Introduction
This video provides a detailed revision of fundamental formulas and concepts in Linear Algebra and Calculus, split into two sessions to enhance understanding.
Part 1: Linear Algebra Formula Revision
Determinants and Matrix Operations
- Calculating determinants for 2x2 and 3x3 matrices, including expansion by minors and cofactors.
- Special determinant types: diagonal, upper and lower triangular matrices and their determinant properties.
- Properties of determinants including row/column operations and impacts on determinant values.
- Concepts of transposition and its effects on determinants.
Matrix Types and Properties
- Definitions and distinctions between row vectors, column vectors, rectangular, square, diagonal, scalar, identity, symmetric, skew-symmetric, orthogonal, Hermitian, and unitary matrices.
- Matrix operations including multiplication, addition, and inverse.
For a detailed foundation on these topics, see Comprehensive Overview of Matrices and Determinants in Mathematics.
Eigenvalues and Eigenvectors
- Definition and calculation of eigenvalues and eigenvectors.
- Characteristic equations and their role in finding eigenvalues.
- Properties of eigenvectors for symmetric and Hermitian matrices.
- Diagonalization concepts and their conditions.
System of Linear Equations
- Homogeneous and non-homogeneous systems.
- Rank of a matrix and its significance in solutions to systems.
- Row Echelon Form and its use in rank determination.
Additional Concepts
- Adjoint matrices and their properties.
- Special matrix types such as idempotent, nilpotent, and periodic matrices.
To strengthen concepts on vector spaces relevant here, refer to Linear Algebra Foundations for Machine Learning: Vectors, Span, and Basis Explained.
Part 2: Calculus Formula Revision
Limits and Continuity
- Conditions for the existence of limits with examples.
- Techniques for evaluating limits including direct substitution, factor cancellation, and L’Hôpital’s rule.
- Definition and identification of continuity and types of discontinuities.
Differentiation
- Definition of derivatives, left and right hand derivatives.
- Rules of differentiation: product, quotient, chain rules.
- Higher order derivatives and implicit differentiation.
- Application in finding tangents, normals, maxima, minima, and points of inflection using first and second derivative tests.
Series and Expansions
- Taylor and Maclaurin series expansions for common functions.
Partial Derivatives and Multivariable Calculus
- Concepts of partial derivatives, mixed derivatives, and their equalities.
- Homogeneous functions and Euler’s theorem.
- Finding maxima and minima for multi-variable functions.
- Lagrange multipliers for constrained optimization.
Integration
- Basic integration rules and standard integrals.
- Techniques of integration: substitution, parts, partial fractions.
- Definite integrals and properties.
- Double and triple integration with variable limits and change of variables including Jacobian determinants.
Vector Calculus
- Vector operations: dot product, cross product, scalar and vector triple products.
- Differential operators: gradient, divergence, curl, and Laplacian.
- Vector integration: line, surface, and volume integrals.
- Important theorems: Green’s theorem, Stokes’ theorem, and Divergence theorem with applications.
For a deeper understanding of vector concepts involved, explore Understanding Vectors and Scalars in Physics: A Comprehensive Guide.
Conclusion
The session concludes with instructions on upcoming topics such as differential equations and complex variables revisions, reinforcing important formula memorization and problem-solving strategies for students preparing for exams.
This comprehensive formula revision is ideal for learners seeking to strengthen their understanding of Linear Algebra and Calculus fundamentals in preparation for competitive exams or coursework.
गुड इवनिंग एवरीवन अ वेरी गुड इवनिंग टू ल ऑफ यू बच्चों वी आर लाइव वी आर बैक ऑन एग्जाम
दोस वी आर बैक इन द न्यू सीरीज दैट इज फार्मूला रिवीजन सीरीज इट इज गोइंग टू बी द फर्स्ट सेशन इसमें हम बात करेंगे
मैथमेटिक्स के बारे में और क्योंकि यार देखो मैथ्स का कांसेप्ट काफी लंबा है इसीलिए इसको मैंने दो सेशन में डिवाइड
किया व एंड टू वन आज होगा टू कल होगा आज मैं आपको क्या कराने वाला हूं दो सबसे बड़ी यूनिट्स कराने वाला हूं मैथ्स के
रिवाइज लीनियर अलजेब्रा एंड कैलकुलस ठीक है लीनियर अलजेब्रा और कैलकुलस आज रिवाइज करेंगे फिर कल हमारे पास छोटी छोटी यूनिट
बचें दैट इज कॉम्प्लेक्शन इक्वेशन ठीक है ये कल के लिए रखेंगे आ जाओ शुरू करते हैं तो भाई देखो
डिटर्मिननेंट निकालना पहले तो अपने को आना चाहिए डिटरमिनेट कैसे निकलता है क्रॉस मल्टीप्लिकेशन से निकलता है आपको 2/2 में
क्या करना होता है 6 * 9 फिर क्रॉस मल्टीप्लिकेशन वाली टर्म में माइनस लगा के -3 * 5 दैट विल कम आउट टू बी
69 अगर 3/3 की बात करें तो क्या करना होता है भाई हर टर्म का को फैक्टर लेना पड़ता है को फैक्टर कैसे लेते हैं आप पहली रो के
अलोंग अगर एक्सपेंड करोगे तो पहले आप क्या कीजिए पहली रो के पहली रो का जो आपका एलिमेंट है a11 के लिए उसका रो और कॉलम
कैंसिल करो ये 2/2 का डिटर्मिननेंट लिख दो फिर a12 के लिए इसका रो कॉलम कैंसिल करो बचे चार एलिमेंट का डिटरमिनेट विद अ माइनस
साइन और a13 के लिए इसका रो कॉलम कैंसिल करो ये जो चार एलिमेंट है इसका डिटरमिनेट अब ये 2/2 के डिटर्मिननेंट हमको ओपन करने
आते हैं वी कैन कैलकुलेट द ओवरऑल 3 बा डिटरमिनेट और मजेदार बात यह है आप डिटर्मिननेंट किसी भी रो या कॉलम के अलोंग
ओपन कर सकते हैं बस आप जिसके भी अलोंग करें मान लीजिए आप सेकंड कॉलम के अलोंग करते हैं इसके अलोंग तो सबसे पहले a12
लेंगे इसका रो इसका कॉलम डिलीट किया ये चार एलिमेंट का डिटरमिनेट फिर a22 लेंगे इसका रो इसका कॉलम डिलीट किया चार एलिमेंट
का डिटरमिनेट फिर a32 लेंगे इसका कॉलम इसका रो डिलीट किया चार एलिमेंट का डिटर ट किसी भी रो या कॉलम के अलोंग ले सकते हो
बस साइन आपको याद रखना है साइन कैसे होता है -1 की पावर i + j ये जो डिटर्मिननेंट आप निकाल रहे हो इसे माइनर कहते हैं अगर
इसमें -1 की पावर i + j मल्टीप्लाई कर दो देन इट बिकम अ को फैक्टर i का मतलब है उसका रो इंडेक्स और j का मतलब है उसका
कॉलम इंडेक्स तो जैसे व में -1 की पावर 1+ 1 1 आएगा -1 की पावर 1 + 2 -1 आएगा -1 की पावर 1 + 3 + 1 आएगा तो साइन आपके ऐसे
अल्टरनेटिंग चलते हैं प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस इसको निकालने का एक और तरीका होता है कि ये जो
3/3 का डिटरमिनेट है वो लिखा फिर फर्स्ट वाली रो को वापस लिखा सेकंड वाली रो को वापस लिखा अब आप इस टाइप
से मल्टीप्लाई करते जाइएगा टर्म्स को तो जो राइट में टर्म्स आ रही है इनका सम हो गया p और ऐसे लेफ्ट में ये जो एरो आ रहे
हैं इनका सम हो गया n तो डिटर्मिननेंट इज p - n इसे बोलते हैं सारस रूल यहां पे क्या होगा यहां पे आप 3/3 का डिटरमिनेट
निकाल सकते हैं अब चाहे तो आप क्या कर सकते हैं 3/3 का डिटरमिनेट ऐसे लिखो फिर पहला कॉलम दुबारे दूसरा कॉलम दोबारा
अब ये जो एरो राइट में जा रहे हैं इनका सम होगा p लेफ्ट वालों का सम होगा n डिटरमिनेट विल बी p - n अब कुछ स्पेशल
टाइप के डिटरमिनेट बेटा अगर आपके पास सिर्फ डायगोनल पे नॉन जीरो एलिमेंट होते हैं बाकी सभी एलिमेंट जीरो होते हैं इट
डायगोनल डिटरमिनेट कहते हैं इसका वैल्यू प्रोडक्ट ऑफ डायगोनल एलिमेंट आता है एी स ऐसे ही अपर ट्रायंगुलर जिसमें मेन डायगोनल
के नीचे के सभी एलिमेंट जीरो होंगे सिर्फ इसके ऊपर ऊपर एलिमेंट लाई करेंगे दैट इज द अपर ट्रायंगुलर यहां पे भी आता है
प्रोडक्ट ऑफ द डायगोनल एलिमेंट लोअर ट्रायंगुलर जिसमें डायगोनल के ऊपर के सभी एलिमेंट जीरो होंगे नीचे नॉन जीरो होंगे
यहां भी डिटरमिनेट आता है प्रोडक्ट ऑफ द डायगोनल एलिमेंट रोटेशन रोटेशन का मतलब है जहां दो एलिमेंट आपस में एक्सचेंज हो रहे
हो जैसे वन राइट में गया आपका अल्फा लेफ्ट में आया इस टाइप से तो यहां पर आता है 1 माइनस अल्फा स्क्वा या फिर देखो वन ऐसे
4/4 में राइट जाता जा रहा है अल्फा आपका ऐसे लेफ्ट आता जा रहा है 4/4 में 1 - अल्फ स्क्वा का स्क्वायर फिर 6/6 यहां इवन
ऑर्डर ही होना चाहिए वन ऐसे आ रहा है अल्फा लेफ्ट आते जा रहा है तो 1 - अल्फा स्क्वा का क्यूब तो आपको इसी फॉर्म में
पहले कन्वर्ट करना है वन और अल्फा में वन और अल्फा में उसके बाद ही आप डिटरमिनेट लिख सकते हैं जयेश भाई जितनी भी चीजें
जानने की है सारी चीजें बताऊंगा अब ट्रांसपोजर ले ले ट्रांसपोजर का मतलब है अगर आप रो और कॉलम एक्सचेंज कर दें स्टिल
आपका डिटरमिनेट सेम आता है जैसे देखो 5 इन माइन 4 ठीक है माइ 7 इन
3 दैट इज माइन 41 और फिर इधर आपने क्या किया देखो यह जो 57 वाला रो था इसे कॉलम बनाया 3 माइन 4
वाले रो को कॉलम बनाया अभी भी आप देखोगे डिटर्मिननेंट सेम आएगा ट विल बी माइनस 41 तो आप अगर ट्रांसपोजर तो डिटर्मिननेंट
नहीं चेंज होता अगर लेकिन आपके दो रो या कोई दो कॉलम आइडेंट हो जाए तो डिटर्मिननेंट जीरो हो जाता है सारी
एंट्रीज जीरो हो जाएं तो डिटर्मिननेंट जीरो हो जाता है अगर आप दो रो या दो कॉलम को आपस में उनके पोजीशंस इंटरचेंज कर दें
डिटर्मिननेंट माइनस से मल्टीप्लाई हो जाता है अगर आप किसी रो या कॉलम को एक कांस्टेंट फैक्टर से मल्टीप्लाई करें एक
रो या एक कॉलम को डिटरमिनेट k टाइम्स हो जाता है दो मैट्रिक्स के प्रोडक्ट का डिटरमिनेट मड a मड b आता है दो के
प्रोडक्ट का डिटरमिनेट अब अगर आपने ऐसा रो ट्रांसफॉर्मेशन किया r + k ज या c + kc1 रो में दूसरे रो का मल्टीपल ऐड किया
या एक कॉलम में दूसरे का मल्टीपल ऐड किया तो डिटरमिनेट सेम रहता है जैसे r1 की जगह r1 + 2 r2 सेम रहेगा डिटरमिनेट r2 की जगह
r2 + 3 r3 सेम रहेगा डिटरमिनेट r3 की जगह r3 + 3 r1 + 2r 2 सेम रहेगा डिटरमिनेट लेकिन r3 निकालते वक्त r3 को ही अगर आपने
थ्र से मल्टीप्लाई कर दिया डिटरमिनेट विल चेंज ठीक है इसके अलावा अगर आप ऐसे साइमल नियस ऑपरेशन करते हैं r1 निकालने में r2
का यूज हुआ r2 निकालने में r3 का यूज हुआ ये दोनों आपने एक साथ किए तो भी डिटरमिनेट सेम रहेगा r2 निकालने में r1 का इस्तेमाल
r3 निकालने में r2 का इस्तेमाल अब r2 यहां मॉडिफाई हो रहा है एट द सेम टाइम आप r2 को रीयूज करना चाह रहे हो तो डिटर्मिननेंट
बदल जाता है आप एक को मॉडिफाई कर लो फिर अगले स्टेप में उसका इस्तेमाल कर सकते हो एक स्टेप में जिसको मॉडिफाई कर रहे हैं
उसी को रीयूज नहीं करना है ज और रो और कॉलम एक साथ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं इस्तेमाल करना है तो दो चीजों पर ध्यान रखना है रो
एंड कॉलम रो एंड कॉलम ट्रांसफॉर्मेशन नॉट टूगेदर
ठीक है अलग अलग स्टेप में कर लो चलेगा एक बार एक किया फिर अगले स्टेप में दूसरा दूसरी चीज क्या ध्यान देनी है भाई
रो बीइंग मॉडिफाइड रो बीइंग मॉडिफाइड शुड नॉट बी शुड नॉट बी साइमल नियस यूज्ड
शुड नॉट बी साइमल नियस यूज्ड जिस रो को मॉडिफाई कर रहे हो उसको साथ-साथ
रीयूज ना करें ठीक है भाई अब अगर आपको हायर ऑर्डर डिटरमिनेट
निकालना होता है तो आप क्या करते हैं आप रो एलन फॉर्म में कन्वर्ट करने की कोशिश करते हैं जिससे डिटरमिनेट डायरेक्ट आ जाता
है यहां पर हम लोग क्या करते हैं देखिएगा आ2 में के आव ऐड किया ये एक्चुअली यहां पर के क्या है के आपका
है - ए2 बा ए1 mr1 r3 में किया m है - a3 बा a1 और फिर lr1 किया ए है - a4 बा a1 तो
आपने इस एलिमेंट को पकड़ के बेटा a1 को पकड़ के ऐसा रो ट्रांसफॉर्मेशन लगाया कि a2 a3 a4 आपके कट जाए तो जिससे पहला कॉलम
जीरो आ गया अब a1 इन ये 3/3 का डिटरमिनेट a1 * 3/3 का डिटर्मिननेंट इसमें मेहनत बच जाएगी अब ये देखो अगर ये डिटर्मिननेंट है
आपने सारे फैक्टर्स को k से मल्टीप्लाई कर दिया है तो आपका डिटरमिनेट आएगा k क a तो k की कितनी पावर रेज करते हैं जितना
मैट्रिक्स का ऑर्डर होता है अगर 3/3 की मैट्रिक्स है सारे एलिमेंट k से मल्टीप्लाई हुए तो k क्य a आएगा अगर कोई
भी रो ऐसी है जिसमें एलिमेंट्स का सम है तो आप उस रो को दो डिटरमिनेट में ब्रेक कर सकते हो अगर दो रोज में सम होता तो उनके
चार कॉमिनेशन बनते पहली रो के पहले-पहले एलिमेंट दूसरी रो के पहले पहले एलिमेंट पहली रो का सेकंड एलिमेंट दूसरी रो का
फर्स्ट दूसरी रो का सेकंड पहली रो का फर्स्ट और दूसरी रो का सेकंड और पहली रो का भी सेकंड तो अगर दो रोज में सम होता
एलिमेंट्स का तो चार डिटरमिनेट बनते और तीन में सम होता तो आठ डिटरमिनेट बनते रो मैट्रिक्स या रो वेक्टर मैट्रिक्स
पे आ जाते हैं जिसमें एक ही रो होती है और कॉलम कितने भी हो सकते हैं उसे रो वेक्टर कहते हैं कॉलम वेक्टर जहां एक ही कॉलम
होता है बट रोज आपकी मल्टीपल होती है दैट इज द कॉलम वेक्टर रेक्टेंगल मैट्रिक्स जहां रो और कॉलम बराबर नहीं होते यानी
नंबर ऑफ रोज इज नॉट इक्वल टू नंबर ऑफ कॉलम दैट इज सेड टू बी रेक्टेंगल मैट्रिक्स स्क्वायर मैट्रिक्स जहां रोज और कॉलम्स
एकदम बराबर होते हैं जैसे 3/3 4/4 5 बा 5 ऑल दीज आर स्क्वायर मैट्रिक्स इसके अंदर यह जो आपके एलिमेंट होते हैं यह जो
एलिमेंट है ना 1 3 फ दे आर सेड टू बी द डायगोनल एलिमेंट या कह सकते हो प्रिंसिपल डायगोनल
अब डायगोनल मैट्रिक्स जिसमें सिर्फ एक स्क्वायर मैट्रिक्स होगी इसमें सिर्फ डायगोनल एलिमेंट नॉन जीरो होंगे बाकी सारे
जीरो होने चाहिए दैट इज सेड टू बी अ डायगोनल मैट्रिक्स डायगोनल एलिमेंट कौन से होते हैं बेटा देखने में समझ आ रहा है
लेकिन मैथमेटिकली जिनका रो और कॉलम इंडेक्स सेम होता है ठीक है यहां पे देखो जैसे a11 और a22 तो जिसका
रो और कॉलम इंडेक्स सेम होता है दैट इज द डायगोनल एलिमेंट तो डायगोनल एलिमेंट आपका नॉन जीरो होना चाहिए उसके अलावा सारे
एलिमेंट जीरो होने चाहिए अब जीरोज कितने होते हैं एक डायगोनल मैट्रिक्स में n * n - 1/2 ये सारे ऑफ डायगोनल एलिमेंट का
काउंट है ठीक है वैसे n * n - 1 आएगा इतने जीरोज आएंगे डिवाइड बाय टू नहीं होगा इसका फंडा ये है कि टोटल एलिमेंट है n स्क्वा
डायगोनल पे आ रहे हैं n तो इतने एलिमेंट बचे हुए सारे जीरो हो गए स्केलर मैट्रिक्स ये एक डायगोनल मैट्रिक्स है जिसके सारे
डायगोनल एलिमेंट सेम होते हैं देखो यहां पे दोनों डायगोनल एलिमेंट टू है यहां तीनों डायगोनल
एलिमेंट आपके फाइव हैं दैट इज अ स्केलर मैट्रिक्स आइडेंटिटी मैट्रिक्स एक ऐसी स्केलर मैट्रिक्स जिसके डायगोनल एलिमेंट
वन के बराबर हो स्केलर मैट्रिक्स माने सारे इक्वल हो और सारे वन आ जाए तो दैट इज आइडेंटिटी मैट्रिक्स सिंगल टन मैट्रिक्स
मैट्रिक्स जो वन क्रॉस वन की होती है यानी जिसमें एक ही एलिमेंट आता है दैट इज द सिंगल टन मैट्रिक्स अपर ट्रायंगुलर
मैट्रिक्स जिसमें डायगोनल के नीचे वाले सारे एलिमेंट आपके नॉन जीरो सॉरी सारे एलिमेंट जीरो आ जाएं सिर्फ एलिमेंट आपके
डायगोनल के ऊपर रहे वो है आपकी ट्रायंगुलर अपर ट्रायंगुलर और अपर ट्रायंगुलर के लिए स्क्वायर होना जरूरी है लोअर ट्रायंगुलर
जहां डायगोनल के ऊपर वाले एलिमेंट जीरो हो जाए और डायगोनल के नीचे नॉन जीरो एलिमेंट्स हो उसे कहते हैं लोअर
ट्रायंगुलर यहां भी स्क्वायर मैट्रिक्स होना जरूरी है हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स जिसके कॉलम रो से ज्यादा होंगे यानी चौड़ी
ज्यादा होगी लंबी आपकी कम होगी मैट्रिक्स दैट इज हॉरिजॉन्टल मैट्रिक्स वर्टिकल मैट्रिक्स जिसमें रोज आपकी कॉलम से ज्यादा
होंग यानी लंबी ज्यादा होगी चौड़ी कम होगी दैट इज द वर्टिकल मैट्रिक्स नल मैट्रिक्स
जिसके सारे एलिमेंट जीरो हो जाए दैट इज सेड टू बी अ नल मैट्रिक्स सब मैट्रिक्स अगर एक मैट्रिक्स के कुछ एलिमेंट उठा कर
के आप एक नई मैट्रिक्स तैयार करते हैं दैट इज सेड टू बी अ सब मैट्रिक्स इसमें आप उस मैट्रिक्स के ओरिजिनल मैट्रिक्स के कुछ
रोज और कॉलम डिलीट कर देते हैं और बचे हुए एलिमेंट से बनने वाली मैट्रिक्स कहलाती है सब मैट्रिक्स और मजेदार बात यह होती होती
है जो ओरिजिनल मैट्रिक्स है वो भी अपनी खुद की एक सब मैट्रिक्स कहलाती है यानी मैट्रिक्स इज आल्सो अ सब मैट्रिक्स ऑफ इट
सेल्फ ट्रेस ऑफ अ मैट्रिक्स ट्रेस का मतलब होता है भैया डायगोनल पे आने वाले एलिमेंट्स का सम तो क्या सर इसका मतलब ये
सिर्फ स्क्वायर मैट्रिक्स के लिए आएगा यस ये सिर्फ स्क्वायर मैट्रिक्स के लिए आएगा अगर डायगोनल की बात होगी तो वो बात होगी
स्क्वायर मैट्रिक्स में तो स्क्वायर मैट्रिक्स में डायगोनल पे लाई करने वाले सभी एलिमेंट्स का सम कहलाता है ट्रेस
ट्रेस की प्रॉपर्टी क्या होती है अगर मैट्रिक्स k से मल्टीप्लाई हुई तो ट्रेस भी k से मल्टीप्लाई होगा दो मैट्रिक्स ऐड
हुई तो ट्रेस भी ऐड होगा दो मैट्रिक्स मल्टीप्लाई हो रही है तो ए और ब का ट्रेस सेम आएगा a और a ट्रांसपोजर आएगा आ का
मतलब n एथ ऑर्डर आइडेंटिटी मैट्रिक्स उसके डायगोनल पे सारे एलिमेंट वन होते हैं इसीलिए आपका जो सम आ रहा है एलिमेंट्स का
दैट इज n अगर n बार आप वन को ऐड कर देंगे यू आर गोइंग टू गेट n ठीक है ए का ट्रांसपोजर पोज इनटू सॉरी ए
का ट्रेस a का ट्रेस b का ट्रेस मल्टीप्लाई नहीं होता है ऐसा डिटर्मिननेंट में होता है ना कि ट्रेस में
कंपैरेटिव मैट्रिक्स वो होती हैं बेटा जिनका ऑर्डर सेम आ जाए यानी उनके रोज बराबर हो उनके कॉलम एलिमेंट की वैल्यू अलग
हो सकती है ऑर्डर सेम है तो इनका कंपैरेटर है पहले तो यानी ऑर्डर सेम होना चाहिए और फिर हर एक एलिमेंट भी दोनों
मैट्रिक्स में आइडेंट कल आना चाहिए दैट इज सेड टू बी इक्वल मैट्रिक्स मल्टीप्लिकेशन मैट्रिक्स मल्टीप्लिकेशन कैसे करते हैं
अगर a * b करना है तो पहले ये चेक करना पड़ता है a में जितने कॉलम है यानी a का जो सेकंड इंडेक्स है वो बी के रोज के
बराबर है बी के फर्स्ट इंडेक्स के बराबर है तो अगर ए के कॉलम बी के बराबर हुए तो ए भी डिफाइंड होगा और b के कॉलम a के बराबर
हुए तो ब डिफाइंड होगा जो मैट्रिक्स पहले आती है उसे प्री फैक्टर कहते हैं जो बाद में आती है उसको पोस्ट फैक्टर कहते हैं तो
आप मल्टीप्लाई करते कैसे हो आप क्या करते हैं बेटा आप वन बाय वन मल्टीप्लिकेशन करते हैं रोज इंटू कॉलम a का रो उठाइए और b के
कॉलम में उसे मल्टीप्लाई कर डालिए तो देखो आपका यहां पे पहली बात तो n = p होना चाहिए जब आप ए कर रहे हो n = p होना चाहिए
तो जो रिजल्ट आएगा वो बचे हुए इंडेक्स से आएगा m q तो जो आपका रिजल्ट आएगा m क्रॉस q आएगा आपको क्या करना है एक ही रो के
सारे एलिमेंट b के कॉलम में मल्टीप्लाई करके ऐड कर लेना तो आपको एक एलिमेंट मिल जाएगा मैट्रिक्स का तो हर एलिमेंट के लिए
a का एक रो b के एक कॉलम में मल्टीप्लाई होता जाएगा मल्टीप्लिकेशन की प्रॉपर्टी ए और ब बराबर आए जरूरी नहीं बल्कि इतना भी
जरूरी नहीं कि ए अगर एजिस्ट करता है तो बी भी एजिस्ट करे क्योंकि ए के कॉलम अगर बी के रोज के बराबर हैं तो डज नॉट मीन कि बी
के कॉलम a के रोज के बराबर होंगे तो ए इज नॉट इक्वल टू बी ए इक्वल ू बी होता है किसके लिए ओनली फॉर डायगोनल
मैट्रिक्स अगर डायगोनल मैट्रिक्स है आप के पास तब ए = ब होता है और देखो यही सब जो प्रॉपर्टीज है यही शॉर्टकट बन जाती है
सवाल में याद रह जाने से फिर मैट्रिक्स मल्टीप्लिकेशन आपका एसोसिएटिव होता है a के साथ b स का प्रोडक्ट मल्टीप्लाई करें
या ए के साथ c मल्टीप्लाई करें बात बराबर है डिस्ट्रीब्यूटर होता है a * b + c इज ए + ए a * आइडेंटिटी इज a आइडेंटिटी को वन
की तरह मानो वन को किसी में भी मल्टीप्लाई करोगे सेम वैल्यू आएगी अगर दो मैट्रिक्स का प्रोडक्ट नल आता है इट डज नॉट मीन कि
एक मैट्रिक्स नल होनी चाहिए इनको नंबर्स की तरह मत सोचना कि दो नंबर्स का प्रोडक्ट जीरो आया तो उसका मतलब है एक नंबर जीरो
होगा नहीं दो मैट्रिक्स दोनों की दोनों नल नहीं है बट उनका प्रोडक्ट क्या आ रहा है नल आ रहा है ठीक है उनका प्रोडक्ट क्या आ
रहा है भाई नल आ रहा है अगर एक मैट्रिक्स को नल मैट्रिक्स से मल्टीप्लाई करोगे हमेशा नल मैट्रिक्स आएगी किसी में भी रो
मल्टीप्लाई करने से रो ही मिलता है अगर खुद के साथ m बार प्रोडक्ट करोगे तो a की पावर m आएगा सबसे मजेदार बात यह है
आइडेंटिटी को खुद में जितनी बार भी मल्टीप्लाई कर लो वापस आइडेंटिटी आती है आइडेंटिटी एक आईने की तरह है उसमें कितने
को भी देखो वही चीज सेम रिफ्लेक्ट होती है तो i में i i i मल्टीप्लाई करते जाओ i ही मिलेगा अगर a + b का स्क्वा a - b का
स्क्वायर कुछ भी खोलना है तो वन बाय वन मल्टीप्लाई करो जैसे a + b * a + b करो a * a a स् a * b ए फिर b * a b और b * b b
स् तो ये मत करना a स् + b स् + 2ab 2ab मत करना ab-ba आएगा और जैसा मैंने बताया ये दोनों इक्वल सिर्फ डायगोनल मैट्रिक्स
के लिए होते हैं बाकी जगह इक्वल आ भी सकते हैं और नहीं भी अगली मैट्रिक्स होती है आइडें पोटेंट मैट्रिक्स आईडम पोटेंट
मैट्रिक्स क्या होती है बेटा जहां पे a स्क्वा आपका a के बराबर आ जाए दैट इज सेड टू बी द आईडम पोटेंट
मैट्रिक्स जहां पे आप a में a मल्टीप्लाई करो वापस a मिल जाए एग्जांपल इसका आइडेंटिटी एग्जांपल के तौर पे आइडेंटिटी
मैट्रिक्स सोच सकते हो जब a में a मल्टीप्लाई करके वापस a आ जाए तो दैट इज सेड टू बी आईडम पोटेंट मैट्रिक्स
पीरियोडिक मैट्रिक्स जो मैट्रिक्स k बार मल्टीप्लाई करने पे सेम नहीं आ रही बट k + 1 टाइम पे सेम आ जाती है तो दैट इज सेड टू
बी द पीरियोडिक मैट्रिक्स यानी a की पावर k + 1 a आ जाएगा बट a की पावर k a के बराबर नहीं आएगा तो k + 1 पे अगर ये रिपीट
करने लगती है तो k इसका पीरियड कहलाता है तो आईडम पोटेंट मैट्रिक्स के लिए पीरियड इज वन आईडम पोटेंट मैट्रिक्स के लिए
पीरियड इज वन क्योंकि वहां a स्क्वा आपका a के बराबर आ गया यानी एक ही बार एक ही बार मल्टीप्लाई करने पे वापस a
मिल गया तो पीरियड इज वन निल पोटेंट मैट्रिक्स जहां पावर k रेज करने पे यानी k बार मल्टीप्लाई करने पे आपको नल मैट्रिक्स
मिल जाए बट इससे पहले कभी भी आपको नल ना मिले दैट इज सेड टू बी निल पोटेंट मैट्रिक्स आप मल्टीप्लाई करते जा रहे हो
करते जा रहे हो हर बार नॉन जीरो आ रहा है फिर अचानक से एक समय के बाद नल मैट्रिक्स आ गई तो उसे कहते हैं निल पोटेंट
मैट्रिक्स इन वोलेट मैट्रिक्स जहां a स् i के बराबर आ जाए यानी a में a मल्टीप्लाई करने से आइडेंटिटी मिल जाए दैट इज इन
वोलेट मैट्रिक्स तो यहां a और a इवर्स आपका बराबर आता है ट्रांसपोजिंग अगर आप रोज को कॉलम कॉलम को
रोज बना देंगे तो जो मैट्रिक्स मिलेगी दैट इज सेड टू बी द ट्रांस्पोज अब ट्रांसपोजर क्या होती है दो बार ट्रांसपोजर से सेम
मैट्रिक्स आती है दो के सम या डिफरेंस का ट्रांसपोजर का मतलब है ट्रांसपोजर डिफरेंस अगर स्केलर इंटू मैट्रिक्स का ट्रांसपोजर
स्केलर बाहर निकाल लो मैट्रिक्स का ट्रांसपोजर प्रॉपर्टी ये होती है ए का ट्रांसपोजर है b ट्रांसपोजर सपोज यानी
प्रोडक्ट का ट्रांसपोजर से मैट्रिक्स की ऑर्डरिंग रिवर्स हो जाती है अगर मान लीजिए n मैट्रिक्स के प्रोडक्ट का ट्रांसपोजर
हैं तो उल्टा लिखना स्टार्ट कर देना an-12 सबका ट्रांसपोजर लेने से रिवर्स हो जाता है
ऑर्डर ठीक है सिमिट्रिक मैट्रिक्स जिस मैट्रिक्स का ट्रांसपोजर ही आ जाए दैट इज सेड टू बी
सिमिट्रिक मैट्रिक्स इसमें क्या होता है अपर ट्रायंगुलर वाले एलिमेंट और लोअर ट्र एंगुलर वाले यानी डायगोनल के ऊपर वाले और
डायगोनल के नीचे वाले जब मैं डायगोनल की बात कर रहा हूं माने स्क्वायर मैट्रिक्स है डायगोनल के ऊपर वाले एलिमेंट और
डायगोनल के नीचे वाले एलिमेंट आपस में एक दूसरे का मिरर इमेज होते हैं ऐसी मैट्रिक्स कहलाती है सिमेट्री मैट्रिक्स
इसमें कितनी कितनी आपकी यूनिक या डिस्टिंक्ट एंट्रीज होती हैं n * n + 1/2 वेयर n इज द ऑर्डर ऑफ द मैट्रिक्स अगर कोई
मैट्रिक्स a है तो a + a हमेशा सिमिट्रिक आती है क्यू सिमिट्रिक जहां पे बेटा डायगोनल के ऊपर वाले और
डायगोनल के नीचे वाले एलिमेंट एक दूसरे से नेगेटिव आते हैं दैट इज सेड टू बी स्क्यू सिमिट्रिक मैट्रिक्स इसकी खासियत ये होती
है इसके डायगोनल एलिमेंट जीरो होते हैं ऊपर और नीचे वाले एक दूसरे का नेगेटिव होते हैं लेकिन किसी मैट्रिक्स के डायगोनल
एलिमेंट जीरो हो जाने से वो स्क्यू सिमिट्रिक नहीं होगी डायगोनल एलिमेंट जीरो होने के साथ-साथ आपके ऊपर और नीचे वाले
एलिमेंट मिरर इमेज होंगे नेगेटिव होंगे तब वो स्क्यू सिमिट्रिक कहलाए गी स्क्यू सिमिट्रिक का ट्रेस हमेशा जीरो होगा
क्योंकि सारे डायगोनल एलिमेंट रो है अगर कोई मैट्रिक्स a है तो मैंने बोला a + a ट्रांसपोजिंग होता है ऐसे ही a - a
ट्रांसपोजिंग होता है इसीलिए किसी भी मैट्रिक्स को एक सिमिट्रिक और एक क्यू सिमिट्रिक मैट्रिक्स के सम में हम लोग
एक्सप्रेस कर सकते हैं अब इसकी प्रॉपर्टी क्या होती है a ए ट्रांस्पोज और a ट्रांस्पोज * a ये हमेशा सिमिट्रिक होते
हैं सिमिट्रिक मैट्रिक्स की कितनी भी पावर रेज कर लें वो हमेशा सिमिट्रिक होगी स्क्यू सिमिट्रिक की ऑड पावर अगर रेज
करोगे स्क्यू सिमिट्रिक आएगी बट स्क्यू सिमिट्रिक की पावर इवन चढ़ा दोगे यू विल गेट सिमिट्रिक मैट्रिक्स तो अगर बेटा a एक
सिमिट्रिक मैट्रिक्स है तो आपका b ' ए ये भी सिमिट्रिक होगा - ए भी सिमिट्रिक होगा के ए भी सिमिट्रिक होगा a का ट्रांसपोजिंग
इवर्स भी सिमिट्रिक और उसकी पावर भी सिमिट्रिक अगर a और b दो सिमिट्रिक मैट्रिक्स हैं तो उनका सम और डिफरेंस
सिमिट्रिक होगा ab-ba लिया तो भी सिमिट्रिक होगा लेकिन ab-ba क्या होगा स्क्यू सिमिट्रिक ए आपका सिमिट्रिक तब
होगा अगर ए और b बराबर हैं तो दो सिमिट्रिक मैट्रिक्स का प्रोडक्ट आपका सिमिट्रिक ही आता है बेटा यह सेशन और कल
वाले सेशन में सारे यूनिट कवर हो जाएंगे इस पर्टिकुलर सेशन में लीनियर अलजेब्रा और कैलकुलस गौथम अगर a और b स्क्यू सिमिट्रिक
है तो उनका सम डिफरेंस और ab-ba स्क्यू सिमिट्रिक होगा बट ए + b क्या होगा सिमिट्रिक होगा a अगर स्क्यू सिमिट्रिक है
c एक कॉलम वेक्टर है c ' ए हमेशा रो आएगा अगर a एक सिमिट्रिक है और c एक कॉलम वेक्टर है तो c ट्रांस्पोज ए हमेशा रो आता
है यानी a ट्रांस्पोज a इवर्स के बराबर हो जाए दैट इज सेड टू बी अ
ऑर्थोगनेथिक की खासियत यह होती है इसके रोज और कॉलम ऑर्थोगनाथाउज ट इज द प्रॉपर्टी ऑफ
ऑर्थोग्राफी पलाई होके जीरो देते हैं खुद में कोई रो मल्टीप्लाई हो या कोई कॉलम मल्टीप्लाई हो हमेशा वन आता है वन आता है
ठीक है तो a ए ट्रांसपोजर a और बी ऑर्थोगनेथिक भाई क्वेश्चन वाला सेशन हो चुका p y क हो
चुके लीनियर अलजेब्रा की मैराथन में क्वेश्चन भी हो चुके अब तुम कह रहे हो फार्मूला सीरीज में फिर क्वेश्चन ले आओ जब
क्वेश्चन कराता हूं जब बच्चे गायब रहते हैं जब थ्योरी कराता हूं तो कहते हैं क्वेश्चन करा
दो कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लेक्टेड का मतलब होता है जब मैट्रिक्स के एलिमेंट आपके
कॉम्प्लेक्शन का कंजुल ले लेंगे तो यू आर गोइंग टू गेट द कॉम्प्लेक्शन ऑफ अ मैट्रिक्स कॉन्जुलेरे कैसे लेते हैं कोई
भी एलिमेंट जो कॉम्प्लेक्शन है अगर उसका इमेजिनरी पार्ट का साइन पलट दोगे 2 + 5 आयो का कर देंगे 2 - 5 आयो 3 - आयो का 3
प् आयो 7 का सेन ही रह गया क्योंकि ये रियल है तो ऐसे केस में हम कहते हैं इसको कॉम्प्लेक्टेड अगर दो बार
कॉन्जुलेरे का कॉन्जुलेरे रियल है ए का
कॉन्जुलेरे बसाइनी इसलिए सुनो अभी ध्यान से कॉन्जुलेरे ट्रांसपोजर दिया जाए तब हम उसे
कहते हैं कॉन्जुलेरे रो बनाओ लेकिन कॉन्जुलेरे बनाइए लेकिन कॉन्जुलेरे
[संगीत] को कॉलम कॉलम को रो बनाइए बट ट्रांसपोजर का ट्रांसपोजर या
ट्रांसपोजर सेम बात होती है दो बार कॉन्जुलेरे मैट्रिक्स आती है सम का कॉन्जुलेरे
वर्सल आ रहा है कॉन्जुलेरे वर्सल नहीं आता लेकिन ट्रांसपोजर से ऑर्डर रिवर्स होता है हरम शियन मैट्रिक्स
ट्रिक्स उसे कहते हैं जिसका कॉन्जुलेरे मैट्रिक्स इसकी कंडीशन ये होती है कि
डायगोनल के ऊपर और नीचे वाले जो एलिमेंट हैं वो एक दूसरे के कॉन्जुलेरे के
कॉन्जुलेरे a = ai-powered a थीटा आपका हरम शियन होता है और a - a थीटा क्या होगा स्क्यू हरम शियन
होगा a - a थीटा विल बी स्क्यू हर्मिन तो जैसे मैट्रिक्स को सिमिट्रिक और स्क्यू सिमिट्रिक में तोड़ा था ऐसे
कॉम्प्लेक्शन और स्क्यू हर्मिन में तोड़ सकते हैं अगर a एक सिमिट्रिक मैट्रिक्स है तो a a थीटा और a थीटा * a ये हमेशा
सिमिट्रिक होते हैं सॉरी हरम शियन होते हैं जैसे a a ट्रांसपोजर a ट्रांस्पोज * a आपके सिमिट्रिक थे फिर अगर a एक हर्मिन है
तो आयो a स् क्यू हर्मिन a का कंजुरिंग है a अगर स् क्यू हर्मिन है तो आयो से मल्टीप्लाई करके हर्मिन बनेगी इसका
कॉन्जुलेरे के भी स्क्यू हर्मिन रहेगा यानी आयो मल्टीप्लाई करने से हर्मिस से स्क्यू
हर्मिस चले जाते हैं और और स्क्यू हर्मिन से हर्मिन अगर a और बी दो हर्मिन मैट्रिक्स हैं तो उनका लीनियर कॉमिनेशन भी
हर्मिन है उनका प्रोडक्ट भी हर्मिन है और ए + ब हर्मिन है ए - ब स्क्यू हर्मिन a और बी अगर स्क्यू हर्मिन है तो उनका लीनियर
कॉमिनेशन क्यू हरम शियन ही आएगा जैसे ऑर्थोग्राफी मैट्रिक्स होती है a * a थीटा आ आता है यानी a a इवर्स इज a थीटा a और
बी यूनिटरी तो ए भी यूनिटरी ऑर्थोग्राफी यूनिटरी होंगे सिंगुलर मैट्रिक्स जिस मैट्रिक्स का डिटरमिनेट
पहली बात मैट्रिक्स स्क्वायर होनी चाहिए जिस मैट्रिक्स का जिस स्क्वायर मैट्रिक्स का डिटरमिनेट जीरो आता है उसे सिंगुलर
कहते हैं और जिसका डिटरमिनेट नॉन जीरो आता है उसे नॉन सिंगुलर कहते हैं एड जॉइंट एड जॉइंट कैसे निकालते हैं हर एलिमेंट का को
फैक्टर निकालिए हर एलिमेंट का को फैक्टर निकाल कर के उसका मैट्रिक्स बनाइए और मैट्रिक्स का ट्रांसपोजर लीजिए दैट इज सेड
टू बी द एडजोइंग ऑफ अ मैट्रिक्स तो को फैक्टर मैट्रिक्स का ट्रांसपोजर है हर एलिमेंट का को फैक्टर
निकाला को फैक्टर पे ट्रांसपोजर तो जो मैट्रिक्स आएगी दैट इज एड जॉइंट दैट इज एड जॉइंट ठीक है और को
फैक्टर में साइन का ध्यान रखना है साइन कन्वेंशन क्या था प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस माइनस प्लस या -1 की पावर
आ + ज है ना एड जॉइंट अगर दो बाय दो की स्क्वायर मैट्रिक्स का निकालना है तो कैसे आता है देखो जैसे ए सीडी
है अगर ये आपकी ए मैट्रिक्स है तो एड जॉइंट ऑफ a निकालने के लिए क्या करना पड़ेगा डायगोनल एलिमेंट को एक्सचेंज और ऑफ
डायगोनल को नेगेटिव डाय ल को एक्सचेंज ऑफ डायगोनल को नेगेटिव दैट इज द एड जॉइंट ऑफ अटू बाटू मैट्रिक्स शॉर्टकट क्या होता है
भाई शॉर्टकट में देखो पहले तीन बायती मैट्रिक्स आपने लिखी यह तीन बायती मैट्रिक्स आपने लिखी
बेटा अब यह न बातीन मैट्रिक्स लिखने के बाद इसकी पहली दो रोज को आप दोबारा लिख लो जैसे सारस रूल में कर रहे थे ना अब एक काम
एक्स्ट्रा किया जाता है यहां यहां पहला पहला कॉलम दोबारा लिखा जा आता है पहला कॉलम दोबारा लिखो फिर दूसरा कॉलम
दोबारा लिखो दूसरा कॉलम दोबारा लिखो अब क्या करेंगे बेटा अब क्या करेंगे यहां पे ऐसे
प्रोडक्ट लेंगे 15 - 0 0 - 0 4 - 0 - 8 10 12 - 6 3 - 6 4 - 4 0 - 0 0 - 0 5 - 2 तो यह आपके पास सॉरी 5 - 0 यह आपके पास को
फैक्टर मैट्रिक्स तैयार हो गई अब इसका ट्रांसपोजर तो यहां साइन देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी साइन ऑटोमेटिक आपका सही आने
वाला है ठीक है अगर ए एक देखो एड जॉइंट की प्रॉपर्टीज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट है इस पर ट्रिकी क्वेश्चन बन जाता है फिर आप उसको
शॉर्टकट बोलते हो a न एड जॉइंट ऑफ a इक्व टू एड जॉइंट ऑफ a * 2a ये आइडेंटिटी इंटू डिटर्मिननेंट के बराबर आता है a में अगर
उसी का एड जॉइंट मल्टीप्लाई करोगे तो एक स्केलर मैट्रिक्स आएगी स्केलर मैट्रिक्स माने जिसके सारे डायगोनल एलिमेंट सेम होते
हैं और किसके बराबर होंगे डायगोनल एलिमेंट मोड ऑफ a के अगर a एक सिंगुलर मैट्रिक्स है तो a * एडजोइंग या एड जॉइंट * a 0 आएगा
क्योंकि मड ऑफ a आपका रो आएगा a अगर नॉन सिंगुलर मैट्रिक्स है ऑर्डर n की नॉन सिंगुलर है तो एड जॉइंट का डिटरमिनेट आता
है a का डिटर्मिननेंट पावर n - 1 ऑर्डर है n यहां पे a और b अगर स्क्वायर मैट्रिक्स है तो ए का एड जॉइंट a और b के एड जॉइंट
का प्रोडक्ट होता है एड जॉइंट ऑफ a का ट्रांसपोज्ड ऑफ a ट्रांसपोजर जॉइंट करके ट्रांसपोजर या ट्रांसपोजर के एड जॉइंट लो
एक ही बात है a अगर एक स्क्वायर मैट्रिक्स है नॉन सिंगुलर तो दो बार एड जॉइंट लेने पे मड a की पावर n - 2 * a आता है है उसका
डिटरमिनेट आता है मड a की पावर n - 1 का स्क्वायर तो अगर आप m बार एडजोइंग लोगे और मोड ले लोगे तो मड a की पावर n - 1 की
पावर m n है ऑर्डर m है आपने कितनी बार एडजोइंग लिया अगर k * a का एडजोइंग लेते हो k की पावर n - 1 एजंट ऑफ a आता है ठीक
है a की पावर m का एड जॉइंट एड जॉइंट की पावर m यानी पावर पहले चढ़ा लो या पहले एड जॉइंट ले लो कोई फर्क नहीं पड़ता a और b
अगर स्केलर मैट्रिक्स हैं और सॉरी स्क्वायर मैट्रिक्स हैं और b a का एड जॉइंट है तो a * b + k ये आता है मड a + k
की पावर n abnanl2a की जगह लिखोगे a * b इवर्स ऑफ अ मैट्रिक्स अगर जैसे नंबर का रेसिप प्रोकल
लेते हैं ऐसे ही मैट्रिक्स में होता है इवर्स तो a का इवर्स b तब कहलाता है जब a * b आपका आइडेंटिटी आ जाए और किसी भी
मैट्रिक्स का इवर्स लेने के लिए नेसेसरी और सफिशिएंट कंडीशन एकमात्र होती है मैट्रिक्स मस्ट बी नॉन सिंगुलर यानी उसका
डिटर्मिननेंट नॉन जीरो आना चाहिए तो a * b या b * a करने से से अगर आइडेंटिटी मिला तो b इज सेड टू बी इवर्स ऑफ a इवर्स
निकालते कैसे हैं पहले एड जॉइंट निकालते हैं उसको डिटर्मिननेंट से डिवाइड कर देते हैं वी गेट द इवर्स ऑफ अ मैट्रिक्स
प्रॉपर्टी क्या होती है ए का इवर्स b इवर्स a इवर्स जैसे ट्रांसपोजर है एड जॉइंट सॉरी डि ट्रांसपोजर इज इवर्स का
ट्रांसपोजर k का इवर्स इवर्स की पावर k पावर पहले चढ़ा लो या पहले इवर्स लो डज नॉट मैटर दो बार इवर्स लेने से सेम
मैट्रिक्स आती है इवर्स का डिटर्मिननेंट डिटरमिनेट एक नंबर है इवर्स लेने से वो रेसिप प्रोकल हो जाता है क्योंकि इवर्स इज
वेरी सिमिलर टू द रेसिप प्रोकल डायगोनल मैट्रिक्स का इवर्स नॉन सिंगुलर नॉन सिंगुलर माने जिसका डिटर्मिननेंट नॉन जीरो
है उसके इवर्स में क्या होता है आपके डायगोनल एलिमेंट का रेसिप प्रोकल हो जाता है रेसिप प्रोकल हो जाता है अब आपने 2/2
के एड जॉइंट की टेक्नीक बताई थी कि डायगोनल एक्सचेंज ऑफ डायगोनल नेगेटिव इवर्स कैसे निकालो ग एड जॉइंट बाय
डिटरमिनेट तो सेम तरकीब लगाओ एडजोइंग के लिए बस उसको डिटरमिनेट से डिवाइड कर दो आपने क्या किया एडजोइंग निकाला डायगोनल
एक्सचेंज ऑफ डायगोनल नेगेटिव फिर डिटर्मिननेंट से डिवाइड कर दिया वी गेट द वैल्यू ऑफ इवर्स अब रो ऑपरेशन क्या-क्या
हो सकते हैं एक मैट्रिक्स में अगर i और जए रो को एक्सचेंज करते हो तो उसे आर आई ज बोलते हैं इससे मैट्रिक्स भी बदलती है
डिटर्मिननेंट भी किसी रो को के से मल्टीप्लाई करते हो तो यहां पे भी मैट्रिक्स और डिटरमिनेट दोनों चेंज होते
हैं डिटर्मिननेंट k टाइम्स हो जाता है अगर किसी रो को हमने k से मल्टीप्लाई किया और यहां डिटर्मिननेंट नेगेटिव हो जाता है
लेकिन अगर रो ट्रांसफॉर्मेशन ऐसे करोगे r + के ज जो मैंने अभी बताया भी था इससे डिटरमिनेट सेम रहेगा बट आपकी मैट्रिक्स
चेंज हो जाएगी सेम बात कॉलम ऑपरेशन में दो कॉलम एक्सचेंज करने से दोनों बदलेंगे कॉलम को k से
मल्टीप्लाई करने प भी दोनों बदलेंगे लेकिन c ् केसी ज में मैट्रिक्स बदलेगी डिटरमिनेट सेम तो अगर बेटा a से b
मैट्रिक्स आप जा रहे हो मल्टीपल ऐसे ऑपरेशन करके तो b इज सेड टू बी इक्विवेलेंट ऑफ a तो अगर कहीं वर्ड आ जाए
इक्विवेलेंट तो समझ लेना b जो है a से बनाई गई है बाय मल्टीपल रो और कॉलम ऑपरेशन ठीक है तो तो अगर मल्टीपल ऑपरेशन एक ही
स्टेप में कर रहे हो तो थोड़ा ध्यान रखना कि जिस रो या कॉलम को मॉडिफाई कर रहे हैं उसी को रीयूज सेम स्टेप में नहीं करना
नेक्स्ट स्टेप में कर सकते हो रो और कॉलम ट्रांसफॉर्मेशन भी एक सिंगल स्टेप में इस्तेमाल नहीं करते अलग-अलग स्टेप में कर
सकते हैं ठीक है k1 + mr2 अगर करोगे तो इससे मैट्रिक्स की रैंक कभी नहीं चेंज होती है यानी रो ट्रांसफॉर्मेशन से रैंक
सेम रहती है तो रैंक का मतलब क्या होता है बेसिकली रैंक का मतलब होता है एक मैट्रिक्स में कितने लीनियर इंडिपेंडेंट
रोज या कॉलम्स एजिस्ट करते हैं दैट इज सेड टू बी द रैंक लीनियर इंडिपेंडेंट का मतलब जहां एक रो या एक कॉलम बाकियों को कंबाइन
करके ना जनरेट कर पाओ दैट इज लीनियर इंडिपेंडेंट तो ली आप मैट्रिक्स का रैंक कैसे चेक करते हो अगर मैट्रिक्स का रैंक r
है यानी r कस r का उसके अंदर एक माइनर कम से कम ऐसा होगा जो नॉन जीरो है और इससे अधिक ऑर्डर के r + 1 के r + 2 के r + 3 के
सभी माइनर जीरो आ रहे होंगे तो इससे हायर ऑर्डर के अगर सारे माइनर जीरो आ जाएं और आर एथ ऑर्डर का माइनर नॉन जीरो आ जाए तो
उसे कहते हैं रैंक इज r रैंक इज r तो आप क्या करते हो अगर मैट्रिक्स 3/3 की है तो पहले 3/3 का डिटरमिनेट आप निकालते हो चलो
4/4 का एग्जांपल ले लो 4/4 का सीधे-सीधे डिटर डोमिनेंट आप निकाल लीजिए अगर जीरो आया तो तो रैंक चार से कम है अगर नॉन जीरो
आया तो रैंक हो गई चार जीरो आया तो क्या करें 3/3 के डिटर्मिननेंट बनाना इसके अंदर तीन रो तीन कॉलम लेके अगर एक भी नॉन जीरो
आ गया तो डिटर्मिननेंट रैंक विल बी थ्री अदर वाइज रैंक विल बी लेस दन थ्र अगर 3/3 के सारे जीरो आ गए तो 2/2 का चेक करो 2/2
का एक भी नॉन जीरो आया तो रैंक टू अगर 2/2 के भी सारे जीरो आ गए तो एक-एक एलिमेंट चेक करो ये हो गए वन क्रॉस वन एक भी
एलिमेंट नॉन जीरो हुआ तो रैंक वन अगर सारे एलिमेंट जीरो है यानी नल मैट्रिक्स है तो रैंक जीरो रेक्टेंगल में क्या करें सर ये
तो स्क्वायर में ठीक है रेक्टेंगल में यार देखो 3 क्रॉस 4 में 4 क्रॉस 4 का डिटरमिनेट तो बनेगा नहीं तो यहां 3 कॉस 3
से शुरुआत करो एक भी 3 कॉस 3 का माइनर अगर आपका नॉन जीरो आता है तो रैंक थ्री अगर 3 क्रॉस थ के सारे जीरो आते हैं तो रैंक
आपकी थ्र से कम होगी अब 2 क्रॉस 2 के चेक करो एक भी 2 क्रॉस 2 का नॉन जीरो आया रैंक टू 2 क्रॉस 2 के सारे ज़ीरो आ गए रैंक टू
से कम होगी फिर एक-एक एलिमेंट को चेक करो एक भी एलिमेंट नॉन जीरो हुआ रैंक वन अगर सारे एलिमेंट रो हो गए तो रैंक विल बी
ज़ीरो रैंक विल बी ज़ीरो अब रैंक कैसे निकाली जाती है रो एलन फॉर्म से आप क्या करते हैं रो एलन के बारे में समझिए अच्छे
से पहला एलिमेंट पहले तो रो एलन होता क्या है बेटा जिसमें पहली रो का पहला एलिमेंट तो नॉन जीरो होता है बाकी आगे की सभी रोज
में स्टार्टिंग के नंबर ऑफ जीरोज आपके बढ़ते जाएं उसे कहते हैं रो एलन फॉर्म कैसे बनाया जाता है पहली रो का पहला
एलिमेंट पकड़िए और इससे सभी रोज के पहले एलिमेंट को कैंसिल कीजिए बाय यूजिंग रो ट्रांसफॉर्मेशन फिर दूसरी रो का दूसरा
एलिमेंट पकड़िए और नीचे की सभी रोज का सेकंड एलिमेंट जीरो कीजिए उससे फर्स्ट फ रो को नहीं टच करना है फिर तीसरी रो के
तीसरे एलिमेंट को पकड़िए उसकी मदद से नीचे के सभी रोज का तीसरा एलिमेंट कैंसिल करो तो जब भी आप सेकंड रो यूज कर रहे हैं तो
थर्ड और बिलो यूज करेंगे थर्ड यूज कर रहे हैं तो उसके नीचे यानी फोर्थ और बिलो आपको इस्तेमाल करना है ठीक है तो एलिमेंट्री
ऑपरेशन से रैंक नहीं बदलती नल मैट्रिक्स का रैंक जीरो होता है स्केलर मैट्रिक्स और आइडेंटिटी मैट्रिक्स का रैंक ऑर्डर के
बराबर होता है अगर a है a का रैंक उसके रो और कॉलम से कम होगा किसी के भी बराबर हो सकता है बट उनके मिनिमम से लेस दन इक्वल
टू होता है a का रैंक a इवर्स का रैंक a ट्रांसपोजर रैंक a की पावर m का रैंक वन आता है n आता है ठीक है एड जॉइंट का भी
अगर a का रैंक आपका n है a का रैंक n होने का मतलब वो नॉन सिंगुलर है क्योंकि देखो अगर n क्रॉस n मैट्रिक्स है मैंने
डिटरमिनेट लिया नॉन जीरो आ गया तो वहीं से मुझे समझ आ गया कि इसका n क्रस n वाला माइन नॉन ज़ीरो है तो रैंक n है तो a का
रैंक n तो a इवर्स का भी n एड जॉइंट का भी n वन होना जरूरी नहीं है बेटा लेकिन आप जैसे मैंने अभी आपको रो एलन फॉर्म बना के
दिखाई थी ना कि -2 - a21 / a11 से मल्टीप्लाई किया - a 31 / a11 से मल्टीप्लाई किया ऐसे करके रो करते जाना
यहां वन होना जरूरी नहीं होता ठीक है तो हमने यही लिखा है ऑलवेज मेक a11 इफ पॉसिबल इफ पॉसिबल क्योंकि उससे आगे की गणित आसान
हो जाती है a का रैंक a ट्रांसपोजर सपोज का a ए थीटा का सबका रैंक सेम होता है कॉलम और रो मैट्रिक्स का रैंक
जीरो या वन हो सकता है काहे रो मैट्रिक्स में एक ही रो है अभी आपने बोला रैंक जो है मिनिमम ऑफ रो और कॉलम से कम होती है जब एक
ही रो है तो रैंक एक से कम होगी या एक के बराबर होगी यानी या तो जीरो होगी या तो वन और जीरो कब आती है जब मैट्रिक्स नल होती
है तो देखने से पता चल जाता है रो या फिर कॉलम मैट्रिक्स का रैंक अगर a एक रो मैट्रिक्स है b कॉलम मैट्रिक्स है तो ए जब
आप करोगे तो ए का रैंक a और b के मिनिमम से कम आता है तो a और b का खुद का रैंक कितना होगा 0 या वन इसका भी रो या वन तो
प्रोडक्ट का रैंक भी रो या फिर वन आएगा a + b का रैंक दोनों की रैंक के सम से छोटा होता है a - b का रैंक दोनों की रैंक के
डिफरेंस से ज्यादा होता है ए का रैंक a ् b - n से अधिक होता है ठीक है अगर मैट्रिक्स के सभी एलिमेंट आइडेंट होते हैं
तो एक ही इंडिपेंडेंट रो होती है जिससे बाकी की रो उसी की कॉपी पेस्ट कर रखी है इसीलिए रैंक वन अगर सारी रो एक ही रो के
मल्टीपल से आ रही है जैसे सेकंड रो मान लो हो गई 2 r1 थर्ड रो हो गई 3 r1 अगर एक ही रो से सारी रोज बन जा रही है तो उसका रैंक
वन होगा क्योंकि देयर इज ओनली वन इंडिपेंडेंट रो अब ये बहुत इंपोर्टेंट है a का रैंक n है तो एड जॉइंट का भी n है ए
का n-1 है तो एड जॉइंट का वन है और ए का अगर n -2 है तो एड जॉइंट का रैंक आपका जीरो आता है दिस इज आल्सो वेरी वेरी
इंपॉर्टेंट अगर a का n-2 या उससे कम हुआ नलि नलि का मतलब क्या होता है भाई नंबर ऑफ लीनियर डिपेंडेंट रोज और
कॉलम्स ठीक है तो इसकी वैल्यू क्या होती है अ आपका ऑर्डर माइनस रैंक ऑफ a ऑर्डर माइनस रैंक जो होता
है दैट इज सेड टू बी नलि अब लीनियर इंडिपेंडेंट रो और कॉलम कैसे मिलते हैं अगर मैट्रिक्स का रैंक आ रहे है माने उसके
अंदर r इंडिपेंडेंट रोज हैं एंड r इंडिपेंडेंट कॉलम है जैसे 3 क्रॉस थ मैट्रिक्स में रैंक अगर थ्री आया तो तीन
इंडिपेंडेंट रो और तीन इंडिपेंडेंट कॉलम है दो आया तो दो इंडिपेंडेंट रो है एक रो डिपेंडेंट दो इंडिपेंडेंट कॉलम है एक कॉलम
डिपेंडेंट वन आया तो एक रो इंडिपेंडेंट दो रोज उसपे डिपेंडेंट और एक कॉलम इंडिपेंडेंट दो कॉलम उसपे डिपेंडेंट ठीक
है अब सिस्टम ऑफ इक्वेशन जब सिस्टम ऑफ इक्वेशन सॉल्व करते हैं अगर राइट हैंड साइड पे सारे जीरोज आते हैं उसे होमोजीनस
कहते हैं राइट हैंड साइड पे अगर सारे जीरोज ना हो माने एक भी अगर नॉन जीरो आ जाए तो उसे नॉन होमोजीनस कहते हैं अगर दो
इक्वेशंस का एक पॉइंट पे इंटरसेक्शन होता है तो यूनिक सॉल्यूशन अगर पैरेलल आ जाए यानी कभी कट ही ना करें नो सॉल्यूशन और
अगर ओवरलैप कर गए तो इंफाइटिंग को बोलते हैं कंसिस्टेंट और नो सॉल्यूशन को बोलते हैं
इनकंसिस्टेंट अब कंडीशन क्या होती है नॉन होमोजीनस को सॉल्व कैसे करते हैं तो ये कंसिस्टेंट इनकंसिस्टेंट दोनों के लिए
सॉल्व होती है ऑगमेंटेड मैट्रिक्स बनाई जाती है a ऑगमेंटेड b कैसे बनाता ए के लास्ट में एक कॉलम ऐड कर देते हैं बी
का ड वन कॉलम ऑफ बी एट एंड ऑफ ए बी तो एक कॉलम वेक्टर होता
है तो ए के एंड पे आप एक कॉलम ऐड कर देते हो ठीक है यहां पर क्या होता है ना देखो a एक् बराबर 0 और इस मैट्रिक्स को या इस
इक्वेशन को ऐसे कहते हैं a एक् बराब बी तो ये जो राइट हैंड साइड के को एफिशिएंट है ठीक है यहां पे a मैट्रिक्स आपकी ये हो
जाएगी जो x वाई जड के को एफिशिएंट है a1 b1 c1 a2 b2
c2 a3 b3 c3 ये आपकी a मैट्रिक्स हो गई और जो राइट हैंड साइड के को एफिशिएंट है अगर उन्हें कॉलम वेक्टर में लगा लोगे दैट इज b
तो अब अगर ये a मैट्रिक्स के एंड में आप एक कॉलम नया ऐड कर दें d1 d2 d3 का तो दैट इज a a ऑगमेंटेड बी आप ए ऑगमेंटेड बी बना
लीजिए उसका रैंक निकालिए और a का रैंक निकालिए अगर दोनों का रैंक बराबर आता है तो कंसिस्टेंट नहीं आता इनकंसिस्टेंट यानी
नो सॉल्यूशन रैंक निकालना कैसे है यहां पे रो एलन फॉर्म बना के अगर दोनों का रैंक बराबर
होके ऑर्डर से कम है तो आपका n है ऑर्डर या फिर n आपके नंबर ऑफ वेरिएबल भी आप कह सकते हो नलि का मतलब तो मैंने
बता ही दिया ये बताता है कितने फ्री इंडिपेंडेंट वेरिएबल हैं ठीक है तो यानी वी हैव टू
एज्यूम वी हैव टू एज्यूम वैल्यूज वैल्यूज ऑफ सच
वेरिएबल बाय आर सेल्व ऐसे वेरिएबल की वैल्यू आपको खुद चुननी है और बाकी के जो इंडिपेंडेंट हैं सॉरी जो डिपेंडेंट है वह
आप इक्वेशन से निकाल सकते हैं यह नलि आपको बताती है होमोजीनस में क्या होता है भाई n आपका नंबर ऑफ वेरिएबल है ये हमेशा
कंसिस्टेंट होती है यानी इसका सॉल्यूशन तो आएगा ही आएगा अगर डिटरमिनेट नॉन जीरो आया तो इसका ट्रिविया सॉल्यूशन होता है
ट्रिविया का मतलब होता है सारे जीरो कर दो सारे जीरो कर दो अगर सारे जीरो कर दोगे तो आरएचएस वैसे भी जीरो आ जाएगा लेकिन अगर
सारे जीरो बिना किए भी जीरो आ रहा है उसे नॉन ट्रिविया सॉल्यूशन कहते हैं उसके लिए क्या होना चाहिए डिटरमिनेट आपका जीरो होना
चाहिए जिससे रैंक आपकी ऑर्डर से कम आ जाए तो दैट इज सेड टू बी नॉन ट्रिविया सॉल्यूशन अब मैट्रिक्स की इक्वेशन सॉल्व
करने का एक तरीका होता है एलय डी कंपोजीशन जैसे अननोन है बट लोअर ट्रायंगुलर के देखना
डायगोनल एलिमेंट वन रखे हैं अपर ट्रायंगुलर के डायगोनल एलिमेंट वेरिएबल रखे हैं यहां तीन अननोन है यहां छह अननोन
है टोटल नौ अननोन है तो आप l * u करके a के बराबर लिखिए नौ इक्वेशन बनाइए और ये नौ इक्वेशन से आपके पास ये नौ एलिमेंट्स आ
जाएंगे तो a मैट्रिक्स टूट जाएगी l और u में अब a की जगह एय लिख लो l = b पहले आप u को y मान लें और y निकालने य = b करके
फिर य = ब करके आपके सॉरी u य को y माना तो एवा इ बी करके आपके पास y आ गया अब y खुद य के बराबर है वहां से
आपके पास x आ जाएगा क्योंकि लोअर और अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स है सॉल्यूशन बहुत ज्यादा इनका इजी होता है अब आते हैं आगन
वैल्यू और आगन वेक्टर देखो क्या होता है a मैट्रिक्स में अगर एक कॉलम वेक्टर यह क्या है दिस इज कॉलम वेक्टर अगर ए मैट्रिक्स
में कॉलम वेक्टर मल्टीप्लाई करने से आपको सेम कॉलम वेक्टर मिलता है मल्टीप्ला बाय अ वैल्यू अ स्केलर लडा तो यह लडा कहलाती है
आगन वैल्यू और यह जो आपका वेक्टर है यह कहलाता है आगन वेक्टर यह जो कॉलम वेक्टर है दिस इज सेड टू बी देन आगन
वेक्टर ठीक है इसको कैसे निकाला जाता है हम यह कह देते हैं कि आप एक ऐसी इक्वेशन फॉर्म कर लो e = 0 e क्या है a - लम आ है
तो ये क्या हो गया होमोजीनस इक्वेशन हो गया आप चाहते हो इसका नॉन ट्रिविया आपको ऐसा x मिले जिसके सारे
एलिमेंट जीरो नहीं है तो आप क्या कीजिए कि भैया इसका डिटरमिनेट जीरो होना चाहिए तभी एक होमोजीनस सिस्टम का नॉन टिवि सॉल्यूशन
आता है तो यहां से आप आगन वैल्यूज निकाल लेंगे कुछ भी आ सकती हैं लडा 1 ल2 एंड सो ऑन अब आगन वेक्टर निकालने के लिए क्या
कीजिए a - लड k k ए आगन वैल्यू लीजिए * i * x = 0 यहां से x निकालिए दैट इज द आगन वेक्टर अगर a एक रियल सिमिट्रिक मैट्रिक्स
है और उसके सारे लीडिंग लीडिंग माइनर पॉजिटिव आते हैं लीडिंग माइनर माने ऐसे यह पॉजिटिव फिर यह पॉजिटिव यहां पे यह
पॉजिटिव यह 2/2 का पॉजिटिव और यह 3/3 का भी पूरा पॉजिटिव अगर ये लीडिंग माइनर सारे पॉजिटिव आते हैं तो सारी आगन वैल्यू
पॉजिटिव होती हैं सिमिट्रिक मैट्रिक्स की अगर डिस्टिंक्ट आईग वैल्यू हुई यानी अनइक्वल आईग वैल्यू हुई तो दोनों आईग
वैल्यू के करेस्पॉन्डिंग्ली ध्यान रखिए फिर आप इसी को शॉर्टकट बोलेंगे अगर सिमिट्रिक मैट्रिक्स है और उसकी
अलग-अलग आगन वैल्यू आ रही है तो उसके आगन वेक्टर ऑर्थोगनेथिक
की आगन वैल्यू डिस्टिंक्ट है तो उनके आगन वेक्टर लीनियर इंडिपेंडेंट होते हैं अगर आगन वैल्यू रिपीट हो जाए तो लीनियर
इंडिपेंडेंट कैसे निकालते हैं डिस्टिंक्ट वाले का एक आ गया रिपीटेड वाले के लिए नलि निकालनी पड़ती है a माइ ल2 इन आ क्या करना
पड़ता है नलि निकाल नी पड़ती है ऐसे ही देखो लडा 1 ल2 लडा 3 दो बार रिपीट हुआ लडा 4 भी रिपीट हुआ लडा 1 ल2 डिस्टिंक्ट थे 2
आ गया लडा 3 के लिए नलि निकालो a - ल 3 आ के और लडा 4 भी रिपीटेड है तो उसके लिए भी नलि निकालना पड़ेगा नलि कैसे निकालते हैं
जब आप रैंक निकालने के लिए रो एलन फॉर्म बनाते हो तो कितनी रोज आपकी कंप्लीट जीरो आ जाती हैं दैट इज सेड टू बी नली टी दैट
इज सेड टू बी न आगन वैल्यू का सम ट्रेस के बराबर होता है आगन वैल्यू का प्रोडक्ट डिटरमिनेट के
बराबर होता है अगर आपकी मैट्रिक्स सिंगुलर है यानी उसका डिटरमिनेट जीरो है तो कम से कम एक आईग वैल्यू आपकी जीरो जरूर होगी
क्यू सिमिट्रिक मैट्रिक्स अगर आपने ऑड ऑर्डर की ली है तो वो सिंगुलर होती है यानी उसकी कम से कम एक आगन वैल्यू जीरो
होती है रैंक अगर n से कम है इसका भी यही मतलब है मैट्रिक्स सिंगुलर है तो उसकी भी कम से कम एक आइन वैल्यू जीरो होगी a एक इ
0 ये होमोजीनस सिस्टम का नॉन ट्रियल सॉल्यूशन है अगर यानी मड ए जीरो है सिंगुलर है कम से कम एक आइन वैल्यू जीरो
होगी मैक्सिमम आइन वैल्यू कितनी हो सकती है ऑर्डर के बराबर लोअर और अपर ट्रायंगुलर मैट्रिक्स के लिए या डायगोनल मैट्रिक्स के
लिए आइन वैल्यू हमेशा किसके बराबर होती है डायगोनल एलिमेंट के ठीक है ट्रायंगुलर मैट्रिक्स
या फिर डायगोनल मैट्रिक्स आगन वैल्यू इज ऑलवेज इक्वल टू द इट इज ऑलवेज इक्वल टू द डायग्नल एलिमेंट अगर a एक रियल मैट्रिक्स
है उसका a प् आयो b एक आगन वैल्यू है तो इसका कॉन्जुलेरे अगर देखो a + k किया तो लडा प् माइ के a +
k की पावर m किया तो लडा प् माइनस k की पावर m हो जाएगा क्योंकि आइडेंटिटी मैट्रिक्स की आगन
वैल्यू वन होती है तो k करने से इसीलिए आपका k आ रहा है और 1 बा a + - k कि यानी a प् - k का इवर्स तो उसका रेसिप प्रोकल
हो जाएगा अगर एक स्क्वायर मैट्रिक्स में के रोज आपकी आइडेंट कल हैं तो एक गारंटी होती है कि k -1 आगन वैल्यू हमेशा रो
आएंगी बाकी आगन वैल्यू रो हो भी सकती हैं और नॉन जीरो भी आपकी हो सकती हैं a के आगन वैल्यू और a ट्रांसपोजर वैल्यू सेम होते
हैं a अगर ऑर्थोगनेथिक मैट्रिक्स के लिए यूनिट
आपकी वन और माइव होती है आगन वैल्यू बस वन और माइव यूनिटरी मैट्रिक्स के लिए कॉम्प्लेक्शन यूनिट सर्कल यानी वह यूनिट
सर्कल पर लाई करती है सर्कल ऑफ रेडियस वन आईडम पोटेंट मैट्रिक्स की आइकन वैल्यू जीरो या वन होती है निल पोटेंट की आइकन
वैल्यू जीरो होती है ठीक है इन वॉलेट मैट्रिक्स की आगन वैल्यू प्लस माइनस व होती है ठीक है a स् इ आ आता है ना तो
इसकी आगन वैल्यू प्लस माइनस व होती है सिमिट्रिक या हर्मिन मैट्रिक्स की रियल होती है स्क्यू सिमिट्रिक और स्क्यू
हर्मिन की प्योर इमेजिनरी होती है ठीक है इमेजिनरी होती है वेक्टर स्पेसेस अगर आपको मैं कुछ कॉलम वेक्टर्स दे दूं जिनके
बीच में कोई कॉमन रिलेशन हां इन सबका का आगन वेक्टर सेम होगा मैं लिख देता हूं बट सेम आगन वेक्टर अगर मैं आपको कुछ ऐसे बेटा
वेक्टर्स दे दूं जो कि एक कॉमन रिलेशन को ओबे करते हैं तो दे आर सेड टू कॉन्स्टिट्यूशन अ वेक्टर स्पेस उनसे मिलके
वेक्टर स्पेस बनती है जैसे अगर x y एक वेक्टर है तो x बिलोंग टू r y बिलोंग टू r यहां सारे वेक्टर ऐसे हैं जिनका x y दोनों
रियल नंबर है तो दे आर सेड टू बी अ वेक्टर स्पेस वेक्टर स्पेस का मतलब क्या होता है बेटा एक कंप्लीट सेट ऑफ वेक्टर्स आप बना
रहे हो जहां उस स्पेस में लाई करने वाला हर वेक्टर इनके लीनियर कॉम्बिन से बन सकता है दैट इज अ वेक्टर स्पेस 3d के लिए क्या
करोगे x वा जड तीनों बिलोंग टू रियल नंबर इससे पूरा 3d स्पेस बनेगा 4d के लिए क्या करोगे चार कंपोनेंट होंगे चारों बिलोंग टू
रियल नंबर n डायमेंशन के लिए क्या करोगे n कंपोनेंट वाले वेक्टर होंगे जिनका हर कंपोनेंट एक रियल नंबर होगा v अगर एक
वेक्टर स्पेस है ड भी एक वेक्टर स्पेस है तो ड v का सब स्पेस कहलाता है अगर डबल जिन वेक्टर से बन रहा है वो v वाले वेक्टर्स
का सबसेट है यानी v जो वेक्टर स्पेस है मान लो पांच वेक्टर से बना उसमें से कोई तीन वेक्टर उठाओ उनसे जो स्पेस बनेगा वो v
का सब स्पेस कहलाएगा तो वेक्टर स्पेस क्या होता है x दैट इज द से स्पैन ऑफ स्पेस क्या होता है इन सभी वेक्टर्स का स्पैन
स्पैन का का मतलब कि इनके लीनियर कॉमिनेशन से कौन-कौन से वेक्टर आप बना सकते हो उसे कहते हैं स्पैन लीनियर कॉमिनेशन का मतलब
क्या होता है भाई लीनियर कॉमिनेशन का मतलब होता है समेशन स एक आ स यहां पे एक स्केलर है x आपका वेक्टर है दैट इज सेड टू बी द
लीनियर कॉमिनेशन तो इनके लीनियर कॉमिनेशन से जितने भी वेक्टर बन सकते हैं वो इन वेक्टर्स का स्पैन कहलाता है अगर वेक्टर
स्पेस x v को स्पैन कर रहा है माने x में आने वाले वेक्टर से लीनियर कॉमिनेशन अगर लोगे तो v के अंदर सारे वेक्टर बन सकते
हैं या v का हर एक वेक्टर x का लीनियर कॉमिनेशन की तरह दिखा सकते हो तो ऐसे को आप बोलते हो क्या ऐसे को आप बोलते हो
स्पैन ठीक है तो v एक वेक्टर स्पेस है b एक वेक्टर स्पेस है b v का बेसिस कब बनेगा बेसिस के लिए पहली बात ये ये जो b है ये
स्पैन कर ले v को यानी v का हर वेक्टर b के वेक्टर्स का लीनियर कॉम्बिन बन जाए दूसरी बात b में आने वाले सारे वेक्टर
लीनियर इंडिपेंडेंट होने चाहिए b में आने वाले सारे वेक्टर लीनियर इंडिपेंडेंट हो और v का हर वेक्टर b के कॉमिनेशन से बने
तो डायमेंशन कैसे निकालते हैं b में कितने वेक्टर आ रहे हैं जो लीनियर इंडिपेंडेंट है और जो v को स्पैन कर रहे हैं दैट इज
सेड टू बी डायमेंशन जैसे 101 ये दो वेक्टर हैं 2d स्पेस बनाएंगे 1001 001 ये तीन वेक्टर है 3d स्पेस
बनाएंगे आपस में इंडिपेंडेंट है कोई भी वेक्टर दूसरे से नहीं बन सकता तो बेसिकली ऐसा सोचो ना जो आइडेंटिटी मैट्रिक्स की
रोज हैं वो आपके क्या हैं दे आर द लीनियर इंडिपेंडेंट आगन वेक्टर दे आर द लीनियर इंडिपेंडेंट वेक्टर जो कि सब स्पेस बनाते
हैं और ऐसे ए वेक्टर होंगे तो एन डायमेंशन का स्पेस बनेगा जस्ट अ मिनट बच
ठीक है अब v1 और v2 अगर वेक्टर स्पेसेस है तो इनके यूनियन का डायमेंशन क्या होता है v1 का डायमेंशन v2 का डायमेंशन माइनस
इंटरसेक्शन का और नल स्पेस का डायमेंशन किसके बराबर है नलि के नल स्पेस क्या होता है अगर a एक स्क्वायर मैट्रिक्स है तो आप
a एक = 0 को सॉल्व करेंगे तो इसका जो सॉल्यूशन आएगा दैट इज रिप्रेजेंटिंग द नल स्पेस ऑफ मैट्रिक्स ए अगर a और बी दो
मैट्रिक्स है सेम ऑर्डर की और p आपका एक इनवर्टिबल मैट्रिक्स है आप बी लिखते हो p इवर्स ए तो बी और ए आपके सिमिलर मैट्रिक्स
कहलाएंगे आप क्या कीजिए a के आगन वेक्टर निकालिए अगर सारे आगन वेक्टर लीनियर इंडिपेंडेंट हैं तो डायग्न इजेशन पॉसिबल
है अगर कोई भी आईग वेक्टर डिपेंडेंट हो गए तो डायगोनल इजेशन इज नॉट पॉसिबल आप क्या करें a के आईग वेक्टर्स को जोड़ के एक
पूरी मैट्रिक्स बनाए वो मैट्रिक्स p कहलाए गी फिर p इवर्स ए करने से जो मैट्रिक्स आएगी वो डायगोनल मैट्रिक्स आएगी एंड दैट
प्रोसेस इज सेड टू बी डायगोनल इजेशन यहां खासियत क्या होती है आगन वैल्यू दोनों की सेम होती है a की भी और उसको डायगोनल इज
करने के बाद भी लेकिन आगन वेक्टर चेंज हो जाता आगन वेक्टर हो जाता है p इवर्स एक् आगन वेक्टर बदल जाता है प इवर्स
x बोलो भाई लीनियर अलजेब्रा खत्म कैलकुलस पर चला जाए कैलकुलस पर
चले आ जाओ फिर कैलकुलस में शुरुआत करते हैं बेटा लिमिट से तो किसी भी फंक्शन की लिमिट कब
है एजिस्ट करती है फंक्शन की लिमिट तब एजिस्ट करती है किसी पॉइंट पे जब उस पॉइंट के लेफ्ट में जो फंक्शन की वैल्यू है और
उस पॉइंट के राइट में जो फंक्शन की वैल्यू है वो बराबर आ जाए यानी कि लेफ्ट हैंड लिमिट मस्ट बी इक्वल टू राइट हैंड लिमिट
फॉर द लिमिट टू एजिस्ट दूसरी बात लिमिट शुड बी अ फाइना इट नंबर ऐसा जरूरी नहीं है अगर फाइना इट नहीं भी आ रही जैसे इस केस
में आप देखोगे लिमिट एजिस्ट कर रही है और लेफ्ट और राइट में जीरो के दोनों तरफ आपका फंक्शन इनफिनिटी को टेंड कर रहा है तो
लिमिट इज इनफाइनों मैं यही बता देता हूं कायले हैमिल्टन छूट गया होगा कायले हैमिल्टन
थ्योरम बता देना अगर कोई चीज लग रही है रिवीजन में कि मिस हो रही है तो मैं उसको ऐड कर
दूंगा तो यहां पर क्या होता है ईच मैट्रिक्स सेटिस्फाई
इट्स ओन कैरेक्टरिस्टिक इक्वेशन बस इतनी सी बात होती है भाई जैसे मान लो
एग्जांपल कैरेक्टरिस्टिक इक्वेशन मड ए माइनस लडा आई बराबर 0 लिखते हो मान लो यह आ रही है लडा 4 प्स 3 लडा
क्यूब प्स 2 लडा स्क्वा प्स 5 लडा प् 6 इ 0 तो आप यहां पे मैट्रिक्स सब्सीट्यूट कर सकते
हो ठीक है इस टाइप से मैट्रिक्स सब्सीट्यूट कर सकते हो एंड इट विल गिव यू अ नल
मैट्रिक्स ठीक है नल मैट्रिक्स देगा अब मैं आपको क्या बता रहा था भाई अगर आपका लेफ्ट और राइट दोनों जगह इंफिनिटी जा रहा
है तो लिमिट एजिस्ट करेगी लिमिट विल बी इनफाइकिल इनफिनिटी जा रहा है और एक जगह माइनस इनफिनिटी जा रहा है तो दोनों जगह
वैल्यू अनइक्वल है तो लिमिट डज नॉट एजिस्ट ठीक है अब अगर दो फंक्शन की लिमिट है एक की
fxxx.pro जाएगा एक् टेंडिंग टू ए h f एक इज h को आप कांस्टेंट को बाहर निकाल लो x टेंडिंग टू
ए f एक x टेंडिंग टू a f एक की पावर r आप लिमिट को पावर के अंदर ले जाइए तो l की पावर r बन जाएगा ठीक है लिमिट कैसे सॉल्व
करते हैं डायरेक्ट सब्सीट्यूशन डायरेक्ट सब्सीट्यूशन माने पुट x =
a इफ इन डिटरमिनेट फॉर्म इज नॉट प्रेजेंट आप x को a के बराबर डाल दो अगर इन डिटरमिनेट फॉर्म नहीं आती इंडिटरमिनेट
फॉर्म क्या होती है 0 बा 0 इनफिनिटी बाय इनफिनिटी 0 * इनफिनिटी इस टाइप की फॉर्म इंडिटरमिनेट आपकी होती है इफ इन डिटरमिनेट
फॉर्म इज नॉट प्रेजेंट तो आप डायरेक्टली x बरा a डाल दो दूसरा होता है डायरेक्ट सब्सीट्यूशन विद कॉमन फैक्टर कैंसिलेशन
मान लो जैसे x - a ऊपर भी आ रहा है और x - a आपका नीचे भी आ रहा है वो कट जा रहा है उसके बाद इंडिटरमिनेट फॉर्म नहीं बनता तो
आप उस स्टेप के बाद वैल्यू डाल दें तो आप बाद में भी वैल्यू डाल सकते हो बट कॉमन फैक्टर कैंसिल कर देना जो आपका 0 बा 0 बना
रहा हो फिर कुछ ऐसे फंक्शन जहां लेफ्ट हैंड और राइट हैंड लिमिट निकाल के कंपेयर किया जाता है ऐसा स्पेशली जीआईएफ और
मॉड्यूस फंक्शन में करते हैं किसी भी पॉइंट के जस्ट लेफ्ट में फंक्शन का वैल्यू देखते हैं जस्ट राइट में देखते हैं और फिर
अगर दोनों बराबर होते हैं तो वही फंक्शन की लिमिट होती है लपल रूल जो कि अभी हम करेंगे सीरीज एक्सपेंशन और रेशन आइजे रेशन
आइजे कहां पे करते हैं बेटा जहां सर्ड्स वाले फॉर्म आपके बन रहे होते हैं लपल रूल में हम क्या कहते हैं अगर
fxxx.pro न्यूमरेशन और डिनॉमिनेटर का डेरिवेटिव लेकर फिर लिमिट डालें अगर फिर से जीरो बाय जीरो या इनफिनिटी बाय
इनफिनिटी बन रहा है डबल डेरिवेटिव लीजिए ऐसा आप तब तक करते रहिए बेटा जब तक जब तक आपको फाइट वैल्यू ना मिल जाए जैसे देखो एट
x = 2 यहां पे क्या बनेगा 64 - 48 - 16 0 हो गया नीचे 8 प् 4 -1 0 बा 0 हो गया हमने डेरिवेटिव ले लिया
6x 5 - 24 3x स् + 2 अब 2 डालने पे आया 12 तो अब आप डायरेक्ट सब्सीट्यूशन कर सकते हैं जब 0 बा 0 नहीं बन रहा कुछ इंपॉर्टेंट
सीरीज जो पता होनी चाहिए e की पावर x का पता होगा आपको c x sinx-cosx प्रैक्टिकली ये वन से थोड़ी
छोटी होती है और sin-1 x / x करोगे तो वन से थोड़ी बड़ी होगी x / sinx-cosx है तो g लगने पे वन आएगा t x / x आपका वन
से थोड़ा बड़ा आता है तो इस पे g लगेगा तो वन आएगा और tan-1 x / x व से छोटा आता है x / tan6 ये भी वन से छोटा आता है l 1 + x
की सीरीज जो मैंने बोला बहुत इंपॉर्टेंट है बेटा ये आपको याद रहनी चाहिए यहां पे क्या होता है सा अल्टरनेट
करते जाते हैं और नीचे उतने पावर के बराबर नंबर से डिवाइड करते जाते हैं अब अगर लॉग 1+ x बा x करोगे तो 1 माइनस समथिंग आ रहा
है यानी ये वन से छोटी आएगी तो अगर आपने जी चढ़ा दिया तो यू विल गेट जीरो जी चढ़ा देने पे जीरो मिलेगा तो लॉग 1+ x बा x की
लिमिट कह देते हैं टेंडिंग टू वन होती है लेकिन प्रैक्टिकली अगर आप जी लगाओगे तो इट विल बी रो e की पावर x में देखें e की
पावर x - 1 अगर करते हो तो x प्लस समथिंग आएगा भाई e की पावर x - 1 करते हो तो x प्लस समथिंग आएगा यानी x से बड़ा आ रहा
है x से बड़ा आ रहा है अब अगर आप इसको x से डिवाइड कर दें तो आपको क्या मिलेगा 1 प् x बा 2 फैक्टोरियल प्स x स् बा 3 फ्टो
यानी वन से बड़ी वैल्यू आपको मिलेगी तो इसीलिए मैंने लिखा न प्लस तो जी लेने पे आपको वन मिलेगा ठीक है तो ऐसे सीरीज की
मदद से से भी लिमिट निकाली जा सकती है अगर ऐसे आ जाए बेटा fxxx.pro क्योंकि ये वन आ रहा था ना 1 माइव 0 और ये
इनफिनिटी तो ये लिमिट फाइना इट आएगी जो भी ये लिमिट आएगी e की पावर में चढ़ा देना इट विल बी e की पावर ए f एक की पावर g एक अगर
आपका इनफिनिटी की पावर जीरो या जीरो की पावर जीरो बन रहा है तो मान लीजिए आपने लिखा
l लिमिट x टेंडिंग टू 0 f एक टू द पावर g एक तो यहां पर दोनों तरफ लग ले लेना अब लिमिट
निकालो अब आप लिमिट निकालो तो एल विल बी e टू द पावर लिमिट ये जीरो की पावर जीरो और इनफिनिटी
की पावर जीरो में आपको करना है वन की पावर इनफिनिटी में मैंने बता दिया माइव करके g एक मल्टीप्लाई कर देते हैं
अगर इनफिनिटी माइनस इनफिनिटी है तो आप उसे सिंपलीफाई कीजिए पहले फंक्शन को रेशन आइज कीजिए 0 बाय 0 या इनफिनिटी बाय इनफिनिटी
के फॉर्म में लाइए देन अप्लाई लपल रूल देन अप्लाई लपल रूल ठीक
है बात समझ में आ गई डबल लिमिट अगर एक फंक्शन दो वेरिएबल पे डिपेंड कर रहा है x और y पे और x और y की लिमिट जा रही है a
और b को तो आप दो तरह से लिमिट निकालें पहले y टेंडिंग टू b करें x को कांस्टेंट मान लें फिर x टेंडिंग टू a करें l आएगा
दूसरी बार क्या करें x टेंडिंग टू a पहले करें बाद में y टेंडिंग टू b करें m आएगा अगर दोनों वैल्यू बराबर आई तभी लिमिट
एजिस्ट करेगी अनइक्वल आई तो लिमिट एजिस्ट नहीं करेगी या यानी बारी-बारी से दोनों नंबर को a और बी पे लेके जाना है आते हैं
कंटिन्यूटी पे कंटिन्यूटी लिमिट का ही एक्सटेंशन होती है किसी भी पॉइंट पे फंक्शन कंटीन्यूअस तब कहलाता है जब उस
पॉइंट पे जो लेफ्ट हैंड लिमिट आ रही है जो राइट हैंड लिमिट आ रही है और जो फंक्शन की वैल्यू आ रही है वो सेम आ जाए तो इट इज
सेड टू बी कंटीन्यूअस लेकिन यहां पे बात समझिए यहां इंफिनिटी अलाउड नहीं है यहां ऑसिप वैल्यू अलाउड नहीं है है यहां पे एक
फाइना इट डेफिनेट वैल्यू हमारे पास आनी चाहिए तभी फंक्शन कंटीन्यूअस कहलाएगा मान लो लेफ्ट हैंड लिमिट आ रही है l राइट हैंड
लिमिट आ रही है m और फंक्शन का वैल्यू n है अगर तीनों इंफिनिटी हुए तो लेफ्ट हैंड और राइट हैंड लिमिट बराबर लिमिट एजिस्ट
करेगी बट इंफिनिटी के कारण डिस्कंटीन्यूअस लेफ्ट हैंड राइट हैंड लिमिट बराबर है बट फंक्शन की वैल्यू उसके बराबर नहीं है
डिस्कंटीन्यूअस लेफ्ट हैंड राइट हैंड फंक्शन वैल्यू बराबर तो कंटीन्यूअस l और m ओसिट आ रहे माने कि
जैसे sinx-cosx पॉइंट पे कंटिन्यूटी चेक करनी है आपको एक इंटरवल दिया है क्लोज्ड इंटरवल इसे क्या
बोलते हैं भाई क्लोज्ड इंटरवल यानी इसमें एंड पॉइंट इंक्लूडेड होते हैं तो इंटरवल a से शुरुआत हो रही है तो a के पीछे नहीं आप
जा सकते तो a की जो वैल्यू है वो राइट हैंड लिमिट के बराबर हो यानी a प्स और a पे वैल्यू सेम आए ऐसे ही b पे इंटरवल खत्म
हो रहा है तो b के राइट में नहीं जा सकते b का राइट हैंड लिमिट नहीं निकाल सकते तो b पे लेफ्ट हैंड लिमिट और फंक्शन वैल्यू
बराबर आनी चाहिए अब डिस्कंटीन्यूटी में भी बेटा टाइप्स होते हैं अगर एलएचएल और आरएचएल अनइक्वल हो जाए तो आप
डिस्कंटीन्यूटी रिमूव नहीं कर सकते अगर लेफ्ट हैंड और राइट हैंड लिमिट आपके अनइक्वल है तो यू कैन नॉट रिमूव द
डिस्कंटीन्यूटी ठीक है तो f एक डिस्कंटीन्यूअस होगा और डिस्कंटेंट आता है उसे हम जंप कहते हैं
इसे जंप टाइप डिस्कंटीन्यूटी भी कहते हैं और जंप क्या है लेफ्ट हैंड और राइट हैंड लिमिट के बीच का गैप जैसे आप जीआईएफ
फंक्शन का ग्राफ अगर ऑब्जर्व करेंगे तो जीआईएफ के ग्राफ में हर इंटी जर आते ही फंक्शन वन पे जंप कर जाता है यानी वन सडन
इंक्रीज कर जाता है उस सिचुएशन में आपका नॉन रिमूवेबल फंक्शन वैल्यू इनमें से कोई भी अगर
इंफिनिटी चला गया या ओसिट चला गया तो ये टाइप टू नॉन रिमूवेबल टाइप डिस्कंटीन्यूटी होती है तो सर रिमूवेबल टाइप कोई होती है
यस रिमूवेबल टाइप तब होती है जब एलएचएल इक्व टू आरएचएल हो बट फंक्शन का वैल्यू वहां पे अनइक्वल आ जाए यानी ये ये
डिस्कंटीन्यूटी रिमूवेबल होती है कैसे आप फंक्शन का वैल्यू लिमिट के बराबर डिफाइन कर देते हो आप फंक्शन की डेफिनेशन बदल
देते हो आप कह देते हो फंक्शन की वैल्यू अनइक्वल है तो क्या हुआ मैं उसे लिमिट के बराबर मान लेता हूं दैट इज रिमूवेबल टाइप
डिस्कंटीन्यूटी पॉलिनो फंक्शन हो गए साइनो सोइड एक्सपो शियल ये हमेशा कंटीन्यूअस होते हैं fxxx.pro
अगर g एक कभी जीरो ही नहीं जा रहा तो इट इज कंटीन्यूअस और g एक के रूट अगर रियल आए तो
रूट्स पे फंक्शन डिस्कंटीन्यूअस हो जाएगा क्योंकि जहां g एक 0 जा रहा होगा वहां वैल्यू इनफिनिटी पहुंच जाएगी तो इट विल बी
डिस्कंटीन्यूअस ठीक है तो अगर f एक का देखोगे या फ्रैक्शन पार्ट का देखोगे ये कहां डिस्कंटीन्यूअस होते हैं दे आर
डिस्कंटीन्यूअस व्हेन fx8 पे इनकी डिस कंटिन्यूटी आती है z माने
इंटी जर तो आप यह देखना फंक्शन इंटी जर कब बन रहा है उसी पॉइंट पे डिस्कंटीन्यूअस आएगा अगर fxxx.pro
जब डिनॉमिनेटर नॉन जीरो रहे कंपोजिट फंक्शन ये समझ लो अच्छे से अगर f के अंदर g डाल दिया तो ये कंटिन्यूटी कहां-कहां
ब्रेक होगी जहां-जहां g एक डिस्कंटीन्यूअस है वहां वहां कंपोजिट फंक्शन भी कंटीन्यूअस नहीं होगा सुन लो ध्यान से
जहां-जहां अंदर वाला फंक्शन डिस्कंटीन्यूअस है वहां कंपोजिट फंक्शन भी डिस्कंटीन्यूअस होगा दूसरा आपको क्या करना
है यह देखना है डिस्कंटीन्यूअस है fxxx.pro डेरिवेटिव और राइट हैंड डेरिवेटिव बराबर आ
जाए लेफ्ट हैंड डेरिवेटिव कैसे निकालते हैं c + h - fc1 h h यहां 0 माइनस को टेंड कर रहा है 0 माइनस को माने रो से हल्का
पीछे है नेगेटिव है राइट हैंड के लिए c के आगे वाला पॉइंट लेते हैं लेफ्ट हैंड के लिए c के पीछे वाला पॉइंट लेते हैं अगर
दोनों फाइना इट हैं और इक्वल हैं तो डिफरेंशिएबल है ठीक है तो ये देखो इस तरह से भी लिख सकते हो लेफ्ट हैंड डेरिवेटिव
में a - a के पीछे वाला पॉइंट अपॉन डेल्टा x ये स्लोप निकाल रहे हो चेंज इन फंक्शन वैल्यू अपॉन चेंज इन x यहां पे राइट हैंड
डेरिवेटिव में a के जस्ट आगे वाला पॉइंट और a / h अगर ये दोनों फाइना इट और इक्वल आ गए तो डिफरेंशिएबल कहलाएगा डिफरेंशिएबल
कैसे चेक करते हैं अगर डेरिवेटिव पता है fxxx.pro बराबर और डिफरेंशिएबल का मतलब डेरिवेटिव a माइनस और a प्लस प बराबर तो
डिफरेंशिएबल होगा डिफरेंशिएबल फंक्शन कंटीन्यूअस का सबसेट होते हैं यानी हर डिफरेंशिएबल फंक्शन कंटीन्यूअस होना चाहिए
बट हर कंटीन्यूअस फंक्शन आपका डिफरेंशिएबल नहीं होता डिफरेंशिएबल का एक मतलब यह भी होता है कि इसके डेरिवेटिव की लिमिट
एजिस्ट कर रही है या डेरिवेटिव खुद कंटीन्यूअस है ठीक है अगर फंक्शन y = fx8 प डिफरेंशिएबल होना चाहिए क्लोज्ड
इंटरवल पे अगर आप बोलोगे तो अंदर वाले हर पॉइंट पे डिफरेंशिएबल होगा स्टार्टिंग वाले पॉइंट के लेफ्ट में नहीं जा सकते तो
वहां राइट हैंड डेरिवेटिव एजिस्ट करना चाहिए और जो आखिरी पॉइंट है उसके राइट में नहीं जा सकते तो उसपे लेफ्ट हैंड
डेरिवेटिव एजिस्ट करे क्लोज्ड इंटरवल में क्या कहोगे कि बीच में डिफरेंशिएबल हो लेफ्ट वाले पॉइंट का राइट हैंड डेरिवेटिव
एजिस्ट करे और आखिरी पॉइंट का लेफ्ट हैंड डेरिवेटिव एजिस्ट करे हर डिफरेंशिएबल फंक्शन कंटीन्यूअस होता है बट कन्वर्स इज
नॉट ट्रू ठीक है तो अगर एक फंक्शन डिफरेंशिएबल है किसी पॉइंट पे तो यह जरूरी है कि वो कंटीन्यूअस होगा बट जैसा मैंने
बोला कंटीन्यूअस है तो डिफरेंशिएबल होगा ऐसा नहीं कह सकते अब आपकी कंटिन्यूटी कब होती है बेटा जब आप कहते
हो c - और c+ पे वैल्यू fc8 हो और इक्वल हो फंक्शन कंटीन्यूअस कब होगा जब c पे कोई ब्रेक ना आए कोई जंप ना
आए c पे अचानक से फंक्शन चेंज ना हो जाए और डिफरेंशिएबल कब होगा भाई जब c पे उसका स्लोप आपका कंटीन्यूअस आ जाए डेरिवेटिव या
डिफरेंशिएबल होता है ओपन इंटरवल में कंटीन्यूअस कब होगा जब हर पॉइंट प कंटीन्यूअस हो तो ओपन इंटरवल में
कंटीन्यूअस है ओपन में डिफरेंशिएबल कब होगा जब हर पॉइंट पे डिफरेंशिएबल हो क्लोज्ड इंटरवल में कंटीन्यूअस कब होगा जब
बीच के हर पॉइंट पे कंटीन्यूअस हो स्टार्टिंग वाले पॉइंट का राइट हैंड लिमिट एजिस्ट करे और आपका एंड वाले पॉइंट का
लेफ्ट हैंड लिमिट आपका फंक्शन के बराबर आए क्लोज्ड इंटरवल में डिफरेंशिएबल कब होगा जब बीच के हर पॉइंट प डि डिफरेंशिएबल हो
स्टार्टिंग वाले पॉइंट का राइट हैंड डेरिवेटिव एजिस्ट करें और लास्ट पॉइंट का लेफ्ट हैंड डेरिवेटिव एजिस्ट करे हर
कंटीन्यूअस फंक्शन डिफरेंशिएबल नहीं होता लेकिन हर डिफरेंशिएबल फंक्शन कंटीन्यूअस होता
है अब ये तो मैंने आपको बता ही दिया पॉलिनो मियल साइनोस होइट ये सब डिफरेंशिएबल होते हैं अब ग्राफ जिसमें शेप
स्मूथ होती है कोई जंप ना हो ठीक है जंप जैसे आपको कहां देखने मिलता है जीआईएफ के अंदर कस्प ना हो कस्प का मतलब क्या होता
है कस्प का मतलब क्या होता है इस टाइप का शार्प एज जैसे देखो ऐसे इसको कस्प कहते हैं कॉर्नर ना हो कॉर्नर जैसे ट्रायंगल का
ग्राफ आप बना लो अगर आप ट्रायंगल फंक्शन ड्र करोगे तो उसमें जीरो पर कॉर्नर आता
है या वर्टिकल ना हो वर्टिकल टेंट माने कहीं पर भी स्लोप इंफाइटिंग हो रहा तो फंक्शन आपका हमेशा डिफरेंशिएबल
है तो बेसिकली ना तो वर्टिकली बढ़ना चाहिए ना सडन चेंज आना चाहिए ना कोई चोंच बननी चाहिए ग्राफ में अगर ऐसा ग्राफ है तो
डिफरेंशिएबल होगा ठीक है पीस वाइज डिफाइन फंक्शन पीस वाइज का मतलब होता है जो अलग-अलग इंटरवल में अलग-अलग फंक्शन दिए
होते हैं तो पहले आपको क्या करना पड़ता है पहले आपको यह चेक करना पड़ेगा
gb2 कंटिन्यूटी एट x = b क्योंकि मेरे भाई अगर कंटीन्यूअस ही नहीं है तो डिफरेंशिएबल तो हो ही नहीं सकता फिर आप क्या कीजिए
बेटा फिर आप डिफरेंशिएबल आया यानी लेफ्ट हैंड डेरिवेटिव g ' ब राइट
हैंड डेरिवेटिव h ' भी अगर यह बराबर आ गए तो यह डेरिवेटिव कंटीन्यूअस हुआ और इससे क्या मिल गया इससे मिल गया डिफरेंशिएबल एट
x बरा बी x इ बी पे डिफरेंशिएबल है अब कंटिन्यूटी और डिफरेंशिएबल में देखो fxxx.pro
तो कंटीन्यूअस फंक्शन का कॉमिनेशन कंटीन्यूअस होता है ठीक है अब कंपोजिट फंक्शन की कंटिन्यूटी मैंने आपको बताई है
अगर आपका f एक बी पर कंटीन्यूअस है और x को a रखने पे g एक आपको बी देता है मैं कह रहा हूं f एक आपका बी पर कंटीन्यूअस है और
x टेंडिंग टू ए g एक आपको बी देता है और f एक बी पर कंटीन्यूअस है तो ये आ जाएगा f ब ठीक है बाकी य तो मैंने आपको
बता ही दिए सारे फंक्शन कंटीन्यूअस होते हैं अब कुछ स्टैंडर्ड डेरिवेटिव बेटा यह आपको याद रहने चाहिए सारे डेरिवेटिव ठीक
है इसको मैं वर्ब क्या ही बताऊं आपके सामने सारे डेरिवेटिव लिखे इनको याद कर लेना एक छोटी सी ट्रिक होती है
ट्रिग्नोमेट्री में कि जिस फंक्शन की स्टार्टिंग सी से होती है उसके आगे माइनस लगता है कोट का डेरिवेटिव भी माइनस और
कोसेक का डेरिवेटिव भी माइनस से x का से x tan6 होता है ये गलत लिखा हुआ
है ठीक है एक बार इस पे नजर मार लीजिए सभी लोग कांस्टेंट का रो n पावर a की पावर x l a 1
/ x l a सा का क क का माइ सा ठीक है सा इवर्स का भी ठीक है क इवर्स का भी tan1 का cot-1 का देखो सा क में सा इवर्स क इवर्स
में माइ सा आता है tan1 cot-1 में माइनस आता है से इवर्स cc1 में भी माइनस आता है e की पावर x का डेरिवेटिव e की पावर x
होता है l x का नेचुरल लॉग का 1 / x होता है fxxx.pro * जीड प् एड नजी होता है दिस इज योर
प्रोडक्ट रूल f * जीड f * g और रेशो का रेशो का डेरिवेटिव f न f ' नज यानी पहले फंक्शन को
डिफरेंशिएबल चेन रूल क्या होता है जब आपका y फंक्शन ऑफ u है u खुद x का फंक्शन है तो y का
डेरिवेटिव अगर x के रिस्पेक्ट में निकालना है तो पहले y का u के रिस्पेक्ट में निकालो और मल्टीप्लाई कर दो u का x के
रिस्पेक्ट में तो अगर ऐसे चेन बनती जाती है y u का फंक्शन है u v का है v w का है ऐसे चलता जाता है तो y को u के रिस्पेक्ट
में u को x के रिस्पेक्ट में सॉरी u को v के रिस्पेक्ट में ठीक है v को w के रिस्पेक्ट में ऐसे
डिफरेंशिएबल अप्लाई करते जाना अगर लॉग के थ्रू डेरिवेटिव लेना हो जैसे मान लो fxxx.pro
साइड का डेरिवेटिव प्रोडक्ट रूल से हम लोग कर लेंगे और फिर dydekop.org t / d
dx2 जैसे y है फंक्शन ऑफ t f x है gt1 बा d dx2 बा g t df2 / dgt.gov.in x स् + y स् - 25 तो क्या
करिएगा यहां पे पूरी इक्वेशन को डिफरेंशिएबल रूल से करना 2y *
dydekop.org उसे इंपलीसिट कहते हैं वहां पूरी इक्वेशन का
डिफरेंशिएबल करते हैं और फिर dydekop.org y / dx-data-grid
आपको पॉइंट क्या मालूम है बेटा x1 y1 तो इस पॉइंट से गुजरने वाली लाइन की इक्वेशन क्या होती है y - y1 इज m x - x1 m क्या
है स्लोप है अगर टेंज का इक्वेशन लिखना है टेंज का स्लोप डालना नॉर्मल का इक्वेशन लिखना है तो नॉर्मल का स्लोप डालना ठीक है
तो यही चीज मैंने देखो यहां पे बताइए दोनों टेंज और नॉर्मल आपके उसी पॉइंट से गुजरते हैं ये टेंज है और ये नॉर्मल है
नॉर्मल माने परपेंडिकुलर टू टेंज तो ये इसी पॉइंट से गुजरते हैं अगर आपको स्लोप पता है तो स्ट्रेट लाइन की इक्वेशन में आप
पुट कर देना जैसे टेंज के लिए dy1 बा dydekop.org
x1 y1 है ना dydekop.org सकता है डेरिवेटिव ओपन इंटरवल में देखना है और कंटिन्यूटी क्लोज्ड
इंटरवल में और दोनों एंड पॉइंट पे फंक्शन की वैल्यू बराबर है तो दोनों एंड पॉइंट के बीच में कोई एक तीसरा पॉइंट लाई करेगा सी
सच दैट वहां पे डेरिवेटिव जीरो हो जाए यानी दोनों पॉइंट पे अगर फंक्शन बराबर आ रहा है तो कहीं पे मुड़ा होगा अब जहां
मुड़ा होगा वहां डेरिवेटिव जीरो होगा लग्र ने इसी थ्योरम को और बेहतर किया तो देखो कंटिन्यूटी इसने भी क्लोज्ड इंटरवल पे ली
और इसने डेरिवेटिव इसने भी ओपन इंटरवल पर लिया लेकिन इसने यह कंडीशन हटा दी कि भाई दोनों पॉइंट पे वैल्यू बराबर हो नहीं इसने
बोला बीच में एक पॉइंट सी ऐसा आएगा जिस परे डेरिवेटिव a और बी को जोड़ने वाली लाइन के स्लोप के बराबर होगा a और बी तक
जाने वाली ए से बी तक जाने वाली लाइन का स्लोप क्या होगा fb-login यानी डेल्टा वा बाय डेल्टा एक्
ये स्लोप आ गया वो एड सी के बराबर होगा अब अगर f ब और ए बराबर होते तो f ' स 0 आ जाता तो ये रोल्स थ्योरम बन जाती तो रोल्स
थ्योरम एक तरह से लग्र जस थ्योरम का स्पेशल केस हो गई जहां दोनों पॉइंट पे फंक्शन का वैल्यू सेम आना चाहिए कची ज मीन
वैल्यू थ्योरम ये लग्र से भी एक कदम भाई साहब आगे चले गए इन्होंने दो फंक्शन ले लिए कहा दो फंक्शन का रेशो मैं ले लेता
हूं तो आप देखो आप ये कहते ना लग्र से कि f ' स इज fb-login का स्पेशल केस बन गई एक तरह से
इंटरमीडिएट मीन वैल्यू थ्योरम इंटरमीडिएट मीन वैल्यू थ्योरम यह कहती है अगर डेरिवेटिव a और बी पे बराबर नहीं है तो कम
से कम एक ऐसा पॉइंट c आएगा जिस परे डेरिवेटिव a के डेरिवेटिव और बी के डेरिवेटिव के बीच में लाई करेगा तो किसी
इंटरमीडिएट पॉइंट का डेरिवेटिव दोनों के डेरिवेटिव के बीच में लाई करना चाहिए अगला होता है मोनोटोनिसिटी मोनोटोनिसिटी माने
फंक्शन का इंक्रीजिंग और डिक्रीजिंग देखना स्ट्रिक्टली इंक्रीजिंग फंक्शन क्या होता है च
ऑलवेज इंक्रीजस जो कभी घटता ही नहीं है बढ़ता जाता है ना रुकता है ना घटता है तो कंडीशन
होती है डेरिवेटिव इज पॉजिटिव डेरिवेटिव जीरो नहीं हो सकता नेगेटिव नहीं हो सकता इंक्रीजिंग फंक्शन
इंक्रीजस और रिमेंस कांस्टेंट थोड़ी देर ठहर भी सकता है आगे बढ़ते बढ़ते बीच में रेस्ट ले
लिया ऐसा भी हो सकता है तो यहां डेरिवेटिव कांस्टेंट पर तो जीरो होता है ना इसीलिए ग्रेटर देन इक्वल टू जीरो होता है तो
बढ़ेगा या रुकेगा घटेगा नहीं स्ट्रिक्टली डिक्रीजिंग जो हमेशा घटता चला जाए रुकेगा नहीं घटता ही चला जाएगा तो यहां पर
डेरिवेटिव इज नेगेटिव और डिक्रीजिंग फंक्शन जो ठहर सकता है
कांस्टेंट और डिक्रीजस यानी एड सी इ लेस देन इक्वल टू 0 ठीक है
लेस देन इक्वल टू जीरो होता है जस्ट गिव मी अ मिनट लेट मी चेक समथिंग
बात क्लियर है अगर f एक आपका इंक्रीजिंग है तो उसका इवर्स फंक्शन भी इंक्रीजिंग होगा f एक अगर स्ट्रिक्टली डिक्रीजिंग है
तो इवर्स भी स्ट्रिक्टली डिक्रीजिंग होगा अगर f एक और g एक की सेम मोनोटोनिसिटी है दोनों इंक्रीजिंग है या तो दोनों
डिक्रीजिंग है तो बेटा इनका कंपोजिट फंक्शन इंक्रीजिंग ही आएगा अगर दोनों इंक्रीजिंग या दोनों डिक्रीजिंग है तो
इनका फंक्शन कंपोजिट फंक्शन इंक्रीजिंग आएगा अगर अपोजिट है माने एक इंक्रीजिंग एक डिक्रीजिंग तो कंपोजिट फंक्शन डिक्रीजिंग
आएगा कंटीन्यूअस फंक्शन का इवर्स कंटीन्यूअस होता है अगर f ' x ग्रेटर दन 0 है बस कुछ ऐसे पॉइंट है इंटरवल नहीं है
कुछ ऐसे पॉइंट है जहां डेरिवेटिव जीरो है तो स्ट्रिक्टली इंक्रीजिंग ही बोलोगे अगर किसी इंटरवल में डेरिवेटिव जीरो जाता है
तब उसे इंक्रीजिंग बोलते हैं स्ट्रिक्टली इंक्रीजिंग की जगह ठीक है तो f ' x > 0 होना ये नेसेसरी कंडीशन नहीं है क्योंकि
कुछ ऐसे फंक्शन हो सकते हैं जो किसी किसी पॉइंट पे डेरिवेटिव रो जा रहा है बट उन्हें भी क्या बोला जाएगा इंक्रीजिंग
बोलोगे जैसे x + c x है x + c x का डेरिवेटिव है 1 - sinx-cosx
तो यह डेरिवेटिव जीरो होगा बट फिर भी यह फंक्शन आपका क्या कहलाएगा स्ट्रिक्टली इंक्रीजिंग क्योंकि डिस्क्रीट पॉइंट्स पे
डेरिवेटिव जीरो हो रहा है किसी ड्यूरेशन में डेरिवेटिव जीरो नहीं हो रहा ठीक है अगर f ' एक नेगेटिव आ रहा है बट कुछ
पॉइंट्स पे आपका जीरो जा रहा है पॉइंट्स पे इंटरवल में नहीं तब ये भी स्ट्रिक्टली डिक्रीजिंग कहलाएगा ठीक है f f ' एक
ग्रेटर 0 स्ट्रिक्टली डिक्रीजिंग स्ट्रिक्टली इंक्रीजिंग ये रो जा सकता है बट डिस्क्रीट पॉइंट पे इंटरवल में नहीं
लेस दन 0 आपका डिक्रीजिंग आएगा अगर जीरो हुआ तो डिस्क्रीट पॉइंट पे होना चाहिए इंटरवल में नहीं ग्रेटर दन इक्वल टू 0
इंक्रीजिंग लेस दन इक्वल टू 0 डिक्रीजिंग डबल डेरिवेटिव से भी शेप पता चलती है अगर डबल डेरिवेटिव आपका पॉजिटिव है तो कॉनकेव
अप इस टाइप का और नेगेटिव है तो कॉनकेव डाउन इस टाइप का तो इसे कॉनकेव अप और कॉनकेव डाउन बोलते हैं क्रिटिकल पॉइंट
क्रिटिकल पॉइंट कहां होते हैं भाई जहां पे फंक्शन में f ' c या तो रो हो जाए या f ' c आपका अनडिफाइंड हो जाए उस पॉइंट को
क्रिटिकल पॉइंट कहते हैं तो अगर किसी पॉइंट पे फंक्शन का लोकल मैक्सिमा या लोकल मिनिमाप इज आल्सो सेड टू बी अ क्रिटिकल
पॉइंट आपका क्रिटिकल पॉइंट पे डेरिवेटिव जीरो आने का मतलब क्या हुआ उस पॉइंट पे अगर आप टेंज बनाएंगे टेंज का स्लोप ज़ीरो
आएगा टेंज का स्लोप ज़ीरो आने का मतलब है टेंज आपका हॉरिजॉन्टल आएगा टेंज आपका हॉरिजॉन्टल आएगा और क्रिटिकल पॉइंट कहां
होता है जहां फंक्शन डिस्कंटीन्यूअस हो जाए या नॉन डिफरेंशिएबल हो जाए तीन कंडीशन है डिस्कंटीन्यूअस नॉन डिफरेंशिएबल और
डेरिवेटिव ज़ीरो यह तीन केसेस को क्रिटिकल पॉइंट कहते हैं अब मैक्सिमा मिनिम की कंडीशन क्या होती है आप c पॉइंट पे कहते
हैं फंक्शन एब्सलूट मैक्सिमम है अगर स पॉइंट पे फंक्शन की वैल्यू बाकी सभी जगह आने वाली वैल्यू से ज्यादा है अगर c पॉइंट
पे इतनी वैल्यू आ जाए कि फंक्शन कहीं भी c पॉइंट वाली वैल्यू को एक्सीड ना करे तो उसे बोला जाएगा एब्सलूट मैक्सिमम और सी
पॉइंट पे सबसे कम वैल्यू अगर मिली उससे नीचे फंक्शन जा ही नहीं सकता एब्सलूट मिनिमम एब्सलूट मिनिमम फर्स्ट डेरिवेटिव
टेस्ट क्या होता है मैक्सिमा मिनीमा का अगर आपका डेरिवेटिव पॉजिटिव से नेगेटिव हो गया जैसे ये फंक्शन है आपका किसी पॉइंट पर
डेरिवेटिव पॉजिटिव पॉजिटिव पॉजिटिव चल रहा था अचानक से नेगेटिव हो गया तो उस पॉइंट पे मैक्सिमा आता है कौन सा मैक्सिमा लोकल
मैक्सिमा ऐसे ही डेरिवेटिव अगर नेगेटिव था और पॉजिटिव हो गया तो आपका मिनीमा आएगा उस पॉइंट पे अगर साइन ही ना चेंज करें तो उस
पॉइंट पे ना मिनिम ना मैक्सिमा तो डेरिवेटिव अगर आपने लिखा मान लो f ' x का आपने फंक्शन निकाला आप f ' एक का ग्राफ
बना लो जिसे वेवी कर्व बोलते हैं वेव की तरह चलता है क्या किया जाता है f ' एक के रूट्स निकाल लेते हैं और रूट्स के बीच में
ऐसे वेव ड्रॉ कर देते हैं तो जहां डेरिवेटिव प्लस से माइनस गया वहां मैक्सिमा और जहां माइनस से प्लस गया वहां
मिनिम हायर ऑर्डर डेरिवेटिव टेस्ट क्या कहता है कि पहले आप डेरिवेटिव जीरो करके क्रिटिकल पॉइंट निकाल लें ठीक है तो
क्रिटिकल पॉइंट आप निकाल लें अगर उस पॉइंट पे डबल डेरिवेटिव नेगेटिव आया तो मैक्सिमा पॉजिटिव आया तो मिनिम अगर सर डबल
डेरिवेटिव जीरो आ गया डबल डेरिवेटिव जीरो आने पे आप उसे बोलेंगे इफ्लेक्शन पॉइंट तो अगर ट्रिपल डेरिवेटिव आपका नॉन जीरो आता
है तो मैक्सिमा मिनिम नहीं होगा फिर वहां पे आता है आपका सैडल पॉइंट क्या आ जाता है सैडल पॉइंट अगर डबल
डेरिवेटिव जीरो और ट्रिपल डेरिवेटिव नॉन जीरो आ जाए डबल डेरिवेटिव जीरो ट्रिपल भी जीरो तो आप फोर्थ डेरिवेटिव कैलकुलेट करें
फोर्थ डेरिवेटिव पॉजिटिव तो मिनिम नेगेटिव तो मैक्सिमा मैक्सिमा मिनीमा के लिए ऑड ऑर्डर का डेरिवेटिव जीरो होना चाहिए और
उससे एक ऊपर ऑर्डर का इवन ऑर्डर का डेरिवेटिव नॉन जीरो होना चाहिए पॉजिटिव हुआ तो मिनिम नेगेटिव तो मैक्सिमा अगर इवन
ऑर्डर वाला जीरो हो गया और उसके ऊपर ऑड ऑर्डर वाला नॉन जीरो आ गया तो क्या बोलते हैं सैडल पॉइंट तो सैडल पॉइंट कब होता है
भाई अगर डबल डेरिवेटिव नॉन जीरो है तो सैडल पॉइंट नहीं होगा डबल डेरिवेटिव जीरो होगा तो ट्रिपल डेरिवेटिव चेक करना नॉन
जीरो आया तो सैडल पॉइंट जीरो आया तो फोर्थ डेरिवेटिव चेक करें फोर्थ डेरिवेटिव जीरो आया बट फिफ्थ नॉन जीरो आ गया तो सैडल
पॉइंट फोर्थ अगर नॉन जीरो आ गया तो नॉट अ सेडल पॉइंट फिर यहां मैक्सिमा या फिर मिनिम समझ गए अगर ऑड ऑर्डर वाला आपका जीरो
आता है और ईवन वाला पॉजिटिव या नेगेटिव आता है तो मैक्सिमा मिनिम होता है और अगर ईवन ऑर्डर वाला जीरो आ जाए और उससे एक ऊपर
ऑड ऑर्डर वाला नॉन जीरो आ जाए तो सैडल पॉइंट होता है ठीक है तो आपको क्या करना होता है डबल डेरिवेटिव निकालो उसका वेवी
कर्व बनाओ जहां डबल डेरिवेटिव का साइन चेंज होगा तो वहां पे कॉनकेव चेंज होती है और वहां सैडल पॉइंट आता है अगर डबल
डेरिवेटिव किसी पॉइंट पर चेंज हो रहा है क्योंकि मैंने बताया ना डबल डेरिवेटिव पॉजिटिव माने कॉनकेव अप डबल डेरिवेटिव
नेगेटिव माने कॉनकेव डाउन तो जहां फंक्शन की कॉनकेव चेंज होगी वहां आपका सैडल पॉइंट आएगा ग्लोबल मैक्सिमा मिनिमाइंटर
फंक्शन की वैल्यू स्टार्टिंग और एंडिंग पॉइंट प भी निकाली जाती है कहां-कहां निकालनी है f ' स पे निका जहां पे आपका
डेरिवेटिव जीरो हो रहा है क्रिटिकल पॉइंट निकाल के उसपे फंक्शन का वैल्यू और स्टार्टिंग और एंडिंग पॉइंट पे फंक्शन का
वैल्यू निकालो उनमें जो सबसे बड़ा हुआ वो मैक्सिमा जो सबसे छोटा हुआ मिनिम ठीक है उसे ग्लोबल कहते हैं अब आते हैं टेलर
सीरीज पे टेलर सीरीज में हम लोग क्या करते हैं किसी फंक्शन को एज अ एल ब्रिक इक्वेशन एक्सप्रेस करते हैं किस फॉर्म में देखो f
एक को लिखेंगे ए अगर ए के अबाउट एक्सपें कर रहे हैं अगली टर्म एड बाव फ्टो x-a f डबड ए बाटू फ्टो एक माइ ए का स्क्वा f
ट्रिप बा 3 फटो x-a का क्यूब तो कंपैक्ट फॉर्म में ऐसे लिख देते हैं इसको आप पावर सीरीज भी कहते हैं क्या बोलते हैं दिस इज
एक्चुअली योर पावर सीरीज ठीक है तो इसको आप ऐसे बोल सकते हो c ए x - a की पावर n जहां पे ये को एफिशिएंट
आपका कितना है एथ डेरिवेटिव एट a बाय n फैक्टोरियल अब अगर आप किसी फंक्शन की सीरीज जीरो के अबाउट ओपन करते हैं उसको आप
क्या बोलते हैं बताओ क्या बोलेंगे उसको मै क्लोरिन सीरीज उसपे भी आ रहे हैं टेलर सीरीज कब नहीं एजिस्ट करेगी अगर कोई भी
डेरिवेटिव इनफाइनों तक बनेगी जब तक आपके सारे ऑर्डर के डेरिवेटिव एजिस्ट करते हैं तो आप
फंक्शन की वैल्यू x = a पे एप्रोक्सीमेट कर रहे हैं बेसिकली कैसे बाय अ पॉलीनोट देखो आप इंफिनिटी तक टर्म प्रैक्टिकली कभी
नहीं लेते हो आप 10 टर्म 20 टर्म 50 टर्म तक जा सकते हो तो वह आपका एप्रोक्सीमेशन है जितने ज्यादा टर्म्स लोगे उतना बेहतर
आपका एप्रोक्सीमेशन आएगा अब टेलर सीरीज रो के अबाउट जब खोलते हैं तो f0 f ' 0 f डबड 0 ट्रिपल ड 0 तो इसे कहते हैं मैक्लॉरेन
सीरीज अब ये मैंने आपको बता ही दिया बेटा e की पावर x l x 1 + x की पावर n ये बानो मियल है 1+ x इव ये
gpsc-ojas पावर एक बस एक लॉग ए का टर्म आपका एक्स्ट्रा आ जाता है हर एक में पार्शियल डेरिवेटिव जब एक फंक्शन आपका
मल्टीपल वेरिएबल पर डिपेंड करता है तब उसका डेरिवेटिव किसी एक पर्टिकुलर वेरिएबल के रिस्पेक्ट में अगर लिया जाए उसे
पार्शियल डेरिवेटिव कहते हैं पार्शियल डेरिवेटिव में क्या करते हैं एक वेरिएबल के रिस्पेक्ट में आप
डिफरेंशिएबल दो द फंक्शन डिपेंड्स ऑन मल्टीपल वेरिएबल भले ही फंक्शन
मल्टीपल वो कैसे पता चलेगा ग्लोबल अगर सिर्फ मैक्सिमा बोला है तो ग्लोबल लेके चलो ठीक है हां अगर आप किसी एक वेरिएबल के
रिस्पेक्ट में डिफरेंशिएबल मल्टीपल वेरिएबल पे डिपेंड करे तो उसे आप बोलोगे पार्शियल डेरिवेटिव कैसे करते हैं
जब आप एक वेरिएबल के रिस्पेक्ट में डिफरेंशिएबल को कांस्टेंट मान के चलते हैं दैट इज हाउ यू कैलकुलेट पार्शियल
डेरिवेटिव लिखने का तरीका f / 2x या ड z / 2x या फिर मैं इसको / d x बोलता हूं d / d x या d / d y पार्शियल डेरिवेटिव बताते
हैं ठीक है अब आप जब x और y के रिस्पेक्ट में किसी भी एक के रिस्पेक्ट में
डिफरेंशिएबल डेरिवेटिव सेकंड में क्या होता है आप x वाले को एक और बार x के रिस्पेक्ट में
डिफरेंशिएबल बोलेंगे z xxxx2 ऑर्डर पार्शियल या x वाले को y के रिस्पेक्ट में कर दो पहले x के रिस्पेक्ट
में किया फिर y के रिस्पेक्ट में इसे बोलते हैं मिक्स्ड पार्शियल या फिर पहले y के रिस्पेक्ट में किया फिर x के रिस्पेक्ट
में ये भी मिक्स पार्शियल या दो बार y के रिस्पेक्ट में कर दो ये हो गया f y y अगर आपके फर्स्ट ऑर्डर पार्शियल
डेरिवेटिव जो आपके fx1 थे ना अगर वो कंटीन्यूअस होते हैं तो मिक्स्ड पार्शियल इक्वल होते हैं यानी f एक और f एकवा इक्वल
होंगे ठीक है अब एक फंक्शन होमोजीनस कब कहलाता है भाई जब फंक्शन आपका मल्टीपल वेरिएबल पर डिपेंड करे बट हर टर्म का पावर
आपका एगजैक्टली सेम बन जाए x और y का डिग्री एगजैक्टली सेम हो जाए तो उसे कहते हैं एथ डिग्री का होमोजीनस फंक्शन तो यहां
पे देखिए अगर x की जगह जगह t रखें और t की पावर n बाहर आ जाए t की पावर n कॉमन आ जाए तो ये होमोजीनस
फंक्शन हो गया n डिग्री का तो ऐसे ही अगर आपके पास m वेरिएबल है हर वेरिएबल को t टाइम्स करो और देखो t की पावर n कितना
बाहर आ रहा है वही उसकी डिग्री है अब fx1 है अगर ये n डिग्री का आपका होमोजीनस फंक्शन है y की पावर n कॉमन निका लूंगा तो
ये x / y का फंक्शन बन जाएगा और x की पावर n कॉमन निका लूंगा तो ये y बा x का फंक्शन बन जाएगा तो ये जो x बावा और y बा x के
फंक्शन है ये 0 डिग्री होमोजीनस है तो बाहर जो x की पावर n और y की पावर n आ रहा है ना वो इसकी डिग्री को एथ डिग्री पहुंचा
रहा है बचा हुआ जो फंक्शन है क्योंकि दोनों वेरिएबल के रेशो में है उसका डिग्री आपका जीरो है ठीक है यह कैसे पता करेंगे
यह पैराबोला है या हाइपरबोला इक्वेशन से देखो कोनिक सेक्शन की इक्वेशन आप रीड कर सकते हो रिंकू भाई ओवर इंटरनेट की कोनिक
सेक्शन की इक्वेशन क्या है बाकी बेसिक इक्वेशन आपको आनी चाहिए पैराबोला जैसे y स् = 4ax या x स् = 4ay के फॉर्म में होता
है और हाइपरबोला x स् - y स् के फॉर्म में होता है ठीक है अगर हर टर्म सेम डिग्री की होती
है तो फंक्शन आपका होमोजीनस होता है अगर z आपका होमोजीनस है x और y में तो इसके पार्शियल डेरिवेटिव भी होमोजीनस होंगे
उनकी डिग्री होगी n माइव अगर जड आपका एफ एक्सवा है तो आप यहां पर यूस थ्योरम लिख सकते हैं यहां पर यूस
थ्योरम क्या लिखते हैं एकस इन डेल ए बाय डेल एक्स प्वा इन डेल ए बा डेल वा इक्व ए यह
आपकी यूस थ्योरम होती है बहुत इंपॉर्टेंट है क्वेश्चन पॉइंट ऑफ व्यू से अगर आपका एक सेकंड ए ए होता है अगर आप आपके तीन
वेरिएबल हैं तो x * d f बाडे एक y * d f / d y z * d f बाडे z = n * f ठीक है अगर आपके पास अगर आपके पास सेकंड ऑर्डर
पार्शियल है तो x स् y स् फिर 2xy ये आता है n n - 1 * f y क्या है होमोजीनस फंक्शन है जिसका डिग्री है n अगर z तीन फंक्शन से
बना है जिनका डिग्री अलग-अलग है m n और p है तो x x * डेल ज बा डेल एक y * डेल ज बा डेल वा n * f आएगा m * g आएगा p * ए आएगा
तो बेसिकली आप ये समझ लो तीनों फंक्शन के कॉमिनेशन से यह टर्म आपकी जनरेट हो गई और ऐसे ही डबल डेरिवेटिव में भी आ जाएगा ठीक
है ये सेकंड डेरिवेटिव है अब अगर मल्टीवेरिएबल फंक्शन में मैक्सिमा मिनिम की बात करें तो मैक्सिमा मिनिम के लिए
क्रिटिकल पॉइंट निकाला जाता है क्रिटिकल पॉइंट कैसे निकालते हैं बच्चों आप फर्स्ट ऑर्डर पार्शियल डेरिवेटिव लेते हैं उसे
जीरो करते हैं किसके रिस्पेक्ट में ले सर x के रिस्पेक्ट में लो पहले y के रिस्पेक्ट में लो दोनों को जीरो रखो तो दो
इक्वेशन बनेंगी दो इक्वेशन से दो वेरिएबल निकलेंगे x और y वो जो दो वेरिएबल आएंगे दैट विल गिव यू द क्रिटिकल पॉइंट अब आप
क्या बोल रहे हैं आपने फर्स्ट ऑर्डर पार्शियल निकाला फिर आपने सेकंड ऑर्डर पार्शियल भी निकाला
fxxx.pro आप f एक एक को a कहते हैं f एकवा को आप बी कह रहे हैं y वा को c कह रहे हैं अब आपके
फर्स्ट ऑर्डर पार्शल जीरो है माने क्रिटिकल पॉइंट तो आ गया अब आप सेकंड ऑर्डर डेरिवेटिव देखिए अगर ए - b स् यानी
fxxx.pro ac-2 पॉजिटिव आया दोनों डबल डेरिवेटिव पॉजिटिव आए मिनीमा है अगर ac-2 नेगेटिव आ
गया तो यह सैडल पॉइंट है ठीक है तो आपका स्टेशनरी पॉइंट कौन सा होता है भाई मल्टीवेरिएबल फंक्शंस के अंदर जहां पे
आपके फर्स्ट ऑर्डर पार्शियल डेरिवेटिव ज़ीरो हो जाएं तो आपका हर मैक्सिमा मिनिम स्टेशनरी पॉइंट को रिप्रेजेंट करता है बट
हर स्टेशनरी पॉइंट मैक्सिमा मिनीमा नहीं हो सकता एक मैक्सिमाइज मिनिमाइज करने का तरीका होता है लग्र मल्टीप्लायर अब अगर आप
यह कहते हो मुझे फंक्शन f को ऑप्टिमाइज करना है मैक्सिमाइज या मिनिमाइज करना है बट शर्त ये है कि g एकवा ज 0 आएगा जैसे
मान लो आपको अपनी रैंक ऑप्टिमाइज करनी है बस शर्त ये है कि मैं एक दिन में आठ या 10 घंटे पढ़ सकता हूं तो उसे कहते हैं
कंस्ट्रेंट क्या बोलते हैं कंस्ट्रेंट तो आप एक नया फंक्शन बनाते हो f एकवा ज प्स लैडा टाइम्स द कंस्ट्रेंट लैडा कहलाता है
लग्र मल्टीप्लायर जो x वा जड से इंडिपेंडेंट होता है अब आप पहला पार्शियल जीरो के रिस्पेक्ट x के रिस्पेक्ट में रो
करो पूरे फंक्शन का y के रिस्पेक्ट में जीरो करो z के रिस्पेक्ट में जीरो करो तो यहां पे आपको क्या मिलेगा आपको तीन
इक्वेशन मिलेंगी किसके रिस्पेक्ट में f एकवा और z के रिस्पेक्ट में चौथी इक्वेशन कंस्ट्रेंट की इक्वेशन है तो चारों
इक्वेशन सॉल्व करके क्या मिलेगा चारों इक्वेशन सॉल्व करके लैडा मिलेगा x y ज मिलेगा अब यह पॉइंट मैक्सिमा या मिनिमाइजर
हो सकता है तो वो आपको चेक करना पड़ेगा अगर मान लो ऐसे दो कंस्ट्रेंट होते g के साथ h भी होता तो ल 1g + ल2 h ऐसे करके
पूरा फंक्शन बनाते ठीक है टेलर सीरीज कैसे लिखते हैं दो वेरिएबल के लिए अगर x y को एक्सपेंड करना है ए पे तो 1f भी आएगा 1/1
फ्टो x - a में x के रिस्पेक्ट का पार्शियल y - v में y के रिस्पेक्ट का पार्शियल फिर 1/2 फैक्टोरियल x - a स् x
में डबल डेरिवेटिव x - a y - b f एकवा y - b का स्क्वा f वावा इस तरीके से एक्सपेंड करेंगे तो ये काफी कॉम्प्लिकेटेड होती
जाएगी अब आ जाते हैं इंटीग्रेशन पे डिफरेंशिएबल बेसिकली होता क्या है दिस इज एंटी
डेरिवेटिव यानी डेरिवेटिव का उल्टा प्रोसेस अगर fxxx.pro कहलाता है कांस्टेंट ऑफ
इंटीग्रेशन यह कांस्टेंट ऑफ इंटीग्रेशन क्यों लगाया जाता है भाई इसको इनफिट इंटीग्रेशन बोला जाता है कांस्टेंट ऑफ
इंटीग्रेशन इसलिए लगाते हैं बिकॉज इट रिप्रेजेंट्स फैमिली ऑफ कर्व यानी मेरे पास एक ग्राफ नहीं आता उस जैसे कई सारे
ग्राफ आते हैं जैसे ढेर सारे पैराबोलास आ गए ढेर सारे एलिप्स आ गए या ढेर सारे हाइपरबोला आ गए तो इस तरीके से मेरे पास
फंक्शंस आते हैं इसीलिए फैमिली ऑफ कर्व x की पावर n है तो n + 1 डिवा n + 1 1 बा x है तो l x + c a की पावर x है तो a की
पावर x बाल a + c e की पावर x है तो e की पावर x + c sinx-cosx + c से स्क्वा यह मैंने सारे दे दिए जो भी डेरिवेटिव के
फॉर्मूले थे उससे उल्टे फॉर्मूले आपके इंटीग्रेशन के ठीक है अब मेथड ऑफ इंटीग्रेशन बाय यूजिंग स्टैंडर्ड फार्मूला
जो लिस्ट मैंने अभी आपको दिखाई सब्सीट्यूशन आप किसी फंक्शन को एक नया वेरिएबल मान लेते हैं या बाय पार्ट्स तीन
तरीके होते हैं अब स्टैंडर्ड फार्मूला तो आप जान ही गए जो मैंने लिस्ट दिखाई है सब्सीट्यूशन की बात समझते हैं अगर
fxxx.pro d और x की जगह फंक्शन के अंदर फ t डाल दोगे अब फटी डिपेंड करेगा इंटीग्रेशन कैसा
है ऐसा कोई यूनिवर्सल रूल नहीं है कि x को सब्सीट्यूट क्या करना है ये इंटीग्रेशन पे आधारित होता है कि ऐसा इंटीग्रेशन है वैसा
सब्सीट्यूशन जैसे fxxx.pro dt1 - 1 fx1 तो मुझे क्लियर दिख रहा है x की पावर n का ये डेरिवेटिव है तो x की
पावर n को t मान लो n x - 1 n - 1dx dt1 - 1dx विल बी dt1 तो ये ft2 / n n बाहर आ गया ft1 ठीक है fxxx.pro
मानूंगा तो f'd xt8 dt1 + 1 / n + 1 t की जगह fxxx.pro
c कुछ यूजफुल रिजल्ट अगर ऑफ a एक प् बी आपको ये दिख रहा है / एक टाइप का इंटीग्रेशन है तो लॉग आएगा लग ऑफ a एक प्
बी आ जाएगा आप जो एक एक का को एफिशिएंट है उससे डिवाइड कर दे डिवाइड बाय को एफिशिएंट ऑफ x समझे इजी
तरीका है ना c x d एक ये होता है लग ऑफ सा x प् c ये आपको याद रखना पड़ेगा
का tan-x की जगह ax1 लिखा हो तो नॉर्मल इंटीग्रेशन करना फिर x के को एफिशिएंट से
डिवाइड करना सेम वे में e की पावर ax2 √1 - x स् होता सा इवर्स आता sin-1 को आपने a से डिवाइड कर दिया समझ गए ना अगर x
की जगह डिवीजन करना है कुछ ट्रिग्नोमेट्री आइडेंटिटी तो जो हमारे काम की होती है
बेटा पहला है 1 - सा स् थीटा यह आता है क स् थीटा या 1 - क स् आता है सा स् 1 + tan2 होता है से स् से स् - 1 होता है t
स् 1 + स् यहां पर एक्स को आप डाल सकते हो ए साइन थीटा या फिर ए कॉस थीटा मैं यह बता रहा
हूं जो इंटीग्रेशन बाय सब्सीट्यूशन है कि सब्सीट्यूशन करना क्या है हर केस में x स् माइन ए स्क्वा है एक्स को डाल देना a
कोसेक थीटा या फिर एक् को डाल देना ए सेक थीटा यहां पर x को डाल देना a
tan3 या फिर a कट थीटा इस टाइप का सब्सीट्यूशन होता है ठीक है अगर यह इंटीग्रेशन दिख जाए तो
सब्सीट्यूशन ध्यान रखिएगा अब a स् - x स् वही बता रहा है जो अभी-अभी मैंने आपको बताया है ठीक है कुछ
स्पेशल इंटीग्रल a स् + x स् अगर 1+ x स् की जगह a स् + x स् आए तो tan1 में x / a आता है और बाहर 1 / a x स् माइ a स्क आ
रहा है 1 बा 2a लग x-a एक प् ए यह कैसे किया गया है बेटा इसमें डेरिवेटिव को जो है ना दो पार्ट में तोड़ लिया गया देखो
ऐसे लिख दिया गया x - ए एक् प् ए फिर जैसे हम सिग्नल में पार्शियल फ्रैक्शन करते हैं ना ऐसे य पार्शियल फ्रैक्शन का शिकार
हुआ d एक बा एक माइ ए माइन d एक बा एक् प् ए अब x x - a का l x - a बना x + a का l x
+ a l a - l b इ l ऑफ a / b ऐसे ही a स् - x स् होता इससे नेगेटिव होता तो लॉग में इनवर्ट हो जाता √ a स् - x स् होता sin-1
x / a स् + x स् होता यहां x को a tan3 लिख के करते ये आता x स् - a स् होता तो यहां बस माइनस आ जाता a √ a स् - x स्
इसका काफी कॉम्प्लिकेटेड है बट कई बार यह इंटीग्रेशन काम में आ जाते हैं इसलिए बहुत से बच्चों को याद रहते हैं अगर ऐसा आ जाए
भाई इंटीग्रेशन पॉलीनोट ऑफ पॉलिनो तो क्या करना होता है जो ऊपर वाला पॉलिनो है उसे कैसे लिखें लडा टाइम्स
द नोमिन लडा टाइम्स द नोमिन प्लस d बाडी एक ऑफ नोमिन प्लस गामा
सेकंड ऑर्डर की बात कर रहा हूं प्लस गामा अब आप क्या करें पहले लडा म और गामा की वैल्यू निकाल लें फिर न्यूमरेशन को ऐसे ही
लिखें लडा * डिनॉमिनेटर प् u * डेरिवेटिव ऑफ डिनॉमिनेटर प्स गामा और फिर आप इंटीग्रेशन कर सकते हैं तीन इंटीग्रेशन
में तोड़ के अगर ऐसा आ जाए a स् + b सा स् या a + b सा स् a + b क स् a sinx-cosx का स्क्वा तो आप न्यूमरेशन डिनॉमिनेटर को
cos2 x से डिवाइड करेंगे जिससे सा बन जाएगा tan1 है वो बन जाएगा sec2 तो डिनॉमिनेटर
में tan2 आ जाएगा न्यूमरेशन में sec2 x dx6 को t मान लेना और फिर इंटीग्रेट कर देना अगर स्क्वायर नहीं है a + b cosa-b a
+ b cosx-sinx और cosx-sinx इनटू इंटीग्रल ऑफ सेकंड माइनस इंटीग्रल ऑफ
डेरिवेटिव ऑफ फर्स्ट इनटू इंटीग्रल ऑफ सेकंड अब इंटीग्रेशन बाय पार्ट्स के लिए आपको यह पता होना चाहिए कि आपके पास दो
फंक्शन होंगे य और v य कहलाता है फर्स्ट फंक्शन v कहलाता है सेकंड और इसके पीछे नियम क्या होता है आईलेट आईलेट में आई
मतलब इवर्स एल मतलब लोगरिथमिक a माने अलजेब्रिक t माने ट्रिग्नोमेट्री और e माने एक्सपोटल
तो नीचे जाते हुए प्रायोरिटी घटती है इस लिस्ट में जो भी ऊपर आएगा उसको हम फर्स्ट फंक्शन बोलेंगे और जो नीचे आएगा उसे सेकंड
फंक्शन बोलेंगे जैसे x एंड e की पावर x है ये अलजेब्रिक है ये एक्सपो शियल तो अलजेब्रिक हायर प्रायोरिटी है उसे फर्स्ट
मानना एक्सपो शियल को सेकंड अलजेब्रिक ट्रिग्नोमेट्री ट्रिग्नोमेट्री कम प्रायोरिटी पे होता है सेकंड अलजेब्रिक
फर्स्ट अलजेब्रिक ट्रिग्नोमेट्री अलजेब्रिक फर्स्ट ट्रिग्नोमेट्री सेकंड अलजेब्रिक लॉग लॉग का हायर प्रायोरिटी
होता है लॉग फर्स्ट अलजेब्रिक सेकंड अलजेब्रिक और इवर्स इवर्स हायर प्रायोरिटी होता है फर्स्ट अलजेब्रिक सेकंड इस टाइप
से ठीक है अब एक इंटीग्रेशन अगर ऐसे है e की पावर x fxxx.pro f ' x तो ये होता है fxxx.pro
हुआ e की पावर a एक बा a तो ये b बा a बाहर आ गया क bxx4000 दो बार बाय पार्ट्स लगाने पे बेटा
दो बार बाय पार्ट्स लगाने पे आपको सेम इंटीग्रेशन वापस मिल जाता है i यानी e की पावर a सा
bxx4000 a स् e की पावर ax2 / a स् - b बाहर इसके इंटीग्रेशन से एक और आया - b स् / a स् e की पावर a
sinx-cosx का एंटी डेरिवेटिव 5x है यानी इनफिट इंटीग्रेशन है 5x + c तो अगर आप लिमिट्स
के बीच में करेंगे a से बी तो आपका आएगा 5b - 5a 5b - 5a डेफिनेट इंटीग्रेशन के अंदर कोई आर्बिट्री कांस्टेंट स नहीं आता
डेफिनेट इंटीग्रेशन आपका एरिया रिप्रेजेंट करता है और इसका एक फिक्स्ड नंबर वैल्यू आता है अब कुछ प्रॉपर्टीज होती है देखो
अगर आप x की जगह t रख दोगे कोई फर्क नहीं पड़ेगा अगर आपने लिमिट एक्सचेंज कर दी आप लोअर और पर लिमिट अगर एक्सचेंज कर दिए तो
आपका इंटीग्रेशन माइनस टाइम्स हो जाता है अगर आप a से b जा रहे हो तो आप जो है इंटरवल को दो भाग में बांट सकते हो कि
पहले a से c गए फिर c से b गए c जो है दोनों के बीच में आएगा अगर आप 0 से a कर रहे हो fxxx.pro
लेफ्ट और राइट का एरिया अपोजिट होगा इंटीग्रेशन विल कम आउट टू बी जीरो रो से 2a है तो टू टाइम्स रो से a आ जाएगा अगर
fx2 ए - x बराबर है यानी इधर से चले जो वैल्यू आ रही है और राइट से आए दोनों तरफ से वैल्यू बराबर आ रही है यानी क्या हुआ
इसका मतलब हुआ सिमिट्रिक अबाउट x = a अगर इंटरवल के बीचोंबीच जो पॉइंट है उसके दोनों तरफ सिम
है मिरर इमेजेस हैं तो आप क्या कर सकते हैं दुगना कर दो 0 से a वाले इंटीग्रेशन को अगर दोनों तरफ एंटी सिमेट्री या अपोजिट
है तो इंटीग्रेशन जीरो आएगा a से b fxxx.pro करना होता है a से बी तक इंटीग्रल
fxxx.pro c तक fxxx.pro अब गामा व आपका वन होता है गामा 0 आपका एक सेकंड गामा 0 इनफिनिटी होता है
गामा n + 1 होता है n गामा n और गामा n + 1 n फैक्टोरियल आता है अगर यह n इंटी जर है गामा हाफ होता है रट पाई अब ये
इंटीग्रेशन बहुत इंपॉर्टेंट है जो याद रहना चाहिए 0 से पाई बाट विद लिमिट याद रखना भाई 0 से पाई बाटू साइन की पावर ए कस
की पावर n गामा m + 1/2 गामा n + 1/2 नीचे दोनों का सम और टू टाइम्स m + 1 और n + 1/2 का सम कर
देना भाई दे दो अब दे दो तीन-चार टेस्ट तो दे ही सकते हो गेट से पहले ऐसे ही होता है बीटा फंक्शन x की पावर m - 1 1 - x की
पावर n - 1 0 से 1 mnnit.ac.in ये दो फंक्शन याद रखना डबल इंटीग्रेशन आते
हैं मल्टीपल इंटीग्रल पे बेसिकली आप डबल इंटीग्रेशन क्यों करते हैं ताकि आप किसी रीजन का एरिया निकाल पाए इन अ 2d रीजन
जैसे अगर एकवा प्लेन में इंटीग्रेशन करना है तो आपको अगर एकवा प्लेन में एरिया चाहिए dx1 y ज प्लेन में एरिया चाहिए तो
dydekop.org अब यहां देखो कोई फंक्शन नहीं है जब कोई फंक्शन नहीं होता ना तो हमें एरिया मिलता है किसी पर्टिकुलर रीजन का
ठीक है अब डबल और ट्रिपल इंटीग्रल कैसे करते हैं अगर आपने ऐसे इंटीग्रेशन लिखा है तो पहले आप x के रिस्पेक्ट में इंटीग्रेट
करते हैं वा को कांस्टेंट मान के फिर y के रिस्पेक्ट में इंटीग्रेशन करते हैं ठीक है अगर आप ऐसे लिख रहे हो ट्रिपल में तो पहले
एक्स के रिस्पेक्ट में करो फिर वा के रिस्पेक्ट में और फिर जड के रिस्पेक्ट में जिस किसी इंटीग्रेशन की लिमिट कांस्टेंट
नहीं है वेरिएबल है वेरिएबल लिमिट वाला इंटीग्रेशन अंदर आना चाहिए और कांस्टेंट लिमिट वाला इंटीग्रेशन हमेशा बाहर आता है
ठीक है अब रीजन ऑफ इंटीग्रेशन आपको अगर डबल इंटीग्रल निकलवाना है तो वो रीजन बताएगा x और y के लिमिट में वो रीजन
बताएगा जैसे यहां देखो दो कर्व हैं पहला है x = फ 1y और x = फ 2y तो हम यहां पे क्या करते हैं बच्चों एक छोटी सी स्ट्रिप
ले लेते हैं ऐसे ठीक है इसमें हम कहते हैं कि ये जो स्ट्रिप का y कोऑर्डिनेट है उसमें कितना चेंज आ रहा है
dy1 y से फ 2y तो x की लिमिट आप देखो आपकी वेरिएबल लिमिट है तो ये अंदर आएगा और y आपका a से b तक जा रहा है तो जिसकी
कांस्टेंट लिमिट होती है वो बाहर आता है तो जब आप x के रिस्पेक्ट में पहले इंटीग्रेट कर रहे हो तो बेटा आपको यह
ध्यान देना है कि आप हॉरिजॉन्टल स्ट्रिप लेकर कर रहे हो अगर पहले एक्स के रिस्पेक्ट में कर रहे हो फिर वा के
रिस्पेक्ट में तो इट इज अ हॉरिजॉन्टल टाइप ऑफ स्ट्रिप अगर आप ऐसे ही मेरे बच्चों यहां पर ऐसे वर्टिकल स्ट्रिप ले
लेते वर्टिकल स्ट्रिप लेते तो अब यह जो दो कर्व है यहां पर वा है जीव ऑफ एक्स वा है जीव एक्स और दूसरे केस में y
है g2 ज सॉरी g2 एक वा है आपका g1x और यहां g2 एक तो आप कहेंगे मेरे x
में अगर छोटा सा चेंज आ रहा है d एक कावा मेरा जा रहा है g1x से g2 एक अब आप पहले y के रिस्पेक्ट में करेंगे y की लिमिट
वेरिएबल है और x की लिमिट कांस्टेंट है तो यह वर्टिकल स्ट्रिप होता है अगर पहले y के रिस्पेक्ट में करो और फिर x के रिस्पेक्ट
में अब आप अगर दोनों की लिमिट कांस्टेंट है अगर दोनों की लिमिट कांस्टेंट है तो आपकी मर्जी है आप y के बाद x के रिस्पेक्ट
में कर सकते हो या पहले x और फिर y के रिस्पेक्ट में कोई फर्क नहीं पड़ेगा अगर रीजन रेक्टेंगल है रेक्टेंगल रीजन में
दोनों की लिमिट कांस्टेंट आती है अब डिसीजन कैसे बनाया जाता है भाई कौन सी स्ट्रिप लेनी है अब जैसे देखो यहां पे
वर्टिकल स्ट्रिप लोगे तो यहां पे वर्टिकल स्ट्रिप में कोई कॉर्नर नहीं आ रहा कहीं ब्रेकिंग नहीं आ रही है जैसे मान लो यह है
x इक्व f1 वा सॉरी y इ f1 एकवा इ
f1 एक्स और y इ f2 वा सॉरी f2 एक अब यहां पर आप अगर स्ट्रिप देखोगे तो आप f1 से f2 ही
जा रहे हो वा में चाहे आप कोई भी स्ट्रप उठा के देख लो बट अगर आप इसको हॉरिजॉन्टल स्ट्रिप से करते अगर आप इसको हॉरिजॉन्टल
स्ट्रिप से करते इसको बोलते एक्स इ जीववा और एक्स इज g2 वा तो अब आप यह देखो हॉरिजॉन्टल स्ट्रिप
पहले जीरो से जा रही है कहां तक टवा तक फिर यहां पर दोनों इक्वल हो गए अब जीरो से जा रही है g1 तो आपको इंटीग्रेशन को ब्रेक
करना पड़ेगा क्योंकि x की लिमिट आपकी चेंज हो रही है पहले 0 से g2 जा रही थी अब 0 से g1 जा रही है तो आपको इंटीग्रेशन चेंज
करना पड़ेगा यहां चेंज नहीं करना पड़ेगा y की लिमिट f1 से f2 ही जा रही है इस हिसाब से स्ट्रिप ली जाती है कि स्ट्रिप की
लिमिट चेंज ना करनी पड़े तो आइडेंटिफिकेशन करें और बहुत बार आपको नेचर ऑफ स्ट्रिप
बदलना पड़ता है ताकि इंटीग्रेशन आसान हो जाए तो अगर पहले y के रिस्पेक्ट में में इंटीग्रेशन हो रहा है भाई तो कैसी स्ट्रिप
है अगर y के रिस्पेक्ट में हो रहा है तो वो है आपकी वर्टिकल स्ट्रिप और पहले अगर x के रिस्पेक्ट में हो रहा है तो दैट इज द
हॉरिजॉन्टल स्ट्रिप तो आप ऑर्डर देख के स्ट्रिप रिकॉग्नाइज करें और कई बार आपको स्ट्रिप को पलटना पड़ेगा जिससे इंटीग्रेशन
इजी हो जाए अगर दो कर्व के बीच का एरिया लेना है यह तरीका मैंने बताया था दोनों के डिफरेंस का इंटीग्रेशन या आप ये कर सकते
हो a से b और y की लिमिट को कह दो वर्टिकल स्टेप ले रहा हूं सर मैं y मेरा जा रहा है gx2 तो देखो y की लिमिट
gx8 कर लो फिर x में अब चेंज ऑफ वेरिएबल डबल इंटीग्रेशन में वेरिएबल भी बदलने पड़ते हैं तो कई बार x को
ज कोबियन मैट्रिक्स जो आती है आपकी वह आती है इस टाइप से डेल एक्स बाय डेल
य डेल एक्स बाय डेल व ठीक है डेल एक्स डेल वा बाय डेल य पार्शियल डेरिवेटिव डेल वा बा डेवी तो इसका डिटरमिनेट हो जाता है मोड
ज ठीक है अब बहुत बार क्या होता है अगर आपका ऐसे हो जाए य इज अ फंक्शन ऑफ एक्स एंडवा
एंड v इज अ फंक्शन आपने x और y का फंक्शन बनाने की जगह u और v को एक्सप्रेस कर लिया तो आप एक नया जैकबियन बनाते हो देखो
ऐसे डेल य बा डेल एक डेल य बा डेल y अगर आपको u और v पता है ना इन टर्म्स ऑफ x एंड y यह होगा तो जो आपका मड j आ रहा था
वह एक्चुअली 1 बाय मोड जड हो जाता है तो इसका रेसिप प्रोकल ले लेना यहां पर डालते हुए ठीक है अगर आपको x और y पता है एज अ
फंक्शन ऑफ u तो जैकबियन निकालो और u पता है एस फंक्शन ऑफ एकवा तो उल्टा निकालो ठीक है अब ट्रिपल इंटीग्रेशन के अंदर भी वही
काम करना है यहां पे u v w होंगे और एक्सवा जड होंगे तो मड ऑफ जैकोबिन * आपको एक ग्राफ गिवन रहेगा y = fx2
के बाहर है और फिर आपकी x की लिमिट क्या आएंगी कांस्टेंट लॉजिक समझ में आ रही है बात जो
अंदर वाला इंटीग्रेशन होता है उसकी लिमिट बाहर वाले वेरिएबल का फंक्शन होती है अब आ जाते हैं वेक्टर्स पे वेक्टर्स में यार दो
वेक्टर्स को ऐड करने का तरीका पैरेललोग्राम लॉ होता है यहां पे हम क्या कहते हैं समम आता है p स् + q स् + 2pq c
थीटा tan1 थीटा / p + q c थीटा कंपोनेंट मेथड में क्या होता है अगर दो
वेक्टर कंपोनेंट फॉर्म में लिख दिए जाएं आई ज के के फॉर्म में तो उनके सम में x एक का सम होता है y वा का सम होता है और z ज
का सम होता है ऐसे डिफरेंस में कंपोनेंट बाय कंपोनेंट डिफरेंस ले लेते हैं अब हर वेक्टर को अगर आप देखोगे तो इट विल मेक
सर्टेन एंगल विद द एक्स एक्सिस वा एक्सिस एंड द z एक्सिस तो अगर आपको वेक्टर की लेंथ पता है तो उसका x कंपोनेंट होगा a क
अल्फा अल्फा इज द एंगल विद x एक्सिस y क कॉस बीटा बीटा इज द एंगल विद दवा एक्सिस ए कॉस गामा गामा इज द एंगल विद द जड
एक्सिस अगर वेक्टर आपका डी में है तो बीटा हो जाएगा आपका 90 माइनस अल्फा तो ए एक्स हो गया ए कॉस अल्फा एवा
होगा ए कॉस बीटा बीटा की जगह डालोगे 90 माइनस अल्फा तो च विल बी ए साइन अल्फ तो ऐसे भी बोल देते हैं x से अगर एंगल अल्फा
है तो x कंपोनेंट क अल्फा y हो गया सा अल्फा वेक्टर प्रोडक्ट वेक्टर प्रोडक्ट दो तरीके का होता है अगर प्रोडक्ट करने पे
स्केलर आता है तो डॉट प्रोडक्ट कहते हैं और अगर प्रोडक्ट करने पे वेक्टर आता है तो क्रॉस प्रोडक्ट कहते हैं तीन वेक्टर में
दो तरह के होते हैं स्केलर ट्रिपल प्रोडक्ट और वेक्टर ट्रिपल प्रोडक्ट डॉट प्रोडक्ट में क्या होता है एड बी होता है
मड ए मड बी क थीटा थीटा क्या होता है एंगल बिटवीन a वेक्टर एंड बी वेक्टर आप इसको ऐसे भी लिख सकते हो कि a वेक्टर का
कंपोनेंट b पे लेके b से मल्टीप्लाई कर दो b का लेंथ इंटू a का लेंथ अलोंग b या उल्टा कह दो a का लेंथ * b का कंपोनेंट
अलोंग a आपका डॉट प्रोडक्ट कम्यूटर होता है डिस्ट्रीब्यूटर होता है a बी ए क थीटा होता है दैट इज
मैग्निटिया काहे क थीटा 1 से छोटा होता है थीटा अगर एक्यूट है तो डॉट प्रोडक्ट पॉजिटिव आएगा
थीटा अगर ऑब्टेंड प्रोडक्ट नेगेटिव आएगा थीटा 90 है डॉट प्रोडक्ट रो आएगा और a b मैक्सिमम कब आता है जब थीटा 0 होता है
यानी पैरेलल होते हैं वेक्टर मिनिमम कब आता है जब एंटी पैरेलल होते हैं डॉट कैसे करते हैं कंपोनेंट बाय कंपोनेंट
मल्टीप्लाई करते हैं a1 b1 + a2 b2 + a3 b3 सेम डायरेक्शन वाले कंपोनेंट्स को मल्टीप्लाई करके ऐड करते हैं i ज के आपस
में 90° पे होते हैं तो इनके डॉट्स आपस में जीरो आते हैं खुद के साथ डॉट करते हो तो आता है वन दो वेक्टर्स के बीच का एंगल
हमेशा डॉट प्रोडक्ट से निकालना क्योंकि क्रॉस प्रोडक्ट आपको एक्यूट और ऑब्टनर क्ट बताएगा क थीटा पॉजिटिव आया
यानी 90 से कम है क थीटा नेगेटिव तो एंगल 90 से ज्यादा है क्रॉस प्रोडक्ट क्या होता है जब दो वेक्टर को मल्टीप्लाई करके एक
वेक्टर बनाते हैं दैट इज क्रॉस प्रोडक्ट तो यहां वेक्टर आता है इसीलिए उसका मैग्नी ट्यूड होता है मड a मड b सा थीटा बट साथ
में एक डायरेक्शन दिखाते हैं ए कैप ए कैप क्या होता है a और b दोनों के परपेंडिकुलर होता है कैसे निकालते हैं राइट हैंड की
फिंगर्स को a की तरफ रखो b की तरफ घुमाओ तो जो आपका अंगूठा है वो आपको बता रहा है क्रॉस प्रोडक्ट की डायरेक्शन a पे रखा b
की तरफ कर्ल किया अंगूठे से आ जाएगा नॉर्मल वेक्टर या क्रॉस प्रोडक्ट का डायरेक्शन ये एंटी कम्यूटर होता है a क्रस
b और b क्रॉस a का मैग्नी ूडल आता है बट डायरेक्शन अपोजिट आती है डिस्ट्रीब्यूटर ये भी होता है ये जीरो होता है अगर दो
वेक्टर पैरेलल या एंटी पैरेलल हो और मैक्सिमम होता है अगर थीटा 90 डिग्री आ जाए यानी परपेंडिकुलर आ ज और के आपस में
परपेंडिकुलर होते हैं सबके बीच में एंगल 90 होता है तो इनके क्रॉस कैसे लिए जाते हैं देखो ऐसे अगर आप इस साइकिल में चलोगे
क्लॉक वाइज तो क्रॉस प्रोडक्ट आपको पॉजिटिव लेना है i क्रॉस ज के j क्रॉस के आ और के क्रॉस आ ज अगर आप उल्टा चलेंगे तो
आप माइनस साइन के साथ लेंगे दो का क्रॉस तीसरा आएगा बट विद अ नेगेटिव साइन और खुद के साथ क्रॉस तो
हमेशा जीरो आएगा काहे क्योंकि भाई खुद के साथ खुद का एंगल 0 डिग्री होता है तो क्रॉस प्रोडक्ट इज जीरो अब क्रॉस प्रोडक्ट
कैसे निकालते हैं डिटरमिनेट की फॉर्म में निकालते हैं आ ज के और दोनों वेक्टर के कंपोनेंट लिख लो अब इस डिटरमिनेट को आप
इवेलुएट कर लो दैट इज सेड टू बी द क्रॉस प्रोडक्ट राइट हैंड थम रूल मैंने आपको बता ही दिया
ठीक है कंपोनेंट ऑफ अ वेक्टर अगर किसी वेक्टर का कंपोनेंट दूसरे के डायरेक्शन में निकालना है a का कंपोनेंट b की तरफ
चाहिए तो एड बी कैप करेंगे या फिर a बी बाय मड बी करोगे ठीक है a बी कैप करोगे या फिर एड बी कैप की जगह a ब बा मड बी करोगे
अब यह होता है स्केलर कंपोनेंट क्योंकि ये वैल्यू कैसी आएगी स्केलर अगर आप को डायरेक्शन भी बतानी है डायरेक्शन किसकी
डायरेक्शन में है b के डायरेक्शन में तो आप उसके आगे एक b कैप और लिख देते हैं तो ये आपका कंपोनेंट वेक्टर फॉर्म में आ जाता
है अगर वेक्टर माइनस कंपोनेंट अलोंग बी सबस्टैक करोगे तो दैट इज द कंपोनेंट परपेंडिकुलर टू b कंपोनेंट परपेंडिकुलर टू
b आएगा यूनिट वेक्टर अ आपका क्रॉस प्रोडक्ट पैरेललोग्राम का एरिया बताता है अगर
पैरेललोग्राम की दो साइड दो वेक्टर के फॉर्म में दे रखी है तो क्रॉस प्रोडक्ट का मैग्नी
ूडल का एरिया निकालने के लिए परपेंडिकुलर में b कैप होगा लिखा तो है b कैप ये डायरेक्शन बतानी पड़ेगी ना
बेटा a डॉट अच्छा ये कह रहे हो a b कैप * b कैप तो मैंने a में से अलोंग b वाला कंपोनेंट सबट क्ट किया तो परपेंडिकुलर टू
b मिल गया ट्रायंगल की दो साइड अगर दो वेक्टर होती हैं तो ट्रायंगल का एरिया आता है 1/2 मड b क्रॉस c और पैरेललोग्राम का
एरिया होता है म बी क्रॉस सी स्केलर ट्रिपल प्रोडक्ट स्केलर ट्रिपल प्रोडक्ट क्या होता है ए का डॉट बी और सी के क्रॉस
के साथ बी का डॉट सी और ए के क्रॉस के साथ सी का डॉट ए और बी के क्रॉस के साथ तो ऐसे साइकिल लेक चलते हैं हम लोग दिस विल बी
पॉजिटिव तो आपको क्या करना है जो आप आई ज के लिख रहे थे ना उसकी जगह a1 a2 a3 लिख देना और बाकी इस डिटरमिनेट को खोलना आपको
आता है अभी मैंने बताया सारस रूल ठीक है अब वेक्टर ट्रिपल प्रोडक्ट का सॉरी स्केला ट्रिपल प्रोडक्ट से क्या फायदा होता है
इससे आप पैरेलल पिपि का वॉल्यूम निकालते हो पैरेलल पिपि क्या होता है एक थ्री डायमेंशन स्ट्रक्चर होता है जिसके एजेस
पैरेललोग्राम होते हैं जिसके फेसेस पैरेललोग्राम होते हैं ऐसा 3d स्ट्रक्चर कहलाता है पैरेलल पपेट तो मॉड ऑफ द वेक्टर
ट्रिपल स्केलर ट्रिपल प्रोडक्ट विल गिव यू वॉल्यूम ऑफ पैरेलल पपेट वेक्टर ट्रिपल प्रोडक्ट होता है a क्रॉस b क्रॉस c तो आप
इसको लिख सकते हो बैक माइनस कैप b * क्योंकि a c एक स्केलर है - c * a.b. b भी एक स्केलर है डेल ऑपरेटर डेल ऑपरेटर आपका
होता है वेक्टर डिफरेंशियल ऑपरेटर यह थ्री डायमेंशन डेरिवेटिव की तरह होता है जो अलग-अलग कोऑर्डिनेट में अलग-अलग तरह से
आता है जैसे कार्टी शियन में डे / डे एक a कैप डे / डे y a कैप डे / डे z ए कैप सिलेंडर कल में डे / डे रो 1 / रो डे बाडे
फ डे बाडे z स्फेरिकल में डे बाडे r 1 / r डे बा डे थीटा 1 / r सा थीटा डे / डे फ इस तरीके से आप डिफाइन करते हो तो डेल ऑपरेटर
अगर एक स्केलर फंक्शन पे लगाते हैं तो हम उसे कहते हैं ग्रेडिएंट ग्रेडिएंट कैसे लिखोगे एक f एक स्केलर फंक्शन है तो d f /
d एक i कैप d f / d y j कैप d f / डे z k कैप तो ग्रेडिएंट जो होता है एक स्केलर फंक्शन का वेक्टर क्वांटिटी देता है और
ग्रेडिएंट हमको क्या बताता है ग्रेडिएंट आपको यह बताता है कितना रेट ऑफ चेंज है फंक्शन का जो जो मैक्सिमम है मैक्सिमम रेट
ऑफ चेंज आपको बताता है और मैक्सिमम रेट ऑफ चेंज का जो डायरेक्शन है वो हमेशा नॉर्मल डायरेक्शन होता है तो अगर किसी सरफेस का
नॉर्मल कभी निकालना होता है तो उसका ग्रेडिएंट निकाल के यूनिट वेक्टर में कन्वर्ट कर देते हैं अब क्या होता है यार
वेक्टर जो 3d में है उसमें इनफाइकिल सकते हो दैट इज सेड टू बी डायरेक्शनल डेरिवेटिव तो डायरेक्शनल
डेरिवेटिव कैसे निकालते हैं पहले ग्रेडिएंट निकाल ते हैं व्हिच इज नॉर्मल टू द सरफेस फिर उसका डॉट ले लेते हैं उस
डायरेक्शन के साथ जिस डायरेक्शन में हमें डेरिवेटिव चाहिए तो ग्रेडिएंट ऑफ f ड b कैप अगर वेक्टर फॉर्म में लिखना है तो डॉट
b कैप के आगे b कैप और लगा देना अगर दो सरफेस के बीच का एंगल निकालना है तो दो सरफेस के बीच का एंगल उनके नॉर्मल के बीच
का एंगल होता है नॉर्मल के नॉर्मल कैसे निकालो ग्रेडिएंट से तो ग्रेडिएंट से आपका नॉर्मल आ गया अब ग्रेडिएंट आपके वेक्टर
होते हैं तो आप उन दोनों वेक्टर के बीच का एंगल निकाल लो यूजिंग द रूल ऑफ डॉट प्रोडक्ट तो अगर दो सरफेस के बीच का एंगल
चाहिए तो उनके नॉर्मल के बीच का एंगल निकालो नॉर्मल आएगा ग्रेडिएंट से और एंगल आगा डॉट प्रोडक्ट के नियम
से अब ग्रेडिएंट ऑफ r होता है आ वेक्टर बाय आ ए आ होता है एड आ आ वेक्टर बाय आ और एफ का डेल स्क्वायर होता है डबल डेरिवेटिव
प् 2 बा आ एड आ ठीक है यह रूल आपके क्वेश्चन में काफी काम काम आते हैं डायवर्जेंस डायवर्जेंस क्या होता है जब
डेल ऑपरेटर हम एक वेक्टर फंक्शन पे लगाएं और हमें रिजल्ट में एक स्केलर मिल जाए दैट इज डायवर्जेंस तो वेक्टर फंक्शन का मतलब
क्या होता है जिस फंक्शन के कंपोनेंट तीनों दिशाओं में होंगे तो एक फंक्शन के तीन फंक्शन बन जाएंगे एक-एक डायरेक्शन में
यहां f फ और साई ये तीनों के तीनों आपके x वा और z के फंक्शन है तो एक वेक्टर फंक्शन मल्टीपल स्केलर फंक्शन से बनता है अब
डायवर्जेंस कैसे निकलता है डेल f बाडे एक डेल फ बा डेल वा और डेल साई बा डेल z अब अगर किसी वेक्टर फंक्शन का डायवर्जेंस
जीरो हो जाता है तो उसे सोलेनोइड्स फ्री हम उसको कह सकते हैं कर्ल क्या होता है जब डेल ऑपरेटर एक वेक्टर पे लगाओ और
आपको एक वेक्टर ही मिले दैट इज सेड टू बी अ कर्ल ऑपरेटर वेक्टर फंक्शन मैंने क्या बताया जो तीनों दिशाओं में होगा वो तीन
फंक्शन से मिलके बनेगा अब कर्ल आपका क्रॉस प्रोडक्ट की तरह निकाला जाता है आई ज के लिखते हो डेल बाय डेल एक् डेल बा डेल वा
डेल बाय डेल जड f फई और साई आप लिखते हो इस ड इस डिटर्मिननेंट को अगर आप कैलकुलेट करेंगे यू कैन गेट द कर्ल कर्ल क्या बताता
है सर्कुलेशन या रोटेशन बताता है किसी वेक्टर फंक्शन का जैसे एक मैग्नेट से निकलने वाली मैग्नेटिक फील्ड घूमती है तो
वहां पर कर्ल आपका एजिस्ट करेगा ठीक है भाई ए रोटेशनल फील्ड यानी जो फील्ड घूमती नहीं है तो उसका कर्ल क्या
आना चाहिए जीरो आना चाहिए इसका बेस्ट एग्जांपल है इलेक्ट्रिक फील्ड अब देखो कुछ रिलेशन ये आपका प्रोडक्ट रूल से हो रहा है
ग्रेडिएंट ऑफ ग्रेडिएंट ऑफ ए वेक्टर डॉट वेक्टर इज स्केलर कर्ल ऑफ
fgfr3 आपको याद रखने फर्स्ट सेकंड थर्ड अगर डेल आप दो बार लगाते हो बेटा तो उसको लेप्लेसियन बोल देते
तो डेल स्क्वा f इज डायवर्जेंस ऑफ ग्रेडिएंट तो ये कैसे आता है डेल स्क f बा डेल एक स् डेल स्क f बा डेल वा स् डेल
स्क्र f बा डेल z स्क्वा अब आपकी ये दो नल आइडेंटिटी होती है कर्ल ऑफ ग्रेडिएंट इज जीरो एंड डायवर्जेंस ऑफ कर्ल इज आल्सो
जीरो बेटा जो अदर कोऑर्डिनेट सिस्टम में है ना वो मैं आपको ईम एटी वाले फार्मूला रिवीजन में करा दूंगा ठीक
है डोंट वरी अबाउट इट अब आते हैं वेक्टर इंटीग्रेशन पे वेक्टर इंटीग्रेशन तीन तरह का होता है लाइन इंटीग्रेशन जहां पे आप
वेक्टर का कंपोनेंट एक कर्व के अलोंग लेते हैं और उसको इंटीग्रेट करते हैं सरफेस इंटीग्रेशन जहां वेक्टर का कंपोनेंट d ए
वेक्टर में लेते हैं d ए वेक्टर क्या होता है एरिया वेक्टर होता है एरिया वेक्टर किस डायरेक्शन में होता है इट इज नॉर्मल टू द
एरिया और यहां पे एवी होता है यहां पे a आपका वेक्टर नहीं होता है ए आपका स्केलर होता है उसे एक वॉल्यूम पे इंटीग्रेट किया
जाता है अब कर्व आपका सरफेस जो है ओपन क्लोज हो सकता है कर्व भी आपका ओपन क्लोज हो सकता
है क्लोज का मतलब क्या होता है भाई क्लोज का मतलब होता है जहां पे कर्व आपका स्टार्टिंग और एंडिंग पॉइंट सेम हो और ओपन
का मतलब होता है अग स्टार्टिंग और एंडिंग पॉइंट अलग है सरफेस ओपन का मतलब जिसके अंदर कोई वॉल्यूम ना आए जैसे एक पेज ले लो
पेज का वॉल्यूम नहीं हो सकता बट उसी पेज को घुमा के सिलेंडर बना दो तो क्लोज सरफेस होगा क्योंकि सिलेंडर का वॉल्यूम होता है
अब लाइन इंटीग्रेशन का का मतलब क्या होता है किसी भी वेक्टर का आप अलोंग द टेंज एट कंपोनेंट ले रहे हो कर्व पे आप हर पॉइंट
पे टेंज एट बनाते जाओ और उस टेंज के डायरेक्शन में वेक्टर का कंपोनेंट ले लो और फिर आप सम करेंगे तो यू विल गेट द लाइन
इंटीग्रल तो जैसे f आपका है तीन फंक्शन से बना है f फ और सा से तो fd6 सा फ dylan's वेक्टर होता है वो d एक् आडी वा
जडी ज के होता है और f वेक्टर क्या होता है f फ ज और साई के तो इनके डॉट का आपको इंटीग्रेशन करना होता है अगर f आपका
कंजरवेटिव होता है कंजरवेटिव का मतलब होता है कर्ल जीरो तो उसका क्लोज लूप लाइन इंटीग्रल जीरो आता है और ओपन लूप लाइन
इंटीग्रल इंडिपेंडेंट ऑफ पाथ आता है अगर आपको क्या करना है देखो लाइन इंटीग्रल निकालते
समय लाइन इंटीग्रल निकालते समय सबसे पहले चेक कर लेना कर्ल ऑफ एफ क्या चेक कर लेना कर्ल ऑफ
ए अगर आपका जीरो आया तो कंजरवेटिव है तो यहां पर आप क्या कर सकते हो मैं आपको बताता
हूं या तो या तो चूज स्ट्रेट लाइन पाथ बिटवीन एंड पॉइंट्स
ठीक है दोनों पॉइंट्स के बीच का स्ट्रेट लाइन ले लो और कई बार कंजरवेटिव भी होता है ना तब वह आपको पाथ देता भी नहीं है व
बस पॉइंट दे देता है कि जीरो 0 से टू तक निकालो एक तो तरीका यह होता है एक होता है कि आप जो है एफ को लिखें ग्रेडिएंट ऑफ फ
और फई निकाले कैसे डेल फई बा डेल एक् इज f एक इन इक्वेशंस को इंटीग्रेट कर लेना अब इंटीग्रेशन करके जो जो टर्म्स आएंगी ना
तीन इंटीग्रेशन से उनका यूनियन ले लेना माने कॉमन टर्म एक ही बार लेना यूनियन ले लेना तब आपका इंटीग्रेशन ऐसे हो जाता
है ए से बी एफ डडी ए इज 5 बी माइनस फ अगर यह नॉन जीरो आ गया तो बेटा आपका इंटीग्रेशन पाथ पर
डिपेंड करेगा तो आप क्या करेंगे आप आपके कर्व को पैरामीटर करेंगे पैरामीटराइज
कर्व यानी x को लिखेंगे फंक्शन ऑफ t वा को लिखेंगे ऑफ t और जड को लिखेंगे h ऑफ t और फिर d एक्डी वाडी ज इनके डेरिवेटिव बन
जाएंगे तब आपको पैरामीटराइज करना पड़ता है ठीक है तो ये फई वाला मेथड बड़ा अच्छा पड़ता है अगर आपकी फील्ड कंजरवेटिव होती
है ठीक है पैरामीटराइजेशन कैसे होता है जैसा मैंने बताया x x y ज को फंक्शन ऑफ t लिखते हैं तो
dl1 ज dz2 होता है इसको dx1 d t सर्कल का पैरामीटराइजेशन क्या होता है x को मानते हो a थीटा y को मानते हो a सा
थीटा y को मानते हो a सा थीटा a जो है सर्कल का रेडियस है अगर x स् / a स् y स् / b स् दिया है तो x को a क थीटा और y को
b सा थीटा माना जाता है एलिप्स के केस में ठीक है अगर दो पॉइंट्स है दो पॉइंट्स के बीच में स्ट्रेट लाइन लिखनी है कैसे
लिखोगे x - x1 / x2 - x1 y - y1 / y2 - y1 z - z1 / z2 - z1 t आ जाएगा जिससे x y z आपके आ गए और t आपका 0 से वन आता है ठीक
है ये पैरामीटराइजेशन है सरफेस इंटीग्रेशन के लिए एरिया वेक्टर लिया जाता है एरिया वेक्टर बेसिकली क्या होता है इट इज
परपेंडिकुलर टू द एरिया और उसका मैग्नी ूडल का मैग्नी ूडल होती है उसे एरिया वेक्टर कहते हैं अब
सरफेस आपके जो ओपन सरफेस हैं वो दो तरह के होते हैं ओरिएंटेड या अन ओरिएंटेड ओरिएंटेड का मतलब क्या होता है जो सरफेस
है उसकी बाउंड्री का जो कर्व है कर्व की डायरेक्शन आपको दे रखी है तो कर्व की डायरेक्शन में उंगलियां घुमा के हमें
एरिया वेक्टर मिल जाता है अंदर कर्व की डायरेक्शन में अब अगर डायरेक्शन नहीं दे रखी तो आप क्ल एंटीक्लॉक वाइज लोगे तो
एरिया वेक्टर बाहर क्लॉक वाइज लोगे तो अंदर तो यहां पे एरिया वेक्टर दो पॉसिबल है बाहर और अंदर यहां एक ही पॉसिबल है अब
एरिया वेक्टर की डायरेक्शन कैसे निकालते हैं अगर कोई सरफेस दे दिया जैसे fx1 z = c लेवल सरफेस का मतलब क्या होता है अगर इस
फॉर्म में सरफेस दे दे तो आप इसका जब ग्रेडिएंट लेते हैं तो ग्रेडिएंट आपको एरिया वेक्टर की डायरेक्शन
बताता है ठीक है अब अगर सरफेस कभी एक वॉल्यूम को एंक्लोज कर रहा है यानी क्लोज सरफेस है क्लोज सरफेस माने जिसके भीतर कुछ
ना कुछ वॉल्यूम आप की आए तो इसके हर सरफेस का जो एरिया वेक्टर होता है वो आउटसाइड द वॉल्यूम होता है वॉल्यूम से बाहर की तरफ
लिया जाता है तो सारे एरिया वेक्टर बाहर लेते हैं जैसे यहां पे अंदर दिखाया तो दिस इज नॉट अलाउड एरिया वेक्टर शुड बी
आउटवर्क सरफेस का एरिया वेक्टर का डायरेक्शन ग्रेडिएंट से आएगा ग्रेडिएंट को यूनिट वेक्टर में कन्वर्ट कर लेना
डिवाइडिंग बाय द मैग्नी ूडल सरफेस इंटीग्रेशन में f.d. n कै d ए या फिर f
a कैप dx5 आप उसका प्रोजेक्शन ले रहे हो x y y z या x ज प्लेन के अंदर जिससे आपका
इंटीग्रेशन आसान बन जाए अब सिलेंडर कल कोऑर्डिनेट में आपके रो फ z ये तीन कोऑर्डिनेट होते हैं रो होता है सिलेंडर
से रेडियली आउटवर्क में अगर आप एंटीक्लॉक वाइज चले तो टेंज जिश z होता है अलोंग द एक्सिस ऑफ द
सिलेंडर इसमें d ए क्या होता है रो एरो रो d5 ए5 dz2 d फ आपका z में आ जाएगा ठीक है z में
आ गया फ और z का लोगे रो में आ जाएगा रो d फ d z एरो और रो और z का लोगे फा में आ जाएगा रो d z a5 वॉल्यूम लेने के लिए
तीनों को मल्टीप्लाई कर लेते हैं रो का वैल्यू x y में क्या होता है √ x स् + y स् और फ होता है tan1 y / x z तो z होता
है x होता है रो क फ y होता है रो सा फ और z आपका z होता है ठीक है और जैसे x वा z का क्रॉस प्रोडक्ट होता है ऐसे ही रो 5z
का भी आपका क्रॉस प्रोडक्ट एजिस्ट करता है रो * फ z फ * z रो और z * रो फ इस टाइप से ठीक है स्फेरिकल कोऑर्डिनेट होते हैं r
थीटा फ r क्या होता है भाई रेडियली आउटवर्क सेंटर से आउटवर्क्स होती है z एक्सिस से डाउन वर्ड
वाली डायरेक्शन ये थीटा होती है और फाई आपका वही होता है जो आपका एकवा प्लेन में सर्कल पे टेंज एट होता है दैट इज फ तो
यहां तीन होते हैं r थीटा फ और यहां भी क्रॉस प्रोडक्ट वैसे ही चलेगा x वा z की जगह आपको ऑर्डर पता होना चाहिए r थ फ r *
थ इज फ थ * फ इज r 5 * r इ थीटा अब यहां पे dl3 a थीटा rs5 a5 एरिया वेक्टर लेना है
दो के क्रॉस से तीसरी डायरेक्शन में आता है rdr3 a5 में आएगा r स् साथ d थ d फ गा और r साथ d d बा a थीटा में आएगा तीनों का
प्रोडक्ट होता है वॉल्यूम यहां पे रो क्या होता है अगर सिलेंडर कल में जाना है r साटा z होता है r क थीटा फ तो फ होता है x
हो जाता है रो क फ तो r साथ क फ y हो जाता है रो सा फ r साथ सा फ z हो जाता है rc3 r √ x स् + y स् + z स् थीटा cos-1 z
/ r फ tan-1 y / x तो जहां कहीं आपको ऐसा दिखे x स् + y स् + z स् समझ जाना यहां स्फेरिकल से करना होगा अब आती हैं वेक्टर
इंटीग्रेशन थ्योरम पहली होती है ग्रीन्स थ्योरम ये टू डायमेंशन वेक्टर इंटीग्रेशन में मदद करती है जैसे अगर लिखा है md6 +
nymph's जो कर्व जिस सरफेस की बाउंड्री है वह है s और यह कर्व आपका एंटीक्लॉक वाइज होना चाहिए अगर क्लॉक वाइज हुआ तो बाहर एक
माइनस साइन लगा देना यह क्लोज कर्व के लिए ही आपका चलता है और m और ए ए और ए मस्ट बी डिफरेंशिएबल
एट ऑल पॉइंट्स इनसाइड s ए के हर पॉइंट पे ए और ए आपके डिफरेंशिएबल होने
चाहिए ठीक है s के अंदर अब यहां पे देखो रिलेशन आता है क्लोज
लाइन इंटीग्रल और ओपन सरफेस इंटीग्रल एक्वा प्लेन में सबसे कॉमन होता है ये तभी वैलिड है जब c क्लोज है m और n
डिफरेंशिएबल है और स सिंपली कनेक्टेड होना चाहिए माने उस कर्व में कहीं कोई इंटरसेक्शन नहीं आना चाहिए स्ट्रोक्स
थ्योरम स्ट्रोक्स थ्योरम क्या करती है भाई लाइन इंटीग्रल को सरफेस में कन्वर्ट करती है बट 3d में आपका जैसे ग्रीन थ्योरम भी
लाइन से सरफेस में जा रहा था बट वो 2d में था यह 3d में होता है तो f.d.
ds0 आया यानी इर रोटेशनल वेक्टर फंक्शन हुआ कंजरवेटिव वेक्टर फंक्शन हुआ तो क्लोज लूप इंटीग्रल f
dl01 स्टोक्स थ्योरम जहां आप सरफेस से लाइन इंटीग्रेशन में आते हैं मान लो सरफेस बड़ा कॉम्प्लिकेटेड सा है भाई स्फीयर है
या पैराबोलॉयड है उसका कर्व बड़ा सिंपल है सर्कल आ रहा है तो आप सरफेस से लाइन इंटीग्रेशन में आ जाओ और कोण का भी रिम
आपका सर्कल ही होता है तो आप लाइन इंटीग्रेशन कर लो डायवर्जेंस थ्योरम क्या करती है सरफेस इंटीग्रेशन को वॉल्यूम में
लेकर जाती है अगर आपका एक क्लोज सरफेस है क्लोज सरफेस माने जिसके भीतर वॉल्यूम है और वॉल्यूम के हर पॉइंट पे f आपका
डिफरेंशिएबल है तो सरफेस इंटीग्रल विल गेट कन्वर्टेड टू वॉल्यूम इंटीग्रल और किसका होगा वॉल्यूम इंटीग्रल डायवर्जेंस का n
क्या है नॉर्मल टू द सरफेस है और v क्या है वॉल्यूम एंक्लोज बाय द सरफेस बट f आपका हर पॉइंट पर डिफरेंशिएबल होना चाहिए ठीक
है भाई य ये हो गए आपके कैलकुलस तक का रिवीजन अब कल मैं कराऊंगा डिफरेंशियल इक्वेशन ठीक है और इसके अलावा क्या
कराऊंगा डिफरेंशियल इक्वेशन के अलावा आपको मैं कराऊंगा कॉम्प्लेक्टेड और एक्स जड में भी लगा सकते
हो अगर देखो वा जड में लगाना है मान लो ऐसा है यह भी ना कर्ल से आ जाता है तो अगर
आपको स्टॉक्स याद है तो स्टॉक्स में कोई दिक्कत आएगी नहीं तो अगर आपको स्टॉक्स याद है ना
स्टॉक्स से कर लेना फिर ग्रीन की जरूरत नहीं पड़ेगी तो एम और एन का कल लेना होगा एम
आपका वा में आ रहा है एन आपका जड में आ रहा है ऐसे कर
लेना य कर्ल ही है बेटा बस ये कर्ल में दो ही वेक्टर प्रेजेंट है m और n आपका तीसरा वाला जीरो है ग्रीन थ्योरम स्फेरिकल और
सिलेंडर कल के लिए कैसे करेंगे बेटा स्फेरिकल और सिलेंडर कल के लिए बेटर है आप स्टोक्स थ्योरम से अप्रोच कर लेना और आपको
वहां पे क्या लिखना होगा डेरिवेटिव में ही तो जाना होगा पहले डेरिवेटिव बना लेना ना नहीं तो वैसे मैं जो है आप लोगों को
ईएमएफ के अंदर ये बताऊंगा कि कर्ल डायवर्जेंस अलग-अलग कोऑर्डिनेट में कैसे लेते हैं ये ईएमएफ के मैराथन के अंदर या
ईएमएफ के फॉर्मूला रिवीजन में मैं आपको बता दूंगा ठीक है तो वहां पे अगर आपको कर् लेना है तो फिर आप स्टोक्स थ्योरम से जाना
ग्रीन से मत जाना कर्ल आप उसी कोऑर्डिनेट में लो जिसमें गिवन है सरफेस भी उसी कोऑर्डिनेट में डिफाइन करो जिसमें कि वो
गिवन है ठीक है भाई तो कल मिलते हैं सेम टाइम और इसके अलावा बच्चों जो भी बच्चे 2526 वाले हैं रिपब्लिक डे ऑफर 5 फरवरी तक
एक्सटेंड हो गया अभी भी आपको 26 पर ऑफ मिल रहा है तो जवाइन करना है तो अभी आप जॉइन कर सकते ठीक है बाकी कल शाम 6 बजे मिलेंगे
मैथ्स के पार्ट टू के साथ चलिए थंक
It discusses partial derivatives, mixed derivatives, homogeneous functions with Euler’s theorem, and methods to find maxima and minima in multivariable functions including Lagrange multipliers. Integration topics include basic rules, substitution, integration by parts, partial fractions, definite integrals, and extends to double and triple integrals with variable limits and change of variables using Jacobian determinants.
The video explains calculating determinants for 2x2 and 3x3 matrices using expansion by minors and cofactors. It also covers determinant properties for special matrices like diagonal, upper, and lower triangular types, and how operations on rows and columns affect determinant values.
It defines and distinguishes several matrix types including row and column vectors, rectangular and square matrices, diagonal, scalar, identity, symmetric, skew-symmetric, orthogonal, Hermitian, and unitary matrices. Additionally, it covers fundamental matrix operations such as addition, multiplication, and finding inverses.
The video introduces the definition and calculation of eigenvalues and eigenvectors, using characteristic equations. It discusses special properties of eigenvectors in symmetric and Hermitian matrices and explains the process and conditions necessary for matrix diagonalization.
The revision covers conditions for limit existence with examples, techniques like direct substitution, factor cancellation, and L’Hôpital’s rule, and defines continuity including types of discontinuities. For differentiation, it explains derivatives (including left and right hand), rules such as product, quotient, and chain, higher order and implicit differentiation, and applications like finding tangents, normals, maxima, minima, and points of inflection.
Vector operations such as dot and cross products, scalar and vector triple products are covered, along with differential operators like gradient, divergence, curl, and Laplacian. The video explains vector integration methods (line, surface, volume integrals) and important theorems including Green’s, Stokes’, and Divergence theorem with their applications.
It offers a comprehensive overview of essential formulas and concepts in Linear Algebra and Calculus, providing strong foundational knowledge for competitive exams or coursework. The video also guides learners toward additional resources for deepening understanding, and announces upcoming topics like differential equations and complex variables to enhance problem-solving skills.
Heads up!
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