MCP Model Context Protocol Explained: What It Is & Why You Need It
What is MCP and Why is it Needed? (Model Context Protocol) <br>### The Problem Before MCP <br>When building any AI application (like a travel planner), you often need to integrate various external services such as weather APIs, databases, Google Drive, flight status APIs, and GitHub. Without MCP, a developer must: <br><br>* Write custom code for every single service. Each API has its own unique request/response format and authentication mechanism. <br>* Learn each service's individual documentation. This adds significant development time and complexity. <br>* Rewrite the same logic for different AI frameworks. If you build an app in LangGraph but later want to move it to CrewAI, Open AI Agents SDK, or Agno, you must rewrite all the integration code for that new framework. The app's logic stays the same, but the code implementation changes completely. <br><br>### What is MCP? <br>MCP stands for Model Context Protocol. It is a standard that provides a universal way for AI applications to connect with external data sources and tools. Instead of writing direct code for each service, you connect your AI app to an MCP Server. For a deeper dive into MCP servers and their role in AI development, see our Understanding MCP Servers: A Comprehensive Guide. <br><br>### How MCP Solves the Problem <br>The core idea is abstraction. The MCP server becomes the middle layer that handles all the complexities of interacting with an external tool, be it an API, a database, a local file system, or an internal company system. <br><br>## Core Components of MCP <br>MCP works on a client-server architecture with two main components: <br><br>### 1. MCP Client <br>* The MCP Client is a bridge inside your AI application. <br>* It establishes and manages the connection between your AI app and one or more MCP Servers. <br>* Your AI app must have an MCP Client to use MCP. <br>* A single MCP Client can connect to multiple MCP Servers. <br><br>### 2. MCP Server (and its Types) <br>The MCP Server is where the actual work happens. It connects to the external service and exposes a set of tools that your AI app can use. To learn more about building and mastering MCP servers from scratch, check out Exploring mCP: From Novice to Pro in AI Development. <br><br>There are three types of MCP Servers: <br><br>* Local MCP Server: Runs on the same machine as your AI application. Communication between the client and server happens via Standard I/O (stdin/stdout). <br>* Remote MCP Server: Runs on a cloud or any remote computer. The app connects via the internet, usually using Streamable HTTP. This is ideal for scenarios where you need to access hosted services like a central weather database. <br>* Custom MCP Server: You build this yourself for private or specialized needs (e.g., connecting to your company's internal database). You can host it locally or remotely. <br><br>## How MCP Works: A Step-by-Step Flow <br>Here is the exact process when a user sends a query like "What is the weather in Delhi today?": <br><br>1. User Query: The query goes to the AI application. <br>2. LLM Decision: The application's Large Language Model (LLM) receives the query. If it does not have the answer, it checks a list of available tools. Understanding how LLMs and agents differ is crucial here; read Understanding Generative AI, AI Agents, and Agentic AI: Key Differences Explained. <br>3. Tool Discovery: When the app starts, the MCP Client asks all connected MCP Servers, "What tools do you have?" The servers respond, and the client provides this list to the LLM. For a weather query, the LLM might pick a tool named get_current_weather from the Weather MCP Server. <br>4. Tool Request: The LLM generates a tool request in JSON-RPC format. This is the standard message format for all MCP communication. <br>5. Client-Server Connection: The MCP Client sees the tool request, identifies it belongs to the Weather MCP Server, and establishes the connection. <br>6. Server Execution: The Weather MCP Server executes the request, calls the actual external weather API, and gets the result. <br>7. Response in JSON-RPC: The server formats the raw data (e.g., temperature 38°C, Sunny) back into a JSON-RPC response and sends it to the MCP Client. <br>8. LLM Outputs to User: The client passes this structured data to the LLM, which converts it into a human-readable answer and displays it to the user. For more on turning raw data into effective interactions, see Mastering AI with Context Engineering for Effective Human-AI Collaboration. <br><br>Key takeaway: The LLM decides which tool to use. The MCP Client handles the connection and message transfer. The MCP Server handles the actual execution with the external service. If you're new to AI terminology, check out 20 Key AI Terms Every Engineer Must Know Explained Simply. <br>
हेलो एवरीवन, माय नेम इज आरोही एंड वेलकम बैक टू माय चैनल। सो गाइस, आज के वीडियो में हम देखेंगे कि एमसीपी यानी कि मॉडल
कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल क्या होता है? इसकी जरूरत क्या है? क्योंकि आप जितने भी एप्स बनाओगे ना, चाहे वो जनरेटिव एआई एप्स हैं
या फिर एजेंटिक एआई एप्स हैं। आप एमसीपीस को यूज़ करते हो। तो पहले अंडरस्टैंड करते हैं कि एमसीपी की जरूरत क्या है? यहां पे
देखो जब भी हम कोई एआई ऐप बनाते हैं तो उसमें हम डिफरेंट सर्विसेज को इंटीग्रेट करते हैं। तो फॉर एग्जांपल आपने एक एआई ऐप
बनाई वो एआई ऐप है अ ट्रैवल प्लानिंग की एआई ऐप। उसमें एक तो आप वेदर एपीआई यूज़ कर रहे हो। मतलब उसका कोड लिख रहे हो उसको
इंटीग्रेट करने का। आप साथ में ही Google ड्राइव भी यूज़ कर रहे हो। उसकी भी इंटीग्रेशन करोगे। मतलब उसका रिलेटेड कोड
लिखोगे। फिर फिर अगर आपने GitHub इंटीग्रेशन करनी है तो आप उसका भी कोड लिखोगे। GitHub इंटीग्रेशन हम क्यों कर
रहे हैं? सपोज़ करो GitHub रेपो पे कोई फाइल्स रखनी है, वहां से कोई फाइल्स लेनी है, कुछ भी वैसा काम करना है, रेपोज़
रिलेटेड काम है तो उसके लिए हम ये GH इंटीग्रेशन एक सर्विस है, उसको यूज़ कर रहे हैं। तो, फिर हम डेटाबेस इंटीग्रेट भी कर
रहे हैं? डेटाबेस क्यों इंटीग्रेट कर रहे हैं? क्योंकि यह ट्रैवल प्लानिंग एi ऐप हम बना रहे हैं। एंड जो भी यूजर की क्वेरीज
होंगी या जो भी यूज़र्स ने डिटेल दी वो सारी चीजें ना हम स्टोर करके रखेंगे। अपनी एआई ऐप को एक मेमोरी देंगे। वो मेमोरी हम
बना रहे हैं डेटाबेस इंटीग्रेशन के थ्रू। उसके बाद हम हम यूज़ कर रहे हैं फ्लाइट एपीआई। ठीक है? फ्लाइट्स का स्टेटस लेने
के लिए कि कौन सी फ्लाइट किस टाइम पे जा रही है, कौन से एयरपोर्ट से जा रही है, वैसी वाली सारी इंफॉर्मेशन लेने के लिए।
तो ये जो डिफरेंट सर्विज हैं हमने इंटीग्रेट करी अपनी एआई एप्लीकेशन में एंड अभी हम एमसीपी नहीं यूज कर रहे। यह मैं
बता रही हूं कि एमसीपी के पहले हम यह काम कैसे करते थे एंड उसका क्या डिसएडवांटेज था। तो जब आपने ये सारी सर्विसेज
इंटीग्रेट करी ना इसका मतलब आपने यह सारा कोड लिखा है ना? आपकी एआई एप्लीकेशन में आपने पहले तो ये कोड लिखा कि वेदर एपीआई
को कैसे यूज करना है। हर एपीआई डिफरेंट तरह से काम करती है। राइट? उसको जो यूजर रिक्वेस्ट सेंड करेगा वो उसका फॉर्मेट
डिफरेंट होगा। फिर एपीआई रिस्पांस जनरेट करेगी। एपीआई ने जब रिस्पांस जनरेट कर दिया उसका फॉर्मेट भी डिफरेंट होगा। इसी
तरह से हर एपीआई का रिक्वेस्ट फॉर्मेट एंड रिस्पांस फॉर्मेट डिफरेंट होगा। तो हमें वो सारा कोड अपनी एआई एप्लीकेशन में लिखना
पड़ेगा। फिर उसके बाद जैसे आपने डेटाबेस का कोड लिखना है। मैप वाला एक कोड लिखोगे, फ्लाइट एपीआई का कोड लिखोगे। हर सर्विस का
डिफरेंट-डिफरेंट कोड आप खुद से लिखोगे। मतलब एज अ डेवलपर अगर आप एआई ऐप बना रहे हो, तो आपको इन सभी डिफरेंट सर्विसेज को
यूज़ करना आना चाहिए। आपको इन सबकी डॉक्यूमेंटेशन पढ़नी पड़ेगी। आपको इन सबको यूज़ करने का तरीका देखना पड़ेगा। एंड फिर
उसका सारा कोड आप अपनी एआई ऐप में लिखोगे। यह होता था अभी तक। तो आप यहां पर देख रहे हो पहला डिसएडवांटेज क्या है? आपको सारा
कुछ खुद से लिखना पड़ रहा है। आपको सबकी नॉलेज लेनी पड़ेगी। तो यह एक बहुत बड़ा डिसएडवांटेज है। अब मैं आपको नेक्स्ट
प्रॉब्लम बता रही हूं जो हम फेस करते हैं। अगर हम एमसीपी नहीं यूज़ करते। तो हम कई बारी लनग्राफ में काम करते हैं। कई बारी
आप ओपन एआई एजेंट एसटीके यूज़ करते हो। आप क्रू एआई में काम कर सकते हो। आप एग्नो में काम कर सकते हो। या फिर और भी जो
एजेंटिक एआई फ्रेमव्स हैं वो सारे यूज़ कर सकते हो आप। तो ये सारे क्या हैं? एजेंटिक एआई फ्रेमवर्क्स हैं। जिनके थ्रू आप
एजेंटिक एआई एप्स बना सकते हो। अब सपोज़ करो जो आपने ट्रैवल अ एआई एजेंट बनाया ना वो आपने बनाया लैंग ग्राफ में। अब कल को
आप डिसाइड करते हो कि नहीं मुझे तो ना ओपन एआई में काम करना है या फिर मुझे क्रू एआई में यह वाली जो ट्रैवल प्लानिंग एआई ऐप है
यह मुझे क्रू एआई में चलानी है या फिर मुझे एग्नो में बनानी है तो आपको क्या करना पड़ेगा अगर तो आप एमसीपी नहीं यूज़
कर रहे तो आपको हर फ्रेमवर्क के लिए सेपरेट-सेपरेट कोड लिखना पड़ेगा। जो कोड आपने लंग ग्राफ में लिखा वो सेम कोड आप
ओपन एआई एजेंट एसडीके के लिए दोबारा लिखोगे क्योंकि ओपन एआई एजेंट एसडीके का अपना फॉर्मेट है अपना तरीका है। है ना?
आपको उसको फॉलो करके कोड लिखना पड़ेगा। सेम अगर इस कोड को आपने जो लैंग्राफ में लिखा हुआ है ट्रैवल प्लानिंग एआई ऐप वाला
कोड अगर आपको क्रूआई में चलाना है तो आप उस कोड को एज़ इट इज़ नहीं चला सकते। आपको वो कोड दोबारा लिखना पड़ेगा क्रओआई के
अकॉर्डिंगली। सेम उसी तरह से अगर आपको एग्नो में ट्रैवल प्लानिंग एआई ऐप बनानी है तो आपको उसका कोड दोबारा लिखना पड़ेगा
एग्नो के अकॉर्डिंगली। देखो यहां पे ऐप का लॉजिक सेम है। मतलब जो ऐप आपने बनाई हुई है ना लंग ग्राफ में आप चाहते हो
एग्जैक्टली वही ऐप मेरे को ओपन एi में क्रू एआई में या एग्नो में चलानी है। ठीक है? पर आप नहीं चला पाओगे क्योंकि लंग
ग्राफ में कोड डिफरेंट तरह से लिखा जाएगा। एंड एग्नो में डिफरेंट तरह से लिखोगे कोड क्रू एआई में डिफरेंट मेथड होगा। ओपन एआई
एजेंट एसटीके का अपना मेथड है। आपको उसके हिसाब से लिखना होगा। तो कितना ज्यादा काम है आपके लिए। आपको हर फ्रेमवर्क के लिए
दोबारा दोबारा कोड लिखना पड़ेगा। ये हो गई दूसरी डिसएडवांटेज। अब हम देखते हैं कि अगर हम एमसीपी यूज़ करते हैं तो उसका क्या
फायदा होगा? वो ये जो प्रॉब्लम्स हमने डिस्कस करी ये कैसे सॉल्व करता है एमसीपी? तो आप ये वाली इमेज देखो। देखो अब जो आपने
एजेंटिक ऐप बनाई थी ट्रैवल प्लानिंग वाली उसमें हम वेदर एपीआई यूज़ कर रहे थे ना। अब वेदर एपीआई की जगह पर यहां पर क्या
लिखा है मैंने? वेदर एमसीपी सर्वर। अब आपने चाहे ऐप बनाई है लंग ग्राफ में चाहे आपकी ऐप है इस फ्रेमवर्क में या इस
फ्रेमवर्क में या इस फ्रेमवर्क में वो सारी एप्स इस सिंगल वेदर एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट कर सकती हैं। मतलब कि आपको कोई
कोड सेपरेट नहीं लिखना। आपको सिर्फ इतना कोड लिखना है कि एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट करना है। मतलब अगर आपने एआई ऐप
बनाई लंग ग्राफ में तो आप उस एआई ऐप के कोड में सिर्फ इतना कोड लिखोगे जिससे कि कनेक्शन एस्टैब्लिश हो जाए इस एमसीपी
सर्वर का उस एआई ऐप के साथ या जो आपका एआई प्रोजेक्ट है उसके साथ। सिर्फ कनेक्शन एस्टैब्लिश करने वाला पार्ट जो है वो
लिखना है आपको। सेम अगर आपका प्रोजेक्ट ओपन एआई एजेंट एसटीके में बनाया आपने तो आप क्या करोगे? उस वाले एआई ऐप के अंदर
कोड लिखोगे कनेक्ट करने के लिए वेदर एमसीपी सर्वर के साथ। अगर क्रू एआई में बनाया है प्रोजेक्ट तो उस एi ऐप में कोड
लिखोगे एमसीपी सर्वर कनेक्ट करने के लिए। एंड अगर एग्ो में ऐप बनाई है तो वहां पे आप कोड क्या लिखोगे? वेदर एमसीपी सर्वर के
साथ कनेक्ट करने के लिए। आपने एक चीज़ नोट करी। हम सिर्फ क्या कर रहे हैं? हम सिर्फ एप्स को कनेक्ट कर रहे हैं एमसीपी सर्वर
के साथ। अब वह सिंगल एमसीपी सर्वर भी हो सकता है, मल्टीपल एमसीपी सर्वर भी हो सकता है। अब एमसीपी सर्वर का काम होगा वो एपीआई
को यूज़ करना जिस एपीआई से एक्चुअल में आपको आउटपुट मिलनी है। पहले हम क्या कर रहे थे? हम कोड लिख रहे थे। वो कोड हम
डायरेक्टली इस एपीआई के साथ इंटीग्रेट कर रहे थे। मतलब इस एपीआई का कोड हम डायरेक्टली अपनी एआई ऐप में लिख रहे थे।
यहां पर हम ही रिस्पांसिबल थे यूजर की रिक्वेस्ट एपीआई को देने के लिए, फिर रिस्पांस लेने के लिए, फिर आउटपुट दिखाने
के लिए सारा कुछ हम कर रहे थे। अब हमने सिर्फ क्या कर दिया? हमने सिर्फ एमसीपी सर्वर को कनेक्ट कर दिया अपनी एप्लीकेशन
के साथ। बाकी सारा काम अपने आप से एमसीपी सर्वर करेगा। मतलब रिक्वेस्ट कैसे भेजनी है, फिर रिस्पांस कैसे लेना है, फिर वो जो
रिस्पांस होगा वो ऐप को दे देगा। सेम हर फ्रेमवर्क के लिए इसी तरह काम होगा। इजी हो गया ना? अब आपका कोड चाहे आपने किसी भी
फ्रेमवर्क में लिखा है। आपको पता है कि किसी भी फ्रेमवर्क में कोड लिखो। एमसीपी सर्वर सेम ही होते हैं। आप किसी भी
फ्रेमवर्क में कोड लिख के किसी भी एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट कर लो। एंड आप फिर अ जो है उस एमसीपी सर्वर के थ्रू काम कर
सकते हो। एंड यहां पे आपको दोबारा दोबारा कोड नहीं लिखना पड़ा। नहीं लिखना पड़ा ना? पहले क्या था? इस एग्जांपल में क्या था?
हमें सेपरेट कोड लिखना पड़ रहा था हर फ्रेमवर्क के लिए। हम प्रॉब्लम क्या फेस कर रहे थे जब हम एमसीपी नहीं यूज़ कर रहे
थे कि हमें हर फ्रेमवर्क के लिए डिफरेंट-डिफरेंट कोड लिखना पड़ रहा था सेम प्रोजेक्ट के लिए। अब एमसीपी के साथ क्या
फायदा हुआ? हमें सिर्फ इतना कोड लिखना है कि ऐप को कनेक्ट कैसे करना है एमसीपी सर्वर के साथ बाकी काम सारा एमसीपी सर्वर
खुद से करेगा। तो ईजी हो गया ना यह। तो अब इसी एग्जांपल को थोड़ा डिटेल में और समझते हैं। अब यह वाली इमेज देखो। मैंने आपको
क्या बोला था? सपोज़ करो हम ट्रैवल प्लानिंग एआई ऐप बना रहे हैं। एंड अब आप चाहे किसी भी फ्रेमवर्क को यूज़ करके वो
ऐप बना रहे हो। अब एमसीपी के अंदर ना दो मेन चीजें होती हैं। एक तो होता है एमसीपी क्लाइंट। एक होता है एमसीपी सर्वर। यहां
पर यह वाला जो है यह सारा क्या है? यह एमसीपी सर्वर्स हैं। कितने एमसीपी सर्वर यूज़ कर रहे हैं हम यहां पे? देखो एक है
ट्रैवल सर्च एमसीपी सर्वर जो क्या करेगा? फ्लाइट्स को सर्च करेगा, होटल्स को सर्च करेगा। फिर हम एक सर्वर यूज कर रहे हैं।
कौन सा? कौन सा एमसीपी सर्वर है ये? वेदर एमसीपी सर्वर। फिर हम थर्ड एमसीपी सर्वर यूज़ कर रहे हैं। Google ड्राइव एमसीपी
सर्वर। फोर्थ एमसीपी सर्वर है हमारा डेटाबेस एमसीपी सर्वर। अब हमने सिर्फ क्या किया? अपनी एप्लीकेशनेशंस को एमसीपी
सर्वर्स के साथ कनेक्ट करा। देख रहे हो? किसी प्लेटफार्म में भी, किसी भी फ्रेमवर्क में लिखो। सिर्फ एमसीपी सर्वर
के साथ कनेक्ट करो। अब एमसीपी सर्वरर्स आगे एपीआई को यूज़ कर रहे हैं। अब इसी एमसीपी सर्वर का काम है कि देखना
रिक्वेस्ट किस फॉर्म में जाएगी, रिस्पांस किस फॉर्म में आएगा। हमें तो सिर्फ एमसीपी सर्वर आउटपुट दे देगा। बस और हमने सिर्फ
कितना कोड लिखा, कनेक्शन एस्टैब्लिश करने वाला कोड लिखा अपनी ऐप के अंदर। इसी तरह से हर फ्रेमवर्क के लिए होता है। तो ये
बेनिफिट है एमसीपी सर्वर का। ओके? तो अब हम डिटेल में अंडरस्टैंड करते हैं ये एमसीपी का कांसेप्ट कि ये क्या होता है?
कैसे एक्चुअली काम करता है? स्टेप बाय स्टेप सारी चीजें अंडरस्टैंड करते हैं। ओके? अच्छा उससे पहले ना मैंने ये एक और
एग्जांपल प्रिपेयर किया था। हम ये भी एग्जांपल डिस्कस कर लेते हैं। आपको बेटर आईडिया मिल जाएगा एमसीपी हम क्यों यूज़ कर
रहे हैं। तो सपोज़ जब आप एक एप्लीकेशन बना रहे हो मल्टी एजेंट एआई ऐप बना रहे हो। आप कोई भी मल्टी एजेंट एआई ऐप है मल्टी एजेंट
एआई ऐप मतलब मल्टीपल एजेंट्स आप यूज़ कर रहे हो। तो सपोज़ हमने जो ऐप बनाई उसमें फोर एजेंट्स हैं। एजेंट वन, एजेंट टू,
एजेंट थ्री एंड एजेंट फोर। एजेंट वन कौन सी एपीआई यूज़ कर रहा है? TVL एपीआई यूज़ कर रहा है। एजेंट टू कौन सी एपीआई यूज़ कर रहा
है? वेदर एपीआई। एजेंट थ्री यूज़ कर रहा है GH एपीआई। एंड एजेंट फोर यूज़ कर रहा है मैप एपीआई लोकेशन इनेशन के लिए। तो ऐसे ये
चार एजेंट्स का एक-एक काम है। चारों एजेंट एक-एक डिफरेंट एपीआई को यूज कर रहे हैं। अब होगा क्या? अगर आप एमसीपी नहीं यूज कर
रहे हो तो आप अपनी एआई ऐप के अंदर हर एपीआई के लिए जो काम होगा वो डिफरेंट होगा। मतलब हर एपीआई का ऑथेंटिकेशन
मैकेनिज्म डिफरेंट होगा। हर एपीआई डिफरेंट फॉर्म में रिक्वेस्ट भेजेगी। हर एपीआई डिफरेंट फॉर्म में रिस्पांस जनरेट करेगी।
हर एपीआई की डिफरेंट डॉक्यूमेंटेशन होगी। आपको उसके हिसाब से काम करना पड़ेगा। मतलब डेवलपर को जो एआई ऐप बना रहा होगा यह वाला
उस डेवलपर को पूरा लर्न करना पड़ेगा। पूरा देखना पड़ेगा कि हर एपीआई को कैसे हैंडल करना है। हर एपीआई का कैसे इंटीग्रेशन
होगा। ठीक है? तो अगर यहां पे हम एपीआई के बजाय चार एमसीपी सर्वर यूज़ कर लेते। उसका क्या बेनिफिट होता कि हमें सिर्फ कनेक्शन
एस्टैब्लिश करना होता। हमें सिर्फ एजेंट्स को कनेक्ट करना होता एमसीपी सर्वर के साथ। और वो जो सारा काम है इंटीग्रेशन का वो
सारा काम एमसीपी सर्वर खुद से हैंडल करता। तो ये बेनिफिट होता है एमसीपी का। अब हम एमसीपी के कांसेप्ट को डिटेल में
अंडरस्टैंड करते हैं। सबसे पहली चीज तो आप यह अंडरस्टैंड करो कि जब भी आप एमसीपी की बात कर रहे हो ना, इट्स नॉट ओनली अबाउट
एपीआई। अभी तक हमने जो बात करी, मैं एपीआई ही बोलती आ रही हूं। है ना एग्जांपल में। पर एमसीपी सर्वर का मतलब सिर्फ एपीआई को
एक्सेस करना नहीं होता। एमसीपी सर्वर में एपीआई हो सकती हैं। एमसीपी सर्वर में डेटाबसेस हो सकते हैं। लोकल फाइल्स हो
सकती हैं। Google ड्राइव के साथ कनेक्ट कर सकते हो। Ghub के साथ कनेक्ट कर सकते हो। ऑपरेटिंग सिस्टम टूल्स के साथ कनेक्ट कर
सकते हो। इंटरनल कंपनी सिस्टम्स के साथ कनेक्ट कर सकते हो। मतलब एमसीपी सर्वर कोई भी एक्सटर्नल सर्विस है ना जो वो एमसीपी
सर्वर हो सकती है। मतलब कोई भी ऐसी फंक्शनैलिटी ऐसा टूल जो आप अपनी एआई एप्लीकेशन में यूज करना चाहते हो एंड आपकी
एआई एप्लीकेशन में वो काम ऑलरेडी नहीं हो रहा। आपको कुछ एक्सटर्नल फंक्शनैलिटी चाहिए। वह एक्सटर्नल फंक्शनैलिटी किसी भी
फॉर्म की हो सकती है। वह डेटाबेस हो सकती है। वह एपीआई हो सकती है। वो आपकी कंपनी के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स हो सकते हैं।
ऑपरेटिंग सिस्टम के टूल्स हो सकते हैं। कुछ भी हो सकते हैं। ठीक है? आप जो एआई ऐप बनाते हो ना उस एi ऐप में अगर आप एमसीपी
का कांसेप्ट यूज करना चाहते हो अपनी एi ऐप में तो आपकी एi ऐप के अंदर एमसीपी क्लाइंट होना जरूरी है। यह चीज को ध्यान में रखना।
अगर आपकी एआई एप्लीकेशन के अंदर एमसीपी क्लाइंट होगा तभी आप किसी भी एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट कर सकते हो नहीं तो नहीं कर
पाओगे। यह जो एमसीपी क्लाइंट होता है ना यह आपकी एआई एप्लीकेशन को कनेक्ट करता है एमसीपी सर्वर के साथ। तो यह जो एमसीपी
क्लाइंट है ना यह एक तरह का ब्रिज हो गया आपकी एआई एप्लीकेशन एंड आपके एमसीपी सर्वर के बीच में। एमसीपी क्लाइंट की हेल्प से
ही आपकी एआई ऐप किससे कनेक्ट करेगी? एमसीपी सर्वर से। आप सिंगल एमसीपी सर्वर से भी कनेक्ट कर सकते हो। आप मल्टीपल
एमसीपी सर्वर से भी कनेक्ट कर सकते हो। मतलब सिंगल एमसीपी क्लाइंट ये जो हमारी एआई एप्लीकेशन है इसके अंदर हमने एक ही
एमसीपी क्लाइंट बनाना है। वो एक एमसीपी क्लाइंट मल्टीपल सर्वर्स के साथ भी कनेक्ट हो सकता है। मतलब वो इसके साथ भी कनेक्ट
हो सकता है। वो इसके साथ भी कनेक्ट हो सकता है। इसके साथ भी कनेक्ट हो सकता है। ठीक है? सिंगल एमसीपी सर्वर के साथ भी
कनेक्ट हो सकता है। मल्टीपल एमसीपी सर्वर्स के साथ भी कनेक्ट हो सकता है। तो एमसीपी के दो मेन कॉम्पोनेंट्स हैं। क्या?
एक तो है एमसीपी क्लाइंट, एक है एमसीपी सर्वर। एमसीपी क्लाइंट कहां चलेगा? हमारी एआई एप्लीकेशन के बीच में जो एआई
एप्लीकेशन हम बनाएंगे इसको समझते हैं डिटेल में। तो सपोज़ मैंने एआई ऐप बनाई। उस AI ऐप के अंदर एमसीपी क्लाइंट है। अब अगर
यह एमसीपी क्लाइंट AI ऐप के अंदर है तो आप एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट कर सकते हो। जैसे कि मैंने यहां पे एग्जांपल में बताया
हुआ है। देखो मेरे को Google ड्राइव एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट होना है। तो मेरी ऐप के अंदर एमसीपी क्लाइंट है। यह
एमसीपी क्लाइंट मेरी एi एप्लीकेशन को कनेक्ट कर देगा Google ड्राइव एमसीपी सर्वर के साथ। अब जब एक बार आपकी एi ऐप
एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट हो गई तो उस एमसीपी सर्वर के जितने भी टूल्स होंगे ना आपकी एi ऐप वो सारे टूल्स को यूज कर सकती
है। अब Google ड्राइव एमसीपी सर्वर जो है इसने ये वाले टूल्स को एक्सपोज किया। कौन-कौन से टूल्स को? फॉर एग्जांपल ये
मैंने सिर्फ थोड़े से टूल्स यहां पे लिखे हैं टूल्स। वो और भी टूल्स होते हैं। मैंने एग्जांपल के लिए थोड़े टूल्स लिखे
हैं। Google ड्राइव एमसीपी सर्वर ने ये सारे टूल्स एक्सपोज किए। पहला टूल है फाइंड फाइल्स जिसका क्या काम है? सर्च
फाइल्स एंड फोल्डर। सेकंड है ये वाला टूल जिसका काम है ये वाला। थर्ड है रीड फाइल जिससे आप फाइल का कंटेंट रीड कर सकते हो।
फोर्थ टूल है अपलोड फाइल जिससे आप फाइल्स को अपलोड कर सकते हो। क्रिएट फोल्डर टूल को यूज़ करके आप फोल्डर्स क्रिएट कर सकते
हो। अब जब आप एक बार एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट हो गए ना आपकी एi ऐप इनमें से कोई भी काम परफॉर्म करना है ना ऐसा कोई भी काम
करना है तो उसका जो टूल होगा उसको पिक करके वो काम कर सकता है। ठीक है? इस तरह से तो यूज़ करते हैं हम सिंगल एमसीपी
सर्वर। अब अगर हमें मल्टीपल एमसीपी सर्वर्स के साथ कनेक्ट करना है। अब मेरी एआई ऐप के अंदर एमसीपी क्लाइंट है। यह
एमसीपी क्लाइंट जो है हमारे एआई ऐप को कनेक्ट करेगा मल्टीपल एमसीपी सर्वर्स के साथ। Google ड्राइव एमसीपी सर्वर के अपने
टूल्स होंगे। वेदर एमसीपी सर्वर के अपने टूल्स होंगे। मैंने यहां पर लिखा हुआ है। यहां पे देखो देखो Google ड्राइव एमसीपी
सर्वर ने यह वाले टूल्स को एक्सपोज किया। वेदर एमसीपी सर्वर ने यह वाले टूल्स को एक्सपोज किया। अब हुआ क्या? आपकी एi ऐप को
अब अगर ऐसा कोई काम परफॉर्म करना है तो वो यह वाले टूल यूज़ कर लेगी। अगर आपकी एi ऐप को कुछ वेदर रिलेटेड काम करना है तो वो
इनमें से कोई टूल यूज़ कर सकती है। तो इसको एग्जांपल के थ्रू समझते हैं। यहां पर देखो। तो सपोज़ करो यूजर ने क्वेश्चन करा
व्हाट इज़ द वेदर इन दिल्ली टुडे? अब वो जो क्वेश्चन है वह कहां गया? एआई ऐप के पास गया। अब एi ऐप के अंदर ना दो चीजें हैं।
एक तो है एमसीपी क्लाइंट दूसरा है एलएलएम। ठीक है? ये एलएलएम भी कहां है? हमारी ऐप में ही है। अब ना ये क्वेश्चन सबसे पहले
किसके पास जाता है? एलएलएम के पास जाता है। अब एलएलएम के पास जब क्वेश्चन गया, एलएलएम ने क्वेश्चन को अंडरस्टैंड किया कि
मेरे को दिल्ली का वेदर बताना है। अब एलएलएम ने सोचा कि मेरे पास तो इसका आंसर नहीं है। क्यों नहीं होगा एलएलएम के पास
आंसर? क्योंकि एलएलएम्स को तो ट्रेन किया जाता है। किस पे ट्रेन करते हैं हम एलएलएम्स को? ह्यूज डेटा सेट पे। पर जिस
डेटा सेट पर एलएलएम्स को ट्रेन किया जाता है एलएलएम्स सिर्फ उसी के बेसिस पर आंसर कर सकते हैं। तो अगर आपने एलएलएम्स को
ट्रेन किया है सिक्स मंथ्स एगो तो ये जो अभी के सिक्स मंथ्स में जो भी हुआ है तो एलएलएम को वो चीज नहीं पता होगी। ओके? तो
जितने डेटा पे ट्रेनिंग मिली है एलएलएम सिर्फ उतना ही काम कर सकते हैं। अब हमें तो चाहिए करंट वेदर इंफॉर्मेशन। अब करंट
वेदर इंफॉर्मेशन के लिए एलएलएम ने सोचा कि मैं कौन सा टूल यूज करूंगा? मैं वेदर एमसीपी सर्वर के पास जो टूल्स हैं ना कौन
से टूल थे वेदर एमसीपी सर्वर के पास? एक टूल था उसके पास गेट करंट वेदर। तो एलएलएम ने डिसाइड किया कि मैं गेट करंट वेदर टूल
जो है यह यूज़ कर लेता हूं। ठीक है? अच्छा गाइज़ यहां पर एक चीज और बताती हूं। इस वाली एक्सप्लेनेशन को आगे ले जाने से
पहले। तो होता क्या है ना जब भी एi ऐप स्टार्ट होएगी सबसे पहला काम क्या होगा? जो एमसीपी क्लाइंट होगा ना वो सारे के
सारे एमसीपी सर्वर्स के साथ कनेक्ट हो जाता है। एंड जब वो सारे एमसीपी सर्वर्स के साथ कनेक्ट होता है तो एमसीपी क्लाइंट
को पता चल जाता है कि कौन से टूल्स अवेलेबल हैं। ठीक है? तो हमारे केस में एमसीपी क्लाइंट को पता चल गया अच्छा यह
वाले टूल्स एंड यह वाले टूल्स अवेलेबल हैं। एमसीपी क्लाइंट यह टूल अपने पास स्टोर कर लेता है। एंड ये टूल्स वो एi ऐप
को दे देता है। एंड जब यूजर क्वेश्चन करता है वो क्वेश्चन एलएलएम के पास जाता है तो एलएलएम ये वाले जो लिस्ट ऑफ टूल्स हैं
इनको देखता है एंड फिर वो डिसाइड करता है कि अगर तो एलएलएम के पास उसका आंसर है। एलएलएम अपने आप से आंसर कर देगा। अगर
एलएलएम के पास उसका आंसर नहीं है तो एलएलएम क्या करेगा? यह जो लिस्ट ऑफ टूल्स है इसको देखेगा। तो एलएलएम ने देखा मेरे
को दिल्ली का करंट वेदर बताना है। एंड मेरे पास एक टूल है गेट करंट वेदर। मैं इसको यूज़ कर सकता हूं। तो एलएलएम इस टूल
को अ कॉल करेगा। जब एलएलएम इस टूल को कॉल करेगा। फिर एमसीपी क्लाइंट के थ्रू यूजर की रिक्वेस्ट कहां जाएगी? वेदर एमसीपी
सर्वर के पास। क्यों जाएगी वेदर एमसीपी सर्वर के पास? क्योंकि यह जो टूल है कौन से एमसीपी सर्वर का टूल है? वेदर एमसीपी
सर्वर का टूल है। तो यूजर की रिक्वेस्ट जो कि पहले एलएलएम के पास गई। एलएलएम के पास उसका आंसर नहीं था। एलएलएम ने सोचा मैं
कोई टूल यूज़ कर लेता हूं। एलएलएम के पास लिस्ट आ गई टूल्स की। वह लिस्ट टूल्स की कैसे आई? एलएलएम के पास? क्योंकि जब एआई
ऐप स्टार्ट हुई थी। एमसीपी क्लाइंट ने हर एमसीपी सर्वर को पूछा था व्हाट टूल्स डू यू हैव? हर एमसीपी सर्वर ने फिर ऐसी वाली
लिस्ट ऑफ टूल्स जो थी वो एमसीपी क्लाइंट को प्रोवाइड कर दी थी। फिर एमसीपी क्लाइंट ने यह जो लिस्ट ऑफ टूल्स है हर एमसीपी
सर्वर से यह एi ऐप को दे दी। जब वो एआई ऐप के पास चले गए लिस्ट ऑफ टूल्स तो एलएलएम उसको यूज कर सकता है। जब उसको लगे कि मेरे
को नीड है। तो यूजर का क्वेश्चन पढ़ के एलएलएम को लगा कि मेरे को तो करंट वेदर का पता नहीं है। तो मैं लिस्ट ऑफ टूल्स देख
लेता हूं जो एमसीपी सर्वर्स ने प्रोवाइड करी है। तो उसमें उसको गेट करंट वेदर वाला जो टूल है वेदर एमसीपी सर्वर का वो दिखा।
तो उसने डिसाइड किया मेरे को यह वाला टूल यूज़ करना है। तो टूल कौन सा यूज़ करना है? कौन डिसाइड कर रहा है? एलएलएम डिसाइड
कर रहा है। उस टूल को यूज़ एक्चुअल में कैसे करना है? वो एमसीपी क्लाइंट कनेक्ट करेगा उस वाले एमसीपी सर्वर के साथ जिस
एमसीपी सर्वर का वो टूल है। ओके? तो टूल डिसाइड करता है एलएलएम कि कौन सा टूल यूज़ होगा। जब एक बार टूल डिसाइड हो गया एलएलएम
अ टूल रिक्वेस्ट जनरेट करता है। वो टूल रिक्वेस्ट जाती है एमसीपी क्लाइंट के पास। फिर एमसीपी क्लाइंट टूल का नाम देखता है
एंड एमसीपी क्लाइंट को पता होता है कि यह टूल कौन से एमसीपी सर्वर का है। फिर एमसीपी क्लाइंट उस वाले एमसीपी सर्वर के
साथ कनेक्ट हो जाता है। एक बार कनेक्ट हो गया बाकी सारा काम एमसीपी सर्वर करेगा। मतलब अब यह जो वेदर एमसीपी सर्वर है यहां
पर देखो। जब एक बार एमसीपी क्लाइंट ने वेदर एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट कर लिया यूजर के क्वेश्चन के बेसिस पे। अब यह
एमसीपी सर्वर आगे वेदर एपीआई को यूज कर रहा है। अब अगर आप इस वेदर एपीआई को देखो इसका यूआरएल कुछ ऐसा है। इस तरह से आप यह
एपीआई यूज़ कर सकते हो। आपको कुछ नहीं करना। अब सारा काम वेदर एमसीपी सर्वर खुद से करेगा। मैंने ना इसको पूरा इैबोरेटेड
वे में एग्जांपल बनाया है। वो एग्जांपल ओपन करके समझाती हूं आपको। हां, यहां देखो। तो हमारी एआई एप्लीकेशन थी। यूजर का
क्वेश्चन था। व्हाट इज़ द वेदर इन दिल्ली? टुडे? एलएलएम के पास गया था वो क्वेश्चन। एलएलएम ने टूल डिसाइड कर लिया। एमसीपी
क्लाइंट कनेक्ट हो गया। अब आप एक चीज और नोट करना यहां पे। अब एमसीपी क्लाइंट एंड एमसीपी सर्वर जो है ना वो हमेशा जो
मैसेजेस एक्सचेंज करेंगे ना मतलब जो मैसेज एमसीपी क्लाइंट एमसीपी सर्वर को भेजेगा। फिर एमसीपी सर्वर काम करके जो रिस्पांस
वापस एमसीपी क्लाइंट को भेजेगा। वह जो मैसेजेस होंगे, वह हमेशा किस फॉर्म में होंगे? Jसन आरपीसी के फॉर्म में होंगे।
ठीक है? JSON आरपीसी फॉर्मेट ऐसा होता है। तो जो क्वेश्चन था यूजर का व्हाट इज द वेदर इन दिल्ली टुडे? वो jसon आरपीसी में
कन्वर्ट हुआ। एंड फिर गेट करंट वेदर टूल कॉल हुआ। एंड कौन सी सिटी का हमने टेंपरेचर देखना है, वेदर देखना है दिल्ली
का। तो इस फॉर्म में रिक्वेस्ट बनी। यह मैसेज फॉर्मेट है। मतलब इसी फॉर्मेट में हमेशा जितने भी एमसीपी सर्वर्स हैं ना
पूरे वर्ल्ड में सारे इसी फॉर्मेट में मैसेजेस को अंडरस्टैंड करेंगे एंड फिर रिस्पांस भी इसी फॉर्म में जनरेट करेंगे।
तो एमसीपी क्लाइंट ने पहले जो क्वेश्चन था उसको jसन आरपीसी में कन्वर्ट करा। फिर वो क्वेश्चन गया वेदर एमसीपी सर्वर के पास
क्योंकि गेट करंट वेदर किसका टूल है? है वेदर एमसीपी का टूल है। फिर वेदर एमसीपी ने वेदर एपीआई यूज़ करी। वेदर एपीआई ने
रिजल्ट जनरेट करके एमसीपी सर्वर को दिया। अब वो रिजल्ट एमसीपी सर्वर दोबारा किस में कन्वर्ट कर रहा है? Jसन आरपीसी में
कन्वर्ट कर रहा है। देख रहे हो? टेंपरेचर 38° कंडीशन सनी जो मैसेज है यह दोबारा जा रहा है एमसीपी क्लाइंट के पास। अब एमसीपी
क्लाइंट इसको दे देगा एलएलएम को एंड एलएलएम इसको ह्यूमन रीडेबल फॉर्म में बनाएगा आंसर को आउटपुट को एंड फिर वो यूजर
को दिखा देगा इस तरह से एग्जैक्टली काम होता है तो तो अब अगर सपोज़ करो ये वाले क्वेश्चन के बजाय यूजर का क्वेश्चन ये
होता विल इट रेन टुमारो इन मुंबई तो ये जो क्वेश्चन है इसके लिए कौन सा टूल यूज़ होना चाहिए हमें वेदर एमसीपी सर्वर यूज़ करना है
ना तो कौन कौन सा फंक्शन यूज़ होगा? कौन सा टूल यूज़ होगा? हमें करंट वेदर नहीं चाहिए तो ये वाला टूल तो यूज़ नहीं होगा। सेकंड
टूल कौन सा है? गेट वेदर फॉरकास्ट टूल जो है वो यूज़ होगा। मतलब यूजर का क्वेश्चन गया एआई ऐप के पास। एआई ऐप में एलएलएम है।
एलएलएम ने देखा क्वेश्चन क्या है? विल इट रेन टुमारो इन मुंबई। फिर उसने सोचा कि ये क्वेश्चन तो मैं सॉल्व नहीं कर सकता। खुद
से मेरे को उसका आंसर नहीं आता। तो मैं टूल्स यूज़ करता हूं। वो टूल्स की लिस्ट में गया। तो गेट वेदर फॉरकास्ट। उसको टूल
दिखा। तो उसने डिसाइड किया कि मैं ये टूल यूज करूंगा। तो एलएलएम ने टूल कॉल जनरेट करी। वो टूल कॉल गई एमसीपी क्लाइंट के
पास। एमसीपी क्लाइंट ने देखा अच्छा ये वाला टूल है। यह टूल तो वेदर एमसीपी सर्वर का है। फिर एमसीपी क्लाइंट ने वेदर एमसीपी
सर्वर के साथ कनेक्ट कर दिया। एंड फिर वेदर एमसीपी सर्वर ने उसका रिस्पांस जनरेट कर दिया। एंड यह जो कॉन्वर्सेशन हो गई
क्लाइंट एंड सर्वर के बीच में यह होगी jसन आरपीसी मैसेजेस के फॉर्म में जो मैंने आपको अभी दिखाया है कि कैसे दिखते हैं। अब
आपको पता चल गया क्लाइंट एंड सर्वर के बारे में। अब थोड़ा सा सर्वर्स के बारे में देखते हैं कि सर्वर्स किस तरह के होते
हैं? कितने टाइप के सर्वर्स होते हैं। अब ना दो तरह के सर्वर्स होते हैं। देखो एक तो होते हैं लोकल सर्वर्स एक होते हैं
रिमोट सर्वर्स। लोकल एमसीपी सर्वर मतलब आपकी जो एi ऐप है वह और जो एमसीपी सर्वर है वह वो दोनों सेम एक ही कंप्यूटर पे चल
रहे हैं। यहां देखो यह लोकल एमसीपी सर्वर का एग्जांपल है। तो ये एक लैपटॉप है। इसी लैपटॉप के अंदर आपकी एi एप्लीकेशन है जो
आप बना रहे हो या फिर जो बनी बनाई एi एप्लीकेशन आप यूज़ कर रहे हो। ठीक है? वो AI ऐप आपकी इसी लैपटॉप पर है। इसी लैपटॉप
पर एमसीपी सर्वर्स हैं। यह देख रहे हो तीन एमसीपी सर्वर। तीनों के तीनों एमसीपी सर्वर कहां हैं? आपके लैपटॉप के अंदर। एंड
आपकी एआई एप्लीकेशन कहां है? आपके लैपटॉप के अंदर। एंड आपकी एआई एप्लीकेशन को कनेक्ट कौन करता है? एमसीपी सर्वर्स के
साथ एमसीपी क्लाइंट। तो इसलिए ऐसे दिखा रही हूं मैं। एi एप्लीकेशन एमसीपी क्लाइंट एi एप्लीकेशन को कनेक्ट करेगा एमसीपी
सर्वर्स के साथ। एंड वो एमसीपी सर्वसर्स कहां है? आपकी लोकल मशीन में। तो ये होते हैं लोकल एमसीपी सर्वर्स एंड दूसरे होते
हैं रिमोट एमसीपी सर्वर। अब रिमोट एमसीपी सर्वर क्या होते हैं? तो ये आपका लैपटॉप है। सपोज़ इस लैपटॉप के अंदर आपकी एi ऐप चल
रही है। उस AI ऐप में ही आपका एमसीपी क्लाइंट है। मैंने बताया हुआ है ना हमेशा अगर एमसीपी सर्वर यूज़ करना है तो आपकी जो
भी एi ऐप है उसमें एमसीपी क्लाइंट होना चाहिए। तो आपके लैपटॉप में आपकी एi ऐप है उसके साथ ही एमसीपी क्लाइंट है। अब हमने
यूज़ करना है सपोज़ करो वेदर एमसीपी सर्वर। मुझे वेदर की इनेशन फैच करनी है। उसके लिए मुझे वेदर एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट
करना है। एंड ये जो वेदर एमसीपी सर्वर है ना यह कहीं क्लाउड पे पड़ा हुआ है। यह मेरे कंप्यूटर में नहीं पड़ा हुआ। यह ना
किसी रिमोट मशीन पे पड़ा हुआ है। देखो आपके लैपटॉप पे जो आपकी ऐप है आप इंटरनेट के थ्रू नेटवर्क के थ्रू उसको कनेक्ट कर
रहे हो रिमोट एमसीपी सर्वर के साथ। यह होते हैं रिमोट एमसीपी सर्वर। थर्ड होता है कस्टम एमसीपी सर्वर। मैंने अभी तक आपको
बताया रिमोट एमसीपी सर्वर, लोकल एमसीपी सर्वर। अब थर्ड चीज है कस्टम एमसीपी सर्वर। कस्टम एमसीपी सर्वर का मतलब यह
होता है कि आप कुछ ऐसा काम करना चाहते हो जिसके लिए एमसीपी सर्वर अभी तक नहीं बना हुआ और आप खुद से एक एमसीपी सर्वर बनाओगे
और उसको यूज़ करोगे। तो सपोज़ आपकी एआई एप्लीकेशन है। ठीक है? आपने एक कस्टम एमसीपी सर्वर बनाया। वह कस्टम एमसीपी
सर्वर सपोज करो आपके ना कंपनी के डेटाबेस के ऊपर है क्योंकि कंपनी का डाटाबेस तो ऐसे ही इंटरनेट पर नहीं पड़ा होगा ना आपका
इंटरनल डाटा है तो आपने क्या सोचा कि हम ना खुद का पर्सनल एक एमसीपी सर्वर बना लेते हैं ताकि हमारा कंपनी का डेटा जो है
अ वो उसी में रहे मतलब प्राइवेट वे में रहे तो आपने एक कस्टम एमसीपी सर्वर बना लिया अपने कंपनी के डेटाबेस के ऊपर एंड
आपने फिर अपनी एआई एप्लीकेशन के अंदर एमसीपी क्लाइंट बनाया उस एमसीपी क्लाइंट को आप कनेक्ट कर रहे हो इस कस्टम एमसीपी
सर्वर के साथ अब उस कस्टम एमसीबी सर्वर को चाहे आप अपनी लोकल मशीन पे रखो तो वह लोकल एमसीबी सर्वर बन जाएगा। अगर आप उस कस्टम
एमसीबी सर्वर को रिमोटली कहीं रखोगे, किसी वीपीएस पे रखोगे तो वो रिमोट एमसीबी सर्वर बन जाएगा। तो ये होते हैं एमसीपी
सर्वसर्स। अब गाइज़ मैं ना आपको यह वाली इमेज दिखा रही थी। है ना? लोकल एमसीपी सर्वर एंड रिमोट एमसीपी सर्वर। आप यहां पे
देख रहे हो एआई ऐप। मैं फ्लो बता रही हूं। यहां पे लोकल एमसीपी सर्वर कैसे काम करते हैं एंड रिमोट एमसीपी सर्वर कैसे काम करते
हैं। तो पहले लोकल एमसीपी सर्वर का देखते हैं। आपकी यह ऐप किससे कनेक्टेड है? एमसीपी क्लाइंट से। अब देखो, यह जो चीज है
ना बीच में, यह कह लो कि ट्रांसपोर्टेशन है। मतलब यहां से मैसेज ट्रैवल हो के एमसीपी सर्वर तक जाएगा। वो जो मैसेज यहां
से यहां जाएगा ना वो किसके थ्रू जाएगा? कोई ना कोई तो आप ट्रांसपोर्ट यूज़ करोगे ना। तो यहां पर हम कौन सा ट्रांसपोर्ट यूज़
कर रहे हैं? स्टैंडर्ड इनपुट आउटपुट एंड एसटीडी आईo स्टैंडर्ड आईओ। यह हमेशा आप कब यूज करते हो? जब आपका लोकल ही पड़ा हो
एमसीपी सर्वर। मतलब आपका एमसीपी क्लाइंट एंड एमसीपी सर्वर जब लोकल मशीन पे होते हैं, सेम मशीन पे होते हैं, तब एमसीपी
क्लाइंट एंड एमसीपी सर्वर के बीच में इंटरेक्शन किसके थ्रू होएगी? कौन से ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल के थ्रू होएगी?
स्टैंडर्ड आईओ के थ्रू। अब अगर आप रिमोट एमसीपी सर्वर यूज़ कर रहे हो। मतलब आपकी एआई ऐप एंड एमसीपी क्लाइंट के तो पड़े हैं
लोकल मशीन पे। आपके लोकल पीसी पे बट एमसीपी सर्वर पड़ा हुआ है कहीं पे रिमोटली मतलब क्लाउड पे पड़ा हुआ है। उस केस में
आप एमसीपी क्लाइंट एंड एमसीपी सर्वर की जो इंटरेक्शन होगी ना मतलब जो मैसेज एक्सचेंज होंगे वो किसके थ्रू होंगे? स्ट्रीमेबल
एचटीटीपी के थ्रू। तो अभी ना हम थोड़ा सा डिटेल में अंडरस्टैंड करते हैं स्टैंडर्ड आईओ एंड स्ट्रीमेबल एचटीटीपी को। अ
स्टैंडर्ड आईओ मैंने बता ही दिया है क्या होता है? स्टैंडर्ड इनपुट स्टैंडर्ड आउटपुट। ठीक है? ये इसकी फुल फॉर्म है।
आपकी एआई एप्लीकेशन है। एआई एप्लीकेशन के अंदर क्लाइंट है एंड एमसीपी सर्वर है। इनके बीच में जो मैसेजेस आ जा रहे हैं वो
किसके थ्रू जा रहे हैं? स्टैंडर्ड इनपुट स्टैंडर्ड आउटपुट के थ्रू। ये जो दोनों चीजें हैं ये कहां पड़ी हुई हैं? आपकी
लोकल मशीन पे। एंड ये एमसीपी क्लाइंट एंड एमसीपी सर्वर के बीच में जो कन्वर्सेशन हो रही है जो मैसेज जा रहा है या मैसेज आ रहा
है उनका फॉर्मेट क्या होगा? jसon आरपीसी तो मैसेज का फॉर्मेट हमेशा वही रहेगा। चाहे आप लोकल एमसीबी सर्वर यूज़ कर रहे हो
चाहे आप रिमोट एमसीपी सर्वर यूज़ कर रहे हो। ठीक है? तो जरूरी नहीं होगा गाइस कि आप एi ऐप बना रहे हो तभी आप एमसीपी
क्लाइंट यूज़ कर सकते हो। एक तो हो गया ना कि आप डेवलपर हो। आप खुद से ऐप बना रहे हो। आप उस ऐप को कनेक्ट करना चाहते हो
एमसीपी सर्वर के साथ। है ना? एक तो सिनेरियो यह हो गया। दूसरा सिनेरियो यह है कि सपोज करो कोई बनी बनाई एप्स हैं। जैसे
कि हम क्लड बहुत यूज़ कर रहे हैं। आजकल क्लड डेस्कटॉप है। आपके पीसी में आपने क्लाउड डेस्कटॉप ऐप इंस्टॉल कर रखी है। अब
आप उसमें एमसीपी क्लाइंट होता है। अब आप उसको अगर किसी एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट करना चाहते हो तो आप वह भी कर सकते हो। तो
एग्जांपल देखो यहां पे। हमारी जो एi एप्लीकेशन है सपोज करो मैं क्लॉट डेस्कटॉप यूज कर रही हूं। क्लॉट डेस्कटॉप के अंदर
एमसीपी क्लाइंट पहले से ही होता है। एंड मेरी लोकल मशीन के ऊपर ही ना मेरे पास एक एमसीपी सर्वर है फाइल सिस्टम एमसीपी सर्वर
मैं उसके साथ कनेक्ट करना चाहती हूं। तो आप तब भी कनेक्ट कर सकते हो। अब हम देखते हैं कि यह जो स्ट्रीमेबल एचटीटीp है यह
क्या होता है? क्यों यूज़ करते हैं हम स्ट्रीमेबल एचटीटीp? जब आपका एमसीपी सर्वर रिमोट लोकेशन पे हो। आप इंटरनेट के थ्रू
एमसीपी क्लाइंट को एमसीपी सर्वर के साथ कनेक्ट कर रहे हो तब आप जो मैसेजेस ट्रांसफर होएंगे ना एमसीपी क्लाइंट एंड
एमसीपी सर्वर के बीच में वो स्ट्रीमबल एचटीटीपी के थ्रू होएंगे। आप देख रहे हो यह आपकी एप्लीकेशन हो गई। एमसीपी क्लाइंट
हो गया। एमसीबी सर्वर किसी क्लाउड में पड़ा हुआ है। नेटवर्क के थ्रू, इंटरनेट के थ्रू आप इससे बात करना चाहते हो। तो
मैसेजेस जा रहे हैं एमसीबी सर्वर के पास एंड मैसेजेस वापस आ रहे हैं एमसीपी क्लाइंट के पास HTTP को यूज़ करके। एंड यह
जो स्ट्रीमेबल है इसका क्या मतलब है? यहां पे मैंने HTTP तो लिख दिया बट ये स्ट्रीमेबल का क्या मतलब है? वो समझते
हैं। तो देखो हमारी ये एप्लीकेशन है। एमसीपी क्लाइंट है ये एप्लीकेशन के अंदर। HTTP के थ्रू यह इसने मैसेज भेजा एमसीपी
सर्वर को। वह एमसीपी सर्वर कहां पड़ा हुआ है? क्लाउड में पड़ा हुआ है। फिर उस एमसीपी सर्वर ने एक सिंगल रिस्पांस जनरेट
कर दिया। नॉर्मली ऐसा ही होता है ना? जब हम अगर नॉर्मल बात करें http की हम सिम सिंगल एक रिक्वेस्ट भेजते हैं। फिर उसका
रिस्पांस जनरेट हो जाता है। है ना? ऐसे ही होता है। फिर उसके बाद एप्लीकेशन बंद हो जाती है। मतलब जो ट्रेडिशनल http होता है
उसमें कैसे काम होता है कि रिक्वेस्ट भेजो। उसने रिस्पांस जनरेट किया। फिर कन्वर्सेशन एंड स्ट्रीममेबल का मतलब क्या
है कि अब जब हम एआई में काम करते हैं तो एआई में जो काम होता है ना वो लॉन्ग रनिंग ऑपरेशंस होते हैं। ऐसे नहीं कि एक बार
रिक्वेस्ट भेजी, रिस्पांस जनरेट हुआ, काम खत्म हो गया। ऐसे नहीं होता ना। वह लॉन्ग रनिंग ऑपरेशंस होते हैं जो एआई में हम काम
करते हैं। तो फॉर एग्जांपल आप एग्जांपल के थ्रू सोचो। अह सपोज़ मैंने एक क्वेश्चन लिखा एआई ऐप को बोला एनालाइज़ दिस GitHub
रेपोज़िटरी। अब यह उस रेपो को एनालाइज़ करने के लिए AI ऐप को थोड़ा टाइम तो लगेगा ना। मतलब उसको कुछ सेकंड्स भी लग सकते हैं।
उसको मान लो 10 सेकंड लग सकते हैं, 20 सेकंड्स लग सकते हैं, 2 मिनट लग सकते हैं। है ना? कितना भी टाइम लग सकता है तो तब तक
साइलेंटली वेट करने के बजाय सर्वर क्या है? हमें अपडेट्स दे सकता है। सर्वर बोल सकता है कि अच्छा एनालिसिस स्टार्टेड 25%
कंप्लीट, 30% कंप्लीट, 50% कंप्लीट, डन या फिर है ना? ऐसे हमें अपडेट दे रहा है वो हर स्टेप पे। तो, यह जो हमें कंटीन्यूअसली
अपडेट मिल रहे हैं, यह किसके थ्रू मिलते हैं? इस एबिलिटी को बोलते हैं स्ट्रीमेबल एचटीटीपी। ठीक है? देखो ये चीज मैंने आपको
ऑलरेडी बता दी है बट फिर भी थोड़ा सा एक बार बात कर लेते हैं। देखो एमसीपी जब हम यूज करते हैं ना उसमें दो चीजें होती हैं।
एक तो होते हैं मैसेज फॉर्मेट कि किस फॉर्मेट में मैसेज जा रहा है सर्वर के पास एंड किस फॉर्मेट में क्लाइंट के पास
दोबारा रिस्पांस आ रहा है। आपको पता चल गया jसon आरपीसी फॉर्म में होता है। फिर एक चीज होती है ये जो मैसेज है वो मैसेज
कोड जो ट्रांसपोर्टेशन हो रही है वो मैसेज कैसे जा रहा है और कैसे आ रहा है उसके लिए दो कॉमन ट्रांसपोर्ट मेथड्स हैं। एक है
स्टैंडर्ड आईओ, एक है स्ट्रीमेबल HTTP। स्टैंडर्ड आईओ आप तब यूज़ करोगे जब लोकल मशीन पे ही आपका एमसीपी क्लाइंट एंड
एमसीपी सर्वर होगा। स्ट्रीमबल HTTP आप तब यूज़ करोगे जब आपका क्लाइंट तो होगा आपकी मशीन पे। है ना? जहां पे भी आप एआई ऐप रन
कर रहे हो। एंड जो आपका सर्वर होगा वो क्लाउड पे होगा एंड इंटरनेट के थ्रू आप उसको एक्सेस करना चाहते हो। तो गाइज़ ये
होता है एमसीपी। मैंने आपको आज एमसीपी के बेसिक्स इसलिए बताए क्योंकि हम अपनी नेक्स्ट वीडियो में क्या करने वाले हैं?
हमने ना एक प्रोजेक्ट बनाया था। अगर आपने मेरी लास्ट वीडियो देखी होगी। मैंने डिस्क्रिप्शन सेक्शन में उसका लिंक दिया
है। वहां पर हमने क्या किया था? एक प्रोजेक्ट बनाया था। ट्रैवल प्लानिंग एआई ऐप बनाई थी। वहां पर हम एपीआईस के साथ काम
कर रहे थे। अब हम अगली वाली वीडियो में ना उस प्रोजेक्ट को अपग्रेड करेंगे। हम सारी एपीआई को हटाएंगे एंड हम एमसीपी सर्वर्स
यूज़ करेंगे। एंड हम गार्ड रेल्स यूज़ करेंगे। एंड हम अपने उस प्रोजेक्ट को अपग्रेड करेंगे। तो मैं ना कुछ सीरीज ऑफ
वीडियोस बनाऊंगी। एंड हमारा मोटिव क्या होगा? उसी प्रोजेक्ट को हम इंप्रूव करेंगे। तो आफ्टर फ्यू वीडियोस वो
प्रोजेक्ट हमारा एक इंडस्ट्री रेडी प्रोजेक्ट बन जाएगा। ठीक है? तो एमसीपी का कांसेप्ट समझाने का मेन मतलब यही था कि कल
जब हम वो प्रोजेक्ट के ऊपर काम करें और मैं एमसीपी की ये डिफरेंट टर्मिनोलॉजी यूज़ करूं या कोई चीजें यूज़ करूं। तो अगर हमें
पता ही नहीं होगा उसका बेसिक कि वो चीज होती क्या है तो वो डिफिकल्ट हो जाएगा अंडरस्टैंड करना। तो एमसीपी का बेसिक
अच्छे से अंडरस्टैंड कर लिया। अब हम उसको इंप्लीमेंट करेंगे अपने नेक्स्ट वीडियो के अंदर। एंड गाइस प्लीज आप ना वीडियोस को
लाइक किया करो, शेयर किया करो एंड कमेंट भी किया करो क्योंकि उससे ना आपको मोटिवेशन मिलती है फिर काम करने की। तो आई
होप मेरा वीडियो हेल्पफुल रहा होगा। तो थैंक यू फॉर वाचिंग।
MCP is an open standard that provides a universal way for AI applications to connect with external data sources and tools. It was created to solve the problem of developers having to write custom integration code for every single external service (like APIs, databases, or file systems) and having to rewrite that integration code when switching between different AI frameworks (like LangGraph, CrewAI, or OpenAI Agents SDK). MCP abstracts these complexities through a middle layer called an MCP Server.
MCP uses a client-server architecture with two main components. The MCP Client is a bridge inside your AI application that manages the connection to one or more MCP Servers. The MCP Server is where the actual work happens—it connects to the external service and exposes a set of tools your AI app can use. The server can be local (using Standard I/O), remote (using Streamable HTTP), or custom-built for private needs.
When a user asks a question like 'What is the weather in Delhi today?', the AI app's LLM checks its available tools. The MCP Client has already discovered available tools from all connected MCP Servers (like a 'get_current_weather' tool). The LLM generates a tool request in JSON-RPC format, the MCP Client routes it to the correct Weather MCP Server, which executes the request against the real weather API. The server returns the result in JSON-RPC, and the LLM converts it into a human-readable answer.
There are three types: Local MCP Servers run on the same machine as your AI application and communicate via Standard I/O (stdin/stdout). Remote MCP Servers run on the cloud or a remote computer and connect via Streamable HTTP, ideal for accessing hosted services like a central weather database. Custom MCP Servers are built by you for private or specialized needs (like connecting to an internal company database) and can be hosted either locally or remotely.
All MCP communication between the client and server uses JSON-RPC format. This is a standardized message format that ensures both sides can understand each other regardless of the underlying implementation. The LLM generates tool requests in JSON-RPC, and the server formats its responses in the same JSON-RPC format.
Yes, your AI application must have an MCP Client to use MCP—there is no way to skip the client. However, the same MCP Client can connect to multiple MCP Servers simultaneously, allowing your AI app to seamlessly access various external tools (like weather APIs, databases, GitHub, etc.) through a single unified interface.
Without MCP, developers must write custom code for every service, learning each API's unique format and authentication, and rewrite the same integration logic when moving to a different AI framework. With MCP, you just build or use an existing MCP Server for each tool, and your MCP Client handles all communication—so switching frameworks means essentially writing only the client integration code once. The external service complexity is abstracted away by the MCP Server.
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