कोनिक सेक्शन (शंकु परिच्छेद) का परिचय
इस वीडियो में, हम NCERT कक्षा 11, अध्याय 10: कोनिक सेक्शन के सभी मुख्य अवधारणाओं को समझेंगे।
बेसिक कॉन्सेप्ट: डबल नेप्ड कोन
- दोहरा शंकु (डबल नेप्ड कोन): एक सीधी रेखा (जनरेटर) को एक अक्ष के चारों ओर घुमाकर बनाया जाता है।
- जनरेटर (Generator): वह रेखा जो घूमती है।
- वर्टेक्स (Vertex): वह बिंदु जहाँ दोनों शंकु (अपर नेप और लोअर नेप) मिलते हैं।
- अक्ष (Axis): वह स्थिर रेखा जिसके चारों ओर जनरेटर घूमता है।
- α (अल्फा): जनरेटर और अक्ष के बीच का कोण।
शंकु के अनुप्रस्थ काट (Sections of a Cone)
जब एक समतल (प्लेन) द्वारा शंकु को काटा जाता है, तो विभिन्न आकार बनते हैं। यह आकार काटने वाले तल और अक्ष के बीच के कोण (β - बीटा) पर निर्भर करता है।
-
सर्कल (वृत्त): जब β = 90° होता है। (काटने वाला तल अक्ष के लंबवत होता है)
- शंकु को लंबवत काटने पर गोलाकार आकार (सर्कल) बनता है।
-
एलिप्स (दीर्घवृत्त): जब α < β < 90° होता है।
- अक्ष से तिरछा काटने पर, जहाँ β, α से बड़ा और 90° से छोटा है, दीर्घवृत्ताकार (एलिप्टिकल) आकार बनता है।
-
पैराबोला (परवलय): जब β = α होता है।
- जब काटने वाला तल जनरेटर के समानांतर (पैरेलल) होता है, तो परवलय (पैराबोला) का आकार बनता है।
-
हाइपरबोला (अतिपरवलय): जब 0 ≤ β < α होता है।
- जब काटने वाला तल अक्ष से बहुत छोटा कोण बनाता है, तो वह शंकु के दोनों नेप (अपर और लोअर) को काटता है, जिससे अतिपरवलय (हाइपरबोला) का आकार बनता है।
प्रमुख शंकु परिच्छेद (Conic Sections) की व्याख्या
1. सर्कल (वृत्त)
- परिभाषा: समतल में सभी बिंदुओं का समुच्चय जो एक नियत बिंदु (केंद्र) से समान दूरी पर हों।
- मानक समीकरण (जब केंद्र (h, k) पर हो):
- (x - h)² + (y - k)² = r²
- जहाँ r = त्रिज्या (रेडियस)
2. एलिप्स (दीर्घवृत्त)
- परिभाषा: समतल में सभी बिंदुओं का समुच्चय, जहाँ दो नियत बिंदुओं (F1 और F2, जिन्हें फोकस कहते हैं) से उनकी दूरियों का योग एक स्थिरांक होता है।
- प्रमुख पद:
- फोकस (Foci): दो नियत बिंदु, F1 और F2।
- केंद्र (Center - O): फोकस के बीच का मध्य बिंदु।
- दीर्घ अक्ष (Major Axis - AB): वह रेखा जो दोनों शीर्षों (vertices) से होकर जाती है। (सबसे लंबा व्यास) इसकी लंबाई = 2a
- लघु अक्ष (Minor Axis - CD): वह रेखा जो दीर्घ अक्ष पर लंबवत होती है और केंद्र से गुजरती है। इसकी लंबाई = 2b
- शीर्ष (Vertices - A & B): वे बिंदु जहाँ दीर्घ अक्ष एलिप्स को काटता है। केंद्र से शीर्ष तक की दूरी = a
- उत्केंद्रता (Eccentricity - e): e = c / a (जहाँ c, केंद्र से फोकस की दूरी है) एलिप्स के लिए, 0 < e < 1
- मानक समीकरण (जब दीर्घ अक्ष x-अक्ष के अनुदिश हो):
- x²/a² + y²/b² = 1
- यहाँ, संबंध: c² = a² - b²
- लेटस रेक्टम (Latus Rectum): फोकस से होकर जाने वाली दीर्घ अक्ष पर लंबवत जीवा।
- लंबाई = 2b² / a
3. पैराबोला (परवलय)
- परिभाषा: समतल में सभी बिंदुओं का समुच्चय जो एक नियत बिंदु (फोकस, F) और एक नियत रेखा (नियता, Directrix, l) से समान दूरी पर हों।
- प्रमुख पद:
- फोकस (Focus - F): निश्चित बिंदु।
- नियता (Directrix - l): एक निश्चित रेखा।
- अक्ष (Axis): वह रेखा जो फोकस से होकर गुजरती है और नियता पर लंबवत होती है।
- शीर्ष (Vertex - V): वह बिंदु जहाँ परवलय अपने अक्ष को काटता है।
- पैराबोला की एक विशेषता: किसी भी बिंदु P के लिए, दूरी PF = दूरी P से नियता पर डाले गए लंब तक की दूरी।
- मानक समीकरण (4 मामले):
- दाईं ओर खुला (अक्ष धनात्मक x-अक्ष): y² = 4ax, फोकस (a, 0), नियता x = -a
- बाईं ओर खुला (अक्ष ऋणात्मक x-अक्ष): y² = -4ax, फोकस (-a, 0), नियता x = a
- ऊपर की ओर खुला (अक्ष धनात्मक y-अक्ष): x² = 4ay, फोकस (0, a), नियता y = -a
- नीचे की ओर खुला (अक्ष ऋणात्मक y-अक्ष): x² = -4ay, फोकस (0, -a), नियता y = a
- लेटस रेक्टम (Latus Rectum): फोकस से होकर जाने वाली और अक्ष पर लंबवत रेखा।
- लंबाई (सभी मामलों में) = 4a
4. हाइपरबोला (अतिपरवलय)
- परिभाषा: समतल में सभी बिंदुओं का समुच्चय, जहाँ दो नियत बिंदुओं (F1 और F2, फोकस) से उनकी दूरियों का अंतर एक स्थिरांक होता है।
- प्रमुख पद:
- फोकस (Foci - F1 & F2): नियत बिंदु।
- केंद्र (Center - O): फोकस के बीच का मध्य बिंदु।
- अनुप्रस्थ अक्ष (Transverse Axis): वह रेखा जो दोनों शीर्षों से होकर जाती है। इसकी लंबाई = 2a
- संयुग्मी अक्ष (Conjugate Axis): वह रेखा जो अनुप्रस्थ अक्ष पर लंबवत होती है और केंद्र से गुजरती है।
- शीर्ष (Vertices - A & B): जहाँ अनुप्रस्थ अक्ष हाइपरबोला से मिलता है।
- उत्केंद्रता (Eccentricity - e): e = c / a, हाइपरबोला के लिए e > 1
- मानक समीकरण (जब अनुप्रस्थ अक्ष x-अक्ष के अनुदिश हो):
- x²/a² - y²/b² = 1
- यहाँ, संबंध: c² = a² + b²
- मानक समीकरण (जब अनुप्रस्थ अक्ष y-अक्ष के अनुदिश हो):
- y²/a² - x²/b² = 1
- लेटस रेक्टम (Latus Rectum): फोकस से होकर जाने वाली और अनुप्रस्थ अक्ष पर लंबवत रेखा।
- लंबाई = 2b² / a
नोट: इन सभी अवधारणाओं के अभ्यास के लिए अलग-अलग एक्सरसाइज वीडियो बनाई गई हैं, जिनके लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए गए हैं।
ग्रीन बोर्ड क्लास 11th एंड 12th पर आप सभी का स्वागत है मेरा नाम है मंदीप इस वीडियो में करेंगे क्लास 11थ के सब्जेक्ट
मैथ्स से नई एनसीआरटी बुक का चैप्टर नंबर 10 जिसका नाम है कोनिक सेक्शन इस चैप्टर की यह इंट्रोडक्शन वीडियो होने वाली है
इंट्रोडक्शन में चैप्टर के सभी कांसेप्ट को समझा जाता है सभी फॉर्मूले को समझा जाता है ताकि एक्सरसाइज में जो भी हमारे
क्वेश्चंस आते हैं एग्जाम में जो भी हमारे क्वेश्चंस आते हैं उनको इजली सॉल्व किया जा सके इंट्रोडक्शन के अलावा इस चैप्टर की
जो भी एक्सरसाइजस हैं अगर उनको देखना है तो सभी की अलग-अलग वीडियो बनाई गई है और सभी के लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स
में फर्स्ट कमेंट में प्रोवाइड किए गए हैं सभी को देखना अच्छी तरह से समझना तो इस वीडियो में शुरुआत करते हैं कोनिक सेक्शन
के इंट्रोडक्शन की बहुत डिटेल में समझेंगे नेक्स्ट पेज से क्लास 10थ में आपने कोन के बारे में पढ़ा होगा कोन का सरफेस एरिया
आपको पता होगा कोन की शेप आपको पता होगी कोन का जो वॉल्यूम है वो आपको पता होगा तो भाई जो फॉर्मूले पढ़े थे उन फॉर्मू का कोई
भी लेना देना नहीं है इस वाले चैप्टर से यहां पर हम पढ़ने वाले हैं कोनिक सेक्शंस के बारे में क्या होते हैं कोनिक सेक्शन
से ये हमारा एक कोण है जो आइसक्रीम वाला हमारा कोण होता है ना उसी तरह का हमारा ये कोण है अगर मैं इसको यहां से कट करता हूं
तो शेप किस तरह की बनेगी सर्कुलर शेप बन जाएगी अगर मैं इस तरह से कट लगाऊंगा तो जो शेप है वो एलिप्स बन जाएगा अगर मैं इस तरह
से कट लगाऊंगा तो ये मेरा पैराबोला बन जाएगा और इसके बाद इस तरह से अगर कट लगाया है तो ये हाइपरबोला शेप बन जाती है तो जो
चार शेप बनती हैं सर्किल वाली एलिप्स वाली पैराबोला और हाइपरबोला इन चारों शेप्स के बारे में ही हमें पढ़ना है जैसे जो हमारा
इससे पीछे वाला चैप्टर नंबर नाइन था स्ट्रेट लाइन से लाइंस की इक्वेशन बनती थी इसी तरह से हमारे सर्किल की इक्वेशन बनेगी
जो हमारा यहां पर एलिप्स है इसकी इक्वेशन बनेगी जो पैराबोला है इसकी और हाइपरबोला है इनकी भी इक्वेशंस बनेंगी उन इक्वेशंस
की जो जनरल फॉर्म होती है वो आपने समझनी है उसके अलावा कुछ छोटे-मोटे कांसेप्ट और आएंगे वो भी हमें समझने होंगे सो बात करते
हैं सबसे पहले हम कोनिक सेक्शंस की ये तो मैंने आपको समझा दिया बेसिक बेसिक मैंने आपको बता दिए कि कोनिक के सेक्शंस किस तरह
से होंगे अब अगर हम कोन को डिटेल में लेकर जाएं तो हमारे मान लो ये यहां पर हमारी क्या है एक एक्सेस है ठीक है इसको मैं एल
लाइन मेरी है इसको मैं एक्सेस कहूंगा एक्सिस क्यों कहूंगा आपको समझ में आ जाएगा अब यहां पर मान लो मैं कोई लाइन m इस तरह
से ड्रॉ कर देता हूं ठीक है जो भी लाइन है उसका स्लोप होता है तो इसको मैं m इसका स्लोप है और ये एंगल यहां पर जो बनाती है
l के साथ ये एंगल मान लेंगे यहां पर हमारा अल्फा एंगल होगा ठीक है सारी चीजें यही आपने रखनी है अब जो भी मेरी एम लाइन है ना
इस एम लाइन को मैं इस तरह से घुमाता हूं ठीक है तो नीचे वाला पार्ट भी इसका इस तरह से घूमेगा तो आप यहां पर ध्यान से देखो
हमारा कोन बन जाता है ठीक है जो भी यहां पर हमारी ए एम लाइन है इसको कहा जाता है जनरेटर क्योंकि ये घूमती है ठीक है इसको
मैं इस तरह से घुमाऊंगा तो नीचे वाला पार्ट भी इस तरह से घूमेगा और यहां पर हमारी कोनिक शेप बन जाएगी एक कोण ऊपर की
तरफ बनेगा एक कोण नीचे की तरफ बनेगा जो एग्जैक्ट मैंने अभी आपको बना के दिखाया है इसको ड्रॉ भी कर देता हूं जो हमारा जनरेटर
है उसको इस तरह से घुमाएंगे नीचे वाला पार्ट भी इस तरह से घूमेगा तो हमारा यहां पर बन जाएगा कोन इस तरह से हमारा यहां पर
कोण बन जाएगा बहुत सिंपल चीज यहां पर की गई है ठीक है अब जहां पर भी हमारे दोनों कोण के यहां पर ये दोनों कोण मिलते हैं
इसको कहा जाता है वी पॉइंट एंड वी का मतलब होता है वर्टेक्स ये हमारा वर्ट टैक्स होता है जो हमारा ये वाला पॉइंट होता है
जहां पर भी दोनों कॉइन जो है एक दूसरे को मीट करते हैं अब यहां पर जो नेक्स्ट चीजें मैं बताने वाला हूं उनको ध्यान से समझ लो
जो हमारा यहां पर बना है इसको क्या कहेंगे हम डबल नेप्ड कोन कहते हैं इसमें जो ऊपर वाला पार्ट है इसको अप्पर नपे कहा जाता है
यानी कि जो ऊपर वाला कोण है वो अप्पर नेपे होता है और उसके बाद जो नीचे की तरफ हमारा कोण बनता है इसको लोवर नेपे कहा जाता है
सिंपल सिंपल चीजें हमने समझी क्या-क्या समझा एल हमारी कोई एक्सिस है ए यहां पर हमारा जनरेटर है जब इसको घुमाएंगे हम तो
इस तरह से हमारे कोण बन जाते हैं ऊपर वाले को अप्पर नेप है नीचे वाले को लोअर नेप पे जहां पर भी ये कोन है ये वाला पॉइंट जो
होता है इसको वर्टेक्स कहा जाता है और एम लाइन और एम लाइन जो है ये एक दूसरे के साथ में अल्फा एंगल यहां पर बनाती है ये बहुत
बेसिक पॉइंट मैंने आपको यहां पर एक्सप्लेन किए अब जो हमारा ये अप्पर नप है या फिर लोअर नपे है इन पे इस तरह से जब कट लगाए
जाएंगे और किस तरह से हमारा सर्किल बनेगा किस तरह से एलिप्स बनेगा पैराबोला कब बनेगा हाइपरबोला कब बनेगा ये सारी चीजें
भी हमें समझनी पड़ेंगी और उनको समझने के लिए चलेंगे अगले पेज पर कोन के बेसिक पॉइंट्स समझने के बाद अब बात करते हैं हम
इसके सेक्शंस की हम इसको कट करने की बात करते हैं जो भी हमारा कोन है अगर मैं इसको कट करता हूं इस तरह से ये मैंने कट यहां
पर लगाया है और जो भी ये कट मैंने लगाया है ये इस एक्सिस के साथ कितने डिग्री का एंगल बनाता है उस एंगल को हम डिनोट करेंगे
बीटा से ठीक है यहां पर जो एंगल बना है वो बीटा है तो यहां पर अगर मैंने इस तरह से कट लगाया है तो बीटा की वैल्यू क्या होगी
क्लियर सा आपको दिखेगा 90° का एंगल बनेगा या फिर कह सकते हैं राइट एंगल बनेगा अगर हमारा पहला केस हम देखें व्हेन बीटा
इक्वल्स टू में 90° अगर हमारा बीटा 90° के इक्वल आता है तो हमारी जो शेप है वो किस तरह की बनेगी सबसे पहले वाली जो मैंने शेप
आपको बताई है वो शेप यहां पर बन जाएगी अगर बीटा हमारा हो जाए यहां पर 90° के इक्वल तो शेप हो जाएगी सर्कल वाली ये इस तरह से
सर्किल वाली शेप बनती है इसके बाद नेक्स्ट यहां पर हम बात करते हैं अगर हमारे पास मैंने फर्स्ट वाली कंडीशन है सर्किल वाली
आपको समझा दी है तो जो भी ये कट लगाया है मैंने यहां पर इससे नेक्स्ट वाला समझने के लिए इसको रब करना पड़ेगा तो इसको हटा देता
हूं यहां से फर्स्ट वाली चीज हमने समझ ली नेक्स्ट जो हमारी शेप है एलिप्स वो किस तरह से आती है इसके लिए हम किस तरह से कट
लगाएंगे यहां पर सिंपल सीधी बात होगी देखो मैं इस तरह से कट लगा देता हूं जो भी मेरा यहां पर एंगल बनेगा यह वाला एंगल मुझे
मेजर करना है यह वाला एंगल क्या होगा मेरा बीटा एंगल होगा ठीक है जो हमारा ए और m के बीच में बनता है वो अल्फा एंगल होता है और
जो भी हमारा यहां पर कट करने वाली लाइन होती है वो एक्सिस के साथ में बीटा एंगल बनाती है अब इस बीटा एंगल की वैल्यू क्या
होनी चाहिए ताकि हमारी सेकंड जो शेप है एलिप्स वो बने तो कंडीशन क्या होती है कि बी जो है ना वो अल्फा से तो बड़ा होना
चाहिए और 90° से छोटा होना चाहिए ये कंडीशन फॉलो करेगा तो हमारा यहां पर इलेक्टिकल शेप बनेगी शेप कुछ इस तरह की
बनेगी हमारी ठीक है ये कैसी शेप हो जाएगी एलिप्टिकल शेप हो जाएगी जब इस पे हम एंगल मतलब जो भी कट है इस तरह से लगाया जाएगा
बीटा 90° से छोटा होगा और जो भी अल्फा की वैल्यू होगी उससे बड़ा होगा तो यहां पर हमारी कौन सी शेप बन जाएगी इसके सामने लिख
देते हैं ये शेप यहां पर जो बनेगी वो एलिप्स होगी जैसा आप यहां पर देख सकते हो हमने इस तरह से कट लगाया तो यह एलिप्टिकल
शेप हमें मिल गई है सेकंड वाला पॉइंट भी आपको मैंने क्लियर किया थर्ड वाले पॉइंट की बात करते हैं व्हेन बीटा इक्वल्स टू
में अल्फा जितना अल्फा एंगल हमारा यहां पर बनता है उतना ही अगर बीटा बन जाए तो हमारा यहां पर क्या हो जाएगा भाई तो हमारा यहां
पर नेक्स्ट शेप हमारी बनती है तो नेक्स्ट शेप कौन सी होगी देखो इसमें किस तरह से कट लगाया जाएगा जो भी हमारी ये m जनरेटर होता
है ना इसी के पैरेलल आएगा हमारा ये तो इस तरह की शेप हमारी आएगी इस तरह की लाइन हमारी बनेगी जैसी मैंने यहां पर ड्रॉ की
है ये वाली जो लाइन बनी है एक सेकंड दोबारा से बनाता हूं इसको ये वाली जो लाइन बनी है ये m के बिल्कुल पैरेलल होगी जितना
एंगल हमारा अल्फा होगा उतना ही यहां पर हमारा बीटा एंगल भी बनेगा अल्फा और बीटा अगर एक दूसरे के इक्वल होते हैं तो हमारी
जो शेप है वो किस तरह की बनती है पैराबोलिक शेप बनती है या फिर कह सकते हैं पैराबोला बनती है ठीक है इसमें में भी आप
समझ लो यहां पर जो हमारी ब्लू कलर वाला पार्ट है ये पैराबोला है कट कुछ इस तरह से लगेगा तो हमारी इस तरह की शेप ये बन जाएगी
जिसे कहेंगे हम पैराबोला और इसमें एक कंडीशन और ध्यान लगा लो जो भी हमारी कट करने वाली लाइन होती है मान लो हमारी ये x
लाइन है हम इसको x लाइन मान लेते हैं तो x और m जो हमारा है ये पैरेलल होंगे तो हमारा पैराबोला शेप बनती है बहुत आसान सी
चीज यहां पर हमने समझ ली तो उसके बाद नेक्स्ट कंडीशन पर आ जाते हैं लास्ट हमारी शेप होगी हाइपरबोला वाली इसमें क्या होगा
जो भी कट की हुई लाइन है उसको रब करता हूं हाइपरबोला को समझने के लिए जो हमारी हाइपरबोला वाली शेप है वो किस तरह से बनती
है इसके लिए एक ध्यान से पॉइंट आपने समझना है कट मैं कुछ इस तरह से लगा लेता हूं ठीक है ये जो मैंने कट लगाया है दोबारा से
लगाता हूं ये जो मैंने यहां पर कट लगाया है ये अपर नप पे और लोअर नप पे देखो अप्पर वाला जो हमारा नपे है उसको भी कट करेगा और
लोअर जो नपे है इसको भी कट करता है सिर्फ ये किसमें होता है d वाले पॉइंट में होता है और इसमें जो भी हमारा बीटा एंगल यहां
पर जो छोटा सा एंगल बनेगा बहुत कम वैल्यू उसकी होती है ठीक है यहां पर जो एंगल बनेगा उसको हम कहेंगे एंगल बीटा और इसकी
वैल्यू कितनी होगी जीरो के इक्वल भी हो सकता है या फिर ये जीरो से बड़ा होना चाहिए और अल्फा से छोटा होना चाहिए जीरो
हो सकता है या जीरो से बड़ा होगा और जो भी हमारा अल्फा एंगल होता है l और m बीच के लाइन का जो m और l के बीच का एंगल होता है
उससे ये छोटा होनी चाहिए यह कंडीशन फुलफिल जो करेगा तो वहां पर हमारी शेप होगी हाइपरबोला इस तरह की शेप हमारी होगी यहां
पर आप देख सकते हो ये यहां पर हमने कट लगाया तो हाइपरबोला हमारी शेप बन जाती है और इस शेप में इंपॉर्टेंट पॉइंट यही है कि
जब भी हमारा हाइपरबोला बनेगा जो भी हम कट लगाएंगे वो अपर नपे को भी कट करेगा देखो ये अपर नपे को भी कट करता है और यहां पर
अगर आप ध्यान से देखोगे तो ये लोअर नपे को भी कट करता है यह सिर्फ हाइपरबोला में ही हो होता है सो कोनिक सेक्शन की जो भी
हमारी यह शेप्स होती हैं सर्कुलर शेप एलिप्स है उसके बाद पैराबोला है उसके बाद हाइपरबोला है सारी शेप्स हमने समझी हैं अब
हर एक को डिटेल में लेकर जाएंगे भाई सर्किल है तो इसके लिए कौन-कौन सी इक्वेशंस बनेंगी एलिप्स है इसके लिए
कौन-कौन सी इक्वेशन बनेगी पैराबोला में कौन सी इक्वेशन और हाइपरबोला में कौन सी इक्वेशन बनेगी इनकी जनरल फॉर्म क्या होती
है सारी चीजें डिटेल में समझने के लिए मूव करते हैं अगले पेज पर समझेंगे सर्कल्स के बारे में कौन पर पर अगर हम 90° से कट
लगाते हैं यानी कि बीटा की वैल्यू 90° होती है तो सर्किल हमारी शेप बनती है पीछे वाले पेज पर हमने डिटेल में समझा अब
सर्किल की जो इक्वेशन बनेगी हर एक पॉइंट डिटेल में समझ लेते हैं सर्किल की डेफिनेशन सबसे पहले देखो इसमें दिया है अ
सर्किल इज सेट ऑफ ऑल पॉइंट्स इन प्लेन दैट आर इक्विडिस्टेंट फ्रॉम अ फिक्स्ड पॉइंट इन द प्लेन यहां पर सर्किल के बारे में
क्या कहता है कि सर्किल हमारा क्या होता है पहले शेप ड्रॉ कर देता हूं आपके लिए जो भी हमारा मैंने ये सर्किल ड्र किया है
इसका जो सेंटर है इस सेंटर को मान लेते हैं c से इसको डिनोट कर लेते हैं और जो भी यहां पर हमारा c है ये एक फिक्स्ड पॉइंट
होता है इस फिक्स पॉइंट से जो भी सेट होता है हर एक पॉइंट जो है ना कहीं पर भी हमें पॉइंट यहां पर बनाएंगे सेंटर से हर एक
पॉइंट इक्विडिस्टेंट यानी कि इक्वल दूरी पर होता है यही हमें इसकी डेफिनेशन बताती है अब जो बहुत सिंपल चीज हम करने वाले हैं
इस सर्किल की इक्वेशन बनाने वाले हैं जनरल फॉर्म ऑफ सर्किल क्या होगी देखो सर्किल का जो भी सेंटर है उसको हमने c से डिनोट कर
लिया है जनरल फॉर्म के लिए जो भी इसका सेंटर है ना हमने इसको ग्राफ पर अगर रखा तो इस सेंटर का कुछ ना कुछ कोऑर्डिनेट
होगा तो इसके कोऑर्डिनेट्स मान लेते हैं लेट्स सपोज इसके जो कोऑर्डिनेट्स हैं वो हमें h और के लेट कर लेते हैं ठीक है बुक
के अकॉर्डिंग हम चलेंगे बुक में h और के हमें दिया गया है तो ये सेंटर के कोऑर्डिनेट्स हमेशा रहेंगे यह आपको ध्यान
रखना है इसके बाद जो भी हमारा ये सेंटर है सेंटर से सर्किल पर जा जाने पे हमारे पास यहां पर कोई प पॉइंट होता है जिसकी
कोऑर्डिनेट्स हमारे पास x और y होते हैं तो हमारी यहां पर क्या हो गई c से p हमारी एक लाइन हो गई और इस लाइन को क्या कहा
जाएगा इसको हम कहेंगे रेडियस जिसको स्मल r से डिनोट किया जाता है अब इक्वेशन बनाने की अगर हम बात करें कैसे बनाई जा सकती है
इसकी इक्वेशन इक्वेशन में हम जो भी c प है डिस्टेंस फाइंड कर लेंगे डिस्टेंस का फार्मूला आपको पता ही है डिस्टेंस का
फार्मूला क्या होगा हमारा इसमें जस्ट हम वैल्यूज पुट कर देंगे डिस्टेंस के फॉर्मूले में सबसे पहले हमारा रूट लगता है
उसके बाद पता है ना आपको x2 - x1 करते हैं तो यहां पर वैल्यू देखो x है और यहां पर हमारे पास h है तो यहां पर ब्रैकेट के
अंदर क्या करेंगे भाई हम x माइनस में h करेंगे और इसका यहां पर होल स्क्वायर कर देंगे इसके बाद हम इस यहां पर प्लस का
साइन लगा लेंगे अब हमें क्या करना है y2 में से y को सबस्टैक कर देना है क्लास 10थ में भी डिस्टेंस फार्मूला आपको पता होगा
क्लास 11थ के स्ट्रेट लाइंस में भी ये फर्म फूला मैंने आपको बताया था सो यहां पर आ जाएगा हमारा y माइनस में आ जाएगा हमारा
k और इसका भी कर देंगे हम होल स्क्वायर जो भी हमारा ये डिस्टेंस है c से p का डिस्टेंस उसको हमने d से डिनोट किया है
अभी डिस्टेंस का फार्मूला लिखने के लिए अब c से p एक्चुअल में हमारा है क्या भाई ये है हमारा r तो जो भी हमारा यहां पर d है
उसको मैं r से रिप्रेजेंट कर सकता हूं और अगर मैं r का स्क्वायर कर देता हूं मैंने क्या किया दोनों तरफ इस तरफ भी स्क्वायर
कर दिया और इस तरफ भी स्क्वायर कर दिया चलो यहां पर d पे मैंने स्क्वायर लगा लिया और यहां पर भी जो मेरी वैल्यू है इस पर भी
मैंने स्क्वायर कर दिया d का स्क्वायर यानी कि r का स्क्वायर हो जाएगा हमारा और जो भी इस तरफ स्क्वायर लगाया गया है उससे
रूट कैंसिल हो जाएगा तो हमारी जो जनरल फॉर्म है वो क्या बनेगी x माइ में h यहां पर इसका होल स्क्वायर उसके बाद प्लस में
यहां पर आ जाएगा y माइनस में k और इसका भी होल स्क्वायर ये हो जाता है हमारा रेडियस ऑफ सर्किल ये इंपॉर्टेंट इक्वेशन हमारी
यहां पर बन जाती है सर्किल वाला कांसेप्ट खत्म हुआ अब इसे नेक्स्ट जो हमारी शेप यहां पर बनती है सेकंड वाले एलिप्स से
इसकी इक्वेशन बनाएंगे और इससे रिलेटेड जो पॉइंट्स हैं उनको समझेंगे उसको समझने के लिए हमें मूव करना होगा नेक्स्ट पेज पर
कोनिक सेक्शन में हमारी सेकंड शेप सर्किल के बाद जो हमें समझनी है वो है एलिप्स इसकी डेफिनेशन को देखते हैं सबसे पहले
इसमें दिया गया है एन एलिप्स इज द सेट ऑफ ऑल पॉइंट इन अ प्लेन द सम ऑफ हुज डिस्टेंस फ्रॉम टू फिक्स्ड पॉइंट इन द प्लेन इज अ
कांस्टेंट बहुत आसान बात ये कहता है कि एलिप्स जो है ना इसमें हमारे पास दो फिक्स पॉइंट्स होते हैं दो फिक्स पॉइंट कौन-कौन
से होते हैं जैसे हमारे यहां पर मैंने एक शेप ड्रॉ कर ली है ये हमारा एक एलिप्स है इसमें मेरा एक पॉइंट जो है ये होता है f1
कहेंगे और ये वाला पॉइंट हो जाएगा मेरा f2 ये हमारे फोकस होते हैं फोकस वन और फोकस टू ये एलिप्टिकल शेप के दो फोकस हो गए
जिनको हम दो फिक्स पॉइंट कहेंगे अब आगे क्या कहता है कि जो भी हमारे ये फोकस हैं f1 और f2 यहां पर मान लो मैं f1 से इस तरह
से लाइन ड्रॉ करता हूं f1 से यहां पर मेरी यह हो गई है p1 और p1 पर ये टच कर दी है उसके बाद ये f2 पर जाती है लाइन ठीक है
सीधी लाइन ड्रॉ करता हूं ये हो गई है मेरी f2 पर बिल्कुल इसी तरह से अगर मैं यहां पर f2 से कोई लाइन ड्रॉ करता हूं वाइट कलर की
कर देता हूं ये वाली लाइन मैंने f2 पर कर दी है और उसके बाद ये यहां पर f1 पर जाती है ये मेरा पॉट हो गया है पट व हो गया प2
हो गया तो जो भी मैंने यहां पर येलो लाइन ड्रॉ की है येलो लाइन कौन सी है मेरी यहां पर येलो लाइन है f1 उसके बाद p1 है अगर
मैं इसमें ऐड करता हूं येलो लाइन का ये वाला पार्ट हो गया मेरा f1 p1 इसके बाद यहां पर कौन सा हो जाएगा f2 p1 तो मैं
इसको इस तरह से भी लिख सकता हूं यहां पर f2 और p1 अगर मैं इनका सम करता हूं तो ये इक्वल हो जाएगी ये येलो वाली लाइन है f1
p1 इतनी वाली लाइन हो गई f2 p1 ये इतनी वाली लाइन हो गई ठीक है अब मैं इसमें ऐड करता हूं मतलब इन दोनों को ऐड करता हूं तो
इसका जो सम है वो किसके इक्वल होगा हमारा f2 से p2 ठीक है यहां पर मैं लिखता हूं f2 से p2 और उसके बाद प्लस में मैंने ये वाला
पार्ट ले लिया लाइन का वाइट वाली का और यहां पर p2 से f1 इसको मैं इस तरह से लिख सकता हूं f1 p2 ये सिंपल बात हमें
डेफिनेशन बताती है कहने का मतलब ये है कि अगर हम f1 से f2 से कोई भी एक पॉइंट पर लेकर जाते हैं येलो लाइन जो मैंने ड्रॉ कर
दी बिल्कुल इसी तरह से किसी अदर पॉइंट पर भी हमें f2 और f1 से लाइन लेकर जाते हैं तो उनकी लेंथ अगर हम इनका सम कर देते हैं
येलो लाइंस का और जो भी यहां पर वाइट लाइंस हैं इनका सम कर देते हैं तो वो एक दूसरे के इक्वल होते हैं बहुत सिंपल
डेफिनेशन हमें ये बताती है इस तरह से एलिप्टिकल शेप हमारी होती है अब जो भी एलिप्टिकल शेप होती है इसके बहुत
बड़े-बड़े पॉइंट्स हैं बहुत ध्यान से समझने वाले पॉइंट्स हैं हैं उनकी बात करते हैं यहां पर जो भी मेरी ये शेप है मैं इस
तरह से इसमें एक लाइन ड्र कर देता हूं इसी तरह से एक मैं यहां पर वर्टिकल लाइन भी ड्रॉ कर देता हूं जो भी मैंने ये लाइन से
ड्रॉ की हैं यहां पर जो मेरी हॉरिजॉन्टल लाइन है इनकी नेम नामकरण करते हैं इनका ये ए पॉइंट हो गया ये b पॉइंट हो गया यहां पर
जो भी मेरा ए और बी पॉइंट है ये हमारे होते हैं वर्टेक्स वर्टेक्स a इस तरफ आएगा और वर्टेक्स b हमारा इस तरफ आएगा ऊपर की
तरफ और नीचे की तरफ हम अपने पॉइंट्स बना देते हैं ये सी हो जाए ये d हो जाएगा जो भी यहां पर मेरा f1 और f2 है वो वाले
पॉइंट्स भी हमारे किस पे आएंगे जो भी हमारी ये ए ब वाली लाइन है इस पर आते हैं ठीक है यहां पर हमारा क्या आ जाएगा भाई ये
हो जाएगा हमारा यहां पर f1 और यहां पर पॉइंट आ जाएगा हमारा ये f2 अब जो जो चीजें बताने वाला हूं उनको ध्यान से समझना
क्योंकि वहीं से हमारी इक्वेशन बनेगी सो जो भी हमारी यहां पर ए है ये वाली लाइन हमारी ए है तो मैं ए को क्या कहूंगा नीचे
की तरफ लिखता चलूंगा मैं ए जो है उसको हम कहेंगे मेजर एक्सिस ये हमारी बड़ी वाली एक्सिस होती है अगर हम कंपेयर करते हैं
सडी से तो ए हमारी बड़ी है तो इसको मेजर एक्सिस कहा जाएगा और जो भी हमारा यहां पर सीडी है ये छोटी वाली एक्सिस है तो इसको
माइनर एक्सिस कहा जाएगा तो इसके लिए भी यहां पर मैं लिख देता हूं सीडी हमारी माइनर एक्सिस होती है इसके अलावा और भी
बहुत सारे पॉइंट मैं आपको समझाने वाला हूं जैसे यहां पर मेरा डिस्टेंस है कौन से डिस्टेंस की बात कर रहा हूं मैं जहां पर
भी ये एक्सेस ए बी और सीडी एक दूसरे को कट करती हैं उस पॉइंट को हम कहते हैं o पॉइंट है अगर मैं o से f2 की दूरी कहूं तो ये
मेरा सी होता है अगर मैं o से f1 की दूरी कहूं ये भी मेरा सी होता है इसको स से डिनोट किया जाता है इसके बाद जो सेंटर
यहां पर हमारा o है ठीक है जो भी एक्सिस का हमारा सेंटर यहां पर है इस o से वर्टेक्स की जो दूरी है ना लगा लेता हूं
यहां से निशान o से मेरे वर्टेक्स की दूरी को a से डिनोट किया जाता है o से हमारा जो दूसरा वर्टेक्स है उसकी दूरी को भी a से
डिनोट किया जाता है इसके अलावा इसी ओ पॉइंट की हम बात कर रहे हैं तो o से ऊपर वाला जो सी पॉइंट है इसके डिस्टेंस को b
कहा जाता है और o से ही नीचे वाला जो डिस्टेंस d है इसको भी बी से डिनोट किया जाता है इन पॉइंट्स का आपने ध्यान रखना है
तीन पॉइंट ए बी और c क्या होते हैं सारी चीजें आपको पता होनी चाहिए क्योंकि इन्हीं का यूज करके हम इक्वेशन बनाएंगे ए बी और c
की वैल्यू को ध्यान में रखते हुए वे इक्वेशन बनानी कैसे है इसको समझेंगे नेक्स्ट पेज पर एलिप्स क्या होता है बेसिक
पॉइंट्स मैंने आपको समझा दिए थे o से हमारे f1 का जो डिस्टेंस है उसको c से या o से f2 का डिस्टेंस है उसको भी c से
डिनोट किया जाता है जो भी हमारे o से हमारे वर्टेक्स होता है a या फिर बी उसको स्मल ए से डिनोट किया जाता है इसके अलावा
o से सी या फिर o से जो हमारा डी पॉइंट होता है उसको स्मल बी से डिनोट किया जाता है ये सारी चीजें पता है तो जो हमारी
एलिप्स होती है उसकी जनरल इक्वेशन यहां पर हम लिख सकते हैं जनरल इक्वेशन क्या होती है हमारा यहां पर सबसे पहले आ जाएगा x का
स्क्वायर उसके बाद डिनो मिनेट में यहां पर आ जाएगा हमारे पास a स् प्लस का साइन लगा लेंगे यहां पर आ जाएगा हमारा y स् अपन में
आ जाएगा यहां पर हमारा b स् और इक्वल्स का साइन लगा के यहां पर आ जाएगा वन ये हमारी होती है इक्वेशन ऑफ एलिप्स इसको याद कर लो
अच्छी तरह से इसको रट लो ये आई कैसे है डिराइवर कैसे की गई है इस तरह से एग्जाम में कोई भी क्वेश्चन नहीं आएगा ना ही
हमारे सिलेबस में है तो डायरेक्ट बस हम इसकी जनरल फॉर्म ऑफ इक्वेशन को याद रखना पड़ेगा जो भी ये स्टैंडर्ड इक्वेशन हमारी
यहां पर बनी है इसको देख के आप कहोगे भैया ठीक है a की वैल्यू ठीक है b की वैल्यू ठीक है ये x और y हमारे क्या होंगे जो भी
हमारा पॉइंट हमें दिया होगा ना वो पॉइंट किस फॉर्म में दिया होता है हमें x और y की फॉर्म में दिया होता है जो भी हमारे ये
एलिप्स होगा ना ये ए बी c या फिर डी हमारे पॉइंट हैं इनके कोऑर्डिनेट्स आपको दिए होंगे वो कुछ इस फॉर्म में होंगे सो x की
वैल्यू यहां पर हमें पुट कर देनी है y की वैल्यू यहां पर हमें पुट कर देनी है एक्सरसाइज में जब क्वेश्चंस आएंगे और
डिटेल में आप इनको समझ पाओगे जो भी हमारे पॉइंट्स होते हैं ना उसके कोऑर्डिनेट्स जो है ना वही हमारे x और y होते हैं इस बात
का भी आपने ध्यान रखना है अब एलिप्स में गाइज सेंट्र सिटी भी आता है एेंट सिटी की अगर हम बात करते हैं तो एसेंट सिटी को
स्मल e से डिनोट किया जाता है और यह रेशो होता है भाई किस-किस का रेशो होता है ये सी और a का रेशो होता है सिंपल वे में अगर
मैं बताऊं तो जो भी हमारा o से f1 का डिस्टेंस होता है o से हमारा a पॉइंट का डिस्टेंस होता है इसका ये रेशो होता है
यानी कि इसका फार्मूला हमारा हो जाएगा c अप में a ये भी हमारा इंपोर्टेंट फार्मूला है कई सारे क्वेश्चंस आपको इस वाले
कांसेप्ट से रिलेटेड मिल जाएंगे तो फार्मूला आपको ये भी याद होना चाहिए इसके बाद बात करेंगे लेटस रेक्टम की भाई क्या
होता है लेटस रेक्टम देखो एक लाइन यहां पर मैं ड्र करने वाला हूं जो भी मेरी यहां पर वर्टिकल लाइन मैं ड्रॉ करता हूं f1 से
मैंने एक लाइन यहां पर f1 से ड्रॉ की है यह वाली जो लाइन है इसको लेटस रेक्टम कहा जाता है इसी तरह से जो मेरा f2 है यहां पर
भी मैं लाइन ड्रॉ कर सकता हूं जो भी मेरी यहां पर वर्टिकल लाइंस हैं जो f1 और f2 से क्रॉस होती हुई जाती हैं इन्हीं को कहा
जाता है लेटस रेक्टम तो यहां पर जो हमारा लेटस रेक्टम है देखो ये हमारा एक लेटस रेक्टम हो गया यहां पर भी मेरा एक लेटस
रेक्टम बनता है जो भी ये लेटस रेक्टम है इनकी इक्वेशन क्या होती है इसके लिए फार्मूला क्या होता है अगर हमें कोई भी
एलिप्स दिया हो उसका लेटस रेक्टम फाइंड करने के लिए हमें फॉर्मूला पूछ लिया जाए या फिर हमें लेटेस रेक्टम फाइंड करना है
तो क्या फार्मूला लगेगा उसका उस फॉर्मूले को ही लिखेंगे अगर मैं एलिप्स की बात कर रहा हूं और लेटस रेक्टम मुझे फाइंड करना
है एलिप्स का लेटस रेक्टम फाइंड करने के लिए जो फार्मूला है वो हो जाता है हमारा 2b स् अप में c यहां पर आ जाता है ये वा
वाला फार्मूला हमें लेटेस रेक्टम के लिए फाइंड करना है सो एलिप्स के मैंने आपको टोटल तीन फॉर्मूले बताए हैं जनरल मैंने
फार्मूला बता दिया है जो भी हमारी यहां पर e का फार्मूला होता है सेंट्रिसिटी का फार्मूला है वो भी बता दिया है लेटस
रेक्टम का जो फार्मूला होता है वो भी मैंने बता दिया है बस आपको एलिप्स से रिलेटेड ये तीन फॉर्मूले आने चाहिए कोई भी
क्वेश्चन आपका अधूरा नहीं रहेगा सारे क्वेश्चंस को आप इजली सॉल्व कर पाओगे हमने अभी तक सर्किल को समझ लिया है हमने एलिप्स
को समझ लिया है तो अब इससे नेक्स्ट हम किसको समझे पैराबोला को तो उसके समझने के लिए मूव करते हैं नेक्स्ट पेज पर जो
नेक्स्ट शेप है वो आती है गाइज पैराबोला इसके भी सबसे पहले बेसिक पॉइंट समझ लेते हैं उसके लिए फिगर हम बनाएंगे आपको पता है
यह एक्स एक्सिस होती है यह वा एक्सिस होती है पहले से आपके पास यह जानकारी है अब यहां पर हम जो पैराबोलिक शेप बनाने वाले
हैं इस तरह से हमारी पैराबोलिक शेप बनती है जैसे यहां पर मैंने यह वाइट लाइंस बनाई हैं ये मेरी क्या हो जाएगी पैराबोलिक शेप
हो जाएगी ठीक है बहुत सिंपल चीज हो गई अब जो भी पैराबोला होता होता है उसका फोकस होता है तो फोकस ए से हम इसको शो करते हैं
यहां पर इसका फोकस हो जाएगा ये एक कप की तरह होता है ठीक है कप के अंदर आपको फोकस देखने को मिल जाता है और जो भी हमारी यह
वाली लाइन है इसको कहा जाता है एक्सेज इस तरह से इसको डिनोट कर देना है अब जो इंपॉर्टेंट बात बताने वाला हूं मैं वो
समझो देखो y यहां पर y एक्सिस पर हमारा ये वाला जो पॉइंट है जहां पर पैराबोला इसको टच करता है उस पॉइंट को इस वाले पॉइंट को
हम क्या कहेंगे यहां पर एरो लगा के मैं इस तरफ लिख देता हूं इसको वर्टेक्स कहा जाएगा जिसको हम v से डिनोट करते हैं अब जो य
नेक्स्ट बात बताने वाला हूं उसको समझो जो भी हमारा पैराबोला होता है जिस भी तरफ इसका म माउथ ओपन होता है उसके अपोजिट साइड
में हमारी लाइन होती है जैसे ये येलो लाइन मैंने ड्रॉ की है इस येलो लाइन को कहा जाएगा डायरेक्ट्रिक्स इसको कहा जाता है
सिंपल आपको समझना है और डायरेक्ट ट्रिक्स को हम एल से डिनोट कर सकते हैं अब डायरेक्ट ट्रिक्स मतलब जो भी हमारा
पैराबोला होता है डायरेक्ट्रिक्स के साथ वो किस तरह से रिलेशन बनाता है इस चीज को समझो देखो बहुत सिंपल चीज जो भी हमारी
लाइन l है इस पर मेरा कोई पॉइंट है ठीक है इस पॉइंट से मैं एक लाइन ड्रॉ कर देता हूं पैराबोला पर ये मैंने लाइन ड्रॉ कर दी है
पैराबोला पर ठीक है कहां से की है मैंने ये वाली लाइन मान लेते हैं ये मेरे पास b2 पॉइंट है उसके बाद जो पैराबोला है इस वाले
पॉइंट पर p2 पॉइंट ये मेरा हो जाता है और जो भी मेरा यहां पर b2 p2 है p2 क्या होगा यहां से जो भी हमारा फोकस है उस पर ये
जाएगा तो f पर ये चला गया अब यहां पर रिलेशन क्या बनेगा वो समझाऊ लेकिन उससे पहले मान लो हमारे पास यहां कोई अदर पॉइंट
भी है ये मेरा b1 पॉइंट है यहां पर b1 से मैं लाइन ड्रॉ करता हूं ठीक है b1 से मैंने पैराबोला पर लाइन ड्रॉ की उसके बाद
ये यहां पर कहां आएगी ये वाला पॉइंट हो जाएगा हमारा यहां पर p1 और जो भी हमारा आगे लाइन है वो फिर से फोकस पर ही जाए आगी
बहुत सिंपल चीज हो गई हमारे पास दो लाइंस हैं एक येलो वाली लाइन है एक वाइट वाली लाइन है अब रिलेशन क्या होता है इसमें जो
भी मेरा f से p1 है ठीक है f पॉइंट से p1 वाली लाइन है ये b1 और p1 के इक्वल होती है तो मैं इस तरह से लिख सकता हूं यहां पर
आ जाएगा मेरा b1 p1 बिल्कुल इसी तरह से जो मेरी लाइन है जैसे इस पे हम सिंगल मार्क कर सकते हैं ये वाली लाइन इसके इक्वल हो
गई इसी तरह से जो मेरी यहां से लाइन है f से p2 है और b2 से p2 है ये एक दूसरे के इक्वल होंगी यहां पर मैं लिख देता हूं जो
भी मेरा यहां पर f है f से p2 वाली लाइन है और p2 से मेरी b2 वाली लाइन है यह एक दूसरे के इक्वल होती है यह रिलेशन होता है
हमारी डायरेक्ट्रिक्स वाली जो लाइन l है उस पर कोई भी पॉइंट हो और पैराबोला पर कोई पॉइंट हो फोकस के साथ यह बातें आपको समझनी
पड़ेंगी पैराबोला से रिलेटेड अब जो भी हमारी पैराबोला की इक्वेशंस हैं उनकी बात करें तो स्टैंडर्ड इक्वेशंस ऑफ पैराबोला
यहां पर क्या कहा गया है इक्वेशंस की बात की गई है यानी कि पैराबोला की जो स्टैंडर्ड इक्वेशंस हैं वो टोटल चार हमें
समझनी है चारों के लिए हमें फिगर भी बनाने पड़ेंगे तो आपके लिए मैं फिगर बना देता हूं पैराबोला की चार अलग-अलग इक्वेशंस
बनाने के लिए चार अलग-अलग फिगर्स यहां पर मैंने आपके लिए बना लिए हैं अब हर एक को समझना पड़ेगा डिटेल में ताकि हमारे
कांसेप्ट क्लियर हो तो पहले वाले में जो हमारा यहां पर है अब देखो हमारे पास एक्स एक्सिस है वा एक्सिस है और डायरेक्ट
मैट्रिक्स हमने पहले से बना लिया है जिसको हम ए से डिनोट कर सकते हैं अब जो हमारा पैराबोलिक शेप है वो कुछ इस तरह की बनेगी
ठीक है यह मेरा पैराबोलिक शेप बनी है पैराबोलिक शेप का जिस तरफ भी माउथ ओपन होता है उसी में यहां पर हमारे पास एफ
पॉइंट होता है और यहां पर हमारा जो पॉइंट है वो कहां पर है भाई x एक्सिस पर है x एक्सिस में किस साइड पर है जो x की
पॉजिटिव वैल्यूज होती हैं उस तरफ है तो जो हमारा f पॉइंट है इसके कुछ ना कुछ कोऑर्डिनेट्स होंगे क्या कोऑर्डिनेट्स
होंगे भाई f के अगर हमारा ये x एक्सिस पर है तो मान लेंगे x की वैल्यू a है और y की वैल्यू x एक्सिस पर रो होती है ठीक है ये
हमारा फोकस हो जाएगा अब जो हमारी डायरेक्ट्रिक्स वाली लाइन है ये क्या हो जाएगी ये भाई x के नेगेटिव साइड में है
ठीक है x एक्सिस के लेफ्ट हैंड साइड में है तो हम इसको इस तरह से लिख सकते हैं x = टू में - a ठीक है इसकी जो भी वैल्यू होगी
वो माइनस में a होती है अब जो भी हमारी ये पहले वाली कंडीशन बनती है इसमें स्टैंडर्ड इक्वेशन क्या बनेगी देखो x के पॉजिटिव
साइड में हमारा पैराबोला है तो हमारी इक्वेशन क्या बनेगी इसको राइट डाउन आपने करना है इक्वेशन मैं आपके लिए यहां पर
लिखता हूं y इक्वल टू में y स् सॉरी y स् = टू में ये हो जाता है हमारे पास 4ax ये हमारी यहां पर बन जाएगी इक्वेशन
फर्स्ट वाली कंडीशन के लिए अब इसे नेक्स्ट वाली कंडीशन में क्या जाएंगे यहां पर हमारे पास देखो ये हमारी x एक्सिस है ये
हमारी y एक्सिस है यहां पर हमारी डायरेक्ट्रिक्स जो येलो लाइन बनाई है वो हो गई अब हमारा यहां पर पैराबोला बनाते
हैं पैराबोलिक शेप बनाएंगे तो इस तरह की हमारी पैराबोलिक शेप बनेगी जो भी ये पैराबोलिक शेप है इस शेप में आपने कुछ
चीजों का ध्यान देना है शेप का माउथ जिस तरफ ओपन होता है उसी तरफ हमारा फोकस होता है तो ये हमारा f पॉइंट हो गया और f पॉइंट
के कोऑर्डिनेट्स क्या होंगे y एक्सिस के लेफ्ट हैंड साइड में है तो हमारे जो यहां पर वैल्यू है और ये पॉइंट यहां पर हमारा
कहां है x एक्सिस पर है तो हमारे पॉइंट्स क्या हो जाएंगे माइनस में a और 0 हमारा ये पॉइंट हो जाएंगे डायरेक्ट्रिक्स हमारी x
एक्सिस के पॉजिटिव साइड में है तो हम मतलब y एक्सिस से ये राइट हैंड साइड में है जहां पर x की वैल्यूज पॉजिटिव होती है तो
हम इसमें कह सकते हैं x इक्व टू में हमारा a हो जाएगा और यहां पर जो इक्वेशन बनेगी यहां पर देखो हमारी x की वैल्यूज इस तरफ
क्या होती है नेगेटिव होती है ना तो हमारा यहां पर हो जाएगा y स् = ट में माइनस का 4ax अगर हमारा जो वैल्यूज x की वैल्यूज इस
तरफ हमारी पॉजिटिव होती हैं तो ये प्लस में हो जाएगा अगर हमारी इस तरफ वैल्यूज नेगेटिव होती है तो यहां पर माइनस का साइन
लगा देना है याद करने का तरीका भी मैंने आपको बता दिया है जस्ट आपको क्या करना है y स् = 4ax रखना है अगर x की वैल्यू
नेगेटिव है तो भाई इस तरफ हमारा ये वाली इक्वेशन होगी और ये वाला पॉजिटिव के लिए होगा सिंपल चीजें हो गई अब हमारा जो
पैराबोला है ना वो दो कंडीशन के लिए उर आता है यहां पर हमारे पास x एक्सिस है y एक्सिस है ये मैंने बना लिया है क्या
डायरेक्ट्रिक्स बना लिया है यहां पर हमारी पैराबोलिक शेप मान लो कुछ इस तरह से बनती है तो हमारी जो पैराबोलिक शेप है इसका
फोकस कहां पर होगा जिस तरफ पैराबोला है उसी तरफ होगा यहां पर हमारा मान लो f पॉइंट है और ये f पॉइंट कहां पर है y
एक्सिस पर है y एक्सिस पर x की जो वैल्यू है वो रो होती है तो इसके कोऑर्डिनेट क्या होंगे 0 x एक्सिस से ऊपर की तरफ जितनी भी
वैल्यूज हैं वो पॉजिटिव होती हैं तो मान लो ये हो जाएगा हमारा a हो जाएगा 0a इसके कोऑर्डिनेट्स हैं तो जो भी इक्वेशन है वो
क्या बनेगी यहां पर एक बात का ध्यान रखना है x एक्सिस के नीचे की तरफ डायरेक्ट्रिक्स हमारा आता है तो यहां पर
हमारी y की जो वैल्यू है वो हो जाएगी माइनस में a और जो स्टैंडर्ड इक्वेशन बनेगी वो हो जाएगी हमारी x स् इक्वल्स टू
में हो जाएगा हमारे पास 4ay यहां पर हमारा आ जाएगा अगर हमारी y की वैल्यू f हमारा क्या होगा y की वैल्यू यहां पर पॉजिटिव
होगी तो प्लस में 4 एवा आपने लिख देना है अब इससे नेक्स्ट वाली कंडीशन बिल्कुल इसका उल्टा होगा हमारी एक्स एक्सिस के ऊपर की
तरफ डायरेक्ट्रिक्स है तो यहां पर हमारी इसकी इक्वेशन क्या हो जाएगी y इक्वल्स टू में हमारे पास यहां पर हो जाएगा a और जो
भी हमारा पैराबोला है वो किस तरह से बनेगा कुछ इस तरह से बनने वाला है पैराबोला तो यहां पर हमारा फोकस हो जाएगा इस तरफ जो भी
हमारा f है मान लेते हैं इसके कोऑर्डिनेट्स हमारे यहां पर जीरो हो जाए और माइनस में a हो जाएगा अगर a की वैल्यू
यहां पर नेगेटिव हो गई तो हमें क्या करना है जस्ट जो भी हमारी इक्वेशन है एज इट इज लिख लेनी है माइनस साइन के साथ यानी कि आ
जाएगा हमारे पास x स् इक्वल टू में - 4a y हो गया है बहुत सिंपल बात हो गई हमारी सो जो भी हमारी स्टैंडर्ड इक्वेशंस हैं सारी
की सारी हमने चारों कंडीशन के लिए समझ ली हैं सभी को मैं अंडरलाइन कर देता हूं और तरीका भी मैंने आपको बता दिया है इनको किस
तरह से याद आपने कर करना है अब जो पैराबोला है उसके लेटस रेक्टम की बात कर लेते हैं क्या होता है भाई लेटस रेक्टम जो
भी लेटस रेक्टम है ना वो एक वर्टिकल लाइन होती है और वो फोकस से क्रॉस होती है जैसे यहां पर मैं एक लाइन ड्रॉ कर देता हूं
आपके लिए ये वाली जो लाइन मैंने ड्रॉ की है एक सेकंड यह सही नहीं हुई जो भी यहां पर मैं लाइन ड्रॉ करता हूं यह वाली लाइन
कहां से होती है फोकस से होती है इसको मैं इस तरह से लिख सकता हूं ऊपर वाला a पॉइंट नीचे वाला मेरा b पॉइंट जो भी मेरी यहां
पर ए बी लाइन है ये फोकस से होती हुई हॉरिजॉन्टल हमारी सॉरी वर्टिकल हमारी लाइन है जो इसके यहां पर जो भी यहां से शुरू
होती है और नीचे बी पॉइंट तक आती है फोकस से होती हुई इसको लेटस रेक्टम कहा जाता है अब लेटस रेक्टम में अगर मैं आपको डिटेल
में थोड़ा सा बताऊं तो जो भी मेरा यहां पर a से f है ना ये होता है यहां पर 2a इसकी वैल्यू होती है यहां पर 2a और इसी तरह से
जो मेरा यहां पर b से f है ये भी मेरा कितना होता है भाई 2a होता है b से f भी मेरा 2a होता है और a से f भी मेरा 2a
होता है लेटस रेक्टम क्या होगा a b होगा हमारा तो लेटस रेक्टम का फॉर्मूला क्या बनेगा 2a + में 2a फॉर्मूला हो जाएगा यहां
पर 4a सिंपल सीधा हमारे जो भी पैराबोला से रिलेटेड कांसेप्ट थे सारे कांसेप्ट हमने कवर किए अभी हाइपरबोला भी बचा है तो उसके
लिए मूव करते हैं गाइज नेक्स्ट पेज पर कोनिक सेक्शन में लास्ट जो हमारी शेप है वह है हाइपरबोला इसकी स्टैंडर्ड इक्वेशन
की बात करेंगे पहले कांसेप्ट को समझ लिया जाए तो कांसेप्ट समझने के लिए हमारे पास x एक्सिस है इसको ट्रांसवर्स एक्सिस और जो
वा एक्सिस है इसको कंजुल एक्सिस कहा जाता है अब इसमें होता क्या है एक्चुअल में हमारे पास यहां पर दो शेप होती हैं दो
पैराबोलिक शेप अगर हम इस तरह से बना देते हैं जैसे फर्स्ट वाली मैंने यहां पर बना दी ये मेरी एक पैराबोलिक शेप हो जाती है
इसी तरह से मैं एक और बना देता हूं जो इसके बिल्कुल अपोजिट होगी ठीक है यहां पर मैंने बना दी है जो मेरी ये दो पैराबोलिक
शेप है ना ये बनाएंगी क्या ये दोनों मतलब ये पूरी शेप हमारी क्या हो जाएगी इनको हम हाइपरबोला कहेंगे अब इस हाइपरबोला में इस
तरफ हमारा हो जाएगा ये f1 पॉइंट हो जाएगा इस तरफ हमारा f2 पॉइंट बना लेंगे जहां पर भी हमारी पैराबोलिक शेप के ये वाले
पॉइंट्स हैं इनको पता है ना क्या कहा जाता है इनको वर्टेक्स कहा जाता है तो इनको हम v से डिनोट कर सकते हैं और जो भी हमारी
यहां पर जो हमारी ट्रांसवर्स एक्सिस और कॉन्जुलेरे से मिलती हैं इस पॉइंट को सेंटर कहा जाता है o से हम इसको डिनोट कर
सकते हैं जो भी हमारे ये वर्टेक्स हैं वर्टेक्स कहां पर है हमारा मान लेते हैं ये हमारा a पॉइंट पर है ये हमारा बी पॉइंट
पर है ठीक है a पॉइंट वाला वर्टेक्स b पॉइंट वाला वर्टेक्स जो भी मेरा यहां पर सेंटर से वर्टेक्स का डिस्टेंस होगा कौन
से डिस्टेंस की बात कर रहा हूं मैं सेंटर से वर्टेक्स का डिस्टेंस यानी कि o जो है मेरा वो क्या हो जाएगा o को जो है ना वो
मैं डिनोट करूंगा स्मल a से बिल्कुल इसी तरह से o से जो मेरा a का डिस्टेंस होगा o ए जो होगा उसको भी मैं डिनोट करूंगा स्मल
ए से इन बातों का आपने ध्यान रखना है इसके अलावा जो भी हमारा f1 से f2 का डिस्टेंस है इसको हम 2c से डिनोट करते हैं या फिर
मैं इस तरह से कह सकता हूं अगर मैं o से f2 की बात करता हूं ये मेरा सी होता है o से मैं अगर f1 की बात करता हूं ये भी मेरा
सी होता है अगर मैं f1 और f2 के बीच के डिस्टेंस की बात करूंगा तो कितना हो जाएगा c प्लस में c यानी कि 2ca हो जाता है है
अगर आपको a समझ में आ गया है और सी समझ में आ गया है तो सेंट्र सिटी का फार्मूला तो आप डायरेक्ट लिख ही सकते हो सेंट सिटी
जो है उसको e से डिनोट किया जाता है इसका फार्मूला हो जाएगा c अप में a ठीक है ना c की वैल्यू आपने रखनी है और उसके बाद a की
वैल्यू आपने रखनी है आपको सेंट्रिसिटी मिलल जाएगी हाइपरबोला के लिए अगर हमारा हाइपरबोला एक एक्सिस के अलोंग दिया है तो
जो भी उसकी स्टैंडर्ड इक्वेशन है वो भी हमें बतानी होगी सो स्टैंडर्ड इक्वेशन बहुत सिंपल वे में यहां पर मैं आपके लिए
लिख देता हूं देखो हाइपरबोला हमारा किसके अलोंग है x एक्सिस के अलोंग यहां पर हमारा हाइपरबोला बना है तो इसके लिए जो हमारी
स्टैंडर्ड इक्वेशन है वो लिख देता हूं यहां पर हो जाएगा x स् इसके डिनो मिनेट में आ जाएगा हमारे पास a स् उसके बाद
माइनस का साइन लगा लो y स् अ अप में b स् इक्वल हो जाएगा हमारा ये वन के बहुत सिंपल चीज हो गई है हमारी यहां पर जो भी हमारे
पॉइंट है ना उनको भी हमें ध्यान देना है जो भी मेरा यहां पर a पॉइंट है यानी कि जो भी मेरे वर्टेक्स यहां पर हैं a और b जो a
पॉइंट है इसके कोऑर्डिनेट्स क्या हो जाएंगे देखो x एक्सिस पर है और x एक्सिस पर किस साइड है y से लेफ्ट हैंड साइड में
है तो इसकी वैल्यू - a और 0 हो जाएगी और जो भी मेरा यहां पर b पॉइंट है y एक्सिस के राइट हैंड साइड में है तो इसके जो भी
कोऑर्डिनेट्स हैं वो क्या हो जाएंगे a और 0 हो जाएगा इस तरह से हमें a और b पॉइंट के जो भी कोऑर्डिनेट्स हैं वो लिखने हैं
और ये हमारी स्टैंडर्ड इक्वेशन हो जाएगी अगर हमारा यहां पर हाई हाइपरबोला किस तरह से दिया हो एक एक्सिस के अलोंग दिया हो अब
दूसरी कंडीशन में क्या हो सकता है हमारे पास जो हाइपरबोला है ना वो हमें कुछ इस तरह से भी दिया जा सकता है तो हाइपरबोला
हमें अगर कुछ इस तरह से दिया होगा तो हमें क्या करना होगा ठीक है इस तरह से मान लो हमें ये दिया गया है तो हमारी इक्वेशन
क्या बनेगी जो भी हमारे पॉइंट्स हैं वो क्या होंगे ये भी चीज हमें समझनी पड़ेगी देखो ये हमारा a पॉइंट हो जाएगा ये नीचे
वाला मेरा b पॉइंट हो जाएगा a के कोऑर्डिनेट्स क्या हो जाएंगे भाई x की वैल्यू रो होगी y की वैल्यू पॉजिटिव यानी
कि a में हो जाएगी उसके बाद यहां पर हमारा 0 - a हो जाएगी अगर हमें ये कंडीशन दी गई है तो इक्वेशन ये हो जाएगी अगर हमारी
कंडीशन ये आ जाती है y एक्सिस के अलोंग है तो हमारी स्टैंडर्ड इक्वेशन में क्या हो जाएगा y स् अपॉन में आ जाएगा मेरे पास a
स् माइनस में यहां पर आ जाएगा x स् अपॉन में आ जाएगा मेरे पास b स् इक्वल टू में हो जाएगा वन जो भी a है b है सारी चीजें
यहां पर मैंने आपको एक्सप्लेन कर दी हैं अभी हो सकता है आपको लगे कि कुछ पॉइंट्स मिस हो गए हैं कुछ भी मिस नहीं हुआ है
जस्ट आपको क्वेश्चंस की अब प्रैक्टिस करनी है इन कांसेप्ट को समझ करर मुझे पता है आप यह कहने वाले हो कि b की वैल्यू क्या होगी
यहां पर तो हमें कहीं भी b दिखाई नहीं देता है ना यहां पर हमें b दिखाई देता है तो उसके लिए हमारा फार्मूला होता है
फार्मूला होता है b स् इक्वल टू में हमारा होता है c स् - में a स् अगर यहां से मैं b की वैल्यू फाइंड करने जाऊंगा तो वो आ
जाएगी मेरी अंडर रूट c स् माइनस में a स् यह भी हमारा एक फार्मूला बनता है ठीक है जो भी कांसेप्ट हमारे हैं वो हमने कंप्लीट
कर लिए हैं अभी इंट्रोडक्शन हमारा जो है ना वो हो जाता है कंप्लीट ये कांसेप्ट और भी ज्यादा क्लियर होते चले जाएंगे
जैसे-जैसे आप क्वेश्चंस को करते चले जाओगे एक्सरसाइज के सो एक्सरसाइज के क्वेश्चंस करने हैं तो अलग-अलग वीडियो बनाई गई है
सभी के लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए गए हैं सो इंट्रोडक्शन जो होता है ना उसमें हमने क्या-क्या कर लिया है जो भी
कोनिक सेक्शंस होते हैं हमारा सर्किल होता है एलिप्स पैराबोला हाइपरबोला सभी की स्टैंडर्ड इक्वेशंस को समझ लिया है जो भी
हमारा लेटेस रेक्टम होता था या फिर सेंट्रिसिटी था सारी चीजें हमने समझ ली हैं उम्मीद करता हूं सभी के सभी कांसेप्ट
जो भी कराए गए हैं सभी कांसेप्ट आपको समझ आए होंगे अगर आए हैं तो वीडियो को लाइक जरूर कर देना अपने क्लासमेट्स के साथ
वीडियो को अभी की अभी शेयर कर देना जितने भी नए स्टूडेंट्स आते हैं ग्रीन बोर्ड क्लास 11थ एंड 12थ वाले चैनल को
सब्सक्राइब कर लेना है क्योंकि इस पे क्लास 11थ की और 12थ की मैथ की साइंस की वीडियोस इसी तरह से आती रहेंगी अगर आपको
लग ता है कि कोनिक सेक्शन का हमारा जो भी कांसेप्ट है कुछ कंफ्यूजन रह गई है तो भाई वो कंफ्यूजन पता है कब दूर होगी जब आप
एक्सरसाइज की क्वेश्चंस को कवर करोगे उनको सॉल्व करोगे अगर एक्सरसाइज वाली वीडियोस देखनी है इंट्रोडक्शन कंप्लीट कर लिया
आपने एक्सरसाइज जो भी है इस चैप्टर की उनकी अलग-अलग वीडियोस बनाई गई है सभी एक्सरसाइजस के लिंक आपको नीचे
डिस्क्रिप्शन बॉक्स में प्रोवाइड किए गए हैं सभी को देख लेना अच्छी तरह से समझ लेना तो इस वीडियो में इतना ही मैं
मिलूंगा आपको इसी तरह की नेक्स्ट एजुकेशनल वीडियो में
कोनिक सेक्शन वे आकृतियाँ हैं जो एक डबल नेप्ड कोन को एक समतल (प्लेन) द्वारा काटने पर बनती हैं। ये आकृतियाँ काटने वाले तल और शंकु के अक्ष के बीच के कोण पर निर्भर करती हैं। मुख्य कोनिक सेक्शन सर्कल (वृत्त), एलिप्स (दीर्घवृत्त), पैराबोला (परवलय) और हाइपरबोला (अतिपरवलय) हैं। जब तल अक्ष के लंबवत होता है तो सर्कल, तिरछा काटने पर एलिप्स, जनरेटर के समानांतर काटने पर पैराबोला और अक्ष से बहुत छोटा कोण बनाते हुए काटने पर हाइपरबोला बनता है।
सर्कल में सभी बिंदु एक नियत बिंदु (केंद्र) से समान दूरी पर होते हैं, जबकि एलिप्स में दो नियत बिंदुओं (फोकस) से दूरियों का योग स्थिर रहता है। सर्कल की उत्केंद्रता (e) शून्य होती है, जबकि एलिप्स की उत्केंद्रता 0 और 1 के बीच होती है। एलिप्स के दो अक्ष होते हैं: दीर्घ अक्ष (Major Axis) और लघु अक्ष (Minor Axis), जबकि सर्कल में सभी व्यास बराबर होते हैं। सर्कल का समीकरण (x-h)² + (y-k)² = r² है, जबकि एलिप्स का मानक समीकरण x²/a² + y²/b² = 1 है।
पैराबोला सभी बिंदुओं का समुच्चय है जो एक नियत बिंदु (फोकस) और एक नियत रेखा (नियता) से समान दूरी पर होते हैं। इसके प्रमुख तत्व हैं: फोकस (Focus), नियता (Directrix), अक्ष (Axis), और शीर्ष (Vertex)। पैराबोला के चार मानक रूप होते हैं: y² = 4ax (दाईं ओर खुला), y² = -4ax (बाईं ओर खुला), x² = 4ay (ऊपर की ओर खुला), और x² = -4ay (नीचे की ओर खुला)। उदाहरण के लिए, यदि समीकरण y² = 4ax है, तो फोकस (a, 0) और नियता x = -a होती है। पैराबोला के लेटस रेक्टम की लंबाई हमेशा 4a होती है।
हाइपरबोला में दो नियत बिंदुओं (फोकस) से दूरियों का अंतर स्थिर होता है, जबकि एलिप्स में दूरियों का योग स्थिर रहता है। हाइपरबोला की उत्केंद्रता (e) हमेशा 1 से अधिक होती है, जबकि एलिप्स की उत्केंद्रता 0 से 1 के बीच होती है। हाइपरबोला के दो अक्ष होते हैं: अनुप्रस्थ अक्ष (Transverse Axis) और संयुग्मी अक्ष (Conjugate Axis)। हाइपरबोला का मानक समीकरण x²/a² - y²/b² = 1 है, जिसमें संबंध c² = a² + b² होता है, जबकि एलिप्स में c² = a² - b² होता है। हाइपरबोला डबल नेप्ड कोन के दोनों नेप को काटता है।
लेटस रेक्टम एक कोनिक सेक्शन की फोकस से होकर गुजरने वाली और अक्ष पर लंबवत जीवा (रेखाखंड) है। इसकी लंबाई विभिन्न कोनिक सेक्शन के लिए अलग-अलग होती है: एलिप्स (दीर्घवृत्त) के लिए यह 2b²/a होती है, पैराबोला (परवलय) के लिए यह हमेशा 4a होती है, और हाइपरबोला (अतिपरवलय) के लिए भी यह 2b²/a होती है। यह सूत्र कोनिक सेक्शन के आकार और फैलाव को समझने में मदद करता है।
इस वीडियो में सभी मुख्य अवधारणाओं की व्याख्या की गई है, लेकिन अभ्यास के लिए अलग-अलग एक्सरसाइज वीडियो बनाई गई हैं जैसा कि वीडियो के अंत में बताया गया है। आप इन अतिरिक्त वीडियो के लिंक वीडियो के विवरण (Description Box) में पा सकते हैं। इन वीडियो के माध्यम से आप प्रत्येक कोनिक सेक्शन सर्कल, एलिप्स, पैराबोला और हाइपरबोला के अभ्यास प्रश्नों को हल कर सकते हैं और अपनी समझ को मजबूत कर सकते हैं।
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