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Lucky

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[00:56]

गुड इवनिंग एवरीवन।

[01:00]

एम आई ऑडिबल टू ऑल ऑफ यू?

[01:07]

आई होप यू ऑल आर डूइंग गुड एंड हैड अ

[01:10]

ग्रेट वीकेंड।

[01:16]

मैं बिल्कुल ठीक हूं प्रियांंशु। थैंक यू।

[01:24]

हेलो श्री निवासन।

[01:33]

संजीव फोर्थ जून की कैंडल डिस्कस करने का

[01:36]

जब टाइम आएगा जरूर करेंगे

[01:38]

नमस्कार राहुल

[01:43]

यूनियन बैंक नई डिमांड में आया यस आया है

[01:45]

राज बिल्कुल आई वांट टू सिंसियरली थैंक यू

[01:49]

एंड gtएf टीम बिकॉज़ इन द लास्ट क्लास आई

[01:52]

फ्ट दैट यू कुड हैव कंक्लूड द क्लास इन टू

[01:56]

आवर्स बट स्टिल आपने तीन आवर्स तक क्लास

[01:58]

ली सो दैट हम थैंक यू सो मच सुमित

[02:13]

एक एक छोटी सी बात बताएं आप लोग

[02:17]

एक छोटी सी बात बताइए कि कल की क्लास जो

[02:21]

थी फिफ्थ क्लास जो थी वो कितने लोगों को

[02:25]

तो टफ लगी और कितने लोगों को इजी लगी।

[02:32]

ईजी ठीक है। हां जयपुर में काफी बारिश है

[02:36]

मोहित।

[02:43]

सर आई डोंट अटेंड लास्ट क्लास ड्यू टू सम

[02:46]

मेडिकल इमरजेंसी बट आई वाज़ द रिकॉर्डिंग

[02:48]

एंड द सेकंड पार्ट ऑफ द क्लास अपर एंड

[02:50]

लोअर टाइम फ्रेम कंपैरिजन वाज़ माइंड

[02:52]

ब्लोइंग। थैंक यू चित्रा।

[02:55]

चलिए बहुत अच्छी बात है। अब एक बात मुझे

[02:59]

बताइए कि आप में से रिकॉर्डिंग कितने

[03:02]

लोगों ने देखी? जिनको भी हार्ड लगी, जिनको

[03:05]

भी इजी लगी। ठीक है? रिकॉर्डिंग कितने

[03:07]

लोगों ने देखी? और खासकर वो लोग तो जरूर

[03:09]

जवाब दें कि आप लोगों ने ना तो वो आपको टफ

[03:14]

भी लगी क्लास और टफ लगने के साथ-साथ

[03:17]

टफ लगने के साथ-साथ आपने रिकॉर्डिंग भी

[03:19]

नहीं देखी।

[03:22]

बहुत बढ़िया। बहुत सारे लोगों ने

[03:23]

रिकॉर्डिंग देखी और आई एम 100% श्योर

[03:25]

जिसने रिकॉर्डिंग देख ली ना उसके लिए वो

[03:28]

क्लास बहुत आसान हो गई।

[03:35]

सही कह रहा हूं ना मैं जिन्होंने भी

[03:37]

रिकॉर्डिंग देख ली उनके लिए वो टफ क्लास

[03:39]

बहुत आसान हो गई।

[03:42]

और जो लोग ना तो जिन लोगों को क्लास टफ भी

[03:47]

लगी और फिर उन्होंने रिकॉर्डिंग भी नहीं

[03:49]

देखी तो यह समझे कि आप अपने नेचर को समझें

[03:53]

जहां तक मैं समझ पा रहा हूं आप लोगों के

[03:55]

नेचर को किन किन की बात कर रहा हूं मैं

[03:58]

जिन लोगों को क्लास टफ भी लगी और फिर

[04:00]

उन्होंने उसकी रिकॉर्डिंग भी नहीं देखी तो

[04:02]

आपका नेचर है कंप्लेन करना क्योंकि जब

[04:06]

आपको पता है प्रॉब्लम यहां है और यह पता

[04:10]

है कि इसका सॉल्यूशन

[04:11]

यहां है। फिर भी आप उसे सॉल्यूशन की तरफ

[04:14]

नहीं जाते हैं। फिर भी सॉल्यूशन की तरफ

[04:17]

नहीं जाते और बार बहुत बार सोचते हैं कि

[04:21]

यह प्रॉब्लम बहुत बड़ी है। सॉल्यूशन होते

[04:23]

हुए भी

[04:25]

तो फिर यह समझो कि आपका कंप्लेन करने का

[04:28]

नेचर है। मैं किसी पर कुछ भी टोंट नहीं,

[04:32]

ब्लेम नहीं कुछ भी। बस मैं उन लोगों से यह

[04:35]

कह रहा हूं कि वह इस बात को समझें कि जब

[04:38]

हमारे पास किसी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ना

[04:40]

हो तो हां वाकई में परेशानी वाली बात है।

[04:43]

बट जब हमारे पास किसी प्रॉब्लम का

[04:45]

सॉल्यूशन है तो उसे हमें इस्तेमाल कर ही

[04:48]

लेना चाहिए।

[04:53]

थैंक यू सागर।

[04:55]

तो ये मैंने पहले ही दिन से, दूसरे दिन,

[04:58]

तीसरे दिन हर दिन यही बोला है कि क्लास की

[05:01]

रिकॉर्डिंग जरूर देखिए। और ये कांसेप्ट्स

[05:03]

जो है ना जब तक आपके माइंड में बहुत अच्छी

[05:07]

तरह से फिट नहीं हो जाते तब तक जो आप प्रो

[05:10]

ट्रेडर बनने वाली बात करते हो या

[05:12]

प्रॉफिटेबल ट्रेडर बनने वाली बात करते हो

[05:14]

वो थोड़ा सा मुश्किल ही होगा। उसके लिए

[05:17]

जरूरी है ना कि जो बताया जाए सिखाया जाए

[05:20]

उसको पूरी तरह से समझने की कोशिश करें और

[05:23]

नहीं समझ में आता तो मेंटोर भी उसके लिए

[05:25]

दिए हैं। और मैं इस बात को आज वापस मतलब

[05:28]

इसको इतना हाईलाइट करके क्यों कह रहा हूं?

[05:31]

क्योंकि मुझे पता है आज की क्लास भी इतनी

[05:34]

ही शानदार होने वाली है। आज की क्लास जो

[05:37]

है ना वो भी इतनी शानदार होगी। आज की

[05:39]

क्लास भी ऑलमोस्ट 3 आवर की होगी।

[05:46]

आज की क्लास जो है वो भी ऑलमोस्ट 3 आवर्स

[05:48]

की होगी। और आज की क्लास से हम

[05:50]

थोड़ा-थोड़ा प्राइस एक्शन सीखना स्टार्ट

[05:54]

कर देंगे।

[05:55]

कुछ लोगों को प्राइस एक्शन के बारे में

[05:57]

नहीं पता होगा कि प्राइस एक्शन है क्या?

[06:02]

मतलब हम कैंडल्स को हम प्राइस को समझकर

[06:06]

कैंडल्स को प्राइस के एक्शन को समझकर ही

[06:09]

किसी स्टॉक के मूवमेंट का आईडिया लगा सकते

[06:12]

हैं। ये होता है प्राइस एक्शन।

[06:15]

थोड़ा सा टेक्निकल होगा। थोड़ा सा

[06:17]

टेक्निकल होगा। मैं इस इस क्लास की भी

[06:19]

रिकॉर्डिंग देखने के लिए बोलूंगा आपको। और

[06:21]

ये जो आज पढ़ने वाले हैं ना जैसे कल पढ़ा

[06:24]

फ्राइडे को पढ़ा वो एक एक तरह से टेक्निकल

[06:27]

भी था, साइकोलॉजिकल भी था। आज वाला पार्ट

[06:30]

टेक्निकल जाता है। साइकोलॉजिकल थोड़ा सा

[06:32]

कम है। और ये वाली चीजें जो हम आज पढ़ने

[06:35]

वाले हैं जिनको मैं बहुत इंपॉर्टेंट बोल

[06:36]

रहा हूं वो जब तक आप ट्रेडिंग करेंगे तब

[06:40]

तक आपके काम आने वाली है। उन कांसेप्ट्स

[06:42]

को समझकर ही आपको ऐसा लगने लगेगा कि यार

[06:44]

ये वाली चीज पहले हम नहीं सोचते थे। अब

[06:47]

सोच रहे हैं। प्रैक्टिकली सोच रहे हैं। तो

[06:48]

हां कुछ तो बात है ये पॉइंट में।

[06:54]

अभी केशव आपने शायद 10वीं बार यह मैसेज

[06:58]

किया है कि पूना वाला फिनक बाय कर सकते

[07:00]

हैं क्या? और मैंने 10 बार भी इसको इग्नोर

[07:02]

कर दिया क्योंकि मैंने अभी किसी को भी

[07:04]

बाइंग सेलिंग के लिए रिकमेंडेशन नहीं दी

[07:07]

है और ना ही यह कहा है कि आप बाइंग सेलिंग

[07:09]

करना स्टार्ट कर दें। ठीक है केशव?

[07:15]

और कल की क्लास है उसमें यदि कोई टेक्निकल

[07:18]

डाउट आपका रह गया हो रिकॉर्डिंग भी देख ली

[07:21]

सब कुछ हो गया। पहली बात तो मेंटोर से

[07:23]

पूछा और फिर भी मेंटोर से भी पूछ लिया फिर

[07:25]

भी रह गया। तो हम आगे चलेंगे। अभी अभी हर

[07:28]

एक सेशन में पिछली क्लासेस का थोड़ा-थोड़ा

[07:31]

पार्ट डिस्कस किया जाएगा। भले वो सिलेबस

[07:33]

का पार्ट नहीं है बट ये समझो कि कोई ऐसा

[07:35]

स्टॉक हमारे पास स्टॉक का स्टॉक का चार्ट

[07:38]

ओपन हो गया। जरूरी थोड़ी ना है कि ठीक वही

[07:42]

स्टॉक का चार्ट ओपन हो। जो कि आज ही के

[07:45]

क्लास का कांसेप्ट है। उस चार्ट में कल के

[07:48]

क्लास का कांसेप्ट भी तो हो सकता है ना।

[07:51]

और मुझे ध्यान है कि क्या-क्या चीज

[07:53]

कहां-कहां प्रॉब्लम आ सकती है।

[07:57]

लास्ट लाइन का पॉइंट प्रूव हो गया। सर

[07:59]

ह्यूमन साइकोलॉजी आज हिंडनबर्ग की के

[08:02]

ट्वीट से डर नहीं लगा। यही यही एक्चुअली

[08:05]

हम लोग चाहते हैं प्रवीण वेरी गुड। यदि

[08:07]

आपने ये चीज ऑब्जर्व करी क्योंकि देखो एक

[08:09]

चीज आपको समझ लेनी चाहिए कि आपने वो कहानी

[08:13]

सुनी है कि भेड़िया आया वाली कहानी सुनी है

[08:17]

बचपन में जो सुनते थे।

[08:20]

एक जंगल में एक लड़का भेंट चराने जाता है।

[08:23]

वह हमेशा कहता था कि भेड़िया आ गया। गांव

[08:25]

वाले बचाने आते थे उसको। फिर उसकी आदत ही

[08:28]

हो गई। एक दिन सच में भेड़िया आ गया और

[08:32]

उसकी भेड़ों को खा गया। लोग पहुंचे नहीं

[08:34]

थे। तो मतलब उन गांव वालों के लिए वो बात

[08:37]

उसकी बहुत पुरानी सी हो गई थी ना।

[08:41]

बासी टाइप हो गई थी कि यार ये तो ऐसे ही

[08:44]

होता रहता है। एग्जैक्टली सेम तो नहीं हो

[08:48]

रहा। एग्जैक्टली सेम तो नहीं हो रहा बट

[08:50]

सोचिए एक साल डेढ़ साल पहले हिंडनबर्ग की

[08:53]

न्यूज़ की वजह से मार्केट डाउन आता है।

[08:56]

अडानी ग्रुप डाउन आता है। उसने जो एलगेशन

[08:59]

लगाए ठीक है वो हो गया एक बार इवेंट। उसके

[09:02]

बाद कम से कम दो और तीन बार यही सेम इवेंट

[09:05]

रिपीट हो चुका है। तो अब रिटेलर भी इतना

[09:08]

समझदार है, इंस्टिट्यूशन भी इतने समझदार

[09:10]

हैं। सब लोग समझदार हैं कि ये बार-बार

[09:13]

होना तो यह हमारे लिए बहुत पुरानी न्यूज़

[09:15]

हो गई। तो इस न्यूज़ के ऊपर हमें किसी भी

[09:18]

तरह से कोई रिएक्शन नहीं देना। थोड़ा बहुत

[09:20]

रिएक्शन आया। ठीक था। कोई बात ही ना हुई।

[09:24]

नहीं तो यही न्यूज़ सबसे पहले पहले दिन जब

[09:26]

आई थी उस दिन मार्केट बहुत ज्यादा पैनिकिक

[09:28]

हो गया था। जब न्यूज़ भी इस तरह की पुरानी

[09:30]

हो गई तो कोई बात नहीं। और इसका एक और

[09:33]

रिलेटेबल एग्जांपल मैं आपको बताऊं। जिस

[09:35]

दिन रशिया और यूक्रेन वॉर का अनाउंसमेंट

[09:38]

हुआ था उस दिन मार्केट बहुत अच्छा था। उस

[09:40]

फब पूरे फब 2022 में मार्केट काफी अच्छा

[09:44]

डाउन आया और मार्च में वो पूरा रिकवर कर

[09:47]

गया। मार्च के भी फर्स्ट टू वीक में अच्छा

[09:50]

डाउन आया था बट मार्च के लास्ट टू वीक में

[09:52]

पूरा मार्केट रिकवर कर गया था। उसके बाद

[09:55]

जितने भी वॉर अनाउंस हुए इजराइल ईरान का

[09:58]

हो

[10:00]

बांग्लादेश में जो हो रहा हो व्हाटएवर कुछ

[10:02]

भी कहीं पर भी हुआ उसका मार्केट पर उतना

[10:06]

इंपैक्ट नहीं पड़ा। तो इस बात से आपको यह

[10:09]

समझ लेना जरूरी है। इस बात से आपको यह समझ

[10:12]

लेना जरूरी है कि एक ही चीज जब बार-बार

[10:14]

रिपीट होने लगती है तो लोग इतने समझदार हो

[10:16]

जाते हैं कि कोई मतलब नहीं है। और यह डर

[10:19]

भी नहीं पाल लेना कि कहीं सच में भेड़िया

[10:21]

आ गया तो वो भी मत डर पाल लेना कि सच में

[10:24]

कहीं ऐसा कुछ हो गया तो वो फिर अलग ही

[10:26]

होगा। वो आपको मार्केट में दिखने भी लग

[10:29]

जाएगा। हम जब आगे जिन-जिन कांसेप्ट्स के

[10:31]

बारे में बात करेंगे उन कांसेप्ट से आपको

[10:34]

वो चीज मार्केट में दिखने भी लग जाएगी कि

[10:36]

मार्केट में कुछ तो खिचड़ी पक रही है।

[10:39]

और एक एक छोटी सी बात एक छोटी सी बात और

[10:42]

मुझे बताएं। कल की क्लास में जो हमने

[10:44]

मंथली का पूरा टॉप टू डाउन अप्रोच किया।

[10:46]

इयरली, हाफ ईयरली, क्वार्टरली, मंथली,

[10:48]

वीकली, डेली हर एक टाइम फ्रेम देखा।

[10:51]

उस टाइम फ्रेम में जो हमें एरियाज मिले जो

[10:54]

प्राइस को नीचे आने से रोक सकते हैं। तो

[10:57]

क्या कुछ भी इवेंट हो कुछ भी बहाना लगे

[10:59]

मार्केट के नीचे आने का किसी भी तरह की

[11:01]

पैनिकिक की सिचुएशन हो कुछ भी हो नहीं भी

[11:04]

हो धीरे-धीरे करके सेलिंग आए। हम तो अपने

[11:06]

आप में क्लियर है ना कि मार्केट कहां आकर

[11:09]

रुकेगा यदि नीचे आया तो

[11:16]

बिल्कुल।

[11:18]

तो इसी तरह से अपने माइंडसेट को सबसे अपना

[11:22]

माइंडसेट ऑलवेज विनिंग माइंडसेट होना

[11:24]

चाहिए।

[11:29]

एक एक को ही मैं गौतम अडानी जिनको जानते

[11:32]

हैं। अडानी ग्रुप के चेयरमैन है। उनका

[11:34]

बहुत पहले एक इंटरव्यू सुन रहा था। उस

[11:35]

इंटरव्यू में ट्रेडिंग के बारे में

[11:37]

उन्होंने कोई क्वेश्चन किया। तो उन्होंने

[11:39]

एक ही बात बोली। ट्रेडिंग जो है ना वो

[11:41]

माइंड गेम है। साइकोलॉजी का गेम है।

[11:44]

ट्रेडिंग जो है माइंड गेम है, साइकोलॉजी

[11:46]

का गेम है। यदि आपने टेक्निकल, फंडामेंटल

[11:50]

जो कुछ भी बहुत अच्छी तरह से सीख लिया बट

[11:52]

अपने माइंड को कंट्रोल नहीं कर पाए

[11:55]

ट्रेडिंग की दिशा में, मार्केट की दिशा

[11:57]

में तो फिर वो सब कुछ सीखा हुआ बेकार हो

[12:00]

जाएगा।

[12:05]

ठीक है? तो अपने मैं यहां पर जितने भी

[12:09]

फैक्ट बोलता हूं वह इसी पर्पस से बोलता

[12:11]

हूं कि आपका माइंड सेट चेंज हो। आपका

[12:14]

माइंडसेट विनिंग माइंडसेट बने।

[12:18]

आई बात समझ में?

[12:21]

लगता है कि आज

[12:23]

शुरुआत में ही ज्यादा जोश भर दिया आप

[12:25]

लोगों में। बट इसका मतलब यह नहीं बीच-बीच

[12:27]

में क्वेश्चन करें आप। ठीक है?

[12:33]

चलिए।

[12:38]

आज का टॉपिक स्टार्ट करते हैं।

[12:50]

आज का टॉपिक है

[12:54]

प्राइस एक्शन। प्राइस एक्शन का एक्चुअल

[12:57]

मतलब होता है

[13:02]

लॉजिक

[13:04]

बिहाइंड द कैंडल।

[13:06]

लॉजिक बिहाइंड द कैंडल। किसी भी कैंडल के

[13:09]

बनने के पीछे का लॉजिक हम जान गए।

[13:18]

किसी भी कैंडल के बनने का 1 सेकंड मैं एक

[13:21]

बार के लिए रोकूंगा। क्योंकि मुझे ना इस

[13:23]

तरह के जब कोई बीच क्लास में से बोलता है

[13:25]

ना तो मुझे ज्यादा अच्छा नहीं लगता और वो

[13:28]

अच्छा क्यों नहीं लगता? अब पहले तो

[13:30]

क्वेश्चन समझ लीजिए आप आंसर पूछते हैं

[13:33]

लेकिन मेरे आंसर का जवाब नहीं देते। यह

[13:35]

साहिल ने पूछा और यह बात उन्होंने जब लिखी

[13:39]

और यहां पर सेंड की उससे जस्ट एक मिनट

[13:42]

पहले मैंने बोला कि आप बीच में इसका मतलब

[13:44]

यह नहीं कि अभी क्वेश्चन करें किसी भी तरह

[13:46]

से और नहीं चैट तो डिसेबल ही है आपको नहीं

[13:49]

दिख रही बट मुझे दिख रही है। अब इसमें यदि

[13:51]

मेरे एक भी इंसान का इसमें नुकसान होता है

[13:53]

कि आप समझ नहीं पा रहे हो मैं आपको कहां

[13:55]

लेकर जाना चाह रहा हूं। किस डायरेक्शन में

[13:57]

मैं आपसे बात कर रहा हूं। तो ये फिर आपका

[14:00]

ही नुकसान है। उसमें थोड़ा बहुत मेरा भी

[14:01]

है। तो साहिल प्लीज आप समझें। यदि ऐसा हो

[14:05]

कि मैं यहां पर सिर्फ बोलने आया हूं। बोल

[14:07]

कर चला गया। उसके बाद कल बोलूंगा। जिसको

[14:09]

सुनना है वो सुन ले। नहीं सुनना वो मत

[14:11]

सुने। ऐसा होता तो आपका क्वेश्चन आपका

[14:13]

कहना आपकी शिकायत बिल्कुल वाजिब थी। बट

[14:16]

क्योंकि आपको मेंटोर दे रखे हैं।

[14:18]

डेडिकेटेड मेंटोर है। अगली क्लास है।

[14:21]

क्यूएनए भी होता है। ज्यादा क्वेश्चंस की

[14:23]

वजह से कुछ एक पॉइंट रह भी जाते हैं। तो

[14:25]

आप इस बात को कब समझेंगे? मतलब कब कब ये

[14:28]

मैच्योरिटी आएगी? कब इस एलकेजी यूकेजी

[14:30]

वाले बिहेवियर से आप लोग बाहर निकलेंगे?

[14:36]

अब तो आई थिंक सब डीमेट अकाउंट ओपन कर रखे

[14:39]

हैं तो 18 प्लस ही होंगे।

[14:47]

और आपके पूरे दिन भर में से दो-ती घंटे ही

[14:51]

तो आपको देने के लिए मैं बोल रहा हूं।

[14:53]

पूरे दिन भर में से दो-ती घंटे यहां पर दे

[14:55]

रहा हूं और पूरी जिंदगी भर के लिए नहीं

[14:56]

सिर्फ एक महीने के लिए। उसमें भी आप अपना

[15:00]

डेडिकेशन ना दिखाएं तो फिर यह आप ही का

[15:03]

सबसे बड़ा नुकसान है। सभी लोग

[15:06]

उसमें भी यदि आप डेडिकेशन ना दिखाएं तो आप

[15:08]

ही का सबसे बड़ा नुकसान है। पूरे दिन भर

[15:10]

में से सिर्फ एक महीने के लिए तीन-ती घंटे

[15:19]

प्राइस एक्शन

[15:22]

लॉजिक बिहाइंड द कैंडल किसी भी कैंडल के

[15:25]

बनने के पीछे का लॉजिक हमें देखना है।

[15:27]

किसी भी कैंडल के बनने के पीछे का लॉजिक

[15:30]

हमें देखना है। एक्चुअल वो क्या लॉजिक से

[15:31]

बनी हुई कैंडल है और वो समझ गए तो हम बहुत

[15:34]

कुछ समझ गए। इसमें बहुत सारे इंपॉर्टेंट

[15:37]

पॉइंट मैं बताऊंगा। एक तरह से फाइव पॉइंट

[15:39]

होंगे। पहला होगा क्लोजिंग कासेप्ट जो कि

[15:42]

बहुत इंपॉर्टेंट है। दूसरा होगा कि गैप के

[15:45]

साथ कोई बेस कैंडल है तो उसको हम

[15:47]

एक्साइटिंग मानेंगे। क्यों मानेंगे वो भी

[15:49]

बहुत इंपॉर्टेंट है। डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द

[15:51]

प्राइस, गार्बेज एरिया, ओरिजिन ऑफ द मूव।

[15:54]

यह फाइव चीजें पांच चीजें जो है वो हम

[15:57]

पढ़ने वाले हैं।

[16:04]

पांच चीजें ये हम पढ़ने वाले हैं। और इन

[16:07]

पांच चीजें पहले मैं आपको पेंट पर सब कुछ

[16:10]

समझाऊंगा।

[16:12]

पेंट पर मैं समझाऊंगा। ठीक है? उसके बाद

[16:15]

उसके बाद में चार्ट पर समझाऊंगा। कई-कई

[16:18]

बार लोगों को लगने लगेगा कि सर ये जो पेंट

[16:20]

पर आप लोग जो आप जो बता रहे हो ना वो

[16:22]

थोड़ा सा हमें टफ पड़ रहा है या फिर आप

[16:24]

चार्ट पर डायरेक्ट बता दीजिए। तो पहले मैं

[16:26]

सारे कांसेप्ट को पेंट पर लिखूंगा जिसमें

[16:28]

ऑलमोस्ट एक घंटे से भी ज्यादा निकलेगा। एक

[16:31]

डेढ़ घंटा भी लग सकता है। फिर उसके बाद हम

[16:34]

चार्ट पर आएंगे। बट आपको समझ में पहले

[16:36]

पेंट पर आना जरूरी है। कुछ-कुछ पॉइंट तभी

[16:39]

आप लोग जो है

[16:41]

चार्ट में समझ पाएंगे।

[16:53]

क्लोजिंग कांसेप्ट।

[17:02]

अब ये क्लोजिंग कांसेप्ट जो है ना ये किसी

[17:06]

भी कैंडल के लिए, किसी भी डिमांड के लिए,

[17:08]

किसी भी सप्लाई के लिए, हर चीज के लिए और

[17:10]

हर एक टाइम फ्रेम के लिए। हर एक टाइम

[17:13]

फ्रेम मैटर करेगा। हर एक डिमांड, हर एक

[17:15]

सप्लाई इस चीज में मैटर करेगा। तो यहां पे

[17:18]

सबसे पहले मैं कुछ डायग्राम बना रहा हूं।

[17:20]

उनमें जब पूछो तो आप जवाब देना।

[17:35]

यह एक ड्रॉप बेस रैली का डिमांड जोन है।

[17:38]

ठीक है?

[17:40]

दूसरा

[17:45]

ठीक ऐसे ही

[17:54]

ड्रॉप बेस रैली का ये एक डिमांड ज़ोन है।

[17:57]

ये दोनों ही डिमांड ज़ोन सेम टाइम फ्रेम पर

[18:00]

बने हुए डिमांड ज़ों्स हैं। दोनों ही

[18:02]

डिमांड ज़ोन सेम टाइम फ्रेम पर बने हुए

[18:04]

डिमांड ज़ोन है। इन दोनों में से यदि मैं

[18:07]

इसको A बोलूं पहले वाले को यह मेरे लिए A

[18:11]

है और यह मेरे लिए B है। आपके अकॉर्डिंग A

[18:16]

ज्यादा स्ट्रांग है या B ज्यादा स्ट्रांग

[18:18]

है?

[18:20]

ए बी ए बी ज्यादातर लोग ए बोल रहे हैं।

[18:23]

कुछ कम लोग बी बोल रहे हैं।

[18:27]

ठीक है।

[18:34]

ओके। ठीक है? देखिए, मैं यहां पर बोलूंगा

[18:39]

कि मेरे लिए डिमांड जोन ए ज्यादा स्ट्रांग

[18:42]

है। डिमांड जोन ए ज्यादा स्ट्रांग है। अब

[18:47]

मैंने इस डिमांड जोन ए को डिमांड जोन

[18:50]

फर्स्ट को ज्यादा स्ट्रांग बोला क्यों है?

[18:52]

उसके पीछे का कांसेप्ट समझना है। लॉजिक

[18:54]

समझना है। इसमें बहुत सारे मल्टीपल

[18:57]

एग्जांपल हैं। यही चीज में मैं कम से कम

[18:59]

30 मिनट समझाऊंगा आपको।

[19:02]

यह समझिए।

[19:05]

कि यह रेड कैंडल है। इस रेड कैंडल में

[19:09]

यहां पर प्राइस डाउन आई।

[19:12]

जो मुझे अभी इस पिक्चर में जहां पर दिख

[19:15]

रहा है इसके पहले जो कुछ भी बना हो उसको

[19:16]

साइड में रखेंगे। अभी पिक्चर में जो दिख

[19:18]

रहा है वो ये दिख रहा है कि प्राइस में

[19:20]

डाउन मूव यहां से आया। यस और नो।

[19:24]

प्राइस में डाउन मूव यहां से आया। अब जब

[19:27]

डाउन मूव यहां से आया। यह एक सेलिंग का

[19:30]

पॉइंट था। यहां पर सेलर बनने लगे। यहां से

[19:32]

सेलिंग आने लगी। ऊपर चाहे कुछ भी है वह

[19:35]

छोड़ दो।

[19:40]

फिर यहां पे बायर सेलर की फाइट हुई। और इस

[19:43]

बायर सेलर की फाइट के बाद बायर सेलर की

[19:46]

फाइट के बाद यहां से जो इसमें अपमूव आता

[19:49]

है यह जो ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल बनती है

[19:53]

इस ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल की स्ट्रेंथ जो

[19:55]

है वो मेरे इस लेग इन एरिया से भी ऊपर है।

[20:00]

सुनिएगा इस ग्रीन एक्साइटिंग जिसको मैंने

[20:03]

लेग आउट माना है उस लेग आउट की क्लोजिंग

[20:06]

जो है वो मेरे लेग इन एरिया से भी ऊपर है।

[20:10]

मतलब एक्चुअल में जहां तक मुझे सेलिंग दिख

[20:13]

रही है उस सेलिंग के ऊपर जाकर क्लोजिंग दी

[20:16]

है इसने। उस सेलिंग के भी ऊपर जाकर

[20:19]

क्लोजिंग दी है। मतलब ये जो यहां पर

[20:21]

बायरर्स आए ये जो यहां पर बायरर्स आए थे

[20:24]

वो कहीं ना कहीं पोटेंशियल वाले बायरर्स

[20:26]

थे जिन्होंने कि यहां की सेलिंग को

[20:28]

बिल्कुल पूरी तरह से ब्रेक कर दिया।

[20:33]

ठीक ऐसे ही यदि मैं इस वाले कांसेप्ट की

[20:36]

बात करूं।

[20:38]

बी से पहले ए में ही बता देता हूं। यदि

[20:40]

यहां पर कुछ ऐसा होता

[20:44]

यहां पर कुछ ऐसा होता। ये वाला एरिया कुछ

[20:47]

इस तरह से बना हुआ होता।

[20:50]

रैली ड्रॉप बेस रैली। तो अब इस इस पॉइंट

[20:54]

को समझिए कि यहां से प्राइस में एक अच्छा

[20:56]

खासा डाउन मूव आया। इस डाउन मूव में जो

[20:58]

सेलिंग दिखी वो सेलिंग यहां पर रुकी भी

[21:00]

बायर सेलर की फाइट हुई और उस बायर सेलर की

[21:03]

फाइट के बाद प्राइस में जो अपमूव आया वो

[21:06]

अपमूव वो अपमूव क्या मेरी प्रीवियस सेलिंग

[21:10]

से ऊपर जा पाया है वो अपमूव क्या मेरी

[21:14]

प्रीवियस सेलिंग से ऊपर जा पाया नहीं जा

[21:16]

पाया तो मुझे मेरे मेरे अकॉर्डिंग यहां पर

[21:19]

बयरर्स तो हैं यहां पर पेंडिंग ऑर्डर्स तो

[21:21]

हैं बट उन बयरर्स और उन पेंडिंग ऑर्डर्स

[21:24]

में उतना पोटेंशियल नहीं था जो कि अपनी

[21:27]

प्रीवियस सेलिंग को बीट कर सकें। प्रीवियस

[21:31]

सेलिंग से ऊपर जा सकें। ऑलदो यह यहां पर

[21:34]

इस तरह से भी होता इस तरह से भी यदि कुछ

[21:37]

है

[21:39]

कि प्राइस ऊपर गई है बहुत अच्छी तरह से।

[21:42]

प्राइस ऊपर गई है। इसने इस वाली रेंज को

[21:45]

ब्रेक किया। बट अब भी इस सिचुएशन में भी

[21:49]

मेरे पास यह कोई बहुत अच्छा ज़ोन नहीं रहा।

[21:52]

क्योंकि क्यों नहीं रहा? क्योंकि यहां पर

[21:54]

प्राइस ने सस्टेन नहीं किया।

[21:58]

यहां पर प्राइस ने सस्टेन नहीं किया।

[22:02]

सस्टेन कहां नहीं किया? अपनी प्रीवियस

[22:04]

रेंज जो थी, अपनी लेगिंग की जो रेंज थी,

[22:07]

उसके ऊपर जाकर इसने सस्टेन नहीं किया।

[22:09]

दैट्स व्हाई यह मेरे लिए कोई परफेक्ट

[22:11]

एरिया नहीं रहा। मेरे लिए परफेक्ट एरिया

[22:14]

ये तभी था जब इसमें प्रॉपर इस तरह से मेरे

[22:17]

लेगिंग से ऊपर क्लोजिंग थी।

[22:21]

मेरे लेगिन से ऊपर क्लोजिंग थी। अब इसमें

[22:25]

एक और लॉजिक मैं देता हूं कि बाय चांस यह

[22:27]

मान कर चलिए कि यहां पर एक बेस कैंडल है

[22:31]

और ये पहले से कोई एक रैली बेस्ड ड्रॉप

[22:34]

ऐसा हो सकता है ना ये यहां पर पहले से

[22:36]

रैली बेस ड्रॉप हो या फिर ऐसा हो सकता है

[22:38]

कि ये एक ड्रॉप बेस्ड ड्रॉप का सप्लाई ज़ोन

[22:40]

हो। ये एक पूरा मेरे पास या तो रैली बेस्ड

[22:43]

ड्रॉप का सप्लाई ज़ोन या ड्रॉप बेस ड्रॉप

[22:45]

का सप्लाई ज़ोन।

[22:48]

और फिर उस सिचुएशन में यह ऊपर प्राइस जाती

[22:52]

है इस ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल के साथ। ऊपर

[22:55]

प्राइस जाती है इस ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल

[22:57]

के साथ

[22:59]

और फिर यहां से नीचे की तरफ आती है। तो

[23:02]

मैं क्या कह सकता हूं कि पीछे कोई बना हुआ

[23:04]

सप्लाई ज़ोन था। पीछे कोई बना हुआ सप्लाई

[23:08]

ज़ोन था। उससे रिएक्शन होकर आ रही है

[23:11]

प्राइस। तो इस डिमांड ज़ोन के चलने की थोड़ी

[23:13]

सी प्रोबेबिलिटी कम हो जाएगी। इस डिमांड

[23:16]

में उनके चलने की प्रोबेबिलिटी बहुत कम हो

[23:18]

जाएगी। वहीं पर मैं एक चीज और इसमें ऐड कर

[23:20]

दूं। नई चीज करूं कि इसकी क्लोजिंग कुछ इस

[23:23]

तरह से है। तो क्या अब मैं यह कह सकता हूं

[23:27]

क्या अब मैं ये कह सकता हूं कि यहां पर जो

[23:29]

बाइंग आई है, उस बाइंग ने प्रीवियस रेंज

[23:32]

की सेलिंग को कंप्लीटली ब्रेक कर दिया।

[23:34]

इवन इस डिमांड ज़ोन ने इस सप्लाई ज़ोन को

[23:37]

ब्रेक कर दिया। क्या आपको यह पिक्चर कुछ

[23:40]

ऐसी नजर आ रही है कि इस डिमांड ज़ोन ने

[23:43]

ड्रॉप बेस रैली के डिमांड ज़ोन ने इस ड्रॉप

[23:45]

बेस ड्रॉप या रैली बेस ड्रॉप के सप्लाई

[23:47]

ज़ोन को ब्रेक कर दिया है।

[23:50]

और जब भी मैं ब्रेक बोलूं उसको समझना

[23:53]

क्लोजिंग। जब भी मैं ब्रेक वर्ड यूज़ करूं

[23:56]

आप उसको क्लोजिंग समझना कि मैं क्लोजिंग

[23:58]

की बात कर रहा हूं। तो अब मेरे लिए ये

[24:00]

वाला एरिया अपने आप में एक पोटेंशियल

[24:03]

बाइंग वाला हो गया। क्योंकि मेरे लिए यह

[24:05]

कैंडल्स ये दिखा रही हैं कि इन्होंने

[24:08]

सेलर्स से फाइट करी। अपने पोटेंशियल को

[24:10]

दिखाया और सस्टेन भी किया अपने आपको। बात

[24:14]

समझे? इस कैंडल ने ग्रीन कैंडल ने अपनी

[24:16]

बाइंग की स्ट्रेंथ को दिखाई और बाइंग की

[24:19]

स्ट्रेंथ को दिखाने के बाद ऊपर सस्टेन भी

[24:22]

किया। इस वजह से ये वाला एरिया मेरे लिए

[24:25]

ज्यादा अच्छा हो गया। अब मैं वापस से इस

[24:29]

वाली स्ट्रक्चर पर आ चुका हूं।

[24:31]

क्या इस अकॉर्डिंग यह आप जो बी पिक्चर देख

[24:35]

रहे हैं। अब भले ही यह वाली लेग आउट कैंडल

[24:37]

कितनी भी बड़ी है। भले ही यह वाली लेग आउट

[24:40]

कैंडल कितनी भी बड़ी है। क्या आपको इस

[24:42]

पिक्चर को देखकर कैसे भी आईडिया हो रहा

[24:45]

है? ऐसा लग रहा है कि यहां पर ये डिमांड

[24:48]

जोन ज्यादा स्ट्रांग होना चाहिए? नहीं, यह

[24:52]

डिमांड जोन ज्यादा स्ट्रांग नहीं हो सकता

[24:54]

क्योंकि भले ही आप लेग आउट को बहुत अच्छी

[24:56]

समझें। ए की लेग आउट ज्यादा बड़ी है या बी

[24:58]

की लेग आउट ज्यादा बड़ी है? बताएं आप लोग

[25:04]

बी की लेग आउट ज्यादा बड़ी है। बी की लेग

[25:06]

आउट ज्यादा बड़ी है। बट लेग आउट बड़ी के

[25:09]

साथ-साथ मैं एक स्ट्रेंथ की बात करूं।

[25:12]

स्ट्रेंथ की बात कैसे कर रहा हूं कि इसने

[25:14]

प्रीवियस सेलिंग या लेग इन से ऊपर जाकर

[25:17]

क्लोजिंग दी क्या? गुर पंजाबी इसने अपनी

[25:21]

लेगिंग से अपनी प्रीवियस सेलिंग से ऊपर

[25:23]

जाकर क्लोजिंग दी नहीं दी। मतलब इस बी

[25:26]

वाले बी वाले डायग्राम में यहां से सेलिंग

[25:29]

बनी प्राइस में और प्राइस फिर नीचे की तरफ

[25:32]

आती है। फिर बाय सेलर की फाइट होती है।

[25:34]

फिर ऊपर भी जाती है। और ऊपर जाने के बाद

[25:38]

ऊपर जाने के बाद इसने यह प्रीवियस एरिया

[25:42]

से ऊपर क्लोजिंग नहीं दी। प्रीवियस सेलिंग

[25:45]

से क्लोजिंग नहीं दी। अपनी लेगिंग के ऊपर

[25:47]

क्लोजिंग नहीं दी। और उसके बाद यदि यह

[25:50]

नीचे आती है तो मेरे लिए कोई अच्छा जोन

[25:52]

नहीं है।

[25:55]

अब वहीं पर अब मैं कुछ कुछ ऐड ऑन करता

[25:57]

हूं। इसमें ऐड ऑन क्या करूंगा? आपके माइंड

[26:00]

के क्वेश्चंस जो कुछ भी आ रहे हैं। अब यदि

[26:03]

मैं एक बात करूं कि बी डायग्राम अभी तक

[26:05]

अच्छा नहीं है। बट बी डायग्राम क्या अब

[26:07]

अच्छा हो गया?

[26:10]

यदि प्राइस ने एक कैंडल के फॉर्मेशन में

[26:14]

ऊपर जाकर क्लोजिंग नहीं दी। बट सेकंड

[26:17]

कैंडल ने ऊपर जाकर क्लोजिंग दी तो अब तो

[26:20]

ये बाइंग अपने आप को स्ट्रांग साबित कर पा

[26:23]

रही है ना।

[26:25]

अब वो बाइंग सस्टेन भी हुई है ऊपर भी गई

[26:28]

है।

[26:31]

अब ये वाली जो बाइंग है बी वाली आकांक्षा

[26:34]

ये अब प्रीवियस सेलिंग के ऊपर प्रीवियस

[26:37]

लेगिन की रेंज के ऊपर जाकर प्रीवियस लेगिन

[26:41]

की रेंज के ऊपर जाकर क्लोजिंग कर रही है।

[26:42]

तो यह अपने आप में ज्यादा स्ट्रांग हो

[26:44]

गया।

[26:47]

और यदि आपने इस वाले पहले के अकॉर्डिंग

[26:53]

A और B में से ज्यादा प्रेफरेंस B को दे

[26:56]

दी तो बहुत बार ऐसा होगा आपने पिक्चर को

[26:58]

देख कर दी पर बहुत बार ऐसा होगा कि यदि

[27:00]

प्राइस यहीं से ही रिएक्ट आने लग गई। मैं

[27:02]

यहीं से आने की बात कर रहा हूं। प्राइस

[27:04]

यहीं से ही रिएक्ट नीचे की तरफ आने लग गई

[27:06]

तो हो सकता है बी वाला तो स्टॉप लॉस हो

[27:09]

जाए और ए वाला चल जाए क्योंकि ए ने अपने

[27:12]

आप में अपने पास की सेलिंग को डिफिट किया।

[27:15]

अपने पास की सेलिंग की रेंज को ब्रेक

[27:17]

किया।

[27:21]

जो काम बी नहीं कर पाया। अब ये बिल्कुल

[27:25]

अलग बात है कि मैं अब बात करूं कि एक और

[27:27]

कैंडल बन गई या एक और कैंडल बन गई। लगातार

[27:31]

कंटीन्यूअसली ग्रीन ग्रीन कैंडल बन गई। ये

[27:33]

बातें कुछ अलग हो जाती हैं।

[27:35]

ये बात अलग हो जाती है कि ये ग्रीन कैंडल

[27:38]

बनते हुए प्राइस लगातार ऊपर जाती गई। ये

[27:41]

बात बिल्कुल डिफरेंट हो गई। अब मेरे लिए

[27:43]

हर केस में भी ज्यादा स्ट्रांग है।

[27:46]

क्योंकि एक रेंज एक कैंडल में ही नहीं

[27:49]

सेकंड कैंडल में प्राइस में बाइंग आई।

[27:51]

उसने अपने आप को सस्टेन किया। उसने अपने

[27:54]

आप को प्रूव किया।

[27:57]

तो इस वजह से एक रूल आप जो है वह सुन लें

[28:00]

कि जोन वही अच्छा है जो अपनी लेगिन की

[28:04]

रेंज से ऊपर जाकर क्लोजिंग दे। जो अपनी

[28:08]

लेगिन की रेंज से ऊपर जाकर क्लोजिंग दे।

[28:10]

अब इसमें जो कुछ भी क्वेश्चन होंगे वो मैं

[28:13]

अभी ले रहा हूं। क्वेश्चन बिना पूछे लेना

[28:16]

मेरा काम है।

[28:20]

मल्टीपल लेग आउट हुई वो तो समझ में आ गया

[28:23]

कि फाइनली हमें तो क्लोजिंग ऊपर चाहिए। ये

[28:25]

बात तो हमें सबको समझ में आ गई। यहां पर

[28:27]

मैं एक ड्राइंग बना रहा हूं।

[28:33]

यदि मल्टीपल लेगिंग कैंडल रही तो कितने

[28:37]

लोगों के दिमाग में बात आई होगी। पर बहुत

[28:39]

लोगों ने पेशेंस दिखाया। पूछा नहीं बहुत

[28:41]

अच्छी बात है।

[28:44]

यहां पर ये ड्रॉप बेस और रैली इस तरह का

[28:48]

डायग्राम बना। क्या मैं इस डायग्राम के

[28:51]

लिए कह सकता हूं? मैं इस डायग्राम के लिए

[28:53]

कह सकता हूं कि इस डायग्राम में प्राइस ने

[28:57]

इस डायग्राम में प्राइस ने अपनी एक लेगिन

[29:00]

कैंडल के ऊपर क्लोजिंग दे दी। यस और नो।

[29:06]

अपनी लेगिंग कैंडल के ऊपर क्लोजिंग दे दी।

[29:13]

ठीक है। बिल्कुल।

[29:16]

बिल्कुल मानते हैं।

[29:21]

ओके। ऐसी ही ऐसा ही डायग्राम मैं दूसरा भी

[29:24]

बना रहा हूं। एक

[29:28]

और डायग्राम मैं कुछ इस तरह से बना रहा

[29:30]

हूं।

[29:48]

इन दोनों पिक्चर्स में से आप फर्स्ट वाली

[29:51]

पिक्चर को ज्यादा प्रायोरिटी देंगे या

[29:53]

सेकंड वाली पिक्चर को ज्यादा प्रायोरिटी

[29:55]

देंगे बताएं। सेकंड वाली पिक्चर को

[29:59]

सेकंड वाली पिक्चर हमें अपने आप में

[30:01]

ज्यादा दिख रही है। अब आप मुझे एक छोटी सी

[30:03]

बात खुद अपने दिमाग से बताएं कि मैंने

[30:06]

आपने सेकंड पिक्चर को प्रायोरिटी दी

[30:09]

क्यों?

[30:11]

सेकंड पिक्चर को प्रायोरिटी दी क्यों?

[30:13]

क्योंकि सेकंड कैंडल की पिक्चर में क्या

[30:16]

मैं कह सकता हूं

[30:19]

मल्टीपल लेग आउट कैंडल थी? फर्स्ट फर्स्ट

[30:22]

फर्स्ट बात तो ये हो गई ना कि सेकंड

[30:25]

पिक्चर में मल्टीपल लेग आउट कैंडल थी।

[30:30]

और सेकंड बात यह हो गई जो आज हमने सीखे

[30:33]

हैं कि जिस सेलिंग से ऊपर क्लोजिंग होने

[30:36]

की हम बात कर रहे थे। क्या ये सेकंड ने

[30:40]

प्रॉपर्ली इस रेंज से यदि मुझे चार्ट

[30:42]

सिर्फ इतना सा ही दिख रहा है तो उसके

[30:44]

अकॉर्डिंग क्या मैं कह सकता हूं कि इस

[30:48]

रेंज से जहां से इसमें सेलिंग स्टार्ट हुई

[30:50]

थी उस कंप्लीट रेंज के ऊपर जाकर बाइंग

[30:53]

क्लोजिंग दी है बाइंग ने उस कंप्लीट रेंज

[30:57]

के ऊपर जाकर क्लोजिंग दी है यस

[31:03]

मतलब अब इसमें मल्टीपल लेग आउट भी बात आ

[31:06]

गई और मल्टीपल लेगिन भी बात आ गई। मल्टीपल

[31:09]

लेगिन बात आ गई। अब इस मल्टीपल लेगिन में

[31:11]

भी आप समझें। इसमें भी बहुत सारे बात हो

[31:14]

सकती हैं। इसमें भी बहुत सारे केस हो सकते

[31:16]

हैं।

[31:18]

पहले मैं इस फर्स्ट वाली पिक्चर को वापस

[31:20]

से बताऊंगा कि इस फर्स्ट वाली पिक्चर में

[31:24]

प्राइस ने इस तरह से मूवमेंट दिया। मैंने

[31:26]

इसको ज्यादा स्ट्रांग क्यों नहीं समझा?

[31:28]

भले ही मेरे पास कंपेयर करने के लिए यह

[31:30]

पिक्चर नहीं है। फिर भी मैंने इसको ज्यादा

[31:33]

स्ट्रांग क्यों नहीं समझा? मेरे पास

[31:35]

कंपेयर करने के लिए कुछ नहीं है। सिर्फ

[31:37]

यही एक पिक्चर है। फिर भी मैं इसको ज्यादा

[31:39]

अच्छी तरह से क्यों नहीं समझ रहा हूं। इवन

[31:40]

इसने तो अपनी लेग इन की रेंज के ऊपर भी

[31:43]

जाकर क्लोजिंग दी है। फिर तो इसको

[31:44]

स्ट्रांग होना ही चाहिए था। बट आप समझें

[31:48]

कि अब इसमें सिर्फ सेलिंग एक बात यहां

[31:51]

यहीं से शुरू नहीं हुई है। सेलिंग इसमें

[31:53]

कुछ यहां से शुरू हुई है। ये वाले पॉइंट

[31:56]

सेलिंग

[31:57]

यहां से स्टार्ट हुई। मेरे लिए यह रीसेंट

[32:00]

सेलिंग यहां पर है। अब जब इसके ऊपर

[32:03]

क्लोजिंग देगा तब ज़ोन ज्यादा स्ट्रांग

[32:05]

होगा। इस रेंज के ऊपर क्लोजिंग देगा तब

[32:07]

ज़ोन ज्यादा स्ट्रांग होगा। क्लोजिंग का

[32:09]

मतलब क्लोजिंग सिर्फ फॉर्मेलिटी करके विक

[32:11]

बनाकर नहीं आ जाए।

[32:15]

क्लोजिंग का मतलब पूरी तरह से प्राइस वहां

[32:17]

पर क्लोजिंग ही दे। सिर्फ विक बनाकर नहीं

[32:20]

आ जाए। अब इस बात के बीच में कुछ लोगों के

[32:23]

मन में एक बात आ गई होगी। सर इस हिसाब से

[32:25]

तो हमारे पास हम क्या रेंज मानेंगे कि

[32:28]

उसके ऊपर ही जाना चाहिए। फिर तो हमारे पास

[32:30]

ज़ोन डिमांड वही अच्छा है जो ऑल टाइम हाई

[32:33]

पर बना हुआ है। ज़ोन सप्लाई वही अच्छा है

[32:35]

जो ऑल टाइम लो पर बना हुआ है। नहीं ऐसा

[32:37]

नहीं है। ऐसा नहीं है। हम आसपास की रेंज

[32:40]

देखेंगे। उसको भी मैं बताऊंगा। अभी उसको

[32:42]

भी मैं बताऊंगा।

[32:44]

आसपास की रेंज को देखेंगे।

[32:49]

अब इस फर्स्ट वाले डायग्राम में एक और बात

[32:51]

मिलाता हूं।

[32:53]

अब यह फर्स्ट समझ लीजिए। ठीक है? अब इस

[32:57]

फर्स्ट में ही मैंने एक और मॉडिफिकेशन कर

[32:59]

दिया। फर्स्ट में ही मैंने एक और

[33:01]

मॉडिफिकेशन कर दिया कि सेलिंग कुछ इस तरह

[33:04]

से थी। सेलिंग कुछ इस तरह से से थी।

[33:07]

प्राइस में डाउन मूव आया। सप्लाई ज़ोन बना।

[33:09]

फिर डाउन मूव आया। फिर एक डिमांड ज़ोन बना

[33:12]

जिसने कि अपने प्रीवियस सप्लाई ज़ोन की

[33:14]

रेंज को ब्रेक करके उसके ऊपर क्लोजिंग दी।

[33:18]

एक सप्लाई ज़ोन को ब्रेक करके क्लोजिंग दी।

[33:21]

क्या अब यह फर्स्ट वाली रिसेंट की जो अभी

[33:24]

पिक्चर है और इससे पहले वाली पिक्चर थी

[33:27]

इसमें से अभी वाली पिक्चर ज्यादा अच्छी है

[33:30]

या इससे पहले वाली पिक्चर ज्यादा अच्छी अब

[33:32]

वाली पिक्चर ज्यादा अच्छी है क्योंकि इसने

[33:35]

एटलीस्ट एक सप्लाई ज़ोन को तो ब्रेक कर

[33:37]

दिया। आप इसको कुछ इस तरह से भी समझें।

[33:40]

वैसे तो ये 11th क्लास का टॉपिक है जो कि

[33:43]

बहुत इन डेप्थ पढ़ेंगे हम 11th क्लास के

[33:45]

टॉपिक में। बट आप एक छोटी सी बात समझे कि

[33:48]

यदि किसी डिमांड जोन ने

[33:51]

यदि किसी डिमांड जो ने किसी सप्लाई जोन को

[33:54]

ब्रेक कर दिया तो क्या वह एक पावरफुल

[33:56]

डिमांड जोन होगा?

[34:01]

यस। और वहीं पे उल्टा हुआ किसी सप्लाई ज़ोन

[34:05]

ने किसी भी सप्लाई ज़ोन ने किसी डिमांड ज़ोन

[34:08]

को ब्रेक कर दिया तो वो

[34:11]

बिल्कुल वो अपने आप में पावर हो गया। तो

[34:14]

इस कांसेप्ट को और और इन डिटेल हम 11th

[34:17]

क्लास में पढ़ेंगे। बट आप डेफिनेशन के

[34:19]

पर्पस से ये समझ लीजिए

[34:25]

और और जो जो कुछ भी प्रैक्टिकल है चार्ट

[34:28]

में आ जाएगा डोंट वरी और पता है कि एक तो

[34:32]

यहां पर कुछ ऐसे हुआ कि सिर्फ जस्ट

[34:35]

फॉर्मेलिटी करके आई एक सस्टेन कर गई। यहां

[34:38]

पर भी एक चीज आपको देखने को मिलेगी कि एक

[34:41]

तो जस्ट फॉर्मेलिटी करके क्लोजिंग दी है।

[34:43]

डॉट टू डॉट डॉट टू डॉट क्लोजिंग दी है।

[34:45]

जैसे कि यहां की ये क्लोजिंग सिर्फ इतनी

[34:48]

सी हो जाती।

[34:50]

डॉट टू डॉट क्लोजिंग दी है। और एक वो पूरी

[34:53]

तरह से दिख रहा है कि हां ये सिर्फ

[34:54]

फॉर्मेलिटी नहीं है। फॉर्मेलिटी तो जानते

[34:56]

ही हैं ना सब लोग करते ही हैं कि एक तो

[34:59]

ऐसी फॉर्मेलिटी है कि जस्ट हां क्लोजिंग

[35:01]

हो गई। नाम हो गया कि हां क्लोजिंग हो गई।

[35:03]

एक बात हो गई कि पूरी तरह से अच्छी तरह से

[35:05]

सस्टेन की। तो सस्टेन जो दिख जाए थोड़ी

[35:08]

बहुत ऊपर जाकर जो क्लोजिंग हो जाए वह एकदम

[35:11]

से परफेक्ट जोन होता है। चाहे वह डिमांड

[35:14]

हो या सप्लाई हो।

[35:17]

वो बिल्कुल ऐसा है कि दो लोग हैं। दो लोग

[35:22]

हैं। आपस में फाइट हुई। आपस में फाइट हुई।

[35:27]

आपस में फाइट होने के बाद A ने बी को हरा

[35:29]

दिया।

[35:31]

और ए भी थक कर बैठ गया और बी भी थक कर बैठ

[35:33]

गया। ठीक है? वहीं पर दूसरी साइड में सी

[35:37]

और डी लड़ रहे हैं। सी ने डी को हरा दिया।

[35:40]

बट सी में अभी भी बहुत स्टेमिना बचा हुआ

[35:43]

है।

[35:44]

तो इस केस में हारे तो दोनों बी और डी

[35:48]

दोनों ही थे। जीते ए और सी बट ज्यादा

[35:52]

पावरफुल कौन होगा? सेकंड केस वाला सी ना?

[35:56]

क्योंकि वो लड़ने के बाद भी उसमें उतना

[35:59]

उतना स्टेमिना है। मतलब किसी ने 100 मीटर

[36:01]

की रेस लगाई। दो चार लोगों ने 100 मीटर की

[36:04]

रेस लगाई। सब ने एक सही टाइम पर वो पूरी

[36:07]

भी कर दी। कुछ लोग रह गए। बट उनमें से दो

[36:11]

लोग ऐसे जो 100 मीटर की रेस लगाने के बाद

[36:13]

भी मतलब कुछ तो हैं रेस कंप्लीट होने के

[36:15]

बाद भी वहीं बैठ गए, गिर गए। और कुछ लोग

[36:18]

ऐसे निकले दो लोग कि वो 100 मीटर की रेस

[36:20]

लगाने के बाद भी सेलिब्रेट करते हुए आगे

[36:22]

जा रहे हैं। उनमें अभी भी इतनी एनर्जी बची

[36:24]

हुई है।

[36:26]

ठीक ऐसे ही यह कांसेप्ट यहां पर है। यह

[36:28]

मैं यहां पर बाइंग सेलिंग हो गया। वहां पर

[36:30]

कुछ अलग हो गया। की बाइंग इतनी अच्छी है

[36:33]

कि वह ऊपर जाए जा रही है जाए जा रही है

[36:34]

जाए जा रही है क्लोजिंग भी दे रही है अपने

[36:36]

आप को प्रूफ कर रही है

[36:39]

अंडरस्टैंड आई बात समझ में

[36:48]

और इसके ऊपर चार बेस कैंड चार लेग इन

[36:51]

कैंडल हो सकती है पांच भी हो सकती हैं छह

[36:54]

भी हो सकती है कहां तक जाओगे वो एक बार

[36:57]

चार्ट में जब आएंगे क्योंकि चार्ट में

[36:59]

देखो एक छोटी सी बात मैं जैसे चार्ट में

[37:01]

बता बताऊं कि चार्ट में जो आपको दिख रहा

[37:04]

है

[37:06]

यहां से यह दिख रही है बाइंग यह समझो कि

[37:08]

यह सेलिंग अब इसमें यह दो-तीन ही बेस

[37:10]

कैंडल है तीनचार बेस कैंडल है ना बट मैं

[37:13]

इसको यहां से भी समझूंगा कि यहां के ऊपर

[37:15]

क्लोजिंग हो तब जाकर मेरा कोई ज़ोन अच्छा

[37:17]

होगा तब जाकर मेरा कोई ज़ोन अच्छा होगा

[37:21]

इसके ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो

[37:25]

और

[37:28]

अब अब जैसे ये एक एक डिमांड जोन का केस है

[37:30]

इसमें एक ड्रॉप बेस रैली का यह डिमांड ज़ोन

[37:33]

है। इस ड्रॉप बेस रैली की इस कंप्लीट रैली

[37:35]

ने तीन लेग आउट कैंडल ने। क्या मैं कह

[37:37]

सकता हूं इस प्रीवियस सेलिंग जो थी इस

[37:40]

सेलिंग के ऊपर जाकर क्लोजिंग दी?

[37:46]

बिल्कुल।

[37:50]

तो क्या मैं इसको अब यह समझूं कि यार सर

[37:53]

इसकी क्लोजिंग तो सेलिंग तो यहां से आई थी

[37:56]

या फिर इसकी सेलिंग तो यहां से आई थी। जब

[37:58]

तक इसके ऊपर नहीं क्लोजिंग दे देती तब तक

[38:00]

मैं इसको अच्छा नहीं मानता। नहीं ऐसा नहीं

[38:03]

सोचना है। हमें इस मोमेंट में जिगज़ैग जो

[38:05]

हो रहा है ना उसमें आसपास की सेलिंग और

[38:08]

आसपास की बाइंग देखें। जैसे रीसेंट सेलिंग

[38:11]

ये थी उसके ऊपर क्लोजिंग दी। ठीक है?

[38:14]

ऐसा नहीं सोचना है कि जहां से स्टार्टिंग

[38:16]

हुई यहीं से। नहीं नहीं नहीं ये गलत बात

[38:19]

हो जाएगी।

[38:23]

आई बात समझ में?

[38:27]

वेरी गुड। अब एक और छोटा सा डायग्राम मैं

[38:30]

इसी में बताऊंगा आप लोगों को

[38:33]

जो अभी अभी जो बात बताई ना ठीक उसी से

[38:36]

रिलेटेड

[38:43]

और सेम कोई भी हो, कोई भी पिक्चर हो, किसी

[38:47]

भी टाइम फ्रेम की हो, वह बिल्कुल भी मैटर

[38:49]

नहीं कर रहा है। मैंने जैसा कहा कि सभी

[38:51]

टाइम फ्रेम पर ऐसा होगा।

[39:18]

यह देखिए ये एक जिगजैग करके मैंने कोई

[39:20]

चार्ट बनाने की यहां पे कोशिश की है। जिस

[39:23]

चार्ट में मैं जो समझाना चाह रहा हूं वह

[39:24]

यह जिस चार्ट में मैं जो समझाना चाह रहा

[39:27]

हूं वह यह कि यह एक रैली बनी।

[39:32]

ठीक है? ये एक रैली आई। उसके बाद यहां एक

[39:37]

पॉइंट।

[39:38]

ठीक है? पॉइंट बाद में लगा लेंगे। फिर

[39:41]

यहां से एक सेलिंग आती है। ठीक है? और ये

[39:45]

सेलिंग के आने के बाद वापस से यहां पर

[39:48]

बाइंग आई। बट इस बाइंग ने क्या प्रीवियस

[39:52]

किसी भी सेलिंग की रेंज को ब्रेक किया?

[39:55]

यहां से जो बाइंग आई थी, इस बाइंग ने क्या

[39:58]

किसी भी तरह से इस प्रीवियस सेलिंग की

[40:00]

रेंज को ब्रेक किया? नहीं किया। और मैं तो

[40:03]

यहां पर बीच में कोई डिमांड सप्लाई ज़ोन भी

[40:05]

नहीं मान रहा हूं कि भाई यहां सप्लाई ज़ोन

[40:06]

था या कुछ और नहीं मान रहा हूं।

[40:10]

नहीं मान रहा हूं कोई सप्लाई ज़ोन।

[40:12]

डायरेक्ट फॉल है। अच्छा फॉल है। दो तीन

[40:14]

चार बेस लेग इन कैंडल कितनी भी है फॉल है।

[40:19]

फिर उसके बाद वापस से तो यह मेरा कोई जोन

[40:21]

अच्छा नहीं रहा ना ज्यादा अच्छा एरिया

[40:23]

नहीं है। फिर उसके बाद वापस से प्राइस में

[40:25]

एक डाउन मूव आया और इस डाउन मूव के बाद

[40:28]

वापस से हो सकता है थोड़ा नीचे आकर चलती

[40:30]

ऐसा जरूरी नहीं है यहीं से चले थोड़ा सा

[40:32]

नीचे आकर चलती और इसमें इस तरह की बाइंग

[40:35]

क्या अब ये जो बाइंग आई है इस बाइंग के

[40:37]

बारे में मैं कह सकता हूं कि इसने कहीं

[40:39]

अपनी प्रीवियस रेंज ये वाली रेंज के ऊपर

[40:42]

जाकर क्लोजिंग दे दी तो ये वाला एरिया

[40:44]

मेरा अच्छा हो गया।

[40:46]

यस यह वाला एरिया मेरा अच्छा हो गया।

[40:51]

अब इसको मैं मान सकता हूं क्योंकि इसने

[40:53]

प्रीवियस रेंज को ब्रेक कर दिया। अब इसका

[40:55]

मतलब ये बिल्कुल नहीं सोचूंगा कि यार ये

[40:57]

यहां से ऊपर जाता क्योंकि प्रीवियस सेलिंग

[40:59]

तो और भी पहले ऊपर थी तो इसको मैं अच्छा

[41:01]

मानूंगा। नहीं मैंने रिसेंट आसपास की

[41:03]

सेलिंग देख ली। आसपास का टाइम फ्रेम फिक्स

[41:06]

नहीं हो सकता कि 2 महीने की सेलिंग देख

[41:08]

ली, 3 महीने की सेलिंग देख ली, सात 7 दिन

[41:10]

की सेलिंग देख ली। 2 महीने में ही इस तरह

[41:12]

के एरिया बहुत सारे बन गए तो फिर वो मेरा

[41:14]

कांसेप्ट ही खत्म हो जाएगा। मैंने तो

[41:16]

आसपास की कैंडल की स्ट्रेंथ, आसपास की

[41:19]

कैंडल की रेंज, आसपास की सेलिंग और बाइंग

[41:21]

देख ली है। फिर उसके बाद वापस से ऐसा होता

[41:24]

है। प्राइस में अच्छा खासा डाउनव आता है।

[41:26]

अच्छा खासा डाउन मूव आने के बाद वापस से

[41:28]

प्राइस ऊपर जाते हुए एक न्यू डिमांड ज़ोन

[41:31]

फॉर्म करती है। तो ये वाला डिमांड ज़ोन

[41:33]

क्या? ये वाला डिमांड ज़ोन क्या अब

[41:37]

मेरे लिए कोई बहुत अच्छा डिमांड ज़ोन रहा?

[41:40]

नहीं। क्योंकि अब इसने अपने प्रीवियस रेंज

[41:42]

से ऊपर जाकर क्लोजिंग नहीं दी। प्रीवियस

[41:44]

रेंज से ऊपर जाकर क्लोजिंग नहीं दी। तो अब

[41:48]

ये मेरे लिए अच्छा नहीं है। बट मैं इसमें

[41:50]

एक छोटी सी बात ऐड कर दूं कि इसने ऊपर

[41:53]

जाते-जाते यहां पर इसमें बीच में कोई इधर

[41:56]

सप्लाई ज़ोन था। ये ड्रॉप बेस ड्रॉप का

[41:58]

सप्लाई ज़ोन की रेंज थी। इस सप्लाई ज़ोन को

[42:00]

इसने ब्रेक कर दिया। तब तो मेरे पास यह हो

[42:02]

गया ना कि इस डिमांड ज़ोन ने ऊपर जाते हुए

[42:05]

भले ही इस रेंज को ब्रेक नहीं किया हो बट

[42:07]

सप्लाई ज़ोन को ब्रेक कर दिया। तो कहीं ना

[42:09]

कहीं इसमें स्ट्रेंथ आ गई। यस और नो। यदि

[42:12]

ये सप्लाई ज़ोन ना होता तब इसमें कोई

[42:14]

स्ट्रेंथ नहीं थी। क्योंकि ना तो मेरे लिए

[42:16]

रेंज ब्रेक हुई ना मेरे लिए सप्लाई ज़ोन

[42:19]

ब्रेक हुआ। बट अब रेंज ब्रेक नहीं हुई बट

[42:22]

सप्लाई ज़ोन ब्रेक हो गया। ड्रॉप ड्रॉप का

[42:24]

कंटीन्यूअस सप्लाई ज़ोन ब्रेक हो गया। तो

[42:26]

इन बाइंग ने एक सप्लाई ज़ोन को ब्रेक करके

[42:28]

सप्लाई ज़ोन के ऊपर क्लोजिंग देकर अपने आप

[42:31]

को प्रूफ किया।

[42:33]

देन उसके बाद फिर से यह एक ऐसा डाउन मूव

[42:36]

आया।

[42:38]

अब वो भले ही थोड़ा सा और नीचे आकर इस तरह

[42:40]

से चल सकता है बट उसने ऊपर जाते हुए कोई

[42:43]

रेंज ब्रेक नहीं की फिर से तो यह डिमांड

[42:45]

कोई काम का नहीं रहा। ये वाला एरिया भी

[42:48]

कोई काम का नहीं। फिर प्राइस में वापस से

[42:51]

एक डाउन मूव आया।

[42:59]

फिर प्राइस में वापस से एक इस तरह से डाउन

[43:01]

मूव आया। और इस डाउन मूव आने के बाद अबकी

[43:04]

बार अबकी बार जो बाइंग आई उस बाइंग ने

[43:06]

प्रीवियस रेंज को ब्रेक कर दिया। अब मेरी

[43:08]

प्रीवियस रेंज इसको ही तो मैं मानूंगा ना।

[43:11]

प्रीवियस रेंज इसको ही तो मैं मानूंगा ना।

[43:14]

इसमें इस बाइंग ने आते इस प्रीवियस रेंज

[43:17]

को ब्रेक कर दिया। तो ये वाला एरिया अपने

[43:18]

आप स्ट्रांग हो गया। और यदि ये और भी ऊपर

[43:21]

चला गया। इसने और पीछे की रेंज को भले ही

[43:24]

करता भी ना बट कर दिया तो और अच्छा हो गया

[43:26]

ना तब मेरे लिए बेस्ट एरिया हो जाता। यस

[43:29]

और नो। यदि उसने बहुत दो तीन रेंज को

[43:32]

ब्रेक कर दिया। बाइंग ही इतनी अच्छी है।

[43:34]

एक एक ही उसने रेसलर ने दो-तीन लोगों को

[43:37]

हरा दिया

[43:40]

तो वो अपने आप में स्ट्रेंथ वाला ज़ोन हो

[43:42]

गया।

[43:47]

और यहां पर हर एक पॉइंट में जो बात कर रहा

[43:50]

हूं वो क्लोजिंग के साथ कर रहा हूं। उसको

[43:52]

मैं कह रहा हूं कि आप क्लोजिंग देखना। जब

[43:55]

भी मैं बोलूं ब्रेक करना यहां पर क्लोजिंग

[43:57]

क्योंकि क्लोजिंग का मतलब आप समझ ही गए

[43:59]

होंगे कि प्राइस ने वहां पर सस्टेन किया

[44:02]

ऐसे नहीं जस्ट फॉर्मेलिटी होकर ही आ गई

[44:04]

है।

[44:12]

आई ये बात समझ में? कितने परसेंट समझ में

[44:14]

आ गई है क्लोजिंग कांसेप्ट वाली बात?

[44:17]

और डिमांड एंड सप्लाई दोनों के लिए ही

[44:20]

बिल्कुल सेम है। 90 80 100 यस 50 60 80 50

[44:25]

100

[44:27]

90 100 80

[44:29]

पूरा 35 एक सेकंड रोहन ओके रोहन

[44:36]

600 ऑसम एक्सप्लेनेशन थैंक यू चलिए

[44:42]

इस इस वाली चीज को इस वाली चीज को मैं एक

[44:45]

बार फिर से जब मेरे पांचों कांसेप्ट चीज

[44:47]

क्लियर हो जाएंगे ना चारों पांचों

[44:49]

कांसेप्ट जब क्लियर हो जाएंगे ना तब वापस

[44:51]

से फिर से बता दूंगा। डोंट वरी। और यह

[44:55]

बताने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं 100%

[44:57]

श्योर हूं। जब

[45:00]

जब मैं चार्ट पर आ जाऊंगा।

[45:03]

चार्ट पर आ जाऊंगा ना तब और अच्छी तरह से

[45:04]

समझ में आ जाएगा।

[45:06]

इसमें यदि सप्लाई ज़ोन के बारे में बात

[45:08]

करूं तो ये समझें। मैं एक बार के लिए इसको

[45:11]

यहां से हटा रहा हूं कि पहले तो एक छोटी

[45:14]

सी बात मुझे बताएं कि जैसे ये सप्लाई ज़ोन

[45:16]

की रेंज है। ये सप्लाई ज़ोन की रेंज है।

[45:17]

इन्होंने किसी भी बाइंग की रेंज को ब्रेक

[45:19]

किया क्या? जो भी सप्लाई की रेंज थी

[45:22]

इन्होंने बाइंग की रेंज को ब्रेक किया

[45:23]

नहीं किया। वहीं पर मैं यह कहता कि इस

[45:25]

वाली सेलिंग ने प्रीवियस रेंज को इस तरह

[45:27]

से ब्रेक कर दिया।

[45:29]

इस वाली सेलिंग ने प्रीवियस रेंज को इस

[45:31]

तरह से ब्रेक कर दिया। तो अब क्या यह वाला

[45:32]

सप्लाई ज़ोन ज्यादा स्ट्रांग हो गया?

[45:43]

यस। अब ये वाला सप्लाई ज़ोन ज्यादा

[45:45]

स्ट्रांग हो गया।

[45:47]

सेम जो डिमांड के लिए बात है, ठीक वही

[45:50]

सप्लाई के लिए बात है। जैसे डिमांड वाली

[45:53]

जैसे डिमांड किसी रेंज को ब्रेक करके

[45:55]

अच्छा बन रहा है। ठीक ऐसे ही सप्लाई भी

[45:58]

किसी रेंज को ब्रेक करके अच्छा बन रहा है।

[46:05]

और हम हमेशा ये जो स्ट्रेटजी है, ऐसा नहीं

[46:09]

कि डिमांड ज़ोन बनते ही हम बाय नहीं कर रहे

[46:11]

हैं। कभी भी। सप्लाई जोन बनते ही हम सेल

[46:14]

नहीं कर रहे हैं। जब प्राइस उन एरियाज को

[46:16]

अप्रोच करेगी, उन पेंडिंग ऑर्डर्स वाले

[46:18]

एरिया में पहुंचेगी, जैसे डिमांड में

[46:20]

पहुंची, जैसे सप्लाई में पहुंची तब हम

[46:22]

बाइंग या सेलिंग करेंगे।

[46:27]

और अभी एक बात छोटी सी जो कुछ लोगों के मन

[46:30]

में आ रही होगी या आ रही भी है कि सर

[46:33]

डिमांड से ज्यादा स्ट्रांग सप्लाई रहा,

[46:35]

सप्लाई से ज्यादा स्ट्रांग डिमांड रहा। ये

[46:38]

कितने लोगों के मन में बात आ रही है कि

[46:40]

डिमांड से ज्यादा स्ट्रांग सप्लाई रहा,

[46:42]

सप्लाई से ज्यादा स्ट्रांग डिमांड रहा तो

[46:43]

हम कैसे डील करेंगे? ये बात पूरी तरह से

[46:46]

आपको बहुत डीपली एक्सप्लेन कर दी जाएगी।

[46:48]

अभी वो समझने का टाइम नहीं है।

[46:53]

और अभी तो मैं सेम टाइम फ्रेम की बात कर

[46:56]

रहा हूं कि यदि मैं डेली पर स्ट्रक्चर देख

[46:58]

रहा हूं तो डेली की ही रेंज के बनने या

[47:00]

ब्रेक होने की बात करूंगा। वीकली की देख

[47:02]

रहा हूं तो वीकली के ज़ोन के बनने या उसके

[47:04]

ब्रेक होने की बात करूंगा। अभी मैं लोअर

[47:06]

टाइम फ्रेम से हायर टाइम फ्रेम मैं आपसे

[47:08]

ये कह दूं वैसे तो एक डेफिनेशन अभी मैं दे

[47:12]

रहा हूं आपको सुन लीजिए कि यदि मैंने एक

[47:14]

बात करी किसी डिमांड ज़ोन ने किसी सप्लाई

[47:17]

ज़ोन को ब्रेक कर दिया वो अच्छा ज़ोन हो गया

[47:19]

यस और नो

[47:22]

ठीक ऐसे ही किसी सप्लाई ने किसी डिमांड को

[47:25]

ब्रेक किया तो वो अच्छा ज़ोन हो गया। वहीं

[47:27]

पे मैं ये कह दूं किसी छोटे टाइम फ्रेम के

[47:30]

डिमांड ने बड़े टाइम फ्रेम के सप्लाई ज़ोन

[47:32]

को ब्रेक कर दिया।

[47:34]

किसी छोटे टाइम फ्रेम के सप्लाई जोन ने

[47:36]

किसी बड़े टाइम फ्रेम के डिमांड जोन को

[47:38]

ब्रेक कर दिया। तो वह अपने आप में कितनी

[47:41]

बड़ी बात हो गई। डेली के डिमांड जोन ने

[47:44]

वीकली के सप्लाई ज़ोन को, डेली के सप्लाई

[47:46]

ज़ोन ने वीकली के सप्लाई ज़ोन को, वीकली के

[47:48]

डिमांड ज़ोन को। बट उसमें मैं अभी बताऊंगा

[47:52]

नहीं। उस वाली चीज को मैं बताने वाला ही

[47:54]

नहीं हूं। फिलहाल क्योंकि मुझे पता है कि

[47:56]

यह यह अभी बताने वाली बात है ही नहीं। वह

[47:59]

बाद की बात है। अभी तो आपको जो मैं बता

[48:01]

रहा हूं क्योंकि मुझे पता है कि क्या लेवल

[48:03]

कब तक आपको कितना खींचा जा सकता है।

[48:08]

ठीक है?

[48:09]

एक साथ ही सब बता देंगे तो फिर कई लोग तो

[48:12]

ऐसे लगेंगे यार ये तो गिव अप करना पड़ेगा।

[48:14]

शायद ये हमारे लिए नहीं है। ऐसा नहीं होने

[48:18]

दूंगा। आपको भी थोड़े से ऐसे समझना है कि

[48:21]

हम कोई नई चीज सीख रहे हैं तो उनके

[48:23]

कांसेप्ट समझ में आने में टाइम लगेगा ही।

[48:26]

आपने कभी मेडिकल पर दवाइयां खरीदी है? डॉ

[48:30]

डॉक्टर जो दवाइयां लिख कर देते हैं,

[48:32]

प्रिस्क्रिप्शन देते हैं, वह हम आगे देते

[48:34]

हैं। मेडिकल वाला बंदा अचानक से सारी

[48:37]

दवाइयां ढूंढ-डा के निकाल लेता है और हमें

[48:39]

लगता है यार सेम वाइट कलर के बॉक्स हैं।

[48:41]

हमें तो इवन डॉक्टर की राइटिंग भी समझ में

[48:44]

नहीं आई। बट फिर भी यह वाले बंदे ने 2

[48:47]

मिनट के अंदर ही सारी दवाइयां जो कि हमें

[48:49]

नाम एक जैसे लग रहे उनको निकाल कर ले आया।

[48:53]

आपको यदि वहां पर उस मेडिकल शॉप पर छोड़

[48:55]

दिया जाए आप ऐसा कर पाएंगे 1 दिन 2 दिन 3

[48:58]

दिन 4 दिन 5 दिन 10 दिन महीने भर तक नहीं

[49:01]

कर पाएंगे एक जब तक उस पूरी चीज को समझ

[49:04]

नहीं लेंगे जब तक वहां प्रैक्टिस नहीं हो

[49:06]

जाएगी

[49:07]

कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियर होता होगा आपके

[49:09]

दोस्त जानकार वो कोडिंग जब लिखते हैं जब

[49:12]

वो वहां पर कोड लिखते हैं आपने देखा कितनी

[49:15]

अच्छी तरीके से फटाफट टाइप करते कुछ तो कई

[49:17]

कई बार ऐसा तो टाइप नहीं भी करते एक की से

[49:19]

ही इतना सारा लिखा जाता है आपको दे दिया

[49:22]

जाए वह काम नहीं हो सकता।

[49:27]

आप जो अभी काम कर रहे हैं, आपने उसमें

[49:30]

जितना टाइम दिया है, उसी के अकॉर्डिंग

[49:33]

आपकी उसमें स्ट्रेंथ बनी है। उसी के

[49:35]

अकॉर्डिंग आपकी उसमें नॉलेज गेन हुई है।

[49:38]

जो भी आप काम कर रहे हो और इसके अलावा जो

[49:41]

भी नया काम अब आप जिम में गए कभी जिम में

[49:44]

जाते हैं। ट्रेनर हमें बताते हैं कि भाई

[49:46]

ये ये एक्सरसाइज करनी है।

[49:50]

स्टार्टिंग के एक महीने ट्रेनर के बिना

[49:52]

हमें यह समझ ही नहीं पाता। आ पाता जब हम

[49:54]

नए होते हैं कि हमारे लिए इन दो एक्सरसाइज

[49:58]

में क्या डिफरेंस है। जब एक महीना लगातार

[50:01]

जिम करते-करते हो जाता है तब जाकर कहीं

[50:03]

समझ में आता है कि ये दोनों एक्सरसाइज इस

[50:05]

तरह से हैं।

[50:11]

तो सब धीरे-धीरे समझ में आएगा। ऐसी बात

[50:14]

नहीं है। बहुत धीरे-धीरे चलेंगे अपन। ना

[50:18]

आपको कोई जल्दी होनी चाहिए। ना मुझे कोई

[50:19]

जल्दी होनी चाहिए। क्योंकि हम कोई ऐसी चीज

[50:22]

के बारे में बात नहीं कर रहे जो महीने दो

[50:24]

महीने साल भर छ महीने चलने वाली है। हम इस

[50:27]

लॉन्ग लास्टिक चीज के बारे में बात कर रहे

[50:29]

हैं। हम उस लॉन्ग लास्टिक यूनिवर्सल एक

[50:31]

कांसेप्ट के बारे में बात कर रहे हैं जो

[50:33]

हमेशा ही रहेगा।

[50:38]

हमेशा ही रहेगा।

[50:40]

तो देर से समझ में आना कोई गलत बात नहीं

[50:43]

है। कोशिश समझने की ना करना गलत बात होती

[50:46]

है।

[50:47]

कोशिश ना करना गलत बात होती है। समझने की

[50:50]

कोशिश ही नहीं कर रहे हैं।

[50:54]

क्योंकि ये कैंडल किसी को भी यहां पर

[50:56]

दिखाओ। कोई नए इंसान को लाकर दिखाओ। कोई

[50:58]

और काम कर रहा है जिसने मार्केट जाना

[51:00]

नहीं, सीखा नहीं। ये कैंडल ओपन कर दो।

[51:02]

उसको लगेगा भाई तुमने मुझे बताया नहीं।

[51:05]

बिना पूछे ईसीजी कर डाली। यह मेरी हार्ट

[51:07]

बीट लाल और हरी क्यों आ रही है?

[51:11]

तो वही बात है। समझने की बात है, टाइम

[51:14]

देने की बात है।

[51:18]

हां, ठीक है। थोड़े बहुत मजाक जरूरी होते

[51:20]

हैं। ओके। चलिए अब आते हैं नेक्स्ट टॉपिक

[51:24]

पर।

[51:27]

एक एक और चीज एक और चीज मुझे बतानी थी। ये

[51:29]

तो एक रिवर्सल पॉइंट वाला रह गया।

[51:31]

कंटीन्यूअस में यहां पर एक और चीज बात आ

[51:33]

सकती है कि सर रिवर्सल तो ठीक है। हमें

[51:36]

पता चल रहा है हमारी लेगिंग से ऊपर

[51:37]

क्लोजिंग होनी चाहिए। बट हम

[51:41]

हम लोग कंटीन्यूअस में कैसे देखेंगे?

[51:51]

कंटीन्यूअस में कैसे देखेंगे? देखिए।

[52:00]

देखिए प्रेमानंद एक बार यह ड्रॉप बेस और

[52:04]

यह बेस बनी कोई ठीक है और मेरे पास एक लेग

[52:08]

आउट कुछ इस तरह से बन जाती है। ठीक है?

[52:12]

क्या ये वाले ज़ोन को मैं कंसीडर कर सकता

[52:14]

हूं? नहीं। क्योंकि एटलीस्ट जहां से बायर

[52:18]

सेलर की फाइट हुई प्रेमानंद वहां से तो

[52:20]

ऊपर जाए प्राइस। जहां से बायर सेलर की

[52:23]

फाइट हुई वहां से तो ऊपर जाए प्राइस। हां,

[52:26]

इसके बाद एक और कैंडल बन गई तो मेरे लिए

[52:29]

अच्छी बात हो सकती है। तब मैं इसको इस तरह

[52:31]

से मार्क कर सकता हूं। तब मैं इसको इस तरह

[52:34]

से मार्क कर सकता हूं। अदरवाइज इसे मार्क

[52:36]

नहीं कर सकता। तो जब ऐसे ही ठीक सप्लाई

[52:41]

ज़ोन के बारे में कि प्राइस में ये एक

[52:43]

ड्रॉप बना। ठीक है? इस ड्रॉप के बाद एक

[52:46]

बेस कैनल बनी।

[52:52]

फिर प्राइस में एक ड्रॉप आया।

[52:58]

बट यह ड्रॉप अपने बेस एरिया से ही नीचे

[53:01]

नहीं जा पाया। गया तो वहां सस्टेन नहीं कर

[53:03]

पाया। तो ये मेरे लिए कोई अच्छा ज़ोन नहीं

[53:05]

है। कंटीन्यूअस पैटर्न में एटलीस्ट बेस

[53:07]

एरिया से तो ऊपर जाए या बेस बेस एरिया से

[53:10]

ही तो नीचे जाए।

[53:18]

ठीक है? ये हो गया कंटीन्यूअस पैटर्न के

[53:21]

लिए।

[53:22]

अब मैं बात करता हूं एक नई चीज कि गैप के

[53:27]

साथ। हालांकि यह गैप का पूरी तरह से आज ही

[53:29]

नहीं पढ़ लेंगे हम। गैप अभी भी और आगे भी

[53:32]

पढ़ना है। यह एक अलग कांसेप्ट है। यह एक

[53:36]

अलग कांसेप्ट है गैप वाला।

[53:40]

इसको हम बोलते हैं सिग्निफिकेंट गैप।

[53:46]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल।

[53:53]

इक्वल टू एक्साइटिंग कैनल

[54:00]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल इक्वल टू

[54:03]

एक्साइटिंग कैनल

[54:06]

ठीक है

[54:09]

कुछ इस तरह से अब ये होता क्या है मैं अभी

[54:12]

जो चीज हम लोग अभी तक इग्नोर कर जा रहे थे

[54:16]

उसको एक जोन भी माना जा सकता है

[54:26]

यह समझिए यह मेरे पास एक ड्रॉप है।

[54:33]

यहां एक बेस बना।

[54:36]

ठीक है? अब इसके बाद इसके बाद प्राइस में

[54:41]

गैप अप ओपनिंग हुई। प्राइस में गैप अप

[54:44]

ओपनिंग हुई और इस गैप के बाद भी प्राइस ने

[54:47]

सिर्फ बेस कैंडल ही बनाई।

[54:50]

गैप होने के बाद भी प्राइस ने एक बेस

[54:53]

कैंडल ही बनाई। अब यहां पर इस गैप जो मुझे

[54:57]

क्लियर कट दिख रहा है इस गैप को मैं

[54:59]

बोलूंगा सिग्निफिकेंट गैप जो कि है इसमें।

[55:02]

हमें एक्चुअली गैप दिख रहा है।

[55:07]

गैप दिख रहा है। और उस गैप के बाद यदि बेस

[55:10]

कैंडल बनी ना तो मैं यह मानूंगा कि यहां

[55:13]

पर सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल मतलब

[55:15]

ये वाली कैंडल जो है मेरे लिए अपने आप में

[55:18]

एक एक्साइटिंग कैंडल हो गई। ये वाली कैंडल

[55:22]

अपने आप में मेरे लिए एक एक्साइटिंग कैंडल

[55:24]

हो गई। वो जो कि इनविज़िबल एक्साइटिंग

[55:26]

कैंडल है। अब कई लोगों के मन में बात आ

[55:29]

रही होगी सर ये इनविज़िबल क्या रहा? पहले

[55:31]

तो आप यह समझें गैप बनते क्यों हैं?

[55:34]

मार्केट में गैप बनते क्यों हैं? वो इस

[55:36]

वजह से होते हैं कि जो 9 टू 97 जब प्री

[55:40]

मार्केट ओपन होता है, प्री मार्केट सेशन

[55:43]

ओपन होता है, उस टाइम पर जो बाइंग सेलिंग

[55:45]

होती है, बाइंग आती है ज्यादा, बयरर्स आते

[55:47]

हैं ज्यादा तो प्राइस ऊपर चली जाती है।

[55:50]

सेलर्स आते हैं ज्यादा तो प्राइस नीचे आ

[55:53]

जाती है।

[55:55]

अब उस प्री ओपनिंग सेशन में हर कोई आप हम

[55:58]

कोई भी ऑर्डर प्लेस कर सकता है। बट उसमें

[56:01]

इतना जरूरी नहीं होता कि आपके सारे ऑर्डर

[56:04]

ही एग्जीक्यूट हो जाए। सारे ऑर्डर ही

[56:06]

एग्जीक्यूट हो जाए या कुछ भी ना हो या

[56:09]

थोड़े बहुत हो जाए। बट वहां पर ऑर्डर्स जो

[56:12]

लगते हैं उन ऑर्डर्स की वजह से गैप अप या

[56:15]

गैप डाउन होता है। उनकी वजह से गैप अप या

[56:18]

गैप डाउन हो जाता है। तो वो जो गैप अप और

[56:20]

गैप डाउन हुआ क्या यदि मैं कहता हूं कि

[56:23]

गैप अप ओपन हो गया और गैप अप होने के बाद

[56:26]

यहां पर इस तरह से बेस कैंडल बन गई। मतलब

[56:28]

इस वाली रेंज में भी कहीं ना कहीं बाइंग

[56:31]

तो आई है ना। तभी तो वह गैप अप ओपन हुआ

[56:33]

है। यहां पर हर एक पॉइंट पर बाइंग आती गई।

[56:36]

तभी तो यह गैप अप बनी। तभी तो नहीं तो

[56:38]

प्राइस ऊपर ही नहीं जाती। तो उसमें यह

[56:40]

माना जाता है कि यह भी मेरे लिए एक लेग

[56:43]

आउट कैंडल है। वो चाहे इनविज़िबल लेग आउट

[56:45]

कैंडल है। बट यहां की इस स्ट्रेंथ को गैप

[56:48]

अप होने के बाद उसने अपने आप को स्ट्रेंथ

[56:50]

तो दे दी। गैप अप होने के बाद उसने अपने

[56:53]

आप को एक स्ट्रेंथ दे दी ना।

[57:00]

इस वजह से यह रूल हो गया कि जब हमारे पास

[57:03]

सिग्निफिकेंट गैप हो और उसके साथ बेस

[57:05]

कैंडल बन जाए तो वो हमारे लिए एक

[57:07]

एक्साइटिंग कैंडल बन जाती है। वो हमारे

[57:11]

लिए एक एक्साइटिंग कैंडल बन जाती है। तो

[57:13]

यह तो रूल हो गया कि भाई सिग्निफिकेंट गैप

[57:15]

प्लस बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइट कैनल

[57:19]

जी प्री मार्केट सेशन में प्री मार्केट

[57:22]

सेशन में 9 टू 97 जब बाइंग सेलिंग आती है

[57:26]

और उस बाइंग सेलिंग की वजह से प्राइस या

[57:28]

तो गैप अप ओपन होती है 9:15 9:15 पर या

[57:32]

गैप डाउन ओपन होती है तो यह माना जाता है

[57:34]

कि वहां पर बाइंग आई है या सेलिंग आई है।

[57:36]

तो ये जो गैप बना है इसने भी तो अपने आप

[57:39]

की स्ट्रेंथ को बताया ना। इसने तो अपने आप

[57:42]

की स्ट्रेंथ शो की ना।

[57:46]

इस वजह से इसको हम एक एक्साइटिंग कैंडल

[57:48]

समझते हैं कि ये एक मेरे लिए एक्साइटिंग

[57:50]

कैंडल हो गई। अब इस एक्साइटिंग कैंडल बनने

[57:53]

के पीछे बनने के बाद हम ये समझें एक बात

[57:57]

क्या इसकी क्लोजिंग अच्छी है। मतलब रूल तो

[58:01]

यह हो गया। किसी भी गैप वाली कैंडल को

[58:03]

एक्साइटिंग कैंडल हम समझ रहे हैं। उसका

[58:05]

रूल तो यह फिक्स हो गया कि रूल तो यही है।

[58:08]

अब बात आती है कि क्या इस वाली कैंडल की

[58:12]

क्लोजिंग अच्छी है? आप मुझे बताएं। कोई

[58:15]

क्लोजिंग अच्छी नहीं है। इस वाली कैंडल की

[58:17]

क्लोजिंग कब अच्छी होती है? जब यहां पर ये

[58:19]

प्राइस होती है।

[58:21]

अब यहां पर दो अलग-अलग बातें हो गई कि

[58:24]

पहले तो मैं सिर्फ एक कैंडल के बारे में

[58:26]

बता रहा था। सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[58:29]

कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल। मतलब

[58:31]

इसे एक तरह का ज़ोन बता रहा था।

[58:34]

इसे एक तरह की कैंडल बता रहा था। पहले तो

[58:36]

सिर्फ मैं कैंडल की बात कर रहा था। अब मैं

[58:38]

आपसे ज़ोन की बात कर रहा हूं। क्या अब ये

[58:40]

ज़ोन स्ट्रांग है? अब ये ज़ोन स्ट्रांग नहीं

[58:43]

है। बट यदि इसी की क्लोजिंग यहां पर ऊपर

[58:46]

होती तब ये मेरे लिए स्ट्रांग होता।

[58:50]

तब ये मेरे लिए स्ट्रांग होता। मतलब इसमें

[58:52]

भी क्लोजिंग तो इंपॉर्टेंट है। इसमें भी

[58:55]

मेरे लिए क्लोजिंग तो इंपॉर्टेंट है।

[59:00]

अब एक और नई बात आ गई सर इस कैंडल का कलर

[59:04]

क्योंकि बेस कैंडल ब्लू तो होती नहीं है।

[59:06]

यह ग्रीन होगी या रेड हो गई क्या होगी?

[59:09]

देखिए ये कैंडल ग्रीन भी हो सकती है। ये

[59:12]

कैंडल रेड भी हो सकती है। मैं वापस से इस

[59:15]

पॉइंट को वापस से अगेन हाईलाइट कर रहा

[59:17]

हूं। ये बेस कैंडल ग्रीन भी हो सकती है।

[59:20]

ये बेस कैंडल रेड भी हो सकती है। फिर से

[59:24]

एक बार फिर से एक बात कह रहा हूं कि ये

[59:26]

कैंडल ग्रीन भी हो सकती है और ये कैंडल

[59:28]

रेड भी हो सकती है। बट आप यह समझें कि

[59:32]

कैंडल चाहे ग्रीन है चाहे रेड है। आपको जब

[59:36]

हम इसे एक डिमांड ज़ोन समझ रहे हैं तो

[59:38]

अकॉर्डिंग टू डिमांड ज़ोन हमारे लिए

[59:41]

प्रायोरिटी ग्रीन रहेगी या रेड रहेगी। हम

[59:44]

ग्रीन को ज्यादा अच्छा मानेंगे या रेड को

[59:46]

ज्यादा अच्छा मानेंगे। होने को तो रेड

[59:49]

कैंडल होने के बाद भी ये एक मेरे पास ज़ोन

[59:52]

ही हो गया। मेरे पास लेग आउट ही हो गई।

[59:54]

मेरे पास एक्साइटिंग कैंडल ही हो गई। बट

[59:57]

जब बात प्रायोरिटी की आ जाएगी तो मैं

[59:58]

ग्रीन को ज्यादा प्रायोरिटी दूंगा ना। कलर

[60:00]

कुछ भी हो सकता है। व्हाटएवर कुछ भी कलर

[60:02]

हो दोनों में से।

[60:08]

और यहां से इसको मार्क करने का तरीका वही

[60:12]

सेम होगा। इस तरह से इस नीचे वाले एरिया

[60:13]

को हम मार्क करेंगे। यह मेरी मार्किंग

[60:15]

रही। तो अब मेरे लिए एक ड्रॉप बेस रैली का

[60:17]

डिमांड है। यह मेरे लिए ड्रॉप बेस रैली का

[60:21]

डिमांड। वहीं पे यदि यहां पर कुछ इस तरह

[60:24]

से स्ट्रेंथ होती तो क्या ये तो मेरे पास

[60:27]

क्लियर कट एज इट इज़ दिखने वाला डिमांड हो

[60:30]

गया ना। जो मुझे चाहिए कि हां अब की बार

[60:33]

तो एक्साइटिंग कैंडल ही गैप के साथ बन गई।

[60:35]

यस और नो। अबकी बार तो एक्साइटिंग कैंडल

[60:38]

ही बन गई। गैप के साथ तो ठीक है। कोई बात

[60:41]

नहीं। बट गैप के साथ यदि बेस कैंडल बनी है

[60:44]

तो भी ये डिमांड न्यू है। अब इसके बाद एक

[60:47]

और केस बन गया। इसके बाद एक और केस बन

[60:51]

गया। वो क्या बना कि इसने प्राइस को और

[60:54]

ऊपर पहुंचाया। एक और लेग आउट कैंडल इस तरह

[60:56]

से बन गई। एक और ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल

[60:58]

बन गई। अब ऐसा होगा बहुत बार होगा। मैं

[61:02]

एग्जांपल्स भी बताऊंगा। बट यहां पर यह जो

[61:04]

ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल बनी क्या इसने इस

[61:08]

ड्रॉप बेस रैली के ज़ोन की स्ट्रेंथ बढ़ा

[61:11]

दी?

[61:13]

ज़ोन तो यह तब भी था जब मेरे पास ये कैंडल

[61:16]

ना थी। ज़ोन तो ये तब भी था जब मेरे पास ये

[61:20]

कैंडल ना थी। बट एक और प्राइस ग्रीन कैंडल

[61:22]

बनकर अब मेरे पास एक अब मेरे पास ज्यादा

[61:25]

स्ट्रेंथ आ गई ना।

[61:27]

स्ट्रेंथ वाला ज़ोन हो गया। बट इस स्ट्रेंथ

[61:31]

वाले ज़ोन के साथ-साथ मेरे पास एक और पॉइंट

[61:34]

ऐड हो गया कि मेरे पास एक और रैली बेस

[61:37]

रैली का या ड्रॉप बेस रैली कह लो एक ये

[61:39]

डिमांड बन गया।

[61:42]

अब यहां पर लोगों को लगा कि यार यह एक नई

[61:45]

चीज बता दी। यह क्या हुआ?

[61:49]

अब सुने मेरी बात।

[61:53]

यह मैंने क्या बना दिया? अब आप सुनिए। यह

[61:57]

वाली जो कैंडल थी

[62:00]

यह वाली कैंडल थी। दिखने में यह बेस कैंडल

[62:04]

ही है।

[62:06]

दिखने में यह बेस कैंडल ही थी। यस बिल्कुल

[62:10]

थी। यदि इस पर्टिकुलर बेस कैंडल में इस

[62:15]

पर्टिकुलर बेस कैंडल में जो कि 9:15 से

[62:18]

लेकर कब तक भी बनी चाहे 75 मिनट डेली समझ

[62:21]

लो डेली स्टैंडर्ड टाइम फ्रेम 9:15 से

[62:24]

लेकर 3:30 तक यह इसी तरह से रह गई। तो ये

[62:27]

बेस कैनल ही हुई।

[62:30]

बायर सेलर की यहां पर भी फाइट चलती रही।

[62:36]

बट हमने इसको उस टाइम पर एक्साइटिंग किस

[62:40]

वजह से लिया? इस गैप की वजह से। होने को

[62:42]

तो ये बेस कैंडल ही थी। हमने तो इसको एक

[62:45]

गैप की स्ट्रेंथ को समझा कि यार गैप आया

[62:48]

है ना स्ट्रेंथफुल ज़ोन है। स्ट्रेंथ वाला

[62:50]

ज़ोन है। गैप आया है ना? स्ट्रेंथ वाला ज़ोन

[62:54]

है। तब हमने इसको अच्छा समझा। दैट्स व्हाई

[62:56]

अपन ने इसको एक ड्रॉप बेस रैली का पहले ही

[62:58]

ज़ोन मार्क कर लिया था। बट होने को तो

[63:00]

एक्चुअल में ये एक बेस कैंडल ही है। तो ये

[63:02]

एक मेरे लिए एक ये डिमांड ज़ोन फर्स्ट हो

[63:05]

गया। ये डिमांड ज़ोन सेकंड हो गया। दो

[63:08]

डिमांड ज़ोन बनकर तैयार हो गए।

[63:12]

दो डिमांड ज़ोन बनकर तैयार हो गए। अब नीचे

[63:15]

वाला तो ड्रॉप बेस रैली है। ऊपर वाले को

[63:17]

आप रैली बेस रैली कह लीजिए। ऊपर वाले को

[63:20]

भी ड्रॉप बेस रैली कह लीजिए। उसको कहने

[63:21]

में कुछ नहीं है। बट आप इस बेस कैनल के

[63:24]

पेंडिंग ऑर्डर्स को तो समझें कि इस

[63:26]

पर्टिकुलर 9:15 टू 3:30 तो मेरे पास

[63:28]

पेंडिंग ऑर्डर्स ही रहे। मतलब 9:15 टू 330

[63:31]

तो प्राइस मेरे पास रेंज बाउंड ही रही।

[63:33]

हमने इसको जब लेग आउट समझा था वो तो 9:15

[63:37]

से पहले वाली बाइंग की वजह से गैप अप होने

[63:39]

की वजह से समझा था।

[63:43]

अब इस सेकंड में भले ही लेग इन लो मानो

[63:46]

नहीं मानो यह इसको ऐसे समझ लो कि यह एक

[63:48]

मेरे पास इस तरह से रैली बेस रैली है या

[63:50]

यह समझ लो इसी ड्रॉप बेस रैली के दो पार्ट

[63:52]

हैं। वो एक ऐसी चीज हो गई एक प्रैक्टिकल

[63:55]

चीज हो गई। उसमें मैं कह दूंगा कि हां

[63:56]

रैली बेस रैली इस तरह से ले लो तो भी कोई

[63:58]

बात नहीं है। वो सिर्फ नाम देना हो गया।

[64:00]

बट मैंने एक बेस एरिया कंप्लीटली मार्क कर

[64:02]

चुका हूं ना।

[64:05]

अब यहां पर जो होगा ना यहां पर एक और नई

[64:08]

बात आ गई। नई बात क्या और हो गई कि यदि

[64:11]

प्राइस ऊपर से नीचे आएगी तो मैं डिमांड

[64:13]

जोन ऊपर सेकंड वाले को प्रायोरिटी दूं या

[64:16]

डिमांड जोन फर्स्ट को प्रायोरिटी दूं। यह

[64:18]

बात मन में आई होगी ना?

[64:24]

बिल्कुल।

[64:28]

ये बात में आई होगी। अब इस बात का भी जवाब

[64:30]

है। इस बात का क्या जवाब है कि प्राइस यदि

[64:33]

नॉर्मली नॉर्मल सेलिंग प्रेशर से नॉर्मल

[64:37]

छोटी-छोटी कैंडल से नॉर्मल छोटी-छोटी

[64:40]

कैंडल बनाते हुए नीचे की तरफ आ रही है तो

[64:43]

यह वाला ऊपर वाला ज़ोन भी चल जाएगा। ठीक

[64:46]

है? अच्छी बात है। और फिर दोबारा सेकंड

[64:49]

टाइम उसके चलने के बाद नीचे आए तो यह वाला

[64:52]

ज़ोन भी चल जाएगा। और डायरेक्ट यदि ज्यादा

[64:54]

अग्रेसिव सेलिंग से प्राइस आ रही है।

[64:57]

प्राइस ज्यादा अग्रेसिव सेलिंग से आ रही

[64:59]

है। ज्यादा बड़ी रेड कैंडल्स बनाकर आ रही

[65:02]

है। तो फिर ऊपर वाले ज़ोन के चलने के

[65:04]

चांसेस कम। नीचे वाले ज़ोन के चलने के

[65:06]

चांसेस ज्यादा हो जाएंगे। क्योंकि फिर वही

[65:08]

बात आ जाएगी कि कंटीन्यूअस पैटर्न और

[65:11]

रिवर्सल पैटर्न वाली बात।

[65:17]

आई बात समझ में? वह इस बात पर डिपेंड

[65:21]

करेगा। इन जोोंस में से कौन से जोन को

[65:24]

चलना चाहिए नहीं चलना चाहिए यह इस बात पर

[65:26]

डिपेंड करेगा कि इनको प्राइस अप्रोच कैसे

[65:29]

कर रही है।

[65:32]

इनको प्राइस अप्रोच कैसे कर रही है? यदि

[65:36]

नॉर्मल सेलिंग प्रेशर के साथ आई तो प्राइस

[65:38]

ऊपर चली जाएगी। ऊपर वाले एरिया से उस केस

[65:41]

में फर्स्ट वाला मेरा बिल्कुल फ्रेश ज़ोन

[65:43]

है। क्योंकि अब मेरे लिए ये दोनों अलग-अलग

[65:45]

ज़ोन हो गए। ऐसा नहीं कि प्राइस ऊपर से चली

[65:47]

गई तो नीचे वाला एरिया मेरे लिए टेस्टेड

[65:49]

हो जाएगा। नहीं मैंने तो डिमांड जोन वन और

[65:51]

डिमांड न्यून सेकंड माना है और फिर प्राइस

[65:55]

कभी भी बाद में नीचे आती है तो ये ये

[65:57]

डिमांड भी मेरे लिए वैलिड ही है। ये

[66:01]

डिमांड न्यून मेरे लिए वैलिड ही है। और

[66:04]

प्राइस जब ऊपर से ही एक अग्रेसिव सेलिंग

[66:07]

में आए। ऊपर से ही एक अग्रेसिव सेलिंग में

[66:10]

आए बड़ी रेड कैनल्स बनाते हुए तो ऊपर वाले

[66:12]

ज़ोन के ब्रेक होने के और नीचे वाले ब्रेक

[66:15]

ज़ोन के चलने के चांसेस होता है। मतलब

[66:17]

प्राइस ज़ोन को अप्रोच कैसे कर रही है?

[66:20]

जितना ज्यादा प्रेशर से प्राइस आएगी उतना

[66:23]

ही स्ट्रांग ज़ोन चल पाएगा। जितना नॉर्मली

[66:26]

प्राइस आएगी उतना नॉर्मल ज़ोन चल जाएगा।

[66:33]

ठीक है?

[66:37]

आई बात समझ में यह वाली सिग्निफिकेंट गैप

[66:39]

प्लस बेस कैंडल वाली। अब इसमें सेम

[66:42]

कांसेप्ट सप्लाई ज़ोन के लिए भी है।

[66:49]

सेम कांसेप्ट सप्लाई ज़ोन के लिए वो अलग

[66:53]

बात है। हर्ष

[66:55]

सेम कांसेप्ट सप्लाई ज़ोन के लिए। सप्लाई

[66:57]

ज़ोन के लिए कैसे? जैसे कि यह समझें।

[67:07]

तब तो प्रॉपर जोन था दर्शन

[67:10]

ये

[67:16]

रैली

[67:17]

ठीक है और ये बेस

[67:23]

और उसके बाद यहां ड्रॉप

[67:27]

क्या इस वाले ड्रॉप को मैं एक

[67:29]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैनल वाला

[67:31]

ड्रॉप बोल सकता हूं। हूं।

[67:33]

यहां पर प्राइस में सिग्निफिकेंट गैप प्लस

[67:35]

बेस कैंडल यहां पे प्राइस में एक अपमूव

[67:38]

आया।

[67:43]

यहां पर प्राइस में एक अपमूव आता है। फिर

[67:46]

उसके बाद बायर सेलर की फाइट होती है। फिर

[67:49]

नेक्स्ट डे प्राइस गैप डाउन ओपन होती है।

[67:55]

नेक्स्ट डे प्राइस गैप डाउन ओपन होती है

[67:57]

और गैप डाउन होने के बाद भी इसने एक बेस

[68:00]

कैंडल बनाई। गैप डाउन होने के बाद भी इसने

[68:03]

बेस कैंडल बनाई। तो, यह वाला एरिया मेरा

[68:05]

कोई यह वाला यह वाली जो कैंडल है ना, यह

[68:08]

एक इनविज़िबल स्ट्रेंथ वाली कैंडल हो गई

[68:10]

जिसको हम गैप की वजह से स्ट्रेंथ दे रहे

[68:13]

हैं। तो, मेरे पास एक रैली बेस ड्रॉप का

[68:15]

सप्लाई ज़ोन हो गया। इसमें ये रूल कैंडल को

[68:18]

लेकर जो होता है कि सिग्निफिकेंट गैप प्लस

[68:20]

बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल। वह

[68:22]

तो बिल्कुल फिट हो गया। एक्साइटिंग तो बन

[68:24]

गई। और रही बात मार्किंग की तो मार्किंग

[68:28]

भी मेरे ऐसे हो गई। मार्किंग भी मैंने कर

[68:31]

दी। बट जो हमने थोड़ी देर पहले यह

[68:34]

क्लोजिंग वाली बात पढ़ी थी, उस क्लोजिंग

[68:36]

वाली बात के अकॉर्डिंग तो इस वाली चीज को

[68:40]

नीचे की तरफ क्लोज होना था। कुछ यहां पर

[68:42]

नीचे की तरफ क्लोजिंग होनी थी। तब जाकर

[68:45]

मेरा ये ज़ोन अच्छा बनता।

[68:47]

अब तो अच्छा बन सकता है। और फिर इस बेस

[68:50]

कैंडल के रेड होने या ग्रीन होने की बात

[68:52]

आएगी। तो आप मुझे बताएं क्या यह बेस कैंडल

[68:55]

ग्रीन होगी तब भी मैं इसको लेग आउट बोल

[68:57]

दूंगा। रेड होगी तब भी मैं इसको लेग आउट

[68:59]

बोल दूंगा। लेग आउट तो कैसे भी बोला जा

[69:01]

सकता है ग्रीन होने पर भी और रेड होने पर

[69:04]

भी। बट जब बात प्रायोरिटी की आती है तो

[69:06]

सप्लाई ज़ोन में मैं यह चाहूंगा ना कि यह

[69:08]

कैंडल भी रेड हो। होने को तो ग्रीन होती

[69:11]

तो भी मेरे पास डिमांड सप्लाई ज़ोन होता।

[69:13]

बट रेड है तो मेरे लिए और भी ज्यादा अच्छी

[69:15]

बात हो गई।

[69:18]

और बाय चांस कुछ ऐसा होता कि यहां पर कुछ

[69:21]

लोग अभी भी पूछ रहे थे कि इस तरह से इसमें

[69:24]

ये ड्रॉप ऐसे आता।

[69:27]

ठीक है?

[69:29]

इस तरह से ड्रॉप आता। पूरी एक्साइटिंग

[69:31]

कैंडल बनती गैप के साथ। तब तो मेरे लिए

[69:34]

प्रॉपर ऐसे जैसे ज़ोन होते हैं, वैसे ही

[69:37]

ज़ोन होता। तब मुझे कोई गैप सिग्निफिकेंट

[69:39]

गैप प्लस बेस कैंडल वाली बात ही नहीं है।

[69:41]

क्योंकि गैप प्रॉपर एक्साइटिंग कैंडल के

[69:43]

साथ बना है। तो मेरी मार्किंग भी वैसे

[69:45]

होगी।

[69:47]

यदि मान कर चलिए कोई ऐसी बात होती

[69:49]

डायरेक्ट मेरे पास एक्साइटिंग कैंडल ही बन

[69:51]

गई। बट गैप के साथ बनी, तो मेरा ज़ोन ऐसे

[69:53]

ही रह जाएगा। सेम ड्रॉप बेस रैली रैली

[69:55]

बेस्ड ड्रॉप उसमें कोई बात ही नहीं है। बस

[69:58]

मैंने तो यह चीज़ करी एक इस तरह से कि मुझे

[70:01]

सिग्निफिकेंट गैप और फिर उसके बाद कोई बेस

[70:04]

कैंडल बन रही है। उसको मैंने एक्साइटिंग

[70:06]

कैंडल बनाना था। सिग्निफिकेंट गैप प्लस

[70:09]

उसके बाद कोई बेस कैंडल बन रही है। उसके

[70:11]

बाद मैंने उसको एक्साइटिंग कैंडल बनाना

[70:13]

था।

[70:18]

ठीक है?

[70:20]

अब इसमें भी सेम कांसेप्ट यदि इसके बाद

[70:23]

प्राइस डाउन आने लगे तो

[70:26]

इस तरह से प्राइस डाउन आई तो क्या मैं ये

[70:30]

कह सकता हूं एक और नया ज़ोन बन गया जिसको

[70:32]

आप रैली बेस्ड ड्रॉप कह लीजिए ड्रॉप बेस

[70:34]

ड्रॉप कह लीजिए ये एक ज़ोन बन गया

[70:39]

तो यह मेरा फर्स्ट सप्लाई ज़ोन यह मेरा

[70:44]

सेकंड सप्लाई जोन

[70:46]

ऊपर वाला फर्स्ट नीचे वाला सेकंड

[70:52]

11th क्लास में हम बात करेंगे कि यह वाला

[70:56]

जैसे इसमें है ये वाला एरिया मेरा एक

[71:00]

ऊपर वाला एरिया मेरे लिए एक अग्रेसिव

[71:02]

डिमांड जोन है।

[71:05]

ऊपर वाला एरिया मेरे लिए एक अग्रेसिव

[71:07]

डिमांड जोन है। नीचे वाला एरिया मेरे लिए

[71:10]

एक कंजर्वेटिव डिमांड जोन है।

[71:15]

ठीक ऐसे ही आप मुझे बताएं इस सप्लाई जोन

[71:17]

वाले स्ट्रक्चर में

[71:24]

इस सप्लाई जोन वाले स्ट्रक्चर में

[71:28]

सेकंड वाला स्ट्रक्चर जो है अग्रेसिव होगा

[71:31]

और फर्स्ट वाला स्ट्रक्चर कंजर्वेटिव

[71:33]

होगा। सही बात है ना? सेकंड वाला ये वाला

[71:36]

है। यह वाला हो गया अग्रेसिव

[71:39]

और यह वाला हो गया कंजर्वेटिव। अब कब हमें

[71:42]

अग्रेसिव को ट्रेड करना है? कब हमें

[71:44]

कंजर्वेटिव को ट्रेड करना है, कब हमें

[71:47]

अग्रेसिव को ट्रेड करना है, कब हमें

[71:49]

कंजर्वेटिव को ट्रेड करना है। वो तो हम

[71:50]

सीखेंगे आगे। मतलब मैं जो ये चीज बता रहा

[71:54]

हूं, गैप वाली हो गई, क्लोजिंग वाली हो

[71:57]

गई। ये आपके उस बेस को मजबूत बना रहे हैं।

[72:01]

जिसके आधार पर हम ट्रेडिंग करने वाले हैं।

[72:03]

मतलब हम लोग ज़ोन की मार्किंग तो सब सीख ही

[72:06]

चुके हैं। ज़ोन के टाइप सीख चुके हैं।

[72:09]

ड्रॉप बेस रैली, रैली बेस रैली, ड्रॉप बेस

[72:12]

ड्रॉप। रैली बेस ड्रॉप। अब उन जोन में वह

[72:17]

तो कोई भी बहुत बहुत नॉर्मल सी बात है।

[72:20]

ड्रॉप बेस रैली रैली बेस रैली यह तो एक

[72:22]

तरह से आप यह समझें एक तरह से आप यह समझें

[72:28]

कि ये ड्रॉप बेस रैली रैली बेस रैली तो एक

[72:30]

डेफिनेशन को पढ़ना हो गया जिसको कोई भी

[72:32]

पढ़ सकता है। उस डेफिनेशन डेफिनेशन के

[72:35]

इंसाइट जानना उसके अंदर जाना उस डेफिनेशन

[72:38]

के अंदर जाना वो हम काम कर रहे हैं। हम जो

[72:42]

काम कर रहे हैं वो अपने जोन की क्वालिटी

[72:44]

पर कर रहे हैं कि किस-किस तरह के ज़ोन किस

[72:48]

क्वालिटी के हो सकते हैं। कौन सा नॉर्मल

[72:50]

ज़ोन है, कौन सा स्ट्रांग ज़ोन है। अब से

[72:52]

हमने शुरू किया है। अब हम अब से हमने

[72:54]

स्टार्ट किया है वो चीज कि ये हमारे पास

[72:56]

ज़ोन इस तरह से स्ट्रांग है। ये हमारा ज़ोन

[72:58]

इस तरह से वीक है। जैसे मैं इन दोनों ही

[73:01]

एग्जांपल्स में आपसे पूछूं तो आप अभी बता

[73:04]

पाएंगे कि इनमें से चाहे वो डिमांड है,

[73:07]

सप्लाई है। फर्स्ट वाला सेकंड वाला कौन सा

[73:10]

स्ट्रांग ज़ोन है फर्स्ट और सेकंड में कौन

[73:12]

से वीक ज़ोन है फर्स्ट और सेकंड

[73:23]

वो अलग बात हो जाएगी विवेक

[73:30]

यस सेकंड वाले ज़ोन जो हैं ये नॉर्मल से

[73:33]

ज़ोन है जैसे ये सेकंड वाले और फर्स्ट वाले

[73:36]

ज़ोन है ये और ये ये मेरे पास स्ट्रांग ज़ोन

[73:39]

है। अग्रेसिव ज़ोन थोड़े नॉर्मल हैं।

[73:41]

कंजर्वेटिव ज़ोन जो है वो थोड़े से स्ट्रांग

[73:44]

है। यही हो गया ना? विवेक ने एक सवाल पूछा

[73:48]

जो मुझे लगा कि हां एक अच्छा सवाल है कि

[73:51]

यदि नीचे यहां पर बेस कैंडल होती ही ना तो

[73:54]

क्या होता? इसमें इस तरह से गैप करके

[73:57]

कैंडल बन जाती। यदि ऐसा कोई स्ट्रक्चर

[73:59]

वैसे तो बहुत रेयर बनेगा। बहुत रेयर होगा

[74:02]

ऐसा तो फिर मेरे लिए कोई गैप बना यहां पर।

[74:05]

ये पूरी तरह से इस तरह से मार्किंग हो

[74:07]

जाएगी। यहां ऊपर प्रॉक्सिमल लाइन और यहां

[74:10]

क्रिस्टल लाइन।

[74:13]

यदि कोई यहां पर ये बेस कैंडल होते ही ना

[74:15]

तो

[74:20]

और बात जब स्टॉप लॉस लगाने की है तो मैंने

[74:24]

इनको एक ज़ोन माना है या अलग-अलग ज़ोन माना

[74:27]

है?

[74:29]

यस नवदीप। एक ज़ोन माना है या अलग-अलग ज़ोन

[74:32]

माना है? बिल्कुल डिफरेंट-डिफरेंट अलग-अलग

[74:34]

ज़ोन माना है। अलग-अलग ज़ोन माना है।

[74:37]

डिफरेंट-डिफरेंट ज़ोन माना है। तो, इसकी

[74:40]

एंट्री यह हो जाएगी

[74:43]

और इसका स्टॉप लॉस ये हो जाएगा।

[74:47]

ठीक ऐसे ही इसकी एंट्री ये हो जाएगी।

[74:51]

और इसका स्टॉप लॉस ये हो जाएगा।

[74:56]

दोनों अलग-अलग ज़ोन है। दोनों डिफरेंट ज़ोन

[74:59]

है। यह एक ड्रॉप बेस रैली टाइप स्ट्रक्चर

[75:02]

हो गया। इसको मैंने रैली बेस रैली कह

[75:03]

दिया। ये एक रैली बेस ड्रॉप टाइप

[75:05]

स्ट्रक्चर हो गया। इसको मैंने ड्रॉप बेस

[75:06]

ड्रॉप कह दिया। अब इसको भले ही आप ड्रॉप

[75:08]

बेस ड्रॉप ना समझो बट ये एक बेस कैंडल ही

[75:10]

तो है। मैं ड्रॉप बेस ड्रॉप क्यों कह रहा

[75:12]

हूं? मैं इसको कह रहा हूं कि हां भाई ये

[75:13]

एक ड्रॉप आया था प्राइस में। इस इनविज़िबल

[75:16]

कैंडल जो यहां पर जो स्ट्रेंथ दिख रही है

[75:18]

ना वो मुझे ड्रॉप ही तो दिख रही है। इसने

[75:20]

गैप डाउन ही तो ओपनिंग दी है। ठीक ऐसे ही

[75:22]

यहां पर जो इनविज़िबल मुझे गैप दिख रहा है

[75:25]

इन मतलब जो मुझे गैप दिख रहा है जिसमें

[75:27]

मैं इनविज़िबल स्ट्रेंथ मान रहा हूं वो एक

[75:29]

मेरे पास रैली की ही तो स्ट्रेंथ है।

[75:33]

बाद में बात करेंगे। वरुण अग्रेसिव

[75:36]

कंजर्वेटिव सेलिंग प्रेशर, बाइंग प्रेशर

[75:39]

सब धीरे-धीरे करके सीखेंगे। अभी जो मैं

[75:42]

बातों बातों में आपसे कह दे रहा हूं, आप

[75:44]

शायद ध्यान नहीं दे पा रहे हो सब लोग इस

[75:46]

बात का कि अग्रेसिव जब कह रहा हूं तो

[75:49]

ज्यादा सेलिंग प्रेशर के साथ आ रही है।

[75:51]

बड़ी-बड़ी रेड कैंडल्स बनाते हुए आ रही

[75:53]

है। नॉर्मल कह रहा हूं तो छोटी-छोटी

[75:55]

कैंडल्स के साथ आ रही है। सिंपल।

[76:01]

अब ठीक ये वाली पिक्चर जो मैंने यहां पर

[76:03]

बताई है, यह सब कुछ जैसे रिवर्सल में है,

[76:06]

ठीक ऐसे कंटीन्यूअस में भी ऐसे ही होगा।

[76:08]

लाइक मैं

[76:12]

यह रैली

[76:17]

यह कुछ बेस और उसके बाद यहां गैप के साथ

[76:20]

एक बेस कुछ इस तरह से बन गई

[76:22]

जैसे तो इसमें ये सिग्निफिकेंट गैप जो

[76:26]

मुझे दिख रहा है और ये गैप ऐसा नहीं कि

[76:28]

जस्ट फॉर्मेलिटी के लिए ऐसे गैप हो गया हो

[76:30]

सिर्फ बाइंग सेलिंग में मुझे बिल्कुल

[76:32]

क्लियर कट गैप दिखे कुछ इस तरह से तो अपने

[76:35]

लिए यह वाला एरिया एक रैली बेस रैली का

[76:39]

जोन हो गया

[76:40]

और इसके बाद वापस से

[76:47]

इसके बाद वापस से एक और ग्रीन कैंडल बन गई

[76:49]

तो मेरे पास एक और नया ज़ोन हो गया। अब

[76:52]

किसी के मन में यह भी बात आई होगी कि वापस

[76:53]

से बेस कैंडल बन गई तो वो उस पर मैं

[76:55]

आऊंगा। बट वापस से एक और ग्रीन कैंडल बन

[76:57]

गई तो मेरे पास एक और रैली बेस वैली हो

[76:59]

गया।

[77:01]

ठीक ऐसे ही ड्रॉप बेस ड्रॉप के लिए भी है

[77:03]

कि प्राइस में एक डाउन मूव आया

[77:08]

और यहां बेस कैंडल बन गई। अब आप छोटी सी

[77:11]

बात वापस से मुझे बता दीजिए। इस बेस के

[77:14]

बाद गैप अप बना और ये रेड एक्साइटिंग

[77:16]

कैंडल बन गई। इसको ज़ोन मानोगे या नहीं

[77:17]

मानोगे?

[77:20]

मैं किसी का नाम नहीं लूंगा। किसी का

[77:22]

क्वेश्चन पढूंगा और उसका जवाब दूंगा। तब

[77:24]

तो खुद ही समझ जाइएगा। बिल्कुल लोगों

[77:27]

बिल्कुल ही मेरा जोोन है। यह तो मैं कर ही

[77:30]

रहा था। बट अब इसके साथ-साथ यदि यहां पर

[77:33]

स्ट्रेंथ कुछ इस तरह की आ गई तो मेरा ये

[77:36]

ज़ोन हो गया ना ड्रॉप बेस ड्रॉप भी।

[77:44]

अब अब तो ये मेरा ड्रॉप बेस ड्रॉप का

[77:46]

सप्लाई ज़ोन हो गया ना। यस। अब मेरे पास

[77:49]

प्रॉपर ये ड्रॉप बेस ड्रॉप का सप्लाई ज़ोन

[77:51]

है

[77:55]

और इसके बाद एक और ड्रॉप बन जाता है तो

[77:57]

फिर एक और नया ड्रॉप बेस ड्रॉप का सप्लाई

[77:59]

ज़ोन है इस तरह से

[78:02]

और दोनों ही अलग-अलग तरह के ज़ोन है। इसमें

[78:05]

भी हमारे लिए नॉर्मल प्रेशर रहा तो ऊपर

[78:08]

वाला ही कर लेगा। नॉर्मल प्रेशर रहा तो

[78:11]

यही जोन जो है सॉरी नॉर्मल बाइंग प्रेशर

[78:14]

रहा तो यही जोन संभालेगा और थोड़ा

[78:16]

अग्रेसिव रहा तो ऊपर वाला जोन संभालेगा वो

[78:18]

फिर बात आएगी अभी मैं यह नहीं कह रहा हूं

[78:20]

कि ज़ोन को ट्रेड कौन से को करना है क्या

[78:23]

मैं अभी अभी तक ये कोई भी बात मैंने करी

[78:25]

कि इस तरह के ज़ोन को ट्रेड करेंगे इस तरह

[78:27]

के ज़ोन पर हम एग्जीक्यूशन लेंगे इस तरह के

[78:29]

ज़ोन पर हम पैसा लगाएंगे ऐसी कोई बात नहीं

[78:31]

करी मैं तो आपसे यह कह रहा हूं

[78:35]

मैं तो आपसे यह कह रहा हूं

[78:38]

कि

[78:41]

हमारा जोन स्ट्रांग कैसे होगा? हमारी

[78:44]

कैंडल स्ट्रांग कैसे होगी? स्ट्रांगनेस की

[78:47]

बात कर रहा हूं। ज़ोन की स्ट्रेंथ के बारे

[78:49]

में बात कर रहा हूं। ज़ोन के पावरफुल होने

[78:51]

की बात कर रहा हूं। कोई कह रहा है कि सर

[78:54]

ये दोनों बेस कैंडल ना होती तो ज़ोन ऐसा

[78:56]

होता। मेरे पास बिना बेस के तो कुछ है ही

[78:58]

नहीं ना। बिना बेस के तभी हो सकता था जब

[79:01]

मेरे पास दोनों डिफरेंट-डिफरेंट टाइप की

[79:04]

कैंडल्स होती। डिफरेंट-डिफरेंट कलर की ट

[79:06]

कलर की जो है कैंडल्स होती हैं।

[79:11]

ये हो गया मेरे लिए सिग्निफिकेंट गैप प्लस

[79:16]

बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल।

[79:20]

अब यहां पर एक और चीज।

[79:24]

तीसरी चीज मैं बता रहा हूं।

[79:27]

डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द प्राइस।

[79:34]

मुझे पता था कि इसमें क्वेश्चंस बहुत सारे

[79:36]

आने वाले हैं।

[79:39]

क्वेश्चंस बहुत सारे आने वाले हैं और आप

[79:42]

लोग पूछ भी रहे हैं और जहां तक है मैं

[79:45]

सारे क्वेश्चंस को आपके पूछने से पहले बता

[79:48]

भी रहा हूं और टॉपिक क्योंकि कवर नहीं हुआ

[79:50]

है। अभी पांचों में अब जैसे बहुत सारे

[79:53]

लोगों का जो सवाल था ना वो इस

[79:54]

डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द प्राइस में कवर हो

[79:55]

जाएगा। जो सवाल इस टॉपिक में था ना

[80:00]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेसिकल वाले में वो

[80:02]

हो सकता है इसमें कवर हो जाए

[80:08]

और जो इनमें भी कवर नहीं हो पाए वो

[80:10]

एग्जांपल में कवर हो जाए। बात ऐसी है कि

[80:13]

हम जब मैं जब बता रहा हूं तो आप बस अच्छी

[80:16]

तरह से सुन लें।

[80:20]

जब मैं कह रहा हूं कुछ तो आप अच्छी तरह से

[80:23]

सुन लें।

[80:25]

सिर्फ दो-ती घंटे बहुत फोकस के साथ बैठना

[80:27]

है। जस्ट सिर्फ से दो-ती घंटे जैसे आप लोग

[80:29]

अपना फेवरेट काम करते हुए बैठते हैं। किसी

[80:32]

का फेवरेट काम मोबाइल पर गेम खेलना है।

[80:34]

किसी का लिखना है, किसी का पढ़ना है, किसी

[80:37]

का क्रिकेट खेलना है, किसी का खाना बनाना

[80:39]

है। किसी का गाने सुनना है, किसी का डांस

[80:42]

करना है,

[80:44]

किसी का ट्रेड करना है, किसी का फेवरेट

[80:47]

काम है, बातें करना है, किसी का फेवरेट

[80:49]

काम है मजाक करना है। तो आपको जो भी आपका

[80:53]

फेवरेट काम जब जब आप करते हैं तो किस तरह

[80:56]

से बाकी की दूसरी चीजों को साइड में रख

[80:58]

देते हैं। ठीक ऐसे ही इस शाम के 7:00 से

[81:02]

9:00 बजे के टाइम को अपना फेवरेट टाइम बना

[81:05]

लीजिए।

[81:06]

क्योंकि आप कुछ ऐसी ही नहीं पढ़ रहे हैं

[81:09]

रैंडमली कि ये कोई स्कूल की ऐसी चीज नहीं

[81:12]

है। साइन स्क्वायर प्लस कॉस स्क्वायर = 1

[81:15]

होगा।

[81:17]

तब तो हमें पता भी नहीं था कि यह काम समझ

[81:19]

में आएगा या नहीं। यह काम आएगा या नहीं

[81:21]

आएगा। क्या हम उस फील्ड में जाएंगे या

[81:23]

नहीं जाएंगे? कोई और मेथड हो गया तब हमें

[81:26]

नहीं पता था। हमें क्योंकि वहां पर

[81:28]

मार्क्स लाने होते थे। वो हमारे सिलेबस का

[81:31]

पार्ट था। दैट्स व्हाई वो हमें याद भी

[81:33]

करने होते थे। अब जाकर समझ में आया कि अभी

[81:36]

तो काम नहीं आ रहा। शायद कुछ और दूसरी

[81:38]

फील्ड में जाते तो आता या ना आता पता

[81:39]

नहीं।

[81:44]

बट यहां पर जो मैं यह बता रहा हूं, जितनी

[81:46]

भी बातें बता रहा हूं, बहुत यूनिवर्सल

[81:49]

बातें, बहुत प्रैक्टिकल बातें हैं। आपको

[81:51]

हर एक बात पर ध्यान देना ही चाहिए क्योंकि

[81:53]

यह सब कुछ आपके काम आने ही वाला है। अब वो

[81:57]

टाइम गया और वो वो हम लोग वो है भी नहीं

[82:00]

कि जो काम नहीं आएगा, उसको बिना बात के

[82:03]

हमारे कोर्स के सिलेबस को बढ़ाने के लिए

[82:05]

मैं यहां पर बताऊंगा। नहीं वह हमारा कभी

[82:08]

भी स्वभाव नहीं रहा। तो आप इस टाइम को

[82:10]

बिल्कुल फेवरेट बना लीजिए।

[82:18]

अब भी पता नहीं कर पाया। क्या फायदा है

[82:21]

उसका? हां आकाश मैं भी नहीं पता कर पाया।

[82:23]

बट सुनने में आता है जब कोई साइंटिस्ट बन

[82:25]

जाता है डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम साहब की

[82:28]

तरह तो शायद वो चीजें उस टाइम पर काम आती

[82:31]

हैं। मतलब ऐसा मैंने मैंने सुना है

[82:35]

नॉर्मल रियल लाइफ में तो अभी जो हम जिन

[82:38]

प्रोफेशंस में हैं उनमें चाहे आप

[82:40]

सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं इंजीनियर हैं तो

[82:42]

शायद काम नहीं आते और एक सबसे बड़ी बात यह

[82:45]

है कि वो एक ब्रेन स्टॉर्मिंग के लिए

[82:47]

बच्चों के ब्रेन को शार्प बनाने के लिए

[82:48]

बहुत अच्छी चीज होती है।

[82:51]

हम् शायद इस वजह से काम आता हो। ठीक है?

[82:55]

और हम यह माने काम नहीं आता तो नहीं आता

[82:57]

बट यह काम आने वाला है आपके।

[83:00]

ठीक है? चलिए यह मैंने डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ

[83:04]

द प्राइस बताया। बता रहा हूं जिसमें कोई

[83:07]

भी टाइम फ्रेम हो। मानकर चलिए ये डेली का

[83:10]

टाइम फ्रेम है। ये एक ड्रॉप आया। यहां बेस

[83:12]

आया। उसके बाद प्राइस में एक अपमूव आई।

[83:16]

उसके बाद प्राइस में अपमूव आती है और यह

[83:19]

अपमूव गैप के साथ हुई और एक बेस कैंडल बन

[83:22]

गई। प्राइस ग्रीन कैंडल ग्रीन बनी। मतलब

[83:24]

यह एक तरह से ग्रीन कैंडल ही है बट बेस

[83:27]

बनी। कोई स्ट्रेंथ वाली लेग आउट ना बन

[83:29]

पाई।

[83:31]

अभी तक तो कुछ भी नहीं। फिर उसके बाद फिर

[83:33]

से गैप के साथ एक और बेस कैंडल बन गई।

[83:36]

प्राइस लगातार ऊपर जा रही है। फिर से

[83:40]

प्राइस एक गैप के साथ ऊपर चली गई।

[83:43]

गैप के साथ गई बट एक आध कैंडल रेड भी बन

[83:45]

गई। फिर से प्राइस गैप के साथ छोटे-छोटे

[83:48]

गैप बन रहे हैं। छोटी-छोटी ग्रीन कैंडल बन

[83:51]

रही है। बट जो ओवरऑल रिजल्ट बन रहा है वो

[83:54]

ये हो रहा है कि प्राइस फाइनली ऊपर जाते

[83:57]

जा रही है। क्या मैं यह कह सकता हूं यहां

[83:59]

पर जो लगातार बाइंग आई है वो एक

[84:02]

डिस्ट्रीब्यूशन के साथ आई है।

[84:08]

यस। यह एक डिस्ट्रीब्यूशन के साथ आई है।

[84:12]

वहीं पर यह डिस्ट्रीब्यूशन ना होता। कब

[84:15]

नहीं होता डिस्ट्रीब्यूशन? जब इस तरह से

[84:17]

कोई कैंडल बन चुकी होती। यह छोटे-छोटे

[84:19]

करके नहीं एक ही बार में जो बाइंग आनी थी

[84:21]

वो एक ही बार में बाइंग आ गई। लाइक इस तरह

[84:23]

से दो कैंडल बन जाती।

[84:26]

तब हम कह सकते थे ना। बट अभी ये जो पिक्चर

[84:29]

है ना ये वाली पिक्चर मेरे लिए एक

[84:31]

डिस्ट्रीब्यूशन है बाइंग का।

[84:35]

अब इसको यह मत समझ लीजिएगा कि इसको भी मैं

[84:37]

रैली बेस रैली मान लूं।

[84:40]

इसको भी मैं रैली बेस रैली मान लूं। इसे

[84:44]

भी मान लूं। इसे भी मान लूं। किसे मान

[84:46]

लूं? नहीं। जब इस तरह से आपको दिखे

[84:49]

डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ बाइंग दिखे। मैं तो

[84:51]

कहता हूं इसमें कोई थोड़ी बहुत ग्रीन

[84:53]

एक्साइटिंग कैंडल भी हो। थोड़ी बहुत ग्रीन

[84:56]

एक्साइटिंग कैंडल भी हो। तब भी आपकी जो

[84:59]

मार्किंग रहेगी वो इस तरह से रहेगी। एकदम

[85:02]

से जिसकी शुरुआत जहां से हुई है जो

[85:04]

स्टार्टिंग पॉइंट है उस पॉइंट को हम इस

[85:06]

तरह से मार्क करेंगे। तुम यह मेरे लिए

[85:08]

ड्रॉप बेस रैली का दिन है। अब हो सकता है

[85:11]

यह डेली पर जो है वह ऐसी पिक्चर है। बट

[85:15]

डेली पर जो है वो ऐसी पिक्चर है। बट वीकली

[85:18]

पर ये पूरी तरह से जो हमने कल सीखा था कल

[85:22]

वाला टॉपिक याद है? फिफ्थ क्लास वाला एथ

[85:24]

सॉरी फ्राइडे वाला टॉपिक याद है? फिफ्थ

[85:26]

क्लास वाला

[85:29]

वीकली पर हो सकता है ना ये ग्रीन कैंडल इस

[85:31]

तरह से हो। हायर टाइम फ्रेम पर ले आउट है।

[85:35]

बट हां हायर टाइम फ्रेम पर इस तरह से

[85:37]

कैंडल बन सकती है। ठीक है? तो हायर टाइम

[85:39]

फ्रेम की पिक्चर ऐसी होती मेरी प्रॉपर तो

[85:41]

मैं मान लेता। बट डेली की यदि मैं बात

[85:44]

करूं डेली पर तो मेरे लिए प्राइस का

[85:46]

डिस्ट्रीब्यूशन ही हो गया। अब आपके पास दो

[85:50]

चीजें हुई कि एक तो कुछ इस तरह से ड्रॉप

[85:52]

बेस और डिस्ट्रीब्यूशन के साथ रैली है।

[85:54]

वहीं पर

[85:57]

दूसरा

[85:59]

ड्रॉप बेस और इस तरह से रैली है।

[86:04]

आपके लिए इन दोनों में से कौन सा जोन

[86:07]

ज्यादा स्ट्रांग है? सेकंड वाला पार्ट

[86:11]

होने को तो देखिए ये भी मेरे लिए एक

[86:14]

डिमांड ज़ोन है और ये भी मेरे लिए एक

[86:16]

डिमांड ज़ोन है। बट वो डिमांड ज़ोन ज्यादा

[86:19]

पावरफुल होगा। इसमें धीरे-धीरे स्लो स्लो

[86:22]

बाइंग आई है। प्राइस ऊपर गई है। यहां पर

[86:24]

देखो क्या हुआ है। इस वाली पिक्चर में

[86:27]

प्राइस गैप के साथ ऊपर गई। गैप के साथ ऊपर

[86:30]

हो गई। बेस कैंडल बन गई। गैप के साथ ऊपर

[86:33]

गई। बेस कैंडल बन गई। गैप के साथ ऊपर गैप

[86:36]

नहीं भी होता। मानकर चलिए इन दो के बीच

[86:38]

में गैप नहीं है। बट फिर भी प्राइस थोड़ा

[86:40]

बहुत ऊपर गई। कुल मिला के मैं ये कहना चाह

[86:42]

रहा हूं कि यहां पर लगातार बहुत अच्छा मूव

[86:45]

नहीं आया है। रुक-रुक कर प्राइस गई है।

[86:48]

रुक-रुक कर प्राइस।

[86:50]

तो यह वाला यह वाली होने को तो डिमांड जोन

[86:53]

ही है। बट हम इस तरह के डिमांड जोन को

[86:55]

हमेशा इग्नोर करते हैं। कभी किसी किसी

[86:58]

रेयर केस में आगे चल के बताएंगे कब कब ऐसा

[87:01]

हो सकता है कि ये वाला एरिया भी चल जाएगा।

[87:03]

बट हमारे पास प्रायोरिटी जब ऐसे है कि

[87:05]

बिल्कुल प्रॉपर इस तरह से स्ट्रेंथ वाला

[87:07]

ये एक तरह से आपने देखा आपने आपके साथ कभी

[87:10]

हुआ आपने किसी फ्रेंड को पैसे दिए

[87:14]

और उसने वो पैसे

[87:17]

उसने वो पैसे 10 बार में करके लौटाए आपने

[87:20]

₹1 लाख किसी को उधार दिए थे उसके बाद कभी

[87:23]

उसने ₹5000 दिए कभी 10 कभी 15 कभी 10 कभी

[87:26]

15 तो वह आपके काम आ पाए क्या पैसे किसी

[87:29]

के नहीं आते और वो पैसे यदि 1 लाख आपने

[87:33]

दिए 1 लाख पूरे के पूरे आपको एक साथ ही

[87:35]

वापस तो आप उसको किसी काम में भी लगा सकते

[87:37]

हो। उनको अच्छी तरह से इस्तेमाल कर सकते

[87:39]

हो।

[87:42]

तो ठीक वही पिक्चर है। ठीक वही डिफरेंस है

[87:45]

दोनों में।

[87:50]

सुमित कह रहे हैं सर पैसे वापस ही नहीं

[87:52]

आते।

[87:54]

अब मैंने किसी से सुना था कि कोई ऐसे कह

[87:57]

रहे थे कि भाई पैसे दे देने चाहिए बट उतने

[87:59]

ही दे देने चाहिए जितने आप भूल जाओ।

[88:02]

दोस्ती में।

[88:05]

ठीक है।

[88:07]

चलिए, तो यह डिस्ट्रीब्यूशन वाली बात समझ

[88:10]

में आ गई। सेम सप्लाई ज़ोन के लिए है। और

[88:12]

सेम ही मेरे पास कंटीन्यूअस पैटर्न के लिए

[88:15]

भी है कि मेरे पास ये एक रैली बेस करके इस

[88:18]

तरह से ज़ोन होता ना।

[88:26]

ठीक है? इस तरह से होता तब भी मेरे लिए

[88:29]

डिस्ट्रीब्यूशन के अकॉर्डिंग इस तरह से

[88:31]

मार्किंग होती।

[88:33]

कोई कहे कि यहां पर भी बेस कैनल होती है,

[88:35]

यहां पर भी बेसन तो ठीक है तो मेरे पास

[88:37]

लेग इन हो गई। वैसे तो इस तरह के एरिया को

[88:38]

हमेशा इग्नोर करके चलना। ऐसे एरिया को

[88:42]

हमेशा इग्नोर करके चलना। हमें चाहिए कि

[88:44]

प्रॉपर मेरे पास एक स्ट्रेंथ वाला जोन हो।

[88:49]

अब इसके साथ-साथ एक और बात मैं यहां पर

[88:51]

बताऊं आपको।

[89:02]

जिसका नाम है गार्बेज एरिया।

[89:06]

मतलब दोनों को मैं एक जगह इस वजह से बता

[89:09]

रहा हूं क्योंकि दोनों समझने में एक जैसे

[89:11]

लगते हैं। दिखने में ऑलमोस्ट एक जैसे लगते

[89:13]

हैं। जो लोग बहुत अच्छी तरह से नहीं देख

[89:16]

पाते।

[89:18]

गार्बेज एरिया। गार्बेज एरिया क्या होता

[89:21]

है?

[89:31]

यह एक ड्रॉप बना।

[89:36]

ठीक है?

[89:40]

यह बेस।

[89:46]

यह कुछ इस तरह से

[89:54]

फिर यह बेस

[90:00]

फिर ये ड्रॉप

[90:07]

फिर कुछ इस तरह से बेस और फिर यह रैली। अब

[90:12]

इस वाले कंप्लीट एरिया में आप मुझे बताएं

[90:16]

कितने डिमांड हैं? कितने सप्लाई हैं?

[90:29]

देखिए

[90:31]

पहले लगेगा कि ये एक ड्रॉप बेस रैली का

[90:34]

डिमांड ज़ोन हो सकता है। बट आप मुझे बताएं

[90:36]

क्या ये ड्रॉप बेस रैली का डिमांड ज़ोन में

[90:38]

ये लेग आउट कैंडल कैसे भी करके

[90:40]

स्ट्रेंथफुल है क्या? नहीं है। एक तरह से

[90:43]

यह आसपास की रेंज में ही बनी हुई है। वहीं

[90:46]

पे दूसरा यह रैली बेस ड्रॉप क्या इसमें यह

[90:48]

लेग आउट कैंडल इवन लेग इन कैंडल भी थोड़ी

[90:51]

बहुत स्ट्रेंथ तो लेग इन कैंडल में होनी

[90:53]

चाहिए ना लेग इन में स्ट्रेंथ ना लेग आउट

[90:55]

में। फिर कहूं मैं ये ड्रॉप बेस रैली तो

[90:57]

इसमें ये लेग इन कैंडल भी स्ट्रेंथफुल

[90:59]

नहीं है। ये लेग इन कैंडल भी अपने लिए

[91:01]

एक्साइटिंग नहीं है। ऐसा नहीं कि लेग इन

[91:03]

कैंडल को बिल्कुल ही इग्नोर कर देंगे। लेग

[91:06]

लेगिंग कैंडल शुड बी एक्सप्लोसिव। जो

[91:08]

लेगिंग कैंडल यह भी कोई ऐसा जोन नहीं है।

[91:10]

यह होगा तो कुछ ऐसा जोन होगा एक प्रॉपर

[91:14]

ड्रॉप बेस रैली का फाइव बेस कैंडल वाला

[91:16]

ज़ोन। इस तरह से इसे मान सकते हैं।

[91:22]

अब इसमें ये एक गारबेज एरिया हो गया। अब

[91:24]

इसमें गार्बेज एरिया पता है क्या है? ये

[91:26]

वाला जो कंप्लीट एरिया है ना गार्बेज

[91:28]

एरिया है। इस बीच में बने हुए कोई भी ज़ोन

[91:30]

हमारे काम के नहीं। और यहीं पर यदि यही

[91:33]

कंटिन्यू रह जाता।

[91:36]

यहीं पर यदि यही मेरे पास कंटिन्यू रह

[91:40]

जाता। यह बेस बनती,

[91:43]

यह कोई रेड बनती,

[91:46]

यह कोई ग्रीन बनती, फिर यहां कोई बेस

[91:50]

बनती, यहां कोई फिर ग्रीन बनती या बेस

[91:52]

बनती। इस तरह से यह प्राइस का मोमेंट सेम

[91:56]

रह जाता। तो क्या

[91:59]

यहां पर मेरे लिए कोई भी स्ट्रेंथ वाली

[92:02]

कैंडल सिद्धि

[92:04]

कोई भी स्ट्रेंथ वाली कैंडल जिसको मैं लेग

[92:06]

इन या लेग आउट कह सकूं वो दिख रही है।

[92:09]

मुझे चाहिए कि प्राइस की रेंज ब्रेक हो

[92:11]

रही हो जो कि या तो प्राइस इस तरह से ऊपर

[92:14]

जाए या प्राइस इस तरह से नीचे आए। वैसा

[92:17]

कुछ भी तो नहीं हो रहा मेरे साथ। प्राइस

[92:19]

एक सेम रेंज में रेंज बाउंड रह रही है। तो

[92:22]

मेरे पास इस एरिया में बने हुए सारे

[92:24]

डिमांड जोन कोई काम के नहीं है। इस वजह से

[92:27]

यह गार्बेज एरिया। अब मैंने इसी पेंट की

[92:30]

स्क्रीन पर इसको क्यों बता दिया है?

[92:32]

क्योंकि डिस्ट्रीब्यूशन और गारबेज में

[92:34]

जनरली कुछ लोग यह समझ बैठते हैं कि ये ये

[92:37]

एक डिस्ट्रीब्यूशन हो गया। नहीं।

[92:39]

डिस्ट्रीब्यूशन में आप देखिए

[92:40]

डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ बाइंग है तो प्राइस

[92:43]

लगातार ऊपर जा रही है। डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ

[92:46]

सेलिंग होती प्राइस लगातार धीरे-धीरे करके

[92:49]

नीचे आ रही होती। बट यहां ऐसा नहीं है।

[92:51]

यहां प्राइस एक साइडवेज फॉर्म में है। इस

[92:55]

कांसेप्ट को समझें।

[92:59]

इस कांसेप्ट को समझें। यहां पर प्राइस एक

[93:02]

साइडवेज फॉर्म में है।

[93:05]

यहां पर ना तो ये कैंडल्स प्राइस को ऊपर

[93:08]

लेकर जा पा रही हैं ना ही ये कैंडल्स

[93:11]

प्राइस को नीचे लेकर जा पा रही हैं।

[93:18]

ना ही ऊपर ना ही नीचे।

[93:27]

तो इस वजह से यह वाला एरिया मेरे लिए

[93:29]

गार्बेज एरिया है।

[93:31]

यह वाला एरिया मेरे लिए गार्बेज एरिया हो

[93:34]

गया। और इस एरिया को बिल्कुल इग्नोर करना

[93:36]

है। जहां पर भी गार्बेज एरिया दिख जाए

[93:38]

उसको बिल्कुल इग्नोर करेंगे।

[93:44]

यह हो गया फोर्थ टॉपिक। अब मैं आ रहा हूं

[93:46]

फिफ्थ टॉपिक पर।

[93:50]

फिफ्थ है ओरिजिन ऑफ द मूव। मतलब

[93:53]

डिस्ट्रीब्यूशन को बिल्कुल इग्नोर करना

[93:55]

है। गार्बेज एरिया को भी बिल्कुल इग्नोर

[93:57]

करना है।

[93:59]

हमें याद रखने वाली बात थी। मेरे पास

[94:02]

क्लोजिंग कांसेप्ट वाली बात थी। हमें याद

[94:05]

रखने वाली बात थी। मेरे पास सिग्निफिकेंट

[94:08]

गैप प्लस बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग

[94:10]

कैंडल वाली बात याद याद रखने वाली बात थी।

[94:12]

सेकंड टॉपिक।

[94:15]

ठीक है? अब आता हूं लास्ट में फोर्थ फिफ्थ

[94:19]

पर। इसको भी बहुत अच्छी तरह से समझ

[94:21]

लीजिएगा। यह काम आएगा। इसमें आपको बहुत

[94:23]

कॉन्सेप्ट से पता चलेगा कि क्यों

[94:27]

क्यों हमने

[94:30]

इस ये चीज पढ़ रहे हैं। जिसका नाम है

[94:33]

ओरिजिन ऑफ द मूव।

[94:36]

हम कंप्लीट मूव के ओरिजिन को पहचानने के

[94:39]

फर्स्ट स्टेप में है। इसके दो स्टेप हैं।

[94:43]

वो वो कोई काम के नहीं होते। फर्स्ट स्टेप

[94:46]

को समझ रहे हैं। ओरिजिन ऑफ द मूव। ओरिजिन

[94:48]

ऑफ़ द मूव का मतलब ही ये हो गया कि कंप्लीट

[94:50]

मूव की शुरुआत कहां से हुई है? कंप्लीट

[94:53]

मूव का ओरिजिन कहां पर है? कंप्लीट मूव का

[94:56]

ओरिजिन कहां पर है? ओरिजिन ऑफ द मूव।

[95:01]

अब इसको समझिए।

[95:07]

आज तो बहुत ज्यादा जल्दी टाइम नहीं गया

[95:09]

अपना।

[95:11]

मतलब 1 आवर 40 मिनट हो चुके हैं।

[95:19]

चलिए

[95:22]

मैं चाहता हूं आप लोगों का ऐसे ही टाइम

[95:24]

निकल जाया करें। आपको पता भी नहीं चले

[95:26]

क्योंकि मतलब फिर वो ऐसा लगता है मुझे भी

[95:28]

फील आता है। आपको भी आएगा कि यार यह कुछ

[95:31]

इंटरेस्टिंग हो रहा है। तभी आपने देखा कभी

[95:34]

कि आप कोई फेवरेट मूवी देखते हैं। आपको

[95:36]

पता ही नहीं चल पाता कितना टाइम लग जाता

[95:38]

है। कितना जल्दी टाइम निकल जाता है। आप

[95:40]

फेवरेट गाना सुनते हैं। पता ही नहीं लगता

[95:42]

कितना जल्दी टाइम निकल जाता है। आप कोई

[95:44]

पावर नैप लेते हैं 5 मिनट 10 मिनट का। पता

[95:46]

नहीं लगता ऐसा लगता है कितना जल्दी टाइम

[95:48]

निकल गया।

[95:57]

ठीक है?

[95:58]

ओरिजिन ऑफ द मूव। अब इस ओरिजिन ऑफ द मूव

[96:02]

में।

[96:29]

यहां पर यह कोई पिक्चर है। यह एक ड्रॉबेस

[96:32]

रैली का डिमांड है। ठीक है?

[96:37]

ठीक ऐसे ही

[96:44]

क्या मल्टीपल पिक्चर बनाने की जरूरत भी

[96:47]

नहीं पड़ती। हमेशा हर बार मल्टीपल पिक्चर

[96:50]

बनाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। बट फिर पता

[96:52]

रहता है कि यार यह क्वेश्चन आ जाएगा तो

[96:53]

उसके लिए अलग तरह से ही समझाना पड़ेगा।

[96:55]

नहीं तो इसी पिक्चर में ही मैं सारे सारी

[96:58]

चीजें बता देता।

[97:05]

बट ठीक है। जिस जिस भी तरह से आपको समझ

[97:08]

में आए

[97:19]

यह मेरे पास कुछ तीन तरह के स्ट्रक्चर

[97:21]

बने। इसमें जरूरी नहीं कि जैसे यहां पर दो

[97:24]

और तीन बेस कैनल हैं। वैसे ही चार भी हो

[97:27]

सकती हैं, पांच भी हो सकती हैं।

[97:30]

चार भी हो सकती हैं, पांच भी हो सकती हैं।

[97:32]

कितनी भी हो सकती हैं। वो कांसेप्ट के बाद

[97:34]

समझ में आ जाएगा। मेरे पास यदि मैं बात

[97:38]

करूं क्या यह एक प्रॉपर ड्रॉप बेस रैली का

[97:41]

डिमांड जोन है?

[97:43]

यस और नो।

[97:47]

यह मेरे पास प्रॉपर ड्रॉप बेस रैली का

[97:49]

डिमांड। इस ड्रॉप बेस रैली के डिमांड जोन

[97:52]

में जो मैंने अभी मार्किंग करी है कि

[97:55]

मैंने दोनों कैंडल्स को मैंने दोनों ही

[97:57]

कैंडल्स को

[98:00]

मैं नहीं बॉडी टू वीक ही कर रहा हूं।

[98:01]

मैंने दोनों ही कैंडल्स को इस तरह से

[98:03]

मार्क कर लिया। हाईएस्ट बॉडी पर

[98:05]

प्रॉक्सिमा लाइन एंड लोएस्ट बुक पर पिस्टल

[98:08]

लाइन।

[98:10]

इसी तरह से मार्क किया है। अब मैं यदि

[98:12]

आपसे बात करूं कि मेरी मार्किंग

[98:16]

मेरी मार्किंग कुछ इस तरह से भी हो सकती

[98:18]

है। मेरे लिए यह एक ज़ोन इस तरह से भी हो

[98:21]

सकता है। ऐसा क्यों?

[98:23]

मतलब मैंने अब इसमें और एक रिफाइनिंग

[98:26]

स्टेज डाल दी

[98:29]

और एक रिफाइनिंग स्टेज डाल दी

[98:34]

कि मैंने इसको कंप्लीट एरिया को मार्क ना

[98:38]

करते हुए

[98:40]

कंप्लीट एरिया को मार्क ना करते हुए

[98:43]

कंप्लीट एरिया को मार्क नहीं किया है।

[98:46]

मैंने एक प्राय दोनों कैंडल्स में से नीचे

[98:49]

वाले नीचे वाले एरिया को मार्क किया। वो

[98:52]

क्यों किया? पहले तो मेरा लॉजिक सुनिए।

[98:53]

फिर सारे जो भी पॉसिबिलिटीज़ हैं वो सुन

[98:55]

लीजिएगा कि यहां पर इस कैंडल में सेलिंग

[98:59]

आती है। रेड एक्साइटिंग कैंडल में मुझे

[99:01]

सेलिंग नजर आ रही है ना। सेलिंग के बाद

[99:03]

यहां एक बायर सेलर की फाइट हुई और उस बायर

[99:07]

सेलर की फाइट की वजह से बेस कैंडल भी बन

[99:10]

गई। बट उसके बाद नेक्स्ट कैंडल जो है और

[99:13]

नीचे आई। नेक्स्ट कैंडल जो है वो और नीचे

[99:16]

आई और वो नीचे आने के बाद बेस कैंडल बनी।

[99:20]

फिर जो नीचे बेस कैंडल आई नीचे बेस कैंडल

[99:24]

बनी उसके बाद से इसमें अपमूव आना स्टार्ट

[99:27]

हुआ। उसके बाद से इसमें अपमूव आना स्टार्ट

[99:30]

हुआ। तो यदि इस कैंडल में ही स्ट्रेंथ

[99:33]

होती तो यहीं से भी जा सकती थी। ठीक है?

[99:37]

यदि इस कैंडल में स्ट्रेंथ होती तो यहां

[99:39]

से भी जा सकती थी। बट नीचे आना प्राइस का

[99:42]

यदि ये सेम रेंज में बन जाती तो कोई बात

[99:44]

ही ना थी। ये सेम रेंज में बन जाती तो कोई

[99:46]

प्रॉब्लम नहीं थी। बट नीचे आकर इसमें एक

[99:49]

सर्टेन गैप बना और फिर उसके बाद ऊपर गई।

[99:51]

मतलब एक्चुअल में जो बाइंग की स्ट्रेंथ

[99:54]

आनी चाहिए थी वो यहीं से आई।

[99:56]

इस पॉइंट को सिर्फ मैं ध्यान रख रहा हूं।

[99:59]

पूरी तरह से इस पॉइंट पर डिपेंड नहीं हो

[100:02]

गया। पूरी तरह से मेरी सोच ऐसी ही नहीं हो

[100:05]

गई। बस मैं इस पॉइंट को ध्यान रख रहा हूं।

[100:07]

इस वजह से मैंने इसको एक ओरिजिन ऑफ द मूव

[100:10]

कह के इस तरह से मार्क कर लिया। यह वाली

[100:13]

मार्किंग गलत नहीं है। मैं नहीं कहता कि

[100:15]

आप इस तरह से मार्किंग करना भूल जाइए।

[100:17]

नहीं। अभी तो शुरुआती 1 महीने 2 महीने तो

[100:21]

आपको कंप्लीट एरिया को ही मार्क करना है।

[100:23]

बट आपको यह याद रखना है कि ऐसा भी हो सकता

[100:26]

है। जैसे कि यहां पर तीन कैंडल है। इन तीन

[100:28]

कैंडल्स में मैं इन तीन कैंडल्स में मैं

[100:31]

कुछ इस तरह से मार्किंग करता हूं। तो मेरी

[100:33]

मार्किंग बिल्कुल ठीक है। बट वहीं पर

[100:37]

वहीं पर मैं एक चीज समझूं कि यहां पर

[100:41]

प्राइस में डाउन मूव आया। बायर सेलर की

[100:43]

फाइट होती है। उसके बाद फिर बायर सेलर की

[100:45]

फाइट के बाद प्राइस और नीचे आती है। फिर

[100:46]

बेसल बनती है। फिर और नीचे आती है। फिर

[100:48]

बेस कैल बनती है। मतलब लगातार प्राइस नीचे

[100:51]

आती जा रही है। तब जाकर कहीं यहां पर

[100:54]

बाइंग आ पाई है। तो सबसे ज्यादा पोटेंशियल

[100:56]

तो इस बेस कैंडल में हो सकता है ना। इस

[100:59]

वजह से मैं इस एरिया को कुछ इस तरह से भी

[101:02]

मार्क कर सकता हूं। मार्किंग पहले वाली भी

[101:05]

सही है, मार्किंग अभी वाली भी सही है। बट

[101:07]

मैं एक डिफरेंस क्रिएट कर रहा हूं। मैं एक

[101:10]

ये चीज़ जान पा रहा हूं। देख पा रहा हूं।

[101:12]

समझ पा रहा हूं कि एक्चुअल में यहां से ही

[101:14]

स्ट्रेंथ आई है। यहीं से ही बाइंग आई है।

[101:16]

मार्किंग दोनों ही सही है। मार्किंग मेरा

[101:19]

कंप्लीट एरिया को मार्क करना भी सही है और

[101:21]

एक ओरिजिन को पकड़ना भी सही है। ठीक ऐसे

[101:24]

ही इस वाली पिक्चर में कौन सी कैंडल

[101:26]

ओरिजिन है? क्या मैं कह सकता हूं ये वाली

[101:27]

कैंडल इसमें ओरिजिन है? मतलब यह वाली

[101:30]

कैंडल पूरी तरह से ओरिजिन है। और वहीं पर

[101:33]

यदि ऐसा होता कि इस तरह से पिक्चर बनती तो

[101:36]

मैं क्या कह सकता हूं कि नीचे वाली दोनों

[101:38]

कैंडल ओरिजिन है। वहीं पे यदि कुछ इस तरह

[101:41]

से पिक्चर बनती तो मैं कह सकता हूं अब ये

[101:43]

दोनों नीचे वाली कैंडल ओरिजिन है। यदि

[101:45]

कैंडल इस तरह से बनती तो मैं कह सकता हूं

[101:47]

कि ये वाली कैंडल ओरिजिन है। मतलब जो कुछ

[101:51]

भी नीचे है उसको मैंने ये समझ लिया कि

[101:53]

सबसे नीचे वाली कैंडल ओरिजिन है। कई-कई

[101:55]

बार जब आपको गैप बहुत ज़्यादा नहीं दिखेगा

[101:58]

तो आप दो को भी इस तरह से मार्क कर सकते।

[102:00]

बस हम थोड़ा सा स्मार्ट होने की कोशिश कर

[102:02]

रहे हैं। थोड़ा सा स्मार्ट ज्यादा नहीं

[102:05]

थोड़ा सा स्मार्ट और हर बार नहीं।

[102:07]

मैं फिर कह रहा हूं यह बात कल से ही

[102:10]

अप्लाई कर देनी नहीं है। यह बस बात दिमाग

[102:13]

में रखनी है कि यार ये टोटल एरिया में से

[102:16]

हम उस पॉइंट को पकड़ पा रहे हैं। कंप्लीट

[102:19]

एरिया में से उस पॉइंट को पकड़ पा रहे हैं

[102:21]

जहां पर एक्चुअल में बाइंग ज्यादा आई है।

[102:24]

बाइंग इस कंप्लीट एरिया में हमने सेकंड

[102:26]

क्लास में जो बात पढ़ी वो झूठ नहीं है। वह

[102:28]

सच बात है। बाइंग इस कंप्लीट एरिया में बट

[102:30]

उस कंप्लीट एरिया में से भी हम कुछ छोटा

[102:33]

सा एरिया फाइंड आउट अलग से करना चाह रहे

[102:36]

हैं।

[102:37]

और कोई बात नहीं। अब बात आती है कि सर अभी

[102:41]

तो आप कह रहे हो अभी तो आप कह रहे हो कि

[102:44]

ठीक है अभी तो आप कंप्लीट एरिया को ही

[102:46]

मार्क करो। बट बाद में बाद में जब हम इस

[102:49]

तरह से करने लग जाएं बाद में जब हम इस तरह

[102:52]

से करने लग जाए कि ओरिजिन को फाइंड आउट

[102:54]

करके इस तरह से मार्किंग करने लग जाए तब

[102:57]

हम कैसे डील करेंगे हमारे एंट्री स्टॉप

[103:00]

लॉस के साथ? स्टॉप लॉस के साथ तो आई थिंक

[103:03]

कोई डाउट नहीं होगा। स्टॉप लॉस तो हमेशा

[103:04]

लोएस्ट पॉइंट ही होगा। ये ये तो बिल्कुल

[103:06]

क्लियर है ना कि स्टॉप लॉस तो हमेशा यही

[103:08]

रहने वाला है। ये पॉइंट ये पॉइंट स्टॉप

[103:11]

लॉस तो हमेशा यही है। बट बात है पूरी तरह

[103:14]

से एंट्री की। सबसे पहली बात तो एक पहला

[103:18]

केस मैं लेकर चल रहा हूं। फर्स्ट केस यह

[103:20]

है कि मैंने इसको कंप्लीट एरिया को इस तरह

[103:23]

से मार्क किया। उस केस में यदि मैं यहां

[103:26]

एंट्री रखूं तो क्या कोई गलत बात है? यह

[103:29]

सही है ना? मेरे पास? यदि मैंने इस

[103:30]

कंप्लीट एरिया को मैंने इस कंप्लीट एरिया

[103:33]

को इस तरह से मार्क किया तो यह वाला

[103:35]

एंट्री पॉइंट मेरे लिए बिल्कुल परफेक्ट है

[103:37]

ना। तब तो मेरे पास एंट्री और स्टॉप लॉस

[103:40]

को लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है ना।

[103:44]

बताएं यस और नो तब तो मेरे पास कोई

[103:46]

कंफ्यूजन नहीं है ना। यदि मैंने इस

[103:48]

कंप्लीट एरिया को मार्क कर लिया। क्योंकि

[103:50]

आपको मैं अभी तो कंप्लीट एरिया ही मार्क

[103:53]

करने के सजेशन दे रहा हूं। बट आगे चलके

[103:55]

यदि आप में से कुछ ऐसा किया कि इस तरह से

[103:58]

नीचे वाला एरिया मार्क कर लिया। बट नीचे

[104:01]

वाला एरिया मार्क किया। प्राइस आती है। आप

[104:05]

एंट्री का वेट कर रहे हो यहां पर। आपका

[104:07]

एंट्री पॉइंट हो गया ये।

[104:10]

यही हो गया ना आपका एंट्री पॉइंट। और

[104:12]

प्राइस ऊपर से नीचे आती है और आप एंट्री

[104:15]

का वेट करते रह गए। प्राइस यहीं से रिएक्ट

[104:18]

कर गई।

[104:22]

आप एंट्री का वेट करते रह गए क्योंकि आपने

[104:24]

ओरिजिन पॉइंट को देखा। आपने ओरिजिन पॉइंट

[104:27]

का वेट किया बट प्राइस ऊपर से चली गई तो

[104:30]

क्या आपकी एंट्री मिस हो गई?

[104:35]

एंट्री मिस हो गई। एंट्री मिस होने पर

[104:37]

पैसा लगा? नहीं लगा। एंट्री मिस होने पर

[104:40]

कोई पैसा नहीं लगा। स्टॉप लॉस हो जाता तो

[104:42]

पैसा लग जाता। बट एंट्री मिस होने का कोई

[104:44]

पैसा नहीं। अब बात आती है क्या सर अभी भी

[104:47]

मेरी एंट्री जो है वह टेस्टेड है या फ्रेश

[104:50]

है? नीचे वाला एरिया जो मैं मार्क कर रहा

[104:52]

हूं नीचे वाले एरिया का जिसका मैं वेट कर

[104:54]

रहा था जहां तक प्राइस नहीं पहुंची वो

[104:56]

फ्रेश या टेस्टेड है मैं कहता हूं टेस्टेड

[104:58]

हो गया

[105:00]

टेस्टेड मैं कह रहा हूं रामकृष्णा

[105:02]

और मैं इसको टेस्टेड क्यों कह रहा हूं

[105:05]

क्योंकि देखिए ओवरऑल एरिया में ही तो मेरे

[105:08]

पेंडिंग ऑर्डर थे ओवरऑल ज़ोन ही तो था मेरा

[105:11]

जहां पर बायर सेल की फाइट हुई मैंने तो बस

[105:14]

अपनी एक सहूलियत के अकॉर्डिंग उसमें एक

[105:17]

चीज ऐड ऑन कर दी मैं थोड़ा सा स्मार्ट हो

[105:20]

हो गया। मैंने नीचे वाले एरिया का ओरिजिन

[105:23]

फाइंड आउट किया। नीचे वाले ओरिजिन नीचे

[105:26]

वाले एरिया का ओरिजिन फाइंड आउट किया। अब

[105:27]

प्राइस ऊपर से चली गई। मतलब जो स्ट्रेंथ

[105:30]

वाले ऑर्डर्स थे वो तो पिक अप हो चुके

[105:33]

हैं। तो अब मेरे लिए और उसके पिकअप होने

[105:35]

में मुझे कोई लॉस नहीं हुआ। बस एंट्री मिस

[105:37]

हुई है। तो मेरे लिए यदि ऊपर से भी प्राइस

[105:40]

रिएक्ट कर गई ना, तो एक तरह से ज़ोन

[105:42]

टेस्टेड हो गया। अब मैं नीचे का वेट नहीं

[105:44]

करूंगा। यह मेरे लिए एक तरह से टेस्टेड

[105:47]

ज़ोन ही हो गया। ये मेरे लिए एक तरह से

[105:50]

टेस्टेड जोन हो गया। फिर कोई कहे सर हमें

[105:52]

यह सब करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? हम

[105:54]

क्यों कर रहे हैं बिना बात के? कंप्लीट

[105:55]

एरिया को मार्क करते हैं ना छोड़ते हैं ना

[105:57]

ये। इसकी जरूरत हमें पड़ क्यों रही है? आप

[106:00]

भी क्या बात कर रहे हो? देखो मैं मैं ये

[106:02]

बात क्यों कर रहा हूं? उसके पीछे लॉजिक

[106:04]

है। लॉजिक क्या है?

[106:08]

कि कोई कोई चीज को हम थोड़ा सा स्मार्ट

[106:11]

बनाने की कोशिश करते हैं और कोई बहुत बड़ी

[106:12]

बात नहीं है।

[106:16]

यह समझिए कि आपने फर्स्ट केस में ऊपर यहां

[106:20]

एंट्री की।

[106:22]

ठीक है? और नीचे यह मेरा स्टॉप लॉस है।

[106:27]

यहां पर एंट्री और स्टॉप लॉस का गैप मानकर

[106:29]

चलिए ₹10 का है।

[106:34]

यह समझिए यहां पर इस केस में आपके एंट्री

[106:38]

और स्टॉप लॉस का गैप।

[106:45]

अब यह मत कह देना एंट्री और स्टॉप लॉस का

[106:47]

गैप कौन सा होता है। यह तो आई थिंक सबको

[106:50]

पता लग ही गया होगा।

[106:56]

यह मानकर चलिए ₹10 का है। तो अब इस ₹10 के

[106:59]

गैप में यदि मेरा टारगेट होगा 1:2 के

[107:03]

अकॉर्डिंग तो कितना होगा? 20 यही होगा।

[107:06]

मतलब मेरा स्टॉप लॉस तो ₹10 का टारगेट ₹20

[107:10]

का। वहीं पे एक एक नई चीज मैंने कर दी।

[107:13]

मैं थोड़ा सा स्मार्ट हुआ। मुझे चीजें समझ

[107:16]

में आने लगी। काफी टाइम बाद समझ में आने

[107:18]

लगी। मतलब मैं थोड़ा सा अभी तुरंत जल्दी

[107:21]

समझ में नहीं आई। ये एक केस बना कि मैंने

[107:24]

यहां एंट्री करी। ये ग्रीन वाली एंट्री

[107:25]

मेरी दूसरी है।

[107:28]

इस ग्रीन वाली एंट्री के अकॉर्डिंग मैंने

[107:33]

कुछ इधर लिख देता हूं। यहां पर मेरा

[107:35]

एंट्री स्टॉप लॉस का गैप मानकर चलिए।

[107:44]

₹ हो गया।

[107:48]

तो मेरा टारगेट अचीव होने के लिए कितने

[107:50]

पॉइंट चाहिए? ₹14।

[107:54]

अब इसके अकॉर्डिंग मेरे जो ट्रेड का

[107:57]

रिजल्ट मिल रहा है, ट्रेड का जो रिजल्ट

[108:00]

मिल रहा है ऑन टारगेट बेसिस क्या वो मेरे

[108:03]

पास इस ओरिजिन को मार्क करने से थोड़ा सा

[108:06]

ठीक हो गया? ओरिजिन को मार्क करने से

[108:08]

थोड़ा सा ठीक हो गया। थोड़ा सा ठीक। मतलब

[108:12]

जिस जिन पॉइंट को 20 पॉइंट 20 तक ₹20 का

[108:16]

टारगेट मिलने में प्राइस को थोड़ा टाइम

[108:18]

लगता वहीं पर ₹14 का टारगेट होने में

[108:22]

थोड़ा सा कम टाइम लगेगा।

[108:25]

₹14 का टारगेट होने में थोड़ा सा कम टाइम

[108:28]

लगेगा। अब कोई कहे कि सर ऐसे तो ऐसा होगा

[108:31]

कि जहां पर हमें ₹20 का प्रॉफिट मिलना था

[108:34]

वहां पर सिर्फ ₹14 का ही प्रॉफिट मिला। यह

[108:36]

बात भी तो हो गई। देखिए वो सब कुछ

[108:38]

मैनेजेबल है। जब हम रिस्क मैनेजमेंट

[108:40]

पढ़ेंगे तो आपको ये समझ में आ जाएगा। एंटी

[108:41]

स्टॉप लॉस का गैप चाहे कितना भी है। हम ये

[108:44]

चीज डिसाइड कर लेंगे कि हमारा लॉस फिक्स

[108:46]

हो गया और हमारा प्रॉफिट फिक्स हो गया।

[108:48]

चाहे शेयर कितने रुपए का है। एलटी स्टॉप्स

[108:50]

का गैप कितने रुपए का है वो मैटर नहीं

[108:53]

करेगा।

[108:55]

वो मैटर नहीं करेगा। वो सब कुछ हम डिसाइड

[108:58]

कर लेंगे। आप तो बस ये समझे आपका

[109:00]

स्टैंडर्ड 1:2 का है वो ज्यादा जल्दी अचीव

[109:02]

हो रहा है। बट इस ज्यादा जल्दी अचीव होने

[109:04]

वाली चीज को फिर मैं कहता हूं अभी से

[109:06]

अप्लाई मत कर लेना। अभी तो आप सिर्फ

[109:08]

कंप्लीट एरिया को कंप्लीट जो हमारा एरिया

[109:11]

होता है उसको मार्क करने पर ज्यादा फोकस

[109:14]

रखना।

[109:19]

उसको मार्क करने पर ज्यादा फोकस रखना।

[109:23]

ये बात जो मैंने अभी आपको बताई है ये आपको

[109:26]

समझ में आ गई सारी। मैंने पांच पॉइंट आपको

[109:29]

बताए हैं। पांच पॉइंट्स मैंने बताए हैं।

[109:32]

सबसे पहले बताया क्लोजिंग कांसेप्ट जिसमें

[109:35]

मुझे चाहिए कि लेग आउट कैंडल मेरे लेग इन

[109:37]

कैंडल की रेंज से ऊपर हो। मल्टीपल लेग इन

[109:40]

कैंडल है तो भी मल्टीपल लेग इन कैंडल की

[109:42]

रेंज से ऊपर हो। कोई डिमांड सप्लाई को

[109:45]

ब्रेक कर देता है तो अच्छा है। कोई सप्लाई

[109:47]

डिमांड को ब्रेक कर देता है तो अच्छा है।

[109:51]

दूसरा कांसेप्ट में सेम कंटीन्यूअस में भी

[109:53]

ऐसे था। कंटीन्यूअस में मैं चाह रहा था

[109:55]

बेस एरिया से ऊपर की तरफ जाए क्लोजिंग।

[109:57]

एटलीस्ट बेस एरिया से ऊपर की तरफ ये

[109:59]

क्लोजिंग हो तब जाकर मेरा ज़ोन अच्छा माना

[110:02]

जाए। कुछ इस तरह से।

[110:05]

सेकंड टॉपिक हमने पढ़ा सिग्निफिकेंट गैप

[110:07]

प्लस बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग

[110:09]

कैंडल। जिसमें हमने माना कि कोई भी बेस

[110:11]

कैंडल यदि गैप के साथ फॉर्म होती है तो वो

[110:14]

भी मेरे लिए एक एक्साइटिंग कैंडल बन जाती

[110:16]

है। चाहे वो सप्लाई का केस हो जैसे ये एक

[110:18]

गैप के साथ बनी और यहां पर एक गैप के साथ

[110:22]

बेस कैंडल बनी तो ये भी मेरे लिए एक

[110:24]

एक्साइटिंग कैंडल हो गई। और उसके बाद

[110:25]

प्राइस लगातार नीचे आई या फिर इस डिमांड

[110:28]

ज़ोन के केस में ऊपर गई तो एक और नया

[110:31]

डिमांड ज़ोन बन गया। एक और नया सप्लाई ज़ोन

[110:33]

बन गया।

[110:34]

डिमांड जोन के केस में वह ग्रीन कैंडल वो

[110:37]

बेस कैंडल ग्रीन हो गई तो अच्छी बात है।

[110:40]

सप्लाई जोन के केस में वह बेस कैंडल रेड

[110:42]

हो गई तो अच्छी बात है। अदरवाइज कलर कोई

[110:44]

भी हो मैटर ही नहीं कर रहा। बट इस पूरे

[110:47]

प्रोसेस में फर्स्ट वाला कांसेप्ट

[110:48]

क्लोजिंग कांसेप्ट भी उसी तरह से अप्लाई

[110:50]

होगा।

[110:53]

थर्ड पॉइंट हमने पढ़ा। ठीक ऐसा ही इसी में

[110:55]

कंटीन्यूअस में था। अब थर्ड पॉइंट हमने

[110:58]

पढ़ा डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द प्राइस। मतलब

[111:00]

प्राइस बहुत धीरे-धीरे करके ऊपर गई है। गई

[111:02]

है ऊपर छोटी-छोटी बेस कैंडल बनाते ऊपर गई

[111:05]

है। तो ये वाला एरिया मेरे लिए एक

[111:08]

डिस्ट्रीब्यूशन है। जहां पर बहुत

[111:09]

डिस्ट्रीब्यूट होकर प्राइस ऊपर गई है।

[111:11]

डिस्ट्रीब्यूट होकर बाइंग आई है। वो मेरे

[111:13]

लिए कोई बहुत ज्यादा काम का एरिया नहीं

[111:15]

है। मुझे चाहिए कि स्ट्रेंथ वाला एरिया

[111:17]

हो। बाइंग आई है। अच्छी आई है। बहुत अच्छी

[111:19]

बाइंग। ग्रीन कैंडल के फॉर्मेशन में आई

[111:22]

है। पूरी अच्छी तरह से लेग आउट कैंडल है।

[111:26]

ऐसे नहीं कि एक बाइंग कोई रेंज में 5 दिन

[111:28]

में आ पाई। दो दिन में ही काम हो गया। तो

[111:32]

डिस्ट्रीब्यूशन जहां पर हो उस एरिया को

[111:33]

जनरली इग्नोर करना है। हमें स्ट्रेंथ वाली

[111:35]

लेग आउट्स चाहिए। उसके साथ-साथ फिर हमने

[111:39]

गारबेज एरिया पढ़ा। मतलब सेम रेंज में यदि

[111:42]

हमारे पास सेम रेंज में यदि हमारे पास कोई

[111:44]

कैंडल बनती है कि ना तो प्राइस बहुत

[111:46]

ज्यादा ऊपर जा पा रही है, ना नीचे आ पा

[111:48]

रही है, ना बहुत अच्छी लेग आउट बन पा रही

[111:50]

है, ग्रीन, ना बहुत अच्छी लेग आउट बन पा

[111:52]

रही है, रेड। कुछ भी नहीं ऐसा हो पा रहा

[111:54]

है कि प्राइस की रेंज ब्रेक हो पा रही है।

[111:56]

प्राइस सेम रेंज में छोटी-छोटी ग्रीन

[111:58]

छोटी-छोटी रेड कैंडल बना रही है। तो वह

[112:00]

एरिया मेरा गार्बेज है जो कि कोई काम का

[112:03]

नहीं है।

[112:05]

और उसके बाद ये फिफ्थ टॉपिक पढ़ा ओरिजिन ऑफ़

[112:08]

द मूव जिसमें हम ये सीखने की कोशिश कर रहे

[112:10]

हैं कि हमारे पास कंप्लीट एरिया में से भी

[112:12]

हम ऐसे कोई पॉइंट को फाइंड आउट कर सकें।

[112:15]

कंप्लीट एरिया में से ही कोई ऐसे पॉइंट को

[112:17]

फाइंड आउट कर सकें।

[112:21]

जहां से कि एक्शन में बाइंग की स्टार्ट

[112:23]

हुई हो, चाहे वह सेलिंग का हो, बाइंग का

[112:25]

हो, रिवर्सल हो, कंटीन्यूअस हो,

[112:29]

एक ओरिजिन को पहचान सके। बट ओरिजिन को

[112:31]

पहचानना अभी हमारा काम प्रैक्टिस के पर्पस

[112:34]

से हो सकता है। बट उसे अप्लाई नहीं

[112:36]

करेंगे। और सभी को अभी हम बॉडी टू वीक ही

[112:39]

मार्क करेंगे। वीक टू वीक अभी नहीं कर

[112:40]

रहे। बॉडी टू वीक और बिग टू वीक मार्क

[112:42]

करने के पैरामीटर हमारे अलग थे। विक टू

[112:44]

वीक हम तब मार्क कर रहे थे जब बेस कैंडल

[112:46]

की रेंज छोटी है। वेग आउट कैंडल बहुत

[112:48]

अच्छी है। तब हम उसको वेक मार्क कर रहे

[112:51]

थे। और दूसरी तरफ बॉडी टू वेक हम तब मार्क

[112:56]

कर रहे थे कि बेस कैंडल की रेंज थोड़ी

[112:58]

वाइड है, थोड़ी बड़ी है। लेग आउट कैंडल

[113:01]

भले ही अच्छी है बट बेस कैंडल की रेंज जो

[113:03]

है वो थोड़ी वाइड है। तब हम उसे बॉडी टू

[113:07]

मार्क कर रहे हैं।

[113:09]

यह हमने पांचों चीजें यहां पर समझी।

[113:14]

अब इन सभी चीजों को अब इन सभी चीजों को हम

[113:18]

लोग चार्ट पर भी देखेंगे। पर चार्ट पर आने

[113:21]

से पहले मैं चाहता हूं कि एक 5 मिनट का

[113:23]

क्विक ब्रेक हो जाए और फिर नेक्स्ट वन आवर

[113:27]

तक हम इसी तरह से क्लास चलाएंगे। देखिए

[113:29]

कोई-कोई क्लास लंबी हो जाती है और वो आप

[113:32]

ही के लिए अच्छी होती है क्योंकि एक दो

[113:34]

लोग कहते हैं कि सर क्लास 2 घंटे की ही

[113:36]

रहनी चाहिए। देखिए 2 घंटे की क्लास हो

[113:39]

सकती है। कोई बात नहीं है। चीजें थोड़ी सी

[113:41]

ऐसे हैं कि इतने सारे लोग हैं तो उनमें सब

[113:45]

लोगों के पॉइंट ऑफ व्यू को ध्यान में रखकर

[113:47]

बोलना होता है। किसी को कोई बात समझ में

[113:50]

नहीं आ रही तो दो बार भी रिपीट करना होता

[113:52]

है। और दो के तीन होना तो हम हमेशा से

[113:54]

इसके ऊपर तो एप्रिशिएट ही करते आए हैं

[113:57]

लोग। बट फिर भी आपका टाइम ऐसा हो कि आप

[114:00]

सिर्फ 2 घंटे तक ही क्लास देख सकते हैं।

[114:02]

दो लोग हैं जिन्होंने ये बात बोली तो आप

[114:05]

उसकी रिकॉर्डिंग देख लीजिएगा। बट सारी

[114:07]

चीजें इन डेप्थ कांसेप्ट समझने के लिए

[114:10]

टाइम लगता ही लगता है।

[114:13]

ठीक है?

[114:17]

चलिए बहुत अच्छी बात है। अब एक 5 मिनट का

[114:21]

क्विक ब्रेक लेंगे। ठीक है?

[114:25]

5 मिनट का क्विक ब्रेक लेते हैं।

[114:30]

858 हो रहे हैं। 9:3 पर मिलते हैं। 9:03

[114:35]

पर

[114:54]

चलिए अब अब हम आते हैं चार्ट पर और यह

[114:58]

चार्ट पर बहुत अच्छी तरह से बहुत अच्छी

[115:00]

तरह से सुनना है। हर एक चीज जो हम यहां पर

[115:03]

बात कर रहे थे ना यहां पर जो बात कर रहे

[115:06]

थे वो सब कुछ सारी चीजें चार्ट पर समझ में

[115:09]

आ जाएंगी और वो भी बहुत अच्छी तरीके से

[115:12]

बहुत अच्छी तरीके से। ठीक है?

[115:16]

बहुत ध्यान से फोकस के साथ सुनना है।

[115:19]

स्टार्ट कर रहे हैं हम यहां से। यह देखिए

[115:22]

क्या यह एक ड्रॉप रैली बेस रैली में एक

[115:25]

सिग्निफिकेंट गैप के साथ एक बेस कैंडल नजर

[115:27]

आ रही है आपको? एक पहला ही एग्जांपल दिख

[115:30]

गया मुझे तो मैं इस वजह से बता रहा हूं।

[115:33]

क्या ये एक रैली बेस सिग्निफिकेंट गैप के

[115:36]

साथ ये बेस कैंडल बनी। फिर उसके बाद रैली।

[115:38]

ऐसा हो सकता है। अब इस केस में ये एक मेरे

[115:41]

पास नीचे वाला रैली बेस रैली का डिमांड

[115:44]

जोन और ऊपर वाला ये डिमांड जोन ये इस तरह

[115:47]

से हो गया ना।

[115:49]

नीचे वाला यह डिमांड जोन और ऊपर वाला

[115:50]

डिमांड जो प्राइस इस रेंज में आती है।

[115:54]

प्राइस इस रेंज में आती है और यहां से ऊपर

[115:58]

अब वापस से प्राइस यदि नीचे इस वाले

[116:00]

डिमांड जोन में आएगी ना तो वो अपने आप में

[116:02]

अच्छा डिमांड जोन है। कोई प्रॉब्लम नहीं

[116:04]

है।

[116:05]

वो अपने आप में अच्छा डिमांड जोन है। ये

[116:07]

वाला एग्जांपल उतना आइडियल नहीं है

[116:10]

क्योंकि लोगों को ये लग रहा है कि सर यहां

[116:11]

पर ये विक इस नेक्स्ट कैंडल की जो विक है

[116:15]

वो प्रीवियस कैंडल की विक की रेंज के अंदर

[116:17]

आ रहा है कि हां ठीक है इसको भले ही आप

[116:19]

आइडियल ना समझे बट मैं एक जस्ट एक नॉर्मल

[116:22]

सी एग्जांपल की तरह आपको बता रहा हूं

[116:26]

होने को तो ये गैप ही है क्योंकि जब हम

[116:27]

बॉडी टू विक मार्क कर रहे हैं तो बॉडी टू

[116:29]

विक वाले कांसेप्ट के अकॉर्डिंग तो नीचे

[116:31]

वाले एरिया तक प्राइस आई ही नहीं है।

[116:36]

ठीक है?

[116:39]

अब आते हैं

[116:44]

इसको छोड़ दीजिए।

[116:49]

इसको छोड़ दीजिए। दूसरा समझे।

[116:56]

इसको छोड़ दीजिए। दूसरा समझे। यह फार्मा

[117:00]

का चार्ट है। ठीक है? और Farma के चार्ट

[117:03]

में क्या मैं यह कह सकता हूं नीचे एक यह

[117:06]

रैली बेस रैली का डेली का डिमांड जोन है?

[117:09]

उसको छोड़ दीजिए। इसको समझिए कि यह एक

[117:13]

नीचे रैली बेस रैली का डिमांड ज़ोन और ऊपर

[117:15]

एक ये रैली बेस रैली का डिमांड ज़ोन दोनों

[117:18]

डिमांड ज़ोन है। यस और नो।

[117:21]

यदि मैं ऊपर वाले रैली बेस रैली के डिमांड

[117:24]

ज़ोन के क्लोजिंग के बारे में बात करूं कि

[117:27]

इसने इस प्रीवियस रेंज के ऊपर क्लोजिंग दी

[117:29]

है। क्या बात बिल्कुल सही है?

[117:33]

बिल्कुल सही है।

[117:38]

ठीक है। और यदि मैं नीचे वाले इस रैली बेस

[117:41]

रैली के बारे में बात करूं। क्या इसके

[117:43]

बारे में भी कहा जा सकता है कि इसने भी

[117:45]

क्लोजिंग दी है?

[117:48]

यस इसने भी क्लोजिंग दी। एक भले ही बीच

[117:51]

में सागर बेस कैंडल ही तो बनी बट प्राइस

[117:54]

फाइनली प्राइस ऊपर पहुंची तो सही। यदि यह

[117:56]

यहां पर कुछ इस तरह से हो जाता। सिर्फ

[117:59]

इतनी ही मूव होती तो इस रैली बेस रैली में

[118:02]

भी मेरे पास जो पैरामीटर हो गया पास की

[118:06]

सेलिंग आ को ब्रेक करने का क्या वो यहां

[118:09]

पर इस तरह की स्ट्रेंथ वाली कैंडल पास की

[118:12]

सेलिंग को ब्रेक कर पा रही है

[118:18]

इस वाली कैंडल पास की सेलिंग को ब्रेक कर

[118:21]

पा रही है नहीं कर पा रही

[118:31]

यह रैली बेस रैली का एक डिफरेंट डिमांड

[118:33]

जोन हो गया और ये एक रैली बेस रैली का

[118:36]

डिफरेंट डिमांड ज़ोन। आप दोनों के

[118:37]

अकॉर्डिंग दोनों डिमांड ज़ोन में से कौन सा

[118:40]

डिमांड ज़ोन स्ट्रेंथ वाइज़ ज्यादा अच्छा

[118:42]

है? आई थिंक दोनों ही सेम है। दोनों ही

[118:45]

स्ट्रेंथ वाइज़ तो सेम है ना। बट फिर भी

[118:48]

यदि ज्यादा पोटेंशियल वाला ज़ोन समझा जाए

[118:50]

तो नीचे वाले को समझेंगे ना फर्स्ट वाले

[118:53]

को। नीचे वाले को समझेंगे ना फर्स्ट वाले

[118:55]

को ज्यादा पोटेंशियल क्योंकि यह एक इस

[118:58]

कंप्लीट अपमूव का भले ही एक ही ज़ोन में

[119:02]

मल्टीपल बेस कैंडल नहीं है बट फिर भी इस

[119:04]

कंप्लीट अपमूव का एक ओरिजिन पॉइंट हो गया।

[119:09]

ऐसा ही हुआ ना?

[119:13]

यस।

[119:15]

फिर प्राइस ऊपर से इस तरह से कंसोलिडेट

[119:18]

होती है और फिर इस रेंज में आती है यहां

[119:22]

पर। अब यहां पर दो केस बन जाते हैं। जब आप

[119:25]

प्रैक्टिकली इन चीजों को देख रहे होते

[119:27]

हैं। प्रैक्टिकली इन चीजों को फॉलो होते

[119:30]

हुए या बनते हुए देख रहे होते हैं। तब

[119:32]

आपके पास मन में दो बात आती है कि मैं

[119:35]

यहां ऊपर इस वाले एरिया पर एंट्री करूं या

[119:38]

नीचे इस वाले एरिया पर एंट्री करूं। दोनों

[119:40]

ही आपको अच्छे लगते हैं। इन दोनों में फिर

[119:43]

आपको चूज़ करना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता

[119:45]

है।

[119:47]

और यह मुश्किल आसान तब हो जाती है। यह

[119:50]

मुश्किल भी आसानी में तब चेंज हो जाती है

[119:52]

जब आपको

[119:54]

ट्रेड करते-करते इस तरह की चीजें

[119:57]

देखतेदेखते एक एक्सपीरियंस हो जाता है और

[119:59]

आपको यह पता लग जाता है कि एक्चुअली आपका

[120:02]

ट्रेडिंग स्टाइल किस तरह का है। आपको कौन

[120:05]

सी चीज सूटेबल है। आपको इस ऊपर वाले एक

[120:08]

जिसको मैं काइंड ऑफ अग्रेसिव लेवल कह सकता

[120:10]

हूं या नीचे वाले को एक काइंड ऑफ

[120:12]

कंजर्वेटिव लेवल कह सकता हूं। किस में

[120:15]

जाना है? ये आपका टोटली ट्रेडिंग स्टाइल

[120:17]

के ऊपर बात रहती है।

[120:20]

जैसे जब ये प्राइस इसमें आ रही थी मुझे

[120:23]

याद है उस टाइम पर इसमें आने आने के बाद

[120:26]

इसके बनने के बाद ग्रुप्स में बहुत सारा

[120:28]

डिस्कशन हो रहा था। लोग डिस्कस कर रहे थे।

[120:30]

उसके बाद जो बैच हुआ था उसके बाद भी

[120:33]

अप्रैल 2023 उस बैच में भी बहुत सारा

[120:35]

डिस्कशन हुआ कि हम लोगों से एंट्री मिस हो

[120:38]

गई। कुछ लोग कह रहे हैं हमने एंट्री ले

[120:40]

ली। ग्रुप में डिस्कशन होता था कि हम

[120:43]

लोगों से कुछ लोगों से एंट्री मिस हो गई

[120:44]

थी। कुछ लोगों ने एंट्री कर ली।

[120:48]

बट यहां पर ऊपर वाले एरिया से ही प्राइस

[120:51]

में इतना शानदार अपमूव।

[120:54]

ऊपर वाले में ही इतना शानदार अपमूव आ गया।

[120:58]

अब वह अलग बात है। नीचे तक नहीं आई। ऊपर

[121:00]

से चलेगी। ऊपर वाला भी तो ज़ोन था वो

[121:02]

कंप्लीट आपकी ट्रेडिंग स्टाइल के ऊपर

[121:04]

डिपेंड करता है। बट आप डिमांड ज़ोन की

[121:06]

क्लोजिंग डिमांड ज़ोन की स्ट्रेंथ को समझिए

[121:08]

कि उसमें प्राइस आती है और लगातार लगातार

[121:12]

कुछ ही दिन में ऑलमोस्ट टू वीक में प्राइस

[121:15]

में 100 पॉइंट का गेन हो जाता है। 440 की

[121:17]

प्राइस 540 हो जाती है। 14 मार्च से लेकर

[121:21]

6 अप्रैल तक ऑलमोस्ट 20 डज़ के अंदर ही

[121:24]

थ्री वीक्स के अंदर 100 पॉइंट का अपमूव

[121:29]

और यह पता है यह ओवरऑल हुआ कैसे? जैसे आप

[121:31]

ये डेट देखें ये जो कुछ भी हो रहा है फब

[121:34]

मार्च 2023 की बात है ना फब मार्च 2023 की

[121:40]

बात है ना

[121:43]

यह ऊपर देख रहे हो ना डेट

[121:48]

मैं आता हूं।

[121:51]

क्वार्टरली के टाइम फ्रेम पर यह एक

[121:52]

क्वार्टरली का डिमांड जोन है aरो फार्मा

[121:56]

का

[121:58]

ड्रॉप बेस रैली जो कि टेस्टेड है। जिस

[122:02]

डिमांड जोन को मैं यहां पर मार्क कर रहा

[122:04]

हूं वो डिमांड जोन मेरे लिए टेस्टेड

[122:06]

डिमांड ज़ोन है। मतलब मैं किसी टेस्टेड

[122:10]

डिमांड जोन के पुराने प्राइस एक्शन के

[122:12]

बारे में बात कर रहा हूं कि ये एक ड्रॉप

[122:14]

बेस रैली का डिमांड जोन था। इस ड्रॉप बेस

[122:16]

रैली में प्राइस यहां पर आती है दिसंबर

[122:19]

2023 थोड़ा स्ट्रगल करती है और उसके बाद

[122:22]

इसमें यह अपमूव आता है कि प्राइस विद इन अ

[122:25]

ईयर 1400 हो गई

[122:29]

ऑलमोस्ट तीन से चार गुना प्राइस हो जाती

[122:32]

है एक साल के अंदर ही एक डेढ़ साल के अंदर

[122:35]

ही इस क्वार्टरली के डिमांड जोन में आने

[122:38]

के बाद बट आपको जो मैं एक अलग जगह

[122:41]

पहुंचाना चाह रहा हूं वह यह क्या मैं यह

[122:43]

कह सकता हूं कि प्राइस दिसंबर जनवरी तक

[122:48]

अपने क्वार्टरली के डिमांड जोन में आ चुकी

[122:51]

थी।

[122:52]

जनवरी 2023 तक डिमांड जोन में आ चुकी थी।

[122:55]

यस

[122:57]

मंथली पर भी यह एक विदाउट बेस कैंडल कह लो

[123:00]

इस एरिया को

[123:07]

या सिर्फ क्वार्टरली का ही डिमांड कह लो।

[123:09]

प्राइस डिमांड जोन में आ चुकी थी। अब मैं

[123:12]

डेली पर जा रहा हूं।

[123:15]

यह डेली टाइम फ्रेम है।

[123:18]

इस डेली टाइम फ्रेम में क्या मैं यह कह

[123:21]

सकता हूं कि यह जो कुछ भी हो रहा है,

[123:22]

प्राइस यहां से ऊपर जाने लगी, यह सब कुछ

[123:26]

क्वार्टरली के डिमांड ज़ोन में एंट्री

[123:29]

मिलने के बाद हो रहा है। क्या मैं ये कह

[123:32]

सकता हूं प्राइस में जब ये डिमांड ज़ोन

[123:35]

बने, यह एक्शन बना, यह सब कुछ क्वार्टरली

[123:38]

के डिमांड ज़ोन में यहां ये थिक लाइन देख

[123:40]

रहे हो आप? क्वार्टरली की यह थिक लाइन।

[123:43]

इसका कलर चेंज कर देता हूं जिससे कि और

[123:45]

अच्छी तरह से हमें समझ आ जाए।

[123:52]

वापस अब मैं डेली पर आया हूं। यह सब कुछ

[123:54]

जो हो रहा है क्या क्वार्टरली के डिमांड

[123:57]

जोन में आने के बाद ही हो रहा है।

[123:58]

क्वार्टरली के डिमांड जोन में आई है। डीप

[124:00]

में आई प्राइस। फिर प्राइस इस क्वार्टरली

[124:03]

के डिमांड जोन से रिएक्शन रिएक्ट होते इस

[124:07]

रैली बेस रैली के डिमांड जोन में गई और

[124:09]

उसके बाद यह शानदार अपमूव

[124:13]

मतलब ये जो काम है इतना अच्छा अपमूव आ

[124:16]

जाना 10-15 दिन के अंदर ही 100 पॉइंट का

[124:19]

अपमूव आ जाना और उसके बाद भी लगातार

[124:21]

प्राइस का इस तरह से ऊपर जाना सिर्फ अकेले

[124:23]

इस डेली के डिमांड ज़ोन का काम नहीं रहा।

[124:27]

यह एक ऐसी बात हो गई कि प्राइस को ऑलरेडी

[124:31]

बड़े टाइम फ्रेम क्वार्टरली के डिमांड जोन

[124:33]

से भी जा रही थी। क्वार्टरली के डिमांड

[124:35]

जोन का भी सपोर्ट था। तब जाकर डेली का यह

[124:38]

डिमांड जोन इतना अच्छी तरह से परफॉर्म कर

[124:40]

पाया था।

[124:44]

ये एक मैं एडवांस ये प्राइस एक्शन के बारे

[124:46]

में ही बता रहा हूं। और आप देखें कि कई

[124:50]

लोगों ने जो पैटर्न्स पढ़े होंगे डबल

[124:52]

बॉटम, ट्रिपल बॉटम, राइजिंग वेज, फॉलिंग

[124:55]

वेज, फ्लैग पैटर्न उसमें क्या मैं ये कह

[124:58]

सकता हूं कि यह एक इस तरह से फ्लैग पैटर्न

[125:01]

टाइप स्ट्रक्चर बना है। यहां

[125:05]

यह फ्लैग पैटर्न टाइप स्ट्रक्चर बना है।

[125:09]

हम लोग इन पैटर्न्स को बिल्कुल रॉयली

[125:11]

इग्नोर मारते हैं। आपको यह बता दें कि ये

[125:14]

क्यों नहीं करने चाहिए। और जिन लोगों को

[125:16]

इन बारे में नहीं पता वो बिल्कुल ये समझो

[125:19]

आपने अपना बहुत पैसा और टाइम बचा लिया।

[125:25]

बहुत पैसा और टाइम बचा लिया। बट फिर भी

[125:28]

आपको जो मैं कांसेप्ट समझाना चाह रहा हूं

[125:30]

वो कांसेप्ट समझे कि प्राइस को जब बड़े

[125:33]

टाइम फ्रेम का सपोर्ट मिला। आपने यह सुना

[125:35]

कि प्राइस में जब नैरो रेंज बन रही होती

[125:38]

है, कंसोलिडेशन चल रहा होता है तब उसमें

[125:41]

ब्रेकउ आता है या ब्रेकडाउन आता है। यह

[125:43]

सुना आप लोगों ने?

[125:47]

प्राइस में जब नैरो रेंज बन रही होती है,

[125:49]

सेम रेंज में प्राइस ट्रेड कर रही होती

[125:52]

है, तब उसमें या तो ब्रेकआउट आता है,

[125:53]

ब्रेकडाउन आता है। ये ठीक वैसी ही चीज है।

[125:56]

क्या यहां पर भी तो प्राइस में सेम रेंज

[125:58]

बन रही थी, नैरो रेंज बन रही थी। बहुत

[126:00]

छोटी-छोटी स्मॉल कैंडल्स हो रही थी। वो तो

[126:02]

थोड़ा बहुत दो दिन तीन दिन नीचे आकर इसमें

[126:05]

आई और यहां से इस तरह से शानदार अपमूव।

[126:11]

मतलब जब भी प्राइस को किसी बड़े टाइम

[126:14]

फ्रेम के डिमांड जोन का सपोर्ट मिल गया

[126:16]

फिर उसमें रेंज नैरो होने लगी तब उसमें

[126:19]

अपमूव बहुत अच्छा जो ब्रेकआउट कहते हो वो

[126:21]

बहुत अच्छा जो ब्रेकडाउन कहते हो प्राइस

[126:23]

यदि बड़े टाइम फ्रेम के सप्लाई जोन में

[126:25]

पहुंची फिर उसके बाद नैरो रेंज बनाने लगी

[126:27]

तब ब्रेकडाउन की पॉसिबिलिटीज होती है और

[126:29]

ये जो मैं ब्रेकउ और ब्रेकडाउन

[126:35]

ब्रेकउ और ब्रेकडाउन जो वर्ड यूज़ कर रहा

[126:37]

हूं ना वो अब सिर्फ आज की क्लास में यूज़

[126:39]

हो गए। फिर इसके बाद बहुत टाइम बाद मैं

[126:42]

यूज़ करूंगा। 15 16th क्लास में यूज़

[126:44]

करूंगा। फिर करूंगा ही नहीं इनको। बस मैं

[126:47]

आपको यहां पर जो प्राइस की रेंज का नैरो

[126:49]

होना, डिमांड जोन से इतना अच्छा रिएक्शन

[126:51]

आना, कब इसका अग्रेसिव का चल जाना, इसकी

[126:54]

क्लोजिंग जब इसकी क्लोजिंग के बारे में

[126:56]

बात कर रहा था तो मुझे लगा कि यार ये वाली

[126:58]

बात भी बता देनी चाहिए। मुझे पता है 50%

[127:01]

लोगों के बिल्कुल बाउंसर गई है बात। बट जब

[127:04]

मैं 14 क्लास 15 क्लास में इस बात को कोड

[127:06]

करूंगा ना इस बात को कोट करूंगा तब आपको

[127:08]

याद आ जाएगा यार हां ठीक है यह बात हुई थी

[127:11]

उस टाइम पर

[127:14]

ये ये मुझे भी पता है क्योंकि मैं भी

[127:16]

जानता हूं लेवल

[127:23]

आई बात समझ में

[127:27]

एक छोटी सी बात ये देखें क्या यह एक रैली

[127:30]

बेस और रैली यह एक मेरे पास सिग्निफिकेंट

[127:34]

गैप प्लस बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग

[127:36]

कैंडल वाला कांसेप्ट हो गया कि मैंने इन

[127:38]

तीनों को बेस कैंडल समझा। प्राइस गैप के

[127:41]

साथ ऊपर गई है, सस्टेन करी है। ये एक रैली

[127:44]

बेस रैली टाइप का स्ट्रक्चर हो गया।

[127:53]

यस। ये एक सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[127:55]

कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल वाला। ये

[127:57]

एक कांसेप्ट हो गया। प्राइस इस रेंज में

[127:59]

आती। इसको मैं ऐसे नहीं समझूंगा कि आप

[128:01]

इसको डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द प्राइस समझ

[128:02]

लीजिए या फिर आप इसको ओरिजिन ऑफ द मूव की

[128:06]

तरह समझ लीजिए। नहीं इसमें मुझे

[128:07]

सिग्निफिकेंट गैप क्लियर कट दिख रहा है।

[128:09]

दैट्स व्हाई मैं इसको इस तरह से मार्क कर

[128:11]

रहा हूं और प्राइस इस रेंज में आती है और

[128:13]

यहां से ऊपर ये तो बहुत छोटी चीज है। बहुत

[128:17]

छोटी चीज है। आपको निफ्टी बैंक में बहुत

[128:20]

ही शानदार बहुत ही परफेक्ट एग्जांपल

[128:22]

दिखेगा।

[128:26]

क्या यह एक रैली निफ्टी बैंक का डेली

[128:30]

चार्ट है? यह एक रैली फिर उसके बाद बेस

[128:33]

इसको मैं वीक टू वीक मार्क कर रहा हूं और

[128:35]

उसके बाद एक डाउन मूव के साथ गैप डाउन के

[128:38]

साथ बेस कैंडल नजर आ रही है। यस और नो ऐसा

[128:42]

ही हो रहा है ना?

[128:44]

तो क्या यह वाला कांसेप्ट मेरे पास कुछ

[128:47]

ऐसा हो गया? रैली बेस और सिग्निफिकेंट गैप

[128:50]

प्लस बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल

[128:53]

वाला कांसेप्ट। यह मेरे लिए एक एक्साइटिंग

[128:55]

कैंडल की तरह ही काम करेगी ना।

[129:01]

प्राइस इस रेंज में पहुंचती है, सप्लाई

[129:03]

ज़ोन तक पहुंचती है और फिर यहां से नीचे।

[129:07]

और नीचे आने के बाद फिर इस डिमांड ज़ोन में

[129:10]

पहुंचती है। ड्रॉप बेस रैली में

[129:13]

यहां से ऊपर।

[129:15]

अब कई लोगों को लग रहा है कि सर यह रैली

[129:17]

डिस्ट्रीब्यूशन की है। नहीं मैं कंप्लीट

[129:19]

रैली की बात मैंने तो इसको एक लेगिन की

[129:22]

तरह कंसीडर किया है ना। मैंने तो इसको एक

[129:25]

लेगिन की तरह कंसीडर किया है ना। लेग आउट

[129:27]

की डिस्ट्रीब्यूशन चलती है। लेग इन की लेग

[129:29]

आउट की डिस्ट्रीब्यूशन याद रखने वाली चीज

[129:31]

लेगिन की नहीं। हां एक जो मैंने क्लोजिंग

[129:34]

वाली बात बताई तो मैं यह जरूर कह सकता हूं

[129:37]

कि यहां से यह जो अपमूव आया इस अपमूव के

[129:41]

बाद जो डाउन मूव आया वो अपने आप में अपने

[129:43]

पास के अपमूव को खत्म कर चुका था ना वो

[129:47]

अपने आप में अपने पास के अपमूव को खत्म कर

[129:49]

चुका था ना

[129:51]

यस जो क्लोजिंग वाली मैंने बात बताई ऐसे

[129:55]

एक छोटा सा एग्जांपल और आ गया क्या मेरे

[129:58]

पास ये एक ड्रॉप बेस रैली का एक

[130:01]

सिग्निफिकेंट गैप गैप के साथ एक डिमांड

[130:03]

जोन हो गया।

[130:08]

यह एक ड्रॉप बेस रैली के साथ सिग्निफिकेंट

[130:10]

गैप ड्रॉप बेस सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[130:13]

कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल कुछ ऐसा

[130:15]

ही रहा ना। फिर उसके बाद फिर से प्राइस

[130:18]

ऊपर चली गई। तो मैंने इस कंप्लीट को इस

[130:20]

तरह से डिमांड ज़ोन मान लिया। ऐसा नहीं कि

[130:21]

इसको भी मैं डिमांड ज़ोन मान लूं। इसको

[130:23]

डिमांड ज़ोन तब मानता जब ये प्रॉपर एक

[130:25]

एक्साइटिंग कैंडल बन जाती। बट ये प्रॉपर

[130:27]

एक्साइटिंग कैंडल बनी ही नहीं। इस वजह से

[130:30]

मैंने इस ऊपर वाले एरिया को तो ये समझ

[130:32]

लिया कि डिस्ट्रीब्यूशन है और नीचे इन दो

[130:34]

कैंडल्स को समझा कि सिग्निफिकेंट गैप होने

[130:37]

की वजह से यह बेस कैंडल मेरी एक्साइटिंग

[130:40]

कैंडल हो गई।

[130:42]

सिग्निफिकेंट गैप होने की वजह से यह मेरी

[130:45]

एक एक्साइटिंग कैंडल हो गई। प्राइसेस में

[130:47]

आती भी है और सेम डे अच्छा रिएक्शन आ भी

[130:50]

जाता है। प्राइसेस में आई भी और सेम डे

[130:53]

अच्छा रिएक्शन आ भी गया।

[130:56]

ठीक ऐसे ही कुछ यहां पर यह एक रैली बेस

[131:00]

ड्रॉप का रौनक सप्लाई जोन हो सकता है ना

[131:02]

कि रैली बेस ड्रॉप में

[131:05]

यहां इस तरह से मैंने इसको मार्क किया

[131:08]

उसके बाद ये बेस कैंडल बनी देन एक और

[131:11]

सप्लाई ज़ोन हो गया ये क्या ये ठीक पिक्चर

[131:13]

कुछ इस तरह से है

[131:19]

ठीक पिक्चर कुछ इस तरह से दिख रही है आपको

[131:22]

जो ये पिक्चर है वही सेम पिक्चर है ना

[131:25]

यहां पे बट ये वाला एरिया चला नहीं ये

[131:28]

बिल्कुल ब्रेक हो गया प्राइस यहां पर

[131:30]

पहुंची यहां उसे रिएक्शन भी नहीं आया

[131:32]

ब्रेक हो गया

[131:35]

वो एक अलग बात है क्यों हुआ बाइंग प्रेशर

[131:38]

की वजह से हो गया जैसे वो ब्रेक होने का

[131:40]

रीजन क्या होता है होता है भी या नहीं

[131:42]

होता वो सब कुछ आगे की बात है वो सब आगे

[131:45]

पढ़ लेंगे अभी तो हमारी जो ज़ोन के

[131:47]

मार्किंग ज़ोन की स्ट्रेंथ को लेकर बातें

[131:49]

हो रही है।

[131:51]

अब अब जैसे ये एक रैली बेस रैली है। इन

[131:54]

दोनों में यदि मैं इस तरह से इसको मार्क

[131:57]

करूं या हाईएस्ट बॉडी पर प्रॉक्सिमल लाइन,

[131:59]

लोएस्ट पर डिजिटल लाइन तो ये गैप के साथ

[132:01]

जो ग्रीन एक्साइटिंग कैंडल मुझे स्ट्रेंथ

[132:03]

दिख रही है ये प्रॉपर मेरे डिमांड जोन है

[132:07]

ना रैली बेस रैली का

[132:13]

बताइए। यह मेरा प्रॉपर रैली बेस रैली का

[132:16]

ही डिमांड जोन है ना?

[132:19]

यस। इसमें कोई सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[132:22]

कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल ऐसा कुछ

[132:24]

भी प्रोसीजर है क्या? कुछ भी पॉसिबिलिटीज

[132:27]

है क्या? नहीं ऐसी कोई पॉसिबिलिटीज नहीं

[132:30]

है। फिर प्राइस काफी टाइम बाद

[132:34]

इस ज़ोन को अप्रोच करती है। जैन 2024 फिर

[132:38]

यहां से भी धीरे-धीरे करके ऊपर।

[132:48]

अब

[132:49]

यह यह कुछ कांसेप्ट है। क्या इसको मैं कुछ

[132:53]

ऐसे मान सकता हूं कि यहां पर एक रैली बनी

[132:56]

होगी?

[132:57]

यहां पर एक रैली बनी होगी। यह फोर्थ ज़ोन

[133:00]

से पहले की कैंडल है। थर्ड ज़ोन के दिन जिस

[133:02]

दिन एग्जिट पोल के रिजल्ट आए थे और

[133:04]

मार्केट ऊपर गया। बट इसको मैं जो

[133:06]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल इक्वल टू

[133:10]

एक्साइटिंग कैंडल वाला जो कांसेप्ट है

[133:12]

ज्यादातर मैं लेगउउट के लिए फॉलो करता

[133:14]

हूं। लेग इन के लिए नहीं। बट क्या इस यहां

[133:17]

से जो सेलिंग आई उस सेलिंग को मैं डिनाई

[133:20]

कर सकता हूं? भले ही मेरे पास ये प्रॉपर

[133:23]

इस तरह से लेग इन नहीं मानो मान भी लेते

[133:26]

रैली बेस्ड ऑफ बट क्या इस सेलिंग को मैं

[133:28]

डिनाई कर सकता हूं। भले ही ना मानते मानते

[133:30]

भी दोनों ही केस में आप ले लो कि क्या ये

[133:33]

सेलिंग डिनाई हो सकती है? यहां से सेलिंग

[133:35]

तो आई है। ये ऐसी सेलिंग आई है। बट ये

[133:38]

सेलिंग बहुत ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाई।

[133:40]

ब्रेक हो गई। अब इसके ब्रेक हो जाने का,

[133:42]

छोटे से डिमांड जोन के चल जाने का, बड़े

[133:45]

से डिमांड जोन के ना चलने का वो सारी

[133:47]

चीजें हम सीखेंगे।

[133:49]

सारी चीजें सीखने वाले हैं। जैसे

[133:53]

इस रैली बेस्ड ड्रॉप के बारे में यदि मैं

[133:55]

बात करूं तो क्या ये भी एक तरह से मेरे

[133:58]

पास सिग्निफिकेंट गैप प्लस एक बेस कैंडल

[134:01]

टाइप स्ट्रक्चर और उसके बाद ड्रॉप ऐसी

[134:04]

पिक्चर है। तो प्राइस यदि यहां पर जाएगी

[134:06]

ना, तो यहां से इसमें रिएक्शन आएगा।

[134:09]

यहां से इसमें रिएक्शन आएगा। अब इसमें

[134:12]

इसमें एक और चीज हमें सीखने को मिल सकती

[134:14]

है जो हमने ओरिजिन ऑफ द मूव्स पढ़ा। उस

[134:17]

ओरिजिन ऑफ द मूव के अकॉर्डिंग क्या मैं कह

[134:19]

सकता हूं कि यहां पर इस तरह से या इस तरह

[134:22]

से मुझे मार्क कर लेना चाहिए।

[134:25]

मतलब आप ये वाली चीज जो है इसको तो नोटिस

[134:28]

करना कि एक तो मैं कंप्लीट एरिया को मार्क

[134:30]

करूं तो यहां से रिएक्शन आ रहा है या फिर

[134:32]

एक यहां से।

[134:35]

पुटव मत लेना। कहीं पुट लेने लग जाओ। तो

[134:37]

यहां पर प्राइस सप्लाई ज़ोन में पहुंच गई।

[134:39]

आप वोट ले लोगे तो आप अपने आप के साथ

[134:43]

धोखाधड़ी कर रहे हो और किसी के साथ नहीं

[134:45]

अपने आप का नुकसान कर रहे हो किसी के साथ।

[134:49]

क्योंकि मुझे पता है कि यहां पर प्राइस

[134:52]

पहुंचे ना पहुंचे

[134:54]

कुछ भी हो आप पढ़ रहे होते नहीं पढ़ रहे

[134:57]

होते मतलब आप पढ़ रहे होते यहां पर प्राइस

[135:00]

पहुंचे ना पहुंचे कोई और स्टॉक होता ना

[135:02]

होता पुट लेने की अपॉर्चुनिटी हो या ना हो

[135:05]

अभी भी कुछ लोग तो काम कर ही रहे हैं कुछ

[135:07]

लोग तो ट्रेडिंग कर ही रहे हैं क्योंकि

[135:10]

मैं इतना तो ह्यूमन नेचर पहचानता ही हूं।

[135:12]

इतना तो लोगों का व्यवहार पहचानता ही

[135:16]

कि कर रहे हैं। 1% कर रहे हैं।

[135:20]

वो खुद ये इस बात को खुद अपने ऊपर समझे।

[135:24]

खुद अपने ऊपर इस चीज को लेकर चलें

[135:30]

कि आप किसके साथ झूठ बोल रहे हैं। किसके

[135:33]

साथ सच बोल रहे हैं।

[135:37]

किसके साथ झूठ बोल रहे हो? किसके साथ सच

[135:39]

बोल रहे हो।

[135:44]

एक छोटा सा जैसे देखो अभी तक तो इतनी इतनी

[135:47]

बड़ी कैंडल बन रही है तो यहां पर हमें

[135:50]

शायद शायद यह वाली चीज मुझसे इग्नोर हो

[135:53]

जाए। यह वाली चीज शायद मुझसे इग्नोर हो

[135:56]

जाए। बट यह समझो कि मेरे पास आज की

[135:58]

क्लोजिंग कुछ ऐसे हो गई।

[136:01]

मेरे पास आज की क्लोजिंग कुछ ऐसे हो गई।

[136:04]

तो आज की क्लोजिंग के अकॉर्डिंग मुझे

[136:07]

सप्लाई जोन देखने हो तो यह एक ड्रॉप बेस

[136:10]

ड्रॉप का सप्लाई जोन है। यस एक ड्रॉप बेस

[136:13]

ड्रॉप का सप्लाई और ये भी एक कुछ इस तरह

[136:15]

से हो सकता है सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[136:18]

कैंडल मतलब ये ड्रॉप बेस ड्रॉप और इसको भी

[136:20]

मैंने बेस माना और फिर यह रेड ग्रीन के

[136:23]

बाद ग्रीन जो बेस कैंडल बनी है ये एक मेरी

[136:25]

तरह से मेरी तरफ से एक एक्साइटिंग कैंडल

[136:28]

हो गई। एक ड्रॉप बन गई।

[136:31]

यदि मेरे पास सिर्फ यही कैंडल बन रखी हैं

[136:33]

तो ऐसा हो सकता है ना ठीक है ना यह मेरी

[136:35]

मार्किंग दो सप्लाई जोन हो गए एक ऊपर वाला

[136:37]

यह सप्लाई जोन एक नीचे वाला ये सप्लाई जोन

[136:42]

और

[136:44]

यहां से प्राइस कुछ इस तरह से इस पे

[136:47]

पहुंची नेक्स्ट डे 18th अप्रैल के दिन और

[136:50]

18th अप्रैल के दिन ही इस रेंज में

[136:52]

पहुंचकर प्राइस यदि यहां पर पहुंच जाए हाई

[136:56]

इसने 22300

[136:58]

का लगाया फिर इसने ने लो 21,900 का मतलब

[137:02]

इस सप्लाई ज़ोन से ही सिर्फ इस सप्लाई ज़ोन

[137:04]

से ऑलमोस्ट 400 पॉइंट का यहां से रिएक्शन

[137:07]

आ चुका था। इतनी बड़ी कैंडल्स में तो हो

[137:10]

सकता है ये सारी चीजें मुझसे इग्नोर हो

[137:13]

जाए। बट ऐसी चीजें जब आप डेली बेसिस पर

[137:15]

बनते देखोगे ना तो आपको पता चलेगा यार हां

[137:18]

वाकई में बहुत कमाल की चीज है।

[137:22]

वाकई में बहुत कमाल की चीज है। यह

[137:26]

इस तरह से छोटे-छोटे एरियाज भी

[137:29]

आ गई बात समझ में?

[137:33]

मतलब आप आपको बस मैं जो एग्जांपल बता रहा

[137:36]

हूं ना उस एग्जांपल को समझो। बस उस

[137:39]

एग्जांपल को समझो। मैं आपके ये सारे

[137:41]

कांसेप्ट्स को इन चार्ट्स के थ्रू क्लियर

[137:44]

कर देना चाह रहा हूं। चाहे वो क्लोजिंग

[137:45]

कांसेप्ट हो, डिस्ट्रीब्यूशन हो, गार्बेज

[137:48]

एरिया हो, सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[137:51]

कैंडल वाला एरिया हो, ओरिजिन ऑफ द मूव हो,

[137:54]

सब कुछ

[137:59]

एक

[138:04]

क्या ये वाली जो बाइंग आई है इस कंप्लीट

[138:07]

बाइंग को मैं एक डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द

[138:11]

बाइंग कह सकता हूं? इस कंप्लीट बाइंग को

[138:14]

क्या मैं डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द बाइंग कह

[138:16]

सकता हूं? यस। यह मेरी डिस्ट्रीब्यूशन

[138:24]

ओके।

[138:25]

और

[138:27]

यहां पर जो हो रहा है यह सब कुछ एक तरह से

[138:30]

मेरे लिए गार्बेज टाइप स्ट्रक्चर है। मतलब

[138:32]

यहां तक तो नहीं बट यहां तक तो मेरे पास

[138:35]

सब कुछ एक गार्बेज टाइप स्ट्रक्चर था। सेम

[138:37]

रेंज में ही प्राइस बन रही थी। सेम रेंज

[138:40]

में ही कैंडल बन रही थी।

[138:43]

एक ठीक इस तरह से मुझे यह भी बताइए कि ये

[138:45]

वाली जो रेंज बनी क्या ये रेंज मेरे लिए

[138:49]

एक डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द बाइंग की रेंज है?

[138:55]

और वहीं पर यह रेंज बनी। यह मेरे पास एक

[138:59]

गार्बेज टाइप स्ट्रक्चर है। सेम रेंज में

[139:01]

बनी हुई कैंडल्स हैं।

[139:10]

सेम रेंज में बनी हुई कैंडल्स।

[139:15]

अब इसको हायर टाइम फ्रेम पर देखने की। सेम

[139:17]

टाइम फ्रेम पर ऐसा एक तो आपके पास हायर

[139:20]

टाइम फ्रेम पर भी बेटर पिक्चर हो, लोअर

[139:22]

टाइम फ्रेम पर भी बेटर पिक्चर हो। उसकी

[139:24]

बात बिलकुल अलग ही हो जाती है। और एक

[139:27]

हमारे पास हायर टाइम फ़्रेम की पिक्चर

[139:28]

अच्छी है, लोअर टाइम फ़्रेम की अच्छी नहीं।

[139:30]

तो कहीं ना कहीं कॉम्प्रोमाइज़ हो गया ना।

[139:33]

कहीं ना कहीं कॉम्प्रोमाइज हो गया ना?

[139:39]

गारबेज का मतलब एक तरह से साइडवेज होते

[139:41]

प्राइस में एक एक स्टक एम में बहुत गैप अप

[139:45]

गैप डाउन होते हैं। पता नहीं क्यों होते

[139:47]

हैं वो तो उसका रीज़न तो नहीं पता बट होते

[139:48]

हैं। इसमें हमेशा बहुत अच्छे-अच्छे

[139:50]

एग्जांपल्स मिल जाते हैं। जैसे कि ये जो

[139:53]

ड्रॉप बेस रैली का एक डिमांड ज़ोन है। क्या

[139:55]

मैं इसको इस तरह से मार्क कर सकता हूं?

[139:58]

जिसमें सिग्निफिकेंट गैप प्लस ये बेस

[140:01]

कैंडल ही है। बट स्ट्रेंथ बहुत अच्छी

[140:03]

इसमें बनी। जो ग्रीन एक्साइटिंग एनर्जी

[140:06]

बननी चाहिए थी वह नहीं बन पाई। बट हां जो

[140:09]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल वाला

[140:12]

लॉजिक है वो तो यहां पर ऐसा ही रहा ना अमन

[140:16]

वो तो बिल्कुल ऐसा ही था ना सिग्निफिकेंट

[140:18]

गैप प्लस बेस कैंडल तो तो ये मेरा डिमांड

[140:20]

जोन ही है ना सभी लोग बताएं मुझे और यदि

[140:23]

मैं इसकी क्लोजिंग के बारे में अभी

[140:25]

क्लोजिंग का कुछ भी नहीं आया। यदि

[140:27]

क्लोजिंग के बारे में बात करूं तो

[140:28]

क्लोजिंग यहां पर भले ही बहुत अच्छी नहीं

[140:31]

हो पाई है। मैं इसकी क्लोजिंग इस एरिया के

[140:33]

ऊपर ही तो अच्छी मानता ना।

[140:36]

इसकी क्लोजिंग इस कंप्लीट एरिया के ऊपर

[140:39]

होती तभी तो बहुत अच्छी मानता बट इस एरिया

[140:42]

के ऊपर ये क्लोजिंग हो ही नहीं पाई।

[140:46]

प्राइस यहां पर कुछ दिन साइडवेज रह गई।

[140:49]

बाद में भले ही गई। बाद में भले ही गई वह

[140:52]

मैटर नहीं कर रहा। एक बात तो यह होती जैसे

[140:56]

देखो एक छोटी सी बात मुझे बताओ आप कंपेयर

[140:59]

करना एक तो यह बाइंग आई और एक ये बाइंग आई

[141:04]

इन दोनों में डिफरेंस है या नहीं है इसको

[141:07]

मैं फर्स्ट बोल रहा हूं और इसको मैं सेकंड

[141:09]

बोल रहा हूं दोनों में डिफरेंस है क्या

[141:12]

मैं कह सकता हूं सेकंड वाली बाइंग आने में

[141:15]

सेकंड वाली रेंज बनने में बहुत ज्यादा

[141:17]

टाइम नहीं लगा

[141:20]

सेकंड वाली में सॉरी इस फर्स्ट वाली में

[141:22]

फर्स्ट सॉरी फर्स्ट वाली में फर्स्ट वाली

[141:24]

की रेंज बनने में कोई बहुत ज्यादा टाइम

[141:26]

नहीं लगा। प्राइस ऊपर गई नेक्स्ट डे ऊपर

[141:29]

फिर उसके एकद दिन रुकी फिर लगातार ऊपर एक

[141:31]

ही दो दिन रुक पाई। जो ये वाली बाइंग

[141:34]

सेकंड वाली है यहां पर प्राइस ऊपर गई। कम

[141:37]

से कम 7 8 10 दिन यहां पर एक सेम रेंज में

[141:40]

बनी। उसके बाद धीरे-धीरे जाकर धीरे-धीरे

[141:43]

जाकर धीरे-धीरे जाकर ऊपर जा पाई है। तो इन

[141:47]

दोनों में मुझे क्लियर कट डिफरेंस नजर आ

[141:50]

रहा है कि यहां एक अच्छी तरह से लगातार

[141:53]

बाइंग आ गई। यहां रुक-रुक कर बाइंग आई। ये

[141:56]

एक अलग चीज हो गई प्राइस को समझने वाली

[141:59]

बात। बट जो सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस

[142:01]

कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल वाली जो

[142:03]

मैंने बात करी वो तो आपको यहां पर दिख रहा

[142:05]

है ना पूरी तरह से कंप्लीटली

[142:08]

प्राइस यहां इस रेंज में आती है इतनी

[142:10]

शानदार तरीके से मूव आ जाता है फोर्थ ज़ोन

[142:13]

के दिन वाली कैंडल है ये

[142:16]

फोर्थ ज़ोन वाली कैंडल है प्राइस यहां पर

[142:18]

आती है यहां से ऊपर से फर्स्ट वाली सीधी

[142:21]

ठीक है और इसको मैंने विक टू वीक क्यों

[142:24]

मार्क किया कह सकता हूं इसकी गैप की

[142:26]

स्ट्रेंथ को देखकर मैं इसको वीक टू वी

[142:28]

मार्क कर सकता हूं

[142:29]

गैप की स्ट्रेंथ को देखकर और गैप के

[142:31]

साथ-साथ आप देखोगे इसकी बॉडी टू विक मार्क

[142:34]

करने में और विक टू विक मार्क करने में

[142:36]

कोई बहुत ज्यादा डिफरेंस नहीं है। कोई

[142:39]

बहुत ज्यादा डिफरेंस नहीं है। इस वजह से

[142:41]

प्राइस की रेंज एकदम से बेस कैंडल की रेंज

[142:44]

नैरो है।

[142:47]

अब इसमें जो एक नया ड्रॉप बेस रैली का

[142:50]

डिमांड जोन बना यहां पर यह वाली रेंज सॉरी

[142:55]

ये वाली रेंज जो बनी इसमें जो मैं ओरिजिन

[142:58]

ऑफ द मूव की यदि बात इसमें पहले तो आप

[143:00]

मुझे ये बताएं चार बेस कैंडल मानेंगे या

[143:03]

तीन बेस कैंडल मानेंगे

[143:06]

मैं तो चार बेस कैंडल मान लूंगा क्योंकि

[143:09]

मैं मार्किंग चाहे कैसी भी कर लूं एक ही

[143:11]

बात बनेगी यह भी एक बेस का हिस्सा ही काम

[143:14]

कर रही है क्योंकि मार्किंग में अपने आप

[143:15]

ही वह कंसीडर हो रहा दूसरी बात मुझे

[143:18]

क्लोजिंग के बारे में बताएं। क्या इसकी

[143:19]

क्लोजिंग अच्छी है?

[143:22]

दूसरी बात बताएं कि क्लोजिंग अच्छी है। यस

[143:24]

क्लोजिंग यदि ये पिक्चर सिर्फ ऐसी ही होती

[143:27]

तो क्या मैं इसकी क्लोजिंग अच्छी मानता?

[143:31]

अब देखो इसमें मल्टीपल लेग इन भी हो गई,

[143:34]

मल्टीपल लेग आउट भी हो गई। सब कुछ हो गया।

[143:36]

अब इसको मैं कोई अच्छी क्लोजिंग नहीं

[143:38]

मानता। बट फिलहाल मेरे लिए अच्छी क्लोजिंग

[143:42]

है क्योंकि ये कैंडल इस तरह से चली गई। इस

[143:44]

इस प्रीवियस सेलिंग वाली रेंज के ऊपर जाकर

[143:47]

इसने क्लोजिंग दे दी। अब अच्छी है।

[143:51]

और इसमें यदि मैं मार्किंग करूं तो कुछ इस

[143:54]

तरह से हो जाएगी। हाईएस्ट बॉडी पर

[143:56]

प्रॉक्सिमल लाइन एंड लोएस्टिक डिस्टल लाइन

[143:59]

कुछ ऐसे हो जाएगी ना? बट इसी में मैं

[144:03]

ओरिजिन ऑफ द मूव को सिर्फ मार्किंग के

[144:05]

पर्पस से बता रहा हूं। सिर्फ प्रैक्टिस के

[144:08]

पर्पस से। तो क्या सबसे नीचे यही पॉइंट

[144:10]

मुझे दिख रहा है ना जिसमें ओरिजिन ऑफ़ द

[144:12]

मूव मैं इस तरह से ड्रॉ कर सकूं।

[144:18]

यस और नो। यस। मल्टीपल बेस कैंडल हो गई

[144:22]

ना? इस वजह से मैंने कर लिया। पूरा

[144:24]

कंप्लीट इस तरह से मार्क करना भी मेरे लिए

[144:27]

बिल्कुल ठीक है। और इस वाली रेंज को भी

[144:29]

मार्क कर देना मेरे लिए ठीक है।

[144:33]

और अब कोई कहे कि सर ये टेस्ट हो गया। इस

[144:36]

वाली कंड देखिए हमारे लिए संदेश ये

[144:39]

कंप्लीट एरिया ही बेस एरिया है। यस और नो

[144:42]

संदेश ये कंप्लीट एरिया ही बेस एरिया है।

[144:45]

तो बेस एरिया आपस में बेस कैंडल से बेस

[144:48]

कैंडल से नहीं हो रहा। ये ज़ोन तो लेग आउट

[144:50]

कैंडल बनने के बाद बना। हम लेग आउट कैंडल

[144:53]

जब आ जाती है इस रेंज में तब भी इसको

[144:55]

टेस्टेड नहीं मानते। तो हम इस बेस एरिया

[144:58]

के सेम रेंज में होते हुए क्यों टेस्टेड

[144:59]

मान लेंगे? हमने तो बस इसको एक स्मार्टली

[145:01]

एक छोटे से मूव को कैप्चर छोटे से मूव को

[145:04]

मार्क करने की कोशिश करी। छोटे से एरिया

[145:06]

को मार्क करने की कोशिश करी है। और लेग

[145:09]

आउट तो टेस्टेड जब ये एरिया लेग आउट बन

[145:11]

जाएगा तब टेस्टेड और फ्रेश देखते हैं। बेस

[145:14]

एरिया कहां से टेस्टेड कर देगा अपने आप

[145:16]

को?

[145:22]

ठीक ऐसे ही।

[145:25]

इसमें एक सप्लाई जोन का बहुत अच्छा

[145:27]

एग्जांपल था। हां ये रहा

[145:31]

ये बताएं क्या यहां पर मेरे पास एक रैली

[145:34]

बेस्ड ड्रॉप का ये सप्लाई ज़ोन है लोएस्ट

[145:36]

बॉडी पर प्रॉक्सिमल और हाईएस्ट पिक पर

[145:38]

डिस्टल

[145:42]

सही है क्या मैं इसमें सिग्निफिकेंट गैप

[145:44]

प्लस बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल

[145:46]

वाला कह सकता हूं

[145:49]

यस और उसके बाद भी यदि लेग आउट कैंडल बन

[145:52]

गई तो क्या मैं इसको इस तरह से मार्क कर

[145:53]

सकता हूं इसको ऐसे कर लो चाहे ऐसे कर लो

[145:56]

कोई बहुत ज्यादा डिफरेंस आएगा नहीं ये एक

[145:59]

मेरा दूसरा सप्लाई ज़ोन हो गया। अब मेरे

[146:01]

पास सप्लाई ज़ोन फर्स्ट और सप्लाई ज़ोन

[146:03]

सेकंड हो गए। यदि इन सप्लाई ज़ोन फर्स्ट और

[146:06]

सप्लाई ज़ोन सेकंड दोनों को ही मैं ऐसे

[146:09]

कंसीडर करूं कि इनकी क्लोजिंग अच्छी है।

[146:11]

प्राइस लगातार अच्छी खासी नीचे आई है।

[146:13]

यहां से तो एटलीस्ट नीचे आ ही गई और फिर

[146:16]

उसके बाद भी धीरे-धीरे करके नीचे आ गई। तो

[146:18]

मेरी क्लोजिंग भी अच्छी हो गई। मेरी

[146:20]

प्राइस की रेंज भी अच्छी हो गई।

[146:22]

यदि यह सिर्फ इस तरह से होती तब मैं जरूर

[146:26]

इसको थोड़ा सा इग्नोर करके चलता। बट

[146:28]

क्योंकि इसने इस तरह से नीचे ले आया। इसकी

[146:31]

पास वाली रेंज के नीचे आ चुकी है प्राइस।

[146:34]

दैट्स व्हाई मैं इसको कंसीडर कर रहा हूं।

[146:36]

अच्छी तरह से कंसीडर कर रहा हूं। मेरा

[146:38]

क्लोजिंग वाला पॉइंट भी यहां पर अच्छा हो

[146:40]

रहा है। अब प्राइस कुछ टाइम बाद

[146:45]

इस रेंज में पहुंचती है। क्या मैं कह सकता

[146:47]

हूं जो पहले जो सप्लाई ज़ोन में एंट्री

[146:50]

मिली है, उसने अच्छा रिएक्शन दे दिया।

[146:54]

इस सप्लाई ज़ोन में जो मुझे एंट्री मिली,

[146:57]

उसने अच्छा रिएक्शन दे दिया। देन उसके कुछ

[147:00]

दिनों बाद

[147:03]

प्राइस ऊपर सेकंड इस ऊपर वाले सप्लाई जोन

[147:07]

में पहुंचती है उसने भी अच्छा रिएक्शन दे

[147:09]

दिया।

[147:12]

दोनों ही एरिया मेरे चल गए। बहुत अच्छी

[147:15]

तरह से चल गए। अब इसमें हालांकि आपको

[147:18]

बीच-बीच में ऐसा दिखेगा सर ये रैली बेस

[147:20]

रैली ये चल गया था यहां से। सर ये क्यों

[147:24]

नहीं चला? सर ये क्यों नहीं चला? ये भी चल

[147:26]

गया था चलने को। मतलब चलने को तो बहुत

[147:29]

सारे डिमांड चल गए। बहुत सारे नहीं चले।

[147:31]

जैसे इसकी बात कर रहे हैं। ये रैली बेस

[147:33]

ड्रॉप बेस रैली ठीक वैसा ही एग्जांपल है

[147:36]

जो अभी रिसेंट फोर जून वाला मैंने बताया।

[147:38]

क्या ये ड्रॉप ये बेस और ये रैली एक अच्छा

[147:42]

एरिया है मेरे लिए सिग्निफिकेंट गैप प्लस

[147:44]

बेस कैंडल इक्वल टू एक्साइटिंग कैंडल

[147:46]

वाला? यस। ठीक है। क्या इसकी क्लोजिंग

[147:50]

अच्छी है? नहीं पराग। क्लोजिंग अच्छी है।

[147:52]

क्लोजिंग अच्छी नहीं है। क्लोजिंग कब

[147:54]

अच्छी होती? जब इस रेंज के ऊपर क्लोजिंग

[147:56]

देता इसने इतने दिनों तक बिना बात के

[147:59]

साइडवेज रख दिया। उसके बाद ऊपर जाकर गया

[148:02]

तो कहीं ना कहीं स्ट्रेंथ कम हो गई। कहीं

[148:05]

ना कहीं स्ट्रेंथ कम हो गई।

[148:09]

मैंने तो इससे कहा था कि 100 50 कि.मी.

[148:13]

साइकिल चलानी है। वो 50 कि.मी. साइकिल

[148:16]

चलाई।

[148:19]

50 कि.मी. साइकिल चलाई बट 50 कि.मी.

[148:21]

साइकिल चलाने में वह 10 बार रुक गया।

[148:25]

50 कि.मी. साइकिल चलाने में वह 10 बार रुक

[148:27]

गया। कुछ इस तरह से यहां पर

[148:31]

और वहीं पर यह जो हमने रिसेंट एक्शन देखा

[148:34]

था।

[148:38]

जैसे ये एक्शन यहां पर 50 कि.मी. साइकिल

[148:41]

चलाने में ये रुका नहीं। लगातार चलता गया।

[148:45]

समझ रहे हो बात?

[148:51]

ऐसी बात नहीं है। इसमें रिएक्शन नहीं आया।

[148:54]

इसमें प्राइस आती है। आने के बाद चली भी

[148:56]

गई है। ऊपर भी गई बट बहुत ज्यादा ऊपर नहीं

[148:59]

ले जा पाई प्राइस को। ठीक ऐसे यहां पर भी

[149:02]

हुआ। ये एक रैली बेस रैली का डिमांड था।

[149:04]

इसमें प्राइस आई। यहां पर आने के बाद

[149:06]

इसमें भी ऊपर चली गई। बट फिर भी बात अभी

[149:10]

ज़ोन के चलने ना चलने की नहीं है। बात है

[149:13]

ज़ोन को जिस तरह से हम स्ट्रेंथ वाइज़ देख

[149:15]

रहे हैं, चेक कर रहे हैं, उसकी।

[149:19]

ठीक है?

[149:21]

यह इस वाले एग्जांपल से कुछ और चीजें कवर

[149:23]

हुई आपके

[149:26]

TC Mahindra के एग्जांपल से

[149:32]

एक Reliance में काफी अच्छा एग्जांपल था।

[149:34]

यस ये वाला

[149:39]

देखिए ये मेरे पास Reliance का डेली का

[149:43]

चार्ट है।

[149:47]

ये Reliance का डेली का चार्ट है। क्या कह

[149:50]

सकते हैं? ये एक ड्रॉप बेस रैली का डिमांड

[149:52]

ज़ोन है।

[149:57]

और इस ड्रॉप बेस रैली के डिमांड ज़ोन की

[149:59]

क्लोजिंग कैसी लग रही है आपको?

[150:03]

ड्रॉप बेस रैली के डिमांड की स्ट्रेंथ

[150:05]

कैसी लग रही है आपको? बिल्कुल अच्छी है

[150:07]

ना? यस।

[150:09]

अब इस केस में क्या मैं इसको वीक टू वीक

[150:12]

मार्क कर सकता हूं?

[150:15]

विक टू विक मार्क कर सकते हैं। ये डेली का

[150:17]

टाइम फ्रेम है। प्राइस इस विक टू विक वाली

[150:21]

रेंज में आती है और यहीं से ही 2 दिन के

[150:24]

अंदर ही 1:2 का टारगेट है। क्योंकि इसकी

[150:28]

स्ट्रेंथ कुछ ऐसी थी इस डिमांड जोन की

[150:30]

जिसने इस प्राइस को ऑल टाइम हाई पहुंचाया

[150:33]

था और अब मैं इसके एक टाइम फ्रेम ऊपर भी

[150:36]

जा रहा हूं। इसके एक टाइम फ्रेम ऊपर भी जा

[150:40]

रहा हूं ऑन वीकली

[150:47]

वीकली पर मैं इसको इस तरह से यह कोई

[150:49]

डिमांड ज़ोन है रैली बेस रैली। अभी नहीं

[150:51]

मुझे पता है नीचे क्या है। अभी तो बस मेरे

[150:54]

पास वीकली का एक ये रैली बेस रैली का

[150:56]

डिमांड ज़ोन है। ठीक है? सही मार्किंग है

[150:58]

ना? हाईएस्ट बॉडी पर प्रॉक्सिमल लाइन

[151:00]

लोएस्ट वीक पर डिस्टल लाइन इसमें मुझे विक

[151:02]

टू विक मार्क करने की जरूरत नहीं है

[151:03]

क्योंकि यहां पर रेंज थोड़ी सी बड़ी हो

[151:05]

रही है। बट इसकी क्लोजिंग के बारे में बात

[151:09]

करी जाए क्लोजिंग अपने आप में अच्छी है ना

[151:12]

इस फॉर्मेलिटी वाली तो नहीं है ना

[151:14]

क्लोजिंग अपने आप में अच्छी क्लोजिंग है।

[151:17]

अपने आप में अच्छी क्लोजिंग है। कोई

[151:19]

फॉर्मेलिटी नहीं है।

[151:21]

अब मैं डेली पर आया। क्या यह सर्कल वही है

[151:26]

जो मैंने वीकली पर मार्क किया था?

[151:32]

क्या यह सर्कल वही था ना जो मैंने वीकली

[151:33]

पर मार्क किया? मैं दोनों चार्ट ओपन कर

[151:35]

रहा हूं। मतलब दोनों टाइम फ्रेम के चार्ट

[151:37]

ओपन कर रहा हूं।

[151:53]

एक डेली है, एक वीकली है। क्या हम कह सकते

[151:56]

हैं कि जो वीकली पर लेफ्ट साइड वाला ये

[151:58]

वीकली है जहां अभी मेरा कर्सर आप देख रहे

[152:00]

हो। वीकली में जब प्राइस को एंट्री मिली

[152:02]

जून में ठीक ऐसे ही राइट साइड वाला डेली

[152:05]

पर है। डेली को प्राइस में एंट्री मिली

[152:07]

ज़ोन में। सेम रेंज में जो वीकली का डिमांड

[152:10]

ज़ोन था। ठीक वहीं पर ही डेली का डिमांड

[152:12]

ज़ोन था। यह आपको दिख रहा है ना? मतलब

[152:15]

प्राइस सिर्फ डेली के ही डिमांड जोन में

[152:18]

नहीं प्राइस वीकली के भी डिमांड जोन में

[152:20]

आई थी। प्राइस एक डिमांड जोन में नहीं

[152:22]

प्राइस दो टाइम फ्रेम के डिमांड जोन में

[152:24]

आई थी। तो वो अपने आप में एक पावरफुल चीज

[152:26]

हो गई ना। वो अपने आप में एक पावरफुल चीज

[152:29]

हो गई ना।

[152:33]

इस वजह से और क्लोजिंग भी दोनों की अच्छी

[152:36]

थी। क्लोजिंग भी दोनों की अच्छी थी। ये

[152:39]

वाली चीज इन डेप्थ कल पढ़ेंगे। कल और

[152:41]

परसों का टॉपिक ही हमारा यह रहेगा सेवंथ

[152:43]

और एथ क्लास का। यह मल्टीपल टाइम फ्रेम

[152:45]

एनालिसिस।

[152:48]

कंट्रोल प्रेस करके हम किसी भी स्क्रिप्ट

[152:51]

पर डबल क्लिक करते हैं। कंट्रोल प्रेस

[152:53]

करके हम किसी भी स्क्रिप्ट पर डबल क्लिक

[152:56]

करते हैं ना

[153:00]

तब फिर हमारे पास दो चार्ट ओपन हो जाते

[153:03]

हैं।

[153:06]

एक एक छोटा सा एग्जांपल आज की क्लास का।

[153:10]

आज आज जो मैं देख रहा था जैसे आज से पहले

[153:12]

का देखो यह ड्रॉप बेस रैली का डिमांड जोन

[153:15]

है। क्या इस ड्रॉप बेस रैली के डिमांड जोन

[153:17]

की क्लोजिंग मैं अच्छी मानूंगा?

[153:26]

नहीं। इस वाली रेंज के ऊपर तो एटलीस्ट इसे

[153:29]

क्लोजिंग देनी ही चाहिए थी। इस वाली रेंज

[153:32]

के ऊपर क्लोजिंग देता तब मेरा अच्छा था।

[153:34]

बट फिर भी प्राइस इसमें आई और यहां से चल

[153:37]

गई।

[153:38]

ठीक है वह अलग बात हो गई। अभी जो रिसेंटली

[153:41]

हुआ ना मैं अभी आज ही इसको देख रहा था।

[153:50]

क्या यह रैली बेस ड्रॉप का गैप के साथ बना

[153:54]

हुआ प्रॉपर सप्लाई ज़ोन।

[153:56]

यह रैली बेस ड्रॉप का प्रॉपर सप्लाई ज़ोन।

[154:00]

यहां से इसकी क्लोजिंग अच्छी है ना? मतलब

[154:03]

क्या इस सप्लाई ज़ोन ने इस डिमांड ज़ोन को

[154:06]

ब्रेक किया है?

[154:09]

क्या इस सप्लाई जोन ने इस डिमांड जोन को

[154:12]

ब्रेक किया है? तभी पता है क्या हुआ क्या

[154:15]

था? लोअर टाइम फ्रेम की अब कहानी देखिए आप

[154:17]

इसमें ये यदि मैं इसको इस तरह से मार्क

[154:20]

करूं ना

[154:22]

इस तरह से मार्क करूं आपको छोटे टाइम

[154:24]

फ्रेम पर जाकर पता लगेगा यहां पर तो ये

[154:26]

कैंडल बहुत छोटी सी नजर आ रही है कि

[154:28]

प्राइस इसमें पहुंची और डाउन हुआ गया।

[154:30]

लोअर टाइम फ्रेम पर देखोगे तो आपको पता

[154:32]

कैसे लास्ट के ही कुछ मिनट्स में कैसे

[154:35]

लास्ट के ही कुछ मिनट्स में देखो प्राइस

[154:37]

इस प्रॉपर 125 मिनट की

[154:42]

125 मिनट की इस एरिया में पहुंचती है और

[154:45]

यहां से नीचे लगातार रेड रेड रेड कैंडल

[154:48]

बनती हुआ 1337 से प्राइस 133 हो गई दोबारा

[154:53]

से जैसे ही 125 में और मैं मैं इसको

[154:56]

क्लोजली मॉनिटर कर रहा था मेरा मॉनिटर

[154:59]

करने का पर्पस अलग था। मैं चाह रहा हूं कि

[155:02]

ये ऑल टाइम ऑल टाइम हाई पर चला जाए। इसका

[155:04]

मतलब यह नहीं कल आप इसकी कॉल वॉल ले लो।

[155:06]

नहीं मैं चाह रहा हूं ये एक बार ऑल टाइम

[155:09]

हाई पर चले जाए। मेरी एक्सपेक्टेशन इसमें

[155:10]

ऐसे है। हालांकि आप कहोगे सर अभी तो इस

[155:13]

डिमांड जोन को आप कह रहे थे अच्छी

[155:14]

क्लोजिंग नहीं है। तो हमें गलत सिखा रहे

[155:17]

हो। खुद सही काम कर रहे हो। ऐसा कुछ नहीं

[155:20]

होगा। अब बस इसको मैं इन डेप्थ आगे चल के

[155:23]

बता दूंगा। जब टॉपडाउन एप्रोच बताऊंगा ना

[155:26]

तब आपको पता चल जाएगा कि टॉप डाउन एप्रोच

[155:28]

के थ्रू मैं क्यों इसमें एक्सपेक्टेशन ऐसी

[155:30]

लगा रहा था। मैं तो बस इस 125 और 75 मिनट

[155:34]

के सप्लाई ज़ोन से यह चाह रहा था कि भाई यह

[155:37]

वाला जो एरिया है ना टेस्टेड हो जाए मेरे

[155:40]

ब्रेकर हट जाए। एक बात बताओ क्या मैं अपनी

[155:44]

थ्योरी में यह मान सकता हूं खुद अपने आप

[155:46]

के लिए और आगे चलके यह आप भी मान पाएंगे

[155:51]

कि जब प्राइस में ऊपर सप्लाई ज़ोन नहीं

[155:54]

रहेंगे तो प्राइस ऊपर जा सकती है। जब

[155:56]

प्राइस में नीचे डिमांड जोन नहीं रहेंगे

[155:58]

तो प्राइस नीचे आ सकती है। मतलब प्राइस को

[156:00]

रोकने के लिए ऊपर कुछ नहीं तो ऊपर। प्राइस

[156:02]

को रोकने के लिए नीचे नहीं तो प्राइस

[156:04]

नीचे। ये आगे मान सकते हैं। किस बिहाफ पर

[156:07]

मानेंगे ये बात? जो हम आज पढ़ रहे हैं कि

[156:10]

प्राइस डिमांड जोन में आने पर ऊपर जाती

[156:12]

है, सप्लाई जोन में आने पर नीचे आती है।

[156:14]

अब बहुत सारे लोग यह सोचने लग सर ऑल टाइम

[156:18]

हाई पर तो कोई सप्लाई जोन होता नहीं तो

[156:19]

मतलब कल हम ऑल टाइम हाई वाले सारे सप्लाई

[156:22]

सारे शेयर्स को बाय करने बैठ जाए। नहीं

[156:26]

इतना भी आसान नहीं है। नहीं कई लोग ऐसा वो

[156:30]

एक एक मीम चलता है ना बहुत तेजस्वी लोग

[156:32]

हैं। तो ऐसे बहुत तेजस्वी लोग होते हैं।

[156:38]

कि ऑल टाइम हाई पर तो कोई सप्लाई जोन ही

[156:40]

नहीं है। चलो बाय कर लेते हैं। फिर तो अब

[156:42]

तो पैसा बन ही जाएगा।

[156:52]

बट अभी-अभी मेरे पास और भी बहुत सारे

[156:55]

एग्जांपल्स हैं। और ये ये एग्जांपल्स पर

[156:58]

जब बात आएगी, चार्ट्स पर जब बात आती है ना

[157:01]

एग्जांपल्स पर और चार्ट्स पर बात आएगी तो

[157:03]

मैं भी अपने आप में बहुत सेटिस्फाइड रहता

[157:05]

हूं कि हां अब आप लोगों को बहुत इन डेप्थ

[157:08]

बहुत अच्छी तरह से समझ में आ रही है। बहुत

[157:12]

इन डेप्थ बहुत अच्छी तरह से समझ में आ रही

[157:13]

है। और अब आप लोगों ने जो लिखा वो ठीक भी

[157:15]

है। बहुत अच्छी तरह से आप लिख रहे हो सर।

[157:17]

अब सारे डाउट क्लियर होते जा रहे हैं

[157:19]

धीरे-धीरे करके।

[157:22]

तो चार्ट का यही कमाल एक तरह से मैं कहता

[157:24]

हूं चार्ट पर आना ये एक हमारे साइड में

[157:27]

आकर बात करना होगा कि यह अपना एरिया हो

[157:29]

गया। अब हम हमारे हिसाब से सब कुछ ही ठीक

[157:31]

कर देंगे। यह अपना एरिया हो गया।

[157:37]

ठीक है?

[157:38]

और और भी काफी सारे एग्जांपल हैं। अब देखो

[157:41]

जैसे कुछ लोग कह रहे हैं Bन बैंक की कोई

[157:44]

कह रहे हैं सेल की कोई कह रहे हैं आरबीएल

[157:46]

की और कोई ऐसे पीएसयू और कोई ऐसे स्टॉक

[157:54]

जैसे sक्वेंट हो गया

[157:57]

Astal हो गया NYकाA हो गया आरईसी एनMDC

[158:03]

यूनियन Bank PNB Hathway डेल्टा Corpor

[158:07]

Vodafone

[158:09]

IRFC सी TBZ स्नोमैन RBL MTNL आईआरfc

[158:15]

यूबीएल CST

[158:18]

LIC महाराष्ट्र बैंक Asian Paints iएक्स

[158:22]

Morpin LP वाओ ये फिर ऐसे कह दो आप सिंपल

[158:25]

सा कि सर आप इस NFT 500 की लिस्ट को ही

[158:28]

पढ़ लीजिए और अल्फाबेटिकली शुरू करो और

[158:31]

जेड तक लेकर जाओ हमें।

[158:36]

कोई एक दो स्टॉक का नाम लेता है ना तो मैं

[158:39]

हमेशा ये एक जोक मार देता हूं कि भाई यह

[158:41]

स्टॉक डीलिस्ट हो गया। तो लोग लोग बड़े

[158:44]

परेशान हो जाते हैं कि सर कई लोग तो

[158:46]

Google करने लग जाते हैं उस चीज को कि सर

[158:48]

डीलिस्ट हो गया। अब क्या होगा? हमारी तो

[158:50]

उसमें होल्डिंग थी।

[158:54]

ठीक है?

[158:56]

तो इसमें से जो आपने नाम बोले हैं ना मैं

[158:59]

उनमें से एक भी नहीं बताने वाला। जी

[159:02]

एस्ट्रल एक भी नहीं बताने वाला। मैं तो

[159:04]

कहता हूं कि जो भी आपने नाम बोले हैं

[159:07]

ईमानदारी से कॉपी में लिख लीजिए या

[159:09]

ईमानदारी से नाम याद रख लीजिए और खुद से

[159:12]

उसमें डिमांड सप्लाई मार्किंग करना खुद से

[159:16]

उसमें डिमांड सप्लाई मार्किंग करना कुछ

[159:18]

मिलता है तो ठीक है नहीं मिलता तो ठीक है

[159:24]

जिसमें कंफ्यूजन है उसे एक बार खुद खुद

[159:27]

खुद करके तो देखो खुद करके तो देखो एक बार

[159:30]

और प्रैक्टिकली पॉसिबल नहीं है मैं सारे

[159:33]

चार्ट्स यहां पर बता बता कोई कहेगा सर सेल

[159:35]

तो बता दो सर मैंने पूछा है पहली बार पूछा

[159:37]

है अरे सब लोग सब लोग पहली बार ही पूछते

[159:41]

हैं ठीक है

[159:44]

चलिए

[159:48]

एक और डिस्ट्रीब्यूशन का एग्जांपल है मेरे

[159:50]

पास

[159:52]

हम

[160:03]

गदरेज इंडस्ट्रीज

[160:10]

क्या मैं यह कह सकता हूं कि यहां पर यह जो

[160:14]

कंप्लीट बाइंग है यह एक डिस्ट्रीब्यूशन के

[160:17]

साथ है। डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द मूव है।

[160:24]

कंप्लीट जो बाइंग है यह एक डिस्ट्रीब्यूशन

[160:27]

है।

[160:30]

है ना डिस्ट्रीब्यूशन?

[160:34]

यस। और मैं कहूं कि इस डिस्ट्रीब्यूशन का

[160:36]

जो सबसे लास्ट वाला ओरिजिन पॉइंट था, यह

[160:39]

वाला एरिया

[160:43]

इस वाले एरिया में प्राइस पहुंचती है

[160:45]

फोर्थ ज़ोन के दिन। और यहां से भी ऊपर चली

[160:47]

गई। यह कंप्लीट डिस्ट्रीब्यूशन है।

[160:51]

प्राइस इसमें आती है और यहां से इतनी

[160:53]

शानदार तरीके से 4 जून के दिन ऊपर चली

[160:55]

जाती है। ये सिर्फ डेली डिस्ट्रीब्यूशन तो

[160:57]

क्लियर हो गया ना कि हां ये

[160:58]

डिस्ट्रीब्यूशन है। बट ये सिर्फ डेली के

[161:01]

इस डिस्ट्रीब्यूशन का काम नहीं है। ये आप

[161:04]

देखोगे मैं क्या मैं कह सकता हूं ये एक

[161:07]

मेरे पास ड्रॉप बेस रैली का डिमांड यूनन

[161:09]

था।

[161:15]

और इस ड्रॉप बेस रैली के डिमांड जोन में

[161:17]

प्राइस कुछ इस तरह से आती है जून मंथ में

[161:27]

और फिर यहां से फिर प्राइस ऊपर। ठीक ऐसी

[161:29]

ही पिक्चर क्या मैं ये मान सकता हूं कि ये

[161:32]

मंथली पर यह डेली पर बना हुआ ये एरिया

[161:34]

कहीं ना कहीं मंथली पर इसने ये कैंडल बनाई

[161:37]

थी अप्रैल मंथ में। और मैं कहता हूं वीकली

[161:40]

पर भी ये ड्रॉप बेस रैली की कैंडल बनाई

[161:42]

थी। डेली पर तो भले ही यहां पर ये कंप्लीट

[161:45]

गारबेज एरिया था। डेली पर ये देख लीजिए

[161:48]

कंप्लीट मार्च और अप्रैल की कैंडल है।

[161:50]

वीकली पर फिर भी ड्रॉप बेस रैली टाइप

[161:53]

स्ट्रक्चर बना और मंथली पर तो प्रॉपर एक

[161:56]

ड्रॉप बेस रैली का डिमांड बन गया। हालांकि

[161:59]

हमारे पास कोई परफेक्ट एग्जीक्यूशन नहीं

[162:01]

था, परफेक्ट एरिया नहीं था। इस वजह से मैं

[162:04]

इस एरिया को इग्नोर करूंगा। बट फिर भी एक

[162:06]

डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द प्राइस को समझाने का

[162:08]

उसको चलने का एक मैंने एग्जांपल आपको

[162:11]

बताया है।

[162:24]

एक एक छोटी सी बात बताएं। यह इन दोनों

[162:28]

डिमांड जोन यह जो ड्रॉप बेस रैली का

[162:30]

डिमांड जोन है, क्या इसमें आप ओरिजिन ऑफ द

[162:32]

मूव वाली चीज मार्क कर सकते हैं?

[162:39]

स्कोप है ना इसमें ओरिजिन ऑफ द मूव वाली

[162:41]

चीज मार्क करने का। यस क्या कि मैं यहां

[162:44]

पर मार्किंग कर लूं इसकी अमन मैं यहां पर

[162:47]

मार्क कर सकता हूं इसे

[162:50]

और उसके साथ-साथ क्या यहां पर ये जो ड्रॉप

[162:53]

बेस रैली डिमांड ज़ोन है, पहले इसके

[162:55]

क्लोजिंग के बारे में बात करेंगे।

[162:57]

मार्किंग के बारे में बात नहीं कर रहा। इस

[163:00]

ड्रॉप बेस रैली के डिमांड जोन की क्लोजिंग

[163:02]

कैसी है?

[163:11]

यस क्लोजिंग अपने आप में ठीक है प्राइस इस

[163:14]

रेंज के ऊपर मतलब उतना अग्रेसिवली तो नहीं

[163:17]

हुई बट हां ठीक है जैसे कहते हैं ना कि

[163:19]

एवरेज है स्ट्रांग तो मैं कहता यार बहुत

[163:22]

शानदार क्लोजिंग ये ठीक ठीक है ये यदि

[163:26]

यहां पर यह कैंडल इस तरह से बन जाती ना तो

[163:28]

अच्छी बात होती धीरे-धीरे करके बाद में

[163:30]

डिस्ट्रीब्यूशन होता गया पहले तो बड़ी

[163:31]

अच्छी लेग आउट कैंडल बनी

[163:33]

पहले तो बड़ी अच्छी लेग आउट कैंडल फिर

[163:35]

यहां पर इस तरह से तो यह तो क्लोजिंग वाली

[163:37]

बात हो गई बट इसमें मैं ओरिजिन वाले पॉइंट

[163:40]

को भी याद करूं तो एक तो ये बताएं क्या

[163:42]

मैं इसको नीचे वाले को मार्क करूं कि यहां

[163:44]

पर सेकंड वाली लेग आउट पर रख लूं। आई थिंक

[163:47]

हम सेकंड वाली लेग आउट इस पर रखेंगे तो

[163:49]

ज्यादा बेटर रहेगा। यदि मैं ओरिजिन ऑफ द

[163:52]

मूव की बात करूं तो

[163:55]

ओरिजिन ऑफ द मूव की बात करूं तो यहां पर

[163:57]

मार्क करना बिल्कुल ठीक है।

[164:05]

आ गई बात समझ में? अब जैसे कई बार क्या

[164:09]

होगा कि आप इसको ड्रॉप बेस रैली कंसीडर

[164:11]

करेंगे मैं भी कर लूंगा। बट इसको अभी

[164:14]

ड्रॉप बेस रैली इस तरह से कंसीडर करने में

[164:17]

आप मुझे बताएं क्या इसकी क्लोजिंग अच्छी

[164:20]

है? मतलब बिना क्लोजिंग के तो मैं कुछ

[164:22]

खरीदूंगा ही नहीं। क्लोजिंग मतलब मेरे लिए

[164:26]

बिल्कुल देखना जरूरी ही हो गया। अब कोई

[164:29]

पूछेगा सर इसकी ऑल टाइम है यहां से ऊपर

[164:32]

क्लोजिंग देखोगे यहां से देखिए यह इस नीचे

[164:34]

वाली इस रेंज के ऊपर भी क्लोजिंग दे देती

[164:36]

है ना तब भी मेरे लिए एक बेटर पिक्चर हो

[164:38]

जाएगी। कुछ इस तरह से भी हो जाती है तब भी

[164:40]

मेरे लिए एक बेटर पिक्चर है।

[164:46]

ठीक ऐसे ही

[165:04]

ओके इसमें ऐसा कुछ नहीं है।

[165:11]

ये देखें कल ही हुआ। क्या ये ड्रॉप बेस और

[165:15]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल कुछ ऐसी

[165:17]

ही पिक्चर है इसमें

[165:23]

सिग्निफिकेंट गैप प्लस बेस कैंडल इक्वल टू

[165:25]

एक्साइटिंग कैंडल प्राइस इसमें जस्ट

[165:29]

पहुंचने से पहले ही यहां से रिएक्ट कर गई।

[165:31]

अभी भी मेरे लिए यह फ्रेश ही है क्योंकि

[165:34]

ऑन डेली टाइम फ्रेम ऑन डेली टाइम फ्रेम

[165:36]

प्राइस इस सप्लाई ज़ोन में पहुंची तो नहीं

[165:38]

है ना?

[165:40]

ऑन डेली टाइम फ्रेम प्राइस इस सप्लाई ज़ोन

[165:42]

में पहुंची तो नहीं ना? नहीं पहुंची। और

[165:44]

एक मैं इसमें इस ड्रॉप बेस रैली के यदि

[165:47]

डिमांड ज़ोन की आपसे बात करूं

[165:51]

ये डिमांड ज़ोन तो ये डिमांड ज़ोन क्या इस

[165:55]

वाली रेंज के ऊपर क्लोजिंग दे पा रहा है?

[165:57]

हां है। मतलब एवरेज क्लोजिंग है। बहुत

[166:00]

स्ट्रांग क्लोजिंग नहीं है। एवरेज मतलब

[166:02]

वीक तो नहीं है ना? एवरेज है स्ट्रांग है

[166:05]

वह अच्छी बात है। स्टंग मतलब गुड बेटर

[166:07]

बेस्ट वाली बात है। प्राइस ज़ोन में आती है

[166:10]

और यहां से थोड़ा बहुत रिएक्शन भी आया। यदि

[166:12]

यहीं पर ये बेस्ट होता तो और भी अच्छा

[166:14]

रिएक्शन आ जाता।

[166:16]

बेस्ट होता तो और भी अच्छा रिएक्शन आ

[166:18]

जाता।

[166:24]

ठीक है?

[166:42]

इसमें

[166:44]

यहां एक ड्रॉप बेस रैली का डिमांड जोन है।

[166:48]

ठीक है?

[166:51]

इसकी क्लोजिंग यदि बात करूं क्लोजिंग कैसी

[166:54]

है इसकी? अच्छी है ना? यस। ऊपर वाले

[166:57]

डिमांड जोन की भी क्लोजिंग अच्छी थी।

[167:00]

यस। दोनों की ही डिमांड जोन की मेरी

[167:02]

क्लोजिंग अच्छी है। और यदि इस ड्रॉप बेस

[167:05]

रैली के बारे में बात करूं। यहां पर इस

[167:07]

डिमांड ज़ोन की क्लोजिंग अच्छी थी ना।

[167:09]

क्योंकि इसने देखिए यहां से ऊपर जाते हुए

[167:12]

इस सप्लाई ज़ोन को ब्रेक कर दिया। इवन इस

[167:14]

रेंज के ऊपर भी क्लोजिंग दे। धीरे-धीरे

[167:16]

करके यहां तक भी पहुंच गया था। यदि ये

[167:19]

वाली पिक्चर कुछ ऐसी ही बन पाती तब मेरे

[167:23]

लिए क्या अच्छी क्लोजिंग होती तब मेरे लिए

[167:25]

अच्छी क्लोजिंग नहीं होती। एटलीस्ट इस

[167:27]

सप्लाई ज़ोन को ब्रेक किया। इस वाले एरिया

[167:29]

को ही ब्रेक कर दिया। फिर तो ये और ऊपर

[167:31]

प्रीवियस रेंज को भी और अच्छी तरह से

[167:33]

ब्रेक करता गया। तब जाकर प्राइस जब इसमें

[167:36]

आई ना तो ऐसा रिएक्शन आया। फिर इसमें ऐसा

[167:40]

रिएक्शन आया।

[167:44]

आई बात समझ में?

[167:50]

क्लियर हुआ पॉइंट आप लोगों का?

[167:54]

देखिए मेरे पास दो और चीजें हैं बट मैं

[167:58]

समझ गया मैं समझ गया हूं कि बहुत हैवी हो

[168:02]

जाएगा। एक तो टाइम भी बहुत ज्यादा हो गया।

[168:05]

टाइम भी बहुत ज्यादा हो गया और टाइम के

[168:07]

साथ-साथ टाइम के साथ-साथ

[168:13]

मतलब मेरे लिए नहीं मेरे लिए नहीं आप

[168:15]

लोगों के लिए क्योंकि देखो कई लोग वर्किंग

[168:18]

होते हैं। जॉब भी कर रहे हैं, बिजनेस भी

[168:21]

कर रहे हैं। टाइम किसी के पास 2 घंटे का

[168:24]

ही है, 3 घंटे का ही है। किसी के पास 1

[168:26]

घंटे का ही टाइम है। उनके लिए कोई चीज

[168:28]

इतनी बड़ी जब रिकॉर्डिंग हो जाती है। कोई

[168:32]

चीज इतनी बड़ी हो जाती है तो मैं समझता

[168:34]

हूं मैं समझता हूं उनको फिर उसको पूरी तरह

[168:38]

से देखना और नॉर्मल स्पीड पर देखना

[168:41]

मुश्किल हो जाता है। फिर वो 2x कर कर

[168:43]

देखते हैं।

[168:45]

फिर वो 2x करके देखते हैं या 1.5x करके

[168:49]

देखते हैं और फिर उनसे कुछ चीजें मिस हो

[168:51]

जाती हैं।

[168:54]

तो मैं यह समझता हूं और देखिए और जिन

[168:56]

लोगों के पास टाइम है और जिनको अभी तक सब

[168:58]

समझ में आ रहा है और कुछ भी है भी नहीं लग

[169:01]

रहा है आप लोगों का तो कोई नुकसान नहीं हो

[169:03]

रहा है ना

[169:05]

आप लोगों का तो कोई नुकसान नहीं हो रहा है

[169:07]

ना जिनको सब कुछ समझ में आ रहा है बट उन

[169:09]

लोगों का नुकसान हो जाएगा जो जो कि पूरा

[169:12]

टाइम शायद नहीं दे पाएंगे तो मैं इस क्लास

[169:15]

को बहुत लंबी नहीं खींचने वाला बताने को

[169:17]

मैं लिखकर जो लाया जिन जिन दो स्टॉक के

[169:20]

बारे में लिखकर लाया उनको मैं डेफिनेटली

[169:22]

बताऊंगा ही बताऊंगा वो थोड़ा हैवी इन डेप्थ

[169:25]

मतलब वो जस्ट ये नहीं है कि मैं आपको

[169:27]

उसमें डिस्ट्रीब्यूशन बोलूंगा या क्लोजिंग

[169:30]

बोलूंगा या ओरिजिन ऑफ द मूव बोलूंगा ये

[169:32]

नहीं बोलूंगा उसमें बिल्कुल ही अलग होगा

[169:36]

बिल्कुल ही अलग

[169:39]

आप चाहें तो मैं उन स्टॉक के नाम लिख देता

[169:41]

हूं जिससे कि जब कभी भी मैं समझाऊंगा तो

[169:44]

मतलब मैं इन स्टॉक के बारे में समझाऊंगा

[169:46]

ही समझाऊंगा तो आपको यूं रहेगा कि हां ठीक

[169:49]

है सर ने जिन स्टॉक के बारे में हमें बोला

[169:51]

था उस दिन उस दिन नहीं बताया तो आगे बता

[169:54]

देंगे

[169:56]

पर मैं बताऊंगा जरूर इन स्टॉक के बारे में

[170:03]

थोड़ा प्राइस एक्शन से रिलेटेड चीज थी बट

[170:05]

फिर भी

[170:07]

इसमें ये वाला कांसेप्ट नहीं था कुछ भी

[170:13]

थैंक यू सर इट्स 12:30 am इन सिंगापुर

[170:16]

रिमेनिंग आई विल कवर अप विद रिकॉर्डिंग

[170:20]

राइट ही सेड इट बिट हैवी फॉर मी आफ्टर ऑफ

[170:22]

टेकन थैंक यू सो मच सागर और अच्छा आप

[170:24]

सिंगापुर से क्लास ले रहे हैं। बहुत अच्छी

[170:26]

बात है। बहुत-बहुत धन्यवाद।

[170:30]

बट देखिए

[170:34]

बट देखिए आपको क्लास की रिकॉर्डिंग जरूर

[170:38]

देखनी है सभी लोगों को।

[170:42]

क्लास की रिकॉर्डिंग जरूर देखनी है सभी

[170:44]

लोगों को।

[170:47]

होमवर्क मेरी तरफ से यही होमवर्क है और

[170:50]

देखो क्लास की रिकॉर्डिंग देखने का एक

[170:52]

तरीका बताऊं आपको

[170:55]

कि आप मोबाइल में तो चलाओ रिकॉर्डिंग

[170:58]

हाय सोमनाथ मोबाइल में तो चलाओ रिकॉर्डिंग

[171:02]

इ खासकर जब जब मैं चार्ट पर एक्सप्लेन कर

[171:05]

रहा हूं और कंप्यूटर या लैपटॉप को

[171:08]

कंप्यूटर या लैपटॉप पर जैसे-जैसे जिसज

[171:12]

चार्ट को मैं ओपन कर रहा हूं ना अपने

[171:13]

कर्सर को वहां वहां लेकर जाओ और कंप्यूटर

[171:16]

पर साथ-साथ कम से कम उस एग्जांपल की तो

[171:19]

प्रैक्टिस करते चलो।

[171:21]

यस हर्ष आप जा सकते हैं। तो यह एक एक

[171:24]

अच्छी प्रैक्टिस हो जाएगी देखने की।

[171:30]

नहीं वहां पर आपको GTएफ डालना पड़ेगा

[171:32]

रेफरेंस में। स्टॉक आईडिया पर लिंक है

[171:33]

सबके। ठीक है? ये ये कीजिएगा। मोबाइल में

[171:37]

रिकॉर्डिंग चलने दो और उस रिकॉर्डिंग के

[171:39]

साथ-साथ डेस्कटॉप या लैपटॉप में आप वहीं

[171:43]

पर उसी चार्ट को ओपन करो जो मैं बता रहा

[171:45]

हूं उसी में कर्सर को साथ लेकर जाओ उस पर

[171:47]

अच्छी प्रैक्टिस हो जाएगी। बट रिकॉर्डिंग

[171:49]

प्लीज जरूर देखना। रिकॉर्डिंग देखोगे तो

[171:51]

आई एम 100% श्योर कि आपको सारी चीजें कवर

[171:54]

हो जाएंगी। और नहीं तो फिर आगे चलके हम

[171:57]

चीजों को सेम उन्हीं चीजों को भी रिपीट

[171:59]

करेंगे। ये चीजें क्योंकि अभी जिन चीजों

[172:01]

का हम बेस स्ट्रांग कर रहे हैं ना बेस

[172:04]

स्ट्रांग कर रहे हैं ना जिन चीजों को लेकर

[172:10]

वो वापस से जब एक ऐसा फाउंडेशन बनेगा वापस

[172:13]

से जब उनको हम एग्जीक्यूशन पर लेकर आएंगे

[172:16]

तब वापस से वो चीज आपको याद रह जाएंगे।

[172:22]

सारे क्वेश्चन के आंसर मिल गए पिंटू वेरी

[172:24]

गुड थैंक यू हाय मेहुल

[172:28]

होमवर्क क्लास देखना ही होमवर्क है सर

[172:31]

कंसोलिडेशन गार्बेज में डिफरेंस है

[172:32]

कंसोलिडेशन में प्राइस ऊपर या नीचे जाती

[172:34]

है गार्बेज में प्राइस साइडवेज ही रहती है

[172:36]

सर अगर ओरिजिन ऑफ द मूव में लेग इन कैंडल

[172:38]

नहीं है तो मार्किंग तो फिर ज़ोन ही नहीं

[172:40]

हुआ राज हाय प्रदेश हाय देवम

[172:45]

अपुन को बहुत डीप में जाना है बिल्कुल

[172:47]

सागर बिल्कुल जाएंगे सर कल वाला क्लास में

[172:50]

क्वेश्चन था नो बेस कैंडल वाला टॉपिक में

[172:52]

आपने बोले थे अगर वीकली में नो बेस वाला

[172:54]

ज़ोन है तो डेली में एंट्री नहीं तो वीकली

[172:58]

में भी एंट्री कर सकते हैं। हां सेम हर

[173:00]

टाइम फ्रेम के लिए सेम है। दीपक ऑसम सर

[173:04]

थैंक यू किशोर

[173:06]

पीडीएफ आप GTए सपोर्ट पर बात कर लेना ऋषभ

[173:14]

यस क्लास ओवर हो चुकी है। थैंक यू आरती

[173:17]

जय हिंडनबर्ग

[173:19]

ओके रोहन गॉट अ डाउट इन ऑरो फार्मा

[173:22]

एग्जांपल इन डेली टाइम फ्रेम देयर कुड बी

[173:24]

अ सप्लाई ज़ोन बिलो व्हाट वाज़ मार्क हां

[173:27]

सप्लाई ज़ोन था उसमें बट वो प्राइस

[173:29]

क्वार्टरली के सब डिमांड जोन से आ रही थी

[173:31]

ना तो डेली का सप्लाई ज़ोन कोई काम नहीं

[173:32]

करता गौतम इस वजह से अभी बताया नहीं वो

[173:34]

आगे बताएंगे डिमांड सप्लाई सॉरी कम्युनिटी

[173:38]

बिल्कुल कम्युनिटी में भी वर्क करता है

[173:40]

पुनीत थैंक यू रश्मि गुड नाइट थैंक यू

[173:42]

सागर थैंक यू तेजस गुड नाइट राइट

[173:46]

आई एम अटेंडिंग फ्रॉम दुबई वेरी गुड तुषार

[173:49]

थैंक यू होमवर्क रिकॉर्डिंग देखना और

[173:52]

प्रैक्टिस करना ही होमवर्क है खाना खा

[173:56]

नहीं खाना नहीं खाया खाना खाना भी खाएंगे

[173:58]

तरुण

[174:00]

सर आई एम फ्रॉम हैदराबाद हेलो राज सुपर्ब

[174:03]

थैंक यू सो मच सर मेरा मैसेज देखिए ना

[174:05]

सोमनाथ ओके आपने

[174:09]

क्या मैसेज किया है सोमनाथ एक सेकंड काफी

[174:12]

ऊपर जाना पड़ेगा मुझे आपके मैसेज को देखने

[174:15]

के लिए क्योंकि मुझे आसपास आपका मैसेज दिख

[174:18]

नहीं रहा है। ठीक है मैं जा रहा हूं ऊपर।

[174:25]

आप प्लीज कॉपी पेस्ट कर सकते हैं क्या? कि

[174:27]

काफी ऊपर जाने के बाद भी 958 पर जाने के

[174:30]

बाद भी मुझे आपका मैसेज नहीं दिख रहा है।

[174:42]

आई एम फ्रॉम यूएसए रेड कैंडल के साथ

[174:45]

प्राइस ऊपर जाए तो क्या होता है? अह मतलब

[174:49]

ऐसा होता है गैप अप ओपन हो। गैप अप ओपन

[174:51]

हुई फिर बाद में फाइनली प्राइस नीचे आ गई।

[174:54]

गैप अप ओपन हुई। उस वजह से प्राइस गैप अप

[174:57]

ओपन होने की वजह से उसका ओपनिंग पॉइंट हाई

[174:59]

हो गया। बट फाइनली क्लोज होते वो नीचे

[175:02]

क्लोज हो गई। इस वजह से वो बनती है।

[175:07]

गुड नाइट अमन।

[175:33]

एक बार आपकी जो राज जो आप सोच रहे हो ना

[175:35]

उसको पेंट पर लिखकर या ड्रॉ करके आप

[175:37]

मेंटोर से पूछ लीजिएगा क्योंकि मैं समझ

[175:39]

नहीं पा रहा हूं।

[175:41]

नहीं सैटरडे कोई क्लास नहीं थी हमारी।

[175:45]

सोमनाथ आपका क्वेश्चन फिर नहीं आ पा रहा

[175:47]

है मेरे पास।

[176:08]

सर मैं आपका फ्री कोर्स कंप्लीट किया है

[176:10]

एंड इज़ कम फ्री कोर्स यदि आपने कंप्लीट कर

[176:14]

लिया तेजस तो अभी समझ में आने लग जाएगा।

[176:15]

कोई प्रॉब्लम नहीं है।

[176:18]

भाई तरुण सर बॉडी ट्विक मार्किंग वी आर

[176:20]

नॉट कंसीडरिंग एज़ टेस्टेड इफ़ प्राइस मूव

[176:22]

अप फ्रॉम विक बट इन ओरिजिन ऑफ़ द मूव वी आर

[176:25]

कंसीडरिंग नहीं ओरिजिन ऑफ़ द मूव में भी

[176:27]

प्रियदर्शनी हम बिल्कुल कंसीडर नहीं कर

[176:29]

रहे हैं। ओरिजिन ऑफ़ द मूव में भी बिल्कुल

[176:31]

कंसीडर नहीं कर रहे हैं। उसको फ्लैश ही

[176:33]

मान रहे हैं क्योंकि ये समझिए कि बेस

[176:34]

कैंडल्स आपस में एक दूसरे को टेस्टेड नहीं

[176:37]

कर सकते। इस ज़ोन को टेस्टेड नहीं कर सकते।

[176:41]

जयदीप अभी आप कभी भी जब क्लास कंप्लीट हो

[176:43]

जाए तब एक बार मिलने के लिए पूछ लीजिएगा।

[176:47]

अभी तो 6:00 बज रहे हैं शाम के जर्मनी

[176:49]

में। ओके चम्म आप जर्मनी से हैं। बहुत

[176:51]

अच्छी बात है। जीtएफ बहुत

[176:54]

दूर-दूर तक पहुंच गया है। हम

[176:58]

चलिए

[177:01]

जय श्री कृष्णा। हिरेन

[177:05]

हमारे घर में फिफ्थ ट्रेडर बन रहा है। ओके

[177:08]

तरुण बहुत बढ़िया

[177:11]

श्लोबल हो गया है। यस कनिष्क ऑलाइट एवरीवन

[177:15]

थैंक यू थैंक यू सो मच

[177:19]

बाय गुड नाइट सी यू टुमारो गाइस।

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Subtítulos para TIPOS DE APEGO | 6 DE COPAS Episodio 56

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Descarga los subtítulos para el episodio 56 de la tercera temporada de 6 DE COPAS, centrado en los tipos de apego. Mejora tu comprensión y disfruta del contenido en detalle con nuestros subtítulos precisos y accesibles.

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