परिचय
GATE 2024 में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल करने वाले अमनदीप नोकवाल ने अपनी जर्नी, तैयारी की रणनीति और आईआईएससी बेंगलुरु में एडमिशन के बारे में बताया। उन्होंने केवल 6 महीने की तैयारी में यह सफलता पाई।
GATE तैयारी: टाइमलाइन और मोटिवेशन
- तैयारी की शुरुआत: B.Tech के बाद जुलाई-अगस्त 2023 में GATE की तैयारी शुरू की।
- जॉब छोड़ने का फैसला: मास्टर्स करने के लिए नौकरी छोड़ दी, क्योंकि उनका मानना था कि 2 साल की M.Tech के बाद कॉरपोरेट जॉइन करना बेहतर रहेगा।
- ड्रॉप लिया: 6 महीने का ड्रॉप लेकर पूरी तरह से पढ़ाई पर फोकस किया।
रिसोर्सेज और सिलेबस कवरेज
- मुख्य रिसोर्सेज: ज्यादातर मुफ्त ऑनलाइन रिसोर्सेज का उपयोग किया, खासकर अमित खुराना सर के YouTube चैनल से।
- स्टैंडर्ड बुक्स: OS, COA, डिजिटल लॉजिक जैसे विषयों के लिए स्टैंडर्ड किताबों का इस्तेमाल किया।
- पीवाईक्यू और मॉक टेस्ट: हर विषय के बाद Previous Year Questions (PYQs) और मॉक टेस्ट हल किए।
- सीनियर की सलाह: एक सीनियर के ब्लॉग पोस्ट से रिसोर्सेज और स्ट्रैटेजी का आइडिया मिला।
- सिलेबस कवरेज: दिसंबर के अंत तक 70-80% सिलेबस कवर किया। कुछ विषयों को एक से अधिक बार पढ़ा।
मॉक टेस्ट: सफलता की कुंजी
- फुल लेंथ मॉक टेस्ट: जनवरी में रोज 2-3 फुल लेंथ मॉक टेस्ट दिए और कुल 40-50 मॉक टेस्ट हल किए।
- विश्लेषण का महत्व: हर मॉक टेस्ट का विश्लेषण करके कमजोरियों की पहचान की और उन पर काम किया।
- गलतियों पर रिवर्स इंजीनियरिंग: बार-बार होने वाली गलतियों को नोट करके टेबल पर चिपका दिया ताकि दोबारा वह गलती न हो।
- सिलेबस बनाम मॉक का फोकस: दिसंबर के बाद सिर्फ मॉक टेस्ट पर फोकस किया और इस दौरान 50% विषयों को प्राथमिकता दी जो 80-90% अंक कैरी करते हैं।
दैनिक रूटीन और मेंटलिटी
- दैनिक दिनचर्या: सुबह वर्कआउट, डाइट तैयार करना और बाकी समय पूरी तरह से पढ़ाई। दिन को तीन भागों में बांटा: सोना, खाना-जिम और पढ़ाई।
- नोट्स बनाने की स्ट्रैटेजी: हर विषय के डिटेल्ड नोट्स खुद बनाए और हर बार पुराने विषयों को रिवाइज करते रहे।
- बैकअप प्लान: अगर इस बार नहीं होता तो अगले साल GATE देने का प्लान था।
परीक्षा के दिन और रिजल्ट
- एग्जाम परफॉरमेंस: फाइनल एग्जाम में लगभग 78 अंक आए, जो मॉक टेस्ट में कभी नहीं आए थे (अधिकतम 60 अंक)।
- एग्जाम डे का कॉन्फिडेंस: परीक्षा के दिन 80-90% सवाल अटेम्प्ट किए और अच्छा परफॉर्म किया।
- रिजल्ट: ऑल इंडिया रैंक 51 से काफी खुश थे, क्योंकि उन्होंने इतनी अच्छी रैंक की उम्मीद नहीं की थी।
आईआईएससी बेंगलुरु क्यों चुना?
- कारण: बोर में दोस्त, इच्छित विषय के बेहतर प्रोफेसर और बेंगलुरु का सुहाना मौसम।
- अनुभव: पिछले 1.5 साल आईआईएससी में बहुत यादगार रहे और यह निर्णय पूरी तरह से सार्थक रहा।
GATE एस्पिरेंट्स के लिए टिप्स
- लगे रहें: अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और लगातार प्रयास करते रहें।
- मॉक टेस्ट दें और विश्लेषण करें: मॉक टेस्ट से ही आपकी कमजोरियां पता चलेंगी और आप उनमें सुधार कर सकते हैं।
- रिवीजन और विश्लेषण: पढ़ाई, रिवीजन और मॉक टेस्ट के विश्लेषण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
- बेस्ट ऑफ लक: अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और शुभकामनाएं।
निष्कर्ष
अमनदीप की कहानी दिखाती है कि सीमित समय और संसाधनों के बावजूद, सही रणनीति और मॉक टेस्ट पर फोकस करके GATE जैसी कठिन परीक्षा में टॉप किया जा सकता है। उनकी सफलता का राज है: "जितने ज्यादा मॉक टेस्ट, उतनी ज्यादा क्लियरिटी।"
पास इतना कम टाइम था कि मुझे लगा [संगीत] था कि नहीं ही होगा। यस इट्स टोटली वर्थ इट। ये जो पिछले 1.5 इयर्स मैं [संगीत]
यहां पे रहा हूं। मेरी ये स्ट्रेटजी थी कि जभी भी मैं कोई सब्जेक्ट पढ़ता था जैसे-जैसे मॉक टेस्ट देते जाओगे [संगीत]
तो चीजें क्लियर होती जाएंगी। उसके अलावा जो भी टाइम होता था वो मैं जनरली स्टडीज को ही देता था।
हाय एवरीवन। टुडे वी हैव अमनदीप विद अस। ही हैज़ सिक्यर्ड ऑल इंडिया रैंक 51 इन गेट 2024। सो हाय अमनदीप। थैंक यू फॉर
जॉइनिंग। थैंक्स फॉर कमिंग हियर। या सो वुड यू लाइक टू यू अ क्विक इंट्रोडक्शन
या सो माय नेम इज अमनदीप नोकवाल आई एम डूइंग अ मास्टर्स हियर इन कंप्यूटर साइंस एंड ऑटोमेशन डिपार्टमेंट हियर इन आईएससी
एंड आई डीड माय बीटेक फ्रॉम ट्रिपल आईटी ग्वालियर इन द ईयर 2023 एंड करेंटली आई एम इन सेकंड ईयर
ओके सो व्हेन डीड यू स्टार्टेड योर गेट प्रिपरेशन एंड व्हाट वास योर मोटिवेशन टू प्रिपेयर फॉर गेट? सो या आई स्टार्टेड माय
गेट प्रिपरेशन आफ्टर माय बीटेक इन 2023 आई एस फार एस आई रिमेंबर इट्स इन जुलाई और अगस्त 2023 देन आई टूक अ ड्रॉप फॉर सिक्स
मंथ सो आई लेफ्ट माय जॉब आफ्टर बीटेक एंड स्टार्टेड माय प्रिपरेशन आफ्टर देन एंड आफ्टर सिक्स मंथ ऑफ़
प्रिपरेशन आई टूक माय फर्स्ट अटेम्ट एंड आई क्लियर्ड इट | ओके सो लाइक यू सेड यू लेफ्ट योर जॉब सो
लाइक वास देयर एनीथिंग लाइक व्हाई डीड यू योर जॉब एंड प्रिपेयर फॉर गेट किस्टर्स करनी थी या फिर जॉब में मन नहीं लग रहा
था। तो आफ्टर डूइंग टू और थ्री इंटर्नशिप्स इन माय थर्ड और फोर्थ ईयर ऑफ़ बीटेक आई
डिसाइडेड टू गो फॉर मास्टर्स। सो आई हेड माय जॉब बट आई थॉट जॉब कैन वेट एंड आफ्टर टू इयर्स ऑफ़ एमटेक आई विल प्रोबेब्ली बी
जॉइनिंग अ कॉर्पोरेट दिस ईयर। ओके ग्रेट। सो लाइक प्रिपेयर कैसे किया था? लाइक यू सेड यू टूक अ ड्रॉप देन कुछ
कोचिंग वगैरह लिया था या फ्री रिसोर्सेज से पढ़ा या सो रिसोर्सेज
बेसिकली मोस्टली सीएस के रिसोर्सेज आजकल सभी ऑनलाइन अवेलेबल हैं। सो YouTube पे मैंने मोस्टली जो सब्जेक्ट्स कवर किए थे
वो अमित खुराना सर का चैनल है। वहां से मैंने कवर किया। मोस्टली स्टैंडर्ड रिसोर्सेज का मैंने यूज़ किया। स्टैंडर्ड
बुक्स फॉर ऑपरेटिंग सिस्टम, सीओए, डिजिटल लॉजिक इन सब की मैंने स्टैंडर्ड बुक्स का यूज़ किया। और साथ-साथ में आई वाज़ अ गिविंग
अ लॉट ऑफ़ मॉक्स एंड आई वाज़ सॉल्विंग पी पीवाईक्यूस थ्रू आउट द लाइक हर सब्जेक्ट के बाद मैं उन उस सब्जेक्ट के पीवाईक्यूस
और मॉक्स मैं दे रहा था ताकि आई हैड द क्लेरिटी कि मुझे उस सब्जेक्ट की कितनी नॉलेज मुझ में है।
राइट? सो व्हाट हैपेंस इज जब कोई फ्री रिसोर्सेज से प्रिपेयर करता है तो स्टार्टिंग में समझ नहीं आता कि कहां से
पढ़ना है, क्या पढ़ना है। उसी में कंफ्यूज्ड रहते हैं। देन सिलेबस लाइक कवर करने में काफी टाइम लग जाता है। बट यू
ऑलरेडी स्टार्टेड लेट। सो लाइक कब तक तुमने सिलेबस अपना कंप्लीट किया एंड लाइक कैसे तुम्हें पता चला कि ये
रिसोर्स सही रहेगा। राइट? तो कुछ ऐसे सब्जेक्ट्स थे जो मैंने एक से ज्यादा बार भी किए थे क्योंकि
इनिशियली मुझे उनका समझ नहीं था कि उसमें मतलब इतने डेप्थ में वो रिसोर्सेज मैंने नहीं यूज़ किए थे क्योंकि हर YouTube
वीडियो इतनी डेप्थ में नहीं होती है। तो कुछ रिसोर्सेज जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम था वो मैंने इनिशियली YouTube से कवर किया बट जब
मैंने क्वेश्चंस किए उसके तो मुझे पता लगा कि बहुत ही कम मुझे उस चीज की नॉलेज है। तो फिर मैंने थोड़ा स्टैंडर्ड बुक उसका यूज़
करके किया। तो जनरली अगर आप फ्री रिसोर्सेज का यूज करते हो तो आपको पता नहीं होता कि किस ऑर्डर में सब्जेक्ट्स को
करना है। तो ये एक प्रॉब्लम होती है। बट मेरे एक सीनियर थे। उन्होंने उन्होंने मेरे से एक साल पहले गेट क्लियर किया था
विद अ सिंगल डिजिट रैंक। तो उनका एक ब्लॉग पोस्ट था। तो वहां से मुझे थोड़े रिसोर्सेज का आईडिया मिला। बाकी इन द एंड
मेरा अराउंड दिसंबर एंड तक अराउंड 70 टू 80% ही सिलेबस कंप्लीट हुआ था। कुछ ऐसे सब्जेक्ट्स थे जो क्लियर नहीं हुए थे।
इतना अच्छा से मुझे उनकी नॉलेज नहीं थी। बट इन जैन आई स्टार्टेड गिविंग फुल लेंथ मॉक। तो मैंने जैन में अराउंड 40 टू 50
फुल लेंथ मॉक टेस्ट दिए थे। वहां से मुझे सब चीजों के क्लियर हो गया था कि किस सब्जेक्ट से कितना क्वेश्चंस पूछे जा सकते
हैं। तो वहां से थोड़ा रिवर्स इंजीनियरिंग करके मैंने उन सब्जेक्ट्स के वो पर्टिकुलर टॉपिक्स पे फोकस किया।
सो यू सेड यू टूक लाइक 40-50 मॉक्स इन जैन। सो एवरीडे यू वर गिविंग टू थ्री मॉक टेस्ट।
या टू मॉक टेस्ट टू फुल लेंथ मॉक टेस्ट एंड देन एनालाइजिंग दोज मॉक टेस्ट। दिस वास माय शेड्यूल इन द होल जैन।
ओके नाइस। सो लाइक सिलेबस कब तक खत्म हो गया था? लाइक ऑलमोस्ट वेगली जो बोलते हैं कि हां लगता है कि अब इसके बाद टेस्ट देना
चालू करना है। सो दिसंबर एंड तक मैंने डिसाइड किया था कि जितना भी सिलेबस होगा वो दिसंबर एंड तक
मैं कंप्लीट करूंगा। उसके बाद सिर्फ मॉक टेस्ट दूंगा। तो वही दिसंबर एंड तक मैंने अपना 70% सिलेबस कंप्लीट किया और फिर उसके
बाद मैंने जैसे मैंने ऐपटीट्यूड मैंने कभी भी कहीं से पढ़ा नहीं। बट मैंने इतने फुल लेंथ मॉक टेस्ट दे लिए थे कि मुझे पता लग
गया था कि कहां से ऐपटीट्यूड के क्वेश्चन आ सकते हैं। हम तो वो चीज है।
ओके। सो देन फिर जो अपने टॉपिक वाइज सब्जेक्ट वाइज टेस्ट होते हैं वो भी दिए थे या वो स्किप कर दिए।
नहीं नहीं टॉपिक वाइज टेस्ट और सब्जेक्ट वाइज टेस्ट मैं साथ में हमेशा देता था। जैसे भी कोई सब्जेक्ट या कोई भी टॉपिक
होता था तो मेरे पास जो टेस्ट सीरीज थी तो मैं रिकमेंड करूंगा कि एटलीस्ट दो टेस्ट सीरीज सब लोग लें और ताकि और फुल लेंथ मॉक
टेस्ट एंड में दें और जब भी कोई सब्जेक्ट आप पढ़ लेते हो तो उसके सब्जेक्ट वाइज टेस्ट भी साथ-साथ में देते रहें।
मतलब कभी ऐसे सेल्फ डाउट नहीं हुआ कि लाइक यू आर ऑलरेडी स्टार्टिंग लेट एंड देन फिर ड्रॉप भी लिया है तो ऐसे कोई कोर्स ले
लेना चाहिए। राइट? यस। हां। मेरे लिए एक्चुअली एडवांटेज ये थी कि मेरे पास इतना कम टाइम था कि मुझे
लगा था कि नहीं ही होगा क्योंकि [हंसी] जब जैन में मैंने पहला फुल लेंथ मॉक टेस्ट दिया था विद जस्ट 60 70% प्रिपरेशन तो
उसमें मेरे अराउंड 20 25 मार्क्स आए थे तो मुझे लगा था कि नेक्स्ट अटेम्प्ट के लिए देखेंगे इस अटेम्प्ट में तो बस मैं कर
लेता हूं बट वो ये है कि जैसे-जैसे मॉक टेस्ट देते जाओगे तो चीजें क्लियर होती जाएंगी और आप अपने वीक पॉइंट्स पे काम कर
सकते हो एनालाइज कर सकते हो कि कौन से सब्जेक्ट बिकॉज़ सभी सब्जेक्ट से इक्वल प्रपोर्शन में मार्क्स नहीं होते हैं। तो
आप 50% सब्जेक्ट्स 80 टू 90% मार्क्स कैरी करते हैं। तो आप उन सब्जेक्ट्स पे ज्यादा फोकस करो और उनको वीकली एनालाइज करो कि
कहां पे क्या-क्या कमी है और उन पे काम करके आप इंप्रूव कर सकते हो। फॉर लाइक जनवरी में अगर किसी के 202
मार्क्स आ रहे हैं आल्सो तो ऑलमोस्ट गिव अप कर देगा। तो फाइनल एग्जाम में आपके कितने मार्क्स आए थे?
या सो फाइनल एग्जाम में मेरे अराउंड 78 मार्क्स थे जो कि कभी भी मेरे किसी भी मॉक में नहीं आए थे। क्योंकि जो मॉक टेस्ट
होते हैं वो जनरली एक डिफरेंट डिफिकल्टी लेवल होता है। तो मैंने जितने भी मॉक टेस्ट दिए थे उनके सभी क्योंकि मैंने दो
डिफरेंट टेस्ट सीरीज का मैं यूज़ कर रहा था। तो उन टेस्ट सीरीज में मेरे अलग-अलग एस्पेक्ट और अलग-अलग डिफिकल्टी लेवल मेरा
चेक हो गया था। तो वहां से मेरी अच्छी प्रिपरेशन थी और मेरे मैक्सिमम किसी भी मॉक में जो मार्क्स आए थे वो अराउंड 60
थे। तो मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरे फाइनल में मतलब उससे ज्यादा आ सकते हैं। बट वो होगा कि फाइनल जो था उस दिन काफी
अच्छा परफॉर्म हुआ। राइट? सो एग्जाम डे मैटर्स अ लॉट मतलब उस दिन कैसा कॉन्फिडेंस है तुम्हारा एंड कैसा
परफॉर्म कर रहे हो? ओके। सो लाइक व्हाट यूज्ड टू बी योर डेली रूटीन? लाइक अगर ऐसे नॉर्मल डे जो होता था
वो कैसा होता था? कितने घंटे पढ़ लेते थे? तो आई यूज्ड टू वर्कआउट अलोंग विद स्टडीज। मैं जनरली क्या करता था कि मेरे मॉर्निंग
में मैं वर्कआउट करता था और फिर उसके बाद जब वर्कआउट और उसके अलावा मेरा डाइट का रहता था। मैं अपनी सेल्फ खुद की डाइट
प्रिपेयर करके उसके अलावा जो भी टाइम होता था वो मैं जनरली स्टडीज को ही देता था। तो क्योंकि मैं ड्रॉप ले रहा था तो मेरे पास
कोई कॉलेज का काम नहीं था। तो मोस्ट ऑफ माय डे मैं तीन चीजों में डिवाइड करता था। सोने में, खाने में, आई मीन खाने और जिम
में एंड द थर्ड थिंग इज पढ़ाई में। ओके। सो कभी ऐसा लगा नहीं कि अगर ये गेट नहीं हुआ तो फिर बैकअप प्लान कुछ है।
बैकअप प्लान वास कि अगले साल गेट देंगे। बट ये था कि अगर आप बहुत अपना 100% दे दो उसी साल तो फिर नेक्स्ट साल के लिए आसान
हो जाता है। और क्या पता उसी साल हो जाए। तो ये चीज एंड पीवाईक्यूस लाइक सॉल्व किए थे
एंड लाइक कितनी बार किए थे? यस पीवाईक्यू मोस्टली सभी सब्जेक्ट्स के तो एक ही बार किए थे। बट कुछ ऐसे
सब्जेक्ट्स होते हैं जैसे सीओए सब्जेक्ट है देन मैथ है अ जो डिस्क्रीट मैथमेटिक्स है। उन
सब्जेक्ट्स के मैंने पीवाईक्यू अराउंड दो बार भी सॉल्व किए हैं। बट पीवाईक्यू सॉल्व करना बहुतेंट है। एटलीस्ट एक बार तो सबको
पीवाईक्यू सॉल्व करने चाहिए। राइट? एंड ओके दैट वास अबाउट पीवाईक्यूस देन रिवीजन वगैरह का क्या स्ट्रेटजी था
एंड लाइक कितने बार रिवाइज किया था नोट्स से किया था या कैसे किया था सो
मेरी ये स्ट्रेटजी थी कि जभी भी मैं कोई सब्जेक्ट पढ़ता था तो उसके नोट्स हमेशा डिटेल्ड नोट्स खुद से बनाता था जभी भी आप
खुद से डिटेल्ड नोट्स किसी भी सब्जेक्ट के बनाओगे तो आपको आईडिया होगा कि कोई चीज कहां लिखी हुई है और आप इंपॉर्टेंट
टॉपिक्स को हाईलाइट कर सकते हो तो हमेशा हर सब्जेक्ट जैसे ही लेट्स से आप एनएथ सब्जेक्ट जब आप कर रहे हो तो n - 2hथ
सब्जेक्ट को रिवाइज करते रहो साथ-साथ तो ताकि लास्ट सब्जेक्ट्स का भी साथ में प्रिपरेशन आप भूलो मत चीजें।
राइट? सो ओके दैट वाज़ ऑल अबाउट पीवाईक्यूस रिवीज़ मॉक्स देन एग्जाम देके आए उसके बाद एक्सपेक्टेशन थी कि इतनी अच्छी रैंक आ
जाएगी। नहीं नहीं एग्जाम के बाद मुझे लगा था एक्चुअली मैंने एग्जाम में मोस्टली 80 90%
सभी क्वेश्चंस अटेम्प्ट कर लिए थे। तो मुझे लगा था या तो मैंने बहुत ज्यादा अटेम्प्ट कर दिए हैं। तो या तो बहुत ही
खराब मार्क्स होंगे या फिर बहुत ही अच्छे मार्क्स होंगे। बट वो बहुत खराब बहुत अच्छे की साइड गया और सब चीजें ठीक गई।
मेरी एक्सपेक्टेशन से ज्यादा ही मैंने अच्छा परफॉर्म किया उस दिन। मे बी वो प्रिपरेशन की वजह से ही था।
हां लाइक वन मोर थिंग आई वांट टू हाईलाइट कि जो तुमने इंप्रूव किया है जनवरी में सिर्फ एक मंथ में इतना ज्यादा इंप्रूव
किया है। राइट? तो लाइक वो क्या मतलब कैसे इंप्रूव किया?
टेस्ट दिया उसको एनालाइज किया तो कैसे इंप्रूव किया एक महीने में द मेन स्ट्रेटजी कि जब भी कोई सब्जेक्ट का
टेस्ट दो उसको एनालाइज करो कि कौन सा क्वेश्चंस आप क्यों गलती कर रहे हो और अगर बार-बार कोई सेम गलती रिपीट हो रही है तो
उसको आप अपनी टेबल स्टडी टेबल के ऊपर किसी नोट्स में जो आपके हर वक्त आपके सामने रहे आंखों के सामने रहे वहां पे वो नोट्स को
रखो ताकि दोबारा वो गलती ना हो और अगर आप इतने सारे मॉक टेस्ट दे लोगे 30-40 मॉक टेस्ट अगर आप दे सकते हो और उनको को
एनालाइज करोगे तो डेफिनेटली बहुत इंप्रूवमेंट होगा। ऑलराइट। सो ठीक है। ये तो प्रिपरेशन की
बात हो गई। उसके बाद रिजल्ट आया देन फिर आईआईटी बॉम्बे और आईएससी बाकी कॉलेजेस में कैसे डिसाइड किया कि आईएससी आना है।
सो कुछ पॉइंट्स जो मैंने देखे आईएससी को चूज़ करने के लिए आईआईटी बॉम्बे या किसी और अच्छे इंस्टट्यूट के वो ये थे कि फर्स्ट
मेरे जो फ्रेंड्स थे वो बोर में थे। तो मुझे मैं चाहता था कि मैं उनके अराउंड रहूं। द सेकंड वास कि जो काम में मुझको
इंटरेस्ट था उसके प्रोफेसर आईएससी के अंदर बेटर मुझे लगे। थर्ड थिंग वास द वेदर बेंगलुरु वेदर इज रियली नाइस एंड ऐसे ही
कुछ और छोटे-छोटे पॉइंट्स थे व्हिच लेड मी टू टेक एडमिशन हियर इन आईएससी। ओके। सो व्हाट डू यू थिंक लाइक दिस डिसीजन
टू टेक आईएससी वाज़ वर्थ इट ऑर नॉट? यस, इट्स टोटली वर्थ इट। ये जो पिछले 1.5 इयर्स मैं यहां पे रहा हूं। एवरीडे इज
वेरी मेमोरेबल। और मैं इसको बहुत मिस करूंगा जब मैं यहां से जाऊंगा। ऑलराइट। सो लाइक इफ एनीवन ऑफ यू आर
इंटरेस्टेड इन टू फिटनेस और एनीथिंग लाइक ही इज लाइक मेकिंग वीडियोस ऑन Instagram यू कैन जस्ट चेक इट आउट ही इज़ डूइंग रियली
नाइस देर। एंड थैंक यू अमनदीप फॉर योर टाइम एट लास्ट इफ यू जस्ट वांट टू गिव एनी टिप्स फॉर द एस्पिरेंट्स।
सो वन टिप इज जस्ट लॉक इन। आपको पता नहीं है कि कितने आपकी प्रिपरेशन कितनी हुई है। जस्ट आप अपनी साइड से एफर्ट दीजिए। आप
अपनी प्रिपरेशन कीजिए। मॉक्स दीजिए, एनालाइज कीजिए उनको। जस्ट फोकस ऑन योर स्टडीज, रिवाइज, एनालाइज एंड गिव योर मॉक
एंड ट्रस्ट योर प्रिपरेशन। बेस्ट ऑफ लक। थैंक यू एवरीवन एंड थैंक यू फॉर योर टाइम। थैंक यू। थैंक [संगीत] यू अंजली।
[संगीत] [संगीत] [संगीत]
[संगीत] [संगीत]
अमनदीप ने केवल 6 महीने (जुलाई-अगस्त 2023 से) तैयारी की। उन्होंने मास्टर्स करने के लिए नौकरी छोड़कर 6 महीने का ड्रॉप लिया और पूरी तरह से पढ़ाई पर फोकस किया। उनकी रणनीति में मुफ्त ऑनलाइन संसाधनों (जैसे अमित खुराना सर का YouTube चैनल) और स्टैंडर्ड किताबों का उपयोग शामिल था।
उन्होंने मुख्य रूप से मुफ्त ऑनलाइन संसाधनों (खासकर अमित खुराना सर का YouTube चैनल) का उपयोग किया। OS, COA और डिजिटल लॉजिक जैसे विषयों के लिए स्टैंडर्ड किताबें पढ़ीं। दिसंबर के अंत तक 70-80% सिलेबस कवर कर लिया था और हर विषय के डिटेल्ड नोट्स खुद बनाए।
मॉक टेस्ट उनकी सफलता की कुंजी थे। जनवरी में रोज 2-3 फुल लेंथ मॉक टेस्ट देकर कुल 40-50 मॉक टेस्ट हल किए। हर मॉक टेस्ट का विश्लेषण करके कमजोरियों की पहचान की और बार-बार होने वाली गलतियों को टेबल पर चिपका दिया ताकि दोबारा वह गलती न हो।
उन्होंने दिन को तीन भागों में बांटा: सोना, खाना-जिम और पढ़ाई। सुबह वर्कआउट और डाइट तैयार करने के बाद बाकी समय पूरी तरह से पढ़ाई पर फोकस किया। बैकअप प्लान में अगली बार GATE देने का विकल्प रखा, जिससे मानसिक तनाव कम हुआ।
उन्होंने बोर में दोस्तों, इच्छित विषय के बेहतर प्रोफेसरों और बेंगलुरु के सुहाने मौसम के कारण आईआईएससी चुना। पिछले 1.5 साल का अनुभव बहुत यादगार रहा और यह निर्णय पूरी तरह से सार्थक साबित हुआ।
परीक्षा के दिन उन्होंने 80-90% सवाल अटेम्प्ट किए और 78 अंक प्राप्त किए, जो मॉक टेस्ट में कभी नहीं आए थे (अधिकतम 60 अंक)। उन्हें AIR 51 की उम्मीद नहीं थी, लेकिन यह साबित करता है कि मॉक टेस्ट से क्लियरिटी और कॉन्फिडेंस बढ़ता है।
पहली, अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और लगातार प्रयास करते रहें। दूसरी, जितने ज्यादा मॉक टेस्ट देंगे, उतनी ज्यादा क्लियरिटी आएगी। तीसरी, पढ़ाई, रिवीजन और मॉक टेस्ट के विश्लेषण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
Keep this summary
Save it to LunaNotes and it becomes a real note in your library — editable, searchable, and ready to turn into flashcards or a diagram. Free to start.
Save to LunaNotesOr summarise for another video.
This summary and transcript were automatically generated using AI with the Free YouTube Transcript Summary Tool by LunaNotes.
Related summaries
GATE परीक्षा के लिए टॉप स्कोरिंग विषय और स्मार्ट प्रिपरेशन टिप्स
इस वीडियो में GATE परीक्षा के टॉप स्कोरिंग विषयों और स्मार्ट प्रिपरेशन रणनीतियों पर व्यापक चर्चा की गई है। जानिए किन विषयों पर फोकस करने से आपका स्कोर बेहतर होगा, साथ ही पूर्व प्रश्नपत्रों और मॉक टेस्ट की अहमियत।
अखिरकार IIT JEE सफलता के लिए 8 सप्ताह प्लानिंग और रणनीति
यह वीडियो आईआईटी जेईई की प्रिपरेशन में आने वाली समस्याओं को समझते हुए आठ सप्ताह का व्यवस्थित अध्ययन योजना प्रस्तुत करता है। इसमें विषयवार टॉपिक्स, प्रभावी वन-शॉट्स, महत्वपूर्ण बुक्स और प्रैक्टिस टिप्स शामिल हैं, जो सीमित समय में सफलता पाने में सहायक हैं।
ऑडिट का पावर प्ले: CA परीक्षा के लिए सम्पूर्ण गाइड
यह वर्कशॉप ऑडिट के महत्वपूर्ण स्टैंडर्ड्स, परीक्षा रणनीतियाँ, और प्रैक्टिकल सवालों के समाधान पर केंद्रित है। इसमें CA फाइनल और ICAP के छात्रों के लिए परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक टिप्स और ड्राफ्टिंग तकनीकें शामिल हैं।
ईएमआई यूनिट 4: करंट और पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर का संपूर्ण परिचय
इस वीडियो में विद्युत इंजीनियरी के महत्वपूर्ण टॉपिक्स जैसे करंट ट्रांसफॉर्मर (CT), पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (PT) और उनके कार्य, फेजर डायग्राम, रेशियो और फेज एंगल एरर सहित डिजिटल वोल्ट मीटर और कैथोड रे ऑसिलोस्कोप (CRO) की संक्षिप्त समीक्षा की गई है। यह एक वन-शॉट रिवीजन है जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।
2026 UPSC तैयारी के लिए 6 महीने का परफेक्ट स्ट्रैटेजी प्लान
यदि आप 2026 में UPSC का पहला अटेम्प्ट दे रहे हैं या बार-बार प्रीलिम्स में स्कोर बढ़ाना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपकी तैयारी के लिए व्यापक और व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करता है। इसमें अध्ययन सामग्री, टाइमलाइन, प्रैक्टिस टेस्ट्स और रिविजन तकनीकों के साथ कमबैक करने के लिए प्रभावी रणनीतियाँ शामिल हैं।
Most viewed summaries
A Comprehensive Guide to Using Stable Diffusion Forge UI
Explore the Stable Diffusion Forge UI, customizable settings, models, and more to enhance your image generation experience.
Kolonyalismo at Imperyalismo: Ang Kasaysayan ng Pagsakop sa Pilipinas
Tuklasin ang kasaysayan ng kolonyalismo at imperyalismo sa Pilipinas sa pamamagitan ni Ferdinand Magellan.
Mastering Inpainting with Stable Diffusion: Fix Mistakes and Enhance Your Images
Learn to fix mistakes and enhance images with Stable Diffusion's inpainting features effectively.
Pamamaraan at Patakarang Kolonyal ng mga Espanyol sa Pilipinas
Tuklasin ang mga pamamaraan at patakaran ng mga Espanyol sa Pilipinas, at ang epekto nito sa mga Pilipino.
How to Install and Configure Forge: A New Stable Diffusion Web UI
Learn to install and configure the new Forge web UI for Stable Diffusion, with tips on models and settings.
Found this summary useful?
Take it with you. One click puts it in your own LunaNotes library.
Save to LunaNotes