यहां पर वेब दे
देते हैं। रीजन हमारा ईस्ट एशिया ही है। जिसने बाय डिफॉल्ट अवेलेबिलिटी ज़ोन में ज़ोन 1 2 3 तीनों ही ठीक है? सेलेक्ट किए
हैं। बट मैं यहां पे सिंपली एक ही ज़ोन रखूंगा जस्ट टू सिंपलीफाई। क्योंकि हमारे पास ना रिसोर्सेज की लिमिटेशन है
सब्सक्रिप्शन में। तो हम तीनों ज़ोन करेंगे तो बाद में प्रॉब्लम होगी। ठीक है? तो ज़ोन वन ही रखते हैं। इसके बाद एक ऑप्शन है
ऑर्केस्ट्रेशन मोड। एंड इसमें दो ऑप्शन मिल जाते हैं। फ्लैक्सिबल एंड यूनिफॉर्म। इसमें देखो सिंपल है। यूनिफ़ॉर्म में मतलब
क्या होता है? आपने एक टाइप की जो मशीन कॉन्फ़िगर कर ली मतलब इनिशियली, तो इसके बाद जब आप स्केल करोगे ना एप्लीकेशन के
लिए, सो जो भी मशीनंस ऐड होंगी, तो वो सेम टू सेम होंगी। मतलब सेम कॉन्फ़िगरेशन, सेम स्पेक्स एवरीथिंग विल बी सेम। लेकिन, जब
हम फ्लैक्सिबल की बात करते हैं, तो यहां पे आप चेंजेस भी कर सकते हो। जैसे कि अलग-अलग वीएम अलग-अलग कॉन्फ़िगरेशंस के अगर
आपको ऐड ऑन करना है तो वो यहां पे फ्लैक्सिबिलिटी मिल जाती है। तो हम अपने एग्जांपल के लिए अभी यूनिफॉर्म रखते हैं
कि हमको सेम टाइप के ही वर्चुअल मशींस यूज़ करना है स्केलिंग के लिए। सिक्योरिटी हम लोग बेसिक रखते हैं। अब
यहां पे है स्केलिंग मोड। मतलब आपको स्केल कैसे किस बेसिस पे करना है। ठीक है? तो यहां पे एक प्रॉब्लम है और एक्चुअली
लिमिटेशन है नॉट अ प्रॉब्लम। कि जो ऑटो स्केलिंग वाला जो ऑप्शन है वो हमारे लिए डिसेबल है। सो ऑटो स्केलिंग में क्या होता
है? सीपीयू मैट्रिक के बेसिस पे मतलब जैसे कि अगर लोड ज्यादा है, सीपीयू ज्यादा कंज्यूम हो रहा है तो उसके बेसिस पे
ऑटोमेटिकली स्केल हो जाएगा। लेकिन हमारे पास एक ऑप्शन है अभी मैनुअली अपडेट द कैपेसिटी। मतलब हम लोग कैपेसिटी मैनुअली
अपडेट कर सकते हैं। जैसे अभी इनिशियली दो है तो दो से लेट्स से चार कर देता हूं अपडेट। तो ऑटोमेटिकली वो ठीक है? वर्चुअल
इंस्टेंसेस बढ़ा देगा। तो हम लोग मैनुअली के साथ ही जाते हैं। इंस्टेंस काउंट देखो इंस्टेंस काउंट का मतलब यह है कि इनिशियली
आपको कितने वर्चुअल मशीन चाहिए। जैसे कि हम लोगों ने लोड बैलेंसर में देखा था। एटलीस्ट हमारे पास दो थे। तो अभी हम लोग
दो ही रहने देते हैं। इमेज उमंडू इसके बाद साइज़। सो साइज़ यहां पे जो डिफ़ॉल्ट सेक्टेड है उसी के साथ जाते हैं। ठीक है? वो दो
वर्चुअल CPU एंड 4 GB RAM हमको मिल जा रही है। इसके बाद है एडमिन अकाउंट। सेम आपको तो ये चीज़ पता है Azure यूज़र बनेगा। ठीक
है? की पेयर और यहां पे एक तो यहां पे मैं थोड़ा सा चेंज कर देता हूं। वीएमएसएस हफन वेब अंडरस्कोर की। ठीक है? तो यह हो गई
हमारी बेसिक इनेशन। इसके बाद आ जाते हैं स्पॉट पे। सो, यहां पे एक ऑप्शन मिल जाता है टर्न ऑन स्पॉट। दैट मींस कि जो एजर में
अनयूज्ड कैपेसिटी है ना, वो हमको मिल जाती है। लोअर कॉस्ट है। मतलब यहां पे कॉस्टिंग कम हो जाती है। लेकिन यह तभी यूज़फुल है
जब आपका जो वर्क लोड है कैन टोलरेट इन द इंटरप्शन एंड डाउन टाइम। क्योंकि यह देखो अनयूज्ड कैपेसिटी है। तो, यह अवेलेबिलिटी
पे डिपेंड करता है। तो, यह हमको नहीं चाहिए। तो हम इसको स्किप करते हैं। इसके बाद डायरेक्टली आ जाएंगे हम लोग
नेटवर्किंग में। एंड इसमें जो वर्चुअल नेटवर्क एंड सबनेट बनाया था वो हम लोग यहां पे सेलेक्ट कर लेते हैं। सबनेट जो हम
लोग ने बनाया था एस नेट वेब। इसके बाद देखोगे सारे ऑप्शंस बिल्कुल सिमिलर हैं। तो आप बहुत ज्यादा डीप में जाने की जरूरत
नहीं है। इसके बाद सिंपली हम लोग जाएंगे एडवांस में। एंड यहां पे हम लोग वो अपनी बैच स्क्रिप्ट दे देंगे Apache वेब सर्वर
को इंस्टॉल करने के लिए। सिंपल। सो इस टाइप से मैं दे देता हूं अपनी बैच स्क्रिप्ट। एंड इसके बाद सिंपली है रिव्यू
एंड क्रिएट। डाउनलोड प्राइवेट की। यस। सो डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। इसके बाद या तो गो टू रिसोर्सेज में जा सकते हैं या
तो सिंपली हम लोग वर्चुअल मशीन स्केल सेट पे जाते हैं। सो यहां पर आप देखोगे एक वीएमएसएस दिखाई दे रहा है। इस पे हम क्लिक
करते हैं। एंड इसके बाद लेफ्ट साइड में आपको एक ऑप्शन दिखेगा इंस्टेंसेस। तो यहां पे है बेस्ट पार्ट। इंस्टेंसेस पे आप
देखोगे यहां पे हम लोग ने बनाया एक ही बार। तो उसके अंदर दो वर्चुअल मशीन क्रिएट हो गए। वेब ज़ीरो एंड वेब वन। ठीक है? एंड
पिछले बार के प्रैक्टिकल से अगर आप कंपेयर करो तो वहां पे हमको मैनुअली एक एक-एक करके वर्चुअल मशीन बनाना पड़ रहा था। यहां
पे हम लोगों ने एक ही बार में ठीक है? यहां पे दो मशीनंस बन गई। राइट? एंड दोनों ही आप स्टेटस देख सकते हो रनिंग में है।
एंड जैसे आप किसी भी वर्चुअल मशीन के इंस्टेंस को ओपन करते हो तो आपको सेम वैसे ही ठीक है? यहां पे स्ट्रक्चर दिखेगा।
जैसे पब्लिक आईपी, प्राइवेट आईपी और वही सबनेट नेटवर्क से रिलेटेड इनेशन एंड सो ऑन। ओके? सो ये हमारे लेट्स से VMS के
थ्रू दो वर्चुअल मशीन इंस्टेंसेस बन गए एंड उस पे आपने Apache वेब सर्वर में इंस्टॉल कर दिया। अब इसको हम लोग अपने
वाले लोड बैलेंसर से कैसे कनेक्ट करेंगे? उसके लिए मैं डायरेक्टली आ जाता हूं लोड बैलेंसर पे एलबी डेमो एंड इसके पहले तो
मैं यह दिखा देता हूं कि ब्राउज़र से एक बार मैं ट्राई कर लेता हूं रिफ्रेश करके। तो अभी हमारी जो वेबसाइट है एक्सेसबल नहीं
है। ओके क्योंकि हम लोग ने वर्चुअल मशीन डिलीट कर दिए थे। लोड बैलेंसर में क्लिक करके हम लोग लेफ्ट
साइड में जाएंगे सेटिंग्स एंड उसके अंदर जाएंगे बैक एंड पूल एंड उसके बाद बीई वेब पे क्लिक कर लेंगे। ऑलदो ये जो दो पहले के
इंस्टेंसेस थे है ना उसको हम डिलीट कर लेते हैं। डिलीट डिलीट एंड ऐड कर लेंगे नए वाले।
सो आप देखो कि जब ऐड पे मैंने क्लिक किया तो वीएमएसएस का ऑप्शन आया ना कि अलग-अलग इंस्टेंसेस का। तो मैं इसी को ऐड कर लेता
हूं एंड सेव। सो हम लोग ने वीएमएसएस को ऐड तो कर लिया बैक एंड पूल में। अब ट्राई करते हैं अपनी वेबसाइट को एक्सेस करने का।
लेट्स सी कि एक्सेबल है कि नहीं। ओके? सो, अभी तक तो हमारी वेबसाइट एक्सेबल नहीं है। तो, क्या रीज़न हो सकता है? अगर आपको याद
होगा कि जब हम लोग नॉर्मली वर्चुअल मशीन क्रिएट करते थे, वहां पे नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप्स भी बनाते थे एनएसजी।
ओके? एंड इसमें हम लोग एचटीटीपी इनेबल करते थे। बट वो चीज़ हम लोग ने वीएमएसएस के टाइम तो किया ही नहीं। तो, वह चीज़ हम लोग
चेक कर लेते हैं। ठीक है? अह ठीक, अह, वीएमएसएस पे आ गया हूं। वीएमएसएस वेब पर हम लोग क्लिक करते हैं। इसकी नेटवर्क
सेटिंग्स में हम लोग डायरेक्टली जाते हैं। लेफ्ट साइड में चलते हैं। नेटवर्क्स एंड नेटवर्क सेटिंग्स। ओके? एंड नेटवर्क
सेटिंग्स में आप देख सकते हो यहां पे एक नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप बना हुआ है। एंड आप थोड़ा सा नीचे भी आओगे ना तो देखोगे
यहां पे रूल्स भी आपको दिखेंगे। यह देखो इनबाउंड रूल्स। तो अब सिंपली यहां पे ना क्रिएट रूल इनबाउंड पोर्ट रूल पे मैं
क्लिक कर लेता हूं। एंड इसके बाद सर्विस में hटीtp http इसका नाम दे देते हैं। अलव http एंड
सिंपली ऐड तो अभी हम लोग ने htt पर अलऊ कर दिया है। इसके बाद हम लोग फिर से रिफ्रेश करते हैं
अपने फ्रंट एंड IP को। ओके। सो वेबसाइट तो अभी भी एक्सेसबल नहीं है। तो इसके बाद मैं लोड बैलेंसर पे जाके एक बार बैक एंड पूल
फिर से हम लोग चेक कर लेते हैं। एलपी डेमो एंड कि मतलब प्रॉपर्ली वहां पे क्या स्टेटस दिख रहा है इसका? बैक एंड पूल पे
जाते हैं। बीई वेब और मैं इस पे क्लिक करता हूं। ओके। सो पहली चीज़ कि यहां पे मुझे एक
वार्निंग दिख रही है कि बी जो वेब है हमारा बैक एंड पूल उसमें ना हम लोग ने VMS वेब को ठीक है ऐड किया हुआ है। लेकिन
इसमें क्या लिख रहा है कि अपग्रेड ऑल द इंस्टेंसेस ऑफ़ VMS वेब फॉर दिस चेंज टू वर्क। मतलब उसको वर्क करने के लिए हमको जो
इंस्टेंसेस है उसको अपग्रेड करना पड़ेगा। ठीक है? तो आप इसको भी क्लिक करोगे ना तो डायरेक्टली आप इंस्टेंसेस पे आ जाओगे
वीएमएसएस के। सो, यह दोनों हमारे इंस्टेंसेस आ गए हैं। दोनों को हम क्लिक कर लेते हैं। एंड यहां पर एक ऑप्शन दिख
रहा है अपग्रेड का। तो अपग्रेड कर लेंगे हम लोग। अपग्रेड वर्चुअल मशीनंस। यस। एंड अपग्रेड होने तक वेट करते हैं। एंड फिर से
बैक एंड पूल में हम लोग वेरीफाई करेंगे। ओके? सो दोनों इंस्टेंसेस अपग्रेड हो गए हैं। इसके बाद मैं फिर से जाता हूं एलबी
डेमो के बैक एंड पूल में। एंड नाउ यू कैन सी कि हमारे जो दोनों इंस्टेंसेस हैं वो अब यहां पे दिखाई दे रहे हैं और रनिंग
दिखाई दे रहे हैं। अब इसके बाद हम लोग ब्राउज़र से। ठीक है? रिफ्रेश करके देखते हैं अपनी वेबसाइट को कि एक्सेसबल है कि
नहीं। ओके? ओके। सो वेबसाइट तो अभी भी एक्सेसबल नहीं है। एक सिंपल सी चीज चेक करते हैं। लोड बैलेंसर पे जाते हैं। एंड
इसके बाद ना अ एलबी डेमो एंड इसमें जो लोड बैलेंसिंग रूल है उस पे जाएंगे हम लोग। एंड एक्चुअली हम लोग ये चेक करेंगे कि जो
हमारा एप्लीकेशन है वो हेल्दी स्टेट में है कि नहीं। लोड बैलेंसिंग रूल हेल्थ स्टेटस एक कॉलम है। इसमें लिखा है व्यू
डिटेल्स। इसमें क्लिक करेंगे। ओके? सो यहां पे रीज़न हमको समझ में आ गया। 0% इंस्टेंसेस आर हेल्दी। ठीक है? ये दोनों
ही जो इंस्टेंसेस है वो डाउन है। एक्चुअली पूरे इंस्टेंस डाउन नहीं है। वो अभी देखा था इंस्टेंस तो रनिंग है बट जो हमारी
एप्लीकेशन है वो डाउन है। एज़ एक्सपेक्टेड जो हमारी एप्लीकेशन है पोर्ट 80 पे लिसन होना चाहिए और वहीं पे हम लोग रिक्वेस्ट
सेंड कर रहे हैं। लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं आ रहा है। दैट मींस वहां पे एप्लीकेशन है ही नहीं या तो वो रिस्पांस
नहीं कर रही है। सो ये एक रीज़न ये हो सकता है कि जो हम लोग ने Apache वेब सर्वर इंस्टॉल करने की कोशिश की थी वो यहां पे
इंस्टॉल नहीं हुई है। सो हम लोग ना क्लाउड शेल से ये वाली एक सिंपल सी कमांड यूज़ करने वाले हैं। और कमांड देखोगे बहुत
सिंपल है। एजी वीएमएसएस रन कमांड इनवोक। सो मतलब वीएमएसएस सर्विस के लिए हम ठीक है? कमांड रन कर रहे हैं। एंड कुछ एडिशनल
इनफेशन प्रोवाइड कर रहे हैं। जैसे कि रिसोर्स ग्रुप कौन सा है? वीएमएसएस का नाम क्या है? वीएमएसएस वेब है। ठीक है? और
हमारा रिसोर्स ग्रुप आरजीएलबी डेमो। इसके बाद इंस्टेंस आईडी ज़ीरो। मतलब वीएमएसएस के अंदर 0 1 2 3 ऐसे जितने भी इंस्टेंस है ना
आप उसके बेसिस पे सर्च कर सकते हो। तो ज़ीरो मतलब ये जो 001 था हमारा वेब 0 1 ठीक है? वेब वन वो उसके लिए है। एंड इसके अंदर
हमको क्या परफॉर्म करना है? तो हम बोलते हैं कमांड आईडी रन शेल स्क्रिप्ट। और इसमें हम लोग क्या चेक कर रहे हैं? सिस्टम
सीटीएल स्टेटस Apache 2 कि मतलब Apache 2 वेब सर्वर इंस्टॉल है कि नहीं और या तो स्टेटस क्या है? और इसके बाद जो हम लोगों
ने अभी कमांड देखी थी वो यहां पे मैं पेस्ट कर दे रहा हूं और रन करता हूं। सो हमको अपनी कमांड का रिजल्ट मिल गया है। और
नीचे अगर आप देखोगे फेल्ड टू कनेक्ट टू लोकल होस्ट पोर्ट 80 Apache 2 सर्विस कुड नॉट बी फाउंड। दैट मींस Apache वेब सर्वर
यहां पे इंस्टॉल ही नहीं हुआ था। ओके। सो यहां तो मैं कुछ बेसिक स्टेप्स दिखा रहा हूं। आपको ट्रबल शूट कैसे करना है?
क्या-क्या चीजें देखनी है। ओके? ऑलदो जब मैंने फर्दर इन्वेस्टिगेट किया तब मुझे समझ में आई कि प्रॉब्लम हुई क्या? देखो
कस्टम डेटा या तो मतलब स्क्रिप्ट तो हम लोगों ने प्रोवाइड करी थी बट वो प्रोवाइड मतलब वो स्क्रिप्ट रन क्यों नहीं हुई?
इसका रीज़न पता है क्या था? हम लोग ने ये जो इंस्टेंसेस बनाए वो प्राइवेट सबनेट में बनाए थे। ठीक है? प्राइवेट सबनेट में
आउटबाउंड इंटरनेट ट्रैफिक अलाउड नहीं होता है। और वीएमएसएस जब हम क्रिएट कर रहे थे कोई भी पब्लिक आईपी क्रिएट नहीं हुई थी।
सो दैट मींस ये स्टेप्स परफॉर्म ही नहीं कर पाया। एंड दिस इज़ द रीज़न कि हमारा वेब सर्वर भी इंस्टॉल नहीं हुआ था। ठीक है? तो
ये रीज़ंस थे कुछ हमको समझ में आ गए। सो इसके लिए सबसे पहले हम लोग क्या करेंगे? अपने सबनेट में जाके वो सेटिंग डिसेबल कर
देते हैं। तो इसके लिए हम लोग जाएंगे वर्चुअल नेटवर्क। एंड इसमें जो सबनेट हम लोग ने बनाया था उस पे क्लिक कर लेते हैं।
Subnet। सो इसमें इनेबल प्राइवेट सबनेट। सो आउटबाउंड एक्सेस हमको डिसएबल था। इसको हम लोग पहले तो डिसएबल कर देते हैं। मतलब
ये सेटिंग को डिसेबल कर देते हैं। ओके? ओके। इस पॉइंट तक हम लोग ने एक ब्लॉकर तो रिमूव कर दिया है कि अब जो वर्चुअल
इंस्टेंसेस है उसको आउटबाउंड एक्सेस मिल सकता है लेकिन मिला नहीं है। क्यों? क्योंकि इसके पास पब्लिक आईपी नहीं है। तो
अब क्या कर सकते हैं? एक दूसरा तरीका हमारे पास क्या है? देखोगे ये जो सबनेट है इसमें हमारे पास एक तरीका होता है नेट
गेटवे का। ठीक है? तो नेट गेटवे अगर हम यहां पे अटैच कर देते हैं तो उसको पब्लिक आईपी का एक्सेस मिल जाएगा सबनेट को और
उसके अंदर जो वर्चुअल इंस्टेंसेस हैं उनको भी। सबसे पहले ना एक पब्लिक आईपी बना लेते हैं। सो अगर आप देखोगे यहां पे दो IPपी
ऑलरेडी क्रिएटेड हैं। ठीक है? अ जो कि है वीएम वेब मतलब जो पुराने वाले वीएम इंस्टेंसेस थे लोड बैलेंसर के उसके तो अब
इनकी जरूरत नहीं है। तो हम लोग सिंपली सबसे पहले क्या करते हैं? थोड़ा सा क्लीन अप कर लेते हैं। ऑल रिसोर्सेज में जाते
हैं और इसमें सर्च कर लो वीm वेब। सो vएम वेब से रिलेटेड जो भी हमारे रिसोर्सेज हैं, हम उसको डिलीट कर देते हैं। ठीक है?
तो ये मैं सारे सेलेक्ट कर लेता हूं। सबको सेलेक्ट करके मैं सिंपली डिलीट कर देता हूं। डिलीट
डिलीट तो रिसोर्सेज क्लीन हो गए। इसके बाद डायरेक्टली सर्च पे जाके मैं नेट गेटवे सर्च कर लेता हूं। नेट गेटवे। ओके? एंड
यहां से हम लोग क्रिएट कर लेते हैं। और इसी के अंदर से पब्लिक आईपी भी हम लोग क्रिएट कर सकते हैं। ओके? सबसे पहले तो
रिसोर्स ग्रुप तो सो एलबी डेमो वाला ग्रुप नेट गेटवे। तो हम लोग सिंपली इसको नाम दे देते हैं। वीएमएसएस नेट इसके बाद आउटबड
आईपी। तो यहां पे एक आईपी ऐड करना है। तो सिंपली ऐड पब्लिक आईपी पे क्लिक कर लेते हैं। एंड सिंपली क्रिएट अ पब्लिक आईपी
एड्रेस। और इसको नाम दे देते हैं वीएमएसएस नेट पीआईपी एंड सिंपली ओके। सो यहां पे देखो एक
पब्लिक आईपी क्रिएट कर देगा और नेट में ठीक है अटैच कर देगा एंड सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट। ओके? सो डिप्लॉयमेंट कंप्लीट
हो गया है। एंड इसके बाद हम लोग सिंपली क्या करेंगे? सबनेट पे जाके इस नेट गेटवे को अटैच कर देंगे। तो इसके लिए हम लोग
जाएंगे वर्चुअल नेटवर्क इस पे क्लिक कर लेते हैं। लेफ्ट साइड में सबनेट्स एस नेट वेब एंड इसमें सिंपली क्या
करेंगे? नेट गेटवे है। इसमें क्लिक कर लेंगे। वीएमएसएस नेट जो अभी हम लोगों ने क्रिएट किया सेलेक्ट। ओके। सो इतनी
सेटिंग्स के बाद हमारे जो वीएमएसएस के अंदर जो वर्चुअल इंस्टेंसेस है ना उसको आउटबाउंड एक्सेस मिला है। दैट्स इट। अभी
हमारा नेक्स्ट टास्क क्या है? दोनों जो वर्चुअल इंस्टेंसेस हैं ना हमारे उसमें Apache वेब सर्वर को इंस्टॉल करना। उसके
लिए हम लोग सिंपली ये वाली कमांड यूज़ करेंगे अ थ्रू क्लाउड शेल। ओके? बहुत सिंपल सी कमांड है और स्क्रिप्ट में हम
लोग Apache वेब सर्वर इंस्टॉल कर रहे हैं और एक इंडेक्स बना रहे हैं। सो इसको मैं स्लाइड से मैंने कॉपी कर लिया है। एंड
इसके बाद हम लोग जाएंगे Azure पोर्टल पे और क्लाउड शेल मैं ओपन कर लेता हूं। एंड ये जो हमारी कमांड है मैं यहां पे पेस्ट
करके रन कर देता हूं। ओके सो कमांड रन करने के बाद इसके जो प्रीवियस कमांड में हम लोग ने चेक किया था Apache वेब सर्वर
का स्टेटस वो हम लोग ट्राई कर सकते हैं। सो ये वाली कमांड थी हमारी जिसमें हम लोग सिस्टम CTएल स्टेटस Apache 2 कर रहे थे।
इसको ट्राई कर लेते हैं। सो यहां पे रिजल्ट पे आप देख सकते हो कि एक्टिव एंड रनिंग है हमारी Apache वेब सर्वर। सो
फाइनली इतने सारे ट्रबल शूट करने के बाद हमारा एक इंस्टेंस पे तो Apache वेब सर्वर ठीक है इंस्टॉल हो गया है। अब हम लोग लोड
बैलेंसर के फ्रंट एंड आईपी से ट्राई कर लेते हैं कि हमारी वेबसाइट एक्सेसबल है कि नहीं। एटलीस्ट एक इंस्टेंस से तो आएगी।
राइट? सो ये आ गया। एंड इस पे सिंपली रीलोड करता हूं। एंड लेट्स सी। ओके। यस। सो यू कैन सी कि VMS इंस्टेंस ज़ीरो से
हमारी जो वेबसाइट है अब एक्सेसबल हो गई है। उसके बाद हम लोग क्या करेंगे? जो दूसरा इंस्टेंस है उस पे भी Apache वेब
सर्वर इंस्टॉल कर लेंगे। सो ये रही हमारी कमांड और सिंपल सा हम लोग क्या चेंज करेंगे यहां पे? एक तो इंडेक्स. में
इंस्टेंस ज़ीरो की जगह इंस्टेंस वन कर लेंगे। एंड इसके अलावा ये जो इंस्टेंस आईडी है इसमें ज़ीरो की जगह हम लोग यहां पे
वन कर देंगे। तो हमारा जो दूसरा इंस्टेंस है उस पे भी Apache वेब सर्वर इंस्टॉल हो जाएगा। ओके? सो इंस्टेंस टू पे भी हमारा
Apache वेब सर् ठीक है? सेटअप हो चुका है। अब इसको हम लोग रिफ्रेश करके देखते हैं। अभी तो इंस्टेंस ज़ीरो है।
सो यस इंस्टेंस वन से भी हमको रिस्पांस आ गया है। दूसरे ब्राउज़र से भी ट्राई कर लेते हैं। ये वाला जो हमारा पुराना ठीक
है? रिस्पांस था रिफ्रेश करते हैं। सो अब देखो कि VMS इंस्टेंस वन। सो हम लोग ने देखा कि इंस्टेंस ज़ीरो एंड इंस्टेंस वन
दोनों से ही हमको रिस्पांस मिल रहा है। एंड सो दैट मींस हमारा लोड बैलेंसर एंड VMS दोनों ही प्रॉपर्ली वर्क कर रहे हैं।
ओके? इस पॉइंट तक हमारा वीएमएसएस वर्किंग है और विद लोड बैलेंसर। ये तो हम लोग ने देख लिया। बट अब आ जाते हैं मेन पॉइंट पे
की पॉइंट पे कि भाई वीएमएसएस हम लोग यूज़ क्यों करते हैं? उसका एडवांटेज क्या था? ये ऑटो स्केल होता है। लेकिन हमारे केस
में ऑटो स्केलिंग का ठीक है? जो ऑप्शन था वो डिसेबल था। बट हम लोग ने मैनुअली क्रिएट किया था। बट स्टिल इट इज़ बेटर देन
मैनुअली क्रिएटिंग द वर्चुअल मशीन। कैसे? अब चलो देखते हैं। तो आ जाते हैं वर्चुअल मशीन स्केल सेट पे। और जो हमारा वर्चुअल
वीएमएसएस जो हम लोगों ने क्रिएट किया था उस पे क्लिक कर लेते हैं। इसमें लेफ्ट साइड में आप थोड़ा सा नीचे जाओगे ना एक
ऑप्शन मिलेगा अवेलेबिलिटी प्लस स्केल। तो सिंपली मैं स्केलिंग पे क्लिक कर लेता हूं। सो यहां से हम स्केल कर सकते हैं
अपना। ठीक है? एप्लीकेशन को अ मैनुअल स्केल जो हमारा सिलेक्टेड था वो है। सो यहां पे नीचे देखोगे मैनुअल स्केल और
इंस्टेंस काउंट अभी करेंटली दो है। सो सिंपली यहां पे दो से हटा के मैं तीन कर देता हूं। एंड इसके बाद ऊपर सेव। तो अगर
आप देखोगे यहां पे स्केल करना काफी आसान है। बस मैंने इंस्टेंस का काउंट चेंज किया और सिंपली मैं सेव पे क्लिक करूंगा।
ऑलदो यहां पे एक एरर आ गया क्योंकि जो रीजनल जो साइज का जो कोटा है वो ठीक है? एक्सीड हो चुका है। सो यहां पे अलाउड नहीं
है। ऑलदो हम लोग एक चीज़ जरूर ट्राई कर सकते हैं। देखो अ हमारे पास करेंटली लेट्स से दो इंस्टेंसेस हैं। राइट? अगर आपको
लेट्स से फील होता है कि आपको दो इंस्टेंसेस की जरूरत नहीं है। ट्रैफिक बहुत ही कम है तो आप दो से एक भी कर सकते
हो। ठीक है? ड्रॉप भी कर सकते हो। तो लेट्स से मैं यहां दो की जगह वन कर देता हूं। ओके? एंड सिंपली यहां पे सेव करते
हैं। एंड इसको हम लोग वेरीफाई कैसे करेंगे? सिंपली लेफ्ट साइड में आप जाओ और इंस्टेंसेस पे क्लिक कर लो। तो आप देखोगे
सिर्फ एक ही इंस्टेंस यहां पे वर्किंग है। राइट? एंड इसके बाद मैं फिर से स्केलिंग पे जाता हूं। और मुझे लगता है कि नहीं अब
ट्रैफिक बढ़ गया है। तो मैं सिंपली यहां पे वन की जगह टू कर देता हूं। और यहां सिंपली सेव कर देता हूं। सो यहां पे देखो
रिसोर्स बन गया। इंस्टेंसेस पे आ जाता हूं। रिफ्रेश करता हूं। सो अब देखो कि वीएमएसएस वेब्स टू मतलब ये
जो दूसरा इंस्टेंस यहां पे क्रिएट हो रहा है। सो इन दिस वे आपको आईडिया आ गया होगा कि वीएमएसएस के थ्रू स्केल करना इजी है।
सिंपल काउंट आप कम ज्यादा कर सकते हो डिपेंड अपॉन द वर्क लोड या तो नेटवर्क ट्रैफिक। सो अभी देखोगे कि दोनों
इंस्टेंसेस हमारे अप एंड रनिंग है। एंड लोड बैलेंसर पे जाके हम लोग हेल्थ भी इसकी चेक कर सकते हैं। यहां पे हम लोग लोड
बैलेंसिंग रूल्स पे जाके व्यू हेल्थ स्टेटस पे चेक कर सकते हैं। सो यू कैन सी कि हमारे ये जो दोनों इंस्टेंसेस बने थे
दोनों अप एंड रनिंग हैं। सो यू कैन सी कि यहां पे मुझे कुछ डिफरेंट रिस्पांस मिला है। और ये देखो ये रिस्पांस
कहां से आया है। इफ यू रिमेंबर जब हम लोग ने वीएमएसएस क्रिएट किया था तो एक स्क्रिप्ट दी थी कस्टम डेटा से। तो वो अब
जब भी इंस्टेंस आप बनाओगे ना नया तो वो वाली स्क्रिप्ट यूज़ करेगा। तो इसलिए आपको ये वाला रिस्पांस यहां पे मिल रहा है। ठीक
है? तो दैट इज क्लियर। सेशन के एंड में लोड बैलेंसर के की पॉइंट्स हम लोग कवर कर लेते हैं। सो दैट
इन दिस वे हम लोग समराइज़ कर लें कि हम लोगों ने क्या-क्या पॉइंट्स हम लोगों ने कवर किए थे। इट इज़ अ लेयर फोर। ठीक है?
ट्रांसपोर्ट लेयर का लोड बैलेंसर है। टीसीपी एंड यूडीपी ट्रैफिक। ये सपोर्ट करता है। इसके अलावा हम लोग ने देखा
डिस्ट्रीब्यूट इनकमिंग ट्रैफिक और आप बैक एंड में चाहे तो वर्चुअल मशीनंस या तो वीएमएसएस वर्चुअल मशीन स्केल सेट भी आप
यूज़ कर सकते हो। दोनों ही प्रैक्टिकल हम लोगों ने देखे। इसके अलावा फ्रंट एंड आईपी क्या होता है? एंट्री पॉइंट होता है जहां
से यूज़र्स हमारी वेबसाइट को एक्सेस कर सकें। राइट? इसके अलावा बैक एंड पूल जिसमें हमारे वर्चुअल मशीन या तो वीएमएसएस
सेट के इंस्टेंसेस रहते थे। जहां पे हमारी वेबसाइट होस्ट थी या तो बाहर से जहां पर ट्रैफिक रिसीव होगा। इसके अलावा हेल्थ
प्रोब हम लोगों ने क्रिएट किया था जो कि कंटीन्यूअसली चेक करेगा कि कोई बैक एंड जो इंस्टेंसेस है वो हेल्दी है कि नहीं। एंड
हेल्थ प्रोब यह इंश्योर करता है कि जो आपका ट्रैफिक है वो सिर्फ हेल्दी इंस्टेंसेस पर ही डायवर्ट हो। इसके बाद हम
लोग ने लोड बैलेंसिंग रूल बनाया था जहां पे हम लोगों ने डिफाइन किया था कि जो इनकमिंग ट्रैफिक आएगा वो बैक एंड पूल के
साथ कैसे मैप होगा। हम लोग ने पोर्ट 8080 को पोर्ट 80 पे मैप किया था और 8080 पोर्ट को यूज़ करके ही हम लोगों ने अपनी वेबसाइट
को एक्सेस किया था। वो भी हम लोगों ने कवर किया। इसके अलावा पब्लिक वर्सेस इंटरनल लोड बैलेंस है। तो इसका तो मतलब काफी इजी
है उसको समझना। और वैसे तो हम लोग ने पब्लिक यूज़ किया था बट आप इंटरनल भी यूज़ कर सकते हो। जैसे कि आपको बैक एंड में कोई
प्रोसेसिंग या तो कोई रिसोर्सेज को एक्सेस करना है तो इंटरनल आप लोड बैलेंसर यूज़ कर सकते हो। इसके अलावा हाई अवेलेबिलिटी भी
हम लोग ने वेरीफाई किया था कि मान लीजिए दो में से एक इंस्टेंस शटडाउन हो जाता है या तो कुछ उसमें एरर आ जाता है तब भी
हमारी जो वेबसाइट है वो अप एंड रनिंग थी एंड हमारी सर्विज अवेलेबल थी। सेशन पर्सिस्टेंस कैन बी कॉन्फ़िगरर्ड व्हेन
क्लाइंट रिक्वेस्ट नीड टू रिमेन एसोसिएटेड। तो, यह भी एक ऑप्शन था जो हम लोग ने देखा था। सो, दिस इज़ ऑल अबाउट दिस
सेक्शन। ओके? ओके। सो जेंटल रिमाइंडर सेशन के एंड में हम लोग अपने जो भी रिसोर्सेज हम लोग
ने क्रिएट किए होते हैं हम उसको डिस्ट्रॉय या तो डिलीट करते हैं। इसके लिए सबसे बेस्ट तरीका क्या है? हम लोग जाएंगे
रिसोर्स ग्रुप में। एंड जो रिसोर्स ग्रुप हम लोग ने इस सेक्शन के लिए बनाया था आरजीएलबी डेमो उस पे हम चले जाएंगे। एंड
इसमें बहुत सारे रिसोर्सेज हैं। तो हम लोग सिंपली डिलीट रिसोर्स ग्रुप कर लेंगे। कॉपी एंड ये रिसोर्स ग्रुप का नाम एंड
डिलीट। सो रिसोर्सेज डिलीट हो जाए तो आप एक बार वेरीफाई जरूर कर लेना। मिलते हैं नेक्स्ट
सेक्शन में एक और टॉपिक के साथ। ऑलराइट। सो चलिए इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे Azure Vet सर्विस के बारे में। और
इसकी शुरुआत ही करते हैं एक यूज़ केस के साथ। सपोज़ हमारे पास एक वेब एप्लीकेशन है जिसको हमको डिप्लॉय एंड होस्ट करना है
Azure प्लेटफार्म पे। ओके? इस वेबसाइट में हमारे पास फ्रंट एंड भी है, बैक एंड भी है जिसके लिए हम लोग ने दो अलग-अलग वर्चुअल
मशीन या तो सर्वर सेटअप कर लिए। सिंपल। हमारी वेबसाइट को यूजर इंटरनेट के थ्रू एक्सेस कर सकें। उसके लिए हम लोग क्या कर
सकते हैं? ये जो फ्रंट एंड वाला जो वर्चुअल मशीन है या तो सर्वर है इसको हम लोग इंटरनेट से एक्सपोज करा सकते हैं।
लेकिन हमारी जो वेब एप्लीकेशन है इसको प्रॉपर्ली वर्क करने के लिए हमारा जो फ्रंट एंड एंड बैक एंड ये जो दोनों सर्वर
बना है ना इसके बीच भी कम्युनिकेशन जरूरी है। राइट? अब वो कैसे होगा? अब एक तरीका क्या हो सकता है कि हम लोग फ्रंट एंड की
तरह बैक एंड सर्वर को भी इंटरनेट से एक्सपोज़ कर दें। एंड इसके बाद दोनों ही सर्वर इंटरनेट के थ्रू आपस में कम्युनिकेट
कर सकते हैं। लेकिन क्या यह सही तरीका है? अगर हम बात करें बैक एंड सर्वर के बारे में तो इसमें होता क्या है? इसका क्या
पर्पस है? इसमें देखो हमारी जो वेब एप्लीकेशन से रिलेटेड बिजनेस लॉजिक्स हो सकते हैं। ऑथराइजेशन, ऑथेंटिकेशन ठीक है?
इसके बाद डेटाबेस रिलेटेड ऑपरेशंस हो सकते हैं। यूज़र्स से रिलेटेड इनफेशंस हो सकती हैं। एंड सो ऑन। ठीक है? सो बैक एंड सर्वर
को हम लोग सेफ्टी वाइज़ एंड पर्पस वाइज़ इंटरनेट को एक्सपोज़ करने का तो कोई सेंस नहीं बनता। बट अगेन द क्वेश्चन इज़ ये
दोनों सर्वर आपस में कम्युनिकेट कैसे करेंगे? तो एक तरीका क्या हो सकता है? अगर ये दोनों सर्वर या तो रिसोर्स अगर एक सेम
नेटवर्क का हिस्सा बन जाए तो ये आपस में कम्युनिकेट कर सकते हैं। जैसे कि नेटवर्क का मतलब ही क्या होता है? जब मल्टीपल
डिवाइस आपस में कनेक्टेड होते हैं सो दैट वो आपस में कम्युनिकेट कर सकें। राइट? उसी को हम लोग नेटवर्क बोलते हैं। एंड हमारे
केस में ये जो हम लोग ने दो रिसोर्स या तो दो वर्चुअल मशीनंस बनाई हैं। उनको आपस में कम्युनिकेट करवाना है वो भी सिक्योरली।
उसके लिए हम लोग वी नेट सर्विस को यूज़ करके वर्चुअल नेटवर्क बना सकते हैं। Azure क्लाउड में। एंड यह जो नेटवर्क हम बनाते
हैं ना, वह हमारा प्राइवेट नेटवर्क होता है जो दूसरे नेटवर्क से टोटली आइसोलेट होता है। सो, चलिए प्रैक्टिकल करके देखते
हैं कि अपना वर्चुअल नेटवर्क कैसे बनाते हैं और उसमें क्या-क्या चीजें होती हैं। लेकिन उससे पहले ना शॉर्ट में इसका
स्ट्रक्चर आप समझ लो। सो दैट जो भी हम स्टेप्स फॉलो करेंगे आप उसको रिलेट कर पाओ। सबसे पहले तो ये जो वीनेट है, एक
रिसोर्स है। सो दैट ये एक सब्सक्रिप्शन एंड रिसोर्स ग्रुप का पार्ट होगा। सिंपल। इसके बाद जब हम एक बार वर्चुअल नेटवर्क
बना लेंगे, उसके अंदर हम लोग बनाते हैं सबनेट। अब देखो ये आउटर लेयर हमारी हो गई वर्चुअल नेटवर्क की। इसके अंदर आप देखोगे
देखो यहां पे सबनेट्स बनाए हैं और सबनेट के अंदर हम लोग रिसोर्स बनाते हैं। दैट मींस अगर आपको किसी रिसोर्स को नेटवर्क का
हिस्सा बनाना है तो उसके पहले आपको एक सबनेट भी बनाना पड़ेगा। चलिए प्रैक्टिकल करके देखते हैं।
ओके। सो सिंपली aur पोर्टल में सर्च कर लो वी नेट यहां पे दिखेगा वर्चुअल नेटवर्क। इस पे क्लिक कर लो। सो अभी प्रेजेंटली कोई
वर्चुअल नेटवर्क नहीं बना है। सिंपली क्रिएट पे क्लिक करेंगे। बेसिक इंफॉर्मेशन देना है जैसे कि सब्सक्रिप्शन एंड रिसोर्स
ग्रुप। तो यहां पर मैं एक रिसोर्स ग्रुप बना लेता हूं। इसको नाम दे देते हैं एजोर नेटवर्किंग
डेमो। क्योंकि हम लोग सिर्फ डेमो पर्पस के लिए बना रहे हैं। ओके। इसके बाद हमको देना है वर्चुअल नेटवर्क का नाम। सो हम लोग कुछ
इस टाइप से दे देंगे। जैसे कि वी नेट हफेन। इसके बाद कोई भी एनवायरमेंट। जैसे कि हम लोग टेस्ट दे देते हैं। टेस्टिंग
एनवायरमेंट है। इसके बाद हम लोग देंगे रीजन कि किस रीजन में बना रहे हैं। तो हमारे केस में क्या है? इंडिया, साउथ,
सेंट्रल। और लास्ट में हम लोग एक न्यूमेरिक वैल्यू भी दे सकते हैं। जैसे कि ज़ीरो वन। इसके बाद है रीजन। तो, रीजन हम
लोग कैसे सेलेक्ट करेंगे? सिंपल है। जिस भी रीजन में आप अपने रिसोर्सेज को बनाने का प्लान कर रहे हो, उसी रीजन में आप ठीक
है? अपना नेटवर्क बना सकते हो। इसके बाद आ जाते हैं सिक्योरिटी टैब में। इसमें आपको कुछ ऑप्शंस मिलते हैं जिसकी मदद से आप
अपने नेटवर्किंग के सिक्योरिटी को और एनहांस कर सकते हो। जैसे कि अगर आपके नेटवर्क के ट्रैफिक को इंक्रिप्ट करना है
तो उसके लिए भी ऑप्शन है। वर्चुअल नेटवर्क इंक्रिप्शन। इसके बाद नीचे एक ऑप्शन मिलता है अजोर बैन का जिसकी मदद से आप अपने
वर्चुअल मशीन को बिना पब्लिक आईपी इनेबल किए एक्सेस कर सकते हो। लेकिन यह पेड सर्विस है। तो अभी के लिए इसको स्किप करते
हैं। इसके अलावा ऑप्शंस है Azure फायर वॉल इनेबल करने के लिए और DDOS नेटवर्क प्रोटेक्शन जो कि जो कि अगेन एक पेड
सर्विस है। तो इसको स्किप करते हैं और डायरेक्टली चलते हैं एड्रेस स्पेस पे। अब ये एक इंपॉर्टेंट ऑप्शन है जो डिफाइन करता
है कि हमारा जो वर्चुअल नेटवर्क होगा उसमें कौन सी रेंज की आईपीस अवेलेबल होगी। बिकॉज़ देखो हम लोग नेटवर्क बना क्यों रहे
हैं कि उसमें रिसोर्सेज डिप्लॉय करेंगे। अब जो मल्टीपल रिसोर्सेज हैं आपस में उनको कम्युनिकेट करने के लिए IP एड्रेसेस की
जरूरत पड़ेंगी। उसके लिए IP एड्रेसेस अवेलेबल भी होना चाहिए। सो वही हम एड्रेस स्पेस के अंदर डिफाइन करते हैं। कैसे करते
हैं? चलिए देखते हैं। यहां पे नीचे देखोगे आप तो ऑलरेडी एक एड्रेस स्पेस इन्होंने बाय डिफॉल्ट बनाया हुआ है। एंड इसमें कुछ
रेंज ऑलरेडी प्रोवाइड करी है। उसको पहले समझते हैं। यहां पे सिंपली एक स्टार्टिंग एड्रेस है। मींस जो भी IPपी एड्रेस की
रेंज है ना वो स्टार्ट कहां से होगी? मतलब स्टार्टिंग पॉइंट एंड आपको कौन सा साइज मतलब कितनी IP एड्रेसेस चाहिए आप वो
डिफाइन करते हो यूजिंग साइज कि अगर आप फॉरवर्ड स्लश 16 सेलेक्ट करते हो इसका मतलब क्या है आपके वर्चुअल नेटवर्क में
65536 IP एड्रेसेस अवेलेबल रहेंगी। ओके सो इन दिस वे यहां पे बहुत सारी IP एड्रेसेस मिल
जा रही हैं। और वो जो रेंज है वो कहां से कहां तक होगी वो भी आप देख सकते हो। स्टार्टिंग तो हम लोग ने ऑलरेडी दिया था
10.00.0 और और यहां पे एंडिंग कैसे होगी? 10.255.255
सो दैट मींस हम लोग अपने वर्चुअल नेटवर्क में जो भी रिसोर्सेज बनाएंगे ना वो इस रेंज के बीच में कोई भी IP को पिक कर सकता
है या तो एसोसिएट कर सकता है। एंड यहां पे जो साइज है वो आप चेंज भी कर सकते हो। जैसे कि देखो फॉरवर्ड स्लैश 16 तो बाय
डिफ़ॉल्ट था। लेट्स से अगर मैं यहां पे 24 कर देता हूं 24। सो आप देखोगे टोटल हमको 256 एड्रेसेस मिलेंगी। सो अभी के लिए हम
लोग यहां पे फिर से 16 पे ही चले जाते हैं। ज्यादा IPपी एड्रेसेस से हमको कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन अगर कम IPपी
एड्रेसेस अवेलेबल है तो वो प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा रखते हैं अपन। एंड वन मोर थिंग कि जिस तरीके से यह
IP एड्रेस के जो रेंज यहां पे डिफाइन है ना उसको सीआईडीआर ब्लॉक बोलते हैं। अगर आपको सीआईडीआर ब्लॉक एंड IPपी एड्रेस का
जो फॉर्मेट है उसको अच्छे से समझना है तो आप एक वेबसाइट ट्राई कर सकते हो cआईडीआर.xyg
सो जो अभी हम लोग ने एक रेंज यूज़ करी थी अपने एड्रेस स्पेस में। वही आईपी का जो रेंज है मैंने यहां पे प्रोवाइड किया। सो
आप देखोगे सेम नंबर मिल रहा है। टोटल काउंट मतलब टोटल IP कितनी मिल जा रही है? 65,000 फर्स्ट आईपी यूज़बल IPपी कितनी है?
लास्ट यूज़बल IPपी कौन सी है? वो हमको मिल जा रहा है। इसके अलावा जो IP एड्रेस लिखने का जो फॉर्मेट है इसका क्या मतलब होता है?
सो आप देखो कि यहां पे IP में जो भी एक नंबर होता है वो 8 बिट का होता है जिसको हम ऑक्टेट भी बोलते हैं। एंड ऑक्टेट का जो
रेंज होता है वो कितना ज़ीरो से 255 तक होता है। इसलिए आप देखोगे जो लास्ट यूज़ेबल IPपी है उसमें 255 आप लास्ट जो नंबर आप
देख सकते हो। यहां पे रेंज भी चेंज करके देख सकते हो। जैसे कि 16 है और इसके बाद अगर मैं रेंज चेक कर रहा हूं तो आप देखोगे
यहां पे ग्रीन होते हुए दिख रहा है। सो अब यहां पे जो काउंट आता है ना आईपी का वो कहां से आता है? जो बची हुई बिट हैं तो
यहां पे देखोगे 8 और 2 10 तो 2 पावर 10 1024 यहां पे इस टाइप से ये कैलकुलेशन होता है। सो अगर इस पॉइंट पे हम लोग ये
डायग्राम को रेफर करें। सो आप देख सकते हो कि लेट्स से इस पॉइंट तक हम लोग ने वर्चुअल नेटवर्क बना लिया है और उसमें एक
IPपी एड्रेस की रेंज भी दे दी है ये वाली रेंज। ओके? लेकिन यहां पे एक पॉइंट क्या है? कि हमको इस नेटवर्क में रिसोर्स बनाने
के लिए सबनेट बनाना पड़ेगा। राइट? इसीलिए आप यहां पर नोटिस करोगे कि ये जो एड्रेस स्पेस बना हुआ है इसमें एक सबनेट ऑलरेडी
बना हुआ है जिसका नाम इन्होंने डिफॉल्ट दिया है और इसमें भी एक IP एड्रेस की रेंज यहां पे दिखाई दे रही है। सो चलिए पहले
समझते हैं कि सबनेट क्या होता है? सिंपल है एक लार्जर नेटवर्क है उसमें एक स्मॉल पार्ट या तो स्मॉल सेगमेंट को हम लोग
सबनेट बोलते हैं। सो लेट्स से हम लोग ने एक वर्चुअल नेटवर्क बनाया जिसमें 100 आईपीस हैं। तो मैंने सिंपली क्या किया?
50-50 आईपीस में उसको डिवाइड कर दिया स्मॉलर पार्ट में और उसको हम लोग सबनेट बोल देते हैं। एक को नाम दे दिया पब्लिक
सबनेट, एक को नाम दे दिया प्राइवेट सबनेट। एंड अगर बात करें कि सबनेट का यूज़ क्या है? तो सिंपल है कि एक देखो लार्जर
नेटवर्क में बहुत सारे आप रिसोर्सेज बनाओगे। ठीक है? सो उन रिसोर्सेज को प्रॉपर्ली ऑर्गेनाइज या तो आइसोलेट करने
के लिए हम लोग सबनेट का यूज कर सकते हैं। फॉर एग्जांपल जो भी रिसोर्सेज हम बनाएंगे जिनमें हमको इनबाउंड इंटरनेट का एक्सेस
देना है यूज़र्स को तो हम उसको पब्लिक सबनेट का पार्ट बना सकते हैं एंड सो ऑन। सो चलिए फिर से आ जाते हैं अजोर पोर्टल
पे। और जैसे कि हम लोग ने समझा कि सबनेट क्या है? स्मॉलर पार्ट होता है नेटवर्क का। सो आप यहां पे देखोगे कि हमारा जो मेन
नेटवर्क है हमारा वर्चुअल नेटवर्क उसमें टोटल आईपीस कितनी है? 65,000 समथिंग। ओके? और जो ये हम लोग सबनेट यहां पे बना हुआ है
जो डिफ़ॉल्ट जिसका नाम है उसमें कितनी आईपीस अवेलेबल है? तो यहां पे देखोगे जो साइज हम लोग ने यूज़ किया है फॉरवर्ड स्लश
24 मतलब इस सबनेट में 256 एड्रेसेस हैं। सो चलिए इसको एडिट कर लेते हैं। सबसे पहले तो ये सबनेट का नाम चेंज कर लेते हैं। तो
इसके लिए ना हम लोग अपने डायग्राम को ही फॉलो करते हैं। आप देखोगे जो वर्चुअल नेटवर्क है इसमें हमारे पास दो सबनेट हैं।
एक फ्रंट एंड सबनेट एक बैक एंड सबनेट। सो हम लोग इसको नाम दे देते हैं फ्रंट एंड सबनेट। ओके। इसके बाद इस Subnet
में आपको कितनी IPपी एड्रेसेस की जरूरत है। ठीक है? आप वो रेंज प्रोवाइड कर सकते हो। अब आप समझ चुके हो कि कैसे आपको
प्रोवाइड करना है। सो, अभी जो सिलेक्टेड है उसमें हमको 256 एड्रेसेस मिल रहे हैं। हमारे टेस्टिंग पर्पस के लिए इनफ है। हम
लोग आगे बढ़ते हैं। इसके बाद एक ऑप्शन है प्राइवेट सबनेट। इनेबल प्राइवेट सबनेट में यहां पर सेक्टेड है। इसका सिंपल सा मतलब
है कि अगर यह ऑप्शन सेक्टेड है, सो जो भी रिसोर्स इसके अंदर जो बनेंगे लेट से एक वर्चुअल मशीन हमने बनाया उसमें आउटबाउंड
इंटरनेट एक्सेस डिसेबल्ड होगा। आउटबाउंड इंटरनेट एक्सेस का मतलब अगर आपको अपने सर्वर पे एक एप्लीकेशन इंस्टॉल करना है
इंटरनेट से आप वो भी नहीं कर सकते हो। लेकिन हमारा यह सबनेट कौन सा है? फ्रंट एंड जिसको तो भाई पब्लिक एक्सेस चाहिए।
राइट? सो इसीलिए हम लोग ये प्राइवेट सबनेट वाले ऑप्शन को अनसलेलेक्ट कर लेंगे। एंड इसके बाद कुछ ऑप्शंस मिल जाते हैं। जैसे
कि सिक्योरिटी में नेट गेटवे की जरूरत तो नहीं है। सिक नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप तो नहीं बनाना, राउट टेबल तो नहीं बनाना,
सर्विस एट पॉइंट समथिंग हम लोग इसको आगे कवर करेंगे। लेकिन अभी के लिए हम लोग ये डिफ़ॉल्ट छोड़ देते हैं और सेव करते हैं।
इसके बाद ऑप्शन है टैग्स का। इसको स्किप करते हैं एंड रिव्यू एंड क्रिएट पे जाते हैं। एंड लास्ट में एक बार आप सारी
डिटेल्स को रिव्यू करके क्रिएट कर सकते हो। ऑलदो आई नो कि हम लोग ने सिर्फ एक सबनेट बनाया है। एक हमारा बाकी है। मैंने
वो ऑन पर्पस किया है। क्योंकि मैं ये चीज शो करना चाहता हूं कि वर्चुअल नेटवर्क क्रिएट करने के बाद भी आप सबनेट क्रिएट कर
सकते हो सिंपल। तो अभी के लिए हम लोग क्रिएट करके यहां पे अपना वर्चुअल नेटवर्क बना लेते हैं। चलिए हमारा डिप्लॉयमेंट हो
गया कंप्लीट। इसके बाद हम लोग सर्च पे जाके वर्चुअल नेटवर्क पे जाते हैं। एंड यहां पे हमारा वर्चुअल नेटवर्क दिखाई दे
रहा है। उस पे क्लिक कर लेते हैं। सो यहां पे इसके रिलेटेड कुछ और इनफार्मेशन मिल जाएगी। जैसे कि एक सबनेट हम लोग ने बनाया
था। जो IP एड्रेसेस का रेंज है वो क्या है? कौन सा रीजन है एक्सट्रा? इसके बाद हम लोग को एक सबनेट और बनाना था। इसलिए हम
लोग लेफ्ट साइड में सेटिंग्स के अंदर ये जो सबनेट्स दिख रहा है उस पे हम लोग क्लिक कर लेते हैं। सो एक सबनेट ऑलरेडी है। सो
यहां पे प्लस साइन पे क्लिक कर लेते हैं हम लोग। और यहां पे इसका नेम दे देंगे बैक एंड सबनेट।
ठीक है? इसके बाद हमको रेंज प्रोवाइड करना है। तो आप देखोगे बाय डिफ़ॉल्ट इसने क्या रेंज ली है? 10.0.1.0
अब सेम रेंज दो सबनेट में यूज़ नहीं कर सकते। ओके? वनेंट थिंग टू नोट कि सबनेट में जो भी हम लोग रेंज प्रोवाइड करते हैं
ना वो हमारे जो मेन नेटवर्क के अंदर जितनी भी आईपीस अवेलेबल है उससे कम होना चाहिए। ऑलदो अभी हमारे लिए 65,000 थी और यहां पे
सिर्फ 255 है तो इट्स फाइन। मतलब वो नंबर इस उससे ज्यादा नहीं होना चाहिए। दैट्स इट। ओके? सो बैक एंड बैक एंड सबनेट में भी
256 एड्रेसेस सफिशिएंट है। इसके बाद यह जो प्राइवेट सबनेट है यह ऑलरेडी क्लिक है। ठीक है? उसको क्लिक रहने देते हैं। इसके
बाद बाकी के ऑप्शंस को हम लोग डिफ़ॉल्ट रखते हैं और यहां पे सिंपली ऐड क्लिक कर लेते हैं। सो यहां पे हमारे दोनों सबनेट
क्रिएट हो चुके हैं। और इनकी जो IP रेंजेस हैं वो भी आप यहां पे देख सकते हो। ऑलराइट। सो इस पॉइंट तक हमारा वर्चुअल
नेटवर्क तो बन गया है। एंड उसके अंदर हम लोग ने दो सबनेट भी क्रिएट कर लिए। इसके बाद नेक्स्ट टास्क क्या है हमारा? उन
सबनेट के अंदर हम लोग वर्चुअल मशीन क्रिएट करेंगे। उसके लिए आ जाते हैं Azure पोर्टल पे। सिंपली सर्च करते हैं बीएम वर्चुअल
मशीनंस। करेंटली कोई वर्चुअल मशीन नहीं है। सिंपली क्रिएट पर वर्चुअल मशीनंस रिसोर्स ग्रुप
सेलेक्ट करना है। सो जो हम लोगों ने वर्चुअल नेटवर्क के लिए बनाया था एजोर नेटवर्किंग वो मैं सेलेक्ट कर ले रहा हूं।
वर्चुअल मशीन का नाम देना है। तो सिंपली मैं यहां पे फ्रंट एंड वीएम इस तरह से दे देता हूं। रीजन हमारा सेम है जहां पे हम
लोग ने वर्चुअल नेटवर्क बनाया था। इसके बाद सारे ऑप्शन हम लोग डिफ़ॉल्ट ही रखेंगे। इमेज हमारा उबू सर्वर रहेगा। इसके अलावा
जो साइज है वो सेलेक्ट कर लेते हैं। इसमें जो बी सीरीज में जो सबसे कम रैम वाला है वो हम अभी के लिए सेलेक्ट कर लेते हैं।
सेलेक्ट एंड इसके बाद जो लास्ट में पब्लिक इनबाउंड पोर्ट्स। सो ऑलरेडी इसमें एसएसएच पोर्ट इनेबल्ड है। इसके अलावा हम लोग http
भी सेलेक्ट कर लेते हैं। क्योंकि हम लोग इस सर्वर पे हमको वेबसाइट को होस्ट करना है सिंपल। इसके बाद हम लोग आ जाएंगे
नेटवर्किंग में। सो यहां पर हम लोग सेलेक्ट कर सकते हैं कि कौन सा वर्चुअल नेटवर्क एंड कौन सा सबनेट के अंदर हमको इस
वर्चुअल मशीन को बनाना है। सो वर्चुअल नेटवर्क में हम लोग ने जो क्रिएट किया था हम उसको सेलेक्ट कर लेते हैं। वो था वी
नेट टेस्ट इंडिया साउथ सेंट्रल 001 ओके। सो इस वर्चुअल नेटवर्क में यहां पे तीन ऑप्शंस दिख रहे हैं। जो दो सबनेट हम लोगों
ने क्रिएट किया था। या तो एक तीसरा सबनेट बना के उसमें आपको डिप्लॉय करना है। तो हम लोग क्या करते हैं? फ्रंट एंड वीएम है। तो
फ्रंट एंड सबनेट के अंदर हम लोग बनाएंगे। ठीक है? इतना ही सेलेक्ट करना है। इसके बाद डायरेक्टली मैं आ जाऊंगा एडवांस वाले
ऑप्शन में। एंड इसमें कस्टम डेटा के अंदर हम लोग एक सिंपल सी स्क्रिप्ट रन करेंगे जो कि आपको स्लाइड्स पे भी मिल जाएगी जो
हम लोग ने वीएम वाले सेशन में कवर किया था। एंड ये स्क्रिप्ट में हम लोग कर क्या रहे हैं? एक Apache वेब सर्वर को इंस्टॉल
कर रहे हैं, इनेबल कर रहे हैं एंड एक सिंपल सी इंडेक्स. फाइल बना के पाथ पे रख रहे हैं। दैट्स इट। सो ये स्क्रिप्ट मैंने
यहां पे कॉपी कर ली है। इसके बाद रिव्यू एंड क्रिएट पे जाके इसके बाद क्रिएट एंड इसकी जो प्राइवेट की है उसको डाउनलोड कर
लेते हैं। ओके? ओके डिप्लॉयमेंट प्रोग्रेस में है तब तक हम लोग दूसरा वर्चुअल मशीन भी बना लेते हैं। वर्चुअल मशीन पे चलते
हैं। क्रिएट पे क्लिक करके वर्चुअल मशीन रिसोर्स ग्रुप हमारा रहेगा एजोर
नेटवर्किंग डेमो। वर्चुअल मशीन का नाम यहां पे हम लोग यूज़ कर लेंगे। बैक एंड वीएम इसके अलावा साइज़ सेलेक्ट कर
लेते हैं। बी सीरीज का सबसे मिनिमम वाला रिसोर्स। इसके बाद हम लोग नेटवर्किंग में चलते हैं।
वर्चुअल नेटवर्क एंड सबनेट यहां पर सेलेक्ट कर लेते हैं। तो हमारा वर्चुअल नेटवर्क था वी नेट टेस्ट वाला। एंड इसके
अंदर जो सबनेट रहेगा वो रहेगा हमारा बैक एंड वाला सबनेट। ओके? एंड इसमें एक चीज हमको और डिसेबल करना है। देखो बाय डिफ़ॉल्ट
जब हम वीएम क्रिएट करते हैं तो वो पब्लिक आईपी भी क्रिएट कर लेगा। देखो आप न्यू यहां पे दिख रहा है। तो आप सिंपली यहां पे
नन कर दो क्योंकि यह जो वर्चुअल मशीन है वो हमारा बैक एंड पर्पस के लिए एंड उसको हमें एक्सेस करने की मतलब या तो पब्लिक
आईपी देने की जरूरत नहीं है। ओके? इसमें बस इतना ही करना था और सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट कर लेते हैं हम लोग क्रिएट डाउनलोड
प्राइवेट की। सो डिप्लॉयमेंट अभी प्रोग्रेस में है। ओके। सो डिप्लॉयमेंट हमारा हो गया कंप्लीट। इसके बाद जाते हैं
वर्चुअल मशीनंस में। सो हियर यू कैन सी कि हमारे दोनों वर्चुअल मशीन बन गए बैक एंड वीएम एंड फ्रंट एंड वीएम। ओके? ओके हमारे
वीएम तो बन गए बट हम इसको वेरीफाई कैसे करेंगे कि ये हमारे वीट के अंदर बने हैं। सिंपली कोई भी एक वीएम पे क्लिक कर लेते
हैं। जैसे कि फ्रंट एंड वीएम पहले चेक कर लेते हैं। सो अगर आप इसके डिटेल्स में चेक करोगे। देखो वर्चुअल नेटवर्क कौन सा है?
वी नेट टेस्ट। ओके? एंड इसके नीचे जब प्रॉपर्टीज में आप नेटवर्किंग में देखोगे ना एक चीज नोटिस करोगे कि जो प्राइवेट
IPपी एड्रेस मतलब जो हमारे वर्चुअल मशीन को IPपी एड्रेस असाइन हुआ है वो कौन से रेंज का है? 10.0.4
सो यही रेंज हम लोग ने सबनेट में प्रोवाइड किया था। राइट? इसके बाद मैं आपको बैक एंड वाला वीएम भी दिखा देता हूं। बैक एंड वीएम
पे हम लोग क्लिक करते हैं। सो ये भी देखोगे जो वर्चुअल नेटवर्क है इसमें वी नेट टेस्ट वाला है जो हम लोगों ने क्रिएट
किया था। एंड इसमें नीचे प्रॉपर्टीज में आप नेटवर्किंग में देखोगे ना प्राइवेट IPपी एड्रेस 10.0.1.4
सो यही सेम रेंज हम लोगों ने बैक एंड सबनेट में प्रोवाइड किया था। सो यहां से हम लोग ने एक चीज़ वेरीफाई भी कर ली और
आपने भी देखा कि जो भी हम रेंज ऑफ आईपीस प्रोवाइड करते हैं ना सबनेट में वही रेंज की आईपी हमारे रिसोर्सेज को असाइन होती
है। चलिए इस पॉइंट तक हम लोगों ने अपने वीएम सबनेट्स के अंदर क्रिएट तो कर लिए। अब
समझते हैं कि ये जो वीएम है वो किसी नेटवर्क से कनेक्ट कैसे होते हैं। हमारे केस में जो हमारा वर्चुअल नेटवर्क है उससे
कैसे कनेक्ट होते हैं। उसके लिए हम समझते हैं एनआईसी नेटवर्क इंटरफेस कार्ड या तो एनआई नेटवर्क इंटरफ़ेस जो कि एक
नेटवर्किंग कॉम्पोनेंट है जिसकी मदद से एज्योर जो वीएम है वो किसी नेटवर्क के साथ कनेक्ट होता है। एंड इनेबल्स द नेटवर्क
कम्युनिकेशन यूजिंग IP एड्रेस। अब जैसे कि एनआईसी है, नेटवर्क इंटरफेस कार्ड है या तो नेटवर्क अप्टर है, इथरनेट अप्टर है। ये
आपके फिजिकल कंप्यूटरटर्स में भी होते हैं। आपने सुना होगा जिसके थ्रू आप अपने ठीक है डेस्कटॉप लैपटॉप को नेटवर्क से
कनेक्ट कर सकते हो। वैसे ही जब हम एक सबनेट के अंदर एक वीएम क्रिएट करते हैं, उसके साथ एक एनआईसी कॉमोनेंट भी क्रिएट
होता है। एंड जो भी IP के रेंज हम लोग सबनेट के अंदर प्रोवाइड करते हैं ना, उसमें से एक प्राइवेट IP इस नेटवर्क
इंटरफ़ेस के थ्रू हमारे वर्चुअल मशीन को मिलती है। तो मतलब एनआईसी इज़ रिस्पांसिबल एक्चुअली फॉर गेटिंग द IP एंड द
कम्युनिकेशन। एंड इसको हम लोग चेक भी कर सकते हैं। या हमारे वर्चुअल मशीन बने हैं। किसी भी वर्चुअल मशीन को क्लिक कर लेते
हैं। लेट्स से फ्रंट एंड वाला। एंड इसमें लेफ्ट साइड में आप देखोगे नेटवर्किंग वाला एक पार्ट है। उस पे हम क्लिक कर लेते हैं
नेटवर्किंग सेटिंग्स। सो इसमें आप सबसे पहले ही देख सकते हो नेटवर्क इंटरफ़ेस के अंदर एक नेटवर्क इंटरफ़ेस बना हुआ है। और
नाम सिमिलर है फ्रंट एंड VM 788। उसके बाद कुछ नंबर दे दिया है। एंड इस नेटवर्क इंटरफ़ेस को क्लिक करते हैं। सो यू कैन सी
जो वर्चुअल मशीन को एक प्राइवेट IPपी एड्रेस मिला है वो यहां पे आप देख सकते हो। हम लोग ने इसमें पब्लिक IP भी इनेबल
किया था। तो वो भी इसी से एसोसिएटेड है। ओके? एंड यह जो नेटवर्क इंटरफ़ेस है मतलब फ्रंट एंड VM का इंटरफ़ेस नेटवर्क इंटरफ़ेस
वो कौन से वर्चुअल नेटवर्क या तो सबनेट का पार्ट है वो भी आप देख सकते हो। वी नेट टेस्ट जो हमारा वर्चुअल नेटवर्क था और
सबनेट कौन सा है? फ्रंट एंड सबनेट। ओके? एंड वैसे ही हम लोग बैक एंड के लिए भी देख लेते हैं। बैक एंड VM एंड नेटवर्क
सेटिंग्स। सो, इसमें भी आप देखोगे नेटवर्क इंटरफ़ेस बना हुआ है। इसका नाम भी सिमिलर है। बैक एंड VM 915 कुछ नंबर रहता है। एंड
इसमें भी हमको एक प्राइवेट आईपी मिली है सबनेट से। ऑलदो इसमें हम लोगों ने पब्लिक आईपी कॉन्फ़िगर नहीं करी थी जो कि आप यहां
पे जाके कॉन्फ़िगर कर सकते हो। एंड इसके अलावा जब वीएम क्रिएट करते टाइम हम लोग ने एक पोर्ट भी इनेबल किया था लाइक एसएसएच के
लिए, http के लिए एंड उसके लिए एक नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप बनता है। सो वो भी नेटवर्क इंटरफ़ेस से अटैच्ड होता है। सो,
अब जैसे कि हम लोग ने ये नेटवर्क इंटरफ़ेस ओपन किया, तो आप देख सकते हो राइट साइड में नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप में एक जो
बैक एंड VM का जो नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप है, वह भी इससे अटैच्ड है। ऑलराइट। सो चलिए आ जाते हैं अपने यूज़ केस
में जो हम लोग ने सेक्शन के स्टार्टिंग में डिस्कस किया था और हम लोग कुछ इस टाइप का आर्किटेक्चर अचीव करने का ट्राई कर रहे
थे। ऑलदो हम लोग ने काफी पार्ट ऑलरेडी अचीव कर लिया है। जैसे कि हम लोग ने दो सबनेट एंड दो वर्चुअल मशीन ठीक है क्रिएट
कर ली हैं। लेकिन उसके आगे का डिस्कस करते हैं। लाइक सबसे पहली चीज कि जो फ्रंट एंड वाला जो वीएम है वो इंटरनेट से एक्सपोज
होना चाहिए और हमारी वेबसाइट एक्सेसबल होना चाहिए। सो इसके लिए हम लोगों ने एक स्क्रिप्ट भी रन करी थी जिसके थ्रू हम
लोगों ने एक वेब सर्वर को इंस्टॉल एंड इनेबल किया था। सबसे पहले तो वो वेरीफाई कर लेते हैं। तो यह आ गया हूं मैं अपने
वर्चुअल मशीन में। सबसे पहले मैं फ्रंट एंड वाला वीएम ओपन कर लेता हूं। इसके बाद अपनी वेबसाइट या तो वेब सर्वर को एक्सेस
करने के लिए हम क्या कर सकते हैं? सिंपली इस वीएम का हम लोग पब्लिक आईपी लेंगे। यह देखो यहीं पे स्टार्टिंग में दिख रहा है।
ओके मैं इसको कॉपी कर लेता हूं। एंड इसको एक्सेसबल बनाने के लिए हम लोग ने वीएम क्रिएट करते टाइम http इनेबल किया था।
ओके। सो पोर्ट 80 तो इनेबल है। यह हो गया हमारा पब्लिक IP। ब्राउज़र में एक टैब ओपन कर लेता हूं। HTTP कॉलन फॉरवर्ड स्लैश
फॉरवर्ड स्लैश एंड यह पब्लिक IP दैट्स इट। और इसको रन करता हूं। सो आप देख सकते हो वेलकम टू Apache वेब सर्वर ऑन Azure VM।
सो दैट मींस हमारा ये वाला जो पार्ट है वो तो प्रॉपर्ली चल रहा है। मतलब जो फ्रंट एंड VM में हम लोग ने एक वेबसाइट या तो
वेब सर्वर होस्ट किया था वो तो प्रॉपर्ली वर्क कर रहा है एंड इंटरनेट से एक्सेसबल भी है। ओके? इसके बाद हम लोग फ्रंट एंड VM
को एसएसएच को यूज़ करके ठीक है? के एक्सेस करके देख लेते हैं। इसके लिए मैंने लोकल सिस्टम पे एक टर्मिनल ओपन कर लिया है।
ओके? डाउनलोड फोल्डर में जो हमारी प्राइवेट की डाउनलोड हुई थी ना फ्रंट एंड वीएम के लिए वो हम लोग यूज़ करेंगे। और
इसके लिए सिंपली हम लोग एक कमांड यूज़ करेंगे एसएसएच हफन आई आइडेंटिटी के लिए। और ये आपकी जो फाइल डाउनलोड हुई थी ना
फ्रंट एंड VM वाली वो हम लोग ने दे दी। इसके बाद Azure यूजर जो यूजर क्रिएट हुआ था व्हाइल क्रिएटिंग द VM @ एंड इसके बाद
यह जो हमारी पब्लिक आईपी है ना VM की वो मैंने प्रोवाइड कर दी। सिंपल। अब मैं इसके बाद सिंपली यहां पे एंटर करता हूं। सो
यहां पे एक प्रॉब्लम आई है कि यह जो हमारी प्राइवेट की है ना फाइल वो सिक्योर नहीं है। तो हम लोग सिंपली क्या करते हैं? सीए
मोड 400 मतलब सिर्फ रीड एक्सेस देते हैं ओनर को। सो जो हमारी प्राइवेट की फाइल है उसकी जो परमिशन है वो चेंज कर दे रहा हूं।
एंड इसके बाद फिर से एसएसएच वाली कमांड यूज़ करता हूं। सो आप देखोगे हम लोग अपने फ्रंट एंड वीएम
के अंदर आ चुके हैं। मतलब यह वाला जो वर्चुअल मशीन है वह एक्सेसबल है। एंड इसमें हम लोग कुछ चीजें चेक कर लेते हैं।
जैसे Apache 2 जो वेब सर्वर हम लोगों ने रन किया था उसका स्टेटस क्या है? ऑलदो एक्सेसबल है तो ऑफ कोर्स रनिंग ही होगा।
ठीक है? सो आप देख सकते हो रनिंग है। सो चलिए हम लोग ने फ्रंट एंड वीएम तो कवर कर लिया। इसमें वेब सर्वर या तो वेबसाइट
एक्सेसबल है इंटरनेट से। एंड इस वर्चुअल मशीन को भी हम लोग एसएसएच से एक्सेस कर सकते हैं। ऑफ कोर्स पब्लिक आईपी इनेबल है
तो वह पॉसिबल है। लेकिन अब बात करते हैं हम लोग बैक एंड वीएम के बारे में। क्या हम बैक एंड वीएम
को एसएस से एक्सेस कर सकते हैं? पहले तो वो ट्राई करते हैं। सो यहां पे जाके मैं बैक एंड वीएम पे क्लिक कर लेता हूं। एंड
लेफ्ट साइड में आ जाते हैं नेटवर्क सेटिंग्स में। तो सबसे पहली चीज यहां पे इस वीएम को एक्सेस करने के लिए पब्लिक
आईपी ही नहीं है। सो आप सेटिंग्स में भी देख सकते हो पब्लिक जो आईपी एड्रेस है वो कॉन्फ़िगर ही नहीं करी थी हम लोगों ने।
ठीक है? तो ये पॉसिबल तो है ही नहीं कि हम उसको बाहर से एक्सेस कर सकें। दैट्स इट। तो देखो अभी हम लोग क्या ट्राई कर रहे हैं
ये जो बैक एंड वीएम एक नेटवर्क के अंदर बना हुआ है एंड इसको हम लोग एक नेटवर्क के बाहर से मतलब इंटरनेट से ये बैक एंड वीएम
को एक्सेस करने का ट्राई कर रहे हैं। ओके जो पॉसिबल ही नहीं है क्योंकि इसके पास एक पब्लिक आईपी ही नहीं है। राइट? लेकिन क्या
चीज पॉसिबल है जो हम लोगों ने स्टार्टिंग में बात करी थी कि ये जो दो वर्चुअल मशीन हैं आपस में कम्युनिकेट कर सकते हैं।
राइट? क्योंकि ये दोनों एक ही नेटवर्क के पार्ट हैं। तो अगर हम फ्रंट एंड वीएम को एक्सेस कर सकते हैं। सो इस वीएम के अंदर
जाके हम बैक एंड वीएम को एक्सेस कर सकते हैं। सिंपल है कि फ्रंट एंड वीएम को एसएसएच करेंगे और उस मशीन से हम लोग बैक
एंड वीएम को एसएसएच करके देखेंगे यूजिंग प्राइवेट आईपी। वो चीज पॉसिबल है कि नहीं? चलिए वो ट्राई करते हैं। सो मैं आ गया हूं
अपने टर्मिनल पे। एंड इसमें हम लोग अभी फ्रंट एंड वीएम के अंदर है। ओके? इसके बाद हमको क्या चाहिए? जो बैक एंड वीएम है ना
उसका प्राइवेट IPपी चाहिए तभी तो हम चेक कर पाएंगे। सो यह है बैक एंड VM का नेटवर्क सेटिंग्स। ओके और इसमें हमको मिल
जाएगी इसकी प्राइवेट IP 10.0.1.4 मैं इसको कॉपी कर लेता हूं। एंड इसमें ना सिंपली पिंग करके देखते हैं कि एक्सेसबल
है कि नहीं। पिंग बैक एंड्स वीएम की प्राइवेट आईपी। सो यू कैन सी कि इट इज़ एक्सेसबल। पिंग
कमांड सक्सेसफुल है। दैट मींस जो बैक एंड वीएम है वो एक्सेसबल है। एंड यू कैन सी कि यहां पे 0% पैकेट लॉस है। ओके? लेकिन इफ
यू आर स्टिल थिंकिंग जैसे हम लोग ने फ्रंट एंड वीएम को यहां पे एक्सेस किया। वैसे हम लोग बैक एंड वीएम को एक्सेस कैसे करेंगे?
तो देखो सिंपल है। अभी मैंने क्यों नहीं दिखाया? क्योंकि उसके लिए हमको प्राइवेट की चाहिए। ठीक है? तो प्राइवेट की मेरे
लोकल सिस्टम पे है ना कि फ्रंट एंड वीएम के अंदर। ठीक है? तो इसलिए वो प्राइवेट की को ट्रांसफर भी कर सकते हो एंड उसके बाद
यूज़ कर सकते हो। सबसे पहले तो यहां से एग्जिट कर लेता हूं। सो यहां पर लॉग आउट हो गया है और मैं अपने
लोकल सिस्टम पे आ गया हूं। इसके बाद यहां पर देखो कि डाउनलोड फोल्डर में मेरे पास बैक एंड वीएम का जो प्राइवेट की है वो
ऑलरेडी प्रेजेंट है। तो मैं सिंपली क्या कर सकता हूं? इसको मैं ट्रांसफर कर देता हूं फ्रंट एंड वीएम में। सिंपली यहां पे
जो एसएसएच कमांड यूज़ करी थी ना उसकी जगह हम लोग एससीपी कमांड यूज़ करेंगे। एससीपी फ्रंट एंड वीएम ही रखते हैं। एंड इसके बाद
जो भी फाइल हमको ट्रांसफर करना है वो हम लोग दे देते हैं। तो मैं बोलता हूं यहां पे बैक एंड वीएम की की वाली फाइल। ओके।
एंड इसके बाद यूजरनेम @ जो पब्लिक IP है कॉलन फॉरवर्ड स्लश होम एंड इसके बाद एजोर यूजर हम लोग कर लेते हैं।
मतलब एजोर यूजर का जो होम फोल्डर है ना उसमें कॉपी करना है तो सिंपली कॉपी। सो देखोगे आप यहां पे 100% ट्रांसफर हो
गया है। इसके बाद फिर से हम लोग एसएसएच कर लेंगे फ्रंट एंड वीएम के अंदर। ओके? अब ध्यान से देखना कि हम लोग फ्रंट एंड वीएम
के अंदर है और यहां पे मैं एलएस करता हूं। सो आप देखोगे बैक एंड वीएम का जो हमारे पास प्राइवेट की है वो भी आ गई। अब हम लोग
यहां से इसको यूज़ करके हम लोग एक्सेस कर सकते हैं। राइट? तो हम लोग सिंपली करेंगे एसएसएच
हफन आई और ये बैक एंड वाली फाइल एज यूजर @ एंड इसके बाद जो बैक एंड वीएम की हमें प्राइवेट आईपी चाहिए तो मैं फिर से कॉपी
कर लेता हूं। एंड कॉपी एंटर करते हैं। सो यू कैन सी कि यहां पर अटेमप्ट तो हो गया। यस करते हैं।
ओके। सो अगेन अनप्रोटेक्टेड वाला फाइल का इशू था। तो हम लोग सिंपल सीएच मोड 400 फाइल की परमिशन चेंज कर लेते हैं।
फिर से एसएसएच करते हैं टू बैक एंड वीएम। सो यस यू कैन सी इन दिस वे हम लोग बैक एंड वीएम में सक्सेसफुली एंटर हो गए हैं और
एक्सेस कर पा रहे हैं। सो इन दिस वे हम लोग ने देखा एंड वेरीफाई किया कि जब हम दो वर्चुअल मशीन इस टाइप से एक ही नेटवर्क के
अंदर बनाते हैं तब वो बाय डिफॉल्ट आपस में कम्युनिकेट कर सकते हैं। दैट्स व्हाई हम लोग ने जो बैक एंड वीएम बनाया था उसकी
प्राइवेट IP को यूज़ करके भी हम लोग उसको एक्सेस कर पा रहे थे। तो चलिए अब बात करते हैं कि जो प्राइवेट
सबनेट वाली एक जो सेटिंग हम लोगों ने इनेबल करी थी अपने बैक एंड सबनेट के अंदर उसका क्या मतलब है एंड उसको वेरीफाई करके
देखते हैं। तो ये है हमारा वर्चुअल नेटवर्क। ठीक है? इसके लेफ्ट साइड में जो सबनेट्स है उसमें आ जाते हैं। और जो बैक
एंड वाला सबनेट था हम उस पे क्लिक करते हैं। इसमें हम लोग ने एक ऑप्शन सेलेक्ट किया था प्राइवेट सबनेट का। जिसका क्या
मतलब था कि इस सबनेट में जो भी रिसोर्स बनेगा उसको आउटबाउंड इंटरनेट एक्सेस नहीं मिलेगा। तो चलिए इसको वेरीफाई करते हैं।
सो मैं आ जाता हूं अपने टर्मिनल पे जहां हम लोग अभी बैक एंड vएम के अंदर हैं। एंड सिंपली यहां पे एक कमांड यूज़ करूंगा कर्ल
कमांड cl hन i google.com एंड इस कमांड के बाद अगर हमको http रिस्पांस मिलता है तो दैट मींस इंटरनेट एक्सेस है। अगर नहीं
मिलता है तो दैट मींस नहीं है। सो यू कैन सी देयर इज़ नो रिस्पांस। एंड अगर सेम कमांड हम लोग फ्रंट एंड वीएम में ट्राई
करते हैं। सो पहले तो एग्जिट कर देता हूं। सो आप देखोगे फ्रंट एंड वीएम में आ गए। तो सेम कमांड हम लोग यहां पे रन करते हैं। सो
आप देखोगे इस टाइप का एचटीटीपी रिस्पांस मिलना चाहिए अगर आउटबाउंड एक्सेस है तो। चलिए अब बात करते हैं नेटवर्क सिक्योरिटी
ग्रुप एनएसजी। ये क्या होते हैं? सिंपल से सिक्योरिटी रूल्स होते हैं जिसकी मदद से हम एजोर रिसोर्सेज में इनबाउंड एंड
आउटबाउंड ट्रैफिक को कंट्रोल कर सकते हैं। सिंपल अलाउ एंड डिनाई दोनों कर सकते हैं। अब जैसे कि हम चाहते हैं कि हमारे मशीन
में आउटबाउंड ट्रैफिक मतलब जो इंटरनेट से ट्रैफिक है उसको अलऊ करना है तो वो हम कर सकते हैं। अगर हम चाहते हैं कि हमारे
रिसोर्स या तो वर्चुअल मशीन में किसी एक सोर्स से ट्रैफिक नहीं आना चाहिए। तो हम क्या कर सकते हैं? उस सोर्स के ट्रैफिक को
डिनाई कर सकते हैं, स्टॉप कर सकते हैं। ओके? तो, यह रूल्स होते कहां है? इसके लिए लेट्स से फ्रंट एंड वीएम पे मैं क्लिक कर
लेता हूं। इसके बाद लेफ्ट साइड में हम जाएंगे नेटवर्किंग सेटिंग्स में। सो, ये है हमारा नेटवर्क इंटरफ़ेस एनआईसी एंड
इसमें आप देखोगे नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप। फ्रंट एंड वीएम हफन एनएसजी। ओके? सो, इसको क्लिक करते हैं। सो, आप इसमें जो
रूल्स हैं वो देख सकते हो। सो, यह रहा हमारा फ्रंट एंड वीएम का एनएसजी मतलब सिक्योरिटी रूल्स। और इसमें आप देखोगे दो
टाइप के रूल्स आपको देखने को मिलेंगे। एक तो इनबाउंड सिक्योरिटी रूल्स एंड आउटबाउंड सिक्योरिटी रूल्स। तो जैसे हम लोगों ने
अभी डिस्कस किया कि जो फ्रंट एंड वीएम में हम लोगों ने एसएसएच एंड एचटीटीपी इनेबल किया था तो वो इस तरह से इनेबल होता है।
तो देखो कि इनबाउंड सिक्योरिटी रूल मतलब इनबाउंड ट्रैफिक को इनेबल कर रहे हैं। इनेबल मतलब हम लोग वो पोर्ट ओपन कर रहे
हैं कि बाहर से एक्सेस हो पाए। ओके? सो आप देखो कि एचटीटीपी एंड एच एसएसएच और कौन से पोर्ट है? पोर्ट 80 एंड पोर्ट 22 हमने ओपन
करके रखे हैं। इसके अलावा यहां पे कौन सा प्रोटोकॉल फॉलो हो रहा है? सोर्स क्या है? डेस्टिनेशन क्या है? एक्सट्रा। इसके अलावा
एनएसजी में आप कुछ ना डिफॉल्ट रूल्स भी नीचे देख सकते हो जो हम लोग ने क्रिएट नहीं किए हैं। बट जब भी हम एनएसजी क्रिएट
करते हैं ना तो ये डिफॉल्ट रूल्स ऑटोमेटिकली बन जाते हैं। अब जैसे कि इसको समझना भी बड़ा आसान है। ये रूल में क्या
हो रहा है? अलाउ वी नेट इनबाउंड मतलब वर्चुअल नेटवर्क के अंदर जो इनबाउंड ट्रैफिक है उसको अलाउ करो। राइट? वो तो हम
चाहते हैं क्योंकि तभी तो एक वर्चुअल नेटवर्क के अंदर रिसोर्सेज आपस में कम्युनिकेट कर पाएंगे। राइट? लेकिन इसके
अलावा एक और चीज है। क्या है? डिनाई ऑल इनबाउंड। सो दैट मींस अगर वर्चुअल नेटवर्क के अलावा कहीं और से ठीक है? ठीक है?
इनकमिंग ट्रैफिक आ रहा है तो उसको डिनाई कर दो। तो हम लोग तो यहां बोल रहे हैं कि जितना भी इनबाउंड है तो इनकमिंग ट्रैफिक
है उसको डिनाई कर दो। तो ये दोनों आपस में क्लैश नहीं हो रहे। ओके? सो इस टाइप के क्लैशेस को हैंडल करने के लिए हमारे पास
होता है प्रायोरिटी। प्रायोरिटी बेसिस पे ये जो रूल्स हैं ना वो डिफाइन होते हैं या तो वर्क करते हैं। और प्रायोरिटी का सिंपल
सा एक रूल है कि जितना कम प्रायोरिटी का नंबर होगा उतनी हाईएस्ट प्रायोरिटी होगी। सो अगर आप ये जो दो आप रूल देख रहे हो ना
इनके नंबर देखो तो छोटा नंबर किसका है? 65000 और इसके बाद जो डिनाई ऑल इन है उसका प्रायोरिटी नंबर क्या है? 65500
सो दैट मींस कि हमारे रिसोर्सेज पे मान लो ट्रैफिक आ रहा है तो सबसे पहला रूल कौन सा चेक होगा? अलाउ वी नेट इनबाउंड एंड उसको
क्या दिखेगा कि भाई वर्चुअल नेटवर्क के अंदर का ट्रैफिक है तो अलाऊ कर देगा। लेकिन जैसे ही ट्रैफिक कहीं और बाहर से
आता है तो क्या होगा? सबसे पहले अगेन यही रूल चलेगा अलाउ वी नेट इनबाउंड। लेकिन वो क्या देखेगा कि भाई ये तो वर्चुअल नेटवर्क
के बाहर का है। उसके बाद वो दूसरे रूल पे आ जाएगा। डिनाई ऑल इनबाउंड। सो वहां पे वो उसको डिनाई कर देगा। ठीक है? तो इस टाइप
से ये प्रायोरिटी वर्क करती हैं। यहां पे जो http हम लोग ने इनेबल किया था। इसी वजह से हम लोग अपनी वेबसाइट को या तो वेब
सर्वर को एक्सेस कर पा रहे थे। सो मान लीजिए मैं इसको रिफ्रेश करता हूं। सो अभी भी हमारी वेबसाइट एक्सेसबल है। ओके? लेट्स
से ये जो एचटीटीपी वाला रूल है उसको मैं डिलीट कर देता हूं। तो क्या होगा? इसके लिए हम लोग लेफ्ट साइड में सेटिंग्स में आ
जाते हैं। इनबाउंड सिक्योरिटी रूल्स। यहां से हम अपने रूल्स को एडिट कर सकते हैं। लेकिन यहां पे एक चीज और नोटिस करोगे। ये
जो डिफॉल्ट रूल्स जो बने होते हैं ना नीचे 65,000 वाली रेंज के वो आप उसको एडिट नहीं कर सकते। लेकिन अगर आप चाहते हो कि ये
रूल्स वर्क ना करें तो इसका एक तरीका क्या है? आप इससे ज्यादा हाई प्रायोरिटी वाला एक और रूल बना दो जो इसको ओवराइट कर दें।
तो वो एक तरीका हो सकता है। चलिए लेट्स से ये जो एचटीटीp वाला रूल है ना मैं इसको यहां पे डिलीट कर देता हूं। यस। सो यहां
पे http वाला रूल मैंने हटा दिया। ओके अब मैं अपनी वेबसाइट को रिफ्रेश करता हूं। सो इस बार क्या आया? साइट कैन नॉट बी रीच्ड।
सो चलिए एचटीटीp हम लोग फिर से ऐड कर लेते हैं। सिंपल आप ऐड पे आ जाओ। रूल्स यहां पे ऐड कर सकते हो। सोर्स एनी ठीक है? क्योंकि
इंटरनेट पे तो कोई भी सोर्स से आ सकता है रिक्वेस्ट। पोर्ट रेंज स्टार ही करते हैं। डेस्टिनेशन एनी सर्विस। सर्विस के अंदर
आपको मल्टीपल प्री एकज़िस्टिंग सर्विस मिल जाती है। ठीक है? जैसे कि एचटीटीp आप सेलेक्ट करते हो। सो बाय डिफ़ॉल्ट यहां पे
80 पोर्ट इनेबल हो जाएगा। Okay? एक्शन क्या करना है? अलाउ या डिनाई तो अलाउ करना है। अब जैसे कि देखो लास्ट वाला 320 था तो
330 इसने ऑटोमेटिकली सेट कर दिया। नेम यहां पे करना है। तो हम लोग इसको नाम दे देते हैं। लेट्स से HTTP। सो ऐड कर लेते
हैं। ओके? सो यहां पे हम लोग ने http रूल फिर से ऐड कर लिया है। इसके बाद हम लोग अपनी साइट को फिर से रिफ्रेश करते हैं।
रिफ्रेश। सो आप देखोगे हमारी वेबसाइट फिर से पब्लिक हो गई। सो यहां से हम लोगों ने ये भी वेरीफाई कर लिया कि एनएसजी रूल कैसे
वर्क करते हैं। इसके बाद मुझे ना एनएसजी से रिलेटेड एक चीज और कवर करनी है और आपको बतानी है।
इसके लिए मैं डायरेक्टली एनएसजी यहां पे सर्च कर लेता हूं और नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप में चले जाते हैं। सो यहां पे
देखोगे हमारे पास दो एनएसजी ऑलरेडी क्रिएटेड हैं कि जब हम लोग ने दो वर्चुअल मशीन क्रिएट करी तो उसके लिए दो अलग-अलग
एनएसजी यहां पे बन गए। सो दैट मींस जो दोनों वर्चुअल मशीन हैं उसके अलग-अलग एनएसजी रूल्स यहां पर डिफाइंड हैं। एंड यह
जो एनएसजी है वह वर्चुअल मशीन के एनआईसी के साथ अटैच्ड है। जैसे मान लो मैं कोई भी एनएसजी ओपन करता हूं एंड लेफ्ट साइड में
आप रिसोर्स विजुअलाइजर पे क्लिक करोगे। सो आप यहां से क्लियरली इनका रिलेशन देख सकते हो कि जो बैक एंड वीएम एनएसजी है ना ये
वाला एनएसजी रूल वो किसके साथ एसोसिएट है या तो अटैच्ड है बैक एंड वीएम जो कि नेटवर्क इंटरफेस है कि जब हम लोग वीएम
क्रिएट करते हैं तो एनआईसी भी क्रिएट होता है और हर एक एनआईसी या तो वर्चुअल मशीन के साथ एक एनएसजी रूल भी क्रिएट हो जाता है।
लेकिन इसी के साथ-साथ आप जो एनएसजी रूल है वो सबनेट लेवल पे भी अटैच कर सकते हो तो बना सकते हो। वो कैसे करते हैं? चलिए
देखते हैं। ओके। अभी तो हमारे पास सिर्फ दो एनएसजी हैं। हम लोग अपना एक एनएसजी क्रिएट कर देते हैं। एंड इसमें सिर्फ आपको
बेसिक इनेशन देनी है। ठीक है? रिसोर्स ग्रुप तो हम लोग ये जो एसजीओ नेटवर्किंग डेमो है वो क्लिक कर लेते हैं। सो यहां पे
मैं नाम दे देता हूं बैक एंड सबनेट एनर्जी जिससे क्लियर हो जाए कि ये जो एनएजी है वो बैक एंड सबनेट के लेवल पे है। ओके मैं
सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट पे जाके क्रिएट कर लेता हूं। सो हियर यू कैन सी कि जो बैक एंड सबनेट का एनएसजी है वो भी क्रिएट हो
गया है। इसको ओपन करते हैं। सो यहां पे जो डिफॉल्ट रूल्स है वही हैं। एंड इसके बाद हम लोग लेफ्ट साइड में जाके इनबाउंड या तो
आउटबाउंड रूल्स बना सकते हैं। लेकिन हमारा क्या पॉइंट था कि हम लोग इसको सबनेट लेवल पे भी अटैच कर सकते हैं। इसके लिए हम लोग
वर्चुअल नेटवर्क पे जाते हैं। वर्चुअल नेटवर्क पे क्लिक कर लेते हैं। लेफ्ट साइड में सबनेट्स पे जाते हैं। एंड
यह जो एनएसजी हम लोग ने बैक एंड सबनेट के लिए बनाया था। तो बैक एंड सबनेट पे क्लिक कर लेते हैं। एडिट सबनेट और इसमें नीचे
आएंगे ना तो आप देख सकते हो यहां पे एक ऑप्शन है नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप को अटैच करने का। अब सिंपली यहां पे सेलेक्ट
कर लो बैक एंड सबनेट एनएसजी एंड सेव। सो यहां पे हम लोग ने क्या देखा कि जो एक एनएसजी रूल होता है वो चाहे तो आप एक
रिसोर्स लेवल पे मतलब एक वर्चुअल मशीन के लिए सेपरेट बना सकते हो या तो आप एक सबनेट लेवल पे भी बना सकते हो या तो अटैच कर
सकते हो। अब दोनों में डिफरेंस क्या है? देखो वर्चुअल मशीन का एनएसजी रूल तो उस एक पर्टिकुलर मशीन के लिए है। वो तो हम समझ
गए। लेकिन सबनेट में क्या होता है? लेट्स से एक सबनेट के अंदर आप मल्टीपल रिसोर्सेज बनाते हो एंड अगर आपकी रिक्वायरमेंट है कि
सारे रिसोर्सेज में सेम टाइप के रूल्स अप्लाइड हो तो उस केस में ये मेथड काम आ सकता है कि आप एक एनर्जी बना दो। सबनेट
लेवल पे उसको अटैच कर दो। सो दैट उस सबनेट में जो भी रिसोर्सेज बनेंगे ना उसमें सेम रूल्स अप्लाईड हो जाएंगे।
चलिए अब बात करते हैं नेट गेटवे के बारे में जिसका फुल फॉर्म है नेटवर्क एड्रेस ट्रांसलेशन। अभी करता क्या है? किसी भी
रिसोर्स का जो प्राइवेट IP है उसको पब्लिक आईपी में ट्रांसलेट कर देता है। सो दैट वो रिसोर्स आउटबाउंड इंटरनेट एक्सेस कर पाए।
अब जैसे कि हमारे केस में जो बैक एंड सबनेट हमने बनाया था उसमें हम लोगों ने प्राइवेट सबनेट इनेबल किया था। सो उससे
क्या हुआ था? जो बैक एंड वर्चुअल मशीन बनाई थी उसको आउटबाउंड इंटरनेट एक्सेस नहीं मिला था। बट कुछ टास्क होते हैं
जिनके लिए हमको आउटबॉइंड एक्सेस चाहिए। लेट्स से अगर कोई सॉफ्टवेयर या पैकेज हमको इंस्टॉल करना हो, कोई एपीआई कॉल करना हो।
राइट? सो उस पर्पस सो उस पर्पस के लिए हम लोग अपने बैक एंड वर्चुअल मशीन में नेट गेटवे के थ्रू आउटबाउंड इंटरनेट एक्सेस
इनेबल कर सकते हैं। सो नेट गेटवे इनेबल करने से पहले एक बार मैं आपको दिखा देता हूं कि जो हमारा बैक एंड वीएम है इसके
अंदर हूं मैं। एंड सिंपली यहां पे एक कमांड यूज़ करूंगा कर्ल कमांड C कर्ल hfenन i google.com एंड इस कमांड के बाद अगर
हमको http रिस्पांस मिलता है तो दैट मींस इंटरनेट एक्सेस है। अगर नहीं मिलता है तो दैट मींस नहीं है। सो यू कैन सी देयर इज़
नो रिस्पांस। सो चलिए देखते हैं कि नेट गेटवे कैसे क्रिएट करना है, कैसे बनता है। सबसे पहले हम लोग सर्च कर लेंगे नेट।
सो यहां पे देखो कि नेट गेटवे का एक ऑप्शन है। अभी कोई नेट गेटवे नहीं है ऑलरेडी। हम लोग सिंपली क्रिएट कर लेंगे। बेसिक इनेशन
में रिसोर्स ग्रुप। तो हम लोग यहां पे Ajio नेटवर्किंग डेमो सेलेक्ट कर लेते हैं। इसके बाद है नेट गेटवे का नाम। सो
यहां पे मैंने नेट गेटवे का नाम दे दिया बैक एंड सबनेट नेट। क्योंकि यहां से हमको पता चल सके कि ये बैक एंड सबनेट का पार्ट
है। ओके? इसके बाद आ जाते हैं आउटबाउंड आईपी। जैसे कि मैंने बताया था ये क्या करता है? प्राइवेट आईपी को पब्लिक आईपी
में ट्रांसलेट करता है। उसके लिए हमारे पास एक पब्लिक आईपी होनी चाहिए। तो हम लोग सिंपली ऐड पब्लिक आईपी पे क्लिक करेंगे और
एक क्रिएट कर लेंगे। पब्लिक IPपी एड्रेस में हम लोग सेलेक्ट कर लेते हैं न्यू। तो वो न्यू आईपी क्रिएट कर लेगा सेव।
एंड इसके बाद सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट। सो यहां पे हमारा जो नेट गेटवे है वो बन गया। उस पे हम क्लिक करते हैं। सो अभी
हमको एक वार्निंग मिल रही है कि यह करेंटली ऑपरेशनल नहीं है। और इसको अगर यूज़फुल बनाना है, सो इसको एक सबनेट के साथ
ऐड करना पड़ेगा। ओके। सो, इसके लिए हम लोग जाते हैं अपने वर्चुअल नेटवर्क में। अपने वी नेट पर क्लिक कर लेते हैं। लेफ्ट साइड
में सेटिंग्स में आप देखोगे सबनेट्स एंड जो नेट गेटवे बनाया है उसको कौन से सबनेट में अटैच करना है बैक एंड सबनेट तो इसको
क्लिक कर लेते हैं। नीचे आते हैं। सो आप देखोगे यहां पे आ गया नेट गेटवे। सो इसमें हम सेलेक्ट कर लेंगे अपना नेट बैक एंड
सबनेट एंड सेव कर लेंगे। ओके? इस पॉइंट तक हम लोगों ने क्या किया? एक नेट गेटवे बनाया और अपने बैक एंड सबनेट में अटैच कर
दिया। इसके बाद नेट गेटवे को वेरीफाई करने के लिए मैं फिर से टर्मिनल पे आ गया हूं। बैक एंड वीएम के अंडर हूं। यहां पे कर्ल
कमांड फिर से हम लोग ट्राई कर लेते हैं। कर्ल hfन i google.com सो यहां पे हमको http रिस्पांस मिल गया है। 200 जो स्टेटस
है ओके है। दैट मींस हमारा जो आउटबाउंड एक्सेस है वो इनेबल हो चुका है। इसको अगेन वेरीफाई करने के लिए सिंपली हम क्या करते
हैं? जो बैक एंड हमारा जो सबनेट है ना उसमें से जो नेट गेटवे है मैं रिमूव कर देता हूं। नन कर दिया। सेव करता हूं। इसके
बाद फिर से मैं टर्मिनल पे आता हूं। कर्ल कमांड फिर से मैं ट्राई करता हूं। सो आप देखना क्या रिस्पांस आता है। सो यू कैन सी
नेट गेटवे को वहां से रिमूव करने के बाद यहां पे हमको कोई रिस्पांस ही नहीं मिल रहा है।
चलिए अब बात करते हैं वी नेट पेयरिंग के बारे में। यह अलाउ करता है दो अलग-अलग वर्चुअल नेटवर्क को आपस में कम्युनिकेट
कराने के लिए वो भी प्राइवेटली। मान लीजिए आपने एक रिसोर्स बनाया। हमारे केस में क्या हो गया? एक बैक एंड वर्चुअल मशीन है।
अब उसको कम्युनिकेट करना है किसी और रिसोर्सेज को जो कि किसी दूसरे वर्चुअल नेटवर्क में है। सो वो पॉसिबल है वाया वी
नेट पेयरिंग। अगर यूज़ केस की बात करें तो हमने देखा था कि जो वर्चुअल नेटवर्क है वो रीजन स्पेसिफिक है। मान लीजिए हमने एक
वर्चुअल नेटवर्क इंडिया में बनाया है और दूसरा वर्चुअल नेटवर्क हमारा लेट्स से यूएस में बना हुआ है। एंड दोनों वर्चुअल
नेटवर्क में जो रिसोर्सेज हैं उनको आपस में कम्युनिकेट कराना है। उसके लिए हम लोग वी नेट पेयरिंग यूज़ कर सकते हैं। राइट? सो
V नेट पेयरिंग को यूज़ करने के लिए सिंपली जो भी आपका वर्चुअल नेटवर्क बना हुआ है उस पे क्लिक कर लो। एंड लेफ्ट साइड में आप इस
सेटिंग के अंदर आप एक ऑप्शन देखोगे। पेयरिंग का एक ऑप्शन मिलेगा। ओके? ओके। सो अभी यहां पे कोई पेयरिंग नहीं है। सिंपली
आप ऐड कर लो। सो यहां पे ऐड पेयरिंग का ऑप्शन है और इसमें आप सिंपली ये बता रहे होते हो कि जो हमारा अभी प्रेजेंट वाला
वर्चुअल नेटवर्क है जो VNET टेस्ट वाला उसको कौन से वर्चुअल नेटवर्क से आपको कनेक्ट करना है। तो अगर आप नीचे ऑप्शन
देखोगे ये वर्चुअल नेटवर्क है और इसमें आप जो दूसरा वर्चुअल नेटवर्क है ना अगर बना होगा तो आप उसको सेलेक्ट कर सकते हो। ऑलदो
हमारे पास एक ही है बट मैं आपको शो कर रहा था कि इसको कहां से कैसे इनेबल करते हैं। दैट्स इट।
चलिए अब बात करते हैं राउट टेबल्स के बारे में। सो जब हम लोग सबनेट क्रिएट कर रहे थे वहां पे एक ऑप्शन था राउट टेबल को ऐड करने
का। सो लेट्स से ये एडिट सबनेट पे जाता हूं। सो यहां पे एक ऑप्शन हमको मिलता है राउट टेबल का। सो वो क्या होता है उसको
समझते हैं। सो राउट टेबल डिफाइन करता है कि जो भी आपके सबनेट का नेटवर्क ट्रैफिक है वो कहां पे राउट होगा। सो वो आप डिफाइन
कर सकते हो यूजिंग द राउट टेबल। सो इसको समझने के लिए आप इसको रिलेट कर सकते हो। लेट्स से अगर आपको एक कोरियर या तो पार्सल
सेंड करना है बेंगलुरु में अपने लोकेशन से। राइट? तो वो डायरेक्टली तो जाएगा नहीं। वो किसी बीच में किसी हॉप में या तो
किसी स्टेशन पर वो रुकेगा वहां पर और पार्सल इकट्ठे होंगे फिर जाएंगे। राइट? सो वहां भी क्या हो रहा है? एक राउट टेबल
टाइप का लेट्स से बना होगा कि अगर कोई पार्सल को बोर जाना है तो वो इस स्टेशन पे रुकेगा। अगर कोई दूसरे सिटी जाना है तो वो
दूसरे स्टेशन पे रुकेगा। सो वैसे ही अगर हमको नेटवर्क ट्रैफिक में राउट्स डिसाइड करना है उसके लिए हम राउट टेबल यूज़ कर
सकते हैं। सो फॉर एग्जांपल हमारे केस में बैक एंड सबनेट था। अगर उसमें से नेटवर्क ट्रैफिक जा रहा है एंड अगर हमको डिसाइड
करना है कि वो ट्रैफिक कहां जाना चाहिए तो उसके लिए हम लोग राउट टेबल यहां पे बीच में कर सकते हैं। लेट्स से कि हमारा जो भी
आउटबन ट्रैफिक है हम चाहते हैं वो पहले एज्योर के फायर वॉल में जाएं। ओके? तो वो हम यहां पे अचीव कर सकते हैं। अगर आप
देखोगे यहां पे राउट टेबल बना दिया और अलग-अलग हमने ऑप्शन दे दिए। जैसे कि हम बोल रहे हैं कि भाई वर्चुअल अप्लायंस मींस
अज्योर के फायर वॉल पे चले जाएं। सो वो हम यहां से अचीव कर सकते हैं। इसके लिए सिंपली हम लोग राउट टेबल यहां पे सेलेक्ट
कर लेंगे। राउट टेबल्स एंड क्रिएट कर लेंगे। सो राउट टेबल बनाते टाइम आपको सिर्फ नाम देना है बेसिक इनेशन में तो हम
लोग दे देते हैं। सो मैंने यहां पे नाम दे दिया बैक एंड सबनेट के लिए आरटी मींस राउट टेबल रिव्यू एंड क्रिएट कर लेता हूं। सो
यहां पे हमारा राउट टेबल बन गया। इस पे सिंपली क्लिक कर लेते हैं। एंड यहां पे इनिशियली कोई भी राउट्स यहां पे ऐड नहीं
है। तो अगर आप लेफ्ट साइड में देखोगे ना सेटिंग्स में आपको ऑप्शन मिलेगा राउट्स। सो यहां पे ऐड पे क्लिक करके आप राउट बना
सकते हो। राउट का नाम देना है डेस्टिनेशन टाइप। नेक्स्ट हॉप टाइप। ठीक है? ठीक है? डेस्टिनेशन टाइप में आप IPपी एड्रेस अगर
देते हो सो डेस्टिनेशन का IPपी एड्रेस क्या होगा? नेक्स्ट हॉब टाइप कौन सा होगा? लेट्स से वर्चुअल नेटवर्क है अलग तो वो भी
हो सकता है। ओके? या तो इसके अलावा इंटरनेट हो सकता है या तो वर्चुअल अप्लायंस हो सकता है एक्सट्रा। सो अभी मैं
सिर्फ हाई लेवल बता रहा हूं कि राउट्स को ऐड कैसे करना है? बनाते कैसे हैं। ठीक है? और मे बी हम लोग नेक्स्ट या अपकमिंग
सेक्शन में ये चीज़ कवर करेंगे। ऑलराइट। सो दिस इज़ ऑल अबाउट दिस सेक्शन। एंड जैसे कि हम हर सेक्शन में करते हैं।
इस सेक्शन के एंड में भी हम लोग ने जितने रिसोर्सेज क्रिएट किए हैं, हम उसको डिलीट करेंगे। एंड इसके लिए जो बेस्ट वे है वो
क्या है? अपने रिसोर्स ग्रुप को ही डिलीट कर दो। तो हमारा रिसोर्स ग्रुप था एजo नेटवर्किंग डेमो। एंड इसको मैं सिंपली
डिलीट कर देता हूं। रिसोर्सेज डिलीट हो जाए। एक बार वेरीफाई जरूर कर लेना। मिलते हैं नेक्स्ट सेक्शन में।
चलिए अब बात करते हैं बैन होस्ट या तो जंप होस्ट क्या होता है? कि देखो वर्चुअल नेटवर्क है। इसमें एक पब्लिक सबनेट है, एक
प्राइवेट सबनेट है। दोनों में वर्चुअल मशीनंस हैं। अब ये जो पब्लिक सबनेट में वर्चुअल मशीन है, इसको तो हम नॉर्मली
एक्सेस कर सकते हैं यूजिंग अ पब्लिक आईपी। बट व्हाट अबाउट ये प्राइवेट सबनेट। अब इसके अंदर जो वर्चुअल मशीन है, इसके पास
ना पब्लिक आईपी है, ना कुछ है। ठीक है? तो बाहर से उसको एक्सेस कैसे करेंगे? ऑफ कोर्स क्योंकि ये हमारा वर्चुअल मशीन है,
सर्वर है। तो हमको कुछ तो काम होगा उसमें। तो हम लोग क्या कर सकते हैं? सिंपल सा एक मेथड या तो लॉजिक यूज़ कर सकते हैं। यह जो
यूजर है, पहले वह एक्सेस करेगा यह पब्लिक वर्चुअल मशीन या तो पब्लिक सबनेट का वर्चुअल मशीन और इस मशीन से प्राइवेट
वर्चुअल मशीन को एक्सेस कर सकता है यूजिंग प्राइवेट IP। क्योंकि यह हम लोगों ने मेथड समझा था कि वर्चुअल नेटवर्क के अंदर ये दो
मशीन आपस में कम्युनिकेट कर सकते हैं प्राइवेटली। सो यह जो पूरा फ्लो है इसमें जो यह पब्लिक वर्चुअल मशीन यूज कर रहे हैं
ना तो इसको हम बोलते हैं जंप सर्वर या तो जंप होस्ट या तो बैन होस्ट ओके लेकिन इस पर्पस के लिए Azure के पास भी एक सर्विस
है जिसको हम बोलते हैं बैशन सो आप देखोगे बैन सर्विसेस है या तो आप सिंपली वर्चुअल नेटवर्क पे भी आ जाओगे
वर्चुअल नेटवर्क हमारा वर्चुअल नेटवर्क है इस पे मैं क्लिक करता हूं इस वर्चुअल नेटवर्क के लिए मुझे बैशन ठीक है सेटअप
करना है तो आप देखोगे सेटिंग्स में आपको बैशन का ऑप्शन मिल जाएगा एंड एंड इसमें आप डिस्क्रिप्शन भी देख सकते हो। इट
प्रोटेक्ट्स यू अ वर्चुअल मशीन बाय प्रोवाइडिंग सिक्योर एंड सीमलेस आरडीपी एंड एसएसएच कनेक्टिविटी विदाउट द नीड टू
एक्सपोज देम थ्रू पब्लिक आईपी एड्रेस। मतलब अपने प्राइवेट सर्वर को विदाउट पब्लिक आईपी एक्सेस करने का यह तरीका देता
है। ठीक है? आगे सेक्शन में देखेंगे कि aur वर्चुअल मशीन पे जब हम एक वेबसाइट को होस्ट करते
हैं जिसको अभी तक हम लोग पब्लिक IP की मदद से एक्सेस कर रहे उसमें एक अपना कस्टम डोमेन हम लोग इस टाइप का कैसे कॉन्फ़िगर कर
सकते हैं और अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं। इसके अलावा समझेंगे कि प्राइवेट डीएनएस ज़ोन क्या होता है और कहां यूज़फुल
होता है। इसके अलावा एक यूज़ केस ये भी देखेंगे कि अगर हमें अपनी वेबसाइट को ग्लोबली सर्व करना है वो भी लो लेटेंसी के
साथ। सो वो कैसे हम अचीव कर सकते हैं यूजिंग ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रोफाइल। सो चलिए आगे बढ़ते हैं। ऑलराइट इस सेक्शन में
हम लोग बात करेंगे एजओ डीएनएस ज़ोन के बारे में। एंड इसकी शुरुआत करते हैं एक यूज़ केस के साथ। अभी तक हम लोगों ने ये तो देख
लिया कि एक वर्चुअल मशीन पे एक स्टैटिक वेबसाइट कैसे होस्ट करना है यूजिंग अ वेब सर्वर। बट अभी तक हम लोग अपनी एप्लीकेशन
या तो वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए एक पब्लिक आईपी यूज़ करते थे। राइट? लेकिन मेरी रिक्वायरमेंट है कि मुझे पब्लिक आईपी
यूज़ ना करके एक पर्सनल कस्टमाइज्ड डोमेन नेम यूज़ करना है। जैसे कि my mexp.com। सो उसके लिए Azure प्लेटफार्म में हम लोग यूज़
कर सकते हैं aur डीएनएस ज़ोन जो कि एक मैनेज्ड डीएनएस होस्टिंग सर्विस है। ओके? एंड इस सेक्शन में यही हम लोग प्रैक्टिकल
करके देखेंगे। लेकिन उससे पहले हम लोग क्विकली समझ लेते हैं कि डीएनएस क्या होता है? डीएनएस सिंपली डोमेन नेम सिस्टम है जो
कि ह्यूमन रीडेबल डोमेन नेम जैसे कि एग्जांपल जो भी आपका डोमेन नेम है उसको मशीन रीडेबल IP एड्रेस में ट्रांसलेट करता
है। अब देखो आप जब भी ब्राउज़र से किसी वेबसाइट को एक्सेस करते हो यूजिंग द डोमेन जैसे कि my example.com तो ये जो
रिक्वेस्ट है सबसे पहले डीएनएस सर्वर पे जाती है। डीएनएस सर्वर पे मैपिंग होती है कि इस डोमेन के लिए कौन सी आईपी यहां पे
मैप होगी। इस मैपिंग को हम लोग रिकॉर्ड बोलते हैं। एंड यह डीएनएस सर्वर क्या करेगा? उसके बाद यह जो आपका डोमेन नेम है
इसके एसोसिएटेड या तो जो भी मैप्ड IPपी है वह रिटर्न कर देगा ब्राउज़र को एंड उसके बाद ब्राउज़र टारगेट करेगा उस आईपी पे जहां
पे आपके एक्चुअल वेबसाइट प्लेस्ड है सो दैट आप अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर पाओ। सो इस एग्जांपल में जो आप यह डीएनएस सर्वर
वाला जो पार्ट देख रहे हो जहां पे डोमेन नेम एंड IP की मैपिंग है वो पार्ट हम लोग एज डीएनएस ज़ोन के मदद से ठीक है अचीव करने
वाले हैं। सो प्रैक्टिकल प्रोसेस में जो सबसे पहला स्टेप रहेगा हमारा वो ये जो डोमेन नेम आप देख रहे हो वो रजिस्टर हमको
करना पड़ता है। तो चलिए सबसे पहले तो डोमेन रजिस्टर या तो डोमेन परचेस कर लेते हैं। इसके लिए
अलग-अलग प्लेटफार्म होते हैं। जैसे कि गोडी हो गया, होस्टिंगर हो गया। तो आप कोई भी यूज़ कर सकते हो। मैं पर्सनली यहां पे
होस्टिंगर यूज़ कर रहा हूं अभी के लिए। तो होस्टिंगर पे जाते हैं। एंड यहां पे आपको जो भी डोमेन आपकी एप्लीकेशन या तो वेबसाइट
के लिए बाय करना है या तो रखना है आपने ठीक है सोच के रखा होगा। तो वो यहां पे आप सर्च कर लो। अब जैसे कि मैं सर्च कर लेता
हूं लाइक हे बडी डेमो। और यह जो मैं डोमेन अभी परचेस कर रहा हूं वो सिर्फ टेस्टिंग पर्पस के लिए आपको शो करने के लिए इस
वीडियो पर्पस के लिए। मेरा एक टारगेट रहेगा कि मैं एक चीपेस्ट ऑप्शन वाला है। ठीक है? जो भी डोमेन पर अवेलेबल हो उसको
परचेस करूं। सो सिंपली आप सर्च करो। सो यहां पे देखो नीचे आपको बहुत अलग-अलग ऑप्शंस मिलेंगे। जैसे hebd demo.in.com
ठीक है? जो भी आपके पॉपुलर जो डोमेन नेम है वो मिल जाएंगे। लेकिन हर एक अलग-अलग टाइप के अलग-अलग प्राइिंग होती है। तो हम
लोग यहां पे चीपेस्ट कोई भी एक डोमेन नेम ठीक है? पहले सेलेक्ट कर लेते हैं। अब जैसे आपको यहां पे ₹1 दिख रहा होगा। लेकिन
यह 3 ईयर टर्म का प्लान है। सो आपको 3 इयर्स के बंडल में लेना पड़ेगा। सो मैं कोई और ऑप्शन देख लेता हूं। जैसे आप
देखोगे इसके अलावा ₹99 वाले ऑप्शंस हैं डॉट स्टोर डॉट ऑनलाइन सो हम लोग लेट्स से हे बडी डेमो डॉट ऑनलाइन यहां पे परचेस कर
लेते हैं। गेट इट कंटिन्यू विद डोमेन ओनली एंड यहां पे चेक आउट के टाइम आप देख सकते हो $1.41 मुझे पे करना है। तो मैं सिंपल
कंटिन्यू करके यहां पे पेमेंट कर देता हूं। यहां पेमेंट के भी अलग-अलग ऑप्शन है। जैसे कि कार्ड पेमेंट हो गया, PayPal हो
गया। मैं सिंपली जल्दी से कार्ड डिटेल्स पुट कर देता हूं। सो डोमेन परचेसिंग एंड रजिस्ट्रेशन हो गया कंप्लीट। एंड मेरे अब
होस्टिंगर के होम पेज पे आप देख सकते हो। हे बडी डेमो डॉट ऑनलाइन जो हमारी डोमेन है वह यहां पे मैं देख सकता हूं। एंड इसके
सामने मैनेज डोमेन एक बटन है। इस पे क्लिक करके मैं इसको मैनेज कर सकता हूं। अब देखोगे इसका स्टेटस जो है एक्टिव है। और
यह अगले साल 2027 तक यह एक्टिव रहेगी। एंड जो मैनेज डोमेन में जो एक ऑप्शन आपको नीचे दिखेगा डीएनएस नेम सर्वर्स का। इसको हम
सिंपली एडिट कर सकते हैं। एंड यहां पे जो नेम सर्वर्स है इसकी जगह हमको यहां पे प्लेस करना है एज डीएनएस के नेम सर्वर से।
ठीक है? रिप्लेस करना है। तो अभी देखो सिंपली समझो कि अभी तक हम लोगों ने क्या किया है? हम लोग ने एक अपना डोमेन रजिस्टर
किया है। सो दैट मींस अगर कोई भी यूजर अपने ब्राउज़र से उस डोमेन को एक्सेस करेगा। सो वो रिक्वेस्ट होस्टिंगर तक ही
आएगी। ठीक है? ठीक है? लेकिन होस्टिंगर को नहीं पता है कि उस रिक्वेस्ट के साथ क्या करना है। तो इसके लिए हम लोग चलते हैं
एजोर पोर्टल पे और वहां पे अपना डीएनएस ज़ोन क्रिएट कर लेते हैं। चलिए इसके बाद हम लोग क्रिएट करेंगे
डीएनएस ज़ोन इन एजोर पोर्टल। सिंपली आप सर्च कर लो डीएनएस ज़ोन। सो यहां पे ऑप्शन दिखेगा डीएनएस ज़ों्स का। सो करेंटली कोई
डीएनएस ज़ोन नहीं है। सिंपली क्रिएट पे क्लिक करेंगे। रिसोर्स ग्रुप्स ऑलरेडी मैंने क्रिएट किया है। वो मैं सेलेक्ट कर
लेता हूं। लाइक डीएनएच डेमो। आप चाहो तो क्रिएट कर सकते हो या तो डिफ़ॉल्ट के साथ चले जाओ। इट्स ओके। इसके बाद है डीएनएस
ज़ोन का नाम। सो सिंपली हम लोग क्या करेंगे? जो हम लोग ने डोमेन रजिस्टर किया है बडी डेमो डॉट ऑनलाइन। सो वही हम लोग
अपने ज़ोन का नाम रख लेंगे। ओके। इसके बाद है डीएनएस ज़ोन एडिटर में आप चाहो तो रिकॉर्ड्स ऑलरेडी क्रिएट कर सकते हो। बट
अभी के लिए हम लोग सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट पे जाके डीएनएस ज़ोन क्रिएट कर लेंगे। क्रिएट। सो, डिप्लॉयमेंट हो गया
कंप्लीट। इसके बाद हम लोग फिर से डीएनए ज़ोन पे जाएंगे। सो, यह रहा हमारा डीएनएस ज़ोन। इस पे क्लिक करेंगे। इसके बाद आपको
ओवरव्यू वाले सेक्शन में ही सामने ही नेम सर्वर्स यहां पर देखो डिफरेंट नेम सर्वर 1 2 3 4 दिखाई देंगे। तो ये जो चारों नेम
सर्वर्स की वैल्यू है हम लोग को पुट करना है जहां से भी आपने ठीक है डोमेन को रजिस्टर या तो परचेस किया है। सो इन माय
केस मैं जाता हूं होस्टिंगर में। ये रहा मेरा डोमेन इस पे क्लिक करूंगा। इसके बाद यह देखो डीएनएस नेम सर्वर की वैल्यूज़
सिंपली एडिट पे क्लिक करूंगा। चेंज नेम सर्वर्स चेंज्ड नेम सर्वर्स। इसमें जो एकिस्टिंग है उसको मैं रिप्लेस कर दूंगा
वह चारों वैल्यूस से जो हमको यहां पर दिखाई दे रही है। तो मैं वन बाय वन यहां पर कॉपी करके वहां पर पुट कर देता हूं।
एंड मेक श्योर कि जब आप कॉपी करते हो ना तो लास्ट में फुल स्टॉप ये तो डॉट दिखाई दे रहा है। आप उसको रिमूव कर देना।
सो इस तरह से मैंने Azure के चारों डीएनएस नेम सर्वर्स यहां पे एंटर कर दिए हैं। सिंपली मैं सेव करूंगा। सो यू कैन सी कि
जो हमारे डोमेन के लिए aur के नेम सर्वर्स हम लोग ने अपडेट कर लिए हैं। सो इस पॉइंट के बाद अगर कोई भी यूजर हमारी डोमेन को
ट्राई करता है ठीक है? एक्सेस करने का ब्राउज़र से तो वो रिक्वेस्ट सबसे पहले तो जाएगी होस्टिंगर के पास। एंड होस्टिंगर
उसको पास कर देगा एजोर के डीएनएस पे। ठीक है? क्योंकि हम लोग ने aur के जो नेम सर्वर है उस पे अपडेट कर दिया है। लेकिन
इस पॉइंट के बाद एजोर को नहीं पता है कि वो उस रिक्वेस्ट के साथ क्या करना है। इसके लिए हम लोग अपने डीएनएस ज़ोन में
रिकॉर्ड बनाएंगे। दैट मींस अपने डोमेन के साथ एक IP की मैपिंग करेंगे। लेकिन उसके लिए हमारे पास कोई एप्लीकेशन होनी चाहिए
रनिंग में। राइट? तभी तो हम उसको टारगेट कर पाएंगे। तो उसके लिए मैंने ऑलरेडी एक वर्चुअल मशीन पे एक सिंपल सी स्टैटिक
वेबसाइट होस्ट करके रखी है। वर्चुअल मशीन। वर्चुअल मशीन पर आ जाते हैं। सो एक डेमो ऐप नाम का एक वर्चुअल मशीन क्रिएट करिए।
एंड अगर आपको यह नहीं पता है कि वर्चुअल मशीन पे एक वेब सर्वर या तो वेबसाइट को कैसे होस्ट करना है तो आप इसी प्लेलिस्ट
में aur वर्चुअल मशीन पे एक डेडिकेटेड ठीक है सेक्शन आपको दिख जाएगा। आप प्लीज वो जरूर देख लेना। एंड इस वर्चुअल मशीन पे
वेब सर्वर की मदद से एक स्टैटिक वेबसाइट होस्ट करी है। उसको एक्सेस कैसे करेंगे? पहले तो मैं वो दिखा देता हूं। सिंपल यह
जो पब्लिक आईपी आप देख रहे हो इसको मैं कॉपी करूंगा। इसके बाद ब्राउज़र पे जाके HTTP कॉलन फॉरवर्ड स्लैश फॉरवर्ड स्लैश
एंड पब्लिक IPपी एंड सिंपली एंटर करूंगा। सो यह रही हमारी एक स्टैटिक सी वेबसाइट जो अभी इस पॉइंट तक हम लोग अपनी एक पब्लिक
आईपी की मदद से इसको एक्सेस कर पा रहे हैं। सो इसके बाद हम लोग एक डीएनएस रिकॉर्ड बनाएंगे जिसमें अपने डोमेन के साथ
इस पब्लिक आईपी की हम लोग मैपिंग करेंगे। इसके लिए हम लोग फिर से चलते हैं डीएनएस ज़ोन पे। एंड अपने डीएनएस ज़ोन पर मैं क्लिक
कर लेता हूं जो कि है बडी डेमो डॉट ऑनलाइन। इसमें रिकॉर्ड क्रिएट करने के लिए आप या तो देखो डायरेक्टली एक ऑप्शन है
रिकॉर्ड सेट या तो लेफ्ट साइड में भी देखोगे डीएनएस मैनेजमेंट के अंदर रिकॉर्ड सेट्स दिखाई दे रहा है। किसी भी एक ऑप्शन
से क्लिक कर लो। जैसे कि रिकॉर्ड सेट्स पे मैं क्लिक कर लेता हूं। सिंपली आप ऐड पे क्लिक करोगे। सबसे पहले तो आपको नाम देना
है और नाम में आप दे सकते हो एक सब डोमेन जैसे कि www आप दे सकते हो। लेकिन लेट्स से कि मुझे सिर्फ hbd डेमो डॉट ऑनलाइन
सिर्फ इतना ही सर्च करना है। सो इस केस में मैं यूज़ कर सकता हूं @। सो टाइप में हम लोग ए टाइप ही देंगे जिसका मतलब है
डोमेन नेम को एक IP में ट्रांसलेट करना। दैट्स इट। इसके बाद जो है टीटीएल जो वन सेट है इसको मैं 30 कर देता हूं। एंड इसके
बाद देखोगे कि इट इज़ आस्किंग फॉर द IP एड्रेस। सो जो अभी पब्लिक IPपी एड्रेस हम लोग एक्सेस कर रहे थे वही पब्लिक आईपी
एड्रेस मैं यहां पे पुट कर दूंगा। सो दैट्स इट। सो इतनी सी सिंपल सी मैपिंग है। सिंपली मैं ऐड करूंगा। सो हियर यू कैन सी
कि ए टाइप का एक रिकॉर्ड बन गया है जो कि पॉइंट कर रहा है हमारे पब्लिक आईपी ऑफ वर्चुअल मशीन जहां पे हमारी वेबसाइट
होस्टेड है। सो चलिए इसके बाद हम लोग अपनी डोमेन को ट्राई करते हैं एक्सेस करने का। सो ये रही हमारी डोमेन। इसको मैं कॉपी
करता हूं। एंड सिंपली हम लोग अभी के लिए तो http यूज करेंगे क्योंकि हम लोग ने कोई भी सर्टिफिकेट यहां पर यूज नहीं किए हैं।
सो http कॉलन फॉरवर्ड स्लश फॉरवर्ड स्लैश और हमारा डोमेन का नाम जो कि है bdy demo डॉट ऑनलाइन। सो यस यू कैन सी कि हम अपने
कस्टम डोमेन को यूज़ करके अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर पा रहे हैं। लेकिन अगर कोई यूजर मेरे डोमेन नेम के सामने मतलब स्टार्टिंग
में www यूज़ करेगा तो क्या हमारी वेबसाइट एक्सेसबल होगी? चलिए उसको ट्राई करके देखते हैं। तो ये डोमेन को मैं कॉपी कर
लेता हूं। सिंपली हे बडी के पहले www डॉट इस टाइप से मैं यूज़ कर लेता हूं और एक्सेस करने का कोशिश करता हूं। सो देखोगे दिस
साइट कैन नॉट बी रीच्ड। बट मेरी रिक्वायरमेंट है कि अगर कोई यूजर www स्टार्टिंग में लगाता है जैसे कि हम
Google पे भी ट्राई करते हैं तब भी यह वर्क करना चाहिए। तो हम लोग सिंपली क्या कर सकते हैं? एक और रिकॉर्ड क्रिएट कर
सकते हैं। सिंपली रिकॉर्ड सेट्स में जाके ऐड करेंगे और यहां पे आप सब डोमेन में www प्रोवाइड कर दो। ए टाइप का ही रिकॉर्ड
रहेगा। डिटेल में मैं 30 कर देता हूं। एंड इसके बाद हमको देना है IP एड्रेस। दैट्स इट। एंड इसके बाद सिंपली ऐड करेंगे। इसके
बाद फिर से मैं ब्राउज़र पे जाता हूं। देखोगे www.bdy demo. ऑनलाइन एंड सिंपली रिफ्रेश करता
हूं। सो यस यू कैन सी कि अब हमारी वेबसाइट www को यूज करने के बाद भी एक्सेसबल है। सो इस टाइप से आप मल्टीपल सब डोमेन भी ऐड
कर सकते हो जिसको यूज़ करके यूज़र्स आपकी वेबसाइट को एक्सेस कर सकें। चलिए अब बात करते हैं टाइप्स ऑफ
रिकॉर्ड्स। सो आप लोगों ने ये तो देख लिया कि रिकॉर्ड का मतलब क्या होता है? सिंपल एक मैपिंग काइंड ऑफ होती है। ठीक है? और
हम लोग ने ए टाइप का रिकॉर्ड बनाया था। क्या उसके अलावा भी कुछ रिकॉर्ड्स होते हैं? यस ऑफ कोर्स होते हैं। अब जैसे हम
लोग ने देखो ए टाइप ऑफ रिकॉर्ड बनाया था। इसका सिंपल मतलब है मैप डोमेन नेम टू IPV4 एड्रेस। सो डोमेन नेम से IP एड्रेस में
मैप तो करेगा लेकिन जो ए रिकॉर्ड होता है वो IPV4 वर्जन ठीक है? सपोर्टेड होता है। अगर मान लीजिए आप IPV6
वर्जन या तो फॉर्मेटिंग की IP यूज़ कर रहे हो तो उस केस में आपको डबल ए डबल ए रिकॉर्ड्स ठीक है? टाइप यूज़ करना पड़ेगा इस
टाइप से। इसके अलावा होता है सी नेम रिकॉर्ड जिसका मतलब होता है मैप्स अ डोमेन नेम टू अनदर डोमेन नेम। मतलब एक डोमेन से
दूसरे डोमेन पे या तो राउट करना है, डायवर्ट करना है, मैप करना है सिंपल तो उस केस में सी नेम यूज़ होता है। इसके बाद है
MX रिकॉर्ड मींस मेल एक्सचेंज। मतलब ये वाला जो रिकॉर्ड है ईमेल पर्पस के लिए यूज होता है और इसका सिंपल सा मतलब है कि जब
हम डोमेन परचेस करते हैं और उसमें ईमेल सर्विस लेट से इनेबल करी है। आपने कई बार नोटिस किया होगा जैसे ऑर्गेनाइजेशन की जो
ईमेल्स होती हैं वो कैसी रहती हैं यूजरनेम अ होगा कुछ तो जैसे कि पॉल हो गया @ example.com ठीक है? इस टाइप से ईमेल्स
होती है उनकी। सो उस केसेस में कौन से मेल सर्वर पे ठीक है? डायवर्ट करना है तो उसकी मैपिंग करते हैं हम यूजिंग द एमx रिकॉर्ड।
इसके अलावा भी कुछ रिकॉर्ड टाइप्स हैं। जैसे कि टीएक्सटी रिकॉर्ड। दैट मींस हमारे डोमेन में टेक्स्ट इंफॉर्मेशन हम स्टोर कर
सकते हैं फॉर वेरिफिकेशन एंड कॉन्फ़िगरेशन पर्पस। इसके बाद एनएस रिकॉर्ड हम लोगों ने ऑलरेडी देख लिए हैं। ये सिंपली ये शो करता
है कि जो हम लोग डीएनएस रिकॉर्ड्स बनाते हैं, उसको मैनेज कौन कर रहा है। ठीक है? तो हमारे केस में नेम सर्वर कौन था? एजोर
था। राइट? जो कि हमारे डीएनएस रिकॉर्ड्स को मैनेज कर रहा था। इसके अलावा एसआरवी रिकॉर्ड है जो नेटवर्क से रिलेटेड इनेशन
आपको प्रोवाइड करता है। जैसे कि सर्विस नेम, होस्ट नेम, पोर्ट एक्सट्रा। चलिए अब बात करते हैं प्राइवेट डीएनएस ज़ोन
क्या होता है? उसके पहले मैं आपको यह दिखा देता हूं जो अभी हम लोग ने एक डीएनएस ज़ोन क्रिएट किया था बडी डेमो डॉट ऑनलाइन। उसका
टाइप क्या था? पब्लिक डीएनएस ज़ोन। एंड इसका पर्पस भी हमको क्लियर है क्योंकि ये पब्लिकली एक्सेस करना था हमको इंटरनेट से।
तो ये तो हमको क्लियर है। लेकिन इसके अलावा भी एक टाइप होता है प्राइवेट डीएनएस ज़ोन। देखो ये लेफ्ट साइड में दिखेगा और
सिंपली आप सर्च भी करोगे ना डीएनएस ज़ोन ऐसे। सो यहां देखो ऑप्शन आपको दिखेगा प्राइवेट
डीएनएस ज़ोन का। तो कहां यूज़ करते हैं हम प्राइवेट डीएनएस ज़ोन? तो पहले तो आप ये चीज़ समझो। क्या हम जो रिसोर्सेज़ हैं या तो
सर्वर हैं सिर्फ पब्लिकली ही एक्सेस करते हैं? नहीं। राइट? अब जैसे एक एग्जांपल से समझते हैं। मान लीजिए आपकी एप्लीकेशन में
फ्रंट एंड एंड बैक एंड दो सर्वर्स हैं। अब फ्रंट एंड में जो एप्लीकेशन है कोई भी वो बैक एंड सर्विस को कैसे एक्सेस करेगी? सो
नॉर्मल केस में तो वो बैक एंड सर्वर की आईपी यूज़ करेगा। ठीक है? एक्सेस करने के लिए और हम लोग अस्यूम कर रहे हैं कि ये जो
दोनों सर्वर्स हैं या तो जो डिफरेंट सर्विसेज हैं आपकी एप्लीकेशन के वो विद इन अ वर्चुअल नेटवर्क है। ओके? सो ये जो भी
मल्टीपल रिसोर्सेज हैं विद इन अ वर्चुअल नेटवर्क। इनकी आपस में एक्सेसिबिलिटी हम लोग ईज़ बना सकते हैं यूज़िंग द एजोर
प्राइवेट डीएनएस ज़ोन। सो, यह जो एज्योर प्राइवेट डीएनएस ज़ोन हम क्रिएट करते हैं ना, वह लिंक होता है हमारे वर्चुअल
नेटवर्क से। सो, इस वर्चुअल नेटवर्क के अंदर जितने भी रिसोर्सेज़ रहेंगे जैसे हमारे केस में फ्रंट एंड है, बैक एंड है,
तो वो आपस में जो भी डोमेन नेम है, उसको रेज़ॉल्व कर पाएंगे यूजिंग दिस प्राइवेट डीएनएस ज़ोन। सिंपल। जैसे इसी केस में देखो
ये जो हमारे फ्रंट एंड से अगर बैक एंड को ठीक है? एक्सेस करना है, तो अभी इसके बाद हम लोग सिंपली क्या यूज़ कर सकते हैं?
apiya app internal रेदर देन उसकी IP ठीक है तो ये हमारा एक यूज़ केस हो सकता है। अब जैसे देखो यहां पे प्राइवेट डीएनएस ज़ोन
है। सिंपली मैं क्रिएट करता हूं। सो यहां पे सिंपली हम लोग ने नाम दे दिया माय app डॉट
माय app डॉट internal एंड इसमें आपको एक एडिशनल ऑप्शन मिलेगा। देखोगे वर्चुअल नेटवर्क लिंक क्योंकि यह लिंक होता है
वर्चुअल नेटवर्क से। राइट? क्योंकि एक नेटवर्क के अंदर ही यह काम करेगा प्राइवेटली। इसी इसीलिए इसका नाम है
प्राइवेट डीएनएस ज़ोन। तो आप देखोगे ऐड वर्चुअल नेटवर्क आप क्लिक करके यहां पे वर्चुअल नेटवर्क अपना सेलेक्ट कर सकते हो
जिस भी VNT में वर्चुअल नेटवर्क में आपके एप्लीकेशन ठीक है डिप्लॉयड है एंड उसके बाद का जो प्रोसेस है वो तो सिंपल है राइट
आप सिंपली रिकॉर्ड्स क्रिएट करोगे उसका सब डोमेन नाम दे सकते हो जैसे कि अभी तो था my appl इसके बाद मल्टीपल सर्वेज़ या तो
सर्वर्स के लिए आप अलग-अलग सब डोमेन यूज़ कर सकते हो जैसे APIM appl ओके एंड उसको मैप कर सकते हो एक वर्चुअल मशीन की IP से
चलिए अब परफॉर्मेंस से रिलेटेड कुछ बात कर लेते हैं। मान लीजिए जो आपने एप्लीकेशन या तो वेबसाइट बनाई है आपको ग्लोबली सर्व
करनी है कि मतलब इंटरनेशनलली या तो दूसरे कंट्रीज से भी आपकी वेबसाइट एक्सेसबल हो एंड आपकी सर्विसेस यूज़ कर सकें। लेकिन
वहां पे एक चैलेंज क्या है कि मुझे ग्लोबली सर्व तो करना है अपनी वेबसाइट बट लो लेटेंसी के साथ। दैट मींस वहां पे
परफॉर्मेंस हो गया, स्पीड हो गई, रिस्पांस टाइम हो गया आपके वेबसाइट का। वो कॉम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए। लेकिन ये
सॉल्व कैसे करेंगे? अब मान लीजिए आपने एक वेबसाइट क्रिएट करी और आपने एक सिंगल सर्वर पे उसको डिप्लॉय कर दिया या तो
मल्टीपल वे में भी किया है लेकिन वो एक ही रीजन या तो लोकेशन पे प्रेजेंट है। मान लीजिए आपकी वेबसाइट प्रेजेंट है एशिया
में। तो अगर इंडियन यूजर आपकी वेबसाइट को एक्सेस करेंगे तो उनको तो फास्ट रिस्पांस मिलेगा। लेकिन अगर कोई यूजर यूरोप से या
तो यूएस से आपकी वेबसाइट एक्सेस करेगा तो उसको शायद रिस्पांस टाइम स्लो दिखे। आपकी वेबसाइट स्लो फील हो। राइट? तो इसको आप
सॉल्व कैसे कर सकते हो? सिंपली आप क्या कर सकते हो इस केस में? आप जो अपनी वेबसाइट है उसको अलग-अलग रीजन में डिप्लॉय कर दो।
ठीक है? लेट्स से इन यूरोप में, एशिया में, यूएस में एक्सट्रा। बट नाउ द क्वेश्चन इज़ ये जो राउटिंग है वो डिसाइड
कौन करेगा या तो कंट्रोल कौन करेगा? इसको कैसे पता चलेगा कि भाई यह जो रिक्वेस्ट आ रही है वेबसाइट की वह यूरोप से आ रही है
और इसी यूरोप वाले सर्वर पे ठीक है आपको राउट करना है या तो डायरेक्ट करना है उसके लिए हम लोग यूज़ कर सकते हैं ट्रैफिक
मैनेजर प्रोफाइल वो कैसे करेंगे चलिए देखते हैं। सो, आप सिंपली Aur पोर्टल पे जाओ और ठीक है? डीएनएस ज़ोन पे क्लिक कर
लो। और यह है हमारा पब्लिक डीएनएस ज़ोन। ठीक है? आप देख सकते हो। और लेफ्ट साइड में डीएनएस के अंदर देखो मल्टीपल ऑप्शन
है। इसमें एक ऑप्शन दिखेगा ट्रैफिक मैनेजर्स। ठीक है? तो इस पे आप क्लिक कर लो। और इस पे हम लोग सिंपली एक क्रिएट कर
लेंगे। रिसोर्स ग्रुप जो अभी हम लोगों ने क्रिएट किया था वो मैं सेलेक्ट कर लेता हूं। जो कि आरजी डीएनएच डेमो। और इस
प्रोफाइल का एक नाम दे देता हूं। जैसे कि माय एप टीएमपी ट्रैफिक मैनेजर प्रोफाइल। एंड इसके बाद देखो यहां पर मल्टीपल ऑप्शन
दिखेंगे कि राउटिंग का मेथड किसके बेसिस पे होना चाहिए। मींस देखो मल्टीपल सर्वर्स हैं, मल्टीपल रीजन है बट यह जो अलग-अलग
राउटिंग है अलग-अलग लोकेशन पे किसके बेसिस पे करनी है? सो यहां पे देखोगे बहुत सारे ऑप्शन हैं। परफॉर्मेंस है, वेटेड है,
प्रायोरिटी है, जियोग्राफिक है एटसेट्रा। सो हमारे लिए सबसे इंपॉर्टेंट क्या है? परफॉर्मेंस तो अभी हम लोग परफॉर्मेंस
करेंगे। ठीक है? सो सिंपल है वो नेटवर्किंग लेवल पे ठीक है? वो डिसाइड करेगा कि परफॉर्मेंस कहां पे ज्यादा बेटर
मिलेगी। उसके अकॉर्डिंग राउटिंग कर देगा वो स्मार्टनेस के साथ। इसके बाद है रिकॉर्ड टाइप। दैट मींस जैसे कि देखो
हमारे केस में यहां पे मल्टीपल सर्वर्स हैं। तो इनको एक्सेस कैसे करना है? ठीक है? वहां तक पहुंचना कैसे है? तो लेट्स से
अगर पब्लिक आईपी है। सो हम लोग क्या है रिकॉर्ड टाइप ए कर सकते हैं। लेकिन हम रिकॉर्ड टाइप ए नहीं करके हम लोग यहां पे
सी नेम करेंगे। और इसका रीज़न आपको अभी ठीक है? पता चल जाएगा। सिंपल रिव्यू एंड क्रिएट एंड क्रिएट कर लेंगे। क्रिएट। एंड
सी नेम रिकॉर्ड टाइप का आपको मतलब तो पता ही है कि डोमेन टू डोमेन। ठीक है? अह जो मैपिंग होगी वह। सो, डिप्लॉयमेंट हो गया
कंप्लीट। इसके बाद फिर से डीएनएस ज़ोन पे जाऊंगा मैं। लेफ्ट साइड में देखोगे डीएनएस के अंदर ट्रैफिक मैनेजर्स। सो, यह हमारा
जो ट्रैफिक मैनेजर एक प्रोफाइल है, वो क्रिएट हो गया है। इस पे मैं क्लिक करूंगा। एंड लेफ्ट साइड में आप देखोगे
सेटिंग्स के अंदर एक ऑप्शन आपको दिखेगा एंड पॉइंट्स। सो, एंड पॉइंट्स मींस यहां पे आप जो भी सर्वर्स जो भी मल्टीपल
सर्वर्स है उस पे राउट करना चाहते हो जैसे कि ग्लोबली है तो अलग-अलग रीजंस में है। सो आप वहां ऐड कर सकते हो। सिंपली ऐड पे
मैं क्लिक करूंगा। एज्योर का ही एंड पॉइंट है। नेम हम लोग यहां पे दे देते हैं। लेट्स से माय ऐप एशिया। तो इस एंड पॉइंट
से हम लोग जो एशिया में जो वर्चुअल सर्वर है उस पे हम लोग टारगेट या तो राउट करेंगे। टारगेट रिसोर्स टाइप कि मतलब अपने
रिसोर्स को किस तरीके से आपको एक्सेस करना है। तो हम लोग सिंपली यहां पे सेलेक्ट कर लेंगे पब्लिक IPपी एड्रेस। टारगेट रिसोर्स
में आपका वैसे तो पब्लिक IP आना चाहिए। राइट? अपने वर्चुअल मशीन का वो नहीं आ रहा है। तो इसके लिए हम लोग क्या करेंगे? मैं
राइट साइड में मैंने Azure पोर्टल पे गया हूं। तो सिंपली मैं यहां पे पब्लिक IP ओपन कर लेता हूं। पब्लिक IPपी एड्रेस। सो
हमारी वर्चुअल मशीन का पब्लिक आईपी है। सो वो यहां पे आना चाहिए। राइट? जैसे कि देखो कि डेमो ऐप की एक पब्लिक IP जो अभी हम लोग
यूज़ कर रहे थे। सो, यह हमारी वर्चुअल मशीन की आईपी है। पब्लिक आईपी। सो, इसमें आपको सिंपली क्या करना है? लेफ्ट साइड में जाओ
सेटिंग्स एंड इसमें कॉन्फ़िगरेशन। एंड ये देखो ये डीएनएस नेम लेबल। इसमें आपको एक नाम प्रोवाइड करना है। तो, आपका एक डीएनएस
लेबल बन जाएगा। अह लेट्स से इसका नाम दे देता हूं वीएम एशिया
टीएम ओके ट्रैफिक मैनेजर सिंपली इसको अप्लाई करता हूं। फिर से मैं आ जाता हूं ऐड एंड पॉइंट में और इसके बाद मैं फिर से
ट्राई करता हूं। तो अभी तो नहीं दिख रहा। मैं सिंपली क्लोज़ करके फिर से ऐड करता हूं। एंड देखो टारगेट रिसोर्स टाइप में
अगर मैं पब्लिक आईपी सेलेक्ट करके टारगेट रिसोर्स मैं करता हूं ना। सो आप देखोगे डेमो एप आईपी। अब मुझे अपनी जो पब्लिक
आईपी है वो सेलेक्ट करने का ऑप्शन दिखाई दे रहा है। और जो इसका नाम है वह दे देते हैं हम माय ऐप एशिया। इसके बाद एक ऑप्शन
है हेल्थ चेक का भी सो दैट कि अगर आपका जो सर्वर है वो हेल्दी स्टेट में है तभी आपका जो मतलब जो ट्रैफिक है वहां तक जाएगा। या
तो इसके अलावा एक और ऑप्शन है ऑलवेज सर्व ट्रैफिक। मींस वो हेल्दी हो या ना हो ठीक है सर्व करो। तो इससे बेटर है कि इनेबल हम
कर देते हैं। सो दैट भले ही हमारी जो वेबसाइट है थोड़ी स्लो हो लेकिन सर्व होना चाहिए। वह ज्यादाेंट है। सिंपली ऐड
करेंगे। सक्सेसफुली यहां पे जो हमारा एंड पॉइंट है वो ऐड हो चुका है। एंड अभी आपको शायद समझ में आया होगा वहां पे हम लोगों
ने सी नेम रिकॉर्ड टाइप क्यों यूज़ किया था। सो दैट हम लोग डोमेन टू डोमेन की मैपिंग कर सकें। अब देखो ये ट्रैफिक
मैनेजर प्रोफाइल हमारी क्रिएट हो गई। एंड पॉइंट क्रिएट हो गया। लेकिन लेकिन हमारा जो डीएनएस ज़ोन जो पब्लिक डीएनएस ज़ोन
क्रिएट किया था वो उसको कैसे पता चलेगा इस पे राउट करना है? तो इसके लिए हम लोग क्या करेंगे? डीएनएस ज़ोन पे जाते हैं। वैसे
देखो अभी जो हम लोग ने एक एंड पॉइंट ऐड किया वैसे ही आप मल्टीपल एंड पॉइंट्स ठीक है वहां पे ऐड कर सकते हो। इसके बाद आ
जाते हैं हम पब्लिक डीएनएस ज़ोन पे। मैं इस पे क्लिक करता हूं। रिकॉर्ड सेट्स पे जाएंगे। सिंपली मैं ऐड करूंगा। लेट्स से
इसका सब डोमेन अभी के लिए मैं दे देता हूं टीएमपी। ठीक है? और इसका टाइप इस बार होगा हमारा सी नेम। एंड इसमें आपको एक ऑप्शन
दिख रहा है इनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट। ओके, सो, हमको इनेबल करना है। सब्सक्रिप्शन हम लोग ने ऐड कर लिया है। जो मैनेजर प्रोफाइल
इट इज़ सेइंग कि उसको सेलेक्ट कर लो। सो, हम लोग यहां पे देखो माय एप जो TMP हम लोगों ने क्रिएट करी थी, उसको मैंने क्लिक
कर लिया और सिंपली मैं ऐड कर दूंगा। ओके? सो, यू कैन सी कि हमारा यह जो सी नेम टाइप का रिकॉर्ड बन गया है जो कि टारगेट किसको
कर रहा है? ट्रैफिक मैनेजर प्रोफाइल को। अब हम लोग ना अपने वेबसाइट को एक्सेस करने का ट्राई करते हैं। एंड सिंपली मैं
ब्राउज़र पे एक्सेस कर रहा हूं HTTP। उसके बाद tmp.bd demo.in एक्सेस करूंगा। सो यस यू कैन सी
कि हमारी वेबसाइट अभी भी एक्सेसिबल है। लेकिन यह एक्सेसबल कहां से हो रही है? यूजिंग द ट्रैफिक मैनेजर।
चलिए अब बात कर लेते हैं यूज़ केसेस ऑफ़ एचजीओ डीएनएस ज़ोन। वैसे तो काफी चीजें हम लोग ने प्रैक्टिकल करके देख ली हैं, समझ
ली हैं। बट उसको समराइज़ कर लेते हैं। और इसके अलावा भी कुछ चीजें हैं तो वो भी डिस्कस कर लेते हैं। होस्टिंग वेबसाइट।
देखो मैनेज डोमेन नेम्स एंड रिज़ॉल्व देम टू वेब एप्लीकेशन। तो हमारी एप्लीकेशन के लिए अगर कोई कस्टम डोमेन कॉन्फ़िगर करना है
वो कैसे करते हैं? वो देख लिया हम लोग ने। वहां पे इस केस में मतलब इस प्रोसेस में जो एजोर डीएनएस ज़ोन है, उसका रोल क्या
होता है? सिंपल हम लोग ज़ोन क्रिएट करते हैं एंड उसमें अपने डीएनएस रिकॉर्ड्स हम लोग मैनेज करते हैं। और वो Azure
प्लेटफार्म पे होता है। बेसिकली सिंपल सा एग्जांपल यही है। ऑलदो आप डोमेन कहीं से भी रजिस्टर करो। आपका जो नेम सर्वर है
सिर्फ आपको वही अपडेट करना रहता है। मतलब आप सिंपली Azure के नेम सर्वर या तो डीएनएस सर्वर पे ठीक है पॉइंट कर रहे हो।
इसके अलावा पब्लिक डीएनएस ज़ोन के अलावा प्राइवेट डीएनएस ज़ोन आप क्रिएट कर सकते हो। सो प्राइवेट आपके नेटवर्क में जो भी
रिसोर्सेज हैं आप उनको एक डोमेन नेम को यूज़ करके एक्सेस कर सकते हो। सो एक वो यूज़ केस था। इसके अलावा अगर आपको अपने
एप्लीकेशन को ग्लोबली रिप्रेजेंट करना है, सर्व करना है। इन दैट केस आप मल्टीपल ऑप्शंस या तो मल्टीपल ठीक है? अह राउटिंग
ऑप्शंस यूज़ कर सकते हो जो हम लोगों ने यूज़ किया था ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रोफाइल के मदद से। अब जैसे कि यहां पे देखोगे
ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूशन मतलब ट्रैफिक का जो डिस्ट्रीब्यूशन है या तो राउटिंग है वो किसके बेसिस पे होगी? जैसे वेटेड हो गया,
परफॉर्मेंस बेस्ड राउटिंग हो गई। वो हम लोगों ने डिफरेंट वहां पे ऑप्शंस भी देखते देखे हुए थे। राइट? टाइप्स ऑफ रिकॉर्ड
कौन-कौन से सपोर्टेड हैं? हम लोगों ने सी नेम एंड ए टाइप ऑफ रिकॉर्ड दोनों ही के एग्जांपल देख लिए थे। इसके अलावा है
डिजास्टर रिकवरी। सो जो हम लोगों ने ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रोफाइल बनाई थी, वहां पे हम लोगों ने हेल्थ चेक भी किया था।
राइट कि जो भी हेल्दी सर्वर्स हैं इंस्टेंसेस हैं आपके उसी पे आपका जो ट्रैफिक है वह राउट होगा। सो वो हमको उसकी
भी फैसिलिटी मिल जाती है। मल्टी रीजनल डिप्लॉयमेंट्स राउट यूजर टू एप्रोप्रियट रीजनल एंड पॉइंट्स टू इंप्रूव परफॉर्मेंस
एंड रिड्यूस नेटवर्क लेटेंसी। तो ये एग्जांपल और यूज़ केस भी हम लोगों ने कवर किया था। सो दैट्स ऑल अबाउट दिस सेक्शन।
एंड जैसे कि हम हर सेक्शन में करते हैं। अपना जो भी रिसोर्स क्रिएट किया है इस सेक्शन में वो प्लीज आप डिस्ट्रॉय कर
देना। ऑलराइट इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे एजोर स्टैटिक वेब ऐप सर्विस के बारे में।
एंड इसकी शुरुआत ही करते हैं एक यूज़ केस के साथ। सपोज मेरे पास एक रिएक्ट बेस्ड वेब एप्लीकेशन है एंड उसका कोड गेट hub पे
प्रेजेंट है। अब इसके बाद देखो इस कोड को या तो मेरी एप्लीकेशन को प्रोडक्शन में डिप्लॉय करना है मतलब प्रोडक्शन तक ले
जाना है तो उसके बीच में काफी सारे चैलेंजेस होते हैं। जैसे इस एप्लीकेशन को बिल्ड एंड डिप्लॉय कैसे करें? उसके लिए
हमको सर्वर भी चाहिए एंड उसको एंड अगर एक बार जब सर्वर आ जाता है तो सर्वर को भी मैनेज करो। तो बिल्ड हो गया, डिप्लॉय हो
गया। इसके बाद लेट्स से हमारे एप्लीकेशन में कुछ ना कुछ चेंजेस होते रहेंगे। राइट? अपडेट होते रहेंगे। तो बार-बार हम कैसे
डिप्लॉय करेंगे? लेट्स से मुझे सीआईसीडी कॉन्फ़िगर करना है सेटअप करना। सो दैट ये प्रोसेस ऑटोमेट हो सके। इसके बाद भी एंड
नहीं हुआ है। ठीक है? होस्ट हो गया, डिप्लॉय हो गया, सीआईसीडी हो गया, ऑटोमेट कर दिया। इसके बाद कस्टम डोमेन हो गया,
एसएसएल हो गया, https हो गया। ठीक है? ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन हो गया। एंड देयर आर सो मेनी थिंग्स। राइट? सो ये सारी
चीजों को इजी करने के लिए आप यूज कर सकते हो aur स्टैटिक वेब ऐप जो कि एक फुल्ली मैनेज्ड aur सर्विस है फॉर होस्टिंग एंड
डिप्लॉय मॉडर्न वेब एप्लीकेशन। सो सबसे पहली चीज क्या हो गया? यह मैनेज्ड सर्विस है। दैट मींस आपको कोई भी सर्वर या तो
इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेज करने की जरूरत नहीं है। दूसरी चीज जो भी मॉडर्न वेब एप्लीकेशन टैक्स हैं लाइक रिएक्ट एंगुलर यह सपोर्ट
इट करता है। इसके बाद यह डायरेक्टली जो भी आपके एप्लीकेशन का कोड है। सो इन रियल लाइफ सिनेरियो आल्सो आपके प्रोजेक्ट का जो
कोड है वो किसी रेपो में होता है। राइट लाइक GitHub या तो एजo डेवोप्स एक्सट्रा। सो वहां से ही आपका कोड पिक कर लेगा। इसके
बाद ऑटोमेटिकली बेस्ड ऑन कि वह रिएक्ट में बना है या तो एंगुलर में बना है। वह ऑटोमेटिकली बिल्ड भी कर देगा। इसके बाद
बिल्ट इन सीआईसीडी भी मिल जाता है। दैट मींस कंटीन्यूअस इंटीग्रेशन एंड कंटीन्यूअस डिप्लॉयमेंट। इसका सिंपल मतलब
यह है कि जैसे ही आपके कोड में प्रोजेक्ट में चेंजेस होते हैं। यह ऑटोमेटिकली बिल्ड एंड डिप्लॉय का प्रोसेस स्टार्ट कर देगा।
बिल्ड मतलब कर भी देगा। इसके बाद एसएसएल सर्टिफिकेट हो गया, एचटीटीपीएस हो गया, कस्टम डोमेन कॉन्फ़िगर होना, वह भी हो
जाएगा। इसमें ग्लोबली अगर डिस्ट्रीब्यूट करना है, वह भी यह सपोर्ट करता है। ऑलदो यहां पे एक नोट है कि यह जो सर्विस है,
मोस्टली फ्रंट एंड के लिए यूज़ होती है। अगर बैक एंड है, तो उसके लिए आप यहां पे एजोर फंक्शन इंटीग्रेट कर सकते हो एंड सो
ऑन। तो, इस सेक्शन में इसी का एक प्रैक्टिकल देखेंगे। एंड यह जो मेरे पास एप्लीकेशन है जो गेट पे प्रेजेंट है, वो
मैं यूज़ करने वाला हूं। एंड लेट्स से आपके पास एप्लीकेशन नहीं भी है। सिंपली चैट GPT पे जाओ। एक सिंपल सा प्र्ट दो कि एक
स्टैटिक्स सी या तो सिंपल सी वेबसाइट ठीक है डेवलप कर दें या गेट हब पे अकाउंट बना लो और यहां पे एक रैपो क्रिएट करके ठीक है
अपनी जो फाइल से अपलोड कर दो इतना ही करना है दैट्स इट ठीक है चलिए स्टार्ट करते हैं सो हमारी एप्लीकेशन तो रेडी है गेट hub पे
इसके बाद डायरेक्टली एज्योर पोर्टल पे जाएंगे और यहां पे स्टैटिक वेब ऐप ठीक है देखोगे स्टैटिक वेब ऐप तो ये देखो ये वाला
एप्लीकेशन मतलब सर्विस इसके बाद सिंपली क्रिएट एंड बहुत मिनि डिटेल्स यहां पे हमको प्रोवाइड करनी होती है देखो रीजन
यहां पे कोई रीजन स्पेसिफिक नहीं है। इट इज़ ग्लोबली प्रेजेंट। सो अपने एप्लीकेशन का नाम मैं दे देता हूं रिएक्ट डेमो ऐप।
इसके बाद है होस्टिंग प्लान। इसमें दो ऑप्शन है। एक तो फ्री है एंड स्टैंडर्ड है। फ्री मतलब यहां पे देखो फॉर हॉबी,
टेस्टिंग पर्पस या तो पर्सनल प्रोजेक्ट के लिए आपको अगर यूज़ करना है लेट्स से अगर कॉलेज वगैरह में प्रोजेक्ट बना रहे हो तो
ठीक है? उस केस में ये यूज़ कर सकते हो फ्री वाला। नहीं तो आप स्टैंडर्ड यूज़ करो फॉर द प्रोडक्शन पर्पस। ठीक है? इसके बाद
है डिप्लॉयमेंट डिटेल्स। दैट मींस आपके जो प्रोजेक्ट का कोड कहां है? सो हमारे केस में गेट है। ठीक है? और गेट का अकाउंट
यहां पे ऑलरेडी मेरा लॉक्ड इन है। तो यहां पे रिकॉग्नाइज कर रहा है। अदरवाइज आप सिंपली लॉग इन कर लो। ठीक है? और आपको
रीडायरेक्ट कर देगा और आपको सिर्फ ऑथोराइज़ करना पड़ता है। इसके बाद देखो यहां पे मेरे गेटब में लॉग इन हो गया ना? इसके बाद
देखो इस टाइप से मिलेगा ऑर्गेनाइजेशन। तो ये जो भी आपका यूजरनेम है या तो ऑर्गेनाइजेशन क्रिएट किया वो। एंड इसके
बाद आपको कौन सी rapो सेलेक्ट करना है। मींस कौन सी रेपो में आपका जो प्रोजेक्ट है वो प्रेजेंट है। सो आप देखोगे मेरे केस
में रेपो का क्या नाम है? रिएक्ट स्टैटिक वेब एप डेमो। सो आप देखोगे यहां पे ऑप्शन दिखेगा रिएक्ट स्टैटिक वेब एप डेमो। ओके?
दैट्स इट। कौन सी ब्रांच है? अगर मल्टीपल ब्रांच है तो इट्स फाइन। अदरवाइज़ मेन ब्रांच। अब आप देखोगे कि मैंने सिर्फ रेपो
यहां पे सेलेक्ट करी। इसने ऑटो रिकॉग्नाइज़ कर लिया कि जो मेरा एप्लीकेशन है वो रिएक्ट बेस्ड है। ओके? इसके बाद ऐप की
लोकेशन। ठीक है? तो करंट डायरेक्टरी है। अगर आपकी कोई स्पेसिफिक है तो चेंज कर सकते हो। इसके बाद है आउटपुट लोकेशन। सो
मेरे केस में आई विल चेंज इट चेंज फ्रॉम बिल्ड टू डिश ओके सो आई मीन जो भी रिक्वायर्ड मतलब जो रहता है ठीक है आप वो
यहां पे कर लो यूज़ एंड दैट्स ऑल एंड सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट सो वैलिडेशन के बाद सिंपली क्रिएट पे क्लिक कर लेंगे ओके
सो विद इन फ्यू सेकंड्स ये डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट इसके बाद हम लोग फिर से स्टैटिक वेब एप्स में चले जाते हैं। सो आप
देखोगे रिएक्ट डेमो ऐप क्रिएट हो गया है। इसको मैं क्लिक करूंगा एंड अपनी एप्लीकेशन को एक्सेस कैसे कर सकते हैं? अब आप देखोगे
उसके लिए यूआरएल यहां पे आपको दिखाई देगा। लेकिन इससे पहले आप क्या करो यहां पे थोड़े नीचे आप जाओगे सो आप देख सकते हो व्यू योर
एप्लीकेशन सो यू विल सी कि एनवायरमेंट प्रोडक्शन है लेकिन जो स्टेटस है आपकी एप्लीकेशन है वो क्या है वेटिंग फॉर
डिप्लॉयमेंट दैट मींस अभी डिप्लॉयमेंट मतलब ये अपना जो पूरा स्ट्रक्चर है यूआरएल है सर्वर है वो तो हो गया है लेकिन अभी
डिप्लॉयमेंट चल रहा है ओके और सिंपली अगर मैं डोमेन पे अभी क्लिक करता हूं कांग्रेचुलेशन ऑन योर न्यू साइट एंड योर
साइट विल बी रेडी सून ठीक है अ सो थोड़ी देर के बाद हम रिफ्रेश करके यहां पे चेक भी कर सकते हैं। ओके? सो आप देखोगे कि
जैसे ही मैंने रिफ्रेश किया तो यहां पे स्टेटस हो गया रेडी। एंड मैं सिंपली इसके बाद विजिट योर साइट या तो ये जो हमारा
डोमेन यूआरएल जो प्रेजेंट है इस पे मैं क्लिक करता हूं। सो आप देखोगे ये जो हमारी एप्लीकेशन है वो यहां पे एक्सेसबल है। एंड
वेरी इंटरेस्टिंग थिंग आप देखोगे इसको एक यूआरएल भी मिल गया है। एंड वो भी सिक्यर्ड। ओके? सो https यहां पे देखोगे
कॉन्फ़िगरर्ड है। एंड इसी पेज में नीचे आप देखोगे मल्टीपल आपको ऑप्शंस दिख जाएंगे। प्रोडक्शन रेडी आपके करने के लिए अपनी
एप्लीकेशन को जैसे कि ऐड अ कस्टम डोमेन अगर आपको खुद का कस्टम डोमेन ऐड करना है तो वह भी कर सकते हो। ओके तो चलिए यहां पे
कस्टम डोमेन ऐड करते हैं अपनी एप्लीकेशन के लिए। सबसे पहले तो हमारे पास एक कस्टम खुद का डोमेन होना चाहिए। तो मैंने देखो
होस्टिंग से एक सिंपल सा डोमेन मैंने यहां पे बाय कर लिया है। हे बडी डेमो डॉट ऑनलाइन। इसका स्टेटस देखोगे एक्टिव है।
इसके बाद मैं जाता हूं एजोर पोर्टल पे और यहां पे एजोर डीएनएस zone यहां पे क्रिएट कर लूंगा मैं। डीएनएस ज़ोन पे जाऊंगा
क्रिएट। इसके बाद डीएनएस ज़ोन का सिर्फ नाम देना है। तो जो भी मैंने डोमेन परचेस किया है ना मैं वो यहां पे दे देता हूं। हे बडी
डेमो डॉट ऑनलाइन। दैट्स इट। रिव्यू एंड क्रिएट। सो यहां डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। दैट मींस हमारा डीएनएस ज़ोन हो
गया है क्रिएटेड। सो डीएनएस ज़ोन पे मैं फिर से जाऊंगा। सो ये रहा हमारा डीएनएस ज़ोन। इस पे मैं क्लिक करूंगा। इसके बाद
हमको सिंपल सा एक टास्क करना है। नेम सर्वर की जो वैल्यू्यूज देख रहे हो वो आपको अपडेट करना है। जिस भी प्लेटफार्म से
आपने ठीक है डोमेन रजिस्टर किया है। जैसे कि मैं होस्टिंगर पे जाता हूं। ये मेरा डोमेन है। इसमें मैं सिंपली मैनेज पे
जाऊंगा और यहां देखोगे नेम सर्वर आपको दिखाई दे रहा है। सिंपली मैं एडिट कर लूंगा और चेंज नेम सर्वर। सो मेरे केस में
देखोगे ऑलरेडी अपडेटेड है। तो आई विल कीप ए डिफॉल्ट। इसके बाद हम लोग स्टैटिक वेब एप में फिर से आ जाएंगे। ठीक है? यहां पे
देखोगे सिंपली ओवरव्यू में ही नीचे आएंगे तो कस्टम डोमेन का आपको ऑप्शन मिल जाएगा। रहेगा ऐड अ कस्टम डोमेन सिंपली क्लिक
करेंगे तो ये देखो जो ऑलरेडी अभी हम लोग यूज़ कर रहे हैं वो प्रेजेंट है लेकिन सिंपली हम लोग ऐड कर सकते हैं अलग-अलग
ऑप्शन है इसमें भी कि एजओ डीएनएस से करना है या तो अदर डीएनएस से तो हम अभी हमारे केस में एजो डीएनएस हम लोगों ने क्रिएट
किया था वो तो डीएनएस ज़ोन सो अभी देखो जो क्रिएट किया हम लोगों ने हेबडी डेमो डॉट ऑनलाइन इसके बाद है सब डोमेन अगर ऐड करना
है वो भी ऑप्शनल है तो हम लोग सिंपली ऐड कर लेंगे एंड सिर्फ इतना ही करना है इसके बाद जो डीएनएस ज़ोन में जो डीएनएस रिकॉर्ड
क्रिएट करना है वैलिडेशन है ऑथराइजेशन हैं वो सारा प्रोसेस यह खुद से कर लेता है। ठीक है? सो, हमको उसके बारे में सोचने की
जरूरत नहीं है। सो, अभी के लिए मैं यहां पे क्लज़ कर देता हूं। इसमें थोड़ा सा टाइम लगता है। कुछ मिनट्स लगते हैं ऑथराइजेशन
पर्पस के लिए कि यह जो डोमेन आपने रजिस्टर मतलब आपने यह जो कॉन्फ़िगर कर रहे हो, वो डोमेन आपका ही है क्या? यानी कस्टम डोमेन
सक्सेसफुली, ठीक है? कॉन्फ़िगर हुई है कि नहीं, वो भी आप देख सकते हो। हो लेफ्ट साइड में देखोगे सेटिंग्स के अंदर कस्टम
डोमेन का ऑप्शन है कस्टम डोमेनस एंड यह जो अभी हम लोग ने न्यू कस्टम डोमेन ऐड किया है। सो आप देख सकते हो इसका स्टेटस क्या
है? वैलिडेटिंग। ओके? सो कस्टम डोमेन का भी स्टेटस हो गया वैलिडेटेड। इसके बाद मैं सिंपली ओवरव्यू में जाऊंगा तो एंड इसके
बाद रिफ्रेश करता हूं। सो यस यू कैन सी कि जो हमारे एप्लीकेशन का जो यूआरएल है वो हमारा कस्टम डोमेन यहां पे सेट हो गया है।
इंक्लूडिंग https और सिंपली मैं इसको क्लिक करता हूं। हूं। सो आप देखोगे मैं अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर पा रहा हूं
यूजिंग माय कस्टम डोमेन। चलिए अब देखते हैं कि सीआईसीडी वाला पार्ट कैसे वर्क करता है। इसके लिए ना हम अपने प्रोजेक्ट
के कोड में कुछ चेंजज़ करेंगे एंड देखते हैं कि हमारी जो वेबसाइट है वो ऑटोमेटिकली अपडेट हो जाती है कि नहीं। सो कोड अपडेट
करने के लिए मैं जाता हूं गेट Hub पे। ओके? सबसे पहले तो मैं आपको वेबसाइट दिखा देता हूं। तो, यह देखो, यह है करंट वर्जन
ऑफ़ आवर वेबसाइट। ठीक है? और जैसे कि यह है ना, यह वाली जो लाइन है, हेडर है, लर्न Azure विद सिंपल प्रैक्टिकल एग्जांपल्स।
इसके सामने मैं सिंपल V1 लगा दूंगा वर्जन वन। ठीक है? सो ये छोटा सा चेंज करके हम लोग देखते हैं। इसके लिए मैं जाता हूं गेट
पे और ये जो कोड है वो है एसआरसी सोर्स फोल्डर में मेन डॉट जीएसx और सिंपली यहां पे एडिट करता हूं। ओके। सो
यहां पे फॉर्मेटिंग नहीं है। तो सिंपली नो रैप की जगह सॉफ्ट रैप कर सकते हैं हम लोग। ओके। एंड इसमें आप क्लियरली देख सकते हो
कि वो वाली जो लाइन है वो कहां पे है। यह रहा हेडर लर्न अज्यूर व सिंपल प्रैक्टिकल एग्जांपल्स। एंड यहां पर सिंपल वी वन इस
टाइप से मैंने ऐड कर दिया और इसके चेंजेस को मैं कमिट कर देता हूं। सो लेट्स से हमने अपने प्रोजेक्ट में
चेंजेस कर दिए हैं। सो इसके बाद चलते हैं अपने रिएक्ट डेमो ऐप में एंड ओवरव्यू सेक्शन में ही आप नीचे जाओगे तो स्टेटस आप
देख सकते हो कि क्या है। एप्लीकेशन का स्टेटस रेडी है। रिफ्रेश करते हैं। सो अभी तो रेडी दिखा रहा है। एंड सी विद इन फ्यू
सेकंड यहां पे स्टेटस चेंज हो गया है। अपलोडिंग। दैट मींस जो हमारा नया कोड है वो अपलोड होना स्टार्ट हो गया है। एंड
हमारी जो एप्लीकेशन है फिर से रेडी है। एंड अब हम लोग अपनी एप्लीकेशन को फिर से एक्सेस करते हैं। सो यस यू कैन सी देखोगे
आप वर्जन वन यहां पे अपडेट हो गया है। दैट मींस हम लोग ने यह भी वेरीफाई कर लिया कि सीआईसीडी प्रॉपर्ली यहां पे वर्क कर रहा
है। राइट? एंड अगर जितने भी बाहर चेंजज़ हो रहे हैं या तो डिप्लॉयमेंट हो रहा है उसके रिलेटेड आपको ठीक है? स्टेटस चेक करना है
या तो हिस्ट्री देखना है। सो आप इसके ऊपर आप देखोगे गेट स्टार्टेड यहां पे देखोगे डिप्लॉयमेंट हिस्ट्री का एक ऑप्शन है।
इसमें आप देखोगे कि कब कब यहां पे डिप्लॉयमेंट हुआ है। सो वो आप यहां पे देख पाओगे। एंड अलोंग विद द स्टेटस कि अगर कुछ
फेलियर है तो वो भी यहां पे आपको दिखाई दे देगा। चलिए इसके नीचे आते हैं। प्रिपेयर फॉर प्रोडक्शन यहां पे ठीक है? टू आउट ऑफ
थ्री कंप्लीटेड है। मतलब यहां पे दो चीजें हम लोगों ने कंप्लीट कर लिया है। कस्टम डोमेन हम लोगों ने ऐड कर लिया। होस्टिंग
प्लान हम लोगों ने अब सेलेक्ट कर लिया। होस्टिंग प्लान में आप देखोगे ना फ्री एंड स्टैंडर्ड। ठीक है? यहां से आप वेरीफाई
मतलब थोड़ा सा कंपेयर कर सकते हो कि दोनों में क्या डिफरेंसेस हैं और आपको क्या-क्या चीजें मिल जाती हैं स्टैंडर्ड वर्सेस
फ्री। तो देखो कस्टम डोमेन एंड होस्टिंग प्लान हो गया। इसके अलावा एक और ऑप्शन मिलता है इनेबल एंटरप्राइज ग्रेड एज। सो
ये जो ऑप्शन है एंटरप्राइज़ ग्रेड एज। सो ये सिंपली क्या करता है? इट विल कीप योर ट्रैफिक ऑन द बेस्ट पाथ टू योर ऐप। मतलब
लो लेटेंसी। ठीक है? प्रोवाइड करेगा इंप्रूव वेबसाइट स्पीड ओके इंक्रीस थ्रोपट फॉर योर ग्लोबल यूज़र्स ठीक है सो यहां पे
जो हम लोगों ने बात करी थी ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सो ये यहां से आप इनेबल कर सकते हो और ये सिंपली अ ठीक है अज्योर
फ्रंट डोर ठीक है बिहाइंड द सीन यूज़ करेगा 118 पॉइंट्स ऑफ़ प्रेजेंस ठीक है यूज़ करता है एंड मतलब यह अपना खुद का लॉजिक यूज़
करता है उस पर्पस के लिए। सो सिंपली है ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन एंड अलोंग विद हाई स्पीड एंड परफॉर्मेंस। सो आप यहां से वो
इनेबल कर सकते हो। अगेन इसका एडिशनल चार्जेस लगते हैं। सो वो यहां पे आप देख सकते हो। सो दैट्स ऑल अबाउट दिस सेक्शन।
आगे सेक्शन में हम लोग एजोर में कोबेनिस क्लस्टर बना के एक अपनी एप्लीकेशन इस तरह से डिप्लॉय करेंगे एंड कोबेनिटीज़ के
रिलेटेड कांसेप्ट देखेंगे। जैसे कि क्लस्टर में अपनी एप्लीकेशन डिप्लॉय कैसे करना है? उसको पब्लिकली एक्सेस कैसे करना
है। इसके अलावा स्केल, अपडेट, रोल बैक, सेल फीलिंग क्या होता है? तो चलिए आगे बढ़ते हैं। ऑलराइट। सो चलिए इस सेक्शन में
हम लोग बात करेंगे aur केबिट सर्विस के बारे में जिसको हम एकेएस बोलते हैं। सपोज आपने एक एप्लीकेशन बिल्ड करी है एंड उसको
आपको कंटेनराइज्ड फॉर्म में डिप्लॉय करना है यूजिंग कोबेनिटीज़। सो इन दैट केस आप एएस सर्विस यूज़ कर सकते हो। बिकॉज़
ट्रेडिशनल मेथड में क्या होता है? सबसे पहले तो आपके पास एक सर्वर होना चाहिए। चाहे वो फिजिकल हो या तो आप क्लाउड में
वर्चुअल मशीन बना लो। इसके बाद आपकोज़ को इंस्टॉल एंड सेटअप करना पड़ेगा। एंड उसके बाद आप अपनी एप्लीकेशन को डिप्लॉय कर सकते
हो। एंड इसके बाद भी आपके पास दो काम रहते हैं। कोबेस को भी मैनेज करो, एप्लीकेशन को भी मैनेज करो। लेकिन अगर आप ए के सर्विस
यूज़ करते हो तो कोबेस मैनेजमेंट का काम एज्योर संभाल लेता है। स्पेसिफिकली हम बात करें तो कोबेनस का जो मेन पार्ट है
कंट्रोल प्लेन जिसको मास्टर नोड भी बोलते हैं वो एज्योर मैनेज करता है और हम फोकस कर सकते हैं अपने एप्लीकेशन के
डिप्लॉयमेंट एंड मैनेजमेंट पे। एंड अगर आप बिगिनर हो एंड कंटेनर कोबेनिटीज़ के बारे में ज़्यादा आईडिया नहीं है तो प्रैक्टिकल
करने से पहले हम थोड़ा सा इसके बारे में समझ लेंगे। एंड अगर आपको पता है तो आप डायरेक्टली क्लस्टर क्रिएशन वाले टाइमलाइन
पे जंप कर सकते हो। चलिए सबसे पहले समझते हैं कंटेनर होता क्या है? एक प्रैक्टिकल एग्जांपल से मैं
आपको दिखा देता हूं। लेकिन आपको कुछ फॉलो करने की जरूरत नहीं है। सिंपली आप देखो एंड समझो। मेरे लोकल सिस्टम पे ये एक नोट
बेस्ड वेब एप्लीकेशन प्रेजेंट है जो मैंने चैट जीपीटी से बनवा ली और उसकी फाइल्स को यहां पे डाउनलोड कर ली। सिंपली HTML,
JavaScript एंड CSS बेस्ड एप्लीकेशन है। सो एप्लीकेशन की फाइल्स तो मेरे पास प्रेजेंट है बट इसको हम लोग रन कैसे
करेंगे? सो करेंटली यह प्रोजेक्ट वीएस कोड में मैंने ओपन किया है। तो यहां पे मैं सिंपली राइट क्लिक करके इंटीग्रेटेड
टर्मिनल ओपन कर लूंगा। अब देखो ये एप्लीकेशन नोट बेस्ड है। तो सबसे पहले तो हमारे पास नोट js इंस्टॉल्ड होना चाहिए।
मैं यहां पे नोट हफन वी करता हूं। तो आप देखोगे यहां पे नोट ऑलरेडी मेरे पास प्रेजेंट है। इसके बाद एक सिंपल सी कमांड
यूज़ करूंगा एनपीएम इंस्टॉल। सो यहां पर आप नोटिस करोगे लेफ्ट साइड में आप देखोगे नोट मॉड्यूल्स एक फोल्डर
डाउनलोड हो गया है। सो दैट मींस हमारे एप्लीकेशन को रन करने के लिए जो भी पैकेजेस, लाइब्रेरीज, डिपेंडेंसीज़ की
जरूरत है वो यहां पे अब अवेलेबल है हमारे पास इन फॉर्म ऑफ़ द नड मॉड्यूल्स। अब इसके बाद एप्लीकेशन को रन करने के लिए सिंपली
एक कमांड यूज़ करूंगा एनपीएम स्टार्ट। सो आप देखोगे हमारी जो एप्लीकेशन है स्टार्ट है और रनिंग ऑन पोर्ट 3000। और इसको
एक्सेस करने के लिए हम लोग सिंपली ब्राउज़र पे जाएंगे। लोकल होस्ट 3000 पे एक्सेस कर लेंगे। तो अभी देखो यहां पे ब्राउज़र पे
लोकल होस्ट 3000 है। सिंपली मैं रिफ्रेश करूंगा। सो आप देखोगे हमारी एप्लीकेशन यहां पे एक्सेसबल है। ऑनलाइन एग्जाम
पोर्टल एक सिंपल सा क्विज है। यहां पे आप अपने आंसर्स वगैरह दे सकते हो। जैसे कि कैपिटल ऑफ इंडिया दिल्ली सबमिट। सो यस
करेक्ट आंसर। कुछ और देता हूं। सो वो वो भी बता देगा कि ये इनकरेक्ट है। चलिए हमने ये तो देख लिया कि अपने एप्लीकेशन को
नॉर्मली कैसे रन करना है। लेकिन हमारा गोल क्या था? अपने एप्लीकेशन को कंटेनर के अंदर रन करना। उसके लिए हमें बनाना पड़ेगा
सबसे पहले कंटेनर की इमेज। एंड जिसके लिए यूज करेंगे हम लोग डॉकर जो कि एक कंटेनर मैनेजमेंट प्लेटफार्म है। ओके? सो इसमें
हम लोग क्या करते हैं? अपनी एप्लीकेशन एंड एप्लीकेशन को रन करने के लिए जो भी चीजों की जरूरत है उसकी एक पैकेजिंग कर देते हैं
जिसको हम बोलते हैं कंटेनर इमेज। जैसे कि अगर आपको याद होगा जब हम लोग वर्चुअल मशीनंस बनाते हैं वहां भी एक इमेज रहती
है। राइट? कि वर्चुअल मशीन को कैसे बूट करना है, कैसे कॉन्फ़िगर करना है। वैसे ही कंटेनर के अंदर हमारी एप्लीकेशन कैसे रन
होगी, उसके लिए हम लोग कंटेनर इमेज बनाते हैं। जब हम कंटेनर की इमेज बनाते हैं, तो डॉकर को पता कैसे चलेगा कि आपकी एप्लीकेशन
में क्या-क्या चीजों की जरूरत है या तो कैसे रन करना है वो हम डॉकर को बताते हैं यूजिंग अ डॉकर फाइल। ये देखो डॉकर फाइल
मैंने बना के रखी यहां पे और इसमें बहुत ही सिंपल सी चीजें मैंने प्रोवाइड कर दी हैं। ठीक है? ये देखो डायरेक्टरी बना दी।
इसके अंदर मैं सिंपली क्या बोल रहा हूं? कॉपी डॉट डॉट मतलब ये जो मेरे प्रेजेंट लोकेशन में जितनी भी फाइल्स हैं मेरी
एप्लीकेशन की उसको कॉपी कर दो ये वाली डायरेक्टरी में। तो मेरी एप्लीकेशन की सारी फाइल्स आ गई। इसके बाद हम लोग ने
क्या देखा था? अपने एप्लीकेशन को रन करने के लिए एनपीएम इंस्टॉल यूज़ करना पड़ रहा था। तो आप देखोगे कि कंटेनर के अंदर ये
वाली कमांड भी रन हो जाएगी। एनपीएम इंस्टॉल। तो इससे नड मॉड्यूल ऑटोमेटिकली कंटेनर के अंदर आ जाएगा। सो दैट हमारी
एप्लीकेशन रन हो सके। एंड इसके बाद 3000 पोर्ट पे हमारी एप्लीकेशन रन है। तो यहां पे एक्सपोज 3000 भी कर दिया। एंड इसके बाद
लास्ट में एनपीएम इंस्टार्ट मतलब हमारे एप्लीकेशन को रन करने के लिए। तो आप समझ गए कि यहां पे हम लोग क्या इंस्ट्रक्शन दे
रहे हैं। सिंपल। सो डॉकर फाइल तो रेडी है। इसके बाद हम लोग सिंपली यहां पे अगेन इंटीग्रेटेड टर्मिनल ओपन करेंगे। सो सबसे
पहले तो हमारे पास डॉकर होना चाहिए। तो डॉकर hfन v अगर आप देखोगे डॉकर ऑलरेडी प्रेजेंट है मेरे पास। इसके बाद डॉकर
इमेजेस से आप देख सकते हो कि ऑलरेडी जो भी इमेजेस बनी है वो कौन सी हैं। तो आप देखोगे सिर्फ ओरेकल की है। कोई दूसरी
इमेजेस अभी ऑलरेडी प्रेजेंट नहीं है। सो अपनी एप्लीकेशन के एक कंटेनर इमेज बनाने के लिए एक सिंपल सी कमांड यूज़ कर रहा हूं।
डॉकर बिल्ड ओके हफन टी मतलब यहां पे एक टैग दे रहा हूं मैं एक नाम दे रहा हूं इमेज का ऑनलाइन एग्जाम पोर्टल और डॉट डॉट
मींस इस प्रेजेंट डायरेक्टरी में मेरी डॉकर फाइल प्रेजेंट है। मतलब यहां पे लास्ट में आपको डॉकर फाइल का लोकेशन देना
है। एंटर करता हूं। सो यहां पे हमारी कंटेनर इमेज बन गई है। हम चाहें तो फिर से चेक कर सकते हैं।
डॉकर इमेजज़ करते हैं। सो यू कैन सी ऑनलाइन एग्जाम पोर्टल। तो यहां पे हमारी इमेज हो गई है क्रिएट। सो इसके बाद हम अपने
एप्लीकेशन को कंटेनर के अंदर रन कर सकते हैं। इसके लिए हम लोग एक सिंपल सी कमांड यूज़ करेंगे। डॉकर रन एंड इसके बाद hfन पी
मींस पोर्ट बाइंडिंग कौन से पोर्ट पे एक्सेस करना है कौन से पोर्ट पे हमारा ऐप लिसन कर रहा है इसके बाद कंटेनर को एक नाम
दे दिया जैसे कि एग्जाम ऐप एंड इसके बाद हमारे इमेज का नाम सिंपल रन करता हूं सो आप देखोगे यहां पे रन हो गया सिंपली डॉकर
पीएस से मैं चेक भी कर सकता हूं कि हमारा कंटेनर रन है कि नहीं तो देखोगे ऑनलाइन एग्जाम पोर्टल तो रनिंग है इसके बाद
ब्राउज़र पे जाके लोकल होस्ट 3000 है एंड रिफ्रेश करता हूं सो आप देखोगे सो हमारी एप्लीकेशन या तो वेबसाइट एक्सेसिबल है ओके
एंड अगर अपनी एप्लीकेशन को स्टॉप करना है तो सिंपली डॉकर स्टॉप और कंटेनर का exam ऐप एंड अगर इसके बाद मैं सिंपली रिफ्रेश
करता हूं तो आप देखोगे साइट एक्सेसिबल नहीं है। ओके हमने यह तो देख लिया कि अपने एप्लीकेशन को एक कंटेनर में कैसे रन करना
है यूजिंग द कंटेनर इमेज। एक बार जब इमेज बन गई है दैट मींस ये आपकी एप्लीकेशन की पैकेजिंग है। अब आपको जिन भी सर्वर और
जितने भी सर्वर्स पे अपनी एप्लीकेशन को रन करना है। जैसे कि देखो लोड बैलेंसिंग के लिए आपको मल्टीपल सर्वर्स पे रन करना है।
तो आप सिंपली क्या करो? ये इमेज को उन सर्वर्स पे ट्रांसफर कर दो और वहां पे डॉकर जैसे टूल्स या तो प्लेटफार्म की मदद
से आप अपनी एप्लीकेशन को रन कर सकते हो। अब इमेज का एक बेनिफिट क्या है? हर सर्वर पे अब आपकी एप्लीकेशन आइडेंटिकल रहेगी। जो
आपके एप्लीकेशन के वर्जन है, कॉन्फ़िगरेशन है और प्रॉपर्ली रन भी होगी। तो ये इसका बेनिफिट होता है। एंड अगर बात करें कि
कंटेनर वर्क कैसे करता है? सो सिंपली इस डायग्राम से समझते हैं। देखो सबसे लीस्ट लेवल पे अपना हार्डवेयर आ गया। उसके ऊपर
अपना ऑपरेटिंग सिस्टम है। जैसे Windows है, Mac है, Linux है। ठीक है? ये हो गया। इसके ऊपर लेट्स से आप डॉकर इंजन जैसे कि
आपने सेटअप किया और उसकी मदद से आप कंटेनर्स में अपनी एप्लीकेशन रन कर रहे हो ना तो कुछ इस टाइप के एनवायरमेंट बन जाते
हैं। जिसको हम कंटेनर बोलते हैं। तो कंटेनर क्या है? एक आइसोलेटेड एनवायरमेंट है। तो आप यहां पे इस टाइप से अलग-अलग
एनवायरमेंट में जो कि आइसोलेट होते हैं एक दूसरे से अलग-अलग एप्लीकेशन रन कर सकते हो। जैसे कि ये ऐप वन हो गया, ऐप टू हो
गया। सो इस टाइप से कंटेनर वर्क करते हैं। चलिए अब बात करते हैं कि ये जो हम लोगों ने अपनी एप्लीकेशन का जो इमेज बनाया वो तो
अभी लोकली प्रेजेंट है। राइट? अगर मुझे किसी दूसरे सर्वर पे या तो क्लाउड में इसको डिप्लॉय करना है, ट्रांसफर करना है
तो वो कैसे करूंगा? उसके लिए हम क्या कर सकते हैं? उसके लिए हम यूज़ करते हैं कंटेनर रजिस्ट्री जैसे कि डॉकर hub. सो
अभी यह जो हमारी इमेज है यह लोकली प्रेजेंट है। हम सिंपली एक क्लाउड में जो प्रेजेंट एक रजिस्ट्री होती है कंटेनर की
जैसे कि डॉकर hub वहां पे हम लोग अपलोड कर सकते हैं। और एक बार वहां पे आ गई तो हम वहां से किसी भी क्लाउड या तो किसी भी
सर्वर पे इंटरनेट के थ्रू उसको मतलब पुल कर सकते हैं, एक्सेस कर सकते हैं। सो, यह है Docker hub. Hub. Docker.com। यहां पे
आप सिंपली साइन अप करते हो और एक रेपोज़िटरी बना के अपनी इमेज को यहां पे पुश कर सकते हो। तो ये जो इमेज है मैंने
ऑलरेडी यहां पे पुश करके रखी है और पब्लिकली प्रेजेंट है। तो आप भी इसको यूज़ कर सकते हो। एंड एक्चुअली हम लोग इस
सेक्शन के प्रैक्टिकल के लिए यही इमेज को यूज़ करने वाले हैं। ठीक है? ओके। सो इस पॉइंट तक हमारी एप्लीकेशन तो
रेडी है एंड उसको डिप्लॉय करने के लिए कंटेनर इमेज भी हमने बना ली। अब इसके रिलेटेड ना कुछ रिक्वायरमेंट के बारे में
बात करते हैं। जैसे कि ये पोर्टल लेट्स से हमने बनाया क्यों एक एग्जाम को कंडक्ट कराने के लिए? तो लेट्स से ये नेक्स्ट वीक
एक एग्जाम है जिसमें 5 से 10 लाख स्टूडेंट्स एक ही टाइम पे हमारे पोर्टल को यूज़ करके एग्जाम देने वाले हैं। तो यहां
पे यूजर बेस तो बहुत ज्यादा है। ट्रैफिक भी बहुत ज्यादा है और अगर आप नोटिस करोगे इतना ज्यादा जो ट्रैफिक है वो एक सेम टाइम
पे रहेगा। लेट्स से 10:00 बजे एग्जाम है तो 10:00 बजे इतना ट्रैफिक आने वाला है। ओके? तो इसको हैंडल करने के लिए हमको कुछ
प्रिपरेशन या तो कुछ चीजें के ध्यान रखना ही पड़ेगा। जैसे कि लोड बैलेंसिंग हमको करनी पड़ेगी नेटवर्क को डिस्ट्रीब्यूट
करने के लिए। इसके लिए हमारे एप्लीकेशन के मल्टीपल इंस्टेंसेस हमको रन करने पड़ेंगे। हमारे केस में मल्टीपल कंटेनर्स रन करने
पड़ेंगे। वैसे तो रियल लाइफ में ना ऐसे केसेस में 50 100 एंड थाउजेंड्स ऑफ कंटेनर्स भी साथ में रन होते हैं। इसके
अलावा कुछ बेसिक चीजें जैसे कि स्केलेबिलिटी नेटवर्क फिर भी हैंडल नहीं हो रहा है तो हम उसको और भी ज्यादा स्केल
कर सकें। हाई अवेलेबिलिटी दैट मींस अगर कोई इंस्टेंसेस डाउन है तो भी हमारी एप्लीकेशन अप एंड रनिंग होना चाहिए। इसके
अलावा सेल्फ हीलिंग, ईजी डिप्लॉयमेंट एंड अपडेट्स एंड सो ऑन। तो ये तो रही रिक्वायरमेंट। अब बात करते हैं चैलेंजेस
की। अगर मान लीजिए 50 100 थाउजेंड्स ऑफ कंटेनर्स हमारे रन हो रहे हैं साथ में तो हम उसको मैनेज कैसे करेंगे? तो ये बिगेस्ट
चैलेंज तो यही हो गया। इसके अलावा अगर कुछ कंटेनर्स में कुछ प्रॉब्लम है उसको हील करना है। उसको एक रनिंग कंटेनर से रिप्लेस
करना है। या तो हमें अपनी एप्लीकेशन में कुछ अपडेट्स करने हैं। तो आप देखो 100 एंड थाउजेंड्स ऑफ कंटेनर चल रहा है। उसमें कुछ
अपडेट्स करना हो तो वो कैसे करेंगे? सो इन सारी पॉइंट्स को या तो चैलेंजेस को हैंडल करने के लिए हम यूज़ कर सकते हैं
कुबेरनेटिस। ओके? सो कुबेरनेटिस क्या है? एक ये ओपन सोर्स प्लेटफार्म होता है जिसकी मदद से हम
अपनी कंटेनराइज़्ड एप्लीकेशन को डिप्लॉय, मैनेज, स्केल एंड मेंटेन कर सकते हैं। अभी वर्क कैसे करता है? थोड़ा सा हाई लेवल
आर्किटेक्चर से समझ लेते हैं। सबसे पहले तो हम एक KMIS का क्लस्टर बनाते हैं। आप ये आउटर लेयर। ठीक है? देख सकते हो।
क्लस्टर का सिंपल सा मतलब है ग्रुप ऑफ सर्वर्स। क्योंकि हमें अपने एप्लीकेशन को मल्टीपल सर्वर्स पर डिप्लॉय करना है। तो
वो मल्टीपल सर्वर्स की ग्रुपिंग होगी जिसको हम क्लस्टर बोलते हैं। कुबेनस के केस में सर्वर को हम लोग नोड बोलते हैं।
सो आप नीचे देख सकते हो वर्कर नोड यहां पे लिखा हुआ है। एंड कुबेनस में दो इंपॉर्टेंट कॉम्पोनेंट होते हैं। एक ये है
कंट्रोल प्लेन जिसको हम मास्टर नोड भी बोलते थे। एंड दूसरा होता है वर्कर नोड। अब जैसे कि नाम ही सजेस्ट कर रहा है
कंट्रोल प्लेन। दैट मींस जैसे कि मान लीजिए हमारे एप्लीकेशन ये मल्टीपल सर्वर्स पे मतलब वर्कर नोट्स पे डिप्लॉयड है। अब
ये जो मल्टीपल सर्व्सर्स हैं लेट्स से ये जो तीनों सर्वर हैं ये आपस में कोऑर्डिनेट कैसे होंगे और इनको मैनेज कैसे करेंगे? तो
ये काम होता है कंट्रोल प्लेन का और जब हम एकेएस सर्विस यूज़ करते हैं ना तो ये जो कंट्रोल प्लेन है उसको मैनेज करता है
एज्योर। सो एज्योर ये कंट्रोल प्लेन वाला जो पार्ट है उसको मैनेज करता है और ये वाला जो वर्कर नोट्स है हम इसको मैनेज कर
सकते हैं। इसके अलावा कोबेनस के केस में जो हमारी कंटेनर बेस्ड एप्लीकेशन है वो डायरेक्टली सर्वर पे रन नहीं होती है। वो
एक पड के अंदर रन होती है। ओके? सो अब जैसे कि आप स्ट्रक्चर में भी देख सकते हो। जैसे कि वर्कर नोड है हमारा एक सर्वर है।
तो आप सर्वर में आप देखोगे मल्टीपल पॉड्स हैं। जैसे कि पड वन पड टू। तो यहां पे मल्टीपल पॉड्स हैं और हर एक पड के अंदर
कंटेनर रन होते हैं। अब देखो पड में जब कंटेनर रन होता है तो इसका बेनिफिट क्या है? अब आप एक ही सर्वर पे मल्टीपल कंटेनर
के इंस्टेंसेस को रन कर सकते हो अपने लोड को डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए। तो ये स्केल करने के लिए बेनिफिशियल होता है।
ओके? सो जब आप कोबेनिटीज़ क्लस्टर स्केल करते हो तो नंबर ऑफ पॉट्स यहां पे इनक्रीस होते हैं। इसके अलावा कोबेनिटीज़ यह भी
मॉनिटर करता है कि ये जो पॉट्स हैं वो हेल्दी स्टेट में है कि नहीं। अगर नहीं है तो वो उसको एक नया पॉट क्रिएट करके
रिप्लेस कर देगा। तो यहां पे आप देखोगे सेल्फ हीलिंग भी हमको अचीव हो जाएगी। मल्टीपल कंटेनर्स भी हम रन कर पाएंगे और
कैसे रन होगा वो भी। एंड बात करते हैं कुबेनिस बेसिक मॉड्यूल। तो हम लोग शुरुआत करते हैं एक kबites क्लस्टर बनाने के साथ।
इसके बाद हम लोग अपनी एप्लीकेशन को डिप्लॉय करते हैं, एक्सप्लोर करते हैं। इसके अलावा एक्सपोज योर ऐप पब्लिकली। दैट
मींस अगर वेबसाइट हम लोग ठीक है होस्ट कर रहे हैं तो उसको पब्लिकली एक्सेसबल भी बनाना है। ओके? इसके अलावा है स्केल अप
योर ऐप एंड अपडेट योर ऐप। तो अपडेट कैसे करेंगे वो भी हम लोग देखेंगे। सो चलिए शुरुआत करते हैं क्लस्टर बनाने के साथ।
सो डायरेक्टली चलते हैं Aur पोर्टल पे और सिंपली सर्च करूंगा AKS Azure कोबेनिटी सर्विस। आप देखोगे मार्केट प्लेस के अंडर
मिल जाएगा Aks इस पे जैसे ही क्लिक करेंगे आपको यहां पे दिखेगी हेडलाइन क्या है? क्रिएट कोबेनिटीज़ क्लस्टर। सो बेसिकली हम
लोग क्लस्टर ही यहां पे क्रिएट कर रहे हैं। चलिए सबसे पहले तो यहां पे बेसिक इंफॉर्मेशनेशन प्रोवाइड कर देते हैं।
क्लस्टर से रिलेटेड सब्सक्रिप्शन डिफॉल्ट ही रखते हैं। रिसोर्स ग्रोथ हम लोग एक क्रिएट कर लेंगे। इसका नाम मैं दे देता
हूं आरजी ए के एस डेमो। ओके। इसके बाद क्लस्टर प्रीसेट कॉन्फ़िगरेशन। सो अलग-अलग एनवायरमेंट के लिए यहां पे कुछ प्रीसेट
कॉन्फ़िगरेशन बना के रखी हैं। तो अलग-अलग पर्पस हैं। जैसे कि डेफ टेस्ट तो अभी हम लोग टेस्टिंग कर रहे हैं। तो डेफ टेस्ट ही
सेलेक्ट कर लेते हैं। इसके अलावा प्रोडक्शन है, प्रोडक्शन इकोनमी है, प्रोडक्शन एंटप्राइज है। अलग-अलग ऑप्शंस
आप अपने एनवायरमेंट के अकॉर्डिंग सेलेक्ट कर सकते हो। क्लस्टर का नाम देना है तो मैं यहां पे दे देता हूं aकेएस वेब डेमो।
इसके बाद है रीजन। तो मैं रीजन में यहां पे एक एशिया को कोई सेलेक्ट कर लेता हूं। सो आप देखोगे सेंट्रल इंडिया मैं सेलेक्ट
कर लेता हूं। इसके बाद एक ऑप्शन है फ्लट मैनेजर का। ऑलदो ये मैंडेटरी नहीं है। लेकिन इसका काम क्या होता है? अभी तो हम
एक सिंगल क्लस्टर बना रहे हैं। जब भी मल्टीपल क्लस्टर्स हम बनाते हैं उसको मैनेज करने के लिए वो भी सेंट्रली फ्लट
मैनेजर हम यूज़ कर सकते हैं। ऑलदो सिंगल क्लस्टर अभी बना रहे हैं तो इसको स्किप कर देते हैं। अवेलेबिलिटी ज़ोन। तो देखो ये जो
हम वर्कर नोट्स बनाएंगे ना या तो बनेंगे। ये एक ही ज़ोन में रखना है कि अलग-अलग में रखना है। जैसे कि हाई अवेलेबिलिटी के लिए
बेटर है कि हम उसको अलग-अलग ज़ोन में रखें। तो वो आप यहां पे सेलेक्ट कर सकते हो। ठीक है? ऑलदो मैं यहां पे स्किप करता हूं
क्योंकि हमारा सीमलेस ठीक है? क्रिएशन होना चाहिए। इसके बाद है एककेएस प्राइिंग टियर। तो यहां पे प्री डिफॉल्ट कुछ टियर्स
सेट होते हैं। जैसे कि फ्री। सो टेस्टिंग पर्पस के लिए तो फ्री अभी हम लोग यूज़ कर सकते हैं। इसके अलावा स्टैंडर्ड है और
प्रीमियम है। उसके क्या अलग-अलग मतलब है वो भी आप देख सकते हो। जैसे कि स्टैंडर्ड है। तो यहां पे 99.95%
अप टाइम। ठीक है? यहां पे इन्होंने बताया हुआ है अप टू 5000 नोट्स। ठीक है? सपोर्टेड है। प्रीमियम में अगर आप देखोगे
तो इनको यहां पे 2 साल का एडिशनल सपोर्ट भी मिल जाता है। इसके बाद कौन से कोबेस वर्जन में आपको एप्लीकेशन डिप्लॉय करना है
तो वो भी आप सेलेक्ट कर सकते हो। ऑलदो अभी डिफ़ॉल्ट के साथ जाते हैं। इसके बाद ऑप्शन है ऑटोमेटिक अपग्रेड का। अब देखो यहां पे
क्लस्टर बना रहे हैं। यहां पे हम लोग सर्वर्स मेंटेन कर रहे हैं। तो उसके रिगार्डिंग यहां पे अपडेट्स भी होंगे।
जैसे कि कोवन का कोई वर्जन है या तो जो नोड है उसका कोई वर्जन है। ठीक है? सो वो अपडेट्स कैसे होंगे? इसके भी अलग-अलग
तरीके हैं। अगर आप देखोगे इनेबल्ड विद पैच सिर्फ पैच अपडेट करना है। इनेबल विद स्टेबल देखोगे n - 1 मतलब जो भी लेटेस्ट
वर्जन है उसका n माइनस प्रीवियस जो स्टेबल वर्जन है वहां तक करना है। सो अलग-अलग तरीके से आप यहां पे अपग्रेड कर सकते हो।
एक तरीका हम लोग ने ये चुन लिया और इसके बाद ये है कि अपग्रेड होगा कब? तो एव्री वीक ऑन संडे। तो हम लोग यहां पे संडे को
ही अपग्रेड होगा क्योंकि यह ऑटोमेटिक अपग्रेड है। एंड इसमें एक स्पेसिफिक टाइम भी यहां पे दिया हुआ है। इसके बाद है नोड
सिक्योरिटी चैनल टाइप। सो अगर आप इसमें देखोगे क्या है ये सिक्योरिटी अपडेट्स हैं। सो वर्कर नड्स के ओएस लेवल के जो
सिक्योरिटी अपडेट्स हैं ना वो यहां पे होंगे अपडेट। सो यहां पे भी अलग-अलग टाइप है जैसे कि नन है। वैसे तो कि आपको चाहिए
नहीं अपडेट, अनमैनेज सिक्योरिटी पैच, नोड इमेज। तो हम लोग नोड इमेज हम लोगों ने लेट्स से सेलेक्ट किया बाय डिफॉल्ट है
उसको रहने देते हैं। और ये कब कब होगा? एव्री वीक ऑन संडे। वेरी सिंपल। इसके बाद है ऑथेंटिकेशन ऑथराइजेशन। ये भी हम लोग
डिफॉल्ट के साथ चलते हैं। एंड इसमें अगर आप एक चीज नोटिस करोगे सिर्फ बेसिक डिटेल्स अगर आप प्रोवाइड करते हो। इसके
बाद डायरेक्टली रिव्यू एंड क्रिएट करके आप क्विकली एक क्लस्टर बना सकते हो। लेकिन मैं ना ये जो बाकी के ऑप्शंस हैं उसको भी
एक क्विक ओवरव्यू आपको दे देता हूं। सो दैट आपको आईडिया आए कि इसमें और क्या-क्या चीजें आप कॉन्फ़िगर कर सकते हो। इसके बाद
नेक्स्ट ऑप्शन है नोट पूल का। सो नड पूल में क्या होता है? अब सिंपल है यहां पे हम लोग ये जो नोड है ना वर्कर नोड इसके बारे
में बात कर रहे हैं। ये कैसे बनेंगे? कैसे यहां पे कॉन्फ़िगर हो रहे हैं? सबसे पहले ऑप्शन क्या है? नोड ऑटो प्रोविजनिंग। मींस
वर्क लोड के बेसिस पे ये क्या करेगा? ऑटोमेटिकली स्केल द क्लस्टर बाय प्रोविजनिंग एंड डीप्रोविजनिंग न्स। तो ये
जो न्स है ना मतलब ये जो हमारे सर्वर वो कम ज्यादा करना हो वर्क लोड के बेसिस पे। तो ये नोड ऑटो प्रोविजनिंग हम लोग इनेबल
कर सकते हैं। एंड इसके बाद है मेन पार्ट हमारा वो है नोड पूल। ये बाय डिफॉल्ट यहां पे क्रिएट हुआ है ऑलरेडी मतलब बना के दिया
है इसने ये ने इसका नाम है एजेंट पूल और आप देखोगे नोट का मतलब क्या है हम लोग ने पहले ही बात करी थी एक सर्वर इन इस केस
में वर्चुअल मशीन या तो वीएमएसएस राइट अब वर्चुअल मशीन है तो इसकी कोई इमेज भी होगी आप देखोगे यहां पे उबनटू यूज़ हो रहा है एक
इमेज भी होगी कि भाई इसमें कौन सा साइज़ ठीक है CPU RAM वगैरह कौन सा यूज़ हो रहा है ठीक है तो यहां से आपको आईडिया मिल
जाएगा अब आप देखोगे यहां पे वीएमएसएस क्रिएट होता है स्केल सेट ओके एंड उसका काउंट क्या है? टू टू फाइव मतलब मिनिमम तो
दो रहेंगे लेकिन फाइव तक भी ठीक है? स्केल कर सकते हैं। इसके अलावा मैक्स पॉट मतलब हर एक नोड में या तो हर एक वर्चुअल मशीन
में आप एक 110 पॉट्स ठीक है? सपोर्टेड है। इसके अलावा इनेबल वर्चुअल नोट्स। वर्चुअल नोट्स मतलब यह जो नड अभी क्रिएट हो रहा है
वो एक्चुअल में मतलब आपके वर्चुअल मशीनंस है। लेकिन अगर आपके कंटेनर को वर्चुअली चलाना है तो वो भी सपोर्टेड है। इसके बाद
इंक्रिप्शन टाइम डिफ़ॉल्ट डिफ़ॉल्ट ही रखते हैं। इसके बाद आ जाते हैं नेटवर्किंग ऑप्शन में। सबसे पहला ये ऑप्शन है यहां पे
प्राइवेट एक्सेस कि जो आपके क्लस्टर में ये जो नोट्स क्रिएट होंगे। ठीक है? उसको रेस्ट्रिक्ट करना है हमें इस प्राइवेट
बनाना है मतलब सिक्योरिटी एनहांस करना है तो वह इनेबल प्राइवेट क्लस्टर आप कर सकते हो। या तो पब्लिक एक्सेस करना है तो भी कर
सकते हो और पब्लिक एक्सेस में आप IP की रेंज भी दे सकते हो। सो दैट मींस यह जो आपके नड बन रहे हैं ना क्लस्टर के अंदर आप
उसकी एक्सेसिबिलिटी यहां पे कंट्रोल कर सकते हो नेटवर्किंग में। इसके अलावा देखोगे एक ऑप्शन है ब्रिंग योर ओन एज्योर
वर्चुअल नेटवर्क। तो आप आपका खुद का वर्चुअल नेटवर्क अगर बना रहे हो तो आप यहां से देखो यहां पे सेलेक्ट कर सकते हो।
ऑलदो हम लोग डिफ़ॉल्ट के साथ ही जाते हैं। इसके बाद है डीएनएस नेम प्रीफिक्स। तो ये क्या करता है? जब देखो आपका जो क्लस्टर बन
रहा है उसको एक यूनिक डीएनएस नेम प्रोवाइड करता है। सो दैट आप उसको उसको यूज़ करके ठीक है एक्सेस कर सको रेदर दैन आईपी। सो
यहां पे इसने डीएनएस नेम प्रीफिक्स बना दिया है। इसके बाद है नेटवर्क पॉलिसी इंजन। सो दैट मींस कि एक नोट पे मल्टीपल
पॉट्स हैं। कंटेनर्स रन है। आपस में पोर्ट कैसे कम्युनिकेट करेंगे एक दूसरे के साथ। ठीक है? तो वो आप रेस्ट्रिक्ट कर सकते हो,
कंट्रोल कर सकते हो। तो अभी हम लोगों ने नन किया है। नन का मतलब क्या है? देखोगे अलाउ ऑल इनग्रेस एंड इग्रेस ट्रैफिक टू द
पोर्ट। तो मतलब बाय डिफ़ॉल्ट वो आपस में कम्युनिकेट कर सकते हैं। और इसके अलावा है लोड बैलेंसर। अब सिंपल है मल्टीपल नोट्स
हैं। हमें नेटवर्क डिस्ट्रीब्यूट करना है। तो यहां पे लोड बैलेंसर यहां पे क्रिएट हुआ है स्टैंडर्ड। ठीक है? सो नेक्स्ट आ
जाते हैं इंटीग्रेशन में। यहां पे हम अपने क्लस्टर को एडिशनल सर्विज के साथ कनेक्ट कर सकते हैं। अब जैसे कि देखो पहली चीज़
क्या है? Azure कंटेनर रजिस्ट्री। मींस अगर हमें अपने क्लस्टर में जो इमेजज़ मतलब यूज़ करनी है ना अपने एप्लीकेशन के लिए।
अगर वो Azure के कंटेनर रजिस्ट्री से ठीक है? चाहिए हो तो हम लोग यहां पे ठीक है? अ क्रिएट कर सकते हैं, कनेक्ट कर सकते हैं।
वैसे तो हम लोग Docker hub रजिस्ट्री यूज़ करेंगे। ऑलदो ये भी एक ऑप्शन है जो हम लोग कर सकते हैं। इसके बाद आ जाते हैं
मॉनिटरिंग। सो यहां पे मॉनिटरिंग से रिलेटेड यहां पे ऑप्शंस हैं। तो हम लोग क्या करते हैं? इनेबल कंटेनर लॉक्स। तो ये
हम लोग इनेबल कर देते हैं। एंड इसके अलावा आप देखोगे यहां पे ऑप्शन है प्रोमिथथियस एंड ग्रेफाना को भी आप इनेबल कर सकते हो
मॉनिटरिंग के लिए। और अलर्ट्स इनेबल कर सकते हो। इसके बाद है सिक्योरिटी ऑप्शन एंड यहां पे क्या-क्या सिक्योरिटी ऑलरेडी
अप्लाईड है। क्या-क्या ऑप्शंस है? आप देखोगे सब इनेबल्ड ही है ऑलदो। सो ये भी आप एक बार गो थ्रू कर सकते हो। इसके बाद
सिंपल एडवांस्ड। ठीक है? एंड इसके बाद सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट पे हम लोग जाएंगे डायरेक्ट। सो यहां पे वैलिडेशन फेल
आ गया। तो आप देखोगे अ ये जो सेंट्रल इंडिया लोकेशन ये सपोर्टेड ज़ोन ठीक है? अलाउड नहीं है। इसके लिए ना हम लोग फिर से
बेसिक में जाते हैं और ये जो रीजन है ईस्ट एशिया मैं यहां पे सेलेक्ट कर लेता हूं। तो ईस्ट एशिया में मुझे पता है वीएमएसएस
क्योंकि हम लोगों ने लास्ट सेक्शन में भी देखा था। वो सपोर्टेड होता है। इसके बाद डायरेक्टली हम लोग चलते हैं वी रिव्यू एंड
क्रिएट पे। अब कौन सा वैलिडेशन फेल हो गया यार? अह इट इज़ सेइंग कि वीएम साइज अवेलेबल नहीं है। ओके। सो इसमें हम लोग सिंपली नोट
पूल में जाते हैं फिर से और रिजेंट पूल पे क्लिक करके जो अवेलेबल है। ठीक है? हम उसको सेलेक्ट कर लेते हैं। सो देखो
करेंटली कौन सा सेलेक्ट है? डीएच2 इसमें ना हम लोग देखो ये टू वर्चुअल CPU और 4GB रैम ये वाला बेसिक वाला। ठीक है? सेलेक्ट
कर लेते हैं सेलेक्ट। सो एक बार आप रीजन एंड साइज़ जरूर देख लेना। अगर वैलिडेशन फेल आता है। सो देखा रीजन चेंज किया, साइज़
चेंज किया, तो यह अभी वैलिडेशन फेल हट गया है। इसके बाद सिंपली क्रिएट कर लेंगे। तो हमारा यहां पे kबites क्लस्टर फाइनली बनके
रेडी हो जाएगा। ओके। सो कुबेन क्लस्टर बन तो गया है। उसके बाद चेक कैसे करेंगे? पता नहीं ये होम पेज
मेरा लोड ही नहीं हो रहा है। ठीक है? सर्च में आप सिंपली क्या करोगे? Ku कोबेन 80 सर्विस सर्च कर लो। ठीक है? Kuben सर्विस
तो आप देखोगे यहां पे क्लस्टर्स आ जाएगा। और क्लस्टर में आप देखोगे नीचे तो यहां पे अ AKS वेब डेमो जो हमने अभी क्लस्टर बनाया
था वो यहां पे दिखाई दे रहा है। एंड इस पे मैं जैसे ही क्लिक करता हूं। सो पहले तो ओवरव्यू में आपको बेसिक डिटेल्स दिखेगी जो
हम लोग ने कॉन्फ़िगर करी थी। तो ठीक है? तो इसको तो अपने लोग स्किप करते हैं। सबसे मेन पॉइंट कि ये जो हमारा क्लस्टर है एंड
स्पेशली जो हमारा मेन काम का पार्ट है वो ये वर्कर नोट्स वाला ये कहां पे बना है? तो अब हमें तो पता है भाई वहां पे हम
लोगों ने नोट पूल बनाया था। एंड लेफ्ट साइड में आप देखोगे ना नीचे आप देखोगे सेटिंग्स। सेटिंग्स में आप देखोगे नोट पूल
से यहां पे दिखाई दे रहा है। एंड नोट पूल्स में आप देखोगे एजेंट पूल जो हम लोगों ने क्रिएट किया था। एजेंट पूल पे
क्लिक कर लेते हैं। तो सबसे पहली चीज कि ये एजेंट पूल किस टाइप का बना है? तो आप देख सकते हो वर्चुअल मशीन स्केल सेट
वीएमएसएस टाइप का बना हुआ है। ठीक है? तो स्केल अप स्केल डाउन हो सकता है। इसके अंदर दो वर्चुअल मशीनंस ऑलरेडी क्रिएटेड
है और दोनों रेडी स्टेट में हैं। और लेफ्ट साइड में आप नोट्स पे क्लिक करोगे। सो वीएमएसएस के अंदर जो दो मशीनंस बनी हुई है
वो भी आप यहां पे देख सकते हो। एंड एजेंट पूल के ओवरव्यू में जाते हैं ना तो यहां पे आपको काफी सारे ऑप्शंस भी मिल जाते
हैं। जैसे कि कुबेनिटीज को अपडेट करना है तो एजेंट पूल में आप जाके कर सकते हो। इमेज को अपडेट करना है। ठीक है? पूल में
स्केल नोट पूल। अब जैसे कि देखो 2 टू फाइव अपने वर्चुअल मशीनंस से तो देखोगे यह जो नंबर है यहां पे दिए हुए हैं। आप चाहो तो
चेंज कर सकते हो। नोट्स बढ़ाना है कम करना है तो वो यहां से चेंज कर सकते हो। इसके बाद अगर आपको क्लस्टर्स में या तो
कुबेनिटीज बेस्ड कुछ कमांड्स को रन करना है तो वो भी आप कर सकते हो। तो ये रहा हमारा क्लस्टर लेफ्ट साइड में आप देखोगे
कोबेनिटीज रिसोर्सेज के अंदर एक ऑप्शन आपको दिखेगा रन कमांड का। सो यहां पे आप कमांड भी रन कर सकते हो की। जैसे कि देखो
क्यूब सीटीl गेट नोट्स। तो मैं यहां पे रन करता हूं। सो यू कैन सी कि यहां पर जो दो नोट्स थे वह हमको यहां पर दिखाई दे रहे
हैं। ठीक है? अब आ जाते हैं अपने सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट पे। देखो ये हम लोग ने क्लस्टर बना लिया।
वर्कर नोट्स भी क्रिएटेड है। बट हमारी एप्लीकेशन कहां है? या तो हम नेक्स्ट स्टेप में अपनी एप्लीकेशन को इसमें कैसे
डिप्लॉय करेंगे। सो कुबेन 80s के केस में अगर हमको कोई टास्क परफॉर्म करना है या तो सिंपल है कुबेन 80s को इंस्ट्रक्शन देने
हैं कि क्या करना है जैसे कि हमारे केस में इंस्ट्रक्शन देने हैं कि भाई हमारी एप्लीकेशन को डिप्लॉय कर दे ठीक है और
अपनी कुछ डिटेल्स प्रोवाइड करनी है तो वो हम देते हैं यामल फॉर्मेट में मतलब यामल फाइल के फॉर्मेट में हम प्रोवाइड करते
हैं। अब यहां पे स्क्रीन पे ना आप एक एग्जांपल देख सकते हो याल फाइल का जिसके थ्रू हम लोग कुबेनिटीज को इंस्ट्रक्शन
देंगे कि भाई करना क्या है? तो आप देखोगे बहुत बेसिक चीजें हैं। जैसे कि देखो काइंड मतलब डिप्लॉयमेंट मतलब हमको एप्लीकेशन
डिप्लॉय करना है। और इसके अलावा कुछ है रेप्लिकास टू मतलब यहां पे दो इंस्टेंसेस हमारे एप्लीकेशन के चलने चाहिए। ओके? इसके
अलावा हमारी एप्लीकेशन आएगी कहां से? तो स्टार्टिंग में हम लोगों ने वो चीज कवर करी थी कि डॉकर hub में हमारी एप्लीकेशन
का जो कंटेनर इमेज है वो प्रेजेंट है। तो हम लोग ने यहां पे नीचे आप देखोगे स्पेक्स के अंदर। स्पेसिफिकेशन कहां से आएगी?
कंटेनर्स। तो कंटेनर्स की जो इमेज है मतलब इमेज वो कहां से आएगी? फिलिप मतलब ये जो डॉकर रजिस्ट्री का जो रेपो था और हमारा जो
एप्लीकेशन का नाम ऑनलाइन एग्जाम पोर्टल और यहां पे वर्जन वन तो वो हम लोग ने प्रोवाइड कर दिया तो ये ऑटोमेटिकली डॉकर
hub से ये इमेज लाके अपनी एप्लीकेशन को रन कर देगा। लेकिन कुछ और बेसिक चीजें भी होती हैं। जैसे कि हमारी एप्लीकेशन 3000
पोर्ट पे लिसन कर रही थी तो हम लोग ने कंटेनर पोर्ट 3000 दे दिया। अब ये जो फाइल है आप चाहो तो ये स्लाइड से भी कॉपी कर
सकते हो। मैंने ये कॉपी कर लिया। इसके बाद मैं आ जाता हूं एजोर पोर्टल में और हम लोग अपना क्लस्टर ओपन कर लेते हैं। सो akे वेब
डेमो यह देखो यह है अपना क्लस्टर ओके इसमें आप देखोगे सिंपल क्रिएट और यहां पर आप देखोगे एक ऑप्शन है अप्लाई अ यामल सो
ये इजी है करना ठीक है डायरेक्टली आप ब्राउज़र एंड पोर्टल से ही कर सकते हो अब देखो Yam और JSN दोनों का ऑप्शन है YAML
में आप सिंपली अपना जो कंटेंट है पेस्ट कर दो सो ये जो मैंने स्लाइड से कॉपी किया था ना पेस्ट कर दिया डिप्लॉयमेंट वाला एंड
उसको मैं सिंपली अप्लाई कर दूंगा दैट्स ऑल इतना सिंपल है अपनी एप्लीकेशन को डिप्लॉय करना और इसके बाद अपनी एप्लीकेशन डिप्लॉय
भी हो जाएगी अब वो चेक कैसे करेंगे ेंगे। चलिए देखते हैं। अब जैसे कि देखो हम लोग ने थोड़ा-थोड़ा बीच में कवर किया था कि kब
में कैसे हमारी एप्लीकेशन रन होती है। हमारी एप्लीकेशन कंटेनर में रन होगी। ku कोबेन 80s में लेकिन कंटेनर कहां रन होता
है? पड के अंदर। तो चलिए वो चेक करते हैं। पहले तो यह हमारा क्लस्टर है aks वेब डेमो। लेफ्ट साइड में आप देखोगे kuban 80s
रिसोर्सेज। इसमें देखोगे वर्क लोड। सो वर्क लोड के अंदर आप देख सकते हो डिप्लॉयमेंट एंड डिप्लॉयमेंट जो अभी हम
लोगों ने क्रिएट किया। अब यहां पे ये जो फ़्टर है ना यह डिफ़ॉल्ट कर देना आप। सो आपने जो क्रिएट किया वो दिखेगा ऑनलाइन
एग्जाम जो अभी हम लोगों ने अपनी एप्लीकेशन ऑनलाइन एग्जाम के नाम से डिप्लॉय करी है तो वो यहां पे अब दिखाई दे रही है। एंड ये
जो हमारी एप्लीकेशन है ये दो अलग-अलग पॉट्स में रनिंग है। आप नीचे देख सकते हो। ठीक है? सो अब वर्क लोड में आप देखोगे
यहां पे पॉट्स का एक ऑप्शन है। पोर्ट्स पे मैं क्लिक करता हूं। तो आप इसमें ना डिफॉल्ट सेलेक्ट कर लो। सो यहां पे आप देख
सकते हो दो पॉट क्रिएट हो गए हैं। और दोनों पॉट के अंदर हमारी एप्लीकेशन रनिंग है। इसका स्टेटस भी आप देख सकते हो कि
स्टेटस क्या है? रनिंग। अगर एप्लीकेशन में कुछ प्रॉब्लम आती ना तो यहां पे दिख जाता। इसके अलावा आप देखोगे ये जो दो पॉड बने
हैं ना हमारे एजेंट पूल में दो वर्चुअल मशीन बनी थी वीएमएसएस में। सो आप देखोगे दोनों पॉड एक-एक वर्चुअल मशीन दोनों
अलग-अलग वर्चुअल मशीन पे बने हैं। देखो 01 ठीक है? और यहां जो पड बनता है पोर्ट को भी एक-एक आईपी असाइन हो जाती है। ऑफ कोर्स
पड में भी ठीक है? इंटर कम्युनिकेशन के लिए यह जरूरी है। एंड यहां पे कोई भी मैं पोर्ट पे क्लिक करता हूं। सो यहां पे आप
यह भी देख सकते हो कि इस पड के अंदर कौन से और कितने कंटेनर रन हैं और उस कंटेनर में कौन सी इमेज या तो कौन सी एप्लीकेशन
रन है। सो आप देखोगे लास्ट में आप देखोगे कंटेनर्स कौन-कौन से कंटेनर्स हैं। आप देखोगे ऑनलाइन एग्जाम नाम का एक कंटेनर
रनिंग है। तो यहां से हमने ये भी देख लिया कि पोर्ट के अंदर कंटेनर रन हो रहा है और उस कंटेनर के अंदर कौन सी इमेज या तो कौन
सी एप्लीकेशन रन हो रही है। सो आप देख सकते हो कंटेनर की एक ये आईडी जनरेट हो गई है। और ये कौन सी इमेज को रन कर रहा है।
आप देखोगे फिलिप ऑनलाइन पोर्टल ओके सो यहां से हम लोगों ने ये भी वेरीफाई कर लिया
ओके सो इस पॉइंट तक हम लोगों ने kबेनस का एक क्लस्टर बना लिया नोट बना लिया नोट के अंदर हम लोगों ने अपनी एप्लीकेशन डिप्लॉय
कर दी और हमारे जो कंटेनर्स हैं एप्लीकेशन की वो पोर्ट्स मतलब मल्टीपल पॉट्स के अंदर रनिंग स्टेट में है तो आप देखोगे कि एक
नोट है मतलब एक सर्वर है उसके अंदर एक पॉड है उसके अंदर एक कंटेनर है और उस कंटेनर के अंदर हमारी एप्लीकेशन चल रही है और उस
एप्लीकेशन को अगर यूजर को एक्सेस करना है तो वो कैसे करेगा? ओके। सो एनीवे ये हमको सोचने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां पे
ये सारा काम कोबेनिटीज हैंडल करता है। ऑलदो हमारा एक टास्क जरूर रहता है। हमको एक सर्विस क्रिएट करनी पड़ती है जिसके
थ्रू हमको एक एंड पॉइंट मिल जाता है। एक पब्लिक आईपी मिल जाती है जिसके थ्रू यूज़र्स हमारी वेबसाइट को एक्सेस कर सकते
हैं। सो हमको सिर्फ एक सर्विस क्रिएट करनी पड़ती है एंड वो भी हम लोग क्रिएट करते हैं वाया यामल फाइल। एंड इतनी छोटी सी एक
यामल फाइल हमको अप्लाई करना है। और आप देखोगे कि क्या है? काइंड है सर्विस। तो मतलब हम लोग एक सर्विस क्रिएट कर रहे हैं।
एंड इस सर्विस में क्या क्रिएट कर रहे हैं? हम लोग थोड़ा सा वो डिफाइन कर देते हैं। पहली चीज ये सर्विस किस चीज के लिए
या तो कौन से एप्लीकेशन के लिए क्रिएट कर रहा है। तो आप देखोगे ऑनलाइन एग्जाम जो अभी हम लोगों ने डिप्लॉयमेंट किया था उसके
लिए हम लोग क्रिएट कर रहे हैं। टाइप क्या है? लोड बैलेंसिंग। मतलब ये सर्विस जो हम लोग क्रिएट करेंगे जो एंड पॉइंट बनेगा वो
ट्रैफिक को लोड बैलेंस मतलब डिस्ट्रीब्यूट भी करेगा। एंड इसके बाद पोर्ट से रिलेटेड इनफेशन कि हमारी एप्लीकेशन 3000 पोर्ट पे
लिसन कर रही है तो टारगेट पोर्ट 3000 है मतलब कंटेनर 3000 पे रन कर रहा है और पोर्ट 80 मतलब अगर हमको अपनी एप्लीकेशन
एक्सेस करना है तो वो पोर्ट 80 से एक्सेसबल हो जाएगी और वो इंटरनली 3000 पोर्ट पे डायवर्ट कर देगा सिंपल चलिए तो
ये वाली जो यामल कोड है हम इसको अप्लाई कर देते हैं। फिर से चलते हैं अपने क्लस्टर पे क्रिएट अप्लाई अ यामल यहां पे अपनी
सर्विस वाला यामल कोड पेस्ट कर देते हैं। अप्लाई एंड दैट्स ऑल। तो यहां पे देखोगे सर्विस हो गई है क्रिएट। इसके बाद सिंपली
लेफ्ट साइड में कुबेनिटीज़ रिसोर्सेज के अंदर आप देखोगे सर्विसेस एंड इनग्रेसेस। इस पे हम क्लिक कर लेंगे। सो जो अभी हम
लोगों ने एक सर्विस क्रिएट करी है तो वो यहां पे आ गई है वो है लोड बैलेंसर वाला। ओके? ऑनलाइन एग्जाम सर्विस। एंड इसी को
मैं थोड़ा सा स्क्रॉल करता हूं ना। सो आप देखोगे एक एक्सटर्नल आईपी भी जनरेट हो गई है जो पोर्ट 80p लिसन है। एंड यह आईपी को
यूज़ करके हम अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं। अब सिंपली यहां भी क्लिक करोगे ना यह एक मैं इसको क्लिक करता हूं।
कंटिन्यू टू साइट। सो यस यू कैन सी कि हमारी जो ऑनलाइन एग्जाम पोर्टल है एक्सेसबल है।
एंड हमारे कोड में ना एप्लीकेशन जो सर्वर है मतलब जिस भी सर्वर से ये एक्सेसबल है उसकी भी इनेशन यहां पे प्रिंट करता है। तो
आप देखोगे एप्लीकेशन सर्वर तो लास्ट में आप देखोगे आरआरएस डी2 ये सर् कोई एक सर्वर है। अब ये कहां कौन सा सर्वर है? चलो
देखते हैं। वर्क लोड में जाके पोर्ट्स पे जाता हूं मैं। सो आप देखोगे आरआर एच डी2 तो यह वाले पोर्ट्स से यह एक्सेसिबल है।
मतलब यह यहां पे मतलब डिलीवर हो रही है। और मैं रिफ्रेश करता हूं। सो लेट्स सी। सो आप देखोगे ये दूसरे वाले सर्वर से वीg2 और
ये जो दूसरा वाला है ये तो मतलब इससे हम लोगों ने क्या देखा? ये दोनों पोर्ट अलग-अलग वर्चुअल मशीन पे हैं। और अभी जब
हम अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर रहे हैं, रिफ्रेश भी कर रहे हैं तो वो अलग-अलग पॉट मतलब अलग-अलग एप्लीकेशन इंस्टेंसेस से
हमको वेबसाइट को डिलीवर कर रहा है। दैट मींस हमारा जो नेटवर्क ट्रैफिक है डिस्ट्रीब्यूट हो रहा है एंड लोड बैलेंसर
भी यहां पे प्रॉपर्ली वर्क कर रहा है। चलिए अब देखते हैं सेल्फ हीलिंग क्या होता है? इसका सिंपल सा मतलब है कि देखो अभी
यहां पे दो पॉड के इंस्टेंसेस रन है। तो अगर इन दोनों पॉड में से किसी पॉड में कोई प्रॉब्लम आ जाती है। किसी वजह से वो फेल
हो जाता है तो कोबैनिटीज क्या करेगा? एक दूसरा पॉड बनाएगा। मतलब एक हेल्दी पॉट से उसको रिप्लेस कर देगा। उसको देखने के लिए
सिंपल सा मैं क्या करूंगा? किसी भी एक पॉट को मैं सेलेक्ट करता हूं। जैसे कि ये वाला और उसको मैं डिलीट कर देता हूं। इंटेंशनली
मैं डिलीट कर रहा हूं। कंफर्म डिलीट। सो मैंने यहां पर पड डिलीट किया तो दैट मींस कुबेनिटीस को क्या दिखा कि अरे पड में तो
कुछ प्रॉब्लम है या तो फेल हो गया या तो ड्रॉप हो गया है तो इसने तुरंत क्या किया ये एक और पड इसने क्रिएट करा देखो कंटेनर
क्रिएटिंग तो इसने दूसरा पॉड क्रिएट करना स्टार्ट भी कर दिया ओके और मैं सिंपली रिफ्रेश करता हूं। सो आप देखोगे मैंने एक
पॉट डिलीट किया तो इसने एक और पॉट बना दिया और उसको रिप्लेस कर दिया। सो दैट ये अभी भी दो पॉट्स हेल्दी स्टेट में रनिंग
हैं। तो इसको बोलते हैं हम सेल्फ हीलिंग। चलिए अब बात करते हैं स्केलिंग की। देखो अभी करेंटली हमारी एप्लीकेशन दो पॉट में
रनिंग है और ट्रैफिक जो है ये दोनों पोर्ट्स में डिस्ट्रीब्यूट हो रहा है। मान लीजिए मुझे स्केल करना है। दो की जगह चार
या तो छह पॉट्स में मुझे अपनी एप्लीकेशन रन करना है। तो क्या करूंगा मैं? इसके दो देखो दोनों तरीके हो सकते हैं। एक तो आप
वाया कमांड कर लो। तो सिंपल सी कमांड यूज़ करना है क्यूब सीडीएल स्केल डिप्लॉयमेंट और डिप्लॉयमेंट का नाम जैसे कि ऑनलाइन
एग्जाम और रेप्लिकास आपको कितने रखना है तो जैसे अभी हमारा इनिशियली टू था। अब आप चाहो तो फोर कर सकते हो और इसका एक और
तरीका है जो पोर्टल से कर सकते हैं। जैसे कि आप डिप्लॉयमेंट में जाओ। सो हमारी डिप्लॉयमेंट है ऑनलाइन एग्जाम। इस पे मैं
क्लिक करता हूं। आप देखोगे यहां पे स्केल का एक ऑप्शन आ रहा है। ऑलदो मैं कमांड रन करके यहां पे स्केल करता हूं। रन कमांड
और सिंपल सी हम लोग यहां पे कमांड यूज़ करेंगे। क्यूब सीटीएल स्केल डिप्लॉयमेंट ऑनलाइन एग्जाम रेप्लिकास इक्वल टू 4 लेट्स
से मैं यहां पे सिक्स कर देता हूं। ओके और रन करते हैं। सो यू कैन सी कि यहां पे स्केल्ड हो चुका है। और इसके बाद हम लोग
फिर से जाएंगे वर्क लोड और पॉट्स में और सिंपली रिफ्रेश करेंगे। एंड नाउ यू कैन सी कि हाउ क्विकली इट वर्क्ड। हम लोग ने जैसे
ही कमांड रन करी यहां पे दो की जगह यहां पे छह पॉट्स अब रनिंग हैं। और जिस तरीके से हम लोग ने इसको स्केल अप किया। मतलब
यहां पे दो की जगह छह पॉट्स करें। तो हम लोग वैसे ही हम लोग चेंज करके फोर रेप्लिकास भी कर सकते हैं। अब जैसे कि
देखो मैंने अभी रेप्लिकास सिक्स थे। अभी मैं फोर कर देता हूं। तो वो सिंपली दो पॉट्स को रिड्यूस या तो रिमूव कर देगा। तो
आप देखोगे स्केल्ड हो गया है। इसके बाद मैं फिर से वर्क लोड में जाता हूं। पॉट्स रिफ्रेश तो आप देखोगे सिर्फ चार पॉट्स
यहां पे रनिंग हैं। ओके? ओके। सो इस पॉइंट तक हमारी एप्लीकेशन डिप्लॉयड है और एक्सेबल है। मान लीजिए इस
एप्लीकेशन में मुझे कुछ चेंजिस करना है तो क्या करूंगा? आप देखोगे डॉकर hub में अभी यहां पे दो वर्जन हैं मतलब इस एप्लीकेशन
के 0 वन एंड 02 तो अभी करेंटली 01 अप्लाइड है या तो डिप्लॉयड है और मुझे नेक्स्ट वर्जन या तो 02 वर्जन है उसको मुझे
डिप्लॉय करना है तो मैं वो कैसे करूंगा मतलब हमारी एप्लीकेशन को अपडेट कैसे करूंगा इसके लिए सिंपली हम लोग एक कमांड
यूज़ कर सकते हैं और कमांड में हम लोग सिंपल बोल रहे हैं क्यूब सीएल सेट इमेज और हम लोग ने बता दिया डिप्लॉयमेंट कौन सा है
ऑनलाइन एग्जाम और इसके बाद ऑनलाइन एग्जाम मतलब हमारे कंटेनर का नाम भी ऑनलाइन ऑनलाइन एग्जाम है। ओके। और हम लोग सिंपल
बोल रहे हैं कि जो कंटेनर है उसकी जो इमेज है वो ये वाली सेट कर दो। मतलब ये जो एग्जाम पोर्टल 02 नया वर्जन है वो सेट कर
दो। ओके? सो ये कमांड हम लोग रन करके देखते हैं। और आप लोग भी ये कमांड यूज़ कर सकते हो क्योंकि ये जो इमेज है ये
पब्लिकली प्रेजेंट है डॉकर पे। इसके बाद सिंपली हम लोग क्लस्टर पे जाएंगे इंकबेनिटीज़ रिसोर्सेज में रन कमांड और ये
वाली कमांड हम लोग रन कर लेंगे। सिंपली हम लोग इमेज सेट कर रहे हैं। रन। सो आप देखो कि इमेज अपडेटेड हो गई है। वर्क लोड पे
जाएंगे। पॉट्स। ओके। सो प्रॉब्लम यहां पर है कि अगर आप पॉट्स देखोगे तो यहां पर एरर आ गए हैं। काफी सारे रिस्ट इन्होंने ठीक
है ट्राई किया। सो ऑलदो इसने एक चीज अच्छी करी कि हमारी एटलीस्ट एक पोर्ट अभी भी रनिंग है तो हमारी एप्लीकेशन पूरी फुल्ली
डाउन नहीं है। लेकिन बाकी के पोर्ट से हम लोग को एक चीज तो पता चल गई कि जो हमारी एप्लीकेशन की जो नई अपडेट है मतलब जो नई
इमेज है उसमें कुछ प्रॉब्लम है। ओके। सो यहां पे ना हम लोग एक चीज और देख सकते हैं कि रोल बैक कैसे करें। अब इतनी प्रॉब्लम आ
ही गई है तो हम सिंपली जल्दी से रोल बैक अगर हमको करना है कि जो भी चेंजेस करें वो रोल बैक हो जाए तो हम लोग फिर से क्या है
रन कमांड पे जाते हैं। सिंपल सी कमांड यूज़ करना है क्यूब सीटीएल रोल आउट अनडू मतलब जो हम लोग ने अभी चेंजेस किए उसको अनडू कर
दो और किसके लिए करना है डिप्लॉयमेंट ऑनलाइन एग्जाम तो यहां पे हम लोग सिंपली यहां पे रोल बैक कर रहे हैं इस कमांड को
यूज़ करके। सो आप देखोगे रोल बैक हो गया है। एंड इसके बाद हम लोग वर्क लोड में जाके पॉट्स पे चेक कर लेंगे। सो यू कैन सी
कि हमारे जो पॉट्स हैं फिर से हेल्दी स्टेट में आ गए। सो यहां पे हम लोगों ने अभी क्विकली देखा कि अपनी एप्लीकेशन को
अपडेट करना और अपडेट के टाइम में कोई प्रॉब्लम आ जाए तो कैसे हम क्विकली रोल बैक भी कर सकते हैं और हमारा जो एप्लीकेशन
है क्विकली हेल्दी स्टेट में आ गया। ओके अभी भी हमारे एप्लीकेशन एक्सेसिबल है। ओके। सो, एक बार अपनी एप्लीकेशन को फिर से
अपडेट करने का ट्राई करते हैं। अभी हम लोग ने यह तो देख लिया कि जो वर्जन 02 था उसमें कुछ प्रॉब्लम थी। तो मैंने 03 यहां
पे अपलोड करी है। एंड इसको ट्राई करके देखते हैं। अपने क्लस्टर पर चलते हैं। रन कमांड और इस बार हम लोग इसको अपडेट कर रहे
हैं वर्जन 3 पे। सो इमेज अपडेट हो चुकी है। इसके बाद वर्क लोड में जाके पॉट्स चेक कर लेते हैं कि प्रॉपर है कि नहीं। तो इस
बार पॉट्स अब प्रॉपर रनिंग स्टेज में है। एंड इसको एंड अपनी एप्लीकेशन को मैं रिफ्रेश करता हूं। सो यस यू कैन सी कि
हमारा वर्जन टू ऑलदो वर्जन थ्री है। सो यहां पे हमारी एप्लीकेशन भी अपडेट हो गई है।
ओके? सो दिस इज़ ऑल अबाउट दिस सेक्शन। और इस सेक्शन में हम लोगों ने ये सारी ही चीजें कवर कर ली। ठीक है? अपने एक
एप्लीकेशन को कैसे डिप्लॉय करना है? कोबेनिटीज़ का बेसिक और कंटेनर का बेसिक हम लोग ने समझ लिया। क्लस्टर कैसे क्रिएट
करना है? यामल कैसे अप्लाई करना है? पॉट्स क्या होता है? पॉट्स कैसे रन करते हैं? इसके बाद सर्विस क्रिएट करी, पब्लिक आईपी
एंड उसके थ्रू। ठीक है? वेबसाइट को कैसे एक्सेस करना है? और उसके बाद स्केल कैसे करना है, अपडेट, रोल बैक और सेल्फ हीलिंग
ये सारे कांसेप्ट हम लोग ने कवर कर लिए। एंड एज़ यूजुअल हम लोग सारे सेशन के एंड में अपने रिसोर्सेज को डिलीट करते हैं। सो
चलते हैं अपने रिसोर्स ग्रुप में। आरजी एएस डेमो हम लोग ने जो क्रिएट किया था उसको हम लोग यहां पे डिलीट कर लेते हैं।
ग्रुप का नाम एंड सिंपली डिलीट। रिसोर्सेज डिलीट होने के बाद एक बार आप वेरीफाई कर लेना। या तो ऑल रिसोर्सेज में जाके चेक भी
कर लेना। अगर कुछ रिसोर्सेज बचे हो तो आप ठीक है? उसको अलग से डिलीट भी कर सकते हो। सो चलिए मिलते हैं नेक्स्ट सेक्शन में एक
और टॉपिक के साथ। चलिए इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे aur के कंटेनर इंस्टेंसेस सर्विस के बारे में
जो आपको प्रोवाइड करता है फास्टेस्ट एंड सिंपलेस्ट वे टू रन योर कंटेनर। अब मान लीजिए आपका एक कंटेनर के इमेज है वो रेडी
है। चाहे वो आपकी एप्लीकेशन की हो चाहे एक छोटा सा प्रोग्राम हो, स्क्रिप्ट हो, एक छोटा सा जॉब हो। आई मीन फॉर एनी रीज़न। एंड
आपको उसको इमीडिएटली या तो फास्टेस्ट तरीके से उसको रन करना है। एंड आपको हेडेक नहीं चाहिए कि आप एक वर्चुअल मशीन बनाओ या
तो एक सर्वर मेंटेन करो। वहां पे डॉकर सेटअप करो। राइट? आपको इतना हेडेक भी नहीं चाहिए। तो आप एसीआई सर्विस आप यूज़ कर सकते
हो। तो सबसे पहले तो यह बना के देखते हैं। करके देखते हैं। एंड उसके बाद इसके बारे में थोड़ा सा और बात करेंगे। सबसे पहले तो
यह दिखा देता हूं कि डॉकर hub में मेरे पास एक कंटेनर इमेज प्रेजेंट है। कैंडी स्टोर एक सिंपल सी स्टैटिक वेबसाइट है।
वहीं हम यूज़ करेंगे। पब्लिकली प्रेजेंट है। सो आप भी टेस्टिंग पर्पस के लिए यह यूज़ कर सकते हो। इसके बाद आ जाते हैं
एजोर पोर्टल में। सिंपली आप सर्च करो कंटेनर। इसमें आप देखो कि कंटेनर इंस्टेंसेस। सो इस पे क्लिक कर लेंगे। कोई
इंस्टेंस अभी क्रिएट नहीं है। सिंपली क्रिएट बेसिक इंफॉर्मेशन देना जैसे कि रिसोर्स ग्रुप तो मैं यहां पर दे देता हूं
आरजी एसीआई डेमो। ओके। इसके बाद है कंटेनर का नाम। सो जो भी
आपके एप्लीकेशन का नाम है जैसे कि यहां पे कैंडी स्टोर इस टाइप से मैं कंटेनर का नाम दे
देता हूं। रीजन डिफ़ॉल्ट रखते हैं। अवेलेबिलिटी ज़ोन सेलेक्ट कर सकते हो। ऑलदो डिफ़ॉल्ट रखते हैं। इमेज सोर्स आपकी जो
कंटेनर इमेज है वो कहां से आएगी? तो एजोर कंटेनर रजिस्ट्री है या तो अदर रजिस्ट्री तो हमारे केस में क्या है? डॉकर hub तो हम
लोग अदर रजिस्ट्री पे क्लिक कर लेते हैं। इसमें एक वार्निंग भी है कि जो डॉकर hub है इसमें अभी रिसेंटली पुल रेट के एक
लिमिट सेट हो गई है। सो आप बहुत ज्यादा बार ठीक है वहां से इमेज पुल नहीं कर सकते हो। तो ये थोड़ा सा इसको ध्यान रखना कि
अगर आपको इमेज पुल करने में एरर आ रहा है तो यह भी एक रीज़न हो सकता है। इसके बाद इमेज टाइप आपकी पब्लिक है या तो प्राइवेट
लेट्स से अगर आपके ऑर्गेनाइजेशन में कोई इमेज है राइट वो प्राइवेटली प्रेजेंट है तो प्राइवेट करके आप यहां पे यूजरनेम
पासवर्ड से भी उसको एक्सेस कर सकते हो। अभी हम पब्लिक करते हैं। इसके बाद सिर्फ इमेज का आपको नाम देना है। तो मैं सिंपली
यहां पे इमेज का नाम कॉपी कर लेता हूं। और इसके बाद आप वर्जन भी दे सकते हो। जैसे कि 02 वर्जन दे दिया। OS Linux ही रहने देते
हैं और साइज़ भी डिफ़ॉल्ट ही रखते हैं। इसके बाद है नेटवर्किंग कि आपको कंटेनर में नेटवर्क जो है पब्लिक रखना है, प्राइवेट
रखना है। तो लेट्स से हमारे केस में स्टैटिक वेबसाइट है एंड उसको इंटरनेट से एक्सेस करना है। सो हम लोग पब्लिक यूज़
करते हैं। एंड आपकी एप्लीकेशन कौन से पोर्ट पे लिसन कर रही है। सो आप जैसे ही पब्लिक यहां पे सेलेक्ट करते हो पोर्ट 80
यहां पे ओपन हो जाता है। और लेट्स से मेरी एप्लीकेशन 3000 पोर्ट पे लिसन कर रही है। तो मैं यहां पे 3000 पोर्ट भी यहां पे
इनेबल या तो ओपन कर लूंगा। इसके बाद आ जाते हैं मॉनिटरिंग। सो यहां पे कंटेनर लॉक ऑलरेडी इनेबल्ड है। एडवांस पे आते हैं
तो है एक रिस्टार्ट पॉलिसी कि आपकी कंटेनर रिस्टार्ट किस बेसिस पे होगा। सो इसमें भी आप कंडीशन दे सकते हो। जैसे कि ऑन फेलियर
कि किसी वजह से फेल हो जाता है तो रिस्टार्ट हो जाएगा। इसके अलावा आप सेलेक्ट कर सकते हो ऑलवेज या तो नेवर। एंड
इसके बाद सिंपली क्रिएट एंड रिव्यू क्रिएट। सो डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। एंड जितना भी टाइम लगना है सिर्फ
इसी प्रोसेस में लगना है। ऑलदो हमारा जो कंटेनर है वो अप एंड रनिंग होना हो जाना चाहिए। इसके बाद सिंपली कंटेनर इंस्टेंसेस
में फिर से चलते हैं। कंटेनर इंस्टेंसेस में हमारा कंटेनर जो कैंडी स्टोर है वो यहां पे दिखाई दे रहा है। और स्टेटस आप
देखोगे रनिंग है। इस पे क्लिक कर दें। सो जैसे कि हम लोग नेटवर्किंग पब्लिक इनेबल किया था तो यहां पे एक पब्लिक आईपी भी
जनरेट हो गई है। सो मैं इसको कॉपी कर लेता हूं और हमारी एप्लीकेशन को एक्सेस करने का ट्राई करते हैं। सो मैं इस टाइप से ट्राई
कर रहा हूं http और पब्लिक आईपी कॉलन 3000 पोर्ट एक्सेस करता हूं। सो यस यू कैन सी कि जो हमारी सिंपल सी स्टैटिक वेबसाइट है
वो एक्सेसबल है। सो इस तरीके से हमने देखा कि कंटेनर को रन करना कितना इजी और फास्ट है। एंड कंटेनर में भी कुछ ऑप्शंस आपको
मिल जाते हैं। जैसे कि रिस्टार्ट स्टॉप डिलीट आप कर सकते हो। लेफ्ट साइड में जाते हैं सेटिंग्स है जिसमें आप कंटेनर पे
क्लिक कर लो तो आप यहां पे देख सकते हो कि कौन सी इमेज ठीक है? रनिंग है। जैसे कि कैंडी स्टोर ठीक है? वर्जन कौन सा है?
रनिंग स्टेट में है कि नहीं। एंड इसी पेज पे आप नीचे देखोगे लॉग्स का भी एक टैब है। आप देखोगे कैंडी स्टोर ऐप लिसनिंग ऑन मतलब
कंटेनर से रिलेटेड जो लाइव लॉग है एक्सट्रा। सो वो भी आप यहां पे देख सकते हो क्योंकि कॉन्फ़िगर करते टाइम हम लोग ने
इनेबल किया था। इसके बाद प्रॉपर्टीज में जाके और भी डिटेल्स देख सकते हो। जैसे कि पब्लिक आईपी ओएस टाइप कौन सा है? इसके बाद
कौन से पोर्ट्स इनेबल हैं? ठीक है? रिस्टार्ट पॉलिसी क्या है? एंड सो ऑन। ओके? सो प्रैक्टिकल करके तो देख लिया। अब
इसके बारे में थोड़ी सी बात कर लेते हैं। जैसे कि एक रियल लाइफ यूज़ केस कि भाई इसको कहां पे यूज़ कर सकते हैं। मान लीजिए
आपकी कोई एक बहुत बड़ी एप्लीकेशन है ई-कॉमर्स वेबसाइट है। आपने डिप्लॉय करी है और आपको मंथली बेसिस पे एक छोटी सी
स्क्रिप्ट रन करना पड़ता है जिसका काम है वो जो डेटा को एनालाइज़ करके एक रिपोर्ट जनरेट करेगा। सो यहां पे रिक्वायरमेंट
क्या है कि एक महीने में वो प्रोग्राम या तो जो भी आपकी स्क्रिप्ट है वो एक बार चलेगी। राइट? वो भी थोड़ी देर के लिए
चलेगी और स्टॉप हो जाएगी। तो आपको थोड़ा सा ही काम है। सो ऐसे कुछ यूज़ केसेस में जो कि शॉर्ट लिव्ड हैं, इवेंट बेस्ड हैं
या तो आपकी बहुत ही सिंपल सी कोई एप्लीकेशन है तो उन केसेस में आप एसीआई यूज़ कर सकते हो। अब जैसे मान लो एक
स्टैटिक वेबसाइट ही है। सो उसमें भी हमने देखा कि एक रीस्टार्ट पॉलिसी है। अगर कुछ फेल हो गया, कुछ प्रॉब्लम है तो वो
रीस्टार्ट कर देगा। सो दैट मींस कंटिन्यूटी मेंटेन करने की वो ट्राई करेगा। एंड लास्ट में बात कर लेते हैं कुछ
की पॉइंट्स के बारे में। एसीआई के बारे में। सर्वरस कंटेनर सर्विस। ठीक है? वीएम क्रिएट करने की या तो मैनेज करने की जरूरत
नहीं है। कंटेनर्स को हम डायरेक्टली रन कर सकते हैं। कुबेनिटी जैसे क्लस्टर बनाने की जरूरत नहीं है। फास्ट स्टार्टअप वो तो हम
लोग ने देख लिया कि कॉन्फ़िगर करना बहुत ही आसान है और बहुत फास्ट है। पे फॉर रिसोर्सेज यूज़्ड। अब ठीक है? बैक एंड में
जितना भी रिसोर्सेज यूज़ हो रहा है, उसी का आप ठीक है? पे करना पड़ता है। स्केल करना है। तो, हम लोग मल्टीपल इंस्टेंसेस क्रिएट
कर सकते हैं। ठीक है? अपनी एप्लीकेशन की। तो, वो एक तरीका है। नेटवर्किंग कि पब्लिकली एक्सपोज्ड हो सकती है कंटेनर। वो
भी हम लोग ने ऑलरेडी देखा हुआ है। गुड यूज़ केसेस क्या है? एपीआई बैच जॉब्स डेवलपमेंट टेस्टिंग सिंपल कंटेनराइज्ड एप्लीकेशन
एक्सट्रा एंड अगर लिमिटेशन की बात करें तो कुबेन के जैसे इसमें एडवांस ऑर्केस्ट्रेशन की कैपेबिलिटीज नहीं है। सेल फीलिंग हो
गई, ऑटो स्केलिंग हो गई। ठीक है? तो सिंपल है कि अगर आपकी थोड़ी सी कॉम्प्लेक्स एप्लीकेशन है एंड लार्ज स्केल
एप्लीकेशनेशंस है तो उसके लिए एसीआई ऑफ कोर्स यूज़ नहीं करना है। सो दैट्स ऑल अबाउट दिस सेक्शन।
ऑलराइट। सो चलिए सेक्शन में देखते हैं कि Ajureोर की कंटेनर ऐप सर्विस को यूज़ करके हम कैसे एक कंटेनर बेस्ड वेबसाइट को
डिप्लॉय कर सकते हैं विद इन फ्यू मिनट्स। एंड इसमें आपको मिल जाता है एक https बेस्ड यूआरएल अपनी एप्लीकेशन को एक्सेस
करने के लिए। इसके अलावा आप कस्टम डोमेन भी कॉन्फ़िगर कर सकते हो अपने कंटेनर या तो वेबसाइट को अपडेट कर सकते हो। ऑटो
स्केलिंग का प्रोविजन मिलता है। सो दैट अगर ट्रैफिक बढ़ रहा है तो वो भी यहां पे हैंडल हो जाएगा। एंड बेस्ट पार्ट यह है कि
यह सर्वरस है। दैट मींस आपको एक वर्चुअल मशीन या तो सर्वर बनाने की या तो मैनेज करने की जरूरत नहीं है। सिंपली आपके पास
सिर्फ होना चाहिए आपकी कंटेनर की इमेज जो मेरे केस में मेरे पास डॉकर हब में देखोगे कंटेनर इमेज प्रेजेंट है। तो चलिए
प्रैक्टिकल करके देखते हैं। सो कंटेनर ऐप बनाने के लिए Azure पोर्टल पे सर्च कर लीजिए कंटेनर एंड इसमें आप देखोगे कंटेनर
एप्स। इस पे क्लिक कर लो। अभी करेंटली कोई ऐप नहीं है। क्रिएट एप पे हम क्लिक करेंगे। इसके बाद है सबसे पहले रिसोर्स
ग्रुप। तो एक रिसोर्स ग्रुप बना लेते हैं। जैसे कि आरजी एसीए डेमो मतलब एजोर कंटेनर एप्स कंटेनर का नाम देना है तो जो भी
एप्लीकेशन का नाम है वो मैं दे देता हूं। जैसे कि कैंडी स्टोर डिप्लॉयमेंट सोर्स तो हमको कंटेनर इमेज से ही डिप्लॉयमेंट करना
है। इसके बाद रीजन एंड कंटेनर ऐप एनवायरमेंट को हम लोग डिफ़ॉल्ट रहने देते हैं। एंड रीजन में मैं सेंट्रल इंडिया ठीक
है? सेलेक्ट कर लेता हूं। ऑलदो आप डिफ़ॉल्ट में भी रख सकते हो। इसके बाद आ जाते हैं कंटेनर। सो कंटेनर का नाम कैंडी स्टोर सेम
है। और आपकी कंटेनर की इमेज आपको कहां से यूज़ करनी है? एज योर कंटेनर रजिस्ट्री या तो डॉकर hub. सो हमारे केस में देखो डॉकर
hub में मेरे पास कंटेनर इमेज है। सो इन दैट केस डॉकर hub हम लोग सेलेक्ट कर लेंगे। इसके बाद पब्लिक है या तो प्राइवेट
इमेज है। तो अब दोनों ही सपोर्टेड है। प्राइवेट में आपको सिंपली यूजरनेम पासवर्ड देना पड़ता है रजिस्ट्री का। हमारे केस
में जो इमेज है वह पब्लिक है तो पब्लिक रहने देते हैं। इमेज का नाम देना है तो मैं सिंपली इमेज का नाम डॉकर hub से कॉपी
कर लेता हूं। और यहां दे देंगे इमेज का नाम कॉलन। एंड इसके बाद आप वर्जन भी दे सकते हो। जैसे कि मैं ज़ीरो वन अभी दे देता
हूं। इसके बाद चीजें डिफ़ॉल्ट ही रखते हैं। वर्क लोड प्रोफाइल में आप देख सकते हो कि अप टू फोर वर्चुअल CB एंड 8GB रैम तक। ठीक
है? यह स्केल हो सकता है। ठीक है? अब यूज़ कर सकते हैं अपन। और करेंटली जो CPU एंड मेमोरी है जो एलोकेट होगी वो है 5 CPU कोर
एंड 1GB मेमोरी। ओके? एनवायरमेंट वेरिएबल अगर आपके कंटेनर को रन करने के लिए आपको प्रोवाइड करना है तो वो आप दे सकते हो।
इसके बाद है इनग्रेस। सो यहां पे इनग्रेस हमको इनेबल करना पड़ेगा। बिकॉज़ हम लोग एक वेबसाइट ठीक है? डिप्लॉय कर रहे हैं। तो
वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए नेटवर्क भी चाहिए हमको। ठीक है? पब्लिक एक्सेसिबिलिटी चाहिए। इसके बाद देखोगे इनग्रेस ट्रैफिक
कौन सा सेलेक्ट करना है? तो हम लोग बोलेंगे एक्सेसिंग ट्रैफिक फ्रॉम एनीवेयर। क्योंकि इंटरनेट से कोई भी हमारी वेबसाइट
को एक्सेस कर सके। HTTP इसने बाय डिफ़ॉल्ट सेलेक्ट कर लिया है। ट्रांसपोर्ट ऑटो ही रखते हैं। एंड इसके बाद यह बोल रहा है
टारगेट पोर्ट। सो आपकी एप्लीकेशन कौन से पोर्ट पे लिसन कर रही है। सो इन माय केस 3000 पोर्ट है। सो 3000 ही रखता हूं। इसके
बाद टैग्स एंड रिव्य्यू एंड क्रिएट। सो सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट पे क्लिक करेंगे और सिंपली क्रिएट। सो डिप्लॉयमेंट हो गया
कंप्लीट। इसके बाद हम लोग फिर से जाएंगे कंटेनर एप्स में। सो यू कैन सी कि हमारा जो कंटेनर एप कैंडी स्टोर यहां पे दिख रहा
है। इस पे हम क्लिक करते हैं। और इसके बाद ना सबसे पहले देखते हैं कि हम अपनी वेब एप्लीकेशन को एक्सेस कर सकते हैं कि नहीं।
एंड इसके ओवरव्यू में आप नोटिस करोगे सबसे बेस्ट पार्ट कि आपकी एप्लीकेशन को एक्सेस करने के लिए अब कोई पब्लिक आईपी नहीं है।
यहां पे एक प्रॉपर यूआरएल इन लोगों ने क्रिएट कर दी। ठीक है? और वो भी https सिक्यर्ड वर्जन। ठीक है? सो कैंडी स्टोर
और पूरा ठीक ऐसा नाम है। सो इस पे क्लिक करके आप अपनी एप्लीकेशन को एक्सेस कर सकते हो। चलिए ट्राई करते हैं। सो यस हमारी
एप्लीकेशन तो एक्सेसिबल है और प्रॉपर वो भी यूआरएल की मदद से। सो इसमें देखो एक प्रॉपर यूआरएल तो मिल जाता है एंड जो
बेसिक यूज़ के लिए तो काफी सफिशिएंट है लेकिन आप चाहते हो कि भाई कस्टम डोमेन आपके पास होना चाहिए तो लेफ्ट साइड में आप
देखा देखोगे तो यहां पे नेटवर्किंग के अंदर आपको एक ऑप्शन मिल जाता है कस्टम डोमेनस का ठीक है तो यहां पे जाके आप अ
कस्टम डोमेन ठीक है कॉन्फ़िगर कर सकते हो देखोगे ऐड कस्टम डोमेन और यहां पे आप कॉन्फ़िगर कर सकते हो और ऑलरेडी रजिस्टर्ड
है तो यहां पे से वेरीफाई कर सकते हो इसके बाद है इनग्रेस सो यहां पे आप जो भी इनग्रेस है तो नेटवर्किंग से रिलेटेड
ठीक है? जो रूल्स हैं वो यहां पे चेंजेस कर सकते हो। ठीक है? सो, यह एक बेटर चीज है कि आप यहां पे कुछ चेंजेस भी कर सकते
हो नेटवर्किंग में। इसके अलावा जाते हैं मॉनिटरिंग में तो लॉग स्ट्रीम पे अगर आते हैं तो आप अपने कंटेनर्स के लॉग देख सकते
हो। यू कैन सी कि देखो कैंडी स्टोर लिसनिंग एट लोकल होस्ट 3000। तो यहां पे कंटेनर्स के लॉग देख सकते हो। रियल टाइम
एंड हिस्टोरिकल दोनों ही टाइप के लॉग यहां पे आप देख सकते हो। इसके अलावा बात करें कंसोल। सो अगर आपको अपने कंटेनर को एक्सेस
करना है, अपने एप्लीकेशन में कुछ चेक करना है, तो चेंजेस करने हैं, तो आप सिंपल यहां पे बिन एसएच है तो बिन बैच से आप ठीक है
अपने कंटेनर पे कनेक्ट कर सकते हो। सो यू कैन सी यहां पे देखो बिन बैच हम लोगों ने कनेक्ट किया। सो अभी हम अपने कंटेनर के
अंदर हैं। ओके? मैं सिंपली यहां पे एलएस करता हूं। सो आप देख भी सकते हो कि हमारी एप्लीकेशन से रिलेटेड जो फाइल्स थी नड
मॉड्यूल्स हो गया और पब्लिक हो गया app डॉट जेs है तो ये सारी फाइल्स यहां पे प्रेजेंट है और सिंपली पीएस हफन ईएफ भी
करते हैं। सो आप देखोगे नड apps जो है अप एंड रनिंग है। ठीक है? हमारी एप्लीकेशन दैट मींस रनिंग है। इसके बाद बात करते हैं
कि अगर हमारी एप्लीकेशन को ही अपडेट करना है तो क्या वो हम यहां पे कर सकते हैं? यस ऑफ कोर्स यू कैन डू इट। सिंपली क्या है ये
जो लेफ्ट साइड में एप्लीकेशन है ना इसके अंदर जाओ एंड कंटेनर्स पे क्लिक कर लो। अब देखो कंटेनर्स में जो चीजें हम लोग ने अ
स्टार्टिंग में डिफाइन करी थी ना बनाते टाइम वो हम यहां पे चेंजज़ कर सकते हैं। अब जैसे कि सिंपल सी चीज है हम लोग ने इमेज
प्रोवाइड करी थी और इमेज का नाम था ये अ कैंडी स्टोर 001 वर्जन। अब लेट्स से यहां पे देखोगे मेरे पास 02 वर्जन भी है। तो
लेट्स से अगर मुझे अपने इमेज में या तो एप्लीकेशन में कुछ अपडेट करना है, चेंजज़ करना है, नई इमेज को ठीक है? अप्लाई करना
है तो सिंपल क्या है? ज़ीरो वन से ज़ीरो 2 कर दो सिंपल। ओके? एंड यहां पे सेव एज न्यू वर्जन कर दो। सो सिंपल। सो यहां
एप्लीकेशन में रिवीज़ंस के अंदर जाओगे तो आप देखोगे एक नया जो रिवीजन है वो यहां पे देखो एक्टिवेट हो रहा है। लेकिन तब तक
हमारा जो पुराना वाला वर्जन है वो रनिंग में है। ठीक है? सो आप देखोगे अब नया वाला रनिंग में है और दूसरा वाला डी
प्रोविजनिंग हो रहा है। और अपनी एप्लीकेशन को हम वेरीफाई भी कर लेते हैं। मैं सिंपली यहां पे रिफ्रेश करूंगा। आप देखोगे यहां
पे कुछ चेंजज़ आएंगे। द आइसक्रीम ब्रांड लिखा हुआ है। रिफ्रेश करता हूं। सो आप देखोगे न्यू आइसक्रीम ब्रांड। दैट मींस
हमारा नया वर्जन जो हमारी एप्लीकेशन का था वो यहां पे अपडेट हो गया। सो इस तरीके से देखा कि हमारे एप्लीकेशन को अपडेट करना
हो, चेंजेस करना हो तो वो भी पॉसिबल है यहां पे। एंड यहां पे रिफ्रेश फिर से करता हूं। सो आप देखोगे पुराना वाला जो रिवीजन
है वो ठीक है? डी प्रोविज़न हो चुका है। और लेफ्ट साइड में स्केल पे जाते हैं तो स्केल में भी आप देख सकते हो मिनिमम
रेप्लिका ज़ीरो है। मैक्सिमम 10 है। ओके? सो ये कुछ चीजें आपको चेंज करनी है तो वो भी आप यहां से चेंज कर सकते हो। यहां पे
देखो ये जो मिनिमम रेप्लिका ज़ीरो है ना इसका मतलब क्या है? अगर आपकी वेबसाइट पे कोई भी ट्रैफिक नहीं आ रहा है। लेट्स से
रात का टाइम है या तो बहुत कम ट्रैफिक है किसी पर्टिकुलर टाइम में दिन में तो सिंपल वो क्या करेगा? एक्टिव रिवीजन उस टाइम पे
होगा ही नहीं। ओके? सो ये देखिए अभी मैंने थोड़ी देर तक अपनी एप्लीकेशन को एक्सेस नहीं किया। तो आप देखोगे रनिंग स्टेटस
हमारे रिवीजन का देखोगे स्केल टू ज़ीरो। सो यू कैन सी कि जो रेप्लिका है मतलब एक भी हमारा कंटेनर का इंस्टेंस रनिंग नहीं है।
ओके? अब देखो यहां पे रिवीजन जो नाम है ना थोड़ा सा कंफ्यूज हो सकते हो। तो रिवीजन मतलब दैट्स इट। सिंपल सा है कि आपकी जो
कंटेनर है ना उसकी कॉन्फ़िगरेशन मतलब उसमें क्या-क्या डिटेल्स हैं। सिर्फ वो बताता है। मतलब एक टेंपलेट जैसा है। और रेप्लिका
मतलब यहां पे रनिंग इंस्टेंस हो जाएगा। सिंपल। अभी आप देखोगे रेप्लिका में एक भी नहीं है। सो दैट मींस उसको हमारी जो
कंटेनर इमेज है या तो कंटेनर से रिलेटेड सारी इनेशन है। रिवीजन में देखोगे। लेकिन रेप्लिका मतलब कोई भी रनिंग इंस्टेंस या
तो कंटेनर रन नहीं हो रहा है अभी। इसके लिए मैं क्या करता हूं? ब्राउज़र पे जाके अपनी एप्लीकेशन को सिंपली रिफ्रेश करता
हूं। और आप यहां पे चेंजज़ देखना। स्केल टू ज़ीरो है ना। अब रिफ्रेश करूंगा। आप देखोगे यहां पे एक्टिवेटिंग। तो उसको जैसे ही पता
चला कि किसी ने ट्रिगर किया या तो एक्सेस करने का ट्राई किया तो आप देखोगे एक्टिवेट करने लग रहा है और आपका जो कंटेनर है अब
वो रन हो जाएगा। आप रेप्लिका में देखोगे तो यहां पे देखो अभी आ गया है नॉट रनिंग। मींस अभी ऑफ़ कोर्स लोड हो रहा होगा। सो यह
देखो हमारा एक कंटेनर का इंस्टेंस यहां पे रनिंग है। ओके? सो रेप्लिकास एंड रिवीज़न में क्या डिफरेंस है? तो ये तो हमने
क्लियर कर लिया। एंड ये जो हम लोग ने देखा था ना मिनिमम रेप्लिकास ज़ीरो कि जब वेबसाइट पे कोई भी ट्रैफिक नहीं आ रही तो
उसने रेप्लिकास को ज़ीरो कर दिया। और ये हमारी हेल्प करता है कॉस्टिंग को रिड्यूस करने में। क्योंकि अगर आपकी वेबसाइट बहुत
ज्यादा एक्सेसिबल नहीं है, बहुत ज्यादा ट्रैफिक नहीं आ रहा है, तो बेटर है कि ये वाला ऑप्शन आप चूज़ करो सो दैट आपकी
कॉस्टिंग कम से कम हो जाए। राइट? अब एक इंपॉर्टेंट सवाल कि हमारी एप्लीकेशन किस कंडीशन के बेसिस पे स्केल होगी? दैट मींस
ज़ीरो होते हुए तो देख लिया बट स्केल अप कैसे होगा? कब होगा? तो इसके लिए क्या है? स्केल पे आ जाओ। ओके? ये तो देख लिया कि
मैक्सिमम रेप्लिकास यहां पे 10 रेप्लिकास साथ में चल सकते हैं। सो वो हम लोग ने समझ लिया। सो यहां पे देखोगे कूलडाउन पीरियड
भी दिख रहा है। 300 सेकंड ठीक है? ये ऑलरेडी सेट है। सो वो इतना वेट करेगा बिफोर ठीक है? डाउनग्रेड या तो स्केल डाउन
करने के लिए। ओके? इसके बाद हम लोग आ जाते हैं अ स्केल का रूल। तो आप नीचे देखोगे एक रूल ऑलरेडी बना हुआ है वो है एचटीटीपी
स्केलर। सो एचटीटीपी के बेसिस पे यहां पे स्केलिंग होगी। सो आप यहां पे टाइप देखोगे एचटीटीपी स्केलिंग। और सिंपल है रूल क्या
है यहां पे कॉनकरेंट रिक्वेस्ट यहां पे 10 है। सो मतलब 10 से ज्यादा कॉनकरेंट रिक्वेस्ट रिसीव होगी। सो वो सिंपली
रैप्लीिका ठीक है इंक्रीस कर देगा अस्यूमिंग कि यहां पे नेटवर्क ट्रैफिक बढ़ रहा है। ओके? सो दैट्स सो सिंपल। और अगर
उसको जरूरत नहीं है तो सिंपल है भाई वो कूलडाउन पीरियड में चेक करेगा। नेटवर्क ट्रैफिक नहीं आ रही है तो वह सिंपल फिर से
स्केल डाउन कर देगा। वेरी सिंपल। चलिए अब बात करते हैं एजोर फ्रंट डोर के बारे में। एंड इसका मैं सिर्फ शॉर्ट
डिस्क्रिप्शन दूंगा। रीज़न यह है कि अगर आप एजोर पोर्टल में जाओगे फ्रंट डोर यहां पे सर्च करोगे फ्रंट डोर। एंड मैं अगर इसको
कॉन्फ़िगर करने की कोशिश करूं तो आप देखोगे जैसे कि कंटिन्यू टू फ्रंट डोर। सो यू कैन सी कि इट इज़ नॉट रजिस्टर्ड फॉर द
सब्सक्रिप्शन। तो हमारे तो मतलब हम इसको प्रैक्टिकल नहीं कर सकते। इसलिए मैं आपको सिर्फ एक थ्योरेटिकल ओवरव्यू दे देता हूं।
सो बात करते हैं एज योर फ्रंट डोर। यह एक एडवांस्ड सीडीए है। मींस कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क फॉर द क्लाउड। अब सिंपल सा ये यूज़
कहां पे होता है कि स्पेशली इन द केस जब आपको अपनी एप्लीकेशन इन या तो वेबसाइट को ग्लोबली
ठीक है? सर्व करना है विद द लो लेटेंसी। तो इन दैट केस यह जो फ्रंट डोर सर्विस है बहुत आपके मतलब काम आती है, यूज़फुल है और
बहुत सारी इसमें आपको ना फैसिलिटीज़ एंड फीचर्स मिल जाते हैं। जैसे कि इट प्रोवाइड्स अ फास्ट रिलायबल एंड सिक्योर
एक्सेस बिटवीन योर यूजर एंड योर एप्लीकेशन स्टैटिक एंड डायनेमिक वेब कंटेंट अक्रॉस द ग्लो। सो ये अभी भी हम लोग फोकस कर रहे
हैं ग्लोबल सर्विंग एंड इसके अलावा अगेन परफॉर्मेंस रिलायबिलिटी एंड सिक्योरिटी पे। ठीक है? तो ये चीजें अ आपका ये जो
फ्रंट डोर सर्विस है वो हैंडल कर लेता है। एंड ये कैसे करता है? चलिए ये आर्किटेक्चर से समझते हैं। तो मान लीजिए आपने ना ये
एप्लीकेशन किसी सर्वर पे ठीक है? डिप्लॉय कर दी है एक एजोर रीजन पे। सो जो फ्रंट डोर कैसे वर्क करता है? इट सीट्स इन फ्रंट
ऑफ योर एप्लीकेशन। मतलब यूजर और आपके एप्लीकेशन के बीच में फ्रंट डोर। जैसे कि नाम ही है फ्रंट डोर। मींस जब यूजर आपकी
वेबसाइट को एक्सेस करने की कोशिश करेगा उसको सबसे पहला जो डोर मिलेगा अ फ्रंट डोर। अब ये फ्रंट डोर करता क्या है? अब आप
देखो फ्रंट डोर डिसाइड व्हाट टू डू। मतलब इसमें बहुत सारी चीजें आप कर सकते हो। जैसे कि कैशे। सो कैशे मतलब ये आपकी
एप्लीकेशन का रिस्पांस टाइम बढ़ाता है। दैट मींस परफॉर्मेंस इंक्रीस करता है यूजिंग द एज लोकेशन। ये जो Microsoft
Azure है राइट इनके पास बहुत सारे इस टाइप के एज एज लोकेशन होते हैं। तो इसका सिंपल सा मतलब ये है कि जो भी यूजर हमारी
वेबसाइट को एक्सेस करने की ट्राई कर रहा है। ठीक है? तो फ्रंट डोर क्या करेगा? इसके जो भी नियर मतलब जो यूजर के सबसे पास
वाला जो प्रेजेंट है ठीक है? एज लोकेशन वहां से ट्राई करेगा मतलब कंटेंट को डिलीवर करने का। तो इसलिए कंटेंट डिलीवरी
नेटवर्क भी बोलते हैं सीडीए। ठीक है? तो ये उसका पार्ट है। सो इससे होता क्या है कि यूजर के जो सबसे करीबी जो एज लोकेशन है
वहां से जब आपको कंटेंट सर्व होता है तो उसका जो परफॉर्मेंस है रिस्पांस टाइम और ज्यादा बेहतर हो जाता है और बेस्ट हो जाता
है। और इसका से ये सिंपली ये वर्क कैसे करता है? देखो आपकी जो यूजर की रिक्वेस्ट है वो पहली बार आई लेट्स से फ्रंट डोर के
पास यह सबसे पास वाले एज लोकेशन पे ट्राई करता है। अगर नहीं है तो वो क्या करेगा? इसके बाद रियल जो आपके रीजन में जहां भी
प्रेजेंट है उस लोकेशन पे जाएगा और आपके कंटेंट को कैश कर देगा एज लोकेशन में वहां से सर्व करेगा। सो दैट मींस क्या होगा?
इसके बाद जब भी कोई नया यूजर इस लोकेशन से मतलब इसके आसपास से ठीक है ट्राई करेगा एक्सेस करने का तो वो सर्व होगा एज लोकेशन
से। एंड एज लोकेशन को पीओपी लोकेशन भी बोलते हैं पॉइंट ऑफ प्रेजेंस। एंड इनके ऑफिशियल वेबसाइट में देखोगे ना। सो इनके
बहुत सारे पीओपी लोकेशनेशंस प्रेजेंट है। जैसे नॉर्थ अमेरिका में देखोगे इतनी सारी देखो ये अलग-अलग इनकी लोकेशनेशंस पे
प्रेजेंट है। इसके बाद यूरोप में भी है। इंडिया में आप देखोगे चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, न्यू दिल्ली और चेन्नई में भी आप
देखोगे, मुंबई में भी देखोगे जैसे दो लोकेशन इसमें हैं। चेन्नई में चार लोकेशन है एंड सो ऑन। सो ग्लोबली इनका बहुत बड़ा
नेटवर्क है। आप देख सकते हो ऑल ओवर द वर्ल्ड है। एंड इसके अलावा जैसे कि आप देख सकते हो कि कोई भी यूजर डायरेक्टली हमारे
एप्लीकेशन तक रीच करें उससे पहले वो फ्रंट डोर पे जाता है। और यहां पे आपके फायर वॉल रूल्स भी आप सेट कर सकते हो जिसको हम वेब
बोलते हैं। WF वेब एप्लीकेशन फायर वॉल। सो फ्रंट टू डोर को यूज करने से आपको जो अपने वेब एप्लीकेशन के लिए जो भी इंपॉर्टेंट
चीजों की जरूरत होती है वह यहां पर आपको मिल जाती है। एंड क्विकली फ्रंट टू डोर के फीचर्स भी डिस्कस कर लेते हैं। जैसे कि
ग्लोबल एप्लीकेशन डिलीवरी। सो ग्लोबली प्रेजेंस चाहिए। एंड यह जो हम लोग ने पॉइंट डिस्कस किया था ना एज लोकेशन के
लिए। एंड उसके लिए Microsoft अपना ग्लोबल एज नेटवर्क यूज़ करता है। इसके अलावा परफॉर्मेंस रिड्यूस लेटेंसी एंड इंप्रूव
एप्लीकेशन रिस्पांस टाइम। और वो कैसे होगा वो हम लोग ने अभी देख लिया ग्लोबल http एंड https लोड बैलेंसिंग ठीक है आप यहां
पे सपोर्टेड रहता है तो राउट ट्रैफिक अक्रॉस ओरिजिन इन डिफरेंट रीजन ठीक है तो वो भी आप कर सकते हो ऑटोमेटिक फेलओवर कि
यह हेल्थ चेक वगैरह करता है और फेल ओवर कर देगा कैशिंग सीडीए जो अभी हम लोग ने देखा एज लोकेशन वाला पार्ट एसएस एलटीएलएस कस्टम
डोमेन तो यह सारी ही चीजें मतलब यह कंप्लीट पैकेज आपको मिल जाता है फायरवॉल रूल आप यहां पे सेट कर सकते हो डीडस
प्रोटेक्शन मिल मिल जाता है। यूआरएल बेस्ड राउटिंग, प्राइवेट लिंक सपोर्ट एंड सो मेनी थिंग्स। सो दैट्स ऑल अबाउट अ क्विक
ओवरव्यू ऑफ़ एजोर फ्रंट डोर। ऑलराइट। सो इस सेक्शन में हम लोग आगे देखेंगे कि ब्लॉक स्टोरेज को यूज़ करके हम
अपनी फाइल्स को एजोर क्लाउड में कैसे स्टोर एंड मेंटेन कर सकते हैं। इसके अलावा एक स्टैटिक सिंपल सी वेबसाइट को हम कैसे
होस्ट कर सकते हैं एंड एक्सेस कर सकते हैं। तो ये एग्जांपल भी हम लोग देखेंगे। इसके अलावा जो हम लोग फाइल्स स्टोर कर रहे
हैं उसकी वर्जनिंग कैसे मतलब अलग-अलग वर्जन कैसे मेंटेन कर सकते हैं। इसके अलावा ऑब्जेक्ट या तो ब्लॉब रेप्लिकेशन
क्या होता है वो भी हम लोग देखेंगे। सो चलिए आ जाते हैं इस सेक्शन के टॉपिक पे जो कि है अजोर स्टोरेज अकाउंट एंड ब्लॉब
स्टोरेज। सो सबसे पहले देखते हैं एज्योर स्टोरेज अकाउंट क्या होता है? चलिए इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे
एजोर स्टोरेज अकाउंट के बारे में जो कि एक एजोर का एक रिसोर्स है। ओके जो हमें एक प्लेस या तो रिसोर्स प्रोवाइड करता है
जिसमें हम लोग अपने डेटा को स्टोर एंड मैनेज कर सकते हैं। एंड जब एक बार हम लोग स्टोरेज अकाउंट रिसोर्स बना लेते हैं।
इसके अंदर हम लोग डिफरेंट स्टोरेज सर्विसेस यूज़ कर सकते हैं। जैसे कि ब्लॉब स्टोरेज, फाइल स्टोरेज, क्यू एंड टेबल
स्टोरेज। तो जैसे कि हमारे इस सेक्शन का टॉपिक है तो फोकस क्या है? ब्लॉब स्टोरेज। तो ब्लॉग स्टोरेज सर्विस को यूज करने के
लिए हमको पहले तो स्टोरेज अकाउंट बनाना पड़ेगा। तो सबसे पहले तो इसका हाई लेवल स्ट्रक्चर समझ लेते हैं। जैसे कि मैंने
बताया था स्टोरेज अकाउंट एक रिसोर्स है। तो रिसोर्स बनाने के लिए हमारे पास एक रिसोर्स ग्रुप होना चाहिए और रिसोर्स
ग्रुप एक सब्सक्रिप्शन का पार्ट होता है। तो आप देखोगे सबसे हाई लेवल पे क्या है? Azure का सब्सक्रिप्शन। उसके अंदर क्या
है? एक रिसोर्स ग्रुप। उसके अंडर हम लोगों ने एक रिसोर्स बनाया वो है स्टोरेज अकाउंट। और उस स्टोरेज अकाउंट के अंदर हम
डिफरेंट सर्विसेज यूज कर सकते हैं। जैसे कि ब्लॉब स्टोरेज, एजोर फाइल्स, क्यू स्टोरेज और टेबल स्टोरेज।
ओके? सो अब हम ब्लॉब स्टोरेज को प्रैक्टिकली यूज़ करके देखेंगे। लेकिन उससे पहले शॉर्ट में समझ लेते हैं कि ये
एक्चुअली में है क्या? सो ये एक ऑब्जेक्ट स्टोरेज सर्विस है जिसकी मदद से हम अपनी फाइल्स या तो अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा को
क्लाउड में स्टोर एंड मैनेज कर सकते हैं। अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा जैसे कि देखो आपकी इमेजेस हो गई, वीडियोस हो गई या तो
डॉक्यूमेंट्स हो गए तो अलग-अलग टाइप की जो फाइल्स हैं वो आप यहां पे स्टोर एंड मैनेज कर सकते हो। एंड ब्लॉग स्टोरेज में आप ये
फाइल्स कंटेनर के अंदर स्टोर करते हो। सो इसका थोड़ा सा स्ट्रक्चर का एक ओवरव्यू ले लेते हैं। तो सबसे पहले तो हम लोग एक
स्टोरेज अकाउंट बनाएंगे। उसके अंदर हमको सिंपली एक कंटेनर क्रिएट करना है जिसमें हम लोग अपनी फाइल्स को स्टोर कर सकते हैं।
एंड जो भी फाइल्स या तो ऑब्जेक्ट हम लोग स्टोर करेंगे कंटेनर्स में उसको हम लोग ब्लॉब बोलते हैं। इसीलिए इस सर्विस का नाम
है ब्लॉब स्टोरेज। एंड अगर बात करें यूसेज की कि ब्लॉब स्टोरेज कहां यूज़ होता है? तो आप अलग-अलग पर्पस के लिए इसको यूज़ कर सकते
हो। जैसे कि आपकी कोई एप्लीकेशनेशंस हैं या तो वेबसाइट है। अब वेबसाइट में यूज़ होने वाली जो इमेजेस हैं या तो लेट्स से
यूज़र्स की प्रोफाइल पिक्चर्स हैं अगर आपको वो स्टोर करना है तो आप ब्लॉब स्टोरेज यूज़ कर सकते हो। या तो आपकी ऑर्गेनाइजेशन से
रिलेटेड कुछ डेटा हो या तो आपकी कुछ बैकअप फाइल्स हो या तो आर्काइव फाइल्स हो तो उस पर्पस के लिए भी आप ब्लॉब स्टोरेज को यूज़
कर सकते हो। सो चलिए आगे बढ़ते हैं और देखते हैं कि हम अपनी फाइल्स को कैसे स्टोर कर सकते हैं।
ऑलराइट। सो लेट्स से मेरे पास यहां पे दो फाइल हैं इंडेक्स और एक इमेज। ये मेरी एप्लीकेशन से रिलेटेड फाइल है और मैं
चाहता हूं कि ये फाइल्स को मैं एजोर क्लाउड पे स्टोर कर दूं। तो हम लोग यहां पे क्या कर सकते हैं? ब्लॉब स्टोरेज
सर्विस का यूज़ कर सकते हैं। राइट? अब वो बनाएंगे कैसे? चलिए देखते हैं। सो आ गए हैं अपने एज्योर पोर्टल में और सर्च बॉक्स
में सिंपली आपको सर्च करना है स्टोरेज अकाउंट। स्टोरेज अकाउंट। ओके। सो अभी करेंटली यहां
पे कोई स्टोरेज अकाउंट नहीं है। यहां पे डिस्क्रिप्शन में भी दिया है कि स्टोरेज अकाउंट को यूज़ करके आप अप टू 500 TB ऑफ़
डेटा क्लाउड में स्टोर कर सकते हो। ओके? दैट्स अ ह्यूज अमाउंट ऑफ़ डेटा। सो चलिए क्रिएट पे क्लिक करके अपना एक स्टोरेज
अकाउंट बना लेते हैं। और ये स्टोरेज अकाउंट हम लोग क्यों बना रहे हैं? जैसे हम लोग ने समझा था ब्लॉब स्टोरेज जो एक
सर्विस है वो स्टोरेज अकाउंट का पार्ट है। सो इसीलिए हमको इस अगर ब्लॉब स्टोरेज सर्विस यूज़ करना है तो पहले हमको स्टोरेज
अकाउंट बनाना पड़ेगा। इसलिए हम लोग बना रहे हैं। चलिए अकाउंट बना लेते हैं। कुछ बेसिक इनफेशन जैसे कि सब्सक्रिप्शन वो हम लोगों
ने डिफ़ॉल्ट दे दिया है। रिसोर्स ग्रो तो यहां पे बाय डिफ़ॉल्ट नेटवर्क वॉचर यूज़ कर रहा है। बट हम लोग क्रिएट न्यू कर लेते
हैं अपना एक सेपरेट बना लेते हैं स्टोरेज के लिए। तो एज़ स्टोरेज और आरजी। ठीक है? ये सेपरेट हम
लोग ने रिसोर्स ग्रुप बना लिया। इसके बाद स्टोरेज अकाउंट का एक नेम देना है। तो हम लोग सिंपल सा एक नाम दे देते हैं। जैसे कि
स्टोरेज और एसीसी लाइक अकाउंट एंड इसके बाद रीजन हम लोग डिफॉल्ट के साथ चले जाते हैं। इसके बाद है प्राइमरी सर्विस हमको
सेलेक्ट करना है। तो आप जैसे ही ड्रॉपडाउन में क्लिक करोगे जो चार हम लोगों ने सर्विसेस के बारे में बात किया तो आप यहां
पे देख सकते हो। एक तो एजोर ब्लॉग स्टोरेज। ठीक है? इसके बाद है एज्योर फाइल्स एंड इसके अलावा टेबल्स एंड क्यूज़।
ओके? सो हम लोग यहां पे प्रेफर्ड जो सर्विस है वो कौन सी है? एजोर ब्लॉक स्टोरेज हमको बनाना है। ऑलदो एक स्टोरेज
में आप मल्टीपल जैसे आपका एक स्टोरेज अकाउंट बन गया ना इसके बाद आप उसी में टेबल भी बना सकते हो। तो कोई रेस्ट्रिक्शन
नहीं है। जैसे कि यहां लिखा भी है। दिस हेल्प्स अस टू प्रोवाइड रेलेवेंट गाइडेंस। आपको गाइडेंस प्रोवाइड करने के लिए है।
दैट्स इट। लेकिन ये रेस्ट्रिक्ट नहीं करता है कि आप कौन से टाइप का ठीक है? सर्विस यूज़ करने वाले हैं। ओके? ये यहां पे एरर आ
गया जो हम लोग ने नाम दिया था स्टोरेज का। यह ऑलरेडी टेकन है। दैट मींस हमको यहां पे एक यूनिक नाम यूज़ करना पड़ता है। तो मैं
सिंपली क्या करता हूं? स्टोरेज के आगे एम प्रशांत यूज़ कर लेता हूं। ठीक है? एम प्रशांत और एसीसी हटा देते हैं। तो सिंपल
है एम प्रशांत स्टोरेज ये नाम हो गया। इसके बाद है परफॉर्मेंस। सो यहां पे स्टैंडर्ड है और प्रीमियम है। ओके? सो हम
लोग स्टैंडर्ड के साथ जाते हैं। रिटेंडेंसी यहां पे है Jio रिटेंडेंट। तो बाय डिफ़ॉल्ट के साथ ही जाते हैं। यहां पे
बहुत सारे ऑप्शंस हैं। ऑलदो हम लोग डायरेक्टली रिव्यू एंड क्रिएट पे क्लिक करके डिफॉल्ट ऑप्शन के साथ जाते हैं और
प्रोसीड करते हैं। डोंट वरी जो बाकी के रिमेनिंग ऑप्शन है ना वो भी हम लोग कवर करेंगे। ऑलदो मैं सिर्फ अभी आपको दिखा रहा
हूं द बेस्ट पॉसिबल वे या तो इज़िएस्ट वे टू क्रिएट ब्लॉग स्टोरेज। ओके? ओके। सो, स्टोरेज अकाउंट की सारी डिटेल्स यहां पे
प्रेजेंट है। तो, हम लोग यहां पे सिंपली क्रिएट पे क्लिक कर देते हैं। सो, डिप्लॉयमेंट इन प्रोग्रेस है। ओके? इसके
बाद थोड़ी टाइम में आपको ऐसा दिखेगा योर डिप्लॉयमेंट इज़ कंप्लीट। इसके बाद अपने स्टोरेज अकाउंट को चेक या तो एक्सेस करने
के लिए आपके पास अलग-अलग तरीके हैं। या तो आप रिसोर्स ग्रुप पे चले जाओ या तो ऑल रिसोर्सेज पे चले जाओ या तो आप स्टोरेज
अकाउंट पे चले जाओ। ठीक है? ऑल द सिंपलेस्ट वे है हमारे पास। यहां देखो लेफ्ट साइड में ऑल रिसोर्सेज में जाके हम
लोग चेक कर सकते हैं। सो यहां पे आ गया हमारा स्टोरेज अकाउंट जो कि है एम प्रशांत स्टोरेज। इस पे हम क्लिक कर लेते हैं। ओके
इसके बाद यहां पे ओवरव्यू में आपको स्टोरेज अकाउंट के बारे में कुछ बेसिक इनफार्मेशन मिल जाएगी। जैसे कि लोकेशन
क्या है? परफॉर्मेंस क्या है? एप्लीकेशन क्या है? ऑलदो हम लोग काम की बात पे आ जाते हैं डायरेक्टली कि भाई हमारी जो दो
फाइल्स हैं उसको अपलोड कैसे करना है। लेफ्ट साइड में आप जाओगे ना नीचे आ जाते हैं डेटा स्टोरेज। सो जो हमारे पास चार
अलग-अलग टाइप की सर्विज थी ना उसके लिए चार अलग-अलग तरीके दिए हुए हैं। कंटेनर हो गया, क्लास एक फाइल शेयर, क्यूज़ एंड
टेबल्स। सो अभी हम लोग कौन सी सर्विस यूज़ करना है? हमको ब्लॉब स्टोरेज। तो हम लोग यहां पे कंटेनर्स पे क्लिक कर लेते हैं।
दैट्स इट। सो अभी यहां पे देखो कि लॉग्स वाला एक फोल्डर बना है। दैट्स इट। तो मतलब जो भी ब्लॉब स्टोरेज के रिलेटेड लॉग्स हैं
वो यहां पे स्टोर होंगे। तो हम लोग क्या करते हैं? ऐड कंटेनर। ओके? सो कंटेनर का नाम हम लोग दे देते हैं। जैसे कि माय ऐप।
कि हमारी जो एप्लीकेशन है उसके रिलेटेड जो फाइल्स है उसको स्टोर करना है। ठीक है? इसके बाद है एनोनिमस एक्सेस लेवल कि मतलब
आपकी जो कंटेनर के अंदर जो फाइल्स है उसको कौन एक्सेस कर सकता है? तो आप देखोगे हम इसको सेलेक्ट नहीं कर सकते हैं फॉर नाउ।
एंड ये बाय डिफ़ॉल्ट प्राइवेट है। मतलब सिर्फ आप ही या तो ओनर जो है वही एक्सेस कर सकता है इन फाइल्स को। चलिए क्रिएट कर
लेते हैं। तो हमारा यहां पे कंटेनर क्रिएट हो जाएगा। सो आप देखोगे यहां पे माय ऐप एक हमारा कंटेनर बन गया। जैसे ही हम माय ऐप
पे क्लिक करते हैं। सो यू कैन सी यहां पे दो ऑप्शंस हैं। ऐड डायरेक्टरी और अपलोड। अभी हम लोग क्या करते हैं? अपलोड।
डायरेक्टली अपलोड अपनी फाइल्स करते हैं। एंड सिंपली या तो ड्रैग एंड ड्रॉप कर सकते हो या तो ब्राउज़ फाइल कर सकते हो। सो ये
रही मेरी दो फाइल इंडेक्स. और वो इमेज दोनों को मैं सेलेक्ट करके ओपन कर लेता हूं। तो ये दो फाइल सेलेक्ट हो गई। एंड
सिंपली मैं करूंगा अपलोड। यहां पे एक और ऑप्शन है कि ओवराइड इफ फाइल ऑलरेडी एक्सिस्ट। तो अभी हम लोग फर्स्ट टाइम कर
रहे हैं तो उसकी जरूरत नहीं है। अपलोड कर लेते हैं। चलिए अब बात करते हैं कि ये जो फाइल्स स्टोर है अब उसको हम लोग कैसे देख
सकते हैं तो एक्सेस कर सकते हैं। मान लीजिए आप किसी फाइल को क्लिक करते हो इंडेक्स और उसका कंटेंट आपको देखना है तो
आप देखोगे यहां पे एक एडिट वाला ऑप्शन तो एडिट पे आओगे ना तो आपको ये फाइल का जो भी कंटेंट है वो दिख जाएगा। एडिट ऑप्शन को
यूज़ करके आप अपनी फाइल्स को रीड भी कर सकते हो और उसमें मान लीजिए छोटे से कुछ चेंजज़ करने हैं तो वो भी आप कर सकते हो।
जैसे कि वेलकम टू Azureोर अकाउंट स्टोरेज और मान लीजिए मुझे लेट्स से ये वर्जन वन है तो मान लीजिए मैं यहां पे वन कर देता
हूं। ओके और इसके बाद सिंपली मुझे क्या करना है? यहां पे सेव कर देना है। दैट्स इट। तो यहां पे सेव हो जाएगी। सो इस तरीके
से जो आप टेक्स्ट बेस्ड फाइल अपलोड करते हो उसमें आप ऐसे मॉडिफिकेशन है तो एडिट भी कर सकते हो। चलिए अब इमेज टाइप की जो फाइल
है उसमें भी देख लेते हैं। इसको क्लिक करते हैं। और अगर आप एडिट में क्लिक करोगे तो इस टाइप से आप डेमो भी देख सकते हो।
ठीक है? कि ये फाइल कैसी दिखती है? क्या है? एंड जो भी हमारी स्टोर्स फाइल्स हैं जैसे हम लोग ने ये फाइल अभी ओपन करी तो हम
इस फाइल को सिंपली डाउनलोड भी कर सकते हैं। ये देखो ये फाइल डाउनलोड हो गई यहां पे। ठीक है?
चलिए अब बात करते हैं कि ब्लॉब स्टोरेज में हम लोग ने अपनी फाइल्स तो स्टोर कर दी एंड उस फाइल को अगर हमको किसी यूज़र्स को
शेयर करना है या तो हमारे किसी एप्लीकेशन में उस फाइल्स को यूज़ करना है। लेट्स से कोई जो इमेज हम लोग ने अपलोड करी थी। उसी
इमेज को अगर एक वेबसाइट में हमको यूज़ करनी है तो वो हम कैसे करेंगे? इसके लिए हमको अकाउंट स्टोरेज एक यूनिक तरीका या तो नेम
स्पेस प्रोवाइड करता है जिसकी मदद से हम जो भी स्टर्ड डेटा है एक यूआरएल की मदद से आई मीन लाइक hटीtp और https प्रोटोकॉल की
मदद से उसको एक्सेस कर सकते हैं। सो फिर से चलते हैं अपने कंटेनर्स में जहां पे हमारे पास दो फाइल्स थी। लेट्स से ये जो
पीएजी वाली जो फाइल है हम उस पे क्लिक करते हैं। सो ये जो इमेज वाली फाइल है तो आप यहां पे ओवरव्यू में आप देखोगे एक यहां
पे यूआरएल दिया हुआ है इस फाइल को एक्सेस करने के लिए। तो इस यूआरएल को मैं कॉपी करता हूं। ब्राउज़र में एक और टैब ओपन करके
इसको मैं एक्सेस करने की कोशिश करता हूं। सो यहां पे हमको आ रहा है पब्लिक एक्सेस नॉट परमिटेड। सो बाय डिफॉल्ट जो भी
कंटेनर्स में हमारी फाइल्स अपलोडेड होती है ना उसको पब्लिक एक्सेस नहीं होता है। बट इन केस हमको इंटेंशनली ये एक्सेस
प्रोवाइड करना है तो हम कैसे करेंगे? चलिए वो देखते हैं। तो इसके लिए चलते हैं स्टोरेज अकाउंट में। सिंपली ऑल रिसोर्सेज
में जाके स्टोरेज अकाउंट पे हम क्लिक कर लेते हैं। लेफ्ट साइड में आप यहां पे नीचे जाओगे ना स्क्रॉल करके तो आपको दिखेगा
सेटिंग्स और उसके अंदर दिखेगा आपको कॉन्फ़िगरेशन। कॉन्फ़िगरेशन में आप क्लिक करो। तो यहां पे हमको एक ऑप्शन दिखाई देगा
अलव ब्लॉब एनोनिमस एक्सेस। तो यहां पे ऑलरेडी बाय डिफ़ॉल्ट डिसेबल्ड होता है। तो हम इसको सिंपली इनेबल कर देंगे। दैट्स इट।
और ये जो चेंजेस है उसको हमको सेव भी करना है। तो सेव कर लेते हैं। सो यहां से हमारे चेंजेस सेव हो गए। इसके बाद हमको जाना है
अपने कंटेनर्स वाले ऑप्शन में। सो इसके लिए हम लोग जाएंगे डेटा स्टोरेज और उसके अंदर कंटेनर्स। सो हमारे कौन से कंटेनर को
पब्लिक एक्सेस देना है? तो मैं बोलता हूं माय ऐप जो हमने बनाया था उस पे क्लिक करते हैं। यहां टॉप पे एक ऑप्शन है चेंज एक्सेस
लेवल। इस पे क्लिक करते हैं। सो नाउ यू कैन चेंज द एक्सेस लेवल। तो यहां पे हम क्लिक करते हैं। सो अलग-अलग एक्सेस हैं।
तो हम लोग सिंपली बोलते हैं एनोनिमस रीड एक्सेस फॉर ब्लॉक ओनली। मतलब यहां पे रीड एक्सेस हम लोग दे दे रहे हैं। सो दैट कोई
भी यूजर एक्सेस तो कर सकता है लेकिन चेंजज़ नहीं कर सकता। सो इट्स गुड फॉर अस। ओके? सो सिंपली ओके कर देते हैं। सो यहां पे
हमारी जो एक्सेस या तो परमिशंस है हो गई चेंज। इसके बाद कोई भी एक हम लोग फाइल ओपन कर लेते हैं। जैसे कि जो हमारी इमेज है
उसको ओपन करते हैं और इसका जो यूआरएल है इसको कॉपी करता हूं और मैं सिंपली एक ब्राउज़र में टैब ओपन करके यहां पे एक्सेस
करते हैं। सो यू कैन सी कि इस बार हम लोग अपनी फाइल को एक्सेस कर पा रहे हैं। एंड सिमिलरली आप यही यूआरएल अपनी वेबसाइट में
भी यूज़ कर सकते हो। या तो किसी और यूजर से आपको शेयर करना है तो आप यह यूआरएल उसको प्रोवाइड कर सकते हो। सो दैट वो इसको
एक्सेस करके इसको डाउनलोड या तो एक्सेस कर सकें। चलिए अब देखते हैं एसएस मींस शेयरर्ड
एक्सेस सिग्नेचर क्या होता है। तो अभी हम लोग ने क्या किया था? अपनी फाइल्स को शेयर करने के लिए हम लोग ने अपने कंटेनर को ही
पब्लिक कर दिया था। लेकिन मान लीजिए हमें कंटेनर को अपने पब्लिक नहीं करना है। लेकिन अपने किसी यूजर को या तो किसी
एप्लीकेशन को हमें एक टेंपरेरी एक्सेस देना है अपनी फाइल्स का। तो हम क्या कर सकते हैं? उसके लिए हम लोग यूज़ कर सकते
हैं एसएस मींस शेयरर्ड एक्सेस सिग्नेचर। जिसकी मदद से हम लोग अपना एक लिमिटेड एंड टाइम बाउंड एक्सेस दे सकते हैं। मींस जैसे
आप लोगों के पास कभी-कभी लिंक आपके पास रिसीव होती होगी कि ये लिंक सिर्फ 24 आवर्स के लिए वैलिड है। तो उस टाइप का आप
एक्सेस दे सकते हो और टाइम अपने हिसाब से मैनेज कर सकते हो। एंड ये कैसे करेंगे? चलिए देखते हैं। सो ये है हमारा कंटेनर और
उसमें हमारी फाइल्स हैं। तो किसी भी फाइल को आप ठीक है ओपन कर लो जैसे कि नेचर पिक वाली। ओके? और यहां पे एक ऑप्शन दिखेगा
जनरेट एसए एएस। ओके? ओके। सो यहां पे हम क्लिक करते हैं। सो यहां पे कुछ सेटिंग्स है वो देख लेते हैं। अकाउंट की एंड ऑल।
इसके बाद आप परमिशन यहां पे सेट कर सकते हो। लेट्स से मुझे सिर्फ रीड परमिशन देनी है। या तो आप राइट डिलीट। ठीक है? अलग-अलग
टाइप की परमिशन भी दे सकते हो। एंड इसके बाद है बेस्ट पार्ट कि जो भी आप लिंक प्रोवाइड करोगे या तो जनरेट होगी वो किस
टाइम से लेकर किस टाइम तक वैलिड रहेगी। तो वो भी आप यहां से सेट कर सकते हो। तो यहां पे डेट और टाइमिंग आप दोनों सेट कर सकते
हो। और वो किस टाइम ज़ोन में आपको ये टाइम सेट करना है तो वो भी आप यहां पे मेंशन कर सकते हो। एंड इसके बाद है लास्ट में अलाउड
प्रोटोकॉल्स। सो https ओनली हम लोग कर देते हैं। इसके बाद जनरेट एसएस टोकन एंड यूआरएल। तो जैसे ही हम जनरेट करते हैं सो
हमको लास्ट में आप देखोगे ब्लॉब एसएस यूआरएल यहां पे मिल जाता है। एंड जब इस यूआरएल को हम लोग ट्राई करते हैं। कॉपी
मैंने यहां से किया। एंड यहां पे नए टैब में ट्राई करता हूं। सो आप देखोगे हम अपनी इमेज को यहां पे एक्सेस कर पा रहे हैं।
ओके? चलिए अब देखते हैं ब्लॉब स्टोरेज का एक यूज़ केस जिसमें हम देखेंगे कि एक सिंपल सी
स्टैटिक वेबसाइट हम कैसे होस्ट कर सकते हैं। लेकिन उसके लिए हमारे पास एक वेबसाइट होनी चाहिए। तो उसके लिए हम लोग चैट
जीबीटी की मदद ले लेंगे। ओके? सिंपल सा मैंने प्रम्प्ट दिया है। क्रिएट अ सिंपल वेबसाइट यूजिंग HTML, CSS, JavaScript एंड
एन इमेज। सो यहां पे सिंपल मैंने क्लिक किया तो मेरी सारी फाइल्स डाउनलोड हो गई। सो इस तरीके से इसने एक फोल्डर बना के
दिया है और उस फोल्डर में यहां पर अलग-अलग फाइल्स हैं। इंक्लूडिंग HTML, जावास्क्रिप्ट, सीएसएस और एक सिंपल सी
इमेज वाली फाइल्स यहां पे मेरे मुझे प्रोवाइडेड है। सो लेट्स से इस पॉइंट तक मेरे पास एक सिंपल सी वेबसाइट का कंटेंट
या तो फाइल्स प्रेजेंट है। तो आप इसको मुझे होस्ट करना है तो मैं कैसे कर सकता हूं? चलिए देखते हैं। सो आ जाते हैं अपने
Azure पोर्टल पे। सबसे पहले चलेंगे स्टोरेज अकाउंट एम प्रशांत स्टोरेज। सो यहां पे लेफ्ट साइड में आप स्क्रॉल करोगे
तो आपको एक ऑप्शन दिखेगा यहां पे डेटा मैनेजमेंट। ये देखो डेटा मैनेजमेंट आ गया और इसके अंदर एक ऑप्शन है आपको यहां पे
स्टैटिक वेबसाइट का ऑप्शन। सो बाय डिफ़ॉल्ट ये डिसेबल्ड है। तो हम लोग सिंपल इनेबल्ड पे क्लिक करते हैं। एंड इसके बाद इट इज़
आस्किंग इंडेक्स डॉक्यूमेंट नेम। सो आपके पास एक इंडेक्स. फाइल है। तो हम उसका नाम दे देते हैं।
इंडेक्स. और चाहो तो आप एरर के लिए एक एरर. फाइल भी बना सकते हो। ऑलदो उसकी जरूरत नहीं है। सो
हम लोगों ने इंडेक्स डॉक्यूमेंट नेम दे दिया। उसके बाद आप सिंपली यहां पे सेव कर लो और सेव करने के बाद आप नीचे आप देखोगे
ना प्राइमरी एंड पॉइंट तो यहां पे आपको एक लिंक मिल जाती है जिसकी मदद से आप अपनी वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हो। लेकिन
वेबसाइट को एक्सेस करने से पहले हमारी जो वेबसाइट की फाइल्स है उसको तो अपलोड करना पड़ेगा ना कहीं। सो उसके लिए हम लोग
चलेंगे कंटेनर्स में। तो डेटा स्टोरेज के अंदर जो कंटेनर्स है उस पे आ जाते हैं। सो यहां पे आप नोटिस करोगे जैसे ही हम लोग ने
वहां पे इनेबल किया स्टैटिक वेबसाइट वाला तो यहां पे डॉलर वेब नाम का एक कंटेनर हमारे लिए बना के उसने दे दिया। सो हमारी
जो भी वेबसाइट की फाइल्स हैं हम लोग इस वाले कंटेनर में अपलोड करेंगे। तो यहां पे अपलोड कर लेते हैं। ब्राउज़ फाइल्स एंड यू
कैन सी ये हमारा ये वाला फोल्डर है। एंड इसके अंदर ये जो चार फाइल्स हैं इसको मैं सेलेक्ट कर लेता हूं ओपन। सो हमारी
वेबसाइट की चारों फाइल्स हैं। एंड अपलोड यहां पे कर लेते हैं। ओके? सो हमारी वेबसाइट की चारों फाइल्स यहां पे अपलोड हो
गई। ओके। इसके बाद हमको वो जो एंड पॉइंट था वो वो यूआरएल चाहिए। राइट? इसके लिए हम लोग फिर से स्टोरेज अकाउंट में जाते हैं।
एम प्रs स्टोरेज और फिर से डेटा मैनेजमेंट में जाएंगे स्टैटिक वेबसाइट और यहां पे आपका जो एंड पॉइंट है उसका यूआरएल मिल
जाएगा। इसको मैं सिंपली कॉपी कर लेता हूं और अपने ब्राउज़र पे एक्सेस करके देखते हैं। ब्राउज़र पे एक टैब ओपन कर लिया और
एक्सेस करते हैं। सो यस यू कैन सी कि हमारी जो वेबसाइट है एक्सेसिबल है। और आप अगर आप देखोगे HTML सीएसएस यहां कलर्स
वगैरह सब सीएसएस से आए हैं। डिज़ाइंस और यहां पे इमेज जो हमारी थी वो भी यहां पे लोड हो गई है। एंड इसके अलावा
जावास्क्रिप्ट। तो जावास्क्रिप्ट में क्या था? क्लिक मी। तो इस पे मैं क्लिक करता हूं। सो आप देखोगे यहां पे एक मैसेज आ गया
जावास्क्रिप्ट इज़ वर्किंग जो ऑलरेडी नहीं था। ठीक है? मैं फिर से रिफ्रेश करता हूं। क्लिक करूंगा। उसके बाद आएगा जावा
स्क्रिप्ट इज़ वर्किंग। ओके? सो इन दिस वे वी हैव सीन कि कैसे हम लोग एक स्टैटिक या तो सिंपल सी वेबसाइट को बहुत ही आसानी से
होस्ट कर सकते हैं। चलिए अब बात करते हैं रिडंडेंसी के बारे में क्या होता है। इफ यू रिमेंबर जब हम
लोग नए स्टोरेज अकाउंट हम लोग क्रिएट कर रहे थे ना क्रिएट करते हैं। सो इसमें आपको एक ऑप्शन दिखाई देता है रिडंडेंसी का। एंड
इसमें अलग-अलग ऑप्शन देखते हैं जैसे कि एलआरएस, जीआरएस। तो ये क्या होता है? चलिए उसके बारे में बात करते हैं। ऑलदो यहां पे
आपको शॉर्ट डिस्क्रिप्शन दिख जाएगा लेकिन इसको स्लाइड से थोड़ा सा अच्छे से समझते हैं। सबसे पहले बात करते हैं रिडेंडेंसी
होता क्या है? सिंपल है आपके डेटा को प्रोटेक्ट करने के लिए aur क्या करता है? आपके डेटा की मल्टीपल कॉपीज को मेंटेन
करता है। अगर आप इसको सिंपली रिलेट करो कि आपके डेटा को सबसे ज्यादा खतरा किस चीज से होता है? मान लीजिए नॉर्मल लाइफ में भी
आपने अपना जो डेटा है एक पेनड्राइव में आपने स्टोर करके रखा। मान लीजिए अगर वो पेनड्राइव ही करप्ट हो गई या तो खराब हो
गई या तो उसमें जो सॉफ्टवेयर है वो करप्ट हो गया तो आपका डेटा लॉस तो हो गया। वैसे ही aur में भी किसी ना किसी हार्डवेयर में
आपका डेटा स्टोर हो रहा होगा। मान लीजिए अगर वो हार्डवेयर में ही प्रॉब्लम आ गई तो आपका डेटा लॉस तो हो जाएगा। सो उस चीज को
प्रोटेक्ट करने के लिए Azure आपके डेटा की मल्टीपल कॉपीज़ अलग-अलग जगह पे मेंटेन करके रखता है। एंड जिस तरीके से आपके डेटा की
अलग-अलग कॉपीज़ मेंटेन होती है उसको हम बोलते हैं रिडंडेंसी स्टोरेज ऑप्शंस जो अभी हम लोगों ने देखा था। एलआरएस मींस
लोकली आर एस मतलब रिडंडेंसी स्टोरेज को आर एस मैंने बोल दिया। इसके बाद है लोकली आर एस ज़ोन आर एस जिओ आर एस एंड Jio ज़ोन आर
एस। तो एक-एक करके समझते हैं। सो सबसे पहले समझते हैं एलआरएस लोकली रिडेंडेंसी स्टोरेज। यहां पे आप जैसे कि देखोगे कि
यहां पे कॉपीज बनी हुई हैं। आपका जो भी डेटा है उसकी तीन कॉपीज़ बनी हुई हैं। और ये तीनों कॉपीज़ किसी एक फिजिकल लोकेशन में
हैं। दैट्स इट। तो एक सिंगल डेटा सेंटर में ही आपकी तीन कॉपीज़ बन के बन जाती हैं। अब आप सोचोगे कि एक ही लोकेशन में तीन
कॉपीज़ है तो उसका क्या ही फायदा? देखो एक चीज है कि इनका जो एक डेटा सेंटर है वो छोटा सा डेटा सेंटर नहीं है। तो इसमें
बहुत सारा हार्डवेयर भी होता है। तो हार्डवेयर की भी अलग-अलग सेक्शंस हैं। तो अलग-अलग सेक्शंस में आपके ठीक है स्टोरेज
है। तो हार्डवेयर का मान लीजिए किसी एक पार्ट में कोई प्रॉब्लम हो गई तो आपके दूसरे पार्ट में आपका डेटा प्रोटेक्टेड
रहेगा। तो इस टाइप से वर्क करता है। ऑलदो ये सबसे बेसिक लेवल का प्रोटेक्शन होता है। इसके बाद बात करते हैं ज़ोन आरs। सो
इसके आप डायग्राम से ये समझ सकते हो कि जो आपकी जो कॉपीज बन रही है ना कॉपी वन, कॉपी टू, कॉपी थ्री वो अलग-अलग ज़ोन में बन रहा
है। अब जैसे कि मान लीजिए आपकी जो प्राइमरी लोकेशन है जो हम लोग रीजन सेलेक्ट करते हैं। मान लीजिए हमने इंडिया
रीजन किया सेलेक्ट। अब पूरे इंडिया में अलग-अलग तीन फिजिकल लोकेशन में इनके डेटा सेंटर हैं और तीन अलग-अलग सेंटर में आपकी
जो डेटा की कॉपीज यहां पे प्रेजेंट है। तो मान लीजिए अगर लेट्स से अगर मुंबई में इनका डेटा सेंटर है एक बेंगलुरु में तो
मुंबई वाले डेटा सेंटर में पूरे डेटा सेंटर में ही इशू हो जाता है। सो बेंगलुरु वाले आपके डेटा सेंटर में आपकी जो डेटा है
वो प्रोटेक्टेड रहेगा। सो इस तरीके से ZRS वर्क करता है। यह थोड़ा सा और बेटर लेवल का आपका प्रोटेक्शन हो गया। इसके बाद बात
करते हैं जीआरएस मतलब जीओ आरएस मतलब जीओ मतलब यहां पे मल्टीपल रीजन में आपकी कॉपीज क्रिएट हो जाएंगी। मान लीजिए आपका
प्राइमरी जो रीजन है वो है इंडिया तो आपके इंडिया में किसी एक डेटा सेंटर में तीन कॉपीज बनी हुई हैं। और वही सेम तीन कॉपीज
आपके किसी और रीजन में है। जैसे कि मान लीजिए जापान में है। ओके? या तो यूएस में तो इस टाइप से जीओ आरएस वर्क करता है।
इसके बाद बात करते हैं जी जेड आरs जीओ ज़ोन ठीक है रिडेंडेंसी स्टोरेज तो आप जैसे कि डायग्राम में देख सकते हो। तो आपका जो
प्राइमरी जो रीजन है उसमें सारे ज़ोन में आपकी कॉपीज़ होंगी। जैसे कि मान लीजिए मुंबई में, बेंगलुरु में, दिल्ली में। ठीक
है? तो अलग-अलग फिजिकल लोकेशन या तो डेटा सेंटर्स में आपकी कॉपीज़ होंगी। इसी के साथ-साथ एक सेकेंडरी रीजन में भी आपकी
कॉपीज होंगी। तो यह और सबसे हाई लेवल का आपका प्रोटेक्शन हो जाता है। सो यहां पे ड्रॉपडाउन में भी आप देख सकते हो जैसे कि
एलआरएस है जो सबसे बेसिक लेवल का प्रोटेक्शन है तो आप देखोगे लोएस्ट कॉस्ट। सो अगेन जितना हाई लेवल का आप प्रोटेक्शन
यूज़ करोगे उतनी आपकी कॉस्टिंग भी बढ़ते जाएगी। लेकिन यहां पे सिर्फ पॉइंट इतना है कि आपका डाटा प्रोटेक्टेड है और किस तरीके
से और किस लेवल पर आप अपना डाटा प्रोटेक्ट करना चाहते हो वह आप यहां से सेलेक्ट कर सकते हो।
ओके। सो, हम लोग ने जो स्टोरेज अकाउंट बनाया था उसमें से बेसिक इनफेशन प्रोवाइड करी थी एंड इसके बाद रिव्यू एंड क्रिएट कर
दिया था। तो इसके बाद ना और भी ऑप्शंस हैं। तो चलो उसको भी एक्सप्लोर कर लेते हैं कि उसमें हमको क्या-क्या ठीक है चीजें
प्रोवाइड करी हैं। तो एडवांस में चलते हैं। सो इसमें नीचे आप आएंगे तो एसएफटी यहां पे इनेबल कर सकते हो। लेकिन ये तभी
इनेबल होगा जब आप हायर की नेम स्पेस इनेबल करोगे जो कि लार्ज अमाउंट ऑफ डेटा है तो डेटा एनालिटिक्स के लिए यूज़ होता है। तो
अभी के लिए इसको हम लोग ठीक है? अवॉइड कर सकते हैं। इसके बाद है एक्सेस टीआर एक ऑप्शन है। तो आप देखोगे हॉट यहां पे
सिलेक्टेड है। दैट मींस आपका जो भी डेटा स्टोर है अगर वो फ्रीक्वेंटली एक्सेस हो रहा है ना तो आप हॉट सेलेक्ट करोगे।
अदरवाइज़ आप कूल या तो कोल्ड में आप ठीक है सेलेक्ट करोगे। इसके बाद जो सेटिंग्स है वो अजोर फाइल से रिलेटेड है तो हम लोग
इसको इग्नोर कर सकते हैं। इसके बाद चलते हैं नेटवर्किंग पे। सो यू कैन सी कि यहां पे पब्लिक नेटवर्क एक्सेस इनेबल करना है
तो डिसेबल। तो वो है। बाय डिफ़ॉल्ट यहां पे इनेबल है। पब्लिक नेटवर्क एक्सेस का जो स्कोप है वो क्या रहेगा? तो इनेबल फ्रॉम
ऑल नेटवर्क यहां पे सिलेक्टेड है। इसके बाद आ जाते हैं डेटा प्रोटेक्शन टैब में। सो सो इसमें आपको कुछ ऑप्शंस दिख जाते
हैं। जैसे कि इनेबल सॉफ्ट डिलीट फॉर ब्लॉग्स। मान लीजिए आपकी जो फाइल्स है वो आप बाय मिस्टेक डिलीट कर देते हो। सो दैट
तो वो 7 दिन तक वो रिटेन करके रखेगा। दैट मींस आप 7 दिन के अंदर उसको रिस्टोर कर सकते हो। सो ये बाय मिस्टेक ठीक है? आपके
डाटा को प्रोटेक्ट करने के लिए है। जैसे कि ब्लॉकब्स के लिए हमने इनेबल किया है सॉफ्ट डिलीट। तो वैसे ही कंटेनर्स के लिए
भी सॉफ्ट डिलीट यहां पे इनेबल है। इसके बाद है सिक्योरिटी ऑप्शंस। सो इसमें हम लोगों को ज्यादा डिटेल में जाने की जरूरत
नहीं है। इसके बाद है इंक्रिप्शन। तो इंक्रिप्शन टाइप कौन सा यूज़ हो रहा है? तो Microsoft मैनेज्ड की एमएमके। सो इनका
इंटरनल है। सो इसके बाद है टैग्स। सो जो भी आप रिसोर्सेज़ बना रहे हो उसमें आप टैग्स प्रोवाइड कर सकते हो। जैसे कि लेट्स
से हम ये जो रिसोर्स बना रहे हैं वो डेवलपमेंट फेस के लिए बना रहे हैं। तो यहां पे हम लोग सिंपली यहां पे ईएनवी और
टैब में और वैल्यू में हम लोग दे सकते हैं डेव। सो हम लोग इस टाइप से टैग्स भी यूज कर सकते हैं।
चलिए अब बात करते हैं ब्लॉग वर्जनिंग के बारे में। क्या होता है यह? सिंपल है जो हम लोगों ने कंटेनर्स बनाया और उसमें
फाइल्स हम लोगों ने स्टोर करी उसको हम ब्लॉग बोलते हैं। तो इस मेथड से हम लोग अपनी फाइल्स के जो वर्जनंस हैं अलग-अलग
उसको मेंटेन कर सकते हैं। अब इसका क्या मतलब है? आप लोगों ने ये चीज हमेशा से करी होगी। मान लीजिए आप अपने लोकल डेस्कटॉप पे
एक रेज़्यूुमे बना रहे हो। ठीक है? अपना रे्यूमे आप उसको एडिट कर रहे हो। तो आप ऐसा नहीं होता है कि आप एडिट करके सेव कर
दो पुराना वाला डिलीट कर दो। ठीक है? या तो ओवराइट कर दो। आप क्या करते हो? आपने कोई नए चेंजेस किए। आप क्या करोगे?
रेज्यूुे। फिर उसके बाद रेज्यूुमे फाइनल फाइनल फाइनल दिस इज़ फाइनल। ओके? सो ऐसा या तो 1 2 3 ऐसे अलग-अलग वर्जन बना देते हो।
सो दैट आपके प्रीवियस वर्जन का जो कंटेंट है वो भी आपके पास रहे। जो फाइनल वर्जन है वो भी रहे। क्योंकि आपको कभी-कभी लगता है
कि नहीं यार पुराना वाला जो प्रीवियस वर्जन था वो ज्यादा बेटर था तो आप उसको यूज़ कर सको। तो यही चीज यहां भी है। मान
लीजिए आपने एक टेक्स्ट फाइल को यहां पे स्टोर कर दिया। ठीक है? अपने कंटेनर में। अब मान लीजिए आपने उसमें कुछ चेंजेस किए।
आपने फिर स्टोर किया तो क्या होगा? लेटेस्ट वर्जन तो आपको दिखाई देगा लेकिन प्रीवियस वाला वर्जन भी वहां पे प्रेजेंट
होगा। सो इन केस आपको पुराना वाला वर्जन चाहिए तो वो भी आपको मिल जाएगा। चलिए इसको एग्जांपल से समझते हैं तो और अच्छे से समझ
में आएगा। सबसे पहले तो ये फीचर को यूज़ करने के लिए आपको इनेबल करना पड़ता है वर्जनिंग। तो वो कैसे इनेबल करेंगे? लेफ्ट
साइड में आ जाते हैं हम लोग डेटा मैनेजमेंट। और डेटा मैनेजमेंट में अंदर है आपका डेटा प्रोटेक्शन। यह देखो आ गया डेटा
प्रोटेक्शन। सो यहां पे देखोगे ट्रैकिंग में एक ऑप्शन है इनेबल वर्जनिंग फॉर ब्लॉक्स। सो मैं यहां पे सिंपल क्लिक कर
देता हूं। एंड यहां पे क्या ऑप्शन है? कीप ऑल द वर्जनंस और डिलीट वर्जनंस आफ्टर इन डज़। सो दिस इज़ आल्सो गुड कि आप देखो
एक्स्ट्रा या तो अननेसेसरी वर्जनंस यूज़ नहीं करो। क्योंकि आप सो लेट्स से आप किसी फाइल में चेंजज़ करते जा रहे हो और आपको एक
टाइम के बाद पता चल रहा है कि आपके 100 से ज्यादा ठीक है? प्रीवियस वर्जन यहां पे सेव हो गए। तो आप चाहो तो डिलीट वर्जन भी
कर सकते हो कि इतने दिन में आपके पुराने जो वर्जनंस हैं वो डिलीट हो जाए। तो ये भी अच्छा ऑप्शन है। ऑलदो कीप ऑल वर्जन हम लोग
करते हैं एंड सिंपल सेव पे हम लोग क्लिक करते हैं। सो वर्जिनिंग हम लोग ने इनेबल तो कर दी है। इसको यूज़ कैसे करना है या तो
वर्क कैसे करता है? चलिए वो देखते हैं। इसके लिए हम लोग डेटा स्टोरेज में कंटेनर्स पे फिर से चलते हैं। हमारा जो
वेब वाला कंटेनर था हम लोग उस पे हम लोग जाएंगे वेब और यहां पे हम लोगों ने अपनी एक वेबसाइट को होस्ट किया था। एंड हमारी
वेबसाइट कुछ इस टाइप की दिखती है। ओके? अब देखो सिंपल सी चीज है कि अगर हम लोग ने अपनी वेबसाइट को होस्ट किया है तो वेबसाइट
में कुछ-कुछ चेंजेस भी होंगे टाइम के साथ। मान लीजिए ये जो इंडेक्स है मैं इसको ओपन करता हूं। ओके सिंपल सा एडिट करता हूं।
इसमें हम लोग कुछ चेंजज़ करते हैं। मान लीजिए ये जो हेडर है ना माय सिंपल क्लाउड वेबसाइट। सो इसके सामने मैं सिंपल कर देता
हूं अ वी वन मतलब यहां पे वर्जन वन है। और इसको मैं यहां पे सेव कर देता हूं। तो यहां पे सेव हो गया। दैट मींस हमने एक नया
वर्जन ऑफ अपनी फाइल या तो लेटेस्ट वर्जन ऑफ़ फाइल ये आप देख रहे हो V1 ओके जैसे ही हम लोग ने इस फाइल में चेंजेस किए और आप
अपनी वेबसाइट को रिफ्रेश करोगे सो आप देखोगे यहां पे वर्जन वन दिखाई दे रहा है ठीक है तो आपकी वेबसाइट में चेंजेस हो गए
लेकिन चेंजेस करने के बाद आपको रियलाइज़ होता है नहीं यार ये तो गलती से हो गया जो हमारा प्रीवियस वर्जन था वही अच्छा है तो
इसके लिए सबसे बेस्ट चीज क्या होती है वर्जनिंग में आप देखो यहां पे आपको वर्जनंस दिखाई दे रहा है वर्जनंस पे आ जाओ
तो वर्जनंस के अंदर यहां पे आप देख सकते हो यह एक फाइल जैसा हमको दिखाई दे रहा है। दैट मींस ये जो हमने अभी फाइल में चेंजेस
किए थे उसका प्रीवियस वर्जन है ये। इस वर्जन को आप चेक कैसे करोगे या तो यूज़ कैसे करोगे? सिंपल है। इसको आप क्लिक करो
एंड यहां पे आप डाउनलोड कर सकते हो। डाउनलोड कर लो और चेक कर लो कि भाई इसमें क्या कंटेंट है। पहला एक तरीका ये है।
दूसरा तरीका क्या है? आप इसको क्या बोलो? मेक करंट वर्जन। क्योंकि आपको पता है कि एक ही बार मैंने चेंज किया। तो ये पुराना
वाला है या तो प्रीवियस वर्जन है। तो मैं सिंपल इसको क्या कर देता हूं? मेक करंट वर्जन और अब हम अपनी वेबसाइट को रिफ्रेश
करेंगे। सो आप देखोगे यहां पे वर्जन वन चला गया। सो दैट मींस हमारे जो भी चेंजेस थे वो रिवर्ट हो गए और हमारा प्रीवियस
वाला जो भी वर्जन था वो अप्लाई हो गया। ओके? सो इसलिए वर्जनिंग ना बहुत ज्यादा हेल्पफुल है जब भी आप किसी फाइल में
चेंजेस कर रहे हो और वो चेंजेस क्रिटिकल्स हैं। ओके? लेकिन यहां पे एक चीज और नोटिस करोगे कि यहां पे अब दो वर्जन आ गए। ऐसा
क्यों? क्योंकि देखो हम लोग ने सिंपल से V1 मतलब वर्जन वन किया तो वो उसका एक वर्जन बन गया। अब हम लोग ने V1 से फिर से
पुराने वाले वर्जन पे गए तो हमारा फिर से एक और वर्जन बन गया। अब मान लीजिए ये वाला वर्जन कौन सा है? अगेन चेक करने का क्या
तरीका? डाउनलोड करके भाई चेक कर लो, रीड कर लो। इसके बाद अगर मान लीजिए ये वाला हमारा जो वर्जन है ना वो उसमें क्या है
पता है? V1 वाला। अब मैं इसको बोल देता हूं कि नहीं भाई अब मेक करंट वर्जन इसको करंट वर्जन बना दो। सो वो अब मैं रिफ्रेश
करता हूं वेबसाइट को। आप देखोगे V1 यहां पे आ गया। ओके? सो इस टाइप से वर्जनिंग यहां पे वर्क करती हैं।
चलिए अब बात करते हैं एक्सेस टियर्स क्या होते हैं इन ब्लॉब स्टोरेज। सो जब हम लोग ने कंटेनर्स बना के उसमें कुछ फाइल्स
स्टोर करी थी तो वहां पे आपने एक नोटिस किया होगा एक कॉलम है एक्सेस टियर जिसमें हॉट यहां पे मेंशंड है। सो इसका क्या मतलब
है? और इसके अलावा भी कुछ ऑप्शन है क्या? तो जैसे कि मान लीजिए अपलोड में जाता हूं और यहां पे एडवांस पे क्लिक करते हैं। सो
यू कैन सी कि एक्सेस टियर्स है और इसमें अलग-अलग ऑप्शंस यहां पे है जैसे कि हॉट, कूल, कोल्ड, स्मार्ट एक्सट्रा। सो इनका
क्या मतलब है? और इसको हम लोग कैसे सेलेक्ट या तो चूज़ करते हैं। ठीक है? सिंपल सा मतलब है कि जो भी डेटा आप स्टोर
कर रहे हो जैसे फाइल्स आप स्टोर कर रहे हो आप वो फाइल्स को कितने फ्रीक्वेंटली एक्सेस किया जा रहा है उसके बेसिस पे आप
ये एक्सेस टियर्स को सेलेक्ट करते हो अब जैसे सिंपल है हॉट आप तब सेलेक्ट करोगे जब आपका जो डेटा है फ्रीक्वेंटली एक्सेस हो
रहा है मतलब मल्टीपल टाइम्स इन अ डे एक्सेस हो रहा है जैसे आपकी वेबसाइट पे बहुत ट्रैफिक आ रहा है तो आप उसको हॉट
कैटेगरी में ठीक है मेंशन करोगे मान लीजिए आपका कुछ ऐसा डाटा है जो बहुत इनफ्रीक्वेंटली वो एक्सेस होता है। लेट्स
से 30 डेज में एक आ दो बार तो आप उसको कूल कैटेगरी में रख सकते हो। इसके बाद और भी कम आप एक्सेस कर रहे हो तो आप उसको कोल्ड
और अर्काइव लेट्स से 180 डेज प्लस। सो अकाइव में मोस्टली आप बहुत ओल्डर फाइल्स रखते हो जो कभी शायद ऑडिट के लिए या तो
कभी कभार रेयरली शायद आपको जरूरत पड़ जाए। सो वन लाइन शॉर्ट जिस भी फ्रीक्वेंसी से आपका डेटा ठीक है एक्सेस हो रहा है आप
उसके बेस पे एक्सेस टियर्स को चूज़ या तो सेलेक्ट करते हो। ऑलदो हमारे पास एक और यहां पे ऑप्शन है स्मार्ट का। सो वो क्या
है? खुद ही रिकॉग्नाइज़ करेगा कि आपका जो डेटा है कितना फ्रीक्वेंटली एक्सेस हो रहा है या तो नहीं हो रहा है। एंड उसके बेसिस
पे वो सेलेक्ट करेगा कि कौन सा आपका टियर आपके लिए सही रहेगा। ठीक है? डेटा के लिए। ऑलदो यहां पे एक और क्वेश्चन है कि हमको
यह चूज़ क्यों करना है? सिंपल सा है कि यहां पे देखो आप जो डेटा स्टोर कर रहे हो। ठीक है? तो दैट मींस आप क्लाउड का स्टोरेज
यूज़ कर रहे हो। तो स्टोरेज आप यूज़ कर रहे हो तो वहां पे कॉस्टिंग भी होगी। सो आप जब इस टाइप से एक्सेस टियर्स को सेलेक्ट करते
हो उसके बेसिस पे आप अपने कॉस्ट को ऑप्टिमाइज करते हो। क्योंकि देखो अभी मान लीजिए कोई एक ऐसा डेटा है। अब जैसे आप
अर्काइव में आप ऐसा डेटा यूज़ कर रहे हो। ओल्डर डेटा आप बस रख रहे हो जो बहुत ही कम आप उसको एक्सेस कर रहे हो। सो इट्स बेटर
कि आप अर्काइव वहां पे सेलेक्ट कर दो। सो दैट वहां पे आपकी कॉस्टिंग बहुत रिड्यूस हो जाएगी। ओके? सो, मेन रीज़न क्या है
एक्सेस टियर को सेलेक्ट करने का? कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन। जब हम स्टोरेज अकाउंट बनाते हैं, वहां पे एक डिफॉल्ट एक्सेस टियर सेट
हो जाता है। तो चलते हैं हम लोग स्टोरेज अकाउंट में। और लेट्स से हम लोग अगर क्रिएट करते हैं एंड इसमें हम लोग एडवांस
वाले ऑप्शन में जाते हैं तो आप नीचे देखोगे एक्सेस टियर यहां पे सेलेक्ट है। तो बाय डिफ़ॉल्ट ये हॉट यहां पे सेक्टेड
है। सो दैट मींस अगर आप सेलेक्ट नहीं भी करते हो और किसी डेटा को अपलोड या तो स्टोर करते हो सो वो ऑटोमेटिकली हॉट टियर
की कैटेगरी में आ जाएगा। चलिए अब बात करते हैं ब्लॉब ऑब्जेक्ट रेप्लीकेशन क्या होता है? एक फीचर होता है
जिसकी मदद से आप जब भी कोई डाटा स्टोर करते हो ना ब्लॉब कंटेनर्स में उसका एक बैकअप या तो कॉपीज आप मेंटेन कर सकते हो।
सो सिंपली इसमें क्या होता है कि आप एक स्टोरेज अकाउंट में जब अपनी फाइल्स को स्टोर कर रहे हो तो वो ऑटोमेटिकली कॉपी हो
जाएंगी दूसरे स्टोरेज अकाउंट में। अब इसका फायदा क्या है? और अगर आप इसको कंफ्यूज हो रहे हो रिडंडेंसी से। सो इसमें एक डिफरेंस
है। अब देखो रिडेंडेंसी में क्या होता है? Azure आपके डेटा को प्रोटेक्ट करने के लिए कॉपीज़ मेंटेन करता है। लेकिन उसमें क्या
प्रॉब्लम है? मान लीजिए बाय मिस्टेक कभी गलती से आपने अपना जो कंटेनर है या तो कंटेनर में जो फाइल्स हैं उसको डिलीट कर
दिया तो क्या होगा? क्या एज्योर उसको प्रोटेक्ट करेगा? नहीं। बिल्कुल भी नहीं। सो रिडेंटेंसी में एज्योर आपके डेटा को
प्रोटेक्ट करने के लिए रिस्पांसिबल होता है। लेकिन यहां पे ऑब्जेक्ट रेप्लिकेशन में क्या होता है? आप अपने डेटा की कॉपीज
मेंटेन कर रहे हो। सो अगर आप एक जगह या तो एक स्टोरेज अकाउंट में कोई फाइल गलती से डिलीट हो जाती है तो दूसरे स्टोरेज अकाउंट
से आप उसको एक्सेस कर सकते हो तो ये इसका फायदा होता है। ओके? सो अगर आप ये सोच रहे हो कि इसकी भाई जरूरत क्या है? तो देखो
अलग-अलग यूज़ केस हो सकते हैं। अब जैसे कि मान लीजिए आप इंडिया में हो तो आपने यहां पे एक स्टोरेज अकाउंट बना दिया। वहां पे
डेटा एक्सेस कर दिया। ऑलदो लेट्स से आपकी एक दूसरी टीम यूएस में बैठी है और उनको भी सेम डेटा एक्सेस करना है तो बेटर है। आप
एक स्टोरेज अकाउंट यूएस में बना दो और उसमें आप यहां पे ऑब्जेक्ट रेप्लीकेशन इनेबल कर दो। सो आप यहां पे जो भी डेटा
स्टोर करोगे वो यूएस वाले स्टोरेज अकाउंट में ऑलरेडी कॉपी हो जाएगा और वहां की टीम उसको इज़ली एक्सेस कर सकती हैं। तो अलग-अलग
यूज़ केस के लिए ये चीज आप यूज़ कर सकते हो। तो यह काम कैसे करता है? एक स्टोरेज अकाउंट से डाटा आपके दूसरे स्टोरेज अकाउंट
में कॉपी होगा। तो दैट मींस इसके लिए हमारे पास दो स्टोरेज अकाउंट होना चाहिए। सो आ जाते हैं हम अपने अजोर पोर्टल पे और
डायरेक्टली चलते हैं स्टोरेज अकाउंट्स में। तो अभी करेंटली हमारे पास एक स्टोरेज अकाउंट ऑलरेडी है जो कि है एम प्रशांत
स्टोरेज। ओके? सो हम लोग एक और यहां पे स्टोरेज अकाउंट बना लेते हैं। क्रिएट पे जाते हैं। सब्सक्रिप्शन एंड रिसोर्स ग्रुप
सेम रखते हैं। स्टोरेज अकाउंट नेम वहां पे हमारे पास एम प्रशांत स्टोरेज था। तो इसको हम लोग एम प्रशांत स्टोरेज टू कर
देते हैं। मतलब वन से टू में हमको कॉपी करना है। लाइक दैट। एंड जैसे कि मैंने आपको बताया था कि ये वाले स्टोरेज अकाउंट
में हमारी फाइल्स कॉपी होंगी। तो हम इसके रीजन को चेंज भी कर सकते हैं। सो एक इंडिया रीजन में है तो दूसरा हम चाहें तो
यूएस में भी कर सकते हैं। लेट्स से यहां पे मैं कनाडा सेंट्रल कर देता हूं। ओके? प्राइमरी सर्विस हमारी ब्लॉब होगी। एंड
बाकी सिंपल हम लोग रिव्यू एंड क्रिएट कर देते हैं। क्रिएट। सो डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। इसके बाद हम लोग फिर से चलते
हैं स्टोरेज अकाउंट में। एंड अब हमारे पास दो स्टोरेज अकाउंट हैं। एम प्रशांत स्टोरेज एंड एम प्रशांत स्टोरेज टू। और आप
दोनों स्टोरेज अकाउंट के लोकेशन देख सकते हो। एक स्टोरेज अकाउंट इंडिया में है और दूसरा हमारा कनाडा में है। ओके। इसके बाद
हम लोग चलते हैं अपने मेन वाले स्टोरेज अकाउंट में जो कि है एम प्रशांत स्टोरेज। तो इस पे आप क्लिक करो। सो लेफ्ट साइड में
डेटा मैनेजमेंट के अंदर आप एक ऑप्शन देखोगे ऑब्जेक्ट रेप्लीकेशन का। तो इसको मैं क्लिक कर देता हूं। एंड सिंपली आपको
यहां पर क्रिएट रेप्लीकेशन रूल करना है। और यह सबसे पहले आपसे क्या पूछ रहा है? डेस्टिनेशन स्टोरेज अकाउंट कि आपको कौन से
स्टोरेज अकाउंट में कॉपी करना है अपनी फाइल्स को। सो अभी हम लोग ने जो नया स्टोरेज अकाउंट बनाया एम प्रशांत स्टोरेज
टू उसको सेलेक्ट कर लिया। ओके? सो नीचे आएंगे तो इट इज़ आस्किंग कि सोर्स कंटेनर मतलब कौन से कंटेनर की फाइल्स आपको कॉपी
करनी है। तो मैं बोलता हूं जो हम लोग ने एक कंटेनर बनाया था ना माय ऐप नाम का उसमें मतलब उसकी जो फाइल्स हैं वो कॉपी हो
जाना चाहिए डेस्टिनेशन कंटेनर। तो डेस्टिनेशन कंटेनर एक्चुअली हम लोग ने बनाया ही नहीं था। तो हम लोग यहां पे अभी
कैंसिल करके पहले तो डेस्टिनेशन का एक कंटेनर बना लेते हैं। सो हम लोग आ जाते हैं एम प्रशांत स्टोरेज टू जो हमारा नया
वाला स्टोरेज अकाउंट है। इसमें लेफ्ट साइड में जाके डेटा स्टोरेज कंटेनर्स और यहां पे हम लोग एक नया कंटेनर बना लेते हैं। और
जैसे कि वो माय एप था तो यहां पे माय एप टू कर सकते हैं हम लोग। ओके? और सिंपल क्रिएट। इसके बाद हम लोग फिर से एम
प्रशांत स्टोरेज पे चलेंगे। डेटा मैनेजमेंट के अंदर हम लोग जाएंगे ऑब्जेक्ट एप्लीकेशन क्रिएट एप्लीकेशन रूल्स एंड
डेस्टिनेशन स्टोरेज होगा एम प्रशांत स्टोरेज टू एंड इस अब हम लोग रूल बना सकते हैं कि सोर्स कंटेनर हमारा क्या है माय ऐप
और डेस्टिनेशन कंटेनर हमारा क्या है माय ऐप टू सो इट इज़ आस्किंग कि ये रूल बनाने के बाद जो भी नए ऑब्जेक्ट आएंगे उसको बस
कॉपी करना है या तो एवरीथिंग तो हम लोग एवरीथिंग कर लेते हैं कि हम इस कंटेनर में जो भी है सब कॉपी हो जाना चाहिए तो हम लोग
सेव करते हैं एवरीथिंग एंड क्रिएट कर देते हैं। सो यहां पे हमारा रेप्लकेशन पॉलिसी तो बन
गई है और यहां पे सक्सेसफुली अप्लाइड भी हो गई है। ये वर्क किया है कि नहीं हम लोग चेक कैसे करेंगे? ब्लॉग स्टोरेज पे चलते
हैं। एम प्रशांत स्टोरेज टू पे जाएंगे एंड इसमें लेफ्ट साइड में हम लोग कंटेनर्स जो हमारा माय ऐप टू था वो एंड उसको हम लोग
ओपन करते हैं। ओके। सो अभी तक तो यहां पे कोई फाइल नहीं आई है। तो हम लोग क्या करते हैं? सो हम लोग माय प्रशांत स्टोरेज जो
हमारा अकाउंट है उस पे जाते हैं। एंड इसमें हम लोग कंटेनर ओपन कर लेते हैं। माय ऐप। सो यहां पे हमारे पास दो फाइल्स
तो हैं। हम लोग ना एक फाइल यहां पे अपलोड करने का ट्राई करते हैं। अपलोड ये इमेज है। इसको ओपन कर लेते हैं एंड अपलोड कर
देता हूं। सो आप देखोगे यहां पे मैंने एक नई फाइल अपलोड करी। ठीक है? ये अपलोड करी है मैंने एम प्रशांत स्टोरेज और माय ऐप
वाले कंटेनर में। अब हम लोग फिर से स्टोरेज सेंटर में चलते हैं और माय प्रशांत स्टोरेज टू ओपन करके देखते हैं।
इसका कंटेनर माय ऐप टू ओपन करते हैं। ओके। सो हमारी जो दो ओल्ड फाइल थी इंडेक्स. और नेचर पिकक वाली वो तो यहां पे कॉपी हो गई
हैं। लेकिन जो नई फाइल है वो अभी तक नहीं आई है। थोड़ा सा वेट करके रिफ्रेश करोगे तो आप यहां पे आपको जो नई फाइल है वो भी
यहां पे मिल जाएगी। सो अब थोड़ा टाइम हो गया है। तो इसके बाद मैं अब रिफ्रेश करता हूं।
सो लेट्स सी कि हमारी फाइल आई है कि नहीं। सो यस जो हम लोग ने अभी लेटेस्ट पीएजी फाइल अपलोड करी थी माय ऐप में वो माय ऐप
टू में कॉपी हो गई है। ऑलदो इमीडिएटली शायद आपको ये फाइल्स देखने को ना मिले और इसके पीछे काफी सारे रीज़ंस हो सकते हैं।
या तो देखो एक तो जियोफिकल रीजन हो गया या एक इंडिया है, एक कनाडा है और शायद नेटवर्किंग हो गया, स्टोरेज हो गया। या तो
इनकी खुद की जो प्रोसेस है उसमें थोड़ा सा टाइम लग सकता है। बट हम लोगों ने एक चीज श्योरिटी में के लिए चेक कर ली कि यहां पे
फाइल्स कॉपी प्रॉपर्ली हो रही हैं या तो रेप्लिकेट हो रही हैं। चलिए अब बात करते हैं लाइफ साइकिल
मैनेजमेंट क्या होता है? एंड ये हमारे लिए क्यों जरूरी है? देखो ब्ल ऑफ स्टोरेज हम लोग क्यों यूज़ कर रहे हैं अपने डेटा को
स्टोर करने के लिए? लेकिन फैक्ट ये भी है कि जितना हम डेटा स्टोर करेंगे उतना हमें कॉस्टिंग भी बैठेगी। तो हमारे लिए एक
पॉइंट के बाद ना डेटा को मैनेज करना बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है। मैनेज मतलब फॉर एग्जांपल हमारे पास ऐसा कोई डेटा है जो
हमारे लिए अननेसेसरी है तो हम उसको टाइम टू टाइम क्लीन कर दें या तो हमारे पास लेट्स से अगर कोई डेटा है जो अब लेस
फ्रीक्वेंटली यूज्ड है तो हम उसका जो एक्सेस टियर है उसको चेंज कर दें सो दैट हम कॉस्टिंग को रिड्यूस कर सकें या तो
ऑप्टिमाइज कर सकें। तो इस केस में लाइफ साइकिल मैनेजमेंट हमारी हेल्प करता है। एंड वो कैसे करेंगे? चलिए देखते हैं Azure
पोर्टल पे आ जाते हैं और कोई भी एक स्टोरेज अकाउंट हम ओपन कर लेते हैं। लेट्स से एम प्रशांत स्टोरेज एंड इसमें लेफ्ट
साइड में आप देखोगे डेटा मैनेजमेंट के अंडर आप देखोगे लाइफ साइकिल मैनेजमेंट का एक ऑप्शन है। आप उस पर क्लिक करोगे। सो
लाइफ साइकिल मैनेजमेंट में आप क्या चीजें कर सकते हो? आप देखोगे यहां पे आप ऐड रूल्स मतलब रूल्स बना सकते हो। पॉलिसीज
बना सकते हो। जिसकी मदद से आप अपने जो डेटा को एक एप्रोप्रियट एक्सेस टियर मतलब जो एक्सेस टियर जैसे हॉट कोल्ड उसमें आप
कन्वर्ट कर सकते हो। या तो जो अननेसेसरी डेटा है उसकी एक्सपायरी डेट भी आप यहां पे ठीक है प्रोवाइड कर सकते हो सो दैट एक
टाइम के बाद आपका जो डेटा है ऑटोमेटिकली डिलीट हो जाएगा। सो हम हम लोग सिंपली क्या ऐड अ रूल कर सकते हैं। सो लेट्स से रूल का
एक नाम दे देते हैं। डेमो रूल एंड अप्लाई रूल्स टू ऑल ब्लॉक्स इन योर स्टोरेज अकाउंट। सो एक स्टोरेज अकाउंट के बेसिस पे
और इसमें सारे ब्लॉक्स पे ये अप्लाई करना है रूल। ओके? एंड इसके बाद नेक्स्ट करते हैं। सो यहां पे हमारे पास एक इफ कंडीशन
है। एंड यहां पे दो ऑप्शंस हैं। लास्ट मॉडिफाइड एंड क्रिएटेड कि अगर कोई फाइल भाई 6 महीने पहले मॉडिफाइड हुई है तो उसको
डिलीट कर दो। या तो जो क्रिएटेड है कि मान लीजिए 1 साल पुरानी जो फाइल है अगर मुझे उसको डिलीट करना है तो सिंपल है। क्रिएटेड
मैं 365 डेज कर देता हूं तो वो ऑटोमेटिकली 1 साल के बाद डिलीट हो जाएगी। तो इस टाइप से आप रूल कर सकते हो। एंड डिलीट के अलावा
भी आपके पास ऑप्शन है एक्सेस टियर को चेंज करने का। कि मान लीजिए अगर 6 महीने से पुरानी फाइल है तो आप क्या कर सकते हो?
मूव टू कूल स्टोरेज या तो कोल्ड स्टोरेज। ओके? सो एक्सेस टियर भी चेंज कर सकते हो या तो आप लास्ट मॉडिफाइड या तो क्रिएटेड
डेट के बेसिस पे आप जो पुरानी फाइल्स है उसको डिलीट भी कर सकते हो। ठीक है? तो इट्स ऑल अप टू यू कि आपको कैसे अपने डेटा
को ऑर्गेनाइज करना है। ओके? सो सेशन के स्टार्ट में हम लोग ने देखा था कि स्टोरेज अकाउंट जब हम क्रिएट
करते हैं उसके अंडर हमको मल्टीपल सर्विज मिलती हैं। एंड उसमें से हम लोग ने ब्लॉप स्टोरेज सर्विस को तो प्रैक्टिकली ट्राई
करके अच्छे से समझ लिया। लेकिन इसके अलावा जो सर्विज हैं उसके बारे में हम लोग शॉर्ट में डिस्कस कर लेते हैं। सो दैट आपको
अवेयरनेस रहे कि कौन सी रिक्वायरमेंट में कौन सी सर्विज यूज की जाती है। सबसे पहले बात करते हैं एज्योर फाइल्स के बारे में।
अब सपोज़ आपके ऑफिस में चारप टीम मेंबर हैं एंड उनके बीच में आपको एक कॉमन शेयरर्ड फोल्डर चाहिए। सो इस केसेस में आप एज्योर
फाइल्स यूज़ कर सकते हो। यह एसएमबी एंड एनएफएस लाइक प्रोटोकॉल्स यूज़ करते हैं। जैसे कि नेटवर्क फाइल सिस्टम जिसकी मदद से
आपके लोकल सिस्टम पे नेटवर्क ड्राइव जैसी बन जाती है। एंड आपकी टीम मेंबर्स उस एक ड्राइव को शेयर कर सकते हैं एज अ कॉमन
शेयरर्ड स्पेस। इसके बाद समझते हैं क्यू स्टोरेज सर्विस क्या होती है? तो सिंपल है एप्लीकेशनेशंस के बीच में जो मैसेज
ट्रांसफर हो रहा है ना अगर आपको उनको टेंपरेरी लेवल पे स्टोर करना है तो आप क्यू स्टोरेज यूज़ कर सकते हो। तो इसको एक
यूज़ केस से समझते हैं। लेट्स से आपने एक एप्लीकेशन बनाई है जिसमें ऑर्डर रिसीव हो रहे हैं। ठीक है? यूज़र्स के जैसे कि फ़ूड
डिलीवरी ऐप तो वहां पे ऑर्डर्स आ रहे हैं। मान लीजिए एक पीक टाइम पे बहुत सारे बल्क ऑर्डर आ जाते हैं। लेट्स से 10,000 ऑर्डर
एक टाइम पे आ गए। तो आप क्या करोगे? बैक एंड में आपके पास एक सर्विस है जो ऑर्डर को प्रोसेस करते हैं। लेकिन इतने सारे
ऑर्डर एक साथ तो प्रोसेस होंगे नहीं। तो आप क्या कर सकते हो? उन ऑर्डर्स को उतने टाइम के लिए आप क्यों स्टोरेज में स्टोर
कर सकते हो और जो आपकी जो ऑर्डर प्रोसेसिंग वाली सर्विस है वो चंक्स में मतलब थोड़े-थोड़े करके ऑर्डर्स को प्रोसेस
कर सकता है। ठीक है? तो ये कुछ यूज़ केस है जहां पे आप क्यू स्टोरेज यूज़ कर सकते हो। इसके बाद हमारे पास है टेबल स्टोरेज
सर्विस जो कि एक नो सीक्वल डेटाबेस स्टोरेज सर्विस है। तो जब भी आपको नो सीक्वल टाइप का डेटा को स्टोर करना है
मैनेज करना है ना तो आप टेबल स्टोरेज यूज़ कर सकते हो। सो चलिए इस सेक्शन के एंड में हम लोग ने
जो भी स्टोरेज से रिलेटेड रिसोर्सेज बनाए थे हम उनको डिलीट कर देते हैं। तो उसके लिए यहां सबसे बेस्ट तरीका क्या है? हम
लोगों ने स्टोरेज के लिए एक अलग से रिसोर्स ग्रुप बनाया था। तो हम लोग डायरेक्टली उसको डिलीट कर देते हैं। सो
डायरेक्टली चलते हैं हम लोग रिसोर्स ग्रुप में। एंड जो रिसोर्स ग्रुप हम लोगों ने बनाया था Aजी स्टोरेज आरजी उस पे हम जाते
हैं। एंड इसमें जो हम लोग ने दो स्टोरेज अकाउंट बनाए थे वो हम लोग देख सकते हैं। लेकिन इसमें हम लोग डायरेक्टली क्या
करेंगे? डिलीट रिसोर्स ग्रुप में जाके जो भी रिसोर्सेज हैं हम उसको डिलीट कर देंगे। ठीक है? कंफर्म करने के लिए हमको रिसोर्स
ग्रुप का नाम देना है। तो यहां से कॉपी करके हम लोग अपना रिसोर्स का ग्रुप का नाम दे देते हैं। और यहां पे सिंपली डिलीट पे
क्लिक करके सारे रिसोर्सेज को डिलीट कर देते हैं। ओके? सो थोड़ी देर में हम लोग रिफ्रेश करते हैं। तो हमारे यहां पे सारे
रिसोर्सेज डिलीट हो चुके हैं। एंड इसके बाद हम लोग बैक जाते हैं एंड रिसोर्स ग्रुप में देखते हैं। तो हमारा रिसोर्स
ग्रुप भी डिलीट हो चुका है। एक बार हम लोग रिचेक करने के लिए ऑल रिसोर्सेज में जाके भी चेक कर सकते हैं कि हमारा कोई रिसोर्स
बाकी तो नहीं है। तो यस हमारे सारे रिसोर्सेज सक्सेसफुली डिलीट हो चुके हैं। ऑलराइट। सो इस सेक्शन में हम लोग बात
करेंगे एजोर आईएम के बारे में। आइडेंटिटी एंड एक्सेस मैनेजमेंट। आइडेंटिटी मींस जिसमें हम लोग देखेंगे डिफरेंट यूज़र्स या
तो ग्रुप क्रिएट करना एंड उन यूज़र्स को किन चीजों का और कितना एक्सेस देना है। इसी के मैनेजमेंट को हम लोग आईएम बोलते
हैं। एंड इसकी शुरुआत करते हैं एक वैलिड क्वेश्चन के साथ कि आईएम की हमको जरूरत क्यों पड़ती है? देखो कोर्स के स्टार्टिंग
में हम लोग ने एक एजोर का फ्री अकाउंट सेटअप किया था जिसमें एक यूजर क्रिएट हो गया था। एंड उसी यूजर को हम लोग यूज कर
रहे हैं एजुअल पोर्टल में लॉग इन करने के लिए और डिफरेंट सर्विज को यूज करने के लिए और लर्निंग के लिए। ओके? उस यूजर को हम
लोग ओनर अकाउंट या तो एडमिन अकाउंट बोल सकते हैं क्योंकि इस यूजर के पास सारे एक्सेस, सारे परमिशन, सारे राइट्स हैं।
लेकिन द क्वेश्चन इज़ क्या ये एक सिंगल यूजर अकाउंट सफिशिएंट है? देखो ये डिपेंड करता है यूसेज पे। अगर आप पर्सनल लर्निंग
के लिए यूज़ कर रहे हो तो एक अकाउंट काफी है। या तो आप एज अ इंडिविजुअल डेवलपर ठीक है? कोई प्रोजेक्ट पे काम कर रहे हो तब भी
एक यूजर काफी है। बट बात करें किसी आईटी कंपनी के लिए जिनको Azure क्लाउड यूज़ करना है अपने प्रोजेक्ट के लिए और इनके पास
लेट्स से एक क्लाउड इंजीनियर की टीम भी है जिसमें चार टीम मेंबर हैं। तो सबसे पहले टास्क क्या होगा? ये चारों जो टीम मेंबर्स
हैं इनके पास Azure पोर्टल का एक्सेस होना चाहिए। तभी तो चारों साथ में मिलके किसी प्रोजेक्ट पे काम कर पाएंगे। राइट? तो ये
एक यूज़ केस है जहां पे आपको डिफरेंट यूज़र्स को क्रिएट एंड मेंटेन करना पड़ता है। इसको समझने के लिए हम अपने आप को
क्लाउड एडमिन जैसे ट्रीट कर सकते हैं समझ सकते हैं। और हमारा टास्क क्या है? अपने टीम मेंबर्स के लिए यूज़र्स अकाउंट क्रिएट
करना और उनको नेसेसरी परमिशंस प्रोवाइड करना। एंड इसके लिए हम लोग आगे दो टॉपिक कवर करेंगे। एक है Microsoft इंट्रा आईडी
दूसरा है Azure आर बैकक। सो इंट्रा आईडी एक सर्विस है जिसकी मदद से हम लोग यूजर या तो ग्रुप क्रिएट कर सकते हैं और आर बैकक
है रोल बेस्ड एक्सेस कंट्रोल जिसकी मदद से हम लोग एक बार जब यूजर बन जाएंगे ना तो उनको एक्सेस प्रोवाइड करेंगे। तो चलिए
सबसे पहले शुरुआत करते हैं इंट्रा आईडी से और यूजर कैसे क्रिएट करना है वो देखते हैं।
ओके सो यूजर बनाने के लिए aur पोर्टल में सिंपली आप सर्च कर लो यहां पे इंट्रा आईडी एंड यहां पे सर्विसेस के अंदर देखोगे
Microsoft entra आईडी दिख रहा है। ठीक है? के एक सर्विस है तो इस पे आप क्लिक करते हो इसमें आप लेफ्ट साइड में जाओगे मैनेज
पे एक्सपेंड करोगे तो आपको अलग-अलग कैटेगरीज दिखेंगी जैसे कि यूज़र्स अगर मैनेज करना हो ग्रुप मैनेज करना होरा तो
यूज़र्स एंड ग्रुप को मैनेज करने का यह तो एक तरीका है लेकिन इसके अलावा Microsoft हमको एक और तरीका देता है जो मुझे ज्यादा
पर्सनली बेटर लगता है वो है Microsoft इंट्रा एडमिन सेंटर। तो यह एक डेडिकेटेड डैशबोर्ड हमको मिल जाता है आईएम रिलेटेड
टास्क के लिए। अह तो यह भी हम यूज़ कर सकते हैं। मतलब आप कोई भी एक तरीका यूज़ कर सकते हो। तो लेट्स से मैं यहां पे सिंपल क्लिक
करता हूं। सो आपका एक नया डैशबोर्ड यहां पे ओपन हो जाता है। तो आप देखोगे इसको यूज़ करना और इसकी विज़िबिलिटी ज्यादा बेटर है।
क्योंकि यूजर कितने हैं? ग्रुप कितने हैं? एसेट्रा। तो आपको यहां पे एक प्रॉपर डैशबोर्ड मिल जाता है और विजिबिलिटी मिल
जाती है। अभी हमारे पास जो करंट यूजर है वो है पॉल। ग्लोबल एडमिन है। तो जो हम लोगों ने कवर किया था कि जो अकाउंट सेटअप
करते टाइम यह जो यूजर बनाते हैं वह एडमिन या तो ओनर होता है। ओके? एंड इसके बाद लेफ्ट साइड में आप एंटर आईडी पे क्लिक
करोगे तो आपको सेम वही चीजें मिलेंगी जो मैनेज में मिलती थी। जैसे यूज़र्स, ग्रुप, डिवाइसेस। सबसे पहले तो हम लोग यूज़र्स पे
चलते हैं क्योंकि हमको एक यूजर बनाना है। तो, हम लोग आ जाते हैं। यूज़र्स पे मैंने क्लिक कर लिया। थोड़ा सा ज़ूम कर देता हूं।
हम लोग सिंपल न्यू यूजर पे क्लिक कर लेते हैं। क्रिएट न्यू यूजर। अ उसके बाद कुछ बेसिक इनेशन हमको प्रोवाइड करनी है। जैसे
कि प्रिंसिपल नेम। लेट्स से अगर हमारे यूजर का नाम एलेक्स है तो मैं यहां पे एलेक्स यहां पे प्रोवाइड कर देता हूं। बट
लेट्स से आपकी टीम में दो लोग हैं जिनके नाम एलेक्स हैं। तो आप चाहो तो ठीक है? इनके सेकंड नेम भी यूज़ कर सकते हो। जैसे
कि एलेक्स डॉट एलेक्स डॉट फिलिप। ठीक है? तो आप उनके सर नेम भी जोड़ के ठीक है? कुछ यूनिक नाम बना सकते हो। ऑलदो हम लोग
नॉर्मली Alex यूज़ कर लेते हैं। इसके बाद एक चीज़ आप नोटिस करोगे कि Alex तो यूजर का नाम है। लेकिन जो इसका पूरा जो नाम या तो
यूजरनेम बनेगा वो इस टाइप से बनेगा। Alex Philip 019gmail. Microsoft.com
सो ये काइंड ऑफ अ डोमेन हो गया। तो अभी हमारा खुद का पर्सनल या तो कस्टम डोमेन नहीं है हमारे पास। इसलिए जो हम लोगों ने
फ्री अकाउंट सेटअप किया था इसने खुद से एक यूनिक सा ये डोमेन टाइप का क्रिएट कर दिया। ओके? बट अगर आपका कस्टम डोमेन रहेगा
जैसे कि मान लीजिए example.com या तो xyz.com सो उस केस में आपका जो यूजरनेम है कैसे बनेगा? [email protected]
तो मतलब वो कंपनी के डोमेन के साथ आपका मैच हो जाएगा। बट हम लोग अभी इसी के साथ डिफ़ॉल्ट के साथ चलते हैं। इसके बाद है
डिस्प्ले नेम। तो इसमें भी हम लोग एलेक्स ही रख लेते हैं। ठीक है? एंड इसके बाद है पासवर्ड। एंड यहां जो पासवर्ड आप देख रहे
हो ना इस यूजर के लिए जो क्रिएट हो रहा है वो ऑटो जनरेटेड पासवर्ड है। तो मैं सिंपली इस स्टेज पे क्या करता हूं? कॉपी कर रहा
हूं। एंड ये जो पासवर्ड है हमारा मैंने एक डॉक्यूमेंट में अपने नोट डाउन कर लिया। ओके? इसके बाद आप डायरेक्टली रिव्यू एंड
क्रिएट पे जाके ठीक है? यूजर क्रिएट कर सकते हो। ऑलदो आपके पास कुछ और ऑप्शंस भी होते हैं जैसे प्रॉपर्टीज पे जाते हैं। तो
जैसे कि देखो आप ऑर्गेनाइजेशन लेवल पे अगर काम कर रहे हो तो एक यूजर से रिलेटेड कुछ और इंफॉर्मेशन भी आप ऐड कर सकते हो। जैसे
कि फर्स्ट नेम, लास्ट नेम, जॉब का टाइटल, कंपनी का नेम, एंप्लॉय आईडी। इसमें एड्रेस वगैरह भी ठीक है? आप ऐड कर सकते हो। एज
ग्रुप ऐड कर सकते हो। यूजर की लोकेशन ऐड कर सकते हो। एंड सो ऑन। इसके बाद है एक ऑप्शन असाइनमेंट का कि देखो ये जो यूजर है
वो एक सिंगल यूजर बन रहा है। क्या आप उसको एक किसी ग्रुप का पार्ट बनाना चाहते हो या तो इस यूजर को कोई रोल या तो कोई परमिशन
अभी देना चाहते हो तो अभी के लिए हम ये दोनों ही ऑप्शन स्किप करते हैं। इसके बाद सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट पे जाते हैं।
इसमें आप देखोगे यूजर प्रिंसिपल नेम ये जो यूजर प्रिंसिपल नेम है ना इसको भी मैं कॉपी कर लेता हूं। और इसको भी नोट डाउन कर
लेता हूं। एंड मैं ये यूजर नेम एंड पासवर्ड क्यों नोट डाउन कर रहा हूं? बिकॉज़ इसको यूज़ करके ही एक जो हमारा यूजर रहेगा
Alex वो Azure पोर्टल में लॉगिन कर पाएगा। तो ये मैंने डिटेल्स नोट डाउन कर ली है और हम लोग सिंपली यहां पे क्रिएट पे क्लिक
करके ये यूजर को हम लोग क्रिएट कर लेते हैं। तो यूजर तो क्रिएट हो गया। सिंपली हम लोग यहां पे जाके रिफ्रेश कर लेते हैं। सो
आप देखोगे Alex यहां पे यूजर अब हमको दिखाई दे रहा है। ओके? सो हमारा यूजर यहां पे क्रिएट हो गया है। ऑलदो जो प्रिंसिपल
नेम था या तो यूजर नेम था वो यहां से भी आप कॉपी कर सकते हो और पासवर्ड तो हम लोगों ने जब क्रिएट कर रहे थे तब भी हम
लोगों ने नोट डाउन कर लिया। ओके? सो एज अ एडमिन आपने अपने टीम मेंबर का एक यूजर अकाउंट तो क्रिएट कर लिया और उसकी डिटेल्स
भी आपके पास है। इसके बाद आप सिंपली क्या करोगे? यह जो यूजर डिटेल है यूजर नेम, पासवर्ड आप अपने टीम मेंबर को ठीक है? आप
सेंड कर दोगे वाया ईमेल या तो किसी भी तरीके से। दैट्स इट। सो अगला टास्क उस यूजर का रहेगा जिसका नाम एलेक्स है कि वो
इन यूजरनेम पासवर्ड को ट्राई करें एंड एक्सेस करके देखें डैशबोर्ड में चल रहा है कि नहीं। सो अभी के केस में मैं ही एडमिन
हूं एंड मैं ही ये एलेक्स यूजर हूं। तो मैं सिंपल क्या करता हूं? एक नया इनकॉग्निटो विंडो ओपन करता हूं। एंड यहां
पे हम लोग aur पोर्टल ओपन करेंगे। ठीक है? portal.jur.com तो साइन इन ऑप्शन में जो यूजरनेम अभी हम
लोग ने क्रिएट किया था वो हम लोग प्रोवाइड करेंगे। Alex@ Flipk जो भी पूरा है। इसके बाद नेक्स्ट एंड इट इज़ आस्किंग फॉर द
पासवर्ड। तो ये जो पासवर्ड मैंने नोट डाउन करके रखा था ना ये वाला। तो यह मैं कॉपी करके यह वाला पासवर्ड यहां पे प्रोवाइड कर
देता हूं। तो यह हो गया यूजरनेम पासवर्ड। तो फर्स्ट टाइम यह तो ऑटो जनरेटेड पासवर्ड था। तो जब यूजर पहली बार एक्सेस करता है
तो यह प्र्प्ट आता है कि अपडेट योर पासवर्ड। तो करंट पासवर्ड मैं यहीं पर कॉपी कर लेता हूं और एक नया पासवर्ड हम
लोग यहां पे क्रिएट कर लेते हैं कुछ। तो इसके बाद है लेट्स कीप योर अकाउंट सिक्योर। सिंपली नेक्स्ट पे क्लिक कर
देंगे। और इसके बाद एमएफए मल्टीफैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल का ऑप्शन है। इसके बाद हमको एक एप्लीकेशन को इंस्टॉल करना रहता
है अपने मोबाइल फोन पे जिसका नाम है Microsoft ऑथेंटिकेटर। यह है Google अ मतलब अपना Android एंड Apple दोनों के
लिए। ठीक है? अवेलेबल है। सो सबसे पहले तो यह एप्लीकेशन डाउनलोड कर लो। ठीक है? Microsoft ऑथेंटिकेटर। इसके बाद आप सिंपली
नेक्स्ट पे क्लिक करो। सेट अप योर अकाउंट इन ऐप। तो इट इज़ आस्किंग कि जो एप्लीकेशन ठीक है? डाउनलोड हुई है, इंस्टॉल हुई है
तो कुछ इस टाइप की आपकी फर्स्ट टाइम दिखेगी। इसमें एक प्लस का साइन दिख रहा होगा सबसे ऊपर या तो ऐड अकाउंट। तो कहीं
से भी आप प्लस पे लेट से क्लिक करो और इसके बाद वर्क और स्कूल अकाउंट पे आप क्लिक कर लो। ठीक है? ये आप देखोगे वर्क
और स्कूल नेक्स्ट पे आप क्लिक करो। तो इसके बाद आपके एप्लीकेशन में एक ऑप्शन दिख रहा होगा स्कैन अ क्यूआर कोड। तो स्क्रीन
पे जो भी क्यूआर कोड आएगा आप उसको स्कैन कर लो। इसके बाद आपके ऑथेंटिकेटर एप्लीकेशन में कुछ इस टाइप से अकाउंट
सेटअप हो जाएगा। ठीक है? आपका वहां पे यूजरनेम वगैरह दिखाई देगा। आप सिंपली इसके नेक्स्ट क्लिक कर लो। एंड इसके बाद जो
आपकी एप्लीकेशन सेटअप हुई ना एक बार उसको वेरीफाई करेगा। सिंपली इट इज़ आस्किंग कि यहां पे पॉपअप आपके फोन पे आएगा। एंड इट
इज़ सेइंग कि भाई वहां पे ये नंबर टाइप करो। नंबर टाइप कर देता हूं। यस। ओके। ओके। सो एप्लीकेशन अप्रूव्ड होने के बाद
हम सक्सेसफुली लॉगिन हो चुके हैं। मतलब Alex यूजर लॉग इन कर चुका है। आप टॉप राइट में देखोगे Alex जो यूजर हम लोग ने क्रिएट
किया था उसी से हम लोगों ने लॉग इन किया है। ऑलदो ये जो डैशबोर्ड है या तो पोर्टल है आपको कुछ अलग दिखेगा यहां पे और
इनिशियली आपको कोई राइट्स नहीं होंगे। यहां पे आप देखोगे इट इज़ आस्किंग कि आप यहां पे फ्री ट्रायल से स्टार्ट कर लो।
ठीक है? तो यह एक सब्सक्रिप्शन का भी पार्ट नहीं है और इट इज़ एक्सपेक्टेड कि जब आप पहली बार यूजर क्रिएट करते हो उसके पास
कोई भी परमिशंस नहीं होते हैं। जैसे कि मान लीजिए हम कोई सर्विस ट्राई कर लेते हैं सर्च करने का। मान लीजिए वर्चुअल
मशीन। ठीक है? सो वर्चुअल मशीन मैं ओपन करता हूं। सो आप यहां पे देखोगे एक एरर दिखाई दे रहा है। दैट मींस और यहां पे
लिखा भी है यूजर माइट नॉट हैव इनफ परमिशन। दैट मींस हमारे पास परमिशन ही नहीं है। मतलब एलेक्स यूजर को कि कोई भी वो रिसोर्स
को एक्सेस कर पाए या तो क्रिएट कर पाएं। क्योंकि यह किसी सब्सक्रिप्शन का ही पार्ट नहीं है। ओके, यह तो रही बात रिसोर्सेज
की, वह तो हम यहां पे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। लेट्स ट्राई कि हम लोग इंट्रा आईडी एक्सेस कर पा रहे हैं कि नहीं। एंटर
आईडी तो यह है Microsoft इंट्रा आईडी। एंड इसके बाद लेफ्ट में हम लोग मैनेज पे जाते हैं। यूज़र्स पे क्लिक करते हैं। सो, हम
लोग जो अभी एक्ज़िस्टिंग दो यूज़र्स हैं उनको हम देख पा रहे हैं जो Alexa एंड पॉल है। एंड इफ वी ट्राई टू क्रिएट अ न्यू
यूजर। तो देखोगे आप हमको यहां पे परमिशन नहीं है क्रिएट न्यू यूजर। ठीक है? तो हम लोग यहां पे रीड कर सकते हैं और चेक कर
सकते हैं। बट हम लोग को नए यूजर क्रिएट करने की भी परमिशन नहीं है। चलिए अब बात करते हैं जो अभी हम लोग ने एक
यूजर बनाया Alex नाम का वो हम लोगों ने बनाया क्यों था? देखो हमारा जो मेन पर्पस क्या था? लेट्स से हमारी कंपनी का एक
प्रोजेक्ट है जो क्लाउड पे क्लाउड बेस्ड है। ओके? एंड उस प्रोजेक्ट के लिए हम लोगों ने काफी सारे रिसोर्सेज बनाए। तो
हमारा मेन एजेंडा क्या था? कि जो हमारी टीम में और भी मेंबर्स हैं हमारे प्रोजेक्ट के जो रिसोर्सेज हैं जो क्लाउड
में है उसको एक्सेस कर सकें तभी तो हम एज अ टीम ठीक है उस प्रोजेक्ट पे काम कर पाएंगे। तो सिंपल इन शॉर्ट क्या है?
रिक्वायरमेंट ये जो रिसोर्सेज हैं जो हमारे प्रोजेक्ट के लिए बने हैं इस रिसोर्सेज में इस एलेक्स यूजर को एक्सेस
प्रोवाइड करवाना है। एंड इसके लिए हम लोग यूज़ करेंगे आरबैक जो कि है रोल बेस्ड एक्सेस कंट्रोल। तो ये जो आरबैक है ना एक
मैकेनिज्म या तो कांसेप्ट है जिसकी मदद से हम लोग किसी रिसोर्सेज में किसी यूजर को या तो किसी ग्रुप को एक्सेस प्रोवाइड
करवाते हैं। एंड आरबैक में आपको सिंपली तीन टर्म याद रखनी है। हु व्हाट वेयर? हु मतलब कौन से यूजर को परमिशन देनी है।
दूसरी चीज कितनी परमिशन देनी है। लेट्स से एक रिसोर्सेज है तो उसमें रीड परमिशन देनी है या तो कॉन्ट्रिब्यूटर की परमिशन देनी
है। सो ऑन और लास्ट में है वेयर। मतलब एक एलेक्स को लेट्स से रीड परमिशन तो देनी है लेकिन कौन से रिसोर्स में देनी है तो वहां
आ जाएगा वेयर। तो चलिए ये चीज करके देखते हैं। ओके सबसे पहले मैं आ गया हूं एजोर पोर्टल में जहां मैं एज अ ओनर लॉग्ड इन
हूं। देखोगे पॉल फ्लिप वाला यूजर से लॉग्ड इन हूं। ओके सबसे पहले हमारे पास एक रिसोर्स ग्रुप होना चाहिए। तो पहले चेक कर
लेते हैं ये रिसोर्स ग्रुप है कि नहीं। तो यहां पे मैं क्लिक करता हूं। सो यहां पे एक रिसोर्स ग्रुप मैं बना देता हूं। ओके।
सो अपने रिसोर्स ग्रुप को एक नाम दे देते हैं। लेट्स से हमारे एप्लीकेशन का नाम है माय ऐप। और ये डेवलपमेंट एनवायरमेंट में
है अभी और आरजी तो डेवलपमेंट एनवायरमेंट का रिसोर्स ग्रुप रिव्यू एंड क्रिएट एंड क्रिएट। ओके। सो हमारा रिसोर्स ग्रुप यहां
पे बन गया। अब हम लोग चलते हैं Azure पोर्टल पे जहां पे हम लोग एज अ Alex लॉक्ड इन है। यहां पे मैं सर्च करता हूं रिसोर्स
ग्रुप। सो यहां पे ओपन कर लेता हूं। सो एज़ एक्सपेक्टेड यहां पे अभी तक हमारे पास परमिशन नहीं है। मतलब Alex यूजर को। सो
Alex यूजर को परमिशन दिलाने के लिए हम लोग सिंपली अपने रिसोर्स ग्रुप पे क्लिक कर लेते हैं। लेफ्ट में आपको एक ऑप्शन दिखेगा
एक्सेस कंट्रोल। इस पे आप क्लिक कर लो। एंड इसमें थोड़ा सा नीचे आओगे ना देखो ऐसे बॉक्सेस टाइप के बने हुए हैं। एंड पहला ही
ऑप्शन क्या है? ग्रांट एक्सेस टू दिस रिसोर्स। मतलब इसमें कुछ एक्सेस प्रोवाइड करो। सो ऐड रोल असाइनमेंट पे हम क्लिक कर
लेते हैं। तो सबसे पहले ये हमसे पूछ रहा है कि हमको कौन सा रोल प्रोवाइड करवाना है इस रिसोर्स ग्रुप में। ठीक है? तो आप
देखोगे नीचे। तो यहां पे दो कैटेगरीज दी हुई हैं। देखो जॉब फंक्शन रोल्स एंड प्रिविलेज्ड एडमिन रोल। ओके? दो हैं। अब
जॉब फंक्शनंस में देखोगे आपको जो भी टास्क है उसके स्पेसिफिक अलग-अलग रोल मिलेंगे। तो यहां पे सबसे पहला ऑप्शन ही दिख रहा है
रीडर का। दैट मींस जो भी यूजर है वो जो भी रिसोर्सेज हैं ना उसको रीड कर सकता है। मतलब लिस्ट डाउन कर लेगा, चेक कर सकता है।
ठीक है? लेकिन उसमें कुछ चेंजेस नहीं कर पाएगा। राइट? एंड इसके अलावा अलग-अलग सर्विस से रिलेटेड अलग-अलग रोल्स प्रेजेंट
है। ऑलदो स्टार्टिंग में आपको कंफ्यूजिंग लग सकता है कि कौन सा रोल हमको यूज़ करना चाहिए नहीं करना चाहिए। तो उसके लिए ना
यहां पे आपको एआई की भी हेल्प मिल जाती है। देखो को पायलट कैन हेल्प यू पिक अ रोल। तो आप को पायलट से ठीक है यहां पे
पूछ सकते हो अपनी रिक्वायरमेंट के हिसाब से कि आपको कौन सा टास्क करवाना है तो कौन सा रोल सही रहेगा एंड ऑल। सो ये भी
हेल्पफुल रहेगा। ऑलदो अभी हम चलते हैं प्रिविलेज्ड एडमिन रोल्स पे। सो यहां पे दो इंपॉर्टेंट रोल्स दिख रहे हैं। ओनर एंड
कंट्रीब्यूटर। सो कंट्रीब्यूटर एंड ओनर में क्या डिफरेंस है कि ग्रांट फुल एक्सेस टू मैनेज ऑल द रिसोर्सेज। मतलब एलेक्स जो
यूजर है वह हमारे रिसोर्सेज को फुल्ली मैनेज कर सकता है। बट किसी और यूजर को वो परमिशन नहीं दे सकता। तो आई थिंक दिस इज़ अ
गुड थिंग। सो लेट्स से अभी हमें Alex यूजर को एज अ कंट्रीब्यूटर बनाना है। तो मैंने देखो इस पे क्लिक किया हुआ है। ठीक है? हम
सिंपली इसको नेक्स्ट कर देंगे। इसके बाद इट इज़ आस्किंग मेंबर। सेलेक्ट मेंबर कि कौन सा यूजर को आपको परमिशन देना है। तो
यहां पे देखोगे दो ऑप्शन दिख रहे हैं। एलेक्स एंड फिलिप पॉल फिलिप पॉल के पास तो ऑलरेडी है। तो हम लोग एलेक्स पे क्लिक
करते हैं और सिंपल सेलेक्ट करेंगे। रिव्यू एंड असाइन कर लेंगे। तो आप यहां से रिव्यू भी कर सकते हो कि जो अभी हम लोग ने एक
रिसोर्स ग्रुप बनाया था उसमें हम लोग कंट्रीब्यूटर एक्सेस दे रहे हैं एलेक्स यूजर को। मैं सिंपल रिव्यू एंड असाइन कर
देता हूं। सो यहां पे देखोगे एडेड रोल असाइनमेंट। एंड रोल असाइनमेंट के बाद आप चेक भी कर सकते हो। जैसे कि व्यू एक्सेस
टू दिस रिसोर्स एक यहां पे बॉक्स दिख रहा है। इसमें व्यू करोगे। तो आप देखोगे कि यह जो रिसोर्स ग्रुप है
इसमें दो यूज़र्स को परमिशंस हैं। एक तो पॉल फिलिप है जो हमारा ओनर था एंड एलेक्स जो यूजर है उसको एज अ कंट्रीब्यूटर हम
लोगों ने ऐड किया हुआ है। ओके अब इसके बाद डायरेक्टली हम लोग चलते हैं Alex के Azure पोर्टल पे और रिसोर्स ग्रुप के अंडर ही है
हम लोग और सिंपल यहां पे रिफ्रेश करते हैं। सो पोर्टल को जैसे ही हम लोग ने रिफ्रेश किया तो आप देख सकते हो यह जो माय
ऐप डेव वाला रिसोर्स ग्रुप है वह हम लोग एक्सेस कर पा रहे हैं एज अ Alex यूजर। ओके। सो रिसोर्स ग्रुप को ओपन कर लिया एंड
इसमें आईएम पे चलते हैं हम लोग। सो यहां पे व्यू माय एक्सेस पे अगर करोगे सो यू कैन सी कि जो करंट जो यूजर है Alex वो एज
अ कॉनट्रिब्यूटर है। ओके? और कंट्रीब्यूटर में क्या डिफरेंस था? अगर आप नीचे आओगे ना देखोगे ग्रांट एक्सेस टू दिस रिसोर्स।
मतलब ये वाला जो हमारा एक्शन था ये जो ऑप्शन था ये हमारे लिए डिसेबल्ड है। दैट मींस ये Alex यूजर ना रिसोर्सेज को मैनेज
कर सकता है। बट किसी और यूजर को परमिशन या तो एक्सेसिबिलिटी नहीं प्रोवाइड कर सकता। ओके? ओके। सो अभी हम लोग ने Alex यूजर को
रिसोर्स ग्रुप का तो एक्सेस दे दिया। इसका मतलब ये है कि इस रिसोर्स ग्रुप के अंदर जो भी रिसोर्सेज बनेंगे उसका एक्सेस भी
ऑटोमेटिकली अब हमें मतलब ये तो Alex यूजर को मिल जाएगा। अब जैसे कि देखो स्टार्टिंग में वर्चुअल मशीन हमको एक्सेसबल नहीं था।
अब इसके बाद हम अगर वर्चुअल मशीन में जाते हैं। सो अब यहां पे हमको यहां पे क्रिएट का ऑप्शन यहां पे दिखाई दे रहा है। एंड
क्रिएट पे क्लिक करके अपने रिसोर्स ग्रुप में हम लोग रिसोर्सेज भी क्रिएट कर सकते हैं। जैसे कि लेट्स से वर्चुअल मशीन हम
लोग क्रिएट कर लेते हैं। और यहां पे अपने रिसोर्स ग्रुप में जो अभी हम लोग ने रिसोर्स ग्रुप बनाया था। लेकिन यहां पे एक
इंपॉर्टेंट पॉइंट क्या है? ये जो Alex यूजर है ना इसको सिर्फ एक्सेस किसका मिला हुआ है? यह वाला रिसोर्स ग्रुप माय एप डेव
का। ओके? अगर यह यूजर मतलब जो एलेक्स है वो क्रिएट न्यू मतलब अपना खुद का रिसोर्स बनाने की कोशिश करें ना लेट्स से माय आरजी
तो आप देखोगे यू डू नॉट हैव परमिशन ओके सो वो खुद का रिसोर्स ग्रुप नहीं बना सकता जिस भी रिसोर्स ग्रुप का उसको परमिशन मिला
हुआ है सिर्फ उसी में वो काम कर सकता है ओके सो हम लोग ने यह तो देख लिया कि एक यूजर कैसे बनाया जाता है एंड एंटर एडमिन
सेंटर में आप देख सकते हो यहां पे दो यूज़र्स भी दिखाई दे रहा है ऑलदो यहां पे आप बार-बार या तो कई जगह आप एक ये टर्म
देख रहेगे टीनेंट या तो टीनेंट आईडी तो ये क्या होता है? चलिए वो समझते हैं। सो एक जो टीनेंट होता है ना तो एक डडीिकेटेड
आइडेंटिटी एनवायरमेंट होता है। तो सिंपल है आप इसको ऐसे समझ सकते हो जैसे कि जब भी हम रिसोर्स बनाते हैं ना तो वो रिसोर्स
ग्रुप के अंडर मैनेज होता है। ठीक है? तो आप वैसे समझो कि हम लोग ने जब यूजर एक बनाया या तो हम ग्रुप भी बनाएंगे मल्टीपल
यूज़र्स बनाएंगे तो वो कहां मैनेज होंगे? तो वो मैनेज होते हैं एक एनवायरमेंट के अंदर जिसको हम टीनेंट बोलते हैं। तो जब भी
हम एजोर पे अकाउंट सेटअप करते हैं चाहे वो एक इंडिविजुअल यूजर हो या तो एक ऑर्गेनाइजेशन या कंपनी हो। ओके? तो उनके
लिए एक टीनेंट दैट मींस एक डेडिकेटेड आइडेंटिटी एनवायरमेंट क्रिएट हो जाता है जिसके अंडर हम लोग अपने यूज़र्स, ग्रुप एंड
आइडेंटिटी रिलेटेड जो भी सेटिंग्स है ना उसको मैनेज करते हैं। ओके? तो स्ट्रक्चर को हम ईजीली यहां से समझ सकते हैं। देखो
ऑर्गेनाइजेशन या तो कोई कंपनी है। ओके? या तो इंडिविजुअल यूजर भी है। उसने अकाउंट सेटअप किया तो उसको क्या मिल गया वहां पे?
एक एंट्राटेनेंट। एंटरटेनेंट भी बोलते हैं या तो टीनेंट भी बोल सकते हैं। और उनको एक एनवायरमेंट मिल गया जिसके अंडर वो यूज़र्स,
ग्रुप्स, एप्स रिलेटेड सेटिंग्स। ठीक है? वहां पे मैनेज करेंगे। एंड ये जो यूज़र्स हैं या तो ये जो ग्रुप्स हैं वो एसोसिएटेड
होते हैं। जैसे अभी आप लोग ने एक एग्जांपल भी देखा कि रिसोर्स ग्रुप को हम लोगों ने एक यूजर के साथ एसोसिएट कर दिया। मतलब
रिसोर्स ग्रुप में जाके हम लोगों ने एक यूजर को परमिशन दी थी। राइट? एंड उसके बाद रिसोर्स ग्रुप में हम लोग मल्टीपल
रिसोर्सेज बनाते हैं। तो इस टाइप का यह फ्लो यह मेंटेन करता है। एंड अगर बात करें कि एक ऑर्गेनाइजेशन लेवल पे क्या एक ही
टीनेंट एनवायरमेंट हो सकता है? तो नहीं मल्टीपल टीनेंट आप एनवायरमेंट भी मेंटेन कर सकते हो। जैसे एक यूज़केस है। एक
पैरेंट कंपनी है। ठीक है? इसके अंडर आप अलग-अलग डिफरेंट बिज़नेसेस हैं। तो अलग-अलग बिनेसेस के लिए आप अलग-अलग टीनेंट
एनवायरमेंट मेंटेन कर सकते हो। जैसे कि एबीसी कॉरपोरेशन है वहां पे टीनेंट वन तो बिनेस ए के लिए बना दिया और टीनent टू
बिज़नेस बी के लिए बना दिया। एंड ये TNT एनवायरमेंट हम लोग देखेंगे कहां सिंपल है। अभी हम लोगों ने देखा भी हुआ है। सिंपली
हम लोग Azure पोर्टल में जाके Microsoft Enter आईडी जब ओपन करते हैं। सो ये जो आप पूरा एक डैशबोर्ड या तो जो पेज देख रहे हो
वो TNT एनवायरमेंट का ही है। ठीक है? आप अगर ओवरव्यू में जाके देखोगे ना इसका नाम है डिफ़ॉल्ट डायरेक्टरी एंड इसका जो टीनेंट
आईडी है वो यहां पे दिया है। दैट मींस इट इज़ अ टीनेंट एनवायरमेंट और जो टीनेंट का नाम है वो है डिफ़ॉल्ट डायरेक्टरी। सो बाय
डिफ़ॉल्ट Azure ये ऐसा नाम प्रोवाइड करता है। ऑलदो हम इस टीनेंट एनवायरमेंट का जो नाम है वो चेंज भी कर सकते हैं। सिंपली
लेफ्ट साइड में आ जाएंगे हम लोग। एंड मैनेज के अंडर एक ऑप्शन है यहां पे प्रॉपर्टीज़। तो प्रॉपर्टीज़ पे क्लिक
करेंगे। सो यू कैन सी कि यहां पर जो नेम है हमारे टीनेंट का वो हम यहां से चेंज कर सकते हैं। तो यहां पर हम अपनी
ऑर्गेनाइजेशन या तो अपने बिजनेस का नाम प्रोवाइड कर सकते हैं। सो लेट्स से अभी के लिए हम लोग यहां पे Azure डेमो क्योंकि ये
हम लोग लर्निंग पर्पस के लिए हम लोग यूज़ कर रहे हैं। ठीक है? तो Azure डेमो मैंने कर दिया और यहां पे सेव कर देता हूं। सो
इस तरीके से सिर्फ नाम चेंज होगा। आईडी वगैरह सब सेम ही रहने वाली है। सो, अभी भी डिफ़ॉल्ट डायरेक्टरी दिख रही है। रिफ्रेश
करके देखते हैं। सो, रिफ्रेश करने के बाद आप क्लियरली यहां पे देख सकते हो कि जो एंटर आईडी जब भी आप ओपन करोगे आपको Azure
डेमो इस तरह से नाम दिखेगा अपने TNT का। ओके? सो, अभी तक हम लोगों ने एजोर आरबैक देखा जिसके थ्रू हम लोग किसी यूजर को किसी
रिसोर्स का एक्सेस दे सकते हैं। ठीक है? लेकिन इसके अलावा कुछ इंट्रा आईडी में भी डायरेक्ट रोल्स होते हैं जो यूज़र्स पे
अप्लाई कर सकते हैं जिसके थ्रू आप ये डिसाइड करते हो कि कौन सा यूजर इंट्रा आईडी को मैनेज कर सकें क्योंकि देखो अभी
तक हमारे पास सिर्फ एक जो एडमिन यूजर है या तो ओनर है वही सिर्फ इंट्रा आईडी को मैनेज कर सकता है। दैट मींस आईएम रिलेटेड
टास्क कर सकता है। ओके लेट्स से जो हमारा अभी नया यूजर है। ओके हम चाहते हैं कि उसको एक्सेस मिल जाए कि वो खुद भी यूज़र्स
को मैनेज कर पाएं। यूजर क्रिएट कर सके, ग्रुप मैनेज कर सकें एक्सट्रा। सो उसके लिए हम लोग क्या करेंगे? सो डायरेक्टली
फिर से हम लोग चलते हैं इंटर आईडी सर्विस पे। डायरेक्टली हम लोग यूज़र्स पे चलते हैं। सो मैं यहां पे Alex पे क्लिक कर
लेता हूं। एंड इसके बाद हम लोग आ जाएंगे असाइन रोल्स में। सो करेंटली यू कैन सी कि नो डायरेक्टरी रोल्स असाइन। सो हम लोग
यहां पे जो एंटर आईडी लेवल का एक्सेस दे सकते हैं। इसके बाद सिंपली ऐड असाइनमेंट्स पे क्लिक कर देंगे। सो यहां पे बहुत सारे
देखो डायरेक्टरी लेवल के रोल्स यहां पे प्रेजेंट हैं। सो यहां पे भी कुछ डायरेक्टरी रोल्स मिल जाते हैं। जैसे कि
देखो कि बिलिंग एडमिन अगर आपको किसी टीम मेंबर को बिलिंग रिलेटेड ठीक है टास्क देना है तो एक्सेस करवाना तो आप ये
प्रोवाइड करवा सकते हो। ठीक है? इसके बाद एक रोल है ग्लोबल एडमिन का। अगर आप चाहते हो कि आपके ऑर्गेनाइजेशन में एक से ज्यादा
ठीक है? एडमिन हो या तो ओनर हो तो आप यह वाला रोल यहां पे असाइन कर सकते हो। एंड यहां पे रोल्स आप सर्च भी कर सकते हो।
जैसे कि हमारी रिक्वायरमेंट क्या है? यूज़र्स को मैनेज करना सर्च कर लेते हैं। लेट्स से अ
यूजर और यूज़र्स को मैनेज करने के लिए एडमिन हमको चाहिए। तो हम लोग ऐसे एडमिन सर्च कर लेते हैं। तो आप देखोगे यूजर
एडमिन एक रोल हमको मिल गया है। कैन मैनेज ऑल एस्पेक्ट्स ऑफ यूज़र्स एंड ग्रुप इंक्लूडिंग रिसेटिंग पासवर्ड फॉर लिमिटेड
एडमिनस। ठीक है? तो हम लोग इसको क्लिक कर लेते हैं और ऐड कर लेते हैं। सो Alex यूजर को अभी हमने यूजर एडमिन बना दिया। इसके
बाद हम लोग Alex के डैशबोर्ड पे चलते हैं और यहां पे हम लोग सर्च करेंगे एंटर आईडी। अब देखो जैसे कि यूज़र्स पे जाते हैं एंड
मैं न्यू यूजर पे क्लिक करता हूं कि अब हम एक नया यूजर भी क्रिएट कर सकते हैं। एंड हम लोग परमिशंस भी असाइन कर पाएंगे। अब
चलिए अब बात करते हैं ग्रुप के बारे में। क्या होता है ग्रुप एंड इसकी? यहां जरूरत पड़ती है जब भी हमारे पास मल्टीपल यूज़र्स
होते हैं ना उनको ईज़ली मैनेज या तो ऑर्गेनाइज़ करने के लिए हम लोग ग्रुप का यूज़ कर सकते हैं। मान लीजिए हमारी टीम में
10 यूज़र्स या तो 10 टीम मेंबर्स हैं। ओके? तो हम लोग ने 10 यूज़र्स तो बना लिए लेकिन उसके बाद हमको 10ों यूज़र्स को कोई परमिशन
ठीक है? प्रोवाइड करनी है या तो ऐड करनी है। तो हम लोग रादर देन कि एक-एक यूजर को हम लोग परमिशन ठीक है? प्रोवाइड करवाएं।
तो हम लोग क्या कर सकते हैं? एक ग्रुप बना सकते हैं और उसमें सारे 10ों यूज़र्स को ऐड कर दें और इसके बाद हम लोग ग्रुप लेवल पर
एक्सेस या तो परमिशन प्रोवाइड करें। तो इससे ऑटोमेटिकली जो भी यूज़र्स हैं ना उस उस ग्रुप के अंदर उनको परमिशन ऑटोमेटिकली
मिल जाएगी। एंड इसका एक और एडवांटेज क्या है? देखो आपका ग्रुप ऑलरेडी बना हुआ है। लेट्स से एक डेवलपर नाम का ग्रुप बना
दिया। उसमें आपने एक रिसोर्स का एक्सेस भी प्रोवाइड करा दिया। लेट्स से इसके बाद आपकी टीम में कोई नया मेंबर आता है एंड उस
यूजर को जैसे ही आप इस ग्रुप में ऐड करोगे उसको ऑटोमेटिकली वह परमिशन मिल जाएगी। तो आपको अलग से ठीक है परमिशन या तो एक्सेस
प्रोवाइड करने की जरूरत नहीं है। तो ये एक यूज़ केस या तो बेनिफिट होता है ग्रुप बनाने का। चलिए एक ट्राई करके देखते हैं।
ओके? सो आ गया हूं मैं एंटर एडमिन सेंटर में और लेफ्ट साइड में हम लोग जाएंगे ग्रुप्स के अंदर। सो करेंटली यहां पे कोई
ग्रुप नहीं बना है। सिंपली न्यू ग्रुप पे क्लिक कर लेते हैं। ग्रुप टाइप हमारा सिक्योरिटी होगा क्योंकि रिसोर्सेज वगैरह
मैनेज करने के लिए हमको बनाना है। ग्रुप का नाम तो ग्रुप का नाम आप चाहे तो प्रोजेक्ट के लेवल पे या तो टीम के बेसिस
पे ऐसा डिसाइड कर सकते हो। जैसे कि डेवलपर्स की टीम है। तो हम लोग सिंपल डेव इस टाइप से रख सकते हैं। मेंबरशिप टाइप
में असाइन ही रखते हैं। एंड इसके बाद हम लोग सिंपली क्रिएट कर देते हैं। यह जो हमारा ग्रुप बना है ना डेव इस पे हम क्लिक
करते हैं। और लेफ्ट साइड में आप देखोगे मेंबर्स। सो इस ग्रुप में जो भी यूज़र्स या तो मेंबर्स हैं, हम उसको चेक कर सकते हैं।
तो करेंटली एक भी नहीं है। तो हम लोग सिंपली ऐड मेंबर्स पे क्लिक करते हैं। एंड जो भी हमारे यूज़र्स ऑलरेडी क्रिएटेड हैं,
हम उसको इस ग्रुप का पार्ट बना सकते हैं। सो हमारे बनाए वाले यूजर भी आप देख सकते हो। जैसे कि Alex है, तो Alex को हम लोग
ऐड कर लेते हैं। इसके अलावा पॉल फिलिप जो यूजर हैं। अब देखो टाइप में यूजर आप देख रहे हैं। ठीक है? तो पॉल फिलिप है। इसको
भी हम लोग ऐड कर लेते हैं। सेलेक्ट एंड इसके बाद रिफ्रेश करेंगे। सो यू कैन सी कि हमारा एक ग्रुप बन गया डेव। एंड उसमें दो
टीम मेंबर्स हैं। एलेक्स एंड पॉल। अब चलिए देखते हैं कि आरबैक यूज़ करके हम लोग ग्रुप लेवल पे कैसे ठीक है एक्सेस प्रोवाइड कर
सकते हैं। तो इसके लिए हम लोग रिसोर्स ग्रुप पे चलते हैं। तो सबसे पहले तो यह दिखा देता हूं जो Alex का डैशबोर्ड है ना
उसमें डेमो RG का एक्सेस नहीं है उसको। ठीक है? रिफ्रेश करता हूं। सो यहां पे अभी तक नहीं है। तो हम लोग सिंपली क्या करते
हैं? डेमो RG ओपन करते हैं ओनर वाले अकाउंट से। इसके बाद हम लोग जाएंगे आई एम पे। एंड इसके बाद क्लिक कर लेते हैं
ग्रांट एक्सेस टू दिस रिसोर्स ऐड ट्रोल असाइनमेंट। सो इसमें जाते हैं हम लोग प्रिविलेज्ड एडमिन रोल्स में और
कंट्रीब्यूटर हम लोग ऐड कर लेते हैं। नेक्स्ट यहां पर जब हम लोग ने सेलेक्ट मेंबर्स किया तो यहां पर हमको यूज़र्स
इंडिविजुअल यूज़र्स एंड जो ग्रुप है जो डेव वो वो भी आ गया। तो हम लोग डेव यहां पे सेलेक्ट कर लेते हैं। डेव सेलेक्ट एंड
रिव्यू एंड असाइन। तो अभी हम लोग ने क्या किया? अपने ग्रुप को कंट्रीब्यूटर एक्सेस प्रोवाइड किया। ओके? एंड इसके बाद हम लोग
Alex वाले डैशबोर्ड पे जाते हैं और रिफ्रेश करते हैं। एंड उसके बाद थोड़ी देर में मैंने जब एलेक्स के डैशबोर्ड पे चेक
किया तो यू कैन सी कि डेमो आरजी इस पे आ गया। सो इस तरीके से देखा कि ग्रुप लेवल पे भी हम लोग ये जो परमिशंस या तो एक्सेस
प्रोवाइड कर सकते हैं। एंड उसके अंदर के जो यूज़र्स हैं उनको ऑटोमेटिकली वो एक्सेस मिल जाता है।
ओके। सो अभी तक हम लोग एजोर पोर्टल को यूज़ करके Azure रिसोर्सेज को मैनेज कर रहे थे या तो रिसोर्स क्रिएट कर रहे थे। लेकिन
सेम काम हम लोग कमांड लाइन के थ्रू भी कर सकते हैं। एंड उसके लिए हमको मिलता है Azure CLI जो कि एक कमांड लाइन टूल है
जिसको हम अपने लोकल सिस्टम लाइक Windows या तो MacOS पे सेटअप कर सकते हैं। एंड उसके बाद हम लोग कमांड्स को यूज़ करके
Azure रिसोर्सेज को मैनेज कर सकते हैं, क्रिएट कर सकते हैं। एंड अगर आप सोच रहे हो कि इसका यूज़ क्या है? या तो इसको बनाया
क्यों है? देखो सिंपल सा एक चीज़ है कि अभी अगर आपको कोई रिसोर्स बनाना है तो आपको मैनुअली ठीक है? डैशबोर्ड पे जाके आपको
क्रिएट करना पड़ेगा। लेकिन आप सेम टास्क को ऑटोमेट अगर आपको करना है तो उसके लिए aur सीएलआई इज वेरी हेल्पफुल। क्योंकि अगर आप
कमांड्स को यूज़ करके सर्विज को मैनेज कर पा रहे हो तो आप सिंपली एक स्क्रिप्ट भी बना सकते हो कि आपको क्या-क्या काम करवाना
है। अगर आपके पास एक स्क्रिप्ट बन गई तो आप उसको ऑटोमेट करा सकते हो। शेड्यूल कर सकते हो कि इतने टाइम पे आपकी स्क्रिप्ट
रन हो जाए। ऑटोमेटिकली आपके रिसोर्स क्रिएट हो जाए या तो डिस्ट्रॉय हो जाए। ओके? सो ये सारे जो टास्क हैं ऑटोमेट अगर
करना हो या तो टेराफॉर्म जैसे टूल्स आपको यूज़ करना हो Azure को ठीक है? में मैनेज करने के लिए। सो इन केसेस में सीएलआईआई इज़
वेरी हेल्पफुल। सो चलिए एक प्रैक्टिकल करके देखते हैं। जो अभी हम लोग ने एक यूजर बनाया था Alex सपोज़ उसको सीएलआई के थ्रू
Azure रिसोर्सेज को मैनेज करना है तो वो कैसे कर सकता है? सो Google पे सिंपली हम लोग सर्च कर लेंगे
Azure CLI डाउनलोड। इसके बाद एक लिंक दिखेगी इंस्टॉल द Azure CLI ऑन Windows उस पे हम क्लिक कर लेंगे। यहां पर Windows के
लिए हमको अलग-अलग ऑप्शंस मिलते हैं। तो हम लोग यहां पे Microsoft इंस्टॉलर MSI वाले ऑप्शन पर क्लिक कर लेते हैं। एंड नीचे
आपको इंस्टॉलर की लिंक मिल जाएगी 32 एंड 64 बिट दोनों के लिए। तो हम लोग 64 बिट पे क्लिक कर लेते हैं। तो यहां पे हमारा
इंस्टॉलर डाउनलोड हो गया है। डायरेक्टली मैं उसको क्लिक करके स्टार्ट कर लेता हूं। सो हमारा इंस्टॉलेशन हो गया स्टार्ट।
एक्सेप्ट करके इंस्टॉल कर लेते हैं। सो इंस्टॉलेशन कंप्लीट होने के बाद सिंपली आप फिनिश पे क्लिक कर लो। इसके बाद हम लोग
सीएमडी ओपन कर लेंगे। सबसे पहले यह वेरीफाई कर लेते हैं कि सीएलआई प्रॉपर्ली सेटअप हुआ है कि नहीं।
उसके लिए हम लोग एक कमांड यूज करेंगे एजी hन hfन वर्जन। सो अगर आपको यहां पे एजोर सीएलआई का वर्जन दिख रहा है दैट मींस यहां
पे प्रॉपर्ली सेटअप हो चुका है। सबसे पहले तो एज्योर CLI डाउनलोड कर लेते हैं। सिंपली Google पे सर्च कर लो Aur CLI
डाउनलोड। यहां पे एक लिंक दिखाई देगी। इंस्टॉल द Aोर CLI ऑन Windows एंड इन सेम पेज पे आप देखोगे लेफ्ट साइड में आपको
डिफरेंट ऑपरेटिंग सिस्टम्स भी दिखेंगे। Linux Mac OS भी आपको दिख जाएगा। सो Mac OS पे Azure CLI इंस्टॉल करने के लिए हम
लोग home bre जो कि एक पैकेज मैनेजर है Mac OS का उसको यूज़ कर सकते हैं। एंड अगर आपके पास होम BRW ऑलरेडी नहीं है सिंपली
आप BRW.shin की जो ऑफिशियल वेबसाइट है उस पे चले जाओ। एक सिंपल सी लिंक यहां पे दिखती है। यहां पे आप टर्मिनल पे इसको आप
रन करोगे तो आपका ये होम ब्रू इंस्टॉल हो जाएगा। इसके बाद आपको ये सिंपल सी ये वाली कमांड आपको ठीक है? यूज़ करनी है। मैं इसको
कॉपी कर लेता हूं। एंड यहां पे हम लोग टर्मिनल ओपन कर लेते हैं। सो अपनी ब्रू वाली कमांड मैं एग्जीक्यूट यहां पे कर रहा
हूं। सो आप देखोगे अपडेट हो रहा है यहां पे। सो यहां पे यू कैन सी कि देखो एज्योर सीएलआई हमारा हमारा इंस्टॉल हो रहा है। तो
लास्ट में देखो इंस्टॉलेशन हो गया कंप्लीट। सो इंस्टॉलेशन हम लोग वेरीफाई कैसे कर सकते हैं? सिंपली आप एजी एंड hइफन
हफन वर्जन आप ट्राई कर सकते हो। ठीक है? तो इससे आपको जो भी एजोर सीएलआई का वर्जन आपको यहां पे दिखेगा। दैट मींस कि यह
प्रॉपर्ली सेटअप हो गया है। देखो इस पॉइंट तक तो एक कमांड लाइन टूल हमारा यहां पे सेटअप हुआ है जिसको यूज़
करके हम लोग एजोर के रिसोर्सेज को एक्सेस कर सकते हैं। लेकिन इसको कैसे पता चलेगा कि हमारा अकाउंट में जो रिसोर्सेज है या
तो हमारे अकाउंट के अंदर कोई रिसोर्सेज को मैनेज करना है। तो उसके लिए हम लोग सबसे पहले जो कमांड यूज़ करते हैं वो यूज़ करते
हैं AZ लॉग इन। तो सबसे पहले हम अपने यूजर से इसको लॉगिन करते हैं। सो एजी लॉग इन के बाद यह क्या करता है? ऑटोमेटिकली ब्राउज़र
पे हम लोग को डायवर्ट कर देता है और वहां से हम अपना लॉग इन कर सकते हैं। सो जो हम लोग ने Alex यूजर बनाया था ना मैं उसको
यूज़ करके इससे साइन इन कर लेता हूं। ओके? इसके बाद ये ऑथेंटिकेटर ऐप से भी वेरीफाई करेगा। तो वो भी कर लेते हैं। सो लॉग इन
तो सक्सेस हो गया है। इसके बाद हम लोग ये विंडो को क्लोज़ कर सकते हैं। इसके बाद जैसे ही टर्मिनल पे आते हैं, सबसे पहले ये
पूछ रहा है सेलेक्ट अ सब्सक्रिप्शन एंड अ टीनर। तो हमारे पास एक ही है। तो हम लोग डिफ़ॉल्ट के साथ जाते हैं और उसके लिए
सिंपली आप एंटर यहां पे कर दो। ओके? सो इन दिस वे जो हमारा Azure CLI है उसमें हम लोगों ने एज अ Alex यूजर लॉग इन कर लिया
है। एंड यहां पे हम लोगों ने सब्सक्रिप्शन और TNT यहां पे सेलेक्ट कर लिया है। ओके? इसके बाद हम लोग वेरीफाई कैसे करेंगे कि
Ajo CLI में हमारा अकाउंट सेटअप हुआ है कि नहीं। तो हम लोग कुछ कमांड्स को एग्जीक्यूट करके देख सकते हैं। जैसे कि एक
सिंपलेस्ट कमांड है लाइक Aजी अकाउंट शो। सो मैं इसको एंटर करता हूं। सो इस कमांड से आप यह चेक कर सकते हो कि अभी करेंटली
कौन सा यूजर लॉक्ड इन है एंड कौन सा सब्सक्रिप्शन सेक्टेड है। सो यू कैन क्लियरली सी कि यहां पे जो यूजर कौन है
एलेक्स है ओके एज अ यूजर एंड यहां पे हमारा जो सब्सक्रिप्शन है वो कौन सा ऐडेड है। लेट्स से अगर हमको चेक करना है कि
अपने Azure अकाउंट में कितने रिसोर्स ग्रुप बने हुए हैं। या तो हमारे यूजर को एज अ Alex यूजर को कौन से रिसोर्स ग्रुप
का एक्सेस है? तो हम लोग सिंपली एक कमांड यूज़ कर सकते हैं जो कि है इज़ ग्रुप लिस्ट हफन हफन आउटपुट टेबल मतलब ये फॉर्मेट हो
गया और ग्रुप जो है रिसोर्स ग्रुप की उसकी लिस्टिंग करना है। ओके तो आउटपुट में देख सकते हो यहां पे दो रिसोर्स ग्रुप है डेमो
RG एंड माय एप डेव जो अभी हम लोग ने बनाए भी थे और Alex यूजर को उसका एक्सेस भी दिया था। ओके और ये किस लोकेशन में है और
इसका क्या स्टेटस है वो भी आप यहां से देख सकते हो। चलिए सेक्शन को एंड करने से पहले एक और
कांसेप्ट अभी समझ लेते हैं जो कि है मैनेज्ड आइडेंटिटी। तो इसका यूज़ कहां करते हैं? अभी तक हम लोग ने ये तो देखा कि किसी
रिसोर्स में किसी यूजर को कैसे एक्सेस देना है। लेकिन अगर हमें किसी रिसोर्स में किसी दूसरे रिसोर्स को एक्सेस देना है तो
वो कैसे करेंगे? एक एग्जांपल के तौर पे देखते हैं। मान लीजिए हमारे पास दो रिसोर्सेज हैं। एक अजोर वीएम है। ठीक है?
एक वर्चुअल मशीन है और ब्लॉब स्टोरेज है। एंड रिक्वायरमेंट हमारी क्या है कि हमारा जो वीएम है इसमें एक एप्लीकेशन चल रही है
एंड उस एप्लीकेशन को ब्लॉब स्टोरेज में रखी हुई या तो स्टर्ड फाइल्स को एक्सेस करना है। सो इस पर्पस के लिए क्या करना
पड़ेगा हमको? ये जो ब्लॉब स्टोरेज है उसमें अजोर वीएम का एक्सेस होना चाहिए। तभी तो वो फाइल्स को रीड कर पाएगा। राइट?
एंड इसके लिए सिंपली क्या करना है? जैसे कि हमारा वीएम बना हुआ है। ठीक है? तो उसमें क्या है? एक तो मैनेज्ड आइडेंटिटी
पहले तो क्रिएट कर लो। एंड इसके बाद हमारा जो प्रोसेस है वो सेम रहेगा। सो इस सेक्शन में जो हम लोगों ने एग्जांपल देखा था
उसमें हम लोगों ने यूजर या तो ग्रुप को एक्सेस है तो परमिशन दी थी। इसके अलावा एक और ऑप्शन आप देख सकते हो जो कि है मैनेज्ड
आइडेंटिटी। ओके? सो ये क्लिक करके आप किसी रिसोर्स को भी एक्सेस प्रोवाइड कर सकते हो। ओके? सो इसको अभी कॉनसेप्चुअली ही
समझते हैं और आने वाले सेक्शन में इससे रिलेटेड कुछ हम लोग प्रैक्टिकल या तो प्रोजेक्ट करेंगे ना तो ये हम लोग उस टाइम
कवर कर लेंगे। ओके? सो एंड में समराइज़ कर लेते हैं कि इस सेक्शन में हम लोगों ने क्या-क्या कवर
किया। शुरुआत हम लोगों ने करी थी Microsoft Enter आईडी से जो कि एक सर्विस है जिसमें हम लोग आइडेंटिटीज़ मैनेज करते
हैं और इसी को यूज़ करके हम लोग ने एक यूजर एंड ग्रुप दोनों ही बना के देखे एंड क्यों बनाते हैं वो भी हम लोगों ने समझा यूज़ केस
के साथ और जब यूजर बनाते हैं तो उसको परमिशंस या तो रोल्स कैसे असाइन करना है इसके दोनों ही तरीके देखे थे इंट्रा आईडी
रोल्स जिसमें हम लोग डायरेक्टरी या तो एडमिन रिलेटेड रोल्स दे सकते हैं। जैसे कि अगर किसी यूजर को यूज़र्स या तो आइडेंटिटीज़
मैनेज करना है। ओके? इसके अलावा अगर किसी रिसोर्स को किसी यूजर को एक्सेस देना है तो उसके लिए हम लोगों ने आर बैक यूज़ किया
था। इसके अलावा टीनेंट क्या होता है वो हम लोगों ने समझा। मैनेज्ड आइडेंटिटी क्या होता है एंड कहां यूज़ होता है वो हम लोगों
ने समझा। एंड इसके अलावा Azure CLI जिसकी मदद से हम लोग कमांड को यूज़ करके Azure के रिसोर्सेज मैनेज कर सकते हैं। तो वो भी हम
लोग ने देखा। Windows एंड Mac दोनों पे ही सेटअप करके एग्जांपल्स देखे थे। तो दिस इज़ ऑल अबाउट दिस सेक्शन। मिलते हैं नेक्स्ट
सेक्शन में। ओके? आगे सेक्शन में देखेंगे कि कैसे हम अपनी एक वेब एप्लीकेशन को टेबल स्टोरेज से
कनेक्ट करके डेटा को स्टोर एंड फैच कर सकते हैं। कुछ इस टाइप की एप्लीकेशन रहेगी। सिंपल यूजर से इनपुट लेगा। जैसे कि
ईमेल आपको प्रोवाइड करना सबमिट करेंगे तो ईमेल सेव हो जाएगा। व्यू डैशबोर्ड करते हैं तो जो भी हम लोग ने ईमेल को सेव किया
है सो टेबल स्टोरेज से फैच करके वो आपको डैशबोर्ड पे दिखा देगा। तो चलिए आगे बढ़ते हैं। ओके। सो चलिए सेक्शन में बात करते
हैं एज्योर टेबल स्टोरेज के बारे में जो कि है नो सीक्वल डेटाबेस सर्विस। सो अगर आपकी रिक्वायरमेंट है कि आपको अपनी
एप्लीकेशन का डेटा नो सीक्वल फॉर्मेट में स्टोर करना है वो भी अजोर प्लेटफार्म पे। तो आपके पास एक ऑप्शन है अजोर टेबल
स्टोरेज। बट यहां पे मैंने एक ऑप्शन क्यों बोला? क्योंकि अजोर में नो सीक्वल डेटा को स्टोर करने के मल्टीपल ऑप्शन हैं। उसमें
से एक ऑप्शन है टेबल स्टोरेज जो इस सेक्शन में हम लोग कवर करेंगे। इसके अलावा जो ऑप्शन आपको मिल जाता है वो है कॉस्मोस
डीवी। जो कि आप यूज करते हो जब आपको चाहिए हो हाई कैपेबिलिटीज लाइक अल्ट्रा लो लेटेंसी ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन एक्सट्रा
तो मतलब सिंपल है अगर आपको ज्यादा फंक्शनैलिटीज एंड हाई कैपेबिलिटीज चाहिए हाई परफॉर्मेंस चाहिए तो आप कॉस्मोस डीबी
ठीक है यूज करोगे अदरवाइज आप यूज़ करोगे टेबल स्टोरेज बट दोनों की जो प्राइमरी वर्क है वो तो सेम ही है कि नो सीक्वल
डेटा फॉर्मेट में स्टोर करेगा डेटा लेकिन अगर आप यह सोच रहे हो कि कॉस्मोस डीवी में ज्यादा फीचर्स है तो मैं डायरेक्टली वही
क्यों ना यूज कर लूं उसी को पढ़ लूं या तो समझ लो। राइट? लेकिन डोंट फॉरगेट कि ये पेड सर्विज होती हैं। जितने ज्यादा फीचर्स
होंगे, जितनी ज्यादा परफॉर्मेंस होगी, उतना ज्यादा आपको पे भी करना पड़ेगा। सो बजट भी आपको ध्यान रखना पड़ता है जब आप यह
डिसाइड करते हो कि कौन सी सर्विज यूज़ करनी है। तो आपको मल्टीपल ऑप्शंस के बारे में पता होना चाहिए। राइट? ओके? सो, आगे
बढ़ते हैं। एज्योर टेबल स्टोरेज जो है इट इज अ पार्ट ऑफ एज्योर स्टोरेज सर्विस या तो एज्योर स्टोरेज अकाउंट। ओके। सो अगर आप
प्लेलिस्ट फॉलो कर रहे हो तो इसके प्रीवियस सेक्शन में हम लोगों ने aur का स्टोरेज अकाउंट और उसके अंडर हम लोगों ने
ब्लॉग स्टोरेज देखा था। और इस सेक्शन में हम लोग कवर कर रहे हैं टेबल स्टोरेज। ओके? सो ये भी एक मैनेज्ड नो सीक्वल डेटा स्टोर
है। दैट मींस आपको खुद से कुछ क्रिएट करने का या तो मेंटेन करने की जरूरत नहीं है। सो दैट मींस आप खुद का सर्वर बनाओ और
उसमें डेटाबेस स्टोर करो, सेटअप करो। तो वो आपको जरूरत नहीं है। सो ये फुल्ली मैनेज्ड सर्विस है। सो आप डायरेक्टली अपनी
एप्लीकेशन को इससे कनेक्ट करके ठीक है? इसकी सर्विस यूज़ कर सकते हो जो कि हम लोग इस सेक्शन में देखेंगे।
ओके? सो, प्रैक्टिकल करने से पहले क्विकली देख लेते हैं कि नो एसक्यूएल डेटाबेस क्या होता है? एक ऐसा डेटाबेस जिसमें आप
फ्लैक्सिबल एंड नॉन रिलेशनल डेटा को स्टोर कर सको। अब इसका मतलब क्या होता है? एक एग्जांपल से समझते हैं। मान लीजिए आपको
कस्टमर्स की डिटेल्स को स्टोर करना है। अब ट्रेडिशनल डेटाबेसिस में आप क्या करते हो? रो कॉलम आपने बना दिया, एक टेबल बना दिया।
उसमें आप ठीक है? डेटा स्टोर करते हो। लेकिन वहां पे एक कंडीशन क्या आ जाती है? फिक्स्ड स्ट्रक्चर। लेकिन अगर आप यहां पे
ध्यान दोगे यहां पे दो कस्टमर्स हैं। पहला कस्टमर है राजू। अब इसकी क्या-क्या डिटेल्स यहां पे प्रेजेंट है? देखो नेम,
ईमेल, एज, सिटी, ज़िप। ओके? लेकिन अगर आप कस्टमर टू को देखो जो कि है प्रिया नेम, ईमेल, सिटी ये डिटेल्स तो है जो कि राजू
में है लेकिन इसके अलावा इसके पास एडिशनल इनेशन क्या है? वो है कंपनी। ये किस कंपनी में है? और अगर आप राजू की बात करो तो
कंपनी नहीं है लेकिन इसके अलावा ज़िप है यहां पे और एज यहां पे प्रेजेंट है। सो आप देख रहे हो कि दोनों कस्टमर्स हैं लेकिन
दोनों कस्टमर्स की जो डिटेल्स हैं या तो इनेशन है क्या वो फ्लैक्सिबल है। मतलब ऐसे फिक्स नहीं है। हो सकता है तीसरा कस्टमर
आए उसका कुछ और ही अलग इनेशन हो। तो इस टाइप की जो फ्लैक्सिबल डेटा को स्टोर करना है ना वहां पे आप नो एसक्यूएल डेटाबेस यूज़
कर सकते हो। एंड अगर बात करें एज्योर टेबल स्टोरेज के बारे में तो इस इसमें कुछ टर्म्स यूज़ होंगी। तो इसके बारे में बात
कर लेते हैं। जैसे कि आप इसमें भी पहले टेबल बनाते हो एंड डेटा स्टोर करते हो इन द फॉर्म ऑफ़ एंटटीज़। तो जैसे कि देखो यहां
पे कस्टमर्स है ना अलग-अलग तो एक कस्टमर की जैसे पूरी इंफॉर्मेशनेशन है इसको आप एंटीटी बोल सकते हो। ठीक है? तो ये
मल्टीपल एंटिटीज़ हो गई। और जो भी इंफॉर्मेशनेशन है या तो जो डिटेल्स है वो किसके फॉर्म में है? की वैल्यू के फॉर्म
में। राइट? तो एक हो गया एंटिटी। की वैल्यू के फॉर्म में रहेगा। यहां पे हम टेबल बनाएंगे। और इसमें दो चीजें और होती
हैं जो है पार्टीशन की एंड रो की जिसकी मदद से एज अ प्राइमरी की ये वर्क कर सकता है क्योंकि देखो इतना सारा डेटा आप स्टोर
करोगे तो आप उसको फैच कैसे करोगे डिफरेंशिएट या तो आइडेंटिफाई कैसे करोगे राइट उसके लिए प्राइमरी की होना चाहिए उस
पर्पस के लिए हमको यहां पे मिल जाता है पार्टीशन की एंड रो की सो टेबल स्टोरेज में ना कुछ इस टाइप से आपका डेटा ठीक है
स्टोर होता है तो आप यहां पे देख भी सकते हो जैसे पार्टीशन की कैसे हो गई आईटी मींस एक आईटी डिपार्टमेंट है अब आईटी
डिपार्टमेंट में मल्टीपल एंप्लाइजज़ हैं तो उसके लिए क्या किया इन्हने रो की जैसे आईटी डिपार्टमेंट के अंदर अलग-अलग
एंप्लाइजज़ हैं तो अलग-अलग रो की बना दी। ठीक है? सो इस तरीके से ग्रुपिंग हो गई और ये दोनों को मिलके यहां पे एज अ प्राइमरी
की ऐसा वर्क कर सकता है। एंड टेबल स्टोरेज को यूज़ करने के लिए हम लोग ऑलरेडी समझ चुके हैं तो कि सबसे पहले हमको स्टोरेज
अकाउंट बनाना पड़ेगा। इसके अंदर हम लोग टेबल्स बनाएंगे एंड उसके अंदर हम लोग अपने डेटा को स्टोर करेंगे।
ओके? Okay, सो प्रैक्टिकल करने से पहले यूज़ केस देख लेते हैं कि हम लोग इसमें क्या कवर करने वाले हैं। हम लोग सिंपल एक
डॉकर बेस्ड नोट एप्लीकेशन को टेबल स्टोरेज से कनेक्ट करेंगे और ये हमारा एप्लीकेशन करेगा क्या? यूजर से ईमेल एज अ इनपुट लेगा
और टेबल स्टोरेज में स्टोर कर देगा। लेकिन इसके लिए हमारे पास सबसे पहले तो एक एप्लीकेशन होना चाहिए। तो मैंने एक सैंपल
एप्लीकेशन ऑलरेडी बनाई है और उसका डॉकर इमेज। ठीक है? पब्लिक रैपो पे मैंने अपलोड कर दिया है। सो आप लोग भी सेम डॉकर इमेज
यूज़ कर सकते हो अपने टेस्टिंग पर्पस के लिए। क्योंकि हमारा फोकस देखो टेबल स्टोरेज सीखना है। सो आप टेस्टिंग एंड
लर्निंग पर्पस के लिए सेम यही वाली डॉकर इमेज को यूज़ कर सकते हो। सो एक बार जब हमारी कंटेनर इमेज रेडी है तो डॉकर कंटेनर
को रन करने के लिए हम चाहें तो वर्चुअल मशीन क्रिएट कर सकते हैं या तो Azure की कंटेनर इंस्टेंस या तो कंटेनर ऐप सर्विस
यूज़ कर सकते हैं जो ऑलरेडी हम लोग कवर कर चुके हैं। सो हमारे यूज़ केस के लिए मैं कंटेनर इंस्टेंस यूज़ करूंगा। बिकॉज़ वो
फास्टेस्ट एंड ईज़िएस्ट वे है। ओके? सो, चलिए, सबसे पहले टेबल स्टोरेज सेटअप कर लेते हैं। एंड उसके लिए हम लोग
एक स्टोरेज अकाउंट क्रिएट कर लेते हैं। सो आ जाते हैं एजोर पोर्टल पर सिंपली यहां पर स्टोरेज अकाउंट। सो स्टोरेज अकाउंट पे
क्लिक करता हूं। सो करेंटली कोई स्टोरेज अकाउंट नहीं है। सिंपली क्रिएट एंड बेसिक डिटेल्स प्रोवाइड कर देते हैं। रिसोर्स
ग्रुप तो सिंपली क्रिएट कर लेता हूं। जैसे कि आरजी स्टोरेज अकाउंट। ओके। सो स्टोरेज अकाउंट
का नाम यहां पे मैं दे देता हूं एम प्रशांत स्टोरेज वन 2 क्योंकि यहां पे यूनिक नाम प्रोवाइड करना पड़ता है। रीजन
हम लोग डिफॉल्ट ही रखते हैं। प्राइमरी सर्विस तो हमारी इस केस में होगी टेबल्स एंड क्यूज़ क्योंकि हम लोग टेबल यूज़ करने
वाले हैं। परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड रखते हैं और इसके बाद डायरेक्टली हम लोग रिव्यू एंड क्रिएट ऑप्शन पे क्लिक करेंगे। इसके बाद
सिंपली क्रिएट। ओके? सो, डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। इसके बाद हम लोग फिर से स्टोरेज अकाउंट में आएंगे। सो ये हमारा
स्टोरेज अकाउंट क्रिएट हो चुका है। इस पे क्लिक करते हैं। सो स्टोरेज अकाउंट के अंदर आप लेफ्ट साइड
में देखोगे तो एक ऑप्शन है डेटा स्टोरेज एंड उसके अंदर है टेबल्स। सो टेबल्स पे क्लिक करेंगे। सो हमें अपनी एप्लीकेशन को
टेबल स्टोरेज से कनेक्ट करने के लिए एक टेबल क्रिएट करना पड़ेगा और उस टेबल का हम लोग नाम देंगे सब्सक्राइबर्स। ठीक है? तो
यह रहेगा हमारे टेबल का नाम। सो, यहां सिंपली हम लोग प्लस टेबल एक टेबल क्रिएट कर लेते हैं।
एंड इसका नाम मैं दे देता हूं सब्सक्राइबर्स एंड ओके। सो, यह हो गई हमारी टेबल क्रिएट। इसके बाद हम लोग
जाएंगे स्टोरेज ब्राउज़र्स पे एंड सेलेक्ट कर लेंगे टेबल। आप देखोगे कि टेबल में सब्सक्राइबर है। एंड जैसे ही मैं यहां पे
सब्सक्राइबर्स पे क्लिक करता हूं। सो यू कैन सी कि यहां पे ऐड एंटिटी का एक ऑप्शन आ रहा है। सो जो अभी हम लोग ने कवर किया
था कि हम लोग इसमें एंटिटी के फॉर्म में डेटा को स्टोर कर सकते हैं। और यहां पे आप दो चीज देखोगे कि जब भी आप एंटिटी ठीक है?
ऐड करोगे। सो यहां पे दो चीजें डेफिनेटली होंगी जो कि है पार्टीशन की एंड रो की। मतलब ये दो चीजें तो आपको देनी ही
पड़ेंगी। अब जैसे हम लोग ने जो एग्जांपल दिया था कि पार्टीशन की आईटी डिपार्टमेंट और रो की है हमारा लेट्स से 1001। तो ये
हो गया एक एंप्लई की मेन डिटेल्स। लेकिन इसका नाम क्या है? सो यहां पे आप एडिशनल डिटेल्स ऐड कर सकते हो। जैसे कि मैं बोल
देता हूं नेम और स्ट्रिंग ही अह टाइप रहेगा यहां पे रहेगा राजू। ओके? सो इस टाइप से इंसर्ट मैं कर सकता हूं। एंड आप
इसकी डिटेल्स भी नीचे आप चाहो तो देख सकते हो। ठीक है? ये राजू की डिटेल्स यहां पे ऐड हो गई। ओके? सो इस टाइप से आप ऐड कर
सकते हो। अब जैसे कि हम लोग ने बात करी थी नो सीक्वल की। तो यहां पे ऐड एंटिटी करता हूं। ये दो चीजें तो कॉमन है। ठीक है?
पार्टीशन की एंड रो की। लेट्स से मैं यहां पे आईटी कर देता हूं। आईटी डिपार्टमेंट और रो की दे देता हूं यहां पे 102। लेट्स से
मुझे इस एंप्लई का नाम ही नहीं देना। तो मैं लेट्स से ऐज बस दे देता हूं। और इसका जो ऐज है मैं दे देता हूं लेट्स से 15
इंसर्ट। सो आप देखोगे यह जो डाटा है ना यह भी स्टोर हो गया। तो यह होता है फ्लैक्सिबिलिटी। तो आप देखोगे इसमें राज
नेम में कुछ भी नहीं आया। ओके? सो ये बेनिफिट होता है नो सीक्वल डेटा टाइप का। ऑलदो ये जो डेटा है मैं अभी के लिए डिलीट
कर देता हूं। डिलीट। ओके। सो इस पॉइंट तक हमारा टेबल स्टोरेज एंड टेबल तो क्रिएट हो गया। अब हम लोग अपनी एप्लीकेशन को रन
करेंगे यूजिंग कंटेनर इंस्टेंस। ओके। सो कंटेनर इंस्टेंस क्रिएट करने के लिए मैं Azure पोर्टल का एक और मतलब
डुप्लीकेट इंस्टेंस ओपन कर रहा हूं। मतलब साइड बाय साइड यहां पे रहेगा। सो यहां पे सिंपली सर्च कर लो कंटेनर। तो यहां पे आ
जाएगा कंटेनर इंस्टेंसेस। सो कंटेनर इंस्टेंस को मैं क्रिएट करूं उसके पहले मैं कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट बता देता हूं।
ये इमेज को रन करने के लिए सबसे पहले एक चीज कि 3000 पोर्ट पे ये लिसन करेगा। तो पोर्ट ओपन आपको करना पड़ेगा। ठीक है? इसके
अलावा है एक एनवायरमेंट वेरिएबल। तो आप देखोगे यहां पे ये जो इमेज है ना इसमें नीचे डिस्क्रिप्शन में भी आप देख सकते हो
इसकी डिटेल्स ओवरव्यू में एनवायरमेंट वेरिएबल जो कि है एजोर स्टोरेज कनेक्शन स्ट्रिंग तो ये आपको यूज़ करना है और इसमें
वैल्यू क्या आपको प्रोवाइड करनी है वो मैं आपको बताऊंगा और यही एक एनवायरमेंट वेरिएबल की मदद से आपकी एप्लीकेशन टेबल
स्टोरेज से कनेक्ट होगी। तो ये दोनों डिटेल बहुत जरूरी है। सो कंटेनर इंस्टेंस क्रिएट करते हैं। क्रिएट रिसोर्स ग्रुप जो
अभी हम लोग ने क्रिएट किया था उसी पे हम लोग बना लेते हैं जो कि है आरजी स्टोरेज अकाउंट। कंटेनर का नाम दे देते हैं। जैसे
कि ईमेल ऐप बाकी डिटेल्स हम लोग डिफ़ॉल्ट ही रहने देते हैं। इसके बाद है इमेज का सोर्स तो अदर रजिस्ट्री। यह पब्लिक ही है।
इमेज का हम लोग को नाम देना है। सो यहां से मैं कॉपी कर लेता हूं। और कॉलन के बाद इसका वर्जन भी दे देते हैं
जो कि है 0 1। सो आप देखो कि यह 01 वर्जन है। इसके बाद है नेटवर्किंग सेटिंग्स। सो पब्लिक ही रहेगा नेटवर्क टाइप। एंड यहां
पर हमको पोर्ट 3000 यहां पे ओपन करना है। ठीक है? तो ये मैंने दे दिया पोर्ट 3000। इसके बाद जो सबसे इंपॉर्टेंट है जो आपको
मिस नहीं करना है वो है एडवांस पे जाके एनवायरमेंट वेरिएबल क्रिएट करना है। तो आप देखोगे एनवायरमेंट वेरिएबल आ गया और की और
वैल्यू एंड यहीं डॉकर hub में नीचे आप जाओगे तो यहां ओवरव्यू में देखोगे यह जो एनवायरमेंट वेरिएबल है इसको मैं कॉपी कर
लेता हूं। अब इसकी जो वैल्यू है वह कहां से मिलेगी? ओके। सो इसी पर्पस के लिए मैंने साइड बाय
साइड ओपन किया था। तो लेफ्ट साइड में मैं फिर से जाता हूं स्टोरेज अकाउंट में। और यहां पे लेफ्ट साइड में देखोगे सिक्योरिटी
एंड नेटवर्किंग है। इसमें आप देखोगे एक्सेस की का एक ऑप्शन है। एंड यहां पे आप देखोगे की एंड कनेक्शन स्ट्रिंग। तो यह एक
कनेक्शन स्ट्रिंग ऐसी है जिसको यूज करके बाहर की कोई रिसोर्स या तो कोई एप्लीकेशन इस स्टोरेज अकाउंट से कनेक्ट कर सकती है
या तो कम्युनिकेट कर सकती है। सो ये जो है ना पहले वाला कनेक्शन स्ट्रिंग उसको पहले तो शो करना पड़ेगा। तभी आप इसको कॉपी कर
पाओगे। कॉपी कर लेता हूं। एंड इसके बाद सिंपली मैं जाता हूं कंटेनर इंस्टेंस पे और एनवायरमेंट वेरिएबल की वैल्यू में
कनेक्शन स्ट्रिंग मैंने यहां पे पेस्ट कर दी। दैट्स इट। रिव्यू एंड क्रिएट करेंगे एंड क्रिएट। ओके? ओके। सो डिप्लॉयमेंट हो
गया है कंप्लीट। इसके बाद फिर से कंटेनर इंस्टेंसेस पे जाते हैं। तो ये हमारा कंटेनर इंस्टेंस बन गया है। ओपन करेंगे।
सबसे पहले तो इसका स्टेटस देखो। इट शुड बी रनिंग। तो हमारा रनिंग है प्रॉपर्ली है। नेटवर्किंग में पब्लिक इनेबल किया था
इसलिए पब्लिक आईपी मिल गई है। इसको हम लोग कॉपी करेंगे। नया ब्राउज़र ओपन HTTP कॉलन फॉरवर्ड स्लैश फॉरवर्ड स्लैश पब्लिक आईपी
कॉलन 3000 एक्सेस करते हैं। सो ये रही हमारी एप्लीकेशन। इसके बाद सबसे पहले तो यह दिखा
देता हूं कि स्टोरेज अकाउंट में हम लोग जाते हैं स्टोरेज ब्राउज़र पे टेबल्स सब्सक्राइबर्स।
सो अभी कोई भी यहां पे डाटा प्रेजेंट नहीं है। इसके बाद एप्लीकेशन में जाते हैं एंड लेट्स से यहां पे ट्राई करते हैं। राजू
@mail.com सबमिट करते हैं। एक ईमेल और ट्राई करते हैं। श्याम @mail.com सबमिट। व्यू डैशबोर्ड भी कर सकते हैं। सो आप
देखोगे ये जो डैशबोर्ड में जो ईमेल्स आ रही हैं, सो ये डेटा वो टेबल स्टोरेज से फैच कर रहा है। सो ये भी एक चीज हम लोगों
ने देखी कि हम अपनी एप्लीकेशन से सिर्फ डेटा स्टोर नहीं कर रहे हैं। स्टर्ड डेटा को फैच भी कर रहे हैं। इसके बाद स्टोरेज
अकाउंट में चलते हैं। यहां पे अभी भी कोई डाटा नहीं है। लेकिन रिफ्रेश करेंगे तो आप देख सकते हो अभी जो हम लोग ने दो ईमेल
एड्रेस ठीक है? स्टोर किए थे। तो [email protected] एंड श्याम का। तो ये दो ईमेल्स यहां पे स्टर्ड हो गए। एंड जैसे कि
हम लोग ने डिस्कस किया था कि जब भी आप डेटा स्टोर करते हो तो पार्टीशन की एंड रो की ये तो डेफिनेटली होती है। और हमारे केस
में क्या है? ये जो पार्टीशन की है वो सब्सक्राइबर्स हैं। ये दोनों सब्सक्राइबर्स हैं और इन दोनों की ये जो
यूनिक आइडेंटिटी क्या है वो रो की में आप देखोगे एक यूनिक ऐसा कुछ तो कोड सा जनरेट हो गया है और वो यहां पे सेट हो गया है।
ओके? सो प्रैक्टिकल यूज़ केस तो हम लोग ने देख लिया। अब ना डेवलपर पॉइंट ऑफ व्यू से थोड़ा सा समझ लेते हैं, थोड़ी सी बात कर
लेते हैं। जैसे कोई भी आप एप्लीकेशन बिल्ड कर रहे हो। हमारे केस में नए था बट कोई भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हो सकती है। जैसे
java हो गया, डॉट नेट हो गया, python हो गया। पॉइंट ये है कि कोई भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लेट्स से आप लोकली बैठे हो
अपने सिस्टम पे और कोड कर रहे हो, एप्लीकेशन बना रहे हो। सो उस एप्लीकेशन में ऐसा कौन सा कोड लिखना है आपको जिसकी
मदद से यह एप्लीकेशन एक एज्योर रिसोर्स के साथ कनेक्ट कर सके। सो, उसके लिए हम यूज़ करते हैं एचडीके। तो एज्योर की लाइब्रेरीज
आपको मिल जाती हैं। जैसे अगर आप सिंपली सर्च भी करो Google पे एज्योर HDK फॉर नोट JS। अब आप इसका डॉक्यूमेंटेशन भी देख सकते
हो। जैसे कि नीचे अगर आप देखोगे इंस्टॉल जावास्क्रिप्ट एज्योर HDK एंड लेफ्ट साइड में देखोगे ना एनपीएम पैकेज डॉक्यूमेंटेशन
देखोगे एज्योर फॉर jaवास्क्रिप्ट एंड नोट जीएस डेवलपर सिंपल है। आप डेवलपर हो आप इस डॉक्यूमेंटेशन पे आए। आपको अपनी एप्लीकेशन
से कौन से एजोर रिसोर्सेज पे काम करना है। सो आप देखोगे नीचे बहुत सारे ऑप्शंस मिलेंगे। आपको इतनी सारी सर्विसेज एंड
अलग-अलग फंक्शनंस के लिए आपको लाइब्रेरीज़ मिल जाती हैं। अब जैसे हमारे केस में क्या है? हम लोगों ने टेबल्स के साथ काम किया।
तो आप देखोगे यहां पे एक टेबल यहां पे दिखाई दे रहा है। मैं टेबल पे क्लिक करूंगा तो यहां पे आपको इंस्ट्रक्शन मिल
जाएंगे कि आपको कौन से लाइब्रेरी पैकेजेस यूज़ करना पड़ेगा टू वर्क विद द टेबल स्टोरेज। तो इसमें देखो ऑप्शन क्या दिया
है? @ Azure PW डेटा टेबल्स। अब मैं अपनी एप्लीकेशन का कोड आपको दिखा देता हूं। ऑलदो ये चैट जीबीटी से डाउनलोड किया है।
आप भी कर सकते हो। लेकिन इस कोड के अंदर क्या है? थोड़ा सा अगर आपको वो भी नॉलेज हो तो बहुत अच्छी बात होती है। ठीक है?
ट्रबल शूटिंग वगैरह में या तो इंटरव्यूज में पूछ लिया तो। सो सबसे पहले तो ये दिखाता हूं कि ये जो हम लोगों ने अभी देखा
डॉक्यूमेंटेशन में एजओ डेटा टेबल्स ये कहां है? तो मैं आपको दिखाता हूं नोट js बेस्ड एप्लीकेशन है। लेफ्ट साइड में
देखोगे पैकेज डॉट जेसन। सो इसमें आप देखोगे डिपेंडेंसी में सबसे पहली चीज़ क्या नोटिस करोगे? @ azure डाटा टेबल्स। सो
यहां से आप एक चीज समझ गए कि हम अपने नोट बेस्ड एप्लीकेशन में एज्योर एचडीके यूज कर रहे हैं और स्पेसिफिकली डेटा टेबल्स की
लाइब्रेरीज यूज़ कर रहे हैं टू वर्क विद द टेबल स्टोरेज। इसके बाद हम सर्वर डॉट जेएस में आते हैं जहां पे कोडिंग पार्ट है।
राइट? थोड़ा सा कोड में भी हम लोग डीबक कर लेते हैं। सो, हम लोग ने देखो एनवायरमेंट वेरिएबल में एक कनेक्शन स्ट्रिंग प्रोवाइड
करी थी। तो, वह कनेक्शन स्ट्रिंग देखो प्रोसेस. VB यह देखो। यहां से हमको वो स्ट्रिंग मिल गई थी। कनेक्शन स्ट्रिंग।
इसके बाद इसने क्या किया? पास कनेक्शन स्ट्रिंग। तो उसमें ना जो भी हम कनेक्शन स्ट्रिंग जो पास करते हैं एक नोटपैड पे।
ठीक है? आप सिंपल पेस्ट करके अब देखोगे इसमें अलग-अलग पार्ट रहते हैं। जैसे कि अकाउंट नेम, अकाउंट की। ठीक है? अलग-अलग
इनफार्मेशन रहेगी। तो वो उसको डिवाइड कर देता है। स्प्लिट कर देगा। ठीक है? बेस्ड ऑन सेमी कॉललन। अब इसके बाद उस कनेक्शन
स्ट्रिंग से उसने अलग-अलग इंफॉर्मेशन निकाल ली। एंड उसके बाद उसने क्रेडेंशियल बना दिए। एक एंड पॉइंट क्रिएट कर दिया
हमारे नोट से टेबल स्टोरेज तक कनेक्शन के लिए। एंड इसके बाद देखोगे इनिशियलाइज टेबल। सो इसमें हम लोग सिंपल क्या कर रहे
हैं? टेबल अगर क्रिएटेड नहीं है ऑलरेडी तो वो टेबल क्रिएट कर देगा। देखो टेबल क्लाइंट इसने क्रिएट कर दिया। इसके बाद
क्रिएट टेबल अगर नहीं है तो क्रिएट कर देगा नहीं तो बोल देगा ऑलरेडी एग्ज़िस्ट। ओके? सो हमारे केस में हम लोग ने ऑलरेडी
टेबल क्रिएट कर ली थी। इसके बाद जब हम लोग ईमेल वहां पे प्रोवाइड कर रहे थे तो इसने क्या किया? एंटीटी। पहले तो हम लोग एंटिटी
क्रिएट कर रहे हैं। एंड उसमें क्या इंपॉर्टेंट चीज होती है? पार्टीशन की। तो हम लोग ने क्या बोला? पार्टीशन की हमारी
सब्सक्राइबर्स। इसके बाद रो की। तो हम लोग एक रैंडम रो की जनरेट कर रहे हैं। इसके बाद ईमेल तो भाई हम लोगों ने खुद ही
प्रोवाइड किया था। एंड इसके बाद क्रिएटेड एड। तो यहां पे टाइम हम लोगों ने यहां पे डेट टाइम बता दिया। एंड इसके बाद सिंपली
क्या बोला? टेबल क्लाइंट क्रिएट एंटीटी। और यह एंटिटी जो है वहां पे हम लोगों ने स्टोर कर दी। ओके? सो इस तरीके से आप काफी
ईजीली अपने एप्लीकेशन से एक एजओ रिसोर्सेज पे कनेक्ट कर सकते हो। एंड अगर बात करें कि यह जो हम कोड यूज़ कर रहे हैं, यह तो हम
लोग ने समझ लिया कि क्या पर्पस सॉल्व कर रहा है। लेकिन यह कोड कहां से मिला हमको या तो मतलब हम कहां से मतलब चेक कर सकते
हैं, रेफर कर सकते हैं। तो अगेन ये जो अभी हम लोग ने ठीक है डॉक्यूमेंटेशन देखा। राइट? इसमें आप देखोगे एज्योर डेटा टेबल्स
इस पे आप क्लिक करोगे तो इसके बारे में सारी इनफार्मेशन मिल जाएगी इस पेज पे। जैसे कि देखो नीचे देखोगे टेबल क्लाइंट।
तो हम लोग ने भी टेबल क्लाइंट बनाया था। इसमें अकाउंट अकाउंट की ये हमको कहां से मिलेगा? कनेक्शन स्ट्रिंग से। एंड जैसे
देखो क्लाइंट में क्या है? टेबल क्लाइंट हम लोग क्रिएट कर रहे हैं। एक हम लोग ने देखो एंड पॉइंट, टेबल का नाम और
क्रेडेंशियल दे दिया जो हम लोग ने अपने कोड में दिया था। सो इस टाइप से आप यहां डॉक्यूमेंटेशन से रेफर कर सकते हो कि आपको
कौन सा कोड यूज़ करना है। ओके? सो अब देख लेते हैं टेबल स्टोरेज के की पॉइंट। सो सबसे पहला ही पॉइंट है
फुल्ली मैनेज्ड। सो ये मैनेज्ड सर्विस है बाय Azure। सो आपको कुछ भी सेटअप करने का इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। ओके?
हाइली स्केलेबल। सो इसमें बहुत हाई अमाउंट ऑफ डेटा आप स्टोर कर सकते हो। रिलायबल है। हाई अवेलेबिलिटी। ओके? सो ये चीज हम लोग
ने अ स्टोरेज अकाउंट वाले सेक्शन में देखा था। ब्लॉग स्टोरेज वाले सेक्शन में जहां पे हम लोग रिडंडेंसी के ऑप्शंस देखे थे।
ठीक है? बैकअप एंड हाई अवेलेबिलिटी के लिए तो वो हम लोग ने ऑलरेडी कवर किए हैं। कंसमशन बेस्ड प्राइिंग। तो यहां पे
प्राइिंग एंड बिलिंग किस पर्पस से होती है कि आप कितने अमाउंट ऑफ डेटा मतलब जो डेटा स्टोर कर रहे हो तो उसके लिए ठीक है? वहां
पे रिसोर्सेज चाहिए होंगे। तो जितना डेटा स्टोर कर रहे हो उसके अकॉर्डिंग एंड इसके अलावा रीड राइट डिलीट मतलब ये जो ऑपरेशंस
करते हैं। ठीक है? मतलब अगर बहुत ज्यादा रीड ऑपरेशन है, राइट ऑपरेशन है तो उसके रिलेटेड जो है अकॉर्डिंग बिलिंग होती है।
दैट्स ऑल। सो सेक्शन के एंड में बात कर लेते हैं कि जो एज टेबल स्टोरेज है वो किन यूज़ केसेस
के लिए सूटेबल है। तो आप इसको वेब एप्लीकेशन, यूजर डेटा, डिवाइस इनफेशन, मेटा डेटा अगर जैसे कलेक्ट करना है तो आप
इन ऐसे कुछ यूज़ केसेस में टेबल स्टोरेज यूज़ कर सकते हो। दैट्स ऑल अबाउट दिस सेक्शन। एंड एज़ यूजुअल हम लोग हर सेक्शन
के एंड में अपने रिसोर्सेज को डिलीट कर देते हैं। सो यहां भी आप अपने रिसोर्सेज को डिलीट कर लेना। रिसोर्स ग्रुप में जाओ
और सिंपली जो रिसोर्स ग्रुप अभी हम लोगों ने क्रिएट किया था RJ रिसोर्स स्टोरेज अकाउंट। सो इसमें हम लोगों ने कंटेनर
इंस्टेंस और एक स्टोरेज अकाउंट बनाया था। सो आप ये रिसोर्स ग्रुप को डिलीट कर सकते हो एंड वेरीफाई कर सकते हो।
चलिए अब Azure फाइल शेयर का भी एक एग्जांपल देख लेते हैं कि कहां आप उसको यूज़ कर सकते हो। कैसे यूज़ कर सकते हो।
सपोज़ आप मल्टीपल वर्चुअल मशीनंस यूज़ कर रहे हो। नो मैटर Linux बेस्ड हो, Windows बेस्ड हो। बट लेट्स से मल्टीपल वर्चुअल
मशीनंस हैं। मल्टीपल यूज़र्स यूज़ कर रहे हैं। एंड उनके बीच में आपको एक शेयरर्ड फोल्डर या तो शेयरर्ड लोकेशन, शेयरर्ड
स्पेस स्टोरेज चाहिए। सो वो कैसे कर सकते हैं? वो हम लोग करेंगे यूजिंग द एजोर फाइल्स। सो एजोर फाइल्स पहले तो क्रिएट
करेंगे। ठीक है? तो आपका एक स्पेस क्रिएट हो जाएगा और उसके बाद हम लोग जो वर्चुअल मशीनंस क्रिएट करेंगे। ठीक है? तो वो जो
फाइल शेयरर्ड जो स्टोरेज जो बनेगा उसको हम लोग माउंट करेंगे अपने वर्चुअल मशीन पे। तो वो कैसे करना है? चलिए देखते हैं। देखो
फाइल शेयर बनाने के लिए सबसे पहले तो स्टोरेज अकाउंट हम लोग क्रिएट करेंगे। तो आ जाता हूं मैं स्टोरेज अकाउंट में एंड
क्रिएट कर लूंगा सिंपली रिसोर्स ग्रुप। सो यहां पे मैं आरजी डेमो इस टाइप से दे देता हूं। एंड स्टोरेज का नाम मैं दे देता हूं
फॉर नाउ एम प्र एम प्रशांत स्टोरेज इसके बाद प्राइमरी सर्विस सो इस बार हम लोग यूज़ करेंगे या तो सेलेक्ट
करेंगे एजोर फाइल्स एंड बाकी चीज़ हम लोग डिफ़ॉल्ट ही रखेंगे सिंपली रेव एंड क्रिएट एंड इसके बाद क्रिएट
जब तक डिप्लॉयमेंट हो रहा है इतने ही टाइम में हम लोग एक वर्चुअल मशीन भी क्रिएट कर लेते हैं। वर्चुअल मशीन पे जाता हूं।
क्रिएट वर्चुअल मशीन और रिसोर्स ग्रुप में जो अभी हम लोगों ने बनाया वह मैं सेलेक्ट कर लेता हूं। वर्चुअल मशीन का नाम दे देता
हूं। लेट्स से माय ऐप वीएम डेमो एंड इसके बाद सिंपली साइज बस सेलेक्ट कर लेते हैं। सो जो भी मिनिमल अवेलेबल हो जैसे कि
स्टार्टिंग वाला एंड बाकी सारी चीजें हम लोग डिफॉल्ट ही रखने वाले हैं। और सिंपली रिव एंड क्रिएट। ओके। सो रिकमेंडेशन कर
रहा है। ओके। क्या रिकमेंड कर रहे थे? चलो देख लेते हैं। एंड इसके बाद सिंपली क्रिएट डाउनलोड प्राइवेट की। सो वर्चुअल मशीन हो
गया कंप्लीट। सो इसके बाद हम लोग ना वर्चुअल मशीन को सिंपली एक्सेस करेंगे। तो मैं सिंपली
कनेक्ट पे क्लिक करता हूं। एंड बहुत ही सिंपल है। ये जो एजोर यूजर है इस पे मैं ठीक है। इसको बस मैं कॉपी कर
रहा हूं। यूजिंग अ पब्लिक आईपी। देखो एक टर्मिनल ओपन कर लेता हूं। सबसे पहले तो जो अभी हम लोग की जो की फाइल डाउनलोड हुई है
उसकी परमिशन चेंज कर लेता हूं। माय एफवीएम डेमो ओके एंड इसके बाद सिंपली एसएसएच
एसएसएच हफन आई माय ऐप एंड इसके बाद aur यूजर एंड पब्लिक आईपी
यस। सो यह देखो करेंटली हम लोग अपने वर्चुअल मशीन के अंदर है और इसके बाद हम लोग फिर
से आ जाएंगे अपने स्टोरेज अकाउंट में। सो यह जो हमारा स्टोरेज अकाउंट क्रिएट हो चुका था।
सो यह जो हमारा स्टोरेज अकाउंट क्रिएट हो चुका था इस पे हम क्लिक करेंगे। एंड इसमें हम जाएंगे डाटा स्टोरेज और इस
टाइम आपको सिर्फ एक ऑप्शन दिख रहा है क्लासic file शेयर इस पे मैं क्लिक करूंगा। इसके बाद सिंपली प्लस पे क्लिक
करके आप क्रिएट कर लो। इसका एक नाम दे देंगे। तो मैं यहां पे दे देता हूं माय ऐप अ माय ऐप अ फाइल शेयर इस टाइप से नाम दे
देता हूं। प्रोविज़न स्टोरेज मतलब स्टोरेज आपको कितना चाहिए? सो मैं अभी के लिए लेट्स से 100 GB कर देता हूं। ओके? एंड
इसके बाद डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स एंड सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट बहुत ही इजी है इसको बनाना। ठीक है? इसके बाद आपको सिंपली
कनेक्ट का एक ऑप्शन मिल जाता है। एंड इसको माउंट करना बड़ा आसान है। देखो Windows, Linux, Mac OS तो आपका जो भी मशीन पे आप
माउंट करना चाहते हो वो किस टाइप का है? तो हमारे केस में लinक्स है। Linux पे मैं क्लिक करता हूं। ठीक है? माउंट पॉइंट ये
जो अभी हम लोग ने क्रिएट किया शो स्क्रिप्ट। तो आपको ना एक यहां पे स्क्रिप्ट मिल जाती है। मैं सिंपली इसको
कॉपी करूंगा और हम लोग आ जाएंगे अपने टर्मिनल पे। सो सबसे पहले तो मैं करता हूं सूडो वीआई एंड लेट्स से अयस्क्रिप्ट.
आई प्रेस करके इंसर्ट कंट्रोल वी पेस्ट हो गया। एस्केप की इंसर्ट मोड से बाहर आ गए। शिफ्ट कॉलन wq
मतलब क्विट एंड सेव तो यह हमारी स्क्रिप्ट बन गई। आप देखोगे स्क्रिप्ट माय स्क्रिप्टsh स्क्रिप्ट को रन करूं उससे
पहले मैं आपको अभी जो करंट स्टेटस है ठीक है फाइल सिस्टम का वो दिखा देता हूं। तो उसके लिए मैं यूज़ करूंगा कमांड सूडo
डीएफ hfन h ओके सो यू कैन सी कि ये अभी स्टेटस है हमारा। ठीक है? इसके बाद हम लोग सिंपल सिंपली अपनी जो स्क्रिप्ट है रन
करेंगे सूडो बैश माय स्क्रिप्ट ठीक है रन किया सो आप देखोगे अ माउंट एंड योर एफए टैब हैज़ बीन
मॉडिफाइड कुछ तो चेंजेस हुए हैं बट यहां पे बोल रहा है कि ये वाली कमांड यूज़ करो टू रीलोड ओके सो हम लोग सिंपली सूडो
सिस्टम सीटीएल डेमोन रीलोड रीलोड करते हैं ओके बस इतनी सी दो कम कमांड थी। राइट? इसके बाद मैं
सूडो डीf hन फिर से करता हूं। सो, आप देखोगे चेंजेस आप कि यह जो है ना एम प्रशांत स्टोरेज 13 फाइल डॉट कोर एंड इसका
साइज कितना? 100GB। ठीक है? यूज्ड ज़ीरो है। अवेलेबल 100 GB है। सो, इस तरीके से आपने एक फाइल स्टोरेज या तो शेयरर्ड
ड्राइव शेयरर्ड फोल्डर टीके टाइप का आपने क्रिएट किया और बहुत ही सिंपली आपने उसको यहां पे माउंट कर दिया। ठीक है? तो ये तो
अभी एक वर्चुअल मशीन से हुआ। आप इस टाइप से मल्टीपल मशीनंस पे ठीक है माउंट करके इसको शेयरर्ड कर सकते हो। सो दैट्स ऑल
अबाउट द Azure फाइल शेयर। सो आगे सेक्शन में देखेंगे कि कैसे हम कंटेनर बेस्ड नोड एप्लीकेशन को एजोर
एसक्यूएल डेटाबेस से कनेक्ट करके रिलेशनल डेटा को स्टोर एंड फैच कर सकते हैं। इस टाइप का सिंपल सा इंटरफ़ेस होगा जिसमें
यूजर अपना ईमेल को सबमिट करके स्टोर कर सकता है। और सिंपली व्यू डैशबोर्ड करेंगे तो जो भी स्टर्ड ईमेल है वो यहां पे फैच
भी हो जाएंगे। एंड जो डेटाबेस हम लोग क्रिएट करेंगे उसमें आप एसक्यूएल क्वेरीज भी रन कर सकते हो फ्रॉम एजोर पोर्टल जैसे
कि सेलेक्ट स्टाफ फ्रॉम सब्सक्राइबर रन करते हैं। सो जो भी ईमेल्स अभी हम लोग ने स्टोर करी है इंक्लूडिंग [email protected] सो
वो यहां पे आप देख सकते हो। सो चलिए आगे बढ़ते हैं। ऑलराइट इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे
aur sकल्यू डेटाबेस के बारे में जो कि एक मैनेज्ड रिलेशनल डेटाबेस सर्विस है बेस्ड ऑन एसक्यूएल सर्वर डेटाबेस इंजन। सो
रिलेशनल डेटा मतलब क्या होता है? जब भी आपका डेटा रो एंड कॉलम के फॉर्म में टेबल में ऑर्गेनाइज होता है एंड मल्टीपल टेबल
भी आपस में रिलेटेड हो सकती हैं यूजिंग फॉरेन की जैसे कि कस्टमर टेबल, ऑर्डर टेबल। सो इसको हम बोलते हैं रिलेशनल डेटा।
एंड अगर आपकी रिक्वायरमेंट है कि इस टाइप के डेटा को आपको स्टोर एंड मैनेज करना है एज्योर प्लेटफार्म में। सो आप यूज़ कर सकते
हो एजोर एसक्यूएल डेटाबेस। एंड आप इस सर्विस को कंपेयर है तो रिलेट कर सकते हो एडब्ल्यूएस के आरडीएस सर्विस के साथ।
लेकिन यहां पे एक बेसिक डिफरेंस क्या है? एडब्ल्यूएस में ना आपको मल्टीपल आरडीबीएमएस के ऑप्शन मिल जाते हैं। लाइक
ओरेकल पोस्ट ग्रैस मायesक्यूएलl मारिया डीबी एसक्यूएल सर्वर एक्सट्रा बट इन केस ऑफ़ द Azure एसक्यूएल डेटाबेस ये एसक्यूएल
सर्वर ही यूज़ करता है। ओके। सो हमारी एक रिक्वायरमेंट तो क्लियर है कि हमको रिलेशनल डेटा को स्टोर एंड
मैनेज करना है। लेकिन क्वेश्चन ये है कि एज्योर एसक्यूएल डेटाबेस क्यों यूज़ करना चाहिए? तो इसका सबसे बड़ा बेनिफिट क्या है?
यह एक फुल्ली मैनेज्ड सर्विस है। दैट मींस कि आपको डेटाबेस यूज़ करने के लिए सर्वर या तो अंडरलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को मैनेज
करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा जो डेटाबेस में रिलेटेड पैचेस हो गए, अपडेट्स हो गया, बैकअप हो गया। तो ये सारे टास्क
एज्योर मैनेज या तो हैंडल करता है। इसके अलावा यह सर्विस स्केलेबल है। दैट मींस आपकी एप्लीकेशन की रिक्वायरमेंट के
अकॉर्डिंग कंप्यूट जो रिसोर्सेज होते हैं वो स्केल कर सकते हो। एंड इसमें ऑटोमेटिक स्केलिंग का भी ऑप्शन मिल जाता है। इसके
अलावा जो आपके डाटा के लिए सबसेेंट है क्योंकि आज के टाइम में डाटा ही क्रिटिकल है। बहुत इंपॉर्टेंट पार्ट है। सो उसके
लिए हाई अवेलेबिलिटी एंड बैकअप जैसे फीचर्स इसमें बिल्ट इन मिल जाते हैं आपको। एंड ये सारी चीजें हमको मैनुअली सेटअप
करने की जरूरत नहीं है। ना ही मैनेज करने की जरूरत है। इसके अलावा हेल्थ एंड मॉनिटरिंग सिक्योरिटी भी आपको मिल जाती
है। सो दैट आप फोकस कर सको अपनी एप्लीकेशन और डेटा पे रेदर देन आप इतनी सारी चीजों को मैनेज करो। ओके?
ओके। सो प्रैक्टिकल करने से पहले यूज़ केस या तो स्टेप्स डिस्कस कर लेते हैं। सो दैट आप मेंटली प्रिपयर्ड रहो, अवेयर रहो कि हम
लोग क्या परफॉर्म करने वाले हैं। इसमें हम लोग सबसे पहले तो एजोर का एसक्यूएल डेटाबेस क्रिएट करेंगे। एक बार डेटाबेस
क्रिएट हो जाए उसके बाद उसको एक्सेस कैसे करना है aur पोर्टल से वो हम लोग डिस्कस कर लेंगे। इसके बाद लास्ट में हम लोग अपना
एक कंटेनर बेस्ड नोट बेस्ड एप्लीकेशन को डिप्लॉय करेंगे। अब देखो ये कंटेनर बेस्ड एप्लीकेशन है। तो इसके लिए हम लोग मल्टीपल
तरीकों से इसको डिप्लॉय कर सकते हैं। जैसे कि खुद का वर्चुअल मशीन बना लें या तो कंटेनर इंस्टेंस या तो कंटेनर एप्स हम लोग
यूज़ कर सकते हैं। बट हम लोग अपने इज़िएस्ट या तो फास्टेस्ट वे जो कि कंटेनर इंस्टेंस हम लोग यूज़ करेंगे। और यह भी देखेंगे इस
एप्लीकेशन से डेटाबेस में कनेक्ट करके अपने डेटा को स्टोर एंड फैच कर सकते हैं। एंड यह है हमारी एप्लीकेशन की इमेज जो कि
डॉकर hub में अपलोडेड है। पब्लिक रैपो में प्रेजेंट है। सो दैट आप अपने टेस्टिंग पर्पस के लिए यही सेम इमेज यूज़ कर सकते
हो। और इसको यूज़ कैसे करना है? आप इसके ओवरव्यू वाले सेक्शन में देख सकते हो। ये सिंपल सी कमांड यूज़ करना रहता है। एंड
दैट्स ऑल। ओके? सो प्रैक्टिकल स्टार्ट करने से पहले क्विकली समझ लेते हैं कि एज्योर एसक्यूएल
क्या होता है? देखो aur एसक्यूएल एंड aur एसक्यूएल डेटाबेस में थोड़ा सा डिफरेंस है। अगर हम बात करें ना एज्योर एसक्यूएल
की ये एक मैनेज्ड डेटाबेस सर्विसेस की फैमिली है। अब जैसे कि देखें aur एसक्यूएल के अंडर अलग-अलग ऑप्शन है। जैसे एज्योर
एसक्यूएल डेटाबेस एसक्यूएल मैनेज्ड इंस्टेंस एंड एसक्यूएल सर्वर ऑन एजोर वीएम। तो जो हमारा टॉपिक है ना इस सेक्शन
का एज्योर एसक्यूएल डेटाबेस वो भी एक पार्ट है aur एसक्यूएल अंब्रेला या तो फैमिली का। एंड अगर बात करें कि इतने
अलग-अलग टाइप्स हैं तो हमको कौन सा यूज करना है मतलब कौन से केस या तो सिनेरियो में कौन सा ऑप्शन सूटेबल होगा तो वो हमको
कैसे पता चलेगा? सो देखो अजोर पोर्टल में आप सिंपली अजोर एसक्यूएल ओपन करोगे ना तो इसके मल्टीपल ऑप्शन देखो लेफ्ट साइड में
दिखेंगे। सो इनके होम पेज में अगर आप नीचे आओगे देखोगे कंपेयर डेटाबेस साइड बाय साइड। सो ये जो भी डिफरेंट ऑप्शंस आप देख
रहे हो ना एज्योर एसक्यूएल के अंदर सो आप साइड बाय साइड कंपेयर भी कर सकते हो। ये देखो ये जो अलग-अलग ऑप्शंस हैं वो कब आपको
कौन से पर्पस के लिए यूज़ करना है वो यहां पे दिया हुआ है। सो इन शॉर्ट मैं अगर आपको बताऊं कि कौन सा टाइप कब यूज़ होता है। सो
देखोगे एजोर एसक्यूएल डेटाबेस जब भी आप कोई न्यू एप्लीकेशन ठीक है क्रिएट कर रहे हो स्क्रैच से आपको डेटा स्टोर करना है तो
ये ऑप्शन बेटर है। इसके अलावा अगर आपका कोई एग्ज़िस्टिंग डेटाबेस है उसको आपको माइग्रेट करना है तो इस केस में आप
मैनेज्ड इंस्टेंस आप यूज़ कर सकते हो। इसके अलावा अगर आपको डेटाबेस के साथ-साथ ओएस लेवल का भी कंट्रोल चाहिए काफी केसेस में
चाहिए होता है राइट कॉन्फ़िगर करने के लिए कंपैटिबल बनाने के लिए उस केस में आप एसक्यूएल सर्वर इंस्टेंस भी यूज कर सकते
हो। सो ये हो गया हाई लेवल डिस्क्रिप्शन। अगर इसके बारे में थोड़ा सा और अच्छे से समझना है तो इनका जो ऑफिशियल
डॉक्यूमेंटेशन है उसमें एक पेज है एजोर एसक्यूएल डिसीजन ट्री। तो वो देख सकते हो। इसमें बहुत अच्छे से ट्री के फॉर्म में
इन्होंने बनाया है डिसीजन मेकिंग। एंड ये स्टार्ट ही कर रहा है कंडीशन से जैसे आर यू बिल्डिंग अ न्यू एप्लीकेशन यस और नो
अगर यस है तो क्या कौन सा इसने सजेस्ट किया एजोर एसक्यूएल डेटाबेस इसमें भी एक टाइप है हाइपर स्केल तो वो भी आप यूज़ कर
सकते हो सो चलिए आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले एसक्यूएल डेटाबेस क्रिएट करते हैं। ओके सो एज्योर पोर्टल में सिंपली आपको
सर्च करना है एजोर एसक्यूएल यह देखो यह आ गया एजोर एसक्यूएल इस पे क्लिक करेंगे सो एसक्यूएल फैमिली में जो भी डिफरेंट
कैटेगरीज के डेटाबेस क्रिएट करने के ऑप्शंस हैं वो आपको यहां पे दिख जाएंगे जैसे कि एसक्यूएल डेटाबेस एसक्यूएल
मैनेज्ड इंस्टेंस या तो एसक्यूएल सर्वर सो अभी हम लोग क्लिक करेंगे एजुअर एसएल डेटाबेस एंड इसके अंडर एसक्यूएल डेटाबेस
पे क्लिक करेंगे अभी करेंटली कोई डेटाबेस नहीं है डिस्क्रिप्शन देखोगे यूटिलाइज़ अ फुल्ली मैनेज्ड रिलेशनशिप डेटाबेस सर्विस
और यहां पे सिंपली क्रिएट करेंगे तो दो ऑप्शन दिखेंगे डेटाबेस या तो फ्री ऑफर। तो पहले तो देख लेते हैं फ्री ऑफर में क्या
है। सो फ्री ऑफर में आपको मिल जाते हैं 1 लाख वर्चुअल कोर सेकंड्स 32GB का स्टोरेज एंड बैकअप और यह आपको पर मंथ रिन्यू होता
है। ठीक है? तो मंथली बेसिस पे है पर मंथ। एंड यह कब तक वैलिड रहेगा? लाइफटाइम ऑफ योर सब्सक्रिप्शन। सो आपकी रिक्वायरमेंट
में कुछ बेसिक टास्क है या तो बेसिक यूसेज है ना और यह आप यह रिसोर्सेज में आपका काम हो जाएगा। तो आप फ्री वाला यह ऑफर यूज़ कर
सकते हो। लेकिन देखो जब भी फ्री चीजें मिलती हैं तो उसके कुछ लिमिटेशन होती हैं। जैसे कि ये जो रिसोर्सेज वगैरह हैं ये
आपके फिक्स हैं। तो इसमें आप कुछ चेंजेस नहीं कर सकते हो। नीचे देखोगे कॉस्टिंग में देखोगे यहां पे फ्री ऑफ कॉस्ट है और
बिलिंग तो यहां पे डिसेबल्ड ही है। इसको मैं अभी क्लोज कर देता हूं। और हम क्रिएट नॉर्मल वाले ऑप्शन पे जाते हैं एसql
डेटाबेस। सो इसमें आप नोटिस करोगे बेसिक के साथ नेटवर्किंग, सिक्योरिटी, एडिशनल डिटेल्स मतलब और अलग चीजें भी कॉन्फ़िगर आप
कर सकते हो। चलिए, हम लोग जल्दी से एक डेटाबेस क्रिएट कर लेते हैं इसी ऑप्शन से। सबसे पहले है रिसोर्स ग्रुप। तो हम लोग एक
रिसोर्स ग्रुप क्रिएट कर लेते हैं। इसका नाम दे देते हैं आरजी एसक्यूएल डीबी। ओके। इसके बाद है डेटाबेस का नाम। तो
हमारे केस में हम लोग ईमेल स्टोर कर रहे हैं। तो हम लोग सिंपल सा एक नाम दे देते हैं लाइक ईमेल डीबी। इसके बाद ऑप्शन है
सर्वर। तो यहां पे हमको सर्वर सेलेक्ट करना पड़ता है। इसको आप ऐसे समझो कि जो डेटाबेस है वो क्रिएट कहां पे होगा किसी
सर्वर पे। तो सबसे पहले हमारे पास एक सर्वर होना चाहिए। लेकिन अगर आप यह सोच रहे हो कि ये तो मैनेज्ड सर्विस है तो हम
सर्वर क्यों बना रहे हैं? तो अभी आपको समझ में आ जाएगा। करेंटली देखो कोई भी सर्वर है ही नहीं क्योंकि हम लोगों ने कभी
क्रिएट ही नहीं किया। तो हम लोग सिंपली क्रिएट न्यू पे क्लिक करेंगे। सो यहां पे देखोगे कुछ बेसिक डिटेल्स हैं। अब देखो
सर्वर वो क्रिएट तो कर देगा लेकिन कुछ बेसिक चीजें जैसे सर्वर कौन से रीजन में बनाना है? मतलब आपको कहां पे डेटाबेस कौन
से रीजन में अपना डेटाबेस को यूज़ करना है? उस सर्वर का नाम क्या देना है? या तो उसको एक्सेस कैसे करना है? तो उसके लिए आपको
कुछ बेसिक डिटेल्स प्रोवाइड करनी पड़ती है। सर्वर का नाम देना है तो हम लोग सिंपल सा एक नाम दे देते हैं। जैसे कि एसक्यूएल
सर्वर और लेट्स से 20 देखो नहीं है। सो सो अवेलेबल है तो मतलब यहां पे यूनिक नाम आपको देना पड़ता है। लोकेशन इसमें अवेलेबल
नहीं है। तो हम लोग यहां पे ईस्ट एशिया ट्राई कर लेते हैं। ईस्ट एशिया। ओके? सो ये अवेलेबल है यहां पे। इसके बाद है
ऑथेंटिकेशन कि सर्वर आपका बन गया तो आप उसको एक्सेस कैसे करोगे? ऑथेंटिकेट कैसे करोगे? और यहां पे मल्टीपल ऑप्शन है। तो
हम लोग यहां पे चूज़ कर लेंगे यूज़ बोथ SQL एंड Microsoft एंटर ऑथेंटिकेशन। सो दैट मींस यहां पे हमारे पास दोनों ऑप्शन मिल
जाएंगे। एंड इस ऑप्शन में हमको जो एडमिन यूजर है ना उसका यूजरनेम एंड पासवर्ड हमको यहां पे बनाना होता है जिसको यूज़ करके हम
उसको एक्सेस कर सकें। सो हम लोग एक सिंपल सा नाम दे देते हैं। जैसे कि सिस्टम सो यूजर नेम हो जाएगा सिस्टम और यहां पे
पासवर्ड। सो यहां पे यूजर नेम पासवर्ड सेट कर लिया सिंपली ओके। सो सर्वर तो यहां पे बना दिया। इसके बाद एक ऑप्शन है एसक्यूएल
इलास्टिक पूल। सो यहां पे यस और नो का ऑप्शन है। यस करते हैं तो इसमें क्या होगा? जो भी डेटाबेस बना रहे हैं और जो
कंप्यूट या तो स्टोरेज जो हम हम कॉन्फ़िगर करेंगे उसको वो शेयर कर सकता है। मतलब वो उस पूल में जो भी डेटाबेस हम लोग क्रिएट
करेंगे। सो अभी के लिए हम लोग नो रहने देते हैं। इसके बाद है वर्कलोड एनवायरमेंट। सो यहां पे डेवलपमेंट है या
तो प्रोडक्शन है। तो उसके बेसिस पे ना ये रिकमेंड कर देता है। जैसे आप देखोगे प्रोडक्शन मैं करता हूं। सो आप देखोगे
कंप्यूटर एंड स्टोरेज यहां पे हाइपर स्केल हो गया। देखोगे टू वर्चुअल कोर्स हो गया। डेवलपमेंट में यहां पे वन वर्चुअल कोर पे
ठीक है? हम लोग यूज़ कर सकते हैं। सो, अभी डेवलपमेंट ही रहने देते हैं क्योंकि टेस्टिंग पर्पस हम लोग यूज़ कर रहे हैं।
इसके बाद है कंप्यूट एंड स्टोरेज। सो, बाय डिफ़ॉल्ट तो इसने जनरल पर्पस एंड सर्वर लेस सेलेक्ट किया है। ऑलदो हम लोग इसको
कॉन्फ़िगर या तो चेंजज़ कर सकते हैं। सो, यहां देखोगे बाय डिफ़ॉल्ट जनरल पर्पस ही यहां पे सेक्टेड है। ऑलदो आपको और कम
यूसेज चाहिए। जैसे कि फॉर लेस डिमांडिंग वर्क लोड, बजट फ्रेंडली। सो, आप बेसिक या तो स्टैंडर्ड में भी जा सकते हो। वहां पे
आपकी कॉस्टिंग और कम हो जाएगी। सर्वरस ही रहने देते हैं। इसके बाद कंप्यूट हार्डवेयर। तो अभी जैसे कि जनरल पर्पस है
J5। तो इसमें क्या आपको मिल जाती है फैसिलिटीज अप टू 80 वर्चुअल कोर्स एंड 240 GB ऑफ़ मेमोरी यहां पे आपको मिल सकती है।
एंड इसमें आप मैक्सिमम वर्चुअल कोर्स एंड मिनिमम वर्चुअल कोर्स भी सेट कर सकते हो। एंड इसके बाद लास्ट में है बैकअप स्टोरेज
रिडंडेंसी। तो लोकली रिडेंडेंट बैकअप स्टोरेज यहां पे ऑलरेडी सेट है। तो डेवलपमेंट पर्पस के लिए काफ़ी अच्छा है।
लेकिन इसके अलावा भी कह काफ़ी ऑप्शन है। जैसे जिओग्राफ़िकल मतलब रीजनल बेसिस पे या तो Jio ज़ोन रिडेंटेंट ऑप्शन भी यहां पे
पॉसिबल है। इसके बाद आ जाते हैं नेटवर्किंग। सो कनेक्टिविटी यहां पे मेथड है। सो हमारे सर्वर को एक्सेस करने के लिए
पब्लिक एड पॉइंट हम लोग सेलेक्ट कर लेते हैं कि पब्लिकली हम लोग उसको एक्सेस कर सकें। इसके बाद है फायर वॉल रूल्स। इसमें
क्या है? एज्योर सर्विस या तो रिसोर्सेज इस सर्वर को एक्सेस कर सके। तो हम लोग यस बोल देते हैं। एंड ये जो फायरवल रूल है हम
लोग ये बाद में भी इसको चेंजज़ कर सकते हैं। ओके? इसके बाद आ जाते हैं सिक्योरिटी। सो इसमें जो डिफ़ॉल्ट ऑप्शंस
हैं उसी के साथ हम लोग आगे बढ़ते हैं। एडिशनल सेटिंग्स में आते हैं। सो यहां पे एक ऑप्शन दिखेगा कि जो डेटा सोर्स है मतलब
ये जो डेटाबेस आप क्रिएट कर रहे हो इसमें डेटा आपको कहां से लाना है? मतलब अब स्क्रैच से डेटा स्टोर करोगे या तो
एग्ज़िस्टिंग। अब जैसे कि देखो एकिस्टिंग डेटा है किसी और डेटाबेस से तो बैकअप आप यूज़ कर सकते हो। ठीक है? सो हम लोग यहां
पे नन करते हैं। सिंपल रिव्यू एंड क्रिएट। एंड लास्ट में आपको यहां भी दिख जाएगा कि यह जो आपने डेटाबेस कॉन्फ़िगर किया है,
उसका जो बिलिंग है या तो कॉस्टिंग है, वह कितनी होगी? 7.18 यूएस डॉलर्स पर मंथ। सो, वैलिडेशन हो गया कंप्लीट। इसके बाद सिंपली
क्रिएट पे क्लिक करके हम लोग अपना डेटाबेस बना लेंगे। ओके? सो, डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। एंड इसके बाद हम अपने
रिसोर्सेज को चेक करने के लिए जाएंगे रिसोर्स ग्रुप पे और एसक्यूएल डीबी जो हम लोग ने क्रिएट किया था। इसमें जा के देखते
हैं। सो हमारा जो डेटाबेस है देखो ये टाइप में देख सकते हो एसक्यूएल डेटाबेस और एसक्यूएल सर्वर दोनों ही क्रिएट हो चुके
हैं। ओके सो फिर से आ जाते हैं एज्योर एसक्यूएल में। सो जो अभी हम लोगों ने डेटाबेस
क्रिएट किया वो तो आप यहां देख सकते हो ईमेल डीबी जो है एसक्यूएल डेटाबेस के अंडर लेकिन जो हम लोगों ने एसक्यूएल सर्वर
क्रिएट किया था वो आपको दिखाई देगा एसक्यूएल लॉजिकल सर्वर में। ओके। सो यहां से आपको एक चीज क्लियर होगी कि ये जो
एसक्यूएल सर्वर हम लोग ने क्रिएट किया था एसक्यूएल सर्वर वो एक लॉजिकल सर्वर है। लॉजिकल सर्वर का मतलब क्या? जैसे कि मैंने
बोला था ये सर्वर हम लोग क्रिएट कर रहे हैं। बट ये एक्चुअल में कोई फिजिकल सर्वर या तो वर्चुअल मशीन नहीं होती है। ये एक
सिंपल सा एक लॉजिकल कंटेनर होता है आपके डेटाबेस को। ठीक है? मैनेज करने के लिए। अब जैसे कि देखो आपने ये वाला एक लॉजिकल
सर्वर क्रिएट कर दिया और इसके अंदर हम लोग ने एक डेटाबेस बनाया। वैसे ही आप मल्टीपल डेटाबेस इस लॉजिकल सर्वर के अंदर क्रिएट
कर सकते हो। एंड वन मोर थिंग कि जो भी फायर वॉल से रिलेटेड सेटिंग्स होंगी ऑथेंटिकेशन, सिक्योरिटी, इलास्टिक पूल
एक्सट्रा वो आपकी लॉजिकल सर्वर के लेवल पे होती है ना कि डेटाबेस। ओके? सो डेटाबेस तो आप देखोगे ये सिंपल सा छोटा सा पार्ट
है। बट यह जो मेन जो काम हो रहा है यहां पे या तो जो मेन सेटिंग्स आप कॉन्फ़िगर करते हो, वह करते हो आप लॉजिकल सर्वर के
अंदर। ओके। सो, जब डेटाबेस क्रिएट कर रहे थे, वहां पर कंप्यूट एंड स्टोरेज कॉन्फ़िगर
करते टाइम हमने एक ऑप्शन देखा था प्रोविज़ वर्सेस सर्वरस। सो, क्विकली कवर कर लेते हैं कि दोनों में क्या डिफरेंस है।
प्रोविज़न का सिंपल सा मतलब ये है कि जब हम डेटाबेस क्रिएट कर रहे हैं ना, तो एक फिक्स अमाउंट ऑफ कंप्यूट एंड स्टोरेज हम
लोग एलोकेट कर देते हैं। डेडिकेट कर देते हैं अपने डेटाबेस में। अब लेट्स से आपने 20GB ठीक है? स्टोरेज कर दिया। अब आपकी
डेटाबेस को इतनी जरूरत है या नहीं है। मतलब आपका डेटाबेस उतना यूज कर भी रहा है कि नहीं लेकिन वो 20GB वहां पे रहेगा ही
और आपकी जो कॉस्टिंग होगी जो बिलिंग होगी वो भी 20GB की होगी। लेकिन सर्वर लेस में क्या फायदा है? यह ऑन डिमांड वर्क करता है
कि आपके डेटाबेस को जितनी जरूरत होगी उतनी ही रिसोर्सेज वो वहां पे एलोकेट करेगा। सो बिलिंग किसके बेसिस पे होगी? जितना भी
रिसोर्सेज आपका डेटाबेस यूज़ कर रहा है। तो अगर आपके डेटाबेस को ज्यादा जरूरत है तो वो स्केल कर देगा। अदरवाइज़ ठीक है? स्केल
डाउन भी कर देगा। एंड वहां पे हम लोग ने देखा था मिनिमम एंड मैक्सिमम कोर कि जैसे कि मान लो स्केल अप हो रहा है तो आप कितना
मैक्सिमम कोर्स ठीक है? यूज़ करना चाहते हो या तो कर सकते हो। तो वो भी आप ठीक है वहां पे सेट कर सकते हो। सो दिस इज़ द
बेसिक डिफरेंस बिटवीन प्रोविज़न एंड सर्वरस। सो अपने डेटाबेस पे क्लिक करते हैं जो कि
है ईमेल डीबी। सो इसके ओवरव्यू में आपको कुछ बेसिक डिटेल्स मिल जाएंगी। जैसे सर्वर का नाम और इसके बाद स्टेटस इसका क्या है?
ऑनलाइन, लोकेशन, सब्सक्रिप्शन और कनेक्शन स्ट्रिंग मिल जाती है फॉर कनेक्टिविटी एक्सट्रा। तो सबसे मेन इंपॉर्टेंट पॉइंट
पे आते हैं कि देखो हमारा डेटाबेस क्रिएट हो गया। इस डेटाबेस में मुझे कोई एक्शन परफॉर्म करना है। लेट्स से एक सिंपल सी
टेबल क्रिएट करना है या तो कुछ डेटा स्टोर करना है। तो वो मैं कैसे करूंगा? तो उसके लिए हमको एक ऑप्शन मिल जाता है। लेफ्ट
साइड में देखोगे क्वरी एडिटर। सो क्वरी एडिटर में को यूज करके आप डेटाबेस में अपनी क्वेरीज यूज कर सकते हो एसक्यूएल
बेस्ड क्वेरीज को। ओके? क्वेरी एडिटर कहां कनेक्ट करेगा? ईमेल डीबी जो हमारा डेटाबेस है कौन से सर्वर पे? एसक्यूएल सर्वर जो हम
लोगों ने क्रिएट किया था। अब इसको कनेक्शन के भी यहां पे दो मेथड हैं जो हम लोगों ने कॉन्फ़िगर किए थे। आप देखोगे एसक्यूएल
ऑथेंटिकेशन में देखोगे यूजरनेम पासवर्ड के थ्रू भी आप कर सकते हो। या तो Microsoft Enta ऑथेंटिकेशन भी कर सकते हो। सो, आप
डायरेक्टली कनेक्ट एज अ जो भी यूजरनेम है वह करोगे। सो देखो इसमें क्या दिखाई दे रहा है कि योर IPपी एड्रेस इज नॉट अलाउड
टू एक्सेस दिस सर्वर। सो इस केस में हमको क्या करना है? ओवरव्यू में जाएंगे। अब सबसे ऊपर देखोगे सेट फायर वॉल रूल। इस पे
मैं क्लिक करता हूं। सो यहां से आप फायरवॉल रूल सेट कर सकते हो। अभी देखोगे हमें अपने सर्वर को एक्सेस करना है। तो
पब्लिक एक्सेस में जाते हैं। वर्चुअल नेटवर्क आप यहां पे कॉन्फ़िगर कर सकते हो। इसके अलावा है फायरवॉल रूल्स। और इसमें आप
देखोगे ऐड योर क्लाइंट IP। तो क्लाइंट आईपी जो अभी हम लोग ने देखा था जहां पे हमें एक एरर आ रहा था। ठीक है? यही वाली
आईपी थी। सिंपल आप उसको क्लिक करो तो देखोगे यह वाली जो IP है उससे आप अपने सर्वर को एक्सेस कर सकते हो। सिंपली आप
सेव करोगे। इसके बाद बैक जाएंगे और फिर से हम लोग क्वरी एडिटर पे चले जाएंगे एंड फिर से मैं ट्राई करता हूं कनेक्ट ए यूजरनेम।
सो यस यू कैन सी कि हम क्वरी एडिटर के अंदर। ठीक है? एक्सेस हो चुका है हमारा। तो सिंपल न्यू क्वरी करेंगे और यहां पे आप
अपनी क्वेरी को टाइप कर सकते हो। सो लेट्स से एक सिंपल सी मैं टेबल यहां पे क्रिएट कर देता हूं एंप्लई के नाम की। ओके? और एक
दो कॉलम है जैसे कि प्राइमरी आईडी नेम डिपार्टमेंट और इसको मैं रन करता हूं। एंड लेफ्ट साइड में देखोगे ईमेल डीवी जो हमारा
डेटाबेस है और इसमें आप देखोगे टेबल्स के अंदर एंप्लाइजज़ नाम की हमारी टेबल क्रिएट हो गई। एंड अपनी टेबल पे कुछ डेटा इंसर्ट
करते हैं। जैसे कि इंसर्ट इनू एंप्लाइजज़ वैल्यूज़ एंड रन करते हैं। सो यस इट इज़ सक्सेसफुल। एंड इसके जो डेटा है उसको रीड
करना हो, चेक करना हो तो हम लोग सिंपल स्टार फ्रॉम एंप्लाइजज़। यह ऑटो सजेस्ट भी करता है तो थोड़ा सा फास्ट भी है। इसको मैं
रन करता हूं। सो आप देखोगे यहां पर जो एंट्री थी वह यहां पर दिखाई दे रही है। सो इन दिस वे हम अपने डेटाबेस को एक्सेस करके
कुछ क्वेरी परफॉर्म कर सकते हैं। ओके? सो इस पॉइंट तक हमारा डेटाबेस तो क्रिएट हो गया। इसके बाद हम लोग अपनी नड
बेस्ड एप्लीकेशन को डिप्लॉय करेंगे। एंड उसके लिए मैं यूज़ करूंगा कंटेनर इंस्टेंस। एंड उसके लिए जो हमारी डॉकर इमेज है वो
ऑलरेडी प्रेजेंट है डॉकर hub पे। और यह पब्लिकली प्रेजेंट है। तो, आप चाहो तो इसको यूज कर सकते हो अपनी टेस्टिंग पर्पस
के लिए। इसके रिलेटेड कुछ बेसिक चीजें मैं बता दूं। जैसे कि यह एप्लीकेशन 3000 पोर्ट पे लिसन करेगी। और इसमें आप देखोगे
ओवरव्यू में भी आप यह चीज देख सकते हो। एंड इसके अलावा यह एप्लीकेशन हमारे डेटाबेस से क्रिएट कैसे होगी? इसके लिए हम
लोग जो सर्वर से रिलेटेड इनेशन है या जो डिटेल्स है वो इन द फॉर्म ऑफ एनवायरमेंट वेरिएबल्स प्रोवाइड करेंगे। जैसे कि
एज्योर एसक्यूएल सर्वर। इसके बाद डेटाबेस का नाम। इसके अलावा यूजर एंड पासवर्ड। और ये सारी ही इंफॉर्मेशनेशन जब हम लोगों ने
सर्वर क्रिएट किया था। ये हम लोगों ने देखी थी इंफॉर्मेशनेशन। ओके? सो यहां पे साइड बाय साइड मैंने दो अजोर पोर्टल ओपन
कर लिए हैं। सो पहले वाले में एसक्यूएल सर्वर से रिलेटेड देखो डिटेल्स हैं। और साइड में यहां पे हम लोग बनाएंगे कंटेनर
इंस्टेंस। सो कंटेनर इंस्टेंस पे मैं क्लिक करता हूं। सिंपली क्रिएट रिसोर्स ग्रुप। सो जो अभी हम लोग ने रिसोर्स ग्रुप
बनाया था जो कि आर आरजीएसएल डीबी है। इसको मैं क्लिक कर लेता हूं। सो कंटेनर का नाम यहां पे हम लोग दे देंगे
ईमेल एसक्यूएल डीबी इस टाइप से कुछ नाम दे देते हैं। बाकी चीजें डिफॉल्ट ही रखेंगे। इसके बाद इमेज का सोर्स रहेगा अदर
रजिस्ट्री पब्लिक है। सो इमेज का नाम मैं डॉकर hub से यहां से कॉपी कर लेता हूं। पेस्ट
कॉलन 01 मतलब 001 वर्जन है। सो दैट्स इट। इसके बाद आ जाते हैं नेटवर्किंग में। एंड यहां पे हमको 3000 पोर्ट इनेबल करना है।
सो यहां पे 3000 पोर्ट मैं ठीक है? इनेबल कर देता हूं। एंड इसके बाद डायरेक्टली आ जाएंगे एडवांस में जहां पे हमको प्रोवाइड
करना है एनवायरमेंट वेरिएबल्स। यह देखो एनवायरमेंट वेरिएबल्स हैं। तो मैं आ जाता हूं अपने डॉकर hub में। और ये ओवरव्यू
सेक्शन में आप देख सकते कि कौन-कौन से एनवायरमेंट वेरिएबल्स चाहिए। सबसे पहला है एज्योर एसक्यूएल सर्वर। इसको कॉपी
की में ये आ जाएगा। लेकिन इसमें वैल्यू क्या आएगी? इसलिए मैंने साइड बाय साइड ओपन किया था। सो ये रहा सर्वर का नाम। तो मैं
इसको यहां से कॉपी कर सकता हूं। कॉपी और एसक्यूएल सर्वर में यह वाला यहां पर पेस्ट। ओके। इसके बाद जो नेक्स्ट
एनवायरमेंट वेरिएबल है वह है एजोर एसक्यूएल डेटाबेस एंड इसमें जो वैल्यू होगी वो होगी ईमेल
डीबी। तो यह हमारे डेटाबेस का नाम। ओके। इसके बाद इसके बाद हमको प्रोवाइड करना है एजोर
एसक्यूएल यूजर। ओके एंड हम लोगों ने नाम दिया था सिस्टम एंड लास्ट में एजोर एसक्यूएल पासवर्ड
एंड पासवर्ड में जो भी आपने सेट किया वो दे सकते हो एंड एनवायरमेंट वेरिएबल्स में लेफ्ट साइड में देखोगे आप मार्क एंड
सिक्योर करते हो सो ये जो वैल्यू है यहां पे ऐसे हाइड हो जाएगी सो बस इतना ही आपको डिटेल्स प्रोवाइड करना था इसके बाद सिंपली
रिव्यू एंड क्रिएट वैलिडेशन पास एंड क्रिएट लेफ्ट साइड में चलते हैं और क्वेरी एडिटर ठीक है ओपन करके रखते हैं और टेबल्स
में पहले हमारे पास सिर्फ एक टेबल थी जो हम लोग ने खुद बनाई थी वो एंप्लॉइस। सो यहां से हम लोग ठीक है वेरीफाई भी कर सकते
हैं कि कोई नई टेबल अगर यहां पे क्रिएट होती है तो। सो यहां पे डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। इसके बाद फिर से आ जाते
हैं हम लोग कंटेनर इंस्टेंसेस में। तो हमारा बन गया है ईमेल एसक्यूएल टीबी। इस पे हम क्लिक कर लेंगे। एंड अपने डेटाबेस
में जाके देखते हैं एंड टेबल्स में जाके ना सिंपल राइट क्लिक करके रिफ्रेश करके देखते हैं। सो यस यू कैन सी कि यहां पे
सब्सक्राइबर नाम की एक नई टेबल बन गई है जो कि हमारी जो एप्लीकेशन है वो यूज़ करेगी। अब अपनी एप्लीकेशन को एक्सेस करने
का ट्राई करते हैं। सबसे पहले तो देख लो यह जो हम लोगों ने कंटेनर इंस्टेंस बनाया है उसका स्टेटस रनिंग होना चाहिए। तो
रनिंग है। इसके बाद सिंपली हम लोग इसकी जो पब्लिक IPपी एड्रेस है उसको कॉपी करेंगे। http कॉलन फॉरवर्ड स्लैश फॉरवर्ड स्लैश
पब्लिक आईपी कॉलन एंड इसके बाद पोर्ट 3000 ओके। सो ये रही हमारी एप्लीकेशन। ठीक है? एप्लीकेशन को यूज़ करें। इसके पहले हम लोग
क्या करते हैं? क्वरी एडिटर पे जाता हूं और सेलेक्ट स्टाफ फ्रॉम सब्सक्राइबर्स करते हैं। रन करता हूं। सो अभी आप देखोगे
कि करेंटली कोई भी यहां पे डेटा प्रेजेंट नहीं है। इसके बाद हम लोग जाएंगे अपनी एप्लीकेशन में। राजू @mail.com सबमिट
श्याम @mail.com सबमिट। सो हम लोग यूजर से ईमेल एज अ इनपुट ले रहे हैं और सबमिट करके डेटाबेस में स्टोर कर रहे हैं। ओके? व्यू
डैशबोर्ड करते हैं। सो आप देखोगे जो भी ईमेल्स हम लोग ने स्टोर करी है वो यहां पे दिखाई दे रही हैं। और इसके बाद हम लोग आ
जाते हैं अपने डेटाबेस में। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम्स्राइबर क्वेरी फिर से रन करते हैं। रन। सो यस यू कैन सी कि हमारा जो डाटा
यहां पे विज़िबल है राजू श्याम और ये कब क्रिएट हुआ है और इनकी आईडी भी क्रिएट हो गई है। सो इन दिस वे हम लोग ने देखा कि
कोई एप्लीकेशन जो ऑलरेडी एज्योर रिसोर्सेज पे ठीक है? रनिंग है जो कि कंटेनर इंस्टेंस वो हमारे डेटाबेस से कैसे कनेक्ट
कर सकती है। वहां पे डेटा स्टोर कैसे कर सकता है? एंड डेटा एक्सेस कैसे कर सकते हैं? क्योंकि जब हम लोग व्यू डैशबोर्ड कर
रहे हैं तो वो डेटा को एक्सेस कर रहा है। ठीक है? तो ये हम लोगों ने वेरीफाई कर लिया। एंड ये भी हम लोग ने समझा कि एक ये
जो एप्लीकेशन है वो डेटाबेस से कनेक्ट कैसे करती है। उसके लिए हम लोग को सर्वर की कुछ डिटेल्स प्रोवाइड करनी पड़ती है और
वो हम लोग ने प्रोवाइड करी थी इन द फॉर्म ऑफ़ एनवायरमेंट वेरिएबल्स। एंड मैं अपना एप्लीकेशन का कोड भी थोड़ा सा एक क्विकली
ओवरव्यू दिखा दूं। तो पैकेज्ड डॉट jsn में आप देख सकते हो डिपेंडेंसी में क्या हम लोग यूज़ कर रहे हैं? MSक्यूएल की
लाइब्रेरीज़ यूज़ कर रहे हैं। कि मतलब थोड़ी देर के लिए भूल जाओ कि यार यह जो हमारा जो डेटाबेस है वो Azure पे है। सिंपली है कि
जो हम लोग ने डेटाबेस क्रिएट किया वो MSक्यूएल है। एंड वो कहीं तो क्लाउड में या तो ऑनलाइन कहीं तो हम लोगों ने बनाया
है। अब उसको एक्सेस करने के लिए क्या डिटेल्स चाहिए हमको? सिंपल है सर्वर का नाम, डेटाबेस का नाम, यूजरनेम, पासवर्ड।
ठीक है? तो वो चीजें तो हमको यहां से भी मिल गई। तो उसके बेसिस पे हम लोगों ने कनेक्शन इस्टैब्लिश किया। server डॉट जेs
जेएस में देख सकते हो। सो हम लोग ने देखो ये सारी डिटेल्स यूज़ करके पहले तो डेटाबेस इनिशियलाइज़ किया कि भाई अगर सब्सक्राइबर
नाम का टेबल नहीं है तो क्रिएट कर दो। सो ये रीज़न था कि सब्सक्राइबर्स नाम की जो टेबल है ऑलरेडी क्रिएट हो गई थी। एंड इसके
बाद जो भी ईमेल हम लोग इंसर्ट कर रहे थे आप देखोगे इंसर्ट इंटू्राइबर। तो ये वाली क्वेरीज से हमारा जो डेटा है वो स्टोर भी
होते जा रहा था। चलिए अब बात करते हैं सिक्योरिटी एंड नेटवर्किंग से रिलेटेड कुछ पॉइंट्स कि यह
जो हमारी एप्लीकेशन है वो एसक्यूएल डेटाबेस से कैसे कनेक्ट हो पा रही है? यह कनेक्शन के लिए कौन रिस्पांसिबल है? कैसे
हम उसको कंट्रोल कर सकते हैं? इसके अलावा ये एसक्यूएल डेटाबेस क्रिएट तो हो गया। क्या इसके बाद कोई भी डिवाइस है तो कोई भी
एप्लीकेशन इससे कनेक्ट कर सकती है। तो ये चीजें कहां से कंट्रोल हो रही है? तो वैसे तो शायद आपके पास आईडिया होगा जब हम लोगों
ने एसक्यूएल डेटाबेस बनाया था। पहले तो डेटाबेस पे हम लोग आ जाते हैं। तो वहां पे हम लोग ने फायरवॉल रूल्स वहां पे सेट किए
थे। तो देखो यह हमारा आ गया एसक्यूएल डेटाबेस। इसके ओवरव्यू में देखोगे सेट सर्वर। फायरवॉल ऊपर ही आपको ऑप्शन मिल
जाता है। एंड इसमें हम लोग ने एक ऑप्शन इनेबल किया था जो लास्ट में आप देख सकते हो अलव अजोर रिसोर्सेज एंड सर्विसेस टू
एक्सेस दिस सर्वर। सो अभी हमारे केस में क्या हो रहा है? जो हमारी एप्लीकेशन है वह भी एजोर प्लेटफार्म पे ही रनिंग है। सो इन
दिस केस बाय डिफ़ॉल्ट हमारी एप्लीकेशन को यह जो डेटाबेस सर्वर है इसका एक्सेस मिल गया है। सो सबसे पहले तो एप्लीकेशन पे
जाते हैं और अभी मैं व्यू डैशबोर्ड करता हूं। सो आप देखोगे हमारा जो डेटा है डेटाबेस से एक्सेस हो गया है और यहां पे
डैशबोर्ड पे दिखाई दे रहा है। इसके बाद हम लोग क्या करते हैं? ये जो पब्लिक एक्सेस है ना फायर वॉल में इसको मैं डिसेबल कर
देता हूं और सेव करता हूं। सो यहां पे हमारा फायर वॉल डिसेबल हो गया है। इसमें थोड़ा सा टाइम लगता है। ठीक है? अप्लाई
होने में थोड़ी देर बाद मैंने जब रिफ्रेश किया मतलब जब अप्लाई हो गया प्रॉपर्ली तो आप देखोगे कि जो हमारा डेटा है वो फेल टू
एक्सेस। मींस हमारी एप्लीकेशन अब डेटाबेस को एक्सेस नहीं कर पा रही है। एंड ये चीज आप कंटेनर ऐप में भी जाके चेक कर सकते हो।
जैसे कि ये है हमारा कंटेनर इंस्टेंस। लेफ्ट साइड में देखोगे सेटिंग्स में कंटेनर्स। एंड इसमें आप नीचे आओगे तो
लॉक्स भी आप चेक कर सकते हो। सो यहां पर कंटेनर लॉक्स में आप क्लियरली देख सकते हो कि कनेक्शन एरर एक आया है और ये क्या कह
रहा है? कनेक्शन वाज़ डिनाइड मतलब यह जो डिनाई है मतलब हम लोग ने पब्लिक एक्सेस ही डिसेबल किया है इस वजह से। सो आप देखोगे
मैं फिर से रिफ्रेश करता हूं। सो अभी तक तो नहीं है। इसके बाद हम लोग एसक्यूएल डेटाबेस में जाते हैं। और ये जो पब्लिक
एक्सेस है ना इसको हम लोग सिलेक्टेड नेटवर्क मतलब अभी हम लोग ने सिर्फ इनेबल किया है। यह फायरवॉल रूल में एक आईपी
इनेबल है ना, इसको भी मैं डिलीट कर देता हूं। एंड जो लास्ट में एक ऑप्शन है इसको भी मैं डिसेबल कर देता हूं। ओके सेव करता
हूं। सो पब्लिक एक्सेस इनेबल तो कर दिया है लेकिन कोई रूल सेट नहीं किया है। इसके बाद हम लोग डैशबोर्ड में जाके सिंपल
रिफ्रेश करते हैं। तो आप देखोगे अभी भी फेल्ड टू लोड ईमेल्स हैं। तो अभी भी ये एक्सेस नहीं मिला है। इसके बाद हम लोग
क्या करेंगे? यह जो हमारा लास्ट वाला ऑप्शन था अलव एज्योर रिसोर्सेज एंड सर्विसेस टू एक्सेस दिस सर्वर। इसको इनेबल
कर देंगे और सेव करेंगे। ओके? इसके बाद मैं जाता हूं डैशबोर्ड में और अब रिफ्रेश करता हूं। सो यस यू कैन सी कि अब हमारा जो
डेटा है एक्सेसबल हो गया। सो यहां से एटलीस्ट आपको क्लेरिटी आई कि यह कहां से कंट्रोल हो रहा है। इसके अलावा एक चीज और
कि अगर आप खुद से ये चीज ट्राई कर रहे हो ना तो थोड़ा सा टाइम लगता है इसको अप्लाई करने में। तो सो इंस्टेंट रिजल्ट आपको
यहां पे नहीं मिलेगा। सो थोड़ा सा इस बात का बस ध्यान रखना। अगर आप किसी बाहर के डिवाइस या तो बाहर के किसी एप्लीकेशन से
इस सर्वर को कनेक्ट करना चाहते हो। सो उस केस में भी आपको उस सर्वर की पब्लिक आईपी ठीक है इनेबल करना पड़ेगा तभी आप एक्सेस
कर पाओगे। ओके? सो सेक्शन के एंड में कुछ और भी पॉइंट्स देख लेते हैं रिलेटेड टू आवर
डेटाबेस। अब जैसे अगर आप देखोगे यहां पे ओवरव्यू में सो यहां पे जो स्टेटस है हमारे डेटाबेस का क्या है? पॉज्ड है। और
इसका देखोगे ऑटो पॉज डिले कितना है? 1 ऑवर। मतलब 1 घंटे तक एक वन ऑवर तक आपकी कोई एक्टिविटी नहीं होती है। तो वो यहां
पे पॉज कर देगा आपकी सर्विस को। लेट्स से हम अपनी एप्लीकेशन में जाते हैं और रिफ्रेश करके ट्राई करते हैं। सो यस आप
देख सकते हो अभी स्टेटस इसका ऑनलाइन हो गया। जैसे ही वहां पर कोई एक्टिविटी हुई। इसके अलावा डेटाबेस को मॉनिटर करने के लिए
भी नीचे एक टैब मिल जाता है मॉनिटरिंग टैब जिसमें आप डेटा स्टोरेज एंड उसका यूटिलाइजेशन ठीक है? मॉनिटर कर सकते हो कि
कितना स्टोरेज यूज्ड है, कितना अवेलेबल है। इसके अलावा किस टाइम पे यूटिलाइजेशन ज्यादा है, कम है, वह भी आप मॉनिटर कर
सकते हो। जैसे 24 आवर्स में कितना था, से डज़ में कितना था वो आप यहां से मॉनिटर कर सकते हो। इसके अलावा प्रॉपर्टीज में आते
हैं। सो यहां पे आपको देखोगे दो ऑप्शन मिलेंगे। एक अवेलेबिलिटी का, एक बैकअप का। सो आप बैकअप में देख सकते हो बाय डिफ़ॉल्ट
बैकअप की फैसिलिटी और या तो फीचर आपको मिल जाता है। एंड इसमें भी डिफरेंट कंडीशन होती हैं। जैसे कि अभी हमारा जो बैकअप है
वो कितना? 12 आवर्स के फ्रीक्वेंसी में। ठीक है? वो बैकअप होगा और से डज़ का रिटेंशन पीरियड होगा। जो बैकअप रहेगा वो
से डज़ तक ठीक है? वो रहेगा। एंड इसको चाहो तो अपने हिसाब से कॉन्फ़िगर भी कर सकते हो। जैसे बैकअप हम क्लिक करते हैं। सो आप
देखोगे अवेलेबल बैकअप में एक अभी बैकअप ऑलरेडी प्रेजेंट है। एंड रिटेंशन पॉलिसी में आके आप यहां पे कॉन्फ़िगर कर सकते हो।
अब जैसे देखो अभी तो सेवन डेज है बट अप टू 10 इयर्स तक आप इसको ठीक है? कॉन्फ़िगर कर सकते हो। इसके अलावा अवेलेबिलिटी के भी
डिफरेंट ऑप्शंस यहां पे मिल जाते हैं। सो, अभी तो डिसेबल्ड है क्योंकि हम लोगों ने लोकल रिडेंडेंसी ठीक है इनेबल किया था।
सो, जब इसमें मैं क्लिक करता हूं, सो, यह रहा ऑप्शन बैकअप स्टोरेज रिडंडेंसी। तो हम लोग ने लोकल रिडंडेंट ऑप्शन किया था।
लेकिन वो क्या बोल रहा था? ज़ोन रिडंडेंसी। ठीक है? तो मल्टी मतलब मल्टीपल और अलग-अलग ज़ोन में रिडेंडेंसी होगी। सो ज्यादा अच्छा
ऑप्शन है क्योंकि एक ज़ोन का मान लो। ठीक है? सर्वर ही फेलियर हो जाता है। सो अपने पास ज्यादा अच्छा बैकअप ऑप्शन रहेगा यहां
पे। इसके अलावा ओवरव्यू वाले पेज में आपको सबसे टॉप पे देखो कॉपी, रिस्टोर, एक्सपोर्ट का भी ऑप्शन मिल जाता है। जिसकी
मदद से आप अपने डेटाबेस को मतलब कॉपी मतलब अपनी डेटाबेस की कॉपी बना सकते हो। रिस्टोर कर सकते हो। क्योंकि देखो आपके
पास बैकअप है तो लेट्स से इसको रिस्टोर करना है तो वह कर सकते हो। एक्सपोर्ट करना है से आप अपने डेटाबेस का बैकअप ले सकते
हो या तो माइग्रेट करना है किसी और सर्वर पे। ठीक है? अपने डेटा को मूव करना है तो वो भी आप कर सकते हो। सो दैट्स ऑल अबाउट
दिस सेक्शन। हर सेक्शन की तरह इस सेक्शन में भी हम लोग एंड में अपने रिसोर्सेज को डिलीट करेंगे।
इसके लिए हम लोग जाएंगे रिसोर्स ग्रुप पे। इस सेक्शन के लिए एक ग्रुप बनाया था जो कि है आरजीएसlb। सो यहां पे आप डिलीट रिसोर्स
ग्रुप कर लेना। एंड इसके बाद वेरीफाई कर लेना कि आपके सारे रिसोर्सेज डिलीट हो गए हैं कि नहीं।
ऑलराइट। सो इस सेक्शन में हम लोग बात करेंगे एजो डेटा फैक्ट्री के बारे में जो कि एक क्लाउड बेस्ड डेटा इंटीग्रेशन
सर्विस है जिसकी मदद से हम डेटा को कलेक्ट मूव ट्रांसफॉर्म कर सकते हैं बिटवीन सोर्स एंड डेस्टिनेशन। अब पॉइंट ये है या तो
क्वेश्चन ये है कि भाई इसकी जरूरत कहां पड़ती है? एक सिंपल सा यूज़ केस से मैं आपको समझाता हूं। मतलब एक हाई लेवल। लेट्स
से आपके पास बहुत सारा डेटा है लेकिन अनस्ट्रक्चरर्ड फॉर्म में है। रॉ डेटा है। अब उसको लेट्स से आपको एक वैल्यूुएबल
फॉर्मेट में कन्वर्ट करना है एनालिटिक्स पर्पस के लिए। ओके? सो उस केस में आप डेटा फैक्ट्री यूज़ कर सकते हो। तो और ये वर्क
कैसे करता है? सिंपली आप पाइपलाइन बनाते हैं इसमें। ठीक है? के डेटा फैक्ट्री में एंड जो भी टास्क आपको परफॉर्म करना है
लेट्स से आपको जैसे रॉ डेटा को कैसे किस तरीके से किस फॉर्मेट में कन्वर्ट करना है ट्रांसफॉर्म करना है या तो सिंपली कॉपी
करना है किसी दूसरे ठीक है सोर्स में तो ये टाइप के जो टास्क हैं आप कॉन्फ़िगर कर देते हो पाइपलाइन में एंड उसके बाद आप या
तो मैनुअली ट्रिगर कर सकते हो या तो शेड्यूल कर सकते हो मतलब ऑटोमेट कर सकते हो सिंपल एंड बात करते हैं डेटा फैक्ट्री
आर्किटेक्चर के बारे में। सो यहां पे मल्टीपल टाइप के सोर्सेज एंड मल्टीपल टाइप के डेस्टिनेशन यहां पे सपोर्टेड हैं। जैसे
कि देखो आपका डेटा कहां से आ रहा है या तो कहां से पिक करना है। अब जैसे कि मान लो आपका जो रॉ डेटा है वो ब्लॉग स्टोरेज में
स्टोर्ड है। लेट लेट से सीएसबी फॉर्मेट में है, jसन फॉर्मेट में है या तो एसक्यूएल डेटाबेस से है, फाइल से है,
एप्लीकेशन से है या तो एपीआई से आप फीड कर रहे हो। ठीक है? है तो अलग-अलग आपके डेटा के सोर्स हो सकते हैं। लेट्स से एक सिंपल
सा यूज़ केस है कि ब्लॉब स्टोरेज में आपका डेटा है। अब उस डेटा को आपको डेटाबेस में ठीक है? कॉपी करना है। सो उस केस में भी
आप डेटा फैक्ट्री यूज़ कर सकते हो। एंड बात करें डेटा फैक्ट्री के अलग-अलग कॉम्पोनेंट्स में। देखो यहां पे लिंक्ड
सर्विस होती है जिसकी मदद से ये जो डेटा सोर्स है मतलब सोर्स हो गया, डेस्टिनेशन हो गया। ठीक है? उससे कनेक्शन इस्टैब्लिश
होता है। इसके बाद है डेटा सेट। मींस जो भी डेटा के साथ आप डील कर रहे हो वो हो गया। तो पहले तो कनेक्शन हो गया। उसके बाद
डेटा हो गया। इसके बाद हो जाता है पाइपलाइन। सो पाइपलाइन होता है ग्रुप ऑफ एक्टिविटी। मतलब क्या-क्या अलग-अलग
एक्टिविटी करना है और हर एक एक्टिविटी का मतलब है कि कौन सा टास्क परफॉर्म करना है। इसके अलावा है इंटीग्रेशन रन टाइम कि मतलब
देखो ये जो डेटा फैक्ट्री है मतलब जो पाइपलाइन है उसको रन करने के लिए भी ठीक है? एक इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। सो वो कहां
पे रन होगा वो डिसाइड करता है इंटीग्रेशन रन टाइम। ऑलदो आप ये कॉन्फ़िगर नहीं करते हो। ये ऑटोमेटिकली हो जाता है। इसके अलावा
है ट्रिगर। लेट्स से ये जो आपका टास्क है तो पाइपलाइन है वो एवरीडे एक पर्टिकुलर टाइम पे ठीक है रन हो जाना चाहिए
ऑटोमेटिकली तो उन केसेस में आप ठीक है इसको ट्रिगर करवा सकते हो ओके सो ये रहा यूज़ केस जिसको हम
प्रैक्टिकल परफॉर्म करके देखेंगे एंड इसमें हम लोग कर क्या रहे हैं लेट्स से हमारे पास एक ब्लॉब स्टोरेज है कंटेनर है
एंड इसमें हमारे पास डेली बेसिस पे सेल्स का डेटा आता है इन द फॉर्म ऑफ सीएसवी डेटा मतलब ब्लॉब स्टोरेज में सीएसवी फॉर्मेट
में हमारे पास डेटा है और हमको को इस डेटा को कन्वर्ट करना है और या तो मूव करना है एसक्यूएल डेटाबेस में एक एक प्रॉपर
फॉर्मेट में सो दैट हम उसको एनालिटिक्स के लिए फर्दर यूज़ कर सकें और ये प्रोसेस के लिए हम लोग यूज़ करेंगे एजोर डेटा फैक्ट्री
की पाइपलाइन। सो ऑफ कोर्स अ डेटा फैक्ट्री मतलब क्रिएट करें उससे पहले हमारे पास ब्लॉब स्टोरेज एंड एसक्यूएल डेटाबेस
क्रिएट होना चाहिए। तो ये प्रिपयर्ड हम लोग पहले क्विकली ये बना लेंगे दोनों। ओके? एंड इसके बाद एक सैंपल सीएसवी डेटा
हमारे पास होनी चाहिए। तो वो मेरे पास ऑलरेडी स्लाइड में है। तो चाहो तो आप वो भी यूज़ कर सकते हो। तो चलिए स्टार्ट करते
हैं। चलिए सबसे पहले ब्लॉग स्टोरेज बना लेते हैं। एंड हमको पता है कि उसके लिए स्टोरेज
अकाउंट हम लोगों को क्रिएट करना पड़ता है। तो मैं डायरेक्टली आ जाऊंगा स्टोरेज अकाउंट में और एक स्टोरेज अकाउंट क्रिएट
कर लेंगे। ऑलरेडी है लेकिन हम लोग एक क्रिएट कर लेंगे फ्रेश एंड रिसोर्स ग्रुप। सो अभी इस सेशन के लिए हम लोग ना एक अलग
रिसोर्स ग्रुप बना लेते हैं। लेट्स से इसका नाम दे देता हूं आरजी एडीएफ डेमो मतलब एजोर डेटा फैक्ट्री डेमो
स्टोरेज अकाउंट का नाम। सो इसको भी हम लोग एडीएफ डेमो स्टोरेज इस टाइप से दे देते हैं। एंड ओके
ये अवेलेबल नहीं है। तो इसके बाद हम लोग क्या करते हैं? इसमें मंथ एंड ईयर मैंने ऐड कर दिया। तो ठीक है। इट इज़ गुड नाउ।
प्राइमरी सर्विस हम लोग को ब्लॉब स्टोरेज यूज़ करना है। बाकी चीजें हम डिफॉल्ट ही रखेंगे। सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट करेंगे
एंड सिंपली क्रिएट। सो डिप्लॉयमेंट हो गया कंप्लीट। रिसोर्स पे जाएंगे। सो ये रहा हमारा स्टोरेज अकाउंट। लेफ्ट साइड में हम
डेटा स्टोरेज में जाके कंटेनर्स पे जाएंगे और एक सिंपली ऐड कंटेनर करके एक नया कंटेनर बना लेंगे। कंटेनर का नाम हम दे
देंगे सेल्स डेटा क्रिएट। ओके। सो इन दिस वे हमारा ब्लॉग स्टोरेज है। तो कंटेनर रेडी है और इस कंटेनर में हमारा लेट्स से
रॉ डेटा अपलोड होगा। इसके बाद हम लोग क्रिएट कर लेते हैं एसक्यूएल डेटाबेस। सो उसके लिए मैं जाता हूं एजोर एसक्यूएल
में। लेफ्ट साइड में एज्योर एसक्यूएल डेटाबेस। एसक्यूएल डेटाबेस में क्रिएट कर लेता हूं। फ्री ऑफर कर लेते हैं। क्विकली
हम लोग को क्रिएट करना है। रिसोर्स ग्रुप जो अभी हम लोग ने क्रिएट किया था एडीएफ डेमो। डेटाबेस का नाम यहां पे हम लोग
थोड़ा सा चेंज कर लेंगे। लाइक एडीएफ डेमो डीबी। इसके बाद सर्वर कॉन्फ़िगर करना है तो क्रिएट न्यू पे जाके सर्वर क्रिएट
कर लेंगे। सर्वर को नाम दे देता हूं मैं एडीएफ डेमो सर्वर और लोकेशन हम लोग को चेंज करना पड़ेगा तो हम लोग रख लेते हैं
ईस्ट एशिया एंड इसके बाद ऑथेंटिकेशन मेथड कि हम लोग अपने एसक्यूएल सर्वर को एक्सेस कैसे करेंगे एसक्यूएल एंड इंट्रा
ऑथेंटिकेशन दोनों ही सेलेक्ट कर लेते हैं एंड इसमें हम लोग को सर्वर को एक्सेस करने के लिए ठीक है क्रेडेंशियल क्रिएट करने
पड़ते हैं जैसे कि यूजरनेम एंड पासवर्ड तो यहां पे आप ये यूजरनेम पासवर्ड जो आप क्रिएट कर रहे हो इसको याद रखना क्योंकि
यही हम लोग डेटा फैक्ट्री में कॉन्फ़िगर करने वाले हैं सिंपली ओके सो दैट्स ऑल इतनी सी इनेशन थी बेसिक सिंपली रिव्यू एंड
क्रिएट एंड क्रिएट। सो यहां अभी डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। और इसके बाद हम लोग अपने रिसोर्स ग्रुप में जाके
चेक कर सकते हैं। रिसोर्स ग्रुप था हमारा एटीएफ डेमो। सो इसमें आप देखोगे हमारा ब्लॉग स्टोरेज ये स्टोरेज अकाउंट,
एसक्यूएल सर्वर एंड एसक्यूएल डेटाबेस तीनों ही क्रिएट हो चुके हैं। इसके बाद हम लोग एसक्यूएल डेटाबेस में जाते हैं। एंड
लेट्स चेक कि हम उसको एक्सेस कर पा रहे हैं कि नहीं। क्वेरी एडिटर पे जाते हैं। एंड सिंपली एंटर ऑथेंटिकेशन ट्राई करते
हैं। ओके? ओके। सो जो इसकी क्लाइंट आईपी है वो इनेबल नहीं है। सिंपली ओवरव्यू में जाएंगे एंड यहां पे सेट सर्वर फायर वॉल पे
क्लिक करेंगे। सो पब्लिक एक्सेस में सिलेक्टेड नेटवर्क ऑलरेडी सेलेक्ट है। इसके बाद नीचे मेक श्योर कि अलाउ एज्योर
रिसोर्सेज एंड सर्विसेज टू एक्सेस दिस सर्वर इनेबल होना चाहिए। एंड इसके बाद यह देखो फायरवॉल रूल है। इसमें जो क्लाइंट
आईपी है इसको ट्राई कर लेते हैं। सेव एंड इसको क्लोज़ कर लेता हूं। और फिर से जाऊंगा क्वेरी एडिटर कनेक्ट टेस्ट दिस। ओके। सो
अभी हम लोग अपने डेटाबेस के अंदर एंटर हो चुके हैं और यहां पे हम चाहें तो अपनी टेबल्स वगैरह क्रिएट कर सकते हैं। ओके? सो
नाउ सपोज़ कि ब्लॉग स्टोरेज में जो रॉ डेटा स्टर्ड रहेगा इन द फॉर्म ऑफ़ सीएसवी ये वाली फाइल या तो ये डेटा मैं यूज़ करने
वाला हूं। एंड ये आपको स्लाइड पे भी मिल जाएगा। इन केस अगर आपको सेम यूज़ करना है। सो इस सीएसवी डेटा में अगर आप नोटिस करोगे
कि जो पहली रो है इसमें आपको कॉलम के फॉर्म में ठीक है? डेटा दिखाई देगा। जैसे सेल आईडी, सेल डेट, कस्टमर नेम। ओके? सो
अगर आपको सेम डेटा एसक्यूएल डेटाबेस में ठीक है कन्वर्ट करके स्टोर करना है। सो हम क्या कर सकते हैं? एसक्यूएल में एक टेबल
बना सकते हैं जिसमें ये वाली कॉलम्स होंगे एग्जैक्ट कॉलम्स लाइक सेल आईडी, सेल डेट, कस्टमर नेम एक्सट्रा। ओके? सो हम लोग
सेल्स नाम की एक टेबल बना लेते हैं। एंड इसमें ये सारे कॉलम्स हम लोग ठीक है? इंसर्ट कर देते हैं। जो सीएसबी डेटा में
आप यहां पे देख सकते हो। सो ये क्वेरी मैं यहां पे कॉपी कर लेता हूं। सो मैं जाता हूं अपने डेटाबेस के क्वरी एडिटर पे।
सिंपली न्यू क्वरी पे क्लिक करूंगा। एंड जो हमारी क्रिएट टेबल वाली क्वेरी है वो यहां पे मैं पेस्ट करके रन कर देता हूं।
सो आप देखोगे सक्सेसफुली हो गया है। एंड लेफ्ट साइड में टेबल्स के अंदर आप देखोगे सेल्स नाम की जो टेबल है वो क्रिएट हो गई
है। एंड एग्जैक्टली सेम यहां पे कॉलम्स क्रिएट हो गए हैं। सो हमारी यहां पे टेबल भी रेडी है ब्लॉब स्टोरेज से डेटा को यहां
पे स्टोर करने के लिए। चलिए इसके बाद हम लोग क्रिएट करेंगे डेटा फैक्ट्री। तो सिंपली हम लोग सर्च ऑप्शन पे
आ जाते हैं। यहां पे आपको सर्च करना है डेटा फैक्ट्री या तो फैक्ट्रीज़। ठीक है? तो आप देखोगे एक ऑप्शन है डेटा फैक्ट्रीज़
एंड यहां पे वर्जन टू। तो ये हम लोग वर्जन टू वाले पे क्लिक कर लेते हैं। तो हम लोग यहां पे सिंपली क्रिएट पे क्लिक करके
क्रिएट कर सकते हैं। रिसोर्स ग्रुप में जो हम लोगों ने रिसोर्स ग्रुप अभी क्रिएट किया था एडीएफ डेमो हम लोग सेलेक्ट कर
लेते हैं। एंड इसका नाम देना है। सो इसका नाम हम लोग दे देंगे एडीएफ मतलब एजo डाटा फैक्ट्री डेमो। रीजन हम लोग सेम रखते हैं।
वर्जन टू है। इसके अलावा भी कुछ ऑप्शंस आपको मिल जाते हैं कॉन्फ़िगर करने के लिए। जैसे कि गेट कॉन्फ़िगरेशन। सो आपकी गेट RPO
को आपको ठीक है? यहां पे कॉन्फ़िगर करना है तो वो आप कर सकते हो। कॉन्फ़िगर गेट लेटर तो हम लोग बाद में भी कर सकते हैं। इसके
बाद नेटवर्किंग में हम लोग अपना वर्चुअल नेटवर्क मैनेज कर सकते हैं। एडवांस में डेटा फैक्ट्री इंक्रिप्शन। सो इनेबल है तो
डिसेबल कर सकते हैं। एंड सिंपली रिव्यू एंड क्रिएट। यहां पे कुछ तो फेल हो गया है। ओके? ओके जो डेटा फैक्ट्री का जो नाम
है वो ऑलरेडी टेकन है। सो नेम के आगे मैंने 0926 ऐड कर लिया। रिवेंट क्रिएट पे जाएंगे हम लोग एंड सिंपली क्रिएट। सो
डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। इसके बाद हम लोग ना डायरेक्टली डेटा फैक्ट्रीज में फिर से जाते हैं। सो यहां पे हमारी डेटा
फैक्ट्री क्रिएटेड दिख रही है। एंड इस पे मैं क्लिक करता हूं। सो डाटा फैक्ट्री को यूज़ या तो कॉन्फ़िगर करने के लिए हमको एक
स्पेसिफिक या तो स्पेशल एक स्टूडियो मिलता है। आप देखोगे ओवरव्यू में नीचे आएंगे तो एजo डाटा फैक्टct स्टूडियो तो लॉन्च
स्टूडियो पे मैं क्लिक करता हूं तो एक नया डैशबोर्ड जैसा ओपन हो जाता है। एंड ये हमको एक डेडिकेटेड ठीक है एक डैशबोर्ड ये
तो स्क्रीन मिल जाती है जहां से हम लोग कॉन्फ़िगर करेंगे। सो कुछ ऐसा दिखता है डेटा फैक्ट्री का
स्टूडियो। सबसे पहले तो मैं यहां पे सेटिंग्स में जाके डार्क थीम इनेबल कर लेता हूं। देखो, आपको ना क्विक
कॉन्फ़िगरेशन के लिए यहां पे मल्टीपल ऑप्शन होम स्क्रीन पर दिख जाते हैं। जैसे कि इंजेस्ट, ऑर्केस्ट्रेट, ट्रांसफॉर्म डेटा
एक्सट्रा। सो, हमारे यूज़ केस के लिए हम लोग जाएंगे इंजेस्ट पे। दैट मींस कॉपी और मूव डेटा फ्रॉम सोर्स टू डेस्टिनेशन। तो
हमारे केस में यही यूज़ केस है कि सोर्स है हमारा ब्लॉग स्टोरेज। सो वहां से हमको डेटा पिक करना है और डेस्टिनेशन मींस
एसक्यूएल डेटाबेस पे। ठीक है? मतलब मूव करना है या तो स्टोर करना है। तो हम लोग सिंपली इंजेस्ट पे क्लिक करेंगे। इसके बाद
यहां पे हमको दो टाइप दिखाई दे रहे हैं। बिल्ट इन कॉपी टास्क या तो मेटा डेटा ड्रिवन कॉपी टास्क। तो बाय डिफॉल्ट ये
सेक्टेड है। और इसका मतलब क्या है? यू विल क्विकली गेट अ सिंगल पाइपलाइन टू क्विकली कॉपी ऑब्जेक्ट फ्रॉम डेटा सोर्स। मतलब
सोर्स से डेस्टिनेशन। ठीक है? कॉपी करने के लिए डेटा को क्विकली एक पाइपलाइन या सिंगल पाइपलाइन क्रिएट हो जाएगी। और वही
हमारे एक्सपेक्टेशन है। तो हम लोग इसी ऑप्शन के साथ जाएंगे। इसके अलावा ये जो पाइपलाइन क्रिएट होगी उसको रन कब करवाना
है? तो वंस नाउ या तो शेड्यूल। तो शेड्यूल में आप क्या करोगे? देखो शेड्यूल करते हैं। सो एक स्पेसिफिक टाइम में आप इसको रन
करवा सकते हो। मतलब ऑटोमेट कर सकते हो। और आप देखोगे एव्री 24 आवर्स में ये ठीक है रन हो जाएगी। तो आप शेड्यूल भी कर सकते
हो। अभी हम लोग रन वंस नाउ पे क्लिक करेंगे और सिंपली नेक्स्ट पे। इसके बाद ऑप्शन है सोर्स डेटा स्टोर। दैट मींस जो
हमारा डेटा है वो उसका सोर्स कहां है? सो हमारा सोर्स कहां है? ब्लॉब स्टोरेज। तो आप देखोगे सोर्स टाइप ऑल। सो इसमें आप
नीचे देखोगे ना तो देखोगे बहुत सारे अलग-अलग ऑप्शन है कि आपका एसक्यूएल में भी हो सकता है, किसी फाइल में हो सकता है,
स्टोरेज में हो सकता है। ठीक है? लेकिन हमारे केस में कहां है अभी डेटा? हमारे में है एज्योर ब्लॉग स्टोरेज में। अब
एज्योर ब्लॉग स्टोरेज में हमारा डेटा तो है लेकिन वहां से डेटा को पिक करने के लिए, एक्सेस करने के लिए ठीक है?
एक्सेसिबिलिटी होनी चाहिए, कनेक्शन होना चाहिए। तो हम लोग सिंपली यहां पे देखोगे न्यू कनेक्शन पे एक कनेक्शन बिल्ड कर सकते
हैं। न्यू कनेक्शन कनेक्शन का नाम दे देते हैं। तो अजोर ब्लॉग स्टोरेज रहने देते हैं। इसके बाद इसको कैसे एक्सेस करना है?
तो कनेक्शन स्ट्रिंग यूज़ होगा एजोर सब्सक्रिप्शन। सो जो हमारा डिफ़ॉल्ट सब्सक्रिप्शन है उसको सेलेक्ट कर लेते
हैं। इसके बाद है स्टोरेज अकाउंट का नाम। सो हम लोग ने बनाया था एडीएफ डेमो स्टोरेज। सो उसको हम सेलेक्ट कर लेंगे।
एंड इसके बाद सिंपली हम लोग क्रिएट पे क्लिक कर देंगे। सो अभी तक क्या हुआ है? डेटा फैक्ट्री से जो ब्लॉब स्टोरेज का
कनेक्शन इस्टैब्लिश हुआ है मतलब एक कनेक्शन बिल्ड हुआ है उस ब्लॉब स्टोरेज में भी या तो स्टोरेज अकाउंट में हमारा जो
डेटा है वो कहां पे प्रेजेंट है ठीक है तो उसके बारे में इंफॉर्मेशनेशन अभी हमको प्रोवाइड करनी जैसे कि फाइल और फोल्डर तो
हम जैसे कि ब्राउज़ करते हैं ना सो आप देखोगे ब्लॉ स्टोरेज में जो भी हमारा कंटेनर क्रिएटेड था ना तो वो यहां पे आपको
देखो दिखेगा सेल्स डेटा लेकिन अगर आप देखोगे सो सेल्स डेटा में अभी भी को अभी कोई भी फाइल्स प्रेजेंट नहीं थी तो मैं
यहां पे कैंसिल कर देता हूं और सिंपली साइड में पोर्टल फिर से ओपन कर लेता हूं और इसमें मैं जाता हूं स्टोरेज अकाउंट
में। तो मैं सिंपली क्या कर रहा हूं? ब्लॉग स्टोरेज में एक फाइल अपलोड कर रहा हूं। सो दैट मैं आपको दिखा पाऊं कि वो
रिकॉग्नाइज़ कर रहा है कि नहीं। हम लोग जाएंगे एडीएफ डेमो स्टोरेज। लेफ्ट साइड में डेटा स्टोरेज कंटेनर्स और यहां पे
सिंपली अपलोड। सो जो मैंने सीएसवी फाइल अभी दिखाई थी, वही फाइल मैं यहां पे अपलोड करने वाला हूं। ब्राउज़ फोर फाइल्स। सो
देखोगे सेल्स डेटा डॉट CSV फाइल का नाम है। कंटेनर कौन सा है? सेल्स डेटा अपलोड। सो सेल्स डाटा के अंदर आप देखोगे यह हमारी
एक फाइल है सेल्स डाटाs यह हमारी फाइल आ चुकी है एंड फाइल को क्लिक करके एडिट पे आप जाओगे तो देखोगे ये एग्जैक्ट सेम फाइल
है जो अभी हम लोगों ने स्लाइड में देखी थी इसके बाद आ जाते हैं डेटा फैक्ट्री के स्टूडियो में और सिंपली यहां पे फाइल और
फोल्डर में ब्राउज़ करता हूं तो देखो पहले तो कंटेनर आ गया सेल्स डेटा एंड इसके अंदर जो फाइल है सेल्स डेटा डॉट csv ठीक है
इसको मैं क्लिक कर लेता हूं और ओके कर लेता हूं। सो यह हमारी फाइल सेलेक्ट हो गई। मतलब जो डेटा का सोर्स सेलेक्ट हो
गया। इसके बाद मैं सिंपली नेक्स्ट करूंगा। ओके? सो नाउ द वेरी इंटरेस्टिंग थिंग कि ब्लॉग स्टोरेज में सीएसवी फाइल है वो हम
लोग ने अभी इसको बताया नहीं था। राइट? क्योंकि ब्लॉग स्टोरेज तो एक कंटेनर जैसा है। वहां पे आप किसी भी टाइप की या तो
किसी भी फॉर्मेट की फाइल आप अपलोड कर सकते हो। लेकिन इसने ऑटोमेटिकली रिकॉग्नाइज कर लिया कि वो सीएसवी फाइल है। तो आप देखोगे
इसने टेक्स्ट फॉर्म में डिटेक्ट कर लिया कि डेलिमिटेड टेक्स्ट है वो कॉमा सेपरेटेड है। तो देखोगे कॉमा है। ऑलदो इसने भाई
ऑप्शन दिया है कि अगर आप चाहो तो चेंज कर सकते हो। ऑलदो इसने ऑटो रिकॉग्नाइज़ करके भाई खुद ही फीड कर दिया है। फर्स्ट रो एज
हेडर तो उसको ये भी पता है कि जो फर्स्ट रो होती है सीएसबी में वो हेडर होती है। तो उसको इंक्लूड नहीं करना है। ये सब तो
रिकॉग्नाइज़ कर लिया। इसके बाद आप प्रीव्यू डेटा में जाके डेटा अपना देख भी सकते हो। ये देखो ये जो सीएसवी फॉर्मेट में जो डेटा
था कॉलम के नाम थे वो यहां पे हमको दिखाई दे रहा है। इसके बाद सिंपली नेक्स्ट करेंगे। अब आ गया सोर्स की तो बात हो गई।
उसने डेटा को रिकॉग्नाइज़ कर लिया। अब डेस्टिनेशन कि भाई इस जो सोर्स डेटा है उसको कहां पे कॉपी करना है। तो डेस्टिनेशन
टाइप में हम लोग सेलेक्ट करेंगे यहां पे एज्योर एसक्यूएल डेटाबेस। एंड इसके बाद हम लोग एसक्यूएल डेटाबेस को कनेक्ट करने के
लिए भी एक कनेक्शन एस्टैब्लिश कर लेंगे। इसका नाम डिफ़ॉल्ट ही रहने देते हैं। सेलेक्शन मेथड क्या है? Azure
सब्सक्रिप्शन। सो जो हमारा डिफ़ॉल्ट सब्सक्रिप्शन है वो सर्वर का नाम। सो सर्वर का नाम था क्या था? एडीएफ डेमो
सर्वर। इसके बाद है डेटाबेस का नाम। सो डेटाबेस का नाम था एडीएफ डेमो डीबी। ऑथेंटिकेशन टाइप एसक्यूएल ऑथेंटिकेशन। सो
आपको याद होगा जब हम लोग ने एसक्यूएल सर्वर क्रिएट क्रिएट किया था तो वहां पे यूजरनेम पासवर्ड भी सेट किया था। सो वही
यूजरनेम पासवर्ड अभी हमको यहां पे जरूरत पड़ेगी। सिस्टम और पासवर्ड जो भी आपने सेट किया था।
ओके? दैट्स ऑल। इसके बाद हम लोग सिंपली क्रिएट करेंगे। सो अभी देखो कनेक्शन हम लोग ने क्रिएट किया है। उसके बाद वो टेस्ट
कर रहा है कनेक्शन को। ओके? लेकिन अगर आपको याद होगा कि बाय डिफॉल्ट हमारे एसक्यूएल डेटाबेस में जो भी कनेक्शन होता
है वो इनेबल नहीं होता। ठीक है? यहां पे देखोगे कनेक्शन फील्ड आ गया। एसक्यूएल डीबी में जाके आपको वहां पे फायरवॉल रूल्स
सेट करना पड़ता है। तो इसके लिए हम लोग जाएंगे एजोर पोर्टल में एंड हम लोग अपना एसक्यूएल डेटाबेस ओपन कर लेंगे। रिसोर्स
ग्रुप एडीएफ डेमो और जो एसक्यूएल डेटाबेस है उस पर क्लिक करेंगे और ओवरव्यू में आप देखोगे सेट सर्वर फायरवल इस पे फिर से
जाएंगे। यह ना ऑटोमेटिकली रिकॉग्नाइज़ कर लेता है क्योंकि डेटा फैक्ट्री से हम लोगों ने कनेक्शन ट्राई किया। सो यहां पे
इसके पास रिकॉग्नाइज़ हो गया कि ये जो क्लाइंट आईपी है जो उसने अभी सेलेक्ट किया होगा उसको ऐड करना है क्या? तो मैं सिंपली
ऐड करता हूं। सेव करता हूं। सो यहां पे फायर वॉल पे हमारी डेटा फैक्ट्री की क्लाइंट आईपी इनेबल हो गई। इसके बाद फिर
से स्टूडियो पे जाते हैं। तो नेक्स्ट करते ही साथ फिर से ये टेस्टिंग कनेक्शन फिर से टेस्ट करेगा। ओके? सो इट्स गुड नाउ। इसके
बाद नॉर्मल सी कुछ सेटिंग्स हैं। जैसे कि टास्क का नाम आपको क्या रखना है? तो इसने बाय डिफ़ॉल्ट कुछ नाम दिया है। सो इससे
बेटर हम लोग नाम रखते हैं। कॉपी ब्लॉग टू एसक्यूएल। टास्क डिस्क्रिप्शन आप चाहो तो ऐड कर सकते हो। लॉगिन स्टेजिंग वगैरह भी
आप इनेबल कर सकते हो। ऑलदो हम लोग सिंपली नेक्स्ट करेंगे। सो आपकी जो पाइपलाइन की समरी है वो आप यहां पे देख सकते हो। को
यहां पे क्लियरली विजुअलाइज़ हो रहा है कि ब्लॉब स्टोरेज से जो हमारा डेटा है वो एसक्यूएल डेटाबेस में ठीक है स्टोर हो
जाएगा। सिंपली नेक्स्ट करेंगे। सो यहां पे वैलिडेट हो रहा है। एंड अभी जो स्टेटस है हमारे पाइपलाइन का वो इन प्रोग्रेस है। सो
यहां पे देखोगे डिप्लॉयमेंट हो गया है कंप्लीट। एंड इसके साथ क्या-क्या स्टेप्स यहां पे परफॉर्म हुए हैं आप देख सकते हो।
क्रिएटिंग डेटा सेट क्रिएटिंग पाइपलाइन रनिंग पाइपलाइन। तो रनिंग पाइपलाइन भी आप देख सकते हो। कॉपी ब्लॉक टू एसक्यूएल यहां
पे सक्सीडेड हो गया है। बट इसको हम वेरीफाई कैसे करेंगे? चलिए तो इसके लिए फिर से चलते हैं हम लोग एसक्यूएल डेटाबेस
एडीएफ डेमो डीबी लेफ्ट साइड में क्वेरी एडिटर पे जाएंगे एंड हमारी सेल्स टेबल में कोई डाटा है कि नहीं वो हम लोग सिंपली चेक
कर सकते हैं। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम सेल्स रन करता हूं। ओके। सो हमारी टेबल तो अभी भी एंप्टी है। इसमें तो
कोई डेटा आया नहीं है। सो इसमें क्या रीज़न हो सकता है? चलिए देखते हैं। डेटा फैक्ट्री पे फिर से चलते हैं। और अभी
हमारा देखो डिप्लॉयमेंट हो गया था कंप्लीट। इसके बाद जो पाइपलाइन हमारी क्रिएट हुई या तो जो रन हुई उसका जो
स्टेटस देखना है उसके लिए हम जाते हैं लेफ्ट साइड में आप देखोगे मॉनिटर वाला एक सेक्शन है। ये देखो ये मॉनिटर का एक
सेक्शन है। सो मॉनिटर पे मैं क्लिक करता हूं। ये रहा हमारा पाइपलाइन कॉपी ब्लॉक टू एसक्यूएल एंड इसमें मैं ठीक है स्क्रॉल
करता हूं। सो आप देखोगे स्टेटस। सो स्टेटस हमारा फेल मतलब रन तो हुआ लेकिन वो फेल हो गया। अब फेल क्यों हुआ? चलिए देखते हैं।
यहां पे आप देखो इसको होवर करोगे, क्लिक करोगे तो इसमें आपको एक बेसिक रीजन भी दिखाई देगा कि क्या प्रॉब्लम थी। सो इसमें
एक चीज़ मैं देख पा रहा हूं कि पैरामीटर नेम, टेबल नेम जब हम लोग ने कनेक्शन एस्टैब्लिश किया था। हम लोग ने सर्वर का
नाम, डेटाबेस का नाम तो दे दिया लेकिन टेबल का नाम हम लोगों ने कहीं नहीं बताया। तो दैट इज़ सम हाउ द रीज़न कि भाई उसको पता
ही नहीं है कि डेटा कहां पे स्टोर करना है। टेबल का नाम रिकॉग्नाइज़ नहीं हुआ। लेकिन वो चीज हम सेट कैसे कर सकते हैं?
कहां से कर सकते हैं? चलिए उसके बारे में बात करते हैं। सो, यह जो पाइपलाइन का नाम है, इस पे मैं क्लिक कर लेता हूं। एंड
इसमें सिंपली अपडेट पाइपलाइन मतलब पाइपलाइन में जो भी सेटिंग्स थी, अब उसको अपडेट कर रहे हैं हम लोग। लेफ्ट साइड में
आते हैं डेटा सेट। सो, डेटा सेट में हम लोग यहां पे सेलेक्ट करेंगे डेस्टिनेशन डेटा सेट। क्योंकि डेस्टिनेशन ही है हमारा
एसक्यूएल डेटाबेस। एंड उसमें हम लोग को टेबल कॉन्फ़िगर करनी है। तो, मैं डेस्टिनेशन डेटा सेट पे क्लिक करता हूं।
सो, यू कैन सी कि ये जो टेबल यहां पे एक ऑप्शन है, वो टेबल सेलेक्ट नहीं है। तो, मैं सिंपली यहां पे ड्रॉपडाउन करता हूं।
सो जो भी टेबल हमारी प्रेजेंट है ऑलरेडी तो हम लोग ने ऑलरेडी क्रिएट करी थी सेल्स तो आप देखोगे सेल्स यहां पे टेबल दिखाई दे
रही है। मैं सिंपली इसको सेलेक्ट कर लेता हूं। और ये देखो यहां पे कुछ चेंजेस हुए हैं। तो इसके बाद आपको क्या करना पड़ता
है? अब आप ऊपर देखोगे यहां पे पब्लिश ऑल मतलब जो चेंजेस है उसको पब्लिश करना है। तो मैं सिंपली पब्लिश ऑल पे क्लिक कर लेता
हूं। अब देखोगे क्या चेंजेस हुए? किस में चेंज हुआ है। तो डेस्टिनेशन डेटा सेट मैं सिंपली पब्लिश करूंगा। तो ये चेंजेस
अप्लाई हो जाएंगे। सो पब्लिशिंग हो गया है कंप्लीट। इसके बाद हम लोग फिर से मॉनिटरिंग पे जाएंगे। सो देखो अभी हम लोग
ने पाइपलाइन में कुछ चेंजेस किए हैं। तो सिंपली जो पाइपलाइन है एंड इसके बाद यहां पर रीरन का एक ऑप्शन दिख जाएगा। मैं इस पर
क्लिक करता हूं। आर यू श्योर यू वांट टू रीन द पाइपलाइन। ओके। सो यू कैन सी कि जो स्टेटस है वो क्यूड है मतलब चेंज हो गया
है। इसके बाद स्टेटस हो जाता है इन प्रोग्रेस। सो इन दिस वे जो हमारी जो पाइपलाइन जो हम लोगों ने क्रिएट की थी
उसका स्टेटस हो गया है सक्सीड। सो हमारी पाइपलाइन प्रॉपर्ली रन तो हो गई है लेकिन उसको कैसे वेरीफाई करेंगे? अगेन हम लोग
डेटाबेस के क्वरी एडिटर में जाते हैं। सेलेक्ट स्टार फ्रॉम सेल्स करते हैं। फिर से रन करता हूं। सो यस यू कैन सी कि जो
हमारी टेबल में जो हमारे सीएसवी का डेटा है वो यहां पे आ चुका है। चलिए हम लोग ने एक सिंपल सा यूज़ केस तो
देख लिया कि ब्लॉब स्टोरेज में कोई एक सीएसवी फाइल के फॉर्म में रॉ डेटा आता है तो उसको एसक्यूएल अ ठीक है? ठीक है?
डेटाबेस में कैसे स्टोर करना है। लेकिन अगर मान लीजिए कि ब्लॉब स्टोरेज में हर रोज एक नई फाइल ठीक है? अपलोड होती है। तो
उस केस में ये कैसे वर्क करेगा? चलिए वो चीज हम लोग कवर करते हैं। सो ये आ गया हूं मैं सेल्स डेटा जो हमारा कंटेनर था। इसमें
ऑलरेडी एक फाइल है। ठीक है? मान लीजिए मैं यहां पे एक और फाइल अपलोड कर देता हूं। सो मेरे पास एक और फाइल है सेल्स डेटा टू डॉट
सीएसv अपलोड कर देता हूं। एडिट करता हूं। सो आप देखोगे कुछ और यहां पे डिटेल्स प्रेजेंट है। ऑलदो कुछ चीजों का आपको
इसमें ध्यान रखना है कि जब आप इसमें भी अगर डेटा आ रहा है तो वो किस टाइप से होना चाहिए। जैसे कि सेल जो आईडी है ऑफ कोर्स
वो इट शुड बी यूनिक क्योंकि वहां पे एसक्यूएल में नहीं तो वो डुप्लीकेट का प्रॉब्लम आएगा इशू आएगा। तो ये कुछ
छोटी-छोटी चीजें हैं वो आपको ध्यान रखनी पड़ेगी। तो लेट्स से यहां पे कुछ और बिल जनरेट हुए हैं। ओके? एंड यहां पे उसकी
फाइल यहां पे अपलोड हो गई है। एंड जो ब्लॉक कंटेनर में ऑलरेडी एक फाइल है सेल्स अंडरsर डाटा डॉटcs। ठीक है? तो इसका डेटा
तो ऑलरेडी मूव हो चुका है। तो ये कैसे वर्क करेगा? चलिए देखते हैं। सो डेटा फैक्ट्री स्टूडियो पे फिर से आ जाते हैं।
ये रही हमारी पाइपलाइन। इस पे हम क्लिक करते हैं। अब आपको थोड़ा सा आईडिया आ गया होगा कि कहां से हमको चेंजिस करना है। तो
सिंपली हम लोग करेंगे अपडेट पाइपलाइन क्योंकि हम लोग कॉन्फ़िगरेशन में कुछ चेंजेस कर रहे हैं। इस बार हम लोग डेटा
सेट में जाएंगे सोर्स डेटा सेट। सो जैसे ही मैंने क्लिक किया, सो आप देखोगे इसने रिकॉग्नाइज़ कर लिया कि हमारा जो डेटा है
वो सीएसवी फॉर्मेट में है। एंड ये करेंटली कौन से लोकेशन एंड कौन से फाइल पे टारगेट कर रहा है वो भी आप देख सकते हो। जैसे कि
फाइल पाथ है सेल्स डेटा एंड इसमें सेल्स डेटा डॉट सीएसv जो फाइल है उसको टारगेट कर रहा है। ओके लेकिन अभी जो हमारी फाइल है
वो चेंज हो गई है। तो हम लोग सिंपली यहां पे ब्राउज़ कर लेते हैं सेल्स डेटा और यहां पे जो नई फाइल है उसको टारगेट कर लेते
हैं। लेकिन क्वेश्चन ये है शायद आपके माइंड में भी आ रहा होगा क्या हमको ये ऐसे ही बार-बार ठीक है चेंज करना पड़ेगा फाइल
को। नहीं ऐसा जरूरी नहीं है। जैसे कि आप सिंपली यहां पे एच रिस्क यूज़ कर सकते हो कि इस फोल्डर मतलब इस कंटेनर के अंदर जो
भी कंटेंट आएगा उसको मुझे ठीक है यूज़ करना है। तो आप इस टाइप से भी कर सकते हो। सो ये एक तरीका है। सो अभी के लिए हम लोग से
2csv जाते हैं क्योंकि एक और जो दूसरी फाइल थी वो ऑलरेडी मतलब मूव हो चुकी है क्योंकि सो दैट डुप्लीकेसी का इशू ना आए।
क्योंकि स्टार करेंगे तो क्या होगा? वो दोनों फाइल को फिर से ट्राई करेगा। पहली फाइल के जो डिटेल्स हैं वो डुप्लीकेट हो
जाएंगे। तो अभी देखो इसमें चेंज किया कुछ तो पब्लिश ऑल करेंगे पब्लिश। सो पब्लिश हो गया कंप्लीट। इसके बाद सिंपली मॉनिटर पे
जाएंगे और हमारा जो पाइपलाइन है उसको फिर से रीरन करके ट्राई करते हैं। ओके। ओके। सो स्टेटस हो गया है सक्सीड। एंड सिंपली
हम लोग जाएंगे डेटाबेस में। क्वेरी एडिटर में हम लोग सिंपली सेलेक्ट स्टार फ्रॉम सेल्स रन करके देख लेंगे। सो हमारा डेटा
आया कि नहीं अगर आप देखोगे। सो 1001 से लेकर 10015 तक का जो डाटा है वो यहां पे आ चुका है। यह सेल्स डाटा 2.csv में देखोगे।
सो 10 1 से डेटा यहां पे प्रेजेंट था जो कि हमारे टेबल में आ चुका है। देखो ये जो पाइपलाइन दिख रहा है आप इसको ड्रॉपडाउन
करोगे। सो ये जो हमारी पाइपलाइन है वो कितने बार कब-कब यहां रन हुई है। ठीक है? और इसके हर बार क्या स्टेटस रहा है। देखो
यहां पे कितने बार फेल कितने बार सक्सेस हुआ है। तो वो भी आप देख सकते हो। और अभी जैसे कि जो मैंने रन किया था पहली बार
किया था ना क्योंकि यहां फेल आ गया था और रीजन क्या आ रहा था कि एसक्यूएल जो डेटाबेस है कनेक्शन एरर था तो वहां पे पॉज
हो गया था एसक्यूएल इस वजह से ये प्रॉब्लम आई थी तो मैंने फिर से रीरन किया तो सक्सीड हो गया ऑलदो तो ये छोटी-छोटी बेसिक
ट्रबल शूटिंग ठीक है के पर्पस से ये हेल्पफुल होता है ओके सो इस पॉइंट तक डेटा फैक्ट्री क्रिएट
करके एक पाइपलाइन हम लोगों ने रन कर ली अब इसके बाद बात करते हैं डेटा फैक्ट्री में जो इंपॉर्टेंट कॉम्पोनेंट्स या तो टर्म्स
होती हैं। लिंक्ड सर्विस, डेटा सेट, पाइपलाइन, एक्टिविटी, इंटीग्रेशन रन टाइम, ट्रिगर। यह कहां होती हैं? इसको कहां देख
सकते हैं? तो वेरीफाई कैसे कर सकते हैं? अभी आप लोगों को डेटा सेट क्या है? वो तो आप लोगों को क्लियर हो गया होगा क्योंकि
हम लोग ने इसी में चेंजेस किए थे। राइट? इसके अलावा पाइपलाइन हम लोगों ने क्रिएट की थी। लेकिन पाइपलाइन क्या होती है?
ग्रुप ऑफ एक्टिविटीज़। एक से ज्यादा एक्टिविटीज़ हो सकती हैं। ओके? एक्टिविटी क्या होता है? कि एक रियल टास्क। सो,
हमारे केस में जो कॉपी हो रहा था ना डाटा फ्रॉम वंस अह मतलब सोर्स से डेस्टिनेशन, वह एक्टिविटी कर रहा था। तो, यह कहां देख
सकते हैं? चलिए, वो देखते हैं। आ जाते हैं डेटा फैक्ट्री स्टूडियो में। सिंपली हम लोग जाएंगे ऑथर एक यहां पे आपको ऑप्शन मिल
जाएगा। ऑथर में जाएंगे। पाइपलाइन पे जाएंगे। सो देखो हम लोग ने एक पाइपलाइन क्रिएट करी थी। कॉपी ब्लॉक टू एसक्यूएल।
अब हम लोग ने एक चीज समझ लिया है कि पाइपलाइन के अंदर एक्टिविटीज होती हैं। सो जैसे ही मैं इसको क्लिक करूंगा सो यू कैन
सी कि यहां पे एक्टिविटीज मतलब जितनी भी डिफरेंट टाइप की एक्टिविटी जो सपोर्टेड है वो आपको यहां पे दिख जाएगा। अब जैसे कि
मूव एंड ट्रांसफॉर्म एक कैटेगरी है। उसमें आप देखोगे कॉपी डेटा नाम की एक एक्टिविटी है। सो हमारी जो पाइपलाइन है ना इसमें यह
वाली कॉपी डेटा नाम की एक एक्टिविटी ठीक है? अ प्रेजेंट है। अभी ये एक्टिविटी क्या टास्क परफॉर्म कर रहा है? तो आप सिंपली
जैसे ही क्लिक करोगे ना नीचे आपको पूरा उसका डिस्क्रिप्शन दिख जाएगा। जैसे कि इन जनरल क्या हो रहा है? इसके बाद सोर्स सिंक
सिंक मतलब डेस्टिनेशन। ठीक है? तो सोर्स मतलब कहां से डेटा पिक करना है? सिंक मतलब कहां पे आपको पुट करना है। ठीक है? कॉपी
करना है अपना डेटा। मैपिंग एक मैपिंग का भी ऑप्शन है। देखो ये कहां पे यूज़ होता है? जैसे कि मान लीजिए आपका सीएसबी डेटा
है उसमें भी कॉलम है ले और आपके डेटाबेस के टेबल में भी कॉलम है। लेट्स से कि दोनों जो कॉलम के नाम है वो चेंज है। अब
जैसे कि वहां पे सेल आईडी है यहां पे लेट्स से सेल्स आईडी करना है या तो सेल अंडरस्कोर आईडी मतलब कुछ भी चेंजज़ है ना
मान लो कॉलम के नाम में तो आप सिंपली यहां पे मैपिंग कर सकते हो। एंड अभी हमारे केस में हमारे पास एक सिंगल पाइपलाइन है और उस
पाइपलाइन के अंदर एक सिंगल एक्टिविटी है। ऑलदो हम चाहें तो ये लेफ्ट साइड में देखोगे बहुत सारे ऑप्शन हैं अलग-अलग
एक्टिविटीज के। तो हम मल्टीपल एक्टिविटीज भी यहां पे ऐड कर सकते हैं। बेस्ड ऑन द रिक्वायरमेंट। बहुत अलग-अलग कैटेगरीज के
एक्टिविटीज़ हैं। जैसे आप जनरल पे जाओगे। सो उसके अंदर भी और ऑप्शंस मिल जाएंगे। जैसे LOKUP हो गया। गेट मेटा डेटा स्टर्ड
प्रोसीजर रन करना है डेटाबेस में स्क्रिप्ट रन करना है वेब है वेब हुक से रिलेटेड यहां पे आपकी एक्टिविटीज हो गई
ठीक है सो अलग-अलग पर्पस के लिए अलग-अलग आपकी एक्टिविटीज यहां पे प्रेजेंट है सो यहां पे आपको एक बेसिक आईडिया तो मिल ही
जाएगा सो इस तरीके से हम लोग ने डेटा सेट पाइपलाइन एक्टिविटी ये तीन चीजें तो देख ली अब बात करते हैं लिंक्ड सर्विस की जब
हम डेटा सेट क्रिएट कर रहे थे वहां पे कनेक्शन एस्टैब्लिश कर रहे थे वहां पे सारी हम लोग इनेशन प्रोवाइड कर रहे थे तो
ये भी हम लोग को क्लियर है इसके बाद आता है इंटीग्रेशन रन टाइम मतलब कंप्यूट एनवायरमेंट हमारी पाइपलाइन को रन करने के
लिए। तो यह कहां से देख सकते हैं? सिंपली लेफ्ट साइड में आओगे। मैनेज पे आ जाओगे। कनेक्शन के अंदर इंटीग्रेशन रन टाइम का एक
ऑप्शन है। सो यू कैन सी कि कौन सा इंटीग्रेशन एनवायरमेंट यूज़ हो रहा है? ऑटो रिज़ॉल्व इंटीग्रेशन रन टाइम। ठीक है? सो
ये है हमारा कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर जहां पे हमारी पाइपलाइन रन होती है। ओके। ओके। सो Azure के डेटा फैक्ट्री में
आप ईटीएल एंड ईएलटी दोनों ही टाइप के पाइपलाइन को बिल्ड एंड ऑटोमेट कर सकते हो। अब दोनों में क्या डिफरेंस है? देखो ये जो
फ्लो जिस सीक्वेंस में चलता है ये इतना सा डिफरेंस है। ईटीएल मींस एक्सट्रैक्ट ट्रांसफॉर्म एंड लोड। मतलब कहीं से डेटा
पिक किया ट्रांसफॉर्म किया। देन लोड किया और ईएलटी मतलब होता है एक्सट्रैक्ट लोड एंड ट्रांसफॉर्म। मतलब पहले लोड कर दो फिर
ट्रांसफॉर्म कर दो। अब जैसे एक एग्जांपल देख सकते हैं ईटीएल का कि जैसे मान लीजिए आपका सीएसवी डेटा पिक किया उसमें से कुछ
डेटा क्लीन अप किया ट्रांसफॉर्म किया एंड उसके बाद एसक्यूएल में लोड किया सो वो एक एग्जांपल हो जाता है ईटीएल ओके सो ये
बेसिक टर्म है मींस जैसे इंटरव्यूज या तो कोई क्वेश्चन एग्जाम वगैरह में ये टर्म आ सकती है तो इसीलिए ये मैंने आपको बता दिया
ओके सो वन इंपॉर्टेंट नोट कि अगर आप एजओ डाटा फैक्ट्री के ऑफिशियल डॉक्यूमेंटेशन पे आओगे ना Microsoft के सो यहां पे एक
टिप या तो एक कमेंट मेंशन है कि यह जो Azure डाटा फैक्ट्री है इसका जो नेक्स्ट जनरेशन है वह क्या है? Microsoft फैब्रिक।
सो इट इज़ आल्सो सजेस्टिंग कि इफ यू आर न्यू टू डेटा इंटीग्रेशन स्टार्ट विद फैब्रिक डेटा फैक्ट्री। ऑलदो यह जो डाटा
फैक्ट्री सर्विस है वो स्टिल एक्टिव है। अगर कहीं भी आप देखोगे इसमें यह सर्विस का रिटायरमेंट का कुछ भी ऐसा मेंशन नहीं है।
ऑलदो इवन इन Microsoft फैब्रिक ये जो कांसेप्ट है जो अभी हम लोगों ने समझा वो तो सेम ही रहने वाला है। तो वो हमारे लिए
इंपॉर्टेंट है सीखना। राइट? ऑलराइट। सो जैसे कि हम हर सेक्शन के एंड में रिसोर्सेज को डिलीट करते हैं। सिंपली
आप रिसोर्स ग्रुप पे जाके अपने रिसोर्सेज को डिलीट कर लेना। यह हम लोगों ने रिसोर्स ग्रुप बनाया था। आईजी एडीएफ डेमो। सो
सिंपली यहां पे जाके डिलीट रिसोर्स ग्रुप करके वेरीफाई जरूर कर लेना। आपके रिसोर्सेज डिलीट हैं। ऑलदो मैं अभी डिलीट
नहीं कर रहा हूं बिकॉज़ मैं ठीक है कुछ और आरएडी वगैरह करते रहता हूं। सो या दैट्स ऑल अबाउट दिस सेक्शन।
चलिए अब बात करते हैं एजओ टैग्स के बारे में। अभी तक हम लोग ने इतनी सारी रिसोर्सेज क्रिएट करना सीख लिया। लेकिन जब
भी हम रिसोर्स क्रिएट करते थे वहां पे ऊपर एक टैब या तो एक ऑप्शन दिखता था टैग्स क्रिएट करने का। सो वो कहां यूज होता है
एंड क्यों यूज करते हैं? लेट्स से हम सिंपल सा एक रिसोर्स ग्रुप भी क्रिएट कर रहे हैं। जैसे कि रिसोर्स ग्रुप। ठीक है?
मैं सिंपली क्रिएट करता हूं। यहां पे एक टैग्स का ऑप्शन आ जाता है। मान लो 100्स एंड 100्स ऑफ रिसोर्सेज आपने क्रिएट कर
लिए हैं। कौन सा किस पर्पस के लिए बनाया था? कौन से प्रोजेक्ट के लिए बनाया था। एंड सो मेनी थिंग्स। तो इनको कैटेगराइज
करने के लिए, मैनेज करने के लिए, प्रॉपर्ली, ईजीली, फिल्टर करने के लिए टैक्स काफी यूज़फुल है। अब जैसे कि देखो ये
रिसोर्स ग्रुप है। अब जैसे रिसोर्स ग्रुप में क्या है? बहुत सारे रिसोर्सेज होते हैं। सो किस चीज से रिलेटेड ठीक है?
रिसोर्सेज अभी हम लोग क्रिएट करने वाले हैं। तो लेट्स से यहां पे हम लोग जो टैग्स हैं, मैं बोल देता हूं जैसे कि ये जो
प्रोजेक्ट है, ऑनलाइन एग्जाम एक हमारा प्रोजेक्ट है। ठीक है? उसके लिए रिसोर्सेज इसमें होंगे। ठीक है? तो, एक डिटेल तो यह
हो गई। इसके अलावा यह जो भी रिसोर्सेज होंगे इस रिसोर्स ग्रुप में, इसके रीजन कहां कौन सा होगा? अब जैसे कि यहां पे जो
रीजन है लाइक यूरोप। ठीक है? एंड जो भी रिसोर्सेज अभी हम लोग बना रहे हैं या तो रिसोर्स ग्रुप बना रहे हैं। वो कौन से
एनवायरमेंट के लिए? डेवलपमेंट के लिए है, प्रोडक्शन के लिए है। तो हम लोग यहां पे ईएनवी ठीक है? इन ईएनवी इस टाइप से बना
सकते हैं। और लेट्स से मैं बोल देता हूं यहां पे डेफ मतलब ये डेवलपमेंट टेस्टिंग के लिए एंड सो मेनी थिंग्स। ठीक है? सो
टैग्स का सिंपली ये काम होता है चीजों को ऑर्गेनाइज करना, कैटेगराइज़ करना एंड प्रॉपर्ली मैनेज करना। चलो इसको क्रिएट भी
कर ही लेते हैं हम लोग। रिसोर्स ग्रुप का नाम दे देता हूं। आरजी टैग्स डेमो कर देते हैं इसका नाम। ठीक है?
और टैग्स तो ऑलरेडी सेट कर दिए हैं। सिंपल रिव्यू एंड क्रिएट क्रिएट। सो रिसोर्स ग्रुप में आ जाते हैं। तो ये रहा हमारा
आरजी टैग्स डेमो। ओके? अ ऑलदो ये जो लिस्टिंग आप देख रहे हो इसमें हमें टैग्स की इनफेशन नहीं मिल रही है। तो ये जो भी
आप व्यू देखते हो ना इसका आप जो कॉलम्स वगैरह हैं आप उसको मैनेज सेट कर सकते हो। मैनेज व्यू में जाते हैं। एडिट कॉलम्स ऐड
कॉलम यहां पे टैग्स हम लोग कर सकते हैं ऐड सेव। ये देखो आरजी टेक्स्ट डेमो जो क्रिएट किया इसमें आप टैग्स यहां पे देख सकते हो।
ठीक है? इसमें आप करोगे प्रोजेक्ट कौन सा है? एनवायरमेंट कौन सा है? रीजन कौन सा है। ओके? सो जो भी आप रिसोर्स क्रिएट करते
हो उसमें आप टैग्स ठीक है? इस टाइप से सेट कर सकते हो। चलिए अब बात करते हैं बिलिंग एंड कॉस्ट
एनालिसिस। इतनी सारी हम लोगों ने सर्विज क्रिएट की है और हमको बजटिंग भी देखनी है। कॉस्ट एनालिसिस करना है कि कितना
स्पेंडिंग हुआ है कौन से रीजन में या तो कौन से रिसोर्सेज के द्वारा। सो वो चीज हम चेक कर सकते हैं। सिंपली आप देखो लेफ्ट
साइड में यहां पे आ जाओ नीचे। सो आपको यहां पे एक ऑप्शन दिख जाएगा कॉस्ट मैनेजमेंट प्लस बिलिंग। या तो आप सिंपली
यहां पे सर्च भी कर सकते हो। कॉस्ट मैनेजमेंट एंड बिलिंग। ये देखो ये ऑप्शन आ जाएगा। अब लेफ्ट साइड में देखोगे वैसे तो
पीटर पार का ये मेरे ठीक है? ये बिलिंग अकाउंट का जो नाम है वो है सेट है। ओके ओके इसके बाद लेफ्ट साइड में आते हैं
कॉस्ट मैनेजमेंट के अंदर कॉस्ट एनालिसिस। ठीक है? सो यहां पे प्रॉपर आपको ऐसे डैशबोर्ड मिल जाता है कि कितनी-कितनी
स्पेंडिंग हो गई है। यहां से सबसे पहले तो आप जो टाइम पीरियड है वो सेट कर सकते हो। जैसे अभी अक्टूबर 2026 चल रहा है। लेट्स
से मैं लास्ट मंथ का देखना है तो मैं सिंपली यहां पे आ सकता हूं लास्ट मंथ सेप्टेंबर 2026। सो आई कैन सी कि लास्ट
मंथ मेरा कितना स्पेंडिंग हुआ है। सो यू कैन सी कि कितना अमाउंट था। 4800 समथिंग। अब ये जो 4800 है भाई वो कहां से आया
क्यों आया? तो आप नीचे और अच्छे से देख सकते हो। जैसे कि अलग-अलग कैटेगराइज़ में ये डिवाइड है कि सर्विस नेम कि कौन सी
सर्विस सबसे ज्यादा ठीक है? स्पेंडिंग हो रही है। जैसे आप देख रहे हो कंटेनर इंस्टेंस। सो ये 3400 सबसे ज्यादा
स्पेंडिंग कंटेनर इंस्टेंस की है। एसक्यूएल डेटाबेस की स्टोरेज की एंड सो ऑन। आप स्क्रॉल करके ठीक है? अलग-अलग
सर्विस देख सकते हो। एंड इसमें भी यह जो कैटेगराइज़ेशन है कि यह सर्विस नेम के बेस्ड पे है या लोकेशन के बेस्ड पे कि कौन
से लोकेशन में ज्यादा स्पेंडिंग हो रही है। तो आप देखोगे ईस्ट में 4500 सबसे ज्यादा है। अ ठीक है? और एपी मतलब एशिया
पेसिफिक और इसके बाद यूएस यूएस में कितना क्या है और सब्सक्रिप्शन बेसिस कि मतलब अगर मल्टीपल सब्सक्रिप्शन है तो कौन से
सब्सक्रिप्शन में ज्यादा बिलिंग हो रही है। तो ऑलदो हम हमारे पास एक ही सब्सक्रिप्शन था जो कि डिफ़ॉल्ट था। तो
यहां पे एक ही दिखाई दे रहा है। ऑलदो आप चाहो तो यहां पे जैसे चेंज भी कर सकते हो। जैसे कि सर्विस नेम है। सो जैसे इसके पहले
अभी हम लोगों ने डिस्कस किया था यूसेज ऑफ टैक्स कि टैक्स क्रिएट करके ठीक है? आप कैसे कैटेगराइज कर सकते हो और वो टैक्स
आपके यहां भी काम आएंगे। ये तो रहा कॉस्ट एनालिसिस कि मतलब कितनी हम लोगों ने स्पेंडिंग करी है। कितना हमको बिल आने
वाला है। इसके अलावा जैसे इनवॉइसेस वगैरह बिलिंग में आप देखोगे इनवॉइसेस हैं जो इनवॉइस जनरेट होगी। ठीक है? ऑलदो यहां पे
आप देखोगे जीरो है मतलब अमाउंट ड्यू जीरो है कोई इनवॉइस नहीं है क्योंकि अभी हम लोग यहां पे जो फ्री क्रेडिट्स हैं वो यूज़ कर
रहे हैं तो यहां पे ऑफ कोर्स बिलिंग आ नहीं रही है पेमेंट मेथड कि किस तरह से पेमेंट होगा। ठीक है? यहां पे
हमारी कार्ड डिटेल्स वगैरह जो वो मतलब सेव रहती हैं। आ जाते हैं कॉस्ट अलर्ट्स एंड बजटिंग। देखो सिंपल सी एक चीज़ है कि आप हर
रोज यहां पे आके चेक नहीं करोगे। ठीक है? कि कितना एनालिसिस हो गया, कितनी कॉस्टिंग हो रही है। और लेकिन अगर आपको थोड़ा सा
अलर्ट भी रहना है कि नहीं भाई मंथली 50,000 से ज्यादा बिल नहीं होना चाहिए। अगर हो रहा है किसी रीज़न से तो मेरे मुझे
अलर्ट या तो नोटिफाई हो जाए। तो आप उसके लिए सिंपली क्या कर सकते हो? बजट में आ जाओ। और यहां पे आप बजट सेट कर सकते हो।
जैसे कि मैं सिंपली ऐड करता हूं। और आप देखोगे इसका एक नाम दे दो बजट का और एक अमाउंट आप सेट कर दो। लेट्स से यहां पे
मैं 50,000 कर देता हूं। 50000 ठीक है और इसके बाद लेट से इसका कोई नाम दे देता हूं
टेस्ट बजट और इसके बाद नेक्स्ट करोगे तो आप देखोगे इसमें सेट अलर्ट्स। सो जो अभी हम लोगों ने अमाउंट सेट किया उसके बेसिस
पे अलर्ट सेट कर सकते हैं। ठीक है? और इसमें आप देखोगे अ ईमेल्स जो रेसिपिएंट है वो ऐड कर सकते हैं। सो दैट जब भी मतलब
हमारा जो वो है मतलब जो बिलिंग है। अब आप देखोगे अलर्ट की कंडीशन। अब जैसे कि देखोगे टाइप कि एक्चुअल कॉस्ट एंड
फॉरकास्टेड कॉस्ट। अब एक्चुअल कॉस्ट जो है लेट्स से 80% पे आपको पता चल जाए कि नहीं भाई अभी बहुत ज्यादा हो रहा है। सो आपको
यहां पे ईमेल जनरेट हो जाएगा। तो यहां से आप कॉस्टिंग या तो बिलिंग से रिलेटेड जो ईमेल्स हैं अलर्ट्स हैं वो भी आप सेट कर
सकते हो। एंड इसके बाद ओवरव्यू में समरी सेक्शन में भी आप एक बार में ठीक है? अ समरी देख सकते हो। ठीक है? जैसे अपकमिंग
इनवॉइसेस कितना है? बिलिंग पीरियड कितना है? कितना-कितना यहां पे हुआ है? अभी देखो अक्टूबर में 781 है। इनवॉइसेस ओवरटाइम। सो
अगेन फ्री क्रेडिट्स यूज़ कर रहे हैं। यहां पे फॉरकास्ट भी होता है। दैट मींस कि अभी तो अभी तक की स्पेंडिंग 781 है। लेकिन
फॉरकास्ट मतलब अगर जिस हिसाब से मैंने रिसोर्सेज क्रिएट किए हैं और मैं यूज़ कर रहा हूं उसके अकॉर्डिंग मंथली यहां पे
8800 का बिल बनेगा। तो फॉरकास्ट से भी आपको एक आईडिया मिल जाता है कि आपकी जो बिलिंग है वह कितने होने वाली है इन
अपकमिंग मंथ। एंड इसके अलावा मंथ के टॉप प्रोडक्ट बाय चार्जेस मतलब सबसे ज्यादा चार्जेस किस-किस में लगे हैं? तो आप
देखोगे कंटेन इंस्टेंस, एसक्यूएल डेटाबेस, आईपी एड्रेस एक्सट्रा एंड जो भी कॉस्ट एनालिसिस और ये जो आपको ये डिटेल्स दिख
रही है उसकी रिपोर्ट जनरेट करना है तो सिंपली आप डाउनलोड करके डिफरेंट यहां पे आप ऑप्शंस हैं जैसे PNG, एक्सेल, सीएसवी
के में आप डाउनलोड कर सकते हो। ठीक है? इसके अलावा जब भी आप प्लानिंग कर रहे हो, ठीक है? कोई भी प्रोजेक्ट को ठीक है? के
डिप्लॉय करने का या तो अजोर रिसोर्सेज यूज़ करने का। सो डेफिनेटली बजटिंग बहुत जरूरी होती है। सो उस केस में हमारे लिए
हेल्पफुल रहता है एज्योर प्राइिंग कैलकुलेटर। ठीक है? आप देखोगे इनके ऑफिशियल वेबसाइट में ये प्राइिंग
कैलकुलेटर दिया होता है। एंड यहां पे आप किसी भी सर्विस या तो रिसोर्सेज को यूज़ करने से पहले। ठीक है? जो भी आपकी
रिक्वायरमेंट है उसके बेसिस पे आप चेक कर सकते हो कि आपकी जो बिलिंग है वो कितनी होगी। मतलब एक आईडिया आ जाएगा बजटिंग में
कि भाई आपके जो बजट है उसके अंडर यह ठीक है फिट बैठ रहा है कि नहीं तो आप यहां से देख सकते हो। अब यहां से प्राइसिंग
कैलकुलेटर हो गया। इसके बाद आप देखोगे ये जो भी मोस्ट यूज्ड मतलब जो मोस्ट पॉपुलर जो सर्विसेज हैं वो देखोगे वर्चुअल मशीन
स्टोरेज अकाउंट एसक्यूएल डेटाबेस एसेट्रा लेट्स से स्टोरेज अकाउंट यूज़ करना है या तो एसक्यूएल डेटाबेस तो ऐड टू एस्टीमेट कर
लो। तो सिंपली आप यहां पे व्यू कर लो। सो यू कैन सी कि aur एसक्यूएल डेटाबेस में जैसे मैंने अभी सेलेक्ट किया। ठीक है? तो
यहां पे इसके बाद ये जो मंथली एस्टीमेटेड कॉस्ट कितना रहेगा वो यहां पे दिखाई दे रहा है। तो देखोगे $274 हैं। अब मैं यहां
पे सर्वर लेस करता हूं। सो आप देखोगे अ $154 यहां पे डॉलर्स हो गए। ठीक है? तो यहां पे चेंजेस हो गए। सर्वरस मतलब ज्यादा
कॉस्ट इफेक्ट इफेक्टिव है। सो इस तरह से ना आप अपना मतलब जो रिसोर्सेज हैं वो प्लान कर सकते हो। ठीक है? बिफोर द
डिप्लॉयमेंट। तो ये जो प्राइिंग कैलकुलेटर है वो आप यूज़ कर सकते हो फॉर द चलिए अब बात करते हैं व्हाट इज़ टेराफॉर्म?
तो यह एक ओपन सोर्स आईएसी टूल है जिसको हम इंफ्रास्ट्रक्चर एस कोड बोलते हैं। अब आईएसी मतलब क्या होता है कि जो भी हम
क्लाउड पे रिसोर्सेज या तो इंफ्रास्ट्रक्चर को क्रिएट करते हैं, मैनेज करते हैं ना वो अब हम लोग एक
कॉन्फिग फाइल की मदद से कर सकते हैं। देखो अभी तक हम लोग जो भी रिसोर्सेज बना रहे थे वो हम लोग मैनुअली क्रिएट कर रहे थे aur
पोर्टल पे जाके। लेकिन वहां पे बहुत सारी लिमिटेशंस होती है कि आपको एक तो सामने प्रेजेंट होना पड़ेगा। आपको बार-बार
मैनुअली वर्क करना पड़ेगा। राइट? वहां पे कंसिस्टेंसी नहीं होगी। इसके अलावा आप ऑटोमेशन करने में आपको ठीक है? ब्लॉकर्स
रहेंगे। तो जब हम कॉन्फिग फाइल की मदद से ठीक है? इंफ्रास्ट्रक्चर को मैनेज करते हैं। सो काफी सारी चीजें ठीक है? इजी हो
जाती हैं। फास्ट होता है। कंसिस्टेंसी रहती है। ऑटोमेट कर सकते हो। ठीक है? किसी भी टाइम पे शेड्यूल कर सकते हो। मल्टीपल
रिसोर्सेज क्रिएट कर सकते हो एक टाइम पे एंड सो मेनी थिंग्स। वैसे तो टेराफॉर्म मल्टीपल क्लाउड प्रोवाइडर्स के साथ वर्क
करता है। इंक्लूडिंग एडब्ल्यूएस, जीसीपी। बट हम लोग एक एग्जांपल देखेंगे विद aur कि हम लोग टेराफॉर्म की मदद से aur में कैसे
रिसोर्सेज क्रिएट कर सकते हैं। टेराफॉर्म से रिलेटेड कुछ बेसिक पॉइंट्स हम लोग कवर कर लेते हैं। जैसे कि जो हम कॉन्फिग
क्रिएट करेंगे उसका एक्सटेंशन होगा डॉट टीf जिसका मींस मतलब है टेराफॉर्म। कॉन्फिग फाइल में जो लैंग्वेज यूज़ होगी या
तो फॉर्मेटिंग यूज़ होगी जिसको हम एससीएल बोलते हैं#scp कॉन्फ़िग लैंग्वेज जो कि एक डिक्लेरेटिव लैंग्वेज है। सो जो एससीएल का
एक फॉर्मेट है आप देख सकते हो इस टाइप का रहेगा। एंड इसके अलावा Terf JSN भी ठीक है सपोर्टेड है। बट अगर आप डिफरेंस देख सकते
हो कि SCL ज्यादा प्रिसाइज़ है, ज्यादा क्लीन दिखता है। ओके? एंड ये कुछ सिंपल सी कमांड है जो अभी हम लोग प्रैक्टिकल में
यूज़ करेंगे। सो चलिए एक प्रैक्टिकल एग्जांपल देखते हैं कि टेराफ़ॉम की मदद से हम Ajure पे कैसे रिसोर्सेज क्रिएट कर
सकते हैं। एंड सबसे पहले तो उसके लिए हमको Terfm इंस्टॉल करना पड़ेगा। उसके बाद Ajur का सीएलआई सेटअप करना पड़ेगा। एंड उसके बाद
हम लोग टेराफ़ॉम की कॉन्फ़िग क्रिएट करेंगे। तो चलिए आगे बढ़ते हैं। Google पे सिंपली सर्च कर लो tafm इंस्टॉल
एंड इनकी जो ऑफिशियल वेबसाइट दिखेगी डेवलपर.com इंस्टॉल terfm इस पे क्लिक कर लो। मल्टीपल
ऑप्शन दिखेंगे लाइक mac oss window सो windows पे हम जाएंगे एंड सिंपली बाइनरी डाउनलोड कर लेंगे जो 386 आप देख रहे हो
वर्जन 1.16 सो डाउनलोड हो गया यहां पे यह फोल्ड डाउनलोड फोल्डर में ऐसे ज़िप फाइल होगी। इसको सिंपली एक्सट्रैक्ट कर लो। इसी
लोकेशन पे एक्सट्रैक्ट कर लेते हैं। सो एक्सट्रैक्ट होने के बाद इस टाइप का आपको फोल्डर दिखता है। इसमें आपके पास दो
फाइल होती हैं। एक एप्लीकेशन फाइल, एक लाइसेंस फाइल। सिंपली इस फोल्डर को मैं कॉपी कर लेता हूं। और सी ड्राइव में मैं
यहां पे पेस्ट कर देता हूं। इस फोल्डर के अंदर जाते हैं। और इसके बाद मैं सिंपली क्या करूंगा? ये जो फोल्डर का जो पाथ है
ना सी ड्राइव के अंदर इस पाथ को मैं कॉपी कर लेता हूं। और हम लोग को एनवायरमेंट वेरिएबल में इस पाथ को सेट करना है। तो हम
लोग सर्च में जाके एडिट एनवायरमेंट वेरिएबल्स पे जाऊंगा। एनवायरमेंट वेरिएबल्स एंड ये जो पाथ नाम
का एक वेरिएबल है इस पे मैं डबल क्लिक करूंगा। न्यू करके एक न्यू पाथ हम लोग यहां पे सेट कर देंगे। सो जो अभी हम लोग
ने टेराफॉर्म फोल्डर का जो पाथ था वो यहां पे मैंने पेस्ट कर दिया है। ओके करेंगे। ओके एंड ओके। सो दैट्स ऑल। इसके बाद हम
लोग वेरीफाई कैसे करेंगे? उसके लिए हम लोग सीएमडी कमांड प्र्प्ट ओपन कर लेता हूं मैं।
एक सिंपल सी कमांड आपको यूज़ करनी है। Terfm hfन वर्जन। सो आपको कुछ इस टाइप का दिखना चाहिए वर्जन
11.16। सो दैट मींस हमारा लेटेस्ट वर्जन ऑफ़ tafm इंस्टॉल हो गया है Windows पे। सो Google पे सिंपली हम लोग सर्च कर लेंगे
Azure CLI डाउनलोड। इसके बाद एक लिंक दिखेगी इंस्टॉल द Azure CLI ऑन Windows। उस पे हम क्लिक कर लेंगे। यहां पे Windows
के लिए हमको अलग-अलग ऑप्शंस मिलते हैं। तो हम लोग यहां पे Microsoft इंस्टॉलर MSI वाले ऑप्शन पे क्लिक कर लेते हैं। एंड
नीचे आपको इंस्टॉलर की लिंक मिल जाएगी 32 एंड 64 बिट दोनों के लिए। तो हम लोग 64 बिट पे क्लिक कर लेते हैं। तो यहां पे
हमारा इंस्टॉलर डाउनलोड हो गया है। डायरेक्टली मैं उसको क्लिक करके स्टार्ट कर लेता हूं। सो हमारा इंस्टॉलेशन हो गया
स्टार्ट। एक्सेप्ट करके इंस्टॉल कर लेते हैं। सो इंस्टॉलेशन कंप्लीट होने के बाद सिंपली आप फिनिश पे क्लिक कर लो। इसके बाद
हम लोग सीएमडी ओपन कर लेंगे। सबसे पहले यह वेरीफाई कर लेते हैं कि सीएलआई प्रॉपर्ली सेटअप हुआ है कि नहीं।
उसके लिए हम लोग एक कमांड यूज करेंगे एजी hन hfन वर्जन। सो अगर आपको यहां पे एजोर सीएलआई का वर्जन दिख रहा है दैट मींस यहां
पे प्रॉपर्ली सेटअप हो चुका है। Google पे सिंपली सर्च कर लो tafm इंस्टॉल एंड इसके बाद जो इनकी ऑफिशियल वेबसाइट
दिखेगी डेवलपर.com यहां पे इंस्टॉल terfm इस पे क्लिक कर लो। mac os windows lines अलग-अलग ऑप्शंस आपको
यहां पे मिल जाएंगे। mac ओs में अगर आप देखोगे एक ऑप्शन क्या है? ब्र तो इसके लिए आपके पास ब्र होना चाहिए। इसके बाद मैं
यहां पे टर्मिनल ओपन कर लेता हूं। अगर आपके सिस्टम पे होम ब्र नहीं है प्रेजेंट तो सिंपली br.h इनकी वेबसाइट पे चले जाओ।
इंस्टॉल होम br एक आपको सिंपल सी एक यहां पे कमांड दिखेगी। इसको कॉपी कर लो और अपने टर्मिनल पे पेस्ट कर लो। एंटर एंटर टू
कंटिन्यू। सो एंटर। सो होम bre का इंस्टॉलेशन तो हो गया सक्सेसफुल। इसके बाद हम लोग tafm इंस्टॉल के लिए सिंपली ये जो
दो कमांड आप देख रहे हो ये हम लोग यूज़ करेंगे। पहली कमांड है br टैप हैक टैप सिंपली एंटर इसके बाद है ब्र इंस्टॉल हैक
टेराफॉर्म एंटर सो इन माय केस इट इज़ सेइंग कि इट इज़ ऑलरेडी इंस्टॉल्ड ऑलदो ये जो वर्जन है 1.8 ये ओल्डर वर्जन है एंड
लेटेस्ट आप देख सकते हो 116 सो इसके लिए मैं सिंपली bre इंस्टॉल की जगह BR अपग्रेड कर लूंगा। सो इट इज़ डन। इसके बाद सिंपली
Terf Hन Hन वर्जन से हम लोग इसका वर्जन चेक कर लेते हैं। सो आप देखोगे वर्जन 1.16 पे ये अपडेटेड है। Terfm सक्सेसफुली
इंस्टॉल हो गया हमारे Mac OS पे। सबसे पहले तो एज्योर CLI डाउनलोड कर लेते हैं। सिंपली Google पर सर्च कर लो Aur CLI
डाउनलोड। यहां पर एक लिंक दिखाई देगी इंस्टॉल द Azure CLI ऑन Windows एंड इन सेम पेज पे आप देखोगे लेफ्ट साइड में आपको
डिफरेंट ऑपरेटिंग सिस्टम्स भी दिखेंगे। Linux Mac OS भी आपको दिख जाएगा। सो Mac OS पे Azure CLI इंस्टॉल करने के लिए हम
लोग H होम BR जो कि एक पैकेज मैनेजर है Mac OS का उसको यूज़ कर सकते हैं। ये वाली कमांड आपको ठीक है यूज़ करनी है। मैं इसको
कॉपी कर लेता हूं। एंड यहां पे हम लोग टर्मिनल ओपन कर लेते हैं। सो अपनी ब्रू वाली कमांड मैं एग्जीक्यूट यहां पे कर रहा
हूं। सो आप देखोगे अपडेट हो रहा है यहां पे। सो यहां पे यू कैन सी कि देखो एज्योर सीएलआई हमारा हमारा इंस्टॉल हो रहा है। तो
लास्ट में देखो इंस्टॉलेशन हो गया कंप्लीट। सो इंस्टॉलेशन हम लोग वेरीफाई कैसे कर सकते हैं? सिंपली आप एजी एंड hइफ
हफेन वर्जन आप ट्राई कर सकते हो। ठीक है? तो इससे आपको जो भी एजोर सीएलआई का वर्जन आपको यहां पे दिखेगा। दैट मींस कि यह
प्रॉपर्ली सेटअप हो गया है। ओके? ओके। सो इसके बाद के जो स्टेप्स हैं वो Mac OS एंड Windows के लिए सेम रहने
वाले हैं। एंड हम टेराफॉर्म कॉन्फ़िग क्रिएट करने के लिए हम लोग यूज़ करेंगे वीएस कोड का। तो यहां पे मैंने वीएस कोड
ओपन कर लिया है। सिंपली एक एंप्टी फोल्डर बना लिया है Azure TF नाम का। दैट्स इट। इसके बाद हम लोग को ये एश्योर करना है कि
हम लोग प्रिपयर्ड हैं कि नहीं। तो सबसे पहले आप क्या करो? ये ऊपर आप टर्मिनल देख रहे हो। Windows में भी आप देखोगे लेफ्ट
साइड में टर्मिनल का एक ऑप्शन होगा। न्यू टर्मिनल ओपन कर लो। सो ऐसा एक टर्मिनल आपका ओपन हो जाएगा। इसमें हमको दो चीज
यहां पे वेरीफाई करनी है। सबसे पहले टेराफॉर्म यहां पे कॉन्फ़िगर है कि नहीं वो हम चेक कर सकते हैं। एक सिंपल सी कमांड
Terfm hfन वर्जन। सो आप देखोगे टेराफ़ॉर्म प्रॉपर्ली कॉन्फ़िगरर्ड है। इसके बाद Azure CLI कॉन्फ़िगर है कि नहीं। इसके लिए हम लोग
Aजी वर्जन यूज़ कर लेंगे। सो, आप देखोगे यहां पे Azure CLI भी यहां पे कॉन्फ़िगर है। सो, वी आर गुड टू गो। इसके बाद जो
हमारा स्टेप है, वो है जो Azure CLI है उसमें अपने अकाउंट से लॉग इन करना। इसके लिए हम लोग सिंपल सी कमांड यूज़ करेंगे Aजी
लॉग इन। सो Aजी लॉग इन जैसे ही करोगे आपको वो रीडायरेक्ट कर देगा ब्राउज़र पे एंड आस्किंग कि आपको किस अकाउंट से लॉग इन
करना है। सो मैं यहां पे सेलेक्ट कर लेता हूं सिंपली। सो यहां पे लॉग इन हो गया है एंड इट इज़ सेइंग कि क्लोज दिस विंडो एंड
रीडायरेक्ट यू टू द एजocएलआई डॉक्यूमेंटेशन। सो मैं यहां पे क्लोज़ कर लेता हूं। सो वीएस कोड पे रिटर्न आते हैं।
सो यू कैन सी कि जो हमारे अकाउंट का सब्सक्रिप्शन से रिलेटेड डिटेल है वो यहां पे फैच हो गई है। एंड इसके बाद इट इज़
आस्किंग यू सेलेक्ट आवर सब्सक्रिप्शन एंड टीनएट। सो हम अपने अकाउंट में डिफॉल्ट सब्सक्रिप्शन ही यूज कर रहे हैं। तो इन
दैट केस आप सिंपली एंटर प्रेस कर दो एंड दैट्स ऑल। सो हमारा एजोर सीएलआई में लॉग इन भी हो गया। इसके बाद हम लोग वेरीफाई
कैसे करेंगे? सिंपली एक कमांड यूज़ कर सकते हैं। एजी अकाउंट शो मतलब किस अकाउंट से अभी हम लोग करेंटली लॉक्ड इन है। तो उसकी
इनेशन हमको यहां पे मिल जाएगी। सो यहां से आई कैन वेरीफाई कि कौन सा ईमेल आईडी एंड कौन से अकाउंट से मैं अभी करेंटली लॉक्ड
इन हूं। इसके बाद वीएस कोड में टेराफॉर्म पर्पस के लिए हम लोग एक एक्सटेंशन यहां पर इंस्टॉल कर सकते हैं जिसका नाम है
टेराफॉर्म जो काफी हेल्पफुल रहेगा आपके टेराफॉर्म की कॉन्फिग क्रिएट करने के लिए देखो है corrorp tafm सो मेरे केस में
ऑलरेडी इंस्टॉल है आपके केस में नहीं है तो आप इसको इंस्टॉल कर सकते हो इसके बाद हम लोग फिर से आ जाते हैं अपने फोल्डर में
चलिए अब देखते हैं कि tfm कॉन्फिग कैसे क्रिएट करना है इसके लिए सिंपली Google पे सर्च कर लो tafm प्रोवाइडर्स इनका एक पेज
दिखेगा ब्राउज़ प्रोवाइडर्स tafm रजिस्ट्रीज़ पे क्लिक कर लो। यहां पे मल्टीपल जो क्लाउड प्लेटफार्म है उसके
ऑप्शंस हैं। एंड आपको पता है कि किस पे क्लिक करना है। हमारे केस में Azure पे हम क्लिक करेंगे। इस पेज में थोड़ा सा नीचे
आओगे। सो आपको यहां पे एक सेक्शन दिखेगा हाउ टू यूज़ दिस प्रोवाइडर। सिंपली मींस है कि आप टेराफ़ॉर्म में Azure पर कोई टास्क
परफॉर्म करना है तो वो कैसे करोगे? तो इन्होंने यह बताया है। एंड यहां पे मेंशन भी है Terfm कॉन्फ़िग में ये कोड को आप
कॉपी पेस्ट कर लो। और इसके बाद Terfmit यहां पे रन कर लो। तो हम लोग यहां से कोड कॉपी कर लेंगे। वीएस कोड में जाते हैं। जो
हमारा एक एम्प्टी फोल्डर था। इसके अंदर मैं एक फाइल बना लेता हूं। और इसको मैं नाम दे दूंगा मेन डॉटf मींस टेराफॉर्म।
इसके अंदर जो कोड अभी हम लोग ने कॉपी किया वो मैं यहां पे पेस्ट कर दे रहा हूं। और इसको समझना भी काफी आसान है। टेराफॉर्म
में रिक्वायर्ड प्रोवाइडर्स मतलब किस प्रोवाइडर के साथ हम लोग वर्क कर रहे हैं। तो हैhcorp aur RM इसका नाम है। इसके बाद
फिर से डॉक्यूमेंटेशन पे जाता हूं। यह है एजोर आर एम मतलब एजोर के साथ जो भी आपको काम करना है ना उसके रिलेटेड आपको
इंफॉर्मेशन मिल जाएगी एंड इसमें आप देखोगे ओवरव्यू एंड डॉक्यूमेंटेशन डॉक्यूमेंटेशन पे हम जाएंगे एंड जो भी रिसोर्सेज के साथ
आपको काम करना है आप यहां पे सर्च कर सकते हो एंड आपको यहां पे प्रॉपर हेल्प मिल जाएगी ऑलदो ये यूज़ कर सकते हो लेकिन इसमें
भी आपको ज्यादा इंफॉर्मेशनेशन मिलेगी एंड ये ऑफिशियल डॉक्यूमेंटेशन है। अब लेट्स से हम लोग स्टार्ट करते हैं एक वर्चुअल मशीन
क्रिएट करने के साथ। अब देखो यहां लेफ्ट साइड में ना अलग-अलग कैटेगरीज दिखाई दे रही हैं। अब जैसे कि देखो वर्चुअल मशीन
कौन सी कैटेगरी में आता है? कंप्यूट ये देखो ये कंप्यूट की कैटेगरी है। कंप्यूट में आप देखोगे काफी सारे ऑप्शन हैं। जैसे
कि एक्शन रिसोर्स। सो आप देखोगे यहां पे वर्चुअल मशीन लinक्स बेस्ड वर्चुअल मशीन है। वर्चुअल मशीन स्केल सेट है। ठीक है?
सो इस टाइप से आप यहां पे फ़िल्टर आउट कर सकते हो। या तो सिंपली यहां पे सर्च कर लो। फ़िल्टर में सर्च कर लो। जैसे कि मैं
बोल देता हूं वर्चुअल मशीन। सो यू कैन सी कंप्यूट के अंदर रिसोर्स में सबसे पहला ही ऑप्शन है लinक्स वर्चुअल मशीन। सो मैं इस
पे क्लिक कर लेता हूं। एंड इस पेज में थोड़ा सा नीचे आओगे तो आपको एग्जांपल यूसेज यहां पे दिखाई देगा। आपको वर्चुअल
मशीन के अंदर भी या तो उसके रिलेटेड जो अलग-अलग चीजें हैं वो कैसे क्रिएट करना है तो उसके एग्जांपल कोड आपको मिल जाएंगे। सो
हम लोग एक काम करते हैं। हम लोग एक सिंपलेस्ट टास्क से स्टार्ट करते हैं। हम लोग एजोर में सबसे पहले एक सबसे जो बेसिक
चीजें बनाते थे वो था रिसोर्स ग्रुप। ठीक है ना? तो हम लोग ना टेराफ़ॉम कॉन्फ़िग को यूज़ करके एक सिंपल सा रिसोर्स ग्रुप पहले
तो बना के देखते हैं। इसके लिए ना मैं यहीं से ये जो कोड है वो कॉपी कर लेता हूं। एंड अपने टेराफ़ॉम कॉन्फ़िग पे आ जाते
हैं। यहां पे मैं पेस्ट कर देता हूं। ओके? अब इसमें देखो कुछ बेसिक चीजें हैं। जैसे कि जो रिसोर्स है अ ये नाम रहता है
रिसोर्स ग्रुप क्रिएट करने का। ओके? एंड ये जो एग्जांपल आप देख रहे हो ये जो ब्लॉक का नाम है। मतलब ये कोडिंग पर्पस के लिए
है। लेकिन एक्चुअल जो रिसोर्स ग्रुप बनेगा वो इस नाम का रहेगा। एग्जांपल रिसोर्सेज एंड किस लोकेशन में बनेगा वेस्ट यूरोप। सो
हम लोग ना इसका लोकेशन चेंज करके कर देते हैं ईस्ट एशिया। ओके और अपनी कॉन्फिग को करते हैं सेव। सबसे पहले तो एज्योर पोर्टल
में जाके मैं आपको शो कर देता हूं कि रिसोर्स ग्रुप ऑलरेडी क्रिएटेड तो नहीं है।
रिसोर्स ग्रुप। सो आप देख सकते हो एग्जांपल नाम से कोई रिसोर्स ग्रुप अभी भी क्रिएटेड नहीं है। सो देखो हमारी इतनी सी
बेसिक कॉन्फ़िगरेशन तैयार है। इसके बाद जिस भी लोकेशन में आपका मेन डॉटf मतलब कॉन्फ़िगरेशन फाइल प्रेजेंट है उस लोकेशन
में आपका जो टर्मिनल ओपन रहना चाहिए। अब सिंपली एलएस करोगे तो वो देखो मेन डॉटf आपको दिखाई देना चाहिए। इसके बाद हम लोग
सिंपल सी कुछ कमांड्स यूज़ करेंगे। स्टार्ट करेंगे हम लोग टेराफ़ॉम इनट। सो टेराफॉर्म इनेट करते हैं।
दैट मींस इनिशियलाइज कर रहे हैं। एंड aur के साथ वर्क करने के लिए जो भी नेसेसरी ठीक है? लाइब्रेरीज़ एंड कोड्स की जरूरत
है। आप देखोगे लेफ्ट साइड में डॉट टेराफ़ॉर्म नाम का ये देखो ये एक फोल्डर भी यहां पे डाउनलोड हो गया है। इसके बाद हम
लोग एक और कमांड यूज़ करेंगे। टेरा टेराफ़ॉम प्लान। सो टेराफ़ॉम प्लान में क्या होता है कि जो भी टास्क या तो
एक्टिविटी परफॉर्म होने वाली है। ठीक है? तो उसका एक ओवरव्यू आपको दे देता है। ठीक है? जैसे रिव्यू एंड क्रिएट होता है वैसे
ही टाइप का है। तो यहां पे देखोगे एक प्लानिंग यहां पे फील्ड आ गई है। और ये क्या कह रहा है? समझते हैं। ये जो अजोर
प्रोवाइडर है इसमें क्या बोल रहा है? फीचर्स इज़ रिक्वायर्ड बट नो डेफिनेशन वाज़ फाउंड। ओके? सो सिंपल हम लोग एक क्या करना
है यहां पे? फीचर्स कर देते हैं। दैट्स इट। अभी उसको ब्लैंक ही रहने देते हैं। सेव करते हैं। एंड अगेन टेराफॉर्म प्लान
करते हैं। सो देखो यहां पे आपको इस टाइप से ये ओवरव्यू देता है। जैसे कि टेराफॉर्म विल परफॉर्म द फॉलोविंग एक्शन जिसमें एक
रिसोर्स ग्रुप ईस्ट एशिया लोकेशन में क्रिएट हो जाएगा। एंड अगर आपको सब कुछ प्रॉपर लगता है। इसके बाद आप सिंपली लास्ट
में करोगे टेराफॉर्म अप्लाई। मींस आई एम ओके विद इट। अप्लाई कर दो चेंजेस। यह फिर भी एक बार कंफर्म करता है। यस बोल देते
हैं। सो लास्ट में आप देख सकते हो अप्लाई हो गया है कंप्लीट। रिसोर्स रिसोर्स वन एडेड। तो एक रिसोर्स ऐड हुआ है। इसके बाद
इसको वेरीफाई करने के लिए अजोर पोर्टल पे मैं सिंपली आता हूं और यहां पे रिफ्रेश करता हूं। सो यू कैन सी यहां पे देखो कि
एग्जांपल रिसोर्सेज नाम का एक रिसोर्स क्रिएट हो गया है ईस्ट एशिया में। ओके? लेट्स से कि मुझे एक रिसोर्स ग्रुप किसी
और लोकेशन में भी क्रिएट करना है ईस्ट एशिया की जगह। लेट्स से मैं यहां पे बोल देता हूं वेस्ट यूरोप। तो कैसे यह वर्क
करेगा? सिंपली इसको सेव करता हूं। एंड इसके बाद हम लोग करेंगे टेराफॉर्म प्लान। सो यू कैन सी यहां पे क्या हो रहा है या
तो क्या होगा आपको? देखो यहां पे प्लानिंग दिख जाती है। मतलब हम लोग कुछ चीज अपडेट कर रहे हैं। तो इसको ऑलरेडी पता है मतलब
टेराफॉर्म को मतलब इसने ये फैच कर लिया कि ये इस नाम से ठीक है? एग्जांपल रिसोर्सेज के नाम से रिसोर्स ग्रुप ऑलरेडी क्रिएटेड
है। इसने क्या बोला? इट विल बी रिप्लेस्ड। मतलब यहां पे फोर्स रिप्लेसमेंट हो रहा है। दैट मींस यह जो हम लोगों ने पुराना जो
रिसोर्स ग्रुप बनाया था, वह मतलब रिप्लेस हो के नया बनेगा और यह नई लोकेशन पर क्रिएट होगा। सो जब भी आप कुछ चेंजेस करते
हो इस तरीके से आप देख सकते हो पहले ही कि क्या चेंजेस होने वाले हैं और तभी आप अप्लाई करते हो। तो वी आर गुड विद द
एप्लीकेशन। सो हम लोग tafm अप्लाई करते हैं। यस। सो यहां पे आप स्टेटस में भी देख सकते हो कि क्या अभी करेंटली चल रहा है।
सो यू कैन सी कि अभी डिस्ट्रइंग मतलब जो करंट हमारा रिसोर्स ग्रुप है पहले उसको डिस्ट्रॉय ये तो डिलीट कर रहा है। इसके
बाद वो नया क्रिएट करेगा। सी डिस्ट्रक्शन हो गया कंप्लीट। इसके बाद वो नया क्रिएट करना स्टार्ट किया है उसने। सो अप्लाई हो
गया है कंप्लीट एंड दिस टाइम वन एडेड एंड वन डिस्ट्रॉयड मतलब पहले वाला से रिप्लेस हुआ है। एज योर पोर्टल पे जाके फिर से
वेरीफाई कर लेते हैं। सो अभी तो हमको एग्जांपल रिसोर्सेज ईस्ट एशिया ही दिख रहा है। मतलब पुराना वाला सिंपली इसको रिफ्रेश
करते हैं। सो यू कैन सी कि वेस्ट यूरोप में अब हमारा रिसोर्स ग्रुप बन गया है। सो इस तरीके से हमने यह भी देखा कि रिसोर्सेज
अपडेट कैसे कर सकते हैं हम लोग यूजिंग द टेराफॉर्म कॉन्फिग। अब बात करते हैं टेराफॉर्म को यूज़ करने के बेनिफिट्स। पहली
चीज़ तो कंसिस्टेंसी मिल जाती है। क्योंकि देखो जब भी हम लोग रिसोर्स क्रिएट कर रहे हैं किसी एक स्पेसिफिक पर्पस के लिए,
टास्क के लिए कोई एक कॉन्फ़िग क्रिएट कर देते हैं। राइट? तो इसके बाद जब भी हमको रिसोर्स क्रिएट करना है, जितने बार भी
रिसोर्स क्रिएट करना है, वो एक कंसिस्टेंसी वहां पे मेंटेन रहेगी। इसके अलावा अब हम ऑटोमेट कर सकते हैं। तो अभी
तक हम लोग फिजिकली ठीक है? अजोर पोर्टल से रिसोर्स क्रिएट करते थे। मान लीजिए रात को 2:00 बजे 4:00 बजे सुबह के अगर जरूरत पड़ी
कोई रिसोर्स क्रिएट करने की एप्लीकेशन को रिक्वायरमेंट है, डिमांड है तब क्या करोगे? अभी कॉन्फिग की मदद से हम रिसोर्स
क्रिएट कर सकते हैं। सो दैट हम इसको शेड्यूल करके ऑटोमेट भी कर सकते हैं। ओके? इसके अलावा रिपीटेबल मतलब रेप्लिकेट
एनवायरमेंट्स। मान लो आपने एक बहुत बड़ा सा एनवायरमेंट क्रिएट कर दिया एप्लीकेशन की टेस्टिंग के लिए। आपको सेम एनवायरमेंट
फिर से चाहिए। सो आप यहां पे इज़ली यूज़ कर सकते हो। इसके अलावा टेराफॉर्म स्टेट मैनेज भी करता है यूजिंग द टीएफ स्टेट
फाइल। दैट मींस जो भी रिसोर्स वो क्रिएट करता है ना उसका करंट स्टेट को ट्रैक करता है या तो रिकॉर्ड करके रखता है। एंड वो
चीज हम लोग ने अभी प्रैक्टिकल करके भी देखी। देखो पहली बार हम लोग ने सेम कॉन्फिग को यूज़ करके मतलब पहले तो हम लोग
ने रिसोर्स ग्रुप क्रिएट किया। फिर सेम कॉन्फ़िग में हम लोगों ने चेंज चेंजेस किए। सो दैट मींस हम लोग ने क्या बता रहे हैं
टेराफॉर्म को? या तो टेराफॉर्म क्या समझा? कि सेम रिसोर्सेज में हमको कुछ चेंजज़ करना है। लेकिन उसके पास ये चीज़ रिकॉर्ड थी कि
ऑलरेडी रिसोर्स ग्रुप बना है। तो उसने पहले उसको डिस्ट्रॉय किया। फिर दूसरा रिसोर्स ग्रुप बनाया दूसरे ठीक है? अ रीजन
में। ओके? एंड आप वीएस कोड में भी अगर देखोगे ना ये देखोगे Terfm.tf स्टेट नाम की फाइल क्रिएट हो जाती है जिसकी मदद से
रिसोर्स का स्टेट रिकॉर्ड होता है। सो ये रहा टेराफ़ॉर्म का एक ओवरव्यू। एंड इससे आपने यह चीज़ तो समझ ली होगी कि टेराफ़ॉर्म
का एक्चुअल यूज़ क्या है? कैसे इसको यूज़ करना है। एक किक स्टार्ट भी आपको ठीक है प्रोवाइड कर दिया है। अब आपके लिए एक
टास्क है। देखो अभी तक हम लोग ने यह रिसोर्स ग्रुप बना के देखा था ना इसी पेज में आप देखोगे वर्चुअल नेटवर्क, सबनेट और
नेटवर्क इंटरफ़ेस और देखोगे वर्चुअल मशीन। ठीक है? सो ये मल्टीपल ऑप्शंस हैं। तो ये टास्क है कि आप ये जो डिफरेंट रिसोर्सेज
हैं वो भी बना के ट्राई करके देखो। चलिए बात करते हैं एज और बाईसेप के बारे में जो कि टेराफॉर्म जैसे ही एक आईएसी टूल
है और इसमें स्पेशल क्या है? क्या डिफरेंस है? पहली चीज तो ये कि ये स्पेशली बना हुआ है एजोर के लिए। मतलब ये microsoft aur का
नेटिव टूल है। ओके? जैसे कि tafm बाय थर्ड पार्टी था। मल्टीपल आप उसमें क्लाउड रिसोर्सेज ठीक है? सपोर्ट कर सकते हो। बट
ये स्पेशली aur के लिए बना हुआ है। आईसी टूल है। इसमें कुछ चीजें डिफरेंट हैं। जैसे कि जो आप फाइल क्रिएट करते हो मतलब
कॉन्फिग फाइल उसका जो एक्सटेंशन होगा वो है डॉट बाईसेप एंड अगर पैरामीटर्स आप अलग से ठीक है मेंटेन कर रहे हो तो उसमें डॉट
बाईसेप पैराम। ठीक है? इस टाइप से एक्सटेंशन आपका थोड़ा सा चेंज होता है। इसके अलावा कुछ की एडवांटेजेस के बारे में
बात कर लेते हैं कि भाई आपने अगर टेराफॉर्म सीख लिया है या तो आपको बनता है। तो आपको एज्योर बाईसेप क्यों आना
चाहिए? देखो दो दो रीज़ंस हैं। मतलब कुछ और भी रीज़ंस हैं। जैसे कि देखो अगर किसी ऑर्गेनाइजेशन में ऑलरेडी Azure क्लाउड
बेस्ड रिसोर्सेज यूज़ कर रहा है। ठीक है? ऑर्गेनाइजेशन Azure के रिसोर्सेज को मैनेज करने के लिए अगर Azure बाईसेप यूज़ कर रहा
है। ठीक है? तो आपको थोड़ी बहुत अवेयरनेस अगर ऑलरेडी होगी तो आप ज्यादा कंफर्टेबल फील करोगे। रियल प्रैक्टिकल ठीक है?
बेनिफिट जैसे कि डे ज़ीरो सपोर्ट। अब जैसे कि ये नेटिवली Azure के लिए बना हुआ है। तो लेट्स से अगर Azure में कोई नया फीचर
आता है, नया अपडेट आता है। ठीक है? ठीक है? तो ये इमीडिएटली इसमें अवेलेबल हो जाएगा। ठीक है? लेकिन टेराफॉर्म में थोड़ा
सा टाइम लगेगा। तो ये कुछ हो जाता है चीजें। इसके अलावा स्टेट मैनेजमेंट इसमें नहीं होता है। डायरेक्टली बाईसेप क्या है?
क्वेरी यूज़ करता है फॉर द स्टेट। ठीक है? इसके अलावा इट इज़ अ ज़ीरो कॉस्ट एंड क्लीन सिंटेक्स। एंड अगर बात करें फाइल के
कंटेंट के बारे में तो ये एक सैंपल फाइल आप देख सकते हो। टारगेट स्कोप जैसे कि सब्सक्रिप्शन मतलब आप जो भी रिसोर्स
क्रिएट कर रहे हो। अब जैसे नीचे देख सकते हो रिसोर्स आरजी मतलब मैं रिसोर्स ग्रुप बना रहा हूं। ठीक है? आप नीचे अंदर भी देख
सकते हो Microsoft डॉट रिसोर्सेज एंड कौन सा रिसोर्स बना रहा हूं रिसोर्स ग्रुप और ये एपीआई का जो वर्जन है मतलब ठीक है वो
है और इसमें कुछ डिटेल्स हैं जैसे नेम क्या है लोकेशन क्या है वै बहुत ही सिंपल चीजें हैं पैरम मतलब आप इसको वेरिएबल टाइप
का देख सकते हो ठीक है जैसे पैरम हो गया लोकेशन स्ट्रिंग टाइप का है एंड उसमें आपने ठीक है लोकेशन दे दी एंड टारगेट
स्कोप मींस कि जैसे ये जो रिसोर्स आप बना रहे हो वो किस कौन से स्कोप में क्रिएट कर रहे हो जैसे हम लोग एजोर में रिसोर्स का
रिसोर्स ग्रुप के अंदर बनाते हैं। अब लेट्स से रिसोर्स ग्रुप है जो वो सब्सक्रिप्शन लेवल पे है तो टारगेट स्कोप
हमारा सब्सक्रिप्शन होगा। तो ये ऐसे वर्क करता है। चलिए जल्दी से एक क्विक प्रैक्टिकल डेमो देख लेते हैं कि ये कैसे
वर्क करता है। आ गए वीएस कोड में। ठीक है? आई एम अस्यूमिंग कि अभी आप जो टेराफॉर्म वाले अ सेक्शन में हम लोग ने देखो सीएलआर
वगैरह सब सेटअप किया था। ओके? ये एक मैंने एंप्टी फोल्डर मैंने ओपन कर लिया वीएस कोड में। सबसे पहले तो काम क्या करो?
एक्सटेंशन पे जाओ और ये bicep देखो सॉफ्टवेयर बाईसेप ये जो लिखा हुआ है ना इसको आप इंस्टॉल कर लेना ठीक है ये सबसे
ज्यादा यूज़फुल है ओके इसके बाद मैं सिंपली एक नई फाइल क्रिएट करता हूं m डॉट bicep ओके दैट्स ऑल एंड सबसे पहले
जो चीज हम यूज़ करेंगे यहां पे स्कोप लेट्स से मुझे सबसे पहले एक रिसोर्स ग्रुप बनाना है तो मैं सिंपली यहां पे करूंगा टारगेट
स्कोप इक्वल टू यहां पे देखो ये इसने ऑटोमेटिकली ऑप्शन दे दिए तो एक्सटेंशन का ये बेनिफिट होता है। सो हमारा जो अभी
स्कोप क्या है? सब्सक्रिप्शन है। इसके बाद देखो आपको सेमी कॉललन वगैरह कुछ नहीं देना। सिंपली आप एंटर करो तो वो आपकी एक
नई लाइन स्टार्ट हो जाएगी। और इसके बाद रिसोर्स ग्रुप लेट से बनाना है। तो आप क्या करो? सिंपली टाइप कर लो रिसोर्स।
इसमें डाउन वाली ठीक है? बटन प्रेस करोगे। इस टाइप से आप नीचे आते जाओगे। और इसमें आप ये मतलब यहां पे देख भी सकते हो कि किस
कौन सी टाइप की सर्विस है या तो रिसोर्स है। अब देखो आर ए आर ई एस आरजी यहां पे दिया है। लेकिन है क्या? है ये रिसोर्स
ग्रुप है। तो हम लोग इस पे क्लिक करते हैं। ये देखोगे ऑटोमेटिकली उसने पूरा क्रिएट भी कर दिया है अपन का ब्लॉक। नेम
मतलब ये रिसोर्स ग्रुप का नाम देना है। तो लेट्स से मैं यहां पे दे देता हूं आरजी बाईसेप डेमो और लोकेशन। लोकेशन देखो आप
लोग डायरेक्ट भी डायरेक्ट यहां से भी देख सकते हो। बट मैं आपको ये भी दिखा देता हूं कि वेरिएबल या तो पैरामीटर कैसे बनते हैं।
पैराम हो गया। एंड इसके बाद लोकेशन एंड इसके बाद कौन सा टाइप रहेगा। तो आप देखो यहां से सेलेक्ट कर सकते हो स्ट्रिंग। और
यहां पे सिंपली आप लोकेशन दे दो। जैसे कि मैं दे देता हूं ईस्ट एशिया। वेरी सिंपल। इतना सिंपल है [गला साफ़ करने की आवाज़]
इसको क्रिएट करना। और मैं सिंपली यहां पे सेव करता हूं। एंड इसके बाद बेस्ट चीज़ पता है क्या है? इसको डिप्लॉय करने के लिए
आपको कोई कमांड की भी जरूरत नहीं है। यहां पे राइट साइड में देखोगे एक तो सबसे पहले आपको क्या है? विजुलाइजर मिलेगा जो कि
आपको Azure पोर्टल में मिलता था। ठीक है? तो वो आप यहां से विजुअलाइज़ कर सकते हो। इसके अलावा इस फाइल को डिप्लॉय करना है तो
मैं सिंप देखो डिप्लॉय वाले सेक्शन में चले जाओ। सबसे पहले तो चेंज स्कोप यहां पे देखोगे सब्सक्रिप्शन एंड रिसोर्स ग्रुप
दोनों ही स्कोप में दिए हुए हैं। चेंज स्कोप मैं करता हूं। इसके बाद देखो ये पूछेगा सब्सक्रिप्शन कौन सा ठीक है? आपको
सेलेक्ट करना है। तो इसने बाय डिफॉल्ट ठीक है? रिकॉग्नाइज़ कर लिया। ऑलदो जब आप फर्स्ट टाइम करोगे यहां पे आपको लॉग इन
ठीक है? मांगेगा कि Microsoft के अकाउंट से वो आप कर लेना। जैसे कि मैंने सब्सक्रिप्शन यहां पे सेलेक्ट कर लिया।
इसके बाद इट इज़ आस्किंग फॉर द लोकेशन। सो यस दैट्स इट। ठीक है? तो आप देखोगे सब्सक्रिप्शन एंड लोकेशन यहां पे सेट हो
गया। इसके बाद मैं सिंपली वैलिडेट करके देख सकता हूं कि मेरी जो फाइल है इसमें सब प्रॉपर है कि नहीं। तो आप देखोगे यहां पे
सक्सीडेड मींस वैलिडेशन हो गया कंप्लीट। इसके बाद सिंपली मैं डिप्लॉय करूंगा। ओके? सो डिप्लॉयमेंट हो गया है सक्सीड। इसके
बाद एज्योर पोर्टल पे मैं जाता हूं और सिंपली यहां पे सर्च करूंगा रिसोर्स क्रॉप एंड जो अभी हम लोग ने बनाया था
bicep। सो आप देखोगे आरजी बाईसेप डेमो ये क्रिएट हो गया है। तो ये अभी हम लोगों ने जो जस्ट
जो रिसोर्स ग्रुप जो क्रिएट किया ओके इट्स सो सिंपल। ओके? सो रिसोर्स ग्रुप तो हम लोगों ने क्रिएट कर लिया। लेट्स से इस
रिसोर्स ग्रुप के अंदर मुझे वर्चुअल नेटवर्क क्रिएट करना है। तो सबसे पहले तो मैंने क्या चेंज किया? टारगेट स्कोप।
क्योंकि वर्चुअल नेटवर्क जो है वो रिसोर्स ग्रुप के अंदर मैं क्रिएट करूंगा। सो सिंपली ये मैंने चेंजज़ कर लिया। इसके इसके
अलावा आप सिंपली ऐसे भी कर सकते हो। देखिए ये रिसोर्स ग्रुप हो गया। सेलेक्ट कर लिया। इसके बाद लोकेशन रहने देते हैं
पैरामीटर। इसके बाद वी नेट ऐसे सर्च कर लो। ये आप देखोगे वर्चुअल नेटवर्क आ गया। इस पे मैं क्लिक करता हूं। आप देखोगे पूरा
कोड यहां पे आ गया। इसमें बाय डिफॉल्ट देखोगे सबनेट वन सबनेट टू दो टाइप के सबनेट क्रिएट कर देगा। और यहां पे आप नाम
दे सकते हो अपना पहले तो। तो मैं यहां पे बाईसेप वीट डेमो इस टाइप से नाम दे देता हूं। एंड बाकी चीजें हम लोग डिफॉल्ट ही
रखते हैं। सिंपली सेव करूंगा मैं यहां पे डिप्लॉय। एंड सबसे पहले चेंज लोकेशन जरूर कर लेना।
सब्सक्रिप्शन। सो अभी हम लोग ने जो रिसेंटली बनाया था वह था RG बाईसेप डेमो। ओके। सो इस पर मैं
क्लिक कर लेता हूं। एंड इसके बाद सिंपली वैलिडेट कर लो पहले तो कि भाई फाइल में सब प्रॉपर है कि नहीं। ओके? तो इट इज़
सक्सीडेड एंड सिंपली मैं डिप्लॉय पे क्लिक करूंगा। सो डिप्लॉयमेंट हो गया है यहां पे कंप्लीट एंड सक्सीडेड। एंड इसके बाद मैं
सिंपली जाऊंगा अपने Azure पोर्टल पे और यहां पे वी नेट सर्च कर लेता हूं। वी वर्चुअल नेटवर्क। एंड यस यू कैन सी देखो
बाईसेप वी नेट डेमो ओके तो यह हमारा क्रिएट हो गया और कितना इजी और फास्ट था इसको बनाना आप देख सकते हो दो सबनेट था
ठीक है और यहां पे एड्रेस स्पेस क्या है ठीक है इट वाज़ सो सिंपल राइट चलिए किसी रिसोर्स को क्रिएट कैसे करना है डिप्लॉय
कैसे करना है वो तो देख लिया काफी इजी था लेकिन अब बात कर लेते हैं डिस्ट्रॉय कैसे करना है तो डिस्ट्रॉय के लिए ठीक है यहां
पे आपको यूज़ करना पड़ेगा टर्मिनल तो मैं सिंपली यहां पे टर्मिनल ओपन कर लेता हूं न्यू टर्मिनल
इसके के लिए हम लोग कमांड जो यूज़ करेंगे वो है Aजी नेटवर्क एंड नेटवर्क के अंदर कौन सा जो मतलब एक स्पेसिफिक चीज के साथ
काम करना है तो वो है V नेट क्या ऑपरेशन करना है तो हम लोग बोलेंगे डिलीट ओके एंड डिलीट के बाद हम लोग को सिंपली नाम देना
है और नाम क्या था हमारा वर्चुअल नेटवर्क का बाईसेप वीनेट डेमो एंड ट्राई करते हैं इसको ओके
सो इट इज़ सेइंग कि रिक्वायर्ड रिसोर्स ग्रुप ठीक है तो हम लोग क्या सिंपली रिसोर्स ग्रुप भी ऐड कर देते हैं।
रिसोर्स ग्रुप एंड रिसोर्स ग्रुप था हमारा आरजी बाईसेप
डेमो। ओके। सो इट इज़ डन। एंड एजo पोर्टल पे जाके फिर से वर्चुअल नेटवर्क पे जाते हैं एंड रिफ्रेश करता हूं मैं।
ओके। सो यहां पे रिफ्रेश किया। तो आप देख सकते हो वर्चुअल नेटवर्क जो हमारा है वह डिस्ट्रॉय है तो डिलीट हो गया है। ओके
इसके अलावा इसको और थोड़ा सा डीप में समझना है इसके साथ वर्क करना है तो इसकी इनकी जो ऑफिशियल वेबसाइट है learn
microsoft.com इसमें देखोगे bicep पे पूरा प्रॉपर आपको हेल्प एंड डॉक्यूमेंटेशन इनका मिल जाएगा। ठीक है? इसमें देखोगे क्विक
स्टार्ट कैसे करना है। सो क्विक स्टार्ट में आप देख सकते हो अलग-अलग प्लेटफार्म के बेसिस पे यहां पे हेल्प मिल जाएगी। जैसे
वीएस कोड पे कर रहे हो तो ठीक है? तो क्या-क्या हेल्प आपको यहां पे मिल जाएगी। इसके अलावा लेफ्ट साइड में जाओगे
ट्यूटोरियल्स दिए हुए हैं। कॉनसेप्ट में जाओगे। सो बाईसेप फाइल क्या है? डेटा टाइप्स। ठीक है? पैराटर्स वेरिएबल्स सो
मेनी थिंग्स। इसी में देखोगे आपको मिलेगा स्कोप मतलब टारगेट स्कोप। ठीक है? तो यहीं से हम लोग ने जो टारगेट स्कोप यूज़ किया था
जैसे कि रिसोर्स ग्रुप, सब्सक्रिप्शन रिसोर्स ग्रुप कैसे यूज़ करना है? आप देखोगे टारगेट स्कोप इक्वल टू रिसोर्स
ग्रुप। डिप्लॉयमेंट कैसे करना है? और यहां पे सीएलआई बेस्ड। ठीक है? डिप्लॉयमेंट कमांड्स वगैरह दिए हैं। एंड सो ऑन। सो आप
यहां से कैरी ऑन कर सकते हो। सो दैट्स ऑल अबाउट द aur बाईसेप। ऑलराइट। सो चलिए इस सेक्शन में समझते हैं
एसएसएल एंड टीएलएस की वर्किंग एंड इसके रिलेटेड टर्म्स। जैसे कि हैशिंग, इंक्रिप्शन, पब्लिक कीज़, प्राइवेट कीज़,
सर्टिफिकेट्स। क्या होते हैं ये सारे टर्म्स? कैसे वर्क करते हैं? सो दैट आपका जो भी सेंसिटिव डेटा है, वह सिक्योरली
ट्रांसफर हो सके ओवर द इंटरनेट। फॉर एग्जांपल, यह आपका कंप्यूटर है जो कि इंटरनेट से कनेक्टेड है। एंड आपको इंटरनेट
बैंकिंग की सुविधा यूज़ करनी है। तो, सिंपली आप क्या करोगे? banking.com जो भी इनकी वेबसाइट है उसको एक्सेस करोगे। आपकी
वेबसाइट फैच होगी। आपको जो यूजरनेम पासवर्ड मिलता है इंटरनेट बैंकिंग को यूज़ करने के लिए आप वो प्रोवाइड करोगे। ये जो
सेंसिटिव डेटा है जब इंटरनेट पे फ्लो होता है आपका डेटा। सो देयर इज अ चांस कि हैकर्स हैक कर सकते हैं। और एक बार उनके
पास यूजरनेम पासवर्ड आ गया। सो यू नो उसके बाद आगे क्या होगा। इसीलिए जो भी सेंसिटिव डेटा है बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि हम
उसको सिक्योरली ट्रांसफर करें। इसी पर्पस के लिए यूज़ होता है एसएसएल टीएलएस का सिक्योर सॉकेट लेयर सिक्योर सॉकेट लेयर
एंड ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी जो कि एक क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल है जिसकी मदद से हम अपना जो सेंसिटिव डेटा है जो
इंपॉर्टेंट डेटा है उसको हम लोग सिक्योरली इंटरनेट पे ट्रांसफर कर सकते हैं। अब बात करते हैं एसएसएल वर्सेस टीएलएस क्योंकि हम
ये दो टर्म्स क्यों यूज़ कर रहे हैं? व्हाट इज़ द डिफरेंस? सो TLS इज़ द सक्सेसर टू एसएसएल। मतलब TLS जो है लेटेस्ट वर्ज़ हैं।
राइट? एसएसएल पहले यूज़ होता था। अब टीएलएस ही यूज़ होता है। बट लोग अभी भी एसएसएल टर्म यूज़ करते हैं सिक्योरिटी पर्पस के
लिए। एसएसएल सर्टिफिकेट ऐसे ही लोग बोलते हैं। बट एक्चुअली में हम लोग टीएलएस ही यूज़ करते हैं। ओके? चलिए इसका एक एग्जांपल
भी दिखा देता हूं आपको ब्राउज़र पे। जैसे कि हम कोई बैंकिंग या तो सिक्योर वेबसाइट को एक्सेस करते हैं HTTPS वाली। सो यहां
पे मैं क्लिक करता हूं। आप देखोगे कनेक्शन इज़ सिक्योर। आपको कुछ इस टाइप से लिखा आएगा। इसी टाइप से मैं Safari जो ब्राउज़र
है यहां पे दिखा देता हूं। यहां पे लॉक का बटन है। लॉक मींस ये सिक्यर्ड है। मैं इस पे क्लिक करता हूं। सो आप देखोगे Safari
इज़ यूजिंग इंक्रिप्टेड कनेक्शन मतलब सिक्यर्ड कनेक्शन है इस वेबसाइट पे। सो जो भी आप यहां पे डेटा ट्रांसफर करोगे वो
सिक्योरली इस वेबसाइट तक पहुंचेगा। चलिए अब समझते हैं कि एसएसएल टीएलएस हमारे डेटा को सिक्योर कैसे करता है। ठीक है? सो इट
इंक्रिप्ट द डेटा बिटवीन क्लाइंट एंड सर्वर। तो एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक जो भी कम्युनिकेशन हो रहा है उसको इंक्रिप्ट
करना एंड इंश्योर इट्स इंटीग्रिटी, कॉन्फिडेंशियलिटी एंड ऑथेंटिसिटी। सो सबसे पहले तो जो ये तीन टर्म्स आप देख रहे हो
इंटीग्रिटी, कॉन्फिडेंशियलिटी एंड ऑथेंटिसिटी उसको समझना जरूरी है टू अंडरस्टैंड कि हमारा जो डेटा है वो
सिक्योर कैसे होता है। इसके लिए एक बहुत सिंपल सा यूज़ केस लेके आया हो। बहुत अच्छे से रिलेट कर पाओगे। सो रिसेंटली हम लोग ने
पेपर लीक से रिलेटेड स्कैम्स देखे हुए हैं। सो उसी से रिलेटेड एग्जांपल लेके आया हूं। लेट्स से ये क्वेश्चन पेपर है। हमारे
कोई एक रेपुटेड एग्जाम का पेपर है। इसको पॉइंट ए से पॉइंट बी मतलब एग्जाम सेंटर तक सिक्योरली हम लोग को ट्रांसफर करना है। सो
किन-किन बातों का हमको ध्यान रखना है? सबसे पहला आता है कॉन्फिडेंशियलिटी। इसका मतलब होता है पेपर इज़ ओनली एक्सेस्ड बाय
एग्जाम सेंटर। मतलब लेट्स से ये प्रिंटिंग एरिया है। सो जब पेपर यहां से निकले सो वो सिर्फ एग्जाम सेंटर में जाके एक्सेसबल
होने चाहिए। बीच में उसको कोई देख ना पाए। दूसरी चीज है इंटीग्रिटी मतलब पेपर मॉडिफाई तो नहीं हुआ है बीच में उसको चेक
करना या तो आइडेंटिफाई करना। तीसरा जो टर्म आता है वो होता है ऑथेंटिकेशन। तो जब हमारा क्वेश्चन पेपर सक्सेसफुली एग्जाम
सेंटर तक पहुंच गया। बट यहां पे ऐसा नहीं है कि वहां वो जो गार्ड होता है उसी के हाथ में हम लोग ने देके आ गए। नहीं हम लोग
को क्या करना है? भाई एग्जाम सेंटर के अंदर जाना है। जो ऑथराइज्ड पर्सन है उसकी आईडी वगैरह सब चेक करके ठीक है? वेरीफाई
करके ही एक हैंड ओवर हमको देना है क्वेश्चन पेपर का। सो ये ओवरऑल एग्जांपल से हम लोग ने ये तीन टर्म्स को अच्छे से
समझ लिया कि इसका मतलब क्या होता है। एंड जो हमारा एसएसएल एंड टीएलएस है वो तीनों प्रिंसिपल को अचीव करने के लिए तीन मेथड्स
यूज़ करता है। पहला है इंक्रिप्शन। मतलब कॉन्फिडेंशियलिटी को मेंटेन रखने के लिए वो इंक्रिप्शन यूज़ करता है। इंटीग्रिटी के
लिए हैशिंग यूज़ करता है। एंड ऑथेंटिकेशन के लिए सर्टिफिकेट्स यूज़ करता है। ठीक है? तो अब हम लोग उसको अच्छे से रिलेट कर
पाएंगे। अब ये तीन टर्म्स का मतलब पता है और ये जो तीन मेथड्स हैं ना इंक्रिप्शन हैशिंग सर्टिफिकेट्स अब ये क्या होते हैं?
तो सबसे पहले देखते हैं इंक्रिप्शन क्या होता है? कन्वर्टिंग द प्लेन टेक्स्ट इंफॉर्मेशनेशन इंटू अ कोडेड फॉर्म। सो
हमारा जो भी ओरिजिनल मैसेज होता है उसको हम किसी दूसरे फॉर्म में चेंज कर दें। सो दैट एक नॉर्मल पर्सन उसको एक्सेस कर भी ले
तो उसको रीड ना कर पाएं। समझ ही ना पाए। जिसको हम लोग साइफर टेक्स्ट भी बोलते हैं। एक एग्जांपल दिखाता हूं। जैसे कि लेट्स से
ये मेरा एक ओरिजिनल मैसेज है डेमो एक वर्ड है सिंपल सा तो मैंने उसको इंक्रिप्ट करके चेंज कर दिया और मैंने क्या कर दिया उसका
जी एचपीआर एंड यहां पे मैं कैसे इंक्रिप्ट कर रहा हूं क्या इसमें फार्मूला यूज़ कर रहा हूं मैंने हर कैरेक्टर को इस वर्ड में
तीन कैरेक्टर से आगे बढ़ा दिया अब जैसे कि डी ई एमओ था तो डी को क्या कर दिया ई एफ जी सो हर कैरेक्टर को तीन बार बढ़ा दिया
ये जो इंक्रिप्टेड मैसेज है मैं अब इसको ट्रांसफर करूंगा इसको कोई एक्सेस भी कर ले तो समझ ही नहीं पाएगा कि एक्चुअली मैं
क्या बोल रहा हूं। सो पहले के जमाने में इस टाइप के इंक्रिप्शन बहुत यूज़ होते थे सीक्रेट इनेशन के एक्सचेंज के लिए। ठीक
है? अब जिस तरह से हम लोग इंक्रिप्ट कर रहे हैं कि हम लोग ने तीन कैरेक्टर आगे बढ़ाया उसी तरीके से हम लोग डिक्रिप्ट भी
कर सकते हैं। ठीक है? जो भी रिसीवर है वो क्या करेगा? हर एक कैरेक्टर को तीन बार पीछे कर लेगा। तो जी तो उसको ओरिजिनल
मैसेज इस तरह से मिल जाएगा। चलिए बात करते हैं टाइप्स की। सो इंक्रिप्शन के दो टाइप्स होते हैं। सिमेट्रिक एंड
असिमेट्रिक। पहले बात करते हैं सिमेट्रिक। इसमें सिंपल सा लॉजिक है कि इंक्रिप्शन एंड डिक्रिप्शन सेम की को यूज करके होता
है। की मतलब क्या होता है? जैसे कि लेट्स से यहां पे डेमो को हम लोगों ने हर कैरेक्टर को थ्री से फॉरवर्ड शिफ्ट किया
था। सो अस्यूम कर लेते हैं कि वो हमारी की हो गई इंक्रिप्शन करने की की और सेम की को यूज़ करके हम लोग डिक्रिप्ट कर रहे हैं।
मतलब जब डिक्रिप्शन के टाइम हम लोग ने तीन कैरेक्टर से उसको बैकवर्ड शिफ्ट किया था। तो जब भी हम सेम की को यूज करके
इंक्रिप्शन एंड डिक्रिप्शन करते हैं उसको हम सिमेट्रिक बोलते हैं। अब बात करते हैं असिमेट्रिक की जो कि थोड़ा सा और ज्यादा
सिक्योर और कॉम्प्लिकेटेड होता है। कैसे? चलिए देखते हैं। अब जैसे देखिए इंक्रिप्शन में हम लोग ने की जो यूज़ करी थ्री मतलब हर
कैरेक्टर को तीन से फॉरवर्ड किया। लेकिन डिक्रिप्ट हम लोग किसी और की से कर रहे हैं। यहां पे ज्यादा सिक्योरिटी है। ठीक
है? तो डिक्रिप्ट करने की जो की है यहां पे 23 मतलब क्या है? देखो यहां पे दो तरीके हैं। या तो भाई आप जो जी है उससे
तीन बार पीछे चले जाओ या तो आप 23 टाइम्स आगे चले जाओ। ठीक है? सो 23 टाइम्स आगे जाओगे। सो आपको फिर से डी मिल जाएगा। ठीक
है? ठीक है? सो दिस इज़ द अनदर वे ऑफ डिक्रिप्शन एंड ये ज्यादा सिक्योर होता है एंड इसको हम लोग असिमेट्रिक बोलते हैं। तो
सिंपल असिमेट्रिक को इन शॉर्ट मैं बोलूं तो इंक्रिप्ट एंड डिक्रिप्ट करने की जो कीज़ होती हैं वो डिफरेंट होती हैं। उसको
हम असिमेट्रिक इंक्रिप्शन बोलते हैं। अब ये जो इंक्रिप्ट एंड डिक्रिप्ट है ना उसको आप रिलेट कर सकते हो यूजिंग द पब्लिक की
एंड प्राइवेट की। सो जो क्लाइंट होगा वो क्या करेगा? पब्लिक की को यूज़ करके अपने मैसेज को इंक्रिप्ट करके भेजेगा। और सर्वर
क्या करेगा? अपने प्राइवेट की को यूज़ करके डिक्रिप्ट कर लेगा। है ना? तो ऐसे ये वर्क करती हैं पब्लिक एंड प्राइवेट की। चलिए इस
कांसेप्ट को रियल वर्ल्ड फ्लो के साथ समझते हैं। लेट्स से ये जो आपका ब्राउज़र है उसको हम क्लाइंट बोलते हैं। और ये जो
आपकी बैंकिंग वेबसाइट जहां पे होस्ट है उसको सर्वर बोलते हैं। जब आप वेबसाइट को एक्सेस करते हो फर्स्ट टाइम। राइट? सो एक
इनिशियल हैंडशेक होता है। एंड इस हैंडशेक में सिंपल बेसिक इनेशन पास होती है। जैसे कि टाइप्स ऑफ सपोर्टेड टीएलएस वर्जन कि
मतलब किस तरीके से किस एल्गोरिदम्स को कौन से वे को यूज़ करके जो कम्युनिकेशन है उसको इंक्रिप्ट करना है या तो सिक्योर करना है।
ठीक है? सो ये बेसिकली होती है ब्राउज़र और सर्वर के बीच में। तो इन दोनों का ये आपस में ये डिसीजन हो गया। इसके बाद क्या होता
है? जो बैंकिंग वेबसाइट है इनके पास होती है पब्लिक एंड प्राइवेट कीज़। हम प्राइवेट की अपने सर्वर पे ही रखते हैं सिक्योरली
जो पब्लिक की है उसको ट्रांसफर कर देगी टू ब्राउज़र। अब ब्राउज़र के पास पब्लिक की आ गई है जो कि अभी हम लोगों ने एग्जांपल
देखा था जो हमारी की थी थ्री। ठीक है? अब क्या करेगा? ब्राउज़र जो भी आपका यूजरनेम पासवर्ड जो इनफेशन रहती है ना क्रिटिकल
इनेशन। अब उसको क्या करेगा? ये जो की है पब्लिक की उससे इंक्रिप्ट करेगा। जैसे कि डेमो लेट्स से आपका एक पासवर्ड है। सो
उसको चेंज करके जीएपीआर कर दिया उसने इस पब्लिक की को यूज़ करके। एंड उसने ट्रांसफर कर दिया बैंकिंग वेबसाइट को। बैंकिंग
वेबसाइट ने क्या किया? उसकी जो प्राइवेट की है जो कि हमारी 23 थी उससे उसने डिक्रिप्ट करके उसको उसने ओरिजिनल मैसेज
को रिट्रीव कर लिया। चलिए अब बात करते हैं सिमेट्रिक वर्सेस अ सिमेट्रिक के बारे में। क्योंकि दोनों के ही कुछ एडवांटेजेस
हैं। डिसएडवांटेजेस भी हैं। जैसे कि सिमेट्रिक है। इसमें हम लोग सिंपल लॉजिक यूज़ करते थे। सेम की को यूज़ करके
इंक्रिप्ट और डिक्रिप्ट कर रहे हैं। इसलिए ये फास्टर एंड मोर एफिशिएंट है। एंड ये ज्यादातर यूज़ होता है लार्ज अमाउंट ऑफ
डेटा को ट्रांसफर करने के लिए। ओके? बट इसमें कुछ चैलेंजेस भी हैं। जैसे कि चैलेंजिंग की डिस्ट्रीब्यूशन कि जो हमारी
जो कीज़ होती है ना उसको हम लोग ट्रांसफर कैसे करें? डिस्ट्रीब्यूट कैसे करें? क्योंकि हम लोग सेम की यूज़ कर रहे हैं।
उसको इंटरनेट पे भी ट्रांसफर कर रहे हैं। अगर किसी ने उसको मतलब हैक कर लिया, एक्सेस कर लिया। सो हमारा वो ईजीली जो
डेटा है उसको डिक्रिप्ट कर सकता है। तो ये प्रॉब्लम हो गई। अब बात करते हैं असिमेट्रिक की। डिक्रिप्ट करने की कीज़ अलग
होती हैं। सो ये स्लोवर है। ज्यादा स्लो है। कंप्यूटेशन पावर ज्यादा लगता है। एंड बट इट इज़ सूटेबल फॉर द स्मॉल डेटा जो कि
बहुत इंपॉर्टेंट या तो अ क्रिटिकल डेटा है। उसके लिए हम लोग असिमेट्रिक यूज़ करते हैं। इट इज़ इट सिंपलीफाइड द की
डिस्ट्रीब्यूशन। जो हम लोग को की जो ट्रांसफर करना है ना अपने क्लाइंट साइट पर वो यह इसको ज्यादा आसान बना देता है कि हम
लोग पब्लिक एंड प्राइवेट की है तो हम लोग पब्लिक की ईजीली डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हैं क्योंकि वहां पे ये सेफ है। हमें कोई
इसमें रिस्क नहीं होता है। सो दोनों के ही कुछ एडवांटेज हैं दोनों के डिसएडवांटेज। सो इन दोनों को ही मिला के हमारे पास एक
और नया टर्म आता है जिसको हम बोलते हैं हाइब्रिड इंक्रिप्शन। सो हाइब्रिड इंक्रिप्शन में क्या होता है? हम जो
सिमेट्रिक एंड असिमेट्रिक दोनों के जो भी स्ट्रेंथ हैं उसको यूज करते हैं। देखो सिमेट्रिक में हमें सबसे बड़ा प्रॉब्लम
क्या था की डिस्ट्रीब्यूशन का कि हम लोग की को क्लाइंट साइड पे कैसे पहुंचाएं? तो हम लोग क्या सिंपली क्या नहीं कर सकते कि
सिमेट्रिक इंक्रिप्शन को हम लोग सिर्फ इसलिए यूज़ करें टू एक्सचेंज अ सिमेट्रिक की बिटवीन द पार्टीज। हम लोग असिमेट्रिक
इंक्रिप्शन के यूज करके जो सिमेट्रिक की है उसको पास कर लें मतलब एक्सचेंज कर लें। एंड उसके बाद जब क्लाइंट और सर्वर के
दोनों के पास सिमेट्रिक की सेफली सिक्योरली आ चुकी है। उसके बाद हम लोग लार्ज अमाउंट ऑफ जो भी डेटा ट्रांसफर है
उसको सिमेट्रिक इंक्रिप्शन को यूज़ करके हम लोग कर सकते हैं। इन दिस वे हम लोग सिक्योरिटी भी मेंटेन कर रहे हैं और
एफिशिएंसी भी मेंटेन कर रहे हैं। ठीक है? चलिए अब कुछ एग्जांपल्स देख लेते हैं इंक्रिप्शन एल्गोरिदम्स के जो कि रियल
लाइफ में यूज़ होते हैं। लाइक असिमेट्रिक और सिमेट्रिक दोनों के लिए अलग-अलग टाइप के एल्गोरिदम्स बने हुए हैं। जैसे कि
असिमेट्रिक में डीएसए, आरएसए, ईसीसी, ईसी, अलग-अलग एल्गोरिदम्स हैं। सिमेट्रिक के लिए एईएस बहुत ज्यादा पॉपुलर है। थ्री
डीईएस, आरसी4 सो अलग-अलग पर्पस के लिए अलग-अलग एल्गोरिदम्स यूज़ होते हैं। मैं आपको एक सिंपल सा डेमो भी दिखा देता हूं।
लाइक प्रैक्टिकल तो नहीं करेंगे बट सिंपल सा एक विजुअलाइजेशन के लिए जैसे कि हमारे पास मैसेज है डेमो और यहां पे हमें रियल
लाइफ एईएस इंक्रिप्शन अगर मान लो हम लोग करते हैं सिमेट्रिक तो हमारा जो डेमो जो ओरिजिनल वर्ड था वो कुछ इस तरह का दिखता
है। ठीक है? सो ये थोड़ा सा कॉम्प्लिकेटेड लग रहा होगा। लेकिन आप देख सकते हो कि किस लेवल पे जाके हम लोग अपने डेटा को
इंक्रिप्ट करते हैं। एंड अगर आप चाहते हो कि मैं थोड़ा इसको प्रैक्टिकल करके भी बता दूं तो एक सेपरेट वीडियो बना सकता हूं।
कमेंट करके जरूर बता देना। चलिए, अब बात करते हैं हैशिंग की जिसको यूज़ करते हैं हम लोग इंटीग्रिटी को मेंटेन करने के लिए।
मतलब यह इंश्योर करने के लिए कि हमारा डेटा बीच में कहीं मॉडिफाई तो नहीं हुआ। एंड हैशिंग में हम लोग क्या करते हैं? इट
इज़ द प्रोसेस ऑफ़ कन्वर्टिंग डेटा इंटू अ फिक्स्ड साइज़ स्ट्रिंग ऑफ़ कैरेक्टर्स एज़ अ सीक्वेंस ऑफ़ नंबर एंड लेटर्स। सो मतलब जो
भी हमारा डेटा है उसको एक फिक्स्ड साइज़ के फॉर्मेट में कोड में हम लोग उसको कन्वर्ट कर देते हैं। जैसे कि एक सिंपल सा
एग्जांपल से समझाता हूं। ये हमारा एक एक जो ओरिजिनल मैसेज था या तो डेटा था जो कि डेमो। इसमें जितने भी कैरेक्टर्स हैं उनकी
पोजीशंस को मैंने ऐड ऑन कर दिया। जैसे कि डी किस पोजीशन पे है? फोर ई फाइव पे। तो सबको [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैंने
ऐड ऑन किया और एक हमें नंबर मिल जाता है जो कि है 37। एंड ये जो हैंगिंग हम लोगों ने करी इसमें जो कि बहुत बेसिक सिंपल सी
हैंगिंग थी। इसके बाद जो हमें रिजल्ट मिला उसको हम लोग डाइजेस्ट या तो चेक सम बोलते हैं। चेक सम मतलब क्यों? जब रिसीवर इस
डेटा को रिसीव करेगा डेमो को वो खुद हैश करेगा। ठीक है? सब कैरेक्टर्स के पोजीशन को ऐड ऑन करेगा और वो वेरीफाई करेगा कि
भाई इक्वल टू 37 है कि नहीं। ओके? अगर 38 हुआ, कुछ हुआ, डिफरेंट हुआ उस केस में वो समझ जाएंगे कि हां भाई ये जो हमारा डेटा
है वो चेंज हुआ है। एंड यहां पे जो फिक्स्ड साइज़ क्या इसका क्या मतलब है? मैं आपको एक चीज़ बताता हूं। जैसे कि मैं अभी
Linux टर्मिनल पे हूं। ओके? और मैं सिंपल क्या करता हूं? इको डेमो। ठीक है? तो ये हमारा सिंपल सा वर्ड है। मैं बोलता हूं ये
जो डेमो वर्ड है उसको MD5 मतलब एक ये हैशिंग एल्गोरिदम है। उसमें चेंज कर दो। ठीक है? सो आप देखोगे ये मुझे कुछ इस तरह
से इसने हैशिंग करके एक अ सीक्वेंस ऑफ एज अ कोड मुझे दे दिया। अब मैं आपको एक चीज़ बताता हूं। अगर मैं फिर से डेमो करता हूं।
सो आपको एग्जैक्टली सेम पैटर्न या तो सेम अ वैल्यू जिसको हम चेक सम बोलते हैं। चेक सम मिलेगा। लेकिन मैं क्या बता रहा था
इसमें फिक्स्ड लेंथ का मतलब क्या होता है? जैसे कि अभी मेरे पास सिर्फ डेमो है। अगर मैं यहां पे कुछ और कर देता हूं। ठीक है?
मैंने इतना सारा लिखा मतलब मेरा डेटा बढ़ गया। और जब जब मैं इसको एग्जीक्यूट करता हूं तो आप देखोगे ये लेंथ है। ये देखो ये
जो लेंथ आप देख रहे हो ना लेंथ सेम है। जो हमारा चेक सम की लेंथ बिल्कुल सेम है। इसलिए हम लोग बोलते हैं इसको फिक्स्ड
लेंथ। चलिए अब ये चीज समझते हैं कि ये इंटीग्रिटी इससे मेंटेन कैसे होती है। सेम हम लोग वही एग्जांपल ले लेते हैं क्वेश्चन
पेपर वाला। अभी हम लोग पहले क्वेश्चन पेपर बस भेज रहे थे। अभी हम लोग क्या करते हैं? एक और एनवेलप है। इसमें हम लोग ने चेक सम
भी लिख के भेज दिया कि भाई डेमो हमारा ओरिजिनल पेपर और 37 इसकी हैशिंग वैल्यू। ठीक है? एग्जाम सेंटर के पास जाएगा। वो
फिर से डेमो को मतलब हैश करेंगे और 37 से कंपेयर करेंगे। इक्वल है मतलब ये पेपर सही है या मतलब मॉडिफाई नहीं हुआ है। लेट्स से
अगर हैकर ने डेमो की जगह एमो कर दिया कुछ थोड़े से चेंजेस कर दिए सो क्या होगा 37 से अब मैच नहीं होगा एग्जाम सेंटर को
तुरंत पता चल जाएगा कि पेपर में कुछ दिक्कत हुई है। हो सकता है भाई हैकर जो है यहां पे थोड़ा सा और स्मार्ट हो वो क्या
करें कि पेपर के साथ-साथ हैशिंग वैल्यू भी बदल दें। राइट? कि जैसे एमओ के साथ-साथ उसने वैल्यू 37 से 34 कर दी। तो अब एग्जाम
सेंटर को पता नहीं लगेगा कि ये सच में चेंज हुआ है। थोड़ा सा और इंप्रूव कर सकते हैं। कैसे कर सकते हैं? चलिए इसके बारे
में बात करते हैं। उसके लिए यूज़ करते हैं हम लोग मैक जो कि होता है मैसेज ऑथेंटिकेशन कोड। मैक। ठीक है? इसका मतलब
क्या होता है? वी आर कंबाइनिंग द मैसेज विद अ सीक्रेट कोड। अब जैसे कि हमारा मैसेज पहले सिर्फ डेमो था। अभी हम लोग ने
क्या किया है? डेमो जो वर्ड था मैसेज और हमारे पास एक और सीक्रेट की है जो कि है की 1 2 3 लेट्स से। हम लोग ने दोनों को ऐड
किया। इसका एक और नया वर्ड बनाया और उसको हैश किया। तो हम लोग को एक नई वैल्यू मिली 84। इस बार हम लोग ने क्या किया भाई? देखो
हमारे पास ये सीक्रेट की थी की 1 2 3 और एग्जाम सेंटर को हम लोगों ने लेट से फोन करके बोला कि भाई जो सीक्रेट की है हमारी
1 2 3 है। इस बार क्या हुआ? हम लोग ने डेमो और 84 एक ये 84 वैल्यू भेजी है। अब ये जो सीक्रेट की है ये हैकर को इसके बारे
में कोई भी ठीक है आईडिया नहीं है कि भाई ऐसा भी कुछ हो सकता है। सो इस बार क्या करेगा एग्जाम सेंटर ये जब पेपर मिलेगा ना
उसको तो डेमो जो वर्ड है तो मैसेज है उसमें ये की को ऐड करेगा की 1 2 3 को उसके बाद हैश करेगा और उसको जब 84 वैल्यू
मिलेगी वो कंफर्म कर सकते हैं कि हां ये पेपर ऑथेंटिक है या नहीं है। ठीक है? तो आपने देखा कि हम लोग ने लेवल ऑफ़
सिक्योरिटी बढ़ा दी यूजिंग द मैसेज ऑथेंटिकेशन कोड। चलिए कुछ रियल लाइफ हैशिंग एल्गोरिदम्स के बारे में देख लेते
हैं। जैसे कि MD5 मैसेज डाइजेस्ट एल्गोरिदम फाइव। ठीक है? सो अभी आप लोगों ने एक एग्जांपल भी देखा था MD5। तो ये
क्या होता है? मैसेज डाइजेस्ट एल्गोरिदम्स। ठीक है? तो 128 बिट्स का आपको रिजल्ट प्रोड्यूस करके देता है। आपको
और कॉम्प्लिकेटेड चाहिए तो हमारे पास होता है शा। शा आपने बहुत शायद वर्ड सुने होंगे। शा मतलब सिक्योर हैश एल्गोरिदम्स
होते हैं। इसमें भी आपको अलग-अलग वर्जनंस जैसे कि शामें भी अलग-अलग बिट्स के रिजल्ट के मतलब आप
किस लेवल पे आप रिजल्ट प्रोड्यूस करना चाहते हो लाइक 224 बिट 256 384 512 एंड सो ऑन शाने जैसे ही किया तो आप देखोगे बहुत
सारे ऑप्शन हैं। शा 256 384 अलग-अलग बिट्स के अकॉर्डिंग हैं। एंड यहां पे दो चीजें दिखेंगी। एच एम ए सी
एच मैक भी दिख रहा है। राइट? जो कि होता है बेस्ड मैसेज ऑथेंटिकेशन कोड जो अभी हम लोगों ने पढ़ा। ठीक है? तो ये इस टाइप के
एल्गोरिदम्स होते हैं। लेट्स से मैं यहां पे 512 ठीक है? और एचac करता हूं। सो आप देखोगे
कि MD5 में बहुत छोटा सा मुझे कुछ मिल रहा था। और 512 बिट देखोगे तो मुझे इतना बड़ा एक हैशिंग या तो चेक सम रिजल्ट मिल रहा
है। चलिए अब बात करते हैं ऑथेंटिकेशन की। क्योंकि अभी तक हम लोगों ने कॉन्फिडेंशियलिटी इंटीग्रिटी के अंडर
इंक्रिप्शन हैशिंग देख लिया। इसके बाद बात करते हैं सर्टिफिकेट्स की कि सर्टिफिकेट्स का काम क्या होता है? टू वेरीफाई द
आइडेंटिटी ऑफ द पार्टीज। मतलब जो भी वेबसाइट को हम लोग एक्सेस कर रहे हैं भाई वो ऑथेंटिक है कि नहीं? सिक्योर है कि
नहीं? तो इन चीजों के लिए ये सर्टिफिकेट्स यूज होते हैं। मैं डायरेक्टली पहले तो एग्जांपल दिखाता हूं। देखो ये ब्राउज़र है,
वेबसाइट है। यहां पे ये जो लॉक का बटन है इस पे मैं क्लिक करता हूं। देखोगे शो सर्टिफिकेट्स आ रहा है। सो मैं जैसे ही
इसको क्लिक करूंगा आप देखोगे सर्टिफिकेट के बारे में यहां पे मुझे और इंफॉर्मेशन मिल रही है। ठीक है? यहां पे एक छोटा सा
सर्टिफिकेट है और इसके बारे में इंफॉर्मेशन है। जैसे ही मैं Chrome ब्राउज़र पे भी दिखाऊं तो यहां भी आपको
सर्टिफिकेट दिख जाएगा। कनेक्शन इज़ सिक्योर। इस पे क्लिक करता हूं। सर्टिफिकेट इज़ वैलिड। यहां भी सर्टिफिकेट
नाम यूज़ हो रहा है। इसको मैं क्लिक करता हूं। सो, आप देखोगे कि यह काफ़ी सारी इनेशन यहां पे आपको दिखाई देगी। ठीक है? सो, इसी
को और अच्छे से हम समझते हैं। इसके लिए हम लोग सीखेंगे, समझेंगे वो है सीए। सीए मतलब होता है सर्टिफिकेट्स अथॉरिटी। अब इनका
क्या काम होता है? ये एक ट्रस्टेड ऑर्गेनाइजेशन या तो एंटटी होते हैं जो डिजिटल सर्टिफिकेट्स प्रोवाइड करते हैं।
किसको? वेबसाइट के ओनर को। जैसे कि यहां पे बैंकिंग की वेबसाइट थी। तो बैंकिंग वेबसाइट वाले क्या करेंगे? पहले ये
सर्टिफिकेट पहले प्राप्त करेंगे। ठीक है? ये ऑर्गेनाइजेशन से रिसीव करेंगे टू शो हम ऑथेंटिक एक वेबसाइट है या तो एक
ऑर्गेनाइजेशन है। एंड इसके अलावा जो कनेक्शन रहेगा उसको भी सिक्योर करने के लिए। ठीक है? सो ये कैसे काम करता है?
चलिए बात करते हैं। ये जो हमारा पुराना फ्लो था पुराने फ्लो में हमारे पास सिंपल एक ब्राउज़र और ये बैंकिंग वेबसाइट का
सर्वर था। अभी इसके बीच में आ गया है सर्टिफिकेट अथॉरिटी। ऑलदो यह इससे वन टाइम प्रोसेस होता है। लेकिन यह कैसे वर्क करता
है? फ्लो समझते हैं। जैसे कि देखो बैंकिंग वेबसाइट ने अपना वेबसाइट वगैरह सब प्रिपेयर कर लिया, होस्ट कर लिया। इसके
बाद क्या करेगा? बैंकिंग वेबसाइट अपनी पब्लिक की को ठीक है? प्रोवाइड करेगा सर्टिफिकेट अथॉरिटी को। ओके? कि ये रही
मेरी पब्लिक की। इसके साथ और भी काफी सारी इंफॉर्मेशन कि आपकी ऑर्गेनाइजेशन का नाम क्या है? कंपनी का नाम क्या है? आप किस
लोकेशन से और ये सब चीजें हो। एंड ये सारी इंफॉर्मेशन कि भाई आप ऑथेंटिक हो और आपके बारे में इंफॉर्मेशन सर्टिफिकेट अथॉरिटी
क्या करती है? पब्लिक की और जो भी इंफॉर्मेशन है उसको यूज करके एक सर्टिफिकेट प्रोवाइड करती है आपकी ये
बैंकिंग वेबसाइट वालों को। अब ये जो सर्टिफिकेट प्राप्त हो गया है इनको जो रिसीव हो गया है। सर्टिफिकेट में एक
डिजिटल सिग्नेचर होता है। ठीक है? जो शो करता है कि यह ऑथेंटिक है। दूसरी चीज़ और इस सर्टिफिकेट में इनका पब्लिक की भी
प्रेजेंट होता है। यह Chrome पे आ गए हैं ना? यह मैंने सर्टिफिकेट ओपन किया। सो, आप देखोगे कि यहां पे लास्ट में आप देखोगे
सर्टिफिकेट, यह डिजिटल सिग्नेचर और यहां पे पब्लिक की। देखोगे पब्लिक की यहां पे पूरा प्रेजेंट है। अब जैसे कि मैंने बोला
था कि जो वेबसाइट है जो वेबसाइट के ओनर है उनके बारे में भी इंफॉर्मेशन है। तो जैसे कि ये वेबसाइट है तो इसके बारे में आप
देखोगे। सो लेट्स से मैं यहां पे सब्जेक्ट में आता हूं। सो आप देखोगे ICICI Bank लिमिटेड और ये लोकेशन क्या है? ठाणे
महाराष्ट्र इंडिया। ठीक है? सो आपको थोड़ी सी और इंफॉर्मेशन मिल जाती है। आप कौन सा एल्गोरिदम यूज़ कर रहे हो। ठीक है? ये
कनेक्शन सिक्योर करने के लिए। सो आप देखोगे शा 256 फिंगरप्रिंट्स। सो एल्गोरिदम आप देखोगे शा 52 256 विद आरएसए
इंक्रिप्शन देखोगे आरएसए इंक्रिप्शन है। है ना? ये सर्टिफिकेट्स में सारी डिटेल्स प्रोवाइडेड है। सो एक बार ये सर्टिफिकेट
आपने रिसीव कर लिया। वन टाइम प्रोसेस है। अब क्या होगा? जब भी आप वेबसाइट को एक्सेस करोगे। सो ये जो वेबसाइट है मतलब जो
बैंकिंग वेबसाइट है ये सर्टिफिकेट ट्रांसफर करता है ब्राउज़र को जो भी अलग-अलग टाइप के अथॉरिटीज हैं उन सारी
इंफॉर्मेशन उन उन सबकी इंफॉर्मेशनेशन ब्राउज़र के पास ऑलरेडी होता है। अब वो ब्राउज़र क्या करेगा? अपनी लिस्ट में से
चेक करेगा कि ये जो सर्टिफिकेट है वैलिड है कि नहीं। अब ये वैलिडिटी कैसे चेक होती है? अगर आपने अभी देखा होगा कि यहां पे
फिंगरप्रिंट रहते हैं। है ना ये सर्टिफिकेट का। तो ये सर्टिफिकेट के फिंगरप्रिंट से अथॉरिटी की वेरिफिकेशन
होती है और इसके बाद पब्लिक की भी इसको मिल जाती है। सो दैट ये इसके आगे का प्रोसेस कर सके। सो आई थिंक इसके बाद आप
समझ जाओगे कि सर्टिफिकेट का क्या रोल है और ये आगे कैसे वर्क करता है। सो ये जो सर्टिफिकेट्स के जो अलग-अलग फॉर्मेट होते
हैं वो अलग-अलग पर्पस के लिए यूज़ होते हैं। क्योंकि देखो ये जो सिक्योर कनेक्शन वाला जो कांसेप्ट है वो सिर्फ वेबसाइट के
लिए थोड़ी ना यूज़ होता है। वो अलग-अलग एप्लीकेशनेशंस या तो जो डिवाइसेस कनेक्टेड हैं उनके लिए भी यूज़ होता है। अब जैसे कि
आप देखोगे अ ये जो अलग-अलग फॉर्मेट है इसमें अलग-अलग टाइप की कोडिंग यूज़ होती है। इनके यूसेज भी यहां पे प्रोवाइड कर
दिए। जैसे कि वेब सर्वर, ईमेल्स वगैरह के लिए कौन सा यूज़ होता है? Java प्लेटफार्म, बाइनरी डेटा हैंडलिंग के लिए अलग फॉर्मेट
एंड सो ऑन। ठीक है? तो ये अलग-अलग फॉर्मेट भी इसके प्रोवाइडेड हैं। ये जो सर्टिफिकेट है, आप इसको डाउनलोड भी कर सकते हो। ठीक
है? जैसे कि डिटेल्स पे जाओ यहां पे एक्सपोर्ट का आपको ऑप्शन आ जाएगा। एंड जैसे कि अगर आप यहां पे नोटिस करोगे कि जब
मैं यहां पे इसको सेव कर रहा हूं तो आप देखोगे ये डॉट पीईएम इसमें जो अभी फॉर्मेटिंग यहां पे यूज़ हो रही है। ठीक
है? सेव करने के टाइम। चलिए लास्ट में एक वैलिड एंड बहुत ही प्रैक्टिकल क्वेश्चन कि यह जो सर्टिफिकेट्स है वह प्रोवाइड कौन
कराता है? तो इसका एग्जांपल मैं बता देता हूं। कुछ ऑर्गेनाइजेशंस हैं जैसे कि गो डैडी है। राइट? अह सो अगर आप देखोगे गो
डडी में ये एसएसएल सर्टिफिकेट्स। सो यहां भी आप देखोगे एसएसएल इन लोग टर्म यूज़ कर रहे हैं। बट ठीक है? कंफ्यूज नहीं होना
है। सो जैसे कि सर्टिफिकेट इज़ वैलिड। आपको ये सर्टिफिकेट्स चाहिए। सो यहां पे आपको इन्होंने ऑप्शंस दिए हैं। यहां पे देखो
प्राइसेस हैं। ऑफ कोर्स आपको खरीदने पड़ते हैं। ठीक है? एसएसएल सर्टिफिकेट्स इनकी एक्सपायरी भी होती है। ठीक है? है तो ये
लिमिटेड टाइम के लिए होते हैं। जैसे कि मैं ICICI Bank के पे जाता हूं और यहां पे सर्टिफिकेट्स ओपन कर लेता हूं। सो यहां पे
आप देख सकते हो इशूड कब हुआ था और ये एक्सपायर कब होगा? ये तो देखोगे 17 मई 2025। सो 25 में ये एक्सपायर हो जाएगा। सो
ये जो कंपनीज़ होती हैं जो मैनेज करती हैं इनको बार-बार रिन्यू करना पड़ता है और न्यू सर्टिफिकेट्स को इंस्टॉल करना पड़ता है।
ठीक है? और इसके अलावा यहां पे है Diggsert जो कि देखो सर्टिफिकेट्स यहां पे ये प्रोवाइड करते हैं। ठीक है? सो ये
अलग-अलग ऑर्गेनाइजेशन हो सकते हैं। एंड ये चीज आप बहुत ही ईजीली देख भी सकते हो कि किसी वेबसाइट का जो सर्टिफिकेट्स है वो
किसने इशू किया है। जैसे कि ये बैंकिंग की बात करें तो इशूड बाय क्या है यहां पे? इंटरेस्ट सर्टिफिकेशन अथॉरिटी। सो आप
देखोगे इंटरेस्ट ये जो एक ऑर्गेनाइजेशन है ये भी देखो बाय सर्टिफिकेट्स रिन्यूल सर्टिफिकेट्स। तो ये भी सर्टिफिकेट्स
प्रोवाइड करते हैं। ओके? ठीक है? वीडियो को एंड करने से पहले एक समरी देख लेते हैं। बिकॉज़ हम लोग ने बहुत सारी चीजें
देखी हैं। तो एक ओवरऑल पूरा स्टेप बाय स्टेप देख लेते हैं कि चीजें कैसे वर्क करती हैं। सबसे पहले क्लाइंट क्या करेगा?
हेलो एक मैसेज भेजेगा सर्वर पे। ठीक है? सो क्लाइंट ये बोलता है कि हेलो आई सपोर्टेड दीज़ एसएसएल टीएलएस वर्जन।
अलग-अलग एल्गोरिदम्स हैं। तो मैं ये ये चीजें सपोर्ट करता हूं। ठीक है? सर्वर बोलेगा ठीक है? भाई आई चूज़ दिस एसएसएल
टीएलएस वर्जन एंड सफर सूट। तो सर्वर बोलेगा कि भाई मैं ये चीज़ सपोर्टेड करता हूं। ठीक है? सर्वर क्या है? अपने
सर्टिफिकेट को सेंड करेगा। हियर इज़ माय सर्टिफिकेट विद माय पब्लिक की। ठीक है? वो हम लोग देख चुके हैं। उसके बाद सर्टिफिकेट
वेरिफिकेशन ब्राउज़र ये सर्टिफाइड सर्टिफिकेट को वेरीफाई करेगा इट इज़ प्रॉपर ऑ नॉट। सब सही है कि नहीं। इसके बाद की
एक्सचेंज होता है। सर्टिफिकेट वैलिड है। वेबसाइट ऑथेंटिक है। इसके बाद क्या करेगा? ब्राउज़र अ जो प्री मास्टर सीक्रेट की है।
ठीक है? जो हम लोग ने देखा था अह हाइब्रिड इंक्रिप्शन में जो सिमेट्रिक की होती है। सो प्री मास्टर जो सीक्रेट की है वो
पब्लिक की से इंक्रिप्ट करके वो सर्वर को भेजेगा। ठीक है? और सर्वर क्या करेगा? डिक्रिप्ट करेगा वो मास्टर की को। तो प्री
मास्टर की जो कि हो गया हमारा सिमेट्रिक इंक्रिप्शन की। सो अभी हमारे पास क्लाइंट सर्वर दोनों के पास वो सिमेट्रिक या तो
प्रीमास्टर की है। ओके? सेशन की जनरेटेड। ओके? वी जनरेट अ सेशन की यूजिंग द प्री मास्टर सीक्रेट। तो यहां पे सेशन की
उन्होंने प्री मास्टर की से जनरेट कर लिया। ठीक है? वो भी ऐड ऑन कर सकते हैं। उसके बाद क्लाइंट फिनिश्ड। सर्वर फिनिश्ड
मतलब हैंडशेक कंप्लीट एंड सिक्योर कम्युनिकेशन। मतलब इसके बाद जो भी डेटा इस कनेक्शन या फिर इस लाइन पे ठीक है ट्रैवल
होगा वो सिक्यर्ड होगा। सो दिस इज़ हाउ एक ओवरऑल एसएसएल टीएलएस जो वर्क फ्लो काम करता है। सो आई होप ये वीडियो आपके लिए
हेल्पफुल रही होगी। इन दैट केस हिट दैट लाइक बटन। इसका प्रैक्टिकल अगर एक वीडियो चाहते हो तो प्लीज कमेंट करके जरूर बताना।
थैंक्स फॉर वाचिंग। ओके। ओके। सो जिन लोगों ने भी ये वीडियो पूरा देखा है, सारे टॉपिक्स अच्छे से समझे
हैं, देखे हैं। सो कांग्रेचुलेशन फॉर दैट क्योंकि इट्स एन बिग अचीवमेंट। सारे लोग ठीक है? पूरा वीडियो और पूरे सारे
कांसेप्ट अच्छे से नहीं देखते हैं। बीच में ही छोड़ के चले जाते हैं। सो सबसे पहले तो आपको कांग्रेचुलेशन। इसके अलावा
जो भी आपका फीडबैक हो, कुछ इंप्रूवमेंट करना हो वीडियो में, कोर्सेज में तो प्लीज कमेंट करके जरूर बता देना। ओके? इसके
अलावा अगर आपको लगता है कि इस कोर्स में कोई इंपॉर्टेंट Azure की सर्विस छूट गई है तो वह मैं क्या है क्या करूंगा एक सेपरेट
वीडियो बना के प्लेलिस्ट में ऐड कर दूंगा तो वहां से आप देख सकते हो और अगेन उसका भी कमेंट कर देना कि कौन सी सर्विस आपको
इंपॉर्टेंट लगती है जो छोटी है इसके अलावा अगर यह वीडियो आपके लिए थोड़ी भी कहीं भी बेनिफिशियल हो हेल्पफुल रही हो आपने कुछ
सीखा हो लाइक जरूर कर देना कमेंट जरूर करके बता देना क्या आपने सीखा क्या अचीव किया कहां कहां से हो? मतलब कुछ भी एक
कमेंट तो कर ही देना। सो दैट्स ऑल।
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Azure सीखने के बाद आप Azure क्लाउड इंजीनियर, क्लाउड एडमिन, डेवॉप्स इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट, या साइट रिलायबिलिटी इंजीनियर (SRE) जैसी भूमिकाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। Azure AWS के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्लाउड प्लेटफॉर्म है, जिसे Accenture, Audi, Coca-Cola, Nestlé जैसी बड़ी कंपनियां उपयोग कर रही हैं।
वर्चुअलाइजेशन क्लाउड कंप्यूटिंग की नींव है, इसलिए इसे पहले मॉड्यूल में शामिल किया गया है। इसमें हाइपरवाइजर (टाइप 1 और टाइप 2), वर्चुअल मशीन के फायदे, और एक ही मशीन पर Windows और Linux चलाने जैसी रियल-लाइफ एक्जाम्पल विस्तार से समझाए गए हैं।
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