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[00:00]

आज की वीडियो में मैं आप लोगों को

[00:01]

स्क्रिप्टिंग का एक ऐसा फॉर्मेट देने वाला

[00:03]

हूं जिसे फॉलो करके आप भी कुछ इस तरह के

[00:04]

व्यूज गेन कर सकते हो। डजंट मैटर आपने कभी

[00:07]

स्क्रिप्ट लिखी है या नहीं? लेकिन वीडियो

[00:08]

के एंड तक आपको स्क्रिप्ट राइटिंग के

[00:10]

प्रोसेस से लेके रिटेंशन ग्राफ को बढ़ाने

[00:12]

तक के सभी सीक्रेट्स पता होंगे। इसके लिए

[00:14]

आपको बस यह फोर्स टाइप फ्रेमवर्क को फॉलो

[00:16]

करना है। लेकिन इन फोर्स टाइप से भी पहले

[00:18]

मैं आप लोगों को स्क्रिप्ट राइटिंग का एक

[00:19]

ऐसा सीक्रेट शेयर करना चाहता हूं जो कि

[00:21]

बड़े क्रिएटर्स कभी नहीं करते हैं।

[00:26]

आप सभी को सिखाया गया है कि हुक स्क्रिप्ट

[00:28]

राइटिंग का पहला पार्ट होता है या रिसर्च

[00:30]

स्क्रिप्ट राइटिंग का पहला पार्ट होता है।

[00:32]

बट यह गलत नॉलेज है। क्योंकि हर एक

[00:34]

प्रोफेशनल स्क्रिप्ट राइटर इस सबसे भी

[00:36]

पहले कुछ और करता है। वो है ह्यूमन

[00:38]

साइकोलॉजी को समझना। YouTube पे कोई भी

[00:40]

आते ही सबसे पहले किसी की स्क्रिप्ट नहीं

[00:42]

सुनता है। वह सबसे पहली चीज जो करता है वो

[00:44]

है एक पैकेजिंग पे क्लिक करना और उसके बाद

[00:46]

उसका ब्रेन डिसाइड करता है कि उसने जो

[00:48]

पैकेजिंग पे क्लिक करा है जो उसे दिख रहा

[00:50]

है वो वर्दी है उसके टाइम के या नहीं। अगर

[00:53]

नहीं तो वीडियो को स्क्रॉल कर दिया जाता

[00:55]

है। इसलिए हर एक प्रोफेशनल स्क्रिप्ट

[00:56]

राइटर अपनी वीडियो की स्क्रिप्ट को

[00:58]

पैकेजिंग को ध्यान में रख के ही स्टार्ट

[01:00]

करता है। जबकि आप इसका टोटली अपोजिट करते

[01:02]

हो और फिर सोचते हो कि व्यूज क्यों नहीं आ

[01:04]

रहे हैं? स्क्रिप्ट तो मैंने अच्छी लिखी

[01:06]

थी। प्रॉब्लम स्क्रिप्ट में नहीं है बल्कि

[01:07]

यूजर साइकोलॉजी में है। एक YouTube वीडियो

[01:09]

की पैकेजिंग तीन चीजों से बनती है। सबसे

[01:11]

पहला होता है आईडिया यानी कि वीडियो किस

[01:14]

टॉपिक पे होने वाला है। अगर आईडिया ही

[01:16]

अच्छा नहीं है तो आप दुनिया का कोई भी

[01:17]

फ्रेमवर्क फॉलो कर लो स्क्रिप्ट राइटिंग

[01:19]

के लिए वीडियो नहीं चलेगी। दूसरा है

[01:21]

टाइटल। ये वो चीज है जो कि ऑडियंस को

[01:23]

वीडियो से क्या एक्सपेक्ट करना है यह

[01:25]

बताता है। अगर आपके टाइटल में कहीं भी बात

[01:27]

वीडियो के अंदर नहीं मिलती है तो अगेन

[01:29]

आपकी वीडियो फ्लॉप ही होगी। तीसरा है

[01:31]

थंबनेल। थंबनेल एक विजुअल एक्सपेक्टेशन

[01:33]

सेट करता है कि वीडियो के अंदर क्या

[01:35]

दिखेगा। एंड अगेन वीडियो की रियलिटी अगर

[01:37]

थंबनेल से अलग हुई तो ऑडियंस की

[01:39]

एक्सपेक्टेशन टूट जाएगी एंड आपकी वीडियो

[01:41]

फ्लॉप हो जाएगी। अगर आपकी ये तीन चीजें

[01:42]

फिगर आउट नहीं है तो स्क्रिप्ट लिखना शुरू

[01:44]

मत करना क्योंकि भले ही आप मेरे पूरे

[01:46]

फ्रेमवर्क को फॉलो करके किलर स्क्रिप्ट

[01:48]

लिख भी लोगे आपकी पैकेजिंग उस स्क्रिप्ट

[01:50]

को ट्रैश बना देगी। लेकिन इस साइकोलॉजी को

[01:52]

स्क्रिप्ट्स के अंदर कैसे अप्लाई करें?

[01:54]

इसको समझने के लिए आपको फ्रेमवर्क के पहले

[01:56]

स्टेप को समझना पड़ेगा। व्हिच इज़

[02:01]

YouTube पे जितनी भी वायरल वीडियोस हैं

[02:03]

उसके इंट्रो में सिर्फ दो ही एलिमेंट

[02:04]

एक्सिस्ट करते हैं। पहला है क्लिक

[02:06]

कन्फर्मेशन एंड दूसरा है क्रियोसिटी गैप।

[02:08]

एक इंट्रो का काम सिर्फ इन दो चीजों को

[02:10]

कवर करना होता है। लेकिन स्टिल 90% यूर्स

[02:12]

यह भी नहीं कर पाते हैं क्योंकि उनको पता

[02:14]

ही नहीं है कि इसका सही मेथड क्या है।

[02:16]

क्लिक कन्फर्मेशन का सीधा सा मतलब है कि

[02:18]

ऑडियंस को अशोरिटी देना कि जिस चीज के लिए

[02:20]

उन्होंने वीडियो पे क्लिक किया था वीडियो

[02:22]

के अंदर उनको वही मिलने वाला है। अब यह

[02:24]

चीज आप दो तरीके से कर सकते हो। पहला है

[02:26]

बोल के दूसरा है शो करके। एग्जांपल के लिए

[02:28]

आप मिसिस की ये दो वीडियोस देखो।

[02:30]

बेचारे लायन को ट्रीट नहीं किया गया तो यह

[02:33]

मर जाएगा। और आज ये हमारे हजारों जानवरों

[02:35]

में से पहला है जिसे हम बचाएंगे। देखते

[02:38]

हैं कैसे।

[02:40]

हम अब इस सुनसान आइलैंड पर फंस चुके हैं

[02:42]

जो कि समंदर के बीचोंबीच है और हम अगले

[02:44]

सात दिनों तक यहीं पर फंसे रहेंगे। और इन

[02:48]

दोनों ही वीडियोस के अंदर मिस्टर बीस्ट ने

[02:49]

विद इन थ्री टू सिक्स सेकंड्स आपको एश्योर

[02:51]

कर दिया कि तुमने जो वीडियो की पैकेजिंग

[02:53]

में देखा था वीडियो के अंदर भी वही चीज

[02:55]

होने वाली है विजुअली भी और बोल के भी एंड

[02:58]

यही सेम ट्रिक मैंने भी इस वीडियो में यूज

[02:59]

की है जो कि तुम देख रहे हो। आज की वीडियो

[03:01]

में मैं आप लोगों को स्क्रिप्टिंग का एक

[03:03]

ऐसा फॉर्मेट देने वाला हूं जिसे फॉलो करके

[03:05]

आप भी कुछ इस तरह के व्यूज गेन कर सकते

[03:07]

हो। इंसान का ब्रेन पेन रिवॉर्ड के

[03:09]

कांसेप्ट पे चलता है। अगर इंसान ने मेहनत

[03:11]

करी है तो उसके बदले में उसे रिवॉर्ड

[03:12]

चाहिए। YouTube पे आते ही यूजर को नौ

[03:14]

थंबनेल्स दिखते हैं और अगर उसने आपकी

[03:16]

वीडियो पे क्लिक करने की मेहनत करी है तो

[03:18]

उसका ब्रेन एक रिवॉर्ड एक्सपेक्ट कर रहा

[03:20]

है जो कि आपको विद इन थ्री टू सिक्स

[03:21]

सेकंड्स देना होता है। यही रिवॉर्ड क्लिक

[03:23]

कंफर्मेशन है। यूजर को पता नहीं चलता है

[03:26]

लेकिन इसकी वजह से वो आपकी वीडियो पे रुक

[03:27]

जाता है। लेकिन वीडियो पे रुकना और वीडियो

[03:29]

को पूरा देखना दो अलग चीजें हैं। और इसी

[03:32]

वजह से आपको इंट्रो में एक और चीज को कवर

[03:34]

करना होता है व्हिच इज क्यूरोसिटी गैप।

[03:36]

क्यूरोसिटी गैप का सीधा सा मतलब है गर्म

[03:38]

करके ठंडा छोड़ देना। यानी कि जो भी

[03:40]

ऑडियंस उम्मीद कर रही थी उसका एक छोटा सा

[03:42]

टीजर देना। इसको डिटेल में एक्सप्लेन करने

[03:44]

से पहले मैं आपको इसका एग्जांपल दिखाता

[03:46]

हूं मिस्टर बीस्ट की सेम वीडियो से।

[03:48]

हम एक स्नाइपर से जिराफ को वैक्सिननेट

[03:50]

करेंगे इस हेलीकॉप्टर से।

[03:52]

आज हम सारे जिराफ को वैक्सिनेट करके ही

[03:54]

रहेंगे।

[03:54]

लायंस को एक बदहाल ज़ से भी बचाएंगे। चलो

[03:58]

भागो। इससे पहले राइनो आपसी फाइट में खत्म

[04:00]

हो जाए। उन्हें भी रीोकेट करेंगे। इस

[04:02]

राइनो की लाइफ में थोड़े और साल जोड़ देते

[04:04]

हैं। और भी बहुत सारे अनबिलीवेबल

[04:06]

रेस्क्यूस जिसकी शुरुआत करेंगे इस वीडियो

[04:09]

की पैकेजिंग में आपको लायन दिखा था और

[04:11]

टाइटल में 1000 एनिमल को सेव करने की बात

[04:13]

की गई थी और स्टार्टिंग के 3 सेकंड में

[04:15]

आपको क्लिक कन्फर्मेशन भी मिल गया था।

[04:17]

लेकिन उसके बाद मिस्टर बीस्ट ने जिराफ

[04:19]

दिखाए, राइनो दिखाए, डॉग्स दिखाए, सील

[04:21]

दिखाए एंड बाकी काफी सारे एनिमल्स दिखाए।

[04:23]

यह था टीजर जिसने आपके क्यूसिटी गैप को

[04:25]

खोल दिया। इन जानवरों के साथ क्या हुआ

[04:27]

होगा? एजुकेशनल वीडियोस में क्यूरोसिटी

[04:29]

गैप अलग वे में क्रिएट किया जाता है। जैसे

[04:31]

एग्जांपल के लिए वापस से हमारे इसी वीडियो

[04:33]

के इंट्रो में चलते हैं। आप लोगों को 3

[04:35]

सेकंड का क्लिक कन्फर्मेशन देने के बाद

[04:37]

मैंने यह लाइंस बोली थी। डजंट मैटर आपने

[04:39]

कभी स्क्रिप्ट लिखी है या नहीं? लेकिन

[04:41]

वीडियो के एंड तक आपको स्क्रिप्ट राइटिंग

[04:43]

के प्रोसेस से लेके रिटेंशन ग्राफ को

[04:44]

बढ़ाने तक के सभी सीक्रेट्स पता होंगे।

[04:46]

इसके लिए आपको बस यह फोर स्टेप फ्रेमवर्क

[04:48]

को फॉलो करना है। यहां पर मैंने

[04:50]

क्यूरोसिटी गैप जनरेट कर दिया यह बोल के

[04:52]

कि चार स्टेप का एक फ्रेमवर्क है जो कि सब

[04:54]

यूज़ कर सकते हैं। एंड आप इस वीडियो को अभी

[04:56]

तक इसलिए देख रहे हो क्योंकि आपको

[04:58]

फ्रेमवर्क के वो चार पॉइंट्स चाहिए।

[04:59]

क्रियोसिटी गैप का यही काम होता है।

[05:01]

ऑडियंस को एक रीज़न देना लास्ट तक रुके

[05:03]

रहने के लिए। अब क्यूरोसिटी गैप जनरेट

[05:05]

करने के काफी सारे तरीके हैं। पहला है

[05:07]

फोमो। यानी कि ऑडियंस को यह रियलाइज

[05:09]

करवाना कि अगर उन्होंने वीडियो पूरी नहीं

[05:11]

देखी तो वह कुछ मिस कर देंगे। मैं अपनी

[05:13]

मैक्सिमम वीडियोस में इसी का यूज करता

[05:14]

हूं। दूसरा है रिलेटिबिलिटी। ऑडियंस के

[05:16]

सामने एक ऐसी सिचुएशन रख दो जिससे वो

[05:18]

रिलेट कर सके और फिर आगे क्या हुआ जानने

[05:20]

के लिए वो रुके रहे। तीसरा है फियर। कुछ

[05:23]

ऐसी स्टेटमेंट बोलना या कुछ ऐसा शो करना

[05:25]

जो कि ऑडियंस को पर्सनल लॉस का फील करवा

[05:27]

दे। चौथा है क्वेश्चन। क्यूरोसिटी गैप

[05:29]

जनरेट करने का यह सबसे सीधा मेथड है। एक

[05:31]

ऐसा क्वेश्चन पूछ लो जो कि जनता को पता ही

[05:33]

ना हो। पैरेक्ट वीडियोस के अंदर यह बहुत

[05:35]

ही ज्यादा यूज़ किया जाता है। और फिफ्थ है

[05:37]

पैटर्न इंटरप्शन। यानी कि ऑडियंस की जो

[05:39]

नॉर्मल बिलीफ है किसी भी चीज को लेके उसे

[05:41]

टोटली अपोजिट करना। दो ब्राठी अपनी

[05:43]

वीडियोस में यह बहुत ही ज्यादा यूज करता

[05:45]

है। अगर आप अपनी स्क्रिप्ट के इंट्रो में

[05:47]

बस यह दो चीजें कर लेते हो वो भी 30 सेकंड

[05:49]

के अंदर तो ऑडियंस को रियलाइज हो उससे

[05:51]

पहले ही वो आपकी वीडियो में खो चुके

[05:53]

होंगे। लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं

[05:55]

टिकेगा। क्यों? इसका रीज़न आपको स्टेप थ्री

[05:57]

में समझ आएगा। लेकिन उससे पहले चलते हैं

[05:59]

स्टेप टू पे जिसके बिना आप आगे कुछ भी

[06:00]

नहीं लिख सकते।

[06:04]

अ गुड स्क्रिप्ट राइटर इज अ गुड रिसर्चर।

[06:07]

और आपने अच्छी रिसर्च करी है या नहीं यह

[06:09]

सिर्फ एक ही चीज से डिसाइड होता है जो कि

[06:11]

है शॉक वैल्यू। शॉक वैल्यू बेसिकली

[06:13]

डिस्टेंस है बिटवीन योर नॉलेज एंड योर

[06:15]

ऑडियंस नॉलेज। यह डिस्टेंस जितना ज्यादा

[06:17]

होगा, उतना ही ज्यादा आपको ऑडियंस रिटेंशन

[06:19]

मिलेगा। लेकिन द क्वेश्चन इज़ शॉक वैल्यू

[06:21]

को इंक्रीस कैसे करें? इसके सिर्फ तीन ही

[06:23]

तरीके हैं। फर्स्ट इज कंज्यूमिंग। अगर

[06:26]

मुझे किसी ऐसे टॉपिक पे वीडियो बनानी है

[06:28]

जिसके बारे में मेरे पास कोई इंफॉर्मेशन

[06:29]

नहीं है, तो जो पहला स्टेप मुझे अपनी

[06:31]

रिसर्चिंग प्रोसेस में करना होगा, इट वुड

[06:33]

बी कंज्यूमिंग एज मच कंटेंट एज पॉसिबल।

[06:36]

लेकिन कंजमशन का मतलब यह नहीं है कि बस 10

[06:38]

YouTube वीडियोस देख ली। यू हैव टू ट्राई

[06:40]

कि आप सेम टॉपिक पे कितने डिफरेंट

[06:42]

रिसोर्सेज से या सोशल मीडिया प्लेटफार्म

[06:44]

से कितनी वैरायटी ऑफ इंफॉर्मेशन कलेक्ट कर

[06:46]

सकते हो। जब आपकी कंजमशन ज्यादा होगी वो

[06:48]

भी वैरायटी ऑफ रिसोर्सेज से तो आपके पास

[06:50]

वो इंफॉर्मेशन भी होगी जो आर्म ऑडियंस के

[06:52]

पास नहीं है क्योंकि उन्होंने इतनी मेहनत

[06:54]

नहीं की है जो कि ऑटोमेटिकली स्टॉक वैल्यू

[06:56]

को इंक्रीस कर देगा। डॉक्यूमेंट्री

[06:58]

क्रिएटर्स आर्टिकल कंज्यूम करते हैं।

[07:00]

सेल्फ हेल्प वाले क्रिएटर्स बुक को

[07:01]

कंज्यूम करते हैं। मेरे जैसे क्रिएटर्स

[07:03]

वर्कशॉप और कोर्सेज को कंज्यूम करते हैं।

[07:05]

क्योंकि यह सारी चीजें नॉर्मल ऑडियंस नहीं

[07:07]

करती है। सेकंड इज डूइंग। शॉक वैल्यू को

[07:10]

इंक्रीस करने का यह सबसे बेस्ट एंड

[07:12]

इफेक्टिव वे है जो कभी फेल नहीं होता है।

[07:14]

चैलेंज वीडियोस इसी टाइप की रिसर्च करते

[07:16]

हैं क्योंकि किसी भी चैलेंज को करने के

[07:18]

बाद जो इंफॉर्मेशन आप गेन करते हो वो आपके

[07:20]

एक्सपीरियंस से डिराइव होती है। उसका

[07:22]

एक्सेस दुनिया में किसी के पास नहीं है।

[07:24]

यह सारी वीडियो जो आप स्क्रीन पर देख रहे

[07:26]

हो इनमें से किसी में भी कंजशन की जरूरत

[07:28]

नहीं पड़ी। इन सब ने पर्सनल एक्सपीरियंस

[07:30]

से शॉक वैल्यू को इंक्रीस करा है। थर्ड इज

[07:33]

एनालाइजिंग।

[07:34]

यह वो मेथड है जो कि मैंने इस वीडियो में

[07:36]

अप्लाई करा है। इस वीडियो के लिए मुझे

[07:38]

एक्सपेरिमेंट नहीं करना पड़ा बल्कि अपनी

[07:40]

प्रीवियस स्क्रिप्ट्स को और बाकी यूर्स की

[07:42]

वीडियोस को एनालाइज करना पड़ा ताकि मैं वो

[07:44]

इंफॉर्मेशन एक फॉर्मेट में दे सकूं जो

[07:46]

मेरे पास पहले से ही थी। लोगों के पास

[07:48]

इतना टाइम नहीं है कि वो यह चीज करें जो

[07:50]

मैंने करी है। इसलिए मेरी स्क्रिप्ट

[07:51]

ऑटोमेटिकली स्टॉक वैल्यू को इंक्रीस कर

[07:53]

देती है। आपको अपनी रिसर्च बस इन तीन मेथड

[07:56]

में से किसी एक मेथड के साथ करनी है एंड

[07:58]

आप इली वो इंफॉर्मेशन डिलीवर कर पाओगे जो

[08:00]

बाकी लोगों के पास नहीं है। लेकिन सिर्फ

[08:02]

वैल्यूुएबल इनेशन गैदर करके आप वायरल

[08:04]

स्क्रिप्ट नहीं लिख सकते हो। इसके लिए

[08:06]

आपको नेक्स्ट स्टेप को भी सीखना पड़ेगा जो

[08:08]

कि स्क्रिप्ट राइटिंग का मेन पार्ट है।

[08:12]

स्क्रिप्ट का इंट्रो 30 सेकंड का होता है।

[08:14]

आउट्रो भी 30 सेकंड का होता है। लेकिन

[08:16]

बाकी टाइम जो चीज ऑडियंस सुन रही होती है

[08:18]

एंड जहां पे सबसे ज्यादा रिटेंशन ड्रॉप

[08:20]

होता है वो है बॉडी पार्ट। एंड इस पार्ट

[08:22]

में मैक्सिमम यूटर्स गलती करते हैं। इसलिए

[08:25]

इसे ध्यान से समझना। स्क्रिप्ट की बॉडी का

[08:27]

काम होता है व्यूअर्स सेटिस्फेक्शन को

[08:29]

अचीव करना। और इसके लिए आपको तीन चीजों पर

[08:31]

फोकस करना है। सबसे पहला है फ्रेमिंग,

[08:33]

सेकंड है पेसिंग और थर्ड है ट्रांजिशन।

[08:36]

लेट मी एक्सप्लेन। फ्रेमिंग का मतलब है

[08:38]

ओवरऑल वीडियो की स्टोरी एंड प्रेजेंटेशन।

[08:40]

पिछले स्टेप में आपने जो इंफॉर्मेशन

[08:42]

इकट्ठा की है इस स्टेप में आपको वो सारी

[08:44]

इंफॉर्मेशन को इस वे में अरेंज करना है कि

[08:46]

आपकी वीडियो एक कहानी की तरह लगे। जहां पे

[08:48]

हर नेक्स्ट स्टेपेंट है और स्टोरी को आगे

[08:50]

बढ़ा रहा है और यहीं पे 90% यूटर्स गलती

[08:53]

करते हैं जिसकी वजह से उनका रिटेंशन ग्राफ

[08:55]

या तो ऐसा होता है जहां स्टार्टिंग अच्छी

[08:57]

होती है। लेकिन वीडियो में आगे जाते-जाते

[08:59]

ऑडियंस समझ जाती है कि क्रिएटर के पास कुछ

[09:01]

यूनिक नहीं बचा है एंड वो वीडियो को बंद

[09:02]

कर देते हैं या फिर रिटेंशन ग्राफ ऐसा

[09:04]

होता है जहां स्टार्टिंग ही इतनी स्लो

[09:06]

होती है कि ऑडियंस लास्ट में जो अच्छी

[09:07]

इनफेशन बची है उसका वेट ही नहीं करती और

[09:10]

वीडियो इस मोमेंट तक बंद कर देती है। अब

[09:12]

इस प्रॉब्लम से बचने के लिए जो तरीका मैं

[09:13]

इस्तेमाल करता हूं वो है रिटेंशन डांस

[09:16]

जिसका ग्राफ कुछ ऐसा दिखता है जहां

[09:18]

स्टार्टिंग में मैं बेस्ट इनफेशन देता हूं

[09:20]

ताकि ऑडियंस को ट्रस्ट हो सके कि वीडियो

[09:21]

के अंदर कुछ यूनिक है फिर एक नॉर्मल

[09:23]

इंफॉर्मेशन देता हूं जो कि ऑडियंस को पता

[09:25]

होती है एंड देन अगेन एक यूनिक या स्पेशल

[09:27]

इनफेशन देता हूं और यह साइकिल चलती रहती

[09:30]

है एज अ रिजल्ट ऑडियंस कभी डिसाइड ही नहीं

[09:32]

कर पाती है कि वीडियो को कब लीव करना है।

[09:34]

इस मेथड को इवन मैंने इस वीडियो के अंदर

[09:36]

भी यूज़ किया है। वीडियो की स्टार्टिंग

[09:37]

में अगर आपको याद हो तो मैंने सबसे पहला

[09:39]

पॉइंट जो कवर किया था वो इंट्रो नहीं था

[09:41]

बल्कि पैकेजिंग था जो कि टेक्निकली इस

[09:44]

वीडियो के लास्ट में आना चाहिए था। बट

[09:45]

सिंस मुझे स्टार्टिंग में ऑडियंस को कुछ

[09:47]

नया देना था तो मैंने इस पॉइंट की

[09:49]

प्लेसमेंट को चेंज कर दिया। जिसके बाद

[09:50]

मैंने इंट्रो कवर करा जो कि मैक्सिमम

[09:52]

ऑडियंस को पता होता है। एंड देन मैंने

[09:54]

रिसर्च पार्ट को कवर करा जो कि ऑडियंस की

[09:56]

सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है। एंड नाउ मैं

[09:58]

बॉडी पार्ट को कवर कर रहा हूं। एंड नाउ यू

[10:00]

नो दैट नेक्स्ट पॉइंट विल बी अ बैगर। बट

[10:02]

बुलेट फों्ट्स की फ्रेमिंग के बाद भी एक

[10:04]

प्रॉब्लम रह जाती है वो है इंफॉर्मेशन

[10:06]

फ्रेमिंग। यानी कि वीडियो के अंदर जो

[10:08]

वर्ड्स बोलने वाले हैं उनको कैसे फ्रेम

[10:10]

करें। इसके लिए आप स्टोरी टेलिंग मेथड का

[10:12]

यूज कर सकते हो। स्टोरी टेलिंग मेथड में

[10:14]

सबसे पहले कॉन्टेक्स्ट को सेट किया जाता

[10:16]

है। फिर डिटेल दी जाती है एंड देन चैलेंज

[10:18]

को इंट्रोड्यूस करके एक फाइनल क्लाइमेक्स

[10:20]

दिया जाता है। अगर समझ नहीं आया है तो

[10:22]

डोंट वरी। मैं आपको इसी वीडियो के

[10:24]

एग्जांपल से समझाता हूं। इस वीडियो में

[10:26]

इंट्रो के बाद जो हमारा पहला पहरा था वो

[10:28]

कुछ ऐसा था। आप सभी को सिखाया गया है कि

[10:30]

हुक स्क्रिप्ट राइटिंग का पहला पार्ट होता

[10:32]

है या रिसर्च स्क्रिप्ट राइटिंग का पहला

[10:34]

पार्ट होता है। बट यह गलत नॉलेज है

[10:36]

क्योंकि हर एक प्रोफेशनल स्क्रिप्ट राइटर

[10:38]

इस सबसे भी पहले कुछ और करता है। वो है

[10:40]

ह्यूमन साइकोलॉजी को समझना। YouTube पे

[10:42]

कोई भी आते ही सबसे पहले किसी की

[10:44]

स्क्रिप्ट नहीं सुनता है। वो सबसे पहली

[10:46]

चीज जो करता है वो है एक पैकेजिंग पे

[10:48]

क्लिक करना। और उसके बाद उसका ब्रेन

[10:50]

डिसाइड करता है कि उसने जो पैकेजिंग पे

[10:51]

क्लिक करा है जो उसे दिख रहा है वो वर्ती

[10:54]

है उसके टाइम के या नहीं। अगर नहीं तो

[10:56]

वीडियो को स्क्रॉल कर दिया जाता है। इसलिए

[10:58]

हर एक प्रोफेशनल स्क्रिप्ट राइटर अपनी

[11:00]

वीडियो की स्क्रिप्ट को पैकेजिंग को ध्यान

[11:02]

में रख के ही स्टार्ट करता है। जबकि आप

[11:04]

इसका टोटली अपोजिट करते हो और फिर सोचते

[11:06]

हो कि व्यूज क्यों नहीं आ रहे हैं?

[11:07]

स्क्रिप्ट तो मैंने अच्छी लिखी थी।

[11:08]

प्रॉब्लम स्क्रिप्ट में नहीं है बल्कि

[11:10]

यूजर साइकोलॉजी में है। यह था कांटेक्ट

[11:12]

सेटिंग जहां पे मैंने यह बता दिया कि बैक

[11:14]

स्टोरी क्या है एंड आप लोगों के साथ क्या

[11:16]

हो रहा है। फिर मैंने डिटेल दी कि

[11:18]

स्क्रिप्ट राइटर्स कुछ और करते हैं एंड वो

[11:20]

चीज है ह्यूमन साइकोलॉजी को समझना। इस

[11:22]

लाइन की मदद से मैंने चैलेंज को

[11:24]

इंट्रोड्यूस करा जिसके बाद मैंने फाइनल

[11:26]

कंक्लूजन दिया। ठीक इसी वे में मैंने अपनी

[11:28]

वीडियो के कंटेंट का पहला पैराग्राफ लिखा

[11:30]

जिसने आपको इतना एंगेज करा कि आप बाकी की

[11:32]

वीडियो अभी तक देख रहे हो। एंड यही पैटर्न

[11:34]

मैंने लगभग हर एक पैरा में यूज़ किया है।

[11:36]

फ्रेमवर्क ओवरऑल आपकी स्क्रिप्ट को एक

[11:38]

रिदमम देता है। लेकिन जो चीज एक्चुअल में

[11:40]

ऑडियंस को वीडियो में बनाए रखती है वो है

[11:42]

पेसिंग। बेसिंग स्क्रिप्ट के इमोशंस को

[11:44]

कंट्रोल करने का काम करता है। एंड अगर

[11:45]

आपकी स्क्रिप्ट ऑडियंस के इमोशन को अप एंड

[11:48]

डाउन नहीं कर रही है तो आपकी स्क्रिप्ट

[11:49]

डेड है। बट अगेन द क्वेश्चन इज हाउ टू डू

[11:52]

इट? आंसर बहुत ही सिंपल है। यूज़ पैटर्न

[11:54]

इंटरप्शन। अगर स्क्रिप्ट एक ही टोन में

[11:57]

एंड एक ही फ्लो में चलेगी तो ऑडियंस बोर

[11:59]

हो जाएगी। बट अगर स्क्रिप्ट में कुछ ऐसा

[12:00]

एडिट हो जो कि एक्सपेक्ट नहीं किया था तो

[12:02]

पैटर्न इंटरप्ट होगा और ऑडियंस के इमोशन

[12:05]

भी। फॉर एग्जांपल इस वीडियो में जब मैं

[12:06]

क्यूरोसिटी गैप समझा रहा था तो मेरी पहली

[12:09]

लाइन ये थी क्यूरोसिटी गैप। क्यूरोसिटी

[12:11]

गैप का सीधा सा मतलब है गर्म करके ठंडा

[12:13]

छोड़ देना। एक इनेशन इंटेंस स्क्रिप्ट के

[12:16]

अंदर मीन पैटर्न इंटरप्ट हुआ। ऑडियंस का

[12:18]

इंटरेस्ट राइज हुआ एंड रिटेंशन भी बढ़ा।

[12:20]

यही काम आप कांटेक्ट देके भी कर सकते हो।

[12:22]

जैसे इस वीडियो की स्टार्टिंग में मैंने

[12:24]

मिस्टर बीस्ट के कुछ एग्जांपल दिए थे।

[12:26]

टेक्निकली मेरा पॉइंट इस लाइन पे खत्म हो

[12:27]

चुका था। मैं स्ट्रेट फॉरवर्ड नेक्स्ट

[12:29]

पॉइंट पे जा सकता था। बट पैटर्न इंटरप्ट

[12:31]

करना जरूरी था। एंड इवन इस पूरी वीडियो

[12:33]

में मैं बार-बार आपको प्रीवियस पॉइंट्स के

[12:35]

एग्जांपल दे रहा हूं। जस्ट टू इंट्रप्ट द

[12:37]

पैटर्न। अदरवाइज मैं स्ट्रेट फॉरवर्ड आके

[12:39]

आपको पूरा फॉर्मेट समझा सकता था। नाउ यू

[12:41]

नो हाउ टू फ्रेम योर स्क्रिप्ट, हाउ टू

[12:43]

फ्रेम योर पैरा एंड आल्सो हाउ टू कीप

[12:45]

ऑडियंस हुक्ड। बट आप ऑडियंस को 10 मिनट तक

[12:47]

अपनी वीडियो में नहीं रोक सकते अगर आपको

[12:49]

थर्ड पॉइंट नहीं आता है। व्हिच इज

[12:51]

ट्रांजिशन। ह्यूमंस का अटेंशन स्पैन 8

[12:53]

सेकंड का होता है। एंड स्टोरी टेलिंग का

[12:55]

यूज़ करके आप सिर्फ 3 मिनट तक ही इसको

[12:57]

एक्सटेंड कर सकते हो। लेकिन 3 मिनट के बाद

[12:59]

ऑडियंस बोर हो जाती है। एंड उनको दोबारा

[13:01]

से एक रीज़न चाहिए होता है वीडियो को देखते

[13:03]

रहने के लिए। इसलिए हर प्रोफेशनल

[13:05]

स्क्रिप्ट राइटर एक सीक्रेट ट्रिक का यूज

[13:06]

करता है अपनी वीडियो में वि इज सबक्स।

[13:09]

सबक्स पॉइंट के बीच में ट्रांजिशन के लिए

[13:11]

यूज किए जाते हैं। कैसे? इसी वीडियो के

[13:13]

एग्जांपल से समझाता हूं। सब्सक्स एक नया

[13:15]

मोटिव या रीजन देता है व्यूअर को आगे के

[13:17]

पॉइंट तक देखते रहने के लिए। एंड

[13:19]

स्क्रिप्ट जितनी लंबी होगी, उतने ही

[13:20]

ज्यादा सब्सक्स आपको यूज़ करने पड़ेंगे। सब

[13:23]

हुक को क्रिएट करना बहुत ही इजी है। जस्ट

[13:25]

मेक द ऑडियंस रियलाइज़ कि वह जो एक्सपेक्ट

[13:27]

कर रहे थे, वह नहीं होगा। एंड देन गिव देम

[13:29]

रीज़न ऑफ़ व्हाई एंड इज़ली शिफ्ट देम फ्रॉम

[13:31]

पॉइंट वन टू टू। अगर आप अपनी स्क्रिप्ट की

[13:34]

बॉडी में सिर्फ यह तीन चीजें करते हो तो

[13:36]

आपकी ऑडियंस आपकी वीडियो को कभी भी बंद

[13:38]

नहीं कर पाएगी। पर अगर आपने नेक्स्ट स्टेप

[13:40]

को मास्टर नहीं करा तो आपकी ऑडियंस कभी भी

[13:42]

आपकी दूसरी वीडियो नहीं देखेगी।

[13:47]

जहां आउट्रो में 90% यूटर्स लाइक एंड

[13:49]

सब्सक्राइब की रिक्वेस्ट कर रहे होते हैं।

[13:51]

वहीं सही आउट्रो लिखने की वजह से मुझे हर

[13:53]

साल 3 लाख से ज्यादा व्यूज गेन होते हैं।

[13:55]

क्योंकि प्रोफेशनल स्क्रिप्ट राइटर्स

[13:57]

आउट्रो में एक ट्रैप बिछाते हैं। द लूप

[13:59]

ट्रैप कैसे मैं एक्सप्लेन करता हूं।

[14:01]

आउट्रो में आपको अगेन दो चीजें करनी होती

[14:03]

है। सबसे पहला है समराइजिंग द वीडियो एंड

[14:06]

दूसरा है क्रिएटिंग अ नीड। व्यूअर सबसे

[14:08]

पहले जब आपकी वीडियो पे आया था तो वो एक

[14:10]

एक्सपेक्टेशन लेके आया था। लेकिन वीडियो

[14:12]

के बाद आपने व्यूअर के एक्सपेक्टेशन से

[14:14]

ज्यादा वैल्यू व्यूअर को प्रोवाइड कर दी

[14:16]

है जो कि उसके लिए ओवरलोड ऑफ इनफेशन है।

[14:18]

इसलिए आपको वीडियो को समराइज करना है इस

[14:20]

वे में कि व्यूअर सभी की पॉइंट्स को

[14:22]

मेमोराइज करके ही वीडियो को खत्म करें।

[14:24]

फॉर एग्जांपल इस वीडियो को देखने से पहले

[14:26]

आपके पास स्क्रिप्ट राइटिंग की कोई भी

[14:27]

नॉलेज नहीं थी। स्क्रिप्ट राइटिंग वीडियो

[14:29]

पैकेजिंग से शुरू होती है। जिसके बाद हुक

[14:31]

में आपको क्लिक कन्फर्मेशन देके

[14:33]

क्यूरोसिटी गैप क्रिएट करना होता है। एंड

[14:35]

देन टॉपिक के बारे में इस वे में रिसर्च

[14:37]

करना होता है कि शॉक वैल्यू को इंक्रीस कर

[14:38]

सके। जिसके बाद बॉडी में फ्रेमिंग, पेसिंग

[14:41]

एंड ट्रांजिशन को यूज़ करके आपको वीडियो के

[14:43]

आउट्रो में लूप क्रिएट करना होता है। बट

[14:45]

आपको स्टिल यह नहीं पता है कि ऑडियंस से

[14:47]

कैसे अपने थंबनेल पे क्लिक करवाएं ताकि

[14:48]

आपकी अच्छी तरीके से लिखी हुई स्क्रिप्ट

[14:50]

को वो पूरा देखे। तो मेक श्योर टू वॉच दिस

[14:52]

वीडियो। मिलते हैं अगली वीडियो में।

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