Class 11th Computer Science Exam Preparation Live Marathon
Barsha Mam presents an epic, detailed live session tailored for Class 11th Computer Science, also beneficial for Class 12 CS and Class 11 IP students. This marathon covers the entire syllabus for final exam success.
Syllabus Overview
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Unit 1: Computer System and Organization
- Computer basics: IPO cycle, input/output devices (keyboard, CPU, monitor)
- Functional components: Control Unit, Arithmetic Logic Unit (ALU), Registers, Memory (RAM, ROM, Cache)
- Memory types and differences: Primary (RAM, ROM), Secondary
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Unit 2: Computational Thinking and Python Programming
- Problem solving through decomposition, pattern recognition, and abstraction
- Algorithm design and flowcharts
- Python basics: tokens, keywords, identifiers, data types (int, float, string, list, tuple, dictionary, boolean)
- Operators: arithmetic, relational, logical, assignment, membership
- Conditional statements: if, if-else, if-elif-else, nested if
- Loops: while, for loops with example code snippets
- Functions and modules: Importing built-in modules like math, random, statistics
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Unit 3: Society, Law, and Ethics
- Digital footprints: active vs passive, risks and safety measures
- Digital citizenship and netiquettes
- Data protection and Intellectual Property Rights (IPR): copyright, patents, trademarks
- Cybercrime types: hacking (ethical, unethical), phishing, cyberbullying, spyware, ransomware
- IT Act 2000: objectives and covered offenses
- E-waste: definition, hazards, disposal methods
Exam Tips and Strategies
- Solve conceptual and programming questions including output prediction, error detection, and code correction.
- Practice 40+ important Python programs including pattern printing, prime number checks, factorial, palindrome, etc.
- Understand key differences such as Append vs Extend, Remove vs Pop, List vs Tuple, Compiler vs Interpreter.
- Learn operator precedence and associativity for error-free programming.
- Utilize provided telegram channel for notes and additional study resources.
Important Python Concepts
- String operations: indexing, slicing, methods like lower(), upper(), find(), replace(), split(), join(), strip()
- List operations: creation, indexing, slicing, append, extend, insert, remove, pop, reverse, sort, count
- Tuple characteristics: immutable, packing/unpacking, conversion with lists
- Dictionary fundamentals: key-value pairs, methods like keys(), values(), items(), update(), get(), del, pop, clear
- Module usage: import math, random, statistics for advanced calculations
Cybersecurity Awareness
- Importance of secure passwords, two-factor authentication, avoiding phishing and malicious attacks
- Safe browsing habits and use of trusted antivirus software
- Understanding digital ethics, privacy settings, and cyber law compliance
Final Motivation
Barsha Mam encourages all students to stay motivated, utilize these comprehensive sessions, and aim for 100/100 in exams. With regular practice, conceptual clarity, and active doubt clearing, success is guaranteed. Stay connected through the channel for updates and future live sessions covering other subjects like IP, AI, and IT.
By following this detailed live marathon, students will gain a thorough understanding of Class 11th Computer Science concepts and coding skills essential for academic excellence and board exam success. For a broader understanding of programming fundamentals, consider the Comprehensive CS50 Course Review: From Basics to Web Development. To strengthen your Python programming skills further, explore the Comprehensive Guide to Python for Data Science Course and Exam Preparation. Additionally, for foundational knowledge in physics that complements computer science concepts, check the Class 11 Physics GK Board Exam: Complete Guide with Last Year Topper PDF. Understanding digital ethics and legal frameworks in depth can be enhanced by reviewing Understanding the Basics of Criminal Law: Key Concepts and General Exceptions.
हेलो हाय हाउ आर यू ऑल कैसे हो सभी बढ़िया मजे में हो खुश हो सो माय डियर क्लास 11th स्टूडेंट स्टूडेंट्स भाई फाइनली जिसका आप
बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। बहुत बेसब्री से कि मैम 10थ 12th के लाइव सेशंस मैराथों्स आपने स्टार्ट कर दिए हैं। बट
व्हाट अबाउट नाइंथ और 11th है ना 11th सीएस वाले बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। तो आपकी बरखा मैम आपकी बरखा मैम आ
चुकी है धमाकेदार लाइव मैराथन सेशन लेकर। आज का सेशन गुड इवनिंग बेटा। गुड इवनिंग गौरान। ओम कृष्णा सुमित दीपेश लक्ष ज्योति
गुड इवनिंग बेटा वेरी वार्म वेलकम हियर टू आवर चैनल दिस इज़ बर्खा मैम योर एपिक गुरु और आज का सेशन क्लास 11th सीएस वालों के
लिए बहुत बहुत इंपॉर्टेंट होने वाला है। अब आप सोच रहे हो मैम सिर्फ क्लास 11th सीएस क्लास 11th सीएस के साथ-साथ क्लास
12th सीएस वाले एज वेल एज क्लास 11th आईपी वाले ये तीनों इस सेशन को देख सकते हैं क्योंकि क्लास 12th सीएस में भी क्लास
11th सीएस का पूरा रिककैप है। दो चैप्टर्स स्टार्टिंग के पाइथन वाले आपके पूरे क्लास 11th पर ही बेस्ड है। राइट? और साथ ही
क्लास 11th आईपी में भी मोस्ट ऑफ द पार्ट आपका सीएस का आईपी का रिपीटेड है। एक जैसा है। सेम है। तो आज का धमाकेदार सेशन ना
सिर्फ क्लास 11th सीएस वालों के लिए है बल्कि आज का धमाकेदार सेशन क्लास 12th और क्लास 11th आईपी दोनों के लिए है। ठीक है?
सो वेरी वार्म वेलकम हियर अगेन द ओके ओके चलिए आ चुके हैं सभी सेशन को शेयर कर दो। फटाफट
से सेशन को शेयर कर दो। हेलो इशिता हेलो दीपेश कृष्णा यश कीर्ति देखो सेशन थोड़ा लें्थी होगा क्योंकि आज हम पूरा कंप्यूटर
साइंस आपकी जो पूरी बुक है कंप्यूटर साइंस की पूरी कंप्लीट करेंगे एक ही वीडियो में एक ही सेशन में एक ही लाइफ में ठीक है तो
आराम से शांति से सुकून से बैठ जाना अपनी बुक नोटबुक लेकर पानी की बोतल लेकर कुछ खाना पीना लेकर बैठ जाना और मजे से सेशन
को एंजॉय करना और जहां भी कोई भी डाउट होता है तो बेटा हम यहां पर कनेक्ट क्टेड है। कमेंट्स में लिखते चलना बस। है ना?
मैं सभी के कमेंट्स रीड करने वाली हूं। ओके चलो गुड इवनिंग बेटा। गुड इवनिंग मैम। बेसिक से स्टार्ट करोगे ना? अरे बिल्कुल
बेसिक से। जिस बच्चे ने अभी तक भी क्लास 11th सीएस में बुक भी नहीं खोल के देखी होगी ना ये सेशन उस बच्चे के लिए भी है।
और जिसने पूरा पढ़ लिया है और बहुत बेहतरीन तरीके से एक बार क्विकली रिवाइज करना चाहता है। ये सेशन उसके लिए भी है।
मतलब जीरो से हीरो या टॉपर बच्चा हर किसी एक बच्चे के लिए ये सेशन बहुत इंपॉर्टेंट होने वाला है। और जैसा मैंने कहा इतिहास
गवाह है इस बात का कि सीएस, आईपी, आईटी, एआई आप इन सब्जेक्ट्स में 100, आउट ऑफ 100 आराम से लेकर आ सकते हो। बस करना क्या
होता है? थोड़ी मेहनत और थोड़ी पढ़ाई करनी होती है। जैसे-जैसे मैं बताती जाती हूं, बस वैसे पढ़ाई करते जाओ। है ना? हाय
सुमित। हेलो देवेंद्र। हाय शिव प्रसाद। वेरी वार्म वेलकम हियर। सेशन को शेयर करते चलो। अपने दोस्तों को बता दो क्लास 11
सीएस का एक ऐसा सेशन आ चुका है। बरखा मैम लेकर आ चुकी है जो गेन चेंजिंग सेशन है। अगर अभी तक भी आपकी एग्जाम्स स्टार्ट नहीं
हुई और आपने कुछ पढ़ाई नहीं की है। हम मेनी सब्जेक्ट्स में अटके हुए हैं मैम तो बेटा आज का सेशन आप सभी के लिए इंपॉर्टेंट
होने वाला है। अब कितने बच्चों के प्री बोर्ड एग्जाम स्टार्ट हो गए हैं। सॉरी बोर्ड एग्जाम स्टार्ट हो गए हैं। जरा
जल्दी से कमेंट सेक्शन में लिख दो फटाफट। मैम लिस्ट पढ़ाओगे क्या? लिस्ट भी पढ़ाओगी? पूरा सीएस लेकर आई हूं ना?
कंप्यूटर साइंस 11th क्लास का पूरा कंप्लीट होल क्विक रिवीजन करेंगे। कुछ भी नहीं छोड़ेंगे। एक-एक टॉपिक करके जाएंगे
और 100 / 100 लेकर आएंगे। ठीक है? तो क्लास 11th सीएस वाले ध्यान से सुन लो। एक-एक टॉपिक आज कंप्लीट करना है और 100 /
100 नंबर पूरे लेकर आने हैं। ठीक है? और इसी इसी इसी जोश और इसी उत्साह के साथ में आज का सेशन हम शुरू करेंगे। ठीक है? चलिए
तो करते हैं श्री गणेश। ना हार मानी है ना हार मानेंगे। पूरे 100 आउट ऑफ 100 मार्क्स लेकर आएंगे। डरने की है क्या बात जब बरखा
मैम है आपके साथ एग्जाम को फोड़ कर आएंगे। ठीक है? ओके। सो वेरी वार्म वेलकम हियर। क्लास 11th कंप्यूटर साइंस का आज धमाकेदार
सेशन होने वाला है। जिसमें हम क्विक रिवीजन करेंगे पूरा सीएस वन शॉट के फॉर्मेट में लाइव सेशन में आपके डाउट्स के
साथ में मिलजुलकर कंप्लीट करेंगे। और इसीलिए मैंने इसका नाम रखा है दैट इज़ फाइनल एग्जाम मैराथॉन। बहुत से बच्चों ने
मुझे कहा था कि मैम जैसे आप हाफ ईयरली मैराथॉन लेकर आए थे। हाफ इयरली मैराथन में आपने समझाया था। वैसे ही आप एक बार फाइनल
एग्जाम का मैराथन भी लेकर आ जाओ। तो आप लोगों के रिक्वायरमेंट के अकॉर्डिंग ही आज हमने ये स्टार्ट किया है। ठीक है? हेलो द
इंपैक्ट। हाय दीपेश। हाय सुमित। बेटा जो भी बच्चे अभी जुड़ रहे हैं फटाफट सेशन को शेयर कर दो। और एक इंपॉर्टेंट बात यदि
आपको नोट्स के लिए प्रॉब्लम हो रही है तो डोंट पैनिकिक। आपके नोट्स के जुगाड़ कर दी है। बरखा मैम नेम टेलीग्राम चैनल जाके जॉइ
कर लो। वहां आपको सारे नोट्स बहुत जल्दी बहुत बहुत जल्दी अवेलेबल होने वाले हैं। ठीक है? हाय वुड कटर समझ गए? अब वो सारे
बच्चे जो ये सोच रहे हैं कि मैम क्लास 11th आईटी का क्या? क्लास 11th एआई का क्या? नाइंथ आईटी नाइंथ एआई का क्या मैम?
तो थोड़ा सब्र रखो। अभी हमने शुरुआत की है। अब इस तरीके के सेशन होल सिलेबस वाले आपको मिलते रहेंगे। है ना? तो सारे बच्चों
को सारे सब्जेक्ट्स के वीडियो लेक्चर्स मिल जाएंगे। आप अपनी पढ़ाई बहुत बेहतरीन तरीके से करोगे और इसकी गारंटी आपकी बरखा
मैम की है। ठीक है? मुझे पूरा विश्वास है कि आप फुल मार्क्स लेकर आओगे यदि आप पूरे सेशन को बहुत अच्छे से समझोगे। ठीक है? तो
ये वो सारे सेशंस हैं जो आपको जो आपको एकदम जीरो से हीरो बना सकते हैं जो अल्टीमेटली गेम चेंजिंग सेशंस हैं। ओके
चलिए तो स्टार्ट करते हैं सिलेबस के साथ में। ठीक है मैम आउटपुट फाइंड क्वेश्चंस? जी हां ये सारे क्वेश्चंस भी आएंगे बेटा
एग्जाम में। आपका जो सीएस का पेपर होता है ना उस सीएस के पेपर में मैं बता रही हूं आपको कैसे क्वेश्चंस आते हैं। डायरेक्ट
क्वेश्चंस बहुत कम आते हैं। कॉन्सेप्चुअली क्वेश्चंस ज्यादा आते हैं। अब कॉनसेप्चुअली क्वेश्चंस कोई प्रोग्राम दे
दिया तो एरर फाइंड करो। एरर दी हुई है तो सही प्रोग्राम बताओ। प्रोग्राम दिया हुआ है तो प्रेडिक्ट द आउटपुट आउटपुट बताओ।
ऐसे क्वेश्चंस आते हैं। है ना? समझ में आ गई बात? और साथ में प्रोग्राम्स वाले क्वेश्चन भी आते हैं कि राइट अ प्रोग्राम
फॉर दिस, फॉर दिस, फॉर दिस लाइक दिस। मैम 27 को पेपर है। अच्छा जल्दी-जल्दी कमेंट सेक्शन में लिख दो जितने भी बच्चे मेरे
साथ में अभी यहां जुड़े हुए हैं कि आपका पेपर कब किस डेट को है? क्योंकि ऑलमोस्ट स्टूडेंट्स के फाइनल एग्जाम्स स्टार्ट
होने वाले हैं फरवरी से। है ना? कहीं फर्स्ट ऑफ़ फरवरी से स्टार्ट है, कहीं फिफ्थ फरवरी से स्टार्ट है, कहीं 15 से
स्टार्ट है। किसी बच्चों के एग्जाम तो मार्च में भी होंगे। तो अब परेशान नहीं होना है। बोर्ड एग्जाम के पहले पहले क्लास
नाइंथ 11th के एग्जाम्स लगभग खत्म हो जाते हैं अधिकतर स्कूल्स में और जहां नहीं होते हैं तो वहां पे मार्च तक चलते हैं। तो ये
सेशन इसीलिए जनवरी में लेकर आ चुकी हूं। जनवरी एंड में आपके लिए ये सेशन लाई हूं ताकि अब अभी तक भी नहीं पढ़ा। अभी तक भी
पढ़ना शुरू नहीं किया है। मैम कहीं किसी टॉपिक में आपको डाउट है। पाइthन नहीं बन रहा है। साइबर सेफ्टी वाला चैप्टर आपको
नहीं समझ में आ रहा है। मैम अभी तक कहीं नहीं पढ़ा है तो सारे चैप्टर्स हम यहां कवर करेंगे। तो फटाफट से कमेंट सेक्शन में
लिखो आपका एग्जाम कब होने वाला है? मैम एनसीआरटी करनी है क्या? देखो मैंने तो पूरी सुमिता अरोरा बुक से आपको पढ़ा दिया।
तो सुमिता अरोरा बुक का ऑलमोस्ट इन एनसीआरटी लिखा हुआ है। है ना? ओके। 19 फब 27 फब क्या बात है। चलो बढ़िया। मतलब कि
मजेदार सेशन लेकर आपके सही टाइम पे आ चुकी हूं मैं। है ना? मैम अगर सीएस यहां से शुरू करें। नहीं पढ़ा है तो उसका कंप्लीट
हो सकता है। बिल्कुल कंप्लीट हो सकता है। ये मैराथॉन जो आज का सेशन है वो उन्हीं सारे बच्चों के लिए भी है जिन्होंने अभी
तक कुछ भी नहीं पढ़ा है और उन सारे बच्चों के लिए भी जिन्होंने सब पढ़ लिया है और वो रिवाइज करना चाहते हैं। तो रिवीजन एज वेल
ऐ स्टार्ट करना दोनों के लिए जरूरी है। ठीक है? बिल्कुल हो सकता है। और अच्छे नंबर से पास हो सकते हो अगर ये सेशन
देखोगे तो। है ना? चलो ओके ओके ओके वेरी गुड वेरी गुड है ना? वेल डन। बस ऐसे ही अपना रिस्पांस बना के रखना। राइट? चलिए तो
शुरू करते हैं आज का धमाकेदार सेशन और करते हैं शुरुआत क्लास 11th सीएस के लेटेस्ट सिलेबस के साथ में। देखो जब तक
सिलेबस नहीं पता है तब तक कुछ नहीं कर सकते हो। सबसे पहली बात तो ये पता होना चाहिए कि आपसे आपके एग्जाम में फाइनल
एग्जाम में कौन से चैप्टर्स पूछे जाएंगे, कौन सी यूनिट्स पूछे जाएंगे और वहां से पढ़ना क्या है। अगर यही नहीं पता होगा कि
क्या आएगा और कितना पढ़ना है तो फिर कैसे करोगे। मेरी बात समझ में आई? तो सबसे पहले तो एक नजर अपने सिलेबस पे डाल लो। देखो
सीबीएसई का 2025-26 के अकॉर्डिंग जो लेटेस्ट सिलेबस सीबीएसई ने दिया है। कंप्यूटर सिस्टम एंड ऑर्गेनाइजेशन पहली
यूनिट जिसमें तीन चैप्टर्स हमें पढ़ने हैं। कंप्यूटर सिस्टम और साथ में आपका वो बेसिक गेट्स वाला चैप्टर है और बुलियन
अलजेब्रा एंड ऑल। ये सारी चीजें तीन चैप्टर्स में हमें कवर करनी है। है ना? बाइनरी, ऑक्टल, नंबर कन्वर्शन। उसके बाद
यहां से क्वेश्चन जो पूछे जाएंगे आपसे आपके एग्जाम में वो होंगे 10 नंबर के। अब देखो 10 नंबर में ये तीन चैप्टर्स आपको
कवर करने हैं और इजी है हो जाते हैं। जहां गाड़ी अटकती है वो है नंबर कन्वर्ज़ंस और बुलियन लॉजिक गेट्स वगैरह में। तो मैं हूं
ना मैं सब समझाऊंगी। ठीक है? अब सेकंड है कंप्यूटेशनल थिंकिंग एंड प्रोग्रामिंग पार्ट वन। सबसे ज्यादा प्रॉब्लम तो यही
होती है। यहां से जो क्वेश्चंस आते हैं वही नहीं बनते हैं मैम। उसी की कुछ ना कुछ आप हेल्प कर दो। तो वही हेल्प करने आई
हूं। ठीक है? कंप्यूटेशनल थिंकिंग एंड प्रोग्रामिंग जिसमें पाइथन इनिशियल लेवल से एकदम जीरो लेवल से हमने यहां पे
कंप्लीट किया हुआ है। जो 45 मार्क्स का वेटेज आपके एग्जाम में रखता है। मतलब 45 नंबर के क्वेश्चन तो यहीं से आएंगे। 70
नंबर का पेपर होगा। 45 मार्क्स तो यहीं से गेन करोगे आप। उसके बाद थर्ड यूनिट दैट इज़ सोसाइटी लॉ एंड एथिक्स। ये दोनों यूनिट
आपकी थ्योरी है और यही सिर्फ आपका प्रैक्टिकल यूनिट है। ध्यान रखना। यहां से जो क्वेश्चंस आएंगे वो आएंगे 15 नंबर के।
तो ऐसे मिला के कुल हो जाएंगे आपके 70 मार्क्स जो होगा थ्योरी मार्क्स। और व्हाट अबाउट प्रैक्टिकल? तो बेटा 30 मार्क्स का
होगा आपका प्रैक्टिकल। समझ में आ गई? कितने मार्क्स का? 30 मार्क्स का होगा आपका प्रैक्टिकल। और ऐसे होंगे टोटल आपके
100। अभी ऑलमोस्ट सभी बच्चों के प्रैक्टिकल एग्जाम्स हो ही गए होंगे स्कूल्स में। हो गए ना? ओके। मैम अगर कोई
सीएस यहां से शुरू करे तो बिल्कुल बिल्कुल कंप्लीट कर सकते हो अगर आप हेलो कल्याणी आशुतोष अगर आप यहां से शुरू करते हो अपना
सीएस तो बिल्कुल कंप्लीट कर सकते हो बिल्कुल 100 आउट ऑफ 100 मार्क्स को स्कोर करोगे बट कुछ ऐसे सॉलिड वीडियोस हैं जो
ऑलरेडी चैनल पे अवेलेबल है वो उसको आप देख सकते हो एक बार देखो अब जिन बच्चों को डाउट है कि मैम वीडियोस नहीं मिल रहे हैं
तो क्या करना है बेटा सबसे पहले नोट्स के लिए तो Telegram चैनल ज्वाइन कर लेना जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। अब देखो
ये सारे प्लेलिस्ट का मैंने लिंक दिया हुआ है। यहां पे हमने सब देखो डिक्शनरी, टपल्स, लिस्ट मैनिपुलेशन, और भी सारे।
इसको स्क्रॉल करोगे ना आप, तो आपको सारे वीडियो लेक्चर्स लाइन से मिल जाएंगे। यूनिट वन के पहले चैप्टर से लेकर यूनिट टू
तक कंप्लीट। है ना? यूनिट थ्री सोसाइटी लॉ है। लॉस को मैं आज कंप्लीट करूंगी इस सेशन में। तो बहुत केयरफुली समझना। समझ में आ
गई बात? तो सारे वीडियोस आपको यहां मिलेंगे। अंडरस्टुड? अब इसका लिंक कहां है? तो प्लेलिस्ट में सबसे ऊपर
डिस्क्रिप्शन में जाओ सबसे ऊपर मिल जाएगा कंप्लीट प्लेलिस्ट लिंक के नाम से। अब उसके बाद जो सबसे ज्यादा प्रॉब्लम आती है
काश कोई ये बता दे कि कौन से प्रोग्राम एग्जाम में आएंगे। है ना? ये प्रॉब्लम होती है ना? काश कि कोई ये बता दे कि भाई
ये ये प्रोग्राम कर लो। ऐसे-से प्रोग्राम्स डायरेक्टली आपके एग्जाम में पूछे जाएंगे। तो उसकी भी जुगाड़ आपकी बरखा
मैम ने कर दी। एक ऐसा सेशन मैं लेकर आई हूं जिसमें बेसिकली 40 प्रोग्राम्स पाइथन प्रोग्राम्स जो एग्जाम में आते ही आते
हैं। यहीं से आते हैं एग्जाम्स में। जो आपके 40 प्रोग्राम्स मैंने यहां जो समझाए थे वो 100% सक्सेसफुल एक सेशन था जिसमें
हमने किए हैं। अब आप सोच रहे हो मैम काश इसका भी लिंक मिल जाए तो इसका लिंक भी डिस्क्रिप्शन में है। जाके देखो टॉप 40
सीएस और आईपी वाले दोनों के लिए है। है ना? सिर्फ सीएस वालों के लिए नहीं है। सीएस और आईपी वाले दोनों यहां से
प्रोग्राम्स कर सकते हैं। इवन क्लास 12 सीएस आईपी वाले भी कर सकते हैं क्योंकि उनको भी पाइथन है। है ना? मेरी बात समझ
में आ गई? यही सारे प्रोग्राम्स आपके एग्जाम में आएंगे। तो अब जो पेपर होगा ना बेटा आपका अब जो पेपर होगा ये प्रोग्राम्स
अच्छे से करके जाना इसके अंदर जितने भी मैंने समझाए हैं इसका लिंक डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। ओके मैम सेशन कितना
लेंग्थी होगा बेटा एप्रोक्स मान लो मान लो कि 2 आवर्स तो हमें ये सेशन देना होगा। अब पूरा सीएस कोई आधे घंटे में तो खत्म नहीं
होगा। है ना? पूरा सीएस पढ़ना है और सीरियसली पढ़ना है और सीरियसली एग्जाम को फोड़ कर आना चाहते हो। तो जितने बच्चे
मुझे यहां जुड़े हुए दिख रहे हैं सब आखरी तक यहीं रहेंगे और ध्यान से और केयरफुली एक-एक कांसेप्ट को समझेंगे और कोई भी डाउट
होगा तो यहां लिखना और उससे भी पहले सेशन को शेयर करो फटाफट लाइक किए बिना मत जाना, शेयर किए बिना मत जाना सेशन को क्योंकि
आपका एक लाइक और आपका एक सब्सक्रिप्शन आपकी बरखा मैम के लिए सबसे बड़ी मोटिवेशन है। ठीक है? यही वो लाइक और सब्सक्रिप्शन
होता है जो मुझे मोटिवेट करता है कि आप लोगों के लिए मैं वो सारी चीजें लेकर आ सकूं जो आपसे एग्जाम में पूछी जाएगी जिसके
बेसिस पे आप फुल मार्क्स को स्कोर करोगे। गॉट इट? चलो तो करते हैं शुरुआत आज के धमाकेदार सेशन की। यूनिट वन कंप्यूटर
सिस्टम बेसिक कॉन्सेप्ट्स के साथ में। एक-एक यूनिट एक-एक चैप्टर सारे यहां कवर करेंगे। ठीक है मैम? 27 जनवरी सिलेबस
यूनिट वन एंड थ्री एंड डिक्शनरी मैथ मॉडल रैंडम मॉडल रैंडम मॉड्यूल स्टैटिस्टिक्स मॉड्यूल सब सब चीज लेकर आई हूं बेटा। आप
थोड़ा सेशन में रुको तो आपके सारे डाउट्स यहां क्लियर हो जाएंगे। आज इस सेशन में हम ये सारे मॉड्यूल्स भी कवर करेंगे। यूनिट
वन और थ्री को भी कवर करेंगे। ठीक है? अब मैं ये यूनिट पढ़ाऊंगी और उसके बाद मैं आपके डाउट सॉल्व करूंगी। है ना? एक-एक
टॉपिक कवर करते जाएंगे और डाउट्स देखते जाएंगे। ठीक है? तो इसलिए पैनिकिक मत होना कि मैम कमेंट्स नहीं देख रही हैं। कमेंट्स
कब देखेंगे हम? एक-एक टॉपिक को कवर करते जाएंगे। फिर कोई डाउट होगा तो मैं आपके कमेंट्स रीड करूंगी। डन? चलो करें
स्टार्ट। हो जाए रेडी? रेडी हो जरा थम्स अप दे के बता दो। एक उतनी ही अच्छी एनर्जी के साथ में जैसे मैं आपको यहां पढ़ाने आई
हूं। बिल्कुल मैम प्रैक्टिकल के लिए कुछ टिप्स दे दो। देकर जाऊंगी। प्रैक्टिकल के टिप्स भी देके जाऊंगी। एंड में प्रैक्टिकल
के क्वेश्चंस भी बता के जाऊंगी। ठीक है? ओके। आज के सेशन के बाद आप प्रोग्राम करेक्ट कर पाओगे? बिल्कुल कर पाओगे।
बिल्कुल कर पाओगे। और प्रोग्रामिंग के लिए एक और अलग से पर्टिकुलर वीडियो लेकर आऊंगी। यहां इसके बाद में सीएस खत्म नहीं
होता है। ऐसा मत सोचना कि ये सीएस का एक वीडियो आ गया तो खत्म हो गया। ना बेटा एग्जाम्स आपके फैब में है। अभी तो कुछ ऐसे
धांसू वीडियोस हैं। ऐसे वीडियोस हैं जिनको देखोगे ना तो आप आप ये सोचोगे कि ये सारे जो क्वेश्चंस मैम ने करवाएं एज़ इट इज़ आपसे
पूछ लिए गए हैं आपके पेपर में। तो वो अभी क्वेश्चन वाला सेशन तो बाकी है। बाकी है मेरे दोस्त। रुको। आज तो हम सिर्फ रिवाइज़
कर रहे हैं। रिवाइज़ करना है। ठीक है? चलो जरा थम्स अप देके बता दो फटाफट। इसी जोश और इसी एनर्जी के साथ में रेडी कर लें?
रेडी हो जाएं। कर ले स्टार्ट सेशन। कर ले स्टार्ट सेशन। ओके चलो बढ़िया। तो सबसे पहले यूनिट वन कंप्यूटर सिस्टम के साथ में
आ जाते हैं। अब देखो ये बहुत बेसिक सा यूनिट है। कंप्यूटर सिस्टम मींस व्हाट? कि एक ऐसा सिस्टम जिसमें आप कुछ इनपुट करते
हो वो प्रोसेस होता है और आपको आउटपुट मिलता है। तो कंप्यूटर सिस्टम एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसमें आप इनपुट को
देते हो वो प्रोसेस होता है उसके बाद आपको आउटपुट मिलता है और ये जो रिजल्ट है वो फिर आप स्टोर करके रख सकते हो फ्यूचर यूज़
के लिए भी। सो कंप्यूटर सिस्टम का बेसिक बेसिक बेसिक डेफिनेशन आया तो ये लिखोगे। अब ये एक साइकिल पर बेस्ड है। ये प्रोसेस
कंटीन्यूअसली चलती रहती है। ये चलती रहती है कंप्यूटर सिस्टम में। दैट इज़ आईपीओ साइकिल इनपुट प्रोसेस एंड आउटपुट। ठीक है?
अब यहां पे इन प्रोसेस को कंप्लीट करने के लिए ये सारे टास्क को कंप्लीट करने के लिए कुछ डिवाइसेस होते हैं। कौन-कौन से
डिवाइसेस होते हैं कंप्यूटर में? मैम इनपुट के लिए कीबोर्ड यूज़ करते हैं हम और प्रोसेसिंग के लिए यहां पे एक और डिवाइस
होता है जिसका नाम होता है सीपीयू। CPU को यूज़ करते हैं। और वहीं अगर हम बात करें आउटपुट तो मैम आउटपुट के लिए मॉनिटर पर
आउटपुट शो होता है। तो दिस थ्री आर दी बेसिक कंप्यूटर डिवाइसेस दैट इज़ कीबोर्ड, CPU एंड मॉनिटर जो आईपीओ साइकिल पर बेस्ड
है। जैसा इनपुट देते हो कंप्यूटर वैसा आउटपुट जनरेट करके देता है। ठीक है? अब इतना समझ में आ गया? बहुत बेसिक पार्ट।
आगे बढ़ते हैं कि फंक्शनल कॉम्पोनेंट्स क्या-क्या होते हैं कंप्यूटर सिस्टम के। तो जो फंक्शनल कंपोनेंट्स होते हैं
कंप्यूटर सिस्टम के वो चार मेन कैटेगरी में डिवाइड किए गए हैं। अब वो चार मेन कैटेगरी है क्या? सबसे पहली कैटेगरी है
आपकी इनपुट यूनिट। है ना? इनपुट यूनिट में हम क्या करते हैं? कीबोर्ड के थ्रू, माउस के थ्रू, जॉय स्टिक बहुत सारे इनपुट
डिवाइसेस होते हैं जिनके थ्रू हम वैरायटी ऑफ़ डेटा जो है कंप्यूटर में इनपुट करते हैं। अब वैरायटी ऑफ़ डेटा बोले तो ऑडियो,
वीडियो, टेक्स्चुअल, ग्राफिक्स और आजकल तो बायोमेट्रिक सेंसर्स के थ्रू सेंस ऑर्गन्स को भी आप कंप्यूटर में इनपुट कर सकते हो।
अंडरस्टुड? सो वही लाइन लिखी हुई है कि टू यूज्ड यूजर टू एंटर द डेटा एंड इंस्ट्रक्शंस, वी आर यूजिंग द इनपुट
डिवाइसेस। अब जो भी डेटा और इंस्ट्रक्शंस आप कंप्यूटर में देते हो वो कैसे जाता है? मशीन रीडेबल फॉर्मेट में। अभी आप सोच रहे
हो कि मशीन रीडेबल फॉर्मेट क्या होता है? तो मशीन रीडेबल फॉर्मेट जीरो एंड वन फॉर्मेट होता है जिसको हम कहते हैं बाइनरी
लैंग्वेज। क्योंकि कंप्यूटर अंडरस्टैंड्स ओनली बाइनरी लैंग्वेज। ओनली बाइनरी लैंग्वेज। और ज़ीरो एंड वन क्या है? बीट्स
है। तो इस बीट्स के फॉर्मेट में ही डेटा कंप्यूटर में जाता है और प्रोसेस होता है। ठीक है? तो इनपुट डिवाइस जरूर यूजर
अंडरस्टैंडेबल फॉर्मेट में डेटा लेता है। लेकिन इंटरनली वो डेटा कैसे प्रोसेस होता है? इंटरनली प्रोसेसर तक डेटा कैसे जाता
है? ज़ीरो वन में जाता है। गॉट इट? चलिए। तो कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन, वेबक। ठीक है? ये अलग-अलग डिवाइसेस हैं
जिनके थ्रू डिफरेंट-डिफरेंट टाइप का डेटा हम इनपुट करते हैं। राइट? कीबोर्ड के थ्रू टेक्सचुअल डेटा इनपुट करते हो। माउस के
थ्रू आप इंस्ट्रक्शंस देते हो। लेफ्ट क्लिक, राइट क्लिक बटंस होते हैं। स्कैनर के थ्रू आप किसी भी टाइप की इमेज को स्कैन
कर सकते हो। माइक्रोफोन के थ्रू आप वॉइस इनपुट देते हो। वेबक के थ्रू हम कोई भी इमेज इनपुट कर सकते हैं। राइट? कोई भी
पिक्चर क्लिक की हुई हो वो जा सकती है। अब इसके बाद आता है बहुत सारे। इसमें एमआईसीआर, ओसीआर, जॉयस्टिक और भी होते
हैं। ठीक है? नाउ आउटपुट यूनिट। ठीक है? आउटपुट यूनिट क्या हो गई? आउटपुट यूनिट वो यूनिट होती है जिस पे आपको आउटपुट शो होता
है। देखो एक क्वेश्चन यहां पे बनता है। है ना? वो क्वेश्चन क्या बनता है? एमसीक्यू बन जाता है कि इनपुट आउटपुट यूनिट पहचाननी
होती है आपको। और जनरली हम कंफ्यूज हो जाते हैं। हमें पता होता है कि कौन सा इनपुट है? कौन सा आउटपुट है। बट फिर भी
क्या करें? मैम समझ नहीं आता। कभी-कभी कंफ्यूजन हो ही जाता है। है ना? तो कंफ्यूज नहीं होना है। ध्यान रखना। नाउ
आउटपुट यूनिट जिस पे आपको रिजल्ट दिखता है जिस पे आपको आउटपुट दिखता है। तो डिस्प्ले रिजल्ट आफ्टर प्रोसेसिंग। प्रोसेसिंग के
बाद जो रिजल्ट हमें दिख रहा है और वो रिजल्ट कैसे दिखता है हमें? यूजर अंडरस्टैंडेबल ह्यूमन अंडरस्टैंडेबल
फॉर्मेट में। तो जितनी प्रोसेसिंग हो रही है वो मशीन अंडरस्टैंडेबल फॉर्मेट में होती है और जो भी इनपुट और आउटपुट हमें
दिखता है वो ह्यूमन रिडेबल फॉर्मेट में दिखता है। तो अब पांच आउटपुट डिवाइस होते हैं बस। उसके अलावा जितने डिवाइसेस हैं वो
सब इनपुट डिवाइसेस होते हैं। अभी वो कौन से पांच आउटपुट डिवाइस हैं? मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, हेडफोनस, प्रोजेक्टर।
ठीक है? मॉनिटर की बात करें तो सॉफ्ट कॉपी आउटपुट मिलता है। प्रिंटर की बात करें तो आपको यहां पे हार्ड कॉपी आउटपुट मिलता है
पेज पर। स्पीकर पे वॉइस आउटपुट मतलब साउंड आउटपुट मिलता है। जो वॉइस इनपुट करते हो वही आपको सुन सुनाई देती है। हेडफोन की
बात करें तो यहां भी आप हेडफोन वगैरह का यूज़ करते हो। वहां भी आपको क्या मिलता है? वॉइस आउटपुट ही मिलता है। साउंड आउटपुट
एंड प्रोजेक्टर पे कोई भी इमेज लार्ज व्यू में आपको शो होती है। तो ये भी एक आउटपुट डिवाइस में आया। तो इतना समझ में आया?
इतना समझ में आया मैम? क्लास 10 आईटी का बेटा आईटी आईटी वाले बस परसों आपका लाइव है। टेंशन क्यों ले रहे हो? कल परसों आपका
लाइव है। धमाकेदार लाइव होगा। उसमें हम डिस्कस करेंगे मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चंस जो आपसे आपके 27 फरवरी को होने वाले बोर्ड
एग्जाम में आएंगे। तो जितने बच्चे यहां आईटी एआईसीएस आईपी वाले जुड़े हुए हैं बेटा सभी के लाइव सेशन ऑलरेडी आपकी वर्खा
मैम प्लान कर चुकी है। आप अगर ये जानना चाहते हो कि लाइव सेशन होगा कब? तो जल्दी से चैनल को सब्सक्राइब कर लो। और
कम्युनिटी पोस्ट पे अपडेट रहना। वहां पे पोस्ट डलता जाएगा। ठीक है? रेगुलर का मैम आउटपुट फाइंड क्वेश्चन की एक सेपरेट क्लास
ले लेना। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल है ना सेपरेट क्लास होगी बेटा सभी की ध्यान रखो। ओके चलो आगे बढ़े। नाउ सीपीयू क्या होता
है? प्रोसेसिंग डिवाइस। अब सीपीयू का फुल फॉर्म पूछा जाता है। बहुत से बच्चे कंट्रोल प्रोसेसिंग बोल देते हैं। बट इट
इज़ नॉट कंट्रोल प्रोसेसिंग। इट इज़ सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट। वी रिमेंबर दिस थिंग। सेंट्रल। सेंट्रल डिवाइस कंप्यूटर का जो
कि ओवरऑल डिवाइस को क्या करता है? कंट्रोल करता है। अब इसको हम एक और नाम से जानते हैं। ब्रेन ऑफ़ कंप्यूटर। जैसे हमारी
ह्यूमन बॉडी में ब्रेन होता है ना जो सारे डिवाइसेस को हमारे हर ऑर्गन को कंट्रोल करता है। हर एक इंस्ट्रक्शंस को देता है
कि हमें क्या करना है, क्या नहीं करना है। सब चीजों को याद रखता है। बिल्कुल वैसे ही यहां पे सीपीयू होता है। अब सीपीयू में
आपको जो दिखता है ना कैबिनेट वो सीपीयू नहीं होता है। यहां पे इंटरनली बात करें तो आप देखो सीपीयू के तीन पार्ट्स होते
हैं। तीन तीन मेजर यूनिट में सीपीयू काम करता है। जिसमें सबसे पहली होती है आपकी कंट्रोल यूनिट। नाम तो सुना होगा कंट्रोल
यूनिट का। राइट? कंट्रोल यूनिट जितने भी ऑपरेशंस कंप्यूटर सिस्टम में होते हैं उसको कंट्रोल करता है। ठीक? डायरेक्ट्स
डेटा फ्लो बिटवीन मेमोरी, एएलयू एंड इनपुट आउटपुट डिवाइस। अभी ध्यान से समझना। कंप्यूटर में क्या होता है? है बेसिकली
इंटरनली में मेमोरी होती है। इनपुट आउटपुट डिवाइस कनेक्टेड होते हैं। और साथ ही यहां पर एक ऐसी यूनिट होती है जो एक्चुअल में
प्रोसेसिंग करती है। तो जितने भी डिवाइसेस आप कनेक्ट करते हो ना कंप्यूटर सिस्टम में उन सभी को कंट्रोल करने का काम इसी का ही
होता है। इंस्ट्रक्शंस देना, डेटा का फ्लो मेमोरी से डेटा आया तो प्रोसेसर तक पहुंचाना। प्रोसेसिंग हो चुका है तो वापस
मेमोरी में स्टोर करना और उसके बाद में वापस उसको मॉनिटर तक पहुंचाना। है ना? ये सारा काम कंट्रोल करने का काम होता है। अब
दूसरी यूनिट होती है जो एक्चुअल में प्रोसेसिंग करती है। दैट इज़ एएलयू। इसका भी फुल फॉर्म आता है बेटा अरथमैटिक लॉजिकल
यूनिट। गॉट इट? समझ में आया? अब ये अरिथमैटिक लॉजिकल यूनिट का मतलब क्या हुआ? कि आप जो भी लॉजिक्स अप्लाई करते हो या आप
जो भी कैलकुलेशन करवाते हो ना जितने अरिथमैटिक ऑपरेशंस परफॉर्म करते हो वो सभी इसी प्रोसेस इसी प्रोसेसिंग यूनिट के थ्रू
प्रोसेस होते हैं। तो परफॉर्म कैलकुलेशंस लाइक प्लस माइनस इंटू डिवीज़ एंड एनी लॉजिक एंड ऑ नॉट कंपैरिजन जो भी आप लॉजिक अप्लाई
करते हो वो सभी एएलयू के थ्रू होते हैं। तो अरिथमैटिक लॉजिकल यूनिट समझ में आ गया? अच्छे से समझ में आ गया? एनी डाउट एनी
डाउट? नहीं ना? क्लियर हो रहा है सारी चीजें? लीजेंड सेज़ मैम प्रोग्राम नहीं बनते हैं। बेटा सब बनेंगे। सब बनेंगे। अब
आपकी बरखा मैम आ चुकी है ना? अभी तो ये हमने पहला लाइव लिया है और ऐसे बहुत सारे लाइव्स हैं जिनके बेसिस पर ये मान लो
मैक्सिमम फोर टू फाइव लाइव सेशन क्लास 11 सीएस के लेने वाली हूं। ठीक है? ये रिवीज़ का सेशन है। इसके बाद बहुत सारे अमेजिंग
सेशंस हैं जिनके बेसिस पे आप प्रोग्राम भी बनाओगे जिनके बेसिस पे आप सही-सही आंसर करके आओगे। ठीक है? सो टेंशन ना लेने का।
ओके? टेंशन मत लो बिल्कुल। ठीक है? मैम प्लीज पोस्ट द सिलेबस। बेटा सिलेबस मिल जाएगा आपको। थोड़ा सर्च कर लो। नीचे
वीडियो में अवेलेबल होगा। मैंने सिलेबस दिया हुआ है। ओके? चलो बढ़े आगे। नाउ रजिस्टर्स। अभी
रजिस्टर्स क्या होते हैं? ध्यान से समझो। रजिस्टर्स भी स्मॉल मेमोरीज़ ही होते हैं। जहां पे टेंपरेरीली जाके डेटा स्टोर होता
है। जितने टाइम डेटा प्रोसेस हो रहा होता है ना, तो हम बोल सकते हैं कि एक टेंपरेरी मेमोरी में जाके डेटा स्टोर हो जाता है।
जिसको हम कहते हैं वेरी स्मॉल एंड फास्ट मेमोरी। मतलब क्या होता है? एक्चुअल में समझो। कॉन्सेप्ट समझना। है ना? ये होता है
आपका इनपुट डिवाइस। राइट? जहां से आप इनपुट करते हो। एक ब्लॉक डायग्राम समझा रही हूं। इस ब्लॉक डायग्राम को अच्छे से
समझ जाओगे ना तो सारी कहानी पिक्चर पूरी क्लियर हो जाएगी। देखो ये है सीपीयू। सीपीयू में आपको पता है कि तीन यूनिट्स
होती हैं। कौन-कौन सी यूनिट्स होती है? सबसे पहले यहां पे आती है मेमोरी यूनिट। है ना? या इसको मेमोरी नहीं कहो। यहां पे
लगाओ आप कंट्रोल यूनिट। देन आएगी आपकी एएलयू। देन आएगी मेमोरी। ठीक है? समझ में आया अच्छे से? चलो इसके बाद बताती हूं
आपको। अब इसका फ्लो डेटा फ्लो कैसे होता है? यहां आ जाता है आपका इनपुट डिवाइस और यहां आता है आउटपुट डिवाइस। इसको कहते हैं
ब्लॉक डायग्राम। ये बनाने को भी समटाइ्स आ जाता है एग्जाम में। है ना? इसके थ्रू आपको पूरा फ्लो समझ में आएगा और अब जो
समझाऊंगी वो क्लियर होता जाएगा। अब क्या बता रही हूं मैं यहां पे? ध्यान से समझना कि जब भी आप कुछ इनपुट करते हो। मान लो
आपने कीबोर्ड से इनपुट किया 4 + 8 भाई। कीबोर्ड से हम एंटर करेंगे मैम। तो कीबोर्ड क्या हो गया? बेसिक इनपुट डिवाइस
हो गया। कीबोर्ड से आपने 4 + 8 इनपुट किया। तो कंट्रोल यूनिट का क्या काम है? कंट्रोल यूनिट का काम है कि जो भी डेटा आ
रहा है ना वो पहले कंट्रोल होता है। तो कंट्रोल यूनिट ही क्या करती है? इस 4 + 2 को कहां पहुंचाएगी? एएलयू के पास। अब
एएलयू में भी जाने के पहले कहां जाएगा ये डेटा? पहले जाएगा मेमोरी में सेव होगा। मेमोरी में डेटा सेव हो गया। मतलब मेमोरी
में सेव हो गया आपका 4 + 2 क्योंकि मेमोरी में तो रहेगा ना डेटा जब तो प्रोसेस होगा। फिर ये डेटा आपका प्रोसेस होगा 4 + 2 एलयू
जनरेट कर देगा सिक्स। एलओ ने क्या जनरेट किया? एट। अच्छा टू कर लो इसको। 4 + 2 कर लो। एलओ ने क्या जनरेट किया? सिक्स जनरेट
किया। ठीक है? 4 + 2 दैट इज़ सिक्स। और एएलयू ने जैसे ही कैलकुलेशन किया तो ये डेटा अगेन कहां सेव हो जाएगा? मेमोरी में
सेव होगा। और ये सब काम कौन कर रहा होगा? कंट्रोल यूनिट कंट्रोल करके इंस्ट्रक्शंस देकर ये पूरा डेटा इस तरीके से फ्लो करवा
रही है। अब जैसे ही आंसर जनरेट हुआ तो कंट्रोल यूनिट को एलयू सिग्नल देगा कि भाई प्रोसेसिंग कंप्लीट हो चुकी है। अब
प्रोसेसिंग कंप्लीट हो चुकी है। तो कंट्रोल यूनिट इस आउटपुट को कहां पहुंचाएगी? आउटपुट यूनिट दैट इज़ मॉनिटर।
तो जहां आपने 4 + 2 लिखा होगा ना उसके आगे सिक्स कैलकुलेट होता हुआ आपको मॉनिटर पे दिख जाएगा। तो कुल मिला के यहां पे जिस
मेमोरी में डेटा है फिलहाल जहां जब प्रोसेसिंग हो रही है तो वो मेमोरी कहलाती है आपकी रैम। कौन सी मेमोरी कहलाती है?
RAM जहां पे टेंपरेरीली जाके डेटा स्टोर होता है। लेकिन मेमोरी और RAM RAM और बेसिकली एक और शॉर्ट मेमोरी होती है जिसको
कहते हैं रजिस्टर। जब प्रोसेसर डेटा ढूंढता है ना प्रोसेसिंग के लिए और रैम में नहीं मिलता है तो एक्चुअली रैम से देर
लगती है डेटा को ढूंढने में तो वो रजिस्टर में जाके सेव हो जाता है। तो रजिस्टर फास्ट और स्मॉल मेमोरी होती है जहां पे
टेंपरेरीली डेटा प्रोसेसिंग के लिए सेव होता है। तो रैम में जब डेटा नहीं मिल रहा है तो वो रजिस्टर्स में आपको मिल जाता है
और क्विकली प्रोसेसर का टाइम बच जाता है। समझ में आ गया अब? अब दूसरी बात आती है मेमोरी यूनिट। तो जैसे हमारे पास मेमोरी
होती है वैसे कंप्यूटरर्स में भी मेमोरीज़ होती है जिसमें डेटा स्टोर होता है। सारी इंस्ट्रक्शंस स्टोर होती है। जो भी रिजल्ट
जनरेट हो रहा है वो भी जाके स्टोर होता है। अभी कितने टाइप की मेमोरी होती है? चलो बताओ कितने टाइप की मेमोरी होती है
कंप्यूटर में? मैम कंप्यूटर का मैराथॉन ले लो। मैम प्लीज थोड़ा डिटेल में फंक्शनंस एंड ऑल सारी चीज़ पढ़ाना। बिल्कुल बिल्कुल
बिल्कुल। अभी समझ में आ रहा है ना यहां तक? तो फर्स्ट चैप्टर तो ईजी है। है ना? फर्स्ट चैप्टर है तो ईजी है। तो फटाफट जरा
सेशन को लाइक करते चलना और शेयर करते चलना अपने दोस्तों के साथ जो भी अभी-अभी जुड़ रहे हैं यहां पर। क्लियर?
ओके। अब देखो यहां पे क्या लिखा है? मेमोरी दो टाइप की होती है। कौन से दो टाइप की होती है? एक तो प्राइमरी मेमोरी
होती है और दूसरी होती है सेकेंडरी मेमोरी। पहले हम कांसेप्ट समझते हैं प्राइमरी मेमोरी का। एग्जाम में क्वेश्चन
आता है इस चैप्टर से यहां से प्राइमरी मेमोरी क्या होती है? इसको मेन मेमोरी भी कहते हैं। दूसरा क्वेश्चन आता है यहां पे
कि जो दो मेमोरी की मैं बात कर रही हूं उनमें डिफरेंस क्या होता है? ठीक है? तो प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी टू
टाइप की मेमोरीज़ होती हैं। प्राइमरी मेमोरी में दो मेमोरीज़ आ जाती हैं। दैट इज़ RAM एंड रोम। RAM का फुल फॉर्म रोम का फुल
फॉर्म आता है। इसका डिफरेंस भी एग्जाम में आता है। तो जितने क्वेश्चंस बताती चल रही हूं नोट इट डाउन। ये एज़ इट इज़ आते हैं।
नोट डाउन करते चलो। RAM और रोम में डिफरेंस पूछ लेते हैं। तो RAM इज़ रैंडम एक्सेस मेमोरी। रोम इज़ रीड ओनली मेमोरी।
रैंडम एक्सेस मेमोरी जो CPU के थ्रू रैंडमली एक्सेस होती है। जहां से CPU डेटा उठाता है प्रोसेसिंग के लिए। जहां डेटा
जाके टेंपरेरीली सेव होता है। आप कोई फाइल बना रहे हो। सपोज आप अपने प्रोजेक्ट के लिए फ्रंट पेज बना रहे हो तो जो भी आप
फाइल अभी डॉक्यूमेंट फाइल पे आप काम कर रहे हो वो टेंपरेरीली कहां सेव है अभी जितनी देर तक आप काम करोगे जितनी देर तक
उसप प्रोसेसिंग होगी वो रैम में स्टोर होगी समझ में आया जैसे ही आपने उसको परमानेंटली सेव कर दिया कंट्रोल s से तो
वो फाइल कहां जा के सेव हो जाएगी वो फाइल आपकी सेव हो जाएगी जाके हार्ड ड्राइव में सेकेंडरी मेमोरी में क्योंकि अब वो
परमानेंटली स्टोर हो जाएगी तो जब सीपीू को डेटा प्रोसेसिंग के लिए चाहिए होता है सीपीयू से सीपीयू से डायरेक्टली कांटेक्ट
करने वाली जो मेमोरी होती है वो रैम अब मान लो कि आपके ये काम करते-करते लाइट चली गई, पावर चला गया तो डेटा उड़ जाएगा अगर
आपने सेव नहीं किया। इसीलिए इसको कहते हैं वोलेटाइल जिसमें पावर गोज़ होने पर लाइट जाने पर आपका डेटा मेमोरी में जो रहता है
वो चला जाता है। टेंपरेरीली जो डेटा रहता है वो उड़ जाता है। तो उसे वोलेटाइल कहते हैं। दैट इज़ व्हाई इट इज़ टेंपरेरी मेमोरी।
अब दूसरी मेमोरी की बात कर रही हूं जिसका नाम है रीड ओनली मेमोरी। रीड ओनली मेमोरी क्या करती है? सिर्फ डेटा जो उसमें होता
है ना मेमोरी में वो उसको आप रीड कर सकते हो। ओनली ओनली रीड कर सकते हो। इसमें आप चेंजज़ नहीं कर सकते हो। वरना इसको सीपीयू
से डायरेक्टली कांटेक्ट होना होता है क्योंकि यहां पे जो डेटा है वो तो परमानेंटली सेव है। ओके? तो ये एक नॉन
वोलेटाइल मेमोरी है। मतलब पावर रहे या नहीं रहे इसका डेटा परमानेंट बना रहेगा। डेटा पे कोई इफेक्ट नहीं पड़ेगा। तो यहां
पे नॉन वोलेटाइल मेमोरी है और इसको परमानेंट कहेंगे। अब इसका एग्जांपल देखो जो बायो सेटअप होता है जिसमें एक्चुअल में
बूटिंग प्रोसेस के टाइम पर जो डेटा होता है ना बूटिंग प्रोसेस आपने सुना होगा ना व्हनेवर योर सिस्टम इज़ स्टार्टेड द बूटिंग
प्रोसेस रन। है ना? सिस्टम जब स्टार्ट करते हो तो बूटिंग प्रोसेस रन होती है जिसमें पूरी चेकिंग होती है कंप्यूटर की।
ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होता है। ऑपरेटिंग सिस्टम जो कि कंप्यूटर को ऑपरेट करता है। तो उसका जितना कोड होता है वो सब कहां सेव
होता है? रोम में। अब अगर ये सिस्टम स्टार्ट किया बूटिंग प्रोसेस चल रही है और लाइट चली गई। सिस्टम बंद हो गया। तो ये
डेटा कहीं जाता नहीं है। ये वहीं परमानेंटली बना रहता है। फिर से स्टार्ट हो जाएगा। जब लाइट आएगी सिस्टम ऑन होगा तो
ये बूटिंग प्रोसेस फिर स्टार्ट हो जाती है। ओके? क्योंकि ये डेटा परमानेंट बना रहता है। अब एक और टाइप की मेमोरी होती है
कैश मेमोरी और इसका क्वेश्चन आता ही आता है। ठीक है? अभी कैश मेमोरी क्या है मैम? कुछ बच्चे इसको कैश कहते हैं। है ना? मैम
थ्री टाइप थ्री टाइप। यस यस। देखो बेसिकली टू टाइप की मेमोरीज़ हैं। दैट इज़ प्राइमरी एंड सेकेंडरी। बट कैश मेमोरी एक स्पेशल
टाइप की मेमोरी है। ओके? कैश मेमोरी क्या है? एक स्पेशल टाइप की मेमोरी है। अगर हम कैश मेमोरी की बात करें तो ये क्या क्या
मेमोरी होती है? ध्यान से समझना। कैश मेमोरी बेसिकली अगर हम CPU की बात करें दैट इज प्रोसेसर। है ना? जो कि डेटा को
प्रोसेस कर रहा है। अब CPU क्या करता है? डेटा प्रोसेसिंग के लिए कहां से उठाता है मैम? डेटा प्रोसेसिंग के लिए उठाता है RAM
से। RAM से पता है ना? दैट इज़ रैंडम एक्सेस मेमोरी। अब मान लो कि RAM से उसको डेटा को एक्सेस करने में लग रहा है टाइम।
ठीक है? यहां पे CPU आइडल है। अभी बैठा हुआ इंतजार में कि RAM से डेटा उस तक पहुंचेगा। तो CPU की प्रोसेसिंग को फास्ट
करने के लिए, सिस्टम की एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए एक स्पेशल टाइप की मेमोरी यूज़ होती है जिसको कहते हैं कैश मेमोरी।
तो कैश मेमोरी यहां पे यूज़ होती है बीच में। इसको क्या कहते हैं हम? कैश मेमोरी जो यहां यूज़ हो रही होती है। अब सीपीयू
क्या करता है? कैश से तुरंत डेटा को उठाता है। फास्ट और सबसे ज्यादा कॉस्टली और एक्सपेंसिव एफिशिएंट मेमोरी होती है। रैम
से भी ज्यादा फास्ट होती है कैश मेमोरी। एक तरीके से ये रजिस्टर्स ही कहलाते हैं। ठीक है? जो रजिस्टर्स का काम मैंने बताया
ना वो यही होता है। तो कैश मेमोरी से डेटा क्या होता है? फास्टली एफिशिएंटली एक्सेस करता है प्रोसेसर। और ये डेटा जो है रैम
से ही कैश के पास में आता है। अब कैश मेमोरी दो टाइप की होती है। CPU पे इनबिल्ट भी आती है और एक तरह अलग से भी आप
इसको लगा सकते हो। है ना? CPU पे इनबिल्ट भी आती है कैश मेमोरी और अलग से भी आप इसको यूज़ कर सकते हो। तो कैश मेमोरी वेरी
फास्ट बिटवीन CPU एंड रेन दोनों के बीच में काम करती है। अंडरस्टुड? चलो इतना समझ में आ गया? मैम कंप्यूटर का मैराथॉन बेटा
सारे मैराथोंस क्लास 10थ और 12th के तो मैराथोंस का शेड्यूल डिसाइडेड है ना? उस शेड्यूल पे आपको मैराथॉन मिल जाएंगे। टाइम
टेबल देख लिया ना? ओके। हाय नैतिक। हाय राम। हाय गेमिंग्स। ओके वेरी वार्म वेलकम हियर बेटा। सेशन को शेयर करते चलो। चलो तो
इतना समझ में आ गया। रैम और रोम की कहानी क्लियर हो गई। अगर आया एग्जाम में डिफरेंस तो लिख कर आओगे ना? आएगा ही आया क्या? ठीक
है? अभी रेम और रोम भी दो टाइप की होती है। इनके टाइप्स भी देख लो। फिर हम आगे बढ़ते हैं। ठीक है? अगर मैं RAM के टाइप्स
पे जाऊं तो RAM दो टाइप की होती है। दैट इज़ एस रेम एंड डी RAM। ठीक है? एस रेम मतलब स्टैटिक रैम, डी RAM मतलब डायनेमिक
रैम। ठीक है? समझ में आ गया? ये बेसिकली ट्रांजिस्टर्स से मिलकर बनी होती है। ये फ्लिप फ्लॉप्स और कैपेसिटर्स से मिलकर बनी
होती है। फ्लिप फ्लॉप एंड कैपेसिटर्स से मिलकर बनी होती है। इसको अगेन एंड अगेन रिफ्रेश करने की जरूरत पड़ती है। डायनेमिक
रे में ये फिक्स्ड रहती है। इसको रिफ्रेशमेंट की जरूरत नहीं होती है। क्लियर हुआ? अच्छे से समझ में आ रहा है?
तो बेसिकली ये दो टाइप की रैम होती है। इसमें भी डिफरेंस आता है एग्जाम में लिखने को। ये फास्टर है, ये स्लोअर है। ऐसा भी
आप समझ सकते हो कंपैरेटिवली अगर आपको समझना है तो। ठीक है? इसके बाद अगर हम रोम की बात करें तो रोम भी तीन से चार टाइप की
मेमोरीज होती हैं। इनमें भी क्वेश्चन एग्जाम में आता है। अगर मैं रोम की बात करूं तो रोम कितने टाइप की होती है? जल्दी
बताओ। रोम के टाइप्स पता है आपको? बताओ फटाफट। रोम के क्या-क्या टाइप्स होते हैं? रोम मेमोरी कितने टाइप की होती है? तो रोम
जो मेमोरी है आप लिखो कमेंट सेक्शन में। है ना? और यहां पे देखते भी चलो। ठीक है? कमेंट सेक्शन में लिख दो अगर रोम के
टाइप्स पता है तो फटाफट। मैम ब्रेक कब होगा? अरे अभी तो शुरुआत ही हुई है और ब्रेक की बात कर रहे हो। पहली
यूनिट पढ़ने के बाद ब्रेक, दूसरी यूनिट पढ़ने के बाद ब्रेक। समझ गए? जितने सीएस वाले मुझे सुन रहे हैं, एक-एक यूनिट पढ़ने
के बाद हम छोटा सा ब्रेक लेंगे। ठीक है? तो तीन यूनिट है, दो ब्रेक मिलेंगे। ओके? पहले पहली पूरी यूनिट समझो बहुत केयरफुली।
देखो, रोम मेमोरी जो होती है वो बेसिकली पी रोम, ईपी रोम। अब इनके फुल फॉर्म लिखो फटाफट। कमेंट सेक्शन में इनके फुल फॉर्म
लिखते चलना। आते हैं कि नहीं आते हैं? टेस्ट है आपका। जल्दी बताओ। एपी रोम, एईपी रोम। मैं तो समझाऊंगी ही। मैं तो रिवाइज
करवाने आई हूं। बट लेट्स चेक ना चेक योरसेल्फ। क्या आपको इनके फुल फॉर्म बनते हैं? ईईपी रोम। ठीक है? ये इतने टाइप की
रोम होती है। अगर हम पी रोम की बात करें तो पी रोम मींस प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी। वेरी गुड। वेरी गुड। थ्री टाइप की
रोम होती है। बहुत बढ़िया। है ना? चलिए। प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी एंड इरेज़बल प्रोग्राम प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी।
इलेक्ट्रिकली इरेज़बल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी। समझ में आ गया? प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी में आप चेंजेस नहीं कर
सकते हो। जो सेव कर दिया एक बार वो परमानेंटली बना रहेगा। इरेसेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी में यहां पे
हम डेटा को एक बार इरेज़ कर सकते हैं। लेकिन इसको इरेज़ करने के लिए स्पेशल टेक्निक का यूज़ किया जाता है। दैट इज़ यूवी
रेज़। अल्ट्रावावेलेंट रेज़ की प्रेज़ेंस में यहां से डेटा को डिलीट करते हैं। और अगर इलेक्ट्रिकली इरेज़बल प्रोग्रामेबल रीड
ऑनली मेमोरी की बात करूं तो यहां से डेटा को आप रीडराइट कर सकते हो, डिलीट कर सकते हो। यहां पे इलेक्ट्रिक पल्स का यूज किया
जाता है डेटा को डिलीट करने के लिए। इलेक्ट्रिक पल्स का। तो स्पेशल टेक्निक्स आर यूज्ड हियर इन दिस परमानेंट मेमोरी।
ओके? हेलो स्पर्श। आई मैम आई मिस यू सो मच। आई मिस्ड यू ऑल डियर स्टूडेंट्स। क्लास 11th के बच्चे इतने परेशान थे
सिलेबस को लेकर कि मैम एक बार फुल रिवीज़ ले आओ। मैम एक बार फुल कंप्लीट करवा दो। है ना? तो लो भाई मैम आ गई सेशन लेकर। चलो
बढ़े आगे। सेकेंडरी मेमोरी पे आ जाते हैं। अब प्राइमरी मेमोरी कंफर्म हो गया। समझ में आ गया? सारे टाइप्स क्लियर हो चुके
हैं। सेकेंडरी मेमोरी को क्या कहते हो आप? ऑिलरी मेमोरी कहते हो। और ये एक परमानेंट मेमोरी होती है। तो जो आप अपने कंप्यूटर
सिस्टम में हार्ड ड्राइव लगाते हो ना डेटा को परमानेंटली सेव करने के लिए पेनड्राइव का यूज़ करते हो, हार्ड ड्राइव का यूज़ करते
हो, डेटा को बैकअप वगैरह लेने के लिए वो बेसिकली सेकेंडरी मेमोरी ही होती है जिसमें आप लार्ज डेटा को स्टोर करवा सकते
हो। जीबी में टीवी में डेटा यहां पे स्टोर होता है। तो लॉन्ग टर्म स्टोरेज के लिए हम इसका यूज़ करते हैं। ये भी एक नॉन वोलेटाइल
मेमोरी होती है। मतलब जो डेटा आपने परमानेंटली सेव कर दिया इसमें वो परमानेंटली सेव होता है। अगर बीच में
इलेक्ट्रिसिटी ऑफ भी हो जाती है तो इसका डेटा लॉस्ट नहीं होता है। नॉन वोलेटाइल डेटा लॉस्ट नहीं होना। वोलेटाइल डेटा
लॉस्ट हो जाना। तो वोलेटाइल सिर्फ एक ही मेमोरी है। दैट इज़ रैम। बाकी रोम और सेकेंडरी स्टोरेज, हार्ड ड्राइव वगैरह सब
नॉन वोलेटाइल है। तो ये ट्रिक याद रखना। ठीक है? वेरी गुड। गुड वेरी गुड अंशिका प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी बहुत बढ़िया
है ना बस आई जस्ट वांट योर कमेंट्स हियर चलिए बढ़े आगे अब इसके एग्जांपल्स देखो तो हार्ड डिस्क एसएसडी पेन ड्राइव सीडीवीडी
मेमोरी कार्ड अभी ये तो आपको अच्छे से क्लियर है इसका और डिटेल्ड वीडियो देखना है तो बेटा कंप्यूटर सिस्टम वाला जो पहला
जो चैप्टर है ना मैंने बहुत डिटेल में समझाया है जाके एक बार वहां से देख लेना ठीक है बट क्योंकि हम क्विक रिवीज़ कर रहे
हैं तो आपको सारी चीजें समझना है अब इसकी कैपेसिटी भी लार्ज होती है जैसे मैंने बताया कि टेराबाइट में अवेलेबल है 1
टेराबाइट 2 टेराबाइट 4 टेराबाइट तक मेमोरी अवेलेबल है। टेराबाइट समझ रहे हो ना? गीगाबाइट से भी बड़ा। और इस बेसिकली ये
कंपैरेटिवली अगर हम बात करें रैम रोम की तो थोड़ी स्लोअर होती है। तो अब यदि एग्जाम में क्वेश्चन आया कि प्राइमरी
मेमोरी सेकेंडरी मेमोरी में डिफरेंस क्या है? तो लिख कर आओगे ना प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी में क्या डिफरेंस है?
कितने टाइप की मेमोरीज़ होती हैं? वो आपको बताना है। ओके चलो बढ़े आगे। मैम रियली यू यू मेड सीएस इज़।
ओके यू आर द बेस्ट टीचर। थैंक यू सो मच बेटा। लव यू ऑल। अब मेमोरी मेज़मेंट इसको मार्क कर लो। इसको हाईलाइट कर लो। इसका एक
क्वेश्चन पेपर में देखने को मिलेगा ही मिलेगा। 100% मेमोरी को कैसे मेजर करते हो? तो कंप्यूटर की जो मेमोरी होती है वो
ज़ीरो और वन में होती है। ठीक है? मतलब ज़ीरो और वन सबसे स्मालेस्ट यूनिट होती है। बिट्स जिसको कहते हो आप। फिर फोर बिट्स से
मिलकर बनता है निबल। फोर बिट्स मतलब 1 0 1 0 ऐसे फोर बिट से मिलकर क्या बन रहा है? वन निबल। याद रखना। ये यूनिट्स याद रखना।
अगर मैंने एट बिट्स मिला दी। एट बिट्स लगा दी। तो एट बिट्स से मिलकर क्या बनेगा? 1 बाइट बी वाई टी ई बहुत कंफ्यूजन होता है
बिट बाइट में मैम। ठीक है? और ऐसे ही 1024 बाइट्स को जब मिलाते हो तो क्या बनता है? 1 kb दैट इज KB मींस 1 किलोबाइट। सिमिलरली
जब 1024 KB मिलते हैं तो क्या बनता है? 1 मेगाबाइट। और 1024 MB मिलते हैं तो क्या बनता है? 1 गीगाबाइट। ठीक है? याद रखना
है। 1024 GB मिलते हैं तो क्या बनता है? 1 टेराबाइट। अंडरस्टुड दिस थिंग। अब सिर्फ यहां कहानी खत्म नहीं होती है। ये एमबी
केबी टीवी टीवी पे आके रुकना नहीं है। इसके आगे पैटाबाइट योटाबाइट योटाबाइट बहुत सारा है। अगर आप सर्च करोगे ना तो ये
चार्ट बहुत लें्थी है। बट क्योंकि अभी हमारे पास इतने ही अमाउंट में अवेलेबल है मेमोरी साइज तो हम यहीं तक पढ़ते हैं। ठीक
है? आ गई बात समझ में? चलो बढ़ जाए आगे। नाउ हार्डवेयर्स। अभी हार्डवेयर्स क्या होते हैं? हम हमने अभी तक ये सारी चीजें
कंप्लीट कर लिया। तो हार्डवेयर जितने भी फिजिकल पार्ट्स होते हैं जो कि फिजिकली स्पेस ऑक्यूुपाई करते हैं जिसको टच कर
सकते हो आप। ठीक है? जो कि किसी भी प्रोग्राम सॉफ्टवेयर को रन करने में कैपेबल होते हैं वो हार्डवेयर कहलाता है
जिसमें सारे हार्डवेयर डिवाइसेस आ जाते हैं। आपके कीबोर्ड, मॉनिटर, प्रिंटर, माउस, स्कैनर एंड ऑल जितने भी डिवाइसेस आप
देखते हो वो सब हार्डवेयर कहलाते हैं। और सॉफ्टवेयर क्या होता है? तो बेटा सॉफ्टवेयर वो सारे प्रोग्राम्स होते हैं,
इंस्ट्रक्शंस होते हैं जो हम कंप्यूटर को देते हैं। कोई हार्डवेयर डिवाइस काम क्या करेगा? वो बताने के लिए हम उसमें
सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करते हैं। ठीक है? है? जैसे फॉर एग्जांपल कि आपको म्यूजिक सुनना है, मूवी देखना है या आपको डॉक्यूमेंट
बनाना है, प्रेजेंटेशन बनाना है। तो ये करोगे कैसे? जब उसमें वो सॉफ्टवेयर होगा। अंडरस्टुड दिस थिंग? तो सॉफ्टवेयर इज़ अ
प्रोग्राम एंड व्हाट इज़ प्रोग्राम? प्रोग्राम इज़ अ सेट ऑफ़ इंस्ट्रक्शंस। एमसीक्यूस में ये भी पूछ सकते हैं। अब
कितने टाइप के सॉफ्टवेयर्स होते हैं? तो सॉफ्टवेयर आपके दो टाइप के होते हैं। सिस्टम सॉफ्टवेयर एंड एप्लीकेशन
सॉफ्टवेयर। इसमें भी डिफरेंस आता है और ये भी आपसे पूछा जाता है। ठीक है? मैम साइबर सिक्योरिटी वाला चैप्टर करवा दो। वो भी
करेंगे बेटा। आज के सेशन में पूरा क्विक रिवीजन करेंगे। है ना मैम? क्लास 10थ डेटा साइंस ओके डेटा साइंस के मैराथों्स भी
आएंगे डोंट पैनिकिक 20 फरवरी को आपका पेपर है आई नो डेटा साइंस वालों उसके पहले आपको सारी चीज मिल जाएगी और ये मेरा वादा है
आपसे ओके तो जो वादा किया वो मैं नहीं तोडूंगी चलो सिस्टम सॉफ्टवेयर की बात करें तो सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या होता है कंट्रोल
करते हैं सिस्टम को जो सिर्फ सिस्टम के लिए बनाए जाते हैं और जितने भी कंप्यूटर के हार्डवेयर्स हैं उनको रन करने में उनको
कैपेबल अ रन करने में कैपेबल करते हैं। मींस कि फॉर एग्जांपल आपके पास में हार्ड ड्राइव है तभी तो आप डेटा स्टोर कर पाओगे।
आपके पास प्रोसेसर है तभी डेटा प्रोसेस हो पाएगा। आपके पास कीबोर्ड है तभी आप एक्चुअल डेटा इनपुट कर पाओगे। गॉट इट? और
इन सभी को कैपेबल करने में कि ये अपना काम करें। हमें इनमें सॉफ्टवेयर डालने होते हैं। दैट इज़ सिस्टम सॉफ्टवेयर। इसमें सबसे
पहला सॉफ्टवेयर आ जाता है आपका ऑपरेटिंग सिस्टम। दूसरा होता है लैंग्वेज ट्रांसलेट और तीसरा होता है यूटिलिटी सॉफ्टवेयर। है
ना? अब इनको और बहुत ज्यादा डिटेल में नहीं समझाऊंगी। बस सिर्फ इतना समझो कि ऑपरेटिंग सिस्टम इकलौता ऐसा सॉफ्टवेयर
होता है जो बहुत जरूरी होता है। जैसे हमारी ह्यूमन बॉडी में सोल की क्याेंस है? आपको पता है ना? अगर हमारी ह्यूमन बॉडी
में सोल नहीं होगी तो एक डेड बॉडी की तरह हम होंगे। बिल्कुल वैसे ही अगर कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होगा तो आपका
कंप्यूटर सिस्टम एक डेड मशीन की तरह होगा। तो ओवरऑल सारा काम जो करता है कंप्यूटर सिस्टम में मैनेजमेंट का वो ऑपरेटिंग
सिस्टम होता है। उसके बाद जैसे आप अभी अपने कंप्यूटर सिस्टम को परचेस करते हो तो वो पूछता है भई कौन सा ऑपरेटिंग सिस्टम
इंस्टॉल करना है? Windows, iOS कौन सा? ठीक है? तो यहां पे आप बताते हो कि Windows 11 या 10 जो भी लेटेस्ट ऑपरेटिंग
सिस्टम है उसके अकॉर्डिंग आप इंस्टॉल करते हो। लैंग्वेज ट्रांसलेटर्स क्या होते हैं? जो भी आप एंटर करते हो कंप्यूटर वो नहीं
समझता है। क्यों? क्योंकि कंप्यूटर की अपनी लैंग्वेज है मैम। उसे हमारी लैंग्वेज से कोई मतलब नहीं है। तो कंप्यूटर की जो
लैंग्वेज है वो है 01 01 वाली लैंग्वेज जिसे मशीन लैंग्वेज कहते हैं। और हम जिस लैंग्वेज में कोड करते हैं वो ह्यूमन
अंडरस्टैंडेबल लैंग्वेज होती है। तो ह्यूमन अंडरस्टैंडेबल लैंग्वेज को मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करने के लिए
लैंग्वेज ट्रांसलेटर्स होते हैं। अभी ट्रांसलेटर्स के नाम आपको बताने हैं कि कौन-कौन से ट्रांसलेटर्स हैं जो हमने यूज़
किए हैं। मैम 12th की क्लास कब आएगी? 12th की क्लास भी आएगी ना? शेड्यूल देखो 12th आईपीआईटी एआईसी ये सभी के लाइव शेड्यूल्स
मैंने बता दिया है। ओके? बनाया हुआ है प्रॉपर्ली। बताओ ट्रांसलेटर्स कौन-कौन से होते हैं? हरी अप। लैंग्वेज ट्रांसलेटर्स।
आई एम वेटिंग। फिर मैं आंसर बताती हूं। नेक्स्ट इज़ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर। अब यूटिलिटी सॉफ्टवेयर्स क्या होते हैं? जो
सिस्टम को यूटिलिटी देते हैं। मतलब सिस्टम को फैसिलिटी देते हैं। देखो सिस्टम सॉफ्टवेयर में ये जो तीन सॉफ्टवेयर के नाम
बता रही हूं ये जरूरी है। इनके बिना सिस्टम काम नहीं करता है। यूटिलिटी सॉफ्टवेयर में सपोज आपको डेटा का बैकअप
लेना है। तो आपने कोई बैकअप सॉफ्टवेयर ले लिया। आपको फाइल को कंप्रेस करना है। आपकी फाइल शेयर नहीं हो रही है। तो आपने फाइल
कंप्रेस कर ली। जेबी की फाइल है उसको एमबी में केबी में कंप्रेस कर लिया। तो फाइल कंप्रेशन टूल्स होते हैं। फाइल डेटा बैकअप
टूल्स होते हैं। ये सभी यूटिलिटी होते हैं। एंटीवायरस टूल्स होते हैं जो एंटीवायरस सॉफ्टवेयर होते हैं जो आपके
सिस्टम को वायरसेस से बचाते हैं। तो ये सब आ जाते हैं यूटिलिटी सॉफ्टवेयर में। अब मुझे जल्दी से कमेंट सेक्शन में एक चीज और
बताओ कि आपके पास जो सिस्टम है उसमें कौन सा एंटीवायरस आपने इंस्टॉल किया हुआ है और लैंग्वेज ट्रांसलेटर के क्या-क्या नाम है।
ओके हरी अप। मैम असेंबलर कंपाइलर, इंटरप्रेटर। बहुत बढ़िया। सबसे पहला आंसर करने वाली है मेरे सामने यहां पर ममता जैन
वेरी वेरी गुड बेटा देन उसके बाद अंश ने आंसर किया है स्वालिया ओके अंशिका
वेरी गुड है ना मैम सोसाइटी लॉ वो भी पढ़ाऊंगी ना बेटा सोसाइटी लॉ वाला थर्ड यूनिट भी आज हम कंप्लीट करके जाएंगे यहां
से टेंशन ना लो ओके चलो तो लैंग्वेज ट्रांसलेटर में कंपाइलर इंटरप्रेटर असेंबलर आता है
कंपाइलर और इंटरप्रेटर में डिफरेंस आता है नोट इट डाउन ठीक है ये क्वेश्चन वेरी वेरीेंट है कंपाइलर और इंटरप्रेटर में
क्या डिफरेंस है? कंपाइलर पूरा कोड एक बार में कंप्लीट करता है। मैम एक बार में एग्जीक्यूट कर देता है। जहां एरर होती है,
बता देता है कि इस लाइन में ये एरर है। एरर सॉल्व करो। एंड होल कोड विल बी एग्जीक्यूटेड इन वन गो। दिस इज़ कंपाइलर जो
कि फास्ट होता है। अब ये इंटरप्रिटर की बात करें तो इंटरप्रिटर एक-एक लाइन को सपोज़ 10 लाइन का कोड है तो एक-एक लाइन को
लाइन बाय लाइन बाय लाइन क्या करता है? एग्जीक्यूट करता है। तो ये थोड़ा स्लो होता है। समझ में आ गई बात? लेकिन जिस लाइन में
एरर आएगी वो एरर जब तक सॉल्व नहीं होगी तब तक इंटरप्रेटर आगे नहीं बढ़ेगा। तो Python इंटरप्रेटेड लैंग्वेज है। उसमें
इंटरप्रेटर यूज़ होता है। दैट इज़ व्हाई Python प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इज़ स्लो एज़ कंपेयर टू Java C++। गॉट माय पॉइंट?
क्योंकि जावा और C++ में यूज़ होता है आपका कंपाइलर जो कि फर्स्ट प्रोग्राम को एग्जीक्यूट करता है। क्लियर? चलो तो दिस
इज़ द डिफरेंस। एंड व्हाट अबाउट असेंबलर? तो पहले असेंबली लैंग्वेज हुआ करती थी। उसको कन्वर्ट करने के लिए असेंबलर यूज़
होता था। जिसमें निमोनिक्स का यूज़ करते थे। आजकल असेंबलर के बारे में क्वेश्चन आता नहीं है। कंपाइलर इंटरप्रेटर दिस इज़
वेरी मचेंट। ओके? बढ़े आगे बढ़ जाएं। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर पे आ जाए। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर्स क्या होते हैं? वो सारे
सॉफ्टवेयर्स होते हैं एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर्स जो कि यूजर को फैसिलिटी देते हैं। सिस्टम सॉफ्टवेयर जो सिस्टम को
फैसिलिटी देते हैं। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर जो यूजर को फैसिलिटी देते हैं। आपको जो भी काम कंप्यूटर पे करना है आपका व्हाटएवर द
काम एज अ बिज़नेस आपको कुछ काम करना है। एज अ स्टूडेंट आपको कुछ करना है। व्हाटएवर तो वो सारे स्पेसिफिक टास्क हम एप्लीकेशन
सॉफ्टवेयर के थ्रू परफॉर्म करते हैं। अब ये स्पेसिफिक यूजर टास्क में क्या आ सकता है? एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या हो सकते
हैं? आपके जनरल पर्पस और स्पेशल पर्पस। अगर जनरल पर्पस की बात करें तो MS Word, एक्सेल, Photoshop, वेब ब्राउज़र ये सब
जनरल पर्पस है। MS Word, एक्सेल Powerpoin जैसे जो सॉफ्टवेयर है उसको कोई बिज़नेस पर्सन भी यूज़ कर सकता है। कोई स्टूडेंट,
टीचर, डॉक्टर है ना कोई भी कोई भी पर्सन यूज़ कर सकता है अपने डॉक्यूमेंट, रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन, स्लाइड्स बनाने के लिए।
लेकिन जो स्पेशल पर्पस सॉफ्टवेयर्स होते हैं, वो एक स्पेशल पर्पस के लिए यूज़ किए जाते हैं। जैसे आपको कहीं घूमने जाना है,
तो आपको रेलवे टिकट्स से या फ्लाई फ्लाइट के टिकट्स बुक करने हैं। तो ऐसा तो है नहीं कि वर्ड एक्सेल, powerpin पे आप
फ्लाइट के टिकट्स से या रेलवे टिकट्स बुक कर लोगे। उसके लिए स्पेसिफिक सॉफ्टवेयर बना हुआ है ना? आईआरसीटीc की वेबसाइट है।
जहां जाओगे वहां से आप रेलवे टिकट्स बुक कर पाओगे। गॉट इट? अगर आपको सैलरी के लिए कोई सॉफ्टवेयर बनाना है, अटेंडेंस सिस्टम
बनाना है स्टूडेंट के अटेंडेंस के लिए तो अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम, लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम, होटल मैनेजमेंट सिस्टम,
बिल मैनेजमेंट सिस्टम, बिल्स के लिए जो बनता है आप जाते हो ना मॉल्स वगैरह में उनका एक अलग से सॉफ्टवेयर होता है जिसके
थ्रू बिल्स को पे किया जाता है। है ना? तो ये कुछ स्पेशल पर्पस सॉफ्टवेयर्स हो गए। तो चलो सॉफ्टवेयर वाला कांसेप्ट समझ में आ
गया? आ गया। कोई डाउट नहीं है यहां तक? क्लियर हो रहा है? क्लियर हो रहे हैं? मैं अपनी तरफ से काफी जल्दी सेशन खत्म करने की
कोशिश करूंगी। बट आपको स्टार्ट से लेकर एंड तक बनना है और कहीं कुछ भी डाउट हुआ है तो पूछते चलो।
ओके मैम मुझे आपके बारे में मेरे फ्रेंड से पता चला। आईटी में जीरो से हीरो बना दिया। ओके क्या बन सकते हैं? ओके प्लीज आप
उसके वीडियोस बना दीजिए। बेटा सुनो आईटी के ऑलमोस्ट वीडियोस अवेलेबल है और इस टाइप का वीडियो तो आईटी का बहुत पहले मैंने
अपलोड कर दिया है। ठीक है? जरा प्लेलिस्ट में जाओ। प्लेलिस्ट में जाओ वहां आईटी का वीडियो मिल जाएगा। ओके? नाउ कम टू द
नेक्स्ट दैट इज़ ऑपरेटिंग सिस्टम। तो ऑपरेटिंग सिस्टम का एक क्वेश्चन आता है बेटा एग्जाम में। ऑपरेटिंग सिस्टम है
क्या? एक मेन प्रोग्राम होता है, एक इंटरफ़ेस होता है जो कि यूजर और कंप्यूटर के बीच में काम करता है। ठीक है? इट इज़
एक्ट ऐज़ एन लिंक बिटवीन यूजर एंड कंप्यूटर। क्या करता है? ये कंप्यूटर जैसे स्टार्ट होता है तब से अपना काम करना शुरू
कर देता है। हार्डवेयर को मैनेज करता है। जितनी एप्लीकेशनेशंस यूज़र्स को चाहिए वो सारी एप्लीकेशनेशंस को भी रन करता है। अब
कौन-कौन से ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं? Windows, Linux, Mac OS, Android है ना? ना ये सारे ऑपरेटिंग सिस्टम है। राइट?
आजकल तो Linux और Mac Linux ज्यादा बूम पर है। राइट? नाउ उसके बाद बात करें कि क्या-क्या काम होते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम
के। ये वेरी-वेरीेंट है। दोनों याद रखना इस स्लाइड में से क्वेश्चन आता है। फंक्शन ऑफ़ ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोसेस को मैनेज करता
है, मेमोरी मैनेज करता है, फाइल मैनेज करता है, डिवाइसेस मैनेज करता है, इवन सिक्योरिटी भी देता है। ठीक है? आ गई बात
समझ में? चलो, अब कितने टाइप के ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं? तो फोर टाइप के ऑपरेटिंग सिस्टम हमने यहां पर बताए हैं। सिंगल यूजर
ऑपरेटिंग सिस्टम जिसमें वन यूजर एट अ टाइम काम करता है। जिसमें Microsoft का DOS डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम जिसमें कमांड लेवल
पे हम काम करते हैं। एट अ टाइम एक ही यूजर यहां पर कमांड को रन कर सकता है। बात करें मल्टीयूजर ऑपरेटिंग सिस्टम पे जिसमें मेनी
यूजर एट अ टाइम काम कर सकते हैं। तो Windows जो आप अभी यूज़ करते हो ऑपरेटिंग सिस्टम वो मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम है।
ठीक है? मल्टीपल स्क्रीन्स ओपन हो सकती है। मल्टीटास्किंग जिसमें एक समय में एक से ज्यादा टास्क परफॉर्म कर सकते हो। मान
लो कि अभी आप मेरा वीडियो भी देख रहे हो सिस्टम पे। कुछ प्रिंटिंग के लिए आपने प्रिंट भी दिया हुआ है और कहीं पे कोई
सॉन्ग्स या मूवीस भी चल रही है। स्लाइड्स भी बना रहे हो। इंटरनेट को भी एक्सेस कर रहे हो। ये सब काम एक साथ चल रहा है। तो
दैट ऑपरेटिंग सिस्टम अगेन विंडोज जो कि ये सारे काम करने में कैपेबल होता है। एक होता है रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम। रियल
टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम जो इमीडिएटली आपको रिस्पांस करता है। जब आप इंटरनेट पे काम कर रहे होते हो तो इंटरनेट पर रियल टाइम
में अगर आपको कोई भी प्रोसेस रन करनी है, कोई भी टास्क परफॉर्म करनी है तो वहां यूज़ होता है। ओके
चलिए बढ़े आगे। क्लियर? ओके। मैम प्रोग्रामिंग टूल यस। पाइथन पे आएंगे ना अभी हम पाइथन वाला पूरा
यूनिट करेंगे। लिस्ट, स्ट्रिंग, डिक्शनरी सारी चीज़ें। अभी तो सेशन की शुरुआत हुई है। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त। तो
बने रहो सेशन में। नंबर सिस्टम पे आ चुके हैं। मतलब कि फर्स्ट चैप्टर खत्म। फर्स्ट चैप्टर में जितना जो इंपॉर्टेंट है जो बन
सकता है कैसे क्वेश्चन आ सकते हैं वो मैंने समझा दिया। समझ में भी आ गया ना? ओके। अभी नंबर सिस्टम जो सेकंड चैप्टर
आपकी बुक में दिया हुआ है दैट इज़ बाइनरी नंबर सिस्टम, ऑक्टल नंबर सिस्टम, हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम और उसी के साथ
में आपका डेसिमल नंबर सिस्टम। ये चार टाइप के नंबर सिस्टम होते हैं। ध्यान रखना। मतलब कि आप जो नंबर लिखते हो ना 1 2 3 4
कोई भी नंबर लिखते हो। नंबर तो बहुत सारे ज़ीरो से नाइन डिजिट से बनने वाले बहुत सारे नंबर्स हैं मैम। तो इंटरनली सिस्टम
में वो कैसे कन्वर्ट होते हैं? इंटरनली सिस्टम में जब जाते हैं तो वो नंबर कन्वर्ट कैसे होते हैं? तो उसके लिए ये
नंबर सिस्टम बनाए गए हैं। नंबर सिस्टम होता क्या है? समझ में आ रहा है? अभी जिन भी किसी बच्चों को नंबर सिस्टम वाले
चैप्टर में डाउट है वो सब क्लियर हो जाएंगे। ओके? चलो बढ़े। आगे बढ़े मैम। फाइव सब्जेक्ट वाला
कांसेप्ट समझा दो। फाइव सब्जेक्ट वाला कांसेप्ट भी बताऊंगी। टेंशन ना लो। टेंशन ना लो। ठीक है? लास्ट तक बने रहना है ना?
चलो डेसिमल का मतलब क्या हो गया? 10 नंबर्स मतलब 0 टू 9 ज़ीरो से स्टार्ट होंगे। 0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 वो डेसिमल
नंबर सिस्टम होता है जिसका बेस 10 होता है। बाइनरी नंबर सिस्टम जिसका बेस टू होता है जिसमें दो ही नंबर आते हैं। दैट इज़
ज़ीरो एंड वन बिट्स। ठीक है? ऑक्टल नंबर सिस्टम जिसका बेस एट होता है जिसमें ज़ीरो टू सेवन आपके नंबर्स आते हैं। एंड
हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम जिसका बेस 16 होता है। जिसमें ज़ीरो टू नाइन तो नंबर्स होते हैं। लेकिन 10 11 12 13 14 15 क्या
होते हैं आपके? ए टू एफ कैरेक्टर 10 के लिए आता है ए 11 के लिए आता है बी 12 के लिए आता है सी 13 के लिए आता है डी 14 के
लिए आता है ई और 15 के लिए आता है आपका एफ ठीक है तो नाइन के बाद 10 11 12 13 14 15 डन समझ में आ गई बात तो ए से लेकर एफ तक
आपके कररेक्टर्स होते हैं। क्लियर? अब ये नंबर सिस्टम में आप कन्वर्ज़ंस कैसे करोगे? तो हम यहां जो कन्वर्शन करेंगे ध्यान से
समझना। आप डेसिमल टू बाइनरी, डेसिमल टू ऑक्टा, डेसिमल टू हेक्साडेसिमल कन्वर्शन कर सकते हो। सेम इसका रेसिप्रोकल भी कर
सकते हो। बाइनरी टू डेसिमल है ना? बाइनरी टू ऑक्टल, बाइनरी टू हेक्साडेसिमल या डेसिमल टू बाइनरी, डेसिमल टू ऑक्टल,
डेसिमल टू हेक्साडेसिमल। ऐसे टोटल 16 कन्वर्शनंस हैं जो हम यहां कर सकते हैं। कितने कन्वर्शन? 16 कन्व कन्वर्शनंस। समझ
में आ गया? ओके? क्लियर हो रहा है? चलो, बढ़ जाए आगे। अब कन्वर्ज़ंस देख लेते हैं। जल्दी-जल्दी फटाफट से कन्वर्ज़ खत्म
करेंगे। बोलिए लॉजिक गेट्स और सर्किट खत्म करेंगे और उसके बाद आ जाएंगे पाइथन पर। है ना? तो यहां पर सबसे पहले समझते हैं हम
डेसिमल से। ध्यान से समझना। पहले मैं आपको सारे कन्वर्शन बता रही हूं अभी। डेसिमल से बाइनरी। ठीक है? डेसिमल से ऑक्टल और
डेसिमल से ही हेक्साडेसिमल। अब इनमें करना क्या है? इसका ट्रिक समझो। ट्रिक समझो। जब डेसिमल से आपको बाइनरी,
ऑक्टल, हेक्साडेसिमल करना होता है, तो हम यहां पे करते हैं डिवाइड। आप किससे डिवाइड करते हो? बाइनरी से टू से डिवाइड करोगे।
ऑक्टल में एट से डिवाइड करोगे। हेक्साडेसिमल में 16 से डिवाइड करोगे और डिवाइड करने के बाद में आप जो रिमाइंडर
आता है ना उस रिमाइंडर को नोट करते चलते हो। उस रिमाइंडर को नोट करते हो तब आपका वो नंबर बेसिकली कन्वर्ट होता है। ठीक है?
कैसे? ध्यान से समझो। बहुत केयरफुली। सपोज यहां हम क्या कर रहे हैं? डेसिमल से बाइनरी में कन्वर्शन कर रहे हैं। तो दो
मेथड्स हैं। पहली मेथड तो डिवाइड द नंबर बाय टू। टू से नंबर को डिवाइड करते जाएंगे। रिमाइंडर जो आएगा वो रिमाइंडर
लिखते जाएंगे और उसको नोट करते जाएंगे। नंबर पूरा डिवाइड हो रहा है तो जीरो बच रहा है। नंबर अगर डिवाइड नहीं होता है तो
रिमाइंडर वन बचता है। और फिर जो भी आंसर आता है उसको बॉटम टू टॉप लिख देते हैं। दिस इज़ द मेथड। सपोज़ कि 25 दिया हुआ है तो
25 को आपको डिवाइड करना है किससे? टू से। किसमें कन्वर्ट करना है मैम? डेसिमल टू बाइनरी। तो टू से डिवाइड करेंगे। है ना?
कैसे डिवाइड करोगे आप यहां पे? 2 * 1 = 2, 2 * 2 = 4 रिमाइंडर क्या बच गया यहां पे? वन। पूरा डिवाइड हुआ ही नहीं मैम। फिर टू
से डिवाइड करो। 2 * 6 = 12 ये पूरा डिवाइड हो गया। 2 * 3 = 6 ये भी पूरा डिवाइड हो गया। ठीक है? 2 * 1 = 2 यहां पे फिर वन
बचेगा। तो ये 1 1 0 1 इसको रेसिप्रिल ऑर्डर में लिख दो। दैट इज़ 1 0 1 विल बी द बाइनरी नंबर ऑफ़ दिस 25। गॉट इट? समझ में
आया? बहुत ईजी है। क्लियर हो रहा है? जरा थम्स अप देके बता दो कि यस मैम कन्वर्ज़ समझ में आ रहा है। फटाफट से फटाफट से।
ओके? चलो। तो ये था सिंपल सा कन्वर्शन। बाइनरी टू डेसिमल। डेसिमल टू बाइनरी। अभी डेसिमल टू ऑक्टल करना है तो टू की जगह पर
एट आ जाएगा। डेसिमल टू हेक्साडेसिमल करना है तो टू की जगह पर 16 आ जाएगा। दैट्स इट। इतना ही करना होता है। ठीक है? अभी डेसिमल
टू ऑक्टल करना है तो किससे डिवाइड करोगे? एट से। ये देखो एट से डिवाइड किया ये 83 को। है ना? 83 को एट से डिवाइड करा तो 10
बचा रिमाइंडर। 10 बार डिवाइड हुआ। रिमाइंडर बचा थ्री। फिर हम यहां पे डिवाइड करेंगे। लाइक मैं अगर आपको डिवाइड करके
दिखा दूं तो हम एट से डिवाइड करेंगे। राइट? 8 * 1 = 8 और यहां पे ये थ्री एज़ इट इज़ है। थ्री का तो कुछ करोगे नहीं। 10 =
10 समथिंग कुछ जाएगा। राइट? तो रिमाइंडर यहां क्या बचेगा? थ्री बचेगा। फिर एट से डिवाइड करोगे समथिंग है ना एक एक ओवरव्यू
आपको बता रही हूं कि किस तरीके से डिवाइड होगा अंडरस्टुड? फिर 8 * 1 = 8 तो यहां कुछ भी नहीं बच रहा है। यहां पे रिमाइंडर
बच जाएगा आपका टू और ये वन एज़ इट इज़ यहां आ जाएगा। तो 123 विल बी द आंसर। 123 क्या हो जाएगा आपका? ऑक्टल नंबर हो जाएगा। और
ये था आपका डेसिमल नंबर। गॉट इट? समझ में आ गया? बस ऐसे ही अगर हेक्साडेसिमल में आएगा कन्वर्ज़ डेसिमल टू हेक्साडेसिमल, तो
आपको 16 से डिवाइड करना पड़ेगा। समझ में आया? अदरवाइज आपको पता है बहुत अच्छे से कि हर एक डेसिमल वैल्यू का कुछ ना कुछ
हेक्साडेसिमल वैल्यू होता है। हेक्साडेसिमल वैल्यू को हम थ्री डिजिट हेक्साडेेसिमल वैल्यू को हम फोर डिजिट से
रिप्रेजेंट करते हैं अगर इसकी टेबल बनाते हैं तो। ठीक है? डेसिमल वैल्यू देखो ये 10 से लेके 15 तक इसका जो हेक्साडेसिमल
वैल्यू है वो ए, बी, सी, डी, ई और एफ ये होती है। क्लियर? मतलब ज़ीरो अगर नंबर है तो इसकी हेक्साडेसिमल नंबर 0 होगा। वन है
तो 0 0 1 होगा। टू है तो 0 0 1 0 होगा। ठीक है? थ्री है तो 0 0 1 1 होगा। ये बस ध्यान रखना। तो आप कितने भी नंबर के टेबल
बना सकते हो। और ये ट्रिक मैं पहले भी बच्चों को बता चुकी हूं। दैट इज़ 0 1 10 और 11। ये बस ये चार कॉम्बिनेशंस अगर आपको
याद हैं तो फिर आप कितने भी बिट्स का, कितने भी नंबर का टेबल बना सकते हो। इसको अच्छे से समझ लेना। ठीक है? मजा आ रहा है?
मजा आ रहा है सेशन में? सब चीजें समझ में आ रही है अच्छे से? रिवाइज हो रहा है कि नहीं? हो रहा है ना? ओके। हाय अंशिका। हाय
बेटा। हाय मोनी। हाय स्वल्या डिफरेंस लिख डिफरेंस लिखना है क्या? कंपाइलर इंटरप्रेटर का डिफरेंस लिखवा दूं। ओके ओके
ओके ओके। नोट्स प्रोवाइड करूंगी बेटा। कंपाइलर एग्जीक्यूट्स द होल कोड इन वन गो। इंटरप्रेटर एग्जीक्यूट्स द कोड वन बाय वन।
ठीक है? कंपाइलर इज़ फ़ास्ट एंड इंटरप्रेटर इज़ स्लो। C++ कंपाइलर इज़ यूज़्ड। Python इंटरप्रेटर इज़ यूज़्ड। ठीक है? ठीक है? इन
पाइथन लैंग्वेज बस दिस मच इज़ सफिशिएंट। क्लियर? चलो तो ये समझ में आ गया। क्या याद रखना है? 0 1 10 और 11 दैट इज़। बस
इतना याद रखोगे ना बेटा जी? ये याद रखोगे तो ये मान लो कि आगे की पूरी टेबल बनाओगे। देखो अब अगर मैंने फोर लिया तो फोर में
आपको क्या लिखना है? ज़ीरो। अब इस ज़ीरो को रिप्लेस करोगे वन से। 0 1 0 ठीक है? फिर फाइव लिया तो 0 1 0 1 फिर सिक्स लिया तो 0
1 1 0 और सेवन लोगे आप तो सेवन के केस में क्या आ जाएगा? ध्यान से समझना। सेवन के केस में आएगा 0 1 1 तो ये देखो ये आ गया
ज़ीरो ये आ गया वन ये आ गया 10 ये आ गया 11 इस ज़ीरो को हमने इस वन से रिप्लेस किया बस ऐसे ही बढ़ते चले जाएंगे आगे नंबर्स और
उसके बाद देखो 10 के लिए ये आ जाएगा 11 के लिए 12 के लिए ये ये बेसिकली इसके हेक्साडेसिमल नंबर्स हैं ठीक है इसको आगे
अभी हम डिस्कस करेंगे तो इतना समझ में आ गया तीन कन्वर्शन डेसिमल टू बाइनरी डेसिमल टू ऑक्टल डेसिमल टू हेक्साडेसिमल अब बढ़ते
हैं बाइनरी से डेसिमल में अपोजिट कन्वर्शन ठीक है क्या समझाया मैंने कि मैम डेसिमल से अगर बाइनरी करना है, डेसिमल से अगर
बाइनरी करना है तो हम यहां पे कर देते हैं टू से डिवाइड। ठीक है? और अब अगर आपको ये सेम प्रोसेस रिपीट करनी है। क्या करना है?
आपको ये सेम प्रोसेस रिपीट करनी है। अब अगर आपको बाइनरी से डेसिमल करना है तो आप क्या करोगे यहां पर? ध्यान से समझना। अगर
आपको बाइनरी से डेसिमल करना है तो आप करोगे यहां पर टू की पावर से मल्टीप्लाई। टू की पावर से मल्टीप्लाई। मल्टीप्लाई
करेंगे यहां पर। इसके उल्टे कन्वर्शन में और यही सेम चीज़ आपकी बाइनरी की जगह पर ऑक्टल होगा। ऑक्टल की जगह पर
हेक्साडेेसिमल होगा। ठीक है? ये ट्रिक याद रखना। बाइनरी में टू आएगा। हेक्साडेसी ऑक्टल में एट आएगा। हेक्साडेसिमल में 16
आएगा। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं। देखो क्या लिखा हुआ? बाइनरी टू डेसिमल में आप यहां पे आपको टू
की पावर से मल्टीप्लाई करते चलना है। फॉर एग्जांपल ये तो बहुत बड़ा नंबर मैंने ले लिया। एक छोटा सा नंबर लेती हूं। सपोज 100
01 कैसे करोगे? एक क्वेश्चन बता रही हूं। बाकी तो अब आप कर लोगे। इसके क्वेश्चन आएंगे। एक दो क्वेश्चन तो आएगा ही आएगा
एग्जाम में क्योंकि यहां से बनता है। ये 2 की पावर ज़ीरो पे है। ये 2 की पावर 1, ये 2 पावर 2, ये 2 की पावर 3 तो ये टू की पावर
में नंबर्स हैं आपके। ठीक है? समझ में आ रहा है? और इन नंबर्स को इसके साथ में मल्टीप्लाई करना है और एट द एंड प्लस करना
है। तो 2 की पावर 0 कितना होता है? वन। याद रखना किसी भी नंबर की पावर ज़ीरो वन होता है। 1 * 1 = 1 2 पावर 1 2 0 2 4 4 0
2 3 इज़ 8 * 1 = 8 ठीक है? इसको प्लस कर दो सारे नंबर को। 8 + 1 दैट इज़ 9. 9 विल बी द आंसर। तो, यह किसका हो गया? यह बाइनरी
नंबर से किसका डेसिमल नंबर निकल गया मैम? नाइन का निकल आया। तो, सेम अगर क्वेश्चन आपको ऑक्टल में कन्वर्ट करने को आ जाए, तो
टू की जगह पर एट ले लेना। हेक्साडेसिमल में आ जाए, तो 16 ले लेना। और इसको एक और तरीका है सॉल्व करने का। ऑक्टल और
हेक्साडेसिमल में। अब वो एक और तरीका क्या है? सुनो। ठीक है? वो एक और तरीका क्या है? ध्यान से
सुनना। वो एक और तरीका है टेबल वाला। ये टेबल बनाते आती है सभी को? जल्दी यस और नो में आंसर करो। ये टेबल डिजाइन करना आता
है। अभी मैंने सिखाया ना वैसे ही कर लेना डिजाइन टेबल। देखो यहां पर ऑक्टल में थ्री बिट्स में रिप्रेजेंट करते हैं और
हेक्साडेसिमल में फोर बिट्स में रिप्रेजेंट करते हैं। ज़ीरो को क्या लिख रहे हैं? 0 वन को क्या लिख रहे हैं? 0 1
ध्यान से देखते चलो। ये वन ये 10 ये 11 फिर ये ज़ीरो रिप्लेस हो गया यहां पे। ये ज़ीरो रिप्लेस हो गया वन से तो 10010
111 ठीक है? 1000 1000 1 अंडरस्टुड? 10 11 तो 0 1 10 11 याद कर लो। ये याद हो गया तो कितने भी डिजिट के टेबल यूं चुटकियों में
बना दोगे। ठीक है? समझ में आ गया? ओके ओके ओके वेरी गुड। देखो ध्यान से कैसे बनाते हैं टेबल? एक
बार फिर से समझ लो। 0 1 2 3 4 5 6 7 8 और नाइन। बहुत केयरफुली समझना। हमें यहां पर ऑक्टल को थ्री डिजिट्स में लेना होता है।
कितने में? ऑक्टल को थ्री डिजिट्स में लेते हैं हम। तो थ्री डिजिट्स में कैसे लेते हैं नंबर्स? जीरो को रिप्रेजेंट करते
हैं थ्री डिजिट्स में। है ना? और वन को रिप्रेजेंट करेंगे वन से, टू को 10 से, थ्री को 11 से। तो बहुत केयरफुली बस ये
चीज़ समझो। 0 1 10 11। अब इस ज़ीरो को रिप्लेस करोगे आप वन से। यही सीक्वेंस फॉलो करना है। यही सीक्वेंस आपको फॉलो
करना है। ठीक है? इसको वन से रिप्लेस करा। तो 1 0 0 4 का आ गया। फाइव का आ जाएगा 1 0 1 सिक्स का आ जाएगा 1 1 0 से का आ जाएगा 1
1 समझ में आ गया? 0 1 10 11 0 1 10 11 गॉट इट क्लियर हो रहा है यहां तक समझ में आया चलो तो ये हो गए आपके नंबर सीक्वेंस
क्लियर यहां देखो ये आ गया ज़ीरो ये आ गया वन ये आ गया 10 ये आ गया 11 तो ये ज़ीरो यहां पे वन से रिप्लेस हुआ अब अगर यही
हेक्साडेसिमल में जाएगा तो 8 9 10 11 12 13 14 15 के लिए बस फोर डिजिट्स में बना देना फोर बिट्स में बना देना अब क्लियर अब
तो कोई डाउट नहीं है मैम असेंबलर क्या होता है बेटा असेंबलर की बात करें तो असेंबलर असेंबली लैंग्वेज को
मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करने के लिए यूज़ होता है। पहले की जो लैंग्वेजज़ होती थी ना लाइक फर्टन पास्कल जो लैंग्वेजज़
होती थी उनमें असेंबली लैंग्वेज में कोड करते थे। अब असेंबली लैंग्वेज में कोड कैसे करते हो? तो जो रजिस्टर्स जो मेमोरीज़
होती है ना उनके नाम याद करने पड़ते थे। सपोज़ रजिस्टर वन R1 ले लिया। इस तरीके से कुछ नेमोनिक्स में कोड्स होते थे जो हमें
याद करके कोड करने होते थे। उसको मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट करने के लिए असेंबलर यूज़ होता था। जो आजकल यूज़ नहीं होता है।
जो सेकंड थर्ड फोर थर्ड जनरेशन के जो सेकंड जनरेशन के कंप्यूटरटर्स वहां असेंबलर यूज़ होता था। ओके? चलो तो बाइनरी
टू ऑक्टेल समझ में आ गया? एक एग्जांपल यहां दिया हुआ है। देखो ये बाइनरी नंबर हमको दिया हुआ है। 1 1 0 1 0 1 1 यहां पे
आपको कैसे कन्वर्शन करना है? या तो आप एट की पावर से मल्टीप्लाई कर दो। अब वो थोड़ा हेक्टिक और थोड़ा ज्यादा कैलकुलेटिव हो
जाएगा। तो क्या करना है? इसका एक और तरीका है कि आप तीन-तीन के पेयर करो। पीछे से स्टार्ट करना पेयरिंग करना। अब यहां तो एक
ही डिजिट बच रहा है मैम। क्या करें? तो इसके आगे दो ज़ीरो लगा दो। तो ये बन गया तीन का पेयर। अब वन 0 1 किसका होता है? तो
0 1 होता है मैम थ्री का। ठीक है? 1001 किसका होता है? फाइव का। और 01 किसका नंबर होता है? डेसिमल नंबर वन का। तो 153 विल
बी ऑक्टेन। वेरी ईजी। वेरी ईजी। और इसका रेसिप्रोकल भी आप कर सकते हो। ये नंबर दिया हुआ है तो इसको 0 1 लिख दो। फाइव को
1 लिख दो। थ्री को 0 1 1 लिख दो। ये हो गया बाइनरी टू ऑक्टल और ये हो गया ऑक्टल टू बाइनरी। वेरी ईजी। अभी बताऊंगी सारे
कन्वर्शनंस। ठीक? आगे बढ़ जाए। अब बाइनरी टू हेक्साडेेसिमल। वही सेम चीज़ है। आपको चार डिजिट के लिए टेबल बनानी है। जो अभी
हमने तीन के लिए बनाई वो चार डिजिट के लिए। और सेम प्रोसेस आपको करनी है चार के लिए। फॉर एग्जांपल 100 0 1 0 0 1 0 0 1 0
ठीक है? ध्यान से समझना। तो अगर आपको इसको कन्वर्ट करना है इस बाइनरी नंबर को हेक्साडेेसिमल में तो आपको चार-चार नंबर
के पेयर बनाने होंगे। ये चार-चार नंबर इसके आगे नहीं है तो तीन ज़ीरो लगा के बना देना। अब देख लो ये वन का है। ये वन का
है। ये भी वन का है। और 1001 किसका होता है? फाइव का। तो यहां पे ये बन गया आपका हेक्साडेसिमल नंबर। ठीक है? अंडरस्टुड?
समझ गए? अच्छे से समझ में आ गया? चलो आगे बढ़ जाते हैं। अब अगला कन्वर्शन देखते हैं। दैट इज ऑक्टल टू डेसिमल। ऑक्टल को अगर
डेसिमल में कन्वर्ट करना है तो आपको वही पावर से मल्टीप्लाई करके आगे बढ़ना है। जो मैंने बताया एट की पावर से सपोज़ कि 3 4 5
एक ऑक्टल नंबर है और इसको हमें डेसिमल में कन्वर्ट करना है। तो 3 4 5 8 टू दी पावर 0 8 टू दी पावर 1 8 टू दी पावर 2 इससे
मल्टीप्लाई करना। जो आंसर आएगा उसको प्लस कर देना। तो आंसर इज़ 229 ठीक है? 229 आंसर आ जाएगा। इसको कैलकुलेट करोगे तो। अब
ऑक्टल टू बाइनरी तो वही कन्वर्शन जो मैंने बताया अभी टेबल वाला बाइनरी से तो इजी हो जाता है ना बाइनरी को नंबर में और नंबर को
बाइनरी कन्वर्ट करने में सपोज आपको यहां पे नंबर दे दिया 75 तो से का क्या होता है नंबर बाइनरी नंबर 1 1 और फाइव का क्या
होता है 1001 तो ये हो गया इसका बाइनरी ये नंबर ऑक्टल था डन क्लियर हो रहा है ऐसे क्वेश्चन एग्जाम में आएंगे बेटा तो करके
आना पड़ेगा है ना ओके ओके क्लियर चलो हाय ए के गेमर क्या हालचाल है बेटा मजे मजे में हो सभी? अगला क्वेश्चन है यहां पर
हेक्स टू डेसिमल। हेक्साडेेसिमल टू डेसिमल कन्वर्शन करना है। तो देखो 2f ये क्या है? एक हेक्साडेसिमल नंबर है मैम। इसको डेसिमल
में करना है। तो f का नंबर क्या होता है? f का 15 नंबर होता है। इसको मल्टीप्लाई करोगे 16 की पावर ज़ीरो से। प्लस टू एज़ इट
इज़ आएगा। यहां पे 16 की पावर वन से मल्टीप्लाई कर देना। जो कैलकुलेशन करके आंसर आएगा वो आएगा 47। तो ये हो जाएगा
आपका डेसिमल। एंड सेम अगर आपको हेक्स टू बाइनरी करना है टू बाइनरी तो अगेन वही बाइनरी नंबर की टेबल आपके सामने है।
बाइनरी से आप इसका कन्वर्शन कर सकते हो। तो अब टोटल जितने हमने कन्वर्शन देखे उसका ट्रिक अगर देखूं तो ये ट्रिक है कन्वर्शन
का। ध्यान से समझो इस ट्रिक को। क्या ट्रिक दिया हुआ है कन्वर्शन का? ये ट्रिक याद कर लेना। बाइनरी टू ऑक्टल तीन बिट को
ग्रुप करना है। बाइनरी टू हेक्स फोर बिट करना है। ग्रुप करना है आपको फोर बिट को। ऑक्टल टू हेक्स में आपको कन्वर्ट करना
होगा पहले बाइनरी में। फिर बाइनरी से कन्वर्ट करोगे हेक्स में। ये एक कन्वर्ज़ है जो आपको ध्यान रखना है कि ऑक्टल से
हेक्साडेेसिमल में कन्वर्ट करना है। तो ऑक्टल से पहले बाइनरी में कन्वर्ट करोगे। जैसे फॉर एग्जांपल कि हमारे पास ऑक्टल
नंबर है 23। ये एक ऑक्टल नंबर है। इसको कन्वर्ट करोगे पहले बाइनरी में। तो थ्री का क्या होता है मैम? थ्री का होता है
सपोज 0 1 10 है ना? तो हमने ले लिया ये इसका और टू का क्या होता है? टू का नंबर होता है आपका बेसिकली अगर हम बात करें
यहां पर तो इसका नंबर होता है 0 1 ठीक है? ये हो गया आपका एक बाइनरी नंबर। अब इसको फोर फोर की ग्रुपिंग करो। देखो क्या
करोगे? इसको फोर फोर की ग्रुपिंग करोगे। व्हाई फोर? क्योंकि अब हमें हेक्साडेसिमल में कन्वर्ट करना है। तो चार की ग्रुपिंग
कर दी। अब ये किसका नंबर होता है? और ये किसका नंबर होता है? हेक्साडेसिमल के अकॉर्डिंग वो बता देना। बस खत्म। ये तो वन
का होता है और ये 10 शायद 15 का होता है। मतलब 10 का होता है ना? 10 का। 10 का मतलब ए। वन ए विल बी द आंसर।
ये चीज़ समझ में आ गई ना? अगर ऑक्ट से हेक्स में आया तो पहले आपको बाइनरी में कन्वर्ट करना पड़ेगा। ठीक है? चलो ये ये
क्लियर हो गया। कन्वर्शन सारे क्लियर? जरा थम्स अप देके बताओ फटाफट। कन्वर्ज़ क्लियर हुए कि नहीं? कन्वर्ज़ क्लियर हो गए सारे?
कन्वर्ज़ में कोई डाउट नहीं है। करके आओगे। एग्जाम में आएगा तो करके आओगे। ओके ओके ओके ओके। मैम क्लास 12:30 का सुपर वन शॉट।
बस बेटा बस थोड़ा सा और पेशेंस रख लो। है ना? ये वीक और अगला वीक आप लोगों के लिए ही है पूरा। ठीक है? और मैंने ऑलरेडी
शेड्यूल प्लान कर दिए हैं आप लोगों के। चलो अब बुलियन लॉजिक्स पे आ गए हैं और इस यूनिट को दी एंड करेंगे। इसके बाद में
बुलियन लॉजिक के बाद फिर बढ़ेंगे हम सेकंड यूनिट और उससे पहले लेंगे एक छोटा सा ब्रेक जिसका आप इंतजार कर रहे थे। ठीक है?
ओके। कोई डाउट नहीं है ना? चलो वेरी गुड। अब बुलियन लॉजिक्स क्या होता है मैम? तो सुनो ध्यान से। अच्छा कुछ नंबर कन्वर्ज़ंस
और होते हैं जो शायद आस्की होता है। एक ध्यान रखना। और एक यूनिकोड होता है। है ना? आस्की और यूनिकोड क्या होते हैं? ये
कैरेक्टर्स को कन्वर्ट करने के लिए होते हैं। बस इतना काफी है आपको समझने के लिए। कैरेक्टर्स को एट बाइट्स वगैरह में
कन्वर्ट करने के लिए होते हैं। ठीक है? आस्क और यूनिकोड। नंबर को कन्वर्ट करने के लिए तो हेक्साडेसिमल ऑक्टो और ये सब होते
हैं। तो ये कररेक्टर को कन्वर्ट करते हैं। डन। अब बुलियन लॉजिक की बात करें तो क्या होता है? बुलियन मतलब दो वैल्यू। आइदर
ट्रू और फॉल्स। ट्रू का मतलब वन, फॉल्स का मतलब ज़ीरो। ठीक है? तो बुलियन ऑपरेटर्स जो होते हैं बेसिक बुलियन ऑपरेटर्स उसमें तीन
ऑपरेटर्स आते हैं। एंड और ऑ नॉट। वैसे इसके अलावा और भी होते हैं। एंड और नॉट के अलावा भी होते हैं। जैसे कि नैंड होता है।
ठीक है? नर होता है, एग्जोर होता है और एग्जनोर होता है। ये भी होते हैं चार। बट इन चार की बात हम बाद में करेंगे। जो मेन
तीन हैं जो मेन तीन है वो है एंड और और नॉट। एंड का क्या मतलब होता है? एंड को शो करते हैं हम मल्टीप्लाई के थ्रू। मतलब दो
जो इनपुट आप दे रहे हो वो दो इनपुट मल्टीप्लाई होते हैं एंड में। और दो इनपुट ऐड होते हैं प्लस होते हैं किसमें? और
में। ठीक है? और नॉट का मतलब होता है रेसिप्रोकल। प्लस का माइनस, माइनस का प्लस, वन का ज़ीरो, ज़ीरो का वन। ट्रू का
फॉल्स, फॉल्स का ट्रू। गॉट इट? तो यहां पर a ड. B मतलब कि ट्रू इफ बोथ द कंडीशंस आर ट्रू। a + b मींस ट्रू इफ एनीवन इज़ ट्रू।
एंड इट रिवर्स द वैल्यू। ट्रू टू फॉल्स एंड फॉल्स टू ट्रू। तो एंड और नॉट तीन बेसिक बुलियन लॉजिक गेट्स होते हैं। लॉजिक
ऑपरेटर्स होते हैं। अगर इनके ट्रुथ टेबल की बात करूं तो दिस इज़ द ट्रुथ टेबल जो आपको याद रखनी है। ठीक है? अब क्या याद
रखना है मैम? डॉट का मतलब जैसे मैंने बताया एंड होता है जो कि मल्टीप्लाई करता है। तो a डॉट b अगर आप कर रहे हो तो यहां
पे जो आपने वैल्यूज़ ली हुई है, इनपुट वैल्यूज़ ली हुई है, दिस इज़ 0 1 वही देखो 0 1 10 और 11 वही ली हुई है। जब दोनों ज़ीरो
ज़ीरो है, तो इट गिव्स ज़ीरो। मल्टीप्लाई करने पे यही आएगा। 0 * 1 = 0 1 0 1 1 = 1 मतलब दोनों इनपुट्स ट्रू हैं। देन इट
रिटर्न्स ट्रू। एल्स इट रिटर्न्स फॉल्स। अब प्लस करना है और का मतलब क्या होता है? प्लस करना। जो यहां पे इनपुट्स दिए हुए
हैं 0 1 10 11 ये प्लस होंगे। 0 + 0 0 + 1 1 + 0 1 1 + 1 बाइनरी में प्लस कर रहे हैं तो 1 + 1 1 होता है। तो यहां पे अगर एक भी
इनपुट ट्रू है एक भी ट्रू है तो इट गिव्स ट्रू आंसर एल्स इट रिटर्न्स फॉल्स। और अब नॉट को देखो ज़ीरो पे वन रिटर्न कर रहा है।
वन पे ज़ीरो रिटर्न कर रहा है। मतलब ये हो गया आपका एक्सपोन अ ऑपोजिट। ठीक है? कॉम्प्लीमेंट्री
हां जी। आई एस सी डबल आई आस्की है ना? वेरी गुड। इनके फुल फॉर्म्स याद करके जाना बेटा। यूनिकोड एएस सी डबल आई एंड आई एस सी
डबल आई। वेरी गुड स्वालिया। ठीक है? इनके फुल फॉर्म्स याद करके जाना। डन ओके मैम डॉट वाला भी सॉल्व करवा दो। तो
डॉट वाला भी इजी होता है बेटा। डॉट वाले में कोई ज्यादा प्रॉब्लम नहीं है। बस माइनस से करना है। देखो एक क्वेश्चन एक
डाउट बच्चे ने पूछा है। 110001.1001 इसको सॉल्व करवा दो। तो ये है आपका एक बाइनरी नंबर। ठीक है? इसको हमें डेसिमल
में कन्वर्ट करना है। तो जब डेसिमल में कन्वर्ट करना होता है तो हम क्या करते हैं मैम? टू की पावर से मल्टीप्लाई करते हैं।
तो इसमें तो आप 2 की पावर 0 से मल्टीप्लाई करोगे यहां पर। इधर किसमें मल्टीप्लाई करेंगे हम? टू की माइनस पावर से। मतलब 2
टू दी पावर -1, 2 टू दी पावर -2, 2 टू दी पावर -3। इसको मल्टीप्लाई करोगे वन से। फिर ज़ीरो से। ठीक है? तो ये माइनस में इधर
मल्टीप्लाई होंगे और लास्ट में सबको प्लस कर देना। समझ गए? समझ गए? तो ये डाउट था सुमन का। ठीक है?
सुमंगलम ओके सॉरी सुमंगलम राइट चलिए तो इतना क्लियर है ट्रुथ टेबल नाउ बुलियन अलजेब्रा की कुछ प्रॉपर्टीज हैं इसका
क्वेश्चन एक 100% आता है बुलियन अलजेब्रा की प्रॉपर्टीज का क्वेश्चन आता है बेटा सो माइंड इट ध्यान से ठीक है आइडेंटिटी लॉ
देन नल लॉ आइडेंपोटेंट लॉ और भी कुछ लॉज़ हैं ध्यान से देखो कॉम्प्लीमेंट लॉ कम्यूटेटिव लॉ एसोसिएटिव लॉ एंड देन इसके
बाद आती है डीमॉर्गल्स थ्योरम अगर मैं बात करूं यहां पर आइडेंटिटी लॉ की तो आइडेंटिटी लॉ का मतलब होता है अगर अगर आप
a + 0 किसी भी एक इनपुट में ज़ीरो को प्लस करते हो तो वापस आपको वही इनपुट मिलता है। और अगर आप किसी इनपुट में वन से
मल्टीप्लाई करते हो तो वापस आपको वही इनपुट मिलता है। और इसको अगर प्रूफ करना है तो एक प्रूफ करके बता रही हूं। बाकी
सारे आप प्रूफ करके देखना। ठीक है? ये सब डिटेल में पढ़ा है। सपोज़ a हमारे पास एक इनपुट है। दैट इज़ ट्रू और फॉल्स। और यहां
पे हमारे पास क्या है? दूसरा इनपुट ज़ीरो है। दूसरा इनपुट क्या है? सेकंड इनपुट ज़ीरो है। तो अगर आप इसको क्या करते हो?
प्लस करते हो। अगर आप इसको प्लस कर देते हो तो जब हम इसको प्लस करते हो तो हमारे पास में ट्रू ही आएगा। और जब आप इसको
मल्टीप्लाई करते हो तो हमारे पास में वापस से क्या मिलेगा? वही नंबर मिलेगा। अच्छा यहां पे वन है। है ना? ये वन है। ये ज़ीरो
है ये वन है। तो वापस हमारे पास में क्या मिलेगा? वही नंबर मिलेगा। इसको ट्रू फॉल्स नहीं लो। ठीक है? ये तो a ही है। ऐसे
समझो। देखो पहला इनपुट और दूसरा इनपुट। फर्स्ट इनपुट हमारे पास में a है और दूसरा इनपुट हमारे पास में ज़ीरो और 1 है। अब
आपसे पूछा है क्या यहां पर? आपसे पूछा है a + 0। अगर a + 0 करते हो तो आंसर विल बी अगेन a और a.1 आंसर विल बी अगेन a क्योंकि
ये अभी हमने एंड और ऑ में देखा तो दोनों के केस में आंसर क्या आ रहा है? a ही आ रहा है ना? ट्रुथ टेबल तो बनाना आ जाएगी
ना? ट्रुथ टेबल बना के आ जाना। ठीक है? नल लॉ क्या कहता है? इसका उल्टा। a + 1 करने पे वन आएगा। a0 करने पर ज़ीरो आएगा। मतलब
वही रेसिप्रोकल। ठीक है? आइडेंपोटेंट लॉ क्या कहता है? आइडेंपेट लॉ कहता है कि अगर आप a + a करते हो तो इट विल गिव a और aa
करते हो तो इट विल गिव अगेन a आई डेंपेटेंट लॉ को प्रूफ करके दिखाती हूं। ध्यान से समझना। है ना? इसको अगर आपको
प्रूफ करना रहेगा ट्रुथ टेबल से। ये पूछते हैं एग्जाम में। जनरली ये दो एक नंबर में पूछ लेते हैं कि इन लॉस को आप ना प्रूफ
करके बताओ ट्रुथ टेबल से। तो कैसे प्रूफ करोगे? अगर हमने a की वैल्यू यहां पे ले ली क्या? a की वैल्यू ले ली ट्रू और
फॉल्स। दूसरे वाले a की वैल्यू भी हमने यहां पर क्या ले ली? ट्रू और फॉल्स। है ना? या आप इसको अपने अकॉर्डिंग ट्रुथ टेबल
बनाते हो ना वैसे ले लो। तो अब देखो यहां पर अगर आप ट्रू ट्रू करते हो तो आंसर विल बी ट्रू। फॉल्स फॉल्स करते हो तो आंसर विल
बी फॉल्स। मतलब आप यहां पे निकाल रहे हो क्या? a + a निकाल रहे हो। प्लस करने पर आपके सामने यही आंसर वापस जनरेट हो रहा
है। और ये क्या है? a ही है वापस जो a आपने लिया था वही वैल्यू रिटर्न हो रही है। समझ में आया
मैम? डीमॉर्गंस लॉ। बिल्कुल डीमॉर्गंस लॉ भी करेंगे। वेरी गुड अंशिका जो आपने फुल फॉर्म बताया इसके फुल फॉर्म्स आते हैं।
अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड ऑफ़ इनेशन इंटरचेंज। ओके डीमॉर्गंस लॉ भी बस इसके बाद डीमॉर्गंस लॉ पर ही आ रहे हैं। तो ये लॉ
समझ में आ गए। अब कॉम्प्लीमेंट लॉ क्या कहता है? कि अगर a को आप a इन्वर्शन के साथ में इसके कॉम्प्लीमेंट के साथ में ऐड
करते हो तो आंसर विल बी वन। हाउ? अगर मैंने a ले लिया ट्रू और फॉल्स और a ड मैंने ले लिया फॉल्स और ट्रू। क्योंकि
इसका कॉम्प्लीमेंट यही होगा। और इसको जब आप प्लस करवा देते हो इसको जब आप प्लस करते हो दोनों को तो ट्रू फॉल्स विल बी
क्या होगा? मतलब वही प्लस करना है। प्लस में क्या होता है? प्लस में वन और ज़ीरो क्या होता है? वन होता है। है ना? और ज़ीरो
और वन क्या होता है? अगेन वन होता है मैम। तो यहां पे वन ही जनरेट हो रहा है। आप देख पा रहे हो वन ही आ रहा है। ठीक है? गॉट
इट? सिमिलरली अगर आप aa a बार करते हो तो आंसर विल बी ज़ीरो। कम्यूटेटिव लॉ दो इनपुट्स पे काम करता है। a + b = b + a
a.b = b. ये वही बात हो गई कि 2 + 4 करो या 4 + 2 करो द आंसर विल बी सेम। है ना? तो कम्यूटेटिव लॉ और डिस्ट्रीब्यूटिव लॉ
भी आता है एग्जाम में। कैसे करके आओगे? ध्यान से समझना। बहुत केयरफुली समझना। इसका भी ट्रुथ टेबल बनाने को आता है। अगर
a + b और b + a प्रूफ करना है तो कैसे करोगे? a और b दो इनपुट लोगे। दोनों की वैल्यू क्या हो सकती है? 0 0 1 1 0 और 1 1
दिस दिस विल बी द वैल्यू। अगर आपने a + b कर दिया तो आंसर प्लस करने पर क्या आ जाएगा? ये आ जाएगा मैम प्लस करने पर। और
अगर आप b + a करते हो तो भी आंसर यही आएगा मैम। b को प्लस करोगे तो भी यही आ रहा है। तो बोथ द आंसर्स विल बी सेम ना? दिस इज़
कम्यूटेटिव। और एसोसिएटिव क्या कहता है? a + b को पहले प्लस करो। फिर उसमें c को प्लस कर दो या पहले a + c को प्लस करके
फिर b को प्लस कर दो। द आंसर विल बी अगेन सेम। ओके? मतलब 2 + 4 + 5 करो या फिर पहले इन दोनों को ऐड करो या फिर पहले इन दोनों
को ऐड कर दो। आंसर विल बी सेम सिमिलरली इन मल्टीप्लाई टू। ऐसे केस ही मल्टीप्लाई में भी होता है। ओके? क्लियर?
चलो। तो ये कुछ लॉज़ थे। अब इसके अलावा और दो तीन लॉज़ होते हैं। दैट इज़ डिस्ट्रीब्यूटिव लॉ, डबल नेगेशन लॉ और
एब्सॉर्प्शन लॉ। डिस्ट्रीब्यूटिव लॉ में तीन वेरिएबल होते हैं। तीन इनपुट्स होते हैं। ए, B, C है ना? मतलब हमने कहा a.b +
c तो इसका आंसर क्या आना चाहिए? a.b + a.c ठीक है? इसको प्रूफ भी करोगे ट्रुथ टेबल से जस्ट जैसे मैंने बताया बट यहां पे
बनेगी आपकी तीन टेबल। ध्यान रखना। तीन इन थ्री इनपुट्स आपको देने होंगे। 0 0 1 0 1 0 0 1 1 देन 1 0 0 1 1 0 देन 1 10 आएगा
ना? 0 1 1 0 1 1 0 एंड 1 1 तो इन तीन इनपुट्स पे आपको ये बेसिकली प्रूफ करना होगा। कर लेना प्रूफ बन जाएगा। आराम से बन
जाएगा। ठीक है? बस इसको ध्यान रखना तो ये हो जाएगा। कोई बहुत बड़ी वाली बात नहीं है कि मैम हमसे नहीं बन रहा लाइक दिस। ओके?
चलो इसके बाद डबल नेगेशन लॉ। डबल नेगेशन लॉ क्या कहता है? ये समझाती हूं। देखो एक a आपने लिया हुआ है। अगर आप इस a की
वैल्यू ज़ीरो और वन लेते हो और इस पे a बार निकालते हो तो a बार क्या निकलेगा? इसका नेगेशन। और इस पे a डबल बार निकालते हो तो
फिर इसका नेगेशन निकल जाएगा। तो आप ध्यान से देखो जो a है 0 1 और a डबल बार भी तो 0 वन ही आ रहा है। तो a बार = a डबल बार बोथ
द थिंग्स आर इक्वल। ठीक है? हाय क्विक कॉन्सेप्ट्स। हेलो देवेश। मैम माय डाउट इज़ फाइव सब्जेक्ट्स
रूल। ओके? अभी अभी हम डिस्कस करेंगे फाइव सब्जेक्ट्स रूल। लास्ट इज़ एब्जॉर्प्शन लॉ। एब्जॉर्प्शन लॉ क्या होता है? a + a .B
एंड a .A + b दिस इज़ एब्जॉर्प्शन लॉ। ठीक है? तो ये कुछ लॉज़ हैं इनको याद तो करना पड़ेगा आपको सारे लॉ लॉज़ को एक बार एक पेपर
पे लिख लो और जस्ट इसको रेगुलरली रिकॉल करते रहो। और ये लॉ याद नहीं भी होते हैं। एमसीक्यूस में आएंगे तो आपको याद करने
पड़ेंगे और नहीं भी होते हैं याद। तो इनका क्वेश्चन आपसे अगर ट्रुथ टेबल के लिए आया तो इस तरीके से ट्रुथ टेबल प्रूफ करना
आसान है। कर लोगे। नाउ डीमॉर्गंस थ्योरम। डीमॉर्गंस थ्योरम जिसके बारे में आप मुझसे अभी पूछ रहे देखो डीमॉर्गंस थ्योरम ना दो
तरीके से सॉल्व होती है। पहला तरीका होता है कि आप बुलियन अलजेब्रा अप्लाई कर दो। दूसरा तरीका होता है कि आप ट्रुथ टेबल
अप्लाई कर दो। और ये क्वेश्चन अधिकतर हर साल पूछा जाता है ट्रुथ टेबल से ही। तो इसको ट्रुथ टेबल से ही करके आना। ये बता
देती हूं। देखो a.b इस पे बार है = a बार + b बार। पहले हम इसका एलएचएस लेंगे। सॉल्व करेंगे। ठीक है? 0 0 1 1 0 एंड 1 1
पहले क्या करेंगे? हम इसका एलएचएस सॉल्व करेंगे। तो एलएचएस सॉल्व करोगे मतलब a.b मल्टीप्लाई कर रहे हैं हम यहां पर।
मल्टीप्लाई कर रहे हैं तो ये आंसर आ रहा है मैम। अब इसका निकाल रहे हो आप नेगेशन। मतलब इसको आप क्या कर रहे हो? रेसिप्रोकल
कर रहे हो। तो 1 1 0 आ गया। अब अलग-अलग से इसको सॉल्व कर लो। तो देखो a बार अगर निकालोगे तो a बार कितना निकलेगा? 1 1
0 और b बार निकालोगे तो कितना निकलेगा? 1001 0 अब a बार + b बार निकालते हैं। इन दोनों वैल्यू को ऐड करते हैं। तो 1 1 0 1
0 1 1 और यहां पे 0 0 ठीक है? तो ये दोनों वैल्यू इक्वल आ गई कि नहीं आ गई? बताओ। समझ में आया? यस। डला ड्यूलिटी प्रिंसिपल
भी होता है। एक है ना? ड्यूलिटी प्रिंसिपल में क्या करते हैं हम? एंड को और में कन्वर्ट कर देते हैं। और को एंड में
कन्वर्ट कर देते हैं। प्लस का मल्टीप्लाई करते हैं। मल्टीप्लाई को प्लस कर देते हैं। मींस लाइक दिस। अगर मैंने यहां लिखा
a.b तो डअलिटी प्रिंसिपल क्या कहेगा? a + b दिस इज़ डअलिटी प्रिंसिपल। कन्वर्शन करना। ओके?
मैम प्रोग्राम्स नहीं बन रहे। बेटा प्रोग्राम्स भी करेंगे ना। टेंशन क्यों ले रहे हो? ठीक है? समझ गए? और सेम आप ये
सेकंड डीमॉर्गंस के लिए भी प्रूफ कर सकते हो। है ना? वही ड्यूलिटी प्रिंसिपल यहां यूज़ हो रहा है। देखो। ठीक है? सेम
प्रिंसिपल जिसकी बात अभी यहां पर स्वालिया ने की। डन। चलो बढ़ जाए आगे। अब इसके अलावा यहां पे तीन और गेट्स होते
हैं। दैट इज नंड गेट, नर गेट और एग्जोर गेट। इनको कैसे रिप्रेजेंट करते हो? नंड गेट मतलब a.b पर बार और नर गेट मतलब a + b
पर बार और एग्जोर गेट मतलब a इस तरीके से एक साइन भरता है और ये ट्रू होता है कब? जब दो अलग-अलग इनपुट्स होते हैं। दिस आर द
नैंड नॉर एंड एग्जोरर्गेट। ठीक है? बट अधिकतर क्वेश्चंस आपके इसके ही आते हैं। अब एक और टॉपिक यहां बनता है दैट इज़ लॉजिक
गेट्स। वो और समझ लो। फिर एग्जाम के इंपॉर्टेंट टॉपिक पे फोकस करेंगे एंड देन पाइथन स्टार्ट करेंगे। क्या बताया मैंने?
लॉजिक गेट्स। अगर आपको कोई टॉपिक दे दिया सपोज़ डीमॉर्गन थ्योरम ही दे दी। डीमॉर्गन थ्योरम क्या बोल रही है? a.b पर बार और
आपको ये प्रूफ करना है a बार अटॉ बार। लाइक इस तरीके से है ना? अभी हमने डीमॉर्गन थ्योरम देखी। उसको मैंने प्रूफ
भी करवाया। ये देखो। ठीक है? तो फिलहाल हमें क्या करना है मैम? कुछ इस तरीके से। यहां पे आ जाएगा आपका प्लस। राइट? तो इसके
लिए आपको लॉजिक सर्किट बनाना है। तो लॉजिक सर्किट कैसे बनाओगे? एंड के लिए जो लॉजिक सर्किट होता है एंड के लिए और के लिए
ध्यान से समझना। प्लस और डॉट इनके लिए जो लॉजिक सर्किट होता है वो आपको थोड़ा केयरफुली ध्यान रखना है। एक लॉजिक सर्किट
होता है ऐसा। ये होता है आपका एंड का। और एक होता है ऑर के लिए कुछ इस तरीके से। है ना? यह एंड और यह ऑर। ऑर के लिए होता है
ऐसा डी टाइप का। यहां से आप इनपुट्स देते हो। क्लियर हो रहा है अच्छे से? और एक होता है नॉट। नॉट के लिए जो लॉजिक सर्किट
होता है वो इस तरीके से होता है। ठीक है? यह एंड नॉट का लॉजिक सर्किट हो गया। यहां पे आप इस तरीके से नॉट का लॉजिक सर्किट
बना देते हो जो ट्रायंगल में होता है। तो सपोज़ मान लो कि अगर मेरे को लॉजिक सर्किट बनाना है A.B के लिए तो मैं यहां पे दो
इनपुट्स दूंगी एक A और एक B अब यहां पे ये जाएगा किससे? और से एंड गेट से तो एंड गेट से जा रहा है। तो यहां पे A.B बन रहा है।
ठीक है? अब मान लो इसमें मुझे बार लगाना है। मतलब कि एक नॉट गेट लग जाएगा। A और B इनपुट दिया। ये इससे कनेक्ट हुआ। यहां पे
एक आपका वो लग जाएगा। क्या बोलते हैं? नॉट गेट। तो ये A.B का बार हो जाएगा। ये A.B समझ में आ गया? ये कुछ लॉजिक सर्किट्स हैं
जो आपको करना है। मैम बिल्कुल ज़ीरो से स्टार्ट करेंगे तो पास हो जाएंगे। बिल्कुल पास हो जाओगे।
बिल्कुल अच्छे नंबर से पास होगे बेटा। मैम नेगेशन लॉ। यस। नेगेशन लॉ भी कहते हैं इसको। वेरी गुड।
चलिए। ओके। समझ में आया? बढ़ जाए आगे। तो ये आप कर लोगे ना। अगर कोई लॉजिक सर्किट कन्वर्ट करने को आता है तो
कर पाओगे कि नहीं? जल्दी बताओ। यस और नो में आंसर करो। इक्वेशन करवा दूं इसका। क्या? इक्वेशन करवा दूं। फिर हम एक छोटा
सा ब्रेक लेते हैं। सपोज़ मैंने दिया यहां पर x.Y। ध्यान से समझना। x.y प्लस मैं यहां पे लिख रही हूं एक और चीज़ x बार + y
बार। इसके लिए आपको बनाना है लॉजिक सर्किट। क्या बनाना है इसके लिए आपको? लॉजिक सर्किट। कैसे बनाओगे इसके लिए लॉजिक
सर्किट? ध्यान से देखना। एक लॉजिक सर्किट बता बनाना बता रही हूं। आपको यहां पे पहले तो दो इनपुट देने होंगे x और y। अब ये जो
दो इनपुट है वो क्या हो रहे हैं? सबसे पहले ये आपको कैलकुलेट करवाना है। तो आप यहां पे बनाओगे एक न एंड गेट। ये एंड गेट
से आपका क्या कैलकुलेट हुआ? x डॉट y। अब इस पे आपको दिख रहा है ये बार है। तो इस बार के लिए यहां पे हम लगा देंगे एक नॉट
गेट। और नॉट गेट की मदद से ये जनरेट हो गया आपका x डॉट y बार। ठीक है? अब ध्यान रखना ये जो एक एंड गेट है अगर इसमें आप
नॉट लगा देते हो तो इसको कहते हैं हम नैंड गेट। है ना? इसको आप इस तरीके से भी शो कर सकते हो। ये भी इसका एक तरीका होता है।
नैंड गेट कहते हैं। ठीक है? अब देखो इसके बाद क्या दिया है? x बार और y बार। तो x बार यहां से दे दोगे आप। x बार बोला है
ना? तो x बार की वैल्यू कैसे दोगे आप? लाइक इस तरीके से। ये x बार गया। ये यहां से y बार गया। तो ये x बार आ गया। ये y
बार आ गया। अभी x बार और y बार को भी प्लस करना है मैम। तो x बार और y बार को प्लस करना है। तो प्लस के लिए यूज़ करते हैं हम
क्या? और गेट। और गेट से x बार + y बार प्लस हो गया। अब आपको इन दोनों स्टेटमेंट को क्या करना है? प्लस करवाना है। तो इन
दोनों स्टेटमेंट को प्लस करवाना है। तो ये दोनों एक अ और गेट से निकल जाएंगे बाहर। आ गई बात समझ में? बन गया लॉजिक सर्किट। बन
गया लॉजिक सर्किट। ठीक है? तो लॉजिक सर्किट का अगर कोई क्वेश्चन आया तो कर लोगे। कर लोगे ना? चलो चलो बहुत बढ़िया। अब
इस पहले चैप्टर से 10 नंबर के क्वेश्चन जो बनेंगे वो कहां से बनेंगे बेटा? आईपीएल स पूछ लिया जाएगा आपसे। इनपुट आउटपुट डिवाइस
पूछ लिया जाएगा। हार्डवेयर सॉफ्टवेयर के बारे में आपसे पूछ पूछा जा सकता है। डिफरेंस आ सकता है। कन्वर्ज़ंस आपसे पूछ
सकते हैं। रैम रोम में डिफरेंस इनके टाइप्स पूछ सकते हैं। कंट्रोल यूनिट अर्थमैटिक लॉजिकल यूनिट का एक क्वेश्चन
आता है। कैश मेमोरी का क्वेश्चन आता है। ये इंपॉर्टेंट पार्ट है जो आपको याद रखना है। उसके बाद डीमॉर्गंस थ्योरम और
कन्वर्ज़। कन्वर्ज़ कौन सा? डेसिमल टू बाइनरी, बाइनरी टू डेसिमल। बाइनरी टू ऑक्टल हैक्स और हैक्स टू बाइनरी। बुलियन
लॉज़ जो मैंने अभी बताए उनको कैसे सिंपलीफाई करोगे ट्रुथ टेबल से वो आता है और ट्रुथ टेबल एंड लॉजिक सर्किट्स आते
हैं। तो अब ट्रुथ टेबल और लॉजिक सर्किट आपको अच्छे से समझ में आ गया है। ठीक है? समझ गए? चलो अब स्टार्ट करेंगे यहां से हम
सेकंड यूनिट जो कि अपने आप में बहुत ही ज्यादा वेटेज रखने वाली यूनिट है। जहां से क्वेश्चंस बनते हैं 45। ठीक है? अभी जितने
भी बच्चे जितने भी बच्चे इस यूनिट में चाहते हैं कि मैम हम पूरे मार्क्स को स्कोर करें। मैम इस यूनिट से एक भी
क्वेश्चन छूटना नहीं चाहिए। यहां से जो प्रोग्रामिंग क्वेश्चंस आते हैं वो सब हमसे बन जाना चाहिए। तो उसके लिए अभी के
अभी सेशन को शेयर कर लो और फटाफट से सेशन में आ जाओ। फटाफट से सेशन में आ जाओ क्योंकि अब हम स्टार्ट कर रहे हैं द सेकंड
यूनिट कंपटीशनल एंड प्रोग्रामिंग पार्ट वन दैट इज़ Python। और क्लास 12th के सीएस के बच्चे जिनका पाइthन वीक है जिनका भी
पython वीक है नाइंथ वाले बच्चे जो भी पाइthन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहते हैं सब इस सेशन में आ सकते हैं। ठीक है
मैम नाइंथ एआई के मैराथॉन नाइंथ एआई नाइंथ आईटी नाइंथ सीए सबके मैराथों्स प्लान कर चुकी हूं मैं ऑलरेडी बस चैनल पे अवेलेबल
हो जाओ आपको नोटिफिकेशन मिल जाएगा सब्सक्राइब कर लो चैनल को ठीक है यस नोर एग्जोर इन्हें हम यूनिवर्सल गेट्स कहते
हैं ठीक है हां जी इसके एमसीक्यूस आते हैं एग्जाम में चलो एक छोटा सा ब्रेक एक छोटा सा ब्रेक एक छोटा सा ब्रेक और फिर स्टार्ट
करते हैं हम यूनिट टू ठीक है चलिए ओके जी ओके जी आ जाओ वापस चलो फटाफट फटाफट छोटा सा ब्रेक कहा था मैंने छोटा सा ब्रेक
है ना इट्स जस्ट अ स्माल ब्रेक आ गए यूनिट टू स्टार्ट कर लें कर लें यूनिट टू स्टार्ट फटाफट से देखो यूनिट टू दैट इज़
पython प्रोग्रामिंग लैंग्वेज शुरुआत कर रही हूं और अब और अब अब होगा असली धमाका है ना चलो फर्स्ट चैप्टर तो हमें अच्छे से
समझ में आ गया मैम तो यूनिट टू में सबसे पहला चैप्टर आपको दिया हुआ है फटाफट से सेशन में आ जाओ जल्दी सेशन जॉइन कर लो
अपने दोस्तों को बता दो जल्दी-जल्दी फटाफ फट से हो गया ब्रेक ओवर यस यस तो 11थ सीएस का पेपर फोड़ कर आने के लिए रेडी हो है ना
11th सीएस का पेपर फोड़ कर आने के लिए रेडी हो डाउट्स कोई डाउट्स ओके नाइंथ एआई मैराथॉन नाइंथ एआई मैराथॉन ऑलरेडी प्लान
कर चुके हैं बेटा बहुत जल्दी आपको नाइंथ आईटी एआई सीए सभी की मैराथों्स मिलेगी सेम ईयर एआई की भी मिलेगी ठीक है हाय नितिक
हाय ग्रो विद वंश हाय अंशिका राघव हाय पी टू जेड एडिट्स स्वालिया
समर सिंह धर्मपाल के आर एडिट्स हेलो बेटा गुड इवनिंग ओके आ
जाओ वापस सेशन में देखो अब अब बात कर रहे हैं हम यूनिट टू में सबसे पहला चैप्टर आपको दिया हुआ है दैट इज़ कंपटीशनल थिंकिंग
अब जितने भी डाउट्स होंगे पython के वो सब आपके यहां सॉल्व होंगे वन बाय वन एक-एक सारी चीजों को हम कवर करेंगे है ना वो भी
क्विकली ठीक है जी तो अब कंप्यूटेशनल थिंकिंग है क्या जैसा इस यूनिट का नाम है कि कंप्यूटेशन थिंकिंग एंड प्रोग्रामिंग।
तो कंप्यूटेशनल थिंकिंग मींस व्हाट? सॉल्विंग प्रॉब्लम लॉजिकली सो अ कंप्यूटर कैन अंडरस्टैंड इट। आपको जो भी प्रॉब्लम
दी गई है उन प्रॉब्लम को आप सॉल्व करो ताकि कंप्यूटर उसको समझ सके। ठीक है? तो इसे कहते हैं हम कंपटीशनल थिंकिंग। अब
इसमें आ जाती है कुछ स्टेप्स, कुछ कांसेप्ट। पहला आता है डीकंपोज़शन। अगर कोई प्रॉब्लम आपको दी हुई है, बड़ी प्रॉब्लम
है, कोई बड़ा प्रॉब्लम आपको दिया हुआ है जिसको आपको सॉल्व करना है, तो उसको कैसे सॉल्व करोगे? उसको डीकंपोज़ करोगे। डीकंपोज़
मतलब उसको अलग-अलग पार्ट में डिवाइड कर लोगे। तो एक बिग प्रॉब्लम को हम स्मॉलर पार्ट्स में डिवाइड कर देते हैं और फिर
उसको सॉल्व करने की कोशिश करते हैं। दिस इज डीकंपोजिशन। दूसरा आता है यहां पे पैटर्न रिकॉग्निशन। पैटर्न रिकॉग्निशन में
क्या करते हैं हम? फाइंडिंग सिमिलॅरिटीज़ और रिपीटेड आइडियाज। अब जो आपने यहां पे स्माल स्मॉल प्रॉब्लम्स में डिवाइड किया
एक बड़ी सी प्रॉब्लम को। फिर उसके बीच में आप सिमिलरिटी चेक करते हो। उसके बीच में आप पैटर्न बनाने की कोशिश करते हो
प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए। क्या सिमिलरिटी है? क्या डिफरेंसेस है? कैसे उसको सॉल्व करना है? वो सीखते हो। और
जैसे-जैसे स्मॉलर प्रॉब्लम सॉल्व होती जाती है तो आपकी बिगर प्रॉब्लम ऑटोमेटिकली सॉल्व होती है। नेक्स्ट इज़ ऑब्स्ट्रैक्शन।
अब्स्ट्रैक्शन क्या होता है? फोकसिंग ओनली एन इंपॉर्टेंट डिटेल्स। जो भी प्रॉब्लम आपको दी गई है उसमें आपको सिर्फ
इंपॉर्टेंट डिटेल्स पे फोकस करना होता है। ऐसा नहीं कि दुनिया भर की सारी चीजों को आप एक साथ लेकर चल रहे हो। ओनली
इंपॉर्टेंट पॉइंट पे फोकस करो। जैसे एग्जाम टाइम आ रहा है। सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है मैम? एग्जाम टाइम पे हमारी कि
कैसे हम पेपर को 100 आउट ऑफ 100 मार्क्स से या 100% 100 नहीं भी आते तो 98 95 96 से अचीव करें। ये तो सभी का टारगेट होगा
ही। है ना? कुछ बच्चे ऐसे भी होंगे जो 506 में भी बहुत खुश हो जाते हैं कि मैम एक रात और एक दिन पढ़ के या एक लेक्चर देख के
आपका क्या हम पास हो सकते हैं? तो ऑफ कोर्स हो सकते हो। अच्छे नंबरों से पास हो सकते हो। है ना? तो यहां पे आपकी सबसे बड़ी
प्रॉब्लम अभी यही है। तो आपका फोकस किस पे होना चाहिए? उसी पे होना चाहिए। गॉट इट? तो ये पैटर्न रिकॉग्निशन में वही चीज़ आ
रही है और एब्स्ट्रैक्शन में वही चीज़ आ रही है कि आपको सिर्फ इंपॉर्टेंट डिटेल्स पे पॉइंट आउट करना है। अरथ अल्गोरिदम
डिज़ाइन एक बार आपने प्रॉब्लम को डीकंपोज़ कर लिया, पैटर्न रिकॉग्नाइज़ कर लिया। आपका पूरा फोकस आपकी उसी प्रॉब्लम पे है। उसके
सॉल्यूशन पे है। तो अब यहां पे आप उसको स्टेप बाय स्टेप सॉल्व करने की कोशिश करोगे। तो दिस स्टेप बाय स्टेप सॉल्यूशन
इज़ नोन एज एल्गोरिदम। इस स्टेप बाय स्टेप सॉल्यूशन को क्या कहते हैं हम? एल्गोरिदम। ओके?
हां। मैम व्हाट अबाउट आईटी? अच्छा तो आईटी वाले बच्चे आ चुके हैं। बेटा आईटी के मैराथों्स ऑलरेडी स्टार्ट हो चुके हैं।
होपफुली आपने मोस्टेंट एमसीक्यूस असरशन रीज़ देख लिया होगा। है ना? आईटी के स्टार्ट हो चुके हैं। ओके? चलिए बढ़े आगे।
अब एल्गोरिदम्स क्या होता है? एक क्वेश्चन एल्गोरिदम्स का आता है। एक क्वेश्चन एल्गोरिदम का और फ्लो चार्ट का आता ही आता
है। ध्यान रखना। तो एल्गोरिदम की अगर बात करें तो एल्गोरिदम स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर होता है किसी भी प्रॉब्लम को
सॉल्व करने का। फॉर एग्जांपल एनी प्रॉब्लम इज़ देयर। सपोज मैंने कहा यहां पर कि आपको टू नंबर्स को ऐड करना है। टू नंबर्स को ऐड
करना है। तो टू नंबर्स को ऐड करने के लिए क्या करोगे? सबसे पहले तो हमारे पास में नंबर होंगे मैम। नंबर चाहिए होंगे। जब
आपके पास में दो नंबर्स आ जाएंगे तो उन दोनों नंबर्स को आप एडिशन करवाओगे और उसका आंसर जनरेट हो जाएगा। तो सिमिलरली हमें
यहां पर कुछ स्टेप्स में इसको सॉल्व करना होगा। तो फर्स्ट स्टेप इनपुट नंबर्स। आप यूजर से दो नंबर्स को इनपुट लोगे। इनपुट
होने के बाद में आप उसको प्रोसेस करोगे। प्रोसेस करोगे मींस वो दोनों नंबर को आप ऐड करवाओगे। सपोज a और b नंबर लिया तो हम
उसको ऐड कर रहे हैं। अब जैसे ही ऐड करोगे तो आपको क्या मिल जाएगा? इसका रिजल्ट मिल जाएगा। तो तीन स्टेप में हमने इस प्रोसेस
को सॉल्व किया। इस प्रॉब्लम को सॉल्व किया। तो एल्गोरिदम क्या होता है? स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर। ऐसा नहीं कि आप पहले
से ही रिजल्ट आपको मिल गया। ऐसा हुआ क्या? बिना नंबर लिए ही आपने नंबर को ऐड कर लिया। एक-एक स्टेप को हमने यहां फॉलो किया
है। तो फाइनाइट स्टेप्स होनी चाहिए। पहला इसका फीचर होता है कि नंबर ऑफ़ स्टेप्स बहुत सारी नहीं होनी चाहिए। फाइनाइनाइट
नंबर ऑफ़ स्टेप 8 10 15 20 लाइक दिस है ना क्लियर एंड अन्गियस जितनी भी स्टेप्स आप लिख रहे हो वो सभी क्लियर और अनएंबगियस
होनी चाहिए मतलब रिपीटेड नहीं होना चाहिए अन्बिग्यूटी का मतलब डुप्लीकेट या रिपीटेड नहीं होना चाहिए ठीक है नाउ हैज़ इनपुट एंड
आउटपुट हर एक एल्गोरिदम में इनपुट और आउटपुट भी होना चाहिए एंड इफेक्टिव एंड लॉजिकल ये जो एल्गोरिदम है वो कैसे डिज़ाइन
होनी चाहिए एक इफेक्टिव और लॉजिकल वे में रिजल्ट जनरेट करें सो दीज़ आर दी कैरेक्टरिस्टिक्स ऑफ़ एल्गोरिथम कि जब भी
एल्गोरिदम बनाते हो तो उसमें ये सारी चीजें आपको देखने को मिलती है और ये सारी चीज़ हमें नेसेसरीली डिफाइन करनी होती है।
अब एल्गोरिदम दो नंबर को ऐड करने के लिए ध्यान से देखो क्या किया? सबसे पहले हमने एल्गोरिदम को स्टार्ट किया। इनपुट करा A
और B a और B को ऐड करके सम में असाइन कर लिया। डिस्प्ले करवा लिया सम को और एल्गोरिदम को स्टॉप कर दिया। तो टोटल चार
से पांच स्टेप्स हमने यहां फॉलो किया। समझ में आ गया? यस। यूनिक सॉल्यूशन है ना? बात समझ में आया? ओके मैम? यूनिवर्सल गेट्स आर
नैंड नर गेट। हां बेटा यूनिवर्सल गेट्स नैंड नर ही होते हैं। ठीक है? अब इनको और डिटेल में देखना है ना आपको तो मैंने
डेडिकेटेड वीडियो बनाया हुआ है इसका ऑलरेडी लॉजिक गेट्स का, सर्किट्स का। ठीक है? वो वीडियो जाके देख लेना। तो उससे
आपके और सारे जितने भी डाउट्स होंगे ना प्रैक्टिकल मतलब उससे क्वेश्चंस वगैरह भी मैंने बताए हैं वो भी आपको समझ में आ
जाएंगे। ठीक है? इतना समझ में आ गया? एल्गोरिदम क्लियर हो रहा है? अब एक क्वेश्चन
एल्गोरिदम और फ्लो चार्ट बनाने को आएगा। तो एल्गोरिदम कुछ भी आपको दे सकते हैं कोई से भी क्वेश्चन की। नाउ कम टू द नेक्स्ट
दैट इज़ फ्लो चार्ट। तो एल्गोरिदम जो स्टेप बाय स्टेप आपने लिखी उसका जो ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन होता है वो होता है फ्लो
चार्ट। फ्लो चार्ट इज़ द ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन। फ्लो चार्ट इज़ अ डायग्राम ऑफ एल्गोरिदम जो हम कुछ सिंबल्स में
डिज़ाइन करते हैं। अब वो सिंबल्स क्या होते हैं? वो सिंबल्स क्या होते हैं बेटा? वो सिंबल्स होते हैं आपके ओवल सिंबल वो जो
स्टार्ट और स्टॉप स्टेप को बताता है। रेक्टेंगल जो क्या बताता है? प्रोसेसिंग को डिनोट करता है। डायमंड सिंबल डिसीजन को
बताता है। एरो डेटा के फ्लो को बताता है। फ्लो ऑफ़ कंट्रोल को और पैरेललोग्राम जो कि इनपुट और आउटपुट को बताता है। जो अभी हमने
एक एडिशन वाला प्रोग्राम देखा अगर उसको हम फ्लो चार्ट में बनाएं तो यहां देखो सबसे पहले तो आप ओवल में स्टार्ट करोगे।
स्टार्ट करने के बाद में आपको क्या बताना है? आपको यूजर से इनपुट लेना है। तो इनपुट आउटपुट के लिए क्या यूज़ होता है?
पैरेललोग्राम। ठीक है? पैरेललोग्राम यूज़ हो रहा है। है ना? इनपुट आउटपुट के लिए। तो इस तरीके से आप पैरेललोग्राम यूज़
करोगे। जहां पे आपने यूजर से इनपुट लिया है A एंड B को। ठीक है? फिर प्रोसेसिंग के लिए क्या यूज़ होता है? रेक्टेंगल बॉक्स।
प्रोसेसिंग के लिए यूज़ होता है रेक्टेंगल बॉक्स जिसमें हम C = A + B कैलकुलेट करवा रहे हैं। फिर आपको आउटपुट चाहिए तो आउटपुट
के लिए आप पैरेललोग्राम यूज़ कर लो और इसमें आप लिखवा लो प्रिंट C सी C की वैल्यू प्रिंट कर लो। देन एंड कर दो। है
ना? स्टॉप कर दो या एंड कर दो इस प्रोसेस को। तो ये हो गया एक फ्लो चार्ट। अगर कोई डिसीजन बॉक्स होता है तो उसको आप यहां पे
इसमें डायमंड शेप में शो कर देते हो। ठीक है? क्लियर हुआ?
ओके? आगे बढ़ जाए। चलो नेक्स्ट दिया हुआ है यहां पे इंट्रोडक्शन टू Python। अब इतना तो था आपका फ्लो चार्ट और एल्गोरिदम वाला
पार्ट। स्टेप्स अगर आ जाएगी तो ये लिख कर आ जाना। कंप्यूटेशनल थिंकिंग से रिलेटेड ये स्टेप्स हैं। ये सब चीज़ क्लियर हुई?
कोई सॉफ्टवेयर डेवलप करना होता है तो उसके लिए सबसे पहले आपको बिगर प्रॉब्लम को डिवाइड करना होता है। रिक्वायरमेंट सर्च
करनी होती है। पैटर्न मैच करना होता है। फिर आपको फोकसफुली एक स्टेप बाय स्टेप सॉल्यूशन डिफाइन करना होता है। एल्गोरिदम
क्या होती है? ये भी समझ गए मैम। एग्जांपल के साथ समझ गए। एग्जाम में क्वेश्चन आया तो ऐसे ही लिख कर आओगे। फीचर्स आए तो
फीचर्स लिख कर आना। डेफिनेशन आया तो डेफिनेशन लिख कर आना। है ना? एक एग्जांपल दे दिया तो एग्जांपल लिख कर आना। फ्लो
चार्ट क्या होता है? ये पूछ लिया जाए। कौन-कौन से सिंबल होते हैं? किसका क्या मतलब होता है? एक फ्लो चार्ट बना के बता
दो तो ये लिख कर आ जाना। वैसे यह पूछा जाता है एक-दो नंबर में आता ही है। ऑलमोस्ट आता है फ्लो चार्ट वाला क्वेश्चन
भी। लेकिन जो आता है क्वेश्चन इंपॉर्टेंट इस यूनिट से 45 मार्क्स में वो Python के क्वेश्चन आते हैं। तो अब शुरुआत कर रहे
हैं Python की। Python प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है क्या? तो मैम Python एक इंटरप्रेटेड लैंग्वेज, हाई लेवल लैंग्वेज
है, ईजी टू लर्न लैंग्वेज है। पाइथन के ये कुछ फीचर्स हैं। इसके अलावा Python के और भी फीचर्स होते हैं। ये बहुत ज्यादा फेमस
है। ये एक प्लेटफार्म इंडिपेंडेंट लैंग्वेज है। है ना? प्लेटफार्म इंडिपेंडेंट लैंग्वेज है। इसे किसने डेवलप
किया था? पाइथन को गाइडो वॉन रोज़म ने। गाइडो वॉन रोज़म ने डेवलप किया था। और ये जो लैंग्वेज है इसका जो नाम है वो एक
बीबीसी शो में बीबीसी शो में जो मॉनटीकार्लो पाइथन है मॉनटीकार्लो पाइथन है उसके नाम से रखा गया था। बीबीसी शो में
एक मॉनटीकार्लो पाइथन नाम का एक कैरेक्टर था। उसके नाम से इसका नाम रखा गया था। ठीक है? अब दूसरी चीज 90ज में इसको डेवलप किया
गया है इस लैंग्वेज को। किसने डेवलप किया है? गाइडोमोन्राजम ने। और ये नाम उन्होंने क्यों रखा था? क्योंकि वो अपनी लैंग्वेज
को मिस्टीरियस नाम देना चाहते थे। इस लैंग्वेज को किस लैंग्वेज के बेस पर बनाया गया है? तो मॉड्यूला थ्री और एबी सी इन दो
लैंग्वेज के बेसिस पर इस लैंग्वेज का कोड डिज़ाइन किया गया। अब हाई लेवल लैंग्वेज क्यों है? क्योंकि यूजर अंडरस्टैंडेबल है।
जो भी कोड लिखोगे अपनी लैंग्वेज में लिखोगे। मशीन लैंग्वेज में कन्वर्ट होगा जिसके लिए इंटरप्रिटर यूज़ होगा। तो इसीलिए
इसको इंटरप्रिटेड लैंग्वेज कहते हैं। इजी टू लर्न क्यों है? क्योंकि आप अपने लैंग्वेज में जो कोड लिखना है वैसा लिख
सकते हो। यहां पे बहुत ज्यादा सिंटेक्स को फॉलो नहीं किया जाता। जैसे C, C++, जावा सिंटेक्सिकली लैंग्वेज है। उसमें बहुत
सिंटेक्स होते हैं। है ना? यहां लेस सिंटेक्स होते हैं। इसलिए इजी टू लर्न है। हर यूजर आसानी से समझ जाता है। प्लेटफार्म
इंडिपेंडेंट क्यों कहते हैं? क्योंकि मैम इसे आप ऑनलाइन यूज़ कर सकते हो। इसको आप Windows पे, Apple, iOS पे, किसी भी
सॉफ्टवेयर पे रन कर सकते हो, Android पे भी रन कर सकते हो। इसीलिए ये प्लेटफार्म इंडिपेंडेंट है। ठीक है? इसका क्या यूज़
है? तो इसके बहुत सारे फीचर्स हैं। सिंपल सिंटेक्स है, पोर्टेबल लैंग्वेज है, ओपन सोर्स है। इसका सोर्स कोड ओपनली अवेलेबल
होता है। सोर्स कोड ओपनली अवेलेबल होता है। मतलब आपने देखा है Python के हर एक दो-ती महीने में नए-नए वर्ज़न्स आ जाते
हैं। अगर आपको एक्सपीरियंस है, अपनी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आती है तो आप इसके कोड को बदल के कोई नया वर्जन ल्च कर सकते
हो। क्योंकि इसका सोर्स कोड फ्री ऑफ कॉस्ट मिल जाता है और साथ में यह मल्टीपल प्रोग्रामिंग स्टाइल्स को सपोर्ट करता है।
इसमें बहुत सारे पैकेजेस हैं, बहुत सारी लाइब्रेरीज़ हैं जो कि बेसिकली Python में यूज़ होती है डेटाबेस बनाने के लिए, डेटा
एनालिसिस के लिए। है ना? एi में भी Python प्रोग्रामिंग का ही यूज़ होता है। ठीक है? समझ में आ गई बात? तो अगर Python से
रिलेटेड कोई क्वेश्चन आया तो यही लिख कर आओगे जो मैंने समझाया कि Python होता क्या है? इसके क्या फीचर्स हैं? किसने डेवलप
किया है? कब डेवलप किया है? किस नाम से इसको पाइथन नाम रखा गया था? कौन सी लैंग्वेज पर बेस्ड है? दिस टाइप ऑफ
क्वेश्चन 100% विल कम इन योर एग्जाम। छप चुके हैं। लिख लो लिख लो। ये क्वेश्चन आपके पेपर में छप चुके हैं। मैम समझ नहीं
आया बेटा। क्या समझ नहीं आया हिमांशु? जस्ट टाइप योर कमेंट अगेन। व्हाट व्हाट डिड यू नॉट अंडरस्टैंड? हां। यस। ऑफ़ कोर्स
पाइथन इज़ केज सेंसिटिव लैंग्वेज। मतलब कि अगर आप प्रिंट लिखते हो पी आर आई एन टी स्मॉल में तो ये करेक्ट है और अगर आपने पी
कैपिटल लिख दिया तो ये इनकरेक्ट होगा। पाइthन इज़ केस सेंसिटिव। वेरी गुड। ठीक है? हाय उषा।
ओके। चलो आगे बढ़े। गुड एल्गोरििदम इज़ लैंग्वेज इंडिपेंडेंट। यस यस। तो अब यहां पे दिया हुआ है जीयूआई को भी
सपोर्ट करता है Python। ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस को। वेरी गुड। बहुत बढ़िया। है ना? अब पाइthन में टोकंस क्या होते हैं? ये
ध्यान से समझो। पाइthन में अगर हम टोकंस की बात करें। अब पाइthन के कोड को सीख रहे हैं। जिन बच्चों को पाइथन के कोड समझ में
नहीं आते वो यहां से समझे। पाइthन में स्मालस्मॉल जो भी आप कोड लिख रहे हो ना हर एक कोड का हर एक वर्ड का हर एक मतलब होता
है जिसको टोकंस कहते हैं। तो टोकन इज़ स्मॉलेस्ट यूनिट इन अ प्रोग्राम। प्रोग्राम बनाते समय जो स्मालेस्ट यूनिट
होती है वही टोकंस कहलाता है। अब ये टोकंस डिफरेंट-डिफरेंट टाइप के होते हैं। दैट इज़ कीवर्ड्स, आइडेंटिफायर्स, लिटरल्स,
ऑपरेटर्स एंड पंकुएटर्स। क्या होते हैं? कीवर्ड्स, आइडेंटिफायर्स, लिटरल्स, पंक्चुएटर्स एंड ऑपरेटर्स। फटाफट से देखो
जितने बच्चे अभी नए जुड़ते जा रहे हैं, सेशन को शेयर कर दो क्योंकि हम पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पढ़ रहे हैं। है
ना? पाइthन अपने आप में बहुत इंपॉर्टेंट है और यहां से सारे क्वेश्चंस आते हैं। मैम रेक्टेंगल वाला वापस बता दो। देखो
रेक्टेंगल का क्या मतलब होता है? ध्यान से समझो। ये रेक्टेंगल है जिसमें प्रोसेसिंग होती है। जो एक्चुअल प्रोसेसिंग हो रही है
वो रेक्टेंगल में आती है। इनपुट आउटपुट आते हैं आपके पैरेललोग्राम में। ठीक है? चलिए। तो हम क्या समझ रहे हैं अभी? टोकंस
पे आ चुके हैं। राइट? टोकंस में क्या-क्या आ जाएगा? कीवर्ड्स जो कि फिक्स्ड और रिजर्व्ड वर्ड्स होते हैं। जैसे अभी मैंने
बोला प्रिंट, इनपुट और आपका इफ, एल्स, लूप जो आप यूज़ करते हो उनमें जो वर्ड्स लगाते हो ब्रेक, कंटिन्यू, एल्स ये सभी रिज़र्व्ड
वर्ड हैं। इनको आप अपने तरीके से कोड में यूज़ नहीं कर सकते हो। ये पहले से पाइथन में डिफाइंड है। इनका मतलब डिफाइंड है।
ठीक है? स्पेसिफिक पर्पस के लिए यूज़ हो रहा है। दूसरे होते हैं आइडेंटिफायर्स। कोई भी वेरिएबल का नाम देते हो, कोई भी
क्लास का नाम, फंक्शन का नाम, कुछ भी लिखते हो। यूजर डिफाइंड जो नाम लिखते हो वो कहलाता है आइडेंटिफायर्स। आइडेंटिफायर
के कुछ रूल्स होते हैं जो अभी हम पढ़ेंगे। लिटरल्स। लिटरल्स क्या होते हैं? जो कॉन्स्टेंट वैल्यू फिक्स्ड वैल्यू होती है
जो आप न्यूममेरिक लिटरल्स हो सकते हैं, स्ट्रिंग लिटरल्स हो सकते हैं, फ्लोट लिटरल्स हो सकते हैं। ठीक है? जैसे हेलो,
3.1,4, 10 ये कुछ वैल्यूज़ होती हैं जो वेरिएबल्स में हम असाइन करते हैं वो लिटरल्स होते हैं। अब ऑपरेटर्स क्या होते
हैं? जो भी ऑपरेशन आपको परफॉर्म करवाना है। जैसे प्लस, माइनस इंटू डिवीज़ है ना? ग्रेटर दैन लेस दैन जो ऑपरेशन आपको
परफॉर्म करवाना है वो ऑपरेटर्स हो गए। ठीक है? जो ऑपरेंट्स पे जो वैल्यूज़ पे अप्लाई होते हैं। पंकुएटर्स क्या होते हैं?
पंकुएटर्स मींस कि फुल स्टॉप ब्रैकेट्स, कर्ली ब्रैकेट्स और आपके स्क्वायर ब्रैकेट्स जो आप यूज़ कर रहे हो कॉलन, सेमी
कॉमा, कॉलन। दिस ऑल आर दी पंकुएटर्स। मींस अगर मैं बात करूं तो आप जब इंग्लिश में कोई सेंटेंस लिखते हो तो इंग्लिश में उस
सेंटेंस को लिखने पर लाइक इस तरीके से आपने लिखा है हाउ आर यू? लाइक आप ऐसे लिखते हो ना? सिंपल सी बात बता रही हूं।
तो आपने यहां क्या यूज़ किया? एक्सक्लमेटरी मार्क, क्वेश्चन मार्क है ना? और ये एक-एक वर्ड का अपना मतलब होता है कि कोई टेंस है
और किसी टेंस में आपने लिखा है सेंटेंस का नाम क्या है? है ना? इसमें वर्ब क्या है? इसमें प्रोनाउन क्या है? बिल्कुल वैसे ही
पाइथन में कोड लिखते समय ये एक-एक चीज़ पहचानी जाती है कि कीवर्ड कौन सा है? आइडेंटिफायर कौन सा है? लिटरल क्या है?
ऑपरेटर क्या है? पंक्चुएटर क्या है? डन? समझ में आ गया? सो दीज़ आर दी टोकंस। अगर क्वेश्चन आया कि हाउ मेनी टाइप्स ऑफ़ टोकंस
तो ये लिख कर आना। ये एमसीक्यूस में भी आता है। टोकन होते क्या है? तो स्मालेस्ट यूनिट इन अ प्रोग्राम। डन। ओके मैम योर
टीचिंग आर वेरी वेल। थैंक यू सो मच बेटा। बेटा लिमिटेशंस बता दूं पाइथन के। तो लिमिटेशंस क्या होते हैं पाइथन के? Python
के लिमिटेशंस ये होते हैं कि समटाइ्स इट इज़ स्लोएस्ट लैंग्वेज। व्हाई? बिकॉज़ अगर हम इसको कंपेयर करें CC+ जावा से तो ये
स्लो लैंग्वेज हो जाती है लिटिल बिट। है ना? क्योंकि यहां पे इंटरप्रिटर यूज़ किया जा रहा है। यहां पे कंपाइलर को हम यूज़
नहीं कर रहे हैं। अगर हम जावा से कंपेयर करें तो इसमें लेजर लाइब्रेरीज़ होती हैं। लेकिन जावा जैसी या C++ जैसी लैंग्वेजज़
में लाइब्रेरीज़ ज्यादा होती हैं। है ना? तो कुछ लिटिल बिट लिमिटेशंस आर देयर बट मोर एडवांटेजेस आर हियर। ठीक है? जावा C++
के कंपैरेटिवली इसमें एडवांटेजेस ज्यादा हैं। लेकिन इसके लिमिटेशंस कम हैं। ओके? समझ गए? अगर लिमिटेशंस आया तो लिख कर आ
सकते हो ना आप एग्जाम में। मैम? फ्लोर डिवीज़ क्या होता है? अभी अभी आ रहे हैं। फ्लोर डिवीज़ पे भी आ रहे हैं। फ्लोर
डिवीज़न ऐसा ऑपरेटर होता है जो कि सिर्फ इंटीजर वैल्यू रिटर्न करता है डिवाइड करने के बाद। जो कशेंट आता है ना उस कशेंट का
इंटीजर रिटर्न करता है। डेसिमल पार्ट रिटर्न नहीं करता है। अभी समझाऊंगी मैं। ओके मैम आई एम परिधि। ओके। हेलो परिधि। है
ना? इसको ही इसी को फ्लोर डिवीज़ कहते हैं। ठीक है? अभी समझेंगे। अब देखो की वर्ड्स क्या हो गए? रिज़र्व्ड वर्ड्स जिसका स्पेशल
मतलब होता है पाइथन में। जैसे इफ इफ एल्स, एलिफ, हु, वाइल, ट्रू, फॉल्स, नन, ब्रेक। ट्रू और फॉल्स और नन ये तीन ऐसे होते हैं
जिसमें फर्स्ट लेटर कैपिटल होता है। गलती से भी इसमें ऐसे मत लिख देना ट्रू। है ना? ये गलत हो जाएगा। टी में ट्रू में टी
कैपिटल आता है। अदरवाइज़ एरर आ जाएगी। ठीक है? और कोई भी आइडेंटिफायर बेसिकली कीवर्ड कीवर्ड को कभी भी आप एज अ आइडेंटिफायर यूज़
नहीं कर सकते हो। तो आइडेंटिफायर हुआ क्या? जो नेमिंग रूल्स होते हैं। जैसे आप अपना आईडी पासवर्ड जनरेट करते हो, कुछ भी
लिखते हो तो उसमें क्या रूल बताते हो? कि नंबर से स्टार्ट नहीं होना चाहिए। इट मस्ट स्टार्ट विद लेटर और अंडरस्कोर। है ना? ये
जो भी चीज कंटेन करेगा उसमें लेटर डिजिट और अंडरस्कोर आएगा। कोई और कॉलन इस तरीके से कोई और साइन आप यूज़ नहीं कर सकते हो।
सिर्फ और सिर्फ अंडरस्कोर आएगा अगर स्पेस देनी है तो कैन नॉट स्टार्ट विद अ डिजिट नंबर से स्टार्ट नहीं होगा। कोई स्पेस
अलाउ नहीं होगी। कोई भी स्पेशल सिंबल यूज़ नहीं होगा। एक्सेप्ट अंडरस्कोर। जैसे फॉर एग्जांपल यहां लिखा हुआ है टोटल मार्क्स।
तो टोटल स्पेस के लिए लगा दिया अंडरस्कोर और मार्क्स। ये सही है। और यहां लिखा हुआ है सपोज़ एल नेम इस तरीके से। तो ये रॉन्ग
हो गया। मतलब आपने लिखा है 2 3 4 ए बी सी। तो दिस इज़ रॉन्ग। नंबर से स्टार्ट नहीं होगा। अगर मैंने इसे लिख दिया स्टूडेंट और
डॉट लगा के लिख दिया नेम तो डॉट नहीं आएगा या यहां पे स्पेस दे दी तो स्पेस नहीं आएगा। दिस इज़ रॉन्ग। ओके? ये एमसीक्यूस
में आपसे पूछ लेते हैं। तो आइडेंटिफायर्स के क्या रूल हो गए? अगर दो नंबर में ये क्वेश्चन आ गया व्हाट आर द रूल्स फॉर
आइडेंटिफायर्स? तो क्या बता के आओगे बेटा? यही बता के आओगे। ठीक है? समझ में आ गया अच्छे से? ओके? कम टू द नेक्स्ट टॉपिक दैट
इज़ वेरिएबल्स। अब वेरिएबल्स क्या हो गए? तो वेरिएबल्स वो होते हैं जो कि डेटा को स्टोर कर रहे होते हैं। वेरिएबल्स क्या
होते हैं जो डेटा स्टोर करते हैं। डन। अभी डेटा स्टोर करना मींस व्हाट? आपको प्रोसेसिंग के लिए जो भी डेटा चाहिए
पython प्रोग्रामिंग में वो डेटा आएगा कहां से? वो कहीं ना कहीं तो स्टोर करना पड़ेगा ना। तो वो जो भी डेटा आप एक
वेरिएबल में स्टोर करते हो। ये एक कैरेक्टर होता है। कोई स्ट्रिंग भी हो सकता है। कोई नाम भी हो सकता है। जैसे फॉर
एग्जांपल मैंने लिखा x = 10 तो ये 10 जो है डेटा है। नंबर टाइप का एक वैल्यू है जिसको हम इस x नाम के वेरिएबल में स्टोर
करवा रहे हैं। तो वेरिएबल क्या करता है? वैल्यू को स्टोर करता है। सपोज किसी का नाम मुझे चाहिए प्रोग्रामिंग में तो मैंने
सपोज नाम लिखा यहां पे राम और इस नाम को हमने स्टोर करवा लिया नेम नाम के वेरिएबल में। तो दीज़ आर द वेरिएबल। अब एक्चुअल में
मेमोरी में जाके जहां पे ये वैल्यू स्टोर हुई है जहां राम नाम स्टोर हुआ है मेमोरी में ये जो नाम है इसको आप नेम नाम के
वेरिएबल से एक्सेस करोगे इस वेरिएबल से हम इसको एक्सेस करेंगे इस वैल्यू को दिस इज़ द वैल्यू जो कि मेमोरी में कहीं ना कहीं
जाके स्टोर हुई है। इसका एक एड्रेस भी होता है जो कि बाइनरी नंबर में होता है एड्रेस लगभग। ओके? समझ में आ गया अच्छे
से? नाउ x = 10 इंटीजर वैल्यू हमने असाइन करवाई। x वेरिएबल में रिया एंड हमने एक नेम में असाइन करवा दिया। तो पाइthन इज़
डायनेमिकली टाइप्ड। नो नीड टू डिक्लेअर डेटा टाइप। अब यहां पे ना जैसे हम जावा में या C++ में क्या करते हैं? इस तरीके
से इंट X = 10 हम बताते हैं कि भाई इस X में हमने इंटिजर वैल्यू असाइन की है। तो ऐसा कुछ डेटा टाइप लिखने की हमें जरूरत ही
नहीं पड़ती है क्योंकि ये डायनेमिकली टाइप्ड है। पाइthन में डेटा टाइप बताने की जरूरत नहीं होती है। अब एक क्वेश्चन जो
दिमाग में आ रहा होगा कि मैम डेटा टाइप क्या होता है? अभी आपने डेटा टाइप की बात किया। तो जोज चीजें आप लिखते हो ना
व्हाटएवर यू आर यूजिंग इन पाइथन कोड हर एक वैल्यू किसी ना किसी टाइप की होती है। और वो डेटा टाइप कहलाता है। ठीक है? समझ में
आ रहा है? डेटा टाइप क्लियर है ना? क्या होता है? ओके? देखो, अब डेटा टाइप में कितने टाइप के डेटा टाइप्स होते हैं? बहुत
ध्यान से समझना। अगर मैं बात करूं डेटा टाइप्स की तो अगर आप इंटीजर वैल्यू लिख रहे हो तो डेटा टाइप इंट होता है। अगर आप
कोई डेसिमल वैल्यू लिखते हो तो वो फ्लोट टाइप के डेटा वैल्यूज़ में आ जाता है। अगर आप किसी का नाम लिख रहे हो कुछ कररेक्टर्स
लिख रहे हो तो वो स्ट्रिंग में आता है। अगर आपने कुछ सीक्वेंस में नंबर लिख दिए सपोज किसी स्टूडेंट के पांच सब्जेक्ट के
मार्क्स लिख दिए एक साथ तो वो लिस्ट में आ जाता है। है ना? किसी स्टूडेंट का रोल नंबर और उसका नाम लिखा हुआ है। तो आप यहां
पे रोल नंबर से उस बच्चे के नाम को पहचान रहे हो। उसका कांटेक्ट नंबर, उसकी डिटेल पहचान रहे हो। तो ये डिक्शनरी में आता है
जिसमें मैपिंग होती है। ठीक है? वहीं अगर आप कोई लिस्ट बनाना चाहते हो जिसको बाद में बदल नहीं सकते हो तो वो टपल होता है।
ऐसी सेट्स होता है जिसमें आप वैल्यूस का कलेक्शन स्टोर करते हो। और एक होता है बुलियन जिसमें ट्रू और फॉल्स वैल्यू देते
हैं। तो कुल मिला के इतने टाइप के डेटा टाइप्स होते हैं। इंटीजर फ्लोटिंग, स्ट्रिंग, लिस्ट, डिक्शनरी, टपल, सेट्स
एंड बुलियंस। ठीक है? अगर हम इंटीजर की बात करें तो देखो थ्री, 300, 200 है ना? पॉजिटिव नेगेटिव होल नंबर्स ये सब आ जाते
हैं। और अगर हम डेसिमल नंबर की बात करें जिसको फ्लोट कहते हैं तो 2.3 4.6 ये आ जाएंगे। और स्ट्रिंग की बात करते हैं
कररेक्टर्स की तो हेलो है ना? इस तरीके से आप जो भी स्ट्रिंग देते हो नाम देते हो किसी का एक चीज़ ध्यान रखना स्ट्रिंग में
अगर आपने लिखा हुआ है 40 तो ये एक नंबर है। अगर आप इसको डबल इनवर्टेड में लिख देते हो तो ये एक स्ट्रिंग हो जाता है। तो
स्ट्रिंग को ऑलवेज सिंगल या डबल इनवर्टेड के अंदर लिखा जाता है। ठीक है? फिर उसके अंदर चाहे कुछ भी हो, कोई कैरेक्टर हो,
कोई नंबर हो, कोई नाम हो। अनऑर्डर्ड की की बात कर लें यहां पर की और वैल्यू पेयर की तो वो डिक्शनरी होता है। देखो यहां पे माय
की और उसकी वैल्यू इस तरीके से हम की वैल्यू पेयर को डिफाइन करते हैं। ठीक है? और अगर हम टपल की बात करें तो टप्पल एक
इम्यूटेबल सीक्वेंस होता है जिसमें जो वैल्यूज़ आपने लिखी है उसको आप बदल नहीं सकते हो। वो इम्यूटेबल टाइप का वैल्यू
होता है। एक बार अगर क्रिएट कर दिया तो। लिस्ट म्यूटेबल टाइप का होता है। ठीक है? जिसकी वैल्यूज़ को आप बदल सकते हो।
स्क्वायर ब्रैकेट से डिफाइन करते हैं। और अगर लॉजिकल वैल्यू की बात करें तो यहां पे ट्रू और फॉल्स आता है। तो अगर इसका चार्ट
बनाने को आ गया डेटा टाइप का तो इस तरीके से आप बना के आ सकते हो। देखो नंबर में इंटीजर आ जाता है। कॉम्प्लेक्स नंबर आ
जाता है और फ्लोटिंग नंबर आते हैं। डिक्शनरी मैपिंग के लिए यूज़ होता है बुलियन सेट और सीक्वेंस। सीक्वेंस में आ
जाता है आपका स्ट्रिंग लिस्ट और टपल। याद रखना। नंबर में इंटीजर, कॉम्प्लेक्स फ्लोट और सीक्वेंस में स्ट्रिंग, लिस्ट और टपल
जो आगे हम अब पढ़ेंगे। है ना? जितने भी आपके डाउट होंगे स्ट्रिंग लिस्ट, टपल से रिलेटेड ना वो सब भी अब सॉल्व हो जाएंगे।
अभी आपको टेंशन लेने की जरूरत ही नहीं है। ठीक है? चलो बढ़ जाए आगे। अब आगे क्या दिया हुआ है? आगे यहां पे दिया हुआ है आपको
टाइप कन्वर्ज़। इसमें बड़ा कंफ्यूजन है मैम कि आखिर ये टाइप कन्वर्ज़ होता क्या है? ध्यान से समझो। टाइप कन्वर्ज़ क्या होता
है? दो टाइप के कन्वर्ज़ होते हैं जो पाइथन में होते हैं। पहला होता है एक इंप्लस कन्वर्ज़। दूसरा होता है एक एक्सप्लस
कन्वर्ज़। क्या आपने सुना है इंप्लसिट एक्सप्लसिट कन्वर्ज़? बताओ। सुना है ना? हेलो साक्षी।
सुना है इंप्लसिट एक्सप्लसिट कन्वर्ज़? इंप्लसिट कन्वर्शन पython में ऑटोमेटिकली होता है। आपको बताने की जरूरत नहीं होती
है पython प्रोग्रामिंग में कि भ इंटीजर है उसको फ्लोट में कन्वर्ट करो, फ्लोट को इंटीजर में कन्वर्ट करो। ये ऑटोमेटिकली
इंप्लसिटली हो जाता है। है ना? इंटरप्रिटर इसको इंप्लसिटली करता है। तो वो कन्वर्शन जो कि ऑटोमेटिकली होता है पाइथन में वो
इंप्लसिटली होता है। जैसे मैंने अगर 5 + 2.0 लिखा। अभी ध्यान से समझना। फाइव क्या है मैम? फाइव एक इंटीिजर वैल्यू है और 2.0
एक फ्लोट टाइप की वैल्यू है। अब यहां पे आंसर क्या आएगा? आपको इसको बदलने की जरूरत नहीं है। ये ऑटोमेटिकली इंटीजर और फ्लोट
दो अलग-अलग टाइप के वैल्यू का जो आंसर आएगा ना वो ऑटोमेटिकली 7.0 आएगा। ठीक है? तो ये इंप्लसिट कन्वर्शन ऑटोमेटिकली हुआ
है। इनसाइड हुआ। अब अगर कोई कन्वर्शन आप खुद से करना चाहते हो तो उसको एक्सप्लसिट कन्वर्शन कहते हैं। जिसको हम टाइप
कास्टिंग के नाम से भी जानते हैं। अब यहां पे क्या करोगे आप? अलग-अलग फंक्शंस का यूज़ करोगे। कुछ बिल्ट इन फंक्शंस होते हैं।
जैसे फॉर एग्जांपल कि कोई नंबर है या कोई स्ट्रिंग है उसको आपको इंट में कन्वर्ट करना है। सपोज़ मैंने यहां लिखा डबल इन डबल
इनवर्टेड कॉमाज़ में फाइव। इसको मुझे किस में कन्वर्ट करना है? इंटीजर में। ये अभी है क्या? ये अभी स्ट्रिंग की तरह है मैम।
और इसको हमें इंटीजर में कन्वर्ट करना है। तो हम क्या करेंगे? यहां पर एक इंट नाम का फंक्शन लगा देंगे और उसमें इस स्ट्रिंग को
पास कर देंगे। तो इसकी जो भी वैल्यू इंटीजर जो भी वैल्यू स्ट्रिंग की है वो इसमें इंटीजर में। तो अब ये फाइव कैसे आ
जाएगा? इस तरीके से आएगा। ये अभी डबल इनवर्टेड में एज अ स्ट्रिंग शो हो रहा है। तो आप इंटीजर से स्ट्रिंग में कन्वर्ट कर
सकते हो। फ्लोट से इंटीजर, इंटीजर से फ्लोट कन्वर्ट कर सकते हो। ठीक है? और इस तरीके से हम यहां पे कन्वर्शन कर सकते
हैं। ठीक है? तो कन्वर्शन के लिए कुछ फंक्शनंस हैं जैसे इंट, फ्लोट और एसटीआर इनका हम यूज़ करते हैं। ठीक है? चलिए तो
पython समझ में आ रहा है? मजा आ रहा है सेशन में कि नहीं आ रहा है? जरा थम्स अप देके बता दो फटाफट से। फटाफट से। कोई डाउट
यहां तक? यहां तक कोई डाउट टोकंस में, आइडेंटिफायर्स में, कीवर्ड्स में? नहीं ना? क्लियर है? टाइप कास्टिंग समझ में आ
गया? टाइप कन्वर्ज़ समझ में आ गया? अभी टाइप कास्टिंग का और कन्वर्ज़ का इक्वेशन आता है। तो कौन-कौन से फंक्शन हो गए? इंट,
एसटीआर और फ्लोट। याद रहेंगे टाइप एक्सप्लसिट कन्वर्शन में। अब पाइthन में कुछ ऑपरेटर्स भी होते हैं। तो मैम
ऑपरेटर्स क्या होते हैं? ध्यान से समझो। ठीक है? जरा थम्स अप दे के बता दो मजा आ रहा है कि नहीं सेशन में? सब चीजें समझ
में आ रही है क्लियरली? है ना? रिवाइज़ हो रहा है बढ़िया तरीके से। जो नहीं आता है वो भी समझ में आ रहा है ना? अभी ऑपरेटर्स
क्या होते हैं? पांच से छह टाइप के ऑपरेटर्स पाइथन में यूज़ होते हैं। पहला ऑपरेटर अभी देखो मैंने यहां जितने भी
चीजें ली हुई है ना आपके दिमाग में अगर कोई क्वेश्चन आ भी रहा है कि मैम ये नहीं हुआ वो नहीं हुआ ये छूट गया वो छूट गया तो
मैंने वो सारे टॉपिक आज के सेशन में लिए हैं जो कि पेपर में आते हैं जिनमें से पेपर बनता है जितना आपको कंपलसरीली पढ़ना
ही पढ़ना है। है ना? अगर आपको पूरे मार्क्स लेकर आने हैं तो मेरी बात ये क्लियर हो रही है ना अच्छे से? यहां से
अधिकतर क्वेश्चंस आते हैं पेपर में। ऑलमोस्ट आते हैं। अरथमैटिक ऑपरेटर्स क्या होते हैं? जिनमें हम कुछ भी कैलकुलेशन
करते हैं जो कैलकुलेशन के लिए यूज़ होता है। ठीक है? वेरी गुड। नो डाउट मैम। क्या बात है? बढ़िया बढ़िया। है ना? चलो। तो
अरथमैटिक ऑपरेटर्स क्या हो गए आपके? प्लस माइनस इंटू डिवीज़ मॉड्यूलस डबल स्लैश जिसको फ्लोर डिवीज़ कहते हैं और
एक्सप्पोनेंशिएशन। यहां से एक क्वेश्चन आता है जो वाइवा में भी आता है जो प्रैक्टिकली भी पूछते हैं, थ्योरिटिकली भी
पूछते हैं। अब प्लस क्या करता है? दो नंबर को ऐड कर देता है मैम 20 + 30 तो आंसर विल बी 50.5 डिफ़ॉल्ट जो आंसर यहां पे आता है
वो किस में आता है? फ्लोट में ही आता है। जो आउटपुट आपको मिलता है डिफ़ॉल्ट जो आउटपुट वो फ्लोट में मिलता है। मतलब अगर
मैंने 20 + 30 लिखा तो आंसर 50 नहीं आएगा। 50.0 तो यहां आप इंटीजर को प्लस करवा रहे हो लेकिन आंसर विल बी इन फ्लोट। ध्यान
रखना। ठीक है? क्योंकि डिफ़ॉल्ट आउटपुट विल बी इन फ्लोट। इंटरप्रेटर डिफ़ॉल्ट फ्लोट में देता है। सब्ट्रैक्शन में आप दो नंबर
को सब्ट्रैक्ट करोगे तो भी आंसर आपका फ्लोट में ही आएगा। लाइक 40 - 20 तो 20 आया। मल्टीप्लिकेशन का यूज़ करते हो तो 30
* 2 लिखोगे। ध्यान रखना मल्टीप्लिकेशन बता रही हूं। मल्टीप्लिकेशन के लिए सिंगल स्टार यूज़ होता है। द आंसर विल बी 60.0
गॉट इट? अब एक और ऑपरेटर होता है दैट इज़ डबल स्टार। डबल स्टार का मतलब होता है एक्सप्पोनेंशिएशन पावर कैलकुलेट करना। अगर
मैंने यहां पे लिखा 30 डबल स्टार 2 देन द आंसर विल बी आंसर क्या होगा? डबल स्टार का क्या मतलब होता है? डबल स्टार आपका पावर
कैलकुलेट करके देगा। तो यहां पे 30 की पावर 2 मींस व्हाट? आंसर विल बी 900.0 गॉट इट आंसर कितना आ जाएगा? 900 तो सिंगल
स्टार इज़ यूज्ड फॉर मल्टीप्लाई डबल स्टार इज़ यूज्ड फॉर कैलकुलेटिंग पावर। अब एक और चीज जो यहां बताना है वो है वो है आपका अ
स्लैश और डबल स्लैश जिसमें डाउट है। ध्यान से समझो। स्लैश मतलब डिवीज़। स्लैश मतलब डिवीज़। जो क्या रिटर्न करेगा? कशंट। क्या
रिटर्न करेगा? कशंट। फॉर एग्जांपल मैंने यहां लिखा 5 / 2 देन आंसर विल बी व्हाट? जल्दी बताओ। 5 / 2 लिखूंगी तो आंसर क्या आ
जाएगा? भाई आंसर आ जाएगा मैम। जब टू को फाइव से डिवाइड करोगे तो कशंट यहां पे क्या बचेगा? क्वेश्चंट बचेगा मैम 2.5
ऑब्वियस यही बचेगा। अगर मैंने यहां पे लिखा 5 डबल डैश टू देन आंसर विल बी डबल डैश का मतलब क्या होगा? डिवाइड तो होगा।
कशेंट भी आएगा लेकिन यहां से सिर्फ और सिर्फ रिटर्न क्या होगा? इंटीजर पार्ट। डेसिमल पार्ट नहीं। तो ये जो फ्लोर डिवीज़
है इसको कहते हो आप क्या? इसको कहते हो आप फ्लोर डिवीज़। फ्लोर डिवीज़ रिटर्न्स ओनली इंटीजर पार्ट ऑफ कशंट आफ्टर डिवीज़ एंड दिस
सिंगल सिंगल स्लैश डिवीज़ रिटर्न्स द कशंट विद द डेसिमल जो उसका डिफ़ॉल्ट टाइप होता है। नाउ वन मोर दैट इज़ परसेंटेज। इसको
कहते हो आप मॉड्यूलस। ये क्या रिटर्न करता है? ये रिटर्न करता है रिमाइंडर। क्या रिटर्न करता है? मॉड्यूलस। रिमाइंडर ना?
क्या बात है। बहुत बढ़िया। आंसर आ गया। चलिए चलिए चलिए समझ आ रहा है तो ये एक तरीके से ग्रैंड फिनाले चल रहा है हमारा
है ना क्लास 11th सीएस वालों के लिए फाइनल क्लास फाइनल सीएस का फटाफट से पूरा रिवीजन है ना कार्तिक ओके स्वालिया यशिका ममता
करेक्ट आंसर बेटा बहुत बढ़िया है ना चलिए तो यहां पे मॉड्यूलस रिटन होगा मतलब जब आप फाइव को टू से डिवाइड करोगे तो आपको
रिमाइंडर बचेगा ओनली वन इन तीनों में कोई डाउट नहीं है ना अच्छे से समझ में आ गया बड़ा कंफ्यूजन होता है बच्चे इसमें बहुत
कंफ्यूज हो जाते हैं और टीचर भी कंफ्यूज कर देते हैं जब क्वेश्चंस आपसे पूछे जाते हैं ना एग्जाम में तो यहां कंफ्यूजन हो ही
जाता है। है ना? चलो अब रिलेशनल ऑपरेटर पे आते हैं जिनको कंपैरिजन ऑपरेटर कहते हैं। ये क्या होते हैं कंपैरिजन ऑपरेटर में?
ग्रेटर दैन, लेस दैन, इक्वल्स टू, डबल इक्वल्स टू मतलब डबल इक्वल्स टू एंड नॉट इक्वल्स टू, ग्रेटर, लेस इक्वल और लेस
इक्वल। ठीक है? ये क्या कहलाते हैं ऑपरेटर? रिलेशनल ऑपरेटर जो कि ट्रू और फॉल्स में आंसर वैल्यू रिटर्न करते हैं।
तो रिलेशनल ऑपरेटर रिटर्न्स ओनली ट्रू, फॉल्स वैल्यू। दोनों वैल्यू को कंपेयर किया जाएगा। व्हाट द आंसर इज़ ट्रू और
फॉल्स तो ये रिटर्न कर देगा। फॉर एग्जांपल अगर हम ग्रेटर की बात करें तो फाइव ग्रेटर दैन टू मैम ट्रू है तो ट्रू रिटर्न करा।
फाइव लेस दैन ट्रू फॉल्स होगा मैम फाइव तो टू से छोटा होता ही नहीं है। फाइव इज़ इक्व टू टू नो 5 इक्व टू फाइव ओनली। तो दैट इज़
व्हाई ध्यान रखना इक्वलिटी चेक करना है तो हम डबल इक्वल लिखते हैं। और जब आप मैथमेटिक्स में इक्वलिटी चेक करते हो तो
सिंगल इक्वल का यूज़ करते हो। है ना? लेकिन यहां पे इक्वलिटी चेक करना है तो डबल इक्वल यूज़ होता है। सिंगल इक्वल किस लिए
यूज़ होता है? फिर सिंगल इक्वल किस लिए यूज़ होता है बताओ? अगर इक्वलिटी चेक करना है तो हम यहां पे डबल इक्वल का यूज़ कर रहे
हैं। तो मैम फिर सिंगल इक्वल क्यों यूज़ होता है? इसका भी तो कहीं हमने प्रोग्रामिंग में यूज़ देखा है ना? चलो
बताओ। फटाफट बताओ कमेंट सेक्शन में कि सिंगल इक्वल क्यों यूज़ करते हैं? है ना? अभी आएंगे उस पे भी। नॉट इक्वल के लिए
क्या? मैथमेटिक्स में नॉट इक्वल के लिए हम ये साइन यूज़ कर लेते हैं। यहां नॉट इक्वल के लिए क्या लगाते हो आप? एक्सक्लमेटरी
मार्कर इज़ इक्वल्स टू। मतलब फाइव डबल इक्वल्स टू फाइव रिटर्न्स ट्रू। एंड फाइव नॉट इक्वल्स टू फाइव रिटर्न्स फॉल्स। गॉट
इट? ओके। सिंगल इक्वल इज़ यूज्ड टू असाइन। वेरी गुड। है ना? सिंगल इक्वल वैल्यू असाइन
करता है। सपोज़ a = 10 लिखा तो a में ये 10 वैल्यू असाइन हो जाएगी। सिंगल इक्वल इज़ यूज़्ड टू असाइनमेंट। डबल इक्वल इज़ यूज़्ड
टू चेक इक्वलिटी। दिस इज़ द डिफरेंस। ये क्वेश्चन आता है एग्जाम में। ओके? चलो। तो अब यहां से आपके कॉन्सेप्चुअली क्वेश्चंस
क्लियर हो जाएंगे। और ग्रेटर इक्वल लेस इक्वल तो क्लियर ही है वही जो अभी हमने इक्वल्स टू वाला चीज देखी। नाउ लॉजिकल
ऑपरेटर ये भी एक टाइप के ऑपरेटर्स होते हैं। दैट इज़ एंड और ऑ और और नॉट। अब ये इतने ध्यान से इसलिए समझना है क्योंकि
इसके क्वेश्चंस आएंगे एग्जाम में। ये नहीं पूछेंगे आपसे। डायरेक्ट क्वेश्चन कभी नहीं आएगा कि डिफाइन ऑपरेटर्स और टाइप्स ऑफ़
ऑपरेटर्स। पूछेंगे क्या आपसे? इसके प्रैक्टिस क्वेश्चंस। वो क्वेश्चंस कैसे होते हैं? प्रैक्टिकल क्वेश्चन जिसमें
ऑपरेटर प्रेसिडेंस सप्लाई करना होती है। वो अभी बताऊंगी। बता के जाऊंगी। टेंशन ना लो। है ना? देखो। तो एंड और नॉट तीन
लॉजिकल ऑपरेटर होते हैं। जो अभी हमने बोलिए लॉजिक्स में देखे वही होता है कि एंड दोनों कंडीशन ट्रू होती है तभी ट्रू
रिटर्न करता है क्योंकि मल्टीप्लाई करता है और एक भी कंडीशन ट्रू होगी तो ट्रू रिटर्न कर देगा क्योंकि एडिशन करता है और
नॉट रिवर्स कर देता है रिजल्ट को ट्रू का फॉल्स फॉल्स का ट्रू। एग्जांपल देखो क्या लिखा हुआ है? 5 > 2 कंडीशन विल बी ट्रू।
ठीक है? 10 > 3 कंडीशन विल बी ट्रू। एंड लगा दिया। एंड क्या करता है? दोनों ट्रू होते हैं। तो आंसर विल बी ट्रू। और देखो 5
> 2 कंडीशन विल बी ट्रू 10 लेस < 3 कंडीशन विल बी फॉल्स और क्या करता है और अगर एक भी ट्रू होगा तो ट्रू रिटर्न कर देगा मैम
तो ट्रू और फॉल्स एक तो ट्रू है ना तो इसने ट्रू रिटर्न कर दिया ये फॉल्स कब रिटर्न करेगा जब दोनों फॉल्स होंगे ठीक है
अब लिखा हुआ है 5 > ट्रू कंडीशन विल बी ट्रू लेकिन इस पे अप्लाई कर दिया नॉट तो नॉट की वजह से ये ट्रू क्या रिटर्न कर रहा
है फॉल्स रिटर्न कर रहा है गॉट इट समझ में आ गया लॉजिकल ऑपरेटर क्लियर प्रेसिडेंस। यस ऑफ कोर्स अभी हम प्रेसिडेंस पे आ रहे
हैं और उसके क्वेश्चंस भी करेंगे। ओके? प्रेसिडेंस के क्वेश्चंस भी बताऊंगी कैसे सॉल्व करना है। क्योंकि प्रेसिडेंस वाले
क्वेश्चन को बच्चे गलत करके आते हैं और आपके पेपर में प्रेसिडेंस वाले क्वेश्चन छप चुके हैं। मान लो। ठीक है? मान लो इस
बात को। क्वेश्चन आता ही आता है। अब होता है असाइनमेंट ऑपरेटर। असाइनमेंट ऑपरेटर क्या हो गए? जैसे अभी मैंने बताया कि
इक्वल के थ्रू हम असाइन करते हैं। सपोज मैंने लिखा a = 10 तो मेमोरी में एक स्पेस क्रिएट होगा जहां पे 10 स्टोर होगा और
उसको हम a से आइडेंटिफाई करेंगे। मतलब आपने एक 10 वैल्यू को a में असाइन कर दिया। अब अगर मैं बात करूं यहां पे प्लस
इक्वल की तो इसका क्या मतलब होता है? प्लस इक्वल मतलब ये असाइनमेंट ऑपरेटर होता है जो वैल्यू को ऐड करके असाइन करता है। ऐसे
ही फॉर एग्जांपल अगर मैंने यहां लिखा है a = 10 और अगर मैं इसको इस तरीके से लिख देती हूं। किस तरीके से लिख देती हूं? a +
1 मैंने क्या लिखा? a + = 1 तो अभी a की वैल्यू क्या है बेटा जी? 10 है। तो इसका मतलब हुआ a = a + 1 मतलब 10 + 1 10 में +
1 होगा और a की अब नई वैल्यू क्या हो जाएगी? 11। a की नई वैल्यू क्या हो जाएगी? 11। तो a + इक्वल क्या कर रहा है? जो भी
वैल्यू आप यहां पे लिखोगे ना, उससे उस वैल्यू को इंक्रीमेंट करके उसे सेम वेरिएबल में वैल्यू असाइन कर देता है। दिस
इज़ प्लस इक्वल कि सेम वेरिएबल में ही वैल्यू असाइन कर देना। ऐड करके, सब्ट्रैक्ट करके, डिवाइड करके, मल्टीप्लाई
करके। तो, यह सारे असाइनमेंट ऑपरेटर हैं। इट इज़ नॉट लाइक कि सिर्फ एडिशन ही करता है। यह सब्ट्रैक्शन भी करता है,
मल्टीप्लिकेशन भी करता है, डिवीज़न भी करता है। तो डिवाइड इक्वल, माइनस इक्वल, स्टार इक्वल, परसेंटेज इक्वल ये सब यूज़ होते
हैं। डन? समझ में आ गया? ओके। व्हाट 11 बेटा? मैम, एरर, करेक्शन, रीराइट द कोड। यस। ये
ये क्वेश्चन भी आएंगे और इसके लिए अलग से एक सेशन भी लेकर आऊंगी जिसमें सारेेंट क्वेश्चंस होंगे। प्रेडिक्ट द आउटपुट,
करेक्ट द एरर। अभी तो अभी तो शुरुआत की है हमने। थोड़ा पेशेंस रखो। ठीक है? चलो मेंबरशिप ऑपरेटर्स क्या होते हैं?
मेंबरशिप ऑपरेटर्स होते हैं आपके इन और नॉट इन। इनका भी खतरनाक यूज़ होता है। लिस्ट में यूज़ होते हैं। स्ट्रिंग में यूज़
होते हैं। डिक्शनरी में यूज़ होते हैं। हर जगह ये मेंबरशिप ऑपरेटर यूज़ होते हैं। अभी आगे स्ट्रिंग लिस्ट और डिक्शनरी पढ़ेंगे तो
वहां मेंबरशिप का यूज़ करेंगे। ठीक है? मैम प्लस इक्वल का एक क्वेश्चन देखो प्लस इक्वल का क्वेश्चन अभी बताया। जैसे मैंने
यहां पे बताया a = 10 लिखा हुआ है। ठीक है? अब हमें क्या करना है? इसको जैसे फॉर एग्जांपल इसकी वैल्यू को हमें इंक्रिमेंट
करवाना है। ठीक है? तो हमें इसकी वैल्यू इंक्रिमेंट करवाना है। तो फॉर a इन रेंज सपोज़ 20 तक आपको नंबर प्रिंट करवाने हैं
प्लस करवा करवा के। और a लिख दोगे तो वो अपने आप में क्या हो जाएगा? a प्रिंट करवा लिया आपने तो अपने आप में नंबर 10 11 12
13 14 15 होते जाएंगे कि नहीं होते जाएंगे? हो जाएंगे ना? वाइल लूप में क्या करते हैं हम इसको प्लस इक्वल से। अगर
मैंने यहां लिखा a = a + 1 तो क्या हो जाएगा यहां पे? 10 + 1 दैट इज़ 11। a की नई वैल्यू 11 हो गई। डन। तो सिमिलरली आप यहां
पे क्या कर सकते हो? प्लस इक्वल की मदद से सेम वेरिएबल में वैल्यू को ऐड ऑन करवा सकते हो। इस तरीके से कोड में अगर आप यहां
पे यूज़ करते हो वाइल लूप ना तो वाइल लूप में आप ये यूज़ नहीं करोगे। वाइल लूप में आप इंक्रीमेंट के लिए प्लस इक्वल ही यूज़
करोगे। ठीक है? समझ में आया? समझ में आ गया? फैक्टोरियल का प्रोग्राम होता है तो वहां माइनस इक्वल यूज़ होता है। जब आपको
नेचुरल नंबर प्रिंट करवाना है तो वहां प्लस इक्वल यूज़ होता है। जहां पे आपको एक-एक नंबर से ऐड ऑन करवाने होते हैं
नंबर्स को। है ना? चलो अब आ जाते हैं मेंबरशिप ऑपरेटर पे। इन नॉट इन। अगर इन नॉट इन की बात करूं तो इन ट्रू रिटर्न
करता है। जब सीक्वेंस में वैल्यू मिलती है तो ट्रू। जब सीक्वेंस में वैल्यू नहीं मिलती है तो ये फॉल्स देगा। अब नॉट इन
क्या करेगा? इसका रेसिप्रोकल काम करेगा। जब सीक्वेंस में वैल्यू नहीं मिल रही है तो ट्रू। और मिल रही है तो फॉल्स। समझ में
आया? नहीं मिल रही है तो फॉल्स। है ना? अब देखो सपोज़ यहां मैंने लिखा कैपिटल A इन एप्पल। इस एप्पल स्ट्रिंग में A है क्या?
ए इन एप्पल। ये जो ए है सिंगल ए करैक्टर इस एप्पल में मिल रहा है क्या? है क्या? यस तो इट रिटर्न्स ट्रू। अगर मैंने यहां
पे लिखा था Z इन एप्पल। एप्पल स्ट्रिंग में क्या Z है? नहीं है तो ये फॉल्स रिटर्न करता। सिमिलरली यहां देखो क्या
लिखा है? Z नॉट इन एप्पल। अब नॉट इन लगा दिया तो नॉट इन क्या करेगा? अगर वैल्यू नहीं होगी तो ट्रू रिटर्न करेगा। तो यस Z
इज़ नॉट इन एप्पल। तो दैट्स व्हाई इट रिटर्न्स ट्रू। सिमिलरली ये लिस्ट में भी यूज़ होता है बेटा और डिक्शनरी में भी यूज़
होता है। ठीक है? समझ में आ गई बात अच्छे से? अब इसके कुछ की पॉइंट्स हैं। ध्यान रखना। ये सिर्फ और सिर्फ ट्रू फॉल्स
वैल्यू रिटर्न करता है। केस सेंसिटिवनेस यहां होती है? अगर आप यहां पे स्मॉल ए चेक करोगे तो ये फॉल्स रिटर्न करेगा। सपोज़
मैंने बोला स्मॉल ए इन कैपिटल एप्पल। ठीक है? तो ये फॉल्स रिटर्न करेगा। क्योंकि स्मॉल ए और कैपिटल ए इज़ डिफरेंट। नाउ
डिक्शनरी में ये कीज़ के अकॉर्डिंग वैल्यूस को चेक करेगा कि डिक्शनरी में कोई की वैल्यू है या नहीं है। वैल्यू के
अकॉर्डिंग नहीं कीज़ के अकॉर्डिंग चेक करेगा। तो ये कुछ की पॉइंट्स है जो ध्यान रखना है। अब बढ़ गए हम ऑपरेटर प्रेसिडेंस
की तरफ जिसमें क्वेश्चन बहुत ज्यादा डाउटफुल आपके होते हैं। बहुत बढ़िया स्वालिया यश यश कीर्ति बहुत बढ़िया बेटा।
है ना? ठीक है? चलो ऑपरेटर प्रेसिडेंस की अगर बात करें तो ऑपरेटर प्रेसिडेंस में क्या आ जाता है? ध्यान से समझो। ऑपरेटर्स
जो अभी तक हमने देखे इन सारे ऑपरेटर्स का एक सीक्वेंस होता है, एक प्रेसिडेंस होता है जिसमें इनको एग्जीक्यूट किया जाता है।
जो इंटरप्रेटर होता है ना पाइथन में वो इंटरप्रेटर इन पर्टिकुलर जितने भी ऑपरेटर्स होते हैं उनको सीक्वेंस में
एग्जीक्यूट करता है। सबसे हाईएस्ट प्रेसिडेंस होती है ब्रैकेट्स की। बडमास रूल पढ़ा है ना मैथ्स में कि ब्रैकेट सबसे
पहले सॉल्व होंगे। व्हाटएवर इज़ इन द इंसाइड द ब्रैकेट सबसे पहले वही सॉल्व होगा। सपोज़ मैंने यहां लिखा टू + 3 और फिर
स्टार लगा के फाइव लिख दिया। तो भले ही इस स्टार की प्रेसिडेंस बहुत ज्यादा है, प्लस से ज्यादा है लेकिन इस ब्रैकेट की
प्रेसिडेंस उससे भी ज्यादा होगी। तो सबसे हाईएस्ट प्रेसिडेंस ब्रैकेट की होती है। हाईएस्ट प्रेसिडेंस आपकी पैरेंथेसिस की
होती है जो लेफ्ट टू राइट ऑर्डर में इधर लेफ्ट टू राइट ऑर्डर ये होता है। इसमें एग्जीक्यूट होता है। डबल स्टार जो होता है
एक्सप्पोनेंशिएशन वो राइट टू लेफ्ट ऑर्डर में एग्जीक्यूट होता है। और सेकंड हाईएस्ट प्रेसिडेंस होती है डबल स्टार की। फिर आ
जाता है आपका यहां पे मल्टीप्लाई डिवाइड और परसेंटेज डबल स्टार के बाद। फिर आता है प्लस माइनस फिर आता है आपका लेफ्ट शिफ्ट
राइट शिफ्ट फिर आता है आपका बिट वाइज एंड और और नॉट अभी बिट वाइज भी तीन ऑपरेटर्स होते हैं ना लेकिन जनरली आते नहीं है
क्वेश्चन फिर इज़ इज़ नॉट एंड नॉट एंड नॉट इन दैट इज़ मेंबरशिप ऑपरेटर्स ओके और इसके बाद आते हैं आपके रिलेशनल ऑपरेटर्स देन
उसके बाद लॉजिकल ऑपरेटर्स आते हैं नॉट एंड एंड और तीन लॉजिकल ऑपरेटर्स बताएं एंड और और नॉट नॉट की हाईएस्ट प्रेसिडेंस होती है
फिर एंड की प्रेसिडेंस होती है फिर और तो नॉट सबसे ऊपर है फिर एंड है फिर और है ये सीक्वेंस याद रखना जब क्वेश्चन में आपसे
पूछेंगे ना तो आपको ये सीक्वेंस याद रखनी पड़ेगी देन इफ एल्स देन उसके बाद में इस तरीके से लोएस्ट प्रेसिडेंस में हम
पहुंचते हैं तो सारे ऑपरेटर्स लेफ्ट टू राइट एग्जीक्यूट होते हैं एक्सेप्ट टू ऑपरेटर्स व्हिच एक्स्पोनेंसशिएशन ध्यान
रखना जो एक्सप्पोनेंशिएशन है वो राइट टू लेफ्ट ऑर्डर में जाता है वो राइट टू लेफ्ट ऑर्डर में एग्जीक्यूट होता है ये चीज़ बस
आपको ध्यान रखनी है ओके तो यहां पे आंसर आ गया इस क्वेश्चन का क्या बात है बहुत बढ़िया देखो 2 + 3 5 और 5 * 5 25 यस वेरी
गुड मैम इज़ और इज़ नॉट ऑपरेटर सुनो। इज़ और इज़ नॉट ऑपरेटर भी क्या करते हैं? यही चेकिंग करते हैं। लेकिन यह एड्रेस को चेक
करते हैं कि मेमोरी के उस एड्रेस पे वो वैल्यू अवेलेबल है या नहीं है। अगर वो मेमोरी के उस एड्रेस पे वैल्यू होती है।
मेमोरी एड्रेस मैच कर जाता है तो इज़ ट्रू रिटर्न करता है। अदरवाइज़ इज़ नॉट फॉल्स रिटर्न करता है। तो इन और नॉट इन वैल्यू
पे वर्क करता है। इज़ और इज़ नॉट एड्रेस पे वर्क करता है। मेमोरी एड्रेस पे। दिस इज़ द डिफरेंस ओनली। ठीक है? समझ में आ गया?
ओके। अविराज हियर। हेलो अविराज। बेटा जो भी सेशन में अभी जुड़ते जा रहे हैं फटाफट सेशन को शेयर कर दो। और अब कुछ प्रैक्टिस
क्वेश्चंस जो आते हैं एग्जाम में इंपॉर्टेंटली आते हैं। देखो डबल स्टार राइट टू लेफ्ट एग्जीक्यूट होता है और सबसे
हाईएस्ट प्रेसिडेंस होती है ब्रैकेट्स के बाद। ध्यान रखना। बाकी सब लेफ्ट टू राइट ऑर्डर में जाते हैं। बस इस चीज को नोट कर
लेना। इसको ध्यान रखना। कभी क्वेश्चन गलत नहीं करके आओगे। अब यहां लिखा है टू डबल स्टार 3 डबल स्टार 2। अभी आपने कहा मैम
राइट टू लेफ्ट ऑर्डर में काम करता है। बट अगर मान लो कि दो ही ऑपरेटर सेम प्रेसिडेंस के दे दिए तो क्या करोगे? है
ना? अभी जैसे यहां दे दिया कि 2 डबल स्टार 3 तो ओके आप इसको सॉल्व कर दोगे राइट टू लेफ्ट ऑर्डर में आप सॉल्व कर दोगे कि 3 की
पावर 2 दैट इज इट। बट मैम अगर यहां पे एक और दे दिया तो क्या करेंगे हम? तो पहले ये वाला एक्सप्पोनेंशियल एग्जीक्यूट करें या
पहले ये करें। तो यहां पे वही ऑर्डर ध्यान रखना है कि इस केस में आपको राइट टू लेफ्ट जाना है। दिस इज़ राइट एंड दिस इज़ लेफ्ट।
तो पहले आपको ये एग्जीक्यूट करना होगा। फिर आपको ये एग्जीक्यूट करना होगा। गॉट माय पॉइंट? तो अब यहां क्या करेंगे हम
पहले? पहले हम यहां पे एग्जीक्यूट करेंगे लाइक आपका 3 टू दी पावर 2 पहले ये एग्जीक्यूट होगा फिर जो आंसर आएगा दैट इज
3 टू दी पावर 2 कितना होता है 3 टू दी पावर 2 नाइन होता है ना तो ये नाइन जनरेट हुआ यहां पे क्या आ जाएगा नाइन ओके फिर
इसमें टू डबल स्टार यूज़ होगा तो 2 टू दी पावर 9 लाइक दिस तो टू टू दी पावर 9 कितना होगा 512 जो यहां लिखा हुआ है अगर दो सेम
सेम ऑपरेटर यूज़ कर लिए तो क्या करोगे लेफ्ट टू राइट और राइट टू लेफ्ट ऑर्डर का यूज़ करना ठीक है समझ गए समझ गए क्लियर हो
रहा है अच्छे से? ओके। हां। 32 पावर 2 9 होता है बेटा। ओके। चलो मैम नाइंथ की क्लास कब है? बेटा चैनल को सब्सक्राइब कर
लो अभी के अभी। नोटिफिकेशन आ जाएगा जैसे ही क्लास होगी कम्युनिटी पोस्ट पे मैं डाल दूंगी और आपका टाइम टेबल भी शेयर कर
दूंगी। है ना? 10 टू 12th का तो टाइम टेबल ऑलरेडी शेयर कर दिया है। बोर्ड ब्रह्मास लाइव मैराथन सीरीज़ का। आपकी फाइनल एग्जाम
लाइव मैराथन सीरीज़ का भी टाइम टेबल बहुत जल्दी आपको मिल जाएगा। टेंशन ना लो। है ना? चलो अब अगला क्वेश्चन देखो। 5 + 2 > 6
एंड 3 इट स्टार्ट टू इज़ इक्व 6 थोड़ा कॉम्प्लेक्स क्वेश्चन है बट बहुत केयरफुली आपको इसको सॉल्व करना होगा। है ना? मैंने
क्या बताया? ऑपरेटर प्रेसिडेंस का हमें ध्यान रखना है मैम। तो ऑपरेटर प्रेसिडेंस की बात करें तो सबसे पहली प्रेसिडेंस यहां
पे किसकी होगी? देखो अब यहां पे डबल स्टार नहीं है। तो यहां सबसे पहली प्रेसिडेंस होगी कि आप यहां पे किसको यूज़ कर लो? 5 +
2 को पहले सॉल्व कर लो। क्योंकि प्लस माइनस की हाईएस्ट प्रेसिडेंस दिख रही है हमको यहां पे। है प्लस माइनस इंटू डिवीज़
की हाईएस्ट प्रेसिडेंस है। है ना? और बाकी जो जो ऑपरेटर्स हैं स्टार है। लाइक आप यहां पे देख पा रहे हो क्या? एंड ऑपरेटर
है ग्रेटर दैन लेस दैन है। इनकी प्रेसिडेंस लो है। 3 * 2 की भी प्रेसिडेंस यहां पर हाईएस्ट है। तो 3 * 2 दैट इज़ 6 5
* 2 दैट इज़ सेवन। ये जनरेट हो गया। अब इसके बाद क्या यूज़ होगा? इसके बाद आपका ग्रेटर दैन और इक्वल्स टू यूज़ होगा। तो
अगर ग्रेटर दैन यूज़ करते हो 7 > 6 तो मैम ये तो ट्रू आ गया। और 6 इक्व टू इक्व 6 तो ये भी ट्रू आ गया। अब इस बीच में क्या
अप्लाई किया हुआ है? एंड। एंड की लास्ट प्रेसिडेंस है। तो ट्रू ट्रू के केस में एंड क्या रिटर्न करता है? मैम? ट्रू
रिटर्न करता है। तो ये तीन स्टेप में आपका क्वेश्चन खत्म। बताओ इसमें डाउट है? इस क्वेश्चन में डाउट
है क्या कुछ? अब ये कर लोगे ऑपरेटर प्रेसिडेंस का क्वेश्चन आया तो। एग्जाम में आया तो कर लोगे ना? ओके। थम्स अप देके
बता दो जरा। समझ में आ गया ऑपरेटर प्रेसिडेंस? अब मेरे को बताओ। आई एम आस्किंग द क्वेश्चन। हाईएस्ट प्रेसिडेंस
किस ऑपरेटर की होती है? हाईएस्ट प्रेसिडेंस किस ऑपरेटर की होती है? डबल स्टार को किस ऑर्डर में एग्जीक्यूट किया
जाता है? अगर टू डबल स्टार्स दिए हैं तो उसको किस ऑर्डर में एग्जीक्यूट करोगे? ये दो क्वेश्चन का आंसर मुझे चाहिए। ठीक है?
नाउ एक्सप्रेशनंस एंड स्टेटमेंट्स क्या होते हैं? देखो एक्सप्रेशन और स्टेटमेंट भी पूछे लेते हैं आपसे कभी-कभी दो नंबर
में। तो एक्सप्रेशनंस क्या होते हैं? जिनसे कुछ वैल्यू जनरेट होकर आ जाए। जैसे मैंने फॉर एग्जांपल यहां लिखा a + b तो
इससे कुछ ना कुछ वैल्यू मिलेगी। A में 10 है। B में 20 है मैम। तो A + B दैट इज 10 + 20 हमें एक वैल्यू मिल गई दैट इज़ 30. तो
दिस इज़ एक्सप्रेशन जो कि किसी वैल्यू को प्रोसीड करता है जिससे हमें किसी वैल्यू को आंसर मिलता है। तो दैट प्रोसीड्स अ
वैल्यू दैट प्रोड्यूस अ वैल्यू दैट इज़ एक्सप्रेशन। बट स्टेटमेंट क्या होता है? एक्सप्रेशन इज़ आल्सो नोन ऐज़ स्टेटमेंट्स।
जो जितने भी कोड आप लिख रहे हो जो भी लाइन ऑफ कोड लिख रहे हो वो सब स्टेटमेंट कहलाते हैं। फॉर एग्जांपल मैंने यहां पे इसके बाद
लिखा प्रिंट प्रिंट सी में इसको असाइन करवा लिया और सी तो अब आप ध्यान से देखना यहां मैं क्या बताने की कोशिश कर रही हूं?
वन टू ये दो तो आपके क्या हो गए? एक्सप्रेशनंस हो गए। लेकिन प्रिंट सी इज़ नॉट एन एक्सप्रेशन। प्रिंस प्रिंट सी क्या
है? एक स्टेटमेंट है। तो अगर हम यहां बात करें तो 1 2 3 तीन स्टेटमेंट है। बट एक्सप्रेशन कितने? दो। क्योंकि एनी
इंस्ट्रक्शन राइटिंग इन अ प्रोग्राम इज नोन एज स्टेटमेंट्स बट जो किसी वैल्यू को प्रोड्यूस कर रहा है स्टेटमेंट वो
एक्सप्रेशन कहलाता है। तो एनी स्टेटमेंट इज़ देयर एंड एक्सप्रेशन ओनली प्रोड्यूस अ वैल्यू। क्या बात है। बहुत बढ़िया। हाईएस्ट
प्रेसिडेंस इज़ ब्रैकेट मैम। और डबल स्टार इज़ एग्जीक्यूट इन राइट टू लेफ्ट ऑर्डर। वेरी गुड बेटा। वेरी गुड। स्वालिया आंसर
कर रही है। अविराज आंसर कर रहा है। नैतिक। हाय नैतिक ममता। वेल डन बेटा प्रिंस कुमार ओके मैम क्लास 11th का सिलेबस बेटा क्लास
11th का ही सिलेबस हम यहां पर रिवाइज कर रहे हैं ना सीएस का अब इनपुट आउटपुट की भी यहां पे एक चीज होती है लाइक इनपुट और
आउटपुट क्या होता है इनपुट करने के लिए वैल्यूज़ अगर आप यूजर से एक्सेस करना चाहते हो तो इनपुट फंक्शन का यूज़ करते हैं और
अगर आप यूजर से कोई वैल्यू को कैलकुलेट होने के बाद मॉनिटर स्क्रीन पे प्रिंट करवाना चाहते हो तो यहां पे हम आउटपुट
फंक्शन में प्रिंट फंक्शन को यूज़ करते हैं। तो इनपुट फंक्शन का कहानी है एक ध्यान से समझना। इनपुट फंक्शन में अगर
आपने लिखा एंटर नेम दैट इज़ ओके है ना सपोज n में आपने नेम ले लिया तो इनपुट फंक्शन नेम ले लेगा अब नाम आपने सपोज एंटर किया
जो भी नाम आप एंटर करते हो सपोज आपने एंटर किया रमेश ओके है ना क्योंकि इनपुट जो रिटर्न करता है ये इनपुट से जो वैल्यू n
में जाएगी वो स्ट्रिंग टाइप की होगी इनपुट डिफॉल्ट एक्सेप्ट्स स्ट्रिंग बट व्हाट अबाउट अगर आपने लिखा एंटर ऐज है ना अगर
आपने लिखा एंटर एज तो अगर आपने ऐज एंटर की 10 तो ये 10 भी कैसे जाएगा अगर आपने आपने सिंपल इतना लिखा हुआ है। क्या लिखा हुआ
है? सिंपल सिंपल आपने इतना लिखा हुआ है कि इनपुट फंक्शन में एंटर एज। ठीक है? या एंटर परसेंटेज व्हाटएवर कोई भी नंबर जब आप
एंटर करवा रहे हो और आपने ए में इसको असाइन करवाया और जो भी एज एंटर करोगे तो वो इस ए में जाएगी और वो स्ट्रिंग टाइप की
ही होगी। ध्यान रखना। तो इसे हमें नंबर में कन्वर्ट करने के लिए टाइप का स्टिंग का यूज़ करना पड़ेगा। जिसमें हमने इंट,
एसटीआर फ्लोट फंक्शन देखे थे ना। तो आपको इस तरीके से इंट फंक्शन अप्लाई करना होगा। जिससे ये जो स्ट्रिंग वैल्यू है ये जो
स्ट्रिंग वैल्यू है डिफॉल्ट इनपुट जो फंक्शन रिटर्न कर रहा है वो अब इंटीजर में कन्वर्ट होगी। गॉट इट? समझ में आ गया
अच्छे से? इनपुट फंक्शन डिफ़ॉल्ट कौन सी वैल्यू रिटर्न करता है? स्ट्रिंग। इसको इंटीजर में कन्वर्ट करना पड़ता है। तो हमें
इंट फंक्शन को यूज़ कर लेना है। और ये अधिकतर आपने कोड में देखा होगा कि ये इंट में कन्व्टेड दिखता है हमें। अगर कोई नंबर
लिखते हैं। आउटपुट फंक्शन इज़ अ प्रिंट फंक्शन। प्रिंट में आप क्या कर सकते हो? जैसे मैंने सपोज लिखा प्रिंट a तो a की
वैल्यू प्रिंट हो जाएगी लाइक 10 अगर मैंने यहां पे लिखा प्रिंट में कुछ भी कैरेक्टर लाइक मैंने यहां पे लिखा है h तो ये h
प्रिंट हो जाएगा तो प्रिंट में आप कोई स्ट्रिंग भी प्रिंट करवा सकते हो प्रिंट में आप कोई वेरिएबल की वैल्यू भी प्रिंट
करवा सकते हो तो प्रिंट है आउटपुट फंक्शन है और इनपुट फंक्शन क्या है इंट है ना वेरी गुड बेटा है ना यशिका समझ में आ रहा
है अच्छे से यश कीर्ति सॉरी तो स्ट्रिंग बन जाएगा यस यस डेफिनेटली ओके नाउ अ कंडीशनल स्टेटमेंट अब Python में कुछ
कंडीशनल स्टेटमेंट्स होते हैं जिनको हम कहते हैं डिसीजन लेने के लिए यूज़ किए जाते हैं। फॉर एग्जांपल कि आपको कोई डिसीजन
लेना है तो डिसीजन मेकिंग के लिए यहां पर यूज़ करते हैं हम इफ इफ एल्स इफ एल्स लेडर नेस्टेड इफ ऐसे कुछ हम स्टेटमेंट्स का यूज़
कर लेते हैं। अगर मैं इफ स्टेटमेंट की बात करूं तो ये सिंपल इफ कहलाता है जो कि ओनली कब काम करता है? ओनली ट्रू कंडीशन पे आपको
रिटर्न करता है वैल्यू। ओनली ट्रू कंडीशन पे रिटर्न करता है वैल्यू। फॉर एग्जांपल यहां पे हमने लिखा हुआ है इसको कैसे यूज़
करोगे? इफ ध्यान से समझना इसका सिंटेक्स बता रही हूं। इफ इफ के आगे लिखोगे कंडीशन और फिर लगा दोगे कॉलन। तो एक इंडेंटेशन
अपने आप सेट होगा। जो वैल्यू है अब वो आप यहां से लिखोगे। तो जो भी स्टेटमेंट है वो स्टेटमेंट अब आप यहां से लिखोगे। ये होता
है एक इफ का सिंटेक्स। अगर एग्जाम में पूछ लिया कि राइट द सिंटेक्स ऑफ़ इफ स्टेटमेंट तो बेटा ऐसा ही सिंटेक्स लिख कर आओगे। गॉट
इट? अब चीज़ ध्यान से समझना कि अगर हमने यहां पे लिखा है कि x = 10 मान लो। और हम चेक करवा रहे हैं कि इफ x > 0 कॉलन तो
प्रिंट हो जाए क्या? प्रिंट हो जाए कि नंबर पॉजिटिव है। ठीक है? क्या है? नंबर पॉजिटिव है। समझ में आई बात? है ना? तो
यहां पे इफ में क्या करा आपने? इस x की वैल्यू को चेक करवाया। 10 इज़ > 0 ऑब्वियस मैम कंडीशन क्या हो रही है? ये कंडीशन
ट्रू हो रही है। तो अगर ये कंडीशन ट्रू हो रही है तो हमें पॉजिटिव लिखा हुआ मिल जाएगा कि नंबर इज़ पॉजिटिव। बट व्हाट
अबाउट? अगर ये कंडीशन ट्रू होती है तो क्या करोगे? तो आपको कुछ भी आउटपुट नहीं मिलेगा। है ना? इसीलिए हम इफ को यूज़ करते
हैं। ये कहलाता है आपका सिंपल इफ। इट वर्क्स ओनली द कंडीशन विल बी ट्रू। बट इफ द कंडीशन विल बी फॉल्स इट नेवर वर्क। तो
इसके लिए हम यूज़ करते हैं दूसरे टाइप का स्टेटमेंट जिसको कहते हैं इफ एल्स स्टेटमेंट। अगर कंडीशन फॉल्स होती है इन
दैट केस एल्स एग्जीक्यूट होगा। क्या एग्जीक्यूट होगा? एल्स। फॉर एग्जांपल कि यहां पे मैंने अगर लिख लिया -10 तो -10
क्या ज़ीरो से बड़ा होता है? नहीं होता है मैम। फॉल्स है कंडीशन। तो एल्स में जो आप लिखोगे एल्स में अगर आपने लिखा है प्रिंट
नेगेटिव तो आपको यहां भी आंसर मिलेगा दैट इज नेगेटिव। दिस इज़ द वर्किंग ऑफ़ इफ एल्स। मैम स्ट्रिंग इज़ इम्यूटेबल ना? यस
स्ट्रिंग इज़ इम्यूटेबल। है ना? स्ट्रिंग में बदलाव नहीं कर सकते हो आप। राइट? म्यूटेबल कौन-कौन से हैं? लिस्ट,
डिक्शनरी। दीज़ आर म्यूटेबल। ठीक है? टपल इज़ आल्सो इम्यूटेबल। वेरी गुड। ये समझ में आ गया अच्छे से? इसमें कोई डाउट नहीं है
ना? चलो बढ़ जाए आगे। तो इफ और एल्स क्लियर हुआ। देखो इवन ऑड का प्रोग्राम आ गया। ये तो ये ये कोड था। ये प्रोग्राम था आपका कि
इफ द नंबर इज़ पॉजिटिव ऑ नॉट। ये चेक करना है कि राइट अ प्रोग्राम इन पाइथन दैट नंबर इज़ अ पॉजिटिव ऑ नॉट। तो यही करके आओगे। है
ना? ग्रेटर दैन ज़ीरो होगा नंबर तो पॉजिटिव नहीं होगा तो नेगेटिव। इफ एल्स लगा देना। अब नंबर इवन है या ऑड है? कैसे पता करोगे?
तो आपको यहां पे मॉड्यूलस ऑपरेटर लगाना होगा। इफ द नंबर इज़ इवन देन इट इज़ डिवाइडेड बाय टू एंड रिटर्न्स द रिमाइंडर
ज़ीरो। तो दिस कंडीशन इज़ ट्रू देन द दे देन इट प्रिंट्स इवन। और अगर नंबर टू से डिवाइड होने के बाद में रिमाइंडर जीरो
नहीं आता है 1 2 3 4 कुछ भी आता है तो इन दैट केस द नंबर इज ऑड एल्स में ऑड प्रिंट करेगा तो ये हो गया आपका इवन ऑड का
प्रोग्राम और ये हो गया आपका पॉजिटिव नेगेटिव का प्रोग्राम दो इंपॉर्टेंट कोड हमने यहां डिस्कस किए एंड एक और बात अगर
इंपॉर्टेंट सारे कोड डिस्कस करना चाहते हो तो लिंक डिस्क्रिप्शन में है प्लेलिस्ट की उसमें मैंने टॉप 40 प्रोग्राम्स आपको करवा
दिए जो 100% पेपर में आते हैं हर साल आते हैं। ठीक है? चलो अब इफ एल्स लेडर अभी तक हमने यहां क्या देखा कि मैम सिंगल कंडीशन
चेक हो रही है। बट व्हाट अबाउट अगर मल्टीपल कंडीशन चेक होगी तो क्या करोगे? जब मल्टीपल कंडीशन चेक करवानी होती है तो
हम यहां पे यूज़ कर लेते हैं इफ एल्स लेडर का। मतलब यहां पे इफ के साथ में हम एल्स इफ लगाते चलते हैं। जैसे फॉर एग्जांपल कि
हम बात करें यहां पे आपकी जो ग्रेड है। ग्रेड कैलकुलेट करने के लिए एक प्रोग्राम बनाना है कि राइट अ प्रोग्राम इन पाइथन जो
कैलकुलेट करेगा ग्रेड कि स्टूडेंट के परसेंटेज के अकॉर्डिंग उसकी क्या ग्रेड बन रही है। 70%ेज आ रहे हैं मैम। तो आपकी ए
ग्रेड बन रही है। 60%ेज से कम आते हैं तो बी ग्रेड बन रही है। 40%ेज आ रहे हैं तो आप सी ग्रेड में आ रहे हो और 40 से कम आ
रहे हैं तो फेल हो रहे हो। तो ऐसे कुछ ग्रेड यहां पे कैलकुलेट करने के लिए हमें प्रोग्राम बनाना है जो जनरली आता है। तो
यहां मल्टीपल कंडीशंस चेक हो गई। लाइक हमने लिखा इफ इफ में लिखा मार्क्स इज़ ग्रेटर दैन 90। अगर स्टूडेंट्स के मार्क्स
90 से ज्यादा है तो ए ग्रेड प्रिंट कर दें। अगर मार्क्स 75 से ज्यादा है तो बी ग्रेड प्रिंट कर दें। और अगर 90 और 75
दोनों कैटेगरी में नहीं आते हैं तो सीक्रेट प्रिंट कर दें। ठीक है? बात समझ में आ गई अच्छे से? हां जी। लिस्ट और सेट
यस दीज़ आर म्यूटेबल है ना? चलो तो ये प्रोग्राम समझ में आ गया कि आप इफ में कंडीशन वन देते हो। ठीक है? और
उसके बाद में इसके स्टेटमेंट आते हैं। फिर एल्स इफ लगाते हो। इसमें कंडीशन टू देते हो। फिर यहां स्टेटमेंट टू आता है। फिर आप
एल्स इफ लगाते हो। अगर आपके पास मल्टीपल कंडीशन है तो बस इस तरीके से आप कंडीशन देते जाओ और लास्ट में आ जाता है एल्स
ब्लॉक और इसमें एक स्टेटमेंट आता है। अब यहां जो कंडीशन मैच कर जाएगी जो ट्रू हो जाएगी वो एग्जीक्यूट होगी। रेस्ट ऑल विल
नॉट एग्जीक्यूट। गॉट इट? चलो अब एक और बात आती है नेस्टेड इफ की। ये भी एक क्वेश्चन आता है। तो नेस्टेड इफ कहां अप्लाई करते
हो? मान लो कि मैंने एक क्वेश्चन दे दिया कि तीन नंबर में से आपको ग्रेटर फाइंड आउट करना है। क्या करना है भाई साहब? तीन नंबर
में से ग्रेटर फाइंड आउट करना है। तो इसके लिए ना हम यहां पे इफ एल्स का यूज़ करते हैं। वैसे तो आप इस इफ एल्स लेटर का भी
यूज़ कर सकते हो। इसके अलावा आप नेस्टेड इफ भी लगा सकते हो कि इफ a इज़ > B है ना? हमने क्या लिखा? इफ a इज़ > B और इसमें फिर
एक और इफ लगा दिया कि इफ B इज़ > A इज़ > C. अगर A B से भी बड़ा है और A c से भी बड़ा है तो प्रिंट कर दें A इज़ ग्रेटर। समझ में
आया? अच्छे से समझ में आ रहा है कि नेस्टेड इफ कैसे यूज़ हो रहा है। हमने दो इफ में कंडीशन चेक कर ली और ये इंडेंटेशन
ध्यान रखना। अगर यहां गलती हुई तो ये प्रोग्राम गलत हो जाएगा। ठीक? अब आ जाते हैं एल्स पर। कहां जाते हैं मैम? इसी के
एल्स पर। अगर इसी में मैंने एक एल्स लगा दिया। अंदर वाले में एल्स लगा दिया कि मान लो A C से बड़ा नहीं है। A c से बड़ा नहीं
है। तो एल्स क्या प्रिंट कर दें? एल्स जो भी आपको प्रिंट करवाना है। है ना? कि सपोज़ B इज़ ग्रेटर। ये प्रिंट करवा दो। ठीक है?
B इज़ ग्रेटर। मतलब ऐसे आपको एक कोड लिखना होगा मल्टीपल कंडीशंस को चेक करके। फिर आपने एक एल्स लगा दिया बाहर इस इफ का और
उस फिर उस इफ में एल्स में आपने कंडीशन लगा दी। आप इस एल्स के अंदर भी इफ एल्स को लगा सकते हो। तो जब इफ के अंदर फर्दर इफ
यूज़ कर रहे हैं तो इसे कहते हैं हम नेस्टेड इफ एल्स स्टेटमेंट। गॉट इट? यस। इफ एल्स के अंदर इफ एल्स यूज़ करोगे तो
नेस्टेड इफ। और अगर लूप के अंदर लूप यूज़ करोगे तो नेस्टेड लूप। है ना? चलो अब आइटरेटिव स्टेटमेंट पे आ जाते हैं। दैट इज़
लूप्स। जिसकी आप बात कर रहे हो। ठीक है? लूप की जो बात कर रहे हो, अब लूप देख लेते हैं। ओके? तो लूप्स क्या होते हैं बेटा?
दो टाइप के लूप्स होते हैं। एक होता है फॉर लूप और एक होता है वाइल लूप। पहले हम समझते हैं वाइल लूप। ठीक है? वाइल लूप
क्या होता है? बेसिकली इस लूप में आप जो भी कंडीशन देते हो वो कंडीशन एग्जीक्यूट होती है जब तक जब तक कि आपने कोई
टर्मिनेशन नहीं दिया है। लूप में तीन चीजें दी जाती है। पहले तो होता है इनिशियलाइजेशन। ध्यान रखना। पहले आप
वैल्यू को इनिशियलाइज़ करते हो। फिर आप कंडीशन चेक करवाते हो ऑन द बेसिस ऑफ कंडीशन इंक्रिमेंट डिक्रिमेंट होता है।
मतलब आपका लूप क्या होता है? आइटरेट करता है। तो ये तीन चीज होती है। सपोज आपने a = 10 दिया। ठीक है? और कंडीशन दे दी कि a की
वैल्यू जो है a इक्वल्स टू क्या दिया है? वन दिया हुआ है। कंडीशन दे दी कि a की वैल्यू 10 से कम तक चलेगी। a की वैल्यू 1
2 3 4 5 6 7 8 9 10 नाइन तक होना चाहिए। ये कंडीशन होना चाहिए। इसके बेसिस पे लूप आपका चलना चाहिए। अब आप यहां पे a + = 1
कर देते हो। मतलब आपने इंक्रीमेंट करवा दिया। तो इस तीन प्रोसेस की वजह से क्या हो जाएगा? आपका एक लूप चलना स्टार्ट होगा
जो कि नेचुरल नंबर प्रिंट करके देगा। तो अब यहां पे जो इसको यूज़ कैसे करते हैं? ध्यान से समझो। अगर मैं वाइल लूप की बात
कर रही हूं तो वाइल लूप में आप क्या लगा देते हो? वाइल लूप में आप दे देते हो कंडीशन। क्या दे देते हो? कंडीशन। आपने
पहले कंडीशन दिया। और यहां पे आपने वैल्यू को इनिशियलाइज़ भी करना होता है। वैल्यू को इनिशलाइज़ करना है। कंडीशन देना है। और
यहां जो भी स्टेटमेंट है वो स्टेटमेंट आएंगे। इंक्रीमेंट और डिक्रीमेंट आ जाएगा। देन आपका लूप यहां पे फिर चलना स्टार्ट कर
देगा। तो ये पूरी प्रोसेस आपको यहां लिखी हुई है। देखो i = 1 इनिशियलाइज़ करा। i की वैल्यू को वन दिया। कंडीशन चेक करवाई कि i
लेस < = 5 तक चलेगा। मतलब i की वैल्यू 1 2 3 4 और फाइव। पांच वैल्यू यहां प्रिंट हो गई। i की वैल्यू प्रिंट करवा ली। और ये हो
गया आपका असाइनमेंट ऑपरेटर। तो अभी जो बच्चे पूछ रहे थे ना कि असाइनमेंट ऑपरेटर क्या है मैम? तो यहां देखो ये असाइनमेंट
ऑपरेटर का यूज़ किया है। वैल्यू को हम प्लस इक्वल से वन बाय वन इंक्रीस करवा रहे हैं। तो यहां पे i की वैल्यू लेस दैन इक्व टू 5
पहले i की वैल्यू वन है। कंडीशन चेक हुई। ट्रू हो गया। i की वैल्यू प्रिंट हुई तो i की वैल्यू वन प्रिंट हुई। फिर प्लस इक्वल
वन से i की वैल्यू नई वैल्यू टू हो गई। 1 + 1 2 फिर से लूप चला टू के लिए। कंडीशन ट्रू हुई। प्रिंट हुई i की वैल्यू टू। फिर
2 + 1 नई वैल्यू थ्री हो गई। फिर से लूप चला थ्री के लिए तो नई वैल्यू थ्री हो गई। और ऐसे लूप चलता जाएगा। ठीक?
यस मैम वाइल लूप इज इनफाइनाइट। नो कोई भी लूप इनफाइनाइट तब होता है जब कंडीशन आपकी सही नहीं होती है। या आपने यहां पर कुछ भी
मिस कर दिया होता है तो उस केस में आपका लूप इनफाइनाइट चला जाता है। आपकी कंडीशन पे सारी चीजें डिपेंड करती है। नाउ अगला
लूप आता है अब कौन सा? फॉर लूप। अगर मैं फॉर लूप की बात करूं तो बेटा फॉर लूप में भी ये तीन चीज का हमें ध्यान रखना होता
है। लेकिन फॉर लूप एक ऐसा लूप है जो कि जिसमें हम फिक्स्ड वैल्यू दे देते हैं। ठीक है? जिसमें हम रेंज के थ्रू क्या कर
देते हैं? फिक्स्ड वैल्यू असाइन कर देते हैं। जैसे फॉर एग्जांपल कि मैंने यहां पे लिखा फॉर i इन रेंज ऑफ़ फाइव। क्या लिखा?
फॉर i इन रेंज ऑफ़ फाइव। तो i की वैल्यू जो भी होगी इनिशियल वैल्यू सपोज i की वैल्यू वन है। तो यहां पे फॉर i इन रेंज ऑफ़ फाइव।
तो ये जो रेंज फंक्शन है ना ये काम करेगा। और ये लास्ट वैल्यू को एक्सक्लूड कर देता है। क्या कर देता है? ये लास्ट वैल्यू को
एक्सक्लूड करता है। तो अब i की वैल्यू वन प्रिंट होगी, टू प्रिंट होगी, थ्री प्रिंट होगी, फोर प्रिंट होगी। बट फाइव नहीं होगी
क्योंकि लास्ट वैल्यू एक्सक्लूड होती है। वन से हमने लूप चलवाया। अब इसके अंदर आपने लिख दिया प्रिंट। यहां पे एक कॉलन जरूर
लगाना। प्रिंट और i तो जैसे ही i प्रिंट कर दोगे तो क्या हो जाएगा? ये i की वैल्यू 1 2 3 4 5 इस तरीके से प्रिंट हो जाएगी।
तो रेंज फंक्शन को कैसे स्पेसिफाई करते हो? रेंज फंक्शन को स्पेसिफाई करते हो स्टार्ट्स स्टॉप एंड स्टेप के थ्रू। आप
यहां पे स्टार्ट वैल्यू भी दे सकते हो। सपोज मुझे रेंज फंक्शन में वैल्यू प्रिंट करवानी है ज़ीरो से लेकर 10 तक। ठीक है? तो
ये ज़ीरो से लेकर 10 तक वैल्यू प्रिंट हो जाएगी। अब मान लो मुझे ज़ीरो से लेकर 10 तक में प्रिंट करवाना है एक-एक वैल्यू छोड़कर।
मतलब 0 2 4 6 8 इवन नंबर प्रिंट हो जाए। तो मैंने यहां पे लिख दिया टू। टू टू स्टेप के अकॉर्डिंग पहले ज़ीरो प्रिंट होगा
फिर वन छूटेगा। टू प्रिंट होगा फिर थ्री छूटेगा। फोर प्रिंट होगा। तो एक-एक स्टेप छोड़ के आपको आगे आंसर मिलेगा। सो दिस इज़
स्टेप। ठीक है मैम? व्हाट अबाउट क्लास नाइंथ पाइथन? बेटा ये पाइthन ही चल रहा है। आप
क्लास नाइंथ वाले भी इस सेशन को देख सकते हो। ये आपके लिए भी बहुत बेनिफिशियल है। ये सेम चीज़ क्लास नाइंथ में भी दी हुई है।
ठीक है? बाय द वे आपका नाइंथ का अलग से सेशन लेकर आऊंगी। टेंशन ना लो। जनरेटिव एआई तक तो हमने पूरा कंप्लीट कर लिया है।
चलिए अब जंप स्टेटमेंट्स भी होते हैं तीन। इसका क्वेश्चन भी एग्जाम में आता है। एक होता है ब्रेक स्टेटमेंट, दूसरा कंटिन्यू
और तीसरा पास। ब्रेक स्टेटमेंट क्या करता है? लूप को एग्जीक्यूट होने से रोक देता है। कंटिन्यू क्या करता है? जहां पे
कंटिन्यू लगाया वहां से फिर स्टार्ट कर देता है। कंटिन्यू कर देता है लूप को और पास कुछ नहीं करता है। समझ में आया? इट्स
डू नथिंग। फॉर एग्जांपल मैंने लिखा यहां पर एक लूप लाइक i इक्व टू क्या लिखा मैंने यहां पे? वाइल लूप ले लेते हैं। i = वन
वाइल लूप चलाया। i इज़ < = 10 और यहां पे हम प्रिंट करवा रहे हैं क्या? i की वैल्यू। और मैंने सपोज़ लगा दिया यहां पे
ब्रेक। ठीक है? अब ब्रेक में आप अगर i = 3 पे लगा देते हो या ये प्रिंट i हम यहां पर लगा देते हैं। सपोज़ आपने किसी कंडीशन पे
इफ में लगा दिया आपने। इफ में लिख दिया कि i इज़ इक्व टू इक्व 3 जब i की वैल्यू थ्री होगी तो ये लूप चलना बंद हो जाएगा और बाहर
आपने लिख दिया प्रिंट ऑफ़ i ठीक है तो ये लूप क्या होगा जैसे ही i की वैल्यू वन प्रिंट हुई टू प्रिंट हुई जहां i की
वैल्यू थ्री हुई तो ये लूप चलना बंद हो जाएगा और बाहर आके आपकी वैल्यू प्रिंट हो जाएगी तो ब्रेक के थ्रू लूप बंद हो जाता
है स्टॉप कर देता है वर्किंग लेकिन अगर मैंने इस ब्रेक की जगह पे क्या लिखा होता इस ब्रेक की जगह पर अगर मैंने लिखा होता
कंटिन्यू तो ये लूप वन टू प्रिंट करता और थ्री को छोड़कर 4 5 6 से फिर कंटिन्यू कर देता। समझ में आ गई बात? तो ब्रेक और
कंटिन्यू का डिफरेंस आता है। डिफरेंस बिटवीन ब्रेक एंड कंटिन्यू तो करके आना एग्जाम में। ओके? यस ऑफ कोर्स पैटर्न
प्रिंटिंग का भी क्वेश्चन आता है। इस तरीके से स्टार का पैटर्न बना दो भाई। है ना? तो क्या बना के आओगे? तो इसके लिए
चलाना है लूप। इसके लिए क्या चलाओगे? वही नेस्टेड लूप। अभी बताने वाली हूं। ऐसा कोई आ गया पैटर्न प्रिंटिंग का प्रोग्राम। तो
क्या करके आओगे बताओ? तो क्या करोगे इस केस में? ऐसे पैटर्न प्रिंटिंग के प्रोग्राम तो आएंगे और ये मैंने सब टॉप 40
प्रोग्राम्स में समझाए हैं। ऐसा नहीं है कि मैंने समझाए नहीं है। एक एक वीडियो बनाया है टॉप 40 प्रोग्राम्स। उसमें ये
पैटर्न वाले प्रोग्राम समझाए बेटा। जाके वीडियो देखो। सारे 40 प्रोग्राम्स अच्छे से कर लेना। ठीक है? अब बढ़ते हैं हम
नेस्टेड लूप की तरफ जिसमें हम लूप के अंदर लूप लगा देते हैं। तो दो लूप यहां पे चलाते हो आप। एक लूप से तो एक आपकी रो
बनती है। दूसरे लूप से आप जो दूसरा नंबर प्रिंट करवाना चाहते हो, वह प्रिंट होता है। जैसे फॉर i इन रेंज ऑफ़ थ्री, तो i की
वैल्यू आपकी जो भी है इनिशियल वैल्यू ज़ीरो है, वन है, टू है, ज़ीरो से आपने स्टार्ट किया है। तो देखो ये रेंज ऑफ़ थ्री है ना?
तो 0 1 2 ये तीन नंबर के लिए लूप आपका चल रहा है। फिर j इन रेंज ऑफ़ टू। तो ये जे के लिए ये अंदर वाला देखो ये 0 1 0 1 0 1 के
लिए। ये आपका जे लूप है। है ना? जे वाला लूप है और ये आई वाला लूप है। गॉट इट? अब अंदर हमने प्रिंट करवा ली दोनों वैल्यू i
और j जिससे i और j की वैल्यू प्रिंट हो रही है। समझ में आ गया? तो लूप इंसाइड लूप इज़ नोन ऐ फॉर लूप। ठीक है? अ नेस्टेड लूप।
गॉट इट मैम एक चीज़ पूछनी थी। हां पूछो। क्या पूछना है आशान? मैम? कुड यू एक्सप्लेन व्हाट? लूप? लूप इज़
अ अगर लूप को हम एक्सप्लेन करें। तो लूप एक ऐसा टास्क होता है पाइthन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में जो कंटीन्यूअसली चलता है।
जिसके लिए हमें उसको स्टॉप करने के लिए कंडीशन स्पेसिफाई करनी होती है। दैट दैट नेवर एंड्स इफ इट इफ इट इज़ एंड्स ऑन द
बेसिस ऑफ़ सम कंडीशन। कंडीशन अगर ट्रू है या कंडीशन अगर फॉल्स होती है तो उस केस में ये स्टॉप हो जाता है। ठीक है? एक
साइकिल होती है। ओके? समझ में आ गया? ये लूप ही पढ़े हमने फॉर और वाइल लूप दोनों। डन। चलो Python
में कमेंट्स को कैसे स्पेसिफाई करते हो? अगर आपको पाइथन में कमेंट स्पेसिफाई करना है तो दो तरीके से स्पेसिफाई करते हैं। दो
टाइप के कमेंट होते हैं बेटा। एक होता है सिंगल लाइन कमेंट और एक होता है मल्टीलाइन कमेंट। क्या होता है? सिंगल लाइन और
मल्टीलाइन कमेंट। तो सिंगल लाइन कमेंट तो आप हैश से डिफाइन कर देते हो। हैश लगा के आप कुछ भी लिख रहे हो। सपोज़ दिस इज़ कमेंट।
तो ये लाइन एग्जीक्यूट नहीं होगी। कमेंट होते क्या है? एक्स्ट्रा इनेशन होती है जो हम कोड में लिखते हैं। एक्स्ट्रा इनेशन।
राइट? और वहीं अगर मल्टीलाइन कमेंट की बात करें तो मल्टीलाइन कमेंट क्या होते हैं? जो कि मल्टीपल लाइन के लिए आप अप्लाई करते
हो। तो मल्टीलाइन कमेंट को आप इस तरीके से ट्रिपल कोट्स में स्पेसिफाई करते हो जो यहां लिखोगे और फिर सपोज यहां आपने ट्रिपल
कोट को ऑफ कर दिया तो ये मल्टी लाइन कमेंट हो जाते हैं। या मल्टी लाइन को आप इस तरीके से मल्टीपल लाइंस में भी हैश लगा के
लिख सकते हो। ठीक है? तो कमेंट क्या हो गए? टू सिंगल लाइन और मल्टीपल लाइन। गॉट इट?
यस। लूप इज़ यूज्ड फॉर आइट्रेशन। सम टाइप ऑफ वैल्यू को अगर आपको एक से ज्यादा बार रिपीट करवाना है तो लूप यूज़ करते हैं।
ओके? मल्टीलाइन और सिंगल लाइन। यस वी कैन यूज़ दिस आल्सो। देखो ये ऐसे आप स्टार का भी यूज़ कर सकते हो। ये भी सिंगल लाइन और
मल्टीलाइन कमेंट होते हैं। है ना? स्टार आल्सो यू कैन यूज़। यस। चलो आगे बढ़ जाएं। अब कमेंट के बाद अगर
हम बात करें मल्टीलाइन स्ट्रिंग भी होता है। मल्टीलाइन स्ट्रिंग ट्रिपल कोट्स में देते हैं। नाउ अ स्ट्रिंग इन पाइथन। अगर
पाइथन में अब हम स्ट्रिंग पे आ चुके हैं बेटा। स्ट्रिंग चैप्टर जितने भी बच्चों को स्ट्रिंग चैप्टर में डाउट है, लिस्ट में
डाउट है, डिक्शनरी में डाउट है, आ जाओ। फिर इसके बाद लास्ट यूनिट यूनिट नंबर थ्री। और यूनिट टू खत्म होने के बाद फिर
एक छोटा सा ब्रेक है ना? ताकि आप लोगों को भी थोड़ा रेस्ट होगा। पानी-वानी पी लेना। ठीक है? फ्रेश एंड अप हो लेना क्योंकि
बहुत देर से समझ रहे हो। क्लियर? चलो तो स्टार्ट कर लें बहुत जल्दी। अब हम स्ट्रिंग पे आ चुके हैं। उसके बाद लिस्ट
और डिक्शनरी भी खत्म करेंगे और फिर पाइथन मॉड्यूल्स पढ़ेंगे जो अगेन आपको थोड़ा सा डाउटफुल लगता है। तो स्ट्रिंग्स क्या होती
है बेटा जी? अगर स्ट्रिंग्स की बात करें तो जो चीज़ आप सिंगल इनवर्टेड या डबल इनवर्टेड में लिख देते हो मैम। व्हाटएवर
यू टाइप इन सिंगल इनवर्टेड और डबल इनवर्टेड इट इज़ अ स्ट्रिंग। चाहे मैंने यहां पर एबीसी लिखा है, वन टू थ्री लिखा
है, डॉलर#श परसेंटेज लिखा है। ये सब स्ट्रिंग बन जाता है। है ना? इसको स्ट्रिंग कहते हैं। तो अगर मैंने यहां
लिखा s = टू हेलो तो ये भी स्ट्रिंग है। नेम इज इक्वल्स टू रिया। सिंगल इनवर्टेड में लिखा है। डबल इनवर्टेड में लिखा वो
स्ट्रिंग हो गया। अब स्ट्रिंग के फीचर्स क्या होते हैं? ये एक ऑर्डर्ड सीक्वेंस होता है। स्ट्रिंग के हर एक-एक कररेक्टर
को हम उसके इंडेक्स से एक्सेस करते हैं। इम्यूटेबल टाइप का होता है। मतलब एक बार स्ट्रिंग आपने डिफाइन कर दी तो उसमें आप
चेंजज़ नहीं कर सकते हो। बात समझ में आ रही है? और इसका जो इंडेक्सिंग है वो स्टार्ट होता है ज़ीरो से। दिस इज़ वेरी वेरीेंट
पॉइंट्स जो आपको नोट कर लेना है। नोट इट डाउन ओके मैम टोकंस बता दो बेटा कोड लिखते समय देखो ये जो कोड लिखा हुआ है ना फॉर
एग्जांपल ये आपको दिख रहा है ये कोड तीन लाइन का कोड इसमें फॉर आई इन रेंज इंडिविजुअल यूनिट क्या कहलाती है टोकन फॉर
लूप है आई वेरिएबल है ठीक है इन एक ऑपरेटर है रेंज एक फंक्शन है फंक्शन ऑपरेटर कीवर्ड रेंज ये सब क्या हो गए ये सभी आपके
कहलाते हैं क्या टोकंस ठीक है स्मालेस्ट यूनिट रिटन इन अ प्रोग्राम तो स्ट्रिंग के तीन फीचर्स हो गए बेटा ऑर्डर्ड सीक्वेंस
में होता है, इम्यूटेबल होता है। एज वेल ऐज़ इंडेक्स स्टार्ट फ्रॉम ज़ीरो। यस ऑल आल्सो आल्सो आ ही रही हूं। है ना? देखो
इंडेक्स ज़ीरो से स्टार्ट होता है। इसमें दोनों इंडेक्सिंग पॉसिबल है। फॉरवर्ड एज वेल ऐज़ बैकवर्ड इंडेक्सिंग। फॉर एग्जांपल
कि अगर हमने यहां पर नाम लिखा है क्या? अगर हमने s = हेलो लिखा है। बहुत ध्यान से समझना। s = हेलो लिखा है। तो ये जो हेलो
वर्ड है वो मेमोरी में कुछ इस तरीके से स्टोर होगा। जिसमें दो तरीके से इंडेक्सिंग पॉसिबल होगी। इसको कहोगे जो
जीरो से इंडेक्सिंग स्टार्ट होगी। ये हो गई आपकी फॉरवर्ड इंडेक्सिंग एज वेल एज इसमें बैकवर्ड इंडेक्सिंग भी होती है। -1,
-2, -3, -4, -5 ये कहलाती है आपकी बैकवर्ड इंडेक्सिंग टू। ठीक है? समझ में आया? अभी समझाऊंगी इसको डिटेल में भी। तो दिस इज़
अबाउट इंडेक्सिंग। दोनों टाइप की इंडेक्सिंग होती है। फॉरवर्ड एज़ वेल ऐज़ बैकवर्ड। ठीक है? चलो, आगे बढ़ते हैं।
स्ट्रिंग में इंडेक्सिंग करना कैसे है मैम? अगर मान लो कि एक स्ट्रिंग है जिसमें हमने क्या स्टोर करवा दिया? पाइथन पी वाई
टी एच ओ और एन। ये देखो एक एस नाम की स्ट्रिंग है जिसमें हमने पाइथन स्टोर करवाया हुआ है। ठीक है जी? अब यहां पे
हमने लिखा है हमें पता है कि इसकी जो इंडेक्सिंग है वो 0 1 2 3 4 और फाइव। डिफ़ॉल्ट फॉरवर्ड इंडेक्सिंग वी आर यूज़िंग।
बैकवर्ड इंडेक्सिंग की अगर बात करेंगे तो बैकवर्ड इंडेक्सिंग भी यूज़ होगा। हमने यहां पे एक स्टेटमेंट लिखा है s ऑफ़ 0 मतलब
s ऑफ़ ज़ीरो पे आपको क्या मिल रहा है? S ऑफ़ ज़ीरो पे P. तो इसको लिखने का तरीका इंडेक्सिंग के थ्रू वैल्यू एक्सेस करने का
तरीका अगर आपने लिखा प्रिंट S ऑफ़ ज़ीरो तो आपको क्या एलिमेंट मिल जाएगा? P प्रिंट S ऑफ़ वन तो Y मिलेगा। प्रिंट S ऑफ़ टू तो T
मिलेगा। थ्री पे फोर H मिलेगा। ठीक है? फोर पे O मिलेगा। इस तरीके से। और अगर मैंने इसको बैकवर्ड इंडेक्सिंग के थ्रू
यूज़ करना है। सपोज़ मैंने यहां लिखा -1, -2, -3, -4, -5, -6। अगर मैं यहां लिखती हूं कि प्रिंट s ऑफ -1 तो -1 पे हमें क्या
रिटर्न करेगा? ये n यहां मैंने लिखा प्रिंट s ऑफ -5 तो -5 पे क्या मिलेगा हमें? y गॉट इट? तो ये तो बात हो गई कि
स्ट्रिंग के इंडिविजुअल एलिमेंट को एक्सेस करना है तो क्या करेंगे? ठीक है? अब व्हाट अबाउट कि अगर मुझे स्ट्रिंग में से कोई सब
स्ट्रिंग एक्सेस करनी है। यस यस वालिया उसी पे आ रहे हैं हम अभी। है ना? क्या रिप्लाई चाहिए बेटा अशान? व्हाट व्हाट
व्हाट इज़ योर क्वेश्चन? क्वेश्चन रिपीट कर दो फटाफट से। टोकंस अभी बता दिया मैंने समझ में आ गया है ना?
ओके। चलो तो अब हम बात कर रहे हैं कि हमें इस स्ट्रिंग में से एक सबस्ट्रिंग एक्सेस करनी है। मान लो फॉर एग्जांपल कि इस पाइथन
में से मुझे एक्सेस करना है यहां पे T और H को। ठीक है? TH को। बेसिकली इस सबस्ट्रिंग को यहां से एक्सेस करना है। तब
हम यूज़ करते हैं यहां पे स्लाइसिंग। तो नेगेटिव इंडेक्सिंग पॉजिटिव इंडेक्सिंग दोनों समझ में आ गई? अब स्लाइसिंग का मतलब
क्या होता है? स्लाइसिंग में आप एक स्ट्रिंग की स्लाइस करके उसको एक्सेस कर रहे हो जिसमें पॉजिटिव वैल्यू, नेगेटिव
वैल्यू दोनों के थ्रू आप स्लाइसिंग कर सकते हो। तो स्लाइस करना है तो इसके लिए आपको स्टार्ट वैल्यू एंड वैल्यू दोनों
देनी होती है। ठीक है? तो हम स्लाइसिंग में क्या करते हैं? सपोज़ s ऑफ़ जहां से आपको स्लाइस करना है, स्टार्ट करना है,
स्टार्ट वैल्यू देनी है। और जितना स्टार आपको एक्सेस करना है, स्टॉप वैल्यू देनी होगी। और अगर आप एक-एक कररेक्टर या दो-दो
कररेक्टर को छोड़ के एक्सेस करना चाहते हो तो आप यहां पे स्टेप भी दे सकते हो। बिल्कुल वैसे ही जो अभी हमने रेंज फंक्शन
में देखा। ठीक है? समझ में आया? है ना? मजा आ रहा है ना सेशन में? सारी चीजें क्लियर हो रही है कि नहीं? जरा बताते जाओ।
थम्स अप दे के बताते जाओ। मजा आ रहा है सेशन में? समझ में आ रहा है? क्या-क्या समझा रही हो? कैसे समझा रही हो? क्या
इंपॉर्टेंट टॉपिक्स हैं जो आते हैं वो सब क्लियर हो रहे हैं। मैम प्लीज क्लास नाइंथ आईटी देखो अब
शुरुआत हो गई है। और अब बरखा मैम तो रुकने वाली है नहीं। आप लोग तो नहीं रुकोगे ना। आपको तो पढ़ना है 100 आउट ऑफ 100 अचीव
करना है। तो मेरे साथ बने रहना। क्लास नाइंथ आईटी एआई सीए क्लास 11th सीए आज हो जाएगा। आईपी भी आएगा, आईटी भी आएगा, एआई
भी आएगा। बस थोड़ा सा पेशेंस रखना है और पेशेंसफुली वेट करना है। है ना? चलो। तो अब एस ऑफ़ स्टार्ट स्टॉप स्टेप। यहां पे हम
एक्सेस करेंगे। सपोज मैंने यहां लिखा क्या? सपोज़ मैंने यहां पे लिखा कि एस ऑफ़ मुझे ज़ीरो से स्टार्ट करना है। तो जीरो से
स्टार्ट करना है तो ये एलिमेंट आएगा। और कहां पे एंड करना है मैम? मुझे एंड करना है फोर पर। ध्यान से समझो। मैंने जीरो से
स्टार्ट करना है और फोर पर स्टॉप करना है। तो क्या एक्सेस हो जाएगा? लिख कर बताओ। कमेंट में बताओ। ज़ीरो से स्टार्ट कर रहे
हैं। फोर पे स्टॉप कर रहे हैं तो क्या एक्सेस होगा? है ना? अब इसके बाद अगर मुझे सिर्फ इस टीए
को एक्सेस करना है तो क्या लिखेंगे हम? एस ऑफ़ हमें यहां पे स्टार्ट करना है टू से। और खत्म कहां पे करना है? थ्री पे। टीएच
एक्सेस करना है। तो क्या मैं थ्री लिखूंगी? या मैं फोर लिखूंगी। तो यहां पे हम लिखेंगे फोर। व्हाई बेटा? क्योंकि
लास्ट वैल्यू एक्सक्लूड होती है। ध्यान रखना इसमें जो स्टॉप आप देते हो ना तो वो लास्ट वाला नंबर एक्सक्लूड हो जाता है।
इसलिए आप एक ज्यादा लिखना। तो इस केस में जब आपने जीरो से फोर लिखा वेरी गुड। तो आपको पी वाई टी मिलेगा ना कि एच भी
मिलेगा। ठीक है? पी वाई टी एच तक मिलेगा बेटा। 0 1 2 3 ओ नहीं मिलेगा। पी वा टी एच मिलेगा। वेरी गुड। ठीक है? और अगर आप यहां
पे टू से लेकर फोर को एक्सेस करोगे तो आपको टी और एच मिलेगा। और ये स्लाइसिंग आप नेगेटिव भी करवा सकते हो। नेगेटिव नंबर भी
लिख सकते हो। नेगेटिव इंडेक्सिंग भी लिख सकते हो। अब अगर आपको यहां पे क्या करना है? इंडेक्स देना है। स्टेप्स देना है। तो
यस ऑफ कोर्स यू कैन गिव द स्टेप्स आल्सो। सपोज़ ज़ीरो से लेकर फाइव लिखा हमने और कॉलन लगा के लिख दिया टू। तो अब आपको क्या
मिलेगा? पी टी ओ पी टी ओ मिलेगा ओनली। है ना? एक-एक लेटर एक्सक्लूड हो जाएंगे। समझ में आया? हाय रौनक मैम। आई एम अ न्यू
स्टूडेंट। ओके? वेरी वार्म वेलकम हियर बेटा। चलिए तो स्लास 11 सीएस का लाइव मैराथन
सेशन चल रहा है। ठीक है? अब कुछ इंडेक्सेस इसके आंसर आपको करने हैं। क्या लिखा हुआ है? s ऑफ़ 1 4 अब जो बच्चे मुझसे पूछ रहे
थे ना मैम प्रिडिक्ट द आउटपुट वाले क्वेश्चन आते हैं कि नहीं? एरर वाले क्वेश्चन आते हैं कि नहीं? ये वही
क्वेश्चंस हैं बेटा। इंडेक्सिंग स्लाइसिंग में पूछे जाएंगे। 1 कॉलन 4 पर क्या आना है? आंसर जल्दी बताओ। है ना? कॉलन थ्री पर
अगर मैंने ऐसे लिख दिया। सपोज़ s ऑफ़ कॉलन लगा दिया बस। ऐसे कॉलन लगा दिया। ब्लैंक इसमें क्या आंसर आएगा? जल्दी बता दो। यहां
पे मैंने कोई स्टार्ट वैल्यू, स्टॉप वैल्यू, एंड वैल्यू नहीं दी है। देन व्हाट विल बी दी आउटपुट?
फटाफट से। आई एम वेटिंग योर आंसर है ना? ठीक है? चलो नाउ इसके बाद में s ऑफ़ कॉलन थ्री लिखा है, कॉलन टू लिखा है। अगर इस
तरीके से मैंने लिख दिया कॉलन ऑफ़ टू है ना? या फिर मैंने यहां पे थ्री कॉलन लगा के ब्लैंक छोड़ दिया तो क्या आंसर आएगा? तो
इस केस में बेटा आपकी पूरी स्ट्रिंग एज़ इट इज़ स्टार्ट से लेकर एंड तक मिलेगी। कंप्लीट स्ट्रिंग मिलेगी। और इस केस में
आपका जीरो से स्टार्ट होगा लेकिन टू के पहले वन तक वैल्यू आएगी। इस केस में थ्री से स्टार्टिंग होगी और एंड तक आपकी वैल्यू
आपको एक्सेस होगी। दिस इज़ द आंसर। ठीक है? समझ में आया मैम? रिवर्स। ओके? अगर इस रिवर्स स्ट्रिंग को रिवर्स करवाना है तो
आपको सिंपल लिखना होगा। आप इन दोनों को ब्लैंक छोड़ दो और यहां -1 लिख दो। या फिर आप लिख दो s ऑफ 0 से लेकर 6 और -1। तो इस
केस में आपको रिवर्स मिलेगा। -1 से क्या होगा? ध्यान से समझो। -1 से क्या होगा? जो आपकी स्ट्रिंग है वो ऑपोजिट ऑर्डर में
आपको प्रिंट होती हुई शो होगी। मतलब कि आपको यहां पे मिल जाएगा एन ओ एच टी वाई और पी ऑल द लेटर्स। और ये क्वेश्चन आता है
एग्जाम में। ये क्वेश्चन आता है एग्जाम में कि रिवर्स प्रिंटिंग करवानी है तो हम स्टेप्स जो लिखते हैं ना वो स्टेप माइनस
वन में लिख देते हैं स्लाइसिंग में। ठीक है? एंड सेम थिंग इज़ हैपन इन लिस्ट एज़ वेल ऐज़ इन टपल्स। गॉट इट? अब स्ट्रिंग के कुछ
ऑपरेटर्स होते हैं। इसको इंपॉर्टेंट मार्क कर लो। दिस विल कम डेफिनेटली इन एग्जाम। क्या ऑपरेटर्स होते हैं? पहला होता है
प्लस, दूसरा होता है स्टार और तीसरा होता है इन। ठीक है? अगर प्लस की बात करूं तो अभी आप सोच रहे होंगे मैम प्लस तो एडिशन
में यूज़ होता है। यस ऑफ कोर्स एडिशन में यूज़ होता है। लेकिन यहां पे प्लस को यूज़ करते हैं हम कॉन्कटिनेशन की तरह। स्ट्रिंग
में अब कैरेक्टर वैल्यूज़ को तो आप ऐड नहीं करवा सकते हो। कैरेक्टर वैल्यूज़ को आप जॉइ कर सकते हो। तो कॉन्कटिनेशन का मतलब होता
है जॉइनिंग। और स्टार का मतलब होता है नॉट मल्टीप्लाई। स्टार का मतलब होता है रिपीटेशन। एक वैल्यू को कितने गुना कितनी
बार आपको रिपीट करवाना है। दिस इज़ रिपीटेशन। जैसे फॉर एग्जांपल यहां लिखा मैंने हाय प्लस लगा दिया और ऑल लिख दिया।
तो हाय ऑल है ना? हाय ऑल जो है वो बिना स्पेस के जॉइन हो गई। टू स्ट्रिंग्स आर जॉइ विद दी हेल्प ऑफ़ प्लस। फॉर एग्जांपल
अगर मैंने यहां पे लिखा है टू + 3 सिंगल इनवर्टेड में। तो क्या आंसर आएगा? जस्ट टाइप योर आंसर इन कमेंट।
ओके? जस्ट टाइप योर आंसर इन कमेंट कि अगर मैंने लिखा यहां पे सिंगल इनवर्टेड में 2 + 3 देन व्हाट विल बी दी आंसर? अब
रिपीटेशन समझ लेते हैं। ठीक है? रिपीटेशन में क्या करते हैं हम? किसी भी स्ट्रिंग को जितनी भी बार रिपीट करवाना होता है वो
हम यहां पे लिख देते हैं। सपोज़ लिखा है हाई स्टार थ्री। तो थ्री टाइम्स हाई रिपीट हो गया। 1 2 3 तीन बार रिपीट हो गया। हो
गया ना? आई बात समझ में? अच्छे से? ओके। स्वालिया सेज़ 2 टू 2 यश कीर्ति 23 नमन 23 ओके यस ऑफ कोर्स इट्स आंसर इज 23 है ना
ऐसा बिल्कुल मत करना कि इसका आंसर फाइव लिख कर आ जाओ ये सिंगल इनवर्टेड में लिखा है ना दैट इज़ व्हाई ये स्ट्रिंग है और
स्ट्रिंग को जब आप प्लस करते हो तो आंसर विल बी जॉइनिंग ऑफ़ द स्ट्रिंग ओनली तो टू और थ्री जॉइन हो चुके हैं विदाउट स्पेस
ओके अगर हम 2 + 3 लिखेंगे तो दैट विल बी ऑफ़ कोर्स फाइव बिकॉज़ टू और थ्री इज़ नंबर हियर। फॉर एग्जांपल अगर मैंने ऐसा लिखा
सिंगल इनवर्टेड में टू स्टार 3 देन व्हाट विल बी दी आंसर? चलो जल्दी बताओ। तो आंसर क्या आ जाएगा आपका? बहुत बढ़िया बेटा।
तालियां बजा दो अपने लिए। है ना? आपका कांसेप्ट क्लियर है मींस? ठीक है? दिस इज़ रिवीज़ पार्ट। मींस आपका रिवीज़ बहुत
बेहतरीन चल रहा है। ठीक है? अगर मैंने ऐसे सिंगल इनवर्टेड में टू लिखा है और उस उसके आगे स्टार लगा के थ्री लिख दिया। देन
व्हाट विल बी द आंसर? हाय दृष्टि। हाय स्वालिया। फाइव। नो हियर्स द आंसर इज ट्रिपल टू। टू इज अ स्ट्रिंग जो कि तीन
बार रिपीट होगा ना। थ्री टाइम्स हम रिपीट कर रहे हैं। यस बिल्कुल सही। समझ में आया? थ्री टाइम्स हम इस टू को रिपीट कर रहे
हैं। तो टू यहां पे अब क्या है? स्ट्रिंग है। नॉट अ नंबर। अगर 2 स्टार 3 लिखा होता तो दैट विल बी सिक्स। है ना? बट सिंगल
इनवर्टेड में लिखा है तो ये। अभी समझ गए? कोई डाउट नहीं है। अब इसको आप ऐसे भी लिख सकते हो। 3 स्टार 2 लिखोगे ना तो भी आंसर
विल बी टू टू टू। कैसे भी लिख दोगे इसका कोई सीक्वेंस नहीं होता है। ओके? नाउ मेंबरशिप की बात कर लें। तो जैसे मैंने
बताया इन और नॉट इन मेंबरशिप ऑपरेटर होते हैं। इनको हम स्ट्रिंग में भी यूज़ करते हैं और इनको हम लिस्ट में भी यूज़ करते
हैं। तो स्ट्रिंग में अभी बताया था मैंने कि P इन Python में चेक करोगे तो इट विल रिटर्न ट्रू। और नहीं होगा तो इट विल
रिटर्न फॉल्स। ये अभी हमने चेक किया था। ऑपरेटर में पढ़ा था। राइट? चलो कम टू द नेक्स्ट दैट इज़ कॉमन स्ट्रिंग फंक्शनंस।
स्ट्रिंग के क्या-क्या फंक्शनंस होते हैं? जिसका क्वेश्चन आपसे पूछा जाता है। देखो, सबसे पहले कि स्ट्रिंग की अगर लेंथ फाइंड
आउट करनी है कि एक स्ट्रिंग में कितने नंबर ऑफ करैक्टर्स हैं तो लेंथ फंक्शन यूज़ करते हैं। फॉर एग्जांपल अपनी स्ट्रिंग है
s = पाइथन। ध्यान रखना स्ट्रिंग क्या है? s = पाइथन। ये हमारी स्ट्रिंग है s नाम की। तो अगर आपने लिखा लेन ऑफ़ s तो ये क्या
रिटर्न कर देगा? कैरेक्टर्स। कितने नंबर ऑफ़ कैरेक्टर्स हैं? 1 2 3 4 5 6 तो इट विल रिटर्न सिक्स। गॉट इट? अब अगर आपने लिखा s
डॉट लोअर। क्या लिखा आपने? s डॉट लोअर फंक्शन। तो अगर आप लोअर फंक्शन का यूज करते हो तो जो कररेक्टर्स हैं वो क्या हो
जाएंगे? सारे स्मॉल लेटर्स में आ जाएंगे। तो यहां पे जो कररेक्टर्स हैं वो क्या होंगे? अब सब स्मॉल लेटर्स में प्रिंट हो
जाएंगे। अगर आप अपर फंक्शन का यूज़ करते हो तो सारे लेटर्स अपर फंक्शन में के थ्रू अपपर लेटर में आ जाएंगे। मतलब कैपिटल
लेटर्स में। तो ऑलरेडी इन कैपिटल लेटर तो इसको आप लिखोगे एस डॉट अपर तो जितने भी इस स्ट्रिंग में करैक्टर होंगे वो सब कैपिटल
प्रिंट हो जाएंगे। अगर आपने लिखा s डॉट टाइटल तो सब टाइटल केस में आएंगे। अभी टाइटल केस समझते हो? टाइटल केस में पहला
लेटर कैपिटल होता है। बाकी सब स्मॉल होते हैं। तो अगर मैंने लिखा एस डॉट टाइटल तो क्या होगा? टाइटल। ठीक है? तो यहां पे आप
देखोगे पी कैपिटल आएगा एंड रेस्ट ऑल विल स्मॉल। गॉट इट? और यहां पे लिखा हमने एस डॉट कैपिटलाइज तो कैपिटलाइज में वही सारे
फर्स्ट लेटर कैपिटल एंड ऑल ऑल आर स्मॉल। अब देखो ये दो चीज़ होती हैं। यहां ध्यान रखना। ठीक है? अगर एक सेंटेंस आपने दे
दिया जैसे मैंने लिखा हेलो हाउ आर यू? तो एच हेलो का हाउ आर यू का एच है ना? आर और व यू का वाई ये सब कैपेशलाइज होंगे यहां
पर। ठीक है? क्लियर हुआ? अच्छे से समझ में आया? और अगर काउंट की बात करूंगी तो क्या होगा? काउंट ऑकरेंस काउंट करेगा। फॉर
एग्जांपल कि हमने यहां पर काउंट कर लिया ऑकरेंस। सपोज मैंने ऐसा लिखा एक्सीडेंट। ठीक है? तो यहां पे हम सी की ऑकरेंस को
काउंट करवा रहे हैं। तो सी जो लेटर है वो कितनी बार आ रहा है? तो काउंट काउंट्स दी ऑकरेंस। ए की ऑकरेंस काउंट करवाना है। तो
ए की ऑकरेंस कितनी है? ए की ऑकरेंस वन टाइम रिपीट हो रहा है। एक्सीडेंट में ए वन बार आ रहा है। तो इट रिटर्न्स वन। और अगर
ऑकरेंस आपकी नहीं होती है, कैरेक्टर एक्सिस्ट नहीं करता तो इट विल गिव्स एरर। ओके? समझ में आई बात? तो ये कुछ फंक्शनंस
हैं अच्छे से कर लेना। लेन है ना? लोअर, अप्पर फंक्शन, टाइटल, कैपिटलाइज़ काउंट। इसके अलावा और भी फंक्शनंस हैं जिनके
क्वेश्चन एग्जाम में आते हैं। वेरी गुड। वेरी गुड। है ना? जितने बच्चे मुझे आंसर करते चल रहे हैं। बहुत बढ़िया बेटा। ठीक
है? देखो ये कम्युनिकेशन हमारा बना रहना चाहिए जिससे मुझे ये समझ में आ सके कि यस ऑफ़ कोर्स यू आर स्टार्टिंग हियर। एंड आपको
कांसेप्ट क्लियर हो रहे हैं। राइट? हां जी। फाइंड भी होता है। आ गए ना? देखो देखो ये फाइंड। फाइंड क्या करता है? कैरेक्टर
को फाइंड कर लेता है। कैरेक्टर को फाइंड करके उसकी लोकेशन देता है। सपोज़ मैंने बोला फाइंड ऑफ़ H। तो अब आपको पता है कि एस
में पाइथन है। पी वाई टी एच ओ एन। और इसकी लोकेशन क्या है? 0 1 2 3 4 और फाइव। ये हमारी इंडेक्सिंग है। तो H क्या रिटर्न
करेगा कि एच ये फाइंड क्या रिटर्न करेगा? थ्री। कि थर्ड लोकेशन पे आपको क्या मिल रहा है? एच मिल रहा है। डन। हाय सुधा। हाउ
आर यू ऑल? चलो। तो सेशन में जो भी बच्चे आ रहे हैं बेटा सेशन को शेयर कर लो और लाइक और सब्सक्राइब किए बिना मत जाना। अगेन आई
एम रिपीटिंग दिस इज़ अ बिग मोटिवेशन फॉर मी। अब रिप्लेस क्या करता है? किसी लेटर को अगर किसी दूसरे लेटर से आपको रिप्लेस
करना है स्ट्रिंग के अंदर तो इट विल रिप्लेस। यहां पे दो पैरामीटर देती हूं ए और बी। फॉर एग्जांपल कि हमें यहां पर
किसको? इस ओ को ए से रिप्लेस करना है। इस ओ को ए से रिप्लेस करना है। तो आप क्या लिखोगे यहां पे? रिप्लेस करते समय एस डॉट
रिप्लेस डॉट लगा के यूज़ करना। ठीक है? अब आपको क्या रिप्लेस करना है? ओ लेटर को किससे? ए लेटर से रिप्लेस करना है। तो
यहां पे जहां पे भी ओ लिखा होगा वो ए से रिप्लेस हो जाएगा। समझ में आ गई बात? अब ये क्या मिलेगा आपको? अगर आप प्रिंट
करवाओगे तो पी एच टी पी वाई टी एच ए एन मिलेगा। गॉट इट? नाउ स्प्लिट फंक्शन और इसके साथ आता है एक और अ स्प्लिट और एक और
कौन सा फंक्शन होता है जो कि डिफरेंस में आता है। आपसे पूछा जाता है। है ना? अभी आगे बताऊंगी वो फंक्शन भी। राइट मैम? आईपी
पढ़ा दो बेटा। आईपी वाले सारे Python का रिवीज़ यहां से कर सकते हो। एज़ इट इज़ रिवीज़ पूरा आईपी का भी है। है ना? वैसे आईपी का
एक डेडिकेटेड वीडियो लेकर आऊंगी मैं। जैसे सीएस का चल रहा है। टेंशन ना लो। आईपी वालों को भी पढ़ाऊंगी। ओके? सेम ऐसे ही। और
बहुत जल्दी आएगा। बस करना क्या है? चैनल को सब्सक्राइब कर लेना ताकि जब भी आएगा तो नोटिफिकेशन मिल जाएगा। ठीक है? चलो अब
देखो स्प्लिट क्या करता है? इसको स्प्लिट कर देता है लिस्ट में। मतलब सपोज़ हमने इसको यहां पे लिख दिया कि s डॉट स्प्लिट।
ठीक है? तो अब आपके ये जो कररेक्टर्स हैं ना वो सभी लिस्ट में आ जाएंगे। एक इस तरीके से आ जाएंगे। ठीक है? समझ में आई
बात? दिस इज़ स्प्लिट फंक्शन। एंड नेक्स्ट इज़ जॉइन। तो जैसे कॉनकटिनेशन काम करता है वैसे ही जॉइन भी काम करता है। ये आपकी जो
लिस्ट है उसको स्ट्रिंग में जॉइन कर देता है। मेरी बात समझ में आई? जो लिस्ट आपने पास की है वो लिस्ट को स्ट्रिंग में जॉइन
कर देता है। राइट? एंड लास्ट इज़ स्ट्रिप। स्ट्रिप क्या करता है? स्पेसेस को हटा देता है। जो भी स्पेस आपने दी होगी ना
स्ट्रिंग में सपोज यहां पे हमने कुछ स्पेसेस दी हुई है तो वो स्पसेस को रिमूव करके आपको शो कर देता है। दिस इज़ द
डिफरेंस ओनली। हां पार्टीशन यस यस यस अभी आ रहे हैं। पार्टीशन भी आगे है। सुनो पार्टीशन क्या करता है? स्प्लिट और
पार्टीशन में डिफरेंस आता है। वेरी गुड स्वालिया। ठीक है? पार्टीशन जो फंक्शन होता है वो क्या करता है? जहां से आपको
जिस कैरेक्टर से पार्टीशन करना है वो कररेक्टर। सपोज़ मुझे T से पार्टीशन करना है। ठीक है? स्ट्रिंग में। तो वो बेसिकली
उस कैरेक्टर से स्ट्रिंग को दो पार्ट में डिवाइड कर देता है। समझ में आया? अब टी चार बार रिपीट हो रहा है तो वो चार
पार्टीशन कर देगा। एंड स्प्लिट इज़ कनवर्टेड इंटू लिस्ट। स्प्लिट आपका सिर्फ स्प्लिट करता है। ओके? समझ में आ गया? यस।
तो स्ट्रिंग में पार्टीशन और स्प्लिट फंक्शन आता है एग्जाम में अच्छे से कर लेना। राइट? नाउ लिस्ट इन पाइथन। और ये सब
मैंने डिटेल में समझाया है। प्रैक्टिकल के साथ समझाया है। अगर जिन बच्चों को प्रैक्टिकल भी देखना है बेटा तो डेडिकेटेड
जो वीडियो समझाई हुई है ना वहां जाके प्रैक्टिकली इनको देख सकते हो। गॉट इट? चलो लिस्ट इन पाइथन। अब लिस्ट पे आ चुके
हैं हम। स्ट्रिंग खत्म हो गया। ठीक है? तो स्ट्रिंग में से क्या-क्या इंपॉर्टेंट है? मैंने आपको बताया अभी क्या-क्या देखा
हमने? स्ट्रिंग के फंक्शनंस इंपॉर्टेंट है। स्ट्रिंग के ऑपरेटर्स जो प्लस स्टार और इन ये इंपॉर्टेंट है। इसके क्वेश्चंस
कोड बेस में भी आते हैं। और कोड कैसे आएंगे? ये इंडेक्सिंग स्लाइसिंग एज़ वेल ऐज़ स्ट्रिंग को ट्रेवर्स करना है तो आप
ट्रेवर्स भी कर सकते हो लूप लगा के। ठीक है? अगर आपको स्ट्रिंग को ट्रेवर्स करना है फॉर एग्जांपल कि हमने जो यहां पे ये
पाइथन नाम की स्ट्रिंग ली है इसको अगर आपको ट्रेवर्स करना है तो कैसे चलाओगे लूप? फॉर i इन रेंज। ठीक है? रेंज ऑफ़ जो
भी आपकी स्ट्रिंग है S नाम की स्ट्रिंग है तो वो आप इसमें ले सकते हो। जितने कररेक्टर्स हैं वहां तक रेंज फंक्शन चला
लेना। और यहां पे प्रिंट करवा लेना आई को। तो क्या हो जाएगा इससे? इससे आपके जो एक-एक लेटर्स हैं वो ट्रेवर्स हो जाएंगे।
पी वाई टी एच ओ एन इस तरीके से तो ये ट्रेवर्सिंग भी पॉसिबल है। है ना स्ट्रिंग में। नाउ लिस्ट पे आ चुके हैं। लिस्ट अपने
आप में बहुत ही इंपॉर्टेंट सा रोल प्ले करता है। आप बहुत केयरफुली स्ट्रिंग समझना। ठीक है बेटा? लेन फंक्शन लेंथ
रिटर्न करेगा। हां, लेन फंक्शन आप फॉर लूप में लेन भी यूज़ कर सकते हो कि लेन ऑफ़ रेंज ऑफ़ लेन ऑफ़ स्ट्रिंग वहां तक भी चला सकते
हो। है ना? फॉर लूप में अगर लेन भी चलाओगे तो वो स्ट्रिंग के लेंथ तक जाएगा। एंड तक। यस डन। अब लिस्ट इन पाइथन की बात कर लें
तो पाइthन में जो लिस्ट होती है वो आइटम्स का कलेक्शन होता है। जैसे स्ट्रिंग कलेक्शन ऑफ़ कररेक्टर्स होता है। ये आइटम्स
का कलेक्शन होता है। जैसे फॉर एग्जांपल कि आपके फाइव सब्जेक्ट के मार्क्स हैं। हिंदी, इंग्लिश, मैथ्स, साइंस, सोशल या
लाइक दिस। है ना? फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स कुछ भी ले लो आप। तो 90, 40, 60, 80। ठीक है? हमने क्या किया? इनको
इंडिविजुअली एक-एक कररेक्टर में असाइन एक-एक वेरिएबल में असाइन ना करके हमने एक मार्क्स नाम की एक लिस्ट बना दी जिसमें इन
चारों सब्जेक्ट के मार्क्स को स्टोर करवा दिया। सो दिस इज़ अ काइंड ऑफ़ लिस्ट इन व्हिच यू कैन स्टोर सेम इन व्हिच यू कैन
स्टोर सिमिलर और डिफरेंट टाइप ऑफ़ वैल्यूज़ डि सिमिलर और डिफरेंट टाइप ऑफ़ एलिमेंट्स। ठीक है? आप इस तरीके से भी डिटेल नाम से
एक लिस्ट भी बना सकते हो। जिसमें आपने क्या कर दिया? तो जिसमें आप सपोज आपने रोल नंबर असाइन करवा दिया 1001 नेम लिख दिया
राम ठीक है क्लास लिख दी सपोज 10थ इस तरीके से और परसेंटेज लिख दी 96.5 डन इतना समझ में आया तो इसमें आपने
हेटेरोजीनियस वैल्यूज दी हुई है मतलब डिफरेंट-डिफरेंट टाइप की वैल्यू इंटीजर स्ट्रिंग फ्लोट सारी वैल्यू दी तो आप
लिस्ट ऐसे भी क्रिएट कर सकते हो आप लिस्ट सिमिलर टाइप की वैल्यूज की भी लिस्ट क्रिएट कर सकते हो डन तो लिस्ट कैन बी एनी
टाइप ऑफ वैल्यूज लिस्ट में किसी भी टाइप की वैल्यूज पॉसिबल होती है समझ में आ रहा है ओके ओके। और लिस्ट को किससे क्रिएट
करते हो? लिस्ट को क्रिएट करते हैं मैम हम स्क्वायर ब्रैकेट से। दिस इज़ मेन पॉइंट जो आपको याद रखना है। लिस्ट को कैसे क्रिएट
किया जाता है? लिस्ट को क्रिएट किया जाता है स्क्वायर ब्रैकेट्स में। डन। अब यहां पे लिस्ट क्रिएट की हुई है मार्क्स की और
नेम्स की। देखो नेम्स की भी लिस्ट बना दी। सिंगल इनवर्टेड में लाइक अमन, रिया, राज। मार्क्स लिख दिए 90, 85, 78। अब लिस्ट के
क्या फीचर्स हैं? क्वेश्चन पूछ लिया आपसे। व्हाट आर द फीचर्स ऑफ़ लिस्ट? हाउ टू डिफाइन द लिस्ट? व्हाट इज़ लिस्ट? तो यही
लिख कर आओगे ना? अब फीचर्स पूछ लिए तो लिस्ट ऑर्डर्ड कलेक्शन होता है। ऑर्डर्ड कलेक्शन समझ रहे हो? वही ज़ीरो से स्टार्ट
होती है इंडेक्सिंग और नेगेटिव इंडेक्सिंग भी होती है। म्यूटेबल होता है। स्ट्रिंग को एक बार क्रिएट किया तो बदल नहीं सकते
हैं। लिस्ट को क्रिएट करने के बाद बदल सकते हैं। आपको यहां पे रोल नंबर नाम बदलना है बदल दो। बदला जाएगा। आराम से
चेंज हो जाएगा। दैट इज़ व्हाई इज़ म्यूटेबल। यहां पे किसी स्टूडेंट का मार्क्स गलत लिख दिया। सपोज़ ये 40 की जगह 50 था। 40 लिख
दिया। तो इट विल चेंज। अंडरस्टुड? इसके एलिमेंट को बढ़ा भी सकते हो। उसके एलिमेंट को इंक्रीस, डिक्रीज़, डिलीट भी कर सकते
हो। तो एडिशन, डिलीशन, इंसर्शन, अपडेशन सब पॉसिबल है लिस्ट में। दैट इज़ व्हाई इट इज़ म्यूटेबल। गॉट इट? चलो नाउ कैन स्टोर
मिक्स्ड डेटा टाइप वैल्यूज़ जो मैंने बताया ये आपका इंटीजर है। ये स्ट्रिंग है। ये फ्लोट टाइप की वैल्यू है। ऑल टाइप ऑफ़
वैल्यूज़। और ये डुप्लीकेशन को भी अलाउ करता है। मतलब अगर आप चाह रहे हो कि 20, 20, 30, 30, 40, 80 इस तरीके से लिस्ट
क्रिएट करो, तो डुप्लीकेशन इज़ आल्सो अलाउड हियर। डन। सो दीज़ आर द फीचर्स ऑफ़ लिस्ट एंड होप यू अंडरस्टैंड दिस। नाउ लिस्ट में
भी इंडेक्सिंग और स्लाइसिंग होती है। अगर हम इंडेक्सिंग की बात करें बहुत केयरफुली समझना। तो लिस्ट में भी वही इंडेक्सिंग
होती है। एक लिस्ट हमने यहां पे क्रिएट कर ली लाइक 10, 20, 30, 40 एंड 50। समझ में आ गया? अब यहां पे इंडेक्सिंग वैसे ही होगी।
पॉजिटिव इंडेक्सिंग आर देयर एंड नेगेटिव इंडेक्सिंग आर देयर। ठीक है? नेगेटिव इंडेक्सिंग राइट साइड से स्टार्ट होती है।
पॉजिटिव इंडेक्सिंग ज़ीरो से स्टार्ट होती है। ज़ीरो से ऑलवेज ज़ीरो से स्टार्ट होती है। ठीक है? अब अगर l नाम से हमने ये
लिस्ट बनाई है। L ऑफ़ 0 एक्सिस करेंगे तो कौन सा एलिमेंट मिलेगा? बताओ कमेंट में। ठीक है
गाइस? आईपी के लिए क्लास कब होगी? बेटा? आईपी के लिए भी क्लास होगी। डोंट पैनिकिक। आईपी वाले भी इस सेशन को देख सकते हैं।
इसमें पूरा पाइथन एज़ इट इज़ है। है ना? कंप्यूटर वाला पार्ट एज़ इट इज़ है। वैसे आईपी के लिए भी एक और धमाकेदार सेशन आएगा।
डोंट पैनिकिक। क्वेश्चन आंसर्स के लिए भी सेशन लेकर आऊंगी। सारी चीजें। अभी तो पिक्चर स्टार्ट हुई है बेटा। अभी तो हमारे
सेशंस कंटीन्यूअसली चलेंगे अब। ओके? 10 आएगा। वेरी गुड। है ना? L ऑफ़ 0 पे 10 आएगा। अगर मैंने लिखा l ऑफ़ -1 देन व्हाट
विल बी द आंसर? 50 विल बी द आंसर। गॉट इट? दिस इज़ इंडेक्सिंग। राइट? दिस इज़ इंडेक्सिंग। है ना? अब बढ़ते हैं हम
स्लाइसिंग पर। तो लिस्ट में आप स्लाइसिंग भी कर सकते हो। स्लाइसिंग इज़ हाउ अबाउट लाइक दिस। एल ऑफ़ स्टार्ट वैल्यू लिखना है,
कॉलन लगाना है, स्टॉप लिखना है और स्टेप लिखना है। स्टेप इज़ ऑप्शनल। सपोज़ मैंने लिखा एल ऑफ़ कॉलन कॉलन ब्लैंक कॉलन करके
छोड़ दिया ब्लैंक कुछ भी नहीं दिया देन व्हाट विल बी दी आंसर बताओ लिस्ट में आंसर क्या जनरेट होगा तो हियर्स द आंसर विल बी
होल लिस्ट कंप्लीट लिस्ट आपको मिलेगी लाइक 10 20 30 एंड 40 ठीक है अगर मैंने यहां पर लिखा फॉर एग्जांपल लाइक दिस क्या लिखा कि
लिस्ट ऑफ कॉलन लगाके मैंने लिखा सपोज़ थ्री कि मुझे सिर्फ थ्री तक लिस्ट एक्सेस करना है तो क्या क्या आंसर मिलेगा 10 20 30 40
या 10 20 30 क्या आंसर आना चाहिए? सो बेटा हियर्स द आंसर विल बी आंसर विल बी 10 20 एंड 30 ओनली क्योंकि थर्ड पोजीशन पे
40 है लास्ट वैल्यू एक्सक्लूड होती है। गॉट इट? और यहां पे कुछ नहीं लिखा है मतलब ज़ीरो से स्टार्ट होगा। सिमिलरली अगर मैंने
यहां पे लिख दिया सपोज़ 2 कॉलन फोर। देन व्हाट विल बी द आंसर? तो टू से स्टार्ट होगा 2 3 लेकिन फोर्थ वाला एलिमेंट
एक्सक्लूड होगा। तो 30 एंड 40 विल बी दी आंसर। गॉट इट? वेरी गुड यश कीर्ति सोहेलिया कॉपी होगी यस
लिस्ट को आप कॉपी भी कर सकते हो लिस्ट को आप कॉपी भी कर सकते हो एक कॉपी मेथड होती है जिसके थ्रू हम लिस्ट कॉपी कर सकते हैं
वेरी गुड ममता बहुत बढ़िया बेटा बहुत बढ़िया ठीक है समझ में आ रहा है धति आल्सो है ना ओके तो इतना क्लियर अब इस लिस्ट के
एलिमेंट को रिवर्स करवाना है हमें चाहिए 50 40 30 20 तो क्या लिखोगे सिंपल सा कोड है पूरी लिस्ट एक्सेस कर लो ब्लैंक में
लिस्ट एक्सेस कर लो और माइनस वन कर दो तो 50 40 30 20 और ऐसे भी लिख सकते हो आप कि आप यहां पे लिस्ट को फोर से स्टार्ट करवा
के ज़ीरो तक भी जा सकते हो तो भी आप और -1 करोगे तो भी आपको बैकवर्ड इंडेक्सिंग के थ्रू ही लिस्ट मिलेगी। डन चलो तो
स्लाइसिंग इंडेक्सिंग समझ गए? बहुत बढ़िया बेटा। है ना? नाउ लिस्ट के ऑपरेशंस। अब लिस्ट पे क्या ऑपरेशन परफॉर्म करते हैं?
जैसे स्ट्रिंग पे परफॉर्म करते हैं। कॉनकटिनेशन में L1 + L2 दो लिस्ट है तो दोनों लिस्ट के एलिमेंट जॉइन हो जाएंगे। L
स्टार 2 करोगे तो लिस्ट दो के एलिमेंट दो बार रिपीट होंगे। अब आपको लिस्ट में मेंबरशिप चेक करवाना है तो वो भी करवा
सकते हो। फॉर एग्जांपल ध्यान से समझना। क्या लिखा मैंने यहां पर? बहुत अच्छे से समझना इस चीज को। ठीक है? सपोज़ कि ये एक
L1 नाम की लिस्ट है और एक L2 नाम की लिस्ट बनाई मैंने 90 और 80 के साथ। अगर मैंने लिखा L1 + L2 देन व्हाट विल बी द आंसर? द
आंसर विल बी 10, 20, 30, 40, 50 एंड 90 एंड 80। ये आंसर जनरेट हो जाएगा। दोनों लिस्ट कंबाइंड हो गई, ऐड हो गई, जॉइन हो
गई। कॉनकेट। अगर हमने लिखा l स्टार2 l1 ये l1 है सपोज l1 स्टार2 तो मतलब ये 10 20 30 40 50 फिर से रिपीट होंगे 10 20 30 40 और
50 दो बार एलिमेंट रिपीट होंगे क्योंकि हमने इसको टू टाइम्स रिपीट किया आई बात समझ में क्लियर हो गया वेरी गुड
वेरी गुड बेटा -1 से आप बैकवर्ड इंडेक्सिंग को एक्सेस कर सकते हो है ना चलो नाउ अगर हमें चेक करना है कि कोई एल
एलिमेंट है या नहीं लिस्ट में? क्या 10 इन एल1 इन ऑपरेटर का यूज़ किया है। तो 10 L1 में है क्या? यस है। तो ये ट्रू रिटर्न कर
देगा। नहीं होगा तो फॉल्स रिटर्न करेगा। तो इन नॉट इन इज़ आल्सो यूज़्ड हियर। ठीक है? क्लियर? क्लियर? ओके। तो अब आगे बढ़ते
हैं हम कहां पर? अब आगे बढ़ते हैं हम आगे के ऑपरेशंस पर। देखो अगला दिया हुआ है लिस्ट फंक्शनंस। लिस्ट, स्ट्रिंग और
डिक्शनरी। तीन से चार चीज़ वेरी-वेरी इंपॉर्टेंट है जो एव्री ईयर पेपर में आती है और जो इंपॉर्टेंट है। फंक्शनंस आते हैं
आपके ऑपरेटर्स आते हैं लिस्ट के स्ट्रिंग के डिक्शनरीज़ के और इसमें इंडेक्सिंग स्लाइसिंग के क्वेश्चन आपसे जो है कोड
बेस्ड पूछे जाते हैं। अब लिस्ट के फंक्शनंस क्या-क्या है? जरा ध्यान से देखो। लेन ऑफ़ L मतलब लेंथ रिटर्न कर देगा।
लिस्ट में भी कितने नंबर ऑफ़ आइटम्स हैं? अगर मैंने लिखा यहां पर L1 लेन ऑफ़ L1 L1 पास कर दिया। तो 10 20 30 40 था ना हमारी
L1 नाम के जो लिस्ट है उसमें क्या है? 10 20 30 और 40 तो ये क्या रिटर्न कर देगा यहां पे कितने एलिमेंट है 1 2 3 4 तो इट
रिटर्न्स फोर है ना अगर आपको लिस्ट में एलिमेंट को अपेंड करना है मतलब आप चाहते हो कि लिस्ट के एंड में कोई एलिमेंट अपेंड
हो जाए तो वो अपेंड के थ्रू होता है और अगर आप एक लिस्ट को दूसरी लिस्ट से एक्सेस करना चाहते हो एक्सटेंड करना चाहते हो तो
एक्सटेंड यूज़ होता है गॉट इट मार्क कर लो अपेंड और एक्सटेंड में डिफरेंस आता है। अपेंड और एक्सटेंड में डिफरेंस आता है।
व्हाट इज़ द डिफरेंस बिटवीन अप एंड एंड एक्सटेंड देन द आंसर विल बी लाइक दिस। ओके मैम? AI का क्लास कब होगा? बहुत जल्दी एआई
का क्लास होगा। वेरी गुड बेटा। है ना? लेंथ क्या रिटर्न कर रहा है आपको? फोर रिटर्न करेगा। अपेंड में क्या होगा? अगर
मैंने यहां पे लिखा हुआ है L1 डॉट अपेंड और अपेंड में हम किसी L2 वाले लिस्ट के साथ में या सॉरी यहां तो हम एक एलिमेंट भी
लिख सकते हैं। राइट? तो मैंने अगर यहां पे लिखा L1 डॉट अपेंड AT तो क्या होगा? इस एलिमेंट के लास्ट में AT अपेंड हो जाएगा।
समझ में आया? और अगर मैंने लिखा L1 डॉट अपेंड सॉरी एक्सटेंड ठीक है? L1 डॉट एक्सटेंड एक्सटेंड में अगर मैंने यहां पे
L2 लिख दिया तो मान लो कि L2 वाली हमारी लिस्ट क्या है? जिसमें 100 और 200 है। तो अब आपकी जो नई लिस्ट बनेगी वो 10 20 30 40
80 अपेंड कर चुके हैं। और 100 एंड 200 ये पूरी एक्सटेंड हो जाएगी। एक लिस्ट में दूसरी लिस्ट को ऐड करना है तो एक्सटेंड।
अगर एकिस्टिंग लिस्ट में कोई एलिमेंट ऐड करना है तो अपेंड अपेंड एड्स एलिमेंट एक्सटेंड एड्स लिस्ट दिस इज़ डिफरेंस जो
ध्यान रखना है दोनों का कोड दोनों का आउटपुट लिख कर आना अगर एग्जाम में क्वेश्चन आया तो ठीक है यस ऑफ कोर्स
एक्सटेंड इज़ फास्ट एज़ कंपेयर टू अप एंड ओके अब ये कैसे है वो भी इसका एक रीज़न है क्योंकि ये फंक्शन है फंक्शन में आप लिस्ट
को ऐड करते हो तो वो जल्दी ऐड होता है नाउ इंसर्ट इंसर्ट में आप इंडेक्स पे वैल्यू को इंसर्ट कर सकते हो तो यहां यहां आपको
इंडेक्स देना पड़ता है। सपोज आपको किसी इंडेक्स पे कोई वैल्यू इंसर्ट करनी है तो आप i से इंडेक्स दे दो 0 1 2 3 4 और जो
एलिमेंट एक्सेस करना है वो एलिमेंट दे दो। नेक्स्ट इज़ रिमूव। अगर आपको लिस्ट से कोई एलिमेंट रिमूव करना है तो आप वो वैल्यू को
यहां से रिमूव कर सकते हो। ठीक है? आपको वो वैल्यू यहां पे देनी होती है। तो l डॉट रिमूव ऑफ़ ज़ीरो लिखोगे तो पर्टिकुलरली वो
वैल्यू रिमूव हो जाएगी। पॉप का मतलब क्या होता है? आइटम रिमूव करता है। समझ में आई बात? पॉप मेथड इज़ आल्सो रिमूव। तो यहां पे
आपको क्या मिलेगा? रिमूव लास्ट एलिमेंट। अगर लास्ट से ये एलिमेंट एक्स डिलीट करना है तो हम पॉप मेथड यूज़ करेंगे। किसी
पर्टिकुलर लोकेशन से कोई एलिमेंट रिमूव करना है तो आप रिमूव का यूज़ करोगे। दिस इज़ द डिफरेंस बिटवीन रिमूव एंड पॉप। ठीक है?
एंड पॉप ऑफ़ आई मतलब अगर किसी इंडेक्स से वैल्यू रिमूव करनी है तो आप पॉप पॉप में आई लिखोगे ना वो इंडेक्स वैल्यू लिखोगे तो
वो भी रिमूव हो जाएगा। एक और यहां पे फंक्शन यूज़ होता है। अगर लिस्ट के एलिमेंट को आपको सॉर्ट करवाना है। सॉर्ट मतलब
असेंडिंग ऑर्डर में डिसेंडिंग ऑर्डर में आपको अरेंज करना है। तो हम यहां पे सॉर्ट नाम का एक फंक्शन यूज़ कर लेते हैं। जिससे
लिस्ट के एलिमेंट सॉर्ट हो जाते हैं। समझ में आ रहा है? ओके। यस बिल्कुल सही। है ना? स्पेसिफिक इंडेक्स पर कोई वैल्यू आपको
चेंज करवानी है तो इंसर्ट। ठीक है? एनी डाउट इन दिस फंक्शनंस? नो ना। रिवर्स। रिवर्स इज़ यूज़्ड टू फॉर रिवर्स द लिस्ट।
अभी रिवर्स के दो तरीके हो गए। या तो फंक्शन से रिवर्स कर लो और अगर फंक्शन से रिवर्स नहीं करना है तो स्लाइसिंग में हम
क्या करते हैं? -1 लिखकर भी रिवर्स करवा देते हैं। दोनों तरीके वैलिड है। काउंट क्या करता है? लिस्ट में किसी एलिमेंट के
ऑकरेंस को काउंट करता है। सपोज़ लिस्ट में यहां पे हमने देखा कि 20 20 दो बार रिपीट हो रहा है। तो आप उसके ऑकरेंस काउंट करवा
सकते हो। यहां पे आप 20 लिखोगे तो उसके ऑकरेंस टू रिटर्न कर देगा। ठीक है? इंडेक्स अगर आप लिखोगे तो फाइंड पोजीशन
सपोज मैंने यहां पे लिखा क्या? सपोज मैंने यहां लिखा कि l ऑफ़ इंडेक्स। क्या लिखा? L ऑफ़ इंडेक्स और यहां पे मैंने लिख दिया 40।
तो इंडेक्स क्या रिटर्न करेगा? पोजीशन रिटर्न कर देगा कि 40 किस पोजीशन पर है? 0 1 2 3 थर्ड पोजीशन पे। तो इसने पोजीशन
रिटर्न किया। ठीक है? अब आपको लिस्ट के सारे एलिमेंट को सम करवाना है कि जितने एलिमेंट लिखे हुए हैं उन सबका टोटल हो
जाए। तो लिस्ट सम फंक्शन में उस लिस्ट को पास कर दोगे तो टोटल आ जाएगा 10 + 20 + 30 + 40 + 80 लाइक दिस। और अगर आपको लिस्ट
में से मिनिमम और मैक्सिमम एलिमेंट फाइंड आउट करवाना है कि लिस्ट में मिनिमम एलिमेंट कौन सा है या मैक्सिमम एलिमेंट
कौन सा है? मतलब इस लिस्ट में 80 इज़ द मैक्सिमम एंड 10 इज़ द मिनिमम। तो आप मिन और मैक्स फंक्शन को यूज़ कर सकते हो। तो
अभी हमने कौन-कौन से फंक्शनंस देख लिए लिस्ट के बेटा जो आते हैं एग्जाम में? दैट इज़ लेन अप एंड एक्सटेंड। ये आते हैं।
ध्यान रखना। रिमूव पॉप काउंट रिवर्स सॉर्ट मिनमक्स। दिस विल डेफिनेटली कम इन एग्जाम। और ये छप जाते हैं पेपर में हर साल आते
हैं। ठीक है? यस आस्के इज़ आल्सो अ वे फॉर सॉर्टिंग। ठीक है? ऑफकोर्स। समझ में आ गया? चलो आगे बढ़ जाएं। लिस्ट के बाद बढ़ते
हैं अब हम कि लिस्ट के क्या एलिमेंट को आप ट्रेवर्स कर सकते हो? बिल्कुल कर सकते हो। जैसे स्ट्रिंग के एलिमेंट को हम ट्रेवर्स
कर सकते है वैसे लिस्ट को भी। तो अगर आपने लिखा है फॉर i इन l है ना आई क्या है वो एक-एक एलिमेंट है जो कि लिस्ट में होगा।
एल हमारी लिस्ट है। सपोज 10 20 30 40 ये हमारी लिस्ट है। उसमें अगर आप ये लूप चला दोगे और प्रिंट करवा लोगे i को तो क्या
प्रिंट हो जाएगा यहां पे? लिस्ट के जितने भी एलिमेंट है वो प्रिंट हो जाएंगे। ठीक है? अगर आपको इंडेक्स प्रिंट करवानी है तो
इंडेक्स भी प्रिंट करवा सकते हो। राइट? और नेस्टेड लिस्ट का भी एक कांसेप्ट आता है कि नेस्टेड लिस्ट क्या होती है? तो
नेस्टेड लिस्ट होती है। जब आप लिस्ट के अंदर लिस्ट को यूज करते हो तो वो नेस्टेड लिस्ट होता है। जैसे मैंने एक लिस्ट बनाई।
ठीक है? इसमें 10 लिखा, 20 लिखा। इसके बाद मैंने इसमें एक और लिस्ट बना दी। दैट इज़ 100, 200 और फिर मैंने यहां 40 और 50 भी
लिखा हुआ है। तो अब आप क्या देख रहे हो? ध्यान से समझो। है ना? ये आपकी एक लिस्ट है और इस एक लिस्ट के अंदर आपने ये एक और
लिस्ट क्रिएट की हुई है। तो लिस्ट के अंदर आपने लिस्ट बनाई हुई है। इसको एक्सेस कैसे करोगे? देखो इसको एक्सेस करेंगे जीरो और
वन पोजीशन और ये पूरा आपका थर्ड पोजीशन पे होगा। ये फोर्थ और ये फिफ्थ। गॉट इट? अब ध्यान से देखो कि यहां पे ये
जो नेस्टेड लिस्ट है उसको कैसे एक्सेस करोगे? तो उसको एक्सेस करने के लिए ये हो जाएगा आपका थर्ड का ज़ीरो पोजीशन। है ना?
और ये थर्ड का फर्स्ट पोजीशन। मतलब ये ज़ीरो वाला एलिमेंट, ये वन वाला एलिमेंट। समझ में आ गया? तो ऐसे हम नेस्टेड लिस्ट
भी क्रिएट कर सकते हैं कि लिस्ट के अंदर आप लिस्ट भी डिफाइन कर सकते हो। जैसे यहां देखो दो लिस्ट डिफाइन कर दी इन्होंने। तो
कैसे एक्सेस कर रहे हैं? ये देखो यहां पे इन्होंने ऐसे बनाया हुआ है। एक वन और टू एक लिस्ट ये बनाई हुई है। कॉमा लगाया और
एक थ्री और फोर एक लिस्ट और ये लिस्ट के अंदर डिफाइन कर दिया। तो अब कैसे बताओगे आप? ध्यान से समझना। अब कैसे बताओगे आप कि
मैम ये ज़ीरो पोजीशन पे है। ये वन पोजीशन पे है। और इसमें फिर इंडिविजुअली इसकी पोजीशंस आपने डिफाइन कर दिए कि ये ज़ीरो वन
और ये ज़ीरो वन पोजीशन पे है। तो कैसे एक्सेस करोगे आप? कि ज़ीरो पोजीशन का ज़ीरो एलिमेंट। मतलब ये वन मिलेगा आपको। ठीक है?
और जीरो पोजीशन का फर्स्ट एलिमेंट अगर मैंने लिखा यहां पे जीरो पोजीशन का फर्स्ट एलिमेंट तो क्या मिलेगा आपको? टू मिलेगा।
ठीक है? अगर मैं लिखती हूं यहां पे फर्स्ट पोजीशन का जीरो एलिमेंट तो कमेंट सेक्शन में बता दो क्या मिलेगा हमें?
कमेंट सेक्शन में बता दो क्या मिलेगा हमें? ठीक है? और अगर मैंने लिखा फर्स्ट पोजीशन का फर्स्ट एलिमेंट। दोनों का आंसर
आई जस्ट वांट इन कमेंट ओनली। ठीक है? मैम, लेंथ काउंट्स एलिमेंट्स इंटरनली। हाउ डस पाइथन नो द लेंथ इज़ सो फास्ट। सुनो लेन
क्या काउंट करता है? एलिमेंट्स काउंट करता है। ठीक है? अब पाइथन में जो लेन फंक्शन है वो अपने आप में फास्ट होता है। क्योंकि
देखो होता क्या है? जो फंक्शनंस होते हैं ना वो फंक्शनंस बनाए ही इसलिए जाते हैं ताकि आपका जो टास्क है वो उसको फास्ट
परफॉर्म कर सके। अगर मैं रिवर्स करवाऊंगी और -1 के थ्रू करवाऊंगी तो वो स्लो काम करेगा क्योंकि एक-एक एलिमेंट यहां पे
क्रॉस चेक होगा। और वहीं अगर मैंने रिवर्स फंक्शन को कॉल कर लिया तो फंक्शन तो पहले से बना है। बस फंक्शन कॉल होगा और आउटपुट
आपको मिल जाएगा। गॉट इट? समझ में आ गई बात अच्छे से? क्लियर हो रहा है? चलो कॉल कट कर दिया मैंने। ठीक है? आगे बढ़ते हैं।
ओके? बिकॉज़ पढ़ाई इज़ मोरेंट। तो ये समझ में आ गया? वन एंड थ्री एंड फोर। ओके? तो जितने बच्चे थ्री लिख रहे हैं और फोर लिख
रहे हैं बिल्कुल सही लिख रहे हो बेटा। है ना? थ्री और फोर विल बी द करेक्ट आंसर। राइट? बढ़ जाए आगे। अब तो नेस्टेड लिस्ट
में कैसे आपको एक्सेस करना है समझ में आ गया? अब क्वेश्चन आ गया कोड वाला तो गलत मत करके आना। ठीक है? चलो अब टपल्स पे आ
गए। टपल्स वाला चैप्टर है। ध्यान से समझ लो। टपल्स में भी वही सारी चीजें होती हैं। अब टपल को लिस्ट में कैसे कन्वर्ट
करना है? सब बताऊंगी। जाऊंगी नहीं यहां तक जब तक पूरा चैप्टर खत्म नहीं होगा। ठीक है? 10:00 बज गई है। ऑलमोस्ट 10:30 तक हम
सेशन खत्म करेंगे। तब तक आपको बने रहना है क्योंकि अभी थर्ड यूनिट बाकी है। टपल क्या होता है? टपल एग्जैक्टली सेम विद दी
लिस्ट। लिस्ट के साथ जैसा होता है वैसे के वैसे टपल भी होती है। बट इसमें एक डिफरेंस होता है कि टपल्स आर इम्यूटेबल। टपल्स में
आप चेंजज़ नहीं कर सकते हो। लिस्ट और टपल में डिफरेंस क्या होता है? जल्दी-जल्दी बताना। है ना? लिस्ट को स्क्वायर ब्रैकेट
से डिफाइन करते हैं। टपल्स को पैरेंथेसिस से डिफाइन करते हैं। लिस्ट म्यूटेबल होता है। टपल इम्यूटेबल होता है। ये दो इसके
बिगेस्ट डिफरेंस है। दो इसके बिगेस्ट डिफरेंस है। इसके अलावा और भी होते हैं। इसके फंक्शनंस में डिफरेंस बता सकते हो।
इसको लिखने में डिफरेंस बता सकते हो। राइट? अब 10 20 30 हमने एक टपल बनाई है जिसमें अगेन इंडेक्सिंग इज़ सेम। बैकवर्ड
एंड फॉरवर्ड इंडेक्सिंग इज़ सेम। ठीक है? 10 20 30 नाम की एक टपल बन जाएगी। अब इसमें ना तो आप एलिमेंट को एक्सटेंड कर
पाओगे ना अपेंड कर पाओगे। ठीक है? लेकिन कर सकते हो वो कैसे वो अभी आखिरी में बताऊंगी। टपल के फीचर ये भी ऑर्डर्ड पेयर
ऑफ़ कलेक्शन होता है लेकिन इम्यूटेबल होता है। इसमें डुप्लीकेट्स इसमें भी अलाउ होते हैं और ये भी मिक्स्ड डेटा टाइप की वैल्यू
को कंटेन करता है। मतलब अगर मैंने यहां पे लिखा राम और यहां लिखा 95.6 तो यस इट एक्सेप्टेड ये एक्सेप्ट करता है। ठीक है?
अब आगे देखो टपल को क्रिएट कैसे करना होता है? और लिस्ट को कैसे क्रिएट करना होता है? एक एक और डिफरेंस है। एक और डिफरेंस
है। ध्यान से समझना। ठीक है? एक और क्या डिफरेंस बता रही हूं मैं यहां पर कि आप ना लिस्ट को क्रिएट कर सकते हो एक फंक्शन और
लिस्ट फंक्शन से भी। अगर आप लिस्ट फंक्शन से क्रिएट करोगे तो एक एम्प्टी लिस्ट क्रिएट हो जाएगी। लिस्ट को आप लिस्ट
फंक्शन से भी क्रिएट करते हो। वैसे टपल को हम टपल फंक्शन से क्रिएट कर लेते हैं। है ना? एम्प्टी लिस्ट क्रिएट करना है जिसमें
कोई एलिमेंट नहीं देना है। तो लिस्ट फंक्शन से क्रिएट कर लिया। तो एक लिस्ट फंक्शन और एक टपल फंक्शन भी होता है। ठीक
है? यस। ऑफ़ कोर्स इट इज़ हेटेरोजीनियस। है ना? डिफरेंट-डिफरेंट डेटा टाइप वैल्यू मतलब हेटेरोजीनियस। क्लियर? अब टपल को
क्रिएट करने का तरीका देखो ये सारे दिए हुए हैं। टपल फंक्शन भी दिया हुआ है। ठीक है? समझ में आ गया? T1 में 1 2 3 की एक
टपल बना दी। एक कैरेक्टर की टपल बना दी जिसमें सिंगल एलिमेंट होगा। ध्यान से समझना। अगर मैंने T2 इज़ इक्वल्स टू ऐसे
लिखा हुआ है सिर्फ। तो ये एरर विल जनरेट। है ना? आप एलिमेंट बताओगे तो आप कॉमा लगाना जरूरी है। कॉमा लगाओगे मतलब टपल का
एक ही एलिमेंट है। अंडरस्टुड? ये आपसे पूछ सकते हैं। टपल को आपको क्रिएट करना है। तो अगर आप टपल फंक्शन से क्रिएट करते हो तो
अब आप सोचोगे कि मैम फंक्शन यूज़ कर रहे हैं। क्या इसके अंदर वापस यही ब्रैकेट लगा के क्रिएट करेंगे क्या? तो इट इज़ रॉन्ग।
टपल फंक्शन का अगर यूज़ कर रहे हो तो यहां पे आपको स्क्वायर ब्रैकेट के अंदर टपल के एलिमेंट देने होंगे। तो आप इस लिस्ट से
ध्यान से समझना। इस लिस्ट से टपल क्रिएट कर रहे हो। समझ में आया? दिस इज मोस्टेंट पार्ट जो आपको समझना है कि टपल फंक्शन से
भी हम लिस्ट क्रिएट टपल फंक्शन से भी हम टपल क्रिएट कर सकते हैं। बट टपल में जब एलिमेंट स्पेसिफाई करोगे तो पैरेंथेसिस ना
देकर लिस्ट में आपको एलिमेंट देने होंगे। ओके? यस टीयूपी फंक्शन इज़ यूज़्ड। ओके? बोथ बोथ यू कैन यूज़। ठीक है? ब्रेक चाहिए। बस
लिस्ट के इस टपल के बाद में ब्रेक दे रही हूं। ओके? डोंट डोंट पैनिकिक। इतना समझ में आ गया? तो सिंगल एलिमेंट टपल नीड्स
कॉमा। एक सिंगल एलिमेंट के लिए आपको कॉमा लगाना होता है। जो चीज़ मैंने यहां बता दी। टपल में भी इंडेक्सिंग स्लाइसिंग यूज़ होती
है। वही देखो टी ऑफ़ वन। लेकिन एक चीज़ ध्यान रखना कि अगर आपको टी सपोज़ कि ये टपल है हमारे पास में। है ना? ध्यान से समझना
इस चीज़ को भी जो अब बताने जा रही हूं। ठीक है? क्योंकि इसके क्वेश्चंस ना एग्जाम में बन जाते हैं कभी-कभी। क्या लिखा मैंने
यहां पर कि मैंने एक टपल क्रिएट किया हुआ है 1, 2, 3 से। मतलब मेमोरी में एक वन टू और थ्री नाम से टपल क्रिएट हुआ। वन टू से
हम इसको एक्सेस कर सकते हैं। अगर मुझे ज़ीरोथ लोकेशन का एलिमेंट एक्सेस करना है तो मैं t ऑफ़ वन इस तरीके से नहीं लिखूंगी।
कैसे लिखेंगे हम? T ऑफ़ स्क्वायर ब्रैकेट। तो इंडेक्सिंग इज ऑलवेज विद इन स्क्वायर ब्रैकेट। चाहे लिस्ट हो, चाहे स्ट्रिंग
हो, चाहे टपल हो, चाहे डिक्शनरी हो। जब इंडेक्सिंग स्लाइसिंग यूज़ करते हो तो हम हमेशा स्क्वायर ब्रैकेट का ही यूज़ करते
हैं। ये ध्यान रखना। तो T ऑफ़ वन पे क्या एलिमेंट मिल जाएगा? टू। टपल का टू मिल जाएगा। स्लाइसिंग करना है तो स्लाइसिंग भी
सेम ही होती है। ठीक है? चलो अब टपल ऑपरेशंस पे आ जाए तो टपल पे कौन-कौन से ऑपरेशंस होते हैं? कॉन्कटिनेशन, रिपीटेशन
एंड मेंबरशिप। अभी स्लाइसिंग सेम बिल्कुल जैसे लिस्ट में स्ट्रिंग में देखी ना वैसे स्लाइसिंग भी होती है। अब देखो दो एलिमेंट
टपल के अगर आपको ऐड करने हैं तो आप क्या करोगे? सपोज़ t1 नाम की एक टपल है जिसमें आपने 1 2 3 लिया हुआ है और t2 नाम की एक
टपल है जिसमें आपने 4 5 6 लिया हुआ है। अगर आप t1 + t2 करते हो तो व्हाट विल बी द आंसर? 1 2 3 4 5 6 ओके इट विल डन। ऐसा
होगा। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि t1 में एलिमेंट ऐड हो जाएंगे। T1 में चेंजज़ हो जाएंगे। T1 में चेंजज़ नहीं होंगे। T1
T2 ओरिजिनल जैसी थी वैसी ही रहेगी। चेंजज़ कहां हो रहे हैं? कहीं चेंजज़ नहीं हो रहे। बस हमने क्या करा है? इन दोनों के एलिमेंट
को ऐड किया है। जस्ट डन समझ में आया ना? मैम रिमूव अ और पॉप इन दोनों में डिफरेंस आता है बेटा। ठीक है? व्हाट इफ द सेम
वैल्यूज़ एग्ज़िस्ट डज़ पाइथन डिसाइड व्हिच वन टू रिमूव? मींस मींस देखो रिमूव में आप जो भी
इंडेक्स दोगे वो वैल्यू रिमूव हो जाएगी। पॉप में लास्ट से एलिमेंट रिमूव होता है। आपको पता है पॉप में अगर कोई इंडेक्स
एलिमेंट डिलीट करना है तो वो एलिमेंट डिलीट होगा। ठीक है? ओके क्लियर? चलिए आगे बढ़ जाएं। रिपीटेशन
में क्या होगा? टपल के एलिमेंट जैसे लिस्ट में रिपीट हो रहे थे वैसे ही। अगर आपने लिखा है T1 स्टार 2 तो 1 2 3 1 2 3 दो बार
रिपीट हो जाएगा। बट इसका मतलब ये नहीं है कि T1 में बदलाव हो गए। T1 एज़ इट इज़ रिमेंस है। बट आपको ये ऑपरेशन परफॉर्म
होते हुए दिख रहे हैं। मेंबरशिप इसमें भी यूज़ कर सकते हैं। अगर आप लिख रहे हो 10 इन T1 तो क्या T1 में 10 है? नहीं है ना? तो
इट रिटर्न्स फॉल्स। व्हाट? इट रिटर्न्स फॉल्स। डन। चलो अब आगे बढ़ते हैं टपल के फंक्शनंस पर। तो टपल के क्या-क्या
फंक्शनंस होते हैं? देखो, लेन ऑफ़ T जिससे टपल की लेंथ कैलकुलेट करते हो। मैक्स ऑफ़ T जिसमें टपल के मैक्सिमम एलिमेंट को आप
एक्सेस कर सकते हो। अगर आपने लिखा है मैक्स के अंदर T1 तो T1 का मैक्सिमम एलिमेंट क्या है? 30 रिटर्न। ठीक है? अगर
आपने लिखा है मिन ऑफ T1 तो मिन मिनिमम वैल्यू क्या है टपल की? 10 इट रिटर्न्स। लेन लिखोगे तो तीन एलिमेंट है टपल में। तो
लेन रिटर्न्स थ्री। समझ में आ रहा है ना? ओके। आंसर लिखते जाओ फटाफट कमेंट सेक्शन में सारे इसके आंसर्स लिखो।
मैम पेड्रोम का क्वेश्चन आता है। बिल्कुल आता है। मैंने क्या बताया अभी कि टॉप 40 क्वेश्चंस में पेड्रोम, आर्मस्ट्रांग
फैक्टोरियल, फेब सीरीज, इवन, ऑड, ग्रेटर, जीसीडी ये जितने मैंने कह दिए ना सब करवाए हैं। ठीक है? जा के टॉप 40 क्वेश्चंस देख
लेना एक बार। ओके? ये सारे आते हैं बेटा। सारे आते हैं। ओके? और सारे पैटर्न वाले वो ट्रायंगल ट्रायंगल
वाले वो सब सब करवाए हैं। मैम, एसक्यूएल भी करवाओगे? बिल्कुल। आईपी में तो एसक्यूएल है ना? 11th आईपी में एसक्यूएल
है लेकिन सीएस में नहीं है ना। ओके बढ़ जाए आगे। चलो अब मीन और मैक्स समझ में आ गया। सम क्या करता है? सारे एलिमेंट को सम कर
देगा। अगर मैंने लिखा सम ऑफ़ t1 तो 10 + 20 + 30 तीनों एलिमेंट ऐड हो के आंसर आपका आ जाएगा कितना आ जाएगा? 60 विल बी द आंसर।
राइट? काउंट ऑफ x, ध्यान से समझना। अगर किसी टपल में सपोज़ t2 नाम की हमने एक टपल ली जिसमें 10 10 20 और 30 असाइन करवा
दिया। अब आप लिख रहे हो मान लो कि t1 t2 डॉट काउंट ऑफ 10 कि 10 को आपको काउंट करवाना है। तो ये क्या रिटर्न करेगा? 10
कितनी बार रिपीट हो रहा है? थ्री टाइम्स तो इट विल गिव थ्री। अब एक होता है सॉर्टेड फंक्शन जिसकी बच्चों ने बहुत
डिमांड की थी कि मैम आपने सॉर्टेड फंक्शन नहीं पढ़ाया। तो सुनो भाई जैसे लिस्ट में सॉर्ट होता है ना यहां पे सॉर्टेड होता
है। ठीक है? सॉर्टेड फंक्शन क्या करता है? एलिमेंट्स को सॉर्ट कर देता है। एंड और जो आंसर आता है ना वो लिस्ट में रिटर्न करता
है। जैसे फॉर एग्जांपल कि हमारी T1 एक यहां पे मैंने सपोज़ 100 ले लिया और यहां पे मैंने 1001 ले लिया फॉर एग्जांपल और
यहां पे मैंने लिख लिया 90 इसको हमें सॉर्ट करना है। ध्यान से समझना। तो हम यहां लिखेंगे क्या? हम यहां पे लिखेंगे
सॉर्टेड फंक्शन और सॉर्टेड फंक्शन में हमने लिखा सपोज t2। तो अब इसका जो आंसर है वो क्या मिलेगा आपको? लिस्ट में मिलेगा।
टपल में नहीं मिलेगा। टपल यहां पे क्रिएट किया था लेकिन आंसर लिस्ट में मिलेगा। और सारे एलिमेंट्स सॉर्ट हो जाएंगे। 20 30 90
100 एंड 1001 विल बी दी आंसर। गॉट इट? समझ में आ गया मैम? बेसिक्स ऑफ आस्की आस्की समझा दूंगी बेटा। है ना? अभी जैसे
ही ये हमारा टपल और डिक्शनरी खत्म होता है तो डाउट सॉल्व करूंगी और फिर यूनिट थ्री पे आएंगे। ठीक है? चलो अगला क्वेश्चन है
कि टपल को आप पैक और अनपैक कर सकते हो। अब ये पैकिंग अनपैकिंग कैसे करना है मैम? सुनो। सपोज़ यहां पे हमने एक टी नाम की टपल
डिफाइन की जिसमें 10 20 30 असाइन किया तो ये एक पैक टपल हो गई। ट्रपल क्रिएट हो गई। लेकिन अगर आप चाहते हो कि इसके एलिमेंट को
आप इंडिविजुअली एक्सेस करना चाहते हो तो आप इस तरीके से लिख सकते हो। मतलब कि t इक्व टू अगर आपने 10 20 30 लिखा है और अगर
आप a b c = टू इस t के जितने भी एलिमेंट हैं ये जो 0 1 2 लोकेशन पे एलिमेंट है वो सब ए बी सी में आ जाएंगे। तो अब ये जो टपल
के पैक्ड टपल के एलिमेंट थे वो सब अब अनपैक हो चुके हैं। मतलब अब इंडिविजुअली ए में आपको 10 मिलेगा। बी में आपको 20
मिलेगा। सी में आपको 30 मिलेगा। गॉट इट? दिस इज पैक एंड अनपैकिंग ऑफ टपल। ओके वेरी गुड परी। बहुत बढ़िया। बेटा
म्यूटेबल इम्यूटेबल का डिफरेंस तो छप गया पेपर में। छप गया है आपके पेपर में। है ना? जब भी पेपर होने वाला है। ठीक है?
म्यूटेबल मतलब वो एलिमेंट जो कि क्या होते हैं? वो सीक्वेंस जो कि चेंज हो जाते हैं। जिसके अंदर वैल्यू में इंसर्शन, डिलीशन,
अपडेशन, मॉडिफिकेशन कर सकते हो। इम्यूटेबल जिसमें नहीं कर सकते हो। तो अभी हमने लिस्ट पढ़ा लिस्ट में चेंजेस कर सकते थे।
रिमूव म्यूटेबल टपल में नहीं कर पा रहे हैं ना तो इट इज़ इम्म्यूटेबल राइट अब इसके फंक्शनंस भी देख लिए हमने अप एंड एक्सटेंट
था क्या नहीं था ना चलो अब लिस्ट और टपल में डिफरेंस देखो यही आपका म्यूटेबल और इम्यूटेबल का डिफरेंस बनने वाला है ओके
इसको हम स्क्वायर ब्रैकेट से और इसको पैरेंथेसिस से डिफाइन करते हैं। इसमें चेंजज़ कर सकते हैं। इसमें चेंजज़ नहीं करते
हैं। लिस्ट स्लोअर होती है। टपल फास्टर होती है। बिकॉज़ ऑफ़ इम्यूटेबिलिटी और म्यूटेबिलिटी। ये इसका एडवांटेज हो गया।
यहां पे डेटा को आप चेंज कर सकते हो। यहां जो डेटा रहता है वो फिक्स्ड रहता है। गॉट इट? क्लियर? ये डिफरेंस लिख कर आओगे ना?
थोड़ा डिटेल में लिख कर आना। मैंने तो मेन-मेन कांसेप्ट लिखे हैं। यस। क्लियर? चलो आगे बढ़ जाएं। आगे दिया
हुआ है अब वो टॉपिक जो आपको नहीं बन रहा था। अभी मैंने आपसे क्या कहा कि टपल में चेंजज़ नहीं कर सकते। बट हम टपल को
इनडायरेक्टली चेंज कर सकते हैं। डायरेक्टली तो वी कांट चेंज। कोई एक्सटेंड और कोई अपेंड मेथड तो होती ही नहीं है
मैम। कोई रिमूव मेथड भी नहीं होती कि टपल के एलिमेंट को रिमूव कर दें। तो अब अगर हमें टपल में चेंजेस करने हैं तो क्या
इसका कोई सॉल्यूशन है? अरे बिल्कुल सॉल्यूशन है। आप इनडायरेक्टली टपल को मॉडिफाई कर सकते हो विद दी हेल्प ऑफ
लिस्ट। लिस्ट की मदद से हम टपल को मॉडिफाई कर सकते हैं। कैसे? चलो देखते हैं। गुड इवनिंग मैम। आई एम अ स्टूडेंट ऑफ़ क्लास
10थ। ओके। तो क्या आईटी के मार्क्स रिप्लेस होते
हैं? अभी तक वही अटके? यस बेटा बिल्कुल आईटी के मार्क्स रिप्लेस होते हैं लेकिन इंग्लिश हिंदी लैंग्वेज को छोड़कर बाकी जो
सब्जेक्ट्स में अगर आपके मार्क्स कम है तो आईटी के मार्क्स रिप्लेस हो जाते हैं। दिस इज बेस्ट फाइव ना एक वीडियो बनाया हुआ है
बेस्ट फाइव का भी जरा चैनल पे जाके प्लेलिस्ट को स्क्रॉल करो मिल जाएगा। ओके चलो स्टार्ट करते हैं। फटाफट से ध्यान से
समझो। यस ऑफ कोर्स वालिया लिस्ट की मदद से हम टपल को क्या कर सकते हैं? मॉडिफाई कर सकते हैं। दिस इज़ इनडायरेक्ट वे। कैसे?
मेथड वन। कन्वर्ट टपल टू लिस्ट एंड लिस्ट टू टपल। पहले टपल को लिस्ट में कन्वर्ट कर दोगे और फिर उस लिस्ट को वापस टपल में
कन्वर्ट कर देना तो एलिमेंट बदल जाएंगे। हाउ एक टपल बनाई 10 20 30 की। फिर हमने क्या किया? लिस्ट फंक्शन में इस टपल को
पास कर दिया। तो ये जो टी नाम की टपल है इससे बन गई एक लिस्ट। गॉट इट? अब ये लिस्ट बन गई है। तो लिस्ट में हमने पहला एलिमेंट
10 जो था उसको बदल दिया। फिर हमने टपल फंक्शन में जब एलिमेंट बदल दिया तो अब ये 10 20 30 की जगह 99 20 30 हो गई। और फिर
उसको हमने पास कर दिया टी टपल में वापस और प्रिंट करवाओगे टपल को तो अब वो टपल आपको इस तरीके से दिखेगा। अच्छा फर्स्ट एलिमेंट
है ना तो फर्स्ट एलिमेंट दैट इज़ 20 विल बी चेंज्ड। इसमें डाउट जल्दी बताओ। डाउट नहीं है ना?
नहीं है ना? जरा थम्स अप देके बता दो कि कोई डाउट नहीं है फटाफट से। पहली मेथड में नहीं है ना? चलो। दूसरी मेथड ऐड एलिमेंट
यूजिंग कॉन्कटिनेशन। इसको एक बार फिर से रिकॉल करवा देती हूं। ध्यान से समझना। आपको एक टपल बनानी है। जो भी आप टपल
बनाओगे सपोज 10 20 30 हमने टपल बना दी। फिर आपको एक लिस्ट बनानी है लिस्ट मेथड में। आपको इस टपल को पास कर देना है। तो
जब ये टपल लिस्ट मेथड में पास हो गई तो अब ये टपल नहीं रही। अब ये क्या बन गई? लिस्ट। इसके जितने एलिमेंट हैं वो अब 10,
20, 30 एक लिस्ट में आ चुके हैं। यहां पे टपल थी, यहां लिस्ट थी। अब आप क्या कर रहे हो? लिस्ट के जो एलिमेंट है ये 0, 1 2 है।
लिस्ट के फर्स्ट एलिमेंट को हमने बदल दिया। 99 से। लिस्ट का फर्स्ट एलिमेंट बदल दिया। लिस्ट में तो चेंजज़ होते हैं ना
मैम। अब क्या कर रहे हो आप? इस टपल नाम के फंक्शन से टी यू पी एल ई टपल नाम के फंक्शन में इस लिस्ट को पास कर दे रहे हो।
तो अब इस लिस्ट से क्या बन जाएगी? टपल। तो अब इस एकिस्टिंग टपल में हमने क्या कर दिया? 10 99 और 30 बदल दिया। सेकंड वैल्यू
बदल गई कि नहीं बदल गई? बदल गई ना? ओके। क्लियर? समझ में आ गया? बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। ब्रेक ब्रेक। स्वालिया वांट्स
ब्रेक। ब्रेक दे रही हूं बस। है ना? डिक्शनरी पढ़ा के ब्रेक दे रही हूं। यूनिट थ्री पे हम आ रहे हैं। बहुत जल्दी खत्म कर
रहे हैं। मेथड टू देख लो। ऐड एलिमेंट्स यूजिंग कॉन्कटिनेशन। एलिमेंट को आपको ऐड करना है और किसके थ्रू? कॉनकेटिनेशन के
थ्रू। अभी क्या बताया? ये तो टपल का एलिमेंट बदला। अब टपल के में एलिमेंट को ऐड ऑन करना है। तो देखो t नाम की एक टपल
है जिसमें 1 2 3 लिया हुआ है। अब हमने क्या कर दिया? t + 4 5। अब टपल में दो टपल को ऐड तो करवा सकते हो। तो यहां पे जब आप
प्रिंट करवाओगे तो ये एक टपल बन जाएगी जिसमें आपके एलिमेंट दिखेंगे। लेकिन एकिस्टिंग टपल में चेंजज़ नहीं होंगे। टपल
में आप कॉन्कटिनेशन के थ्रू टपल के एलिमेंट को ऐड कर पा रहे हो। अब रिमूव एलिमेंट की अगर बात करूं तो टपल से आप
एलिमेंट को रिमूव कैसे करोगे? वापस लिस्ट में कन्वर्ट करके। लिस्ट में ही कन्वर्ट करके हम एलिमेंट ऐड भी कर सकते हैं। लिस्ट
में ही कन्वर्ट करके हम एलिमेंट को बदल भी सकते हैं और रिमूव भी कर सकते हैं। देखो टी नाम की टपल है। 10 20 30 40 टपल में
है। हमने इस टपल से लिस्ट बनाई। लिस्ट की रिमूव मेथड कॉल कर ली। एलिमेंट रिमूव कर दिया। और फिर लिस्ट को वापस टपल फंक्शन से
पास करके टपल को प्रिंट करवा लिया। तो टपल में 10 20 30 थे। 40 थे। अब यहां पे 10 20 40 बचे हैं। क्योंकि 30 वाला एलिमेंट
रिमूव हो गया। ठीक है? तो इस रिमूव मेथड ने क्या करा? रिमूव कर दिया एलिमेंट। नाउ मॉडिफाई म्यूटेबल एलिमेंट इनसाइड टपल।
लास्ट मेथड ध्यान से समझना कि मॉडिफाई म्यूटेबल एलिमेंट इनसाइड टपल। जो बदला हुआ एलिमेंट है उसको आपको वापस टपल में
मॉडिफाई करना है। तो हमने यहां पर टपल के अंदर लिस्ट ली हुई है। ध्यान से समझो। थोड़ा सा इंपॉर्टेंट सा कांसेप्ट है 1 2 और
इसके अंदर आपने एक लिस्ट में एलिमेंट दिए हुए हैं। दे सकते हैं हम। डिफरेंट-डिफरेंट डेटा टाइप के वैल्यूज़ टपल में हम दे सकते
हैं। तो ये वन और टू इंटीजर है और एक ये लिस्ट है। हमने टपल में ये कुछ एलिमेंट यहां पे दिए हुए हैं। ठीक है? अब अब हमने
लिखा है t ऑफ़ 2 0। ध्यान से समझना। तो यहां इंडेक्सेस क्या होंगे? ये हो गया ज़ीरो। ये हो गया वन और ये हो गया टू। ये
टू के ज़ीरो और वन एलिमेंट हो गए। तो टू के ज़ीरो एलिमेंट पे क्या मिल रहा है आपको? थ्री मिल रहा है। ठीक है? तो अब हम यहां
पे क्या करना चाह रहे हैं? इस थ्री को बदल के हम यहां पे 99 असाइन करना चाह रहे हैं। तो इस थ्री की प्लेस पे क्या आ जाएगा अब?
99 आ जाएगा। अंडरस्टुड? और ये किसकी मदद से किया हमने? क्योंकि हमने टपल के अंदर लिस्ट दी थी तो लिस्ट को तो मॉडिफाई कर
सकते हैं ना। ओके? तो इनडायरेक्टली देखा जाए तो टपल ही मॉडिफाई हुआ मैम। गॉट इट? ओके। यस। डिलीट, ड्रॉप, पॉप इसका भी यूज़
कर सकते हो आप। है ना? लिस्ट के तो सारे एलिमेंट्स का हम यूज़ कर सकते हैं। चलो, कोई डाउट नहीं है ना? हेटेरोजेनियस डेटा
समझ में आ गया? चलो अब जल्दी से डिक्शनरी कंप्लीट करते हैं। फिर एक छोटा सा ब्रेक फिर थर्ड यूनिट पढ़ेंगे। ठीक है? चलो देखो
डिक्शनरी क्या होता है? डिक्शनरी स्टोर्स डेटा इन की वैल्यू पेयर। की और वैल्यू पेयर पता है ना आपको? क्या होता है? की और
वैल्यू पेयर जिसमें हम डेटा को मैप कर देते हैं। ठीक है? तो ये डिक्शनरी होता है। इसको ऑलवेज डिफाइन किया जाता है
किसमें? कर्ली ब्रैकेट्स में। तो सपोज़ स्टूडेंट नाम की एक डिक्शनरी बनाई जिसमें नेम की है और रिया उसकी वैल्यू है।
मार्क्स की है और 90 उसकी वैल्यू है। तो अब एक डिक्शनरी क्रिएट होगी। मेमोरी में जिसमें नेम रिया होगा और मार्क्स क्या
होगा? 90 होगा। तो ये क्या दिख रहा है आपको यहां पर? ये हो गई इसकी की वैल्यू और ये हो गई इसकी वैल्यूज़। ठीक है? ये कीज़
है। इससे हम इस वैल्यू को एक्सेस करेंगे। जैसे हम लिस्ट में, टप्पल में, स्ट्रिंग में 0, 1 2 3 इंडेक्सेस से वैल्यू एक्सेस
करते थे ना। यहां पे अब इंडेक्स की जगह पर एक्चुअली ये इंडेक्स की जगह पर कीज़ को हम यूज़ करेंगे। अब डिक्शनरी के क्या-क्या
फीचर्स हैं? जरा ध्यान से समझना। ऑफकोर्स डिक्शनरी अनऑर्डर्ड पेयर होता है। इसमें कोई 0 1 2 3 या -1 -2 इंडेक्स नहीं चलता
है। इसमें कैसी भी वैल्यू दे सकते हो। इसकी वैल्यू को बदल सकते हो विद दी हेल्प ऑफ़ दिस की वैल्यूज़ है ना म्यूटेबल। तो की
यूनिक होनी चाहिए। जैसे लिस्ट में, टपल में डुप्लीकेशन वैल्यूज़ हो सकती थी ना लेकिन इंडेक्स नहीं होते डुप्लीकेट।
वैल्यू डुप्लीकेट होती है। तो यहां पर भी वही कीज़ यूनिक होनी चाहिए। कीज़ में डुप्लीकेशन नहीं होना चाहिए। वैल्यू विल
बी डुप्लीकेट बट कीज़ विल नॉट बी डुप्लीकेट। कीज़ मस्ट बी इम्यूटेबल, स्ट्रिंग, नंबर, टपल। किसी में भी आप कीज़
को बदल सकते हो। ठीक है? दिस इज़ द फीचर्स ऑफ़ डिक्शनरी। अगर क्वेश्चन आया तो आपको लिख कर आना पड़ेगा। डिक्शनरी की वैल्यूज़ को
एक्सेस कैसे करना है? उसके की के अकॉर्डिंग। जैसे आप लिस्ट को जीरो एलिमेंट से एक्सेस करते हो। तो यहां पे हमने डी
नाम की डिक्शनरी बनाई है तो उसमें हमको सपोज स्टूडेंट नाम की डिक्शनरी बनाई ना अभी। तो स्टूडेंट नाम की डिक्शनरी है
जिसमें हमको नेम एक्सेस करना है। ठीक है? तो इस तरीके से आप सिंगल इनवर्टेड में लिखना अगर आप लेबल्ड वैल्यू दे रहे हो।
ठीक है? तो नेम तो नाम क्या मिल जाएगा आपको यहां पे? रिया इस तरीके से। ठीक है? की वैल्यू से अगर आपको डिक्शनरी में
वैल्यू को ऐड ऑन करना है। सपोज अब हमें स्टूडेंट में एज ऐड करना है। तो हमने लिखा स्टूडेंट और यहां पे ऐज स्पेसिफाई करोगे।
ऐज हो गया की वैल्यू और इसमें ऐज देना है सपोज 16। तो अब एक नई वैल्यू डिक्शनरी में जाके ऐड हो जाएगी। मतलब यहां पर ध्यान से
समझो। यहां पर एक ऐज और ऐड हो जाएगा जिसमें 16 आ जाएगा। क्लियर? समझ में आया? ओके। तो इतना समझ में आ गया? ये हो गया
अपना इंडेक्सिंग एक तरीके से या एडिंग। इंडेक्सिंग भी इसी को ही कहते हो आप। है ना कि की वैल्यू के अकॉर्डिंग आप
वैल्यू्यूज को एक्सेस कर रहे हो। अब डिक्शनरी की मेथड्स कौन-कौन सी होती है? ये बताओ। चलो।
डिक्शनरी की जो मेथड्स होती हैं वो है आपके डेल, पॉप एंड क्लियर। ठीक है? अभी जो बच्चे बोल रहे थे यहां पर परी मैम ड्रॉप,
रिमूव, पॉप डिफरेंस बता दो। सुनो। ड्रॉप, रिमूव और पॉप में क्या डिफरेंस है? वैसे तो कोई बहुत बड़ा डिफ़रेंस नहीं है। सभी
एलिमेंट को डिलीट करते हैं। बट हियर्स द डिफ़रेंस इज़ पॉप और रिमूव तो सिमिलर काम करते हैं। लेकिन इसमें अगर आप एलिमेंट
देते हो तो उस लोकेशन पे एलिमेंट डिलीट हो जाता है। ठीक है? ड्रॉप से पूरी लिस्ट या पूरा एल पूरा डिलीट हो जाएगा। पूरा लिस्ट
या पूरा टपल डिलीट हो जाएगा। दिस इज़ द डिफरेंस ओनली। ठीक है? चलो। बढ़े आगे। ओके। अब डिक्शनरी में भी डिलीट, ड्रॉप और
क्लियर मेथड को हम यूज़ करते हैं। ठीक है? समझ में आ गया? का डिफरेंस समझ में आ गया? यस। देखो, डेल ऑफ़ d ऑफ़ की अगर आपने
डिक्शनरी की किसी की को आपको डिलीट करना है तो डेल का आप यूज़ करोगे डेल स्टेटमेंट से पर्टिकुलर वो की के अकॉर्डिंग आइटम
डिलीट हो जाएगा। अगर आपने लिखा यहां पे डेल ऑफ़ स्टूडेंट ऑफ़ एज जो अभी-अभी हमने एंटर किया तो ये एज वाला जो वैल्यू होगी
ना एज वाली जो वैल्यू होगी वो पूरी की वैल्यू पे डिलीट हो जाएगा। आइटम डिलीट हो जाएगा। अगर आपने लिखा पॉप ऑफ़ की पॉप पे
अगर आपने की लिखा हुआ है तो पर्टिकुलरली वो आइटम रिमूव होगा। लेकिन डिक्शनरी नहीं मिलेगी आपको। बदले में आपको क्या मिलेगा?
वो वैल्यू मिलेगी जो आपने डिलीट की है। सपोज़ एज डिलीट किया। यहां पे हमने डेल की जगह पॉप लिखा हुआ है फंक्शन और एज डिलीट
कर रहे हो। तो ऐज की वैल्यू क्या थी? 10। तो आपको वो डिलीटेड वैल्यू मिलेगी। और यहां पे आपको कुछ भी नहीं मिलेगा। ठीक है?
यहां पे आप जब प्रिंट करवाओगे डिक्शनरी तो वो वैल्यू डिलीटेड मिल जाएगी। और क्लियर में पूरी डिक्शनरी खाली हो जाएगी। मतलब
सारे की वैल्यू पेयर डिलीट हो जाएंगे क्लियर में। है तो क्लियर क्लियर्स ऑल डिक्शनरी ऑल डेटा आइटम्स ऑल की वैल्यू
पेयर्स पॉप रिमूव्स इंडेक्स के अकॉर्डिंग वो एलिमेंट जो रिमूव होता है एलिमेंट मिलता है और डेल के थ्रू आप जो है एलिमेंट
को रिमूव करते हो बट यहां कोई आउटपुट नहीं मिलता आपको प्रिंट करवाना पड़ता है आउटपुट ठीक है लिस्ट देखने के लिए डिक्शनरी देखने
के लिए चलो आगे बढ़ जाए हम अब देखो डिक्शनरी फंक्शनंस और मेथड्स जैसे हमने लिस्ट और उसकी मेथड्स पढ़ी बिल्कुल वैसे
ही लें मेथड नंबर ऑफ़ आइटम्स बताइए कि डिक्शनरी में कितने की वैल्यू आइटम्स हैं। ठीक है? जैसे हमने अभी स्टूडेंट में दो की
वैल्यू्यूज पेयर डाले थे तो वही लिखोगे आप यहां पे लेन ऑफ स्टूडेंट्स लिख देना। तो लेन ऑफ स्टूडेंट्स जैसे लिखोगे तो आपको टू
रिटर्न कर देगा ये। अगर आपको सिर्फ कीज़ एक्सेस करनी है तो आप यहां पे डी डॉट कीज़ फंक्शनंस को कॉल करना। कीज़ फंक्शन क्या
रिटर्न करेगा? नेम एंड ऐज। ठीक है? या जो भी था सिर्फ ये की एंटर कर की रिटर्न कर देगा। ठीक है? और अगर वैल्यूज़ को एक्सेस
करना चाहते हो वैल्यूज़ लिखोगे तो आपके सामने रिया और सपोज़ 10 ईयर ऐज है। ये वैल्यूज़ मिल जाएगी। दिस इज़ कीज़ एंड दीज़ आर
द वैल्यूज़। अगर आपने आइटम्स फंक्शन कॉल किया तो ये दोनों आपको मिल जाएंगे लिस्ट के फॉर्मेट में। दोनों मिलेंगे। की वैल्यू
पेयर दोनों ऑल की वैल्यू पेयर विल एक्सेस। गेट मेथड कॉल करोगे तो गेट गेट मेथड से सेफली आप एक्सेस कर पाओगे। की के
अकॉर्डिंग वैल्यू दोनों सेम ही है। ठीक है? गेट एंड कीज़ कीज़ के अकॉर्डिंग जो वैल्यूज़ वैल्यूज़ के अकॉर्डिंग जो आप
वैल्यू एक्सेस कर पा रहे हो ना वो दोनों सेम ही है। नाउ अपडेट को अगर हम यूज़ करेंगे तो हम डिक्शनरी की वैल्यू को अपडेट
कर सकते हैं या मर्ज कर सकते हैं। सपोज़ मैंने यहां लिखा D डॉट अपडेट ऑफ़ D2 तो आपकी दोनों डिक्शनरी जो है यहां पे मर्ज
हो जाएंगी। अगर जैसे कॉन्कटिनेशन काम करता है बिल्कुल वैसे ही। ओके? कोई डाउट है यहां तक? नहीं ना? नहीं ना? यस कीज़ की इज़ज़
म्यूटेबल। है ना? कीज़ आर इम्यूटेबल। वैल्यूज़ को आप चेंज कर सकते हो। सुन लो एक बात और ध्यान से कीज़ को बदल नहीं सकते हो।
कीज़ जो है डिफाइन की हुई है। कीज़ के थ्रू आप वैल्यूस को बदलते हो। है ना? ये म्यूटेबल होता है। कीज़ आर नॉट म्यूटेबल।
वैल्यूज़ आर म्यूटेबल। दैट इज़ व्हाई द डिक्शनरी इज़ म्यूटेबल। अब डिक्शनरी के एलिमेंट को ट्रेवर्स करना है। एक-एक
एलिमेंट को आप तक पहुंच पहुंचना है। मतलब जैसे लिस्ट को हमने एक-एक एलिमेंट ट्रेवर्स किया और स्ट्रिंग में ट्रेवर्स
किया। वैसे डिक्शनरी में भी ट्रेवर्स करते हैं। फॉर की इन स्टूडेंट की कॉमा स्टूडेंट ऑफ़ की को प्रिंट करवाओगे। तो की भी प्रिंट
होगी और वैल्यू भी प्रिंट होगी। या फिर आप फॉर k v इन स्टूडेंट डॉट आइटम्स आइटम से आपको पूरा की वैल्यू पेअर मिल जाएगा। k
में की आ रहा है v में वैल्यू आ रही है और k और v को प्रिंट करवा लेना। दोनों वैलिड तरीके हैं। दिस इज़ ट्रेवर्सिंग। हाउ वी
ट्रेवर्स। ओके? ओके। हाय वैभव, कंचन, स्वालिया समझ में आ रहा है? चलो इसके बाद अब डिफरेंस। दिस इज़ लास्ट, देन ब्रेक देन
वी विल कंटिन्यू यूनिट थ्री। डिफरेंस क्या है? है लिस्ट और डिक्शनरी में डिफरेंस। देखो लिस्ट क्या है? बेसिकली वैल्यूज़ होती
है लिस्ट में। ओनली वैल्यूज़ होती है। नो की वैल्यू पेयर इज़ देयर। यहां पे की वैल्यू पेयर होता है। लिस्ट को स्क्वायर
ब्रैकेट से डिफाइन करते हैं। डिक्शनरी को कर्ली ब्रैकेट से डिफाइन करते हैं। यहां पे हम इंडेक्स के थ्रू आगे बढ़ते हैं। यहां
पे की वैल्यू की के थ्रू पेयर्स को एक्सेस करते हैं। वैल्यूज़ को एक्सेस करते हैं। ये ऑर्डर्ड पेयर होता है। ये अनऑर्डर्ड पेयर
होता है। इसका एग्जांपल डन। लिख कर आओगे। अगर डिफरेंस आया तो डिफरेंस आया तो लिख कर आओगे। हाय निधि तिवारी।
चलो आगे बढ़ जाए। अब पython मॉड्यूल्स ऑफ कोर्स मॉड्यूल्स कैसे भूल सकते हैं? देखो तीन टाइप के मॉड्यूल्स होते हैं। पython
में मॉड्यूल्स तीन पढ़ना है हमें। पहले उसके पहले मॉड्यूल समझ लो क्या होता है? मॉड्यूल एक फाइल होती है जिसमें पाइथन के
कोड होते हैं। जिसमें पython के कुछ फंक्शनंस, क्लासेस, वेरिएबल्स पहले से डिफाइंड होते हैं। वो यूजर डिफाइंड
मॉड्यूल होते हैं। है ना? तो ये हम रीयूज कर सकते हैं अगेन एंड अगेन। एक बार इनको कॉल करो और बार-बार इनको यूज़ करो। ठीक है?
तो रीयूजेबिलिटी इज़ द फैसिलिटी इज़ द एडवांटेजेस ऑफ़ मॉड्यूल्स। तो व्हाई मॉड्यूल्स इज़ यूज्ड? क्योंकि इसके अंदर जो
कोड लिखे रहते हैं मैम उसको हम रीयूज़ कर सकते हैं। इसकी मदद से आप अपने प्रोग्राम को बना सकते हो और कोड को बार-बार लिखना
होता है ना जिस कोड को तो उसे आप अवॉइड करते हो। जैसे सपोज़ किसी फंक्शन आपने डिफाइन किया स्क्वायर रूट बनाने के लिए एक
फंक्शन डिफाइन किया। है ना? तो आप स्क्वायर रूट का कोड बार-बार लिख रहे हो। जब आपको स्क्वायर रूट कैलकुलेट करवाना है,
आपको वो फ कोड लिखना है। व्हाट अबाउट कि स्क्वायर रूट का बना बनाया एक फंक्शन मिल जाए। बस आपको sqrt लिखना है और स्क्वायर
रूट अपने आप कैलकुलेट हो जाए। तो दिस इज़ डन बाय दी मॉड्यूल्स। तो मॉड्यूल एक ऐसी फाइल होती है जिसमें बहुत सारे फंक्शनंस
और जो है क्लासेस और वेरिएबल्स डिफाइन होते हैं। ठीक है? टू टाइप के मॉड्यूल्स होते हैं। बिल्ट इन मॉड्यूल्स एंड यूजर
डिफाइंड मॉड्यूल्स। कितने टाइप के मॉड्यूल होते हैं? बिल्ट इन एंड यूजर डिफाइंड मॉड्यूल्स। ठीक है? समझ में आ रहा है?
ओके। मैम क्लास 12थ सीएस। यस यस। ऑफ कोर्स चिल्ड्रन मुझे पता है कि क्लास 12थ सीएस का सिलेबस बचा हुआ है। डोंट पैनिकिक डोंट
पैनिकिक। जब बरखा मैम आपके साथ है तो टेंशन की कोई बात ही नहीं होना चाहिए। है ना? क्लास 12 सीएस का भी ऐसा ही एक लाइव
सेशन लेकर आऊंगी जिसमें सारी चीजें आपको कवर करवा दूंगी। और कल क्लास 12 सीएस का एक सेशन आएगा। तो रेडी हो जाओ जिसमें
फर्स्ट यूनिट कंप्लीट करेंगे। ओके? अभी अनाउंस कर दिया। चलो बढ़े आगे बढ़े। ओके? ओके। वन स्टूडेंट इज़ हियर मैम प्लीज डोंट
इग्नोर। मैम आई एम अनेबल टू कवर आईटी क्लास 10थ प्रीब्स। आई हैव वाच्ड योर लेक्चर्स बट अनेबल टू गेट एनीथिंग। एक
वीडियो है वो वीडियो जाके देखो। ठीक है? एक वीडियो है जिसमें पूरा आईटी समझाया हुआ है प्रैक्टिकल के साथ। उसको देखो बस। फिर
एमसीक्यूस कर लो। एमसीक्यूस करवा दिया। असशन रीज़न कर दो वो कर लो। ठीक है? पास हो जाओगे आराम से। बहुत बढ़िया मार्क्स हैं।
डोंट पैनिकिक। चलो। ओके? बढ़ जाए आगे। तो बिल्ट इन मॉड्यूल्स पython में पहले से अवेलेबल
होते हैं। बने बनाए होते हैं। बस नाम लिखना है, यूज़ करना है। इसमें मैथ रैंडम स्टैटिस्टिक्स अब देखो सुनो पाइथन में
सिर्फ ये तीन मॉड्यूल नहीं होते। आपके सिलेबस में सिर्फ तीन हैं। बहुत सारे लॉट ऑफ़ मॉड्यूल्स आर अवेलेबल इन पाइथन जिसकी
वजह से Python फेमस है। ओके? और कुछ यूर यूजर डिफाइंड प मॉड्यूल्स होते हैं जो कि प्रोग्रामर खुद अपनी नेसेसिटी के
अकॉर्डिंग क्रिएट करता है। जो हमें क्लास 12th में सीएस में पढ़ना है पहले चैप्टर में। यूजर डिफाइंड मॉड्यूल्स में। समझ गए?
तो फिलहाल हम क्या करेंगे यहां पे? मैथ रेंडम और स्टैटिस्टिक्स को समझेंगे जो सिलेबस में आएगा। तो अब देखो किसी भी
मॉड्यूल को यूज़ करने के लिए अब मॉड्यूल के अंदर फंक्शन या फंक्शन यूज़ करना है तो उसको इंपोर्ट करना पड़ेगा। तो फर्स्ट यू
इंपोर्ट द मॉड्यूल सपोज़ मैथ मॉड्यूल को इंपोर्ट करना है तो इंपोर्ट मैथ और उसके जो फंक्शनंस हैं वो डॉट लगा के एक्सेस
करेंगे। मैथ डॉट एसक्यूआर टी फंक्शन। तो एस क्यूआरटी इसका आपका स्क्वायर रूट वैल्यू रिटर्न कर देगा। ठीक है? अब इसको
इंपोर्ट करने का एक तरीका ये भी होता है। एक ये भी होता है। तीन तरीके होते हैं कि फ्रॉम मैथ इंपोर्ट एस क्यूआर टी ऐसे भी
लिख सकते हो। फिर डायरेक्ट एस क्यूआरटी यूज़ कर लो। ठीक है? या फिर इंपोर्ट मैथ एज़ m पूरा मैथ बार-बार नहीं लिखना है तो उसको
एक m नाम से इंपोर्ट कर लो। तो m डॉट पाई m.SQRT इस तरीके से भी। तो तीनों तरीके इंपोर्ट करने के मैंने यहां बता दिए हैं।
वैसे जनरली बच्चों को सिर्फ यही तरीका पता होता है। जनरली यही पता होता है। लेकिन ये तीन तरीके होते हैं। ठीक है? नोट इट डाउन।
चलो आगे बढ़ जाए। हाय शौर्य, हाय कमल, परी, स्वालिया। समझ में आ रहा है? अनदर मेथड इज़ यस तीन मेथड बताई मैंने इंपोर्ट करने के
देख लो इंपोर्ट मैथ फ्रॉम मैथ इंपोर्ट जो फंक्शन इंपोर्ट करना है वो या इंपोर्ट मैथ एज उसका एलियाज़ नेम ठीक है एलियाज़िंग यस
वेरी गुड चलिए अब मैथ के कुछ फंक्शनंस ध्यान से समझ लो एसक्यूआरटी ऑफ़ x से क्या करते हैं स्क्वायर रूट रिटर्न होता है मैम
तो यहां पे देखो क्या लिखा है इंपोर्ट मैथ लिखोगे मैथ डॉट एसqrt तो आपको स्क्वायर रूट मिल जाएगा एक सील फंक्शन होता है दिस
इज़ वेरी वेरीेंटेंट मार्क कर लो इसका क्वेश्चन छप गया आपके पेपर में सील फ्लो फ्लोर पावर फैक्टोरियल एसआरटी। ठीक है?
सील फंक्शन नंबर को राउंड अप करता है। ग्रेटर वैल्यू पे राउंड अप करता है। जैसे सील में हमने लिखा 4.2 तो 4.2 की राउंड अप
वैल्यू ग्रेटर वैल्यू क्या होगी? फाइव इट विल रिटर्न फाइव। फ्लोर फंक्शन राउंड डाउन करता है। ठीक है? अगर हमने यहां 4.8 लिखा
है तो फाइव आना चाहिए। बट राउंड डाउन मतलब कि फोर रिटर्न कर रहा है। पावर फंक्शन दो नंबर स्पेसिफाई करोगे। दोनों की पावर
करेगा। एक्सप्पोनेंशिएशन कैलकुलेट कर देगा। पावर में अगर आपने 2 3 लिखा है तो 3 की पावर 2 नहीं होगा। 2 की पावर 3 होगा।
दैट मींस एट विल रिटर्न। और फ़ैक्टोरियल फंक्शन क्या होता है? तो फ़ैक्टोरियल मतलब किसी भी नंबर को उसके लेसर नंबर तक वन तक
ले जाकर मल्टीप्लाई करके सॉल्व करना होता है। जैसे मैंने लिखा फाइव। तो 5 * 4 * 3 * 2 * 1 वो नंबर अपने माइनस होते हुए एक-एक
नंबर से लास्ट तक लोएस्ट सम तक जाकर मल्टीप्लाई हो जाएगा। दिस इज़ फ़ैक्टोरियल। इसका प्रोग्राम भी आता है।
ठीक है? तो देखो यहां पे मैथ ऑफ़ फ़ैक्टोरियल 5 लिखा हुआ है तो 120 रिटर्न कर दिया। यस ऑफ़ कोर्स sin cos tan भी होता
है। sin cos tan वैल्यू रिटर्न करता है। sin ज़ीरो की वैल्यू देखो कैसे यूज़ करोगे। सपोज़ मैंने लिखा sin ऑफ़ ज़ीरो मैथ डॉट sin
ऑफ़ ज़ीरो। तो ये sin ज़ीरो की वैल्यू ज़ीरो होती है तो ज़ीरो विल रिटर्न। ऐसे cos tan की भी वैल्यू आप फाइंड आउट करवा सकते हो।
ठीक है? हां। किसी भी नाम से इंपोर्ट कर सकते हो बेटा मैथ को। mt m कैसे भी नाम से। तो ये मैथ के मॉड्यूल के फंक्शन हो
गए। अब आ जाओ रैंडम मॉड्यूल। वेरी वेरी इंपोर्टेंट। इसका क्वेश्चन प्रोग्रामिंग क्वेश्चन में आता है बेटा। ठीक है? देखो,
रैंडम मॉड्यूल क्या करता है? रैंडम नंबर जनरेट करता है। और ये रैंडम नंबर होता है ज़ीरो से लेकर वन के बीच में। एंड डिफ़ॉल्ट
इट इज़ इन फ्लोट। ठीक है? तो इंपोर्ट रैंडम किया। जैसे मैथ मॉड्यूल को इंपोर्ट किया था। रैंडम डॉट रैंडम फंक्शन। मॉड्यूल का
नाम भी रैंडम फंक्शन का नाम भी रैंडम। ध्यान रखना। तो डिफ़ॉल्ट इसने क्या किया? ज़ीरो से लेकर वन के बीच में 0.54 78। अब
ये नंबर कुछ भी हो सकता है। ऐसा नहीं कि मैंने 0.5 लिखा है तो आपके सिस्टम में भी 0.5 ही आना चाहिए। 0 से वन के बीच में
बहुत सारे नंबर्स लाई करते हैं। कुछ भी आएगा। नाउ नेक्स्ट इज़ रेंड इंट फंक्शन। रैंड इंट क्या रिटर्न करता है? ये आपको A
और B के बीच के इंटिजर्स रिटर्न करता है। वो भी रैंडम इंटीजर्स। है ना? यहां कोई रेंज स्पेसिफाई नहीं है कि ज़ीरो और वन के
बीच में ही आएगा। रैंडम फंक्शन डिफॉल्ट ज़ीरो और वन के बीच में देता है। लेकिन आप किसी स्पेसिफिक रेंज में चाहते हो कि 100
से 200 के बीच में, 10 से 5 से 10 के बीच में तो आप रैंड इंट फंक्शन का यूज़ करते हो। यहां लिखा है मैंने रेंड इंट फंक्शन
में 1 6। अब वन से सिक्स के बीच में कोई सा भी रैंडम नंबर 5 3 4 कुछ भी आ सकता है। है ना? तो वो नंबर यहां रिटर्न होगा।
नेक्स्ट इज़ रेंड रेंज फंक्शन। रैंड रेंज फंक्शन क्या रिटर्न करता है? ओके? मैम रैंडम फंक्शन की प्रैक्टिस के
सेपरेट क्लास लेना मैम। ओके ओके ओके सेपरेट क्लास अलग से है ना बेटा रैंडम के देखो आप मैंने जहां पाइथन मॉड्यूल्स पढ़ाया
है ना एक्चुअली आपकी क्लास 11th सीएस में प्रीवियस ईयर डेटा हैंडलिंग में ही मॉड्यूल्स था। है ना? तो मैंने डेटा
हैंडलिंग का पार्ट थ्री पाइथन मॉड्यूल से ही पढ़ाया है। वहां जाके देखो। वहां पे मैंने इसके क्वेश्चंस करवाए। ठीक है? समझ
में आया? डेटा हैंडलिंग का जो पार्ट थ्री है वो पython मॉड्यूल वाला ही चैप्टर है एक्चुअल
में। उसमें मैंने पूरा पाइthन मॉड्यूल समझाया है। मैथ मॉड्यूल, इंपोर्ट, रैंडम डिटेल में समझाया है प्रैक्टिकल के साथ
में। अंडरस्टुड? जा के देखना आप वो प्लेलिस्ट में लिंक है उसका। इसमें बच्चे बहुत कंफ्यूज हुए थे। आई नो बहुत कंफ्यूज
हुए थे कि मैम मॉड्यूल नहीं मिला, मॉड्यूल नहीं मिला। एक्चुअली मॉड्यूल का चैप्टर वीडियो अवेलेबल है। डेडिकेटेड वीडियो। अब
रेंड रेंज की बात कर लें तो रेंट रेंज रेंज में रिटर्न करता है। देखो यहां तो सिंगल नंबर मिल रहा है दोनों में। अब आप
चाहते हो कि एक रेंज में वैल्यू मिल जाए तो रेंट रेंज फंक्शन का यूज़ करेंगे। रेंड रेंज में आप जो रेंज दोगे वन से लेकर 10
आपने रेंज दी है तो उसके अंदर अगर आपको कोई वैल्यू चाहिए तो वो रिटर्न हो जाएगी। ठीक है? तो रेंडम, रेंडंट, रेंड रेंज तीन
रेंडम मॉड्यूल के फंक्शन हुए हैं। वेरी वेरीेंट आते ही आते हैं। छप चुके हैं पेपर में। स्टैटिस्टिक्स मॉड्यूल थोड़ा कम पूछा
जाता है। लेकिन इस बार इसके आने के चांसेस हैं। क्योंकि ये पिछले साल से नहीं पूछा जा रहा है। तो इस बार आ सकता है। ठीक है?
स्टैटिस्टिक्स मॉड्यूल किस लिए यूज़ किया जाता है? स्टैटिस्टिकल कैलकुलेशन के लिए। जैसे मीन, मोड, मीडियन जो न्यूमेरिकल डेटा
पे हम स्टैटिस्टिकल कैलकुलेशन करते हैं ना बेटा वहां यूज़ करते हैं। ठीक है? तो मीन क्या करता है? एवरेज कैलकुलेट कर देता है।
आपके पांच सब्जेक्ट हैं। पांचों सब्जेक्ट के मार्क्स का टोटल करवाना है और टोटल करवा के मैम परसेंटेज निकलवाना है। तो
आपने फाइव से डिवाइड कर दिया। तो आपका एवरेज निकल आया। तो टोटल करके डिवाइड ऑफ़ नंबर ऑफ़ टर्म्स। दिस इज़ नोन ऐज़ एवरेज।
सपोज हमने एक डेटा दिया 10 20 30 40 चार नंबर्स दिए हुए हैं। डॉट मीन फंक्शन को कॉल कर लिया स्टैटिस्टिक्स के इंपोर्ट
करने के बाद में। तो ये चारों नंबर का टोटल होगा डिवाइड बाय 4 हो जाएगा। द आंसर विल बी मीन। मतलब 10 + 20 + 30 + 40 / 4
ये मीन रिटर्न कर देगा। ठीक है? अब मीडियन क्या करता है? मीडियन मिड वैल्यू रिटर्न करता है। इट रिटर्न्स द मिडिल वैल्यू ऑफ़ द
सॉर्टेड डेटा। मतलब यहां पे जो लिस्ट आपने दी है पहले वो सॉर्ट होती है असेंडिंग ऑर्डर में और मिडिल वैल्यू फाइंड आउट होती
है। सपोज मैंने यहां पे लिखा 10 20 30 अब ये तो ऑलरेडी सॉर्टेड है और तीन नंबर है। तीन में से बीच का नंबर निकालना तो इजी है
मैम। तो यहां पे मीडियन 20 रिटर्न हो गया। मीडियन फंक्शन में हमने वो पास कर दिया डेटा वैल्यू। बट व्हाट अबाउट अगर लिस्ट
में आपके एलिमेंट इवन हो तो। तो यहां देखो 10 20 30 40 तो बेसिकली यहां पे इन दोनों के बीच की वैल्यू फाइंड आउट की जाएगी। दो
मिडिल वैल्यू निकलेगी। उसके बीच की वैल्यू आपको यहां पे रिटर्न होगी। दैट इज़ 25 जो कि लिस्ट में नहीं होगी लेकिन उसकी मिडिल
वैल्यू आपको मिलेगी। ओके? समझ में आ गया अच्छे से? तो लिस्ट पहले सॉर्ट होती है फिर आंसर मिलता है। अब मोड क्या रिटर्न
करता है? मोड में भी आप डेटा वैल्यूज़ देते हो। ये नंबर ऑफ़ जो एलिमेंट है उनमें जो फ्रीक्वेंसी है कि कौन सा एलिमेंट बार-बार
रिपीट हो रहा है। सबसे ज्यादा किसकी फ्रीक्वेंसी है वो रिटर्न करता है। तो इट रिटर्न्स दी मोस्ट फ्रीक्वेंसी ऑकरिंग
वैल्यू। तो डेटा में अगर आपने 1 2 3 4 लिखा हुआ है तो टू की फ्रीक्वेंसी सबसे ज्यादा है। दो बार रिपीट हो रहा है। तो
मोड फंक्शन ने टू रिटर्न कर दिया। अभी जल्दी बता दो मीन मोड, मीडियन में डिफरेंस? वेरी गुड। वेरी गुड। स्वालिया इज़
करेक्ट हियर। है ना? आपके आंसर्स बिल्कुल करेक्ट आ रहे हैं। बहुत सही। ओके। कोई डाउट? कोई डाउट? नहीं। सब अच्छे
से समझ में आ रहा है? ब्रेक की जरूरत है क्या? नहीं है। पढ़ा दो यूनिट थ्री भी फटाफट से। ओके। तो चलो आ चुके हैं अब हम
एग्जाम फोकस टॉपिक्स पर कि इस पाइथन वाली यूनिट से कौन-कौन से क्वेश्चंस आपसे पूछे जाएंगे। ठीक है? यही तो जानना था मैम कि
बस ये बता दो कि क्या-क्या आएगा? सुनो क्या-क्या आएगा? स्लाइसिंग इंडेक्सिंग का क्वेश्चन चाहे वो स्ट्रिंग हो, लिस्ट हो
या डिक्शनरी हो। कंपलसरीली आएगा। कोड बेस्ड आ सकता है, एरर बेस्ड आ सकता है। यू नीड टू फाइंड आउट। फॉर फंक्शनंस स्प्लिट
पार्टीशन जॉइन फाइंड दीज़ आर दी मेन फंक्शनंस स्ट्रिंग के उसमें डिफरेंस आएगा लिस्ट के अपेंड एक्सटेंड में डिफरेंस आएगा
पॉप रिमूव में डिफरेंस आएगा सॉर्ट फंक्शन लिस्ट में क्या करता है ठीक है डिफरेंस बिटवीन अप एेंड एंड एक्सटेंड मेथड डि
डिक्शनरी के की कीज़ वैल्यूज़ और आइटम्स मेथड दिस इज़ अगेन वेरीेंट डिक्शनरी में ठीक है लिस्ट डिक्शनरी स्ट्रिंग को
ट्रिवर्स कैसे करते हैं वो आ सकता है कुछ आउटपुट बेस्ड क्वेश्चंस एंड ऑब्वियस लिस्ट में टपल में क्या डिफरेंस है? टपल को
अनपैक पैक कैसे करते हो? आपको मॉड्यूल्स को इंपोर्ट कैसे करना है? और इनको यूज़ कैसे करना है? जिसमें रैंडम और मैथ
मॉड्यूल के क्वेश्चंस 100% आते हैं। ठीक है? चलो अब थर्ड यूनिट को एक्सेस करने के पहले एक छोटा सा ब्रेक। छोटा सा ब्रेक
लेकर मैं वापस आ रही हूं। और आपको भी वापस आना है। गॉट इट? सिर्फ छोटा सा ब्रेक एक 2 मिनट का जस्ट। है ना? एंड यू विल कम बैक।
सिर्फ 15 मिनट में ये पूरा चैप्टर मैं आपका खत्म करवा दूंगी और बहुत बेहतरीन तरीके से हम खत्म करेंगे। ठीक है? चलो आ
जाओ जरा जल्दी से ब्रेक लेकर फटाफट। चलो आ जाओ। आ जाओ वापस आ जाओ। हाय हाय हाय मजा आ रहा है सेशन में? मजा आ रहा है।
पूरा कंप्यूटर साइंस आपका एक बार में जैसा आप चाहते थे दिल से कि काश दो से तीन घंटे में हमारा पूरा सीएस रिवाइज हो जाए। है
ना? तो वो हो रहा है बेटा। सारी यूनिट्स हम डिटेल में भी समझ रहे हैं और कॉनसेप्चुअली भी समझ रहे हैं और
इंपॉर्टेंट भी समझ रहे हैं। और आपके कोड्स भी स्ट्रांग हो रहे हैं। ठीक है? ओके। ओके। ओके। करना क्या है? चैनल को
सब्सक्राइब कर लेना अगर अभी तक नहीं किया है। ठीक है? हां। थैंक यू। थैंक यू सो मच पोटेंस।
व्हाट व्हाट यू हैव डन? सॉरी मिस हो गए आप लोगों के कमेंट्स। क्या लिखा है? ब्रेक दे दिया था मैंने। ब्रेक लेकर आ गए हो वापस आ
जाओ। थैंक यू सो मच। ठीक है? ओके। चलो बढ़े आगे। बढ़ जाए। तो थर्ड यूनिट दी हुई है सोसाइटी लॉ एंड
एथिक्स। और इसमें बड़ा डाउट है मैम। इसका वीडियो भी नहीं मिला है। तो अब हम इसको समझने वाले हैं। देखो जैसा इसका नाम है
वैसा इसका काम है। क्या नाम है इसका? सोसाइटी लॉ एंड एथिक्स। ठीक है? सोसाइटी लॉ एंड एथिक्स। जिन भी बच्चों को डाउट है
जरा फटाफट सेशन शेयर कर दो। अपने सारे दोस्तों तक सेशन को शेयर कर दो कि भाई थर्ड यूनिट अब हम यहां समझने वाले हैं।
लास्ट यूनिट जिसमें साइबर क्राइम, साइबर सेफ्टी, साइबर एथिक्स और ऐसे कुछ-कुछ चीजें हैं जो बिल्कुल समझ नहीं आती है। है
ना? ओके। तो सोसाइटी लॉ एथिक्स में सबसे पहले समझेंगे हम डिजिटल फुटप्रिंट्स के बारे में। आखिर ये डिजिटल फुटप्रिंट्स है
क्या? देखो फुटप्रिंट्स तो समझ में आता है मैम पैरों के निशान। बट ये डिजिटल फुटप्रिंट क्या है? डिजिटल फुटप्रिंट
डिजिटली जो आप अपने निशान छोड़ जाते हो ना सोशल मीडिया पे, इंटरनेट पर, वेबसाइट्स पर जो आप ब्राउज़ कर रहे हो उसको कहते हैं।
मतलब कि मान लो आपने कोई वेबसाइट एक्सेस किया और वहां पे आपने अपना यूजर आईडी, पासवर्ड डाल के डिटेल एक्सेस कर रहे हो।
ठीक है? अब इनडायरेक्टली आपके जो आईपी एड्रेस है, आपका सिस्टम का एड्रेस है, आपका यूजर आईडी है, आपका नाम है, आपकी
इनेशन है वो इनडायरेक्टली सेव हो जाती है, स्टोर हो जाती है। तो इसी को कहते हैं हम डिजिटल फुटप्रिंट। अब ये दो तरीके से होता
है। या तो इंटेंशनली या तो अनइटेंशनली। बहुत केयरफुली समझना इस बात को। ठीक है? ओके? केयरफुली या फिर इंटेंशनली या फिर
अनइटेंशनली। ठीक है? समझ में आ गई बात? तो देखो, डिजिटल फुटप्रिंट इज़ द ट्रेल ऑफ़ डेटा यू लीव बिहाइंड व्हाइल यू यूजिंग द
इंटरनेट। जब हम इंटरनेट को यूज़ कर रहे होते हैं, तो जो डाटा हमारा छूट जाता है इंटरनेट पर, है ना? वह जो डाटा जिसके
बेसिस पर अह सारी चीज़ें चेक चेक इन होती है, वह बेसिकली आपका डिजिटल फुटप्रिंट होता है। ठीक है? समटाइ्स ये गुड भी होता
है, समटाइ्स ये बैड भी होता है। अंडरस्टुड? तो अगर हम बात करें एक्टिव फुटप्रिंट की, तो एक्टिव फुटप्रिंट जो कि
इंटेंशनली यूज़र्स शेयर करते हैं। ठीक है? वो कहलाता है आपका एक्टिव। जैसे फॉर एग्जांपल कि कोई फॉर्म आप इंटरनेट पे फिल
कर रहे हो। आपने किसी पर्टिकुलर क्विज के लिए रजिस्ट्रेशन किया। क्विज का फॉर्म आपको ऑनलाइन फिल करना है। आप Google फॉर्म
भी फिल करते हो समटाइ्स। तो ऐसे कोई रजिस्ट्रेशन फॉर्म फिल कर रहे होते हो। कोई कमेंट या कोई पोस्ट में अपनी डिटेल
एंटर कर रहे होते हो। तो ये इंटेंशनली आप डेटा को शेयर कर रहे हो इंटरनेट पे। दिस इज़ एक्टिव फुटप्रिंट। और वही अगर हम पैसिव
फुटप्रिंट की बात करें तो पैसिव फुटप्रिंट क्या होता है? जो डेटा ऑटोमेटिकली यूजर के बिना कंसर्न के कनेक्ट हो कलेक्ट होता
जाता है। जब आप अपनी लोकेशन ऑन करते हो तो इंटरनेट पे कहीं ना कहीं आपका लोकेशन सेव होता है। ठीक है? अगर आपने ब्राउज़ किया
है, कुछ भी चीजें सर्च की है तो इंटरनेट पे ब्राउज़र पे आपके हिस्ट्री के फॉर्मेट में डेटा सेव होता चला जाता है। दिस इज़
नोन ऐज़ पैसिव फुटप्रिंट। गॉट इट? अभी एग्जाम में आ गया डिफरेंस कि डिजिटल और पैसिव फुटप्रिंट में डिफरेंस बता दो। तो
यही लिख कर आओगे। अब इसमें रिस्क होती है। क्या रिस्क होती है? आपकी प्राइवेसी लॉस्ट हो सकती है। ठीक है? आपकी इनेशन आइडेंटिटी
थफ्ट जैसे जो है अटैक्स हो सकते हैं। ऑनलाइन ट्रैकिंग हो सकती है आपकी इनेशन की। राइट? तो इससे बचा भी जा सकता है। तो
इससे बचे कैसे मैम? तो ये चीज़ आपको समझ में आ रही है कि दीज़ आर दी पार्ट्स दैट इज़ वेरी वेरीरीेंट। इसमें डिफरेंस आता ही आता
है। मार्क कर लो डिजिटल फुटप्रिंट क्या होता है? कितने टाइप्स हैं? क्या रिस्क है? और इससे कैसे बचें? तो सेफ्टी टिप्स
क्या हो जाएगी? थिंक बिफोर पोस्टिंग। जब भी कुछ आप इंटरनेट पे पोस्ट कर रहे होते हो Instagram, Telegram, WhatsApp,
व्हाटएवर यू आर यूजिंग Facebook वगैरह तो थिंक। सोचो कुछ ऐसी ही चीज पोस्ट करो जो कि पब्लिकली अवेलेबल पब्लिकली एक्स
एक्सेप्टेबल हो जिससे आपको कोई भी हार्म ना हो। ठीक है? एडजस्ट प्राइवेसी सेटिंग्स। ठीक है? अपनी जो प्राइवेसी
सेटिंग्स है उसको ऑन कर लो। ठीक है? ब्राउज़र पे बहुत सारी सेटिंग्स होती हैं। अवॉयड ओवर शेयरिंग पर्सनल इनेशन। आप अपने
ईमेल आईडीज़ को भी क्या कर सकते हो? प्राइवेसी सेटिंग्स में सेट कर सकते हो। और जो आपकी पर्सनल इनेशन है उसको ओवर शेयर
नहीं करना होता है। राइट? सो दीज़ आर दी सेफ्टी पॉइंट्स जो हमें ध्यान रखना पड़ते हैं। ओके? नाउ सेकंड टॉपिक इज़ डिजिटल
सोसाइटी एंड नेटिज़्म। ये भी बहुत इंपॉर्टेंट है। अभी देखो नॉर्मल जो है आप और हम क्या है मैम? सिटीजन हैं। हो ना? जो
हम जिस दुनिया में जी रहे हैं, वहां पे हर एक-एक पर्सन एक नॉर्मल सिटीज़न होता है। जिसके अपने कुछ राइट्स होते हैं। जिसके
अपने कुछ डिसीजंस होते हैं। बट यहां पे बात की जा रही है जो हम एक ऑफलाइन सोसाइटी में रहते हैं। लोगों से मिलते-जुलते
बातचीत करते हैं। एक सोसाइटी फॉर्म करते हैं। लेकिन यहां पे बात की जा रही है बेटा जी डिजिटल नेटिजन की। डिजिटल सोसाइटी की।
वो होती है आपकी Instagram, WhatsApp, Facebook, Telegram, YouTube जहां पे आप लोगों से कम्युनिकेट कर रहे होते हो। ठीक
है? तब वहां पे आप एक सिटीजन ना हो के आप एक नेटिजन बन जाते हो। सिटीजन तो हो ही ऑब्वियस नेजन बन जाते हो। तो जो पर्सन
इंटरनेट को यूज़ कर रहा होता है और सोशल मीडिया का यूज़ कर रहा होता है और वहां पे अगर कम्युनिकेशन कर रहा है तो वो एक
नेटिजन कहलाता है जो कि एक रिस्पांसिबल इंटरनेट यूजर होता है। ठीक है? क्या होता है? एक रिस्पांसिबल इंटरनेट यूजर। ठीक है?
समझ में आया? चलो क्लियर हो रहा है? नाउ नेट एटिकेट्स क्या हुआ है? अब जैसे आप नॉर्मली जो एडिकेट्स फॉलो करते हो वो आपके
नॉर्मल मैनर्स होते हैं। स्कूल में आप डिसिप्लिन में रहते हो। घर आते हो तो घर के कुछ मैनर्स हैं। आपके जो पेरेंट्स आपको
बताते हैं कि ऐसे रखना है सामान को यहां रखना है। ऐसे रहना है, ऐसे बात करना है। ठीक है? इस तरीके से बिहेव करना है। वही
सारे मैनर्स वही सारे एटीिकेट्स हमें इंटरनेट पे फॉलो करने होते हैं। तो एक रिस्पांसिबल ऑनलाइन यूजर बनना होता है।
जिसमें आपको ऑनलाइन रेस्पेक्ट करना है। अबजिंग लैंग्वेज का यूज़ नहीं करना है। है ना? डू नॉट स्पैम। किसी भी तरीके का ऐसा
कोई स्पैमिंग एक्टिविटी में नहीं फंसना है। रेस्पेक्ट अदर्स ओपिनियंस। अगर कोई कुछ बोल भी रहा है, किसी का कमेंट आपको
अच्छा नहीं भी लग रहा है, पोस्ट अच्छा नहीं भी लग रहा है, तो भी रेस्पेक्ट करो। ठीक है? कोई भी रॉन्ग कमेंट नहीं करो।
साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग जैसा केसेस नहीं होना चाहिए अगर आप एक नेट एटिकेट में रहते हो तो। अवॉयड टाइपिंग इन ऑल कैप्स।
अगर आप सारी चीजें ऑल कैपिटल में लिखते हो, इट मींस कि आप कहीं ना कहीं शाउटिंग कर रहे हो। है ना? इट इज़ नॉट इन अ गुड वे।
राइट? समझ में आया? चलो आगे बढ़ जाए। अगला कम्युनिकेशन एटीिकेट्स। अब कुछ एटिकेट्स
होते हैं जो कम्युनिकेशन के टाइम पे यूज़ करने चाहिए। मतलब पोलाइट लैंग्वेज यूज़ करना है। व्हाइल यू आर ड्राफ्टिंग एनी
ईमेल और सेंडिंग एनी मैसेज। जो भी आपकी लाइन है वो सभी लाइंस लिखते हो जो मैसेज करते समय क्लियर होनी चाहिए। मैसेज को जब
सेंड कर रहे हो तो ऐसे आवर में सेंड करो जब पर्सन अवेलेबल होता है। ऑड आवर्स में आपको मैसेज सेंड नहीं करना होता है। नहीं
तो मैसेज आपका मिस हो सकता है। ठीक है? चेक ग्रामर बिफोर सेंडिंग। जब भी आप कुछ भी मैसेज सेंड कर रहे हो तो ऑब्वियस हम
इंग्लिश में लिखते हैं। तो वहां पे ग्रामर का अपनाेंस होता है। अगर एक भी वर्ड गलत होता है ग्रामेटिकली एरर होती है तो बहुत
बड़ी-बड़ी मिस्टेक्स हो जाती है। मिसकम्युनिकेशन हो जाता है। डू नॉट फॉरवर्ड फेक मैसेजेस। कोई भी फेक या रमर्स
ऐसे मैसेजेस नहीं ट्रांसफर करने चाहिए। ओके? व्हाट इज़ फिशिंग मैम? ओके। फिशिंग इज़ एन अटैक जो कि ईमेल के थ्रू होता है बेटा।
अभी आगे हम डिस्कस करेंगे इस सेशन में। ठीक है? फिशिंग क्या होता है? एक अटैक होता है जो ईमेल से रिलेटेड होता है। कोई
अननोन ईमेल पे लिंक आ रही है या किसी अननोन पर्सन का ईमेल आ रहा है। है ना? तो आप उसको एक्सेस कर लेते हो तो उससे आपका
सिस्टम हैक हो सकता है। आपकी आइडेंटिटी जैसे लॉस्ट हो सकती है। फॉर एग्जांपल कि SBI बैंक से दो SBI बैंक का जो ईमेल आईडी
है वो SBI.com करके है। अब किसी ने फेक फेक वेबसाइट बना दी SBI से और वहां से कोई मेल आया और आपने ध्यान से उस वेबसाइट को
नहीं पढ़ा। उसका एड्रेस नहीं देखा और आपने उस पे कोई भी ट्रांजैक्शन कर दिया तो आप एक फिशिंग टाइप के अटैक से
विक्टिम हो सकते हो। ठीक है? समझ में आ गया? ओके। नाउ सोशल मीडिया एटिक्स। सोशल मीडिया को जब यूज़ करते हो तो व्हाट
एटिकेट्स यू नीड टू फॉलो वेरीफाई इनफार्मेशन बिफोर शेयरिंग। शेयर करने के पहले एक बार इनफेशन को वेरीफाई करो। डोंट
पोस्ट प्राइवेट फोटो विदाउट परमिशन। अवॉयड साइबर आर्गुमेंट्स। अह यूज़ प्राइवेसी कंट्रोल्स एंड रिपोर्ट हार्मफुल कंटेंट।
कोई भी हार्मफुल कंटेंट दिखता है तो उसको रिपोर्ट करो। तो अब एग्जाम में आ गया कम्युनिकेशन एटिकेट्स क्या होते हैं?
बताओ। सोशल मीडिया एटिक्स क्या होते हैं? बताओ। नेट एटिकेट्स क्या होते हैं? तो वो बताओ तो आप सब लिख कर आओगे ना। हु इज
नेटिजन ये भी बता पाओगे। डिजिटल सोसाइटी क्या होती है? ये भी बता पाओगे। गॉट इट? चलिए आगे बढ़ते हैं। डेटा प्रोटेक्शन एंड
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट। दिस इज़ अगेन वेरी-वेरीेंट। आईपीआर का फुल फॉर्म आता है। आईपीआर का फुल फॉर्म क्या होता है?
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट। ठीक है? आईपीआर प्रोटेक्ट्स क्रिएशन ऑफ़ माइंड। देखो हर कोई इंटरनेट पे अपना-अपना कुछ ना
कुछ चीजें अपलोड करता है। फिर वो कोई लिटरेरी हो सकता है, म्यूजिक हो सकता है, कोई पेज हो सकता है, कोई आर्ट वर्क हो
सकता है। ठीक है? कुछ भी आप इंटरनेट पे जो अपलोड करते हो वो आपकी प्रॉपर्टी होती है। है ना? उस पे आपका राइट होता है। अगर कोई
आपका लाइन या आपका कोई भी क्रिएटिव आर्ट वर्क या कुछ भी यूज़ करता है आपसे बिना पूछे तो कहीं ना कहीं वो आईपीआर की
कैटेगरी में आता है। मतलब आपके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट को इनफ्रिंज किया जाता है। मेरी बात समझ में आई? आपसे
बिना पूछे यूज़ करते हैं। तो इसको हम कहते हैं प्लेजरिज्म। ठीक है? अब अब जो आपकी आईपीआर प्रॉपर्टी हो सकती है तो उसको आप
कैसे प्रोटेक्ट करोगे? उसको आप कॉपीराइट लगा के प्रोटेक्ट कर सकते हो। पैटेंट के थ्रू प्रोटेक्ट कर सकते हो और ट्रेडमार्क
के थ्रू प्रोटेक्ट कर सकते हो। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट क्या हुआ? ये समझ में आ गया ना? अब अगर हम कॉपीराइट की
बात करें तो कॉपीराइट बुक्स पे, म्यूजिक पे, किसी सॉफ्टवेयर हर चीज़ पे आप कॉपीराइट लगा सकते हो। कोई इमेज अगर है तो उस पे
लगा सकते हो। एग्जांपल लाइक मूवीज़, एप्स वगैरह। ठीक है? और पेटेंट की बात करें तो जो इन्वेंशंस होती है ना कोई नई मशीन
वगैरह हो गया तो उस पे आप पेटेंट अप्लाई कर देते हो। राइट? मतलब एक तरीके से कि लाइसेंस एग्रीमेंट ही होते हैं कि भाई
इतने साल के लिए आपने ये मशीन किसी को दी हुई है साल भर के लिए 2 साल के लिए तो वो आपके नाम से इशूड है। ठीक है? इसको फिर आप
वापस से रिन्यू करवाते हो। राइट? इस तरीके से। और ट्रेडमार्क की बात करें तो लोगो किसी भी कंपनी का लोगो जैसे SBI का लोगो
देख लें आप। एडडास के जो टीशर्ट्स वगैरह जो प्रोडक्ट होते हैं उनका लोगो देख लो आप। है ना? Hero Honda के लोगोज़ अलग-अलग
होते हैं। तो किसी भी ब्रांड का नाम या किसी लोगो का नाम वो कहलाता है आपका ट्रेडमार्क जो कि किसी भी प्रोडक्ट को
यूनिकनेस प्रोवाइड करता है। उसकी कॉपीज़ आप क्रिएट नहीं कर सकते हो। तो इन्हीं का इन जो भी ओनर होते हैं उन्हीं का उस पर राइट
होता है। तो वो उन्हीं की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी होती है। ओके? अब वायलेशन का मतलब क्या हुआ? किसी का भी इंटेलेक्चुअल
प्रॉपर्टी अगर वायलेट होती है। मींस कि आप किसी का कॉपीराइटेड मटेरियल यूज़ कर रहे हो। किसी का म्यूजिक उठाकर अपना कुछ नया
कंपोज कर रहे हो और उसको क्रेडिट भी नहीं दे रहे हो। दिस इज़ वायलेशन। तो सबसे पहले वायलेशन में आ जाता है प्लेज़रिज्म। मींस
कॉपीिंग समवनस वर्क विदाउट क्रेडिट। उसको बिना क्रेडिट दिए उसको बिना रेफरेंस किए आप किसी का वर्क यूज़ कर रहे हो। दैट इज़
प्लेज़रिज्म। डन। आगे बढ़े। इसमें देखो कॉपीराइट इनफ्रिंजमेंट। कॉपीराइट इनफ्रिंजमेंट में
क्या आता है? किसी का कॉपीराइटेड मटेरियल आपने यूज़ किया है बिना परमिशन के। तो कॉपीराइट इनफ्रिजमेंट होता है। ट्रेडमार्क
इनफ्रिंजमेंट मतलब किसी का लोगो आपने यूज़ कर लिया, किसी का ब्रांड नेम यूज़ कर लिया इललीगल वे में। दिस इज़ ट्रेडमार्क
इनफ्रिजमेंट। तीनों समझ में आ गए? चलो बढ़े आगे। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर एंड लाइसेंसिंग। अब ये ओपन सोर्स का क्या कहानी है मैम?
समझो। तो पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जो अभी हमने देखा वो एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है जिसका फ्री ऑफ कॉस्ट आपको सोर्स कोड
मिलता है जिसमें हम चेंजेस कर सकते हैं और अपना नया कुछ सॉफ्टवेयर ल्च कर सकते हैं। जिस सॉफ्टवेयर को आप फ्री ऑफ कॉस्ट
डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हो, कॉपी कर सकते हो, शेयर कर सकते हो वो ओपन सोर्स जिसमें हर तरीके की परमिशन होती है। ठीक है? अब
वो कहलाता है आपका ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर। लेकिन वही कुछ सॉफ्टवेयर्स ऐसे भी होते हैं जो कि ना तो फ्री होते हैं ना ही आप
उसको शेयर कर सकते हो। वो प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर होते हैं। एक होता है फ्री वेयर सॉफ्टवेयर। फ्री वेयर सॉफ्टवेयर आपको फ्री
ऑफ कॉस्ट मिलता है लेकिन इसका सोर्स कोड नहीं मिलता है। एक होता है शेयरवेयर सॉफ्टवेयर जो आपको एक ट्रायल के लिए एक 4
दिन, 5 दिन या 1 घंटे, 2 घंटे ट्रायल पे मिलता है। फिर उसके बाद आपको उसका पेमेंट करना होता है। लेकिन इसका भी सोर्स कोड
नहीं मिलता है। तो शेयरवेयर, फ्रीवेयर और आपका जो ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है एज वेल एज प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर। चारों पांचों
अच्छे से समझ में आ गए। है ना? अभी एग्जाम में आएगा तो लिख कर आओगे ना? ओके। चलो। ओके। क्या डाउट है बेटा? डाउट लिखो।
मैम 10थ की भी क्लास आएगी क्या? बिल्कुल 10th की क्लासेस 10th के मैराथों्स तो चल रहे हैं ना बेटा जी। देखो आप जाके लाइव
सेशन वाले सेक्शन में जाओ चैनल के लाइव सेशन में आपको 10थ के मैराथों्स मिल जाएंगे। 10थ की एक कंप्लीट वीडियो आ चुकी
है जैसे 11थ सीएस की चल रही है। क्रिएटिव कॉमंस सबसे पहले लाइफ सेंस एग्रीमेंट की बात कर लें। तो सीसी दैट इज़ क्रिएटिव
कॉमंस। जो अभी बच्चे मुझसे यहां पूछ रहे थे। डाउट था आपको है ना? ध्यान से समझना। क्रिएटिव कॉमंस। राइट? क्रिएटिव कॉमंस
मींस क्रिएटिव वर्क जिसमें आपका कोई भी म्यूजिक इमेज कुछ भी आ सकता है तो उस पे आप अपना लोगो वगैरह अप्लाई कर सकते हो। वो
लाइसेंसिंग टर्म्स होती है। ठीक है? अगर हम बात कर लें यहां पे जीपीएल की दैट इज़ जनरल पब्लिक लाइसेंस जो कि किसी भी
सॉफ्टवेयर में फ्री ऑफ कॉस्ट आपको मिल जाते हैं। और उन्हें आप शेयर कर सकते हो। उसमें मॉडिफिकेशन कर सकते हो। तो ये
जीपीएल लाइसेंस में आता है। अपाचे लाइसेंस की बात करें तो ये कुछ रेस्ट्रिक्शन के साथ में आपको चीजें फ्री ऑफ कॉस्ट अलाउ
करता है। ठीक है? अगर Apache की बात करें तो यहां पे Libra Office ओपन ऑफिस आ जाता है। ठीक है? Apache का और GPL की बात करें
तो यहां पे आपके जो ऑपरेटिंग सिस्टम्स हैं, Linuक्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम है वो GPL में आता है। ये
कुछ एग्जांपल्स हैं जो आपको पता होने चाहिए। राइट? नाउ साइबर क्राइम। साइबर क्राइम क्या होता है? मैम कुछ क्राइम्स
होते हैं जो ऑफलाइन होते हैं जिसकी सजा मिल जाती है जिसके लिए पुलिस में जाके आप कंप्लेंट कर देते हो। अब वो क्राइम जो
इंटरनेट की मदद से होते हैं। है ना? साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, अटैक्स वगैरह होते हैं कुछ। है ना? ये सब साइबर क्राइम
की कैटेगरी में आ जाते हैं जो कि इललीगल एक्टिविटी होती है। यूजर से बिना परमिशन लिए उसका कंप्यूटर यूज़ करना, उसकी इनेशन
एक्सेस कर लेना, मिसयूज़ करना। ठीक है? तो दिस इज़ नोन एज साइबर क्राइम जिसमें सबसे पहला क्राइम है आपका हैकिंग। हैकिंग दो
टाइप की होती है। एथिकल और नॉन एथिकल हैकिंग। अगर हम एथिकल हैकिंग की बात करें तो वो जो साइबर क्राइम ऑफिसर्स होते हैं
वो एथिकल हैकिंग करते हैं किसी भी क्राइम का पता लगाने के लिए। जिन्हें वाइट हेड हैकर्स कहते हैं। दूसरा होता है ब्लैक हेड
हैकर्स जो कि आपके अनएथिकल हैकर्स होते हैं जो गलत तरीके से आपके इनेशन को एक्सेस करने की कोशिश करते हैं बिना परमिशन के और
उसका मिसयूज़ करते हैं। दिस इज़ ब्लैक हेड हैकर्स। ओके? जिन्हें क्रैकर्स भी समटाइम्स उनको हम क्रैकर्स भी कहते हैं।
क्रैकर्स आपके पॉजिटिव वे में आ जाते हैं। लेकिन है ना? अनअथराइज़्ड एक्सेस ऑफ़ टू सिस्टम। दिस इज़ नोन ऐज़ हैकिंग प्रोसेस। कि
अनअथराइज़्ड वे में आप किसी के सिस्टम को एक्सेस कर रहे हो। दिस इज़ हैकिंग। सेकंड इज़ इवेस्ट ड्रॉपिंग। इवेस्ट ड्रॉपिंग क्या
होता है? सीक्रेटली लिसनिंग टू कम्युनिकेशन। किसी का कम्युनिकेशन चुपचाप ट्रैक करना, सुनना और फिर उसके अगेंस्ट
एक्शन लेना। दिस इज़ अगेन अ टाइप ऑफ क्राइम। ठीक है? फिशिंग जो अभी मैंने बताया आपका डाउट भी था कि मैम व्हाट इज़
फिशिंग? राइट? तो फेक ईमेल्स वेबसाइट्स टू स्टिल डेटा। डेटा को चुराने के लिए जो कुछ फेक ईमेल्स, कुछ फेक वेबसाइट्स होती हैं।
दिस इज़ नोन ऐज़ फिशिंग अटैक। ओके? नाउ फ्रॉड ईमेल्स। कुछ ईमेल्स जो कि फ्रॉडलेंट होते हैं। है ना? ना फ्रॉडिलेंट ईमेल
जनरली जंक मे्स में या स्पैममेल्स में मिल जाते हैं। है ना? वहां आप देखते हो जिसमें कुछ ऐसी लिंक्स होती हैं या कुछ फ्रॉडलेंट
ईमेल्स होते हैं कि आप लॉटरी जीत गए हो। आपके साथ ऐसा हो गया है। अपनी बैंक डिटेल शेयर कर दो। तो ऐसा नहीं करना होता है।
राइट? सो मैसेजेस आस्किंग फॉर मनी और इनफो। ओके? दिस इज़ फ्रॉड ईमेल्स। ओके? मैम Python के प्रोग्रामिंग से डाउट्स हैं।
ओके? जो भी डाउट्स हैं बेटा लिखो। अभी लास्ट में सेशन के एंड में सारे डाउट सॉल्व करके जाऊंगी। जितने भी बच्चों को जो
भी डाउट है ना प्लीज राइट इन कमेंट सेक्शन आफ्टर दिस सेशन बस सेशन खत्म होने वाला है। वी विल सॉल्व ऑल दी डाउट्स। ओके?
रसमवेयर क्या होता है? रसमवेयर मेलवेयर सॉफ्टवेयर्स होते हैं। मेलवेयर का फुल फॉर्म क्या होता है? मलेशियस सॉफ्टवेयर्स।
ओके? जो आपके सिस्टम से बेसिकली दैट लैग्स फाइल्स लॉक्स फाइल्स एंड डिमांड्स मनी। जो कहीं ना कहीं आपकी फाइल्स को लॉक कर देते
हैं और आपसे मनी की डिमांड कर रहे होते हैं। दिस इज़ अ टाइप ऑफ़ रेंसमयर। ओके? साइबर ट्र्स क्या होते हैं? वो वो बेसिकली
पीपल होते हैं दैट पोस्ट ऑफेंसिव कमेंट्स जो आपके जो भी आपकी आईडी होती है या जो आपके बेसिकली आप जो प्रोफाइल यूज़ कर रहे
हो वहां पे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पे आके आपसे ऑफेंसिव कमेंट्स में बात करने लगते हैं जो रॉन्ग कमेंट्स होते हैं
बेसिकली उसको साइबर ट्रोल्स कहते हैं हम साइबर बुलिंग हरेसिंग समवन ऑनलाइन किसी को परेशान करना रॉन्ग कमेंट्स करना दिस इज़
साइबर बुलिंग अगर डिफरेंस आया इनमें से किसी में भी तो लिख कर आ जाओगे आप आराम से इतना तो समझ में आ गया कि मैम लिखना क्या
है चलिए अब साइबर सेफ्टी थ्योरी चैप्टर है बेटा अपने ओन वर्ड्स में भी आंसर लिख सकते हो। कोई आपको नहीं बोलने वाला है कि आपका
आंसर गलत है या सही है। आप चीजें समझते हो, कांसेप्ट समझते हो तो आप आंसर थ्योरी चैप्टर में लिख सकते हो आराम से। ठीक है?
ओके? क्लियर हो गया? चलो आगे बढ़ जाए। नाउ नाउ दैट इज़ साइबर सेफ्टी। हमने सारे अटैक्स देख लिए, क्राइम्स देख लिए। अब
इनसे बचे कैसे मैम? ये सबसे बड़ा कंसर्न है। आजकल आप देख रहे हो ना टीवी पर एडवर्टाइजमेंट्स आते हैं। सोशल मीडिया पे
भी बहुत सारे एडवरटाइजमेंट्स आपको देखने को मिलते हैं। रील्स में देखने को मिलता है कि ये जो साइबर अटैक्स हो रहे हैं इतने
सारे इनसे कैसे बचना है। तो इसके लिए आपको सेफ ब्राउजिंग करनी होती है। है ना? हमेशा जिस भी किसी वेबसाइट पे जाते हो तो बेटा
उसके पहले https लिखा हुआ देखो। ये जो लॉक का साइन होता है वो लॉक होना चाहिए। पैड लॉक होना चाहिए। तभी आप सेफ ब्राउजिंग कर
पाते हो। ठीक है? अगर आपने http वाली साइट पे आ गए हो तो वहां से वायरसेस आ सकते हैं। वहां से आपका डेटा हैक हो सकता है।
डोंट क्लिक अननोन लिंक्स। जिस लिंक को नहीं जानते हो तो क्यों क्लिक करना है अननेसेसरी? मत क्लिक करो। क्यों अपना
सिस्टम खतरे में डालना है? तो डोंट क्लिक अननोन लिंक्स। नाउ यूज़ एंटीवायरस सॉफ्टवेयर ऑलवेज व्हिच इज़ वेरी-वेरीेंट।
जैसे हमारी बॉडी को हम बचाते हैं ना किसी भी वायरस के आने से सर्दी, जुकाम सारी चीजों से बचा के रखना। अभी एग्जाम का समय
चल रहा है। बिल्कुल वैसे ही अपने सिस्टम को भी बचा के रखना होता है। कोई भी एंटीवायरस सॉफ्टवेयर आपके कोई भी वायरस
सॉफ्टवेयर आपके सिस्टम को अफेक्ट ना करे। इसलिए एंटीवायरस डाउनलोड करो। मैके क्विक हिल नटस्केप नेविगेटर प्रोट नेटस्केप
प्रोटेक्टर बहुत सारे बहुत सारे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर्स होते हैं जो आजकल आपको फ्री ऑफ़ कॉस्ट भी मिल जाते हैं। है ना? डाउनलोड
फ्रॉम ट्रस्टेड सोर्सर्सेस ओनली। जब भी कोई फाइल डाउनलोड करनी होती है तो ट्रस्टेड सोर्स से डाउनलोड करो। ठीक है?
समझ में आया? चलो। तो ये कुछ सेफ्टी मेजर्स। ऑलवेज यूज़ स्ट्रांग पासवर्ड सबसे मेन इंपॉर्टेंट। जब भी आप किसी चीज़ को सेफ
सिक्योर रखते हो तो जो पासवर्ड सेट करते हो ऑलवेज यूज़ स्ट्रांग जो कि कैपिटल लेटर, स्मॉल लेटर्स, नंबर्स और कुछ सिंबल से
मिलकर बना होता है। ओके? समझ में आया? डन? चलो, आगे बढ़ते हैं। दैट इज़ आइडेंटिटी प्रोटेक्शन। आप अपनी आइडेंटिटी को कैसे
प्रोटेक्ट कर सकते हो? समटाइ्स आपने सुना होगा ना ऐसा कि बहुत सी बार किसी और पर्सन की ईमेल आईडी हैक करके उससे कोई और पर्सन
उसी आइडेंटिटी से बात कर रहे होते हैं। होता है ना ऐसा कि आपके सपोज आईडी अगर हैक हो गई है तो वो पर्सन जिसने हैक की है वो
अपनी आइडेंटिटी को छुपाकर आपके ही नाम का यूज़ करके किसी को परेशान कर रहा है। सो ये आइडेंटिटी थफ्ट होता है। इससे कैसे बचना
है? तो पासवर्ड स्ट्रांग रखो। पापा का नाम, मम्मी का नाम, डेट ऑफ़ बर्थ, फेवरेट मूवी नेम, मोबाइल नंबर ऐसा कोई भी ईज़ली
करेक्ड पासवर्ड नहीं रखना होता है। पासवर्ड आपका हमेशा कैपिटल स्मॉल लेटर्स में, नंबर्स में, अल्फाबेट्स के साथ में
स्पेशल सिंबल्स के साथ होना चाहिए। टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन जिसको हम इंक्रिप्शन टेक्निक बोलते हैं। आजकल WhatsApp पे भी
आपने देखा होगा टू वे इंक्रिप्शन आ चुका है Instagram पे हर जगह। ये एक ऑथेंटिकेशन टेक्निक होती है जिसमें डेटा आपका
इंक्रिप्टेड वे में सोर्स से डेस्टिनेशन तक पहुंचता है। बीच में अगर हैकर एक्सेस भी करने की कोशिश करता है तो वो डेटा उसके
लिए काम का नहीं होता है। दिस इज़ टू वे ऑथेंटिकेशन। ठीक है? डोंट शेयर ओटीपीस। किसी को भी ओटीपी शेयर नहीं करना है। ओके?
क्लियर हो रहा है? समझ में आ रहा है? नाउ नेक्स्ट इज़ लॉग आउट फ्रॉम शेयर डिवाइसेस। अगर आपका डिवाइस कहीं शेयर हो रहा है अमंग
डिफरेंट नेटवर्क और आपने अपनी ईमेल आईडी या अपना अपना अकाउंट ओपन किया हुआ है तो बेस्ट प्रैक्टिस इज़ कि उसको लॉगउ करके
बाहर निकलो। दिस इज़ गुड प्रैक्टिस। तो दीज़ आर दी सेफ्टी मेजर्स। अब दूसरा कि अपना डेटा कॉन्फिडेंशियल कैसे रखें मैम? अगर
आपके सिस्टम में कोई यूजर आईडी पासवर्ड है, आप उसको शेयर करना चाह रहे हो किसी और यूजर को, तो उसको कॉन्फिडेंशियली कैसे सेव
करें? तो कीपिंग इनफार्मेशन प्राइवेट एंड सिक्योर फ्रॉम अनअथराइज़्ड एक्सेस। अगेन द सेम थिंग इज़ इंक्रिप्शन टेक्निक्स आर देयर
थ्रू व्हिच वी कैन एक्सेस दिस कॉन्फिडेंशियलिटी। ओके? नाउ मेलवेयर्स देखो दिस इज़ अगेन वेरी
वेरीरीेंट। मेलवेयर्स क्या होते हैं? अच्छा मेलवेयर्स का फुल फॉर्म क्या होता है? बताओ। चलो फालतू की बात नहीं करने का
है। है ना? हमें सिर्फ पढ़ाई करना है। है ना? ओके। तो बताओ मेल मेलवेयर का फुल फॉर्म क्या होता है? कौन बताएगा? मेल वेयर
का फुल फॉर्म्स। ओके। यस। ऑफ़ कोर्स। मेलवेयर्स मींस मेलेशियस सॉफ्टवेयर्स। तो अब ये सारे मैलेिशियस
सॉफ्टवेयर्स के बारे में बात करने वाले हैं हम। दैट इज़ डिज़ टू हार्म अ कंप्यूटरटर्स। ये सॉफ्टवेयर्स इनको कोड ही
किया जाता है ताकि आपके कंप्यूटरटर्स को हार्म किया जा सके। जिसमें आपका वायरस आ जाता है। सबसे पहले ट्रोजन हॉर्स
एडवेयर्स। ठीक है? वॉर्म्स और स्पाईवेयर्स ये सब आते हैं। ठीक है? स्पाईवेयर्स, वॉर्म्स, ट्रोजन ये सभी आपके मलेशिया
सॉफ्टवेयर की कैटेगरी में आते हैं। ठीक है? तो वायरस की बात करें तो वायरस में क्या आ जाता है? वो वायरसेस जो कि आपके
फाइल के साथ अटैच होकर खुद को स्प्रेड कर रहे होते हैं और धीरे-धीरे एक-एक फाइल में फैल जाते हैं, लग जाते हैं। ठीक है? अब
आपकी फाइल करप्ट हो जाती है। आपकी फाइल का साइज बढ़ जाता है बहुत ज्यादा। पता चलता है कि 2KB की फाइल है। 2GB की दिखा रहा
है। तो दिस इज़ व्हाट दिस इज़ विद द हेल्प ऑफ़ ओनली वायरसेस। ओके? ट्रोज़न हॉर्स। ट्रोज़न हॉर्स से आपको अपना सिस्टम
हार्मफुल दिखने लगता है। मतलब कि बेसिकली अगर हम बात करें तो ट्रोज़न हॉर्स इज़ अ टाइप ऑफ़ वायरसेस। एक तरीके से मेलेशियस
सॉफ्टवेयर्स ही हैं जो कि दिखते तो यूज़फुल है बट हार्मफुल होते हैं। समटाइ्स आपने देखा है कि कुछ ऐसी लिंक दिखती है या कुछ
ऐसा आपको इंटरनेट पे दिखता है कि जस्ट क्लिक हियर टू डाउनलोड। समटाइ्स इट हार्मफुल टू योर सिस्टम। हम क्लिक भी कर
देते हैं। कोई सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर लेते हैं। ठीक है? रिस्क है फिर भी क्लिक कर दिया और पता चला बाद में आपने वो
सॉफ्टवेयर तो डाउनलोड कर लिया। उससे काम तो हो गया लेकिन आपका सिस्टम अफेक्ट हो गया। ठीक है? समझ में आया? मैम आप बहुत
हार्ड वर्किंग हो। थैंक यू सो मच बेटा। है ना? ये हार्ड वर्क सिर्फ आप लोगों के लिए है। अगर आप लोग पढ़ के 100 आउट ऑफ 100
स्कोर करते हो या 100 नहीं भी स्कोर करते हो 98 99 80 90ज में भी लेकर आते हो तो ये मेरे लिए बहुत बड़ी अचीवमेंट है। आपके लिए
तो हो गई होगी। अंडरस्टुड? अब इसके लिए क्या करना है? इसके लिए आपको अपने दोस्तों के साथ सेशन को शेयर कर देना है। एडवेयर्स
की बात करें तो देखो बीच-बीच में जो अनवांटेड एड्स आते हैं ना वो एडवेयर्स होते हैं। जनरली एड्स से भी एड्स पे भी
कुछ ऐसे क्लिक लिंक्स हो जाते हैं। ऐड पे भी आप चाहते हो कि आपको कोई प्रोडक्ट बता रहे हैं और आप उस लिंक पे उस वेबसाइट पे
पहुंच गए। पता चला वो फ्रॉडलेंट वेबसाइट है। तो उससे भी क्या होते हैं? वायरसेस आते हैं। ऐसे वॉर्म्स होते हैं जो अपने आप
को रेप्लिकेट करते चले जाते हैं। ठीक है? और स्पाईवेयर्स भी होते हैं। तो ये कुछ टाइप के क्या होते हैं? मिलीशियस
सॉफ्टवेयर्स होते हैं जो हमारे सिस्टम को हार्म करते हैं। ठीक है? स्वालिया मैम यू आर माय फेवरेट टीचर। थैंक यू सो मच बेटा।
यू ऑल आर माय फेवरेट। और आज तो लिटरली मजा आ गया सेशन में। मुझे तो बड़ा मजा आया। आप लोग बताओ आपको कैसा लग रहा है सीएस पढ़
के? मजा आ रहा है ना? मैम। ग्रेट एक्सप्लेनेशन एंड अमेजिंग सेशन। थैंक यू सो मच ममता। थैंक यू। थैंक
यू सो मच। ओके। अभी तो हमने शुरुआत की है। ये तो सिर्फ एक रिवीज़ है। आगे देखो। आगे देखो मजा आएगा और। जब हम करेंगे कोड बेस्ड
क्वेश्चन, जब हम करेंगे सॉल्व वो सारेेंट क्वेश्चंस जो एज इट इज़ आपके पेपर में आएंगे तब आपको और मजा आएगा। ठीक है? चलिए
आगे बढ़े। अब ई वेस्ट बस सेशन एंड ही होने वाला है। ध्यान से समझ लो। दो चार टॉपिक और हैं जो इंपॉर्टेंट है इस चैप्टर से। ई
वेस्ट का मतलब क्या होता है? एक तो गार्बेज होता है। एक घरों में वेस्ट जो आप देखते हो वो होता है जिसको हम डस्टबिन में
डाल देते हैं मैम। बट व्हाट इज़ इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट? उसको तो हम निकाल भी नहीं सकते। तो उसको तो कहीं फेंक भी नहीं
सकते हैं। लेकिन समटाइ्स कुछ इवेस्ट ऐसा होता है जैसे फॉर एग्जांपल कि आपके पास में कुछ चारप मोबाइल फोंस हैं। आप यूज़ तो
एक नया वाला कर रहे हो। सारे ओल्ड फोंस आपके पास पड़े हुए हैं। आपको पता है मोबाइल फोंस में भी कुछ ऐसे मटेरियल यूज़ किए जाते
हैं जैसे बैटरीज वगैरह जो होती है उसमें से लेड जो होता है, लेड मटेरियल जो होता है आपने साइंस में पढ़ा होगा ना? है ना? वो
बहुत हार्मफुल होता है। ठीक है? और बहुत सारे ऐसे केमिकल रिलीज़ होते हैं इन डिवाइसेस से। एक बार रखे रहने के बाद
मॉइस्चर लग जाता है तो उससे भी हार्मफुल गैसेस रिलीज़ वगैरह होती है। तो लाइक इस तरीके से हम बोलते हैं कि ये जो है ई
वेस्ट होता है जो हार्मफुल होता है एटमॉस्फेयर के लिए भी एल एज ह्यूमंस के लिए भी जिसको प्रॉपर्ली डिस्पोज करना
जरूरी है। तो ई वेस्ट में जितने इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स हैं आपके स्पीकर, कीबोर्ड, मॉनिटर, माउस, प्रिंटर, मोबाइल
फोंस, कॉर्ड्स वगैरह जो होती है सब सब आ जाता है। ठीक है? तो डिस्कारेड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस, मोबाइल, लैपटॉप्स,
एवरीथिंग। अब इसके लिए गवर्नमेंट आजकल बहुत ज्यादा सतर्क हो चुकी है और ऐसी बहुत सारी वेबसाइट्स हैं जो घर आके आपका ई
वेस्ट कलेक्ट करके लेके जाते हैं। बदले में पैसे देके जाते हैं। ठीक है? अब मुझे नाम याद तो नहीं आ रहे आप सर्च करना। ठीक
है? नाउ प्रॉब्लम्स की अगर बात करें तो यहां पे प्रॉब्लम क्या होती है मैम? ई वेस्ट से टॉक्सिक मटेरियल जो कि
एनवायरमेंट को हार्म करता है। अगर सॉइल और वाटर पोलुशन भी इसकी वजह से कहीं ना कहीं इनक्रीस होता है। नाउ इसको कैसे डिस्पोज
करें? व्हाट आर द डिस्पोजल मेथड्स? तो डिस्पोज करने के लिए आप इनको डोनेट कर सकते हो। इसको रीयूज कर सकते हो। उसको
सुधरवा के आप रयूज करवा सकते हो। या फिर इसके लिए रिसाइकलर प्रोसेस होती है। ठीक है? वहां पे आप कांटेक्ट कर सकते हो जो
इसको रिड्यूस, रिसाइकल, रयूज करते हैं। नाउ डोंट थ्रो इलेक्ट्रॉनिक्स इन रेगुलर डस्ट बीन। ठीक है? इतना समझ में आया? अब ई
वेस्ट की कुछ मेथड्स होती हैं जो अभी मैंने बताई है। रिड्यूस, रिसाइकल, रयूज़। वो वही सेम मेथड्स होती हैं जो आपने साइंस
में पढ़ी हुई हैं। ठीक है? नाउ इनेशन टेक्नोलॉजी एक्ट। अब दिस इज आईटी एक्ट। बहुत ध्यान से समझना। यस
क्लोरोफ्लोरोकार्बन रिड्यूस फ्रॉम इलेक्ट्रिक एटम्स। वेरी गुड। वेरी गुड। है ना? अभी देखो मेरा साइंस तो बहुत अच्छा
नहीं था। होपफुली आप लोग साइंस के स्टूडेंट्स हो शायद। व्हाट इज़ प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर? बेटा
प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर नाइदर फ्री नॉर अ नॉर ओपन सोर्स। जिसका सोर्स कोड भी फ्री नहीं है और ना ही वो फ्री ऑफ़ कॉस्ट आपको
मिलता है। जिसमें Microsoft Windows की बात कर लो। खरीदना पड़ता है। Photoshop खरीदना पड़ेगा। सम एंटीवायरस सॉफ्टवेयर
खरीदने होते हैं मैम। ओएसएस का मतलब होता है ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर जो कि फ्री ऑफ कॉस्ट रहते हैं। कॉपी कर सकते हो, शेयर कर
सकते हो, डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हो जिसका सोर्स कोड भी फ्री होता है। ठीक है? ओके। मोनाली दास मैम ड्यू टू यू आई गॉट
100 मार्क्स इन क्लास 10 आईटी। क्या बात है। कांग्रेचुलेशंस बेटा। लव यू ऑल। ठीक है। फ्लॉस फ्लॉस मींस फ्री लिब्रे ओपन
सोर्स सॉफ्टवेयर। याद कर लो। फ्लॉस मींस फ्री लिब्रे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर्स। ठीक है? जिसमें आपको सारी परमिशंस होती है
सॉफ्टवेयर को फ्रीली अवेलेबल करवाने की, शेयर करने की, कॉपी करने की, डिस्ट्रीब्यूट करने की। ये चार इसकी
फ्रीडम्स होती हैं। फ्री लिब्रे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर। ओके? इसमें आ जाता है लinक्स, Myesl दीज़ आर दी सॉफ्टवेयर्स फ्री Libra
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर। क्लियर? चलो अब इनेशन टेक्नोलॉजी एक्ट क्या होता है? आईटी एक्ट जिसे कहते हैं 200 में ये एक्ट बनाया
गया था। 200 ईयर 2000 मतलब आज से हम किसमें जी रहे हैं? 206 26 साल पहले अब इस एक्ट में क्या हुआ था? देखो अब अब ये जो
साइबर क्राइम्स है बढ़ने लग गए हैं। इससे पहले की अगर मैं बात करूं तो साइबर क्राइम्स को कैसे हैंडल करें मैम? कोई
गवर्नमेंटल कुछ लॉ या कुछ कोर्ट में कोई रूल्स तो बनाए ही नहीं गए। तो भाई गवर्नमेंट ने यहां पे एक आईटी एक्ट बना
दिया जिसमें जितने भी साइबर क्राइम्स वगैरह होते हैं उनको डील किया जाता है। जो आपके डिजिटल ट्रांजैक्शंस होते हैं ना
ओटीपी शेयर किया पूरा अकाउंट खाली हो गया मैम। हैकर ने के थ्रू आपके जो भी प्रॉब्लम्स थे वो सब हो रहे हैं। ठीक है?
आपका ईमेल अकाउंट हैक हो चुका है। राइट? ऐसे जो इशूज़ होते हैं उनको हैंडल करने के लिए आईटी एक्ट बनाया गया है। इसके मेन
ऑब्जेक्टिव क्या है? लीगल रिकॉग्निशन टू इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स। ठीक है? इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स का लीगल
रिकॉग्नाइज़ करना, लीगली रखना। अगर कोई साइबर क्राइम होता है तो उसके लिए पनिशमेंट यहां डिफाइन की गई है। डेटा की
प्रोटेक्शन आईटी एक्ट के थ्रू रखी गई है। ठीक है? ये तीन इसके मेजर ऑब्जेक्टिव्स हैं। ऑफेंसेस कवर्ड। क्या-क्या ऑफेंसेस
यहां पे कवर्ड होते हैं? किस टाइप के अटैक? हैकिंग, आइडेंटिटी थफ्ट, पब्लिशिंग ऑब्सेंस कंटेंट या फिर साइबर टेररिज्म। ये
जितने भी आजकल जो आप देख रहे हो ना अटैक्स उन सभी को आईटी एक्ट के थ्रू बताया गया है कि क्या सजा होगी। कैसे इसको आप बचा सकते
हो। राइट? ये सारी चीजें। नाउ टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी। दोनों ही इंटररिलेटेड हैं। आजकल हर कोई टेक्नोलॉजी की दुनिया में जी
रहा है मैम। और अब तो एआई की दुनिया आ चुकी है। तो सोसाइटी और टेक्नोलॉजी के बीच में क्या रोल है? ध्यान से समझना। इंडिया
लॉ टू डील विद साइबर क्राइम एंड डिजिटल ट्रांजैक्शंस। सबसे पहला इशू आता है यहां पे जेंडर इशू। फीवर वूमेन एंड
टेक्नोलॉजिकल फील्ड्स, जेंडर स्टीरियोटाइ्स, नीड इक्वल अपॉर्चुनिटीज़। दीज़ आर दी इशूज़। ठीक है? जो देखने को मिल
रहे हैं। अब एक डिसेबिलिटी इशू भी जनरेट होता है। व्हाट इज़ डिसेबल डिसेबिलिटी इशू? टेक्नोलॉजी शुड बी इंक्लूसिव। राइट?
स्क्रीन रेंडर्स फॉर विजुअली इंपयर्ड। अब जो विजुअली इंपयर्ड है उनको स्क्रीन के बारे में समझना थोड़ा सा टिपिकल होता है।
तो उसके लिए डिफरेंट-डिफरेंट वेज़ हैं। आजकल टेक्नोलॉजी बहुत ज्यादा एडवांस हो चुकी है। जैसे जिसको कीबोर्ड पे प्रॉपर्ली
काम करना नहीं आता है। जिसके हैंड्स में प्रॉब्लम होती है। है ना? तो उनके लिए ब्रेल कीबोर्ड होता है। जो ब्लाइंड पर्संस
होते हैं वो कीबोर्ड्स को छू कर पहचानते हैं कीज़ को कि कौन सी की है। राइट? वॉइस टाइपिंग स्पेशल कीबोर्ड्स आर देयर। तो दीज़
आर दी प्रॉब्लम्स जो कि आजकल टेक्नोलॉजी के थ्रू सॉल्व हो रही है। नाउ अब एग्जाम फोकस इस चैप्टर से क्या-क्या इंपॉर्टेंट
है? ओके उससे पहले डाउट मैम क्लास 11th आईपी बेटा 11th आईपी क्लास भी बहुत जल्दी आएगी
बिल्कुल ऐसे ही एक धमाकेदार लाइव सेशन आईपी के लिए भी होगा तालियां बजा दो बस इस बात पे ठीक है और वो कब होगा वो आपको पता
चल जाएगा कम्युनिटी पोस्ट पर ठीक है तो टेंशन मत लो क्लास 11th में आपने आईपी लिया है सीएस लिया है आईटी लिया है एआई
लिया है जो भी लिया है सभी की क्लासेस आएंगी अब शुरुआत हो चुकी है ये मान लो अब जो है महासंग्राम शुरुआत हो चुकी है ठीक
है आपका मैराथॉन स्टार्ट हो चुके हैं ठीक है बस अब आपको चैनल पे बने रहना है। क्लियर? और जबजब जोज आएगा लेक्चर वो अटेंड
करना। देखो रेगुलरली तो नहीं आ रहा है। लेकिन जब आएगा वीक में एक बार दो बार आपको अटेंड जरूर करना है। मिस मत करना। ठीक है?
आपके पास बहुत सारे सब्जेक्ट हैं। सबका शेड्यूल बनाओ। पढ़ाई स्टार्ट कर दो। बहुत कम समय बचा हुआ है। अब चलो आगे बढ़े।
क्या-क्या इंपॉर्टेंट टॉपिक है जो एग्जाम फोकस है। डिजिटल फुटप्रिंट एंड इट्स टाइप्स। नेट एटिकेट्स, सोशल मीडिया
एटिकेट्स आते हैं। कॉपीराइट पेटेंट, थर्ड मार्क इसमें डिफरेंस क्या होता है? प्लेज़रिज्म को और कॉपीराइट इनफ्रिंजमेंट
क्या होता है? टाइप्स ऑफ़ साइबर क्राइम मेल मेलवेयर्स क्या होते हैं? इनके डिफरेंसेस आईटी एक्ट क्यों बनाया गया? व्हाट इज़ द
पर्पस? ई वेस्ट के डिस्पोजल मेथड्स क्या-क्या होती हैं? और जेंडर एंड डिसेबिलिटी इंक्लूजन। दीज़ आर दी
मेनमे-ममेन इंपॉर्टेंट टॉपिक्स जो कि इस चैप्टर से आते ही आते हैं। ठीक है? तो इसी के साथ में इस धमाकेदार सेशन को यहां पे
खत्म करती हूं। एंड होपफुली ये सेशन आप सभी के लिए बहुत इंपॉर्टेंट हुआ होगा। जितने भी बच्चों ने अभी तक सीएस की पढ़ाई
शुरू नहीं की है वो इस सेशन से अपनी सीएस की पढ़ाई को एक नेक्स्ट लेवल पे लेके जा सकते हैं। ठीक है? और जितने बच्चों ने
पढ़ाई कर ली है तो वो डबल नेक्स्ट लेवल पे जाके लेकर जा सकते हैं क्योंकि भाई आपका धमाकेदार रिवीजन हुआ है यहां से। अब जो
परेशानी आती है बच्चों को वो कोड बेस्ड क्वेश्चन में है। तो 40 कोड्स ऑलरेडी लेकर आ चुकी हूं। एक और वीडियो लेकर आऊंगी कोड
वाला ही जिसमें हम लिस्ट, टपल, स्ट्रिंग के जो कोड्स आते हैं जो इंपॉर्टेंट है जो हर साल आते हैं वो पढ़ेंगे। उसके अलावा
कोड प्रैक्टिस वाले क्वेश्चंस, एरर वाले क्वेश्चंस और मेन क्वेश्चंस जो आपके पेपर में आएंगे ही आएंगे वो भी लेकर आऊंगी। तो
अब टेंशन लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। ठीक है? चलो एनी डाउट? एनी डाउट? कैन यू आस्क मी एनी डाउट? अगर हो तो पूछ लो।
अदरवाइज़ द सेशन विल एंड। तो बेटा 10थ वाले अगर यहां आए हैं तो सुन लो। 10थ के सेशंस तो ऑलरेडी चल ही रहे
हैं। मैराथों्स आपकी बोर्ड्स मैराथॉन स्टार्ट हो चुकी है। उसमें तो कोई कमी ही नहीं है। है ना? क्योंकि ऑब्वियस बोर्ड्स
को हमें फोड़ कर आना है। है ना? जी मैम प्रैक्टिकल में डाउट्स हैं। तो प्रैक्टिकल के लिए एक-एक डेडिकेटेड वीडियो बनाए हैं
ना मैंने। वहां प्रैक्टिकल करवाए हैं। डाउट है आप पूछ लो। प्रैक्टिकली आपके डाउट्स को भी सॉल्व कर दूंगी। डोंट वरी।
ठीक है? ओके? चलो तो मिलेंगे अगले धमाकेदार सेशन में। टिल देन स्टे स्टे हैप्पी। और जिनके भी पेपर नहीं आ रहे। ऑल
द वेरी बेस्ट। बस ध्यान रखना ना हार मानी है ना हार मानना है। सारे एग्जाम्स को ना सिर्फ सीएस सारे एग्जाम्स को फोड़ कर आना
है। ठीक है? बाय-ब
क्लास 11 कंप्यूटर साइंस में तीन मुख्य यूनिट होती हैं: कंप्यूटर सिस्टम और संगठन, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं पायथन प्रोग्रामिंग, तथा समाज, कानून एवं नैतिकता। इनमें कंप्यूटर के बुनियादी घटक, पायथन प्रोग्रामिंग के बेसिक्स, साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, और डिजिटल अधिकार जैसे विषय शामिल होते हैं। सभी टॉपिक्स की अच्छी समझ और नियमित अभ्यास आवश्यक है।
पायथन में टोकन, कीवर्ड, डेटा टाइप्स (जैसे int, float, string, list, tuple, dictionary), ऑपरेटर्स, कंडीशनल स्टेटमेंट्स (if-else), लूप्स (while, for), फंक्शन्स और मॉड्यूल इम्पोर्ट करना महत्वपूर्ण Concepts हैं। इनके साथ साथ स्ट्रिंग, लिस्ट, टपल और डिक्शनरी ऑपरेशंस को समझना और छोटे प्रोग्राम लिखकर अभ्यास करना चाहिए।
सुरक्षित पासवर्ड बनाना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग, फिशिंग और मैलिशियस अटैक्स से बचाव, भरोसेमंद एंटीवायरस का उपयोग, सुरक्षित ब्राउज़िंग आदतें और डिजिटल प्राइवेसी सेटिंग्स का ध्यान रखना जरूरी है। इसके अलावा साइबर कानूनों का ज्ञान और डिजिटल निटिकेट्स का पालन भी महत्वपूर्ण है।
List एक mutable (परिवर्तनीय) डेटा स्ट्रक्चर है, जिसका मतलब आप इसकी सामग्री को बदल सकते हैं जैसे कि आइटम जोड़ना, हटाना या संशोधित करना। Tuple एक immutable (अपरिवर्तनीय) डेटा स्ट्रक्चर है, एक बार बनाए जाने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता। इसलिए जब डेटा को स्थिर रखना हो तो Tuple का उपयोग करें।
प्राथमिक मेमोरी में RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) और ROM (रीड-ओनली मेमोरी) शामिल हैं; RAM अस्थायी होती है और डाटा व प्रोग्राम रनटाइम में स्टोर करती है जबकि ROM स्थायी होती है और सिस्टम के बूटिंग निर्देश रखती है। सेकेंडरी मेमोरी स्थायी डाटा स्टोरेज के लिए होती है जैसे हार्ड डिस्क, जिसमें अधिक स्टोरेज क्षमता परन्तु धीमी एक्सेस होती है।
40+ महत्वपूर्ण पायथन प्रोग्राम्स जैसे पैटर्न प्रिंटिंग, प्राइम नंबर चेक, फैक्टोरियल, पैलिन्ड्रोम, आदि को लिखना और समझना बेहद जरूरी है। साथ ही कोड आउटपुट प्रेडिक्शन, एरर डिटेक्शन और करेक्शन वाले प्रश्नों को नियमित हल करें ताकि प्रोग्रामिंग कौशल मजबूत हों।
IT Act 2000 भारत में साइबर अपराधों को नियंत्रित करने वाला कानून है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम, डेटा सुरक्षा और डिजिटल ट्रांजैक्शंस को वैधता देना है। छात्रों को इसके प्रावधानों जैसे हैकिंग, फिशिंग, साइबरबुलिंग, और डेटा संरक्षण से अवगत रहना चाहिए ताकि वे साइबर कानूनों का सही पालन करें।
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